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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के अध्यक्ष राज ठाकरे को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा भेजे गए नोटिस के बाद उनके चचेरे भाई और सत्तारूढ़ सहयोगी शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे उनके समर्थन में उतर आए हैं. ईडी ने एक मामले की जांच के सिलसिले में राज ठाकरे को सम्मन जारी करते हुए गुरुवार को पेश होने को कहा है. उद्धव ठाकरे ने अपने आवास पर मीडियाकर्मियों से यह कहते हुए अपना परोक्ष समर्थन जाहिर किया कि ईडी द्वारा उनसे (राज ठाकरे से) पूछताछ में कुछ भी नहीं निकलेगा.
उद्धव ने कहा, "मुझे नहीं लगता कि ईडी द्वारा उनसे (राज ठाकरे) कल की जाने वाली पूछताछ से कोई नतीजा निकलेगा." ईडी के कदम को पहले प्रतिशोध का कारण बताने वाले मनसे के प्रवक्ता संदीप देशपांडे ने इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य के सभी लोग इस बात को जानते हैं कि इस मामले में कुछ भी नहीं है और राज ठाकरे इससे अछूते रहेंगे. उद्धव ने यह टिप्पणी इगतपुरी से कांग्रेस विधायक निर्मला गावित के शिवसेना में शामिल होने के मौके पर की.
ईडी ने रविवार को ठाकरे व उनके पूर्व कारोबारी सहयोगी रहे पूर्व लोकसभा अध्यक्ष और सत्तारूढ़ सहयोगी शिवसेना नेता मनोहर जोशी के बेटे अनमेश जोशी के साथ ही एक अन्य कारोबारी सहयोगी को नोटिस जारी किया था. इसके बाद राजनीतिक हलकों में खलबली मच गई थी. गौरतलब है कि ईडी ने ठाकरे को आईएलएंडएफएस से संबंधित एक धनशोधन मामले में गुरुवार को अपने कार्यालय में पेश होने को कहा है. | संक्षिप्त पाठ: मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे को ईडी द्वारा भेजा गया नोटिस
शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने किया समर्थन
बोले- पूछताछ से कोई नतीजा नहीं निकलेगा | 22 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: केरल विधानसभा चुनाव के लिए बुधवार सुबह सात बजे से हो रहे मतदान के प्रति लोगों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। दोपहर एक बजे तक करीब 50 फीसदी मतदान की सूचना है। मुख्य चुनाव अधिकारी द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक पहले छह घंटे के दौरान करीब 48.5 फीसदी मतदान हो चुका है। राज्य में सुबह सात बजे से शाम पांच बजे तक मतदान होगा। कन्नूर जिले में सबसे अधिक 53.20 फीसदी और तिरूवनंतपुरम में सबसे कम 43 फीसदी मतदान की सूचना है। राज्य के कुल 20,758 मतदान केंद्रों में से अधिकत्तर पर मतदाताओं की भीड़ देखी जा रही थी। अपनी पत्नी के साथ मतदान केंद्र पर पहुंचे रक्षा मंत्री एके एंटनी ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट के प्रमुख प्रचारक एंटनी ने कहा कि जनता राज्य में शासन में बदलाव चाहती है। उधर, पलक्कड़ के मलमपुझा में मतदान करने के बाद मुख्यमंत्री अच्युतानंदन ने कहा कि वाम मोर्चा शानदार जीत हासिल करेगा। वहीं प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष रमेश चेन्निथाला ने भी 140 सदस्यीय विधानसभा में कम से कम 100 सीटों पर जीत की उम्मीद जताई है। सुरक्षा की दृष्टि से करीब 80,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। 20,758 मतदान केंद्र और 27 सहायक मतदान केंद्र बनाए गए हैं। यहां कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) और वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) में टक्कर है। राज्य के करीब 1.2 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग कर 78 महिलाओं सहित 971 उम्मीदवारों का राजनीतिक भविष्य तय करेंगे। | यह एक सारांश है: केरल विधानसभा चुनाव के लिए मतदान के प्रति लोगों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। दोपहर एक बजे तक करीब 50 फीसदी मतदान की सूचना है। | 16 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: कर्नाटक में पार्टी के लिए चुनावी माहौल तैयार करते हुए कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि बीजेपी सरकार को हटाने के लिए वे एकजुट रहें, जिसका केवल भ्रष्टाचार का रिकॉर्ड है।
पार्टी को प्रेरित करने के लिए दो दिवसीय यात्रा पर कर्नाटक आए राहुल ने बीजेपी सरकार की जमकर खिंचाई की और आरोप लगाया कि उनके पास सिर्फ भ्रष्टाचार का रिकॉर्ड है। उन्होंने कहा, बीजेपी शासित कर्नाटक से ज्यादा कोई भ्रष्ट राज्य नहीं है। युवक कांग्रेस सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जब आधा राज्य सूखाग्रस्त था, तो बीजेपी भ्रष्टाचार में संलिप्त थी और आपस में लड़ रही थी।टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार राज्य को लोकहितैषी योजनाएं लागू करने के लिए कोष देती है, लेकिन यह आम आदमी तक नहीं पहुंचता। उन्होंने कहा, बीजेपी के नेता धनी हो गए और आप (लोग) पिछड़े रह गए। पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के राज्य के दौरे के एक महीने बाद आए राहुल ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि पार्टी के सत्ता में लौटने के लिए एकजुट होकर कार्य करें।
उन्होंने कहा, कांग्रेस एकमात्र पार्टी है, जो कर्नाटक के भाग्य को बदल सकती है और राज्य से बीजेपी सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए अनुभवी और युवा पार्टी नेताओं को एकजुट होकर काम करना जरूरी है। राहुल का दौरा ऐसे समय में हुआ है, जब कांग्रेस भी अंदरूनी कलह से जूझ रही है और पार्टी के वरिष्ठ नेता सिद्धारमैया ने विपक्ष के नेता पद से यह कहते हुए इस्तीफा दे दिया कि पार्टी उनकी अनदेखी कर रही है।
पार्टी को प्रेरित करने के लिए दो दिवसीय यात्रा पर कर्नाटक आए राहुल ने बीजेपी सरकार की जमकर खिंचाई की और आरोप लगाया कि उनके पास सिर्फ भ्रष्टाचार का रिकॉर्ड है। उन्होंने कहा, बीजेपी शासित कर्नाटक से ज्यादा कोई भ्रष्ट राज्य नहीं है। युवक कांग्रेस सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जब आधा राज्य सूखाग्रस्त था, तो बीजेपी भ्रष्टाचार में संलिप्त थी और आपस में लड़ रही थी।टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार राज्य को लोकहितैषी योजनाएं लागू करने के लिए कोष देती है, लेकिन यह आम आदमी तक नहीं पहुंचता। उन्होंने कहा, बीजेपी के नेता धनी हो गए और आप (लोग) पिछड़े रह गए। पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के राज्य के दौरे के एक महीने बाद आए राहुल ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि पार्टी के सत्ता में लौटने के लिए एकजुट होकर कार्य करें।
उन्होंने कहा, कांग्रेस एकमात्र पार्टी है, जो कर्नाटक के भाग्य को बदल सकती है और राज्य से बीजेपी सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए अनुभवी और युवा पार्टी नेताओं को एकजुट होकर काम करना जरूरी है। राहुल का दौरा ऐसे समय में हुआ है, जब कांग्रेस भी अंदरूनी कलह से जूझ रही है और पार्टी के वरिष्ठ नेता सिद्धारमैया ने विपक्ष के नेता पद से यह कहते हुए इस्तीफा दे दिया कि पार्टी उनकी अनदेखी कर रही है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार राज्य को लोकहितैषी योजनाएं लागू करने के लिए कोष देती है, लेकिन यह आम आदमी तक नहीं पहुंचता। उन्होंने कहा, बीजेपी के नेता धनी हो गए और आप (लोग) पिछड़े रह गए। पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के राज्य के दौरे के एक महीने बाद आए राहुल ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि पार्टी के सत्ता में लौटने के लिए एकजुट होकर कार्य करें।
उन्होंने कहा, कांग्रेस एकमात्र पार्टी है, जो कर्नाटक के भाग्य को बदल सकती है और राज्य से बीजेपी सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए अनुभवी और युवा पार्टी नेताओं को एकजुट होकर काम करना जरूरी है। राहुल का दौरा ऐसे समय में हुआ है, जब कांग्रेस भी अंदरूनी कलह से जूझ रही है और पार्टी के वरिष्ठ नेता सिद्धारमैया ने विपक्ष के नेता पद से यह कहते हुए इस्तीफा दे दिया कि पार्टी उनकी अनदेखी कर रही है।
उन्होंने कहा, कांग्रेस एकमात्र पार्टी है, जो कर्नाटक के भाग्य को बदल सकती है और राज्य से बीजेपी सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए अनुभवी और युवा पार्टी नेताओं को एकजुट होकर काम करना जरूरी है। राहुल का दौरा ऐसे समय में हुआ है, जब कांग्रेस भी अंदरूनी कलह से जूझ रही है और पार्टी के वरिष्ठ नेता सिद्धारमैया ने विपक्ष के नेता पद से यह कहते हुए इस्तीफा दे दिया कि पार्टी उनकी अनदेखी कर रही है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: कर्नाटक में पार्टी के लिए चुनावी माहौल तैयार करते हुए कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि बीजेपी सरकार को हटाने के लिए वे एकजुट रहें, जिसका केवल भ्रष्टाचार का रिकॉर्ड है। | 11 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कश्मीर घाटी में हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकवादी बुरहान वानी के एक मुठभेड़ में जाने के बाद भड़की हिंसा के 52 दिनों के बाद पुलवामा और श्रीनगर के कुछ हिस्सों को छोड़कर बाकी इलाकों से कर्फ्यू हटा लिया गया है. हालांकि धारा-144 के तहत 10 या इससे अधिक लोगों के गैर-कानूनी तरीके से इकट्ठा होने पर पाबंदी जारी रहेगी.
राज्य में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच झड़पों में अब तक करीब 70 लोगों की जानें जा चुकी हैं, जबकि 11,000 से अधिक जख्मी हुए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में कश्मीर समस्या का जिक्र करते हुए इसके समाधान के लिए एकता और ममता को मूल मंत्र बताया. पीएम मोदी ने साथ ही बच्चों को अशांति पैदा करने के लिए उकसाने वालों के बारे में कहा कि एक न एक दिन उन लोगों को 'इन बेकसूर' बच्चों को जवाब देना ही होगा.
प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि कश्मीर में अगर एक भी व्यक्ति की जान जाती है, चाहे वह कोई युवा हो या सुरक्षाकर्मी हो, वह हमारा, हमारे देश का नुकसान है. टिप्पणियां
जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने भी कहा है कि जो भी हिंसा को खारिज करने और शांति बहाली में मदद के लिए तैयार है, उनसे कश्मीर मसले को सुलझाने के लिए बातचीत की जानी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि यदि अलगाववादी शांतिपूर्ण समाधान चाहते हैं तो बातचीत की प्रक्रिया में उन्हें भी शामिल करने से कोई परहेज नहीं होना चाहिए.
महबूबा ने कहा कि बातचीत के लिए एक सौहार्दपूर्ण माहौल बनाने की जरूरत है और नौजवानों को सुरक्षा शिविरों के 'घेराव और हमले' के लिए उकसाने वाले मुट्ठी भर लोगों को हिंसा भड़काना बंद करना चाहिए. भविष्य के कदम पर चर्चा के लिए शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिल चुकीं महबूबा ने इस बात पर जोर दिया कि बातचीत का स्वरूप पहले से बेहतर होना चाहिए, जब केंद्र सरकार ने वार्ताकारों की नियुक्ति की थी और कार्य समूहों का गठन किया था.
राज्य में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच झड़पों में अब तक करीब 70 लोगों की जानें जा चुकी हैं, जबकि 11,000 से अधिक जख्मी हुए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में कश्मीर समस्या का जिक्र करते हुए इसके समाधान के लिए एकता और ममता को मूल मंत्र बताया. पीएम मोदी ने साथ ही बच्चों को अशांति पैदा करने के लिए उकसाने वालों के बारे में कहा कि एक न एक दिन उन लोगों को 'इन बेकसूर' बच्चों को जवाब देना ही होगा.
प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि कश्मीर में अगर एक भी व्यक्ति की जान जाती है, चाहे वह कोई युवा हो या सुरक्षाकर्मी हो, वह हमारा, हमारे देश का नुकसान है. टिप्पणियां
जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने भी कहा है कि जो भी हिंसा को खारिज करने और शांति बहाली में मदद के लिए तैयार है, उनसे कश्मीर मसले को सुलझाने के लिए बातचीत की जानी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि यदि अलगाववादी शांतिपूर्ण समाधान चाहते हैं तो बातचीत की प्रक्रिया में उन्हें भी शामिल करने से कोई परहेज नहीं होना चाहिए.
महबूबा ने कहा कि बातचीत के लिए एक सौहार्दपूर्ण माहौल बनाने की जरूरत है और नौजवानों को सुरक्षा शिविरों के 'घेराव और हमले' के लिए उकसाने वाले मुट्ठी भर लोगों को हिंसा भड़काना बंद करना चाहिए. भविष्य के कदम पर चर्चा के लिए शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिल चुकीं महबूबा ने इस बात पर जोर दिया कि बातचीत का स्वरूप पहले से बेहतर होना चाहिए, जब केंद्र सरकार ने वार्ताकारों की नियुक्ति की थी और कार्य समूहों का गठन किया था.
प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि कश्मीर में अगर एक भी व्यक्ति की जान जाती है, चाहे वह कोई युवा हो या सुरक्षाकर्मी हो, वह हमारा, हमारे देश का नुकसान है. टिप्पणियां
जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने भी कहा है कि जो भी हिंसा को खारिज करने और शांति बहाली में मदद के लिए तैयार है, उनसे कश्मीर मसले को सुलझाने के लिए बातचीत की जानी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि यदि अलगाववादी शांतिपूर्ण समाधान चाहते हैं तो बातचीत की प्रक्रिया में उन्हें भी शामिल करने से कोई परहेज नहीं होना चाहिए.
महबूबा ने कहा कि बातचीत के लिए एक सौहार्दपूर्ण माहौल बनाने की जरूरत है और नौजवानों को सुरक्षा शिविरों के 'घेराव और हमले' के लिए उकसाने वाले मुट्ठी भर लोगों को हिंसा भड़काना बंद करना चाहिए. भविष्य के कदम पर चर्चा के लिए शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिल चुकीं महबूबा ने इस बात पर जोर दिया कि बातचीत का स्वरूप पहले से बेहतर होना चाहिए, जब केंद्र सरकार ने वार्ताकारों की नियुक्ति की थी और कार्य समूहों का गठन किया था.
जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने भी कहा है कि जो भी हिंसा को खारिज करने और शांति बहाली में मदद के लिए तैयार है, उनसे कश्मीर मसले को सुलझाने के लिए बातचीत की जानी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि यदि अलगाववादी शांतिपूर्ण समाधान चाहते हैं तो बातचीत की प्रक्रिया में उन्हें भी शामिल करने से कोई परहेज नहीं होना चाहिए.
महबूबा ने कहा कि बातचीत के लिए एक सौहार्दपूर्ण माहौल बनाने की जरूरत है और नौजवानों को सुरक्षा शिविरों के 'घेराव और हमले' के लिए उकसाने वाले मुट्ठी भर लोगों को हिंसा भड़काना बंद करना चाहिए. भविष्य के कदम पर चर्चा के लिए शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिल चुकीं महबूबा ने इस बात पर जोर दिया कि बातचीत का स्वरूप पहले से बेहतर होना चाहिए, जब केंद्र सरकार ने वार्ताकारों की नियुक्ति की थी और कार्य समूहों का गठन किया था.
महबूबा ने कहा कि बातचीत के लिए एक सौहार्दपूर्ण माहौल बनाने की जरूरत है और नौजवानों को सुरक्षा शिविरों के 'घेराव और हमले' के लिए उकसाने वाले मुट्ठी भर लोगों को हिंसा भड़काना बंद करना चाहिए. भविष्य के कदम पर चर्चा के लिए शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिल चुकीं महबूबा ने इस बात पर जोर दिया कि बातचीत का स्वरूप पहले से बेहतर होना चाहिए, जब केंद्र सरकार ने वार्ताकारों की नियुक्ति की थी और कार्य समूहों का गठन किया था. | सारांश: धारा-144 के तहत लोगों के इकट्ठा होने पर पाबंदी जारी रहेगी
बुरहान वानी के मारे जाने के बाद हिंसा भड़कने पर कर्फ्यू लगा था
हिंसा में 70 से ज्यादा लोगों की मौत, 11,000 से अधिक घायल | 20 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: ब्राजील के सांता मारिया में एक भीड़भाड़ वाले नाइटक्लब में भीषण आग लग गई, जिसमें 245 लोगों की मौत हो गई और अन्य 200 घायल हो गए।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ द्वारा रविवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने बताया कि रियो ग्रैंडे द सुल प्रांत में सांता मारिया के 'किस' नाइटक्लब में तड़के 2.30 बजे आग लग गई।
दुर्घटना के समय विद्यार्थियों की एक पार्टी नाइटक्लब में चल रही थी। बताया जाता है कि मंच पर एक बैंड के सदस्य ने प्रदर्शन के दौरान आग जलाई, और वह आग फैल गई। आग इतनी तेजी से फैली कि पलक झपकते ही पूरा कक्ष धुएं से भर उठा।
नाइटक्लब में केवल एक ही प्रवेशद्वार था, जिसकी वजह से एक साथ ज्यादा लोगों के बाहर निकलने की होड़ में भगदड़ मच गई।
शहर के मेयर गर्सन द रोसा फरेरा ने कहा कि नाइटक्लब में जिस समय आग लगी, उस समय उसमें 500 लोग मौजूद थे और अधिकतर लोगों की मौत दम घुटने से हुई। नाइटक्लब की क्षमता 2,000 लोगों की थी।
बीबीसी के मुताबिक 15 शव शौचालय से बरामद किए गए। समझा जाता है कि लोग बाहर निकलने के प्रयास में वहां फंस गए।
एक दमकल कर्मी ने बताया कि उसने अपनी जिंदगी में इस तरह की दुर्घटना पहली बार देखी है, जब इतनी बड़ी संख्या में युवाओं की जान गई हो।टिप्पणियां
एक प्रत्यक्षदर्शी, 23 वर्षीया लुआना सैंतोस सिल्वा ने ब्राजील के ग्लोबो टीवी से कहा, "हमने मंच के ऊपर छत की ओर देखा, वहां आग फैल चुकी थी।" उसने कहा कि मेरी बहन ने मुझे पकड़ा और बाहर घसीट लिया। दरवाजा बहुत ही संकरा था और कई लोग एक साथ बाहर आना चाहते थे।
चिली में 27 सदस्यीय यूरोपीय संघ की बैठक में हिस्सा लेने गई राष्ट्रपति डिल्मा रोसेफ ने अपना कार्यक्रम रद्द कर दिया और वह वापस स्वदेश लौट रही हैं। उन्होंने प्रांत के गर्वनर को फोन कर संघीय सहायता की पेशकश की है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ द्वारा रविवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने बताया कि रियो ग्रैंडे द सुल प्रांत में सांता मारिया के 'किस' नाइटक्लब में तड़के 2.30 बजे आग लग गई।
दुर्घटना के समय विद्यार्थियों की एक पार्टी नाइटक्लब में चल रही थी। बताया जाता है कि मंच पर एक बैंड के सदस्य ने प्रदर्शन के दौरान आग जलाई, और वह आग फैल गई। आग इतनी तेजी से फैली कि पलक झपकते ही पूरा कक्ष धुएं से भर उठा।
नाइटक्लब में केवल एक ही प्रवेशद्वार था, जिसकी वजह से एक साथ ज्यादा लोगों के बाहर निकलने की होड़ में भगदड़ मच गई।
शहर के मेयर गर्सन द रोसा फरेरा ने कहा कि नाइटक्लब में जिस समय आग लगी, उस समय उसमें 500 लोग मौजूद थे और अधिकतर लोगों की मौत दम घुटने से हुई। नाइटक्लब की क्षमता 2,000 लोगों की थी।
बीबीसी के मुताबिक 15 शव शौचालय से बरामद किए गए। समझा जाता है कि लोग बाहर निकलने के प्रयास में वहां फंस गए।
एक दमकल कर्मी ने बताया कि उसने अपनी जिंदगी में इस तरह की दुर्घटना पहली बार देखी है, जब इतनी बड़ी संख्या में युवाओं की जान गई हो।टिप्पणियां
एक प्रत्यक्षदर्शी, 23 वर्षीया लुआना सैंतोस सिल्वा ने ब्राजील के ग्लोबो टीवी से कहा, "हमने मंच के ऊपर छत की ओर देखा, वहां आग फैल चुकी थी।" उसने कहा कि मेरी बहन ने मुझे पकड़ा और बाहर घसीट लिया। दरवाजा बहुत ही संकरा था और कई लोग एक साथ बाहर आना चाहते थे।
चिली में 27 सदस्यीय यूरोपीय संघ की बैठक में हिस्सा लेने गई राष्ट्रपति डिल्मा रोसेफ ने अपना कार्यक्रम रद्द कर दिया और वह वापस स्वदेश लौट रही हैं। उन्होंने प्रांत के गर्वनर को फोन कर संघीय सहायता की पेशकश की है।
दुर्घटना के समय विद्यार्थियों की एक पार्टी नाइटक्लब में चल रही थी। बताया जाता है कि मंच पर एक बैंड के सदस्य ने प्रदर्शन के दौरान आग जलाई, और वह आग फैल गई। आग इतनी तेजी से फैली कि पलक झपकते ही पूरा कक्ष धुएं से भर उठा।
नाइटक्लब में केवल एक ही प्रवेशद्वार था, जिसकी वजह से एक साथ ज्यादा लोगों के बाहर निकलने की होड़ में भगदड़ मच गई।
शहर के मेयर गर्सन द रोसा फरेरा ने कहा कि नाइटक्लब में जिस समय आग लगी, उस समय उसमें 500 लोग मौजूद थे और अधिकतर लोगों की मौत दम घुटने से हुई। नाइटक्लब की क्षमता 2,000 लोगों की थी।
बीबीसी के मुताबिक 15 शव शौचालय से बरामद किए गए। समझा जाता है कि लोग बाहर निकलने के प्रयास में वहां फंस गए।
एक दमकल कर्मी ने बताया कि उसने अपनी जिंदगी में इस तरह की दुर्घटना पहली बार देखी है, जब इतनी बड़ी संख्या में युवाओं की जान गई हो।टिप्पणियां
एक प्रत्यक्षदर्शी, 23 वर्षीया लुआना सैंतोस सिल्वा ने ब्राजील के ग्लोबो टीवी से कहा, "हमने मंच के ऊपर छत की ओर देखा, वहां आग फैल चुकी थी।" उसने कहा कि मेरी बहन ने मुझे पकड़ा और बाहर घसीट लिया। दरवाजा बहुत ही संकरा था और कई लोग एक साथ बाहर आना चाहते थे।
चिली में 27 सदस्यीय यूरोपीय संघ की बैठक में हिस्सा लेने गई राष्ट्रपति डिल्मा रोसेफ ने अपना कार्यक्रम रद्द कर दिया और वह वापस स्वदेश लौट रही हैं। उन्होंने प्रांत के गर्वनर को फोन कर संघीय सहायता की पेशकश की है।
नाइटक्लब में केवल एक ही प्रवेशद्वार था, जिसकी वजह से एक साथ ज्यादा लोगों के बाहर निकलने की होड़ में भगदड़ मच गई।
शहर के मेयर गर्सन द रोसा फरेरा ने कहा कि नाइटक्लब में जिस समय आग लगी, उस समय उसमें 500 लोग मौजूद थे और अधिकतर लोगों की मौत दम घुटने से हुई। नाइटक्लब की क्षमता 2,000 लोगों की थी।
बीबीसी के मुताबिक 15 शव शौचालय से बरामद किए गए। समझा जाता है कि लोग बाहर निकलने के प्रयास में वहां फंस गए।
एक दमकल कर्मी ने बताया कि उसने अपनी जिंदगी में इस तरह की दुर्घटना पहली बार देखी है, जब इतनी बड़ी संख्या में युवाओं की जान गई हो।टिप्पणियां
एक प्रत्यक्षदर्शी, 23 वर्षीया लुआना सैंतोस सिल्वा ने ब्राजील के ग्लोबो टीवी से कहा, "हमने मंच के ऊपर छत की ओर देखा, वहां आग फैल चुकी थी।" उसने कहा कि मेरी बहन ने मुझे पकड़ा और बाहर घसीट लिया। दरवाजा बहुत ही संकरा था और कई लोग एक साथ बाहर आना चाहते थे।
चिली में 27 सदस्यीय यूरोपीय संघ की बैठक में हिस्सा लेने गई राष्ट्रपति डिल्मा रोसेफ ने अपना कार्यक्रम रद्द कर दिया और वह वापस स्वदेश लौट रही हैं। उन्होंने प्रांत के गर्वनर को फोन कर संघीय सहायता की पेशकश की है।
शहर के मेयर गर्सन द रोसा फरेरा ने कहा कि नाइटक्लब में जिस समय आग लगी, उस समय उसमें 500 लोग मौजूद थे और अधिकतर लोगों की मौत दम घुटने से हुई। नाइटक्लब की क्षमता 2,000 लोगों की थी।
बीबीसी के मुताबिक 15 शव शौचालय से बरामद किए गए। समझा जाता है कि लोग बाहर निकलने के प्रयास में वहां फंस गए।
एक दमकल कर्मी ने बताया कि उसने अपनी जिंदगी में इस तरह की दुर्घटना पहली बार देखी है, जब इतनी बड़ी संख्या में युवाओं की जान गई हो।टिप्पणियां
एक प्रत्यक्षदर्शी, 23 वर्षीया लुआना सैंतोस सिल्वा ने ब्राजील के ग्लोबो टीवी से कहा, "हमने मंच के ऊपर छत की ओर देखा, वहां आग फैल चुकी थी।" उसने कहा कि मेरी बहन ने मुझे पकड़ा और बाहर घसीट लिया। दरवाजा बहुत ही संकरा था और कई लोग एक साथ बाहर आना चाहते थे।
चिली में 27 सदस्यीय यूरोपीय संघ की बैठक में हिस्सा लेने गई राष्ट्रपति डिल्मा रोसेफ ने अपना कार्यक्रम रद्द कर दिया और वह वापस स्वदेश लौट रही हैं। उन्होंने प्रांत के गर्वनर को फोन कर संघीय सहायता की पेशकश की है।
बीबीसी के मुताबिक 15 शव शौचालय से बरामद किए गए। समझा जाता है कि लोग बाहर निकलने के प्रयास में वहां फंस गए।
एक दमकल कर्मी ने बताया कि उसने अपनी जिंदगी में इस तरह की दुर्घटना पहली बार देखी है, जब इतनी बड़ी संख्या में युवाओं की जान गई हो।टिप्पणियां
एक प्रत्यक्षदर्शी, 23 वर्षीया लुआना सैंतोस सिल्वा ने ब्राजील के ग्लोबो टीवी से कहा, "हमने मंच के ऊपर छत की ओर देखा, वहां आग फैल चुकी थी।" उसने कहा कि मेरी बहन ने मुझे पकड़ा और बाहर घसीट लिया। दरवाजा बहुत ही संकरा था और कई लोग एक साथ बाहर आना चाहते थे।
चिली में 27 सदस्यीय यूरोपीय संघ की बैठक में हिस्सा लेने गई राष्ट्रपति डिल्मा रोसेफ ने अपना कार्यक्रम रद्द कर दिया और वह वापस स्वदेश लौट रही हैं। उन्होंने प्रांत के गर्वनर को फोन कर संघीय सहायता की पेशकश की है।
एक दमकल कर्मी ने बताया कि उसने अपनी जिंदगी में इस तरह की दुर्घटना पहली बार देखी है, जब इतनी बड़ी संख्या में युवाओं की जान गई हो।टिप्पणियां
एक प्रत्यक्षदर्शी, 23 वर्षीया लुआना सैंतोस सिल्वा ने ब्राजील के ग्लोबो टीवी से कहा, "हमने मंच के ऊपर छत की ओर देखा, वहां आग फैल चुकी थी।" उसने कहा कि मेरी बहन ने मुझे पकड़ा और बाहर घसीट लिया। दरवाजा बहुत ही संकरा था और कई लोग एक साथ बाहर आना चाहते थे।
चिली में 27 सदस्यीय यूरोपीय संघ की बैठक में हिस्सा लेने गई राष्ट्रपति डिल्मा रोसेफ ने अपना कार्यक्रम रद्द कर दिया और वह वापस स्वदेश लौट रही हैं। उन्होंने प्रांत के गर्वनर को फोन कर संघीय सहायता की पेशकश की है।
एक प्रत्यक्षदर्शी, 23 वर्षीया लुआना सैंतोस सिल्वा ने ब्राजील के ग्लोबो टीवी से कहा, "हमने मंच के ऊपर छत की ओर देखा, वहां आग फैल चुकी थी।" उसने कहा कि मेरी बहन ने मुझे पकड़ा और बाहर घसीट लिया। दरवाजा बहुत ही संकरा था और कई लोग एक साथ बाहर आना चाहते थे।
चिली में 27 सदस्यीय यूरोपीय संघ की बैठक में हिस्सा लेने गई राष्ट्रपति डिल्मा रोसेफ ने अपना कार्यक्रम रद्द कर दिया और वह वापस स्वदेश लौट रही हैं। उन्होंने प्रांत के गर्वनर को फोन कर संघीय सहायता की पेशकश की है।
चिली में 27 सदस्यीय यूरोपीय संघ की बैठक में हिस्सा लेने गई राष्ट्रपति डिल्मा रोसेफ ने अपना कार्यक्रम रद्द कर दिया और वह वापस स्वदेश लौट रही हैं। उन्होंने प्रांत के गर्वनर को फोन कर संघीय सहायता की पेशकश की है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: ब्राजील के सांता मारिया में एक भीड़भाड़ वाले नाइटक्लब में भीषण आग लग गई, जिसमें 245 लोगों की मौत हो गई और अन्य 200 घायल हो गए। | 11 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारतीय क्रिकेट टीम ने ऑस्ट्रेलिया के साथ जारी चार मैचों की टेस्ट शृंखला में 2-0 की बढ़त बना ली है।
भारत ने मंगलवार को हैदराबाद टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया पर मिली पारी व 135 रनों की जीत के साथ ऐसी स्थिति बना ली है जहां से उसे शृंखला गंवाने का डर नहीं रहेगा। चेन्नई टेस्ट मैच में भारत की जीत के हीरो रहे फिरकी गेंदाबज रविचंद्रन अश्विन (63/5) और रवींद्र जडेजा (33/3) के बेहतरीन प्रदर्शन की बदौलत भारतीय टीम ने उप्पल स्थित राजीव गांधी स्टेडियम में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया को बड़े अंतर से मात दी।
भारत के लिए 204 रनों की शानदार पारी खेलने वाले सौराष्ट्र के बल्लोबाज चेतेश्वर पुजारा को मैन ऑफ द मैच चुना गया। यह मैच भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के लिए यादगार रहा, क्योंकि इसमें टीम को जीत दिलाने के साथ वह भारत के सबसे सफल टेस्ट कप्तान बन गए हैं। धोनी ने 22 टेस्ट जीत के साथ पूर्व कप्तान सौरव गांगुली को पीछे छोड़ा, जिनके नेतृत्व में भारत ने 21 टेस्ट मैचों में जीत हासिल की थी।
बहरहाल, जैसा कि उम्मीद थी भारतीय गेंदाबाजों ने स्पिन ले रही विकेट पर अपनी टीम को मंगलवार को मैच के चौथे दिन पारी की जीत दिलाने की मुहिम शुरू की। इस अभियान में उन्हें आशातीत सफलता मिली और पहली पारी के आधार पर 266 और तीसरे दिन की समाप्ति तक 192 रनों से पिछड़ रही मेहमान टीम चौथे दिन भोजनकाल से ठीक पहले अपनी दूसरी पारी में 131 रनों पर ढेर हो गई।
इस मैच में भारतीय वर्चस्व का आलम यह रहा कि पूरी ऑस्ट्रेलियाई टीम ने मैच में 368 रन बटोरे, जाकि भारत के दो बल्लोबाजों-पुजारा (204) और मुरली विजय (167) ने दूसरे विकेट के लिए 370 रन जोड़े थे। अब दोनों टीमें मोहाली का रुख करेंगी, जहां पंजाब क्रिकेट संघ मैदान (पीसीए) पर 18 फरवरी से तीसरा टेस्ट मैच खेला जाएगा।
चौथे दिन ऑस्ट्रेलिया के लिए दिन की शुरुआत एड कोवान और शेन वॉटसन ने की। कोवान 26 और वॉटसन नौ रनों पर नाबाद लौटे थे। तीसरे दिन मेहमान टीम ने डेविड वार्नर (26) फिलिप ह्यूज (0) के विकेट गंवाकर 74 रन बनाए थे।
ऑस्ट्रेलिया के लिए दिन की शुरुआत बेहद खराब रही। वॉटसन अपने तीसरे दिन के स्कोर में बिना कोई रन जोड़े इशांत शर्मा की बाहर जाती गेंद के साथ छेड़खानी के प्रयास में विकेट के पीछे कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के हाथों लपके गए।
इसके बाद कोवान और कप्तान माइकल क्लार्क ने सम्भलकर खेलते हुए स्कोर को 100 के पार पहुंचाया। ऐसा लग रहा था कि यह जोड़ी ऑस्ट्रेलिया को मुश्किल से उबारने की ओर अग्रसर हो सकती है, लेकिन 108 रनों के कुल योग पर रवींद्र जडेजा ने एक बेहतरीन गेंद पर क्लार्क को बोल्ड कर दिया।
क्लार्क हैरान थे कि जिस गेंद को डिफेंड करने के लिए उन्होंने बल्ला और पैड एक साथ आगे बढ़ाया था, वह अचानक विकेट में कैसे घुस गई। जो भी हो लेकिन जडेजा ने एक बेहद उम्दा गेंद पर भारत को बड़ी सफलता दिलाई।
क्लार्क ने 31 गेंदों का सामना करते हुए एक छक्का लगाया। इसके बाद मानो कोवान का भी मनोबल टूट गया और 111 रनों के कुल योग पर वह भी अपना संयम खो बेठे। वह जडेजा की एक गेंद पर बल्ला लगा बैठे, जो विकेट से सटे कप्तान धोनी के ग्लव्स से टकराकर पहले स्लिप में खड़े वीरेंद्र सहवाग के पास गई, जिन्होंने उसे लपकने में कोई गलती नहीं की।
कोवान ने 44 रन बनाए। उन्होंने 150 गेदों का सामना करते हुए छह चौके लगाए। कोवान का स्थान लेने आए मोएसिस हेनरिक्स से टीम को काफी उम्मीदें थीं लेकिन चार गेंदों का सामना करने के बाद वह एक रन चुराने के प्रयास में जडेजा के हाथों रन आउट कर दिए गए। जडेजा ने सीधे थ्रो पर हेनरिक्स को पवेलियन की राह दिखाई।टिप्पणियां
इसके बाद अश्विन ने अपना पहला टेस्ट खेल रहे ग्लेन मैक्सवेल (8), मैथ्यू वेड (10) और जेम्स पेटिंसन (0) तथा जडेजा ने पीटर सिडल (4) को आउट करते हुए मेहमान टीम की पारी समेट दी। भारतीय स्पिनरों ने इस मैच में कुल 14 विकेट हासिल किए, जाकि चेन्नई में उन्हें 20 विकेट मिले थे।
ऑस्ट्रेलिया ने मैच के पहले दिन नौ विकेट पर 237 रन बनाने के बाद अपनी पहली पारी घोषित कर दी थी। इसके बाद भारत ने चेतेश्वर पुजारा (204) और मुरली विजय (167) की बेहतरीन पारियों की मदद से अपनी पहली पारी में 503 रन बनाए थे। भारत को पहली पारी के आधार पर 266 रनों की बढ़त मिली थी।
भारत ने मंगलवार को हैदराबाद टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया पर मिली पारी व 135 रनों की जीत के साथ ऐसी स्थिति बना ली है जहां से उसे शृंखला गंवाने का डर नहीं रहेगा। चेन्नई टेस्ट मैच में भारत की जीत के हीरो रहे फिरकी गेंदाबज रविचंद्रन अश्विन (63/5) और रवींद्र जडेजा (33/3) के बेहतरीन प्रदर्शन की बदौलत भारतीय टीम ने उप्पल स्थित राजीव गांधी स्टेडियम में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया को बड़े अंतर से मात दी।
भारत के लिए 204 रनों की शानदार पारी खेलने वाले सौराष्ट्र के बल्लोबाज चेतेश्वर पुजारा को मैन ऑफ द मैच चुना गया। यह मैच भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के लिए यादगार रहा, क्योंकि इसमें टीम को जीत दिलाने के साथ वह भारत के सबसे सफल टेस्ट कप्तान बन गए हैं। धोनी ने 22 टेस्ट जीत के साथ पूर्व कप्तान सौरव गांगुली को पीछे छोड़ा, जिनके नेतृत्व में भारत ने 21 टेस्ट मैचों में जीत हासिल की थी।
बहरहाल, जैसा कि उम्मीद थी भारतीय गेंदाबाजों ने स्पिन ले रही विकेट पर अपनी टीम को मंगलवार को मैच के चौथे दिन पारी की जीत दिलाने की मुहिम शुरू की। इस अभियान में उन्हें आशातीत सफलता मिली और पहली पारी के आधार पर 266 और तीसरे दिन की समाप्ति तक 192 रनों से पिछड़ रही मेहमान टीम चौथे दिन भोजनकाल से ठीक पहले अपनी दूसरी पारी में 131 रनों पर ढेर हो गई।
इस मैच में भारतीय वर्चस्व का आलम यह रहा कि पूरी ऑस्ट्रेलियाई टीम ने मैच में 368 रन बटोरे, जाकि भारत के दो बल्लोबाजों-पुजारा (204) और मुरली विजय (167) ने दूसरे विकेट के लिए 370 रन जोड़े थे। अब दोनों टीमें मोहाली का रुख करेंगी, जहां पंजाब क्रिकेट संघ मैदान (पीसीए) पर 18 फरवरी से तीसरा टेस्ट मैच खेला जाएगा।
चौथे दिन ऑस्ट्रेलिया के लिए दिन की शुरुआत एड कोवान और शेन वॉटसन ने की। कोवान 26 और वॉटसन नौ रनों पर नाबाद लौटे थे। तीसरे दिन मेहमान टीम ने डेविड वार्नर (26) फिलिप ह्यूज (0) के विकेट गंवाकर 74 रन बनाए थे।
ऑस्ट्रेलिया के लिए दिन की शुरुआत बेहद खराब रही। वॉटसन अपने तीसरे दिन के स्कोर में बिना कोई रन जोड़े इशांत शर्मा की बाहर जाती गेंद के साथ छेड़खानी के प्रयास में विकेट के पीछे कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के हाथों लपके गए।
इसके बाद कोवान और कप्तान माइकल क्लार्क ने सम्भलकर खेलते हुए स्कोर को 100 के पार पहुंचाया। ऐसा लग रहा था कि यह जोड़ी ऑस्ट्रेलिया को मुश्किल से उबारने की ओर अग्रसर हो सकती है, लेकिन 108 रनों के कुल योग पर रवींद्र जडेजा ने एक बेहतरीन गेंद पर क्लार्क को बोल्ड कर दिया।
क्लार्क हैरान थे कि जिस गेंद को डिफेंड करने के लिए उन्होंने बल्ला और पैड एक साथ आगे बढ़ाया था, वह अचानक विकेट में कैसे घुस गई। जो भी हो लेकिन जडेजा ने एक बेहद उम्दा गेंद पर भारत को बड़ी सफलता दिलाई।
क्लार्क ने 31 गेंदों का सामना करते हुए एक छक्का लगाया। इसके बाद मानो कोवान का भी मनोबल टूट गया और 111 रनों के कुल योग पर वह भी अपना संयम खो बेठे। वह जडेजा की एक गेंद पर बल्ला लगा बैठे, जो विकेट से सटे कप्तान धोनी के ग्लव्स से टकराकर पहले स्लिप में खड़े वीरेंद्र सहवाग के पास गई, जिन्होंने उसे लपकने में कोई गलती नहीं की।
कोवान ने 44 रन बनाए। उन्होंने 150 गेदों का सामना करते हुए छह चौके लगाए। कोवान का स्थान लेने आए मोएसिस हेनरिक्स से टीम को काफी उम्मीदें थीं लेकिन चार गेंदों का सामना करने के बाद वह एक रन चुराने के प्रयास में जडेजा के हाथों रन आउट कर दिए गए। जडेजा ने सीधे थ्रो पर हेनरिक्स को पवेलियन की राह दिखाई।टिप्पणियां
इसके बाद अश्विन ने अपना पहला टेस्ट खेल रहे ग्लेन मैक्सवेल (8), मैथ्यू वेड (10) और जेम्स पेटिंसन (0) तथा जडेजा ने पीटर सिडल (4) को आउट करते हुए मेहमान टीम की पारी समेट दी। भारतीय स्पिनरों ने इस मैच में कुल 14 विकेट हासिल किए, जाकि चेन्नई में उन्हें 20 विकेट मिले थे।
ऑस्ट्रेलिया ने मैच के पहले दिन नौ विकेट पर 237 रन बनाने के बाद अपनी पहली पारी घोषित कर दी थी। इसके बाद भारत ने चेतेश्वर पुजारा (204) और मुरली विजय (167) की बेहतरीन पारियों की मदद से अपनी पहली पारी में 503 रन बनाए थे। भारत को पहली पारी के आधार पर 266 रनों की बढ़त मिली थी।
भारत के लिए 204 रनों की शानदार पारी खेलने वाले सौराष्ट्र के बल्लोबाज चेतेश्वर पुजारा को मैन ऑफ द मैच चुना गया। यह मैच भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के लिए यादगार रहा, क्योंकि इसमें टीम को जीत दिलाने के साथ वह भारत के सबसे सफल टेस्ट कप्तान बन गए हैं। धोनी ने 22 टेस्ट जीत के साथ पूर्व कप्तान सौरव गांगुली को पीछे छोड़ा, जिनके नेतृत्व में भारत ने 21 टेस्ट मैचों में जीत हासिल की थी।
बहरहाल, जैसा कि उम्मीद थी भारतीय गेंदाबाजों ने स्पिन ले रही विकेट पर अपनी टीम को मंगलवार को मैच के चौथे दिन पारी की जीत दिलाने की मुहिम शुरू की। इस अभियान में उन्हें आशातीत सफलता मिली और पहली पारी के आधार पर 266 और तीसरे दिन की समाप्ति तक 192 रनों से पिछड़ रही मेहमान टीम चौथे दिन भोजनकाल से ठीक पहले अपनी दूसरी पारी में 131 रनों पर ढेर हो गई।
इस मैच में भारतीय वर्चस्व का आलम यह रहा कि पूरी ऑस्ट्रेलियाई टीम ने मैच में 368 रन बटोरे, जाकि भारत के दो बल्लोबाजों-पुजारा (204) और मुरली विजय (167) ने दूसरे विकेट के लिए 370 रन जोड़े थे। अब दोनों टीमें मोहाली का रुख करेंगी, जहां पंजाब क्रिकेट संघ मैदान (पीसीए) पर 18 फरवरी से तीसरा टेस्ट मैच खेला जाएगा।
चौथे दिन ऑस्ट्रेलिया के लिए दिन की शुरुआत एड कोवान और शेन वॉटसन ने की। कोवान 26 और वॉटसन नौ रनों पर नाबाद लौटे थे। तीसरे दिन मेहमान टीम ने डेविड वार्नर (26) फिलिप ह्यूज (0) के विकेट गंवाकर 74 रन बनाए थे।
ऑस्ट्रेलिया के लिए दिन की शुरुआत बेहद खराब रही। वॉटसन अपने तीसरे दिन के स्कोर में बिना कोई रन जोड़े इशांत शर्मा की बाहर जाती गेंद के साथ छेड़खानी के प्रयास में विकेट के पीछे कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के हाथों लपके गए।
इसके बाद कोवान और कप्तान माइकल क्लार्क ने सम्भलकर खेलते हुए स्कोर को 100 के पार पहुंचाया। ऐसा लग रहा था कि यह जोड़ी ऑस्ट्रेलिया को मुश्किल से उबारने की ओर अग्रसर हो सकती है, लेकिन 108 रनों के कुल योग पर रवींद्र जडेजा ने एक बेहतरीन गेंद पर क्लार्क को बोल्ड कर दिया।
क्लार्क हैरान थे कि जिस गेंद को डिफेंड करने के लिए उन्होंने बल्ला और पैड एक साथ आगे बढ़ाया था, वह अचानक विकेट में कैसे घुस गई। जो भी हो लेकिन जडेजा ने एक बेहद उम्दा गेंद पर भारत को बड़ी सफलता दिलाई।
क्लार्क ने 31 गेंदों का सामना करते हुए एक छक्का लगाया। इसके बाद मानो कोवान का भी मनोबल टूट गया और 111 रनों के कुल योग पर वह भी अपना संयम खो बेठे। वह जडेजा की एक गेंद पर बल्ला लगा बैठे, जो विकेट से सटे कप्तान धोनी के ग्लव्स से टकराकर पहले स्लिप में खड़े वीरेंद्र सहवाग के पास गई, जिन्होंने उसे लपकने में कोई गलती नहीं की।
कोवान ने 44 रन बनाए। उन्होंने 150 गेदों का सामना करते हुए छह चौके लगाए। कोवान का स्थान लेने आए मोएसिस हेनरिक्स से टीम को काफी उम्मीदें थीं लेकिन चार गेंदों का सामना करने के बाद वह एक रन चुराने के प्रयास में जडेजा के हाथों रन आउट कर दिए गए। जडेजा ने सीधे थ्रो पर हेनरिक्स को पवेलियन की राह दिखाई।टिप्पणियां
इसके बाद अश्विन ने अपना पहला टेस्ट खेल रहे ग्लेन मैक्सवेल (8), मैथ्यू वेड (10) और जेम्स पेटिंसन (0) तथा जडेजा ने पीटर सिडल (4) को आउट करते हुए मेहमान टीम की पारी समेट दी। भारतीय स्पिनरों ने इस मैच में कुल 14 विकेट हासिल किए, जाकि चेन्नई में उन्हें 20 विकेट मिले थे।
ऑस्ट्रेलिया ने मैच के पहले दिन नौ विकेट पर 237 रन बनाने के बाद अपनी पहली पारी घोषित कर दी थी। इसके बाद भारत ने चेतेश्वर पुजारा (204) और मुरली विजय (167) की बेहतरीन पारियों की मदद से अपनी पहली पारी में 503 रन बनाए थे। भारत को पहली पारी के आधार पर 266 रनों की बढ़त मिली थी।
बहरहाल, जैसा कि उम्मीद थी भारतीय गेंदाबाजों ने स्पिन ले रही विकेट पर अपनी टीम को मंगलवार को मैच के चौथे दिन पारी की जीत दिलाने की मुहिम शुरू की। इस अभियान में उन्हें आशातीत सफलता मिली और पहली पारी के आधार पर 266 और तीसरे दिन की समाप्ति तक 192 रनों से पिछड़ रही मेहमान टीम चौथे दिन भोजनकाल से ठीक पहले अपनी दूसरी पारी में 131 रनों पर ढेर हो गई।
इस मैच में भारतीय वर्चस्व का आलम यह रहा कि पूरी ऑस्ट्रेलियाई टीम ने मैच में 368 रन बटोरे, जाकि भारत के दो बल्लोबाजों-पुजारा (204) और मुरली विजय (167) ने दूसरे विकेट के लिए 370 रन जोड़े थे। अब दोनों टीमें मोहाली का रुख करेंगी, जहां पंजाब क्रिकेट संघ मैदान (पीसीए) पर 18 फरवरी से तीसरा टेस्ट मैच खेला जाएगा।
चौथे दिन ऑस्ट्रेलिया के लिए दिन की शुरुआत एड कोवान और शेन वॉटसन ने की। कोवान 26 और वॉटसन नौ रनों पर नाबाद लौटे थे। तीसरे दिन मेहमान टीम ने डेविड वार्नर (26) फिलिप ह्यूज (0) के विकेट गंवाकर 74 रन बनाए थे।
ऑस्ट्रेलिया के लिए दिन की शुरुआत बेहद खराब रही। वॉटसन अपने तीसरे दिन के स्कोर में बिना कोई रन जोड़े इशांत शर्मा की बाहर जाती गेंद के साथ छेड़खानी के प्रयास में विकेट के पीछे कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के हाथों लपके गए।
इसके बाद कोवान और कप्तान माइकल क्लार्क ने सम्भलकर खेलते हुए स्कोर को 100 के पार पहुंचाया। ऐसा लग रहा था कि यह जोड़ी ऑस्ट्रेलिया को मुश्किल से उबारने की ओर अग्रसर हो सकती है, लेकिन 108 रनों के कुल योग पर रवींद्र जडेजा ने एक बेहतरीन गेंद पर क्लार्क को बोल्ड कर दिया।
क्लार्क हैरान थे कि जिस गेंद को डिफेंड करने के लिए उन्होंने बल्ला और पैड एक साथ आगे बढ़ाया था, वह अचानक विकेट में कैसे घुस गई। जो भी हो लेकिन जडेजा ने एक बेहद उम्दा गेंद पर भारत को बड़ी सफलता दिलाई।
क्लार्क ने 31 गेंदों का सामना करते हुए एक छक्का लगाया। इसके बाद मानो कोवान का भी मनोबल टूट गया और 111 रनों के कुल योग पर वह भी अपना संयम खो बेठे। वह जडेजा की एक गेंद पर बल्ला लगा बैठे, जो विकेट से सटे कप्तान धोनी के ग्लव्स से टकराकर पहले स्लिप में खड़े वीरेंद्र सहवाग के पास गई, जिन्होंने उसे लपकने में कोई गलती नहीं की।
कोवान ने 44 रन बनाए। उन्होंने 150 गेदों का सामना करते हुए छह चौके लगाए। कोवान का स्थान लेने आए मोएसिस हेनरिक्स से टीम को काफी उम्मीदें थीं लेकिन चार गेंदों का सामना करने के बाद वह एक रन चुराने के प्रयास में जडेजा के हाथों रन आउट कर दिए गए। जडेजा ने सीधे थ्रो पर हेनरिक्स को पवेलियन की राह दिखाई।टिप्पणियां
इसके बाद अश्विन ने अपना पहला टेस्ट खेल रहे ग्लेन मैक्सवेल (8), मैथ्यू वेड (10) और जेम्स पेटिंसन (0) तथा जडेजा ने पीटर सिडल (4) को आउट करते हुए मेहमान टीम की पारी समेट दी। भारतीय स्पिनरों ने इस मैच में कुल 14 विकेट हासिल किए, जाकि चेन्नई में उन्हें 20 विकेट मिले थे।
ऑस्ट्रेलिया ने मैच के पहले दिन नौ विकेट पर 237 रन बनाने के बाद अपनी पहली पारी घोषित कर दी थी। इसके बाद भारत ने चेतेश्वर पुजारा (204) और मुरली विजय (167) की बेहतरीन पारियों की मदद से अपनी पहली पारी में 503 रन बनाए थे। भारत को पहली पारी के आधार पर 266 रनों की बढ़त मिली थी।
इस मैच में भारतीय वर्चस्व का आलम यह रहा कि पूरी ऑस्ट्रेलियाई टीम ने मैच में 368 रन बटोरे, जाकि भारत के दो बल्लोबाजों-पुजारा (204) और मुरली विजय (167) ने दूसरे विकेट के लिए 370 रन जोड़े थे। अब दोनों टीमें मोहाली का रुख करेंगी, जहां पंजाब क्रिकेट संघ मैदान (पीसीए) पर 18 फरवरी से तीसरा टेस्ट मैच खेला जाएगा।
चौथे दिन ऑस्ट्रेलिया के लिए दिन की शुरुआत एड कोवान और शेन वॉटसन ने की। कोवान 26 और वॉटसन नौ रनों पर नाबाद लौटे थे। तीसरे दिन मेहमान टीम ने डेविड वार्नर (26) फिलिप ह्यूज (0) के विकेट गंवाकर 74 रन बनाए थे।
ऑस्ट्रेलिया के लिए दिन की शुरुआत बेहद खराब रही। वॉटसन अपने तीसरे दिन के स्कोर में बिना कोई रन जोड़े इशांत शर्मा की बाहर जाती गेंद के साथ छेड़खानी के प्रयास में विकेट के पीछे कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के हाथों लपके गए।
इसके बाद कोवान और कप्तान माइकल क्लार्क ने सम्भलकर खेलते हुए स्कोर को 100 के पार पहुंचाया। ऐसा लग रहा था कि यह जोड़ी ऑस्ट्रेलिया को मुश्किल से उबारने की ओर अग्रसर हो सकती है, लेकिन 108 रनों के कुल योग पर रवींद्र जडेजा ने एक बेहतरीन गेंद पर क्लार्क को बोल्ड कर दिया।
क्लार्क हैरान थे कि जिस गेंद को डिफेंड करने के लिए उन्होंने बल्ला और पैड एक साथ आगे बढ़ाया था, वह अचानक विकेट में कैसे घुस गई। जो भी हो लेकिन जडेजा ने एक बेहद उम्दा गेंद पर भारत को बड़ी सफलता दिलाई।
क्लार्क ने 31 गेंदों का सामना करते हुए एक छक्का लगाया। इसके बाद मानो कोवान का भी मनोबल टूट गया और 111 रनों के कुल योग पर वह भी अपना संयम खो बेठे। वह जडेजा की एक गेंद पर बल्ला लगा बैठे, जो विकेट से सटे कप्तान धोनी के ग्लव्स से टकराकर पहले स्लिप में खड़े वीरेंद्र सहवाग के पास गई, जिन्होंने उसे लपकने में कोई गलती नहीं की।
कोवान ने 44 रन बनाए। उन्होंने 150 गेदों का सामना करते हुए छह चौके लगाए। कोवान का स्थान लेने आए मोएसिस हेनरिक्स से टीम को काफी उम्मीदें थीं लेकिन चार गेंदों का सामना करने के बाद वह एक रन चुराने के प्रयास में जडेजा के हाथों रन आउट कर दिए गए। जडेजा ने सीधे थ्रो पर हेनरिक्स को पवेलियन की राह दिखाई।टिप्पणियां
इसके बाद अश्विन ने अपना पहला टेस्ट खेल रहे ग्लेन मैक्सवेल (8), मैथ्यू वेड (10) और जेम्स पेटिंसन (0) तथा जडेजा ने पीटर सिडल (4) को आउट करते हुए मेहमान टीम की पारी समेट दी। भारतीय स्पिनरों ने इस मैच में कुल 14 विकेट हासिल किए, जाकि चेन्नई में उन्हें 20 विकेट मिले थे।
ऑस्ट्रेलिया ने मैच के पहले दिन नौ विकेट पर 237 रन बनाने के बाद अपनी पहली पारी घोषित कर दी थी। इसके बाद भारत ने चेतेश्वर पुजारा (204) और मुरली विजय (167) की बेहतरीन पारियों की मदद से अपनी पहली पारी में 503 रन बनाए थे। भारत को पहली पारी के आधार पर 266 रनों की बढ़त मिली थी।
चौथे दिन ऑस्ट्रेलिया के लिए दिन की शुरुआत एड कोवान और शेन वॉटसन ने की। कोवान 26 और वॉटसन नौ रनों पर नाबाद लौटे थे। तीसरे दिन मेहमान टीम ने डेविड वार्नर (26) फिलिप ह्यूज (0) के विकेट गंवाकर 74 रन बनाए थे।
ऑस्ट्रेलिया के लिए दिन की शुरुआत बेहद खराब रही। वॉटसन अपने तीसरे दिन के स्कोर में बिना कोई रन जोड़े इशांत शर्मा की बाहर जाती गेंद के साथ छेड़खानी के प्रयास में विकेट के पीछे कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के हाथों लपके गए।
इसके बाद कोवान और कप्तान माइकल क्लार्क ने सम्भलकर खेलते हुए स्कोर को 100 के पार पहुंचाया। ऐसा लग रहा था कि यह जोड़ी ऑस्ट्रेलिया को मुश्किल से उबारने की ओर अग्रसर हो सकती है, लेकिन 108 रनों के कुल योग पर रवींद्र जडेजा ने एक बेहतरीन गेंद पर क्लार्क को बोल्ड कर दिया।
क्लार्क हैरान थे कि जिस गेंद को डिफेंड करने के लिए उन्होंने बल्ला और पैड एक साथ आगे बढ़ाया था, वह अचानक विकेट में कैसे घुस गई। जो भी हो लेकिन जडेजा ने एक बेहद उम्दा गेंद पर भारत को बड़ी सफलता दिलाई।
क्लार्क ने 31 गेंदों का सामना करते हुए एक छक्का लगाया। इसके बाद मानो कोवान का भी मनोबल टूट गया और 111 रनों के कुल योग पर वह भी अपना संयम खो बेठे। वह जडेजा की एक गेंद पर बल्ला लगा बैठे, जो विकेट से सटे कप्तान धोनी के ग्लव्स से टकराकर पहले स्लिप में खड़े वीरेंद्र सहवाग के पास गई, जिन्होंने उसे लपकने में कोई गलती नहीं की।
कोवान ने 44 रन बनाए। उन्होंने 150 गेदों का सामना करते हुए छह चौके लगाए। कोवान का स्थान लेने आए मोएसिस हेनरिक्स से टीम को काफी उम्मीदें थीं लेकिन चार गेंदों का सामना करने के बाद वह एक रन चुराने के प्रयास में जडेजा के हाथों रन आउट कर दिए गए। जडेजा ने सीधे थ्रो पर हेनरिक्स को पवेलियन की राह दिखाई।टिप्पणियां
इसके बाद अश्विन ने अपना पहला टेस्ट खेल रहे ग्लेन मैक्सवेल (8), मैथ्यू वेड (10) और जेम्स पेटिंसन (0) तथा जडेजा ने पीटर सिडल (4) को आउट करते हुए मेहमान टीम की पारी समेट दी। भारतीय स्पिनरों ने इस मैच में कुल 14 विकेट हासिल किए, जाकि चेन्नई में उन्हें 20 विकेट मिले थे।
ऑस्ट्रेलिया ने मैच के पहले दिन नौ विकेट पर 237 रन बनाने के बाद अपनी पहली पारी घोषित कर दी थी। इसके बाद भारत ने चेतेश्वर पुजारा (204) और मुरली विजय (167) की बेहतरीन पारियों की मदद से अपनी पहली पारी में 503 रन बनाए थे। भारत को पहली पारी के आधार पर 266 रनों की बढ़त मिली थी।
ऑस्ट्रेलिया के लिए दिन की शुरुआत बेहद खराब रही। वॉटसन अपने तीसरे दिन के स्कोर में बिना कोई रन जोड़े इशांत शर्मा की बाहर जाती गेंद के साथ छेड़खानी के प्रयास में विकेट के पीछे कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के हाथों लपके गए।
इसके बाद कोवान और कप्तान माइकल क्लार्क ने सम्भलकर खेलते हुए स्कोर को 100 के पार पहुंचाया। ऐसा लग रहा था कि यह जोड़ी ऑस्ट्रेलिया को मुश्किल से उबारने की ओर अग्रसर हो सकती है, लेकिन 108 रनों के कुल योग पर रवींद्र जडेजा ने एक बेहतरीन गेंद पर क्लार्क को बोल्ड कर दिया।
क्लार्क हैरान थे कि जिस गेंद को डिफेंड करने के लिए उन्होंने बल्ला और पैड एक साथ आगे बढ़ाया था, वह अचानक विकेट में कैसे घुस गई। जो भी हो लेकिन जडेजा ने एक बेहद उम्दा गेंद पर भारत को बड़ी सफलता दिलाई।
क्लार्क ने 31 गेंदों का सामना करते हुए एक छक्का लगाया। इसके बाद मानो कोवान का भी मनोबल टूट गया और 111 रनों के कुल योग पर वह भी अपना संयम खो बेठे। वह जडेजा की एक गेंद पर बल्ला लगा बैठे, जो विकेट से सटे कप्तान धोनी के ग्लव्स से टकराकर पहले स्लिप में खड़े वीरेंद्र सहवाग के पास गई, जिन्होंने उसे लपकने में कोई गलती नहीं की।
कोवान ने 44 रन बनाए। उन्होंने 150 गेदों का सामना करते हुए छह चौके लगाए। कोवान का स्थान लेने आए मोएसिस हेनरिक्स से टीम को काफी उम्मीदें थीं लेकिन चार गेंदों का सामना करने के बाद वह एक रन चुराने के प्रयास में जडेजा के हाथों रन आउट कर दिए गए। जडेजा ने सीधे थ्रो पर हेनरिक्स को पवेलियन की राह दिखाई।टिप्पणियां
इसके बाद अश्विन ने अपना पहला टेस्ट खेल रहे ग्लेन मैक्सवेल (8), मैथ्यू वेड (10) और जेम्स पेटिंसन (0) तथा जडेजा ने पीटर सिडल (4) को आउट करते हुए मेहमान टीम की पारी समेट दी। भारतीय स्पिनरों ने इस मैच में कुल 14 विकेट हासिल किए, जाकि चेन्नई में उन्हें 20 विकेट मिले थे।
ऑस्ट्रेलिया ने मैच के पहले दिन नौ विकेट पर 237 रन बनाने के बाद अपनी पहली पारी घोषित कर दी थी। इसके बाद भारत ने चेतेश्वर पुजारा (204) और मुरली विजय (167) की बेहतरीन पारियों की मदद से अपनी पहली पारी में 503 रन बनाए थे। भारत को पहली पारी के आधार पर 266 रनों की बढ़त मिली थी।
इसके बाद कोवान और कप्तान माइकल क्लार्क ने सम्भलकर खेलते हुए स्कोर को 100 के पार पहुंचाया। ऐसा लग रहा था कि यह जोड़ी ऑस्ट्रेलिया को मुश्किल से उबारने की ओर अग्रसर हो सकती है, लेकिन 108 रनों के कुल योग पर रवींद्र जडेजा ने एक बेहतरीन गेंद पर क्लार्क को बोल्ड कर दिया।
क्लार्क हैरान थे कि जिस गेंद को डिफेंड करने के लिए उन्होंने बल्ला और पैड एक साथ आगे बढ़ाया था, वह अचानक विकेट में कैसे घुस गई। जो भी हो लेकिन जडेजा ने एक बेहद उम्दा गेंद पर भारत को बड़ी सफलता दिलाई।
क्लार्क ने 31 गेंदों का सामना करते हुए एक छक्का लगाया। इसके बाद मानो कोवान का भी मनोबल टूट गया और 111 रनों के कुल योग पर वह भी अपना संयम खो बेठे। वह जडेजा की एक गेंद पर बल्ला लगा बैठे, जो विकेट से सटे कप्तान धोनी के ग्लव्स से टकराकर पहले स्लिप में खड़े वीरेंद्र सहवाग के पास गई, जिन्होंने उसे लपकने में कोई गलती नहीं की।
कोवान ने 44 रन बनाए। उन्होंने 150 गेदों का सामना करते हुए छह चौके लगाए। कोवान का स्थान लेने आए मोएसिस हेनरिक्स से टीम को काफी उम्मीदें थीं लेकिन चार गेंदों का सामना करने के बाद वह एक रन चुराने के प्रयास में जडेजा के हाथों रन आउट कर दिए गए। जडेजा ने सीधे थ्रो पर हेनरिक्स को पवेलियन की राह दिखाई।टिप्पणियां
इसके बाद अश्विन ने अपना पहला टेस्ट खेल रहे ग्लेन मैक्सवेल (8), मैथ्यू वेड (10) और जेम्स पेटिंसन (0) तथा जडेजा ने पीटर सिडल (4) को आउट करते हुए मेहमान टीम की पारी समेट दी। भारतीय स्पिनरों ने इस मैच में कुल 14 विकेट हासिल किए, जाकि चेन्नई में उन्हें 20 विकेट मिले थे।
ऑस्ट्रेलिया ने मैच के पहले दिन नौ विकेट पर 237 रन बनाने के बाद अपनी पहली पारी घोषित कर दी थी। इसके बाद भारत ने चेतेश्वर पुजारा (204) और मुरली विजय (167) की बेहतरीन पारियों की मदद से अपनी पहली पारी में 503 रन बनाए थे। भारत को पहली पारी के आधार पर 266 रनों की बढ़त मिली थी।
क्लार्क हैरान थे कि जिस गेंद को डिफेंड करने के लिए उन्होंने बल्ला और पैड एक साथ आगे बढ़ाया था, वह अचानक विकेट में कैसे घुस गई। जो भी हो लेकिन जडेजा ने एक बेहद उम्दा गेंद पर भारत को बड़ी सफलता दिलाई।
क्लार्क ने 31 गेंदों का सामना करते हुए एक छक्का लगाया। इसके बाद मानो कोवान का भी मनोबल टूट गया और 111 रनों के कुल योग पर वह भी अपना संयम खो बेठे। वह जडेजा की एक गेंद पर बल्ला लगा बैठे, जो विकेट से सटे कप्तान धोनी के ग्लव्स से टकराकर पहले स्लिप में खड़े वीरेंद्र सहवाग के पास गई, जिन्होंने उसे लपकने में कोई गलती नहीं की।
कोवान ने 44 रन बनाए। उन्होंने 150 गेदों का सामना करते हुए छह चौके लगाए। कोवान का स्थान लेने आए मोएसिस हेनरिक्स से टीम को काफी उम्मीदें थीं लेकिन चार गेंदों का सामना करने के बाद वह एक रन चुराने के प्रयास में जडेजा के हाथों रन आउट कर दिए गए। जडेजा ने सीधे थ्रो पर हेनरिक्स को पवेलियन की राह दिखाई।टिप्पणियां
इसके बाद अश्विन ने अपना पहला टेस्ट खेल रहे ग्लेन मैक्सवेल (8), मैथ्यू वेड (10) और जेम्स पेटिंसन (0) तथा जडेजा ने पीटर सिडल (4) को आउट करते हुए मेहमान टीम की पारी समेट दी। भारतीय स्पिनरों ने इस मैच में कुल 14 विकेट हासिल किए, जाकि चेन्नई में उन्हें 20 विकेट मिले थे।
ऑस्ट्रेलिया ने मैच के पहले दिन नौ विकेट पर 237 रन बनाने के बाद अपनी पहली पारी घोषित कर दी थी। इसके बाद भारत ने चेतेश्वर पुजारा (204) और मुरली विजय (167) की बेहतरीन पारियों की मदद से अपनी पहली पारी में 503 रन बनाए थे। भारत को पहली पारी के आधार पर 266 रनों की बढ़त मिली थी।
क्लार्क ने 31 गेंदों का सामना करते हुए एक छक्का लगाया। इसके बाद मानो कोवान का भी मनोबल टूट गया और 111 रनों के कुल योग पर वह भी अपना संयम खो बेठे। वह जडेजा की एक गेंद पर बल्ला लगा बैठे, जो विकेट से सटे कप्तान धोनी के ग्लव्स से टकराकर पहले स्लिप में खड़े वीरेंद्र सहवाग के पास गई, जिन्होंने उसे लपकने में कोई गलती नहीं की।
कोवान ने 44 रन बनाए। उन्होंने 150 गेदों का सामना करते हुए छह चौके लगाए। कोवान का स्थान लेने आए मोएसिस हेनरिक्स से टीम को काफी उम्मीदें थीं लेकिन चार गेंदों का सामना करने के बाद वह एक रन चुराने के प्रयास में जडेजा के हाथों रन आउट कर दिए गए। जडेजा ने सीधे थ्रो पर हेनरिक्स को पवेलियन की राह दिखाई।टिप्पणियां
इसके बाद अश्विन ने अपना पहला टेस्ट खेल रहे ग्लेन मैक्सवेल (8), मैथ्यू वेड (10) और जेम्स पेटिंसन (0) तथा जडेजा ने पीटर सिडल (4) को आउट करते हुए मेहमान टीम की पारी समेट दी। भारतीय स्पिनरों ने इस मैच में कुल 14 विकेट हासिल किए, जाकि चेन्नई में उन्हें 20 विकेट मिले थे।
ऑस्ट्रेलिया ने मैच के पहले दिन नौ विकेट पर 237 रन बनाने के बाद अपनी पहली पारी घोषित कर दी थी। इसके बाद भारत ने चेतेश्वर पुजारा (204) और मुरली विजय (167) की बेहतरीन पारियों की मदद से अपनी पहली पारी में 503 रन बनाए थे। भारत को पहली पारी के आधार पर 266 रनों की बढ़त मिली थी।
कोवान ने 44 रन बनाए। उन्होंने 150 गेदों का सामना करते हुए छह चौके लगाए। कोवान का स्थान लेने आए मोएसिस हेनरिक्स से टीम को काफी उम्मीदें थीं लेकिन चार गेंदों का सामना करने के बाद वह एक रन चुराने के प्रयास में जडेजा के हाथों रन आउट कर दिए गए। जडेजा ने सीधे थ्रो पर हेनरिक्स को पवेलियन की राह दिखाई।टिप्पणियां
इसके बाद अश्विन ने अपना पहला टेस्ट खेल रहे ग्लेन मैक्सवेल (8), मैथ्यू वेड (10) और जेम्स पेटिंसन (0) तथा जडेजा ने पीटर सिडल (4) को आउट करते हुए मेहमान टीम की पारी समेट दी। भारतीय स्पिनरों ने इस मैच में कुल 14 विकेट हासिल किए, जाकि चेन्नई में उन्हें 20 विकेट मिले थे।
ऑस्ट्रेलिया ने मैच के पहले दिन नौ विकेट पर 237 रन बनाने के बाद अपनी पहली पारी घोषित कर दी थी। इसके बाद भारत ने चेतेश्वर पुजारा (204) और मुरली विजय (167) की बेहतरीन पारियों की मदद से अपनी पहली पारी में 503 रन बनाए थे। भारत को पहली पारी के आधार पर 266 रनों की बढ़त मिली थी।
इसके बाद अश्विन ने अपना पहला टेस्ट खेल रहे ग्लेन मैक्सवेल (8), मैथ्यू वेड (10) और जेम्स पेटिंसन (0) तथा जडेजा ने पीटर सिडल (4) को आउट करते हुए मेहमान टीम की पारी समेट दी। भारतीय स्पिनरों ने इस मैच में कुल 14 विकेट हासिल किए, जाकि चेन्नई में उन्हें 20 विकेट मिले थे।
ऑस्ट्रेलिया ने मैच के पहले दिन नौ विकेट पर 237 रन बनाने के बाद अपनी पहली पारी घोषित कर दी थी। इसके बाद भारत ने चेतेश्वर पुजारा (204) और मुरली विजय (167) की बेहतरीन पारियों की मदद से अपनी पहली पारी में 503 रन बनाए थे। भारत को पहली पारी के आधार पर 266 रनों की बढ़त मिली थी।
ऑस्ट्रेलिया ने मैच के पहले दिन नौ विकेट पर 237 रन बनाने के बाद अपनी पहली पारी घोषित कर दी थी। इसके बाद भारत ने चेतेश्वर पुजारा (204) और मुरली विजय (167) की बेहतरीन पारियों की मदद से अपनी पहली पारी में 503 रन बनाए थे। भारत को पहली पारी के आधार पर 266 रनों की बढ़त मिली थी। | संक्षिप्त पाठ: टीम इंडिया ने कंगारुओं की दूसरी पारी में अश्विन की बढ़िया गेंदबाजी की मदद से चार टेस्ट मैचों की शृंखला में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली है। | 13 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: राष्ट्रपति चुनाव को लेकर गठबंधन सहयोगियों के परस्पर विरोधी रुख के चलते भाजपा जैसे सन्न रह गई है।
भाजपा नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में एक प्रमुख घटक, शिवसेना पहले ही सत्तारूढ़ संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन के उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी को बिना शर्त समर्थन की घोषणा कर चुकी है।
सोमवार को भाजपा की कोर समिति की बैठक के बाद तय किया गया था कि चुनाव लड़ना आवश्यक है। लेकिन शिव सेना के इस कदम से भाजपा मुश्किल में फंस गई है, जिसने न केवल मुखर्जी का समर्थन किया है, बल्कि राजनीतिक दलों से उनका समर्थन करने के लिए आग्रह भी किया है।
यह दूसरा मौका है जब शिव सेना ने भाजपा से अलग होकर राष्ट्रपति चुनाव में यूपीए उम्मीदवार को समर्थन दिया है। इसके पहले उसने यूपीए उम्मीदवार प्रतिभा पाटील को समर्थन दिया था।
एक अन्य प्रमुख सहयोगी जनता दल (युनाइटेड) भी सम्भवत: मुखर्जी के खिलाफ उम्मीदवार न उतारने के पक्ष में है।
भाजपा को एक अन्य झटका कर्नाटक से मिल रहा है। सूत्रों ने कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने मुखर्जी को समर्थन देने की बात कही है। हालांकि येदियुरप्पा की ओर से इस बारे में आधिकारिक बयान आना अभी बाकी है।
भाजपा अपने इस रुख पर कायम है कि वह मुखर्जी को निर्विरोध चुनाव नहीं जीतने देगी। लेकिन अभी वह अपना उम्मीदवार नहीं तय कर पाई है।
भाजपा के एक नेता ने नाम न जाहिर करने के अनुरोध के साथ कहा, "सामान्य भावना यह है कि हमें मुखर्जी के खिलाफ उम्मीदवार उतारना चाहिए, भले ही वह प्रतीकात्मक ही क्यों न हो। अन्यथा हम एक कमजोर विपक्ष साबित होंगे।"
भाजपा नेता ने हालांकि इस सम्भावना पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया कि भाजपा अपने सहयोगियों के खिलाफ अकेले मैदान में उतरने जा रही है।टिप्पणियां
भाजपा ने सोमवार को कोर समिति की बैठक के बाद मीडिया से बात करने से इनकार कर दिया था। पार्टी ने सिर्फ इतना कहा था कि कोई अंतिम निर्णय राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के नेताओं की एक बैठक के बाद लिया जाएगा। लेकिन इस बैठक की तारीख अभी तय नहीं है।
भाजपा सूत्रों ने कहा है कि राजग की बैठक इस सप्ताह होगी और उसके बाद पार्टी की कोर समिति की एक और बैठक होगी।
भाजपा नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में एक प्रमुख घटक, शिवसेना पहले ही सत्तारूढ़ संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन के उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी को बिना शर्त समर्थन की घोषणा कर चुकी है।
सोमवार को भाजपा की कोर समिति की बैठक के बाद तय किया गया था कि चुनाव लड़ना आवश्यक है। लेकिन शिव सेना के इस कदम से भाजपा मुश्किल में फंस गई है, जिसने न केवल मुखर्जी का समर्थन किया है, बल्कि राजनीतिक दलों से उनका समर्थन करने के लिए आग्रह भी किया है।
यह दूसरा मौका है जब शिव सेना ने भाजपा से अलग होकर राष्ट्रपति चुनाव में यूपीए उम्मीदवार को समर्थन दिया है। इसके पहले उसने यूपीए उम्मीदवार प्रतिभा पाटील को समर्थन दिया था।
एक अन्य प्रमुख सहयोगी जनता दल (युनाइटेड) भी सम्भवत: मुखर्जी के खिलाफ उम्मीदवार न उतारने के पक्ष में है।
भाजपा को एक अन्य झटका कर्नाटक से मिल रहा है। सूत्रों ने कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने मुखर्जी को समर्थन देने की बात कही है। हालांकि येदियुरप्पा की ओर से इस बारे में आधिकारिक बयान आना अभी बाकी है।
भाजपा अपने इस रुख पर कायम है कि वह मुखर्जी को निर्विरोध चुनाव नहीं जीतने देगी। लेकिन अभी वह अपना उम्मीदवार नहीं तय कर पाई है।
भाजपा के एक नेता ने नाम न जाहिर करने के अनुरोध के साथ कहा, "सामान्य भावना यह है कि हमें मुखर्जी के खिलाफ उम्मीदवार उतारना चाहिए, भले ही वह प्रतीकात्मक ही क्यों न हो। अन्यथा हम एक कमजोर विपक्ष साबित होंगे।"
भाजपा नेता ने हालांकि इस सम्भावना पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया कि भाजपा अपने सहयोगियों के खिलाफ अकेले मैदान में उतरने जा रही है।टिप्पणियां
भाजपा ने सोमवार को कोर समिति की बैठक के बाद मीडिया से बात करने से इनकार कर दिया था। पार्टी ने सिर्फ इतना कहा था कि कोई अंतिम निर्णय राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के नेताओं की एक बैठक के बाद लिया जाएगा। लेकिन इस बैठक की तारीख अभी तय नहीं है।
भाजपा सूत्रों ने कहा है कि राजग की बैठक इस सप्ताह होगी और उसके बाद पार्टी की कोर समिति की एक और बैठक होगी।
सोमवार को भाजपा की कोर समिति की बैठक के बाद तय किया गया था कि चुनाव लड़ना आवश्यक है। लेकिन शिव सेना के इस कदम से भाजपा मुश्किल में फंस गई है, जिसने न केवल मुखर्जी का समर्थन किया है, बल्कि राजनीतिक दलों से उनका समर्थन करने के लिए आग्रह भी किया है।
यह दूसरा मौका है जब शिव सेना ने भाजपा से अलग होकर राष्ट्रपति चुनाव में यूपीए उम्मीदवार को समर्थन दिया है। इसके पहले उसने यूपीए उम्मीदवार प्रतिभा पाटील को समर्थन दिया था।
एक अन्य प्रमुख सहयोगी जनता दल (युनाइटेड) भी सम्भवत: मुखर्जी के खिलाफ उम्मीदवार न उतारने के पक्ष में है।
भाजपा को एक अन्य झटका कर्नाटक से मिल रहा है। सूत्रों ने कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने मुखर्जी को समर्थन देने की बात कही है। हालांकि येदियुरप्पा की ओर से इस बारे में आधिकारिक बयान आना अभी बाकी है।
भाजपा अपने इस रुख पर कायम है कि वह मुखर्जी को निर्विरोध चुनाव नहीं जीतने देगी। लेकिन अभी वह अपना उम्मीदवार नहीं तय कर पाई है।
भाजपा के एक नेता ने नाम न जाहिर करने के अनुरोध के साथ कहा, "सामान्य भावना यह है कि हमें मुखर्जी के खिलाफ उम्मीदवार उतारना चाहिए, भले ही वह प्रतीकात्मक ही क्यों न हो। अन्यथा हम एक कमजोर विपक्ष साबित होंगे।"
भाजपा नेता ने हालांकि इस सम्भावना पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया कि भाजपा अपने सहयोगियों के खिलाफ अकेले मैदान में उतरने जा रही है।टिप्पणियां
भाजपा ने सोमवार को कोर समिति की बैठक के बाद मीडिया से बात करने से इनकार कर दिया था। पार्टी ने सिर्फ इतना कहा था कि कोई अंतिम निर्णय राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के नेताओं की एक बैठक के बाद लिया जाएगा। लेकिन इस बैठक की तारीख अभी तय नहीं है।
भाजपा सूत्रों ने कहा है कि राजग की बैठक इस सप्ताह होगी और उसके बाद पार्टी की कोर समिति की एक और बैठक होगी।
यह दूसरा मौका है जब शिव सेना ने भाजपा से अलग होकर राष्ट्रपति चुनाव में यूपीए उम्मीदवार को समर्थन दिया है। इसके पहले उसने यूपीए उम्मीदवार प्रतिभा पाटील को समर्थन दिया था।
एक अन्य प्रमुख सहयोगी जनता दल (युनाइटेड) भी सम्भवत: मुखर्जी के खिलाफ उम्मीदवार न उतारने के पक्ष में है।
भाजपा को एक अन्य झटका कर्नाटक से मिल रहा है। सूत्रों ने कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने मुखर्जी को समर्थन देने की बात कही है। हालांकि येदियुरप्पा की ओर से इस बारे में आधिकारिक बयान आना अभी बाकी है।
भाजपा अपने इस रुख पर कायम है कि वह मुखर्जी को निर्विरोध चुनाव नहीं जीतने देगी। लेकिन अभी वह अपना उम्मीदवार नहीं तय कर पाई है।
भाजपा के एक नेता ने नाम न जाहिर करने के अनुरोध के साथ कहा, "सामान्य भावना यह है कि हमें मुखर्जी के खिलाफ उम्मीदवार उतारना चाहिए, भले ही वह प्रतीकात्मक ही क्यों न हो। अन्यथा हम एक कमजोर विपक्ष साबित होंगे।"
भाजपा नेता ने हालांकि इस सम्भावना पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया कि भाजपा अपने सहयोगियों के खिलाफ अकेले मैदान में उतरने जा रही है।टिप्पणियां
भाजपा ने सोमवार को कोर समिति की बैठक के बाद मीडिया से बात करने से इनकार कर दिया था। पार्टी ने सिर्फ इतना कहा था कि कोई अंतिम निर्णय राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के नेताओं की एक बैठक के बाद लिया जाएगा। लेकिन इस बैठक की तारीख अभी तय नहीं है।
भाजपा सूत्रों ने कहा है कि राजग की बैठक इस सप्ताह होगी और उसके बाद पार्टी की कोर समिति की एक और बैठक होगी।
एक अन्य प्रमुख सहयोगी जनता दल (युनाइटेड) भी सम्भवत: मुखर्जी के खिलाफ उम्मीदवार न उतारने के पक्ष में है।
भाजपा को एक अन्य झटका कर्नाटक से मिल रहा है। सूत्रों ने कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने मुखर्जी को समर्थन देने की बात कही है। हालांकि येदियुरप्पा की ओर से इस बारे में आधिकारिक बयान आना अभी बाकी है।
भाजपा अपने इस रुख पर कायम है कि वह मुखर्जी को निर्विरोध चुनाव नहीं जीतने देगी। लेकिन अभी वह अपना उम्मीदवार नहीं तय कर पाई है।
भाजपा के एक नेता ने नाम न जाहिर करने के अनुरोध के साथ कहा, "सामान्य भावना यह है कि हमें मुखर्जी के खिलाफ उम्मीदवार उतारना चाहिए, भले ही वह प्रतीकात्मक ही क्यों न हो। अन्यथा हम एक कमजोर विपक्ष साबित होंगे।"
भाजपा नेता ने हालांकि इस सम्भावना पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया कि भाजपा अपने सहयोगियों के खिलाफ अकेले मैदान में उतरने जा रही है।टिप्पणियां
भाजपा ने सोमवार को कोर समिति की बैठक के बाद मीडिया से बात करने से इनकार कर दिया था। पार्टी ने सिर्फ इतना कहा था कि कोई अंतिम निर्णय राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के नेताओं की एक बैठक के बाद लिया जाएगा। लेकिन इस बैठक की तारीख अभी तय नहीं है।
भाजपा सूत्रों ने कहा है कि राजग की बैठक इस सप्ताह होगी और उसके बाद पार्टी की कोर समिति की एक और बैठक होगी।
भाजपा को एक अन्य झटका कर्नाटक से मिल रहा है। सूत्रों ने कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने मुखर्जी को समर्थन देने की बात कही है। हालांकि येदियुरप्पा की ओर से इस बारे में आधिकारिक बयान आना अभी बाकी है।
भाजपा अपने इस रुख पर कायम है कि वह मुखर्जी को निर्विरोध चुनाव नहीं जीतने देगी। लेकिन अभी वह अपना उम्मीदवार नहीं तय कर पाई है।
भाजपा के एक नेता ने नाम न जाहिर करने के अनुरोध के साथ कहा, "सामान्य भावना यह है कि हमें मुखर्जी के खिलाफ उम्मीदवार उतारना चाहिए, भले ही वह प्रतीकात्मक ही क्यों न हो। अन्यथा हम एक कमजोर विपक्ष साबित होंगे।"
भाजपा नेता ने हालांकि इस सम्भावना पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया कि भाजपा अपने सहयोगियों के खिलाफ अकेले मैदान में उतरने जा रही है।टिप्पणियां
भाजपा ने सोमवार को कोर समिति की बैठक के बाद मीडिया से बात करने से इनकार कर दिया था। पार्टी ने सिर्फ इतना कहा था कि कोई अंतिम निर्णय राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के नेताओं की एक बैठक के बाद लिया जाएगा। लेकिन इस बैठक की तारीख अभी तय नहीं है।
भाजपा सूत्रों ने कहा है कि राजग की बैठक इस सप्ताह होगी और उसके बाद पार्टी की कोर समिति की एक और बैठक होगी।
भाजपा अपने इस रुख पर कायम है कि वह मुखर्जी को निर्विरोध चुनाव नहीं जीतने देगी। लेकिन अभी वह अपना उम्मीदवार नहीं तय कर पाई है।
भाजपा के एक नेता ने नाम न जाहिर करने के अनुरोध के साथ कहा, "सामान्य भावना यह है कि हमें मुखर्जी के खिलाफ उम्मीदवार उतारना चाहिए, भले ही वह प्रतीकात्मक ही क्यों न हो। अन्यथा हम एक कमजोर विपक्ष साबित होंगे।"
भाजपा नेता ने हालांकि इस सम्भावना पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया कि भाजपा अपने सहयोगियों के खिलाफ अकेले मैदान में उतरने जा रही है।टिप्पणियां
भाजपा ने सोमवार को कोर समिति की बैठक के बाद मीडिया से बात करने से इनकार कर दिया था। पार्टी ने सिर्फ इतना कहा था कि कोई अंतिम निर्णय राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के नेताओं की एक बैठक के बाद लिया जाएगा। लेकिन इस बैठक की तारीख अभी तय नहीं है।
भाजपा सूत्रों ने कहा है कि राजग की बैठक इस सप्ताह होगी और उसके बाद पार्टी की कोर समिति की एक और बैठक होगी।
भाजपा के एक नेता ने नाम न जाहिर करने के अनुरोध के साथ कहा, "सामान्य भावना यह है कि हमें मुखर्जी के खिलाफ उम्मीदवार उतारना चाहिए, भले ही वह प्रतीकात्मक ही क्यों न हो। अन्यथा हम एक कमजोर विपक्ष साबित होंगे।"
भाजपा नेता ने हालांकि इस सम्भावना पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया कि भाजपा अपने सहयोगियों के खिलाफ अकेले मैदान में उतरने जा रही है।टिप्पणियां
भाजपा ने सोमवार को कोर समिति की बैठक के बाद मीडिया से बात करने से इनकार कर दिया था। पार्टी ने सिर्फ इतना कहा था कि कोई अंतिम निर्णय राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के नेताओं की एक बैठक के बाद लिया जाएगा। लेकिन इस बैठक की तारीख अभी तय नहीं है।
भाजपा सूत्रों ने कहा है कि राजग की बैठक इस सप्ताह होगी और उसके बाद पार्टी की कोर समिति की एक और बैठक होगी।
भाजपा नेता ने हालांकि इस सम्भावना पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया कि भाजपा अपने सहयोगियों के खिलाफ अकेले मैदान में उतरने जा रही है।टिप्पणियां
भाजपा ने सोमवार को कोर समिति की बैठक के बाद मीडिया से बात करने से इनकार कर दिया था। पार्टी ने सिर्फ इतना कहा था कि कोई अंतिम निर्णय राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के नेताओं की एक बैठक के बाद लिया जाएगा। लेकिन इस बैठक की तारीख अभी तय नहीं है।
भाजपा सूत्रों ने कहा है कि राजग की बैठक इस सप्ताह होगी और उसके बाद पार्टी की कोर समिति की एक और बैठक होगी।
भाजपा ने सोमवार को कोर समिति की बैठक के बाद मीडिया से बात करने से इनकार कर दिया था। पार्टी ने सिर्फ इतना कहा था कि कोई अंतिम निर्णय राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के नेताओं की एक बैठक के बाद लिया जाएगा। लेकिन इस बैठक की तारीख अभी तय नहीं है।
भाजपा सूत्रों ने कहा है कि राजग की बैठक इस सप्ताह होगी और उसके बाद पार्टी की कोर समिति की एक और बैठक होगी।
भाजपा सूत्रों ने कहा है कि राजग की बैठक इस सप्ताह होगी और उसके बाद पार्टी की कोर समिति की एक और बैठक होगी। | संक्षिप्त सारांश: राष्ट्रपति चुनाव को लेकर गठबंधन सहयोगियों के परस्पर विरोधी रुख के चलते भाजपा जैसे सन्न रह गई है। | 23 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: हिन्दुत्व के मुद्दे पर बीजेपी, विश्व हिन्दू परिषद के साथ कदमताल करने को तैयार दिख रही है। बीजेपी के अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने बुधवार को न सिर्फ संगम में डुबकी लगाई, बल्कि राम मंदिर और नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी पर प्रस्ताव पास कराने की तैयारी कर रहे विश्व हिन्दू परिषद और संतों के सामने हाजरी भी लगाने जा रहे हैं।
नरेंद्र मोदी को लेकर कुंभ में काफी हलचल है। हालांकि राजनाथ सिंह ने संगम में डुबकी लगाने के बाद पत्रकारों से कहा कि पार्टी ने प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार को लेकर अभी फैसला नहीं लिया है और उन्होंने कल की तरह दोहराया कि प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार का फैसला बीजेपी संसदीय बोर्ड की बैठक में होगा।टिप्पणियां
उधर, विहिप की आज एक अहम बैठक होने जा रही है, जिसमें अयोध्या के राम मंदिर को लेकर प्रस्ताव को अंतिम रूप दिया जा सकता है। इस प्रस्ताव पर धर्म संसद में साधु-संत मुहर लगाएंगे।
माना जा रहा है कि इस बैठक में संत समाज नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने की मांग को लेकर भी प्रस्ताव पास कर सकते हैं। हालांकि बीजेपी ने संतों से कहा है कि विवाद से बचने के लिए वे ऐसे किसी प्रस्ताव को पास न करें। नरेंद्र मोदी खुद 12 फरवरी को कुंभ में डुबकी लगाने आएंगे।
नरेंद्र मोदी को लेकर कुंभ में काफी हलचल है। हालांकि राजनाथ सिंह ने संगम में डुबकी लगाने के बाद पत्रकारों से कहा कि पार्टी ने प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार को लेकर अभी फैसला नहीं लिया है और उन्होंने कल की तरह दोहराया कि प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार का फैसला बीजेपी संसदीय बोर्ड की बैठक में होगा।टिप्पणियां
उधर, विहिप की आज एक अहम बैठक होने जा रही है, जिसमें अयोध्या के राम मंदिर को लेकर प्रस्ताव को अंतिम रूप दिया जा सकता है। इस प्रस्ताव पर धर्म संसद में साधु-संत मुहर लगाएंगे।
माना जा रहा है कि इस बैठक में संत समाज नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने की मांग को लेकर भी प्रस्ताव पास कर सकते हैं। हालांकि बीजेपी ने संतों से कहा है कि विवाद से बचने के लिए वे ऐसे किसी प्रस्ताव को पास न करें। नरेंद्र मोदी खुद 12 फरवरी को कुंभ में डुबकी लगाने आएंगे।
उधर, विहिप की आज एक अहम बैठक होने जा रही है, जिसमें अयोध्या के राम मंदिर को लेकर प्रस्ताव को अंतिम रूप दिया जा सकता है। इस प्रस्ताव पर धर्म संसद में साधु-संत मुहर लगाएंगे।
माना जा रहा है कि इस बैठक में संत समाज नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने की मांग को लेकर भी प्रस्ताव पास कर सकते हैं। हालांकि बीजेपी ने संतों से कहा है कि विवाद से बचने के लिए वे ऐसे किसी प्रस्ताव को पास न करें। नरेंद्र मोदी खुद 12 फरवरी को कुंभ में डुबकी लगाने आएंगे।
माना जा रहा है कि इस बैठक में संत समाज नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने की मांग को लेकर भी प्रस्ताव पास कर सकते हैं। हालांकि बीजेपी ने संतों से कहा है कि विवाद से बचने के लिए वे ऐसे किसी प्रस्ताव को पास न करें। नरेंद्र मोदी खुद 12 फरवरी को कुंभ में डुबकी लगाने आएंगे। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: बीजेपी के अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने बुधवार को न सिर्फ संगम में डुबकी लगाई, बल्कि राम मंदिर और नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी पर प्रस्ताव पास कराने की तैयारी कर रहे विश्व हिन्दू परिषद और संतों के सामने हाजरी भी लगाने जा रहे हैं। | 25 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: बड़े मैच के खिलाड़ी कहे जाने वाले क्रिस गेल (नाबाद 75) की तूफानी बल्लेबाजी और रवि रामपॉल (16/3) के नेतृत्व में अपने गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन की बदौलत वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम ने शुक्रवार को आर. प्रेमदासा स्टेडियम में खेले गए ट्वेंटी-20 विश्व कप के दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया को 74 रनों के बड़े अंतर से हरा दिया। फाइनल में कैरेबियाई टीम का सामना श्रीलंका से होगा।
कैरेबियाई टीम 2006 के बाद आईसीसी के किसी आयोजन के फाइनल में पहुंची है। छह साल पहले यह टीम चैम्पियंस ट्रॉफी के फाइनल में पहुंची थी लेकिन इस बार वह अधिक बड़े प्लेटफार्म पर खिताबी मुकाबले में पहुंची है। खिताबी जीत के लिए हालांकि उसे मेजबान टीम को हराना होगा, जिसने गुरुवार को 2009 के चैम्पियन पाकिस्तान को 16 रनों से हराया था। फाइनल मुकाबला रविवार को प्रेमदासा स्टेडियम में ही खेला जाएगा।
वेस्टइंडीज ने पहले तो मैन ऑफ द मैच चुने गए गेल के नेतृत्व में बल्लेबाजी का शानदार नजारा पेश किया और फिर गेंदबाजी के दौरान पहले ही ओवर से ऑस्ट्रेलियाई टीम पर हावी हो गया। वेस्टइंडीज की ओर से रखे गए 206 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए कंगारू टीम 16.4 ओवरों में 131 रन ही बना सकी। कैरेबियाई टीम ने टी-20 विश्व कप के चौथे संस्करण का सबसे बड़ा स्कोर खड़ा किया।
दो रन के कुल योग पर डेविड वार्नर का विकेट गिरने के साथ कंगारू बल्लेबाजों का 'तू चल मैं आया' को जो सिलसिला शुरु हुआ, उसमें काफी हद तक कप्तान जार्ज बैले (63) ही रोक लगा सके। बैले ने अकेले दम पर कैरेबियाई आक्रमण पंक्ति से लोहा लेते हुए 29 गेंदों पर छह चौके और चार छक्के लगाए।
बैले ने पैट कुमिंस के साथ सातवें विकेट के लिए छह ओवरों में 68 रन जोड़े। इसमें बैले के 53 और कुमिंस के 13 रन शामिल हैं। बैले की पारी इतनी शानदार थी कि अगर उन्हें कुमिंस के अलावा किसी और बल्लेबाज का साथ मिला होता तो शायद उनका आत्मविश्वास कंगारुओं को असम्भव सी दिखने वाली जीत दिला देता।
इस मैच में ऑस्ट्रेलिया के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ी शेन वॉटसन का नहीं चल पाना भारी पड़ा। वॉटसन सात रन के निजी योग पर सैमुएल बद्री की गेंद पर बोल्ड हुए। वॉटसन के आउट होने के साथ ही मानो ऑस्ट्रेलिया की उम्मीदें ध्वस्त हो गईं।
वार्नर (1), माइकल हसी (18), कैमरन व्हाइट (5), डेविड हसी (0), मैथ्यू वेड (1), ब्रैड हॉग (7), मिशेल स्टार्क (2) ने निराश किया। कुमिंस ने अपनी 15 गेंदों की पारी में एक चौके की मदद से 13 रन बनाए। वेस्टइंडीज की ओर से रवि राम पाल ने तीन विकेट लिए जबकि बद्री, सुनील नरेन और केरोन पोलार्ड ने दो-दो विकेट लिए।
इससे पहले, कैरेबियाई टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में चार विकेट पर 205 रन बनाए, जिसमें सलामी बल्लेबाज क्रिस गेल के 41 गेंदों पर पांच चौकों और छह छक्कों की मदद से बनाए गए नाबाद 75 रन शामिल थे।
वेस्टइंडीज की ओर से गेल के साथ पारी की शुरुआत करने आए जॉन्सन चार्ल्स अधिक देर तक क्रीज पर नहीं टिक सके और वह 10 रन बनाकर आउट हो गए।
चार्ल्स को तेज गेंदबाज मिशेल स्टार्क की गेंद पर विकेट कीपर मैथ्यू वेड ने कैच किया। चार्ल्स जब आउट हुए उस समय कैरेबियाई टीम का कुल योग 16 रन था।
वेस्टइंडीज का दूसरा विकेट मार्लन सैमुएल्स के रूप में गिरा। सैमुएल्स को 26 रन के निजी योग पर पैट कुमिंस ने बोल्ड किया। सैमुएल्स ने गेल के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 41 रन जोड़े।
ड्वेन ब्रावो 31 गेंदों पर एक चौके और तीन छक्कों की मदद से 37 रन बनाकर आउट हुए। उन्हें कुमिंस की गेंद पर कप्तान जॉर्ज बैले ने कैच किया। ब्रावो ने गेल के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 83 रन जोड़े।टिप्पणियां
हरफनमौला केरॉन पोलार्ड के रूप में वेस्टइंडीज का चौथा विकेट गिरा। पोलार्ड 15 गेंदों पर तीन चौकों और इतने ही छक्कों की मदद से 38 रन बनाकर आउट हुए। पोलार्ड को स्पिनर जेवियर डोर्थी की गेंद पर डेविड वॉर्नर ने कैच किया। पोलार्ड ने गेल के साथ मिलकर चौथे विकेट के लिए 65 रन जोड़े।
गेल और पोलार्ड ने पारी के अंतिम ओवर में 25 रन बटोरे। यह ओवर डोर्थी ने फेंका था। आस्ट्रेलिया की ओर से कुमिंस ने दो जबकि स्टार्क और डोर्थी ने एक-एक विकेट झटका।
कैरेबियाई टीम 2006 के बाद आईसीसी के किसी आयोजन के फाइनल में पहुंची है। छह साल पहले यह टीम चैम्पियंस ट्रॉफी के फाइनल में पहुंची थी लेकिन इस बार वह अधिक बड़े प्लेटफार्म पर खिताबी मुकाबले में पहुंची है। खिताबी जीत के लिए हालांकि उसे मेजबान टीम को हराना होगा, जिसने गुरुवार को 2009 के चैम्पियन पाकिस्तान को 16 रनों से हराया था। फाइनल मुकाबला रविवार को प्रेमदासा स्टेडियम में ही खेला जाएगा।
वेस्टइंडीज ने पहले तो मैन ऑफ द मैच चुने गए गेल के नेतृत्व में बल्लेबाजी का शानदार नजारा पेश किया और फिर गेंदबाजी के दौरान पहले ही ओवर से ऑस्ट्रेलियाई टीम पर हावी हो गया। वेस्टइंडीज की ओर से रखे गए 206 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए कंगारू टीम 16.4 ओवरों में 131 रन ही बना सकी। कैरेबियाई टीम ने टी-20 विश्व कप के चौथे संस्करण का सबसे बड़ा स्कोर खड़ा किया।
दो रन के कुल योग पर डेविड वार्नर का विकेट गिरने के साथ कंगारू बल्लेबाजों का 'तू चल मैं आया' को जो सिलसिला शुरु हुआ, उसमें काफी हद तक कप्तान जार्ज बैले (63) ही रोक लगा सके। बैले ने अकेले दम पर कैरेबियाई आक्रमण पंक्ति से लोहा लेते हुए 29 गेंदों पर छह चौके और चार छक्के लगाए।
बैले ने पैट कुमिंस के साथ सातवें विकेट के लिए छह ओवरों में 68 रन जोड़े। इसमें बैले के 53 और कुमिंस के 13 रन शामिल हैं। बैले की पारी इतनी शानदार थी कि अगर उन्हें कुमिंस के अलावा किसी और बल्लेबाज का साथ मिला होता तो शायद उनका आत्मविश्वास कंगारुओं को असम्भव सी दिखने वाली जीत दिला देता।
इस मैच में ऑस्ट्रेलिया के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ी शेन वॉटसन का नहीं चल पाना भारी पड़ा। वॉटसन सात रन के निजी योग पर सैमुएल बद्री की गेंद पर बोल्ड हुए। वॉटसन के आउट होने के साथ ही मानो ऑस्ट्रेलिया की उम्मीदें ध्वस्त हो गईं।
वार्नर (1), माइकल हसी (18), कैमरन व्हाइट (5), डेविड हसी (0), मैथ्यू वेड (1), ब्रैड हॉग (7), मिशेल स्टार्क (2) ने निराश किया। कुमिंस ने अपनी 15 गेंदों की पारी में एक चौके की मदद से 13 रन बनाए। वेस्टइंडीज की ओर से रवि राम पाल ने तीन विकेट लिए जबकि बद्री, सुनील नरेन और केरोन पोलार्ड ने दो-दो विकेट लिए।
इससे पहले, कैरेबियाई टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में चार विकेट पर 205 रन बनाए, जिसमें सलामी बल्लेबाज क्रिस गेल के 41 गेंदों पर पांच चौकों और छह छक्कों की मदद से बनाए गए नाबाद 75 रन शामिल थे।
वेस्टइंडीज की ओर से गेल के साथ पारी की शुरुआत करने आए जॉन्सन चार्ल्स अधिक देर तक क्रीज पर नहीं टिक सके और वह 10 रन बनाकर आउट हो गए।
चार्ल्स को तेज गेंदबाज मिशेल स्टार्क की गेंद पर विकेट कीपर मैथ्यू वेड ने कैच किया। चार्ल्स जब आउट हुए उस समय कैरेबियाई टीम का कुल योग 16 रन था।
वेस्टइंडीज का दूसरा विकेट मार्लन सैमुएल्स के रूप में गिरा। सैमुएल्स को 26 रन के निजी योग पर पैट कुमिंस ने बोल्ड किया। सैमुएल्स ने गेल के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 41 रन जोड़े।
ड्वेन ब्रावो 31 गेंदों पर एक चौके और तीन छक्कों की मदद से 37 रन बनाकर आउट हुए। उन्हें कुमिंस की गेंद पर कप्तान जॉर्ज बैले ने कैच किया। ब्रावो ने गेल के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 83 रन जोड़े।टिप्पणियां
हरफनमौला केरॉन पोलार्ड के रूप में वेस्टइंडीज का चौथा विकेट गिरा। पोलार्ड 15 गेंदों पर तीन चौकों और इतने ही छक्कों की मदद से 38 रन बनाकर आउट हुए। पोलार्ड को स्पिनर जेवियर डोर्थी की गेंद पर डेविड वॉर्नर ने कैच किया। पोलार्ड ने गेल के साथ मिलकर चौथे विकेट के लिए 65 रन जोड़े।
गेल और पोलार्ड ने पारी के अंतिम ओवर में 25 रन बटोरे। यह ओवर डोर्थी ने फेंका था। आस्ट्रेलिया की ओर से कुमिंस ने दो जबकि स्टार्क और डोर्थी ने एक-एक विकेट झटका।
वेस्टइंडीज ने पहले तो मैन ऑफ द मैच चुने गए गेल के नेतृत्व में बल्लेबाजी का शानदार नजारा पेश किया और फिर गेंदबाजी के दौरान पहले ही ओवर से ऑस्ट्रेलियाई टीम पर हावी हो गया। वेस्टइंडीज की ओर से रखे गए 206 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए कंगारू टीम 16.4 ओवरों में 131 रन ही बना सकी। कैरेबियाई टीम ने टी-20 विश्व कप के चौथे संस्करण का सबसे बड़ा स्कोर खड़ा किया।
दो रन के कुल योग पर डेविड वार्नर का विकेट गिरने के साथ कंगारू बल्लेबाजों का 'तू चल मैं आया' को जो सिलसिला शुरु हुआ, उसमें काफी हद तक कप्तान जार्ज बैले (63) ही रोक लगा सके। बैले ने अकेले दम पर कैरेबियाई आक्रमण पंक्ति से लोहा लेते हुए 29 गेंदों पर छह चौके और चार छक्के लगाए।
बैले ने पैट कुमिंस के साथ सातवें विकेट के लिए छह ओवरों में 68 रन जोड़े। इसमें बैले के 53 और कुमिंस के 13 रन शामिल हैं। बैले की पारी इतनी शानदार थी कि अगर उन्हें कुमिंस के अलावा किसी और बल्लेबाज का साथ मिला होता तो शायद उनका आत्मविश्वास कंगारुओं को असम्भव सी दिखने वाली जीत दिला देता।
इस मैच में ऑस्ट्रेलिया के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ी शेन वॉटसन का नहीं चल पाना भारी पड़ा। वॉटसन सात रन के निजी योग पर सैमुएल बद्री की गेंद पर बोल्ड हुए। वॉटसन के आउट होने के साथ ही मानो ऑस्ट्रेलिया की उम्मीदें ध्वस्त हो गईं।
वार्नर (1), माइकल हसी (18), कैमरन व्हाइट (5), डेविड हसी (0), मैथ्यू वेड (1), ब्रैड हॉग (7), मिशेल स्टार्क (2) ने निराश किया। कुमिंस ने अपनी 15 गेंदों की पारी में एक चौके की मदद से 13 रन बनाए। वेस्टइंडीज की ओर से रवि राम पाल ने तीन विकेट लिए जबकि बद्री, सुनील नरेन और केरोन पोलार्ड ने दो-दो विकेट लिए।
इससे पहले, कैरेबियाई टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में चार विकेट पर 205 रन बनाए, जिसमें सलामी बल्लेबाज क्रिस गेल के 41 गेंदों पर पांच चौकों और छह छक्कों की मदद से बनाए गए नाबाद 75 रन शामिल थे।
वेस्टइंडीज की ओर से गेल के साथ पारी की शुरुआत करने आए जॉन्सन चार्ल्स अधिक देर तक क्रीज पर नहीं टिक सके और वह 10 रन बनाकर आउट हो गए।
चार्ल्स को तेज गेंदबाज मिशेल स्टार्क की गेंद पर विकेट कीपर मैथ्यू वेड ने कैच किया। चार्ल्स जब आउट हुए उस समय कैरेबियाई टीम का कुल योग 16 रन था।
वेस्टइंडीज का दूसरा विकेट मार्लन सैमुएल्स के रूप में गिरा। सैमुएल्स को 26 रन के निजी योग पर पैट कुमिंस ने बोल्ड किया। सैमुएल्स ने गेल के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 41 रन जोड़े।
ड्वेन ब्रावो 31 गेंदों पर एक चौके और तीन छक्कों की मदद से 37 रन बनाकर आउट हुए। उन्हें कुमिंस की गेंद पर कप्तान जॉर्ज बैले ने कैच किया। ब्रावो ने गेल के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 83 रन जोड़े।टिप्पणियां
हरफनमौला केरॉन पोलार्ड के रूप में वेस्टइंडीज का चौथा विकेट गिरा। पोलार्ड 15 गेंदों पर तीन चौकों और इतने ही छक्कों की मदद से 38 रन बनाकर आउट हुए। पोलार्ड को स्पिनर जेवियर डोर्थी की गेंद पर डेविड वॉर्नर ने कैच किया। पोलार्ड ने गेल के साथ मिलकर चौथे विकेट के लिए 65 रन जोड़े।
गेल और पोलार्ड ने पारी के अंतिम ओवर में 25 रन बटोरे। यह ओवर डोर्थी ने फेंका था। आस्ट्रेलिया की ओर से कुमिंस ने दो जबकि स्टार्क और डोर्थी ने एक-एक विकेट झटका।
दो रन के कुल योग पर डेविड वार्नर का विकेट गिरने के साथ कंगारू बल्लेबाजों का 'तू चल मैं आया' को जो सिलसिला शुरु हुआ, उसमें काफी हद तक कप्तान जार्ज बैले (63) ही रोक लगा सके। बैले ने अकेले दम पर कैरेबियाई आक्रमण पंक्ति से लोहा लेते हुए 29 गेंदों पर छह चौके और चार छक्के लगाए।
बैले ने पैट कुमिंस के साथ सातवें विकेट के लिए छह ओवरों में 68 रन जोड़े। इसमें बैले के 53 और कुमिंस के 13 रन शामिल हैं। बैले की पारी इतनी शानदार थी कि अगर उन्हें कुमिंस के अलावा किसी और बल्लेबाज का साथ मिला होता तो शायद उनका आत्मविश्वास कंगारुओं को असम्भव सी दिखने वाली जीत दिला देता।
इस मैच में ऑस्ट्रेलिया के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ी शेन वॉटसन का नहीं चल पाना भारी पड़ा। वॉटसन सात रन के निजी योग पर सैमुएल बद्री की गेंद पर बोल्ड हुए। वॉटसन के आउट होने के साथ ही मानो ऑस्ट्रेलिया की उम्मीदें ध्वस्त हो गईं।
वार्नर (1), माइकल हसी (18), कैमरन व्हाइट (5), डेविड हसी (0), मैथ्यू वेड (1), ब्रैड हॉग (7), मिशेल स्टार्क (2) ने निराश किया। कुमिंस ने अपनी 15 गेंदों की पारी में एक चौके की मदद से 13 रन बनाए। वेस्टइंडीज की ओर से रवि राम पाल ने तीन विकेट लिए जबकि बद्री, सुनील नरेन और केरोन पोलार्ड ने दो-दो विकेट लिए।
इससे पहले, कैरेबियाई टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में चार विकेट पर 205 रन बनाए, जिसमें सलामी बल्लेबाज क्रिस गेल के 41 गेंदों पर पांच चौकों और छह छक्कों की मदद से बनाए गए नाबाद 75 रन शामिल थे।
वेस्टइंडीज की ओर से गेल के साथ पारी की शुरुआत करने आए जॉन्सन चार्ल्स अधिक देर तक क्रीज पर नहीं टिक सके और वह 10 रन बनाकर आउट हो गए।
चार्ल्स को तेज गेंदबाज मिशेल स्टार्क की गेंद पर विकेट कीपर मैथ्यू वेड ने कैच किया। चार्ल्स जब आउट हुए उस समय कैरेबियाई टीम का कुल योग 16 रन था।
वेस्टइंडीज का दूसरा विकेट मार्लन सैमुएल्स के रूप में गिरा। सैमुएल्स को 26 रन के निजी योग पर पैट कुमिंस ने बोल्ड किया। सैमुएल्स ने गेल के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 41 रन जोड़े।
ड्वेन ब्रावो 31 गेंदों पर एक चौके और तीन छक्कों की मदद से 37 रन बनाकर आउट हुए। उन्हें कुमिंस की गेंद पर कप्तान जॉर्ज बैले ने कैच किया। ब्रावो ने गेल के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 83 रन जोड़े।टिप्पणियां
हरफनमौला केरॉन पोलार्ड के रूप में वेस्टइंडीज का चौथा विकेट गिरा। पोलार्ड 15 गेंदों पर तीन चौकों और इतने ही छक्कों की मदद से 38 रन बनाकर आउट हुए। पोलार्ड को स्पिनर जेवियर डोर्थी की गेंद पर डेविड वॉर्नर ने कैच किया। पोलार्ड ने गेल के साथ मिलकर चौथे विकेट के लिए 65 रन जोड़े।
गेल और पोलार्ड ने पारी के अंतिम ओवर में 25 रन बटोरे। यह ओवर डोर्थी ने फेंका था। आस्ट्रेलिया की ओर से कुमिंस ने दो जबकि स्टार्क और डोर्थी ने एक-एक विकेट झटका।
बैले ने पैट कुमिंस के साथ सातवें विकेट के लिए छह ओवरों में 68 रन जोड़े। इसमें बैले के 53 और कुमिंस के 13 रन शामिल हैं। बैले की पारी इतनी शानदार थी कि अगर उन्हें कुमिंस के अलावा किसी और बल्लेबाज का साथ मिला होता तो शायद उनका आत्मविश्वास कंगारुओं को असम्भव सी दिखने वाली जीत दिला देता।
इस मैच में ऑस्ट्रेलिया के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ी शेन वॉटसन का नहीं चल पाना भारी पड़ा। वॉटसन सात रन के निजी योग पर सैमुएल बद्री की गेंद पर बोल्ड हुए। वॉटसन के आउट होने के साथ ही मानो ऑस्ट्रेलिया की उम्मीदें ध्वस्त हो गईं।
वार्नर (1), माइकल हसी (18), कैमरन व्हाइट (5), डेविड हसी (0), मैथ्यू वेड (1), ब्रैड हॉग (7), मिशेल स्टार्क (2) ने निराश किया। कुमिंस ने अपनी 15 गेंदों की पारी में एक चौके की मदद से 13 रन बनाए। वेस्टइंडीज की ओर से रवि राम पाल ने तीन विकेट लिए जबकि बद्री, सुनील नरेन और केरोन पोलार्ड ने दो-दो विकेट लिए।
इससे पहले, कैरेबियाई टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में चार विकेट पर 205 रन बनाए, जिसमें सलामी बल्लेबाज क्रिस गेल के 41 गेंदों पर पांच चौकों और छह छक्कों की मदद से बनाए गए नाबाद 75 रन शामिल थे।
वेस्टइंडीज की ओर से गेल के साथ पारी की शुरुआत करने आए जॉन्सन चार्ल्स अधिक देर तक क्रीज पर नहीं टिक सके और वह 10 रन बनाकर आउट हो गए।
चार्ल्स को तेज गेंदबाज मिशेल स्टार्क की गेंद पर विकेट कीपर मैथ्यू वेड ने कैच किया। चार्ल्स जब आउट हुए उस समय कैरेबियाई टीम का कुल योग 16 रन था।
वेस्टइंडीज का दूसरा विकेट मार्लन सैमुएल्स के रूप में गिरा। सैमुएल्स को 26 रन के निजी योग पर पैट कुमिंस ने बोल्ड किया। सैमुएल्स ने गेल के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 41 रन जोड़े।
ड्वेन ब्रावो 31 गेंदों पर एक चौके और तीन छक्कों की मदद से 37 रन बनाकर आउट हुए। उन्हें कुमिंस की गेंद पर कप्तान जॉर्ज बैले ने कैच किया। ब्रावो ने गेल के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 83 रन जोड़े।टिप्पणियां
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गेल और पोलार्ड ने पारी के अंतिम ओवर में 25 रन बटोरे। यह ओवर डोर्थी ने फेंका था। आस्ट्रेलिया की ओर से कुमिंस ने दो जबकि स्टार्क और डोर्थी ने एक-एक विकेट झटका।
इस मैच में ऑस्ट्रेलिया के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ी शेन वॉटसन का नहीं चल पाना भारी पड़ा। वॉटसन सात रन के निजी योग पर सैमुएल बद्री की गेंद पर बोल्ड हुए। वॉटसन के आउट होने के साथ ही मानो ऑस्ट्रेलिया की उम्मीदें ध्वस्त हो गईं।
वार्नर (1), माइकल हसी (18), कैमरन व्हाइट (5), डेविड हसी (0), मैथ्यू वेड (1), ब्रैड हॉग (7), मिशेल स्टार्क (2) ने निराश किया। कुमिंस ने अपनी 15 गेंदों की पारी में एक चौके की मदद से 13 रन बनाए। वेस्टइंडीज की ओर से रवि राम पाल ने तीन विकेट लिए जबकि बद्री, सुनील नरेन और केरोन पोलार्ड ने दो-दो विकेट लिए।
इससे पहले, कैरेबियाई टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में चार विकेट पर 205 रन बनाए, जिसमें सलामी बल्लेबाज क्रिस गेल के 41 गेंदों पर पांच चौकों और छह छक्कों की मदद से बनाए गए नाबाद 75 रन शामिल थे।
वेस्टइंडीज की ओर से गेल के साथ पारी की शुरुआत करने आए जॉन्सन चार्ल्स अधिक देर तक क्रीज पर नहीं टिक सके और वह 10 रन बनाकर आउट हो गए।
चार्ल्स को तेज गेंदबाज मिशेल स्टार्क की गेंद पर विकेट कीपर मैथ्यू वेड ने कैच किया। चार्ल्स जब आउट हुए उस समय कैरेबियाई टीम का कुल योग 16 रन था।
वेस्टइंडीज का दूसरा विकेट मार्लन सैमुएल्स के रूप में गिरा। सैमुएल्स को 26 रन के निजी योग पर पैट कुमिंस ने बोल्ड किया। सैमुएल्स ने गेल के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 41 रन जोड़े।
ड्वेन ब्रावो 31 गेंदों पर एक चौके और तीन छक्कों की मदद से 37 रन बनाकर आउट हुए। उन्हें कुमिंस की गेंद पर कप्तान जॉर्ज बैले ने कैच किया। ब्रावो ने गेल के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 83 रन जोड़े।टिप्पणियां
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वार्नर (1), माइकल हसी (18), कैमरन व्हाइट (5), डेविड हसी (0), मैथ्यू वेड (1), ब्रैड हॉग (7), मिशेल स्टार्क (2) ने निराश किया। कुमिंस ने अपनी 15 गेंदों की पारी में एक चौके की मदद से 13 रन बनाए। वेस्टइंडीज की ओर से रवि राम पाल ने तीन विकेट लिए जबकि बद्री, सुनील नरेन और केरोन पोलार्ड ने दो-दो विकेट लिए।
इससे पहले, कैरेबियाई टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में चार विकेट पर 205 रन बनाए, जिसमें सलामी बल्लेबाज क्रिस गेल के 41 गेंदों पर पांच चौकों और छह छक्कों की मदद से बनाए गए नाबाद 75 रन शामिल थे।
वेस्टइंडीज की ओर से गेल के साथ पारी की शुरुआत करने आए जॉन्सन चार्ल्स अधिक देर तक क्रीज पर नहीं टिक सके और वह 10 रन बनाकर आउट हो गए।
चार्ल्स को तेज गेंदबाज मिशेल स्टार्क की गेंद पर विकेट कीपर मैथ्यू वेड ने कैच किया। चार्ल्स जब आउट हुए उस समय कैरेबियाई टीम का कुल योग 16 रन था।
वेस्टइंडीज का दूसरा विकेट मार्लन सैमुएल्स के रूप में गिरा। सैमुएल्स को 26 रन के निजी योग पर पैट कुमिंस ने बोल्ड किया। सैमुएल्स ने गेल के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 41 रन जोड़े।
ड्वेन ब्रावो 31 गेंदों पर एक चौके और तीन छक्कों की मदद से 37 रन बनाकर आउट हुए। उन्हें कुमिंस की गेंद पर कप्तान जॉर्ज बैले ने कैच किया। ब्रावो ने गेल के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 83 रन जोड़े।टिप्पणियां
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गेल और पोलार्ड ने पारी के अंतिम ओवर में 25 रन बटोरे। यह ओवर डोर्थी ने फेंका था। आस्ट्रेलिया की ओर से कुमिंस ने दो जबकि स्टार्क और डोर्थी ने एक-एक विकेट झटका।
इससे पहले, कैरेबियाई टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में चार विकेट पर 205 रन बनाए, जिसमें सलामी बल्लेबाज क्रिस गेल के 41 गेंदों पर पांच चौकों और छह छक्कों की मदद से बनाए गए नाबाद 75 रन शामिल थे।
वेस्टइंडीज की ओर से गेल के साथ पारी की शुरुआत करने आए जॉन्सन चार्ल्स अधिक देर तक क्रीज पर नहीं टिक सके और वह 10 रन बनाकर आउट हो गए।
चार्ल्स को तेज गेंदबाज मिशेल स्टार्क की गेंद पर विकेट कीपर मैथ्यू वेड ने कैच किया। चार्ल्स जब आउट हुए उस समय कैरेबियाई टीम का कुल योग 16 रन था।
वेस्टइंडीज का दूसरा विकेट मार्लन सैमुएल्स के रूप में गिरा। सैमुएल्स को 26 रन के निजी योग पर पैट कुमिंस ने बोल्ड किया। सैमुएल्स ने गेल के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 41 रन जोड़े।
ड्वेन ब्रावो 31 गेंदों पर एक चौके और तीन छक्कों की मदद से 37 रन बनाकर आउट हुए। उन्हें कुमिंस की गेंद पर कप्तान जॉर्ज बैले ने कैच किया। ब्रावो ने गेल के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 83 रन जोड़े।टिप्पणियां
हरफनमौला केरॉन पोलार्ड के रूप में वेस्टइंडीज का चौथा विकेट गिरा। पोलार्ड 15 गेंदों पर तीन चौकों और इतने ही छक्कों की मदद से 38 रन बनाकर आउट हुए। पोलार्ड को स्पिनर जेवियर डोर्थी की गेंद पर डेविड वॉर्नर ने कैच किया। पोलार्ड ने गेल के साथ मिलकर चौथे विकेट के लिए 65 रन जोड़े।
गेल और पोलार्ड ने पारी के अंतिम ओवर में 25 रन बटोरे। यह ओवर डोर्थी ने फेंका था। आस्ट्रेलिया की ओर से कुमिंस ने दो जबकि स्टार्क और डोर्थी ने एक-एक विकेट झटका।
चार्ल्स को तेज गेंदबाज मिशेल स्टार्क की गेंद पर विकेट कीपर मैथ्यू वेड ने कैच किया। चार्ल्स जब आउट हुए उस समय कैरेबियाई टीम का कुल योग 16 रन था।
वेस्टइंडीज का दूसरा विकेट मार्लन सैमुएल्स के रूप में गिरा। सैमुएल्स को 26 रन के निजी योग पर पैट कुमिंस ने बोल्ड किया। सैमुएल्स ने गेल के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 41 रन जोड़े।
ड्वेन ब्रावो 31 गेंदों पर एक चौके और तीन छक्कों की मदद से 37 रन बनाकर आउट हुए। उन्हें कुमिंस की गेंद पर कप्तान जॉर्ज बैले ने कैच किया। ब्रावो ने गेल के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 83 रन जोड़े।टिप्पणियां
हरफनमौला केरॉन पोलार्ड के रूप में वेस्टइंडीज का चौथा विकेट गिरा। पोलार्ड 15 गेंदों पर तीन चौकों और इतने ही छक्कों की मदद से 38 रन बनाकर आउट हुए। पोलार्ड को स्पिनर जेवियर डोर्थी की गेंद पर डेविड वॉर्नर ने कैच किया। पोलार्ड ने गेल के साथ मिलकर चौथे विकेट के लिए 65 रन जोड़े।
गेल और पोलार्ड ने पारी के अंतिम ओवर में 25 रन बटोरे। यह ओवर डोर्थी ने फेंका था। आस्ट्रेलिया की ओर से कुमिंस ने दो जबकि स्टार्क और डोर्थी ने एक-एक विकेट झटका।
वेस्टइंडीज का दूसरा विकेट मार्लन सैमुएल्स के रूप में गिरा। सैमुएल्स को 26 रन के निजी योग पर पैट कुमिंस ने बोल्ड किया। सैमुएल्स ने गेल के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 41 रन जोड़े।
ड्वेन ब्रावो 31 गेंदों पर एक चौके और तीन छक्कों की मदद से 37 रन बनाकर आउट हुए। उन्हें कुमिंस की गेंद पर कप्तान जॉर्ज बैले ने कैच किया। ब्रावो ने गेल के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 83 रन जोड़े।टिप्पणियां
हरफनमौला केरॉन पोलार्ड के रूप में वेस्टइंडीज का चौथा विकेट गिरा। पोलार्ड 15 गेंदों पर तीन चौकों और इतने ही छक्कों की मदद से 38 रन बनाकर आउट हुए। पोलार्ड को स्पिनर जेवियर डोर्थी की गेंद पर डेविड वॉर्नर ने कैच किया। पोलार्ड ने गेल के साथ मिलकर चौथे विकेट के लिए 65 रन जोड़े।
गेल और पोलार्ड ने पारी के अंतिम ओवर में 25 रन बटोरे। यह ओवर डोर्थी ने फेंका था। आस्ट्रेलिया की ओर से कुमिंस ने दो जबकि स्टार्क और डोर्थी ने एक-एक विकेट झटका।
ड्वेन ब्रावो 31 गेंदों पर एक चौके और तीन छक्कों की मदद से 37 रन बनाकर आउट हुए। उन्हें कुमिंस की गेंद पर कप्तान जॉर्ज बैले ने कैच किया। ब्रावो ने गेल के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 83 रन जोड़े।टिप्पणियां
हरफनमौला केरॉन पोलार्ड के रूप में वेस्टइंडीज का चौथा विकेट गिरा। पोलार्ड 15 गेंदों पर तीन चौकों और इतने ही छक्कों की मदद से 38 रन बनाकर आउट हुए। पोलार्ड को स्पिनर जेवियर डोर्थी की गेंद पर डेविड वॉर्नर ने कैच किया। पोलार्ड ने गेल के साथ मिलकर चौथे विकेट के लिए 65 रन जोड़े।
गेल और पोलार्ड ने पारी के अंतिम ओवर में 25 रन बटोरे। यह ओवर डोर्थी ने फेंका था। आस्ट्रेलिया की ओर से कुमिंस ने दो जबकि स्टार्क और डोर्थी ने एक-एक विकेट झटका।
हरफनमौला केरॉन पोलार्ड के रूप में वेस्टइंडीज का चौथा विकेट गिरा। पोलार्ड 15 गेंदों पर तीन चौकों और इतने ही छक्कों की मदद से 38 रन बनाकर आउट हुए। पोलार्ड को स्पिनर जेवियर डोर्थी की गेंद पर डेविड वॉर्नर ने कैच किया। पोलार्ड ने गेल के साथ मिलकर चौथे विकेट के लिए 65 रन जोड़े।
गेल और पोलार्ड ने पारी के अंतिम ओवर में 25 रन बटोरे। यह ओवर डोर्थी ने फेंका था। आस्ट्रेलिया की ओर से कुमिंस ने दो जबकि स्टार्क और डोर्थी ने एक-एक विकेट झटका।
गेल और पोलार्ड ने पारी के अंतिम ओवर में 25 रन बटोरे। यह ओवर डोर्थी ने फेंका था। आस्ट्रेलिया की ओर से कुमिंस ने दो जबकि स्टार्क और डोर्थी ने एक-एक विकेट झटका। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: क्रिस गेल की तूफानी बल्लेबाजी और रवि रामपॉल (16/3) के नेतृत्व में अपने गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन की बदौलत वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम ने शुक्रवार को आर. प्रेमदासा स्टेडियम में खेले गए ट्वेंटी-20 विश्व कप के दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया को 74 रनों | 32 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: ट्रंप प्रशासन ने बिगड़ते भारत और पाकिस्तान संबंधों के लिए पाकिस्तान को दोषी ठहराया और चेतावनी दी कि अगर इस वर्ष सीमा पर से ‘कोई बड़ा’ हमला होता है तो यह संबध और बिगड़ सकते हैं.टिप्पणियां
नेशनल इंटेलिजेंस के निदेशक डैनियल कोट्स ने एक सुनवाई के दौरान सांसदों से कहा, भारत विरोधी आतंकवादियों को मिलने वाले सहयोग को बंद नहीं करा पाने में पाकिस्तान की नकामयाबी और इस नीति के खिलाफ नई दिल्ली की बढ़ती असहिष्णुता साथ ही सीमा पार से जनवरी 2016 में पठानकोट में हुए आतंकवादी हमले में पाकिस्तानी जांच में कोई प्रगति नहीं होने के कारण 2016 से द्विपक्षीय संबंधों में गिरावट आने लगी थी.
कोट्स ने कहा कि 2016 में आतंकवादियों के पाकिस्तान पार कर भारत आने और दो बडे हमलों को अंजाम देने के बाद दोनों देशों के बीच रिश्ते और ज्यादा तनावपूर्ण हो गए हैं.
नेशनल इंटेलिजेंस के निदेशक डैनियल कोट्स ने एक सुनवाई के दौरान सांसदों से कहा, भारत विरोधी आतंकवादियों को मिलने वाले सहयोग को बंद नहीं करा पाने में पाकिस्तान की नकामयाबी और इस नीति के खिलाफ नई दिल्ली की बढ़ती असहिष्णुता साथ ही सीमा पार से जनवरी 2016 में पठानकोट में हुए आतंकवादी हमले में पाकिस्तानी जांच में कोई प्रगति नहीं होने के कारण 2016 से द्विपक्षीय संबंधों में गिरावट आने लगी थी.
कोट्स ने कहा कि 2016 में आतंकवादियों के पाकिस्तान पार कर भारत आने और दो बडे हमलों को अंजाम देने के बाद दोनों देशों के बीच रिश्ते और ज्यादा तनावपूर्ण हो गए हैं.
कोट्स ने कहा कि 2016 में आतंकवादियों के पाकिस्तान पार कर भारत आने और दो बडे हमलों को अंजाम देने के बाद दोनों देशों के बीच रिश्ते और ज्यादा तनावपूर्ण हो गए हैं. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: ट्रंप प्रशासन ने बिगड़ते भारत-पाक संबंधों के लिए पाक को ठहराया दोषी
'अब सीमा पर से कोई बड़ा हमला होता है तो यह संबध और बिगड़ सकते हैं'
'2016 में पठानकोट में हुए आतंकवादी हमले में पाक जांच में कोई प्रगति नहीं' | 3 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: जीएसटी आज आधी रात को लॉन्च हो जाएगा. इसके लिए संसद भवन में व्यापक तैयारियां की गई हैं. इन्हीं सबके बीच कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि जीएसटी में बहुत संभावनाएं हैं लेकिन अपना प्रचार करने के लिए इसे आधे अधूरे स्वरूप में जल्दबाजी में लागू किया जा रहा है. नोटबंदी की तरह ही जीएसटी को एक अक्षम और असंवेदनशील सरकार द्वारा संस्थागत तैयारी के बगैर लागू किया जा रहा है. भारत में ऐसे जीएसटी को लाए जाने की जरूरत है जो करोड़ों नागरिकों, छोटे व्यवसायियों और कारोबारियों को इतनी चिंता में नहीं डालें.
इससे पूर्व केंद्रीय मंत्री एम वेंकैया नायडू ने मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस से ऐतिहासिक माल एवं सेवा कर (जीएसटी) से जुड़े कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की है. उन्होंने कहा कि इस गरिमामय कार्यक्रम की आभा को 'आछे कारणों' से नहीं बिगाड़ा जाना चाहिए. सूचना प्रसारण, शहरी विकास और आवास तथा शहरी गरीबी उन्मूलन मंत्री नायडू ने दावा किया कि कांग्रेस इस बात को स्वीकार नहीं कर पा रही है कि नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बन गए हैं और इसीलिए वह संसद के केंद्रीय कक्ष में आयोजित कार्यक्रम का विरोध कर रही है. हालांकि उन्होंने कांग्रेस से समारोह के समारोह के बहिष्कार के निर्णय पर पुनवर्चिार का अनुरोध किया.टिप्पणियां
एक चैनल से नायडू ने कहा, कांग्रेस इसका विरोध महज इसलिए कर रही है, क्योंकि वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के तीन मंत्र रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांस्फॉर्म को सफल होता नहीं देखना चाहते क्योंकि यह उनकी राजनीतिक है. नायडू के मुताबिक जब विपक्ष समेत देश के सभी राजनीतिक दल जीएसटी मसौदे पर एकमत है, ऐसे में उनका विरोधो सिर्फ यह दिखाता है कि वह प्रधानमंत्री के साथ खड़े होने में हिचक रहे हैं.
उल्लेखनीय है कि देश का सबसे बड़ा कर सुधार, गुड्स एंड सर्विसेज़ टैक्स, यानी जीएसटी या वस्तु एवं सेवा कर, शुक्रवार की मध्यरात्रि (यानी शनिवार, 1 जुलाई, 2017) को संसद के ऐतिहासिक सेंट्रल हॉल में राष्ट्रपति डॉ प्रणब मुखर्जी की उपस्थिति में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लॉन्च किया जाएगा. आज़ादी के बाद से यह चौथा मौका होगा, जब सेंट्रल हॉल में आधी रात को कोई समारोह आयोजित होगा. पिछले तीनों कार्यक्रम देश की आज़ादी से जुड़े हैं, और यह भी एक कारण है कि कांग्रेस ने शुक्रवार रात के कार्यक्रम के बहिष्कार का ऐलान किया है. कई अन्य विपक्षी दल भी कार्यक्रम से दूर रहने वाले हैं. माना जा रहा है कि कई अप्रत्यक्ष करों का स्थान लेने जा रहे जीएसटी से 20 खरब अमेरिकी डॉलर की हमारी अर्थव्यवस्था पूरी तरह बदल जाएगी. (इनपुट्स भाषा से भी)
इससे पूर्व केंद्रीय मंत्री एम वेंकैया नायडू ने मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस से ऐतिहासिक माल एवं सेवा कर (जीएसटी) से जुड़े कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की है. उन्होंने कहा कि इस गरिमामय कार्यक्रम की आभा को 'आछे कारणों' से नहीं बिगाड़ा जाना चाहिए. सूचना प्रसारण, शहरी विकास और आवास तथा शहरी गरीबी उन्मूलन मंत्री नायडू ने दावा किया कि कांग्रेस इस बात को स्वीकार नहीं कर पा रही है कि नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बन गए हैं और इसीलिए वह संसद के केंद्रीय कक्ष में आयोजित कार्यक्रम का विरोध कर रही है. हालांकि उन्होंने कांग्रेस से समारोह के समारोह के बहिष्कार के निर्णय पर पुनवर्चिार का अनुरोध किया.टिप्पणियां
एक चैनल से नायडू ने कहा, कांग्रेस इसका विरोध महज इसलिए कर रही है, क्योंकि वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के तीन मंत्र रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांस्फॉर्म को सफल होता नहीं देखना चाहते क्योंकि यह उनकी राजनीतिक है. नायडू के मुताबिक जब विपक्ष समेत देश के सभी राजनीतिक दल जीएसटी मसौदे पर एकमत है, ऐसे में उनका विरोधो सिर्फ यह दिखाता है कि वह प्रधानमंत्री के साथ खड़े होने में हिचक रहे हैं.
उल्लेखनीय है कि देश का सबसे बड़ा कर सुधार, गुड्स एंड सर्विसेज़ टैक्स, यानी जीएसटी या वस्तु एवं सेवा कर, शुक्रवार की मध्यरात्रि (यानी शनिवार, 1 जुलाई, 2017) को संसद के ऐतिहासिक सेंट्रल हॉल में राष्ट्रपति डॉ प्रणब मुखर्जी की उपस्थिति में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लॉन्च किया जाएगा. आज़ादी के बाद से यह चौथा मौका होगा, जब सेंट्रल हॉल में आधी रात को कोई समारोह आयोजित होगा. पिछले तीनों कार्यक्रम देश की आज़ादी से जुड़े हैं, और यह भी एक कारण है कि कांग्रेस ने शुक्रवार रात के कार्यक्रम के बहिष्कार का ऐलान किया है. कई अन्य विपक्षी दल भी कार्यक्रम से दूर रहने वाले हैं. माना जा रहा है कि कई अप्रत्यक्ष करों का स्थान लेने जा रहे जीएसटी से 20 खरब अमेरिकी डॉलर की हमारी अर्थव्यवस्था पूरी तरह बदल जाएगी. (इनपुट्स भाषा से भी)
एक चैनल से नायडू ने कहा, कांग्रेस इसका विरोध महज इसलिए कर रही है, क्योंकि वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के तीन मंत्र रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांस्फॉर्म को सफल होता नहीं देखना चाहते क्योंकि यह उनकी राजनीतिक है. नायडू के मुताबिक जब विपक्ष समेत देश के सभी राजनीतिक दल जीएसटी मसौदे पर एकमत है, ऐसे में उनका विरोधो सिर्फ यह दिखाता है कि वह प्रधानमंत्री के साथ खड़े होने में हिचक रहे हैं.
उल्लेखनीय है कि देश का सबसे बड़ा कर सुधार, गुड्स एंड सर्विसेज़ टैक्स, यानी जीएसटी या वस्तु एवं सेवा कर, शुक्रवार की मध्यरात्रि (यानी शनिवार, 1 जुलाई, 2017) को संसद के ऐतिहासिक सेंट्रल हॉल में राष्ट्रपति डॉ प्रणब मुखर्जी की उपस्थिति में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लॉन्च किया जाएगा. आज़ादी के बाद से यह चौथा मौका होगा, जब सेंट्रल हॉल में आधी रात को कोई समारोह आयोजित होगा. पिछले तीनों कार्यक्रम देश की आज़ादी से जुड़े हैं, और यह भी एक कारण है कि कांग्रेस ने शुक्रवार रात के कार्यक्रम के बहिष्कार का ऐलान किया है. कई अन्य विपक्षी दल भी कार्यक्रम से दूर रहने वाले हैं. माना जा रहा है कि कई अप्रत्यक्ष करों का स्थान लेने जा रहे जीएसटी से 20 खरब अमेरिकी डॉलर की हमारी अर्थव्यवस्था पूरी तरह बदल जाएगी. (इनपुट्स भाषा से भी)
उल्लेखनीय है कि देश का सबसे बड़ा कर सुधार, गुड्स एंड सर्विसेज़ टैक्स, यानी जीएसटी या वस्तु एवं सेवा कर, शुक्रवार की मध्यरात्रि (यानी शनिवार, 1 जुलाई, 2017) को संसद के ऐतिहासिक सेंट्रल हॉल में राष्ट्रपति डॉ प्रणब मुखर्जी की उपस्थिति में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लॉन्च किया जाएगा. आज़ादी के बाद से यह चौथा मौका होगा, जब सेंट्रल हॉल में आधी रात को कोई समारोह आयोजित होगा. पिछले तीनों कार्यक्रम देश की आज़ादी से जुड़े हैं, और यह भी एक कारण है कि कांग्रेस ने शुक्रवार रात के कार्यक्रम के बहिष्कार का ऐलान किया है. कई अन्य विपक्षी दल भी कार्यक्रम से दूर रहने वाले हैं. माना जा रहा है कि कई अप्रत्यक्ष करों का स्थान लेने जा रहे जीएसटी से 20 खरब अमेरिकी डॉलर की हमारी अर्थव्यवस्था पूरी तरह बदल जाएगी. (इनपुट्स भाषा से भी) | यह एक सारांश है: जीएसटी में बहुत संभावनाएं हैं
आधे अधूरे स्वरूप में पेश किया जा रहा है
नोटबंदी तरह बिना तैयारी के लागू किया जा रहा है | 9 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: देश एक प्रमुख प्रबंधन संस्थान भारतीय प्रबंधन संस्थान-कोलकाता (आईआईएम-सी) को वित्त (फायनेंस) क्षेत्र में दुनिया के 70 श्रेष्ठ प्रबंधन स्कूलों में अव्वल स्थान मिला है। यह जानकारी गुरुवार को जारी एक बयान से मिली।
फाइनेंशियल टाइम्स ग्लोबल मास्टर्स इन मैनेजमेंट 2013 सर्वेक्षण में आईआईएम-सी में पेश किए जाने वाले प्रबंधन में परास्नातक कार्यक्रम में शामिल वित्त विषयक कार्यक्रम को अन्य प्रबंधन संस्थानों के वित्त विषयक कार्यक्रमों के मुकाबले सर्वोत्तम स्थान मिला है।
आईआईएम-सी को इसी सर्वेक्षण में अर्थशास्त्र के लिए दूसरा स्थान मिला है।
बयान में कहा गया है, "यह देख कर बहुत खुशी हो रही है कि प्रबंधन कार्यक्रम में परास्नातक पेश करने वाले दुनिया के 70 शीर्ष बी-स्कूलों में आईआईएम-कोलकाता को वित्त में प्रथम और अर्थशास्त्र में द्वितीय रैंकिंग मिली है।"
संस्थान से पढ़ कर निकले छात्रों की तीन साल बाद कैरियर की स्थिति ने संस्थान को अव्वल स्थान दिलाया है। टिप्पणियां
संस्थान में नई पहल और बाहरी संबंध संकाय के अध्यक्ष और रैंकिंग मामलों के प्रभारी प्रोफेसर अशोक बनर्जी ने कहा, "मैं मानता हूं कि यह रैंकिंग आईआईएम-कोलकाता से पास होने वाले छात्रों के प्रदर्शन और हमारे परास्नातक कार्यक्रमों की गुणवत्ता को मिली एक मान्यता है।"
उन्होंने कहा, "यह रैंकिंग हमें आने वाले वर्षों में अपनी रैंकिंग और सुधारने के लिए और अधिक प्रेरणा देगा।"
फाइनेंशियल टाइम्स ग्लोबल मास्टर्स इन मैनेजमेंट 2013 सर्वेक्षण में आईआईएम-सी में पेश किए जाने वाले प्रबंधन में परास्नातक कार्यक्रम में शामिल वित्त विषयक कार्यक्रम को अन्य प्रबंधन संस्थानों के वित्त विषयक कार्यक्रमों के मुकाबले सर्वोत्तम स्थान मिला है।
आईआईएम-सी को इसी सर्वेक्षण में अर्थशास्त्र के लिए दूसरा स्थान मिला है।
बयान में कहा गया है, "यह देख कर बहुत खुशी हो रही है कि प्रबंधन कार्यक्रम में परास्नातक पेश करने वाले दुनिया के 70 शीर्ष बी-स्कूलों में आईआईएम-कोलकाता को वित्त में प्रथम और अर्थशास्त्र में द्वितीय रैंकिंग मिली है।"
संस्थान से पढ़ कर निकले छात्रों की तीन साल बाद कैरियर की स्थिति ने संस्थान को अव्वल स्थान दिलाया है। टिप्पणियां
संस्थान में नई पहल और बाहरी संबंध संकाय के अध्यक्ष और रैंकिंग मामलों के प्रभारी प्रोफेसर अशोक बनर्जी ने कहा, "मैं मानता हूं कि यह रैंकिंग आईआईएम-कोलकाता से पास होने वाले छात्रों के प्रदर्शन और हमारे परास्नातक कार्यक्रमों की गुणवत्ता को मिली एक मान्यता है।"
उन्होंने कहा, "यह रैंकिंग हमें आने वाले वर्षों में अपनी रैंकिंग और सुधारने के लिए और अधिक प्रेरणा देगा।"
आईआईएम-सी को इसी सर्वेक्षण में अर्थशास्त्र के लिए दूसरा स्थान मिला है।
बयान में कहा गया है, "यह देख कर बहुत खुशी हो रही है कि प्रबंधन कार्यक्रम में परास्नातक पेश करने वाले दुनिया के 70 शीर्ष बी-स्कूलों में आईआईएम-कोलकाता को वित्त में प्रथम और अर्थशास्त्र में द्वितीय रैंकिंग मिली है।"
संस्थान से पढ़ कर निकले छात्रों की तीन साल बाद कैरियर की स्थिति ने संस्थान को अव्वल स्थान दिलाया है। टिप्पणियां
संस्थान में नई पहल और बाहरी संबंध संकाय के अध्यक्ष और रैंकिंग मामलों के प्रभारी प्रोफेसर अशोक बनर्जी ने कहा, "मैं मानता हूं कि यह रैंकिंग आईआईएम-कोलकाता से पास होने वाले छात्रों के प्रदर्शन और हमारे परास्नातक कार्यक्रमों की गुणवत्ता को मिली एक मान्यता है।"
उन्होंने कहा, "यह रैंकिंग हमें आने वाले वर्षों में अपनी रैंकिंग और सुधारने के लिए और अधिक प्रेरणा देगा।"
बयान में कहा गया है, "यह देख कर बहुत खुशी हो रही है कि प्रबंधन कार्यक्रम में परास्नातक पेश करने वाले दुनिया के 70 शीर्ष बी-स्कूलों में आईआईएम-कोलकाता को वित्त में प्रथम और अर्थशास्त्र में द्वितीय रैंकिंग मिली है।"
संस्थान से पढ़ कर निकले छात्रों की तीन साल बाद कैरियर की स्थिति ने संस्थान को अव्वल स्थान दिलाया है। टिप्पणियां
संस्थान में नई पहल और बाहरी संबंध संकाय के अध्यक्ष और रैंकिंग मामलों के प्रभारी प्रोफेसर अशोक बनर्जी ने कहा, "मैं मानता हूं कि यह रैंकिंग आईआईएम-कोलकाता से पास होने वाले छात्रों के प्रदर्शन और हमारे परास्नातक कार्यक्रमों की गुणवत्ता को मिली एक मान्यता है।"
उन्होंने कहा, "यह रैंकिंग हमें आने वाले वर्षों में अपनी रैंकिंग और सुधारने के लिए और अधिक प्रेरणा देगा।"
संस्थान से पढ़ कर निकले छात्रों की तीन साल बाद कैरियर की स्थिति ने संस्थान को अव्वल स्थान दिलाया है। टिप्पणियां
संस्थान में नई पहल और बाहरी संबंध संकाय के अध्यक्ष और रैंकिंग मामलों के प्रभारी प्रोफेसर अशोक बनर्जी ने कहा, "मैं मानता हूं कि यह रैंकिंग आईआईएम-कोलकाता से पास होने वाले छात्रों के प्रदर्शन और हमारे परास्नातक कार्यक्रमों की गुणवत्ता को मिली एक मान्यता है।"
उन्होंने कहा, "यह रैंकिंग हमें आने वाले वर्षों में अपनी रैंकिंग और सुधारने के लिए और अधिक प्रेरणा देगा।"
संस्थान में नई पहल और बाहरी संबंध संकाय के अध्यक्ष और रैंकिंग मामलों के प्रभारी प्रोफेसर अशोक बनर्जी ने कहा, "मैं मानता हूं कि यह रैंकिंग आईआईएम-कोलकाता से पास होने वाले छात्रों के प्रदर्शन और हमारे परास्नातक कार्यक्रमों की गुणवत्ता को मिली एक मान्यता है।"
उन्होंने कहा, "यह रैंकिंग हमें आने वाले वर्षों में अपनी रैंकिंग और सुधारने के लिए और अधिक प्रेरणा देगा।"
उन्होंने कहा, "यह रैंकिंग हमें आने वाले वर्षों में अपनी रैंकिंग और सुधारने के लिए और अधिक प्रेरणा देगा।" | यह एक सारांश है: फाइनेंशियल टाइम्स ग्लोबल मास्टर्स इन मैनेजमेंट 2013 सर्वेक्षण में आईआईएम-सी में पेश किए जाने वाले प्रबंधन में परास्नातक कार्यक्रम में शामिल वित्त विषयक कार्यक्रम को अन्य प्रबंधन संस्थानों के वित्त विषयक कार्यक्रमों के मुकाबले सर्वोत्तम स्थान मिला है। | 24 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: फिल्म अभिनेता सैफ अली खान को गुरुवार को लखनऊ के चौधरी चरण सिंह हवाई अड्डे पर असहज स्थिति का सामना करना पड़ा जब उन्हें ‘वीआईपी लाउंज’ से बाहर जाने को कह दिया गया।
हवाई अड्डे के सूत्रों ने बताया कि अपनी फिल्म ‘बुलेट राजा’ की शूटिंग के सिलसिले में लखनऊ आए सैफ दिल्ली जाने के लिए चौधरी चरण सिंह हवाई अड्डे पर पहुंचे थे। वहां वह ‘वीआईपी लाउंज’ में जा बैठे।
उन्होंने बताया कि लाउंज में मौजूद वीआईपी अटेंडेंट ने सैफ से कहा कि उस जगह सिर्फ उन्हीं सूचीबद्ध विशिष्ट लोग ही बैठ सकते हैं, जिनकी सूची केन्द्र सरकार जारी करती है।टिप्पणियां
सूत्रों ने बताया कि इस पर सैफ ने अटेंडेंट तथा वहां मौजूद कुछ अन्य हवाई अड्डा कर्मियों से बातचीत की और वहां से बाहर निकल गए। बाद में वह जेट एयरवेज के विमान से दिल्ली चले गए।
हालांकि, सैफ और हवाई अड्डा कर्मियों के बीच बहस-मुबाहिसा होने की खबरें भी हैं, लेकिन परिसर प्रशासन ने इससे इनकार किया है।
हवाई अड्डे के सूत्रों ने बताया कि अपनी फिल्म ‘बुलेट राजा’ की शूटिंग के सिलसिले में लखनऊ आए सैफ दिल्ली जाने के लिए चौधरी चरण सिंह हवाई अड्डे पर पहुंचे थे। वहां वह ‘वीआईपी लाउंज’ में जा बैठे।
उन्होंने बताया कि लाउंज में मौजूद वीआईपी अटेंडेंट ने सैफ से कहा कि उस जगह सिर्फ उन्हीं सूचीबद्ध विशिष्ट लोग ही बैठ सकते हैं, जिनकी सूची केन्द्र सरकार जारी करती है।टिप्पणियां
सूत्रों ने बताया कि इस पर सैफ ने अटेंडेंट तथा वहां मौजूद कुछ अन्य हवाई अड्डा कर्मियों से बातचीत की और वहां से बाहर निकल गए। बाद में वह जेट एयरवेज के विमान से दिल्ली चले गए।
हालांकि, सैफ और हवाई अड्डा कर्मियों के बीच बहस-मुबाहिसा होने की खबरें भी हैं, लेकिन परिसर प्रशासन ने इससे इनकार किया है।
उन्होंने बताया कि लाउंज में मौजूद वीआईपी अटेंडेंट ने सैफ से कहा कि उस जगह सिर्फ उन्हीं सूचीबद्ध विशिष्ट लोग ही बैठ सकते हैं, जिनकी सूची केन्द्र सरकार जारी करती है।टिप्पणियां
सूत्रों ने बताया कि इस पर सैफ ने अटेंडेंट तथा वहां मौजूद कुछ अन्य हवाई अड्डा कर्मियों से बातचीत की और वहां से बाहर निकल गए। बाद में वह जेट एयरवेज के विमान से दिल्ली चले गए।
हालांकि, सैफ और हवाई अड्डा कर्मियों के बीच बहस-मुबाहिसा होने की खबरें भी हैं, लेकिन परिसर प्रशासन ने इससे इनकार किया है।
सूत्रों ने बताया कि इस पर सैफ ने अटेंडेंट तथा वहां मौजूद कुछ अन्य हवाई अड्डा कर्मियों से बातचीत की और वहां से बाहर निकल गए। बाद में वह जेट एयरवेज के विमान से दिल्ली चले गए।
हालांकि, सैफ और हवाई अड्डा कर्मियों के बीच बहस-मुबाहिसा होने की खबरें भी हैं, लेकिन परिसर प्रशासन ने इससे इनकार किया है।
हालांकि, सैफ और हवाई अड्डा कर्मियों के बीच बहस-मुबाहिसा होने की खबरें भी हैं, लेकिन परिसर प्रशासन ने इससे इनकार किया है। | संक्षिप्त सारांश: फिल्म अभिनेता सैफ अली खान को गुरुवार को लखनऊ के चौधरी चरण सिंह हवाई अड्डे पर असहज स्थिति का सामना करना पड़ा जब उन्हें ‘वीआईपी लाउंज’ से बाहर जाने को कह दिया गया। | 0 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: जम्मू कश्मीर पुलिस ने दो दिन पहले एक निजी ट्वीटर एकाउंट पर अपलोड की गई खुफिया सूचना सभी सुरक्षा एजेंसियों के साथ साझा की थी जिसमें पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद ने सुरक्षा बलों पर आत्मघाती हमला करने की धमकी दी थी.
अधिकारियों ने बताया कि जम्मू कश्मीर के पुलवामा जिले में बृहस्पतिवार को जैश-ए-मोहम्मद के एक आतंकवादी ने विस्फोटकों से लदे वाहन से सीआरपीएफ जवानों की बस को टक्कर मार दी, जिसमें कम से कम 39 जवान शहीद हो गए और कई गंभीर रूप से घायल हो गए.
राज्य पुलिस द्वारा जारी खुफिया जानकारी ट्वीटर हैंडल से जुड़ा था जिसमें 33 सकेंड के एक वीडियो में आतंकवादी सोमालिया में जवानों पर हमला करते हुए नजर आ रहे हैं. वीडियो में जिस तरीके से हमला किया गया है उसी तरीके से बृहस्पतिवार को दक्षिण कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ जवानों को लेकर जा रही एक बस पर हमला किया गया.
(इनपुट भाषा से) | संक्षिप्त सारांश: जैश-ए-मोहम्मद ने सुरक्षा बलों पर आत्मघाती हमला करने की धमकी दी थी
वीडियो में आतंकी सोमालिया में जवानों पर हमला करते हुए नजर आ रहे
पुलवामा में जवानों को लेकर जा रही बस पर हमला इसी तरह किया गया | 10 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: राहुल द्रविड़ और बोल्ड का लगता है गहरा रिश्ता बन गया है। श्रीमान भरोसेमंद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वर्तमान श्रृंखला में बुधवार को छठी बार बोल्ड हो गए और इस तरह से उन्होंने भारतीय रिकॉर्ड की बराबरी की। द्रविड़ भारत के चौथे ऐसे खिलाड़ी हैं जो एक श्रृंखला में छठी बार बोल्ड हुए। उनसे पहले चंदू सरवटे, भगवत चंद्रशेखर और अंशुमन गायकवाड़ के नाम पर संयुक्त रूप से यह रिकॉर्ड था।
टेस्ट क्रिकेट में एक श्रृंखला में सर्वाधिक बार बोल्ड होने के रिकार्ड जैक मैसन और बिल ओ रिले के नाम पर हैं। ये दोनों ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी आठ-आठ बार बोल्ड हुए थे। टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक बार बोल्ड होने वाले द्रविड़ भारत की अगली पारी में भी बोल्ड हो जाते हैं तो यह नया भारतीय रिकार्ड होगा और तब वह ऑस्ट्रेलिया के डब्ल्यू आर्मस्ट्रांग और दक्षिण अफ्रीका के टिम स्नूक की बराबरी करेंगे जो एक श्रृंखला में सात-सात बार बोल्ड हुए हैं।
ऑस्ट्रेलिया के कप्तान माइकल क्लार्क ने इस श्रृंखला में तिहरा शतक जड़ने के बाद दोहरा शतक भी लगाया। सर डान ब्रैडमैन और वाली हैमंड के बाद एक श्रृंखला में यह कारनामा करने वाले वह दुनिया के तीसरे बल्लेबाज बन गये हैं। ब्रैडमैन ने दो बार 1930 और 1934 में ऐसा किया था। यदि कप्तान के रूप में श्रृंखला में तिहरे और दोहरे शतक की बात की जाए तो क्लार्क ऐसा करने वाले पहले खिलाड़ी हैं। टिप्पणियां
पोंटिंग और क्लार्क दोनों ने आस्ट्रेलियाई पारी में दोहरा शतक जमाया। टेस्ट क्रिकेट में यह 16वां अवसर है जबकि एक पारी में दो बल्लेबाजों ने ऐसा कारनामा किया। आस्ट्रेलिया की तरफ से चौथी बार एक पारी में दो खिलाड़ियों ने दोहरे शतक जमाये। यही नहीं एडिलेड ओवल में अब सर्वाधिक 19 दोहरे शतक बन चुके हैं जो कि रिकार्ड है।
एडिलेड के बाद लंदन का ओवल मैदान (18 दोहरे शतक) दूसरे स्थान पर है। पोंटिंग और क्लार्क ने चौथे विकेट के लिये 386 रन की साझेदारी की। यह भारत और आस्ट्रेलिया के बीच किसी भी विकेट के लिये सबसे बड़ी भागीदारी है। इससे पहले का रिकार्ड भारत के वीवीएस लक्ष्मण और द्रविड़ के नाम पर था जिन्होंने 2001 में कोलकाता में 376 रन की साझेदारी की थी।
टेस्ट क्रिकेट में एक श्रृंखला में सर्वाधिक बार बोल्ड होने के रिकार्ड जैक मैसन और बिल ओ रिले के नाम पर हैं। ये दोनों ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी आठ-आठ बार बोल्ड हुए थे। टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक बार बोल्ड होने वाले द्रविड़ भारत की अगली पारी में भी बोल्ड हो जाते हैं तो यह नया भारतीय रिकार्ड होगा और तब वह ऑस्ट्रेलिया के डब्ल्यू आर्मस्ट्रांग और दक्षिण अफ्रीका के टिम स्नूक की बराबरी करेंगे जो एक श्रृंखला में सात-सात बार बोल्ड हुए हैं।
ऑस्ट्रेलिया के कप्तान माइकल क्लार्क ने इस श्रृंखला में तिहरा शतक जड़ने के बाद दोहरा शतक भी लगाया। सर डान ब्रैडमैन और वाली हैमंड के बाद एक श्रृंखला में यह कारनामा करने वाले वह दुनिया के तीसरे बल्लेबाज बन गये हैं। ब्रैडमैन ने दो बार 1930 और 1934 में ऐसा किया था। यदि कप्तान के रूप में श्रृंखला में तिहरे और दोहरे शतक की बात की जाए तो क्लार्क ऐसा करने वाले पहले खिलाड़ी हैं। टिप्पणियां
पोंटिंग और क्लार्क दोनों ने आस्ट्रेलियाई पारी में दोहरा शतक जमाया। टेस्ट क्रिकेट में यह 16वां अवसर है जबकि एक पारी में दो बल्लेबाजों ने ऐसा कारनामा किया। आस्ट्रेलिया की तरफ से चौथी बार एक पारी में दो खिलाड़ियों ने दोहरे शतक जमाये। यही नहीं एडिलेड ओवल में अब सर्वाधिक 19 दोहरे शतक बन चुके हैं जो कि रिकार्ड है।
एडिलेड के बाद लंदन का ओवल मैदान (18 दोहरे शतक) दूसरे स्थान पर है। पोंटिंग और क्लार्क ने चौथे विकेट के लिये 386 रन की साझेदारी की। यह भारत और आस्ट्रेलिया के बीच किसी भी विकेट के लिये सबसे बड़ी भागीदारी है। इससे पहले का रिकार्ड भारत के वीवीएस लक्ष्मण और द्रविड़ के नाम पर था जिन्होंने 2001 में कोलकाता में 376 रन की साझेदारी की थी।
ऑस्ट्रेलिया के कप्तान माइकल क्लार्क ने इस श्रृंखला में तिहरा शतक जड़ने के बाद दोहरा शतक भी लगाया। सर डान ब्रैडमैन और वाली हैमंड के बाद एक श्रृंखला में यह कारनामा करने वाले वह दुनिया के तीसरे बल्लेबाज बन गये हैं। ब्रैडमैन ने दो बार 1930 और 1934 में ऐसा किया था। यदि कप्तान के रूप में श्रृंखला में तिहरे और दोहरे शतक की बात की जाए तो क्लार्क ऐसा करने वाले पहले खिलाड़ी हैं। टिप्पणियां
पोंटिंग और क्लार्क दोनों ने आस्ट्रेलियाई पारी में दोहरा शतक जमाया। टेस्ट क्रिकेट में यह 16वां अवसर है जबकि एक पारी में दो बल्लेबाजों ने ऐसा कारनामा किया। आस्ट्रेलिया की तरफ से चौथी बार एक पारी में दो खिलाड़ियों ने दोहरे शतक जमाये। यही नहीं एडिलेड ओवल में अब सर्वाधिक 19 दोहरे शतक बन चुके हैं जो कि रिकार्ड है।
एडिलेड के बाद लंदन का ओवल मैदान (18 दोहरे शतक) दूसरे स्थान पर है। पोंटिंग और क्लार्क ने चौथे विकेट के लिये 386 रन की साझेदारी की। यह भारत और आस्ट्रेलिया के बीच किसी भी विकेट के लिये सबसे बड़ी भागीदारी है। इससे पहले का रिकार्ड भारत के वीवीएस लक्ष्मण और द्रविड़ के नाम पर था जिन्होंने 2001 में कोलकाता में 376 रन की साझेदारी की थी।
पोंटिंग और क्लार्क दोनों ने आस्ट्रेलियाई पारी में दोहरा शतक जमाया। टेस्ट क्रिकेट में यह 16वां अवसर है जबकि एक पारी में दो बल्लेबाजों ने ऐसा कारनामा किया। आस्ट्रेलिया की तरफ से चौथी बार एक पारी में दो खिलाड़ियों ने दोहरे शतक जमाये। यही नहीं एडिलेड ओवल में अब सर्वाधिक 19 दोहरे शतक बन चुके हैं जो कि रिकार्ड है।
एडिलेड के बाद लंदन का ओवल मैदान (18 दोहरे शतक) दूसरे स्थान पर है। पोंटिंग और क्लार्क ने चौथे विकेट के लिये 386 रन की साझेदारी की। यह भारत और आस्ट्रेलिया के बीच किसी भी विकेट के लिये सबसे बड़ी भागीदारी है। इससे पहले का रिकार्ड भारत के वीवीएस लक्ष्मण और द्रविड़ के नाम पर था जिन्होंने 2001 में कोलकाता में 376 रन की साझेदारी की थी।
एडिलेड के बाद लंदन का ओवल मैदान (18 दोहरे शतक) दूसरे स्थान पर है। पोंटिंग और क्लार्क ने चौथे विकेट के लिये 386 रन की साझेदारी की। यह भारत और आस्ट्रेलिया के बीच किसी भी विकेट के लिये सबसे बड़ी भागीदारी है। इससे पहले का रिकार्ड भारत के वीवीएस लक्ष्मण और द्रविड़ के नाम पर था जिन्होंने 2001 में कोलकाता में 376 रन की साझेदारी की थी। | यहाँ एक सारांश है:द्रविड़ भारत के चौथे ऐसे खिलाड़ी हैं जो एक श्रृंखला में छठी बार बोल्ड हुए। उनसे पहले चंदू सरवटे, भगवत चंद्रशेखर और अंशुमन गायकवाड़ के नाम पर संयुक्त रूप से यह रिकॉर्ड था। | 18 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: इंडिया अगेंस्ट करप्शन (आईएसी) के नेता अरविंद केजरीवाल ने कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा पर लगाए अपने आरोपों को आगे बढ़ाते हुए मंगलवार को उनके प्रति डीएलएफ की मेहरबानियों के नए चिट्ठे सामने रखे। साथ ही उन्होंने हरियाणा की भूपिंदर सिंह हुड्डा सरकार को लपेटते हुए उसे डीएलएफ की एजेंट करार दिया।
केजरीवाल ने हरियाणा सरकार से डीएलएफ को लाभ पहुंचाए जाने के विषय में श्वेत पत्र लाने की भी मांग की। उन्होंने वाड्रा पर लगे आरोपों पर केंद्र सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों पर सफाई देने पर सवाल खड़ा किया।
उधर, हरियाणा सरकार ने केजरीवाल के आरोपों का खंडन किया है वहीं कांग्रेस ने केजरीवाल के आरोपों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करते हुए उन्हें संबंधित प्राधिकरण में औपचारिक शिकायत दर्ज कराने की नसीहत दी।
केजरीवाल ने वाड्रा के खिलाफ लगाए गए आरोपों के बारे में सबूत देने की कांग्रेस की मांग पर मंगलवार को एक संवाददाता सम्मेलन किया। इस दौरान उन्होंने वाड्रा के खिलाफ नए आरोप लगाए।
केजरीवाल ने इससे पहले डीएलएफ पर वाड्रा को सस्ती जमीन एवं फ्लैट देने के आरोप लगाए थे और कहा था कि इसके लिए हरियाणा एवं राजस्थान सरकार ने डीएलएफ को उपकृत किया था।
सबूतों के विषय में केजरीवाल ने कहा, "हम लोग जांच एजेंसी नहीं हैं। लेकिन आरोप लगाने के दिन से कथित 'मैंगो लोग' हमारे पास सबूत भेज रहे हैं।" केजरीवाल ने मीडिया में सबूतों की प्रतियां वितरित कीं।
केजरीवाल ने कहा, "पंचायत एवं हुडा की भूमि डीएलएफ को दी गई। डीएलएफ के लिए फ्लोर एरिया रेशियो बढ़ाया गया और भूमि आवंटन के नियमों में हेराफेरी की गई।" उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार एवं डीएलएफ के बीच रिश्ते को पंजाब एवं हरियाणा के उच्च न्यायालय ने दुर्भावनापूर्ण सांठगांठ कहा था।
केजरीवाल ने कहा, "हरियाणा सरकार ने गुड़गांव में अस्पताल के अधिग्रहित 30 एकड़ जमीन डीएलएफ को दे दिया। इसके बाद लोगों ने उच्च न्यायालय की शरण ली। उच्च न्यायालय ने अधिग्रहण को रद्द करते हुए कहा था कि जमीन गलत उद्देश्य के लिए ली गई है और डीएलएफ एवं हरियाणा सरकार के बीच दुर्भावनापूर्ण गठजोड़ है।"
केजरीवाल ने कहा, "हरियाणा सरकार ने गुड़गांव में 350 एकड़ भूमि डीएलएफ को दे दी। इसमें से 75 एकड़ जमीन हुडा की थी जो लोगों के लिए घर बनाने के नाम पर किसानों से अधिग्रहित की गई थी। शेष भूमि उद्योग विकास से जुड़े विभाग की थी।
हरियाणा सरकार ने डीएलएफ को जंगल की जमीन भी नियमों की अनदेखी करते हुए जल्दीबाजी में आवंटित कर दी।" उन्होंने कहा, "हरियाणा सरकार डीएलएफ की एजेंट है।"
केजरीवाल ने वाड्रा का बचाव करने पर केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम की आलोचना की। उन्होंने कहा, "हमने जो सबूत उपलब्ध कराए हैं वह आयकर छापे के लिए पर्याप्त हैं। लेकिन जब देश का वित्तमंत्री ही वाड्रा के पक्ष में बोल रहा है तो किस अधिकारी के पास छापा डालने की हिम्मत होगी?" उन्होंने पूछा कि वाड्रा के बचाव में कांग्रेस के नेता एवं मंत्री क्यों खड़े हो गए हैं।
केजरीवाल ने प्रश्न दागा, "वित्तमंत्री क्यों उनकी तरफदारी कर रहे हैं? कानून मंत्री क्यों पक्ष ले रहे हैं? सभी मंत्री उन्हें बचाने की कोशिश कर रहे हैं।"
हरियाणा सरकार ने केजरीवाल द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज कर दिया।
आरोपों पर सफाई देते हुए हरियाणा टाउन प्लानिंग के निदेशक टीसी गुप्ता ने चण्डीगढ़ में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "हरियाणा सरकार ने डीएलएफ की कोई मदद नहीं की। केजरीवाल ने हरियाणा सरकार पर डीएलएफ को फ्लोर एरिया रेशियो बढ़ाने की गैर वाजिब अनुमति देने का आरोप लगाया था।" उन्होंने कहा कि घनत्व इसलिए बढ़ गया क्योंकि जमीन को हेक्टेयर से एकड़ में बदल दिया गया।
गुप्ता ने गुड़गांव की 30 एकड़ वाली अस्पताल की भूमि को डीएलएफ को देने के केजरीवाल के आरोप को झूठा बताया। उनके मुताबिक यह सरकार की भूमि नहीं थी और इसे 16 साल पहले ही डीएलएफ को बेच दिया गया था। उन्होंने कहा, "गुड़गांव में 37 एकड़ भूमि ईस्ट इंडिया होटल्स को 1984 में अस्पताल बनाने के लिए दी गई थी। कम्पनी ने हरियाणा सरकार की अनुमति से इसमें से 30 एकड़ भूमि डीएलएफ को 1995 में बेच दी थी।"
इस बीच, इन आरोपों को कांग्रेस ने यह सवाल उठाते हुए खारिज करने की कोशिश की कि केजरीवाल ने जो दस्तावेज पेश किए हैं उनकी क्या वैधता है।
कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी ने कहा, "केजरीवाल की ओर से प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों की सत्यता कौन प्रमाणित करेगा। उन्होंने जो भी आरोप लगाए हैं उनमें नया कुछ भी नहीं है। उन्होंने गत सप्ताह जो बातें कही थीं, उन्हीं बातों को उन्होंने दोहराया है। सस्ती लोकप्रियता के लिए बार-बार बेबुनियाद आरोपों को दोहराने की हम निंदा करते हैं।"टिप्पणियां
इस मामले की जांच कराने के बारे में पूछे जाने पर अल्वी ने कहा, "जब तक इस बारे में कहीं कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराता, दो लोगों के बीच हुए निजी लेनदेन के मामले की जांच कैसे कराई जा सकती है।"
केजरीवाल द्वारा हरियाणा सरकार के खिलाफ लगाए गए आरोपों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "इस बारे में क्या किसी ने हरियाणा सरकार से कोई संपर्क किया है। कोई शिकायत की गई है। हरियाणा सरकार को जब लगेगा तो वह अपना पक्ष रखेगी।"
केजरीवाल ने हरियाणा सरकार से डीएलएफ को लाभ पहुंचाए जाने के विषय में श्वेत पत्र लाने की भी मांग की। उन्होंने वाड्रा पर लगे आरोपों पर केंद्र सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों पर सफाई देने पर सवाल खड़ा किया।
उधर, हरियाणा सरकार ने केजरीवाल के आरोपों का खंडन किया है वहीं कांग्रेस ने केजरीवाल के आरोपों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करते हुए उन्हें संबंधित प्राधिकरण में औपचारिक शिकायत दर्ज कराने की नसीहत दी।
केजरीवाल ने वाड्रा के खिलाफ लगाए गए आरोपों के बारे में सबूत देने की कांग्रेस की मांग पर मंगलवार को एक संवाददाता सम्मेलन किया। इस दौरान उन्होंने वाड्रा के खिलाफ नए आरोप लगाए।
केजरीवाल ने इससे पहले डीएलएफ पर वाड्रा को सस्ती जमीन एवं फ्लैट देने के आरोप लगाए थे और कहा था कि इसके लिए हरियाणा एवं राजस्थान सरकार ने डीएलएफ को उपकृत किया था।
सबूतों के विषय में केजरीवाल ने कहा, "हम लोग जांच एजेंसी नहीं हैं। लेकिन आरोप लगाने के दिन से कथित 'मैंगो लोग' हमारे पास सबूत भेज रहे हैं।" केजरीवाल ने मीडिया में सबूतों की प्रतियां वितरित कीं।
केजरीवाल ने कहा, "पंचायत एवं हुडा की भूमि डीएलएफ को दी गई। डीएलएफ के लिए फ्लोर एरिया रेशियो बढ़ाया गया और भूमि आवंटन के नियमों में हेराफेरी की गई।" उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार एवं डीएलएफ के बीच रिश्ते को पंजाब एवं हरियाणा के उच्च न्यायालय ने दुर्भावनापूर्ण सांठगांठ कहा था।
केजरीवाल ने कहा, "हरियाणा सरकार ने गुड़गांव में अस्पताल के अधिग्रहित 30 एकड़ जमीन डीएलएफ को दे दिया। इसके बाद लोगों ने उच्च न्यायालय की शरण ली। उच्च न्यायालय ने अधिग्रहण को रद्द करते हुए कहा था कि जमीन गलत उद्देश्य के लिए ली गई है और डीएलएफ एवं हरियाणा सरकार के बीच दुर्भावनापूर्ण गठजोड़ है।"
केजरीवाल ने कहा, "हरियाणा सरकार ने गुड़गांव में 350 एकड़ भूमि डीएलएफ को दे दी। इसमें से 75 एकड़ जमीन हुडा की थी जो लोगों के लिए घर बनाने के नाम पर किसानों से अधिग्रहित की गई थी। शेष भूमि उद्योग विकास से जुड़े विभाग की थी।
हरियाणा सरकार ने डीएलएफ को जंगल की जमीन भी नियमों की अनदेखी करते हुए जल्दीबाजी में आवंटित कर दी।" उन्होंने कहा, "हरियाणा सरकार डीएलएफ की एजेंट है।"
केजरीवाल ने वाड्रा का बचाव करने पर केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम की आलोचना की। उन्होंने कहा, "हमने जो सबूत उपलब्ध कराए हैं वह आयकर छापे के लिए पर्याप्त हैं। लेकिन जब देश का वित्तमंत्री ही वाड्रा के पक्ष में बोल रहा है तो किस अधिकारी के पास छापा डालने की हिम्मत होगी?" उन्होंने पूछा कि वाड्रा के बचाव में कांग्रेस के नेता एवं मंत्री क्यों खड़े हो गए हैं।
केजरीवाल ने प्रश्न दागा, "वित्तमंत्री क्यों उनकी तरफदारी कर रहे हैं? कानून मंत्री क्यों पक्ष ले रहे हैं? सभी मंत्री उन्हें बचाने की कोशिश कर रहे हैं।"
हरियाणा सरकार ने केजरीवाल द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज कर दिया।
आरोपों पर सफाई देते हुए हरियाणा टाउन प्लानिंग के निदेशक टीसी गुप्ता ने चण्डीगढ़ में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "हरियाणा सरकार ने डीएलएफ की कोई मदद नहीं की। केजरीवाल ने हरियाणा सरकार पर डीएलएफ को फ्लोर एरिया रेशियो बढ़ाने की गैर वाजिब अनुमति देने का आरोप लगाया था।" उन्होंने कहा कि घनत्व इसलिए बढ़ गया क्योंकि जमीन को हेक्टेयर से एकड़ में बदल दिया गया।
गुप्ता ने गुड़गांव की 30 एकड़ वाली अस्पताल की भूमि को डीएलएफ को देने के केजरीवाल के आरोप को झूठा बताया। उनके मुताबिक यह सरकार की भूमि नहीं थी और इसे 16 साल पहले ही डीएलएफ को बेच दिया गया था। उन्होंने कहा, "गुड़गांव में 37 एकड़ भूमि ईस्ट इंडिया होटल्स को 1984 में अस्पताल बनाने के लिए दी गई थी। कम्पनी ने हरियाणा सरकार की अनुमति से इसमें से 30 एकड़ भूमि डीएलएफ को 1995 में बेच दी थी।"
इस बीच, इन आरोपों को कांग्रेस ने यह सवाल उठाते हुए खारिज करने की कोशिश की कि केजरीवाल ने जो दस्तावेज पेश किए हैं उनकी क्या वैधता है।
कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी ने कहा, "केजरीवाल की ओर से प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों की सत्यता कौन प्रमाणित करेगा। उन्होंने जो भी आरोप लगाए हैं उनमें नया कुछ भी नहीं है। उन्होंने गत सप्ताह जो बातें कही थीं, उन्हीं बातों को उन्होंने दोहराया है। सस्ती लोकप्रियता के लिए बार-बार बेबुनियाद आरोपों को दोहराने की हम निंदा करते हैं।"टिप्पणियां
इस मामले की जांच कराने के बारे में पूछे जाने पर अल्वी ने कहा, "जब तक इस बारे में कहीं कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराता, दो लोगों के बीच हुए निजी लेनदेन के मामले की जांच कैसे कराई जा सकती है।"
केजरीवाल द्वारा हरियाणा सरकार के खिलाफ लगाए गए आरोपों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "इस बारे में क्या किसी ने हरियाणा सरकार से कोई संपर्क किया है। कोई शिकायत की गई है। हरियाणा सरकार को जब लगेगा तो वह अपना पक्ष रखेगी।"
उधर, हरियाणा सरकार ने केजरीवाल के आरोपों का खंडन किया है वहीं कांग्रेस ने केजरीवाल के आरोपों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करते हुए उन्हें संबंधित प्राधिकरण में औपचारिक शिकायत दर्ज कराने की नसीहत दी।
केजरीवाल ने वाड्रा के खिलाफ लगाए गए आरोपों के बारे में सबूत देने की कांग्रेस की मांग पर मंगलवार को एक संवाददाता सम्मेलन किया। इस दौरान उन्होंने वाड्रा के खिलाफ नए आरोप लगाए।
केजरीवाल ने इससे पहले डीएलएफ पर वाड्रा को सस्ती जमीन एवं फ्लैट देने के आरोप लगाए थे और कहा था कि इसके लिए हरियाणा एवं राजस्थान सरकार ने डीएलएफ को उपकृत किया था।
सबूतों के विषय में केजरीवाल ने कहा, "हम लोग जांच एजेंसी नहीं हैं। लेकिन आरोप लगाने के दिन से कथित 'मैंगो लोग' हमारे पास सबूत भेज रहे हैं।" केजरीवाल ने मीडिया में सबूतों की प्रतियां वितरित कीं।
केजरीवाल ने कहा, "पंचायत एवं हुडा की भूमि डीएलएफ को दी गई। डीएलएफ के लिए फ्लोर एरिया रेशियो बढ़ाया गया और भूमि आवंटन के नियमों में हेराफेरी की गई।" उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार एवं डीएलएफ के बीच रिश्ते को पंजाब एवं हरियाणा के उच्च न्यायालय ने दुर्भावनापूर्ण सांठगांठ कहा था।
केजरीवाल ने कहा, "हरियाणा सरकार ने गुड़गांव में अस्पताल के अधिग्रहित 30 एकड़ जमीन डीएलएफ को दे दिया। इसके बाद लोगों ने उच्च न्यायालय की शरण ली। उच्च न्यायालय ने अधिग्रहण को रद्द करते हुए कहा था कि जमीन गलत उद्देश्य के लिए ली गई है और डीएलएफ एवं हरियाणा सरकार के बीच दुर्भावनापूर्ण गठजोड़ है।"
केजरीवाल ने कहा, "हरियाणा सरकार ने गुड़गांव में 350 एकड़ भूमि डीएलएफ को दे दी। इसमें से 75 एकड़ जमीन हुडा की थी जो लोगों के लिए घर बनाने के नाम पर किसानों से अधिग्रहित की गई थी। शेष भूमि उद्योग विकास से जुड़े विभाग की थी।
हरियाणा सरकार ने डीएलएफ को जंगल की जमीन भी नियमों की अनदेखी करते हुए जल्दीबाजी में आवंटित कर दी।" उन्होंने कहा, "हरियाणा सरकार डीएलएफ की एजेंट है।"
केजरीवाल ने वाड्रा का बचाव करने पर केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम की आलोचना की। उन्होंने कहा, "हमने जो सबूत उपलब्ध कराए हैं वह आयकर छापे के लिए पर्याप्त हैं। लेकिन जब देश का वित्तमंत्री ही वाड्रा के पक्ष में बोल रहा है तो किस अधिकारी के पास छापा डालने की हिम्मत होगी?" उन्होंने पूछा कि वाड्रा के बचाव में कांग्रेस के नेता एवं मंत्री क्यों खड़े हो गए हैं।
केजरीवाल ने प्रश्न दागा, "वित्तमंत्री क्यों उनकी तरफदारी कर रहे हैं? कानून मंत्री क्यों पक्ष ले रहे हैं? सभी मंत्री उन्हें बचाने की कोशिश कर रहे हैं।"
हरियाणा सरकार ने केजरीवाल द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज कर दिया।
आरोपों पर सफाई देते हुए हरियाणा टाउन प्लानिंग के निदेशक टीसी गुप्ता ने चण्डीगढ़ में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "हरियाणा सरकार ने डीएलएफ की कोई मदद नहीं की। केजरीवाल ने हरियाणा सरकार पर डीएलएफ को फ्लोर एरिया रेशियो बढ़ाने की गैर वाजिब अनुमति देने का आरोप लगाया था।" उन्होंने कहा कि घनत्व इसलिए बढ़ गया क्योंकि जमीन को हेक्टेयर से एकड़ में बदल दिया गया।
गुप्ता ने गुड़गांव की 30 एकड़ वाली अस्पताल की भूमि को डीएलएफ को देने के केजरीवाल के आरोप को झूठा बताया। उनके मुताबिक यह सरकार की भूमि नहीं थी और इसे 16 साल पहले ही डीएलएफ को बेच दिया गया था। उन्होंने कहा, "गुड़गांव में 37 एकड़ भूमि ईस्ट इंडिया होटल्स को 1984 में अस्पताल बनाने के लिए दी गई थी। कम्पनी ने हरियाणा सरकार की अनुमति से इसमें से 30 एकड़ भूमि डीएलएफ को 1995 में बेच दी थी।"
इस बीच, इन आरोपों को कांग्रेस ने यह सवाल उठाते हुए खारिज करने की कोशिश की कि केजरीवाल ने जो दस्तावेज पेश किए हैं उनकी क्या वैधता है।
कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी ने कहा, "केजरीवाल की ओर से प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों की सत्यता कौन प्रमाणित करेगा। उन्होंने जो भी आरोप लगाए हैं उनमें नया कुछ भी नहीं है। उन्होंने गत सप्ताह जो बातें कही थीं, उन्हीं बातों को उन्होंने दोहराया है। सस्ती लोकप्रियता के लिए बार-बार बेबुनियाद आरोपों को दोहराने की हम निंदा करते हैं।"टिप्पणियां
इस मामले की जांच कराने के बारे में पूछे जाने पर अल्वी ने कहा, "जब तक इस बारे में कहीं कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराता, दो लोगों के बीच हुए निजी लेनदेन के मामले की जांच कैसे कराई जा सकती है।"
केजरीवाल द्वारा हरियाणा सरकार के खिलाफ लगाए गए आरोपों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "इस बारे में क्या किसी ने हरियाणा सरकार से कोई संपर्क किया है। कोई शिकायत की गई है। हरियाणा सरकार को जब लगेगा तो वह अपना पक्ष रखेगी।"
केजरीवाल ने वाड्रा के खिलाफ लगाए गए आरोपों के बारे में सबूत देने की कांग्रेस की मांग पर मंगलवार को एक संवाददाता सम्मेलन किया। इस दौरान उन्होंने वाड्रा के खिलाफ नए आरोप लगाए।
केजरीवाल ने इससे पहले डीएलएफ पर वाड्रा को सस्ती जमीन एवं फ्लैट देने के आरोप लगाए थे और कहा था कि इसके लिए हरियाणा एवं राजस्थान सरकार ने डीएलएफ को उपकृत किया था।
सबूतों के विषय में केजरीवाल ने कहा, "हम लोग जांच एजेंसी नहीं हैं। लेकिन आरोप लगाने के दिन से कथित 'मैंगो लोग' हमारे पास सबूत भेज रहे हैं।" केजरीवाल ने मीडिया में सबूतों की प्रतियां वितरित कीं।
केजरीवाल ने कहा, "पंचायत एवं हुडा की भूमि डीएलएफ को दी गई। डीएलएफ के लिए फ्लोर एरिया रेशियो बढ़ाया गया और भूमि आवंटन के नियमों में हेराफेरी की गई।" उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार एवं डीएलएफ के बीच रिश्ते को पंजाब एवं हरियाणा के उच्च न्यायालय ने दुर्भावनापूर्ण सांठगांठ कहा था।
केजरीवाल ने कहा, "हरियाणा सरकार ने गुड़गांव में अस्पताल के अधिग्रहित 30 एकड़ जमीन डीएलएफ को दे दिया। इसके बाद लोगों ने उच्च न्यायालय की शरण ली। उच्च न्यायालय ने अधिग्रहण को रद्द करते हुए कहा था कि जमीन गलत उद्देश्य के लिए ली गई है और डीएलएफ एवं हरियाणा सरकार के बीच दुर्भावनापूर्ण गठजोड़ है।"
केजरीवाल ने कहा, "हरियाणा सरकार ने गुड़गांव में 350 एकड़ भूमि डीएलएफ को दे दी। इसमें से 75 एकड़ जमीन हुडा की थी जो लोगों के लिए घर बनाने के नाम पर किसानों से अधिग्रहित की गई थी। शेष भूमि उद्योग विकास से जुड़े विभाग की थी।
हरियाणा सरकार ने डीएलएफ को जंगल की जमीन भी नियमों की अनदेखी करते हुए जल्दीबाजी में आवंटित कर दी।" उन्होंने कहा, "हरियाणा सरकार डीएलएफ की एजेंट है।"
केजरीवाल ने वाड्रा का बचाव करने पर केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम की आलोचना की। उन्होंने कहा, "हमने जो सबूत उपलब्ध कराए हैं वह आयकर छापे के लिए पर्याप्त हैं। लेकिन जब देश का वित्तमंत्री ही वाड्रा के पक्ष में बोल रहा है तो किस अधिकारी के पास छापा डालने की हिम्मत होगी?" उन्होंने पूछा कि वाड्रा के बचाव में कांग्रेस के नेता एवं मंत्री क्यों खड़े हो गए हैं।
केजरीवाल ने प्रश्न दागा, "वित्तमंत्री क्यों उनकी तरफदारी कर रहे हैं? कानून मंत्री क्यों पक्ष ले रहे हैं? सभी मंत्री उन्हें बचाने की कोशिश कर रहे हैं।"
हरियाणा सरकार ने केजरीवाल द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज कर दिया।
आरोपों पर सफाई देते हुए हरियाणा टाउन प्लानिंग के निदेशक टीसी गुप्ता ने चण्डीगढ़ में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "हरियाणा सरकार ने डीएलएफ की कोई मदद नहीं की। केजरीवाल ने हरियाणा सरकार पर डीएलएफ को फ्लोर एरिया रेशियो बढ़ाने की गैर वाजिब अनुमति देने का आरोप लगाया था।" उन्होंने कहा कि घनत्व इसलिए बढ़ गया क्योंकि जमीन को हेक्टेयर से एकड़ में बदल दिया गया।
गुप्ता ने गुड़गांव की 30 एकड़ वाली अस्पताल की भूमि को डीएलएफ को देने के केजरीवाल के आरोप को झूठा बताया। उनके मुताबिक यह सरकार की भूमि नहीं थी और इसे 16 साल पहले ही डीएलएफ को बेच दिया गया था। उन्होंने कहा, "गुड़गांव में 37 एकड़ भूमि ईस्ट इंडिया होटल्स को 1984 में अस्पताल बनाने के लिए दी गई थी। कम्पनी ने हरियाणा सरकार की अनुमति से इसमें से 30 एकड़ भूमि डीएलएफ को 1995 में बेच दी थी।"
इस बीच, इन आरोपों को कांग्रेस ने यह सवाल उठाते हुए खारिज करने की कोशिश की कि केजरीवाल ने जो दस्तावेज पेश किए हैं उनकी क्या वैधता है।
कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी ने कहा, "केजरीवाल की ओर से प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों की सत्यता कौन प्रमाणित करेगा। उन्होंने जो भी आरोप लगाए हैं उनमें नया कुछ भी नहीं है। उन्होंने गत सप्ताह जो बातें कही थीं, उन्हीं बातों को उन्होंने दोहराया है। सस्ती लोकप्रियता के लिए बार-बार बेबुनियाद आरोपों को दोहराने की हम निंदा करते हैं।"टिप्पणियां
इस मामले की जांच कराने के बारे में पूछे जाने पर अल्वी ने कहा, "जब तक इस बारे में कहीं कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराता, दो लोगों के बीच हुए निजी लेनदेन के मामले की जांच कैसे कराई जा सकती है।"
केजरीवाल द्वारा हरियाणा सरकार के खिलाफ लगाए गए आरोपों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "इस बारे में क्या किसी ने हरियाणा सरकार से कोई संपर्क किया है। कोई शिकायत की गई है। हरियाणा सरकार को जब लगेगा तो वह अपना पक्ष रखेगी।"
केजरीवाल ने इससे पहले डीएलएफ पर वाड्रा को सस्ती जमीन एवं फ्लैट देने के आरोप लगाए थे और कहा था कि इसके लिए हरियाणा एवं राजस्थान सरकार ने डीएलएफ को उपकृत किया था।
सबूतों के विषय में केजरीवाल ने कहा, "हम लोग जांच एजेंसी नहीं हैं। लेकिन आरोप लगाने के दिन से कथित 'मैंगो लोग' हमारे पास सबूत भेज रहे हैं।" केजरीवाल ने मीडिया में सबूतों की प्रतियां वितरित कीं।
केजरीवाल ने कहा, "पंचायत एवं हुडा की भूमि डीएलएफ को दी गई। डीएलएफ के लिए फ्लोर एरिया रेशियो बढ़ाया गया और भूमि आवंटन के नियमों में हेराफेरी की गई।" उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार एवं डीएलएफ के बीच रिश्ते को पंजाब एवं हरियाणा के उच्च न्यायालय ने दुर्भावनापूर्ण सांठगांठ कहा था।
केजरीवाल ने कहा, "हरियाणा सरकार ने गुड़गांव में अस्पताल के अधिग्रहित 30 एकड़ जमीन डीएलएफ को दे दिया। इसके बाद लोगों ने उच्च न्यायालय की शरण ली। उच्च न्यायालय ने अधिग्रहण को रद्द करते हुए कहा था कि जमीन गलत उद्देश्य के लिए ली गई है और डीएलएफ एवं हरियाणा सरकार के बीच दुर्भावनापूर्ण गठजोड़ है।"
केजरीवाल ने कहा, "हरियाणा सरकार ने गुड़गांव में 350 एकड़ भूमि डीएलएफ को दे दी। इसमें से 75 एकड़ जमीन हुडा की थी जो लोगों के लिए घर बनाने के नाम पर किसानों से अधिग्रहित की गई थी। शेष भूमि उद्योग विकास से जुड़े विभाग की थी।
हरियाणा सरकार ने डीएलएफ को जंगल की जमीन भी नियमों की अनदेखी करते हुए जल्दीबाजी में आवंटित कर दी।" उन्होंने कहा, "हरियाणा सरकार डीएलएफ की एजेंट है।"
केजरीवाल ने वाड्रा का बचाव करने पर केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम की आलोचना की। उन्होंने कहा, "हमने जो सबूत उपलब्ध कराए हैं वह आयकर छापे के लिए पर्याप्त हैं। लेकिन जब देश का वित्तमंत्री ही वाड्रा के पक्ष में बोल रहा है तो किस अधिकारी के पास छापा डालने की हिम्मत होगी?" उन्होंने पूछा कि वाड्रा के बचाव में कांग्रेस के नेता एवं मंत्री क्यों खड़े हो गए हैं।
केजरीवाल ने प्रश्न दागा, "वित्तमंत्री क्यों उनकी तरफदारी कर रहे हैं? कानून मंत्री क्यों पक्ष ले रहे हैं? सभी मंत्री उन्हें बचाने की कोशिश कर रहे हैं।"
हरियाणा सरकार ने केजरीवाल द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज कर दिया।
आरोपों पर सफाई देते हुए हरियाणा टाउन प्लानिंग के निदेशक टीसी गुप्ता ने चण्डीगढ़ में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "हरियाणा सरकार ने डीएलएफ की कोई मदद नहीं की। केजरीवाल ने हरियाणा सरकार पर डीएलएफ को फ्लोर एरिया रेशियो बढ़ाने की गैर वाजिब अनुमति देने का आरोप लगाया था।" उन्होंने कहा कि घनत्व इसलिए बढ़ गया क्योंकि जमीन को हेक्टेयर से एकड़ में बदल दिया गया।
गुप्ता ने गुड़गांव की 30 एकड़ वाली अस्पताल की भूमि को डीएलएफ को देने के केजरीवाल के आरोप को झूठा बताया। उनके मुताबिक यह सरकार की भूमि नहीं थी और इसे 16 साल पहले ही डीएलएफ को बेच दिया गया था। उन्होंने कहा, "गुड़गांव में 37 एकड़ भूमि ईस्ट इंडिया होटल्स को 1984 में अस्पताल बनाने के लिए दी गई थी। कम्पनी ने हरियाणा सरकार की अनुमति से इसमें से 30 एकड़ भूमि डीएलएफ को 1995 में बेच दी थी।"
इस बीच, इन आरोपों को कांग्रेस ने यह सवाल उठाते हुए खारिज करने की कोशिश की कि केजरीवाल ने जो दस्तावेज पेश किए हैं उनकी क्या वैधता है।
कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी ने कहा, "केजरीवाल की ओर से प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों की सत्यता कौन प्रमाणित करेगा। उन्होंने जो भी आरोप लगाए हैं उनमें नया कुछ भी नहीं है। उन्होंने गत सप्ताह जो बातें कही थीं, उन्हीं बातों को उन्होंने दोहराया है। सस्ती लोकप्रियता के लिए बार-बार बेबुनियाद आरोपों को दोहराने की हम निंदा करते हैं।"टिप्पणियां
इस मामले की जांच कराने के बारे में पूछे जाने पर अल्वी ने कहा, "जब तक इस बारे में कहीं कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराता, दो लोगों के बीच हुए निजी लेनदेन के मामले की जांच कैसे कराई जा सकती है।"
केजरीवाल द्वारा हरियाणा सरकार के खिलाफ लगाए गए आरोपों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "इस बारे में क्या किसी ने हरियाणा सरकार से कोई संपर्क किया है। कोई शिकायत की गई है। हरियाणा सरकार को जब लगेगा तो वह अपना पक्ष रखेगी।"
सबूतों के विषय में केजरीवाल ने कहा, "हम लोग जांच एजेंसी नहीं हैं। लेकिन आरोप लगाने के दिन से कथित 'मैंगो लोग' हमारे पास सबूत भेज रहे हैं।" केजरीवाल ने मीडिया में सबूतों की प्रतियां वितरित कीं।
केजरीवाल ने कहा, "पंचायत एवं हुडा की भूमि डीएलएफ को दी गई। डीएलएफ के लिए फ्लोर एरिया रेशियो बढ़ाया गया और भूमि आवंटन के नियमों में हेराफेरी की गई।" उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार एवं डीएलएफ के बीच रिश्ते को पंजाब एवं हरियाणा के उच्च न्यायालय ने दुर्भावनापूर्ण सांठगांठ कहा था।
केजरीवाल ने कहा, "हरियाणा सरकार ने गुड़गांव में अस्पताल के अधिग्रहित 30 एकड़ जमीन डीएलएफ को दे दिया। इसके बाद लोगों ने उच्च न्यायालय की शरण ली। उच्च न्यायालय ने अधिग्रहण को रद्द करते हुए कहा था कि जमीन गलत उद्देश्य के लिए ली गई है और डीएलएफ एवं हरियाणा सरकार के बीच दुर्भावनापूर्ण गठजोड़ है।"
केजरीवाल ने कहा, "हरियाणा सरकार ने गुड़गांव में 350 एकड़ भूमि डीएलएफ को दे दी। इसमें से 75 एकड़ जमीन हुडा की थी जो लोगों के लिए घर बनाने के नाम पर किसानों से अधिग्रहित की गई थी। शेष भूमि उद्योग विकास से जुड़े विभाग की थी।
हरियाणा सरकार ने डीएलएफ को जंगल की जमीन भी नियमों की अनदेखी करते हुए जल्दीबाजी में आवंटित कर दी।" उन्होंने कहा, "हरियाणा सरकार डीएलएफ की एजेंट है।"
केजरीवाल ने वाड्रा का बचाव करने पर केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम की आलोचना की। उन्होंने कहा, "हमने जो सबूत उपलब्ध कराए हैं वह आयकर छापे के लिए पर्याप्त हैं। लेकिन जब देश का वित्तमंत्री ही वाड्रा के पक्ष में बोल रहा है तो किस अधिकारी के पास छापा डालने की हिम्मत होगी?" उन्होंने पूछा कि वाड्रा के बचाव में कांग्रेस के नेता एवं मंत्री क्यों खड़े हो गए हैं।
केजरीवाल ने प्रश्न दागा, "वित्तमंत्री क्यों उनकी तरफदारी कर रहे हैं? कानून मंत्री क्यों पक्ष ले रहे हैं? सभी मंत्री उन्हें बचाने की कोशिश कर रहे हैं।"
हरियाणा सरकार ने केजरीवाल द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज कर दिया।
आरोपों पर सफाई देते हुए हरियाणा टाउन प्लानिंग के निदेशक टीसी गुप्ता ने चण्डीगढ़ में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "हरियाणा सरकार ने डीएलएफ की कोई मदद नहीं की। केजरीवाल ने हरियाणा सरकार पर डीएलएफ को फ्लोर एरिया रेशियो बढ़ाने की गैर वाजिब अनुमति देने का आरोप लगाया था।" उन्होंने कहा कि घनत्व इसलिए बढ़ गया क्योंकि जमीन को हेक्टेयर से एकड़ में बदल दिया गया।
गुप्ता ने गुड़गांव की 30 एकड़ वाली अस्पताल की भूमि को डीएलएफ को देने के केजरीवाल के आरोप को झूठा बताया। उनके मुताबिक यह सरकार की भूमि नहीं थी और इसे 16 साल पहले ही डीएलएफ को बेच दिया गया था। उन्होंने कहा, "गुड़गांव में 37 एकड़ भूमि ईस्ट इंडिया होटल्स को 1984 में अस्पताल बनाने के लिए दी गई थी। कम्पनी ने हरियाणा सरकार की अनुमति से इसमें से 30 एकड़ भूमि डीएलएफ को 1995 में बेच दी थी।"
इस बीच, इन आरोपों को कांग्रेस ने यह सवाल उठाते हुए खारिज करने की कोशिश की कि केजरीवाल ने जो दस्तावेज पेश किए हैं उनकी क्या वैधता है।
कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी ने कहा, "केजरीवाल की ओर से प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों की सत्यता कौन प्रमाणित करेगा। उन्होंने जो भी आरोप लगाए हैं उनमें नया कुछ भी नहीं है। उन्होंने गत सप्ताह जो बातें कही थीं, उन्हीं बातों को उन्होंने दोहराया है। सस्ती लोकप्रियता के लिए बार-बार बेबुनियाद आरोपों को दोहराने की हम निंदा करते हैं।"टिप्पणियां
इस मामले की जांच कराने के बारे में पूछे जाने पर अल्वी ने कहा, "जब तक इस बारे में कहीं कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराता, दो लोगों के बीच हुए निजी लेनदेन के मामले की जांच कैसे कराई जा सकती है।"
केजरीवाल द्वारा हरियाणा सरकार के खिलाफ लगाए गए आरोपों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "इस बारे में क्या किसी ने हरियाणा सरकार से कोई संपर्क किया है। कोई शिकायत की गई है। हरियाणा सरकार को जब लगेगा तो वह अपना पक्ष रखेगी।"
केजरीवाल ने कहा, "पंचायत एवं हुडा की भूमि डीएलएफ को दी गई। डीएलएफ के लिए फ्लोर एरिया रेशियो बढ़ाया गया और भूमि आवंटन के नियमों में हेराफेरी की गई।" उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार एवं डीएलएफ के बीच रिश्ते को पंजाब एवं हरियाणा के उच्च न्यायालय ने दुर्भावनापूर्ण सांठगांठ कहा था।
केजरीवाल ने कहा, "हरियाणा सरकार ने गुड़गांव में अस्पताल के अधिग्रहित 30 एकड़ जमीन डीएलएफ को दे दिया। इसके बाद लोगों ने उच्च न्यायालय की शरण ली। उच्च न्यायालय ने अधिग्रहण को रद्द करते हुए कहा था कि जमीन गलत उद्देश्य के लिए ली गई है और डीएलएफ एवं हरियाणा सरकार के बीच दुर्भावनापूर्ण गठजोड़ है।"
केजरीवाल ने कहा, "हरियाणा सरकार ने गुड़गांव में 350 एकड़ भूमि डीएलएफ को दे दी। इसमें से 75 एकड़ जमीन हुडा की थी जो लोगों के लिए घर बनाने के नाम पर किसानों से अधिग्रहित की गई थी। शेष भूमि उद्योग विकास से जुड़े विभाग की थी।
हरियाणा सरकार ने डीएलएफ को जंगल की जमीन भी नियमों की अनदेखी करते हुए जल्दीबाजी में आवंटित कर दी।" उन्होंने कहा, "हरियाणा सरकार डीएलएफ की एजेंट है।"
केजरीवाल ने वाड्रा का बचाव करने पर केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम की आलोचना की। उन्होंने कहा, "हमने जो सबूत उपलब्ध कराए हैं वह आयकर छापे के लिए पर्याप्त हैं। लेकिन जब देश का वित्तमंत्री ही वाड्रा के पक्ष में बोल रहा है तो किस अधिकारी के पास छापा डालने की हिम्मत होगी?" उन्होंने पूछा कि वाड्रा के बचाव में कांग्रेस के नेता एवं मंत्री क्यों खड़े हो गए हैं।
केजरीवाल ने प्रश्न दागा, "वित्तमंत्री क्यों उनकी तरफदारी कर रहे हैं? कानून मंत्री क्यों पक्ष ले रहे हैं? सभी मंत्री उन्हें बचाने की कोशिश कर रहे हैं।"
हरियाणा सरकार ने केजरीवाल द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज कर दिया।
आरोपों पर सफाई देते हुए हरियाणा टाउन प्लानिंग के निदेशक टीसी गुप्ता ने चण्डीगढ़ में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "हरियाणा सरकार ने डीएलएफ की कोई मदद नहीं की। केजरीवाल ने हरियाणा सरकार पर डीएलएफ को फ्लोर एरिया रेशियो बढ़ाने की गैर वाजिब अनुमति देने का आरोप लगाया था।" उन्होंने कहा कि घनत्व इसलिए बढ़ गया क्योंकि जमीन को हेक्टेयर से एकड़ में बदल दिया गया।
गुप्ता ने गुड़गांव की 30 एकड़ वाली अस्पताल की भूमि को डीएलएफ को देने के केजरीवाल के आरोप को झूठा बताया। उनके मुताबिक यह सरकार की भूमि नहीं थी और इसे 16 साल पहले ही डीएलएफ को बेच दिया गया था। उन्होंने कहा, "गुड़गांव में 37 एकड़ भूमि ईस्ट इंडिया होटल्स को 1984 में अस्पताल बनाने के लिए दी गई थी। कम्पनी ने हरियाणा सरकार की अनुमति से इसमें से 30 एकड़ भूमि डीएलएफ को 1995 में बेच दी थी।"
इस बीच, इन आरोपों को कांग्रेस ने यह सवाल उठाते हुए खारिज करने की कोशिश की कि केजरीवाल ने जो दस्तावेज पेश किए हैं उनकी क्या वैधता है।
कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी ने कहा, "केजरीवाल की ओर से प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों की सत्यता कौन प्रमाणित करेगा। उन्होंने जो भी आरोप लगाए हैं उनमें नया कुछ भी नहीं है। उन्होंने गत सप्ताह जो बातें कही थीं, उन्हीं बातों को उन्होंने दोहराया है। सस्ती लोकप्रियता के लिए बार-बार बेबुनियाद आरोपों को दोहराने की हम निंदा करते हैं।"टिप्पणियां
इस मामले की जांच कराने के बारे में पूछे जाने पर अल्वी ने कहा, "जब तक इस बारे में कहीं कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराता, दो लोगों के बीच हुए निजी लेनदेन के मामले की जांच कैसे कराई जा सकती है।"
केजरीवाल द्वारा हरियाणा सरकार के खिलाफ लगाए गए आरोपों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "इस बारे में क्या किसी ने हरियाणा सरकार से कोई संपर्क किया है। कोई शिकायत की गई है। हरियाणा सरकार को जब लगेगा तो वह अपना पक्ष रखेगी।"
केजरीवाल ने कहा, "हरियाणा सरकार ने गुड़गांव में अस्पताल के अधिग्रहित 30 एकड़ जमीन डीएलएफ को दे दिया। इसके बाद लोगों ने उच्च न्यायालय की शरण ली। उच्च न्यायालय ने अधिग्रहण को रद्द करते हुए कहा था कि जमीन गलत उद्देश्य के लिए ली गई है और डीएलएफ एवं हरियाणा सरकार के बीच दुर्भावनापूर्ण गठजोड़ है।"
केजरीवाल ने कहा, "हरियाणा सरकार ने गुड़गांव में 350 एकड़ भूमि डीएलएफ को दे दी। इसमें से 75 एकड़ जमीन हुडा की थी जो लोगों के लिए घर बनाने के नाम पर किसानों से अधिग्रहित की गई थी। शेष भूमि उद्योग विकास से जुड़े विभाग की थी।
हरियाणा सरकार ने डीएलएफ को जंगल की जमीन भी नियमों की अनदेखी करते हुए जल्दीबाजी में आवंटित कर दी।" उन्होंने कहा, "हरियाणा सरकार डीएलएफ की एजेंट है।"
केजरीवाल ने वाड्रा का बचाव करने पर केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम की आलोचना की। उन्होंने कहा, "हमने जो सबूत उपलब्ध कराए हैं वह आयकर छापे के लिए पर्याप्त हैं। लेकिन जब देश का वित्तमंत्री ही वाड्रा के पक्ष में बोल रहा है तो किस अधिकारी के पास छापा डालने की हिम्मत होगी?" उन्होंने पूछा कि वाड्रा के बचाव में कांग्रेस के नेता एवं मंत्री क्यों खड़े हो गए हैं।
केजरीवाल ने प्रश्न दागा, "वित्तमंत्री क्यों उनकी तरफदारी कर रहे हैं? कानून मंत्री क्यों पक्ष ले रहे हैं? सभी मंत्री उन्हें बचाने की कोशिश कर रहे हैं।"
हरियाणा सरकार ने केजरीवाल द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज कर दिया।
आरोपों पर सफाई देते हुए हरियाणा टाउन प्लानिंग के निदेशक टीसी गुप्ता ने चण्डीगढ़ में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "हरियाणा सरकार ने डीएलएफ की कोई मदद नहीं की। केजरीवाल ने हरियाणा सरकार पर डीएलएफ को फ्लोर एरिया रेशियो बढ़ाने की गैर वाजिब अनुमति देने का आरोप लगाया था।" उन्होंने कहा कि घनत्व इसलिए बढ़ गया क्योंकि जमीन को हेक्टेयर से एकड़ में बदल दिया गया।
गुप्ता ने गुड़गांव की 30 एकड़ वाली अस्पताल की भूमि को डीएलएफ को देने के केजरीवाल के आरोप को झूठा बताया। उनके मुताबिक यह सरकार की भूमि नहीं थी और इसे 16 साल पहले ही डीएलएफ को बेच दिया गया था। उन्होंने कहा, "गुड़गांव में 37 एकड़ भूमि ईस्ट इंडिया होटल्स को 1984 में अस्पताल बनाने के लिए दी गई थी। कम्पनी ने हरियाणा सरकार की अनुमति से इसमें से 30 एकड़ भूमि डीएलएफ को 1995 में बेच दी थी।"
इस बीच, इन आरोपों को कांग्रेस ने यह सवाल उठाते हुए खारिज करने की कोशिश की कि केजरीवाल ने जो दस्तावेज पेश किए हैं उनकी क्या वैधता है।
कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी ने कहा, "केजरीवाल की ओर से प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों की सत्यता कौन प्रमाणित करेगा। उन्होंने जो भी आरोप लगाए हैं उनमें नया कुछ भी नहीं है। उन्होंने गत सप्ताह जो बातें कही थीं, उन्हीं बातों को उन्होंने दोहराया है। सस्ती लोकप्रियता के लिए बार-बार बेबुनियाद आरोपों को दोहराने की हम निंदा करते हैं।"टिप्पणियां
इस मामले की जांच कराने के बारे में पूछे जाने पर अल्वी ने कहा, "जब तक इस बारे में कहीं कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराता, दो लोगों के बीच हुए निजी लेनदेन के मामले की जांच कैसे कराई जा सकती है।"
केजरीवाल द्वारा हरियाणा सरकार के खिलाफ लगाए गए आरोपों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "इस बारे में क्या किसी ने हरियाणा सरकार से कोई संपर्क किया है। कोई शिकायत की गई है। हरियाणा सरकार को जब लगेगा तो वह अपना पक्ष रखेगी।"
केजरीवाल ने कहा, "हरियाणा सरकार ने गुड़गांव में 350 एकड़ भूमि डीएलएफ को दे दी। इसमें से 75 एकड़ जमीन हुडा की थी जो लोगों के लिए घर बनाने के नाम पर किसानों से अधिग्रहित की गई थी। शेष भूमि उद्योग विकास से जुड़े विभाग की थी।
हरियाणा सरकार ने डीएलएफ को जंगल की जमीन भी नियमों की अनदेखी करते हुए जल्दीबाजी में आवंटित कर दी।" उन्होंने कहा, "हरियाणा सरकार डीएलएफ की एजेंट है।"
केजरीवाल ने वाड्रा का बचाव करने पर केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम की आलोचना की। उन्होंने कहा, "हमने जो सबूत उपलब्ध कराए हैं वह आयकर छापे के लिए पर्याप्त हैं। लेकिन जब देश का वित्तमंत्री ही वाड्रा के पक्ष में बोल रहा है तो किस अधिकारी के पास छापा डालने की हिम्मत होगी?" उन्होंने पूछा कि वाड्रा के बचाव में कांग्रेस के नेता एवं मंत्री क्यों खड़े हो गए हैं।
केजरीवाल ने प्रश्न दागा, "वित्तमंत्री क्यों उनकी तरफदारी कर रहे हैं? कानून मंत्री क्यों पक्ष ले रहे हैं? सभी मंत्री उन्हें बचाने की कोशिश कर रहे हैं।"
हरियाणा सरकार ने केजरीवाल द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज कर दिया।
आरोपों पर सफाई देते हुए हरियाणा टाउन प्लानिंग के निदेशक टीसी गुप्ता ने चण्डीगढ़ में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "हरियाणा सरकार ने डीएलएफ की कोई मदद नहीं की। केजरीवाल ने हरियाणा सरकार पर डीएलएफ को फ्लोर एरिया रेशियो बढ़ाने की गैर वाजिब अनुमति देने का आरोप लगाया था।" उन्होंने कहा कि घनत्व इसलिए बढ़ गया क्योंकि जमीन को हेक्टेयर से एकड़ में बदल दिया गया।
गुप्ता ने गुड़गांव की 30 एकड़ वाली अस्पताल की भूमि को डीएलएफ को देने के केजरीवाल के आरोप को झूठा बताया। उनके मुताबिक यह सरकार की भूमि नहीं थी और इसे 16 साल पहले ही डीएलएफ को बेच दिया गया था। उन्होंने कहा, "गुड़गांव में 37 एकड़ भूमि ईस्ट इंडिया होटल्स को 1984 में अस्पताल बनाने के लिए दी गई थी। कम्पनी ने हरियाणा सरकार की अनुमति से इसमें से 30 एकड़ भूमि डीएलएफ को 1995 में बेच दी थी।"
इस बीच, इन आरोपों को कांग्रेस ने यह सवाल उठाते हुए खारिज करने की कोशिश की कि केजरीवाल ने जो दस्तावेज पेश किए हैं उनकी क्या वैधता है।
कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी ने कहा, "केजरीवाल की ओर से प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों की सत्यता कौन प्रमाणित करेगा। उन्होंने जो भी आरोप लगाए हैं उनमें नया कुछ भी नहीं है। उन्होंने गत सप्ताह जो बातें कही थीं, उन्हीं बातों को उन्होंने दोहराया है। सस्ती लोकप्रियता के लिए बार-बार बेबुनियाद आरोपों को दोहराने की हम निंदा करते हैं।"टिप्पणियां
इस मामले की जांच कराने के बारे में पूछे जाने पर अल्वी ने कहा, "जब तक इस बारे में कहीं कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराता, दो लोगों के बीच हुए निजी लेनदेन के मामले की जांच कैसे कराई जा सकती है।"
केजरीवाल द्वारा हरियाणा सरकार के खिलाफ लगाए गए आरोपों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "इस बारे में क्या किसी ने हरियाणा सरकार से कोई संपर्क किया है। कोई शिकायत की गई है। हरियाणा सरकार को जब लगेगा तो वह अपना पक्ष रखेगी।"
हरियाणा सरकार ने डीएलएफ को जंगल की जमीन भी नियमों की अनदेखी करते हुए जल्दीबाजी में आवंटित कर दी।" उन्होंने कहा, "हरियाणा सरकार डीएलएफ की एजेंट है।"
केजरीवाल ने वाड्रा का बचाव करने पर केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम की आलोचना की। उन्होंने कहा, "हमने जो सबूत उपलब्ध कराए हैं वह आयकर छापे के लिए पर्याप्त हैं। लेकिन जब देश का वित्तमंत्री ही वाड्रा के पक्ष में बोल रहा है तो किस अधिकारी के पास छापा डालने की हिम्मत होगी?" उन्होंने पूछा कि वाड्रा के बचाव में कांग्रेस के नेता एवं मंत्री क्यों खड़े हो गए हैं।
केजरीवाल ने प्रश्न दागा, "वित्तमंत्री क्यों उनकी तरफदारी कर रहे हैं? कानून मंत्री क्यों पक्ष ले रहे हैं? सभी मंत्री उन्हें बचाने की कोशिश कर रहे हैं।"
हरियाणा सरकार ने केजरीवाल द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज कर दिया।
आरोपों पर सफाई देते हुए हरियाणा टाउन प्लानिंग के निदेशक टीसी गुप्ता ने चण्डीगढ़ में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "हरियाणा सरकार ने डीएलएफ की कोई मदद नहीं की। केजरीवाल ने हरियाणा सरकार पर डीएलएफ को फ्लोर एरिया रेशियो बढ़ाने की गैर वाजिब अनुमति देने का आरोप लगाया था।" उन्होंने कहा कि घनत्व इसलिए बढ़ गया क्योंकि जमीन को हेक्टेयर से एकड़ में बदल दिया गया।
गुप्ता ने गुड़गांव की 30 एकड़ वाली अस्पताल की भूमि को डीएलएफ को देने के केजरीवाल के आरोप को झूठा बताया। उनके मुताबिक यह सरकार की भूमि नहीं थी और इसे 16 साल पहले ही डीएलएफ को बेच दिया गया था। उन्होंने कहा, "गुड़गांव में 37 एकड़ भूमि ईस्ट इंडिया होटल्स को 1984 में अस्पताल बनाने के लिए दी गई थी। कम्पनी ने हरियाणा सरकार की अनुमति से इसमें से 30 एकड़ भूमि डीएलएफ को 1995 में बेच दी थी।"
इस बीच, इन आरोपों को कांग्रेस ने यह सवाल उठाते हुए खारिज करने की कोशिश की कि केजरीवाल ने जो दस्तावेज पेश किए हैं उनकी क्या वैधता है।
कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी ने कहा, "केजरीवाल की ओर से प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों की सत्यता कौन प्रमाणित करेगा। उन्होंने जो भी आरोप लगाए हैं उनमें नया कुछ भी नहीं है। उन्होंने गत सप्ताह जो बातें कही थीं, उन्हीं बातों को उन्होंने दोहराया है। सस्ती लोकप्रियता के लिए बार-बार बेबुनियाद आरोपों को दोहराने की हम निंदा करते हैं।"टिप्पणियां
इस मामले की जांच कराने के बारे में पूछे जाने पर अल्वी ने कहा, "जब तक इस बारे में कहीं कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराता, दो लोगों के बीच हुए निजी लेनदेन के मामले की जांच कैसे कराई जा सकती है।"
केजरीवाल द्वारा हरियाणा सरकार के खिलाफ लगाए गए आरोपों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "इस बारे में क्या किसी ने हरियाणा सरकार से कोई संपर्क किया है। कोई शिकायत की गई है। हरियाणा सरकार को जब लगेगा तो वह अपना पक्ष रखेगी।"
केजरीवाल ने वाड्रा का बचाव करने पर केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम की आलोचना की। उन्होंने कहा, "हमने जो सबूत उपलब्ध कराए हैं वह आयकर छापे के लिए पर्याप्त हैं। लेकिन जब देश का वित्तमंत्री ही वाड्रा के पक्ष में बोल रहा है तो किस अधिकारी के पास छापा डालने की हिम्मत होगी?" उन्होंने पूछा कि वाड्रा के बचाव में कांग्रेस के नेता एवं मंत्री क्यों खड़े हो गए हैं।
केजरीवाल ने प्रश्न दागा, "वित्तमंत्री क्यों उनकी तरफदारी कर रहे हैं? कानून मंत्री क्यों पक्ष ले रहे हैं? सभी मंत्री उन्हें बचाने की कोशिश कर रहे हैं।"
हरियाणा सरकार ने केजरीवाल द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज कर दिया।
आरोपों पर सफाई देते हुए हरियाणा टाउन प्लानिंग के निदेशक टीसी गुप्ता ने चण्डीगढ़ में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "हरियाणा सरकार ने डीएलएफ की कोई मदद नहीं की। केजरीवाल ने हरियाणा सरकार पर डीएलएफ को फ्लोर एरिया रेशियो बढ़ाने की गैर वाजिब अनुमति देने का आरोप लगाया था।" उन्होंने कहा कि घनत्व इसलिए बढ़ गया क्योंकि जमीन को हेक्टेयर से एकड़ में बदल दिया गया।
गुप्ता ने गुड़गांव की 30 एकड़ वाली अस्पताल की भूमि को डीएलएफ को देने के केजरीवाल के आरोप को झूठा बताया। उनके मुताबिक यह सरकार की भूमि नहीं थी और इसे 16 साल पहले ही डीएलएफ को बेच दिया गया था। उन्होंने कहा, "गुड़गांव में 37 एकड़ भूमि ईस्ट इंडिया होटल्स को 1984 में अस्पताल बनाने के लिए दी गई थी। कम्पनी ने हरियाणा सरकार की अनुमति से इसमें से 30 एकड़ भूमि डीएलएफ को 1995 में बेच दी थी।"
इस बीच, इन आरोपों को कांग्रेस ने यह सवाल उठाते हुए खारिज करने की कोशिश की कि केजरीवाल ने जो दस्तावेज पेश किए हैं उनकी क्या वैधता है।
कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी ने कहा, "केजरीवाल की ओर से प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों की सत्यता कौन प्रमाणित करेगा। उन्होंने जो भी आरोप लगाए हैं उनमें नया कुछ भी नहीं है। उन्होंने गत सप्ताह जो बातें कही थीं, उन्हीं बातों को उन्होंने दोहराया है। सस्ती लोकप्रियता के लिए बार-बार बेबुनियाद आरोपों को दोहराने की हम निंदा करते हैं।"टिप्पणियां
इस मामले की जांच कराने के बारे में पूछे जाने पर अल्वी ने कहा, "जब तक इस बारे में कहीं कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराता, दो लोगों के बीच हुए निजी लेनदेन के मामले की जांच कैसे कराई जा सकती है।"
केजरीवाल द्वारा हरियाणा सरकार के खिलाफ लगाए गए आरोपों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "इस बारे में क्या किसी ने हरियाणा सरकार से कोई संपर्क किया है। कोई शिकायत की गई है। हरियाणा सरकार को जब लगेगा तो वह अपना पक्ष रखेगी।"
केजरीवाल ने प्रश्न दागा, "वित्तमंत्री क्यों उनकी तरफदारी कर रहे हैं? कानून मंत्री क्यों पक्ष ले रहे हैं? सभी मंत्री उन्हें बचाने की कोशिश कर रहे हैं।"
हरियाणा सरकार ने केजरीवाल द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज कर दिया।
आरोपों पर सफाई देते हुए हरियाणा टाउन प्लानिंग के निदेशक टीसी गुप्ता ने चण्डीगढ़ में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "हरियाणा सरकार ने डीएलएफ की कोई मदद नहीं की। केजरीवाल ने हरियाणा सरकार पर डीएलएफ को फ्लोर एरिया रेशियो बढ़ाने की गैर वाजिब अनुमति देने का आरोप लगाया था।" उन्होंने कहा कि घनत्व इसलिए बढ़ गया क्योंकि जमीन को हेक्टेयर से एकड़ में बदल दिया गया।
गुप्ता ने गुड़गांव की 30 एकड़ वाली अस्पताल की भूमि को डीएलएफ को देने के केजरीवाल के आरोप को झूठा बताया। उनके मुताबिक यह सरकार की भूमि नहीं थी और इसे 16 साल पहले ही डीएलएफ को बेच दिया गया था। उन्होंने कहा, "गुड़गांव में 37 एकड़ भूमि ईस्ट इंडिया होटल्स को 1984 में अस्पताल बनाने के लिए दी गई थी। कम्पनी ने हरियाणा सरकार की अनुमति से इसमें से 30 एकड़ भूमि डीएलएफ को 1995 में बेच दी थी।"
इस बीच, इन आरोपों को कांग्रेस ने यह सवाल उठाते हुए खारिज करने की कोशिश की कि केजरीवाल ने जो दस्तावेज पेश किए हैं उनकी क्या वैधता है।
कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी ने कहा, "केजरीवाल की ओर से प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों की सत्यता कौन प्रमाणित करेगा। उन्होंने जो भी आरोप लगाए हैं उनमें नया कुछ भी नहीं है। उन्होंने गत सप्ताह जो बातें कही थीं, उन्हीं बातों को उन्होंने दोहराया है। सस्ती लोकप्रियता के लिए बार-बार बेबुनियाद आरोपों को दोहराने की हम निंदा करते हैं।"टिप्पणियां
इस मामले की जांच कराने के बारे में पूछे जाने पर अल्वी ने कहा, "जब तक इस बारे में कहीं कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराता, दो लोगों के बीच हुए निजी लेनदेन के मामले की जांच कैसे कराई जा सकती है।"
केजरीवाल द्वारा हरियाणा सरकार के खिलाफ लगाए गए आरोपों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "इस बारे में क्या किसी ने हरियाणा सरकार से कोई संपर्क किया है। कोई शिकायत की गई है। हरियाणा सरकार को जब लगेगा तो वह अपना पक्ष रखेगी।"
हरियाणा सरकार ने केजरीवाल द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज कर दिया।
आरोपों पर सफाई देते हुए हरियाणा टाउन प्लानिंग के निदेशक टीसी गुप्ता ने चण्डीगढ़ में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "हरियाणा सरकार ने डीएलएफ की कोई मदद नहीं की। केजरीवाल ने हरियाणा सरकार पर डीएलएफ को फ्लोर एरिया रेशियो बढ़ाने की गैर वाजिब अनुमति देने का आरोप लगाया था।" उन्होंने कहा कि घनत्व इसलिए बढ़ गया क्योंकि जमीन को हेक्टेयर से एकड़ में बदल दिया गया।
गुप्ता ने गुड़गांव की 30 एकड़ वाली अस्पताल की भूमि को डीएलएफ को देने के केजरीवाल के आरोप को झूठा बताया। उनके मुताबिक यह सरकार की भूमि नहीं थी और इसे 16 साल पहले ही डीएलएफ को बेच दिया गया था। उन्होंने कहा, "गुड़गांव में 37 एकड़ भूमि ईस्ट इंडिया होटल्स को 1984 में अस्पताल बनाने के लिए दी गई थी। कम्पनी ने हरियाणा सरकार की अनुमति से इसमें से 30 एकड़ भूमि डीएलएफ को 1995 में बेच दी थी।"
इस बीच, इन आरोपों को कांग्रेस ने यह सवाल उठाते हुए खारिज करने की कोशिश की कि केजरीवाल ने जो दस्तावेज पेश किए हैं उनकी क्या वैधता है।
कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी ने कहा, "केजरीवाल की ओर से प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों की सत्यता कौन प्रमाणित करेगा। उन्होंने जो भी आरोप लगाए हैं उनमें नया कुछ भी नहीं है। उन्होंने गत सप्ताह जो बातें कही थीं, उन्हीं बातों को उन्होंने दोहराया है। सस्ती लोकप्रियता के लिए बार-बार बेबुनियाद आरोपों को दोहराने की हम निंदा करते हैं।"टिप्पणियां
इस मामले की जांच कराने के बारे में पूछे जाने पर अल्वी ने कहा, "जब तक इस बारे में कहीं कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराता, दो लोगों के बीच हुए निजी लेनदेन के मामले की जांच कैसे कराई जा सकती है।"
केजरीवाल द्वारा हरियाणा सरकार के खिलाफ लगाए गए आरोपों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "इस बारे में क्या किसी ने हरियाणा सरकार से कोई संपर्क किया है। कोई शिकायत की गई है। हरियाणा सरकार को जब लगेगा तो वह अपना पक्ष रखेगी।"
आरोपों पर सफाई देते हुए हरियाणा टाउन प्लानिंग के निदेशक टीसी गुप्ता ने चण्डीगढ़ में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "हरियाणा सरकार ने डीएलएफ की कोई मदद नहीं की। केजरीवाल ने हरियाणा सरकार पर डीएलएफ को फ्लोर एरिया रेशियो बढ़ाने की गैर वाजिब अनुमति देने का आरोप लगाया था।" उन्होंने कहा कि घनत्व इसलिए बढ़ गया क्योंकि जमीन को हेक्टेयर से एकड़ में बदल दिया गया।
गुप्ता ने गुड़गांव की 30 एकड़ वाली अस्पताल की भूमि को डीएलएफ को देने के केजरीवाल के आरोप को झूठा बताया। उनके मुताबिक यह सरकार की भूमि नहीं थी और इसे 16 साल पहले ही डीएलएफ को बेच दिया गया था। उन्होंने कहा, "गुड़गांव में 37 एकड़ भूमि ईस्ट इंडिया होटल्स को 1984 में अस्पताल बनाने के लिए दी गई थी। कम्पनी ने हरियाणा सरकार की अनुमति से इसमें से 30 एकड़ भूमि डीएलएफ को 1995 में बेच दी थी।"
इस बीच, इन आरोपों को कांग्रेस ने यह सवाल उठाते हुए खारिज करने की कोशिश की कि केजरीवाल ने जो दस्तावेज पेश किए हैं उनकी क्या वैधता है।
कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी ने कहा, "केजरीवाल की ओर से प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों की सत्यता कौन प्रमाणित करेगा। उन्होंने जो भी आरोप लगाए हैं उनमें नया कुछ भी नहीं है। उन्होंने गत सप्ताह जो बातें कही थीं, उन्हीं बातों को उन्होंने दोहराया है। सस्ती लोकप्रियता के लिए बार-बार बेबुनियाद आरोपों को दोहराने की हम निंदा करते हैं।"टिप्पणियां
इस मामले की जांच कराने के बारे में पूछे जाने पर अल्वी ने कहा, "जब तक इस बारे में कहीं कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराता, दो लोगों के बीच हुए निजी लेनदेन के मामले की जांच कैसे कराई जा सकती है।"
केजरीवाल द्वारा हरियाणा सरकार के खिलाफ लगाए गए आरोपों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "इस बारे में क्या किसी ने हरियाणा सरकार से कोई संपर्क किया है। कोई शिकायत की गई है। हरियाणा सरकार को जब लगेगा तो वह अपना पक्ष रखेगी।"
गुप्ता ने गुड़गांव की 30 एकड़ वाली अस्पताल की भूमि को डीएलएफ को देने के केजरीवाल के आरोप को झूठा बताया। उनके मुताबिक यह सरकार की भूमि नहीं थी और इसे 16 साल पहले ही डीएलएफ को बेच दिया गया था। उन्होंने कहा, "गुड़गांव में 37 एकड़ भूमि ईस्ट इंडिया होटल्स को 1984 में अस्पताल बनाने के लिए दी गई थी। कम्पनी ने हरियाणा सरकार की अनुमति से इसमें से 30 एकड़ भूमि डीएलएफ को 1995 में बेच दी थी।"
इस बीच, इन आरोपों को कांग्रेस ने यह सवाल उठाते हुए खारिज करने की कोशिश की कि केजरीवाल ने जो दस्तावेज पेश किए हैं उनकी क्या वैधता है।
कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी ने कहा, "केजरीवाल की ओर से प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों की सत्यता कौन प्रमाणित करेगा। उन्होंने जो भी आरोप लगाए हैं उनमें नया कुछ भी नहीं है। उन्होंने गत सप्ताह जो बातें कही थीं, उन्हीं बातों को उन्होंने दोहराया है। सस्ती लोकप्रियता के लिए बार-बार बेबुनियाद आरोपों को दोहराने की हम निंदा करते हैं।"टिप्पणियां
इस मामले की जांच कराने के बारे में पूछे जाने पर अल्वी ने कहा, "जब तक इस बारे में कहीं कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराता, दो लोगों के बीच हुए निजी लेनदेन के मामले की जांच कैसे कराई जा सकती है।"
केजरीवाल द्वारा हरियाणा सरकार के खिलाफ लगाए गए आरोपों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "इस बारे में क्या किसी ने हरियाणा सरकार से कोई संपर्क किया है। कोई शिकायत की गई है। हरियाणा सरकार को जब लगेगा तो वह अपना पक्ष रखेगी।"
इस बीच, इन आरोपों को कांग्रेस ने यह सवाल उठाते हुए खारिज करने की कोशिश की कि केजरीवाल ने जो दस्तावेज पेश किए हैं उनकी क्या वैधता है।
कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी ने कहा, "केजरीवाल की ओर से प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों की सत्यता कौन प्रमाणित करेगा। उन्होंने जो भी आरोप लगाए हैं उनमें नया कुछ भी नहीं है। उन्होंने गत सप्ताह जो बातें कही थीं, उन्हीं बातों को उन्होंने दोहराया है। सस्ती लोकप्रियता के लिए बार-बार बेबुनियाद आरोपों को दोहराने की हम निंदा करते हैं।"टिप्पणियां
इस मामले की जांच कराने के बारे में पूछे जाने पर अल्वी ने कहा, "जब तक इस बारे में कहीं कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराता, दो लोगों के बीच हुए निजी लेनदेन के मामले की जांच कैसे कराई जा सकती है।"
केजरीवाल द्वारा हरियाणा सरकार के खिलाफ लगाए गए आरोपों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "इस बारे में क्या किसी ने हरियाणा सरकार से कोई संपर्क किया है। कोई शिकायत की गई है। हरियाणा सरकार को जब लगेगा तो वह अपना पक्ष रखेगी।"
कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी ने कहा, "केजरीवाल की ओर से प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों की सत्यता कौन प्रमाणित करेगा। उन्होंने जो भी आरोप लगाए हैं उनमें नया कुछ भी नहीं है। उन्होंने गत सप्ताह जो बातें कही थीं, उन्हीं बातों को उन्होंने दोहराया है। सस्ती लोकप्रियता के लिए बार-बार बेबुनियाद आरोपों को दोहराने की हम निंदा करते हैं।"टिप्पणियां
इस मामले की जांच कराने के बारे में पूछे जाने पर अल्वी ने कहा, "जब तक इस बारे में कहीं कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराता, दो लोगों के बीच हुए निजी लेनदेन के मामले की जांच कैसे कराई जा सकती है।"
केजरीवाल द्वारा हरियाणा सरकार के खिलाफ लगाए गए आरोपों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "इस बारे में क्या किसी ने हरियाणा सरकार से कोई संपर्क किया है। कोई शिकायत की गई है। हरियाणा सरकार को जब लगेगा तो वह अपना पक्ष रखेगी।"
इस मामले की जांच कराने के बारे में पूछे जाने पर अल्वी ने कहा, "जब तक इस बारे में कहीं कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराता, दो लोगों के बीच हुए निजी लेनदेन के मामले की जांच कैसे कराई जा सकती है।"
केजरीवाल द्वारा हरियाणा सरकार के खिलाफ लगाए गए आरोपों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "इस बारे में क्या किसी ने हरियाणा सरकार से कोई संपर्क किया है। कोई शिकायत की गई है। हरियाणा सरकार को जब लगेगा तो वह अपना पक्ष रखेगी।"
केजरीवाल द्वारा हरियाणा सरकार के खिलाफ लगाए गए आरोपों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "इस बारे में क्या किसी ने हरियाणा सरकार से कोई संपर्क किया है। कोई शिकायत की गई है। हरियाणा सरकार को जब लगेगा तो वह अपना पक्ष रखेगी।" | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: इंडिया अगेंस्ट करप्शन (आईएसी) के नेता अरविंद केजरीवाल ने कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा पर लगाए अपने आरोपों को आगे बढ़ाते हुए मंगलवार को उनके प्रति डीएलएफ की मेहरबानियों के नए चिट्ठे सामने रखे। | 3 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: प्रमुख दूरसंचार कम्पनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) ने बुधवार को कुछ केंद्रीय मंत्रियों और अधिकारियों से मुलाकात की और दूरसंचार नियामक के प्रस्ताव के विरुद्ध अपनी चिंता का इजहार किया।
भारती एयरटेल के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक सुनील भारती मित्तल, वोडाफोन समूह के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विट्टोरियो कोलाओ, टेलीनॉर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जॉन फ्रेड्रिक बक्सास और आदित्य बिड़ला समूह के अध्यक्ष कुमार मंगलम बिड़ला ने लगभग पूरा दिन केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी और केंद्रीय संचार मंत्री कपिल सिब्बल तथा अधिकारियों से मिलने में बिताया।
मुलाकात के बाद सिब्बल ने कहा कि कम्पनियों के प्रमुखों ने नियामक के प्रस्तावों पर अपनी चिंता जताई और उन्होंने उनसे मामले पर गौर करने का आश्वासन दिया। बिड़ला ने मुलाकात के बाद कहा, 'सरकार ने कहा है कि वह मामले पर विचार कर रही है।'
उन्होंने कहा कि सरकार ने संकेत दिया है कि गम्भीरता पूर्वक विचार करने के बाद ही प्रस्तावित स्पेक्ट्रम नीलामी के नियमों पर फैसला लिया जाएगा। मित्तल ने कहा, "हमारा मानना है कि सिफारिशें पूरी तरह गलत और बेतुकी हैं। शायद नियामक ने पहले फैसला कर लिया और बाद में उसके तर्क खोज लिए। कुल मिलाकर आज नियामक संस्था से जो कुछ भी बाहर आ रहा है वह देश के दूरसंचार उद्योग को बर्बाद करने जैसा है।"
बक्सास ने कहा, "सिर्फ सरकार के साथ ही राजनीतिक जवाबदेही जुड़ी है इसलिए नीति पर आखिरी फैसला उसी का होना चाहिए। हमारा सरकार से अनुरोध है कि वह आवश्यक राजनीतिक पहल करे। यह तय किए जाने की जरूरत है कि नीति में खरीदे जा सकने की क्षमता, प्रतियोगिता और निवेश का ध्यान रखा जाए।"टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि करीब 10 दिनों पहले भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण ने स्पेक्ट्रम की नीलामी के लिए वर्तमान कीमत से 10 गुना अधिक बेस मूल्य का प्रस्ताव रखा है। नियामक ने साथ ही कुछ अन्य बातों के साथ बैंडविड्थ के एक हिस्से की ही नीलामी का प्रस्ताव रखा है।
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण ने नीलामी के लिए अपनी ओर से सुझाव रखा है, जिसका उद्योग जगत ने तीखा विरोध किया है। कम्पनियों ने पिछले सप्ताह एक संयुक्त पत्र में सिब्बल से आग्रह किया था कि वह प्राधिकरण की सिफारिशों को स्वीकार नहीं करें। अन्यथा कॉल दरें 25 से 30 फीसदी बढ़ सकती हैं। उन्होंने साथ ही बेस मूल्य को 80 फीसदी तक घटाने और सभी उपलब्ध स्पेक्ट्रम की नीलामी का अनुरोध किया था।
भारती एयरटेल के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक सुनील भारती मित्तल, वोडाफोन समूह के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विट्टोरियो कोलाओ, टेलीनॉर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जॉन फ्रेड्रिक बक्सास और आदित्य बिड़ला समूह के अध्यक्ष कुमार मंगलम बिड़ला ने लगभग पूरा दिन केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी और केंद्रीय संचार मंत्री कपिल सिब्बल तथा अधिकारियों से मिलने में बिताया।
मुलाकात के बाद सिब्बल ने कहा कि कम्पनियों के प्रमुखों ने नियामक के प्रस्तावों पर अपनी चिंता जताई और उन्होंने उनसे मामले पर गौर करने का आश्वासन दिया। बिड़ला ने मुलाकात के बाद कहा, 'सरकार ने कहा है कि वह मामले पर विचार कर रही है।'
उन्होंने कहा कि सरकार ने संकेत दिया है कि गम्भीरता पूर्वक विचार करने के बाद ही प्रस्तावित स्पेक्ट्रम नीलामी के नियमों पर फैसला लिया जाएगा। मित्तल ने कहा, "हमारा मानना है कि सिफारिशें पूरी तरह गलत और बेतुकी हैं। शायद नियामक ने पहले फैसला कर लिया और बाद में उसके तर्क खोज लिए। कुल मिलाकर आज नियामक संस्था से जो कुछ भी बाहर आ रहा है वह देश के दूरसंचार उद्योग को बर्बाद करने जैसा है।"
बक्सास ने कहा, "सिर्फ सरकार के साथ ही राजनीतिक जवाबदेही जुड़ी है इसलिए नीति पर आखिरी फैसला उसी का होना चाहिए। हमारा सरकार से अनुरोध है कि वह आवश्यक राजनीतिक पहल करे। यह तय किए जाने की जरूरत है कि नीति में खरीदे जा सकने की क्षमता, प्रतियोगिता और निवेश का ध्यान रखा जाए।"टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि करीब 10 दिनों पहले भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण ने स्पेक्ट्रम की नीलामी के लिए वर्तमान कीमत से 10 गुना अधिक बेस मूल्य का प्रस्ताव रखा है। नियामक ने साथ ही कुछ अन्य बातों के साथ बैंडविड्थ के एक हिस्से की ही नीलामी का प्रस्ताव रखा है।
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण ने नीलामी के लिए अपनी ओर से सुझाव रखा है, जिसका उद्योग जगत ने तीखा विरोध किया है। कम्पनियों ने पिछले सप्ताह एक संयुक्त पत्र में सिब्बल से आग्रह किया था कि वह प्राधिकरण की सिफारिशों को स्वीकार नहीं करें। अन्यथा कॉल दरें 25 से 30 फीसदी बढ़ सकती हैं। उन्होंने साथ ही बेस मूल्य को 80 फीसदी तक घटाने और सभी उपलब्ध स्पेक्ट्रम की नीलामी का अनुरोध किया था।
मुलाकात के बाद सिब्बल ने कहा कि कम्पनियों के प्रमुखों ने नियामक के प्रस्तावों पर अपनी चिंता जताई और उन्होंने उनसे मामले पर गौर करने का आश्वासन दिया। बिड़ला ने मुलाकात के बाद कहा, 'सरकार ने कहा है कि वह मामले पर विचार कर रही है।'
उन्होंने कहा कि सरकार ने संकेत दिया है कि गम्भीरता पूर्वक विचार करने के बाद ही प्रस्तावित स्पेक्ट्रम नीलामी के नियमों पर फैसला लिया जाएगा। मित्तल ने कहा, "हमारा मानना है कि सिफारिशें पूरी तरह गलत और बेतुकी हैं। शायद नियामक ने पहले फैसला कर लिया और बाद में उसके तर्क खोज लिए। कुल मिलाकर आज नियामक संस्था से जो कुछ भी बाहर आ रहा है वह देश के दूरसंचार उद्योग को बर्बाद करने जैसा है।"
बक्सास ने कहा, "सिर्फ सरकार के साथ ही राजनीतिक जवाबदेही जुड़ी है इसलिए नीति पर आखिरी फैसला उसी का होना चाहिए। हमारा सरकार से अनुरोध है कि वह आवश्यक राजनीतिक पहल करे। यह तय किए जाने की जरूरत है कि नीति में खरीदे जा सकने की क्षमता, प्रतियोगिता और निवेश का ध्यान रखा जाए।"टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि करीब 10 दिनों पहले भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण ने स्पेक्ट्रम की नीलामी के लिए वर्तमान कीमत से 10 गुना अधिक बेस मूल्य का प्रस्ताव रखा है। नियामक ने साथ ही कुछ अन्य बातों के साथ बैंडविड्थ के एक हिस्से की ही नीलामी का प्रस्ताव रखा है।
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण ने नीलामी के लिए अपनी ओर से सुझाव रखा है, जिसका उद्योग जगत ने तीखा विरोध किया है। कम्पनियों ने पिछले सप्ताह एक संयुक्त पत्र में सिब्बल से आग्रह किया था कि वह प्राधिकरण की सिफारिशों को स्वीकार नहीं करें। अन्यथा कॉल दरें 25 से 30 फीसदी बढ़ सकती हैं। उन्होंने साथ ही बेस मूल्य को 80 फीसदी तक घटाने और सभी उपलब्ध स्पेक्ट्रम की नीलामी का अनुरोध किया था।
उन्होंने कहा कि सरकार ने संकेत दिया है कि गम्भीरता पूर्वक विचार करने के बाद ही प्रस्तावित स्पेक्ट्रम नीलामी के नियमों पर फैसला लिया जाएगा। मित्तल ने कहा, "हमारा मानना है कि सिफारिशें पूरी तरह गलत और बेतुकी हैं। शायद नियामक ने पहले फैसला कर लिया और बाद में उसके तर्क खोज लिए। कुल मिलाकर आज नियामक संस्था से जो कुछ भी बाहर आ रहा है वह देश के दूरसंचार उद्योग को बर्बाद करने जैसा है।"
बक्सास ने कहा, "सिर्फ सरकार के साथ ही राजनीतिक जवाबदेही जुड़ी है इसलिए नीति पर आखिरी फैसला उसी का होना चाहिए। हमारा सरकार से अनुरोध है कि वह आवश्यक राजनीतिक पहल करे। यह तय किए जाने की जरूरत है कि नीति में खरीदे जा सकने की क्षमता, प्रतियोगिता और निवेश का ध्यान रखा जाए।"टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि करीब 10 दिनों पहले भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण ने स्पेक्ट्रम की नीलामी के लिए वर्तमान कीमत से 10 गुना अधिक बेस मूल्य का प्रस्ताव रखा है। नियामक ने साथ ही कुछ अन्य बातों के साथ बैंडविड्थ के एक हिस्से की ही नीलामी का प्रस्ताव रखा है।
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण ने नीलामी के लिए अपनी ओर से सुझाव रखा है, जिसका उद्योग जगत ने तीखा विरोध किया है। कम्पनियों ने पिछले सप्ताह एक संयुक्त पत्र में सिब्बल से आग्रह किया था कि वह प्राधिकरण की सिफारिशों को स्वीकार नहीं करें। अन्यथा कॉल दरें 25 से 30 फीसदी बढ़ सकती हैं। उन्होंने साथ ही बेस मूल्य को 80 फीसदी तक घटाने और सभी उपलब्ध स्पेक्ट्रम की नीलामी का अनुरोध किया था।
बक्सास ने कहा, "सिर्फ सरकार के साथ ही राजनीतिक जवाबदेही जुड़ी है इसलिए नीति पर आखिरी फैसला उसी का होना चाहिए। हमारा सरकार से अनुरोध है कि वह आवश्यक राजनीतिक पहल करे। यह तय किए जाने की जरूरत है कि नीति में खरीदे जा सकने की क्षमता, प्रतियोगिता और निवेश का ध्यान रखा जाए।"टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि करीब 10 दिनों पहले भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण ने स्पेक्ट्रम की नीलामी के लिए वर्तमान कीमत से 10 गुना अधिक बेस मूल्य का प्रस्ताव रखा है। नियामक ने साथ ही कुछ अन्य बातों के साथ बैंडविड्थ के एक हिस्से की ही नीलामी का प्रस्ताव रखा है।
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण ने नीलामी के लिए अपनी ओर से सुझाव रखा है, जिसका उद्योग जगत ने तीखा विरोध किया है। कम्पनियों ने पिछले सप्ताह एक संयुक्त पत्र में सिब्बल से आग्रह किया था कि वह प्राधिकरण की सिफारिशों को स्वीकार नहीं करें। अन्यथा कॉल दरें 25 से 30 फीसदी बढ़ सकती हैं। उन्होंने साथ ही बेस मूल्य को 80 फीसदी तक घटाने और सभी उपलब्ध स्पेक्ट्रम की नीलामी का अनुरोध किया था।
उल्लेखनीय है कि करीब 10 दिनों पहले भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण ने स्पेक्ट्रम की नीलामी के लिए वर्तमान कीमत से 10 गुना अधिक बेस मूल्य का प्रस्ताव रखा है। नियामक ने साथ ही कुछ अन्य बातों के साथ बैंडविड्थ के एक हिस्से की ही नीलामी का प्रस्ताव रखा है।
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण ने नीलामी के लिए अपनी ओर से सुझाव रखा है, जिसका उद्योग जगत ने तीखा विरोध किया है। कम्पनियों ने पिछले सप्ताह एक संयुक्त पत्र में सिब्बल से आग्रह किया था कि वह प्राधिकरण की सिफारिशों को स्वीकार नहीं करें। अन्यथा कॉल दरें 25 से 30 फीसदी बढ़ सकती हैं। उन्होंने साथ ही बेस मूल्य को 80 फीसदी तक घटाने और सभी उपलब्ध स्पेक्ट्रम की नीलामी का अनुरोध किया था।
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण ने नीलामी के लिए अपनी ओर से सुझाव रखा है, जिसका उद्योग जगत ने तीखा विरोध किया है। कम्पनियों ने पिछले सप्ताह एक संयुक्त पत्र में सिब्बल से आग्रह किया था कि वह प्राधिकरण की सिफारिशों को स्वीकार नहीं करें। अन्यथा कॉल दरें 25 से 30 फीसदी बढ़ सकती हैं। उन्होंने साथ ही बेस मूल्य को 80 फीसदी तक घटाने और सभी उपलब्ध स्पेक्ट्रम की नीलामी का अनुरोध किया था। | संक्षिप्त सारांश: प्रमुख दूरसंचार कम्पनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) ने बुधवार को कुछ केंद्रीय मंत्रियों और अधिकारियों से मुलाकात की और दूरसंचार नियामक के प्रस्ताव के विरुद्ध अपनी चिंता का इजहार किया। | 10 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बीजेपी की ओर से शशि थरूर और उनकी पत्नी पर हमले जारी हैं। नरेन्द्र मोदी के बाद अब मुख्तार अब्बास नकवी ने थरूर को लव गुरु बताते हुए कहा है कि अगर देश में लव मंत्रालय बने तो थरूर को उसका मंत्री बना दिया जाना चाहिए।टिप्पणियां
उधर, केंद्रीय मंत्री शशि थरूर की पत्नी सुनंदा पुष्कर पर अभद्र टिप्पणी को लेकर नरेन्द्र मोदी लगातार हमले हो रहे हैं। सबसे पहले शशि थरूर ने ट्विटर पर लिखा कि उनकी पत्नी की कीमत 50 करोड़ से कहीं ज्यादा है, वह अनमोल हैं, लेकिन इसे समझने के लिए आपको किसी से इश्क करना होगा। इसके साथ ही गृहराज्य मंत्री आरपीएन सिंह और राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष के साथ टि्वटर पर भी तमाम जानी−मानी हस्तियों ने नरेंद्र मोदी की इस टिप्पणी की जमकर आलोचना की है।
वहीं बीजेपी की सहयोगी पार्टी जेडीयू के नेता शिवानंद तिवारी ने नरेंद्र मोदी की टिप्पणी का विरोध किया है। तिवारी ने कहा कि मोदी ने जो कहा वह महिलाओं का अपमान करने वाला है। उन्होंने कहा कि औरत कोई वस्तु नहीं है, जिसकी कीमत लगाई जाए।
उधर, केंद्रीय मंत्री शशि थरूर की पत्नी सुनंदा पुष्कर पर अभद्र टिप्पणी को लेकर नरेन्द्र मोदी लगातार हमले हो रहे हैं। सबसे पहले शशि थरूर ने ट्विटर पर लिखा कि उनकी पत्नी की कीमत 50 करोड़ से कहीं ज्यादा है, वह अनमोल हैं, लेकिन इसे समझने के लिए आपको किसी से इश्क करना होगा। इसके साथ ही गृहराज्य मंत्री आरपीएन सिंह और राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष के साथ टि्वटर पर भी तमाम जानी−मानी हस्तियों ने नरेंद्र मोदी की इस टिप्पणी की जमकर आलोचना की है।
वहीं बीजेपी की सहयोगी पार्टी जेडीयू के नेता शिवानंद तिवारी ने नरेंद्र मोदी की टिप्पणी का विरोध किया है। तिवारी ने कहा कि मोदी ने जो कहा वह महिलाओं का अपमान करने वाला है। उन्होंने कहा कि औरत कोई वस्तु नहीं है, जिसकी कीमत लगाई जाए।
वहीं बीजेपी की सहयोगी पार्टी जेडीयू के नेता शिवानंद तिवारी ने नरेंद्र मोदी की टिप्पणी का विरोध किया है। तिवारी ने कहा कि मोदी ने जो कहा वह महिलाओं का अपमान करने वाला है। उन्होंने कहा कि औरत कोई वस्तु नहीं है, जिसकी कीमत लगाई जाए। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: नरेन्द्र मोदी के बाद अब मुख्तार अब्बास नकवी ने थरूर को लव गुरु बताते हुए कहा है कि अगर देश में लव मंत्रालय बने तो थरूर को उसका मंत्री बना दिया जाना चाहिए। | 19 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: देश के शेयर बाजार अगले सप्ताह महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़ों के प्रभाव में रह सकते हैं। सरकार अगले सप्ताह औद्योगिक उत्पादन और थोक मूल्य पर आधारित महंगाई से सम्बंधित आंकड़े जारी करेगी।
मंगलवार को लक्ष्मी पूजा और बुधवार को दीवाली के मौके पर भारतीय शेयर बाजार बंद रहेंगे, हालांकि मंगलवार को अपराह्न् वेला में सवा घंटे का मुहूर्त कारोबार आयोजित किया जाएगा। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज तथा नेशनल स्टॉक एक्सचेंज दोनों में मुहूर्त कारोबार मंगलवार को अपराह्न 3.45 बजे शुरू होगा और पांच बजे शाम में खत्म होगा।
देश में सोमवार से 2जी स्पेक्ट्रम की नीलामी भी शुरू होने वाली है।
अगले सप्ताह भी कई कम्पनियां अपने कारोबारी परिणाम प्रकाशित करेंगी। सोमवार को डीएलएफ, भूषण स्टील, जीएमआर इंफ्रा, जयप्रकाश एसोसिएट्स और प्रीतीश नंदी कम्युनिकेशंस जैसी कम्पनियां अपने परिणाम प्रकाशित करेंगी। मंगलवार को धनलक्ष्मी बैंक और क्वालिटी डेयरी जैसी कम्पनियों के परिणाम प्रकाशित होंगे।टिप्पणियां
केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय सोमवार को सितम्बर 2012 के लिए औद्योगिक उत्पादन सम्बंधी आंकड़े जारी करेगा। अगस्त महीने में देश के औद्योगिक उत्पादन में 2.7 फीसदी वृद्धि हुई थी। केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय बुधवार को थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित महंगाई दर जारी करेगी। सितम्बर महीने में महंगाई दर 7.81 फीसदी रही थी।
विजय माल्या की कम्पनी युनाइटेड स्पिरिट में दुनिया की सबसे बड़ी शराब निर्माता कम्पनी डिएजियो द्वारा हिस्सेदारी खरीदने की खबर के कारण युनाइटेड स्पिरिट के शेयरों की चाल पर निवेशकों की नजर रहेगी। माल्या की ही एक अन्य विमानन कम्पनी किंगफिशर पर भी निवेशकों की नजर गड़ सकती है, क्योंकि कम्पनी की माली हालत खराब है और माल्या से इसके लिए धन जुटाने की उम्मीद की जा रही है।
मंगलवार को लक्ष्मी पूजा और बुधवार को दीवाली के मौके पर भारतीय शेयर बाजार बंद रहेंगे, हालांकि मंगलवार को अपराह्न् वेला में सवा घंटे का मुहूर्त कारोबार आयोजित किया जाएगा। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज तथा नेशनल स्टॉक एक्सचेंज दोनों में मुहूर्त कारोबार मंगलवार को अपराह्न 3.45 बजे शुरू होगा और पांच बजे शाम में खत्म होगा।
देश में सोमवार से 2जी स्पेक्ट्रम की नीलामी भी शुरू होने वाली है।
अगले सप्ताह भी कई कम्पनियां अपने कारोबारी परिणाम प्रकाशित करेंगी। सोमवार को डीएलएफ, भूषण स्टील, जीएमआर इंफ्रा, जयप्रकाश एसोसिएट्स और प्रीतीश नंदी कम्युनिकेशंस जैसी कम्पनियां अपने परिणाम प्रकाशित करेंगी। मंगलवार को धनलक्ष्मी बैंक और क्वालिटी डेयरी जैसी कम्पनियों के परिणाम प्रकाशित होंगे।टिप्पणियां
केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय सोमवार को सितम्बर 2012 के लिए औद्योगिक उत्पादन सम्बंधी आंकड़े जारी करेगा। अगस्त महीने में देश के औद्योगिक उत्पादन में 2.7 फीसदी वृद्धि हुई थी। केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय बुधवार को थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित महंगाई दर जारी करेगी। सितम्बर महीने में महंगाई दर 7.81 फीसदी रही थी।
विजय माल्या की कम्पनी युनाइटेड स्पिरिट में दुनिया की सबसे बड़ी शराब निर्माता कम्पनी डिएजियो द्वारा हिस्सेदारी खरीदने की खबर के कारण युनाइटेड स्पिरिट के शेयरों की चाल पर निवेशकों की नजर रहेगी। माल्या की ही एक अन्य विमानन कम्पनी किंगफिशर पर भी निवेशकों की नजर गड़ सकती है, क्योंकि कम्पनी की माली हालत खराब है और माल्या से इसके लिए धन जुटाने की उम्मीद की जा रही है।
देश में सोमवार से 2जी स्पेक्ट्रम की नीलामी भी शुरू होने वाली है।
अगले सप्ताह भी कई कम्पनियां अपने कारोबारी परिणाम प्रकाशित करेंगी। सोमवार को डीएलएफ, भूषण स्टील, जीएमआर इंफ्रा, जयप्रकाश एसोसिएट्स और प्रीतीश नंदी कम्युनिकेशंस जैसी कम्पनियां अपने परिणाम प्रकाशित करेंगी। मंगलवार को धनलक्ष्मी बैंक और क्वालिटी डेयरी जैसी कम्पनियों के परिणाम प्रकाशित होंगे।टिप्पणियां
केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय सोमवार को सितम्बर 2012 के लिए औद्योगिक उत्पादन सम्बंधी आंकड़े जारी करेगा। अगस्त महीने में देश के औद्योगिक उत्पादन में 2.7 फीसदी वृद्धि हुई थी। केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय बुधवार को थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित महंगाई दर जारी करेगी। सितम्बर महीने में महंगाई दर 7.81 फीसदी रही थी।
विजय माल्या की कम्पनी युनाइटेड स्पिरिट में दुनिया की सबसे बड़ी शराब निर्माता कम्पनी डिएजियो द्वारा हिस्सेदारी खरीदने की खबर के कारण युनाइटेड स्पिरिट के शेयरों की चाल पर निवेशकों की नजर रहेगी। माल्या की ही एक अन्य विमानन कम्पनी किंगफिशर पर भी निवेशकों की नजर गड़ सकती है, क्योंकि कम्पनी की माली हालत खराब है और माल्या से इसके लिए धन जुटाने की उम्मीद की जा रही है।
अगले सप्ताह भी कई कम्पनियां अपने कारोबारी परिणाम प्रकाशित करेंगी। सोमवार को डीएलएफ, भूषण स्टील, जीएमआर इंफ्रा, जयप्रकाश एसोसिएट्स और प्रीतीश नंदी कम्युनिकेशंस जैसी कम्पनियां अपने परिणाम प्रकाशित करेंगी। मंगलवार को धनलक्ष्मी बैंक और क्वालिटी डेयरी जैसी कम्पनियों के परिणाम प्रकाशित होंगे।टिप्पणियां
केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय सोमवार को सितम्बर 2012 के लिए औद्योगिक उत्पादन सम्बंधी आंकड़े जारी करेगा। अगस्त महीने में देश के औद्योगिक उत्पादन में 2.7 फीसदी वृद्धि हुई थी। केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय बुधवार को थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित महंगाई दर जारी करेगी। सितम्बर महीने में महंगाई दर 7.81 फीसदी रही थी।
विजय माल्या की कम्पनी युनाइटेड स्पिरिट में दुनिया की सबसे बड़ी शराब निर्माता कम्पनी डिएजियो द्वारा हिस्सेदारी खरीदने की खबर के कारण युनाइटेड स्पिरिट के शेयरों की चाल पर निवेशकों की नजर रहेगी। माल्या की ही एक अन्य विमानन कम्पनी किंगफिशर पर भी निवेशकों की नजर गड़ सकती है, क्योंकि कम्पनी की माली हालत खराब है और माल्या से इसके लिए धन जुटाने की उम्मीद की जा रही है।
केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय सोमवार को सितम्बर 2012 के लिए औद्योगिक उत्पादन सम्बंधी आंकड़े जारी करेगा। अगस्त महीने में देश के औद्योगिक उत्पादन में 2.7 फीसदी वृद्धि हुई थी। केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय बुधवार को थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित महंगाई दर जारी करेगी। सितम्बर महीने में महंगाई दर 7.81 फीसदी रही थी।
विजय माल्या की कम्पनी युनाइटेड स्पिरिट में दुनिया की सबसे बड़ी शराब निर्माता कम्पनी डिएजियो द्वारा हिस्सेदारी खरीदने की खबर के कारण युनाइटेड स्पिरिट के शेयरों की चाल पर निवेशकों की नजर रहेगी। माल्या की ही एक अन्य विमानन कम्पनी किंगफिशर पर भी निवेशकों की नजर गड़ सकती है, क्योंकि कम्पनी की माली हालत खराब है और माल्या से इसके लिए धन जुटाने की उम्मीद की जा रही है।
विजय माल्या की कम्पनी युनाइटेड स्पिरिट में दुनिया की सबसे बड़ी शराब निर्माता कम्पनी डिएजियो द्वारा हिस्सेदारी खरीदने की खबर के कारण युनाइटेड स्पिरिट के शेयरों की चाल पर निवेशकों की नजर रहेगी। माल्या की ही एक अन्य विमानन कम्पनी किंगफिशर पर भी निवेशकों की नजर गड़ सकती है, क्योंकि कम्पनी की माली हालत खराब है और माल्या से इसके लिए धन जुटाने की उम्मीद की जा रही है। | यह एक सारांश है: देश के शेयर बाजार अगले सप्ताह महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़ों के प्रभाव में रह सकते हैं। सरकार अगले सप्ताह औद्योगिक उत्पादन और थोक मूल्य पर आधारित महंगाई से सम्बंधित आंकड़े जारी करेगी। | 24 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने आगामी आम चुनाव के प्रति नेताओं को सचेत करते हुए शुक्रवार को कहा कि यदि पार्टी को 2014 में फिर से सत्ता में आना है तो नेता व मंत्री संगठन के साथ हाथ से हाथ मिलाकर काम करें।
गांधी ने हरियाणा के सूरजकुण्ड में आयोजित पार्टी की संवाद बैठक में कहा, "अगले आम चुनाव में 18 महीने बचे हैं। जनादेश पाने के लिए सरकार और पार्टी को साथ मिलकर काम करना होगा।"
कांग्रेस महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने सोनिया के हवाले से कहा, "सरकार व संगठन के बीच बेहतर तालमेल के लिए पार्टी ने तीन विशिष्ट समिति बनाई है। समिति के सदस्यों की घोषणा शीघ्र की जाएगी।"
सोनिया ने इस मौके पर कहा कि सरकार को अभी और काम करने की आवश्यकता है ताकि सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उचित और जरूरतमंद लोगों को मिल सके।
इससे पहले सोनिया ने 2009 के घोषणा पत्र में किए गए वादों को पूरा करने के लिए मंत्रियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा, "जो लोग सरकार में हैं उन्हें 2009 के घोषणा पत्र में किए गए वादों में अधूरे रह गए कार्यो को पूरे करना चाहिए।"
सोनिया ने सरकार के कल्याणकारी कदमों को अधिक गम्भीर बनाने पर नेताओं से राय मांगी। उन्होंने मंत्रियों से यह भी कहा कि वे पार्टी नेताओं के साथ अधिक काम करें, ताकि कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में एक संतुलन बिठाया जा सके।
सोनिया ने कहा, "कभी-कभी पार्टी के नेता असंतुष्ट हो जाते हैं, क्योंकि मंत्री उनकी चिंताओं और उनके सुझावों पर ध्यान नहीं देते। पार्टी नेताओं और सरकार के लोगों के बीच अनवरत संवाद जारी रहना चाहिए।"
सोनिया ने मंत्रियों से कहा कि वे जब भी राज्यों का दौरा करें, खासतौर से विपक्ष शासित राज्यों का, उन्हें पार्टी दफ्तरों और पार्टी कार्यक्रमों में अधिक समय देना चाहिए।
सोनिया ने खुदरा में विदेशी निवेश का जिक्र नहीं किया, लेकिन कहा कि सरकार को हाल में कुछ कठिन निर्णय लेने पड़े हैं, और इसके बारे में जनता को समझाया जाना चाहिए।टिप्पणियां
सोनिया ने विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे झूठे आरोपों को खारिज करने का भी पार्टी और सरकार से आग्रह किया। उन्होंने कहा, "हमारे पास अगले लोकसभा चुनाव के लिए लगभग 18 महीने बचे हैं। हमें चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार रहना होगा।"
पार्टी की एक दिवसीय बैठक में मंत्रियों और कांग्रेस कार्य समिति के सदस्यों सहित लगभग 66 नेताओं ने हिस्सा लिया।
गांधी ने हरियाणा के सूरजकुण्ड में आयोजित पार्टी की संवाद बैठक में कहा, "अगले आम चुनाव में 18 महीने बचे हैं। जनादेश पाने के लिए सरकार और पार्टी को साथ मिलकर काम करना होगा।"
कांग्रेस महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने सोनिया के हवाले से कहा, "सरकार व संगठन के बीच बेहतर तालमेल के लिए पार्टी ने तीन विशिष्ट समिति बनाई है। समिति के सदस्यों की घोषणा शीघ्र की जाएगी।"
सोनिया ने इस मौके पर कहा कि सरकार को अभी और काम करने की आवश्यकता है ताकि सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उचित और जरूरतमंद लोगों को मिल सके।
इससे पहले सोनिया ने 2009 के घोषणा पत्र में किए गए वादों को पूरा करने के लिए मंत्रियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा, "जो लोग सरकार में हैं उन्हें 2009 के घोषणा पत्र में किए गए वादों में अधूरे रह गए कार्यो को पूरे करना चाहिए।"
सोनिया ने सरकार के कल्याणकारी कदमों को अधिक गम्भीर बनाने पर नेताओं से राय मांगी। उन्होंने मंत्रियों से यह भी कहा कि वे पार्टी नेताओं के साथ अधिक काम करें, ताकि कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में एक संतुलन बिठाया जा सके।
सोनिया ने कहा, "कभी-कभी पार्टी के नेता असंतुष्ट हो जाते हैं, क्योंकि मंत्री उनकी चिंताओं और उनके सुझावों पर ध्यान नहीं देते। पार्टी नेताओं और सरकार के लोगों के बीच अनवरत संवाद जारी रहना चाहिए।"
सोनिया ने मंत्रियों से कहा कि वे जब भी राज्यों का दौरा करें, खासतौर से विपक्ष शासित राज्यों का, उन्हें पार्टी दफ्तरों और पार्टी कार्यक्रमों में अधिक समय देना चाहिए।
सोनिया ने खुदरा में विदेशी निवेश का जिक्र नहीं किया, लेकिन कहा कि सरकार को हाल में कुछ कठिन निर्णय लेने पड़े हैं, और इसके बारे में जनता को समझाया जाना चाहिए।टिप्पणियां
सोनिया ने विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे झूठे आरोपों को खारिज करने का भी पार्टी और सरकार से आग्रह किया। उन्होंने कहा, "हमारे पास अगले लोकसभा चुनाव के लिए लगभग 18 महीने बचे हैं। हमें चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार रहना होगा।"
पार्टी की एक दिवसीय बैठक में मंत्रियों और कांग्रेस कार्य समिति के सदस्यों सहित लगभग 66 नेताओं ने हिस्सा लिया।
कांग्रेस महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने सोनिया के हवाले से कहा, "सरकार व संगठन के बीच बेहतर तालमेल के लिए पार्टी ने तीन विशिष्ट समिति बनाई है। समिति के सदस्यों की घोषणा शीघ्र की जाएगी।"
सोनिया ने इस मौके पर कहा कि सरकार को अभी और काम करने की आवश्यकता है ताकि सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उचित और जरूरतमंद लोगों को मिल सके।
इससे पहले सोनिया ने 2009 के घोषणा पत्र में किए गए वादों को पूरा करने के लिए मंत्रियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा, "जो लोग सरकार में हैं उन्हें 2009 के घोषणा पत्र में किए गए वादों में अधूरे रह गए कार्यो को पूरे करना चाहिए।"
सोनिया ने सरकार के कल्याणकारी कदमों को अधिक गम्भीर बनाने पर नेताओं से राय मांगी। उन्होंने मंत्रियों से यह भी कहा कि वे पार्टी नेताओं के साथ अधिक काम करें, ताकि कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में एक संतुलन बिठाया जा सके।
सोनिया ने कहा, "कभी-कभी पार्टी के नेता असंतुष्ट हो जाते हैं, क्योंकि मंत्री उनकी चिंताओं और उनके सुझावों पर ध्यान नहीं देते। पार्टी नेताओं और सरकार के लोगों के बीच अनवरत संवाद जारी रहना चाहिए।"
सोनिया ने मंत्रियों से कहा कि वे जब भी राज्यों का दौरा करें, खासतौर से विपक्ष शासित राज्यों का, उन्हें पार्टी दफ्तरों और पार्टी कार्यक्रमों में अधिक समय देना चाहिए।
सोनिया ने खुदरा में विदेशी निवेश का जिक्र नहीं किया, लेकिन कहा कि सरकार को हाल में कुछ कठिन निर्णय लेने पड़े हैं, और इसके बारे में जनता को समझाया जाना चाहिए।टिप्पणियां
सोनिया ने विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे झूठे आरोपों को खारिज करने का भी पार्टी और सरकार से आग्रह किया। उन्होंने कहा, "हमारे पास अगले लोकसभा चुनाव के लिए लगभग 18 महीने बचे हैं। हमें चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार रहना होगा।"
पार्टी की एक दिवसीय बैठक में मंत्रियों और कांग्रेस कार्य समिति के सदस्यों सहित लगभग 66 नेताओं ने हिस्सा लिया।
सोनिया ने इस मौके पर कहा कि सरकार को अभी और काम करने की आवश्यकता है ताकि सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उचित और जरूरतमंद लोगों को मिल सके।
इससे पहले सोनिया ने 2009 के घोषणा पत्र में किए गए वादों को पूरा करने के लिए मंत्रियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा, "जो लोग सरकार में हैं उन्हें 2009 के घोषणा पत्र में किए गए वादों में अधूरे रह गए कार्यो को पूरे करना चाहिए।"
सोनिया ने सरकार के कल्याणकारी कदमों को अधिक गम्भीर बनाने पर नेताओं से राय मांगी। उन्होंने मंत्रियों से यह भी कहा कि वे पार्टी नेताओं के साथ अधिक काम करें, ताकि कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में एक संतुलन बिठाया जा सके।
सोनिया ने कहा, "कभी-कभी पार्टी के नेता असंतुष्ट हो जाते हैं, क्योंकि मंत्री उनकी चिंताओं और उनके सुझावों पर ध्यान नहीं देते। पार्टी नेताओं और सरकार के लोगों के बीच अनवरत संवाद जारी रहना चाहिए।"
सोनिया ने मंत्रियों से कहा कि वे जब भी राज्यों का दौरा करें, खासतौर से विपक्ष शासित राज्यों का, उन्हें पार्टी दफ्तरों और पार्टी कार्यक्रमों में अधिक समय देना चाहिए।
सोनिया ने खुदरा में विदेशी निवेश का जिक्र नहीं किया, लेकिन कहा कि सरकार को हाल में कुछ कठिन निर्णय लेने पड़े हैं, और इसके बारे में जनता को समझाया जाना चाहिए।टिप्पणियां
सोनिया ने विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे झूठे आरोपों को खारिज करने का भी पार्टी और सरकार से आग्रह किया। उन्होंने कहा, "हमारे पास अगले लोकसभा चुनाव के लिए लगभग 18 महीने बचे हैं। हमें चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार रहना होगा।"
पार्टी की एक दिवसीय बैठक में मंत्रियों और कांग्रेस कार्य समिति के सदस्यों सहित लगभग 66 नेताओं ने हिस्सा लिया।
इससे पहले सोनिया ने 2009 के घोषणा पत्र में किए गए वादों को पूरा करने के लिए मंत्रियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा, "जो लोग सरकार में हैं उन्हें 2009 के घोषणा पत्र में किए गए वादों में अधूरे रह गए कार्यो को पूरे करना चाहिए।"
सोनिया ने सरकार के कल्याणकारी कदमों को अधिक गम्भीर बनाने पर नेताओं से राय मांगी। उन्होंने मंत्रियों से यह भी कहा कि वे पार्टी नेताओं के साथ अधिक काम करें, ताकि कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में एक संतुलन बिठाया जा सके।
सोनिया ने कहा, "कभी-कभी पार्टी के नेता असंतुष्ट हो जाते हैं, क्योंकि मंत्री उनकी चिंताओं और उनके सुझावों पर ध्यान नहीं देते। पार्टी नेताओं और सरकार के लोगों के बीच अनवरत संवाद जारी रहना चाहिए।"
सोनिया ने मंत्रियों से कहा कि वे जब भी राज्यों का दौरा करें, खासतौर से विपक्ष शासित राज्यों का, उन्हें पार्टी दफ्तरों और पार्टी कार्यक्रमों में अधिक समय देना चाहिए।
सोनिया ने खुदरा में विदेशी निवेश का जिक्र नहीं किया, लेकिन कहा कि सरकार को हाल में कुछ कठिन निर्णय लेने पड़े हैं, और इसके बारे में जनता को समझाया जाना चाहिए।टिप्पणियां
सोनिया ने विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे झूठे आरोपों को खारिज करने का भी पार्टी और सरकार से आग्रह किया। उन्होंने कहा, "हमारे पास अगले लोकसभा चुनाव के लिए लगभग 18 महीने बचे हैं। हमें चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार रहना होगा।"
पार्टी की एक दिवसीय बैठक में मंत्रियों और कांग्रेस कार्य समिति के सदस्यों सहित लगभग 66 नेताओं ने हिस्सा लिया।
सोनिया ने सरकार के कल्याणकारी कदमों को अधिक गम्भीर बनाने पर नेताओं से राय मांगी। उन्होंने मंत्रियों से यह भी कहा कि वे पार्टी नेताओं के साथ अधिक काम करें, ताकि कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में एक संतुलन बिठाया जा सके।
सोनिया ने कहा, "कभी-कभी पार्टी के नेता असंतुष्ट हो जाते हैं, क्योंकि मंत्री उनकी चिंताओं और उनके सुझावों पर ध्यान नहीं देते। पार्टी नेताओं और सरकार के लोगों के बीच अनवरत संवाद जारी रहना चाहिए।"
सोनिया ने मंत्रियों से कहा कि वे जब भी राज्यों का दौरा करें, खासतौर से विपक्ष शासित राज्यों का, उन्हें पार्टी दफ्तरों और पार्टी कार्यक्रमों में अधिक समय देना चाहिए।
सोनिया ने खुदरा में विदेशी निवेश का जिक्र नहीं किया, लेकिन कहा कि सरकार को हाल में कुछ कठिन निर्णय लेने पड़े हैं, और इसके बारे में जनता को समझाया जाना चाहिए।टिप्पणियां
सोनिया ने विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे झूठे आरोपों को खारिज करने का भी पार्टी और सरकार से आग्रह किया। उन्होंने कहा, "हमारे पास अगले लोकसभा चुनाव के लिए लगभग 18 महीने बचे हैं। हमें चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार रहना होगा।"
पार्टी की एक दिवसीय बैठक में मंत्रियों और कांग्रेस कार्य समिति के सदस्यों सहित लगभग 66 नेताओं ने हिस्सा लिया।
सोनिया ने कहा, "कभी-कभी पार्टी के नेता असंतुष्ट हो जाते हैं, क्योंकि मंत्री उनकी चिंताओं और उनके सुझावों पर ध्यान नहीं देते। पार्टी नेताओं और सरकार के लोगों के बीच अनवरत संवाद जारी रहना चाहिए।"
सोनिया ने मंत्रियों से कहा कि वे जब भी राज्यों का दौरा करें, खासतौर से विपक्ष शासित राज्यों का, उन्हें पार्टी दफ्तरों और पार्टी कार्यक्रमों में अधिक समय देना चाहिए।
सोनिया ने खुदरा में विदेशी निवेश का जिक्र नहीं किया, लेकिन कहा कि सरकार को हाल में कुछ कठिन निर्णय लेने पड़े हैं, और इसके बारे में जनता को समझाया जाना चाहिए।टिप्पणियां
सोनिया ने विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे झूठे आरोपों को खारिज करने का भी पार्टी और सरकार से आग्रह किया। उन्होंने कहा, "हमारे पास अगले लोकसभा चुनाव के लिए लगभग 18 महीने बचे हैं। हमें चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार रहना होगा।"
पार्टी की एक दिवसीय बैठक में मंत्रियों और कांग्रेस कार्य समिति के सदस्यों सहित लगभग 66 नेताओं ने हिस्सा लिया।
सोनिया ने मंत्रियों से कहा कि वे जब भी राज्यों का दौरा करें, खासतौर से विपक्ष शासित राज्यों का, उन्हें पार्टी दफ्तरों और पार्टी कार्यक्रमों में अधिक समय देना चाहिए।
सोनिया ने खुदरा में विदेशी निवेश का जिक्र नहीं किया, लेकिन कहा कि सरकार को हाल में कुछ कठिन निर्णय लेने पड़े हैं, और इसके बारे में जनता को समझाया जाना चाहिए।टिप्पणियां
सोनिया ने विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे झूठे आरोपों को खारिज करने का भी पार्टी और सरकार से आग्रह किया। उन्होंने कहा, "हमारे पास अगले लोकसभा चुनाव के लिए लगभग 18 महीने बचे हैं। हमें चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार रहना होगा।"
पार्टी की एक दिवसीय बैठक में मंत्रियों और कांग्रेस कार्य समिति के सदस्यों सहित लगभग 66 नेताओं ने हिस्सा लिया।
सोनिया ने खुदरा में विदेशी निवेश का जिक्र नहीं किया, लेकिन कहा कि सरकार को हाल में कुछ कठिन निर्णय लेने पड़े हैं, और इसके बारे में जनता को समझाया जाना चाहिए।टिप्पणियां
सोनिया ने विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे झूठे आरोपों को खारिज करने का भी पार्टी और सरकार से आग्रह किया। उन्होंने कहा, "हमारे पास अगले लोकसभा चुनाव के लिए लगभग 18 महीने बचे हैं। हमें चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार रहना होगा।"
पार्टी की एक दिवसीय बैठक में मंत्रियों और कांग्रेस कार्य समिति के सदस्यों सहित लगभग 66 नेताओं ने हिस्सा लिया।
सोनिया ने विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे झूठे आरोपों को खारिज करने का भी पार्टी और सरकार से आग्रह किया। उन्होंने कहा, "हमारे पास अगले लोकसभा चुनाव के लिए लगभग 18 महीने बचे हैं। हमें चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार रहना होगा।"
पार्टी की एक दिवसीय बैठक में मंत्रियों और कांग्रेस कार्य समिति के सदस्यों सहित लगभग 66 नेताओं ने हिस्सा लिया।
पार्टी की एक दिवसीय बैठक में मंत्रियों और कांग्रेस कार्य समिति के सदस्यों सहित लगभग 66 नेताओं ने हिस्सा लिया। | संक्षिप्त सारांश: कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने आगामी आम चुनाव के प्रति नेताओं को सचेत करते हुए शुक्रवार को कहा कि यदि पार्टी को 2014 में फिर से सत्ता में आना है तो नेता व मंत्री संगठन के साथ हाथ से हाथ मिलाकर काम करें। | 8 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: स्टार भारतीय टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा और एलेना वेसनीना की जोड़ी ने कड़े मुकाबले में लिजेल हूबर और लिसा रेमंड की दूसरी वरीय जोड़ी को हराकर उलटफेर करते हुए ऑस्ट्रेलियाई ओपन के महिला युगल के सेमीफाइनल में जगह बनाई।
भारत और रूस की छठी वरीय जोड़ी ने तीन घंटे और पांच मिनट चले मैराथन क्वार्टर फाइनल मुकाबले में अमेरिकी जोड़ी को 6-3, 5-7, 7-6 से हराया। सानिया अपने करियर में दूसरी बार किसी ग्रैंडस्लैम टूर्नामेंट के महिला युगल सेमीफाइनल में पहुंची है।टिप्पणियां
यह भारतीय खिलाड़ी 2011 में वेसनीना के साथ ही विम्बलडन सेमीफाइनल में पहुंची थीं, लेकिन इस जोड़ी को क्वेटा पेश्के और कैटरीन सरेबोटनिक की जोड़ी के हाथों शिकस्त झेलनी पड़ी थी।
सानिया और वेसनीना की जोड़ी को खिताबी मुकाबले में जगह बनाने के लिए अब स्वेतलाना कुज्नेत्सोवा और वेरा ज्वोनारेवा की रूसी जोड़ी से भिड़ना है। एक अन्य सेमीफाइनल सारा इरानी और रोबर्टा विन्ची की 11वीं वरीय तथा आंद्रिया हलावाकोवा और लूसी हरादेका की सातवीं वरीय जोड़ी के बीच खेला जाएगा।
यह भारतीय खिलाड़ी 2011 में वेसनीना के साथ ही विम्बलडन सेमीफाइनल में पहुंची थीं, लेकिन इस जोड़ी को क्वेटा पेश्के और कैटरीन सरेबोटनिक की जोड़ी के हाथों शिकस्त झेलनी पड़ी थी।
सानिया और वेसनीना की जोड़ी को खिताबी मुकाबले में जगह बनाने के लिए अब स्वेतलाना कुज्नेत्सोवा और वेरा ज्वोनारेवा की रूसी जोड़ी से भिड़ना है। एक अन्य सेमीफाइनल सारा इरानी और रोबर्टा विन्ची की 11वीं वरीय तथा आंद्रिया हलावाकोवा और लूसी हरादेका की सातवीं वरीय जोड़ी के बीच खेला जाएगा।
सानिया और वेसनीना की जोड़ी को खिताबी मुकाबले में जगह बनाने के लिए अब स्वेतलाना कुज्नेत्सोवा और वेरा ज्वोनारेवा की रूसी जोड़ी से भिड़ना है। एक अन्य सेमीफाइनल सारा इरानी और रोबर्टा विन्ची की 11वीं वरीय तथा आंद्रिया हलावाकोवा और लूसी हरादेका की सातवीं वरीय जोड़ी के बीच खेला जाएगा। | सारांश: सानिया मिर्जा और एलेना वेसनीना की जोड़ी ने लिजेल हूबर और लिसा रेमंड की जोड़ी को हराकर ऑस्ट्रेलियाई ओपन के महिला युगल के सेमीफाइनल में जगह बनाई। | 33 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बॉलीवुड अभिनेत्री करिश्मा कपूर दो बच्चों की मां होने के बावजूद अपनी खूबसूरती और सुडौल काया की वजह से कई लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। महिलाओं के लिए गर्भावस्था के बाद के सुझावों से भरी उनकी किताब 'यम्मी मम्मी गाइड' अगस्त के अंत तक बाजार में उपलब्ध होगी।
करिश्मा का आकर्षक चेहरा, पोशाक का चयन और विशेषकर गर्भावस्था के बाद उनकी सुडौल काया कई महिलाओं की चाहत है और उनकी सेहत व खूबसूरती के राज इस किताब के जरिये जल्द बाहर आएंगे।टिप्पणियां
करिश्मा ने कहा, मेरी पसंदीदा किताब 'माई यम्मी मम्मी गाइड' है, जो महीने के अंत में प्रकाशित होगी।
39 वर्षीय करिश्मा की किताब का मुख्य विषय महिलाओं के लिए गर्भावस्था, वजन घटाने और खूबसूरती के नुस्खे सहित अन्य सुझावों पर आधारित होगा।
करिश्मा का आकर्षक चेहरा, पोशाक का चयन और विशेषकर गर्भावस्था के बाद उनकी सुडौल काया कई महिलाओं की चाहत है और उनकी सेहत व खूबसूरती के राज इस किताब के जरिये जल्द बाहर आएंगे।टिप्पणियां
करिश्मा ने कहा, मेरी पसंदीदा किताब 'माई यम्मी मम्मी गाइड' है, जो महीने के अंत में प्रकाशित होगी।
39 वर्षीय करिश्मा की किताब का मुख्य विषय महिलाओं के लिए गर्भावस्था, वजन घटाने और खूबसूरती के नुस्खे सहित अन्य सुझावों पर आधारित होगा।
करिश्मा ने कहा, मेरी पसंदीदा किताब 'माई यम्मी मम्मी गाइड' है, जो महीने के अंत में प्रकाशित होगी।
39 वर्षीय करिश्मा की किताब का मुख्य विषय महिलाओं के लिए गर्भावस्था, वजन घटाने और खूबसूरती के नुस्खे सहित अन्य सुझावों पर आधारित होगा।
39 वर्षीय करिश्मा की किताब का मुख्य विषय महिलाओं के लिए गर्भावस्था, वजन घटाने और खूबसूरती के नुस्खे सहित अन्य सुझावों पर आधारित होगा। | संक्षिप्त पाठ: बॉलीवुड अभिनेत्री करिश्मा कपूर दो बच्चों की मां होने के बावजूद अपनी खूबसूरती और सुडौल काया की वजह से कई लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। | 22 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कहते हैं शिक्षा हासिल करने की न तो कोई उम्र होती है और नहीं कोई स्थान विशेष. बस दिल में लगन हो तो किसी भी हालात में पढ़ाई की जा सकती है. और यह बात साबित कर दिखाई है हरियाणा के 82 वर्षीय पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला ने. चोटाला ने दिल्ली की तिहाड़ जेल में दस साल की सजा काटते हुए बारहवीं कक्षा की परीक्षा प्रथम श्रेणी में पास की है.
उनके छोटे बेटे और वरिष्ठ इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला यह जानकारी देते हुए कहा कि शिक्षक भर्ती घोटाला मामले में दोषी चौटाला अब 12वीं करने के बाद बीए की पढ़ाई करने की योजना बना रहे हैं. अभय ने बताया कि वह तिहाड़ जेल में कैदियों के लिए बनाए गए केन्द्र पर राष्ट्रीय मुक्त विद्यालय संस्थान द्वारा कराई गई बारहवीं की परीक्षा में शामिल हुए. अंतिम परीक्षा 23 अप्रैल को हुई थी. वह इस दौरान पैरोल पर रिहा थे लेकिन चूंकि परीक्षा केन्द्र जेल परिसर के अंदर था, वह वापस जेल आए और परीक्षा में शामिल हुए.
बता दें कि ओम प्रकाश चौटाला अपने पोते और हिसार से सांसद दुष्यंत सिंह चौटाला की शादी में शामिल होने के लिए पिछले महीने पैरोल पर रिहा हुए थे. उनकी पैरोल पांच मई को समाप्त हुई थी.
अभय ने कहा कि वह पिछले साढे चार साल से जेल में बंद हैं. पिता ने अपने समय का सदुपयोग करने का सोची और अपनी शिक्षा आगे बढ़ाई और कड़ी मेहनत करके उन्होंने प्रथम श्रेणी में परीक्षा उत्तीर्ण की. अभय ने बताया कि इनेलो प्रमुख को पारिवारिक परिस्थितियों के कारण अपनी पढाई बीच में छोड़नी पड़ी थी.टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री के प्रेरणास्रोत वर्ष 1999 में माडल जेसिका लाल हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा काट रहे मनु शर्मा हैं जो जेल में रहते हुए एलएलबी की पढाई कर रहे हैं.
(इनपुट भाषा से)
उनके छोटे बेटे और वरिष्ठ इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला यह जानकारी देते हुए कहा कि शिक्षक भर्ती घोटाला मामले में दोषी चौटाला अब 12वीं करने के बाद बीए की पढ़ाई करने की योजना बना रहे हैं. अभय ने बताया कि वह तिहाड़ जेल में कैदियों के लिए बनाए गए केन्द्र पर राष्ट्रीय मुक्त विद्यालय संस्थान द्वारा कराई गई बारहवीं की परीक्षा में शामिल हुए. अंतिम परीक्षा 23 अप्रैल को हुई थी. वह इस दौरान पैरोल पर रिहा थे लेकिन चूंकि परीक्षा केन्द्र जेल परिसर के अंदर था, वह वापस जेल आए और परीक्षा में शामिल हुए.
बता दें कि ओम प्रकाश चौटाला अपने पोते और हिसार से सांसद दुष्यंत सिंह चौटाला की शादी में शामिल होने के लिए पिछले महीने पैरोल पर रिहा हुए थे. उनकी पैरोल पांच मई को समाप्त हुई थी.
अभय ने कहा कि वह पिछले साढे चार साल से जेल में बंद हैं. पिता ने अपने समय का सदुपयोग करने का सोची और अपनी शिक्षा आगे बढ़ाई और कड़ी मेहनत करके उन्होंने प्रथम श्रेणी में परीक्षा उत्तीर्ण की. अभय ने बताया कि इनेलो प्रमुख को पारिवारिक परिस्थितियों के कारण अपनी पढाई बीच में छोड़नी पड़ी थी.टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री के प्रेरणास्रोत वर्ष 1999 में माडल जेसिका लाल हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा काट रहे मनु शर्मा हैं जो जेल में रहते हुए एलएलबी की पढाई कर रहे हैं.
(इनपुट भाषा से)
बता दें कि ओम प्रकाश चौटाला अपने पोते और हिसार से सांसद दुष्यंत सिंह चौटाला की शादी में शामिल होने के लिए पिछले महीने पैरोल पर रिहा हुए थे. उनकी पैरोल पांच मई को समाप्त हुई थी.
अभय ने कहा कि वह पिछले साढे चार साल से जेल में बंद हैं. पिता ने अपने समय का सदुपयोग करने का सोची और अपनी शिक्षा आगे बढ़ाई और कड़ी मेहनत करके उन्होंने प्रथम श्रेणी में परीक्षा उत्तीर्ण की. अभय ने बताया कि इनेलो प्रमुख को पारिवारिक परिस्थितियों के कारण अपनी पढाई बीच में छोड़नी पड़ी थी.टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री के प्रेरणास्रोत वर्ष 1999 में माडल जेसिका लाल हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा काट रहे मनु शर्मा हैं जो जेल में रहते हुए एलएलबी की पढाई कर रहे हैं.
(इनपुट भाषा से)
अभय ने कहा कि वह पिछले साढे चार साल से जेल में बंद हैं. पिता ने अपने समय का सदुपयोग करने का सोची और अपनी शिक्षा आगे बढ़ाई और कड़ी मेहनत करके उन्होंने प्रथम श्रेणी में परीक्षा उत्तीर्ण की. अभय ने बताया कि इनेलो प्रमुख को पारिवारिक परिस्थितियों के कारण अपनी पढाई बीच में छोड़नी पड़ी थी.टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री के प्रेरणास्रोत वर्ष 1999 में माडल जेसिका लाल हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा काट रहे मनु शर्मा हैं जो जेल में रहते हुए एलएलबी की पढाई कर रहे हैं.
(इनपुट भाषा से)
उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री के प्रेरणास्रोत वर्ष 1999 में माडल जेसिका लाल हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा काट रहे मनु शर्मा हैं जो जेल में रहते हुए एलएलबी की पढाई कर रहे हैं.
(इनपुट भाषा से)
(इनपुट भाषा से) | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: टीचर भर्ती घोटाले में जेल में बंद हैं पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चोटाला
12वीं करने के बाद अब आगे की पढ़ाई भी जारी रखना चाहते हैं चोटाला
पारिवारिक व्यस्ताओं के कारण पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी थी इन्होंने | 3 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिका के घरेलू विभाग (डीएचएस) के अनुमानों के मुताबिक करीब 1.15 करोड़ विदेशी नागरिक देश में बिना वैध दस्तावेजों के रह रहे हैं।
डीएचएस की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2010 के 1.16 करोड़ प्रवासियों की तुलना में जनवरी 2011 के आंकड़ों में कुछ बदलाव आया है। बहरहाल, नए आंकड़ों से पता चलता है कि 2010 से 2011 के बीच अनाधिकृत तौर पर रहने वाले प्रवासियों की संख्या में बहुत ज्यादा कमी नहीं आई है।टिप्पणियां
रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2007 के बाद से इन प्रवासियों की संख्या में लगातार इजाफा हुआ है। सबसे ज्यादा 59 प्रतिशत अनाधिकृत प्रवासी मैक्सिको में रहते हैं। इसके बाद 14 प्रतिशत प्रवासी मध्य अमेरिकी देशों और छह फीसदी अल सल्वाडोर, पांच प्रतिशत ग्वाटेमाला और तीन प्रतिशत अवैध प्रवासी होंडुरास में रहते हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अनाधिकृत प्रवासियों में से 31 फीसदी तो 1995 से पहले और 55 फीसदी 1995 से 2004 के बीच आए जबकि 2005 के बाद आए अवैध प्रवासियों की संख्या केवल 14 फीसदी है।
डीएचएस की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2010 के 1.16 करोड़ प्रवासियों की तुलना में जनवरी 2011 के आंकड़ों में कुछ बदलाव आया है। बहरहाल, नए आंकड़ों से पता चलता है कि 2010 से 2011 के बीच अनाधिकृत तौर पर रहने वाले प्रवासियों की संख्या में बहुत ज्यादा कमी नहीं आई है।टिप्पणियां
रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2007 के बाद से इन प्रवासियों की संख्या में लगातार इजाफा हुआ है। सबसे ज्यादा 59 प्रतिशत अनाधिकृत प्रवासी मैक्सिको में रहते हैं। इसके बाद 14 प्रतिशत प्रवासी मध्य अमेरिकी देशों और छह फीसदी अल सल्वाडोर, पांच प्रतिशत ग्वाटेमाला और तीन प्रतिशत अवैध प्रवासी होंडुरास में रहते हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अनाधिकृत प्रवासियों में से 31 फीसदी तो 1995 से पहले और 55 फीसदी 1995 से 2004 के बीच आए जबकि 2005 के बाद आए अवैध प्रवासियों की संख्या केवल 14 फीसदी है।
रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2007 के बाद से इन प्रवासियों की संख्या में लगातार इजाफा हुआ है। सबसे ज्यादा 59 प्रतिशत अनाधिकृत प्रवासी मैक्सिको में रहते हैं। इसके बाद 14 प्रतिशत प्रवासी मध्य अमेरिकी देशों और छह फीसदी अल सल्वाडोर, पांच प्रतिशत ग्वाटेमाला और तीन प्रतिशत अवैध प्रवासी होंडुरास में रहते हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अनाधिकृत प्रवासियों में से 31 फीसदी तो 1995 से पहले और 55 फीसदी 1995 से 2004 के बीच आए जबकि 2005 के बाद आए अवैध प्रवासियों की संख्या केवल 14 फीसदी है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अनाधिकृत प्रवासियों में से 31 फीसदी तो 1995 से पहले और 55 फीसदी 1995 से 2004 के बीच आए जबकि 2005 के बाद आए अवैध प्रवासियों की संख्या केवल 14 फीसदी है। | सारांश: अमेरिका के घरेलू विभाग (डीएचएस) के अनुमानों के मुताबिक करीब 1.15 करोड़ विदेशी नागरिक देश में बिना वैध दस्तावेजों के रह रहे हैं। | 20 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: तेज गेंदबाज आंद्रे रसेल ने सनसनीखेज गेंदबाजी करते हुए चार गेंद में चार विकेट चटकाकर लिस्ट 'ए' में रिकॉर्ड कायम किया, लेकिन फिर भी भारत 'ए' ने युवराज सिंह के हरफनमौला प्रदर्शन और राहुल शर्मा के पांच विकेट की मदद से शनिवार को वेस्ट इंडीज 'ए' के खिलाफ एकमात्र अनधिकृत ट्वेंटी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में 93 रन से जीत दर्ज की।
भारत 'ए' ने चिन्नास्वामी स्टेडियम में टॉस जीतकर बल्लेबाजी करते हुए युवराज के अर्धशतक की मदद से सात विकेट पर 214 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। इसके बाद उसने अपने गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन से वेस्ट इंडीज 'ए' को महज 16.2 ओवर में 121 रन पर समेट दिया। राहुल शर्मा ने 3.2 ओवर में 23 रन देकर पांच विकेट हासिल किए। युवराज और आर विनय कुमार ने भी दो-दो विकेट हासिल किए, जबकि जयदेव उनादकट को एक विकेट मिला।
युवराज ने वापसी में बल्ले से शानदार फॉर्म को जारी रखते हुए 35 गेंद में 52 रन की पारी खेली और शीर्ष स्कोरर रहे। इसमें उन्होंने चार चौके और तीन छक्के जड़े थे। इसके बाद उन्होंने वेस्टइंडीज 'ए' के दो विकेट भी चटकाए। वेस्ट इंडीज के लिए सलामी बल्लेबाज आंद्रे फ्लेचर 32 रन बनाकर शीर्ष स्कोरर रहे। उनके अलावा डेवोन थामस ने 21, एन बोनर ने 18 और एशले नर्स ने 16 रन बनाए। टिप्पणियां
रसेल ने अपने चौथे और भारतीय पारी के 18वें ओवर की पहली चार गेंद में केदार जाधव (42), कप्तान युवराज (52), नमन ओझा (0) और यूसुफ पठान (0) के विकेट चटकाए, हालांकि उनका यह प्रयास टीम के ज्यादा काम नहीं आ सका, क्योंकि तब भारत ए की टीम 200 रन के करीब पहुंच चुकी थी। सलामी बल्लेबाज रोबिन उथप्पा (35) और उन्मुक्त चंद (47) और जाधव ने टीम के लिए उपयोगी योगदान दिया।
युवराज और जाधव ने चौथे विकेट के लिए 80 रन की भागीदारी निभाई। इन दोनों ने उथप्पा और चंद के बीच पहले विकेट के लिए 6.4 ओवर में 74 रन की साझेदारी द्वारा दी गई अच्छी शुरुआती लय को जारी रखा। युवराज ने काफी अच्छे शॉट लगाए, लेकिन वह रसेल की गेंद पर वेस्ट इंडीज 'ए' के कप्तान कीरन पॉवेल को मिडविकेट पर कैच देकर आउट हो गए। जाधव को यूसुफ पठान से पहले बल्लेबाजी के लिए भेजा गया और उन्होंने भी अपने कप्तान को निराश नहीं किया। वेस्ट इंडीज के लिए रसेल के अलावा एशले नर्स ने 18 रन देकर दो और वीरासैमी पेरमॉल ने 35 रन देकर एक विकेट हासिल किया।
भारत 'ए' ने चिन्नास्वामी स्टेडियम में टॉस जीतकर बल्लेबाजी करते हुए युवराज के अर्धशतक की मदद से सात विकेट पर 214 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। इसके बाद उसने अपने गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन से वेस्ट इंडीज 'ए' को महज 16.2 ओवर में 121 रन पर समेट दिया। राहुल शर्मा ने 3.2 ओवर में 23 रन देकर पांच विकेट हासिल किए। युवराज और आर विनय कुमार ने भी दो-दो विकेट हासिल किए, जबकि जयदेव उनादकट को एक विकेट मिला।
युवराज ने वापसी में बल्ले से शानदार फॉर्म को जारी रखते हुए 35 गेंद में 52 रन की पारी खेली और शीर्ष स्कोरर रहे। इसमें उन्होंने चार चौके और तीन छक्के जड़े थे। इसके बाद उन्होंने वेस्टइंडीज 'ए' के दो विकेट भी चटकाए। वेस्ट इंडीज के लिए सलामी बल्लेबाज आंद्रे फ्लेचर 32 रन बनाकर शीर्ष स्कोरर रहे। उनके अलावा डेवोन थामस ने 21, एन बोनर ने 18 और एशले नर्स ने 16 रन बनाए। टिप्पणियां
रसेल ने अपने चौथे और भारतीय पारी के 18वें ओवर की पहली चार गेंद में केदार जाधव (42), कप्तान युवराज (52), नमन ओझा (0) और यूसुफ पठान (0) के विकेट चटकाए, हालांकि उनका यह प्रयास टीम के ज्यादा काम नहीं आ सका, क्योंकि तब भारत ए की टीम 200 रन के करीब पहुंच चुकी थी। सलामी बल्लेबाज रोबिन उथप्पा (35) और उन्मुक्त चंद (47) और जाधव ने टीम के लिए उपयोगी योगदान दिया।
युवराज और जाधव ने चौथे विकेट के लिए 80 रन की भागीदारी निभाई। इन दोनों ने उथप्पा और चंद के बीच पहले विकेट के लिए 6.4 ओवर में 74 रन की साझेदारी द्वारा दी गई अच्छी शुरुआती लय को जारी रखा। युवराज ने काफी अच्छे शॉट लगाए, लेकिन वह रसेल की गेंद पर वेस्ट इंडीज 'ए' के कप्तान कीरन पॉवेल को मिडविकेट पर कैच देकर आउट हो गए। जाधव को यूसुफ पठान से पहले बल्लेबाजी के लिए भेजा गया और उन्होंने भी अपने कप्तान को निराश नहीं किया। वेस्ट इंडीज के लिए रसेल के अलावा एशले नर्स ने 18 रन देकर दो और वीरासैमी पेरमॉल ने 35 रन देकर एक विकेट हासिल किया।
युवराज ने वापसी में बल्ले से शानदार फॉर्म को जारी रखते हुए 35 गेंद में 52 रन की पारी खेली और शीर्ष स्कोरर रहे। इसमें उन्होंने चार चौके और तीन छक्के जड़े थे। इसके बाद उन्होंने वेस्टइंडीज 'ए' के दो विकेट भी चटकाए। वेस्ट इंडीज के लिए सलामी बल्लेबाज आंद्रे फ्लेचर 32 रन बनाकर शीर्ष स्कोरर रहे। उनके अलावा डेवोन थामस ने 21, एन बोनर ने 18 और एशले नर्स ने 16 रन बनाए। टिप्पणियां
रसेल ने अपने चौथे और भारतीय पारी के 18वें ओवर की पहली चार गेंद में केदार जाधव (42), कप्तान युवराज (52), नमन ओझा (0) और यूसुफ पठान (0) के विकेट चटकाए, हालांकि उनका यह प्रयास टीम के ज्यादा काम नहीं आ सका, क्योंकि तब भारत ए की टीम 200 रन के करीब पहुंच चुकी थी। सलामी बल्लेबाज रोबिन उथप्पा (35) और उन्मुक्त चंद (47) और जाधव ने टीम के लिए उपयोगी योगदान दिया।
युवराज और जाधव ने चौथे विकेट के लिए 80 रन की भागीदारी निभाई। इन दोनों ने उथप्पा और चंद के बीच पहले विकेट के लिए 6.4 ओवर में 74 रन की साझेदारी द्वारा दी गई अच्छी शुरुआती लय को जारी रखा। युवराज ने काफी अच्छे शॉट लगाए, लेकिन वह रसेल की गेंद पर वेस्ट इंडीज 'ए' के कप्तान कीरन पॉवेल को मिडविकेट पर कैच देकर आउट हो गए। जाधव को यूसुफ पठान से पहले बल्लेबाजी के लिए भेजा गया और उन्होंने भी अपने कप्तान को निराश नहीं किया। वेस्ट इंडीज के लिए रसेल के अलावा एशले नर्स ने 18 रन देकर दो और वीरासैमी पेरमॉल ने 35 रन देकर एक विकेट हासिल किया।
रसेल ने अपने चौथे और भारतीय पारी के 18वें ओवर की पहली चार गेंद में केदार जाधव (42), कप्तान युवराज (52), नमन ओझा (0) और यूसुफ पठान (0) के विकेट चटकाए, हालांकि उनका यह प्रयास टीम के ज्यादा काम नहीं आ सका, क्योंकि तब भारत ए की टीम 200 रन के करीब पहुंच चुकी थी। सलामी बल्लेबाज रोबिन उथप्पा (35) और उन्मुक्त चंद (47) और जाधव ने टीम के लिए उपयोगी योगदान दिया।
युवराज और जाधव ने चौथे विकेट के लिए 80 रन की भागीदारी निभाई। इन दोनों ने उथप्पा और चंद के बीच पहले विकेट के लिए 6.4 ओवर में 74 रन की साझेदारी द्वारा दी गई अच्छी शुरुआती लय को जारी रखा। युवराज ने काफी अच्छे शॉट लगाए, लेकिन वह रसेल की गेंद पर वेस्ट इंडीज 'ए' के कप्तान कीरन पॉवेल को मिडविकेट पर कैच देकर आउट हो गए। जाधव को यूसुफ पठान से पहले बल्लेबाजी के लिए भेजा गया और उन्होंने भी अपने कप्तान को निराश नहीं किया। वेस्ट इंडीज के लिए रसेल के अलावा एशले नर्स ने 18 रन देकर दो और वीरासैमी पेरमॉल ने 35 रन देकर एक विकेट हासिल किया।
युवराज और जाधव ने चौथे विकेट के लिए 80 रन की भागीदारी निभाई। इन दोनों ने उथप्पा और चंद के बीच पहले विकेट के लिए 6.4 ओवर में 74 रन की साझेदारी द्वारा दी गई अच्छी शुरुआती लय को जारी रखा। युवराज ने काफी अच्छे शॉट लगाए, लेकिन वह रसेल की गेंद पर वेस्ट इंडीज 'ए' के कप्तान कीरन पॉवेल को मिडविकेट पर कैच देकर आउट हो गए। जाधव को यूसुफ पठान से पहले बल्लेबाजी के लिए भेजा गया और उन्होंने भी अपने कप्तान को निराश नहीं किया। वेस्ट इंडीज के लिए रसेल के अलावा एशले नर्स ने 18 रन देकर दो और वीरासैमी पेरमॉल ने 35 रन देकर एक विकेट हासिल किया। | आंद्रे रसेल ने चार गेंद में चार विकेट चटकाकर लिस्ट 'ए' में रिकॉर्ड कायम किया, लेकिन फिर भी भारत 'ए' ने युवराज के हरफनमौला प्रदर्शन और राहुल शर्मा के पांच विकेट की मदद से वेस्ट इंडीज 'ए' के खिलाफ एकमात्र अनधिकृत टी-20 मैच में 93 रन से जीत दर्ज की। | 34 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: एक तरफ जहां राष्ट्रपति पद के उम्मीदार के नाम पर कयासों का बाजार गर्म है वहीं, दूसरी तरफ बीजेपी के नेता जसवंत सिंह उपराष्ट्रपति पद की दौड़ में शामिल हो गए हैं। यह बात उस वक्त खुली जब कुछ देर पहले जसवंत सिंह, मुलायम सिंह यादव के घर पहुंचे। सू्त्रों के मुताबिक वह उपराष्ट्रपति पद के लिए मुलायम का समर्थन मांगने आए थे। लेकिन कथित तौर पर मुलायम का रूख इस मुद्दे पर ठंडा रहा।
जिस वक्त मुलायम सिंह यादव और रामदेव के बीच मुलाकात चल रही थी उसी वक्त बीजेपी नेता जसवंत सिंह भी मुलायम सिंह यादव से मिलने पहुंचे। इस मुलाकात को लेकर सबकी दिलचस्पी बनी हुई है। क्योंकि जाहिर है यह मुलाकात पहले से तय रही होगी। जसवंत सिंह थोड़ी देर बाद निकल गए।
जिस वक्त मुलायम सिंह यादव और रामदेव के बीच मुलाकात चल रही थी उसी वक्त बीजेपी नेता जसवंत सिंह भी मुलायम सिंह यादव से मिलने पहुंचे। इस मुलाकात को लेकर सबकी दिलचस्पी बनी हुई है। क्योंकि जाहिर है यह मुलाकात पहले से तय रही होगी। जसवंत सिंह थोड़ी देर बाद निकल गए। | संक्षिप्त पाठ: एक तरफ जहां राष्ट्रपति पद के उम्मीदार के नाम पर कयासों का बाजार गर्म है वहीं, दूसरी तरफ बीजेपी के नेता जसवंत सिंह उपराष्ट्रपति पद की दौड़ में शामिल हो गए हैं। | 13 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर में एलओसी के पास स्थित आर्मी हेडक्वॉर्टर पर रविवार को सुबह साढ़े 5 बजे हुए आतंकी हमले में 17 जवान शहीद हो गए. सैन्य बलों ने जवाबी कार्रवाई में सभी चार आतंकियों को मार गिराया. हाल के वर्षों में यह सैन्य बलों पर सबसे बड़ा हमला बताया जा रहा है.
सुरक्षा सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, उरी हमले में सीमा पार बैठे आतंकियों के आकाओं ने तीन बड़ी योजनाएं बनाई थीं, इसके तहत ही सेना के कैंप पर फिदायीन हमला किया गया. पहली योजना थी कि निहत्थे और सोते हुए जवानों पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर ज्यादा से ज्यादा जवानों को मारा जाए.
इसके बाद बटालियन हेडक्वार्ट्स के प्रशासनिक ब्लॉक में मेडिकल एड युनिट में घुसकर वहां खूनखराबा करना और इसके बाद अंत में ऑफिसर्स मेस में घुसकर खुद को उड़ा लेना. हालांकि पैरा स्पेशल फोर्सेज़ को प्रशासनिक ब्लॉक में उतारे जाने के फैसले की वजह से आतंकी अपने इन नापाक मंसूबों में कामयाब नहीं हो पाए.
स्पेशल फोर्सेज़ ने आतंकवादियों को प्रशासनिक ब्लॉक में ही सीमित कर दिया और तेज़ी से किए ऑपरेशन में खत्म कर दिया. कुछ ही घंटों के अंदर ही चारों आतंकी को मार गिराया. वैसे इससे पहले ही निहत्थे सैनिकों पर गोलीबारी से काफी नुकसान हो चुका था.
आतंकवादियों ने बटालियन हेडक्वार्टर के फ्यूल डिपो में ढेरों ग्रेनेड फेंककर आग लगा दी थी. इससे लगभग सौ मीटर के दायरे में भीषण आग लग गई, जिसमें अधिकतर सैनिकों की जान गई.टिप्पणियां
उधर, खुफिया सूत्रों को यह आशंका जता रहे हैं कि उरी पर हुआ आतंकी हमला जैश-ए-मोहम्मद के अफजल गुरु स्क्वैड ने किया है. खास बात यह है कि यही आतंकी स्क्वैड है, जो पठानकोट हमले के लिए भी ज़िम्मेदार है. खुफिया एजेंसियों को आशंका थी कि पठानकोट हमले के नाकामयाब होने के बाद मसूद अजहर खुद को साबित करने के लिए कोई बड़ा आतंकी हमला करेगा.
आतंकवादियों के पास से बरामद नक्शों में पश्तून भाषा में लिखी मार्किंग्स भी मिली हैं. इसकी जांच एजेंसी कर रही है. सेना और दूसरी एजेंसी इस बात की जांच का रही की कैसे आतंकियों के पास बटालियन हेडक्वार्टर की इतनी डिटेल्स कैसे पहुंची.
सुरक्षा सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, उरी हमले में सीमा पार बैठे आतंकियों के आकाओं ने तीन बड़ी योजनाएं बनाई थीं, इसके तहत ही सेना के कैंप पर फिदायीन हमला किया गया. पहली योजना थी कि निहत्थे और सोते हुए जवानों पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर ज्यादा से ज्यादा जवानों को मारा जाए.
इसके बाद बटालियन हेडक्वार्ट्स के प्रशासनिक ब्लॉक में मेडिकल एड युनिट में घुसकर वहां खूनखराबा करना और इसके बाद अंत में ऑफिसर्स मेस में घुसकर खुद को उड़ा लेना. हालांकि पैरा स्पेशल फोर्सेज़ को प्रशासनिक ब्लॉक में उतारे जाने के फैसले की वजह से आतंकी अपने इन नापाक मंसूबों में कामयाब नहीं हो पाए.
स्पेशल फोर्सेज़ ने आतंकवादियों को प्रशासनिक ब्लॉक में ही सीमित कर दिया और तेज़ी से किए ऑपरेशन में खत्म कर दिया. कुछ ही घंटों के अंदर ही चारों आतंकी को मार गिराया. वैसे इससे पहले ही निहत्थे सैनिकों पर गोलीबारी से काफी नुकसान हो चुका था.
आतंकवादियों ने बटालियन हेडक्वार्टर के फ्यूल डिपो में ढेरों ग्रेनेड फेंककर आग लगा दी थी. इससे लगभग सौ मीटर के दायरे में भीषण आग लग गई, जिसमें अधिकतर सैनिकों की जान गई.टिप्पणियां
उधर, खुफिया सूत्रों को यह आशंका जता रहे हैं कि उरी पर हुआ आतंकी हमला जैश-ए-मोहम्मद के अफजल गुरु स्क्वैड ने किया है. खास बात यह है कि यही आतंकी स्क्वैड है, जो पठानकोट हमले के लिए भी ज़िम्मेदार है. खुफिया एजेंसियों को आशंका थी कि पठानकोट हमले के नाकामयाब होने के बाद मसूद अजहर खुद को साबित करने के लिए कोई बड़ा आतंकी हमला करेगा.
आतंकवादियों के पास से बरामद नक्शों में पश्तून भाषा में लिखी मार्किंग्स भी मिली हैं. इसकी जांच एजेंसी कर रही है. सेना और दूसरी एजेंसी इस बात की जांच का रही की कैसे आतंकियों के पास बटालियन हेडक्वार्टर की इतनी डिटेल्स कैसे पहुंची.
इसके बाद बटालियन हेडक्वार्ट्स के प्रशासनिक ब्लॉक में मेडिकल एड युनिट में घुसकर वहां खूनखराबा करना और इसके बाद अंत में ऑफिसर्स मेस में घुसकर खुद को उड़ा लेना. हालांकि पैरा स्पेशल फोर्सेज़ को प्रशासनिक ब्लॉक में उतारे जाने के फैसले की वजह से आतंकी अपने इन नापाक मंसूबों में कामयाब नहीं हो पाए.
स्पेशल फोर्सेज़ ने आतंकवादियों को प्रशासनिक ब्लॉक में ही सीमित कर दिया और तेज़ी से किए ऑपरेशन में खत्म कर दिया. कुछ ही घंटों के अंदर ही चारों आतंकी को मार गिराया. वैसे इससे पहले ही निहत्थे सैनिकों पर गोलीबारी से काफी नुकसान हो चुका था.
आतंकवादियों ने बटालियन हेडक्वार्टर के फ्यूल डिपो में ढेरों ग्रेनेड फेंककर आग लगा दी थी. इससे लगभग सौ मीटर के दायरे में भीषण आग लग गई, जिसमें अधिकतर सैनिकों की जान गई.टिप्पणियां
उधर, खुफिया सूत्रों को यह आशंका जता रहे हैं कि उरी पर हुआ आतंकी हमला जैश-ए-मोहम्मद के अफजल गुरु स्क्वैड ने किया है. खास बात यह है कि यही आतंकी स्क्वैड है, जो पठानकोट हमले के लिए भी ज़िम्मेदार है. खुफिया एजेंसियों को आशंका थी कि पठानकोट हमले के नाकामयाब होने के बाद मसूद अजहर खुद को साबित करने के लिए कोई बड़ा आतंकी हमला करेगा.
आतंकवादियों के पास से बरामद नक्शों में पश्तून भाषा में लिखी मार्किंग्स भी मिली हैं. इसकी जांच एजेंसी कर रही है. सेना और दूसरी एजेंसी इस बात की जांच का रही की कैसे आतंकियों के पास बटालियन हेडक्वार्टर की इतनी डिटेल्स कैसे पहुंची.
स्पेशल फोर्सेज़ ने आतंकवादियों को प्रशासनिक ब्लॉक में ही सीमित कर दिया और तेज़ी से किए ऑपरेशन में खत्म कर दिया. कुछ ही घंटों के अंदर ही चारों आतंकी को मार गिराया. वैसे इससे पहले ही निहत्थे सैनिकों पर गोलीबारी से काफी नुकसान हो चुका था.
आतंकवादियों ने बटालियन हेडक्वार्टर के फ्यूल डिपो में ढेरों ग्रेनेड फेंककर आग लगा दी थी. इससे लगभग सौ मीटर के दायरे में भीषण आग लग गई, जिसमें अधिकतर सैनिकों की जान गई.टिप्पणियां
उधर, खुफिया सूत्रों को यह आशंका जता रहे हैं कि उरी पर हुआ आतंकी हमला जैश-ए-मोहम्मद के अफजल गुरु स्क्वैड ने किया है. खास बात यह है कि यही आतंकी स्क्वैड है, जो पठानकोट हमले के लिए भी ज़िम्मेदार है. खुफिया एजेंसियों को आशंका थी कि पठानकोट हमले के नाकामयाब होने के बाद मसूद अजहर खुद को साबित करने के लिए कोई बड़ा आतंकी हमला करेगा.
आतंकवादियों के पास से बरामद नक्शों में पश्तून भाषा में लिखी मार्किंग्स भी मिली हैं. इसकी जांच एजेंसी कर रही है. सेना और दूसरी एजेंसी इस बात की जांच का रही की कैसे आतंकियों के पास बटालियन हेडक्वार्टर की इतनी डिटेल्स कैसे पहुंची.
आतंकवादियों ने बटालियन हेडक्वार्टर के फ्यूल डिपो में ढेरों ग्रेनेड फेंककर आग लगा दी थी. इससे लगभग सौ मीटर के दायरे में भीषण आग लग गई, जिसमें अधिकतर सैनिकों की जान गई.टिप्पणियां
उधर, खुफिया सूत्रों को यह आशंका जता रहे हैं कि उरी पर हुआ आतंकी हमला जैश-ए-मोहम्मद के अफजल गुरु स्क्वैड ने किया है. खास बात यह है कि यही आतंकी स्क्वैड है, जो पठानकोट हमले के लिए भी ज़िम्मेदार है. खुफिया एजेंसियों को आशंका थी कि पठानकोट हमले के नाकामयाब होने के बाद मसूद अजहर खुद को साबित करने के लिए कोई बड़ा आतंकी हमला करेगा.
आतंकवादियों के पास से बरामद नक्शों में पश्तून भाषा में लिखी मार्किंग्स भी मिली हैं. इसकी जांच एजेंसी कर रही है. सेना और दूसरी एजेंसी इस बात की जांच का रही की कैसे आतंकियों के पास बटालियन हेडक्वार्टर की इतनी डिटेल्स कैसे पहुंची.
उधर, खुफिया सूत्रों को यह आशंका जता रहे हैं कि उरी पर हुआ आतंकी हमला जैश-ए-मोहम्मद के अफजल गुरु स्क्वैड ने किया है. खास बात यह है कि यही आतंकी स्क्वैड है, जो पठानकोट हमले के लिए भी ज़िम्मेदार है. खुफिया एजेंसियों को आशंका थी कि पठानकोट हमले के नाकामयाब होने के बाद मसूद अजहर खुद को साबित करने के लिए कोई बड़ा आतंकी हमला करेगा.
आतंकवादियों के पास से बरामद नक्शों में पश्तून भाषा में लिखी मार्किंग्स भी मिली हैं. इसकी जांच एजेंसी कर रही है. सेना और दूसरी एजेंसी इस बात की जांच का रही की कैसे आतंकियों के पास बटालियन हेडक्वार्टर की इतनी डिटेल्स कैसे पहुंची.
आतंकवादियों के पास से बरामद नक्शों में पश्तून भाषा में लिखी मार्किंग्स भी मिली हैं. इसकी जांच एजेंसी कर रही है. सेना और दूसरी एजेंसी इस बात की जांच का रही की कैसे आतंकियों के पास बटालियन हेडक्वार्टर की इतनी डिटेल्स कैसे पहुंची. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सोते जवानों पर फायरिंग कर ज्यादा से ज्यादा नुकसान करना चाहते थे
फिर मेडिकल एड यूनिट में खूनखराबा
स्पेशल फोर्सेज़ ने आतंकवादियों को प्रशासनिक ब्लॉक में ही सीमित कर दिया | 25 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ फेसबुक पर छवि खराब करने वाली तस्वीर पोस्ट करने के मामले में बहुजन समाज पार्टी के एक स्थानीय नेता समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि जलाली कस्बे के बहुजन समाज पार्टी के नेता शंकर लाल पिप्पल ने 4 जून को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की छवि खराब करने वाली तस्वीर फेसबुक पर पोस्ट की थी. इसी गांव के जावेद आलम ने यह फोटो अपने फेसबुक पेज पर साझा की थी.टिप्पणियां
मंगलवार को अलीगढ़ के भाजपा नेता एवं छर्रा के विधायक रविंद्रपाल सिंह और शहर की मेयर शकुंतला भारती ने इस मुद्दे को पुलिस के आला अधिकारियों के समक्ष उठाया और शिकायत दर्ज कराई. मंगलवार शाम पुलिस ने बसपा नेता और उसकी पोस्ट शेयर करने वाले एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि जलाली कस्बे के बहुजन समाज पार्टी के नेता शंकर लाल पिप्पल ने 4 जून को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की छवि खराब करने वाली तस्वीर फेसबुक पर पोस्ट की थी. इसी गांव के जावेद आलम ने यह फोटो अपने फेसबुक पेज पर साझा की थी.टिप्पणियां
मंगलवार को अलीगढ़ के भाजपा नेता एवं छर्रा के विधायक रविंद्रपाल सिंह और शहर की मेयर शकुंतला भारती ने इस मुद्दे को पुलिस के आला अधिकारियों के समक्ष उठाया और शिकायत दर्ज कराई. मंगलवार शाम पुलिस ने बसपा नेता और उसकी पोस्ट शेयर करने वाले एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मंगलवार को अलीगढ़ के भाजपा नेता एवं छर्रा के विधायक रविंद्रपाल सिंह और शहर की मेयर शकुंतला भारती ने इस मुद्दे को पुलिस के आला अधिकारियों के समक्ष उठाया और शिकायत दर्ज कराई. मंगलवार शाम पुलिस ने बसपा नेता और उसकी पोस्ट शेयर करने वाले एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | सारांश: बसपा नेता शंकर लाल पिप्पल ने डाली थी तस्वीर
भाजपा नेता रविंद्रपाल सिंह ने मामला उठाया
इस पोस्ट को शेयर करने वाला भी गिरफ्तार | 33 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: तहलका पत्रिका के संस्थापक संपादक तेजपाल ने जिला अदालत के आदेश के खिलाफ बंबई उच्च न्यायालय की गोवा पीठ का दरवाजा खटखटाया था. न्यायमूर्ति पृथ्वीराज चव्हाण ने उनकी प्रार्थना पर सुनवाई करते हुए निचली अदालत द्वारा आरोप तय किए जाने पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था. तेजपाल ने उनके खिलाफ आरोप तय किये जाने पर तब तक रोक लगाने की मांग की थी जब तक कि उच्च न्यायालय आरोप हटाने की उनकी याचिका पर फैसला नहीं कर लेता. तेजपाल ने दावा किया है कि मामले में उनके खिलाफ सबूतों का अभाव है. उच्च न्यायालय ने हालांकि कहा कि अगर अदालत तेजपाल के खिलाफ आरोप तय करती है तो साक्ष्य दर्ज किये जाने को टाला जाना चाहिए. साक्ष्य दर्ज करने से मुकदमे की शुरुआत होती है.
तेजपाल ने दावा किया है कि मामले में उनके खिलाफ सबूतों का अभाव है. उच्च न्यायालय ने हालांकि कहा कि अगर अदालत तेजपाल के खिलाफ आरोप तय करती है तो साक्ष्य दर्ज किये जाने को टाला जाना चाहिए. साक्ष्य दर्ज करने से मुकदमे की शुरुआत होती है. | संक्षिप्त पाठ: तरुण तेजपाल पर सहकर्मी से रेप के मामले में आरोप तय हो गए हैं
2013 में सहकर्मी पर लिफ्ट में किया था यौन हमला
तेजपाल का दावा - उनके खिलाफ सबूतों का अभाव | 22 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: सुरजेवाला ने कहा कि राफेल मामले के कई पहलू संविधान के अनुच्छेद 32 से बाहर का है. अनुच्छेद 32 सुप्रीम कोर्ट के हाथ बांधता है पर पुलिस या सीबीआई के नहीं. कोर्ट ने पैरा 73 और 87 में साफ़ कहा है. इस मामले में सबूत जुटाना जांच एजेंसियों की ज़िम्मेदारी है क्योंकि उनके हाथ खुले हैं. कोर्ट ने कहा है किसी तरह की जांच में कोर्ट का आज का या पिछला फैसला कोई अड़चन नहीं डालेगा. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के राफ़ेल पर 9 सवालों का सरकार ने आजतक जवाब नहीं दियाय. वे सवाल आज भी बरक़रार हैं. उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी खुशी मनाने के बजाय इसकी जांच कराए.
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने राफेल लड़ाकू विमान सौदा मामले में नरेंद्र मोदी सरकार को क्लीनचिट देते हुए कहा कि पुनर्विचार याचिकाएं सुनवायी योग्य नहीं हैं. न्यायालय ने अपने 14 दिसंबर 2018 के फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया. सीजेआई रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, 'हमने पाया कि पुनर्विचार याचिकाएं सुनवायी योग्य नहीं हैं.' सुप्रीम कोर्ट ने राफेल सौदे के संबंध में टिप्पणियों के लिए राहुल गांधी के खिलाफ अवमानना याचिका का निपटारा करते हुए कहा कि उन्हें भविष्य में सावधान रहना चाहिए. | संक्षिप्त सारांश: राफेल मामले में कांग्रेस का मोदी सरकार पर हमला
'यह समय जश्न मनाने का नहीं जांच कराने का है'
कहा- SC ने अब आपराधिक जांच का दायरा खोल दिया | 29 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: त्रिपुरा में बीते शुक्रवार से हो रही बारिश और आंधी ने कहर बरपा दिया है. इसके कारण राज्य में कम से कम 700 से ज्यादा लोग बेघर हो गए. इस संबंध में एक अधिकारी ने जानकारी दी है कि आंधी और बारिश की वजह से बेघर हुए कम से कम 739 लोगों ने राज्य के राहत शिविरों में शरण ली. हालांकि, किसी के भी हताहत की खबर नहीं है. राज्य आपदा प्रबंधन अथॉरिटी के प्रमुख सरत दास ने बताया, "उत्तरी त्रिपुरा, उनाकोटी और धलाई जिले प्रभावित हुए हैं." राज्य आपदा अभियान केंद्र (एसईओसी) ने एक रिपोर्ट में बताया कि राहत शिविरों में शरण लेने वाले 739 लोगों में से 358 व्यक्ति उनाकोटी जिले और 381 व्यक्ति उत्तरी त्रिपुरा जिले से हैं.
भारी बारिश की वजह से 1,039 घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं. उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के राजस्व विभाग ने कुल 40 नावों को प्रभावित इलाकों से लोगों को बचाने में लगाया गया. दास ने कहा, "राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और त्रिपुरा स्टेट राइफल्स (टीएसआर) भी राहत अभियान में शामिल हुए हैं."
उनकोटी जिले में शनिवार दोपहर में मनु नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया. मौसम विभाग ने आशंका जताई है कि राज्य में बारिश और आंधी रविवार को भी जारी रहेगी. | यह एक सारांश है: त्रिपुरा में बारिश और आंधी का कहर
700 से ज्यादा लोग हुए बेघर
इस संबंध में एक अधिकारी ने जानकारी दी | 9 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: एनडीए के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार और बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविंद ने कहा है कि वह प्रमुख राजनीतिक दलों के नेताओं से मुलाकात करेंगे और इस पद के लिए आम सहमति का उम्मीदवार बनने के लिए उनसे समर्थन मांगेंगे.
कोविंद ने सोमवार रात को पटना से दिल्ली पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात की. भाजपा ने उन्हें राष्ट्रपति पद का एनडीए का उम्मीदवार घोषित किया है. कोविंद भाजपा प्रमुख के आवास पर करीब एक घंटे तक रहे और समझा जाता है कि दोनों ने राष्ट्रपति चुनाव की औपचारिकताओं पर चर्चा की. यहां भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने उनका स्वागत किया. कोविंद ने कहा कि वह एक छोटे से नागरिक हैं, जिसे बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है.
उन्होंने कहा, 'जो भी निर्वाचक मंडल के सदस्य हैं...मैं प्रमुख राजनीतिक दलों के नेताओं से मिलूंगा और उनका समर्थन मांगूंगा. मुझे उम्मीद है कि प्रत्येक नागरिक मेरा समर्थन करेगा.' टिप्पणियां
प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के बाद कोविंद ने बिहार निवास का संक्षिप्त दौरा किया, जहां उन्होंने मीडिया के किसी भी प्रश्न का उत्तर नहीं दिया और केवल इतना कहा, 'मैं सभी का शुक्रिया अदा करता हूं.' बीजद, टीआरएस और वाईएसआरसीपी जैसे गैर-राजग दलों ने दलित नेता कोविंद को अपना समर्थन देने की घोषणा की है. वह 23 जून को अपना नामांकन दाखिल कर सकते हैं.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
कोविंद ने सोमवार रात को पटना से दिल्ली पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात की. भाजपा ने उन्हें राष्ट्रपति पद का एनडीए का उम्मीदवार घोषित किया है. कोविंद भाजपा प्रमुख के आवास पर करीब एक घंटे तक रहे और समझा जाता है कि दोनों ने राष्ट्रपति चुनाव की औपचारिकताओं पर चर्चा की. यहां भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने उनका स्वागत किया. कोविंद ने कहा कि वह एक छोटे से नागरिक हैं, जिसे बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है.
उन्होंने कहा, 'जो भी निर्वाचक मंडल के सदस्य हैं...मैं प्रमुख राजनीतिक दलों के नेताओं से मिलूंगा और उनका समर्थन मांगूंगा. मुझे उम्मीद है कि प्रत्येक नागरिक मेरा समर्थन करेगा.' टिप्पणियां
प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के बाद कोविंद ने बिहार निवास का संक्षिप्त दौरा किया, जहां उन्होंने मीडिया के किसी भी प्रश्न का उत्तर नहीं दिया और केवल इतना कहा, 'मैं सभी का शुक्रिया अदा करता हूं.' बीजद, टीआरएस और वाईएसआरसीपी जैसे गैर-राजग दलों ने दलित नेता कोविंद को अपना समर्थन देने की घोषणा की है. वह 23 जून को अपना नामांकन दाखिल कर सकते हैं.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा, 'जो भी निर्वाचक मंडल के सदस्य हैं...मैं प्रमुख राजनीतिक दलों के नेताओं से मिलूंगा और उनका समर्थन मांगूंगा. मुझे उम्मीद है कि प्रत्येक नागरिक मेरा समर्थन करेगा.' टिप्पणियां
प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के बाद कोविंद ने बिहार निवास का संक्षिप्त दौरा किया, जहां उन्होंने मीडिया के किसी भी प्रश्न का उत्तर नहीं दिया और केवल इतना कहा, 'मैं सभी का शुक्रिया अदा करता हूं.' बीजद, टीआरएस और वाईएसआरसीपी जैसे गैर-राजग दलों ने दलित नेता कोविंद को अपना समर्थन देने की घोषणा की है. वह 23 जून को अपना नामांकन दाखिल कर सकते हैं.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के बाद कोविंद ने बिहार निवास का संक्षिप्त दौरा किया, जहां उन्होंने मीडिया के किसी भी प्रश्न का उत्तर नहीं दिया और केवल इतना कहा, 'मैं सभी का शुक्रिया अदा करता हूं.' बीजद, टीआरएस और वाईएसआरसीपी जैसे गैर-राजग दलों ने दलित नेता कोविंद को अपना समर्थन देने की घोषणा की है. वह 23 जून को अपना नामांकन दाखिल कर सकते हैं.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यहाँ एक सारांश है:प्रमुख दलों के नेताओं से मुलाकात कर उनका समर्थन मांगूंगा- कोविंद
'मैं एक छोटा सा नागरिक हूं, जिसे बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है'
पीएम मोदी से मुलाकात के बाद कोविंद ने बिहार निवास का संक्षिप्त दौरा किया | 15 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: एनडीटीवी से बातचीत करते हुए आशीष नंदी ने कहा कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है।
इधर, हालांकि लेखक और बुद्धिजीवी इस मामले को खत्म करने की बात कर रहे हैं, लेकिन पुलिस ने कहा है कि वह इस मामले पर समारोह के आयोजकों से औपचारिक पूछताछ करेगी।
रविवार को पुलिस ने आशीष नंदी के पैनल डिस्कशन वाले वीडियो फुटेज लिए थे। बताया जा रहा है कि एक टीम आशीष नंदी से पूछताछ करने के लिए दिल्ली भी आ सकती है। आशीष नंदी के खिलाफ आईपीसी की धारा 506 और एससी एसटी कानून की धारा 310 के तहत मामला दर्ज किया गया है।टिप्पणियां
बवाल होने के बाद आशीष नंदी ने सफाई दी कि मुझे लगता है अब विवाद खत्म हो जाएगा। किसी को अगर मेरे बयान से ठेस पहुंची हो तो मैं खेद प्रकट करता हूं, लेकिन वैसे मैंने ऐसा कुछ भी नहीं कहा था।
गौरतलब है कि महोत्सव में 'विचारों का गणराज्य' विषय पर आयोजित सत्र में नंदी ने कहा था कि यह अभद्र और असंस्कृत बयान होगा। लेकिन यह सच है कि सबसे भ्रष्ट व्यक्ति ओबीसी, एससी और अब बड़े पैमाने पर एसटी से आ रहे हैं। और जब तक ऐसा होता रहेगा, भारतीय गणराज्य जिंदा रहेगा। उन्होंने कहा, मैं एक उदाहरण देना चाहूंगा। सबसे कम भ्रष्ट राज्य पश्चिम बंगाल है। पिछले 100 वर्षों में ओबीसी, एससी, एसटी वर्ग के लोग सत्ता के नजदीक भी नहीं पहुंचे। यह पूरी तरह से स्वच्छ राज्य है।
इधर, हालांकि लेखक और बुद्धिजीवी इस मामले को खत्म करने की बात कर रहे हैं, लेकिन पुलिस ने कहा है कि वह इस मामले पर समारोह के आयोजकों से औपचारिक पूछताछ करेगी।
रविवार को पुलिस ने आशीष नंदी के पैनल डिस्कशन वाले वीडियो फुटेज लिए थे। बताया जा रहा है कि एक टीम आशीष नंदी से पूछताछ करने के लिए दिल्ली भी आ सकती है। आशीष नंदी के खिलाफ आईपीसी की धारा 506 और एससी एसटी कानून की धारा 310 के तहत मामला दर्ज किया गया है।टिप्पणियां
बवाल होने के बाद आशीष नंदी ने सफाई दी कि मुझे लगता है अब विवाद खत्म हो जाएगा। किसी को अगर मेरे बयान से ठेस पहुंची हो तो मैं खेद प्रकट करता हूं, लेकिन वैसे मैंने ऐसा कुछ भी नहीं कहा था।
गौरतलब है कि महोत्सव में 'विचारों का गणराज्य' विषय पर आयोजित सत्र में नंदी ने कहा था कि यह अभद्र और असंस्कृत बयान होगा। लेकिन यह सच है कि सबसे भ्रष्ट व्यक्ति ओबीसी, एससी और अब बड़े पैमाने पर एसटी से आ रहे हैं। और जब तक ऐसा होता रहेगा, भारतीय गणराज्य जिंदा रहेगा। उन्होंने कहा, मैं एक उदाहरण देना चाहूंगा। सबसे कम भ्रष्ट राज्य पश्चिम बंगाल है। पिछले 100 वर्षों में ओबीसी, एससी, एसटी वर्ग के लोग सत्ता के नजदीक भी नहीं पहुंचे। यह पूरी तरह से स्वच्छ राज्य है।
रविवार को पुलिस ने आशीष नंदी के पैनल डिस्कशन वाले वीडियो फुटेज लिए थे। बताया जा रहा है कि एक टीम आशीष नंदी से पूछताछ करने के लिए दिल्ली भी आ सकती है। आशीष नंदी के खिलाफ आईपीसी की धारा 506 और एससी एसटी कानून की धारा 310 के तहत मामला दर्ज किया गया है।टिप्पणियां
बवाल होने के बाद आशीष नंदी ने सफाई दी कि मुझे लगता है अब विवाद खत्म हो जाएगा। किसी को अगर मेरे बयान से ठेस पहुंची हो तो मैं खेद प्रकट करता हूं, लेकिन वैसे मैंने ऐसा कुछ भी नहीं कहा था।
गौरतलब है कि महोत्सव में 'विचारों का गणराज्य' विषय पर आयोजित सत्र में नंदी ने कहा था कि यह अभद्र और असंस्कृत बयान होगा। लेकिन यह सच है कि सबसे भ्रष्ट व्यक्ति ओबीसी, एससी और अब बड़े पैमाने पर एसटी से आ रहे हैं। और जब तक ऐसा होता रहेगा, भारतीय गणराज्य जिंदा रहेगा। उन्होंने कहा, मैं एक उदाहरण देना चाहूंगा। सबसे कम भ्रष्ट राज्य पश्चिम बंगाल है। पिछले 100 वर्षों में ओबीसी, एससी, एसटी वर्ग के लोग सत्ता के नजदीक भी नहीं पहुंचे। यह पूरी तरह से स्वच्छ राज्य है।
बवाल होने के बाद आशीष नंदी ने सफाई दी कि मुझे लगता है अब विवाद खत्म हो जाएगा। किसी को अगर मेरे बयान से ठेस पहुंची हो तो मैं खेद प्रकट करता हूं, लेकिन वैसे मैंने ऐसा कुछ भी नहीं कहा था।
गौरतलब है कि महोत्सव में 'विचारों का गणराज्य' विषय पर आयोजित सत्र में नंदी ने कहा था कि यह अभद्र और असंस्कृत बयान होगा। लेकिन यह सच है कि सबसे भ्रष्ट व्यक्ति ओबीसी, एससी और अब बड़े पैमाने पर एसटी से आ रहे हैं। और जब तक ऐसा होता रहेगा, भारतीय गणराज्य जिंदा रहेगा। उन्होंने कहा, मैं एक उदाहरण देना चाहूंगा। सबसे कम भ्रष्ट राज्य पश्चिम बंगाल है। पिछले 100 वर्षों में ओबीसी, एससी, एसटी वर्ग के लोग सत्ता के नजदीक भी नहीं पहुंचे। यह पूरी तरह से स्वच्छ राज्य है।
गौरतलब है कि महोत्सव में 'विचारों का गणराज्य' विषय पर आयोजित सत्र में नंदी ने कहा था कि यह अभद्र और असंस्कृत बयान होगा। लेकिन यह सच है कि सबसे भ्रष्ट व्यक्ति ओबीसी, एससी और अब बड़े पैमाने पर एसटी से आ रहे हैं। और जब तक ऐसा होता रहेगा, भारतीय गणराज्य जिंदा रहेगा। उन्होंने कहा, मैं एक उदाहरण देना चाहूंगा। सबसे कम भ्रष्ट राज्य पश्चिम बंगाल है। पिछले 100 वर्षों में ओबीसी, एससी, एसटी वर्ग के लोग सत्ता के नजदीक भी नहीं पहुंचे। यह पूरी तरह से स्वच्छ राज्य है। | संक्षिप्त सारांश: एनडीटीवी से बातचीत करते हुए आशीष नंदी ने कहा कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है। इधर, हालांकि लेखक और बुद्धिजीवी इस मामले को खत्म करने की बात कर रहे हैं, लेकिन पुलिस ने कहा है कि वह इस मामले पर समारोह के आयोजकों से औपचारिक पूछताछ करेगी। | 29 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: दिल्ली पुलिस ने विधानसभा परिसर में एक महिला के साथ कथित दुर्व्यवहार करने और अपशब्दों के इस्तेमाल के मामले में आम आदमी पार्टी के तीन विधायकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. 'आप' ने इस रिपोर्ट को बदले की राजनीति से प्रेरित बताया और महिला पर आदतन अपराधी होने का आरोप लगाया है.
पुलिस के मुताबिक आरोपी तीन विधायकों में अमानतुल्ला खान (ओखला), सोमनाथ भारती (मालवीय नगर) और जरनैल सिंह (तिलक नगर) शामिल हैं. पुलिस ने कहा कि इन विधायकों पर महिला को अपमानित करने के इरादे से उसके साथ हाथापाई करने और उसे आहत करने वाले शब्दों का इस्तेमाल करने का आरोप है.
घटना 28 जून की है और 29 जून को महिला द्वारा बयान दर्ज कराए जाने के बाद पुलिस ने मामले में कानूनी राय मांगी है. फरियादी महिला ने अपने बयान में तीनों विधायकों पर ये आरोप लगाए हैं. महिला ने दावा किया कि वह सदन की कार्यवाही देखने गई थी, लेकिन दर्शक दीर्घा का पास नहीं मिल सका. जब वह इमारत के बाहर खड़ी थी तो खान और सिंह समेत कुछ लोग आए. उस समय वहां हंगामा चल रहा था.
महिला ने कहा कि विधायकों और उनके साथियों ने उसे धक्का दिया. बाद में उसे एक कमरे में ले जाया गया जहां उसके साथ सिंह और खान ने मारपीट की और धमकाया. बाद में वहां सोमनाथ भारती भी आ गए जिन्होंने महिला के लिए अपशब्द बोले.
पुलिस ने कहा कि वे क्षेत्र के सीसीटीवी कैमरे देख रही है. उधर, सोमनाथ भारती ने प्राथमिकी को एक विधायक के अधिकारों का हनन बताया है. भारती ने आरोप लगाया कि विधानसभा में विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता महिला को विधानसभा परिसर में लाए थे. घटना के संदर्भ में गुप्ता ने कहा कि उनके कार्यालय ने महिला का प्रवेश कराया था लेकिन यह केवल उनके कार्यालय तक था, सदन तक नहीं.टिप्पणियां
'आप' नेता संजय सिंह ने इस घटनाक्रम को बदले की राजनीति से प्रेरित बताया. 'आप' की दिल्ली इकाई के संयोजक सौरभ भारद्वाज ने कहा कि आप विधायकों के खिलाफ मामलों में दिल्ली पुलिस का रिकार्ड बहुत खराब है. 'आप' की महिला इकाई की अध्यक्ष भावना गौड़ और 'आप' विधायक अल्का लांबा ने दावा किया कि फरियादी महिला ने पहले भी अन्य लोगों के खिलाफ इस तरह के आरोप लगाए हैं.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पुलिस के मुताबिक आरोपी तीन विधायकों में अमानतुल्ला खान (ओखला), सोमनाथ भारती (मालवीय नगर) और जरनैल सिंह (तिलक नगर) शामिल हैं. पुलिस ने कहा कि इन विधायकों पर महिला को अपमानित करने के इरादे से उसके साथ हाथापाई करने और उसे आहत करने वाले शब्दों का इस्तेमाल करने का आरोप है.
घटना 28 जून की है और 29 जून को महिला द्वारा बयान दर्ज कराए जाने के बाद पुलिस ने मामले में कानूनी राय मांगी है. फरियादी महिला ने अपने बयान में तीनों विधायकों पर ये आरोप लगाए हैं. महिला ने दावा किया कि वह सदन की कार्यवाही देखने गई थी, लेकिन दर्शक दीर्घा का पास नहीं मिल सका. जब वह इमारत के बाहर खड़ी थी तो खान और सिंह समेत कुछ लोग आए. उस समय वहां हंगामा चल रहा था.
महिला ने कहा कि विधायकों और उनके साथियों ने उसे धक्का दिया. बाद में उसे एक कमरे में ले जाया गया जहां उसके साथ सिंह और खान ने मारपीट की और धमकाया. बाद में वहां सोमनाथ भारती भी आ गए जिन्होंने महिला के लिए अपशब्द बोले.
पुलिस ने कहा कि वे क्षेत्र के सीसीटीवी कैमरे देख रही है. उधर, सोमनाथ भारती ने प्राथमिकी को एक विधायक के अधिकारों का हनन बताया है. भारती ने आरोप लगाया कि विधानसभा में विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता महिला को विधानसभा परिसर में लाए थे. घटना के संदर्भ में गुप्ता ने कहा कि उनके कार्यालय ने महिला का प्रवेश कराया था लेकिन यह केवल उनके कार्यालय तक था, सदन तक नहीं.टिप्पणियां
'आप' नेता संजय सिंह ने इस घटनाक्रम को बदले की राजनीति से प्रेरित बताया. 'आप' की दिल्ली इकाई के संयोजक सौरभ भारद्वाज ने कहा कि आप विधायकों के खिलाफ मामलों में दिल्ली पुलिस का रिकार्ड बहुत खराब है. 'आप' की महिला इकाई की अध्यक्ष भावना गौड़ और 'आप' विधायक अल्का लांबा ने दावा किया कि फरियादी महिला ने पहले भी अन्य लोगों के खिलाफ इस तरह के आरोप लगाए हैं.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
घटना 28 जून की है और 29 जून को महिला द्वारा बयान दर्ज कराए जाने के बाद पुलिस ने मामले में कानूनी राय मांगी है. फरियादी महिला ने अपने बयान में तीनों विधायकों पर ये आरोप लगाए हैं. महिला ने दावा किया कि वह सदन की कार्यवाही देखने गई थी, लेकिन दर्शक दीर्घा का पास नहीं मिल सका. जब वह इमारत के बाहर खड़ी थी तो खान और सिंह समेत कुछ लोग आए. उस समय वहां हंगामा चल रहा था.
महिला ने कहा कि विधायकों और उनके साथियों ने उसे धक्का दिया. बाद में उसे एक कमरे में ले जाया गया जहां उसके साथ सिंह और खान ने मारपीट की और धमकाया. बाद में वहां सोमनाथ भारती भी आ गए जिन्होंने महिला के लिए अपशब्द बोले.
पुलिस ने कहा कि वे क्षेत्र के सीसीटीवी कैमरे देख रही है. उधर, सोमनाथ भारती ने प्राथमिकी को एक विधायक के अधिकारों का हनन बताया है. भारती ने आरोप लगाया कि विधानसभा में विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता महिला को विधानसभा परिसर में लाए थे. घटना के संदर्भ में गुप्ता ने कहा कि उनके कार्यालय ने महिला का प्रवेश कराया था लेकिन यह केवल उनके कार्यालय तक था, सदन तक नहीं.टिप्पणियां
'आप' नेता संजय सिंह ने इस घटनाक्रम को बदले की राजनीति से प्रेरित बताया. 'आप' की दिल्ली इकाई के संयोजक सौरभ भारद्वाज ने कहा कि आप विधायकों के खिलाफ मामलों में दिल्ली पुलिस का रिकार्ड बहुत खराब है. 'आप' की महिला इकाई की अध्यक्ष भावना गौड़ और 'आप' विधायक अल्का लांबा ने दावा किया कि फरियादी महिला ने पहले भी अन्य लोगों के खिलाफ इस तरह के आरोप लगाए हैं.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
महिला ने कहा कि विधायकों और उनके साथियों ने उसे धक्का दिया. बाद में उसे एक कमरे में ले जाया गया जहां उसके साथ सिंह और खान ने मारपीट की और धमकाया. बाद में वहां सोमनाथ भारती भी आ गए जिन्होंने महिला के लिए अपशब्द बोले.
पुलिस ने कहा कि वे क्षेत्र के सीसीटीवी कैमरे देख रही है. उधर, सोमनाथ भारती ने प्राथमिकी को एक विधायक के अधिकारों का हनन बताया है. भारती ने आरोप लगाया कि विधानसभा में विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता महिला को विधानसभा परिसर में लाए थे. घटना के संदर्भ में गुप्ता ने कहा कि उनके कार्यालय ने महिला का प्रवेश कराया था लेकिन यह केवल उनके कार्यालय तक था, सदन तक नहीं.टिप्पणियां
'आप' नेता संजय सिंह ने इस घटनाक्रम को बदले की राजनीति से प्रेरित बताया. 'आप' की दिल्ली इकाई के संयोजक सौरभ भारद्वाज ने कहा कि आप विधायकों के खिलाफ मामलों में दिल्ली पुलिस का रिकार्ड बहुत खराब है. 'आप' की महिला इकाई की अध्यक्ष भावना गौड़ और 'आप' विधायक अल्का लांबा ने दावा किया कि फरियादी महिला ने पहले भी अन्य लोगों के खिलाफ इस तरह के आरोप लगाए हैं.
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पुलिस ने कहा कि वे क्षेत्र के सीसीटीवी कैमरे देख रही है. उधर, सोमनाथ भारती ने प्राथमिकी को एक विधायक के अधिकारों का हनन बताया है. भारती ने आरोप लगाया कि विधानसभा में विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता महिला को विधानसभा परिसर में लाए थे. घटना के संदर्भ में गुप्ता ने कहा कि उनके कार्यालय ने महिला का प्रवेश कराया था लेकिन यह केवल उनके कार्यालय तक था, सदन तक नहीं.टिप्पणियां
'आप' नेता संजय सिंह ने इस घटनाक्रम को बदले की राजनीति से प्रेरित बताया. 'आप' की दिल्ली इकाई के संयोजक सौरभ भारद्वाज ने कहा कि आप विधायकों के खिलाफ मामलों में दिल्ली पुलिस का रिकार्ड बहुत खराब है. 'आप' की महिला इकाई की अध्यक्ष भावना गौड़ और 'आप' विधायक अल्का लांबा ने दावा किया कि फरियादी महिला ने पहले भी अन्य लोगों के खिलाफ इस तरह के आरोप लगाए हैं.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
'आप' नेता संजय सिंह ने इस घटनाक्रम को बदले की राजनीति से प्रेरित बताया. 'आप' की दिल्ली इकाई के संयोजक सौरभ भारद्वाज ने कहा कि आप विधायकों के खिलाफ मामलों में दिल्ली पुलिस का रिकार्ड बहुत खराब है. 'आप' की महिला इकाई की अध्यक्ष भावना गौड़ और 'आप' विधायक अल्का लांबा ने दावा किया कि फरियादी महिला ने पहले भी अन्य लोगों के खिलाफ इस तरह के आरोप लगाए हैं.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: दिल्ली सरकार ने दो दिन का विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया था
सत्र के दौरान दो युवकों ने सदन में पर्चे फैंके और हंगामा किया था
इसी दौरान महिला के साथ दुर्व्यवहार करने का आऱोप लगाया गया | 25 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: जापान की प्रमुख वाहन कंपनी होंडा ने मार्च, 2014 तक भारत में अपनी पहली डीजल कार उतारने की घोषणा की है। कंपनी ने कहा है कि इस वाहन के इंजन का विनिर्माण स्थानीय स्तर पर किया जाएगा। होंडा मोटर कंपनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) ताकानोबू ने कहा कि भारत में मार्च, 2014 के अंत तक नए मॉडलों में नए डीजल इंजन का इस्तेमाल शुरू होगा।
उन्होंने कहा कि कंपनी डीजल इंजन का उत्पादन स्थानीय स्तर पर करेगी। यह इस बात की ओर इशारा करता है कि कंपनी का इरादा भविष्य मं भारत में डीजल इंजन कारखाना लगाने का है। हालांकि, ताकानोबू ने उसकी सहायक इकाई होंडा कार्स इंडिया द्वारा विकसित किए जाने वाले इंजन की क्षमता के बारे में कुछ नहीं बताया।टिप्पणियां
एक सूत्र ने कहा कि यह इंजन पहले नए सेडान में लगाया जाएगा। इस सेडान को फिलहाल बनाया जा रहा है। होंडा कार्स इंडिया की बिक्री 2011-12 में 8.47 फीसदी की गिरावट के साथ 54,427 इकाई रही है।
ताकानोबू ने बताया कि भारत में कंपनी 100 सीसी वर्ग में बेहद प्रतिस्पर्धी मॉडल उतारकर अपने मोटरसाइकिल कारोबार को आगे बढ़ाएगी। उन्होंने कहा कि कंपनी के भारत में तीसरे दोपहिया संयंत्र में उत्पादन 2013 की पहली छमाही में शुरू होगा।
उन्होंने कहा कि कंपनी डीजल इंजन का उत्पादन स्थानीय स्तर पर करेगी। यह इस बात की ओर इशारा करता है कि कंपनी का इरादा भविष्य मं भारत में डीजल इंजन कारखाना लगाने का है। हालांकि, ताकानोबू ने उसकी सहायक इकाई होंडा कार्स इंडिया द्वारा विकसित किए जाने वाले इंजन की क्षमता के बारे में कुछ नहीं बताया।टिप्पणियां
एक सूत्र ने कहा कि यह इंजन पहले नए सेडान में लगाया जाएगा। इस सेडान को फिलहाल बनाया जा रहा है। होंडा कार्स इंडिया की बिक्री 2011-12 में 8.47 फीसदी की गिरावट के साथ 54,427 इकाई रही है।
ताकानोबू ने बताया कि भारत में कंपनी 100 सीसी वर्ग में बेहद प्रतिस्पर्धी मॉडल उतारकर अपने मोटरसाइकिल कारोबार को आगे बढ़ाएगी। उन्होंने कहा कि कंपनी के भारत में तीसरे दोपहिया संयंत्र में उत्पादन 2013 की पहली छमाही में शुरू होगा।
एक सूत्र ने कहा कि यह इंजन पहले नए सेडान में लगाया जाएगा। इस सेडान को फिलहाल बनाया जा रहा है। होंडा कार्स इंडिया की बिक्री 2011-12 में 8.47 फीसदी की गिरावट के साथ 54,427 इकाई रही है।
ताकानोबू ने बताया कि भारत में कंपनी 100 सीसी वर्ग में बेहद प्रतिस्पर्धी मॉडल उतारकर अपने मोटरसाइकिल कारोबार को आगे बढ़ाएगी। उन्होंने कहा कि कंपनी के भारत में तीसरे दोपहिया संयंत्र में उत्पादन 2013 की पहली छमाही में शुरू होगा।
ताकानोबू ने बताया कि भारत में कंपनी 100 सीसी वर्ग में बेहद प्रतिस्पर्धी मॉडल उतारकर अपने मोटरसाइकिल कारोबार को आगे बढ़ाएगी। उन्होंने कहा कि कंपनी के भारत में तीसरे दोपहिया संयंत्र में उत्पादन 2013 की पहली छमाही में शुरू होगा। | यह एक सारांश है: जापान की वाहन कंपनी होंडा ने मार्च, 2014 तक भारत में अपनी पहली डीजल कार उतारने की घोषणा की है। कंपनी ने कहा है कि इस वाहन के इंजन का विनिर्माण स्थानीय स्तर पर किया जाएगा। | 24 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित नारायणपुर जिले में नक्सलियों ने पुलिस पर घात लगाकर हमला कर दिया, जिसमें छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के पांच जवान शहीद हो गए। राज्य के पुलिस महानिरीक्षक नक्सल अभियान राजीव श्रीवास्तव ने बताया कि राजधानी रायपुर से लगभग 300 किलोमीटर दूर नारायणपुर जिले के धौड़ाई थाना क्षेत्र के अंतर्गत झाराघाटी पुलिस शिविर के करीब नक्सलियों ने गुरुवार को छत्तीसगढ़ सशस्त्र पुलिस बल के जवानों पर घात लगाकर हमला कर दिया, जिसमें बल के पांच जवान शहीद हो गए हैं। श्रीवास्तव ने बताया कि छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल की 16वीं बटालियन के पांच जवान सुबह अपने शिविर से कुछ दूरी पर स्थित गांव के करीब नित्यकर्म के लिए गए हुए थे। जवान जब गांव के करीब तालाब के पास पहुंचे, तब नक्सलियों ने जवानों पर घात लगाकर हमला कर दिया। इस घटना में बल के हवलदार संतोष पहारे, आरक्षक चंदन सिंह, आरक्षक ताराचंद, आरक्षक राजेंद्र दीवान शहीद हो गए तथा आरक्षक संतोष यादव घायल हो गया। संतोष यादव ने बाद में इलाज के दौरान अस्पताल में दम तोड़ दिया। उन्होंने बताया कि इस घटना के बाद हमलावर नक्सली पुलिस जवानों के करीब पहुंचे तथा उनसे एक एके-47 और एक इंसास रायफल लूट ली। घटना की जानकारी मिलते ही शिविर में तैनात जवानों ने वहां मोर्चा संभाला और नक्सलियों पर जवाबी कार्रवाई की। सुरक्षा बल द्वारा जवाबी कार्रवाई के बाद नक्सली वहां से फरार हो गए। | नारायणपुर जिले में नक्सलियों ने पुलिस पर घात लगाकर हमला किया, जिसमें छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के पांच जवान शहीद हो गए। | 28 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: वैश्विक अर्थव्यवस्था को लेकर जारी चिंताओं के लगातार बढ़ते चले जाने से पूंजी निकासी और आयातकों की अमेरिकी डॉलर की मांग बढ़ने पर शुक्रवार को भारतीय मुद्रा भी लगातार लुढ़कती रही, और कारोबार के दौरान 57.33 रुपये प्रति अमेरिकी डॉलर के नए न्यूनतम स्तर पर पहुंच गई।टिप्पणियां
गुरुवार के बंद भाव 56.30 रुपया प्रति डॉलर की तुलना में रुपया शुक्रवार को 56.80 पर कमज़ोरी के साथ ही खुला था, और कारोबार के दौरान नए ऐतिहासिक न्यूनतम स्तर 57.33 तक लुढ़ककर दोपहर बाद 1:12 बजे वह 87 पैसे अथवा 1.55 प्रतिशत की गिरावट के साथ 57.17 पर था।
रुपये की गिरावट में पूंजी निकासी और आयातकों की अमेरिकी डॉलर की मांग के अलावा यूरो के मुकाबले डॉलर में मजबूती ने भी भारतीय मुद्रा पर दबाव डाला। वैसे रुपया गुरुवार को ही कारोबार के दौरान 56.57 के स्तर पर पहुंच गया था, लेकिन बाद में रिजर्व बैंक के हस्तक्षेप से उसमें कुछ सुधार हुआ, और वह 15 पैसे की गिरावट के साथ 56.30 पर बंद हुआ था।
गुरुवार के बंद भाव 56.30 रुपया प्रति डॉलर की तुलना में रुपया शुक्रवार को 56.80 पर कमज़ोरी के साथ ही खुला था, और कारोबार के दौरान नए ऐतिहासिक न्यूनतम स्तर 57.33 तक लुढ़ककर दोपहर बाद 1:12 बजे वह 87 पैसे अथवा 1.55 प्रतिशत की गिरावट के साथ 57.17 पर था।
रुपये की गिरावट में पूंजी निकासी और आयातकों की अमेरिकी डॉलर की मांग के अलावा यूरो के मुकाबले डॉलर में मजबूती ने भी भारतीय मुद्रा पर दबाव डाला। वैसे रुपया गुरुवार को ही कारोबार के दौरान 56.57 के स्तर पर पहुंच गया था, लेकिन बाद में रिजर्व बैंक के हस्तक्षेप से उसमें कुछ सुधार हुआ, और वह 15 पैसे की गिरावट के साथ 56.30 पर बंद हुआ था।
रुपये की गिरावट में पूंजी निकासी और आयातकों की अमेरिकी डॉलर की मांग के अलावा यूरो के मुकाबले डॉलर में मजबूती ने भी भारतीय मुद्रा पर दबाव डाला। वैसे रुपया गुरुवार को ही कारोबार के दौरान 56.57 के स्तर पर पहुंच गया था, लेकिन बाद में रिजर्व बैंक के हस्तक्षेप से उसमें कुछ सुधार हुआ, और वह 15 पैसे की गिरावट के साथ 56.30 पर बंद हुआ था। | वैश्विक अर्थव्यवस्था को लेकर जारी चिंताओं के दौरान पूंजी निकासी और आयातकों की अमेरिकी डॉलर की मांग बढ़ने पर शुक्रवार को कारोबार के दौरान रुपया 57.33 के नए रिकॉर्ड न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया। | 28 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: ओडिशा के भुवनेश्वर में विरोध प्रदर्शन कर रहे NIFT के स्टूडेंट्स पर पुलिस ने लाठियां भांजी. इन छात्रों का आरोप है कि बीती रात एक स्टूडेंट को गार्ड्स ने कैंपस के भीतर नहीं आने दिया जबकि वह रो रोकर मदद की गुहार लगाती रही और इसके बाद उसका तीन से चार लोगों ने रेप कर दिया.
एक स्टूडेंट ने NDTV से कहा- हमें न्याय चाहिए. वह मदद के लिए चिल्लाती रही लेकिन गार्ड ने कुछ नहीं किया. रेप के इस कथित मामले के बीती रात घटित होने की बात कही जा रही है. कहा जा रहा है कि जब स्टूडेंट रात दो बजे स्टेशन से कालिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ टेकनॉलजी (केआईटी कैंपस) स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नॉलजी लौट रही थी, उसके बाद यह घटना घटी.
पुलिस का कहना है कि रेप हुआ ही नहीं और शुरुआती जांच से ऐसा लगता है कि लड़की ने किसी तरह की दवा ली हुई थी. इंस्टीट्यूट का कहना है कि वह लड़की इंस्टीट्यूट की छात्र ही नहीं है. टिप्पणियां
केआईटी में स्टूडेंट सर्विसेस की डायरेक्ट डॉक्टर सुचेता का दावा है- KIT कैंपस में कुछ नहीं हुआ. यह NIFT कैंपस में हुआ है. कुछ अफवाहें उड़ीं और स्टूडेंट्स चाहते हैं कि डायरेक्टर आएं और उनसे बात करें.
एक अन्य स्टूडेंट के मुताबिक, लड़की बात करना चाहती है लेकिन उसे धमकी मिल रही है. वे नहीं चाहते कि NIFT का नाम खराब हो.
एक स्टूडेंट ने NDTV से कहा- हमें न्याय चाहिए. वह मदद के लिए चिल्लाती रही लेकिन गार्ड ने कुछ नहीं किया. रेप के इस कथित मामले के बीती रात घटित होने की बात कही जा रही है. कहा जा रहा है कि जब स्टूडेंट रात दो बजे स्टेशन से कालिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ टेकनॉलजी (केआईटी कैंपस) स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नॉलजी लौट रही थी, उसके बाद यह घटना घटी.
पुलिस का कहना है कि रेप हुआ ही नहीं और शुरुआती जांच से ऐसा लगता है कि लड़की ने किसी तरह की दवा ली हुई थी. इंस्टीट्यूट का कहना है कि वह लड़की इंस्टीट्यूट की छात्र ही नहीं है. टिप्पणियां
केआईटी में स्टूडेंट सर्विसेस की डायरेक्ट डॉक्टर सुचेता का दावा है- KIT कैंपस में कुछ नहीं हुआ. यह NIFT कैंपस में हुआ है. कुछ अफवाहें उड़ीं और स्टूडेंट्स चाहते हैं कि डायरेक्टर आएं और उनसे बात करें.
एक अन्य स्टूडेंट के मुताबिक, लड़की बात करना चाहती है लेकिन उसे धमकी मिल रही है. वे नहीं चाहते कि NIFT का नाम खराब हो.
पुलिस का कहना है कि रेप हुआ ही नहीं और शुरुआती जांच से ऐसा लगता है कि लड़की ने किसी तरह की दवा ली हुई थी. इंस्टीट्यूट का कहना है कि वह लड़की इंस्टीट्यूट की छात्र ही नहीं है. टिप्पणियां
केआईटी में स्टूडेंट सर्विसेस की डायरेक्ट डॉक्टर सुचेता का दावा है- KIT कैंपस में कुछ नहीं हुआ. यह NIFT कैंपस में हुआ है. कुछ अफवाहें उड़ीं और स्टूडेंट्स चाहते हैं कि डायरेक्टर आएं और उनसे बात करें.
एक अन्य स्टूडेंट के मुताबिक, लड़की बात करना चाहती है लेकिन उसे धमकी मिल रही है. वे नहीं चाहते कि NIFT का नाम खराब हो.
केआईटी में स्टूडेंट सर्विसेस की डायरेक्ट डॉक्टर सुचेता का दावा है- KIT कैंपस में कुछ नहीं हुआ. यह NIFT कैंपस में हुआ है. कुछ अफवाहें उड़ीं और स्टूडेंट्स चाहते हैं कि डायरेक्टर आएं और उनसे बात करें.
एक अन्य स्टूडेंट के मुताबिक, लड़की बात करना चाहती है लेकिन उसे धमकी मिल रही है. वे नहीं चाहते कि NIFT का नाम खराब हो.
एक अन्य स्टूडेंट के मुताबिक, लड़की बात करना चाहती है लेकिन उसे धमकी मिल रही है. वे नहीं चाहते कि NIFT का नाम खराब हो. | संक्षिप्त पाठ: प्रदर्शन कर रहे NIFT के स्टूडेंट्स पर पुलिस ने लाठियां चलाईं
स्टूडेंट्स का कहना है कि बीती रात एक छात्रा का रेप हुआ
पुलिस कर रही किसी तरह के रेप से साफ इंकार | 22 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: प्राथमिक और माध्यमिक स्कूल में पढ़ने वाले और शहरों में रह रहे अधिकांश ऑस्ट्रेलियाई बच्चे सोचते हैं कि कॉटन सॉक्स जानवरों से मिलती है और एक तिहाई का मानना है कि दही पेड़ों से मिलती है। एक सर्वेक्षण में यह खुलासा किया गया है और साथ ही शहरी और ग्रामीण परिवेश के बीच बढ़ती दूरी को लेकर भी चेतावनी दी गई है।
ऑस्ट्रेलियाई कौंसिल फोर एजुकेशनल रिसर्च (एसीईआर) द्वारा करवाए गए सर्वेक्षण में छठी और दसवीं कक्षा के एक हजार बच्चों को शामिल किया गया और पाया गया कि उनमें खाद्य प्रसंस्करण को लेकर काफी भ्रांतियां हैं।टिप्पणियां
सर्वेक्षण से यह चौंकाने वाले नतीजे भी मिले हैं जो बताते हैं कि अधिसंख्यक शहरी बच्चों को पता है कि आलू की चिप्स और कॉफी कहां से आती है लेकिन 10 से 12 साल के करीब 20 फीसदी बच्चों को लगता है कि पास्ता जानवरों से और अंडे पौधों से मिलते हैं। करीब 75 फीसदी बच्चों ने कहा कि कॉटन सॉक्स एक पशु उत्पाद है और 27 फीसदी कहते हैं कि दही पौधों से मिलती है ।
सर्वे में कहा गया है , ‘‘बच्चे ऑस्ट्रेलिया की अर्थव्यवस्था और समाज में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं लेकिन ग्रामीण और शहरी समुदायों के बीच खाई बढ़ती जा रही है।’’
ऑस्ट्रेलियाई कौंसिल फोर एजुकेशनल रिसर्च (एसीईआर) द्वारा करवाए गए सर्वेक्षण में छठी और दसवीं कक्षा के एक हजार बच्चों को शामिल किया गया और पाया गया कि उनमें खाद्य प्रसंस्करण को लेकर काफी भ्रांतियां हैं।टिप्पणियां
सर्वेक्षण से यह चौंकाने वाले नतीजे भी मिले हैं जो बताते हैं कि अधिसंख्यक शहरी बच्चों को पता है कि आलू की चिप्स और कॉफी कहां से आती है लेकिन 10 से 12 साल के करीब 20 फीसदी बच्चों को लगता है कि पास्ता जानवरों से और अंडे पौधों से मिलते हैं। करीब 75 फीसदी बच्चों ने कहा कि कॉटन सॉक्स एक पशु उत्पाद है और 27 फीसदी कहते हैं कि दही पौधों से मिलती है ।
सर्वे में कहा गया है , ‘‘बच्चे ऑस्ट्रेलिया की अर्थव्यवस्था और समाज में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं लेकिन ग्रामीण और शहरी समुदायों के बीच खाई बढ़ती जा रही है।’’
सर्वेक्षण से यह चौंकाने वाले नतीजे भी मिले हैं जो बताते हैं कि अधिसंख्यक शहरी बच्चों को पता है कि आलू की चिप्स और कॉफी कहां से आती है लेकिन 10 से 12 साल के करीब 20 फीसदी बच्चों को लगता है कि पास्ता जानवरों से और अंडे पौधों से मिलते हैं। करीब 75 फीसदी बच्चों ने कहा कि कॉटन सॉक्स एक पशु उत्पाद है और 27 फीसदी कहते हैं कि दही पौधों से मिलती है ।
सर्वे में कहा गया है , ‘‘बच्चे ऑस्ट्रेलिया की अर्थव्यवस्था और समाज में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं लेकिन ग्रामीण और शहरी समुदायों के बीच खाई बढ़ती जा रही है।’’
सर्वे में कहा गया है , ‘‘बच्चे ऑस्ट्रेलिया की अर्थव्यवस्था और समाज में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं लेकिन ग्रामीण और शहरी समुदायों के बीच खाई बढ़ती जा रही है।’’ | यहाँ एक सारांश है:प्राथमिक और माध्यमिक स्कूल में पढ़ने वाले और शहरों में रह रहे अधिकांश ऑस्ट्रेलियाई बच्चे सोचते हैं कि कॉटन सॉक्स जानवरों से मिलती है और एक तिहाई का मानना है कि दही पेड़ों से मिलती है। | 17 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) के लागू होने के बाद टाटा मोटर्स ने बुधवार को अपने यात्री वाहनों की कीमतों में 12 फीसदी की कटौती की घोषणा की. कंपनी के अध्यक्ष (यात्री कार व्यापार इकाई) मयंक पारीक ने कहा, "हमने कीमतों में 12 फीसदी तक की कटौती की है, जो मॉडल और वेरिएंट के आधार पर 3,300 रुपये से लेकर 2,17,000 रुपये तक है." उन्होंने कहा कि खरीदारी को प्रोत्साहन देने के सभी कदम उठाए जा रहे हैं.
पारीक ने कहा कि कंपनी ने जीएसटी लागू होने के बाद उसका पूरा फायदा ग्राहकों तक पहुंचाने का फैसला किया है. जून में जीएसटी के कारण ग्राहकों की खरीदारी भावना प्रभावित हुई थी, जिसके कारण कंपनी की घरेलू बाजार की बिक्री पर असर पड़ा था. कंपनी ने जून में कुल 11,176 यात्री वाहनों की बिक्री की, जो कि पिछले साल की तुलना में 10 फीसदी कम है. साल 2016 के जून में कंपनी ने कुल 12,482 कारों की बिक्री की थी. जीएसटी का स्वागत करते हुए पारीक ने कहा कि इससे व्यापार में आसानी होगी और अर्थव्यवस्था के लिए और खासतौर से वाहन उद्योग के लिए एक नए युग की शुरुआत होगी. कार निर्माता मारुति सुजुकी ने भी जीएसटी में करों की दरों में गिरावट का लाभ ग्राहकों तक पहुंचाने के लिए कीमतों में कटौती की है. कंपनी की गाड़ियों की एक्स-शो रूम कीमत में 3 फीसदी तक की कमी की गई है. टिप्पणियां
इसी प्रकार प्रमुख एसयूवी वाहन निर्माता महिंद्रा एंड महिंद्रा ने जीएसटी के बाद यूवी (यूटिलिटी वाहन) और एसयूवी वाहनों की कीमतों में औसतन 6.9 फीसदी कटौती की घोषणा की है, जबकि स्मॉल कार खंड के वाहनों की कीमत में औसतन 1.4 फीसदी की कटौती की है.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पारीक ने कहा कि कंपनी ने जीएसटी लागू होने के बाद उसका पूरा फायदा ग्राहकों तक पहुंचाने का फैसला किया है. जून में जीएसटी के कारण ग्राहकों की खरीदारी भावना प्रभावित हुई थी, जिसके कारण कंपनी की घरेलू बाजार की बिक्री पर असर पड़ा था. कंपनी ने जून में कुल 11,176 यात्री वाहनों की बिक्री की, जो कि पिछले साल की तुलना में 10 फीसदी कम है. साल 2016 के जून में कंपनी ने कुल 12,482 कारों की बिक्री की थी. जीएसटी का स्वागत करते हुए पारीक ने कहा कि इससे व्यापार में आसानी होगी और अर्थव्यवस्था के लिए और खासतौर से वाहन उद्योग के लिए एक नए युग की शुरुआत होगी. कार निर्माता मारुति सुजुकी ने भी जीएसटी में करों की दरों में गिरावट का लाभ ग्राहकों तक पहुंचाने के लिए कीमतों में कटौती की है. कंपनी की गाड़ियों की एक्स-शो रूम कीमत में 3 फीसदी तक की कमी की गई है. टिप्पणियां
इसी प्रकार प्रमुख एसयूवी वाहन निर्माता महिंद्रा एंड महिंद्रा ने जीएसटी के बाद यूवी (यूटिलिटी वाहन) और एसयूवी वाहनों की कीमतों में औसतन 6.9 फीसदी कटौती की घोषणा की है, जबकि स्मॉल कार खंड के वाहनों की कीमत में औसतन 1.4 फीसदी की कटौती की है.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इसी प्रकार प्रमुख एसयूवी वाहन निर्माता महिंद्रा एंड महिंद्रा ने जीएसटी के बाद यूवी (यूटिलिटी वाहन) और एसयूवी वाहनों की कीमतों में औसतन 6.9 फीसदी कटौती की घोषणा की है, जबकि स्मॉल कार खंड के वाहनों की कीमत में औसतन 1.4 फीसदी की कटौती की है.
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(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | सारांश: जीएसटी के चलते कंपनियां घटा रही हैं दाम
टाट मोटर्स ने जीएसटी का किया स्वागत
जून में पड़ा है खरीददारी पर असर | 31 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: मुंबई में एक तेजरफ्तार कार से कुचलकर 74-वर्षीय एक वृद्ध की मौत हो गई है, जबकि दो पुलिस कॉन्सटेबल गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं। बताया जाता है कि कार का चालक संभवतः एक किशोर था।
दक्षिणी मुंबई के मरीन ड्राइव इलाके में बुधवार सुबह लगभग 7:30 बजे यह हादसा हुआ, जिसके बाद कार को जब्त कर लिया गया है, और चालक को लापरवाही से गाड़ी चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। चालक का यह जानने के लिए मेडिकल टेस्ट भी कराया जाएगा कि कहीं वह गाड़ी चलाते वक्त शराब के नशे में तो नहीं था। विस्तृत विवरण की प्रतीक्षा है।
दक्षिणी मुंबई के मरीन ड्राइव इलाके में बुधवार सुबह लगभग 7:30 बजे यह हादसा हुआ, जिसके बाद कार को जब्त कर लिया गया है, और चालक को लापरवाही से गाड़ी चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। चालक का यह जानने के लिए मेडिकल टेस्ट भी कराया जाएगा कि कहीं वह गाड़ी चलाते वक्त शराब के नशे में तो नहीं था। विस्तृत विवरण की प्रतीक्षा है। | सारांश: दक्षिणी मुंबई के मरीन ड्राइव इलाके में सुबह 7:30 बजे यह हादसा हुआ। कार को जब्त कर लिया गया है, और चालक को लापरवाही से गाड़ी चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। | 31 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के तूफानी गेंदबाज शोएब अख्तर का कहना है कि उनका शरीर अब 100 मील प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद फेंकने की इजाजत नहीं दे रहा है इसलिए अब वह गति से ज्यादा विकेट चटकाने पर ध्यान दे रहे हैं। आईसीसी विश्व कप-2011 में भाग ले रहे अख्तर का अधिकतर समय चोट के कारण मैदान के बाहर बीता है। इसके अलावा वह कई बार अनुशासनहीनता के उल्लंघन के चलते टीम से बाहर रहे हैं। समाचार पत्र 'द डॉन' की वेबसाइट 'डॉन डॉट कॉम' ने अख्तर के हवाले से लिखा है, "मैं लम्बे समय से 100 मील प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद फेंकने की दौड़ से बाहर हूं। मेरी उम्र अब 36 के करीब है और अब मैं एक परिपक्व खिलाड़ी हो गया हूं। मेरा पूरा ध्यान तेज गति के बजाए अब विकेट चटकाने पर लगा है।" अख्तर ने वर्ष 2003 के विश्व कप में 100 मील प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद फेंककर खूब सुर्खियां बटोरी थी। वेबसाइट के मुताबिक अख्तर ने कहा, "मैंने दूसरे दिन 159 (98 मील प्रति घंटा) किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार को भी पार किया।" अख्तर ने अब तक 162 एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 246 विकेट झटके हैं जबकि 46 टेस्ट मैचों में उन्होंने 178 विकेट अपनी झोली में डाले हैं। | तूफानी गेंदबाज शोएब अख्तर का कहना है कि उनका शरीर अब 100 मील प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद फेंकने की इजाजत नहीं दे रहा है। | 34 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि उनकी सरकार दो बार खराब मॉनसून के बावजूद वार्षिक महंगाई दर को छह प्रतिशत से नीचे लाने में सफल रही. वहीं, पहले महंगाई दर 10 प्रतिशत थी.
मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर अपने संबोधन में कहा, "लगातार दो साल तक सूखे की मार झेलने के कारण हमारी सरकार ने महंगाई के रूप में कई चुनौतियां झेलीं."टिप्पणियां
उन्होंने कहा, "पिछली सरकार में महंगाई ने 10 प्रतिशत के स्तर को पार कर लिया था, लेकिन हमने इसे छह प्रतिशत से अधिक नहीं बढ़ने दिया." (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर अपने संबोधन में कहा, "लगातार दो साल तक सूखे की मार झेलने के कारण हमारी सरकार ने महंगाई के रूप में कई चुनौतियां झेलीं."टिप्पणियां
उन्होंने कहा, "पिछली सरकार में महंगाई ने 10 प्रतिशत के स्तर को पार कर लिया था, लेकिन हमने इसे छह प्रतिशत से अधिक नहीं बढ़ने दिया." (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा, "पिछली सरकार में महंगाई ने 10 प्रतिशत के स्तर को पार कर लिया था, लेकिन हमने इसे छह प्रतिशत से अधिक नहीं बढ़ने दिया." (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यहाँ एक सारांश है:पीएम ने आज कहा- दो बार खराब मॉनसून के बावजूद महंगाई दर नीचे लाए
बोले- हंगाई के रूप में कई चुनौतियां झेलीं
बोले- हमने महंगाई दर को छह प्रतिशत से अधिक नहीं बढ़ने दिया | 12 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: पाकिस्तानी अंपायर असद रउफ ने स्वीकार किया है कि मुम्बई की एक मॉडल के साथ उसकी तस्वीरें असली हैं, लेकिन उन्होंने उसके साथ किसी तरह के संबंध होने से इनकार किया है। मॉडल के इन आरोपों के चलते रउफ विवादों में आ गए हैं कि उन्होंने उसका यौन शोषण किया।
अंपायर रउफ ने पाकिस्तानी मीडिया को बताया कि मॉडल लीना कपूर ने उनके साथ प्रशंसक के तौर पर तस्वीरें खिंचवाई थीं और उसके इस दावे को खारिज किया कि उन्होंने उससे शादी का वायदा किया था।टिप्पणियां
रउफ ने कहा, मैं 56 वर्ष का हूं और दो बच्चों सहित मेरा वैवाहिक जीवन खुशहाल है। मैं इस उम्र में किसी और से शादी का वायदा कैसे कर सकता हूं। मुझे नहीं पता कि वह ऐसा क्यों कर रही है, लेकिन अगर उसने मुझे बदनाम करना जारी रखा और मुझे तथा मेरे परिवार को आहत किया तो मैं उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करूंगा। उन्होंने कहा, उसके द्वारा लगाए गए आरोप हास्यास्पद हैं और वह सिर्फ सस्ती लोकप्रियता तथा प्रसिद्धि पाने के लिए कहानी गढ़ रही है। मुम्बई में लीना ने उपनगरीय बांद्रा में पुलिस उपायुक्त प्रताप दिगावकर के कार्यालय में लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया कि रउफ ने इस साल कई मौकों पर श्रीलंका तथा भारत में उसका यौन शोषण किया।
लीना के अनुसार, इस साल मार्च में श्रीलंका में उसकी मुलाकात रउफ से एक मित्र के जरिए हुई थी और इस दौरान दोनों ने एक-दूसरे के साथ अपने टेलीफोन नंबरों का आदान-प्रदान किया। उसने कहा कि रउफ ने उसे अपनी वैवाहिक स्थिति के बारे में जनकारी दी और यह भी बताया कि उसके बच्चे हैं, लेकिन कहा कि उसका धर्म उसे एक से अधिक बीवी रखने की अनुमति देता है। लीना ने कहा कि रउफ ने उसकी फोन कॉल्स का जवाब देना बंद कर दिया और पांच दिन पहले उसने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि वह उसे जानता तक नहीं है।
अंपायर रउफ ने पाकिस्तानी मीडिया को बताया कि मॉडल लीना कपूर ने उनके साथ प्रशंसक के तौर पर तस्वीरें खिंचवाई थीं और उसके इस दावे को खारिज किया कि उन्होंने उससे शादी का वायदा किया था।टिप्पणियां
रउफ ने कहा, मैं 56 वर्ष का हूं और दो बच्चों सहित मेरा वैवाहिक जीवन खुशहाल है। मैं इस उम्र में किसी और से शादी का वायदा कैसे कर सकता हूं। मुझे नहीं पता कि वह ऐसा क्यों कर रही है, लेकिन अगर उसने मुझे बदनाम करना जारी रखा और मुझे तथा मेरे परिवार को आहत किया तो मैं उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करूंगा। उन्होंने कहा, उसके द्वारा लगाए गए आरोप हास्यास्पद हैं और वह सिर्फ सस्ती लोकप्रियता तथा प्रसिद्धि पाने के लिए कहानी गढ़ रही है। मुम्बई में लीना ने उपनगरीय बांद्रा में पुलिस उपायुक्त प्रताप दिगावकर के कार्यालय में लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया कि रउफ ने इस साल कई मौकों पर श्रीलंका तथा भारत में उसका यौन शोषण किया।
लीना के अनुसार, इस साल मार्च में श्रीलंका में उसकी मुलाकात रउफ से एक मित्र के जरिए हुई थी और इस दौरान दोनों ने एक-दूसरे के साथ अपने टेलीफोन नंबरों का आदान-प्रदान किया। उसने कहा कि रउफ ने उसे अपनी वैवाहिक स्थिति के बारे में जनकारी दी और यह भी बताया कि उसके बच्चे हैं, लेकिन कहा कि उसका धर्म उसे एक से अधिक बीवी रखने की अनुमति देता है। लीना ने कहा कि रउफ ने उसकी फोन कॉल्स का जवाब देना बंद कर दिया और पांच दिन पहले उसने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि वह उसे जानता तक नहीं है।
रउफ ने कहा, मैं 56 वर्ष का हूं और दो बच्चों सहित मेरा वैवाहिक जीवन खुशहाल है। मैं इस उम्र में किसी और से शादी का वायदा कैसे कर सकता हूं। मुझे नहीं पता कि वह ऐसा क्यों कर रही है, लेकिन अगर उसने मुझे बदनाम करना जारी रखा और मुझे तथा मेरे परिवार को आहत किया तो मैं उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करूंगा। उन्होंने कहा, उसके द्वारा लगाए गए आरोप हास्यास्पद हैं और वह सिर्फ सस्ती लोकप्रियता तथा प्रसिद्धि पाने के लिए कहानी गढ़ रही है। मुम्बई में लीना ने उपनगरीय बांद्रा में पुलिस उपायुक्त प्रताप दिगावकर के कार्यालय में लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया कि रउफ ने इस साल कई मौकों पर श्रीलंका तथा भारत में उसका यौन शोषण किया।
लीना के अनुसार, इस साल मार्च में श्रीलंका में उसकी मुलाकात रउफ से एक मित्र के जरिए हुई थी और इस दौरान दोनों ने एक-दूसरे के साथ अपने टेलीफोन नंबरों का आदान-प्रदान किया। उसने कहा कि रउफ ने उसे अपनी वैवाहिक स्थिति के बारे में जनकारी दी और यह भी बताया कि उसके बच्चे हैं, लेकिन कहा कि उसका धर्म उसे एक से अधिक बीवी रखने की अनुमति देता है। लीना ने कहा कि रउफ ने उसकी फोन कॉल्स का जवाब देना बंद कर दिया और पांच दिन पहले उसने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि वह उसे जानता तक नहीं है।
लीना के अनुसार, इस साल मार्च में श्रीलंका में उसकी मुलाकात रउफ से एक मित्र के जरिए हुई थी और इस दौरान दोनों ने एक-दूसरे के साथ अपने टेलीफोन नंबरों का आदान-प्रदान किया। उसने कहा कि रउफ ने उसे अपनी वैवाहिक स्थिति के बारे में जनकारी दी और यह भी बताया कि उसके बच्चे हैं, लेकिन कहा कि उसका धर्म उसे एक से अधिक बीवी रखने की अनुमति देता है। लीना ने कहा कि रउफ ने उसकी फोन कॉल्स का जवाब देना बंद कर दिया और पांच दिन पहले उसने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि वह उसे जानता तक नहीं है। | संक्षिप्त पाठ: पाकिस्तानी अंपायर असद रउफ ने स्वीकार किया है कि मुम्बई की एक मॉडल के साथ उसकी तस्वीरें असली हैं, लेकिन उन्होंने उसके साथ किसी तरह के संबंध होने से इनकार किया है। | 13 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बिहार में महागठबंधन सरकार में शामिल राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने उन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें कहा गया था कि उन्होंने नीतीश कुमार सरकार को अस्थिर करने का ऑफर देकर केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली के साथ किसी 'समझौते' की कोशिश की है. गौरतलब है कि केंद्रीय एजेंसियां लालू परिवार के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों की जांच कर रही है.
लालू यादव ने एनडीटीवी से कहा कि मैंने जेटली या गडकरी से कोई चर्चा नहीं की. मैं मोदी या अमित शाह को फोन कर सकता था. उन्होंने जोर देकर कहा कि मैं खत्म होना पसंद करूंगा, लेकिन कभी मोदी या बीजेपी की विचारधारा के साथ कोई समझौता नहीं कर सकता हूं.
उन्होंने कहा कि वह भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना करेंगे, न कि बीजेपी से अपने लिए नरमी का आग्रह करेंगे. लालू यादव ने आरोप लगाया कि भगवा पार्टी और पीएम मोदी के खिलाफ उनके मुखर विरोध के कारण बीजेपी मनगढ़ंत आरोप लगा रही है और केंद्रीय जांच एजेंसियों का इस्तेमाल कर राजनीतिक बदला ले रही है.
लालू यादव का यह बयान उनके सहयोगी दल जेडीयू के प्रमुख और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ सुलह-समझौते के एक दिन बाद आया है. उल्लेखनीय है कि नीतीश ने विपक्षी दलों के रुख से अलग हटते हुए बीजेपी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को समर्थन दिए जाने की घोषणा की. इसके बाद करीब हफ्ते भर तक आरजेडी और जेडीयू के रिश्तों में खटास की स्थिति बनी रही.टिप्पणियां
लालू यादव ने कोविंद को समर्थन देने के नीतीश के फैसले को ऐतिहासिक भूल करार दिया. हालांकि बाद में उन्होंने ही आगे बढ़कर सुलह का रास्ता भी तैयार किया. बुधवार को लालू ने साफ किया कि नीतीश कुमार ही बॉस हैं और महागठबंधन का भविष्य काफी उज्ज्वल है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति चुनावों को लेकर अपने गठबंधन के सहयोगी दल से मतभेदों को सुलझा लिया गया है. उन्होंने कहा कि इसके लिए सरकार (बिहार की महागठबंधन सरकार) को कुर्बान नहीं किया जाएगा. लालू ने कहा, 'मैं कोई कालीदास नहीं हूं, कि जिस पेड़ पर बैठा हूं, उसी को काटूं.'
नीतीश द्वारा कोविंद को समर्थन की घोषणा को कई लोगों ने इस बात का संकेत माना कि वह लालू यादव से अलग हटकर किसी नए गठबंधन की तलाश में हैं और वह बीजेपी के साथ भी जा सकते हैं. हालांकि नीतीश सरकार में मंत्री पद संभाल रहे लालू के दोनों बेटों और उनके परिवार के कुछ अन्य सदस्यों के खिलाफ चल रही जांच को देखते हुए गठबंधन के घटक दल काफी हद तक निश्चिंत थे कि लालू सत्ता के साझीदार बने रहेंगे.
लालू यादव ने एनडीटीवी से कहा कि मैंने जेटली या गडकरी से कोई चर्चा नहीं की. मैं मोदी या अमित शाह को फोन कर सकता था. उन्होंने जोर देकर कहा कि मैं खत्म होना पसंद करूंगा, लेकिन कभी मोदी या बीजेपी की विचारधारा के साथ कोई समझौता नहीं कर सकता हूं.
उन्होंने कहा कि वह भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना करेंगे, न कि बीजेपी से अपने लिए नरमी का आग्रह करेंगे. लालू यादव ने आरोप लगाया कि भगवा पार्टी और पीएम मोदी के खिलाफ उनके मुखर विरोध के कारण बीजेपी मनगढ़ंत आरोप लगा रही है और केंद्रीय जांच एजेंसियों का इस्तेमाल कर राजनीतिक बदला ले रही है.
लालू यादव का यह बयान उनके सहयोगी दल जेडीयू के प्रमुख और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ सुलह-समझौते के एक दिन बाद आया है. उल्लेखनीय है कि नीतीश ने विपक्षी दलों के रुख से अलग हटते हुए बीजेपी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को समर्थन दिए जाने की घोषणा की. इसके बाद करीब हफ्ते भर तक आरजेडी और जेडीयू के रिश्तों में खटास की स्थिति बनी रही.टिप्पणियां
लालू यादव ने कोविंद को समर्थन देने के नीतीश के फैसले को ऐतिहासिक भूल करार दिया. हालांकि बाद में उन्होंने ही आगे बढ़कर सुलह का रास्ता भी तैयार किया. बुधवार को लालू ने साफ किया कि नीतीश कुमार ही बॉस हैं और महागठबंधन का भविष्य काफी उज्ज्वल है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति चुनावों को लेकर अपने गठबंधन के सहयोगी दल से मतभेदों को सुलझा लिया गया है. उन्होंने कहा कि इसके लिए सरकार (बिहार की महागठबंधन सरकार) को कुर्बान नहीं किया जाएगा. लालू ने कहा, 'मैं कोई कालीदास नहीं हूं, कि जिस पेड़ पर बैठा हूं, उसी को काटूं.'
नीतीश द्वारा कोविंद को समर्थन की घोषणा को कई लोगों ने इस बात का संकेत माना कि वह लालू यादव से अलग हटकर किसी नए गठबंधन की तलाश में हैं और वह बीजेपी के साथ भी जा सकते हैं. हालांकि नीतीश सरकार में मंत्री पद संभाल रहे लालू के दोनों बेटों और उनके परिवार के कुछ अन्य सदस्यों के खिलाफ चल रही जांच को देखते हुए गठबंधन के घटक दल काफी हद तक निश्चिंत थे कि लालू सत्ता के साझीदार बने रहेंगे.
उन्होंने कहा कि वह भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना करेंगे, न कि बीजेपी से अपने लिए नरमी का आग्रह करेंगे. लालू यादव ने आरोप लगाया कि भगवा पार्टी और पीएम मोदी के खिलाफ उनके मुखर विरोध के कारण बीजेपी मनगढ़ंत आरोप लगा रही है और केंद्रीय जांच एजेंसियों का इस्तेमाल कर राजनीतिक बदला ले रही है.
लालू यादव का यह बयान उनके सहयोगी दल जेडीयू के प्रमुख और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ सुलह-समझौते के एक दिन बाद आया है. उल्लेखनीय है कि नीतीश ने विपक्षी दलों के रुख से अलग हटते हुए बीजेपी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को समर्थन दिए जाने की घोषणा की. इसके बाद करीब हफ्ते भर तक आरजेडी और जेडीयू के रिश्तों में खटास की स्थिति बनी रही.टिप्पणियां
लालू यादव ने कोविंद को समर्थन देने के नीतीश के फैसले को ऐतिहासिक भूल करार दिया. हालांकि बाद में उन्होंने ही आगे बढ़कर सुलह का रास्ता भी तैयार किया. बुधवार को लालू ने साफ किया कि नीतीश कुमार ही बॉस हैं और महागठबंधन का भविष्य काफी उज्ज्वल है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति चुनावों को लेकर अपने गठबंधन के सहयोगी दल से मतभेदों को सुलझा लिया गया है. उन्होंने कहा कि इसके लिए सरकार (बिहार की महागठबंधन सरकार) को कुर्बान नहीं किया जाएगा. लालू ने कहा, 'मैं कोई कालीदास नहीं हूं, कि जिस पेड़ पर बैठा हूं, उसी को काटूं.'
नीतीश द्वारा कोविंद को समर्थन की घोषणा को कई लोगों ने इस बात का संकेत माना कि वह लालू यादव से अलग हटकर किसी नए गठबंधन की तलाश में हैं और वह बीजेपी के साथ भी जा सकते हैं. हालांकि नीतीश सरकार में मंत्री पद संभाल रहे लालू के दोनों बेटों और उनके परिवार के कुछ अन्य सदस्यों के खिलाफ चल रही जांच को देखते हुए गठबंधन के घटक दल काफी हद तक निश्चिंत थे कि लालू सत्ता के साझीदार बने रहेंगे.
लालू यादव का यह बयान उनके सहयोगी दल जेडीयू के प्रमुख और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ सुलह-समझौते के एक दिन बाद आया है. उल्लेखनीय है कि नीतीश ने विपक्षी दलों के रुख से अलग हटते हुए बीजेपी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को समर्थन दिए जाने की घोषणा की. इसके बाद करीब हफ्ते भर तक आरजेडी और जेडीयू के रिश्तों में खटास की स्थिति बनी रही.टिप्पणियां
लालू यादव ने कोविंद को समर्थन देने के नीतीश के फैसले को ऐतिहासिक भूल करार दिया. हालांकि बाद में उन्होंने ही आगे बढ़कर सुलह का रास्ता भी तैयार किया. बुधवार को लालू ने साफ किया कि नीतीश कुमार ही बॉस हैं और महागठबंधन का भविष्य काफी उज्ज्वल है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति चुनावों को लेकर अपने गठबंधन के सहयोगी दल से मतभेदों को सुलझा लिया गया है. उन्होंने कहा कि इसके लिए सरकार (बिहार की महागठबंधन सरकार) को कुर्बान नहीं किया जाएगा. लालू ने कहा, 'मैं कोई कालीदास नहीं हूं, कि जिस पेड़ पर बैठा हूं, उसी को काटूं.'
नीतीश द्वारा कोविंद को समर्थन की घोषणा को कई लोगों ने इस बात का संकेत माना कि वह लालू यादव से अलग हटकर किसी नए गठबंधन की तलाश में हैं और वह बीजेपी के साथ भी जा सकते हैं. हालांकि नीतीश सरकार में मंत्री पद संभाल रहे लालू के दोनों बेटों और उनके परिवार के कुछ अन्य सदस्यों के खिलाफ चल रही जांच को देखते हुए गठबंधन के घटक दल काफी हद तक निश्चिंत थे कि लालू सत्ता के साझीदार बने रहेंगे.
लालू यादव ने कोविंद को समर्थन देने के नीतीश के फैसले को ऐतिहासिक भूल करार दिया. हालांकि बाद में उन्होंने ही आगे बढ़कर सुलह का रास्ता भी तैयार किया. बुधवार को लालू ने साफ किया कि नीतीश कुमार ही बॉस हैं और महागठबंधन का भविष्य काफी उज्ज्वल है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति चुनावों को लेकर अपने गठबंधन के सहयोगी दल से मतभेदों को सुलझा लिया गया है. उन्होंने कहा कि इसके लिए सरकार (बिहार की महागठबंधन सरकार) को कुर्बान नहीं किया जाएगा. लालू ने कहा, 'मैं कोई कालीदास नहीं हूं, कि जिस पेड़ पर बैठा हूं, उसी को काटूं.'
नीतीश द्वारा कोविंद को समर्थन की घोषणा को कई लोगों ने इस बात का संकेत माना कि वह लालू यादव से अलग हटकर किसी नए गठबंधन की तलाश में हैं और वह बीजेपी के साथ भी जा सकते हैं. हालांकि नीतीश सरकार में मंत्री पद संभाल रहे लालू के दोनों बेटों और उनके परिवार के कुछ अन्य सदस्यों के खिलाफ चल रही जांच को देखते हुए गठबंधन के घटक दल काफी हद तक निश्चिंत थे कि लालू सत्ता के साझीदार बने रहेंगे.
नीतीश द्वारा कोविंद को समर्थन की घोषणा को कई लोगों ने इस बात का संकेत माना कि वह लालू यादव से अलग हटकर किसी नए गठबंधन की तलाश में हैं और वह बीजेपी के साथ भी जा सकते हैं. हालांकि नीतीश सरकार में मंत्री पद संभाल रहे लालू के दोनों बेटों और उनके परिवार के कुछ अन्य सदस्यों के खिलाफ चल रही जांच को देखते हुए गठबंधन के घटक दल काफी हद तक निश्चिंत थे कि लालू सत्ता के साझीदार बने रहेंगे. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: बीजेपी राजनीतिक बदले से मेरे खिलाफ कार्रवाई कर ही है- लालू
'आरोपों का सामना करूंगा, न कि बीजेपी से नरमी का आग्रह करूंगा'
'बिहार में महागठबंधन का भविष्य काफी उज्ज्वल है' | 3 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: निजी विमानन कंपनी एयरएशिया ने दीवाली त्योहार के दौरान उसकी उड़ानों के जरिए यात्रा करने वालों को किराये में 20 प्रतिशत तक छूट की घोषणा की है।
कंपनी का कहना है कि यह विशेष प्रोत्साहन अभियान रविवार से शुरू हुआ और 17 जुलाई तक चलेगा। इसके तहत 18 जुलाई से 24 नवंबर 2016 तक यात्रा करने वालों को किराये में छूट दी जा रही है।टिप्पणियां
कंपनी का कहना है कि किराये में 20 प्रतिशत तक की यह छूट भारत के साथ-साथ मलेशिया, थाइलैंड, इंडोनेशिया तथा फिलीपींस में भी लागू होगी। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
कंपनी का कहना है कि यह विशेष प्रोत्साहन अभियान रविवार से शुरू हुआ और 17 जुलाई तक चलेगा। इसके तहत 18 जुलाई से 24 नवंबर 2016 तक यात्रा करने वालों को किराये में छूट दी जा रही है।टिप्पणियां
कंपनी का कहना है कि किराये में 20 प्रतिशत तक की यह छूट भारत के साथ-साथ मलेशिया, थाइलैंड, इंडोनेशिया तथा फिलीपींस में भी लागू होगी। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
कंपनी का कहना है कि किराये में 20 प्रतिशत तक की यह छूट भारत के साथ-साथ मलेशिया, थाइलैंड, इंडोनेशिया तथा फिलीपींस में भी लागू होगी। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त सारांश: रविवार से लेकर 17 जुलाई तक खुला रहेगा यह ऑफर
इसी 18 जुलाई से 24 नवंबर तक यात्रा करने वालों को मिलेगी किराए में छूट
भारत के अलावा मलेशिया, थाइलैंड, इंडोनेशिया और फिलीपींस में भी लागू होगी | 8 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारत : शिखर धवन, लोकेश राहुल, चेतेश्वर पुजारा, विराट कोहली (कप्तान), अजिंक्य रहाणे, रविचंद्रन अश्विन, ऋद्धिमान साहा, हार्दिक पांड्या, रवींद्र जडेजा, मोहम्मद शमी और उमेश यादव.टिप्पणियां
श्रीलंका : दिमुथ करुणारत्ने, उपुल थरंगा, कुसल मेंडिस, दिनेश चंदीमल (कप्तान), एंजेलो मैथ्यूज, धनजंय डिसिल्वा, निरोशन डिकवेला, रंगना हेराथ, दिलरुवान परेरा, मेलिंडा पुष्पकुमार, नुवान प्रदीप.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
श्रीलंका : दिमुथ करुणारत्ने, उपुल थरंगा, कुसल मेंडिस, दिनेश चंदीमल (कप्तान), एंजेलो मैथ्यूज, धनजंय डिसिल्वा, निरोशन डिकवेला, रंगना हेराथ, दिलरुवान परेरा, मेलिंडा पुष्पकुमार, नुवान प्रदीप.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यह एक सारांश है: दूसरी पारी में श्रीलंका का स्कोर दो विकेट पर 209 रन
कुसल मेंडिस ने बनाया शतक, करुणारत्ने 92 रन पर नाबाद
पहली पारी के आधार पर अभी भी 230 रन पीछे है श्रीलंका | 24 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: रुपये पर दबाव कम करने के लगातार प्रयासों के बीच रिजर्व बैंक ने सामान और सॉफ्टवेयर निर्यात करने वाली फर्मों के लिए अपने निर्यात की कीमत को वसूल कर अधिक से अधिक नौ माह में देश लाना अनिवार्य कर दिया है। इससे पहले उन्हें निर्यात की वसूली और प्रत्यावर्तन के लिए 12 माह का समय मिला हुआ था।
रिजर्व बैंक के इस निर्णय से देश में विदेशी मुद्रा का प्रवाह बढ़ने की संभावना है। केंद्रीय बैंक ने पिछले नवंबर में वैश्विक नरमी के मद्दे नजर निर्यातकों को निर्यात की कमाई वसूलने और उसे देश में लाने के लिए 12 महीने तक का समय दिया गया था। पहले उन्हें 6 माह में कमाई वापस लानी पड़ती थी।टिप्पणियां
हालांकि उद्योग विशेषज्ञों ने कहा कि देश के बढ़ते चालू खाते के घाटे (कैड) और डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी के कारण इसे धन लाने की समयसीमा घटा दी है।
आरबीआई ने एक अधिसूचना में कहा, भारत सरकार के साथ परामर्श के बाद निर्यात की कीमत की वसूली और उक्त प्राप्ति अवधि को निर्यात की तिथि के 12 महीने से घटाकर नौ महीने करने का फैसला किया गया, जो 30 सितंबर 2013 तक वैध रहेगा। इसमें यह भी कहा गया है कि विशेष आर्थिक क्षेत्र (सेज) की इकाइयों और भारत से बाहर स्थापित भडारणगृहों से निर्यातित सामान व सॉफ्टवेयर की आय की वसूली और प्रत्यावर्तन संबंधी प्रावधानों में कोई बदालव नहीं किया गया है। जून में भारत का निर्यात 4.6 प्रतिशत गिरकर 23.79 अरब डॉलर रहा। इससे पिछले माह भी इमें गिरावट आई थी।
रिजर्व बैंक के इस निर्णय से देश में विदेशी मुद्रा का प्रवाह बढ़ने की संभावना है। केंद्रीय बैंक ने पिछले नवंबर में वैश्विक नरमी के मद्दे नजर निर्यातकों को निर्यात की कमाई वसूलने और उसे देश में लाने के लिए 12 महीने तक का समय दिया गया था। पहले उन्हें 6 माह में कमाई वापस लानी पड़ती थी।टिप्पणियां
हालांकि उद्योग विशेषज्ञों ने कहा कि देश के बढ़ते चालू खाते के घाटे (कैड) और डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी के कारण इसे धन लाने की समयसीमा घटा दी है।
आरबीआई ने एक अधिसूचना में कहा, भारत सरकार के साथ परामर्श के बाद निर्यात की कीमत की वसूली और उक्त प्राप्ति अवधि को निर्यात की तिथि के 12 महीने से घटाकर नौ महीने करने का फैसला किया गया, जो 30 सितंबर 2013 तक वैध रहेगा। इसमें यह भी कहा गया है कि विशेष आर्थिक क्षेत्र (सेज) की इकाइयों और भारत से बाहर स्थापित भडारणगृहों से निर्यातित सामान व सॉफ्टवेयर की आय की वसूली और प्रत्यावर्तन संबंधी प्रावधानों में कोई बदालव नहीं किया गया है। जून में भारत का निर्यात 4.6 प्रतिशत गिरकर 23.79 अरब डॉलर रहा। इससे पिछले माह भी इमें गिरावट आई थी।
हालांकि उद्योग विशेषज्ञों ने कहा कि देश के बढ़ते चालू खाते के घाटे (कैड) और डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी के कारण इसे धन लाने की समयसीमा घटा दी है।
आरबीआई ने एक अधिसूचना में कहा, भारत सरकार के साथ परामर्श के बाद निर्यात की कीमत की वसूली और उक्त प्राप्ति अवधि को निर्यात की तिथि के 12 महीने से घटाकर नौ महीने करने का फैसला किया गया, जो 30 सितंबर 2013 तक वैध रहेगा। इसमें यह भी कहा गया है कि विशेष आर्थिक क्षेत्र (सेज) की इकाइयों और भारत से बाहर स्थापित भडारणगृहों से निर्यातित सामान व सॉफ्टवेयर की आय की वसूली और प्रत्यावर्तन संबंधी प्रावधानों में कोई बदालव नहीं किया गया है। जून में भारत का निर्यात 4.6 प्रतिशत गिरकर 23.79 अरब डॉलर रहा। इससे पिछले माह भी इमें गिरावट आई थी।
आरबीआई ने एक अधिसूचना में कहा, भारत सरकार के साथ परामर्श के बाद निर्यात की कीमत की वसूली और उक्त प्राप्ति अवधि को निर्यात की तिथि के 12 महीने से घटाकर नौ महीने करने का फैसला किया गया, जो 30 सितंबर 2013 तक वैध रहेगा। इसमें यह भी कहा गया है कि विशेष आर्थिक क्षेत्र (सेज) की इकाइयों और भारत से बाहर स्थापित भडारणगृहों से निर्यातित सामान व सॉफ्टवेयर की आय की वसूली और प्रत्यावर्तन संबंधी प्रावधानों में कोई बदालव नहीं किया गया है। जून में भारत का निर्यात 4.6 प्रतिशत गिरकर 23.79 अरब डॉलर रहा। इससे पिछले माह भी इमें गिरावट आई थी। | यहाँ एक सारांश है:रुपये पर दबाव कम करने के लगातार प्रयासों के बीच रिजर्व बैंक ने सामान और सॉफ्टवेयर निर्यात करने वाली फर्मों के लिए अपने निर्यात की कीमत को वसूल कर अधिक से अधिक नौ माह में देश लाना अनिवार्य कर दिया है। | 12 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: दोनों अभ्यास मैचों में हार के बाद राजकोट में भारत के खिलाफ पहले एकदिवसीय मैच में जीत को इंग्लैंड के आलराउंडर समित पटेल ने बेहतरीन करार दिया। पटेल ने मंगलवार को होने वाले दूसरे वनडे से पहले टीम के अभ्यास सत्र के बाद संवाददाताओं से कहा, यह शानदार शुरुआत है विशेषकर हम दोनों अभ्यास मैच हार गए थे। इन परिस्थितियों में संयम बनाए रखना और सकारात्मक बने रहना जरूरी है।
पटेल ने कहा कि इंग्लैंड टेस्ट शृंखला जीतने के बाद अब भारत में वनडे शृंखला जीतने के लिए भी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करेगा। राजकोट में केवल 20 गेंद पर नाबाद 44 रन की तूफानी पारी खेलने वाले पटेल ने कहा, हमारे पास अच्छा मौका है और हम इसे हासिल कर सकते हैं। टीम ने जिस तरह से स्पिनरों से निबटना सीखा है वह बेमिसाल है। पटेल से जब पूछा गया कि क्या वह ऊपरी क्रम में बल्लेबाजी करना पसंद करेंगे, उन्होंने कहा, टीम मुझे जिस नंबर पर भी बल्लेबाजी के लिए कहेगी मुझे उसमें खुशी होगी। हमारे पास केविन पीटरसन और इयोन मोर्गन जैसे कुछ अच्छे हिटर हैं।
पटेल ने कहा कि इंग्लैंड टेस्ट शृंखला जीतने के बाद अब भारत में वनडे शृंखला जीतने के लिए भी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करेगा। राजकोट में केवल 20 गेंद पर नाबाद 44 रन की तूफानी पारी खेलने वाले पटेल ने कहा, हमारे पास अच्छा मौका है और हम इसे हासिल कर सकते हैं। टीम ने जिस तरह से स्पिनरों से निबटना सीखा है वह बेमिसाल है। पटेल से जब पूछा गया कि क्या वह ऊपरी क्रम में बल्लेबाजी करना पसंद करेंगे, उन्होंने कहा, टीम मुझे जिस नंबर पर भी बल्लेबाजी के लिए कहेगी मुझे उसमें खुशी होगी। हमारे पास केविन पीटरसन और इयोन मोर्गन जैसे कुछ अच्छे हिटर हैं। | संक्षिप्त पाठ: दोनों अभ्यास मैचों में हार के बाद राजकोट में भारत के खिलाफ पहले एकदिवसीय मैच में जीत को इंग्लैंड के आलराउंडर समित पटेल ने बेहतरीन करार दिया। | 13 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: टी-20 में अपने 10,000 रन पूरे करने वाले बल्लेबाज क्रिस गेल का कहना है कि विश्व विजेता का नाम उन्हें अच्छा लगता है और यह विश्व विजेता अब भी जिंदा है. उल्लेखनीय है कि मंगलवार रात को राजकोट के सौराष्ट्र क्रिकेट संघ स्टेडियम में खेले गए मैच में रॉयल चैलेंजस बेंगलोर ने गेल (77) और कप्तान विराट कोहली (64) की तूफानी बल्लेबाजी के दम पर गुजरात लायंस को 21 रनों से हरा दिया. इसके साथ ही गेल ने टी-20 करियर में अपने 10 हजार रन भी पूरे किए.
इस मैच के 'मैन ऑफ द मैच' चुने गए गेल ने कहा, "मुझे विश्व विजेता का नाम अच्छा लगता है. वह वापस आया है और मैदान पर और भी बेहतर तरीके से उसने वापसी की है."
गेल ने कहा, "प्रशंसक गेल को खेलते देखना चाहते हैं. यह सब आपके विचारों पर आधारित है. दृढ़ संकल्प होना जरूरी है. 10 हजार रन पूरे करने का खास पल है. कई लोग मेरे और मेरे रुख के बारे में बात करते हैं. यहां तक कि शॉन पोलोक भी. आप हर पल सीखते हो. लोग अब भी गेल पर नजर बनाए हुए हैं. विश्व का विजेता अब भी मौजूद है और जिंदा है."टिप्पणियां
क्रिस गेल ने अब तक अपने करियर में 40 से अधिक औसत और लगभग 150 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए हैं. गेल के नाम पर क्रिकेट के इस छोटे प्रारूप में 18 शतक और 60 अर्धशतक दर्ज हैं. इस मैच से पहले तक उनके नाम पर 736 छक्के दर्ज थे. इस तरह से उन्होंने लगभग 44.16 प्रतिशत रन छक्कों से बनाए हैं. गेल प्रथम श्रेणी, लिस्ट ए और टी-20 तीनों प्रारूपों में 10,000 से अधिक रन बनाने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज भी बन गए हैं. उन्होंने प्रथम श्रेणी में 248 पारियों, लिस्ट ए में 273 पारियों और टी-20 में 285 पारियों में यह उपलब्धि हासिल की.
प्रथम श्रेणी मैचों में सबसे पहले 10,000 रन महान डब्ल्यू जी ग्रेस ने 1873 में पूरे किए थे, जबकि लिस्ट ए में यह उपलब्धि न्यूजीलैंड के ग्लेन टर्नर ने 1983 में हासिल की थी. टी-20 में गेल के बाद सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों में ब्रैंडन मैकुलम (7524) दूसरे और ब्रैड हॉज (7338) तीसरे स्थान पर हैं.
इनपुट: IANS
इस मैच के 'मैन ऑफ द मैच' चुने गए गेल ने कहा, "मुझे विश्व विजेता का नाम अच्छा लगता है. वह वापस आया है और मैदान पर और भी बेहतर तरीके से उसने वापसी की है."
गेल ने कहा, "प्रशंसक गेल को खेलते देखना चाहते हैं. यह सब आपके विचारों पर आधारित है. दृढ़ संकल्प होना जरूरी है. 10 हजार रन पूरे करने का खास पल है. कई लोग मेरे और मेरे रुख के बारे में बात करते हैं. यहां तक कि शॉन पोलोक भी. आप हर पल सीखते हो. लोग अब भी गेल पर नजर बनाए हुए हैं. विश्व का विजेता अब भी मौजूद है और जिंदा है."टिप्पणियां
क्रिस गेल ने अब तक अपने करियर में 40 से अधिक औसत और लगभग 150 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए हैं. गेल के नाम पर क्रिकेट के इस छोटे प्रारूप में 18 शतक और 60 अर्धशतक दर्ज हैं. इस मैच से पहले तक उनके नाम पर 736 छक्के दर्ज थे. इस तरह से उन्होंने लगभग 44.16 प्रतिशत रन छक्कों से बनाए हैं. गेल प्रथम श्रेणी, लिस्ट ए और टी-20 तीनों प्रारूपों में 10,000 से अधिक रन बनाने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज भी बन गए हैं. उन्होंने प्रथम श्रेणी में 248 पारियों, लिस्ट ए में 273 पारियों और टी-20 में 285 पारियों में यह उपलब्धि हासिल की.
प्रथम श्रेणी मैचों में सबसे पहले 10,000 रन महान डब्ल्यू जी ग्रेस ने 1873 में पूरे किए थे, जबकि लिस्ट ए में यह उपलब्धि न्यूजीलैंड के ग्लेन टर्नर ने 1983 में हासिल की थी. टी-20 में गेल के बाद सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों में ब्रैंडन मैकुलम (7524) दूसरे और ब्रैड हॉज (7338) तीसरे स्थान पर हैं.
इनपुट: IANS
गेल ने कहा, "प्रशंसक गेल को खेलते देखना चाहते हैं. यह सब आपके विचारों पर आधारित है. दृढ़ संकल्प होना जरूरी है. 10 हजार रन पूरे करने का खास पल है. कई लोग मेरे और मेरे रुख के बारे में बात करते हैं. यहां तक कि शॉन पोलोक भी. आप हर पल सीखते हो. लोग अब भी गेल पर नजर बनाए हुए हैं. विश्व का विजेता अब भी मौजूद है और जिंदा है."टिप्पणियां
क्रिस गेल ने अब तक अपने करियर में 40 से अधिक औसत और लगभग 150 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए हैं. गेल के नाम पर क्रिकेट के इस छोटे प्रारूप में 18 शतक और 60 अर्धशतक दर्ज हैं. इस मैच से पहले तक उनके नाम पर 736 छक्के दर्ज थे. इस तरह से उन्होंने लगभग 44.16 प्रतिशत रन छक्कों से बनाए हैं. गेल प्रथम श्रेणी, लिस्ट ए और टी-20 तीनों प्रारूपों में 10,000 से अधिक रन बनाने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज भी बन गए हैं. उन्होंने प्रथम श्रेणी में 248 पारियों, लिस्ट ए में 273 पारियों और टी-20 में 285 पारियों में यह उपलब्धि हासिल की.
प्रथम श्रेणी मैचों में सबसे पहले 10,000 रन महान डब्ल्यू जी ग्रेस ने 1873 में पूरे किए थे, जबकि लिस्ट ए में यह उपलब्धि न्यूजीलैंड के ग्लेन टर्नर ने 1983 में हासिल की थी. टी-20 में गेल के बाद सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों में ब्रैंडन मैकुलम (7524) दूसरे और ब्रैड हॉज (7338) तीसरे स्थान पर हैं.
इनपुट: IANS
क्रिस गेल ने अब तक अपने करियर में 40 से अधिक औसत और लगभग 150 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए हैं. गेल के नाम पर क्रिकेट के इस छोटे प्रारूप में 18 शतक और 60 अर्धशतक दर्ज हैं. इस मैच से पहले तक उनके नाम पर 736 छक्के दर्ज थे. इस तरह से उन्होंने लगभग 44.16 प्रतिशत रन छक्कों से बनाए हैं. गेल प्रथम श्रेणी, लिस्ट ए और टी-20 तीनों प्रारूपों में 10,000 से अधिक रन बनाने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज भी बन गए हैं. उन्होंने प्रथम श्रेणी में 248 पारियों, लिस्ट ए में 273 पारियों और टी-20 में 285 पारियों में यह उपलब्धि हासिल की.
प्रथम श्रेणी मैचों में सबसे पहले 10,000 रन महान डब्ल्यू जी ग्रेस ने 1873 में पूरे किए थे, जबकि लिस्ट ए में यह उपलब्धि न्यूजीलैंड के ग्लेन टर्नर ने 1983 में हासिल की थी. टी-20 में गेल के बाद सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों में ब्रैंडन मैकुलम (7524) दूसरे और ब्रैड हॉज (7338) तीसरे स्थान पर हैं.
इनपुट: IANS
प्रथम श्रेणी मैचों में सबसे पहले 10,000 रन महान डब्ल्यू जी ग्रेस ने 1873 में पूरे किए थे, जबकि लिस्ट ए में यह उपलब्धि न्यूजीलैंड के ग्लेन टर्नर ने 1983 में हासिल की थी. टी-20 में गेल के बाद सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों में ब्रैंडन मैकुलम (7524) दूसरे और ब्रैड हॉज (7338) तीसरे स्थान पर हैं.
इनपुट: IANS | यहाँ एक सारांश है:टी20 में 10000 रन पूरे करने पर क्रिस गेल ने व्यक्त की भावनाएं
कहा, विश्व विजेता का नाम उन्हें अच्छा लगता है
कहा, प्रशंसक गेल को खेलते देखना चाहते हैं | 4 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: अमेरिका के बोस्टन शहर के नजदीक प्रसिद्ध मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के परिसर में एक बंदूकधारी ने एक पुलिसकर्मी की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिसकर्मी की हत्या के बाद यूनिवर्सिटी ने छात्रों को अंदर रहने की हिदायत दी और बंदूकधारी की गहन तलाशी शुरू की गई। इसके बाद संस्थान के पास के इलाके से फायरिंग और धमाके की आवाजें सुनी गईं।
बोस्टन के नजदीक ही स्थित यूनिवर्सिटी के प्रशासन ने गोलीबारी के दो घंटे के बाद अपनी वेबसाइट पर इमरजेंसी अलर्ट जारी करते हुए कहा, "गोली चलाने वाला फरार है, पुलिस परिसर की तलाशी कर रही है। कृपया अगले आदेश तक अंदर ही रहें।"टिप्पणियां
इस पुलिस अफसर को कई गोलियां लगी थीं और उसे अस्ताल ले जाया गया, लेकिन उसको बचाया नहीं जा सका। फायरिंग के बाद पुलिस और एफबीआई को मौके पर बुलाया गया।
उल्लेखनीय है कि इसी सप्ताह बोस्टन में मैराथन के दौरान दो बम धमाके हुए थे, जिनमें तीन लोगों की मौत हुई थी और 180 से अधिक लोग घायल हुए थे।
बोस्टन के नजदीक ही स्थित यूनिवर्सिटी के प्रशासन ने गोलीबारी के दो घंटे के बाद अपनी वेबसाइट पर इमरजेंसी अलर्ट जारी करते हुए कहा, "गोली चलाने वाला फरार है, पुलिस परिसर की तलाशी कर रही है। कृपया अगले आदेश तक अंदर ही रहें।"टिप्पणियां
इस पुलिस अफसर को कई गोलियां लगी थीं और उसे अस्ताल ले जाया गया, लेकिन उसको बचाया नहीं जा सका। फायरिंग के बाद पुलिस और एफबीआई को मौके पर बुलाया गया।
उल्लेखनीय है कि इसी सप्ताह बोस्टन में मैराथन के दौरान दो बम धमाके हुए थे, जिनमें तीन लोगों की मौत हुई थी और 180 से अधिक लोग घायल हुए थे।
इस पुलिस अफसर को कई गोलियां लगी थीं और उसे अस्ताल ले जाया गया, लेकिन उसको बचाया नहीं जा सका। फायरिंग के बाद पुलिस और एफबीआई को मौके पर बुलाया गया।
उल्लेखनीय है कि इसी सप्ताह बोस्टन में मैराथन के दौरान दो बम धमाके हुए थे, जिनमें तीन लोगों की मौत हुई थी और 180 से अधिक लोग घायल हुए थे।
उल्लेखनीय है कि इसी सप्ताह बोस्टन में मैराथन के दौरान दो बम धमाके हुए थे, जिनमें तीन लोगों की मौत हुई थी और 180 से अधिक लोग घायल हुए थे। | यहाँ एक सारांश है:अमेरिका के बोस्टन शहर के नजदीक प्रसिद्ध मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के परिसर में एक बंदूकधारी ने एक पुलिसकर्मी की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद संस्थान के पास के इलाके से फायरिंग और धमाके की आवाजें सुनी गईं। | 4 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: राज ठाकरे के बयान पर केन्द्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कहा है कि इस देश में किसी को भी कहीं भी जाने का अधिकार है और इसमें कोई रोकटोक नहीं है।टिप्पणियां
एमएनएस अध्यक्ष राज ठाकरे की आक्रामक बयानबाज़ी पर बीएसपी अध्यक्ष मायावती ने वार किया है। मायावती ने कहा कि राज्य सरकार के ढुलमुल रवैये की वजह से ऐसी बयानबाज़ी होती है।
इससे पहले बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने भी आरोप लगाया है कि महाराष्ट्र सरकार जानबूझकर राज ठाकरे के ख़िलाफ़ कार्रवाई नहीं करती है। उन्होंने कहा है कि राज ठाकरे जिस तरह की बयानबाज़ी कर रहे हैं वह ठीक नहीं है। उन्होंने यह भी कहा है कि देश के किसी हिस्से में दूसरे हिस्से के लोगों को रहने की पूरी इजाज़त है।
एमएनएस अध्यक्ष राज ठाकरे की आक्रामक बयानबाज़ी पर बीएसपी अध्यक्ष मायावती ने वार किया है। मायावती ने कहा कि राज्य सरकार के ढुलमुल रवैये की वजह से ऐसी बयानबाज़ी होती है।
इससे पहले बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने भी आरोप लगाया है कि महाराष्ट्र सरकार जानबूझकर राज ठाकरे के ख़िलाफ़ कार्रवाई नहीं करती है। उन्होंने कहा है कि राज ठाकरे जिस तरह की बयानबाज़ी कर रहे हैं वह ठीक नहीं है। उन्होंने यह भी कहा है कि देश के किसी हिस्से में दूसरे हिस्से के लोगों को रहने की पूरी इजाज़त है।
इससे पहले बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने भी आरोप लगाया है कि महाराष्ट्र सरकार जानबूझकर राज ठाकरे के ख़िलाफ़ कार्रवाई नहीं करती है। उन्होंने कहा है कि राज ठाकरे जिस तरह की बयानबाज़ी कर रहे हैं वह ठीक नहीं है। उन्होंने यह भी कहा है कि देश के किसी हिस्से में दूसरे हिस्से के लोगों को रहने की पूरी इजाज़त है। | संक्षिप्त पाठ: राज ठाकरे के बयान पर केन्द्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कहा है कि इस देश में किसी को भी कहीं भी जाने का अधिकार है और इसमें कोई रोकटोक नहीं है। | 22 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर का मानना है कि सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ‘देखो और मारो’ की अपनी रणनीति को छोड़ने के कारण लगभग दो साल बाद पहला टेस्ट शतक बनाने में सफल रहे। सहवाग ने इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट मैच के शुरुआती दिन आज 117 रन बनाए।टिप्पणियां
गावस्कर ने कहा, देखो और मारो यह टेस्ट क्रिकेट नहीं होता। वह ऐसा करता था, जो गलत था। अब वह संयम के साथ खेला। आपको क्रीज पर समय बिताना पड़ता है। गावस्कर को निराशा है कि सहवाग दोहरा शतक नहीं बना पाए। उन्होंने कहा, वह प्रतिबद्ध होकर खेल रहा था। उसने संयम बनाये रखा। यह निराशाजनक है कि वह दोहरा शतक नहीं बना पाया। मुझे निराशा है और यहां तक कि वह भी निराश होगा। जब कोई लंबे समय बाद शतक लगाता है तो वह बड़ी पारी खेलना चाहता है, लेकिन उसने अपनी भूमिका निभाई। यह केवल व्यक्तिगत निराशा है।
उन्होंने एनडीटीवी से कहा, उसने लंबे समय बाद शतक लगाया है। इसका मतलब है कि हम उससे सिर्फ इस शृंखला में नहीं बल्कि सत्र में आगे भी कुछ और शतकों की उम्मीद कर सकते हैं। सहवाग ने इससे पहले अपना आखिरी शतक नवंबर 2010 में बनाया था। गावस्कर ने चेतेश्वर पुजारा की भी तारीफ की। उन्होंने कहा, हम सभी जानते हैं कि वह धैर्य के साथ बल्लेबाजी करता है। हमने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 72 रन की पारी और न्यूजीलैंड के खिलाफ शतक के दौरान भी इसे देखा था, लेकिन उसकी असली परीक्षा विदेशों में होगी और तब हम जानेंगे कि हमें राहुल द्रविड़ का सही विकल्प मिल गया है या नहीं।
गावस्कर ने कहा, देखो और मारो यह टेस्ट क्रिकेट नहीं होता। वह ऐसा करता था, जो गलत था। अब वह संयम के साथ खेला। आपको क्रीज पर समय बिताना पड़ता है। गावस्कर को निराशा है कि सहवाग दोहरा शतक नहीं बना पाए। उन्होंने कहा, वह प्रतिबद्ध होकर खेल रहा था। उसने संयम बनाये रखा। यह निराशाजनक है कि वह दोहरा शतक नहीं बना पाया। मुझे निराशा है और यहां तक कि वह भी निराश होगा। जब कोई लंबे समय बाद शतक लगाता है तो वह बड़ी पारी खेलना चाहता है, लेकिन उसने अपनी भूमिका निभाई। यह केवल व्यक्तिगत निराशा है।
उन्होंने एनडीटीवी से कहा, उसने लंबे समय बाद शतक लगाया है। इसका मतलब है कि हम उससे सिर्फ इस शृंखला में नहीं बल्कि सत्र में आगे भी कुछ और शतकों की उम्मीद कर सकते हैं। सहवाग ने इससे पहले अपना आखिरी शतक नवंबर 2010 में बनाया था। गावस्कर ने चेतेश्वर पुजारा की भी तारीफ की। उन्होंने कहा, हम सभी जानते हैं कि वह धैर्य के साथ बल्लेबाजी करता है। हमने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 72 रन की पारी और न्यूजीलैंड के खिलाफ शतक के दौरान भी इसे देखा था, लेकिन उसकी असली परीक्षा विदेशों में होगी और तब हम जानेंगे कि हमें राहुल द्रविड़ का सही विकल्प मिल गया है या नहीं।
उन्होंने एनडीटीवी से कहा, उसने लंबे समय बाद शतक लगाया है। इसका मतलब है कि हम उससे सिर्फ इस शृंखला में नहीं बल्कि सत्र में आगे भी कुछ और शतकों की उम्मीद कर सकते हैं। सहवाग ने इससे पहले अपना आखिरी शतक नवंबर 2010 में बनाया था। गावस्कर ने चेतेश्वर पुजारा की भी तारीफ की। उन्होंने कहा, हम सभी जानते हैं कि वह धैर्य के साथ बल्लेबाजी करता है। हमने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 72 रन की पारी और न्यूजीलैंड के खिलाफ शतक के दौरान भी इसे देखा था, लेकिन उसकी असली परीक्षा विदेशों में होगी और तब हम जानेंगे कि हमें राहुल द्रविड़ का सही विकल्प मिल गया है या नहीं। | सारांश: पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर का मानना है कि सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ‘देखो और मारो’ की अपनी रणनीति को छोड़ने के कारण लगभग दो साल बाद पहला टेस्ट शतक बनाने में सफल रहे। | 31 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सुपारी देकर शहला मसूद की हत्या का आरोप भोपाल की एक इंटीरियर डिजाइनर जाहिदा परवेज पर लगा है। जाहिदा को कोर्ट में पेशी के लिए इंदौर ले जाया गया है। आरोप हैं कि जाहिदा के पति से शहला के ताल्लुकात थे इसलिए जाहिदा ने उसकी हत्या कराई। पिछले साल 16 अगस्त को शहला मसूद की ठीक उनके घर के सामने हत्या कर दी गई थी।
सीबीआई के सूत्रों के मुताबिक जाहिदा ने लिखित तौर पर अपना जुर्म कबूल किया है कि उसने सुपारी देकर शहला की हत्या करवाई। पुलिस लव ट्राएंगल को हत्या की वजह मान रही है। इसके अलावा जाहिदा को सुपारी दिलवाने में मदद करने वाले साकिब डेंजर को भी सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया है।
सीबीआई के सूत्रों के मुताबिक जाहिदा ने लिखित तौर पर अपना जुर्म कबूल किया है कि उसने सुपारी देकर शहला की हत्या करवाई। पुलिस लव ट्राएंगल को हत्या की वजह मान रही है। इसके अलावा जाहिदा को सुपारी दिलवाने में मदद करने वाले साकिब डेंजर को भी सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया है। | यहाँ एक सारांश है:सुपारी देकर भोपाल की आरटीआई कार्यकर्ता शहला मसूद की हत्या का आरोप भोपाल की एक इंटीरियर डिजाइनर जाहिदा परवेज पर लगाया गया है। जाहिदा को कोर्ट में पेशी के लिए इंदौर ले जाया गया है। | 17 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले के आरोपी आरके चंदौलिया और शाहिद उस्मान बलवा की जमानत याचिका खारिज कर दी। ज्ञात हो कि चंदौलिया एवं बलवा को पूर्व दूरसंचार मंत्री ए. राजा के साथ ही गिरफ्तार किया गया था। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के विशेष न्यायाधीश ओपी सैनी ने दोनों की जमानत याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी कि जांच अभी प्रारम्भिक अवस्था में है और इनका अपराध गंभीर प्रकृति का है। दोनों की जमानत याचिका सोमवार को दायर की गई थी। चंदौलिया राजा के निजी सचिव हैं और बलवा निजी कम्पनी डीबी रियल्टी के प्रबंध निदेशक हैं। अदालत ने राजा और पूर्व दूसरंचार सचिव सिद्धार्थ बेहुरा को तीन मार्च तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेजा है। बलवा को आठ फरवरी को मुम्बई से ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली लाया गया था। इस मामले में गिरफ्तार होने वाले वह चौथे आरोपी हैं। जांच एजेंसी के अनुसार बाजार दर से कम मूल्य पर स्पेक्ट्रम के आवंटन से राजकोष को 22,000 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ। देश के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक ने इस घोटाले से 1.76 लाख करोड़ रुपये की क्षति होना का अनुमान लगाया है। | सारांश: दिल्ली की एक अदालत ने 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले के आरोपी आरके चंदौलिया और शाहिद उस्मान बलवा की जमानत याचिका खारिज कर दी। | 20 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सोल्जर और बॉडीगार्ड जैसी फिल्मों में विलेन की भूमिकाओं में नजर आ चुके अभिनेता जीतू वर्मा पर जयपुर से माउंटआबू के रास्ते पर चित्तौड़गढ़ के पास स्थानीय लोगों ने हमला कर दिया. अभिनेता के भाई मनोहर वर्मा ने मुंबई मिरर को बताया, "चित्तौड़गढ़ के पास करीब 40 किलोमीटर का क्षेत्र जंगलों से घिरा है. दिन का वक्त था, जीतू कार में ड्राइवर के बगल वाली सीट पर बैठे थे. अचानक स्थानीय लोगों ने कार पर पत्थर मारना शुरू कर दिया. ड्राइवर ने कार की स्पीड बढ़ा दी लेकिन पत्थर आने जारी रहे. एक पत्थर से कार के सामने का कांच टूट गया और पत्थर जीतू की आंख पर लगा. इसके बाद उनकी आंख से लगातार खून बहने लगा, ड्राइवर ने स्पीड बढ़ाकर कार वहां से बाहर निकाली. मनोहर वर्मा ने एयरलिफ्ट और मद्रास कैफे जैसी फिल्मों में काम किया है.टिप्पणियां
जीतू वर्मा को बाद में उदयपुर एयरपोर्ट ले जाया गया और फिर वहां से मुंबई पहुंचाया गया जहां उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया है. डॉक्टरों ने मुंबई मिरर को बताया कि उनकी आईब्रो फ्रैक्चर हो गई है और उसमें 10 टांके लगाए गए हैं. डॉक्टरों ने बताया कि उनकी एक आंख की रोशनी जा सकती है. वर्मा की पत्नी कुसुम ने मुंबई मिरर को बताया कि इस मुश्किल घड़ी में सुनील शेट्टी ने उनकी और उनके परिवार की मदद की. उन्होंने कहा, "सुनील जी ने जीतू को उदयपुर से मुंबई पहुंचाने और यहां आते ही उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने में मदद की. अब, हम उम्मीद कर रहे हैं कि वह जल्दी ठीक हो जाएं और अन्य लोगों को ऐसी घटना का सामना न करना पड़े."
जीतू वर्मा के पास दर्जनभर से ज्यादा घोड़े हैं, वह बॉलीवुड कलाकारों को घुड़सवारी की ट्रेनिंग भी देते हैं. उन्होंने हाल ही में रंगून के लिए कंगना रनौत और राब्ता के लिए सुशांत सिंह राजपूत और कृति सेनन को ट्रेनिंग दी है.
जीतू वर्मा को बाद में उदयपुर एयरपोर्ट ले जाया गया और फिर वहां से मुंबई पहुंचाया गया जहां उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया है. डॉक्टरों ने मुंबई मिरर को बताया कि उनकी आईब्रो फ्रैक्चर हो गई है और उसमें 10 टांके लगाए गए हैं. डॉक्टरों ने बताया कि उनकी एक आंख की रोशनी जा सकती है. वर्मा की पत्नी कुसुम ने मुंबई मिरर को बताया कि इस मुश्किल घड़ी में सुनील शेट्टी ने उनकी और उनके परिवार की मदद की. उन्होंने कहा, "सुनील जी ने जीतू को उदयपुर से मुंबई पहुंचाने और यहां आते ही उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने में मदद की. अब, हम उम्मीद कर रहे हैं कि वह जल्दी ठीक हो जाएं और अन्य लोगों को ऐसी घटना का सामना न करना पड़े."
जीतू वर्मा के पास दर्जनभर से ज्यादा घोड़े हैं, वह बॉलीवुड कलाकारों को घुड़सवारी की ट्रेनिंग भी देते हैं. उन्होंने हाल ही में रंगून के लिए कंगना रनौत और राब्ता के लिए सुशांत सिंह राजपूत और कृति सेनन को ट्रेनिंग दी है.
जीतू वर्मा के पास दर्जनभर से ज्यादा घोड़े हैं, वह बॉलीवुड कलाकारों को घुड़सवारी की ट्रेनिंग भी देते हैं. उन्होंने हाल ही में रंगून के लिए कंगना रनौत और राब्ता के लिए सुशांत सिंह राजपूत और कृति सेनन को ट्रेनिंग दी है. | संक्षिप्त पाठ: जीतू वर्मा ने सोल्जर और बॉडीगार्ड जैसी फिल्मों में काम किया है
चित्तौड़गढ़ के करीब जंगल पार करते वक्त उनपर हुआ हमला
सुनील शेट्टी ने उन्हें अस्पताल पहुंचाने में सहायता की | 22 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: जयपुर-भीलवाड़ा रेल मार्ग पर गुलाबपुरा रेलवे स्टेशन के निकट शनिवार की रात चालक की सतर्कता से दुर्घटना टल गई. चालक ने पटरी पर कुछ अवरोधक पड़े देख समय पर ब्रेक लगा दिया, जिससे किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा.
पढ़ें: दिल्ली से बनारस जा रहे व्यक्ति की ट्रेन से गिरकर मौत
राजकीय रेलवे पुलिस (आरपीएफ) के अनुसार अज्ञात लोग गुलाबपुरा रेलवे स्टेशन पर लोहे की बेंच और कंक्रीट स्लैब रख गए थे. हालांकि चालक ने समय पर ब्रेक लगा लिया लेकिन ट्रेन इन अवरोधकों से टकराते हुए आगे निकल गई. उन्होंने बताया कि ट्रेन को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है. हालांकि ट्रेन करीब एक घंटे तक रुकी रही. राजकीय रेलवे पुलिस अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच कर रही है.टिप्पणियां
पढ़ें: वाशिंगटन में पटरी से उतरे ट्रेन के डिब्बे, लोगों को आई हल्की चोटें(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पढ़ें: दिल्ली से बनारस जा रहे व्यक्ति की ट्रेन से गिरकर मौत
राजकीय रेलवे पुलिस (आरपीएफ) के अनुसार अज्ञात लोग गुलाबपुरा रेलवे स्टेशन पर लोहे की बेंच और कंक्रीट स्लैब रख गए थे. हालांकि चालक ने समय पर ब्रेक लगा लिया लेकिन ट्रेन इन अवरोधकों से टकराते हुए आगे निकल गई. उन्होंने बताया कि ट्रेन को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है. हालांकि ट्रेन करीब एक घंटे तक रुकी रही. राजकीय रेलवे पुलिस अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच कर रही है.टिप्पणियां
पढ़ें: वाशिंगटन में पटरी से उतरे ट्रेन के डिब्बे, लोगों को आई हल्की चोटें(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
राजकीय रेलवे पुलिस (आरपीएफ) के अनुसार अज्ञात लोग गुलाबपुरा रेलवे स्टेशन पर लोहे की बेंच और कंक्रीट स्लैब रख गए थे. हालांकि चालक ने समय पर ब्रेक लगा लिया लेकिन ट्रेन इन अवरोधकों से टकराते हुए आगे निकल गई. उन्होंने बताया कि ट्रेन को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है. हालांकि ट्रेन करीब एक घंटे तक रुकी रही. राजकीय रेलवे पुलिस अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच कर रही है.टिप्पणियां
पढ़ें: वाशिंगटन में पटरी से उतरे ट्रेन के डिब्बे, लोगों को आई हल्की चोटें(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पढ़ें: वाशिंगटन में पटरी से उतरे ट्रेन के डिब्बे, लोगों को आई हल्की चोटें(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त पाठ: चालक की सतर्कता से दुर्घटना टली
पटरी पर सामान रख गए थे अज्ञात लोग
किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा | 13 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: केंद्रीय वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी के पुत्र अभिजीत मुखर्जी ने भी चुनावी मैदान में कूदने की तैयारी कर ली है। अभिजीत ने आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की ओर से लड़ने के लिए स्टील ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (सेल) की नौकरी छोड़ दी है। सेल से जुड़े सूत्रों ने बताया कि सोमवार को सेल बोर्ड ने मंत्री पुत्र का इस्तीफा स्वीकार कर लिया और उन्हें एक या दो दिन में सेवामुक्त कर दिया जाएगा। हालांकि अभिजीत ने अपने राजनीतिक करियर के बारे में कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया । सूत्रों के मुताबिक, अभिजीत के बीरभूम जिले में नल्हाटी विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने की संभावना है। बीरभूम वित्तमंत्री का गृहक्षेत्र है और यह कांग्रेस का गढ़ बना हुआ है। पिछले तीन महीने से अभिजीत जिले में कई पुनर्वास कार्यक्रमों में सक्रियता से भाग ले रहे थे, जिसके बाद से ही उनके राजनीति में उतरने के कयास लगाए जा रहे थे। पिछले दिनों नल्हाटी में सार्वजनिक क्षेत्र के एक बैंक की शाखा के खुलने को भी अभिजीत का ही प्रयास माना जा रहा है। हालांकि शाखा के खुलने के समारोह में वह स्वयं मौजूद नहीं थे। | सारांश: केंद्रीय वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी के पुत्र अभिजीत मुखर्जी ने भी चुनावी मैदान में कूदने की तैयारी कर ली है। इसके लिए उन्होंने सेल की नौकरी छोड़ दी है। | 20 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री को लोकपाल के दायरे में लाया जाना चाहिए या नहीं इस पर चल रहे विवाद के बीच कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने गुरुवार को कहा कि प्रधानमंत्री को लोकपाल के दायरे में नहीं लाया जाना चाहिए। राहुल ने संवाददाताओं से कहा, मुझे लगता है, जब प्रधानमंत्री कार्यालय छोड़ दें, तब उन्हें लोकपाल के दायरे में लाया जाए। कार्यकाल के दौरान उन्हें (प्रधानमंत्री) इस घेरे में लाए जाने पर मेरी कुछ चिंताएं हैं। चूंकि प्रधानमंत्री सरकार का नेतृत्व करते हैं और देश चलाते हैं, इसलिए उन्हें लोकपाल के दायरे में तब लाया जाना चाहिए, जब वह कार्यभार से मुक्त हो जाएं। लोकपाल विधेयक और इसको लेकर चल रही चर्चाओं को बढ़िया करार देते हुए राहुल ने कहा कि प्रस्तावित विधेयक एक मूलभूत कदम है, लेकिन यह बीमारी का इलाज तब करता है, जब आदमी उससे ग्रसित हो जाता है। भ्रष्टाचार पर लगाम कसने के बारे में राहुल ने कहा कि राजनीति और राजनीतिकों की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए हमें सोचना होगा। भ्रष्टाचार अब खतरा बन गया है, इसलिए अब गरीबों और युवाओं को राजनीति में लाने की जरूरत है। भ्रष्टाचार से लड़ने के लिए राजनीति में शामिल लोगों की स्थिति में बदलाव की जरूरत है। | संक्षिप्त पाठ: राहुल ने कहा, जब पीएम पद छोड़ दें, तब उन्हें लोकपाल के दायरे में लाया जाए। कार्यकाल के दौरान उन्हें इस घेरे में लाए जाने पर मेरी कुछ चिंताएं हैं। | 14 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारत के विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने बुधवार को कहा कि पाकिस्तान में नेतृत्व परिवर्तन का प्रभाव दोनों देशों के मध्य जारी वार्ता प्रक्रिया पर नहीं पड़ेगा। पाकिस्तान में नये प्रधानमंत्री के नाम को लेकर कवायद चल रही है।
पाकिस्तान के सर्वोच्च न्यायालय ने मंगलवार को कहा था कि यूसुफ रजा गिलानी प्रधानमंत्री एवं सांसद के रूप में न्यायालय की अवमानना के लिए 26 अप्रैल को दोषी ठहराए जाने के दिन से ही अयोग्य हैं।
गिलानी ने शीर्ष न्यायालय के निर्देश के बावजूद राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों को फिर से खोलने के लिए स्विस प्रशासन को पत्र लिखने से इंकार कर दिया था।
पत्रकारों के यह पूछने पर कि क्या पाकिस्तान में नेतृत्व परिवर्तन का प्रभाव दोनों देशों के मध्य जारी वार्ता प्रक्रिया पर पड़ेगा तो कृष्णा ने कहा, "हम लोग पाकिस्तान में हो रहे परिवर्तनों पर नजदीकी से नजर रखे हुए हैं। जो कुछ भी घटित हो उसका प्रभाव वार्ता पर नहीं पड़ेगा।"
भारतीय विदेश सचिव रंजन मथाई से वार्ता के लिए पाकिस्तान के विदेश सचिव जलील अब्बास जिलानी का जुलाई में भारत दौरा प्रस्तावित है। इस वार्ता का उद्देश्य कृष्णा के इस्लामाबाद दौरे का आधार तैयार करना है।टिप्पणियां
कृष्णा की टिप्पणी के कुछ ही घंटे बाद नये प्रधानमंत्री के नाम पर विचार विमर्श करने के लिए सत्तारुढ़ पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) ने बुधवार शाम को इस्लामाबाद में बैठक बुलाई है। प्रधानमंत्री के लिए जो नाम प्रमुखता से लिए जा रहे हैं उनमें वस्त्र मंत्री मखदूम शहाबुद्दीन और जल एवं ऊर्जा मंत्री चौधरी अहमद मुख्तार प्रमुख हैं।
पाकिस्तान का निचला सदन नेशनल असेम्बली शुक्रवार को एक बैठक में औपचारिक तौर पर नये प्रधानमंत्री का चुनाव करेगा।
पाकिस्तान के सर्वोच्च न्यायालय ने मंगलवार को कहा था कि यूसुफ रजा गिलानी प्रधानमंत्री एवं सांसद के रूप में न्यायालय की अवमानना के लिए 26 अप्रैल को दोषी ठहराए जाने के दिन से ही अयोग्य हैं।
गिलानी ने शीर्ष न्यायालय के निर्देश के बावजूद राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों को फिर से खोलने के लिए स्विस प्रशासन को पत्र लिखने से इंकार कर दिया था।
पत्रकारों के यह पूछने पर कि क्या पाकिस्तान में नेतृत्व परिवर्तन का प्रभाव दोनों देशों के मध्य जारी वार्ता प्रक्रिया पर पड़ेगा तो कृष्णा ने कहा, "हम लोग पाकिस्तान में हो रहे परिवर्तनों पर नजदीकी से नजर रखे हुए हैं। जो कुछ भी घटित हो उसका प्रभाव वार्ता पर नहीं पड़ेगा।"
भारतीय विदेश सचिव रंजन मथाई से वार्ता के लिए पाकिस्तान के विदेश सचिव जलील अब्बास जिलानी का जुलाई में भारत दौरा प्रस्तावित है। इस वार्ता का उद्देश्य कृष्णा के इस्लामाबाद दौरे का आधार तैयार करना है।टिप्पणियां
कृष्णा की टिप्पणी के कुछ ही घंटे बाद नये प्रधानमंत्री के नाम पर विचार विमर्श करने के लिए सत्तारुढ़ पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) ने बुधवार शाम को इस्लामाबाद में बैठक बुलाई है। प्रधानमंत्री के लिए जो नाम प्रमुखता से लिए जा रहे हैं उनमें वस्त्र मंत्री मखदूम शहाबुद्दीन और जल एवं ऊर्जा मंत्री चौधरी अहमद मुख्तार प्रमुख हैं।
पाकिस्तान का निचला सदन नेशनल असेम्बली शुक्रवार को एक बैठक में औपचारिक तौर पर नये प्रधानमंत्री का चुनाव करेगा।
गिलानी ने शीर्ष न्यायालय के निर्देश के बावजूद राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों को फिर से खोलने के लिए स्विस प्रशासन को पत्र लिखने से इंकार कर दिया था।
पत्रकारों के यह पूछने पर कि क्या पाकिस्तान में नेतृत्व परिवर्तन का प्रभाव दोनों देशों के मध्य जारी वार्ता प्रक्रिया पर पड़ेगा तो कृष्णा ने कहा, "हम लोग पाकिस्तान में हो रहे परिवर्तनों पर नजदीकी से नजर रखे हुए हैं। जो कुछ भी घटित हो उसका प्रभाव वार्ता पर नहीं पड़ेगा।"
भारतीय विदेश सचिव रंजन मथाई से वार्ता के लिए पाकिस्तान के विदेश सचिव जलील अब्बास जिलानी का जुलाई में भारत दौरा प्रस्तावित है। इस वार्ता का उद्देश्य कृष्णा के इस्लामाबाद दौरे का आधार तैयार करना है।टिप्पणियां
कृष्णा की टिप्पणी के कुछ ही घंटे बाद नये प्रधानमंत्री के नाम पर विचार विमर्श करने के लिए सत्तारुढ़ पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) ने बुधवार शाम को इस्लामाबाद में बैठक बुलाई है। प्रधानमंत्री के लिए जो नाम प्रमुखता से लिए जा रहे हैं उनमें वस्त्र मंत्री मखदूम शहाबुद्दीन और जल एवं ऊर्जा मंत्री चौधरी अहमद मुख्तार प्रमुख हैं।
पाकिस्तान का निचला सदन नेशनल असेम्बली शुक्रवार को एक बैठक में औपचारिक तौर पर नये प्रधानमंत्री का चुनाव करेगा।
पत्रकारों के यह पूछने पर कि क्या पाकिस्तान में नेतृत्व परिवर्तन का प्रभाव दोनों देशों के मध्य जारी वार्ता प्रक्रिया पर पड़ेगा तो कृष्णा ने कहा, "हम लोग पाकिस्तान में हो रहे परिवर्तनों पर नजदीकी से नजर रखे हुए हैं। जो कुछ भी घटित हो उसका प्रभाव वार्ता पर नहीं पड़ेगा।"
भारतीय विदेश सचिव रंजन मथाई से वार्ता के लिए पाकिस्तान के विदेश सचिव जलील अब्बास जिलानी का जुलाई में भारत दौरा प्रस्तावित है। इस वार्ता का उद्देश्य कृष्णा के इस्लामाबाद दौरे का आधार तैयार करना है।टिप्पणियां
कृष्णा की टिप्पणी के कुछ ही घंटे बाद नये प्रधानमंत्री के नाम पर विचार विमर्श करने के लिए सत्तारुढ़ पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) ने बुधवार शाम को इस्लामाबाद में बैठक बुलाई है। प्रधानमंत्री के लिए जो नाम प्रमुखता से लिए जा रहे हैं उनमें वस्त्र मंत्री मखदूम शहाबुद्दीन और जल एवं ऊर्जा मंत्री चौधरी अहमद मुख्तार प्रमुख हैं।
पाकिस्तान का निचला सदन नेशनल असेम्बली शुक्रवार को एक बैठक में औपचारिक तौर पर नये प्रधानमंत्री का चुनाव करेगा।
भारतीय विदेश सचिव रंजन मथाई से वार्ता के लिए पाकिस्तान के विदेश सचिव जलील अब्बास जिलानी का जुलाई में भारत दौरा प्रस्तावित है। इस वार्ता का उद्देश्य कृष्णा के इस्लामाबाद दौरे का आधार तैयार करना है।टिप्पणियां
कृष्णा की टिप्पणी के कुछ ही घंटे बाद नये प्रधानमंत्री के नाम पर विचार विमर्श करने के लिए सत्तारुढ़ पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) ने बुधवार शाम को इस्लामाबाद में बैठक बुलाई है। प्रधानमंत्री के लिए जो नाम प्रमुखता से लिए जा रहे हैं उनमें वस्त्र मंत्री मखदूम शहाबुद्दीन और जल एवं ऊर्जा मंत्री चौधरी अहमद मुख्तार प्रमुख हैं।
पाकिस्तान का निचला सदन नेशनल असेम्बली शुक्रवार को एक बैठक में औपचारिक तौर पर नये प्रधानमंत्री का चुनाव करेगा।
कृष्णा की टिप्पणी के कुछ ही घंटे बाद नये प्रधानमंत्री के नाम पर विचार विमर्श करने के लिए सत्तारुढ़ पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) ने बुधवार शाम को इस्लामाबाद में बैठक बुलाई है। प्रधानमंत्री के लिए जो नाम प्रमुखता से लिए जा रहे हैं उनमें वस्त्र मंत्री मखदूम शहाबुद्दीन और जल एवं ऊर्जा मंत्री चौधरी अहमद मुख्तार प्रमुख हैं।
पाकिस्तान का निचला सदन नेशनल असेम्बली शुक्रवार को एक बैठक में औपचारिक तौर पर नये प्रधानमंत्री का चुनाव करेगा।
पाकिस्तान का निचला सदन नेशनल असेम्बली शुक्रवार को एक बैठक में औपचारिक तौर पर नये प्रधानमंत्री का चुनाव करेगा। | यहाँ एक सारांश है:भारत के विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने बुधवार को कहा कि पाकिस्तान में नेतृत्व परिवर्तन का प्रभाव दोनों देशों के मध्य जारी वार्ता प्रक्रिया पर नहीं पड़ेगा। पाकिस्तान में नये प्रधानमंत्री के नाम को लेकर कवायद चल रही है। | 18 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: देश के शेयर बाजारों में कारोबारी सप्ताह के शुरुआती दिन सोमवार को तेजी देखी गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 181.58 अंकों की तेजी के साथ 19,577.39 पर और निफ्टी 56.65 अंकों की तेजी के साथ 5,898.85 पर बंद हुआ।
बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 43.33 अंकों की गिरावट के साथ 19,352.48 पर खुला और 181.58 अंकों या 0.94 फीसदी की तेजी के साथ 19,577.39 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में सेंसेक्स ने 19,598.43 के ऊपरी और 19,347.57 के निचले स्तर को छुआ।
सेंसेक्स के 30 में से 24 शेयरों में तेजी दर्ज की गई। मारुति सुजुकी (4.37 फीसदी), स्टरलाइट इंडस्ट्रीज (3.89 फीसदी), गेल इंडिया (3.27 फीसदी), एलटीसी (3.26 फीसदी) और एसबीआई (3.17 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी देखी गई।
सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे इंफोसिस (1.83 फीसदी), टीसीएस (1.76 फीसदी), ओएनजीसी (0.55 फीसदी), सन फार्मा (0.44 फीसदी) और एचडीएफसी बैंक (0.19 फीसदी)।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 8.10 अंकों की गिरावट के साथ 5,834.10 पर खुला और 56.65 अंकों या 0.97 फीसदी की तेजी के साथ 5,898.85 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 5,904.35 के ऊपरी और 5,822.20 के निचले स्तर को छुआ।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 108.05 अंकों की तेजी के साथ 6,072.55 पर और स्मॉलकैप सूचकांक 109.92 अंकों की तेजी के साथ 5,753.44 पर बंद हुआ।
बीएसई के 13 में से 11 सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। रियल्टी (5.26 फीसदी), बिजली (2.77 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (2.77 फीसदी), तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (2.11 फीसदी) और धातु (1.97 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।टिप्पणियां
बीएसई के दो सेक्टरों सूचना प्रौद्योगिकी (1.60 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (0.44 फीसदी) में गिरावट दर्ज की गई।
बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1,611 शेयरों में तेजी और 768 में गिरावट दर्ज की गई। जबकि 127 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ।
बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 43.33 अंकों की गिरावट के साथ 19,352.48 पर खुला और 181.58 अंकों या 0.94 फीसदी की तेजी के साथ 19,577.39 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में सेंसेक्स ने 19,598.43 के ऊपरी और 19,347.57 के निचले स्तर को छुआ।
सेंसेक्स के 30 में से 24 शेयरों में तेजी दर्ज की गई। मारुति सुजुकी (4.37 फीसदी), स्टरलाइट इंडस्ट्रीज (3.89 फीसदी), गेल इंडिया (3.27 फीसदी), एलटीसी (3.26 फीसदी) और एसबीआई (3.17 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी देखी गई।
सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे इंफोसिस (1.83 फीसदी), टीसीएस (1.76 फीसदी), ओएनजीसी (0.55 फीसदी), सन फार्मा (0.44 फीसदी) और एचडीएफसी बैंक (0.19 फीसदी)।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 8.10 अंकों की गिरावट के साथ 5,834.10 पर खुला और 56.65 अंकों या 0.97 फीसदी की तेजी के साथ 5,898.85 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 5,904.35 के ऊपरी और 5,822.20 के निचले स्तर को छुआ।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 108.05 अंकों की तेजी के साथ 6,072.55 पर और स्मॉलकैप सूचकांक 109.92 अंकों की तेजी के साथ 5,753.44 पर बंद हुआ।
बीएसई के 13 में से 11 सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। रियल्टी (5.26 फीसदी), बिजली (2.77 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (2.77 फीसदी), तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (2.11 फीसदी) और धातु (1.97 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।टिप्पणियां
बीएसई के दो सेक्टरों सूचना प्रौद्योगिकी (1.60 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (0.44 फीसदी) में गिरावट दर्ज की गई।
बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1,611 शेयरों में तेजी और 768 में गिरावट दर्ज की गई। जबकि 127 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ।
सेंसेक्स के 30 में से 24 शेयरों में तेजी दर्ज की गई। मारुति सुजुकी (4.37 फीसदी), स्टरलाइट इंडस्ट्रीज (3.89 फीसदी), गेल इंडिया (3.27 फीसदी), एलटीसी (3.26 फीसदी) और एसबीआई (3.17 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी देखी गई।
सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे इंफोसिस (1.83 फीसदी), टीसीएस (1.76 फीसदी), ओएनजीसी (0.55 फीसदी), सन फार्मा (0.44 फीसदी) और एचडीएफसी बैंक (0.19 फीसदी)।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 8.10 अंकों की गिरावट के साथ 5,834.10 पर खुला और 56.65 अंकों या 0.97 फीसदी की तेजी के साथ 5,898.85 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 5,904.35 के ऊपरी और 5,822.20 के निचले स्तर को छुआ।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 108.05 अंकों की तेजी के साथ 6,072.55 पर और स्मॉलकैप सूचकांक 109.92 अंकों की तेजी के साथ 5,753.44 पर बंद हुआ।
बीएसई के 13 में से 11 सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। रियल्टी (5.26 फीसदी), बिजली (2.77 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (2.77 फीसदी), तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (2.11 फीसदी) और धातु (1.97 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।टिप्पणियां
बीएसई के दो सेक्टरों सूचना प्रौद्योगिकी (1.60 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (0.44 फीसदी) में गिरावट दर्ज की गई।
बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1,611 शेयरों में तेजी और 768 में गिरावट दर्ज की गई। जबकि 127 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ।
सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे इंफोसिस (1.83 फीसदी), टीसीएस (1.76 फीसदी), ओएनजीसी (0.55 फीसदी), सन फार्मा (0.44 फीसदी) और एचडीएफसी बैंक (0.19 फीसदी)।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 8.10 अंकों की गिरावट के साथ 5,834.10 पर खुला और 56.65 अंकों या 0.97 फीसदी की तेजी के साथ 5,898.85 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 5,904.35 के ऊपरी और 5,822.20 के निचले स्तर को छुआ।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 108.05 अंकों की तेजी के साथ 6,072.55 पर और स्मॉलकैप सूचकांक 109.92 अंकों की तेजी के साथ 5,753.44 पर बंद हुआ।
बीएसई के 13 में से 11 सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। रियल्टी (5.26 फीसदी), बिजली (2.77 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (2.77 फीसदी), तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (2.11 फीसदी) और धातु (1.97 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।टिप्पणियां
बीएसई के दो सेक्टरों सूचना प्रौद्योगिकी (1.60 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (0.44 फीसदी) में गिरावट दर्ज की गई।
बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1,611 शेयरों में तेजी और 768 में गिरावट दर्ज की गई। जबकि 127 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 8.10 अंकों की गिरावट के साथ 5,834.10 पर खुला और 56.65 अंकों या 0.97 फीसदी की तेजी के साथ 5,898.85 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 5,904.35 के ऊपरी और 5,822.20 के निचले स्तर को छुआ।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 108.05 अंकों की तेजी के साथ 6,072.55 पर और स्मॉलकैप सूचकांक 109.92 अंकों की तेजी के साथ 5,753.44 पर बंद हुआ।
बीएसई के 13 में से 11 सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। रियल्टी (5.26 फीसदी), बिजली (2.77 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (2.77 फीसदी), तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (2.11 फीसदी) और धातु (1.97 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।टिप्पणियां
बीएसई के दो सेक्टरों सूचना प्रौद्योगिकी (1.60 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (0.44 फीसदी) में गिरावट दर्ज की गई।
बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1,611 शेयरों में तेजी और 768 में गिरावट दर्ज की गई। जबकि 127 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 108.05 अंकों की तेजी के साथ 6,072.55 पर और स्मॉलकैप सूचकांक 109.92 अंकों की तेजी के साथ 5,753.44 पर बंद हुआ।
बीएसई के 13 में से 11 सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। रियल्टी (5.26 फीसदी), बिजली (2.77 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (2.77 फीसदी), तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (2.11 फीसदी) और धातु (1.97 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।टिप्पणियां
बीएसई के दो सेक्टरों सूचना प्रौद्योगिकी (1.60 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (0.44 फीसदी) में गिरावट दर्ज की गई।
बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1,611 शेयरों में तेजी और 768 में गिरावट दर्ज की गई। जबकि 127 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ।
बीएसई के 13 में से 11 सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। रियल्टी (5.26 फीसदी), बिजली (2.77 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (2.77 फीसदी), तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (2.11 फीसदी) और धातु (1.97 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।टिप्पणियां
बीएसई के दो सेक्टरों सूचना प्रौद्योगिकी (1.60 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (0.44 फीसदी) में गिरावट दर्ज की गई।
बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1,611 शेयरों में तेजी और 768 में गिरावट दर्ज की गई। जबकि 127 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ।
बीएसई के दो सेक्टरों सूचना प्रौद्योगिकी (1.60 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (0.44 फीसदी) में गिरावट दर्ज की गई।
बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1,611 शेयरों में तेजी और 768 में गिरावट दर्ज की गई। जबकि 127 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ।
बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1,611 शेयरों में तेजी और 768 में गिरावट दर्ज की गई। जबकि 127 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। | देश के शेयर बाजारों में कारोबारी सप्ताह के शुरुआती दिन सोमवार को तेजी देखी गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 181.58 अंकों की तेजी के साथ 19,577.39 पर और निफ्टी 56.65 अंकों की तेजी के साथ 5,898.85 पर बंद हुआ। | 1 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: साढ़े तीन दशक पहले देश में लगे आपातकाल के चलते राजनीतिक परिदृश्य में आए बदलाव का जिक्र करते हुए भाजपा नेता लाल कृष्ण आडवाणी ने उम्मीद जताई है कि देश में मौजूदा भ्रष्टाचार एक बार फिर सत्ता के गलियारों में परिवर्तन का कारण बनेगा। आडवाणी ने लिखा है कि चुनावी भ्रष्टाचार के कारण इंदिरा गांधी की सरकार का पतन हुआ और देश में मौजूदा भ्रष्टाचार के चलते इतिहास एक बार फिर खुद को दोहराएगा। आडवाणी ने अपने ब्लॉग पर लिखा, भारत को स्वतंत्र हुए छह दशक से अधिक हो गए हैं। पहले तीन दशक में देश की सत्ता में कांग्रेस पार्टी का एकाधिकार कायम रहा। ज्यादातर प्रदेशों में कांग्रेस ही सत्ता में रही। हालत यह थी कि लोकसभा में किसी भी गैर कांग्रेसी दल को विपक्ष में आधिकारिक विपक्ष का दर्जा भी हासिल नहीं हो सका था, जिसका नेता विपक्ष का नेता कहला सके। उन्होंने लिखा है कि 70 के दशक के मध्य में, गुजरात में भ्रष्टाचार के खिलाफ शक्तिशाली आंदोलन शुरू हुआ। इससे जय प्रकाशजी को बिहार में छात्रों को भ्रष्टाचार के खिलाफ कदम उठाने के लिए प्रेरित करने की प्रेरणा मिली और इसी अभियान से जेपी, एबीवीपी और आरएसएस के साथ आए। भाजपा नेता ने लिखा, मैं चुनाव सुधार में उनकी रुचि के चलते उनसे मिला। वह बार-बार कहते थे कि सार्वजनिक जीवन में भ्रष्टाचार की जड़ें कांग्रेस सरकार के अपने भ्रष्टाचार में जमी हैं, इसलिए जब तक विपक्षी दल बंटे रहेंगे, इस समस्या से प्रभावी तौर पर नहीं निपटा जा सकता। आडवाणी के मुताबिक भ्रष्टाचार के खिलाफ जेपी के इस आंदोलन से ही जनसंघ, कांग्रेस :ओ:, सपा और बीएलडी साथ आए और जनता मोर्चा के तौर पर गुजरात में उल्लेखनीय जीत दर्ज की, जो तब तक कांग्रेस का मजबूत गढ़ था। उन्होंने लिखा, गुजरात का फैसला 12 जून, 1975 को आया, ठीक उसी दिन इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के रायबरेली से लोकसभा की जीत को अवैध घोषित करते हुए उन्हें चुनावी भ्रष्टाचार के आधार पर छह साल के लिए अयोग्य ठहरा दिया। आडवाणी ने 12 जून की इन दोनों घटनाओं के संदर्भ में लिखा, इन दोनों घटनाओं के बाद आपातकाल, एक लाख से भी ज्यादा लोगों को कैद में डालने और प्रेस पर पाबंदी जैसी हिला देने वाली घटनाएं सामने आईं। आडवाणी ने लिखा है कि यह सब कुछ मार्च 1977 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की हार के साथ खत्म हुआ और मोरारजी देसाई के नेतृत्व में पहली गैर कांग्रेसी सरकार बनी। उन्होंने लिखा, इससे स्पष्ट हुआ कि देश के राजनीतिक इतिहास में पहले टर्निंग प्वाइंट का अहम उत्प्रेरक भ्रष्टाचार रहा। बकौल आडवाणी, इस बात में कोई आश्चर्य नहीं कि हमारे संविधान के लागू होने के छह दशक बाद, दूसरी बार, भ्रष्टाचार बदलाव के लिए सबसे बड़ा उत्प्रेरक साबित हो। | सारांश: आडवाणी ने लिखा है कि चुनावी भ्रष्टाचार के कारण इंदिरा गांधी की सरकार का पतन हुआ और देश में मौजूदा भ्रष्टाचार के चलते इतिहास एक बार फिर खुद को दोहराएगा। | 5 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में कथित रूप से दहेज की मांग पूरी ना होने पर एक विवाहिता की हत्या कर उसके शव को गांव से दूर एक पेड़ पर लटका दिया गया. पुलिस सूत्रों ने रविवार को दर्ज रिपोर्ट के हवाले से बताया कि हजरतपुर थाना क्षेत्र के हसौरा गांव निवासी आराम सिंह ने अपनी बेटी पिंकी यादव (25) की शादी वर्ष 2012 में अपनी सामर्थ्य के अनुसार दहेज देकर सूरजपुर निवासी सुनील कुमार के साथ की थी.
आरोप है कि शादी के बाद से ही पिंकी के ससुराल वाले कम दहेज को लेकर उसको तरह-तरह से प्रताड़ित करते थे. पिछले साल सुनील को पीलिया रोग हो गया था, जिस पर उसके परिजन ने पिंकी से कहा था कि वह मायके से एक लाख रपए लेकर आये. वह धनराशि ना ला पाने पर उन्होंने पिंकी को और भी ज्यादा प्रताड़ित करना शुर कर दिया.
रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि शनिवार की रात दहेज में दो लाख रपए की मांग को लेकर पिंकी और उसके ससुरालवालों के बीच काफी कहासुनी हुई थी. इसी बात को लेकर सुनील के परिवार वालों ने पीट-पीट कर पिंकी की हत्या कर दी और शव गांव से एक किलोमीटर दूर एक पेड़ पर फांसी से लटका दिया. टिप्पणियां
सूचना पर पुलिस ने रविवार को पिंकी के शव को उतार कर अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया. मृतका के भाई की ओर से उसके पति समेत पांच लोगों के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज करायी गयी है. फिलहाल सभी आरोपी फरार बताये जाते हैं.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
आरोप है कि शादी के बाद से ही पिंकी के ससुराल वाले कम दहेज को लेकर उसको तरह-तरह से प्रताड़ित करते थे. पिछले साल सुनील को पीलिया रोग हो गया था, जिस पर उसके परिजन ने पिंकी से कहा था कि वह मायके से एक लाख रपए लेकर आये. वह धनराशि ना ला पाने पर उन्होंने पिंकी को और भी ज्यादा प्रताड़ित करना शुर कर दिया.
रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि शनिवार की रात दहेज में दो लाख रपए की मांग को लेकर पिंकी और उसके ससुरालवालों के बीच काफी कहासुनी हुई थी. इसी बात को लेकर सुनील के परिवार वालों ने पीट-पीट कर पिंकी की हत्या कर दी और शव गांव से एक किलोमीटर दूर एक पेड़ पर फांसी से लटका दिया. टिप्पणियां
सूचना पर पुलिस ने रविवार को पिंकी के शव को उतार कर अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया. मृतका के भाई की ओर से उसके पति समेत पांच लोगों के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज करायी गयी है. फिलहाल सभी आरोपी फरार बताये जाते हैं.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि शनिवार की रात दहेज में दो लाख रपए की मांग को लेकर पिंकी और उसके ससुरालवालों के बीच काफी कहासुनी हुई थी. इसी बात को लेकर सुनील के परिवार वालों ने पीट-पीट कर पिंकी की हत्या कर दी और शव गांव से एक किलोमीटर दूर एक पेड़ पर फांसी से लटका दिया. टिप्पणियां
सूचना पर पुलिस ने रविवार को पिंकी के शव को उतार कर अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया. मृतका के भाई की ओर से उसके पति समेत पांच लोगों के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज करायी गयी है. फिलहाल सभी आरोपी फरार बताये जाते हैं.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सूचना पर पुलिस ने रविवार को पिंकी के शव को उतार कर अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया. मृतका के भाई की ओर से उसके पति समेत पांच लोगों के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज करायी गयी है. फिलहाल सभी आरोपी फरार बताये जाते हैं.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: 2012 में सूरजपुर निवासी सुनील कुमार से हुई थी महिला की शादी
महिला से लगातार दो लाख रुपए की डिमांड कर रहे थे ससुराल वाले
पीट-पीट कर पिंकी की हत्या के बाद शव को पेड़ पर लटकाया | 19 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: एक यात्री को कथित तौर पर लूटने का प्रयास कर रहे तीन डकैत बचने के प्रयास में चलती ट्रेन से कूद गए, जिससे उनकी मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि यह घटना विशाखापत्तनम जिले में पेनडुरर्थी मंडल के चिंतलगरहराम के निकट हावड़ा-हैदराबाद ईस्ट कोस्ट एक्सप्रेस में हुई। रेलवे पुलिस अधीक्षक एम कांता राव ने संवाददाताओं को बताया कि डकैतों ने बी-1 एसी कोच के यात्री एमबीए के छात्र संतिलाल जैन का बैग छीनने का प्रयास किया।
राव ने बताया कि जब संतिलाल ने उसे रोकने का प्रयास किया, तो उस पर चाकू से हमला किया गया। डकैतों ने देखा कि कुछ यात्री उसे पकड़ने का प्रयास कर रहे हैं और वे बचने के लिए तत्काल चलती हुई ट्रेन से कूद गए, जिससे उनकी मौत हो गई।
राव ने बताया कि जब संतिलाल ने उसे रोकने का प्रयास किया, तो उस पर चाकू से हमला किया गया। डकैतों ने देखा कि कुछ यात्री उसे पकड़ने का प्रयास कर रहे हैं और वे बचने के लिए तत्काल चलती हुई ट्रेन से कूद गए, जिससे उनकी मौत हो गई। | यहाँ एक सारांश है:यह घटना विशाखापत्तनम जिले में पेनडुरर्थी मंडल के चिंतलगरहराम के निकट हावड़ा-हैदराबाद ईस्ट कोस्ट एक्सप्रेस में हुई। | 15 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के अस्थायी सदस्यता के लिए पाकिस्तान के दावे का समर्थन करते हुए चीन ने बुधवार को कहा कि वह चाहता है कि अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा में इस्लामाबाद बड़ी भूमिका निभाए। विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता जियांग यू ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सदस्यता के लिए पाकिस्तान के आग्रह को चीन बेहद महत्व देता है। जियांग ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा में बड़ी भूमिका निभाने के लिए बीजिंग पाकिस्तान का समर्थन करता है। सितंबर में न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र की 66वीं महासभा में पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की सदस्यता की अपनी इच्छा जाहिर की थी। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्यों में चीन ही ऐसा सदस्य है जिसने भारत की स्थायी सदस्यता के दावे के समर्थन की घोषणा नहीं की है। हालांकि चीनी अधिकारी स्वीकार करते हैं कि बीजिंग विश्व संगठन में नयी दिल्ली को बड़ी भूमिका निभाते देखना चाहता है। | यहाँ एक सारांश है:UNSC में सदस्यता के लिए पाक के दावे का समर्थन करते हुए चीन ने कहा कि वह चाहता है कि अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा में पाक बड़ी भूमिका निभाए। | 15 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: ऑस्ट्रेलियाई टेस्ट और वनडे कप्तान माइकल क्लार्क को यकीन है कि उनके साथी खिलाड़ियों में से कोई भी मैच फिक्सिंग में शामिल नहीं रहा होगा। उन्होंने कहा कि वह लंदन में बसे सटोरिये के आरोपों से हैरान हैं। सटोरिये मजहर मजीद ने लंदन में चल रही स्पॉट फिक्सिंग मामले की सुनवाई के दौरान यह आरोप लगाया था। आईसीसी जांचकर्ता ने हालांकि ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटरों को क्लीन चिट दे दी। क्लार्क ने स्थानीय मीडिया से कहा, मुझे यकीन है कि कोई ऑस्ट्रेलियाई इसमें कभी लिप्त नहीं रहा होगा। ऑस्ट्रेलियाई ऐसे नहीं हैं। उन्होंने कहा, मैं किसी ओर की तरफ से नहीं बोल सकता, लेकिन ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर इससे परे हैं। कई बार कुछ लोगों ने हमसे संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन हमने टीम मैनेजर और आईसीसी को इसकी सूचना दे दी। पिछली गर्मियों में भी ऐसा हुआ था। क्लार्क ने कहा, लेकिन मेरे साथ ऐसा कभी नहीं हुआ और मुझे यकीन है कि कोई ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी इसमें कभी शामिल नहीं रहा। | संक्षिप्त सारांश: ऑस्ट्रेलियाई टेस्ट और वनडे कप्तान माइकल क्लार्क को यकीन है कि उनके साथी खिलाड़ियों में से कोई भी मैच फिक्सिंग में शामिल नहीं रहा होगा। | 23 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भाजपा द्वारा अनुच्छेद 370 का मुद्दा उठाने को लेकर केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राकांपा प्रमुख शरद पवार के बीच बृहस्पतिवार को जुबानी जंग छिड़ गई. पवार ने नागपुर के निकट हिंगना में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी पार्टी ने अनुच्छेद 370 के प्रावधान हटाने का स्वागत किया, लेकिन भाजपा इसका इस्तेमाल विपक्ष को निशाना बनाने के लिए कर रही है. पवार के बयान पर पलटवार करते हुए शाह ने कहा कि उनकी पार्टी राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दे उठाती रहेगी.
बता दें कि शरद पवार ने हिंगना में कहा, 'पुलवामा (आतंकी हमला) और अनुच्छेद 370 को बार-बार उठाकर कोई वोट हासिल नहीं कर सकता. अनुच्छेद संसद में हटाया गया. आज, भाजपा नेता इसे लेकर हमसे हमारे विचार पूछ रहें हैं.' इससे पहले शाह ने बृहस्पतिवार को पूछा था कि पवार और कांग्रेस नेता राहुल गांधी अनुच्छेद 370 के प्रावधान हाटने के पक्ष में हैं या विरोध में? इस पर पवार ने कहा, 'संसद ने अनुच्छेद हटाया. केवल चार-पांच लोगों ने इसका विरोध किया. इसका विरोध करने वालों ने कहा था कि फैसला लिया जा सकता है, लेकिन पहले कश्मीर के लोगों को भरोसे में लिया जाना चाहिए.' उन्होंने कहा, 'लेकिन आज सत्तापक्ष के नेता ये नहीं बता रहे कि वे आम लोगों की बुनियादी समस्याओं के समाधान के लिए क्या कर रहे हैं? इसके बजाय वे अनुच्छेद 370 का मुद्दा उठाकर विपक्ष की आलोचना कर रहे हैं.'
उन्होंने कहा, 'नरेन्द्र मोदी सरकार संविधान का अनुच्छेद 371 हटाने का साहस क्यों नहीं दिखाती, जो भारत के अन्य हिस्सों के लोगों को पूर्वोत्तर राज्यों में जमीन खरीदने से रोकता है.' उन्होंने कहा, 'आपने अनुच्छेद 370 हटाया, आप क्यों नहीं 371 हटाने का साहस दिखाते? हम आपका समर्थन करेंगे.. .वह (भाजपा) 370 और पुलवामा के नाम पर लोगों को गुमराह कर रही है.' दूसरी ओर शाह ने लातूर के किल्लारी में एक रैली में पवार पर पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा और अनुच्छेद 370 "महत्वपूर्ण" मुद्दे हैं. भाजपा अध्यक्ष ने कहा, 'शरद पवार और कांग्रेस के नेताओं ने मुझसे पूछा कि अनुच्छेद 370 एकमात्र मुद्दा है... महाराष्ट्र शिवाजी महाराज के स्वराज्य के लोकाचार पर चलता है. राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर चुनाव में चर्चा की जाएगी.'
उन्होंने कहा, 'अगर आप चाहते हैं तो इससे भाग जाइए. हम निश्चित रूप से महाराष्ट्र की जनता से राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर अपील करेंगे.' शाह ने आरोप लगाया, 'पवार साहेब आप विकास के मुद्दे पर हमारा सामना नहीं कर सकते. आपने (कांग्रेस-राकांपा सरकार ने) महाराष्ट्र के गरीब लोगों के पैसे को निगल लिया.' | संक्षिप्त पाठ: शाह ने कहा कि उनकी पार्टी राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दे उठाती रहेगी
अनुच्छेद 370 को बार-बार उठाकर कोई वोट हासिल नहीं कर सकता
हा, 'आपने अनुच्छेद 370 हटाया, आप क्यों नहीं 371 हटाने का साहस दिखाते? | 27 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: 2019 के लोकसभा चुनावों में मेनका गांधी (Maneka Gandhi) यूपी के सुल्तानपुर से मजबूत दावेदारी पेश कर रही हैं. उनकी सबसे खास बात ये है कि उन्होंने बीते 2 दशकों से कोई चुनाव नहीं हारा है. वह पूर्व पीएम इंदिरा गांधी की बहू और दिवंगत कांग्रेस (Congress) नेता संजय गांधी की पत्नी हैं. उन्हें जानवरों से काफी लगाव है और वह उनके अधिकारों के लिए लड़ती हैं. उन्होंने कई किताबें भी लिखी हैं. मेनका गांधी को बीजेपी(BJP) के सीनियर नेताओं में से एक माना जाता है. पति संजय गांधी के निधन के बाद उनके अपनी सास इंदिरा गांधी से बहुत मधुर संबंध नहीं रहे इसलिए वह कांग्रेस से अलग हो गईं. बाद में उन्होंने राष्ट्रीय संजय मंच बनाया, इस मंच ने शुरुआत में युवाओं की जागरुकता और रोजगार के मुद्दे को उठाया. आंध्र प्रदेश में हुए चुनावों में इस मंच ने 5 में से 4 सीटें जीती थीं. मेनका गांधी ने एक किताब 'द कम्पलीट बुक ऑफ मुस्लिम एण्ड पारसी नेम्स' को भी पब्लिश किया क्योंकि उनके पति संजय गांधी का पारसी धर्म में बहुत विश्वास था. बाद में उन्होंने 'द बुक ऑफ हिंदू नेम्स' पब्लिश की.
मेनका आनंद का जन्म 26 अगस्त 1956 को नई दिल्ली में एक सिख परिवार में हुआ. उनके पिता सेना में अधिकारी थे. उनकी पढ़ाई सेंट लॉरेन्स स्कूल और लेडी श्रीराम कॉलेज फॉर वूमेन से हुई. उन्होंने जेएनयू दिल्ली से जर्मन भाषा की भी पढ़ाई की. एक कॉकटेल पार्टी के दौरान उनकी मुलाकात संजय गांधी से हुई और फिर दोनों ने शादी करने का फैसला किया. मेनका, संजय के साथ चुनाव कैंपेनिंग में जाया करती थीं और उनकी खूब मदद करती थीं. उस दौर में संजय गांधी बहुत प्रभावशाली थे और उनका अपनी मां और पूर्व पीएम इंदिरा गांधी के फैसलों में सीधा दखल रहता था.
इसी बीच मेनका गांधी ने सूर्या नाम से एक मैगजीन की शुरुआत की थी जिसने 1977 के चुनावों में कांग्रेस की हार के बाद इसके प्रमोशन का जिम्मा उठाया था. 1980 में उनके और संजय गांधी के एक बेटा हुआ, जिसका नाम दादा फिरोज के नाम पर रखा गया. बाद में इंदिरा ने इस नाम के आगे वरुण जोड़ दिया. मेनका जब 23 साल की थीं और वरुण केवल 3 महीने के थे, तभी संजय गांधी का एक हवाई दुर्घटना में निधन हो गया.
1984 के लोकसभा चुनावों में मेनका ने मजबूत दावेदारी पेश की लेकिन राजीव गांधी के हाथों उन्हें हार का सामना करना पड़ा. इस चुनाव में वह निर्दलीय खड़ी हुई थीं. 1988 में उन्होंने वीपी सिंह का जनता दल ज्वाइन किया और इसकी महासचिव बनीं. 1989 में मेनका ने पहली बार पीलीभीत से चुनाव जीता और पर्यावरण राज्यमंत्री बनीं. 1996 में वह दोबारा पीलीभीत से सांसद चुनी गईं. तब से लेकर अब तक वह कोई चुनाव नहीं हारी हैं. 1998-99 में वह राज्यमंत्री (सोशल जस्टिस और इमपावरमेंट-स्वतंत्र प्रभार) रहीं. 2001 में भी उन्हें राज्यमंत्री(स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया.
2001 से 2014 तक उन्होंने कई कमेटियों की जिम्मेदारी संभाली. 2014 में उन्हें केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री बनाया गया. 2019 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी ने उनकी सीट बदली है. इस बार वह पीलीभीत की जगह सुल्तानपुर से चुनाव लड़ रही हैं. मेनका जानवरों के अधिकारों के लिए लड़ने वाली कार्यकर्ता हैं. इसके लिए उन्हें अंतरराष्ट्रीय तौर पर कई पुरस्कार मिले हैं. 1992 में उन्होंने पीपल फॉर एनीमल नाम से एक संगठन भी शुरू किया जो भारत में जानवरों के हितों के लिए काम करने वाला सबसे बड़ा संगठन है. | संक्षिप्त पाठ: 23 साल की उम्र में पति संजय गांधी को खोया
राजीव गांधी से अमेठी में हार गई थीं मेनका
1989 में पहली बार पीलीभीत से जीता चुनाव | 27 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: देश के शेयर बाजारों में गत सप्ताह तेजी रही। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में दो फीसदी से अधिक उछाल देखी गई, जबकि सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सेक्टर में नौ फीसदी से अधिक तेजी रही।
बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स गत सप्ताह 2.37 फीसदी यानी 462.65 अंकों की तेजी के साथ 19,958.47 पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी इसी अवधि में 2.4 फीसदी या 141.10 अंकों की तेजी के साथ 6009.00 पर बंद हुआ।
गत सप्ताह सेंसेक्स के 30 में से 18 शेयरों में तेजी रही। इंफोसिस (14.19 फीसदी), सन फार्मा (7.11 फीसदी), विप्रो (7.04 फीसदी), भेल (5.24 फीसदी) और टीसीएस (5.16 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे एलएंडटी, मारुति सुजुकी (6.55 फीसदी), महिंद्रा एंड महिंद्रा (6.44 फीसदी), ओएनजीसी (6.07 फीसदी) और गेल (1.50 फीसदी)।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में गत सप्ताह एक फीसदी से कम की तेजी रही। मिडकैप 0.94 फीसदी या 56.42 अंकों की तेजी के साथ 6,048.41 पर और स्मॉलकैप 0.79 फीसदी या 45.11 अंकों की तेजी के साथ 5737.16 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से 10 सेक्टरों में तेजी रही। सूचना प्रौद्योगिकी (9.63 फीसदी), प्रौद्योगिकी (7.89 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (4.45 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (3.33 फीसदी) और बिजली (2.73 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। तीन सेक्टरों वाहन (2.28 फीसदी), तेल एवं गैस (1.30 फीसदी) और सार्वजनिक कम्पनियां (1.02 फीसदी) में गिरावट रही।
गत सप्ताह के प्रमुख घटनाक्रमों में सोमवार को देश की मुद्रा रुपया फिर एक बार सोमवार को डॉलर के मुकाबले 61.21 रुपये के नए ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुंच गया। इससे पहले 26 जून को रुपये ने 60.76 के ऐतिहासिक स्तर को स्पर्श किया था। इस साल अब तक 10 फीसदी मूल्य खो चुके रुपये के लगातार अवमूल्यन को रोकने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मंगलवार को बैंकों को मुद्रा बाजार में सटोरिया कारोबार करने से रोक लगा दी।
मंगलवार को देश में आयातित चीनी पर आयात शुल्क 10 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया गया। ऐसा अंतर्राष्ट्रीय बाजार में चीनी की कीमत में काफी गिरावट के बाद आयात पर रोक लगाने के मकसद से किया गया है। इंडियन सुगर मिल्स एसोसिएशन (इसमा) और नेशनल फेडरेशन ऑफ को-ऑपरेटिव सुगर फैक्टरीज (एनएफसीएसएफ) जैसे औद्योगिक संगठनों की ओर से भारी दबाव बनाए जाने के बाद सरकार ने यह कदम उठाया।टिप्पणियां
गुरुवार को केंद्र सरकार की मिनी रत्न कंपनी स्टेट ट्रेडिंग कारपोरेशन (एसटीसी) के विनिवेश प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। इसके साथ ही शेयर बाजार में कंपनी के शेयर भाव में पांच फीसदी गिरावट दर्ज की गई। केंद्र सरकार ने एसटीसी में अपनी 1.02 फीसदी हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया। शेयर बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के निर्देशानुसार सरकार को शेयर बाजार में सूचीबद्ध सरकारी कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी घटाकर 8 अगस्त, 2013 तक 90 फीसदी या उससे कम करना है।
शुक्रवार को सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कम्पनी इंफोसिस लिमिटेड ने रुपये की कमजोरी के कारण मौजूदा कारोबारी साल में आय वृद्धि के अनुमान को रुपये मूल्य में बढ़ा (13-17 फीसदी) दिया है। हालांकि कम्पनी ने डॉलर मूल्य में इसे पुराने स्तर (6-10 फीसदी) पर बरकरार रखा है। आय अनुमान बढ़ने से कम्पनी के शेयरों में उछाल दर्ज की गई। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज में कम्पनी के शेयर 10.92 फीसदी तेजी के साथ 2,802.75 रुपये पर बंद हुए।
बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स गत सप्ताह 2.37 फीसदी यानी 462.65 अंकों की तेजी के साथ 19,958.47 पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी इसी अवधि में 2.4 फीसदी या 141.10 अंकों की तेजी के साथ 6009.00 पर बंद हुआ।
गत सप्ताह सेंसेक्स के 30 में से 18 शेयरों में तेजी रही। इंफोसिस (14.19 फीसदी), सन फार्मा (7.11 फीसदी), विप्रो (7.04 फीसदी), भेल (5.24 फीसदी) और टीसीएस (5.16 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे एलएंडटी, मारुति सुजुकी (6.55 फीसदी), महिंद्रा एंड महिंद्रा (6.44 फीसदी), ओएनजीसी (6.07 फीसदी) और गेल (1.50 फीसदी)।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में गत सप्ताह एक फीसदी से कम की तेजी रही। मिडकैप 0.94 फीसदी या 56.42 अंकों की तेजी के साथ 6,048.41 पर और स्मॉलकैप 0.79 फीसदी या 45.11 अंकों की तेजी के साथ 5737.16 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से 10 सेक्टरों में तेजी रही। सूचना प्रौद्योगिकी (9.63 फीसदी), प्रौद्योगिकी (7.89 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (4.45 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (3.33 फीसदी) और बिजली (2.73 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। तीन सेक्टरों वाहन (2.28 फीसदी), तेल एवं गैस (1.30 फीसदी) और सार्वजनिक कम्पनियां (1.02 फीसदी) में गिरावट रही।
गत सप्ताह के प्रमुख घटनाक्रमों में सोमवार को देश की मुद्रा रुपया फिर एक बार सोमवार को डॉलर के मुकाबले 61.21 रुपये के नए ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुंच गया। इससे पहले 26 जून को रुपये ने 60.76 के ऐतिहासिक स्तर को स्पर्श किया था। इस साल अब तक 10 फीसदी मूल्य खो चुके रुपये के लगातार अवमूल्यन को रोकने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मंगलवार को बैंकों को मुद्रा बाजार में सटोरिया कारोबार करने से रोक लगा दी।
मंगलवार को देश में आयातित चीनी पर आयात शुल्क 10 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया गया। ऐसा अंतर्राष्ट्रीय बाजार में चीनी की कीमत में काफी गिरावट के बाद आयात पर रोक लगाने के मकसद से किया गया है। इंडियन सुगर मिल्स एसोसिएशन (इसमा) और नेशनल फेडरेशन ऑफ को-ऑपरेटिव सुगर फैक्टरीज (एनएफसीएसएफ) जैसे औद्योगिक संगठनों की ओर से भारी दबाव बनाए जाने के बाद सरकार ने यह कदम उठाया।टिप्पणियां
गुरुवार को केंद्र सरकार की मिनी रत्न कंपनी स्टेट ट्रेडिंग कारपोरेशन (एसटीसी) के विनिवेश प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। इसके साथ ही शेयर बाजार में कंपनी के शेयर भाव में पांच फीसदी गिरावट दर्ज की गई। केंद्र सरकार ने एसटीसी में अपनी 1.02 फीसदी हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया। शेयर बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के निर्देशानुसार सरकार को शेयर बाजार में सूचीबद्ध सरकारी कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी घटाकर 8 अगस्त, 2013 तक 90 फीसदी या उससे कम करना है।
शुक्रवार को सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कम्पनी इंफोसिस लिमिटेड ने रुपये की कमजोरी के कारण मौजूदा कारोबारी साल में आय वृद्धि के अनुमान को रुपये मूल्य में बढ़ा (13-17 फीसदी) दिया है। हालांकि कम्पनी ने डॉलर मूल्य में इसे पुराने स्तर (6-10 फीसदी) पर बरकरार रखा है। आय अनुमान बढ़ने से कम्पनी के शेयरों में उछाल दर्ज की गई। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज में कम्पनी के शेयर 10.92 फीसदी तेजी के साथ 2,802.75 रुपये पर बंद हुए।
गत सप्ताह सेंसेक्स के 30 में से 18 शेयरों में तेजी रही। इंफोसिस (14.19 फीसदी), सन फार्मा (7.11 फीसदी), विप्रो (7.04 फीसदी), भेल (5.24 फीसदी) और टीसीएस (5.16 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे एलएंडटी, मारुति सुजुकी (6.55 फीसदी), महिंद्रा एंड महिंद्रा (6.44 फीसदी), ओएनजीसी (6.07 फीसदी) और गेल (1.50 फीसदी)।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में गत सप्ताह एक फीसदी से कम की तेजी रही। मिडकैप 0.94 फीसदी या 56.42 अंकों की तेजी के साथ 6,048.41 पर और स्मॉलकैप 0.79 फीसदी या 45.11 अंकों की तेजी के साथ 5737.16 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से 10 सेक्टरों में तेजी रही। सूचना प्रौद्योगिकी (9.63 फीसदी), प्रौद्योगिकी (7.89 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (4.45 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (3.33 फीसदी) और बिजली (2.73 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। तीन सेक्टरों वाहन (2.28 फीसदी), तेल एवं गैस (1.30 फीसदी) और सार्वजनिक कम्पनियां (1.02 फीसदी) में गिरावट रही।
गत सप्ताह के प्रमुख घटनाक्रमों में सोमवार को देश की मुद्रा रुपया फिर एक बार सोमवार को डॉलर के मुकाबले 61.21 रुपये के नए ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुंच गया। इससे पहले 26 जून को रुपये ने 60.76 के ऐतिहासिक स्तर को स्पर्श किया था। इस साल अब तक 10 फीसदी मूल्य खो चुके रुपये के लगातार अवमूल्यन को रोकने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मंगलवार को बैंकों को मुद्रा बाजार में सटोरिया कारोबार करने से रोक लगा दी।
मंगलवार को देश में आयातित चीनी पर आयात शुल्क 10 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया गया। ऐसा अंतर्राष्ट्रीय बाजार में चीनी की कीमत में काफी गिरावट के बाद आयात पर रोक लगाने के मकसद से किया गया है। इंडियन सुगर मिल्स एसोसिएशन (इसमा) और नेशनल फेडरेशन ऑफ को-ऑपरेटिव सुगर फैक्टरीज (एनएफसीएसएफ) जैसे औद्योगिक संगठनों की ओर से भारी दबाव बनाए जाने के बाद सरकार ने यह कदम उठाया।टिप्पणियां
गुरुवार को केंद्र सरकार की मिनी रत्न कंपनी स्टेट ट्रेडिंग कारपोरेशन (एसटीसी) के विनिवेश प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। इसके साथ ही शेयर बाजार में कंपनी के शेयर भाव में पांच फीसदी गिरावट दर्ज की गई। केंद्र सरकार ने एसटीसी में अपनी 1.02 फीसदी हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया। शेयर बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के निर्देशानुसार सरकार को शेयर बाजार में सूचीबद्ध सरकारी कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी घटाकर 8 अगस्त, 2013 तक 90 फीसदी या उससे कम करना है।
शुक्रवार को सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कम्पनी इंफोसिस लिमिटेड ने रुपये की कमजोरी के कारण मौजूदा कारोबारी साल में आय वृद्धि के अनुमान को रुपये मूल्य में बढ़ा (13-17 फीसदी) दिया है। हालांकि कम्पनी ने डॉलर मूल्य में इसे पुराने स्तर (6-10 फीसदी) पर बरकरार रखा है। आय अनुमान बढ़ने से कम्पनी के शेयरों में उछाल दर्ज की गई। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज में कम्पनी के शेयर 10.92 फीसदी तेजी के साथ 2,802.75 रुपये पर बंद हुए।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में गत सप्ताह एक फीसदी से कम की तेजी रही। मिडकैप 0.94 फीसदी या 56.42 अंकों की तेजी के साथ 6,048.41 पर और स्मॉलकैप 0.79 फीसदी या 45.11 अंकों की तेजी के साथ 5737.16 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से 10 सेक्टरों में तेजी रही। सूचना प्रौद्योगिकी (9.63 फीसदी), प्रौद्योगिकी (7.89 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (4.45 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (3.33 फीसदी) और बिजली (2.73 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। तीन सेक्टरों वाहन (2.28 फीसदी), तेल एवं गैस (1.30 फीसदी) और सार्वजनिक कम्पनियां (1.02 फीसदी) में गिरावट रही।
गत सप्ताह के प्रमुख घटनाक्रमों में सोमवार को देश की मुद्रा रुपया फिर एक बार सोमवार को डॉलर के मुकाबले 61.21 रुपये के नए ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुंच गया। इससे पहले 26 जून को रुपये ने 60.76 के ऐतिहासिक स्तर को स्पर्श किया था। इस साल अब तक 10 फीसदी मूल्य खो चुके रुपये के लगातार अवमूल्यन को रोकने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मंगलवार को बैंकों को मुद्रा बाजार में सटोरिया कारोबार करने से रोक लगा दी।
मंगलवार को देश में आयातित चीनी पर आयात शुल्क 10 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया गया। ऐसा अंतर्राष्ट्रीय बाजार में चीनी की कीमत में काफी गिरावट के बाद आयात पर रोक लगाने के मकसद से किया गया है। इंडियन सुगर मिल्स एसोसिएशन (इसमा) और नेशनल फेडरेशन ऑफ को-ऑपरेटिव सुगर फैक्टरीज (एनएफसीएसएफ) जैसे औद्योगिक संगठनों की ओर से भारी दबाव बनाए जाने के बाद सरकार ने यह कदम उठाया।टिप्पणियां
गुरुवार को केंद्र सरकार की मिनी रत्न कंपनी स्टेट ट्रेडिंग कारपोरेशन (एसटीसी) के विनिवेश प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। इसके साथ ही शेयर बाजार में कंपनी के शेयर भाव में पांच फीसदी गिरावट दर्ज की गई। केंद्र सरकार ने एसटीसी में अपनी 1.02 फीसदी हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया। शेयर बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के निर्देशानुसार सरकार को शेयर बाजार में सूचीबद्ध सरकारी कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी घटाकर 8 अगस्त, 2013 तक 90 फीसदी या उससे कम करना है।
शुक्रवार को सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कम्पनी इंफोसिस लिमिटेड ने रुपये की कमजोरी के कारण मौजूदा कारोबारी साल में आय वृद्धि के अनुमान को रुपये मूल्य में बढ़ा (13-17 फीसदी) दिया है। हालांकि कम्पनी ने डॉलर मूल्य में इसे पुराने स्तर (6-10 फीसदी) पर बरकरार रखा है। आय अनुमान बढ़ने से कम्पनी के शेयरों में उछाल दर्ज की गई। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज में कम्पनी के शेयर 10.92 फीसदी तेजी के साथ 2,802.75 रुपये पर बंद हुए।
गत सप्ताह के प्रमुख घटनाक्रमों में सोमवार को देश की मुद्रा रुपया फिर एक बार सोमवार को डॉलर के मुकाबले 61.21 रुपये के नए ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुंच गया। इससे पहले 26 जून को रुपये ने 60.76 के ऐतिहासिक स्तर को स्पर्श किया था। इस साल अब तक 10 फीसदी मूल्य खो चुके रुपये के लगातार अवमूल्यन को रोकने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मंगलवार को बैंकों को मुद्रा बाजार में सटोरिया कारोबार करने से रोक लगा दी।
मंगलवार को देश में आयातित चीनी पर आयात शुल्क 10 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया गया। ऐसा अंतर्राष्ट्रीय बाजार में चीनी की कीमत में काफी गिरावट के बाद आयात पर रोक लगाने के मकसद से किया गया है। इंडियन सुगर मिल्स एसोसिएशन (इसमा) और नेशनल फेडरेशन ऑफ को-ऑपरेटिव सुगर फैक्टरीज (एनएफसीएसएफ) जैसे औद्योगिक संगठनों की ओर से भारी दबाव बनाए जाने के बाद सरकार ने यह कदम उठाया।टिप्पणियां
गुरुवार को केंद्र सरकार की मिनी रत्न कंपनी स्टेट ट्रेडिंग कारपोरेशन (एसटीसी) के विनिवेश प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। इसके साथ ही शेयर बाजार में कंपनी के शेयर भाव में पांच फीसदी गिरावट दर्ज की गई। केंद्र सरकार ने एसटीसी में अपनी 1.02 फीसदी हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया। शेयर बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के निर्देशानुसार सरकार को शेयर बाजार में सूचीबद्ध सरकारी कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी घटाकर 8 अगस्त, 2013 तक 90 फीसदी या उससे कम करना है।
शुक्रवार को सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कम्पनी इंफोसिस लिमिटेड ने रुपये की कमजोरी के कारण मौजूदा कारोबारी साल में आय वृद्धि के अनुमान को रुपये मूल्य में बढ़ा (13-17 फीसदी) दिया है। हालांकि कम्पनी ने डॉलर मूल्य में इसे पुराने स्तर (6-10 फीसदी) पर बरकरार रखा है। आय अनुमान बढ़ने से कम्पनी के शेयरों में उछाल दर्ज की गई। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज में कम्पनी के शेयर 10.92 फीसदी तेजी के साथ 2,802.75 रुपये पर बंद हुए।
मंगलवार को देश में आयातित चीनी पर आयात शुल्क 10 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया गया। ऐसा अंतर्राष्ट्रीय बाजार में चीनी की कीमत में काफी गिरावट के बाद आयात पर रोक लगाने के मकसद से किया गया है। इंडियन सुगर मिल्स एसोसिएशन (इसमा) और नेशनल फेडरेशन ऑफ को-ऑपरेटिव सुगर फैक्टरीज (एनएफसीएसएफ) जैसे औद्योगिक संगठनों की ओर से भारी दबाव बनाए जाने के बाद सरकार ने यह कदम उठाया।टिप्पणियां
गुरुवार को केंद्र सरकार की मिनी रत्न कंपनी स्टेट ट्रेडिंग कारपोरेशन (एसटीसी) के विनिवेश प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। इसके साथ ही शेयर बाजार में कंपनी के शेयर भाव में पांच फीसदी गिरावट दर्ज की गई। केंद्र सरकार ने एसटीसी में अपनी 1.02 फीसदी हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया। शेयर बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के निर्देशानुसार सरकार को शेयर बाजार में सूचीबद्ध सरकारी कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी घटाकर 8 अगस्त, 2013 तक 90 फीसदी या उससे कम करना है।
शुक्रवार को सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कम्पनी इंफोसिस लिमिटेड ने रुपये की कमजोरी के कारण मौजूदा कारोबारी साल में आय वृद्धि के अनुमान को रुपये मूल्य में बढ़ा (13-17 फीसदी) दिया है। हालांकि कम्पनी ने डॉलर मूल्य में इसे पुराने स्तर (6-10 फीसदी) पर बरकरार रखा है। आय अनुमान बढ़ने से कम्पनी के शेयरों में उछाल दर्ज की गई। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज में कम्पनी के शेयर 10.92 फीसदी तेजी के साथ 2,802.75 रुपये पर बंद हुए।
गुरुवार को केंद्र सरकार की मिनी रत्न कंपनी स्टेट ट्रेडिंग कारपोरेशन (एसटीसी) के विनिवेश प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। इसके साथ ही शेयर बाजार में कंपनी के शेयर भाव में पांच फीसदी गिरावट दर्ज की गई। केंद्र सरकार ने एसटीसी में अपनी 1.02 फीसदी हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया। शेयर बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के निर्देशानुसार सरकार को शेयर बाजार में सूचीबद्ध सरकारी कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी घटाकर 8 अगस्त, 2013 तक 90 फीसदी या उससे कम करना है।
शुक्रवार को सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कम्पनी इंफोसिस लिमिटेड ने रुपये की कमजोरी के कारण मौजूदा कारोबारी साल में आय वृद्धि के अनुमान को रुपये मूल्य में बढ़ा (13-17 फीसदी) दिया है। हालांकि कम्पनी ने डॉलर मूल्य में इसे पुराने स्तर (6-10 फीसदी) पर बरकरार रखा है। आय अनुमान बढ़ने से कम्पनी के शेयरों में उछाल दर्ज की गई। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज में कम्पनी के शेयर 10.92 फीसदी तेजी के साथ 2,802.75 रुपये पर बंद हुए।
शुक्रवार को सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कम्पनी इंफोसिस लिमिटेड ने रुपये की कमजोरी के कारण मौजूदा कारोबारी साल में आय वृद्धि के अनुमान को रुपये मूल्य में बढ़ा (13-17 फीसदी) दिया है। हालांकि कम्पनी ने डॉलर मूल्य में इसे पुराने स्तर (6-10 फीसदी) पर बरकरार रखा है। आय अनुमान बढ़ने से कम्पनी के शेयरों में उछाल दर्ज की गई। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज में कम्पनी के शेयर 10.92 फीसदी तेजी के साथ 2,802.75 रुपये पर बंद हुए। | सारांश: सेंसेक्स गत सप्ताह 2.37 फीसदी यानी 462.65 अंकों की तेजी के साथ 19,958.47 पर बंद हुआ। निफ्टी इसी अवधि में 2.4 फीसदी या 141.10 अंकों की तेजी के साथ 6009.00 पर बंद हुआ। | 33 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों को खोलने के लिए पड़े भारी दबाव के बीच पाकिस्तानी सरकार ने स्विस सरकार को भेजे जाने वाले पत्र का मसौदा सुप्रीम कोर्ट के समक्ष सौंप दिया है।
अदालती अवमानना के मामले में प्रधानमंत्री राजा परवेज अशरफ के खिलाफ सुनवाई कर रही देश की सबसे बड़ी अदालत ने सरकार की ओर से मसौदे में बदलावों के लिए अधिक समय की मांग करने पर सुनवाई को एक दिन के लिए स्थगित कर दिया।
मंगलवार की सुनवाई की शुरुआत में कानून मंत्री फारूक नाइक अदालत को पत्र का मसौदा सौंपा। यह पत्र साल 2007 में स्विस सरकार को भेजे गए पत्र के स्थान पर भेजा जाएगा। उस वक्त भी जरदारी के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों को फिर से खोलने का पत्र भेजा गया था।
पत्र के मसौदे पर गौर करने के बाद न्यायमूर्ति आसिफ सईद खोसा की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की पीठ ने इसको लेकर कुछ तकनीकी आपत्तियां उठाईं। टिप्पणियां
न्यायाधीशों ने कार्यवाही रुकने पर नाइक को अपने चैंबर में बुलाया और पत्र के विवरण के बारे में बात की। फिर से अदालत की कार्यवाही शुरू होने पर नाइक ने आग्रह किया था कि पत्र के मसौदे में कुछ बदलाव के लिए समय चाहिए। इस पर अदालत ने सुनवाई को कल तक के लिए स्थगित कर दिया। न्यायमूर्ति खोसा ने कहा कि यह बेहतर होता कि इस पत्र में 2007 के पत्र का पूरा हवाला दिया जाता। उस वक्त पत्र एटॉर्नी जनरल मलिक कयूम की ओर से लिखा गया था।
बीते 18 सितंबर को हुई पिछली सुनवाई के समय प्रधानमंत्री अशरफ ने अदालत से कहा था कि उनकी सरकार स्विट्जरलैंड को पत्र भेजेगी। अशरफ ने कहा था कि यह स्विस सरकार को फैसला करना है कि जरदारी के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों को फिर से खोला जाए या नहीं।
अदालती अवमानना के मामले में प्रधानमंत्री राजा परवेज अशरफ के खिलाफ सुनवाई कर रही देश की सबसे बड़ी अदालत ने सरकार की ओर से मसौदे में बदलावों के लिए अधिक समय की मांग करने पर सुनवाई को एक दिन के लिए स्थगित कर दिया।
मंगलवार की सुनवाई की शुरुआत में कानून मंत्री फारूक नाइक अदालत को पत्र का मसौदा सौंपा। यह पत्र साल 2007 में स्विस सरकार को भेजे गए पत्र के स्थान पर भेजा जाएगा। उस वक्त भी जरदारी के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों को फिर से खोलने का पत्र भेजा गया था।
पत्र के मसौदे पर गौर करने के बाद न्यायमूर्ति आसिफ सईद खोसा की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की पीठ ने इसको लेकर कुछ तकनीकी आपत्तियां उठाईं। टिप्पणियां
न्यायाधीशों ने कार्यवाही रुकने पर नाइक को अपने चैंबर में बुलाया और पत्र के विवरण के बारे में बात की। फिर से अदालत की कार्यवाही शुरू होने पर नाइक ने आग्रह किया था कि पत्र के मसौदे में कुछ बदलाव के लिए समय चाहिए। इस पर अदालत ने सुनवाई को कल तक के लिए स्थगित कर दिया। न्यायमूर्ति खोसा ने कहा कि यह बेहतर होता कि इस पत्र में 2007 के पत्र का पूरा हवाला दिया जाता। उस वक्त पत्र एटॉर्नी जनरल मलिक कयूम की ओर से लिखा गया था।
बीते 18 सितंबर को हुई पिछली सुनवाई के समय प्रधानमंत्री अशरफ ने अदालत से कहा था कि उनकी सरकार स्विट्जरलैंड को पत्र भेजेगी। अशरफ ने कहा था कि यह स्विस सरकार को फैसला करना है कि जरदारी के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों को फिर से खोला जाए या नहीं।
मंगलवार की सुनवाई की शुरुआत में कानून मंत्री फारूक नाइक अदालत को पत्र का मसौदा सौंपा। यह पत्र साल 2007 में स्विस सरकार को भेजे गए पत्र के स्थान पर भेजा जाएगा। उस वक्त भी जरदारी के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों को फिर से खोलने का पत्र भेजा गया था।
पत्र के मसौदे पर गौर करने के बाद न्यायमूर्ति आसिफ सईद खोसा की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की पीठ ने इसको लेकर कुछ तकनीकी आपत्तियां उठाईं। टिप्पणियां
न्यायाधीशों ने कार्यवाही रुकने पर नाइक को अपने चैंबर में बुलाया और पत्र के विवरण के बारे में बात की। फिर से अदालत की कार्यवाही शुरू होने पर नाइक ने आग्रह किया था कि पत्र के मसौदे में कुछ बदलाव के लिए समय चाहिए। इस पर अदालत ने सुनवाई को कल तक के लिए स्थगित कर दिया। न्यायमूर्ति खोसा ने कहा कि यह बेहतर होता कि इस पत्र में 2007 के पत्र का पूरा हवाला दिया जाता। उस वक्त पत्र एटॉर्नी जनरल मलिक कयूम की ओर से लिखा गया था।
बीते 18 सितंबर को हुई पिछली सुनवाई के समय प्रधानमंत्री अशरफ ने अदालत से कहा था कि उनकी सरकार स्विट्जरलैंड को पत्र भेजेगी। अशरफ ने कहा था कि यह स्विस सरकार को फैसला करना है कि जरदारी के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों को फिर से खोला जाए या नहीं।
पत्र के मसौदे पर गौर करने के बाद न्यायमूर्ति आसिफ सईद खोसा की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की पीठ ने इसको लेकर कुछ तकनीकी आपत्तियां उठाईं। टिप्पणियां
न्यायाधीशों ने कार्यवाही रुकने पर नाइक को अपने चैंबर में बुलाया और पत्र के विवरण के बारे में बात की। फिर से अदालत की कार्यवाही शुरू होने पर नाइक ने आग्रह किया था कि पत्र के मसौदे में कुछ बदलाव के लिए समय चाहिए। इस पर अदालत ने सुनवाई को कल तक के लिए स्थगित कर दिया। न्यायमूर्ति खोसा ने कहा कि यह बेहतर होता कि इस पत्र में 2007 के पत्र का पूरा हवाला दिया जाता। उस वक्त पत्र एटॉर्नी जनरल मलिक कयूम की ओर से लिखा गया था।
बीते 18 सितंबर को हुई पिछली सुनवाई के समय प्रधानमंत्री अशरफ ने अदालत से कहा था कि उनकी सरकार स्विट्जरलैंड को पत्र भेजेगी। अशरफ ने कहा था कि यह स्विस सरकार को फैसला करना है कि जरदारी के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों को फिर से खोला जाए या नहीं।
न्यायाधीशों ने कार्यवाही रुकने पर नाइक को अपने चैंबर में बुलाया और पत्र के विवरण के बारे में बात की। फिर से अदालत की कार्यवाही शुरू होने पर नाइक ने आग्रह किया था कि पत्र के मसौदे में कुछ बदलाव के लिए समय चाहिए। इस पर अदालत ने सुनवाई को कल तक के लिए स्थगित कर दिया। न्यायमूर्ति खोसा ने कहा कि यह बेहतर होता कि इस पत्र में 2007 के पत्र का पूरा हवाला दिया जाता। उस वक्त पत्र एटॉर्नी जनरल मलिक कयूम की ओर से लिखा गया था।
बीते 18 सितंबर को हुई पिछली सुनवाई के समय प्रधानमंत्री अशरफ ने अदालत से कहा था कि उनकी सरकार स्विट्जरलैंड को पत्र भेजेगी। अशरफ ने कहा था कि यह स्विस सरकार को फैसला करना है कि जरदारी के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों को फिर से खोला जाए या नहीं।
बीते 18 सितंबर को हुई पिछली सुनवाई के समय प्रधानमंत्री अशरफ ने अदालत से कहा था कि उनकी सरकार स्विट्जरलैंड को पत्र भेजेगी। अशरफ ने कहा था कि यह स्विस सरकार को फैसला करना है कि जरदारी के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों को फिर से खोला जाए या नहीं। | यहाँ एक सारांश है:पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों को खोलने के लिए पड़े भारी दबाव के बीच पाकिस्तानी सरकार ने स्विस सरकार को भेजे जाने वाले पत्र का मसौदा सुप्रीम कोर्ट के समक्ष सौंप दिया है। | 4 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: 'मेरी आशिकी तुमसे ही' और 'प्यार तूने क्या किया (Pyaar Tune Kya Kia)' जैसे सुपरहिट टेलीविजन सीरियल में नजर आ चुके एक्टर मोहित अबरोल (Mohit Abrol) ने सोमवार को अपने इंस्टाग्राम एकाउंट से एक पोस्ट शेयर की था. इसमें उन्होंने अपनी एक्स गर्लफ्रेंड मानसी श्रीवास्तव (Mansi Srivastava) पर धोखा देने और इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था. मोहित ने कहा था कि उन्होंने आत्महत्या करने की कोशिश भी की थी. मोहित अबरोल ने मंगलवार को दावा किया कि उनका इंस्टाग्राम एकाउंट हैक हो गया है. उन्होंने कहा कि इंस्टाग्राम के साथ-साथ उनका फेसबुक और ट्विटर भी हैक हो गए हैं. मोहित अबरोल ने पोस्ट को लेकर कहा कि किसी ने मानसी को बदनाम करने के लिए ये कहानी बनाई है.
मोहित अबरोल (Mohit Abrol) ने अपने इंस्टाग्राम एकाउंट से एक पोस्ट शेयर की हालांकि बाद में उन्होंने उसे डिलीट कर दिया. पोस्ट में उन्होंने कहा, 'मैं बहुत दुखी हूं और जिस भी व्यक्ति ने ये किया है, मैं उससे बहुत नफरत करता हूं. मैंने उस व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवा दी है.' एक्टर मोहित अबरोल (Mohit Abrol) के पहले पोस्ट में मानसी को लेकर लिखा गया था कि जब उन्हें मानसी (Mansi Srivastava) के अफेयर के बारे में पता चला तो उन्होंने नींद की गोलियां लेकर आत्महत्या करने की कोशिश की थी. जिसके बाद उन्हें हॉस्पिटल ले जाया गया था.
पोस्ट में लिखा था, 'मैं तीन दिन तक आईसीयू में था, लेकिन तुम वहां नहीं थीं...मैं गर्व करता हूं कि तुमने मेरे साथ जो भी किया उसके बावजूद मैं बच गया लेकिन कर्म दयालु नहीं होते. तुम्हें वही मिलेगा जो तुम डिजर्व करती हो अभी नहीं तो बाद में.' हालांकि अब ये पोस्ट डिलीट हो गई है. बता दें कि एक्टर मोहित अबरोल (Mohit Abrol) ने अपने एक्टिंग करियर की शुरूआत कलर्स टीवी पर आने वाले फेमस सीरियल 'बालिका वधू (Balika Vadhu)' से की थी. उसके बाद मोहित कई टीवी सीरियल में नजर आए थे. वहीं मानसी फिलहाल स्टार प्लस के शो 'दिव्य दृष्टि (Divya Drishti)' का हिस्सा हैं. | मोहित अबरोल का इंस्टाग्राम एकाउंट हुआ हैक
हैकर ने मानसी श्रीवास्तव पर लगाया था आरोप
मोहित ने कहा, मानसी को बदनाम करने की थी साजिश | 28 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के 10वें संस्करण की हुई नीलामी में वे सबसे ज्यादा रकम में बिके थे. इंग्लैंड के हरफनमौला बेन स्टोक्स को राइजिंग पुणे सुपरजाएंट्स ने 14.5 करोड़ रुपये की भारी भरकम कीमत में खरीदा है. ऐसे में जब मुंबई इंडियंस के पहले मैच में जब वे नाकाम रहे तो उनकी इस कीमत को लेकर आवाजें उठनी शुरू हो गईं. बहरहाल, आईपीएल में अपनी टीम के दूसरे मुकाबले में बेन स्टोक्स ने पैसा वसूल पारी खेली. उन्होंने जिम्मेदारी से भरी आक्रामक पारी खेलते हुए पुणे सुपरजाइंट्स के लिए अर्धशतक जमाया . अपनी इस पारी से स्टोक्स ने दिखाया कि पुणे की ओर से उन पर लगाया गया दांव गलत नहीं है.हालांकि स्टोक्स की इस पारी के बावजूद पुणे सुपरजाइंट्स को किंग्स इलेवन पंजाब के हाथों छह विकेट की हार का सामना करना पड़ा. दो मैचों के बाद पुणे के खाते में अब एक जीत और एक हार है. टीम ने मुंबई इंडियंस को हराया था जबकि किंग्स इलेवन पंजाब से उसे हार का सामना करना पड़ा.
गौरतलब है कि मुंबई इंडियंस के खिलाफ अपने पहले मैच में स्टोक्स महज 21 रन बना पाए थे. यही नहीं, बॉलिंग में भी उन्होंने 9 रन प्रति ओवर के औसत से अपने चार ओवर में 36 रन खर्च किए थे और केवल एक विकेट उनके हाथ लगा है. हालांकि पहले मैच में इस औसत प्रदर्शन की भरपाई स्टोक्स ने अपने आज के प्रदर्शन से कर ली. मुंबई इंडियंस के खिलाफ मैच में पुणे टीम की जीत के हीरो रहे रहाणे और कप्तान स्टीव स्मिथ के आउट होने के बाद स्टोक्स ने स्कोर को तेजी से आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी अपने कंधे पर ली. उन्होंने पांचवें विकेट के लिए मनोज तिवारी के साथ 61 रन की साझेदारी की. दुर्भाग्यवश स्टोक्स अर्धशतक पूरा करने के बाद ज्यादा देर नहीं टिके. पारी के 18वें ओवर में अक्षर पटेल ने उन्हें अपनी ही गेंद पर कैच् किया. 50 रन की पारी में स्टोक्स ने 32 गेंदों का सामना करके दो चौके और तीन छक्के लगाए. घरेलू क्रिकेट में पश्चिम बंगाल की ओर से खेलने वाले मनोज तिवारी ने भी नाबाद 40 रन की बेहतरीन पारी खेली. तिवारी की पारी में तीन चौके और दो छक्के शामिल रहे. उन्होंने अपनी पारी के दौरान 23 गेंदों का सामना किया.
गौरतलब है कि मुंबई इंडियंस के खिलाफ अपने पहले मैच में स्टोक्स महज 21 रन बना पाए थे. यही नहीं, बॉलिंग में भी उन्होंने 9 रन प्रति ओवर के औसत से अपने चार ओवर में 36 रन खर्च किए थे और केवल एक विकेट उनके हाथ लगा है. हालांकि पहले मैच में इस औसत प्रदर्शन की भरपाई स्टोक्स ने अपने आज के प्रदर्शन से कर ली. मुंबई इंडियंस के खिलाफ मैच में पुणे टीम की जीत के हीरो रहे रहाणे और कप्तान स्टीव स्मिथ के आउट होने के बाद स्टोक्स ने स्कोर को तेजी से आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी अपने कंधे पर ली. उन्होंने पांचवें विकेट के लिए मनोज तिवारी के साथ 61 रन की साझेदारी की. दुर्भाग्यवश स्टोक्स अर्धशतक पूरा करने के बाद ज्यादा देर नहीं टिके. पारी के 18वें ओवर में अक्षर पटेल ने उन्हें अपनी ही गेंद पर कैच् किया. 50 रन की पारी में स्टोक्स ने 32 गेंदों का सामना करके दो चौके और तीन छक्के लगाए. घरेलू क्रिकेट में पश्चिम बंगाल की ओर से खेलने वाले मनोज तिवारी ने भी नाबाद 40 रन की बेहतरीन पारी खेली. तिवारी की पारी में तीन चौके और दो छक्के शामिल रहे. उन्होंने अपनी पारी के दौरान 23 गेंदों का सामना किया. | नीलामी में 14.5 करोड़ रुपये में बिके हैं स्टोक्स
पहले मैच में मुंबई के खिलाफ 21 रन बनाए थे
पंजाब की टीम के खिलाफ 50 रन की पारी खेली | 6 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिका में आर्थिक वृद्धि मजबूत रहने की संभावना तथा ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर जारी तनाव के कारण एशियाई कारोबार में आज तेल की कीमत में तेजी दर्ज की गई।टिप्पणियां
न्यूयॉर्क का मुख्य अनुबंध लाइट स्वीट क्रूड की कीमत अप्रैल डिलीवरी के लिए 50 सेंट्स बढ़कर 107.20 डॉलर प्रति बैरल रही। इसी प्रकार, ब्रेंट नार्थ-सी क्रूड की कीमत 32 सेंट्स बढ़कर 123.97 डॉलर प्रति बैरल रही।
आईजी मार्केट के बाजार विश्लेषक जस्टिन हार्पर ने कहा, ‘‘विश्व अर्थव्यवस्था की अच्छी स्थिति उर्जा की और जरूरत को रेखांकित करता है। इसके अलावा आपूर्ति को लेकर चिंता से तेल की कीमत में तेजी आई है।’’ उन्होंने कहा कि अमेरिका में आर्थिक आंकड़े बेहतर रहने की संभावना से तेल की कीमत में और तेजी आ सकती है। साथ ही ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर तनाव से भी कीमत बढ़ने का अंदेशा है।
न्यूयॉर्क का मुख्य अनुबंध लाइट स्वीट क्रूड की कीमत अप्रैल डिलीवरी के लिए 50 सेंट्स बढ़कर 107.20 डॉलर प्रति बैरल रही। इसी प्रकार, ब्रेंट नार्थ-सी क्रूड की कीमत 32 सेंट्स बढ़कर 123.97 डॉलर प्रति बैरल रही।
आईजी मार्केट के बाजार विश्लेषक जस्टिन हार्पर ने कहा, ‘‘विश्व अर्थव्यवस्था की अच्छी स्थिति उर्जा की और जरूरत को रेखांकित करता है। इसके अलावा आपूर्ति को लेकर चिंता से तेल की कीमत में तेजी आई है।’’ उन्होंने कहा कि अमेरिका में आर्थिक आंकड़े बेहतर रहने की संभावना से तेल की कीमत में और तेजी आ सकती है। साथ ही ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर तनाव से भी कीमत बढ़ने का अंदेशा है।
आईजी मार्केट के बाजार विश्लेषक जस्टिन हार्पर ने कहा, ‘‘विश्व अर्थव्यवस्था की अच्छी स्थिति उर्जा की और जरूरत को रेखांकित करता है। इसके अलावा आपूर्ति को लेकर चिंता से तेल की कीमत में तेजी आई है।’’ उन्होंने कहा कि अमेरिका में आर्थिक आंकड़े बेहतर रहने की संभावना से तेल की कीमत में और तेजी आ सकती है। साथ ही ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर तनाव से भी कीमत बढ़ने का अंदेशा है। | अमेरिका में आर्थिक वृद्धि मजबूत रहने की संभावना तथा ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर जारी तनाव के कारण एशियाई कारोबार में आज तेल की कीमत में तेजी दर्ज की गई। | 28 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अभिनेत्री बिपाशा बसु का कहना है कि बचपन में वह बहुत ड्रामेबाज थीं। बिपाशा जल्द ही डरावनी फिल्म 'आत्मा' में नजर आएंगी।
बिपाशा शुक्रवार को 'इंडियाज बिगेस्ट ड्रामेबाज' के सेट पर अपनी फिल्म 'आत्मा' का प्रचार कर रहीं थी। उन्होंने कहा, मैं बचपन में हर चीज के लिए रोती-चीखती थी। मेरी मां जानती थीं कि मैं बड़ी ड्रामेबाज हूं, मैं रो-चीखकर जो चाहिए मांगती थी।टिप्पणियां
'आत्मा' में एक ऐसी मां की कहानी है, जो अपने मृत पति की आत्मा से अपनी बच्ची को दूर रखने के लिए लड़ती है।
'आत्मा' के अलावा बिपाशा 'नो एंट्री में एंट्री' में भी नजर आएंगी।
बिपाशा शुक्रवार को 'इंडियाज बिगेस्ट ड्रामेबाज' के सेट पर अपनी फिल्म 'आत्मा' का प्रचार कर रहीं थी। उन्होंने कहा, मैं बचपन में हर चीज के लिए रोती-चीखती थी। मेरी मां जानती थीं कि मैं बड़ी ड्रामेबाज हूं, मैं रो-चीखकर जो चाहिए मांगती थी।टिप्पणियां
'आत्मा' में एक ऐसी मां की कहानी है, जो अपने मृत पति की आत्मा से अपनी बच्ची को दूर रखने के लिए लड़ती है।
'आत्मा' के अलावा बिपाशा 'नो एंट्री में एंट्री' में भी नजर आएंगी।
'आत्मा' में एक ऐसी मां की कहानी है, जो अपने मृत पति की आत्मा से अपनी बच्ची को दूर रखने के लिए लड़ती है।
'आत्मा' के अलावा बिपाशा 'नो एंट्री में एंट्री' में भी नजर आएंगी।
'आत्मा' के अलावा बिपाशा 'नो एंट्री में एंट्री' में भी नजर आएंगी। | बिपाशा ने कहा, मैं बचपन में हर चीज के लिए रोती-चीखती थी। मेरी मां जानती थीं कि मैं बड़ी ड्रामेबाज हूं, मैं रो-चीखकर जो चाहिए मांगती थी। | 6 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने शनिवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि आर्थिक मंदी और आतंकवाद जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने में भारत अपनी भूमिका निभाने के लिए तैयार है। साथ ही उन्होंने संयुक्त राष्ट्र और वैश्विक वित्तीय संस्थाओं में महत्वपूर्ण सुधारों पर भी जोर दिया। अधिवेशन को सम्बोधित करते हुए मनमोहन सिंह ने कहा, "आतंकवादी समूहों अथवा आतंकवादी ढांचे से निपटने में कोई चुनिंदा तरीका नहीं हो सकता। अपने 21 मिनट के सम्बोधन में प्रधानमंत्री ने कहा, "आतंकवाद से सभी मोर्चो पर लड़ा जाना है। आतंकवाद अपना घिनौना चेहरा बड़ा करता जा रहा है और निर्दोष लोगों के जीवन को अपना शिकार बना रहा है।" मनमोहन सिंह के सम्बोधन की प्रशंसा सभी सदस्य देशों ने की। उन्होंने कहा, "दक्षिण एशिया में सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग का हौसला बढ़ाने वाले संकेत हैं जैसा कि भारत और बांग्लादेश के बीच सहयोग से साबित होता है।" प्रधानमंत्री ने वैश्विक आर्थिक मंदी से निपटने के लिए एक बार फिर अंतरराष्ट्रीयता के सिद्धांतों को अपनाने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने कहा, "वैश्विक चुनौतियों से निपटने के अलावा हमारे पास कोई और विकल्प नहीं है। यदि हम एक टकराव वाले रवैये की अपेक्षा एक सहयोगी दृष्टिकोण अपनाते हैं तो हम अवश्य सफल होंगे।" उन्होंने कहा, "यदि हमारे प्रयासों में सच्चाई है और उन्हें केवल कानून के दायरे से नहीं बल्कि कानून की भावना से जारी रखा जाता है तो हम सफल होंगे।" मनमोहन सिंह ने संयुक्त राष्ट्र के अधिकारों के तहत की गई कार्रवाई पर जोर देते हुए कहा, "कार्रवाई करते समय प्रत्येक राष्ट्र की स्वतंत्रता, सम्प्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और एकता का अवश्य सम्मान किया जाना चाहिए।" प्रधानमंत्री ने महासभा को वैश्विक आर्थिक संकट, आतंकवाद, पश्चिम एशिया एवं उत्तरी अफ्रीका में सामाजिक एवं राजनीतिक जन विद्रोह की चुनौतियों की तरफ इशारा किया। उन्होंने अनसुलझे फिलीस्तीन संकट का भी उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने महासभा के पुनरुद्धार के साथ संयुक्त राष्ट्र को 'मजबूत एवं और प्रभावी' बनाने का भी आह्वान किया। उन्होंने 'समकालीन वास्तविकताओं को बेहतर ढंग से परिलक्षित करने के लिए' सुरक्षा परिषद के विस्तार और उसमें सुधार पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने 'गति और दक्षता' के साथ अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की शासन प्रणाली में सुधार करने का आह्वान किया। यह उल्लेख करते हुए कि परमाणु प्रसार आज भी अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए खतरा बना हुआ है, प्रधानमंत्री ने कहा, "पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने एक कार्य योजना तैयार की थी जिसमें समयबद्ध, वैश्विक, भेदभाव रहित, चरणबद्ध और प्रमाणित तरीके से परमाणु निरस्त्रीकरण हासिल करने की एक स्पष्ट रूपरेखा बताई गई थी।" संयुक्त राष्ट्र के चार्टर और उद्देश्यों में विश्वास जताते हुए प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि 'भारत संयुक्त राष्ट्र के प्रयासों में अपनी भूमिका निभाने के लिए तैयार है।' मनमोहन सिंह ने मौजूदा वैश्विक आर्थिक सुस्ती के प्रति सावधान करते हुए कहा कि इस सुस्ती के कारण संरक्षणवाद की दीवार नहीं खड़ी की जानी चाहिए और लोगों, सेवाओं और पूंजी के मुक्त आवागमन को बाधित नहीं किया जाना चाहिए। संयुक्त राष्ट्र महासभा में शासन व्यवस्था में तेजी से सुधार करने की जरूरत बताते हुए उन्होंने कहा, "बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के समन्वय के लिए प्रभावी कदम उठाया जाना चाहिए।" सिंह ने कहा, "विश्व अर्थव्यवस्था संकट की घड़ी से गुजर रही है। वर्ष 2008 की वैश्विक मंदी से उबरने के लिए जो प्रक्रिया शुरू की गई थी उसे और आगे बढ़ाने की जरूरत है। कई अर्थो में संकट और गहरा गया है।" उन्होंने कहा कि अमेरिका, यूरोप और जापान जैसी दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्था में लगातार सुस्ती के कारण विकासशील देशों पर नकारात्मक असर पड़ रहा है साथ ही इन देशों में महंगाई भी बढ़ रही है।रब्बानी की हत्या, शांति प्रयासों को धक्का : प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने शनिवार को कहा कि अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति बुरहानुद्दीन रब्बानी की हत्या अफगानिस्तान में शांति के दुश्मनों की 'एक डरावनी धमकी है।' संयुक्त राष्ट्र महासभा के 66वें अधिवेशन को सम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि अफगानिस्तान में सुलह प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अफगानिस्तान के लोगों की मदद करने में भारत अपनी भूमिका निभाएगा ताकि वे अपने लिए एक बेहतर भविष्य का निर्माण कर सकें। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह शांति एवं सुलह प्रक्रिया की सफलता के लिए आवश्यक है।फिलीस्तीन को समर्थन : दबावों के बावजूद अपने रुख पर कायम रहते हुए भारत ने संयुक्त राष्ट्र में सदस्यता पाने के फिलीस्तीन के दावे समर्थन किया और ईरान के साथ अपने सम्बंधों के लिए प्रतिबद्धता दोहराई। विदेश सचिव रंजन मथाई ने शुक्रवार को इस बात के संकेत दिए कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने सम्बोधन के दौरान फिलीस्तीन की इस मांग का समर्थन कर सकते हैं। मथाई ने प्रधानमंत्री के भाषण के प्रति पूर्वावलोकन करने से इनकार करने के बावजूद उन्होंने कहा, "फिलीस्तीन के बारे में हमारा रुख स्पष्ट है। यह सर्वविदित है कि हमने 1988 में ही फिलीस्तीन को अलग राष्ट्र के रूप में मान्यता दे दी थी। यदि हम अपना रुख दोहराते हैं तो इसमें आश्चर्य नहीं होना चाहिए।" उन्होंने बताया कि अब्बास की इस ऐतिहासिक दावेदारी के कुछ घंटे बाद हुई मनमोहन सिंह व ईरानी राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद की मुलाकात में दोनों नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र में फिलीस्तीन की सदस्यता के लिए उसकी ओर से किए जा रहे प्रयासों का समर्थन दोहराया। इसी तरह, संयुक्त राष्ट्र महासभा में ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद के आक्रामक भाषण के एक दिन बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने ईरान के साथ करीबी सम्बंधों के लिए प्रतिबद्धता दोहराते हुए उनसे भेंट की। महासभा में अहमदीनेजाद के भाषण के दौरान अमेरिका की अगुवाई वाले पश्चिमी देशों के प्रतिनिधि बाहर चले गए थे।प्रधानमंत्री की कूटनीतिक बैठकें : प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने शुक्रवार को ईरान, जापान और श्रीलंका के नेताओं से मुलाकात की। विदेश सचिव रंजन मथाई ने शुक्रवार को पत्रकारों से कहा कि प्रधानमंत्री ने जापान के नवनियुक्त प्रधानमंत्री योशिहिको नोडा से मुलाकात की। मुलाकात के दौरान दोनों प्रधानमंत्रियों ने द्विपक्षीय सम्बंधों, व्यापक आर्थिक सहयोग समझौता, आगामी पूर्वी एशिया शिखर वार्ता के संदर्भ में क्षेत्रीय मुद्दों और दोनों देशों के वैश्विक साझेदारी पर विचार किया। सभी देशों द्वारा नाभिकीय संयंत्रों की सुरक्षा समीक्षा किए जाने के बाद भी दोनों देशों ने नाभिकीय सहयोग पर वार्ता जारी रखने पर सहमति जताई। इसके अलावा जी-4 समूह में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सुधार के लिए बातचीत जारी रखने पर दोनों देशों ने स्वीकृति प्रकट की। जी-चार सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता के इच्छुक देशों का समूह है, जिसमें भारत, जापान, ब्राजील एवं जर्मनी शामिल हैं। श्रीलंकाई राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे के साथ मुलाकात के दौरान दोनों पक्षों ने श्रीलंका के उत्तरी हिस्सों के तमिल बहुल इलाकों में शक्तियों के विकेंद्रीकरण पर चर्चा की। इसके अलावा दोनों देशों के मछुआरों की बैठक पर भी सहमति बनी। शनिवार को महासभा को सम्बोधित करने के बाद मनमोहन सिंह की नेपाल के प्रधानमंत्री बाबूराम भट्टराई एवं दक्षिण सूडान के राष्ट्रपति सलवा कीर से मुलाकात का कार्यक्रम है। | यहाँ एक सारांश है:प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने संयुक्त राष्ट्र महासभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि वैश्विक चुनौतियों से निपटने में भारत अपनी भूमिका निभाने को तैयार है। | 17 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: देश के अधिकतर सरकारी, कुछ निजी और विदेशी बैंकों के कर्मचारियों के बुधवार को दो दिवसीय हड़ताल पर चले जाने से वित्तीय गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हुईं। हड़ताली कर्मचारी क्षेत्र में सुधार और गैर प्रमुख सेवाओं की आउटसोर्सिंग का विरोध कर रहे थे।
27 सरकारी, 12 निजी और आठ विदेशी बैंकों में हड़ताल का असर शेयर, बॉन्ड और विदेशी विनिमय बाजारों पर भी पड़ा।
ऑल इंडिया बैंक इम्प्लाईज एसोसिएशन (एआईबीईए) ने कहा कि मंगलवार को नई दिल्ली में श्रम आयुक्त के साथ वार्ता विफल होने के बाद 10 लाख से अधिक बैंक कर्मचारी हड़ताल पर रहे।
एआईबीईए के महासचिव सीएच वेंकटचलम ने एक बयान में कहा, "हड़ताल देशभर में सफल रही। बैंकिंग सेवाएं चरमरा गईं।" हड़ताल का अधिक प्रभाव कर्नाटक, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर पर पड़ा।
युनाइटेड फोरम ऑफ बैंक्स यूनियंस (यूएफबीयू) कर्नाटक के समन्वयक बीएस रविंद्र ने बेंगलुरु में कहा, "हड़ताल की घोषणा को काफी अच्छी प्रतिक्रिया मिली। नई नियुक्ति और प्रोन्नति जैसी हमारी पुरानी मांगों के समर्थन में राज्यभर में 50 हजार से अधिक कर्मचारियों और अधिकारियों ने काम नहीं किया।"
हड़ताल ऐसे समय में हो रही है जब सरकार बैंकिंग कानून संशोधन विधेयक 2011 पर विचार करने वाली है। विधेयक में निजी बैंकों में शेयर धारकों के मताधिकार को 10 फीसदी से बढ़ाकर 26 फीसदी किए जाने का प्रावधान है।
फोरम ने कहा कि प्रस्तावित विधेयक को मंजूरी मिलने से बैंकों की ग्रामीण शाखाएं बंद हो जाएंगी, और अत्यधिक छोटी शाखाओं का सिलसिला शुरू होगा। इससे ठेका आधार पर ग्रामीण बैंकिंग गतिविधि का निजीकरण होगा।
बैंक कर्मचारी गैर-प्रमुख कार्यों की बाहरी एजेंसियों को आउटसोर्सिंग और अन्य श्रमिक विरोधी नीतियों का भी विरोध कर रहे हैं। उनके मुताबिक इससे कर्मचारियों की छंटनी हो सकती है, जिससे सरकार पर उनकी दबाव बनाने की क्षमता घट जाएगी।
हड़ताल से ग्राहक सेवा, विदेशी मुद्रा के लेन-देन, आयात-निर्यात और स्थानीय बिल, चेकों के समाशोधन, बैंक लॉकर से सम्बंधित कार्य, पूंजी बाजारों और बैंक द्वारा चलाई जाने वाली सभी गतिविधियों पर असर पड़ा। इस दौरान अधिकतर स्थानों पर लोगों को नकदी के लिए एटीएम पर निर्भर रहना पड़ा, तो पश्चिम बंगाल में अधिकतर एटीएम के भी शटर गिरे रहे।
हड़ताल के कारण मध्य प्रदेश में तमाम बैंकों में कामकाज पूरी तरह ठप रहा और आम ग्राहक को एटीएम पर निर्भर रहना पड़ा।
राजधानी भोपाल में तमाम बैंकों के कर्मचारी ऑरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स के मुख्यालय के बाहर जमा हुए और उन्होंने जमकर नारेबाजी की। बैंक कर्मचारियों की इस दो दिवसीय हड़ताल में राज्य की साढ़े पांच हजार शाखाओं के कर्मचारियों ने हिस्सा लिया।
पश्चिम बंगाल में अधिकतर सरकारी और निजी बैंकों के एटीएम के भी शटर गिरे देखे गए, क्योंकि मशीन की सुरक्षा में लगे गार्ड भी हड़ताल में शामिल रहे।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) (पश्चिम बंगाल इकाई) के महासचिव गौतम बोस ने कहा, "करीब 10 हजार बैंककर्मी आज (बुधवार) हड़ताल में शामिल हुए। क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और कॉपरेटिव बैंक की शाखाओं को छोड़कर लगभग सभी बैंकों की शाखाएं बंद रहीं।"टिप्पणियां
बोस ने कहा, "एटीएम बंद हैं क्योंकि मशीन की रक्षा करने वाले गार्ड भी दो संगठनों से जुड़े हुए हैं और वे संगठन भी हड़ताल में शामिल हैं।"
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बैंकों में सुबह से ताले लटके मिले। नकदी के लिए लोगों को एटीएम पर निर्भर होना पड़ा। बैंकों की अलग-अलग यूनियनों के पदाधिकारी हजरतगंज स्थित इलाहाबाद की मुख्य शाखा पर एकत्र हुए और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। हड़ताल में राज्य के विभिन्न बैंकों की करीब 10 हजार शाखाओं के तकरीबन डेढ़ लाख बैंककर्मी शामिल हुए।
27 सरकारी, 12 निजी और आठ विदेशी बैंकों में हड़ताल का असर शेयर, बॉन्ड और विदेशी विनिमय बाजारों पर भी पड़ा।
ऑल इंडिया बैंक इम्प्लाईज एसोसिएशन (एआईबीईए) ने कहा कि मंगलवार को नई दिल्ली में श्रम आयुक्त के साथ वार्ता विफल होने के बाद 10 लाख से अधिक बैंक कर्मचारी हड़ताल पर रहे।
एआईबीईए के महासचिव सीएच वेंकटचलम ने एक बयान में कहा, "हड़ताल देशभर में सफल रही। बैंकिंग सेवाएं चरमरा गईं।" हड़ताल का अधिक प्रभाव कर्नाटक, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर पर पड़ा।
युनाइटेड फोरम ऑफ बैंक्स यूनियंस (यूएफबीयू) कर्नाटक के समन्वयक बीएस रविंद्र ने बेंगलुरु में कहा, "हड़ताल की घोषणा को काफी अच्छी प्रतिक्रिया मिली। नई नियुक्ति और प्रोन्नति जैसी हमारी पुरानी मांगों के समर्थन में राज्यभर में 50 हजार से अधिक कर्मचारियों और अधिकारियों ने काम नहीं किया।"
हड़ताल ऐसे समय में हो रही है जब सरकार बैंकिंग कानून संशोधन विधेयक 2011 पर विचार करने वाली है। विधेयक में निजी बैंकों में शेयर धारकों के मताधिकार को 10 फीसदी से बढ़ाकर 26 फीसदी किए जाने का प्रावधान है।
फोरम ने कहा कि प्रस्तावित विधेयक को मंजूरी मिलने से बैंकों की ग्रामीण शाखाएं बंद हो जाएंगी, और अत्यधिक छोटी शाखाओं का सिलसिला शुरू होगा। इससे ठेका आधार पर ग्रामीण बैंकिंग गतिविधि का निजीकरण होगा।
बैंक कर्मचारी गैर-प्रमुख कार्यों की बाहरी एजेंसियों को आउटसोर्सिंग और अन्य श्रमिक विरोधी नीतियों का भी विरोध कर रहे हैं। उनके मुताबिक इससे कर्मचारियों की छंटनी हो सकती है, जिससे सरकार पर उनकी दबाव बनाने की क्षमता घट जाएगी।
हड़ताल से ग्राहक सेवा, विदेशी मुद्रा के लेन-देन, आयात-निर्यात और स्थानीय बिल, चेकों के समाशोधन, बैंक लॉकर से सम्बंधित कार्य, पूंजी बाजारों और बैंक द्वारा चलाई जाने वाली सभी गतिविधियों पर असर पड़ा। इस दौरान अधिकतर स्थानों पर लोगों को नकदी के लिए एटीएम पर निर्भर रहना पड़ा, तो पश्चिम बंगाल में अधिकतर एटीएम के भी शटर गिरे रहे।
हड़ताल के कारण मध्य प्रदेश में तमाम बैंकों में कामकाज पूरी तरह ठप रहा और आम ग्राहक को एटीएम पर निर्भर रहना पड़ा।
राजधानी भोपाल में तमाम बैंकों के कर्मचारी ऑरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स के मुख्यालय के बाहर जमा हुए और उन्होंने जमकर नारेबाजी की। बैंक कर्मचारियों की इस दो दिवसीय हड़ताल में राज्य की साढ़े पांच हजार शाखाओं के कर्मचारियों ने हिस्सा लिया।
पश्चिम बंगाल में अधिकतर सरकारी और निजी बैंकों के एटीएम के भी शटर गिरे देखे गए, क्योंकि मशीन की सुरक्षा में लगे गार्ड भी हड़ताल में शामिल रहे।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) (पश्चिम बंगाल इकाई) के महासचिव गौतम बोस ने कहा, "करीब 10 हजार बैंककर्मी आज (बुधवार) हड़ताल में शामिल हुए। क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और कॉपरेटिव बैंक की शाखाओं को छोड़कर लगभग सभी बैंकों की शाखाएं बंद रहीं।"टिप्पणियां
बोस ने कहा, "एटीएम बंद हैं क्योंकि मशीन की रक्षा करने वाले गार्ड भी दो संगठनों से जुड़े हुए हैं और वे संगठन भी हड़ताल में शामिल हैं।"
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बैंकों में सुबह से ताले लटके मिले। नकदी के लिए लोगों को एटीएम पर निर्भर होना पड़ा। बैंकों की अलग-अलग यूनियनों के पदाधिकारी हजरतगंज स्थित इलाहाबाद की मुख्य शाखा पर एकत्र हुए और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। हड़ताल में राज्य के विभिन्न बैंकों की करीब 10 हजार शाखाओं के तकरीबन डेढ़ लाख बैंककर्मी शामिल हुए।
ऑल इंडिया बैंक इम्प्लाईज एसोसिएशन (एआईबीईए) ने कहा कि मंगलवार को नई दिल्ली में श्रम आयुक्त के साथ वार्ता विफल होने के बाद 10 लाख से अधिक बैंक कर्मचारी हड़ताल पर रहे।
एआईबीईए के महासचिव सीएच वेंकटचलम ने एक बयान में कहा, "हड़ताल देशभर में सफल रही। बैंकिंग सेवाएं चरमरा गईं।" हड़ताल का अधिक प्रभाव कर्नाटक, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर पर पड़ा।
युनाइटेड फोरम ऑफ बैंक्स यूनियंस (यूएफबीयू) कर्नाटक के समन्वयक बीएस रविंद्र ने बेंगलुरु में कहा, "हड़ताल की घोषणा को काफी अच्छी प्रतिक्रिया मिली। नई नियुक्ति और प्रोन्नति जैसी हमारी पुरानी मांगों के समर्थन में राज्यभर में 50 हजार से अधिक कर्मचारियों और अधिकारियों ने काम नहीं किया।"
हड़ताल ऐसे समय में हो रही है जब सरकार बैंकिंग कानून संशोधन विधेयक 2011 पर विचार करने वाली है। विधेयक में निजी बैंकों में शेयर धारकों के मताधिकार को 10 फीसदी से बढ़ाकर 26 फीसदी किए जाने का प्रावधान है।
फोरम ने कहा कि प्रस्तावित विधेयक को मंजूरी मिलने से बैंकों की ग्रामीण शाखाएं बंद हो जाएंगी, और अत्यधिक छोटी शाखाओं का सिलसिला शुरू होगा। इससे ठेका आधार पर ग्रामीण बैंकिंग गतिविधि का निजीकरण होगा।
बैंक कर्मचारी गैर-प्रमुख कार्यों की बाहरी एजेंसियों को आउटसोर्सिंग और अन्य श्रमिक विरोधी नीतियों का भी विरोध कर रहे हैं। उनके मुताबिक इससे कर्मचारियों की छंटनी हो सकती है, जिससे सरकार पर उनकी दबाव बनाने की क्षमता घट जाएगी।
हड़ताल से ग्राहक सेवा, विदेशी मुद्रा के लेन-देन, आयात-निर्यात और स्थानीय बिल, चेकों के समाशोधन, बैंक लॉकर से सम्बंधित कार्य, पूंजी बाजारों और बैंक द्वारा चलाई जाने वाली सभी गतिविधियों पर असर पड़ा। इस दौरान अधिकतर स्थानों पर लोगों को नकदी के लिए एटीएम पर निर्भर रहना पड़ा, तो पश्चिम बंगाल में अधिकतर एटीएम के भी शटर गिरे रहे।
हड़ताल के कारण मध्य प्रदेश में तमाम बैंकों में कामकाज पूरी तरह ठप रहा और आम ग्राहक को एटीएम पर निर्भर रहना पड़ा।
राजधानी भोपाल में तमाम बैंकों के कर्मचारी ऑरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स के मुख्यालय के बाहर जमा हुए और उन्होंने जमकर नारेबाजी की। बैंक कर्मचारियों की इस दो दिवसीय हड़ताल में राज्य की साढ़े पांच हजार शाखाओं के कर्मचारियों ने हिस्सा लिया।
पश्चिम बंगाल में अधिकतर सरकारी और निजी बैंकों के एटीएम के भी शटर गिरे देखे गए, क्योंकि मशीन की सुरक्षा में लगे गार्ड भी हड़ताल में शामिल रहे।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) (पश्चिम बंगाल इकाई) के महासचिव गौतम बोस ने कहा, "करीब 10 हजार बैंककर्मी आज (बुधवार) हड़ताल में शामिल हुए। क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और कॉपरेटिव बैंक की शाखाओं को छोड़कर लगभग सभी बैंकों की शाखाएं बंद रहीं।"टिप्पणियां
बोस ने कहा, "एटीएम बंद हैं क्योंकि मशीन की रक्षा करने वाले गार्ड भी दो संगठनों से जुड़े हुए हैं और वे संगठन भी हड़ताल में शामिल हैं।"
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बैंकों में सुबह से ताले लटके मिले। नकदी के लिए लोगों को एटीएम पर निर्भर होना पड़ा। बैंकों की अलग-अलग यूनियनों के पदाधिकारी हजरतगंज स्थित इलाहाबाद की मुख्य शाखा पर एकत्र हुए और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। हड़ताल में राज्य के विभिन्न बैंकों की करीब 10 हजार शाखाओं के तकरीबन डेढ़ लाख बैंककर्मी शामिल हुए।
एआईबीईए के महासचिव सीएच वेंकटचलम ने एक बयान में कहा, "हड़ताल देशभर में सफल रही। बैंकिंग सेवाएं चरमरा गईं।" हड़ताल का अधिक प्रभाव कर्नाटक, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर पर पड़ा।
युनाइटेड फोरम ऑफ बैंक्स यूनियंस (यूएफबीयू) कर्नाटक के समन्वयक बीएस रविंद्र ने बेंगलुरु में कहा, "हड़ताल की घोषणा को काफी अच्छी प्रतिक्रिया मिली। नई नियुक्ति और प्रोन्नति जैसी हमारी पुरानी मांगों के समर्थन में राज्यभर में 50 हजार से अधिक कर्मचारियों और अधिकारियों ने काम नहीं किया।"
हड़ताल ऐसे समय में हो रही है जब सरकार बैंकिंग कानून संशोधन विधेयक 2011 पर विचार करने वाली है। विधेयक में निजी बैंकों में शेयर धारकों के मताधिकार को 10 फीसदी से बढ़ाकर 26 फीसदी किए जाने का प्रावधान है।
फोरम ने कहा कि प्रस्तावित विधेयक को मंजूरी मिलने से बैंकों की ग्रामीण शाखाएं बंद हो जाएंगी, और अत्यधिक छोटी शाखाओं का सिलसिला शुरू होगा। इससे ठेका आधार पर ग्रामीण बैंकिंग गतिविधि का निजीकरण होगा।
बैंक कर्मचारी गैर-प्रमुख कार्यों की बाहरी एजेंसियों को आउटसोर्सिंग और अन्य श्रमिक विरोधी नीतियों का भी विरोध कर रहे हैं। उनके मुताबिक इससे कर्मचारियों की छंटनी हो सकती है, जिससे सरकार पर उनकी दबाव बनाने की क्षमता घट जाएगी।
हड़ताल से ग्राहक सेवा, विदेशी मुद्रा के लेन-देन, आयात-निर्यात और स्थानीय बिल, चेकों के समाशोधन, बैंक लॉकर से सम्बंधित कार्य, पूंजी बाजारों और बैंक द्वारा चलाई जाने वाली सभी गतिविधियों पर असर पड़ा। इस दौरान अधिकतर स्थानों पर लोगों को नकदी के लिए एटीएम पर निर्भर रहना पड़ा, तो पश्चिम बंगाल में अधिकतर एटीएम के भी शटर गिरे रहे।
हड़ताल के कारण मध्य प्रदेश में तमाम बैंकों में कामकाज पूरी तरह ठप रहा और आम ग्राहक को एटीएम पर निर्भर रहना पड़ा।
राजधानी भोपाल में तमाम बैंकों के कर्मचारी ऑरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स के मुख्यालय के बाहर जमा हुए और उन्होंने जमकर नारेबाजी की। बैंक कर्मचारियों की इस दो दिवसीय हड़ताल में राज्य की साढ़े पांच हजार शाखाओं के कर्मचारियों ने हिस्सा लिया।
पश्चिम बंगाल में अधिकतर सरकारी और निजी बैंकों के एटीएम के भी शटर गिरे देखे गए, क्योंकि मशीन की सुरक्षा में लगे गार्ड भी हड़ताल में शामिल रहे।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) (पश्चिम बंगाल इकाई) के महासचिव गौतम बोस ने कहा, "करीब 10 हजार बैंककर्मी आज (बुधवार) हड़ताल में शामिल हुए। क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और कॉपरेटिव बैंक की शाखाओं को छोड़कर लगभग सभी बैंकों की शाखाएं बंद रहीं।"टिप्पणियां
बोस ने कहा, "एटीएम बंद हैं क्योंकि मशीन की रक्षा करने वाले गार्ड भी दो संगठनों से जुड़े हुए हैं और वे संगठन भी हड़ताल में शामिल हैं।"
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बैंकों में सुबह से ताले लटके मिले। नकदी के लिए लोगों को एटीएम पर निर्भर होना पड़ा। बैंकों की अलग-अलग यूनियनों के पदाधिकारी हजरतगंज स्थित इलाहाबाद की मुख्य शाखा पर एकत्र हुए और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। हड़ताल में राज्य के विभिन्न बैंकों की करीब 10 हजार शाखाओं के तकरीबन डेढ़ लाख बैंककर्मी शामिल हुए।
युनाइटेड फोरम ऑफ बैंक्स यूनियंस (यूएफबीयू) कर्नाटक के समन्वयक बीएस रविंद्र ने बेंगलुरु में कहा, "हड़ताल की घोषणा को काफी अच्छी प्रतिक्रिया मिली। नई नियुक्ति और प्रोन्नति जैसी हमारी पुरानी मांगों के समर्थन में राज्यभर में 50 हजार से अधिक कर्मचारियों और अधिकारियों ने काम नहीं किया।"
हड़ताल ऐसे समय में हो रही है जब सरकार बैंकिंग कानून संशोधन विधेयक 2011 पर विचार करने वाली है। विधेयक में निजी बैंकों में शेयर धारकों के मताधिकार को 10 फीसदी से बढ़ाकर 26 फीसदी किए जाने का प्रावधान है।
फोरम ने कहा कि प्रस्तावित विधेयक को मंजूरी मिलने से बैंकों की ग्रामीण शाखाएं बंद हो जाएंगी, और अत्यधिक छोटी शाखाओं का सिलसिला शुरू होगा। इससे ठेका आधार पर ग्रामीण बैंकिंग गतिविधि का निजीकरण होगा।
बैंक कर्मचारी गैर-प्रमुख कार्यों की बाहरी एजेंसियों को आउटसोर्सिंग और अन्य श्रमिक विरोधी नीतियों का भी विरोध कर रहे हैं। उनके मुताबिक इससे कर्मचारियों की छंटनी हो सकती है, जिससे सरकार पर उनकी दबाव बनाने की क्षमता घट जाएगी।
हड़ताल से ग्राहक सेवा, विदेशी मुद्रा के लेन-देन, आयात-निर्यात और स्थानीय बिल, चेकों के समाशोधन, बैंक लॉकर से सम्बंधित कार्य, पूंजी बाजारों और बैंक द्वारा चलाई जाने वाली सभी गतिविधियों पर असर पड़ा। इस दौरान अधिकतर स्थानों पर लोगों को नकदी के लिए एटीएम पर निर्भर रहना पड़ा, तो पश्चिम बंगाल में अधिकतर एटीएम के भी शटर गिरे रहे।
हड़ताल के कारण मध्य प्रदेश में तमाम बैंकों में कामकाज पूरी तरह ठप रहा और आम ग्राहक को एटीएम पर निर्भर रहना पड़ा।
राजधानी भोपाल में तमाम बैंकों के कर्मचारी ऑरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स के मुख्यालय के बाहर जमा हुए और उन्होंने जमकर नारेबाजी की। बैंक कर्मचारियों की इस दो दिवसीय हड़ताल में राज्य की साढ़े पांच हजार शाखाओं के कर्मचारियों ने हिस्सा लिया।
पश्चिम बंगाल में अधिकतर सरकारी और निजी बैंकों के एटीएम के भी शटर गिरे देखे गए, क्योंकि मशीन की सुरक्षा में लगे गार्ड भी हड़ताल में शामिल रहे।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) (पश्चिम बंगाल इकाई) के महासचिव गौतम बोस ने कहा, "करीब 10 हजार बैंककर्मी आज (बुधवार) हड़ताल में शामिल हुए। क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और कॉपरेटिव बैंक की शाखाओं को छोड़कर लगभग सभी बैंकों की शाखाएं बंद रहीं।"टिप्पणियां
बोस ने कहा, "एटीएम बंद हैं क्योंकि मशीन की रक्षा करने वाले गार्ड भी दो संगठनों से जुड़े हुए हैं और वे संगठन भी हड़ताल में शामिल हैं।"
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बैंकों में सुबह से ताले लटके मिले। नकदी के लिए लोगों को एटीएम पर निर्भर होना पड़ा। बैंकों की अलग-अलग यूनियनों के पदाधिकारी हजरतगंज स्थित इलाहाबाद की मुख्य शाखा पर एकत्र हुए और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। हड़ताल में राज्य के विभिन्न बैंकों की करीब 10 हजार शाखाओं के तकरीबन डेढ़ लाख बैंककर्मी शामिल हुए।
हड़ताल ऐसे समय में हो रही है जब सरकार बैंकिंग कानून संशोधन विधेयक 2011 पर विचार करने वाली है। विधेयक में निजी बैंकों में शेयर धारकों के मताधिकार को 10 फीसदी से बढ़ाकर 26 फीसदी किए जाने का प्रावधान है।
फोरम ने कहा कि प्रस्तावित विधेयक को मंजूरी मिलने से बैंकों की ग्रामीण शाखाएं बंद हो जाएंगी, और अत्यधिक छोटी शाखाओं का सिलसिला शुरू होगा। इससे ठेका आधार पर ग्रामीण बैंकिंग गतिविधि का निजीकरण होगा।
बैंक कर्मचारी गैर-प्रमुख कार्यों की बाहरी एजेंसियों को आउटसोर्सिंग और अन्य श्रमिक विरोधी नीतियों का भी विरोध कर रहे हैं। उनके मुताबिक इससे कर्मचारियों की छंटनी हो सकती है, जिससे सरकार पर उनकी दबाव बनाने की क्षमता घट जाएगी।
हड़ताल से ग्राहक सेवा, विदेशी मुद्रा के लेन-देन, आयात-निर्यात और स्थानीय बिल, चेकों के समाशोधन, बैंक लॉकर से सम्बंधित कार्य, पूंजी बाजारों और बैंक द्वारा चलाई जाने वाली सभी गतिविधियों पर असर पड़ा। इस दौरान अधिकतर स्थानों पर लोगों को नकदी के लिए एटीएम पर निर्भर रहना पड़ा, तो पश्चिम बंगाल में अधिकतर एटीएम के भी शटर गिरे रहे।
हड़ताल के कारण मध्य प्रदेश में तमाम बैंकों में कामकाज पूरी तरह ठप रहा और आम ग्राहक को एटीएम पर निर्भर रहना पड़ा।
राजधानी भोपाल में तमाम बैंकों के कर्मचारी ऑरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स के मुख्यालय के बाहर जमा हुए और उन्होंने जमकर नारेबाजी की। बैंक कर्मचारियों की इस दो दिवसीय हड़ताल में राज्य की साढ़े पांच हजार शाखाओं के कर्मचारियों ने हिस्सा लिया।
पश्चिम बंगाल में अधिकतर सरकारी और निजी बैंकों के एटीएम के भी शटर गिरे देखे गए, क्योंकि मशीन की सुरक्षा में लगे गार्ड भी हड़ताल में शामिल रहे।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) (पश्चिम बंगाल इकाई) के महासचिव गौतम बोस ने कहा, "करीब 10 हजार बैंककर्मी आज (बुधवार) हड़ताल में शामिल हुए। क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और कॉपरेटिव बैंक की शाखाओं को छोड़कर लगभग सभी बैंकों की शाखाएं बंद रहीं।"टिप्पणियां
बोस ने कहा, "एटीएम बंद हैं क्योंकि मशीन की रक्षा करने वाले गार्ड भी दो संगठनों से जुड़े हुए हैं और वे संगठन भी हड़ताल में शामिल हैं।"
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बैंकों में सुबह से ताले लटके मिले। नकदी के लिए लोगों को एटीएम पर निर्भर होना पड़ा। बैंकों की अलग-अलग यूनियनों के पदाधिकारी हजरतगंज स्थित इलाहाबाद की मुख्य शाखा पर एकत्र हुए और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। हड़ताल में राज्य के विभिन्न बैंकों की करीब 10 हजार शाखाओं के तकरीबन डेढ़ लाख बैंककर्मी शामिल हुए।
फोरम ने कहा कि प्रस्तावित विधेयक को मंजूरी मिलने से बैंकों की ग्रामीण शाखाएं बंद हो जाएंगी, और अत्यधिक छोटी शाखाओं का सिलसिला शुरू होगा। इससे ठेका आधार पर ग्रामीण बैंकिंग गतिविधि का निजीकरण होगा।
बैंक कर्मचारी गैर-प्रमुख कार्यों की बाहरी एजेंसियों को आउटसोर्सिंग और अन्य श्रमिक विरोधी नीतियों का भी विरोध कर रहे हैं। उनके मुताबिक इससे कर्मचारियों की छंटनी हो सकती है, जिससे सरकार पर उनकी दबाव बनाने की क्षमता घट जाएगी।
हड़ताल से ग्राहक सेवा, विदेशी मुद्रा के लेन-देन, आयात-निर्यात और स्थानीय बिल, चेकों के समाशोधन, बैंक लॉकर से सम्बंधित कार्य, पूंजी बाजारों और बैंक द्वारा चलाई जाने वाली सभी गतिविधियों पर असर पड़ा। इस दौरान अधिकतर स्थानों पर लोगों को नकदी के लिए एटीएम पर निर्भर रहना पड़ा, तो पश्चिम बंगाल में अधिकतर एटीएम के भी शटर गिरे रहे।
हड़ताल के कारण मध्य प्रदेश में तमाम बैंकों में कामकाज पूरी तरह ठप रहा और आम ग्राहक को एटीएम पर निर्भर रहना पड़ा।
राजधानी भोपाल में तमाम बैंकों के कर्मचारी ऑरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स के मुख्यालय के बाहर जमा हुए और उन्होंने जमकर नारेबाजी की। बैंक कर्मचारियों की इस दो दिवसीय हड़ताल में राज्य की साढ़े पांच हजार शाखाओं के कर्मचारियों ने हिस्सा लिया।
पश्चिम बंगाल में अधिकतर सरकारी और निजी बैंकों के एटीएम के भी शटर गिरे देखे गए, क्योंकि मशीन की सुरक्षा में लगे गार्ड भी हड़ताल में शामिल रहे।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) (पश्चिम बंगाल इकाई) के महासचिव गौतम बोस ने कहा, "करीब 10 हजार बैंककर्मी आज (बुधवार) हड़ताल में शामिल हुए। क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और कॉपरेटिव बैंक की शाखाओं को छोड़कर लगभग सभी बैंकों की शाखाएं बंद रहीं।"टिप्पणियां
बोस ने कहा, "एटीएम बंद हैं क्योंकि मशीन की रक्षा करने वाले गार्ड भी दो संगठनों से जुड़े हुए हैं और वे संगठन भी हड़ताल में शामिल हैं।"
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बैंकों में सुबह से ताले लटके मिले। नकदी के लिए लोगों को एटीएम पर निर्भर होना पड़ा। बैंकों की अलग-अलग यूनियनों के पदाधिकारी हजरतगंज स्थित इलाहाबाद की मुख्य शाखा पर एकत्र हुए और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। हड़ताल में राज्य के विभिन्न बैंकों की करीब 10 हजार शाखाओं के तकरीबन डेढ़ लाख बैंककर्मी शामिल हुए।
बैंक कर्मचारी गैर-प्रमुख कार्यों की बाहरी एजेंसियों को आउटसोर्सिंग और अन्य श्रमिक विरोधी नीतियों का भी विरोध कर रहे हैं। उनके मुताबिक इससे कर्मचारियों की छंटनी हो सकती है, जिससे सरकार पर उनकी दबाव बनाने की क्षमता घट जाएगी।
हड़ताल से ग्राहक सेवा, विदेशी मुद्रा के लेन-देन, आयात-निर्यात और स्थानीय बिल, चेकों के समाशोधन, बैंक लॉकर से सम्बंधित कार्य, पूंजी बाजारों और बैंक द्वारा चलाई जाने वाली सभी गतिविधियों पर असर पड़ा। इस दौरान अधिकतर स्थानों पर लोगों को नकदी के लिए एटीएम पर निर्भर रहना पड़ा, तो पश्चिम बंगाल में अधिकतर एटीएम के भी शटर गिरे रहे।
हड़ताल के कारण मध्य प्रदेश में तमाम बैंकों में कामकाज पूरी तरह ठप रहा और आम ग्राहक को एटीएम पर निर्भर रहना पड़ा।
राजधानी भोपाल में तमाम बैंकों के कर्मचारी ऑरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स के मुख्यालय के बाहर जमा हुए और उन्होंने जमकर नारेबाजी की। बैंक कर्मचारियों की इस दो दिवसीय हड़ताल में राज्य की साढ़े पांच हजार शाखाओं के कर्मचारियों ने हिस्सा लिया।
पश्चिम बंगाल में अधिकतर सरकारी और निजी बैंकों के एटीएम के भी शटर गिरे देखे गए, क्योंकि मशीन की सुरक्षा में लगे गार्ड भी हड़ताल में शामिल रहे।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) (पश्चिम बंगाल इकाई) के महासचिव गौतम बोस ने कहा, "करीब 10 हजार बैंककर्मी आज (बुधवार) हड़ताल में शामिल हुए। क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और कॉपरेटिव बैंक की शाखाओं को छोड़कर लगभग सभी बैंकों की शाखाएं बंद रहीं।"टिप्पणियां
बोस ने कहा, "एटीएम बंद हैं क्योंकि मशीन की रक्षा करने वाले गार्ड भी दो संगठनों से जुड़े हुए हैं और वे संगठन भी हड़ताल में शामिल हैं।"
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बैंकों में सुबह से ताले लटके मिले। नकदी के लिए लोगों को एटीएम पर निर्भर होना पड़ा। बैंकों की अलग-अलग यूनियनों के पदाधिकारी हजरतगंज स्थित इलाहाबाद की मुख्य शाखा पर एकत्र हुए और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। हड़ताल में राज्य के विभिन्न बैंकों की करीब 10 हजार शाखाओं के तकरीबन डेढ़ लाख बैंककर्मी शामिल हुए।
हड़ताल से ग्राहक सेवा, विदेशी मुद्रा के लेन-देन, आयात-निर्यात और स्थानीय बिल, चेकों के समाशोधन, बैंक लॉकर से सम्बंधित कार्य, पूंजी बाजारों और बैंक द्वारा चलाई जाने वाली सभी गतिविधियों पर असर पड़ा। इस दौरान अधिकतर स्थानों पर लोगों को नकदी के लिए एटीएम पर निर्भर रहना पड़ा, तो पश्चिम बंगाल में अधिकतर एटीएम के भी शटर गिरे रहे।
हड़ताल के कारण मध्य प्रदेश में तमाम बैंकों में कामकाज पूरी तरह ठप रहा और आम ग्राहक को एटीएम पर निर्भर रहना पड़ा।
राजधानी भोपाल में तमाम बैंकों के कर्मचारी ऑरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स के मुख्यालय के बाहर जमा हुए और उन्होंने जमकर नारेबाजी की। बैंक कर्मचारियों की इस दो दिवसीय हड़ताल में राज्य की साढ़े पांच हजार शाखाओं के कर्मचारियों ने हिस्सा लिया।
पश्चिम बंगाल में अधिकतर सरकारी और निजी बैंकों के एटीएम के भी शटर गिरे देखे गए, क्योंकि मशीन की सुरक्षा में लगे गार्ड भी हड़ताल में शामिल रहे।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) (पश्चिम बंगाल इकाई) के महासचिव गौतम बोस ने कहा, "करीब 10 हजार बैंककर्मी आज (बुधवार) हड़ताल में शामिल हुए। क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और कॉपरेटिव बैंक की शाखाओं को छोड़कर लगभग सभी बैंकों की शाखाएं बंद रहीं।"टिप्पणियां
बोस ने कहा, "एटीएम बंद हैं क्योंकि मशीन की रक्षा करने वाले गार्ड भी दो संगठनों से जुड़े हुए हैं और वे संगठन भी हड़ताल में शामिल हैं।"
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बैंकों में सुबह से ताले लटके मिले। नकदी के लिए लोगों को एटीएम पर निर्भर होना पड़ा। बैंकों की अलग-अलग यूनियनों के पदाधिकारी हजरतगंज स्थित इलाहाबाद की मुख्य शाखा पर एकत्र हुए और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। हड़ताल में राज्य के विभिन्न बैंकों की करीब 10 हजार शाखाओं के तकरीबन डेढ़ लाख बैंककर्मी शामिल हुए।
हड़ताल के कारण मध्य प्रदेश में तमाम बैंकों में कामकाज पूरी तरह ठप रहा और आम ग्राहक को एटीएम पर निर्भर रहना पड़ा।
राजधानी भोपाल में तमाम बैंकों के कर्मचारी ऑरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स के मुख्यालय के बाहर जमा हुए और उन्होंने जमकर नारेबाजी की। बैंक कर्मचारियों की इस दो दिवसीय हड़ताल में राज्य की साढ़े पांच हजार शाखाओं के कर्मचारियों ने हिस्सा लिया।
पश्चिम बंगाल में अधिकतर सरकारी और निजी बैंकों के एटीएम के भी शटर गिरे देखे गए, क्योंकि मशीन की सुरक्षा में लगे गार्ड भी हड़ताल में शामिल रहे।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) (पश्चिम बंगाल इकाई) के महासचिव गौतम बोस ने कहा, "करीब 10 हजार बैंककर्मी आज (बुधवार) हड़ताल में शामिल हुए। क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और कॉपरेटिव बैंक की शाखाओं को छोड़कर लगभग सभी बैंकों की शाखाएं बंद रहीं।"टिप्पणियां
बोस ने कहा, "एटीएम बंद हैं क्योंकि मशीन की रक्षा करने वाले गार्ड भी दो संगठनों से जुड़े हुए हैं और वे संगठन भी हड़ताल में शामिल हैं।"
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बैंकों में सुबह से ताले लटके मिले। नकदी के लिए लोगों को एटीएम पर निर्भर होना पड़ा। बैंकों की अलग-अलग यूनियनों के पदाधिकारी हजरतगंज स्थित इलाहाबाद की मुख्य शाखा पर एकत्र हुए और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। हड़ताल में राज्य के विभिन्न बैंकों की करीब 10 हजार शाखाओं के तकरीबन डेढ़ लाख बैंककर्मी शामिल हुए।
राजधानी भोपाल में तमाम बैंकों के कर्मचारी ऑरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स के मुख्यालय के बाहर जमा हुए और उन्होंने जमकर नारेबाजी की। बैंक कर्मचारियों की इस दो दिवसीय हड़ताल में राज्य की साढ़े पांच हजार शाखाओं के कर्मचारियों ने हिस्सा लिया।
पश्चिम बंगाल में अधिकतर सरकारी और निजी बैंकों के एटीएम के भी शटर गिरे देखे गए, क्योंकि मशीन की सुरक्षा में लगे गार्ड भी हड़ताल में शामिल रहे।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) (पश्चिम बंगाल इकाई) के महासचिव गौतम बोस ने कहा, "करीब 10 हजार बैंककर्मी आज (बुधवार) हड़ताल में शामिल हुए। क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और कॉपरेटिव बैंक की शाखाओं को छोड़कर लगभग सभी बैंकों की शाखाएं बंद रहीं।"टिप्पणियां
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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बैंकों में सुबह से ताले लटके मिले। नकदी के लिए लोगों को एटीएम पर निर्भर होना पड़ा। बैंकों की अलग-अलग यूनियनों के पदाधिकारी हजरतगंज स्थित इलाहाबाद की मुख्य शाखा पर एकत्र हुए और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। हड़ताल में राज्य के विभिन्न बैंकों की करीब 10 हजार शाखाओं के तकरीबन डेढ़ लाख बैंककर्मी शामिल हुए।
पश्चिम बंगाल में अधिकतर सरकारी और निजी बैंकों के एटीएम के भी शटर गिरे देखे गए, क्योंकि मशीन की सुरक्षा में लगे गार्ड भी हड़ताल में शामिल रहे।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) (पश्चिम बंगाल इकाई) के महासचिव गौतम बोस ने कहा, "करीब 10 हजार बैंककर्मी आज (बुधवार) हड़ताल में शामिल हुए। क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और कॉपरेटिव बैंक की शाखाओं को छोड़कर लगभग सभी बैंकों की शाखाएं बंद रहीं।"टिप्पणियां
बोस ने कहा, "एटीएम बंद हैं क्योंकि मशीन की रक्षा करने वाले गार्ड भी दो संगठनों से जुड़े हुए हैं और वे संगठन भी हड़ताल में शामिल हैं।"
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बैंकों में सुबह से ताले लटके मिले। नकदी के लिए लोगों को एटीएम पर निर्भर होना पड़ा। बैंकों की अलग-अलग यूनियनों के पदाधिकारी हजरतगंज स्थित इलाहाबाद की मुख्य शाखा पर एकत्र हुए और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। हड़ताल में राज्य के विभिन्न बैंकों की करीब 10 हजार शाखाओं के तकरीबन डेढ़ लाख बैंककर्मी शामिल हुए।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) (पश्चिम बंगाल इकाई) के महासचिव गौतम बोस ने कहा, "करीब 10 हजार बैंककर्मी आज (बुधवार) हड़ताल में शामिल हुए। क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और कॉपरेटिव बैंक की शाखाओं को छोड़कर लगभग सभी बैंकों की शाखाएं बंद रहीं।"टिप्पणियां
बोस ने कहा, "एटीएम बंद हैं क्योंकि मशीन की रक्षा करने वाले गार्ड भी दो संगठनों से जुड़े हुए हैं और वे संगठन भी हड़ताल में शामिल हैं।"
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बैंकों में सुबह से ताले लटके मिले। नकदी के लिए लोगों को एटीएम पर निर्भर होना पड़ा। बैंकों की अलग-अलग यूनियनों के पदाधिकारी हजरतगंज स्थित इलाहाबाद की मुख्य शाखा पर एकत्र हुए और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। हड़ताल में राज्य के विभिन्न बैंकों की करीब 10 हजार शाखाओं के तकरीबन डेढ़ लाख बैंककर्मी शामिल हुए।
बोस ने कहा, "एटीएम बंद हैं क्योंकि मशीन की रक्षा करने वाले गार्ड भी दो संगठनों से जुड़े हुए हैं और वे संगठन भी हड़ताल में शामिल हैं।"
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बैंकों में सुबह से ताले लटके मिले। नकदी के लिए लोगों को एटीएम पर निर्भर होना पड़ा। बैंकों की अलग-अलग यूनियनों के पदाधिकारी हजरतगंज स्थित इलाहाबाद की मुख्य शाखा पर एकत्र हुए और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। हड़ताल में राज्य के विभिन्न बैंकों की करीब 10 हजार शाखाओं के तकरीबन डेढ़ लाख बैंककर्मी शामिल हुए।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बैंकों में सुबह से ताले लटके मिले। नकदी के लिए लोगों को एटीएम पर निर्भर होना पड़ा। बैंकों की अलग-अलग यूनियनों के पदाधिकारी हजरतगंज स्थित इलाहाबाद की मुख्य शाखा पर एकत्र हुए और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। हड़ताल में राज्य के विभिन्न बैंकों की करीब 10 हजार शाखाओं के तकरीबन डेढ़ लाख बैंककर्मी शामिल हुए। | संक्षिप्त पाठ: 27 सरकारी, 12 निजी और आठ विदेशी बैंकों में हड़ताल का असर शेयर, बॉन्ड और विदेशी विनिमय बाजारों पर भी पड़ा। | 22 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: केद्र सरकार ने शुक्रवार को पावर ट्रेडिंग एक्सचेंज में 49 फीसदी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की अनुमति दी।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति की एक बैठक में यह फैसला लिया गया।टिप्पणियां
फैसले से पावर ट्रेडिंग एक्सचेंजों में मजबूती आने और बिजली की उपलब्धता और वितरण में सुधार होने का अनुमान है।
देश में पावर ट्रेडिंग एक्सचेंज अभी शैशवावस्था में है। देश में अभी इंडियन एनर्जी एक्सचेंज और पावर एक्सचेंज इंडिया लिमिटेड दो एक्सचेंज हैं।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति की एक बैठक में यह फैसला लिया गया।टिप्पणियां
फैसले से पावर ट्रेडिंग एक्सचेंजों में मजबूती आने और बिजली की उपलब्धता और वितरण में सुधार होने का अनुमान है।
देश में पावर ट्रेडिंग एक्सचेंज अभी शैशवावस्था में है। देश में अभी इंडियन एनर्जी एक्सचेंज और पावर एक्सचेंज इंडिया लिमिटेड दो एक्सचेंज हैं।
फैसले से पावर ट्रेडिंग एक्सचेंजों में मजबूती आने और बिजली की उपलब्धता और वितरण में सुधार होने का अनुमान है।
देश में पावर ट्रेडिंग एक्सचेंज अभी शैशवावस्था में है। देश में अभी इंडियन एनर्जी एक्सचेंज और पावर एक्सचेंज इंडिया लिमिटेड दो एक्सचेंज हैं।
देश में पावर ट्रेडिंग एक्सचेंज अभी शैशवावस्था में है। देश में अभी इंडियन एनर्जी एक्सचेंज और पावर एक्सचेंज इंडिया लिमिटेड दो एक्सचेंज हैं। | केद्र सरकार ने शुक्रवार को पावर ट्रेडिंग एक्सचेंज में 49 फीसदी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की अनुमति दी। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक हुई। | 6 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: अपने रुख में जाहिरातौर पर कुछ नरमी लाते हुए बाबा रामदेव ने कहा कि उन्होंने रामलीला मैदान पर हुई कार्रवाई के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को व्यक्तिगत रूप से माफ कर दिया है, लेकिन फिर भी वह मानते हैं कि सरकार ने लोकतंत्र को कलंकित करने वाला काम किया है। रामदेव ने अपना अनशन जारी रखने की बात कही है, जबकि अपने समर्थकों से अनशन तोड़ने को कहा है। योगगुरु ने यह भी संकेत दिए कि अगर सरकार की तरफ से कोई संपर्क होता है तो बातचीत के प्रति उनका नजरिया खुला है। रामदेव ने यहां अनशन जारी रखते हुए मीडिया से बातचीत में कहा, हम पर रामलीला मैदान में जो बर्बरता हुई और हत्याएं करने की जो साजिशें हुईं उसके बावजूद हम प्रधानमंत्री को व्यक्तिगत रूप से माफ करते हैं लेकिन राजनीतिक स्तर पर उन्होंने लोकतंत्र को कलंकित करने का काम किया है। बतौर व्यक्ति प्रधानमंत्री ईमानदार हैं लेकिन अब एक नेता के तौर पर उनकी ईमानदारी पर सवाल उठने लगे हैं। गौरतलब है कि कल प्रधानमंत्री ने रामदेव के समर्थकों पर हुई पुलिस कार्रवाई को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया था, लेकिन कहा था कि कार्रवाई के अलावा कोई और विकल्प भी नहीं था। रामदेव ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने रामलीला मैदान पर कार्रवाई के दौरान सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिये। जो कैमरे बच गये, पुलिस अब उनके फुटेज इकट्ठे कर बर्बरता होने के सबूत नष्ट करने की कोशिश कर रही है। रामलीला मैदान पर कार्रवाई के दौरान घायल हुए लोगों को यहां पतंजलि योगपीठ लाये जाने के बाद योगगुरु ने उनसे मुलाकात की। रामदेव ने कहा कि हम सभी घायलों के इलाज का खर्च खुद उठायेंगे। हम सरकार की दया के पात्र नहीं हैं। | संक्षिप्त पाठ: भ्रष्टाचार और काले धन के मुद्दे पर केन्द्र सरकार के खिलाफ़ मोर्चा खोलने वाले बाबा रामदेव ने सरकार के साथ बातचीत के संकेत दिए हैं। | 27 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: टेस्ट सीरीज़ शुरू होने से पहले ऑस्ट्रेलियाई टीम मैनेजमेंट आश्वस्त नज़र आ रही थी कि उन्हें सबसे बड़ा ख़तरा भारतीय स्पिनर्स से ही है. लेकिन पहले दिन भारतीय पेस-किंग उमेश यादव ने मेहमान टीम की कमर तोड़ दी. पहले दिन की कामयाबी के बाद उमेश ने इसका श्रेय कोच अनिल कुंबले और टीम मैनेजमेंट को दिया. उमेश कहते हैं, "मुझे लगता है मैंने जो पिछले छह महीने संजय भाई (संजय बांगड़) और अनिल भाई (अनिल कुंबले) के साथ मेहनत की उसी का नतीजा मिल रहा है. ऐसी पिच पर संजय भाई और अनिल भाई के साथ प्लान बनाया है कि ऐसी लाइन लेंथ पर गेंद डालूं जिसमें बैड बॉल या बाउंड्री बॉल की गुंजाइश कम हो."
टर्निंग ट्रैक पर 2.66 की इकॉनमी के साथ गेंदबाज़ी करने वाले उमेश कहते हैं कि डेविड वॉर्नर के ख़िलाफ़ गेंदबाज़ी करते वक्त उन्हें गेंद थोड़ी देर से मिली. लेकिन गेंद रिवर्स कर रही थी और उनका प्लान था कि वो वॉर्नर को बल्ला खोलने का मौक़ा ना दें साथ ही लेंथ गेंद डालते रहें. उनकी ये तरकीब काम आई और वॉर्नर जैसे ख़तरनाक बल्लेबाज़ 77 गेंदों पर 38 रन बनाकर आउट हो गए.
उमेश यादव की एक तेज़ गेंद पर विकेट के पीछे ऋद्धिमान साहा का हवा में कैच लपकना..शायद पहले दिन के खेल की सबसे शानदार तस्वीर रही. स्टीव ओ कीफ़ के लिए उमेश यादव और ऋद्धिमान साहा की जोड़ी सुपरमैन साबित हुई. उमेश ने साहा के इस कैच के लिए मैच के बाद उनकी खूब तारीफ़ की. मैच के पहले ही दिन विदर्भ के उमेश कुमार तिलक यादव हैट्रिक की रेस में भी नज़र आए. स्टीव ओ कीफ़ और नैथन लायन उमेश की स्पीड के आगे अपना ख़ाता खोलने में नाकाम रहे.
जिस पिच पर माना जा रहा था कि स्पिनर्स अपना जलवा बिखेरेंगे वहां उमेश यादव ने ही मेहमान पारी में सेंध लगाई. सीज़न में ख़तरनाक फ़ॉर्म में दिख रहे डेविड वॉर्नर उमेश की पारी में पहला शिकार बने तो विकेट कीपर मैथ्यू वेड का विकेट लेकर उमेश ने पारी में चार विकेट अपने नाम कर लिए.
उल्लेखनीय है कि 28वां टेस्ट खेल रहे उमेश यादव ने टेस्ट की एक पारी में 5 विकेट लेने का कारनामा सिर्फ़ एक बार किया है. 5 साल पहले ऑस्ट्रेलिया के ही ख़िलाफ़ पर्थ टेस्ट में. 29 साल के उमेश को बेशक सुपरस्टार का दर्जा नहीं हासिल हो, लेकिन दुनिया के हर कोने में उन्होंने कामयाबी ज़रूर हासिल की है. पर्थ, 2012 में उमेश ने 93 रन देकर 5 विकेट झटके तो पुणे, 2017 में अब तक उनके नाम 32 रन देकर 4 विकेट हैं.टिप्पणियां
नॉर्थ साउंड, 2016 में उन्होंने वेस्ट इंडीज़ के ख़िलाफ़ 41 रन देकर 4 विकेट झटके तो मेलबर्न, 2011 में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ वो 70 रन देकर 4 विकेट झटक चुके हैं. कोलकाता, 2011 में वेस्ट इंडीज़ के ख़िलाफ़ 80 रन देकर 4 विकेट लेने का भी कारनामा किया है.
पहले दिन 3 से कम की इकॉनमी के साथ गेंदबाज़ी करने वाले उमेश के पास अब भी इस पारी में 5 विकेट लेने का मौक़ा है. लेकिन टीम के लिए पहली पारी में वो अपना रोल बखूबी अदा कर चुके हैं.
टर्निंग ट्रैक पर 2.66 की इकॉनमी के साथ गेंदबाज़ी करने वाले उमेश कहते हैं कि डेविड वॉर्नर के ख़िलाफ़ गेंदबाज़ी करते वक्त उन्हें गेंद थोड़ी देर से मिली. लेकिन गेंद रिवर्स कर रही थी और उनका प्लान था कि वो वॉर्नर को बल्ला खोलने का मौक़ा ना दें साथ ही लेंथ गेंद डालते रहें. उनकी ये तरकीब काम आई और वॉर्नर जैसे ख़तरनाक बल्लेबाज़ 77 गेंदों पर 38 रन बनाकर आउट हो गए.
उमेश यादव की एक तेज़ गेंद पर विकेट के पीछे ऋद्धिमान साहा का हवा में कैच लपकना..शायद पहले दिन के खेल की सबसे शानदार तस्वीर रही. स्टीव ओ कीफ़ के लिए उमेश यादव और ऋद्धिमान साहा की जोड़ी सुपरमैन साबित हुई. उमेश ने साहा के इस कैच के लिए मैच के बाद उनकी खूब तारीफ़ की. मैच के पहले ही दिन विदर्भ के उमेश कुमार तिलक यादव हैट्रिक की रेस में भी नज़र आए. स्टीव ओ कीफ़ और नैथन लायन उमेश की स्पीड के आगे अपना ख़ाता खोलने में नाकाम रहे.
जिस पिच पर माना जा रहा था कि स्पिनर्स अपना जलवा बिखेरेंगे वहां उमेश यादव ने ही मेहमान पारी में सेंध लगाई. सीज़न में ख़तरनाक फ़ॉर्म में दिख रहे डेविड वॉर्नर उमेश की पारी में पहला शिकार बने तो विकेट कीपर मैथ्यू वेड का विकेट लेकर उमेश ने पारी में चार विकेट अपने नाम कर लिए.
उल्लेखनीय है कि 28वां टेस्ट खेल रहे उमेश यादव ने टेस्ट की एक पारी में 5 विकेट लेने का कारनामा सिर्फ़ एक बार किया है. 5 साल पहले ऑस्ट्रेलिया के ही ख़िलाफ़ पर्थ टेस्ट में. 29 साल के उमेश को बेशक सुपरस्टार का दर्जा नहीं हासिल हो, लेकिन दुनिया के हर कोने में उन्होंने कामयाबी ज़रूर हासिल की है. पर्थ, 2012 में उमेश ने 93 रन देकर 5 विकेट झटके तो पुणे, 2017 में अब तक उनके नाम 32 रन देकर 4 विकेट हैं.टिप्पणियां
नॉर्थ साउंड, 2016 में उन्होंने वेस्ट इंडीज़ के ख़िलाफ़ 41 रन देकर 4 विकेट झटके तो मेलबर्न, 2011 में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ वो 70 रन देकर 4 विकेट झटक चुके हैं. कोलकाता, 2011 में वेस्ट इंडीज़ के ख़िलाफ़ 80 रन देकर 4 विकेट लेने का भी कारनामा किया है.
पहले दिन 3 से कम की इकॉनमी के साथ गेंदबाज़ी करने वाले उमेश के पास अब भी इस पारी में 5 विकेट लेने का मौक़ा है. लेकिन टीम के लिए पहली पारी में वो अपना रोल बखूबी अदा कर चुके हैं.
उमेश यादव की एक तेज़ गेंद पर विकेट के पीछे ऋद्धिमान साहा का हवा में कैच लपकना..शायद पहले दिन के खेल की सबसे शानदार तस्वीर रही. स्टीव ओ कीफ़ के लिए उमेश यादव और ऋद्धिमान साहा की जोड़ी सुपरमैन साबित हुई. उमेश ने साहा के इस कैच के लिए मैच के बाद उनकी खूब तारीफ़ की. मैच के पहले ही दिन विदर्भ के उमेश कुमार तिलक यादव हैट्रिक की रेस में भी नज़र आए. स्टीव ओ कीफ़ और नैथन लायन उमेश की स्पीड के आगे अपना ख़ाता खोलने में नाकाम रहे.
जिस पिच पर माना जा रहा था कि स्पिनर्स अपना जलवा बिखेरेंगे वहां उमेश यादव ने ही मेहमान पारी में सेंध लगाई. सीज़न में ख़तरनाक फ़ॉर्म में दिख रहे डेविड वॉर्नर उमेश की पारी में पहला शिकार बने तो विकेट कीपर मैथ्यू वेड का विकेट लेकर उमेश ने पारी में चार विकेट अपने नाम कर लिए.
उल्लेखनीय है कि 28वां टेस्ट खेल रहे उमेश यादव ने टेस्ट की एक पारी में 5 विकेट लेने का कारनामा सिर्फ़ एक बार किया है. 5 साल पहले ऑस्ट्रेलिया के ही ख़िलाफ़ पर्थ टेस्ट में. 29 साल के उमेश को बेशक सुपरस्टार का दर्जा नहीं हासिल हो, लेकिन दुनिया के हर कोने में उन्होंने कामयाबी ज़रूर हासिल की है. पर्थ, 2012 में उमेश ने 93 रन देकर 5 विकेट झटके तो पुणे, 2017 में अब तक उनके नाम 32 रन देकर 4 विकेट हैं.टिप्पणियां
नॉर्थ साउंड, 2016 में उन्होंने वेस्ट इंडीज़ के ख़िलाफ़ 41 रन देकर 4 विकेट झटके तो मेलबर्न, 2011 में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ वो 70 रन देकर 4 विकेट झटक चुके हैं. कोलकाता, 2011 में वेस्ट इंडीज़ के ख़िलाफ़ 80 रन देकर 4 विकेट लेने का भी कारनामा किया है.
पहले दिन 3 से कम की इकॉनमी के साथ गेंदबाज़ी करने वाले उमेश के पास अब भी इस पारी में 5 विकेट लेने का मौक़ा है. लेकिन टीम के लिए पहली पारी में वो अपना रोल बखूबी अदा कर चुके हैं.
जिस पिच पर माना जा रहा था कि स्पिनर्स अपना जलवा बिखेरेंगे वहां उमेश यादव ने ही मेहमान पारी में सेंध लगाई. सीज़न में ख़तरनाक फ़ॉर्म में दिख रहे डेविड वॉर्नर उमेश की पारी में पहला शिकार बने तो विकेट कीपर मैथ्यू वेड का विकेट लेकर उमेश ने पारी में चार विकेट अपने नाम कर लिए.
उल्लेखनीय है कि 28वां टेस्ट खेल रहे उमेश यादव ने टेस्ट की एक पारी में 5 विकेट लेने का कारनामा सिर्फ़ एक बार किया है. 5 साल पहले ऑस्ट्रेलिया के ही ख़िलाफ़ पर्थ टेस्ट में. 29 साल के उमेश को बेशक सुपरस्टार का दर्जा नहीं हासिल हो, लेकिन दुनिया के हर कोने में उन्होंने कामयाबी ज़रूर हासिल की है. पर्थ, 2012 में उमेश ने 93 रन देकर 5 विकेट झटके तो पुणे, 2017 में अब तक उनके नाम 32 रन देकर 4 विकेट हैं.टिप्पणियां
नॉर्थ साउंड, 2016 में उन्होंने वेस्ट इंडीज़ के ख़िलाफ़ 41 रन देकर 4 विकेट झटके तो मेलबर्न, 2011 में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ वो 70 रन देकर 4 विकेट झटक चुके हैं. कोलकाता, 2011 में वेस्ट इंडीज़ के ख़िलाफ़ 80 रन देकर 4 विकेट लेने का भी कारनामा किया है.
पहले दिन 3 से कम की इकॉनमी के साथ गेंदबाज़ी करने वाले उमेश के पास अब भी इस पारी में 5 विकेट लेने का मौक़ा है. लेकिन टीम के लिए पहली पारी में वो अपना रोल बखूबी अदा कर चुके हैं.
उल्लेखनीय है कि 28वां टेस्ट खेल रहे उमेश यादव ने टेस्ट की एक पारी में 5 विकेट लेने का कारनामा सिर्फ़ एक बार किया है. 5 साल पहले ऑस्ट्रेलिया के ही ख़िलाफ़ पर्थ टेस्ट में. 29 साल के उमेश को बेशक सुपरस्टार का दर्जा नहीं हासिल हो, लेकिन दुनिया के हर कोने में उन्होंने कामयाबी ज़रूर हासिल की है. पर्थ, 2012 में उमेश ने 93 रन देकर 5 विकेट झटके तो पुणे, 2017 में अब तक उनके नाम 32 रन देकर 4 विकेट हैं.टिप्पणियां
नॉर्थ साउंड, 2016 में उन्होंने वेस्ट इंडीज़ के ख़िलाफ़ 41 रन देकर 4 विकेट झटके तो मेलबर्न, 2011 में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ वो 70 रन देकर 4 विकेट झटक चुके हैं. कोलकाता, 2011 में वेस्ट इंडीज़ के ख़िलाफ़ 80 रन देकर 4 विकेट लेने का भी कारनामा किया है.
पहले दिन 3 से कम की इकॉनमी के साथ गेंदबाज़ी करने वाले उमेश के पास अब भी इस पारी में 5 विकेट लेने का मौक़ा है. लेकिन टीम के लिए पहली पारी में वो अपना रोल बखूबी अदा कर चुके हैं.
नॉर्थ साउंड, 2016 में उन्होंने वेस्ट इंडीज़ के ख़िलाफ़ 41 रन देकर 4 विकेट झटके तो मेलबर्न, 2011 में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ वो 70 रन देकर 4 विकेट झटक चुके हैं. कोलकाता, 2011 में वेस्ट इंडीज़ के ख़िलाफ़ 80 रन देकर 4 विकेट लेने का भी कारनामा किया है.
पहले दिन 3 से कम की इकॉनमी के साथ गेंदबाज़ी करने वाले उमेश के पास अब भी इस पारी में 5 विकेट लेने का मौक़ा है. लेकिन टीम के लिए पहली पारी में वो अपना रोल बखूबी अदा कर चुके हैं.
पहले दिन 3 से कम की इकॉनमी के साथ गेंदबाज़ी करने वाले उमेश के पास अब भी इस पारी में 5 विकेट लेने का मौक़ा है. लेकिन टीम के लिए पहली पारी में वो अपना रोल बखूबी अदा कर चुके हैं. | यहाँ एक सारांश है:पहले दिन उमेश यादव ने मेहमान टीम की कमर तोड़ दी
उमेश ने इसका श्रेय कोच अनिल कुंबले और टीम मैनेजमेंट को दिया
उमेश ने टेस्ट की एक पारी में 5 विकेट लेने का कारनामा एक बार किया है | 18 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: टाइम पत्रिका ने 100 सबसे प्रभावशाली तस्वीरों के अपने संकलन में चरखा के साथ महात्मा गांधी की वर्ष 1946 की एक तस्वीर को शामिल किया है.
महात्मा गांधी की इस श्वेत-श्याम तस्वीर फोटोग्राफर मार्गरेट बौर्के-व्हाइट ने ली थी. तस्वीर में गांधी भूमि पर पतले गद्दे पर बैठकर खबर पढ़ते हुए नजर आ रहे हैं जबकि उनके आगे उनका चरखा रखा है.
तस्वीर भारत के नेताओं पर एक लेख के लिए ली गई थी लेकिन इसके प्रकाशित होने के दो वर्ष से पहले और गांधी की हत्या के बाद इसे श्रद्धांजलि के रूप में प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था.
टाइम पत्रिका ने कहा, ‘‘बहुत जल्द ही यह अमर हो चुकी एक तस्वीर बन गई थी.’’ टाइम के संकलन में 1820 के दशक से 2015 तक की अवधि में ली गई सबसे मशहूर और इतिहास को बदलने वाली 100 तस्वीरों को शामिल किया गया है.टिप्पणियां
जिस समय यह तस्वीरें ली गई थी उस समय यह लोगों के मन में रच-बस गई थीं. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
महात्मा गांधी की इस श्वेत-श्याम तस्वीर फोटोग्राफर मार्गरेट बौर्के-व्हाइट ने ली थी. तस्वीर में गांधी भूमि पर पतले गद्दे पर बैठकर खबर पढ़ते हुए नजर आ रहे हैं जबकि उनके आगे उनका चरखा रखा है.
तस्वीर भारत के नेताओं पर एक लेख के लिए ली गई थी लेकिन इसके प्रकाशित होने के दो वर्ष से पहले और गांधी की हत्या के बाद इसे श्रद्धांजलि के रूप में प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था.
टाइम पत्रिका ने कहा, ‘‘बहुत जल्द ही यह अमर हो चुकी एक तस्वीर बन गई थी.’’ टाइम के संकलन में 1820 के दशक से 2015 तक की अवधि में ली गई सबसे मशहूर और इतिहास को बदलने वाली 100 तस्वीरों को शामिल किया गया है.टिप्पणियां
जिस समय यह तस्वीरें ली गई थी उस समय यह लोगों के मन में रच-बस गई थीं. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
तस्वीर भारत के नेताओं पर एक लेख के लिए ली गई थी लेकिन इसके प्रकाशित होने के दो वर्ष से पहले और गांधी की हत्या के बाद इसे श्रद्धांजलि के रूप में प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था.
टाइम पत्रिका ने कहा, ‘‘बहुत जल्द ही यह अमर हो चुकी एक तस्वीर बन गई थी.’’ टाइम के संकलन में 1820 के दशक से 2015 तक की अवधि में ली गई सबसे मशहूर और इतिहास को बदलने वाली 100 तस्वीरों को शामिल किया गया है.टिप्पणियां
जिस समय यह तस्वीरें ली गई थी उस समय यह लोगों के मन में रच-बस गई थीं. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
टाइम पत्रिका ने कहा, ‘‘बहुत जल्द ही यह अमर हो चुकी एक तस्वीर बन गई थी.’’ टाइम के संकलन में 1820 के दशक से 2015 तक की अवधि में ली गई सबसे मशहूर और इतिहास को बदलने वाली 100 तस्वीरों को शामिल किया गया है.टिप्पणियां
जिस समय यह तस्वीरें ली गई थी उस समय यह लोगों के मन में रच-बस गई थीं. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
जिस समय यह तस्वीरें ली गई थी उस समय यह लोगों के मन में रच-बस गई थीं. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यहाँ एक सारांश है:वर्ष 1946 में ली गई थी चरखा के साथ महात्मा गांधी की तस्वीर
गांधी की हत्या के बाद श्रद्धांजलि के रूप में प्रमुखता से प्रकाशित हुई
बहुत जल्द ही अमर हो चुकी तस्वीर बन गई | 12 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता एवं गोरखपुर से सांसद योगी आदित्यनाथ को सोमवार तड़के कानपुर रेलवे स्टेशन पर हिरासत में ले लिया गया। योगी गोरखपुर से कुशीनगर एक्सप्रेस रेलगाड़ी से सवार होकर झांसी स्थित शिवमंदिर में जलाभिषेक करने जा रहे थे।
योगी को हिरासत में लेने की तैयारी पहले से ही कर ली गई थी। कानपुर रेलवे स्टेशन पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। जैसी ही कुशीनगर रेलगाड़ी तड़के कानपुर रेलवे स्टेशन पर पहुंची। पुलिस ने वातानुकूलित कोच में सवार योगी को हिरासत में ले लिया। फिलहाल योगी को उन्नाव के नवाबगंज पक्षी विहार में रखा गया है।
योगी को हिरासत में लिए जाने को लेकर कोई भी अधिकारी कुछ भी कहने से इनकार कर रहा है। माना जा रहा है कि शासन के निर्देश पर यह कार्रवाई हुई है।
सूत्रों के मुताबिक झांसी में योगी के पहुंचने से माहौल खराब होने की आशंका को देखते हुए उन्हें हिरासत में लिया गया है।टिप्पणियां
उधर, योगी ने कहा कि मैं तो पिछले कई सालों से हर सावन मास में झांसी के उस शिवमंदिर में जलाभिषेक करने जाता रहा हूं। मेरा कार्यक्रम पूर्व निर्धारित था।
उन्होंने राज्य सरकार की कार्रवाई को पूरी तरह से असंवैधानिक करार देते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी (सपा) सरकार एक खास समुदाय को खुश करने के लिए हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रही है।
योगी को हिरासत में लेने की तैयारी पहले से ही कर ली गई थी। कानपुर रेलवे स्टेशन पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। जैसी ही कुशीनगर रेलगाड़ी तड़के कानपुर रेलवे स्टेशन पर पहुंची। पुलिस ने वातानुकूलित कोच में सवार योगी को हिरासत में ले लिया। फिलहाल योगी को उन्नाव के नवाबगंज पक्षी विहार में रखा गया है।
योगी को हिरासत में लिए जाने को लेकर कोई भी अधिकारी कुछ भी कहने से इनकार कर रहा है। माना जा रहा है कि शासन के निर्देश पर यह कार्रवाई हुई है।
सूत्रों के मुताबिक झांसी में योगी के पहुंचने से माहौल खराब होने की आशंका को देखते हुए उन्हें हिरासत में लिया गया है।टिप्पणियां
उधर, योगी ने कहा कि मैं तो पिछले कई सालों से हर सावन मास में झांसी के उस शिवमंदिर में जलाभिषेक करने जाता रहा हूं। मेरा कार्यक्रम पूर्व निर्धारित था।
उन्होंने राज्य सरकार की कार्रवाई को पूरी तरह से असंवैधानिक करार देते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी (सपा) सरकार एक खास समुदाय को खुश करने के लिए हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रही है।
योगी को हिरासत में लिए जाने को लेकर कोई भी अधिकारी कुछ भी कहने से इनकार कर रहा है। माना जा रहा है कि शासन के निर्देश पर यह कार्रवाई हुई है।
सूत्रों के मुताबिक झांसी में योगी के पहुंचने से माहौल खराब होने की आशंका को देखते हुए उन्हें हिरासत में लिया गया है।टिप्पणियां
उधर, योगी ने कहा कि मैं तो पिछले कई सालों से हर सावन मास में झांसी के उस शिवमंदिर में जलाभिषेक करने जाता रहा हूं। मेरा कार्यक्रम पूर्व निर्धारित था।
उन्होंने राज्य सरकार की कार्रवाई को पूरी तरह से असंवैधानिक करार देते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी (सपा) सरकार एक खास समुदाय को खुश करने के लिए हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रही है।
उधर, योगी ने कहा कि मैं तो पिछले कई सालों से हर सावन मास में झांसी के उस शिवमंदिर में जलाभिषेक करने जाता रहा हूं। मेरा कार्यक्रम पूर्व निर्धारित था।
उन्होंने राज्य सरकार की कार्रवाई को पूरी तरह से असंवैधानिक करार देते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी (सपा) सरकार एक खास समुदाय को खुश करने के लिए हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रही है।
उन्होंने राज्य सरकार की कार्रवाई को पूरी तरह से असंवैधानिक करार देते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी (सपा) सरकार एक खास समुदाय को खुश करने के लिए हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रही है। | संक्षिप्त पाठ: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता एवं गोरखपुर से सांसद योगी आदित्यनाथ को सोमवार तड़के कानपुर रेलवे स्टेशन पर हिरासत में ले लिया गया। योगी गोरखपुर से कुशीनगर एक्सप्रेस रेलगाड़ी से सवार होकर झांसी स्थित शिवमंदिर में जलाभिषेक करने जा रहे थे। | 30 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: नए बैंक लाइसेंस के लिए रिजर्व बैंक को 26 आवेदन मिले हैं। आवेदन जमा करने का सोमवार को आखिरी दिन था। आवेदन देने वालों वालों में टाटा संस, एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस, आदित्य बिड़ला नूवो, डाक विभाग, रिलायंस कैपिटल तथा बजाज फिनसर्व शामिल हैं।
बैंक लाइसेंस के लिए समयसीमा समाप्त होने के बाद केंद्रीय बैंक ने कहा, ‘रिजर्व बैंक को नए बैंक लाइसेंस के लिए 26 आवेदन मिले हैं।’ रिजर्व बैंक ने 22 फरवरी को ‘निजी क्षेत्र में नए बैंक लाइसेंस’ के लिए दिशानिर्देश 22 फरवरी को जारी किया था और इस बारे में स्पष्टीकरण जून के पहले सप्ताह में दिया। हालांकि यह अबतक साफ नहीं है कि कितने नये बैंक लाइसेंस जारी किए जाएंगे।
बंधन फाइनेंशियल सर्विसेज, एडलविस फाइनेंशियल सर्विसेज, आईडीएफसी, आईएफसीआई, इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस, इंडिया इंफोलाइन, इनमाक्स मैनेजमेंट सर्विसेज, जनलक्ष्मी फाइनेंशिया सर्विसेज, जेएम फाइनेंशियल तथा एलएंडटी फाइनेंस होल्डिंग्स ने भी आवेदन दिए हैं। टिप्पणियां
इसके अलावा आवेदन देने वालों में मैगमा फिनकार्प, मुथूट फाइनेंस, रेलिगेयर इंटरप्राइजेज, श्रीराम कैपिटल, स्मार्ट ग्लोबल वेंचर्स, श्रेई इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस, सूर्यमणि फाइनेंसिंग कंपनी, भारतीय पर्यटन वित्त निगम, यूएई एक्सचेंज एंड फाइनेंशियल सर्विसेज तथा वीडियोकान की अनुषंगी वैल्यू इंडस्ट्रीज शामिल हैं।
इससे पहले, रिजर्व बैंक के गवर्नर डी सुब्बाराव ने कहा था, ‘हर कोई जो इसके लिए उपयुक्त और फिट है, उसे बैंक लाइसेंस नहीं दिया जाएगा क्योंकि हमारा मानना है कि योग्य आवेदनकर्ताओं की संख्या उससे कहीं अधिक होगी जितना हम लाइसेंस दे सकते हैं।’
बैंक लाइसेंस के लिए समयसीमा समाप्त होने के बाद केंद्रीय बैंक ने कहा, ‘रिजर्व बैंक को नए बैंक लाइसेंस के लिए 26 आवेदन मिले हैं।’ रिजर्व बैंक ने 22 फरवरी को ‘निजी क्षेत्र में नए बैंक लाइसेंस’ के लिए दिशानिर्देश 22 फरवरी को जारी किया था और इस बारे में स्पष्टीकरण जून के पहले सप्ताह में दिया। हालांकि यह अबतक साफ नहीं है कि कितने नये बैंक लाइसेंस जारी किए जाएंगे।
बंधन फाइनेंशियल सर्विसेज, एडलविस फाइनेंशियल सर्विसेज, आईडीएफसी, आईएफसीआई, इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस, इंडिया इंफोलाइन, इनमाक्स मैनेजमेंट सर्विसेज, जनलक्ष्मी फाइनेंशिया सर्विसेज, जेएम फाइनेंशियल तथा एलएंडटी फाइनेंस होल्डिंग्स ने भी आवेदन दिए हैं। टिप्पणियां
इसके अलावा आवेदन देने वालों में मैगमा फिनकार्प, मुथूट फाइनेंस, रेलिगेयर इंटरप्राइजेज, श्रीराम कैपिटल, स्मार्ट ग्लोबल वेंचर्स, श्रेई इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस, सूर्यमणि फाइनेंसिंग कंपनी, भारतीय पर्यटन वित्त निगम, यूएई एक्सचेंज एंड फाइनेंशियल सर्विसेज तथा वीडियोकान की अनुषंगी वैल्यू इंडस्ट्रीज शामिल हैं।
इससे पहले, रिजर्व बैंक के गवर्नर डी सुब्बाराव ने कहा था, ‘हर कोई जो इसके लिए उपयुक्त और फिट है, उसे बैंक लाइसेंस नहीं दिया जाएगा क्योंकि हमारा मानना है कि योग्य आवेदनकर्ताओं की संख्या उससे कहीं अधिक होगी जितना हम लाइसेंस दे सकते हैं।’
बंधन फाइनेंशियल सर्विसेज, एडलविस फाइनेंशियल सर्विसेज, आईडीएफसी, आईएफसीआई, इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस, इंडिया इंफोलाइन, इनमाक्स मैनेजमेंट सर्विसेज, जनलक्ष्मी फाइनेंशिया सर्विसेज, जेएम फाइनेंशियल तथा एलएंडटी फाइनेंस होल्डिंग्स ने भी आवेदन दिए हैं। टिप्पणियां
इसके अलावा आवेदन देने वालों में मैगमा फिनकार्प, मुथूट फाइनेंस, रेलिगेयर इंटरप्राइजेज, श्रीराम कैपिटल, स्मार्ट ग्लोबल वेंचर्स, श्रेई इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस, सूर्यमणि फाइनेंसिंग कंपनी, भारतीय पर्यटन वित्त निगम, यूएई एक्सचेंज एंड फाइनेंशियल सर्विसेज तथा वीडियोकान की अनुषंगी वैल्यू इंडस्ट्रीज शामिल हैं।
इससे पहले, रिजर्व बैंक के गवर्नर डी सुब्बाराव ने कहा था, ‘हर कोई जो इसके लिए उपयुक्त और फिट है, उसे बैंक लाइसेंस नहीं दिया जाएगा क्योंकि हमारा मानना है कि योग्य आवेदनकर्ताओं की संख्या उससे कहीं अधिक होगी जितना हम लाइसेंस दे सकते हैं।’
इसके अलावा आवेदन देने वालों में मैगमा फिनकार्प, मुथूट फाइनेंस, रेलिगेयर इंटरप्राइजेज, श्रीराम कैपिटल, स्मार्ट ग्लोबल वेंचर्स, श्रेई इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस, सूर्यमणि फाइनेंसिंग कंपनी, भारतीय पर्यटन वित्त निगम, यूएई एक्सचेंज एंड फाइनेंशियल सर्विसेज तथा वीडियोकान की अनुषंगी वैल्यू इंडस्ट्रीज शामिल हैं।
इससे पहले, रिजर्व बैंक के गवर्नर डी सुब्बाराव ने कहा था, ‘हर कोई जो इसके लिए उपयुक्त और फिट है, उसे बैंक लाइसेंस नहीं दिया जाएगा क्योंकि हमारा मानना है कि योग्य आवेदनकर्ताओं की संख्या उससे कहीं अधिक होगी जितना हम लाइसेंस दे सकते हैं।’
इससे पहले, रिजर्व बैंक के गवर्नर डी सुब्बाराव ने कहा था, ‘हर कोई जो इसके लिए उपयुक्त और फिट है, उसे बैंक लाइसेंस नहीं दिया जाएगा क्योंकि हमारा मानना है कि योग्य आवेदनकर्ताओं की संख्या उससे कहीं अधिक होगी जितना हम लाइसेंस दे सकते हैं।’ | संक्षिप्त सारांश: नए बैंक लाइसेंस के लिए रिजर्व बैंक को 26 आवेदन मिले हैं। आवेदन जमा करने का सोमवार को आखिरी दिन था। आवेदन देने वालों वालों में टाटा संस, एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस, आदित्य बिड़ला नूवो, डाक विभाग, रिलायंस कैपिटल तथा बजाज फिनसर्व शामिल हैं। | 10 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन (ओईसीडी) ने मौजूदा वित्त वर्ष में भारत की वृद्धि दर 8.5 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है जो पिछले साल से कम है। विकसित एवं विकासशील 34 देशों के इस पेरिस स्थित संगठन का कहना है कि 2011-12 के दौरान भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 8.5 प्रतिशत रहेगी जबकि 2010-11 में यह दर 8.6 प्रतिशत रही थी। वित्तमंत्री प्रणव मुखर्जी ने हाल ही में कहा था कि मौजूदा वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर आठ प्रतिशत रहने का अनुमान है जो बजटीय अनुमान (नौ प्रतिशत) से कम है। इसी तरह भारतीय रिजर्व बंक ने भी ऊंची तेल कीमतों सहित अन्य कारणों के चलते वृद्धि दर आठ प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है। ओईसीडी का कहना है कि 2012-13 में वृद्धि दर 8.6 प्रतिशत रहेगी। संगठन का कहना है कि गैर खाद्य उत्पादों की कीमतों में वृद्धि के कारण मुद्रास्फीति दबाव बहुत आम हो गया है। इसके अनुसार खुदरा क्षेत्र में एफडीआई के उदारीकरण से खाद्य मुद्रास्फीति का दबाव कम करने में मदद मिलेगी। उल्लेखनीय है कि सरकार बहु-ब्रांड खुदरा क्षेत्र में एफडीआई की अनुमति देने पर विचार कर रही है। फिल्हाल केवल एकल ब्रांड खुदरा कारोबार में 51 प्रतिशत एफडीआई की अनुमति थी। | यहाँ एक सारांश है:ओईसीडी ने मौजूदा वित्त वर्ष में भारत की वृद्धि दर 8.5 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है जो पिछले साल से कम है। | 17 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: युगल पीठ ने कहा, "बहरहाल, इन दस्तावेजों में वह सामग्री नहीं है जिसके आधार पर मामले में एसआईटी प्रमुख इतनी जल्दी बदले गए हैं." पीठ ने राज्य सरकार को 15 दिन की मोहलत देते हुए कहा कि वह मामले से जुड़े सारे दस्तावेज सीलबंद लिफाफे में सौंपे. इस अवधि में एसआईटी प्रमुख की ओर से मामले की ताजा स्थिति रिपोर्ट और जनहित याचिका का "उचित जवाब" भी पेश किया जाए.
अदालत ने कहा, "मामले का इतिहास बताता है कि एसआईटी के प्रमुख लगातार बदले गए हैं और अब इस जांच दल की कमान तीसरे आईपीएस अधिकारी को सौंपी गई है." युगल पीठ ने मामले के प्रभारी अधिकारी और इंदौर के पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी क्षेत्र) अवधेश गोस्वामी को निर्देश दिया कि वह मामले के सारे इलेक्ट्रॉनिक सबूतों को जांच के लिए हैदराबाद की क्षेत्रीय अपराध विज्ञान प्रयोगशाला भेजें और इनकी प्रामाणिकता के बारे में इस इकाई से रिपोर्ट हासिल करें.
अदालत ने कहा, "चूंकि जनहित याचिका एक बेहद संवेदनशील मामले से जुड़ी है. इसलिए प्रदेश सरकार को निर्देशित किया जाता है कि वह अब मामले का प्रभारी अधिकारी न बदले और अदालत की मंजूरी के बगैर उसे इंदौर से बाहर स्थानांतरित न करे."
गौरतलब है कि इंदौर नगर निगम के एक अधिकारी की शिकायत पर पुलिस ने 19 सितंबर को हनी ट्रैप गिरोह का औपचारिक खुलासा किया था. गिरोह की पांच महिलाओं और उनके ड्राइवर को भोपाल और इंदौर से गिरफ्तार किया गया था. गिरोह पर आरोप है कि वह खुफिया कैमरों से अंतरंग पलों के वीडियो बनाकर अपने "शिकारों" को इस आपत्तिजनक सामग्री के बूते ब्लैकमेल करता था. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: हाई प्रोफाइल सेक्स स्कैंडल की जांच को लेकर कोर्ट ने सवाल उठाए
एसआईटी प्रमुख ने सीलबंद लिफाफे में प्रकरण की स्थिति रिपोर्ट सौंपी
एसआईटी से मामले की ताजा स्थिति रिपोर्ट और याचिका का जवाब मांगा | 25 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: हाल ही में हॉलीवुड सुपरस्टार टॉम क्रूज़ से तलाक लेने वाली हॉलीवुड अभिनेत्री केटी होम्स का कहना है कि उन्हें छोटे कद के पुरुष के साथ डेट पर जाना पसंद नहीं है, और वह अब ऊंचे कद वाले पुरुषों के साथ डेटिंग करना पसंद करेंगी... उल्लेखनीय है कि 33-वर्षीय केटी होम्स अपने पूर्व पति टॉम क्रूज़ से दो इंच लम्बी थीं, और उन्होंने पांच साल के वैवाहिक जीवन के बाद पिछले महीने ही तलाक लिया है...
वेबसाइट फीमेलफर्स्ट.को.यूके के मुताबिक टॉम क्रूज़ से अपने रिश्ते की शुरुआत में ऊंची एड़ी की सैंडिल पहनना छोड़ देने वाली केटी ने कहा, "मैं ऐसे पुरुष के साथ डेट करना चाहूंगी जो मुझसे लम्बा हो, क्योंकि छोटे कद वाले के साथ यह काफी अजीब लगता है... बेशक मुझे खुद का लम्बा होना पसंद है, लेकिन किसी छोटे कद के पुरुष के साथ डेट पर जाना पसंद नहीं... मैं ऐसे पुरुष का साथ चाहती हूं, जो मुझसे लम्बा हो..."
वेबसाइट फीमेलफर्स्ट.को.यूके के मुताबिक टॉम क्रूज़ से अपने रिश्ते की शुरुआत में ऊंची एड़ी की सैंडिल पहनना छोड़ देने वाली केटी ने कहा, "मैं ऐसे पुरुष के साथ डेट करना चाहूंगी जो मुझसे लम्बा हो, क्योंकि छोटे कद वाले के साथ यह काफी अजीब लगता है... बेशक मुझे खुद का लम्बा होना पसंद है, लेकिन किसी छोटे कद के पुरुष के साथ डेट पर जाना पसंद नहीं... मैं ऐसे पुरुष का साथ चाहती हूं, जो मुझसे लम्बा हो..." | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पिछले माह टॉम क्रूज़ से तलाक लेने वाली केटी होम्स का कहना है कि उन्हें छोटे कद के पुरुष के साथ डेट पर जाना पसंद नहीं। उल्लेखनीय है कि टॉम क्रूज़ के मुकाबले केटी दो इंच लम्बी थीं... | 11 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: क्रिकेट प्रशासक (COA) के सदस्य रामचंद्र गुहा की विस्फ़ोटक चिट्ठी के बाद पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने NDTV पर अपनी पहली प्रतिक्रिया देते हुए कई सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि वो इन आरोपों से बहुत दुखी हैं. गावस्कर ने कहा, "मैंने इतने साल भारतीय क्रिकेट के लिए अपना सब कुछ दिया और भारतीय क्रिकेट से भी मुझे बहुत ज़्यादा मिला. मैं ना तो चयनकर्ता हूं न कोई अधिकारी और न ही मेरे पास कोई पावर है तो फिर मैं कैसे हितों का टकराव कर रहा हूं?"
गौरतलब है कि गुहा ने अपनी चिट्ठी में नाम लेकर सुनील गावस्कर पर आरोप लगाए थे कि PMG कंपनी में गावस्कर की हिस्सेदारी होते हुए वो कैसे BCCI के कॉमेन्टेटर हो सकते हैं?
सुनील गावस्कर ने कुंबले के मसले पर COA के तौर-तरीके पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा, "कुंबले की कोचिंग में भारत सिर्फ़ एक टेस्ट हारा. उनकी अगुआई में भारत मैच दर मैच जीतता रहा. मैं जानना चाहता हूं कि अगर उनका तरीका ठीक नहीं है तो फिर कौन-सा तरीका सही है?" टिप्पणियां
उन्होंने ये भी कहा कि इस तरह के विवाद का खिलाड़ियों पर असर पड़ता है. उनके मुताबिक इससे ड्रेसिंग रूम का माहौल ख़राब होता है. भारत-पाकिस्तान मैच को लेकर उनका मानना है कि पाकिस्तान का अनुभव कम है. इसलिए चैंपियंस ट्रॉफ़ी के अगले मैच में भारत का पलड़ा भारी है. वो ये भी कहते हैं कि मैच से पहले विराट पर दबाव डालना ठीक नहीं है. उनके मुताबिक रोहित शर्मा अगर टीम को अच्छी शुरुआत देते हैं तो टीम की जीत की उम्मीद बढ़ जाएगी.
टीम कॉम्बिनेशन को लेकर सनी कहते हैं कि टीम को पांच बल्लेबाज़ और पांच गेंदबाज़ों के साथ मैदान पर उतरना चाहिए. वो कहते हैं, "बर्मिंघम का मैदान बड़ा है. ऐसे में अश्विन और जडेजा को फ़ायदा हो सकता है. उन्हें छक्का मारना आसान नहीं होगा." वो मानते हैं कि भारतीय गेंदबाज़ी का संतुलन बहुत अच्छा है और पाकिस्तान के ख़िलाफ़ अहम मुक़ाबले के साथ इस पूरे टूर्नामेंट में भारत को फ़ायदा हो सकता है."
गौरतलब है कि गुहा ने अपनी चिट्ठी में नाम लेकर सुनील गावस्कर पर आरोप लगाए थे कि PMG कंपनी में गावस्कर की हिस्सेदारी होते हुए वो कैसे BCCI के कॉमेन्टेटर हो सकते हैं?
सुनील गावस्कर ने कुंबले के मसले पर COA के तौर-तरीके पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा, "कुंबले की कोचिंग में भारत सिर्फ़ एक टेस्ट हारा. उनकी अगुआई में भारत मैच दर मैच जीतता रहा. मैं जानना चाहता हूं कि अगर उनका तरीका ठीक नहीं है तो फिर कौन-सा तरीका सही है?" टिप्पणियां
उन्होंने ये भी कहा कि इस तरह के विवाद का खिलाड़ियों पर असर पड़ता है. उनके मुताबिक इससे ड्रेसिंग रूम का माहौल ख़राब होता है. भारत-पाकिस्तान मैच को लेकर उनका मानना है कि पाकिस्तान का अनुभव कम है. इसलिए चैंपियंस ट्रॉफ़ी के अगले मैच में भारत का पलड़ा भारी है. वो ये भी कहते हैं कि मैच से पहले विराट पर दबाव डालना ठीक नहीं है. उनके मुताबिक रोहित शर्मा अगर टीम को अच्छी शुरुआत देते हैं तो टीम की जीत की उम्मीद बढ़ जाएगी.
टीम कॉम्बिनेशन को लेकर सनी कहते हैं कि टीम को पांच बल्लेबाज़ और पांच गेंदबाज़ों के साथ मैदान पर उतरना चाहिए. वो कहते हैं, "बर्मिंघम का मैदान बड़ा है. ऐसे में अश्विन और जडेजा को फ़ायदा हो सकता है. उन्हें छक्का मारना आसान नहीं होगा." वो मानते हैं कि भारतीय गेंदबाज़ी का संतुलन बहुत अच्छा है और पाकिस्तान के ख़िलाफ़ अहम मुक़ाबले के साथ इस पूरे टूर्नामेंट में भारत को फ़ायदा हो सकता है."
सुनील गावस्कर ने कुंबले के मसले पर COA के तौर-तरीके पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा, "कुंबले की कोचिंग में भारत सिर्फ़ एक टेस्ट हारा. उनकी अगुआई में भारत मैच दर मैच जीतता रहा. मैं जानना चाहता हूं कि अगर उनका तरीका ठीक नहीं है तो फिर कौन-सा तरीका सही है?" टिप्पणियां
उन्होंने ये भी कहा कि इस तरह के विवाद का खिलाड़ियों पर असर पड़ता है. उनके मुताबिक इससे ड्रेसिंग रूम का माहौल ख़राब होता है. भारत-पाकिस्तान मैच को लेकर उनका मानना है कि पाकिस्तान का अनुभव कम है. इसलिए चैंपियंस ट्रॉफ़ी के अगले मैच में भारत का पलड़ा भारी है. वो ये भी कहते हैं कि मैच से पहले विराट पर दबाव डालना ठीक नहीं है. उनके मुताबिक रोहित शर्मा अगर टीम को अच्छी शुरुआत देते हैं तो टीम की जीत की उम्मीद बढ़ जाएगी.
टीम कॉम्बिनेशन को लेकर सनी कहते हैं कि टीम को पांच बल्लेबाज़ और पांच गेंदबाज़ों के साथ मैदान पर उतरना चाहिए. वो कहते हैं, "बर्मिंघम का मैदान बड़ा है. ऐसे में अश्विन और जडेजा को फ़ायदा हो सकता है. उन्हें छक्का मारना आसान नहीं होगा." वो मानते हैं कि भारतीय गेंदबाज़ी का संतुलन बहुत अच्छा है और पाकिस्तान के ख़िलाफ़ अहम मुक़ाबले के साथ इस पूरे टूर्नामेंट में भारत को फ़ायदा हो सकता है."
उन्होंने ये भी कहा कि इस तरह के विवाद का खिलाड़ियों पर असर पड़ता है. उनके मुताबिक इससे ड्रेसिंग रूम का माहौल ख़राब होता है. भारत-पाकिस्तान मैच को लेकर उनका मानना है कि पाकिस्तान का अनुभव कम है. इसलिए चैंपियंस ट्रॉफ़ी के अगले मैच में भारत का पलड़ा भारी है. वो ये भी कहते हैं कि मैच से पहले विराट पर दबाव डालना ठीक नहीं है. उनके मुताबिक रोहित शर्मा अगर टीम को अच्छी शुरुआत देते हैं तो टीम की जीत की उम्मीद बढ़ जाएगी.
टीम कॉम्बिनेशन को लेकर सनी कहते हैं कि टीम को पांच बल्लेबाज़ और पांच गेंदबाज़ों के साथ मैदान पर उतरना चाहिए. वो कहते हैं, "बर्मिंघम का मैदान बड़ा है. ऐसे में अश्विन और जडेजा को फ़ायदा हो सकता है. उन्हें छक्का मारना आसान नहीं होगा." वो मानते हैं कि भारतीय गेंदबाज़ी का संतुलन बहुत अच्छा है और पाकिस्तान के ख़िलाफ़ अहम मुक़ाबले के साथ इस पूरे टूर्नामेंट में भारत को फ़ायदा हो सकता है."
टीम कॉम्बिनेशन को लेकर सनी कहते हैं कि टीम को पांच बल्लेबाज़ और पांच गेंदबाज़ों के साथ मैदान पर उतरना चाहिए. वो कहते हैं, "बर्मिंघम का मैदान बड़ा है. ऐसे में अश्विन और जडेजा को फ़ायदा हो सकता है. उन्हें छक्का मारना आसान नहीं होगा." वो मानते हैं कि भारतीय गेंदबाज़ी का संतुलन बहुत अच्छा है और पाकिस्तान के ख़िलाफ़ अहम मुक़ाबले के साथ इस पूरे टूर्नामेंट में भारत को फ़ायदा हो सकता है." | सारांश: पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने NDTV पर अपनी पहली प्रतिक्रिया दी
कहा - वो रामचंद्र गुहा के आरोपों से बहुत दुखी हैं
कहा - मैंने इतने साल भारतीय क्रिकेट के लिए अपना सब कुछ दिया | 7 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले में एक यात्री बस के नदी में गिर जाने से कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई है। स्थानीय लोगों ने बस के ड्राइवर और कंडक्टर समेत 18 शव नदी से निकाल लिए हैं, जिनमें स्कूल के कुछ बच्चे भी शामिल हैं।
लगभग 40 सवारियों को शेगांव से पथुरदा ले जा रही राज्य परिवहन की यह बस बुधवार सुबह लगभग साढ़े छह बजे बुलढाणा से लगभग 150 किलोमीटर दूर खिरोड़ा गांव के पास पूर्णा नदी पर बने पुल से नीचे गिर गई, लेकिन कोई सरकारी अधिकारी या सरकारी मदद अभी तक वहां नहीं पहुंची है। नदी में डूबी सवारियों को निकालने का काम राहत कार्य खिरोड़ा गांव के निवासी ही कर रहे हैं।
लगभग 40 सवारियों को शेगांव से पथुरदा ले जा रही राज्य परिवहन की यह बस बुधवार सुबह लगभग साढ़े छह बजे बुलढाणा से लगभग 150 किलोमीटर दूर खिरोड़ा गांव के पास पूर्णा नदी पर बने पुल से नीचे गिर गई, लेकिन कोई सरकारी अधिकारी या सरकारी मदद अभी तक वहां नहीं पहुंची है। नदी में डूबी सवारियों को निकालने का काम राहत कार्य खिरोड़ा गांव के निवासी ही कर रहे हैं। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: स्थानीय लोगों ने बस के ड्राइवर और कंडक्टर समेत 18 शव नदी से निकाल लिए हैं, जिनमें स्कूल के कुछ बच्चे भी शामिल हैं। | 25 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने सोमवार को भारत के 70 वें स्वतंत्रता दिवस पर 'ऐट होम' का आयोजन किया. जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रधान न्यायाधीश टीएस ठाकुर ने गर्मजोशी भरे माहौल में हंसी-मजाक किया. इससे कुछ घंटे पहले ही ठाकुर ने प्रधानमंत्री के लाल किले से संबोधन में न्यायपालिका द्वारा सामना की जा रही समस्याओं का जिक्र नहीं किये जाने पर असंतोष जाहिर किया था.
समारोह में उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी, उनकी पत्नी सलमा, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और उनकी पत्नी, भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, दिवंगत पूर्व राष्ट्रपति शंकर दयाल शर्मा की पत्नी विमला शर्मा, केंद्रीय मंत्री, तीनों सेनाओं के प्रमुख और राजनयिक कोर के सदस्यों सहित विभिन्न शख्सियतें मौजूद थीं.
वायु सेना के 97 वर्षीय मार्शल अर्जन सिंह भी मौजूद थे. राष्ट्रगान बजाए जाने के बाद राष्ट्रपति मुखर्जी राष्ट्रपति भवन में नवनिर्मित समारोह हॉल में बनाए गए मंच पर अपनी सीट संभालने के पहले अतिथियों से मिलने गए. राष्ट्रपति का कार्यकाल अगले साल जुलाई में खत्म हो रहा है.
आम तौर पर मुगल गार्डेन के इर्द गिर्द होने वाला 'ऐट होम' का आयोजन स्थल भारी बारिश के कारण पिछले साल के कार्यक्रम में हुई आपाधापी को देखते हुए सेरेमोनियन हॉल में स्थानांतरित किया गया. प्रधानमंत्री मोदी हॉल के पास अतिथियों से हाथ मिलाते, शुभकामनाएं देते नजर आए. स्वतंत्रता दिवस के अपने संबोधन के लिए उन्हें तारीफ भी मिली.
अतिथि जब जलपान और चाय का आनंद ले रहे थे, मोदी और प्रधान न्यायाधीश ठाकुर लंबे वक्त तक बातचीत करते और हंसी मजाक करते नजर आए. आधिकारिक तौर पर समारोह की समाप्ति के बाद भी गर्मजोशी बरकरार रही. मोदी व्हीलचेयर पर आए मार्शल अर्जन सिंह से भी मिले.
न्यायपालिका और सरकार के बीच पिछले कुछ समय से, और अब खास कर उच्च न्यायपालिका में न्यायाधीशों की नियुक्ति में देरी पर टकराव चल रहा है. इसकी एक बानगी तब देखने को मिली जब प्रधान न्यायाधीश ने दिन में एक कार्यक्रम में कहा, ''मैंने लोकप्रिय प्रधानमंत्री को डेढ़ घंटे तक सुना..मुझे अपेक्षा थी कि वह न्याय क्षेत्र और न्यायाधीशों की नियुक्ति के बारे में भी कुछ उल्लेख करेंगे.''टिप्पणियां
अपनी नाखुशी जाहिर करते हुए न्यायमूर्ति ठाकुर ने कहा, ''मैं सिर्फ एक ही बात प्रधानमंत्री से कहना चाहता हूं. आप गरीबी हटाएं, रोजगार का सृजन करें, योजनाएं लाएं लेकिन देशवासियों के लिए न्याय के बारे में भी सोचें.'' इस कार्यक्रम में कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद भी मौजूद थे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
समारोह में उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी, उनकी पत्नी सलमा, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और उनकी पत्नी, भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, दिवंगत पूर्व राष्ट्रपति शंकर दयाल शर्मा की पत्नी विमला शर्मा, केंद्रीय मंत्री, तीनों सेनाओं के प्रमुख और राजनयिक कोर के सदस्यों सहित विभिन्न शख्सियतें मौजूद थीं.
वायु सेना के 97 वर्षीय मार्शल अर्जन सिंह भी मौजूद थे. राष्ट्रगान बजाए जाने के बाद राष्ट्रपति मुखर्जी राष्ट्रपति भवन में नवनिर्मित समारोह हॉल में बनाए गए मंच पर अपनी सीट संभालने के पहले अतिथियों से मिलने गए. राष्ट्रपति का कार्यकाल अगले साल जुलाई में खत्म हो रहा है.
आम तौर पर मुगल गार्डेन के इर्द गिर्द होने वाला 'ऐट होम' का आयोजन स्थल भारी बारिश के कारण पिछले साल के कार्यक्रम में हुई आपाधापी को देखते हुए सेरेमोनियन हॉल में स्थानांतरित किया गया. प्रधानमंत्री मोदी हॉल के पास अतिथियों से हाथ मिलाते, शुभकामनाएं देते नजर आए. स्वतंत्रता दिवस के अपने संबोधन के लिए उन्हें तारीफ भी मिली.
अतिथि जब जलपान और चाय का आनंद ले रहे थे, मोदी और प्रधान न्यायाधीश ठाकुर लंबे वक्त तक बातचीत करते और हंसी मजाक करते नजर आए. आधिकारिक तौर पर समारोह की समाप्ति के बाद भी गर्मजोशी बरकरार रही. मोदी व्हीलचेयर पर आए मार्शल अर्जन सिंह से भी मिले.
न्यायपालिका और सरकार के बीच पिछले कुछ समय से, और अब खास कर उच्च न्यायपालिका में न्यायाधीशों की नियुक्ति में देरी पर टकराव चल रहा है. इसकी एक बानगी तब देखने को मिली जब प्रधान न्यायाधीश ने दिन में एक कार्यक्रम में कहा, ''मैंने लोकप्रिय प्रधानमंत्री को डेढ़ घंटे तक सुना..मुझे अपेक्षा थी कि वह न्याय क्षेत्र और न्यायाधीशों की नियुक्ति के बारे में भी कुछ उल्लेख करेंगे.''टिप्पणियां
अपनी नाखुशी जाहिर करते हुए न्यायमूर्ति ठाकुर ने कहा, ''मैं सिर्फ एक ही बात प्रधानमंत्री से कहना चाहता हूं. आप गरीबी हटाएं, रोजगार का सृजन करें, योजनाएं लाएं लेकिन देशवासियों के लिए न्याय के बारे में भी सोचें.'' इस कार्यक्रम में कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद भी मौजूद थे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
वायु सेना के 97 वर्षीय मार्शल अर्जन सिंह भी मौजूद थे. राष्ट्रगान बजाए जाने के बाद राष्ट्रपति मुखर्जी राष्ट्रपति भवन में नवनिर्मित समारोह हॉल में बनाए गए मंच पर अपनी सीट संभालने के पहले अतिथियों से मिलने गए. राष्ट्रपति का कार्यकाल अगले साल जुलाई में खत्म हो रहा है.
आम तौर पर मुगल गार्डेन के इर्द गिर्द होने वाला 'ऐट होम' का आयोजन स्थल भारी बारिश के कारण पिछले साल के कार्यक्रम में हुई आपाधापी को देखते हुए सेरेमोनियन हॉल में स्थानांतरित किया गया. प्रधानमंत्री मोदी हॉल के पास अतिथियों से हाथ मिलाते, शुभकामनाएं देते नजर आए. स्वतंत्रता दिवस के अपने संबोधन के लिए उन्हें तारीफ भी मिली.
अतिथि जब जलपान और चाय का आनंद ले रहे थे, मोदी और प्रधान न्यायाधीश ठाकुर लंबे वक्त तक बातचीत करते और हंसी मजाक करते नजर आए. आधिकारिक तौर पर समारोह की समाप्ति के बाद भी गर्मजोशी बरकरार रही. मोदी व्हीलचेयर पर आए मार्शल अर्जन सिंह से भी मिले.
न्यायपालिका और सरकार के बीच पिछले कुछ समय से, और अब खास कर उच्च न्यायपालिका में न्यायाधीशों की नियुक्ति में देरी पर टकराव चल रहा है. इसकी एक बानगी तब देखने को मिली जब प्रधान न्यायाधीश ने दिन में एक कार्यक्रम में कहा, ''मैंने लोकप्रिय प्रधानमंत्री को डेढ़ घंटे तक सुना..मुझे अपेक्षा थी कि वह न्याय क्षेत्र और न्यायाधीशों की नियुक्ति के बारे में भी कुछ उल्लेख करेंगे.''टिप्पणियां
अपनी नाखुशी जाहिर करते हुए न्यायमूर्ति ठाकुर ने कहा, ''मैं सिर्फ एक ही बात प्रधानमंत्री से कहना चाहता हूं. आप गरीबी हटाएं, रोजगार का सृजन करें, योजनाएं लाएं लेकिन देशवासियों के लिए न्याय के बारे में भी सोचें.'' इस कार्यक्रम में कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद भी मौजूद थे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
आम तौर पर मुगल गार्डेन के इर्द गिर्द होने वाला 'ऐट होम' का आयोजन स्थल भारी बारिश के कारण पिछले साल के कार्यक्रम में हुई आपाधापी को देखते हुए सेरेमोनियन हॉल में स्थानांतरित किया गया. प्रधानमंत्री मोदी हॉल के पास अतिथियों से हाथ मिलाते, शुभकामनाएं देते नजर आए. स्वतंत्रता दिवस के अपने संबोधन के लिए उन्हें तारीफ भी मिली.
अतिथि जब जलपान और चाय का आनंद ले रहे थे, मोदी और प्रधान न्यायाधीश ठाकुर लंबे वक्त तक बातचीत करते और हंसी मजाक करते नजर आए. आधिकारिक तौर पर समारोह की समाप्ति के बाद भी गर्मजोशी बरकरार रही. मोदी व्हीलचेयर पर आए मार्शल अर्जन सिंह से भी मिले.
न्यायपालिका और सरकार के बीच पिछले कुछ समय से, और अब खास कर उच्च न्यायपालिका में न्यायाधीशों की नियुक्ति में देरी पर टकराव चल रहा है. इसकी एक बानगी तब देखने को मिली जब प्रधान न्यायाधीश ने दिन में एक कार्यक्रम में कहा, ''मैंने लोकप्रिय प्रधानमंत्री को डेढ़ घंटे तक सुना..मुझे अपेक्षा थी कि वह न्याय क्षेत्र और न्यायाधीशों की नियुक्ति के बारे में भी कुछ उल्लेख करेंगे.''टिप्पणियां
अपनी नाखुशी जाहिर करते हुए न्यायमूर्ति ठाकुर ने कहा, ''मैं सिर्फ एक ही बात प्रधानमंत्री से कहना चाहता हूं. आप गरीबी हटाएं, रोजगार का सृजन करें, योजनाएं लाएं लेकिन देशवासियों के लिए न्याय के बारे में भी सोचें.'' इस कार्यक्रम में कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद भी मौजूद थे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अतिथि जब जलपान और चाय का आनंद ले रहे थे, मोदी और प्रधान न्यायाधीश ठाकुर लंबे वक्त तक बातचीत करते और हंसी मजाक करते नजर आए. आधिकारिक तौर पर समारोह की समाप्ति के बाद भी गर्मजोशी बरकरार रही. मोदी व्हीलचेयर पर आए मार्शल अर्जन सिंह से भी मिले.
न्यायपालिका और सरकार के बीच पिछले कुछ समय से, और अब खास कर उच्च न्यायपालिका में न्यायाधीशों की नियुक्ति में देरी पर टकराव चल रहा है. इसकी एक बानगी तब देखने को मिली जब प्रधान न्यायाधीश ने दिन में एक कार्यक्रम में कहा, ''मैंने लोकप्रिय प्रधानमंत्री को डेढ़ घंटे तक सुना..मुझे अपेक्षा थी कि वह न्याय क्षेत्र और न्यायाधीशों की नियुक्ति के बारे में भी कुछ उल्लेख करेंगे.''टिप्पणियां
अपनी नाखुशी जाहिर करते हुए न्यायमूर्ति ठाकुर ने कहा, ''मैं सिर्फ एक ही बात प्रधानमंत्री से कहना चाहता हूं. आप गरीबी हटाएं, रोजगार का सृजन करें, योजनाएं लाएं लेकिन देशवासियों के लिए न्याय के बारे में भी सोचें.'' इस कार्यक्रम में कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद भी मौजूद थे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
न्यायपालिका और सरकार के बीच पिछले कुछ समय से, और अब खास कर उच्च न्यायपालिका में न्यायाधीशों की नियुक्ति में देरी पर टकराव चल रहा है. इसकी एक बानगी तब देखने को मिली जब प्रधान न्यायाधीश ने दिन में एक कार्यक्रम में कहा, ''मैंने लोकप्रिय प्रधानमंत्री को डेढ़ घंटे तक सुना..मुझे अपेक्षा थी कि वह न्याय क्षेत्र और न्यायाधीशों की नियुक्ति के बारे में भी कुछ उल्लेख करेंगे.''टिप्पणियां
अपनी नाखुशी जाहिर करते हुए न्यायमूर्ति ठाकुर ने कहा, ''मैं सिर्फ एक ही बात प्रधानमंत्री से कहना चाहता हूं. आप गरीबी हटाएं, रोजगार का सृजन करें, योजनाएं लाएं लेकिन देशवासियों के लिए न्याय के बारे में भी सोचें.'' इस कार्यक्रम में कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद भी मौजूद थे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अपनी नाखुशी जाहिर करते हुए न्यायमूर्ति ठाकुर ने कहा, ''मैं सिर्फ एक ही बात प्रधानमंत्री से कहना चाहता हूं. आप गरीबी हटाएं, रोजगार का सृजन करें, योजनाएं लाएं लेकिन देशवासियों के लिए न्याय के बारे में भी सोचें.'' इस कार्यक्रम में कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद भी मौजूद थे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पीएम के भाषण में न्यायपालिका का जिक्र नहीं होने पर ठाकुर ने असंतोष जताया
न्यायपालिका और सरकार के बीच जजों की नियुक्ति पर जारी है गतिरोध
पीएम को स्वतंत्रता दिवस के अपने संबोधन के लिए तारीफ भी मिली | 32 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: एमएस धोनी की अगुवाई वाली झारखंड टीम विदर्भ को छह विकेट से हराकर विजय हजारे ट्राफी क्रिकेट टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में पहुंच गई . धोनी ने अपनी चिरपरिचित शैली में छक्का लगाकर टीम को जीत दिलाई. पूर्व कप्तान धोनी 27 गेंदों में 1 चौका और 1 छक्का लगाकर 18 रन पर नाबाद रहे. विदर्भ ने पहले बल्लेबाजी करते हुए नौ विकेट पर 159 रन बनाए थे. जबाव में झारखंड की टीम ने 4 विकेट के नुकसान पर 29 गेंद शेष रहते हुए मैच जीत लिया.
पहले बल्लेबाजी करने उतरी विदर्भ टीम की शुरुआत बेहद खराब रही. टीम का स्कोर 9 रन ही पहुंचा था कि जेएम शर्मा मोनू कुमार का शिकार बन गए. शर्मा 7 रन ही बना सके. टीम को दूसरा झटका 9 रन ही लगा जब टीम के दूसरे सलामी बल्लेबाज आरोन की गेंद पर धोनी को कैच दे बैठे. इसके बाद पारी संभालने आए विदर्भ के स्टार बल्लेबाज अंबाती रायडू भी कुछ खास नहीं कर सके और टीम के लिए 2 रन का ही योगदान दे सके. इस तरह से 18 रन को योग पर विदर्भ के तीन बल्लेबाज पवेलियन लौट गए. विदर्भ ने पालम मैदान पर खेले गए मैच में सात विकेट 87 रन पर गंवा दिए. रवि जांगिड़ ने 62 रन बनाकर टीम को 50 ओवरों में नौ विकेट पर 159 रन तक पहुंचाया. झारखंड के तेज गेंदबाजों वरुण आरोन और राहुल शुक्ला ने बेजान पिच पर शार्टपिच गेंदों से कुल चार विकेट लिए.टिप्पणियां
झारखंड को सलामी बल्लेबाजों प्रत्युष सिंह (33) और ईशान किशन (35) ने अच्छी शुरुआत दिलाई , इसके बाद धोनी (नाबाद 18) और ईशांक जग्गी (नाबाद 41) ने 45.1 ओवरों में टीम को जीत तक पहुंचाया. धोनी ने गणेश सतीश की गेंद पर छक्का जड़कर टीम को जीत की सौगात दी. धोनी की वजह से क्वार्टर फाइनल मैच को लेकर काफी उत्सुकता थी लेकिन मैच में अच्छी क्रिकेट देखने को नहीं मिली. धीमी पिच पर बल्लेबाज रन ही नहीं बना सके. सीनियर चयन समिति के प्रमुख एमएसके प्रसाद भी मैच देखने के लिए मौजूद थे.
पहले बल्लेबाजी करने उतरी विदर्भ टीम की शुरुआत बेहद खराब रही. टीम का स्कोर 9 रन ही पहुंचा था कि जेएम शर्मा मोनू कुमार का शिकार बन गए. शर्मा 7 रन ही बना सके. टीम को दूसरा झटका 9 रन ही लगा जब टीम के दूसरे सलामी बल्लेबाज आरोन की गेंद पर धोनी को कैच दे बैठे. इसके बाद पारी संभालने आए विदर्भ के स्टार बल्लेबाज अंबाती रायडू भी कुछ खास नहीं कर सके और टीम के लिए 2 रन का ही योगदान दे सके. इस तरह से 18 रन को योग पर विदर्भ के तीन बल्लेबाज पवेलियन लौट गए. विदर्भ ने पालम मैदान पर खेले गए मैच में सात विकेट 87 रन पर गंवा दिए. रवि जांगिड़ ने 62 रन बनाकर टीम को 50 ओवरों में नौ विकेट पर 159 रन तक पहुंचाया. झारखंड के तेज गेंदबाजों वरुण आरोन और राहुल शुक्ला ने बेजान पिच पर शार्टपिच गेंदों से कुल चार विकेट लिए.टिप्पणियां
झारखंड को सलामी बल्लेबाजों प्रत्युष सिंह (33) और ईशान किशन (35) ने अच्छी शुरुआत दिलाई , इसके बाद धोनी (नाबाद 18) और ईशांक जग्गी (नाबाद 41) ने 45.1 ओवरों में टीम को जीत तक पहुंचाया. धोनी ने गणेश सतीश की गेंद पर छक्का जड़कर टीम को जीत की सौगात दी. धोनी की वजह से क्वार्टर फाइनल मैच को लेकर काफी उत्सुकता थी लेकिन मैच में अच्छी क्रिकेट देखने को नहीं मिली. धीमी पिच पर बल्लेबाज रन ही नहीं बना सके. सीनियर चयन समिति के प्रमुख एमएसके प्रसाद भी मैच देखने के लिए मौजूद थे.
झारखंड को सलामी बल्लेबाजों प्रत्युष सिंह (33) और ईशान किशन (35) ने अच्छी शुरुआत दिलाई , इसके बाद धोनी (नाबाद 18) और ईशांक जग्गी (नाबाद 41) ने 45.1 ओवरों में टीम को जीत तक पहुंचाया. धोनी ने गणेश सतीश की गेंद पर छक्का जड़कर टीम को जीत की सौगात दी. धोनी की वजह से क्वार्टर फाइनल मैच को लेकर काफी उत्सुकता थी लेकिन मैच में अच्छी क्रिकेट देखने को नहीं मिली. धीमी पिच पर बल्लेबाज रन ही नहीं बना सके. सीनियर चयन समिति के प्रमुख एमएसके प्रसाद भी मैच देखने के लिए मौजूद थे. | संक्षिप्त पाठ: धोनी ने अपनी चिरपरिचित शैली में छक्का लगाकर टीम को जीत दिलाई
पूर्व कप्तान धोनी 27 गेंदों में 1 चौका और 1 छक्का लगाकर 18 रन पर नाबाद र
विदर्भ ने पहले बल्लेबाजी करते हुए नौ विकेट पर 159 रन बनाए थे | 27 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: राष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष ने वरिष्ठ कांग्रेसी नेता एवं पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार को अपना साझा उम्मीदवार बनाया है. मीरा कुमार बड़े दलित नेता और भूतपूर्व रक्षा मंत्री जगजीवन राम की बेटी हैं. वो विदेश सेवा की अधिकारी भी रह चुकी हैं. बिहार के सासाराम से जीतने वाली मीरा कुमार 15वीं लोकसभा की अध्यक्ष रह चुकी हैं. उन्हें देश की पहली महिला स्पीकर होने का गौरव हासिल है. उनका जन्म बिहार के भोजपुर जिले में हुआ है. मीरा कॉन्वेन्ट एडुकेटेड हैं. उनकी शिक्षा देहरादून, जयपुर और दिल्ली में हुई है. उन्होंने दिल्ली के इंद्रप्रस्थ कॉलेज और मिरांडा हाउस से एमए और एलएलबी किया है. 1970 में उनका चयन भारतीय विदेश सेवा के लिए हुआ. इसके बाद उन्होंने कई देशों में अपनी सेवा दी है. वो यूपीए-1 की मनमोहन सिंह सरकार में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री रह चुकी हैं. वो 8वीं, 11वीं, 12वीं, 14वीं और 15वीं लोकसभा की सदस्य रह चुकी हैं.टिप्पणियां
मीरा कुमार ने कॉलेज की पढ़ाई दिल्ली के इंद्रप्रस्थ कॉलेज व मिरांडा हाउस से की. मीरा कुमार कानून में स्नातक और अंग्रेजी साहित्य में स्नातकोत्तर हैं. वर्ष 1970 में वह भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) के लिए चुनी गईं. इसके बाद स्पेन, ब्रिटेन और मॉरीशस में उच्चायुक्त रहीं लेकिन अफसरशाही उन्हें रास नहीं आई और उन्होंने राजनीति में कदम बढ़ाने का फैसला किया.
उत्तर प्रदेश से अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत करने वाली मीरा कुमार ने 1985 में बिजनौर लोकसभा क्षेत्र में हुए उपचुनाव में मायावती और रामविलास पासवान को पराजित कर पहली बार संसद में कदम रखा. हालांकि इसके बाद हुए चुनाव में वह बिजनौर से हार गईं. इसके बाद उन्होंने अपना क्षेत्र बदला और 11वीं तथा 12वीं लोकसभा के चुनाव में वह दिल्ली के करोलबाग संसदीय क्षेत्र से विजयी होकर फिर संसद पहुंचीं. इसके बाद मीरा कुमार अपने पिता की राजनीतिक विरासत संभालने सासाराम जा पहुंचीं. वह कांग्रेस महासचिव और कांग्रेस कार्यसमिति की सदस्य भी रह चुकी हैं. उनके पति मंजुल कुमार सर्वोच्च न्यायालय में वकील हैं.
मीरा कुमार ने कॉलेज की पढ़ाई दिल्ली के इंद्रप्रस्थ कॉलेज व मिरांडा हाउस से की. मीरा कुमार कानून में स्नातक और अंग्रेजी साहित्य में स्नातकोत्तर हैं. वर्ष 1970 में वह भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) के लिए चुनी गईं. इसके बाद स्पेन, ब्रिटेन और मॉरीशस में उच्चायुक्त रहीं लेकिन अफसरशाही उन्हें रास नहीं आई और उन्होंने राजनीति में कदम बढ़ाने का फैसला किया.
उत्तर प्रदेश से अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत करने वाली मीरा कुमार ने 1985 में बिजनौर लोकसभा क्षेत्र में हुए उपचुनाव में मायावती और रामविलास पासवान को पराजित कर पहली बार संसद में कदम रखा. हालांकि इसके बाद हुए चुनाव में वह बिजनौर से हार गईं. इसके बाद उन्होंने अपना क्षेत्र बदला और 11वीं तथा 12वीं लोकसभा के चुनाव में वह दिल्ली के करोलबाग संसदीय क्षेत्र से विजयी होकर फिर संसद पहुंचीं. इसके बाद मीरा कुमार अपने पिता की राजनीतिक विरासत संभालने सासाराम जा पहुंचीं. वह कांग्रेस महासचिव और कांग्रेस कार्यसमिति की सदस्य भी रह चुकी हैं. उनके पति मंजुल कुमार सर्वोच्च न्यायालय में वकील हैं.
उत्तर प्रदेश से अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत करने वाली मीरा कुमार ने 1985 में बिजनौर लोकसभा क्षेत्र में हुए उपचुनाव में मायावती और रामविलास पासवान को पराजित कर पहली बार संसद में कदम रखा. हालांकि इसके बाद हुए चुनाव में वह बिजनौर से हार गईं. इसके बाद उन्होंने अपना क्षेत्र बदला और 11वीं तथा 12वीं लोकसभा के चुनाव में वह दिल्ली के करोलबाग संसदीय क्षेत्र से विजयी होकर फिर संसद पहुंचीं. इसके बाद मीरा कुमार अपने पिता की राजनीतिक विरासत संभालने सासाराम जा पहुंचीं. वह कांग्रेस महासचिव और कांग्रेस कार्यसमिति की सदस्य भी रह चुकी हैं. उनके पति मंजुल कुमार सर्वोच्च न्यायालय में वकील हैं. | यह एक सारांश है: मीरा कुमार ने दिल्ली के इंद्रप्रस्थ कॉलेज व मिरांडा हाउस से पढ़ाई की
1970 में उनका चयन भारतीय विदेश सेवा के लिए हुआ
वह कांग्रेस महासचिव और कांग्रेस कार्यसमिति की सदस्य भी रह चुकी हैं | 9 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली उच्च न्यायालय ने एक विवाहित जोड़े के मामले में महिला द्वारा ‘हनीमून खराब करने’ और पति तथा उसके परिवार पर झूठे आरोप लगाकर मानसिक क्रूरता करने को मामले में तलाक का आधार बताया है.
उच्च न्यायालय ने मामले को अपवाद की संज्ञा देते हुए कहा कि दंपति की शादी शुरू से ही सही नहीं चल सकी जो शादी के समय 30 साल से अधिक उम्र के थे और ठीकठाक परिपक्व थे.
अदालत ने 12 साल पुराने शादी के बंधन को तोड़ने की अनुमति देते हुए कहा कि पति और पत्नी कड़वी यादों के साथ आये हैं और उनका हनीमून भी खराब हो गया था. जहां महिला ने शादी होने का विरोध किया था और बाद में पति और उसके परिवार वालों पर झूठे आरोप लगाकर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया.
न्यायमूर्ति प्रदीप नंदराजोग और न्यायमूर्ति प्रतिभा रानी की पीठ ने अपने फैसले में ये टिप्पणियां कीं. पीठ ने महिला की याचिका को खारिज कर दिया जिसने क्रूरता के आधार पर शादी को तोड़ने की उसके पति की याचिका को स्वीकार करने के निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी थी. टिप्पणियां
पीठ ने अपने फैसले में कहा, ‘‘प्रतिवादी-पति यह साबित करने में सफल रहा कि उनके हनीमून के दौरान पत्नी ने न केवल शादी होने का विरोध किया बल्कि बाद में उसके और उसके पूरे परिवार के खिलाफ शर्मिंदा करने वाले और अपमानजनक आरोप लगाये.’’ पीठ ने कहा कि महिला का आचरण इस तरह का है कि पुरुष के लिए इस तरह की क्रूरता सह पाना मुमकिन नहीं था.
उच्च न्यायालय ने इस बात को संज्ञान में लिया कि जनवरी 2004 में शादी हुई और महिला ने अप्रैल 2004 में अपनी ससुराल छोड़ दी और बाद में उसने अपने पति और उसके परिजनों के खिलाफ मामला दर्ज कराया.
उच्च न्यायालय ने मामले को अपवाद की संज्ञा देते हुए कहा कि दंपति की शादी शुरू से ही सही नहीं चल सकी जो शादी के समय 30 साल से अधिक उम्र के थे और ठीकठाक परिपक्व थे.
अदालत ने 12 साल पुराने शादी के बंधन को तोड़ने की अनुमति देते हुए कहा कि पति और पत्नी कड़वी यादों के साथ आये हैं और उनका हनीमून भी खराब हो गया था. जहां महिला ने शादी होने का विरोध किया था और बाद में पति और उसके परिवार वालों पर झूठे आरोप लगाकर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया.
न्यायमूर्ति प्रदीप नंदराजोग और न्यायमूर्ति प्रतिभा रानी की पीठ ने अपने फैसले में ये टिप्पणियां कीं. पीठ ने महिला की याचिका को खारिज कर दिया जिसने क्रूरता के आधार पर शादी को तोड़ने की उसके पति की याचिका को स्वीकार करने के निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी थी. टिप्पणियां
पीठ ने अपने फैसले में कहा, ‘‘प्रतिवादी-पति यह साबित करने में सफल रहा कि उनके हनीमून के दौरान पत्नी ने न केवल शादी होने का विरोध किया बल्कि बाद में उसके और उसके पूरे परिवार के खिलाफ शर्मिंदा करने वाले और अपमानजनक आरोप लगाये.’’ पीठ ने कहा कि महिला का आचरण इस तरह का है कि पुरुष के लिए इस तरह की क्रूरता सह पाना मुमकिन नहीं था.
उच्च न्यायालय ने इस बात को संज्ञान में लिया कि जनवरी 2004 में शादी हुई और महिला ने अप्रैल 2004 में अपनी ससुराल छोड़ दी और बाद में उसने अपने पति और उसके परिजनों के खिलाफ मामला दर्ज कराया.
अदालत ने 12 साल पुराने शादी के बंधन को तोड़ने की अनुमति देते हुए कहा कि पति और पत्नी कड़वी यादों के साथ आये हैं और उनका हनीमून भी खराब हो गया था. जहां महिला ने शादी होने का विरोध किया था और बाद में पति और उसके परिवार वालों पर झूठे आरोप लगाकर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया.
न्यायमूर्ति प्रदीप नंदराजोग और न्यायमूर्ति प्रतिभा रानी की पीठ ने अपने फैसले में ये टिप्पणियां कीं. पीठ ने महिला की याचिका को खारिज कर दिया जिसने क्रूरता के आधार पर शादी को तोड़ने की उसके पति की याचिका को स्वीकार करने के निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी थी. टिप्पणियां
पीठ ने अपने फैसले में कहा, ‘‘प्रतिवादी-पति यह साबित करने में सफल रहा कि उनके हनीमून के दौरान पत्नी ने न केवल शादी होने का विरोध किया बल्कि बाद में उसके और उसके पूरे परिवार के खिलाफ शर्मिंदा करने वाले और अपमानजनक आरोप लगाये.’’ पीठ ने कहा कि महिला का आचरण इस तरह का है कि पुरुष के लिए इस तरह की क्रूरता सह पाना मुमकिन नहीं था.
उच्च न्यायालय ने इस बात को संज्ञान में लिया कि जनवरी 2004 में शादी हुई और महिला ने अप्रैल 2004 में अपनी ससुराल छोड़ दी और बाद में उसने अपने पति और उसके परिजनों के खिलाफ मामला दर्ज कराया.
न्यायमूर्ति प्रदीप नंदराजोग और न्यायमूर्ति प्रतिभा रानी की पीठ ने अपने फैसले में ये टिप्पणियां कीं. पीठ ने महिला की याचिका को खारिज कर दिया जिसने क्रूरता के आधार पर शादी को तोड़ने की उसके पति की याचिका को स्वीकार करने के निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी थी. टिप्पणियां
पीठ ने अपने फैसले में कहा, ‘‘प्रतिवादी-पति यह साबित करने में सफल रहा कि उनके हनीमून के दौरान पत्नी ने न केवल शादी होने का विरोध किया बल्कि बाद में उसके और उसके पूरे परिवार के खिलाफ शर्मिंदा करने वाले और अपमानजनक आरोप लगाये.’’ पीठ ने कहा कि महिला का आचरण इस तरह का है कि पुरुष के लिए इस तरह की क्रूरता सह पाना मुमकिन नहीं था.
उच्च न्यायालय ने इस बात को संज्ञान में लिया कि जनवरी 2004 में शादी हुई और महिला ने अप्रैल 2004 में अपनी ससुराल छोड़ दी और बाद में उसने अपने पति और उसके परिजनों के खिलाफ मामला दर्ज कराया.
पीठ ने अपने फैसले में कहा, ‘‘प्रतिवादी-पति यह साबित करने में सफल रहा कि उनके हनीमून के दौरान पत्नी ने न केवल शादी होने का विरोध किया बल्कि बाद में उसके और उसके पूरे परिवार के खिलाफ शर्मिंदा करने वाले और अपमानजनक आरोप लगाये.’’ पीठ ने कहा कि महिला का आचरण इस तरह का है कि पुरुष के लिए इस तरह की क्रूरता सह पाना मुमकिन नहीं था.
उच्च न्यायालय ने इस बात को संज्ञान में लिया कि जनवरी 2004 में शादी हुई और महिला ने अप्रैल 2004 में अपनी ससुराल छोड़ दी और बाद में उसने अपने पति और उसके परिजनों के खिलाफ मामला दर्ज कराया.
उच्च न्यायालय ने इस बात को संज्ञान में लिया कि जनवरी 2004 में शादी हुई और महिला ने अप्रैल 2004 में अपनी ससुराल छोड़ दी और बाद में उसने अपने पति और उसके परिजनों के खिलाफ मामला दर्ज कराया. | यहाँ एक सारांश है:दिल्ली उच्च न्यायालय ने एक विवाहित जोड़े के मामले में यह कहा
महिला द्वारा ‘हनीमून खराब करने’ को भी तलाक का आधार बताया
पति तथा उसके परिवार पर झूठे आरोप लगाकर मानसिक क्रूरता का आरोप भी था | 17 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: ढाका के शेर-ए-बांग्ला स्टेडियम में द. अफ्रीका के हाथों बांग्लादेश की करारी हार के साथ आईसीसी क्रिकेट विश्व कप-2011 के क्वार्टरफाइनल में पहुंचने वाली सभी आठ टीमों के नाम तय हो गए हैं। ग्रुप 'ए' से जहां ऑस्ट्रेलिया, पाकिस्तान, श्रीलंका और न्यूजीलैंड की टीमें अंतिम-8 दौर में जगह बनाने में सफल रहीं वहीं इस ग्रुप से कनाडा, जिम्बाब्वे और केन्या को निराशा हाथ लगी। इस ग्रुप का अंतिम लीग मैच रविवार को केन्या और जिम्बाब्वे के बीच खेला जाएगा। ग्रुप 'बी' से द. अफ्रीका, भारत, इंग्लैंड और वेस्टइंडीज की टीमें अंतिम-8 दौर में जगह बनाने में सफल रही हैं। इस ग्रुप का अंतिम मैच रविवार को भारत और वेस्टइंडीज के बीच चेन्नई में खेला जाएगा। इस ग्रुप से बांग्लादेश के अलावा नीदरलैंड्स और आयरलैंड की टीमें बाहर हुईं हैं। भारत और वेस्टइंडीज के बीच होने वाले मैच का इतना महत्व रह गया है कि इसके माध्यम से इस ग्रुप में टीमों की वास्तविक स्थिति का फैसला होगा। जीत की स्थिति में भारत नौ अंकों के साथ तालिका में दूसरे स्थान पर रहेगा लेकिन हार की सूरत में उसे वेस्टइंडीज के बाद तीसरे स्थान पर रहते हुए क्वार्टरफाइनल का अभियान शुरू करना होगा। ग्रुप 'ए' में टीमों की वास्तविक स्थिति का फैसला शनिवार को हो जाएगा। पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया के बीच कोलम्बो में खेले जा रहे मुकाबले के माध्यम से इसका फैसला होगा। फिलहाल श्रीलंका नौ अंकों के साथ शीर्ष पर है जबकि ऑस्ट्रेलिया ने भी इतने ही अंक जुटाए हैं। बेहतर नेट रन रेट के कारण श्रीलंका इस ग्रुप में शीर्ष पर है। न्यूजीलैंड और पाकिस्तान ने आठ-आठ अंक जुटाए हैं। न्यूजीलैंड अपने सभी छह मैच खेल चुका है जबकि पाकिस्तान ने पांच मैचों से इतने अंक हासिल किए हैं। शनिवार को जीत की स्थिति में वह तालिका में शीर्ष पर पहुंच जाएगा। इस मैच में अगर ऑस्ट्रेलिया जीता तो वह शीर्ष पर पहुंचेगा जबकि पाकिस्तान की स्थिति में बदलाव नहीं आएगा। ग्रुप 'बी' में द. अफ्रीका ने सर्वाधिक पांच मैच जीतकर 10 अंक जुटाए हैं। वह शीर्ष पर है। भारत और इंग्लैंड के सात-सात अंक हैं। बेहतर नेट रन रेट के कारण भारत तालिका में दूसरे क्रम पर है जबकि इंग्लैंड तीसरे क्रम पर है। वेस्टइंडीज इस तालिका में चौथे क्रम पर है। रविवार को अगर वेस्टइंडीज जीतता है तो वह दूसरे स्थान पर पहुंच जाएगा जबकि भारत तीसरे स्थान पर खिसक जाएगा। तालिका में टीमों की स्थिति का फैसला होने के बाद ही क्वार्टरफाइनल में आपस में भिड़ने वाली टीमों के नामों की घोषणा हो सकेगी। रविवार के बाद दो दिनों का विश्राम है। इसके बाद 23 से 26 मार्च तक क्वार्टरफाइनल मुकाबले खेले जाने हैं। दो क्वार्टरफाइनल मुकाबले बांग्लादेश में होंगे जबकि भारत और श्रीलंका एक-एक मैच की मेजबानी करेंगे। क्वार्टरफाइनल मुकाबलों को सी,डी,ई और एफ क्रमांक दिया गया है। इसी के आधार पर सेमीफाइनल में भिड़ने वाली टीमों का लाइनअप तय होगा। 29 मार्च को होने वाले पहले सेमीफाइनल में क्वार्टरफाइनल-सी और क्वार्टरफाइनल-ई की विजेता टीमों के बीच भिड़ंत होगी। मोहाली में 30 मार्च को होने वाले दूसरे सेमीफाइनल में क्वार्टरफाइनल-डी और क्वार्टरफाइनल-एफ की विजेता टीमें भिड़ेंगी। फाइनल 2 अप्रैल को मुम्बई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाएगा। | यहाँ एक सारांश है:द. अफ्रीका के हाथों बांग्लादेश की करारी हार के साथ विश्व कप-2011 के क्वार्टरफाइनल में पहुंचने वाली सभी आठ टीमों के नाम तय हो गए हैं। | 12 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: तेलंगाना सरकार ने ऑनलाइन रमी कार्ड खेलों के कारण उपजने वाली सामाजिक बुराइयों से निपटने के लिए एक अध्यादेश जारी किया है. तेलंगाना गेमिंग अधिनियम, 1974 के प्रावधानों में कुछ बदलाव कर तेलंगाना गेमिंग (द्वितीय संशोधन) अध्यादेश, 2017 जारी किया है.
आठ जुलाई को जारी किए गए अध्यादेश में कहा गया, तेलंगाना गेमिंग अधिनियम, 1974 के प्रावधानों में कुछ बदलाव कर ऑनलाइन रमी के कारण पैदा होने वाली सामाजिक बुराइयों पर रोक लगाने की जरूरत पर ध्यान दिया गया.टिप्पणियां
सरकार ने इससे पहले गत 17 जून को एक दूसरा अध्यादेश जारी कर गेमिंग अधिनियम में संशोधन किए थे. गेमिंग को परिभाषित करने के लिए संशोधन में ‘मुक्ता’ और ‘सट्टा’ शब्दों का प्रयोग किया गया है. इस अध्यादेश के प्रावधानों के तहत ऑनलाइन गेमिंग एक अपराध है जिसके लिए सजा दी जाएगी.
अध्यादेश में राज्य में बहुत सारे लोगों खासकर युवाओं में ऑनलाइन रमी खेलने की लत की बात को रेखांकित करते हुए कहा गया कि इस तरह की लत से उनका पारिवारिक जीवन प्रभावित होता है.
आठ जुलाई को जारी किए गए अध्यादेश में कहा गया, तेलंगाना गेमिंग अधिनियम, 1974 के प्रावधानों में कुछ बदलाव कर ऑनलाइन रमी के कारण पैदा होने वाली सामाजिक बुराइयों पर रोक लगाने की जरूरत पर ध्यान दिया गया.टिप्पणियां
सरकार ने इससे पहले गत 17 जून को एक दूसरा अध्यादेश जारी कर गेमिंग अधिनियम में संशोधन किए थे. गेमिंग को परिभाषित करने के लिए संशोधन में ‘मुक्ता’ और ‘सट्टा’ शब्दों का प्रयोग किया गया है. इस अध्यादेश के प्रावधानों के तहत ऑनलाइन गेमिंग एक अपराध है जिसके लिए सजा दी जाएगी.
अध्यादेश में राज्य में बहुत सारे लोगों खासकर युवाओं में ऑनलाइन रमी खेलने की लत की बात को रेखांकित करते हुए कहा गया कि इस तरह की लत से उनका पारिवारिक जीवन प्रभावित होता है.
सरकार ने इससे पहले गत 17 जून को एक दूसरा अध्यादेश जारी कर गेमिंग अधिनियम में संशोधन किए थे. गेमिंग को परिभाषित करने के लिए संशोधन में ‘मुक्ता’ और ‘सट्टा’ शब्दों का प्रयोग किया गया है. इस अध्यादेश के प्रावधानों के तहत ऑनलाइन गेमिंग एक अपराध है जिसके लिए सजा दी जाएगी.
अध्यादेश में राज्य में बहुत सारे लोगों खासकर युवाओं में ऑनलाइन रमी खेलने की लत की बात को रेखांकित करते हुए कहा गया कि इस तरह की लत से उनका पारिवारिक जीवन प्रभावित होता है.
अध्यादेश में राज्य में बहुत सारे लोगों खासकर युवाओं में ऑनलाइन रमी खेलने की लत की बात को रेखांकित करते हुए कहा गया कि इस तरह की लत से उनका पारिवारिक जीवन प्रभावित होता है. | यहाँ एक सारांश है:रमी कार्ड ऑनलाइन खेल पर तलंगाना सरकार ने किया अध्यादेश जारी
परिभाषित करने के लिए संशोधन में ‘मुक्ता’ और ‘सट्टा’ शब्दों का प्रयोग किया
रमी की लत से उनका पारिवारिक जीवन प्रभावित होता है. | 18 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: नौकरियों में आरक्षण की मांग को लेकर उत्तर प्रदेश के अमरोहा में दिल्ली-लखनऊ रेलमार्ग को अवरुद्ध किए जाट समुदाय के लोगों का आंदोलन 11वें दिन भी जारी है। बड़ी संख्या में जाट आंदोलनकारी दिल्ली सीमा पर सड़क जाम करने पहुंच रहे हैं। जाट आरक्षण संघर्ष सिमति के अध्यक्ष यशपाल मलिक ने बताया कि दिल्ली प्रवेश पर गाजियाबाद में सड़क जाम किया जाएगा। उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में जाट आंदोलनकारी गाजियाबाद के लोनी बोर्डर पर दिल्ली-सहारनपुर राजमार्ग और नंदनगरी में गाजियाबाद-दिल्ली मार्ग जाम करने पहुंच रहे हैं। मलिक ने कहा कि केंद्र सरकार ने हमारी मांगे नहीं मानी तो आने वाले दिनों में उत्तर भारत के विभिन्न रेलमार्गों को जाम करने के साथ दिल्ली को उत्तर प्रदेश से होने वाली पानी और तेल की आपूर्ति बाधित करेंगे। ज्ञात हो कि जाट आरक्षण संघर्ष सिमित के बैनर तले जाट समुदाय के सैकड़ों लोग लगातार 11 दिनों से अमरोहा के काफूरपुर रेलवे स्टेशन के पास दिल्ली-लखनऊ रेलमार्ग जाम कर धरना दे रहे हैं। जाटों के आंदोलन को सत्ताधारी बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के साथ-साथ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस का भी समर्थन मिल गया है। मलिक ने कहा कि समाजवादी पार्टी (सपा) ने भी उनको अपना समर्थन दिया है। राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) द्वारा दिल्ली में किए जाने वाले प्रदर्शन में हमारे लोग शामिल नहीं होंगे। उल्लेखनीय है कि जाट आंदोलन के चलते 100 से ज्यादा रेलगाड़ियों का परिचालन प्रभावित हुआ है। रेल अधिकारियों के मुताबिक अब तक करीब 50 से ज्यादा रेलगाड़ियों को रद्द करना पड़ा है, वहीं करीब 60 से ज्यादा रेलगाड़ियों के मार्ग बदले गए हैं। रेलगाड़ियों को सहारनपुर, कानपुर और हापुड़ के रास्ते चलाया जा रहा है। | यहाँ एक सारांश है:बड़ी संख्या में जाट आंदोलनकारी गाजियाबाद के लोनी बोर्डर पर दिल्ली-सहारनपुर राजमार्ग, नंदनगरी में गाजियाबाद-दिल्ली मार्ग जाम करने पहुंच रहे हैं। | 17 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बिहार बोर्ड की 12वीं की परीक्षा का रिजल्ट 30 मार्च को जारी किया गया था. बिहार बोर्ड इंटर परीक्षा में शामिल परीक्षार्थी अगर अपने अंकों से संतुष्ट नहीं हैं, तो वे अपने कॉपी की स्क्रूटिनी (पुनर्मूल्यांकन) के लिए आवेदन कर सकते हैं. स्क्रूटिनी (पुनर्मूल्यांकन) के लिए आवेदन की प्रक्रिया आज से शुरू हो गई है. स्टूडेंट्स वेबसाइट bsebinteredu.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं. बता दें कि बिहार बोर्ड की 12वीं की परीक्षा में इस साल पिछले साल से काफी बेहतर रिजल्ट गया है. इंटर की परीक्षा में 79.76 फीसदी स्टूडेंट्स पास हुए हैं. कॉमर्स में 93 फीसदी, आर्ट्स में 76.53 फीसदी और साइंस में 81.20 फीसदी स्टूडेंट्स पास हुए हैं.
आपको बता दें कि 12वीं के रिजल्ट के बाद अब इस सप्ताह 10वीं का रिजल्ट भी जारी किया जा सकता है. बिहार बोर्ड मैट्रिक रिजल्ट ऑफिशियल वेबसाइट biharboardonline.bihar.gov.in पर जारी किया जाएगा. स्टूडेंट्स इस वेबसाइट पर जाकर ही अपना रिजल्ट चेक कर पाएंगे. | यह एक सारांश है: स्क्रूटिनी के लिए आवेदन शुरू हो गए हैं.
स्टूडेंट्स वेबसाइट bsebinteredu.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं.
इंटर की परीक्षा में 79.76 फीसदी स्टूडेंट्स पास हुए हैं. | 9 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: बिहार के नवादा से सांसद सिंह ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अध्यक्ष लालू प्रसाद द्वारा सृजन घोटाले में भाजपा नेताओं के शामिल होने के आरोप पर कहा, उनके (लालू) पास अब कोई मुद्दा नहीं बचा है. लालू प्रसाद पहले उन आरोपों का जवाब दें जो उन पर लगाए जा रहे हैं. टिप्पणियां वहीं, इसके पहले केंद्रीय मंत्री के पटना हवाईअड्डा पहुंचने पर गिरिराज सिंह के समर्थक और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के जवान भिड़ गए, जिस कारण हवाई अड्डे पर अफरा-तफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई. पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि केद्रीय मंत्री के स्वागत के लिए समर्थक हवाईअड्डे पहुंचे और उनकी किसी बात को लेकर सीआईएसएफ जवान से बहस हो गई. समर्थकों और सीआईएसएफ के जवानों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। इसके बाद किसी तरह मामला शांत कराया गया. (इनपुट्स : IANS)(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
वहीं, इसके पहले केंद्रीय मंत्री के पटना हवाईअड्डा पहुंचने पर गिरिराज सिंह के समर्थक और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के जवान भिड़ गए, जिस कारण हवाई अड्डे पर अफरा-तफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई. पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि केद्रीय मंत्री के स्वागत के लिए समर्थक हवाईअड्डे पहुंचे और उनकी किसी बात को लेकर सीआईएसएफ जवान से बहस हो गई. समर्थकों और सीआईएसएफ के जवानों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। इसके बाद किसी तरह मामला शांत कराया गया. (इनपुट्स : IANS)(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | सारांश: कांग्रेस की विश्वसनीयता अब समाप्त हो गई है : गिरिराज
लालू के पास अब कोई मुद्दा नहीं है
हवाईअड्डे पर सुरक्षाकर्मियों से भिड़े समर्थक | 33 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: 'दीवार' नाम से मशहूर भरोसेमंद बल्लेबाज राहुल द्रविड़ शुक्रवार को कार्डिफ में इंग्लैंड के साथ होने वाले एकदिवसीय मैच के साथ अपने एकदिवसीय अंतर्राष्ट्रीय करियर का समापन करेंगे। द्रविड़ का प्रयास जहां व्यक्तिगत प्रदर्शन से इस मैच को यादगार बनाना होगा वहीं महेंद्र सिंह धौनी भी चाहेंगे कि यह मैच जीतकर भारतीय टीम अपने इस महान खिलााड़ी को अच्छी तरह विदा करे। द्रविड़ ने अगस्त में दो वर्ष के बाद भारतीय एकदिवसीय क्रिकेट टीम में वापसी की थी। बीते डेढ़ दशक से भारतीय टीम के अभिन्न हिस्सा रहे द्रविड़ ने इंग्लैंड के खिलाफ खेलने के लिए चुने जाने से पहले अपना आखिरी एकदिवसीय मुकाबला 30 सितम्बर, 2009 को जोहांसबर्ग में चैम्पियंस ट्रॉफी के दौरान वेस्टइंडीज के खिलाफ खेला था। इसके बाद टीम को युवा रूप देने के लिए उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया। वर्ष 2007 के आईसीसी विश्व कप में टीम का नेतृत्व करने वाले द्रविड़ को आस्ट्रेलिया के खिलाफ एकदिवसीय श्रृंखला में खराब प्रदर्शन के बाद टीम से बाहर कर दिया गया था लेकिन 2009 में उनकी एक बार फिर टीम में वापसी हुई। वह चैम्पियंस ट्रॉफी में खेले। यह वापसी सिर्फ छह मैचों के लिए रही। दक्षिण अफ्रीका के साथ खेली जाने वाली एकदिवसीय श्रृंखला के लिए द्रविड़ को टीम में शामिल नहीं किया गया। तब से ही द्रविड़ को टीम से बाहर रहना पड़ा था। उनकी गैरमौजूदगी में भारत ने विश्व कप जीता तो यह निश्चित हो गया कि अब उनकी वापसी असम्भव है लेकिन इंग्लैंड की उछाल भरी पिचों पर भारतीय बल्लेबाजों की नाकामी ने चयनकर्ताओं को द्रविड़ पर भरोसा करने को मजबूर कर दिया। इंग्लैंड के साथ खेली गई चार मैचों की श्रृंखला में तीन शतक लगाने वाले द्रविड़ हालांकि अपने जीवन की अंतिम एकदिवसीय श्रृंखला में बल्ले का कमाल नहीं दिखा सके। द्रविड़ ने पहले मैच में दो रन बनाए जबकि दूसरे मैच में उनके बल्ले से 32 रन निकले। तीसरे मैच में एक फिर द्रविड़ दो रन पर आउट हो गए जबकि चौथे मैच में वह 19 रन बना सके। अब तक 343 मैचों की 317 पारियों में 40 बार नाबाद रहते हुए 39.06 के औसत से 10820 रन बना चुके द्रविड़ के लिए किसी एक श्रृंखला में नाकामी कोई नई बात नहीं लेकिन इस महान खिलाड़ी ने अपने 15 वर्ष के करियर में कई मौकों पर मुश्किल से निकलकर टीम के लिए मैच जिताऊ पारियां खेली हैं। एकदिवसीय मैचों में द्रविड़ के नाम कई रिकार्ड दर्ज हैं। उन्होंने 1999 में हैदराबाद में सचिन तेंदुलकर के साथ मिलकर न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे विकेट के लिए 331 रनों की साझेदारी निभाई थी, जो एकदिवसीय मैचों के लिहाज से आज भी एक विश्व रिकार्ड है। इसके अलावा द्रविड़ ने सौरव गांगुली के साथ 1999 में ही टांटन में श्रीलंका के खिलाफ दूसरे विकेट के लिए 318 रन जोड़े थे। द्रविड़ एकदिवसीय मैचों के सबसे सफल बल्लेबाजों में से एक हैं। वह उन आठ बल्लेबाजों में से एक हैं, जिन्होंने एकदिवसीय मैचों में 10, 000 से अधिक रन बनाए हैं। इनमें सचिन और गांगुली भी शामिल हैं। | सारांश: राहुल द्रविड़ शुक्रवार को कार्डिफ में इंग्लैंड के साथ होने वाले एकदिवसीय मैच के साथ अपने एकदिवसीय अंतर्राष्ट्रीय करियर का समापन करेंगे। | 33 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: जीवनसाथी के चरित्र पर संदेह के चलते 45 वर्षीय व्यक्ति के अपनी पत्नी के यौनांग पर कथित रूप से ताला लगाकर रखने के बहुचर्चित मामले में अभियोजन पक्ष को अदालत में बुधवार को तगड़ा झटका लगा।
इस मामले में पीड़ित महिला अपने पति के खिलाफ लगाए गए संगीन आरोपों से इनकार करते हुए खुद के पुराने बयानों से मुकर गई जिसके बाद उसे मुकरी हुई गवाह घोषित कर दिया गया।
यह महिला अपर सत्र न्यायाधीश अवनींद्र कुमार सिंह की अदालत में अभियोजन की गवाह के रूप में पेश हुई थी। वह न्यायाधीश के सामने न केवल पुलिस को दिए बयान से मुकर गई, बल्कि उसने अपने उस कथन से भी इनकार कर दिया जो उसने दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 164 के तहत अदालत में दर्ज कराया था।
महिला ने कहा, ‘मुझे नहीं मालूम कि मैंने (पुलिस को) क्या बयान दिया था, क्योंकि मैं उस वक्त अस्पताल में भर्ती थी। मुझे होश नहीं है कि मैंने पुलिस को बयान दिया था या नहीं।’ उसने कहा, ‘मैंने अदालत में यह भी नहीं कहा कि मेरे पति ने शक की बिना पर मेरे गुप्तांग पर ताला लगा दिया था।’
महिला ने कहा, ‘मैंने अदालत में ऐसा कोई बयान नहीं दिया कि मेरा पति जब काम पर जाता है, तो मेरे यौनांग पर ताला लगा देता है और वापस आने पर यह ताला खोल देता है।’
पांच बच्चों की मां ने हालांकि अदालत को बताया कि एक गैरेज में काम करने वाला उसका पति सोहनलाल (45) छोटी-छोटी बातों को लेकर उससे झगड़ा और मारपीट करता था। लेकिन उसने अपने छोटे बच्चों की परवरिश की चिंता करते हुए पति के खिलाफ कहीं कोई शिकायत नहीं की।
पुलिस की जांच पर भरोसा करें, तो लम्बे वक्त से अपने पति की कथित क्रूरता झेल रही महिला ने 16 जुलाई 2012 को चूहे मारने वाली दवा पीकर खुदकुशी की कोशिश की थी। लेकिन महिला ने आत्महत्या के प्रयास के पीछे इस वजह से अदालत में साफ इनकार कर दिया।
उसने कहा कि पैसे निकालने की ‘छोटी-सी बात पर’ उसका पति से विवाद हुआ था और उसने गुस्से में आकर जहर पी लिया था।
महिला के अपने पुराने बयानों से मुकरने के बाद अदालत ने अभियोजन पक्ष की गुजारिश पर उसे मुकरी हुई गवाह घोषित करने की अनुमति दे दी।
बहरहाल, शहर के शासकीय महाराजा यशवंतराव अस्पताल (एमवायएच) की एक स्त्री रोग विशेषज्ञ की गवाही से अभियोजन पक्ष को बल मिला।
एमवायएच की डॉ विभा मौजेस ने अदालत को बताया कि उन्होंने 16 जुलाई 2012 को अस्पताल में महिला के इलाज के दौरान पेशाब की नली लगाते समय देखा कि उसके गुप्तांग पर ताला लगा है।टिप्पणियां
डॉ विभा ने कहा, ‘जब इस ताले के बारे में मरीज से जानकारी ली गई, तो उसने बताया कि उसके पति ने चार साल पहले उसे गांजा पिलाकर बेहोश कर दिया था। इसके बाद पेंचकस (स्क्रू ड्राइवर) से छेद करके उसके गुप्तांग पर ताला लगा दिया था।’ अभियोजन की गवाह ने बताया कि उसने पुलिस की मुहैया कराई गई चाबी से महिला के गुप्तांग पर लगा ताला खोला।
महिला का पति फिलहाल न्यायिक हिरासत के तहत जेल में बंद है। उस पर भारतीय दंड विधान (आईपीसी) की धारा 498-क (पत्नी पर पति की क्रूरता), धारा 326 (खतरनाक हथियारों से गंभीर चोट पहुंचाना) और धारा 344 (बंधक बनाकर रखना) के तहत मुकदमा चल रहा है।
इस मामले में पीड़ित महिला अपने पति के खिलाफ लगाए गए संगीन आरोपों से इनकार करते हुए खुद के पुराने बयानों से मुकर गई जिसके बाद उसे मुकरी हुई गवाह घोषित कर दिया गया।
यह महिला अपर सत्र न्यायाधीश अवनींद्र कुमार सिंह की अदालत में अभियोजन की गवाह के रूप में पेश हुई थी। वह न्यायाधीश के सामने न केवल पुलिस को दिए बयान से मुकर गई, बल्कि उसने अपने उस कथन से भी इनकार कर दिया जो उसने दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 164 के तहत अदालत में दर्ज कराया था।
महिला ने कहा, ‘मुझे नहीं मालूम कि मैंने (पुलिस को) क्या बयान दिया था, क्योंकि मैं उस वक्त अस्पताल में भर्ती थी। मुझे होश नहीं है कि मैंने पुलिस को बयान दिया था या नहीं।’ उसने कहा, ‘मैंने अदालत में यह भी नहीं कहा कि मेरे पति ने शक की बिना पर मेरे गुप्तांग पर ताला लगा दिया था।’
महिला ने कहा, ‘मैंने अदालत में ऐसा कोई बयान नहीं दिया कि मेरा पति जब काम पर जाता है, तो मेरे यौनांग पर ताला लगा देता है और वापस आने पर यह ताला खोल देता है।’
पांच बच्चों की मां ने हालांकि अदालत को बताया कि एक गैरेज में काम करने वाला उसका पति सोहनलाल (45) छोटी-छोटी बातों को लेकर उससे झगड़ा और मारपीट करता था। लेकिन उसने अपने छोटे बच्चों की परवरिश की चिंता करते हुए पति के खिलाफ कहीं कोई शिकायत नहीं की।
पुलिस की जांच पर भरोसा करें, तो लम्बे वक्त से अपने पति की कथित क्रूरता झेल रही महिला ने 16 जुलाई 2012 को चूहे मारने वाली दवा पीकर खुदकुशी की कोशिश की थी। लेकिन महिला ने आत्महत्या के प्रयास के पीछे इस वजह से अदालत में साफ इनकार कर दिया।
उसने कहा कि पैसे निकालने की ‘छोटी-सी बात पर’ उसका पति से विवाद हुआ था और उसने गुस्से में आकर जहर पी लिया था।
महिला के अपने पुराने बयानों से मुकरने के बाद अदालत ने अभियोजन पक्ष की गुजारिश पर उसे मुकरी हुई गवाह घोषित करने की अनुमति दे दी।
बहरहाल, शहर के शासकीय महाराजा यशवंतराव अस्पताल (एमवायएच) की एक स्त्री रोग विशेषज्ञ की गवाही से अभियोजन पक्ष को बल मिला।
एमवायएच की डॉ विभा मौजेस ने अदालत को बताया कि उन्होंने 16 जुलाई 2012 को अस्पताल में महिला के इलाज के दौरान पेशाब की नली लगाते समय देखा कि उसके गुप्तांग पर ताला लगा है।टिप्पणियां
डॉ विभा ने कहा, ‘जब इस ताले के बारे में मरीज से जानकारी ली गई, तो उसने बताया कि उसके पति ने चार साल पहले उसे गांजा पिलाकर बेहोश कर दिया था। इसके बाद पेंचकस (स्क्रू ड्राइवर) से छेद करके उसके गुप्तांग पर ताला लगा दिया था।’ अभियोजन की गवाह ने बताया कि उसने पुलिस की मुहैया कराई गई चाबी से महिला के गुप्तांग पर लगा ताला खोला।
महिला का पति फिलहाल न्यायिक हिरासत के तहत जेल में बंद है। उस पर भारतीय दंड विधान (आईपीसी) की धारा 498-क (पत्नी पर पति की क्रूरता), धारा 326 (खतरनाक हथियारों से गंभीर चोट पहुंचाना) और धारा 344 (बंधक बनाकर रखना) के तहत मुकदमा चल रहा है।
यह महिला अपर सत्र न्यायाधीश अवनींद्र कुमार सिंह की अदालत में अभियोजन की गवाह के रूप में पेश हुई थी। वह न्यायाधीश के सामने न केवल पुलिस को दिए बयान से मुकर गई, बल्कि उसने अपने उस कथन से भी इनकार कर दिया जो उसने दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 164 के तहत अदालत में दर्ज कराया था।
महिला ने कहा, ‘मुझे नहीं मालूम कि मैंने (पुलिस को) क्या बयान दिया था, क्योंकि मैं उस वक्त अस्पताल में भर्ती थी। मुझे होश नहीं है कि मैंने पुलिस को बयान दिया था या नहीं।’ उसने कहा, ‘मैंने अदालत में यह भी नहीं कहा कि मेरे पति ने शक की बिना पर मेरे गुप्तांग पर ताला लगा दिया था।’
महिला ने कहा, ‘मैंने अदालत में ऐसा कोई बयान नहीं दिया कि मेरा पति जब काम पर जाता है, तो मेरे यौनांग पर ताला लगा देता है और वापस आने पर यह ताला खोल देता है।’
पांच बच्चों की मां ने हालांकि अदालत को बताया कि एक गैरेज में काम करने वाला उसका पति सोहनलाल (45) छोटी-छोटी बातों को लेकर उससे झगड़ा और मारपीट करता था। लेकिन उसने अपने छोटे बच्चों की परवरिश की चिंता करते हुए पति के खिलाफ कहीं कोई शिकायत नहीं की।
पुलिस की जांच पर भरोसा करें, तो लम्बे वक्त से अपने पति की कथित क्रूरता झेल रही महिला ने 16 जुलाई 2012 को चूहे मारने वाली दवा पीकर खुदकुशी की कोशिश की थी। लेकिन महिला ने आत्महत्या के प्रयास के पीछे इस वजह से अदालत में साफ इनकार कर दिया।
उसने कहा कि पैसे निकालने की ‘छोटी-सी बात पर’ उसका पति से विवाद हुआ था और उसने गुस्से में आकर जहर पी लिया था।
महिला के अपने पुराने बयानों से मुकरने के बाद अदालत ने अभियोजन पक्ष की गुजारिश पर उसे मुकरी हुई गवाह घोषित करने की अनुमति दे दी।
बहरहाल, शहर के शासकीय महाराजा यशवंतराव अस्पताल (एमवायएच) की एक स्त्री रोग विशेषज्ञ की गवाही से अभियोजन पक्ष को बल मिला।
एमवायएच की डॉ विभा मौजेस ने अदालत को बताया कि उन्होंने 16 जुलाई 2012 को अस्पताल में महिला के इलाज के दौरान पेशाब की नली लगाते समय देखा कि उसके गुप्तांग पर ताला लगा है।टिप्पणियां
डॉ विभा ने कहा, ‘जब इस ताले के बारे में मरीज से जानकारी ली गई, तो उसने बताया कि उसके पति ने चार साल पहले उसे गांजा पिलाकर बेहोश कर दिया था। इसके बाद पेंचकस (स्क्रू ड्राइवर) से छेद करके उसके गुप्तांग पर ताला लगा दिया था।’ अभियोजन की गवाह ने बताया कि उसने पुलिस की मुहैया कराई गई चाबी से महिला के गुप्तांग पर लगा ताला खोला।
महिला का पति फिलहाल न्यायिक हिरासत के तहत जेल में बंद है। उस पर भारतीय दंड विधान (आईपीसी) की धारा 498-क (पत्नी पर पति की क्रूरता), धारा 326 (खतरनाक हथियारों से गंभीर चोट पहुंचाना) और धारा 344 (बंधक बनाकर रखना) के तहत मुकदमा चल रहा है।
महिला ने कहा, ‘मुझे नहीं मालूम कि मैंने (पुलिस को) क्या बयान दिया था, क्योंकि मैं उस वक्त अस्पताल में भर्ती थी। मुझे होश नहीं है कि मैंने पुलिस को बयान दिया था या नहीं।’ उसने कहा, ‘मैंने अदालत में यह भी नहीं कहा कि मेरे पति ने शक की बिना पर मेरे गुप्तांग पर ताला लगा दिया था।’
महिला ने कहा, ‘मैंने अदालत में ऐसा कोई बयान नहीं दिया कि मेरा पति जब काम पर जाता है, तो मेरे यौनांग पर ताला लगा देता है और वापस आने पर यह ताला खोल देता है।’
पांच बच्चों की मां ने हालांकि अदालत को बताया कि एक गैरेज में काम करने वाला उसका पति सोहनलाल (45) छोटी-छोटी बातों को लेकर उससे झगड़ा और मारपीट करता था। लेकिन उसने अपने छोटे बच्चों की परवरिश की चिंता करते हुए पति के खिलाफ कहीं कोई शिकायत नहीं की।
पुलिस की जांच पर भरोसा करें, तो लम्बे वक्त से अपने पति की कथित क्रूरता झेल रही महिला ने 16 जुलाई 2012 को चूहे मारने वाली दवा पीकर खुदकुशी की कोशिश की थी। लेकिन महिला ने आत्महत्या के प्रयास के पीछे इस वजह से अदालत में साफ इनकार कर दिया।
उसने कहा कि पैसे निकालने की ‘छोटी-सी बात पर’ उसका पति से विवाद हुआ था और उसने गुस्से में आकर जहर पी लिया था।
महिला के अपने पुराने बयानों से मुकरने के बाद अदालत ने अभियोजन पक्ष की गुजारिश पर उसे मुकरी हुई गवाह घोषित करने की अनुमति दे दी।
बहरहाल, शहर के शासकीय महाराजा यशवंतराव अस्पताल (एमवायएच) की एक स्त्री रोग विशेषज्ञ की गवाही से अभियोजन पक्ष को बल मिला।
एमवायएच की डॉ विभा मौजेस ने अदालत को बताया कि उन्होंने 16 जुलाई 2012 को अस्पताल में महिला के इलाज के दौरान पेशाब की नली लगाते समय देखा कि उसके गुप्तांग पर ताला लगा है।टिप्पणियां
डॉ विभा ने कहा, ‘जब इस ताले के बारे में मरीज से जानकारी ली गई, तो उसने बताया कि उसके पति ने चार साल पहले उसे गांजा पिलाकर बेहोश कर दिया था। इसके बाद पेंचकस (स्क्रू ड्राइवर) से छेद करके उसके गुप्तांग पर ताला लगा दिया था।’ अभियोजन की गवाह ने बताया कि उसने पुलिस की मुहैया कराई गई चाबी से महिला के गुप्तांग पर लगा ताला खोला।
महिला का पति फिलहाल न्यायिक हिरासत के तहत जेल में बंद है। उस पर भारतीय दंड विधान (आईपीसी) की धारा 498-क (पत्नी पर पति की क्रूरता), धारा 326 (खतरनाक हथियारों से गंभीर चोट पहुंचाना) और धारा 344 (बंधक बनाकर रखना) के तहत मुकदमा चल रहा है।
महिला ने कहा, ‘मैंने अदालत में ऐसा कोई बयान नहीं दिया कि मेरा पति जब काम पर जाता है, तो मेरे यौनांग पर ताला लगा देता है और वापस आने पर यह ताला खोल देता है।’
पांच बच्चों की मां ने हालांकि अदालत को बताया कि एक गैरेज में काम करने वाला उसका पति सोहनलाल (45) छोटी-छोटी बातों को लेकर उससे झगड़ा और मारपीट करता था। लेकिन उसने अपने छोटे बच्चों की परवरिश की चिंता करते हुए पति के खिलाफ कहीं कोई शिकायत नहीं की।
पुलिस की जांच पर भरोसा करें, तो लम्बे वक्त से अपने पति की कथित क्रूरता झेल रही महिला ने 16 जुलाई 2012 को चूहे मारने वाली दवा पीकर खुदकुशी की कोशिश की थी। लेकिन महिला ने आत्महत्या के प्रयास के पीछे इस वजह से अदालत में साफ इनकार कर दिया।
उसने कहा कि पैसे निकालने की ‘छोटी-सी बात पर’ उसका पति से विवाद हुआ था और उसने गुस्से में आकर जहर पी लिया था।
महिला के अपने पुराने बयानों से मुकरने के बाद अदालत ने अभियोजन पक्ष की गुजारिश पर उसे मुकरी हुई गवाह घोषित करने की अनुमति दे दी।
बहरहाल, शहर के शासकीय महाराजा यशवंतराव अस्पताल (एमवायएच) की एक स्त्री रोग विशेषज्ञ की गवाही से अभियोजन पक्ष को बल मिला।
एमवायएच की डॉ विभा मौजेस ने अदालत को बताया कि उन्होंने 16 जुलाई 2012 को अस्पताल में महिला के इलाज के दौरान पेशाब की नली लगाते समय देखा कि उसके गुप्तांग पर ताला लगा है।टिप्पणियां
डॉ विभा ने कहा, ‘जब इस ताले के बारे में मरीज से जानकारी ली गई, तो उसने बताया कि उसके पति ने चार साल पहले उसे गांजा पिलाकर बेहोश कर दिया था। इसके बाद पेंचकस (स्क्रू ड्राइवर) से छेद करके उसके गुप्तांग पर ताला लगा दिया था।’ अभियोजन की गवाह ने बताया कि उसने पुलिस की मुहैया कराई गई चाबी से महिला के गुप्तांग पर लगा ताला खोला।
महिला का पति फिलहाल न्यायिक हिरासत के तहत जेल में बंद है। उस पर भारतीय दंड विधान (आईपीसी) की धारा 498-क (पत्नी पर पति की क्रूरता), धारा 326 (खतरनाक हथियारों से गंभीर चोट पहुंचाना) और धारा 344 (बंधक बनाकर रखना) के तहत मुकदमा चल रहा है।
पांच बच्चों की मां ने हालांकि अदालत को बताया कि एक गैरेज में काम करने वाला उसका पति सोहनलाल (45) छोटी-छोटी बातों को लेकर उससे झगड़ा और मारपीट करता था। लेकिन उसने अपने छोटे बच्चों की परवरिश की चिंता करते हुए पति के खिलाफ कहीं कोई शिकायत नहीं की।
पुलिस की जांच पर भरोसा करें, तो लम्बे वक्त से अपने पति की कथित क्रूरता झेल रही महिला ने 16 जुलाई 2012 को चूहे मारने वाली दवा पीकर खुदकुशी की कोशिश की थी। लेकिन महिला ने आत्महत्या के प्रयास के पीछे इस वजह से अदालत में साफ इनकार कर दिया।
उसने कहा कि पैसे निकालने की ‘छोटी-सी बात पर’ उसका पति से विवाद हुआ था और उसने गुस्से में आकर जहर पी लिया था।
महिला के अपने पुराने बयानों से मुकरने के बाद अदालत ने अभियोजन पक्ष की गुजारिश पर उसे मुकरी हुई गवाह घोषित करने की अनुमति दे दी।
बहरहाल, शहर के शासकीय महाराजा यशवंतराव अस्पताल (एमवायएच) की एक स्त्री रोग विशेषज्ञ की गवाही से अभियोजन पक्ष को बल मिला।
एमवायएच की डॉ विभा मौजेस ने अदालत को बताया कि उन्होंने 16 जुलाई 2012 को अस्पताल में महिला के इलाज के दौरान पेशाब की नली लगाते समय देखा कि उसके गुप्तांग पर ताला लगा है।टिप्पणियां
डॉ विभा ने कहा, ‘जब इस ताले के बारे में मरीज से जानकारी ली गई, तो उसने बताया कि उसके पति ने चार साल पहले उसे गांजा पिलाकर बेहोश कर दिया था। इसके बाद पेंचकस (स्क्रू ड्राइवर) से छेद करके उसके गुप्तांग पर ताला लगा दिया था।’ अभियोजन की गवाह ने बताया कि उसने पुलिस की मुहैया कराई गई चाबी से महिला के गुप्तांग पर लगा ताला खोला।
महिला का पति फिलहाल न्यायिक हिरासत के तहत जेल में बंद है। उस पर भारतीय दंड विधान (आईपीसी) की धारा 498-क (पत्नी पर पति की क्रूरता), धारा 326 (खतरनाक हथियारों से गंभीर चोट पहुंचाना) और धारा 344 (बंधक बनाकर रखना) के तहत मुकदमा चल रहा है।
पुलिस की जांच पर भरोसा करें, तो लम्बे वक्त से अपने पति की कथित क्रूरता झेल रही महिला ने 16 जुलाई 2012 को चूहे मारने वाली दवा पीकर खुदकुशी की कोशिश की थी। लेकिन महिला ने आत्महत्या के प्रयास के पीछे इस वजह से अदालत में साफ इनकार कर दिया।
उसने कहा कि पैसे निकालने की ‘छोटी-सी बात पर’ उसका पति से विवाद हुआ था और उसने गुस्से में आकर जहर पी लिया था।
महिला के अपने पुराने बयानों से मुकरने के बाद अदालत ने अभियोजन पक्ष की गुजारिश पर उसे मुकरी हुई गवाह घोषित करने की अनुमति दे दी।
बहरहाल, शहर के शासकीय महाराजा यशवंतराव अस्पताल (एमवायएच) की एक स्त्री रोग विशेषज्ञ की गवाही से अभियोजन पक्ष को बल मिला।
एमवायएच की डॉ विभा मौजेस ने अदालत को बताया कि उन्होंने 16 जुलाई 2012 को अस्पताल में महिला के इलाज के दौरान पेशाब की नली लगाते समय देखा कि उसके गुप्तांग पर ताला लगा है।टिप्पणियां
डॉ विभा ने कहा, ‘जब इस ताले के बारे में मरीज से जानकारी ली गई, तो उसने बताया कि उसके पति ने चार साल पहले उसे गांजा पिलाकर बेहोश कर दिया था। इसके बाद पेंचकस (स्क्रू ड्राइवर) से छेद करके उसके गुप्तांग पर ताला लगा दिया था।’ अभियोजन की गवाह ने बताया कि उसने पुलिस की मुहैया कराई गई चाबी से महिला के गुप्तांग पर लगा ताला खोला।
महिला का पति फिलहाल न्यायिक हिरासत के तहत जेल में बंद है। उस पर भारतीय दंड विधान (आईपीसी) की धारा 498-क (पत्नी पर पति की क्रूरता), धारा 326 (खतरनाक हथियारों से गंभीर चोट पहुंचाना) और धारा 344 (बंधक बनाकर रखना) के तहत मुकदमा चल रहा है।
उसने कहा कि पैसे निकालने की ‘छोटी-सी बात पर’ उसका पति से विवाद हुआ था और उसने गुस्से में आकर जहर पी लिया था।
महिला के अपने पुराने बयानों से मुकरने के बाद अदालत ने अभियोजन पक्ष की गुजारिश पर उसे मुकरी हुई गवाह घोषित करने की अनुमति दे दी।
बहरहाल, शहर के शासकीय महाराजा यशवंतराव अस्पताल (एमवायएच) की एक स्त्री रोग विशेषज्ञ की गवाही से अभियोजन पक्ष को बल मिला।
एमवायएच की डॉ विभा मौजेस ने अदालत को बताया कि उन्होंने 16 जुलाई 2012 को अस्पताल में महिला के इलाज के दौरान पेशाब की नली लगाते समय देखा कि उसके गुप्तांग पर ताला लगा है।टिप्पणियां
डॉ विभा ने कहा, ‘जब इस ताले के बारे में मरीज से जानकारी ली गई, तो उसने बताया कि उसके पति ने चार साल पहले उसे गांजा पिलाकर बेहोश कर दिया था। इसके बाद पेंचकस (स्क्रू ड्राइवर) से छेद करके उसके गुप्तांग पर ताला लगा दिया था।’ अभियोजन की गवाह ने बताया कि उसने पुलिस की मुहैया कराई गई चाबी से महिला के गुप्तांग पर लगा ताला खोला।
महिला का पति फिलहाल न्यायिक हिरासत के तहत जेल में बंद है। उस पर भारतीय दंड विधान (आईपीसी) की धारा 498-क (पत्नी पर पति की क्रूरता), धारा 326 (खतरनाक हथियारों से गंभीर चोट पहुंचाना) और धारा 344 (बंधक बनाकर रखना) के तहत मुकदमा चल रहा है।
महिला के अपने पुराने बयानों से मुकरने के बाद अदालत ने अभियोजन पक्ष की गुजारिश पर उसे मुकरी हुई गवाह घोषित करने की अनुमति दे दी।
बहरहाल, शहर के शासकीय महाराजा यशवंतराव अस्पताल (एमवायएच) की एक स्त्री रोग विशेषज्ञ की गवाही से अभियोजन पक्ष को बल मिला।
एमवायएच की डॉ विभा मौजेस ने अदालत को बताया कि उन्होंने 16 जुलाई 2012 को अस्पताल में महिला के इलाज के दौरान पेशाब की नली लगाते समय देखा कि उसके गुप्तांग पर ताला लगा है।टिप्पणियां
डॉ विभा ने कहा, ‘जब इस ताले के बारे में मरीज से जानकारी ली गई, तो उसने बताया कि उसके पति ने चार साल पहले उसे गांजा पिलाकर बेहोश कर दिया था। इसके बाद पेंचकस (स्क्रू ड्राइवर) से छेद करके उसके गुप्तांग पर ताला लगा दिया था।’ अभियोजन की गवाह ने बताया कि उसने पुलिस की मुहैया कराई गई चाबी से महिला के गुप्तांग पर लगा ताला खोला।
महिला का पति फिलहाल न्यायिक हिरासत के तहत जेल में बंद है। उस पर भारतीय दंड विधान (आईपीसी) की धारा 498-क (पत्नी पर पति की क्रूरता), धारा 326 (खतरनाक हथियारों से गंभीर चोट पहुंचाना) और धारा 344 (बंधक बनाकर रखना) के तहत मुकदमा चल रहा है।
बहरहाल, शहर के शासकीय महाराजा यशवंतराव अस्पताल (एमवायएच) की एक स्त्री रोग विशेषज्ञ की गवाही से अभियोजन पक्ष को बल मिला।
एमवायएच की डॉ विभा मौजेस ने अदालत को बताया कि उन्होंने 16 जुलाई 2012 को अस्पताल में महिला के इलाज के दौरान पेशाब की नली लगाते समय देखा कि उसके गुप्तांग पर ताला लगा है।टिप्पणियां
डॉ विभा ने कहा, ‘जब इस ताले के बारे में मरीज से जानकारी ली गई, तो उसने बताया कि उसके पति ने चार साल पहले उसे गांजा पिलाकर बेहोश कर दिया था। इसके बाद पेंचकस (स्क्रू ड्राइवर) से छेद करके उसके गुप्तांग पर ताला लगा दिया था।’ अभियोजन की गवाह ने बताया कि उसने पुलिस की मुहैया कराई गई चाबी से महिला के गुप्तांग पर लगा ताला खोला।
महिला का पति फिलहाल न्यायिक हिरासत के तहत जेल में बंद है। उस पर भारतीय दंड विधान (आईपीसी) की धारा 498-क (पत्नी पर पति की क्रूरता), धारा 326 (खतरनाक हथियारों से गंभीर चोट पहुंचाना) और धारा 344 (बंधक बनाकर रखना) के तहत मुकदमा चल रहा है।
एमवायएच की डॉ विभा मौजेस ने अदालत को बताया कि उन्होंने 16 जुलाई 2012 को अस्पताल में महिला के इलाज के दौरान पेशाब की नली लगाते समय देखा कि उसके गुप्तांग पर ताला लगा है।टिप्पणियां
डॉ विभा ने कहा, ‘जब इस ताले के बारे में मरीज से जानकारी ली गई, तो उसने बताया कि उसके पति ने चार साल पहले उसे गांजा पिलाकर बेहोश कर दिया था। इसके बाद पेंचकस (स्क्रू ड्राइवर) से छेद करके उसके गुप्तांग पर ताला लगा दिया था।’ अभियोजन की गवाह ने बताया कि उसने पुलिस की मुहैया कराई गई चाबी से महिला के गुप्तांग पर लगा ताला खोला।
महिला का पति फिलहाल न्यायिक हिरासत के तहत जेल में बंद है। उस पर भारतीय दंड विधान (आईपीसी) की धारा 498-क (पत्नी पर पति की क्रूरता), धारा 326 (खतरनाक हथियारों से गंभीर चोट पहुंचाना) और धारा 344 (बंधक बनाकर रखना) के तहत मुकदमा चल रहा है।
डॉ विभा ने कहा, ‘जब इस ताले के बारे में मरीज से जानकारी ली गई, तो उसने बताया कि उसके पति ने चार साल पहले उसे गांजा पिलाकर बेहोश कर दिया था। इसके बाद पेंचकस (स्क्रू ड्राइवर) से छेद करके उसके गुप्तांग पर ताला लगा दिया था।’ अभियोजन की गवाह ने बताया कि उसने पुलिस की मुहैया कराई गई चाबी से महिला के गुप्तांग पर लगा ताला खोला।
महिला का पति फिलहाल न्यायिक हिरासत के तहत जेल में बंद है। उस पर भारतीय दंड विधान (आईपीसी) की धारा 498-क (पत्नी पर पति की क्रूरता), धारा 326 (खतरनाक हथियारों से गंभीर चोट पहुंचाना) और धारा 344 (बंधक बनाकर रखना) के तहत मुकदमा चल रहा है।
महिला का पति फिलहाल न्यायिक हिरासत के तहत जेल में बंद है। उस पर भारतीय दंड विधान (आईपीसी) की धारा 498-क (पत्नी पर पति की क्रूरता), धारा 326 (खतरनाक हथियारों से गंभीर चोट पहुंचाना) और धारा 344 (बंधक बनाकर रखना) के तहत मुकदमा चल रहा है। | यह एक सारांश है: इस मामले में पीड़ित महिला अपने पति के खिलाफ लगाए गए संगीन आरोपों से इनकार करते हुए खुद के पुराने बयानों से मुकर गई जिसके बाद उसे मुकरी हुई गवाह घोषित कर दिया गया। | 16 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: दक्षिण अफ्रीका के एबी डिविलियर्स की छवि क्रिकेट मैदान के चारों ओर जोरदार स्ट्रोक लगाने वाले बल्लेबाज की है, लेकिन हाल में उनका एक अलग रूप भी सामने आया है. यह रूप है आईपीएल में आरसीबी के उनके कप्तान विराट कोहली के मददगार और दोस्त का. डिविलियर्स के अनुसार, विराट कोहली ने खेल के प्रति उनका जुनून बरकरार रखने में मदद की है. इसके साथ ही डिविलियर्स ने दावा किया कि उन्होंने आईपीएल टीम के अपने कप्तान की दबाव में शांत रहने की कला सीखने में मदद की.टिप्पणियां
कोहली और डिविलियर्स आईपीएल में रायल चैलेंजर्स बेंगलूर की ओर से खेलते हैं और उन्हें मैदान के बाहर भी अच्छा दोस्त माना जाता है. डिविलियर्स ने ‘ईएसपीएनक्रिकइंफो’ से कहा, ‘मैं उससे कुछ साल आगे हूं. मुझे लगता है कि मैं उसके समान हूं. हम दोनों ही खेल को काफी जुनून, ऊर्जा और अच्छे कौशल के साथ खेलते हैं, अपने खेल पर कड़ी मेहनत करते हैं और हार बिलकुल भी स्वीकार नहीं करते.’ उन्होंने कहा, ‘मुझे उसका जज्बा देखना पसंद है. वह मेरी अधिक उम्र में मुझे यह जज्बा दे रहा है.’दक्षिण अफ्रीका के इस स्टार ने दावा किया कि कोहली को शांत करने में उनका भी प्रभाव है. डिविलियर्स ने कहा, ‘उसने (विराट ने) जो चीज मुझसे सीखी है वह शायद कुछ हद तक चीजों को नियंत्रित करना, दबाव में शांत रहना और स्पष्ट तथा सही फैसले लेने के लिए कभी कभी जुनून को कुछ हद तक छिपाना शामिल है.’ उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि वह यह हासिल करने के काफी करीब हैं और शायद यह ऐसी चीज है जो उसने मुझमें देखी है.’
दक्षिण अफ्रीका के डिविलियर्स 10000 टेस्ट रन के आंकड़े के बहुत करीब हैं. वैसे, 8074 रन बनाने के बावजूद वह इसे बड़ी उपलब्धि नहीं मानते. पीठ में तकलीफ के कारण डिविलियर्स आईपीएल 10 में अभी नहीं खेल पा रहे हैं लेकिन उन्होंने कहा कि उन्हें 33 बरस की उम्र में भी चोट से उबरने में कोई समस्या नहीं है. उन्होंने कहा कि जब-जब मैं चोट के कारण बाहर हुआ हूं, मानसिक रूप से और मजबूत होकर मैंने वापसी की है.
कोहली और डिविलियर्स आईपीएल में रायल चैलेंजर्स बेंगलूर की ओर से खेलते हैं और उन्हें मैदान के बाहर भी अच्छा दोस्त माना जाता है. डिविलियर्स ने ‘ईएसपीएनक्रिकइंफो’ से कहा, ‘मैं उससे कुछ साल आगे हूं. मुझे लगता है कि मैं उसके समान हूं. हम दोनों ही खेल को काफी जुनून, ऊर्जा और अच्छे कौशल के साथ खेलते हैं, अपने खेल पर कड़ी मेहनत करते हैं और हार बिलकुल भी स्वीकार नहीं करते.’ उन्होंने कहा, ‘मुझे उसका जज्बा देखना पसंद है. वह मेरी अधिक उम्र में मुझे यह जज्बा दे रहा है.’दक्षिण अफ्रीका के इस स्टार ने दावा किया कि कोहली को शांत करने में उनका भी प्रभाव है. डिविलियर्स ने कहा, ‘उसने (विराट ने) जो चीज मुझसे सीखी है वह शायद कुछ हद तक चीजों को नियंत्रित करना, दबाव में शांत रहना और स्पष्ट तथा सही फैसले लेने के लिए कभी कभी जुनून को कुछ हद तक छिपाना शामिल है.’ उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि वह यह हासिल करने के काफी करीब हैं और शायद यह ऐसी चीज है जो उसने मुझमें देखी है.’
दक्षिण अफ्रीका के डिविलियर्स 10000 टेस्ट रन के आंकड़े के बहुत करीब हैं. वैसे, 8074 रन बनाने के बावजूद वह इसे बड़ी उपलब्धि नहीं मानते. पीठ में तकलीफ के कारण डिविलियर्स आईपीएल 10 में अभी नहीं खेल पा रहे हैं लेकिन उन्होंने कहा कि उन्हें 33 बरस की उम्र में भी चोट से उबरने में कोई समस्या नहीं है. उन्होंने कहा कि जब-जब मैं चोट के कारण बाहर हुआ हूं, मानसिक रूप से और मजबूत होकर मैंने वापसी की है.
दक्षिण अफ्रीका के डिविलियर्स 10000 टेस्ट रन के आंकड़े के बहुत करीब हैं. वैसे, 8074 रन बनाने के बावजूद वह इसे बड़ी उपलब्धि नहीं मानते. पीठ में तकलीफ के कारण डिविलियर्स आईपीएल 10 में अभी नहीं खेल पा रहे हैं लेकिन उन्होंने कहा कि उन्हें 33 बरस की उम्र में भी चोट से उबरने में कोई समस्या नहीं है. उन्होंने कहा कि जब-जब मैं चोट के कारण बाहर हुआ हूं, मानसिक रूप से और मजबूत होकर मैंने वापसी की है. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: एबी ने कहा, कोहली ने मुझे खेल का जुनून कायम रखने में मदद की
मैंने उन्हें कप्तानी के प्रेशर में शांत रहने की कला सीखने में सहायता की
एबी बोले, विराट और मैं खेल के प्रति जुनून के मामले में एक जैसे है | 32 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: राकांपा अध्यक्ष शरद पवार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में तय प्रोटोकॉल के अनुरूप सीट नहीं मिलने के कारण शामिल नहीं हुए. पार्टी ने गुरुवार को यह जानकारी दी. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के प्रवक्ता नवाब मलिक ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि पवार वरिष्ठ राष्ट्रीय नेता हैं और वह मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री के रूप में कार्य कर चुके हैं. उन्होंने कहा कि पवार के कार्यालय कर्मियों ने पाया कि पवार को बैठने के लिए जो सीट दी गई है वह प्रोटोकॉल के अनुसार नहीं है. इसलिए वह (शरद पवार) कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए. मीडिया रिपोर्टों के अनुसार इस 78 वर्षीय नेता को पांचवीं पंक्ति में सीट दी गई थी.
नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने गुरुवार को ऐतिहासिक जीत के बाद लगातार दूसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (Ram Nath Kovind) ने पीएम मोदी (PM Modi) को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. नई सरकार में पीएम मोदी सहित 25 कैबिनेट मंत्री, 9 राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार और 24 राज्य मंत्रियों ने शपथ ली.
बता दें कि लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election) में प्रचंड जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi Cabinet) ने दूसरे कार्यकाल के लिए शपथ लेने से पहले अपनी मंत्रिपरिषद को व्यवस्थित रूप देने के लिए BJP अध्यक्ष अमित शाह (Amit Shah) के साथ कई दौर की वार्ता की. पीएम मोदी के कैबिनेट में इस बार अनुभव के साथ ही युवा शक्ति पर भी जोर दिया गया है. पीएम मोदी और अमित शाह की बैठक के बाद संभावित मंत्रियों को फोन करके पीएम मोदी से मिलने के लिए बुलाया गया था. | संक्षिप्त पाठ: PM मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में नहीं दिखे पवार
आखिर किस बात थे नाराज
एनसीपी नेता ने बताया | 30 | ['hin'] |
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