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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जापान दौरा शुरू होने के साथ चीन ने आज कहा कि नई दिल्ली और टोक्यो के सामान्य रिश्ते बनाने में उसे कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन उनको पड़ोसियों की ‘वाजिब चिंताओं’ का सम्मान करना चाहिए.
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लू कांग ने एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘दोनों नेता चाहें कुछ भी चर्चा करें, हम इस बात का संज्ञान लेते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी अपनी जापान यात्रा की शुरूआत करेंगे. हमें अपने पड़ोसियों के आपस में सामान्य रिश्ते बनाने से कोई दिक्कत नहीं है.’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम आशा करते हैं कि जब वे अपने संबंध विकसित करते हैं तो वे अपने पड़ोसियों की वाजिब चिंताओं का सम्मान करेंगे और क्षेत्रीय शांति एवं स्थिरता में योगदान देंगे.’’ लू ने उन खबरों पर टिप्पणी करने से इंकार कर दिया कि भारत जापान से यूएस-2 शिनमायवा विमान खरीदेगा. उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि यह महज अटकल है.टिप्पणियां
सितम्बर महीने में चीनी विदेश मंत्रालय ने उन खबरों पर तल्ख प्रतिक्रिया व्यक्त की थी जिनमें कहा गया था कि जापान ने भारत को किफायती दर पर भारत को हथियार बेचने की योजना बनाई है. चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने 13 सितम्बर को कहा था, ‘‘हमें एक सरकार के दूसरे के साथ सहयोग या फिर रक्षा सहयोग से कोई आपत्ति नहीं है. परंतु अगर यह रिपोर्ट सही है कि कोई अशोभनीय कदम उठाया गया है तो यह बहुत निराशाजनक है.’’ (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लू कांग ने एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘दोनों नेता चाहें कुछ भी चर्चा करें, हम इस बात का संज्ञान लेते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी अपनी जापान यात्रा की शुरूआत करेंगे. हमें अपने पड़ोसियों के आपस में सामान्य रिश्ते बनाने से कोई दिक्कत नहीं है.’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम आशा करते हैं कि जब वे अपने संबंध विकसित करते हैं तो वे अपने पड़ोसियों की वाजिब चिंताओं का सम्मान करेंगे और क्षेत्रीय शांति एवं स्थिरता में योगदान देंगे.’’ लू ने उन खबरों पर टिप्पणी करने से इंकार कर दिया कि भारत जापान से यूएस-2 शिनमायवा विमान खरीदेगा. उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि यह महज अटकल है.टिप्पणियां
सितम्बर महीने में चीनी विदेश मंत्रालय ने उन खबरों पर तल्ख प्रतिक्रिया व्यक्त की थी जिनमें कहा गया था कि जापान ने भारत को किफायती दर पर भारत को हथियार बेचने की योजना बनाई है. चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने 13 सितम्बर को कहा था, ‘‘हमें एक सरकार के दूसरे के साथ सहयोग या फिर रक्षा सहयोग से कोई आपत्ति नहीं है. परंतु अगर यह रिपोर्ट सही है कि कोई अशोभनीय कदम उठाया गया है तो यह बहुत निराशाजनक है.’’ (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा, ‘‘हम आशा करते हैं कि जब वे अपने संबंध विकसित करते हैं तो वे अपने पड़ोसियों की वाजिब चिंताओं का सम्मान करेंगे और क्षेत्रीय शांति एवं स्थिरता में योगदान देंगे.’’ लू ने उन खबरों पर टिप्पणी करने से इंकार कर दिया कि भारत जापान से यूएस-2 शिनमायवा विमान खरीदेगा. उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि यह महज अटकल है.टिप्पणियां
सितम्बर महीने में चीनी विदेश मंत्रालय ने उन खबरों पर तल्ख प्रतिक्रिया व्यक्त की थी जिनमें कहा गया था कि जापान ने भारत को किफायती दर पर भारत को हथियार बेचने की योजना बनाई है. चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने 13 सितम्बर को कहा था, ‘‘हमें एक सरकार के दूसरे के साथ सहयोग या फिर रक्षा सहयोग से कोई आपत्ति नहीं है. परंतु अगर यह रिपोर्ट सही है कि कोई अशोभनीय कदम उठाया गया है तो यह बहुत निराशाजनक है.’’ (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सितम्बर महीने में चीनी विदेश मंत्रालय ने उन खबरों पर तल्ख प्रतिक्रिया व्यक्त की थी जिनमें कहा गया था कि जापान ने भारत को किफायती दर पर भारत को हथियार बेचने की योजना बनाई है. चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने 13 सितम्बर को कहा था, ‘‘हमें एक सरकार के दूसरे के साथ सहयोग या फिर रक्षा सहयोग से कोई आपत्ति नहीं है. परंतु अगर यह रिपोर्ट सही है कि कोई अशोभनीय कदम उठाया गया है तो यह बहुत निराशाजनक है.’’ (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त पाठ: नई दिल्ली और टोक्यो के सामान्य रिश्ते बनाने में चीन को दिक्कत नहीं
कहा, पड़ोसियों की वाजिब चिंताओं का सम्मान करें
सरकारों के रक्षा सहयोग से कोई आपत्ति नहीं | 22 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: केरल के तट पर इटली के नौसैनिकों द्वारा कथित तौर पर दो भारतीय मछुआरों की हत्या के मामले की जांच का कार्य सोमवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंप दिया गया। इटली ने एनआईए को जांच का जिम्मा दिए जाने का विरोध किया, लेकिन कोर्ट ने इस विरोध को खारिज कर दिया है।
वहीं, उच्चतम न्यायालय ने इतालवी राजदूत दानयेल मांचिनी पर भारत छोड़ने पर लगी रोक हटा दी क्योंकि दो भारतीय मछुआरों की हत्या में आरोपित दो इतालवी मरीन मामले की सुनवाई में हिस्सा लेने भारत लौट आए हैं।
प्रधान न्यायाधीश अल्तमस कबीर की अध्यक्षता वाली उच्चतम न्यायालय की एक पीठ ने 14 मार्च के अपने आदेश को निरस्त कर दिया। आरोपित मरीनों को भारत भेजने से इटली सरकार के इनकार के बाद उच्चतम न्यायालय ने उस आदेश में राजदूत के भारत छोड़ कर जाने पर रोक लगा दी थी।
अदालत ने केन्द्र को इतालवी मरीन मासिमिलानो लातोरे और सालवातोर जिरोने के खिलाफ कार्यवाही चलाने के उद्देश्य से एक विशेष अदालत की स्थापना करने के लिए तत्काल कदम उठाने का भी निर्देश दिया।
उच्चतम न्यायालय ने 14 मार्च को इतालवी राजदूत को कहा था कि वह अदालत की पूर्व अनुमति के बगैर देश छोड़ कर नहीं जाएं। खंडपीठ ने आरोपित मरीन की वापसी पर अदालत को दिए गए हलफनामे से फिरने पर नाराजगी जताई थी।
इटली ने कहा है कि एनआईए इस मामले में जांच कर रही है और ये हमें मंज़ूर नहीं। सुप्रीम कोर्ट ने इटली की दलील को खारिज कर दिया। साथ ही कोर्ट ने सुब्रह्मण्यम स्वामी को भी फटकार लगाते हुए कहा है कि उनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है लिहाजा इस मामले में उन्हें दखल नहीं देना चाहिए।टिप्पणियां
गौरतलब है कि गृह मंत्रालय ने यह निर्णय तब लिया जब उच्चतम न्यायालय ने कहा कि पिछले वर्ष मछुआरों की हत्या के मामले में इटली के दो नौसैनिकों मासीमिलियानो लाटोर और साल्वाटोर जिरोन के कथित तौर पर शामिल होने के मामले में अभियोग चलाने का काम केरल सरकार के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है।
गृह मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि एनआईए इस मामले की जांच शुरू से करेगी और उच्चतम न्यायालय की सलाह पर सरकार की ओर से गठित विशेष अदालत या एनआईए की विशेष अदालत में आरोप-पत्र दायर करेगी।
वहीं, उच्चतम न्यायालय ने इतालवी राजदूत दानयेल मांचिनी पर भारत छोड़ने पर लगी रोक हटा दी क्योंकि दो भारतीय मछुआरों की हत्या में आरोपित दो इतालवी मरीन मामले की सुनवाई में हिस्सा लेने भारत लौट आए हैं।
प्रधान न्यायाधीश अल्तमस कबीर की अध्यक्षता वाली उच्चतम न्यायालय की एक पीठ ने 14 मार्च के अपने आदेश को निरस्त कर दिया। आरोपित मरीनों को भारत भेजने से इटली सरकार के इनकार के बाद उच्चतम न्यायालय ने उस आदेश में राजदूत के भारत छोड़ कर जाने पर रोक लगा दी थी।
अदालत ने केन्द्र को इतालवी मरीन मासिमिलानो लातोरे और सालवातोर जिरोने के खिलाफ कार्यवाही चलाने के उद्देश्य से एक विशेष अदालत की स्थापना करने के लिए तत्काल कदम उठाने का भी निर्देश दिया।
उच्चतम न्यायालय ने 14 मार्च को इतालवी राजदूत को कहा था कि वह अदालत की पूर्व अनुमति के बगैर देश छोड़ कर नहीं जाएं। खंडपीठ ने आरोपित मरीन की वापसी पर अदालत को दिए गए हलफनामे से फिरने पर नाराजगी जताई थी।
इटली ने कहा है कि एनआईए इस मामले में जांच कर रही है और ये हमें मंज़ूर नहीं। सुप्रीम कोर्ट ने इटली की दलील को खारिज कर दिया। साथ ही कोर्ट ने सुब्रह्मण्यम स्वामी को भी फटकार लगाते हुए कहा है कि उनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है लिहाजा इस मामले में उन्हें दखल नहीं देना चाहिए।टिप्पणियां
गौरतलब है कि गृह मंत्रालय ने यह निर्णय तब लिया जब उच्चतम न्यायालय ने कहा कि पिछले वर्ष मछुआरों की हत्या के मामले में इटली के दो नौसैनिकों मासीमिलियानो लाटोर और साल्वाटोर जिरोन के कथित तौर पर शामिल होने के मामले में अभियोग चलाने का काम केरल सरकार के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है।
गृह मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि एनआईए इस मामले की जांच शुरू से करेगी और उच्चतम न्यायालय की सलाह पर सरकार की ओर से गठित विशेष अदालत या एनआईए की विशेष अदालत में आरोप-पत्र दायर करेगी।
प्रधान न्यायाधीश अल्तमस कबीर की अध्यक्षता वाली उच्चतम न्यायालय की एक पीठ ने 14 मार्च के अपने आदेश को निरस्त कर दिया। आरोपित मरीनों को भारत भेजने से इटली सरकार के इनकार के बाद उच्चतम न्यायालय ने उस आदेश में राजदूत के भारत छोड़ कर जाने पर रोक लगा दी थी।
अदालत ने केन्द्र को इतालवी मरीन मासिमिलानो लातोरे और सालवातोर जिरोने के खिलाफ कार्यवाही चलाने के उद्देश्य से एक विशेष अदालत की स्थापना करने के लिए तत्काल कदम उठाने का भी निर्देश दिया।
उच्चतम न्यायालय ने 14 मार्च को इतालवी राजदूत को कहा था कि वह अदालत की पूर्व अनुमति के बगैर देश छोड़ कर नहीं जाएं। खंडपीठ ने आरोपित मरीन की वापसी पर अदालत को दिए गए हलफनामे से फिरने पर नाराजगी जताई थी।
इटली ने कहा है कि एनआईए इस मामले में जांच कर रही है और ये हमें मंज़ूर नहीं। सुप्रीम कोर्ट ने इटली की दलील को खारिज कर दिया। साथ ही कोर्ट ने सुब्रह्मण्यम स्वामी को भी फटकार लगाते हुए कहा है कि उनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है लिहाजा इस मामले में उन्हें दखल नहीं देना चाहिए।टिप्पणियां
गौरतलब है कि गृह मंत्रालय ने यह निर्णय तब लिया जब उच्चतम न्यायालय ने कहा कि पिछले वर्ष मछुआरों की हत्या के मामले में इटली के दो नौसैनिकों मासीमिलियानो लाटोर और साल्वाटोर जिरोन के कथित तौर पर शामिल होने के मामले में अभियोग चलाने का काम केरल सरकार के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है।
गृह मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि एनआईए इस मामले की जांच शुरू से करेगी और उच्चतम न्यायालय की सलाह पर सरकार की ओर से गठित विशेष अदालत या एनआईए की विशेष अदालत में आरोप-पत्र दायर करेगी।
अदालत ने केन्द्र को इतालवी मरीन मासिमिलानो लातोरे और सालवातोर जिरोने के खिलाफ कार्यवाही चलाने के उद्देश्य से एक विशेष अदालत की स्थापना करने के लिए तत्काल कदम उठाने का भी निर्देश दिया।
उच्चतम न्यायालय ने 14 मार्च को इतालवी राजदूत को कहा था कि वह अदालत की पूर्व अनुमति के बगैर देश छोड़ कर नहीं जाएं। खंडपीठ ने आरोपित मरीन की वापसी पर अदालत को दिए गए हलफनामे से फिरने पर नाराजगी जताई थी।
इटली ने कहा है कि एनआईए इस मामले में जांच कर रही है और ये हमें मंज़ूर नहीं। सुप्रीम कोर्ट ने इटली की दलील को खारिज कर दिया। साथ ही कोर्ट ने सुब्रह्मण्यम स्वामी को भी फटकार लगाते हुए कहा है कि उनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है लिहाजा इस मामले में उन्हें दखल नहीं देना चाहिए।टिप्पणियां
गौरतलब है कि गृह मंत्रालय ने यह निर्णय तब लिया जब उच्चतम न्यायालय ने कहा कि पिछले वर्ष मछुआरों की हत्या के मामले में इटली के दो नौसैनिकों मासीमिलियानो लाटोर और साल्वाटोर जिरोन के कथित तौर पर शामिल होने के मामले में अभियोग चलाने का काम केरल सरकार के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है।
गृह मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि एनआईए इस मामले की जांच शुरू से करेगी और उच्चतम न्यायालय की सलाह पर सरकार की ओर से गठित विशेष अदालत या एनआईए की विशेष अदालत में आरोप-पत्र दायर करेगी।
उच्चतम न्यायालय ने 14 मार्च को इतालवी राजदूत को कहा था कि वह अदालत की पूर्व अनुमति के बगैर देश छोड़ कर नहीं जाएं। खंडपीठ ने आरोपित मरीन की वापसी पर अदालत को दिए गए हलफनामे से फिरने पर नाराजगी जताई थी।
इटली ने कहा है कि एनआईए इस मामले में जांच कर रही है और ये हमें मंज़ूर नहीं। सुप्रीम कोर्ट ने इटली की दलील को खारिज कर दिया। साथ ही कोर्ट ने सुब्रह्मण्यम स्वामी को भी फटकार लगाते हुए कहा है कि उनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है लिहाजा इस मामले में उन्हें दखल नहीं देना चाहिए।टिप्पणियां
गौरतलब है कि गृह मंत्रालय ने यह निर्णय तब लिया जब उच्चतम न्यायालय ने कहा कि पिछले वर्ष मछुआरों की हत्या के मामले में इटली के दो नौसैनिकों मासीमिलियानो लाटोर और साल्वाटोर जिरोन के कथित तौर पर शामिल होने के मामले में अभियोग चलाने का काम केरल सरकार के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है।
गृह मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि एनआईए इस मामले की जांच शुरू से करेगी और उच्चतम न्यायालय की सलाह पर सरकार की ओर से गठित विशेष अदालत या एनआईए की विशेष अदालत में आरोप-पत्र दायर करेगी।
इटली ने कहा है कि एनआईए इस मामले में जांच कर रही है और ये हमें मंज़ूर नहीं। सुप्रीम कोर्ट ने इटली की दलील को खारिज कर दिया। साथ ही कोर्ट ने सुब्रह्मण्यम स्वामी को भी फटकार लगाते हुए कहा है कि उनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है लिहाजा इस मामले में उन्हें दखल नहीं देना चाहिए।टिप्पणियां
गौरतलब है कि गृह मंत्रालय ने यह निर्णय तब लिया जब उच्चतम न्यायालय ने कहा कि पिछले वर्ष मछुआरों की हत्या के मामले में इटली के दो नौसैनिकों मासीमिलियानो लाटोर और साल्वाटोर जिरोन के कथित तौर पर शामिल होने के मामले में अभियोग चलाने का काम केरल सरकार के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है।
गृह मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि एनआईए इस मामले की जांच शुरू से करेगी और उच्चतम न्यायालय की सलाह पर सरकार की ओर से गठित विशेष अदालत या एनआईए की विशेष अदालत में आरोप-पत्र दायर करेगी।
गौरतलब है कि गृह मंत्रालय ने यह निर्णय तब लिया जब उच्चतम न्यायालय ने कहा कि पिछले वर्ष मछुआरों की हत्या के मामले में इटली के दो नौसैनिकों मासीमिलियानो लाटोर और साल्वाटोर जिरोन के कथित तौर पर शामिल होने के मामले में अभियोग चलाने का काम केरल सरकार के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है।
गृह मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि एनआईए इस मामले की जांच शुरू से करेगी और उच्चतम न्यायालय की सलाह पर सरकार की ओर से गठित विशेष अदालत या एनआईए की विशेष अदालत में आरोप-पत्र दायर करेगी।
गृह मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि एनआईए इस मामले की जांच शुरू से करेगी और उच्चतम न्यायालय की सलाह पर सरकार की ओर से गठित विशेष अदालत या एनआईए की विशेष अदालत में आरोप-पत्र दायर करेगी। | केरल के तट पर इटली के नौसैनिकों द्वारा कथित तौर पर दो भारतीय मछुआरों की हत्या के मामले की जांच का कार्य सोमवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंप दिया गया। इटली ने एनआईए को जांच का जिम्मा दिए जाने का विरोध किया, लेकिन कोर्ट ने इस विरोध को खारिज कर द | 6 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: युवराज सिंह के बल्ले से रनों की बौछार और जहीर खान की गेंदों पर चढ़े सुरूर से भारत ने होली की रंगीनियत में जीत का रंग घोला और वेस्टइंडीज को 80 रन से धूल चटाकर विश्व कप के ग्रुप बी में दूसरे नंबर पर रहते हुए क्वार्टरफाइनल में कदम रखा। युवराज ने 113 रन की लाजवाब पारी खेली और इस बीच विराट कोहली (59) के साथ तीसरे विकेट के लिए 122 रन की साझेदारी की लेकिन लगातार दूसरे मैच में भारतीय विकेटों का पतझड़ देखने को मिला जिससे एक समय 300 रन तक पहुंचने की स्थिति में दिख रही टीम 49.1 ओवर में 268 रन पर आउट हो गई। डेवोन स्मिथ की 81 रन की पारी से वेस्टइंडीज का स्कोर एक समय दो विकेट पर 154 रन था लेकिन इसके बाद 34 रन के अंदर आठ विकेट गंवाने से उसकी टीम 43 ओवर में 188 रन पर ढेर हो गई। युवराज ने गेंदबाजी में भी कमाल दिखाते हुए 18 रन देकर दो विकेट लिए जबकि जहीर ने 26 रन देकर तीन खिलाड़ियों को पवेलियन भेजा।इससे पहले, टॉस जीतने के बाद पहले बल्लेबाजी के लिए उतरी भारतीय टीम 49.1 ओवर में 268 रन पर ढेर हो गई। इसमें युवराज सिंह का शानदार शतक शामिल है। विश्व कप में अपना पहला और एकदिवसीय मैचों का 13वां शतक लगाने वाले युवराज 113 रन बनाकर पवेलियन लौटे। इसके अलावा विराट कोहली ने 59 रनों की कीमती पारी खेली। सलामी बल्लेबाजों के सस्ते में आउट होने के बाद युवराज और कोहली ने तीसरे विकेट के लिए 122 रन जोड़कर टीम को मजबूती प्रदान की। गौतम गम्भीर और कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने 22-22 रनों का योगदान दिया। सचिन तेंदुलकर दो रन बना सके जबकि इस विश्व कप में अपना पहला मैच खेल रहे सुरेश रैना मात्र चार रन बना सके। रैना और तेंदुलकर के अलावा यूसुफ पठान (11), हरभजन सिंह (3), जहीर खान (5) और मुनाफ पटेल (1) ने भी निराश किया। रविचंद्रन अश्विन 10 रन बनाकर नाबाद लौटे। भारत ने युवराज का विकेट 240 रनों पर खोया था। इसके बाद 28 रनों के अंतर पर उसके पांच बल्लेबाज पवेलियन लौटे। वेस्टइंडीज की ओर से रवि रामपाल ने पांच विकेट झटके। आंद्रे रसेल ने दो विकेट चटकाए। इसके अलावा डेरेन सैमी, देवेंद्र बीशू और केरन पोलार्ड को एक-एक सफलता मिली। भारत इस तरह से ग्रुप बी में नौ अंक लेकर दूसरे स्थान पर रहा और उसे क्वार्टरफाइनल में 24 मार्च को पिछले चैंपियन ऑस्ट्रेलिया से भिड़ना होगा। वेस्टइंडीज के भी बांग्लादेश के बराबर छह अंक रहे लेकिन बेहतर रन रेट के आधार पर वह क्वार्टरफाइनल में पहुंचने में सफल रहा। वह अंतिम आठ के मुकाबले में मीरपुर में पाकिस्तान से भिड़ेगा। | सारांश: युवराज सिंह के बल्ले से रनों की बौछार और जहीर खान की गेंदों पर चढ़े सुरूर से भारत ने होली की रंगीनियत में जीत का रंग घोला। | 5 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: एप्पल के आईपैड को चुनौती देने के लिए गूगल ने अपने ब्रांड नाम से नेक्सस-7 टैबलेट कंप्यूटर बाजार में पेश किया। कंपनी ने इसे तस्वीरें, किताब और फिल्मों की ऑनलाइन खरीदारी के लिहाज से बनाया है।टिप्पणियां
कंपनी के एंड्रायड दल के प्रमुख हुगो बर्रा ने बताया कि सात इंच के टैबलेट को नई पीढ़ी के एंड्रॉयड सॉफ्टवेयर पर तैयार किया गया है। गूगल के लिए इस सॉफ्टवेयर को ताइवान की कंपनी एसुस ने तैयार किया है। इस टैबलेट का वजन भी किसी किताब के ही बराबर है।
बर्रा ने सैन फ्रांसिस्को में एक सालाना सम्मेलन में प्रस्तुतीकरण के दौरान बताया, हम गूगल के बेहतरीन अनुभव के लिए कुछ नया बनाना चाहते थे। उन्होंने बताया कि नेक्सस टैबलेट के लिए ऑस्ट्रेलिया, कनाड़ा, ब्रिटेन और अमेरिका से ऑर्डर मिले हैं। इसकी कीमत 199 अमेरिकी डॉलर रखी गई है और जुलाई के मध्य तक इनका निर्यात शुरू हो जाएगा।
कंपनी के एंड्रायड दल के प्रमुख हुगो बर्रा ने बताया कि सात इंच के टैबलेट को नई पीढ़ी के एंड्रॉयड सॉफ्टवेयर पर तैयार किया गया है। गूगल के लिए इस सॉफ्टवेयर को ताइवान की कंपनी एसुस ने तैयार किया है। इस टैबलेट का वजन भी किसी किताब के ही बराबर है।
बर्रा ने सैन फ्रांसिस्को में एक सालाना सम्मेलन में प्रस्तुतीकरण के दौरान बताया, हम गूगल के बेहतरीन अनुभव के लिए कुछ नया बनाना चाहते थे। उन्होंने बताया कि नेक्सस टैबलेट के लिए ऑस्ट्रेलिया, कनाड़ा, ब्रिटेन और अमेरिका से ऑर्डर मिले हैं। इसकी कीमत 199 अमेरिकी डॉलर रखी गई है और जुलाई के मध्य तक इनका निर्यात शुरू हो जाएगा।
बर्रा ने सैन फ्रांसिस्को में एक सालाना सम्मेलन में प्रस्तुतीकरण के दौरान बताया, हम गूगल के बेहतरीन अनुभव के लिए कुछ नया बनाना चाहते थे। उन्होंने बताया कि नेक्सस टैबलेट के लिए ऑस्ट्रेलिया, कनाड़ा, ब्रिटेन और अमेरिका से ऑर्डर मिले हैं। इसकी कीमत 199 अमेरिकी डॉलर रखी गई है और जुलाई के मध्य तक इनका निर्यात शुरू हो जाएगा। | संक्षिप्त पाठ: एप्पल के आईपैड को चुनौती देने के लिए गूगल ने अपने ब्रांड नाम से नेक्सस-7 टैबलेट कंप्यूटर बाजार में पेश किया। कंपनी ने इसे तस्वीरें, किताब और फिल्मों की ऑनलाइन खरीदारी के लिहाज से बनाया है। | 22 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: अमेरिका ने कहा कि वह विश्व में कहीं भी शांतिपूर्ण अभिव्यक्ति और अहिंसक प्रदर्शनों की स्वतंत्रता का समर्थन करता है लेकिन भारत में भ्रष्टाचार विरोधी प्रदर्शनों के लिए वॉशिंगटन की टिप्पणी को कड़ा बताने के लिए गलत रिपोर्टिंग जिम्मेदार है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विक्टोरिया नूलैंड ने इन रिपोर्टों को खारिज कर दिया कि अन्ना हजारे के आंदोलन के समर्थन के बारे में अमेरिका ने कोई बयान जारी किया था जिसकी भारत में कड़ी प्रतिक्रिया हुई। वास्तव में कांग्रेस ने वॉशिंगटन की कड़ी निंदा की और नई दिल्ली में इसके प्रवक्ता राशिद अल्वी ने पूछा, अमेरिका को इस तरह का बयान देने की क्या जरूरत थी ? नूलैंड ने अपने नियमित संवाददाता सम्मेलन में संवाददाताओं से कहा, भारत में कल या आज कुछ बिल्कुल गलत रिपोर्टिंग हुई है कि अमेरिका ने कड़ा बयान जारी किया है। मेरी जानकारी में कल भारत के बारे में केवल वही बयान था जिसे आज भी यहां से जारी किया गया। नूलैंड से कांग्रेस प्रवक्ता के बयान के बारे में पूछा गया था जिसमें कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा था कि अमेरिका भारत के अंदरूनी मामलों में हस्तक्षेप कर रहा है। | अमेरिका ने कहा है कि भारत में भ्रष्टाचार विरोधी प्रदर्शनों के लिए वॉशिंगटन की टिप्पणी को कड़ा बताने के लिए गलत रिपोर्टिंग जिम्मेदार है। | 1 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह (Jitendra Singh) ने मंगलवार को कहा कि मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के 100 दिनों की सबसे बड़ी उपलब्धि में जम्मू कश्मीर (Kashmir) का विशेष दर्जा समाप्त करना शामिल है और हमारा अगला एजेंडा पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर को भारत का अभिन्न हिस्सा बनाना है. जितेंद्र सिंह ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (Kashmir) के मुद्दे पर कहा, ‘‘यह केवल मेरी या मेरी पार्टी की प्रतिबद्धता नहीं है बल्कि यह 1994 में पीवी नरसिंह राव के नेतृत्व वाली तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा सर्वसम्मति से पारित संकल्प है. यह एक स्वीकार्य रुख है.''
अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधान समाप्त करने पर पाकिस्तान की ओर से शुरू किये गए दुष्प्रचार अभियान पर जितेंद्र सिंह (Jitendra Singh) ने कहा कि विश्व का रुख भारत के अनुकूल है. उन्होंने कहा, ‘‘कुछ देश जो भारत के रुख से सहमत नहीं थे, अब वे हमारे रुख से सहमत हैं.'' उन्होंने कहा कि कश्मीर में आम आदमी मिलने वाले लाभों को लेकर खुश है.
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कश्मीर मंगलवार को कहा था कि कश्मीर न तो बंद है और ना ही कर्फ्यू के साए में है, बल्कि वहां सिर्फ कुछ पाबंदियां लगी हुई हैं. उन्होंने देश विरोधी ताकतों को चेतावनी दी कि उन्हें जल्द उस मानसिकता को बदलना होगा कि वे कुछ भी करने के बाद बच निकलेंगे. जितेंद्र सिंह ने पत्रकारों से कहा, ‘‘हमें ऐसे बयानों (कश्मीर कर्फ्यू के साए में है और पूरी तरह से बंद है) की निंदा करने की जरूरत है. कश्मीर बंद नहीं है. वहां कर्फ्यू नहीं है. अगर कर्फ्यू होता तो लोगों को ‘कर्फ्यू पास' के साथ बाहर निकलना होता.''
उन्होंने कहा, ‘‘किसी व्यक्ति से कर्फ्यू पास नहीं मांगा गया लेकिन उनसे उम्मीद की जाती है कि वे शांति भंग नहीं करें. वहां कुछ प्रतिबंध है.'' वह नरेंद्र मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल की प्रथम 100 दिन की उपलब्धियां गिनाने के लिए यहां संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि कश्मीर में धीरे-धीरे हालात सामान्य हो रहे हैं.
इंटरनेट सेवा बंद रखने के बारे में प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा, ‘‘हम इसे जल्द से जल्द बहाल करना चाहते हैं। एक कोशिश की गई थी लेकिन सोशल मीडिया पर फर्जी वीडियो डाले जाने लगा और फैसले की दोबारा समीक्षा करनी पड़ी.'' उन्होंने कहा कि सरकार इन पाबंदियों को खत्म करने और इंटरनेट पर रोक हटाने को इच्छुक है. आतंकियों द्वारा आम लोगों की हत्या के बारे में उन्होंने कहा कि इसमें पाकिस्तान का हाथ है.
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, ‘‘यह मानसिकता है कि आप कुछ भी करके बच निकलेंगे. अब आप बच कर निकल नहीं पाएंगे, राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के लिए आपको कीमत चुकानी होगी.'' | संक्षिप्त सारांश: केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कश्मीर मुद्दे पर बात की
मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के 100 दिनों की उपलब्धि गिनवाई
सबसे बड़ी उपलब्धि में जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त करना शामिल | 10 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: नरेंद्र मोदी को एक राष्ट्रीय नेता बताते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा कि अमेरिका अभी या बाद में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को वीजा अवश्य देगा।
भाजपा के प्रवासी मित्रों द्वारा आयोजित टीवी एशिया के सभागार में एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा, "भले ही अभी न करें, लेकिन एक दिन वे ऐसा करेंगे। यदि वे अभी ऐसा करें तो यह बेहतर होगा।"
पांच दिन की अमेरिका यात्रा पर आए राजनाथ सिंह ने कहा कि वे इस मामले को वाशिंगटन में सांसदों के सामने उठाएंगे और उम्मीद है कि अमेरिका मोदी के वीजा पर प्रतिबंध शीघ्र ही हटा लेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा के गुजरात के मुख्यमंत्री की प्रशंसा करने की उनको कोई जरूरत नहीं है क्योंकि सारी दुनिया उनकी कार्य शैली की प्रशंसक है। उन्होंने कहा कि इस विरोधाभास को देखिए कि अमेरिका की एक एजेंसी का शोध पत्र मोदी की सरकार और उनकी उपलब्धियों की प्रशंसा कर रहा है जबकि सरकार उनको वीजा देने से इंकार कर रही है।टिप्पणियां
अमेरिका ने सबसे पहले 2005 में मोदी को वीजा देने से इनकार कर दिया था। उनका कहना था कि मोदी की सरकार ने 2002 के दंगों को रोकने के लिए कुछ नहीं किया। अमेरिका की आधिकारिक स्थिति में उसके बाद से कोई बदलाव नहीं आया है। इसके बावजूद अमेरिकी व्यापारी और सांसद गुजरात की यात्रा करके मोदी से मिलते रहे हैं।
गुजरात में हाल ही में मोदी से मुलाकात करने वाले तीन रिपब्लिकन सांसदों ने उनको वीजा दिलाने के लिए प्रयास करने का वादा किया था। इनमें से एक ने इस मामले को संसदीय सुनवाई के दौरान भी उठाया।
भाजपा के प्रवासी मित्रों द्वारा आयोजित टीवी एशिया के सभागार में एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा, "भले ही अभी न करें, लेकिन एक दिन वे ऐसा करेंगे। यदि वे अभी ऐसा करें तो यह बेहतर होगा।"
पांच दिन की अमेरिका यात्रा पर आए राजनाथ सिंह ने कहा कि वे इस मामले को वाशिंगटन में सांसदों के सामने उठाएंगे और उम्मीद है कि अमेरिका मोदी के वीजा पर प्रतिबंध शीघ्र ही हटा लेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा के गुजरात के मुख्यमंत्री की प्रशंसा करने की उनको कोई जरूरत नहीं है क्योंकि सारी दुनिया उनकी कार्य शैली की प्रशंसक है। उन्होंने कहा कि इस विरोधाभास को देखिए कि अमेरिका की एक एजेंसी का शोध पत्र मोदी की सरकार और उनकी उपलब्धियों की प्रशंसा कर रहा है जबकि सरकार उनको वीजा देने से इंकार कर रही है।टिप्पणियां
अमेरिका ने सबसे पहले 2005 में मोदी को वीजा देने से इनकार कर दिया था। उनका कहना था कि मोदी की सरकार ने 2002 के दंगों को रोकने के लिए कुछ नहीं किया। अमेरिका की आधिकारिक स्थिति में उसके बाद से कोई बदलाव नहीं आया है। इसके बावजूद अमेरिकी व्यापारी और सांसद गुजरात की यात्रा करके मोदी से मिलते रहे हैं।
गुजरात में हाल ही में मोदी से मुलाकात करने वाले तीन रिपब्लिकन सांसदों ने उनको वीजा दिलाने के लिए प्रयास करने का वादा किया था। इनमें से एक ने इस मामले को संसदीय सुनवाई के दौरान भी उठाया।
पांच दिन की अमेरिका यात्रा पर आए राजनाथ सिंह ने कहा कि वे इस मामले को वाशिंगटन में सांसदों के सामने उठाएंगे और उम्मीद है कि अमेरिका मोदी के वीजा पर प्रतिबंध शीघ्र ही हटा लेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा के गुजरात के मुख्यमंत्री की प्रशंसा करने की उनको कोई जरूरत नहीं है क्योंकि सारी दुनिया उनकी कार्य शैली की प्रशंसक है। उन्होंने कहा कि इस विरोधाभास को देखिए कि अमेरिका की एक एजेंसी का शोध पत्र मोदी की सरकार और उनकी उपलब्धियों की प्रशंसा कर रहा है जबकि सरकार उनको वीजा देने से इंकार कर रही है।टिप्पणियां
अमेरिका ने सबसे पहले 2005 में मोदी को वीजा देने से इनकार कर दिया था। उनका कहना था कि मोदी की सरकार ने 2002 के दंगों को रोकने के लिए कुछ नहीं किया। अमेरिका की आधिकारिक स्थिति में उसके बाद से कोई बदलाव नहीं आया है। इसके बावजूद अमेरिकी व्यापारी और सांसद गुजरात की यात्रा करके मोदी से मिलते रहे हैं।
गुजरात में हाल ही में मोदी से मुलाकात करने वाले तीन रिपब्लिकन सांसदों ने उनको वीजा दिलाने के लिए प्रयास करने का वादा किया था। इनमें से एक ने इस मामले को संसदीय सुनवाई के दौरान भी उठाया।
अमेरिका ने सबसे पहले 2005 में मोदी को वीजा देने से इनकार कर दिया था। उनका कहना था कि मोदी की सरकार ने 2002 के दंगों को रोकने के लिए कुछ नहीं किया। अमेरिका की आधिकारिक स्थिति में उसके बाद से कोई बदलाव नहीं आया है। इसके बावजूद अमेरिकी व्यापारी और सांसद गुजरात की यात्रा करके मोदी से मिलते रहे हैं।
गुजरात में हाल ही में मोदी से मुलाकात करने वाले तीन रिपब्लिकन सांसदों ने उनको वीजा दिलाने के लिए प्रयास करने का वादा किया था। इनमें से एक ने इस मामले को संसदीय सुनवाई के दौरान भी उठाया।
गुजरात में हाल ही में मोदी से मुलाकात करने वाले तीन रिपब्लिकन सांसदों ने उनको वीजा दिलाने के लिए प्रयास करने का वादा किया था। इनमें से एक ने इस मामले को संसदीय सुनवाई के दौरान भी उठाया। | यह एक सारांश है: नरेंद्र मोदी को एक राष्ट्रीय नेता बताते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा कि अमेरिका अभी या बाद में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को वीजा अवश्य देगा। | 21 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: रालेगण सिद्धी के सरपंच और कांग्रेस पार्टी के महासचिव राहुल गांधी के बीच दिल्ली में होने वाली मुलाकात नहीं हुई है। सरपंच सहित उनके साथ आए ग्रामवासी नाराज़ होकर वापस चले गए। सरपंच ने कहा कि अब वह राहुल गांधी के बुलाने पर भी नहीं आएंगे। इस मसले पर कांग्रेस नेता पीटी थोमस ने गलतफहमी के लिए टीम से माफी मांगी है। इससे पहले कांग्रेस सांसद पीटी थोमस के हवाले से पीटीआई की खबर के मुताबिक इस मुलाकात की सारी खबरें ग़लत और बेबुनियाद है। वहीं, दूसरी ओर रालेगण सिद्धी के सरपंच ने मीडिया से बताया था कि उनके पास राहुल से मिलने का न्योता आया है। उन्होंने बताया कि यह न्योता उन्हे कांग्रेस सांसद पीटी थोमस ने ही दिया था। हालांकी बाद में कर्नाटक के ईडुकी से कांग्रेस के सांसद थोमस ने इस असमंजस की स्थिति पर सफाई भी दे दी। उन्होंने कहा कि गांव के सरपंच ने राहुल के साथ इस मुलाकात के लिए समय तो मांगा था लेकिन अभी तक मुलाकात तय नहीं हुआ। रालेगण अन्ना हज़ारे का गांव है। | संक्षिप्त पाठ: रालेगण सिद्धी के सरपंच और कांग्रेस पार्टी के महासचिव राहुल गांधी के बीच दिल्ली में होने वाली मुलाकात नहीं हुई और टीम वापस चली गई। | 30 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बिहार के मुंगेर जिले के धरहारा थाना अंतर्गत करैली गांव में शनिवार को किए गए हमले के दौरान नक्सलियों ने जिन 11 ग्रामीणों को अगवा किया था, उन्हें देर रात परसाहा एवं चोरमारा गांव की सीमा पर रिहा कर दिया गया। उल्लेखनीय है कि नक्सलियों ने करैली गांव में शनिवार सुबह हमला कर आदिवासियों सहित छह ग्रामीणों की गोली मारकर हत्या कर दी थी तथा 11 अन्य को अगवा कर अपने साथ ले गए थे। अगवा किए गए ग्रामीणों में पांच किशोर भी थे। राज्य के पुलिस महानिदेशक नीलमणि ने बताया कि अगवा किए गए सभी ग्रामीण रिहाई के बाद अपने गांव पहुंच चुके हैं। उन्होंने बताया कि नक्सलियों ने पुलिस की दबिश के कारण ग्रामीणों को रिहा किया है। उन्होंने बताया कि नक्सलियों की धरपकड़ के लिए पूरे इलाके की नाकेबंदी कर दी गई है तथा एसटीएफ और सीआरपी के सहयोग से तलाशी अभियान जारी है। भागलपुर के पुलिस महानिरीक्षक (अभियान) इलाके में डेरा डाले हुए हैं। | संक्षिप्त सारांश: मुंगेर के करैली गांव में शनिवार को हमले के दौरान नक्सलियों ने जिन 11 ग्रामीणों को अगवा किया था, उन्हें देर रात रिहा कर दिया गया। | 10 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: फोर्ब्स इंडिया की इस साल की 'सुपर 50' सूची में देश की दो प्रमुख सॉफ्टवेयर कंपनियों टीसीएस एवं इंफोसिस के साथ दवा क्षेत्र की सन फार्मा एवं ल्यूपिन, निजी क्षेत्र के एचडीएफसी बैंक और एक्सिस बैंक शामिल हैं। इसके अलावा टाटा मोटर्स और हिंदुस्तान यूनिलीवर जैसी कंपनियां इस सूची से बाहर हो गई हैं।
यह इस सूची का दूसरा साल है और इस बार इसमें 14 नई कंपनियां शामिल हुई हैं जिनमें इंफोसिस, मारुति सुजुकी, भारत फोर्ज, एलेंबिक फार्मा, जिलेट इंडिया, एचडीएफसी बैंक, बजाज फाइनेंस, कंसाई नेरोलेक, एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस जैसी कंपनियां शामिल हैं।टिप्पणियां
इस सूची से बाहर होने वाली कंपनियों में एचडीएफसी, कोटक महिंद्रा बैंक, टाटा मोटर्स, हिंदुस्तान यूनिलीवर, एमआरएफ, ग्लैक्सो स्मिथक्लाइन कंज्यूमर हेल्थकेयर, फिजर, डॉक्टर रेड्डी लैब्स और ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल्स शामिल हैं। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह इस सूची का दूसरा साल है और इस बार इसमें 14 नई कंपनियां शामिल हुई हैं जिनमें इंफोसिस, मारुति सुजुकी, भारत फोर्ज, एलेंबिक फार्मा, जिलेट इंडिया, एचडीएफसी बैंक, बजाज फाइनेंस, कंसाई नेरोलेक, एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस जैसी कंपनियां शामिल हैं।टिप्पणियां
इस सूची से बाहर होने वाली कंपनियों में एचडीएफसी, कोटक महिंद्रा बैंक, टाटा मोटर्स, हिंदुस्तान यूनिलीवर, एमआरएफ, ग्लैक्सो स्मिथक्लाइन कंज्यूमर हेल्थकेयर, फिजर, डॉक्टर रेड्डी लैब्स और ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल्स शामिल हैं। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इस सूची से बाहर होने वाली कंपनियों में एचडीएफसी, कोटक महिंद्रा बैंक, टाटा मोटर्स, हिंदुस्तान यूनिलीवर, एमआरएफ, ग्लैक्सो स्मिथक्लाइन कंज्यूमर हेल्थकेयर, फिजर, डॉक्टर रेड्डी लैब्स और ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल्स शामिल हैं। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यहाँ एक सारांश है:इस बार इसमें 14 नई कंपनियां शामिल
शामिल होने वालों में दो दिग्गज सॉफ्टवेयर कंपनियां
कई प्रमुख कंपनियां बाहर हुईं | 18 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: बॉलीवुड स्टार ऋतिक रोशन (Hrithik Roshan) की फिल्म 'सुपर 30 (Super 30)' सिनेमाहॉल में लगातार अपना दमदार प्रदर्शन कर रही है. फिल्म 'सुपर 30 (Super 30)' अपने कॉन्सेप्ट से लगातार दूसरी बड़ी फिल्मों पर अपनी छाप छोड़ने के साथ ही दर्शकों को भी काफी पसंद आ रही है. लेकिन हाल ही में 'सुपर 30 (Super 30)' के दर्शकों के लिए एक और बड़ी खबर सामने आई है. दरअसल, ऋतिक रोशन (Hrithik Roshan) की फिल्म 'सुपर 30 (Super 30)' को बिहार और राजस्थान के बाद अब देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में भी टैक्स फ्री कर दिया गया है.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक फिल्म 'सुपर 30 (Super 30)' को लेकर खुद इसके सुपर हीरो आनंद कुमार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी और राज्य में बायोपिक को टैक्स फ्री करने का अनुरोध किया था. आनंद कुमार ने शुक्रवार को फिल्म के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके सरकारी आवास पर मुलाकात की. इतना ही नहीं, खुद मुख्यमंत्री ने भी आनंद कुमार के जीवन पर बनी इस फिल्म की सराहना की.
फिल्म की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, 'यह फिल्म (Super 30) दृढ़निश्चय तथा शानदार 'विल पावर' का एक बेहतरीन उदाहरण है. इसमें दिखाया गया है कि तमाम मुश्किलों के बावजूद सफलता हासिल की जा सकती है. हमें ऐसी फिल्मों से प्रेरणा लेनी चाहिए और समाज के युवाओं को शिक्षा के महत्व के लिए जागरुक करना चाहिए.
बता दें कि फिल्म 'सुपर 30 (Super 30)' बिहार के मैथमेटिशियन आनंद कुमार के जीवन पर बनी है. इस फिल्म के कॉन्सेप्ट के साथ ही ऋतिक रोशन (Hrithik Roshan) की एक्टिंग भी तारीफ के लायक है. यहां तक कि आनंद कुमार के किरदार में नजर आ रहे ऋतिक रोशन की इस भूमिका को अब तक का बेस्ट परफोर्मेंस माना गया है. हालांकि, कहीं-कहीं उनकी बिहारी भाषा थोड़ी तंग महसूस हो रही है. फिल्म में मृणाल ठाकुर की एक्टिंग ठीक-ठाक है. क्रिटिक्स के साथ-साथ फैन्स का भी फिल्म को अच्छा रिस्पांस मिल रहा है. | यहाँ एक सारांश है:'सुपर 30' के लिए आई बड़ी खबर
बिहार और राजस्थान के बाद अब एक और राज्य में फिल्म हुई टैक्स फ्री
ऋतिक रोशन की एक्टिंग रही फिल्म में दमदार | 4 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: भारतीय मछुआरों की हत्या के आरोपी दो नौसैनिकों को भारत को सौंपने से इटली द्वारा इनकार किए जाने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने इटालियन राजदूत डेनियल मेनचिनी के भारत छोड़ने पर रोक लगा दी है।
सुप्रीम कोर्ट ने इटालियन सरकार से भी भारत में मुकदमे के लिए दोनों इटालियन नौसैनिकों को वापस भेजने के वादे से मुकरने के लिए स्पष्टीकरण मांगा है। इटालियन राजदूत और दोनों नौसैनिकों को नोटिस जारी करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नौसैनिकों की 22 मार्च तक वापसी का लिखित आश्वासन देने वाले राजदूत 18 मार्च तक अपना जवाब दाखिल करें।
अटॉर्नी जनरल ने इस मुद्दे को शीर्ष अदालत के संज्ञान में लाते हुए बताया था कि सरकार इस बारे में बहुत चिंतित है। उल्लेखनीय है कि इसी सप्ताह की शुरुआत में इटली ने भारत को सूचित किया था कि वह अपनी गारंटी के बावजूद दोनों नौसैनिकों को वापस नहीं भेजेगा। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने नौसैनिकों को परिवार के साथ ईस्टर मनाने और राष्ट्रीय चुनाव में वोट डालने के लिए चार सप्ताह के लिए इटली जाने की इजाज़त दी थी।टिप्पणियां
बुधवार को ही प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने भी संसद में कड़ा लहजा अपनाते हुए प्रमुख यूरोपीय शक्ति इटली के खिलाफ कूटनीतिक प्रहार करते हुए कहा था कि यदि इटली अपने वादे पूरे नहीं करता तो उसे 'परिणाम' भुगतने होंगे। उन्होंने कहा कि इटली का यह कदम स्वीकार्य नहीं है। उसने (इटली ने) सभी कूटनीतिक नियमों को ताक पर रख दिया है और एक संप्रभु सरकार के मान्य प्रतिनिधि द्वारा हमारे सर्वोच्च न्यायालय में जताई गई वचनबद्धता को सवाल के दायरे में ला दिया है।
उधर, इटालियन सरकार ने कहा है कि वह अंतरराष्ट्रीय कानूनों के मुताबिक विवाद का समाधान करने के लिए तैयार है, क्योंकि उसके नौसैनिक रोम की एक अदालत में सुनवाई का सामना कर रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने इटालियन सरकार से भी भारत में मुकदमे के लिए दोनों इटालियन नौसैनिकों को वापस भेजने के वादे से मुकरने के लिए स्पष्टीकरण मांगा है। इटालियन राजदूत और दोनों नौसैनिकों को नोटिस जारी करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नौसैनिकों की 22 मार्च तक वापसी का लिखित आश्वासन देने वाले राजदूत 18 मार्च तक अपना जवाब दाखिल करें।
अटॉर्नी जनरल ने इस मुद्दे को शीर्ष अदालत के संज्ञान में लाते हुए बताया था कि सरकार इस बारे में बहुत चिंतित है। उल्लेखनीय है कि इसी सप्ताह की शुरुआत में इटली ने भारत को सूचित किया था कि वह अपनी गारंटी के बावजूद दोनों नौसैनिकों को वापस नहीं भेजेगा। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने नौसैनिकों को परिवार के साथ ईस्टर मनाने और राष्ट्रीय चुनाव में वोट डालने के लिए चार सप्ताह के लिए इटली जाने की इजाज़त दी थी।टिप्पणियां
बुधवार को ही प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने भी संसद में कड़ा लहजा अपनाते हुए प्रमुख यूरोपीय शक्ति इटली के खिलाफ कूटनीतिक प्रहार करते हुए कहा था कि यदि इटली अपने वादे पूरे नहीं करता तो उसे 'परिणाम' भुगतने होंगे। उन्होंने कहा कि इटली का यह कदम स्वीकार्य नहीं है। उसने (इटली ने) सभी कूटनीतिक नियमों को ताक पर रख दिया है और एक संप्रभु सरकार के मान्य प्रतिनिधि द्वारा हमारे सर्वोच्च न्यायालय में जताई गई वचनबद्धता को सवाल के दायरे में ला दिया है।
उधर, इटालियन सरकार ने कहा है कि वह अंतरराष्ट्रीय कानूनों के मुताबिक विवाद का समाधान करने के लिए तैयार है, क्योंकि उसके नौसैनिक रोम की एक अदालत में सुनवाई का सामना कर रहे हैं।
अटॉर्नी जनरल ने इस मुद्दे को शीर्ष अदालत के संज्ञान में लाते हुए बताया था कि सरकार इस बारे में बहुत चिंतित है। उल्लेखनीय है कि इसी सप्ताह की शुरुआत में इटली ने भारत को सूचित किया था कि वह अपनी गारंटी के बावजूद दोनों नौसैनिकों को वापस नहीं भेजेगा। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने नौसैनिकों को परिवार के साथ ईस्टर मनाने और राष्ट्रीय चुनाव में वोट डालने के लिए चार सप्ताह के लिए इटली जाने की इजाज़त दी थी।टिप्पणियां
बुधवार को ही प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने भी संसद में कड़ा लहजा अपनाते हुए प्रमुख यूरोपीय शक्ति इटली के खिलाफ कूटनीतिक प्रहार करते हुए कहा था कि यदि इटली अपने वादे पूरे नहीं करता तो उसे 'परिणाम' भुगतने होंगे। उन्होंने कहा कि इटली का यह कदम स्वीकार्य नहीं है। उसने (इटली ने) सभी कूटनीतिक नियमों को ताक पर रख दिया है और एक संप्रभु सरकार के मान्य प्रतिनिधि द्वारा हमारे सर्वोच्च न्यायालय में जताई गई वचनबद्धता को सवाल के दायरे में ला दिया है।
उधर, इटालियन सरकार ने कहा है कि वह अंतरराष्ट्रीय कानूनों के मुताबिक विवाद का समाधान करने के लिए तैयार है, क्योंकि उसके नौसैनिक रोम की एक अदालत में सुनवाई का सामना कर रहे हैं।
बुधवार को ही प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने भी संसद में कड़ा लहजा अपनाते हुए प्रमुख यूरोपीय शक्ति इटली के खिलाफ कूटनीतिक प्रहार करते हुए कहा था कि यदि इटली अपने वादे पूरे नहीं करता तो उसे 'परिणाम' भुगतने होंगे। उन्होंने कहा कि इटली का यह कदम स्वीकार्य नहीं है। उसने (इटली ने) सभी कूटनीतिक नियमों को ताक पर रख दिया है और एक संप्रभु सरकार के मान्य प्रतिनिधि द्वारा हमारे सर्वोच्च न्यायालय में जताई गई वचनबद्धता को सवाल के दायरे में ला दिया है।
उधर, इटालियन सरकार ने कहा है कि वह अंतरराष्ट्रीय कानूनों के मुताबिक विवाद का समाधान करने के लिए तैयार है, क्योंकि उसके नौसैनिक रोम की एक अदालत में सुनवाई का सामना कर रहे हैं।
उधर, इटालियन सरकार ने कहा है कि वह अंतरराष्ट्रीय कानूनों के मुताबिक विवाद का समाधान करने के लिए तैयार है, क्योंकि उसके नौसैनिक रोम की एक अदालत में सुनवाई का सामना कर रहे हैं। | यह एक सारांश है: भारतीय मछुआरों की हत्या के आरोपी दो नौसैनिकों को भारत को सौंपने से इटली द्वारा इनकार किए जाने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने इटालियन राजदूत के भारत छोड़ने पर रोक लगा दी है। | 21 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: रियो ओलिंपिक के पुरुष वर्ग में भारत की मेडल की उम्मीद खत्म हो गई है. भारत के किदाम्बी श्रीकांत को संघर्षपूर्ण क्वार्टर फाइनल में चीन के लिन डेन के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा है. दो बार के ओलिंपिक और पांच बार के वर्ल्ड चैंपियन डेन ने यह मुकाबला 21-6, 11-21, 21-18 से जीता.
भारत के लिहाज से बेहद अहम इस क्वार्टर फाइनल मुकाबले से पहले ऐसा लग रहा था कि 33 वर्षीय चीनी खिलाड़ी डेन को श्रीकांत कड़ा मुकाबला देंगे. डेन बैडमिंटन के सर्वकालीन महान खिलाड़ियों में गिने जाते हैं, लेकिन बढ़ती उम्र के कारण हाल के वर्षों में उनके रिफ्लेक्सेस धीमे पड़े हैं. उम्मीद की जा रही थी कि उम्र में डेन से 10 वर्ष छोटे श्रीकांत इसका फायदा ले सकते हैं, लेकिन चीनी शटलर ने पहले गेम तो इसका मौका नहीं दिया. शुरुआत में ही उन्होंने मैच पर अपना नियंत्रण बना लिया और देखते ही देखते 7-1 की बढ़त हासिल कर ली. पहले गेम के लिहाज से बात करें तो श्रीकांत मुकाबले में कहीं नहीं दिखे और डेन ने महज 16 मिनट में इसे 21-6 से जीत लिया. गौरतलब है कि लिन डेन को 'सुपर डेन' कहा जाता है, यह नाम उन्हें डेनमार्क के शटलर पीटर गेड ने 2004 में दिया था.टिप्पणियां
दूसरे गेम में श्रीकांत ने शानदार प्रदर्शन किया. उन्होंने शुरुआत में 3-0 की बढ़त बना ली. जल्द ही वे 6-2 और फिर 11-5 से आगे हो गए. ऐसे में भारतीय प्रशंसकों की उम्मीद बंधने लगी थी. इसके बाद तो श्रीकांत ने चीनी शटलर को कोई मौका नहीं दिया और 21-11 से दूसरा गेम जीतकर मुकाबला 1-1 की बराबरी पर ला दिया. दूसरा गेम 19 मिनट तक चला.
तीसरे गेम में दोनों खिलाड़ियों के बीच एक-एक अंक के लिए जबर्दस्त संघर्ष हुआ. शुरुआत में डेन ने बढ़त ली, लेकिन श्रीकांत ने 6-6 की बराबरी हासिल कर ली. इसके बाद स्कोर 7-7 और फिर 8-8 पर पहुंचा. इस समय श्रीकांत ने लगातार स्मैश मारते हुए चीनी शटलर को दबाव में रखा. देखते ही देखते श्रीकांत ने 11-9 और फिर 12-9 की बढ़त बना ली लेकिन लिन डेन कहां हार मानने वाले थे. उन्होंने जल्द ही स्कोर 13-13 की बराबरी पर ला दिया और फिर 16-14 और फिर 19-17 की बढ़त बना ली. यह गेम अंतिम क्षण तक संघर्षपूर्ण रहा और आखिरकार चीनी शटलर ने28 मिनट में इसे 21-18 से अपने नाम किया.
भारत के लिहाज से बेहद अहम इस क्वार्टर फाइनल मुकाबले से पहले ऐसा लग रहा था कि 33 वर्षीय चीनी खिलाड़ी डेन को श्रीकांत कड़ा मुकाबला देंगे. डेन बैडमिंटन के सर्वकालीन महान खिलाड़ियों में गिने जाते हैं, लेकिन बढ़ती उम्र के कारण हाल के वर्षों में उनके रिफ्लेक्सेस धीमे पड़े हैं. उम्मीद की जा रही थी कि उम्र में डेन से 10 वर्ष छोटे श्रीकांत इसका फायदा ले सकते हैं, लेकिन चीनी शटलर ने पहले गेम तो इसका मौका नहीं दिया. शुरुआत में ही उन्होंने मैच पर अपना नियंत्रण बना लिया और देखते ही देखते 7-1 की बढ़त हासिल कर ली. पहले गेम के लिहाज से बात करें तो श्रीकांत मुकाबले में कहीं नहीं दिखे और डेन ने महज 16 मिनट में इसे 21-6 से जीत लिया. गौरतलब है कि लिन डेन को 'सुपर डेन' कहा जाता है, यह नाम उन्हें डेनमार्क के शटलर पीटर गेड ने 2004 में दिया था.टिप्पणियां
दूसरे गेम में श्रीकांत ने शानदार प्रदर्शन किया. उन्होंने शुरुआत में 3-0 की बढ़त बना ली. जल्द ही वे 6-2 और फिर 11-5 से आगे हो गए. ऐसे में भारतीय प्रशंसकों की उम्मीद बंधने लगी थी. इसके बाद तो श्रीकांत ने चीनी शटलर को कोई मौका नहीं दिया और 21-11 से दूसरा गेम जीतकर मुकाबला 1-1 की बराबरी पर ला दिया. दूसरा गेम 19 मिनट तक चला.
तीसरे गेम में दोनों खिलाड़ियों के बीच एक-एक अंक के लिए जबर्दस्त संघर्ष हुआ. शुरुआत में डेन ने बढ़त ली, लेकिन श्रीकांत ने 6-6 की बराबरी हासिल कर ली. इसके बाद स्कोर 7-7 और फिर 8-8 पर पहुंचा. इस समय श्रीकांत ने लगातार स्मैश मारते हुए चीनी शटलर को दबाव में रखा. देखते ही देखते श्रीकांत ने 11-9 और फिर 12-9 की बढ़त बना ली लेकिन लिन डेन कहां हार मानने वाले थे. उन्होंने जल्द ही स्कोर 13-13 की बराबरी पर ला दिया और फिर 16-14 और फिर 19-17 की बढ़त बना ली. यह गेम अंतिम क्षण तक संघर्षपूर्ण रहा और आखिरकार चीनी शटलर ने28 मिनट में इसे 21-18 से अपने नाम किया.
दूसरे गेम में श्रीकांत ने शानदार प्रदर्शन किया. उन्होंने शुरुआत में 3-0 की बढ़त बना ली. जल्द ही वे 6-2 और फिर 11-5 से आगे हो गए. ऐसे में भारतीय प्रशंसकों की उम्मीद बंधने लगी थी. इसके बाद तो श्रीकांत ने चीनी शटलर को कोई मौका नहीं दिया और 21-11 से दूसरा गेम जीतकर मुकाबला 1-1 की बराबरी पर ला दिया. दूसरा गेम 19 मिनट तक चला.
तीसरे गेम में दोनों खिलाड़ियों के बीच एक-एक अंक के लिए जबर्दस्त संघर्ष हुआ. शुरुआत में डेन ने बढ़त ली, लेकिन श्रीकांत ने 6-6 की बराबरी हासिल कर ली. इसके बाद स्कोर 7-7 और फिर 8-8 पर पहुंचा. इस समय श्रीकांत ने लगातार स्मैश मारते हुए चीनी शटलर को दबाव में रखा. देखते ही देखते श्रीकांत ने 11-9 और फिर 12-9 की बढ़त बना ली लेकिन लिन डेन कहां हार मानने वाले थे. उन्होंने जल्द ही स्कोर 13-13 की बराबरी पर ला दिया और फिर 16-14 और फिर 19-17 की बढ़त बना ली. यह गेम अंतिम क्षण तक संघर्षपूर्ण रहा और आखिरकार चीनी शटलर ने28 मिनट में इसे 21-18 से अपने नाम किया.
तीसरे गेम में दोनों खिलाड़ियों के बीच एक-एक अंक के लिए जबर्दस्त संघर्ष हुआ. शुरुआत में डेन ने बढ़त ली, लेकिन श्रीकांत ने 6-6 की बराबरी हासिल कर ली. इसके बाद स्कोर 7-7 और फिर 8-8 पर पहुंचा. इस समय श्रीकांत ने लगातार स्मैश मारते हुए चीनी शटलर को दबाव में रखा. देखते ही देखते श्रीकांत ने 11-9 और फिर 12-9 की बढ़त बना ली लेकिन लिन डेन कहां हार मानने वाले थे. उन्होंने जल्द ही स्कोर 13-13 की बराबरी पर ला दिया और फिर 16-14 और फिर 19-17 की बढ़त बना ली. यह गेम अंतिम क्षण तक संघर्षपूर्ण रहा और आखिरकार चीनी शटलर ने28 मिनट में इसे 21-18 से अपने नाम किया. | संक्षिप्त सारांश: चीन के लिन डेन ने मैच 21-6, 11-21, 21-18 से जीता
पहला गेम हारने के बाद श्रीकांत ने की थी जबर्दस्त वापसी
तीसरे गेम में मामूली बढ़त बनाने के बाद मुकाबला हारे | 23 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: उन्होंने कहा है कि टाटा संस ने साइरस मिस्त्री को हटाने का फैसला इसलिए किया, क्योंकि उनके साथ रिश्ते खराब होते जा रहे थे और इनको ठीक करने के प्रयासों को नजरअंदाज किया गया.
रतन टाटा ने कहा है कि मिस्त्री को समूह की विभिन्न कंपनियों में निदेशक केवल इसीलिए बनाया गया था, क्योंकि वे टाटा संस के चेयरमैन हैं. उन्होंने कहा है, 'उनके लिए सही कदम यही होता कि वे निदेशक पद से इस्तीफा दे देते. चूंकि उन्होंने अभी तक ऐसा नहीं किया है तो कंपनियों के निदेशक मंडल में मिस्त्री के बने रहने का प्रभाव खलल पैदा करने वाला होगा, जिसका इन कंपनियों के कामकाज पर बुरा असर पड़ सकता है, खासकर इसलिए क्योंकि प्राथमिक प्रवर्तक टाटा संस का वह खुला विरोध कर रहे हैं'.
अपने पत्र में टाटा ने टाटा संस के चेयरमैन पद से मिस्त्री को हटाने के फैसले का बचाव किया है और इसे उचित ठहराया है। टाटा ने लिखा है, 'टाटा संस ने मिस्त्री और टाटा समूह का नेतृत्व करने की उनकी क्षमता पर विश्वास खो दिया था'. रतन टाटा ने शेयरधारकों से कहा कि मिस्त्री को चेयरमैन के पद से खुद हटने का मौका दिया गया था, पर वह नहीं माने. मिस्त्री खेमे से इस बारे में तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई है.टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि देश के प्रमुख औद्योगिक घराने टाटा समूह में नेतृत्व को लेकर मिस्त्री व रतन टाटा खेमे में खींतचान चल रही है. टीसीएस की असाधारण आम बैठक 13 दिसंबर को, इंडियन होटल्स की 20 दिसंबर, टाटा स्टील की 21 दिसंबर, टाटा मोटर्स की 22 दिसंबर, टाटा केमिकल्स की 23 दिसंबर व टाटा पावर की असाधारण आम बैठक 26 दिसंबर को होगी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा है कि टाटा संस ने साइरस मिस्त्री को हटाने का फैसला इसलिए किया, क्योंकि उनके साथ रिश्ते खराब होते जा रहे थे और इनको ठीक करने के प्रयासों को नजरअंदाज किया गया.
रतन टाटा ने कहा है कि मिस्त्री को समूह की विभिन्न कंपनियों में निदेशक केवल इसीलिए बनाया गया था, क्योंकि वे टाटा संस के चेयरमैन हैं. उन्होंने कहा है, 'उनके लिए सही कदम यही होता कि वे निदेशक पद से इस्तीफा दे देते. चूंकि उन्होंने अभी तक ऐसा नहीं किया है तो कंपनियों के निदेशक मंडल में मिस्त्री के बने रहने का प्रभाव खलल पैदा करने वाला होगा, जिसका इन कंपनियों के कामकाज पर बुरा असर पड़ सकता है, खासकर इसलिए क्योंकि प्राथमिक प्रवर्तक टाटा संस का वह खुला विरोध कर रहे हैं'.
अपने पत्र में टाटा ने टाटा संस के चेयरमैन पद से मिस्त्री को हटाने के फैसले का बचाव किया है और इसे उचित ठहराया है। टाटा ने लिखा है, 'टाटा संस ने मिस्त्री और टाटा समूह का नेतृत्व करने की उनकी क्षमता पर विश्वास खो दिया था'. रतन टाटा ने शेयरधारकों से कहा कि मिस्त्री को चेयरमैन के पद से खुद हटने का मौका दिया गया था, पर वह नहीं माने. मिस्त्री खेमे से इस बारे में तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई है.टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि देश के प्रमुख औद्योगिक घराने टाटा समूह में नेतृत्व को लेकर मिस्त्री व रतन टाटा खेमे में खींतचान चल रही है. टीसीएस की असाधारण आम बैठक 13 दिसंबर को, इंडियन होटल्स की 20 दिसंबर, टाटा स्टील की 21 दिसंबर, टाटा मोटर्स की 22 दिसंबर, टाटा केमिकल्स की 23 दिसंबर व टाटा पावर की असाधारण आम बैठक 26 दिसंबर को होगी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
रतन टाटा ने कहा है कि मिस्त्री को समूह की विभिन्न कंपनियों में निदेशक केवल इसीलिए बनाया गया था, क्योंकि वे टाटा संस के चेयरमैन हैं. उन्होंने कहा है, 'उनके लिए सही कदम यही होता कि वे निदेशक पद से इस्तीफा दे देते. चूंकि उन्होंने अभी तक ऐसा नहीं किया है तो कंपनियों के निदेशक मंडल में मिस्त्री के बने रहने का प्रभाव खलल पैदा करने वाला होगा, जिसका इन कंपनियों के कामकाज पर बुरा असर पड़ सकता है, खासकर इसलिए क्योंकि प्राथमिक प्रवर्तक टाटा संस का वह खुला विरोध कर रहे हैं'.
अपने पत्र में टाटा ने टाटा संस के चेयरमैन पद से मिस्त्री को हटाने के फैसले का बचाव किया है और इसे उचित ठहराया है। टाटा ने लिखा है, 'टाटा संस ने मिस्त्री और टाटा समूह का नेतृत्व करने की उनकी क्षमता पर विश्वास खो दिया था'. रतन टाटा ने शेयरधारकों से कहा कि मिस्त्री को चेयरमैन के पद से खुद हटने का मौका दिया गया था, पर वह नहीं माने. मिस्त्री खेमे से इस बारे में तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई है.टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि देश के प्रमुख औद्योगिक घराने टाटा समूह में नेतृत्व को लेकर मिस्त्री व रतन टाटा खेमे में खींतचान चल रही है. टीसीएस की असाधारण आम बैठक 13 दिसंबर को, इंडियन होटल्स की 20 दिसंबर, टाटा स्टील की 21 दिसंबर, टाटा मोटर्स की 22 दिसंबर, टाटा केमिकल्स की 23 दिसंबर व टाटा पावर की असाधारण आम बैठक 26 दिसंबर को होगी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अपने पत्र में टाटा ने टाटा संस के चेयरमैन पद से मिस्त्री को हटाने के फैसले का बचाव किया है और इसे उचित ठहराया है। टाटा ने लिखा है, 'टाटा संस ने मिस्त्री और टाटा समूह का नेतृत्व करने की उनकी क्षमता पर विश्वास खो दिया था'. रतन टाटा ने शेयरधारकों से कहा कि मिस्त्री को चेयरमैन के पद से खुद हटने का मौका दिया गया था, पर वह नहीं माने. मिस्त्री खेमे से इस बारे में तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई है.टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि देश के प्रमुख औद्योगिक घराने टाटा समूह में नेतृत्व को लेकर मिस्त्री व रतन टाटा खेमे में खींतचान चल रही है. टीसीएस की असाधारण आम बैठक 13 दिसंबर को, इंडियन होटल्स की 20 दिसंबर, टाटा स्टील की 21 दिसंबर, टाटा मोटर्स की 22 दिसंबर, टाटा केमिकल्स की 23 दिसंबर व टाटा पावर की असाधारण आम बैठक 26 दिसंबर को होगी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उल्लेखनीय है कि देश के प्रमुख औद्योगिक घराने टाटा समूह में नेतृत्व को लेकर मिस्त्री व रतन टाटा खेमे में खींतचान चल रही है. टीसीएस की असाधारण आम बैठक 13 दिसंबर को, इंडियन होटल्स की 20 दिसंबर, टाटा स्टील की 21 दिसंबर, टाटा मोटर्स की 22 दिसंबर, टाटा केमिकल्स की 23 दिसंबर व टाटा पावर की असाधारण आम बैठक 26 दिसंबर को होगी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | निदेशक मंडल में मिस्त्री का बना रहना उनमें खलल पैदा करने वाला होगा : टाटा
समूह की 6 प्रमुख कपंनियों के शेयरधारकों की असाधारण आम बैठकें होने वाली है
रतन टाटा ने शेयरधारकों को लिखे पत्र में यह बातें कहीं. | 34 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: यह भी संयोग है कि तब भी दिन 14 मार्च था तथा टीमें भारत और ऑस्ट्रेलिया की थी। आज से ठीक 12 साल पहले उस दिन भी कोई विकेट नहीं गिरा था। अंतर इतना था कि कोलकाता के ईडन गार्डन्स में तब भारत के दो दिग्गज बल्लेबाजों ने ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों को छठी का दूध याद दिलाया था जबकि आज मोहाली में बारिश के कारण खेल ही नहीं हो पाया।
वीवीएस लक्ष्मण और राहुल द्रविड़ ने 14 मार्च 2001 को ईडन गार्डन्स पर जो कमाल दिखाया था वह आज किवदंती बन चुका है। यही वजह है कि इस तिथि को टेस्ट क्रिकेट में नए युग की शुरुआत के रूप में भी याद किया जाता है। मुंबई में पहला टेस्ट गंवाने के बाद भारत फालोआन कर रहा था और ऐसे में लक्ष्मण और द्रविड़ ने दिनभर बल्लेबाजी करके ऑस्ट्रेलिया को बैकफुट पर भेज दिया था। भारत ने आखिर में यह मैच 171 रन से जीतकर इतिहास रच दिया था।
लक्ष्मण ने 14 मार्च को 109 रन से अपनी पारी आगे बढ़ाई। वह जल्द ही 150 रन के पार पहुंच गए। लंच तक भारत का स्कोर चार विकेट पर 376 रन था। लक्ष्मण 171 और द्रविड़ 50 रन पर खेल रहे थे। इसके बाद भी इन दोनों ने ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों को चैन की सांस नहीं लेने दी।
ऑस्ट्रेलिया के तत्कालीन कप्तान स्टीव वा ने अपने भाई मार्क वा से लेकर रिकी पोंटिंग, माइकल स्लैटर, मैथ्यू हेडन और जस्टिन लैंगर तक को गेंद सौंपी लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी। लक्ष्मण ने दूसरे सत्र में अपना पहला दोहरा शतक पूरा किया। जब चाय का विश्राम हुआ तो भारत चार विकेट पर 491 रन बनाकर 217 रन की बढ़त हासिल कर चुका था।
लक्ष्मण ने तीसरे सत्र में नौवां रन बनाते ही सुनील गावस्कर के 236 रन के भारतीय रिकॉर्ड को तोड़ा।
मोहाली में हालांकि बारिश ने खलल डाला। सुबह से ही बारिश होती रही और टॉस भी नहीं हो पाया। इससे पहले इन दोनों टीमों के बीच सितंबर 1986 में दिल्ली में बारिश के कारण पहले तीन दिन का खेल नहीं हो पाया था।टिप्पणियां
भारतीय बल्लेबाजों में शिखर धवन यह दिन याद नहीं करना चाहेंगे। उन्हें आज टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण करना था लेकिन बारिश ने उनका इंतजार बढ़ा दिया। बारिश इससे पहले भी कई खिलाड़ियों के पदार्पण पर पानी फेर चुकी है। श्रीलंका के प्रसन्ना जयवर्धने इनमें शामिल हैं।
कैंडी में 2000 में पाकिस्तान के खिलाफ जिस मैच में जयवर्धने ने पदार्पण किया उसमें बारिश के कारण पांच दिन तक श्रीलंका की पहली पारी ही समाप्त नहीं हो पायी थी। जयवर्धने को मैदान पर उतरने का मौका भी नहीं मिला था। इसके बाद जयवर्धने को अगला मैच खेलने के लिये दो साल तक इंतजार करना पड़ा। वैसे इस मामले में भारत के रोहित शर्मा से दुर्भाग्यशाली शायद कोई खिलाड़ी नहीं होगा। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ फरवरी 2010 में नागपुर में टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण करना था। वह मैच से कुछ देर पहले फुटबाल खेलते हुए चोटिल हो गये। उस घटना को तीन साल बीत गये हैं और रोहित अब भी टेस्ट मैचों में पदार्पण का इंतजार है।
वीवीएस लक्ष्मण और राहुल द्रविड़ ने 14 मार्च 2001 को ईडन गार्डन्स पर जो कमाल दिखाया था वह आज किवदंती बन चुका है। यही वजह है कि इस तिथि को टेस्ट क्रिकेट में नए युग की शुरुआत के रूप में भी याद किया जाता है। मुंबई में पहला टेस्ट गंवाने के बाद भारत फालोआन कर रहा था और ऐसे में लक्ष्मण और द्रविड़ ने दिनभर बल्लेबाजी करके ऑस्ट्रेलिया को बैकफुट पर भेज दिया था। भारत ने आखिर में यह मैच 171 रन से जीतकर इतिहास रच दिया था।
लक्ष्मण ने 14 मार्च को 109 रन से अपनी पारी आगे बढ़ाई। वह जल्द ही 150 रन के पार पहुंच गए। लंच तक भारत का स्कोर चार विकेट पर 376 रन था। लक्ष्मण 171 और द्रविड़ 50 रन पर खेल रहे थे। इसके बाद भी इन दोनों ने ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों को चैन की सांस नहीं लेने दी।
ऑस्ट्रेलिया के तत्कालीन कप्तान स्टीव वा ने अपने भाई मार्क वा से लेकर रिकी पोंटिंग, माइकल स्लैटर, मैथ्यू हेडन और जस्टिन लैंगर तक को गेंद सौंपी लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी। लक्ष्मण ने दूसरे सत्र में अपना पहला दोहरा शतक पूरा किया। जब चाय का विश्राम हुआ तो भारत चार विकेट पर 491 रन बनाकर 217 रन की बढ़त हासिल कर चुका था।
लक्ष्मण ने तीसरे सत्र में नौवां रन बनाते ही सुनील गावस्कर के 236 रन के भारतीय रिकॉर्ड को तोड़ा।
मोहाली में हालांकि बारिश ने खलल डाला। सुबह से ही बारिश होती रही और टॉस भी नहीं हो पाया। इससे पहले इन दोनों टीमों के बीच सितंबर 1986 में दिल्ली में बारिश के कारण पहले तीन दिन का खेल नहीं हो पाया था।टिप्पणियां
भारतीय बल्लेबाजों में शिखर धवन यह दिन याद नहीं करना चाहेंगे। उन्हें आज टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण करना था लेकिन बारिश ने उनका इंतजार बढ़ा दिया। बारिश इससे पहले भी कई खिलाड़ियों के पदार्पण पर पानी फेर चुकी है। श्रीलंका के प्रसन्ना जयवर्धने इनमें शामिल हैं।
कैंडी में 2000 में पाकिस्तान के खिलाफ जिस मैच में जयवर्धने ने पदार्पण किया उसमें बारिश के कारण पांच दिन तक श्रीलंका की पहली पारी ही समाप्त नहीं हो पायी थी। जयवर्धने को मैदान पर उतरने का मौका भी नहीं मिला था। इसके बाद जयवर्धने को अगला मैच खेलने के लिये दो साल तक इंतजार करना पड़ा। वैसे इस मामले में भारत के रोहित शर्मा से दुर्भाग्यशाली शायद कोई खिलाड़ी नहीं होगा। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ फरवरी 2010 में नागपुर में टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण करना था। वह मैच से कुछ देर पहले फुटबाल खेलते हुए चोटिल हो गये। उस घटना को तीन साल बीत गये हैं और रोहित अब भी टेस्ट मैचों में पदार्पण का इंतजार है।
लक्ष्मण ने 14 मार्च को 109 रन से अपनी पारी आगे बढ़ाई। वह जल्द ही 150 रन के पार पहुंच गए। लंच तक भारत का स्कोर चार विकेट पर 376 रन था। लक्ष्मण 171 और द्रविड़ 50 रन पर खेल रहे थे। इसके बाद भी इन दोनों ने ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों को चैन की सांस नहीं लेने दी।
ऑस्ट्रेलिया के तत्कालीन कप्तान स्टीव वा ने अपने भाई मार्क वा से लेकर रिकी पोंटिंग, माइकल स्लैटर, मैथ्यू हेडन और जस्टिन लैंगर तक को गेंद सौंपी लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी। लक्ष्मण ने दूसरे सत्र में अपना पहला दोहरा शतक पूरा किया। जब चाय का विश्राम हुआ तो भारत चार विकेट पर 491 रन बनाकर 217 रन की बढ़त हासिल कर चुका था।
लक्ष्मण ने तीसरे सत्र में नौवां रन बनाते ही सुनील गावस्कर के 236 रन के भारतीय रिकॉर्ड को तोड़ा।
मोहाली में हालांकि बारिश ने खलल डाला। सुबह से ही बारिश होती रही और टॉस भी नहीं हो पाया। इससे पहले इन दोनों टीमों के बीच सितंबर 1986 में दिल्ली में बारिश के कारण पहले तीन दिन का खेल नहीं हो पाया था।टिप्पणियां
भारतीय बल्लेबाजों में शिखर धवन यह दिन याद नहीं करना चाहेंगे। उन्हें आज टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण करना था लेकिन बारिश ने उनका इंतजार बढ़ा दिया। बारिश इससे पहले भी कई खिलाड़ियों के पदार्पण पर पानी फेर चुकी है। श्रीलंका के प्रसन्ना जयवर्धने इनमें शामिल हैं।
कैंडी में 2000 में पाकिस्तान के खिलाफ जिस मैच में जयवर्धने ने पदार्पण किया उसमें बारिश के कारण पांच दिन तक श्रीलंका की पहली पारी ही समाप्त नहीं हो पायी थी। जयवर्धने को मैदान पर उतरने का मौका भी नहीं मिला था। इसके बाद जयवर्धने को अगला मैच खेलने के लिये दो साल तक इंतजार करना पड़ा। वैसे इस मामले में भारत के रोहित शर्मा से दुर्भाग्यशाली शायद कोई खिलाड़ी नहीं होगा। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ फरवरी 2010 में नागपुर में टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण करना था। वह मैच से कुछ देर पहले फुटबाल खेलते हुए चोटिल हो गये। उस घटना को तीन साल बीत गये हैं और रोहित अब भी टेस्ट मैचों में पदार्पण का इंतजार है।
ऑस्ट्रेलिया के तत्कालीन कप्तान स्टीव वा ने अपने भाई मार्क वा से लेकर रिकी पोंटिंग, माइकल स्लैटर, मैथ्यू हेडन और जस्टिन लैंगर तक को गेंद सौंपी लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी। लक्ष्मण ने दूसरे सत्र में अपना पहला दोहरा शतक पूरा किया। जब चाय का विश्राम हुआ तो भारत चार विकेट पर 491 रन बनाकर 217 रन की बढ़त हासिल कर चुका था।
लक्ष्मण ने तीसरे सत्र में नौवां रन बनाते ही सुनील गावस्कर के 236 रन के भारतीय रिकॉर्ड को तोड़ा।
मोहाली में हालांकि बारिश ने खलल डाला। सुबह से ही बारिश होती रही और टॉस भी नहीं हो पाया। इससे पहले इन दोनों टीमों के बीच सितंबर 1986 में दिल्ली में बारिश के कारण पहले तीन दिन का खेल नहीं हो पाया था।टिप्पणियां
भारतीय बल्लेबाजों में शिखर धवन यह दिन याद नहीं करना चाहेंगे। उन्हें आज टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण करना था लेकिन बारिश ने उनका इंतजार बढ़ा दिया। बारिश इससे पहले भी कई खिलाड़ियों के पदार्पण पर पानी फेर चुकी है। श्रीलंका के प्रसन्ना जयवर्धने इनमें शामिल हैं।
कैंडी में 2000 में पाकिस्तान के खिलाफ जिस मैच में जयवर्धने ने पदार्पण किया उसमें बारिश के कारण पांच दिन तक श्रीलंका की पहली पारी ही समाप्त नहीं हो पायी थी। जयवर्धने को मैदान पर उतरने का मौका भी नहीं मिला था। इसके बाद जयवर्धने को अगला मैच खेलने के लिये दो साल तक इंतजार करना पड़ा। वैसे इस मामले में भारत के रोहित शर्मा से दुर्भाग्यशाली शायद कोई खिलाड़ी नहीं होगा। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ फरवरी 2010 में नागपुर में टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण करना था। वह मैच से कुछ देर पहले फुटबाल खेलते हुए चोटिल हो गये। उस घटना को तीन साल बीत गये हैं और रोहित अब भी टेस्ट मैचों में पदार्पण का इंतजार है।
लक्ष्मण ने तीसरे सत्र में नौवां रन बनाते ही सुनील गावस्कर के 236 रन के भारतीय रिकॉर्ड को तोड़ा।
मोहाली में हालांकि बारिश ने खलल डाला। सुबह से ही बारिश होती रही और टॉस भी नहीं हो पाया। इससे पहले इन दोनों टीमों के बीच सितंबर 1986 में दिल्ली में बारिश के कारण पहले तीन दिन का खेल नहीं हो पाया था।टिप्पणियां
भारतीय बल्लेबाजों में शिखर धवन यह दिन याद नहीं करना चाहेंगे। उन्हें आज टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण करना था लेकिन बारिश ने उनका इंतजार बढ़ा दिया। बारिश इससे पहले भी कई खिलाड़ियों के पदार्पण पर पानी फेर चुकी है। श्रीलंका के प्रसन्ना जयवर्धने इनमें शामिल हैं।
कैंडी में 2000 में पाकिस्तान के खिलाफ जिस मैच में जयवर्धने ने पदार्पण किया उसमें बारिश के कारण पांच दिन तक श्रीलंका की पहली पारी ही समाप्त नहीं हो पायी थी। जयवर्धने को मैदान पर उतरने का मौका भी नहीं मिला था। इसके बाद जयवर्धने को अगला मैच खेलने के लिये दो साल तक इंतजार करना पड़ा। वैसे इस मामले में भारत के रोहित शर्मा से दुर्भाग्यशाली शायद कोई खिलाड़ी नहीं होगा। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ फरवरी 2010 में नागपुर में टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण करना था। वह मैच से कुछ देर पहले फुटबाल खेलते हुए चोटिल हो गये। उस घटना को तीन साल बीत गये हैं और रोहित अब भी टेस्ट मैचों में पदार्पण का इंतजार है।
मोहाली में हालांकि बारिश ने खलल डाला। सुबह से ही बारिश होती रही और टॉस भी नहीं हो पाया। इससे पहले इन दोनों टीमों के बीच सितंबर 1986 में दिल्ली में बारिश के कारण पहले तीन दिन का खेल नहीं हो पाया था।टिप्पणियां
भारतीय बल्लेबाजों में शिखर धवन यह दिन याद नहीं करना चाहेंगे। उन्हें आज टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण करना था लेकिन बारिश ने उनका इंतजार बढ़ा दिया। बारिश इससे पहले भी कई खिलाड़ियों के पदार्पण पर पानी फेर चुकी है। श्रीलंका के प्रसन्ना जयवर्धने इनमें शामिल हैं।
कैंडी में 2000 में पाकिस्तान के खिलाफ जिस मैच में जयवर्धने ने पदार्पण किया उसमें बारिश के कारण पांच दिन तक श्रीलंका की पहली पारी ही समाप्त नहीं हो पायी थी। जयवर्धने को मैदान पर उतरने का मौका भी नहीं मिला था। इसके बाद जयवर्धने को अगला मैच खेलने के लिये दो साल तक इंतजार करना पड़ा। वैसे इस मामले में भारत के रोहित शर्मा से दुर्भाग्यशाली शायद कोई खिलाड़ी नहीं होगा। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ फरवरी 2010 में नागपुर में टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण करना था। वह मैच से कुछ देर पहले फुटबाल खेलते हुए चोटिल हो गये। उस घटना को तीन साल बीत गये हैं और रोहित अब भी टेस्ट मैचों में पदार्पण का इंतजार है।
भारतीय बल्लेबाजों में शिखर धवन यह दिन याद नहीं करना चाहेंगे। उन्हें आज टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण करना था लेकिन बारिश ने उनका इंतजार बढ़ा दिया। बारिश इससे पहले भी कई खिलाड़ियों के पदार्पण पर पानी फेर चुकी है। श्रीलंका के प्रसन्ना जयवर्धने इनमें शामिल हैं।
कैंडी में 2000 में पाकिस्तान के खिलाफ जिस मैच में जयवर्धने ने पदार्पण किया उसमें बारिश के कारण पांच दिन तक श्रीलंका की पहली पारी ही समाप्त नहीं हो पायी थी। जयवर्धने को मैदान पर उतरने का मौका भी नहीं मिला था। इसके बाद जयवर्धने को अगला मैच खेलने के लिये दो साल तक इंतजार करना पड़ा। वैसे इस मामले में भारत के रोहित शर्मा से दुर्भाग्यशाली शायद कोई खिलाड़ी नहीं होगा। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ फरवरी 2010 में नागपुर में टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण करना था। वह मैच से कुछ देर पहले फुटबाल खेलते हुए चोटिल हो गये। उस घटना को तीन साल बीत गये हैं और रोहित अब भी टेस्ट मैचों में पदार्पण का इंतजार है।
कैंडी में 2000 में पाकिस्तान के खिलाफ जिस मैच में जयवर्धने ने पदार्पण किया उसमें बारिश के कारण पांच दिन तक श्रीलंका की पहली पारी ही समाप्त नहीं हो पायी थी। जयवर्धने को मैदान पर उतरने का मौका भी नहीं मिला था। इसके बाद जयवर्धने को अगला मैच खेलने के लिये दो साल तक इंतजार करना पड़ा। वैसे इस मामले में भारत के रोहित शर्मा से दुर्भाग्यशाली शायद कोई खिलाड़ी नहीं होगा। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ फरवरी 2010 में नागपुर में टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण करना था। वह मैच से कुछ देर पहले फुटबाल खेलते हुए चोटिल हो गये। उस घटना को तीन साल बीत गये हैं और रोहित अब भी टेस्ट मैचों में पदार्पण का इंतजार है। | सारांश: यह भी संयोग है कि तब भी दिन 14 मार्च था तथा टीमें भारत और ऑस्ट्रेलिया की थी। आज से ठीक 12 साल पहले उस दिन भी कोई विकेट नहीं गिरा था। अंतर इतना था कि कोलकाता के ईडन गार्डन्स में तब भारत के दो दिग्गज बल्लेबाजों ने ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों को छठी का दूध याद दि | 33 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: पहली बार, भारतीय सेना के प्रत्येक जवान को विश्वस्तरीय हेलमेट प्रदान किए जाएंगे. एनडीटीवी को जानकारी मिली है कि कानपुर की एक कंपनी एमकेयू इंडस्ट्रीज 1.58 लाख हेलमेट तैयार करने के लिए 170-180 करोड़ की डील की गई है और नए हेलमेट का उत्पादन शूरू हो गया है. यह पिछले दो दशकों में सेना की ओर से हेलमेट के लिए दिया गया पहला बड़ा ऑर्डर है.
नए हेलमेट अगले तीन वर्षों के भीतर एमकेयू इंडस्ट्रीज से मिलना शुरू हो जाएंगे जो कि विश्वस्तरीय बॉडी आर्मर (बुलेट प्रूफ जैकेट और हेलमेट) निर्माता कंपनी है. इतना ही नहीं एमकेयू इंडस्ट्रीज पूरी दुनिया की सेनाओं को बॉडी आर्मर भी निर्यात करती है.
ये नए हेलमेट इस तरह से डिजाइन किए गए हैं कि वे बहुत कम दूरी से फायर किए 9 एमएम विस्फोटक के प्रभाव को सहने में सक्षम होंगे. ये हेलमेट विश्व के प्रमुख बलों के तय मानकों को पूरा करते हैं. ये हेलमेट सुविधाजनक भी हैं और उनके भीतर संचार उपकरण को भी लगाया जा सकता है.
एक दशक से भी अधिक समय पहले, भारतीय सेना की एलीट अर्ध विशेष बलों को इजरायली ओआर-201 हेलमेट से लैस किया गया था. हालांकि नियमित सैनिकों को भारी वजन वाले घरेलू बाजार से बने हेलमेट दिए गए थे जो कि युद्ध जैसी स्थितियों के लिए सुविधाजनक नहीं थे. जवाबी कार्रवाई में ऑपरेशन के दौरान भारतीय सेना को बुलेट प्रूफ़ 'पटका' पहनने होती है. हालांकि इन हेलमेटों की सीमाएं है क्योंकि वे केवल सिर के अगले और पिछले हिस्से ही सुरक्षा प्रदान करते हैं. इसके अलावा, इनका वजन 2.5 किलोग्राम होता है. टिप्पणियां
पिछ्ले वर्ष मार्च माह में, सरकार ने टाटा एडवांस्ड मटेरियल लिमिटेड से 50,000 नए बुलेटप्रूट जैकेट खरीदने के लिए 'आपातकालीन अनुबंध' किया था. सेना उन्नत किस्म की जैकेट का मूल्यांकन कर रही है जिससे दुश्मन की गोलियों से सेना के जवानों को बहुत अधिक सुरक्षा मिल सके.
ये नए हेलमेट इस तरह से डिजाइन किए गए हैं कि वे बहुत कम दूरी से फायर किए 9 एमएम विस्फोटक के प्रभाव को सहने में सक्षम होंगे. ये हेलमेट विश्व के प्रमुख बलों के तय मानकों को पूरा करते हैं. ये हेलमेट सुविधाजनक भी हैं और उनके भीतर संचार उपकरण को भी लगाया जा सकता है.
एक दशक से भी अधिक समय पहले, भारतीय सेना की एलीट अर्ध विशेष बलों को इजरायली ओआर-201 हेलमेट से लैस किया गया था. हालांकि नियमित सैनिकों को भारी वजन वाले घरेलू बाजार से बने हेलमेट दिए गए थे जो कि युद्ध जैसी स्थितियों के लिए सुविधाजनक नहीं थे. जवाबी कार्रवाई में ऑपरेशन के दौरान भारतीय सेना को बुलेट प्रूफ़ 'पटका' पहनने होती है. हालांकि इन हेलमेटों की सीमाएं है क्योंकि वे केवल सिर के अगले और पिछले हिस्से ही सुरक्षा प्रदान करते हैं. इसके अलावा, इनका वजन 2.5 किलोग्राम होता है. टिप्पणियां
पिछ्ले वर्ष मार्च माह में, सरकार ने टाटा एडवांस्ड मटेरियल लिमिटेड से 50,000 नए बुलेटप्रूट जैकेट खरीदने के लिए 'आपातकालीन अनुबंध' किया था. सेना उन्नत किस्म की जैकेट का मूल्यांकन कर रही है जिससे दुश्मन की गोलियों से सेना के जवानों को बहुत अधिक सुरक्षा मिल सके.
एक दशक से भी अधिक समय पहले, भारतीय सेना की एलीट अर्ध विशेष बलों को इजरायली ओआर-201 हेलमेट से लैस किया गया था. हालांकि नियमित सैनिकों को भारी वजन वाले घरेलू बाजार से बने हेलमेट दिए गए थे जो कि युद्ध जैसी स्थितियों के लिए सुविधाजनक नहीं थे. जवाबी कार्रवाई में ऑपरेशन के दौरान भारतीय सेना को बुलेट प्रूफ़ 'पटका' पहनने होती है. हालांकि इन हेलमेटों की सीमाएं है क्योंकि वे केवल सिर के अगले और पिछले हिस्से ही सुरक्षा प्रदान करते हैं. इसके अलावा, इनका वजन 2.5 किलोग्राम होता है. टिप्पणियां
पिछ्ले वर्ष मार्च माह में, सरकार ने टाटा एडवांस्ड मटेरियल लिमिटेड से 50,000 नए बुलेटप्रूट जैकेट खरीदने के लिए 'आपातकालीन अनुबंध' किया था. सेना उन्नत किस्म की जैकेट का मूल्यांकन कर रही है जिससे दुश्मन की गोलियों से सेना के जवानों को बहुत अधिक सुरक्षा मिल सके.
पिछ्ले वर्ष मार्च माह में, सरकार ने टाटा एडवांस्ड मटेरियल लिमिटेड से 50,000 नए बुलेटप्रूट जैकेट खरीदने के लिए 'आपातकालीन अनुबंध' किया था. सेना उन्नत किस्म की जैकेट का मूल्यांकन कर रही है जिससे दुश्मन की गोलियों से सेना के जवानों को बहुत अधिक सुरक्षा मिल सके. | कानपुर की कंपनी एमकेयू इंडस्ट्रीज तैयार करेगी 1.58 लाख हेलमेट
कंपनी ने सरकार के साथ की 170-180 करोड़ की डील
नए हेलमेट अगले तीन वर्षों के भीतर मिलना शुरू हो जाएंगे | 34 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला की सबसे छोटी बेटी का कहना है कि गंभीर रूप से बीमार होने के कारण पिछले दो महीने से अस्पताल में भर्ती उनके पिता की हालत में प्रतिदिन सुधार हो रहा है।टिप्पणियां
जिंदजी मंडेला ने सरकारी टीवी चैनल एसएबीसी को शुक्रवार को कहा, मेरे पिता अब बैठ पा रहे हैं। अब वह दिन में कुछ मिनट कुर्सी पर बैठते हैं। वह उपचार के प्रति अधिक प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
मंडेला को फेफड़ों में संक्रमण के कारण 8 जून को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां अब उनकी हालत 'गंभीर लेकिन स्थिर' बताई जा रही है।
जिंदजी मंडेला ने सरकारी टीवी चैनल एसएबीसी को शुक्रवार को कहा, मेरे पिता अब बैठ पा रहे हैं। अब वह दिन में कुछ मिनट कुर्सी पर बैठते हैं। वह उपचार के प्रति अधिक प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
मंडेला को फेफड़ों में संक्रमण के कारण 8 जून को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां अब उनकी हालत 'गंभीर लेकिन स्थिर' बताई जा रही है।
मंडेला को फेफड़ों में संक्रमण के कारण 8 जून को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां अब उनकी हालत 'गंभीर लेकिन स्थिर' बताई जा रही है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला की सबसे छोटी बेटी जिंदजी मंडेला ने कहा, मेरे पिता अब दिन में कुछ मिनट कुर्सी पर बैठ पाते हैं। मंडेला को फेफड़ों में संक्रमण के कारण 8 जून को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। | 3 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: देश की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) का एकीकृत शुद्ध लाभ 30 सितंबर को समाप्त चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 49.2 प्रतिशत बढ़कर 3,434 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी ने 2,301 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा कमाया था। कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि तिमाही के दौरान उसकी आय 34.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 15,621 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 11,633.49 करोड़ रुपये रही थी।
टीसीएस के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एवं प्रबंध निदेशक एन चंद्रशेखरन ने कहा, ‘हम विभिन्न उद्योगों और क्षेत्रों में अच्छी वृद्धि हासिल की। हमारी सेवाएं ग्राहकों के लिए तर्कसंगत बनी हुई हैं।’
कंपनी ने कहा है कि टीसीएस के मुख्य वित्त अधिकारी एस महालिंगम अगले साल 9 फरवरी को सेवानिवृत्त होंगे। फरवरी तक के लिए उपाध्यक्ष (कारोबार वित्त) राजेश गोपीनाथन को कंपनी का डिप्टी सीएफओ नियुक्त किया गया है। टिप्पणियां
तिमाही के दौरान टीसीएस ने 41 नए ग्राहक जोड़े। इस दौरान कंपनी के कर्मचारियों की संख्या शुद्ध रूप से 10,531 के इजाफे के साथ 2,54,076 पर पहुंच गई।
टीसीएस ने एक रुपये के इक्विटी शेयर पर तीन रुपये प्रति शेयर के दूसरे अंतरिम लाभांश की घोषणा की है। बंबई शेयर बाजार में कंपनी का शेयर 1.14 प्रतिशत के नुकसान से 1,290.30 रुपये पर बंद हुआ।
इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी ने 2,301 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा कमाया था। कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि तिमाही के दौरान उसकी आय 34.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 15,621 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 11,633.49 करोड़ रुपये रही थी।
टीसीएस के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एवं प्रबंध निदेशक एन चंद्रशेखरन ने कहा, ‘हम विभिन्न उद्योगों और क्षेत्रों में अच्छी वृद्धि हासिल की। हमारी सेवाएं ग्राहकों के लिए तर्कसंगत बनी हुई हैं।’
कंपनी ने कहा है कि टीसीएस के मुख्य वित्त अधिकारी एस महालिंगम अगले साल 9 फरवरी को सेवानिवृत्त होंगे। फरवरी तक के लिए उपाध्यक्ष (कारोबार वित्त) राजेश गोपीनाथन को कंपनी का डिप्टी सीएफओ नियुक्त किया गया है। टिप्पणियां
तिमाही के दौरान टीसीएस ने 41 नए ग्राहक जोड़े। इस दौरान कंपनी के कर्मचारियों की संख्या शुद्ध रूप से 10,531 के इजाफे के साथ 2,54,076 पर पहुंच गई।
टीसीएस ने एक रुपये के इक्विटी शेयर पर तीन रुपये प्रति शेयर के दूसरे अंतरिम लाभांश की घोषणा की है। बंबई शेयर बाजार में कंपनी का शेयर 1.14 प्रतिशत के नुकसान से 1,290.30 रुपये पर बंद हुआ।
टीसीएस के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एवं प्रबंध निदेशक एन चंद्रशेखरन ने कहा, ‘हम विभिन्न उद्योगों और क्षेत्रों में अच्छी वृद्धि हासिल की। हमारी सेवाएं ग्राहकों के लिए तर्कसंगत बनी हुई हैं।’
कंपनी ने कहा है कि टीसीएस के मुख्य वित्त अधिकारी एस महालिंगम अगले साल 9 फरवरी को सेवानिवृत्त होंगे। फरवरी तक के लिए उपाध्यक्ष (कारोबार वित्त) राजेश गोपीनाथन को कंपनी का डिप्टी सीएफओ नियुक्त किया गया है। टिप्पणियां
तिमाही के दौरान टीसीएस ने 41 नए ग्राहक जोड़े। इस दौरान कंपनी के कर्मचारियों की संख्या शुद्ध रूप से 10,531 के इजाफे के साथ 2,54,076 पर पहुंच गई।
टीसीएस ने एक रुपये के इक्विटी शेयर पर तीन रुपये प्रति शेयर के दूसरे अंतरिम लाभांश की घोषणा की है। बंबई शेयर बाजार में कंपनी का शेयर 1.14 प्रतिशत के नुकसान से 1,290.30 रुपये पर बंद हुआ।
कंपनी ने कहा है कि टीसीएस के मुख्य वित्त अधिकारी एस महालिंगम अगले साल 9 फरवरी को सेवानिवृत्त होंगे। फरवरी तक के लिए उपाध्यक्ष (कारोबार वित्त) राजेश गोपीनाथन को कंपनी का डिप्टी सीएफओ नियुक्त किया गया है। टिप्पणियां
तिमाही के दौरान टीसीएस ने 41 नए ग्राहक जोड़े। इस दौरान कंपनी के कर्मचारियों की संख्या शुद्ध रूप से 10,531 के इजाफे के साथ 2,54,076 पर पहुंच गई।
टीसीएस ने एक रुपये के इक्विटी शेयर पर तीन रुपये प्रति शेयर के दूसरे अंतरिम लाभांश की घोषणा की है। बंबई शेयर बाजार में कंपनी का शेयर 1.14 प्रतिशत के नुकसान से 1,290.30 रुपये पर बंद हुआ।
तिमाही के दौरान टीसीएस ने 41 नए ग्राहक जोड़े। इस दौरान कंपनी के कर्मचारियों की संख्या शुद्ध रूप से 10,531 के इजाफे के साथ 2,54,076 पर पहुंच गई।
टीसीएस ने एक रुपये के इक्विटी शेयर पर तीन रुपये प्रति शेयर के दूसरे अंतरिम लाभांश की घोषणा की है। बंबई शेयर बाजार में कंपनी का शेयर 1.14 प्रतिशत के नुकसान से 1,290.30 रुपये पर बंद हुआ।
टीसीएस ने एक रुपये के इक्विटी शेयर पर तीन रुपये प्रति शेयर के दूसरे अंतरिम लाभांश की घोषणा की है। बंबई शेयर बाजार में कंपनी का शेयर 1.14 प्रतिशत के नुकसान से 1,290.30 रुपये पर बंद हुआ। | संक्षिप्त सारांश: देश की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) का एकीकृत शुद्ध लाभ 30 सितंबर को समाप्त चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 49.2 प्रतिशत बढ़कर 3,434 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। | 0 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बॉलीवुड के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना को लेकर अभिनेता नसीरूद्दीन शाह ने एक बार फिर अपनी राय रखी. उन्होंने बीते मंगलवार शाम को मुंबई के प्रसिद्ध लिबर्टी सिनेमा में आयोजित एक कार्यक्रम में राजेश खन्ना को लेकर अपने विचार रखे और बताया कि 'कैसे फिल्म इंडस्ट्री ने उन्हें बनाया, इस्तेमाल किया और दरकिनार कर दिया.'
इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित एक खबर के अनुसार नसीरूद्दीन शाह ने कहा कि 'हिंदी फिल्मों में साहित्यिक चोरी के शुरू होने की शुरुआत 70 के दशक में शुरू हुई- संगीत, पटकथा लेखन, कहानी, एक्टिंग से लेकर सबकुछ. राजेश खन्ना के अलावा 70 के दशक के लोकप्रिय सितारे कौन थे? जॉय मुखर्जी, विश्वजीत चटर्जी. क्या कोई इन सज्जनों को याद करता है? ये भी बेहद बड़े सितारे थे. इनमें जितेंद्र भी थे. देव आनंद, राज कपूर और दिलीप कुमार की त्रिमूर्ति की लोकप्रियता घट रही थी. फिल्म इंडस्ट्री को एक नए आइकन की तलाश थी और राजेश खन्ना ने इस भूमिका को पूरा किया. सच तो यह है कि फिल्म इंडस्ट्री ने उन्हें बनाया, इस्तेमाल किया और दरकिनार कर दिया, जब वह पैसे बनाने की मशीन नहीं रहे.'
इससे पहले राजेश खन्ना को लेकर उनके द्वारा किए गए कमेंट पर मचे बवाल को लेकर नसीर ने समझाया कि 'हर कोई जो मेरे वक्तव्य से नाराज हुआ, उनमें से किसी ने भी कोई खंडन किया कि मैंने क्या कहा.' उन सभी ने कहा, 'आप कैसे इस तरह की बात कह सकते हैं. गुज़र चुके लोगों का लिहाज़ करना चाहिए था.' उन्होंने कहा, 'मेरा सवाल है कि जब राजेश खन्ना जिंदा थे तक फिल्म इंडस्ट्री में राजेश खन्ना के लिए क्या सम्मान था. उनके बंगले के सामने हजारों लोग खड़े रहते थे. क्या यह उन्हें एक महान अभिनेता बनाता था?'
जब आयोजक ने उनसे राजेश खन्ना आनंद, आराधना जैसी सफल फिल्मों को लेकर सवाल किया तो उनका जवाब था कि 'निश्चित रूप से, मैं इससे इनकार नहीं कर रहा हूं. मैं कुछ मिलाकर उनके योगदान के बारे में बात कर रहा हूं. मुझे आनंद और आराधना में उनकी भूमिका को बेहद पसंद करता हूं.'
हालांकि बाद में उन्होंने इस मुद्दे पर राजेश खन्ना को लेकर पूर्व में दिए बयान पर कहा कि मैं उनके परिवार से माफी चाहता हूं, क्योंकि मैं उनकी भावनाओं को समझ सकता हूं.
उल्लेखनीय है कि पहले नसीर ने फिल्मों के स्तर को गिरने के लिए राजेश खन्ना को जिम्मेदार ठहराया था. उन्होंने कहा था, 'यह 70 का दशक था जब हिंदी फिल्मों का स्तर औसत हो गया था. यह उस समय की बात है जब राजेश खन्ना ने बॉलीवुड में अपना कदम रखा था. वह बहुत सफल हुए, लेकिन मेरे लिए उनका अभिनय काफी सीमित था. वास्तव में वह एक 'कमजोर अभिनेता' थे. मैं जितने लोगों से मिला हूं, उनमें से बौद्धिक तौर पर वह मुझे सबसे कम जागरुक लगे. फिर उनके साधारण अभिनय की छाप पूरे बॉलीवुड पर पड़ गई.'टिप्पणियां
उसके बाद ट्विंकल खन्ना ने नसीरुद्दीन शाह के उस बयान पर नाराज़गी जताई थी, जिसमें उन्होंने सुपर स्टार माने जाने वाले राजेश खन्ना को 'कमज़ोर' अभिनेता कह दिया था. ट्विंकल ने ट्वीट करके शाह से कहा था कि उन्हें कम से कम गुज़र चुके लोगों का लिहाज़ करना था.
नसीरुद्दीन शाह द्वारा राजेश खन्ना पर दिए गए ब्यान से काका की पत्नी डिंपल कपाड़िया भी दुखी हुई और उन्हें भी बुरा लगा है.
इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित एक खबर के अनुसार नसीरूद्दीन शाह ने कहा कि 'हिंदी फिल्मों में साहित्यिक चोरी के शुरू होने की शुरुआत 70 के दशक में शुरू हुई- संगीत, पटकथा लेखन, कहानी, एक्टिंग से लेकर सबकुछ. राजेश खन्ना के अलावा 70 के दशक के लोकप्रिय सितारे कौन थे? जॉय मुखर्जी, विश्वजीत चटर्जी. क्या कोई इन सज्जनों को याद करता है? ये भी बेहद बड़े सितारे थे. इनमें जितेंद्र भी थे. देव आनंद, राज कपूर और दिलीप कुमार की त्रिमूर्ति की लोकप्रियता घट रही थी. फिल्म इंडस्ट्री को एक नए आइकन की तलाश थी और राजेश खन्ना ने इस भूमिका को पूरा किया. सच तो यह है कि फिल्म इंडस्ट्री ने उन्हें बनाया, इस्तेमाल किया और दरकिनार कर दिया, जब वह पैसे बनाने की मशीन नहीं रहे.'
इससे पहले राजेश खन्ना को लेकर उनके द्वारा किए गए कमेंट पर मचे बवाल को लेकर नसीर ने समझाया कि 'हर कोई जो मेरे वक्तव्य से नाराज हुआ, उनमें से किसी ने भी कोई खंडन किया कि मैंने क्या कहा.' उन सभी ने कहा, 'आप कैसे इस तरह की बात कह सकते हैं. गुज़र चुके लोगों का लिहाज़ करना चाहिए था.' उन्होंने कहा, 'मेरा सवाल है कि जब राजेश खन्ना जिंदा थे तक फिल्म इंडस्ट्री में राजेश खन्ना के लिए क्या सम्मान था. उनके बंगले के सामने हजारों लोग खड़े रहते थे. क्या यह उन्हें एक महान अभिनेता बनाता था?'
जब आयोजक ने उनसे राजेश खन्ना आनंद, आराधना जैसी सफल फिल्मों को लेकर सवाल किया तो उनका जवाब था कि 'निश्चित रूप से, मैं इससे इनकार नहीं कर रहा हूं. मैं कुछ मिलाकर उनके योगदान के बारे में बात कर रहा हूं. मुझे आनंद और आराधना में उनकी भूमिका को बेहद पसंद करता हूं.'
हालांकि बाद में उन्होंने इस मुद्दे पर राजेश खन्ना को लेकर पूर्व में दिए बयान पर कहा कि मैं उनके परिवार से माफी चाहता हूं, क्योंकि मैं उनकी भावनाओं को समझ सकता हूं.
उल्लेखनीय है कि पहले नसीर ने फिल्मों के स्तर को गिरने के लिए राजेश खन्ना को जिम्मेदार ठहराया था. उन्होंने कहा था, 'यह 70 का दशक था जब हिंदी फिल्मों का स्तर औसत हो गया था. यह उस समय की बात है जब राजेश खन्ना ने बॉलीवुड में अपना कदम रखा था. वह बहुत सफल हुए, लेकिन मेरे लिए उनका अभिनय काफी सीमित था. वास्तव में वह एक 'कमजोर अभिनेता' थे. मैं जितने लोगों से मिला हूं, उनमें से बौद्धिक तौर पर वह मुझे सबसे कम जागरुक लगे. फिर उनके साधारण अभिनय की छाप पूरे बॉलीवुड पर पड़ गई.'टिप्पणियां
उसके बाद ट्विंकल खन्ना ने नसीरुद्दीन शाह के उस बयान पर नाराज़गी जताई थी, जिसमें उन्होंने सुपर स्टार माने जाने वाले राजेश खन्ना को 'कमज़ोर' अभिनेता कह दिया था. ट्विंकल ने ट्वीट करके शाह से कहा था कि उन्हें कम से कम गुज़र चुके लोगों का लिहाज़ करना था.
नसीरुद्दीन शाह द्वारा राजेश खन्ना पर दिए गए ब्यान से काका की पत्नी डिंपल कपाड़िया भी दुखी हुई और उन्हें भी बुरा लगा है.
इससे पहले राजेश खन्ना को लेकर उनके द्वारा किए गए कमेंट पर मचे बवाल को लेकर नसीर ने समझाया कि 'हर कोई जो मेरे वक्तव्य से नाराज हुआ, उनमें से किसी ने भी कोई खंडन किया कि मैंने क्या कहा.' उन सभी ने कहा, 'आप कैसे इस तरह की बात कह सकते हैं. गुज़र चुके लोगों का लिहाज़ करना चाहिए था.' उन्होंने कहा, 'मेरा सवाल है कि जब राजेश खन्ना जिंदा थे तक फिल्म इंडस्ट्री में राजेश खन्ना के लिए क्या सम्मान था. उनके बंगले के सामने हजारों लोग खड़े रहते थे. क्या यह उन्हें एक महान अभिनेता बनाता था?'
जब आयोजक ने उनसे राजेश खन्ना आनंद, आराधना जैसी सफल फिल्मों को लेकर सवाल किया तो उनका जवाब था कि 'निश्चित रूप से, मैं इससे इनकार नहीं कर रहा हूं. मैं कुछ मिलाकर उनके योगदान के बारे में बात कर रहा हूं. मुझे आनंद और आराधना में उनकी भूमिका को बेहद पसंद करता हूं.'
हालांकि बाद में उन्होंने इस मुद्दे पर राजेश खन्ना को लेकर पूर्व में दिए बयान पर कहा कि मैं उनके परिवार से माफी चाहता हूं, क्योंकि मैं उनकी भावनाओं को समझ सकता हूं.
उल्लेखनीय है कि पहले नसीर ने फिल्मों के स्तर को गिरने के लिए राजेश खन्ना को जिम्मेदार ठहराया था. उन्होंने कहा था, 'यह 70 का दशक था जब हिंदी फिल्मों का स्तर औसत हो गया था. यह उस समय की बात है जब राजेश खन्ना ने बॉलीवुड में अपना कदम रखा था. वह बहुत सफल हुए, लेकिन मेरे लिए उनका अभिनय काफी सीमित था. वास्तव में वह एक 'कमजोर अभिनेता' थे. मैं जितने लोगों से मिला हूं, उनमें से बौद्धिक तौर पर वह मुझे सबसे कम जागरुक लगे. फिर उनके साधारण अभिनय की छाप पूरे बॉलीवुड पर पड़ गई.'टिप्पणियां
उसके बाद ट्विंकल खन्ना ने नसीरुद्दीन शाह के उस बयान पर नाराज़गी जताई थी, जिसमें उन्होंने सुपर स्टार माने जाने वाले राजेश खन्ना को 'कमज़ोर' अभिनेता कह दिया था. ट्विंकल ने ट्वीट करके शाह से कहा था कि उन्हें कम से कम गुज़र चुके लोगों का लिहाज़ करना था.
नसीरुद्दीन शाह द्वारा राजेश खन्ना पर दिए गए ब्यान से काका की पत्नी डिंपल कपाड़िया भी दुखी हुई और उन्हें भी बुरा लगा है.
जब आयोजक ने उनसे राजेश खन्ना आनंद, आराधना जैसी सफल फिल्मों को लेकर सवाल किया तो उनका जवाब था कि 'निश्चित रूप से, मैं इससे इनकार नहीं कर रहा हूं. मैं कुछ मिलाकर उनके योगदान के बारे में बात कर रहा हूं. मुझे आनंद और आराधना में उनकी भूमिका को बेहद पसंद करता हूं.'
हालांकि बाद में उन्होंने इस मुद्दे पर राजेश खन्ना को लेकर पूर्व में दिए बयान पर कहा कि मैं उनके परिवार से माफी चाहता हूं, क्योंकि मैं उनकी भावनाओं को समझ सकता हूं.
उल्लेखनीय है कि पहले नसीर ने फिल्मों के स्तर को गिरने के लिए राजेश खन्ना को जिम्मेदार ठहराया था. उन्होंने कहा था, 'यह 70 का दशक था जब हिंदी फिल्मों का स्तर औसत हो गया था. यह उस समय की बात है जब राजेश खन्ना ने बॉलीवुड में अपना कदम रखा था. वह बहुत सफल हुए, लेकिन मेरे लिए उनका अभिनय काफी सीमित था. वास्तव में वह एक 'कमजोर अभिनेता' थे. मैं जितने लोगों से मिला हूं, उनमें से बौद्धिक तौर पर वह मुझे सबसे कम जागरुक लगे. फिर उनके साधारण अभिनय की छाप पूरे बॉलीवुड पर पड़ गई.'टिप्पणियां
उसके बाद ट्विंकल खन्ना ने नसीरुद्दीन शाह के उस बयान पर नाराज़गी जताई थी, जिसमें उन्होंने सुपर स्टार माने जाने वाले राजेश खन्ना को 'कमज़ोर' अभिनेता कह दिया था. ट्विंकल ने ट्वीट करके शाह से कहा था कि उन्हें कम से कम गुज़र चुके लोगों का लिहाज़ करना था.
नसीरुद्दीन शाह द्वारा राजेश खन्ना पर दिए गए ब्यान से काका की पत्नी डिंपल कपाड़िया भी दुखी हुई और उन्हें भी बुरा लगा है.
हालांकि बाद में उन्होंने इस मुद्दे पर राजेश खन्ना को लेकर पूर्व में दिए बयान पर कहा कि मैं उनके परिवार से माफी चाहता हूं, क्योंकि मैं उनकी भावनाओं को समझ सकता हूं.
उल्लेखनीय है कि पहले नसीर ने फिल्मों के स्तर को गिरने के लिए राजेश खन्ना को जिम्मेदार ठहराया था. उन्होंने कहा था, 'यह 70 का दशक था जब हिंदी फिल्मों का स्तर औसत हो गया था. यह उस समय की बात है जब राजेश खन्ना ने बॉलीवुड में अपना कदम रखा था. वह बहुत सफल हुए, लेकिन मेरे लिए उनका अभिनय काफी सीमित था. वास्तव में वह एक 'कमजोर अभिनेता' थे. मैं जितने लोगों से मिला हूं, उनमें से बौद्धिक तौर पर वह मुझे सबसे कम जागरुक लगे. फिर उनके साधारण अभिनय की छाप पूरे बॉलीवुड पर पड़ गई.'टिप्पणियां
उसके बाद ट्विंकल खन्ना ने नसीरुद्दीन शाह के उस बयान पर नाराज़गी जताई थी, जिसमें उन्होंने सुपर स्टार माने जाने वाले राजेश खन्ना को 'कमज़ोर' अभिनेता कह दिया था. ट्विंकल ने ट्वीट करके शाह से कहा था कि उन्हें कम से कम गुज़र चुके लोगों का लिहाज़ करना था.
नसीरुद्दीन शाह द्वारा राजेश खन्ना पर दिए गए ब्यान से काका की पत्नी डिंपल कपाड़िया भी दुखी हुई और उन्हें भी बुरा लगा है.
उल्लेखनीय है कि पहले नसीर ने फिल्मों के स्तर को गिरने के लिए राजेश खन्ना को जिम्मेदार ठहराया था. उन्होंने कहा था, 'यह 70 का दशक था जब हिंदी फिल्मों का स्तर औसत हो गया था. यह उस समय की बात है जब राजेश खन्ना ने बॉलीवुड में अपना कदम रखा था. वह बहुत सफल हुए, लेकिन मेरे लिए उनका अभिनय काफी सीमित था. वास्तव में वह एक 'कमजोर अभिनेता' थे. मैं जितने लोगों से मिला हूं, उनमें से बौद्धिक तौर पर वह मुझे सबसे कम जागरुक लगे. फिर उनके साधारण अभिनय की छाप पूरे बॉलीवुड पर पड़ गई.'टिप्पणियां
उसके बाद ट्विंकल खन्ना ने नसीरुद्दीन शाह के उस बयान पर नाराज़गी जताई थी, जिसमें उन्होंने सुपर स्टार माने जाने वाले राजेश खन्ना को 'कमज़ोर' अभिनेता कह दिया था. ट्विंकल ने ट्वीट करके शाह से कहा था कि उन्हें कम से कम गुज़र चुके लोगों का लिहाज़ करना था.
नसीरुद्दीन शाह द्वारा राजेश खन्ना पर दिए गए ब्यान से काका की पत्नी डिंपल कपाड़िया भी दुखी हुई और उन्हें भी बुरा लगा है.
उसके बाद ट्विंकल खन्ना ने नसीरुद्दीन शाह के उस बयान पर नाराज़गी जताई थी, जिसमें उन्होंने सुपर स्टार माने जाने वाले राजेश खन्ना को 'कमज़ोर' अभिनेता कह दिया था. ट्विंकल ने ट्वीट करके शाह से कहा था कि उन्हें कम से कम गुज़र चुके लोगों का लिहाज़ करना था.
नसीरुद्दीन शाह द्वारा राजेश खन्ना पर दिए गए ब्यान से काका की पत्नी डिंपल कपाड़िया भी दुखी हुई और उन्हें भी बुरा लगा है.
नसीरुद्दीन शाह द्वारा राजेश खन्ना पर दिए गए ब्यान से काका की पत्नी डिंपल कपाड़िया भी दुखी हुई और उन्हें भी बुरा लगा है. | मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम में नसीर ने रखे विचार.
हर कोई मेरे वक्तव्य से नाराज हुआ : नसीरूद्दीन शाह
मैं आनंद और आराधना में राजेश खन्ना की भूमिका को बेहद पसंद करता हूं- शाह | 6 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: एनडीटीवी से बात करते हुए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने माना है कि नक्सली हमले की घटना के पीछे सुरक्षा व्यवस्था में कमी एक वजह रही। उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल वह इसके लिए किसी एक को जिम्मेदार नहीं ठहरा सकते।
इससे पहले तय किया गया कि कांग्रेसी नेताओं पर नक्सली हमले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) करेगी। केंद्र को इस सिलसिले में मुख्यमंत्री रमन सिंह से हरी झंडी मिल गई है।
केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने न्यूयार्क से बताया, ‘‘मैंने रमन सिंह से बात की है और वह इस केंद्रीय एजेंसी से जांच पर सहमत हो गए हैं।’’ शिंदे ने बताया कि उन्होंने केंद्रीय गृह सचिव आरके सिंह से इस मामले में आगे बढ़ने को कहा है।टिप्पणियां
शिंदे ने कहा कि उन्होंने जांच एनआईए को सौंपने के फैसले के बारे में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को जानकारी दे दी है। हालांकि रमन सिंह ने न्यायिक जांच के आदेश दे दिए हैं। उनका कहना है कि दोनों जांच साथ-साथ चलेगी।
गौरतलब है कि भारी हथियारों से लैस नक्सलियों ने शनिवार को छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में कांग्रेसी नेताओं के काफिले पर घात लगाकर हमला कर कांग्रेस नेता महेंद्र कर्मा, प्रदेश कांग्रेस प्रमुख नंद कुमार पटेल, उनके बेटे दिनेश पटेल तथा पूर्व विधायक उदय मुदलियार समेत 27 लोगों को मार डाला था और वरिष्ठ नेता तथा पूर्व केंद्रीय मंत्री वीसी शुक्ला समेत 32 अन्यों को घायल कर दिया था।
इससे पहले तय किया गया कि कांग्रेसी नेताओं पर नक्सली हमले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) करेगी। केंद्र को इस सिलसिले में मुख्यमंत्री रमन सिंह से हरी झंडी मिल गई है।
केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने न्यूयार्क से बताया, ‘‘मैंने रमन सिंह से बात की है और वह इस केंद्रीय एजेंसी से जांच पर सहमत हो गए हैं।’’ शिंदे ने बताया कि उन्होंने केंद्रीय गृह सचिव आरके सिंह से इस मामले में आगे बढ़ने को कहा है।टिप्पणियां
शिंदे ने कहा कि उन्होंने जांच एनआईए को सौंपने के फैसले के बारे में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को जानकारी दे दी है। हालांकि रमन सिंह ने न्यायिक जांच के आदेश दे दिए हैं। उनका कहना है कि दोनों जांच साथ-साथ चलेगी।
गौरतलब है कि भारी हथियारों से लैस नक्सलियों ने शनिवार को छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में कांग्रेसी नेताओं के काफिले पर घात लगाकर हमला कर कांग्रेस नेता महेंद्र कर्मा, प्रदेश कांग्रेस प्रमुख नंद कुमार पटेल, उनके बेटे दिनेश पटेल तथा पूर्व विधायक उदय मुदलियार समेत 27 लोगों को मार डाला था और वरिष्ठ नेता तथा पूर्व केंद्रीय मंत्री वीसी शुक्ला समेत 32 अन्यों को घायल कर दिया था।
केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने न्यूयार्क से बताया, ‘‘मैंने रमन सिंह से बात की है और वह इस केंद्रीय एजेंसी से जांच पर सहमत हो गए हैं।’’ शिंदे ने बताया कि उन्होंने केंद्रीय गृह सचिव आरके सिंह से इस मामले में आगे बढ़ने को कहा है।टिप्पणियां
शिंदे ने कहा कि उन्होंने जांच एनआईए को सौंपने के फैसले के बारे में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को जानकारी दे दी है। हालांकि रमन सिंह ने न्यायिक जांच के आदेश दे दिए हैं। उनका कहना है कि दोनों जांच साथ-साथ चलेगी।
गौरतलब है कि भारी हथियारों से लैस नक्सलियों ने शनिवार को छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में कांग्रेसी नेताओं के काफिले पर घात लगाकर हमला कर कांग्रेस नेता महेंद्र कर्मा, प्रदेश कांग्रेस प्रमुख नंद कुमार पटेल, उनके बेटे दिनेश पटेल तथा पूर्व विधायक उदय मुदलियार समेत 27 लोगों को मार डाला था और वरिष्ठ नेता तथा पूर्व केंद्रीय मंत्री वीसी शुक्ला समेत 32 अन्यों को घायल कर दिया था।
शिंदे ने कहा कि उन्होंने जांच एनआईए को सौंपने के फैसले के बारे में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को जानकारी दे दी है। हालांकि रमन सिंह ने न्यायिक जांच के आदेश दे दिए हैं। उनका कहना है कि दोनों जांच साथ-साथ चलेगी।
गौरतलब है कि भारी हथियारों से लैस नक्सलियों ने शनिवार को छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में कांग्रेसी नेताओं के काफिले पर घात लगाकर हमला कर कांग्रेस नेता महेंद्र कर्मा, प्रदेश कांग्रेस प्रमुख नंद कुमार पटेल, उनके बेटे दिनेश पटेल तथा पूर्व विधायक उदय मुदलियार समेत 27 लोगों को मार डाला था और वरिष्ठ नेता तथा पूर्व केंद्रीय मंत्री वीसी शुक्ला समेत 32 अन्यों को घायल कर दिया था।
गौरतलब है कि भारी हथियारों से लैस नक्सलियों ने शनिवार को छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में कांग्रेसी नेताओं के काफिले पर घात लगाकर हमला कर कांग्रेस नेता महेंद्र कर्मा, प्रदेश कांग्रेस प्रमुख नंद कुमार पटेल, उनके बेटे दिनेश पटेल तथा पूर्व विधायक उदय मुदलियार समेत 27 लोगों को मार डाला था और वरिष्ठ नेता तथा पूर्व केंद्रीय मंत्री वीसी शुक्ला समेत 32 अन्यों को घायल कर दिया था। | एनडीटीवी से बात करते हुए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने माना है कि नक्सली हमले की घटना के पीछे सुरक्षा व्यवस्था में कमी एक वजह रही। | 34 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम ने शुक्रवार को बाराबती स्टेडियम में खेले गए आईसीसी महिला विश्वकप (50 ओवर) मुकाबले में पाकिस्तान को 91 रनों से हरा दिया। पाकिस्तान के नौ खिलाड़ी दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सके। सारा कोयटे को नाबाद 35 रन बनाने और तीन विकेट चटकाने के लिए 'प्लेयर आफ द मैच' चुना गया।
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलिया टीम ने 46.1 ओवरों में 175 रन बनाए। इसके जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी पाकिस्तान टीम 33.2 ओवरों में 84 रन ही बना सकी।
पाकिस्तान की ओर से बिस्माह मारूफ ने सर्वाधिक 43 रन बनाए। उन्होंने अपनी पारी में 95 गेंदों का सामना करते हुए छह चौके लगाए।
पाकिस्तान की पारी की शुरुआत अच्छी नहीं रही और नौ रनों के कुल योग पर सना मीर के रूप में उसका पहला विकेट गिरा। सलामी बल्लेबाज मीर दो रन बनाकर मेगन स्कट की गेंद पर बोल्ड हुई। उनके कुछ देर बाद ही नाहिदा खान भी एलिसे पैरी की गेंद पर जेस कैमरून को कैच थमा बैठी।
39 रनों के कुल योग पर नैन आबिदी के रूप में पाकिस्तान को तीसरा झटका लगा। वह सारा कोयटे की गेंद पर पगबाधा हो गई। पांचवे नम्बर पर खेलने आई जावेरिया खान भी टीम को मुश्किलों से नहीं उबार सकी और मात्र पांच रन बनाकर पैवेलियन लौट गई।
इसके बाद पाकिस्तान का कोई भी खिलाड़ी क्रीज पर नहीं टिक सका। स्रिडा अमीन ने एक, बेतुल फातिमा ने चार और सुमैया सिद्दीकी ने एक रन का योगदान दिया। वहीं अस्माविया इकबाल, कनीता जलील और सादिया यूसुफ अपना खाता भी नहीं खोल सकी।
ऑस्ट्रेलिया की ओर से कोयटे ने तीन विकेट चटकाए, जबकि पैरी, लिसा सथालेकर, होली फेर्लिग को दो-दो और मेगन स्कट को एक सफलता मिली।
इससे पहले, ऑस्ट्रेलिया की पारी की शुरुआत भी अच्छी नहीं रही थी। उसका पहला विकेट आठवें ओवर में 28 रनों के कुल योग पर मेग लेनिंग के रूप में गिरा। उन्हें सिद्दीकी ने पगबाधा आउट किया। उनके बाद तीसरे नम्बर पर बल्लेबाजी करने आई कैमरून भी ज्यादा देर तक नहीं टिक सकीं। वह सात रनों के निजी स्कोर पर रन आउट हो गईं।
चौथे नम्बर पर बल्लेबाजी करने आई एलेक्स ब्लैकवेल भी 83 रनों के कुल स्कोर पर पैवेलियन लौट गईं। उन्हें इकबाल ने 18 रनों के निजी स्कोर पर पगबाधा कर दिया।
ऑस्ट्रेलिया को राचेल हेन्स के रूप में चौथा झटका लगा। हेन्स ने कुल योग में 41 रनों का सर्वाधिक योगदान दिया। उन्होंने अपनी पारी में तीन चौके लगाए। उनके बाद जोडी फील्ड्स भी एक रन बनाकर इकबाल की गेंद पर पगबाधा हो गईं।टिप्पणियां
जोडी के बाद पैरी भी बिना कोई रन बनाए पैवेलियन लौट गई। सथालेकर के रूप में ऑस्ट्रेलिया का सातवां विकेट गिरा। उन्हें 32 रनों के निजी स्कोर पर सादिया यूसुफ ने बोल्ड कर दिया। कोयटे ने नाबाद 36 रनों का योगदान दिया। इसके अलावा स्कट अपना खाता भी नहीं खोल सकीं और फेर्लिग ने पांच रनों का योगदान दिया।
पाकिस्तान की ओर से यूसुफ ने सर्वाधिक तीन विकेट चटकाए, जबकि इकबाल को दो और सिद्दीकी को एक सफलता मिली।
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलिया टीम ने 46.1 ओवरों में 175 रन बनाए। इसके जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी पाकिस्तान टीम 33.2 ओवरों में 84 रन ही बना सकी।
पाकिस्तान की ओर से बिस्माह मारूफ ने सर्वाधिक 43 रन बनाए। उन्होंने अपनी पारी में 95 गेंदों का सामना करते हुए छह चौके लगाए।
पाकिस्तान की पारी की शुरुआत अच्छी नहीं रही और नौ रनों के कुल योग पर सना मीर के रूप में उसका पहला विकेट गिरा। सलामी बल्लेबाज मीर दो रन बनाकर मेगन स्कट की गेंद पर बोल्ड हुई। उनके कुछ देर बाद ही नाहिदा खान भी एलिसे पैरी की गेंद पर जेस कैमरून को कैच थमा बैठी।
39 रनों के कुल योग पर नैन आबिदी के रूप में पाकिस्तान को तीसरा झटका लगा। वह सारा कोयटे की गेंद पर पगबाधा हो गई। पांचवे नम्बर पर खेलने आई जावेरिया खान भी टीम को मुश्किलों से नहीं उबार सकी और मात्र पांच रन बनाकर पैवेलियन लौट गई।
इसके बाद पाकिस्तान का कोई भी खिलाड़ी क्रीज पर नहीं टिक सका। स्रिडा अमीन ने एक, बेतुल फातिमा ने चार और सुमैया सिद्दीकी ने एक रन का योगदान दिया। वहीं अस्माविया इकबाल, कनीता जलील और सादिया यूसुफ अपना खाता भी नहीं खोल सकी।
ऑस्ट्रेलिया की ओर से कोयटे ने तीन विकेट चटकाए, जबकि पैरी, लिसा सथालेकर, होली फेर्लिग को दो-दो और मेगन स्कट को एक सफलता मिली।
इससे पहले, ऑस्ट्रेलिया की पारी की शुरुआत भी अच्छी नहीं रही थी। उसका पहला विकेट आठवें ओवर में 28 रनों के कुल योग पर मेग लेनिंग के रूप में गिरा। उन्हें सिद्दीकी ने पगबाधा आउट किया। उनके बाद तीसरे नम्बर पर बल्लेबाजी करने आई कैमरून भी ज्यादा देर तक नहीं टिक सकीं। वह सात रनों के निजी स्कोर पर रन आउट हो गईं।
चौथे नम्बर पर बल्लेबाजी करने आई एलेक्स ब्लैकवेल भी 83 रनों के कुल स्कोर पर पैवेलियन लौट गईं। उन्हें इकबाल ने 18 रनों के निजी स्कोर पर पगबाधा कर दिया।
ऑस्ट्रेलिया को राचेल हेन्स के रूप में चौथा झटका लगा। हेन्स ने कुल योग में 41 रनों का सर्वाधिक योगदान दिया। उन्होंने अपनी पारी में तीन चौके लगाए। उनके बाद जोडी फील्ड्स भी एक रन बनाकर इकबाल की गेंद पर पगबाधा हो गईं।टिप्पणियां
जोडी के बाद पैरी भी बिना कोई रन बनाए पैवेलियन लौट गई। सथालेकर के रूप में ऑस्ट्रेलिया का सातवां विकेट गिरा। उन्हें 32 रनों के निजी स्कोर पर सादिया यूसुफ ने बोल्ड कर दिया। कोयटे ने नाबाद 36 रनों का योगदान दिया। इसके अलावा स्कट अपना खाता भी नहीं खोल सकीं और फेर्लिग ने पांच रनों का योगदान दिया।
पाकिस्तान की ओर से यूसुफ ने सर्वाधिक तीन विकेट चटकाए, जबकि इकबाल को दो और सिद्दीकी को एक सफलता मिली।
पाकिस्तान की ओर से बिस्माह मारूफ ने सर्वाधिक 43 रन बनाए। उन्होंने अपनी पारी में 95 गेंदों का सामना करते हुए छह चौके लगाए।
पाकिस्तान की पारी की शुरुआत अच्छी नहीं रही और नौ रनों के कुल योग पर सना मीर के रूप में उसका पहला विकेट गिरा। सलामी बल्लेबाज मीर दो रन बनाकर मेगन स्कट की गेंद पर बोल्ड हुई। उनके कुछ देर बाद ही नाहिदा खान भी एलिसे पैरी की गेंद पर जेस कैमरून को कैच थमा बैठी।
39 रनों के कुल योग पर नैन आबिदी के रूप में पाकिस्तान को तीसरा झटका लगा। वह सारा कोयटे की गेंद पर पगबाधा हो गई। पांचवे नम्बर पर खेलने आई जावेरिया खान भी टीम को मुश्किलों से नहीं उबार सकी और मात्र पांच रन बनाकर पैवेलियन लौट गई।
इसके बाद पाकिस्तान का कोई भी खिलाड़ी क्रीज पर नहीं टिक सका। स्रिडा अमीन ने एक, बेतुल फातिमा ने चार और सुमैया सिद्दीकी ने एक रन का योगदान दिया। वहीं अस्माविया इकबाल, कनीता जलील और सादिया यूसुफ अपना खाता भी नहीं खोल सकी।
ऑस्ट्रेलिया की ओर से कोयटे ने तीन विकेट चटकाए, जबकि पैरी, लिसा सथालेकर, होली फेर्लिग को दो-दो और मेगन स्कट को एक सफलता मिली।
इससे पहले, ऑस्ट्रेलिया की पारी की शुरुआत भी अच्छी नहीं रही थी। उसका पहला विकेट आठवें ओवर में 28 रनों के कुल योग पर मेग लेनिंग के रूप में गिरा। उन्हें सिद्दीकी ने पगबाधा आउट किया। उनके बाद तीसरे नम्बर पर बल्लेबाजी करने आई कैमरून भी ज्यादा देर तक नहीं टिक सकीं। वह सात रनों के निजी स्कोर पर रन आउट हो गईं।
चौथे नम्बर पर बल्लेबाजी करने आई एलेक्स ब्लैकवेल भी 83 रनों के कुल स्कोर पर पैवेलियन लौट गईं। उन्हें इकबाल ने 18 रनों के निजी स्कोर पर पगबाधा कर दिया।
ऑस्ट्रेलिया को राचेल हेन्स के रूप में चौथा झटका लगा। हेन्स ने कुल योग में 41 रनों का सर्वाधिक योगदान दिया। उन्होंने अपनी पारी में तीन चौके लगाए। उनके बाद जोडी फील्ड्स भी एक रन बनाकर इकबाल की गेंद पर पगबाधा हो गईं।टिप्पणियां
जोडी के बाद पैरी भी बिना कोई रन बनाए पैवेलियन लौट गई। सथालेकर के रूप में ऑस्ट्रेलिया का सातवां विकेट गिरा। उन्हें 32 रनों के निजी स्कोर पर सादिया यूसुफ ने बोल्ड कर दिया। कोयटे ने नाबाद 36 रनों का योगदान दिया। इसके अलावा स्कट अपना खाता भी नहीं खोल सकीं और फेर्लिग ने पांच रनों का योगदान दिया।
पाकिस्तान की ओर से यूसुफ ने सर्वाधिक तीन विकेट चटकाए, जबकि इकबाल को दो और सिद्दीकी को एक सफलता मिली।
पाकिस्तान की पारी की शुरुआत अच्छी नहीं रही और नौ रनों के कुल योग पर सना मीर के रूप में उसका पहला विकेट गिरा। सलामी बल्लेबाज मीर दो रन बनाकर मेगन स्कट की गेंद पर बोल्ड हुई। उनके कुछ देर बाद ही नाहिदा खान भी एलिसे पैरी की गेंद पर जेस कैमरून को कैच थमा बैठी।
39 रनों के कुल योग पर नैन आबिदी के रूप में पाकिस्तान को तीसरा झटका लगा। वह सारा कोयटे की गेंद पर पगबाधा हो गई। पांचवे नम्बर पर खेलने आई जावेरिया खान भी टीम को मुश्किलों से नहीं उबार सकी और मात्र पांच रन बनाकर पैवेलियन लौट गई।
इसके बाद पाकिस्तान का कोई भी खिलाड़ी क्रीज पर नहीं टिक सका। स्रिडा अमीन ने एक, बेतुल फातिमा ने चार और सुमैया सिद्दीकी ने एक रन का योगदान दिया। वहीं अस्माविया इकबाल, कनीता जलील और सादिया यूसुफ अपना खाता भी नहीं खोल सकी।
ऑस्ट्रेलिया की ओर से कोयटे ने तीन विकेट चटकाए, जबकि पैरी, लिसा सथालेकर, होली फेर्लिग को दो-दो और मेगन स्कट को एक सफलता मिली।
इससे पहले, ऑस्ट्रेलिया की पारी की शुरुआत भी अच्छी नहीं रही थी। उसका पहला विकेट आठवें ओवर में 28 रनों के कुल योग पर मेग लेनिंग के रूप में गिरा। उन्हें सिद्दीकी ने पगबाधा आउट किया। उनके बाद तीसरे नम्बर पर बल्लेबाजी करने आई कैमरून भी ज्यादा देर तक नहीं टिक सकीं। वह सात रनों के निजी स्कोर पर रन आउट हो गईं।
चौथे नम्बर पर बल्लेबाजी करने आई एलेक्स ब्लैकवेल भी 83 रनों के कुल स्कोर पर पैवेलियन लौट गईं। उन्हें इकबाल ने 18 रनों के निजी स्कोर पर पगबाधा कर दिया।
ऑस्ट्रेलिया को राचेल हेन्स के रूप में चौथा झटका लगा। हेन्स ने कुल योग में 41 रनों का सर्वाधिक योगदान दिया। उन्होंने अपनी पारी में तीन चौके लगाए। उनके बाद जोडी फील्ड्स भी एक रन बनाकर इकबाल की गेंद पर पगबाधा हो गईं।टिप्पणियां
जोडी के बाद पैरी भी बिना कोई रन बनाए पैवेलियन लौट गई। सथालेकर के रूप में ऑस्ट्रेलिया का सातवां विकेट गिरा। उन्हें 32 रनों के निजी स्कोर पर सादिया यूसुफ ने बोल्ड कर दिया। कोयटे ने नाबाद 36 रनों का योगदान दिया। इसके अलावा स्कट अपना खाता भी नहीं खोल सकीं और फेर्लिग ने पांच रनों का योगदान दिया।
पाकिस्तान की ओर से यूसुफ ने सर्वाधिक तीन विकेट चटकाए, जबकि इकबाल को दो और सिद्दीकी को एक सफलता मिली।
39 रनों के कुल योग पर नैन आबिदी के रूप में पाकिस्तान को तीसरा झटका लगा। वह सारा कोयटे की गेंद पर पगबाधा हो गई। पांचवे नम्बर पर खेलने आई जावेरिया खान भी टीम को मुश्किलों से नहीं उबार सकी और मात्र पांच रन बनाकर पैवेलियन लौट गई।
इसके बाद पाकिस्तान का कोई भी खिलाड़ी क्रीज पर नहीं टिक सका। स्रिडा अमीन ने एक, बेतुल फातिमा ने चार और सुमैया सिद्दीकी ने एक रन का योगदान दिया। वहीं अस्माविया इकबाल, कनीता जलील और सादिया यूसुफ अपना खाता भी नहीं खोल सकी।
ऑस्ट्रेलिया की ओर से कोयटे ने तीन विकेट चटकाए, जबकि पैरी, लिसा सथालेकर, होली फेर्लिग को दो-दो और मेगन स्कट को एक सफलता मिली।
इससे पहले, ऑस्ट्रेलिया की पारी की शुरुआत भी अच्छी नहीं रही थी। उसका पहला विकेट आठवें ओवर में 28 रनों के कुल योग पर मेग लेनिंग के रूप में गिरा। उन्हें सिद्दीकी ने पगबाधा आउट किया। उनके बाद तीसरे नम्बर पर बल्लेबाजी करने आई कैमरून भी ज्यादा देर तक नहीं टिक सकीं। वह सात रनों के निजी स्कोर पर रन आउट हो गईं।
चौथे नम्बर पर बल्लेबाजी करने आई एलेक्स ब्लैकवेल भी 83 रनों के कुल स्कोर पर पैवेलियन लौट गईं। उन्हें इकबाल ने 18 रनों के निजी स्कोर पर पगबाधा कर दिया।
ऑस्ट्रेलिया को राचेल हेन्स के रूप में चौथा झटका लगा। हेन्स ने कुल योग में 41 रनों का सर्वाधिक योगदान दिया। उन्होंने अपनी पारी में तीन चौके लगाए। उनके बाद जोडी फील्ड्स भी एक रन बनाकर इकबाल की गेंद पर पगबाधा हो गईं।टिप्पणियां
जोडी के बाद पैरी भी बिना कोई रन बनाए पैवेलियन लौट गई। सथालेकर के रूप में ऑस्ट्रेलिया का सातवां विकेट गिरा। उन्हें 32 रनों के निजी स्कोर पर सादिया यूसुफ ने बोल्ड कर दिया। कोयटे ने नाबाद 36 रनों का योगदान दिया। इसके अलावा स्कट अपना खाता भी नहीं खोल सकीं और फेर्लिग ने पांच रनों का योगदान दिया।
पाकिस्तान की ओर से यूसुफ ने सर्वाधिक तीन विकेट चटकाए, जबकि इकबाल को दो और सिद्दीकी को एक सफलता मिली।
इसके बाद पाकिस्तान का कोई भी खिलाड़ी क्रीज पर नहीं टिक सका। स्रिडा अमीन ने एक, बेतुल फातिमा ने चार और सुमैया सिद्दीकी ने एक रन का योगदान दिया। वहीं अस्माविया इकबाल, कनीता जलील और सादिया यूसुफ अपना खाता भी नहीं खोल सकी।
ऑस्ट्रेलिया की ओर से कोयटे ने तीन विकेट चटकाए, जबकि पैरी, लिसा सथालेकर, होली फेर्लिग को दो-दो और मेगन स्कट को एक सफलता मिली।
इससे पहले, ऑस्ट्रेलिया की पारी की शुरुआत भी अच्छी नहीं रही थी। उसका पहला विकेट आठवें ओवर में 28 रनों के कुल योग पर मेग लेनिंग के रूप में गिरा। उन्हें सिद्दीकी ने पगबाधा आउट किया। उनके बाद तीसरे नम्बर पर बल्लेबाजी करने आई कैमरून भी ज्यादा देर तक नहीं टिक सकीं। वह सात रनों के निजी स्कोर पर रन आउट हो गईं।
चौथे नम्बर पर बल्लेबाजी करने आई एलेक्स ब्लैकवेल भी 83 रनों के कुल स्कोर पर पैवेलियन लौट गईं। उन्हें इकबाल ने 18 रनों के निजी स्कोर पर पगबाधा कर दिया।
ऑस्ट्रेलिया को राचेल हेन्स के रूप में चौथा झटका लगा। हेन्स ने कुल योग में 41 रनों का सर्वाधिक योगदान दिया। उन्होंने अपनी पारी में तीन चौके लगाए। उनके बाद जोडी फील्ड्स भी एक रन बनाकर इकबाल की गेंद पर पगबाधा हो गईं।टिप्पणियां
जोडी के बाद पैरी भी बिना कोई रन बनाए पैवेलियन लौट गई। सथालेकर के रूप में ऑस्ट्रेलिया का सातवां विकेट गिरा। उन्हें 32 रनों के निजी स्कोर पर सादिया यूसुफ ने बोल्ड कर दिया। कोयटे ने नाबाद 36 रनों का योगदान दिया। इसके अलावा स्कट अपना खाता भी नहीं खोल सकीं और फेर्लिग ने पांच रनों का योगदान दिया।
पाकिस्तान की ओर से यूसुफ ने सर्वाधिक तीन विकेट चटकाए, जबकि इकबाल को दो और सिद्दीकी को एक सफलता मिली।
ऑस्ट्रेलिया की ओर से कोयटे ने तीन विकेट चटकाए, जबकि पैरी, लिसा सथालेकर, होली फेर्लिग को दो-दो और मेगन स्कट को एक सफलता मिली।
इससे पहले, ऑस्ट्रेलिया की पारी की शुरुआत भी अच्छी नहीं रही थी। उसका पहला विकेट आठवें ओवर में 28 रनों के कुल योग पर मेग लेनिंग के रूप में गिरा। उन्हें सिद्दीकी ने पगबाधा आउट किया। उनके बाद तीसरे नम्बर पर बल्लेबाजी करने आई कैमरून भी ज्यादा देर तक नहीं टिक सकीं। वह सात रनों के निजी स्कोर पर रन आउट हो गईं।
चौथे नम्बर पर बल्लेबाजी करने आई एलेक्स ब्लैकवेल भी 83 रनों के कुल स्कोर पर पैवेलियन लौट गईं। उन्हें इकबाल ने 18 रनों के निजी स्कोर पर पगबाधा कर दिया।
ऑस्ट्रेलिया को राचेल हेन्स के रूप में चौथा झटका लगा। हेन्स ने कुल योग में 41 रनों का सर्वाधिक योगदान दिया। उन्होंने अपनी पारी में तीन चौके लगाए। उनके बाद जोडी फील्ड्स भी एक रन बनाकर इकबाल की गेंद पर पगबाधा हो गईं।टिप्पणियां
जोडी के बाद पैरी भी बिना कोई रन बनाए पैवेलियन लौट गई। सथालेकर के रूप में ऑस्ट्रेलिया का सातवां विकेट गिरा। उन्हें 32 रनों के निजी स्कोर पर सादिया यूसुफ ने बोल्ड कर दिया। कोयटे ने नाबाद 36 रनों का योगदान दिया। इसके अलावा स्कट अपना खाता भी नहीं खोल सकीं और फेर्लिग ने पांच रनों का योगदान दिया।
पाकिस्तान की ओर से यूसुफ ने सर्वाधिक तीन विकेट चटकाए, जबकि इकबाल को दो और सिद्दीकी को एक सफलता मिली।
इससे पहले, ऑस्ट्रेलिया की पारी की शुरुआत भी अच्छी नहीं रही थी। उसका पहला विकेट आठवें ओवर में 28 रनों के कुल योग पर मेग लेनिंग के रूप में गिरा। उन्हें सिद्दीकी ने पगबाधा आउट किया। उनके बाद तीसरे नम्बर पर बल्लेबाजी करने आई कैमरून भी ज्यादा देर तक नहीं टिक सकीं। वह सात रनों के निजी स्कोर पर रन आउट हो गईं।
चौथे नम्बर पर बल्लेबाजी करने आई एलेक्स ब्लैकवेल भी 83 रनों के कुल स्कोर पर पैवेलियन लौट गईं। उन्हें इकबाल ने 18 रनों के निजी स्कोर पर पगबाधा कर दिया।
ऑस्ट्रेलिया को राचेल हेन्स के रूप में चौथा झटका लगा। हेन्स ने कुल योग में 41 रनों का सर्वाधिक योगदान दिया। उन्होंने अपनी पारी में तीन चौके लगाए। उनके बाद जोडी फील्ड्स भी एक रन बनाकर इकबाल की गेंद पर पगबाधा हो गईं।टिप्पणियां
जोडी के बाद पैरी भी बिना कोई रन बनाए पैवेलियन लौट गई। सथालेकर के रूप में ऑस्ट्रेलिया का सातवां विकेट गिरा। उन्हें 32 रनों के निजी स्कोर पर सादिया यूसुफ ने बोल्ड कर दिया। कोयटे ने नाबाद 36 रनों का योगदान दिया। इसके अलावा स्कट अपना खाता भी नहीं खोल सकीं और फेर्लिग ने पांच रनों का योगदान दिया।
पाकिस्तान की ओर से यूसुफ ने सर्वाधिक तीन विकेट चटकाए, जबकि इकबाल को दो और सिद्दीकी को एक सफलता मिली।
चौथे नम्बर पर बल्लेबाजी करने आई एलेक्स ब्लैकवेल भी 83 रनों के कुल स्कोर पर पैवेलियन लौट गईं। उन्हें इकबाल ने 18 रनों के निजी स्कोर पर पगबाधा कर दिया।
ऑस्ट्रेलिया को राचेल हेन्स के रूप में चौथा झटका लगा। हेन्स ने कुल योग में 41 रनों का सर्वाधिक योगदान दिया। उन्होंने अपनी पारी में तीन चौके लगाए। उनके बाद जोडी फील्ड्स भी एक रन बनाकर इकबाल की गेंद पर पगबाधा हो गईं।टिप्पणियां
जोडी के बाद पैरी भी बिना कोई रन बनाए पैवेलियन लौट गई। सथालेकर के रूप में ऑस्ट्रेलिया का सातवां विकेट गिरा। उन्हें 32 रनों के निजी स्कोर पर सादिया यूसुफ ने बोल्ड कर दिया। कोयटे ने नाबाद 36 रनों का योगदान दिया। इसके अलावा स्कट अपना खाता भी नहीं खोल सकीं और फेर्लिग ने पांच रनों का योगदान दिया।
पाकिस्तान की ओर से यूसुफ ने सर्वाधिक तीन विकेट चटकाए, जबकि इकबाल को दो और सिद्दीकी को एक सफलता मिली।
ऑस्ट्रेलिया को राचेल हेन्स के रूप में चौथा झटका लगा। हेन्स ने कुल योग में 41 रनों का सर्वाधिक योगदान दिया। उन्होंने अपनी पारी में तीन चौके लगाए। उनके बाद जोडी फील्ड्स भी एक रन बनाकर इकबाल की गेंद पर पगबाधा हो गईं।टिप्पणियां
जोडी के बाद पैरी भी बिना कोई रन बनाए पैवेलियन लौट गई। सथालेकर के रूप में ऑस्ट्रेलिया का सातवां विकेट गिरा। उन्हें 32 रनों के निजी स्कोर पर सादिया यूसुफ ने बोल्ड कर दिया। कोयटे ने नाबाद 36 रनों का योगदान दिया। इसके अलावा स्कट अपना खाता भी नहीं खोल सकीं और फेर्लिग ने पांच रनों का योगदान दिया।
पाकिस्तान की ओर से यूसुफ ने सर्वाधिक तीन विकेट चटकाए, जबकि इकबाल को दो और सिद्दीकी को एक सफलता मिली।
जोडी के बाद पैरी भी बिना कोई रन बनाए पैवेलियन लौट गई। सथालेकर के रूप में ऑस्ट्रेलिया का सातवां विकेट गिरा। उन्हें 32 रनों के निजी स्कोर पर सादिया यूसुफ ने बोल्ड कर दिया। कोयटे ने नाबाद 36 रनों का योगदान दिया। इसके अलावा स्कट अपना खाता भी नहीं खोल सकीं और फेर्लिग ने पांच रनों का योगदान दिया।
पाकिस्तान की ओर से यूसुफ ने सर्वाधिक तीन विकेट चटकाए, जबकि इकबाल को दो और सिद्दीकी को एक सफलता मिली।
पाकिस्तान की ओर से यूसुफ ने सर्वाधिक तीन विकेट चटकाए, जबकि इकबाल को दो और सिद्दीकी को एक सफलता मिली। | संक्षिप्त सारांश: ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम ने शुक्रवार को बाराबती स्टेडियम में खेले गए आईसीसी महिला विश्वकप (50 ओवर) मुकाबले में पाकिस्तान को 91 रनों से हरा दिया। | 10 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तरी जापान के प्रशांत तटीय क्षेत्रों में आए जबर्दस्त भूकंप के बाद सुनामी की चेतावनी जारी कर दी गई है। यहां मार्च में आए जलजले के बाद उठी समुद्री लहरों ने भारी तबाही मचाई थी। जापान की मौसम एजेंसी ने बताया कि मुख्य द्वीप होंशु में अंतरराष्ट्रीय समयानुसार रात 12 बजकर 57 मिनट पर आए 7.1 की तीव्रता वाले भूकंप के बाद इवाते मियागी और फुकुशिमा क्षेत्रों के लिए सुनामी की चेतावनी जारी की गई है। अमेरिका की भू-गर्भ एजेंसी ने भी भूकंप की तीव्रता 7.1 बताई। इसने बताया कि भूकंप 10 किलोमीटर की गहराई पर उसी जगह केंद्रित था, जहां 11 मार्च को जबर्दस्त जलजला आया था और उसके बाद सुनामी ने हाहाकार मचा दिया था। टोक्यो इलेक्ट्रिक पॉवर कंपनी (तेपको) ने कहा कि फुकुशिमा दाइची परमाणु केंद्र में बीती रात आए भूकंप के बाद किसी समस्या की कोई खबर नहीं है। तेपको के एक प्रवक्ता ने कहा, हम जांच कर रहे हैं, लेकिन रिएक्टरों की कूलिंग प्रक्रिया जारी है। मौसम एजेंसी के अनुसार इस भूकंप से 50 सेंटीमीटर तक की छोटी सुनामी उठने की आशंका है। | संक्षिप्त पाठ: भूकंप 10 किलोमीटर की गहराई पर उसी जगह केंद्रित था, जहां 11 मार्च को जबर्दस्त जलजला आया था और उसके बाद सुनामी ने हाहाकार मचा दिया था। | 14 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: बाजार में छाई निराशा और यूरोपीय कर्ज संकट के बीच जुलाई-सितम्बर तिमाही में अमेरिकी शेयर बाजार में पिछले तीन सालों की सर्वाधिक गिरावट दर्ज की गई। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक डाऊ जोंस में आलोच्य तिमाही में लगभग 12 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई, जो 2009 की पहली तिमाही के बाद से सबसे बड़ी गिरावट है। एसएंडपी500 और नैस्डैक में भी आलोच्य तिमाही में क्रमश: 14 फीसदी और 12 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई, जो 2008 की आखिरी तिमाही के बाद सबसे बड़ी गिरावट है। शुक्रवार को उपभोक्ता संवेदना और निर्माण क्षेत्र में उम्मीद से बेहतर प्रगति दर्ज किए जाने के बावजूद बाजार में गिरावट दर्ज की गई। इस अवसर का उपयोग निवेशकों ने बिकवाली कर घाटे की यथासम्भव भरपाई करने में किया। शिकागो क्षेत्र में विनिर्माण गतिविधि अगस्त के 56.5 अंक से बेहतर सितम्बर महीने में 60.4 अंक पर दर्ज की गई। वाणिज्य विभाग के मुताबिक अगस्त में उपभोक्ता खर्च में 0.2 फीसदी की वृद्धि हुई, जबकि उपभोक्ता आय में इस अवधि में 0.1 फीसदी की गिरावट हुई, जो अक्टूबर 2009 के बाद पहली गिरावट है। शुक्रवार को डाऊ जोंस 2.16 फीसदी या 240.60 अंक की गिरावट के साथ 10,913.38 अंक पर, एसएंडपी500 2.50 फीसदी या 28.98 अंक की गिरावट के साथ 1,131.42 पर और नैस्डैक 2.63 फीसदी या 65.36 अंक की गिरावट के साथ 2,415.40 अंक पर बंद हुआ। कच्चे तेल के मामले में न्यूयार्क मर्के टाइल एक्सचेंज में सल्फर की कम मात्रा वाले लाईट स्वीट क्रूड की नवम्बर माह की अदायगी 3.58 फीसदी या 2.94 डॉलर की गिरावट के साथ 79.20 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुई। एक महीने में इसमें 10.82 फीसदी और एक तिमाही में इसमें 17 फीसदी की गिरावट हुई है। लंदन में ब्रेंट क्रूड की नवम्बर माह की अदायगी 1.14 फीसदी या 1.19 डॉलर की गिरावट के साथ 102.76 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुई। पिछली एक तिमाही में इसमें 8.64 फीसदी की गिरावट हुई है, जो पिछली पांच तिमाही में सबसे बड़ी गिरावट है। शुक्रवार को न्यूयार्क में अमेरिकी डॉलर में अधिकतर प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले थोड़ी मजबूती आई और डॉलर सूचकांक 0.7 फीसदी की तेजी के साथ 78.58 अंक पर दर्ज किया गया। | सारांश: जुलाई-सितम्बर तिमाही में अमेरिकी शेयर बाजार में पिछले तीन सालों की सर्वाधिक गिरावट दर्ज की गई। | 5 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: चिकनगुनिया की मार झेल रहे दिल्ली में सरकार ने चिकनगुनिया टेस्ट का शुल्क तय किया है. इससे सम्बंधित नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया है लेकिन निजी अस्पताल अब भी मनमाना शुल्क वसूल रहे हैं.टिप्पणियां
चिकनगुनिया के दो तरह के टेस्ट होते हैं, पहला आईजीएम जिसका शुल्क 600 रुपये तय किया गया है और दूसरा पीसीआर जिसका शुल्क 1500 रुपये तय कि गया है. लेकिन दिल्ली के निजी अस्पताल जो दाम वसूल रहे हैं वह चौंकाने वाले हैं. मैक्स अस्पताल और शांति मुकुंद में पीसीआर टेस्ट का शुल्क 3000 रुपये है, बत्रा अस्पताल में 2970, बीएलके और सूर्या अस्पताल में 5000 रुपये, मेट्रो में 4100 रुपये, महाराजा अग्रसेन में 2500 रुपये और रेस्क्यू अस्पताल में यह टेस्ट 2200 रुपये में किया जा रहा है.
सवाल है कि ऐसे में सरकार क्या सिर्फ अधिसूचना जारी करके रह जाएगी या इन अस्पतालों पर नकेल कसने की भी कोशिश करेगी. दिल्ली में चिकनगुनिया का असर दिन ब दिन बढ़ता ही जा रहा है. सरकार ने चिकनगुनिया जांच का शुल्क तो तय कर दिया है लेकिन निजी अस्पतालों की मनमानी लोगों की जेब और सेहत दोनों पर भारी पड़ रही है.
चिकनगुनिया के दो तरह के टेस्ट होते हैं, पहला आईजीएम जिसका शुल्क 600 रुपये तय किया गया है और दूसरा पीसीआर जिसका शुल्क 1500 रुपये तय कि गया है. लेकिन दिल्ली के निजी अस्पताल जो दाम वसूल रहे हैं वह चौंकाने वाले हैं. मैक्स अस्पताल और शांति मुकुंद में पीसीआर टेस्ट का शुल्क 3000 रुपये है, बत्रा अस्पताल में 2970, बीएलके और सूर्या अस्पताल में 5000 रुपये, मेट्रो में 4100 रुपये, महाराजा अग्रसेन में 2500 रुपये और रेस्क्यू अस्पताल में यह टेस्ट 2200 रुपये में किया जा रहा है.
सवाल है कि ऐसे में सरकार क्या सिर्फ अधिसूचना जारी करके रह जाएगी या इन अस्पतालों पर नकेल कसने की भी कोशिश करेगी. दिल्ली में चिकनगुनिया का असर दिन ब दिन बढ़ता ही जा रहा है. सरकार ने चिकनगुनिया जांच का शुल्क तो तय कर दिया है लेकिन निजी अस्पतालों की मनमानी लोगों की जेब और सेहत दोनों पर भारी पड़ रही है.
सवाल है कि ऐसे में सरकार क्या सिर्फ अधिसूचना जारी करके रह जाएगी या इन अस्पतालों पर नकेल कसने की भी कोशिश करेगी. दिल्ली में चिकनगुनिया का असर दिन ब दिन बढ़ता ही जा रहा है. सरकार ने चिकनगुनिया जांच का शुल्क तो तय कर दिया है लेकिन निजी अस्पतालों की मनमानी लोगों की जेब और सेहत दोनों पर भारी पड़ रही है. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सरकार ने दो टेस्टों का क्रमशः 600 और 1500 रुपये शुल्क तय किया
निजी अस्पताल वसूल रहे 2200 से पांच हजार रुपये
सरकार ने अधिसूचना जारी की, नहीं कस रही नकेल | 32 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: महाराष्ट्र में शिवसेना का मुख्यमंत्री पद दे दिया गया है. एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने इसका ऐलान कर दिया है. शिवसेना के प्रमुख उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. आज शाम को हुई तीनों दलों की बैठक में महाराष्ट्र में एनसीपी-शिवसेना और कांग्रेस के बीच सरकार के गठन को अंतिम रूप दे दिया गया. शिवसेना का मुख्यमंत्री पूरे पांच साल के लिए बनेगा. दो डिप्टी सीएम कांग्रेस और एनसीपी के बनेंगे और दोनों पांच साल तक रहेंगे.
महाराष्ट्र में सरकार के गठन को अंतिम रूप दिया जा चुका है. जैसा कि शिवसेना चाहती थी, उसे मुख्यमंत्री पद मिल गया है. लह यह पद पांच साल के लिए चाहती है. हालांकि एनसीपी चाहती थी कि ढाई साल उसका और ढाई साल शिवसेना का सीएम रहे. एनसीपी की इच्छा के मुताबिक शिवसेना यदि सहमत है तो उस स्थिति में एनसीपी के मुख्यमंत्री के कार्यकाल के दौरान ढाई साल शिवसेना का डिप्टी सीएम और शिवसेना के कार्यकाल के दौरान ढाई साल एनसीपी का डिप्टी सीएम रहेगा.
सूत्रों से जो संकेत मिल रहे हैं उनके मुतबिक शिवसेना का मुख्यमंत्री बनेगा और उद्धव ठाकरे सीएम पद की शपथ लेंगे. दो डिप्टी सीएम पांच साल के लिए होंगे. कांग्रेस का डिप्टी सीएम पांच साल के लिए होगा. एनसीपी का विधानसभा अध्यक्ष होगा. तीनों दलों के बीच न्यूनतम साझा कार्यक्रम के मुताबिक समन्वय बनाकर चला जाएगा. शिवसेना को शहरी विकास मंत्रालय मिल सकता है. एनसीपी को गृह और लोक निर्माण विभाग मिलने के आसार हैं. | यहाँ एक सारांश है:दो डिप्टी सीएम के पद एनसीपी और कांग्रेस को मिलेंगे
उद्धव ठाकरे ने कहा कि सभी विषयों पर चर्चा सही दिशा में जा रही
एनसीपी को गृह और लोक निर्माण विभाग मिलने के आसार | 12 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के प्रमुख राजीव शुक्ला ने गुरुवार को कहा कि कोलकाता नाइटराइडर्स के सहमालिक और फिल्म स्टार शाहरुख खान के वानखेड़े स्टेडियम में प्रवेश पर रोक सम्बंधी फैसला सभी पक्षों की राय जानने के बाद ही लिया जा सकेगा।
शुक्ला ने कहा, "शाहरुख पर प्रतिबंध को लेकर अब तक कोई फैसला नहीं किया जा सका है।"
शुक्ला ने कहा कि वह किसी तरह का फैसला लेने से पहले मुम्बई क्रिकेट संघ (एमसीए) और फिर शाहरुख की राय जानना चाहेंगे।
आईपीएल अध्यक्ष ने कहा, "किसी प्रकार के प्रतिबंध पर फैसला कार्यकारी समिति लेती है। इस कारण मैं इस बारे में एमसीए प्रमुख विलासराव देशमुख से बात करूंगा। मुझे कोई भी फैसला लेने से पहले सभी पक्षों की राय लेनी होगी।"टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि एमसीए सदस्यों ने मुम्बई के मैरीन ड्रॉइव पुलिस स्टेशन में शाहरुख के खिलाफ एक मामला दर्ज कराया है। सदस्यों का कहना है कि शाहरुख ने बुधवार को स्टेडियम में उनके साथ बदसलूकी की थी।
शाहरुख पर एक सुरक्षाकर्मी के साथ बदसलूकी करने और उसे धक्का देने का आरोप है। आरोप यह भी है कि इस मामले में जब एमसीए अधिकारियों ने दखल दिया तब शाहरुख ने उन्हें अपशब्द कहे थे।
शुक्ला ने कहा, "शाहरुख पर प्रतिबंध को लेकर अब तक कोई फैसला नहीं किया जा सका है।"
शुक्ला ने कहा कि वह किसी तरह का फैसला लेने से पहले मुम्बई क्रिकेट संघ (एमसीए) और फिर शाहरुख की राय जानना चाहेंगे।
आईपीएल अध्यक्ष ने कहा, "किसी प्रकार के प्रतिबंध पर फैसला कार्यकारी समिति लेती है। इस कारण मैं इस बारे में एमसीए प्रमुख विलासराव देशमुख से बात करूंगा। मुझे कोई भी फैसला लेने से पहले सभी पक्षों की राय लेनी होगी।"टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि एमसीए सदस्यों ने मुम्बई के मैरीन ड्रॉइव पुलिस स्टेशन में शाहरुख के खिलाफ एक मामला दर्ज कराया है। सदस्यों का कहना है कि शाहरुख ने बुधवार को स्टेडियम में उनके साथ बदसलूकी की थी।
शाहरुख पर एक सुरक्षाकर्मी के साथ बदसलूकी करने और उसे धक्का देने का आरोप है। आरोप यह भी है कि इस मामले में जब एमसीए अधिकारियों ने दखल दिया तब शाहरुख ने उन्हें अपशब्द कहे थे।
शुक्ला ने कहा कि वह किसी तरह का फैसला लेने से पहले मुम्बई क्रिकेट संघ (एमसीए) और फिर शाहरुख की राय जानना चाहेंगे।
आईपीएल अध्यक्ष ने कहा, "किसी प्रकार के प्रतिबंध पर फैसला कार्यकारी समिति लेती है। इस कारण मैं इस बारे में एमसीए प्रमुख विलासराव देशमुख से बात करूंगा। मुझे कोई भी फैसला लेने से पहले सभी पक्षों की राय लेनी होगी।"टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि एमसीए सदस्यों ने मुम्बई के मैरीन ड्रॉइव पुलिस स्टेशन में शाहरुख के खिलाफ एक मामला दर्ज कराया है। सदस्यों का कहना है कि शाहरुख ने बुधवार को स्टेडियम में उनके साथ बदसलूकी की थी।
शाहरुख पर एक सुरक्षाकर्मी के साथ बदसलूकी करने और उसे धक्का देने का आरोप है। आरोप यह भी है कि इस मामले में जब एमसीए अधिकारियों ने दखल दिया तब शाहरुख ने उन्हें अपशब्द कहे थे।
आईपीएल अध्यक्ष ने कहा, "किसी प्रकार के प्रतिबंध पर फैसला कार्यकारी समिति लेती है। इस कारण मैं इस बारे में एमसीए प्रमुख विलासराव देशमुख से बात करूंगा। मुझे कोई भी फैसला लेने से पहले सभी पक्षों की राय लेनी होगी।"टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि एमसीए सदस्यों ने मुम्बई के मैरीन ड्रॉइव पुलिस स्टेशन में शाहरुख के खिलाफ एक मामला दर्ज कराया है। सदस्यों का कहना है कि शाहरुख ने बुधवार को स्टेडियम में उनके साथ बदसलूकी की थी।
शाहरुख पर एक सुरक्षाकर्मी के साथ बदसलूकी करने और उसे धक्का देने का आरोप है। आरोप यह भी है कि इस मामले में जब एमसीए अधिकारियों ने दखल दिया तब शाहरुख ने उन्हें अपशब्द कहे थे।
उल्लेखनीय है कि एमसीए सदस्यों ने मुम्बई के मैरीन ड्रॉइव पुलिस स्टेशन में शाहरुख के खिलाफ एक मामला दर्ज कराया है। सदस्यों का कहना है कि शाहरुख ने बुधवार को स्टेडियम में उनके साथ बदसलूकी की थी।
शाहरुख पर एक सुरक्षाकर्मी के साथ बदसलूकी करने और उसे धक्का देने का आरोप है। आरोप यह भी है कि इस मामले में जब एमसीए अधिकारियों ने दखल दिया तब शाहरुख ने उन्हें अपशब्द कहे थे।
शाहरुख पर एक सुरक्षाकर्मी के साथ बदसलूकी करने और उसे धक्का देने का आरोप है। आरोप यह भी है कि इस मामले में जब एमसीए अधिकारियों ने दखल दिया तब शाहरुख ने उन्हें अपशब्द कहे थे। | सारांश: आईपीएल के प्रमुख राजीव शुक्ला ने गुरुवार को कहा कि कोलकाता नाइटराइडर्स के सहमालिक और फिल्म स्टार शाहरुख खान के वानखेड़े स्टेडियम में प्रवेश पर रोक सम्बंधी फैसला सभी पक्षों की राय जानने के बाद ही लिया जा सकेगा। | 31 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सुप्रीम कोर्ट से रिटायर्ड जस्टिस मार्कंडेय काटजू को राहत नहीं मिली है. कोर्ट ने काटजू की याचिका खारिज करते हुए कहा कि संसद के दोनों सदनों द्वारा जारी किया गया निंदा प्रस्ताव बना रहेगा.
दरअसल, जस्टिस काटजू ने अपने ब्लॉग में महात्मा गांधी को ब्रिटिश और सुभाष चंद्र बोस को जापानी एजेंट बताया था.
संसद के दोनों सदनों द्वारा निंदा प्रस्ताव जारी करने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस मार्कंडेय काटजू की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया है. जस्टिस काटजू ने निंदा प्रस्ताव को निरस्त करने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली पीठ ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था. सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कहा कि जस्टिस काटजू की याचिका खारिज कर दी जानी चाहिए.टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि जस्टिस काटजू के विचार पर संसद के दोनों सदनों ने अपने विचार व्यक्त किया है, कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की है. अटॉर्नी जनरल ने कहा कि अगर इस तरह के मामले की सुनवाई अदालत करेगी तो यह गलत प्रथा होगी. उन्होंने कहा कि संसद के भीतर हुई कार्यवाही को न्यायिक समीक्षा में दायरे में नहीं लाया जाना चाहिए.
गौरतलब है कि जस्टिस काटजू ने अपने ब्लॉग में महात्मा गांधी को ब्रिटिश और सुभाष चंद्र बोस को जापान का एजेंट बताया था. जस्टिस काटजू का कहना था कि बिना उनका पक्ष जाने संसद ने उनके खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित कर दिया, जो उचित नहीं है.
दरअसल, जस्टिस काटजू ने अपने ब्लॉग में महात्मा गांधी को ब्रिटिश और सुभाष चंद्र बोस को जापानी एजेंट बताया था.
संसद के दोनों सदनों द्वारा निंदा प्रस्ताव जारी करने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस मार्कंडेय काटजू की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया है. जस्टिस काटजू ने निंदा प्रस्ताव को निरस्त करने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली पीठ ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था. सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कहा कि जस्टिस काटजू की याचिका खारिज कर दी जानी चाहिए.टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि जस्टिस काटजू के विचार पर संसद के दोनों सदनों ने अपने विचार व्यक्त किया है, कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की है. अटॉर्नी जनरल ने कहा कि अगर इस तरह के मामले की सुनवाई अदालत करेगी तो यह गलत प्रथा होगी. उन्होंने कहा कि संसद के भीतर हुई कार्यवाही को न्यायिक समीक्षा में दायरे में नहीं लाया जाना चाहिए.
गौरतलब है कि जस्टिस काटजू ने अपने ब्लॉग में महात्मा गांधी को ब्रिटिश और सुभाष चंद्र बोस को जापान का एजेंट बताया था. जस्टिस काटजू का कहना था कि बिना उनका पक्ष जाने संसद ने उनके खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित कर दिया, जो उचित नहीं है.
संसद के दोनों सदनों द्वारा निंदा प्रस्ताव जारी करने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस मार्कंडेय काटजू की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया है. जस्टिस काटजू ने निंदा प्रस्ताव को निरस्त करने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली पीठ ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था. सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कहा कि जस्टिस काटजू की याचिका खारिज कर दी जानी चाहिए.टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि जस्टिस काटजू के विचार पर संसद के दोनों सदनों ने अपने विचार व्यक्त किया है, कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की है. अटॉर्नी जनरल ने कहा कि अगर इस तरह के मामले की सुनवाई अदालत करेगी तो यह गलत प्रथा होगी. उन्होंने कहा कि संसद के भीतर हुई कार्यवाही को न्यायिक समीक्षा में दायरे में नहीं लाया जाना चाहिए.
गौरतलब है कि जस्टिस काटजू ने अपने ब्लॉग में महात्मा गांधी को ब्रिटिश और सुभाष चंद्र बोस को जापान का एजेंट बताया था. जस्टिस काटजू का कहना था कि बिना उनका पक्ष जाने संसद ने उनके खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित कर दिया, जो उचित नहीं है.
उन्होंने कहा कि जस्टिस काटजू के विचार पर संसद के दोनों सदनों ने अपने विचार व्यक्त किया है, कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की है. अटॉर्नी जनरल ने कहा कि अगर इस तरह के मामले की सुनवाई अदालत करेगी तो यह गलत प्रथा होगी. उन्होंने कहा कि संसद के भीतर हुई कार्यवाही को न्यायिक समीक्षा में दायरे में नहीं लाया जाना चाहिए.
गौरतलब है कि जस्टिस काटजू ने अपने ब्लॉग में महात्मा गांधी को ब्रिटिश और सुभाष चंद्र बोस को जापान का एजेंट बताया था. जस्टिस काटजू का कहना था कि बिना उनका पक्ष जाने संसद ने उनके खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित कर दिया, जो उचित नहीं है.
गौरतलब है कि जस्टिस काटजू ने अपने ब्लॉग में महात्मा गांधी को ब्रिटिश और सुभाष चंद्र बोस को जापान का एजेंट बताया था. जस्टिस काटजू का कहना था कि बिना उनका पक्ष जाने संसद ने उनके खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित कर दिया, जो उचित नहीं है. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: संसद ने जारी किया था निंदा प्रस्ताव
निंदा प्रस्ताव निरस्त करने के लिए कोर्ट गए काटजू
कोर्ट ने कहा-गलत प्रथा शुरू नहीं करना चाहते | 3 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: दिल्ली हाइकोर्ट से बड़ा झटका खाने के बाद आम आदमी पार्टी (आप) के नेता अपनी ज़िम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए दिख रहे हैं और वे कह रहे हैं कि अब दिल्ली के लोगों को कोई भी समस्या हो, तो अरविंद केजरीवाल सरकार के पास नहीं, उपराज्यपाल (लेफ्टिनेंट गवर्नर या एलजी) नजीब जंग के पास जाएं.
'आप' नेता आशुतोष ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा, "दिल्ली के लोगों से निवेदन है कि अब बिजली, पानी, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, करप्शन आदि किसी भी समस्या के लिए एलजी का दरवाज़ा खटखटाएं, या अगर नाराज़गी ज़ाहिर करनी है, तो वहां प्रदर्शन करें, क्योंकि अब उनके पास ही अधिकार हैं..."
आम आदमी पार्टी के नेता ने कहा कि वह हाईकोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं, लेकिन असहमति के साथ वह सुप्रीम कोर्ट जाएंगे और जब तक सुप्रीम कोर्ट कोई फैसला नहीं दे देती, दिल्ली में इसी व्यवस्था के तहत काम करने की कोशिश आम आदमी पार्टी और सरकार करेंगे.
बीजेपी नेता विजेंद्र गुप्ता के मुताबिक, "यह बहुत गैरज़िम्मेदाराना बयान है और अपनी ज़िम्मेदारियों से भागने वाली बात है, जिसकी निंदा की जानी चाहिए..." टिप्पणियां
हालांकि दिल्ली सरकार ने मामले की गंभीरता को समझते हुए बीच की लाइन लेकर खुद को इस नए विवाद से अलग रखने की कोशिश की. दिल्ली सरकार के मंत्री गोपाल राय से जब उनकी पार्टी के वरिष्ठ नेता के बयान के बारे में पूछा गया तो वो बोले 'जो सरकार की ज़िम्मेदारी है उन मामलों में जनता सरकार के पास जाए और जो एलजी की ज़िम्मेदारी है उनमें जनता एलजी साहब के पास जाए.'
गौरतलब है कि गुरुवार को दिल्ली हाइकोर्ट ने अपने एक फैसले में दिल्ली में एलजी को सर्वेसर्वा बताया था और कहा था कि कोई भी कानून या नोटिफिकेशन एलजी की अनुमति के बिना नहीं बनाया जा सकता.
'आप' नेता आशुतोष ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा, "दिल्ली के लोगों से निवेदन है कि अब बिजली, पानी, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, करप्शन आदि किसी भी समस्या के लिए एलजी का दरवाज़ा खटखटाएं, या अगर नाराज़गी ज़ाहिर करनी है, तो वहां प्रदर्शन करें, क्योंकि अब उनके पास ही अधिकार हैं..."
आम आदमी पार्टी के नेता ने कहा कि वह हाईकोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं, लेकिन असहमति के साथ वह सुप्रीम कोर्ट जाएंगे और जब तक सुप्रीम कोर्ट कोई फैसला नहीं दे देती, दिल्ली में इसी व्यवस्था के तहत काम करने की कोशिश आम आदमी पार्टी और सरकार करेंगे.
बीजेपी नेता विजेंद्र गुप्ता के मुताबिक, "यह बहुत गैरज़िम्मेदाराना बयान है और अपनी ज़िम्मेदारियों से भागने वाली बात है, जिसकी निंदा की जानी चाहिए..." टिप्पणियां
हालांकि दिल्ली सरकार ने मामले की गंभीरता को समझते हुए बीच की लाइन लेकर खुद को इस नए विवाद से अलग रखने की कोशिश की. दिल्ली सरकार के मंत्री गोपाल राय से जब उनकी पार्टी के वरिष्ठ नेता के बयान के बारे में पूछा गया तो वो बोले 'जो सरकार की ज़िम्मेदारी है उन मामलों में जनता सरकार के पास जाए और जो एलजी की ज़िम्मेदारी है उनमें जनता एलजी साहब के पास जाए.'
गौरतलब है कि गुरुवार को दिल्ली हाइकोर्ट ने अपने एक फैसले में दिल्ली में एलजी को सर्वेसर्वा बताया था और कहा था कि कोई भी कानून या नोटिफिकेशन एलजी की अनुमति के बिना नहीं बनाया जा सकता.
आम आदमी पार्टी के नेता ने कहा कि वह हाईकोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं, लेकिन असहमति के साथ वह सुप्रीम कोर्ट जाएंगे और जब तक सुप्रीम कोर्ट कोई फैसला नहीं दे देती, दिल्ली में इसी व्यवस्था के तहत काम करने की कोशिश आम आदमी पार्टी और सरकार करेंगे.
बीजेपी नेता विजेंद्र गुप्ता के मुताबिक, "यह बहुत गैरज़िम्मेदाराना बयान है और अपनी ज़िम्मेदारियों से भागने वाली बात है, जिसकी निंदा की जानी चाहिए..." टिप्पणियां
हालांकि दिल्ली सरकार ने मामले की गंभीरता को समझते हुए बीच की लाइन लेकर खुद को इस नए विवाद से अलग रखने की कोशिश की. दिल्ली सरकार के मंत्री गोपाल राय से जब उनकी पार्टी के वरिष्ठ नेता के बयान के बारे में पूछा गया तो वो बोले 'जो सरकार की ज़िम्मेदारी है उन मामलों में जनता सरकार के पास जाए और जो एलजी की ज़िम्मेदारी है उनमें जनता एलजी साहब के पास जाए.'
गौरतलब है कि गुरुवार को दिल्ली हाइकोर्ट ने अपने एक फैसले में दिल्ली में एलजी को सर्वेसर्वा बताया था और कहा था कि कोई भी कानून या नोटिफिकेशन एलजी की अनुमति के बिना नहीं बनाया जा सकता.
बीजेपी नेता विजेंद्र गुप्ता के मुताबिक, "यह बहुत गैरज़िम्मेदाराना बयान है और अपनी ज़िम्मेदारियों से भागने वाली बात है, जिसकी निंदा की जानी चाहिए..." टिप्पणियां
हालांकि दिल्ली सरकार ने मामले की गंभीरता को समझते हुए बीच की लाइन लेकर खुद को इस नए विवाद से अलग रखने की कोशिश की. दिल्ली सरकार के मंत्री गोपाल राय से जब उनकी पार्टी के वरिष्ठ नेता के बयान के बारे में पूछा गया तो वो बोले 'जो सरकार की ज़िम्मेदारी है उन मामलों में जनता सरकार के पास जाए और जो एलजी की ज़िम्मेदारी है उनमें जनता एलजी साहब के पास जाए.'
गौरतलब है कि गुरुवार को दिल्ली हाइकोर्ट ने अपने एक फैसले में दिल्ली में एलजी को सर्वेसर्वा बताया था और कहा था कि कोई भी कानून या नोटिफिकेशन एलजी की अनुमति के बिना नहीं बनाया जा सकता.
हालांकि दिल्ली सरकार ने मामले की गंभीरता को समझते हुए बीच की लाइन लेकर खुद को इस नए विवाद से अलग रखने की कोशिश की. दिल्ली सरकार के मंत्री गोपाल राय से जब उनकी पार्टी के वरिष्ठ नेता के बयान के बारे में पूछा गया तो वो बोले 'जो सरकार की ज़िम्मेदारी है उन मामलों में जनता सरकार के पास जाए और जो एलजी की ज़िम्मेदारी है उनमें जनता एलजी साहब के पास जाए.'
गौरतलब है कि गुरुवार को दिल्ली हाइकोर्ट ने अपने एक फैसले में दिल्ली में एलजी को सर्वेसर्वा बताया था और कहा था कि कोई भी कानून या नोटिफिकेशन एलजी की अनुमति के बिना नहीं बनाया जा सकता.
गौरतलब है कि गुरुवार को दिल्ली हाइकोर्ट ने अपने एक फैसले में दिल्ली में एलजी को सर्वेसर्वा बताया था और कहा था कि कोई भी कानून या नोटिफिकेशन एलजी की अनुमति के बिना नहीं बनाया जा सकता. | यहाँ एक सारांश है:कोई समस्या हो तो उपराज्यपाल के पास जाएं
दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं
हाईकोर्ट ने एलजी को सर्वेसर्वा बताया था | 15 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: एक सर्वेक्षण के मुताबिक मौजूदा कारोबारी साल की तीसरी तिमाही में देश में रोजगार वृद्धि की दर सुस्त रहेगी, लेकिन भारत उन देशों की सूची में शामिल है जहां रोजगार की सम्भावना सबसे अधिक है। 'मैनपावर इंम्प्लायमेंट आउटलुक सर्वे' के मुताबिक उद्यमियों के विश्वास में कमी के कारण तीसरी तिमाही में रोजगार वृद्धि की दर कम रहेगी। सर्वेक्षण में देश के 5,118 रोजगार दाताओं की राय जुटाई गई है। सर्वेक्षण में कहा गया, "फिर भी पूरी तिमाही के लिए रोजगार वृद्धि की औसत सम्भावना 30 फीसदी है, जो 41 देशों में सर्वाधिक रोजगार वृद्धि की सम्भावना वाले देशों में से एक है।" सेवा क्षेत्र में सर्वाधिक 37 फीसदी कारोबारियों ने आलोच्य अवधि में नियुक्ति देने की सम्भावना जताई। यह हालांकि पहली तिमाही और पिछले कारोबारी साल की तीसरी तिमाही की तुलना में कम है। विनिर्माण क्षेत्र में 32 फीसदी कारोबारियों ने पिछली तिमाही की तुलना में 12 फीसदी कम नियुक्ति की सम्भावना जताई। परिवहन और उपभोक्ता सेवा क्षेत्र में 31 फीसदी कारोबारियों ने नियुक्ति में मामूली वृद्धि की सम्भावन जताई। सर्वेक्षण करने वाली कम्पनी मैनपावर इंडिया के प्रबंध निदेशक संजय पंडित ने कहा, "वैश्विक अनिश्चितता के कारण भारत के कारोबारी देखो और इंतजार करो की नीति अपना रहे हैं। शायद इसी वजह से वे पिछले कारोबारी साल की चौथी तिमाही में बताई गई योजना के अनुसार नियुक्ति नहीं कर रहे हैं।" पंडित ने कहा कि तीसरी तिमाही में देश में हर चार में से तीन कारोबारी नियुक्ति की सम्भावना को लेकर आशावान नहीं है। पिछली तिमाहियों की तुलना में यह स्थिति अच्छी नहीं है। सर्वेक्षण 41 देशों में किया गया, जिसमें 36 देशों में नियुक्ति की सम्भावना सकारात्मक है। सर्वाधिक नियुक्ति की सम्भावना वाले देशों में हैं ब्राजील, ताइवान, भारत, सिंगापुर, पनामा, न्यूजीलैंड, कोलम्बिया और हांगकांग, जबकि सबसे कम सम्भावना वाले देशों में हैं ग्रीस, इटली, स्लोवेनिया और स्पेन। | सारांश: तीसरी तिमाही में देश में रोजगार वृद्धि की दर सुस्त रहेगी, लेकिन भारत उन देशों की सूची में शामिल है जहां रोजगार की सम्भावना सबसे अधिक है। | 7 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: नागरिकता संशोधन कानून (Citizenship Amendment Act) पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है. इस मामले में सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस एसए बोबडे ने कहा, ''हमें देखना होगा कि क्या एक्ट पर स्टे दिया जा सकता है?'' नागरिकता संशोधन कानून की वैधता का परीक्षण सुप्रीम कोर्ट करेगा. फिलहाल केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर दिया गया है और कानून पर कोई रोक नहीं है. इस मामले में चुनौती देने वाली कुल 59 याचिकाएं हैं. सुनवाई 22 जनवरी को होगी.
बताते चले कि नागरिकता संशोधन कानून के पिछले सप्ताह पास होने के बाद से बवाल मचा हुआ है, याचिका दाखिल करने वाले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश, इंडियन मुस्लिम लीम और असम में सत्तारुढ़ भाजपा की सहयोगी पार्टी असम गण परिषद शामिल हैं. सीजेआई जस्टिस बोबडे के नेतृत्व वाली तीन जजों की बेंच इन याचिकाओं पर सुनवाई की. इस बेंच में जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस सूर्यकांत शामिल हैं.
कानून के मुताबिक पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में धार्मिक उत्पीड़न सहने वाले और 31 दिसम्बर 2014 तक आने वाले हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदाय के लोगों को अवैध शरणार्थी नहीं बल्कि भारतीय नागरिक माना जाएगा. याचिकाकर्ता का कहना है कि नागरिकता देने के लिए धर्म को आधार नहीं बनाया जा सकता. उन्होंने नए कानून को संविधान के खिलाफ बताया है.
इस नए कानून का पूरे देश में जगह-जगह पर विरोध हो रहा है. दिल्ली में जामिया के बाद मंगलवार को सीलमपुर इलाके में हिंसक प्रदर्शन हुए. संशोधित नागरिकता कानून पर राजनीतिक लड़ाई मंगलवार को और तेज हो गई जब विपक्षी दलों ने ‘विभेदकारी' कानून के खिलाफ राष्ट्रपति से गुहार लगाई जबकि गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि ‘चाहे जो हो' तीन पड़ोसी देशों के गैर मुस्लिमों को भारतीय नागरिकता मिलेगी.
मालूम हो कि पूर्वोत्तर दिल्ली के सीलमपुर इलाके में मंगलवार को संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ रैली निकाली गई, जिस दौरान स्थानीय लोगों ने पुलिस पर पथराव किया. भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े. इस संबंध में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि सीलमपुर टी प्वाइंट पर लोग एकत्र हुए और दोपहर करीब बारह बजे विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ. प्रदर्शनकारियों ने संशोधित नागरिकता कानून (सीएए), राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) और सरकार के विरोध में नारे लगाए. | संक्षिप्त सारांश: नागरिकता संशोधन कानून पर केंद्र को SC का नोटिस
सुनवाई 22 जनवरी को होगी
इस मामले में चुनौती देने वाली कुल 59 याचिकाएं | 8 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती आज नोएडा के दौरे पर हैं, जहां उन्होंने डॉ अंबेडकर पार्क का उद्घाटन किया। इस पार्क में बीआर अंबेडकर, कांशी राम और मायावती के कांस्य की प्रतिमाएं हैं। वहीं इस पार्क में कई अन्य गुरुओं और संतों की भी प्रतिमाएं हैं, जिन्होंने सामाजिक बदलाव के लिए काम किया है। मायावती के आने से पहले अधिकारियों ने गुरुवार को मॉक ड्रिल किया और सारे इंतजामों का जायजा लिया। इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए अलग−अलग जिलों से बीएसीपी के हजारों कार्यकर्ता भी आए हैं। मुख्यमंत्री मायावती के नोएडा और ग्रेटर नोएडा दौरे के दौरान ट्रैफिक में काफी बदलाव किए गए। नोएडा के सेक्टर 14 से महामाया फ्लाईओवर तक दोपहर तीन बजे से शाम सात बजे तक ट्रैफिक बंद रहेगा। वहीं महामाया फ्लाईओवर पर किसी भी वाहन को जाने की इजाजत नहीं है। दिल्ली से नोएडा डीएनडी से आने वाली गाड़ियों को रजनीगंधा अंडरपास से ही शहर में घुसने की इजाजत होगी। वहीं दिल्ली से कालिंदी कुंज के रास्ते नोएडा आने वाले को सेक्टर 37 से दायें मुड़कर आना होगा। मायावती अपनी यात्रा के दौरान डॉ अंबेडकर पार्क सहित कई योजनाओं का उद्घाटन करेंगी। | पार्क में अंबेडकर, कांशी राम व मायावती की मूर्तियां हैं। इसमें अन्य गुरुओं व संतों की भी मूर्तियां हैं, जिन्होंने सामाजिक बदलाव के लिए काम किया है। | 28 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश में बिजनौर जिले के चांदपुर में शुक्रवार को एक निजी स्कूल की छत ढहने से मलबे में दबकर छह छात्रों की मौत हो गई, जबकि सात अन्य जख्मी हो गए।टिप्पणियां
पुलिस सूत्रों ने बताया कि चांदपुर क्षेत्र के जलीलपुर गांव में स्थित मनसा देवी जूनियर हाईस्कूल विद्यालय की छत अचानक ढह गई, जिसके मलबे में 13 बच्चे दब गए।
उन्होंने बताया कि बच्चों को मलबे से निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनमें से छह की मौत हो गई। दुर्घटना के वक्त स्कूल में छुट्टी होने वाली थी। हादसे में सात अन्य छात्र घायल भी हुए हैं, जिनका उपचार किया जा रहा है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि चांदपुर क्षेत्र के जलीलपुर गांव में स्थित मनसा देवी जूनियर हाईस्कूल विद्यालय की छत अचानक ढह गई, जिसके मलबे में 13 बच्चे दब गए।
उन्होंने बताया कि बच्चों को मलबे से निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनमें से छह की मौत हो गई। दुर्घटना के वक्त स्कूल में छुट्टी होने वाली थी। हादसे में सात अन्य छात्र घायल भी हुए हैं, जिनका उपचार किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि बच्चों को मलबे से निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनमें से छह की मौत हो गई। दुर्घटना के वक्त स्कूल में छुट्टी होने वाली थी। हादसे में सात अन्य छात्र घायल भी हुए हैं, जिनका उपचार किया जा रहा है। | संक्षिप्त पाठ: उत्तर प्रदेश में बिजनौर जिले के जलीलपुर इलाके में एक निजी स्कूल की छत गिरने से छह बच्चों की मौत हो गई है, जबकि मलबे में 15-20 बच्चे अब भी फंसे हुए हैं। | 14 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: उत्तर कोरिया में डेढ़ दशक कैद की सजा भुगत रहे अमेरिकी कॉलेज के एक छात्र को रिहा कर दिया गया है. छात्र के माता-पिता ने कहा है कि उत्तर कोरिया में 15 साल की सजा भुगतने के दौरान से उनका बेटा कोमा में है और रिहाई के बाद वह अमेरिका वापस आया गया है. वहीं ट्रंप प्रशांसन ने उत्तर कोरिया के साथ असाधारण अदला-बदली के बारे में बताया है.
ओहायो के ओटो वार्मबीयर को लेकर एक विमान स्थानीय समयानुसार रात 10 बजकर 20 मिनट से कुछ पहले सिनसिनाटी पहुंचा. दो एंबुलेसों को हवाई अड्डे के हैंगर के पास खड़ा किया गया था. वार्मबीयर की रिहाई एनबीए के पूर्व स्टार डेनिस रोडमैन की उत्तर कोरिया की यात्रा के दौरान हुई. वह उन गिनेचुने लोगों में शामिल हैं जिन्होंने उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन और राष्टपति ट्रंप दोनों से मिल चुके हैं.टिप्पणियां
विदेश विभाग की प्रवक्ता हीदर नौअर्ट ने संवाददाताओं से कहा कि रोडमैन का वार्मबीयर की रिहाई से कुछ लेना देना नहीं है. रोडमैन ने पयोंगयांग पहुंचने से पहले संवाददाताओं से कहा था कि उत्तर कोरिया द्वारा अमेरिकियों को पकड़ने जाने का मुद्दा अभी उनके उद्देश्य में नहीं है. प्रवक्ता सारा हकाबी सैंडर्स ने कहा कि वार्मबीयर की रिहाई कराना राष्ट्रपति ट्रंप की सबसे बड़ी प्राथमिकता थी. इस दिशा में राष्ट्रपति ने विदेश मंत्री रैक्स टिलरसन के साथ बहुत नजदीक से काम किया है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
ओहायो के ओटो वार्मबीयर को लेकर एक विमान स्थानीय समयानुसार रात 10 बजकर 20 मिनट से कुछ पहले सिनसिनाटी पहुंचा. दो एंबुलेसों को हवाई अड्डे के हैंगर के पास खड़ा किया गया था. वार्मबीयर की रिहाई एनबीए के पूर्व स्टार डेनिस रोडमैन की उत्तर कोरिया की यात्रा के दौरान हुई. वह उन गिनेचुने लोगों में शामिल हैं जिन्होंने उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन और राष्टपति ट्रंप दोनों से मिल चुके हैं.टिप्पणियां
विदेश विभाग की प्रवक्ता हीदर नौअर्ट ने संवाददाताओं से कहा कि रोडमैन का वार्मबीयर की रिहाई से कुछ लेना देना नहीं है. रोडमैन ने पयोंगयांग पहुंचने से पहले संवाददाताओं से कहा था कि उत्तर कोरिया द्वारा अमेरिकियों को पकड़ने जाने का मुद्दा अभी उनके उद्देश्य में नहीं है. प्रवक्ता सारा हकाबी सैंडर्स ने कहा कि वार्मबीयर की रिहाई कराना राष्ट्रपति ट्रंप की सबसे बड़ी प्राथमिकता थी. इस दिशा में राष्ट्रपति ने विदेश मंत्री रैक्स टिलरसन के साथ बहुत नजदीक से काम किया है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
विदेश विभाग की प्रवक्ता हीदर नौअर्ट ने संवाददाताओं से कहा कि रोडमैन का वार्मबीयर की रिहाई से कुछ लेना देना नहीं है. रोडमैन ने पयोंगयांग पहुंचने से पहले संवाददाताओं से कहा था कि उत्तर कोरिया द्वारा अमेरिकियों को पकड़ने जाने का मुद्दा अभी उनके उद्देश्य में नहीं है. प्रवक्ता सारा हकाबी सैंडर्स ने कहा कि वार्मबीयर की रिहाई कराना राष्ट्रपति ट्रंप की सबसे बड़ी प्राथमिकता थी. इस दिशा में राष्ट्रपति ने विदेश मंत्री रैक्स टिलरसन के साथ बहुत नजदीक से काम किया है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यहाँ एक सारांश है:छात्र सजा के दौरान से ही कोमा में है
डोनाल्ड ट्रंप छात्र की रिहाई में जुटे थे
छात्र को हुई थी 15 साल की सजा | 4 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: मुंबई से सटे ठाणे में एक भीड़ भरे बाजार में एक पुलिसवाले ने अपनी कार से एक शख्स को कुचलने की कोशिश की. यह घटना सीसीटीवी में कैद हो गई है. इस पुलिसकर्मी की पहचान कांस्टेबल रमेश अवाते के रूप में हुई है. सीसीटीवी फुटेज में दिखा कि कैसे वह ठाणे में एक राहगीर को अपनी कार से टक्कर मार रहा है. घटना के वक्त उसने वर्दी नहीं पहन रखी थी.टिप्पणियां
कार की ठोकर से राहगीर अतुल पाथे झटका खाकर इनोवा गाड़ी की छत पर लटक गया. गाड़ी कुछ फीट तक उसे इसी हाल में लेकर चलती रही और इसके बाद वह बोनट से नीचे गिर गया. यह उसकी खुशकिस्मती थी कि वह घायल नहीं हुआ.
बताया जाता है कि अतुल ने इस पुलिसकर्मी से तीन लाख रुपये उधार लिए थे, जिसे वह चुका नहीं रहा था और गायब हो गया था. घटनास्थल के पास की एक दुकान में कैमरों में यह वारदात कैद हो गई.
कांस्टेबल रमेश अवाते ने एनकाउंटर स्पेशलिस्ट विजय सालस्कर के ड्राइवर के रूप में भी काम किया था. सालस्कर 26/11 के मुंबई हमलों में शहीद हो गए थे.
कार की ठोकर से राहगीर अतुल पाथे झटका खाकर इनोवा गाड़ी की छत पर लटक गया. गाड़ी कुछ फीट तक उसे इसी हाल में लेकर चलती रही और इसके बाद वह बोनट से नीचे गिर गया. यह उसकी खुशकिस्मती थी कि वह घायल नहीं हुआ.
बताया जाता है कि अतुल ने इस पुलिसकर्मी से तीन लाख रुपये उधार लिए थे, जिसे वह चुका नहीं रहा था और गायब हो गया था. घटनास्थल के पास की एक दुकान में कैमरों में यह वारदात कैद हो गई.
कांस्टेबल रमेश अवाते ने एनकाउंटर स्पेशलिस्ट विजय सालस्कर के ड्राइवर के रूप में भी काम किया था. सालस्कर 26/11 के मुंबई हमलों में शहीद हो गए थे.
बताया जाता है कि अतुल ने इस पुलिसकर्मी से तीन लाख रुपये उधार लिए थे, जिसे वह चुका नहीं रहा था और गायब हो गया था. घटनास्थल के पास की एक दुकान में कैमरों में यह वारदात कैद हो गई.
कांस्टेबल रमेश अवाते ने एनकाउंटर स्पेशलिस्ट विजय सालस्कर के ड्राइवर के रूप में भी काम किया था. सालस्कर 26/11 के मुंबई हमलों में शहीद हो गए थे. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: उधार के पैसे न लौटाए जाने से नाराज था पुलिसकर्मी
कार की ठोकर से हवा में उछलकर बोनट पर लटक गया शख्स
कुछ दूर जाकर नीचे गिरा, संयोग से वह जख्मी नहीं हुआ | 32 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: जदयू के सांसद अली अनवर अंसारी को मंगलवार को दंगा प्रभावित इलाकों का दौरा करने से रोक दिया गया और उत्तर प्रदेश पुलिस ने उन्हें रेलवे स्टेशन पर हिरासत में ले लिया।
सर्किल अधिकारी संजीव बाजपेयी ने कहा कि अंसारी को क्षेत्र की स्थिति को देखते हुए ऐहतियाती तौर पर हिरासत में ले लिया गया।
अंसारी ने कहा, ‘राज्य सरकार को उस समय कोई समस्या नहीं होती जब कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी इस इलाके का दौरा करते हैं, लेकिन जब हम इन अशांत इलाकों में शांति लाने का प्रयास करते हैं तो ये हमारे खिलाफ ऐसी कार्रवाई कर रहे हैं।’
जदयू के अंसारी राज्यसभा के सांसद भी हैं। उन्होंने कहा कि वे दंगों में मारे गए पत्रकार के परिवार के सदस्यों और धरने पर बैठीं सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर से जुड़े एक समूह से मिलना चाहते थे। अंसारी को जीआरपी ने स्टेशन पर रोक दिया गया था।टिप्पणियां
पिछड़े वर्ग के मुसलमानों के संगठन अखिल भारतीय पस्मांदा समाज का नेतृत्व करने वाले अंसारी ने कहा, ‘सरकार हमें वहां जाने नहीं दे रही। मैं ऐसा व्यक्ति नहीं हूं, जो सांप्रदायिक भावनाएं भड़काएगा। उस इलाके में कोई कर्फ्यू नहीं है तो हमें किस नियम के आधार पर वहां जाने से रोका गया।’
उत्तर प्रदेश पस्मांदा समाज के प्रभारी इसरार अहमद सैफी और संगठन के अन्य सदस्यों को भी हिरासत में ले लिया गया था।
सर्किल अधिकारी संजीव बाजपेयी ने कहा कि अंसारी को क्षेत्र की स्थिति को देखते हुए ऐहतियाती तौर पर हिरासत में ले लिया गया।
अंसारी ने कहा, ‘राज्य सरकार को उस समय कोई समस्या नहीं होती जब कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी इस इलाके का दौरा करते हैं, लेकिन जब हम इन अशांत इलाकों में शांति लाने का प्रयास करते हैं तो ये हमारे खिलाफ ऐसी कार्रवाई कर रहे हैं।’
जदयू के अंसारी राज्यसभा के सांसद भी हैं। उन्होंने कहा कि वे दंगों में मारे गए पत्रकार के परिवार के सदस्यों और धरने पर बैठीं सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर से जुड़े एक समूह से मिलना चाहते थे। अंसारी को जीआरपी ने स्टेशन पर रोक दिया गया था।टिप्पणियां
पिछड़े वर्ग के मुसलमानों के संगठन अखिल भारतीय पस्मांदा समाज का नेतृत्व करने वाले अंसारी ने कहा, ‘सरकार हमें वहां जाने नहीं दे रही। मैं ऐसा व्यक्ति नहीं हूं, जो सांप्रदायिक भावनाएं भड़काएगा। उस इलाके में कोई कर्फ्यू नहीं है तो हमें किस नियम के आधार पर वहां जाने से रोका गया।’
उत्तर प्रदेश पस्मांदा समाज के प्रभारी इसरार अहमद सैफी और संगठन के अन्य सदस्यों को भी हिरासत में ले लिया गया था।
अंसारी ने कहा, ‘राज्य सरकार को उस समय कोई समस्या नहीं होती जब कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी इस इलाके का दौरा करते हैं, लेकिन जब हम इन अशांत इलाकों में शांति लाने का प्रयास करते हैं तो ये हमारे खिलाफ ऐसी कार्रवाई कर रहे हैं।’
जदयू के अंसारी राज्यसभा के सांसद भी हैं। उन्होंने कहा कि वे दंगों में मारे गए पत्रकार के परिवार के सदस्यों और धरने पर बैठीं सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर से जुड़े एक समूह से मिलना चाहते थे। अंसारी को जीआरपी ने स्टेशन पर रोक दिया गया था।टिप्पणियां
पिछड़े वर्ग के मुसलमानों के संगठन अखिल भारतीय पस्मांदा समाज का नेतृत्व करने वाले अंसारी ने कहा, ‘सरकार हमें वहां जाने नहीं दे रही। मैं ऐसा व्यक्ति नहीं हूं, जो सांप्रदायिक भावनाएं भड़काएगा। उस इलाके में कोई कर्फ्यू नहीं है तो हमें किस नियम के आधार पर वहां जाने से रोका गया।’
उत्तर प्रदेश पस्मांदा समाज के प्रभारी इसरार अहमद सैफी और संगठन के अन्य सदस्यों को भी हिरासत में ले लिया गया था।
जदयू के अंसारी राज्यसभा के सांसद भी हैं। उन्होंने कहा कि वे दंगों में मारे गए पत्रकार के परिवार के सदस्यों और धरने पर बैठीं सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर से जुड़े एक समूह से मिलना चाहते थे। अंसारी को जीआरपी ने स्टेशन पर रोक दिया गया था।टिप्पणियां
पिछड़े वर्ग के मुसलमानों के संगठन अखिल भारतीय पस्मांदा समाज का नेतृत्व करने वाले अंसारी ने कहा, ‘सरकार हमें वहां जाने नहीं दे रही। मैं ऐसा व्यक्ति नहीं हूं, जो सांप्रदायिक भावनाएं भड़काएगा। उस इलाके में कोई कर्फ्यू नहीं है तो हमें किस नियम के आधार पर वहां जाने से रोका गया।’
उत्तर प्रदेश पस्मांदा समाज के प्रभारी इसरार अहमद सैफी और संगठन के अन्य सदस्यों को भी हिरासत में ले लिया गया था।
पिछड़े वर्ग के मुसलमानों के संगठन अखिल भारतीय पस्मांदा समाज का नेतृत्व करने वाले अंसारी ने कहा, ‘सरकार हमें वहां जाने नहीं दे रही। मैं ऐसा व्यक्ति नहीं हूं, जो सांप्रदायिक भावनाएं भड़काएगा। उस इलाके में कोई कर्फ्यू नहीं है तो हमें किस नियम के आधार पर वहां जाने से रोका गया।’
उत्तर प्रदेश पस्मांदा समाज के प्रभारी इसरार अहमद सैफी और संगठन के अन्य सदस्यों को भी हिरासत में ले लिया गया था।
उत्तर प्रदेश पस्मांदा समाज के प्रभारी इसरार अहमद सैफी और संगठन के अन्य सदस्यों को भी हिरासत में ले लिया गया था। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: जदयू के सांसद अली अनवर अंसारी को मंगलवार को दंगा प्रभावित इलाकों का दौरा करने से रोक दिया गया और उत्तर प्रदेश पुलिस ने उन्हें रेलवे स्टेशन पर हिरासत में ले लिया। | 25 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मुंबई हमलों के सह आरोपी तहव्वुर हुसैन राणा ने 26/11 हमलों के सफल होने पर दूसरों की तरह डेविड हेडली को बधाई नहीं दी थी। पाकिस्तानी मूल के कनाडाई नागरिक राणा के मुकदमे के दौरान उसके वकील ने अदालत में यह कहा। राणा के एटॉर्नी पैट्रिक ब्लेगन ने शिकागो की अदालत को बताया कि 26/11 हमलों के बाद हेडली को उसके भाई हम्जा और पत्नी शाजिया समेत कई लोगों ने बधाई दी, लेकिन राणा ने नहीं। राणा पर आरोप है कि उसने मुंबई स्थित अपने कार्यालय फर्स्ट वर्ल्ड इमिग्रेशन ऑफिस में हेडली को आव्रजन परामर्शकार नियुक्त करके उसे आधार मुहैया कराया। ब्लेगन ने तर्क दिया कि राणा वह पहला व्यक्ति नहीं था, जिसने कहा कि मुंबई हमलों में मारे गए नौ हमलावरों को पाकिस्तान का सर्वोच्च सम्मान निशाने हैदर दिया जाना चाहिए और वह केवल उसे ही दोहरा रहा था, जो हेडली ने कहा था। खुफिया तौर पर रिकॉर्ड की गई बातचीत में राणा कह रहा था, आप जानते हैं कि उन्हें निशाने हैदर दिया जाना चाहिए। इस पर ब्लेगन ने दावा किया कि राणा उसी बात को दोहरा रहा था, जो हेडली ने कही थी। एटॉर्नी ने यह भी कहा कि हेडली बेबुनियाद बातें और अक्सर गुस्से में चरमपंथी बातें भी किया करता था। उस पर यह भी आरोप लगाया गया कि हेडली बातों को अपने हिसाब से तोड़-मरोड़ लेता था और अलग-अलग लोगों से अलग-अलग बातें करता था। वह लोगों को सिर्फ उतना ही बताता था, जितना उनके लिए जरूरी होता था। ब्लेगन ने कहा कि एक बार एफबीआई ने हेडली की बेबुनियाद बातों पर उससे पूछताछ भी की थी। उसने 1999-2000 में कश्मीर और पाकिस्तानी मुस्लिमों को लेकर भारत के प्रति गुस्सा जाहिर किया था। ब्लेगन ने बताया कि डेनमार्क अभियान को लेकर राणा और हेडली के बीच कोई ई-मेल संपर्क नहीं हुआ। इस अभियान को शुरुआत में मिकी माउस प्रोजेक्ट कहा गया, लेकिन बाद में इसे नॉर्दर्न प्रोजेक्ट का नाम दिया गया। एटॉर्नी ने कहा कि राणा स्कैंडिनेविया में भी कार्यालय खोलना चाहता था। ब्लेगन ने एक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि डेनमार्क में टोही अभियान को अंजाम देकर लौटने के बाद हेडली ने कई लोगों को डेनमार्क लिखी टोपियां तोहफे में दीं, जो वहां आतंकवादी अभियान के संदर्भ में थी। एटॉर्नी ने राणा के बचाव में कहा कि हेडली ने ये टोपियां अपने भाई हम्जा, पाशा और साजिद मीर को दीं, लेकिन राणा को नहीं। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: मुंबई हमलों के सह आरोपी तहव्वुर राणा ने 26/11 हमलों के सफल होने पर हेडली को बधाई नहीं दी थी। राणा के वकील ने कोर्ट में यह बयान दिया। | 19 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारतीय ओलिंपिक संघ (आईओए) के चुनाव अब 5 दिसम्बर को होंगे। पहले ये चुनाव 25 नवम्बर को होने थे।
चुनाव आयोग के पूर्व अध्यक्ष एसवाई कुरैशी द्वारा बीते सप्ताह आईओए के चुनावी पैनल से इस्तीफा देने के बाद इन चुनावों को टालने का फैसला किया गया।
कुरैशी के स्थान पर राजस्थान उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश अनिल देव सिंह को मंगलवार को आईओए की चुनाव समिति का प्रमुख बनाया गया।
देव ने बुधवार को समिति के बाकी के सदस्यों रिटर्निंग ऑफिसर न्यायाधीश (सेवानिवृत) वीके बाली और न्यायाधीश (सेवानिवृत) जेडी कपूर से सलाह के बाद चुनावों की नई तारीख तय की।टिप्पणियां
आईओए की विज्ञप्ति के मुताबिक चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने वालों की सूची बाकी के दफ्तर के आगे चस्पा कर दिए गए हैं।
नामांकन की जांच शनिवार को की जाएगी और फिर नामांकन वापस लेने की प्रक्रिया आरम्भ होगी। इसके लिए 25 से 29 नवम्बर तक की तारीख तय की गई है।
चुनाव आयोग के पूर्व अध्यक्ष एसवाई कुरैशी द्वारा बीते सप्ताह आईओए के चुनावी पैनल से इस्तीफा देने के बाद इन चुनावों को टालने का फैसला किया गया।
कुरैशी के स्थान पर राजस्थान उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश अनिल देव सिंह को मंगलवार को आईओए की चुनाव समिति का प्रमुख बनाया गया।
देव ने बुधवार को समिति के बाकी के सदस्यों रिटर्निंग ऑफिसर न्यायाधीश (सेवानिवृत) वीके बाली और न्यायाधीश (सेवानिवृत) जेडी कपूर से सलाह के बाद चुनावों की नई तारीख तय की।टिप्पणियां
आईओए की विज्ञप्ति के मुताबिक चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने वालों की सूची बाकी के दफ्तर के आगे चस्पा कर दिए गए हैं।
नामांकन की जांच शनिवार को की जाएगी और फिर नामांकन वापस लेने की प्रक्रिया आरम्भ होगी। इसके लिए 25 से 29 नवम्बर तक की तारीख तय की गई है।
कुरैशी के स्थान पर राजस्थान उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश अनिल देव सिंह को मंगलवार को आईओए की चुनाव समिति का प्रमुख बनाया गया।
देव ने बुधवार को समिति के बाकी के सदस्यों रिटर्निंग ऑफिसर न्यायाधीश (सेवानिवृत) वीके बाली और न्यायाधीश (सेवानिवृत) जेडी कपूर से सलाह के बाद चुनावों की नई तारीख तय की।टिप्पणियां
आईओए की विज्ञप्ति के मुताबिक चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने वालों की सूची बाकी के दफ्तर के आगे चस्पा कर दिए गए हैं।
नामांकन की जांच शनिवार को की जाएगी और फिर नामांकन वापस लेने की प्रक्रिया आरम्भ होगी। इसके लिए 25 से 29 नवम्बर तक की तारीख तय की गई है।
देव ने बुधवार को समिति के बाकी के सदस्यों रिटर्निंग ऑफिसर न्यायाधीश (सेवानिवृत) वीके बाली और न्यायाधीश (सेवानिवृत) जेडी कपूर से सलाह के बाद चुनावों की नई तारीख तय की।टिप्पणियां
आईओए की विज्ञप्ति के मुताबिक चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने वालों की सूची बाकी के दफ्तर के आगे चस्पा कर दिए गए हैं।
नामांकन की जांच शनिवार को की जाएगी और फिर नामांकन वापस लेने की प्रक्रिया आरम्भ होगी। इसके लिए 25 से 29 नवम्बर तक की तारीख तय की गई है।
आईओए की विज्ञप्ति के मुताबिक चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने वालों की सूची बाकी के दफ्तर के आगे चस्पा कर दिए गए हैं।
नामांकन की जांच शनिवार को की जाएगी और फिर नामांकन वापस लेने की प्रक्रिया आरम्भ होगी। इसके लिए 25 से 29 नवम्बर तक की तारीख तय की गई है।
नामांकन की जांच शनिवार को की जाएगी और फिर नामांकन वापस लेने की प्रक्रिया आरम्भ होगी। इसके लिए 25 से 29 नवम्बर तक की तारीख तय की गई है। | सारांश: चुनाव आयोग के पूर्व अध्यक्ष एसवाई कुरैशी द्वारा बीते सप्ताह आईओए के चुनावी पैनल से इस्तीफा देने के बाद इन चुनावों को टालने का फैसला किया गया। | 7 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सीबीआई ने कोयला आवंटन घोटाले में सोमवार को दो कंपनियों के खिलाफ दो नए मामले दर्ज किए और 16 स्थानों पर छापे मारे है।टिप्पणियां
बताया जा रहा है कि यह छापे हैदराबाद, सिकंदराबाद, विशाखापटनम, सतना, जयपुर, राउरकेला, और नई दिल्ली में मारे गए हैं।
सीबीआई ने दो नई एफआईआर दर्ज की हैं। यह एफआईआर ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर और कमाल स्टील के खिलाफ दर्ज की गई हैं। इन दोनों ही कंपनियों ने गलत आंकड़े देकर टेंडर हासिल किया था।
बताया जा रहा है कि यह छापे हैदराबाद, सिकंदराबाद, विशाखापटनम, सतना, जयपुर, राउरकेला, और नई दिल्ली में मारे गए हैं।
सीबीआई ने दो नई एफआईआर दर्ज की हैं। यह एफआईआर ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर और कमाल स्टील के खिलाफ दर्ज की गई हैं। इन दोनों ही कंपनियों ने गलत आंकड़े देकर टेंडर हासिल किया था।
सीबीआई ने दो नई एफआईआर दर्ज की हैं। यह एफआईआर ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर और कमाल स्टील के खिलाफ दर्ज की गई हैं। इन दोनों ही कंपनियों ने गलत आंकड़े देकर टेंडर हासिल किया था। | सीबीआई ने कोयला आवंटन घोटाले में सोमवार को दो कंपनियों के खिलाफ दो नए मामले दर्ज किए और 16 स्थानों पर छापे मारे है। | 6 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: सर्वोच्च न्यायालय ने दंत चिकित्सक दम्पति राजेश व नूपुर तलवार की वह याचिका मंगलवार को खारिज कर दी, जिसमें उन्होंने न्यायालय से सीबीआई को यह निर्देश देने की मांग की थी कि जिन लोगों के नाम सीबीआई के गवाहों की सूची से हटा दिए गए हैं, उनसे पूछताछ की जाए।
आरुषि-हेमराज हत्याकांड की सुनवाई कर रही विशेष सीबीआई अदालत द्वारा बयान दर्ज किए जाने से पहले ही 14 गवाहों के नाम सीबीआई की सूची से हटा दिए गए थे।
सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति बीएस चौहान और न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा की पीठ ने तलवार दम्पति की याचिका पर विचार करने से इनकार करते हुए कहा, हम सीबीआई या अभियोजक एजेंसी को खास गवाहों से पूछताछ करने के लिए बाध्य नहीं कर सकते। यह उनका विशेषाधिकार है।
तलवार दम्पति की ओर से पेश हुए अधिवक्ता राजीव नंदा ने जब याचिका स्वीकार करने के लिए दबाव बनाया तो न्यायालय ने कहा, जब आपकी बारी आए, तो आप उन्हें बचाव पक्ष के गवाह के रूप में बुला सकते हैं। आपको ऐसा करने से रोकने के लिए कोई कानून नहीं है। इसमें जल्दबाजी की कोई आवश्यकता नहीं है।
जब नंदा ने तलवार दम्पति के घर के बारे में विवरण पेश करने की कोशिश की, जहां दोहरा हत्याकांड हुआ था, तो न्यायालय ने कहा, हम यहां किसी संक्षिप्त सुनवाई के लिए और आपको कोई प्रमाण पत्र जारी करने के लिए नहीं हैं। आपको सिर्फ उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाली अपनी याचिका को लेकर चिंता है।टिप्पणियां
ज्ञात हो कि इस महीने के प्रारम्भ में इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने तलवार दम्पति की वह याचिका खारिज कर दी थी, जिसमें उन्होंने सीबीआई को यह निर्देश देने की मांग की थी कि वह उन गवाहों से पूछताछ करे, जिनके नाम सीबीआई ने अपनी मर्जी से सूची से हटा दिए हैं।
आरुषि (14) की तलवार दम्पति के नोएडा स्थिति घर में 16 मई, 2008 को क्रूरता से हत्या कर दी गई थी। इस हत्या में घरेलू नौकर हेमराज के शामिल होने पर संदेह था, लेकिन उसके अगले दिन घर की छत पर उसे भी मृत अवस्था में पाया गया था।
आरुषि-हेमराज हत्याकांड की सुनवाई कर रही विशेष सीबीआई अदालत द्वारा बयान दर्ज किए जाने से पहले ही 14 गवाहों के नाम सीबीआई की सूची से हटा दिए गए थे।
सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति बीएस चौहान और न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा की पीठ ने तलवार दम्पति की याचिका पर विचार करने से इनकार करते हुए कहा, हम सीबीआई या अभियोजक एजेंसी को खास गवाहों से पूछताछ करने के लिए बाध्य नहीं कर सकते। यह उनका विशेषाधिकार है।
तलवार दम्पति की ओर से पेश हुए अधिवक्ता राजीव नंदा ने जब याचिका स्वीकार करने के लिए दबाव बनाया तो न्यायालय ने कहा, जब आपकी बारी आए, तो आप उन्हें बचाव पक्ष के गवाह के रूप में बुला सकते हैं। आपको ऐसा करने से रोकने के लिए कोई कानून नहीं है। इसमें जल्दबाजी की कोई आवश्यकता नहीं है।
जब नंदा ने तलवार दम्पति के घर के बारे में विवरण पेश करने की कोशिश की, जहां दोहरा हत्याकांड हुआ था, तो न्यायालय ने कहा, हम यहां किसी संक्षिप्त सुनवाई के लिए और आपको कोई प्रमाण पत्र जारी करने के लिए नहीं हैं। आपको सिर्फ उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाली अपनी याचिका को लेकर चिंता है।टिप्पणियां
ज्ञात हो कि इस महीने के प्रारम्भ में इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने तलवार दम्पति की वह याचिका खारिज कर दी थी, जिसमें उन्होंने सीबीआई को यह निर्देश देने की मांग की थी कि वह उन गवाहों से पूछताछ करे, जिनके नाम सीबीआई ने अपनी मर्जी से सूची से हटा दिए हैं।
आरुषि (14) की तलवार दम्पति के नोएडा स्थिति घर में 16 मई, 2008 को क्रूरता से हत्या कर दी गई थी। इस हत्या में घरेलू नौकर हेमराज के शामिल होने पर संदेह था, लेकिन उसके अगले दिन घर की छत पर उसे भी मृत अवस्था में पाया गया था।
सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति बीएस चौहान और न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा की पीठ ने तलवार दम्पति की याचिका पर विचार करने से इनकार करते हुए कहा, हम सीबीआई या अभियोजक एजेंसी को खास गवाहों से पूछताछ करने के लिए बाध्य नहीं कर सकते। यह उनका विशेषाधिकार है।
तलवार दम्पति की ओर से पेश हुए अधिवक्ता राजीव नंदा ने जब याचिका स्वीकार करने के लिए दबाव बनाया तो न्यायालय ने कहा, जब आपकी बारी आए, तो आप उन्हें बचाव पक्ष के गवाह के रूप में बुला सकते हैं। आपको ऐसा करने से रोकने के लिए कोई कानून नहीं है। इसमें जल्दबाजी की कोई आवश्यकता नहीं है।
जब नंदा ने तलवार दम्पति के घर के बारे में विवरण पेश करने की कोशिश की, जहां दोहरा हत्याकांड हुआ था, तो न्यायालय ने कहा, हम यहां किसी संक्षिप्त सुनवाई के लिए और आपको कोई प्रमाण पत्र जारी करने के लिए नहीं हैं। आपको सिर्फ उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाली अपनी याचिका को लेकर चिंता है।टिप्पणियां
ज्ञात हो कि इस महीने के प्रारम्भ में इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने तलवार दम्पति की वह याचिका खारिज कर दी थी, जिसमें उन्होंने सीबीआई को यह निर्देश देने की मांग की थी कि वह उन गवाहों से पूछताछ करे, जिनके नाम सीबीआई ने अपनी मर्जी से सूची से हटा दिए हैं।
आरुषि (14) की तलवार दम्पति के नोएडा स्थिति घर में 16 मई, 2008 को क्रूरता से हत्या कर दी गई थी। इस हत्या में घरेलू नौकर हेमराज के शामिल होने पर संदेह था, लेकिन उसके अगले दिन घर की छत पर उसे भी मृत अवस्था में पाया गया था।
तलवार दम्पति की ओर से पेश हुए अधिवक्ता राजीव नंदा ने जब याचिका स्वीकार करने के लिए दबाव बनाया तो न्यायालय ने कहा, जब आपकी बारी आए, तो आप उन्हें बचाव पक्ष के गवाह के रूप में बुला सकते हैं। आपको ऐसा करने से रोकने के लिए कोई कानून नहीं है। इसमें जल्दबाजी की कोई आवश्यकता नहीं है।
जब नंदा ने तलवार दम्पति के घर के बारे में विवरण पेश करने की कोशिश की, जहां दोहरा हत्याकांड हुआ था, तो न्यायालय ने कहा, हम यहां किसी संक्षिप्त सुनवाई के लिए और आपको कोई प्रमाण पत्र जारी करने के लिए नहीं हैं। आपको सिर्फ उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाली अपनी याचिका को लेकर चिंता है।टिप्पणियां
ज्ञात हो कि इस महीने के प्रारम्भ में इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने तलवार दम्पति की वह याचिका खारिज कर दी थी, जिसमें उन्होंने सीबीआई को यह निर्देश देने की मांग की थी कि वह उन गवाहों से पूछताछ करे, जिनके नाम सीबीआई ने अपनी मर्जी से सूची से हटा दिए हैं।
आरुषि (14) की तलवार दम्पति के नोएडा स्थिति घर में 16 मई, 2008 को क्रूरता से हत्या कर दी गई थी। इस हत्या में घरेलू नौकर हेमराज के शामिल होने पर संदेह था, लेकिन उसके अगले दिन घर की छत पर उसे भी मृत अवस्था में पाया गया था।
जब नंदा ने तलवार दम्पति के घर के बारे में विवरण पेश करने की कोशिश की, जहां दोहरा हत्याकांड हुआ था, तो न्यायालय ने कहा, हम यहां किसी संक्षिप्त सुनवाई के लिए और आपको कोई प्रमाण पत्र जारी करने के लिए नहीं हैं। आपको सिर्फ उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाली अपनी याचिका को लेकर चिंता है।टिप्पणियां
ज्ञात हो कि इस महीने के प्रारम्भ में इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने तलवार दम्पति की वह याचिका खारिज कर दी थी, जिसमें उन्होंने सीबीआई को यह निर्देश देने की मांग की थी कि वह उन गवाहों से पूछताछ करे, जिनके नाम सीबीआई ने अपनी मर्जी से सूची से हटा दिए हैं।
आरुषि (14) की तलवार दम्पति के नोएडा स्थिति घर में 16 मई, 2008 को क्रूरता से हत्या कर दी गई थी। इस हत्या में घरेलू नौकर हेमराज के शामिल होने पर संदेह था, लेकिन उसके अगले दिन घर की छत पर उसे भी मृत अवस्था में पाया गया था।
ज्ञात हो कि इस महीने के प्रारम्भ में इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने तलवार दम्पति की वह याचिका खारिज कर दी थी, जिसमें उन्होंने सीबीआई को यह निर्देश देने की मांग की थी कि वह उन गवाहों से पूछताछ करे, जिनके नाम सीबीआई ने अपनी मर्जी से सूची से हटा दिए हैं।
आरुषि (14) की तलवार दम्पति के नोएडा स्थिति घर में 16 मई, 2008 को क्रूरता से हत्या कर दी गई थी। इस हत्या में घरेलू नौकर हेमराज के शामिल होने पर संदेह था, लेकिन उसके अगले दिन घर की छत पर उसे भी मृत अवस्था में पाया गया था।
आरुषि (14) की तलवार दम्पति के नोएडा स्थिति घर में 16 मई, 2008 को क्रूरता से हत्या कर दी गई थी। इस हत्या में घरेलू नौकर हेमराज के शामिल होने पर संदेह था, लेकिन उसके अगले दिन घर की छत पर उसे भी मृत अवस्था में पाया गया था। | संक्षिप्त पाठ: सुप्रीम कोर्ट ने आरुषि-हेमराज हत्याकांड में सीबीआई के खिलाफ तलवार दंपती की अर्जी खारिज कर दी है। राजेश तलवार और नूपुर तलवार आरुषि और हेमराज हत्याकांड मामले में मुख्य आरोपी हैं। | 13 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को राष्ट्रमंडल खेल आयोजन समिति के पूर्व अध्यक्ष सुरेश कलमाड़ी की संसद सत्र में भाग लेने की अनुमति के लिए दायर याचिका को खारिज कर दिया। मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ ने कहा, अपराध की गंभीरता को देखते हुए उन्हें संसद भवन, जो कि संवैधानिक वचनबद्धताओं को पूरा करने की बुनियाद पर बना है, में केवल बोलने की आजादी के आधार पर अनुमति देना पूरी तरह अनुचित होगा। रिट याचिका खारिज की जाती है। पुणे से कांग्रेस सांसद कलमाड़ी ने उच्च न्यायालय की खंडपीठ में याचिका दाखिल कर न्यायमूर्ति राजीव सहाय एंडला की एकल पीठ के आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उन्होंने यह कहकर कलमाड़ी के अनुरोध को खारिज कर दिया था कि वह जेल के बाहर ताजा हवा खाने के लिए ऐसा चाहते हैं। कलमाड़ी ने अपील में दलील दी थी कि एकल न्यायाधीश की पीठ ने एक सांसद के अधिकारों की गलत तरह से आम आदमी से तुलना की। 67 वर्षीय सांसद पर राष्ट्रमंडल खेलों में एक स्विस कंपनी को अधिक दरों पर ठेका देने में कथित भूमिका के मामले में मुकदमा चल रहा है। | यह एक सारांश है: कलमाड़ी ने उच्च न्यायालय की खंडपीठ में याचिका दाखिल कर न्यायमूर्ति राजीव सहाय एंडला की एकल पीठ के आदेश को चुनौती दी थी। | 9 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: निर्वाचन आयोग (ईसी) ने साल 2016 में राज्यसभा चुनाव के दौरान कथित खरीद-फरोख्त को लेकर झारखंड सरकार से एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और मुख्यमंत्री रघुबर दास के एक सहयोगी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने को कहा है. निर्वाचन आयोग के प्रधान सचिव बीरेंद्र कुमार ने 13 जून को यह पत्र झारखंड के मुख्य सचिव को लिखा, जो मीडिया को बुधवार को मिला. इसमें लिखा गया है, "शुरुआती जांच से प्रथम दृष्टया आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ मामला बनता दिख रहा है, जो लोकसेवक हैं."
पत्र में आयोग ने आरोपियों के खिलाफ 'पद के दुरुपयोग और चुनाव में दखल देने तथा आचार संहिता के उल्लंघन' को लेकर तत्काल विभागीय कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं. आयोग ने पत्र में कहा है कि चूंकि मामला रिश्वत और भ्रष्टाचार से जुड़ा है, इसलिए भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की धारा 171बी और 171सी के तहत भी कार्रवाई की जानी चाहिए. झारखंड विकास मोर्चा-प्रजातांत्रिक के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी तथा झारखंड मुक्ति मोर्चा के विधायक चमरा लिंडा और कांग्रेस की निर्मला देवी ने 2016 में राज्य से दो राज्यसभा सीटों के लिए मतदान से पहले खरीद-फरोख्त की शिकायत की थी.टिप्पणियां
इन विपक्षी नेताओं ने एक सीडी सामने रखी थी, जिसमें कथित तौर पर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (विशेष शाखा) अनुराग गुप्ता व मुख्यमंत्री के तत्कालीन राजनीतिक सलाहकार अजय कुमार की आवाज थी, जो अब उनके प्रेस सलाहकार बन गए हैं. दोनों ने कथित तौर पर विपक्षी पार्टी के विधायकों से बातचीत की थी और उन्हें सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पक्ष में वोट करने के लिए प्रभावित करने की कोशिश की थी. भाजपा ने अपने पक्ष में पर्याप्त संख्या बल नहीं होने के बावजूद दोनों राज्यसभा सीटें जीती थीं. आयोग ने सरकार से इस मामले में उसे अवगत कराने को कहा है. विपक्षी पार्टियों ने एडीजीपी व प्रेस सलाहकार की गिरफ्तारी तथा उन्हें पद से हटाने की मांग की है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पत्र में आयोग ने आरोपियों के खिलाफ 'पद के दुरुपयोग और चुनाव में दखल देने तथा आचार संहिता के उल्लंघन' को लेकर तत्काल विभागीय कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं. आयोग ने पत्र में कहा है कि चूंकि मामला रिश्वत और भ्रष्टाचार से जुड़ा है, इसलिए भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की धारा 171बी और 171सी के तहत भी कार्रवाई की जानी चाहिए. झारखंड विकास मोर्चा-प्रजातांत्रिक के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी तथा झारखंड मुक्ति मोर्चा के विधायक चमरा लिंडा और कांग्रेस की निर्मला देवी ने 2016 में राज्य से दो राज्यसभा सीटों के लिए मतदान से पहले खरीद-फरोख्त की शिकायत की थी.टिप्पणियां
इन विपक्षी नेताओं ने एक सीडी सामने रखी थी, जिसमें कथित तौर पर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (विशेष शाखा) अनुराग गुप्ता व मुख्यमंत्री के तत्कालीन राजनीतिक सलाहकार अजय कुमार की आवाज थी, जो अब उनके प्रेस सलाहकार बन गए हैं. दोनों ने कथित तौर पर विपक्षी पार्टी के विधायकों से बातचीत की थी और उन्हें सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पक्ष में वोट करने के लिए प्रभावित करने की कोशिश की थी. भाजपा ने अपने पक्ष में पर्याप्त संख्या बल नहीं होने के बावजूद दोनों राज्यसभा सीटें जीती थीं. आयोग ने सरकार से इस मामले में उसे अवगत कराने को कहा है. विपक्षी पार्टियों ने एडीजीपी व प्रेस सलाहकार की गिरफ्तारी तथा उन्हें पद से हटाने की मांग की है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इन विपक्षी नेताओं ने एक सीडी सामने रखी थी, जिसमें कथित तौर पर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (विशेष शाखा) अनुराग गुप्ता व मुख्यमंत्री के तत्कालीन राजनीतिक सलाहकार अजय कुमार की आवाज थी, जो अब उनके प्रेस सलाहकार बन गए हैं. दोनों ने कथित तौर पर विपक्षी पार्टी के विधायकों से बातचीत की थी और उन्हें सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पक्ष में वोट करने के लिए प्रभावित करने की कोशिश की थी. भाजपा ने अपने पक्ष में पर्याप्त संख्या बल नहीं होने के बावजूद दोनों राज्यसभा सीटें जीती थीं. आयोग ने सरकार से इस मामले में उसे अवगत कराने को कहा है. विपक्षी पार्टियों ने एडीजीपी व प्रेस सलाहकार की गिरफ्तारी तथा उन्हें पद से हटाने की मांग की है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यह एक सारांश है: 2016 में राज्यसभा चुनाव के दौरान कथित खरीद-फरोख्त का मामला
आयोग ने पत्र में कहा है कि मामला रिश्वत और भ्रष्टाचार से जुड़ा है
आयोग ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं | 16 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: शिवपाल ने सपा के रजत जयंती समारोह में भावुक होते हुए कहा, ‘‘मैं अखिलेश यादव जी और पूरे समाजवादियों से कहना चाहता हूं कि कितना हमसे त्याग लोगे, कितना त्याग लेना चाहोगे. यहां तक कि अगर खून मांगोगे तो खून भी दे देंगे. मुख्यमंत्री मुझे नहीं बनना है.’’ उन्होंने आगे कहा, ‘‘मुझे मुख्यमंत्री कभी नहीं बनना है. मैंने चार साल बहुत सहयोग किया है. लगातार सहयोग किया है. कितना भी मेरा अपमान कर लें, कितनी बार भी मुझे बख्रास्त कर लेना लेकिन मैं जानता हूं कि मैंने अच्छा काम किया है. मैंने पार्टी के लिए संघर्ष किया है, जोखिम लिया है.’’टिप्पणियां
सपा के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल ने कहा कि पार्टी में कुछ घुसपैठिये आ गये हैं मगर नेताजी (मुलायम सिंह यादव) का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे. पार्टी में अब भी बहुत लोग उपेक्षित हैं. चापलूस सरकार का मजा ले रहे हैं.
समारोह की शुरूआत में राजद प्रमुख लालू प्रसाद ने जब चाचा शिवपाल और भतीजे अखिलेश का हाथ पकडकर मिलाने की कोशिश की तो अखिलेश ने झुक कर झट चाचा के पैर छू लिये. पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवगौडा ने भी शिवपाल और अखिलेश के हाथ विजयी मुद्रा में उठवाकर लोगों का अभिवादन किया.
सपा के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल ने कहा कि पार्टी में कुछ घुसपैठिये आ गये हैं मगर नेताजी (मुलायम सिंह यादव) का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे. पार्टी में अब भी बहुत लोग उपेक्षित हैं. चापलूस सरकार का मजा ले रहे हैं.
समारोह की शुरूआत में राजद प्रमुख लालू प्रसाद ने जब चाचा शिवपाल और भतीजे अखिलेश का हाथ पकडकर मिलाने की कोशिश की तो अखिलेश ने झुक कर झट चाचा के पैर छू लिये. पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवगौडा ने भी शिवपाल और अखिलेश के हाथ विजयी मुद्रा में उठवाकर लोगों का अभिवादन किया.
समारोह की शुरूआत में राजद प्रमुख लालू प्रसाद ने जब चाचा शिवपाल और भतीजे अखिलेश का हाथ पकडकर मिलाने की कोशिश की तो अखिलेश ने झुक कर झट चाचा के पैर छू लिये. पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवगौडा ने भी शिवपाल और अखिलेश के हाथ विजयी मुद्रा में उठवाकर लोगों का अभिवादन किया. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: शिवपाल यादव ने कहा- वह मुख्यमंत्री नहीं बनना चाहते हैं
उन्होंने कहा- अगर खून मांगोगे तो खून भी दे देंगे
सपा के रजत जयंती समारोह में बोले शिवपाल | 11 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: भारत−ऑस्ट्रेलिया सीरीज में बयानबाजी का दौर जारी है। इस बार कंगारू टीम के उप-कप्तान ब्रैड हैडिन ने कहा है कि भारतीय खिलाड़ी मानसिक तौर पर कमजोर हैं। हैडिन ने कहा कि टीम की इस कमजोरी का फायाद ऑस्ट्रेलियाई टीम ने उठाया और सिडनी में पारी और 68 रन से जीत हासिल की।
कंगारू विकेटकीपर के मुताबित टीम इंडिया के खिलाड़ी दबाव में जल्दी टूट जाते हैं और फिर उनकी वापसी मुश्किल हो जाती है। हैडिन को जवाब दोते हुए जहीर खान ने कहा कि हैडिन पहले अपनी विकेटकीपिंग पर ध्यान दें फिर भारतीय टीम के बारे में सोचें।
गौरतलब है कि हैडिन ने भारत के साथ सीरीज में अब तक खराब विकेटकीपिंग की है और बल्ले से भी वे नाकाम रहे हैं।
कंगारू विकेटकीपर के मुताबित टीम इंडिया के खिलाड़ी दबाव में जल्दी टूट जाते हैं और फिर उनकी वापसी मुश्किल हो जाती है। हैडिन को जवाब दोते हुए जहीर खान ने कहा कि हैडिन पहले अपनी विकेटकीपिंग पर ध्यान दें फिर भारतीय टीम के बारे में सोचें।
गौरतलब है कि हैडिन ने भारत के साथ सीरीज में अब तक खराब विकेटकीपिंग की है और बल्ले से भी वे नाकाम रहे हैं। | यह एक सारांश है: भारत−ऑस्ट्रेलिया सीरीज में बयानबाजी का दौर जारी है। कंगारू टीम के कप्तान ब्रैड हैडिन ने कहा है कि भारतीय खिलाड़ी मानसिक तौर पर कमजोर हैं। | 21 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: इंडियन मुजाहिदीन के सह-संस्थापक यासीन भटकल और चार अन्य को साल 2013 में हैदराबाद के दिलसुखनगर में हुए दोहरे बम धमाके के मामले में मौत की सजा सुनाई गई है.
दिलसुखनगर के भीड़ भरे बाजार वाले इलाके में हुए इन धमाकों में 18 लोगों की मौत हो गई थी और 130 घायल हो गए थे. यह पहली बार है जब यासीन भटकल सहित इसके शीर्ष आतंकियों को किसी आतंकी हमले में दोषी ठहराया गया.
साल 2010 में इंडियन मुजाहिदीन को आतंकी संगठन घोषित कर उसे प्रतिबंधित कर दिया गया था.
साल 2013 में ही भटकल को बिहार में नेपाल से लगती सीमा के पास से गिरफ्तार किया गया था. इंडियन मुजाहिदीन का एक अन्य शीर्ष आतंकी रियाज भटकल भारत के मोस्टवांटेड लिस्ट में है और समझा जाता है कि वह पाकिस्तान में रह रहा है.टिप्पणियां
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के प्रमुख शरद कुमार ने पिछले हफ्ते एनडीटीवी को बताया था. 'यह पहली बार है जब इंडियन मुजाहिदीन के आतंकियों को दोषी ठहराया गया. वे (इंडियन मुजाहिदीन) देशभर में हमलों की साजिश रच रहे थे.'
एनआईए ने अपनी चार्जशीट में कहा था कि इंडियन मुजाहिदीन देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश रच रहा था.
हैदराबाद के दोहरे घातक बम धमाकों से पहले इन पांचों ने कथित तौर पर शहर के बाहरी इलाके में एक पहाड़ी पर टेस्ट के तौर पर भी धमाका किया था. उन्होंने इन धमाकों की साजिश रचने के दौरान इंटरनेट पर लंबी बातचीत के लिए प्रॉक्सी सर्वरों को इस्तेमाल किया था. पिछले साल मामले की सुनवाई शुरू होने के बाद करीब 150 गवाहों से पूछताछ की गई.
दिलसुखनगर के भीड़ भरे बाजार वाले इलाके में हुए इन धमाकों में 18 लोगों की मौत हो गई थी और 130 घायल हो गए थे. यह पहली बार है जब यासीन भटकल सहित इसके शीर्ष आतंकियों को किसी आतंकी हमले में दोषी ठहराया गया.
साल 2010 में इंडियन मुजाहिदीन को आतंकी संगठन घोषित कर उसे प्रतिबंधित कर दिया गया था.
साल 2013 में ही भटकल को बिहार में नेपाल से लगती सीमा के पास से गिरफ्तार किया गया था. इंडियन मुजाहिदीन का एक अन्य शीर्ष आतंकी रियाज भटकल भारत के मोस्टवांटेड लिस्ट में है और समझा जाता है कि वह पाकिस्तान में रह रहा है.टिप्पणियां
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के प्रमुख शरद कुमार ने पिछले हफ्ते एनडीटीवी को बताया था. 'यह पहली बार है जब इंडियन मुजाहिदीन के आतंकियों को दोषी ठहराया गया. वे (इंडियन मुजाहिदीन) देशभर में हमलों की साजिश रच रहे थे.'
एनआईए ने अपनी चार्जशीट में कहा था कि इंडियन मुजाहिदीन देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश रच रहा था.
हैदराबाद के दोहरे घातक बम धमाकों से पहले इन पांचों ने कथित तौर पर शहर के बाहरी इलाके में एक पहाड़ी पर टेस्ट के तौर पर भी धमाका किया था. उन्होंने इन धमाकों की साजिश रचने के दौरान इंटरनेट पर लंबी बातचीत के लिए प्रॉक्सी सर्वरों को इस्तेमाल किया था. पिछले साल मामले की सुनवाई शुरू होने के बाद करीब 150 गवाहों से पूछताछ की गई.
साल 2010 में इंडियन मुजाहिदीन को आतंकी संगठन घोषित कर उसे प्रतिबंधित कर दिया गया था.
साल 2013 में ही भटकल को बिहार में नेपाल से लगती सीमा के पास से गिरफ्तार किया गया था. इंडियन मुजाहिदीन का एक अन्य शीर्ष आतंकी रियाज भटकल भारत के मोस्टवांटेड लिस्ट में है और समझा जाता है कि वह पाकिस्तान में रह रहा है.टिप्पणियां
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के प्रमुख शरद कुमार ने पिछले हफ्ते एनडीटीवी को बताया था. 'यह पहली बार है जब इंडियन मुजाहिदीन के आतंकियों को दोषी ठहराया गया. वे (इंडियन मुजाहिदीन) देशभर में हमलों की साजिश रच रहे थे.'
एनआईए ने अपनी चार्जशीट में कहा था कि इंडियन मुजाहिदीन देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश रच रहा था.
हैदराबाद के दोहरे घातक बम धमाकों से पहले इन पांचों ने कथित तौर पर शहर के बाहरी इलाके में एक पहाड़ी पर टेस्ट के तौर पर भी धमाका किया था. उन्होंने इन धमाकों की साजिश रचने के दौरान इंटरनेट पर लंबी बातचीत के लिए प्रॉक्सी सर्वरों को इस्तेमाल किया था. पिछले साल मामले की सुनवाई शुरू होने के बाद करीब 150 गवाहों से पूछताछ की गई.
साल 2013 में ही भटकल को बिहार में नेपाल से लगती सीमा के पास से गिरफ्तार किया गया था. इंडियन मुजाहिदीन का एक अन्य शीर्ष आतंकी रियाज भटकल भारत के मोस्टवांटेड लिस्ट में है और समझा जाता है कि वह पाकिस्तान में रह रहा है.टिप्पणियां
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के प्रमुख शरद कुमार ने पिछले हफ्ते एनडीटीवी को बताया था. 'यह पहली बार है जब इंडियन मुजाहिदीन के आतंकियों को दोषी ठहराया गया. वे (इंडियन मुजाहिदीन) देशभर में हमलों की साजिश रच रहे थे.'
एनआईए ने अपनी चार्जशीट में कहा था कि इंडियन मुजाहिदीन देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश रच रहा था.
हैदराबाद के दोहरे घातक बम धमाकों से पहले इन पांचों ने कथित तौर पर शहर के बाहरी इलाके में एक पहाड़ी पर टेस्ट के तौर पर भी धमाका किया था. उन्होंने इन धमाकों की साजिश रचने के दौरान इंटरनेट पर लंबी बातचीत के लिए प्रॉक्सी सर्वरों को इस्तेमाल किया था. पिछले साल मामले की सुनवाई शुरू होने के बाद करीब 150 गवाहों से पूछताछ की गई.
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के प्रमुख शरद कुमार ने पिछले हफ्ते एनडीटीवी को बताया था. 'यह पहली बार है जब इंडियन मुजाहिदीन के आतंकियों को दोषी ठहराया गया. वे (इंडियन मुजाहिदीन) देशभर में हमलों की साजिश रच रहे थे.'
एनआईए ने अपनी चार्जशीट में कहा था कि इंडियन मुजाहिदीन देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश रच रहा था.
हैदराबाद के दोहरे घातक बम धमाकों से पहले इन पांचों ने कथित तौर पर शहर के बाहरी इलाके में एक पहाड़ी पर टेस्ट के तौर पर भी धमाका किया था. उन्होंने इन धमाकों की साजिश रचने के दौरान इंटरनेट पर लंबी बातचीत के लिए प्रॉक्सी सर्वरों को इस्तेमाल किया था. पिछले साल मामले की सुनवाई शुरू होने के बाद करीब 150 गवाहों से पूछताछ की गई.
एनआईए ने अपनी चार्जशीट में कहा था कि इंडियन मुजाहिदीन देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश रच रहा था.
हैदराबाद के दोहरे घातक बम धमाकों से पहले इन पांचों ने कथित तौर पर शहर के बाहरी इलाके में एक पहाड़ी पर टेस्ट के तौर पर भी धमाका किया था. उन्होंने इन धमाकों की साजिश रचने के दौरान इंटरनेट पर लंबी बातचीत के लिए प्रॉक्सी सर्वरों को इस्तेमाल किया था. पिछले साल मामले की सुनवाई शुरू होने के बाद करीब 150 गवाहों से पूछताछ की गई. | यह एक सारांश है: हैदराबाद के दिलसुखनगर में हुए धमाकों में 18 लोगों की मौत हुई थी
पहली बार इंडियन मुजाहिदीन के शीर्ष आतंकियों को सजा दी गई है
मामले की सुनवाई शुरू होने के बाद करीब 150 गवाहों से पूछताछ की गई | 24 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: रूस के क्रास्नोदर इलाके में आई बाढ़ में कम से कम 171 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें एक से बारह वर्ष की उम्र के चार बच्चे शामिल हैं। सभी बच्चे बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित क्रिम्सक शहर के रहने वाले हैं।
समाचार एजेंसी आरआईए नोवोस्ती ने सोमवार को क्षेत्रीय स्वास्थ्य इकाई के शीर्ष फोरेंसिक अधिकारी निकोलेई वारशेवेट्स के हवाले से बताया, नवीनतम आंकड़ों के अनुसार मरने वाले चार बच्चों में एक 12 वर्षीय लड़की, दो आठ वर्षीय लड़कियां और एक सालभर का बच्चा शामिल है।
अधिकारियों ने कहा कि कम से कम 171 लोगों की मौत हुई है, जिनमें कई बुजुर्ग और विकलांग भी शामिल हैं। दक्षिण रूस का क्रस्नोदर क्षेत्र सात-आठ जुलाई की रात भीषण बाढ़ की चपेट में आ गया था।टिप्पणियां
रूस के आपातकालीन स्थितियों के मंत्री व्लादिमीर पुचकोव ने कहा कि बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में लगभग 10,000 राहतकर्मी और 1,000 मशीनरी इकाईयां बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।
पुचकोव ने सोमवार को बताया कि क्रिम्सक शहर में खोजी अभियान का मुख्य चरण पूरा हो चुका है, जिसके तहत छह रिहायशी क्षेत्रों, नदियों की तहों और सड़क मार्गों को पूरी तरह जांच लिया गया है।
समाचार एजेंसी आरआईए नोवोस्ती ने सोमवार को क्षेत्रीय स्वास्थ्य इकाई के शीर्ष फोरेंसिक अधिकारी निकोलेई वारशेवेट्स के हवाले से बताया, नवीनतम आंकड़ों के अनुसार मरने वाले चार बच्चों में एक 12 वर्षीय लड़की, दो आठ वर्षीय लड़कियां और एक सालभर का बच्चा शामिल है।
अधिकारियों ने कहा कि कम से कम 171 लोगों की मौत हुई है, जिनमें कई बुजुर्ग और विकलांग भी शामिल हैं। दक्षिण रूस का क्रस्नोदर क्षेत्र सात-आठ जुलाई की रात भीषण बाढ़ की चपेट में आ गया था।टिप्पणियां
रूस के आपातकालीन स्थितियों के मंत्री व्लादिमीर पुचकोव ने कहा कि बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में लगभग 10,000 राहतकर्मी और 1,000 मशीनरी इकाईयां बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।
पुचकोव ने सोमवार को बताया कि क्रिम्सक शहर में खोजी अभियान का मुख्य चरण पूरा हो चुका है, जिसके तहत छह रिहायशी क्षेत्रों, नदियों की तहों और सड़क मार्गों को पूरी तरह जांच लिया गया है।
अधिकारियों ने कहा कि कम से कम 171 लोगों की मौत हुई है, जिनमें कई बुजुर्ग और विकलांग भी शामिल हैं। दक्षिण रूस का क्रस्नोदर क्षेत्र सात-आठ जुलाई की रात भीषण बाढ़ की चपेट में आ गया था।टिप्पणियां
रूस के आपातकालीन स्थितियों के मंत्री व्लादिमीर पुचकोव ने कहा कि बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में लगभग 10,000 राहतकर्मी और 1,000 मशीनरी इकाईयां बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।
पुचकोव ने सोमवार को बताया कि क्रिम्सक शहर में खोजी अभियान का मुख्य चरण पूरा हो चुका है, जिसके तहत छह रिहायशी क्षेत्रों, नदियों की तहों और सड़क मार्गों को पूरी तरह जांच लिया गया है।
रूस के आपातकालीन स्थितियों के मंत्री व्लादिमीर पुचकोव ने कहा कि बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में लगभग 10,000 राहतकर्मी और 1,000 मशीनरी इकाईयां बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।
पुचकोव ने सोमवार को बताया कि क्रिम्सक शहर में खोजी अभियान का मुख्य चरण पूरा हो चुका है, जिसके तहत छह रिहायशी क्षेत्रों, नदियों की तहों और सड़क मार्गों को पूरी तरह जांच लिया गया है।
पुचकोव ने सोमवार को बताया कि क्रिम्सक शहर में खोजी अभियान का मुख्य चरण पूरा हो चुका है, जिसके तहत छह रिहायशी क्षेत्रों, नदियों की तहों और सड़क मार्गों को पूरी तरह जांच लिया गया है। | संक्षिप्त पाठ: रूस के क्रास्नोदर इलाके में आई बाढ़ में कम से कम 171 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें एक से बारह वर्ष की उम्र के चार बच्चे शामिल हैं। | 14 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय क्रिकेट टीम ट्वेंटी-20 विश्व कप के अंतर्गत मंगलवार को आर. प्रेमदासा स्टेडियम में खेले जाने वाले सुपर-8 के ग्रुप-'दो' के अपने अंतिम मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका से भिड़ेगी। वर्ष 2007 की चैम्पियन भारतीय टीम को सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए दक्षिण अफ्रीका को हर हाल में हराना ही होगा। यही नहीं, उसकी जीत प्रभावशाली होनी चाहिए, जिससे कि उसका नेट रन रेट पाकिस्तान से बेहतर हो सके।
भारत को सुपर-8 के पहले मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया से करारी शिकस्त झेलनी पड़ी थी जबकि दूसरे मुकाबले में भारत ने पाकिस्तान को आठ विकेट से हराया था। दक्षिण अफ्रीकी टीम सुपर-8 में अब तक दो मैच खेली है और दोनों में उसे शिकस्त का सामना करना पड़ा है।
ऑस्ट्रेलिया सबसे बेहतर नेट रन रेट और चार अंकों के साथ सेमीफाइनल के बेहद करीब है। पाकिस्तान दो अंकों के साथ भारत से बेहतर नेट रन रेट के आधार पर दूसरे क्रम पर है। भारत तीसरे और दक्षिण अफ्रीका चौथे क्रम पर है।
भारत की पहली नजर पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया के बीच होने वाले ग्रुप-2 के अंतिम मुकाबले पर भी रहेगी। यह मैच यदि ऑस्ट्रेलिया जीत जाता है तो भारतीय टीम के लिए सेमीफाइनल की राह आसान हो जाएगी। इस सूरत में दक्षिण अफ्रीका को हराने मात्र से वह सेमीफाइनल में जगह बना लेगी। यदि भारतीय टीम दक्षिण अफ्रीका से हार भी जाती है और उसका रन औसत पाकिस्तान और दक्षिण अफ्रीका से बेहतर रहता है तो भी वह सेमीफाइनल में पहुंच सकती है। लेकिन पाकिस्तान अगर ऑस्ट्रेलिया को हरा देता है तो फिर भारत के लिए दक्षिण अफ्रीका को हराने और वह भी इतने अंतर से कि पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया के मुकाबले उसका नेट रन रेट बेहतर रहे, के अलावा और कोई चारा नहीं रहेगा क्योंकि पाक की जीत की स्थिति में उसके व ऑस्ट्रेलिया के चार-चार अंक हो जाएंगे और दोनों टीमों का नेट रन रेट भारत के मुकाबले बेहतर है।
पहले सुपर-8 मैच में ऑस्ट्रेलिया से हारकर भारतीय टीम ने अपनी राह में कांटे बो लिए। पाकिस्तान पर मिली जीत ने उसका काम कुछ आसान किया है लेकिन अभी उसका संघर्ष समाप्त नहीं हुआ है।
दक्षिण अफ्रीकी टीम भले ही खराब दौर से गुजर रही हो लेकिन इस आधार पर उसे कमजोर नहीं आंका जा सकता। अब्राहम डिविसियर्स की कप्तानी में दक्षिण अफ्रीकी टीम खिताबी दौड़ से तकनीकी रूप में बाहर नहीं हुई है।
भारत के लिए अच्छी बात यह है कि उसके खिलाड़ियों ने सही मौके पर अच्छा खेल दिखाया और एक बड़ी जीत के साथ खुद को सेमीफाइनल की दौड़ में बनाए रखा लेकिन अब उसके सामने सम्भवत: पाकिस्तान को हराने से ज्यादा बड़ी चुनौती है क्योंकि उसे जीत के साथ-साथ अपना नेट रन रेट भी सुधारना होगा।
भारतीय गेंदबाजों और बल्लेबाजों ने पाकिस्तान के खिलाफ बेहतर प्रदर्शन किया था। विराट कोहली इन दिनों जबर्दस्त फॉर्म में हैं। विराट ने पाकिस्तान के खिलाफ नाबाद 78 रन बनाए थे जबकि युवराज सिंह ने हरफनमौला प्रदर्शन किया था।
वीरेंद्र सहवाग ने छोटी लेकिन उपयोगी साझेदारी कर टीम को अच्छी शुरुआत दिलाई थी। कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को लक्ष्मीपति बालाजी से एक बार फिर अच्छी गेंदबाजी की उम्मीद होगी जिन्होंने पाक के खिलाफ तीन विकेट झटके थे। ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन भी इस समय अच्छी गेंदबाजी कर रहे हैं।टिप्पणियां
दक्षिण अफ्रीकी टीम भी इस मुकाबले में जीत दर्ज करना चाहेगी। दक्षिण अफ्रीका के पास हाशिम अमला, जैक्स कैलिस, ज्यां पॉल ड्यूमिनी और डिविलियर्स जैसे विश्व स्तरीय बल्लेबाज हैं जो अकेले अपनी बल्लेबाजी के दम पर मैच का परिणाम बदलने की कुव्वत रखते हैं।
गेंदबाजी में उसके पास डेल स्टेन, मोर्कल बंधु और वायने पार्नेल के रूप में तेज आक्रमण है जबकि स्पिन के रूप में जोहान बोथा और रॉबिन पीटरसन हैं।
भारत को सुपर-8 के पहले मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया से करारी शिकस्त झेलनी पड़ी थी जबकि दूसरे मुकाबले में भारत ने पाकिस्तान को आठ विकेट से हराया था। दक्षिण अफ्रीकी टीम सुपर-8 में अब तक दो मैच खेली है और दोनों में उसे शिकस्त का सामना करना पड़ा है।
ऑस्ट्रेलिया सबसे बेहतर नेट रन रेट और चार अंकों के साथ सेमीफाइनल के बेहद करीब है। पाकिस्तान दो अंकों के साथ भारत से बेहतर नेट रन रेट के आधार पर दूसरे क्रम पर है। भारत तीसरे और दक्षिण अफ्रीका चौथे क्रम पर है।
भारत की पहली नजर पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया के बीच होने वाले ग्रुप-2 के अंतिम मुकाबले पर भी रहेगी। यह मैच यदि ऑस्ट्रेलिया जीत जाता है तो भारतीय टीम के लिए सेमीफाइनल की राह आसान हो जाएगी। इस सूरत में दक्षिण अफ्रीका को हराने मात्र से वह सेमीफाइनल में जगह बना लेगी। यदि भारतीय टीम दक्षिण अफ्रीका से हार भी जाती है और उसका रन औसत पाकिस्तान और दक्षिण अफ्रीका से बेहतर रहता है तो भी वह सेमीफाइनल में पहुंच सकती है। लेकिन पाकिस्तान अगर ऑस्ट्रेलिया को हरा देता है तो फिर भारत के लिए दक्षिण अफ्रीका को हराने और वह भी इतने अंतर से कि पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया के मुकाबले उसका नेट रन रेट बेहतर रहे, के अलावा और कोई चारा नहीं रहेगा क्योंकि पाक की जीत की स्थिति में उसके व ऑस्ट्रेलिया के चार-चार अंक हो जाएंगे और दोनों टीमों का नेट रन रेट भारत के मुकाबले बेहतर है।
पहले सुपर-8 मैच में ऑस्ट्रेलिया से हारकर भारतीय टीम ने अपनी राह में कांटे बो लिए। पाकिस्तान पर मिली जीत ने उसका काम कुछ आसान किया है लेकिन अभी उसका संघर्ष समाप्त नहीं हुआ है।
दक्षिण अफ्रीकी टीम भले ही खराब दौर से गुजर रही हो लेकिन इस आधार पर उसे कमजोर नहीं आंका जा सकता। अब्राहम डिविसियर्स की कप्तानी में दक्षिण अफ्रीकी टीम खिताबी दौड़ से तकनीकी रूप में बाहर नहीं हुई है।
भारत के लिए अच्छी बात यह है कि उसके खिलाड़ियों ने सही मौके पर अच्छा खेल दिखाया और एक बड़ी जीत के साथ खुद को सेमीफाइनल की दौड़ में बनाए रखा लेकिन अब उसके सामने सम्भवत: पाकिस्तान को हराने से ज्यादा बड़ी चुनौती है क्योंकि उसे जीत के साथ-साथ अपना नेट रन रेट भी सुधारना होगा।
भारतीय गेंदबाजों और बल्लेबाजों ने पाकिस्तान के खिलाफ बेहतर प्रदर्शन किया था। विराट कोहली इन दिनों जबर्दस्त फॉर्म में हैं। विराट ने पाकिस्तान के खिलाफ नाबाद 78 रन बनाए थे जबकि युवराज सिंह ने हरफनमौला प्रदर्शन किया था।
वीरेंद्र सहवाग ने छोटी लेकिन उपयोगी साझेदारी कर टीम को अच्छी शुरुआत दिलाई थी। कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को लक्ष्मीपति बालाजी से एक बार फिर अच्छी गेंदबाजी की उम्मीद होगी जिन्होंने पाक के खिलाफ तीन विकेट झटके थे। ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन भी इस समय अच्छी गेंदबाजी कर रहे हैं।टिप्पणियां
दक्षिण अफ्रीकी टीम भी इस मुकाबले में जीत दर्ज करना चाहेगी। दक्षिण अफ्रीका के पास हाशिम अमला, जैक्स कैलिस, ज्यां पॉल ड्यूमिनी और डिविलियर्स जैसे विश्व स्तरीय बल्लेबाज हैं जो अकेले अपनी बल्लेबाजी के दम पर मैच का परिणाम बदलने की कुव्वत रखते हैं।
गेंदबाजी में उसके पास डेल स्टेन, मोर्कल बंधु और वायने पार्नेल के रूप में तेज आक्रमण है जबकि स्पिन के रूप में जोहान बोथा और रॉबिन पीटरसन हैं।
ऑस्ट्रेलिया सबसे बेहतर नेट रन रेट और चार अंकों के साथ सेमीफाइनल के बेहद करीब है। पाकिस्तान दो अंकों के साथ भारत से बेहतर नेट रन रेट के आधार पर दूसरे क्रम पर है। भारत तीसरे और दक्षिण अफ्रीका चौथे क्रम पर है।
भारत की पहली नजर पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया के बीच होने वाले ग्रुप-2 के अंतिम मुकाबले पर भी रहेगी। यह मैच यदि ऑस्ट्रेलिया जीत जाता है तो भारतीय टीम के लिए सेमीफाइनल की राह आसान हो जाएगी। इस सूरत में दक्षिण अफ्रीका को हराने मात्र से वह सेमीफाइनल में जगह बना लेगी। यदि भारतीय टीम दक्षिण अफ्रीका से हार भी जाती है और उसका रन औसत पाकिस्तान और दक्षिण अफ्रीका से बेहतर रहता है तो भी वह सेमीफाइनल में पहुंच सकती है। लेकिन पाकिस्तान अगर ऑस्ट्रेलिया को हरा देता है तो फिर भारत के लिए दक्षिण अफ्रीका को हराने और वह भी इतने अंतर से कि पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया के मुकाबले उसका नेट रन रेट बेहतर रहे, के अलावा और कोई चारा नहीं रहेगा क्योंकि पाक की जीत की स्थिति में उसके व ऑस्ट्रेलिया के चार-चार अंक हो जाएंगे और दोनों टीमों का नेट रन रेट भारत के मुकाबले बेहतर है।
पहले सुपर-8 मैच में ऑस्ट्रेलिया से हारकर भारतीय टीम ने अपनी राह में कांटे बो लिए। पाकिस्तान पर मिली जीत ने उसका काम कुछ आसान किया है लेकिन अभी उसका संघर्ष समाप्त नहीं हुआ है।
दक्षिण अफ्रीकी टीम भले ही खराब दौर से गुजर रही हो लेकिन इस आधार पर उसे कमजोर नहीं आंका जा सकता। अब्राहम डिविसियर्स की कप्तानी में दक्षिण अफ्रीकी टीम खिताबी दौड़ से तकनीकी रूप में बाहर नहीं हुई है।
भारत के लिए अच्छी बात यह है कि उसके खिलाड़ियों ने सही मौके पर अच्छा खेल दिखाया और एक बड़ी जीत के साथ खुद को सेमीफाइनल की दौड़ में बनाए रखा लेकिन अब उसके सामने सम्भवत: पाकिस्तान को हराने से ज्यादा बड़ी चुनौती है क्योंकि उसे जीत के साथ-साथ अपना नेट रन रेट भी सुधारना होगा।
भारतीय गेंदबाजों और बल्लेबाजों ने पाकिस्तान के खिलाफ बेहतर प्रदर्शन किया था। विराट कोहली इन दिनों जबर्दस्त फॉर्म में हैं। विराट ने पाकिस्तान के खिलाफ नाबाद 78 रन बनाए थे जबकि युवराज सिंह ने हरफनमौला प्रदर्शन किया था।
वीरेंद्र सहवाग ने छोटी लेकिन उपयोगी साझेदारी कर टीम को अच्छी शुरुआत दिलाई थी। कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को लक्ष्मीपति बालाजी से एक बार फिर अच्छी गेंदबाजी की उम्मीद होगी जिन्होंने पाक के खिलाफ तीन विकेट झटके थे। ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन भी इस समय अच्छी गेंदबाजी कर रहे हैं।टिप्पणियां
दक्षिण अफ्रीकी टीम भी इस मुकाबले में जीत दर्ज करना चाहेगी। दक्षिण अफ्रीका के पास हाशिम अमला, जैक्स कैलिस, ज्यां पॉल ड्यूमिनी और डिविलियर्स जैसे विश्व स्तरीय बल्लेबाज हैं जो अकेले अपनी बल्लेबाजी के दम पर मैच का परिणाम बदलने की कुव्वत रखते हैं।
गेंदबाजी में उसके पास डेल स्टेन, मोर्कल बंधु और वायने पार्नेल के रूप में तेज आक्रमण है जबकि स्पिन के रूप में जोहान बोथा और रॉबिन पीटरसन हैं।
भारत की पहली नजर पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया के बीच होने वाले ग्रुप-2 के अंतिम मुकाबले पर भी रहेगी। यह मैच यदि ऑस्ट्रेलिया जीत जाता है तो भारतीय टीम के लिए सेमीफाइनल की राह आसान हो जाएगी। इस सूरत में दक्षिण अफ्रीका को हराने मात्र से वह सेमीफाइनल में जगह बना लेगी। यदि भारतीय टीम दक्षिण अफ्रीका से हार भी जाती है और उसका रन औसत पाकिस्तान और दक्षिण अफ्रीका से बेहतर रहता है तो भी वह सेमीफाइनल में पहुंच सकती है। लेकिन पाकिस्तान अगर ऑस्ट्रेलिया को हरा देता है तो फिर भारत के लिए दक्षिण अफ्रीका को हराने और वह भी इतने अंतर से कि पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया के मुकाबले उसका नेट रन रेट बेहतर रहे, के अलावा और कोई चारा नहीं रहेगा क्योंकि पाक की जीत की स्थिति में उसके व ऑस्ट्रेलिया के चार-चार अंक हो जाएंगे और दोनों टीमों का नेट रन रेट भारत के मुकाबले बेहतर है।
पहले सुपर-8 मैच में ऑस्ट्रेलिया से हारकर भारतीय टीम ने अपनी राह में कांटे बो लिए। पाकिस्तान पर मिली जीत ने उसका काम कुछ आसान किया है लेकिन अभी उसका संघर्ष समाप्त नहीं हुआ है।
दक्षिण अफ्रीकी टीम भले ही खराब दौर से गुजर रही हो लेकिन इस आधार पर उसे कमजोर नहीं आंका जा सकता। अब्राहम डिविसियर्स की कप्तानी में दक्षिण अफ्रीकी टीम खिताबी दौड़ से तकनीकी रूप में बाहर नहीं हुई है।
भारत के लिए अच्छी बात यह है कि उसके खिलाड़ियों ने सही मौके पर अच्छा खेल दिखाया और एक बड़ी जीत के साथ खुद को सेमीफाइनल की दौड़ में बनाए रखा लेकिन अब उसके सामने सम्भवत: पाकिस्तान को हराने से ज्यादा बड़ी चुनौती है क्योंकि उसे जीत के साथ-साथ अपना नेट रन रेट भी सुधारना होगा।
भारतीय गेंदबाजों और बल्लेबाजों ने पाकिस्तान के खिलाफ बेहतर प्रदर्शन किया था। विराट कोहली इन दिनों जबर्दस्त फॉर्म में हैं। विराट ने पाकिस्तान के खिलाफ नाबाद 78 रन बनाए थे जबकि युवराज सिंह ने हरफनमौला प्रदर्शन किया था।
वीरेंद्र सहवाग ने छोटी लेकिन उपयोगी साझेदारी कर टीम को अच्छी शुरुआत दिलाई थी। कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को लक्ष्मीपति बालाजी से एक बार फिर अच्छी गेंदबाजी की उम्मीद होगी जिन्होंने पाक के खिलाफ तीन विकेट झटके थे। ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन भी इस समय अच्छी गेंदबाजी कर रहे हैं।टिप्पणियां
दक्षिण अफ्रीकी टीम भी इस मुकाबले में जीत दर्ज करना चाहेगी। दक्षिण अफ्रीका के पास हाशिम अमला, जैक्स कैलिस, ज्यां पॉल ड्यूमिनी और डिविलियर्स जैसे विश्व स्तरीय बल्लेबाज हैं जो अकेले अपनी बल्लेबाजी के दम पर मैच का परिणाम बदलने की कुव्वत रखते हैं।
गेंदबाजी में उसके पास डेल स्टेन, मोर्कल बंधु और वायने पार्नेल के रूप में तेज आक्रमण है जबकि स्पिन के रूप में जोहान बोथा और रॉबिन पीटरसन हैं।
पहले सुपर-8 मैच में ऑस्ट्रेलिया से हारकर भारतीय टीम ने अपनी राह में कांटे बो लिए। पाकिस्तान पर मिली जीत ने उसका काम कुछ आसान किया है लेकिन अभी उसका संघर्ष समाप्त नहीं हुआ है।
दक्षिण अफ्रीकी टीम भले ही खराब दौर से गुजर रही हो लेकिन इस आधार पर उसे कमजोर नहीं आंका जा सकता। अब्राहम डिविसियर्स की कप्तानी में दक्षिण अफ्रीकी टीम खिताबी दौड़ से तकनीकी रूप में बाहर नहीं हुई है।
भारत के लिए अच्छी बात यह है कि उसके खिलाड़ियों ने सही मौके पर अच्छा खेल दिखाया और एक बड़ी जीत के साथ खुद को सेमीफाइनल की दौड़ में बनाए रखा लेकिन अब उसके सामने सम्भवत: पाकिस्तान को हराने से ज्यादा बड़ी चुनौती है क्योंकि उसे जीत के साथ-साथ अपना नेट रन रेट भी सुधारना होगा।
भारतीय गेंदबाजों और बल्लेबाजों ने पाकिस्तान के खिलाफ बेहतर प्रदर्शन किया था। विराट कोहली इन दिनों जबर्दस्त फॉर्म में हैं। विराट ने पाकिस्तान के खिलाफ नाबाद 78 रन बनाए थे जबकि युवराज सिंह ने हरफनमौला प्रदर्शन किया था।
वीरेंद्र सहवाग ने छोटी लेकिन उपयोगी साझेदारी कर टीम को अच्छी शुरुआत दिलाई थी। कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को लक्ष्मीपति बालाजी से एक बार फिर अच्छी गेंदबाजी की उम्मीद होगी जिन्होंने पाक के खिलाफ तीन विकेट झटके थे। ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन भी इस समय अच्छी गेंदबाजी कर रहे हैं।टिप्पणियां
दक्षिण अफ्रीकी टीम भी इस मुकाबले में जीत दर्ज करना चाहेगी। दक्षिण अफ्रीका के पास हाशिम अमला, जैक्स कैलिस, ज्यां पॉल ड्यूमिनी और डिविलियर्स जैसे विश्व स्तरीय बल्लेबाज हैं जो अकेले अपनी बल्लेबाजी के दम पर मैच का परिणाम बदलने की कुव्वत रखते हैं।
गेंदबाजी में उसके पास डेल स्टेन, मोर्कल बंधु और वायने पार्नेल के रूप में तेज आक्रमण है जबकि स्पिन के रूप में जोहान बोथा और रॉबिन पीटरसन हैं।
दक्षिण अफ्रीकी टीम भले ही खराब दौर से गुजर रही हो लेकिन इस आधार पर उसे कमजोर नहीं आंका जा सकता। अब्राहम डिविसियर्स की कप्तानी में दक्षिण अफ्रीकी टीम खिताबी दौड़ से तकनीकी रूप में बाहर नहीं हुई है।
भारत के लिए अच्छी बात यह है कि उसके खिलाड़ियों ने सही मौके पर अच्छा खेल दिखाया और एक बड़ी जीत के साथ खुद को सेमीफाइनल की दौड़ में बनाए रखा लेकिन अब उसके सामने सम्भवत: पाकिस्तान को हराने से ज्यादा बड़ी चुनौती है क्योंकि उसे जीत के साथ-साथ अपना नेट रन रेट भी सुधारना होगा।
भारतीय गेंदबाजों और बल्लेबाजों ने पाकिस्तान के खिलाफ बेहतर प्रदर्शन किया था। विराट कोहली इन दिनों जबर्दस्त फॉर्म में हैं। विराट ने पाकिस्तान के खिलाफ नाबाद 78 रन बनाए थे जबकि युवराज सिंह ने हरफनमौला प्रदर्शन किया था।
वीरेंद्र सहवाग ने छोटी लेकिन उपयोगी साझेदारी कर टीम को अच्छी शुरुआत दिलाई थी। कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को लक्ष्मीपति बालाजी से एक बार फिर अच्छी गेंदबाजी की उम्मीद होगी जिन्होंने पाक के खिलाफ तीन विकेट झटके थे। ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन भी इस समय अच्छी गेंदबाजी कर रहे हैं।टिप्पणियां
दक्षिण अफ्रीकी टीम भी इस मुकाबले में जीत दर्ज करना चाहेगी। दक्षिण अफ्रीका के पास हाशिम अमला, जैक्स कैलिस, ज्यां पॉल ड्यूमिनी और डिविलियर्स जैसे विश्व स्तरीय बल्लेबाज हैं जो अकेले अपनी बल्लेबाजी के दम पर मैच का परिणाम बदलने की कुव्वत रखते हैं।
गेंदबाजी में उसके पास डेल स्टेन, मोर्कल बंधु और वायने पार्नेल के रूप में तेज आक्रमण है जबकि स्पिन के रूप में जोहान बोथा और रॉबिन पीटरसन हैं।
भारत के लिए अच्छी बात यह है कि उसके खिलाड़ियों ने सही मौके पर अच्छा खेल दिखाया और एक बड़ी जीत के साथ खुद को सेमीफाइनल की दौड़ में बनाए रखा लेकिन अब उसके सामने सम्भवत: पाकिस्तान को हराने से ज्यादा बड़ी चुनौती है क्योंकि उसे जीत के साथ-साथ अपना नेट रन रेट भी सुधारना होगा।
भारतीय गेंदबाजों और बल्लेबाजों ने पाकिस्तान के खिलाफ बेहतर प्रदर्शन किया था। विराट कोहली इन दिनों जबर्दस्त फॉर्म में हैं। विराट ने पाकिस्तान के खिलाफ नाबाद 78 रन बनाए थे जबकि युवराज सिंह ने हरफनमौला प्रदर्शन किया था।
वीरेंद्र सहवाग ने छोटी लेकिन उपयोगी साझेदारी कर टीम को अच्छी शुरुआत दिलाई थी। कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को लक्ष्मीपति बालाजी से एक बार फिर अच्छी गेंदबाजी की उम्मीद होगी जिन्होंने पाक के खिलाफ तीन विकेट झटके थे। ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन भी इस समय अच्छी गेंदबाजी कर रहे हैं।टिप्पणियां
दक्षिण अफ्रीकी टीम भी इस मुकाबले में जीत दर्ज करना चाहेगी। दक्षिण अफ्रीका के पास हाशिम अमला, जैक्स कैलिस, ज्यां पॉल ड्यूमिनी और डिविलियर्स जैसे विश्व स्तरीय बल्लेबाज हैं जो अकेले अपनी बल्लेबाजी के दम पर मैच का परिणाम बदलने की कुव्वत रखते हैं।
गेंदबाजी में उसके पास डेल स्टेन, मोर्कल बंधु और वायने पार्नेल के रूप में तेज आक्रमण है जबकि स्पिन के रूप में जोहान बोथा और रॉबिन पीटरसन हैं।
भारतीय गेंदबाजों और बल्लेबाजों ने पाकिस्तान के खिलाफ बेहतर प्रदर्शन किया था। विराट कोहली इन दिनों जबर्दस्त फॉर्म में हैं। विराट ने पाकिस्तान के खिलाफ नाबाद 78 रन बनाए थे जबकि युवराज सिंह ने हरफनमौला प्रदर्शन किया था।
वीरेंद्र सहवाग ने छोटी लेकिन उपयोगी साझेदारी कर टीम को अच्छी शुरुआत दिलाई थी। कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को लक्ष्मीपति बालाजी से एक बार फिर अच्छी गेंदबाजी की उम्मीद होगी जिन्होंने पाक के खिलाफ तीन विकेट झटके थे। ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन भी इस समय अच्छी गेंदबाजी कर रहे हैं।टिप्पणियां
दक्षिण अफ्रीकी टीम भी इस मुकाबले में जीत दर्ज करना चाहेगी। दक्षिण अफ्रीका के पास हाशिम अमला, जैक्स कैलिस, ज्यां पॉल ड्यूमिनी और डिविलियर्स जैसे विश्व स्तरीय बल्लेबाज हैं जो अकेले अपनी बल्लेबाजी के दम पर मैच का परिणाम बदलने की कुव्वत रखते हैं।
गेंदबाजी में उसके पास डेल स्टेन, मोर्कल बंधु और वायने पार्नेल के रूप में तेज आक्रमण है जबकि स्पिन के रूप में जोहान बोथा और रॉबिन पीटरसन हैं।
वीरेंद्र सहवाग ने छोटी लेकिन उपयोगी साझेदारी कर टीम को अच्छी शुरुआत दिलाई थी। कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को लक्ष्मीपति बालाजी से एक बार फिर अच्छी गेंदबाजी की उम्मीद होगी जिन्होंने पाक के खिलाफ तीन विकेट झटके थे। ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन भी इस समय अच्छी गेंदबाजी कर रहे हैं।टिप्पणियां
दक्षिण अफ्रीकी टीम भी इस मुकाबले में जीत दर्ज करना चाहेगी। दक्षिण अफ्रीका के पास हाशिम अमला, जैक्स कैलिस, ज्यां पॉल ड्यूमिनी और डिविलियर्स जैसे विश्व स्तरीय बल्लेबाज हैं जो अकेले अपनी बल्लेबाजी के दम पर मैच का परिणाम बदलने की कुव्वत रखते हैं।
गेंदबाजी में उसके पास डेल स्टेन, मोर्कल बंधु और वायने पार्नेल के रूप में तेज आक्रमण है जबकि स्पिन के रूप में जोहान बोथा और रॉबिन पीटरसन हैं।
दक्षिण अफ्रीकी टीम भी इस मुकाबले में जीत दर्ज करना चाहेगी। दक्षिण अफ्रीका के पास हाशिम अमला, जैक्स कैलिस, ज्यां पॉल ड्यूमिनी और डिविलियर्स जैसे विश्व स्तरीय बल्लेबाज हैं जो अकेले अपनी बल्लेबाजी के दम पर मैच का परिणाम बदलने की कुव्वत रखते हैं।
गेंदबाजी में उसके पास डेल स्टेन, मोर्कल बंधु और वायने पार्नेल के रूप में तेज आक्रमण है जबकि स्पिन के रूप में जोहान बोथा और रॉबिन पीटरसन हैं।
गेंदबाजी में उसके पास डेल स्टेन, मोर्कल बंधु और वायने पार्नेल के रूप में तेज आक्रमण है जबकि स्पिन के रूप में जोहान बोथा और रॉबिन पीटरसन हैं। | संक्षिप्त पाठ: भारतीय क्रिकेट टीम ट्वेंटी-20 विश्व कप के अंतर्गत मंगलवार को आर. प्रेमदासा स्टेडियम में खेले जाने वाले सुपर-8 के ग्रुप-'दो' के अपने अंतिम मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका से भिड़ेगी। | 14 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: पाकिस्तान को लेकर नेताओं में जुमलों का माहौल है. मेरठ की एक रैली में बीजेपी विधायक संगीत सोम ने कहा कि यूपी का अगला चुनाव हिन्दुस्तान और पाकिस्तान के बीच जंग की तरह है. इसमें बीजेपी को हराना यहां पाकिस्तान बनाने के बराबर है. गैर-भाजपाई दलों में इस बयान की तीखी प्रतिक्रिया हुई और भाजपा का कहना है कि वह इस बयान की समीक्षा कर रही है.
शायद संगीत सोम को यह लगता है कि यूपी विधानसभा चुनावों में अगर बीजेपी जीती तो हिन्दुस्तान जीतेगा. लेकिन अगर गैर बीजेपी पार्टी जीती तो यह जीत पाकिस्तान की होगी.
संगीत सोम ने कहा कि यहां लड़ाई हिन्दुस्तान और पाकिस्तान की है, ये ध्यान रखिए. एक तरफ़ पाकिस्तान है, एक तरफ़ हिंदुस्तान है. तुम्हें क्या करना है ये सोच लो. क्या करना है? एकतरफ़ा कर लो मामला.
संगीत सोम मेरठ की सरधाना सीट से एमएलए हैं. मुजफ्फरनगर दंगों में भी उनका नाम आया है. वह मानते हैं कि अगर वह हार गए और उनकी जगह बीएसपी के इमरान यकूब जीत गए तो भी यहां पाकिस्तान बन जाएगा.
संगीत सोम ने कहा कि भाजपा एकतरफ़ा है, अगर कोई थोड़ा बहुत चुनाव में रहेगा तो बसपा वाला रहेगा, ये सच्चाई है या नहीं? सपा वाले कह रहे हैं कि हम तो हार ही गए, हमें तो ये विधायक हराना है. विधायक को हरा के क्या पाकिस्तान बनाना है, मुझे बता दो. संगीत सोम के इस बयान को लेकर गैर भाजपाई दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.टिप्पणियां
यूपी सरकार में राज्यमंत्री नावेद सिद्धीकी ने कहा कि जिस तरह की वह बात कर रहे हैं मुल्क को बांटने की बात कर रहे हैं. वह कहीं न कहीं से यह मुद्दा (हिन्दुस्तान पाकिस्तान का) लेकर आ रहे हैं. पाकिस्तान किसको कह रहे हैं इस देश के अंदर. वह पाकिस्तान एक कौम को कह रहे हैं.
यूपी बीजेपी के अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि ये भाजपा नहीं कह रही है और न हम इस बात का समर्थन करते हैं, लेकिन हम इस बयान की समीक्षा करेंगे. उसके बाद ही कोई निर्णय लेंगे.
शायद संगीत सोम को यह लगता है कि यूपी विधानसभा चुनावों में अगर बीजेपी जीती तो हिन्दुस्तान जीतेगा. लेकिन अगर गैर बीजेपी पार्टी जीती तो यह जीत पाकिस्तान की होगी.
संगीत सोम ने कहा कि यहां लड़ाई हिन्दुस्तान और पाकिस्तान की है, ये ध्यान रखिए. एक तरफ़ पाकिस्तान है, एक तरफ़ हिंदुस्तान है. तुम्हें क्या करना है ये सोच लो. क्या करना है? एकतरफ़ा कर लो मामला.
संगीत सोम मेरठ की सरधाना सीट से एमएलए हैं. मुजफ्फरनगर दंगों में भी उनका नाम आया है. वह मानते हैं कि अगर वह हार गए और उनकी जगह बीएसपी के इमरान यकूब जीत गए तो भी यहां पाकिस्तान बन जाएगा.
संगीत सोम ने कहा कि भाजपा एकतरफ़ा है, अगर कोई थोड़ा बहुत चुनाव में रहेगा तो बसपा वाला रहेगा, ये सच्चाई है या नहीं? सपा वाले कह रहे हैं कि हम तो हार ही गए, हमें तो ये विधायक हराना है. विधायक को हरा के क्या पाकिस्तान बनाना है, मुझे बता दो. संगीत सोम के इस बयान को लेकर गैर भाजपाई दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.टिप्पणियां
यूपी सरकार में राज्यमंत्री नावेद सिद्धीकी ने कहा कि जिस तरह की वह बात कर रहे हैं मुल्क को बांटने की बात कर रहे हैं. वह कहीं न कहीं से यह मुद्दा (हिन्दुस्तान पाकिस्तान का) लेकर आ रहे हैं. पाकिस्तान किसको कह रहे हैं इस देश के अंदर. वह पाकिस्तान एक कौम को कह रहे हैं.
यूपी बीजेपी के अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि ये भाजपा नहीं कह रही है और न हम इस बात का समर्थन करते हैं, लेकिन हम इस बयान की समीक्षा करेंगे. उसके बाद ही कोई निर्णय लेंगे.
संगीत सोम ने कहा कि यहां लड़ाई हिन्दुस्तान और पाकिस्तान की है, ये ध्यान रखिए. एक तरफ़ पाकिस्तान है, एक तरफ़ हिंदुस्तान है. तुम्हें क्या करना है ये सोच लो. क्या करना है? एकतरफ़ा कर लो मामला.
संगीत सोम मेरठ की सरधाना सीट से एमएलए हैं. मुजफ्फरनगर दंगों में भी उनका नाम आया है. वह मानते हैं कि अगर वह हार गए और उनकी जगह बीएसपी के इमरान यकूब जीत गए तो भी यहां पाकिस्तान बन जाएगा.
संगीत सोम ने कहा कि भाजपा एकतरफ़ा है, अगर कोई थोड़ा बहुत चुनाव में रहेगा तो बसपा वाला रहेगा, ये सच्चाई है या नहीं? सपा वाले कह रहे हैं कि हम तो हार ही गए, हमें तो ये विधायक हराना है. विधायक को हरा के क्या पाकिस्तान बनाना है, मुझे बता दो. संगीत सोम के इस बयान को लेकर गैर भाजपाई दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.टिप्पणियां
यूपी सरकार में राज्यमंत्री नावेद सिद्धीकी ने कहा कि जिस तरह की वह बात कर रहे हैं मुल्क को बांटने की बात कर रहे हैं. वह कहीं न कहीं से यह मुद्दा (हिन्दुस्तान पाकिस्तान का) लेकर आ रहे हैं. पाकिस्तान किसको कह रहे हैं इस देश के अंदर. वह पाकिस्तान एक कौम को कह रहे हैं.
यूपी बीजेपी के अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि ये भाजपा नहीं कह रही है और न हम इस बात का समर्थन करते हैं, लेकिन हम इस बयान की समीक्षा करेंगे. उसके बाद ही कोई निर्णय लेंगे.
संगीत सोम मेरठ की सरधाना सीट से एमएलए हैं. मुजफ्फरनगर दंगों में भी उनका नाम आया है. वह मानते हैं कि अगर वह हार गए और उनकी जगह बीएसपी के इमरान यकूब जीत गए तो भी यहां पाकिस्तान बन जाएगा.
संगीत सोम ने कहा कि भाजपा एकतरफ़ा है, अगर कोई थोड़ा बहुत चुनाव में रहेगा तो बसपा वाला रहेगा, ये सच्चाई है या नहीं? सपा वाले कह रहे हैं कि हम तो हार ही गए, हमें तो ये विधायक हराना है. विधायक को हरा के क्या पाकिस्तान बनाना है, मुझे बता दो. संगीत सोम के इस बयान को लेकर गैर भाजपाई दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.टिप्पणियां
यूपी सरकार में राज्यमंत्री नावेद सिद्धीकी ने कहा कि जिस तरह की वह बात कर रहे हैं मुल्क को बांटने की बात कर रहे हैं. वह कहीं न कहीं से यह मुद्दा (हिन्दुस्तान पाकिस्तान का) लेकर आ रहे हैं. पाकिस्तान किसको कह रहे हैं इस देश के अंदर. वह पाकिस्तान एक कौम को कह रहे हैं.
यूपी बीजेपी के अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि ये भाजपा नहीं कह रही है और न हम इस बात का समर्थन करते हैं, लेकिन हम इस बयान की समीक्षा करेंगे. उसके बाद ही कोई निर्णय लेंगे.
संगीत सोम ने कहा कि भाजपा एकतरफ़ा है, अगर कोई थोड़ा बहुत चुनाव में रहेगा तो बसपा वाला रहेगा, ये सच्चाई है या नहीं? सपा वाले कह रहे हैं कि हम तो हार ही गए, हमें तो ये विधायक हराना है. विधायक को हरा के क्या पाकिस्तान बनाना है, मुझे बता दो. संगीत सोम के इस बयान को लेकर गैर भाजपाई दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.टिप्पणियां
यूपी सरकार में राज्यमंत्री नावेद सिद्धीकी ने कहा कि जिस तरह की वह बात कर रहे हैं मुल्क को बांटने की बात कर रहे हैं. वह कहीं न कहीं से यह मुद्दा (हिन्दुस्तान पाकिस्तान का) लेकर आ रहे हैं. पाकिस्तान किसको कह रहे हैं इस देश के अंदर. वह पाकिस्तान एक कौम को कह रहे हैं.
यूपी बीजेपी के अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि ये भाजपा नहीं कह रही है और न हम इस बात का समर्थन करते हैं, लेकिन हम इस बयान की समीक्षा करेंगे. उसके बाद ही कोई निर्णय लेंगे.
यूपी सरकार में राज्यमंत्री नावेद सिद्धीकी ने कहा कि जिस तरह की वह बात कर रहे हैं मुल्क को बांटने की बात कर रहे हैं. वह कहीं न कहीं से यह मुद्दा (हिन्दुस्तान पाकिस्तान का) लेकर आ रहे हैं. पाकिस्तान किसको कह रहे हैं इस देश के अंदर. वह पाकिस्तान एक कौम को कह रहे हैं.
यूपी बीजेपी के अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि ये भाजपा नहीं कह रही है और न हम इस बात का समर्थन करते हैं, लेकिन हम इस बयान की समीक्षा करेंगे. उसके बाद ही कोई निर्णय लेंगे.
यूपी बीजेपी के अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि ये भाजपा नहीं कह रही है और न हम इस बात का समर्थन करते हैं, लेकिन हम इस बयान की समीक्षा करेंगे. उसके बाद ही कोई निर्णय लेंगे. | संक्षिप्त पाठ: यूपी चुनावों में बीजेपी जीती तो हिन्दुस्तान जीतेगा
बीजेपी ने कहा-बयान की समीक्षा कर रही है
गैर भाजपाई दलों ने की बयान की निंदा | 13 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: Marjaavaan Box Office Collection Day 8: बॉलीवुड एक्टर सिद्धार्थ मल्होत्रा (Sidharth Malhotra), रितेश देशमुख (Ritesh Deshmukh) और एक्ट्रेस तारा सूतारिया (Tara Sutaria) की फिल्म 'मरजावां' (Marjaavaan) की कमाई में अब धीरे-धीरे गिराबट आ रही है. फिल्म को रिलीज हुए 8 दिन हो गए हैं, लेकिन फिल्म को लेकर जो उम्मीद थी उस हिसाब से यह बॉक्स आफिस पर कलेक्शन नहीं कर पा रही है. फिल्म ने रिलीज के दिन यानी शुक्रवार को 7.03 करोड़, शनिवार को 7.21 करोड़, रविवार को 10.18 करोड़, सोमवार को 4.15 करोड़, मंगलवार को 3.61 करोड़, बुधवार को 3.16 और गुरुवार को 2 से ढाई करोड़ रुपये की कमाई की थी. इस हिसाब से फिल्म ने 7 दिनों में 37.34 करोड़ रुपये की कमाई की थी.
Pagalpanti Box Office Collection Day 1: जॉन अब्राहम की फिल्म 'पागलपंती' की पहले दिन ऐसी रही कमाई, कमा डाले इतने करोड़
सिद्धार्थ मल्होत्रा (Sidharth Malhotra) की फिल्म 'मरजावां' (Marjaavaan) को लेकर खबर आ रही हैं कि फिल्म ने 8वें दिन यानी शुक्रवार को करीब 2 करोड़ रुपये का कारोबार किया है. 8 दिन बाद यह फिल्म 50 करोड़ के क्लब में भी शामिल नहीं हो पाई. लेकिन उम्मीद है कि फिल्म वीकेंड पर जोरदार कमाई करेगी. शुक्रवार के आधिकारिक आंकड़े फिलहाल नहीं आए हैं. इस फिल्म में सिद्धार्थ मल्होत्रा और रितेश देशमुख का नया अवतार देखने को मिल रहा है.
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सिद्धार्थ मल्होत्रा (Sidharth Malhotra) और रितेश देशमुख (Ritesh Deshmukh) की जोड़ी इससे पहले भी 'एक विलेन' फिल्म से धमाल मचा चुकी है. ये दोनों की साथ में दूसरी फिल्म है. हालांकि सिद्धार्थ मल्होत्रा की फिल्म 'मरजावां (Marjaavaan) के साथ नवाजुद्दीन सिद्दीकी (Nawazuddin Siddiqui) और आथिया शेट्टी की फिल्म 'मोतीचूर चकनाचूर (Motichoor Chaknachoor)' भी रिलीज हुई है. इस फिल्म को भी फैन्स का काफी अच्छा रिस्पांस मिल रहा है. | संक्षिप्त पाठ: सिद्धार्थ मल्होत्रा की फिल्म 'मरजावां' हुई रिलीज
फिल्म ने आठवें दिन कमाए इतने करोड़
जानें फिल्म का कुल कलेक्शन | 27 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: लगातार बढ़ती प्रवासियों की संख्या पर काबू पाने के लिए ब्रिटेन की सरकार ने यूरोपीय संघ से बाहर के लोगों के लिए अपनी वीजा नीति में बदलाव की घोषणा की है. इससे बड़ी संख्या में भारतीय, खासतौर पर आईटी पेशेवर प्रभावित होंगे.
ब्रिटेन के गृह मंत्रालय की ओर से कल शाम को घोषित नए वीजा नियमों के अनुसार, टियर 2 इंट्रा कंपनी ट्रांसफर (कंपनी के भीतर स्थानांतरण) वर्ग के लिए 24 नवंबर के बाद आवेदन करने वालों के लिए अनिवार्य वेतन की न्यूनतम सीमा 30 हजार पाउंड की होगी. पहले यह सीमा 20,800 पाउंड थी. आईसीटी माध्यम का इस्तेमाल अधिकतर ब्रिटेन स्थित भारतीय आईटी कंपनियां करती हैं और ब्रिटेन की आव्रजन सलाहकार समिति ने पाया कि इस साल की शुरुआत में इस रास्ते से जारी वीजाओं में से लगभग 90 प्रतिशत वीजाओं पर भारतीय आईटी पेशेवर तैनात हैं.टिप्पणियां
इस बदलाव की घोषणा ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे के तीन-दिवसीय भारत यात्रा के लिए रविवार को भारत पहुंचने से कुछ ही दिन पहले की गई है. ब्रिटेन के गृह मंत्रालय के एक बयान में कहा गया, ‘टियर 2 में लाए गए बदलावों के दो चरणों में से पहले चरण की घोषणा सरकार ने मार्च में की थी. यह घोषणा स्वतंत्र आव्रजन सलाहकार समिति की समीक्षा के बाद की गई थी। यदि इस संदर्भ में इसके विपरीत कोई आदेश नहीं आता है तो इसे 24 नवंबर से लागू किया जाएगा.’ (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
ब्रिटेन के गृह मंत्रालय की ओर से कल शाम को घोषित नए वीजा नियमों के अनुसार, टियर 2 इंट्रा कंपनी ट्रांसफर (कंपनी के भीतर स्थानांतरण) वर्ग के लिए 24 नवंबर के बाद आवेदन करने वालों के लिए अनिवार्य वेतन की न्यूनतम सीमा 30 हजार पाउंड की होगी. पहले यह सीमा 20,800 पाउंड थी. आईसीटी माध्यम का इस्तेमाल अधिकतर ब्रिटेन स्थित भारतीय आईटी कंपनियां करती हैं और ब्रिटेन की आव्रजन सलाहकार समिति ने पाया कि इस साल की शुरुआत में इस रास्ते से जारी वीजाओं में से लगभग 90 प्रतिशत वीजाओं पर भारतीय आईटी पेशेवर तैनात हैं.टिप्पणियां
इस बदलाव की घोषणा ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे के तीन-दिवसीय भारत यात्रा के लिए रविवार को भारत पहुंचने से कुछ ही दिन पहले की गई है. ब्रिटेन के गृह मंत्रालय के एक बयान में कहा गया, ‘टियर 2 में लाए गए बदलावों के दो चरणों में से पहले चरण की घोषणा सरकार ने मार्च में की थी. यह घोषणा स्वतंत्र आव्रजन सलाहकार समिति की समीक्षा के बाद की गई थी। यदि इस संदर्भ में इसके विपरीत कोई आदेश नहीं आता है तो इसे 24 नवंबर से लागू किया जाएगा.’ (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इस बदलाव की घोषणा ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे के तीन-दिवसीय भारत यात्रा के लिए रविवार को भारत पहुंचने से कुछ ही दिन पहले की गई है. ब्रिटेन के गृह मंत्रालय के एक बयान में कहा गया, ‘टियर 2 में लाए गए बदलावों के दो चरणों में से पहले चरण की घोषणा सरकार ने मार्च में की थी. यह घोषणा स्वतंत्र आव्रजन सलाहकार समिति की समीक्षा के बाद की गई थी। यदि इस संदर्भ में इसके विपरीत कोई आदेश नहीं आता है तो इसे 24 नवंबर से लागू किया जाएगा.’ (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यहाँ एक सारांश है:प्रवासियों की बढ़ती संख्या पर काबू पाने के लिए उठाया यह कदम
24 नवंबर के बाद अनिवार्य वेतन की न्यूनतम सीमा 30000 पाउंड की
ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे रविवार को पहुंचने वाली हैं भारत | 12 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: फलस्तीन के राष्ट्रपति ने बुधवार को कहा कि दिवंगत नेता यासिर अराफात की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए उनके शव को कब्र से बाहर निकाला जा सकता है।
राष्ट्रपति का यह बयान स्विट्जरलैंड के एक प्रयोगशाला के दावे के बाद आया है कि उसे अराफात के अंतिम दिनों में उपयोग किए गए वस्तुओं से रेडियोधर्मी पदाथरें का संकेत मिला है।
अराफात की पत्नी सुहा ने प्रयोगशाला के दावे के आधार पर अटॉप्सी के लिए हां कह दी है। यह खबर सबसे पहले अरब सेटेलाइट चैनल अल-जजीरा पर आयी थी।
चैनल को दिए गए एक साक्षात्कार में सुहा ने इस बारे में कुछ नहीं कहा कि उन्होंने अराफात के सामानों (जिसमें टूथब्रश और फर का एक हैट शामिल है) की जांच करवाने में आठ वर्ष क्यों लगा दिए। यहां तक कि उन्होंने अराफात की मौत के बाद उनकी अटॉप्सी के लिए भी मना कर दिया था।
अराफात की मृत्यु नवंबर 2004 में पेरिस के बाहर एक सैन्य अस्पताल में हुई थी। डॉक्टरों ने कहा था कि उन्हें गंभीर मस्तिष्क रक्तस्राव हुआ है। टिप्पणियां
संवाद समिति (एपी) की ओर से अराफात के मेडिकल रिपोर्टों की जांच करने वाले डॉक्टरों और स्वतंत्र विशेषज्ञों को रक्तस्राव का कोई कारण नहीं मिला है।
अरब देशों में यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि अराफात को इस्राइल ने मारा होगा क्योंकि वह उन्हें शांति समझौते के मार्ग में बहुत बड़ा रोड़ा मानता था। इस्राइली अधिकारियों ने इस मामले में कोई भी संलिप्तता होने से मना किया है।
राष्ट्रपति का यह बयान स्विट्जरलैंड के एक प्रयोगशाला के दावे के बाद आया है कि उसे अराफात के अंतिम दिनों में उपयोग किए गए वस्तुओं से रेडियोधर्मी पदाथरें का संकेत मिला है।
अराफात की पत्नी सुहा ने प्रयोगशाला के दावे के आधार पर अटॉप्सी के लिए हां कह दी है। यह खबर सबसे पहले अरब सेटेलाइट चैनल अल-जजीरा पर आयी थी।
चैनल को दिए गए एक साक्षात्कार में सुहा ने इस बारे में कुछ नहीं कहा कि उन्होंने अराफात के सामानों (जिसमें टूथब्रश और फर का एक हैट शामिल है) की जांच करवाने में आठ वर्ष क्यों लगा दिए। यहां तक कि उन्होंने अराफात की मौत के बाद उनकी अटॉप्सी के लिए भी मना कर दिया था।
अराफात की मृत्यु नवंबर 2004 में पेरिस के बाहर एक सैन्य अस्पताल में हुई थी। डॉक्टरों ने कहा था कि उन्हें गंभीर मस्तिष्क रक्तस्राव हुआ है। टिप्पणियां
संवाद समिति (एपी) की ओर से अराफात के मेडिकल रिपोर्टों की जांच करने वाले डॉक्टरों और स्वतंत्र विशेषज्ञों को रक्तस्राव का कोई कारण नहीं मिला है।
अरब देशों में यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि अराफात को इस्राइल ने मारा होगा क्योंकि वह उन्हें शांति समझौते के मार्ग में बहुत बड़ा रोड़ा मानता था। इस्राइली अधिकारियों ने इस मामले में कोई भी संलिप्तता होने से मना किया है।
अराफात की पत्नी सुहा ने प्रयोगशाला के दावे के आधार पर अटॉप्सी के लिए हां कह दी है। यह खबर सबसे पहले अरब सेटेलाइट चैनल अल-जजीरा पर आयी थी।
चैनल को दिए गए एक साक्षात्कार में सुहा ने इस बारे में कुछ नहीं कहा कि उन्होंने अराफात के सामानों (जिसमें टूथब्रश और फर का एक हैट शामिल है) की जांच करवाने में आठ वर्ष क्यों लगा दिए। यहां तक कि उन्होंने अराफात की मौत के बाद उनकी अटॉप्सी के लिए भी मना कर दिया था।
अराफात की मृत्यु नवंबर 2004 में पेरिस के बाहर एक सैन्य अस्पताल में हुई थी। डॉक्टरों ने कहा था कि उन्हें गंभीर मस्तिष्क रक्तस्राव हुआ है। टिप्पणियां
संवाद समिति (एपी) की ओर से अराफात के मेडिकल रिपोर्टों की जांच करने वाले डॉक्टरों और स्वतंत्र विशेषज्ञों को रक्तस्राव का कोई कारण नहीं मिला है।
अरब देशों में यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि अराफात को इस्राइल ने मारा होगा क्योंकि वह उन्हें शांति समझौते के मार्ग में बहुत बड़ा रोड़ा मानता था। इस्राइली अधिकारियों ने इस मामले में कोई भी संलिप्तता होने से मना किया है।
चैनल को दिए गए एक साक्षात्कार में सुहा ने इस बारे में कुछ नहीं कहा कि उन्होंने अराफात के सामानों (जिसमें टूथब्रश और फर का एक हैट शामिल है) की जांच करवाने में आठ वर्ष क्यों लगा दिए। यहां तक कि उन्होंने अराफात की मौत के बाद उनकी अटॉप्सी के लिए भी मना कर दिया था।
अराफात की मृत्यु नवंबर 2004 में पेरिस के बाहर एक सैन्य अस्पताल में हुई थी। डॉक्टरों ने कहा था कि उन्हें गंभीर मस्तिष्क रक्तस्राव हुआ है। टिप्पणियां
संवाद समिति (एपी) की ओर से अराफात के मेडिकल रिपोर्टों की जांच करने वाले डॉक्टरों और स्वतंत्र विशेषज्ञों को रक्तस्राव का कोई कारण नहीं मिला है।
अरब देशों में यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि अराफात को इस्राइल ने मारा होगा क्योंकि वह उन्हें शांति समझौते के मार्ग में बहुत बड़ा रोड़ा मानता था। इस्राइली अधिकारियों ने इस मामले में कोई भी संलिप्तता होने से मना किया है।
अराफात की मृत्यु नवंबर 2004 में पेरिस के बाहर एक सैन्य अस्पताल में हुई थी। डॉक्टरों ने कहा था कि उन्हें गंभीर मस्तिष्क रक्तस्राव हुआ है। टिप्पणियां
संवाद समिति (एपी) की ओर से अराफात के मेडिकल रिपोर्टों की जांच करने वाले डॉक्टरों और स्वतंत्र विशेषज्ञों को रक्तस्राव का कोई कारण नहीं मिला है।
अरब देशों में यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि अराफात को इस्राइल ने मारा होगा क्योंकि वह उन्हें शांति समझौते के मार्ग में बहुत बड़ा रोड़ा मानता था। इस्राइली अधिकारियों ने इस मामले में कोई भी संलिप्तता होने से मना किया है।
संवाद समिति (एपी) की ओर से अराफात के मेडिकल रिपोर्टों की जांच करने वाले डॉक्टरों और स्वतंत्र विशेषज्ञों को रक्तस्राव का कोई कारण नहीं मिला है।
अरब देशों में यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि अराफात को इस्राइल ने मारा होगा क्योंकि वह उन्हें शांति समझौते के मार्ग में बहुत बड़ा रोड़ा मानता था। इस्राइली अधिकारियों ने इस मामले में कोई भी संलिप्तता होने से मना किया है।
अरब देशों में यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि अराफात को इस्राइल ने मारा होगा क्योंकि वह उन्हें शांति समझौते के मार्ग में बहुत बड़ा रोड़ा मानता था। इस्राइली अधिकारियों ने इस मामले में कोई भी संलिप्तता होने से मना किया है। | संक्षिप्त सारांश: फलस्तीन के राष्ट्रपति ने बुधवार को कहा कि दिवंगत नेता यासिर अराफात की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए उनके शव को कब्र से बाहर निकाला जा सकता है। | 8 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: Mohammad Irfan: पाकिस्तान (Pakistani cricket Team) के सात फीट एक इंच लंबे तेज गेंदबाज मोहम्मद इरफान (Mohammad Irfan) तो आपको याद ही होंगे. अपने लंबे कदम के कारण अलग ही पहचाने जाने वाले इरफान ने गौतम गंभीर के क्रिकेट करियर को लेकर कुछ खास बातें कही हैं. इस समय पाकिस्तान की क्रिकेट टीम से बाहर चल रहे बाएं हाथ के तेज गेंदबाज मोहम्मद इरफान ने दावा किया है कि 2012 की द्विपक्षीय सीरीज के दौरान गौतम गंभीर उनका सामना करने को लेकर असहज थे और इस सीरीज के बाद भारत के इस सलामी बल्लेबाज का सीमित ओवरों की क्रिकेट का करियर ज्यादा लंबा नहीं चल पाया था. सीमित ओवरों की इस सीरीज (टी20 और वनडे) में इरफान ने गंभीर को चार बार आउट किया था. बाएं हाथ के बल्लेबाज गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) इसके बाद भारत की तरफ से केवल एक और सीरीज (इंग्लैंड के खिलाफ) ही खेल पाए और फिर उन्हें टीम से बाहर कर दिए गए.
अब Muralitharan के साथ-साथ Ashwin की भी 'ऐतिहासिक रिकॉर्ड' के लिए चर्चा होगी
इरफान ने एक चैनल से बातचीत में यह खुलासा किया. उन्होंने कहा, ‘जब मैं भारत के खिलाफ खेला तो वे (गंभीर) मुझे सहज होकर नहीं खेल पा रहे थे. भारत में 2012 की सीरीज में उनमें से कुछ ने मुझे बताया कि वे मेरे लंबे कद के कारण मेरी गेंद का सही अनुमान नहीं लगा पाते थे और गेंद की तेजी भी नहीं भांप पा रहे थे.' इरफान ने दावा किया कि इस सीरीज में खराब प्रदर्शन के कारण ही गंभीर का करियर समाप्त हो गया. उन्होंने कहा, ‘वह (गंभीर) मेरा सामना करना पसंद नहीं करता था. मुझे अक्सर लगता था कि वह मुझसे आंख मिलाने से बचता है. मुझे याद है कि मैंने 2012 की सीमित ओवरों की सीरीज में उसे चार बार आउट किया था और वह मेरे सामने असहज रहता था.'
गंभीर (Gautam Gambhir) ने अपना अंतिम टी20 अंतरराष्ट्रीय पाकिस्तान के खिलाफ उसी सीरीज में अहमदाबाद में खेला था. 37 साल के हो चुके मोहम्मद इरफान (Mohammad Irfan) ने पाकिस्तान के लिए अब तक चार टेस्ट, 60 वनडे और 20 टी20I मैच खेले हैं. टेस्ट क्रिकेट में 10, वनडे इंटरनेशनल में 83 और टी20 इंटरनेशनल मैचों में 15 विकेट इरफान के नाम पर दर्ज हैं. | यह एक सारांश है: मो. इरफान ने एक चैनल से चर्चा में कही यह बात
कहा, 2012 की सीरीज में मेरे खिलाफ असहज रहे गंभीर
सात फीट के इरफान ने चार बार गंभीर को आउट किया था | 2 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक विजेता पिंकी प्रमाणिक ने पुलिस हिरासत में रहने के दौरान प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है।
पश्चिम बंगाल में एक सुधार गृह से करीब 26 दिन बाद रिहा होने पर पिंकी ने कहा कि सबकुछ 'सुनियोजित' था और उसे 'फंसाया' गया है।
पिंकी पर पुरुष होने तथा एक महिला के साथ बलात्कार का आरोप है। इसी आरोप में वह 15 जून से न्यायिक हिरासत में थीं। पिंकी को उत्तरी 24 परगना जिले की जिला एवं सत्र अदालत ने मंगलवार को जमानत दे दी थी, जिसके बाद वह बुधवार को रिहा हुईं।
उत्तरी 24 परगना जिले में सुधार गृह से बाहर निकलने के बाद पिंकी ने कहा, "मेरी चिकित्सा जांच का एमएमएस इंटरनेट पर डाला जा चुका है, जिसमें मैं नग्न अवस्था में हूं। सबकुछ सुनियोजित था।"
पिंकी ने कहा, "यहां तक कि सीता माई को भी अग्निपरीक्षा देनी पड़ी थी। मैंने सोचा कि मैं भी अग्निपरीक्षा के दौर से गुजर रही हूं।"
यह पूछे जाने पर कि इस षड्यंत्र के पीछे किसका हाथ हो सकता है, पिंकी ने कहा, "मैं जेल में थी। मैं नहीं जानती। मैं सबसे पहले अपने वकील से बात करूंगी।"
सुधार गृह से बाहर आने पर एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीत चुकी साथी खिलाड़ी ज्योर्तिमय सिकदर ने पिंकी को गले लगाकर उनका स्वागत किया।
पिंकी को एक महिला की शिकायत पर 14 जून को गिरफ्तार किया गया था। एक बच्चे की मां व तलाकशुदा महिला पिंकी के साथ लिव-इन रिलेशन में रह रही थी। महिला ने पिंकी पर पुरुष होने तथा उसके साथ बलात्कार करने का आरोप लगाया था। पिंकी ने हालांकि इन आरोपों से इनकार किया और इसे अपने खिलाफ साजिश करार दिया। उन्होंने कहा, "मुझे फंसाया गया। वह मेरा कामकाज करती थी। काफी समय पहले उसने मुझसे पैसे मांगे थे, लेकिन मैंने उसे नहीं दिया था। इसलिए वह यह सब पुलिस की मिलीभगत से कर रही है।"
पिता दुर्गाचरण प्रमाणिक और सिकदर के साथ पिंकी ने भरोसा जताया कि वह सामान्य जिंदगी जी सकेंगी।
पिता दुर्गाचरण ने कहा, "परिवार के सभी सदस्य परेशान हैं। एक पिता के तौर पर अपनी बेटी का नग्न क्लिप देखना मेरे लिए दुर्भाग्यपूर्ण था। यह शर्मनाक है। लेकिन हम लड़ने के लिए भी प्रतिबद्ध हैं। उम्मीद है कि एक दिन सच सभी के सामने होगा और वास्तविक दोषी को सजा मिलेगी।"टिप्पणियां
पिंकी ने अपने साथ प्रशासनिक अधिकारियों के बर्ताव के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को धन्यवाद भी दिया। उन्होंने कहा, "मैं सभी को धन्यवाद देती हूं। मैंने उनके प्रदर्शन के बारे में समाचार-पत्रों में पढ़ा जब मैं जेल में थी। मैं अब अपने घर जाऊंगी।"
पिंकी इसके बाद अपने घर की चाभी लेने बागुऐती थाना गई।
पश्चिम बंगाल में एक सुधार गृह से करीब 26 दिन बाद रिहा होने पर पिंकी ने कहा कि सबकुछ 'सुनियोजित' था और उसे 'फंसाया' गया है।
पिंकी पर पुरुष होने तथा एक महिला के साथ बलात्कार का आरोप है। इसी आरोप में वह 15 जून से न्यायिक हिरासत में थीं। पिंकी को उत्तरी 24 परगना जिले की जिला एवं सत्र अदालत ने मंगलवार को जमानत दे दी थी, जिसके बाद वह बुधवार को रिहा हुईं।
उत्तरी 24 परगना जिले में सुधार गृह से बाहर निकलने के बाद पिंकी ने कहा, "मेरी चिकित्सा जांच का एमएमएस इंटरनेट पर डाला जा चुका है, जिसमें मैं नग्न अवस्था में हूं। सबकुछ सुनियोजित था।"
पिंकी ने कहा, "यहां तक कि सीता माई को भी अग्निपरीक्षा देनी पड़ी थी। मैंने सोचा कि मैं भी अग्निपरीक्षा के दौर से गुजर रही हूं।"
यह पूछे जाने पर कि इस षड्यंत्र के पीछे किसका हाथ हो सकता है, पिंकी ने कहा, "मैं जेल में थी। मैं नहीं जानती। मैं सबसे पहले अपने वकील से बात करूंगी।"
सुधार गृह से बाहर आने पर एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीत चुकी साथी खिलाड़ी ज्योर्तिमय सिकदर ने पिंकी को गले लगाकर उनका स्वागत किया।
पिंकी को एक महिला की शिकायत पर 14 जून को गिरफ्तार किया गया था। एक बच्चे की मां व तलाकशुदा महिला पिंकी के साथ लिव-इन रिलेशन में रह रही थी। महिला ने पिंकी पर पुरुष होने तथा उसके साथ बलात्कार करने का आरोप लगाया था। पिंकी ने हालांकि इन आरोपों से इनकार किया और इसे अपने खिलाफ साजिश करार दिया। उन्होंने कहा, "मुझे फंसाया गया। वह मेरा कामकाज करती थी। काफी समय पहले उसने मुझसे पैसे मांगे थे, लेकिन मैंने उसे नहीं दिया था। इसलिए वह यह सब पुलिस की मिलीभगत से कर रही है।"
पिता दुर्गाचरण प्रमाणिक और सिकदर के साथ पिंकी ने भरोसा जताया कि वह सामान्य जिंदगी जी सकेंगी।
पिता दुर्गाचरण ने कहा, "परिवार के सभी सदस्य परेशान हैं। एक पिता के तौर पर अपनी बेटी का नग्न क्लिप देखना मेरे लिए दुर्भाग्यपूर्ण था। यह शर्मनाक है। लेकिन हम लड़ने के लिए भी प्रतिबद्ध हैं। उम्मीद है कि एक दिन सच सभी के सामने होगा और वास्तविक दोषी को सजा मिलेगी।"टिप्पणियां
पिंकी ने अपने साथ प्रशासनिक अधिकारियों के बर्ताव के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को धन्यवाद भी दिया। उन्होंने कहा, "मैं सभी को धन्यवाद देती हूं। मैंने उनके प्रदर्शन के बारे में समाचार-पत्रों में पढ़ा जब मैं जेल में थी। मैं अब अपने घर जाऊंगी।"
पिंकी इसके बाद अपने घर की चाभी लेने बागुऐती थाना गई।
पिंकी पर पुरुष होने तथा एक महिला के साथ बलात्कार का आरोप है। इसी आरोप में वह 15 जून से न्यायिक हिरासत में थीं। पिंकी को उत्तरी 24 परगना जिले की जिला एवं सत्र अदालत ने मंगलवार को जमानत दे दी थी, जिसके बाद वह बुधवार को रिहा हुईं।
उत्तरी 24 परगना जिले में सुधार गृह से बाहर निकलने के बाद पिंकी ने कहा, "मेरी चिकित्सा जांच का एमएमएस इंटरनेट पर डाला जा चुका है, जिसमें मैं नग्न अवस्था में हूं। सबकुछ सुनियोजित था।"
पिंकी ने कहा, "यहां तक कि सीता माई को भी अग्निपरीक्षा देनी पड़ी थी। मैंने सोचा कि मैं भी अग्निपरीक्षा के दौर से गुजर रही हूं।"
यह पूछे जाने पर कि इस षड्यंत्र के पीछे किसका हाथ हो सकता है, पिंकी ने कहा, "मैं जेल में थी। मैं नहीं जानती। मैं सबसे पहले अपने वकील से बात करूंगी।"
सुधार गृह से बाहर आने पर एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीत चुकी साथी खिलाड़ी ज्योर्तिमय सिकदर ने पिंकी को गले लगाकर उनका स्वागत किया।
पिंकी को एक महिला की शिकायत पर 14 जून को गिरफ्तार किया गया था। एक बच्चे की मां व तलाकशुदा महिला पिंकी के साथ लिव-इन रिलेशन में रह रही थी। महिला ने पिंकी पर पुरुष होने तथा उसके साथ बलात्कार करने का आरोप लगाया था। पिंकी ने हालांकि इन आरोपों से इनकार किया और इसे अपने खिलाफ साजिश करार दिया। उन्होंने कहा, "मुझे फंसाया गया। वह मेरा कामकाज करती थी। काफी समय पहले उसने मुझसे पैसे मांगे थे, लेकिन मैंने उसे नहीं दिया था। इसलिए वह यह सब पुलिस की मिलीभगत से कर रही है।"
पिता दुर्गाचरण प्रमाणिक और सिकदर के साथ पिंकी ने भरोसा जताया कि वह सामान्य जिंदगी जी सकेंगी।
पिता दुर्गाचरण ने कहा, "परिवार के सभी सदस्य परेशान हैं। एक पिता के तौर पर अपनी बेटी का नग्न क्लिप देखना मेरे लिए दुर्भाग्यपूर्ण था। यह शर्मनाक है। लेकिन हम लड़ने के लिए भी प्रतिबद्ध हैं। उम्मीद है कि एक दिन सच सभी के सामने होगा और वास्तविक दोषी को सजा मिलेगी।"टिप्पणियां
पिंकी ने अपने साथ प्रशासनिक अधिकारियों के बर्ताव के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को धन्यवाद भी दिया। उन्होंने कहा, "मैं सभी को धन्यवाद देती हूं। मैंने उनके प्रदर्शन के बारे में समाचार-पत्रों में पढ़ा जब मैं जेल में थी। मैं अब अपने घर जाऊंगी।"
पिंकी इसके बाद अपने घर की चाभी लेने बागुऐती थाना गई।
उत्तरी 24 परगना जिले में सुधार गृह से बाहर निकलने के बाद पिंकी ने कहा, "मेरी चिकित्सा जांच का एमएमएस इंटरनेट पर डाला जा चुका है, जिसमें मैं नग्न अवस्था में हूं। सबकुछ सुनियोजित था।"
पिंकी ने कहा, "यहां तक कि सीता माई को भी अग्निपरीक्षा देनी पड़ी थी। मैंने सोचा कि मैं भी अग्निपरीक्षा के दौर से गुजर रही हूं।"
यह पूछे जाने पर कि इस षड्यंत्र के पीछे किसका हाथ हो सकता है, पिंकी ने कहा, "मैं जेल में थी। मैं नहीं जानती। मैं सबसे पहले अपने वकील से बात करूंगी।"
सुधार गृह से बाहर आने पर एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीत चुकी साथी खिलाड़ी ज्योर्तिमय सिकदर ने पिंकी को गले लगाकर उनका स्वागत किया।
पिंकी को एक महिला की शिकायत पर 14 जून को गिरफ्तार किया गया था। एक बच्चे की मां व तलाकशुदा महिला पिंकी के साथ लिव-इन रिलेशन में रह रही थी। महिला ने पिंकी पर पुरुष होने तथा उसके साथ बलात्कार करने का आरोप लगाया था। पिंकी ने हालांकि इन आरोपों से इनकार किया और इसे अपने खिलाफ साजिश करार दिया। उन्होंने कहा, "मुझे फंसाया गया। वह मेरा कामकाज करती थी। काफी समय पहले उसने मुझसे पैसे मांगे थे, लेकिन मैंने उसे नहीं दिया था। इसलिए वह यह सब पुलिस की मिलीभगत से कर रही है।"
पिता दुर्गाचरण प्रमाणिक और सिकदर के साथ पिंकी ने भरोसा जताया कि वह सामान्य जिंदगी जी सकेंगी।
पिता दुर्गाचरण ने कहा, "परिवार के सभी सदस्य परेशान हैं। एक पिता के तौर पर अपनी बेटी का नग्न क्लिप देखना मेरे लिए दुर्भाग्यपूर्ण था। यह शर्मनाक है। लेकिन हम लड़ने के लिए भी प्रतिबद्ध हैं। उम्मीद है कि एक दिन सच सभी के सामने होगा और वास्तविक दोषी को सजा मिलेगी।"टिप्पणियां
पिंकी ने अपने साथ प्रशासनिक अधिकारियों के बर्ताव के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को धन्यवाद भी दिया। उन्होंने कहा, "मैं सभी को धन्यवाद देती हूं। मैंने उनके प्रदर्शन के बारे में समाचार-पत्रों में पढ़ा जब मैं जेल में थी। मैं अब अपने घर जाऊंगी।"
पिंकी इसके बाद अपने घर की चाभी लेने बागुऐती थाना गई।
पिंकी ने कहा, "यहां तक कि सीता माई को भी अग्निपरीक्षा देनी पड़ी थी। मैंने सोचा कि मैं भी अग्निपरीक्षा के दौर से गुजर रही हूं।"
यह पूछे जाने पर कि इस षड्यंत्र के पीछे किसका हाथ हो सकता है, पिंकी ने कहा, "मैं जेल में थी। मैं नहीं जानती। मैं सबसे पहले अपने वकील से बात करूंगी।"
सुधार गृह से बाहर आने पर एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीत चुकी साथी खिलाड़ी ज्योर्तिमय सिकदर ने पिंकी को गले लगाकर उनका स्वागत किया।
पिंकी को एक महिला की शिकायत पर 14 जून को गिरफ्तार किया गया था। एक बच्चे की मां व तलाकशुदा महिला पिंकी के साथ लिव-इन रिलेशन में रह रही थी। महिला ने पिंकी पर पुरुष होने तथा उसके साथ बलात्कार करने का आरोप लगाया था। पिंकी ने हालांकि इन आरोपों से इनकार किया और इसे अपने खिलाफ साजिश करार दिया। उन्होंने कहा, "मुझे फंसाया गया। वह मेरा कामकाज करती थी। काफी समय पहले उसने मुझसे पैसे मांगे थे, लेकिन मैंने उसे नहीं दिया था। इसलिए वह यह सब पुलिस की मिलीभगत से कर रही है।"
पिता दुर्गाचरण प्रमाणिक और सिकदर के साथ पिंकी ने भरोसा जताया कि वह सामान्य जिंदगी जी सकेंगी।
पिता दुर्गाचरण ने कहा, "परिवार के सभी सदस्य परेशान हैं। एक पिता के तौर पर अपनी बेटी का नग्न क्लिप देखना मेरे लिए दुर्भाग्यपूर्ण था। यह शर्मनाक है। लेकिन हम लड़ने के लिए भी प्रतिबद्ध हैं। उम्मीद है कि एक दिन सच सभी के सामने होगा और वास्तविक दोषी को सजा मिलेगी।"टिप्पणियां
पिंकी ने अपने साथ प्रशासनिक अधिकारियों के बर्ताव के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को धन्यवाद भी दिया। उन्होंने कहा, "मैं सभी को धन्यवाद देती हूं। मैंने उनके प्रदर्शन के बारे में समाचार-पत्रों में पढ़ा जब मैं जेल में थी। मैं अब अपने घर जाऊंगी।"
पिंकी इसके बाद अपने घर की चाभी लेने बागुऐती थाना गई।
यह पूछे जाने पर कि इस षड्यंत्र के पीछे किसका हाथ हो सकता है, पिंकी ने कहा, "मैं जेल में थी। मैं नहीं जानती। मैं सबसे पहले अपने वकील से बात करूंगी।"
सुधार गृह से बाहर आने पर एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीत चुकी साथी खिलाड़ी ज्योर्तिमय सिकदर ने पिंकी को गले लगाकर उनका स्वागत किया।
पिंकी को एक महिला की शिकायत पर 14 जून को गिरफ्तार किया गया था। एक बच्चे की मां व तलाकशुदा महिला पिंकी के साथ लिव-इन रिलेशन में रह रही थी। महिला ने पिंकी पर पुरुष होने तथा उसके साथ बलात्कार करने का आरोप लगाया था। पिंकी ने हालांकि इन आरोपों से इनकार किया और इसे अपने खिलाफ साजिश करार दिया। उन्होंने कहा, "मुझे फंसाया गया। वह मेरा कामकाज करती थी। काफी समय पहले उसने मुझसे पैसे मांगे थे, लेकिन मैंने उसे नहीं दिया था। इसलिए वह यह सब पुलिस की मिलीभगत से कर रही है।"
पिता दुर्गाचरण प्रमाणिक और सिकदर के साथ पिंकी ने भरोसा जताया कि वह सामान्य जिंदगी जी सकेंगी।
पिता दुर्गाचरण ने कहा, "परिवार के सभी सदस्य परेशान हैं। एक पिता के तौर पर अपनी बेटी का नग्न क्लिप देखना मेरे लिए दुर्भाग्यपूर्ण था। यह शर्मनाक है। लेकिन हम लड़ने के लिए भी प्रतिबद्ध हैं। उम्मीद है कि एक दिन सच सभी के सामने होगा और वास्तविक दोषी को सजा मिलेगी।"टिप्पणियां
पिंकी ने अपने साथ प्रशासनिक अधिकारियों के बर्ताव के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को धन्यवाद भी दिया। उन्होंने कहा, "मैं सभी को धन्यवाद देती हूं। मैंने उनके प्रदर्शन के बारे में समाचार-पत्रों में पढ़ा जब मैं जेल में थी। मैं अब अपने घर जाऊंगी।"
पिंकी इसके बाद अपने घर की चाभी लेने बागुऐती थाना गई।
सुधार गृह से बाहर आने पर एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीत चुकी साथी खिलाड़ी ज्योर्तिमय सिकदर ने पिंकी को गले लगाकर उनका स्वागत किया।
पिंकी को एक महिला की शिकायत पर 14 जून को गिरफ्तार किया गया था। एक बच्चे की मां व तलाकशुदा महिला पिंकी के साथ लिव-इन रिलेशन में रह रही थी। महिला ने पिंकी पर पुरुष होने तथा उसके साथ बलात्कार करने का आरोप लगाया था। पिंकी ने हालांकि इन आरोपों से इनकार किया और इसे अपने खिलाफ साजिश करार दिया। उन्होंने कहा, "मुझे फंसाया गया। वह मेरा कामकाज करती थी। काफी समय पहले उसने मुझसे पैसे मांगे थे, लेकिन मैंने उसे नहीं दिया था। इसलिए वह यह सब पुलिस की मिलीभगत से कर रही है।"
पिता दुर्गाचरण प्रमाणिक और सिकदर के साथ पिंकी ने भरोसा जताया कि वह सामान्य जिंदगी जी सकेंगी।
पिता दुर्गाचरण ने कहा, "परिवार के सभी सदस्य परेशान हैं। एक पिता के तौर पर अपनी बेटी का नग्न क्लिप देखना मेरे लिए दुर्भाग्यपूर्ण था। यह शर्मनाक है। लेकिन हम लड़ने के लिए भी प्रतिबद्ध हैं। उम्मीद है कि एक दिन सच सभी के सामने होगा और वास्तविक दोषी को सजा मिलेगी।"टिप्पणियां
पिंकी ने अपने साथ प्रशासनिक अधिकारियों के बर्ताव के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को धन्यवाद भी दिया। उन्होंने कहा, "मैं सभी को धन्यवाद देती हूं। मैंने उनके प्रदर्शन के बारे में समाचार-पत्रों में पढ़ा जब मैं जेल में थी। मैं अब अपने घर जाऊंगी।"
पिंकी इसके बाद अपने घर की चाभी लेने बागुऐती थाना गई।
पिंकी को एक महिला की शिकायत पर 14 जून को गिरफ्तार किया गया था। एक बच्चे की मां व तलाकशुदा महिला पिंकी के साथ लिव-इन रिलेशन में रह रही थी। महिला ने पिंकी पर पुरुष होने तथा उसके साथ बलात्कार करने का आरोप लगाया था। पिंकी ने हालांकि इन आरोपों से इनकार किया और इसे अपने खिलाफ साजिश करार दिया। उन्होंने कहा, "मुझे फंसाया गया। वह मेरा कामकाज करती थी। काफी समय पहले उसने मुझसे पैसे मांगे थे, लेकिन मैंने उसे नहीं दिया था। इसलिए वह यह सब पुलिस की मिलीभगत से कर रही है।"
पिता दुर्गाचरण प्रमाणिक और सिकदर के साथ पिंकी ने भरोसा जताया कि वह सामान्य जिंदगी जी सकेंगी।
पिता दुर्गाचरण ने कहा, "परिवार के सभी सदस्य परेशान हैं। एक पिता के तौर पर अपनी बेटी का नग्न क्लिप देखना मेरे लिए दुर्भाग्यपूर्ण था। यह शर्मनाक है। लेकिन हम लड़ने के लिए भी प्रतिबद्ध हैं। उम्मीद है कि एक दिन सच सभी के सामने होगा और वास्तविक दोषी को सजा मिलेगी।"टिप्पणियां
पिंकी ने अपने साथ प्रशासनिक अधिकारियों के बर्ताव के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को धन्यवाद भी दिया। उन्होंने कहा, "मैं सभी को धन्यवाद देती हूं। मैंने उनके प्रदर्शन के बारे में समाचार-पत्रों में पढ़ा जब मैं जेल में थी। मैं अब अपने घर जाऊंगी।"
पिंकी इसके बाद अपने घर की चाभी लेने बागुऐती थाना गई।
पिता दुर्गाचरण प्रमाणिक और सिकदर के साथ पिंकी ने भरोसा जताया कि वह सामान्य जिंदगी जी सकेंगी।
पिता दुर्गाचरण ने कहा, "परिवार के सभी सदस्य परेशान हैं। एक पिता के तौर पर अपनी बेटी का नग्न क्लिप देखना मेरे लिए दुर्भाग्यपूर्ण था। यह शर्मनाक है। लेकिन हम लड़ने के लिए भी प्रतिबद्ध हैं। उम्मीद है कि एक दिन सच सभी के सामने होगा और वास्तविक दोषी को सजा मिलेगी।"टिप्पणियां
पिंकी ने अपने साथ प्रशासनिक अधिकारियों के बर्ताव के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को धन्यवाद भी दिया। उन्होंने कहा, "मैं सभी को धन्यवाद देती हूं। मैंने उनके प्रदर्शन के बारे में समाचार-पत्रों में पढ़ा जब मैं जेल में थी। मैं अब अपने घर जाऊंगी।"
पिंकी इसके बाद अपने घर की चाभी लेने बागुऐती थाना गई।
पिता दुर्गाचरण ने कहा, "परिवार के सभी सदस्य परेशान हैं। एक पिता के तौर पर अपनी बेटी का नग्न क्लिप देखना मेरे लिए दुर्भाग्यपूर्ण था। यह शर्मनाक है। लेकिन हम लड़ने के लिए भी प्रतिबद्ध हैं। उम्मीद है कि एक दिन सच सभी के सामने होगा और वास्तविक दोषी को सजा मिलेगी।"टिप्पणियां
पिंकी ने अपने साथ प्रशासनिक अधिकारियों के बर्ताव के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को धन्यवाद भी दिया। उन्होंने कहा, "मैं सभी को धन्यवाद देती हूं। मैंने उनके प्रदर्शन के बारे में समाचार-पत्रों में पढ़ा जब मैं जेल में थी। मैं अब अपने घर जाऊंगी।"
पिंकी इसके बाद अपने घर की चाभी लेने बागुऐती थाना गई।
पिंकी ने अपने साथ प्रशासनिक अधिकारियों के बर्ताव के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को धन्यवाद भी दिया। उन्होंने कहा, "मैं सभी को धन्यवाद देती हूं। मैंने उनके प्रदर्शन के बारे में समाचार-पत्रों में पढ़ा जब मैं जेल में थी। मैं अब अपने घर जाऊंगी।"
पिंकी इसके बाद अपने घर की चाभी लेने बागुऐती थाना गई।
पिंकी इसके बाद अपने घर की चाभी लेने बागुऐती थाना गई। | यहाँ एक सारांश है:एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक विजेता पिंकी प्रमाणिक ने पुलिस हिरासत में रहने के दौरान प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। | 17 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: केरल में इस साल नम्बर-दिसम्बर में होने वाले 35वें राष्ट्रीय खेलों के शुभंकर हार्नबिल पक्षी का नाम 'अम्मू' रखा गया है।
शुभंकर का नामकरण समारोह शुक्रवार को आयोजित किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री ओमेन चांडी मुख्य अतिथि थे।टिप्पणियां
चांडी ने अलग-अलग स्पर्धाओं के लिए अम्मू के विभिन्न स्वरूपों को भी जारी किया। केरल 1987 के बाद पहली बार राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी करने जा रहा है।
इन खेलों में 36 स्पर्धाओं के लिए 10 हजार से अधिक खिलाड़ी जुटेंगे। खेलों का आयोजन 14 जिलों में किया जाएगा।
शुभंकर का नामकरण समारोह शुक्रवार को आयोजित किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री ओमेन चांडी मुख्य अतिथि थे।टिप्पणियां
चांडी ने अलग-अलग स्पर्धाओं के लिए अम्मू के विभिन्न स्वरूपों को भी जारी किया। केरल 1987 के बाद पहली बार राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी करने जा रहा है।
इन खेलों में 36 स्पर्धाओं के लिए 10 हजार से अधिक खिलाड़ी जुटेंगे। खेलों का आयोजन 14 जिलों में किया जाएगा।
चांडी ने अलग-अलग स्पर्धाओं के लिए अम्मू के विभिन्न स्वरूपों को भी जारी किया। केरल 1987 के बाद पहली बार राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी करने जा रहा है।
इन खेलों में 36 स्पर्धाओं के लिए 10 हजार से अधिक खिलाड़ी जुटेंगे। खेलों का आयोजन 14 जिलों में किया जाएगा।
इन खेलों में 36 स्पर्धाओं के लिए 10 हजार से अधिक खिलाड़ी जुटेंगे। खेलों का आयोजन 14 जिलों में किया जाएगा। | सारांश: केरल में इस साल नम्बर-दिसम्बर में होने वाले 35वें राष्ट्रीय खेलों के शुभंकर हार्नबिल पक्षी का नाम 'अम्मू' रखा गया है। | 20 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारत दुनियाभर के निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण लक्ष्य है, लेकिन यहां का उलझा हुआ कर ढांचा, पूंजी वापस निकालने में कठिनाई और भ्रष्टाचार निवेशकों के लिए बड़ी चिंता के विषय हैं। यह बात अंतरराष्ट्रीय परामर्श कम्पनी अर्न्स्ट एंड यंग द्वारा सोमवार को जारी एक सर्वेक्षण रिपोर्ट में कही गई। सर्वेक्षण में 59 देशों के 921 मुख्य वित्तीय अधिकारियों से साक्षात्कार लिया गया। साक्षात्कार में शामिल किए गए 36 फीसदी अधिकारियों ने कहा कि भारत जैसी तेजी से विकास कर रही अर्थव्यवस्था में निवेश का खर्च उनकी उम्मीदों से ज्यादा है, जबकि 43 फीसदी ने कहा कि उनके निवेश ने उम्मीद से अधिक समय लिया। देश में निवेश करने वाली कम्पनियों ने पूंजी वापस निकालने में होने वाली कठिनाई को एक बड़ी चिंता का विषय बताया। अधिकारियों ने भ्रष्टाचार से देश की छवि को विश्व स्तर पर पहुंचने वाले नुकसान को भी चिंता का एक अन्य विषय बताया। | संक्षिप्त पाठ: यह बात अंतरराष्ट्रीय परामर्श कम्पनी अर्न्स्ट एंड यंग द्वारा सोमवार को जारी एक सर्वेक्षण रिपोर्ट में कही गई। | 27 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: इंग्लैंड के खिलाफ चार मैचों की शृंखला के तीसरे टेस्ट में हार के साथ भारत 1-2 से पिछड़ गया है। ऐसे में चयनकर्ता 13 दिसंबर से नागपुर में शुरू हो रहे चौथे और अंतिम क्रिकेट टेस्ट के लिए टीम में कुछ बदलाव कर सकते हैं।
संदीप पाटिल की अध्यक्षता में आज पांच चयनकर्ता नागपुर में अंतिम टेस्ट के लिए टीम का चयन करेंगे। टीम में युवराज सिंह की जगह पर सवाल खड़े हैं और प्रतिभावान मनोज तिवारी और रोहित शर्मा को उनके संभावित विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है।
बंगाल के बल्लेबाज तिवारी ने भारत ए के खिलाफ इंग्लैंड के अभ्यास मैच में 93 रन की पारी खेली थी और रणजी ट्रॉफी में गुजरात के खिलाफ 191 रन बनाए। रोहित ने भी रणजी ट्रॉफी में 112 और 79 रन की पारियां खेली हैं। शीर्ष क्रम के कई बल्लेबाज शृंखला में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने में नाकाम रहे हैं।
विराट कोहली फॉर्म में नहीं हैं, लेकिन चयनकर्ताओं के उनको बरकरार रखने की उम्मीद है। भारत का प्रतिष्ठित बल्लेबाजी क्रम जहां उम्मीदों पर खरा उतरने में नाकाम रहा है, वहीं घरेलू टीम के गेंदबाजों ने भी पिछले दो टेस्ट में निराश किया है। तीसरे टेस्ट में जहीर खान और इशांत शर्मा की तेज गेंदबाजी जोड़ी बेदम दिखी और इनके स्थान सवालों के घेरे में होंगे।
जहीर ने मौजूदा टेस्ट में इंग्लैंड की पहली पारी में 30 ओवर में सिर्फ एक विकेट चटकाया और वह अनफिट भी नजर आए। उनका अनुभव हालांकि उन्हें टीम में बरकरार रख सकता है। 10 महीने से भी अधिक समय बाद टीम में वापसी करने वाले इशांत भी लय में नहीं दिखे और उन्होंने सिर्फ एक विकेट हासिल किया। ऐसे में बंगाल के तेज गेंदबाज अशोक डिंडा का चुना जाना लगभग तय है और उन्हें नागपुर में टेस्ट पदार्पण का मौका भी मिल सकता है।टिप्पणियां
स्पिन गेंदबाजी में प्रज्ञान ओझा का टीम में बकरार रहना तय है। वह शृंखला में भारत के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज रहे हैं। रविचंद्रन अश्विन को पिछले दो टेस्ट में गेंदबाजी के लिए आलोचना का सामना करना पड़ा है, लेकिन उन्होंने यहां दूसरी पारी में नाबाद 91 रन की पारी खेलकर भारत की पारी की हार को टाल दिया।
चयनकर्ता अमित मिश्रा और पीयूष चावला के नामों पर भी गौर कर सकते हैं, क्योंकि इंग्लैंड के बल्लेबाज लेग स्पिन के खिलाफ सहज होकर नहीं खेलते। मिश्रा ने चार रणजी मैचों में 13 विकेट चटकाए हैं और चावला के खिलाफ उनका पलड़ा भारी है।
संदीप पाटिल की अध्यक्षता में आज पांच चयनकर्ता नागपुर में अंतिम टेस्ट के लिए टीम का चयन करेंगे। टीम में युवराज सिंह की जगह पर सवाल खड़े हैं और प्रतिभावान मनोज तिवारी और रोहित शर्मा को उनके संभावित विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है।
बंगाल के बल्लेबाज तिवारी ने भारत ए के खिलाफ इंग्लैंड के अभ्यास मैच में 93 रन की पारी खेली थी और रणजी ट्रॉफी में गुजरात के खिलाफ 191 रन बनाए। रोहित ने भी रणजी ट्रॉफी में 112 और 79 रन की पारियां खेली हैं। शीर्ष क्रम के कई बल्लेबाज शृंखला में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने में नाकाम रहे हैं।
विराट कोहली फॉर्म में नहीं हैं, लेकिन चयनकर्ताओं के उनको बरकरार रखने की उम्मीद है। भारत का प्रतिष्ठित बल्लेबाजी क्रम जहां उम्मीदों पर खरा उतरने में नाकाम रहा है, वहीं घरेलू टीम के गेंदबाजों ने भी पिछले दो टेस्ट में निराश किया है। तीसरे टेस्ट में जहीर खान और इशांत शर्मा की तेज गेंदबाजी जोड़ी बेदम दिखी और इनके स्थान सवालों के घेरे में होंगे।
जहीर ने मौजूदा टेस्ट में इंग्लैंड की पहली पारी में 30 ओवर में सिर्फ एक विकेट चटकाया और वह अनफिट भी नजर आए। उनका अनुभव हालांकि उन्हें टीम में बरकरार रख सकता है। 10 महीने से भी अधिक समय बाद टीम में वापसी करने वाले इशांत भी लय में नहीं दिखे और उन्होंने सिर्फ एक विकेट हासिल किया। ऐसे में बंगाल के तेज गेंदबाज अशोक डिंडा का चुना जाना लगभग तय है और उन्हें नागपुर में टेस्ट पदार्पण का मौका भी मिल सकता है।टिप्पणियां
स्पिन गेंदबाजी में प्रज्ञान ओझा का टीम में बकरार रहना तय है। वह शृंखला में भारत के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज रहे हैं। रविचंद्रन अश्विन को पिछले दो टेस्ट में गेंदबाजी के लिए आलोचना का सामना करना पड़ा है, लेकिन उन्होंने यहां दूसरी पारी में नाबाद 91 रन की पारी खेलकर भारत की पारी की हार को टाल दिया।
चयनकर्ता अमित मिश्रा और पीयूष चावला के नामों पर भी गौर कर सकते हैं, क्योंकि इंग्लैंड के बल्लेबाज लेग स्पिन के खिलाफ सहज होकर नहीं खेलते। मिश्रा ने चार रणजी मैचों में 13 विकेट चटकाए हैं और चावला के खिलाफ उनका पलड़ा भारी है।
बंगाल के बल्लेबाज तिवारी ने भारत ए के खिलाफ इंग्लैंड के अभ्यास मैच में 93 रन की पारी खेली थी और रणजी ट्रॉफी में गुजरात के खिलाफ 191 रन बनाए। रोहित ने भी रणजी ट्रॉफी में 112 और 79 रन की पारियां खेली हैं। शीर्ष क्रम के कई बल्लेबाज शृंखला में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने में नाकाम रहे हैं।
विराट कोहली फॉर्म में नहीं हैं, लेकिन चयनकर्ताओं के उनको बरकरार रखने की उम्मीद है। भारत का प्रतिष्ठित बल्लेबाजी क्रम जहां उम्मीदों पर खरा उतरने में नाकाम रहा है, वहीं घरेलू टीम के गेंदबाजों ने भी पिछले दो टेस्ट में निराश किया है। तीसरे टेस्ट में जहीर खान और इशांत शर्मा की तेज गेंदबाजी जोड़ी बेदम दिखी और इनके स्थान सवालों के घेरे में होंगे।
जहीर ने मौजूदा टेस्ट में इंग्लैंड की पहली पारी में 30 ओवर में सिर्फ एक विकेट चटकाया और वह अनफिट भी नजर आए। उनका अनुभव हालांकि उन्हें टीम में बरकरार रख सकता है। 10 महीने से भी अधिक समय बाद टीम में वापसी करने वाले इशांत भी लय में नहीं दिखे और उन्होंने सिर्फ एक विकेट हासिल किया। ऐसे में बंगाल के तेज गेंदबाज अशोक डिंडा का चुना जाना लगभग तय है और उन्हें नागपुर में टेस्ट पदार्पण का मौका भी मिल सकता है।टिप्पणियां
स्पिन गेंदबाजी में प्रज्ञान ओझा का टीम में बकरार रहना तय है। वह शृंखला में भारत के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज रहे हैं। रविचंद्रन अश्विन को पिछले दो टेस्ट में गेंदबाजी के लिए आलोचना का सामना करना पड़ा है, लेकिन उन्होंने यहां दूसरी पारी में नाबाद 91 रन की पारी खेलकर भारत की पारी की हार को टाल दिया।
चयनकर्ता अमित मिश्रा और पीयूष चावला के नामों पर भी गौर कर सकते हैं, क्योंकि इंग्लैंड के बल्लेबाज लेग स्पिन के खिलाफ सहज होकर नहीं खेलते। मिश्रा ने चार रणजी मैचों में 13 विकेट चटकाए हैं और चावला के खिलाफ उनका पलड़ा भारी है।
विराट कोहली फॉर्म में नहीं हैं, लेकिन चयनकर्ताओं के उनको बरकरार रखने की उम्मीद है। भारत का प्रतिष्ठित बल्लेबाजी क्रम जहां उम्मीदों पर खरा उतरने में नाकाम रहा है, वहीं घरेलू टीम के गेंदबाजों ने भी पिछले दो टेस्ट में निराश किया है। तीसरे टेस्ट में जहीर खान और इशांत शर्मा की तेज गेंदबाजी जोड़ी बेदम दिखी और इनके स्थान सवालों के घेरे में होंगे।
जहीर ने मौजूदा टेस्ट में इंग्लैंड की पहली पारी में 30 ओवर में सिर्फ एक विकेट चटकाया और वह अनफिट भी नजर आए। उनका अनुभव हालांकि उन्हें टीम में बरकरार रख सकता है। 10 महीने से भी अधिक समय बाद टीम में वापसी करने वाले इशांत भी लय में नहीं दिखे और उन्होंने सिर्फ एक विकेट हासिल किया। ऐसे में बंगाल के तेज गेंदबाज अशोक डिंडा का चुना जाना लगभग तय है और उन्हें नागपुर में टेस्ट पदार्पण का मौका भी मिल सकता है।टिप्पणियां
स्पिन गेंदबाजी में प्रज्ञान ओझा का टीम में बकरार रहना तय है। वह शृंखला में भारत के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज रहे हैं। रविचंद्रन अश्विन को पिछले दो टेस्ट में गेंदबाजी के लिए आलोचना का सामना करना पड़ा है, लेकिन उन्होंने यहां दूसरी पारी में नाबाद 91 रन की पारी खेलकर भारत की पारी की हार को टाल दिया।
चयनकर्ता अमित मिश्रा और पीयूष चावला के नामों पर भी गौर कर सकते हैं, क्योंकि इंग्लैंड के बल्लेबाज लेग स्पिन के खिलाफ सहज होकर नहीं खेलते। मिश्रा ने चार रणजी मैचों में 13 विकेट चटकाए हैं और चावला के खिलाफ उनका पलड़ा भारी है।
जहीर ने मौजूदा टेस्ट में इंग्लैंड की पहली पारी में 30 ओवर में सिर्फ एक विकेट चटकाया और वह अनफिट भी नजर आए। उनका अनुभव हालांकि उन्हें टीम में बरकरार रख सकता है। 10 महीने से भी अधिक समय बाद टीम में वापसी करने वाले इशांत भी लय में नहीं दिखे और उन्होंने सिर्फ एक विकेट हासिल किया। ऐसे में बंगाल के तेज गेंदबाज अशोक डिंडा का चुना जाना लगभग तय है और उन्हें नागपुर में टेस्ट पदार्पण का मौका भी मिल सकता है।टिप्पणियां
स्पिन गेंदबाजी में प्रज्ञान ओझा का टीम में बकरार रहना तय है। वह शृंखला में भारत के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज रहे हैं। रविचंद्रन अश्विन को पिछले दो टेस्ट में गेंदबाजी के लिए आलोचना का सामना करना पड़ा है, लेकिन उन्होंने यहां दूसरी पारी में नाबाद 91 रन की पारी खेलकर भारत की पारी की हार को टाल दिया।
चयनकर्ता अमित मिश्रा और पीयूष चावला के नामों पर भी गौर कर सकते हैं, क्योंकि इंग्लैंड के बल्लेबाज लेग स्पिन के खिलाफ सहज होकर नहीं खेलते। मिश्रा ने चार रणजी मैचों में 13 विकेट चटकाए हैं और चावला के खिलाफ उनका पलड़ा भारी है।
स्पिन गेंदबाजी में प्रज्ञान ओझा का टीम में बकरार रहना तय है। वह शृंखला में भारत के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज रहे हैं। रविचंद्रन अश्विन को पिछले दो टेस्ट में गेंदबाजी के लिए आलोचना का सामना करना पड़ा है, लेकिन उन्होंने यहां दूसरी पारी में नाबाद 91 रन की पारी खेलकर भारत की पारी की हार को टाल दिया।
चयनकर्ता अमित मिश्रा और पीयूष चावला के नामों पर भी गौर कर सकते हैं, क्योंकि इंग्लैंड के बल्लेबाज लेग स्पिन के खिलाफ सहज होकर नहीं खेलते। मिश्रा ने चार रणजी मैचों में 13 विकेट चटकाए हैं और चावला के खिलाफ उनका पलड़ा भारी है।
चयनकर्ता अमित मिश्रा और पीयूष चावला के नामों पर भी गौर कर सकते हैं, क्योंकि इंग्लैंड के बल्लेबाज लेग स्पिन के खिलाफ सहज होकर नहीं खेलते। मिश्रा ने चार रणजी मैचों में 13 विकेट चटकाए हैं और चावला के खिलाफ उनका पलड़ा भारी है। | संक्षिप्त पाठ: संदीप पाटिल की अध्यक्षता में आज पांच चयनकर्ता नागपुर में अंतिम टेस्ट के लिए टीम का चयन करेंगे। टीम में युवराज सिंह की जगह पर सवाल खड़े हैं और प्रतिभावान मनोज तिवारी और रोहित शर्मा को उनके संभावित विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है। | 30 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: टिप्पणियां
न्यूयॉर्क में फिल्म के प्रमोशन के दौरान खुद एमएस धोनी ने कहा था, 'वह (सुशांत) कुछ क्रिकेटरों से बेहतर खेल दिखा सकते हैं.'
फिल्म में एमएस धोनी के पिता पान सिंह के रोल में जहां अनुपम खेर हैं, वहीं उनकी बहन की भूमिका में सलमान की फिल्म 'तेरे नाम' की अभिनेत्री भूमिका चावला, पूर्व प्रेमिका के रोल में दिशा पाटनी और साक्षी के किरदार में कियारा आडवाणी हैं.
न्यूयॉर्क में फिल्म के प्रमोशन के दौरान खुद एमएस धोनी ने कहा था, 'वह (सुशांत) कुछ क्रिकेटरों से बेहतर खेल दिखा सकते हैं.'
फिल्म में एमएस धोनी के पिता पान सिंह के रोल में जहां अनुपम खेर हैं, वहीं उनकी बहन की भूमिका में सलमान की फिल्म 'तेरे नाम' की अभिनेत्री भूमिका चावला, पूर्व प्रेमिका के रोल में दिशा पाटनी और साक्षी के किरदार में कियारा आडवाणी हैं.
फिल्म में एमएस धोनी के पिता पान सिंह के रोल में जहां अनुपम खेर हैं, वहीं उनकी बहन की भूमिका में सलमान की फिल्म 'तेरे नाम' की अभिनेत्री भूमिका चावला, पूर्व प्रेमिका के रोल में दिशा पाटनी और साक्षी के किरदार में कियारा आडवाणी हैं. | नीरज पांडे ने बनाई है धोनी के जीवन पर फिल्म
धोनी के पिता की भूमिका में हैं अभिनेता अनुपम खेर
साक्षी धोनी का किरदार कियारा आडवाणी ने निभाया है | 6 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: प्रशासन में उच्चस्तरीय दक्षता बरकरार रखने के लिए केंद्र ने सभी राज्यों से अखिल भारतीय सेवा अधिकारियों के कामकाज की समीक्षा करने को कहा है, ताकि अक्षम अधिकारियों को सेवानिवृत्त किया जा सके।
कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने एक संदेश में सेवा में कम से कम 15 साल पूरा करने वाले भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) और भारतीय वन सेवा (आईएफएस) के अधिकारियों के कामकाज की समीक्षा करने को कहा है।
विभाग में अतिरिक्त सचिव डॉ एसके सरकार ने कहा, अखिल भारतीय सेवा के सदस्य, जिन्होंने विशिष्ट सेवा के 15 साल पूरे किए हों या विशिष्ट सेवा के 25 साल पूरे किए हों या 50 वर्ष के हो चुके हों, निर्विवाद रूप से एक वरिष्ठ प्रशासनिक पद ग्रहण करने के लिए ढूंढे जाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं हो सकता कि वरिष्ठ स्तर पर तैनात अधिकारी केवल मूकदर्शक बने रहे। उनको पता होना चाहिए कि 'पीटर सिद्धांत' लागू हो सकता है। 'पीटर सिद्धांत' मनोविज्ञानी लारेंज जे पीटर और रेमंड हल ने 1969 में दिया था। इसके तहत संगठन में किसी कर्मचारी की प्रोन्नति सफलता, योगदान और गुणों पर आधारित होने के साथ ही ज्यादा क्षमता के साथ काम करने को लेकर भी थी।
जनवरी में केंद्र ने अखिल भारतीय सेवा नियम 16 (तीन) में संशोधन किया था, जिसमें अर्हक सेवा के 30 वर्ष पूरा होने के बाद ही प्रदर्शन की समीक्षा की अनुमति थी। नए नियम में सरकार को जनहित में कम से कम 15 साल नौकरी कर चुके ऐसे अधिकारियों को सेवानिवृत्त करने की शक्ति है। अधिकारी के सेवा में 25 साल पूरा करने या 50 वर्ष की उम्र होने पर सरकार एक बार फिर इस तरह की समीक्षा कर सकती है।
निर्देश में कहा गया है कि कभी-कभार ऐसा पाया जाता है कि अखिल भारतीय सेवा के कुछ सदस्य, जिस पद पर सदस्य को तैनात किया गया है 'यात्री' बनकर रह जाते हैं। डीओपीटी ने वार्षिक गोपनीयता रिपोर्ट या प्रदर्शन मूल्यांकन रिपोर्ट में 'औसत' मूल्यांकन उल्लेख या पूरे ग्रेड के बारे में अधिकारियों की कार्यक्षमता पर भी संदेह जाहिर किया है।
राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को जारी परिपत्र में डीओपीटी ने कहा है कि सदस्य की अखिल भारतीय सेवा औसत करार दिया जाना प्रशंसात्मक नहीं है। हालांकि यह प्रतिकूल टिप्पणी नहीं हो सकती, फिर भी उनके कार्य या आचरण का प्रतिबिंब है।
इसमें कहा गया कि बिना किसी उल्लेखनीय उपलब्धि के पांच-सात साल तक योग्य या संतोषप्रद टिप्पणी से सदस्य के ठहर जाने का सूचक होगा। इसी प्रकार, यह पाया गया है कि कुछ मामलों में अखिल भारतीय सेवा के सदस्य को निष्ठा के बारे में अस्पष्ट या गोलमोल प्रमाणपत्र दिया जाता है। इस तरह की एंट्री या टिप्पणी से माना जाएगा कि रिपोर्टिंग या रिव्यूइंग अथॉरिटी को सदस्य की निष्ठा को लेकर कुछ संदेह रहा।टिप्पणियां
इसमें कहा गया है ऐसे सभी मामलों में सरकार के लिए उपयुक्त होगा कि मामले के परीक्षण के लिए नियम एआईएस (डीसीआरबी) नियम, 1958, 16 (तीन) लागू हो। साथ ही, सेवा में 16 साल पूरे कर चुके या अर्हक सेवा से ज्यादा समय गुजार चुके ऐसे अधिकारी जिनकी समीक्षा न हुई हो।
पत्र में कहा गया है, इसलिए राज्य सरकार द्वारा ऐसे अधिकारियों की समीक्षा करवाए जाने की जरूरत है, जो अर्हक सेवा के 16-23 साल पूरे कर चुके हों और संबंधित राज्य सरकार की सिफारिशों को पत्र जारी होने के छह माह के भीतर आवश्यक कार्रवाई के लिए केंद्र सरकार के पास भेजा जा सकता है।
कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने एक संदेश में सेवा में कम से कम 15 साल पूरा करने वाले भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) और भारतीय वन सेवा (आईएफएस) के अधिकारियों के कामकाज की समीक्षा करने को कहा है।
विभाग में अतिरिक्त सचिव डॉ एसके सरकार ने कहा, अखिल भारतीय सेवा के सदस्य, जिन्होंने विशिष्ट सेवा के 15 साल पूरे किए हों या विशिष्ट सेवा के 25 साल पूरे किए हों या 50 वर्ष के हो चुके हों, निर्विवाद रूप से एक वरिष्ठ प्रशासनिक पद ग्रहण करने के लिए ढूंढे जाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं हो सकता कि वरिष्ठ स्तर पर तैनात अधिकारी केवल मूकदर्शक बने रहे। उनको पता होना चाहिए कि 'पीटर सिद्धांत' लागू हो सकता है। 'पीटर सिद्धांत' मनोविज्ञानी लारेंज जे पीटर और रेमंड हल ने 1969 में दिया था। इसके तहत संगठन में किसी कर्मचारी की प्रोन्नति सफलता, योगदान और गुणों पर आधारित होने के साथ ही ज्यादा क्षमता के साथ काम करने को लेकर भी थी।
जनवरी में केंद्र ने अखिल भारतीय सेवा नियम 16 (तीन) में संशोधन किया था, जिसमें अर्हक सेवा के 30 वर्ष पूरा होने के बाद ही प्रदर्शन की समीक्षा की अनुमति थी। नए नियम में सरकार को जनहित में कम से कम 15 साल नौकरी कर चुके ऐसे अधिकारियों को सेवानिवृत्त करने की शक्ति है। अधिकारी के सेवा में 25 साल पूरा करने या 50 वर्ष की उम्र होने पर सरकार एक बार फिर इस तरह की समीक्षा कर सकती है।
निर्देश में कहा गया है कि कभी-कभार ऐसा पाया जाता है कि अखिल भारतीय सेवा के कुछ सदस्य, जिस पद पर सदस्य को तैनात किया गया है 'यात्री' बनकर रह जाते हैं। डीओपीटी ने वार्षिक गोपनीयता रिपोर्ट या प्रदर्शन मूल्यांकन रिपोर्ट में 'औसत' मूल्यांकन उल्लेख या पूरे ग्रेड के बारे में अधिकारियों की कार्यक्षमता पर भी संदेह जाहिर किया है।
राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को जारी परिपत्र में डीओपीटी ने कहा है कि सदस्य की अखिल भारतीय सेवा औसत करार दिया जाना प्रशंसात्मक नहीं है। हालांकि यह प्रतिकूल टिप्पणी नहीं हो सकती, फिर भी उनके कार्य या आचरण का प्रतिबिंब है।
इसमें कहा गया कि बिना किसी उल्लेखनीय उपलब्धि के पांच-सात साल तक योग्य या संतोषप्रद टिप्पणी से सदस्य के ठहर जाने का सूचक होगा। इसी प्रकार, यह पाया गया है कि कुछ मामलों में अखिल भारतीय सेवा के सदस्य को निष्ठा के बारे में अस्पष्ट या गोलमोल प्रमाणपत्र दिया जाता है। इस तरह की एंट्री या टिप्पणी से माना जाएगा कि रिपोर्टिंग या रिव्यूइंग अथॉरिटी को सदस्य की निष्ठा को लेकर कुछ संदेह रहा।टिप्पणियां
इसमें कहा गया है ऐसे सभी मामलों में सरकार के लिए उपयुक्त होगा कि मामले के परीक्षण के लिए नियम एआईएस (डीसीआरबी) नियम, 1958, 16 (तीन) लागू हो। साथ ही, सेवा में 16 साल पूरे कर चुके या अर्हक सेवा से ज्यादा समय गुजार चुके ऐसे अधिकारी जिनकी समीक्षा न हुई हो।
पत्र में कहा गया है, इसलिए राज्य सरकार द्वारा ऐसे अधिकारियों की समीक्षा करवाए जाने की जरूरत है, जो अर्हक सेवा के 16-23 साल पूरे कर चुके हों और संबंधित राज्य सरकार की सिफारिशों को पत्र जारी होने के छह माह के भीतर आवश्यक कार्रवाई के लिए केंद्र सरकार के पास भेजा जा सकता है।
विभाग में अतिरिक्त सचिव डॉ एसके सरकार ने कहा, अखिल भारतीय सेवा के सदस्य, जिन्होंने विशिष्ट सेवा के 15 साल पूरे किए हों या विशिष्ट सेवा के 25 साल पूरे किए हों या 50 वर्ष के हो चुके हों, निर्विवाद रूप से एक वरिष्ठ प्रशासनिक पद ग्रहण करने के लिए ढूंढे जाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं हो सकता कि वरिष्ठ स्तर पर तैनात अधिकारी केवल मूकदर्शक बने रहे। उनको पता होना चाहिए कि 'पीटर सिद्धांत' लागू हो सकता है। 'पीटर सिद्धांत' मनोविज्ञानी लारेंज जे पीटर और रेमंड हल ने 1969 में दिया था। इसके तहत संगठन में किसी कर्मचारी की प्रोन्नति सफलता, योगदान और गुणों पर आधारित होने के साथ ही ज्यादा क्षमता के साथ काम करने को लेकर भी थी।
जनवरी में केंद्र ने अखिल भारतीय सेवा नियम 16 (तीन) में संशोधन किया था, जिसमें अर्हक सेवा के 30 वर्ष पूरा होने के बाद ही प्रदर्शन की समीक्षा की अनुमति थी। नए नियम में सरकार को जनहित में कम से कम 15 साल नौकरी कर चुके ऐसे अधिकारियों को सेवानिवृत्त करने की शक्ति है। अधिकारी के सेवा में 25 साल पूरा करने या 50 वर्ष की उम्र होने पर सरकार एक बार फिर इस तरह की समीक्षा कर सकती है।
निर्देश में कहा गया है कि कभी-कभार ऐसा पाया जाता है कि अखिल भारतीय सेवा के कुछ सदस्य, जिस पद पर सदस्य को तैनात किया गया है 'यात्री' बनकर रह जाते हैं। डीओपीटी ने वार्षिक गोपनीयता रिपोर्ट या प्रदर्शन मूल्यांकन रिपोर्ट में 'औसत' मूल्यांकन उल्लेख या पूरे ग्रेड के बारे में अधिकारियों की कार्यक्षमता पर भी संदेह जाहिर किया है।
राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को जारी परिपत्र में डीओपीटी ने कहा है कि सदस्य की अखिल भारतीय सेवा औसत करार दिया जाना प्रशंसात्मक नहीं है। हालांकि यह प्रतिकूल टिप्पणी नहीं हो सकती, फिर भी उनके कार्य या आचरण का प्रतिबिंब है।
इसमें कहा गया कि बिना किसी उल्लेखनीय उपलब्धि के पांच-सात साल तक योग्य या संतोषप्रद टिप्पणी से सदस्य के ठहर जाने का सूचक होगा। इसी प्रकार, यह पाया गया है कि कुछ मामलों में अखिल भारतीय सेवा के सदस्य को निष्ठा के बारे में अस्पष्ट या गोलमोल प्रमाणपत्र दिया जाता है। इस तरह की एंट्री या टिप्पणी से माना जाएगा कि रिपोर्टिंग या रिव्यूइंग अथॉरिटी को सदस्य की निष्ठा को लेकर कुछ संदेह रहा।टिप्पणियां
इसमें कहा गया है ऐसे सभी मामलों में सरकार के लिए उपयुक्त होगा कि मामले के परीक्षण के लिए नियम एआईएस (डीसीआरबी) नियम, 1958, 16 (तीन) लागू हो। साथ ही, सेवा में 16 साल पूरे कर चुके या अर्हक सेवा से ज्यादा समय गुजार चुके ऐसे अधिकारी जिनकी समीक्षा न हुई हो।
पत्र में कहा गया है, इसलिए राज्य सरकार द्वारा ऐसे अधिकारियों की समीक्षा करवाए जाने की जरूरत है, जो अर्हक सेवा के 16-23 साल पूरे कर चुके हों और संबंधित राज्य सरकार की सिफारिशों को पत्र जारी होने के छह माह के भीतर आवश्यक कार्रवाई के लिए केंद्र सरकार के पास भेजा जा सकता है।
उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं हो सकता कि वरिष्ठ स्तर पर तैनात अधिकारी केवल मूकदर्शक बने रहे। उनको पता होना चाहिए कि 'पीटर सिद्धांत' लागू हो सकता है। 'पीटर सिद्धांत' मनोविज्ञानी लारेंज जे पीटर और रेमंड हल ने 1969 में दिया था। इसके तहत संगठन में किसी कर्मचारी की प्रोन्नति सफलता, योगदान और गुणों पर आधारित होने के साथ ही ज्यादा क्षमता के साथ काम करने को लेकर भी थी।
जनवरी में केंद्र ने अखिल भारतीय सेवा नियम 16 (तीन) में संशोधन किया था, जिसमें अर्हक सेवा के 30 वर्ष पूरा होने के बाद ही प्रदर्शन की समीक्षा की अनुमति थी। नए नियम में सरकार को जनहित में कम से कम 15 साल नौकरी कर चुके ऐसे अधिकारियों को सेवानिवृत्त करने की शक्ति है। अधिकारी के सेवा में 25 साल पूरा करने या 50 वर्ष की उम्र होने पर सरकार एक बार फिर इस तरह की समीक्षा कर सकती है।
निर्देश में कहा गया है कि कभी-कभार ऐसा पाया जाता है कि अखिल भारतीय सेवा के कुछ सदस्य, जिस पद पर सदस्य को तैनात किया गया है 'यात्री' बनकर रह जाते हैं। डीओपीटी ने वार्षिक गोपनीयता रिपोर्ट या प्रदर्शन मूल्यांकन रिपोर्ट में 'औसत' मूल्यांकन उल्लेख या पूरे ग्रेड के बारे में अधिकारियों की कार्यक्षमता पर भी संदेह जाहिर किया है।
राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को जारी परिपत्र में डीओपीटी ने कहा है कि सदस्य की अखिल भारतीय सेवा औसत करार दिया जाना प्रशंसात्मक नहीं है। हालांकि यह प्रतिकूल टिप्पणी नहीं हो सकती, फिर भी उनके कार्य या आचरण का प्रतिबिंब है।
इसमें कहा गया कि बिना किसी उल्लेखनीय उपलब्धि के पांच-सात साल तक योग्य या संतोषप्रद टिप्पणी से सदस्य के ठहर जाने का सूचक होगा। इसी प्रकार, यह पाया गया है कि कुछ मामलों में अखिल भारतीय सेवा के सदस्य को निष्ठा के बारे में अस्पष्ट या गोलमोल प्रमाणपत्र दिया जाता है। इस तरह की एंट्री या टिप्पणी से माना जाएगा कि रिपोर्टिंग या रिव्यूइंग अथॉरिटी को सदस्य की निष्ठा को लेकर कुछ संदेह रहा।टिप्पणियां
इसमें कहा गया है ऐसे सभी मामलों में सरकार के लिए उपयुक्त होगा कि मामले के परीक्षण के लिए नियम एआईएस (डीसीआरबी) नियम, 1958, 16 (तीन) लागू हो। साथ ही, सेवा में 16 साल पूरे कर चुके या अर्हक सेवा से ज्यादा समय गुजार चुके ऐसे अधिकारी जिनकी समीक्षा न हुई हो।
पत्र में कहा गया है, इसलिए राज्य सरकार द्वारा ऐसे अधिकारियों की समीक्षा करवाए जाने की जरूरत है, जो अर्हक सेवा के 16-23 साल पूरे कर चुके हों और संबंधित राज्य सरकार की सिफारिशों को पत्र जारी होने के छह माह के भीतर आवश्यक कार्रवाई के लिए केंद्र सरकार के पास भेजा जा सकता है।
जनवरी में केंद्र ने अखिल भारतीय सेवा नियम 16 (तीन) में संशोधन किया था, जिसमें अर्हक सेवा के 30 वर्ष पूरा होने के बाद ही प्रदर्शन की समीक्षा की अनुमति थी। नए नियम में सरकार को जनहित में कम से कम 15 साल नौकरी कर चुके ऐसे अधिकारियों को सेवानिवृत्त करने की शक्ति है। अधिकारी के सेवा में 25 साल पूरा करने या 50 वर्ष की उम्र होने पर सरकार एक बार फिर इस तरह की समीक्षा कर सकती है।
निर्देश में कहा गया है कि कभी-कभार ऐसा पाया जाता है कि अखिल भारतीय सेवा के कुछ सदस्य, जिस पद पर सदस्य को तैनात किया गया है 'यात्री' बनकर रह जाते हैं। डीओपीटी ने वार्षिक गोपनीयता रिपोर्ट या प्रदर्शन मूल्यांकन रिपोर्ट में 'औसत' मूल्यांकन उल्लेख या पूरे ग्रेड के बारे में अधिकारियों की कार्यक्षमता पर भी संदेह जाहिर किया है।
राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को जारी परिपत्र में डीओपीटी ने कहा है कि सदस्य की अखिल भारतीय सेवा औसत करार दिया जाना प्रशंसात्मक नहीं है। हालांकि यह प्रतिकूल टिप्पणी नहीं हो सकती, फिर भी उनके कार्य या आचरण का प्रतिबिंब है।
इसमें कहा गया कि बिना किसी उल्लेखनीय उपलब्धि के पांच-सात साल तक योग्य या संतोषप्रद टिप्पणी से सदस्य के ठहर जाने का सूचक होगा। इसी प्रकार, यह पाया गया है कि कुछ मामलों में अखिल भारतीय सेवा के सदस्य को निष्ठा के बारे में अस्पष्ट या गोलमोल प्रमाणपत्र दिया जाता है। इस तरह की एंट्री या टिप्पणी से माना जाएगा कि रिपोर्टिंग या रिव्यूइंग अथॉरिटी को सदस्य की निष्ठा को लेकर कुछ संदेह रहा।टिप्पणियां
इसमें कहा गया है ऐसे सभी मामलों में सरकार के लिए उपयुक्त होगा कि मामले के परीक्षण के लिए नियम एआईएस (डीसीआरबी) नियम, 1958, 16 (तीन) लागू हो। साथ ही, सेवा में 16 साल पूरे कर चुके या अर्हक सेवा से ज्यादा समय गुजार चुके ऐसे अधिकारी जिनकी समीक्षा न हुई हो।
पत्र में कहा गया है, इसलिए राज्य सरकार द्वारा ऐसे अधिकारियों की समीक्षा करवाए जाने की जरूरत है, जो अर्हक सेवा के 16-23 साल पूरे कर चुके हों और संबंधित राज्य सरकार की सिफारिशों को पत्र जारी होने के छह माह के भीतर आवश्यक कार्रवाई के लिए केंद्र सरकार के पास भेजा जा सकता है।
निर्देश में कहा गया है कि कभी-कभार ऐसा पाया जाता है कि अखिल भारतीय सेवा के कुछ सदस्य, जिस पद पर सदस्य को तैनात किया गया है 'यात्री' बनकर रह जाते हैं। डीओपीटी ने वार्षिक गोपनीयता रिपोर्ट या प्रदर्शन मूल्यांकन रिपोर्ट में 'औसत' मूल्यांकन उल्लेख या पूरे ग्रेड के बारे में अधिकारियों की कार्यक्षमता पर भी संदेह जाहिर किया है।
राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को जारी परिपत्र में डीओपीटी ने कहा है कि सदस्य की अखिल भारतीय सेवा औसत करार दिया जाना प्रशंसात्मक नहीं है। हालांकि यह प्रतिकूल टिप्पणी नहीं हो सकती, फिर भी उनके कार्य या आचरण का प्रतिबिंब है।
इसमें कहा गया कि बिना किसी उल्लेखनीय उपलब्धि के पांच-सात साल तक योग्य या संतोषप्रद टिप्पणी से सदस्य के ठहर जाने का सूचक होगा। इसी प्रकार, यह पाया गया है कि कुछ मामलों में अखिल भारतीय सेवा के सदस्य को निष्ठा के बारे में अस्पष्ट या गोलमोल प्रमाणपत्र दिया जाता है। इस तरह की एंट्री या टिप्पणी से माना जाएगा कि रिपोर्टिंग या रिव्यूइंग अथॉरिटी को सदस्य की निष्ठा को लेकर कुछ संदेह रहा।टिप्पणियां
इसमें कहा गया है ऐसे सभी मामलों में सरकार के लिए उपयुक्त होगा कि मामले के परीक्षण के लिए नियम एआईएस (डीसीआरबी) नियम, 1958, 16 (तीन) लागू हो। साथ ही, सेवा में 16 साल पूरे कर चुके या अर्हक सेवा से ज्यादा समय गुजार चुके ऐसे अधिकारी जिनकी समीक्षा न हुई हो।
पत्र में कहा गया है, इसलिए राज्य सरकार द्वारा ऐसे अधिकारियों की समीक्षा करवाए जाने की जरूरत है, जो अर्हक सेवा के 16-23 साल पूरे कर चुके हों और संबंधित राज्य सरकार की सिफारिशों को पत्र जारी होने के छह माह के भीतर आवश्यक कार्रवाई के लिए केंद्र सरकार के पास भेजा जा सकता है।
राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को जारी परिपत्र में डीओपीटी ने कहा है कि सदस्य की अखिल भारतीय सेवा औसत करार दिया जाना प्रशंसात्मक नहीं है। हालांकि यह प्रतिकूल टिप्पणी नहीं हो सकती, फिर भी उनके कार्य या आचरण का प्रतिबिंब है।
इसमें कहा गया कि बिना किसी उल्लेखनीय उपलब्धि के पांच-सात साल तक योग्य या संतोषप्रद टिप्पणी से सदस्य के ठहर जाने का सूचक होगा। इसी प्रकार, यह पाया गया है कि कुछ मामलों में अखिल भारतीय सेवा के सदस्य को निष्ठा के बारे में अस्पष्ट या गोलमोल प्रमाणपत्र दिया जाता है। इस तरह की एंट्री या टिप्पणी से माना जाएगा कि रिपोर्टिंग या रिव्यूइंग अथॉरिटी को सदस्य की निष्ठा को लेकर कुछ संदेह रहा।टिप्पणियां
इसमें कहा गया है ऐसे सभी मामलों में सरकार के लिए उपयुक्त होगा कि मामले के परीक्षण के लिए नियम एआईएस (डीसीआरबी) नियम, 1958, 16 (तीन) लागू हो। साथ ही, सेवा में 16 साल पूरे कर चुके या अर्हक सेवा से ज्यादा समय गुजार चुके ऐसे अधिकारी जिनकी समीक्षा न हुई हो।
पत्र में कहा गया है, इसलिए राज्य सरकार द्वारा ऐसे अधिकारियों की समीक्षा करवाए जाने की जरूरत है, जो अर्हक सेवा के 16-23 साल पूरे कर चुके हों और संबंधित राज्य सरकार की सिफारिशों को पत्र जारी होने के छह माह के भीतर आवश्यक कार्रवाई के लिए केंद्र सरकार के पास भेजा जा सकता है।
इसमें कहा गया कि बिना किसी उल्लेखनीय उपलब्धि के पांच-सात साल तक योग्य या संतोषप्रद टिप्पणी से सदस्य के ठहर जाने का सूचक होगा। इसी प्रकार, यह पाया गया है कि कुछ मामलों में अखिल भारतीय सेवा के सदस्य को निष्ठा के बारे में अस्पष्ट या गोलमोल प्रमाणपत्र दिया जाता है। इस तरह की एंट्री या टिप्पणी से माना जाएगा कि रिपोर्टिंग या रिव्यूइंग अथॉरिटी को सदस्य की निष्ठा को लेकर कुछ संदेह रहा।टिप्पणियां
इसमें कहा गया है ऐसे सभी मामलों में सरकार के लिए उपयुक्त होगा कि मामले के परीक्षण के लिए नियम एआईएस (डीसीआरबी) नियम, 1958, 16 (तीन) लागू हो। साथ ही, सेवा में 16 साल पूरे कर चुके या अर्हक सेवा से ज्यादा समय गुजार चुके ऐसे अधिकारी जिनकी समीक्षा न हुई हो।
पत्र में कहा गया है, इसलिए राज्य सरकार द्वारा ऐसे अधिकारियों की समीक्षा करवाए जाने की जरूरत है, जो अर्हक सेवा के 16-23 साल पूरे कर चुके हों और संबंधित राज्य सरकार की सिफारिशों को पत्र जारी होने के छह माह के भीतर आवश्यक कार्रवाई के लिए केंद्र सरकार के पास भेजा जा सकता है।
इसमें कहा गया है ऐसे सभी मामलों में सरकार के लिए उपयुक्त होगा कि मामले के परीक्षण के लिए नियम एआईएस (डीसीआरबी) नियम, 1958, 16 (तीन) लागू हो। साथ ही, सेवा में 16 साल पूरे कर चुके या अर्हक सेवा से ज्यादा समय गुजार चुके ऐसे अधिकारी जिनकी समीक्षा न हुई हो।
पत्र में कहा गया है, इसलिए राज्य सरकार द्वारा ऐसे अधिकारियों की समीक्षा करवाए जाने की जरूरत है, जो अर्हक सेवा के 16-23 साल पूरे कर चुके हों और संबंधित राज्य सरकार की सिफारिशों को पत्र जारी होने के छह माह के भीतर आवश्यक कार्रवाई के लिए केंद्र सरकार के पास भेजा जा सकता है।
पत्र में कहा गया है, इसलिए राज्य सरकार द्वारा ऐसे अधिकारियों की समीक्षा करवाए जाने की जरूरत है, जो अर्हक सेवा के 16-23 साल पूरे कर चुके हों और संबंधित राज्य सरकार की सिफारिशों को पत्र जारी होने के छह माह के भीतर आवश्यक कार्रवाई के लिए केंद्र सरकार के पास भेजा जा सकता है। | सारांश: प्रशासन में उच्चस्तरीय दक्षता बरकरार रखने के लिए केंद्र ने सभी राज्यों से अखिल भारतीय सेवा अधिकारियों के कामकाज की समीक्षा करने को कहा है, ताकि अक्षम अधिकारियों को सेवानिवृत्त किया जा सके। | 7 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिका के अलग रास्ता अपना लेने के बावजूद जी-20 के बाकी सभी देशों ने जलवायु परिवर्तन के लिए 2015 में किए गए पेरिस समझौते के प्रति संकल्प दोहराया है. जी-20 सम्मेलन के दूसरे दिन दिए गए साझा बयान में अमेरिका को छोड़ बाकी 19 देशों ने कहा है कि पेरिस डील से पीछे नहीं हटा जा सकता.
साझा बयान में संयुक्त राष्ट्र के उस संकल्प को पूरा करने के महत्व को दोहराया गया है जिसमें साफ ऊर्जा के इस्तेमाल बढ़ाने और क्लाइमेट के खतरों से लड़ने के लिए विकसित देशों को गरीब और विकासशील देशों की मदद करेंगे. साझा बयान में इन देशों ने पेरिस समझौते के तहत किये वादों को तेज़ी से पूरा करने की बात कही है. गौरतलब है कि 2 साल पहले जलवायु परिवर्तन के खतरों से लड़ने और दुनिया के तापमान को बढ़ने से रोकने के लिए पेरिस में करीब 200 देशों ने एक संधि की जिसमें सभी देशों ने ग्लोबल वॉर्मिग औऱ कार्बन उत्सर्जन को रोकने के लिए साफ ऊर्जा के लिए अपने अपने लक्ष्य तय किए हैं.टिप्पणियां
उधर, अमेरिका के नए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पद भार संभालने के बाद पेरिस डील से बाहर आने का ऐलान कर दिया. ट्रंप का कहना है कि जलवायु परिवर्तन चीन जैसे देशों का खड़ा किया हुआ हौव्वा है. उनके मुताबिक भारत औऱ चीन जैसे देशों को अमेरिका को अरबों डॉलर देने होंगे जो अमेरिका के हित में नहीं हैं. साझा बयान में जी-20 देशों ने माना है कि अमेरिका पेरिस समझौते से बाहर आ गया है और वह तत्काल प्रभाव से उन कोशिशों को रोक देगा जो वादे पेरिस डील में किए गए हैं. बयान में ये भी कहा गया है कि अमेरिका पूरी दुनिया के देशों को पारम्परिक ईंधन ज्यादा प्रभावी तरीके से और साफ सुथरे तरीके से इस्तेमाल करने में मदद करेगा.
साझा बयान से साफ है जहां अमेरिका के पक्ष के जगह मिली है वहीं बाकी देशों ने जलवायु परिवर्तन से लड़ने में एकजुटता दिखाई है. जलवायु परिवर्तन का अगला सम्मेलन जर्मनी के बोन में इसी साल नवंबर में होना है. अब देखना है कि क्या यूरोपीय देश अपने संकल्प को पूरा करेंगे? नए परिदृश्य में चीन और भारत जैसे देशों के लिए अगुवाई की संभावनाएं भी बन रही हैं.
साझा बयान में संयुक्त राष्ट्र के उस संकल्प को पूरा करने के महत्व को दोहराया गया है जिसमें साफ ऊर्जा के इस्तेमाल बढ़ाने और क्लाइमेट के खतरों से लड़ने के लिए विकसित देशों को गरीब और विकासशील देशों की मदद करेंगे. साझा बयान में इन देशों ने पेरिस समझौते के तहत किये वादों को तेज़ी से पूरा करने की बात कही है. गौरतलब है कि 2 साल पहले जलवायु परिवर्तन के खतरों से लड़ने और दुनिया के तापमान को बढ़ने से रोकने के लिए पेरिस में करीब 200 देशों ने एक संधि की जिसमें सभी देशों ने ग्लोबल वॉर्मिग औऱ कार्बन उत्सर्जन को रोकने के लिए साफ ऊर्जा के लिए अपने अपने लक्ष्य तय किए हैं.टिप्पणियां
उधर, अमेरिका के नए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पद भार संभालने के बाद पेरिस डील से बाहर आने का ऐलान कर दिया. ट्रंप का कहना है कि जलवायु परिवर्तन चीन जैसे देशों का खड़ा किया हुआ हौव्वा है. उनके मुताबिक भारत औऱ चीन जैसे देशों को अमेरिका को अरबों डॉलर देने होंगे जो अमेरिका के हित में नहीं हैं. साझा बयान में जी-20 देशों ने माना है कि अमेरिका पेरिस समझौते से बाहर आ गया है और वह तत्काल प्रभाव से उन कोशिशों को रोक देगा जो वादे पेरिस डील में किए गए हैं. बयान में ये भी कहा गया है कि अमेरिका पूरी दुनिया के देशों को पारम्परिक ईंधन ज्यादा प्रभावी तरीके से और साफ सुथरे तरीके से इस्तेमाल करने में मदद करेगा.
साझा बयान से साफ है जहां अमेरिका के पक्ष के जगह मिली है वहीं बाकी देशों ने जलवायु परिवर्तन से लड़ने में एकजुटता दिखाई है. जलवायु परिवर्तन का अगला सम्मेलन जर्मनी के बोन में इसी साल नवंबर में होना है. अब देखना है कि क्या यूरोपीय देश अपने संकल्प को पूरा करेंगे? नए परिदृश्य में चीन और भारत जैसे देशों के लिए अगुवाई की संभावनाएं भी बन रही हैं.
उधर, अमेरिका के नए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पद भार संभालने के बाद पेरिस डील से बाहर आने का ऐलान कर दिया. ट्रंप का कहना है कि जलवायु परिवर्तन चीन जैसे देशों का खड़ा किया हुआ हौव्वा है. उनके मुताबिक भारत औऱ चीन जैसे देशों को अमेरिका को अरबों डॉलर देने होंगे जो अमेरिका के हित में नहीं हैं. साझा बयान में जी-20 देशों ने माना है कि अमेरिका पेरिस समझौते से बाहर आ गया है और वह तत्काल प्रभाव से उन कोशिशों को रोक देगा जो वादे पेरिस डील में किए गए हैं. बयान में ये भी कहा गया है कि अमेरिका पूरी दुनिया के देशों को पारम्परिक ईंधन ज्यादा प्रभावी तरीके से और साफ सुथरे तरीके से इस्तेमाल करने में मदद करेगा.
साझा बयान से साफ है जहां अमेरिका के पक्ष के जगह मिली है वहीं बाकी देशों ने जलवायु परिवर्तन से लड़ने में एकजुटता दिखाई है. जलवायु परिवर्तन का अगला सम्मेलन जर्मनी के बोन में इसी साल नवंबर में होना है. अब देखना है कि क्या यूरोपीय देश अपने संकल्प को पूरा करेंगे? नए परिदृश्य में चीन और भारत जैसे देशों के लिए अगुवाई की संभावनाएं भी बन रही हैं.
साझा बयान से साफ है जहां अमेरिका के पक्ष के जगह मिली है वहीं बाकी देशों ने जलवायु परिवर्तन से लड़ने में एकजुटता दिखाई है. जलवायु परिवर्तन का अगला सम्मेलन जर्मनी के बोन में इसी साल नवंबर में होना है. अब देखना है कि क्या यूरोपीय देश अपने संकल्प को पूरा करेंगे? नए परिदृश्य में चीन और भारत जैसे देशों के लिए अगुवाई की संभावनाएं भी बन रही हैं. | संक्षिप्त पाठ: बाकी 19 देशों ने कहा है कि पेरिस डील से पीछे नहीं हटा जा सकता
साझा बयान में संयुक्त राष्ट्र के संकल्प को पूरा करने के महत्व को दोहराया
अगला सम्मेलन जर्मनी के बोन में इसी साल नवंबर में होना है | 14 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: बता दें, भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा था कि मेहुल चौकसी दो देशों की नागरिकता नहीं रख सकता. मेहुल चौकसी को साल 2018 में एंटीगुआ और बारबूडा की नागरिकता दी गई थी और उसने पिछले साल 15 जनवरी को उस देश के प्रति निष्ठा की शपथ ली थी.
बता दें, पिछले साल के अंत में मेहुल चोकसी ने मुंबई की एक कोर्ट से कहा था कि वह 41 घंटे की यात्रा कर भारत नहीं आ सकता. लोन धोखाखड़ी मामले वांछित चोकसी ने बताया कि उसकी खराब सेहत की वजह से वह एंटीगुआ से भारत नहीं आ सकता. कोर्ट में लिखित में दिए गए जवाब में मेहुल चोकसी ने प्रवर्तन निदेशालय पर आरोप लगाया था कि उसकी स्वास्थ्य की जानकारी न देकर कोर्ट को गुमराह किया गया है.
इसके साथ ही उसने कहा था कि वह अपना बकाया चुकाने के लिए बैंकों के संपर्क में है. साथ ही कहा था कि वह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जांच के साथ जुड़ने के लिए तैयार है. वहीं प्रवर्तन निदेशालय ने कोर्ट से कहा था कि मेहुल चोकसी को भगोड़ आर्थिक अपरोधी घोषित किया जाए और उसकी संपत्ति जब्त करने के आदेश दिए जाएं.
इसे बाद इस साल जनवरी के पहले सप्ताह में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने चोकसी की कंपनी गीतांजलि समूह की थाईलैंड में स्थित 13 करोड़ रुपए कीमत की एक फैक्टरी को कुर्क कर लिया था. यह कुर्की दो अरब डॉलर के कथित पीएनबी धोखाधड़ी मामले में की गई थी. एजेंसी ने कहा था कि उसने धन शोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) के तहत एब्बेक्रेस्ट (थाईलैंड) लिमिटेड के स्वामित्व वाली फैक्टरी की कुर्की के लिए एक अस्थायी आदेश जारी किया था. यह कंपनी गीताजंलि समूह की एक कंपनी है. | संक्षिप्त पाठ: पीएनबी घोटाले का आरोपी है मेहुल चौकसी
2018 में ली थी एंटीगुआ की नागरिकता
सरेंडर किया भारतीय पासपोर्ट | 13 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: 68वें गणतंत्र दिवस के मौके पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने राजपथ पर तिरंगा फहराया और देश की सैन्य ताकत का प्रदर्शन हुआ. सेना के हवलदार हंगपन दादा को मरणोपरांत अशोक चक्र से सम्मानित किया गया. राष्ट्रपति ने दादा की पत्नी को यह सम्मान दिया. इस बार परेड में सेना और अर्धसैनिक बलों के 15 मार्चिंग दस्तों ने अपने शौर्य और शक्ति का प्रर्दशन किया. आज की परेश की शुरुआत विंग कमांडर रमेश कुमार दूबे के नेतृत्व में हुई. चार एमआई-17 हेलीकॉप्टरों ने आकाश से पुष्प वर्षा की. इनमें से एक हेलीकॉप्टर तिरंगा लेकर उड़ा, जबकि तीन अन्य हेलीकॉप्टरों पर सेना, नौसेना और वायु सेना की पताका फहराया गया.
पहली बार परेड में संयुक्त अरब अमीरात के 144 जवानों का दस्ता भी सेना के जवानों के साथ परेड करता दिखाई दिया. ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि इस साल गणतंत्र दिवस में मुख्य अतिथि अबु धाबी के शहजादे मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान रहे. इससे पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने अमर जवान ज्योति पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी. उनके साथ तीनों सेनाओं के प्रमुख भी मौजूद थे.
परेड से पहले परेड कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनोज नरवाने और उनके नायब मेजर जनरल राजेश सहाय ने सशस्त्र बलों के सर्वोच्च कमांडर--भारत के राष्ट्रपति के प्रति सम्मान प्रकट किया. परमवीर चक्र और अशोक चक्र से सम्मानित सैनिकों ने भी परेड कमांडर का अनुसरण किया. परेड का सबसे बड़ा आकर्षण भारत के एकमात्र कैवेलरी का अपने प्रतापी घोड़ों के साथ मार्च रहा.
सेना अपने टैंक टी-90 और इन्फैन्ट्री कॉम्बैट व्हीकल और ब्रह्मोस मिसाइल, हथियार का स्थान बताने वाले रडार स्वाति, ढुलाई करने लायक उपग्रह टर्मिनल और आकाश हथियार प्रणाली को भी दर्शाया. एक और आकर्षण धनुष तोप प्रणाली रहा. इसके बाद एडवांस्ड लाइट हेलिकॉप्टर रूद्र सलामी उड़ान भरी. परेड में पहली बार देश में ही बनी तोप धनुष भी दिखाई दी.
रक्षा अनुसंधान विकास संगठन (डीआरडीओ) अपना एडवांस्ड टॉड आर्टिफिसियल गन सिस्टम (एटीएजीएस) और मध्यम क्षमता वाले रडार अरूद्र को प्रदर्शित किया. अर्धसैनिक बल की टुकड़ी का नेतृत्व बीएसएफ का ऊंट बैंड ने किया. इसके बाद भारतीय तटरक्षक बल, सीआईएसएफ, दिल्ली पुलिस, एनएसजी और एनसीसी की टुकड़ियों ने मार्च किया.
करीब 100 एनएसजी कमांडो का दस्ता भी पहली बार इस परेड में शामिल हुआ. एनएसजी कमांडो के दस्ते को देख कर देश आश्वस्त हो गया कि आतंकियों को करारा जवाब देने के लिए हमारे कमांडो पूरी तरह से मुस्तैद हैं.
देश में कहीं भी आतंकियों पर कार्रवाई के लिए एनएसजी कमांडो को ही तैनात किया जाता है. पठानकोट आतंकी हमले से निपटने में इन कमांडो ने ख़ास भूमिका निभाई थी. पाकिस्तान से सटी सीमा पर सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम देने वाले सेना के वीर कमांडो को शौर्य और वीर चक्र देने की सरकार ने भले ही घोषणा की हो लेकिन उनका दस्ता परेड में नहीं दिखाई दिया.
हालांकि पिछली बार पैरा कमांडो का दस्ता राजपथ पर कदमताल करते नजर आया और यह कितना आकर्षक था इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लोग इस बार भी इनकी प्रतीक्षा कर थे और उनकी याद में अब भी वह दृश्य था. देश में ही बना हल्का लड़ाकू विमान तेजस भी पहली बार दूसरे लड़ाकू विमानों के साथ आसमान में करतब दिखाता हुआ नज़र आएगा.
इतना ही नहीं टी-90 टैंक, आकाश और ब्रह्मोस मिसाइल भी राजपथ पर नज़र आई. अर्धसैनिक बलों के मार्चिंग दस्ते में बीएएसएफ का ऊंट सवार दस्ता और बैंड भी अपने पुराने अंदाज में दिखा. 25 राष्ट्रीय बहादुरी पुरस्कार पाए बच्चे भी गणतंत्र दिवस परेड का हिस्सा बने.
गणतंत्र दिवस परेड में मेकैनाइज्ड इन्फैन्ट्री रेजीमेंट, बिहार रेजीमेंट, गोरखा ट्रेनिंग सेंटर और पंजाब रेजीमेंटल सेंटर, सिख रेजीमेंटल सेंटर, मद्रास इंजीनियरिंग ग्रुप, इन्फैन्ट्री, बटालियन (क्षेत्रीय सेना) सिख लाइट इन्फैन्ट्री का संयुक्त बैंड भी दिखा. इसके बाद नौसेना की मार्चिंग टुकड़ी और नौसेना की भी एक झांकी दिखी. वायु सेना के मार्चिंग टुकड़ी के बाद वायु सेना की भी एक झांकी दिखाई गई, जिसमें भारतीय वायुसेना के सैन्य कौशल को प्रदर्शित किया गया.
राजपथ पर 17 राज्यों और 6 मंत्रालयों की झांकियां भी प्रदर्शित की गईं.टिप्पणियां
ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, गुजरात, लक्षद्वीप, कर्नाटक, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, पंजाब, तमिलनाडु, त्रिपुरा, जम्मू कश्मीर, असम समेत अन्य राज्य अपनी-अपनी झांकियों के माध्यम से अपनी परंपरा और संस्कृति की झलक पेश की.
वित्त मंत्रालय के तहत केंद्रीय उत्पाद शुल्क एवं सीमा शुल्क बोर्ड विभाग के साथ कौशल विकास मंत्रालय की भी झांकी गणतंत्र दिवस परेड में देखने को मिली.
सेना अपने टैंक टी-90 और इन्फैन्ट्री कॉम्बैट व्हीकल और ब्रह्मोस मिसाइल, हथियार का स्थान बताने वाले रडार स्वाति, ढुलाई करने लायक उपग्रह टर्मिनल और आकाश हथियार प्रणाली को भी दर्शाया. एक और आकर्षण धनुष तोप प्रणाली रहा. इसके बाद एडवांस्ड लाइट हेलिकॉप्टर रूद्र सलामी उड़ान भरी. परेड में पहली बार देश में ही बनी तोप धनुष भी दिखाई दी.
रक्षा अनुसंधान विकास संगठन (डीआरडीओ) अपना एडवांस्ड टॉड आर्टिफिसियल गन सिस्टम (एटीएजीएस) और मध्यम क्षमता वाले रडार अरूद्र को प्रदर्शित किया. अर्धसैनिक बल की टुकड़ी का नेतृत्व बीएसएफ का ऊंट बैंड ने किया. इसके बाद भारतीय तटरक्षक बल, सीआईएसएफ, दिल्ली पुलिस, एनएसजी और एनसीसी की टुकड़ियों ने मार्च किया.
करीब 100 एनएसजी कमांडो का दस्ता भी पहली बार इस परेड में शामिल हुआ. एनएसजी कमांडो के दस्ते को देख कर देश आश्वस्त हो गया कि आतंकियों को करारा जवाब देने के लिए हमारे कमांडो पूरी तरह से मुस्तैद हैं.
देश में कहीं भी आतंकियों पर कार्रवाई के लिए एनएसजी कमांडो को ही तैनात किया जाता है. पठानकोट आतंकी हमले से निपटने में इन कमांडो ने ख़ास भूमिका निभाई थी. पाकिस्तान से सटी सीमा पर सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम देने वाले सेना के वीर कमांडो को शौर्य और वीर चक्र देने की सरकार ने भले ही घोषणा की हो लेकिन उनका दस्ता परेड में नहीं दिखाई दिया.
हालांकि पिछली बार पैरा कमांडो का दस्ता राजपथ पर कदमताल करते नजर आया और यह कितना आकर्षक था इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लोग इस बार भी इनकी प्रतीक्षा कर थे और उनकी याद में अब भी वह दृश्य था. देश में ही बना हल्का लड़ाकू विमान तेजस भी पहली बार दूसरे लड़ाकू विमानों के साथ आसमान में करतब दिखाता हुआ नज़र आएगा.
इतना ही नहीं टी-90 टैंक, आकाश और ब्रह्मोस मिसाइल भी राजपथ पर नज़र आई. अर्धसैनिक बलों के मार्चिंग दस्ते में बीएएसएफ का ऊंट सवार दस्ता और बैंड भी अपने पुराने अंदाज में दिखा. 25 राष्ट्रीय बहादुरी पुरस्कार पाए बच्चे भी गणतंत्र दिवस परेड का हिस्सा बने.
गणतंत्र दिवस परेड में मेकैनाइज्ड इन्फैन्ट्री रेजीमेंट, बिहार रेजीमेंट, गोरखा ट्रेनिंग सेंटर और पंजाब रेजीमेंटल सेंटर, सिख रेजीमेंटल सेंटर, मद्रास इंजीनियरिंग ग्रुप, इन्फैन्ट्री, बटालियन (क्षेत्रीय सेना) सिख लाइट इन्फैन्ट्री का संयुक्त बैंड भी दिखा. इसके बाद नौसेना की मार्चिंग टुकड़ी और नौसेना की भी एक झांकी दिखी. वायु सेना के मार्चिंग टुकड़ी के बाद वायु सेना की भी एक झांकी दिखाई गई, जिसमें भारतीय वायुसेना के सैन्य कौशल को प्रदर्शित किया गया.
राजपथ पर 17 राज्यों और 6 मंत्रालयों की झांकियां भी प्रदर्शित की गईं.टिप्पणियां
ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, गुजरात, लक्षद्वीप, कर्नाटक, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, पंजाब, तमिलनाडु, त्रिपुरा, जम्मू कश्मीर, असम समेत अन्य राज्य अपनी-अपनी झांकियों के माध्यम से अपनी परंपरा और संस्कृति की झलक पेश की.
वित्त मंत्रालय के तहत केंद्रीय उत्पाद शुल्क एवं सीमा शुल्क बोर्ड विभाग के साथ कौशल विकास मंत्रालय की भी झांकी गणतंत्र दिवस परेड में देखने को मिली.
सेना अपने टैंक टी-90 और इन्फैन्ट्री कॉम्बैट व्हीकल और ब्रह्मोस मिसाइल, हथियार का स्थान बताने वाले रडार स्वाति, ढुलाई करने लायक उपग्रह टर्मिनल और आकाश हथियार प्रणाली को भी दर्शाया. एक और आकर्षण धनुष तोप प्रणाली रहा. इसके बाद एडवांस्ड लाइट हेलिकॉप्टर रूद्र सलामी उड़ान भरी. परेड में पहली बार देश में ही बनी तोप धनुष भी दिखाई दी.
रक्षा अनुसंधान विकास संगठन (डीआरडीओ) अपना एडवांस्ड टॉड आर्टिफिसियल गन सिस्टम (एटीएजीएस) और मध्यम क्षमता वाले रडार अरूद्र को प्रदर्शित किया. अर्धसैनिक बल की टुकड़ी का नेतृत्व बीएसएफ का ऊंट बैंड ने किया. इसके बाद भारतीय तटरक्षक बल, सीआईएसएफ, दिल्ली पुलिस, एनएसजी और एनसीसी की टुकड़ियों ने मार्च किया.
करीब 100 एनएसजी कमांडो का दस्ता भी पहली बार इस परेड में शामिल हुआ. एनएसजी कमांडो के दस्ते को देख कर देश आश्वस्त हो गया कि आतंकियों को करारा जवाब देने के लिए हमारे कमांडो पूरी तरह से मुस्तैद हैं.
देश में कहीं भी आतंकियों पर कार्रवाई के लिए एनएसजी कमांडो को ही तैनात किया जाता है. पठानकोट आतंकी हमले से निपटने में इन कमांडो ने ख़ास भूमिका निभाई थी. पाकिस्तान से सटी सीमा पर सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम देने वाले सेना के वीर कमांडो को शौर्य और वीर चक्र देने की सरकार ने भले ही घोषणा की हो लेकिन उनका दस्ता परेड में नहीं दिखाई दिया.
हालांकि पिछली बार पैरा कमांडो का दस्ता राजपथ पर कदमताल करते नजर आया और यह कितना आकर्षक था इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लोग इस बार भी इनकी प्रतीक्षा कर थे और उनकी याद में अब भी वह दृश्य था. देश में ही बना हल्का लड़ाकू विमान तेजस भी पहली बार दूसरे लड़ाकू विमानों के साथ आसमान में करतब दिखाता हुआ नज़र आएगा.
इतना ही नहीं टी-90 टैंक, आकाश और ब्रह्मोस मिसाइल भी राजपथ पर नज़र आई. अर्धसैनिक बलों के मार्चिंग दस्ते में बीएएसएफ का ऊंट सवार दस्ता और बैंड भी अपने पुराने अंदाज में दिखा. 25 राष्ट्रीय बहादुरी पुरस्कार पाए बच्चे भी गणतंत्र दिवस परेड का हिस्सा बने.
गणतंत्र दिवस परेड में मेकैनाइज्ड इन्फैन्ट्री रेजीमेंट, बिहार रेजीमेंट, गोरखा ट्रेनिंग सेंटर और पंजाब रेजीमेंटल सेंटर, सिख रेजीमेंटल सेंटर, मद्रास इंजीनियरिंग ग्रुप, इन्फैन्ट्री, बटालियन (क्षेत्रीय सेना) सिख लाइट इन्फैन्ट्री का संयुक्त बैंड भी दिखा. इसके बाद नौसेना की मार्चिंग टुकड़ी और नौसेना की भी एक झांकी दिखी. वायु सेना के मार्चिंग टुकड़ी के बाद वायु सेना की भी एक झांकी दिखाई गई, जिसमें भारतीय वायुसेना के सैन्य कौशल को प्रदर्शित किया गया.
राजपथ पर 17 राज्यों और 6 मंत्रालयों की झांकियां भी प्रदर्शित की गईं.टिप्पणियां
ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, गुजरात, लक्षद्वीप, कर्नाटक, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, पंजाब, तमिलनाडु, त्रिपुरा, जम्मू कश्मीर, असम समेत अन्य राज्य अपनी-अपनी झांकियों के माध्यम से अपनी परंपरा और संस्कृति की झलक पेश की.
वित्त मंत्रालय के तहत केंद्रीय उत्पाद शुल्क एवं सीमा शुल्क बोर्ड विभाग के साथ कौशल विकास मंत्रालय की भी झांकी गणतंत्र दिवस परेड में देखने को मिली.
करीब 100 एनएसजी कमांडो का दस्ता भी पहली बार इस परेड में शामिल हुआ. एनएसजी कमांडो के दस्ते को देख कर देश आश्वस्त हो गया कि आतंकियों को करारा जवाब देने के लिए हमारे कमांडो पूरी तरह से मुस्तैद हैं.
देश में कहीं भी आतंकियों पर कार्रवाई के लिए एनएसजी कमांडो को ही तैनात किया जाता है. पठानकोट आतंकी हमले से निपटने में इन कमांडो ने ख़ास भूमिका निभाई थी. पाकिस्तान से सटी सीमा पर सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम देने वाले सेना के वीर कमांडो को शौर्य और वीर चक्र देने की सरकार ने भले ही घोषणा की हो लेकिन उनका दस्ता परेड में नहीं दिखाई दिया.
हालांकि पिछली बार पैरा कमांडो का दस्ता राजपथ पर कदमताल करते नजर आया और यह कितना आकर्षक था इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लोग इस बार भी इनकी प्रतीक्षा कर थे और उनकी याद में अब भी वह दृश्य था. देश में ही बना हल्का लड़ाकू विमान तेजस भी पहली बार दूसरे लड़ाकू विमानों के साथ आसमान में करतब दिखाता हुआ नज़र आएगा.
इतना ही नहीं टी-90 टैंक, आकाश और ब्रह्मोस मिसाइल भी राजपथ पर नज़र आई. अर्धसैनिक बलों के मार्चिंग दस्ते में बीएएसएफ का ऊंट सवार दस्ता और बैंड भी अपने पुराने अंदाज में दिखा. 25 राष्ट्रीय बहादुरी पुरस्कार पाए बच्चे भी गणतंत्र दिवस परेड का हिस्सा बने.
गणतंत्र दिवस परेड में मेकैनाइज्ड इन्फैन्ट्री रेजीमेंट, बिहार रेजीमेंट, गोरखा ट्रेनिंग सेंटर और पंजाब रेजीमेंटल सेंटर, सिख रेजीमेंटल सेंटर, मद्रास इंजीनियरिंग ग्रुप, इन्फैन्ट्री, बटालियन (क्षेत्रीय सेना) सिख लाइट इन्फैन्ट्री का संयुक्त बैंड भी दिखा. इसके बाद नौसेना की मार्चिंग टुकड़ी और नौसेना की भी एक झांकी दिखी. वायु सेना के मार्चिंग टुकड़ी के बाद वायु सेना की भी एक झांकी दिखाई गई, जिसमें भारतीय वायुसेना के सैन्य कौशल को प्रदर्शित किया गया.
राजपथ पर 17 राज्यों और 6 मंत्रालयों की झांकियां भी प्रदर्शित की गईं.टिप्पणियां
ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, गुजरात, लक्षद्वीप, कर्नाटक, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, पंजाब, तमिलनाडु, त्रिपुरा, जम्मू कश्मीर, असम समेत अन्य राज्य अपनी-अपनी झांकियों के माध्यम से अपनी परंपरा और संस्कृति की झलक पेश की.
वित्त मंत्रालय के तहत केंद्रीय उत्पाद शुल्क एवं सीमा शुल्क बोर्ड विभाग के साथ कौशल विकास मंत्रालय की भी झांकी गणतंत्र दिवस परेड में देखने को मिली.
करीब 100 एनएसजी कमांडो का दस्ता भी पहली बार इस परेड में शामिल हुआ. एनएसजी कमांडो के दस्ते को देख कर देश आश्वस्त हो गया कि आतंकियों को करारा जवाब देने के लिए हमारे कमांडो पूरी तरह से मुस्तैद हैं.
देश में कहीं भी आतंकियों पर कार्रवाई के लिए एनएसजी कमांडो को ही तैनात किया जाता है. पठानकोट आतंकी हमले से निपटने में इन कमांडो ने ख़ास भूमिका निभाई थी. पाकिस्तान से सटी सीमा पर सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम देने वाले सेना के वीर कमांडो को शौर्य और वीर चक्र देने की सरकार ने भले ही घोषणा की हो लेकिन उनका दस्ता परेड में नहीं दिखाई दिया.
हालांकि पिछली बार पैरा कमांडो का दस्ता राजपथ पर कदमताल करते नजर आया और यह कितना आकर्षक था इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लोग इस बार भी इनकी प्रतीक्षा कर थे और उनकी याद में अब भी वह दृश्य था. देश में ही बना हल्का लड़ाकू विमान तेजस भी पहली बार दूसरे लड़ाकू विमानों के साथ आसमान में करतब दिखाता हुआ नज़र आएगा.
इतना ही नहीं टी-90 टैंक, आकाश और ब्रह्मोस मिसाइल भी राजपथ पर नज़र आई. अर्धसैनिक बलों के मार्चिंग दस्ते में बीएएसएफ का ऊंट सवार दस्ता और बैंड भी अपने पुराने अंदाज में दिखा. 25 राष्ट्रीय बहादुरी पुरस्कार पाए बच्चे भी गणतंत्र दिवस परेड का हिस्सा बने.
गणतंत्र दिवस परेड में मेकैनाइज्ड इन्फैन्ट्री रेजीमेंट, बिहार रेजीमेंट, गोरखा ट्रेनिंग सेंटर और पंजाब रेजीमेंटल सेंटर, सिख रेजीमेंटल सेंटर, मद्रास इंजीनियरिंग ग्रुप, इन्फैन्ट्री, बटालियन (क्षेत्रीय सेना) सिख लाइट इन्फैन्ट्री का संयुक्त बैंड भी दिखा. इसके बाद नौसेना की मार्चिंग टुकड़ी और नौसेना की भी एक झांकी दिखी. वायु सेना के मार्चिंग टुकड़ी के बाद वायु सेना की भी एक झांकी दिखाई गई, जिसमें भारतीय वायुसेना के सैन्य कौशल को प्रदर्शित किया गया.
राजपथ पर 17 राज्यों और 6 मंत्रालयों की झांकियां भी प्रदर्शित की गईं.टिप्पणियां
ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, गुजरात, लक्षद्वीप, कर्नाटक, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, पंजाब, तमिलनाडु, त्रिपुरा, जम्मू कश्मीर, असम समेत अन्य राज्य अपनी-अपनी झांकियों के माध्यम से अपनी परंपरा और संस्कृति की झलक पेश की.
वित्त मंत्रालय के तहत केंद्रीय उत्पाद शुल्क एवं सीमा शुल्क बोर्ड विभाग के साथ कौशल विकास मंत्रालय की भी झांकी गणतंत्र दिवस परेड में देखने को मिली.
हालांकि पिछली बार पैरा कमांडो का दस्ता राजपथ पर कदमताल करते नजर आया और यह कितना आकर्षक था इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लोग इस बार भी इनकी प्रतीक्षा कर थे और उनकी याद में अब भी वह दृश्य था. देश में ही बना हल्का लड़ाकू विमान तेजस भी पहली बार दूसरे लड़ाकू विमानों के साथ आसमान में करतब दिखाता हुआ नज़र आएगा.
इतना ही नहीं टी-90 टैंक, आकाश और ब्रह्मोस मिसाइल भी राजपथ पर नज़र आई. अर्धसैनिक बलों के मार्चिंग दस्ते में बीएएसएफ का ऊंट सवार दस्ता और बैंड भी अपने पुराने अंदाज में दिखा. 25 राष्ट्रीय बहादुरी पुरस्कार पाए बच्चे भी गणतंत्र दिवस परेड का हिस्सा बने.
गणतंत्र दिवस परेड में मेकैनाइज्ड इन्फैन्ट्री रेजीमेंट, बिहार रेजीमेंट, गोरखा ट्रेनिंग सेंटर और पंजाब रेजीमेंटल सेंटर, सिख रेजीमेंटल सेंटर, मद्रास इंजीनियरिंग ग्रुप, इन्फैन्ट्री, बटालियन (क्षेत्रीय सेना) सिख लाइट इन्फैन्ट्री का संयुक्त बैंड भी दिखा. इसके बाद नौसेना की मार्चिंग टुकड़ी और नौसेना की भी एक झांकी दिखी. वायु सेना के मार्चिंग टुकड़ी के बाद वायु सेना की भी एक झांकी दिखाई गई, जिसमें भारतीय वायुसेना के सैन्य कौशल को प्रदर्शित किया गया.
राजपथ पर 17 राज्यों और 6 मंत्रालयों की झांकियां भी प्रदर्शित की गईं.टिप्पणियां
ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, गुजरात, लक्षद्वीप, कर्नाटक, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, पंजाब, तमिलनाडु, त्रिपुरा, जम्मू कश्मीर, असम समेत अन्य राज्य अपनी-अपनी झांकियों के माध्यम से अपनी परंपरा और संस्कृति की झलक पेश की.
वित्त मंत्रालय के तहत केंद्रीय उत्पाद शुल्क एवं सीमा शुल्क बोर्ड विभाग के साथ कौशल विकास मंत्रालय की भी झांकी गणतंत्र दिवस परेड में देखने को मिली.
हालांकि पिछली बार पैरा कमांडो का दस्ता राजपथ पर कदमताल करते नजर आया और यह कितना आकर्षक था इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लोग इस बार भी इनकी प्रतीक्षा कर थे और उनकी याद में अब भी वह दृश्य था. देश में ही बना हल्का लड़ाकू विमान तेजस भी पहली बार दूसरे लड़ाकू विमानों के साथ आसमान में करतब दिखाता हुआ नज़र आएगा.
इतना ही नहीं टी-90 टैंक, आकाश और ब्रह्मोस मिसाइल भी राजपथ पर नज़र आई. अर्धसैनिक बलों के मार्चिंग दस्ते में बीएएसएफ का ऊंट सवार दस्ता और बैंड भी अपने पुराने अंदाज में दिखा. 25 राष्ट्रीय बहादुरी पुरस्कार पाए बच्चे भी गणतंत्र दिवस परेड का हिस्सा बने.
गणतंत्र दिवस परेड में मेकैनाइज्ड इन्फैन्ट्री रेजीमेंट, बिहार रेजीमेंट, गोरखा ट्रेनिंग सेंटर और पंजाब रेजीमेंटल सेंटर, सिख रेजीमेंटल सेंटर, मद्रास इंजीनियरिंग ग्रुप, इन्फैन्ट्री, बटालियन (क्षेत्रीय सेना) सिख लाइट इन्फैन्ट्री का संयुक्त बैंड भी दिखा. इसके बाद नौसेना की मार्चिंग टुकड़ी और नौसेना की भी एक झांकी दिखी. वायु सेना के मार्चिंग टुकड़ी के बाद वायु सेना की भी एक झांकी दिखाई गई, जिसमें भारतीय वायुसेना के सैन्य कौशल को प्रदर्शित किया गया.
राजपथ पर 17 राज्यों और 6 मंत्रालयों की झांकियां भी प्रदर्शित की गईं.टिप्पणियां
ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, गुजरात, लक्षद्वीप, कर्नाटक, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, पंजाब, तमिलनाडु, त्रिपुरा, जम्मू कश्मीर, असम समेत अन्य राज्य अपनी-अपनी झांकियों के माध्यम से अपनी परंपरा और संस्कृति की झलक पेश की.
वित्त मंत्रालय के तहत केंद्रीय उत्पाद शुल्क एवं सीमा शुल्क बोर्ड विभाग के साथ कौशल विकास मंत्रालय की भी झांकी गणतंत्र दिवस परेड में देखने को मिली.
ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, गुजरात, लक्षद्वीप, कर्नाटक, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, पंजाब, तमिलनाडु, त्रिपुरा, जम्मू कश्मीर, असम समेत अन्य राज्य अपनी-अपनी झांकियों के माध्यम से अपनी परंपरा और संस्कृति की झलक पेश की.
वित्त मंत्रालय के तहत केंद्रीय उत्पाद शुल्क एवं सीमा शुल्क बोर्ड विभाग के साथ कौशल विकास मंत्रालय की भी झांकी गणतंत्र दिवस परेड में देखने को मिली.
ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, गुजरात, लक्षद्वीप, कर्नाटक, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, पंजाब, तमिलनाडु, त्रिपुरा, जम्मू कश्मीर, असम समेत अन्य राज्य अपनी-अपनी झांकियों के माध्यम से अपनी परंपरा और संस्कृति की झलक पेश की.
वित्त मंत्रालय के तहत केंद्रीय उत्पाद शुल्क एवं सीमा शुल्क बोर्ड विभाग के साथ कौशल विकास मंत्रालय की भी झांकी गणतंत्र दिवस परेड में देखने को मिली. | सारांश: सेना और अर्द्धसैनिक बलों की 15 टुकड़ियां परेड में शामिल
पहली बार परेड में UAE के जवानों का दस्ता
MI-7 हेलीकॉप्टर से बरसाए गए फूल | 20 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: नोटबंदी के बाद बैंकों में जमा की गई राशि की जांच पड़ताल में सरकार को करीब तीन से चार लाख करोड़ रुपये की आय में टैक्स चोरी का पता चला है. यह राशि नोटबंदी के बाद 500, 1,000 रुपये के पुराने नोट जमा कराने की 50 दिन की अवधि में जमा कराई गई.
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आयकर विभाग को इनकी जांच पड़ताल करने को कहा गया है जिसके बाद 3-4 लाख करोड़ रुपये की संदिग्ध कर- अपवंचना वाली राशि जमा कराने वालों को नोटिस भेजे जायेंगे. अधिकारी ने कहा, ‘हमारे पास अब काफी आंकड़े उपलब्ध हैं. इनके विश्लेषण से पता चलता है कि नोटबंदी के बाद 60 लाख से अधिक बैंक खातों में दो लाख करोड़ रुये से अधिक राशि जमा कराई गई. इस दौरान कुल 7.34 लाख करोड़ रुपये की राशि बैंक खातों में जमा कराई गई.’
उन्होंने बताया कि पूर्वोत्तर राज्यों में विभिन्न बैंक खातों में 10,700 करोड़ रुपये से अधिक राशि जमा कराई गई. आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय सहकारी बैंकों में विभिन्न खातों में जमा कराई गई 16,000 करोड़ रुपये से अधिक राशि की भी जांच परख कर रहे हैं. अधिकारी ने बताया कि नोटबंदी के बाद 25,000 करोड़ रुपये निष्क्रिय पड़े बैंक खातों में जमा कराये गये जबकि आठ नवंबर 2016 के बाद 80,000 करोड़ रपये के कर्ज का नकद राशि में भुगतान किया गया.
उल्लेखनीय है कि सरकार ने आठ नवंबर 2016 को अचानक 500 और 1,000 रुपये के नोट चलन से वापस ले लिये थे. सरकार ने इन अमान्य नोटों को बैंक खातों में जमा कराने या फिर नई मुद्रा से बदलवाने के लिये 30 दिसंबर तक का समय दिया था. अधिकारी ने कहा कि 60 लाख बैंक खातों में दो लाख करोड़ रुपये से अधिक की नकदी जमा कराई गई. इनमें से 6.80 लाख खातों का सरकार के साथ उपलब्ध डाटाबेस के साथ मिलान कर लिया गया है. ‘ये जानकारी आयकर विभाग को भी उपलब्ध कराई गई है.’ उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर राज्यों में विभिन्न खातों में जमा कराई गई 10,700 करोड़ रुपये से अधिक नकद राशि के बारे में भी ब्यौरा उपलब्ध कराया गया है. इसके अलावा सहकारी बैंकों के विभिन्न खातों में जमा कराई गई 16,000 करोड़ रुपये से अधिक राशि के बारे में भी आयकर विभाग, प्रवर्तन निदेशालय को पूरा ब्यौरा उपलब्ध कराया गया है.टिप्पणियां
क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों में 13,000 करोड़ रुपये से अधिक जमा राशि के बारे में भी जानकारी दी गई है. इसके अलावा, ‘आतंकवाद प्रभावित राज्यों में जमा नकदी के बारे में भी संबंधित विधि प्रवर्तन एजेंसियों को जानकारी प्रसारित की गई है. ऐसे मामलों में उचित कारवाई की गई है.’ अधिकारी ने कहा कि प्रत्येक खाते में दो से ढाई लाख करोड़ रुपये की नकद जमा कराने वाले ऐसे खातों का पता चला है जिनमें पैन, मोबाइल और घर का पता सब एक जैसा है. इस तरह करीब 42,000 करोड़ रुपये की राशि है.आयकर विभाग इन खातों की भी विस्तार से जांच पड़ताल करेगा.
प्रधानमंत्री जनधन खातों में भी जमा राशि का विश्लेषण कर लिया गया है. विभिन्न क्षेत्रों में इस प्रकार जमा कराई गई राशि का ब्यौरा तैयार कर इसे आयकर विभाग के साथ साझा किया गया है. उन्होंने कहा, ‘ऐसे बैंक खातों में प्राप्त खुफिया रिपोर्टों को ध्यान में रखते हुये एक लाख रुपये से अधिक नकद जमा पर भी गौर किया जायेगा.’
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आयकर विभाग को इनकी जांच पड़ताल करने को कहा गया है जिसके बाद 3-4 लाख करोड़ रुपये की संदिग्ध कर- अपवंचना वाली राशि जमा कराने वालों को नोटिस भेजे जायेंगे. अधिकारी ने कहा, ‘हमारे पास अब काफी आंकड़े उपलब्ध हैं. इनके विश्लेषण से पता चलता है कि नोटबंदी के बाद 60 लाख से अधिक बैंक खातों में दो लाख करोड़ रुये से अधिक राशि जमा कराई गई. इस दौरान कुल 7.34 लाख करोड़ रुपये की राशि बैंक खातों में जमा कराई गई.’
उन्होंने बताया कि पूर्वोत्तर राज्यों में विभिन्न बैंक खातों में 10,700 करोड़ रुपये से अधिक राशि जमा कराई गई. आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय सहकारी बैंकों में विभिन्न खातों में जमा कराई गई 16,000 करोड़ रुपये से अधिक राशि की भी जांच परख कर रहे हैं. अधिकारी ने बताया कि नोटबंदी के बाद 25,000 करोड़ रुपये निष्क्रिय पड़े बैंक खातों में जमा कराये गये जबकि आठ नवंबर 2016 के बाद 80,000 करोड़ रपये के कर्ज का नकद राशि में भुगतान किया गया.
उल्लेखनीय है कि सरकार ने आठ नवंबर 2016 को अचानक 500 और 1,000 रुपये के नोट चलन से वापस ले लिये थे. सरकार ने इन अमान्य नोटों को बैंक खातों में जमा कराने या फिर नई मुद्रा से बदलवाने के लिये 30 दिसंबर तक का समय दिया था. अधिकारी ने कहा कि 60 लाख बैंक खातों में दो लाख करोड़ रुपये से अधिक की नकदी जमा कराई गई. इनमें से 6.80 लाख खातों का सरकार के साथ उपलब्ध डाटाबेस के साथ मिलान कर लिया गया है. ‘ये जानकारी आयकर विभाग को भी उपलब्ध कराई गई है.’ उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर राज्यों में विभिन्न खातों में जमा कराई गई 10,700 करोड़ रुपये से अधिक नकद राशि के बारे में भी ब्यौरा उपलब्ध कराया गया है. इसके अलावा सहकारी बैंकों के विभिन्न खातों में जमा कराई गई 16,000 करोड़ रुपये से अधिक राशि के बारे में भी आयकर विभाग, प्रवर्तन निदेशालय को पूरा ब्यौरा उपलब्ध कराया गया है.टिप्पणियां
क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों में 13,000 करोड़ रुपये से अधिक जमा राशि के बारे में भी जानकारी दी गई है. इसके अलावा, ‘आतंकवाद प्रभावित राज्यों में जमा नकदी के बारे में भी संबंधित विधि प्रवर्तन एजेंसियों को जानकारी प्रसारित की गई है. ऐसे मामलों में उचित कारवाई की गई है.’ अधिकारी ने कहा कि प्रत्येक खाते में दो से ढाई लाख करोड़ रुपये की नकद जमा कराने वाले ऐसे खातों का पता चला है जिनमें पैन, मोबाइल और घर का पता सब एक जैसा है. इस तरह करीब 42,000 करोड़ रुपये की राशि है.आयकर विभाग इन खातों की भी विस्तार से जांच पड़ताल करेगा.
प्रधानमंत्री जनधन खातों में भी जमा राशि का विश्लेषण कर लिया गया है. विभिन्न क्षेत्रों में इस प्रकार जमा कराई गई राशि का ब्यौरा तैयार कर इसे आयकर विभाग के साथ साझा किया गया है. उन्होंने कहा, ‘ऐसे बैंक खातों में प्राप्त खुफिया रिपोर्टों को ध्यान में रखते हुये एक लाख रुपये से अधिक नकद जमा पर भी गौर किया जायेगा.’
उन्होंने बताया कि पूर्वोत्तर राज्यों में विभिन्न बैंक खातों में 10,700 करोड़ रुपये से अधिक राशि जमा कराई गई. आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय सहकारी बैंकों में विभिन्न खातों में जमा कराई गई 16,000 करोड़ रुपये से अधिक राशि की भी जांच परख कर रहे हैं. अधिकारी ने बताया कि नोटबंदी के बाद 25,000 करोड़ रुपये निष्क्रिय पड़े बैंक खातों में जमा कराये गये जबकि आठ नवंबर 2016 के बाद 80,000 करोड़ रपये के कर्ज का नकद राशि में भुगतान किया गया.
उल्लेखनीय है कि सरकार ने आठ नवंबर 2016 को अचानक 500 और 1,000 रुपये के नोट चलन से वापस ले लिये थे. सरकार ने इन अमान्य नोटों को बैंक खातों में जमा कराने या फिर नई मुद्रा से बदलवाने के लिये 30 दिसंबर तक का समय दिया था. अधिकारी ने कहा कि 60 लाख बैंक खातों में दो लाख करोड़ रुपये से अधिक की नकदी जमा कराई गई. इनमें से 6.80 लाख खातों का सरकार के साथ उपलब्ध डाटाबेस के साथ मिलान कर लिया गया है. ‘ये जानकारी आयकर विभाग को भी उपलब्ध कराई गई है.’ उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर राज्यों में विभिन्न खातों में जमा कराई गई 10,700 करोड़ रुपये से अधिक नकद राशि के बारे में भी ब्यौरा उपलब्ध कराया गया है. इसके अलावा सहकारी बैंकों के विभिन्न खातों में जमा कराई गई 16,000 करोड़ रुपये से अधिक राशि के बारे में भी आयकर विभाग, प्रवर्तन निदेशालय को पूरा ब्यौरा उपलब्ध कराया गया है.टिप्पणियां
क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों में 13,000 करोड़ रुपये से अधिक जमा राशि के बारे में भी जानकारी दी गई है. इसके अलावा, ‘आतंकवाद प्रभावित राज्यों में जमा नकदी के बारे में भी संबंधित विधि प्रवर्तन एजेंसियों को जानकारी प्रसारित की गई है. ऐसे मामलों में उचित कारवाई की गई है.’ अधिकारी ने कहा कि प्रत्येक खाते में दो से ढाई लाख करोड़ रुपये की नकद जमा कराने वाले ऐसे खातों का पता चला है जिनमें पैन, मोबाइल और घर का पता सब एक जैसा है. इस तरह करीब 42,000 करोड़ रुपये की राशि है.आयकर विभाग इन खातों की भी विस्तार से जांच पड़ताल करेगा.
प्रधानमंत्री जनधन खातों में भी जमा राशि का विश्लेषण कर लिया गया है. विभिन्न क्षेत्रों में इस प्रकार जमा कराई गई राशि का ब्यौरा तैयार कर इसे आयकर विभाग के साथ साझा किया गया है. उन्होंने कहा, ‘ऐसे बैंक खातों में प्राप्त खुफिया रिपोर्टों को ध्यान में रखते हुये एक लाख रुपये से अधिक नकद जमा पर भी गौर किया जायेगा.’
उल्लेखनीय है कि सरकार ने आठ नवंबर 2016 को अचानक 500 और 1,000 रुपये के नोट चलन से वापस ले लिये थे. सरकार ने इन अमान्य नोटों को बैंक खातों में जमा कराने या फिर नई मुद्रा से बदलवाने के लिये 30 दिसंबर तक का समय दिया था. अधिकारी ने कहा कि 60 लाख बैंक खातों में दो लाख करोड़ रुपये से अधिक की नकदी जमा कराई गई. इनमें से 6.80 लाख खातों का सरकार के साथ उपलब्ध डाटाबेस के साथ मिलान कर लिया गया है. ‘ये जानकारी आयकर विभाग को भी उपलब्ध कराई गई है.’ उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर राज्यों में विभिन्न खातों में जमा कराई गई 10,700 करोड़ रुपये से अधिक नकद राशि के बारे में भी ब्यौरा उपलब्ध कराया गया है. इसके अलावा सहकारी बैंकों के विभिन्न खातों में जमा कराई गई 16,000 करोड़ रुपये से अधिक राशि के बारे में भी आयकर विभाग, प्रवर्तन निदेशालय को पूरा ब्यौरा उपलब्ध कराया गया है.टिप्पणियां
क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों में 13,000 करोड़ रुपये से अधिक जमा राशि के बारे में भी जानकारी दी गई है. इसके अलावा, ‘आतंकवाद प्रभावित राज्यों में जमा नकदी के बारे में भी संबंधित विधि प्रवर्तन एजेंसियों को जानकारी प्रसारित की गई है. ऐसे मामलों में उचित कारवाई की गई है.’ अधिकारी ने कहा कि प्रत्येक खाते में दो से ढाई लाख करोड़ रुपये की नकद जमा कराने वाले ऐसे खातों का पता चला है जिनमें पैन, मोबाइल और घर का पता सब एक जैसा है. इस तरह करीब 42,000 करोड़ रुपये की राशि है.आयकर विभाग इन खातों की भी विस्तार से जांच पड़ताल करेगा.
प्रधानमंत्री जनधन खातों में भी जमा राशि का विश्लेषण कर लिया गया है. विभिन्न क्षेत्रों में इस प्रकार जमा कराई गई राशि का ब्यौरा तैयार कर इसे आयकर विभाग के साथ साझा किया गया है. उन्होंने कहा, ‘ऐसे बैंक खातों में प्राप्त खुफिया रिपोर्टों को ध्यान में रखते हुये एक लाख रुपये से अधिक नकद जमा पर भी गौर किया जायेगा.’
क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों में 13,000 करोड़ रुपये से अधिक जमा राशि के बारे में भी जानकारी दी गई है. इसके अलावा, ‘आतंकवाद प्रभावित राज्यों में जमा नकदी के बारे में भी संबंधित विधि प्रवर्तन एजेंसियों को जानकारी प्रसारित की गई है. ऐसे मामलों में उचित कारवाई की गई है.’ अधिकारी ने कहा कि प्रत्येक खाते में दो से ढाई लाख करोड़ रुपये की नकद जमा कराने वाले ऐसे खातों का पता चला है जिनमें पैन, मोबाइल और घर का पता सब एक जैसा है. इस तरह करीब 42,000 करोड़ रुपये की राशि है.आयकर विभाग इन खातों की भी विस्तार से जांच पड़ताल करेगा.
प्रधानमंत्री जनधन खातों में भी जमा राशि का विश्लेषण कर लिया गया है. विभिन्न क्षेत्रों में इस प्रकार जमा कराई गई राशि का ब्यौरा तैयार कर इसे आयकर विभाग के साथ साझा किया गया है. उन्होंने कहा, ‘ऐसे बैंक खातों में प्राप्त खुफिया रिपोर्टों को ध्यान में रखते हुये एक लाख रुपये से अधिक नकद जमा पर भी गौर किया जायेगा.’
प्रधानमंत्री जनधन खातों में भी जमा राशि का विश्लेषण कर लिया गया है. विभिन्न क्षेत्रों में इस प्रकार जमा कराई गई राशि का ब्यौरा तैयार कर इसे आयकर विभाग के साथ साझा किया गया है. उन्होंने कहा, ‘ऐसे बैंक खातों में प्राप्त खुफिया रिपोर्टों को ध्यान में रखते हुये एक लाख रुपये से अधिक नकद जमा पर भी गौर किया जायेगा.’ | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पड़ताल में करीब 3 से 4 लाख करोड़ रुपये की आय में टैक्स चोरी का पता चला है
पुराने नोट जमा कराने की 50 दिन की अवधि में जमा कराई गई है ये रकम
सीनियर ऑफिशल ने कहा- जमा कराने वालों को नोटिस भेजे जायेंगे | 32 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: सुप्रीम कोर्ट को दिए जवाब में यूपी सरकार ने कहा, 'लड़की इस समय फतेहपुर सीकरी में है और उसे दिल्ली पहुंचने में 2 से 2.30 घंटे लगेंगे.' उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह ने बताया कि यूपी पुलिस राजस्थान से वापस लेकर आ रही है. लड़की अपने दोस्त संजय सिंह के साथ थी. उन्हें यूपी पुलिस की स्पेशल टीम ने पकड़ा. लड़की का किडनैप नहीं किया गया था.
बता दें कि पूर्व केंद्रीय मंत्री चिन्मयानंद के खिलाफ यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली छात्रा के गायब होने के मामले पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो रही है. शाहजहांपुर की एलएलएम की छात्रा ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता चिन्मयानंद पर उसका और कई लड़कियों का यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है.
फेसबुक लाइव वीडियो में आरोप लगाने के बाद वह लापता हो गई थी. इस मामले में कुछ वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट से स्वत: संज्ञान लेने का अनुरोध किया था. उन्होंने कहा कि आरोप लगाने वाली छात्रा तीन दिनों से गायब है लिहाजा सुप्रीम कोर्ट दखल दे. सुप्रीम कोर्ट ने मामले में संज्ञान लिया. जस्टिस आर भानुमति की पीठ ने सुनवाई की.
मालूम हो कि आरोपी भाजपा नेता उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में लॉ कॉलेज के निदेशक हैं जहां लापता शिकायतकर्ता
युवती एलएलएम की छात्रा है. नेता से उसके और उसके परिवार के जीवन के लिए खतरा बताते हुए शिकायतकर्ता ने
पिछले हफ्ते शुक्रवार को फेसबुक पर एक लाइव वीडियो पोस्ट किया था. उसमें आरोप लगाया गया था कि चिन्मयानंद ने
"कई लड़कियों के जीवन को नष्ट कर दिया है.''
हालांकि भाजपा नेता के वकील ने इस आरोप का खंडन करते हुए दावा किया था कि यह उन्हें ब्लैकमेल करने की एक साजिश है. महिला के पिता ने आरोप लगाया कि वह (छात्रा) मुमुक्षु आश्रम के प्रमुख एवं 72 वर्षीय भाजपा नेता के इशारे पर लापता की गई. वह आश्रम द्वारा संचालित एक कॉलेज में स्नातकोत्तर (पीजी) की छात्रा है. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: राजस्थान में मिली BJP नेता पर आरोप लगाने वाली लड़की
सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार से कहा- लड़की की सही जगह पता करें
सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार से कहा- कोर्ट में करें पेश | 25 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: लोक जनशक्ति पार्टी (Lok Janshakti Party) के सांसद और केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के पुत्र चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने कहा है कि बिहार की नवादा सीट लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) को मिलने से केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह (Giriraj Singh) नाराज हैं. लेकिन सीट शेयरिंग पर फैसला करते हुए एनडीए (NDA) ने सबकी सहमति ली है.
चिराग पासवान ने NDTV से कहा कि 'बिहार की नवादा (Nawada) सीट लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) को मिलने से केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह नाराज हैं. मैं उनसे फोन पर बात करूंगा. गिरिराज सिंह के किसी दुख का कारण मैं नहीं बनना चाहता हूं. लेकिन अब काफी देर हो चुकी है, मुझे नहीं लगता कि सीटों में फेरबदल की अब किसी तरह की संभावना है. सीटों में बदलाव के लिए बहुत देर हो गई.'
'चौकीदार' को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद पर चिराग पासवान ने कहा कि 'चौकीदार आज हास्य का पात्र बन गया है. पासवान समाज चौकीदार के प्रोफेशन से जुड़ा है. यह पासवान समुदाय के लिए एक बड़ा मुद्दा बन गया है. किसी एक व्यक्ति का विरोध करते-करते पूरे पासवान समुदाय का विरोध करना गलत होगा.'
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी की गंगा यात्रा को लेकर पासवान ने कहा कि 'उन्होंने काफी देर कर दी. इस नई राजनीतिक रणनीति के लिए कांग्रेस ने देर कर दी. प्रियंका गांधी से बहुत अधिक उम्मीद करना गलत होगा.'
चिराग पासवान ने कहा है कि 'हमने अपने प्रत्याशी फाइनल कर दिए हैं. लेकिन महागठबंधन में आंतरिक विवादों की वजह से उसमें अभी तक सीटों के बंटवारे पर अंतिम फैसला नहीं हो सका है. उन्होंने कहा कि महागठबंधन में संशय के हालात उसको लोकसभा चुनाव में नुकसान पहुंचाएंगे.'
चिराग पासवान ने कहा कि '2019 के चुनाव में एलजेपी की सिर्फ एक सीट बदली गई है. इस बार मुंगेर सीट की जगह हमें नवादा सीट दी गई है. उन्होंने कहा कि मनोहर पर्रिकर जी के देहांत की वजह से आज हम अपने उम्मीदवारों के नामों की घोषणा नहीं करेंगे. प्रत्याशी फाइनल कर लिए हैं.' | यहाँ एक सारांश है:चिराग पासवान ने कहा, गिरिराज सिंह से फोन पर बात करेंगे
कहा- गिरिराज सिंह के किसी दुख का कारण मैं नहीं बनना चाहता
विवादों में उलझे महागठबंधन में सीटों पर अब तक अंतिम फैसला नहीं | 17 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारतीय मीडिया एवं मनोरंजन उद्योग वर्ष 2010 में साल 2009 की तुलना में 11 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। फिक्की-केपीएमजी द्वारा जारी की गई एक रिपोर्ट के मुताबिक 2010 में यह 652 अरब रुपयों का उद्योग बन गया। फेडरेशन ऑफ इंडियन चेम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) के बुधवार से शुरू होने जा रहे मनोरंजन एवं व्यापार सम्मेलन 'फिक्की फ्रेम्स 2011' में यह रिपोर्ट औपचारिक तौर पर जारी की जाएगी। रिपोर्ट के मुताबिक 2010 के चुनौतीपूर्ण साल में फिल्मोद्योग ने उल्लेखनीय वृद्धि नहीं की। वैसे मल्टीप्लेक्सों की संख्या में वृद्धि के साथ अनुसंधान के क्षेत्र में निवेश बढ़ा। अनुमान के मुताबिक साल 2015 तक 83 अरब रुपये का मनोरंजन उद्योग 132 अरब रुपये का हो जाएगा। वैसे 2010 में मीडिया एवं मनोरंजन उद्योग में फिल्मों को छोड़कर अन्य क्षेत्रों में कुल मिलाकर अच्छी वृद्धि हुई है। रिपोर्ट के अनुसार विकास या वृद्धि के लिए महत्वपूर्ण माने जाने वाले विज्ञापन खर्च में अच्छा प्रतिलाभ (वसूली) हुआ। इसमें 17 प्रतिशत से 266 अरब रुपये मतलब 41 प्रतिशत की वृद्धि हुई। केपीएमजी में मीडिया एवं मनोरंजन प्रमुख राजेश जैन ने एक वक्तव्य जारी कर कहा है, "मीडिया एवं मनोरंजन उद्योग में 2010 में हुई वृद्धि का मुख्य कारण विज्ञापन क्षेत्र में फिर विकास होना, ग्राहकी शुल्क राजस्व का बढ़ना, डिजीटलीकरण के लिए आकर्षण बढ़ना एवं सामग्री के मुद्रीकरण के लिए अवसरों का बढ़ना है।" इस विकास को देखते हुए अनुमान है कि 2011 में इस उद्योग में 13 प्रतिशत की दर से वृद्धि होगी। साल 2015 तक इसे 1,275 अरब रुपये का उद्योग बनने के लिए 14 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर हासिल करनी होगी। रिपोर्ट के मुताबिक देश में प्रिंट मीडिया के क्षेत्र में साल 2010 में 10 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। अगले पांच साल तक इस वृद्धि के ऐसे ही जारी रहने का अनुमान है। | यहाँ एक सारांश है:फिक्की-केपीएमजी द्वारा जारी की गई एक रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय मीडिया एवं मनोरंजन उद्योग 2010 में यह 652 अरब रुपयों का उद्योग बन गया। | 18 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: दक्षिणी जापान के व्यस्त शहर फुकुओका में मंगलवार को मुख्य हकाटा रेलवे स्टेशन के पास पांच लेन की सड़क ही पूरी तरह अंदर धंस गई, और आसपास की इमारतों की नींव में लगे कॉलम दिखने लगे.
एक प्रमुख चौराहे के निकट सुबह लगभग 5 बजे बना लगभग 20 मीटर लंबा और 15 मीटर चौड़ा यह गड्ढा पूरी सड़क को निगल गया है, और लगभग दो मंज़िल गहरा हो गया है. टीवी फुटेज के मुताबिक कुल दो गड्ढे हैं, जो लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे आसपास की इमारतों के ढहने का खतरा भी बन गया है.
गड्ढे को बनते हुए देखने वाले एक युवक ने सरकारी ब्रॉडकास्टर एनएचके को बताया, "बाहर कुछ अंधेरा था... और सबसे पहले मेरे दिल में ख्याल आया, 'क्या सचमुच सड़क गिर रही है...' जब मैंने देखा, वहां दो गड्ढे बन चुके थे, और वे लगातार बढ़ते रहे..."
युवक ने कहा, "मुझे उस वक्त सबसे ज़्यादा डर लगा, जब उस चौराहे पर लगी ट्रैफिक लाइट भी गड्ढे में गिर गई, जहां मैं खड़ा था... मुझे लगा, 'अब मुझे यहां से निकल जाना चाहिए...'" टिप्पणियां
गड्ढा लगातार बड़ा होता रहा, और सुबह लगभग 9-10 बजे तक वह दो मंज़िल गहरा हो चुका था, और उसमें टूटे हुए पाइपों से निकला पानी भर रहा था. इलाके को चारों तरफ से बंद कर चुकी पुलिस ने आसपास की इमारतों को खाली करवा लिया है, और बताया है कि फिलहाल किसी के घायल होने की ख़बर नहीं है.
धुर दक्षिण में स्थित मुख्य जापानी द्वीप क्यूशू के सबसे बड़े शहर फुकुओका के ट्रांसपोर्ट ब्यूरो ने कहा है कि पास में ही एक सबवे लाइन में हो रहे विस्तार की वजह से इस सड़क पर यह गड्ढा बना हो सकता है. यहां का रेलवे स्टेशन काफी अहम है, और यहीं से पूरे देश में चलने वाली सुपरफास्ट बुलेट ट्रेन भी गुज़रती हैं.
एक प्रमुख चौराहे के निकट सुबह लगभग 5 बजे बना लगभग 20 मीटर लंबा और 15 मीटर चौड़ा यह गड्ढा पूरी सड़क को निगल गया है, और लगभग दो मंज़िल गहरा हो गया है. टीवी फुटेज के मुताबिक कुल दो गड्ढे हैं, जो लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे आसपास की इमारतों के ढहने का खतरा भी बन गया है.
गड्ढे को बनते हुए देखने वाले एक युवक ने सरकारी ब्रॉडकास्टर एनएचके को बताया, "बाहर कुछ अंधेरा था... और सबसे पहले मेरे दिल में ख्याल आया, 'क्या सचमुच सड़क गिर रही है...' जब मैंने देखा, वहां दो गड्ढे बन चुके थे, और वे लगातार बढ़ते रहे..."
युवक ने कहा, "मुझे उस वक्त सबसे ज़्यादा डर लगा, जब उस चौराहे पर लगी ट्रैफिक लाइट भी गड्ढे में गिर गई, जहां मैं खड़ा था... मुझे लगा, 'अब मुझे यहां से निकल जाना चाहिए...'" टिप्पणियां
गड्ढा लगातार बड़ा होता रहा, और सुबह लगभग 9-10 बजे तक वह दो मंज़िल गहरा हो चुका था, और उसमें टूटे हुए पाइपों से निकला पानी भर रहा था. इलाके को चारों तरफ से बंद कर चुकी पुलिस ने आसपास की इमारतों को खाली करवा लिया है, और बताया है कि फिलहाल किसी के घायल होने की ख़बर नहीं है.
धुर दक्षिण में स्थित मुख्य जापानी द्वीप क्यूशू के सबसे बड़े शहर फुकुओका के ट्रांसपोर्ट ब्यूरो ने कहा है कि पास में ही एक सबवे लाइन में हो रहे विस्तार की वजह से इस सड़क पर यह गड्ढा बना हो सकता है. यहां का रेलवे स्टेशन काफी अहम है, और यहीं से पूरे देश में चलने वाली सुपरफास्ट बुलेट ट्रेन भी गुज़रती हैं.
गड्ढे को बनते हुए देखने वाले एक युवक ने सरकारी ब्रॉडकास्टर एनएचके को बताया, "बाहर कुछ अंधेरा था... और सबसे पहले मेरे दिल में ख्याल आया, 'क्या सचमुच सड़क गिर रही है...' जब मैंने देखा, वहां दो गड्ढे बन चुके थे, और वे लगातार बढ़ते रहे..."
युवक ने कहा, "मुझे उस वक्त सबसे ज़्यादा डर लगा, जब उस चौराहे पर लगी ट्रैफिक लाइट भी गड्ढे में गिर गई, जहां मैं खड़ा था... मुझे लगा, 'अब मुझे यहां से निकल जाना चाहिए...'" टिप्पणियां
गड्ढा लगातार बड़ा होता रहा, और सुबह लगभग 9-10 बजे तक वह दो मंज़िल गहरा हो चुका था, और उसमें टूटे हुए पाइपों से निकला पानी भर रहा था. इलाके को चारों तरफ से बंद कर चुकी पुलिस ने आसपास की इमारतों को खाली करवा लिया है, और बताया है कि फिलहाल किसी के घायल होने की ख़बर नहीं है.
धुर दक्षिण में स्थित मुख्य जापानी द्वीप क्यूशू के सबसे बड़े शहर फुकुओका के ट्रांसपोर्ट ब्यूरो ने कहा है कि पास में ही एक सबवे लाइन में हो रहे विस्तार की वजह से इस सड़क पर यह गड्ढा बना हो सकता है. यहां का रेलवे स्टेशन काफी अहम है, और यहीं से पूरे देश में चलने वाली सुपरफास्ट बुलेट ट्रेन भी गुज़रती हैं.
युवक ने कहा, "मुझे उस वक्त सबसे ज़्यादा डर लगा, जब उस चौराहे पर लगी ट्रैफिक लाइट भी गड्ढे में गिर गई, जहां मैं खड़ा था... मुझे लगा, 'अब मुझे यहां से निकल जाना चाहिए...'" टिप्पणियां
गड्ढा लगातार बड़ा होता रहा, और सुबह लगभग 9-10 बजे तक वह दो मंज़िल गहरा हो चुका था, और उसमें टूटे हुए पाइपों से निकला पानी भर रहा था. इलाके को चारों तरफ से बंद कर चुकी पुलिस ने आसपास की इमारतों को खाली करवा लिया है, और बताया है कि फिलहाल किसी के घायल होने की ख़बर नहीं है.
धुर दक्षिण में स्थित मुख्य जापानी द्वीप क्यूशू के सबसे बड़े शहर फुकुओका के ट्रांसपोर्ट ब्यूरो ने कहा है कि पास में ही एक सबवे लाइन में हो रहे विस्तार की वजह से इस सड़क पर यह गड्ढा बना हो सकता है. यहां का रेलवे स्टेशन काफी अहम है, और यहीं से पूरे देश में चलने वाली सुपरफास्ट बुलेट ट्रेन भी गुज़रती हैं.
गड्ढा लगातार बड़ा होता रहा, और सुबह लगभग 9-10 बजे तक वह दो मंज़िल गहरा हो चुका था, और उसमें टूटे हुए पाइपों से निकला पानी भर रहा था. इलाके को चारों तरफ से बंद कर चुकी पुलिस ने आसपास की इमारतों को खाली करवा लिया है, और बताया है कि फिलहाल किसी के घायल होने की ख़बर नहीं है.
धुर दक्षिण में स्थित मुख्य जापानी द्वीप क्यूशू के सबसे बड़े शहर फुकुओका के ट्रांसपोर्ट ब्यूरो ने कहा है कि पास में ही एक सबवे लाइन में हो रहे विस्तार की वजह से इस सड़क पर यह गड्ढा बना हो सकता है. यहां का रेलवे स्टेशन काफी अहम है, और यहीं से पूरे देश में चलने वाली सुपरफास्ट बुलेट ट्रेन भी गुज़रती हैं.
धुर दक्षिण में स्थित मुख्य जापानी द्वीप क्यूशू के सबसे बड़े शहर फुकुओका के ट्रांसपोर्ट ब्यूरो ने कहा है कि पास में ही एक सबवे लाइन में हो रहे विस्तार की वजह से इस सड़क पर यह गड्ढा बना हो सकता है. यहां का रेलवे स्टेशन काफी अहम है, और यहीं से पूरे देश में चलने वाली सुपरफास्ट बुलेट ट्रेन भी गुज़रती हैं. | दक्षिणी जापान के फुकुओका शहर में मंगलवार सुबह सड़क पूरी तरह अंदर धंस गई
सड़क के धंसने से आसपास की इमारतों की नींव में लगे कॉलम दिखने लगे
आसपास की इमारतें खाली करवा ली गई हैं, किसी के घायल होने की ख़बर नहीं है | 1 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: इंडिया गेट पर रविवार को हुए प्रदर्शन के दौरान घायल दिल्ली पुलिस के हवलदार सुभाष सिंह तोमर की मौत के बाद पुलिस ने मंगलवार को आम आदमी पार्टी के एक सदस्य सहित आठ लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है।
इन आठ लोगों के खिलाफ सोमवार को हत्या के प्रयास, दंगा करने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का मामला दर्ज किया गया था।
आज सुबह राम मनोहर लोहिया अस्पताल में तोमर (47) की मौत के बाद पुलिस ने आठों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने का निर्णय लिया।
पुलिस ने कहा कि प्राथमिकी में शंकर बिष्ट, नंद, शांतनु, कैलाश जोशी, अमित जोशी, अभिषेक, नफीस अहमद और आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता चमन का नाम शामिल है।
आठों के खिलाफ आईपीसी की धाराओं 302 (हत्या), 186 (सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना), 353 (सरकारी कर्मचारी को काम करने से रोकने के लिए आपराधिक ताकत का उपयोग करना) आदि के मामले दर्ज किए गए हैं।
इन सभी को कल गिरफ्तार किया गया था, बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया।
इस बीच आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि पुलिस इंडिया गेट पर पथराव में शामिल वास्तविक लोगों को पकड़ने में नाकाम रही है।टिप्पणियां
पार्टी का दावा है, ‘‘लाठी चार्ज, पानी की बौछारों और आंसू गैस के गोले दागने की अपनी कार्रवाई को सही ठहराने के लिए पुलिस ने निर्दोष लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उन्हें शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे लोगों के बीच से गिरफ्तार किया है।’’
करावल नगर में नियुक्त तोमर को राजधानी में 16 दिसंबर की रात चलती बस में सामूहिक बलात्कार की शिकार हुई 23 वर्षीय पैरा-मेडिकल छात्रा के समर्थन में रविवार को इंडिया गेट पर हो रहे प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था संभालने के लिए बुलाया गया था।
इन आठ लोगों के खिलाफ सोमवार को हत्या के प्रयास, दंगा करने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का मामला दर्ज किया गया था।
आज सुबह राम मनोहर लोहिया अस्पताल में तोमर (47) की मौत के बाद पुलिस ने आठों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने का निर्णय लिया।
पुलिस ने कहा कि प्राथमिकी में शंकर बिष्ट, नंद, शांतनु, कैलाश जोशी, अमित जोशी, अभिषेक, नफीस अहमद और आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता चमन का नाम शामिल है।
आठों के खिलाफ आईपीसी की धाराओं 302 (हत्या), 186 (सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना), 353 (सरकारी कर्मचारी को काम करने से रोकने के लिए आपराधिक ताकत का उपयोग करना) आदि के मामले दर्ज किए गए हैं।
इन सभी को कल गिरफ्तार किया गया था, बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया।
इस बीच आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि पुलिस इंडिया गेट पर पथराव में शामिल वास्तविक लोगों को पकड़ने में नाकाम रही है।टिप्पणियां
पार्टी का दावा है, ‘‘लाठी चार्ज, पानी की बौछारों और आंसू गैस के गोले दागने की अपनी कार्रवाई को सही ठहराने के लिए पुलिस ने निर्दोष लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उन्हें शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे लोगों के बीच से गिरफ्तार किया है।’’
करावल नगर में नियुक्त तोमर को राजधानी में 16 दिसंबर की रात चलती बस में सामूहिक बलात्कार की शिकार हुई 23 वर्षीय पैरा-मेडिकल छात्रा के समर्थन में रविवार को इंडिया गेट पर हो रहे प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था संभालने के लिए बुलाया गया था।
आज सुबह राम मनोहर लोहिया अस्पताल में तोमर (47) की मौत के बाद पुलिस ने आठों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने का निर्णय लिया।
पुलिस ने कहा कि प्राथमिकी में शंकर बिष्ट, नंद, शांतनु, कैलाश जोशी, अमित जोशी, अभिषेक, नफीस अहमद और आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता चमन का नाम शामिल है।
आठों के खिलाफ आईपीसी की धाराओं 302 (हत्या), 186 (सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना), 353 (सरकारी कर्मचारी को काम करने से रोकने के लिए आपराधिक ताकत का उपयोग करना) आदि के मामले दर्ज किए गए हैं।
इन सभी को कल गिरफ्तार किया गया था, बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया।
इस बीच आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि पुलिस इंडिया गेट पर पथराव में शामिल वास्तविक लोगों को पकड़ने में नाकाम रही है।टिप्पणियां
पार्टी का दावा है, ‘‘लाठी चार्ज, पानी की बौछारों और आंसू गैस के गोले दागने की अपनी कार्रवाई को सही ठहराने के लिए पुलिस ने निर्दोष लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उन्हें शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे लोगों के बीच से गिरफ्तार किया है।’’
करावल नगर में नियुक्त तोमर को राजधानी में 16 दिसंबर की रात चलती बस में सामूहिक बलात्कार की शिकार हुई 23 वर्षीय पैरा-मेडिकल छात्रा के समर्थन में रविवार को इंडिया गेट पर हो रहे प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था संभालने के लिए बुलाया गया था।
पुलिस ने कहा कि प्राथमिकी में शंकर बिष्ट, नंद, शांतनु, कैलाश जोशी, अमित जोशी, अभिषेक, नफीस अहमद और आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता चमन का नाम शामिल है।
आठों के खिलाफ आईपीसी की धाराओं 302 (हत्या), 186 (सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना), 353 (सरकारी कर्मचारी को काम करने से रोकने के लिए आपराधिक ताकत का उपयोग करना) आदि के मामले दर्ज किए गए हैं।
इन सभी को कल गिरफ्तार किया गया था, बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया।
इस बीच आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि पुलिस इंडिया गेट पर पथराव में शामिल वास्तविक लोगों को पकड़ने में नाकाम रही है।टिप्पणियां
पार्टी का दावा है, ‘‘लाठी चार्ज, पानी की बौछारों और आंसू गैस के गोले दागने की अपनी कार्रवाई को सही ठहराने के लिए पुलिस ने निर्दोष लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उन्हें शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे लोगों के बीच से गिरफ्तार किया है।’’
करावल नगर में नियुक्त तोमर को राजधानी में 16 दिसंबर की रात चलती बस में सामूहिक बलात्कार की शिकार हुई 23 वर्षीय पैरा-मेडिकल छात्रा के समर्थन में रविवार को इंडिया गेट पर हो रहे प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था संभालने के लिए बुलाया गया था।
आठों के खिलाफ आईपीसी की धाराओं 302 (हत्या), 186 (सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना), 353 (सरकारी कर्मचारी को काम करने से रोकने के लिए आपराधिक ताकत का उपयोग करना) आदि के मामले दर्ज किए गए हैं।
इन सभी को कल गिरफ्तार किया गया था, बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया।
इस बीच आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि पुलिस इंडिया गेट पर पथराव में शामिल वास्तविक लोगों को पकड़ने में नाकाम रही है।टिप्पणियां
पार्टी का दावा है, ‘‘लाठी चार्ज, पानी की बौछारों और आंसू गैस के गोले दागने की अपनी कार्रवाई को सही ठहराने के लिए पुलिस ने निर्दोष लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उन्हें शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे लोगों के बीच से गिरफ्तार किया है।’’
करावल नगर में नियुक्त तोमर को राजधानी में 16 दिसंबर की रात चलती बस में सामूहिक बलात्कार की शिकार हुई 23 वर्षीय पैरा-मेडिकल छात्रा के समर्थन में रविवार को इंडिया गेट पर हो रहे प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था संभालने के लिए बुलाया गया था।
इन सभी को कल गिरफ्तार किया गया था, बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया।
इस बीच आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि पुलिस इंडिया गेट पर पथराव में शामिल वास्तविक लोगों को पकड़ने में नाकाम रही है।टिप्पणियां
पार्टी का दावा है, ‘‘लाठी चार्ज, पानी की बौछारों और आंसू गैस के गोले दागने की अपनी कार्रवाई को सही ठहराने के लिए पुलिस ने निर्दोष लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उन्हें शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे लोगों के बीच से गिरफ्तार किया है।’’
करावल नगर में नियुक्त तोमर को राजधानी में 16 दिसंबर की रात चलती बस में सामूहिक बलात्कार की शिकार हुई 23 वर्षीय पैरा-मेडिकल छात्रा के समर्थन में रविवार को इंडिया गेट पर हो रहे प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था संभालने के लिए बुलाया गया था।
इस बीच आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि पुलिस इंडिया गेट पर पथराव में शामिल वास्तविक लोगों को पकड़ने में नाकाम रही है।टिप्पणियां
पार्टी का दावा है, ‘‘लाठी चार्ज, पानी की बौछारों और आंसू गैस के गोले दागने की अपनी कार्रवाई को सही ठहराने के लिए पुलिस ने निर्दोष लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उन्हें शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे लोगों के बीच से गिरफ्तार किया है।’’
करावल नगर में नियुक्त तोमर को राजधानी में 16 दिसंबर की रात चलती बस में सामूहिक बलात्कार की शिकार हुई 23 वर्षीय पैरा-मेडिकल छात्रा के समर्थन में रविवार को इंडिया गेट पर हो रहे प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था संभालने के लिए बुलाया गया था।
पार्टी का दावा है, ‘‘लाठी चार्ज, पानी की बौछारों और आंसू गैस के गोले दागने की अपनी कार्रवाई को सही ठहराने के लिए पुलिस ने निर्दोष लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उन्हें शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे लोगों के बीच से गिरफ्तार किया है।’’
करावल नगर में नियुक्त तोमर को राजधानी में 16 दिसंबर की रात चलती बस में सामूहिक बलात्कार की शिकार हुई 23 वर्षीय पैरा-मेडिकल छात्रा के समर्थन में रविवार को इंडिया गेट पर हो रहे प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था संभालने के लिए बुलाया गया था।
करावल नगर में नियुक्त तोमर को राजधानी में 16 दिसंबर की रात चलती बस में सामूहिक बलात्कार की शिकार हुई 23 वर्षीय पैरा-मेडिकल छात्रा के समर्थन में रविवार को इंडिया गेट पर हो रहे प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था संभालने के लिए बुलाया गया था। | यह एक सारांश है: इंडिया गेट पर रविवार को हुए प्रदर्शन के दौरान घायल दिल्ली पुलिस के हवलदार सुभाष सिंह तोमर की मौत के बाद पुलिस ने मंगलवार को आम आदमी पार्टी के एक सदस्य सहित आठ लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। | 9 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: मेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त ने जनकपुरी पश्चिम और कालकाजी मंदिर के बीच 25.6 किलोमीटर लंबे खंड पर यात्री सेवाएं शुरू करने की अनिवार्य मंजूरी दे दी. मेट्रो खंड पर जल्द ही सेवा शुरू हो जाएगी. दिल्ली मेट्रो रेल निगम के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘मेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त ने जनकपुरी पश्चिम - कालकाजी मंदिर पर यात्री सेवाएं शुरू करने की अनिवार्य मंजूरी दे दी जो कुछ नियम एवं शर्तें पूरी करने से जुड़़ी थी. ’’
मेजेंटा लाइन के इस खंड में 16 स्टेशन हैं जिनमें दो इंटरचेंज-हौजखास (यलो लाइन के साथ) एवं जनकपुरी पश्चिम (ब्लू लाइन के साथ) स्टेशन शामिल हैं. पूरे मेजेंटा लाइन में कुल 25 स्टेशन हैं लेकिन इस समय कालकाजी मंदिर और बोटैनिकल गार्डन (नोएडा) के बीच ही मेट्रो सेवा दी जा रही है. नये खंड में सेवा शुरू होने पर बोटैनिकल गार्डन और जनकपुरी पश्चिम के बीच सीधा सफर शुरू हो जाएगा.
मेजेंटा लाइन से पश्चिमी एवं दक्षिणी दिल्ली और गुरूग्राम , फरीदाबाद एवं नोएडा के बीच सफर का समय कम हो जाएगा. मसलन हौजखास एवं जनकपुरी पश्चिम के बीच सफर के लिए इस समय राजीव चौक मेट्रो स्टेशन पर ट्रेन बदलने की जरूरत पड़ती है और सफर में करीब 55 मिनट का समय लगता है. लेकिन मेजेंटा लाइन के इस खंड पर सेवाएं शुरू होने के बाद सफर में 30 मिनट से भी कम समय लगेगा. टिप्पणियां
अधिकारी ने कहा, ‘‘डीएमआरसी से मंजूरी मिलने के बाद इस कॉरिडोर के शुरू होने की सही तारीख की जानकारी दे दी जाएगी. ’’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मेजेंटा लाइन के इस खंड में 16 स्टेशन हैं जिनमें दो इंटरचेंज-हौजखास (यलो लाइन के साथ) एवं जनकपुरी पश्चिम (ब्लू लाइन के साथ) स्टेशन शामिल हैं. पूरे मेजेंटा लाइन में कुल 25 स्टेशन हैं लेकिन इस समय कालकाजी मंदिर और बोटैनिकल गार्डन (नोएडा) के बीच ही मेट्रो सेवा दी जा रही है. नये खंड में सेवा शुरू होने पर बोटैनिकल गार्डन और जनकपुरी पश्चिम के बीच सीधा सफर शुरू हो जाएगा.
मेजेंटा लाइन से पश्चिमी एवं दक्षिणी दिल्ली और गुरूग्राम , फरीदाबाद एवं नोएडा के बीच सफर का समय कम हो जाएगा. मसलन हौजखास एवं जनकपुरी पश्चिम के बीच सफर के लिए इस समय राजीव चौक मेट्रो स्टेशन पर ट्रेन बदलने की जरूरत पड़ती है और सफर में करीब 55 मिनट का समय लगता है. लेकिन मेजेंटा लाइन के इस खंड पर सेवाएं शुरू होने के बाद सफर में 30 मिनट से भी कम समय लगेगा. टिप्पणियां
अधिकारी ने कहा, ‘‘डीएमआरसी से मंजूरी मिलने के बाद इस कॉरिडोर के शुरू होने की सही तारीख की जानकारी दे दी जाएगी. ’’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मेजेंटा लाइन से पश्चिमी एवं दक्षिणी दिल्ली और गुरूग्राम , फरीदाबाद एवं नोएडा के बीच सफर का समय कम हो जाएगा. मसलन हौजखास एवं जनकपुरी पश्चिम के बीच सफर के लिए इस समय राजीव चौक मेट्रो स्टेशन पर ट्रेन बदलने की जरूरत पड़ती है और सफर में करीब 55 मिनट का समय लगता है. लेकिन मेजेंटा लाइन के इस खंड पर सेवाएं शुरू होने के बाद सफर में 30 मिनट से भी कम समय लगेगा. टिप्पणियां
अधिकारी ने कहा, ‘‘डीएमआरसी से मंजूरी मिलने के बाद इस कॉरिडोर के शुरू होने की सही तारीख की जानकारी दे दी जाएगी. ’’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अधिकारी ने कहा, ‘‘डीएमआरसी से मंजूरी मिलने के बाद इस कॉरिडोर के शुरू होने की सही तारीख की जानकारी दे दी जाएगी. ’’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | दिल्ली मेट्रो की ये परियोजना काफी देरी से चल रही है
इसे पिछले साल चालू होना था
अब इसे सुरक्षा की दृष्टि से हरि झंडी दी गई है. | 34 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: अमेरिका के लॉस एंजेलिस में शनिवार को पड़ी भीषण गर्मी से उच्च तापमान का 131 साल पुराना रिकॉर्ड टूट गया. समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने नेशनल वेदर सर्विस (एनडब्ल्यूएस) के हवाले से बताया, लॉस एंजेलिस में शनिवार को 36.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जिसने वर्ष 1886 में दर्ज 35 डिग्री सेल्सियस के रिकॉर्ड को तोड़ दिया. एनडब्ल्यूएस के अनुसार, रविवार दोपहर से शाम तक इस क्षेत्र में दोबारा रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ेगी.टिप्पणियां
एनडब्ल्यूएस ने चेताया, यह एक खतरनाक स्थिति है जो गर्मी से संबंधित बीमारियों का कारण बन सकती है. खासकर उन लोगों के लिए जिनके पास एयर कंडीशनिंग की सुविधा नहीं है. बिजली कटौती की भी अधिक संभावना है. लॉस एंजेलिस के कुछ जिलों में रविवार रात 11 बजे तक अत्यधिक गर्मी की चेतावनी जारी की गई है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
एनडब्ल्यूएस ने चेताया, यह एक खतरनाक स्थिति है जो गर्मी से संबंधित बीमारियों का कारण बन सकती है. खासकर उन लोगों के लिए जिनके पास एयर कंडीशनिंग की सुविधा नहीं है. बिजली कटौती की भी अधिक संभावना है. लॉस एंजेलिस के कुछ जिलों में रविवार रात 11 बजे तक अत्यधिक गर्मी की चेतावनी जारी की गई है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त सारांश: लॉस एंजेलिस में शनिवार को 36.6 डिग्री तापमान दर्ज हुआ
इससे पहले 1886 में 35 डिग्री तापमान दर्ज हुआ था
मौसम विभाग ने और अधिक गर्मी की चेतावनी जारी की | 29 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सेना का जवान AK47 राइफल लेकर फरार हो गया है. भागने वाले जवान का नाम जहूर है. जवान के किसी आतंकी संगठन से जुड़े होने की संभावना है. प्राप्त जानकारी के मुताबिक- जवान बुधवार रात को भागा है. आशंका है कि इसने शायद कोई आतंकी संगठन ज्वाइन कर लिया हो. पुलिस के कई जवान ऐसे हथियार लेकर भागे हैं और आतंकी संगठन में शामिल हो गए हैं, लेकिन सेना के जवान के बारे में ऐसी बातें कम ही सुनने को मिली हैं. अगर ऐसा हुआ तो सेना के लिए खतरा बढ़ सकता है. वह कई सारी जानकारी आतंकियों को दे सकता है.टिप्पणियां
अधिकारियों ने बताया कि अलर्ट जारी कर दिया गया है और सुरक्षाबलों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है क्योंकि यह जवान आतंकवादी संगठनों में शामिल हो सकता है.
पिछले महीने जम्मू-कश्मीर में चार राइफलों के साथ फरार हुआ कांस्टेबल आतंकवादी हिजबुल मुजाहिदीन में शामिल हो गया था. दक्षिण कश्मीर के शोपियां निवासी कांस्टेबल सईद नावीद मुस्ताक बडगाम के भारतीय खाद्य निगम के गार्ड रूम से चार सेल्फ लोडिंग राइफल्स लेकर फरार हो गया था.
अधिकारियों ने बताया कि अलर्ट जारी कर दिया गया है और सुरक्षाबलों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है क्योंकि यह जवान आतंकवादी संगठनों में शामिल हो सकता है.
पिछले महीने जम्मू-कश्मीर में चार राइफलों के साथ फरार हुआ कांस्टेबल आतंकवादी हिजबुल मुजाहिदीन में शामिल हो गया था. दक्षिण कश्मीर के शोपियां निवासी कांस्टेबल सईद नावीद मुस्ताक बडगाम के भारतीय खाद्य निगम के गार्ड रूम से चार सेल्फ लोडिंग राइफल्स लेकर फरार हो गया था.
पिछले महीने जम्मू-कश्मीर में चार राइफलों के साथ फरार हुआ कांस्टेबल आतंकवादी हिजबुल मुजाहिदीन में शामिल हो गया था. दक्षिण कश्मीर के शोपियां निवासी कांस्टेबल सईद नावीद मुस्ताक बडगाम के भारतीय खाद्य निगम के गार्ड रूम से चार सेल्फ लोडिंग राइफल्स लेकर फरार हो गया था. | यह एक सारांश है: भागने वाले जवान का नाम जहूर है
आतंकी संगठन में शामिल होने की संभावना
सुरक्षाबलों को सतर्क रहने के आदेश | 24 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: हरियाणा से कांग्रेस के राज्यसभा सांसद शादीलाल बत्रा पर बलात्कार का आरोप लगा है. दिल्ली की एक महिला वकील ने उन पर यह आरोप लगाया है.टिप्पणियां
महिला का आरोप है कि नौकरी दिलाने के नाम पर शादीलाल ने उसका शारीरिक शोषण किया. महिला की शिकायत पर दो दिन पहले दिल्ली के तिलक मार्ग थाने में सांसद शादीलाल के खिलाफ मामला दर्ज़ किया गया.
पीड़ित महिला दिल्ली की रहने वाली है. फिलहाल पुलिस ने महिला का मेडिकल चेकअप करवाया है और साथ ही महिला के आरोप की जांच कर रही है.
महिला का आरोप है कि नौकरी दिलाने के नाम पर शादीलाल ने उसका शारीरिक शोषण किया. महिला की शिकायत पर दो दिन पहले दिल्ली के तिलक मार्ग थाने में सांसद शादीलाल के खिलाफ मामला दर्ज़ किया गया.
पीड़ित महिला दिल्ली की रहने वाली है. फिलहाल पुलिस ने महिला का मेडिकल चेकअप करवाया है और साथ ही महिला के आरोप की जांच कर रही है.
पीड़ित महिला दिल्ली की रहने वाली है. फिलहाल पुलिस ने महिला का मेडिकल चेकअप करवाया है और साथ ही महिला के आरोप की जांच कर रही है. | ट्रांस एलओसी बस सेवा के जरिये पीओके में रावलकोट से आए हैं हाजी फजल हुसैन
हुसैन ने कहा कि पीओके के लोग बस नाम के लिए आजाद हैं
PoK में बच्चे व नौजवान अनिश्चितता तथा असुरक्षा की जिंदगी जीते हैं: हुसैन | 6 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारत में इंटरनेट की बढ़ती पहुंच एवं प्रचलन के बीच ईमेल के जरिए उत्पादों का प्रचार-प्रसार आने वाले दिनों में बढ़ेगा। फिलहाल ईमेल मार्केटिंग 100 प्रतिशत सालाना की दर से बढ़ रही है। ईमेल मार्केटिंग को प्रत्यक्ष विपणन का ही एक रूप है जिसमें उत्पादों के वाणिज्यिक प्रचार प्रसार या धन जुटाने के लिए इलेक्ट्रानिक मेल का उपयोग किया जाता है। मैसेंजिंग एवं मोबाइल डेटा सेवा प्रदाता नेटकोर के मुख्य कार्याधिकारी अभिजीत सक्सेना ने यह बात कही। उन्होंने कहा, 'ईमेल मार्केटिंग के लिए व्यापक संभावनाएं हैं क्योंकि यह मार्केटिंग के सबसे प्रभावी तरीकों में से एक है। ब्रिकी बढ़ाने तथा प्रचार प्रसार का बहुत प्रभावी माध्यम होने के कारण हमें इसके हर साल 100 प्रतिशत बढने का अनुमान है।' उन्होंने कहा कि किसी औसत आकार के उद्यम के मार्केटिंग बजट में ईमेल का परोक्ष या अपरोक्ष रूप से 48 प्रतिशत प्रभाव रहता है। | यह एक सारांश है: भारत में इंटरनेट की बढ़ती पहुंच एवं प्रचलन के बीच ईमेल के जरिए उत्पादों का प्रचार-प्रसार आने वाले दिनों में बढ़ेगा। | 9 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: इंग्लैंड के खिलाफ चेन्नई में खेला गया आखिरी टेस्ट मैच जीतने के साथ टीम इंडिया ने पांच टेस्ट मैचों की सीरीज को 4-0 से जीत लिया है. पहली पारी में 281 रन से पीछे रहते हुए इंग्लैंड अपनी दूसरे पारी में 207 रन बना पाया और इस मैच को एक पारी और 75 रन से हार गया. रवींद्र जडेजा ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 7 विकेट लिए.
चेन्नई में आखिरी टेस्ट जीतकर टीम इंडिया ने इंग्लैंड के खिलाफ विराट कोहली की कप्तानी में एक नया रिकॉर्ड कायम कर लिया है. यह पहली बार हुआ है जब इंग्लैंड के खिलाफ भारत किसी भी टेस्ट सीरीज को 4-0 से जीतने में कामयाब हुआ है. इंग्लैंड के खिलाफ भारत ने सबसे अच्छा प्रदर्शन साल 1993 में मोहम्मद अजहरुद्दीन की कप्तानी में किया था, जब तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में भारत ने 3-0 जीत दर्ज की थी.
अगर पांच मैचों की टेस्ट सीरीज की बात की जाए, तो मौजूदा सीरीज को मिलाकर दोनों टीमों के बीच अभी तक 9 बार पांच मैचों की टेस्ट सीरीज खेली जा चुकी है, जिनमें से चार सीरीज में इंग्लैंड को जीत मिली है और तीन सीरीज भारत ने जीती हैं, जबकि दो सीरीज ड्रॉ रही हैं.
पांच मैचों की सीरीज में भारत का सबसे अच्छा प्रदर्शन साल 1962 में रहा, जब भारत ने इंग्लैंड को 2-0 से हराया था. अगर इंग्लैंड की बात की जाए, तो पांच टेस्ट की सीरीज में इंग्लैंड का सबसे अच्छा प्रदर्शन साल 1959 में था, जब उसने भारत को 5-0 से हराया था. टिप्पणियां
इस सीरीज में 9 नवंबर को दोनों टीमों के बीच खेला गया पहला मैच ड्रॉ रहा था. विशाखापत्तनम में खेला गया मैच भारत ने 246 रन से जीत लिया था. मोहाली में खेले गए तीसरे टेस्ट में भी भारत ने अपना दबदबा बनाते हुए इंग्लैंड को 8 विकेट से हराया था. मुंबई में चौथे टेस्ट को भी भारत ने एक पारी और 36 रन से जीत लिया था.
इस सीरीज को मिलाकर टीम इंडिया और इंग्लैंड के बीच अब तक 32 सीरीज खेली जा चुकी हैं, जिनमें से 18 सीरीज में इंग्लैंड की जीत हुई है, जबकि 10 सीरीजों में टीम इंडिया जीती है और चार सीरीज ड्रॉ रही हैं.
पांच मैचों की सीरीज में भारत का सबसे अच्छा प्रदर्शन साल 1962 में रहा, जब भारत ने इंग्लैंड को 2-0 से हराया था. अगर इंग्लैंड की बात की जाए, तो पांच टेस्ट की सीरीज में इंग्लैंड का सबसे अच्छा प्रदर्शन साल 1959 में था, जब उसने भारत को 5-0 से हराया था. टिप्पणियां
इस सीरीज में 9 नवंबर को दोनों टीमों के बीच खेला गया पहला मैच ड्रॉ रहा था. विशाखापत्तनम में खेला गया मैच भारत ने 246 रन से जीत लिया था. मोहाली में खेले गए तीसरे टेस्ट में भी भारत ने अपना दबदबा बनाते हुए इंग्लैंड को 8 विकेट से हराया था. मुंबई में चौथे टेस्ट को भी भारत ने एक पारी और 36 रन से जीत लिया था.
इस सीरीज को मिलाकर टीम इंडिया और इंग्लैंड के बीच अब तक 32 सीरीज खेली जा चुकी हैं, जिनमें से 18 सीरीज में इंग्लैंड की जीत हुई है, जबकि 10 सीरीजों में टीम इंडिया जीती है और चार सीरीज ड्रॉ रही हैं.
इस सीरीज में 9 नवंबर को दोनों टीमों के बीच खेला गया पहला मैच ड्रॉ रहा था. विशाखापत्तनम में खेला गया मैच भारत ने 246 रन से जीत लिया था. मोहाली में खेले गए तीसरे टेस्ट में भी भारत ने अपना दबदबा बनाते हुए इंग्लैंड को 8 विकेट से हराया था. मुंबई में चौथे टेस्ट को भी भारत ने एक पारी और 36 रन से जीत लिया था.
इस सीरीज को मिलाकर टीम इंडिया और इंग्लैंड के बीच अब तक 32 सीरीज खेली जा चुकी हैं, जिनमें से 18 सीरीज में इंग्लैंड की जीत हुई है, जबकि 10 सीरीजों में टीम इंडिया जीती है और चार सीरीज ड्रॉ रही हैं.
इस सीरीज को मिलाकर टीम इंडिया और इंग्लैंड के बीच अब तक 32 सीरीज खेली जा चुकी हैं, जिनमें से 18 सीरीज में इंग्लैंड की जीत हुई है, जबकि 10 सीरीजों में टीम इंडिया जीती है और चार सीरीज ड्रॉ रही हैं. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पहली बार इंग्लैंड के खिलाफ 5 मैचों की टेस्ट सीरीज 4-0 से जीती भारत ने
1993 में अजहरुद्दीन की कप्तानी में तीन मैचों की भारत ने 3-0 से जीती थी
इंग्लैंड के साथ 32 सीरीजों में भारत ने 10 सीरीज जीती हैं, 4 सीरीज रहीं ड् | 3 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: Rahul Dravid: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) अपने खिलाफ हितों के टकराव (Conflict Of Interes) मामले में अपना पक्ष रखने के लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI)के आचरण अधिकारी (Ethics Officer) डीके जैन के समक्ष पेश हुए. प्रशासकों की समिति (CoA)ने हालांकि आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ( Former RBI Governor Raghuram Rajan) का उदाहरण देकर द्रविड़ का बचाव करने की कोशिश की और इस मुद्दे को नरम करने की कोशिश की.मध्य प्रदेश क्रिकेट संघ के आजीवन सदस्य संजीव गुप्ता ने शिकायत दर्ज कराते हुए कहा था कि द्रविड़ ने राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (NCA) का क्रिकेट निदेशक पद संभालने से पहले इंडिया सीमेंट्स (आईपीएल फ्रेंचाइजी चेन्नई सुपरकिंग्स के मालिक) से ‘अवकाश' लिया है और अपने पद से इस्तीफा नहीं दिया.
पाकिस्तान टीम के बर्खास्त कोच Mickey Arthur ने Misbah-ul-Haq पर यूं साधा निशाना..
पता चला है कि CoA ने द्रविड़ (Rahul Dravid) का समर्थन किया है और इसके प्रमुख पूर्व नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक विनोद राय (Vinod Rai)ने आचरण अधिकारी को पत्र लिखकर दो उदाहरण दिए है जब किसी व्यक्ति के किसी संस्था से अवकाश को उनके मौजूदा पद के साथ हितों के टकराव के रूप में नहीं देखा गया. बीसीसीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर बताया, ‘सीओए प्रमुख ने सुनवाई से पहले एक नोट लिखा है कि उन्हें लगता है कि अगर द्रविड़ ने अवकाश लिया है तो उनका हितों का टकराव नहीं है. उन्होंने आरबीआई के पूर्व गवर्नर राजन का उदाहरण दिया जिन्होंने शिकागो विश्वविद्यालय में अपनी शिक्षक की भूमिका से अवकाश लिया था.'
द्रविड़ और शास्त्री की मुलाकात पर BCCI ने किया 'Two Greats' का ट्वीट, लोगों ने ली चुटकी..
उन्होंने कहा, ‘इसके अलावा अरविंद पनगढ़िया का भी उदाहरण दिया गया. नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष भी कोलंबिया विश्वविद्यालय से अवकाश लेकर आए थे. इन दोनों ही मामलों में उक्त व्यक्ति बेहद संवेदनशील सरकारी पदों पर थे और अपने पिछले नियोक्ता से कोई वेतन नहीं ले रहे थे.' अधिकारी ने कहा, ‘सीओए का मानना है कि अगर द्रविड़ ने घोषित किया है और इंडिया सीमेंट्स से कोई वेतन नहीं ले रहा तो उनका हितों का टकराव नहीं है.' हालांकि सीओए के पत्र के बावजूद द्रविड़ (Rahul Dravid) को सुनवाई के लिए बुलाना जैन का विशेषाधिकार है. उम्मीद की जा रही है कि इस मामले में पाक साफ होने के लिए द्रविड़ को अपने पद से इस्तीफा देने को कहा जा सकता है. नए नियमों के अनुसार बीसीसीआई आचरण अधिकारी के निर्देशों को औपचारिक तौर पर सार्वजनिक नहीं करेगा. सिर्फ लोकपाल के फैसले को सार्वजनिक किया जाएगा. बीसीसीआई के पूर्व मीडिया अधिकारी मयंक पारिख के खिलाफ हितों के टकराव मामले में आगे की सुनवाई से पहले आचरण अधिकारी ने बीसीसीआई को जवाब देने के लिए तीन हफ्ते का समय दिया है. पारिख कथित तौर पर मुंबई क्रिकेट संघ में छह क्लब चलाते हैं. | यह एक सारांश है: MPCA के संजीव गुप्ता ने की है मामले में शिकायत
कहा-द्रविड़ ने इंडिया सीमेंट्स से छुट्टी ली, इस्तीफा नहीं दिया
द्रविड को NCA में क्रिकेट निदेशक बनाया गया है | 21 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: हजारों की संख्या में लोगों ने बुधवार को प्योंगयांग के बर्फ से पटे चौराहे पर एकत्र होकर अपने सम्मानित नेता किम जोंग द्वितीय के लिए शोक जताया। किम जोंग द्वितीय की मृत्यु के बाद से ही शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। महिलाएं रो रही थीं और उन्होंने अपने चेहरे को रूमालों से ढक रखा था। वह शोक मनाते हुए ग्रैंड पीपुल्स स्टडी हाउस के बाहर से गुजर रहे थे जहां किंम जोंग द्वितीय का बड़ा से मुस्कुराता हुआ पोस्टर लगा हुआ था। उनके निधन से पहले ठीक इसी जगह पर दिवंगत राष्ट्रपति किम द्वितीय सुंग की तस्वीर लगी रहती थी। सरकारी मीडिया की खबरों के मुताबिक किंम जोंग द्वितीय का निधन रविवार को हृदयाघात के कारण हुआ लेकिन उनकी मृत्यु की घोषणा सोमवार की गई। हजारों की संख्या में लोग शोक मनाने के लिए किम द्वितीय चौराहे पर जमा हुए थे, उनके हाथों में शोक के प्रतीक सफेद फूल थे। भारी हिमपात के बावजूद शोक मनाने के लिए पूरे दिन चौराहे पर लोग जमा रहे। कुछ ने किम के सम्मान में और उनके शोक में अपने जैकेट उतार दिए और ठंड में खड़े रहे। मंगलवार से ही देश के विभिन्न हिस्सों से उमड़ रही लोगों की भीड़ में अभी भी कोई कमी नहीं आयी है। कई लोग तो शोक मनाते हुए रोते-रोते बेहोश हो कर गिर रहे हैं। इन सभी के बीच उत्तरी कोरिया के उत्तराधिकारी किम जोंग उन ने दिवंगत नेता और अपने पिता किम जोंग द्वितीय की शव यात्रा की अगुवाई की। उनके पिता के शव को शीशे के बने ताबूत में रखा गया था। किम जोंग द्वितीय का शव एक लाल रंग के कपड़े में लिपटा हुआ था और उसके आस-पास दर्जनों लाल एवं सफेद फूल रखे थे। उनके ताबूत के आसपास खड़े लोग शोक में आंसू बहा रहे थे। उदास दिखायी दे रहे गार्ड उन्हें सम्मान देने के लिए वहां मौजूद थे। सरकारी मीडिया ने शोक के सागर में डूबे देश के लिए किम जोंग द्वितीय के पुत्र को आशा का किरण बताया है। किम का ताबूत किमजोंगिलिया नामक फूलों से भरा हुआ था। इस फूल का नाम किम के नाम पर रखा गया है। उनके पैरों के पास विभिन्न मेडल और सम्मान रखे हुए थे। किम जोंग द्वितीय के पिता के शव को भी शीशे के ताबूत में ही रखा गया था। किम जोंग द्वितीय के पुत्र किम जोंग उन ने अपने पिता के शव यात्रा के समय एक काले रंग का माओ-स्टाइल सूट पहना हुआ था। उनके साथ वरिष्ठ अधिकारी और सेना की वर्दी में अधिकारी मौजूद थे। | हजारों की संख्या में लोगों ने बुधवार को प्योंगयांग के बर्फ से पटे चौराहे पर एकत्र होकर अपने सम्मानित नेता किम जोंग द्वितीय के लिए शोक जताया। | 6 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: देश में सबसे स्वच्छ रेलवे स्टेशन गुजरात में हैं, जबकि सबसे गंदे स्टेशन बिहार और उत्तर प्रदेश में हैं। रेल मंत्रालय द्वारा स्वच्छता पर किए गए एक सर्वेक्षण में यात्रियों ने कहा कि स्टेशनों पर स्वच्छता की कमी, उनके लिए सबसे बड़ी चिंता है।
स्वच्छता के 40 अलग-अलग मानकों में से यात्रियों ने स्टेशनों पर दुर्गंध को सबसे बड़ी चिंता माना और इसके बाद कूड़ेदानों की कमी और प्लेटफार्मों पर गंदगी को गिनाया। यह सर्वेक्षण 407 प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर किया गया और करीब 1,30,000 यात्रियों ने इसमें हिस्सा लिया।
रेल मंत्रालय द्वारा सर्वेक्षण की रिपोर्ट मंगलवार को जारी की गई जिसमें रैंकिंग के हिसाब से 10 सबसे स्वच्छ स्टेशनों में ब्यास, गांधीधाम, वास्को डि गामा, जामनगर, कुंबकोणम, सूरत, नासिक रोड, राजकोट, सेलम और अंकलेश्वर शामिल हैं। गुजरात के पांच स्टेशन- गांधीधाम, जामनगर, सूरत, राजकोट और अंकलेश्वर शीर्ष 10 में शामिल हैं।
रैंकिंग के हिसाब से सबसे गंदे स्टेशनों में मधुबनी, बलिया, बख्तियारपुर, रायचुर, शाहगंज, जंघई, अनुग्रह नारायण, सगौली, आरा और प्रतापगढ़ शामिल हैं जिसमें पांच सबसे गंदे स्टेशन- मधुबनी, बख्तियारपुर, अनुग्रह नारायण, सगौली और आरा- बिहार में हैं।
इस सर्वेक्षण में प्रत्येक यात्री से 40 विभिन्न मानकों पर स्टेशनों की स्वच्छता की रेटिंग करने को कहा गया था। इसमें कुलियों और प्लेटफार्म पर स्थित वेंडरों से भी प्रतिक्रिया ली गई थी। प्रत्येक ए1 (75 स्टेशन) वर्ग के लिए 400 यात्रियों से सवाल पूछे गए, जबकि प्रत्येक ए (332) वर्ग के स्टेशन में 300 यात्रियों से सवाल पूछे गए। प्रति स्टेशन 100 इंटरव्यू सर्वेक्षणकर्ताओं द्वारा किए गए।टिप्पणियां
इन तथ्यों के आधार पर मंत्रालय ने उचित कार्रवाई के लिए मंडलीय मुख्यालयों को दिशानिर्देश जारी किए हैं। मंत्रालय ने समय समय पर इस तरह का सर्वेक्षण करने का निर्णय किया है।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
स्वच्छता के 40 अलग-अलग मानकों में से यात्रियों ने स्टेशनों पर दुर्गंध को सबसे बड़ी चिंता माना और इसके बाद कूड़ेदानों की कमी और प्लेटफार्मों पर गंदगी को गिनाया। यह सर्वेक्षण 407 प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर किया गया और करीब 1,30,000 यात्रियों ने इसमें हिस्सा लिया।
रेल मंत्रालय द्वारा सर्वेक्षण की रिपोर्ट मंगलवार को जारी की गई जिसमें रैंकिंग के हिसाब से 10 सबसे स्वच्छ स्टेशनों में ब्यास, गांधीधाम, वास्को डि गामा, जामनगर, कुंबकोणम, सूरत, नासिक रोड, राजकोट, सेलम और अंकलेश्वर शामिल हैं। गुजरात के पांच स्टेशन- गांधीधाम, जामनगर, सूरत, राजकोट और अंकलेश्वर शीर्ष 10 में शामिल हैं।
रैंकिंग के हिसाब से सबसे गंदे स्टेशनों में मधुबनी, बलिया, बख्तियारपुर, रायचुर, शाहगंज, जंघई, अनुग्रह नारायण, सगौली, आरा और प्रतापगढ़ शामिल हैं जिसमें पांच सबसे गंदे स्टेशन- मधुबनी, बख्तियारपुर, अनुग्रह नारायण, सगौली और आरा- बिहार में हैं।
इस सर्वेक्षण में प्रत्येक यात्री से 40 विभिन्न मानकों पर स्टेशनों की स्वच्छता की रेटिंग करने को कहा गया था। इसमें कुलियों और प्लेटफार्म पर स्थित वेंडरों से भी प्रतिक्रिया ली गई थी। प्रत्येक ए1 (75 स्टेशन) वर्ग के लिए 400 यात्रियों से सवाल पूछे गए, जबकि प्रत्येक ए (332) वर्ग के स्टेशन में 300 यात्रियों से सवाल पूछे गए। प्रति स्टेशन 100 इंटरव्यू सर्वेक्षणकर्ताओं द्वारा किए गए।टिप्पणियां
इन तथ्यों के आधार पर मंत्रालय ने उचित कार्रवाई के लिए मंडलीय मुख्यालयों को दिशानिर्देश जारी किए हैं। मंत्रालय ने समय समय पर इस तरह का सर्वेक्षण करने का निर्णय किया है।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
रेल मंत्रालय द्वारा सर्वेक्षण की रिपोर्ट मंगलवार को जारी की गई जिसमें रैंकिंग के हिसाब से 10 सबसे स्वच्छ स्टेशनों में ब्यास, गांधीधाम, वास्को डि गामा, जामनगर, कुंबकोणम, सूरत, नासिक रोड, राजकोट, सेलम और अंकलेश्वर शामिल हैं। गुजरात के पांच स्टेशन- गांधीधाम, जामनगर, सूरत, राजकोट और अंकलेश्वर शीर्ष 10 में शामिल हैं।
रैंकिंग के हिसाब से सबसे गंदे स्टेशनों में मधुबनी, बलिया, बख्तियारपुर, रायचुर, शाहगंज, जंघई, अनुग्रह नारायण, सगौली, आरा और प्रतापगढ़ शामिल हैं जिसमें पांच सबसे गंदे स्टेशन- मधुबनी, बख्तियारपुर, अनुग्रह नारायण, सगौली और आरा- बिहार में हैं।
इस सर्वेक्षण में प्रत्येक यात्री से 40 विभिन्न मानकों पर स्टेशनों की स्वच्छता की रेटिंग करने को कहा गया था। इसमें कुलियों और प्लेटफार्म पर स्थित वेंडरों से भी प्रतिक्रिया ली गई थी। प्रत्येक ए1 (75 स्टेशन) वर्ग के लिए 400 यात्रियों से सवाल पूछे गए, जबकि प्रत्येक ए (332) वर्ग के स्टेशन में 300 यात्रियों से सवाल पूछे गए। प्रति स्टेशन 100 इंटरव्यू सर्वेक्षणकर्ताओं द्वारा किए गए।टिप्पणियां
इन तथ्यों के आधार पर मंत्रालय ने उचित कार्रवाई के लिए मंडलीय मुख्यालयों को दिशानिर्देश जारी किए हैं। मंत्रालय ने समय समय पर इस तरह का सर्वेक्षण करने का निर्णय किया है।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
रैंकिंग के हिसाब से सबसे गंदे स्टेशनों में मधुबनी, बलिया, बख्तियारपुर, रायचुर, शाहगंज, जंघई, अनुग्रह नारायण, सगौली, आरा और प्रतापगढ़ शामिल हैं जिसमें पांच सबसे गंदे स्टेशन- मधुबनी, बख्तियारपुर, अनुग्रह नारायण, सगौली और आरा- बिहार में हैं।
इस सर्वेक्षण में प्रत्येक यात्री से 40 विभिन्न मानकों पर स्टेशनों की स्वच्छता की रेटिंग करने को कहा गया था। इसमें कुलियों और प्लेटफार्म पर स्थित वेंडरों से भी प्रतिक्रिया ली गई थी। प्रत्येक ए1 (75 स्टेशन) वर्ग के लिए 400 यात्रियों से सवाल पूछे गए, जबकि प्रत्येक ए (332) वर्ग के स्टेशन में 300 यात्रियों से सवाल पूछे गए। प्रति स्टेशन 100 इंटरव्यू सर्वेक्षणकर्ताओं द्वारा किए गए।टिप्पणियां
इन तथ्यों के आधार पर मंत्रालय ने उचित कार्रवाई के लिए मंडलीय मुख्यालयों को दिशानिर्देश जारी किए हैं। मंत्रालय ने समय समय पर इस तरह का सर्वेक्षण करने का निर्णय किया है।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इस सर्वेक्षण में प्रत्येक यात्री से 40 विभिन्न मानकों पर स्टेशनों की स्वच्छता की रेटिंग करने को कहा गया था। इसमें कुलियों और प्लेटफार्म पर स्थित वेंडरों से भी प्रतिक्रिया ली गई थी। प्रत्येक ए1 (75 स्टेशन) वर्ग के लिए 400 यात्रियों से सवाल पूछे गए, जबकि प्रत्येक ए (332) वर्ग के स्टेशन में 300 यात्रियों से सवाल पूछे गए। प्रति स्टेशन 100 इंटरव्यू सर्वेक्षणकर्ताओं द्वारा किए गए।टिप्पणियां
इन तथ्यों के आधार पर मंत्रालय ने उचित कार्रवाई के लिए मंडलीय मुख्यालयों को दिशानिर्देश जारी किए हैं। मंत्रालय ने समय समय पर इस तरह का सर्वेक्षण करने का निर्णय किया है।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इन तथ्यों के आधार पर मंत्रालय ने उचित कार्रवाई के लिए मंडलीय मुख्यालयों को दिशानिर्देश जारी किए हैं। मंत्रालय ने समय समय पर इस तरह का सर्वेक्षण करने का निर्णय किया है।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त पाठ: टॉप 10 स्वच्छ स्टेशनों में से गुजरात के 5
रेल मंत्रालय द्वारा स्वच्छता पर किया गया सर्वे
यह सर्वेक्षण 407 प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर किया गया | 14 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने युगांडा के समलैंगिक कार्यकर्ता डेविड काटो की क्रूर हत्या की निंदा करते हुए कहा कि उनका प्रशासन विदेशी समुदायों में मानवाधिकार के मुद्दों को सहयोग देना जारी रखेगा। ओबामा ने अपने एक वक्तव्य में कहा, "युगांडा में डेविड ने घृणा के खिलाफ आवाज उठाकर बहुत साहस का काम किया। वह निष्पक्षता और स्वतंत्रता के शक्तिशाली समर्थक थे। अमेरिका डेविड की हत्या की निंदा करता है और हम डेविड के काम के साथ अपनी प्रतिबद्धता को फिर से दुहराते हैं।" गौरतलब है कि बुधवार को समलैंगिक कार्यकर्ता डेविड (43) को उनके कंपाल स्थित घर पर हथौड़े के साथ क्रूरतापूर्वक पीटा गया और हत्या कर दी गई। इस हत्या की विश्वभर में व्यापक निंदा की गई। ओबामा ने कहा, "देश में और विश्वभर में समलैंगिक लोगों को लगातार अत्यधिक प्रताड़ित किया जाता है। उनके साथ भेदभाव और घृणा की जाती है। युगांडा में डेविड काटो की हत्या के दौरान ही होंडुरास में भी समलैंगिक समुदाय के पांच लोगों की हत्या कर दी गई।" | संक्षिप्त पाठ: ओबामा ने युगांडा के समलैंगिक कार्यकर्ता काटो की हत्या पर कहा कि उनका प्रशासन विदेशी समुदायों में मानवाधिकार के मुद्दों को सहयोग देना जारी रखेगा। | 13 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: लोकपाल विधेयक के सरकारी ड्राफ्ट को ही केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा मंजूरी दिए जाने को समाजसेवी अन्ना हजारे ने देश की जनता के साथ धोखा बताते हुए 16 अगस्त से इसके खिलाफ अनशन करने की घोषणा की है। महाराष्ट्र के रालेगांवसिद्दी में अन्ना ने एनडीटीवी इंडिया से कहा कि अब हमारे और सरकार के बीच बातचीत का कोई सवाल ही नहीं उठता, जब तक सरकार प्रधानमंत्री और न्यायपालिका को लोकपाल के दायरे में नहीं लाती। अन्ना ने यह भी कहा है कि अब सरकार से आर−पार की लड़ाई होगी, क्योंकि देश-भर में हमें मिले समर्थन से साफ है कि लोग अब भ्रष्टाचार से तंग आ चुके हैं। उल्लेखनीय है कि कैबिनेट द्वारा मंजूर किए गए लोकपाल बिल में प्रधानमंत्री और न्यायपालिका को लोकपाल के दायरे से बाहर रखा गया है, हालांकि पद छोड़ने के अगले दिन से ही पीएम के लिए यह छूट खत्म हो जाएगी। अन्ना का कहना है कि दोनों को ही लोकपाल में शामिल करना चाहिए था। संसद के मॉनसून सत्र में पेश किए जाने के लिए मंजूर किए गए बिल के मुताबिक लोकपाल में चेयरमैन के अलावा आठ और सदस्य होंगे, जिनमें चार अनुभवी जज शामिल होंगे। लोकपाल का चुनाव एक कमेटी करेगी, जिसके अध्यक्ष प्रधानमंत्री होंगे, तथा कमेटी में लोकसभा स्पीकर, लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष के नेता, एक कैबिनेट मंत्री, एक सुप्रीम कोर्ट के जज, एक हाईकोर्ट के जज के अलावा एक मशहूर हस्ती भी शामिल होगी। इसके अलावा लोकपाल को किसी के खिलाफ आरोप लगाने, जांच करने और मुकदमा चलाने के लिए किसी से इजाजत की जरूरत नहीं होगी। इसके साथ ही लोकपाल जांच के लिए केंद्र के किसी भी अधिकारी से डेपुटेशन पर सेवाएं ले सकेगा। इस मुद्दे पर अन्ना की साथी कार्यकर्ता किरण बेदी ने बताया, यह देश के साथ छल है। उन्होंने कहा कि यह मसौदा विधेयक अगर एक बार पारित हो जाता है तो इससे उन अन्य राज्यों पर भी असर पड़ेगा, जिनकी लोकायुक्त का गठन करने की योजना है। ऐसे राज्य अब मुख्यमंत्री पद को लोकायुक्त के दायरे से बाहर रखना चाहेंगे। उन्होंने कहा कि इस विधेयक के दूरगामी परिणाम होंगे। किरण ने कहा कि सरकार ने सुनहरा मौका खो दिया है। कर्नाटक के लोकायुक्त और संयुक्त मसौदा समिति के सदस्य न्यायमूर्ति संतोष हेगड़े ने कहा कि इस विधेयक में उन प्रावधानों को शामिल नहीं किया गया है, जिनकी समाज के सदस्य मांग कर रहे थे। हेगड़े ने कहा, मुझे नहीं लगता कि यह काफी मजबूत विधेयक होगा। 44 वर्ष से लोकपाल विधेयक पारित नहीं हुआ और अब वे ऐसा विधेयक पारित कराना चाहते हैं, जो बिल्कुल भी मजबूत नहीं होगा। हजारे ने बृहस्पतिवार को ही सरकार से अपील की थी कि उसके पास देश का इतिहास बदलने का दुर्लभ मौका है और उसे मजबूत विधेयक संसद में पेश करना चाहिए। इससे पहले, मसौदा समिति के सह-अध्यक्ष शांति भूषण ने वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी को पत्र लिखकर उनसे अपील की थी कि कैबिनेट के समक्ष लोकपाल मसौदा विधेयक के दोनों संस्करण पेश किए जाएं।(इनपुट एजेंसियों से भी) | अन्ना ने एनडीटीवी इंडिया से कहा कि अब हमारे और सरकार के बीच बातचीत का कोई सवाल ही नहीं उठता। | 26 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: जनवरी 2014 में जब यूपीए सरकार ने 2005 से पहले जारी हुए 31 मार्च तक के नोट बदलने का फैसला लिया था तब बीजेपी प्रवक्ता मीनाक्षी लेखी ने तत्कालीन वित्त मंत्री के इस कदम की आलोचना की थी. बीजेपी की प्रवक्ता मीनाक्षी लेखी ने तत्कालीन वित्तमंत्री पी. चिदंबरम को निशाने पर लिया था और कालेधन पर अंकुश लगाने के लिए नोटबंदी के इस फैसले को लेखी ने 'गरीब विरोधी' कदम करार दिया था.
लेखी ने कहा था '500 के नोट को विमुद्रीकरण करने की वित्त मंत्री की नई चाल विदेशों में जमा काले धन को संरक्षण प्रदान करने की है...यह कदम पूरी तरह से गरीब-विरोधी है.'
उन्होंने पी. चिदंबरम पर 'आम औरत' और 'आदमी' को परेशान करने की योजना बनाने का आरोप लगाया था. खासकर उन लोगों को जो अशिक्षित हैं और जिनके पास बैंक खाता नहीं है. उन्होंने अपने बयान में कहा था कि देश की 65 फीसदी जनता के पास बैंक खाते नहीं है. ऐसे लोग नकद पैसे रखते हैं और पुराने नोट को बदलने से उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा. मीनाक्षी लेखी ने कहा था 'ऐसे लोग जिनके पास छोटी बचत है, बैंक खाता नहीं है, उनकी जिंदगी प्रभावित होगी. वर्तमान योजना से कालेधन पर लगाम नहीं लगेगी.'टिप्पणियां
तीन साल बाद जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम संदेश देकर 500 और 1000 रुपये के नोट पर बंदी लगा दी है और करोड़ों लोग बैंक में लंबी लाइन लगाकर नोट बदलने का इंतजार कर रहे हैं, ऐसी स्थिति में बीजेपी ने मीनाक्षी लेखी की जगह भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को सरकार के बचाव में उतार दिया है.
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि सरकार के निर्णय का विरोध करने वाली विपक्षी पार्टियां कालेधन का समर्थन करती हैं. उन्होंने कहा 'मैं कालाधन रखने वालों, नकली नोट, आतंकवादियों, हवाला कारोबारियों, नक्सलवादियों और ड्रग तस्करों का दर्द समझ सकता हूं. मुझे सबसे ज्यादा हैरानी इस बात से हुई कि इसमे कुछ राजनीति पार्टियां भी शामिल हैं.'
हालांकि पीएम मोदी के इस कदम की प्रशंसा हो रही है लेकिन कई विपक्षी दलों ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि इससे गरीबों को परेशानी हो रही है.
लेखी ने कहा था '500 के नोट को विमुद्रीकरण करने की वित्त मंत्री की नई चाल विदेशों में जमा काले धन को संरक्षण प्रदान करने की है...यह कदम पूरी तरह से गरीब-विरोधी है.'
उन्होंने पी. चिदंबरम पर 'आम औरत' और 'आदमी' को परेशान करने की योजना बनाने का आरोप लगाया था. खासकर उन लोगों को जो अशिक्षित हैं और जिनके पास बैंक खाता नहीं है. उन्होंने अपने बयान में कहा था कि देश की 65 फीसदी जनता के पास बैंक खाते नहीं है. ऐसे लोग नकद पैसे रखते हैं और पुराने नोट को बदलने से उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा. मीनाक्षी लेखी ने कहा था 'ऐसे लोग जिनके पास छोटी बचत है, बैंक खाता नहीं है, उनकी जिंदगी प्रभावित होगी. वर्तमान योजना से कालेधन पर लगाम नहीं लगेगी.'टिप्पणियां
तीन साल बाद जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम संदेश देकर 500 और 1000 रुपये के नोट पर बंदी लगा दी है और करोड़ों लोग बैंक में लंबी लाइन लगाकर नोट बदलने का इंतजार कर रहे हैं, ऐसी स्थिति में बीजेपी ने मीनाक्षी लेखी की जगह भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को सरकार के बचाव में उतार दिया है.
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि सरकार के निर्णय का विरोध करने वाली विपक्षी पार्टियां कालेधन का समर्थन करती हैं. उन्होंने कहा 'मैं कालाधन रखने वालों, नकली नोट, आतंकवादियों, हवाला कारोबारियों, नक्सलवादियों और ड्रग तस्करों का दर्द समझ सकता हूं. मुझे सबसे ज्यादा हैरानी इस बात से हुई कि इसमे कुछ राजनीति पार्टियां भी शामिल हैं.'
हालांकि पीएम मोदी के इस कदम की प्रशंसा हो रही है लेकिन कई विपक्षी दलों ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि इससे गरीबों को परेशानी हो रही है.
उन्होंने पी. चिदंबरम पर 'आम औरत' और 'आदमी' को परेशान करने की योजना बनाने का आरोप लगाया था. खासकर उन लोगों को जो अशिक्षित हैं और जिनके पास बैंक खाता नहीं है. उन्होंने अपने बयान में कहा था कि देश की 65 फीसदी जनता के पास बैंक खाते नहीं है. ऐसे लोग नकद पैसे रखते हैं और पुराने नोट को बदलने से उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा. मीनाक्षी लेखी ने कहा था 'ऐसे लोग जिनके पास छोटी बचत है, बैंक खाता नहीं है, उनकी जिंदगी प्रभावित होगी. वर्तमान योजना से कालेधन पर लगाम नहीं लगेगी.'टिप्पणियां
तीन साल बाद जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम संदेश देकर 500 और 1000 रुपये के नोट पर बंदी लगा दी है और करोड़ों लोग बैंक में लंबी लाइन लगाकर नोट बदलने का इंतजार कर रहे हैं, ऐसी स्थिति में बीजेपी ने मीनाक्षी लेखी की जगह भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को सरकार के बचाव में उतार दिया है.
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि सरकार के निर्णय का विरोध करने वाली विपक्षी पार्टियां कालेधन का समर्थन करती हैं. उन्होंने कहा 'मैं कालाधन रखने वालों, नकली नोट, आतंकवादियों, हवाला कारोबारियों, नक्सलवादियों और ड्रग तस्करों का दर्द समझ सकता हूं. मुझे सबसे ज्यादा हैरानी इस बात से हुई कि इसमे कुछ राजनीति पार्टियां भी शामिल हैं.'
हालांकि पीएम मोदी के इस कदम की प्रशंसा हो रही है लेकिन कई विपक्षी दलों ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि इससे गरीबों को परेशानी हो रही है.
तीन साल बाद जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम संदेश देकर 500 और 1000 रुपये के नोट पर बंदी लगा दी है और करोड़ों लोग बैंक में लंबी लाइन लगाकर नोट बदलने का इंतजार कर रहे हैं, ऐसी स्थिति में बीजेपी ने मीनाक्षी लेखी की जगह भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को सरकार के बचाव में उतार दिया है.
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि सरकार के निर्णय का विरोध करने वाली विपक्षी पार्टियां कालेधन का समर्थन करती हैं. उन्होंने कहा 'मैं कालाधन रखने वालों, नकली नोट, आतंकवादियों, हवाला कारोबारियों, नक्सलवादियों और ड्रग तस्करों का दर्द समझ सकता हूं. मुझे सबसे ज्यादा हैरानी इस बात से हुई कि इसमे कुछ राजनीति पार्टियां भी शामिल हैं.'
हालांकि पीएम मोदी के इस कदम की प्रशंसा हो रही है लेकिन कई विपक्षी दलों ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि इससे गरीबों को परेशानी हो रही है.
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि सरकार के निर्णय का विरोध करने वाली विपक्षी पार्टियां कालेधन का समर्थन करती हैं. उन्होंने कहा 'मैं कालाधन रखने वालों, नकली नोट, आतंकवादियों, हवाला कारोबारियों, नक्सलवादियों और ड्रग तस्करों का दर्द समझ सकता हूं. मुझे सबसे ज्यादा हैरानी इस बात से हुई कि इसमे कुछ राजनीति पार्टियां भी शामिल हैं.'
हालांकि पीएम मोदी के इस कदम की प्रशंसा हो रही है लेकिन कई विपक्षी दलों ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि इससे गरीबों को परेशानी हो रही है. | संक्षिप्त पाठ: वित्तमंत्री पी. चिदंबरम को निशाने पर लिया था विपक्षी पार्टी बीजेपी ने
'आम औरत' और 'आदमी' को परेशान करने का आरोप लगाया था
आज तीन साल बाद पीएम मोदी की कार्रवाई का बचाव कर रही बीजेपी | 13 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: ख़बर है कि पीएम की कानपुर में रैली के पहले रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने उत्तर प्रदेश में 5000 करोड़ रुपये नकद भेजे हैं. शनिवार को RBI ने लखनऊ, कानपुर और वाराणसी सहित पूर्वी यूपी के लिए नकदी भेजी है.
ख़बर के मुताबिक राज्य के कुछ सांसदों ने पार्टी अध्यक्ष अमित शाह से कहा था कि कैश की कमी से विधानसभा चुनावों में पार्टी की उम्मीदों को झटका लग सकता है. उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ समय से लोगों को कैश की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है.टिप्पणियां
गौरतलब है कि शनिवार को ही नकदी संकट से जूझ रहे उत्तर प्रदेश को भारतीय रिजर्व बैंक से 5,000 करोड़ रुपये मिले थे. रिजर्व बैंक ने कार्गो विमान के माध्यम से ये नकद उत्तर प्रदेश पहुंचाए.
इस मामले पर अब राजनीति भी गर्म हो गई है. कांग्रेस जहां यह आरोप लगा रही है कि चूंकि सोमवार को पीएम मोदी की कानपुर में रैली है इसलिए ने सरकार ने ये कदम उठाया है. वहीं बीजेपी का कहना है कि रिजर्व बैंक के इस कदम का पीएम की रैली से कुछ लेना देना नहीं है.
ख़बर के मुताबिक राज्य के कुछ सांसदों ने पार्टी अध्यक्ष अमित शाह से कहा था कि कैश की कमी से विधानसभा चुनावों में पार्टी की उम्मीदों को झटका लग सकता है. उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ समय से लोगों को कैश की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है.टिप्पणियां
गौरतलब है कि शनिवार को ही नकदी संकट से जूझ रहे उत्तर प्रदेश को भारतीय रिजर्व बैंक से 5,000 करोड़ रुपये मिले थे. रिजर्व बैंक ने कार्गो विमान के माध्यम से ये नकद उत्तर प्रदेश पहुंचाए.
इस मामले पर अब राजनीति भी गर्म हो गई है. कांग्रेस जहां यह आरोप लगा रही है कि चूंकि सोमवार को पीएम मोदी की कानपुर में रैली है इसलिए ने सरकार ने ये कदम उठाया है. वहीं बीजेपी का कहना है कि रिजर्व बैंक के इस कदम का पीएम की रैली से कुछ लेना देना नहीं है.
गौरतलब है कि शनिवार को ही नकदी संकट से जूझ रहे उत्तर प्रदेश को भारतीय रिजर्व बैंक से 5,000 करोड़ रुपये मिले थे. रिजर्व बैंक ने कार्गो विमान के माध्यम से ये नकद उत्तर प्रदेश पहुंचाए.
इस मामले पर अब राजनीति भी गर्म हो गई है. कांग्रेस जहां यह आरोप लगा रही है कि चूंकि सोमवार को पीएम मोदी की कानपुर में रैली है इसलिए ने सरकार ने ये कदम उठाया है. वहीं बीजेपी का कहना है कि रिजर्व बैंक के इस कदम का पीएम की रैली से कुछ लेना देना नहीं है.
इस मामले पर अब राजनीति भी गर्म हो गई है. कांग्रेस जहां यह आरोप लगा रही है कि चूंकि सोमवार को पीएम मोदी की कानपुर में रैली है इसलिए ने सरकार ने ये कदम उठाया है. वहीं बीजेपी का कहना है कि रिजर्व बैंक के इस कदम का पीएम की रैली से कुछ लेना देना नहीं है. | सारांश: उत्तर प्रदेश में लोगों को कैश की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है
शनिवार को ही यूपी को भारतीय रिजर्व बैंक से 5,000 करोड़ रुपये मिले थे
आरबीआई के इस कदम का पीएम की रैली से कुछ लेना देना नहीं है : बीजेपी | 7 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: मुरैना में भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी नरेंद्र कुमार की ट्रैक्टर से रौंदकर हत्या किए जाने के बाद अब पन्ना के एसडीएम और एसडीओपी पर रेत माफिया के फायरिंग करने की खबर है।
रेत माफिया की फायरिंग में दोनों अधिकारी बाल−बाल बच गए हैं। ये अधिकारी माफिया के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए गए थे।
इससे पहले, मुरैना में भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी नरेंद्र कुमार की ट्रैक्टर से रौंदकर हत्या, भिण्ड में जयदेवन पर हमला और खरगौन में हमले में पुलिस जवान की मौत... ये घटनाएं मध्य प्रदेश की बिगड़ती कानून-व्यवस्था की गवाही देती नजर आ रही हैं।
राज्य में पिछले कुछ अरसे में अपराधी तत्वों के हौसले इतने बढ़ गए हैं कि उनके लिए पुलिस का असर भी बौना हो चला है। हाल तो यह है कि पुलिस की वर्दी तक पर हाथ डालने में उन्हें डर नहीं लगता। मुरैना में आईपीएस अधिकारी नरेंद्र कुमार को कर्तव्य निष्ठा की कीमत अपनी जान देकर चुकाना पड़ी है। नरेंद्र ने बामौर में अनुविभागीय अधिकारी के पद पर रहते हुए खनन माफियाओं की नाक में दम कर दिया था। उन्होंने पिछले दो माह में कई ऐसे वाहनों को पकड़ा था, जो अवैध कारोबार में लगे थे।
जब पूरा देश होली मना रहा था तब नरेंद्र कुमार अपनी ड्यूटी को निभाते हुए माफियाओं का शिकार बने। उनकी ट्रैक्टर से रौंदकर हत्या कर दी गई। इसी तरह भिण्ड में आईपीएस अधिकारी जयदेवन ने शराब माफिया की नकेल कसी तो उन पर हमला कर दिया गया। यह हमला किसी और ने नहीं, बल्कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाहा और उनके साथियों ने किया था।
इसी तरह, खरगौन के मंडलेश्वर में रेत माफिया ने उपनिरीक्षक आरबी गोयल व आरक्षक रघुनाथ चौहान पर जान लेवा हमला किया, जिसमें चौहान की जान चली गई जबकि गोयल जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। इसके अलावा बीते दिनों राजधानी भोपाल के कमलानगर थाने में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े लोगों ने पुलिस जवानों से मारपीट की थी और बाद में सरकार ने दबाव में आकर पिटे 10 जवानों को ही निलम्बित कर दिया था। कुछ दिन बाद एक वीडियो सामने आने पर हकीकत उजागर हुई तो सरकार को बैकफुट पर आकर सभी जवानों को बहाल करना पड़ा था।
सरकार की ओर से जारी आंकड़े बताते हैं कि बीते 13 माह में सिर्फ राजधानी में ही पुलिस बल पर 25 हमले हुए हैं। राजधानी में जब पुलिस बल का यह हाल है तो अन्य हिस्सों में क्या हाल होगा इस बात का सहजता से अंदाजा लगाया जा सकता है।
प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान हों या गृहमंत्री उमाशंकर गुप्ता दोनों ही लगातार यह भरोसा दिलाते आ रहे हैं कि कानून से बड़ा कोई नहीं है। प्रदेश में किसी भी कीमत पर आरोपियों और अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा। सरकार किसी को संरक्षण नहीं दे रही है, मगर पुलिस बल के साथ जो हो रहा है वह इन बयानों से इतर है। चौहान ने तो विपक्ष पर राज्य को बदनाम करने तक का आरोप लगाया है।टिप्पणियां
यहां बताना लाजिमी होगा कि उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर ही मायावती की सरकार को जाना पड़ा है। मायावती ने शुरुआत में भ्रष्टाचार के मामलों को नजर अंदाज किया और चुनाव करीब आने पर भ्रष्टाचार में लिप्त मंत्रियों पर कार्रवाई की मगर उसका उन्हें लाभ नहीं मिला। ठीक ऐसा ही हाल मध्य प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर हो चला है। पुलिस पर हो रहे हमलों से सरकार की जमकर किरकिरी हो रही है। इन मामलों मे राज्य सरकार ने गंभीरता नहीं बरती तो यह मुददा शिवराज सरकार के लिए चुनाव में मुसीबत खड़ी कर सकता है।
राज्य का मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस लगातार शिवराज सरकार पर हमले बोल रहा है और उसे एक के बाद एक हमला करने का मौका सरकार के ही लोग दे रहे हैं। पहले अवैध खनन मामले पर घिरी थी सरकार, अब बिगड़ती कानून-व्यवस्था सरकार की मुश्किलें बढ़ा रही हैं।
रेत माफिया की फायरिंग में दोनों अधिकारी बाल−बाल बच गए हैं। ये अधिकारी माफिया के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए गए थे।
इससे पहले, मुरैना में भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी नरेंद्र कुमार की ट्रैक्टर से रौंदकर हत्या, भिण्ड में जयदेवन पर हमला और खरगौन में हमले में पुलिस जवान की मौत... ये घटनाएं मध्य प्रदेश की बिगड़ती कानून-व्यवस्था की गवाही देती नजर आ रही हैं।
राज्य में पिछले कुछ अरसे में अपराधी तत्वों के हौसले इतने बढ़ गए हैं कि उनके लिए पुलिस का असर भी बौना हो चला है। हाल तो यह है कि पुलिस की वर्दी तक पर हाथ डालने में उन्हें डर नहीं लगता। मुरैना में आईपीएस अधिकारी नरेंद्र कुमार को कर्तव्य निष्ठा की कीमत अपनी जान देकर चुकाना पड़ी है। नरेंद्र ने बामौर में अनुविभागीय अधिकारी के पद पर रहते हुए खनन माफियाओं की नाक में दम कर दिया था। उन्होंने पिछले दो माह में कई ऐसे वाहनों को पकड़ा था, जो अवैध कारोबार में लगे थे।
जब पूरा देश होली मना रहा था तब नरेंद्र कुमार अपनी ड्यूटी को निभाते हुए माफियाओं का शिकार बने। उनकी ट्रैक्टर से रौंदकर हत्या कर दी गई। इसी तरह भिण्ड में आईपीएस अधिकारी जयदेवन ने शराब माफिया की नकेल कसी तो उन पर हमला कर दिया गया। यह हमला किसी और ने नहीं, बल्कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाहा और उनके साथियों ने किया था।
इसी तरह, खरगौन के मंडलेश्वर में रेत माफिया ने उपनिरीक्षक आरबी गोयल व आरक्षक रघुनाथ चौहान पर जान लेवा हमला किया, जिसमें चौहान की जान चली गई जबकि गोयल जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। इसके अलावा बीते दिनों राजधानी भोपाल के कमलानगर थाने में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े लोगों ने पुलिस जवानों से मारपीट की थी और बाद में सरकार ने दबाव में आकर पिटे 10 जवानों को ही निलम्बित कर दिया था। कुछ दिन बाद एक वीडियो सामने आने पर हकीकत उजागर हुई तो सरकार को बैकफुट पर आकर सभी जवानों को बहाल करना पड़ा था।
सरकार की ओर से जारी आंकड़े बताते हैं कि बीते 13 माह में सिर्फ राजधानी में ही पुलिस बल पर 25 हमले हुए हैं। राजधानी में जब पुलिस बल का यह हाल है तो अन्य हिस्सों में क्या हाल होगा इस बात का सहजता से अंदाजा लगाया जा सकता है।
प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान हों या गृहमंत्री उमाशंकर गुप्ता दोनों ही लगातार यह भरोसा दिलाते आ रहे हैं कि कानून से बड़ा कोई नहीं है। प्रदेश में किसी भी कीमत पर आरोपियों और अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा। सरकार किसी को संरक्षण नहीं दे रही है, मगर पुलिस बल के साथ जो हो रहा है वह इन बयानों से इतर है। चौहान ने तो विपक्ष पर राज्य को बदनाम करने तक का आरोप लगाया है।टिप्पणियां
यहां बताना लाजिमी होगा कि उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर ही मायावती की सरकार को जाना पड़ा है। मायावती ने शुरुआत में भ्रष्टाचार के मामलों को नजर अंदाज किया और चुनाव करीब आने पर भ्रष्टाचार में लिप्त मंत्रियों पर कार्रवाई की मगर उसका उन्हें लाभ नहीं मिला। ठीक ऐसा ही हाल मध्य प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर हो चला है। पुलिस पर हो रहे हमलों से सरकार की जमकर किरकिरी हो रही है। इन मामलों मे राज्य सरकार ने गंभीरता नहीं बरती तो यह मुददा शिवराज सरकार के लिए चुनाव में मुसीबत खड़ी कर सकता है।
राज्य का मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस लगातार शिवराज सरकार पर हमले बोल रहा है और उसे एक के बाद एक हमला करने का मौका सरकार के ही लोग दे रहे हैं। पहले अवैध खनन मामले पर घिरी थी सरकार, अब बिगड़ती कानून-व्यवस्था सरकार की मुश्किलें बढ़ा रही हैं।
इससे पहले, मुरैना में भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी नरेंद्र कुमार की ट्रैक्टर से रौंदकर हत्या, भिण्ड में जयदेवन पर हमला और खरगौन में हमले में पुलिस जवान की मौत... ये घटनाएं मध्य प्रदेश की बिगड़ती कानून-व्यवस्था की गवाही देती नजर आ रही हैं।
राज्य में पिछले कुछ अरसे में अपराधी तत्वों के हौसले इतने बढ़ गए हैं कि उनके लिए पुलिस का असर भी बौना हो चला है। हाल तो यह है कि पुलिस की वर्दी तक पर हाथ डालने में उन्हें डर नहीं लगता। मुरैना में आईपीएस अधिकारी नरेंद्र कुमार को कर्तव्य निष्ठा की कीमत अपनी जान देकर चुकाना पड़ी है। नरेंद्र ने बामौर में अनुविभागीय अधिकारी के पद पर रहते हुए खनन माफियाओं की नाक में दम कर दिया था। उन्होंने पिछले दो माह में कई ऐसे वाहनों को पकड़ा था, जो अवैध कारोबार में लगे थे।
जब पूरा देश होली मना रहा था तब नरेंद्र कुमार अपनी ड्यूटी को निभाते हुए माफियाओं का शिकार बने। उनकी ट्रैक्टर से रौंदकर हत्या कर दी गई। इसी तरह भिण्ड में आईपीएस अधिकारी जयदेवन ने शराब माफिया की नकेल कसी तो उन पर हमला कर दिया गया। यह हमला किसी और ने नहीं, बल्कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाहा और उनके साथियों ने किया था।
इसी तरह, खरगौन के मंडलेश्वर में रेत माफिया ने उपनिरीक्षक आरबी गोयल व आरक्षक रघुनाथ चौहान पर जान लेवा हमला किया, जिसमें चौहान की जान चली गई जबकि गोयल जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। इसके अलावा बीते दिनों राजधानी भोपाल के कमलानगर थाने में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े लोगों ने पुलिस जवानों से मारपीट की थी और बाद में सरकार ने दबाव में आकर पिटे 10 जवानों को ही निलम्बित कर दिया था। कुछ दिन बाद एक वीडियो सामने आने पर हकीकत उजागर हुई तो सरकार को बैकफुट पर आकर सभी जवानों को बहाल करना पड़ा था।
सरकार की ओर से जारी आंकड़े बताते हैं कि बीते 13 माह में सिर्फ राजधानी में ही पुलिस बल पर 25 हमले हुए हैं। राजधानी में जब पुलिस बल का यह हाल है तो अन्य हिस्सों में क्या हाल होगा इस बात का सहजता से अंदाजा लगाया जा सकता है।
प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान हों या गृहमंत्री उमाशंकर गुप्ता दोनों ही लगातार यह भरोसा दिलाते आ रहे हैं कि कानून से बड़ा कोई नहीं है। प्रदेश में किसी भी कीमत पर आरोपियों और अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा। सरकार किसी को संरक्षण नहीं दे रही है, मगर पुलिस बल के साथ जो हो रहा है वह इन बयानों से इतर है। चौहान ने तो विपक्ष पर राज्य को बदनाम करने तक का आरोप लगाया है।टिप्पणियां
यहां बताना लाजिमी होगा कि उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर ही मायावती की सरकार को जाना पड़ा है। मायावती ने शुरुआत में भ्रष्टाचार के मामलों को नजर अंदाज किया और चुनाव करीब आने पर भ्रष्टाचार में लिप्त मंत्रियों पर कार्रवाई की मगर उसका उन्हें लाभ नहीं मिला। ठीक ऐसा ही हाल मध्य प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर हो चला है। पुलिस पर हो रहे हमलों से सरकार की जमकर किरकिरी हो रही है। इन मामलों मे राज्य सरकार ने गंभीरता नहीं बरती तो यह मुददा शिवराज सरकार के लिए चुनाव में मुसीबत खड़ी कर सकता है।
राज्य का मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस लगातार शिवराज सरकार पर हमले बोल रहा है और उसे एक के बाद एक हमला करने का मौका सरकार के ही लोग दे रहे हैं। पहले अवैध खनन मामले पर घिरी थी सरकार, अब बिगड़ती कानून-व्यवस्था सरकार की मुश्किलें बढ़ा रही हैं।
राज्य में पिछले कुछ अरसे में अपराधी तत्वों के हौसले इतने बढ़ गए हैं कि उनके लिए पुलिस का असर भी बौना हो चला है। हाल तो यह है कि पुलिस की वर्दी तक पर हाथ डालने में उन्हें डर नहीं लगता। मुरैना में आईपीएस अधिकारी नरेंद्र कुमार को कर्तव्य निष्ठा की कीमत अपनी जान देकर चुकाना पड़ी है। नरेंद्र ने बामौर में अनुविभागीय अधिकारी के पद पर रहते हुए खनन माफियाओं की नाक में दम कर दिया था। उन्होंने पिछले दो माह में कई ऐसे वाहनों को पकड़ा था, जो अवैध कारोबार में लगे थे।
जब पूरा देश होली मना रहा था तब नरेंद्र कुमार अपनी ड्यूटी को निभाते हुए माफियाओं का शिकार बने। उनकी ट्रैक्टर से रौंदकर हत्या कर दी गई। इसी तरह भिण्ड में आईपीएस अधिकारी जयदेवन ने शराब माफिया की नकेल कसी तो उन पर हमला कर दिया गया। यह हमला किसी और ने नहीं, बल्कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाहा और उनके साथियों ने किया था।
इसी तरह, खरगौन के मंडलेश्वर में रेत माफिया ने उपनिरीक्षक आरबी गोयल व आरक्षक रघुनाथ चौहान पर जान लेवा हमला किया, जिसमें चौहान की जान चली गई जबकि गोयल जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। इसके अलावा बीते दिनों राजधानी भोपाल के कमलानगर थाने में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े लोगों ने पुलिस जवानों से मारपीट की थी और बाद में सरकार ने दबाव में आकर पिटे 10 जवानों को ही निलम्बित कर दिया था। कुछ दिन बाद एक वीडियो सामने आने पर हकीकत उजागर हुई तो सरकार को बैकफुट पर आकर सभी जवानों को बहाल करना पड़ा था।
सरकार की ओर से जारी आंकड़े बताते हैं कि बीते 13 माह में सिर्फ राजधानी में ही पुलिस बल पर 25 हमले हुए हैं। राजधानी में जब पुलिस बल का यह हाल है तो अन्य हिस्सों में क्या हाल होगा इस बात का सहजता से अंदाजा लगाया जा सकता है।
प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान हों या गृहमंत्री उमाशंकर गुप्ता दोनों ही लगातार यह भरोसा दिलाते आ रहे हैं कि कानून से बड़ा कोई नहीं है। प्रदेश में किसी भी कीमत पर आरोपियों और अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा। सरकार किसी को संरक्षण नहीं दे रही है, मगर पुलिस बल के साथ जो हो रहा है वह इन बयानों से इतर है। चौहान ने तो विपक्ष पर राज्य को बदनाम करने तक का आरोप लगाया है।टिप्पणियां
यहां बताना लाजिमी होगा कि उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर ही मायावती की सरकार को जाना पड़ा है। मायावती ने शुरुआत में भ्रष्टाचार के मामलों को नजर अंदाज किया और चुनाव करीब आने पर भ्रष्टाचार में लिप्त मंत्रियों पर कार्रवाई की मगर उसका उन्हें लाभ नहीं मिला। ठीक ऐसा ही हाल मध्य प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर हो चला है। पुलिस पर हो रहे हमलों से सरकार की जमकर किरकिरी हो रही है। इन मामलों मे राज्य सरकार ने गंभीरता नहीं बरती तो यह मुददा शिवराज सरकार के लिए चुनाव में मुसीबत खड़ी कर सकता है।
राज्य का मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस लगातार शिवराज सरकार पर हमले बोल रहा है और उसे एक के बाद एक हमला करने का मौका सरकार के ही लोग दे रहे हैं। पहले अवैध खनन मामले पर घिरी थी सरकार, अब बिगड़ती कानून-व्यवस्था सरकार की मुश्किलें बढ़ा रही हैं।
जब पूरा देश होली मना रहा था तब नरेंद्र कुमार अपनी ड्यूटी को निभाते हुए माफियाओं का शिकार बने। उनकी ट्रैक्टर से रौंदकर हत्या कर दी गई। इसी तरह भिण्ड में आईपीएस अधिकारी जयदेवन ने शराब माफिया की नकेल कसी तो उन पर हमला कर दिया गया। यह हमला किसी और ने नहीं, बल्कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाहा और उनके साथियों ने किया था।
इसी तरह, खरगौन के मंडलेश्वर में रेत माफिया ने उपनिरीक्षक आरबी गोयल व आरक्षक रघुनाथ चौहान पर जान लेवा हमला किया, जिसमें चौहान की जान चली गई जबकि गोयल जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। इसके अलावा बीते दिनों राजधानी भोपाल के कमलानगर थाने में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े लोगों ने पुलिस जवानों से मारपीट की थी और बाद में सरकार ने दबाव में आकर पिटे 10 जवानों को ही निलम्बित कर दिया था। कुछ दिन बाद एक वीडियो सामने आने पर हकीकत उजागर हुई तो सरकार को बैकफुट पर आकर सभी जवानों को बहाल करना पड़ा था।
सरकार की ओर से जारी आंकड़े बताते हैं कि बीते 13 माह में सिर्फ राजधानी में ही पुलिस बल पर 25 हमले हुए हैं। राजधानी में जब पुलिस बल का यह हाल है तो अन्य हिस्सों में क्या हाल होगा इस बात का सहजता से अंदाजा लगाया जा सकता है।
प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान हों या गृहमंत्री उमाशंकर गुप्ता दोनों ही लगातार यह भरोसा दिलाते आ रहे हैं कि कानून से बड़ा कोई नहीं है। प्रदेश में किसी भी कीमत पर आरोपियों और अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा। सरकार किसी को संरक्षण नहीं दे रही है, मगर पुलिस बल के साथ जो हो रहा है वह इन बयानों से इतर है। चौहान ने तो विपक्ष पर राज्य को बदनाम करने तक का आरोप लगाया है।टिप्पणियां
यहां बताना लाजिमी होगा कि उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर ही मायावती की सरकार को जाना पड़ा है। मायावती ने शुरुआत में भ्रष्टाचार के मामलों को नजर अंदाज किया और चुनाव करीब आने पर भ्रष्टाचार में लिप्त मंत्रियों पर कार्रवाई की मगर उसका उन्हें लाभ नहीं मिला। ठीक ऐसा ही हाल मध्य प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर हो चला है। पुलिस पर हो रहे हमलों से सरकार की जमकर किरकिरी हो रही है। इन मामलों मे राज्य सरकार ने गंभीरता नहीं बरती तो यह मुददा शिवराज सरकार के लिए चुनाव में मुसीबत खड़ी कर सकता है।
राज्य का मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस लगातार शिवराज सरकार पर हमले बोल रहा है और उसे एक के बाद एक हमला करने का मौका सरकार के ही लोग दे रहे हैं। पहले अवैध खनन मामले पर घिरी थी सरकार, अब बिगड़ती कानून-व्यवस्था सरकार की मुश्किलें बढ़ा रही हैं।
इसी तरह, खरगौन के मंडलेश्वर में रेत माफिया ने उपनिरीक्षक आरबी गोयल व आरक्षक रघुनाथ चौहान पर जान लेवा हमला किया, जिसमें चौहान की जान चली गई जबकि गोयल जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। इसके अलावा बीते दिनों राजधानी भोपाल के कमलानगर थाने में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े लोगों ने पुलिस जवानों से मारपीट की थी और बाद में सरकार ने दबाव में आकर पिटे 10 जवानों को ही निलम्बित कर दिया था। कुछ दिन बाद एक वीडियो सामने आने पर हकीकत उजागर हुई तो सरकार को बैकफुट पर आकर सभी जवानों को बहाल करना पड़ा था।
सरकार की ओर से जारी आंकड़े बताते हैं कि बीते 13 माह में सिर्फ राजधानी में ही पुलिस बल पर 25 हमले हुए हैं। राजधानी में जब पुलिस बल का यह हाल है तो अन्य हिस्सों में क्या हाल होगा इस बात का सहजता से अंदाजा लगाया जा सकता है।
प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान हों या गृहमंत्री उमाशंकर गुप्ता दोनों ही लगातार यह भरोसा दिलाते आ रहे हैं कि कानून से बड़ा कोई नहीं है। प्रदेश में किसी भी कीमत पर आरोपियों और अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा। सरकार किसी को संरक्षण नहीं दे रही है, मगर पुलिस बल के साथ जो हो रहा है वह इन बयानों से इतर है। चौहान ने तो विपक्ष पर राज्य को बदनाम करने तक का आरोप लगाया है।टिप्पणियां
यहां बताना लाजिमी होगा कि उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर ही मायावती की सरकार को जाना पड़ा है। मायावती ने शुरुआत में भ्रष्टाचार के मामलों को नजर अंदाज किया और चुनाव करीब आने पर भ्रष्टाचार में लिप्त मंत्रियों पर कार्रवाई की मगर उसका उन्हें लाभ नहीं मिला। ठीक ऐसा ही हाल मध्य प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर हो चला है। पुलिस पर हो रहे हमलों से सरकार की जमकर किरकिरी हो रही है। इन मामलों मे राज्य सरकार ने गंभीरता नहीं बरती तो यह मुददा शिवराज सरकार के लिए चुनाव में मुसीबत खड़ी कर सकता है।
राज्य का मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस लगातार शिवराज सरकार पर हमले बोल रहा है और उसे एक के बाद एक हमला करने का मौका सरकार के ही लोग दे रहे हैं। पहले अवैध खनन मामले पर घिरी थी सरकार, अब बिगड़ती कानून-व्यवस्था सरकार की मुश्किलें बढ़ा रही हैं।
सरकार की ओर से जारी आंकड़े बताते हैं कि बीते 13 माह में सिर्फ राजधानी में ही पुलिस बल पर 25 हमले हुए हैं। राजधानी में जब पुलिस बल का यह हाल है तो अन्य हिस्सों में क्या हाल होगा इस बात का सहजता से अंदाजा लगाया जा सकता है।
प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान हों या गृहमंत्री उमाशंकर गुप्ता दोनों ही लगातार यह भरोसा दिलाते आ रहे हैं कि कानून से बड़ा कोई नहीं है। प्रदेश में किसी भी कीमत पर आरोपियों और अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा। सरकार किसी को संरक्षण नहीं दे रही है, मगर पुलिस बल के साथ जो हो रहा है वह इन बयानों से इतर है। चौहान ने तो विपक्ष पर राज्य को बदनाम करने तक का आरोप लगाया है।टिप्पणियां
यहां बताना लाजिमी होगा कि उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर ही मायावती की सरकार को जाना पड़ा है। मायावती ने शुरुआत में भ्रष्टाचार के मामलों को नजर अंदाज किया और चुनाव करीब आने पर भ्रष्टाचार में लिप्त मंत्रियों पर कार्रवाई की मगर उसका उन्हें लाभ नहीं मिला। ठीक ऐसा ही हाल मध्य प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर हो चला है। पुलिस पर हो रहे हमलों से सरकार की जमकर किरकिरी हो रही है। इन मामलों मे राज्य सरकार ने गंभीरता नहीं बरती तो यह मुददा शिवराज सरकार के लिए चुनाव में मुसीबत खड़ी कर सकता है।
राज्य का मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस लगातार शिवराज सरकार पर हमले बोल रहा है और उसे एक के बाद एक हमला करने का मौका सरकार के ही लोग दे रहे हैं। पहले अवैध खनन मामले पर घिरी थी सरकार, अब बिगड़ती कानून-व्यवस्था सरकार की मुश्किलें बढ़ा रही हैं।
प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान हों या गृहमंत्री उमाशंकर गुप्ता दोनों ही लगातार यह भरोसा दिलाते आ रहे हैं कि कानून से बड़ा कोई नहीं है। प्रदेश में किसी भी कीमत पर आरोपियों और अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा। सरकार किसी को संरक्षण नहीं दे रही है, मगर पुलिस बल के साथ जो हो रहा है वह इन बयानों से इतर है। चौहान ने तो विपक्ष पर राज्य को बदनाम करने तक का आरोप लगाया है।टिप्पणियां
यहां बताना लाजिमी होगा कि उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर ही मायावती की सरकार को जाना पड़ा है। मायावती ने शुरुआत में भ्रष्टाचार के मामलों को नजर अंदाज किया और चुनाव करीब आने पर भ्रष्टाचार में लिप्त मंत्रियों पर कार्रवाई की मगर उसका उन्हें लाभ नहीं मिला। ठीक ऐसा ही हाल मध्य प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर हो चला है। पुलिस पर हो रहे हमलों से सरकार की जमकर किरकिरी हो रही है। इन मामलों मे राज्य सरकार ने गंभीरता नहीं बरती तो यह मुददा शिवराज सरकार के लिए चुनाव में मुसीबत खड़ी कर सकता है।
राज्य का मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस लगातार शिवराज सरकार पर हमले बोल रहा है और उसे एक के बाद एक हमला करने का मौका सरकार के ही लोग दे रहे हैं। पहले अवैध खनन मामले पर घिरी थी सरकार, अब बिगड़ती कानून-व्यवस्था सरकार की मुश्किलें बढ़ा रही हैं।
यहां बताना लाजिमी होगा कि उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर ही मायावती की सरकार को जाना पड़ा है। मायावती ने शुरुआत में भ्रष्टाचार के मामलों को नजर अंदाज किया और चुनाव करीब आने पर भ्रष्टाचार में लिप्त मंत्रियों पर कार्रवाई की मगर उसका उन्हें लाभ नहीं मिला। ठीक ऐसा ही हाल मध्य प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर हो चला है। पुलिस पर हो रहे हमलों से सरकार की जमकर किरकिरी हो रही है। इन मामलों मे राज्य सरकार ने गंभीरता नहीं बरती तो यह मुददा शिवराज सरकार के लिए चुनाव में मुसीबत खड़ी कर सकता है।
राज्य का मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस लगातार शिवराज सरकार पर हमले बोल रहा है और उसे एक के बाद एक हमला करने का मौका सरकार के ही लोग दे रहे हैं। पहले अवैध खनन मामले पर घिरी थी सरकार, अब बिगड़ती कानून-व्यवस्था सरकार की मुश्किलें बढ़ा रही हैं।
राज्य का मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस लगातार शिवराज सरकार पर हमले बोल रहा है और उसे एक के बाद एक हमला करने का मौका सरकार के ही लोग दे रहे हैं। पहले अवैध खनन मामले पर घिरी थी सरकार, अब बिगड़ती कानून-व्यवस्था सरकार की मुश्किलें बढ़ा रही हैं। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: मुरैना में भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी नरेंद्र कुमार की ट्रैक्टर से रौंदकर हत्या किए जाने के बाद अब पन्ना के एसडीएम और एसडीओपी पर रेत माफिया के फायरिंग करने की खबर है। | 25 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: वैश्विक मौद्रिक स्थिति में सुधार और सरकार की नीतिगत सुधार की पहलों की उम्मीद के बीच अगस्त में विदेशी निवेशकों ने बाजार में करीब 11 हजार करोड़ रुपये निवेश किए जो पिछले छह महीने का उच्चतम स्तर है।
बाजार नियामक सेबी के पास उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने 48,136 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे जबकि 37,332 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इस तरह उन्होंने कुल 10,803 करोड़ रुपये का निवेश किया।
यह फरवरी 2012 के बाद एफआईआई द्वारा शेयर बाजार में किया गया सबसे अधिक निवेश है। फरवरी में उन्होंने बाजार में 25,212 करोड़ रुपये का निवेश किया था। जुलाई में उन्होंने शेयर बाजार में 10,273 करोड़ रुपये का निवेश किया।
बाजार विशेषज्ञों ने कहा कि आर्थिक वृद्धि में नरमी और उच्च ब्याज दर प्रणाली के बावजूद विदेशी निवेशकों ने इस उम्मीद में भारतीय शेयरों में निवेश जारी रखा कि सरकार सुधार की ताजा पहल करेगी और अमेरिकी फेडरल रिजर्व व यूरोपीय सेंट्रल बैंक मौद्रिक नीति उदार बनाएगा। टिप्पणियां
जियोजित बीएनपी पारिबा के अनुसंधान प्रमुख ऐलेक्स मैथ्यू ने कहा ‘‘एफआईआई प्रवाह जारी रखेंगे क्योंकि नीतिगत सुधार की घोषणा की उम्मीद अभी बाकी है। लेकिन यदि सुधार की घोषणा नहीं होती है तो धन प्रवाह में कमी हो सकती है।’’ हालांकि मौजूदा राजनीतिक माहौल ने इस उम्मीद को धक्का पहुंचाया है क्योंकि कोयला खान आवंटन पर कैग की रपट के बाद संसद के मानसून सत्र में गतिरोध की स्थिति बनी हुई है।
डेस्टिमनी सीक्योरिटीज के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी सुदीप बंदोपाध्याय ने कहा ‘‘एफआईआई ने भारी-भरकम निवेश इस उम्मीद में किया कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व और यूरोपीय सेंट्रल बैंक मौद्रिक नीति को उदार बनाएगा।’’
बाजार नियामक सेबी के पास उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने 48,136 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे जबकि 37,332 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इस तरह उन्होंने कुल 10,803 करोड़ रुपये का निवेश किया।
यह फरवरी 2012 के बाद एफआईआई द्वारा शेयर बाजार में किया गया सबसे अधिक निवेश है। फरवरी में उन्होंने बाजार में 25,212 करोड़ रुपये का निवेश किया था। जुलाई में उन्होंने शेयर बाजार में 10,273 करोड़ रुपये का निवेश किया।
बाजार विशेषज्ञों ने कहा कि आर्थिक वृद्धि में नरमी और उच्च ब्याज दर प्रणाली के बावजूद विदेशी निवेशकों ने इस उम्मीद में भारतीय शेयरों में निवेश जारी रखा कि सरकार सुधार की ताजा पहल करेगी और अमेरिकी फेडरल रिजर्व व यूरोपीय सेंट्रल बैंक मौद्रिक नीति उदार बनाएगा। टिप्पणियां
जियोजित बीएनपी पारिबा के अनुसंधान प्रमुख ऐलेक्स मैथ्यू ने कहा ‘‘एफआईआई प्रवाह जारी रखेंगे क्योंकि नीतिगत सुधार की घोषणा की उम्मीद अभी बाकी है। लेकिन यदि सुधार की घोषणा नहीं होती है तो धन प्रवाह में कमी हो सकती है।’’ हालांकि मौजूदा राजनीतिक माहौल ने इस उम्मीद को धक्का पहुंचाया है क्योंकि कोयला खान आवंटन पर कैग की रपट के बाद संसद के मानसून सत्र में गतिरोध की स्थिति बनी हुई है।
डेस्टिमनी सीक्योरिटीज के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी सुदीप बंदोपाध्याय ने कहा ‘‘एफआईआई ने भारी-भरकम निवेश इस उम्मीद में किया कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व और यूरोपीय सेंट्रल बैंक मौद्रिक नीति को उदार बनाएगा।’’
यह फरवरी 2012 के बाद एफआईआई द्वारा शेयर बाजार में किया गया सबसे अधिक निवेश है। फरवरी में उन्होंने बाजार में 25,212 करोड़ रुपये का निवेश किया था। जुलाई में उन्होंने शेयर बाजार में 10,273 करोड़ रुपये का निवेश किया।
बाजार विशेषज्ञों ने कहा कि आर्थिक वृद्धि में नरमी और उच्च ब्याज दर प्रणाली के बावजूद विदेशी निवेशकों ने इस उम्मीद में भारतीय शेयरों में निवेश जारी रखा कि सरकार सुधार की ताजा पहल करेगी और अमेरिकी फेडरल रिजर्व व यूरोपीय सेंट्रल बैंक मौद्रिक नीति उदार बनाएगा। टिप्पणियां
जियोजित बीएनपी पारिबा के अनुसंधान प्रमुख ऐलेक्स मैथ्यू ने कहा ‘‘एफआईआई प्रवाह जारी रखेंगे क्योंकि नीतिगत सुधार की घोषणा की उम्मीद अभी बाकी है। लेकिन यदि सुधार की घोषणा नहीं होती है तो धन प्रवाह में कमी हो सकती है।’’ हालांकि मौजूदा राजनीतिक माहौल ने इस उम्मीद को धक्का पहुंचाया है क्योंकि कोयला खान आवंटन पर कैग की रपट के बाद संसद के मानसून सत्र में गतिरोध की स्थिति बनी हुई है।
डेस्टिमनी सीक्योरिटीज के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी सुदीप बंदोपाध्याय ने कहा ‘‘एफआईआई ने भारी-भरकम निवेश इस उम्मीद में किया कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व और यूरोपीय सेंट्रल बैंक मौद्रिक नीति को उदार बनाएगा।’’
बाजार विशेषज्ञों ने कहा कि आर्थिक वृद्धि में नरमी और उच्च ब्याज दर प्रणाली के बावजूद विदेशी निवेशकों ने इस उम्मीद में भारतीय शेयरों में निवेश जारी रखा कि सरकार सुधार की ताजा पहल करेगी और अमेरिकी फेडरल रिजर्व व यूरोपीय सेंट्रल बैंक मौद्रिक नीति उदार बनाएगा। टिप्पणियां
जियोजित बीएनपी पारिबा के अनुसंधान प्रमुख ऐलेक्स मैथ्यू ने कहा ‘‘एफआईआई प्रवाह जारी रखेंगे क्योंकि नीतिगत सुधार की घोषणा की उम्मीद अभी बाकी है। लेकिन यदि सुधार की घोषणा नहीं होती है तो धन प्रवाह में कमी हो सकती है।’’ हालांकि मौजूदा राजनीतिक माहौल ने इस उम्मीद को धक्का पहुंचाया है क्योंकि कोयला खान आवंटन पर कैग की रपट के बाद संसद के मानसून सत्र में गतिरोध की स्थिति बनी हुई है।
डेस्टिमनी सीक्योरिटीज के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी सुदीप बंदोपाध्याय ने कहा ‘‘एफआईआई ने भारी-भरकम निवेश इस उम्मीद में किया कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व और यूरोपीय सेंट्रल बैंक मौद्रिक नीति को उदार बनाएगा।’’
जियोजित बीएनपी पारिबा के अनुसंधान प्रमुख ऐलेक्स मैथ्यू ने कहा ‘‘एफआईआई प्रवाह जारी रखेंगे क्योंकि नीतिगत सुधार की घोषणा की उम्मीद अभी बाकी है। लेकिन यदि सुधार की घोषणा नहीं होती है तो धन प्रवाह में कमी हो सकती है।’’ हालांकि मौजूदा राजनीतिक माहौल ने इस उम्मीद को धक्का पहुंचाया है क्योंकि कोयला खान आवंटन पर कैग की रपट के बाद संसद के मानसून सत्र में गतिरोध की स्थिति बनी हुई है।
डेस्टिमनी सीक्योरिटीज के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी सुदीप बंदोपाध्याय ने कहा ‘‘एफआईआई ने भारी-भरकम निवेश इस उम्मीद में किया कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व और यूरोपीय सेंट्रल बैंक मौद्रिक नीति को उदार बनाएगा।’’
डेस्टिमनी सीक्योरिटीज के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी सुदीप बंदोपाध्याय ने कहा ‘‘एफआईआई ने भारी-भरकम निवेश इस उम्मीद में किया कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व और यूरोपीय सेंट्रल बैंक मौद्रिक नीति को उदार बनाएगा।’’ | वैश्विक मौद्रिक स्थिति में सुधार और सरकार की नीतिगत सुधार की पहलों की उम्मीद के बीच अगस्त में विदेशी निवेशकों ने बाजार में करीब 11 हजार करोड़ रुपये निवेश किए जो पिछले छह महीने का उच्चतम स्तर है। | 26 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: लंदन में अगले महीने होने वाले ओलिंपिक खेल अब तक के सबसे महंगे खेल होंगे जिसका संभावित खर्चा 8.4 अरब पाउंड (756अरब रुपये) का है जो निर्धारित बजट से 101 प्रतिशत ज्यादा है। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की एक रिसर्च के अनुसार पिछले 50 साल के ओलिंपिक खेलों की राशि की तुलना में अंतिम लागत हमेशा ही बजट से ऊपर औसतन 179 प्रतिशत रही है।
लंदन 2012 के खेल संबंधित बजट 101 प्रतिशत तक बढ़ा है जिसमें इन खेलो पर 2005 के दौरान 4.2 अरब पाउंड की बोली लगाई गई थी जो राशि अब 8.4 अरब पाउंड तक चली गयी है। शोधकर्ताओं के अनुसार 27 जुलाई से 12 अगस्त तक चलने वाले लंदन ओलिंपिक खेलों का बजट मोटे तौर पर पिछले खेलों को देखते हुए सीमा में है लेकिन यह पिछले दशक में बजट से कहीं अधिक है।टिप्पणियां
ऑक्सफोर्ड के शोधकर्ताओं के अनुसार आयोजन समिति द्वारा शुरूआती और अंतिम बजट की तुलना से यह प्रतिशत निकाला गया है। विज्ञप्ति के अनुसार आंकड़ों में मंहगाई के कारणों में सुरक्षा, यात्रा, तकनीक और समारोह तथा खेल स्थलों के लिये स्टेडियम निर्माण राशि, एथलीट गांव, प्रेस और मीडिया सेंटर शामिल हैं।
पिछले 50 साल के ओलिंपिक खेलों की राशि की तुलना में लंदन ओलिंपिक के बीजिंग, बार्सिलोना और मांट्रियल के साथ ही इतिहास के सबसे महंगे खेलों में शामिल होने की उम्मीद है।
लंदन 2012 के खेल संबंधित बजट 101 प्रतिशत तक बढ़ा है जिसमें इन खेलो पर 2005 के दौरान 4.2 अरब पाउंड की बोली लगाई गई थी जो राशि अब 8.4 अरब पाउंड तक चली गयी है। शोधकर्ताओं के अनुसार 27 जुलाई से 12 अगस्त तक चलने वाले लंदन ओलिंपिक खेलों का बजट मोटे तौर पर पिछले खेलों को देखते हुए सीमा में है लेकिन यह पिछले दशक में बजट से कहीं अधिक है।टिप्पणियां
ऑक्सफोर्ड के शोधकर्ताओं के अनुसार आयोजन समिति द्वारा शुरूआती और अंतिम बजट की तुलना से यह प्रतिशत निकाला गया है। विज्ञप्ति के अनुसार आंकड़ों में मंहगाई के कारणों में सुरक्षा, यात्रा, तकनीक और समारोह तथा खेल स्थलों के लिये स्टेडियम निर्माण राशि, एथलीट गांव, प्रेस और मीडिया सेंटर शामिल हैं।
पिछले 50 साल के ओलिंपिक खेलों की राशि की तुलना में लंदन ओलिंपिक के बीजिंग, बार्सिलोना और मांट्रियल के साथ ही इतिहास के सबसे महंगे खेलों में शामिल होने की उम्मीद है।
ऑक्सफोर्ड के शोधकर्ताओं के अनुसार आयोजन समिति द्वारा शुरूआती और अंतिम बजट की तुलना से यह प्रतिशत निकाला गया है। विज्ञप्ति के अनुसार आंकड़ों में मंहगाई के कारणों में सुरक्षा, यात्रा, तकनीक और समारोह तथा खेल स्थलों के लिये स्टेडियम निर्माण राशि, एथलीट गांव, प्रेस और मीडिया सेंटर शामिल हैं।
पिछले 50 साल के ओलिंपिक खेलों की राशि की तुलना में लंदन ओलिंपिक के बीजिंग, बार्सिलोना और मांट्रियल के साथ ही इतिहास के सबसे महंगे खेलों में शामिल होने की उम्मीद है।
पिछले 50 साल के ओलिंपिक खेलों की राशि की तुलना में लंदन ओलिंपिक के बीजिंग, बार्सिलोना और मांट्रियल के साथ ही इतिहास के सबसे महंगे खेलों में शामिल होने की उम्मीद है। | यह एक सारांश है: लंदन में अगले महीने होने वाले ओलिंपिक खेल अब तक के सबसे महंगे खेल होंगे जिसका संभावित खर्चा 756अरब रुपये का है जो निर्धारित बजट से 101 प्रतिशत ज्यादा है। | 21 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिका में कुरान जलाए जाने के खिलाफ शनिवार को अफगानिस्तान में ताजा विरोध प्रदर्शनों के दौरान नौ लोगों की मौत हुई। शुक्रवार को ही देश में संयुक्त राष्ट्र कार्यालय पर भीड़ ने हमला कर वहां के सात कर्मचारियों की हत्या कर दी थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दक्षिणी मुख्य शहर कंधार से ताजा विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ और वह अन्य स्थानों पर भी फैल गया। संयुक्त राष्ट्र कार्यालयों और प्रांतीय प्रशासन मुख्यालयों की ओर मार्च करने वाले प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ हिंसक झड़प हुई। प्रशासन ने एक बयान में कहा, कंधार में आज हिंसक प्रदर्शन के फलस्वरूप 73 लोग घायल हो गए तथा नौ लोग मारे गए। प्रदर्शनकारियों ने सरकारी और निजी भवनों को नुकसान पहुंचाया। इस एजेंसी के अनुसार कंधार में संयुक्त राष्ट्र के कार्यालय और प्रांतीय प्रशासन के मुख्यालय के सामने रैली निकाल रहे प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आज हवा में गोलियां चलाईं। कंधार तालिबान के लिए आध्यात्मिक भूमि है। तालिबान सत्ता से अपदस्थ किये जाने के बाद से राष्ट्रपति हामिद करजई की सरकार और उनके पश्चिमी सहयोगियों के खिलाफ संघर्ष कर रहा है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: अमेरिका में कुरान जलाए जाने के खिलाफ शनिवार को अफगानिस्तान में ताजा विरोध प्रदर्शनों के दौरान नौ लोगों की मौत हुई। | 3 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: अपने सेंन्स और ह्यूमर, रोमांटिक अंदाज और कड़ी मेहनत के लिए प्रसिद्ध एक्टर शाहरुख खान ने पहली बार इस बात से पर्दा उठाया है कि आखिर करियर की शुरुआत में उन्होंने 'डर' और 'बाजीगर' जैसी फिल्में क्यों की. हिंदी फिल्मों का एक ऐसा दौर जब फिल्मी सितारे अपनी इमेज को लेकर हमेशा सतर्क रहते थे, ऐसे में शाहरुख खान ने अपने करियर की शुरुआत में ऐसे नेगेटिव शेड वाले किरदार किए, जिसे किसी दूसरे हीरो के लिए करना मुश्किल था. बॉलीवुड के किंग खान ने एनडीटीवी को अपना यह 'सीक्रेट' बताया है. शाहरुख ने 'स्पॉटलाइट' में कहा, 'यह एक रहस्य है, इससे पहले यह बात मैंने किसी इंटरव्यू में नहीं बताई है.'टिप्पणियां
शाहरुख खान ने इस इंटरव्यू में कहा, ' मैंने बाजीगर या डर जैसी फिल्में, जिनके लिए दूसरे हीरो मना कर रहे थे, उसके लिए इसलिए हां कहा क्योंकि मुझे लगता था कि मैं इतना अच्छा नहीं दिखता कि हीरो बन सकूं. इसलिए मैंने सोचा कि विलेन ही बन जाना चाहिए.' शाहरुख ने साफ किया कि ऐसा नहीं है कि मैं यह सोचता था कि मैं इन फिल्मों में कुछ कमाल कर दूंगा या मुझे अपने आप पर बहुत ज्यादा भरोसा हो.
शाहरुख खान ने नाम न बताते हुए कहा कि एक डायरेक्टर ने उनसे कहा था, 'तुम इतने आम से दिखने वाले और बदसूरत हो कि मैं तुम्हें कहीं भी इस्तेमाल कर सकता हूं.' शाहरुख ने कहा, 'मैंने ऐसे किरदार लिए क्योंकि मैं सिर्फ एक्टिंग करना चाहता था. इससे कोई फर्क नहीं पड़ता अगर मैं ऋषि कपूर या अमिताभ बच्चन बनना चाहता, या मैं सलमान खान या आमिर खान बन जाता, क्योंकि वो सब तो पहले ही इस इंडस्ट्री में काम कर रहे थे. मैं सिर्फ इसलिए एक्टिंग करना चाहता था क्योंकि मुझे लगता था कि मुझे इसके बारे में थोड़ा पता है.
शाहरुख खान एक बार फिर से नेगेटिव शेड में नजर आने वाले हैं. शाहरुख खान की अगली फिल्म 'रईस' 25 जनवरी को रिलीज होने वाली है. 'रईस' में शाहरुख के साथ नवाजुद्दीन सिद्दीकी और पाकिस्तानी एक्ट्रेस माहिरा खान नजर आने वाली हैं.
शाहरुख खान ने इस इंटरव्यू में कहा, ' मैंने बाजीगर या डर जैसी फिल्में, जिनके लिए दूसरे हीरो मना कर रहे थे, उसके लिए इसलिए हां कहा क्योंकि मुझे लगता था कि मैं इतना अच्छा नहीं दिखता कि हीरो बन सकूं. इसलिए मैंने सोचा कि विलेन ही बन जाना चाहिए.' शाहरुख ने साफ किया कि ऐसा नहीं है कि मैं यह सोचता था कि मैं इन फिल्मों में कुछ कमाल कर दूंगा या मुझे अपने आप पर बहुत ज्यादा भरोसा हो.
शाहरुख खान ने नाम न बताते हुए कहा कि एक डायरेक्टर ने उनसे कहा था, 'तुम इतने आम से दिखने वाले और बदसूरत हो कि मैं तुम्हें कहीं भी इस्तेमाल कर सकता हूं.' शाहरुख ने कहा, 'मैंने ऐसे किरदार लिए क्योंकि मैं सिर्फ एक्टिंग करना चाहता था. इससे कोई फर्क नहीं पड़ता अगर मैं ऋषि कपूर या अमिताभ बच्चन बनना चाहता, या मैं सलमान खान या आमिर खान बन जाता, क्योंकि वो सब तो पहले ही इस इंडस्ट्री में काम कर रहे थे. मैं सिर्फ इसलिए एक्टिंग करना चाहता था क्योंकि मुझे लगता था कि मुझे इसके बारे में थोड़ा पता है.
शाहरुख खान एक बार फिर से नेगेटिव शेड में नजर आने वाले हैं. शाहरुख खान की अगली फिल्म 'रईस' 25 जनवरी को रिलीज होने वाली है. 'रईस' में शाहरुख के साथ नवाजुद्दीन सिद्दीकी और पाकिस्तानी एक्ट्रेस माहिरा खान नजर आने वाली हैं.
शाहरुख खान एक बार फिर से नेगेटिव शेड में नजर आने वाले हैं. शाहरुख खान की अगली फिल्म 'रईस' 25 जनवरी को रिलीज होने वाली है. 'रईस' में शाहरुख के साथ नवाजुद्दीन सिद्दीकी और पाकिस्तानी एक्ट्रेस माहिरा खान नजर आने वाली हैं. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: 'मुझे लगता था मैं बदसूरत हूं इसलिए विलेन बनने को भी तैयार था' : शाहरुख
एक डायरेक्टर ने कहा, इतना आम दिखते हो कि किसी भी रोल में फिट हो जाओगे
एक बार फिर 'रईस' में शाहरुख दिखेंगे नेगेटिव किरदार में | 32 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: मारुति सुजुकी इंडिया (एमएसआई) ने की इस बार जुलाई की बिक्री एक साल पहले से 1.3 प्रतिशत ऊंची रही। बिक्री संख्या के हिसाब से नंबर एक इस कंपनी ने जुलाई,13 में 83,299 वाहन बेचे। जुलाई, 12 में बिक्री 82,234 थी।टिप्पणियां
एमएसआई ने आज बताया कि उसकी घरेलू बिक्री 5.8 प्रतिशत बढ़कर 75,145 रही, जो पिछले साल जुलाई में 71,024 इकाई थी। एम800, ऐल्टो, ए-स्टार और वैगनआर समेत छोटी कारों की बिक्री 15.8 प्रतिशत बढ़कर 33,587 इकाई रही। पिछले साल इस वर्ग की कारों की बिक्री 28,998 थी।
स्विफ्ट, एस्टिलो, रिज समेत काम्पैक्ट खंड की बिक्री 11.9 बिक्री घटकर 13,882 इकाई हो गई, जो पिछले साल के इसी महीने में 15,759 इकाई थी। इस बार जुलाई का निर्यात 27.3 प्रतिशत घटकर 8,154 इकाई रहा। पिछले साल जुलाई में यह 11,210 इकाई था।
एमएसआई ने आज बताया कि उसकी घरेलू बिक्री 5.8 प्रतिशत बढ़कर 75,145 रही, जो पिछले साल जुलाई में 71,024 इकाई थी। एम800, ऐल्टो, ए-स्टार और वैगनआर समेत छोटी कारों की बिक्री 15.8 प्रतिशत बढ़कर 33,587 इकाई रही। पिछले साल इस वर्ग की कारों की बिक्री 28,998 थी।
स्विफ्ट, एस्टिलो, रिज समेत काम्पैक्ट खंड की बिक्री 11.9 बिक्री घटकर 13,882 इकाई हो गई, जो पिछले साल के इसी महीने में 15,759 इकाई थी। इस बार जुलाई का निर्यात 27.3 प्रतिशत घटकर 8,154 इकाई रहा। पिछले साल जुलाई में यह 11,210 इकाई था।
स्विफ्ट, एस्टिलो, रिज समेत काम्पैक्ट खंड की बिक्री 11.9 बिक्री घटकर 13,882 इकाई हो गई, जो पिछले साल के इसी महीने में 15,759 इकाई थी। इस बार जुलाई का निर्यात 27.3 प्रतिशत घटकर 8,154 इकाई रहा। पिछले साल जुलाई में यह 11,210 इकाई था। | संक्षिप्त पाठ: मारुति सुजुकी इंडिया ने की इस बार जुलाई की बिक्री एक साल पहले से 1.3 प्रतिशत ऊंची रही। बिक्री संख्या के हिसाब से नंबर एक इस कंपनी ने जुलाई,13 में 83,299 वाहन बेचे। जुलाई, 12 में बिक्री 82,234 थी। | 13 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: आज रिलीज़ हुई है 'घनचक्कर', जिसमें मुख्य भूमिकाएं निभाई हैं, विद्या बालन, इमरान हाशमी, राजेश शर्मा और नमित दास ने... फिल्म की कहानी घूमती है, इमरान हाशमी और उनकी पत्नी बनीं विद्या बालन के इर्द-गिर्द...
इमरान फिल्म में राजेश के साथ मिलकर बैंक लूटते हैं और फैसला किया जाता है कि पैसों का बंटवारा तीन महीने बाद किया जाएगा, लेकिन इन्हीं तीन महीनों के दौरान इमरान का एक्सीडेंट हो जाता है, जिसमें उनकी याददाश्त चली जाती है... वह यह भी भूल जाते हैं कि उन्होंने लूट के पैसे कहां रखे हैं, और बस, यहीं से शुरू होती है पैसे ढूंढने की जद्दोजहद...टिप्पणियां
सबसे पहली बात, प्रोमोज़ और प्रोमोशन में 'घनचक्कर' को एक कॉमेडी फिल्म बताया गया था, सो, कुछ इसी तरह की उम्मीदें इससे लगाई थीं, लेकिन फिल्म मुझे ज्यादा हंसा नहीं पाई... मेरे हिसाब से फिल्म की स्क्रिप्ट और स्क्रीनप्ले काफी कमज़ोर है, इसलिए फिल्म मुझे लंबी भी लगी... पहले हाफ में मुझे लग रहा था शायद फिल्म बिना इंटरवल के ही दिखाई जा रही है और खत्म होने वाली है, लेकिन अफसोस, इंटरवल हुआ...
फिल्म को अगर कोई कुछ हद तक बचा पाया तो वह था किरदारों का अभिनय... मेरे हिसाब से फिल्म को कुछ गति देने के लिए कुछ और मसाला डालने की ज़रूरत थी... डायरेक्टर राजकुमार गुप्ता ने पहली बार कॉमेडी फिल्म करनी चाही, लेकिन मेरे हिसाब से कामयाब नहीं हो पाए हैं... मेरी ओर से फिल्म की रेटिंग है - 2.5 स्टार...
इमरान फिल्म में राजेश के साथ मिलकर बैंक लूटते हैं और फैसला किया जाता है कि पैसों का बंटवारा तीन महीने बाद किया जाएगा, लेकिन इन्हीं तीन महीनों के दौरान इमरान का एक्सीडेंट हो जाता है, जिसमें उनकी याददाश्त चली जाती है... वह यह भी भूल जाते हैं कि उन्होंने लूट के पैसे कहां रखे हैं, और बस, यहीं से शुरू होती है पैसे ढूंढने की जद्दोजहद...टिप्पणियां
सबसे पहली बात, प्रोमोज़ और प्रोमोशन में 'घनचक्कर' को एक कॉमेडी फिल्म बताया गया था, सो, कुछ इसी तरह की उम्मीदें इससे लगाई थीं, लेकिन फिल्म मुझे ज्यादा हंसा नहीं पाई... मेरे हिसाब से फिल्म की स्क्रिप्ट और स्क्रीनप्ले काफी कमज़ोर है, इसलिए फिल्म मुझे लंबी भी लगी... पहले हाफ में मुझे लग रहा था शायद फिल्म बिना इंटरवल के ही दिखाई जा रही है और खत्म होने वाली है, लेकिन अफसोस, इंटरवल हुआ...
फिल्म को अगर कोई कुछ हद तक बचा पाया तो वह था किरदारों का अभिनय... मेरे हिसाब से फिल्म को कुछ गति देने के लिए कुछ और मसाला डालने की ज़रूरत थी... डायरेक्टर राजकुमार गुप्ता ने पहली बार कॉमेडी फिल्म करनी चाही, लेकिन मेरे हिसाब से कामयाब नहीं हो पाए हैं... मेरी ओर से फिल्म की रेटिंग है - 2.5 स्टार...
सबसे पहली बात, प्रोमोज़ और प्रोमोशन में 'घनचक्कर' को एक कॉमेडी फिल्म बताया गया था, सो, कुछ इसी तरह की उम्मीदें इससे लगाई थीं, लेकिन फिल्म मुझे ज्यादा हंसा नहीं पाई... मेरे हिसाब से फिल्म की स्क्रिप्ट और स्क्रीनप्ले काफी कमज़ोर है, इसलिए फिल्म मुझे लंबी भी लगी... पहले हाफ में मुझे लग रहा था शायद फिल्म बिना इंटरवल के ही दिखाई जा रही है और खत्म होने वाली है, लेकिन अफसोस, इंटरवल हुआ...
फिल्म को अगर कोई कुछ हद तक बचा पाया तो वह था किरदारों का अभिनय... मेरे हिसाब से फिल्म को कुछ गति देने के लिए कुछ और मसाला डालने की ज़रूरत थी... डायरेक्टर राजकुमार गुप्ता ने पहली बार कॉमेडी फिल्म करनी चाही, लेकिन मेरे हिसाब से कामयाब नहीं हो पाए हैं... मेरी ओर से फिल्म की रेटिंग है - 2.5 स्टार...
फिल्म को अगर कोई कुछ हद तक बचा पाया तो वह था किरदारों का अभिनय... मेरे हिसाब से फिल्म को कुछ गति देने के लिए कुछ और मसाला डालने की ज़रूरत थी... डायरेक्टर राजकुमार गुप्ता ने पहली बार कॉमेडी फिल्म करनी चाही, लेकिन मेरे हिसाब से कामयाब नहीं हो पाए हैं... मेरी ओर से फिल्म की रेटिंग है - 2.5 स्टार... | सारांश: मेरे हिसाब से फिल्म को कुछ गति देने के लिए कुछ और मसाला डालने की ज़रूरत थी... डायरेक्टर राजकुमार गुप्ता ने पहली बार कॉमेडी फिल्म करनी चाही, लेकिन मेरे हिसाब से कामयाब नहीं हो पाए हैं... | 20 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: UP Board 10th and 12th Result 2019 LIVE: यूपी बोर्ड के 10वीं (UP Board 10th Matric Result) और 12वीं (UP Board 12th High School Result) के रिज़ल्ट आ चुका हैं. सभी छात्र और छात्राएं अपने नाम और रोल नं. अपने साथ रखें. या फिर अपने साथ एनरोलमेंट नंबर (Enrollment Number) वाला पेपर अपने साथ रखें. यहां-वहां रिज़ल्ट देखने के बजाय आप यहां के यूपी बोर्ड के 10वीं (Matric Result 2019) और 12वीं (High School Result) दोनों के रिज़ल्ट देखने के सभी तरीके यहीं से देख लें. 12वीं में आपकी कोई भी स्ट्रीम हो, आर्ट्स (UP Board Arts Result), कॉमर्स (UP Board Commerce Result) या फिर साइंस (UP Board Science Result). सभी छात्र और छात्राएं यहीं से अपने नतीजे यहां से देख सकते हैं.
बता दें, यूपी बोर्ड की परीक्षाओं में इस साल 5806922 स्टूडेंट्स ने रजिस्ट्रेशन कराया था. इस साल 10वीं में कुल 31,95,603 स्टूडेंट्स और 12वीं में 26,11,319 स्टूडेंट्स शामिल थे. | सारांश: वेबसाइट क्रैश होने के बाद ऐसे चेक करें 10वीं और 12वीं का रिज़ल्ट
बिना इंटरनेट SMS से चेक करें 10वीं और 12वीं का रिज़ल्ट
यूपी बोर्ड रिजल्ट 2019 चेक करने के सभी तरीके देखें यहां | 5 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने यूपीए सरकार के वैधता खो देने और उसका जनादेश समाप्त हो जाने का दावा करते हुए ऐलान किया है कि वह इस भ्रष्ट सरकार के खिलाफ नवंबर से पहले देश भर में रथ यात्रा निकालेंगे। वोट के बदले नोट मामले में जेल भेजे गए अपनी पार्टी के दो पूर्व सांसदों का बचाव करते हुए उनके साथ खुद भी जेल जाने की बात कहने वाले 83 वर्षीय आडवाणी ने कहा, यह सरकार बदतरीन घोटाले के लिए जिम्मेदार है। वोट के बदले नोट का मामला यहीं खत्म नहीं होगा। मेरा देश भर में एक यात्रा निकालने का विचार है, जिसके लिए मैं पार्टी अध्यक्ष से मंजूरी ले चुका हूं। उन्होंने कहा, इस यात्रा का नाम और स्वरूप क्या होगा और यह कहां से शुरू होगी, इसे लेकर कुछ कल्पनाएं हैं, जिन्हें जल्द ही अंतिम रूप दे दिया जाएगा। फौरी तौर पर यह भ्रष्टाचार के खिलाफ होगी, लेकिन इसका मुद्दा सुशासन और साफ राजनीति पर भी आधारित रहेगा। हम इसमें भ्रष्टाचार, कालाधन और नैतिक आचरण का विषय भी उठाएंगे। इस सवाल पर कि क्या यह रथयात्रा होगी, आडवाणी ने स्वीकार किया, यह रथयात्रा जैसी ही होगी। नवंबर तक संसद सत्र नहीं होगा, इसलिए यह उससे पहले ही होगी। गौरतलब है कि आडवाणी इससे पहले राम जन्मभूमि रथ यात्रा, जनादेश यात्रा, स्वर्ण जयंती रथ यात्रा, भारत उदय यात्रा और भारत सुरक्षा यात्रा निकाल चुके हैं। क्या यह यात्रा रेड्डी बंधुओं के प्रभाव क्षेत्र बेल्लारी और नरेंद्र मोदी शासित गुजरात के अहमदाबाद से भी निकलेगी और क्या वह नोट के बदले वोट मामले को लेकर प्रधानमंत्री का इस्तीफा मांगेंगे, इस पर एनडीए के कार्यकारी अध्यक्ष ने कहा, इस पर फैसला अभी नहीं किया गया है। इस तरह की बातों को मैं सुझाव के रूप में लेता हूं। | संक्षिप्त पाठ: आडवाणी ने यूपीए सरकार के वैधता खो देने का दावा करते हुए ऐलान किया कि वह इस सरकार के खिलाफ नवंबर से पहले देश भर में रथ यात्रा निकालेंगे। | 22 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: राफेल लड़ाकू विमान सौदा मामले के सिलिसले में केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर कहा कि पुनर्विचार याचिका के दस्तावेज संवेदनशील हैं और लड़ाकू विमान से संबंधित हैं. हलफनामें में कहा गया कि विरोधियों के पास इनकी उपलब्धता ने राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डाला है. अनधिकृत रूप से राफेल दस्तावेज की फोटो कॉपिया तैयार करने से देश की सार्वभौमिकता, सुरक्षा और दूसरे देशों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंधों पर प्रतिकूल असर पड़ा. केंद्र ने कोर्ट में कहा कि याचिकाकर्ता यशवंत सिन्हा, अरूण शौरी और प्रशांत भूषण संवदेनशील जानकारी लीक करने के दोषी हैं.
केंद्र ने कहा कि याचिकाकर्ता राष्ट्रीय सुरक्षा के बारे में आंतिरक मंत्रणा के बारे में आधी अधूरी तस्वीर पेश करने के लिये अनधिकृत तरीके से प्राप्त दस्तावेजों को अपने हिसाब से पेश कर रहे हैं. केन्द्र ने हलफनामे में कहा कि याचिका में जिन दस्तावेजों को आधार बनाया गया है वे एक खास श्रेणी के हैं जिनके लिये साक्ष्य कानून के तहत विशेषाधिकार का दावा किया जा सकता है.
दरअसल, हाल ही में कोर्ट में अटॉर्नी जनरल के के वेणुगोपाल की इस टिप्पणी ने सियासी भूचाल ला दिया था जिसमें कहा गया था कि राफेल लड़ाकू विमान के सौदे के दस्तावेज चुरा लिए गए हैं. हालांकि बाद में अटॉर्नी जनरल ने दावा किया था कि राफेल दस्तावेज रक्षा मंत्रालय से चुराए नहीं गए और सुप्रीम कोर्ट में उनकी बात का मतलब यह था कि याचिकाकर्ताओं ने आवेदन में उन मूल कागजात की फोटो कॉपी का इस्तेमाल किया, जोकि गोपनीय हैं. | संक्षिप्त पाठ: राफेल फाइल लीक होने पर केंद्र ने SC में दाखिल किया हलफनामा
कहा- गैरकानूनी तरीके से फोटो कॉपी हुई फाइल
देश की सुरक्षा को बताया खतरा | 22 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: निर्माता-निर्देशक संजय गुप्ता की फिल्म 'शूटआउट एट वडाला' में अभिनेत्री बिपाशा बसु एक बोल्ड आइटम नंबर और कुछ सीन्स करेंगी।टिप्पणियां
सूत्रों मुताबिक बिपाशा इस फिल्म में अभिनेता मनोज बाजपेयी की प्रेमिका बनेंगी। मनोज का रोल इस फिल्म में माफिया डॉन दाऊद इब्राहिम के भाई साबिर से प्रेरित है।
दिलचस्प यह है कि 'शूटआउट एट वडाला' में बिपाशा के एक्सबॉयफ्रेंड जॉन अब्राहम भी हैं। वह गैंगस्टर मान्या सुर्वे का लीड रोल निभा रहे हैं।
सूत्रों मुताबिक बिपाशा इस फिल्म में अभिनेता मनोज बाजपेयी की प्रेमिका बनेंगी। मनोज का रोल इस फिल्म में माफिया डॉन दाऊद इब्राहिम के भाई साबिर से प्रेरित है।
दिलचस्प यह है कि 'शूटआउट एट वडाला' में बिपाशा के एक्सबॉयफ्रेंड जॉन अब्राहम भी हैं। वह गैंगस्टर मान्या सुर्वे का लीड रोल निभा रहे हैं।
दिलचस्प यह है कि 'शूटआउट एट वडाला' में बिपाशा के एक्सबॉयफ्रेंड जॉन अब्राहम भी हैं। वह गैंगस्टर मान्या सुर्वे का लीड रोल निभा रहे हैं। | यह एक सारांश है: निर्माता-निर्देशक संजय गुप्ता की फिल्म 'शूटआउट एट वडाला' में अभिनेत्री बिपाशा बसु एक बोल्ड आइटम नंबर और कुछ सीन्स करेंगी। | 9 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री खुर्शीद महमूद कसूरी का कहना है कि कश्मीर की पाकिस्तान में एक गहरी गूंज है और घाटी की तनावपूर्ण स्थिति जिहाद के प्रलोभन के रूप में काम करती है। यह चरमपंथी तत्वों को ‘‘साथी मुस्लिमों को मुक्त कराने के वास्ते जिहाद छेड़ने के लिए’’ उकसाती है।
उन्होंने यह भी कहा कि कश्मीर के मुद्दे से पाकिस्तानियों की गहरी निष्ठा जुड़ी होने के कारण जिहादियों की गतिविधियों से सहानुभूति का एक अल्पमत हमेशा रहेगा।
उन्होंने कहा, ‘‘यदि ऐसा मामला नहीं होता तो जिहाद के लिए लोगों के बीच में से लोग अपनी मर्जी से भर्ती होने न जाते।’’ भारत-पाक संबंधों से जुड़ी जिम्मेदारी निभा चुके पाकिस्तान की तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के वरिष्ठ नेता ने कहा कि हालांकि लोकमत के कुछ प्रभावशाली तबकों और सत्ता के गलियारों में इस बात का अहसास हो गया है कि पाकिस्तान की राज्येत्तर तत्वों को सहयोग करने की नीति का उस पर उल्टा असर हुआ है।
भारत-पाक संबंधों के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘पाकिस्तान और भारत के संबंध का पाकिस्तान में मुस्लिमों के बीच चरमपंथी तत्वों पर एक असर पड़ता है। इसके अलावा कश्मीर घाटी की तनावपूर्ण स्थिति भी एक प्रलोभन का काम करती है और चरमपंथी तत्वों को ‘अपने साथी मुस्लिमों को मुक्त कराने के लिए जिहाद करने’ को प्रोत्साहित करती है।’’ उनका मानना है कि दोनों देशों के बीच संबंध सामान्य होने से पाकिस्तान की बहुलतावादी और उदारवादी ताकतों को मदद मिलेगी और इसके साथ ही दोनों ही देशों में अल्पसंख्यकों की स्थिति में सुधार में भी मदद मिलेगी।
कसूरी का यह भी मानना है कि मुजाहिदीन की गतिविधियों के प्रति शुरुआती समर्थन के बावजूद पश्चिम और खासतौर पर पाकिस्तान को इस जिहाद के लिए भारी कीमत चुकानी पड़ रही है और ये अब भी इसके पलटवार का शिकार बन रहे हैं। इक्वेटर लाइन पत्रिका के हालिया अंक में उन्होंने लिखा, ‘‘समय के साथ पश्चिम और पाकिस्तान को विभिन्न मतों वाले आतंकी समूहों के बीच बढ़ रहे संबंधों से निपटना पड़ा। पाकिस्तान को यह भी पता चला कि कश्मीर में लड़ रहे कुछ समूह उसके अपने नागरिकों और सुरक्षा बलों पर भी आसानी से हमले बोल सकते हैं।’’
इस पत्रिका में उन्होंने लिखा, ‘‘कई मामलों में खुफिया एजेंसी और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को भी निशाना बनाया गया। पाकिस्तान में जनता की राय अब हिंसक समूहों की गतिविधियों के खिलाफ होने लगी है फिर चाहे यह हिंसा किसी भी कारण से क्यों न की जा रही हो।’’ पत्रिका के लिए लेख लिखने वालों में सभी पाकिस्तानी मूल के लोग हैं।
कसूरी ने कहा कि मध्यवर्ग के लोगों और मीडिया के बड़े तबकों में अब यह बात व्यापक तौर पर मानी जाने लगी है कि भारत के साथ कश्मीर और अन्य मुद्दे सरकार से इतर तत्वों की हिंसा के जरिए नहीं सुलझाए जा सकते और हालांकि इन गतिविधियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोगों का ध्यान खींचा है लेकिन 9/11 के हमलों के बाद यह स्पष्ट हो गया कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय ऐसी गतिविधियों के प्रति धैर्य खो बैठा है।
कसूरी ने लिखा, ‘‘यह अहसास हो गया है कि पाकिस्तान और भारत को कश्मीर और अन्य मुद्दों को सुलझाने के लिए बातचीत के जरिए समाधान निकालना होगा। मैं यह संदेश नहीं देना चाहता कि जिस समय मैंने पदभार संभाला, उस समय सभी वर्गों में जिहादी समूहों के प्रति सहयोग की भावना खत्म हो गई। लेकिन कश्मीर के मुद्दे के प्रति पाकिस्तान की दृढ़ प्रतिबद्धता के कारण कुछ वर्गों में जिहादियों की गतिविधियों के प्रति सहानुभूति का तत्व बहुत कम लेकिन ,हमेशा रहेगा।’’
कसूरी के अनुसार, पाकिस्तान में कट्टरपंथ के उदय के कई कारण हैं और इस मुद्दे को कम से कम चार परिदृश्यों में देखना मददगार हो सकता है।
‘‘पहला परिदृश्य विभाजन के बाद नया शासन खड़ा करने के लिए पाकिस्तान के राजनीतिक और संवैधानिक संघर्ष का है। इसने उलेमा की भूमिका को पक्का करते हुए जनरल जिया-उल-हक के तहत इसका विस्तार होने दिया। जिसके फलस्वरूप बाद में चरमपंथी ताकतें मजबूत हुईं।’’टिप्पणियां
‘‘दूसरा परिदृश्य वर्ष 1979 के बाद यानी ईरानी क्रांति के बाद की स्थिति में सोवियत संघ द्वारा अफगानिस्तान पर किए गए हमले और पाकिस्तान द्वारा पूरे पश्चिमी जगत, चीन एवं सउदी अरब के नेतृत्व में पूरे मुस्लिम समुदाय की मदद से इसका विरोध करने में निभाई गई भूमिका के बाद का है। इसने चरमपंथियों और आतंकियों को मजबूत किया।’’
उन्होंने लिखा, ‘‘पाकिस्तान और भारत के बीच के समीकरणों ने पाकिस्तान के भीतर उदार तत्वों की कीमत पर प्रतिक्रियावादी तत्वों को मजबूत करने में मदद की। चौथा कारक जर्ब-ए-अज्ब ऑपरेशन के बाद पाकिस्तान की स्थिति को माना जाता है। यह आपरेशन पाकिस्तानी सेना ने संघ प्रशासित कबायली इलाकों में शरण लिए हुए और अपनी गतिविधियों के लिए पूरी अवसंरचना तैयार कर चुके आतंकियों को मिटाने के लिए चलाया था।’’
उन्होंने यह भी कहा कि कश्मीर के मुद्दे से पाकिस्तानियों की गहरी निष्ठा जुड़ी होने के कारण जिहादियों की गतिविधियों से सहानुभूति का एक अल्पमत हमेशा रहेगा।
उन्होंने कहा, ‘‘यदि ऐसा मामला नहीं होता तो जिहाद के लिए लोगों के बीच में से लोग अपनी मर्जी से भर्ती होने न जाते।’’ भारत-पाक संबंधों से जुड़ी जिम्मेदारी निभा चुके पाकिस्तान की तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के वरिष्ठ नेता ने कहा कि हालांकि लोकमत के कुछ प्रभावशाली तबकों और सत्ता के गलियारों में इस बात का अहसास हो गया है कि पाकिस्तान की राज्येत्तर तत्वों को सहयोग करने की नीति का उस पर उल्टा असर हुआ है।
भारत-पाक संबंधों के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘पाकिस्तान और भारत के संबंध का पाकिस्तान में मुस्लिमों के बीच चरमपंथी तत्वों पर एक असर पड़ता है। इसके अलावा कश्मीर घाटी की तनावपूर्ण स्थिति भी एक प्रलोभन का काम करती है और चरमपंथी तत्वों को ‘अपने साथी मुस्लिमों को मुक्त कराने के लिए जिहाद करने’ को प्रोत्साहित करती है।’’ उनका मानना है कि दोनों देशों के बीच संबंध सामान्य होने से पाकिस्तान की बहुलतावादी और उदारवादी ताकतों को मदद मिलेगी और इसके साथ ही दोनों ही देशों में अल्पसंख्यकों की स्थिति में सुधार में भी मदद मिलेगी।
कसूरी का यह भी मानना है कि मुजाहिदीन की गतिविधियों के प्रति शुरुआती समर्थन के बावजूद पश्चिम और खासतौर पर पाकिस्तान को इस जिहाद के लिए भारी कीमत चुकानी पड़ रही है और ये अब भी इसके पलटवार का शिकार बन रहे हैं। इक्वेटर लाइन पत्रिका के हालिया अंक में उन्होंने लिखा, ‘‘समय के साथ पश्चिम और पाकिस्तान को विभिन्न मतों वाले आतंकी समूहों के बीच बढ़ रहे संबंधों से निपटना पड़ा। पाकिस्तान को यह भी पता चला कि कश्मीर में लड़ रहे कुछ समूह उसके अपने नागरिकों और सुरक्षा बलों पर भी आसानी से हमले बोल सकते हैं।’’
इस पत्रिका में उन्होंने लिखा, ‘‘कई मामलों में खुफिया एजेंसी और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को भी निशाना बनाया गया। पाकिस्तान में जनता की राय अब हिंसक समूहों की गतिविधियों के खिलाफ होने लगी है फिर चाहे यह हिंसा किसी भी कारण से क्यों न की जा रही हो।’’ पत्रिका के लिए लेख लिखने वालों में सभी पाकिस्तानी मूल के लोग हैं।
कसूरी ने कहा कि मध्यवर्ग के लोगों और मीडिया के बड़े तबकों में अब यह बात व्यापक तौर पर मानी जाने लगी है कि भारत के साथ कश्मीर और अन्य मुद्दे सरकार से इतर तत्वों की हिंसा के जरिए नहीं सुलझाए जा सकते और हालांकि इन गतिविधियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोगों का ध्यान खींचा है लेकिन 9/11 के हमलों के बाद यह स्पष्ट हो गया कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय ऐसी गतिविधियों के प्रति धैर्य खो बैठा है।
कसूरी ने लिखा, ‘‘यह अहसास हो गया है कि पाकिस्तान और भारत को कश्मीर और अन्य मुद्दों को सुलझाने के लिए बातचीत के जरिए समाधान निकालना होगा। मैं यह संदेश नहीं देना चाहता कि जिस समय मैंने पदभार संभाला, उस समय सभी वर्गों में जिहादी समूहों के प्रति सहयोग की भावना खत्म हो गई। लेकिन कश्मीर के मुद्दे के प्रति पाकिस्तान की दृढ़ प्रतिबद्धता के कारण कुछ वर्गों में जिहादियों की गतिविधियों के प्रति सहानुभूति का तत्व बहुत कम लेकिन ,हमेशा रहेगा।’’
कसूरी के अनुसार, पाकिस्तान में कट्टरपंथ के उदय के कई कारण हैं और इस मुद्दे को कम से कम चार परिदृश्यों में देखना मददगार हो सकता है।
‘‘पहला परिदृश्य विभाजन के बाद नया शासन खड़ा करने के लिए पाकिस्तान के राजनीतिक और संवैधानिक संघर्ष का है। इसने उलेमा की भूमिका को पक्का करते हुए जनरल जिया-उल-हक के तहत इसका विस्तार होने दिया। जिसके फलस्वरूप बाद में चरमपंथी ताकतें मजबूत हुईं।’’टिप्पणियां
‘‘दूसरा परिदृश्य वर्ष 1979 के बाद यानी ईरानी क्रांति के बाद की स्थिति में सोवियत संघ द्वारा अफगानिस्तान पर किए गए हमले और पाकिस्तान द्वारा पूरे पश्चिमी जगत, चीन एवं सउदी अरब के नेतृत्व में पूरे मुस्लिम समुदाय की मदद से इसका विरोध करने में निभाई गई भूमिका के बाद का है। इसने चरमपंथियों और आतंकियों को मजबूत किया।’’
उन्होंने लिखा, ‘‘पाकिस्तान और भारत के बीच के समीकरणों ने पाकिस्तान के भीतर उदार तत्वों की कीमत पर प्रतिक्रियावादी तत्वों को मजबूत करने में मदद की। चौथा कारक जर्ब-ए-अज्ब ऑपरेशन के बाद पाकिस्तान की स्थिति को माना जाता है। यह आपरेशन पाकिस्तानी सेना ने संघ प्रशासित कबायली इलाकों में शरण लिए हुए और अपनी गतिविधियों के लिए पूरी अवसंरचना तैयार कर चुके आतंकियों को मिटाने के लिए चलाया था।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यदि ऐसा मामला नहीं होता तो जिहाद के लिए लोगों के बीच में से लोग अपनी मर्जी से भर्ती होने न जाते।’’ भारत-पाक संबंधों से जुड़ी जिम्मेदारी निभा चुके पाकिस्तान की तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के वरिष्ठ नेता ने कहा कि हालांकि लोकमत के कुछ प्रभावशाली तबकों और सत्ता के गलियारों में इस बात का अहसास हो गया है कि पाकिस्तान की राज्येत्तर तत्वों को सहयोग करने की नीति का उस पर उल्टा असर हुआ है।
भारत-पाक संबंधों के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘पाकिस्तान और भारत के संबंध का पाकिस्तान में मुस्लिमों के बीच चरमपंथी तत्वों पर एक असर पड़ता है। इसके अलावा कश्मीर घाटी की तनावपूर्ण स्थिति भी एक प्रलोभन का काम करती है और चरमपंथी तत्वों को ‘अपने साथी मुस्लिमों को मुक्त कराने के लिए जिहाद करने’ को प्रोत्साहित करती है।’’ उनका मानना है कि दोनों देशों के बीच संबंध सामान्य होने से पाकिस्तान की बहुलतावादी और उदारवादी ताकतों को मदद मिलेगी और इसके साथ ही दोनों ही देशों में अल्पसंख्यकों की स्थिति में सुधार में भी मदद मिलेगी।
कसूरी का यह भी मानना है कि मुजाहिदीन की गतिविधियों के प्रति शुरुआती समर्थन के बावजूद पश्चिम और खासतौर पर पाकिस्तान को इस जिहाद के लिए भारी कीमत चुकानी पड़ रही है और ये अब भी इसके पलटवार का शिकार बन रहे हैं। इक्वेटर लाइन पत्रिका के हालिया अंक में उन्होंने लिखा, ‘‘समय के साथ पश्चिम और पाकिस्तान को विभिन्न मतों वाले आतंकी समूहों के बीच बढ़ रहे संबंधों से निपटना पड़ा। पाकिस्तान को यह भी पता चला कि कश्मीर में लड़ रहे कुछ समूह उसके अपने नागरिकों और सुरक्षा बलों पर भी आसानी से हमले बोल सकते हैं।’’
इस पत्रिका में उन्होंने लिखा, ‘‘कई मामलों में खुफिया एजेंसी और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को भी निशाना बनाया गया। पाकिस्तान में जनता की राय अब हिंसक समूहों की गतिविधियों के खिलाफ होने लगी है फिर चाहे यह हिंसा किसी भी कारण से क्यों न की जा रही हो।’’ पत्रिका के लिए लेख लिखने वालों में सभी पाकिस्तानी मूल के लोग हैं।
कसूरी ने कहा कि मध्यवर्ग के लोगों और मीडिया के बड़े तबकों में अब यह बात व्यापक तौर पर मानी जाने लगी है कि भारत के साथ कश्मीर और अन्य मुद्दे सरकार से इतर तत्वों की हिंसा के जरिए नहीं सुलझाए जा सकते और हालांकि इन गतिविधियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोगों का ध्यान खींचा है लेकिन 9/11 के हमलों के बाद यह स्पष्ट हो गया कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय ऐसी गतिविधियों के प्रति धैर्य खो बैठा है।
कसूरी ने लिखा, ‘‘यह अहसास हो गया है कि पाकिस्तान और भारत को कश्मीर और अन्य मुद्दों को सुलझाने के लिए बातचीत के जरिए समाधान निकालना होगा। मैं यह संदेश नहीं देना चाहता कि जिस समय मैंने पदभार संभाला, उस समय सभी वर्गों में जिहादी समूहों के प्रति सहयोग की भावना खत्म हो गई। लेकिन कश्मीर के मुद्दे के प्रति पाकिस्तान की दृढ़ प्रतिबद्धता के कारण कुछ वर्गों में जिहादियों की गतिविधियों के प्रति सहानुभूति का तत्व बहुत कम लेकिन ,हमेशा रहेगा।’’
कसूरी के अनुसार, पाकिस्तान में कट्टरपंथ के उदय के कई कारण हैं और इस मुद्दे को कम से कम चार परिदृश्यों में देखना मददगार हो सकता है।
‘‘पहला परिदृश्य विभाजन के बाद नया शासन खड़ा करने के लिए पाकिस्तान के राजनीतिक और संवैधानिक संघर्ष का है। इसने उलेमा की भूमिका को पक्का करते हुए जनरल जिया-उल-हक के तहत इसका विस्तार होने दिया। जिसके फलस्वरूप बाद में चरमपंथी ताकतें मजबूत हुईं।’’टिप्पणियां
‘‘दूसरा परिदृश्य वर्ष 1979 के बाद यानी ईरानी क्रांति के बाद की स्थिति में सोवियत संघ द्वारा अफगानिस्तान पर किए गए हमले और पाकिस्तान द्वारा पूरे पश्चिमी जगत, चीन एवं सउदी अरब के नेतृत्व में पूरे मुस्लिम समुदाय की मदद से इसका विरोध करने में निभाई गई भूमिका के बाद का है। इसने चरमपंथियों और आतंकियों को मजबूत किया।’’
उन्होंने लिखा, ‘‘पाकिस्तान और भारत के बीच के समीकरणों ने पाकिस्तान के भीतर उदार तत्वों की कीमत पर प्रतिक्रियावादी तत्वों को मजबूत करने में मदद की। चौथा कारक जर्ब-ए-अज्ब ऑपरेशन के बाद पाकिस्तान की स्थिति को माना जाता है। यह आपरेशन पाकिस्तानी सेना ने संघ प्रशासित कबायली इलाकों में शरण लिए हुए और अपनी गतिविधियों के लिए पूरी अवसंरचना तैयार कर चुके आतंकियों को मिटाने के लिए चलाया था।’’
भारत-पाक संबंधों के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘पाकिस्तान और भारत के संबंध का पाकिस्तान में मुस्लिमों के बीच चरमपंथी तत्वों पर एक असर पड़ता है। इसके अलावा कश्मीर घाटी की तनावपूर्ण स्थिति भी एक प्रलोभन का काम करती है और चरमपंथी तत्वों को ‘अपने साथी मुस्लिमों को मुक्त कराने के लिए जिहाद करने’ को प्रोत्साहित करती है।’’ उनका मानना है कि दोनों देशों के बीच संबंध सामान्य होने से पाकिस्तान की बहुलतावादी और उदारवादी ताकतों को मदद मिलेगी और इसके साथ ही दोनों ही देशों में अल्पसंख्यकों की स्थिति में सुधार में भी मदद मिलेगी।
कसूरी का यह भी मानना है कि मुजाहिदीन की गतिविधियों के प्रति शुरुआती समर्थन के बावजूद पश्चिम और खासतौर पर पाकिस्तान को इस जिहाद के लिए भारी कीमत चुकानी पड़ रही है और ये अब भी इसके पलटवार का शिकार बन रहे हैं। इक्वेटर लाइन पत्रिका के हालिया अंक में उन्होंने लिखा, ‘‘समय के साथ पश्चिम और पाकिस्तान को विभिन्न मतों वाले आतंकी समूहों के बीच बढ़ रहे संबंधों से निपटना पड़ा। पाकिस्तान को यह भी पता चला कि कश्मीर में लड़ रहे कुछ समूह उसके अपने नागरिकों और सुरक्षा बलों पर भी आसानी से हमले बोल सकते हैं।’’
इस पत्रिका में उन्होंने लिखा, ‘‘कई मामलों में खुफिया एजेंसी और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को भी निशाना बनाया गया। पाकिस्तान में जनता की राय अब हिंसक समूहों की गतिविधियों के खिलाफ होने लगी है फिर चाहे यह हिंसा किसी भी कारण से क्यों न की जा रही हो।’’ पत्रिका के लिए लेख लिखने वालों में सभी पाकिस्तानी मूल के लोग हैं।
कसूरी ने कहा कि मध्यवर्ग के लोगों और मीडिया के बड़े तबकों में अब यह बात व्यापक तौर पर मानी जाने लगी है कि भारत के साथ कश्मीर और अन्य मुद्दे सरकार से इतर तत्वों की हिंसा के जरिए नहीं सुलझाए जा सकते और हालांकि इन गतिविधियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोगों का ध्यान खींचा है लेकिन 9/11 के हमलों के बाद यह स्पष्ट हो गया कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय ऐसी गतिविधियों के प्रति धैर्य खो बैठा है।
कसूरी ने लिखा, ‘‘यह अहसास हो गया है कि पाकिस्तान और भारत को कश्मीर और अन्य मुद्दों को सुलझाने के लिए बातचीत के जरिए समाधान निकालना होगा। मैं यह संदेश नहीं देना चाहता कि जिस समय मैंने पदभार संभाला, उस समय सभी वर्गों में जिहादी समूहों के प्रति सहयोग की भावना खत्म हो गई। लेकिन कश्मीर के मुद्दे के प्रति पाकिस्तान की दृढ़ प्रतिबद्धता के कारण कुछ वर्गों में जिहादियों की गतिविधियों के प्रति सहानुभूति का तत्व बहुत कम लेकिन ,हमेशा रहेगा।’’
कसूरी के अनुसार, पाकिस्तान में कट्टरपंथ के उदय के कई कारण हैं और इस मुद्दे को कम से कम चार परिदृश्यों में देखना मददगार हो सकता है।
‘‘पहला परिदृश्य विभाजन के बाद नया शासन खड़ा करने के लिए पाकिस्तान के राजनीतिक और संवैधानिक संघर्ष का है। इसने उलेमा की भूमिका को पक्का करते हुए जनरल जिया-उल-हक के तहत इसका विस्तार होने दिया। जिसके फलस्वरूप बाद में चरमपंथी ताकतें मजबूत हुईं।’’टिप्पणियां
‘‘दूसरा परिदृश्य वर्ष 1979 के बाद यानी ईरानी क्रांति के बाद की स्थिति में सोवियत संघ द्वारा अफगानिस्तान पर किए गए हमले और पाकिस्तान द्वारा पूरे पश्चिमी जगत, चीन एवं सउदी अरब के नेतृत्व में पूरे मुस्लिम समुदाय की मदद से इसका विरोध करने में निभाई गई भूमिका के बाद का है। इसने चरमपंथियों और आतंकियों को मजबूत किया।’’
उन्होंने लिखा, ‘‘पाकिस्तान और भारत के बीच के समीकरणों ने पाकिस्तान के भीतर उदार तत्वों की कीमत पर प्रतिक्रियावादी तत्वों को मजबूत करने में मदद की। चौथा कारक जर्ब-ए-अज्ब ऑपरेशन के बाद पाकिस्तान की स्थिति को माना जाता है। यह आपरेशन पाकिस्तानी सेना ने संघ प्रशासित कबायली इलाकों में शरण लिए हुए और अपनी गतिविधियों के लिए पूरी अवसंरचना तैयार कर चुके आतंकियों को मिटाने के लिए चलाया था।’’
कसूरी का यह भी मानना है कि मुजाहिदीन की गतिविधियों के प्रति शुरुआती समर्थन के बावजूद पश्चिम और खासतौर पर पाकिस्तान को इस जिहाद के लिए भारी कीमत चुकानी पड़ रही है और ये अब भी इसके पलटवार का शिकार बन रहे हैं। इक्वेटर लाइन पत्रिका के हालिया अंक में उन्होंने लिखा, ‘‘समय के साथ पश्चिम और पाकिस्तान को विभिन्न मतों वाले आतंकी समूहों के बीच बढ़ रहे संबंधों से निपटना पड़ा। पाकिस्तान को यह भी पता चला कि कश्मीर में लड़ रहे कुछ समूह उसके अपने नागरिकों और सुरक्षा बलों पर भी आसानी से हमले बोल सकते हैं।’’
इस पत्रिका में उन्होंने लिखा, ‘‘कई मामलों में खुफिया एजेंसी और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को भी निशाना बनाया गया। पाकिस्तान में जनता की राय अब हिंसक समूहों की गतिविधियों के खिलाफ होने लगी है फिर चाहे यह हिंसा किसी भी कारण से क्यों न की जा रही हो।’’ पत्रिका के लिए लेख लिखने वालों में सभी पाकिस्तानी मूल के लोग हैं।
कसूरी ने कहा कि मध्यवर्ग के लोगों और मीडिया के बड़े तबकों में अब यह बात व्यापक तौर पर मानी जाने लगी है कि भारत के साथ कश्मीर और अन्य मुद्दे सरकार से इतर तत्वों की हिंसा के जरिए नहीं सुलझाए जा सकते और हालांकि इन गतिविधियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोगों का ध्यान खींचा है लेकिन 9/11 के हमलों के बाद यह स्पष्ट हो गया कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय ऐसी गतिविधियों के प्रति धैर्य खो बैठा है।
कसूरी ने लिखा, ‘‘यह अहसास हो गया है कि पाकिस्तान और भारत को कश्मीर और अन्य मुद्दों को सुलझाने के लिए बातचीत के जरिए समाधान निकालना होगा। मैं यह संदेश नहीं देना चाहता कि जिस समय मैंने पदभार संभाला, उस समय सभी वर्गों में जिहादी समूहों के प्रति सहयोग की भावना खत्म हो गई। लेकिन कश्मीर के मुद्दे के प्रति पाकिस्तान की दृढ़ प्रतिबद्धता के कारण कुछ वर्गों में जिहादियों की गतिविधियों के प्रति सहानुभूति का तत्व बहुत कम लेकिन ,हमेशा रहेगा।’’
कसूरी के अनुसार, पाकिस्तान में कट्टरपंथ के उदय के कई कारण हैं और इस मुद्दे को कम से कम चार परिदृश्यों में देखना मददगार हो सकता है।
‘‘पहला परिदृश्य विभाजन के बाद नया शासन खड़ा करने के लिए पाकिस्तान के राजनीतिक और संवैधानिक संघर्ष का है। इसने उलेमा की भूमिका को पक्का करते हुए जनरल जिया-उल-हक के तहत इसका विस्तार होने दिया। जिसके फलस्वरूप बाद में चरमपंथी ताकतें मजबूत हुईं।’’टिप्पणियां
‘‘दूसरा परिदृश्य वर्ष 1979 के बाद यानी ईरानी क्रांति के बाद की स्थिति में सोवियत संघ द्वारा अफगानिस्तान पर किए गए हमले और पाकिस्तान द्वारा पूरे पश्चिमी जगत, चीन एवं सउदी अरब के नेतृत्व में पूरे मुस्लिम समुदाय की मदद से इसका विरोध करने में निभाई गई भूमिका के बाद का है। इसने चरमपंथियों और आतंकियों को मजबूत किया।’’
उन्होंने लिखा, ‘‘पाकिस्तान और भारत के बीच के समीकरणों ने पाकिस्तान के भीतर उदार तत्वों की कीमत पर प्रतिक्रियावादी तत्वों को मजबूत करने में मदद की। चौथा कारक जर्ब-ए-अज्ब ऑपरेशन के बाद पाकिस्तान की स्थिति को माना जाता है। यह आपरेशन पाकिस्तानी सेना ने संघ प्रशासित कबायली इलाकों में शरण लिए हुए और अपनी गतिविधियों के लिए पूरी अवसंरचना तैयार कर चुके आतंकियों को मिटाने के लिए चलाया था।’’
इस पत्रिका में उन्होंने लिखा, ‘‘कई मामलों में खुफिया एजेंसी और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को भी निशाना बनाया गया। पाकिस्तान में जनता की राय अब हिंसक समूहों की गतिविधियों के खिलाफ होने लगी है फिर चाहे यह हिंसा किसी भी कारण से क्यों न की जा रही हो।’’ पत्रिका के लिए लेख लिखने वालों में सभी पाकिस्तानी मूल के लोग हैं।
कसूरी ने कहा कि मध्यवर्ग के लोगों और मीडिया के बड़े तबकों में अब यह बात व्यापक तौर पर मानी जाने लगी है कि भारत के साथ कश्मीर और अन्य मुद्दे सरकार से इतर तत्वों की हिंसा के जरिए नहीं सुलझाए जा सकते और हालांकि इन गतिविधियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोगों का ध्यान खींचा है लेकिन 9/11 के हमलों के बाद यह स्पष्ट हो गया कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय ऐसी गतिविधियों के प्रति धैर्य खो बैठा है।
कसूरी ने लिखा, ‘‘यह अहसास हो गया है कि पाकिस्तान और भारत को कश्मीर और अन्य मुद्दों को सुलझाने के लिए बातचीत के जरिए समाधान निकालना होगा। मैं यह संदेश नहीं देना चाहता कि जिस समय मैंने पदभार संभाला, उस समय सभी वर्गों में जिहादी समूहों के प्रति सहयोग की भावना खत्म हो गई। लेकिन कश्मीर के मुद्दे के प्रति पाकिस्तान की दृढ़ प्रतिबद्धता के कारण कुछ वर्गों में जिहादियों की गतिविधियों के प्रति सहानुभूति का तत्व बहुत कम लेकिन ,हमेशा रहेगा।’’
कसूरी के अनुसार, पाकिस्तान में कट्टरपंथ के उदय के कई कारण हैं और इस मुद्दे को कम से कम चार परिदृश्यों में देखना मददगार हो सकता है।
‘‘पहला परिदृश्य विभाजन के बाद नया शासन खड़ा करने के लिए पाकिस्तान के राजनीतिक और संवैधानिक संघर्ष का है। इसने उलेमा की भूमिका को पक्का करते हुए जनरल जिया-उल-हक के तहत इसका विस्तार होने दिया। जिसके फलस्वरूप बाद में चरमपंथी ताकतें मजबूत हुईं।’’टिप्पणियां
‘‘दूसरा परिदृश्य वर्ष 1979 के बाद यानी ईरानी क्रांति के बाद की स्थिति में सोवियत संघ द्वारा अफगानिस्तान पर किए गए हमले और पाकिस्तान द्वारा पूरे पश्चिमी जगत, चीन एवं सउदी अरब के नेतृत्व में पूरे मुस्लिम समुदाय की मदद से इसका विरोध करने में निभाई गई भूमिका के बाद का है। इसने चरमपंथियों और आतंकियों को मजबूत किया।’’
उन्होंने लिखा, ‘‘पाकिस्तान और भारत के बीच के समीकरणों ने पाकिस्तान के भीतर उदार तत्वों की कीमत पर प्रतिक्रियावादी तत्वों को मजबूत करने में मदद की। चौथा कारक जर्ब-ए-अज्ब ऑपरेशन के बाद पाकिस्तान की स्थिति को माना जाता है। यह आपरेशन पाकिस्तानी सेना ने संघ प्रशासित कबायली इलाकों में शरण लिए हुए और अपनी गतिविधियों के लिए पूरी अवसंरचना तैयार कर चुके आतंकियों को मिटाने के लिए चलाया था।’’
कसूरी ने कहा कि मध्यवर्ग के लोगों और मीडिया के बड़े तबकों में अब यह बात व्यापक तौर पर मानी जाने लगी है कि भारत के साथ कश्मीर और अन्य मुद्दे सरकार से इतर तत्वों की हिंसा के जरिए नहीं सुलझाए जा सकते और हालांकि इन गतिविधियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोगों का ध्यान खींचा है लेकिन 9/11 के हमलों के बाद यह स्पष्ट हो गया कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय ऐसी गतिविधियों के प्रति धैर्य खो बैठा है।
कसूरी ने लिखा, ‘‘यह अहसास हो गया है कि पाकिस्तान और भारत को कश्मीर और अन्य मुद्दों को सुलझाने के लिए बातचीत के जरिए समाधान निकालना होगा। मैं यह संदेश नहीं देना चाहता कि जिस समय मैंने पदभार संभाला, उस समय सभी वर्गों में जिहादी समूहों के प्रति सहयोग की भावना खत्म हो गई। लेकिन कश्मीर के मुद्दे के प्रति पाकिस्तान की दृढ़ प्रतिबद्धता के कारण कुछ वर्गों में जिहादियों की गतिविधियों के प्रति सहानुभूति का तत्व बहुत कम लेकिन ,हमेशा रहेगा।’’
कसूरी के अनुसार, पाकिस्तान में कट्टरपंथ के उदय के कई कारण हैं और इस मुद्दे को कम से कम चार परिदृश्यों में देखना मददगार हो सकता है।
‘‘पहला परिदृश्य विभाजन के बाद नया शासन खड़ा करने के लिए पाकिस्तान के राजनीतिक और संवैधानिक संघर्ष का है। इसने उलेमा की भूमिका को पक्का करते हुए जनरल जिया-उल-हक के तहत इसका विस्तार होने दिया। जिसके फलस्वरूप बाद में चरमपंथी ताकतें मजबूत हुईं।’’टिप्पणियां
‘‘दूसरा परिदृश्य वर्ष 1979 के बाद यानी ईरानी क्रांति के बाद की स्थिति में सोवियत संघ द्वारा अफगानिस्तान पर किए गए हमले और पाकिस्तान द्वारा पूरे पश्चिमी जगत, चीन एवं सउदी अरब के नेतृत्व में पूरे मुस्लिम समुदाय की मदद से इसका विरोध करने में निभाई गई भूमिका के बाद का है। इसने चरमपंथियों और आतंकियों को मजबूत किया।’’
उन्होंने लिखा, ‘‘पाकिस्तान और भारत के बीच के समीकरणों ने पाकिस्तान के भीतर उदार तत्वों की कीमत पर प्रतिक्रियावादी तत्वों को मजबूत करने में मदद की। चौथा कारक जर्ब-ए-अज्ब ऑपरेशन के बाद पाकिस्तान की स्थिति को माना जाता है। यह आपरेशन पाकिस्तानी सेना ने संघ प्रशासित कबायली इलाकों में शरण लिए हुए और अपनी गतिविधियों के लिए पूरी अवसंरचना तैयार कर चुके आतंकियों को मिटाने के लिए चलाया था।’’
कसूरी ने लिखा, ‘‘यह अहसास हो गया है कि पाकिस्तान और भारत को कश्मीर और अन्य मुद्दों को सुलझाने के लिए बातचीत के जरिए समाधान निकालना होगा। मैं यह संदेश नहीं देना चाहता कि जिस समय मैंने पदभार संभाला, उस समय सभी वर्गों में जिहादी समूहों के प्रति सहयोग की भावना खत्म हो गई। लेकिन कश्मीर के मुद्दे के प्रति पाकिस्तान की दृढ़ प्रतिबद्धता के कारण कुछ वर्गों में जिहादियों की गतिविधियों के प्रति सहानुभूति का तत्व बहुत कम लेकिन ,हमेशा रहेगा।’’
कसूरी के अनुसार, पाकिस्तान में कट्टरपंथ के उदय के कई कारण हैं और इस मुद्दे को कम से कम चार परिदृश्यों में देखना मददगार हो सकता है।
‘‘पहला परिदृश्य विभाजन के बाद नया शासन खड़ा करने के लिए पाकिस्तान के राजनीतिक और संवैधानिक संघर्ष का है। इसने उलेमा की भूमिका को पक्का करते हुए जनरल जिया-उल-हक के तहत इसका विस्तार होने दिया। जिसके फलस्वरूप बाद में चरमपंथी ताकतें मजबूत हुईं।’’टिप्पणियां
‘‘दूसरा परिदृश्य वर्ष 1979 के बाद यानी ईरानी क्रांति के बाद की स्थिति में सोवियत संघ द्वारा अफगानिस्तान पर किए गए हमले और पाकिस्तान द्वारा पूरे पश्चिमी जगत, चीन एवं सउदी अरब के नेतृत्व में पूरे मुस्लिम समुदाय की मदद से इसका विरोध करने में निभाई गई भूमिका के बाद का है। इसने चरमपंथियों और आतंकियों को मजबूत किया।’’
उन्होंने लिखा, ‘‘पाकिस्तान और भारत के बीच के समीकरणों ने पाकिस्तान के भीतर उदार तत्वों की कीमत पर प्रतिक्रियावादी तत्वों को मजबूत करने में मदद की। चौथा कारक जर्ब-ए-अज्ब ऑपरेशन के बाद पाकिस्तान की स्थिति को माना जाता है। यह आपरेशन पाकिस्तानी सेना ने संघ प्रशासित कबायली इलाकों में शरण लिए हुए और अपनी गतिविधियों के लिए पूरी अवसंरचना तैयार कर चुके आतंकियों को मिटाने के लिए चलाया था।’’
कसूरी के अनुसार, पाकिस्तान में कट्टरपंथ के उदय के कई कारण हैं और इस मुद्दे को कम से कम चार परिदृश्यों में देखना मददगार हो सकता है।
‘‘पहला परिदृश्य विभाजन के बाद नया शासन खड़ा करने के लिए पाकिस्तान के राजनीतिक और संवैधानिक संघर्ष का है। इसने उलेमा की भूमिका को पक्का करते हुए जनरल जिया-उल-हक के तहत इसका विस्तार होने दिया। जिसके फलस्वरूप बाद में चरमपंथी ताकतें मजबूत हुईं।’’टिप्पणियां
‘‘दूसरा परिदृश्य वर्ष 1979 के बाद यानी ईरानी क्रांति के बाद की स्थिति में सोवियत संघ द्वारा अफगानिस्तान पर किए गए हमले और पाकिस्तान द्वारा पूरे पश्चिमी जगत, चीन एवं सउदी अरब के नेतृत्व में पूरे मुस्लिम समुदाय की मदद से इसका विरोध करने में निभाई गई भूमिका के बाद का है। इसने चरमपंथियों और आतंकियों को मजबूत किया।’’
उन्होंने लिखा, ‘‘पाकिस्तान और भारत के बीच के समीकरणों ने पाकिस्तान के भीतर उदार तत्वों की कीमत पर प्रतिक्रियावादी तत्वों को मजबूत करने में मदद की। चौथा कारक जर्ब-ए-अज्ब ऑपरेशन के बाद पाकिस्तान की स्थिति को माना जाता है। यह आपरेशन पाकिस्तानी सेना ने संघ प्रशासित कबायली इलाकों में शरण लिए हुए और अपनी गतिविधियों के लिए पूरी अवसंरचना तैयार कर चुके आतंकियों को मिटाने के लिए चलाया था।’’
‘‘पहला परिदृश्य विभाजन के बाद नया शासन खड़ा करने के लिए पाकिस्तान के राजनीतिक और संवैधानिक संघर्ष का है। इसने उलेमा की भूमिका को पक्का करते हुए जनरल जिया-उल-हक के तहत इसका विस्तार होने दिया। जिसके फलस्वरूप बाद में चरमपंथी ताकतें मजबूत हुईं।’’टिप्पणियां
‘‘दूसरा परिदृश्य वर्ष 1979 के बाद यानी ईरानी क्रांति के बाद की स्थिति में सोवियत संघ द्वारा अफगानिस्तान पर किए गए हमले और पाकिस्तान द्वारा पूरे पश्चिमी जगत, चीन एवं सउदी अरब के नेतृत्व में पूरे मुस्लिम समुदाय की मदद से इसका विरोध करने में निभाई गई भूमिका के बाद का है। इसने चरमपंथियों और आतंकियों को मजबूत किया।’’
उन्होंने लिखा, ‘‘पाकिस्तान और भारत के बीच के समीकरणों ने पाकिस्तान के भीतर उदार तत्वों की कीमत पर प्रतिक्रियावादी तत्वों को मजबूत करने में मदद की। चौथा कारक जर्ब-ए-अज्ब ऑपरेशन के बाद पाकिस्तान की स्थिति को माना जाता है। यह आपरेशन पाकिस्तानी सेना ने संघ प्रशासित कबायली इलाकों में शरण लिए हुए और अपनी गतिविधियों के लिए पूरी अवसंरचना तैयार कर चुके आतंकियों को मिटाने के लिए चलाया था।’’
‘‘दूसरा परिदृश्य वर्ष 1979 के बाद यानी ईरानी क्रांति के बाद की स्थिति में सोवियत संघ द्वारा अफगानिस्तान पर किए गए हमले और पाकिस्तान द्वारा पूरे पश्चिमी जगत, चीन एवं सउदी अरब के नेतृत्व में पूरे मुस्लिम समुदाय की मदद से इसका विरोध करने में निभाई गई भूमिका के बाद का है। इसने चरमपंथियों और आतंकियों को मजबूत किया।’’
उन्होंने लिखा, ‘‘पाकिस्तान और भारत के बीच के समीकरणों ने पाकिस्तान के भीतर उदार तत्वों की कीमत पर प्रतिक्रियावादी तत्वों को मजबूत करने में मदद की। चौथा कारक जर्ब-ए-अज्ब ऑपरेशन के बाद पाकिस्तान की स्थिति को माना जाता है। यह आपरेशन पाकिस्तानी सेना ने संघ प्रशासित कबायली इलाकों में शरण लिए हुए और अपनी गतिविधियों के लिए पूरी अवसंरचना तैयार कर चुके आतंकियों को मिटाने के लिए चलाया था।’’
उन्होंने लिखा, ‘‘पाकिस्तान और भारत के बीच के समीकरणों ने पाकिस्तान के भीतर उदार तत्वों की कीमत पर प्रतिक्रियावादी तत्वों को मजबूत करने में मदद की। चौथा कारक जर्ब-ए-अज्ब ऑपरेशन के बाद पाकिस्तान की स्थिति को माना जाता है। यह आपरेशन पाकिस्तानी सेना ने संघ प्रशासित कबायली इलाकों में शरण लिए हुए और अपनी गतिविधियों के लिए पूरी अवसंरचना तैयार कर चुके आतंकियों को मिटाने के लिए चलाया था।’’ | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: कश्मीर के मुद्दे से पाकिस्तानियों की गहरी निष्ठा जुड़ी है
दोनों ही देशों में अल्पसंख्यकों की स्थिति में सुधार होगा
पाकिस्तान को जिहाद के लिए भारी कीमत चुकानी पड़ रही है | 32 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: आईपीएल सट्टेबाजी के कथित तौर पर अहम भूमिका निभाने वाले एक सट्टेबाज को गुरुवार को गिरफ्तार किया गया। इस तरह से इस मामले में अब तक 22 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि चंद्रेश जैन उर्फ जुपिटर को आज रिमांड पर शहर लाया गया। वह दिल्ली पुलिस की कस्टडी में था।
दिल्ली पुलिस ने ही आईपीएल छह में स्पॉट फिक्सिंग का मामला दर्ज किया था। अधिकारी ने बताया कि जुपिटर कान्फ्रेंस काल के जरिये पाकिस्तानी सट्टेबाजों के संपर्क में था और वह 30 में से चार टेलीफोन लाइनों का इस्तेमाल कर रहा था। उसे कथित तौर पर एक रमेश व्यास ने यह सुविधा मुहैया कराई थी। रमेश व्यास को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि चंद्रेश जैन उर्फ जुपिटर को आज रिमांड पर शहर लाया गया। वह दिल्ली पुलिस की कस्टडी में था।
दिल्ली पुलिस ने ही आईपीएल छह में स्पॉट फिक्सिंग का मामला दर्ज किया था। अधिकारी ने बताया कि जुपिटर कान्फ्रेंस काल के जरिये पाकिस्तानी सट्टेबाजों के संपर्क में था और वह 30 में से चार टेलीफोन लाइनों का इस्तेमाल कर रहा था। उसे कथित तौर पर एक रमेश व्यास ने यह सुविधा मुहैया कराई थी। रमेश व्यास को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: आईपीएल सट्टेबाजी के कथित तौर पर अहम भूमिका निभाने वाले एक सट्टेबाज को गुरुवार को गिरफ्तार किया गया। इस तरह से इस मामले में अब तक 22 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। | 19 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि सेक्स के बाद कई लोग एक विचित्र किस्म की बीमारी से ग्रस्त हो जाते हैं क्योंकि संभवत: उन्हें खुद से एलर्जी हो जाती है। ब्रिटिश अखबार द सन की एक खबर के मुताबिक नीदरलैंड के एक दल ने अध्ययन के आधार पर कहा है कि जिन लोगों में यौन क्रिया के बाद फ्लू जैसे लक्षण हैं उन्हें दरअसल अपने वीर्य को लेकर ही एलर्जी होती है। ब्रिटेन के अखबार द सन के अनुसार इस बीमारी में व्यक्ति को यौन क्रिया के पश्चात, ज्वर, नाक बहने, बहुत अधिक थक जाने और आंखों में जलन जैसी परेशानी होती है जो करीब सप्ताह तक रह सकती है। जाने-माने वैज्ञानिक और नीदरलैंड के उट्रेच्ट विश्वविद्यालय के यौन साइकोफामोकोलोजी के प्रोफेसर मार्सल वाल्डिंगर ने कहा कि संवेदनशीलता खत्म करने वाले विशेष प्रकार के इलाज के माध्यम से इस बीमारी का असर कम किया जा सकता है। मरीज को एलर्जी वाले पदार्थ से बार-बार आमना-सामना कराया जाता है और यह प्रक्रिया धीरे-धीरे बढ़ाई जाती है जो कुछ वर्षों तक चलती है। | यह एक सारांश है: वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि सेक्स के बाद कई लोग एक विचित्र किस्म की बीमारी से ग्रस्त हो जाते हैं क्योंकि संभवत: उन्हें खुद से एलर्जी हो जाती है। | 21 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: दिल्ली की एक आदलत ने भाजपा से निलंबित सांसद और पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आजाद तथा दो अन्य को मानहानि के एक मामले में शुक्रवार को जमानत दे दी. यह मामला अंडर-19 क्रिकेटर के पिता ने उनके बेटे के विजय हजारे ट्रॉफी के लिए टीम में चयन होने को लेकर गलत इरादों से झूठी बयानबाजी करने के आरोप में दर्ज कराया था. मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट हरविंदर सिंह ने आजाद, पूर्व क्रिकेटर सुरिंदर खन्ना और क्रिकेट से जुड़े समीर बहादुर में से प्रत्येक को 10,000 रुपये की निजी जमानत राशि और इसी धनराशि मुचलके पर राहत प्रदान की.
अदालत ने इस बीच पूर्व क्रिकेटर बिशन सिंह बेदी को निजी तौर पर पेश होने से छूट दे दी जिन्हें इस मामले में आरोपी के रूप में समन भेजा गया था. उनके वकील ने बताया कि वह अस्वस्थ हैं और यहां उपस्थित नहीं हो सकते हैं. अदालत ने इस मामले में अगली सुनवाई की तिथि 16 नवंबर तय की और फरियादी को आरोपियों को सभी संबंधित दस्तावेज मुहैया करवाने के लिये कहा. सुनवाई के बाद आजाद ने कहा कि वर्तमन और कई अन्य मामले उनके खिलाफ इसलिए दर्ज किये गये क्योंकि उन्होंने दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) में भ्रष्टाचार का मामला उठाया जो कि कथित तौर पर केंद्रीय वित्त मंत्री अरूण जेटली के इस क्रिकेट संस्था के अध्यक्ष के कार्यकाल के दौरान हुआ था.टिप्पणियां
आजाद ने अदालत के बाहर कहा, ‘‘जिन्हें जेल में होना चाहिए था वे मेरे लिये मामला दर्ज कर रहे हैं. लेकिन मैं सभी चोरों को जेल भिजवाने के लिये प्रतिबद्ध हूं. ’’ अदालत ने 11 जुलाई को आजाद, बेदी और दो अन्य को समन भेजा था. याचिकाकर्ता तेजबीर सिंह ने इससे पहले अदालत में कहा था कि आजाद, बेदी, खन्ना और बहादुर ने संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया था कि इस युवा क्रिकेटर के चयन के लिये 25 लाख रुपये का भुगतान किया गया. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अदालत ने इस बीच पूर्व क्रिकेटर बिशन सिंह बेदी को निजी तौर पर पेश होने से छूट दे दी जिन्हें इस मामले में आरोपी के रूप में समन भेजा गया था. उनके वकील ने बताया कि वह अस्वस्थ हैं और यहां उपस्थित नहीं हो सकते हैं. अदालत ने इस मामले में अगली सुनवाई की तिथि 16 नवंबर तय की और फरियादी को आरोपियों को सभी संबंधित दस्तावेज मुहैया करवाने के लिये कहा. सुनवाई के बाद आजाद ने कहा कि वर्तमन और कई अन्य मामले उनके खिलाफ इसलिए दर्ज किये गये क्योंकि उन्होंने दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) में भ्रष्टाचार का मामला उठाया जो कि कथित तौर पर केंद्रीय वित्त मंत्री अरूण जेटली के इस क्रिकेट संस्था के अध्यक्ष के कार्यकाल के दौरान हुआ था.टिप्पणियां
आजाद ने अदालत के बाहर कहा, ‘‘जिन्हें जेल में होना चाहिए था वे मेरे लिये मामला दर्ज कर रहे हैं. लेकिन मैं सभी चोरों को जेल भिजवाने के लिये प्रतिबद्ध हूं. ’’ अदालत ने 11 जुलाई को आजाद, बेदी और दो अन्य को समन भेजा था. याचिकाकर्ता तेजबीर सिंह ने इससे पहले अदालत में कहा था कि आजाद, बेदी, खन्ना और बहादुर ने संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया था कि इस युवा क्रिकेटर के चयन के लिये 25 लाख रुपये का भुगतान किया गया. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
आजाद ने अदालत के बाहर कहा, ‘‘जिन्हें जेल में होना चाहिए था वे मेरे लिये मामला दर्ज कर रहे हैं. लेकिन मैं सभी चोरों को जेल भिजवाने के लिये प्रतिबद्ध हूं. ’’ अदालत ने 11 जुलाई को आजाद, बेदी और दो अन्य को समन भेजा था. याचिकाकर्ता तेजबीर सिंह ने इससे पहले अदालत में कहा था कि आजाद, बेदी, खन्ना और बहादुर ने संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया था कि इस युवा क्रिकेटर के चयन के लिये 25 लाख रुपये का भुगतान किया गया. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यह एक सारांश है: कीर्ति आजाद और बियसन सिंह बेदी ने डीडीसीए पर लगाया था भ्रष्टाचार का आरोप
एक क्रिकेटर के पिता ने झूठी बयानबाजी करने के आरोप में दर्ज कराया था मामला
पूर्व क्रिकेटर बिशन सिंह बेदी को निजी तौर पर पेश होने से मिली छूट | 24 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह के दीवान सैयद जैनुल आबिदीन अली खान ने मनोरंजन जगत के लोगों से जुड़े अपने विवादास्पद बयान के बाद कहा है कि वह फिल्म वालों के जियारत करने के नहीं, बल्कि फिल्मों की कामयाबी के लिए दुआ मांगने के खिलाफ हैं।
सज्जादानशीन खान ने मंगलवार को फोन पर कहा, ‘‘मैं फिल्म या टीवी के लोगों के यहां आकर जियारत करने के खिलाफ नहीं हूं। जियारत करने के तरीके पर मैंने सवाल खड़ा किया है। वे लोग अपनी फिल्मों की कामयाबी की दुआ मांगते हैं।’’ उन्होंने कहा, सूफी परंपरा का पूरा इतिहास रहा है और इस परपंरा में सबसे बड़ा नाम ख्वाजा का है। यहां आकर गाने-नाचने और अश्लीलता वाली चीजों की कामयाबी की दुआ नहीं मांगी जा सकती है।टिप्पणियां
हम उम्मीद करते हैं कि अल्पंसख्यक कार्य मंत्रालय इस परंपरा को कायम रखने के लिए जरूरी कदम उठाएगा। उल्लेखनीय है कि अजमेर शरीफ के पूरे प्रबंधन का काम देखने वाली दरगाह कमिटी इसी मंत्रालय के तहत आती है।
पिछले दिनों दीवान ने एक बयान में कहा था, अजमेर शरीफ में फिल्म निर्माताओं, कलाकारों और निर्देशकों की ओर से फिल्मों तथा धारावाहिकों की कामयाबी के लिए दुआ मांगना इस्लामी शरीयत और सूफीवाद की मूल परंपरा के खिलाफ है।
सज्जादानशीन खान ने मंगलवार को फोन पर कहा, ‘‘मैं फिल्म या टीवी के लोगों के यहां आकर जियारत करने के खिलाफ नहीं हूं। जियारत करने के तरीके पर मैंने सवाल खड़ा किया है। वे लोग अपनी फिल्मों की कामयाबी की दुआ मांगते हैं।’’ उन्होंने कहा, सूफी परंपरा का पूरा इतिहास रहा है और इस परपंरा में सबसे बड़ा नाम ख्वाजा का है। यहां आकर गाने-नाचने और अश्लीलता वाली चीजों की कामयाबी की दुआ नहीं मांगी जा सकती है।टिप्पणियां
हम उम्मीद करते हैं कि अल्पंसख्यक कार्य मंत्रालय इस परंपरा को कायम रखने के लिए जरूरी कदम उठाएगा। उल्लेखनीय है कि अजमेर शरीफ के पूरे प्रबंधन का काम देखने वाली दरगाह कमिटी इसी मंत्रालय के तहत आती है।
पिछले दिनों दीवान ने एक बयान में कहा था, अजमेर शरीफ में फिल्म निर्माताओं, कलाकारों और निर्देशकों की ओर से फिल्मों तथा धारावाहिकों की कामयाबी के लिए दुआ मांगना इस्लामी शरीयत और सूफीवाद की मूल परंपरा के खिलाफ है।
हम उम्मीद करते हैं कि अल्पंसख्यक कार्य मंत्रालय इस परंपरा को कायम रखने के लिए जरूरी कदम उठाएगा। उल्लेखनीय है कि अजमेर शरीफ के पूरे प्रबंधन का काम देखने वाली दरगाह कमिटी इसी मंत्रालय के तहत आती है।
पिछले दिनों दीवान ने एक बयान में कहा था, अजमेर शरीफ में फिल्म निर्माताओं, कलाकारों और निर्देशकों की ओर से फिल्मों तथा धारावाहिकों की कामयाबी के लिए दुआ मांगना इस्लामी शरीयत और सूफीवाद की मूल परंपरा के खिलाफ है।
पिछले दिनों दीवान ने एक बयान में कहा था, अजमेर शरीफ में फिल्म निर्माताओं, कलाकारों और निर्देशकों की ओर से फिल्मों तथा धारावाहिकों की कामयाबी के लिए दुआ मांगना इस्लामी शरीयत और सूफीवाद की मूल परंपरा के खिलाफ है। | यहाँ एक सारांश है:सज्जादानशीन खान ने कहा, ‘‘मैं फिल्म या टीवी के लोगों के यहां आकर जियारत करने के खिलाफ नहीं हूं। जियारत करने के तरीके पर मैंने सवाल खड़ा किया है। | 15 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: मुंबई में हमला करने वाले आतंकवादियों को कराची से नियंत्रित किए जाने के संदिग्ध आतंकी जबीउद्दीन अंसारी के खुलासे के कुछ ही दिन बाद पाकिस्तानी अधिकारियों ने दावा किया कि इन हमलों में 40 भारतीय लिप्त थे।
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के एक अनाम अधिकारी को 'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' में यह कहते हुए उद्धृत किया गया है ‘‘हमारी सूचना के अनुसार, हमलावरों की मदद कम से कम 40 भारतीयों ने की। हम चाहते हैं कि भारत इस पर स्थिति स्पष्ट करे।’’ खबर में कहा गया है कि दिल्ली में इस सप्ताह दोनों देशों के विदेश सचिवों के बीच होने जा रही बैठक में पाकिस्तान भारत से अंसारी उर्फ अबू जंदल की हालिया गिरफ्तारी का ब्योरा देने के लिए कहेगा।
इस खबर में आगे कहा गया है कि चार जुलाई से दोनों देशों के विदेश सचिवों के बीच शुरू होने जा रही बैठक में अंसारी की गिरफ्तारी और फिर भारतीय अधिकारियों द्वारा किए गए दावों पर चर्चा होने की संभावना है।
विदेश मंत्रालय के अधिकारी ने कहा कि पाकिस्तान भारत से अंसारी की गिरफ्तारी का ब्यौरा देने को कहेगा। उन्होंने कहा ‘‘भारत ने इस बारे में अब तक हमें कुछ नहीं बताया है।’’ अधिकारी ने कहा कि पाकिस्तान कहता रहा है कि मुंबई हमला भारतीय नागरिकों की मदद के बिना संभव नहीं हो सकता था।
इस अधिकारी के मुताबिक, ‘‘भारतीय अधिकारी हमें मुंबई हमलों की जांच की असली तस्वीर बताने को लेकर अनिच्छुक रहे हैं।’’ उन्होंने कहा ‘‘जब पाकिस्तानी न्यायिक आयोग सबूत जुटाने के लिए भारत गया तो उसे गवाहों से जिरह करने से रोक दिया गया।’’ अधिकारी ने कहा कि अगर जांच के ब्यौरे मुहैया कराए जाएं तो पाकिस्तान ‘‘निर्णायक कार्रवाई’’ कर सकता है।
उन्होंने कहा ‘‘सुनी सुनाई बात पर हम कार्रवाई नहीं कर सकते।’’ भारतीय अधिकारी कहते रहे हैं कि आयोग के दौरे से पहले दिल्ली और इस्लामाबाद के बीच हुए एक समझौते में यह साफ साफ कहा गया है कि पैनल को गवाहों से जिरह करने की अनुमति नहीं होगी।
भारतीय नागरिक अंसारी को सउदी अरब से प्रत्यर्पित कर लाए जाने के बाद गिरफ्तार किया गया है। भारतीय अधिकारियों ने कहा कि अंसारी पाकिस्तानी पासपोर्ट पर यात्रा कर रहा था।टिप्पणियां
गृह मंत्री पी चिदंबरम के मुताबिक, पूछताछ में अंसारी ने माना है कि वह उस समय कराची में एक नियंत्रण कक्ष में मौजूद था जहां से मुंबई हमलों को अंजाम देने वाले आतंकवादियों को निर्देश दिए जा रहे थे।
मुंबई हमलों के बाद पाकिस्तानी अधिकारियों ने लश्कर-ए-तैयबा के अभियान कमांडर जकीउर रहमान लखवी सहित सात संदिग्धों को गिरफ्तार किया था। लेकिन एक साल से अधिक समय से उनके खिलाफ सुनवाई नहीं हो पाई है।
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के एक अनाम अधिकारी को 'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' में यह कहते हुए उद्धृत किया गया है ‘‘हमारी सूचना के अनुसार, हमलावरों की मदद कम से कम 40 भारतीयों ने की। हम चाहते हैं कि भारत इस पर स्थिति स्पष्ट करे।’’ खबर में कहा गया है कि दिल्ली में इस सप्ताह दोनों देशों के विदेश सचिवों के बीच होने जा रही बैठक में पाकिस्तान भारत से अंसारी उर्फ अबू जंदल की हालिया गिरफ्तारी का ब्योरा देने के लिए कहेगा।
इस खबर में आगे कहा गया है कि चार जुलाई से दोनों देशों के विदेश सचिवों के बीच शुरू होने जा रही बैठक में अंसारी की गिरफ्तारी और फिर भारतीय अधिकारियों द्वारा किए गए दावों पर चर्चा होने की संभावना है।
विदेश मंत्रालय के अधिकारी ने कहा कि पाकिस्तान भारत से अंसारी की गिरफ्तारी का ब्यौरा देने को कहेगा। उन्होंने कहा ‘‘भारत ने इस बारे में अब तक हमें कुछ नहीं बताया है।’’ अधिकारी ने कहा कि पाकिस्तान कहता रहा है कि मुंबई हमला भारतीय नागरिकों की मदद के बिना संभव नहीं हो सकता था।
इस अधिकारी के मुताबिक, ‘‘भारतीय अधिकारी हमें मुंबई हमलों की जांच की असली तस्वीर बताने को लेकर अनिच्छुक रहे हैं।’’ उन्होंने कहा ‘‘जब पाकिस्तानी न्यायिक आयोग सबूत जुटाने के लिए भारत गया तो उसे गवाहों से जिरह करने से रोक दिया गया।’’ अधिकारी ने कहा कि अगर जांच के ब्यौरे मुहैया कराए जाएं तो पाकिस्तान ‘‘निर्णायक कार्रवाई’’ कर सकता है।
उन्होंने कहा ‘‘सुनी सुनाई बात पर हम कार्रवाई नहीं कर सकते।’’ भारतीय अधिकारी कहते रहे हैं कि आयोग के दौरे से पहले दिल्ली और इस्लामाबाद के बीच हुए एक समझौते में यह साफ साफ कहा गया है कि पैनल को गवाहों से जिरह करने की अनुमति नहीं होगी।
भारतीय नागरिक अंसारी को सउदी अरब से प्रत्यर्पित कर लाए जाने के बाद गिरफ्तार किया गया है। भारतीय अधिकारियों ने कहा कि अंसारी पाकिस्तानी पासपोर्ट पर यात्रा कर रहा था।टिप्पणियां
गृह मंत्री पी चिदंबरम के मुताबिक, पूछताछ में अंसारी ने माना है कि वह उस समय कराची में एक नियंत्रण कक्ष में मौजूद था जहां से मुंबई हमलों को अंजाम देने वाले आतंकवादियों को निर्देश दिए जा रहे थे।
मुंबई हमलों के बाद पाकिस्तानी अधिकारियों ने लश्कर-ए-तैयबा के अभियान कमांडर जकीउर रहमान लखवी सहित सात संदिग्धों को गिरफ्तार किया था। लेकिन एक साल से अधिक समय से उनके खिलाफ सुनवाई नहीं हो पाई है।
इस खबर में आगे कहा गया है कि चार जुलाई से दोनों देशों के विदेश सचिवों के बीच शुरू होने जा रही बैठक में अंसारी की गिरफ्तारी और फिर भारतीय अधिकारियों द्वारा किए गए दावों पर चर्चा होने की संभावना है।
विदेश मंत्रालय के अधिकारी ने कहा कि पाकिस्तान भारत से अंसारी की गिरफ्तारी का ब्यौरा देने को कहेगा। उन्होंने कहा ‘‘भारत ने इस बारे में अब तक हमें कुछ नहीं बताया है।’’ अधिकारी ने कहा कि पाकिस्तान कहता रहा है कि मुंबई हमला भारतीय नागरिकों की मदद के बिना संभव नहीं हो सकता था।
इस अधिकारी के मुताबिक, ‘‘भारतीय अधिकारी हमें मुंबई हमलों की जांच की असली तस्वीर बताने को लेकर अनिच्छुक रहे हैं।’’ उन्होंने कहा ‘‘जब पाकिस्तानी न्यायिक आयोग सबूत जुटाने के लिए भारत गया तो उसे गवाहों से जिरह करने से रोक दिया गया।’’ अधिकारी ने कहा कि अगर जांच के ब्यौरे मुहैया कराए जाएं तो पाकिस्तान ‘‘निर्णायक कार्रवाई’’ कर सकता है।
उन्होंने कहा ‘‘सुनी सुनाई बात पर हम कार्रवाई नहीं कर सकते।’’ भारतीय अधिकारी कहते रहे हैं कि आयोग के दौरे से पहले दिल्ली और इस्लामाबाद के बीच हुए एक समझौते में यह साफ साफ कहा गया है कि पैनल को गवाहों से जिरह करने की अनुमति नहीं होगी।
भारतीय नागरिक अंसारी को सउदी अरब से प्रत्यर्पित कर लाए जाने के बाद गिरफ्तार किया गया है। भारतीय अधिकारियों ने कहा कि अंसारी पाकिस्तानी पासपोर्ट पर यात्रा कर रहा था।टिप्पणियां
गृह मंत्री पी चिदंबरम के मुताबिक, पूछताछ में अंसारी ने माना है कि वह उस समय कराची में एक नियंत्रण कक्ष में मौजूद था जहां से मुंबई हमलों को अंजाम देने वाले आतंकवादियों को निर्देश दिए जा रहे थे।
मुंबई हमलों के बाद पाकिस्तानी अधिकारियों ने लश्कर-ए-तैयबा के अभियान कमांडर जकीउर रहमान लखवी सहित सात संदिग्धों को गिरफ्तार किया था। लेकिन एक साल से अधिक समय से उनके खिलाफ सुनवाई नहीं हो पाई है।
विदेश मंत्रालय के अधिकारी ने कहा कि पाकिस्तान भारत से अंसारी की गिरफ्तारी का ब्यौरा देने को कहेगा। उन्होंने कहा ‘‘भारत ने इस बारे में अब तक हमें कुछ नहीं बताया है।’’ अधिकारी ने कहा कि पाकिस्तान कहता रहा है कि मुंबई हमला भारतीय नागरिकों की मदद के बिना संभव नहीं हो सकता था।
इस अधिकारी के मुताबिक, ‘‘भारतीय अधिकारी हमें मुंबई हमलों की जांच की असली तस्वीर बताने को लेकर अनिच्छुक रहे हैं।’’ उन्होंने कहा ‘‘जब पाकिस्तानी न्यायिक आयोग सबूत जुटाने के लिए भारत गया तो उसे गवाहों से जिरह करने से रोक दिया गया।’’ अधिकारी ने कहा कि अगर जांच के ब्यौरे मुहैया कराए जाएं तो पाकिस्तान ‘‘निर्णायक कार्रवाई’’ कर सकता है।
उन्होंने कहा ‘‘सुनी सुनाई बात पर हम कार्रवाई नहीं कर सकते।’’ भारतीय अधिकारी कहते रहे हैं कि आयोग के दौरे से पहले दिल्ली और इस्लामाबाद के बीच हुए एक समझौते में यह साफ साफ कहा गया है कि पैनल को गवाहों से जिरह करने की अनुमति नहीं होगी।
भारतीय नागरिक अंसारी को सउदी अरब से प्रत्यर्पित कर लाए जाने के बाद गिरफ्तार किया गया है। भारतीय अधिकारियों ने कहा कि अंसारी पाकिस्तानी पासपोर्ट पर यात्रा कर रहा था।टिप्पणियां
गृह मंत्री पी चिदंबरम के मुताबिक, पूछताछ में अंसारी ने माना है कि वह उस समय कराची में एक नियंत्रण कक्ष में मौजूद था जहां से मुंबई हमलों को अंजाम देने वाले आतंकवादियों को निर्देश दिए जा रहे थे।
मुंबई हमलों के बाद पाकिस्तानी अधिकारियों ने लश्कर-ए-तैयबा के अभियान कमांडर जकीउर रहमान लखवी सहित सात संदिग्धों को गिरफ्तार किया था। लेकिन एक साल से अधिक समय से उनके खिलाफ सुनवाई नहीं हो पाई है।
इस अधिकारी के मुताबिक, ‘‘भारतीय अधिकारी हमें मुंबई हमलों की जांच की असली तस्वीर बताने को लेकर अनिच्छुक रहे हैं।’’ उन्होंने कहा ‘‘जब पाकिस्तानी न्यायिक आयोग सबूत जुटाने के लिए भारत गया तो उसे गवाहों से जिरह करने से रोक दिया गया।’’ अधिकारी ने कहा कि अगर जांच के ब्यौरे मुहैया कराए जाएं तो पाकिस्तान ‘‘निर्णायक कार्रवाई’’ कर सकता है।
उन्होंने कहा ‘‘सुनी सुनाई बात पर हम कार्रवाई नहीं कर सकते।’’ भारतीय अधिकारी कहते रहे हैं कि आयोग के दौरे से पहले दिल्ली और इस्लामाबाद के बीच हुए एक समझौते में यह साफ साफ कहा गया है कि पैनल को गवाहों से जिरह करने की अनुमति नहीं होगी।
भारतीय नागरिक अंसारी को सउदी अरब से प्रत्यर्पित कर लाए जाने के बाद गिरफ्तार किया गया है। भारतीय अधिकारियों ने कहा कि अंसारी पाकिस्तानी पासपोर्ट पर यात्रा कर रहा था।टिप्पणियां
गृह मंत्री पी चिदंबरम के मुताबिक, पूछताछ में अंसारी ने माना है कि वह उस समय कराची में एक नियंत्रण कक्ष में मौजूद था जहां से मुंबई हमलों को अंजाम देने वाले आतंकवादियों को निर्देश दिए जा रहे थे।
मुंबई हमलों के बाद पाकिस्तानी अधिकारियों ने लश्कर-ए-तैयबा के अभियान कमांडर जकीउर रहमान लखवी सहित सात संदिग्धों को गिरफ्तार किया था। लेकिन एक साल से अधिक समय से उनके खिलाफ सुनवाई नहीं हो पाई है।
उन्होंने कहा ‘‘सुनी सुनाई बात पर हम कार्रवाई नहीं कर सकते।’’ भारतीय अधिकारी कहते रहे हैं कि आयोग के दौरे से पहले दिल्ली और इस्लामाबाद के बीच हुए एक समझौते में यह साफ साफ कहा गया है कि पैनल को गवाहों से जिरह करने की अनुमति नहीं होगी।
भारतीय नागरिक अंसारी को सउदी अरब से प्रत्यर्पित कर लाए जाने के बाद गिरफ्तार किया गया है। भारतीय अधिकारियों ने कहा कि अंसारी पाकिस्तानी पासपोर्ट पर यात्रा कर रहा था।टिप्पणियां
गृह मंत्री पी चिदंबरम के मुताबिक, पूछताछ में अंसारी ने माना है कि वह उस समय कराची में एक नियंत्रण कक्ष में मौजूद था जहां से मुंबई हमलों को अंजाम देने वाले आतंकवादियों को निर्देश दिए जा रहे थे।
मुंबई हमलों के बाद पाकिस्तानी अधिकारियों ने लश्कर-ए-तैयबा के अभियान कमांडर जकीउर रहमान लखवी सहित सात संदिग्धों को गिरफ्तार किया था। लेकिन एक साल से अधिक समय से उनके खिलाफ सुनवाई नहीं हो पाई है।
भारतीय नागरिक अंसारी को सउदी अरब से प्रत्यर्पित कर लाए जाने के बाद गिरफ्तार किया गया है। भारतीय अधिकारियों ने कहा कि अंसारी पाकिस्तानी पासपोर्ट पर यात्रा कर रहा था।टिप्पणियां
गृह मंत्री पी चिदंबरम के मुताबिक, पूछताछ में अंसारी ने माना है कि वह उस समय कराची में एक नियंत्रण कक्ष में मौजूद था जहां से मुंबई हमलों को अंजाम देने वाले आतंकवादियों को निर्देश दिए जा रहे थे।
मुंबई हमलों के बाद पाकिस्तानी अधिकारियों ने लश्कर-ए-तैयबा के अभियान कमांडर जकीउर रहमान लखवी सहित सात संदिग्धों को गिरफ्तार किया था। लेकिन एक साल से अधिक समय से उनके खिलाफ सुनवाई नहीं हो पाई है।
गृह मंत्री पी चिदंबरम के मुताबिक, पूछताछ में अंसारी ने माना है कि वह उस समय कराची में एक नियंत्रण कक्ष में मौजूद था जहां से मुंबई हमलों को अंजाम देने वाले आतंकवादियों को निर्देश दिए जा रहे थे।
मुंबई हमलों के बाद पाकिस्तानी अधिकारियों ने लश्कर-ए-तैयबा के अभियान कमांडर जकीउर रहमान लखवी सहित सात संदिग्धों को गिरफ्तार किया था। लेकिन एक साल से अधिक समय से उनके खिलाफ सुनवाई नहीं हो पाई है।
मुंबई हमलों के बाद पाकिस्तानी अधिकारियों ने लश्कर-ए-तैयबा के अभियान कमांडर जकीउर रहमान लखवी सहित सात संदिग्धों को गिरफ्तार किया था। लेकिन एक साल से अधिक समय से उनके खिलाफ सुनवाई नहीं हो पाई है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: मुंबई में हमला करने वाले आतंकवादियों को कराची से नियंत्रित किए जाने के संदिग्ध आतंकी जबीउद्दीन अंसारी के खुलासे के कुछ ही दिन बाद पाकिस्तानी अधिकारियों ने दावा किया कि इन हमलों में 40 भारतीय लिप्त थे। | 11 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा लाओस के वियंतिन में हो रहे आसियान शिखर सम्मेलन के इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आज द्विपक्षीय मुलाकात करेंगे. यह जानकारी व्हाइट हाउस ने दी. व्हाइट हाउस की ओर से प्रेस के लिए रोजाना जारी किए जाने वाले बयान में कहा गया, "दोपहर के वक्त राष्ट्रपति भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से द्विपक्षीय मुलाकात करेंगे ."
मुलाकात के बाद दोनों नेता संक्षिप्त बयान दे सकते हैं. पिछले दो साल में यह मोदी और ओबामा की आठवीं मुलाकात होगी . दोनों नेता पहली बार सितंबर 2014 में तब मिले थे जब ओबामा के न्योते पर मोदी वॉशिंगटन डीसी गए थे.
बीते रविवार को चीन के होंगझाउ में जी-20 शिखर सम्मेलन के इतर प्रधानमंत्री मोदी ने ओबामा से मुलाकात की थी . इस मुलाकात में ओबामा ने एक "मुश्किल" वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में जीएसटी सुधार पर "साहसिक नीतिगत" कदम उठाने के लिए भारत की तारीफ की थी.टिप्पणियां
मोदी से मुलाकात के तुरंत बाद ओबामा लाओस में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर सकते हैं. संवाददाता सम्मेलन के बाद ओबामा जापान के योकोटा से होते हुए अमेरिका रवाना हो जाएंगे. योकोटा में उनके विमान के लिए ईंधन लिया जाएगा. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मुलाकात के बाद दोनों नेता संक्षिप्त बयान दे सकते हैं. पिछले दो साल में यह मोदी और ओबामा की आठवीं मुलाकात होगी . दोनों नेता पहली बार सितंबर 2014 में तब मिले थे जब ओबामा के न्योते पर मोदी वॉशिंगटन डीसी गए थे.
बीते रविवार को चीन के होंगझाउ में जी-20 शिखर सम्मेलन के इतर प्रधानमंत्री मोदी ने ओबामा से मुलाकात की थी . इस मुलाकात में ओबामा ने एक "मुश्किल" वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में जीएसटी सुधार पर "साहसिक नीतिगत" कदम उठाने के लिए भारत की तारीफ की थी.टिप्पणियां
मोदी से मुलाकात के तुरंत बाद ओबामा लाओस में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर सकते हैं. संवाददाता सम्मेलन के बाद ओबामा जापान के योकोटा से होते हुए अमेरिका रवाना हो जाएंगे. योकोटा में उनके विमान के लिए ईंधन लिया जाएगा. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
बीते रविवार को चीन के होंगझाउ में जी-20 शिखर सम्मेलन के इतर प्रधानमंत्री मोदी ने ओबामा से मुलाकात की थी . इस मुलाकात में ओबामा ने एक "मुश्किल" वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में जीएसटी सुधार पर "साहसिक नीतिगत" कदम उठाने के लिए भारत की तारीफ की थी.टिप्पणियां
मोदी से मुलाकात के तुरंत बाद ओबामा लाओस में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर सकते हैं. संवाददाता सम्मेलन के बाद ओबामा जापान के योकोटा से होते हुए अमेरिका रवाना हो जाएंगे. योकोटा में उनके विमान के लिए ईंधन लिया जाएगा. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मोदी से मुलाकात के तुरंत बाद ओबामा लाओस में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर सकते हैं. संवाददाता सम्मेलन के बाद ओबामा जापान के योकोटा से होते हुए अमेरिका रवाना हो जाएंगे. योकोटा में उनके विमान के लिए ईंधन लिया जाएगा. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यहाँ एक सारांश है:मुलाकात के बाद दोनों नेता दे सकते हैं सक्षिप्त बयान
पिछले दो साल में यह मोदी और ओबामा की आठवीं मुलाकात होगी
दोनों नेता पहली बार सितंबर 2014 में मिले थे | 15 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) 29 जुलाई को जेट एतिहाद सौदे पर विचार करेगा। लंबे समय से लंबित इस सौदे में 2,058 करोड़ रुपये का विदेशी निवेश प्रस्तावित है।
आर्थिक मामलों के सचिव अरविंद मायाराम की अगुवाई वाले विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड ने पिछले महीने जेट के विदेशी भागीदार के रूप में एतिहाद को शामिल करने के प्रस्ताव पर फैसला टाल दिया था। मुख्य रूप से स्वामित्व तथा प्रभावी नियंत्रण के मुद्दे को लेकर फैसला टाला गया था।
विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड की 29 जुलाई की बैठक के एजेंडा में जेट-एतिहाद का प्रस्ताव शामिल है। एफआईपीबी की 14 जून को हुई बैठक के बाद वित्त मंत्रालय ने जेट एयरवेज को पत्र लिखकर स्वामित्व के ढांचे पर स्थिति स्पष्ट करने को कहा था। उसने बाजार नियामक सेबी को पत्र लिखकर पूछा था कि 'वास्तविक स्वामित्व' तथा 'प्रभावी नियंत्रण' को इस सौदे में कैसे परिभाषित किया जाएगा।
सूत्रों ने बताया कि जेट द्वारा एफआईपीबी की पिछले महीने हुई बैठक में दिए गए शेयरधारक तथा संचालन करार के अनुसार कंपनी का आखिरी स्वामित्व विदेशी हाथों में होगा। प्रस्तावित जेट-एतिहाद सौदे के अनुसार अबू धाबी की कंपनी भारतीय एयरलाइंस में 24 प्रतिशत हिस्सेदारी का अधिग्रहण कर रही है। टिप्पणियां
हालांकि, इस बात को लेकर चिंता जताई जा रही है कि एतिहाद को वोटिंग अधिकार और अन्य अधिकार उसकी प्रस्तावित 24 प्रतिशत की हिस्सेदारी से ज्यादा मिलेंगे। सेबी अधिग्रहण नियमों के अनुसार किसी सूचीबद्ध भारतीय कंपनी में 25 फीसदी या अधिक की हिस्सेदारी लेने की स्थिति में आम शेयरधारकों से 26 प्रतिशत अतिरिक्त हिस्सेदारी खरीदने के लिए खुली पेशकश लाना अनिवार्य है।
बाजार नियामक सेबी चेयरमैन यूके सिन्हा ने इसी सप्ताह यह भी कहा कि किसी भी कंपनी द्वारा सूचीबद्ध भारतीय कंपनी का नियंत्रण अपने हाथ में लेने की स्थिति में उसे भी आम शेयरधारकों के लिए खुली पेशकश लानी होगी। फिर चाहे ऐसी स्थिति में अधिग्रहण 25 प्रतिशत से कम हिस्सेदारी का क्यों न हुआ हो।
आर्थिक मामलों के सचिव अरविंद मायाराम की अगुवाई वाले विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड ने पिछले महीने जेट के विदेशी भागीदार के रूप में एतिहाद को शामिल करने के प्रस्ताव पर फैसला टाल दिया था। मुख्य रूप से स्वामित्व तथा प्रभावी नियंत्रण के मुद्दे को लेकर फैसला टाला गया था।
विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड की 29 जुलाई की बैठक के एजेंडा में जेट-एतिहाद का प्रस्ताव शामिल है। एफआईपीबी की 14 जून को हुई बैठक के बाद वित्त मंत्रालय ने जेट एयरवेज को पत्र लिखकर स्वामित्व के ढांचे पर स्थिति स्पष्ट करने को कहा था। उसने बाजार नियामक सेबी को पत्र लिखकर पूछा था कि 'वास्तविक स्वामित्व' तथा 'प्रभावी नियंत्रण' को इस सौदे में कैसे परिभाषित किया जाएगा।
सूत्रों ने बताया कि जेट द्वारा एफआईपीबी की पिछले महीने हुई बैठक में दिए गए शेयरधारक तथा संचालन करार के अनुसार कंपनी का आखिरी स्वामित्व विदेशी हाथों में होगा। प्रस्तावित जेट-एतिहाद सौदे के अनुसार अबू धाबी की कंपनी भारतीय एयरलाइंस में 24 प्रतिशत हिस्सेदारी का अधिग्रहण कर रही है। टिप्पणियां
हालांकि, इस बात को लेकर चिंता जताई जा रही है कि एतिहाद को वोटिंग अधिकार और अन्य अधिकार उसकी प्रस्तावित 24 प्रतिशत की हिस्सेदारी से ज्यादा मिलेंगे। सेबी अधिग्रहण नियमों के अनुसार किसी सूचीबद्ध भारतीय कंपनी में 25 फीसदी या अधिक की हिस्सेदारी लेने की स्थिति में आम शेयरधारकों से 26 प्रतिशत अतिरिक्त हिस्सेदारी खरीदने के लिए खुली पेशकश लाना अनिवार्य है।
बाजार नियामक सेबी चेयरमैन यूके सिन्हा ने इसी सप्ताह यह भी कहा कि किसी भी कंपनी द्वारा सूचीबद्ध भारतीय कंपनी का नियंत्रण अपने हाथ में लेने की स्थिति में उसे भी आम शेयरधारकों के लिए खुली पेशकश लानी होगी। फिर चाहे ऐसी स्थिति में अधिग्रहण 25 प्रतिशत से कम हिस्सेदारी का क्यों न हुआ हो।
विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड की 29 जुलाई की बैठक के एजेंडा में जेट-एतिहाद का प्रस्ताव शामिल है। एफआईपीबी की 14 जून को हुई बैठक के बाद वित्त मंत्रालय ने जेट एयरवेज को पत्र लिखकर स्वामित्व के ढांचे पर स्थिति स्पष्ट करने को कहा था। उसने बाजार नियामक सेबी को पत्र लिखकर पूछा था कि 'वास्तविक स्वामित्व' तथा 'प्रभावी नियंत्रण' को इस सौदे में कैसे परिभाषित किया जाएगा।
सूत्रों ने बताया कि जेट द्वारा एफआईपीबी की पिछले महीने हुई बैठक में दिए गए शेयरधारक तथा संचालन करार के अनुसार कंपनी का आखिरी स्वामित्व विदेशी हाथों में होगा। प्रस्तावित जेट-एतिहाद सौदे के अनुसार अबू धाबी की कंपनी भारतीय एयरलाइंस में 24 प्रतिशत हिस्सेदारी का अधिग्रहण कर रही है। टिप्पणियां
हालांकि, इस बात को लेकर चिंता जताई जा रही है कि एतिहाद को वोटिंग अधिकार और अन्य अधिकार उसकी प्रस्तावित 24 प्रतिशत की हिस्सेदारी से ज्यादा मिलेंगे। सेबी अधिग्रहण नियमों के अनुसार किसी सूचीबद्ध भारतीय कंपनी में 25 फीसदी या अधिक की हिस्सेदारी लेने की स्थिति में आम शेयरधारकों से 26 प्रतिशत अतिरिक्त हिस्सेदारी खरीदने के लिए खुली पेशकश लाना अनिवार्य है।
बाजार नियामक सेबी चेयरमैन यूके सिन्हा ने इसी सप्ताह यह भी कहा कि किसी भी कंपनी द्वारा सूचीबद्ध भारतीय कंपनी का नियंत्रण अपने हाथ में लेने की स्थिति में उसे भी आम शेयरधारकों के लिए खुली पेशकश लानी होगी। फिर चाहे ऐसी स्थिति में अधिग्रहण 25 प्रतिशत से कम हिस्सेदारी का क्यों न हुआ हो।
सूत्रों ने बताया कि जेट द्वारा एफआईपीबी की पिछले महीने हुई बैठक में दिए गए शेयरधारक तथा संचालन करार के अनुसार कंपनी का आखिरी स्वामित्व विदेशी हाथों में होगा। प्रस्तावित जेट-एतिहाद सौदे के अनुसार अबू धाबी की कंपनी भारतीय एयरलाइंस में 24 प्रतिशत हिस्सेदारी का अधिग्रहण कर रही है। टिप्पणियां
हालांकि, इस बात को लेकर चिंता जताई जा रही है कि एतिहाद को वोटिंग अधिकार और अन्य अधिकार उसकी प्रस्तावित 24 प्रतिशत की हिस्सेदारी से ज्यादा मिलेंगे। सेबी अधिग्रहण नियमों के अनुसार किसी सूचीबद्ध भारतीय कंपनी में 25 फीसदी या अधिक की हिस्सेदारी लेने की स्थिति में आम शेयरधारकों से 26 प्रतिशत अतिरिक्त हिस्सेदारी खरीदने के लिए खुली पेशकश लाना अनिवार्य है।
बाजार नियामक सेबी चेयरमैन यूके सिन्हा ने इसी सप्ताह यह भी कहा कि किसी भी कंपनी द्वारा सूचीबद्ध भारतीय कंपनी का नियंत्रण अपने हाथ में लेने की स्थिति में उसे भी आम शेयरधारकों के लिए खुली पेशकश लानी होगी। फिर चाहे ऐसी स्थिति में अधिग्रहण 25 प्रतिशत से कम हिस्सेदारी का क्यों न हुआ हो।
हालांकि, इस बात को लेकर चिंता जताई जा रही है कि एतिहाद को वोटिंग अधिकार और अन्य अधिकार उसकी प्रस्तावित 24 प्रतिशत की हिस्सेदारी से ज्यादा मिलेंगे। सेबी अधिग्रहण नियमों के अनुसार किसी सूचीबद्ध भारतीय कंपनी में 25 फीसदी या अधिक की हिस्सेदारी लेने की स्थिति में आम शेयरधारकों से 26 प्रतिशत अतिरिक्त हिस्सेदारी खरीदने के लिए खुली पेशकश लाना अनिवार्य है।
बाजार नियामक सेबी चेयरमैन यूके सिन्हा ने इसी सप्ताह यह भी कहा कि किसी भी कंपनी द्वारा सूचीबद्ध भारतीय कंपनी का नियंत्रण अपने हाथ में लेने की स्थिति में उसे भी आम शेयरधारकों के लिए खुली पेशकश लानी होगी। फिर चाहे ऐसी स्थिति में अधिग्रहण 25 प्रतिशत से कम हिस्सेदारी का क्यों न हुआ हो।
बाजार नियामक सेबी चेयरमैन यूके सिन्हा ने इसी सप्ताह यह भी कहा कि किसी भी कंपनी द्वारा सूचीबद्ध भारतीय कंपनी का नियंत्रण अपने हाथ में लेने की स्थिति में उसे भी आम शेयरधारकों के लिए खुली पेशकश लानी होगी। फिर चाहे ऐसी स्थिति में अधिग्रहण 25 प्रतिशत से कम हिस्सेदारी का क्यों न हुआ हो। | आर्थिक मामलों के सचिव अरविंद मायाराम की अगुवाई वाले विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड ने पिछले महीने जेट के विदेशी भागीदार के रूप में एतिहाद को शामिल करने के प्रस्ताव पर फैसला टाल दिया था। इस सौदे में 2,058 करोड़ रुपये का विदेशी निवेश प्रस्तावित है। | 28 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: इंग्लैंड के हाथों एकदिवसीय श्रृंखला गंवाने के बाद कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने उम्मीद जताई है कि भारतीय टीम अंतिम मुकाबले में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेगी। लॉर्ड्स में रविवार को खेला गया वर्षा से बाधित चौथा एकदिवसीय मुकाबला डकवर्थ लुइस नियम के तहत टाई हो गया। इंग्लिश टीम इस श्रृंखला में 2-0 से आगे है। इस प्रकार मेजबान टीम ने श्रृंखला पर कब्जा कर लिया है। श्रृंखला का अंतिम मुकाबला 16 सितम्बर को खेला जाएगा। चौथे एकदिवसीय मुकाबले में नाबाद 78 रनों की पारी खेलने वाले धोनी ने कहा, "मौजूदा दौरे के दौरान हमने एक भी मुकाबला नहीं जीता है। यह एक लम्बा दौरा था। हमें एक मैच और खेलना है। हम इस मुकाबले में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहेंगे।" धोनी ने सुरेश रैना की जमकर तारीफ की जिन्होंने चौथे मुकाबले में शानदार 84 रन बनाए। रैना ने धोनी के साथ मिलकर 169 रनों की साझेदारी निभाई थी जिसकी बदौलत भारतीय टीम पांच विकेट पर 280 रन बनाने में सफल रही। धोनी ने कहा, "हम सभी जानते हैं रैना एक बेहतरीन बल्लेबाज हैं और एक बार विकेट पर टिकने के बाद वह विश्व के किसी भी मजबूत गेंदबाजी आक्रमण का सामना करने में सक्षम हैं।" लॉर्ड्स एकदिवसीय मुकाबले में इयन बेल (57) का महत्वपूर्ण विकेट झटकने वाले स्पिन गेंदबाज रवींद्र जडेजा की धोनी ने तारीफ करते हुए कहा, "जडेजा अपना काम बखूबी निभा रहे हैं। यहां की परिस्थितियां स्पिन के अनुकूल नहीं है।" | यहाँ एक सारांश है:इंग्लैंड के हाथों वनडे श्रृंखला गंवाने के बाद कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने उम्मीद जताई है कि भारतीय टीम अंतिम मुकाबले में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेगी। | 18 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: महाराष्ट्र में शनिवार को सुबह हुए अप्रत्याशित घटनाक्रम को लेकर Congress-NCP और शिवसेना सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है जिस पर तीन जजों की पीठ आज सुनवाई करेगी. सुप्रीम कोर्ट की इस बेंच में जस्टिस एनवी रमन्ना, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस संजीव खन्ना शामिल हैं. जस्टिस अशोक भूषण 2018 कर्नाटक मामले में रात भर हुई सुनवाई में शामिल थे. वहीं जस्टिस रमन्ना और जस्टिस संजीव खन्ना उस बेंच में थे जिसने हाल ही में कर्नाटक में बागी विधायकों की अयोग्यता पर फैसला दिया था. वहीं शिवसेना ने अपनी याचिका में मांग की है कि राज्यपाल के उस आदेश को रद्द कर दिया जाए जिसमें उन्होंने देवेंद्र फडणवीस को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया था. याचिका में कहा गया है कि राज्यपाल का फैसला असंवैधानिक, मनमाना, गैरकानूनी और समानता के अधिकार का उल्लंघन है. याचिका पर सुप्रीम कोर्ट आज सुनवाई करेगा.
शिवसेना ने यह मांग भी की है कि सुप्रीम कोर्ट राज्यपाल को एनसीपी, कांग्रेस और शिवसेना के गठबंधन को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने का आदेश दे. दावा किया गया है कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में गठबंधन के पास 144 से ज्यादा विधायकों का समर्थन है. याचिका के साथ ही लगाई एक अर्जी में तीनों पार्टियों ने 288 सदस्यीय सदन में 154 विधायकों के समर्थन का दावा किया है और सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया है कि कोर्ट तुंरत रविवार को विधानसभा का स्पेशल सत्र बुलाकर फ्लोर टेस्ट का निर्देश दे ताकि साफ हो सके कि बहुमत उद्धव ठाकरे के पास है या देवेंद्र फडणवीस के पास.
गौरतलब है कि महाराष्ट्र (Maharashtra) में जारी उठापटक के बीच शनिवार को बड़ा उलटफेर हुआ और बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने दोबारा सीएम पद की शपथ ले ली. उनके साथ आए एनसीपी नेता अजित पवार ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ले ली. सुबह करीब आठ बजे राजभवन में राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने दोनों नेताओं को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई.जबकि शुक्रवार को शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस की बैठक में तीनों दलों ने गठबंधन सरकार बनाने का फैसला ले लिया था और उद्धव ठाकरे को सीएम बनाने की घोषणा की गई थी. | सारांश: महाराष्ट्र मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में
तीन जजों की पीठ करेगी सुनवाई
Congress-NCP और शिवसेना ने दी है याचिका | 31 | ['hin'] |
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