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इस के लिए एक सारांश बनाएं: भगवान अयप्पा के दर्शन करने के बाद लौट रहे मुंबई के 76 वर्षीय श्रद्धालु का दिल का दौरा पड़ने से बुधवार को निधन हो गया. पुलिस ने बताया कि चेंबूर निवासी मृतक एम वी बालन को ‘डोली' पर ले जाया जा रहा था जब उन्होंने सीने में दर्द की शिकायत की. पुलिस ने बताया कि उन्हें आपात चिकित्सा केंद्र ले जाया गया और बाद में हृदय संबंधी केंद्र ले जाया गया लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी. सबरीमला में बुजुर्ग और शारीरिक रूप से अक्षम श्रद्धालुओं को पर्वत पर स्थित मंदिर तक ले जाने के लिए डोली व्यवस्था का इस्तेमाल किया जाता है.  इससे पहले सबरीमला (Sabarimala) मंदिर को शनिवार को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया. मंदिर के तंत्री (मुख्य पुरोहित) कंडरारू महेश मोहनरारू ने सुबह पांच बजे मंदिर के गर्भगृह के कपाट खोले और पूजा अर्चना की. केरल के पथनमथिट्टा जिले में पश्चिमी घाट के आरक्षित वन क्षेत्र में स्थित मंदिर में केरल, तमिलनाडु और अन्य पड़ोसी राज्यों के सैकड़ों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे.  इससे पहले सूत्रों के हवाले से खबर आई कि 10 महिलाओं को पंबा शहर से वापस भेज दिया गया. इससे पहले केरल सरकार ने मंदिर में दर्शन करने आ रही महिलाओं को सुरक्षा देने में असमर्थता जताई थी. सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को सबरीमला में सभी आयु वर्ग की महिलाओं के प्रवेश के मामले में दायर पुनर्विचार याचिका को बड़ी बेंच को सौंप दिया है. केरल के पथनमथिट्टा जिले में पश्चिमी घाट के आरक्षित वन क्षेत्र में स्थित मंदिर में केरल, तमिलनाडु और अन्य पड़ोसी राज्यों के सैकड़ों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे. तंत्री के ‘पदी पूजा' करने के बाद श्रद्धालु, जिन्हें दो बजे दोपहर को पहाड़ी पर चढ़ने की अनुमति दी गई, वे इरुमुडीकेट्टू (प्रसाद की पवित्र पोटली) के साथ मंदिर के पवित्र 18 सोपन पर चढ़ कर भगवान अयप्पा के दर्शन कर सकेंगे.  नए तंत्री एके सुधीर नम्बूदिरी (सबरीमाल) और एमएस परमेश्वरन नम्बूदिरी (मलिकापुरम) ने बाद में पूजापाठ की जिम्मेदारी ली.
संक्षिप्त सारांश: सबरीमला में दर्शन करने गया था मुंबई का श्रद्धालु दिल का दौरा पड़ने से बुधवार को हुआ निधन मृतक की पहचान एम वी बालन के रूप में हुई
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: कुमार ने कहा, "तेल की ऊंची कीमत अर्थव्यवस्था पर एक प्रकार का कर है. अगर तेल की कीमतें घटेंगी तो आर्थिक गतिविधियों में भी सुधार होगा." गौरतलब है कि पिछले साल वित्तमंत्री अरुण जेटली ने राज्यसभा में कहा था कि राज्यों के साथ सर्वसम्मति बनाने के बाद केंद्र सरकार पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के दायरे में लाना चाहती है. इसी साल अप्रैल में अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में भारी तेजी आने पर जब पेट्रोल की कीमत घरेलू बाजार में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी, भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह ने मुंबई में एक रैली के दौरान कहा था कि पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने के प्रयास किए जा रहे हैं.  सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से लेकर पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेद्र प्रधान समेत भाजपा के सभी वरिष्ठ मंत्रियों ने पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के दायरे में लाने की वकालत की है.    (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त पाठ: नीति आयोग के उपाध्यक्ष हैं राजीव कुमार राज्यों को वैट घटाने की सलाह दी 'जीएसटी की एक नई पट्टी बनानी होगी'
27
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने 30 जून से आठ जून के बीच शेयर बाजारों में 1.2 अरब डॉलर से अधिक की खरीदारी की। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड से उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक एफआईआई इस दौरान भारतीय शेयर बाजार के सबसे बड़े निवेशकों में रहे। प्रमुख सूचकांकों में शामिल शेयरों में हालांकि मुनाफा वसूली के कारण शुक्रवार को समाप्त में मामूली वृद्धि ही रही। शुक्रवार को समाप्त साप्ताहिक कारोबार में बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 0.5 फीसदी या 95.24 अंकों की मामूली वृद्धि के साथ 18,858.04 पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी 0.6 फीसदी या 33.45 अंकों की वृद्धि के साथ 5,660.65 पर बंद हुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों का प्रदर्शन इस सप्ताह काफी बेहतर रहा। मिडकैप में 1.37 फीसदी और स्मॉलकैप में 1.83 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने 30 जून से आठ जून के बीच शेयर बाजारों में 1.2 अरब डॉलर से अधिक की खरीदारी की।
11
['hin']
एक सारांश बनाओ: नसीरुद्दीन शाह द्वारा राजेश खन्ना पर दिए गए ब्यान से काका की पत्नी डिंपल कपाड़िया भी दुखी हुई हैं और उन्हें भी बुरा लगा है। काका की बेटी ट्विंकल खन्ना के बाद अब उनकी पत्नी डिंपल कपाड़िया खड़ी हो गईं हैं और नसीरुद्दीन शाह की टिप्पणी का जवाब दिया है। डिंपल कपाड़िया ने कहा है, "मैं सिर्फ इतना कहना चाहती हूं कि मुझे मालूम है कि हर किसी के पास बोलने या अपनी राय रखने की आज़ादी है। उस आदमी (राजेश खन्ना) का फ़िल्मी सफ़र और उसकी फिल्मों की विरासत उसके बारे में बहुत कुछ बोलती है। मुझे ये बताने की ज़रूरत नहीं कि उन्होंने हिंदी सिनेमा के लिए क्या योगदान दिया है। उनके योगदान को दुनिया जानती है, हम जानते हैं और लाखों फैन जानते हैं।" आपको बता दें कि नसीर ने फिल्मों के स्तर को गिरने के लिए राजेश खन्ना को जिम्मेदार ठहराया था। उन्होंने कहा था, 'यह 70 का दशक था जब हिंदी फिल्मों का स्तर औसत हो गया था। यह उस समय की बात है जब राजेश खन्ना ने बॉलीवुड में अपना कदम रखा था। वह बहुत सफल हुए, लेकिन मेरे लिए उनका अभिनय काफी सीमित था। वास्तव में वह एक 'कमजोर अभिनेता' थे। मैं जितने लोगों से मिला हूं, उनमें से बौद्धिक तौर पर वह मुझे सबसे कम जागरुक लगे। फिर उनके साधारण अभिनय की छाप पूरे बॉलीवुड पर पड़ गई।' उसके बाद शनिवार को ट्विंकल खन्ना ने नसीरुद्दीन शाह के उस बयान पर नाराज़गी जताई थी जिसमें उन्होंने सुपर स्टार माने जाने वाले राजेश खन्ना को 'कमज़ोर' अभिनेता कह दिया था। ट्विंकल ने ट्वीट करके शाह से कहा था कि उन्हें कम से कम गुज़र चुके लोगों का लिहाज़ करना था।टिप्पणियां एक दिन बात ट्विंकल ने एक और ट्वीट किया था जिसमें उन्होंने शाह को राजेश खन्ना की सफल फिल्में याद दिलाई। साथ ही उन्होंने इस मसले पर उनका साथ देने वालों का शुक्रिया भी अदा किया था। हालांकि बाद में नसीरुद्दीन शाह ने माफ़ी भी मांगी थी जिसमें कहा कि मैं माफ़ी मांगना चाहता हूं जो मेरी बात से निजी तौर पर आहत हुए हैं, मेरा इरादा उनको (राजेश खन्ना) निशाना बनाने का नहीं था।' डिंपल कपाड़िया ने कहा है, "मैं सिर्फ इतना कहना चाहती हूं कि मुझे मालूम है कि हर किसी के पास बोलने या अपनी राय रखने की आज़ादी है। उस आदमी (राजेश खन्ना) का फ़िल्मी सफ़र और उसकी फिल्मों की विरासत उसके बारे में बहुत कुछ बोलती है। मुझे ये बताने की ज़रूरत नहीं कि उन्होंने हिंदी सिनेमा के लिए क्या योगदान दिया है। उनके योगदान को दुनिया जानती है, हम जानते हैं और लाखों फैन जानते हैं।" आपको बता दें कि नसीर ने फिल्मों के स्तर को गिरने के लिए राजेश खन्ना को जिम्मेदार ठहराया था। उन्होंने कहा था, 'यह 70 का दशक था जब हिंदी फिल्मों का स्तर औसत हो गया था। यह उस समय की बात है जब राजेश खन्ना ने बॉलीवुड में अपना कदम रखा था। वह बहुत सफल हुए, लेकिन मेरे लिए उनका अभिनय काफी सीमित था। वास्तव में वह एक 'कमजोर अभिनेता' थे। मैं जितने लोगों से मिला हूं, उनमें से बौद्धिक तौर पर वह मुझे सबसे कम जागरुक लगे। फिर उनके साधारण अभिनय की छाप पूरे बॉलीवुड पर पड़ गई।' उसके बाद शनिवार को ट्विंकल खन्ना ने नसीरुद्दीन शाह के उस बयान पर नाराज़गी जताई थी जिसमें उन्होंने सुपर स्टार माने जाने वाले राजेश खन्ना को 'कमज़ोर' अभिनेता कह दिया था। ट्विंकल ने ट्वीट करके शाह से कहा था कि उन्हें कम से कम गुज़र चुके लोगों का लिहाज़ करना था।टिप्पणियां एक दिन बात ट्विंकल ने एक और ट्वीट किया था जिसमें उन्होंने शाह को राजेश खन्ना की सफल फिल्में याद दिलाई। साथ ही उन्होंने इस मसले पर उनका साथ देने वालों का शुक्रिया भी अदा किया था। हालांकि बाद में नसीरुद्दीन शाह ने माफ़ी भी मांगी थी जिसमें कहा कि मैं माफ़ी मांगना चाहता हूं जो मेरी बात से निजी तौर पर आहत हुए हैं, मेरा इरादा उनको (राजेश खन्ना) निशाना बनाने का नहीं था।' आपको बता दें कि नसीर ने फिल्मों के स्तर को गिरने के लिए राजेश खन्ना को जिम्मेदार ठहराया था। उन्होंने कहा था, 'यह 70 का दशक था जब हिंदी फिल्मों का स्तर औसत हो गया था। यह उस समय की बात है जब राजेश खन्ना ने बॉलीवुड में अपना कदम रखा था। वह बहुत सफल हुए, लेकिन मेरे लिए उनका अभिनय काफी सीमित था। वास्तव में वह एक 'कमजोर अभिनेता' थे। मैं जितने लोगों से मिला हूं, उनमें से बौद्धिक तौर पर वह मुझे सबसे कम जागरुक लगे। फिर उनके साधारण अभिनय की छाप पूरे बॉलीवुड पर पड़ गई।' उसके बाद शनिवार को ट्विंकल खन्ना ने नसीरुद्दीन शाह के उस बयान पर नाराज़गी जताई थी जिसमें उन्होंने सुपर स्टार माने जाने वाले राजेश खन्ना को 'कमज़ोर' अभिनेता कह दिया था। ट्विंकल ने ट्वीट करके शाह से कहा था कि उन्हें कम से कम गुज़र चुके लोगों का लिहाज़ करना था।टिप्पणियां एक दिन बात ट्विंकल ने एक और ट्वीट किया था जिसमें उन्होंने शाह को राजेश खन्ना की सफल फिल्में याद दिलाई। साथ ही उन्होंने इस मसले पर उनका साथ देने वालों का शुक्रिया भी अदा किया था। हालांकि बाद में नसीरुद्दीन शाह ने माफ़ी भी मांगी थी जिसमें कहा कि मैं माफ़ी मांगना चाहता हूं जो मेरी बात से निजी तौर पर आहत हुए हैं, मेरा इरादा उनको (राजेश खन्ना) निशाना बनाने का नहीं था।' उसके बाद शनिवार को ट्विंकल खन्ना ने नसीरुद्दीन शाह के उस बयान पर नाराज़गी जताई थी जिसमें उन्होंने सुपर स्टार माने जाने वाले राजेश खन्ना को 'कमज़ोर' अभिनेता कह दिया था। ट्विंकल ने ट्वीट करके शाह से कहा था कि उन्हें कम से कम गुज़र चुके लोगों का लिहाज़ करना था।टिप्पणियां एक दिन बात ट्विंकल ने एक और ट्वीट किया था जिसमें उन्होंने शाह को राजेश खन्ना की सफल फिल्में याद दिलाई। साथ ही उन्होंने इस मसले पर उनका साथ देने वालों का शुक्रिया भी अदा किया था। हालांकि बाद में नसीरुद्दीन शाह ने माफ़ी भी मांगी थी जिसमें कहा कि मैं माफ़ी मांगना चाहता हूं जो मेरी बात से निजी तौर पर आहत हुए हैं, मेरा इरादा उनको (राजेश खन्ना) निशाना बनाने का नहीं था।' एक दिन बात ट्विंकल ने एक और ट्वीट किया था जिसमें उन्होंने शाह को राजेश खन्ना की सफल फिल्में याद दिलाई। साथ ही उन्होंने इस मसले पर उनका साथ देने वालों का शुक्रिया भी अदा किया था। हालांकि बाद में नसीरुद्दीन शाह ने माफ़ी भी मांगी थी जिसमें कहा कि मैं माफ़ी मांगना चाहता हूं जो मेरी बात से निजी तौर पर आहत हुए हैं, मेरा इरादा उनको (राजेश खन्ना) निशाना बनाने का नहीं था।' हालांकि बाद में नसीरुद्दीन शाह ने माफ़ी भी मांगी थी जिसमें कहा कि मैं माफ़ी मांगना चाहता हूं जो मेरी बात से निजी तौर पर आहत हुए हैं, मेरा इरादा उनको (राजेश खन्ना) निशाना बनाने का नहीं था।'
यहाँ एक सारांश है:शाह के बयान से डिंपल भी दुखी काका के बचाव में खड़ी हुईं नसीर को अपने अंदाज में दिया जवाब
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: वरिष्ठ सूत्रों के हवाले से खबर है कि मीटिंग में तमाम अलाउंसेस को लेकर चर्चा हुई लेकिन, इसका कोई फायदा नहीं हुआ. यानि कोई सकारात्मक हल अभी तक हुई बैठकों में निकलकर सामने नहीं आया है. सूत्रों का कहना है कि जहां कर्मचारी संगठन वेतन आयोग (पे कमिशन) की रिपोर्ट के अनुसार ही पेंशन से जुड़ी समस्या का समाधान चाहते हैं वहीं, सरकार की ओर से कहा जा रहा है कि उनके पास बढ़िया विकल्प है. फिलहाल सरकार ने अभी तक इस बारे में कर्मचारी नेताओं से ज्यादा कुछ नहीं कहा है. उधर, खबर है कि न्यूनतम वेतनमान का मुद्दा 24 तारीख को होने वाली संबंधित कमेटी की बैठक में रखा जाएगा. इस दिन बैठक के लिए यह मुद्दा निर्धारित किया गया है. वहीं 25 अक्टूबर को डीओपीटी के सचिव की अध्यक्षता में गठित स्टैंडिंग कमेटी की बैठक होगी. (सातवां वेतन आयोग : सरकार और कर्मचारी नेताओं में अलाउंसे-पेंशन पर हुई यह बातचीत) जानकारी के अनुसार वेतन आयोग (पे कमीशन) से जुड़े तमाम मुद्दों के हल के लिए कर्मचारी संगठन की मांग है कि सरकार गुलजारी लाल नंदा के कार्यकाल में बनी नेगोशिएशन मशीनरी को पुन: कार्यान्वित करे. गुलजारी लाल नंदा ने बतौर कैबिनेट मंत्री एक जेसीएम (ज्वाइंट कंसेल्टिंग मशीनरी) का गठन किया था. यह केंद्रीय कर्मचारियों की मशीनरी थी. कर्मचारी नेताओं का मानना है कि उस दौरान केंद्रीय कर्मचारियों की समस्याओं से जुड़े मुद्दों के हल के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी. इस प्रकार के सिस्टम की फिर से जरूरत महसूस की जा रही है. नंदा के कार्यकाल में इस प्रकार की समिति का प्रमुख कैबिनेट सेक्रेटरी हुआ करता था. (सातवें वेतन आयोग से संबंधित गजट नोटिफिकेशन की सबसे महत्वपूर्ण 17 बातें) सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट की रिपोर्ट 1 जनवरी 2016 से लागू हो गई है और करीब दो महीनों से केंद्रीय कर्मचारियों को इसके अनुसार बढ़ा हुआ वेतन मिलने भी लगा है, लेकिन अभी कर्मचारियों में इसके लेकर उतनी खुशी नहीं है. कई कर्मचारियों का कहना है कि अभी तक ऐसा नहीं लग रहा है जैसे वेतन आयोग की रिपोर्ट लागू हो गई है. (सातवां वेतन आयोग : गजट नोटिफिकेशन की 7 जरूरी बातें) इसके पीछे का सबसे बड़ा कारण अलाउंसेस को लेकर बना असमंजस है. पहले केंद्रीय कर्मचारी 196 किस्म के अलाउंसेस के हकदार थे. लेकिन सातवें वेतन आयोग ने कई अलाउंसेस को समाप्त कर दिया या फिर उन्हें मिला दिया जिसके बाद केवल 55 अलाउंस बाकी रह गए. तमाम कर्मचारियों को कई अलाउंस समाप्त होने का मलाल है. क्योंकि कई अलाउंस अभी तक लागू नहीं हुए और कर्मचारियों को उसका सीधा लाभ नहीं मिला है तो कर्मचारियों को लग रहा है कि वेतन आयोग की रिपोर्ट अभी लागू नहीं हुई है. (सातवां वेतन आयोग : बन गई हर जरूरी समिति, कर्मचारी यूनियन नेताओं से शुरू हुआ बातचीत का दौर)टिप्पणियां उधर, कर्मचारी नेताओं का कहना है कि वह स्टैंडिंग कमेटी की अगली बैठक में इस मुद्दे पर सरकार पर दबाव बनाएंगे. बता दें कि सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट से कर्मचारियों को कई शिकायतें रही हैं और ऐसे में केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने अपने कर्मचारियों की शिकायतों को दूर करने के लिए संबंधित मंत्रालय और वित्तमंत्रालय के अधीन समितियों का गठन किया है. ये समितियां कर्मचारी नेताओं से बात कर रही हैं और इस समितियों को अपना फैसला चार महीने में सरकार को देना है. (सातवां वेतन आयोग : रेलवे के अधिकारियों की नाराज़गी अब भी बरकरार, पढ़ें क्यों) सूत्रों का कहना है कि जहां कर्मचारी संगठन वेतन आयोग (पे कमिशन) की रिपोर्ट के अनुसार ही पेंशन से जुड़ी समस्या का समाधान चाहते हैं वहीं, सरकार की ओर से कहा जा रहा है कि उनके पास बढ़िया विकल्प है. फिलहाल सरकार ने अभी तक इस बारे में कर्मचारी नेताओं से ज्यादा कुछ नहीं कहा है. उधर, खबर है कि न्यूनतम वेतनमान का मुद्दा 24 तारीख को होने वाली संबंधित कमेटी की बैठक में रखा जाएगा. इस दिन बैठक के लिए यह मुद्दा निर्धारित किया गया है. वहीं 25 अक्टूबर को डीओपीटी के सचिव की अध्यक्षता में गठित स्टैंडिंग कमेटी की बैठक होगी. (सातवां वेतन आयोग : सरकार और कर्मचारी नेताओं में अलाउंसे-पेंशन पर हुई यह बातचीत) जानकारी के अनुसार वेतन आयोग (पे कमीशन) से जुड़े तमाम मुद्दों के हल के लिए कर्मचारी संगठन की मांग है कि सरकार गुलजारी लाल नंदा के कार्यकाल में बनी नेगोशिएशन मशीनरी को पुन: कार्यान्वित करे. गुलजारी लाल नंदा ने बतौर कैबिनेट मंत्री एक जेसीएम (ज्वाइंट कंसेल्टिंग मशीनरी) का गठन किया था. यह केंद्रीय कर्मचारियों की मशीनरी थी. कर्मचारी नेताओं का मानना है कि उस दौरान केंद्रीय कर्मचारियों की समस्याओं से जुड़े मुद्दों के हल के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी. इस प्रकार के सिस्टम की फिर से जरूरत महसूस की जा रही है. नंदा के कार्यकाल में इस प्रकार की समिति का प्रमुख कैबिनेट सेक्रेटरी हुआ करता था. (सातवें वेतन आयोग से संबंधित गजट नोटिफिकेशन की सबसे महत्वपूर्ण 17 बातें) सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट की रिपोर्ट 1 जनवरी 2016 से लागू हो गई है और करीब दो महीनों से केंद्रीय कर्मचारियों को इसके अनुसार बढ़ा हुआ वेतन मिलने भी लगा है, लेकिन अभी कर्मचारियों में इसके लेकर उतनी खुशी नहीं है. कई कर्मचारियों का कहना है कि अभी तक ऐसा नहीं लग रहा है जैसे वेतन आयोग की रिपोर्ट लागू हो गई है. (सातवां वेतन आयोग : गजट नोटिफिकेशन की 7 जरूरी बातें) इसके पीछे का सबसे बड़ा कारण अलाउंसेस को लेकर बना असमंजस है. पहले केंद्रीय कर्मचारी 196 किस्म के अलाउंसेस के हकदार थे. लेकिन सातवें वेतन आयोग ने कई अलाउंसेस को समाप्त कर दिया या फिर उन्हें मिला दिया जिसके बाद केवल 55 अलाउंस बाकी रह गए. तमाम कर्मचारियों को कई अलाउंस समाप्त होने का मलाल है. क्योंकि कई अलाउंस अभी तक लागू नहीं हुए और कर्मचारियों को उसका सीधा लाभ नहीं मिला है तो कर्मचारियों को लग रहा है कि वेतन आयोग की रिपोर्ट अभी लागू नहीं हुई है. (सातवां वेतन आयोग : बन गई हर जरूरी समिति, कर्मचारी यूनियन नेताओं से शुरू हुआ बातचीत का दौर)टिप्पणियां उधर, कर्मचारी नेताओं का कहना है कि वह स्टैंडिंग कमेटी की अगली बैठक में इस मुद्दे पर सरकार पर दबाव बनाएंगे. बता दें कि सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट से कर्मचारियों को कई शिकायतें रही हैं और ऐसे में केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने अपने कर्मचारियों की शिकायतों को दूर करने के लिए संबंधित मंत्रालय और वित्तमंत्रालय के अधीन समितियों का गठन किया है. ये समितियां कर्मचारी नेताओं से बात कर रही हैं और इस समितियों को अपना फैसला चार महीने में सरकार को देना है. (सातवां वेतन आयोग : रेलवे के अधिकारियों की नाराज़गी अब भी बरकरार, पढ़ें क्यों) उधर, खबर है कि न्यूनतम वेतनमान का मुद्दा 24 तारीख को होने वाली संबंधित कमेटी की बैठक में रखा जाएगा. इस दिन बैठक के लिए यह मुद्दा निर्धारित किया गया है. वहीं 25 अक्टूबर को डीओपीटी के सचिव की अध्यक्षता में गठित स्टैंडिंग कमेटी की बैठक होगी. (सातवां वेतन आयोग : सरकार और कर्मचारी नेताओं में अलाउंसे-पेंशन पर हुई यह बातचीत) जानकारी के अनुसार वेतन आयोग (पे कमीशन) से जुड़े तमाम मुद्दों के हल के लिए कर्मचारी संगठन की मांग है कि सरकार गुलजारी लाल नंदा के कार्यकाल में बनी नेगोशिएशन मशीनरी को पुन: कार्यान्वित करे. गुलजारी लाल नंदा ने बतौर कैबिनेट मंत्री एक जेसीएम (ज्वाइंट कंसेल्टिंग मशीनरी) का गठन किया था. यह केंद्रीय कर्मचारियों की मशीनरी थी. कर्मचारी नेताओं का मानना है कि उस दौरान केंद्रीय कर्मचारियों की समस्याओं से जुड़े मुद्दों के हल के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी. इस प्रकार के सिस्टम की फिर से जरूरत महसूस की जा रही है. नंदा के कार्यकाल में इस प्रकार की समिति का प्रमुख कैबिनेट सेक्रेटरी हुआ करता था. (सातवें वेतन आयोग से संबंधित गजट नोटिफिकेशन की सबसे महत्वपूर्ण 17 बातें) सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट की रिपोर्ट 1 जनवरी 2016 से लागू हो गई है और करीब दो महीनों से केंद्रीय कर्मचारियों को इसके अनुसार बढ़ा हुआ वेतन मिलने भी लगा है, लेकिन अभी कर्मचारियों में इसके लेकर उतनी खुशी नहीं है. कई कर्मचारियों का कहना है कि अभी तक ऐसा नहीं लग रहा है जैसे वेतन आयोग की रिपोर्ट लागू हो गई है. (सातवां वेतन आयोग : गजट नोटिफिकेशन की 7 जरूरी बातें) इसके पीछे का सबसे बड़ा कारण अलाउंसेस को लेकर बना असमंजस है. पहले केंद्रीय कर्मचारी 196 किस्म के अलाउंसेस के हकदार थे. लेकिन सातवें वेतन आयोग ने कई अलाउंसेस को समाप्त कर दिया या फिर उन्हें मिला दिया जिसके बाद केवल 55 अलाउंस बाकी रह गए. तमाम कर्मचारियों को कई अलाउंस समाप्त होने का मलाल है. क्योंकि कई अलाउंस अभी तक लागू नहीं हुए और कर्मचारियों को उसका सीधा लाभ नहीं मिला है तो कर्मचारियों को लग रहा है कि वेतन आयोग की रिपोर्ट अभी लागू नहीं हुई है. (सातवां वेतन आयोग : बन गई हर जरूरी समिति, कर्मचारी यूनियन नेताओं से शुरू हुआ बातचीत का दौर)टिप्पणियां उधर, कर्मचारी नेताओं का कहना है कि वह स्टैंडिंग कमेटी की अगली बैठक में इस मुद्दे पर सरकार पर दबाव बनाएंगे. बता दें कि सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट से कर्मचारियों को कई शिकायतें रही हैं और ऐसे में केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने अपने कर्मचारियों की शिकायतों को दूर करने के लिए संबंधित मंत्रालय और वित्तमंत्रालय के अधीन समितियों का गठन किया है. ये समितियां कर्मचारी नेताओं से बात कर रही हैं और इस समितियों को अपना फैसला चार महीने में सरकार को देना है. (सातवां वेतन आयोग : रेलवे के अधिकारियों की नाराज़गी अब भी बरकरार, पढ़ें क्यों) जानकारी के अनुसार वेतन आयोग (पे कमीशन) से जुड़े तमाम मुद्दों के हल के लिए कर्मचारी संगठन की मांग है कि सरकार गुलजारी लाल नंदा के कार्यकाल में बनी नेगोशिएशन मशीनरी को पुन: कार्यान्वित करे. गुलजारी लाल नंदा ने बतौर कैबिनेट मंत्री एक जेसीएम (ज्वाइंट कंसेल्टिंग मशीनरी) का गठन किया था. यह केंद्रीय कर्मचारियों की मशीनरी थी. कर्मचारी नेताओं का मानना है कि उस दौरान केंद्रीय कर्मचारियों की समस्याओं से जुड़े मुद्दों के हल के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी. इस प्रकार के सिस्टम की फिर से जरूरत महसूस की जा रही है. नंदा के कार्यकाल में इस प्रकार की समिति का प्रमुख कैबिनेट सेक्रेटरी हुआ करता था. (सातवें वेतन आयोग से संबंधित गजट नोटिफिकेशन की सबसे महत्वपूर्ण 17 बातें) सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट की रिपोर्ट 1 जनवरी 2016 से लागू हो गई है और करीब दो महीनों से केंद्रीय कर्मचारियों को इसके अनुसार बढ़ा हुआ वेतन मिलने भी लगा है, लेकिन अभी कर्मचारियों में इसके लेकर उतनी खुशी नहीं है. कई कर्मचारियों का कहना है कि अभी तक ऐसा नहीं लग रहा है जैसे वेतन आयोग की रिपोर्ट लागू हो गई है. (सातवां वेतन आयोग : गजट नोटिफिकेशन की 7 जरूरी बातें) इसके पीछे का सबसे बड़ा कारण अलाउंसेस को लेकर बना असमंजस है. पहले केंद्रीय कर्मचारी 196 किस्म के अलाउंसेस के हकदार थे. लेकिन सातवें वेतन आयोग ने कई अलाउंसेस को समाप्त कर दिया या फिर उन्हें मिला दिया जिसके बाद केवल 55 अलाउंस बाकी रह गए. तमाम कर्मचारियों को कई अलाउंस समाप्त होने का मलाल है. क्योंकि कई अलाउंस अभी तक लागू नहीं हुए और कर्मचारियों को उसका सीधा लाभ नहीं मिला है तो कर्मचारियों को लग रहा है कि वेतन आयोग की रिपोर्ट अभी लागू नहीं हुई है. (सातवां वेतन आयोग : बन गई हर जरूरी समिति, कर्मचारी यूनियन नेताओं से शुरू हुआ बातचीत का दौर)टिप्पणियां उधर, कर्मचारी नेताओं का कहना है कि वह स्टैंडिंग कमेटी की अगली बैठक में इस मुद्दे पर सरकार पर दबाव बनाएंगे. बता दें कि सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट से कर्मचारियों को कई शिकायतें रही हैं और ऐसे में केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने अपने कर्मचारियों की शिकायतों को दूर करने के लिए संबंधित मंत्रालय और वित्तमंत्रालय के अधीन समितियों का गठन किया है. ये समितियां कर्मचारी नेताओं से बात कर रही हैं और इस समितियों को अपना फैसला चार महीने में सरकार को देना है. (सातवां वेतन आयोग : रेलवे के अधिकारियों की नाराज़गी अब भी बरकरार, पढ़ें क्यों) सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट की रिपोर्ट 1 जनवरी 2016 से लागू हो गई है और करीब दो महीनों से केंद्रीय कर्मचारियों को इसके अनुसार बढ़ा हुआ वेतन मिलने भी लगा है, लेकिन अभी कर्मचारियों में इसके लेकर उतनी खुशी नहीं है. कई कर्मचारियों का कहना है कि अभी तक ऐसा नहीं लग रहा है जैसे वेतन आयोग की रिपोर्ट लागू हो गई है. (सातवां वेतन आयोग : गजट नोटिफिकेशन की 7 जरूरी बातें) इसके पीछे का सबसे बड़ा कारण अलाउंसेस को लेकर बना असमंजस है. पहले केंद्रीय कर्मचारी 196 किस्म के अलाउंसेस के हकदार थे. लेकिन सातवें वेतन आयोग ने कई अलाउंसेस को समाप्त कर दिया या फिर उन्हें मिला दिया जिसके बाद केवल 55 अलाउंस बाकी रह गए. तमाम कर्मचारियों को कई अलाउंस समाप्त होने का मलाल है. क्योंकि कई अलाउंस अभी तक लागू नहीं हुए और कर्मचारियों को उसका सीधा लाभ नहीं मिला है तो कर्मचारियों को लग रहा है कि वेतन आयोग की रिपोर्ट अभी लागू नहीं हुई है. (सातवां वेतन आयोग : बन गई हर जरूरी समिति, कर्मचारी यूनियन नेताओं से शुरू हुआ बातचीत का दौर)टिप्पणियां उधर, कर्मचारी नेताओं का कहना है कि वह स्टैंडिंग कमेटी की अगली बैठक में इस मुद्दे पर सरकार पर दबाव बनाएंगे. बता दें कि सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट से कर्मचारियों को कई शिकायतें रही हैं और ऐसे में केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने अपने कर्मचारियों की शिकायतों को दूर करने के लिए संबंधित मंत्रालय और वित्तमंत्रालय के अधीन समितियों का गठन किया है. ये समितियां कर्मचारी नेताओं से बात कर रही हैं और इस समितियों को अपना फैसला चार महीने में सरकार को देना है. (सातवां वेतन आयोग : रेलवे के अधिकारियों की नाराज़गी अब भी बरकरार, पढ़ें क्यों) इसके पीछे का सबसे बड़ा कारण अलाउंसेस को लेकर बना असमंजस है. पहले केंद्रीय कर्मचारी 196 किस्म के अलाउंसेस के हकदार थे. लेकिन सातवें वेतन आयोग ने कई अलाउंसेस को समाप्त कर दिया या फिर उन्हें मिला दिया जिसके बाद केवल 55 अलाउंस बाकी रह गए. तमाम कर्मचारियों को कई अलाउंस समाप्त होने का मलाल है. क्योंकि कई अलाउंस अभी तक लागू नहीं हुए और कर्मचारियों को उसका सीधा लाभ नहीं मिला है तो कर्मचारियों को लग रहा है कि वेतन आयोग की रिपोर्ट अभी लागू नहीं हुई है. (सातवां वेतन आयोग : बन गई हर जरूरी समिति, कर्मचारी यूनियन नेताओं से शुरू हुआ बातचीत का दौर)टिप्पणियां उधर, कर्मचारी नेताओं का कहना है कि वह स्टैंडिंग कमेटी की अगली बैठक में इस मुद्दे पर सरकार पर दबाव बनाएंगे. बता दें कि सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट से कर्मचारियों को कई शिकायतें रही हैं और ऐसे में केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने अपने कर्मचारियों की शिकायतों को दूर करने के लिए संबंधित मंत्रालय और वित्तमंत्रालय के अधीन समितियों का गठन किया है. ये समितियां कर्मचारी नेताओं से बात कर रही हैं और इस समितियों को अपना फैसला चार महीने में सरकार को देना है. (सातवां वेतन आयोग : रेलवे के अधिकारियों की नाराज़गी अब भी बरकरार, पढ़ें क्यों) उधर, कर्मचारी नेताओं का कहना है कि वह स्टैंडिंग कमेटी की अगली बैठक में इस मुद्दे पर सरकार पर दबाव बनाएंगे. बता दें कि सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट से कर्मचारियों को कई शिकायतें रही हैं और ऐसे में केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने अपने कर्मचारियों की शिकायतों को दूर करने के लिए संबंधित मंत्रालय और वित्तमंत्रालय के अधीन समितियों का गठन किया है. ये समितियां कर्मचारी नेताओं से बात कर रही हैं और इस समितियों को अपना फैसला चार महीने में सरकार को देना है. (सातवां वेतन आयोग : रेलवे के अधिकारियों की नाराज़गी अब भी बरकरार, पढ़ें क्यों) बता दें कि सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट से कर्मचारियों को कई शिकायतें रही हैं और ऐसे में केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने अपने कर्मचारियों की शिकायतों को दूर करने के लिए संबंधित मंत्रालय और वित्तमंत्रालय के अधीन समितियों का गठन किया है. ये समितियां कर्मचारी नेताओं से बात कर रही हैं और इस समितियों को अपना फैसला चार महीने में सरकार को देना है. (सातवां वेतन आयोग : रेलवे के अधिकारियों की नाराज़गी अब भी बरकरार, पढ़ें क्यों)
यह एक सारांश है: वेतन आयोग की रिपोर्ट के अनुसार बढ़ा हुआ वेतन मिलने लगा है सोमवार को पेंशन की समस्या से जुड़ी समिति की बैठक हुई मीटिंग में तमाम अलाउंसेस को लेकर चर्चा हुई लेकिन, कोई फायदा नहीं हुआ
24
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: ऑस्ट्रेलिया के दो रेडियो जॉकी ने ब्रिटेन के किंग एडवर्ड सप्तम अस्ताल में कार्यरत भारतीय नर्स की मौत पर दुख जताया है, जिसने उन्हें शाही परिवार का सदस्य समझकर अस्पताल में भर्ती डचेस ऑफ कैम्ब्रिज (केट मिडलटन) के स्वास्थ्य से सम्बंधित जानकारी के लिए उनकी फोन कॉल दूसरी नर्स को स्थानांतरित कर दी थी। इसी फोन कॉल से केट के गर्भवती होने का खुलासा हुआ। 2डे एफएम रेडियो के जॉकी माइकल क्रिश्चियन और मेल ग्रेग ने 46 वर्षीया नर्स जैसिन्था सैल्दान्हा की मौत को दुखद बताया। दो बच्चों की मां 46 वर्षीया सैल्दान्हा शुक्रवार को किंग एडवर्ड सप्तम अस्पताल के क्वार्टर में अचेतावस्था में मिली थी, जहां वह वरिष्ठ नर्स के रूप में काम करती थी। सैल्दान्हा को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सिडनी रेडियो स्टेशन के दो रेडियो जॉकी ने चार दिसम्बर को सुबह 5.30 बजे अस्पताल में फोन किया था। उस वक्त रिसेप्शनिस्ट नहीं थी, जिसके कारण सैल्दान्हा ने ही फोन उठाया। उन्होंने फोन कॉल ड्यूटी पर तैनात एक अन्य नर्स को स्थानांतरित कर दिया, जिन्होंने दोनों रेडियो जॉकी को डचेस ऑफ कैम्ब्रिज (केट मिडलटन) के बारे में जानकारी दी। केट को 3 दिसम्बर को सुबह कमजोरी की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इस फर्जी फोन कॉल के खुलासे के बाद ब्रिटेन का शाही परिवार हैरान रह गया था। इसे लेकर ब्रिटिश मीडिया ने नाराजगी व्यक्त की।टिप्पणियां 'अ करंट अफेयर' के प्रस्तोता ट्रेसी ग्रिमसॉ ने जब साक्षात्कार के दौरान रेडियो जॉकी से पूछा कि फर्जी फोन करने विचार किसके दिमाग की उपज थी, तो क्रिश्चियन ने कहा कि यह विचार मजाकवश दिमाग में आया। यह पूछे जाने पर कि जब उन्हें सैल्दान्हा की मौत के बारे में पता चला तो उनकी प्रतिक्रिया क्या थी, दोनों रेडियो जॉकी रो पड़े। उन्होंने कहा, हम दुखी हैं, हमारी सहानुभूति उनके परिवार तथा मित्रों के साथ है। 2डे एफएम रेडियो के जॉकी माइकल क्रिश्चियन और मेल ग्रेग ने 46 वर्षीया नर्स जैसिन्था सैल्दान्हा की मौत को दुखद बताया। दो बच्चों की मां 46 वर्षीया सैल्दान्हा शुक्रवार को किंग एडवर्ड सप्तम अस्पताल के क्वार्टर में अचेतावस्था में मिली थी, जहां वह वरिष्ठ नर्स के रूप में काम करती थी। सैल्दान्हा को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सिडनी रेडियो स्टेशन के दो रेडियो जॉकी ने चार दिसम्बर को सुबह 5.30 बजे अस्पताल में फोन किया था। उस वक्त रिसेप्शनिस्ट नहीं थी, जिसके कारण सैल्दान्हा ने ही फोन उठाया। उन्होंने फोन कॉल ड्यूटी पर तैनात एक अन्य नर्स को स्थानांतरित कर दिया, जिन्होंने दोनों रेडियो जॉकी को डचेस ऑफ कैम्ब्रिज (केट मिडलटन) के बारे में जानकारी दी। केट को 3 दिसम्बर को सुबह कमजोरी की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इस फर्जी फोन कॉल के खुलासे के बाद ब्रिटेन का शाही परिवार हैरान रह गया था। इसे लेकर ब्रिटिश मीडिया ने नाराजगी व्यक्त की।टिप्पणियां 'अ करंट अफेयर' के प्रस्तोता ट्रेसी ग्रिमसॉ ने जब साक्षात्कार के दौरान रेडियो जॉकी से पूछा कि फर्जी फोन करने विचार किसके दिमाग की उपज थी, तो क्रिश्चियन ने कहा कि यह विचार मजाकवश दिमाग में आया। यह पूछे जाने पर कि जब उन्हें सैल्दान्हा की मौत के बारे में पता चला तो उनकी प्रतिक्रिया क्या थी, दोनों रेडियो जॉकी रो पड़े। उन्होंने कहा, हम दुखी हैं, हमारी सहानुभूति उनके परिवार तथा मित्रों के साथ है। दो बच्चों की मां 46 वर्षीया सैल्दान्हा शुक्रवार को किंग एडवर्ड सप्तम अस्पताल के क्वार्टर में अचेतावस्था में मिली थी, जहां वह वरिष्ठ नर्स के रूप में काम करती थी। सैल्दान्हा को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सिडनी रेडियो स्टेशन के दो रेडियो जॉकी ने चार दिसम्बर को सुबह 5.30 बजे अस्पताल में फोन किया था। उस वक्त रिसेप्शनिस्ट नहीं थी, जिसके कारण सैल्दान्हा ने ही फोन उठाया। उन्होंने फोन कॉल ड्यूटी पर तैनात एक अन्य नर्स को स्थानांतरित कर दिया, जिन्होंने दोनों रेडियो जॉकी को डचेस ऑफ कैम्ब्रिज (केट मिडलटन) के बारे में जानकारी दी। केट को 3 दिसम्बर को सुबह कमजोरी की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इस फर्जी फोन कॉल के खुलासे के बाद ब्रिटेन का शाही परिवार हैरान रह गया था। इसे लेकर ब्रिटिश मीडिया ने नाराजगी व्यक्त की।टिप्पणियां 'अ करंट अफेयर' के प्रस्तोता ट्रेसी ग्रिमसॉ ने जब साक्षात्कार के दौरान रेडियो जॉकी से पूछा कि फर्जी फोन करने विचार किसके दिमाग की उपज थी, तो क्रिश्चियन ने कहा कि यह विचार मजाकवश दिमाग में आया। यह पूछे जाने पर कि जब उन्हें सैल्दान्हा की मौत के बारे में पता चला तो उनकी प्रतिक्रिया क्या थी, दोनों रेडियो जॉकी रो पड़े। उन्होंने कहा, हम दुखी हैं, हमारी सहानुभूति उनके परिवार तथा मित्रों के साथ है। सिडनी रेडियो स्टेशन के दो रेडियो जॉकी ने चार दिसम्बर को सुबह 5.30 बजे अस्पताल में फोन किया था। उस वक्त रिसेप्शनिस्ट नहीं थी, जिसके कारण सैल्दान्हा ने ही फोन उठाया। उन्होंने फोन कॉल ड्यूटी पर तैनात एक अन्य नर्स को स्थानांतरित कर दिया, जिन्होंने दोनों रेडियो जॉकी को डचेस ऑफ कैम्ब्रिज (केट मिडलटन) के बारे में जानकारी दी। केट को 3 दिसम्बर को सुबह कमजोरी की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इस फर्जी फोन कॉल के खुलासे के बाद ब्रिटेन का शाही परिवार हैरान रह गया था। इसे लेकर ब्रिटिश मीडिया ने नाराजगी व्यक्त की।टिप्पणियां 'अ करंट अफेयर' के प्रस्तोता ट्रेसी ग्रिमसॉ ने जब साक्षात्कार के दौरान रेडियो जॉकी से पूछा कि फर्जी फोन करने विचार किसके दिमाग की उपज थी, तो क्रिश्चियन ने कहा कि यह विचार मजाकवश दिमाग में आया। यह पूछे जाने पर कि जब उन्हें सैल्दान्हा की मौत के बारे में पता चला तो उनकी प्रतिक्रिया क्या थी, दोनों रेडियो जॉकी रो पड़े। उन्होंने कहा, हम दुखी हैं, हमारी सहानुभूति उनके परिवार तथा मित्रों के साथ है। इस फर्जी फोन कॉल के खुलासे के बाद ब्रिटेन का शाही परिवार हैरान रह गया था। इसे लेकर ब्रिटिश मीडिया ने नाराजगी व्यक्त की।टिप्पणियां 'अ करंट अफेयर' के प्रस्तोता ट्रेसी ग्रिमसॉ ने जब साक्षात्कार के दौरान रेडियो जॉकी से पूछा कि फर्जी फोन करने विचार किसके दिमाग की उपज थी, तो क्रिश्चियन ने कहा कि यह विचार मजाकवश दिमाग में आया। यह पूछे जाने पर कि जब उन्हें सैल्दान्हा की मौत के बारे में पता चला तो उनकी प्रतिक्रिया क्या थी, दोनों रेडियो जॉकी रो पड़े। उन्होंने कहा, हम दुखी हैं, हमारी सहानुभूति उनके परिवार तथा मित्रों के साथ है। 'अ करंट अफेयर' के प्रस्तोता ट्रेसी ग्रिमसॉ ने जब साक्षात्कार के दौरान रेडियो जॉकी से पूछा कि फर्जी फोन करने विचार किसके दिमाग की उपज थी, तो क्रिश्चियन ने कहा कि यह विचार मजाकवश दिमाग में आया। यह पूछे जाने पर कि जब उन्हें सैल्दान्हा की मौत के बारे में पता चला तो उनकी प्रतिक्रिया क्या थी, दोनों रेडियो जॉकी रो पड़े। उन्होंने कहा, हम दुखी हैं, हमारी सहानुभूति उनके परिवार तथा मित्रों के साथ है। यह पूछे जाने पर कि जब उन्हें सैल्दान्हा की मौत के बारे में पता चला तो उनकी प्रतिक्रिया क्या थी, दोनों रेडियो जॉकी रो पड़े। उन्होंने कहा, हम दुखी हैं, हमारी सहानुभूति उनके परिवार तथा मित्रों के साथ है।
संक्षिप्त सारांश: दो बच्चों की मां 46 वर्षीया सैल्दान्हा शुक्रवार को किंग एडवर्ड सप्तम अस्पताल के क्वार्टर में अचेतावस्था में मिली थी, जहां वह वरिष्ठ नर्स के रूप में काम करती थी।
10
['hin']
एक सारांश बनाओ: Huawei P30 Pro को भारत में लॉन्च कर दिया गया है। नई दिल्ली में आयोजित एक इवेंट में कंपनी ने अपने फ्लैगशिप स्मार्टफोन से पर्दा उठाया। याद रहे कि इस स्मार्टफोन को ग्लोबल मार्केट में बीते महीने Huawei P30 के साथ पेश किया गया था। हुवावे पी30 प्रो की सबसे अहम खासियत है लाइका के साथ साझेदारी में बनाया गया क्वाड रियर कैमरा सेटअप। यह फोन रिवर्स वायरलेस चार्जिंग, इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर, आईपी68 सर्टिफिकेशन और हाइसिलिकॉन किरिन 980 प्रोसेसर के साथ आता है। आइए आपको Huawei P30 Pro की भारत में कीमत, रिलीज़ की तारीख और लॉन्च ऑफर्स के बारे में विस्तार से बताते हैं। हुवावे पी30 प्रो का एक मात्र वेरिएंट भारत में बेचा जाएगा। 8 जीबी रैम/ 256 जीबी इनबिल्ट स्टोरेज से लैस इस वेरिएंट का दाम 71,990 रुपये है। फोन ऑरोरा और ब्रीदिंग क्रिस्टल कलर रंग में उपलब्ध होगा। Huawei ने बिना ब्याज वाले विकल्प और 5 प्रतिशत कैशबैक देने की बात की है। फोन अमेज़न इंडिया और क्रोमा स्टोर में उपलब्ध होगा। रिलायंस जियो के सब्सक्राइबर्स 2,200 रुपये कैशबैक पाएंगे। पांच रीचार्ज तक दोगुना डेटा मिलेगा। ग्राहकों के पास 15,990 रुपये वाले Huawei Watch GT को इस फोन के साथ 2,000 रुपये के साथ खरीदने का मौका होगा। Huawei P30 Pro की पहली सेल अमेज़न इंडिया पर प्राइम सब्सक्राइबर्स के लिए 15 अप्रैल को आयोजित होगी। आम ग्राहकों के लिए सेल 16 अप्रैल से शुरू होगी। फोन क्रोमा स्टोर में प्री-ऑर्डर के लिए उपलब्ध है। फोन क्रोमा स्टोर में मई महीने से उपलब्ध होगा। याद रहे कि पेरिस में Huawei P30 Pro के 8 जीबी रैम/ 256 जीबी और  8 जीबी रैम/ 512 जीबी स्टोरेज वेरिएंट उतारे गए थे। हुवावे पी30 प्रो फोन एंड्रॉयड 9 पाई (Android 9 Pie) पर आधारित ईएमयूआई 9.1 पर चलते हैं। डुअल-सिम और डुअल वीओएलटीई कनेक्टिविटी वाले P30 Pro के फ्रंट पैनल पर पतले बेज़ल हैं। Huawei P30 Pro में 6.47 इंच का फुल-एचडी+ (1080x2340 पिक्सल) OLED स्क्रीन है, जिसका आस्पेक्ट रेशियो 19.5:9 है। हुवावे ने अपने इस हैंडसेट में इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर दिया है। हुवावे पी30 प्रो में ऑक्टा-कोर किरिन 980 प्रोसेसर के साथ 8 जीबी रैम है। हुवावे पी30 प्रो में 4,200 एमएएच की बैटरी दी गई है। यह फोन आईपी68 सर्टिफाइड है। Huawei P30 Pro में वायरलेस चार्जिंग सपोर्ट के साथ रिवर्स वायरलेस चार्जिंग तकनीक भी है। यह फोन हुवावे 40 वाट सुपर चार्ज तकनीक से लैस हैं। अब बात कैमरा सेटअप की। हुवावे पी30 प्रो में क्वाड कैमरा सेटअप है, 40 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा है, 1/1.7 इंच हुवावे सुपर स्पैक्ट्रम सेंसर है और इसका अपर्चर एफ/1.6 है। 20 मेगापिक्सल का अल्ट्रा-वाइड एंगल सेकेंडरी कैमरा है जिसका अपर्चर एफ/2.2, 8 मेगापिक्सल का टेलीफोटो कैमरा है जिसका अपर्चर एफ/3.4 है और टाइम-ऑफ-फ्लाइट (TOF) कैमरा है। इसके अलावा यह डुअल ओआईएस (ऑप्टिकल इमेज स्टेबलाइजेशन) से लैस है। आपको कलर टेम्परेचर और फ्लिकर सेंसर भी मिलेगा। कैमरा सेटअप 5x ऑप्टिकल, 10x हाइब्रिड और 50x डिजिटल ज़ूम के साथ आता है। सेल्फी के लिए Huawei P30 Pro में 32 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा है जिसका अपर्चर एफ/2.0 है। कनेक्टिविटी फीचर में 4जी वीओएलटीई, वाई-फाई 802.11एसी, ब्लूटूथ 5.0, यूएसबी टाइप-सी, एनएफसी और डुअल-बैंड जीपीएस शामिल हैं। एक्सेलेरोमीटर, एंबियंट लाइट सेंसर, कलर टेंप्रेचर सेंसर, डिजिटल कंपास, जायरोस्कोप, इंफ्रारेड सेंसर और प्रॉक्सिमिटी सेंसर इस फोन का हिस्सा हैं। इसमें इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर है। Huawei P30 Pro की बैटरी 4,200 एमएएच की है। यह 15 वॉट वायरलेस क्विक चार्ज को सपोर्ट करती है। स्मार्टफोन रिवर्स वायरलेस चार्जिंग सपोर्ट के साथ आता है। स्मार्टफोन का डाइमेंशन 158x73.4x8.41 मिलीमीटर है और वज़न 192 ग्राम।
सारांश: 8 जीबी रैम और 256 जीबी स्टोरेज के साथ आता है हुवावे पी30 प्रो Huawei P30 Pro की बैटरी 4,200 एमएएच की है Huawei P30 Pro में 32 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा है
5
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: जम्मू-कश्मीर में आतंवाद विरोधी कार्रवाई को और मजबूती देने के लिए केंद्र सरकार ने राज्य में 10 हजार अतिरिक्त जवानों की तैनाती की है. बता दें कि अतिरिक्त जवानों की तैनाती का फैसला राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल (Ajit Doval) के जम्मू-कश्मीर के दो दिन के दौरे से लौटने के बाद लिया गया है. सूत्रों के अनुसार अपने दौरे के दौरान अजीत डोभाल (Ajit Doval) ने राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कानून व्यवस्था को लेकर बैठक की थी. वहीं, जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीजी दिलबाग सिंह ने बताया कि वह पहले से ही उत्तरी कश्मीर में अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती की मांग करते रहे हैं. अतिरिक्त जवानों की तैनाती उनके आग्रह के बाद ही हुई है. उधर, गृहमंत्रालय द्वारा जारी किए गए ऑर्डर में कहा गया है कि अतिरिक्त जवानों की तैनाती इसलिए की जा रही है ताकि राज्य में कानून-व्यवस्था बेहतर की जा सके.  दिलबाग सिंह ने बताया  कि उत्तरी कश्मीर में जवानों की संख्या जरूरत से भी कम है. इसलिए हमें यहां अतिरिक्त जवानों की जरूरत थी.  100 कंपनियों को हवाई मार्ग से उत्तरी कश्मीर भेजा गया है. हमनें पहले ही इसकी मांग की थी. उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में जवानों की अतिरिक्त तैनाती को लेकर किए जाने वाले अन्य दावे तथ्यों से दूर हैं. सूत्रों के अनुसार जम्मू-कश्मीर भेजे गए जवानों को देश के अलग-अलग इलाकों से चुना गया है. गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही अमरनाथ यात्रा को सफल बनाने को लेकर राज्य में 40 हजार अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई थी. वहीं, इस साल 24 फरवरी को 100 पारामिलिट्री फोर्स को घाटी में तैनात किया गया था. उस दौरान केंद्र सरकार ने कहा था कि इन जवानों की तैनाती अप्रैल-मई में होने वाले लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए की जा रही है. गौरतलब है कि नरेंद्र मोदी सरकार ने दोबारा में सत्ता में आने के बाद अजीत डोभाल को एक बार फिर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नियुक्त किया था. इतना ही नहीं इस बार मोदी सरकार ने अजित डोभाल को केंद्रीय मंत्री का दर्जा भी दिया था. मोदी सरकार ने यह फैसला राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए लिया था. उनकी यह नियुक्ति पांच वर्षों के लिए होगी. बता दें कि अजित डोभाल पीएम मोदी की पिछली सरकार में भी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के पद की जिम्मेदारी निभा रहे थे. गौरतलब है कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल (Ajit Doval) के बेटे शौर्य डोभाल को कुछ महीने पहले ही 'जेड' श्रेणी की सुरक्षा (Z Category Security) दी गई थी. अधिकारियों ने बताया कि उन्हें संभावित खतरों को देखते हुए 'जेड' श्रेणी की सुरक्षा (Z Category Security)  दी गई. अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय एजेंसियों द्वारा तैयार सुरक्षा आकलन रिपोर्ट के बाद शौर्य डोभाल को केंद्रीय अर्धसैनिक बल के 'मोबाइल सुरक्षा कवर' के तहत लाया गया है. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि उन्हें उनके पिता और अन्य लोगों के विरोधियों से खतरा है. अजीत डोभाल को केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल द्वारा 'जेड प्लस' श्रेणी की सुरक्षा मुहैया कराई गई है. अजीत डोभाल को करीब चार साल पहले इस सुरक्षा कवर के तहत लाया गया था.
संक्षिप्त पाठ: देश के अलग-अलग इलाकों से भेजे गए हैं जवान अजीत डोभाल दो दिन के जम्मू-कश्मीर दौरे पर थे जम्मू-कश्मीर के डीजी ने कहा- कानून व्यवस्था है पहली प्राथमिकता
13
['hin']
एक सारांश बनाओ: अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की एक अधिकारी ने कहा है कि भारत में पेट्रोलियम सब्सिडी से धनवानों को फायदा हो रहा है न कि गरीबों को। उल्लेखनीय है कि ईंधन सब्सिडी के कारण सरकार का खर्चा लगातार बढ़ता जा रहा है। आईएमएफ की सहायक निदेशक (एशिया तथा प्रशांत विभाग) लारा पापी ने कहा कि गरीब और कमजोर माने जाने वाले आबादी के 40 प्रतिशत हिस्से की मदद करने की बात है तो वह काम सब्सिडी के मौजूदा खर्च के दसवें हिस्से से हो सकता है।टिप्पणियां उन्होंने वाशिंगटन में इस संबंध में हाल के अध्ययन का हवाला देते हुए कहा, ईंधन सब्सिडी से गरीब लाभान्वित नहीं हो रहे हैं। लारा ने कहा कि इस मामले में सुधार की जरूरत है ताकि बचे पैसे से आर्थिक वृद्धि को गति देने तथा गरीबों के उत्थान के उपायों पर खर्च किया जा सके। उन्होंने कहा, अगर सरकार केवल गरीबों पर ध्यान दे और सब्सिडी का लाभ आबादी के 40 प्रतिशत तक सीमित रखे तो यह कार्य मौजूदा सब्सिडी खर्च के केवल 10 प्रतिशत से ही पूरा हो जाएगा। भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिति बजट एवं उसके बाद’ विषय पर आयोजित एक चर्चा में आईएमएफ के अधिकारी ने कहा कि भारत को आर्थिक वृद्धि को गति देने के लिए ढांचागत और राजकोषीय सुधार करने की जरूरत होगी। इस परिचर्चा का आयोजन अमेरिकी शोध संस्थान ब्रुकिंग्स इंस्टीट्यूट ने किया था। आईएमएफ की सहायक निदेशक (एशिया तथा प्रशांत विभाग) लारा पापी ने कहा कि गरीब और कमजोर माने जाने वाले आबादी के 40 प्रतिशत हिस्से की मदद करने की बात है तो वह काम सब्सिडी के मौजूदा खर्च के दसवें हिस्से से हो सकता है।टिप्पणियां उन्होंने वाशिंगटन में इस संबंध में हाल के अध्ययन का हवाला देते हुए कहा, ईंधन सब्सिडी से गरीब लाभान्वित नहीं हो रहे हैं। लारा ने कहा कि इस मामले में सुधार की जरूरत है ताकि बचे पैसे से आर्थिक वृद्धि को गति देने तथा गरीबों के उत्थान के उपायों पर खर्च किया जा सके। उन्होंने कहा, अगर सरकार केवल गरीबों पर ध्यान दे और सब्सिडी का लाभ आबादी के 40 प्रतिशत तक सीमित रखे तो यह कार्य मौजूदा सब्सिडी खर्च के केवल 10 प्रतिशत से ही पूरा हो जाएगा। भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिति बजट एवं उसके बाद’ विषय पर आयोजित एक चर्चा में आईएमएफ के अधिकारी ने कहा कि भारत को आर्थिक वृद्धि को गति देने के लिए ढांचागत और राजकोषीय सुधार करने की जरूरत होगी। इस परिचर्चा का आयोजन अमेरिकी शोध संस्थान ब्रुकिंग्स इंस्टीट्यूट ने किया था। उन्होंने वाशिंगटन में इस संबंध में हाल के अध्ययन का हवाला देते हुए कहा, ईंधन सब्सिडी से गरीब लाभान्वित नहीं हो रहे हैं। लारा ने कहा कि इस मामले में सुधार की जरूरत है ताकि बचे पैसे से आर्थिक वृद्धि को गति देने तथा गरीबों के उत्थान के उपायों पर खर्च किया जा सके। उन्होंने कहा, अगर सरकार केवल गरीबों पर ध्यान दे और सब्सिडी का लाभ आबादी के 40 प्रतिशत तक सीमित रखे तो यह कार्य मौजूदा सब्सिडी खर्च के केवल 10 प्रतिशत से ही पूरा हो जाएगा। भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिति बजट एवं उसके बाद’ विषय पर आयोजित एक चर्चा में आईएमएफ के अधिकारी ने कहा कि भारत को आर्थिक वृद्धि को गति देने के लिए ढांचागत और राजकोषीय सुधार करने की जरूरत होगी। इस परिचर्चा का आयोजन अमेरिकी शोध संस्थान ब्रुकिंग्स इंस्टीट्यूट ने किया था। उन्होंने कहा, अगर सरकार केवल गरीबों पर ध्यान दे और सब्सिडी का लाभ आबादी के 40 प्रतिशत तक सीमित रखे तो यह कार्य मौजूदा सब्सिडी खर्च के केवल 10 प्रतिशत से ही पूरा हो जाएगा। भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिति बजट एवं उसके बाद’ विषय पर आयोजित एक चर्चा में आईएमएफ के अधिकारी ने कहा कि भारत को आर्थिक वृद्धि को गति देने के लिए ढांचागत और राजकोषीय सुधार करने की जरूरत होगी। इस परिचर्चा का आयोजन अमेरिकी शोध संस्थान ब्रुकिंग्स इंस्टीट्यूट ने किया था।
सारांश: अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की एक अधिकारी ने कहा है कि भारत में पेट्रोलियम सब्सिडी से धनवानों को फायदा हो रहा है न कि गरीबों को।
5
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पिछले साल जनवरी में भारी तादात में हथियारों से लैस कुछ आतंकी पंजाब के पठानकोट स्थित एयरफोर्स बेस में घुस आए थे और अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी थी, जिसमें 7 लोगों की मौत हुई थी. करीब 80 घंटे तक सुरक्षाबलों के ऑपरेशन के बाद उन आतंकियों को मार गिराया गया था. सुरक्षा में चूक की जांच के बाद पता चला कि देशभर के 3000 से भी ज्‍यादा संवेदनशील सैन्‍य ठिकानों में सुरक्षा और पुख्‍ता किए जाने की सख्‍त जरूरत है, जिसके लिए 2000 करोड़ रुपये की मांग की गई. लेकिन सूत्रों के अनुसार अभी तक इस मामले में सरकार ने एक रुपये की भी मंजूरी नहीं दी है. पठानकोट आतंकी हमले के बाद लेफ्टिनेंट जनरल फिलिप कंपोस के नेतृत्‍व वाली समिति ने अपनी रिपोर्ट सौंपी, जिसके जरिए सबसे ज्‍यादा संवेदनशील सैन्‍य ठिकानों की पहचान की गई, जहांं सुरक्षा व्‍यवस्‍था को चाक-चौबंद किए जाने की जरूरत थी. थल सेना के तीन सदस्‍य और वायुसेना एवं नौसेना के एक-एक सदस्‍य इस समिति का हिस्‍सा थे. सेना के तीनों अंगों ने करीब 2000 करोड़ रुपये की जरूरत बताई, जिसमें थल सेना ने 1000 करोड़ रुपये की तत्‍काल जरूरत बताई ताकि काम शुरू किया जा सके, लेकिन पठानकोट हमले के 14 महीने बीत जाने के बाद भी सैन्‍यबलों को पैसों का इंतजार है. रिपोर्ट के अनुसार, सेना ने सैन्‍य ठिकानों की बाउंड्री और संतरी पोस्‍टों को मजबूत करने, सेंसर्स लगाने, कैमरा, प्रवेश बैरियर और मेटल डिटेक्‍टर लगाने का काम शुरू करने के लिए अपने आंतरिक फंड से करीब 325 करोड़ रुपये खर्च किए हैं. सूत्र कहते हैं कि सेना की योजना तो तैयार है, लेकिन बिना पैसों के वह उस पर कार्रवाई नहीं कर सकती. इनमें से कुछ हैं सभी सैन्‍य इकाइयों का सुरक्षा ऑडिट, बहु स्‍तरीय सुरक्षा, स्‍टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर स्‍थापित करना, सुरक्षा योजना में फैमिली क्‍वार्टर को भी शामिल करना, बहु स्‍तरीय और कहीं बेहतर परिधि सुरक्षा शामिल हैं.टिप्पणियां भारत ने पठानकोट हमले के लिए पाकिस्‍तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्‍मद के प्रमुख मसूद अजहर, उसके भाई अब्‍दुल रऊ असगर और दो अन्‍य को जिम्‍मेदार ठहराया है. एक और वजह जिससे आतंकियों को फायदा पहुंचा, वो थी एयरबेस के 24 किलोमीटर की परिधि की अपर्याप्‍त निगरानी और एक 10 फीट ऊंची दीवार जिसके ऊपर कंटीले तार लगे थे. पठानकोट आतंकी हमले के बाद लेफ्टिनेंट जनरल फिलिप कंपोस के नेतृत्‍व वाली समिति ने अपनी रिपोर्ट सौंपी, जिसके जरिए सबसे ज्‍यादा संवेदनशील सैन्‍य ठिकानों की पहचान की गई, जहांं सुरक्षा व्‍यवस्‍था को चाक-चौबंद किए जाने की जरूरत थी. थल सेना के तीन सदस्‍य और वायुसेना एवं नौसेना के एक-एक सदस्‍य इस समिति का हिस्‍सा थे. सेना के तीनों अंगों ने करीब 2000 करोड़ रुपये की जरूरत बताई, जिसमें थल सेना ने 1000 करोड़ रुपये की तत्‍काल जरूरत बताई ताकि काम शुरू किया जा सके, लेकिन पठानकोट हमले के 14 महीने बीत जाने के बाद भी सैन्‍यबलों को पैसों का इंतजार है. रिपोर्ट के अनुसार, सेना ने सैन्‍य ठिकानों की बाउंड्री और संतरी पोस्‍टों को मजबूत करने, सेंसर्स लगाने, कैमरा, प्रवेश बैरियर और मेटल डिटेक्‍टर लगाने का काम शुरू करने के लिए अपने आंतरिक फंड से करीब 325 करोड़ रुपये खर्च किए हैं. सूत्र कहते हैं कि सेना की योजना तो तैयार है, लेकिन बिना पैसों के वह उस पर कार्रवाई नहीं कर सकती. इनमें से कुछ हैं सभी सैन्‍य इकाइयों का सुरक्षा ऑडिट, बहु स्‍तरीय सुरक्षा, स्‍टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर स्‍थापित करना, सुरक्षा योजना में फैमिली क्‍वार्टर को भी शामिल करना, बहु स्‍तरीय और कहीं बेहतर परिधि सुरक्षा शामिल हैं.टिप्पणियां भारत ने पठानकोट हमले के लिए पाकिस्‍तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्‍मद के प्रमुख मसूद अजहर, उसके भाई अब्‍दुल रऊ असगर और दो अन्‍य को जिम्‍मेदार ठहराया है. एक और वजह जिससे आतंकियों को फायदा पहुंचा, वो थी एयरबेस के 24 किलोमीटर की परिधि की अपर्याप्‍त निगरानी और एक 10 फीट ऊंची दीवार जिसके ऊपर कंटीले तार लगे थे. रिपोर्ट के अनुसार, सेना ने सैन्‍य ठिकानों की बाउंड्री और संतरी पोस्‍टों को मजबूत करने, सेंसर्स लगाने, कैमरा, प्रवेश बैरियर और मेटल डिटेक्‍टर लगाने का काम शुरू करने के लिए अपने आंतरिक फंड से करीब 325 करोड़ रुपये खर्च किए हैं. सूत्र कहते हैं कि सेना की योजना तो तैयार है, लेकिन बिना पैसों के वह उस पर कार्रवाई नहीं कर सकती. इनमें से कुछ हैं सभी सैन्‍य इकाइयों का सुरक्षा ऑडिट, बहु स्‍तरीय सुरक्षा, स्‍टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर स्‍थापित करना, सुरक्षा योजना में फैमिली क्‍वार्टर को भी शामिल करना, बहु स्‍तरीय और कहीं बेहतर परिधि सुरक्षा शामिल हैं.टिप्पणियां भारत ने पठानकोट हमले के लिए पाकिस्‍तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्‍मद के प्रमुख मसूद अजहर, उसके भाई अब्‍दुल रऊ असगर और दो अन्‍य को जिम्‍मेदार ठहराया है. एक और वजह जिससे आतंकियों को फायदा पहुंचा, वो थी एयरबेस के 24 किलोमीटर की परिधि की अपर्याप्‍त निगरानी और एक 10 फीट ऊंची दीवार जिसके ऊपर कंटीले तार लगे थे. सूत्र कहते हैं कि सेना की योजना तो तैयार है, लेकिन बिना पैसों के वह उस पर कार्रवाई नहीं कर सकती. इनमें से कुछ हैं सभी सैन्‍य इकाइयों का सुरक्षा ऑडिट, बहु स्‍तरीय सुरक्षा, स्‍टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर स्‍थापित करना, सुरक्षा योजना में फैमिली क्‍वार्टर को भी शामिल करना, बहु स्‍तरीय और कहीं बेहतर परिधि सुरक्षा शामिल हैं.टिप्पणियां भारत ने पठानकोट हमले के लिए पाकिस्‍तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्‍मद के प्रमुख मसूद अजहर, उसके भाई अब्‍दुल रऊ असगर और दो अन्‍य को जिम्‍मेदार ठहराया है. एक और वजह जिससे आतंकियों को फायदा पहुंचा, वो थी एयरबेस के 24 किलोमीटर की परिधि की अपर्याप्‍त निगरानी और एक 10 फीट ऊंची दीवार जिसके ऊपर कंटीले तार लगे थे. भारत ने पठानकोट हमले के लिए पाकिस्‍तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्‍मद के प्रमुख मसूद अजहर, उसके भाई अब्‍दुल रऊ असगर और दो अन्‍य को जिम्‍मेदार ठहराया है. एक और वजह जिससे आतंकियों को फायदा पहुंचा, वो थी एयरबेस के 24 किलोमीटर की परिधि की अपर्याप्‍त निगरानी और एक 10 फीट ऊंची दीवार जिसके ऊपर कंटीले तार लगे थे. एक और वजह जिससे आतंकियों को फायदा पहुंचा, वो थी एयरबेस के 24 किलोमीटर की परिधि की अपर्याप्‍त निगरानी और एक 10 फीट ऊंची दीवार जिसके ऊपर कंटीले तार लगे थे.
संक्षिप्त सारांश: 'सेना की योजना तैयार है, लेकिन बिना पैसों के उस पर कार्रवाई नहीं हो सकती' पठानकोट हमले के 14 महीने बाद भी सैन्‍यबलों को पैसों का इंतजार है थल सेना ने अपने आंतरिक फंड से करीब 325 करोड़ रुपये खर्च किए हैं
10
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कश्‍मीर घाटी में स्कूल पिछले तीन महीनों से बंद हैं. क्या इसके पीछे सिर्फ़ घाटी में हो रही हिंसा वजह है या फिर राज्य के शिक्षा मंत्री और शिक्षक संघों  के बीच का तनाव. खली पड़े क्लास रूम, सुने पड़े कॉरिडोर और गेट पर लगे ताले. ये श्रीनगर के मशहूर बर्न हॉल स्कूल का हाल है. यही हालत डीपीएस, बिसको और दूसरे स्कूलों का भी है.टिप्पणियां सवाल बार बार उठाया जा रहा है कि आख़िर राज्य सरकार स्कूल क्यों नहीं खुलवा पा रही है. जानकार कहते हैं अगर सरकार चाहे तो पहल इन स्कूल से की जा सकती है. बर्न हॉल स्‍कूल के प्रिन्सिपल फ़ादर जॉन पॉल ने एनडीटीवी से कहा, 'प्रशासन की तरफ़ से जो पहल हो रही है वो काफ़ी नहीं है. कई बच्चे स्कूल छोड़ दूसरे शहर भी जा रहे हैं.'   वैसे राज्य प्रशासन के मुताबिक़ राज्य में क़रीब 2500 प्राइवेट स्कूल हैं, 1200 सरकारी स्‍कूल हैं और इनमें क़रीब 14 लाख छात्र पढ़ रहे है. एनडीटीवी इंडिया ने कई प्रिंसिपलों, शिक्षकों और प्रशासन में अफ़सरों से बात की. तब पता चला कि दरअसल मसला इतना आसान नहीं है. राज्य के शिक्षक संघों का सरकार से टकराव भी स्कूल न खुलने की एक वजह है. केंद्रीय गृह मंत्रालय तक पहुंची एक रिपोर्ट के मुताबिक कुछ अरसा पहले हाइकोर्ट ने रहबरे तालीम के टेस्ट के लिए आदेश दिए. राज्य सरकार ने इसकी प्रक्रिया शुरू की. लेकिन शिक्षक संगठनों की नाराज़गी के बाद इसे वापस लिया गया.फिर भी बाहर से डिग्रियां लेने वालों की जांच चलती रही.   मामला तब और बिगड़ गया जब इस टकराव में शिक्षा विभाग ने मनचाहे तबादले किए. यही नहीं, सरकार ने शिक्षक संघ का बेमिना में दफ़्तर बंद करा दिया. शिक्षा मंत्रालय में कश्मीरी प्रशासनिक सेवा के अफ़सरों की नियुक्ति पर भी टकराव है. घाटी में क़रीब 68000 शिक्षक हैं जो इस टकराव का हिस्सा हैं. अब वही घाटी में अशांति को भी बढ़ावा देने में लगे हुए हैं. बच्चे दरअसल घाटी की अशांति की ही नहीं, इस टकराव की भी सज़ा भुगत रहे हैं. उधर अभिभावकों की चिंता क्लास 12वीं की बोर्ड परीक्षा को लेकर है जो नवंबर में है. फ़ादर जॉन का कहना है, 'हम छात्रों को ऑनलाइन मैटेरियल दे रहे हैं लेकिन दिक़्क़त ते गई की घाटी में इंटरनेट भी नहीं चल रहा.' इस बीच जिन स्कूलों की बसें हैं, वो भी डर के मारे बंद हैं. 'घाटी में कोई भविष्य नहीं है हर साल कुछ ना कुछ हो जाता है जिसके कारण स्कूल बंद हो जाते हैं. बच्चों की क्लास पर असर पड़ रहा है.' ये कहना है माइकल का जिसके दो बच्चे हैं. कई बच्चे पढ़ने के लिए राज्य के बाहर चले गए हैं, लेकिन जब लाखों बच्चों का मामला हो तो सरकार और शिक्षकों को ये टकराव फ़ौरन टालना चाहिए. सवाल बार बार उठाया जा रहा है कि आख़िर राज्य सरकार स्कूल क्यों नहीं खुलवा पा रही है. जानकार कहते हैं अगर सरकार चाहे तो पहल इन स्कूल से की जा सकती है. बर्न हॉल स्‍कूल के प्रिन्सिपल फ़ादर जॉन पॉल ने एनडीटीवी से कहा, 'प्रशासन की तरफ़ से जो पहल हो रही है वो काफ़ी नहीं है. कई बच्चे स्कूल छोड़ दूसरे शहर भी जा रहे हैं.'   वैसे राज्य प्रशासन के मुताबिक़ राज्य में क़रीब 2500 प्राइवेट स्कूल हैं, 1200 सरकारी स्‍कूल हैं और इनमें क़रीब 14 लाख छात्र पढ़ रहे है. एनडीटीवी इंडिया ने कई प्रिंसिपलों, शिक्षकों और प्रशासन में अफ़सरों से बात की. तब पता चला कि दरअसल मसला इतना आसान नहीं है. राज्य के शिक्षक संघों का सरकार से टकराव भी स्कूल न खुलने की एक वजह है. केंद्रीय गृह मंत्रालय तक पहुंची एक रिपोर्ट के मुताबिक कुछ अरसा पहले हाइकोर्ट ने रहबरे तालीम के टेस्ट के लिए आदेश दिए. राज्य सरकार ने इसकी प्रक्रिया शुरू की. लेकिन शिक्षक संगठनों की नाराज़गी के बाद इसे वापस लिया गया.फिर भी बाहर से डिग्रियां लेने वालों की जांच चलती रही.   मामला तब और बिगड़ गया जब इस टकराव में शिक्षा विभाग ने मनचाहे तबादले किए. यही नहीं, सरकार ने शिक्षक संघ का बेमिना में दफ़्तर बंद करा दिया. शिक्षा मंत्रालय में कश्मीरी प्रशासनिक सेवा के अफ़सरों की नियुक्ति पर भी टकराव है. घाटी में क़रीब 68000 शिक्षक हैं जो इस टकराव का हिस्सा हैं. अब वही घाटी में अशांति को भी बढ़ावा देने में लगे हुए हैं. बच्चे दरअसल घाटी की अशांति की ही नहीं, इस टकराव की भी सज़ा भुगत रहे हैं. उधर अभिभावकों की चिंता क्लास 12वीं की बोर्ड परीक्षा को लेकर है जो नवंबर में है. फ़ादर जॉन का कहना है, 'हम छात्रों को ऑनलाइन मैटेरियल दे रहे हैं लेकिन दिक़्क़त ते गई की घाटी में इंटरनेट भी नहीं चल रहा.' इस बीच जिन स्कूलों की बसें हैं, वो भी डर के मारे बंद हैं. 'घाटी में कोई भविष्य नहीं है हर साल कुछ ना कुछ हो जाता है जिसके कारण स्कूल बंद हो जाते हैं. बच्चों की क्लास पर असर पड़ रहा है.' ये कहना है माइकल का जिसके दो बच्चे हैं. कई बच्चे पढ़ने के लिए राज्य के बाहर चले गए हैं, लेकिन जब लाखों बच्चों का मामला हो तो सरकार और शिक्षकों को ये टकराव फ़ौरन टालना चाहिए. 'घाटी में कोई भविष्य नहीं है हर साल कुछ ना कुछ हो जाता है जिसके कारण स्कूल बंद हो जाते हैं. बच्चों की क्लास पर असर पड़ रहा है.' ये कहना है माइकल का जिसके दो बच्चे हैं. कई बच्चे पढ़ने के लिए राज्य के बाहर चले गए हैं, लेकिन जब लाखों बच्चों का मामला हो तो सरकार और शिक्षकों को ये टकराव फ़ौरन टालना चाहिए.
यहाँ एक सारांश है:राज्य के शिक्षक संघों का सरकार से टकराव भी स्कूल न खुलने की एक वजह है शिक्षा मंत्रालय में प्रशासनिक सेवा के अफ़सरों की नियुक्ति पर टकराव है सवाल उठाया जा रहा है कि आख़िर राज्य सरकार स्कूल क्यों नहीं खुलवा पा रही
17
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: हालांकि एक चौंकाने वाली बात रही कि एक जनवरी 2019 को भरे इस रिटर्न में IAS बी चंद्रकला (IAS B Chandrakala) ने अपने पास सिर्फ इसी प्रॉपर्टी की जानकारी दी है. उसके पूर्व के वर्षों में भरे रिटर्न में उन्होंने जिन संपत्तियों की सूचना दी थी, उसके बार में नए रिटर्न में कोई सूचना नहीं है. सवाल उठता है कि क्या चंद्रकला (IAS Chandrakala) ने पूर्व की सारी प्रॉपर्टियां बेच दीं, या फिर किन वजहों से उन्होंने नए रिटर्न में उसकी सूचना नहीं दी. एक ब्यूरोक्रेट ने एनडीटीवी को बताया कि हर साल के रिटर्न में उन सभी संपत्तियों की जानकारी देनी होती है, जो संबंधित अफसर और परिवार के पास होती हैं, भले ही इसकी सूचना आप पूर्व में दे चुके हों. सपा की अखिलेश यादव सरकार में हमीरपुर, बुलंदशहर, मेरठ सहित पांच प्रमुख जिलों में डीएम रहने के बाद बी चंद्रकला ने नई सरकार आते ही दिल्ली में प्रतिनियुक्ति मांग ली. योगी आदित्यनाथ सरकार बनने के बाद यूपी के बजाए दिल्ली में काम करने के उनके फैसले की चर्चा रही थी. बहरहाल, मार्च, 2017 मे ही वह दिल्ली पहुंचीं और स्वच्छ भारत मिशन की निदेशक रहीं. फिर साध्वी निरंजन ज्योति की निजी सचिव बनीं. इसके बाद फिर वह पिछले साल ही दोबारा यूपी लौटीं. माध्यमिक शिक्षा विभाग में विशेष सचिव का चार्ज लेने के बाद ही वह स्टडी लीव (शैक्षिक अवकाश) पर चली गईं. हमीरपुर में डीएम रहते चंद्रकला पर सपा एमएलसी रमेश मिश्रा सहित कुल 10 लोगों के साथ मिलकर अवैध खनन का आरोप है. इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर जांच में जुटी सीबीआई ने शनिवार (5 जनवरी) को उनके अलावा अन्य आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी की. एक जनवरी 2019 को उनके खिलाफ सीबीआई के डिप्टी एसपी केपी शर्मा ने खनन मामले में केस दर्ज किया है. IAS चंद्रकला की 1 जनवरी, 2019 को भरे IPR में प्लॉट खरीदने की जानकारी. अन्य किसी संपत्ति का ब्योरा नहीं... 2010-11 में IAS चंद्रकला ने अपने पास शून्य प्रॉपर्टी दिखाई थी... IAS बी चंद्रकला के 2016 में भरे IPR में देखिए 2015 की संपत्ति... 30 लाख रुपये का घर चंद्रकला के नाम है, जिसकी कीमत रिटर्न भरने के वक्त बाजार में 45 लाख थी. इस भवन से चंद्रकला को तीन लाख सालाना की आय होती है. इसे उन्होंने एसबीएच से पर्सनल लोन से खरीदा. इस रिटर्न में भी चंद्रकला ने सरोजि‍नी नायडू मार्ग पर 2012 में 48 लाख रुपये के फ्लैट का जिक्र किया है. जिसकी 2015 में उन्होंने 67 लाख कीमत दिखाई है. यह वही फ्लैट है, जिसे उन्होंने नाना-नानी से बेटी को मिलने का दावा किया है. इस बार के रिटर्न में चंद्रकला की संपत्ति की कड़ी में एक और प्रॉपर्टी जुड़ती है. यह प्रॉपर्टी है आंध्र प्रदेश के करीमनगर में खेती लायक जमीन की. चंद्रकला ने 2013 में 2.37 एकड़ जमीन को महज 4.39 लाख रुपये में खरीदने का दावा किया है. इस जमीन की कीमत उन्होंने 2015 में सात लाख दिखाई है. यह जमीन हालांकि उनके पति के नाम है. तीन लाख सालाना कमाई होती है. कहा है कि पति ने बचत की धनराशि से यह संपत्ति खरीदी.
खनन घोटाले में सीबीआई छापेमारी के बाद फिर चर्चा में हैं IAS बी चंद्रकला जानिए बी चंद्रकला के पास है कितनी संपत्ति सीबीआई की छापेमारी से नौ दिन पहले ही खरीदा था चंद्रकला ने प्लॉट
1
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: प्रत्यक्ष विदेशी निवेश पर सरकार के फैसलों को लेकर उठे विरोध के मद्देनजर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह आज रात इस मुद्दे पर राष्ट्र को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री अपने संबोधन में इन फैसलों की वजह और इससे होने वाले फायदों के बारे में राष्ट्र को बताएंगे। अधिकारियों ने बताया कि सिंह रात आठ बजे दूरदर्शन के जरिये राष्ट्र को संबोधित करेंगे। समझा जाता है कि सिंह यह बताएंगे कि सरकार ने बहुब्रांड खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश, डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी तथा सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडरों की संख्या सीमित करने की अनुमति क्यों दी। संभवत: वह अर्थव्यवस्था के समक्ष आ रहे संकट के बारे में भी बताएंगे और साथ ही इस बात पर भी जोर देंगे कि यह कदम आर्थिक वृद्धि को प्रोत्साहन देने और रोजगार सृजन के लिए जरूरी है।टिप्पणियां प्रधानमंत्री के संबोधन का जोर इस बात पर रहेगा कि ये फैसले राष्ट्र हित में लिए गए। मंत्रिमंडल की 14 सितंबर की बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा था कि आर्थिक वृद्धि को बढ़ाने तथा भारत को विदेशी निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य बनाने के लिए कदम उठाने की जरूरत है। बहुब्रांड खुदरा क्षेत्र में एफडीआई के विरोध में तृणमूल कांग्रेस ने सरकार से समर्थन वापस लेने की घोषणा की है। संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन को बाहर से समर्थन दे रहे राजनीतिक दलों, समाजवादी पार्टी और जनता दल (एस) ने भी इस फैसले का विरोध किया है। इन फैसलों के खिलाफ वृहस्पतिवार को राष्ट्रव्यापी बंद का आयोजन किया। प्रधानमंत्री अपने संबोधन में इन फैसलों की वजह और इससे होने वाले फायदों के बारे में राष्ट्र को बताएंगे। अधिकारियों ने बताया कि सिंह रात आठ बजे दूरदर्शन के जरिये राष्ट्र को संबोधित करेंगे। समझा जाता है कि सिंह यह बताएंगे कि सरकार ने बहुब्रांड खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश, डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी तथा सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडरों की संख्या सीमित करने की अनुमति क्यों दी। संभवत: वह अर्थव्यवस्था के समक्ष आ रहे संकट के बारे में भी बताएंगे और साथ ही इस बात पर भी जोर देंगे कि यह कदम आर्थिक वृद्धि को प्रोत्साहन देने और रोजगार सृजन के लिए जरूरी है।टिप्पणियां प्रधानमंत्री के संबोधन का जोर इस बात पर रहेगा कि ये फैसले राष्ट्र हित में लिए गए। मंत्रिमंडल की 14 सितंबर की बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा था कि आर्थिक वृद्धि को बढ़ाने तथा भारत को विदेशी निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य बनाने के लिए कदम उठाने की जरूरत है। बहुब्रांड खुदरा क्षेत्र में एफडीआई के विरोध में तृणमूल कांग्रेस ने सरकार से समर्थन वापस लेने की घोषणा की है। संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन को बाहर से समर्थन दे रहे राजनीतिक दलों, समाजवादी पार्टी और जनता दल (एस) ने भी इस फैसले का विरोध किया है। इन फैसलों के खिलाफ वृहस्पतिवार को राष्ट्रव्यापी बंद का आयोजन किया। समझा जाता है कि सिंह यह बताएंगे कि सरकार ने बहुब्रांड खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश, डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी तथा सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडरों की संख्या सीमित करने की अनुमति क्यों दी। संभवत: वह अर्थव्यवस्था के समक्ष आ रहे संकट के बारे में भी बताएंगे और साथ ही इस बात पर भी जोर देंगे कि यह कदम आर्थिक वृद्धि को प्रोत्साहन देने और रोजगार सृजन के लिए जरूरी है।टिप्पणियां प्रधानमंत्री के संबोधन का जोर इस बात पर रहेगा कि ये फैसले राष्ट्र हित में लिए गए। मंत्रिमंडल की 14 सितंबर की बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा था कि आर्थिक वृद्धि को बढ़ाने तथा भारत को विदेशी निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य बनाने के लिए कदम उठाने की जरूरत है। बहुब्रांड खुदरा क्षेत्र में एफडीआई के विरोध में तृणमूल कांग्रेस ने सरकार से समर्थन वापस लेने की घोषणा की है। संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन को बाहर से समर्थन दे रहे राजनीतिक दलों, समाजवादी पार्टी और जनता दल (एस) ने भी इस फैसले का विरोध किया है। इन फैसलों के खिलाफ वृहस्पतिवार को राष्ट्रव्यापी बंद का आयोजन किया। संभवत: वह अर्थव्यवस्था के समक्ष आ रहे संकट के बारे में भी बताएंगे और साथ ही इस बात पर भी जोर देंगे कि यह कदम आर्थिक वृद्धि को प्रोत्साहन देने और रोजगार सृजन के लिए जरूरी है।टिप्पणियां प्रधानमंत्री के संबोधन का जोर इस बात पर रहेगा कि ये फैसले राष्ट्र हित में लिए गए। मंत्रिमंडल की 14 सितंबर की बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा था कि आर्थिक वृद्धि को बढ़ाने तथा भारत को विदेशी निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य बनाने के लिए कदम उठाने की जरूरत है। बहुब्रांड खुदरा क्षेत्र में एफडीआई के विरोध में तृणमूल कांग्रेस ने सरकार से समर्थन वापस लेने की घोषणा की है। संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन को बाहर से समर्थन दे रहे राजनीतिक दलों, समाजवादी पार्टी और जनता दल (एस) ने भी इस फैसले का विरोध किया है। इन फैसलों के खिलाफ वृहस्पतिवार को राष्ट्रव्यापी बंद का आयोजन किया। प्रधानमंत्री के संबोधन का जोर इस बात पर रहेगा कि ये फैसले राष्ट्र हित में लिए गए। मंत्रिमंडल की 14 सितंबर की बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा था कि आर्थिक वृद्धि को बढ़ाने तथा भारत को विदेशी निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य बनाने के लिए कदम उठाने की जरूरत है। बहुब्रांड खुदरा क्षेत्र में एफडीआई के विरोध में तृणमूल कांग्रेस ने सरकार से समर्थन वापस लेने की घोषणा की है। संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन को बाहर से समर्थन दे रहे राजनीतिक दलों, समाजवादी पार्टी और जनता दल (एस) ने भी इस फैसले का विरोध किया है। इन फैसलों के खिलाफ वृहस्पतिवार को राष्ट्रव्यापी बंद का आयोजन किया। बहुब्रांड खुदरा क्षेत्र में एफडीआई के विरोध में तृणमूल कांग्रेस ने सरकार से समर्थन वापस लेने की घोषणा की है। संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन को बाहर से समर्थन दे रहे राजनीतिक दलों, समाजवादी पार्टी और जनता दल (एस) ने भी इस फैसले का विरोध किया है। इन फैसलों के खिलाफ वृहस्पतिवार को राष्ट्रव्यापी बंद का आयोजन किया।
यह एक सारांश है: प्रत्यक्ष विदेशी निवेश पर सरकार के फैसलों को लेकर उठे विरोध के मद्देनजर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह आज रात इस मुद्दे पर राष्ट्र को संबोधित करेंगे।
2
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: आईपीएल के पूर्व कमिश्‍नर ललित मोदी आजकल बैंकॉक में हैं. यहां के सुखोथाई होटल की शानदार लॉन में NDTV से बात करते हुए उन्‍होंने कहा कि न्‍याय के लिए 8 साल तक चली लंबी लड़ाई उन्‍होंने जीत ली है. इसी हफ्ते इंटरपोल ने उनके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की भारत की अपील ठुकरा दी थी और अपने डाटाबेस से ललित मोदी से जुड़े सारे रिकॉर्ड मिटा दिए. हालांकि पूर्व आईपीएल कमिश्‍नर ने इस बात से इनकार कर दिया कि उन्‍होंने इंटरपोल के पूर्व अधिकारियों के नेटवर्क की मदद से अपने पक्ष में ये फैसला करवाया. उनके करीबी मित्रों में इंटरपोल के पूर्व प्रमुख रॉन नोबल और इंटरपोल के पूर्व कानूनी सलाहकार रसेल मारथा शामिल हैं. ललित मोदी ने कहा कि उन्‍हें इंटरपोल जजों के ऐसे स्‍वतंत्र कमिशन से क्‍लीन चिट मिली है, जिन्‍हें प्रभावित नहीं किया जा सकता. NDTV से इंटरव्‍यू में उन्‍होंने कहा, 'मैंने पूर्व इंटरपोल अधिकारियों को कानून समझने के लिए नियुक्‍त किया था न कि एजेंसी को प्रभावित करने के लिए. हालांकि मोदी को अब भी अपने खिलाफ भारत में आरोपों का सामना करना होगा, जिनमें से सबसे गंभीर आरोप प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने लगाया है, जिसके अनुसार ललित मोदी ने इंडियन प्रीमियर लीग के अधिकारों के स्‍थानांतरण के समय 125 करोड़ रुपये की बेईमानी की थी. ललित मोदी प्रवर्तन निदेशालय को 'जोकर' बताते हैं, जिसके द्वारा औपचारिक रूप से आरोप दायर किया जाना बाकी है. यह पूछे जाने पर कि आखिर कैसे वह अपनी शानादार जीवनशैली को बनाए रखते हैं तो वह भड़क जाते हैं. अपने पारिवारिक व्‍यवसाय का जिक्र करते हुए वह कहते हैं, आपको केके मोदी ग्रुप की कीमत का पता भी है? वर्तमान में पारिवारिक व्‍यवसाय में मोदी के पास कोई भी कार्यकारी पद नहीं है. ललित मोदी कहते हैं, मैं मुंह में हीरे की चम्‍मच लिए पैदा हुआ था और मेरी जीवनशैली हमेशा से शानदार रही है. वह कहते हैं, नेताओं से पूछिए कि उनका पैसा कहां से आ रहा है.' उनका कहना है कि चूंकि मैं दिल्‍ली के एकमात्र औद्योगिक घराने से हूं, इसलिए मुझे पैसे का स्रोत पता है.' ललित मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बहुत बड़े प्रशंसक हैं. वह कहते हैं कि भारत सरकार की तरफ उनका झुकाव पीएम मोदी की भ्रष्‍टाचार के प्रति सख्‍त छवि को नुकसान नहीं पहुंचाता. अगर मैं खुद को बचाता हूं तो इससे भारत सरकार को क्‍यों बदनाम होना चाहिए? साथ ही वह जोड़ते हुए कहते हैं कि उन्‍हें कभी भी प्रधानमंत्री के सामने अपना पक्ष स्‍पष्‍ट करने का मौका नहीं मिला.टिप्पणियां उन्‍होंने स्‍वीकार किया कि उनके और अरुण जेटली के बीच तब से 'निजी दुश्‍मनी' है, जबसे वित्त मंत्री ने बीसीसीआई में अपने कार्यकाल के दौरान मोदी के खिलाफ कथित रूप से कड़ी कार्रवाई की अनुशंसा की थी. ललित मोदी दावा करते हैं कि ऐसा इसलिए किया गया, क्‍योंकि उन्‍होंने अरुण जेटली के डीडीसीए प्रेसिडेंट रहने के दौरान कथित वित्तीय अनियमितताओं का मामला उठाया था, लेकिन एक बार फिर उन्‍होंने अपने दावों की पुष्टि के लिए कोई भी सबूत देने से इनकार कर दिया. वह कहते हैं कि प्रतिशोधात्‍मक कानूनी कार्रवाई और राजनीतिक व्‍यवस्‍था के डर से भारत आने के लिए अनिच्‍छुक हैं. ललित मोदी ने कहा कि उन्‍हें इंटरपोल जजों के ऐसे स्‍वतंत्र कमिशन से क्‍लीन चिट मिली है, जिन्‍हें प्रभावित नहीं किया जा सकता. NDTV से इंटरव्‍यू में उन्‍होंने कहा, 'मैंने पूर्व इंटरपोल अधिकारियों को कानून समझने के लिए नियुक्‍त किया था न कि एजेंसी को प्रभावित करने के लिए. हालांकि मोदी को अब भी अपने खिलाफ भारत में आरोपों का सामना करना होगा, जिनमें से सबसे गंभीर आरोप प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने लगाया है, जिसके अनुसार ललित मोदी ने इंडियन प्रीमियर लीग के अधिकारों के स्‍थानांतरण के समय 125 करोड़ रुपये की बेईमानी की थी. ललित मोदी प्रवर्तन निदेशालय को 'जोकर' बताते हैं, जिसके द्वारा औपचारिक रूप से आरोप दायर किया जाना बाकी है. यह पूछे जाने पर कि आखिर कैसे वह अपनी शानादार जीवनशैली को बनाए रखते हैं तो वह भड़क जाते हैं. अपने पारिवारिक व्‍यवसाय का जिक्र करते हुए वह कहते हैं, आपको केके मोदी ग्रुप की कीमत का पता भी है? वर्तमान में पारिवारिक व्‍यवसाय में मोदी के पास कोई भी कार्यकारी पद नहीं है. ललित मोदी कहते हैं, मैं मुंह में हीरे की चम्‍मच लिए पैदा हुआ था और मेरी जीवनशैली हमेशा से शानदार रही है. वह कहते हैं, नेताओं से पूछिए कि उनका पैसा कहां से आ रहा है.' उनका कहना है कि चूंकि मैं दिल्‍ली के एकमात्र औद्योगिक घराने से हूं, इसलिए मुझे पैसे का स्रोत पता है.' ललित मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बहुत बड़े प्रशंसक हैं. वह कहते हैं कि भारत सरकार की तरफ उनका झुकाव पीएम मोदी की भ्रष्‍टाचार के प्रति सख्‍त छवि को नुकसान नहीं पहुंचाता. अगर मैं खुद को बचाता हूं तो इससे भारत सरकार को क्‍यों बदनाम होना चाहिए? साथ ही वह जोड़ते हुए कहते हैं कि उन्‍हें कभी भी प्रधानमंत्री के सामने अपना पक्ष स्‍पष्‍ट करने का मौका नहीं मिला.टिप्पणियां उन्‍होंने स्‍वीकार किया कि उनके और अरुण जेटली के बीच तब से 'निजी दुश्‍मनी' है, जबसे वित्त मंत्री ने बीसीसीआई में अपने कार्यकाल के दौरान मोदी के खिलाफ कथित रूप से कड़ी कार्रवाई की अनुशंसा की थी. ललित मोदी दावा करते हैं कि ऐसा इसलिए किया गया, क्‍योंकि उन्‍होंने अरुण जेटली के डीडीसीए प्रेसिडेंट रहने के दौरान कथित वित्तीय अनियमितताओं का मामला उठाया था, लेकिन एक बार फिर उन्‍होंने अपने दावों की पुष्टि के लिए कोई भी सबूत देने से इनकार कर दिया. वह कहते हैं कि प्रतिशोधात्‍मक कानूनी कार्रवाई और राजनीतिक व्‍यवस्‍था के डर से भारत आने के लिए अनिच्‍छुक हैं. अपने पारिवारिक व्‍यवसाय का जिक्र करते हुए वह कहते हैं, आपको केके मोदी ग्रुप की कीमत का पता भी है? वर्तमान में पारिवारिक व्‍यवसाय में मोदी के पास कोई भी कार्यकारी पद नहीं है. ललित मोदी कहते हैं, मैं मुंह में हीरे की चम्‍मच लिए पैदा हुआ था और मेरी जीवनशैली हमेशा से शानदार रही है. वह कहते हैं, नेताओं से पूछिए कि उनका पैसा कहां से आ रहा है.' उनका कहना है कि चूंकि मैं दिल्‍ली के एकमात्र औद्योगिक घराने से हूं, इसलिए मुझे पैसे का स्रोत पता है.' ललित मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बहुत बड़े प्रशंसक हैं. वह कहते हैं कि भारत सरकार की तरफ उनका झुकाव पीएम मोदी की भ्रष्‍टाचार के प्रति सख्‍त छवि को नुकसान नहीं पहुंचाता. अगर मैं खुद को बचाता हूं तो इससे भारत सरकार को क्‍यों बदनाम होना चाहिए? साथ ही वह जोड़ते हुए कहते हैं कि उन्‍हें कभी भी प्रधानमंत्री के सामने अपना पक्ष स्‍पष्‍ट करने का मौका नहीं मिला.टिप्पणियां उन्‍होंने स्‍वीकार किया कि उनके और अरुण जेटली के बीच तब से 'निजी दुश्‍मनी' है, जबसे वित्त मंत्री ने बीसीसीआई में अपने कार्यकाल के दौरान मोदी के खिलाफ कथित रूप से कड़ी कार्रवाई की अनुशंसा की थी. ललित मोदी दावा करते हैं कि ऐसा इसलिए किया गया, क्‍योंकि उन्‍होंने अरुण जेटली के डीडीसीए प्रेसिडेंट रहने के दौरान कथित वित्तीय अनियमितताओं का मामला उठाया था, लेकिन एक बार फिर उन्‍होंने अपने दावों की पुष्टि के लिए कोई भी सबूत देने से इनकार कर दिया. वह कहते हैं कि प्रतिशोधात्‍मक कानूनी कार्रवाई और राजनीतिक व्‍यवस्‍था के डर से भारत आने के लिए अनिच्‍छुक हैं. वर्तमान में पारिवारिक व्‍यवसाय में मोदी के पास कोई भी कार्यकारी पद नहीं है. ललित मोदी कहते हैं, मैं मुंह में हीरे की चम्‍मच लिए पैदा हुआ था और मेरी जीवनशैली हमेशा से शानदार रही है. वह कहते हैं, नेताओं से पूछिए कि उनका पैसा कहां से आ रहा है.' उनका कहना है कि चूंकि मैं दिल्‍ली के एकमात्र औद्योगिक घराने से हूं, इसलिए मुझे पैसे का स्रोत पता है.' ललित मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बहुत बड़े प्रशंसक हैं. वह कहते हैं कि भारत सरकार की तरफ उनका झुकाव पीएम मोदी की भ्रष्‍टाचार के प्रति सख्‍त छवि को नुकसान नहीं पहुंचाता. अगर मैं खुद को बचाता हूं तो इससे भारत सरकार को क्‍यों बदनाम होना चाहिए? साथ ही वह जोड़ते हुए कहते हैं कि उन्‍हें कभी भी प्रधानमंत्री के सामने अपना पक्ष स्‍पष्‍ट करने का मौका नहीं मिला.टिप्पणियां उन्‍होंने स्‍वीकार किया कि उनके और अरुण जेटली के बीच तब से 'निजी दुश्‍मनी' है, जबसे वित्त मंत्री ने बीसीसीआई में अपने कार्यकाल के दौरान मोदी के खिलाफ कथित रूप से कड़ी कार्रवाई की अनुशंसा की थी. ललित मोदी दावा करते हैं कि ऐसा इसलिए किया गया, क्‍योंकि उन्‍होंने अरुण जेटली के डीडीसीए प्रेसिडेंट रहने के दौरान कथित वित्तीय अनियमितताओं का मामला उठाया था, लेकिन एक बार फिर उन्‍होंने अपने दावों की पुष्टि के लिए कोई भी सबूत देने से इनकार कर दिया. वह कहते हैं कि प्रतिशोधात्‍मक कानूनी कार्रवाई और राजनीतिक व्‍यवस्‍था के डर से भारत आने के लिए अनिच्‍छुक हैं. ललित मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बहुत बड़े प्रशंसक हैं. वह कहते हैं कि भारत सरकार की तरफ उनका झुकाव पीएम मोदी की भ्रष्‍टाचार के प्रति सख्‍त छवि को नुकसान नहीं पहुंचाता. अगर मैं खुद को बचाता हूं तो इससे भारत सरकार को क्‍यों बदनाम होना चाहिए? साथ ही वह जोड़ते हुए कहते हैं कि उन्‍हें कभी भी प्रधानमंत्री के सामने अपना पक्ष स्‍पष्‍ट करने का मौका नहीं मिला.टिप्पणियां उन्‍होंने स्‍वीकार किया कि उनके और अरुण जेटली के बीच तब से 'निजी दुश्‍मनी' है, जबसे वित्त मंत्री ने बीसीसीआई में अपने कार्यकाल के दौरान मोदी के खिलाफ कथित रूप से कड़ी कार्रवाई की अनुशंसा की थी. ललित मोदी दावा करते हैं कि ऐसा इसलिए किया गया, क्‍योंकि उन्‍होंने अरुण जेटली के डीडीसीए प्रेसिडेंट रहने के दौरान कथित वित्तीय अनियमितताओं का मामला उठाया था, लेकिन एक बार फिर उन्‍होंने अपने दावों की पुष्टि के लिए कोई भी सबूत देने से इनकार कर दिया. वह कहते हैं कि प्रतिशोधात्‍मक कानूनी कार्रवाई और राजनीतिक व्‍यवस्‍था के डर से भारत आने के लिए अनिच्‍छुक हैं. उन्‍होंने स्‍वीकार किया कि उनके और अरुण जेटली के बीच तब से 'निजी दुश्‍मनी' है, जबसे वित्त मंत्री ने बीसीसीआई में अपने कार्यकाल के दौरान मोदी के खिलाफ कथित रूप से कड़ी कार्रवाई की अनुशंसा की थी. ललित मोदी दावा करते हैं कि ऐसा इसलिए किया गया, क्‍योंकि उन्‍होंने अरुण जेटली के डीडीसीए प्रेसिडेंट रहने के दौरान कथित वित्तीय अनियमितताओं का मामला उठाया था, लेकिन एक बार फिर उन्‍होंने अपने दावों की पुष्टि के लिए कोई भी सबूत देने से इनकार कर दिया. वह कहते हैं कि प्रतिशोधात्‍मक कानूनी कार्रवाई और राजनीतिक व्‍यवस्‍था के डर से भारत आने के लिए अनिच्‍छुक हैं. वह कहते हैं कि प्रतिशोधात्‍मक कानूनी कार्रवाई और राजनीतिक व्‍यवस्‍था के डर से भारत आने के लिए अनिच्‍छुक हैं.
यहाँ एक सारांश है:पूर्व इंटरपोल अधिकारियों को कानून समझने के लिए नियुक्‍त किया था- मोदी ललित मोदी बोले, मेरी जीवनशैली हमेशा से शानदार रही है. नेताओं से पूछिए कि उनका पैसा कहां से आ रहा है- ललित मोदी
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने शुक्रवार को लोकसभा में वित्त वर्ष 2012-13 के लिए पेश आम बजट की प्रशंसा करते हुए कहा कि इसमें तेज, समान, सतत व समग्र विकास का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर प्रधानमंत्री कार्यालय ने लिखा, "केंद्रीय वित्त मंत्री ने एक ही साथ महंगाई कम करने और तेज विकास की जिम्मेदारी को सफलतापूर्वक पूरा किया।" पीएम ने सब्सिडी में कटौती के प्रस्ताव की सराहना करते हुए कहा कि सरकार को यह कठिन निर्णय न चाहते हुए भी लेना ही होगा। साथ ही उन्होंने तेज व समग्र आर्थिक विकास पर भी बल दिया। वित्त वर्ष 2012-13 के लिए शुक्रवार को लोकसभा में पेश आम बजट में सब्सिडी को कम कर सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के दो प्रतिशत पर लाने का प्रस्ताव किया गया है। इसकी सराहना करते हुए मनमोहन सिंह ने कहा कि इसके लिए सरकार को पेट्रोलियम तथा अन्य पदार्थो की कीमत समायोजित करनी होगी।टिप्पणियां उन्होंने कहा, "हमें यह मुश्किल निर्णय न चाहते हुए भी लेना ही होगा। सब्सिडी कम करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।" यह पूछे जाने पर कि क्या इस प्रस्ताव को सरकार के सहयोगी दलों का समर्थन प्राप्त होगा, मनमोहन सिंह ने कहा, "हम सहयोगियों से बातचीत कर उन्हें इसके लिए सहमत करेंगे।" व्यावहारिक फैसलों की आवश्यकता पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, "सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि अन्य अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में हम अपनी विकास दर बनाए रखने में अधिक कामयाब रहे।" तेज, सतत व समग्र विकास पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, "विकास के मामले में हम आगे बढ़ रहे हैं।" माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर प्रधानमंत्री कार्यालय ने लिखा, "केंद्रीय वित्त मंत्री ने एक ही साथ महंगाई कम करने और तेज विकास की जिम्मेदारी को सफलतापूर्वक पूरा किया।" पीएम ने सब्सिडी में कटौती के प्रस्ताव की सराहना करते हुए कहा कि सरकार को यह कठिन निर्णय न चाहते हुए भी लेना ही होगा। साथ ही उन्होंने तेज व समग्र आर्थिक विकास पर भी बल दिया। वित्त वर्ष 2012-13 के लिए शुक्रवार को लोकसभा में पेश आम बजट में सब्सिडी को कम कर सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के दो प्रतिशत पर लाने का प्रस्ताव किया गया है। इसकी सराहना करते हुए मनमोहन सिंह ने कहा कि इसके लिए सरकार को पेट्रोलियम तथा अन्य पदार्थो की कीमत समायोजित करनी होगी।टिप्पणियां उन्होंने कहा, "हमें यह मुश्किल निर्णय न चाहते हुए भी लेना ही होगा। सब्सिडी कम करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।" यह पूछे जाने पर कि क्या इस प्रस्ताव को सरकार के सहयोगी दलों का समर्थन प्राप्त होगा, मनमोहन सिंह ने कहा, "हम सहयोगियों से बातचीत कर उन्हें इसके लिए सहमत करेंगे।" व्यावहारिक फैसलों की आवश्यकता पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, "सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि अन्य अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में हम अपनी विकास दर बनाए रखने में अधिक कामयाब रहे।" तेज, सतत व समग्र विकास पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, "विकास के मामले में हम आगे बढ़ रहे हैं।" पीएम ने सब्सिडी में कटौती के प्रस्ताव की सराहना करते हुए कहा कि सरकार को यह कठिन निर्णय न चाहते हुए भी लेना ही होगा। साथ ही उन्होंने तेज व समग्र आर्थिक विकास पर भी बल दिया। वित्त वर्ष 2012-13 के लिए शुक्रवार को लोकसभा में पेश आम बजट में सब्सिडी को कम कर सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के दो प्रतिशत पर लाने का प्रस्ताव किया गया है। इसकी सराहना करते हुए मनमोहन सिंह ने कहा कि इसके लिए सरकार को पेट्रोलियम तथा अन्य पदार्थो की कीमत समायोजित करनी होगी।टिप्पणियां उन्होंने कहा, "हमें यह मुश्किल निर्णय न चाहते हुए भी लेना ही होगा। सब्सिडी कम करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।" यह पूछे जाने पर कि क्या इस प्रस्ताव को सरकार के सहयोगी दलों का समर्थन प्राप्त होगा, मनमोहन सिंह ने कहा, "हम सहयोगियों से बातचीत कर उन्हें इसके लिए सहमत करेंगे।" व्यावहारिक फैसलों की आवश्यकता पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, "सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि अन्य अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में हम अपनी विकास दर बनाए रखने में अधिक कामयाब रहे।" तेज, सतत व समग्र विकास पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, "विकास के मामले में हम आगे बढ़ रहे हैं।" वित्त वर्ष 2012-13 के लिए शुक्रवार को लोकसभा में पेश आम बजट में सब्सिडी को कम कर सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के दो प्रतिशत पर लाने का प्रस्ताव किया गया है। इसकी सराहना करते हुए मनमोहन सिंह ने कहा कि इसके लिए सरकार को पेट्रोलियम तथा अन्य पदार्थो की कीमत समायोजित करनी होगी।टिप्पणियां उन्होंने कहा, "हमें यह मुश्किल निर्णय न चाहते हुए भी लेना ही होगा। सब्सिडी कम करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।" यह पूछे जाने पर कि क्या इस प्रस्ताव को सरकार के सहयोगी दलों का समर्थन प्राप्त होगा, मनमोहन सिंह ने कहा, "हम सहयोगियों से बातचीत कर उन्हें इसके लिए सहमत करेंगे।" व्यावहारिक फैसलों की आवश्यकता पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, "सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि अन्य अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में हम अपनी विकास दर बनाए रखने में अधिक कामयाब रहे।" तेज, सतत व समग्र विकास पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, "विकास के मामले में हम आगे बढ़ रहे हैं।" उन्होंने कहा, "हमें यह मुश्किल निर्णय न चाहते हुए भी लेना ही होगा। सब्सिडी कम करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।" यह पूछे जाने पर कि क्या इस प्रस्ताव को सरकार के सहयोगी दलों का समर्थन प्राप्त होगा, मनमोहन सिंह ने कहा, "हम सहयोगियों से बातचीत कर उन्हें इसके लिए सहमत करेंगे।" व्यावहारिक फैसलों की आवश्यकता पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, "सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि अन्य अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में हम अपनी विकास दर बनाए रखने में अधिक कामयाब रहे।" तेज, सतत व समग्र विकास पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, "विकास के मामले में हम आगे बढ़ रहे हैं।" व्यावहारिक फैसलों की आवश्यकता पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, "सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि अन्य अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में हम अपनी विकास दर बनाए रखने में अधिक कामयाब रहे।" तेज, सतत व समग्र विकास पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, "विकास के मामले में हम आगे बढ़ रहे हैं।"
संक्षिप्त सारांश: लोकसभा में वित्त वर्ष 2012-13 के लिए पेश आम बजट की प्रशंसा करते हुए कहा कि इसमें तेज, समान, सतत व समग्र विकास का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
29
['hin']
एक सारांश बनाओ: दिल्ली हाईकोर्ट ने शीला दीक्षित के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश पर रोक लगा दी है। दरअसल, सरकारी पैसे के दुरुपयोग के एक मामले में दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था। इस फैसले के खिलाफ दिल्ली सरकार ने हाईकोर्ट में अपील की थी।टिप्पणियां शीला दीक्षित पर सरकारी पैसे के दुरुपयोग का आरोप है। यह मामला इस साल मई में सामने आया जब दिल्ली के लोकायुक्त ने बीजेपी नेता विजेंद्र गुप्ता की शिकायत पर जांच की थी। गौरतलब है कि 2008 के विधानसभा चुनावों में शीला दीक्षित ने 22 करोड़ रुपये विज्ञापनों पर खर्च किए। इनमें से 11 करोड़ रुपये सरकार के खर्च हुए। लोकायुक्त ने कहा कि ये 11 करोड़ सरकार को लौटाए जाएं। शीला दीक्षित पर सरकारी पैसे के दुरुपयोग का आरोप है। यह मामला इस साल मई में सामने आया जब दिल्ली के लोकायुक्त ने बीजेपी नेता विजेंद्र गुप्ता की शिकायत पर जांच की थी। गौरतलब है कि 2008 के विधानसभा चुनावों में शीला दीक्षित ने 22 करोड़ रुपये विज्ञापनों पर खर्च किए। इनमें से 11 करोड़ रुपये सरकार के खर्च हुए। लोकायुक्त ने कहा कि ये 11 करोड़ सरकार को लौटाए जाएं। गौरतलब है कि 2008 के विधानसभा चुनावों में शीला दीक्षित ने 22 करोड़ रुपये विज्ञापनों पर खर्च किए। इनमें से 11 करोड़ रुपये सरकार के खर्च हुए। लोकायुक्त ने कहा कि ये 11 करोड़ सरकार को लौटाए जाएं।
सारांश: दरअसल, शीला दीक्षित पर सरकारी पैसे के दुरुपयोग का आरोप है। यह मामला इस साल मई में सामने आया जब दिल्ली के लोकायुक्त ने बीजेपी नेता विजेंद्र गुप्ता की शिकायत पर जांच की थी।
5
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारत ने सोमवार को पश्चिमी देशों से आग्रह किया कि लीबिया में की जा रही बमबारी रोक दी जाए, साथ ही उसने सुझाव दिया कि मुअम्मार गद्दाफी के शासन के खिलाफ हिंसक विद्रोह को समाप्त कर बातचीत का रास्ता अपनाया जाए। पर साथ ही विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने स्पष्ट किया कि भारत गद्दाफी का मित्र नहीं है और लीबिया के लोगों की भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए। ज्ञात हो कि भारत सुरक्षा परिषद के उन पांच सदस्यों में शामिल था, जिन्होंने पिछले सप्ताह लीबिया पर उड़ान निषिद्ध क्षेत्र घोषित करने का समर्थन करने वाले प्रस्ताव पर मतदान में हिस्सा नहीं लिया था। अन्य चार सदस्यों में रूस, चीन, जर्मनी और ब्राजील शामिल हैं। कृष्णा ने कहा, "संघर्ष रोका जाना समय की जरूरत है।" उन्होंने कहा कि भारत, लीबिया में जारी हिंसा और बिगड़ रहे मानवीय हालात पर गम्भीर चिंता व्यक्त करता है। कृष्णा ने कहा, "हम लीबिया में हो रहे हवाई हमले पर खेद प्रकट करते हैं।" उन्होंने कहा कि मुख्यरूप से फ्रांस, ब्रिटेन और अमेरिका द्वारा किए जा रहे हवाई हमलों से बेगुनाह नागरिकों, विदेशी नागरिकों, दूतावासों और उनके कर्मचारियों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। कृष्णा ने कहा, "भारत सभी पक्षों से आह्वान करता है कि उन्हें मतभेदों को दूर करने के लिए हिंसा, धमकी व बल का प्रयोग न करें। भारत का मानना है कि सभी पक्षों को संयुक्त राष्ट्र और अन्य क्षेत्रीय संगठनों के जरिए एक शांतिपूर्ण संवाद में हिस्सा लेना चाहिए और किसी समझौते का रास्ता निकालना चाहिए।" जब से पश्चिमी देशों ने लीबिया पर बमबारी शुरू की है, भारत, चीन और रूस पश्चिमी हस्तक्षेप का विरोध किया है। मास्को ने इस रक्तपात को रोकने की मांग की है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने स्पष्ट किया कि भारत गद्दाफी का मित्र नहीं है और लीबिया के लोगों की भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए।
25
['hin']
एक सारांश बनाओ: कृष्‍ण जन्‍माष्‍टमी (Krishna Janmashtami) 23 और 24 अगस्त को मनाई जाएगी. जन्‍माष्‍टमी (Janmashtami) का त्योहार भारत ही नहीं दुनियाभर में बड़ी ही धूमधाम से मनाया जाता है. भगवान कृष्ण (Krishna) के जन्मदिन का विशेष महत्व है. इस दिन कृष्ण की पूजा होती है, भगवान को माखन का भोग लगाया जाता है. वहीं, मंदिरों में झांकियां निकाली जाती हैं. कृष्‍ण का स्वरूप इतना विराट है कि इसकी व्याख्या नहीं की जा सकती. कृष्‍ण (Bhagwan Krishna) के कई प्रसंग काफी मशहूर हैं. कृष्‍ण से जुड़ा एक प्रसंग है जब 12 वर्ष के वनवास और एक साल के अज्ञातवास को काटने के बाद पांडवों ने कौरवों से सुलह के लिए भगवान कृष्ण को हस्तिनापुर भेजा जो कौरवों की राजधानी हुआ करती थी. इस दौरान कृष्ण ने दुर्योधन से कहा था कि वह आधा राज्य दे दें या उन्हें पांच ही गांव अर्पित कर दें. लेकिन दुर्योधन ने कृष्ण की बात न सुनकर उन्हें बंदी बनाने का प्रयास किया. जिसके बाद कृष्ण ने दुर्योधन को चेतावनी दी. इस प्रसंग पर कवि रामधारी सिंह दिनकर ने कविता भी लिखी थी. दिनकर के महाकाव्य 'रश्मिरथी' के तीसरे सर्ग में इस पूरे प्रसंग की बेहद सुंदर व्याख्या की गई है. 'कृष्ण की चेतावनी' नामक कविता को लोग आज भी काफी पसंद करते हैं. अगर आप इस कविता को पढ़ेंगे तो आपको ऐसा लगेगा कि सबकुछ आपके सामने ही हो रहा है. वर्षों तक वन में घूम-घूम, बाधा-विघ्नों को चूम-चूम, सह धूप-घाम, पानी-पत्थर, पांडव आये कुछ और निखर. सौभाग्य न सब दिन सोता है, देखें, आगे क्या होता है. मैत्री की राह बताने को, सबको सुमार्ग पर लाने को, दुर्योधन को समझाने को, भीषण विध्वंस बचाने को, भगवान् हस्तिनापुर आये, पांडव का संदेशा लाये. ‘दो न्याय अगर तो आधा दो, पर, इसमें भी यदि बाधा हो, तो दे दो केवल पाँच ग्राम, रक्खो अपनी धरती तमाम. हम वहीं खुशी से खायेंगे, परिजन पर असि न उठायेंगे! दुर्योधन वह भी दे ना सका, आशीष समाज की ले न सका, उलटे, हरि को बाँधने चला, जो था असाध्य, साधने चला. जब नाश मनुज पर छाता है, पहले विवेक मर जाता है. हरि ने भीषण हुंकार किया, अपना स्वरूप-विस्तार किया, डगमग-डगमग दिग्गज डोले, भगवान् कुपित होकर बोले- ‘जंजीर बढ़ा कर साध मुझे, हाँ, हाँ दुर्योधन! बाँध मुझे. यह देख, गगन मुझमें लय है, यह देख, पवन मुझमें लय है, मुझमें विलीन झंकार सकल, मुझमें लय है संसार सकल. अमरत्व फूलता है मुझमें, संहार झूलता है मुझमें. ‘उदयाचल मेरा दीप्त भाल, भूमंडल वक्षस्थल विशाल, भुज परिधि-बन्ध को घेरे हैं, मैनाक-मेरु पग मेरे हैं. दिपते जो ग्रह नक्षत्र निकर, सब हैं मेरे मुख के अन्दर. जन्‍माष्‍टमी के दिन कृष्‍ण को लगाएं इस एक चीज का भोग, नहीं पड़ेगी 56 भोग बनाने की जरूरत ‘दृग हों तो दृश्य अकाण्ड देख, मुझमें सारा ब्रह्माण्ड देख, चर-अचर जीव, जग, क्षर-अक्षर, नश्वर मनुष्य सुरजाति अमर. शत कोटि सूर्य, शत कोटि चन्द्र, शत कोटि सरित, सर, सिन्धु मन्द्र. ‘शत कोटि विष्णु, ब्रह्मा, महेश, शत कोटि जिष्णु, जलपति, धनेश, शत कोटि रुद्र, शत कोटि काल, शत कोटि दण्डधर लोकपाल. जञ्जीर बढ़ाकर साध इन्हें, हाँ-हाँ दुर्योधन! बाँध इन्हें. ‘भूलोक, अतल, पाताल देख, गत और अनागत काल देख, यह देख जगत का आदि-सृजन, यह देख, महाभारत का रण, मृतकों से पटी हुई भू है, पहचान, इसमें कहाँ तू है. ‘अम्बर में कुन्तल-जाल देख, पद के नीचे पाताल देख, मुट्ठी में तीनों काल देख, मेरा स्वरूप विकराल देख. सब जन्म मुझी से पाते हैं, फिर लौट मुझी में आते हैं. ‘जिह्वा से कढ़ती ज्वाल सघन, साँसों में पाता जन्म पवन, पड़ जाती मेरी दृष्टि जिधर, हँसने लगती है सृष्टि उधर! मैं जभी मूँदता हूँ लोचन, छा जाता चारों ओर मरण. ‘बाँधने मुझे तो आया है, जंजीर बड़ी क्या लाया है? यदि मुझे बाँधना चाहे मन, पहले तो बाँध अनन्त गगन। सूने को साध न सकता है, वह मुझे बाँध कब सकता है? ‘हित-वचन नहीं तूने माना, मैत्री का मूल्य न पहचाना, तो ले, मैं भी अब जाता हूँ, अन्तिम संकल्प सुनाता हूँ. याचना नहीं, अब रण होगा, जीवन-जय या कि मरण होगा. ‘टकरायेंगे नक्षत्र-निकर, बरसेगी भू पर वह्नि प्रखर, फण शेषनाग का डोलेगा, विकराल काल मुँह खोलेगा. दुर्योधन! रण ऐसा होगा। फिर कभी नहीं जैसा होगा। ‘भाई पर भाई टूटेंगे, विष-बाण बूँद-से छूटेंगे, वायस-श्रृगाल सुख लूटेंगे, सौभाग्य मनुज के फूटेंगे. आखिर तू भूशायी होगा, हिंसा का पर, दायी होगा.' थी सभा सन्न, सब लोग डरे, चुप थे या थे बेहोश पड़े. केवल दो नर ना अघाते थे, धृतराष्ट्र-विदुर सुख पाते थे. कर जोड़ खड़े प्रमुदित, निर्भय, दोनों पुकारते थे ‘जय-जय'!
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: जन्‍माष्‍टमी 23 और 24 अगस्त को मनाई जाएगी. कृष्‍ण के कई प्रसंग काफी मशहूर हैं. कृष्‍ण के एक प्रसंग पर दिनकर ने कविता लिखी थी.
32
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: यहां शुरू होने वाले मेट्रो रेल के प्रोजेक्ट का श्रेय लेने मे राजनीतिक दलों में होड़ मची हुई है. पहले मैं, पहले मैं के चक्कर में इस प्रोजेक्ट का दो बार भूमिपूजन होने जा रहा है. शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस योजना का शिलान्यास करेंगे, लेकिन उनसे पहले कांग्रेस ने शुक्रवार को यह काम करने की घोषणा कर दी है. भूमिपूजन को लेकर कांग्रेस और एनसीपी में भी तनातनी हो गई है. इस समारोह ने कांग्रेस को आगबबूला कर दिया है. प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में शामिल होने का मौका मिलते ही एनसीपी ने कांग्रेस का दामन छोड़ दिया है. पुणे मेट्रो का भूमिपूजन शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों होगा. शुरुआत में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) और कांग्रेस मिलकर इसके खिलाफ़ थे. पुणे महानगर पालिका में एनसीपी का कब्ज़ा है. पार्टी ने बाकायदा निमंत्रण पत्र छपवाकर प्रधानमंत्री के कार्यक्रम से एक दिन पहले पुणे मेट्रो का भूमिपूजन पार्टी मुखिया शरद पवार के हाथों कराने का ऐलान किया था, जिसका कांग्रेस ने भी समर्थन किया था.   टिप्पणियां लेकिन, जैसे ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में पुणे मेट्रो के भूमिपूजन के लिए एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार को न्यौता दिया गया, सारा मामला ही पलट गया. एनसीपी ने एक झटके से अपने मुखिया के हाथों भूमिपूजन का नियोजित कार्यक्रम ही रद्द कर प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम में शरीक होने की मानसिकता बना ली. अब शरद पवार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ पुणे मेट्रो के भूमिपूजन के लिए मंच साझा करेंगे. कांग्रेस ने एनसीपी की इस पलटी पर कड़ा रुख लिया है. पार्टी की पुणे इकाई के अध्यक्ष रमेश बागवे ने मीडिया को बताया कि भले एनसीपी अब शुक्रवार को भूमिपूजन के लिए तैयार न हो कांग्रेस यह समारोह संपन्न करेगी. कांग्रेस ने इसलिए अपने नेता पृथ्वीराज चव्हाण को चुना है. पार्टी अब चव्हाण के हाथों भूमिपूजन कराने का मन बना चुकी है. भूमिपूजन को लेकर कांग्रेस और एनसीपी में भी तनातनी हो गई है. इस समारोह ने कांग्रेस को आगबबूला कर दिया है. प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में शामिल होने का मौका मिलते ही एनसीपी ने कांग्रेस का दामन छोड़ दिया है. पुणे मेट्रो का भूमिपूजन शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों होगा. शुरुआत में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) और कांग्रेस मिलकर इसके खिलाफ़ थे. पुणे महानगर पालिका में एनसीपी का कब्ज़ा है. पार्टी ने बाकायदा निमंत्रण पत्र छपवाकर प्रधानमंत्री के कार्यक्रम से एक दिन पहले पुणे मेट्रो का भूमिपूजन पार्टी मुखिया शरद पवार के हाथों कराने का ऐलान किया था, जिसका कांग्रेस ने भी समर्थन किया था.   टिप्पणियां लेकिन, जैसे ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में पुणे मेट्रो के भूमिपूजन के लिए एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार को न्यौता दिया गया, सारा मामला ही पलट गया. एनसीपी ने एक झटके से अपने मुखिया के हाथों भूमिपूजन का नियोजित कार्यक्रम ही रद्द कर प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम में शरीक होने की मानसिकता बना ली. अब शरद पवार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ पुणे मेट्रो के भूमिपूजन के लिए मंच साझा करेंगे. कांग्रेस ने एनसीपी की इस पलटी पर कड़ा रुख लिया है. पार्टी की पुणे इकाई के अध्यक्ष रमेश बागवे ने मीडिया को बताया कि भले एनसीपी अब शुक्रवार को भूमिपूजन के लिए तैयार न हो कांग्रेस यह समारोह संपन्न करेगी. कांग्रेस ने इसलिए अपने नेता पृथ्वीराज चव्हाण को चुना है. पार्टी अब चव्हाण के हाथों भूमिपूजन कराने का मन बना चुकी है. पुणे मेट्रो का भूमिपूजन शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों होगा. शुरुआत में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) और कांग्रेस मिलकर इसके खिलाफ़ थे. पुणे महानगर पालिका में एनसीपी का कब्ज़ा है. पार्टी ने बाकायदा निमंत्रण पत्र छपवाकर प्रधानमंत्री के कार्यक्रम से एक दिन पहले पुणे मेट्रो का भूमिपूजन पार्टी मुखिया शरद पवार के हाथों कराने का ऐलान किया था, जिसका कांग्रेस ने भी समर्थन किया था.   टिप्पणियां लेकिन, जैसे ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में पुणे मेट्रो के भूमिपूजन के लिए एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार को न्यौता दिया गया, सारा मामला ही पलट गया. एनसीपी ने एक झटके से अपने मुखिया के हाथों भूमिपूजन का नियोजित कार्यक्रम ही रद्द कर प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम में शरीक होने की मानसिकता बना ली. अब शरद पवार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ पुणे मेट्रो के भूमिपूजन के लिए मंच साझा करेंगे. कांग्रेस ने एनसीपी की इस पलटी पर कड़ा रुख लिया है. पार्टी की पुणे इकाई के अध्यक्ष रमेश बागवे ने मीडिया को बताया कि भले एनसीपी अब शुक्रवार को भूमिपूजन के लिए तैयार न हो कांग्रेस यह समारोह संपन्न करेगी. कांग्रेस ने इसलिए अपने नेता पृथ्वीराज चव्हाण को चुना है. पार्टी अब चव्हाण के हाथों भूमिपूजन कराने का मन बना चुकी है. लेकिन, जैसे ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में पुणे मेट्रो के भूमिपूजन के लिए एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार को न्यौता दिया गया, सारा मामला ही पलट गया. एनसीपी ने एक झटके से अपने मुखिया के हाथों भूमिपूजन का नियोजित कार्यक्रम ही रद्द कर प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम में शरीक होने की मानसिकता बना ली. अब शरद पवार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ पुणे मेट्रो के भूमिपूजन के लिए मंच साझा करेंगे. कांग्रेस ने एनसीपी की इस पलटी पर कड़ा रुख लिया है. पार्टी की पुणे इकाई के अध्यक्ष रमेश बागवे ने मीडिया को बताया कि भले एनसीपी अब शुक्रवार को भूमिपूजन के लिए तैयार न हो कांग्रेस यह समारोह संपन्न करेगी. कांग्रेस ने इसलिए अपने नेता पृथ्वीराज चव्हाण को चुना है. पार्टी अब चव्हाण के हाथों भूमिपूजन कराने का मन बना चुकी है. कांग्रेस ने एनसीपी की इस पलटी पर कड़ा रुख लिया है. पार्टी की पुणे इकाई के अध्यक्ष रमेश बागवे ने मीडिया को बताया कि भले एनसीपी अब शुक्रवार को भूमिपूजन के लिए तैयार न हो कांग्रेस यह समारोह संपन्न करेगी. कांग्रेस ने इसलिए अपने नेता पृथ्वीराज चव्हाण को चुना है. पार्टी अब चव्हाण के हाथों भूमिपूजन कराने का मन बना चुकी है.
संक्षिप्त पाठ: शनिवार को प्रधानमंत्री करेंगे भूमिपूजन, कांग्रेस का शु्क्रवार को ऐलान पीएम के कार्यक्रम का न्यौता मिलते ही शरद ने छोड़ा कांग्रेस का साथ पहले एनसीपी और कांग्रेस मिलकर कर रहे थे मेट्रो का भूमिपूजन
27
['hin']
एक सारांश बनाओ: बहरहाल, महाराष्ट्र कांग्रेस प्रमुख बालासाहेब थोराट ने उद्धव ठाकरे के साथ बैठक को 'शिष्टाचार भेंट' बताया और कहा कि वे मिल रहे हैं यह अपने आप में 'सकारात्मक' कदम है. ठाकरे ने उपनगर के एक होटल में थोराट, राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चह्वाण और वरिष्ठ कांग्रेस नेता माणिकराव ठाकरे से मुलाकात की. राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू होने के एक दिन बाद हुई यह बैठक करीब एक घंटे तक चली. उद्धव ठाकरे ने कांग्रेस (Congress) नेताओं के साथ बैठक के बाद होटल से बाहर आने पर पत्रकारों से कहा, 'सब कुछ ठीक चल रहा है. बातचीत सही दिशा में चल रही है और उचित समय आने पर फैसले की घोषणा की जाएगी.' बाद में जब थोराट से पूछा गया कि क्या बैठक नई सरकार के गठन की दिशा में सकारात्मक रही, इस पर उन्होंने कहा, 'उद्धव ठाकरे के साथ हमारी बैठक शिष्टाचार भेंट थी. हम मुलाकात कर रहे हैं, यह बात अपने आप में सकारात्मक कदम है.' माणिकराव ठाकरे ने कहा कि आगे की बातचीत के लिए 'मैत्रीपूर्ण माहौल' बनाने के वास्ते यह बैठक हुई. उद्धव के साथ बैठक से पहले मंगलवार को एआईसीसी नेताओं अहमद पटेल, केसी वेणुगोपाल, मल्लिकार्जुन खड़गे की राकांपा प्रमुख शरद पवार के साथ बैठक हुई थी, जिसमें शिवसेना (Shiv Sena) के साथ सरकार गठन के लिए 'न्यूनतम साझा कार्यक्रम' (सीएमपी) तैयार करने के मुद्दे पर चर्चा हुई थी. उन्होंने कहा, 'कांग्रेस और राकांपा को परस्पर सहमति पर पहुंचना होगा और साझा एजेंडे के लिए कुछ मुद्दे को स्पष्ट करना पड़ेगा और फिर अगर जरूरत पड़ी तो शिवसेना से दोबारा संपर्क करेंगे.' थोराट ने कहा कि राकांपा ने 'न्यूनतम साझा कार्यक्रम' तय करने के लिए बनाई जाने वाली एक संयुक्त समिति के लिए अपने पांच सदस्यों को नामित कर दिया है और कांग्रेस भी जल्द अपने सदस्यों को नामित करेगी. उन्होंने कहा कि कांग्रेस उम्मीद करती है कि विचार-विमर्श जल्द ही खत्म हो. इससे पहले ठाकरे ने मंगलवार को कहा कि अगर कांग्रेस तथा राकांपा (NCP) के समर्थन से सरकार बनती है तो शिवसेना को उनकी तरह न्यूनतम साझा कार्यक्रम पर स्पष्टता की आवश्यकता है. ठाकरे ने कहा, 'हमें छह महीने मिले हैं. शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस एक साथ बैठेंगे और सीएमपी पर काम करेंगे. शिवसेना और कांग्रेस-राकांपा के कई मुद्दों पर अलग-अलग विचार हैं...वे काम करेंगे और सरकार गठन का दावा पेश करेंगे.' शिवसेना राज्य विधानसभा में भाजपा की 105 सीटों के बाद 56 सीटों के साथ दूसरी सबसे बड़ी पार्टी है. अगर वह राकांपा (54) और कांग्रेस (44) के साथ आती है तो तीनों दल 288 सदस्यीय सदन में बहुमत के 145 के आंकड़े को आसानी से पार कर सकते हैं. सत्ता साझेदारी को लेकर भाजपा और शिवसेना के बीच तनातनी के बाद राज्य में राजनीतिक अनिश्चितता पैदा हो गई है. उनके गठबंधन को 21 अक्टूबर को हुए विधानसभा चुनाव में बहुमत मिला था.
संक्षिप्त सारांश: महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर कोशिशें जारी उद्धव बोले- बातचीत सही दिशा में आगे बढ़ रही है महाराष्ट्र में मंगलवार से राष्ट्रपति शासन लागू है
8
['hin']
एक सारांश बनाओ: उच्चतम न्यायालय ने निठारी श्रृंखलाबद्ध बलात्कार एवं हत्याकांड में सुरिंदर कोली की सजा-ए-मौत की पुष्टि करने में महज 90 मिनट लगे जो सजा-ए-मौत की अब तक की शायद सबसे तेज सुनवाई है। अंतिम सुनवाई में न्यायमूर्ति मार्कण्डेय काट्जू और न्यायमूर्ति ज्ञानसुधा मिश्रा की पीठ ने कोली को सजा-ए-मौत के निचली अदालत और इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसलों पर मंजूरी की मुहर लगाने के लिए उसके इकबालिया बयान को महत्व दिया। अतिरिक्त सालिसिटर जनरल विवेक तंखा की दलीलें सुनने के बाद दोनों न्यायाधीशों ने 39 साल के कोली के वकील से कहा कि वह उसकी दोषसिद्धि के खिलाफ दलीलें पेश करें। बहरहाल, वकील ने कहा कि वह सजा मौत के खिलाफ अपनी बातें रखेंगे। अदालत उससे प्रभावी नहीं हुई। खंडपीठ ने कहा, कोली ने अपना इकबालिया बयान वापस नहीं लिया है और जिन परिस्थितियों में अपराध किया गया वे इसे विरल मामलों की श्रेणी में लाती हैं।
सारांश: सुरिंदर कोली की सजा-ए-मौत की पुष्टि करने में महज 90 मिनट लगे जो सजाए मौत की अब तक की शायद सबसे तेज सुनवाई है।
5
['hin']
एक सारांश बनाओ: ब्रिटेन में भारतीय उच्चायोग और बीसीसीआई आधिकारिक डिनर को रद्द किए जाने को लेकर एक-दूसरे से भिड़ गए हैं। दोनों ने इस मामले में विरोधाभासी बयान दिए हैं। क्रिकेट बोर्ड ने जहां कहा है कि उसने पहले ही बता दिया था कि टीम 18 जुलाई को रिसेप्शन में उपस्थित नहीं हो पाएगी, वहीं उच्चायोग ने यह दावा करके इस विवाद को नया मोड़ दे दिया कि वह बीसीसीआई था, जिसने यह तिथि सुझाई थी। भारतीय टीम ने 18 जुलाई को उच्चायोग के रिसेप्शन में भाग लेने के बजाय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की चैरिटी शुरू करने को लेकर आयोजित समारोह में भाग लिया था। भारतीय उच्चायोग ने विदेश मंत्रालय को इसकी जानकारी दी थी। बीसीसीआई ने कहा कि रिसेप्शन की तिथि भारतीय उच्चायोग ने सुझाई थी, लेकिन टीम छह महीने पहले से ही दूसरे कार्यक्रम के लिए हामी भर चुकी थी, इसलिए यह न्यौता स्वीकार नहीं किया गया। बीसीसीआई ने बयान में कहा, भारतीय उच्चायोग ने भारतीय टीम को 18 जुलाई, 2011 को रिसेप्शन में शामिल होने का न्यौता दिया था। लेकिन भारतीय क्रिकेट टीम को उसी दिन अन्य कार्यक्रम में भाग लेना था और उसका यह कार्यक्रम छह महीने पहले से तय था। बोर्ड सचिव एन श्रीनिवासन ने बयान में कहा, बीसीसीआई ने भारतीय उच्चायोग को इससे सूचित कर दिया था और सुझाव दिया था कि रिसेप्शन 25 जुलाई, 2011 को आयोजित किया जा सकता है। लेकिन उच्चायोग ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि इस समारोह की तिथि का सुझाव बीसीसीआई ने दिया था।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: ब्रिटेन में भारतीय उच्चायोग व बीसीसीआई आधिकारिक डिनर रद्द किए जाने को लेकर एक-दूसरे से भिड़ गए हैं। दोनों ने इस पर विरोधाभासी बयान दिए हैं।
32
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: शिमला की वादियों से हीरो एमटीबी रेस शुरू हो गई है. यह साइकिल रेस एशिया की सबसे बड़ी और सबसे मुश्किल माउंटेन साइकिल रेस मानी जाती है. इस बार कुल 67 देशी और विदेशी राइडर इसमें हिस्सा ले रहे हैं. यह रेस शिमला से शुरू हुई और धर्मशाला में समाप्त होगी. 25 सितंबर को शुरू हुई यह रेस तीन अक्टूबर तक चलेगी. राइडर इस दौरान करीब 650 किलोमीटर का सफर तय करेंगे. इस साइकिल रेस को आठ स्टेज में बांटा गया है. हर दिन राइडर करीब 70-80 किलोमीटर का मुश्किल सफर तय कर रहे हैं. हिमाचल की हसीन वादियों में साइकिल का सफर आसान नहीं है, लेकिन इसमें भाग लेने वालों को इसकी फिक्र नहीं है. इस रेस में शामिल भारतीय राइडर हर सीज़न के साथ बेहतर हो रहे हैं. अंतरराष्ट्रीय राइडरों से मुकाबला करके इनके खेल में सुधार हो रहा है.   युवा भारतीय राइडरों के लिए यह अनुभव कभी न भूलने वाला है. हर सीज़न के साथ उनका प्रदर्शन सुधर रहा है और विदेशों में भी ले जाकर उनके स्तर को बढ़ाने की कोशिश की जा रही है. इस रेस का आयोजन कराने वाली संस्था हस्तपा के अध्यक्ष मोहित सूद का कहना है कि 'हमारा उद्देश्य हिमाचल में होने वाली इस रेस को दुनिया में पहचान दिलाना है. हर साल रेस की लोकप्रियता बढ़ रही है और वह दिन दूर नहीं जब भारत से कोई चैंपियन निकलेगा. हमारा उद्देश्य देश में माउंटेन साइकलिंग को बढ़ावा देना है.'   हर दिन के अंत में राइडर स्थानीय लोगों से मिलते हैं और यहां की संस्कृति से भी वाकिफ होते हैं. इस तरीके के आयोजन न सिर्फ प्रोफेशनल राइडरों के लिए अच्छे हैं, बल्कि समाज में भी साइकलिंग जैसे खेल को बढ़ावा देते हैं. इस साइकिल रेस को आठ स्टेज में बांटा गया है. हर दिन राइडर करीब 70-80 किलोमीटर का मुश्किल सफर तय कर रहे हैं. हिमाचल की हसीन वादियों में साइकिल का सफर आसान नहीं है, लेकिन इसमें भाग लेने वालों को इसकी फिक्र नहीं है. इस रेस में शामिल भारतीय राइडर हर सीज़न के साथ बेहतर हो रहे हैं. अंतरराष्ट्रीय राइडरों से मुकाबला करके इनके खेल में सुधार हो रहा है.   युवा भारतीय राइडरों के लिए यह अनुभव कभी न भूलने वाला है. हर सीज़न के साथ उनका प्रदर्शन सुधर रहा है और विदेशों में भी ले जाकर उनके स्तर को बढ़ाने की कोशिश की जा रही है. इस रेस का आयोजन कराने वाली संस्था हस्तपा के अध्यक्ष मोहित सूद का कहना है कि 'हमारा उद्देश्य हिमाचल में होने वाली इस रेस को दुनिया में पहचान दिलाना है. हर साल रेस की लोकप्रियता बढ़ रही है और वह दिन दूर नहीं जब भारत से कोई चैंपियन निकलेगा. हमारा उद्देश्य देश में माउंटेन साइकलिंग को बढ़ावा देना है.'   हर दिन के अंत में राइडर स्थानीय लोगों से मिलते हैं और यहां की संस्कृति से भी वाकिफ होते हैं. इस तरीके के आयोजन न सिर्फ प्रोफेशनल राइडरों के लिए अच्छे हैं, बल्कि समाज में भी साइकलिंग जैसे खेल को बढ़ावा देते हैं.
सारांश: प्रति दिन 70 से 80 किलोमीटर सफर कर रहे प्रतिभागी साइकिल रेस को आठ स्टेज में बांटा गया देश-विदेश के कुल 67 प्रतिभागी ले रहे भाग
33
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: आतंकी संगठन हिज्बुल मुजाहिदीन के चीफ सैयद सलाहुद्दीन को अमेरिका ने अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित कर दिया है. सुरक्षा के जानकार कहते हैं कि इसका जम्मू-कश्मीर में आतंकी हरकतों पर कोई असर नहीं पड़ेगा लेकिन पाकिस्तान पर दबाव जरूर बढ़ेगा. उधर पाकिस्तान ने सलाहुद्दीन का नाम लिए बगैर कहा है कि कश्मीरियों के हक के लिए लड़ने वालों को आतंकी नहीं कहा जा सकता है. वैसे सलाहुद्दीन जम्मू-कश्मीर में सैकड़ों आतंकी वारदातों का मुजरिम है. बरसों से आतंक का खेल खेल रहे इस शख़्स ने हिज़्बुल मुजाहिदीन को खड़ा किया. लेकिन अब इतने बरस बाद अमेरिका ने ठीक प्रधानमंत्री और ट्रंप की मुलाकात से पहले सलाहुद्दीन को अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित कर अपना संदेश दे दिया है. इससे खास फायदा तो नहीं होगा लेकिन यह सांकेतिक कहीं ज्यादा है. केंद्रीय गृह सचिव राजीव महर्षि ने कहा कि ये बहुत अच्छी बात है. इससे उसके मूवमेंट और फंडिंग पर रोक लगेगी. वैसे वह डरपोक आदमी है जो भागा फिरता है. हालांकि जानकारों का कहना है कि सलाहुद्दीन को आतंकी घोषित किए जाने से जम्मू-कश्मीर में बहुत फ़र्क नहीं आएगा. इसकी वजह यह है कि अमूनन कश्मीर में कार्रवाई करते वक्त आतंकी सलाहुद्दीन से सीधे आदेश नहीं लेते हैं बल्कि अपने जिला कमांडर से आदेश लेकर कार्रवाई को अंजाम देते हैं. टिप्पणियां केंद्रीय गृह राज्यमंत्री हंसराज अहीर ने एनडीटीवी इंडिया से कहा कि इससे पाकिस्तान पर दवाब बढ़ेगा. वो झुकेगा और दुनिया के सामने बेनकाब होगा कि अभी भी आतंक के कारखाने चला रहा है. उधर पाकिस्तान सलाहुद्दीन के बचाव में उतर आया है. पाक विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा है कि कश्मीरियों के हक में लड़ने वालों को आतंकी नहीं कहा जा सकता. सलाहुद्दीन के पहले हाफिज सईद और ज़किउर्रहमान लखवी भी अंतरराष्ट्रीय आतंकवादियों में हैं. इसलिए सलाहुद्दीन के भी ऐसी लिस्ट में आ जाने से जमीनी हालात भले न बदलें, मगर पाकिस्तान पर दबाव बढ़ेगा और शायद सलाहुद्दीन की आवाजाही और पैसे जुटाने पर असर पड़ेगा. उधर पाकिस्तान ने सलाहुद्दीन का नाम लिए बगैर कहा है कि कश्मीरियों के हक के लिए लड़ने वालों को आतंकी नहीं कहा जा सकता है. वैसे सलाहुद्दीन जम्मू-कश्मीर में सैकड़ों आतंकी वारदातों का मुजरिम है. बरसों से आतंक का खेल खेल रहे इस शख़्स ने हिज़्बुल मुजाहिदीन को खड़ा किया. लेकिन अब इतने बरस बाद अमेरिका ने ठीक प्रधानमंत्री और ट्रंप की मुलाकात से पहले सलाहुद्दीन को अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित कर अपना संदेश दे दिया है. इससे खास फायदा तो नहीं होगा लेकिन यह सांकेतिक कहीं ज्यादा है. केंद्रीय गृह सचिव राजीव महर्षि ने कहा कि ये बहुत अच्छी बात है. इससे उसके मूवमेंट और फंडिंग पर रोक लगेगी. वैसे वह डरपोक आदमी है जो भागा फिरता है. हालांकि जानकारों का कहना है कि सलाहुद्दीन को आतंकी घोषित किए जाने से जम्मू-कश्मीर में बहुत फ़र्क नहीं आएगा. इसकी वजह यह है कि अमूनन कश्मीर में कार्रवाई करते वक्त आतंकी सलाहुद्दीन से सीधे आदेश नहीं लेते हैं बल्कि अपने जिला कमांडर से आदेश लेकर कार्रवाई को अंजाम देते हैं. टिप्पणियां केंद्रीय गृह राज्यमंत्री हंसराज अहीर ने एनडीटीवी इंडिया से कहा कि इससे पाकिस्तान पर दवाब बढ़ेगा. वो झुकेगा और दुनिया के सामने बेनकाब होगा कि अभी भी आतंक के कारखाने चला रहा है. उधर पाकिस्तान सलाहुद्दीन के बचाव में उतर आया है. पाक विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा है कि कश्मीरियों के हक में लड़ने वालों को आतंकी नहीं कहा जा सकता. सलाहुद्दीन के पहले हाफिज सईद और ज़किउर्रहमान लखवी भी अंतरराष्ट्रीय आतंकवादियों में हैं. इसलिए सलाहुद्दीन के भी ऐसी लिस्ट में आ जाने से जमीनी हालात भले न बदलें, मगर पाकिस्तान पर दबाव बढ़ेगा और शायद सलाहुद्दीन की आवाजाही और पैसे जुटाने पर असर पड़ेगा. केंद्रीय गृह सचिव राजीव महर्षि ने कहा कि ये बहुत अच्छी बात है. इससे उसके मूवमेंट और फंडिंग पर रोक लगेगी. वैसे वह डरपोक आदमी है जो भागा फिरता है. हालांकि जानकारों का कहना है कि सलाहुद्दीन को आतंकी घोषित किए जाने से जम्मू-कश्मीर में बहुत फ़र्क नहीं आएगा. इसकी वजह यह है कि अमूनन कश्मीर में कार्रवाई करते वक्त आतंकी सलाहुद्दीन से सीधे आदेश नहीं लेते हैं बल्कि अपने जिला कमांडर से आदेश लेकर कार्रवाई को अंजाम देते हैं. टिप्पणियां केंद्रीय गृह राज्यमंत्री हंसराज अहीर ने एनडीटीवी इंडिया से कहा कि इससे पाकिस्तान पर दवाब बढ़ेगा. वो झुकेगा और दुनिया के सामने बेनकाब होगा कि अभी भी आतंक के कारखाने चला रहा है. उधर पाकिस्तान सलाहुद्दीन के बचाव में उतर आया है. पाक विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा है कि कश्मीरियों के हक में लड़ने वालों को आतंकी नहीं कहा जा सकता. सलाहुद्दीन के पहले हाफिज सईद और ज़किउर्रहमान लखवी भी अंतरराष्ट्रीय आतंकवादियों में हैं. इसलिए सलाहुद्दीन के भी ऐसी लिस्ट में आ जाने से जमीनी हालात भले न बदलें, मगर पाकिस्तान पर दबाव बढ़ेगा और शायद सलाहुद्दीन की आवाजाही और पैसे जुटाने पर असर पड़ेगा. केंद्रीय गृह राज्यमंत्री हंसराज अहीर ने एनडीटीवी इंडिया से कहा कि इससे पाकिस्तान पर दवाब बढ़ेगा. वो झुकेगा और दुनिया के सामने बेनकाब होगा कि अभी भी आतंक के कारखाने चला रहा है. उधर पाकिस्तान सलाहुद्दीन के बचाव में उतर आया है. पाक विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा है कि कश्मीरियों के हक में लड़ने वालों को आतंकी नहीं कहा जा सकता. सलाहुद्दीन के पहले हाफिज सईद और ज़किउर्रहमान लखवी भी अंतरराष्ट्रीय आतंकवादियों में हैं. इसलिए सलाहुद्दीन के भी ऐसी लिस्ट में आ जाने से जमीनी हालात भले न बदलें, मगर पाकिस्तान पर दबाव बढ़ेगा और शायद सलाहुद्दीन की आवाजाही और पैसे जुटाने पर असर पड़ेगा. उधर पाकिस्तान सलाहुद्दीन के बचाव में उतर आया है. पाक विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा है कि कश्मीरियों के हक में लड़ने वालों को आतंकी नहीं कहा जा सकता. सलाहुद्दीन के पहले हाफिज सईद और ज़किउर्रहमान लखवी भी अंतरराष्ट्रीय आतंकवादियों में हैं. इसलिए सलाहुद्दीन के भी ऐसी लिस्ट में आ जाने से जमीनी हालात भले न बदलें, मगर पाकिस्तान पर दबाव बढ़ेगा और शायद सलाहुद्दीन की आवाजाही और पैसे जुटाने पर असर पड़ेगा.
यहाँ एक सारांश है:जम्मू-कश्मीर में आतंकी हरकतों पर कोई असर नहीं पड़ेगा जिला कमांडर से आदेश लेकर कार्रवाई करते हैं आतंकी दुनिया के सामने बेनकाब होगा आतंक को प्रश्रय देने वाला पाक
18
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: उच्चतम न्यायालय ने केरल तट पर दो भारतीय मछुआरों की गोली मारकर हत्या करने के आरोपी दो इतालवी मरीनों को इटली में आम चुनाव में वोट डालने के लिए स्वदेश जाने की अनुमति दे दी। प्रधान न्यायाधीश अल्तमस कबीर के नेतृत्व वाली पीठ ने कहा कि आरोपी मरीन- मैसिमिलिआनो लातोर और सल्वातोर गिरोन 24 और 25 फरवरी को हो रहे चुनाव में मतदान करने के लिए भारत में इटली के राजदूत के निगरानी और हिरासत के तहत स्वदेश जाएंगे। पीठ में न्यायमूर्ति एआर दवे और न्यायमूर्ति विक्रमजीत सेन भी शामिल थे। पीठ ने दोनों मरीनों और इटली सरकार के इस आवेदन के स्वीकार कर लिया कि उन्हें चार हफ्ते के लिए इटली जाने की अनुमति प्रदान की जाए। न्यायालय ने कहा, हम निवेदन स्वीकार करने को तैयार हैं। पीठ ने इतालवी राजदूत से इटली गणराज्य की ओर से एक अतिरिक्त हलफनामा दायर करने को कहा। आवेदन स्वीकार करते हुए पीठ ने उल्लेख किया कि इतालवी कानून के तहत मरीन डाक के जरिये अपना वोट नहीं डाल सकते। पीठ ने कहा कि मरीनों को केवल इटली जाने और केवल वहीं रहने की अनुमति है तथा उन्हें भारत लौटना होगा। सुनवाई के दौरान न्यायालय को बताया गया कि केरल के कोल्लम स्थित निचली अदालत ने शीर्ष न्यायालय के निर्देश के अनुरूप दोनों मरीनों के पासपोर्ट गृह मंत्रालय को नहीं सौंपे हैं। पीठ को बताया गया कि 16 फरवरी को पासपोर्ट मेल किए गए थे और ये अभी गृह मंत्रालय को नहीं मिले हैं। तथ्य पर विचार करते हुए पीठ ने अनुमति दी कि यदि पासपोर्ट नहीं मिलते हैं, तो मरीन अस्थायी दस्तावेजों पर यात्रा कर सकते हैं और गृह मंत्रालय इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अधिकारियों तथा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षाबल (सीआईएसएफ) को इस आदेश के बारे में सूचित करेगा।टिप्पणियां पिछले साल 15 फरवरी को इन इतालवी मरीनों ने दो भारतीय मछुआरों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। मरीन इतालवी जहाज 'एनरिका लेक्सी' पर सवार थे। शीर्ष अदालत ने यह भी कहा कि 18 जनवरी के इसके आदेश के अनुरूप मरीनों को भारत छोड़ने से पहले तथा वापस भारत पहुंचने के बाद चाणक्यपुरी पुलिस थाने में रिपोर्ट करनी होगी। उच्चतम न्यायालय ने 18 जनवरी को इटली सरकार के इस आग्रह को खारिज कर दिया था कि मामला भारतीय अदालतों के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। इसने फैसला दिया था कि केंद्र को इन मरीनों पर मुकदमा चलाने के लिए विशेष अदालत का गठन करना चाहिए। इसने निर्देश दिया था कि दोनों मरीनों को दिल्ली स्थानांतरित कर दिया जाए और जब तक विशेष अदालत का गठन नहीं होता, तब तक वे इसकी हिरासत में रहेंगे। न्यायालय ने कहा था कि दोनों विदेशी मरीनों पर मुकदमा चलाना केरल सरकार के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता और यह प्रधान न्यायाधीश से सलाह के बाद स्थापित होने वाली विशेष अदालत में केंद्र द्वारा चलाया जाएगा। प्रधान न्यायाधीश अल्तमस कबीर के नेतृत्व वाली पीठ ने कहा कि आरोपी मरीन- मैसिमिलिआनो लातोर और सल्वातोर गिरोन 24 और 25 फरवरी को हो रहे चुनाव में मतदान करने के लिए भारत में इटली के राजदूत के निगरानी और हिरासत के तहत स्वदेश जाएंगे। पीठ में न्यायमूर्ति एआर दवे और न्यायमूर्ति विक्रमजीत सेन भी शामिल थे। पीठ ने दोनों मरीनों और इटली सरकार के इस आवेदन के स्वीकार कर लिया कि उन्हें चार हफ्ते के लिए इटली जाने की अनुमति प्रदान की जाए। न्यायालय ने कहा, हम निवेदन स्वीकार करने को तैयार हैं। पीठ ने इतालवी राजदूत से इटली गणराज्य की ओर से एक अतिरिक्त हलफनामा दायर करने को कहा। आवेदन स्वीकार करते हुए पीठ ने उल्लेख किया कि इतालवी कानून के तहत मरीन डाक के जरिये अपना वोट नहीं डाल सकते। पीठ ने कहा कि मरीनों को केवल इटली जाने और केवल वहीं रहने की अनुमति है तथा उन्हें भारत लौटना होगा। सुनवाई के दौरान न्यायालय को बताया गया कि केरल के कोल्लम स्थित निचली अदालत ने शीर्ष न्यायालय के निर्देश के अनुरूप दोनों मरीनों के पासपोर्ट गृह मंत्रालय को नहीं सौंपे हैं। पीठ को बताया गया कि 16 फरवरी को पासपोर्ट मेल किए गए थे और ये अभी गृह मंत्रालय को नहीं मिले हैं। तथ्य पर विचार करते हुए पीठ ने अनुमति दी कि यदि पासपोर्ट नहीं मिलते हैं, तो मरीन अस्थायी दस्तावेजों पर यात्रा कर सकते हैं और गृह मंत्रालय इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अधिकारियों तथा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षाबल (सीआईएसएफ) को इस आदेश के बारे में सूचित करेगा।टिप्पणियां पिछले साल 15 फरवरी को इन इतालवी मरीनों ने दो भारतीय मछुआरों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। मरीन इतालवी जहाज 'एनरिका लेक्सी' पर सवार थे। शीर्ष अदालत ने यह भी कहा कि 18 जनवरी के इसके आदेश के अनुरूप मरीनों को भारत छोड़ने से पहले तथा वापस भारत पहुंचने के बाद चाणक्यपुरी पुलिस थाने में रिपोर्ट करनी होगी। उच्चतम न्यायालय ने 18 जनवरी को इटली सरकार के इस आग्रह को खारिज कर दिया था कि मामला भारतीय अदालतों के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। इसने फैसला दिया था कि केंद्र को इन मरीनों पर मुकदमा चलाने के लिए विशेष अदालत का गठन करना चाहिए। इसने निर्देश दिया था कि दोनों मरीनों को दिल्ली स्थानांतरित कर दिया जाए और जब तक विशेष अदालत का गठन नहीं होता, तब तक वे इसकी हिरासत में रहेंगे। न्यायालय ने कहा था कि दोनों विदेशी मरीनों पर मुकदमा चलाना केरल सरकार के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता और यह प्रधान न्यायाधीश से सलाह के बाद स्थापित होने वाली विशेष अदालत में केंद्र द्वारा चलाया जाएगा। पीठ में न्यायमूर्ति एआर दवे और न्यायमूर्ति विक्रमजीत सेन भी शामिल थे। पीठ ने दोनों मरीनों और इटली सरकार के इस आवेदन के स्वीकार कर लिया कि उन्हें चार हफ्ते के लिए इटली जाने की अनुमति प्रदान की जाए। न्यायालय ने कहा, हम निवेदन स्वीकार करने को तैयार हैं। पीठ ने इतालवी राजदूत से इटली गणराज्य की ओर से एक अतिरिक्त हलफनामा दायर करने को कहा। आवेदन स्वीकार करते हुए पीठ ने उल्लेख किया कि इतालवी कानून के तहत मरीन डाक के जरिये अपना वोट नहीं डाल सकते। पीठ ने कहा कि मरीनों को केवल इटली जाने और केवल वहीं रहने की अनुमति है तथा उन्हें भारत लौटना होगा। सुनवाई के दौरान न्यायालय को बताया गया कि केरल के कोल्लम स्थित निचली अदालत ने शीर्ष न्यायालय के निर्देश के अनुरूप दोनों मरीनों के पासपोर्ट गृह मंत्रालय को नहीं सौंपे हैं। पीठ को बताया गया कि 16 फरवरी को पासपोर्ट मेल किए गए थे और ये अभी गृह मंत्रालय को नहीं मिले हैं। तथ्य पर विचार करते हुए पीठ ने अनुमति दी कि यदि पासपोर्ट नहीं मिलते हैं, तो मरीन अस्थायी दस्तावेजों पर यात्रा कर सकते हैं और गृह मंत्रालय इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अधिकारियों तथा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षाबल (सीआईएसएफ) को इस आदेश के बारे में सूचित करेगा।टिप्पणियां पिछले साल 15 फरवरी को इन इतालवी मरीनों ने दो भारतीय मछुआरों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। मरीन इतालवी जहाज 'एनरिका लेक्सी' पर सवार थे। शीर्ष अदालत ने यह भी कहा कि 18 जनवरी के इसके आदेश के अनुरूप मरीनों को भारत छोड़ने से पहले तथा वापस भारत पहुंचने के बाद चाणक्यपुरी पुलिस थाने में रिपोर्ट करनी होगी। उच्चतम न्यायालय ने 18 जनवरी को इटली सरकार के इस आग्रह को खारिज कर दिया था कि मामला भारतीय अदालतों के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। इसने फैसला दिया था कि केंद्र को इन मरीनों पर मुकदमा चलाने के लिए विशेष अदालत का गठन करना चाहिए। इसने निर्देश दिया था कि दोनों मरीनों को दिल्ली स्थानांतरित कर दिया जाए और जब तक विशेष अदालत का गठन नहीं होता, तब तक वे इसकी हिरासत में रहेंगे। न्यायालय ने कहा था कि दोनों विदेशी मरीनों पर मुकदमा चलाना केरल सरकार के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता और यह प्रधान न्यायाधीश से सलाह के बाद स्थापित होने वाली विशेष अदालत में केंद्र द्वारा चलाया जाएगा। आवेदन स्वीकार करते हुए पीठ ने उल्लेख किया कि इतालवी कानून के तहत मरीन डाक के जरिये अपना वोट नहीं डाल सकते। पीठ ने कहा कि मरीनों को केवल इटली जाने और केवल वहीं रहने की अनुमति है तथा उन्हें भारत लौटना होगा। सुनवाई के दौरान न्यायालय को बताया गया कि केरल के कोल्लम स्थित निचली अदालत ने शीर्ष न्यायालय के निर्देश के अनुरूप दोनों मरीनों के पासपोर्ट गृह मंत्रालय को नहीं सौंपे हैं। पीठ को बताया गया कि 16 फरवरी को पासपोर्ट मेल किए गए थे और ये अभी गृह मंत्रालय को नहीं मिले हैं। तथ्य पर विचार करते हुए पीठ ने अनुमति दी कि यदि पासपोर्ट नहीं मिलते हैं, तो मरीन अस्थायी दस्तावेजों पर यात्रा कर सकते हैं और गृह मंत्रालय इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अधिकारियों तथा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षाबल (सीआईएसएफ) को इस आदेश के बारे में सूचित करेगा।टिप्पणियां पिछले साल 15 फरवरी को इन इतालवी मरीनों ने दो भारतीय मछुआरों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। मरीन इतालवी जहाज 'एनरिका लेक्सी' पर सवार थे। शीर्ष अदालत ने यह भी कहा कि 18 जनवरी के इसके आदेश के अनुरूप मरीनों को भारत छोड़ने से पहले तथा वापस भारत पहुंचने के बाद चाणक्यपुरी पुलिस थाने में रिपोर्ट करनी होगी। उच्चतम न्यायालय ने 18 जनवरी को इटली सरकार के इस आग्रह को खारिज कर दिया था कि मामला भारतीय अदालतों के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। इसने फैसला दिया था कि केंद्र को इन मरीनों पर मुकदमा चलाने के लिए विशेष अदालत का गठन करना चाहिए। इसने निर्देश दिया था कि दोनों मरीनों को दिल्ली स्थानांतरित कर दिया जाए और जब तक विशेष अदालत का गठन नहीं होता, तब तक वे इसकी हिरासत में रहेंगे। न्यायालय ने कहा था कि दोनों विदेशी मरीनों पर मुकदमा चलाना केरल सरकार के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता और यह प्रधान न्यायाधीश से सलाह के बाद स्थापित होने वाली विशेष अदालत में केंद्र द्वारा चलाया जाएगा। पीठ को बताया गया कि 16 फरवरी को पासपोर्ट मेल किए गए थे और ये अभी गृह मंत्रालय को नहीं मिले हैं। तथ्य पर विचार करते हुए पीठ ने अनुमति दी कि यदि पासपोर्ट नहीं मिलते हैं, तो मरीन अस्थायी दस्तावेजों पर यात्रा कर सकते हैं और गृह मंत्रालय इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अधिकारियों तथा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षाबल (सीआईएसएफ) को इस आदेश के बारे में सूचित करेगा।टिप्पणियां पिछले साल 15 फरवरी को इन इतालवी मरीनों ने दो भारतीय मछुआरों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। मरीन इतालवी जहाज 'एनरिका लेक्सी' पर सवार थे। शीर्ष अदालत ने यह भी कहा कि 18 जनवरी के इसके आदेश के अनुरूप मरीनों को भारत छोड़ने से पहले तथा वापस भारत पहुंचने के बाद चाणक्यपुरी पुलिस थाने में रिपोर्ट करनी होगी। उच्चतम न्यायालय ने 18 जनवरी को इटली सरकार के इस आग्रह को खारिज कर दिया था कि मामला भारतीय अदालतों के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। इसने फैसला दिया था कि केंद्र को इन मरीनों पर मुकदमा चलाने के लिए विशेष अदालत का गठन करना चाहिए। इसने निर्देश दिया था कि दोनों मरीनों को दिल्ली स्थानांतरित कर दिया जाए और जब तक विशेष अदालत का गठन नहीं होता, तब तक वे इसकी हिरासत में रहेंगे। न्यायालय ने कहा था कि दोनों विदेशी मरीनों पर मुकदमा चलाना केरल सरकार के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता और यह प्रधान न्यायाधीश से सलाह के बाद स्थापित होने वाली विशेष अदालत में केंद्र द्वारा चलाया जाएगा। पिछले साल 15 फरवरी को इन इतालवी मरीनों ने दो भारतीय मछुआरों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। मरीन इतालवी जहाज 'एनरिका लेक्सी' पर सवार थे। शीर्ष अदालत ने यह भी कहा कि 18 जनवरी के इसके आदेश के अनुरूप मरीनों को भारत छोड़ने से पहले तथा वापस भारत पहुंचने के बाद चाणक्यपुरी पुलिस थाने में रिपोर्ट करनी होगी। उच्चतम न्यायालय ने 18 जनवरी को इटली सरकार के इस आग्रह को खारिज कर दिया था कि मामला भारतीय अदालतों के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। इसने फैसला दिया था कि केंद्र को इन मरीनों पर मुकदमा चलाने के लिए विशेष अदालत का गठन करना चाहिए। इसने निर्देश दिया था कि दोनों मरीनों को दिल्ली स्थानांतरित कर दिया जाए और जब तक विशेष अदालत का गठन नहीं होता, तब तक वे इसकी हिरासत में रहेंगे। न्यायालय ने कहा था कि दोनों विदेशी मरीनों पर मुकदमा चलाना केरल सरकार के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता और यह प्रधान न्यायाधीश से सलाह के बाद स्थापित होने वाली विशेष अदालत में केंद्र द्वारा चलाया जाएगा। उच्चतम न्यायालय ने 18 जनवरी को इटली सरकार के इस आग्रह को खारिज कर दिया था कि मामला भारतीय अदालतों के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। इसने फैसला दिया था कि केंद्र को इन मरीनों पर मुकदमा चलाने के लिए विशेष अदालत का गठन करना चाहिए। इसने निर्देश दिया था कि दोनों मरीनों को दिल्ली स्थानांतरित कर दिया जाए और जब तक विशेष अदालत का गठन नहीं होता, तब तक वे इसकी हिरासत में रहेंगे। न्यायालय ने कहा था कि दोनों विदेशी मरीनों पर मुकदमा चलाना केरल सरकार के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता और यह प्रधान न्यायाधीश से सलाह के बाद स्थापित होने वाली विशेष अदालत में केंद्र द्वारा चलाया जाएगा।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: उच्चतम न्यायालय ने केरल तट पर दो भारतीय मछुआरों की गोली मारकर हत्या करने के आरोपी दो इतालवी मरीनों को इटली में आम चुनाव में वोट डालने के लिए स्वदेश जाने की अनुमति दे दी।
11
['hin']
एक सारांश बनाओ: अमेरिका के तीन महत्वपूर्ण सांसदों का कहना है कि यदि पाकिस्तान अमेरिका के साथ निकट के संबंध चाहता है तो उसे अपनी सरजमीं से आतंकियों के सुरक्षित पनाहगाह को खत्म करना होगा। पाकिस्तान पर हक्कानी समूह और क्वेटा शूरा आतंकवादी समूहों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाते हुए सांसदों ने कहा है कि इन समूहों से अब और भी ज्यादा खतरा पैदा हो गया है। पाकिस्तान के एक दौरे से वापस लौटे सिनेटर कार्ल लेविन, जीन शाहीन और जेफ मर्कले ने एक संयुक्त बयान में कहा है, इन सुरक्षित ठिकानों से चरमपंथियों को सीमा पार अमेरिका, अफगानिस्तान और गठबंधन सेना पर हमला करने में सहायता मिलती है और उसके बाद वापस ये अपने पनाहगाह में लौट आते हैं। उन्होंने कहा, हमने उनसे कहा है कि यदि पाकिस्तान अमेरिका के साथ निकट के रिश्ते चाहता है तो उसे आतंकियों के इन सुरक्षित पनाहगाहों को समाप्त करना होगा। सांसदों का मत है कि गठबंधन सेना और अफगान बलों ने दक्षिण अफगानिस्तान से सफलतापूर्वक तालिबान के ठिकाने को खत्म किया है, जिसके कारण तालिबान अब अपना वर्चस्व पूर्वी अफगानिस्तान में बढ़ा रहा है। लेविन, शाहीन और मर्कले ने इस दौरे पर पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल अशफाक कयानी, प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी और राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी से मुलकात की।
यह एक सारांश है: पाक पर हक्कानी और शूरा के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाते हुए सांसदों ने कहा है कि इन समूहों से अब और भी ज्यादा खतरा पैदा हो गया है।
21
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दाल, गेहूं और कुछ सब्जियों के दाम घटने से गत 26 फरवरी को समाप्त सप्ताह में खाद्य मुद्रास्फीति 0.87 प्रतिशत घटकर 9. 52 प्रतिशत रह गई। तीन महीने दहाई अंक में रहने के बाद खाद्य मुद्रास्फीति फिर से इकाई अंक में पहुंची है। एक सप्ताह पहले खाद्य मुद्रास्फीति 10.39 प्रतिशत पर थी जबकि इससे पहले 4 दिसंबर को समाप्त सप्ताह में यह 9.46 प्रतिशत दर्ज की गई थी। इस अवधि के बीच में यह लगातार दहाई अंक पर बनी रही और एक समय 18 प्रतिशत से ऊपर निकल गई थी। खाद्य मुद्रास्फीति के इकाई अंक में आने से सरकार को राहत मिलने की उम्मीद है। खाद्य मुद्रास्फीति लगातार उच्चस्तर पर बने रहने से सरकार काफी दबाव में है। वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी उच्च मुद्रास्फीति को चिंता की बड़ी वजह बता चुके हैं। गत 26 फरवरी को समाप्त सप्ताह में गेहूं, दाल और कुछ सब्जियों के दाम नीचे आ गए। हालांकि, सालाना तुलना के आधार पर प्याज और अन्य सब्जियों के दाम ऊंचे रहे। चावल, अंडा, मांस और मछली महंगी हुई। फलों में भी दाम ऊंचे बोले गए। अखाद्य वस्तुओं के दाम भी ऊंचे रहे। ईंधन और बिजली समूह में 9. 48 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। समूह में पेट्रोल के दाम 23. 14 प्रतिशत बढ़ गए।
यहाँ एक सारांश है:दाल, गेहूं और कुछ सब्जियों के दाम घटने से गत 26 फरवरी को समाप्त सप्ताह में खाद्य मुद्रास्फीति 0.87 प्रतिशत घटकर 9. 52 प्रतिशत रह गई।
17
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: विंबलडन में आठवीं वरीयता के साथ उतरी महेश भूपति और जूलियन नोल्स की भारतीय-ऑस्ट्रियन जोड़ी ने लियोनाडरे मेयर तथा एल्बर्ट रामोस की गैर वरीय अर्जेंटीनी-स्पेनिश जोड़ी को हराकर पुरुष युगल वर्ग में दूसरे दौर में प्रवेश कर लिया। भूपति-नोल्स की जोड़ी ने दो घंटे 37 मिनट में 6-2, 6-7(5), 6-4, 6-2 से जीत दर्ज की। भारतीय-ऑस्ट्रियाई जोड़ी ने अपने प्रतिद्वंद्वियों की सर्विस पहले सेट के छठे गेम में तोड़ी। पहला सेट आठवीं वरीय जोड़ी ने 37 मिनट में जीत लिया। दूसरे सेट में भूपति-नोल्स की जोड़ी को टाइब्रेकर में सेट गंवाना पड़ा। भूपति-नोल्स की जोड़ी को तीसरे सेट में मेयर-रामोस की जोड़ी पर जीत दर्ज करने के लिए चार ब्रेक पॉइंट लेने पड़े।टिप्पणियां चौथे और निर्णायक सेट में भूपति-नोल्स की जोड़ी फिर से अपनी रौ में लौटी तथा अपना सर्विस गेम उन्होंने बिना कोई अंक गंवाए जीत लिया और आखिर में सेट पर कब्जा करके मैच को अपने नाम कर लिया। टूर्नामेंट के दूसरे दौर में भूपति-नोल्स का मुकाबला अब निकोलस मोनरो तथा सिमोन स्टैड्लर की अमेरिकी-जर्मन जोड़ी से होगा। स्टैड्लर तथा मोनरो की जोड़ी पहले दौर के मुकाबले में दूसरी भारतीय जोड़ी द्विज शरन तथा पूरब राजा को हराकर दूसरे दौर में पहुंची है। भूपति-नोल्स की जोड़ी ने दो घंटे 37 मिनट में 6-2, 6-7(5), 6-4, 6-2 से जीत दर्ज की। भारतीय-ऑस्ट्रियाई जोड़ी ने अपने प्रतिद्वंद्वियों की सर्विस पहले सेट के छठे गेम में तोड़ी। पहला सेट आठवीं वरीय जोड़ी ने 37 मिनट में जीत लिया। दूसरे सेट में भूपति-नोल्स की जोड़ी को टाइब्रेकर में सेट गंवाना पड़ा। भूपति-नोल्स की जोड़ी को तीसरे सेट में मेयर-रामोस की जोड़ी पर जीत दर्ज करने के लिए चार ब्रेक पॉइंट लेने पड़े।टिप्पणियां चौथे और निर्णायक सेट में भूपति-नोल्स की जोड़ी फिर से अपनी रौ में लौटी तथा अपना सर्विस गेम उन्होंने बिना कोई अंक गंवाए जीत लिया और आखिर में सेट पर कब्जा करके मैच को अपने नाम कर लिया। टूर्नामेंट के दूसरे दौर में भूपति-नोल्स का मुकाबला अब निकोलस मोनरो तथा सिमोन स्टैड्लर की अमेरिकी-जर्मन जोड़ी से होगा। स्टैड्लर तथा मोनरो की जोड़ी पहले दौर के मुकाबले में दूसरी भारतीय जोड़ी द्विज शरन तथा पूरब राजा को हराकर दूसरे दौर में पहुंची है। भारतीय-ऑस्ट्रियाई जोड़ी ने अपने प्रतिद्वंद्वियों की सर्विस पहले सेट के छठे गेम में तोड़ी। पहला सेट आठवीं वरीय जोड़ी ने 37 मिनट में जीत लिया। दूसरे सेट में भूपति-नोल्स की जोड़ी को टाइब्रेकर में सेट गंवाना पड़ा। भूपति-नोल्स की जोड़ी को तीसरे सेट में मेयर-रामोस की जोड़ी पर जीत दर्ज करने के लिए चार ब्रेक पॉइंट लेने पड़े।टिप्पणियां चौथे और निर्णायक सेट में भूपति-नोल्स की जोड़ी फिर से अपनी रौ में लौटी तथा अपना सर्विस गेम उन्होंने बिना कोई अंक गंवाए जीत लिया और आखिर में सेट पर कब्जा करके मैच को अपने नाम कर लिया। टूर्नामेंट के दूसरे दौर में भूपति-नोल्स का मुकाबला अब निकोलस मोनरो तथा सिमोन स्टैड्लर की अमेरिकी-जर्मन जोड़ी से होगा। स्टैड्लर तथा मोनरो की जोड़ी पहले दौर के मुकाबले में दूसरी भारतीय जोड़ी द्विज शरन तथा पूरब राजा को हराकर दूसरे दौर में पहुंची है। दूसरे सेट में भूपति-नोल्स की जोड़ी को टाइब्रेकर में सेट गंवाना पड़ा। भूपति-नोल्स की जोड़ी को तीसरे सेट में मेयर-रामोस की जोड़ी पर जीत दर्ज करने के लिए चार ब्रेक पॉइंट लेने पड़े।टिप्पणियां चौथे और निर्णायक सेट में भूपति-नोल्स की जोड़ी फिर से अपनी रौ में लौटी तथा अपना सर्विस गेम उन्होंने बिना कोई अंक गंवाए जीत लिया और आखिर में सेट पर कब्जा करके मैच को अपने नाम कर लिया। टूर्नामेंट के दूसरे दौर में भूपति-नोल्स का मुकाबला अब निकोलस मोनरो तथा सिमोन स्टैड्लर की अमेरिकी-जर्मन जोड़ी से होगा। स्टैड्लर तथा मोनरो की जोड़ी पहले दौर के मुकाबले में दूसरी भारतीय जोड़ी द्विज शरन तथा पूरब राजा को हराकर दूसरे दौर में पहुंची है। चौथे और निर्णायक सेट में भूपति-नोल्स की जोड़ी फिर से अपनी रौ में लौटी तथा अपना सर्विस गेम उन्होंने बिना कोई अंक गंवाए जीत लिया और आखिर में सेट पर कब्जा करके मैच को अपने नाम कर लिया। टूर्नामेंट के दूसरे दौर में भूपति-नोल्स का मुकाबला अब निकोलस मोनरो तथा सिमोन स्टैड्लर की अमेरिकी-जर्मन जोड़ी से होगा। स्टैड्लर तथा मोनरो की जोड़ी पहले दौर के मुकाबले में दूसरी भारतीय जोड़ी द्विज शरन तथा पूरब राजा को हराकर दूसरे दौर में पहुंची है। टूर्नामेंट के दूसरे दौर में भूपति-नोल्स का मुकाबला अब निकोलस मोनरो तथा सिमोन स्टैड्लर की अमेरिकी-जर्मन जोड़ी से होगा। स्टैड्लर तथा मोनरो की जोड़ी पहले दौर के मुकाबले में दूसरी भारतीय जोड़ी द्विज शरन तथा पूरब राजा को हराकर दूसरे दौर में पहुंची है।
संक्षिप्त सारांश: विंबलडन में आठवीं वरीयता के साथ उतरी महेश भूपति और जूलियन नोल्स की भारतीय-ऑस्ट्रियन जोड़ी ने लियोनाडरे मेयर तथा एल्बर्ट रामोस की गैर वरीय अर्जेंटीनी-स्पेनिश जोड़ी को हराकर पुरुष युगल वर्ग में दूसरे दौर में प्रवेश कर लिया।
29
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: राजस्थान रॉयल्स टीम ने लगातार तीसरी जीत के साथ चैम्पियंस लीग-2013 के सेमीफाइनल में जगह बना ली है। उसने सवाई मानसिंह स्टेडियम में रविवार को खेले गए ग्रुप-ए मुकाबले में पर्थ स्कॉचर्स को नौ विकेट से पराजित किया। स्कॉचर्स खिताबी दौड़ से बाहर हो गए हैं। राहुल द्रविड़ की प्रेरणादायी नेतृत्व में रॉयल्स के गेंदबाजों ने उम्दा प्रदर्शन करते हुए स्कॉचर्स को 120 रनों पर सीमित कर दिया और फिर इस टीम ने द्रविड़ (0) का विकेट गंवाकर 16.3 ओवरों में 21 गेंदें शेष रहते जीत हासिल कर ली। अजिंक्य रहाणे 62 और संजू सैमसन 50 रनों पर नाबाद लौटे। रहाणे ने अपनी 53 गेंदों की उम्दा पारी में पांच चौके और एक छक्का लगाया तथा सैमसन ने 42 गेंदों पर पांच चौके और दो छक्के जड़े। इन दोनों ने 120 रनों की साझेदारी की। रॉयल्स की यह लगातार तीसरी जीत है। इससे पहले, रॉयल्स ने टॉस जीतकर स्कॉचर्स को पहले बल्लेबाजी के लिए निमंत्रित किया। रॉयल्स के गेंदबाजों ने द्रविड़ के फैसले को सही ठहराते हुए स्कॉचर्स के बल्लेबाजों को बांध दिया। नतीजा हुआ कि लगातार अंतराल पर विकेट गिरते रहने के कारण स्कॉर्च ने सभी विकेट भी गंवा दिए और 120 रन ही बना सकी। स्कॉचर्स की तरफ से एडम वोग्स (27) ने सर्वाधिक रनों की पारी खेली। रॉयल्स के गेंदबाजों का शिकंजा इस कदर स्कॉचर्स पर कसा रहा कि वोग्स के अलावा कोई भी बल्लेबाज 20 रन के निजी योग के आंकड़े को भी पार नहीं कर सका।टिप्पणियां स्कॉचर्स का आखिरी विकेट पारी की आखिरी गेंद पर गिरा। रॉयल्स की तरफ से केवोन कूपन ने चार और जेम्स फॉल्कनर तथा प्रवीण तांबे ने दो-दो विकेट चटकाए। राजस्थान ने अब तक अपने तीनों मैच जीते हैं। उसके खात में 12 अंक हैं। दूसरी ओर, स्कॉचर्स ने भी तीन मैच खेले हैं लेकिन दो में उसे हार मिली है और उसका एक मैच बारिश के कारण नहीं हो सका था। इस मैच से स्कॉचर्स को दो अंक मिले थे और इन्हीं अंकों के साथ वह तालिका में पांचवें क्रम पर है। राहुल द्रविड़ की प्रेरणादायी नेतृत्व में रॉयल्स के गेंदबाजों ने उम्दा प्रदर्शन करते हुए स्कॉचर्स को 120 रनों पर सीमित कर दिया और फिर इस टीम ने द्रविड़ (0) का विकेट गंवाकर 16.3 ओवरों में 21 गेंदें शेष रहते जीत हासिल कर ली। अजिंक्य रहाणे 62 और संजू सैमसन 50 रनों पर नाबाद लौटे। रहाणे ने अपनी 53 गेंदों की उम्दा पारी में पांच चौके और एक छक्का लगाया तथा सैमसन ने 42 गेंदों पर पांच चौके और दो छक्के जड़े। इन दोनों ने 120 रनों की साझेदारी की। रॉयल्स की यह लगातार तीसरी जीत है। इससे पहले, रॉयल्स ने टॉस जीतकर स्कॉचर्स को पहले बल्लेबाजी के लिए निमंत्रित किया। रॉयल्स के गेंदबाजों ने द्रविड़ के फैसले को सही ठहराते हुए स्कॉचर्स के बल्लेबाजों को बांध दिया। नतीजा हुआ कि लगातार अंतराल पर विकेट गिरते रहने के कारण स्कॉर्च ने सभी विकेट भी गंवा दिए और 120 रन ही बना सकी। स्कॉचर्स की तरफ से एडम वोग्स (27) ने सर्वाधिक रनों की पारी खेली। रॉयल्स के गेंदबाजों का शिकंजा इस कदर स्कॉचर्स पर कसा रहा कि वोग्स के अलावा कोई भी बल्लेबाज 20 रन के निजी योग के आंकड़े को भी पार नहीं कर सका।टिप्पणियां स्कॉचर्स का आखिरी विकेट पारी की आखिरी गेंद पर गिरा। रॉयल्स की तरफ से केवोन कूपन ने चार और जेम्स फॉल्कनर तथा प्रवीण तांबे ने दो-दो विकेट चटकाए। राजस्थान ने अब तक अपने तीनों मैच जीते हैं। उसके खात में 12 अंक हैं। दूसरी ओर, स्कॉचर्स ने भी तीन मैच खेले हैं लेकिन दो में उसे हार मिली है और उसका एक मैच बारिश के कारण नहीं हो सका था। इस मैच से स्कॉचर्स को दो अंक मिले थे और इन्हीं अंकों के साथ वह तालिका में पांचवें क्रम पर है। रहाणे ने अपनी 53 गेंदों की उम्दा पारी में पांच चौके और एक छक्का लगाया तथा सैमसन ने 42 गेंदों पर पांच चौके और दो छक्के जड़े। इन दोनों ने 120 रनों की साझेदारी की। रॉयल्स की यह लगातार तीसरी जीत है। इससे पहले, रॉयल्स ने टॉस जीतकर स्कॉचर्स को पहले बल्लेबाजी के लिए निमंत्रित किया। रॉयल्स के गेंदबाजों ने द्रविड़ के फैसले को सही ठहराते हुए स्कॉचर्स के बल्लेबाजों को बांध दिया। नतीजा हुआ कि लगातार अंतराल पर विकेट गिरते रहने के कारण स्कॉर्च ने सभी विकेट भी गंवा दिए और 120 रन ही बना सकी। स्कॉचर्स की तरफ से एडम वोग्स (27) ने सर्वाधिक रनों की पारी खेली। रॉयल्स के गेंदबाजों का शिकंजा इस कदर स्कॉचर्स पर कसा रहा कि वोग्स के अलावा कोई भी बल्लेबाज 20 रन के निजी योग के आंकड़े को भी पार नहीं कर सका।टिप्पणियां स्कॉचर्स का आखिरी विकेट पारी की आखिरी गेंद पर गिरा। रॉयल्स की तरफ से केवोन कूपन ने चार और जेम्स फॉल्कनर तथा प्रवीण तांबे ने दो-दो विकेट चटकाए। राजस्थान ने अब तक अपने तीनों मैच जीते हैं। उसके खात में 12 अंक हैं। दूसरी ओर, स्कॉचर्स ने भी तीन मैच खेले हैं लेकिन दो में उसे हार मिली है और उसका एक मैच बारिश के कारण नहीं हो सका था। इस मैच से स्कॉचर्स को दो अंक मिले थे और इन्हीं अंकों के साथ वह तालिका में पांचवें क्रम पर है। इससे पहले, रॉयल्स ने टॉस जीतकर स्कॉचर्स को पहले बल्लेबाजी के लिए निमंत्रित किया। रॉयल्स के गेंदबाजों ने द्रविड़ के फैसले को सही ठहराते हुए स्कॉचर्स के बल्लेबाजों को बांध दिया। नतीजा हुआ कि लगातार अंतराल पर विकेट गिरते रहने के कारण स्कॉर्च ने सभी विकेट भी गंवा दिए और 120 रन ही बना सकी। स्कॉचर्स की तरफ से एडम वोग्स (27) ने सर्वाधिक रनों की पारी खेली। रॉयल्स के गेंदबाजों का शिकंजा इस कदर स्कॉचर्स पर कसा रहा कि वोग्स के अलावा कोई भी बल्लेबाज 20 रन के निजी योग के आंकड़े को भी पार नहीं कर सका।टिप्पणियां स्कॉचर्स का आखिरी विकेट पारी की आखिरी गेंद पर गिरा। रॉयल्स की तरफ से केवोन कूपन ने चार और जेम्स फॉल्कनर तथा प्रवीण तांबे ने दो-दो विकेट चटकाए। राजस्थान ने अब तक अपने तीनों मैच जीते हैं। उसके खात में 12 अंक हैं। दूसरी ओर, स्कॉचर्स ने भी तीन मैच खेले हैं लेकिन दो में उसे हार मिली है और उसका एक मैच बारिश के कारण नहीं हो सका था। इस मैच से स्कॉचर्स को दो अंक मिले थे और इन्हीं अंकों के साथ वह तालिका में पांचवें क्रम पर है। नतीजा हुआ कि लगातार अंतराल पर विकेट गिरते रहने के कारण स्कॉर्च ने सभी विकेट भी गंवा दिए और 120 रन ही बना सकी। स्कॉचर्स की तरफ से एडम वोग्स (27) ने सर्वाधिक रनों की पारी खेली। रॉयल्स के गेंदबाजों का शिकंजा इस कदर स्कॉचर्स पर कसा रहा कि वोग्स के अलावा कोई भी बल्लेबाज 20 रन के निजी योग के आंकड़े को भी पार नहीं कर सका।टिप्पणियां स्कॉचर्स का आखिरी विकेट पारी की आखिरी गेंद पर गिरा। रॉयल्स की तरफ से केवोन कूपन ने चार और जेम्स फॉल्कनर तथा प्रवीण तांबे ने दो-दो विकेट चटकाए। राजस्थान ने अब तक अपने तीनों मैच जीते हैं। उसके खात में 12 अंक हैं। दूसरी ओर, स्कॉचर्स ने भी तीन मैच खेले हैं लेकिन दो में उसे हार मिली है और उसका एक मैच बारिश के कारण नहीं हो सका था। इस मैच से स्कॉचर्स को दो अंक मिले थे और इन्हीं अंकों के साथ वह तालिका में पांचवें क्रम पर है। स्कॉचर्स की तरफ से एडम वोग्स (27) ने सर्वाधिक रनों की पारी खेली। रॉयल्स के गेंदबाजों का शिकंजा इस कदर स्कॉचर्स पर कसा रहा कि वोग्स के अलावा कोई भी बल्लेबाज 20 रन के निजी योग के आंकड़े को भी पार नहीं कर सका।टिप्पणियां स्कॉचर्स का आखिरी विकेट पारी की आखिरी गेंद पर गिरा। रॉयल्स की तरफ से केवोन कूपन ने चार और जेम्स फॉल्कनर तथा प्रवीण तांबे ने दो-दो विकेट चटकाए। राजस्थान ने अब तक अपने तीनों मैच जीते हैं। उसके खात में 12 अंक हैं। दूसरी ओर, स्कॉचर्स ने भी तीन मैच खेले हैं लेकिन दो में उसे हार मिली है और उसका एक मैच बारिश के कारण नहीं हो सका था। इस मैच से स्कॉचर्स को दो अंक मिले थे और इन्हीं अंकों के साथ वह तालिका में पांचवें क्रम पर है। स्कॉचर्स का आखिरी विकेट पारी की आखिरी गेंद पर गिरा। रॉयल्स की तरफ से केवोन कूपन ने चार और जेम्स फॉल्कनर तथा प्रवीण तांबे ने दो-दो विकेट चटकाए। राजस्थान ने अब तक अपने तीनों मैच जीते हैं। उसके खात में 12 अंक हैं। दूसरी ओर, स्कॉचर्स ने भी तीन मैच खेले हैं लेकिन दो में उसे हार मिली है और उसका एक मैच बारिश के कारण नहीं हो सका था। इस मैच से स्कॉचर्स को दो अंक मिले थे और इन्हीं अंकों के साथ वह तालिका में पांचवें क्रम पर है। राजस्थान ने अब तक अपने तीनों मैच जीते हैं। उसके खात में 12 अंक हैं। दूसरी ओर, स्कॉचर्स ने भी तीन मैच खेले हैं लेकिन दो में उसे हार मिली है और उसका एक मैच बारिश के कारण नहीं हो सका था। इस मैच से स्कॉचर्स को दो अंक मिले थे और इन्हीं अंकों के साथ वह तालिका में पांचवें क्रम पर है।
सारांश: राजस्थान रॉयल्स टीम ने लगातार तीसरी जीत के साथ चैम्पियंस लीग-2013 के सेमीफाइनल में जगह बना ली है। उसने सवाई मानसिंह स्टेडियम में रविवार को खेले गए ग्रुप-ए मुकाबले में पर्थ स्कॉचर्स को नौ विकेट से पराजित किया।
33
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: एक्सप्रेस समाचार पत्र की रिपोर्ट के अनुसार बट आईसीसी की वर्ष की वनडे टीम के संयोजन से खुश नहीं है। उन्होंने वेस्टइंडीज के पूर्व कप्तान और इस टीम का चयन करने वाली जूरी के अध्यक्ष क्वाइव लायड पर सीधे उंगली उठायी है। रिपोर्ट में कहा गया है, बट ने लायड की टीम की घोषणा के लिए मीडिया के साथ बातचीत तक इंतजार किया जैसे ही कॉन्फ्रेंस शुरू हुई उन्होंने अपना हाथ उठा दिया कि वह सवाल करना चाहते हैं। बट ने लायड को संबोधित करते हुए कहा कि वह केवल एक पाकिस्तानी खिलाड़ी के चयन से नाखुश हैं जबकि उनके देश के अन्य खिलाड़ियों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया था। रिपोर्ट में कहा गया है, लायड ने बताया कि टीम में अच्छा प्रदर्शन करे वाले कई खिलाड़ियों को इसलिए नहीं रखा गया क्योंकि जूरी ने टीम का चयन करते समय उसके संतुलन पर भी गौर किया। सूत्रों ने बताया कि बट ऑफ स्पिनर सईद अजमल और बल्लेबाज मिसबाह उल हक का चयन नहीं होने से नाखुश थे।
संक्षिप्त पाठ: पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष एजाज बट आईसीसी की वर्ष की एकदिवसीय टीम में केवल एक पाक खिलाड़ी उमर गुल को जगह देने से नाखुश हैं।
27
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: दिल्ली सरकार के मुताबिक यमुना किनारे जमीन की ऊपरी सतह हटने के बाद यमुना की जमीन रेतीली होती है. रेतीली जमीन में पानी सोखने की क्षमता कहीं ज्यादा होती है. इसलिए जब पानी इन गड्ढों में भरेगा तो तेजी से जमीन के नीचे जाएगा और स्टोर हो जाएगा. उस पानी को जरूरत पड़ने पर कभी भी इस्तेमाल किया जा सकता है. दिल्ली सरकार के सिंचाई एवं बाढ़ मंत्री सत्येंद्र जैन के मुताबिक 'यह फार्म पेंडिंग कंसेप्ट है इसके तहत जमीन की ऊपरी सतह को हटाया जाता है और नीचे की जो सतह होती है वह रेतीली होती है. रेत में पानी रिसकर जाने की क्षमता 20 से 25 गुना ज्यादा होती है. एक अंदाजे के मुताबिक मिट्टी में पानी रिसने की क्षमता 0.5 मीटर प्रतिदिन होती है जबकि रेत में 10 से 15 मीटर प्रतिदिन. इसलिए इस योजना पर काम किया जा रहा है. अगर यह योजना सफल हुई तो बरसात और बाढ़ के दौरान जो पानी यूं ही बहकर नदी के जरिए समंदर में चला जाता है वह जमीन के नीचे स्टोर हो जाएगा और दिल्ली वालों की प्यास बुझाने के लिए वह कभी भी काम आ सकता है.' इस योजना के पायलट प्रोजेक्ट को लांच करते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 'ऐसा पहली बार हो रहा है कि जब कोई सरकार बाढ़ के पानी के संचयन के लिए इतने बड़े स्तर पर कोई योजना शुरू कर रही है. अगर यह योजना कामयाब हुई तो केवल दिल्ली के लिए ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए यह एक नया रास्ता दिखाएगी.' इस मौके पर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र शेखावत ने कहा  'केजरीवाल सरकार की यह योजना जल संरक्षण और जल सुरक्षा की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी. इस योजना के लिए दिल्ली सरकार को बधाई.'
संक्षिप्त सारांश: सुंगरपुर गांव में यमुना के किनारे तलाब की खुदाई शुरू की गई यमुना में बाढ़ आने पर जलस्तर बढ़ेगा और तालाब भर जाएगा पानी रिसकर जमीन के नीचे जाएगा और भूमिगत जल स्तर बढ़ेगा
0
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: Kumkum Bhagya Written Update: जी टीवी के नंबर वन शो 'कुमकुम भाग्य (Kumkum Bhagya)' में अभी और प्रज्ञा यूं तो एक-दूसरे से मिल चुके हैं, हालांकि उनका लड़ाई और झगड़ा खत्म होने का नाम नहीं ले रहा. सीरियल 'कुमकुम भाग्य' के पिछले एपिसोड में दिखाया गया कि प्रज्ञा (Sriti Jha) और अभी (Shabir Ahluwalia), ऋषि की वजह से लड़ते हैं. जहां, प्रज्ञा, ऋषि की साइड लेती है, वहीं अभी, प्रियंका की तरफदारी करता है. प्रज्ञा, अभी को बताती है कि प्रियंका, अभी और ऋषि दोनों को बेवकूफ बनाने की कोशिश कर रही है, लेकिन अभी उसकी बातों पर विश्वास नहीं करता और वह पुलिस स्टेशन से चला जाता है. सीरियल 'कुमकुम भाग्य (Kumkum Bhagya)' के पिछले एपिसोड में दिखाया गया कि पुलिस स्टेशन से जाने के बाद अभी ये सोचकर काफी दुखी हो जाता है कि इतने सालों के बाद मिलने पर भी उसने प्रज्ञा (Sriti Jha) से झगड़ा किया. वहीं, अभी फैसला करता है कि वह वापस जाकर प्रज्ञा से पुरानी सभी बातें भुलाकर मिलेगा और बात करेगा. दूसरी ओर दिशा, प्रज्ञा को फोन करती है, प्रज्ञा उसे बताती है कि अभी (Shabir Ahluwalia), प्रियंका का अंकल है. दिशा, प्रज्ञा से मिलने के लिए कहती है. सृति झा (Sriti Jha) और शब्बीर आहलुवालिया (Shabir Ahluwalia) के शो 'कुमकुम भाग्य (Kumkum Bhagya)' के अपकमिंग एपिसोड में दिखाया जाएगा कि प्रज्ञा, दिशा से कहेगी अभी बिल्कुल नहीं बदला. अभी अब भी उस पर विश्वास नहीं करता लेकिन अपनी इगो पर ज्यादा भरोसा करता है. प्रज्ञा को लगता है कि अभी उसके फैसले की इज्जत नहीं करता. वहीं, अभी, मीरा को बताता है कि जब भी उसे प्रज्ञा से बात करने का मन करता है तो वो उसकी फोटो से बात करता है. वह, मीरा से पूछता है कि क्या वो उसकी पत्नी का फोटो देखना चाहती है. अब देखना होगा कि क्या मीरा को पता चल जाएगा कि प्राची की मां ही प्रज्ञा है?
सारांश: साीरियल 'कुमकुम भाग्य' में जानिए क्या होगा क्या अभी, मीरा को दिखा देगा प्रज्ञा की फोटो 'कुमकुम भाग्य' में आने वाला है नया ट्विस्ट
7
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: Panipat Box Office Collection Day 9: अर्जुन कपूर (Arjun Kapoor), कृति सेनन (Kriti Sanon) और संजय दत्त (Sanjay Dutt) की  फिल्म 'पानीपत' (Panipat) को रिलीज हुए 9 दिन पूरे हो चुके हैं. यह फिल्म अभी भी सिनेमाघरों में अपना कब्जा जमाने की पूरी कोशिश कर रही है. लेकिन पानीपत के किरदार को महाराजा सूरजमल को लेकर फिल्म विवादों में घिर गई. हालांकि, विवादों के बावजूद फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर दमदार कमाई करने में कोई कसर नहीं छोड़ी. फिल्म के शुरुआती आंकड़ों को देखते हुए यह अनुमान लगाया जा सकता है कि 'पानीपत' ने बीते दिन 1.50 करोड़ रुपये की कमाई की होगी. ऐसे में फिल्म 9 दिनों में कुल 28.50 करोड़ रुपये का कलेक्शन कर सकती है. हालांकि, इसकी अधिकारिक सूचना मिलनी अभी बाकी है. अर्जुन कपूर (Arjun Kapoor), कृति सेनन (Kriti Sanon) और संजय दत्त (Sanjay Dutt) की 'पानीपत' (Panipat) ऐतिहासिक घटना पर आधारित है, जिसे क्रिटिक्स और दर्शकों से भी काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिला है. यहां तक कि पानीपत को कार्तिक आर्यन की 'पति पत्नी और वो (Pati Patni Aur Woh)' से भी कड़ी टक्कर मिली है. जहां महाराष्ट्र और इसके आस-पास के क्षेत्रों में पानीपत को अच्छा रिस्पांस मिला तो वहीं दिल्ली, यूपी और राजस्थान जैसे क्षेत्रों में फिल्म अपना कब्जा जमाने में थोड़ी पीछे रही. वहीं, कमाई की बात करें तो फिल्म ने पहले दिन 4.12 करोड़, दूसरे दिन 5.78 करोड़,  तीसरे दिन 7.78 करोड़, चौथे दिन 2.59 करोड़, पांचवें दिन 2.21 करोड़, छठे दिन 1.70 करोड़, आठवें दिन 1 करोड़ और नौवें दिन 1.50 करोड़ रुपये की कमाई की.  बता दें कि अर्जुन कपूर (Arjun Kapoor) और  संजय दत्त (Sanjay Dutt) ने 'पानीपत' (Panipat Panipat Box Office Collection) में कमाल का अभिनय किया है. यह पहला मौका है जब दोनों कलाकार एक साथ किसी फिल्म में नजर आए हैं. आशुतोष गोवारीकर (Ashutosh Gowariker) ने भी लंबे समय बाद इस फिल्म के साथ वापसी की है. इससे पहले आशुतोष गोवारीकर ने लोगों से उनकी आगामी फिल्म 'पानीपत' के बारे में कोई भी अवधारणा बनाने से पहले इसे देखने का आग्रह किया था.
संक्षिप्त सारांश: अर्जुन कपूर की 'पानीपत' का बॉक्स ऑफिस पर जलवा कायम दर्शकों को खूब पसंद आ रही है फिल्म विवादों के बीच भी जारी है फिल्म की कमाई
23
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: डेयरडेविल्स पर शानदार जीत के बाद कोलकाता नाइट राइडर्स के कप्तान गौतम गंभीर ने कहा कि टीम को प्लेआफ चरण तक ले जाने की जिम्मेदारी उनकी और सीनियर बल्लेबाज जाक कैलिस की है। गंभीर ने मैच के बाद प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ‘यदि किसी को मैच का नक्शा बदलना है तो मुझे या कैलिस को यह कहना होगा। हम ब्रेंडन मैकुलम या युसूफ पठान से यह उम्मीद नहीं करते। यह हमारी जिम्मेदारी है क्योंकि हम अनुभवी खिलाड़ी हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘आप उनको उनका स्वाभाविक खेल खेलने से नहीं रोक सकते। मुझे और कैलिस को खेल का रूप बदलना होगा। यह हमारी जिम्मेदारी है और अनुभव इसी को कहते हैं।’टिप्पणियां केकेआर ने कल दिल्ली को एकतरफा मुकाबले में हराया। अब वह 17 अंक के साथ शीर्ष पर है और उसका प्लेआफ में पहुंचना लगभग तय है। गंभीर ने कहा कि उनकी टीम सिर्फ भागीदारी के लिये नहीं बल्कि जीतने के लिये खेल रही है। उन्होंने कहा, ‘मेरे लिये हर मैच अहम है। मैदान पर हम जीतने के लिये ही उतरते हैं। हम हर मैच जीतना चाहते हैं। हारकर ड्रेसिंग रूम में जाना नहीं चाहते बल्कि जीत की खुशी के साथ जाना चाहते हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘हमारी टीम में कैलिस जैसा महान खिलाड़ी है। मैकुलम और ब्रेट ली है जो पूरी तरह से पेशेवर हैं। हमें एक ईकाई के रूप में अच्छा खेलना है।’ गंभीर ने मैच के बाद प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ‘यदि किसी को मैच का नक्शा बदलना है तो मुझे या कैलिस को यह कहना होगा। हम ब्रेंडन मैकुलम या युसूफ पठान से यह उम्मीद नहीं करते। यह हमारी जिम्मेदारी है क्योंकि हम अनुभवी खिलाड़ी हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘आप उनको उनका स्वाभाविक खेल खेलने से नहीं रोक सकते। मुझे और कैलिस को खेल का रूप बदलना होगा। यह हमारी जिम्मेदारी है और अनुभव इसी को कहते हैं।’टिप्पणियां केकेआर ने कल दिल्ली को एकतरफा मुकाबले में हराया। अब वह 17 अंक के साथ शीर्ष पर है और उसका प्लेआफ में पहुंचना लगभग तय है। गंभीर ने कहा कि उनकी टीम सिर्फ भागीदारी के लिये नहीं बल्कि जीतने के लिये खेल रही है। उन्होंने कहा, ‘मेरे लिये हर मैच अहम है। मैदान पर हम जीतने के लिये ही उतरते हैं। हम हर मैच जीतना चाहते हैं। हारकर ड्रेसिंग रूम में जाना नहीं चाहते बल्कि जीत की खुशी के साथ जाना चाहते हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘हमारी टीम में कैलिस जैसा महान खिलाड़ी है। मैकुलम और ब्रेट ली है जो पूरी तरह से पेशेवर हैं। हमें एक ईकाई के रूप में अच्छा खेलना है।’ केकेआर ने कल दिल्ली को एकतरफा मुकाबले में हराया। अब वह 17 अंक के साथ शीर्ष पर है और उसका प्लेआफ में पहुंचना लगभग तय है। गंभीर ने कहा कि उनकी टीम सिर्फ भागीदारी के लिये नहीं बल्कि जीतने के लिये खेल रही है। उन्होंने कहा, ‘मेरे लिये हर मैच अहम है। मैदान पर हम जीतने के लिये ही उतरते हैं। हम हर मैच जीतना चाहते हैं। हारकर ड्रेसिंग रूम में जाना नहीं चाहते बल्कि जीत की खुशी के साथ जाना चाहते हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘हमारी टीम में कैलिस जैसा महान खिलाड़ी है। मैकुलम और ब्रेट ली है जो पूरी तरह से पेशेवर हैं। हमें एक ईकाई के रूप में अच्छा खेलना है।’ उन्होंने कहा, ‘मेरे लिये हर मैच अहम है। मैदान पर हम जीतने के लिये ही उतरते हैं। हम हर मैच जीतना चाहते हैं। हारकर ड्रेसिंग रूम में जाना नहीं चाहते बल्कि जीत की खुशी के साथ जाना चाहते हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘हमारी टीम में कैलिस जैसा महान खिलाड़ी है। मैकुलम और ब्रेट ली है जो पूरी तरह से पेशेवर हैं। हमें एक ईकाई के रूप में अच्छा खेलना है।’
संक्षिप्त पाठ: डेयरडेविल्स पर शानदार जीत के बाद कोलकाता नाइट राइडर्स के कप्तान गौतम गंभीर ने कहा कि टीम को प्लेआफ चरण तक ले जाने की जिम्मेदारी उनकी और सीनियर बल्लेबाज जाक कैलिस की है।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: बसपा की मुखिया मायावती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'साइज ऑफ द केक मैटर्स' वाली टिप्पणी पर तंज करते हुए रविवार को कहा कि जब देश की एक विशाल आबादी बेरोजगारी और दूसरे संकटों से जूझ रही है तो ऐसे में केक की बात करना प्रधानमंत्री की 'निरंकुशता' को जाहिर करता है. मायावती ने ट्वीट कर कहा कि जब देश की अधिसंख्य आबादी जबरदस्त महंगाई, गरीबी, बेरोजगारी, बीमारी और अशिक्षा की समस्या से घिरकर रोजी-रोटी के लिए तरस रही है तो ऐसे में प्रधानमंत्री उनके लिए केक की बात कर रहे हैं. यह उनकी 'निरंकुशता' को जाहिर करता है.  ऐसे समय में जब अपने विशाल देश की अधिसंख्य आबादी का जीवन जबर्दस्त महंगाई, गरीबी, बेरोजगारी, बीमारी, अशिक्षा आदि की बुनियादी समस्याओं से त्रस्त होकर रोटी-रोजी के लिए तरस रही है, पीएम उनके लिए केक की बात कर रहे हैं। यही है सत्ता का अहंकार व निरंकुशता जिससे आज पूरा देश झुलस रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में क्या देश उसी रास्ते पर चल रहा है जिस तरह फ्रांसीसी क्रांति के समय कहा गया था कि अगर लोगों के पास खाना नहीं है तो वे केक क्यों नहीं खाते. वास्तव में सरकार को जुमलेबाजी छोड़कर जनता के भले के लिए काम करना चाहिए.   अतः आज बीजेपी सरकार में देश क्या उसी रास्ते पर चल रहा है जिस प्रकार फ्रांसीसी क्रान्ति के समय कहा गया कि अगर लोगों के पास खाने को रोटी नहीं है तो वे केक क्यों नहीं खाते? वास्तव में जुमलेबाजी त्याग कर सरकार को देश की 130 करोड़ जनता की मूलभूत समस्याओं के प्रति गंभीर होना होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को वाराणसी में भाजपा के सदस्यता अभियान की शुरुआत करते हुए देश की अर्थव्यवस्था को पांच हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने पर अपनी बात रखी थी. उन्होंने कहा था कि साइज ऑफ द केक मैटर्स, यानी जितना बड़ा केक होगा, उसका उतना ही बड़ा हिस्सा लोगों को मिलेगा. इसलिये हमने भारत की अर्थव्यवस्था को पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य तय किया है. पीएम मोदी ने कहा था कि गरीबी हमारे दिल-दिमाग में एक नियति बन गयी है. सत्यनारायण की कथा भी एक बेचारे गरीब ब्राह्मण से शुरू होती है. हमें इस सोच से बाहर निकलना चाहिये. इसलिये कल के बजट में देश पांच ट्रिलियन इकॉनॉमी को कैसे प्राप्त करेगा, उसकी दिशा दिखायी गई है. आने वाले 10 साल के विजन के साथ हम मैदान में उतरे हैं.
मायावती ने पीएम मोदी की टिप्पणी पर किया ट्वीट कहा- केक की बात करना पीएम की 'निरंकुशता' को जाहिर करता है चर्चा में रहा था पीएम मोदी का 'साइज ऑफ द केक मैटर्स' बयान
1
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने विदेशी विनिमय कानून के कथित उल्लंघन को लेकर जेट एयरवेज के संस्थापक नरेश गोयल (Naresh Goyal) के ठिकानों पर शुक्रवार को छापेमारी की है. अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि दिल्ली और मुंबई स्थित 12 ठिकानों पर छापेमारी की गई है. उन्होंने कहा कि यह तलाशी विदेशी विनिमय प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत की गयी तथा इसका उद्देश्य अतिरिक्त सबूत जुटाना था. जेट एयरवेज नकदी संकट के बाद 17 अप्रैल से परिचालन से बाहर है. सूत्रों ने जुलाई में कहा था कि कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय की जांच में कंपनी के कोष को इधर-उधर करने समेत व्यापक स्तर पर अनियमितता का पता चला था.   हाल ही में नरेश गोयल और उनकी पत्नी को लंदन जाने से रोका गया था. जेट एयरवेज पर बैंकों का 11 हजार करोड़ का कर्ज है. 650 करोड़ के टैक्स चोरी और लॉयल्टी को लेकर जांच चल रही है. नरेश गोयल पर FIPB और फेमा के नियमों के उल्लंघन करने का आरोप है. नरेश गोयल (Naresh Goyal) ने मार्च में कंपनी के चेयरमैन का पद छोड़ दिया था. कंपनी फिलहाल दिवाला एवं ऋणशोधन अक्षमता संहिता की प्रक्रिया से गुजर रही है. गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) ने गुरुवार को भी जेट एयरवेज के संस्थापक नरेश गोयल (Naresh Goyal) से पूछताछ की थी. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि गोयल से यह पूछताछ जेट एयरवेज में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर की गई थी. कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय ने जुलाई में जेट एयरवेज के मामले की एसएफआईओ जांच का निर्देश दिया था. बड़े पैमाने पर अनियमितता तथा कोष को इधर उधर करने का मामला सामने आने के बाद यह निर्देश दिया गया था.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: नरेश गोयल के दिल्ली और मुंबई के 12 ठिकानों पर ईडी के छापे जेट एयरवेज पर बैंकों का है 11 हजार करोड़ का कर्ज है 650 करोड़ के टैक्स चोरी और लॉयल्टी को लेकर हो रही हैं जांच
25
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: तीन देशों की यात्रा के दूसरे चरण के तहत रविवार को अमेरिका पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत में एक जुलाई से लागू होने के लिए तैयार वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) अमेरिका के बिजनेस कॉलेजों में अध्ययन का विषय हो सकता है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बागले द्वारा किए गए ट्वीट के अनुसार, मोदी ने अमेरिकी उद्योग घरानों के शीर्ष अधिकारियों की बैठक के दौरान यह बात कही. बागले के अनुसार, मोदी ने कहा, "लागू होने के लिए तैयार ऐतिहासिक पहल जीएसटी अमेरिका के बिजनेस कॉलेजों में अध्ययन का विषय हो सकता है." प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "पूरी दुनिया भारत की ओर देख रही है. कारोबार में सहूलियत के लिए भारत सरकार द्वारा अकेले सात हजार सुधार किए गए हैं. विदेशी निवेशक भी पूरे भारत में इस एकसमान कर प्रणाली जीएसटी के लागू होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, जिसके लागू होने के साथ ही देश में मौजूद केंद्र और राज्यों द्वारा वस्तुओं एवं सेवाओं पर लगाया जाने वाला अलग-अलग कर समाप्त हो जाएगा." बागले ने एक अन्य ट्वीट में मोदी के हवाले से लिखा है, "भारत की प्रगति दर्शाती है कि यह भारत और अमेरिका दोनों के लिए लाभकारी है. अमेरिकी कंपनियों के पास योगदान देने का यह बेहतरीन अवसर है." टिप्पणियां प्रधानमंत्री मोदी अमेरिका की दो दिन की यात्रा पर हैं और इस दौरान उन्होंने अमेरिका की अग्रणी कंपनियों के 21 शीर्ष स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक की. बैठक में गूगल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुंदर पिचई, अमेजॉन के संस्थापक जेफ बेजोस, एप्पल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी टिम कुक और मास्टरकार्ड के अध्यक्ष अजय बंगा सहित अनेक शीर्ष अधिकारियों ने हिस्सा लिया.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) बागले ने एक अन्य ट्वीट में मोदी के हवाले से लिखा है, "भारत की प्रगति दर्शाती है कि यह भारत और अमेरिका दोनों के लिए लाभकारी है. अमेरिकी कंपनियों के पास योगदान देने का यह बेहतरीन अवसर है." टिप्पणियां प्रधानमंत्री मोदी अमेरिका की दो दिन की यात्रा पर हैं और इस दौरान उन्होंने अमेरिका की अग्रणी कंपनियों के 21 शीर्ष स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक की. बैठक में गूगल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुंदर पिचई, अमेजॉन के संस्थापक जेफ बेजोस, एप्पल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी टिम कुक और मास्टरकार्ड के अध्यक्ष अजय बंगा सहित अनेक शीर्ष अधिकारियों ने हिस्सा लिया.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) प्रधानमंत्री मोदी अमेरिका की दो दिन की यात्रा पर हैं और इस दौरान उन्होंने अमेरिका की अग्रणी कंपनियों के 21 शीर्ष स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक की. बैठक में गूगल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुंदर पिचई, अमेजॉन के संस्थापक जेफ बेजोस, एप्पल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी टिम कुक और मास्टरकार्ड के अध्यक्ष अजय बंगा सहित अनेक शीर्ष अधिकारियों ने हिस्सा लिया.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यहाँ एक सारांश है:विदेशी निवेशक भी पूरे भारत में जीएसटी के लागू होने का इंतजार कर रहे हैं 'अमेरिकी कंपनियों के पास योगदान देने का यह बेहतरीन अवसर है' बैठक में गूगल के सीईओ सुंदर पिचई और एप्पल के सीईओ टिम कुक भी मौजूद थे
4
['hin']
एक सारांश बनाओ: एनसीपी और कांग्रेस के बीच बिगड़ते संबंधों पर अभी भी विराम नहीं लगा है। क्योंकि इन दोनों राजनैतिक पार्टी के संबंधों की जड़ जहां है वहां बयानबाज़ी का सिलसिला जारी है।टिप्पणियां ताज़ा मामले में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण को एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने चेतावनी दी है। पवार ने कहा है कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को दूसरों के काम में दखल नहीं देना चाहिए। पवार का यह बयान तब आया है जब पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा था कि केंद्र में गठबंधन सरकार चलाने की मजबूरी होती है कि नौ सांसदों वाली पार्टी को भी तीन मंत्री पद देने पड़ते हैं। एनसीपी और कांग्रेस का यह विवाद महाराष्ट्र के सिंचाई विभाग में घोटाले के आरोपों के बाद उभरा है। महाराष्ट्र का सिंचाई विभाग एनसीपी के पास है और उसमें घोटाले की बात सामने आने पर मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने श्वेत पत्र लाने की बात कही थी जिससे एनसीपी में खलबली मच गई। पार्टी अध्यक्ष और दूसरे बड़े नेताओं ने केन्द्र सरकार पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। इसी मुद्दे पर शनिवार को नवी मुंबई में बोलते हुए शरद पवार ने कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री दूसरों के विभागों में हस्तक्षेप न करें। ताज़ा मामले में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण को एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने चेतावनी दी है। पवार ने कहा है कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को दूसरों के काम में दखल नहीं देना चाहिए। पवार का यह बयान तब आया है जब पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा था कि केंद्र में गठबंधन सरकार चलाने की मजबूरी होती है कि नौ सांसदों वाली पार्टी को भी तीन मंत्री पद देने पड़ते हैं। एनसीपी और कांग्रेस का यह विवाद महाराष्ट्र के सिंचाई विभाग में घोटाले के आरोपों के बाद उभरा है। महाराष्ट्र का सिंचाई विभाग एनसीपी के पास है और उसमें घोटाले की बात सामने आने पर मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने श्वेत पत्र लाने की बात कही थी जिससे एनसीपी में खलबली मच गई। पार्टी अध्यक्ष और दूसरे बड़े नेताओं ने केन्द्र सरकार पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। इसी मुद्दे पर शनिवार को नवी मुंबई में बोलते हुए शरद पवार ने कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री दूसरों के विभागों में हस्तक्षेप न करें। एनसीपी और कांग्रेस का यह विवाद महाराष्ट्र के सिंचाई विभाग में घोटाले के आरोपों के बाद उभरा है। महाराष्ट्र का सिंचाई विभाग एनसीपी के पास है और उसमें घोटाले की बात सामने आने पर मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने श्वेत पत्र लाने की बात कही थी जिससे एनसीपी में खलबली मच गई। पार्टी अध्यक्ष और दूसरे बड़े नेताओं ने केन्द्र सरकार पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। इसी मुद्दे पर शनिवार को नवी मुंबई में बोलते हुए शरद पवार ने कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री दूसरों के विभागों में हस्तक्षेप न करें।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पवार का यह बयान तब आया है जब पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा था कि केंद्र में गठबंधन सरकार चलाने की मजबूरी होती है कि नौ सांसदों वाली पार्टी को भी तीन मंत्री पद देने पड़ते हैं।
32
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बिहार में दो विधानसभा चुनावों में लगातार शिकस्त का सामना करने वाले राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद ने अपने अल्पसंख्यक वोट बैंक पर फिर से पकड़ बनाने के लिए लगातार अभियान चलाने के संकेत दिए। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के 16वें स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में लालू प्रसाद ने कहा, ‘मुसलमानों के वोट से उत्तर प्रदेश बदल गया। उनका एकमुश्त वोट मुलायम सिंह यादव को मिला और सरकार बदल गई। बिहार में नीतीश को चुनकर लोगों को क्या मिला?’ नीतीश कुमार के कार्यकाल में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार का आरोप लगाते हुए लालू ने कहा, ‘नीतीश के कार्यकाल में फारबिसगंज में गोलीकांड में अल्पसंख्यकों की हत्या कर दी गई। मुस्लिम समुदाय के युवकों की पुलिस हिरासत में मौत हो रही है, बिहार के मधुबनी, दरभंगा और किशनगंज से मुस्लिम युवकों को आतंकवाद के नाम पर पकड़कर ले जाया जा रहा है। बिहार सरकार चुप है।’ पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ की तर्ज पर मधुबनी, दरभंगा और किशनगंज को आतंकवाद का केंद्र के रूप में बदनाम करने के प्रयास हो रहे हैं। नीतीश की आलोचना करते हुए लालू ने आरोप लगाया, ‘नीतीश कुमार अल्पसंख्यकों को झूठा झांसा दे रहे हैं। दरगाह पर चादरपोशी कर श्रद्धा का दिखावा करने वाले नीतीश कुमार भाजपा और आरएसएस की गोद में बैठे हैं। वह बताये की भाजपा में कौन सेकुलर है? नीतीश ने गुजरात में गोधरा दंगों के बाद इस्तीफा नहीं दिया था।’ लालू ने कहा कि वह अपने अभियान के तहत गांव गांव जाकर लोगों को जगायेंगे और बड़ा आंदोलन करेंगे। आने वाले चुनावों में 50 प्रतिशत टिकट सभी जाति, वर्ग और संप्रदाय के युवाओं को दिया जाएगा।टिप्पणियां राजद अध्यक्ष ने अपने पुराने जनाधार मुस्लिम-यादव (माइ) वर्ग पर अत्याचार का उल्लेख करते आरोप लगाया, ‘राज्य में एक खास वर्ग को निशाना बनाकर उन पर अत्याचार किया जा रहा है। पुलिस हिरासत में मौत हो रही है। दबंग कमजोर वर्ग पर अत्याचार कर रहे हैं।’ पूर्व केंद्रीय मंत्री ने लोगों को भरोसा दिलाया कि राजद की सरकार आयेगी तो गारंटी देते हैं कि किसी को तकलीफ नहीं होगी। सभी जाति और वर्ग को साथ लेकर चलेंगे। राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव के बाद अभियान तेज किया जाएगा। लालू ने कहा कि जनता से सहमति लेकर व्यापक आंदोलन किया जाएगा। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के 16वें स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में लालू प्रसाद ने कहा, ‘मुसलमानों के वोट से उत्तर प्रदेश बदल गया। उनका एकमुश्त वोट मुलायम सिंह यादव को मिला और सरकार बदल गई। बिहार में नीतीश को चुनकर लोगों को क्या मिला?’ नीतीश कुमार के कार्यकाल में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार का आरोप लगाते हुए लालू ने कहा, ‘नीतीश के कार्यकाल में फारबिसगंज में गोलीकांड में अल्पसंख्यकों की हत्या कर दी गई। मुस्लिम समुदाय के युवकों की पुलिस हिरासत में मौत हो रही है, बिहार के मधुबनी, दरभंगा और किशनगंज से मुस्लिम युवकों को आतंकवाद के नाम पर पकड़कर ले जाया जा रहा है। बिहार सरकार चुप है।’ पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ की तर्ज पर मधुबनी, दरभंगा और किशनगंज को आतंकवाद का केंद्र के रूप में बदनाम करने के प्रयास हो रहे हैं। नीतीश की आलोचना करते हुए लालू ने आरोप लगाया, ‘नीतीश कुमार अल्पसंख्यकों को झूठा झांसा दे रहे हैं। दरगाह पर चादरपोशी कर श्रद्धा का दिखावा करने वाले नीतीश कुमार भाजपा और आरएसएस की गोद में बैठे हैं। वह बताये की भाजपा में कौन सेकुलर है? नीतीश ने गुजरात में गोधरा दंगों के बाद इस्तीफा नहीं दिया था।’ लालू ने कहा कि वह अपने अभियान के तहत गांव गांव जाकर लोगों को जगायेंगे और बड़ा आंदोलन करेंगे। आने वाले चुनावों में 50 प्रतिशत टिकट सभी जाति, वर्ग और संप्रदाय के युवाओं को दिया जाएगा।टिप्पणियां राजद अध्यक्ष ने अपने पुराने जनाधार मुस्लिम-यादव (माइ) वर्ग पर अत्याचार का उल्लेख करते आरोप लगाया, ‘राज्य में एक खास वर्ग को निशाना बनाकर उन पर अत्याचार किया जा रहा है। पुलिस हिरासत में मौत हो रही है। दबंग कमजोर वर्ग पर अत्याचार कर रहे हैं।’ पूर्व केंद्रीय मंत्री ने लोगों को भरोसा दिलाया कि राजद की सरकार आयेगी तो गारंटी देते हैं कि किसी को तकलीफ नहीं होगी। सभी जाति और वर्ग को साथ लेकर चलेंगे। राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव के बाद अभियान तेज किया जाएगा। लालू ने कहा कि जनता से सहमति लेकर व्यापक आंदोलन किया जाएगा। नीतीश कुमार के कार्यकाल में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार का आरोप लगाते हुए लालू ने कहा, ‘नीतीश के कार्यकाल में फारबिसगंज में गोलीकांड में अल्पसंख्यकों की हत्या कर दी गई। मुस्लिम समुदाय के युवकों की पुलिस हिरासत में मौत हो रही है, बिहार के मधुबनी, दरभंगा और किशनगंज से मुस्लिम युवकों को आतंकवाद के नाम पर पकड़कर ले जाया जा रहा है। बिहार सरकार चुप है।’ पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ की तर्ज पर मधुबनी, दरभंगा और किशनगंज को आतंकवाद का केंद्र के रूप में बदनाम करने के प्रयास हो रहे हैं। नीतीश की आलोचना करते हुए लालू ने आरोप लगाया, ‘नीतीश कुमार अल्पसंख्यकों को झूठा झांसा दे रहे हैं। दरगाह पर चादरपोशी कर श्रद्धा का दिखावा करने वाले नीतीश कुमार भाजपा और आरएसएस की गोद में बैठे हैं। वह बताये की भाजपा में कौन सेकुलर है? नीतीश ने गुजरात में गोधरा दंगों के बाद इस्तीफा नहीं दिया था।’ लालू ने कहा कि वह अपने अभियान के तहत गांव गांव जाकर लोगों को जगायेंगे और बड़ा आंदोलन करेंगे। आने वाले चुनावों में 50 प्रतिशत टिकट सभी जाति, वर्ग और संप्रदाय के युवाओं को दिया जाएगा।टिप्पणियां राजद अध्यक्ष ने अपने पुराने जनाधार मुस्लिम-यादव (माइ) वर्ग पर अत्याचार का उल्लेख करते आरोप लगाया, ‘राज्य में एक खास वर्ग को निशाना बनाकर उन पर अत्याचार किया जा रहा है। पुलिस हिरासत में मौत हो रही है। दबंग कमजोर वर्ग पर अत्याचार कर रहे हैं।’ पूर्व केंद्रीय मंत्री ने लोगों को भरोसा दिलाया कि राजद की सरकार आयेगी तो गारंटी देते हैं कि किसी को तकलीफ नहीं होगी। सभी जाति और वर्ग को साथ लेकर चलेंगे। राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव के बाद अभियान तेज किया जाएगा। लालू ने कहा कि जनता से सहमति लेकर व्यापक आंदोलन किया जाएगा। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ की तर्ज पर मधुबनी, दरभंगा और किशनगंज को आतंकवाद का केंद्र के रूप में बदनाम करने के प्रयास हो रहे हैं। नीतीश की आलोचना करते हुए लालू ने आरोप लगाया, ‘नीतीश कुमार अल्पसंख्यकों को झूठा झांसा दे रहे हैं। दरगाह पर चादरपोशी कर श्रद्धा का दिखावा करने वाले नीतीश कुमार भाजपा और आरएसएस की गोद में बैठे हैं। वह बताये की भाजपा में कौन सेकुलर है? नीतीश ने गुजरात में गोधरा दंगों के बाद इस्तीफा नहीं दिया था।’ लालू ने कहा कि वह अपने अभियान के तहत गांव गांव जाकर लोगों को जगायेंगे और बड़ा आंदोलन करेंगे। आने वाले चुनावों में 50 प्रतिशत टिकट सभी जाति, वर्ग और संप्रदाय के युवाओं को दिया जाएगा।टिप्पणियां राजद अध्यक्ष ने अपने पुराने जनाधार मुस्लिम-यादव (माइ) वर्ग पर अत्याचार का उल्लेख करते आरोप लगाया, ‘राज्य में एक खास वर्ग को निशाना बनाकर उन पर अत्याचार किया जा रहा है। पुलिस हिरासत में मौत हो रही है। दबंग कमजोर वर्ग पर अत्याचार कर रहे हैं।’ पूर्व केंद्रीय मंत्री ने लोगों को भरोसा दिलाया कि राजद की सरकार आयेगी तो गारंटी देते हैं कि किसी को तकलीफ नहीं होगी। सभी जाति और वर्ग को साथ लेकर चलेंगे। राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव के बाद अभियान तेज किया जाएगा। लालू ने कहा कि जनता से सहमति लेकर व्यापक आंदोलन किया जाएगा। नीतीश की आलोचना करते हुए लालू ने आरोप लगाया, ‘नीतीश कुमार अल्पसंख्यकों को झूठा झांसा दे रहे हैं। दरगाह पर चादरपोशी कर श्रद्धा का दिखावा करने वाले नीतीश कुमार भाजपा और आरएसएस की गोद में बैठे हैं। वह बताये की भाजपा में कौन सेकुलर है? नीतीश ने गुजरात में गोधरा दंगों के बाद इस्तीफा नहीं दिया था।’ लालू ने कहा कि वह अपने अभियान के तहत गांव गांव जाकर लोगों को जगायेंगे और बड़ा आंदोलन करेंगे। आने वाले चुनावों में 50 प्रतिशत टिकट सभी जाति, वर्ग और संप्रदाय के युवाओं को दिया जाएगा।टिप्पणियां राजद अध्यक्ष ने अपने पुराने जनाधार मुस्लिम-यादव (माइ) वर्ग पर अत्याचार का उल्लेख करते आरोप लगाया, ‘राज्य में एक खास वर्ग को निशाना बनाकर उन पर अत्याचार किया जा रहा है। पुलिस हिरासत में मौत हो रही है। दबंग कमजोर वर्ग पर अत्याचार कर रहे हैं।’ पूर्व केंद्रीय मंत्री ने लोगों को भरोसा दिलाया कि राजद की सरकार आयेगी तो गारंटी देते हैं कि किसी को तकलीफ नहीं होगी। सभी जाति और वर्ग को साथ लेकर चलेंगे। राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव के बाद अभियान तेज किया जाएगा। लालू ने कहा कि जनता से सहमति लेकर व्यापक आंदोलन किया जाएगा। लालू ने कहा कि वह अपने अभियान के तहत गांव गांव जाकर लोगों को जगायेंगे और बड़ा आंदोलन करेंगे। आने वाले चुनावों में 50 प्रतिशत टिकट सभी जाति, वर्ग और संप्रदाय के युवाओं को दिया जाएगा।टिप्पणियां राजद अध्यक्ष ने अपने पुराने जनाधार मुस्लिम-यादव (माइ) वर्ग पर अत्याचार का उल्लेख करते आरोप लगाया, ‘राज्य में एक खास वर्ग को निशाना बनाकर उन पर अत्याचार किया जा रहा है। पुलिस हिरासत में मौत हो रही है। दबंग कमजोर वर्ग पर अत्याचार कर रहे हैं।’ पूर्व केंद्रीय मंत्री ने लोगों को भरोसा दिलाया कि राजद की सरकार आयेगी तो गारंटी देते हैं कि किसी को तकलीफ नहीं होगी। सभी जाति और वर्ग को साथ लेकर चलेंगे। राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव के बाद अभियान तेज किया जाएगा। लालू ने कहा कि जनता से सहमति लेकर व्यापक आंदोलन किया जाएगा। राजद अध्यक्ष ने अपने पुराने जनाधार मुस्लिम-यादव (माइ) वर्ग पर अत्याचार का उल्लेख करते आरोप लगाया, ‘राज्य में एक खास वर्ग को निशाना बनाकर उन पर अत्याचार किया जा रहा है। पुलिस हिरासत में मौत हो रही है। दबंग कमजोर वर्ग पर अत्याचार कर रहे हैं।’ पूर्व केंद्रीय मंत्री ने लोगों को भरोसा दिलाया कि राजद की सरकार आयेगी तो गारंटी देते हैं कि किसी को तकलीफ नहीं होगी। सभी जाति और वर्ग को साथ लेकर चलेंगे। राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव के बाद अभियान तेज किया जाएगा। लालू ने कहा कि जनता से सहमति लेकर व्यापक आंदोलन किया जाएगा। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने लोगों को भरोसा दिलाया कि राजद की सरकार आयेगी तो गारंटी देते हैं कि किसी को तकलीफ नहीं होगी। सभी जाति और वर्ग को साथ लेकर चलेंगे। राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव के बाद अभियान तेज किया जाएगा। लालू ने कहा कि जनता से सहमति लेकर व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
यहाँ एक सारांश है:नीतीश कुमार के कार्यकाल में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार का आरोप लगाते हुए लालू ने कहा, नीतीश के कार्यकाल में फारबिसगंज में गोलीकांड में अल्पसंख्यकों की हत्या कर दी गई।
12
['hin']
एक सारांश बनाओ: केरल के पलक्कड़ में एक ऐसी घटना हुई, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया. पहले गांव वालों ने उसे बांध कर बंधकर बनाया फिर सेल्फी लीं और खूब पीटा. उस पर इलजाम लगाया गया था कि उसने एक दुकान से कुछ चुराया था. 27 वर्षीय युवक को जब अस्पताल ले जाया गया तो उसकी मौत हो गई. 7 हमलावरों को आइडेंटिफाय किया जा चुका है. लेकिन अभी तक उनकी गिरफ्तारी और न ही कोई आरोप लगाया गया है.    पुलिस ने बताया कि व्यक्ति गांव के पास के ही जंगल में रहता था और खाने के लिए लोकल शॉप्स से सामान चुराया करता था. माना जा रहा है कि उसका मानसिक संतुलन ठीक नहीं था. गुरुवार को गांव के लोगों ने उसे पकड लिया और बंधक बनाकर घंटों तक पीटा. कुछ लोगों ने उस वक्त सेल्फी भी ली. शाम को किसी ने पुलिस को बुला लिया. पुलिस ने उसको पकड़ा तो उसने उल्टी की और बेहोश हो गया. जिसके बाद उसे करीब शाम 5 बजे अस्पताल ले जाया गया. उसी वक्त उसकी अप्राकृतिक मौत मौत हो गई. टिप्पणियां पलक्कड़ के पुलिस प्रमुख प्रतीश कुमार ने बताया- ''इस आदीवासी को गांव वालों ने बुरी तरह से पीटा है. हमने उन 7 लोगों की पहचान कर ली है. लेकिन शख्स की मौत उस वक्त हुई जिस वक्त वो पुलिस कस्टडी में था. जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया. फिलहाल अप्राकृतिक मौत का केस दर्ज कर लिया गया है. हम हत्या की रिपोर्ट दर्ज करने से पहले पोस्ट मार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं. जिसके बाद लोगों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा.''  बता दें, हफ्ते भर में ये तीसरी घटना है. जब लोगों ने शख्स को पीट-पीटकर मार डाला हो. पिछले महीने पल्लीपुरम में मानसिक रूप से बीमार महिला को लोगों ने खूब पीट था. जिसके बाद उसके पैर जला दिए गए थे. उस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था.  पलक्कड़ के पुलिस प्रमुख प्रतीश कुमार ने बताया- ''इस आदीवासी को गांव वालों ने बुरी तरह से पीटा है. हमने उन 7 लोगों की पहचान कर ली है. लेकिन शख्स की मौत उस वक्त हुई जिस वक्त वो पुलिस कस्टडी में था. जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया. फिलहाल अप्राकृतिक मौत का केस दर्ज कर लिया गया है. हम हत्या की रिपोर्ट दर्ज करने से पहले पोस्ट मार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं. जिसके बाद लोगों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा.''  बता दें, हफ्ते भर में ये तीसरी घटना है. जब लोगों ने शख्स को पीट-पीटकर मार डाला हो. पिछले महीने पल्लीपुरम में मानसिक रूप से बीमार महिला को लोगों ने खूब पीट था. जिसके बाद उसके पैर जला दिए गए थे. उस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था.  बता दें, हफ्ते भर में ये तीसरी घटना है. जब लोगों ने शख्स को पीट-पीटकर मार डाला हो. पिछले महीने पल्लीपुरम में मानसिक रूप से बीमार महिला को लोगों ने खूब पीट था. जिसके बाद उसके पैर जला दिए गए थे. उस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था.
संक्षिप्त पाठ: Kerala के Palakkad में शख्स को पीट-पीटकर मार डाला. 27 वर्षीय युवक को जब अस्पताल ले जाया गया तो उसकी मौत हो गई. 7 हमलावरों की पहचान की जा चुका है.
30
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अफगानिस्तान पर आयोजित बॉन बैठक में हिस्सा न लेने के पाकिस्तान के फैसले को खेदजनक बताते हुए संयुक्त राष्ट्र प्रमुख बान की मून ने कहा कि यह भागीदारी आवश्यक थी क्योंकि संघर्ष के शिकार पड़ोसी देश की शांति और स्थायित्व में उसकी अहम भूमिका है। बान अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस के लिए जर्मन शहर में हैं, जहां उन्होंने अफगानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करजई से भी मुलाकात की। संवाददाताओं से बात करते हुए बान ने कहा कि पाकिस्तान का महत्वपूर्ण बैठक में भाग न लेना उसका अपना स्वतंत्र फैसला है। बान के प्रवक्ता की ओर से जारी विज्ञप्ति में संयुक्त राष्ट्र प्रमुख के हवाले से कहा गया, अफगानिस्तान में शांति और स्थायित्व के लिए क्षेत्र के जो देश प्रमुख हैं उनमें पाकिस्तान एक है और इसलिए बहुत अच्छा होता यदि पाकिस्तान कांफ्रेंस में उपस्थित होता। मुझे लगता है पाकिस्तान का नहीं आने का फैसला खेदजनक है। पाकिस्तान ने उसकी सैन्य चौकियों पर हाल ही में किए गए नाटों के हमले के मद्देनजर कॉन्फ्रेंस का बहिष्कार करने का फैसला किया है। इस हमले में पाकिस्तान के 24 सैनिक मारे गए थे। अमेरिका की विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन सहित व्हाइट हाउस और ओबामा प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने पाकिस्तान से कॉन्फ्रेंस में भाग नहीं लेने के फैसले पर पुनर्विचार के लिए कहा था।
यह एक सारांश है: संयुक्त राष्ट्र प्रमुख बान की मून ने अफगानिस्तान पर आयोजित बॉन बैठक में हिस्सा न लेने के पाकिस्तान के फैसले को खेदजनक बताया है।
16
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: उन्होंने कहा, लेकिन संजय दत्त शीर्ष अदालत द्वारा सुनाए गए साढ़े तीन साल की कैद के फैसले का पालन पूरी तरह से करेंगे। मानशिंदे ने कहा, साढ़े तीन साल कोई बहुत लंबा वक्त नहीं है, और हमने शुरू से ही संजय को सजा के लिए मानसिक रूप से तैयार कर दिया था। संजय दत्त एक मजबूत व्यक्ति हैं और वह अपने लिए लड़ेंगे। टिप्पणियां कोर्ट ने गुरुवार को संजय के अलावा याकूब अब्दुल रज़्ज़ाक मेमन को मुंबई सीरियल ब्लास्ट का मास्टरमाइंड बताते हुए उसकी फांसी की सज़ा को बरकरार रखा है, जबकि टाडा कोर्ट द्वारा फांसी की सज़ा पाए शेष 10 अभियुक्तों की सज़ा को घटाकर उम्रकैद कर दिया गया है। इनके अलावा कोर्ट ने उम्रकैद पाए 22 में से दो लोगों को बरी कर दिया है, जबकि शेष 20 की सज़ा को बरकरार रखा है। कोर्ट ने यह भी कहा कि मुंबई में हुए सीरियल धमाकों की साज़िश और प्रबंधन अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम ने किया, और आरोपियों के इकबालिया बयानों का हवाला देते हुए कोर्ट ने यह भी कहा कि मुंबई में हुए बम धमाकों की साज़िश में पाकिस्तान का हाथ था। कोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान ने आतंकवाद को बढ़ावा दिया। कोर्ट ने कहा कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर सर्विसेज़ इंटेलिजेंस (आईएसआई) ने आतंकवादियों को ट्रेनिंग और पनाह दी। इसके अलावा कोर्ट ने भारतीय पुलिस और कस्टम विभाग को भी लताड़ लगाई, और कहा कि यदि इन दोनों विभागों ने हथियारों की तस्करी पर सही तरीके से काम करके रोक लगाई होती तो यह वारदात (मुंबई में हुए सीरियल बम धमाके) नहीं होती। कोर्ट ने गुरुवार को संजय के अलावा याकूब अब्दुल रज़्ज़ाक मेमन को मुंबई सीरियल ब्लास्ट का मास्टरमाइंड बताते हुए उसकी फांसी की सज़ा को बरकरार रखा है, जबकि टाडा कोर्ट द्वारा फांसी की सज़ा पाए शेष 10 अभियुक्तों की सज़ा को घटाकर उम्रकैद कर दिया गया है। इनके अलावा कोर्ट ने उम्रकैद पाए 22 में से दो लोगों को बरी कर दिया है, जबकि शेष 20 की सज़ा को बरकरार रखा है। कोर्ट ने यह भी कहा कि मुंबई में हुए सीरियल धमाकों की साज़िश और प्रबंधन अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम ने किया, और आरोपियों के इकबालिया बयानों का हवाला देते हुए कोर्ट ने यह भी कहा कि मुंबई में हुए बम धमाकों की साज़िश में पाकिस्तान का हाथ था। कोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान ने आतंकवाद को बढ़ावा दिया। कोर्ट ने कहा कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर सर्विसेज़ इंटेलिजेंस (आईएसआई) ने आतंकवादियों को ट्रेनिंग और पनाह दी। इसके अलावा कोर्ट ने भारतीय पुलिस और कस्टम विभाग को भी लताड़ लगाई, और कहा कि यदि इन दोनों विभागों ने हथियारों की तस्करी पर सही तरीके से काम करके रोक लगाई होती तो यह वारदात (मुंबई में हुए सीरियल बम धमाके) नहीं होती। कोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान ने आतंकवाद को बढ़ावा दिया। कोर्ट ने कहा कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर सर्विसेज़ इंटेलिजेंस (आईएसआई) ने आतंकवादियों को ट्रेनिंग और पनाह दी। इसके अलावा कोर्ट ने भारतीय पुलिस और कस्टम विभाग को भी लताड़ लगाई, और कहा कि यदि इन दोनों विभागों ने हथियारों की तस्करी पर सही तरीके से काम करके रोक लगाई होती तो यह वारदात (मुंबई में हुए सीरियल बम धमाके) नहीं होती।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: संजय दत्त ने कोर्ट के फैसले पर पहली प्रतिक्रिया में कहा है कि वह कोर्ट के आदेश का पालन करेंगे, और उन्होंने कहा कि वह इस फैसले से काफी दुखी है। इसके आगे उन्होंने कहा कि सजा 'पत्नी और बच्चे' भी भुगतेंगे।
11
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: सीबीआई मामले के छह आरोपियों में से एक की पुलिस हिरासत में रहस्यमयी स्थिति में मौत की भी जांच करेगी. जांच एजेंसी ने इस संबंध में अलग प्राथमिकी दर्ज की है. आरोपी सूरज का पोस्टर्माटम शिमला के आईजीएमसी अस्पताल में किया गया, लेकिन सीबीआई ने राज्य पुलिस से शव को परिवार के सदस्यों को नहीं सौंपने को कहा है. कोटखाई थाने में पुलिस हिरासत के दौरान उसकी मौत हो गई थी. सीबीआई ने शिमला उच्च न्यायालय के आदेश पर मामले की जांच को अपने हाथ में लिया है. इसी बीच पीड़िता के लिए न्याय की मांग में हो रहे प्रदर्शन जारी है और प्रदर्शनकारियों ने ठियोग में हिन्दुस्तान-तिब्बत मार्ग को कई घंटों तक जाम कर दिया. इससे सैकड़ों वाहन फंसे रहे गए.टिप्पणियां (इनपुट भाषा से) आरोपी सूरज का पोस्टर्माटम शिमला के आईजीएमसी अस्पताल में किया गया, लेकिन सीबीआई ने राज्य पुलिस से शव को परिवार के सदस्यों को नहीं सौंपने को कहा है. कोटखाई थाने में पुलिस हिरासत के दौरान उसकी मौत हो गई थी. सीबीआई ने शिमला उच्च न्यायालय के आदेश पर मामले की जांच को अपने हाथ में लिया है. इसी बीच पीड़िता के लिए न्याय की मांग में हो रहे प्रदर्शन जारी है और प्रदर्शनकारियों ने ठियोग में हिन्दुस्तान-तिब्बत मार्ग को कई घंटों तक जाम कर दिया. इससे सैकड़ों वाहन फंसे रहे गए.टिप्पणियां (इनपुट भाषा से) आरोपी सूरज का पोस्टर्माटम शिमला के आईजीएमसी अस्पताल में किया गया, लेकिन सीबीआई ने राज्य पुलिस से शव को परिवार के सदस्यों को नहीं सौंपने को कहा है. कोटखाई थाने में पुलिस हिरासत के दौरान उसकी मौत हो गई थी. सीबीआई ने शिमला उच्च न्यायालय के आदेश पर मामले की जांच को अपने हाथ में लिया है. इसी बीच पीड़िता के लिए न्याय की मांग में हो रहे प्रदर्शन जारी है और प्रदर्शनकारियों ने ठियोग में हिन्दुस्तान-तिब्बत मार्ग को कई घंटों तक जाम कर दिया. इससे सैकड़ों वाहन फंसे रहे गए.टिप्पणियां (इनपुट भाषा से) सीबीआई ने शिमला उच्च न्यायालय के आदेश पर मामले की जांच को अपने हाथ में लिया है. इसी बीच पीड़िता के लिए न्याय की मांग में हो रहे प्रदर्शन जारी है और प्रदर्शनकारियों ने ठियोग में हिन्दुस्तान-तिब्बत मार्ग को कई घंटों तक जाम कर दिया. इससे सैकड़ों वाहन फंसे रहे गए.टिप्पणियां (इनपुट भाषा से) (इनपुट भाषा से) (इनपुट भाषा से)
संक्षिप्त पाठ: इस घटना को लेकर आक्रोशित लोग सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. CBI ने एक पुलिस अधीक्षक की अगुवाई में जांच दल का गठन किया है. आरोपी सूरज का पोस्टर्माटम शिमला के आईजीएमसी अस्पताल में किया गया.
13
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री आनंदीबेन पटेल घाटलोडिया विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीत गई हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) उम्मीदवार राजस्व मंत्री आनंदीबेन ने कांग्रेस के रमेशभाई पटेल को 110395 मतों के विशाल अंतर से पराजित किया। पूर्व मुख्यमंत्री केशूभाई पटेल के विपक्ष में होने के बावजूद भाजपा उम्मीदवार को 154599 मत मिले। कांग्रेस प्रत्याशी रमेशभाई को 44204 मत मिले। गुजरात परिवर्तन पार्टी (जीपीपी) के उम्मीदवार चिरागभाई पटेल को मात्र 2829 मत मिले।टिप्पणियां उत्तर गुजरात की पाटण विधानसभा से जहां 2002 और 2007 में आनंदीबेन पटेल ने चुनाव जीता था। लेकिन अपने खिलाफ सत्ता विरोधी रुझानों को देखते हुए उन्होंने इस दफे अहमदाबाद की नवसृजित घाटलोड़िया सीट चुना और वह चुनाव जीतने में सफल भी रही। पाटण कभी गुजरात की प्राचीन राजधानी हुआ करती थी। पाटण फिलहाल अपनी पटोला साड़ियों के लिए मशहूर है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) उम्मीदवार राजस्व मंत्री आनंदीबेन ने कांग्रेस के रमेशभाई पटेल को 110395 मतों के विशाल अंतर से पराजित किया। पूर्व मुख्यमंत्री केशूभाई पटेल के विपक्ष में होने के बावजूद भाजपा उम्मीदवार को 154599 मत मिले। कांग्रेस प्रत्याशी रमेशभाई को 44204 मत मिले। गुजरात परिवर्तन पार्टी (जीपीपी) के उम्मीदवार चिरागभाई पटेल को मात्र 2829 मत मिले।टिप्पणियां उत्तर गुजरात की पाटण विधानसभा से जहां 2002 और 2007 में आनंदीबेन पटेल ने चुनाव जीता था। लेकिन अपने खिलाफ सत्ता विरोधी रुझानों को देखते हुए उन्होंने इस दफे अहमदाबाद की नवसृजित घाटलोड़िया सीट चुना और वह चुनाव जीतने में सफल भी रही। पाटण कभी गुजरात की प्राचीन राजधानी हुआ करती थी। पाटण फिलहाल अपनी पटोला साड़ियों के लिए मशहूर है। उत्तर गुजरात की पाटण विधानसभा से जहां 2002 और 2007 में आनंदीबेन पटेल ने चुनाव जीता था। लेकिन अपने खिलाफ सत्ता विरोधी रुझानों को देखते हुए उन्होंने इस दफे अहमदाबाद की नवसृजित घाटलोड़िया सीट चुना और वह चुनाव जीतने में सफल भी रही। पाटण कभी गुजरात की प्राचीन राजधानी हुआ करती थी। पाटण फिलहाल अपनी पटोला साड़ियों के लिए मशहूर है। पाटण कभी गुजरात की प्राचीन राजधानी हुआ करती थी। पाटण फिलहाल अपनी पटोला साड़ियों के लिए मशहूर है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) उम्मीदवार राजस्व मंत्री आनंदीबेन ने कांग्रेस के रमेशभाई पटेल को 110395 मतों के विशाल अंतर से पराजित किया। पूर्व मुख्यमंत्री केशूभाई पटेल के विपक्ष में होने के बावजूद भाजपा उम्मीदवार को 154599 मत मिले।
28
['hin']
एक सारांश बनाओ: दिल्ली में लैंड पूलिंग पॉलिसी को लागू करने का रास्ता साफ हो गया है. उपराज्यपाल अनिल बैजल ने उत्तरी और दक्षिण दिल्ली के 89 गांव को शहरीकृत घोषित करने का आदेश दिया है. लैंड पूलिंग पालिसी लागू होने के बाद दिल्ली के बाहरी इलाकों में विकास को गति मिलेगी . करीब 20 लाख फ्लैट तैयार हो सकेंगे. एलजी ने राजधानी के 89 गांवों को शहरीकृत गांवों का दर्जा देने का आदेश जारी कर दिया है. अब लैंड पुलिंग के जरिये किसानों या फिर डेवलपर के साथ मिलकर मकान बनाने की केंद्र सरकार की योजना का रास्ता भी साफ हो गया है. टिप्पणियां केंद्र सरकार ने 2 साल पहले 2015 में ही पालिसी को मंजूरी दे दी थी.  करीब दो साल फाइल दिल्ली सरकार के पास मंजूरी के इंतजार में अटकी हुई थ.  दिल्ली सरकार की ओर से इन गांवों को शहरीकृत गांवों का दर्जा देने के मामले में कई तरह की अड़चनें गिनाई गई. दिल्ली सरकार ने लैंड पुलिंग पालिसी को मंजूर करने के एवज में केंद्र सरकार से ज़मीन दिलाने की शर्त रखी. जिसपर सहमति नही बन पा रही थी.  एलजी अनिल बैजल की ओर से सभी 89 गांवों को शहरीकृत गांवों का दर्जा देते हुए नोटिफिकेशन जारी किया गया है. आदेश के अनुसार उत्तरी दिल्ली के पचास गांव तथा दक्षिणी दिल्ली के 39 गांवों को शहरीकृत गांवों का दर्जा दिया गया है. डीडीए की ओर से करीब 115 गांवों को पहले ही शहरीकृत गांवों का दर्जा दिया जा चुका है. बताया जाता है कि कुल 200 ग्रामीण इलाकों को इस पॉलिसी में शामिल करने की डीडीए की ये योजना सिर्फ दिल्ली सरकार की मंजूरी न मिलने की वजह से अब तक अटकी हुई थी. केंद्र सरकार ने 2 साल पहले 2015 में ही पालिसी को मंजूरी दे दी थी.  करीब दो साल फाइल दिल्ली सरकार के पास मंजूरी के इंतजार में अटकी हुई थ.  दिल्ली सरकार की ओर से इन गांवों को शहरीकृत गांवों का दर्जा देने के मामले में कई तरह की अड़चनें गिनाई गई. दिल्ली सरकार ने लैंड पुलिंग पालिसी को मंजूर करने के एवज में केंद्र सरकार से ज़मीन दिलाने की शर्त रखी. जिसपर सहमति नही बन पा रही थी.  एलजी अनिल बैजल की ओर से सभी 89 गांवों को शहरीकृत गांवों का दर्जा देते हुए नोटिफिकेशन जारी किया गया है. आदेश के अनुसार उत्तरी दिल्ली के पचास गांव तथा दक्षिणी दिल्ली के 39 गांवों को शहरीकृत गांवों का दर्जा दिया गया है. डीडीए की ओर से करीब 115 गांवों को पहले ही शहरीकृत गांवों का दर्जा दिया जा चुका है. बताया जाता है कि कुल 200 ग्रामीण इलाकों को इस पॉलिसी में शामिल करने की डीडीए की ये योजना सिर्फ दिल्ली सरकार की मंजूरी न मिलने की वजह से अब तक अटकी हुई थी. एलजी अनिल बैजल की ओर से सभी 89 गांवों को शहरीकृत गांवों का दर्जा देते हुए नोटिफिकेशन जारी किया गया है. आदेश के अनुसार उत्तरी दिल्ली के पचास गांव तथा दक्षिणी दिल्ली के 39 गांवों को शहरीकृत गांवों का दर्जा दिया गया है. डीडीए की ओर से करीब 115 गांवों को पहले ही शहरीकृत गांवों का दर्जा दिया जा चुका है. बताया जाता है कि कुल 200 ग्रामीण इलाकों को इस पॉलिसी में शामिल करने की डीडीए की ये योजना सिर्फ दिल्ली सरकार की मंजूरी न मिलने की वजह से अब तक अटकी हुई थी.
यह एक सारांश है: 89 गांवों को अर्बन गांव घोषित कर दिया है जल्द ही इसे डेवलेपमेन्ट एरिया भी घोषित कर दिया जाएगा इस पूरे एरिया में 20 से 25 लाख घर बनेंगे
21
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: उच्चतम न्यायालय ने गुरुवार को कहा कि मुंबई में 1993 में हुए विस्फोट की घटनाओं में शामिल अभियुक्तों को प्रशिक्षण देने में पाकिस्तान और उसकी खुफिया एजेन्सी आईएसआई ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। शीर्ष अदालत ने कहा कि देश की आर्थिक राजधानी को निशाना बनाने की साजिश दाउद इब्राहिम, टाइगर मेमन और उसके साथियों ने रची थी जिसे पाकिस्तानी अधिकारियों की मदद से अंजाम दिया गया था। न्यायमूर्ति पी सदाशिवम और न्यायमूर्ति डॉ बलबीर सिंह चौहान की खंडपीठ ने दाउद इब्राहिम और याकूब मेमन तथा दूसरे फरार अभियुक्त इस प्रकरण के ‘धनुषधारी थे जबकि शेष अभियुक्त उनके हाथों के तीर थे। ''न्यायालय ने कहा कि अभियुक्तों को पाकिस्तान में ‘ग्रीन चैनल की सुविधायें’ मुहैया कराई गई थीं और वे दुबई के रास्ते पाकिस्तान पहुंचे जहां उन्हें आईएसआई से प्रशिक्षण मिला जो आव्रजन नियमों के पालन के बगैर ही उन्हें इस्लामाबाद हवाई अड्डे से बाहर ले गई थी।’’ न्यायालय ने कहा, ‘यह पाकिस्तान में आने और वहां से बाहर निकलने की ग्रीन चैनल सुविधा थी।’’ न्यायालय ने तमाम साक्ष्यों के अवलोकन के बाद कहा कि बड़ी संख्या मे मुजरिमों और फरार अपराधियों को पाकिस्तान में आरडीएक्स तैयार करने और एके 56 राइफल जैसे स्वचालित हथियारों के इस्तेमाल और हथगोले चलाने का प्रशिक्षण मिला था। टिप्पणियां न्यायालय ने कहा कि अभियुक्तों के इकबालिया बयान से भी स्पष्ट है कि प्रशिक्षण का बंदोबस्त दाउद इब्राहिम और दूसरे व्यक्तियों के हाथ में था। न्यायालय ने कहा कि विस्फोटक की तस्करी में कुछ पुलिस अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। शीर्ष अदालत ने कहा कि देश की आर्थिक राजधानी को निशाना बनाने की साजिश दाउद इब्राहिम, टाइगर मेमन और उसके साथियों ने रची थी जिसे पाकिस्तानी अधिकारियों की मदद से अंजाम दिया गया था। न्यायमूर्ति पी सदाशिवम और न्यायमूर्ति डॉ बलबीर सिंह चौहान की खंडपीठ ने दाउद इब्राहिम और याकूब मेमन तथा दूसरे फरार अभियुक्त इस प्रकरण के ‘धनुषधारी थे जबकि शेष अभियुक्त उनके हाथों के तीर थे। ''न्यायालय ने कहा कि अभियुक्तों को पाकिस्तान में ‘ग्रीन चैनल की सुविधायें’ मुहैया कराई गई थीं और वे दुबई के रास्ते पाकिस्तान पहुंचे जहां उन्हें आईएसआई से प्रशिक्षण मिला जो आव्रजन नियमों के पालन के बगैर ही उन्हें इस्लामाबाद हवाई अड्डे से बाहर ले गई थी।’’ न्यायालय ने कहा, ‘यह पाकिस्तान में आने और वहां से बाहर निकलने की ग्रीन चैनल सुविधा थी।’’ न्यायालय ने तमाम साक्ष्यों के अवलोकन के बाद कहा कि बड़ी संख्या मे मुजरिमों और फरार अपराधियों को पाकिस्तान में आरडीएक्स तैयार करने और एके 56 राइफल जैसे स्वचालित हथियारों के इस्तेमाल और हथगोले चलाने का प्रशिक्षण मिला था। टिप्पणियां न्यायालय ने कहा कि अभियुक्तों के इकबालिया बयान से भी स्पष्ट है कि प्रशिक्षण का बंदोबस्त दाउद इब्राहिम और दूसरे व्यक्तियों के हाथ में था। न्यायालय ने कहा कि विस्फोटक की तस्करी में कुछ पुलिस अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। न्यायमूर्ति पी सदाशिवम और न्यायमूर्ति डॉ बलबीर सिंह चौहान की खंडपीठ ने दाउद इब्राहिम और याकूब मेमन तथा दूसरे फरार अभियुक्त इस प्रकरण के ‘धनुषधारी थे जबकि शेष अभियुक्त उनके हाथों के तीर थे। ''न्यायालय ने कहा कि अभियुक्तों को पाकिस्तान में ‘ग्रीन चैनल की सुविधायें’ मुहैया कराई गई थीं और वे दुबई के रास्ते पाकिस्तान पहुंचे जहां उन्हें आईएसआई से प्रशिक्षण मिला जो आव्रजन नियमों के पालन के बगैर ही उन्हें इस्लामाबाद हवाई अड्डे से बाहर ले गई थी।’’ न्यायालय ने कहा, ‘यह पाकिस्तान में आने और वहां से बाहर निकलने की ग्रीन चैनल सुविधा थी।’’ न्यायालय ने तमाम साक्ष्यों के अवलोकन के बाद कहा कि बड़ी संख्या मे मुजरिमों और फरार अपराधियों को पाकिस्तान में आरडीएक्स तैयार करने और एके 56 राइफल जैसे स्वचालित हथियारों के इस्तेमाल और हथगोले चलाने का प्रशिक्षण मिला था। टिप्पणियां न्यायालय ने कहा कि अभियुक्तों के इकबालिया बयान से भी स्पष्ट है कि प्रशिक्षण का बंदोबस्त दाउद इब्राहिम और दूसरे व्यक्तियों के हाथ में था। न्यायालय ने कहा कि विस्फोटक की तस्करी में कुछ पुलिस अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। ''न्यायालय ने कहा कि अभियुक्तों को पाकिस्तान में ‘ग्रीन चैनल की सुविधायें’ मुहैया कराई गई थीं और वे दुबई के रास्ते पाकिस्तान पहुंचे जहां उन्हें आईएसआई से प्रशिक्षण मिला जो आव्रजन नियमों के पालन के बगैर ही उन्हें इस्लामाबाद हवाई अड्डे से बाहर ले गई थी।’’ न्यायालय ने कहा, ‘यह पाकिस्तान में आने और वहां से बाहर निकलने की ग्रीन चैनल सुविधा थी।’’ न्यायालय ने तमाम साक्ष्यों के अवलोकन के बाद कहा कि बड़ी संख्या मे मुजरिमों और फरार अपराधियों को पाकिस्तान में आरडीएक्स तैयार करने और एके 56 राइफल जैसे स्वचालित हथियारों के इस्तेमाल और हथगोले चलाने का प्रशिक्षण मिला था। टिप्पणियां न्यायालय ने कहा कि अभियुक्तों के इकबालिया बयान से भी स्पष्ट है कि प्रशिक्षण का बंदोबस्त दाउद इब्राहिम और दूसरे व्यक्तियों के हाथ में था। न्यायालय ने कहा कि विस्फोटक की तस्करी में कुछ पुलिस अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। न्यायालय ने कहा, ‘यह पाकिस्तान में आने और वहां से बाहर निकलने की ग्रीन चैनल सुविधा थी।’’ न्यायालय ने तमाम साक्ष्यों के अवलोकन के बाद कहा कि बड़ी संख्या मे मुजरिमों और फरार अपराधियों को पाकिस्तान में आरडीएक्स तैयार करने और एके 56 राइफल जैसे स्वचालित हथियारों के इस्तेमाल और हथगोले चलाने का प्रशिक्षण मिला था। टिप्पणियां न्यायालय ने कहा कि अभियुक्तों के इकबालिया बयान से भी स्पष्ट है कि प्रशिक्षण का बंदोबस्त दाउद इब्राहिम और दूसरे व्यक्तियों के हाथ में था। न्यायालय ने कहा कि विस्फोटक की तस्करी में कुछ पुलिस अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। न्यायालय ने कहा कि अभियुक्तों के इकबालिया बयान से भी स्पष्ट है कि प्रशिक्षण का बंदोबस्त दाउद इब्राहिम और दूसरे व्यक्तियों के हाथ में था। न्यायालय ने कहा कि विस्फोटक की तस्करी में कुछ पुलिस अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। न्यायालय ने कहा कि विस्फोटक की तस्करी में कुछ पुलिस अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: उच्चतम न्यायालय ने गुरुवार को कहा कि मुंबई में 1993 में हुए विस्फोट की घटनाओं में शामिल अभियुक्तों को प्रशिक्षण देने में पाकिस्तान और उसकी खुफिया एजेन्सी आईएसआई ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
3
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के चौथे संस्करण के अंतर्गत मौजूदा चैम्पियन चेन्नई सुपर किंग्स के साथ सोमवार को खेले जाने वाले लीग मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स की टीम पिछली हार के बदले को चुकता करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। अपने घरेलू मैदान सवाईमान सिंह स्टेडियम में रॉयल्स के पास सुपर किंग्स को हराने का सुनहरा मौका है क्योंकि सुपर किंग्स ने पिछली बार अपने घरेलू मैदान एमए चिदम्बरम स्टेडियम में रॉयल्स को आठ विकेट से शिकस्त दी थी। आईपीएल-4 में सुपर किंग्स ने अब तक 10 मुकाबले खेले हैं जिनमें छह में उसे जीत मिली है जबकि चार मुकाबलों में उसे हार का सामना करना पड़ा है। 12 अंकों के साथ सुपर किंग्स अंक तालिका में तीसरे स्थान पर है। रॉयल्स ने भी इस प्रतियोगिता में अब तक 10 मुकाबले खेले हैं लेकिन उसने पांच में जीत दर्ज की है जबकि चार मुकाबलों में उसे पराजित होना पड़ा है। वहीं उसका एक मैच रद्द हुआ है। 11 अंकों के साथ नेट रनरेट के आधार पर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलौर के बाद अंक तालिका में वह पांचवें स्थान पर है। शनिवार को खेले गए लीग मुकाबले में सुपर किंग्स को कोलकाता नाइट राइडर्स ने डकवर्थ लुईस नियम के तहत 10 रनों से मात दी थी। नाइट राइडर्स के खिलाफ खेले गए मुकाबले में सुब्रह्मण्यम बद्रीनाथ और एल्बी मोर्केल को छोड़कर सुपर किंग्स का कोई भी बल्लेबाज नहीं चल सका था। ऐसे में सुपर किंग्स की कोशिश इस मुकाबले को जीतकर आगे के मुकाबलों में अपनी दावेदारी मजबूत करने की होगी। सुपर किंग्स को तेज शुरुआत दिलाने की जिम्मेदारी माइकल हसी और मुरली विजय के कंधों पर होगी वहीं सुरेश रैना, बद्रीनाथ, मोर्केल, धोनी और विकेट कीपर वृद्धिमान साहा मध्यक्रम को मजबूती देंगे। तेज गेंदबाजी की जिम्मेदारी मोर्केल और डग बोलिंगर के कंधों पर होगी वहीं स्पिन आक्रमण रविचंद्रन अश्विन, शादाब जकाती और सूरज रणदीव सम्भालेंगे। दूसरी ओर, रॉयल्स के खिलाड़ी इस मुकाबले को जीतकर कप्तान शेन वार्न की उम्मीदों पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे। उल्लेखनीय है कि वार्न के लिए बतौर खिलाड़ी उनका अंतिम आईपीएल सत्र है। रॉयल्स को तेज शुरुआत दिलाने की जिम्मेदारी शेन वॉटसन और राहुल द्रविड़ के कंधों पर होगी वहीं मध्यक्रम की जिम्मेदारी हरफनमौला जोहान बोथा, अशोक मेनारिया, रॉस टेलर, अंजिक्य रहाने और दिशांत यागनिक सम्भालेंगे। सिद्धार्थ त्रिवेदी और अमित सिंह तेज गेंदबाजी की बागडोर सम्भालेंगे जबकि स्पिन की जिम्मेदी वार्न और बोथा निभाएंगे।
यह एक सारांश है: आईपीएल के अंतर्गत चेन्नई के साथ सोमवार को खेले जाने वाले मुकाबले में राजस्थान पिछली हार के बदले को चुकता करने के इरादे से मैदान पर उतरेगा।
24
['hin']
एक सारांश बनाओ: 2006 के मालेगांव विस्फोट के सिलसिले में गिरफ्तार किए नौ मुसलमानों को आरोप मुक्त करने की अर्जी पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने गुरुवार को कोई ऐतराज नहीं किया। एजेन्सी ने कहा कि उसे इनके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिल सका है हालांकि आतंकवाद निरोधक दस्ते और केन्द्रीय जांच ब्यूरो ने उनके अभियोजन की सिफारिश की थी। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने विशेष अदालत में अपने जवाब में कहा कि आगे की जांच में उसके द्वारा एकत्र किए गए सबूत आतंकवाद निरोधक दस्ते और सीबीआई के सबूतों के अनुरूप नहीं हैं। अदालत इस मामले में उपयुक्त आदेश जारी कर सकती है। एजेंसी ने कहा कि आतंकवाद निरोधक दस्ते और सीबीआई द्वारा सौंपी गई आखिरी रिपोर्ट में निकाले गए निष्कर्ष के समर्थन में कोई सबूत नहीं पाया गया। इन सिफारिशों में नौ मुसलमानों के खिलाफ अभियोजन की सिफारिश की गई थी। इन्हें 8 सितंबर 2006 को हुए विस्फोटों के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था। इन विस्फोट में 37 लोग मारे गए थे। गिरफ्तार लोगों ने मामले से आरोपमुक्त करने की मांग करते हुए अर्जी दाखिल की थी जिसके बाद एनआईए ने इसमें अपना जवाब दाखिल किया। एनआईए ने पाया कि ये विस्फोट हिंदू दक्षिणपंथी संगठन और गिरफ्तार किए गए लोकेश शर्मा, धन सिंह, मनोहर सिंह तथा राजेंद्र चौधरी की करतूत है। 2007 के मक्का मस्जिद विस्फोट के आरोपी स्वामी असीमानंद के इस सिलसिले में अपना इकबालिया बयान देने पर भगवा संगठन की भूमिका उजागर हुई।टिप्पणियां एनआईए ने 22 मई को चार हिंदू कार्यकर्ताओं के खिलाफ पूरक आरोपपत्र दाखिल किया था और जांच में पाए गए ऐसे कई नतीजे गिनाए थे जो एटीएस और सीबीआई के निष्कर्षों के विरोधी थे। मालेगांव में 2008 में एक अन्य आतंकवादी हमला हुआ। इसे कथित तौर पर दक्षिणपंथी हिंदू संगठन ने अंजाम दिया और इस सिलसिले में साध्वी प्रज्ञा सिंह तथा पूर्व लेफ्टिनेंट कर्नल श्रीकांत पुरोहित गिरफ्तार किए गए। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने विशेष अदालत में अपने जवाब में कहा कि आगे की जांच में उसके द्वारा एकत्र किए गए सबूत आतंकवाद निरोधक दस्ते और सीबीआई के सबूतों के अनुरूप नहीं हैं। अदालत इस मामले में उपयुक्त आदेश जारी कर सकती है। एजेंसी ने कहा कि आतंकवाद निरोधक दस्ते और सीबीआई द्वारा सौंपी गई आखिरी रिपोर्ट में निकाले गए निष्कर्ष के समर्थन में कोई सबूत नहीं पाया गया। इन सिफारिशों में नौ मुसलमानों के खिलाफ अभियोजन की सिफारिश की गई थी। इन्हें 8 सितंबर 2006 को हुए विस्फोटों के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था। इन विस्फोट में 37 लोग मारे गए थे। गिरफ्तार लोगों ने मामले से आरोपमुक्त करने की मांग करते हुए अर्जी दाखिल की थी जिसके बाद एनआईए ने इसमें अपना जवाब दाखिल किया। एनआईए ने पाया कि ये विस्फोट हिंदू दक्षिणपंथी संगठन और गिरफ्तार किए गए लोकेश शर्मा, धन सिंह, मनोहर सिंह तथा राजेंद्र चौधरी की करतूत है। 2007 के मक्का मस्जिद विस्फोट के आरोपी स्वामी असीमानंद के इस सिलसिले में अपना इकबालिया बयान देने पर भगवा संगठन की भूमिका उजागर हुई।टिप्पणियां एनआईए ने 22 मई को चार हिंदू कार्यकर्ताओं के खिलाफ पूरक आरोपपत्र दाखिल किया था और जांच में पाए गए ऐसे कई नतीजे गिनाए थे जो एटीएस और सीबीआई के निष्कर्षों के विरोधी थे। मालेगांव में 2008 में एक अन्य आतंकवादी हमला हुआ। इसे कथित तौर पर दक्षिणपंथी हिंदू संगठन ने अंजाम दिया और इस सिलसिले में साध्वी प्रज्ञा सिंह तथा पूर्व लेफ्टिनेंट कर्नल श्रीकांत पुरोहित गिरफ्तार किए गए। एजेंसी ने कहा कि आतंकवाद निरोधक दस्ते और सीबीआई द्वारा सौंपी गई आखिरी रिपोर्ट में निकाले गए निष्कर्ष के समर्थन में कोई सबूत नहीं पाया गया। इन सिफारिशों में नौ मुसलमानों के खिलाफ अभियोजन की सिफारिश की गई थी। इन्हें 8 सितंबर 2006 को हुए विस्फोटों के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था। इन विस्फोट में 37 लोग मारे गए थे। गिरफ्तार लोगों ने मामले से आरोपमुक्त करने की मांग करते हुए अर्जी दाखिल की थी जिसके बाद एनआईए ने इसमें अपना जवाब दाखिल किया। एनआईए ने पाया कि ये विस्फोट हिंदू दक्षिणपंथी संगठन और गिरफ्तार किए गए लोकेश शर्मा, धन सिंह, मनोहर सिंह तथा राजेंद्र चौधरी की करतूत है। 2007 के मक्का मस्जिद विस्फोट के आरोपी स्वामी असीमानंद के इस सिलसिले में अपना इकबालिया बयान देने पर भगवा संगठन की भूमिका उजागर हुई।टिप्पणियां एनआईए ने 22 मई को चार हिंदू कार्यकर्ताओं के खिलाफ पूरक आरोपपत्र दाखिल किया था और जांच में पाए गए ऐसे कई नतीजे गिनाए थे जो एटीएस और सीबीआई के निष्कर्षों के विरोधी थे। मालेगांव में 2008 में एक अन्य आतंकवादी हमला हुआ। इसे कथित तौर पर दक्षिणपंथी हिंदू संगठन ने अंजाम दिया और इस सिलसिले में साध्वी प्रज्ञा सिंह तथा पूर्व लेफ्टिनेंट कर्नल श्रीकांत पुरोहित गिरफ्तार किए गए। गिरफ्तार लोगों ने मामले से आरोपमुक्त करने की मांग करते हुए अर्जी दाखिल की थी जिसके बाद एनआईए ने इसमें अपना जवाब दाखिल किया। एनआईए ने पाया कि ये विस्फोट हिंदू दक्षिणपंथी संगठन और गिरफ्तार किए गए लोकेश शर्मा, धन सिंह, मनोहर सिंह तथा राजेंद्र चौधरी की करतूत है। 2007 के मक्का मस्जिद विस्फोट के आरोपी स्वामी असीमानंद के इस सिलसिले में अपना इकबालिया बयान देने पर भगवा संगठन की भूमिका उजागर हुई।टिप्पणियां एनआईए ने 22 मई को चार हिंदू कार्यकर्ताओं के खिलाफ पूरक आरोपपत्र दाखिल किया था और जांच में पाए गए ऐसे कई नतीजे गिनाए थे जो एटीएस और सीबीआई के निष्कर्षों के विरोधी थे। मालेगांव में 2008 में एक अन्य आतंकवादी हमला हुआ। इसे कथित तौर पर दक्षिणपंथी हिंदू संगठन ने अंजाम दिया और इस सिलसिले में साध्वी प्रज्ञा सिंह तथा पूर्व लेफ्टिनेंट कर्नल श्रीकांत पुरोहित गिरफ्तार किए गए। एनआईए ने पाया कि ये विस्फोट हिंदू दक्षिणपंथी संगठन और गिरफ्तार किए गए लोकेश शर्मा, धन सिंह, मनोहर सिंह तथा राजेंद्र चौधरी की करतूत है। 2007 के मक्का मस्जिद विस्फोट के आरोपी स्वामी असीमानंद के इस सिलसिले में अपना इकबालिया बयान देने पर भगवा संगठन की भूमिका उजागर हुई।टिप्पणियां एनआईए ने 22 मई को चार हिंदू कार्यकर्ताओं के खिलाफ पूरक आरोपपत्र दाखिल किया था और जांच में पाए गए ऐसे कई नतीजे गिनाए थे जो एटीएस और सीबीआई के निष्कर्षों के विरोधी थे। मालेगांव में 2008 में एक अन्य आतंकवादी हमला हुआ। इसे कथित तौर पर दक्षिणपंथी हिंदू संगठन ने अंजाम दिया और इस सिलसिले में साध्वी प्रज्ञा सिंह तथा पूर्व लेफ्टिनेंट कर्नल श्रीकांत पुरोहित गिरफ्तार किए गए। एनआईए ने 22 मई को चार हिंदू कार्यकर्ताओं के खिलाफ पूरक आरोपपत्र दाखिल किया था और जांच में पाए गए ऐसे कई नतीजे गिनाए थे जो एटीएस और सीबीआई के निष्कर्षों के विरोधी थे। मालेगांव में 2008 में एक अन्य आतंकवादी हमला हुआ। इसे कथित तौर पर दक्षिणपंथी हिंदू संगठन ने अंजाम दिया और इस सिलसिले में साध्वी प्रज्ञा सिंह तथा पूर्व लेफ्टिनेंट कर्नल श्रीकांत पुरोहित गिरफ्तार किए गए। मालेगांव में 2008 में एक अन्य आतंकवादी हमला हुआ। इसे कथित तौर पर दक्षिणपंथी हिंदू संगठन ने अंजाम दिया और इस सिलसिले में साध्वी प्रज्ञा सिंह तथा पूर्व लेफ्टिनेंट कर्नल श्रीकांत पुरोहित गिरफ्तार किए गए।
संक्षिप्त सारांश: एजेन्सी ने कहा कि उसे इनके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिल सका है हालांकि आतंकवाद निरोधक दस्ते और केन्द्रीय जांच ब्यूरो ने उनके अभियोजन की सिफारिश की थी।
8
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: व्हाइट हाउस ने सीरिया में अमेरिकी सैन्य बल के इस्तेमाल का अधिकार प्रदान करने के लिए राष्ट्रपति को सशक्त करने को लेकर एक मसौदा प्रस्ताव अमेरिकी कांग्रेस को भेजा है। हालांकि, मसौदा प्रस्ताव में अमेरिकी कार्रवाई के लिए कोई समयसीमा तय नहीं की गई है, लेकिन सीरिया में अपने ही लोगों पर रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल करने को लेकर असद शासन के खिलाफ यह प्रस्ताव ओबामा को सभी आवश्यक कार्रवाई करने का अधिकार प्रदान करेगा।टिप्पणियां यह प्रस्ताव शनिवार को भेजा गया, जिसमें कहा गया है कि इस सिलसिले में सैन्य बल के इस्तेमाल का लक्ष्य नरसंहार के हथियारों के भविष्य में होने वाले इस्तेमाल को रोकने का होना चाहिए। गौरतलब है कि ओबामा ने असद शासन के खिलाफ सीमित सैन्य कार्रवाई के अपने फैसले पर आगे बढ़ने के लिए इजाजत मांगी थी, जिसके कुछ घंटे बाद यह प्रस्ताव अमेरिकी कांग्रेस को भेजा गया। अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव और सीनेट की बैठक 9 सितंबर को होनी है। इससे पहले, ओबामा ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की मंजूरी के बगैर सीरिया में सीमित सैन्य हमले के अपने फैसले की घोषणा की। हालांकि, मसौदा प्रस्ताव में अमेरिकी कार्रवाई के लिए कोई समयसीमा तय नहीं की गई है, लेकिन सीरिया में अपने ही लोगों पर रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल करने को लेकर असद शासन के खिलाफ यह प्रस्ताव ओबामा को सभी आवश्यक कार्रवाई करने का अधिकार प्रदान करेगा।टिप्पणियां यह प्रस्ताव शनिवार को भेजा गया, जिसमें कहा गया है कि इस सिलसिले में सैन्य बल के इस्तेमाल का लक्ष्य नरसंहार के हथियारों के भविष्य में होने वाले इस्तेमाल को रोकने का होना चाहिए। गौरतलब है कि ओबामा ने असद शासन के खिलाफ सीमित सैन्य कार्रवाई के अपने फैसले पर आगे बढ़ने के लिए इजाजत मांगी थी, जिसके कुछ घंटे बाद यह प्रस्ताव अमेरिकी कांग्रेस को भेजा गया। अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव और सीनेट की बैठक 9 सितंबर को होनी है। इससे पहले, ओबामा ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की मंजूरी के बगैर सीरिया में सीमित सैन्य हमले के अपने फैसले की घोषणा की। यह प्रस्ताव शनिवार को भेजा गया, जिसमें कहा गया है कि इस सिलसिले में सैन्य बल के इस्तेमाल का लक्ष्य नरसंहार के हथियारों के भविष्य में होने वाले इस्तेमाल को रोकने का होना चाहिए। गौरतलब है कि ओबामा ने असद शासन के खिलाफ सीमित सैन्य कार्रवाई के अपने फैसले पर आगे बढ़ने के लिए इजाजत मांगी थी, जिसके कुछ घंटे बाद यह प्रस्ताव अमेरिकी कांग्रेस को भेजा गया। अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव और सीनेट की बैठक 9 सितंबर को होनी है। इससे पहले, ओबामा ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की मंजूरी के बगैर सीरिया में सीमित सैन्य हमले के अपने फैसले की घोषणा की। अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव और सीनेट की बैठक 9 सितंबर को होनी है। इससे पहले, ओबामा ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की मंजूरी के बगैर सीरिया में सीमित सैन्य हमले के अपने फैसले की घोषणा की।
सारांश: हालांकि, मसौदा प्रस्ताव में अमेरिकी कार्रवाई के लिए समयसीमा तय नहीं की गई है, लेकिन सीरिया में अपने ही लोगों पर रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल करने को लेकर असद शासन के खिलाफ यह प्रस्ताव ओबामा को सभी आवश्यक कार्रवाई करने का अधिकार प्रदान करेगा।
33
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के अगुवा अन्ना हजारे ने गुरुवार को राजनीतिक और आपराधिक ताकतों पर आरोप लगाते हुए कहा कि यह ताकतें लोकपाल विधेयक के पक्ष में हो रहे देशव्यापी आंदोलन को बदनाम और आलोचना कर, इसे कमजोर करने की कोशिश कर रही हैं। यहां से 40 किलोमीटर दूर रालेगन सिद्धी गांव से हजारे ने बताया हाल में आम जनता की जागरूकता और जन लोकपाल विधेयक को मिले भारी समर्थन से कुछ राजनीतिक और आपराधिक ताकतें चिंतित हो गई हैं। वे लोग भ्रष्टाचार के खिलाफ जनता के इस आंदोलन को निष्क्रिय करने के लिए अफवाहें फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। उनके द्वारा राजनीतिक नेताओं को लेकर दिये गये बयान पर हो रही आलोचनाओं पर सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा कि उन्होंने कभी भी भारत के सभी राजनेताओं को भ्रष्ट नहीं कहा। उन्होंने कहा वहां सभी स्तरों पर बहुत कम अपवाद हैं। लेकिन उन अपवादों का तभी सम्मान किया जा सकता है जब वह अपने नजदीक हो रहे भ्रष्टाचार की जानकारी होने पर उसके खिलाफ आवाज उठाए। भ्रष्टाचार पर चुप रहना भी भ्रष्टाचार का समर्थन करना है और जो राजनेता इस श्रेणी में आते हैं देश के लिए वास्तव में उनका कोई उपयोग नहीं है। मतदाताओं को कथित तौर पर भ्रष्ट और बेईमान कहने के कारण भी हजारे को कांग्रेस और राकांपा की कड़ी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है। इस मामले में 73 वर्षीय गांधीवादी समाजसेवी ने कहा कि इस देश के मतदाताओं के चरित्र को बदनाम करने के लिए राजनीतिक पार्टी और राजनेता जिम्मेदार हैं। राजनेता सामान्य तौर पर बड़ी मात्रा में काले धन का इस्तेमाल सत्ता और चुनाव के दौरान मतदाताओं को पैसा बांटने के लिए करते हैं। उन्होंने सवाल किया क्या आज गुण संपन्न और अच्छे नैतिक गुणों वाले प्रत्याशी बगैर भारी मात्रा में काले धन के चुनाव में जीत हासिल कर सकते हैं। गुजरात और बिहार के मुख्यमंत्री क्रमश: नरेन्द्र मोदी और नीतीश कुमार की प्रशंसा के कारण हमला झेल रहे अन्ना हजारे ने कहा कि उन्होंने सिर्फ इनके विकास कार्यों की प्रशंसा की और साथ ही कहा कि उन्होंने 1984 के दंगों सहित सभी सांप्रदायिक दंगों की निंदा की है। लोकपाल विधेयक के मसौदे को तैयार करने के लिए बनी समिति की 16 अप्रैल को होने वाली पहली बैठक में शामिल होने के लिए हजारे कल दिल्ली के लिए रवाना होंगे।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: अन्ना ने कहा कि लोकपाल विधेयक के पक्ष में हो रहे देशव्यापी आंदोलन को बदनाम और आलोचना कर, इसे कमजोर करने की कोशिश हो रही है।
19
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में दिल को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जब एक बाप को अपनी ही किशोर बेटी का शव कई किलोमीटर तक साइकिल पर ढोना पड़ा। इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में सहायक उप निरीक्षक को निलंबित कर दिया गया है। जिला प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक जिला मुख्यालय से लगभग 14 किलोमीटर दूर बसे दुधमनिया गांव में गोकुल गोंड की बेटी सोहागा (17 वर्ष) की उल्टी दस्त के चलते 7 जनवरी को मौत हो गई। मौत संदिग्ध होने पर कोतवाली थाने की पुलिस गांव गई और शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय लाने को कहा। पुलिस के आदेश पर गोकुल ने बेटी का शव मुख्यालय ले जाने लिए अपनी ही साइकिल को सहारा बना लिया। लगभग 14 किलोमीटर का सफर तय कर गोकुल जब जिला मुख्यालय पहुंचा तब प्रशासनिक अमले को खबर हुई। जिला कलेक्टर कवींद्र कियावत ने मंगलवार को बताया कि गोकुल द्वारा अपनी बेटी का शव साइकिल पर ढोने का वाकया हुआ है। इसकी वजह गोकुल द्वारा प्रशासन को शव वाहन की सूचना न देना है। उनका कहना है जैसे ही उन्हें साइकिल से शव ढोने की सूचना मिली उन्होंने शव वाहन भेजा और पोस्टमार्टम के बाद शव को गांव तक वाहन से ही भेजा गया। उन्होंने बताया कि इस मामले में पुलिस की ओर से लापरवाही हुई है, लिहाजा पुलिस अधीक्षक ने कोतवाली थाने के सहायक उपनिरीक्षक एसएल तिवारी को निलंबित कर दिया है।
संक्षिप्त सारांश: मौत संदिग्ध होने पर कोतवाली थाने की पुलिस गांव गई और शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय लाने को कहा।
0
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: सिसोदिया ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद एलजी ने सरकार से ट्रांसफर पोस्टिंग के अधिकार अपने पास रख लिए थे या डिपार्टमेंट हेड को दे दिए थे. कुछ अधिकार सीएस को दिए गए थे. थोड़ी देर पहले मैंने आर्डर दिए हैं कि आईएस दानिक्स के ट्रांसफर सीएम के अप्रूवल से होंगे, ग्रेड 2 डिप्टी सीएम, ग्रेड 3 और 4 के लिए सर्विस डिपार्टमेंट मंत्री की मंजूरी ली जाएगी.टिप्पणियां दिल्ली के सर्विसेज विभाग की दलील है कि 29 अगस्त 2016 को नोटिफिकेशन हुआ था जिसके मुताबिक ट्रांसफर पोस्टिंग के अधिकार उपराज्यपाल, मुख्य सचिव, सेक्रेटरी सर्विसेज और सम्बंधित विभाग के सचिव के पास ही रहेंगे. वैसे मई 2015 में केंद्र सरकार ने एक नोटिफिकेशन जारी करके सर्विसेज विभाग दिल्ली सरकार से लेकर केंद्र के अधीन कर दिया था लेकिन लेकिन सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद दिल्ली की केजरीवाल सरकार की दलील है कि कोर्ट ने साफ कहा है कि ज़मीन, पुलिस और कानून व्यवस्था को छोड़ सब विषय दिल्ली की चुनी हुई सरकार के अधिकार क्षेत्र में हैं. दिल्ली के सर्विसेज विभाग की दलील है कि 29 अगस्त 2016 को नोटिफिकेशन हुआ था जिसके मुताबिक ट्रांसफर पोस्टिंग के अधिकार उपराज्यपाल, मुख्य सचिव, सेक्रेटरी सर्विसेज और सम्बंधित विभाग के सचिव के पास ही रहेंगे. वैसे मई 2015 में केंद्र सरकार ने एक नोटिफिकेशन जारी करके सर्विसेज विभाग दिल्ली सरकार से लेकर केंद्र के अधीन कर दिया था लेकिन लेकिन सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद दिल्ली की केजरीवाल सरकार की दलील है कि कोर्ट ने साफ कहा है कि ज़मीन, पुलिस और कानून व्यवस्था को छोड़ सब विषय दिल्ली की चुनी हुई सरकार के अधिकार क्षेत्र में हैं. वैसे मई 2015 में केंद्र सरकार ने एक नोटिफिकेशन जारी करके सर्विसेज विभाग दिल्ली सरकार से लेकर केंद्र के अधीन कर दिया था लेकिन लेकिन सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद दिल्ली की केजरीवाल सरकार की दलील है कि कोर्ट ने साफ कहा है कि ज़मीन, पुलिस और कानून व्यवस्था को छोड़ सब विषय दिल्ली की चुनी हुई सरकार के अधिकार क्षेत्र में हैं.
सारांश: डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने आज ही आदेश जारी किया था तबादले और पोस्टिंग के लिए फैसले लेने का अधिकार मंत्रियों को अधिकारियों को कैबिनेट ने दिशानिर्देश दिए थे
33
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: प्रेस परिषद के अध्यक्ष न्यायमूर्ति मार्कंडेय काटजू ने बुधवार को दिए एक विवादास्पद बयान में कहा कि उन क्रिकेटरों और फिल्मी हस्तियों को भारत रत्न देना इस पुरस्कार का उपहास उड़ाना है जिनकी कोई सामाजिक प्रासंगिकता नहीं है। महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर और दिग्गज हॉकी खिलाड़ी ध्यानचंद को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न प्रदान करने की उठ रही मांग के बीच न्यायमूर्ति काटजू ने कहा, लोग क्रिकेटरों और फिल्म सितारों को भारत रत्न देने की बात कर रहे हैं। यह हमारी निम्न सांस्कृतिक स्तर है जहां हम पहुंच गए हैं। हम अपने वास्तविक नायकों को नजरंदाज करके सतही लोगों की जयजयकार कर रहे हैं। उन्होंने एक बयान में कहा, हमारा देश वर्तमान में एक चौराहे पर खड़ा हुआ है। हमें ऐसे लोगों की आवश्यकता है जो देश को दिशा प्रदान करके उसे आगे ले जा सकें। ये वे लोग हैं जिन्हें भारत रत्न दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, यह पुरस्कार ऐसे लोगों को देना इसका उपहास उड़ाना है जिनकी कोई भी सामाजिक प्रासंगिकता नहीं है जैसे क्रिकेटर या फिल्मी सितारे।
यह एक सारांश है: काटजू ने एक विवादास्पद बयान में कहा कि उन क्रिकेटरों और फिल्मी हस्तियों को भारत रत्न देना इस पुरस्कार का उपहास उड़ाना है जिनकी कोई सामाजिक प्रासंगिकता नहीं है।
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['hin']
एक सारांश बनाओ: सब्जी, प्याज, आलू और गेहूं जैसी आवश्यक वस्तुओं की कीमत में कमी के साथ खाद्य मुद्रास्फीति 17 दिसंबर को समाप्त सप्ताह के दौरान गिर कर 0.42 फीसद पर आ गई। यह छह साल में खाद्य मुद्रास्फीति का न्यूनतम स्तर है। खाद्यमुद्रास्फीति में दिख रही तीव्र गिरावट में तुलनात्मक आधार का भी प्रभाव है क्योंकि पिछले साल इसी समय खाने पीने की चीजों के दामों में काफी बड़ा उछाल आया था। थोकमूल्य सूचकांक पर आधारित खाद्य मुद्रास्फीति इससे पिछले सप्ताह 1.81 फीसद और पिछले साल इसी दौरान 15.48 फीसद पर थी। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक प्याज सालाना स्तर पर 59.04 फीसद सस्ता हुआ जबकि आलू की कीमत 33.76 फीसद कम हुई। गेहूं की कीमत भी 3.30 फीसद कम हुई। कुल मिलाकर 17 दिसंबर को समाप्त सप्ताह के दौरान सब्जियां 36.02 फीसद सस्ती हुईं। विशेषज्ञों का मानना है कि नवंबर के पहले सप्ताह तक दहाई अंक पर बरकरार खाद्य मुद्रास्फीति के आंकड़ों में भारी गिरावट हुई जिससे सरकार और रिजर्व बैंक दोनों को नीतिगत मोर्चे पर काफी राहत मिली। खाद्य मुद्रास्फीति पिछले दो साल से कफी ऊंचे चल रही थी। कीमतों के मौजूदा रुझान को देखते हुए आरबीआई जनवरी में मौद्रिक नीति की तिमाही समीक्षा के समय मुख्य ब्याज दरों में कटौती करने पर विचार कर सकता है। हालांकि इस दौरान अन्य खाद्य उत्पाद सालाना स्तर पर मंहगे हुए। इनमें दूध, मांस और दाल जैसे प्रोटीन के स्रोत वाले खाद्यपदार्थों की कीमतों में उल्लेखनीय तेजी आई है। समीक्षाधीन अवधि में दालें एक साल पहले की तुलना में 14.07 फीसद मंहगी हुई हैं जबकि दूध 11.30 फीसद और अंडे, मांस और मछली 11.56 फीसद मंहगे हुए। फल सालाना स्तर पर 8.46 फीसद मंहगा हुआ जबकि अनाज की कीमत 2.15 फीसद बढ़ी। समीक्षाधीन अवधि में प्राथमिक उत्पाद खंड की मुद्रास्फीति 2.70 फीसद रही जो पिछले सप्ताह 3.78 फीसद पर थी। थोक मूल्य सूचकांक में प्राथमिक उत्पादों का योगदान 20 फीसद है। प्राथमिक वस्तुओं में गैर खाद्य वस्तुवर्ग की मुद्रास्फीति 17 दिसंबर को समाप्त सप्ताह के दौरान 0.28 फीसद रही जबकि 10 दिसंबर को समाप्त सप्ताह के दौरान यह 1.37 फीसद थी। ईंधन और बिजली वर्ग की मुद्रास्फीति 17 दिसंबर को समाप्त सप्ताह के दौरान 14.37 फीसद पर थी जबकि इसके पिछले सप्ताह 15.24 फीसद पर थी। सकल मुद्रास्फीति दिसंबर 2010 से नौ फीसद के उपर बरकार थी। इस साल नवंबर में सकल मुद्रास्फीति 9.11 फीसद पर थी। आरबीआई ने मांग पर नियंत्रण और मुद्रास्फीति पर लगाम लगाने के लिए मार्च 2010 से ब्याज दरों में 13 बार बढ़ोतरी की। मौद्रिक नीति की पिछले महीने हुई दूसरी तिमाही समीक्षा में केंद्रीय बैंक ने कहा था कि उसे दिसंबर तक मुद्रास्फीति के उच्च स्तर पर बने रहने की उम्मीद है लेकिन मार्च 2012 तक यह गिरकर सात फीसद पर पहुंच जाएगी।
सारांश: सब्जी और गेहूं जैसी आवश्यक वस्तुओं की कीमत में कमी के साथ खाद्य मुद्रास्फीति 17 दिसंबर को समाप्त सप्ताह के दौरान गिरकर 0.42% पर आ गई।
5
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: थाईलैंड की संसद में बुधवार को उस वक्त अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई जब स्पीकर के निकट लगी स्क्रीन पर एक महिला की आपत्तिजनक तस्वीर दिखी।टिप्पणियां तस्वीर एक महिला की थी, जिसने बेहद कम कपड़े पहन रखे थे। यह तस्वीर उस वक्त दिखी जब संसद में संविधान संशोधन से जुड़े एक निर्णायक विधेयक पर चर्चा हो रही थी। विपक्ष का एक संसद बोल रहा था और अचानक से तस्वीर स्क्रीन पर दिखी। इसके तत्काल बाद संसद के मॉनीटर को बंद कर दिया गया। तस्वीर एक महिला की थी, जिसने बेहद कम कपड़े पहन रखे थे। यह तस्वीर उस वक्त दिखी जब संसद में संविधान संशोधन से जुड़े एक निर्णायक विधेयक पर चर्चा हो रही थी। विपक्ष का एक संसद बोल रहा था और अचानक से तस्वीर स्क्रीन पर दिखी। इसके तत्काल बाद संसद के मॉनीटर को बंद कर दिया गया। विपक्ष का एक संसद बोल रहा था और अचानक से तस्वीर स्क्रीन पर दिखी। इसके तत्काल बाद संसद के मॉनीटर को बंद कर दिया गया।
संक्षिप्त सारांश: थाईलैंड की संसद में बुधवार को उस वक्त अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई जब स्पीकर के निकट लगी स्क्रीन पर एक महिला की आपत्तिजनक तस्वीर दिखी।
0
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: हालांकि राज्यपाल ईएसएल नरसिम्हन ने कहा है कि नायडू अगली सरकार बनने की प्रक्रिया शुरू होने तक पद पर बने रहें. 2014 के चुनावों में वाईएसआर कांग्रेस को 67 और टीडीपी को 103 सीटें मिली थीं. ऐसे में सवाल उठता है कि वो कौन सी वजह थीं जिससे वाईएसआर ने शानदार वापसी की और टीडीपी को सत्ता गंवानी पड़ी.  2013 से 2017 तक टीडीपी और एनडीए गठबंधन में थे लेकिन चंद्रबाबू नायडू काफी समय से आंध्र प्रदेश के लिए मोदी सरकार से विशेष राज्य के दर्जे की मांग कर रहे थे. केंद्र ने उनके विशेष राज्य का दर्जा दिये जाने की मांग को ठुकरा दिया था. जिसके बाद  टीडीपी अध्यक्ष और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने मोदी सरकार को झटका देते हुए एनडीए से अपना नाता तोड़ लिया था. टीडीपी के मंत्री ने केंद्र सरकार से और बीजेपी के मंत्री ने आंध्र प्रदेश में राज्य सरकार से इस्तीफा दे दिया था. लेकिन एनडीए से अलग होने पर टीडीपी को नुकसान ही उठाना पड़ा.  आंध्र में आम जनता की राय थी कि केंद्र के लिए नरेंद्र मोदी सही नेता हैं और राज्य के लिए चंद्रबाबू नायडू सही हैं. लेकिन एनडीए से अलग होने के बाद नायडू ने पीएम मोदी पर हमला करना शरू कर दिया और जिस समय देश में सर्जिकल स्ट्राइक हुई और बीजेपी के पक्ष में हवा बनी, तब नायडू ने पीएम पर सवाल उठाए. इसका खामियाजा भी नायडू को भुगतना पड़ा और आंध्र की जनता उनसे नाराज हो गई. नायडू के मन की महत्वाकांक्षा ने भी उन्हें हार दिलाई. केंद्र में गठबंधन सरकार बनाने के लिए नायडू पूरे देश में विपक्ष के कई नेताओं से मिलते रहे जिसकी वजह से आंध्र की जनता बहुत भ्रमित हुई कि आखिर नायडू चाहते क्या हैं? क्योंकि वह पहले भी कई गठबंधन में जोड़-तोड़ करने का हिस्सा रहे हैं. उनकी बढ़ती हुई महत्वाकांक्षा को लोग पचा नहीं सके और आखिर में नायडू हार गए.   वहीं जगनमोहन की जीत में राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर की बड़ी भूमिका रही है.  प्रशांत किशोर ने जगनमोहन को जिताने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी. इसके अलावा अभिनेता से नेता बने पवन कल्याण की पार्टी ने भी टीडीपी को नुकसान पहुंचाया जिससे वाईएसआर कांग्रेस की राह आसान हुई. रेड्डी ने जनता को अपने पक्ष में करने के लिए कई हजार किलोमीटर की पदयात्रा की और घर-घर जाकर वोट मांगे. उन्होंने 13 जिलों में पदयात्रा की. इससे पहले रेड्डी के पिता वाईएसआर राजशेखर रेड्डी भी 2004 में ऐसा कर चुके हैं. वाईएसआर कांग्रेस ने एससी, एसटी और मुस्लिम वोटरों को खूब लुभाया और इन समुदायों से उन्हें मनमुताबिक रिजल्ट मिले.
यहाँ एक सारांश है:आंध्र प्रदेश में हुए विधानसभा चुनावों में बड़ा सत्ता परिवर्तन तेलगू देशम पार्टी को मिली करारी हार, वाईएसआर कांग्रेस जीती टीडीपी को केवल 22 सीटों पर ही करना पड़ा संतोष
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने केंद्रीय होम्योपैथी परिषद के अध्यक्ष रामजी सिंह व एक अन्य व्यक्ति को रिश्वतखोरी के आरोप में शनिवार को गिरफ्तार कर लिया. दोनों व्यक्तियों पर एक होम्योपैथी कॉलेज की स्थापना के लिए जांच रिपोर्ट में कॉलेज का पक्ष लेने के लिए 20 लाख रुपये की रिश्वत लेने का आरोप है. साल 2009 में परिषद प्रमुख के रूप में निर्वाचित सिंह को सीबीआई ने एक शिकायत के बाद छापेमारी के दौरान गिरफ्तार किया. सिंह भारतीय होम्योपैथी संगठन के सचिव तथा अध्यक्ष रह चुके हैं.टिप्पणियां केंद्रीय होम्योपैथी परिषद स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के तहत एक सांविधिक निकाय है, जो चिकित्सा की होम्योपैथी प्रणाली के लिए एक नियामक प्राधिकार है. परिषद का काम होम्योपैथी चिकित्सकों का रजिस्टर मेंटेन करना तथा होम्योपैथी चिकित्सा में स्तर को बनाए रखना है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) साल 2009 में परिषद प्रमुख के रूप में निर्वाचित सिंह को सीबीआई ने एक शिकायत के बाद छापेमारी के दौरान गिरफ्तार किया. सिंह भारतीय होम्योपैथी संगठन के सचिव तथा अध्यक्ष रह चुके हैं.टिप्पणियां केंद्रीय होम्योपैथी परिषद स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के तहत एक सांविधिक निकाय है, जो चिकित्सा की होम्योपैथी प्रणाली के लिए एक नियामक प्राधिकार है. परिषद का काम होम्योपैथी चिकित्सकों का रजिस्टर मेंटेन करना तथा होम्योपैथी चिकित्सा में स्तर को बनाए रखना है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) केंद्रीय होम्योपैथी परिषद स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के तहत एक सांविधिक निकाय है, जो चिकित्सा की होम्योपैथी प्रणाली के लिए एक नियामक प्राधिकार है. परिषद का काम होम्योपैथी चिकित्सकों का रजिस्टर मेंटेन करना तथा होम्योपैथी चिकित्सा में स्तर को बनाए रखना है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यहाँ एक सारांश है:कॉलेज का पक्ष लेने के लिए 20 लाख रुपये की रिश्वत लेने का आरोप. सीबीआई ने एक शिकायत के बाद छापेमारी के दौरान गिरफ्तार किया. सिंह भारतीय होम्योपैथी संगठन के सचिव तथा अध्यक्ष रह चुके हैं.
17
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: संसद की पहली बैठक के 60 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में रविवार को लोकसभा और राज्यसभा में आयोजित विशेष बैठकों में सांसदों ने देश के बहुआयामी लोकतंत्र और पिछले छह दशक में संघर्षों के समाधान तथा तनाव दूर करने में दोनों सदनों की भूमिकाओं को याद किया। सांसदों ने संसद के दोनों सदनों में लगातार कार्यवाही बाधित होने पर भी चिंता जताई। संसद की विशेष बैठक को सम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि लगातार लोकतंत्र के पथ पर अग्रसर रहने के कारण ही विश्व में भारत की प्रतिष्ठा बढ़ी है। प्रधानमंत्री ने राज्यसभा में कहा, "विश्व में हमारी प्रतिष्ठा बढ़ने का एक कारण सामाजिक एवं आर्थिक समस्याओं को सुलझाने लिए लोकतंत्र के पथ पर अग्रसर होने की हमारी दृढ़ प्रतिबद्धता है।" लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने संसद की पहली बैठक की 60वीं वर्षगांठ पर रविवार को देशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि लोकतंत्र की कामयाबी का असली श्रेय उन्हीं को जाता है क्योंकि वे चुनावों में बढ़चढ़ कर हिस्सा लेते हैं। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने रविवार को कहा कि सांसदों को संविधान निर्माताओं द्वारा स्थापित आदर्शो को जीवन में उतारना चाहिए। लोकसभा में सोनिया ने कहा, "संसद की अब तक यात्रा आसान या बगैर चुनौतियों के नहीं रही है। संसद की पहली बैठक की 60वीं वर्षगांठ इन वर्षों में संसद द्वारा हासिल की गई उपलब्धियों को भी प्रदर्शित करता है।" केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने रविवार को लोकसभा को 'ग्रेट शॉक एब्जॉर्बर' करार देते हुए कहा कि पिछले 60 साल के अपने कार्यकाल के दौरान इसने कई विवाद निपटाए और तनाव हल किए हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी ने कहा, "सबसे बड़ी सफलता यह है कि भारत बड़ा व सफल लोकतंत्र बनकर उभरा है। लोकतंत्र की सफलता का कारण विरोधी विचारधारा के लिए सम्मान है।" मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के पोलित ब्यूरो के सदस्य सीताराम येचुरी ने गतिरोधों के कारण संसद के नष्ट होने वाले समय का उल्लेख करते हुए रविवार को कहा कि सांसदों के लिए प्रति वर्ष 100 बैठकों को अनिवार्य बना देना चाहिए। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष अरुण जेटली ने रविवार को कहा कि ऐसे में जबकि राष्ट्र संसद की 60वीं वर्षगाठ मना रहा है, सामाजिक न्याय और आतंकवाद भारतीय लोकतंत्र की दो प्रमुख चुनौतियां हैं।टिप्पणियां इसके अतिरिक्त गरीबी उन्मूलन, स्वास्थ्य सुविधाएं, महिला सशक्तीकरण आने वाले दशकों में बड़ी चुनौतियां होंगी। वहीं, भीमराव अम्बेडकर के विवादास्पद कार्टून पर जनता दल (युनाइटेड) के नेता शिवानंद तिवारी ने कहा कि लोकतंत्र में सभी को असहमति का अधिकार होना चाहिए। संसद की विशेष बैठक को सम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि लगातार लोकतंत्र के पथ पर अग्रसर रहने के कारण ही विश्व में भारत की प्रतिष्ठा बढ़ी है। प्रधानमंत्री ने राज्यसभा में कहा, "विश्व में हमारी प्रतिष्ठा बढ़ने का एक कारण सामाजिक एवं आर्थिक समस्याओं को सुलझाने लिए लोकतंत्र के पथ पर अग्रसर होने की हमारी दृढ़ प्रतिबद्धता है।" लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने संसद की पहली बैठक की 60वीं वर्षगांठ पर रविवार को देशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि लोकतंत्र की कामयाबी का असली श्रेय उन्हीं को जाता है क्योंकि वे चुनावों में बढ़चढ़ कर हिस्सा लेते हैं। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने रविवार को कहा कि सांसदों को संविधान निर्माताओं द्वारा स्थापित आदर्शो को जीवन में उतारना चाहिए। लोकसभा में सोनिया ने कहा, "संसद की अब तक यात्रा आसान या बगैर चुनौतियों के नहीं रही है। संसद की पहली बैठक की 60वीं वर्षगांठ इन वर्षों में संसद द्वारा हासिल की गई उपलब्धियों को भी प्रदर्शित करता है।" केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने रविवार को लोकसभा को 'ग्रेट शॉक एब्जॉर्बर' करार देते हुए कहा कि पिछले 60 साल के अपने कार्यकाल के दौरान इसने कई विवाद निपटाए और तनाव हल किए हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी ने कहा, "सबसे बड़ी सफलता यह है कि भारत बड़ा व सफल लोकतंत्र बनकर उभरा है। लोकतंत्र की सफलता का कारण विरोधी विचारधारा के लिए सम्मान है।" मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के पोलित ब्यूरो के सदस्य सीताराम येचुरी ने गतिरोधों के कारण संसद के नष्ट होने वाले समय का उल्लेख करते हुए रविवार को कहा कि सांसदों के लिए प्रति वर्ष 100 बैठकों को अनिवार्य बना देना चाहिए। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष अरुण जेटली ने रविवार को कहा कि ऐसे में जबकि राष्ट्र संसद की 60वीं वर्षगाठ मना रहा है, सामाजिक न्याय और आतंकवाद भारतीय लोकतंत्र की दो प्रमुख चुनौतियां हैं।टिप्पणियां इसके अतिरिक्त गरीबी उन्मूलन, स्वास्थ्य सुविधाएं, महिला सशक्तीकरण आने वाले दशकों में बड़ी चुनौतियां होंगी। वहीं, भीमराव अम्बेडकर के विवादास्पद कार्टून पर जनता दल (युनाइटेड) के नेता शिवानंद तिवारी ने कहा कि लोकतंत्र में सभी को असहमति का अधिकार होना चाहिए। प्रधानमंत्री ने राज्यसभा में कहा, "विश्व में हमारी प्रतिष्ठा बढ़ने का एक कारण सामाजिक एवं आर्थिक समस्याओं को सुलझाने लिए लोकतंत्र के पथ पर अग्रसर होने की हमारी दृढ़ प्रतिबद्धता है।" लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने संसद की पहली बैठक की 60वीं वर्षगांठ पर रविवार को देशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि लोकतंत्र की कामयाबी का असली श्रेय उन्हीं को जाता है क्योंकि वे चुनावों में बढ़चढ़ कर हिस्सा लेते हैं। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने रविवार को कहा कि सांसदों को संविधान निर्माताओं द्वारा स्थापित आदर्शो को जीवन में उतारना चाहिए। लोकसभा में सोनिया ने कहा, "संसद की अब तक यात्रा आसान या बगैर चुनौतियों के नहीं रही है। संसद की पहली बैठक की 60वीं वर्षगांठ इन वर्षों में संसद द्वारा हासिल की गई उपलब्धियों को भी प्रदर्शित करता है।" केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने रविवार को लोकसभा को 'ग्रेट शॉक एब्जॉर्बर' करार देते हुए कहा कि पिछले 60 साल के अपने कार्यकाल के दौरान इसने कई विवाद निपटाए और तनाव हल किए हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी ने कहा, "सबसे बड़ी सफलता यह है कि भारत बड़ा व सफल लोकतंत्र बनकर उभरा है। लोकतंत्र की सफलता का कारण विरोधी विचारधारा के लिए सम्मान है।" मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के पोलित ब्यूरो के सदस्य सीताराम येचुरी ने गतिरोधों के कारण संसद के नष्ट होने वाले समय का उल्लेख करते हुए रविवार को कहा कि सांसदों के लिए प्रति वर्ष 100 बैठकों को अनिवार्य बना देना चाहिए। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष अरुण जेटली ने रविवार को कहा कि ऐसे में जबकि राष्ट्र संसद की 60वीं वर्षगाठ मना रहा है, सामाजिक न्याय और आतंकवाद भारतीय लोकतंत्र की दो प्रमुख चुनौतियां हैं।टिप्पणियां इसके अतिरिक्त गरीबी उन्मूलन, स्वास्थ्य सुविधाएं, महिला सशक्तीकरण आने वाले दशकों में बड़ी चुनौतियां होंगी। वहीं, भीमराव अम्बेडकर के विवादास्पद कार्टून पर जनता दल (युनाइटेड) के नेता शिवानंद तिवारी ने कहा कि लोकतंत्र में सभी को असहमति का अधिकार होना चाहिए। लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने संसद की पहली बैठक की 60वीं वर्षगांठ पर रविवार को देशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि लोकतंत्र की कामयाबी का असली श्रेय उन्हीं को जाता है क्योंकि वे चुनावों में बढ़चढ़ कर हिस्सा लेते हैं। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने रविवार को कहा कि सांसदों को संविधान निर्माताओं द्वारा स्थापित आदर्शो को जीवन में उतारना चाहिए। लोकसभा में सोनिया ने कहा, "संसद की अब तक यात्रा आसान या बगैर चुनौतियों के नहीं रही है। संसद की पहली बैठक की 60वीं वर्षगांठ इन वर्षों में संसद द्वारा हासिल की गई उपलब्धियों को भी प्रदर्शित करता है।" केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने रविवार को लोकसभा को 'ग्रेट शॉक एब्जॉर्बर' करार देते हुए कहा कि पिछले 60 साल के अपने कार्यकाल के दौरान इसने कई विवाद निपटाए और तनाव हल किए हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी ने कहा, "सबसे बड़ी सफलता यह है कि भारत बड़ा व सफल लोकतंत्र बनकर उभरा है। लोकतंत्र की सफलता का कारण विरोधी विचारधारा के लिए सम्मान है।" मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के पोलित ब्यूरो के सदस्य सीताराम येचुरी ने गतिरोधों के कारण संसद के नष्ट होने वाले समय का उल्लेख करते हुए रविवार को कहा कि सांसदों के लिए प्रति वर्ष 100 बैठकों को अनिवार्य बना देना चाहिए। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष अरुण जेटली ने रविवार को कहा कि ऐसे में जबकि राष्ट्र संसद की 60वीं वर्षगाठ मना रहा है, सामाजिक न्याय और आतंकवाद भारतीय लोकतंत्र की दो प्रमुख चुनौतियां हैं।टिप्पणियां इसके अतिरिक्त गरीबी उन्मूलन, स्वास्थ्य सुविधाएं, महिला सशक्तीकरण आने वाले दशकों में बड़ी चुनौतियां होंगी। वहीं, भीमराव अम्बेडकर के विवादास्पद कार्टून पर जनता दल (युनाइटेड) के नेता शिवानंद तिवारी ने कहा कि लोकतंत्र में सभी को असहमति का अधिकार होना चाहिए। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने रविवार को कहा कि सांसदों को संविधान निर्माताओं द्वारा स्थापित आदर्शो को जीवन में उतारना चाहिए। लोकसभा में सोनिया ने कहा, "संसद की अब तक यात्रा आसान या बगैर चुनौतियों के नहीं रही है। संसद की पहली बैठक की 60वीं वर्षगांठ इन वर्षों में संसद द्वारा हासिल की गई उपलब्धियों को भी प्रदर्शित करता है।" केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने रविवार को लोकसभा को 'ग्रेट शॉक एब्जॉर्बर' करार देते हुए कहा कि पिछले 60 साल के अपने कार्यकाल के दौरान इसने कई विवाद निपटाए और तनाव हल किए हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी ने कहा, "सबसे बड़ी सफलता यह है कि भारत बड़ा व सफल लोकतंत्र बनकर उभरा है। लोकतंत्र की सफलता का कारण विरोधी विचारधारा के लिए सम्मान है।" मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के पोलित ब्यूरो के सदस्य सीताराम येचुरी ने गतिरोधों के कारण संसद के नष्ट होने वाले समय का उल्लेख करते हुए रविवार को कहा कि सांसदों के लिए प्रति वर्ष 100 बैठकों को अनिवार्य बना देना चाहिए। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष अरुण जेटली ने रविवार को कहा कि ऐसे में जबकि राष्ट्र संसद की 60वीं वर्षगाठ मना रहा है, सामाजिक न्याय और आतंकवाद भारतीय लोकतंत्र की दो प्रमुख चुनौतियां हैं।टिप्पणियां इसके अतिरिक्त गरीबी उन्मूलन, स्वास्थ्य सुविधाएं, महिला सशक्तीकरण आने वाले दशकों में बड़ी चुनौतियां होंगी। वहीं, भीमराव अम्बेडकर के विवादास्पद कार्टून पर जनता दल (युनाइटेड) के नेता शिवानंद तिवारी ने कहा कि लोकतंत्र में सभी को असहमति का अधिकार होना चाहिए। केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने रविवार को लोकसभा को 'ग्रेट शॉक एब्जॉर्बर' करार देते हुए कहा कि पिछले 60 साल के अपने कार्यकाल के दौरान इसने कई विवाद निपटाए और तनाव हल किए हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी ने कहा, "सबसे बड़ी सफलता यह है कि भारत बड़ा व सफल लोकतंत्र बनकर उभरा है। लोकतंत्र की सफलता का कारण विरोधी विचारधारा के लिए सम्मान है।" मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के पोलित ब्यूरो के सदस्य सीताराम येचुरी ने गतिरोधों के कारण संसद के नष्ट होने वाले समय का उल्लेख करते हुए रविवार को कहा कि सांसदों के लिए प्रति वर्ष 100 बैठकों को अनिवार्य बना देना चाहिए। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष अरुण जेटली ने रविवार को कहा कि ऐसे में जबकि राष्ट्र संसद की 60वीं वर्षगाठ मना रहा है, सामाजिक न्याय और आतंकवाद भारतीय लोकतंत्र की दो प्रमुख चुनौतियां हैं।टिप्पणियां इसके अतिरिक्त गरीबी उन्मूलन, स्वास्थ्य सुविधाएं, महिला सशक्तीकरण आने वाले दशकों में बड़ी चुनौतियां होंगी। वहीं, भीमराव अम्बेडकर के विवादास्पद कार्टून पर जनता दल (युनाइटेड) के नेता शिवानंद तिवारी ने कहा कि लोकतंत्र में सभी को असहमति का अधिकार होना चाहिए। भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी ने कहा, "सबसे बड़ी सफलता यह है कि भारत बड़ा व सफल लोकतंत्र बनकर उभरा है। लोकतंत्र की सफलता का कारण विरोधी विचारधारा के लिए सम्मान है।" मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के पोलित ब्यूरो के सदस्य सीताराम येचुरी ने गतिरोधों के कारण संसद के नष्ट होने वाले समय का उल्लेख करते हुए रविवार को कहा कि सांसदों के लिए प्रति वर्ष 100 बैठकों को अनिवार्य बना देना चाहिए। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष अरुण जेटली ने रविवार को कहा कि ऐसे में जबकि राष्ट्र संसद की 60वीं वर्षगाठ मना रहा है, सामाजिक न्याय और आतंकवाद भारतीय लोकतंत्र की दो प्रमुख चुनौतियां हैं।टिप्पणियां इसके अतिरिक्त गरीबी उन्मूलन, स्वास्थ्य सुविधाएं, महिला सशक्तीकरण आने वाले दशकों में बड़ी चुनौतियां होंगी। वहीं, भीमराव अम्बेडकर के विवादास्पद कार्टून पर जनता दल (युनाइटेड) के नेता शिवानंद तिवारी ने कहा कि लोकतंत्र में सभी को असहमति का अधिकार होना चाहिए। मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के पोलित ब्यूरो के सदस्य सीताराम येचुरी ने गतिरोधों के कारण संसद के नष्ट होने वाले समय का उल्लेख करते हुए रविवार को कहा कि सांसदों के लिए प्रति वर्ष 100 बैठकों को अनिवार्य बना देना चाहिए। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष अरुण जेटली ने रविवार को कहा कि ऐसे में जबकि राष्ट्र संसद की 60वीं वर्षगाठ मना रहा है, सामाजिक न्याय और आतंकवाद भारतीय लोकतंत्र की दो प्रमुख चुनौतियां हैं।टिप्पणियां इसके अतिरिक्त गरीबी उन्मूलन, स्वास्थ्य सुविधाएं, महिला सशक्तीकरण आने वाले दशकों में बड़ी चुनौतियां होंगी। वहीं, भीमराव अम्बेडकर के विवादास्पद कार्टून पर जनता दल (युनाइटेड) के नेता शिवानंद तिवारी ने कहा कि लोकतंत्र में सभी को असहमति का अधिकार होना चाहिए। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष अरुण जेटली ने रविवार को कहा कि ऐसे में जबकि राष्ट्र संसद की 60वीं वर्षगाठ मना रहा है, सामाजिक न्याय और आतंकवाद भारतीय लोकतंत्र की दो प्रमुख चुनौतियां हैं।टिप्पणियां इसके अतिरिक्त गरीबी उन्मूलन, स्वास्थ्य सुविधाएं, महिला सशक्तीकरण आने वाले दशकों में बड़ी चुनौतियां होंगी। वहीं, भीमराव अम्बेडकर के विवादास्पद कार्टून पर जनता दल (युनाइटेड) के नेता शिवानंद तिवारी ने कहा कि लोकतंत्र में सभी को असहमति का अधिकार होना चाहिए। इसके अतिरिक्त गरीबी उन्मूलन, स्वास्थ्य सुविधाएं, महिला सशक्तीकरण आने वाले दशकों में बड़ी चुनौतियां होंगी। वहीं, भीमराव अम्बेडकर के विवादास्पद कार्टून पर जनता दल (युनाइटेड) के नेता शिवानंद तिवारी ने कहा कि लोकतंत्र में सभी को असहमति का अधिकार होना चाहिए। वहीं, भीमराव अम्बेडकर के विवादास्पद कार्टून पर जनता दल (युनाइटेड) के नेता शिवानंद तिवारी ने कहा कि लोकतंत्र में सभी को असहमति का अधिकार होना चाहिए।
सारांश: संसद की पहली बैठक के 60 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में रविवार को लोकसभा और राज्यसभा में आयोजित विशेष बैठकों में सांसदों ने देश के बहुआयामी लोकतंत्र और पिछले छह दशक में संघर्षों के समाधान तथा तनाव दूर करने में दोनों सदनों की भूमिकाओं को याद किया।
7
['hin']
एक सारांश बनाओ: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में थाना नानौता के अन्तर्गत तीन तलाक का दंश झेलने वाली महिला ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इसे खत्म करने के लिए कहा है. पुलिस ने महिला के पति, देवर व दो ननदोई के विरुद्ध मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है. थाना नानौता के अन्तर्गत मोहल्ला कानूनगोयान निवासी शगुफ्ता नामक महिला ने प्रधामनंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर कहा है कि उसका निकाह पांच वर्ष पूर्व गंगोह के बुढ्ढाखेड़ा निवासी शमशाद के साथ हुआ था. शगुफ्ता ने दो बेटियों को जन्म दिया था जिससे उसके ससुराल वाले नाराज थे और अब तीन माह की गर्भवती होने पर उसके ससुराल वाले लड़की होने के डर के कारण गर्भ गिरवाना चाहते हैं. पीड़िता शगुफ्ता ने पत्र में कहा है कि उसके पति ओर ससुरालियों ने उसके साथ मारपीट की और पति ने तीन बार तलाक तलाक तलाक कहकर उसे घर से निकाल दिया और उसके पेट पर लात मारकर उसका गर्भ गिराने का प्रयास किया. पत्र में कहा गया है कि जब वह इस मामले की तहरीर लेकर थाना नानौता गई तो उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई. पीड़ित ने प्रधानमंत्री से तीन तलाक को शीघ्र समाप्त करने की मांग की.टिप्पणियां बहरहाल बाद में पुलिस ने इस मामले की रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है. थाना नानौता पुलिस ने शगुफ्ता के पति शमशाद, देवर नौशाद और ननदोई जफर अली एवं इलियास के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर ली है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) थाना नानौता के अन्तर्गत मोहल्ला कानूनगोयान निवासी शगुफ्ता नामक महिला ने प्रधामनंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर कहा है कि उसका निकाह पांच वर्ष पूर्व गंगोह के बुढ्ढाखेड़ा निवासी शमशाद के साथ हुआ था. शगुफ्ता ने दो बेटियों को जन्म दिया था जिससे उसके ससुराल वाले नाराज थे और अब तीन माह की गर्भवती होने पर उसके ससुराल वाले लड़की होने के डर के कारण गर्भ गिरवाना चाहते हैं. पीड़िता शगुफ्ता ने पत्र में कहा है कि उसके पति ओर ससुरालियों ने उसके साथ मारपीट की और पति ने तीन बार तलाक तलाक तलाक कहकर उसे घर से निकाल दिया और उसके पेट पर लात मारकर उसका गर्भ गिराने का प्रयास किया. पत्र में कहा गया है कि जब वह इस मामले की तहरीर लेकर थाना नानौता गई तो उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई. पीड़ित ने प्रधानमंत्री से तीन तलाक को शीघ्र समाप्त करने की मांग की.टिप्पणियां बहरहाल बाद में पुलिस ने इस मामले की रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है. थाना नानौता पुलिस ने शगुफ्ता के पति शमशाद, देवर नौशाद और ननदोई जफर अली एवं इलियास के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर ली है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पीड़िता शगुफ्ता ने पत्र में कहा है कि उसके पति ओर ससुरालियों ने उसके साथ मारपीट की और पति ने तीन बार तलाक तलाक तलाक कहकर उसे घर से निकाल दिया और उसके पेट पर लात मारकर उसका गर्भ गिराने का प्रयास किया. पत्र में कहा गया है कि जब वह इस मामले की तहरीर लेकर थाना नानौता गई तो उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई. पीड़ित ने प्रधानमंत्री से तीन तलाक को शीघ्र समाप्त करने की मांग की.टिप्पणियां बहरहाल बाद में पुलिस ने इस मामले की रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है. थाना नानौता पुलिस ने शगुफ्ता के पति शमशाद, देवर नौशाद और ननदोई जफर अली एवं इलियास के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर ली है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पत्र में कहा गया है कि जब वह इस मामले की तहरीर लेकर थाना नानौता गई तो उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई. पीड़ित ने प्रधानमंत्री से तीन तलाक को शीघ्र समाप्त करने की मांग की.टिप्पणियां बहरहाल बाद में पुलिस ने इस मामले की रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है. थाना नानौता पुलिस ने शगुफ्ता के पति शमशाद, देवर नौशाद और ननदोई जफर अली एवं इलियास के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर ली है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) बहरहाल बाद में पुलिस ने इस मामले की रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है. थाना नानौता पुलिस ने शगुफ्ता के पति शमशाद, देवर नौशाद और ननदोई जफर अली एवं इलियास के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर ली है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सारांश: ससुराल वाले लड़की होने के डर के कारण गर्भ गिरवाना चाहते हैं पति ने तीन बार तलाक कहकर घर से निकाला, पेट पर लात मारी पुलिस ने पति, देवर व दो ननदोई के विरुद्ध मामला दर्ज किया
5
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: टिप्पणियां प्रधानमंत्री जौलीग्रांट हवाई अड्डे से सीधा केदारनाथ के लिए रवाना हो गए. केदारनाथ मंदिर में दर्शन के बाद वह वर्ष 2013 की प्राकृतिक आपदा में क्षतिग्रस्त हुई आदिगुरू शंकराचार्य की समाधि की जीर्णोद्वार परियोजना का शिलान्यास कर रहे हैं. वह अन्य कई कार्यक्रमों में भी हिस्सा लेंगे. पीएम मोदी आज ही दिल्ली वापस लौट जाएंगे.   साल 2013 में आई बाढ़ और भूस्खलन ने केदारनाथ में व्यापक तबाही मचाई थी. इस आपदा में सैकड़ों लोगों की मौत हुई थी. पीएम मोदी यहां एक नई 'केदारपुरी' की नींव भी रखेंगे. प्रधानमंत्री जौलीग्रांट हवाई अड्डे से सीधा केदारनाथ के लिए रवाना हो गए. केदारनाथ मंदिर में दर्शन के बाद वह वर्ष 2013 की प्राकृतिक आपदा में क्षतिग्रस्त हुई आदिगुरू शंकराचार्य की समाधि की जीर्णोद्वार परियोजना का शिलान्यास कर रहे हैं. वह अन्य कई कार्यक्रमों में भी हिस्सा लेंगे. पीएम मोदी आज ही दिल्ली वापस लौट जाएंगे.   साल 2013 में आई बाढ़ और भूस्खलन ने केदारनाथ में व्यापक तबाही मचाई थी. इस आपदा में सैकड़ों लोगों की मौत हुई थी. पीएम मोदी यहां एक नई 'केदारपुरी' की नींव भी रखेंगे. साल 2013 में आई बाढ़ और भूस्खलन ने केदारनाथ में व्यापक तबाही मचाई थी. इस आपदा में सैकड़ों लोगों की मौत हुई थी. पीएम मोदी यहां एक नई 'केदारपुरी' की नींव भी रखेंगे.
शनिवार से 6 महीने के लिए बंद हो जाएंगे केदारनाथ के कपाट केदारनाथ में पीएम मोदी ने की पूजा केदारनाथ मंदिर को फूलों से सजाया गया
6
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: एक करोड़ नब्बे लाख रुपये की संपत्ति के मालिक पाकिस्तान के प्रधानमंत्री युसूफ रजा गिलानी के पास अपनी कार भी नहीं है और वर्ष 2009-10 में उनकी कुल बचत 5.7 लाख रुपये थी जो उनकी वार्षिक तनख्वाह के आधे से अधिक है। वेतन ही उनकी आय का एकमात्र स्रोत है। चुनाव आयोग को नेशनल एसेम्बली या निचले सदन के सदस्यों की ओर से परिसंपत्तियों और देनदारियों के संबंधों में सौंपे गए हलफनामे के अनुसार गिलानी की एकमात्र संपत्ति वर्ष 2009-10 में भी करीब करीब अपरिवर्तित रही। प्रधानमंत्री ने कहा है कि उनकी तनख्वाह ही उनकी आय का एकमात्र स्रोत है। डॉन अखबार की खबर के अनुसार उस साल गिलानी की कुल वार्षिक आय 9.7 लाख रुपये में उनकी बचत 5.7 लाख रुपये थी जबकि उनका घरेलू खर्च चार लाख रुपये था। वर्ष 2008-09 में उनकी परिसंपत्ति 1.89 करोड़ रुपये की थी जो उसके अगले वित्त वर्ष में बढ़कर 1.95 करोड़ रुपये हुई। वर्ष 2008-09 में उन्होंने घोषणा की थी मुलतान की मुस्लिम गिलानी कॉलोनी में 60.3 लाख रुपये का उनका मकान है जो अगले साल भी अपरिवर्तित रहा। अखबार के अनुसार इस घोषणा में लाहौर के रक्षा इलाके के दो मकानों का जिक्र नहीं है, इनमें से उनके उपयोग में है जबकि दूसरा का इस्तेमाल उनका बेटा करता है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: एक करोड़ नब्बे लाख रुपये की संपत्ति के मालिक पाकिस्तान के प्रधानमंत्री युसूफ रजा गिलानी के पास अपनी कार भी नहीं है।
25
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: केंद्र सरकार ने सोमवार को सर्वोच्च न्यायालय से कहा कि उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों की नियुक्ति सम्बंधी प्रणाली पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए, क्योंकि मौजूदा कॉलेजियम प्रक्रिया उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी है। सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति दीपक वर्मा और न्यायमूर्ति बीएस चौहान की पीठ ने इस मामले को प्रधान न्यायाधीश एसएच कपाड़िया के पास भेज दिया, ताकि वह केंद्र सरकार की इस याचिका को किसी उचित पीठ के पास सुनवाई के लिए भेज सकें। महान्यायवादी जी. वाहनवती ने न्यायालय से कहा कि यद्यपि केंद्र सरकार न्यायिक नियुक्तियों से निपटने के लिए एक व्यापक कानून तैयार कर रही है, लेकिन इसमें समय लग सकता है, क्योंकि इसके लिए संविधान संशोधन किया जाना है। वाहनवती ने न्यायालय से कहा कि वह न्यायाधीशों की नियुक्ति से सम्बंधित 1993 के अपने फैसले पर पुनर्विचार करे। सर्वोच्च न्यायालय ने न्यायिक नियुक्तियों के मामले में सरकार से सारे अधिकार ले लिए थे और इन अधिकारों को एक कॉलेजियम प्रणाली को दे दिए थे। इस प्रणाली में सर्वोच्च न्यायालय के पांच वरिष्ठतम न्यायाधीश (प्रधान न्यायाधीश व चार अन्य) सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालयों में न्यायिक नियुक्तियों पर निर्णय लेते हैं।
सारांश: केंद्र सरकार ने सोमवार को सर्वोच्च न्यायालय से कहा कि उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों की नियुक्ति सम्बंधी प्रणाली पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए।
7
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: कन्हैया कुमार (Kanhaiya Kumar) ने कहा कि ये सवाल मुझसे बार-बार पूछा जाता है कि आपको किस चीज से आजादी चाहिए? आजादी की बात हमेशा इसलिए करते रहना चाहिए ताकि समाज पर गुलामी हावी न हो जाए और समाज की जो समस्याएं हैं उन समस्याओं से हमें आजादी चाहिए. अलग-अलग तबकों की अलग-अलग समस्याएं हैं. विद्यार्थी चाहते हैं उन्हें अशिक्षा से आजादी मिले. गरीब चाहते हैं गरीबी से आजादी मिले, जो महिलाएं हैं वो चाहती हैं कि पुरुषवादी सोच से आजादी मिले. आजाद देश में आजादी की बात नहीं होगी तो गुलामी की बात होगी क्या? कन्हैया कुमार ने कहा कि आज जिस तरीके से गुलामी थोपने की कोशिश की जा रही, मैं यह बात इसलिए कह रहा हूं, क्योंकि नागरिकता के नाम पर लोगों से नागरिकता छीनने की तैयारी की जा रही है. बार-बार प्रधानमंत्री जी कह रहे हैं, अमित शाह जी कह रहे हैं कि देश में रह रहे लोगों को इससे कोई समस्या नहीं है. कन्हैया कुमार ने कहा कि यह बहुत अफसोसजनक बात है कि प्रधानमंत्री जी सिर्फ अपने मन की बात करते हैं. अगर वह विद्यार्थियों के मन की बात सुनने को तैयार होते तो आज देश में ऐसे हालात नहीं होते. उन्होंने कहा कि जब सरकार अपने नागरिकों की बात सुनना बंद कर देती है तभी उन्हें मजबूरन सड़कों पर उतरना पड़ता है. प्रधानमंत्री जी एक बार फिर मुद्दों से लोगों को गुमराह कर रहे हैं.
सारांश: 'हमारी नागरिकता छिनने का है डर' 'छात्र संविधान बचाने सड़कों पर उतरे हैं' 'नरेंद्र मोदी पीएम बनते ही भूल गए सारे मुद्दे'
33
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: हमारे देश में अक्सर कहा जाता है कि नाबालिगों के ड्राइविंग करने के चलते ज्यादा हादसे होते हैं. इस बार पड़ोसी देश का एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसमें एक 12 साल का लड़का बस चलाता दिख रहा है. लड़के की करतूत से बस में सवार सारे यात्रियों की जान में जान आ आ गई. बस में उस वक्त बच्चे भी थे, वे जोर-जोर से चिल्लाने लगे लेकिन उस 12 साल के लड़के पर कोई असर नहीं हो रहा था. बस हिचकोले खा रही थी. उसमें सवार यात्रा इधर-उधर हो रहे थे, सभी के चेहरे पर डर साफ तौर से दिख रहा था. इस वीडियो को Radii China के यूट्यूब पेज पर 3 जुलाई को अपलोड किया गया है. टिप्पणियां बताया जा रहा है कि 30 जुलाई को दक्षिण-पूर्वी चीन के गुआंगजो प्रांत में यात्रियों से भरी बस खड़ी थी. शायद चालक किसी काम से बस से बाहर था. तभी एक 12 साल का लड़का बस में घुसा और बस की ड्राइविंग सीट पर बैठकर ड्राइव करने लगा. बस में मौजूद लोग घबरा गए. वे बार-बार उसे बस रोकने की गुहार लगाते रहे पर वह नहीं माना. सड़क से गुजर रहे लोगों ने बच्चे को बस चलाता देख पुलिस को सूचना दी. बस में जीपीएस लगा हुआ था, जिसकी मदद से पुलिस ने जैसे तैसे बस को रुकवाया. गनीमत रही कि सभी यात्री सुरक्षित हैं. इस घटना का कई लोगों ने वीडियो बनाया है. पुलिस इस मामले की जांच में जुट गई है कि आखिर बच्चा कौन है और वह बस की ड्राइविंग सीट पर कैसे पहुंच गया. बताया जा रहा है कि 30 जुलाई को दक्षिण-पूर्वी चीन के गुआंगजो प्रांत में यात्रियों से भरी बस खड़ी थी. शायद चालक किसी काम से बस से बाहर था. तभी एक 12 साल का लड़का बस में घुसा और बस की ड्राइविंग सीट पर बैठकर ड्राइव करने लगा. बस में मौजूद लोग घबरा गए. वे बार-बार उसे बस रोकने की गुहार लगाते रहे पर वह नहीं माना. सड़क से गुजर रहे लोगों ने बच्चे को बस चलाता देख पुलिस को सूचना दी. बस में जीपीएस लगा हुआ था, जिसकी मदद से पुलिस ने जैसे तैसे बस को रुकवाया. गनीमत रही कि सभी यात्री सुरक्षित हैं. इस घटना का कई लोगों ने वीडियो बनाया है. पुलिस इस मामले की जांच में जुट गई है कि आखिर बच्चा कौन है और वह बस की ड्राइविंग सीट पर कैसे पहुंच गया. बस में जीपीएस लगा हुआ था, जिसकी मदद से पुलिस ने जैसे तैसे बस को रुकवाया. गनीमत रही कि सभी यात्री सुरक्षित हैं. इस घटना का कई लोगों ने वीडियो बनाया है. पुलिस इस मामले की जांच में जुट गई है कि आखिर बच्चा कौन है और वह बस की ड्राइविंग सीट पर कैसे पहुंच गया.
यहाँ एक सारांश है:सड़क पर यात्रियों से भरी बस खड़ी थी तभी एक 12 साल का लड़का आया और ड्राइविंग करने लगा पुलिस ने जैसे-तैसे 40 मिनट बाद बस को रोक पाई
18
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दूरसंचार मंत्री कपिल सिब्बल द्वारा एनडीए सरकार के दौरान वीएसएनएल के विनिवेश की जांच के आदेश के बाद एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है और पूर्व दूरसंचार मंत्री अरुण शौरी का कहना है कि सिब्बल तथ्यों को तोड़-मड़ोरकर पेश कर रहे हैं। सिब्बल ने दूरसंचार सचिव आर चंद्रशेखर को भेजे नोट में कहा है, मेरी नजर में 2002 में वीएसएनएल का किया गया विनिवेश न्यायसंगत और पारदर्शी मालूम नहीं पड़ता है। जिस तरह से 2002 में वीएसएनएल के 773.13 एकड़ अधिशेष जमीन को अलग रखा गया और उसके बाद न केवल निवेशकों के हित को बल्कि सरकारी हित की अनदेखी हुई है। इस मामले की जांच के लिए दूरसंचार विभाग में अतिरिक्त सचिव एसआर राव की अगुवाई में जांच बिठाई गई है जो 31 मार्च तक अपनी रिपोर्ट देगी। शौरी ने सिब्बल पर विकृत तथ्य पेश करने आरोप लगाते हुए कहा कि इससे पहले से भ्रष्टाचार में डूबी संप्रग सरकार अपनी मुसीबत और बढ़ा रही है। उन्होंने वीएसएनएल के विनिवेश में किसी प्रकार की गड़बड़ी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वह वीएसएनएल के विनिवेश से जुड़े किसी भी प्रकार के जांच के लिए तैयार हैं।
संक्षिप्त सारांश: शौरी ने सिब्बल पर विकृत तथ्य पेश करने आरोप लगाते हुए कहा कि इससे पहले से भ्रष्टाचार में डूबी संप्रग सरकार अपनी मुसीबत और बढ़ा रही है।
10
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी द्वारा प्रस्तुत आम बजट को भारी भरकम बताते हुए मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कहा कि इससे महंगाई में वृद्धि होगी।टिप्पणियां भाजपा प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने पत्रकारों से कहा, "सीमा शुल्क, उत्पाद शुल्क और सेवा कर में वृद्धि के कारण बजट से सिर्फ महंगाई बढ़ेगी। इसमें विकास के लिए कोई दूर दृष्टि नहीं है। पूंजी देश के बाहर जा रही है। विनिर्माण क्षेत्र में निवेश बढ़ाने के लिए कोई पहल नहीं की गई है।" भाजपा के अन्य प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने भी बजट को बोझिल बताया। उन्होंने कहा, "यह बजट भारत के लोगों पर एक लाख करोड़ रुपये का बोझ है। इससे औद्योगिक एवं निवेश पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।" आम बजट में उत्पाद कर एवं सेवा कर को 10 फीसदी से बढ़ाकर 12 फीसदी कर दिया गया है। भाजपा प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने पत्रकारों से कहा, "सीमा शुल्क, उत्पाद शुल्क और सेवा कर में वृद्धि के कारण बजट से सिर्फ महंगाई बढ़ेगी। इसमें विकास के लिए कोई दूर दृष्टि नहीं है। पूंजी देश के बाहर जा रही है। विनिर्माण क्षेत्र में निवेश बढ़ाने के लिए कोई पहल नहीं की गई है।" भाजपा के अन्य प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने भी बजट को बोझिल बताया। उन्होंने कहा, "यह बजट भारत के लोगों पर एक लाख करोड़ रुपये का बोझ है। इससे औद्योगिक एवं निवेश पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।" आम बजट में उत्पाद कर एवं सेवा कर को 10 फीसदी से बढ़ाकर 12 फीसदी कर दिया गया है। भाजपा के अन्य प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने भी बजट को बोझिल बताया। उन्होंने कहा, "यह बजट भारत के लोगों पर एक लाख करोड़ रुपये का बोझ है। इससे औद्योगिक एवं निवेश पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।" आम बजट में उत्पाद कर एवं सेवा कर को 10 फीसदी से बढ़ाकर 12 फीसदी कर दिया गया है।
केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी द्वारा प्रस्तुत आम बजट को भारी भरकम बताते हुए मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी ने कहा कि इससे महंगाई में वृद्धि होगी।
34
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: संस्थागत निवेशकों की चौतरफा लिवाली से आईसीआईसीआई बैंक तथा रिलायंस इंडस्ट्रीज की अगुवाई में बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स आज करीब 337 अंक की तेजी के साथ बंद हुआ। दो महीने में किसी एक दिन में यह सबसे बड़ी तेजी है। यूरोपीय केंद्रीय बैंक (ईसीबी) ने यूरो क्षेत्र की अर्थव्यवस्थाओं में जान फूंकने के लिए बॉन्ड खरीदने की योजना का खुलासा किया है, जिसके बाद बाजार में जोरदार लिवाली चली। बाजार पर अमेरिकी शेयर बाजार में कल की तेजी तथा अन्य एशियाई बाजारों में मजबूत रुख का भी सकारात्मक असर पड़ा। तीस शेयरों वाला बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स शुरू में 229 अंक की बढ़त के साथ खुला पर बाद में आईसीआईसीआई बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, इंफोसिस तथा एल एंड टी की अगुवाई में यह 337.46 अंक या 1.95 प्रतिशत की तेजी के साथ 17,683.46 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स को टाटा स्टील (5.72 प्रतिशत), टाटा मोटर्स (4.40 प्रतिशत), हिंडाल्को (3.39 प्रतिशत) तथा स्टरलाइट (2.83 प्रतिशत) से भी मजबूती मिली। टिप्पणियां नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 103.70 अंक या 1.98 प्रतिशत की बढ़त के साथ 5,342.10 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स में यह पिछले दो महीने में सबसे बड़ी तेजी है। इससे पहले 29 जून को सेंसेक्स 439 अंक की मजबूती के साथ बंद हुआ था। कारोबारियों के अनुसार ईसीबी की बॉन्ड खरीदने की नई योजना से बाजार धारणा को बल मिला। इससे उम्मीद है कि क्षेत्र के कर्ज में फंसे देशों के लिए ऋण लागत घटेगी। यूरोपीय केंद्रीय बैंक (ईसीबी) ने यूरो क्षेत्र की अर्थव्यवस्थाओं में जान फूंकने के लिए बॉन्ड खरीदने की योजना का खुलासा किया है, जिसके बाद बाजार में जोरदार लिवाली चली। बाजार पर अमेरिकी शेयर बाजार में कल की तेजी तथा अन्य एशियाई बाजारों में मजबूत रुख का भी सकारात्मक असर पड़ा। तीस शेयरों वाला बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स शुरू में 229 अंक की बढ़त के साथ खुला पर बाद में आईसीआईसीआई बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, इंफोसिस तथा एल एंड टी की अगुवाई में यह 337.46 अंक या 1.95 प्रतिशत की तेजी के साथ 17,683.46 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स को टाटा स्टील (5.72 प्रतिशत), टाटा मोटर्स (4.40 प्रतिशत), हिंडाल्को (3.39 प्रतिशत) तथा स्टरलाइट (2.83 प्रतिशत) से भी मजबूती मिली। टिप्पणियां नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 103.70 अंक या 1.98 प्रतिशत की बढ़त के साथ 5,342.10 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स में यह पिछले दो महीने में सबसे बड़ी तेजी है। इससे पहले 29 जून को सेंसेक्स 439 अंक की मजबूती के साथ बंद हुआ था। कारोबारियों के अनुसार ईसीबी की बॉन्ड खरीदने की नई योजना से बाजार धारणा को बल मिला। इससे उम्मीद है कि क्षेत्र के कर्ज में फंसे देशों के लिए ऋण लागत घटेगी। सेंसेक्स को टाटा स्टील (5.72 प्रतिशत), टाटा मोटर्स (4.40 प्रतिशत), हिंडाल्को (3.39 प्रतिशत) तथा स्टरलाइट (2.83 प्रतिशत) से भी मजबूती मिली। टिप्पणियां नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 103.70 अंक या 1.98 प्रतिशत की बढ़त के साथ 5,342.10 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स में यह पिछले दो महीने में सबसे बड़ी तेजी है। इससे पहले 29 जून को सेंसेक्स 439 अंक की मजबूती के साथ बंद हुआ था। कारोबारियों के अनुसार ईसीबी की बॉन्ड खरीदने की नई योजना से बाजार धारणा को बल मिला। इससे उम्मीद है कि क्षेत्र के कर्ज में फंसे देशों के लिए ऋण लागत घटेगी। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 103.70 अंक या 1.98 प्रतिशत की बढ़त के साथ 5,342.10 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स में यह पिछले दो महीने में सबसे बड़ी तेजी है। इससे पहले 29 जून को सेंसेक्स 439 अंक की मजबूती के साथ बंद हुआ था। कारोबारियों के अनुसार ईसीबी की बॉन्ड खरीदने की नई योजना से बाजार धारणा को बल मिला। इससे उम्मीद है कि क्षेत्र के कर्ज में फंसे देशों के लिए ऋण लागत घटेगी। कारोबारियों के अनुसार ईसीबी की बॉन्ड खरीदने की नई योजना से बाजार धारणा को बल मिला। इससे उम्मीद है कि क्षेत्र के कर्ज में फंसे देशों के लिए ऋण लागत घटेगी।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: संस्थागत निवेशकों की चौतरफा लिवाली से आईसीआईसीआई बैंक तथा रिलायंस इंडस्ट्रीज की अगुवाई में बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स आज करीब 337 अंक की तेजी के साथ बंद हुआ।
19
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दक्षिण भारत के लोकप्रिय भोजन इडली और अन्य खाद्य सामग्री को वाजिब दाम पर सुलभ बनाने के लिए तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता ने आज चेन्नई में बजट कैंटीन (सस्ते भोजनालय) की सीरीज शुरू की। हाल में दिहाड़ी मजदूरों और कम आय वर्ग के लोगों को सस्ती दर पर भोजन उपलब्ध कराने की घोषणा की गई थी। जयललिता ने चेन्नई कॉरपोरेशन की इस पहल का शुभारंभ समारोह में दीप प्रज्वलित कर किया और इस दौरान उन्होंने 15 अन्य सुविधाओं का भी शुभारंभ किया।टिप्पणियां कॉरपोरेशन ने इस तरह की 200 और भोजनालय खोलने का प्रस्ताव रखा जो सुबह सात बजे से रात के दस बजे तक खुले रहेंगे और यहां इडली और चावल की बनी अन्य सामग्रियां एक रुपये से लेकर पांच रुपये के बीच उपलब्ध होंगी। सरकार की तरफ से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, इस योजना को स्थानीय महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की सहायता से लागू किया जाएगा। हाल में दिहाड़ी मजदूरों और कम आय वर्ग के लोगों को सस्ती दर पर भोजन उपलब्ध कराने की घोषणा की गई थी। जयललिता ने चेन्नई कॉरपोरेशन की इस पहल का शुभारंभ समारोह में दीप प्रज्वलित कर किया और इस दौरान उन्होंने 15 अन्य सुविधाओं का भी शुभारंभ किया।टिप्पणियां कॉरपोरेशन ने इस तरह की 200 और भोजनालय खोलने का प्रस्ताव रखा जो सुबह सात बजे से रात के दस बजे तक खुले रहेंगे और यहां इडली और चावल की बनी अन्य सामग्रियां एक रुपये से लेकर पांच रुपये के बीच उपलब्ध होंगी। सरकार की तरफ से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, इस योजना को स्थानीय महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की सहायता से लागू किया जाएगा। जयललिता ने चेन्नई कॉरपोरेशन की इस पहल का शुभारंभ समारोह में दीप प्रज्वलित कर किया और इस दौरान उन्होंने 15 अन्य सुविधाओं का भी शुभारंभ किया।टिप्पणियां कॉरपोरेशन ने इस तरह की 200 और भोजनालय खोलने का प्रस्ताव रखा जो सुबह सात बजे से रात के दस बजे तक खुले रहेंगे और यहां इडली और चावल की बनी अन्य सामग्रियां एक रुपये से लेकर पांच रुपये के बीच उपलब्ध होंगी। सरकार की तरफ से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, इस योजना को स्थानीय महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की सहायता से लागू किया जाएगा। कॉरपोरेशन ने इस तरह की 200 और भोजनालय खोलने का प्रस्ताव रखा जो सुबह सात बजे से रात के दस बजे तक खुले रहेंगे और यहां इडली और चावल की बनी अन्य सामग्रियां एक रुपये से लेकर पांच रुपये के बीच उपलब्ध होंगी। सरकार की तरफ से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, इस योजना को स्थानीय महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की सहायता से लागू किया जाएगा। सरकार की तरफ से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, इस योजना को स्थानीय महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की सहायता से लागू किया जाएगा।
यह एक सारांश है: दक्षिण भारत के लोकप्रिय भोजन इडली और अन्य खाद्य सामग्री को वाजिब दाम पर सुलभ बनाने के लिए तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता ने आज चेन्नई में बजट कैंटीन (सस्ते भोजनालय) की सीरीज शुरू की।
9
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: सूत्रों के हवाले से खबर आई है कि अन्ना हजारे 26 जनवरी को दिल्ली आ सकते हैं। बताया जा रहा है कि दिल्ली में टीम अन्ना का प्रोग्राम होना है जिसमें अन्ना हजारे शामिल हो सकते हैं। साथ ही 27 जनवरी को अन्ना उत्तराखंड के रुड़की या अल्मोड़ा जा सकते हैं। रविवार को अन्ना ने प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखकर पूछा था कि पीएम बताएं कि क्या यही मजबूत लोकपाल है जिसे सरकार ने पारित किया है। अन्ना ने पीएम पर देश के साथ धोखा करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि संसद इस समय सरकार के शिकंजे में है। अन्ना ने अपने खत में लिखा है कि आप 80 साल के हो गए हैं। देश ने आपको बहुत कुछ दिया है। अब समय आ गया है कि आप देश को कुछ दीजिए मजबूत लोकपाल बिल लाइये देश आपको याद रखेगा। अन्ना ने पीएम पर देश के साथ धोखा करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि संसद इस समय सरकार के शिकंजे में है। अन्ना ने अपने खत में लिखा है कि आप 80 साल के हो गए हैं। देश ने आपको बहुत कुछ दिया है। अब समय आ गया है कि आप देश को कुछ दीजिए मजबूत लोकपाल बिल लाइये देश आपको याद रखेगा।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सूत्रों के हवाले से खबर आई है कि अन्ना हजारे 26 जनवरी को दिल्ली आ सकते हैं, दरअसल, 26 जनवरी को टीम अन्ना का एक प्रोग्राम होना है।
25
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर अगस्त माह में घटकर 2.7 प्रतिशत पर आ गई है। विनिर्माण क्षेत्र के कमजोर प्रदर्शन तथा पूंजी वस्तुओं के उत्पादन में गिरावट से औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर कम हुई है। पिछले साल अगस्त में कुल औद्योगिक उत्पादन वृद्धि 3.4 प्रतिशत रहा थी।  इससे भारतीय रिजर्व बैंक इसी माह पेश होने वाली दूसरी तिमाही की मौद्रिक नीति की समीक्षा में ब्याज दरों में कटौती कर सकता है। शुक्रवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस वित्तवर्ष में अप्रैल से अगस्त के दौरान औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर 0.4 प्रतिशत रही है, जो पिछले वित्तवर्ष की समान अवधि में 5.6 फीसदी थी। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक में 75 फीसदी का हिस्सा रखने वाले विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि दर अगस्त में घटकर 2.9 प्रतिशत पर आ गई, जो इससे पिछले साल इसी महीने में 3.9 प्रतिशत रही थी। अप्रैल से अगस्त में विनिर्माण क्षेत्र का उत्पादन पिछले साल के स्तर पर ही बना रहा, जबकि पिछले वित्तवर्ष इसी अवधि में इसमें 6 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई थी। अगस्त में पूंजीगत वस्तुओं का उत्पादन 1.7 प्रतिशत घटा, जबकि पिछले साल अगस्त में यह एक साल पहले की तुलना में 4 फीसदी बढ़ा था। अप्रैल से अगस्त की अवधि में पूंजीगत वस्तुओं के उत्पादन में 13.8 प्रतिशत की गिरावट आई है। पिछले वर्ष इसी दौरान इसमें 7.3 फीसदी वृद्धि हुई थी। इस बार अगस्त में खनन क्षेत्र का उत्पादन 2 प्रतिशत बढ़ा, जबकि पिछले साल इसी महीने में यह 5.5 फीसदी घटा था। अप्रैल से अगस्त तक पांच महीनों में खनन क्षेत्र के उत्पादन में 0.6 फीसदी की गिरावट आई, जबकि इससे पिछले वित्तवर्ष की समान अवधि में यह 0.5 प्रतिशत घटा था। उपभोक्ता सामान क्षेत्र का उत्पादन अगस्त में 5 प्रतिशत बढ़ा था, जबकि पिछले साल इसी महीने में यह 2.1 फीसदी रहा था। अप्रैल से अगस्त में इस क्षेत्र की वृद्धि दर 3.5 प्रतिशत रही, जबकि इससे पिछले वित्तवर्ष की समान अवधि में यह 4.4 फीसदी रही थी। कुल मिलाकर विनिर्माण क्षेत्र के 22 उद्योग समूहों में से 13 का उत्पादन अगस्त में बढ़ा।टिप्पणियां टिकाऊ उपभोक्ता सामान क्षेत्र के उत्पादन की वृद्धि दर अगस्त में घटकर 4 फीसदी रही, पिछले साल अगस्त में यह प्रतिशत थी। अप्रैल से अगस्त में इस क्षेत्र की वृद्धि दर 5.7 प्रतिशत रही, जो पिछले वित्तवर्ष की समान अवधि में 4.5 प्रतिशत रही थी। गैर-टिकाऊ उपभोक्ता क्षेत्र का उत्पादन अगस्त में 5.8 प्रतिशत बढ़ा, जबकि पिछले साल इसी महीने में इसमें 0.7 फीसदी की गिरावट आई थी। चालू वित्तवर्ष के पहले पांच महीनों में इस क्षेत्र की वृद्धि दर 1.6 प्रतिशत रही, जो इससे पिछले वित्तवर्ष की समान अवधि में 4.3 फीसदी रही थी। पिछले साल अगस्त में कुल औद्योगिक उत्पादन वृद्धि 3.4 प्रतिशत रहा थी।  इससे भारतीय रिजर्व बैंक इसी माह पेश होने वाली दूसरी तिमाही की मौद्रिक नीति की समीक्षा में ब्याज दरों में कटौती कर सकता है। शुक्रवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस वित्तवर्ष में अप्रैल से अगस्त के दौरान औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर 0.4 प्रतिशत रही है, जो पिछले वित्तवर्ष की समान अवधि में 5.6 फीसदी थी। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक में 75 फीसदी का हिस्सा रखने वाले विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि दर अगस्त में घटकर 2.9 प्रतिशत पर आ गई, जो इससे पिछले साल इसी महीने में 3.9 प्रतिशत रही थी। अप्रैल से अगस्त में विनिर्माण क्षेत्र का उत्पादन पिछले साल के स्तर पर ही बना रहा, जबकि पिछले वित्तवर्ष इसी अवधि में इसमें 6 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई थी। अगस्त में पूंजीगत वस्तुओं का उत्पादन 1.7 प्रतिशत घटा, जबकि पिछले साल अगस्त में यह एक साल पहले की तुलना में 4 फीसदी बढ़ा था। अप्रैल से अगस्त की अवधि में पूंजीगत वस्तुओं के उत्पादन में 13.8 प्रतिशत की गिरावट आई है। पिछले वर्ष इसी दौरान इसमें 7.3 फीसदी वृद्धि हुई थी। इस बार अगस्त में खनन क्षेत्र का उत्पादन 2 प्रतिशत बढ़ा, जबकि पिछले साल इसी महीने में यह 5.5 फीसदी घटा था। अप्रैल से अगस्त तक पांच महीनों में खनन क्षेत्र के उत्पादन में 0.6 फीसदी की गिरावट आई, जबकि इससे पिछले वित्तवर्ष की समान अवधि में यह 0.5 प्रतिशत घटा था। उपभोक्ता सामान क्षेत्र का उत्पादन अगस्त में 5 प्रतिशत बढ़ा था, जबकि पिछले साल इसी महीने में यह 2.1 फीसदी रहा था। अप्रैल से अगस्त में इस क्षेत्र की वृद्धि दर 3.5 प्रतिशत रही, जबकि इससे पिछले वित्तवर्ष की समान अवधि में यह 4.4 फीसदी रही थी। कुल मिलाकर विनिर्माण क्षेत्र के 22 उद्योग समूहों में से 13 का उत्पादन अगस्त में बढ़ा।टिप्पणियां टिकाऊ उपभोक्ता सामान क्षेत्र के उत्पादन की वृद्धि दर अगस्त में घटकर 4 फीसदी रही, पिछले साल अगस्त में यह प्रतिशत थी। अप्रैल से अगस्त में इस क्षेत्र की वृद्धि दर 5.7 प्रतिशत रही, जो पिछले वित्तवर्ष की समान अवधि में 4.5 प्रतिशत रही थी। गैर-टिकाऊ उपभोक्ता क्षेत्र का उत्पादन अगस्त में 5.8 प्रतिशत बढ़ा, जबकि पिछले साल इसी महीने में इसमें 0.7 फीसदी की गिरावट आई थी। चालू वित्तवर्ष के पहले पांच महीनों में इस क्षेत्र की वृद्धि दर 1.6 प्रतिशत रही, जो इससे पिछले वित्तवर्ष की समान अवधि में 4.3 फीसदी रही थी। शुक्रवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस वित्तवर्ष में अप्रैल से अगस्त के दौरान औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर 0.4 प्रतिशत रही है, जो पिछले वित्तवर्ष की समान अवधि में 5.6 फीसदी थी। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक में 75 फीसदी का हिस्सा रखने वाले विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि दर अगस्त में घटकर 2.9 प्रतिशत पर आ गई, जो इससे पिछले साल इसी महीने में 3.9 प्रतिशत रही थी। अप्रैल से अगस्त में विनिर्माण क्षेत्र का उत्पादन पिछले साल के स्तर पर ही बना रहा, जबकि पिछले वित्तवर्ष इसी अवधि में इसमें 6 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई थी। अगस्त में पूंजीगत वस्तुओं का उत्पादन 1.7 प्रतिशत घटा, जबकि पिछले साल अगस्त में यह एक साल पहले की तुलना में 4 फीसदी बढ़ा था। अप्रैल से अगस्त की अवधि में पूंजीगत वस्तुओं के उत्पादन में 13.8 प्रतिशत की गिरावट आई है। पिछले वर्ष इसी दौरान इसमें 7.3 फीसदी वृद्धि हुई थी। इस बार अगस्त में खनन क्षेत्र का उत्पादन 2 प्रतिशत बढ़ा, जबकि पिछले साल इसी महीने में यह 5.5 फीसदी घटा था। अप्रैल से अगस्त तक पांच महीनों में खनन क्षेत्र के उत्पादन में 0.6 फीसदी की गिरावट आई, जबकि इससे पिछले वित्तवर्ष की समान अवधि में यह 0.5 प्रतिशत घटा था। उपभोक्ता सामान क्षेत्र का उत्पादन अगस्त में 5 प्रतिशत बढ़ा था, जबकि पिछले साल इसी महीने में यह 2.1 फीसदी रहा था। अप्रैल से अगस्त में इस क्षेत्र की वृद्धि दर 3.5 प्रतिशत रही, जबकि इससे पिछले वित्तवर्ष की समान अवधि में यह 4.4 फीसदी रही थी। कुल मिलाकर विनिर्माण क्षेत्र के 22 उद्योग समूहों में से 13 का उत्पादन अगस्त में बढ़ा।टिप्पणियां टिकाऊ उपभोक्ता सामान क्षेत्र के उत्पादन की वृद्धि दर अगस्त में घटकर 4 फीसदी रही, पिछले साल अगस्त में यह प्रतिशत थी। अप्रैल से अगस्त में इस क्षेत्र की वृद्धि दर 5.7 प्रतिशत रही, जो पिछले वित्तवर्ष की समान अवधि में 4.5 प्रतिशत रही थी। गैर-टिकाऊ उपभोक्ता क्षेत्र का उत्पादन अगस्त में 5.8 प्रतिशत बढ़ा, जबकि पिछले साल इसी महीने में इसमें 0.7 फीसदी की गिरावट आई थी। चालू वित्तवर्ष के पहले पांच महीनों में इस क्षेत्र की वृद्धि दर 1.6 प्रतिशत रही, जो इससे पिछले वित्तवर्ष की समान अवधि में 4.3 फीसदी रही थी। अप्रैल से अगस्त में विनिर्माण क्षेत्र का उत्पादन पिछले साल के स्तर पर ही बना रहा, जबकि पिछले वित्तवर्ष इसी अवधि में इसमें 6 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई थी। अगस्त में पूंजीगत वस्तुओं का उत्पादन 1.7 प्रतिशत घटा, जबकि पिछले साल अगस्त में यह एक साल पहले की तुलना में 4 फीसदी बढ़ा था। अप्रैल से अगस्त की अवधि में पूंजीगत वस्तुओं के उत्पादन में 13.8 प्रतिशत की गिरावट आई है। पिछले वर्ष इसी दौरान इसमें 7.3 फीसदी वृद्धि हुई थी। इस बार अगस्त में खनन क्षेत्र का उत्पादन 2 प्रतिशत बढ़ा, जबकि पिछले साल इसी महीने में यह 5.5 फीसदी घटा था। अप्रैल से अगस्त तक पांच महीनों में खनन क्षेत्र के उत्पादन में 0.6 फीसदी की गिरावट आई, जबकि इससे पिछले वित्तवर्ष की समान अवधि में यह 0.5 प्रतिशत घटा था। उपभोक्ता सामान क्षेत्र का उत्पादन अगस्त में 5 प्रतिशत बढ़ा था, जबकि पिछले साल इसी महीने में यह 2.1 फीसदी रहा था। अप्रैल से अगस्त में इस क्षेत्र की वृद्धि दर 3.5 प्रतिशत रही, जबकि इससे पिछले वित्तवर्ष की समान अवधि में यह 4.4 फीसदी रही थी। कुल मिलाकर विनिर्माण क्षेत्र के 22 उद्योग समूहों में से 13 का उत्पादन अगस्त में बढ़ा।टिप्पणियां टिकाऊ उपभोक्ता सामान क्षेत्र के उत्पादन की वृद्धि दर अगस्त में घटकर 4 फीसदी रही, पिछले साल अगस्त में यह प्रतिशत थी। अप्रैल से अगस्त में इस क्षेत्र की वृद्धि दर 5.7 प्रतिशत रही, जो पिछले वित्तवर्ष की समान अवधि में 4.5 प्रतिशत रही थी। गैर-टिकाऊ उपभोक्ता क्षेत्र का उत्पादन अगस्त में 5.8 प्रतिशत बढ़ा, जबकि पिछले साल इसी महीने में इसमें 0.7 फीसदी की गिरावट आई थी। चालू वित्तवर्ष के पहले पांच महीनों में इस क्षेत्र की वृद्धि दर 1.6 प्रतिशत रही, जो इससे पिछले वित्तवर्ष की समान अवधि में 4.3 फीसदी रही थी। अप्रैल से अगस्त की अवधि में पूंजीगत वस्तुओं के उत्पादन में 13.8 प्रतिशत की गिरावट आई है। पिछले वर्ष इसी दौरान इसमें 7.3 फीसदी वृद्धि हुई थी। इस बार अगस्त में खनन क्षेत्र का उत्पादन 2 प्रतिशत बढ़ा, जबकि पिछले साल इसी महीने में यह 5.5 फीसदी घटा था। अप्रैल से अगस्त तक पांच महीनों में खनन क्षेत्र के उत्पादन में 0.6 फीसदी की गिरावट आई, जबकि इससे पिछले वित्तवर्ष की समान अवधि में यह 0.5 प्रतिशत घटा था। उपभोक्ता सामान क्षेत्र का उत्पादन अगस्त में 5 प्रतिशत बढ़ा था, जबकि पिछले साल इसी महीने में यह 2.1 फीसदी रहा था। अप्रैल से अगस्त में इस क्षेत्र की वृद्धि दर 3.5 प्रतिशत रही, जबकि इससे पिछले वित्तवर्ष की समान अवधि में यह 4.4 फीसदी रही थी। कुल मिलाकर विनिर्माण क्षेत्र के 22 उद्योग समूहों में से 13 का उत्पादन अगस्त में बढ़ा।टिप्पणियां टिकाऊ उपभोक्ता सामान क्षेत्र के उत्पादन की वृद्धि दर अगस्त में घटकर 4 फीसदी रही, पिछले साल अगस्त में यह प्रतिशत थी। अप्रैल से अगस्त में इस क्षेत्र की वृद्धि दर 5.7 प्रतिशत रही, जो पिछले वित्तवर्ष की समान अवधि में 4.5 प्रतिशत रही थी। गैर-टिकाऊ उपभोक्ता क्षेत्र का उत्पादन अगस्त में 5.8 प्रतिशत बढ़ा, जबकि पिछले साल इसी महीने में इसमें 0.7 फीसदी की गिरावट आई थी। चालू वित्तवर्ष के पहले पांच महीनों में इस क्षेत्र की वृद्धि दर 1.6 प्रतिशत रही, जो इससे पिछले वित्तवर्ष की समान अवधि में 4.3 फीसदी रही थी। उपभोक्ता सामान क्षेत्र का उत्पादन अगस्त में 5 प्रतिशत बढ़ा था, जबकि पिछले साल इसी महीने में यह 2.1 फीसदी रहा था। अप्रैल से अगस्त में इस क्षेत्र की वृद्धि दर 3.5 प्रतिशत रही, जबकि इससे पिछले वित्तवर्ष की समान अवधि में यह 4.4 फीसदी रही थी। कुल मिलाकर विनिर्माण क्षेत्र के 22 उद्योग समूहों में से 13 का उत्पादन अगस्त में बढ़ा।टिप्पणियां टिकाऊ उपभोक्ता सामान क्षेत्र के उत्पादन की वृद्धि दर अगस्त में घटकर 4 फीसदी रही, पिछले साल अगस्त में यह प्रतिशत थी। अप्रैल से अगस्त में इस क्षेत्र की वृद्धि दर 5.7 प्रतिशत रही, जो पिछले वित्तवर्ष की समान अवधि में 4.5 प्रतिशत रही थी। गैर-टिकाऊ उपभोक्ता क्षेत्र का उत्पादन अगस्त में 5.8 प्रतिशत बढ़ा, जबकि पिछले साल इसी महीने में इसमें 0.7 फीसदी की गिरावट आई थी। चालू वित्तवर्ष के पहले पांच महीनों में इस क्षेत्र की वृद्धि दर 1.6 प्रतिशत रही, जो इससे पिछले वित्तवर्ष की समान अवधि में 4.3 फीसदी रही थी। टिकाऊ उपभोक्ता सामान क्षेत्र के उत्पादन की वृद्धि दर अगस्त में घटकर 4 फीसदी रही, पिछले साल अगस्त में यह प्रतिशत थी। अप्रैल से अगस्त में इस क्षेत्र की वृद्धि दर 5.7 प्रतिशत रही, जो पिछले वित्तवर्ष की समान अवधि में 4.5 प्रतिशत रही थी। गैर-टिकाऊ उपभोक्ता क्षेत्र का उत्पादन अगस्त में 5.8 प्रतिशत बढ़ा, जबकि पिछले साल इसी महीने में इसमें 0.7 फीसदी की गिरावट आई थी। चालू वित्तवर्ष के पहले पांच महीनों में इस क्षेत्र की वृद्धि दर 1.6 प्रतिशत रही, जो इससे पिछले वित्तवर्ष की समान अवधि में 4.3 फीसदी रही थी। गैर-टिकाऊ उपभोक्ता क्षेत्र का उत्पादन अगस्त में 5.8 प्रतिशत बढ़ा, जबकि पिछले साल इसी महीने में इसमें 0.7 फीसदी की गिरावट आई थी। चालू वित्तवर्ष के पहले पांच महीनों में इस क्षेत्र की वृद्धि दर 1.6 प्रतिशत रही, जो इससे पिछले वित्तवर्ष की समान अवधि में 4.3 फीसदी रही थी।
यह एक सारांश है: विनिर्माण क्षेत्र के कमजोर प्रदर्शन तथा पूंजी वस्तुओं के उत्पादन में गिरावट से औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर कम हुई है। पिछले साल अगस्त में कुल औद्योगिक उत्पादन वृद्धि 3.4 प्रतिशत रहा थी।
24
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दोस्ती जिंदगी का सबसे खूबसूरत रिश्ता होने के साथ ही बॉक्स ऑफिस का ऐसा फार्मूला है, जो दशकों से फिल्मों की सफलता की गारंटी रहा है। फिल्म 'दोस्ती', 'मेरे हमदम मेरे दोस्त' से लेकर 'शोले', 'दिल चाहता है', 'थ्री इडियट्स', 'जिंदगी ना मिलेगी दोबारा' आदि दर्जनों फिल्मों की सफलता इस बात की गवाह है कि दोस्ती का जज्बा हमेशा जिंदा रहा है। मुंबई में रह रहे फिल्म इतिहासकार एसएमएम औसजा ने कहा, भारतीय जनमानस का तानाबाना बचपन से ही कुछ इस तरह बुना जाता है, जिसमें संबंधों का पैमाना जन्म से तय होता है। लेकिन खून के रिश्तों से अलग हटकर दोस्ती का रिश्ता कम मजबूत नहीं होता और हिन्दी फिल्मों में तो दोस्तों ने बाकायदा एक-दूसरे की खातिर जान देकर इसे साबित भी किया है। दर्शकों को यह बात पसंद आई। फिल्म आलोचक राशिद कुरैशी ने कहा, दर्शकों को ऐसी फिल्में पसंद आती हैं, जिनसे वह खुद को आसानी से जोड़ सकते हैं। दोस्ती पर आधारित फिल्म इसलिए दर्शकों को पसंद आती है, क्योंकि खुद उनके भी दोस्त होते हैं और वह फिल्म के किरदार को अपने बेहद करीब समझ बैठते हैं। दुनिया में शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति होगा, जिसका कोई दोस्त न हो। फिल्म समीक्षक राजकमल ने कहा, जब दर्शक फिल्म में बताई जा रही स्थिति से खुद को जोड़ लेते हैं, तो उनके मन में कहानी के प्रति रुचि उत्पन्न हो जाती है, इसीलिए दोस्ती का फार्मूला कारगर होता है। 1964 में 'दोस्ती' ने एक नेत्रहीन और एक विकलांग की दोस्ती को बेहद मार्मिक तरीके से पर्दे पर पेश किया। इसी साल राजकपूर 'संगम' लेकर आए। यह फिल्म राजकपूर और राजेंद्र कुमार की दोस्ती तथा दोनों का प्यार वैजयंती माला पर केंद्रित था। दुनिया के कई देशों में 5 अगस्त को फ्रेंडशिप डे मनाया जाता है। दोस्ती के प्रतीक इस दिन पर ही दोस्तों को याद करना जरूरी नहीं है, क्योंकि यह रिश्ता तो सदाबहार होता है। यही वजह है कि हिन्दी फिल्मों में इस रिश्ते को पूरा महत्व दिया गया। 70 और 80 के दशक में अमिताभ की 'शोले', 'याराना', 'नमक हराम', 'दोस्ताना', 'नसीब' जैसी फिल्मों का जादू लोगों के सिर चढ़कर बोला।टिप्पणियां इन फिल्मों में बॉक्स ऑफिस के लिए सभी मसाले तो थे, लेकिन दोस्ती को आधार बनाया गया था। औसजा ने कहा, इन फिल्मों की सफलता का मुख्य कारण यह था कि लोगों को दोस्ती विषय बहुत अच्छा लगा। बाकी मसाले तो फिल्म में होते हैं। जब इस तरह की थीम पर फिल्म बनाई जाती है और उसे सफाई से तराशा जाता है, तो निश्चित रूप से वह सफल होती है। मुन्ना भाई शृंखला की फिल्मों में मुन्ना और सर्किट की जोड़ी का आधार भी दोस्ती ही है। युवा फिल्म निर्माता फरहान अख्तर की 'दिल चाहता है' को सुपरहिट बनाने में भी दोस्ती का ही फॉर्मूला आधार रहा। 'पार्टनर' में गोविंदा और सलमान खान रोमांटिक कॉमेडी करते नजर आए। राजकमल के अनुसार, हर पीढ़ी एक फिल्मी दौर की दर्शक होती है। अपने आसपास के माहौल से हर पीढ़ी प्रभावित होती है और हर दौर रूपहले पर्दे पर किसी न किसी रूप में खुद को पेश करता है। अपने दोस्तों और उनकी कहानी से मिलताजुलता घटनाक्रम पर्दे पर सभी को पसंद आता है। मुंबई में रह रहे फिल्म इतिहासकार एसएमएम औसजा ने कहा, भारतीय जनमानस का तानाबाना बचपन से ही कुछ इस तरह बुना जाता है, जिसमें संबंधों का पैमाना जन्म से तय होता है। लेकिन खून के रिश्तों से अलग हटकर दोस्ती का रिश्ता कम मजबूत नहीं होता और हिन्दी फिल्मों में तो दोस्तों ने बाकायदा एक-दूसरे की खातिर जान देकर इसे साबित भी किया है। दर्शकों को यह बात पसंद आई। फिल्म आलोचक राशिद कुरैशी ने कहा, दर्शकों को ऐसी फिल्में पसंद आती हैं, जिनसे वह खुद को आसानी से जोड़ सकते हैं। दोस्ती पर आधारित फिल्म इसलिए दर्शकों को पसंद आती है, क्योंकि खुद उनके भी दोस्त होते हैं और वह फिल्म के किरदार को अपने बेहद करीब समझ बैठते हैं। दुनिया में शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति होगा, जिसका कोई दोस्त न हो। फिल्म समीक्षक राजकमल ने कहा, जब दर्शक फिल्म में बताई जा रही स्थिति से खुद को जोड़ लेते हैं, तो उनके मन में कहानी के प्रति रुचि उत्पन्न हो जाती है, इसीलिए दोस्ती का फार्मूला कारगर होता है। 1964 में 'दोस्ती' ने एक नेत्रहीन और एक विकलांग की दोस्ती को बेहद मार्मिक तरीके से पर्दे पर पेश किया। इसी साल राजकपूर 'संगम' लेकर आए। यह फिल्म राजकपूर और राजेंद्र कुमार की दोस्ती तथा दोनों का प्यार वैजयंती माला पर केंद्रित था। दुनिया के कई देशों में 5 अगस्त को फ्रेंडशिप डे मनाया जाता है। दोस्ती के प्रतीक इस दिन पर ही दोस्तों को याद करना जरूरी नहीं है, क्योंकि यह रिश्ता तो सदाबहार होता है। यही वजह है कि हिन्दी फिल्मों में इस रिश्ते को पूरा महत्व दिया गया। 70 और 80 के दशक में अमिताभ की 'शोले', 'याराना', 'नमक हराम', 'दोस्ताना', 'नसीब' जैसी फिल्मों का जादू लोगों के सिर चढ़कर बोला।टिप्पणियां इन फिल्मों में बॉक्स ऑफिस के लिए सभी मसाले तो थे, लेकिन दोस्ती को आधार बनाया गया था। औसजा ने कहा, इन फिल्मों की सफलता का मुख्य कारण यह था कि लोगों को दोस्ती विषय बहुत अच्छा लगा। बाकी मसाले तो फिल्म में होते हैं। जब इस तरह की थीम पर फिल्म बनाई जाती है और उसे सफाई से तराशा जाता है, तो निश्चित रूप से वह सफल होती है। मुन्ना भाई शृंखला की फिल्मों में मुन्ना और सर्किट की जोड़ी का आधार भी दोस्ती ही है। युवा फिल्म निर्माता फरहान अख्तर की 'दिल चाहता है' को सुपरहिट बनाने में भी दोस्ती का ही फॉर्मूला आधार रहा। 'पार्टनर' में गोविंदा और सलमान खान रोमांटिक कॉमेडी करते नजर आए। राजकमल के अनुसार, हर पीढ़ी एक फिल्मी दौर की दर्शक होती है। अपने आसपास के माहौल से हर पीढ़ी प्रभावित होती है और हर दौर रूपहले पर्दे पर किसी न किसी रूप में खुद को पेश करता है। अपने दोस्तों और उनकी कहानी से मिलताजुलता घटनाक्रम पर्दे पर सभी को पसंद आता है। फिल्म आलोचक राशिद कुरैशी ने कहा, दर्शकों को ऐसी फिल्में पसंद आती हैं, जिनसे वह खुद को आसानी से जोड़ सकते हैं। दोस्ती पर आधारित फिल्म इसलिए दर्शकों को पसंद आती है, क्योंकि खुद उनके भी दोस्त होते हैं और वह फिल्म के किरदार को अपने बेहद करीब समझ बैठते हैं। दुनिया में शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति होगा, जिसका कोई दोस्त न हो। फिल्म समीक्षक राजकमल ने कहा, जब दर्शक फिल्म में बताई जा रही स्थिति से खुद को जोड़ लेते हैं, तो उनके मन में कहानी के प्रति रुचि उत्पन्न हो जाती है, इसीलिए दोस्ती का फार्मूला कारगर होता है। 1964 में 'दोस्ती' ने एक नेत्रहीन और एक विकलांग की दोस्ती को बेहद मार्मिक तरीके से पर्दे पर पेश किया। इसी साल राजकपूर 'संगम' लेकर आए। यह फिल्म राजकपूर और राजेंद्र कुमार की दोस्ती तथा दोनों का प्यार वैजयंती माला पर केंद्रित था। दुनिया के कई देशों में 5 अगस्त को फ्रेंडशिप डे मनाया जाता है। दोस्ती के प्रतीक इस दिन पर ही दोस्तों को याद करना जरूरी नहीं है, क्योंकि यह रिश्ता तो सदाबहार होता है। यही वजह है कि हिन्दी फिल्मों में इस रिश्ते को पूरा महत्व दिया गया। 70 और 80 के दशक में अमिताभ की 'शोले', 'याराना', 'नमक हराम', 'दोस्ताना', 'नसीब' जैसी फिल्मों का जादू लोगों के सिर चढ़कर बोला।टिप्पणियां इन फिल्मों में बॉक्स ऑफिस के लिए सभी मसाले तो थे, लेकिन दोस्ती को आधार बनाया गया था। औसजा ने कहा, इन फिल्मों की सफलता का मुख्य कारण यह था कि लोगों को दोस्ती विषय बहुत अच्छा लगा। बाकी मसाले तो फिल्म में होते हैं। जब इस तरह की थीम पर फिल्म बनाई जाती है और उसे सफाई से तराशा जाता है, तो निश्चित रूप से वह सफल होती है। मुन्ना भाई शृंखला की फिल्मों में मुन्ना और सर्किट की जोड़ी का आधार भी दोस्ती ही है। युवा फिल्म निर्माता फरहान अख्तर की 'दिल चाहता है' को सुपरहिट बनाने में भी दोस्ती का ही फॉर्मूला आधार रहा। 'पार्टनर' में गोविंदा और सलमान खान रोमांटिक कॉमेडी करते नजर आए। राजकमल के अनुसार, हर पीढ़ी एक फिल्मी दौर की दर्शक होती है। अपने आसपास के माहौल से हर पीढ़ी प्रभावित होती है और हर दौर रूपहले पर्दे पर किसी न किसी रूप में खुद को पेश करता है। अपने दोस्तों और उनकी कहानी से मिलताजुलता घटनाक्रम पर्दे पर सभी को पसंद आता है। फिल्म समीक्षक राजकमल ने कहा, जब दर्शक फिल्म में बताई जा रही स्थिति से खुद को जोड़ लेते हैं, तो उनके मन में कहानी के प्रति रुचि उत्पन्न हो जाती है, इसीलिए दोस्ती का फार्मूला कारगर होता है। 1964 में 'दोस्ती' ने एक नेत्रहीन और एक विकलांग की दोस्ती को बेहद मार्मिक तरीके से पर्दे पर पेश किया। इसी साल राजकपूर 'संगम' लेकर आए। यह फिल्म राजकपूर और राजेंद्र कुमार की दोस्ती तथा दोनों का प्यार वैजयंती माला पर केंद्रित था। दुनिया के कई देशों में 5 अगस्त को फ्रेंडशिप डे मनाया जाता है। दोस्ती के प्रतीक इस दिन पर ही दोस्तों को याद करना जरूरी नहीं है, क्योंकि यह रिश्ता तो सदाबहार होता है। यही वजह है कि हिन्दी फिल्मों में इस रिश्ते को पूरा महत्व दिया गया। 70 और 80 के दशक में अमिताभ की 'शोले', 'याराना', 'नमक हराम', 'दोस्ताना', 'नसीब' जैसी फिल्मों का जादू लोगों के सिर चढ़कर बोला।टिप्पणियां इन फिल्मों में बॉक्स ऑफिस के लिए सभी मसाले तो थे, लेकिन दोस्ती को आधार बनाया गया था। औसजा ने कहा, इन फिल्मों की सफलता का मुख्य कारण यह था कि लोगों को दोस्ती विषय बहुत अच्छा लगा। बाकी मसाले तो फिल्म में होते हैं। जब इस तरह की थीम पर फिल्म बनाई जाती है और उसे सफाई से तराशा जाता है, तो निश्चित रूप से वह सफल होती है। मुन्ना भाई शृंखला की फिल्मों में मुन्ना और सर्किट की जोड़ी का आधार भी दोस्ती ही है। युवा फिल्म निर्माता फरहान अख्तर की 'दिल चाहता है' को सुपरहिट बनाने में भी दोस्ती का ही फॉर्मूला आधार रहा। 'पार्टनर' में गोविंदा और सलमान खान रोमांटिक कॉमेडी करते नजर आए। राजकमल के अनुसार, हर पीढ़ी एक फिल्मी दौर की दर्शक होती है। अपने आसपास के माहौल से हर पीढ़ी प्रभावित होती है और हर दौर रूपहले पर्दे पर किसी न किसी रूप में खुद को पेश करता है। अपने दोस्तों और उनकी कहानी से मिलताजुलता घटनाक्रम पर्दे पर सभी को पसंद आता है। दुनिया के कई देशों में 5 अगस्त को फ्रेंडशिप डे मनाया जाता है। दोस्ती के प्रतीक इस दिन पर ही दोस्तों को याद करना जरूरी नहीं है, क्योंकि यह रिश्ता तो सदाबहार होता है। यही वजह है कि हिन्दी फिल्मों में इस रिश्ते को पूरा महत्व दिया गया। 70 और 80 के दशक में अमिताभ की 'शोले', 'याराना', 'नमक हराम', 'दोस्ताना', 'नसीब' जैसी फिल्मों का जादू लोगों के सिर चढ़कर बोला।टिप्पणियां इन फिल्मों में बॉक्स ऑफिस के लिए सभी मसाले तो थे, लेकिन दोस्ती को आधार बनाया गया था। औसजा ने कहा, इन फिल्मों की सफलता का मुख्य कारण यह था कि लोगों को दोस्ती विषय बहुत अच्छा लगा। बाकी मसाले तो फिल्म में होते हैं। जब इस तरह की थीम पर फिल्म बनाई जाती है और उसे सफाई से तराशा जाता है, तो निश्चित रूप से वह सफल होती है। मुन्ना भाई शृंखला की फिल्मों में मुन्ना और सर्किट की जोड़ी का आधार भी दोस्ती ही है। युवा फिल्म निर्माता फरहान अख्तर की 'दिल चाहता है' को सुपरहिट बनाने में भी दोस्ती का ही फॉर्मूला आधार रहा। 'पार्टनर' में गोविंदा और सलमान खान रोमांटिक कॉमेडी करते नजर आए। राजकमल के अनुसार, हर पीढ़ी एक फिल्मी दौर की दर्शक होती है। अपने आसपास के माहौल से हर पीढ़ी प्रभावित होती है और हर दौर रूपहले पर्दे पर किसी न किसी रूप में खुद को पेश करता है। अपने दोस्तों और उनकी कहानी से मिलताजुलता घटनाक्रम पर्दे पर सभी को पसंद आता है। इन फिल्मों में बॉक्स ऑफिस के लिए सभी मसाले तो थे, लेकिन दोस्ती को आधार बनाया गया था। औसजा ने कहा, इन फिल्मों की सफलता का मुख्य कारण यह था कि लोगों को दोस्ती विषय बहुत अच्छा लगा। बाकी मसाले तो फिल्म में होते हैं। जब इस तरह की थीम पर फिल्म बनाई जाती है और उसे सफाई से तराशा जाता है, तो निश्चित रूप से वह सफल होती है। मुन्ना भाई शृंखला की फिल्मों में मुन्ना और सर्किट की जोड़ी का आधार भी दोस्ती ही है। युवा फिल्म निर्माता फरहान अख्तर की 'दिल चाहता है' को सुपरहिट बनाने में भी दोस्ती का ही फॉर्मूला आधार रहा। 'पार्टनर' में गोविंदा और सलमान खान रोमांटिक कॉमेडी करते नजर आए। राजकमल के अनुसार, हर पीढ़ी एक फिल्मी दौर की दर्शक होती है। अपने आसपास के माहौल से हर पीढ़ी प्रभावित होती है और हर दौर रूपहले पर्दे पर किसी न किसी रूप में खुद को पेश करता है। अपने दोस्तों और उनकी कहानी से मिलताजुलता घटनाक्रम पर्दे पर सभी को पसंद आता है। मुन्ना भाई शृंखला की फिल्मों में मुन्ना और सर्किट की जोड़ी का आधार भी दोस्ती ही है। युवा फिल्म निर्माता फरहान अख्तर की 'दिल चाहता है' को सुपरहिट बनाने में भी दोस्ती का ही फॉर्मूला आधार रहा। 'पार्टनर' में गोविंदा और सलमान खान रोमांटिक कॉमेडी करते नजर आए। राजकमल के अनुसार, हर पीढ़ी एक फिल्मी दौर की दर्शक होती है। अपने आसपास के माहौल से हर पीढ़ी प्रभावित होती है और हर दौर रूपहले पर्दे पर किसी न किसी रूप में खुद को पेश करता है। अपने दोस्तों और उनकी कहानी से मिलताजुलता घटनाक्रम पर्दे पर सभी को पसंद आता है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: दोस्ती जिंदगी का सबसे खूबसूरत रिश्ता होने के साथ ही बॉक्स ऑफिस का ऐसा फार्मूला है, जो दशकों से फिल्मों की सफलता की गारंटी रहा है।
19
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: सरकार की एक अंतर-मंत्रालयी समिति ने सोमवार को कुल 2,300 करोड़ रुपये से अधिक के 11 प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) प्रस्तावों को हरी झंडी दी. वित्त मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि इन प्रस्तावों में शेयरखान लिमिटेड का प्रस्ताव भी है जिससे 2,060 करोड़ रुपये के प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की प्राप्ति होगी. शेयरखान के पूरे शेयर बीएनपी पारिबा को बेचने का प्रस्ताव भी शामिल है. आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास की अध्यक्षता वाले विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड ने पेरिगो इंडिया के 253 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को भी मंजूरी प्रदान की. सूत्रों के अनुसार अन्य प्रस्तावों में पेपे जींस, आईबीएम के प्रस्ताव भी शामिल हैं. सभी 11 प्रस्तावों के तहत कुल 2,325 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मंजूर किए गए हैं.टिप्पणियां इस बैठक में कुल 18 प्रस्तावों पर विचार किया गया जिसमें से आइडिया सेल्युलर इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विसेज और फ्लैग टेलीकॉम के प्रस्तावों सहित कुल तीन प्रस्तावों पर निर्णय टाल दिया गया. इनके बारे में और अधिक जानकारी मांगी गयी है. चार प्रस्तावों को निरस्त कर दिया गया है. मॉर्गन स्टैनली के 95 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को स्वत: स्वीकृति मार्ग से मंजूरी मिल गई. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास की अध्यक्षता वाले विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड ने पेरिगो इंडिया के 253 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को भी मंजूरी प्रदान की. सूत्रों के अनुसार अन्य प्रस्तावों में पेपे जींस, आईबीएम के प्रस्ताव भी शामिल हैं. सभी 11 प्रस्तावों के तहत कुल 2,325 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मंजूर किए गए हैं.टिप्पणियां इस बैठक में कुल 18 प्रस्तावों पर विचार किया गया जिसमें से आइडिया सेल्युलर इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विसेज और फ्लैग टेलीकॉम के प्रस्तावों सहित कुल तीन प्रस्तावों पर निर्णय टाल दिया गया. इनके बारे में और अधिक जानकारी मांगी गयी है. चार प्रस्तावों को निरस्त कर दिया गया है. मॉर्गन स्टैनली के 95 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को स्वत: स्वीकृति मार्ग से मंजूरी मिल गई. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इस बैठक में कुल 18 प्रस्तावों पर विचार किया गया जिसमें से आइडिया सेल्युलर इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विसेज और फ्लैग टेलीकॉम के प्रस्तावों सहित कुल तीन प्रस्तावों पर निर्णय टाल दिया गया. इनके बारे में और अधिक जानकारी मांगी गयी है. चार प्रस्तावों को निरस्त कर दिया गया है. मॉर्गन स्टैनली के 95 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को स्वत: स्वीकृति मार्ग से मंजूरी मिल गई. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सरकार की एक अंतर-मंत्रालयी समिति ने एफडीआई प्रस्तावों को हरी झंडी दी शेयरखान के पूरे शेयर बीएनपी पारिबा को बेचने का प्रस्ताव भी शामिल है अन्य प्रस्तावों में पेपे जींस, आईबीएम के प्रस्ताव भी शामिल हैं
34
['hin']
एक सारांश बनाओ: भारतीय जनता पार्टी और भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा ने अजमेर में दो दिन से ठहरे जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फंट्र के अध्यक्ष यासिन मलिक को यहां से निकालने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया, इस दौरान एक व्यक्ति ने उनकी ओर चप्पल भी फेंकी, लेकिन यह उन तक पहुंच नहीं पाई। पुलिस सूत्रों के अनुसार भाजपा और भाजपा युवामोर्चा के उत्तेजित कार्यकर्ताओं में से एक ने प्रदर्शन के दौरान यासिन मलिक की ओर चप्पल फेंकी, लेकिन चप्पल उन तक नहीं पहुंच पाई। प्रदर्शनकारियों ने मलिक को अजमेर से निकालने की मांग को लेकर जिला कलेक्टर मंजू राजपाल को ज्ञापन दिया और धानमंत्री इलाके में मलिक का पुतला फूंका। भाजपा विघायक वासुदेव देवनानी ने कहा, हमने जिला कलेक्टर को ज्ञापन देकर अजमेर में दो दिनों से ठहरे अलगाववादी नेता यासिन मलिक को तुरंत यहां से निकाले जाने की मांग की है। उन्होंने कहा, सरकार हमें कश्मीर में राष्ट्रीय ध्वज फहराने की अनुमति नहीं देती, दूसरी और अलगाववादी नेता के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक दो दिनों से एक होटल में ठहरे यासिन मलिक ने गुरुवार और शुक्रवार को मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह में जियारत की।
अजमेर में भाजपा और भाजयुवामो ने अजमेर में दो दिन से ठहरे जेकेएलएफ के अध्यक्ष यासिन मलिक को यहां से निकालने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
26
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: दक्षिण अफ्रीकी पैरालिम्पिक एथलीट ऑस्कर पिस्टोरियस को उसकी गर्लफ्रेंड रीवा स्टीनकैम्प की हत्या के आरोप में प्रिटोरिया हाईकोर्ट ने दोषी करार दिया है। उन्हें छह साल की कैद की सज़ा सुनाई है। इससे पहले पिछले महीने न्यायाधीश तोकोजीले मसीपा ने तीन दिन की अदालती सुनवाई खत्म होने के बाद कहा था कि ऑस्कर को सज़ा का ऐलान 6 जुलाई को किया जाएगा। हालांकि पिस्टोरियस को हत्या के लिए मिलने वाली न्यूनतम सजा 15 साल से आधी से भी कम सजा दी गई है। इसके पीछे यह तर्क दिया गया कि पिस्टोरियस ने अपने बयान में घुसपैठिये को गोली मारने की बात कही थी। जब अदालत ने पिछले साल अक्टूबर में 'ब्लेड रनर' के नाम से मशहूर ऑस्कर पिस्टोरियस को रीवा की हत्या के लिए सिर्फ पांच साल की सजा सुनाई थी, तो दुनियाभर में इस मसले पर नज़र रख रहे लोगों को बहुत हैरानी हुई थी। तब उन्हें रीवा की गैर-इरादतन हत्या का दोषी करार दिया गया था, एक साल की सजा के बाद पिछले साल अक्टूबर में उन्हें रिहा कर दिया गया था।टिप्पणियां पिछले ही साल दिसंबर में अपील अदालत ने उन पर हत्या का मामला चलाने के आदेश दिए थे। जिसके बाद उन्हें रीवा की हत्या का दोषी मानते हुए छह साल की सजा सुनाई गई। रीवा की हत्या वर्ष 2013 में वैलेंटाइन डे, यानी 14 फरवरी को की गई थी। पिस्टोरियस ने अपने बेडरूम के टायलेट के दरवाजे को भेदते हुए चार गोलियां दागी थीं। इससे पहले पिछले महीने न्यायाधीश तोकोजीले मसीपा ने तीन दिन की अदालती सुनवाई खत्म होने के बाद कहा था कि ऑस्कर को सज़ा का ऐलान 6 जुलाई को किया जाएगा। हालांकि पिस्टोरियस को हत्या के लिए मिलने वाली न्यूनतम सजा 15 साल से आधी से भी कम सजा दी गई है। इसके पीछे यह तर्क दिया गया कि पिस्टोरियस ने अपने बयान में घुसपैठिये को गोली मारने की बात कही थी। जब अदालत ने पिछले साल अक्टूबर में 'ब्लेड रनर' के नाम से मशहूर ऑस्कर पिस्टोरियस को रीवा की हत्या के लिए सिर्फ पांच साल की सजा सुनाई थी, तो दुनियाभर में इस मसले पर नज़र रख रहे लोगों को बहुत हैरानी हुई थी। तब उन्हें रीवा की गैर-इरादतन हत्या का दोषी करार दिया गया था, एक साल की सजा के बाद पिछले साल अक्टूबर में उन्हें रिहा कर दिया गया था।टिप्पणियां पिछले ही साल दिसंबर में अपील अदालत ने उन पर हत्या का मामला चलाने के आदेश दिए थे। जिसके बाद उन्हें रीवा की हत्या का दोषी मानते हुए छह साल की सजा सुनाई गई। रीवा की हत्या वर्ष 2013 में वैलेंटाइन डे, यानी 14 फरवरी को की गई थी। पिस्टोरियस ने अपने बेडरूम के टायलेट के दरवाजे को भेदते हुए चार गोलियां दागी थीं। जब अदालत ने पिछले साल अक्टूबर में 'ब्लेड रनर' के नाम से मशहूर ऑस्कर पिस्टोरियस को रीवा की हत्या के लिए सिर्फ पांच साल की सजा सुनाई थी, तो दुनियाभर में इस मसले पर नज़र रख रहे लोगों को बहुत हैरानी हुई थी। तब उन्हें रीवा की गैर-इरादतन हत्या का दोषी करार दिया गया था, एक साल की सजा के बाद पिछले साल अक्टूबर में उन्हें रिहा कर दिया गया था।टिप्पणियां पिछले ही साल दिसंबर में अपील अदालत ने उन पर हत्या का मामला चलाने के आदेश दिए थे। जिसके बाद उन्हें रीवा की हत्या का दोषी मानते हुए छह साल की सजा सुनाई गई। रीवा की हत्या वर्ष 2013 में वैलेंटाइन डे, यानी 14 फरवरी को की गई थी। पिस्टोरियस ने अपने बेडरूम के टायलेट के दरवाजे को भेदते हुए चार गोलियां दागी थीं। पिछले ही साल दिसंबर में अपील अदालत ने उन पर हत्या का मामला चलाने के आदेश दिए थे। जिसके बाद उन्हें रीवा की हत्या का दोषी मानते हुए छह साल की सजा सुनाई गई। रीवा की हत्या वर्ष 2013 में वैलेंटाइन डे, यानी 14 फरवरी को की गई थी। पिस्टोरियस ने अपने बेडरूम के टायलेट के दरवाजे को भेदते हुए चार गोलियां दागी थीं। रीवा की हत्या वर्ष 2013 में वैलेंटाइन डे, यानी 14 फरवरी को की गई थी। पिस्टोरियस ने अपने बेडरूम के टायलेट के दरवाजे को भेदते हुए चार गोलियां दागी थीं।
संक्षिप्त सारांश: पिछले साल अक्टूबर में पिस्टोरियस को सुनाई गई थी सिर्फ 5 साल की सजा रीवा स्टीनकैम्प की हत्या साल 2013 में वैलेंटाइन डे पर हुई थी ऑस्कर पिस्टोरियस 'ब्लेड रनर' के नाम से मशहूर हैं
29
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पिछले 18 माह में वेस्टइंडीज ने टेस्ट मैच में यदि किसी टीम को हराया है, तो वह पाकिस्तान है. इस  हार को लेकर पाकिस्तान के कोच मिकी आर्थर काफी सजग नजर आ रहे हैं. उन्होंने इसे पाक टीम के लिए न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया दौरे से पहले एक चेतावनी बताया है, जो टीम के लिए समय रहते संभल जाने का एक संकेत है. गौरतलब है कि 3 टेस्ट मैचों की सीरीज को पाकिस्तान ने शुरुआती दो टेस्ट में जीत दर्ज करते हुए पहले ही जीत लिया था, लेकिन अंतिम टेस्ट में क्रेग ब्रेथवेट के करिश्माई प्रदर्शन से वह क्लीन स्वीप से वंचित रह गई थी. ब्रेथवेट ने शानदार बल्लेबाजी करके विंडीज को अंतिम टेस्ट में जीत दिला दी. मिकी आर्थर ने एएफपी से कहा, "यह एक चेतावनी है." "संयोग से इसने खिलाड़ियों को न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के अहम और मुश्किल दौरे से पहले चेता दिया है." वेस्टइंडीज ने गुरुवार को शरजाह में पाकिस्तान को तीसरे और अंतिम टेस्ट में 5 विकेट से हरा दिया था. उन्होंने पाक टीम को दोनों पारियों में क्रमशः 282 और 208 के स्कोर पर ढेर किया. इसके बाद ब्रेथवेट ने बल्ले से कमाल करते हुए अपनी टीम को 14 टेस्ट में पहली जीत दिला दी और वह दोनों ही पारियों में नाबाद लौटने वाले टेस्ट इतिहास के पहले ओपनर बन गए. उन्होंने 142 और 60 रनों की नाबाद पारी खेली. टिप्पणियां पाकिस्तान की टीम इसी माह न्यूजीलैंड में दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेलेगी. पहला टेस्ट 17 नवंबर से क्राइस्टचर्च और दूसरा टेस्ट 25 नवंबर से हैमिल्टन में खेला जाएगा. इसके बाद पाक टीम 3 टेस्ट मैचों के लिए ऑस्ट्रेलिया जाएगी, जिसकी शुरुआत ब्रिसबेन में 15 दिसबंर से डे-नाइट मैच के रूप में होगी. मई में कोच की जिम्मेदारी संभालने वाले मिकी आर्थर ने कहा, 'यह बिल्कुल उचित चेतावनी है, जो यह बताती है कि यदि आप इंटरनेशनल क्रिकेट में अनुशासन का पालन नहीं करेंगे, तो आपको कभी भी इसकी सजा मिल सकती है.' गौरतलब है कि 3 टेस्ट मैचों की सीरीज को पाकिस्तान ने शुरुआती दो टेस्ट में जीत दर्ज करते हुए पहले ही जीत लिया था, लेकिन अंतिम टेस्ट में क्रेग ब्रेथवेट के करिश्माई प्रदर्शन से वह क्लीन स्वीप से वंचित रह गई थी. ब्रेथवेट ने शानदार बल्लेबाजी करके विंडीज को अंतिम टेस्ट में जीत दिला दी. मिकी आर्थर ने एएफपी से कहा, "यह एक चेतावनी है." "संयोग से इसने खिलाड़ियों को न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के अहम और मुश्किल दौरे से पहले चेता दिया है." वेस्टइंडीज ने गुरुवार को शरजाह में पाकिस्तान को तीसरे और अंतिम टेस्ट में 5 विकेट से हरा दिया था. उन्होंने पाक टीम को दोनों पारियों में क्रमशः 282 और 208 के स्कोर पर ढेर किया. इसके बाद ब्रेथवेट ने बल्ले से कमाल करते हुए अपनी टीम को 14 टेस्ट में पहली जीत दिला दी और वह दोनों ही पारियों में नाबाद लौटने वाले टेस्ट इतिहास के पहले ओपनर बन गए. उन्होंने 142 और 60 रनों की नाबाद पारी खेली. टिप्पणियां पाकिस्तान की टीम इसी माह न्यूजीलैंड में दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेलेगी. पहला टेस्ट 17 नवंबर से क्राइस्टचर्च और दूसरा टेस्ट 25 नवंबर से हैमिल्टन में खेला जाएगा. इसके बाद पाक टीम 3 टेस्ट मैचों के लिए ऑस्ट्रेलिया जाएगी, जिसकी शुरुआत ब्रिसबेन में 15 दिसबंर से डे-नाइट मैच के रूप में होगी. मई में कोच की जिम्मेदारी संभालने वाले मिकी आर्थर ने कहा, 'यह बिल्कुल उचित चेतावनी है, जो यह बताती है कि यदि आप इंटरनेशनल क्रिकेट में अनुशासन का पालन नहीं करेंगे, तो आपको कभी भी इसकी सजा मिल सकती है.' मिकी आर्थर ने एएफपी से कहा, "यह एक चेतावनी है." "संयोग से इसने खिलाड़ियों को न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के अहम और मुश्किल दौरे से पहले चेता दिया है." वेस्टइंडीज ने गुरुवार को शरजाह में पाकिस्तान को तीसरे और अंतिम टेस्ट में 5 विकेट से हरा दिया था. उन्होंने पाक टीम को दोनों पारियों में क्रमशः 282 और 208 के स्कोर पर ढेर किया. इसके बाद ब्रेथवेट ने बल्ले से कमाल करते हुए अपनी टीम को 14 टेस्ट में पहली जीत दिला दी और वह दोनों ही पारियों में नाबाद लौटने वाले टेस्ट इतिहास के पहले ओपनर बन गए. उन्होंने 142 और 60 रनों की नाबाद पारी खेली. टिप्पणियां पाकिस्तान की टीम इसी माह न्यूजीलैंड में दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेलेगी. पहला टेस्ट 17 नवंबर से क्राइस्टचर्च और दूसरा टेस्ट 25 नवंबर से हैमिल्टन में खेला जाएगा. इसके बाद पाक टीम 3 टेस्ट मैचों के लिए ऑस्ट्रेलिया जाएगी, जिसकी शुरुआत ब्रिसबेन में 15 दिसबंर से डे-नाइट मैच के रूप में होगी. मई में कोच की जिम्मेदारी संभालने वाले मिकी आर्थर ने कहा, 'यह बिल्कुल उचित चेतावनी है, जो यह बताती है कि यदि आप इंटरनेशनल क्रिकेट में अनुशासन का पालन नहीं करेंगे, तो आपको कभी भी इसकी सजा मिल सकती है.' वेस्टइंडीज ने गुरुवार को शरजाह में पाकिस्तान को तीसरे और अंतिम टेस्ट में 5 विकेट से हरा दिया था. उन्होंने पाक टीम को दोनों पारियों में क्रमशः 282 और 208 के स्कोर पर ढेर किया. इसके बाद ब्रेथवेट ने बल्ले से कमाल करते हुए अपनी टीम को 14 टेस्ट में पहली जीत दिला दी और वह दोनों ही पारियों में नाबाद लौटने वाले टेस्ट इतिहास के पहले ओपनर बन गए. उन्होंने 142 और 60 रनों की नाबाद पारी खेली. टिप्पणियां पाकिस्तान की टीम इसी माह न्यूजीलैंड में दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेलेगी. पहला टेस्ट 17 नवंबर से क्राइस्टचर्च और दूसरा टेस्ट 25 नवंबर से हैमिल्टन में खेला जाएगा. इसके बाद पाक टीम 3 टेस्ट मैचों के लिए ऑस्ट्रेलिया जाएगी, जिसकी शुरुआत ब्रिसबेन में 15 दिसबंर से डे-नाइट मैच के रूप में होगी. मई में कोच की जिम्मेदारी संभालने वाले मिकी आर्थर ने कहा, 'यह बिल्कुल उचित चेतावनी है, जो यह बताती है कि यदि आप इंटरनेशनल क्रिकेट में अनुशासन का पालन नहीं करेंगे, तो आपको कभी भी इसकी सजा मिल सकती है.' पाकिस्तान की टीम इसी माह न्यूजीलैंड में दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेलेगी. पहला टेस्ट 17 नवंबर से क्राइस्टचर्च और दूसरा टेस्ट 25 नवंबर से हैमिल्टन में खेला जाएगा. इसके बाद पाक टीम 3 टेस्ट मैचों के लिए ऑस्ट्रेलिया जाएगी, जिसकी शुरुआत ब्रिसबेन में 15 दिसबंर से डे-नाइट मैच के रूप में होगी. मई में कोच की जिम्मेदारी संभालने वाले मिकी आर्थर ने कहा, 'यह बिल्कुल उचित चेतावनी है, जो यह बताती है कि यदि आप इंटरनेशनल क्रिकेट में अनुशासन का पालन नहीं करेंगे, तो आपको कभी भी इसकी सजा मिल सकती है.' इसके बाद पाक टीम 3 टेस्ट मैचों के लिए ऑस्ट्रेलिया जाएगी, जिसकी शुरुआत ब्रिसबेन में 15 दिसबंर से डे-नाइट मैच के रूप में होगी. मई में कोच की जिम्मेदारी संभालने वाले मिकी आर्थर ने कहा, 'यह बिल्कुल उचित चेतावनी है, जो यह बताती है कि यदि आप इंटरनेशनल क्रिकेट में अनुशासन का पालन नहीं करेंगे, तो आपको कभी भी इसकी सजा मिल सकती है.'
संक्षिप्त सारांश: विंडीज ने पाकिस्तान को अंतिम टेस्ट में 5 विकेट से हराया विंडीज के ब्रेथवेट ने दोनों पारियों में शानदार बल्लेबाजी की मिस्बाह की कप्तानी में पाकिस्तान ने टेस्ट सीरीज 2-1 से जीती
10
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: केंद्र सरकार ने शुक्रवार को कहा कि कुछ राज्यों में सूखे की स्थिति और कम बारिश के बावजूद इस साल घबराहट वाली बात नहीं है। लबालब भरे खाद्यान्न भंडार और चीनी के स्टॉक के साथ वह स्थिति का मुकाबला करने को तैयार है। खाद्य राज्य मंत्री केवी थॉमस ने 'फूडकॉन 2012' का उद्घाटन करते हुए कहा कि पिछले साल खाद्यान्न और चीनी का उत्पादन अनुमान से अधिक रहा था, जिससे सरकार के पास आने वाले साल के लिए गोदामों में उपयुक्त खाद्यान्न स्टॉक उपलब्ध है। उन्होंने कहा, खाद्यान्न भंडार के मामले में भारत सरकार सबसे बड़ी स्टॉकिस्ट है। भारतीय खाद्य निगम के पास इस समय आठ करोड़ 20 लाख टन खाद्यान्न का भंडार है, जबकि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लिए पांच करोड 50 लाख टन खाद्यान्न की ही आवश्यकता है।टिप्पणियां थॉमस ने कहा कि सरकार के पास चावल का एक साल के लिए भंडार है, जबकि गेहूं का भंडार तीन साल के लिए काफी है, इसलिए चिंता की कोई बात नहीं है। हालांकि, उन्होंने सब्जियों, फलों, खाद्य तेलों और दाल दलहन जैसी अन्य आवश्यक वस्तुओं की कमी के बारे में चेताया। उन्होंने कहा कि इनमें से कुछ का आयात किया जाता है। भारतीय मौसम विभाग ने मॉनसून की बारिश में 22 प्रतिशत कमी का अनुमान लगाया है। उन्होंने कहा, हम स्थिति की पहले से समीक्षा कर, सूखे का सामना कर सकते हैं, घबराहट वाली कोई बात नहीं है। देश में कर्नाटक, महाराष्ट्र और राजस्थान सहित मध्य भारत कम बारिश के कारण प्रभावित रहे हैं और इन क्षेत्रों में सूखे जैसी स्थिति बनी है। खाद्य राज्य मंत्री केवी थॉमस ने 'फूडकॉन 2012' का उद्घाटन करते हुए कहा कि पिछले साल खाद्यान्न और चीनी का उत्पादन अनुमान से अधिक रहा था, जिससे सरकार के पास आने वाले साल के लिए गोदामों में उपयुक्त खाद्यान्न स्टॉक उपलब्ध है। उन्होंने कहा, खाद्यान्न भंडार के मामले में भारत सरकार सबसे बड़ी स्टॉकिस्ट है। भारतीय खाद्य निगम के पास इस समय आठ करोड़ 20 लाख टन खाद्यान्न का भंडार है, जबकि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लिए पांच करोड 50 लाख टन खाद्यान्न की ही आवश्यकता है।टिप्पणियां थॉमस ने कहा कि सरकार के पास चावल का एक साल के लिए भंडार है, जबकि गेहूं का भंडार तीन साल के लिए काफी है, इसलिए चिंता की कोई बात नहीं है। हालांकि, उन्होंने सब्जियों, फलों, खाद्य तेलों और दाल दलहन जैसी अन्य आवश्यक वस्तुओं की कमी के बारे में चेताया। उन्होंने कहा कि इनमें से कुछ का आयात किया जाता है। भारतीय मौसम विभाग ने मॉनसून की बारिश में 22 प्रतिशत कमी का अनुमान लगाया है। उन्होंने कहा, हम स्थिति की पहले से समीक्षा कर, सूखे का सामना कर सकते हैं, घबराहट वाली कोई बात नहीं है। देश में कर्नाटक, महाराष्ट्र और राजस्थान सहित मध्य भारत कम बारिश के कारण प्रभावित रहे हैं और इन क्षेत्रों में सूखे जैसी स्थिति बनी है। उन्होंने कहा, खाद्यान्न भंडार के मामले में भारत सरकार सबसे बड़ी स्टॉकिस्ट है। भारतीय खाद्य निगम के पास इस समय आठ करोड़ 20 लाख टन खाद्यान्न का भंडार है, जबकि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लिए पांच करोड 50 लाख टन खाद्यान्न की ही आवश्यकता है।टिप्पणियां थॉमस ने कहा कि सरकार के पास चावल का एक साल के लिए भंडार है, जबकि गेहूं का भंडार तीन साल के लिए काफी है, इसलिए चिंता की कोई बात नहीं है। हालांकि, उन्होंने सब्जियों, फलों, खाद्य तेलों और दाल दलहन जैसी अन्य आवश्यक वस्तुओं की कमी के बारे में चेताया। उन्होंने कहा कि इनमें से कुछ का आयात किया जाता है। भारतीय मौसम विभाग ने मॉनसून की बारिश में 22 प्रतिशत कमी का अनुमान लगाया है। उन्होंने कहा, हम स्थिति की पहले से समीक्षा कर, सूखे का सामना कर सकते हैं, घबराहट वाली कोई बात नहीं है। देश में कर्नाटक, महाराष्ट्र और राजस्थान सहित मध्य भारत कम बारिश के कारण प्रभावित रहे हैं और इन क्षेत्रों में सूखे जैसी स्थिति बनी है। थॉमस ने कहा कि सरकार के पास चावल का एक साल के लिए भंडार है, जबकि गेहूं का भंडार तीन साल के लिए काफी है, इसलिए चिंता की कोई बात नहीं है। हालांकि, उन्होंने सब्जियों, फलों, खाद्य तेलों और दाल दलहन जैसी अन्य आवश्यक वस्तुओं की कमी के बारे में चेताया। उन्होंने कहा कि इनमें से कुछ का आयात किया जाता है। भारतीय मौसम विभाग ने मॉनसून की बारिश में 22 प्रतिशत कमी का अनुमान लगाया है। उन्होंने कहा, हम स्थिति की पहले से समीक्षा कर, सूखे का सामना कर सकते हैं, घबराहट वाली कोई बात नहीं है। देश में कर्नाटक, महाराष्ट्र और राजस्थान सहित मध्य भारत कम बारिश के कारण प्रभावित रहे हैं और इन क्षेत्रों में सूखे जैसी स्थिति बनी है। भारतीय मौसम विभाग ने मॉनसून की बारिश में 22 प्रतिशत कमी का अनुमान लगाया है। उन्होंने कहा, हम स्थिति की पहले से समीक्षा कर, सूखे का सामना कर सकते हैं, घबराहट वाली कोई बात नहीं है। देश में कर्नाटक, महाराष्ट्र और राजस्थान सहित मध्य भारत कम बारिश के कारण प्रभावित रहे हैं और इन क्षेत्रों में सूखे जैसी स्थिति बनी है।
यह एक सारांश है: केंद्र सरकार ने कहा है कि कुछ राज्यों में सूखे की स्थिति और कम बारिश के बावजूद घबराहट वाली कोई बात नहीं है। लबालब भरे खाद्यान्न भंडार और चीनी के स्टॉक के साथ वह स्थिति का मुकाबला करने को तैयार है।
24
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: जनलोकपाल विधेयक को लेकर अनशन पर बैठे गांधीवादी अन्ना हजारे की सेहत बिगड़ रही है और डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल ले जाने की सलाह दी है। हजारे हालांकि रामलीला मैदान छोड़कर अस्पताल जाने को तैयार नहीं हैं। हजारे के अनशन का आज आठवां दिन है। उनकी देखभाल कर रहे डॉ. नरेश त्रेहन ने रात करीब आठ बजे उनके स्वास्थ्य की जांच करने के बाद बताया कि हजारे की सेहत बिगड़ रही है और हमने उन्हें अस्पताल ले जाने की सलाह दी है लेकिन हजारे मान नहीं रहे। डॉ. त्रेहन ने कहा कि हजारे रामलीला मैदान में ही अपने समर्थकों के बीच रहना चाहते हैं। उन्होंने ड्रिप लगाए जाने से भी इनकार कर दिया। इस बीच, रामलीला मैदान में लोगों ने हजारे की सलामती के लिए प्रार्थना की। उधर, हजारे पक्ष के सदस्यों और सरकार के बीच बातचीत चल रही है। इससे पहले डॉक्टरों ने सुबह हजारे को धूप में जाने से परहेज करने की सलाह दी थी। हजारे के करीबी सहयोगी मनीष सिसौदिया ने कहा कि 16 अगस्त से शुरू हुए अनशन के आठवें दिन तक अन्ना का वजन 5.6 किलोग्राम कम हुआ है। वह कमजोर महसूस कर रहे हैं।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: जनलोकपाल विधेयक को लेकर अनशन पर बैठे गांधीवादी अन्ना हजारे की सेहत बिगड़ रही है और डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल ले जाने की सलाह दी है।
3
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बंबई शेयर बाजार में इस साल 3.2 प्रतिशत की सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट के बाद बाजार परिदृश्य निराशाजनक है और बाजार की नजर इस सप्ताह जारी होने वाले मुद्रास्फीति के आंकड़ों पर है। विश्लेषकों ने बाजार में और गिरावट की संभावना से इनकार नहीं किया है। बोनान्जा पोर्टफोलियो के उपाध्यक्ष राकेश गोयल ने कहा, बाजार धारणा प्रतिकूल हो गयी है और फिलहाल अल्पावधिक रुख मंदी का हो चला है। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) आंकड़ों में गिरावट ने बाजार की धारणा कमजोर कर दी है। उन्होंने कहा कि बाजार को आगे की दिशा अप्रैल के मुद्रास्फीति के आंकड़ों से मिलेगी। मुद्रास्फीति आंकड़े में कोई बड़ा सकारात्मक आश्चर्यजनक बदलाव ही धारणा में सुधार ला सकता है अन्यथा अल्पावधि में बाजार रुख नकारात्मक ही बना रहेगा। बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स लगातार तीसरे सप्ताह गिरा। सेंसेक्स और निफ्टी में इस साल किसी एक सप्ताह में यह सबसे बड़ी गिरावट है। पिछले सप्ताह सेंसेक्स 538 अंकों टूटकर 16,298.98 अंक पर बंद हुआ। टिप्पणियां बाजार विश्लेषकों ने कहा कि थोक मूल्य सूचकांक के आंकड़े काफी महत्वपूर्ण होंगे जो पिछले कुछ महीनों से काफी उतार.चढ़ाव वाले रहे हैं। मुद्रास्फीति के आंकड़ों सोमवार को जारी किए जाएंगे। रिसर्च इंवेन्चर ग्रोथ एंड सिक्योरिटीज के प्रमुख मिलन बाविशी ने कहा, आईआईपी आंकड़ों में गिरावट ने रिजर्व बैंक द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें फिर से जगा दी हैं। हालांकि यह इस बात पर भी निर्भर करेगा कि मुद्रास्फीति में किस तरह से घट बढ़ होती है तथा यह भी निर्णायक होगा कि आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतें किधर जाती हैं। मार्च में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक में 3.5 प्रतिशत की गिरावट आई जो पांच महीनों में पहली बार बड़ी गिरावट को दर्शाता है। मार्च में यह गिरावट आना आश्चर्य पैदा करने वाला है क्योंकि ठीक एक महीने पहले फरवरी में इसमें 4.1 प्रतिशत की तेजी आई थी। उन्होंने कहा कि रुपये की गिरावट भी बाजार धारणा को प्रभावित कर रहा है। करेंसी में गिरावट का रुख बाजार के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है। बाजार के वैश्विक जोखिम माहौल के कारण भी प्रभावित होने की संभावना है। बोनान्जा पोर्टफोलियो के उपाध्यक्ष राकेश गोयल ने कहा, बाजार धारणा प्रतिकूल हो गयी है और फिलहाल अल्पावधिक रुख मंदी का हो चला है। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) आंकड़ों में गिरावट ने बाजार की धारणा कमजोर कर दी है। उन्होंने कहा कि बाजार को आगे की दिशा अप्रैल के मुद्रास्फीति के आंकड़ों से मिलेगी। मुद्रास्फीति आंकड़े में कोई बड़ा सकारात्मक आश्चर्यजनक बदलाव ही धारणा में सुधार ला सकता है अन्यथा अल्पावधि में बाजार रुख नकारात्मक ही बना रहेगा। बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स लगातार तीसरे सप्ताह गिरा। सेंसेक्स और निफ्टी में इस साल किसी एक सप्ताह में यह सबसे बड़ी गिरावट है। पिछले सप्ताह सेंसेक्स 538 अंकों टूटकर 16,298.98 अंक पर बंद हुआ। टिप्पणियां बाजार विश्लेषकों ने कहा कि थोक मूल्य सूचकांक के आंकड़े काफी महत्वपूर्ण होंगे जो पिछले कुछ महीनों से काफी उतार.चढ़ाव वाले रहे हैं। मुद्रास्फीति के आंकड़ों सोमवार को जारी किए जाएंगे। रिसर्च इंवेन्चर ग्रोथ एंड सिक्योरिटीज के प्रमुख मिलन बाविशी ने कहा, आईआईपी आंकड़ों में गिरावट ने रिजर्व बैंक द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें फिर से जगा दी हैं। हालांकि यह इस बात पर भी निर्भर करेगा कि मुद्रास्फीति में किस तरह से घट बढ़ होती है तथा यह भी निर्णायक होगा कि आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतें किधर जाती हैं। मार्च में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक में 3.5 प्रतिशत की गिरावट आई जो पांच महीनों में पहली बार बड़ी गिरावट को दर्शाता है। मार्च में यह गिरावट आना आश्चर्य पैदा करने वाला है क्योंकि ठीक एक महीने पहले फरवरी में इसमें 4.1 प्रतिशत की तेजी आई थी। उन्होंने कहा कि रुपये की गिरावट भी बाजार धारणा को प्रभावित कर रहा है। करेंसी में गिरावट का रुख बाजार के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है। बाजार के वैश्विक जोखिम माहौल के कारण भी प्रभावित होने की संभावना है। बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स लगातार तीसरे सप्ताह गिरा। सेंसेक्स और निफ्टी में इस साल किसी एक सप्ताह में यह सबसे बड़ी गिरावट है। पिछले सप्ताह सेंसेक्स 538 अंकों टूटकर 16,298.98 अंक पर बंद हुआ। टिप्पणियां बाजार विश्लेषकों ने कहा कि थोक मूल्य सूचकांक के आंकड़े काफी महत्वपूर्ण होंगे जो पिछले कुछ महीनों से काफी उतार.चढ़ाव वाले रहे हैं। मुद्रास्फीति के आंकड़ों सोमवार को जारी किए जाएंगे। रिसर्च इंवेन्चर ग्रोथ एंड सिक्योरिटीज के प्रमुख मिलन बाविशी ने कहा, आईआईपी आंकड़ों में गिरावट ने रिजर्व बैंक द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें फिर से जगा दी हैं। हालांकि यह इस बात पर भी निर्भर करेगा कि मुद्रास्फीति में किस तरह से घट बढ़ होती है तथा यह भी निर्णायक होगा कि आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतें किधर जाती हैं। मार्च में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक में 3.5 प्रतिशत की गिरावट आई जो पांच महीनों में पहली बार बड़ी गिरावट को दर्शाता है। मार्च में यह गिरावट आना आश्चर्य पैदा करने वाला है क्योंकि ठीक एक महीने पहले फरवरी में इसमें 4.1 प्रतिशत की तेजी आई थी। उन्होंने कहा कि रुपये की गिरावट भी बाजार धारणा को प्रभावित कर रहा है। करेंसी में गिरावट का रुख बाजार के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है। बाजार के वैश्विक जोखिम माहौल के कारण भी प्रभावित होने की संभावना है। बाजार विश्लेषकों ने कहा कि थोक मूल्य सूचकांक के आंकड़े काफी महत्वपूर्ण होंगे जो पिछले कुछ महीनों से काफी उतार.चढ़ाव वाले रहे हैं। मुद्रास्फीति के आंकड़ों सोमवार को जारी किए जाएंगे। रिसर्च इंवेन्चर ग्रोथ एंड सिक्योरिटीज के प्रमुख मिलन बाविशी ने कहा, आईआईपी आंकड़ों में गिरावट ने रिजर्व बैंक द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें फिर से जगा दी हैं। हालांकि यह इस बात पर भी निर्भर करेगा कि मुद्रास्फीति में किस तरह से घट बढ़ होती है तथा यह भी निर्णायक होगा कि आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतें किधर जाती हैं। मार्च में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक में 3.5 प्रतिशत की गिरावट आई जो पांच महीनों में पहली बार बड़ी गिरावट को दर्शाता है। मार्च में यह गिरावट आना आश्चर्य पैदा करने वाला है क्योंकि ठीक एक महीने पहले फरवरी में इसमें 4.1 प्रतिशत की तेजी आई थी। उन्होंने कहा कि रुपये की गिरावट भी बाजार धारणा को प्रभावित कर रहा है। करेंसी में गिरावट का रुख बाजार के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है। बाजार के वैश्विक जोखिम माहौल के कारण भी प्रभावित होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि रुपये की गिरावट भी बाजार धारणा को प्रभावित कर रहा है। करेंसी में गिरावट का रुख बाजार के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है। बाजार के वैश्विक जोखिम माहौल के कारण भी प्रभावित होने की संभावना है।
बंबई शेयर बाजार में इस साल 3.2 प्रतिशत की सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट के बाद बाजार परिदृश्य निराशाजनक है और बाजार की नजर इस सप्ताह जारी होने वाले मुद्रास्फीति के आंकड़ों पर है।
6
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: संयुक्त राष्ट्र के बान की मून ने आगाह किया है कि नई बस्तियां बसाने की इस्राइल की योजना से फिलस्तीन के साथ शांति की संभावना को ‘करारा झटका’ लग सकता है।टिप्पणियां इस्राइल ने करीब तीन हजार यहूदी बस्तियां बसाने का ऐलान किया है, हालांकि उसने स्थान के बारे में कुछ नहीं बताया है। मीडिया की खबरों में कहा गया है कि नया निर्माण पश्चिमी तट के ‘ई-1’ इलाके में भी होगा। मून के एक प्रवक्ता ने कहा, पूर्वी यरूशलम और वेस्ट बैंक में इस्राइल की ओर से नई बस्तियां बसाने के ऐलान से संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने गहरी चिंता और निराशा जताई है। उन्होंने कहा, बस्तियां बसाना अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अवैध है। यह द्वि-राष्ट्र समाधान की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के लिए बड़ा झटका होगा। इस्राइल ने करीब तीन हजार यहूदी बस्तियां बसाने का ऐलान किया है, हालांकि उसने स्थान के बारे में कुछ नहीं बताया है। मीडिया की खबरों में कहा गया है कि नया निर्माण पश्चिमी तट के ‘ई-1’ इलाके में भी होगा। मून के एक प्रवक्ता ने कहा, पूर्वी यरूशलम और वेस्ट बैंक में इस्राइल की ओर से नई बस्तियां बसाने के ऐलान से संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने गहरी चिंता और निराशा जताई है। उन्होंने कहा, बस्तियां बसाना अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अवैध है। यह द्वि-राष्ट्र समाधान की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के लिए बड़ा झटका होगा। मून के एक प्रवक्ता ने कहा, पूर्वी यरूशलम और वेस्ट बैंक में इस्राइल की ओर से नई बस्तियां बसाने के ऐलान से संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने गहरी चिंता और निराशा जताई है। उन्होंने कहा, बस्तियां बसाना अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अवैध है। यह द्वि-राष्ट्र समाधान की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के लिए बड़ा झटका होगा।
यहाँ एक सारांश है:संयुक्त राष्ट्र के बान की मून ने आगाह किया है कि नई बस्तियां बसाने की इस्राइल की योजना से फिलस्तीन के साथ शांति की संभावना को ‘करारा झटका’ लग सकता है।
18
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: जीआरपीए को नवंबर 2016 में न्यायालय के आदेश के बाद केंद्र ने इस साल जनवरी में अधिसूचित किया था. गहलोत ने कहा कि सम-विषम योजना लागू होने पर तैयारी का ‘मुख्य घटक’ डीटीसी द्वारा अतिरिक्त बसों की खरीदारी होगा. योजना को लागू करने में सबसे बड़ी चुनौती अच्छी तरह विकसित दिल्ली मेट्रो नेटवर्क के अलावा सार्वजनिक परिवहन की खराब सुविधाएं है. डीटीसी के पास 4000 बसें है जबकि दिल्ली इंटीग्रेटिड मल्टीमोडल ट्रांजिट सिस्टम 1,600 बसें चलाता है. विशेषज्ञों का अनुमान है कि शहर के सभी इलाकों में चलाने के लिए करीब 11,000 बसों की आवश्यकता है. ईपीसीए वायु प्रदूषण स्तर के ‘बहुत खराब’ और ‘गंभीर’ श्रेणियों पर पहुंचने के बाद बदरपुर ताप विद्युत संयंत्र एवं ईंट भट्टों को बंद करने और जनरेटरों पर प्रतिबंध लगाने जैसे कड़े कदम पहले ही उठा चुका है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: प्रदूषण को लेकर फिर ला सकते हैं ऑड ईवन इसे लागू करने के लिए पूरी तरह तैयार रहने के आदेश इसे लागू करने के लिए डीटीसी बसों की और खरीददारी भी करेंगे
25
['hin']
एक सारांश बनाओ: देश में भीड़ द्वारा हत्या करने के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. गुरुवार को जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात में गोरक्षा के नाम पर हो रही हत्याओं की निंदा कर रहे थे, ठीक उसी समय बीजेपी शासित झारखंड में तथाकथित गोरक्षकों ने बीफ रखने के आरोप में एक आदमी की पीट-पीट कर हत्या कर दी. यह घटना झारखंड के रामगढ़ जिले की है. बीते तीन दिनों के भीतर झारखंड में इस तरह का यह दूसरा मामला है. दो दिन पहले गिरिडीह जिले में एक भीड़ ने एक घर में गाय का सिर पाए जाने के बाद घर के मालिक की पिटाई की थी और घर में आग लगा दी थी.  पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, अलीमुद्दीन उर्फ असगर अंसारी एक मारुति वैन में मांस ले जा रहा था. तभी किसी ने अफवाह फैला दी कि वैन में बीफ है. लोगों के एक समूह ने बाजरटांड गांव में असगर को रोका और उस पर बेरहमी से हमला कर दिया उसकी वैन में आग लगा दी. पुलिस ने उसे भीड़ से बचाया और अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.टिप्पणियां अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक आर.के.मलिक ने कहा कि यह सुनियोजित हत्या है. उन्होंने बताया कि असगर के खिलाफ बच्चे को अगवा करने और हत्या करने का आरोप पत्र दाखिल किया गया था. उन्होंने कहा कि बीफ के व्यापार में शामिल कुछ लोगों ने उसकी हत्या की साजिश रची. पुलिस ने बताया कि हत्यारों की पहचान कर ली गई है. इससे पहले आज, पीएम नरेंद्र मोदी ने भीड़ की हिंसा को गलत ठहराते हुए गुजरात में कहा था कि गोरक्षा के नाम पर हिंसा क्यों? मौजूदा हालातों पर पीड़ा होती है. गाय की सेवा ही गाय की भक्ति है. गोरक्षा के नाम पर हिंसा ठीक नहीं है. देश को अहिंसा के रास्ते पर चलना होगा. गोभक्ति के नाम पर लोगों हत्या स्वीकार नहीं की जाएगी. अगर वह इंसान गलत है तो कानून अपना काम करेगा, किसी को भी कानून हाथ में लेने की जरूरत नहीं है. हिंसा समस्या का समाधान नहीं है.    पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, अलीमुद्दीन उर्फ असगर अंसारी एक मारुति वैन में मांस ले जा रहा था. तभी किसी ने अफवाह फैला दी कि वैन में बीफ है. लोगों के एक समूह ने बाजरटांड गांव में असगर को रोका और उस पर बेरहमी से हमला कर दिया उसकी वैन में आग लगा दी. पुलिस ने उसे भीड़ से बचाया और अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.टिप्पणियां अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक आर.के.मलिक ने कहा कि यह सुनियोजित हत्या है. उन्होंने बताया कि असगर के खिलाफ बच्चे को अगवा करने और हत्या करने का आरोप पत्र दाखिल किया गया था. उन्होंने कहा कि बीफ के व्यापार में शामिल कुछ लोगों ने उसकी हत्या की साजिश रची. पुलिस ने बताया कि हत्यारों की पहचान कर ली गई है. इससे पहले आज, पीएम नरेंद्र मोदी ने भीड़ की हिंसा को गलत ठहराते हुए गुजरात में कहा था कि गोरक्षा के नाम पर हिंसा क्यों? मौजूदा हालातों पर पीड़ा होती है. गाय की सेवा ही गाय की भक्ति है. गोरक्षा के नाम पर हिंसा ठीक नहीं है. देश को अहिंसा के रास्ते पर चलना होगा. गोभक्ति के नाम पर लोगों हत्या स्वीकार नहीं की जाएगी. अगर वह इंसान गलत है तो कानून अपना काम करेगा, किसी को भी कानून हाथ में लेने की जरूरत नहीं है. हिंसा समस्या का समाधान नहीं है.    अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक आर.के.मलिक ने कहा कि यह सुनियोजित हत्या है. उन्होंने बताया कि असगर के खिलाफ बच्चे को अगवा करने और हत्या करने का आरोप पत्र दाखिल किया गया था. उन्होंने कहा कि बीफ के व्यापार में शामिल कुछ लोगों ने उसकी हत्या की साजिश रची. पुलिस ने बताया कि हत्यारों की पहचान कर ली गई है. इससे पहले आज, पीएम नरेंद्र मोदी ने भीड़ की हिंसा को गलत ठहराते हुए गुजरात में कहा था कि गोरक्षा के नाम पर हिंसा क्यों? मौजूदा हालातों पर पीड़ा होती है. गाय की सेवा ही गाय की भक्ति है. गोरक्षा के नाम पर हिंसा ठीक नहीं है. देश को अहिंसा के रास्ते पर चलना होगा. गोभक्ति के नाम पर लोगों हत्या स्वीकार नहीं की जाएगी. अगर वह इंसान गलत है तो कानून अपना काम करेगा, किसी को भी कानून हाथ में लेने की जरूरत नहीं है. हिंसा समस्या का समाधान नहीं है.    इससे पहले आज, पीएम नरेंद्र मोदी ने भीड़ की हिंसा को गलत ठहराते हुए गुजरात में कहा था कि गोरक्षा के नाम पर हिंसा क्यों? मौजूदा हालातों पर पीड़ा होती है. गाय की सेवा ही गाय की भक्ति है. गोरक्षा के नाम पर हिंसा ठीक नहीं है. देश को अहिंसा के रास्ते पर चलना होगा. गोभक्ति के नाम पर लोगों हत्या स्वीकार नहीं की जाएगी. अगर वह इंसान गलत है तो कानून अपना काम करेगा, किसी को भी कानून हाथ में लेने की जरूरत नहीं है. हिंसा समस्या का समाधान नहीं है.
यहाँ एक सारांश है:रामगढ़ जिले में अलीमुद्दीन उर्फ असगर अंसारी हुआ भीड़ का शिकार पुलिस का दावा यह हत्या सुनियोजित थी, हत्यारों की पहचान की गई दो दिन पहले गिरिडीह जिले में बना था एक आदमी शिकार
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: इस हफ्ते बच्चों की एक थ्री डी एनिमेशन फिल्म भी रिलीज़ हुई। 'रियो' नाम की यह फिल्म हॉलीवुड से आई है लेकिन हिन्दी में डब्ड वर्जन में बॉलीवुड के कई कलाकारों ने अपनी आवाज़ दी है। 'रियो' कहानी है दुर्लभ प्रजाति के तोते… ब्लू की। सड़क पर लावारिस पड़े ब्लू को लिंडा नाम की लड़की घर ले आती है। दोनों की गहरी दोस्ती हो जाती है। एक पक्षी वैज्ञानिक ब्लू की प्रजाति को बचाना चाहता है लिहाज़ा इस नर तोते को अपनी ही प्रजाति की फीमेल तोते से मिलवाने शहर ले जाता है। मगर ये भनक पक्षियों के स्मगलर्स को लग जाती है। 'रियो' में बच्चों की मासूमियत है….पक्षियों का रोमांस है, उनकी बदमाशी है…और इंसानी दोस्तों से बिछड़ाव और मेल मिलाप भी। फिल्म थ्री डी एनिमेशन है। थ्री डी क्वालिटी इतनी अच्छी है कि आप पक्षियों को अपने सिर पर से उड़ते पाएंगे। एनिमेशन सॉफ्ट टच। 'रियो' के हिन्दी डब्ड वर्जन में कई हिन्दी फिल्मी डायलॉग्स हैं जैसे….पापी पेट का सवाल है…ये हुई ना मर्दों वाली बात….मामा ऑल इज़ वेल….और कुड़ी जो मेरा दिल ले उड़ी। हॉलीवुड फिल्म में पक्षियों के मुंह से ये सब सुनकर बच्चे तो क्या बड़ों की हंसी भी छूटेगी। बॉलीवुड गायक शान सुनिधि चौहान, साउथ के स्टार मोहनलाल, विनय पाठक और रणवीर शौरी ने हिन्दी 'रियो' को आवाज़ दी है। हालांकि 96 मिनिट की ये फिल्म थोड़ी और छोटी हो सकती थी। मगर डायरेक्टर कार्लोस सल्डान्हा की 'रियो' एक प्यारी-सी मीठी…दिल को छूने वाली कहानी है। 'रियो' के लिए मेरी रेटिंग है 3 स्टार।
सारांश: 'रियो' कहानी है दुर्लभ प्रजाति के तोते… ब्लू की। सड़क पर लावारिस पड़े ब्लू को लिंडा नाम की लड़की घर ले आती है।
31
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मध्य प्रदेश के कमलनाथ (Kamal Nath Government) सरकार ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों, अधिकारियों और पेंशनर्स को बहुत बड़ा तोहफा दिया है. मध्य प्रदेश मंत्रिमंडल की यहां सोमवार को हुई बैठक में राज्य सरकार के कर्मचारियों को महंगाई भत्ते (DA) में तीन प्रतिशत की बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया है. मुख्यमंत्री  कमलनाथ (Kamal Nath) की अध्यक्षता में सोमवार को बैठक हुई. सरकार की तरफ से जारी बयान के अनुसार, सोमवार देर शाम मुख्यमंत्री कमलनाथ की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में तीन प्रतिशत महंगाई भत्ता बढ़ाने का निर्णय लिया गया. मध्य प्रदेश के स्थाई कर्मचारियों-अधिकारियों, पंचायत सचिवों, पेंशनर्स व पेंशनर्स परिवारों को सातवें वेतनमान के आधार पर एक जनवरी, 2019 से तीन प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया जाएगा. बयान के अनुसार, इस निर्णय से सात लाख कर्मचारियों और साढ़े चार लाख पेंशनर्स को लाभ मिलेगा. इससे सरकार पर 1647 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वार्षिक व्यय का भार पड़ेगा. इससे पहले बिहार सरकार ने भी इसी साल राज्य के सरकारी कर्मचारियों के  महंगाई भत्ते (DA) में तीन प्रतिशत की बढ़ोतरी की थी. इससे पहले मोदी सरकार ने लोकसभा चुनाव 2019  से ठीक पहले केंद्रीय कर्मचारियों को तोहफा दिया था. सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में तीन फीसदी की बढ़ोतरी की थी. बताया गया था कि इस फैसले से सरकार पर 9168 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा. इससे केंद्र सरकार के 1.1 करोड़ कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को फायदा होगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया था.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सरकारी कर्मचारियों,अधिकारियों और पेंशनर्स को बड़ा तोहफा सरकार ने महंगाई भत्ते में किया 3 प्रतिशत का इजाफा मध्य प्रदेश सरकार ने किया इजाफा
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अनुच्छेद 370 हटाने और नागरिकता (संशोधन) विधेयक जैसे अहम मुद्दों पर विपक्ष को भरोसे में न लेने के लिए नरेंद्र मोदी सरकार की आलोचना की है. एक साक्षात्कार में कांग्रेस नेता ने देश में आर्थिक मंदी पर भी चिंता जताई और कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली राजग सरकार का देश को चलाने के प्रति रवैया ‘‘अच्छा नहीं'' है. गहलोत ने कहा कि लोकतंत्र में लोगों की राय और विपक्ष मायने रखता है और सरकार के खिलाफ असंतोष को राजद्रोह के मुकदमे दायर कर या लोगों को राष्ट्र-विरोधी बताकर दबाया नहीं जा सकता. गहलोत ने मोदी सरकार पर सुशासन पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय ध्रुवीकरण की राजनीति करने और आयकर के छापों की धमकी देकर विपक्षी दलों को दिया जाने वाला चंदा रोकने का आरोप लगाया. गहलोत ने आरोप लगाया कि चुनावी बॉन्ड राजग सरकार का ‘‘सबसे बड़ा घोटाला'' है. राजनीतिक फंडिंग चाहे वह नकद, चेक या बॉन्ड के रूप में हो, अच्छी नहीं है. एक साल पहले राजस्थान के मुख्यमंत्री का पद संभालने वाले गहलोत ने कहा, ‘‘अनुच्छेद 370 हटाने या नागरिकता (संशोधन) विधेयक के लिए विपक्ष को भरोसे में नहीं लिया गया. गहलोत ने कहा कि भाजपा की पहले पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के साथ गठबंधन सरकार थी लेकिन (अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद) जम्मू कश्मीर में पीडीपी और नेशनल कांफ्रेंस के नेताओं को ‘‘हिरासत'' में ले लिया गया. कांग्रेस के 68 वर्षीय नेता ने कहा, ‘‘केंद्र को उनसे बात करनी चाहिए थी लेकिन सरकार को इसकी परवाह नहीं है. अगर आपके पास अच्छा-खासा बहुमत है तो इसका यह मतलब नहीं है कि आप अपनी मर्जी चला सकते हैं.'' राजस्थान के मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘राजनीतिक फंडिंग चाहे वह नकद, चेक या बॉन्ड के रूप में हो, अच्छी नहीं है. भ्रष्टाचार तभी खत्म होगा जब चुनावों की सरकारी फंडिंग हो. तभी पारदर्शिता आएगी.'' गहलोत ने कहा कि केंद्र सरकार ने राजस्व में गिरावट के कारण राज्यों को दी जाने वाली केंद्रीय निधि घटा दी गयी है. उन्होंने दावा किया, ‘‘राजस्थान को करीब 11,000 करोड़ रुपये कम मिलेंगे.''कांग्रेस नेता ने कहा कि उद्योगपति राहुल बजाज और आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन की हालिया टिप्पणियां दिखाती हैं कि लोग सरकार के बारे में क्या महसूस करते हैं.उन्होंने कहा कि कांग्रेस देश को संकट में डाल रहे विभिन्न मुद्दों को उजागर करने के लिए 14 दिसंबर को नयी दिल्ली में एक रैली आयोजित करेगी.
केंद्र विपक्ष को विश्वास में नहीं लेती है:अशोक गहलोत 14 दिसंबर को दिल्ली में कांग्रेस करेगी रैली चुनावी बॉन्ड राजग सरकार का सबसे बड़ा घोटाला:गहलोत
34
['hin']
एक सारांश बनाओ: हरियाणा विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पीएम नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और कार्यकारी बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा की जोड़ी ने पूरे राज्य को नापने का प्लान तैयार कर लिया है. रविवार शाम को भारतीय जनता पार्टी ने दिग्गज स्टार प्रचारकों का शेड्यूल जारी कर दिया गया है, जिसके तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रदेश में चार रैलियां करेंगे. पहली रैली 14 अक्टूबर को बल्लभगढ़, दूसरी—तीसरी रैली 15 अक्टूबर को दादरी व दोपहर बाद थानेसर में होगी. जबकि चौथी रैली 18 अक्टूबर को हिसार में प्रस्तावित है.  पीएम मोदी की चारों रैलियों के माध्यम से पार्टी सभी 90 विधानसभा सीटों को कवर करेगी. जबकि देश के गृहमंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह दो दिन हरियाणा में आएंगे. उनका पहला दौरा 9 अक्टूबर को होगा. जिसमें उस दिन वे कैथल में पुंडरी, गुहला—चीका और कैथल विधानसभाओं की एक संयुक्त रैली होगी. उसी दोपहर को बरवाला में हांसी, बरवाला और उकलाना विधानसभा की संयुक्त रैली होगी. जबकि दोपहर बाद लोहारू में तोशाम, बाढडा और लोहारू की संयुक्त रैली होगी. शाम 3 बजे राष्ट्रीय अध्यक्ष महम पहुंचेंगे. जहां महम, कलानौर और गढी—सांपला कलोई विधानसभा की संयुक्त रैली होगी. इसके बाद भाजपा अध्यक्ष 14 अक्टूबर को दोबारा हरियाणा आएंगे. उस दिन टोहाना में रतिया, टोहाना और नरवाना विधानसभा की संयुक्त रैली होगी. जबकि दोपहर एक बजे पंचकूला में कालका और पंचकूला विधानसभा की संयुक्त रैली होगी. इसके बाद ढाई बजे वे करनाल पहुंचेंगे. जहां वे करनाल, इंद्री, असंध और नीलोखेडी विधानसभाओं को कवर करते हुए रैली करेंगे. शाम 4 बजे वे बादशाहपुर पहुंचेंगे. जहां गुरूग्राम, बादशाहपुर, पटौदी और बादली विधानसभा के कार्यकर्ताओं को संयुक्त रूप से संबोधित करेंगे.  इसी तरह भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा 11 अक्टूबर हरियाणा आएंगे. उस दिन वे चार रैलियों को संबोधित करेंगे. पहली रैली सुबह 11 बजे डबवाली, 12.45 बजे रनियां, 1.55 बजे कालावांली और अंतिम रैली 4.05 बजे पटौदी में होगी. इसके अलावा बीजेपी ने अपने फायर ब्रांड नेता योगी आदित्यनाथ को 11 अक्टूबर को बुलाया है. उस दिन योगी कालका, नारायणढ, जुलाना और सोनीपत में गरजेंगे. निर्धारित शेड्यूल के मुताबिक केंद्रीय राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर 14 अक्टूबर को शाहबाद और थानेसर विधानसभा में जनसभाओं को संबोधित करेंगे. इसके अलावा भाजपा ने महिला राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय रहाटकर भी 12—13 अक्टूबर को हरियाणा में रहेंगी. वे दादरी व आदमपुर विधानसभा में महिला सम्मेलन को संबोधित करेंगी. जबकि राष्ट्रीय संगठन मंत्री बीएल संतोष 9 अक्टूबर को संगठनात्मक कार्यकर्ताओं से मिलकर चुनाव जीतने का मंत्र देंगे.
14 अक्टूबर को बल्लभगढ़ में पीएम मोदी की पहली रैली अमित शाह 9 अक्टूबर को कैथल से करेंगे शुरूआत 11 अक्टूबर को कालका में गरजेंगे योगी आदित्यनाथ
26
['hin']
एक सारांश बनाओ: मुक्तसर जिले के गिद्देरबाहा में रविवार को एक महिला शिक्षक को थप्पड़ मारने वाले सरपंच और अकाली दल नेता को पंजाब पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। बाद में सरपंच बलविंदर सिंह को जमानत पर छोड़ दिया गया। पुलिस ने सिंह के खिलाफ भारतीय दंड संहिता के तहत जो मामले दर्ज किये हैं वे जमानती हैं। मुक्तसर के एसएसपी इंदर मोहन सिंह ने बताया कि बलविंदर सिंह को आईपीसी की धारा 323 (थप्पड़ मारना) और 341 (गलत तरह से प्रतिरोध करना) के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया है। पंजाब सरकार ने सोमवार देर रात सरपंच बलविंदर सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया था। सिंह ने वरिंदर कौर नामक शिक्षिका के साथ अभद्रता की थी जो उन शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल में शामिल थीं जो रविवार को मुक्तसर में एक समारोह में उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल की पत्नी और भटिंडा की सांसद हरसिमरत कौर बादल से मिलना चाहते थे। शिक्षा गारंटी योजना शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रीतपाल सिंह ने कहा कि महिला शिक्षक स्थाई नौकरी की मांग कर रही थी तभी दौला गांव के सरपंच बलविंदर सिंह ने उन्हें पकड़कर कई बार थप्पड़ जड़ दिए। सरपंच ने कहा कि उन्होंने कुछ गलत नहीं किया है और उन्होंने शिक्षिका पर अपशब्दों वाली भाषा के इस्तेमाल का आरोप लगाया।
यहाँ एक सारांश है:महिला शिक्षक को थप्पड़ मारने वाले सरपंच को पंजाब पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। बाद में सरपंच बलविंदर सिंह को जमानत पर छोड़ दिया गया।
15
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भाजपा के वरिष्ठ नेता शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा है कि बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के खिलाफ सीबीआई द्वारा दायर की गई प्राथमिकी के बाद उन्हें मंत्री पद से इस्तीफा देना चाहिए या नहीं देना चाहिए, यह महागठबंधन का आंतरिक मामला है. उन्होंने उम्मीद जताई कि बिहार के हित को देखते हुए इस मामले को वे लोग जल्द ही सुलझा लेंगे. उन्होंने कहा कि हालांकि ऐसे कई उदाहरण हैं जब एक व्यक्ति पर आरोप दायर होने और अदालत में विभिन्न चरणों में मामला चलने के बाद भी वह अपने पद पर बना रहा है. सिन्हा ने पटना हवाईअड्डे पर कहा, 'विभि‍न्न पार्टियों में ऐसे लोग हैं जो तब भी मंत्री बने हुए हैं जब उनके खिलाफ आरोपपत्र दायर किया जा चुका है या उनका मामला अदालत में अलग-अलग चरणों में है'. राजद अन्य लोगों के साथ ही केंद्रीय मंत्री उमा भारती का उदाहरण देता रहा है, जिन पर अयोध्या में विवादास्पद ढांचा गिराने के मामले में आरोप पत्र दायर है, लेकिन वह मंत्रालय में बनी हुई हैं. हालांकि नेता ने किसी भी मंत्री का नाम नहीं लिया और तेजस्वी यादव का नाम लेने से भी परहेज किया.टिप्पणियां नीतीश कुमार और लालू यादव दोनों के दोस्त कहे जाने वाले सिन्हा से महागठबंधन के बीच में दरार पैदा कर रहे इस मामले के बारे मे पूछा गया तो उन्होंने कहा, 'दोस्ती निजी है, लेकिन इस मामले (तेजस्वी यादव) में मैं न तो इस्तीफा मांगने का समर्थन कर रहा हूं, न ही इसका विरोध कर रहा हूं'. बिहारी बाबू के नाम से लोकप्रिय सिन्हा ने अपनी राय स्पष्ट करते हुए कहा, 'मैं इस राजनीतिक मामले पर विशेषज्ञ नहीं हूं और इस मामले को हल करने का काम उनका (नीतीश और लालू) का है'. उन्होंने कहा, 'वो लोग काफी परिपक्व हैं और खुद से ही इस मामले का हल निकालेंगे'. पटना साहिब से भाजपा सांसद ने कहा, 'मैं आशा और प्रार्थना करता हूं कि बिहार मध्यावधि चुनाव में न जाए'. (इनपुट भाषा से) उन्होंने कहा कि हालांकि ऐसे कई उदाहरण हैं जब एक व्यक्ति पर आरोप दायर होने और अदालत में विभिन्न चरणों में मामला चलने के बाद भी वह अपने पद पर बना रहा है. सिन्हा ने पटना हवाईअड्डे पर कहा, 'विभि‍न्न पार्टियों में ऐसे लोग हैं जो तब भी मंत्री बने हुए हैं जब उनके खिलाफ आरोपपत्र दायर किया जा चुका है या उनका मामला अदालत में अलग-अलग चरणों में है'. राजद अन्य लोगों के साथ ही केंद्रीय मंत्री उमा भारती का उदाहरण देता रहा है, जिन पर अयोध्या में विवादास्पद ढांचा गिराने के मामले में आरोप पत्र दायर है, लेकिन वह मंत्रालय में बनी हुई हैं. हालांकि नेता ने किसी भी मंत्री का नाम नहीं लिया और तेजस्वी यादव का नाम लेने से भी परहेज किया.टिप्पणियां नीतीश कुमार और लालू यादव दोनों के दोस्त कहे जाने वाले सिन्हा से महागठबंधन के बीच में दरार पैदा कर रहे इस मामले के बारे मे पूछा गया तो उन्होंने कहा, 'दोस्ती निजी है, लेकिन इस मामले (तेजस्वी यादव) में मैं न तो इस्तीफा मांगने का समर्थन कर रहा हूं, न ही इसका विरोध कर रहा हूं'. बिहारी बाबू के नाम से लोकप्रिय सिन्हा ने अपनी राय स्पष्ट करते हुए कहा, 'मैं इस राजनीतिक मामले पर विशेषज्ञ नहीं हूं और इस मामले को हल करने का काम उनका (नीतीश और लालू) का है'. उन्होंने कहा, 'वो लोग काफी परिपक्व हैं और खुद से ही इस मामले का हल निकालेंगे'. पटना साहिब से भाजपा सांसद ने कहा, 'मैं आशा और प्रार्थना करता हूं कि बिहार मध्यावधि चुनाव में न जाए'. (इनपुट भाषा से) सिन्हा ने पटना हवाईअड्डे पर कहा, 'विभि‍न्न पार्टियों में ऐसे लोग हैं जो तब भी मंत्री बने हुए हैं जब उनके खिलाफ आरोपपत्र दायर किया जा चुका है या उनका मामला अदालत में अलग-अलग चरणों में है'. राजद अन्य लोगों के साथ ही केंद्रीय मंत्री उमा भारती का उदाहरण देता रहा है, जिन पर अयोध्या में विवादास्पद ढांचा गिराने के मामले में आरोप पत्र दायर है, लेकिन वह मंत्रालय में बनी हुई हैं. हालांकि नेता ने किसी भी मंत्री का नाम नहीं लिया और तेजस्वी यादव का नाम लेने से भी परहेज किया.टिप्पणियां नीतीश कुमार और लालू यादव दोनों के दोस्त कहे जाने वाले सिन्हा से महागठबंधन के बीच में दरार पैदा कर रहे इस मामले के बारे मे पूछा गया तो उन्होंने कहा, 'दोस्ती निजी है, लेकिन इस मामले (तेजस्वी यादव) में मैं न तो इस्तीफा मांगने का समर्थन कर रहा हूं, न ही इसका विरोध कर रहा हूं'. बिहारी बाबू के नाम से लोकप्रिय सिन्हा ने अपनी राय स्पष्ट करते हुए कहा, 'मैं इस राजनीतिक मामले पर विशेषज्ञ नहीं हूं और इस मामले को हल करने का काम उनका (नीतीश और लालू) का है'. उन्होंने कहा, 'वो लोग काफी परिपक्व हैं और खुद से ही इस मामले का हल निकालेंगे'. पटना साहिब से भाजपा सांसद ने कहा, 'मैं आशा और प्रार्थना करता हूं कि बिहार मध्यावधि चुनाव में न जाए'. (इनपुट भाषा से) नीतीश कुमार और लालू यादव दोनों के दोस्त कहे जाने वाले सिन्हा से महागठबंधन के बीच में दरार पैदा कर रहे इस मामले के बारे मे पूछा गया तो उन्होंने कहा, 'दोस्ती निजी है, लेकिन इस मामले (तेजस्वी यादव) में मैं न तो इस्तीफा मांगने का समर्थन कर रहा हूं, न ही इसका विरोध कर रहा हूं'. बिहारी बाबू के नाम से लोकप्रिय सिन्हा ने अपनी राय स्पष्ट करते हुए कहा, 'मैं इस राजनीतिक मामले पर विशेषज्ञ नहीं हूं और इस मामले को हल करने का काम उनका (नीतीश और लालू) का है'. उन्होंने कहा, 'वो लोग काफी परिपक्व हैं और खुद से ही इस मामले का हल निकालेंगे'. पटना साहिब से भाजपा सांसद ने कहा, 'मैं आशा और प्रार्थना करता हूं कि बिहार मध्यावधि चुनाव में न जाए'. (इनपुट भाषा से) (इनपुट भाषा से)
यह एक सारांश है: यह महागठबंधन का आंतरिक मामला है- शत्रुघ्‍न सिन्‍हा शत्रुघ्‍न सिन्‍हा बोले- मैं इस राजनीतिक मामले पर विशेषज्ञ नहीं हूं. इस मामले को हल करने का काम उनका (नीतीश और लालू) का है- सिन्‍हा
16
['hin']
एक सारांश बनाओ: पाकिस्तान के पश्चिमोत्तर पेशावर शहर में हवाई अड्डे एवं आसपास के इलाकों में पांच रॉकेट दागे गए, जिससे पांच लोग मारे गए और कम से कम 40 लोग घायल हुए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अज्ञात जगह से दागे गए ये रॉकेट लगभग रात नौ बजे बाचा खान अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, यूनिवर्सिटी टाउन और आसपास के अन्य रिहाइशी इलाकों पर गिरे। टेलीविजन समाचार चैनलों ने अधिकारियों के हवाले से बताया कि ये रॉकेट खैबर-पख्तूनख्वा प्रांत की राजधानी पेशावर के पास के कबाइली इलाकों से दागे गए। इसके बाद भारी गोलीबारी भी हुई, जिसके जवाब में सुरक्षा बलों ने भी जवाबी गोलीबारी की।टिप्पणियां खैबर शिक्षक अस्पताल के वरिष्ठ अधिकारी उमर अयूब ने बताया कि अस्पताल में दो शव और 30 घायल लोगों को लाया गया है। उन्होंने बताया कि घायलों में से चार लोगों की हालत गंभीर है। अभी तक किसी भी समूह ने हमले की जिम्मदारी नहीं ली है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अज्ञात जगह से दागे गए ये रॉकेट लगभग रात नौ बजे बाचा खान अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, यूनिवर्सिटी टाउन और आसपास के अन्य रिहाइशी इलाकों पर गिरे। टेलीविजन समाचार चैनलों ने अधिकारियों के हवाले से बताया कि ये रॉकेट खैबर-पख्तूनख्वा प्रांत की राजधानी पेशावर के पास के कबाइली इलाकों से दागे गए। इसके बाद भारी गोलीबारी भी हुई, जिसके जवाब में सुरक्षा बलों ने भी जवाबी गोलीबारी की।टिप्पणियां खैबर शिक्षक अस्पताल के वरिष्ठ अधिकारी उमर अयूब ने बताया कि अस्पताल में दो शव और 30 घायल लोगों को लाया गया है। उन्होंने बताया कि घायलों में से चार लोगों की हालत गंभीर है। अभी तक किसी भी समूह ने हमले की जिम्मदारी नहीं ली है। टेलीविजन समाचार चैनलों ने अधिकारियों के हवाले से बताया कि ये रॉकेट खैबर-पख्तूनख्वा प्रांत की राजधानी पेशावर के पास के कबाइली इलाकों से दागे गए। इसके बाद भारी गोलीबारी भी हुई, जिसके जवाब में सुरक्षा बलों ने भी जवाबी गोलीबारी की।टिप्पणियां खैबर शिक्षक अस्पताल के वरिष्ठ अधिकारी उमर अयूब ने बताया कि अस्पताल में दो शव और 30 घायल लोगों को लाया गया है। उन्होंने बताया कि घायलों में से चार लोगों की हालत गंभीर है। अभी तक किसी भी समूह ने हमले की जिम्मदारी नहीं ली है। खैबर शिक्षक अस्पताल के वरिष्ठ अधिकारी उमर अयूब ने बताया कि अस्पताल में दो शव और 30 घायल लोगों को लाया गया है। उन्होंने बताया कि घायलों में से चार लोगों की हालत गंभीर है। अभी तक किसी भी समूह ने हमले की जिम्मदारी नहीं ली है। अभी तक किसी भी समूह ने हमले की जिम्मदारी नहीं ली है।
यह एक सारांश है: पाकिस्तान के पश्चिमोत्तर पेशावर शहर में हवाई अड्डे एवं आसपास के इलाकों में पांच रॉकेट दागे गए, जिससे पांच लोग मारे गए और कम से कम 40 लोग घायल हुए हैं।
21
['hin']
एक सारांश बनाओ: भारतीय क्रिकेट टीम और पाकिस्तान के बीच चण्डीगढ़ में 30 मार्च को खेले जाने वाले आईसीसी विश्व कप-2011 के सेमीफाइनल मुकाबले से पहले शहर के आसपास के सभी होटल पूरी तरह से 'हाउसफुल' हो चुके हैं। मोहाली के पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन (पीसीए) स्टेडियम में खेले जाने वाले इस सेमीफाइनल मुकाबले के लिए लोगों में काफी उत्साह है और यहां के सभी बड़े होटल 29 और 30 मार्च के लिए बड़े स्तर पर आरक्षित हो चुके हैं। मोहाली यहां से 10 किलोमीटर की दूरी पर है इसलिए सभी दर्शक यहां के होटल में कमरे तलाश रहे हैं। चण्डीगढ़ के नामी गिरामी होटलों ताज और माउन्ट व्यू में आधे से ज्यादा कमरे खेल टीमों, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी), भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीई), पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन (पीसीए) के अधिकारियों के लिए आरक्षित हैं। चण्डीगढ़ औद्योगिक और पर्यटन विकास निगम (सीआईटीसीओ) के महाप्रबंधक अरविंद मल्होत्रा ने बताया, "हमने पीसीए अधिकारियों के लिए माउन्ट व्यू में 120 से अधिक कमरे तथा शिवालिक व्यू में 70 कमरों की व्यवस्था की है।" मल्होत्रा ने कहा, "इसके अलावा 15 प्रतिशत कमरे हमारे नियमित कॉरपोरेट ग्राहकों के लिए आरक्षित हैं। इनमें से अधिकतर कमरे दो तीन महीने पहले ही बुक हो चुके हैं।" मल्होत्रा ने कहा कि कुछ ऐसी ही स्थिति होटल ताज की भी है जहां दोनों टीमें ठहरेंगी। इस होटल के 70 फीसदी कमरे विश्व कप की शुरुआत में ही आरक्षित हो चुके थे।
सारांश: भारतीय और पाकिस्तान के बीच चण्डीगढ़ में खेले जाने वाले सेमीफाइनल मुकाबले से पहले शहर के सभी होटल पूरी तरह से 'हाउसफुल' हो चुके हैं।
5
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाए जाने का विरोध पाकिस्तान शुरू से करता रहा है. इस मुद्दे को पाकिस्तान में यूएन में भी उठाया लेकिन उसे कहीं से कोई कामयाबी नहीं मिली थी. लेकिन इन सब के बावजूद भी पाकिस्तान की सरकार और उनके मंत्रियों ने जम्मू-कश्मीर को लेकर बयान देने का सिलसिला जारी रखा हुआ है. ताजा बयान पाकिस्तान सरकार के  कश्मीर और गिलगिट  बालिस्तान मामले के मंत्री अली अमीन गंदापुर की तरफ से आया है. उन्होंने कश्मीर मुद्दे पर भारत का साथ देने वाले देशों को चेतावनी देते हुए उनपर मिसाइल से हमले की बात कही है.गंदापुर ने कहा कि अगर कश्मीर के मसले पर भारत के साथ तनाव बढ़ता है तो पाकिस्तान युद्ध में जाने को तैयार रहेगा. ऐसे में जो देश कश्मीर मुद्दे पर भारत का साथ दे रहे हैं वह हमारे लिए दुश्मन की तरह हैं. हम भारत के साथ-साथ इन दशों पर भी मिसाइल दागेंगे.  इससे पहले भी पाकिस्तान ने कश्मीर मुद्दे पर कई तरह के बयान दिए थे. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) ने देश के दौरे पर आए अमेरिकी कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल से सोमवार को कहा था कि कश्मीर में स्थिति को देखते हुए भारत के साथ वार्ता करने का सवाल ही नहीं है. ‘जियो न्यूज' ने खबर दी थी कि खान ने अमेरिकी सीनेटर क्रिस वान होलेन और मैगी हसन के साथ बातचीत में कहा कि भारत के साथ कोई वार्ता नहीं होगी. दोनों सीनेटर ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर की रविवार को यात्रा करने के बाद अपने अनुभव प्रधानमंत्री के साथ साझा किए. इमरान खान ने कहा था कि वह भारत-पाकिस्तान वार्ता के सबसे बड़े समर्थक थे लेकिन कश्मीर में जब तक स्थिति बेहतर नहीं होती यह असंभव है. भारत ने पाकिस्तान को बताया था कि जब तक वह सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देता रहेगा नई दिल्ली, इस्लामाबाद के साथ वार्ता नहीं करेगा. खबर में बताया गया था कि कश्मीर में मानवाधिकार को लेकर चिंता जताने वाले अमेरिकी सीनेटरों में होलेन भी शामिल थी. इमरान खान ने कहा था कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को कश्मीरी लोगों के अधिकारों के लिए अपनी आवाज उठानी चाहिए. उन्होंने होलेन और हासन से मुलाकात के दौरान ये टिप्पणी की. दोनों सीनेटरों ने प्रधानमंत्री से इस्लामाबाद में मुलाकात की . ‘जियो टीवी' के मुताबिक खान ने कहा था कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए यह महत्वपूर्ण है कि वह जम्मू कश्मीर के लोगों के अधिकारों और स्वतंत्रता के सम्मान के लिए अपनी आवाज बुलंद करे.  साथ ही इमरान खान ने कहा था कि क्षेत्र में अशांत स्थिति है. इस विषय पर ध्यान देने के लिए उन्होंने दोनों सीनेटरों सहित अमेरिकी संसद की भी सराहना की. खान ने उल्लेख किया था कि अफगानिस्तान में अमन-चैन लाने में पाकिस्तान और अमेरिका का साझा हित है. खान ने अफगानिस्तान में सियासी समाधान के लिए पाकिस्तान की प्रतिबद्धता जताते हुए कहा था कि अमेरिका-तालिबान शांति वार्ता को बहाल करना जरूरी है. दोनों अमेरिकी सीनेटरों ने सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा से भी मुलाकात कर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की. .
मंत्री ने कहा- भारत का साथ देने वाला हमरा दुश्मन पहले भी कश्मीर को लेकर बयान दे चुका है पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के है खिलाफ
34
['hin']
एक सारांश बनाओ: वायु सेना प्रमुख बीएस धनोवा ने सभी अधिकारियों को लिखी चिट्ठी लिखकर किसी भी समय युद्ध जैसी परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस पत्र में 30 मार्च को साइन किया गया है यानी उनके एयर चीफ मार्शल का पद संभालने के 3 महीने बाद इसे लिखा गया है. वायुसेना प्रमुख ने इसके जरिए अपनी बात भी सभी  12 हजार अधिकारियों के सामने रखी है जिसमें उन्होंने पक्षपात और यौन शोषण जैसे मुद्दों का भी जिक्र किया है. इस लेटर को सभी एयर फोर्स के इन अधिकारियों के पास भेजा जा रहा है. ऐसा पहली बार हुआ है जब वायुसेना प्रमुख ने चिट्ठी के जरिए अपनी बात अधिकारियों तक पहुंचाई हो. उन्होंने भारत के आसपास बढ़ते खतरे को अगाह करते हुए कहा है कि सबको हर वक्त तैयार रहना है किसी को भी बेहद समय में बुलाया जा सकता है. माना जा रहा है उनका इशारा हाल ही में पाकिस्तान की ओर से किए जा रहे सीजफायर उल्लंघन और जम्मू-कश्मीर में सेना के कैंपों में किए जा रहे हमलों की ओर है. वायु सेना प्रमुख ने अपने दिल की बात कहते हुए कहा है वायु सेना के पास संसाधनों की कमी का भी जिक्र किया है. आपको बता दें कि वायु सेना को 42 स्क्वाड्रंस फाइटर प्लेन रखने हैं जबकि उसके पास अभी 33 ही हैं. उन्होंने लिखा है कि हमें खुद को नई-नई तकनीकी के साथ अपडेट रखना है इसके अलावा हमारे पास कोई दूसरा रास्ता नहीं है. इसके अलावा धनोवा ने प्रमोशन और असाइनमेंट को लेकर किए जा रहे पक्षपात के बारे में भी इस चिट्ठी में लिखा है. वायुसेना प्रमुख ने चेताते हुए कहा है कि किसी भी तरह का पक्षपात, यौन शोषण की घटनाएं बर्दाश्त नहीं की जाएंगी. उन्होंने कहा कि अब हर एयरफोर्स स्टेशन को उनके ऑपरेशन के आधार पर आंका जाएगा.
संक्षिप्त पाठ: पहली बार किसी वायुसेना प्रमुख ने अधिकारियों को लिखी है चिट्ठी चिट्ठी में पक्षपात और यौन शोषण जैसी बातों का भी जिक्र सभी 12 हजार अधिकारियों को तैयार रहने के लिए भी कहा गया
30
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: वेस्ट इंडीज द्वारा दिए गए 250 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत की पारी भी मजबूती से टिक नहीं पाई और शुरुआती झटके टीम पर भारी पड़े। लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने 29 ओवरों में छह विकेट के नुकसान पर मात्र 119 ही बनाए। किरोन पोलार्ड और लेंडिल सिमन्स के शानदार अर्धशतकों से वेस्टइंडीज ने सोमवार को चौथे एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच में भारत के खिलाफ आठ विकेट पर 249 रन से प्रतिस्पर्धी स्कोर खड़ा किया। भारतीय कप्तान सुरेश रैना ने टास जीतकर वेस्टइंडीज को बल्लेबाजी का न्यौता दिया जिसके बाद पोलार्ड 72 गेंद में 70 रन बनाकर शीर्ष स्कोरर रहे जबकि सलामी बल्लेबाज सिमन्स ने 78 गेंद में 67 रन की बेहतरीन पारी खेली। इन दोनों की शानदार बल्लेबाजी से वेस्टइंडीज ने इस सत्र में अपना सर्वश्रेष्ठ स्कोर भी बनाया जबकि भारतीय गेंदबाजों ने एक समय 89 रन पर उनके चार विकेट हासिल कर लिये थे। पोलार्ड ने अपनी पारी में छह चौके और दो छक्के तथा सिमन्स ने तीन छक्के और इतने ही चौके जमाए। भारतीय गेंदबाजों में प्रवीण कुमार सबसे प्रभावशाली रहे, उन्होंने 37 रन देकर तीन विकेट चटकाए। भारत ने तेज गेंदबाज इशांत शर्मा और प्रवीण की मदद से अच्छी शुरूआत की जिन्होंने पांचवें ओवर तक क्रमश: डैंजा हयात और अनुभवी रामनरेश सरवन के विकेट प्राप्त किए। एक छोर पर लगातार विकेट गिरने के बावजूद सिमन्स ने दूसरे छोर पर आसानी से रन जुटाना जारी रखा। सिमन्स ने ड्वेन ब्रावो (15) के साथ तीसरे विकेट के लिये 53 रन की भागीदारी की लेकिन अमित मिश्रा ने 16वें ओवर में इस साझेदारी का अंत किया। डीप मिडविकेट पर खड़े सौरभ तिवारी ने ब्रावो का कैच लिया। सिमन्स का विकेट गिरने के बाद पोलार्ड ने सर विवियन रिचर्डस स्टेडियम में कार्लटन बॉ (39) के साथ मिलकर अर्धशतकीय साझेदारी निभाई। पोलार्ड ने आर अश्विन की गेंद पर शाट जमाने का प्रयास किया और इशांत ने लांग ऑफ पर कैच लपककर उनकी पारी का अंत किया। लेग स्पिनर मिश्रा ने आठवें ओवर में मालरेन सैमुअल्स (08) को अपनी ही गेंद पर आउट कर स्कोर चार विकेट पर 89 रन कर दिया। मनोज तिवारी ने सिमन्स को रन आउट कर वेस्टइंडीज को गहरा झटका दिया। सिमन्स ने आउट होने से पहले तीन छक्के, मिश्रा पर दो और इशांत पर एक छक्का, जमाए। पिछले मैच में 92 रन बनाने वाले आंद्रे रसेल ने 25 रन बनाए। कार्लटन बॉ ने 57 गेंद में 39 रन बनाए।
संक्षिप्त पाठ: वेस्ट इंडीज द्वारा दिए गए 250 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत की पारी भी मजबूती से टिक नहीं पाई और शुरुआती झटके टीम पर भारी पड़े।
13
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भोजपुरी सिनेमा (Bhojpuri Cinema) के रॉकस्टार खेसारी लाल यादव (Khesari Lal Yadav) की अपकमिंग फिल्म 'भाग खेसारी भाग' (Bhag khesari Bhag) का ट्रेलर रिलीज हो गया है. फिल्म के ट्रेलर ने रिलीज होते ही यूट्यूब पर धमाका मचा दिया है. फिल्म के ट्रेलर में खेसारी लाल यादव का एक नया ही अवतार देखने को मिल रहा है. खेसारी लाल यादव की फिल्म 'भाग खेसारी भाग' ((Bhag khesari Bhag Trailer) का ट्रेलर एक दिन पहले ही रिलीज हुआ था. एक दिन में ही इस फिल्म के ट्रेलर को 16 लाख से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं. इस फिल्म के ट्रेलर ने धमाल मचा दिया है. खेसारी लाल यादव (Khesari Lal Yadav) की 'भाग खेसारी भाग' (Bhag khesari Bhag) में उनके अलावा पॉपुलर एक्ट्रेस स्मृति सिन्हा (Smriti Sinha) भी धमाल मचाती नजर आएंगी. इस फिल्म के ट्रेलर में एक्शन, कॉमेडी, सॉन्ग का जबरदस्त छौंक डाला गया है. बहुत समय बाद खेसारी लाल यादव और स्मृति सिन्हा की जोड़ी भोजपुरी दर्शकों को फिर से देखने को मिलेगी. इस फिल्म के ट्रेलर को लोग खूब पसंद कर रहे हैं. खेसारी लाल यादव (Khesari Lal Yadav) की फिल्म  में 'भाग खेसारी भाग' (Bhag khesari Bhag) में खेसारी और  स्मृति के अलावा अयाज खान, अमित शुक्ला, संजय वर्मा, अमित चौधरी, सत्य प्रकाश, प्रीतम कुमार और राहुल साहु जैसे कलाकारों ने काम किया है. इस फिल्म को उमा शंकर प्रसाद प्रोड्यूस कर रहे हैं, जबकि प्रेमांशु सिंह इसे डायरेक्ट कर रहे हैं. खेसारी लाल यादव के इस फिल्म के ट्रेलर की लोकप्रियता को देख अंदाजा लगाया जा रहा है उनकी फिल्म खूब धमाल मचाएगी. खेसारी लाल यादव इस फिल्म एथलीट के किरदार में नजर आ रहे हैं.
यह एक सारांश है: समुद्र की लहरों को चीरते हुए भागे खेसारी लाल यादव 'भाग खेसारी भाग' का जबरदस्त ट्रेलर रिलीज खूब देखा जा रहा है इस फिल्म का ट्रेलर
16
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: राज्यपाल द्वारा लोकायुक्त की नियुक्ति के मुद्दे पर गुजरात उच्च न्यायालय विभाजित नजर आया। एक जज ने इसे सही ठहराया तो दूसरे ने भिन्न विचार व्यक्त किए। अदालत ने राज्यपाल कमला बेनीवाल द्वारा 25 अगस्त को न्यायाधीश आरएन मेहता को लोकायुक्त पद पर नियुक्त किए जाने को चुनौती देती राज्य सरकार की याचिका को खारिज कर दिया। खंडपीठ के न्यायाधीश अकील कुरैशी ने सरकार के इस तर्क को खारिज कर दिया कि राज्यपाल ने मंत्रिमंडल की सलाह और सहायता के बिना काम किया। उन्होंने कहा कि सामान्य तौर पर राज्यपाल को मंत्रिमंडल की सलाह पर काम करना पड़ता है लेकिन यह एक अनोखा मामला था। खंडपीठ की दूसरी न्यायाधीश सोनिया गोकानी ने कहा, महत्वपूर्ण बिंदुओं पर मैं अपने साथी न्यायाधीश से पूरी तरह सहमत नहीं हूं। उन्होंने अपना फैसला पढ़ना शुरू किया लेकिन अदालत के दिनभर के लिए उठने के समय तक वह इसे पूरा नहीं कर पाईं। वह अपना बाकी का फैसला मंगलवार को सुनाएंगी। विभाजित फैसले की सूरत में मामला तीसरे न्यायाधीश के पास जा सकता है। अपने आदेश में पीठ के वरिष्ठ न्यायाधीश कुरैशी ने कहा कि लोकायुक्त का पद पिछले आठ साल से खाली पड़ा था तथा न्यायाधीश मेहता के नाम को लेकर उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश तथा मुख्यमंत्री के बीच गतिरोध था। उन्होंने कहा, जब मुख्य न्यायाधीश ने मेहता का नाम सुझाया तो मुख्यमंत्री और उनके मंत्रिमंडल ने उनके नाम को खारिज कर दिया। दोनों के बीच गतिरोध था और ऐसी स्थिति में उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश का विचार सर्वोच्च है। न्यायाधीश कुरैशी ने कहा कि पिछले लोकायुक्त के वर्ष 2003 में सेवानिवृत्त होने के बाद से सरकार ने 2006 तक विचार विमर्श की प्रक्रिया शुरू नहीं की और जब वर्ष 2006 में प्रक्रिया शुरू हुई भी तो वर्ष 2011 तक कोई नियुक्ति नहीं हुई। उन्होंने कहा, हमारा यह दृष्टिकोण है कि मौजूदा सामाजिक-आर्थिक स्थिति में लोकायुक्त का पद एक महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है और इसे लंबे समय तक खाली नहीं रहना चाहिए।
यहाँ एक सारांश है:राज्यपाल द्वारा लोकायुक्त की नियुक्ति के मुद्दे पर गुजरात हाईकोर्ट विभाजित नजर आया। एक जज ने इसे सही ठहराया तो दूसरे ने भिन्न विचार व्यक्त किए।
4
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: चीन ने सोमवार को अन्य देशों से आग्रह किया है कि उन्हें समुद्री मुद्दों पर वियतनाम के साथ हुए चीन के समझौते का सम्मान करना चाहिए। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लियु वेमिन ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "चीन और वियतनाम अपने समुद्री विवादों को बातचीत के जरिए निपटाने के लिए सहमत हुए हैं, इससे तीसरे पक्ष का कुछ भी लेना-देना नहीं है। हम चाहते हैं कि दोनों देश यदि अपने विवादों को बातचीत के जरिए हल करने के प्रयास कर रहे हैं, तो तीसरा पक्ष उसका सम्मान करे।" लियु की टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब इस बात की खबरें आई हैं कि फिलीपींस ने हाल के चीन-वियतनाम संयुक्त बयान का विरोध किया है और उसने दक्षिण चीन सागर से सम्बंधित विवादों को सुलझाने के लिए किसी द्विपक्षीय समझौते के बदले एक बहुपक्षीय दृष्टिकोण का आह्वान किया है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने लियु के हवाले से कहा है, "चीन-फिलीपींस समुद्री विवाद केवल चीन और फिलीपींस के बीच सीधी बातचीत के जरिए हल किया जा सकता है। इस रुख से फिलीपींस बिल्कुल स्पष्ट है।" चीन-वियतनाम द्वारा शनिवार को जारी किए गए एक संयुक्त बयान के अनुसार, दोनों देशों ने समुद्री मुद्दों को बातचीत व मित्रवत विचार-विमर्श के जरिए सुलझाने और दक्षिण चीन सागर में शांति एवं स्थिरता सुनिश्चित कराने के लिए अपनी राजनीतिक इच्छाशक्ति और प्रतिबद्धता जाहिर की है। लियु ने कहा, "चीन-वियतनाम संयुक्त समझौता द्विपक्षीय सम्बंधों के दीर्घकालिक स्वस्थ एवं स्थिर विकास को दिशा देने के लिए महत्वपूर्ण है।"
चीन ने सोमवार को अन्य देशों से आग्रह किया है कि उन्हें समुद्री मुद्दों पर वियतनाम के साथ हुए चीन के समझौते का सम्मान करना चाहिए।
6
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: देश की 10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में से 7 के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में बीते सप्ताह 38,767.51 करोड़ रुपये की कमी आई है। सबसे ज्यादा नुकसान में सार्वजनिक क्षेत्र का भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) रहा। सप्ताह के दौरान एसबीआई का बाजार पूंजीकरण 10,883.72 करोड़ रुपये घटकर 1,64,075.07 करोड़ रुपये पर आ गया। इस दौरान एसबीआई का शेयर 6.22 फीसदी की गिरावट के साथ 2,583.90 रुपये पर आ गया। सार्वजनिक क्षेत्र की दो कंपनियों- कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) और एनटीपीसी के बाजार पूंजीकरण में कुल मिलाकर 12,764.46 करोड़ रुपये की कमी आई। जहां सीआईएल का बाजार पूंजीकरण घटकर 1,84,374.55 करोड़ रुपये पर आ गया, वहीं एनटीपीसी का बाजार पूंजीकरण 1,40,543.87 करोड़ रुपये रह गया। तेल एवं गैस क्षेत्र की कंपनी तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) को सप्ताह के दौरान 5,060.87 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ और उसका बाजार पूंजीकरण 1,72,709.65 करोड़ रुपये रह गया। निजी क्षेत्र की दूरसंचार कंपनी भारती एयरटेल को इस दौरान 1,120.27 करोड़ रुपये का नुकसान झेलना पड़ा और उसका बाजार पूंजीकरण 1,25,014.36 करोड़ रुपये रह गया। इसी तरह निजी क्षेत्र के आईसीआईसीआई बैंक का बाजार पूंजीकरण 4,403.79 करोड़ रुपये की गिरावट के साथ 1,13,425.96 करोड़ रुपये रह गया। बीते सप्ताह हालांकि देश की सबसे मूल्यवान कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) फायदे में रही। साथ ही आईटी कंपनी टीसीएस और एफएमसीजी कंपनी आईटीसी के बाजार पूंजीकरण में भी बढ़ोतरी हुई। आरआईएल का बाजार पूंजीकरण 9,360.92 करोड़ रुपये की बढ़त के साथ 3,16,160. 26 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। टीसीएस के बाजार पूंजीकरण में 4,070.97 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई और यह 2,17,484.06 करोड़ रुपये हो गया। आईटीसी के बाजार पूंजीकरण में 506.86 करोड़ रुपये की बढ़त रही और यह 1,20,574.35 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। बीते सप्ताह बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 510 अंक या 2.8 प्रतिशत की गिरावट के साथ 17,700.91 अंक पर आ गया।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: 10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में से 7 के बाजार पूंजीकरण में बीते सप्ताह 38,767.51 करोड़ रुपये की कमी आई। सबसे ज्यादा नुकसान में एसबीआई रहा।
25
['hin']
एक सारांश बनाओ: अपनी आने वाली फिल्म 'बर्फी' में अभिनेता रणबीर कपूर गूंगे-बहरे युवक व अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा खुद में खोई रहने वाली लड़की का चरित्र निभा रही हैं, लेकिन उनका कहना है कि यह फिल्म विकलांगता के बारे में नहीं, प्यार को दर्शाने वाली है। अनुराग बसु द्वारा निर्देशत यह रोमांटिक कॉमेडी एक गूंगे-बहरे लड़के (रणबीर कपूर) पर केंद्रित है, जिसे सभी 'बर्फी' कहकर बुलाते हैं। लोगों के साथ हमेशा हंसी-मजाक और शरारतें करते रहने वाला यह लड़का भले ही कुछ सुन-बोल नहीं पाता, लेकिन वह लोगों को पसंद है, जबकि झिलमिल (प्रियंका) एक आत्मलीन (ऑटिस्टिक) लड़की है। फिल्म में इन दोनों के अलावा तमिल अभिनेत्री इलेना डिक्रूज ने भी काम किया है।टिप्पणियां फिल्म का पहला प्रोमो जारी करने के मौके पर रणबीर ने संवाददाताओं से कहा कि इस फिल्म को विकलांगता के साथ नहीं जोड़ा जाना चाहिए। यह एक संयोग मात्र है कि इस फिल्म का एक किरदार गूंगा-बहरा और दूसरा आत्मलीन है, लेकिन फिर भी यह एक प्रेम कहानी है। उन्होंने कहा, 'यदि आप इलेना के किरदार को देखें तो आप कभी न खत्म होने वाले रोमांस को महसूस करेंगे, और यदि आप मेरे व प्रियंका के बीच की प्रेम कहानी को देखेंगे तो आपको दिल को छू लेने वाले रोमांस का अहसास होगा।' रणबीर की तरह ही प्रियंका ने भी फिल्म को गूंगे-बहरों की फिल्म न बताकर इसे उनके जीवन में होने वाले प्यार और खुशी को दिखाने वाली फिल्म करार दिया। अनुराग बसु द्वारा निर्देशत यह रोमांटिक कॉमेडी एक गूंगे-बहरे लड़के (रणबीर कपूर) पर केंद्रित है, जिसे सभी 'बर्फी' कहकर बुलाते हैं। लोगों के साथ हमेशा हंसी-मजाक और शरारतें करते रहने वाला यह लड़का भले ही कुछ सुन-बोल नहीं पाता, लेकिन वह लोगों को पसंद है, जबकि झिलमिल (प्रियंका) एक आत्मलीन (ऑटिस्टिक) लड़की है। फिल्म में इन दोनों के अलावा तमिल अभिनेत्री इलेना डिक्रूज ने भी काम किया है।टिप्पणियां फिल्म का पहला प्रोमो जारी करने के मौके पर रणबीर ने संवाददाताओं से कहा कि इस फिल्म को विकलांगता के साथ नहीं जोड़ा जाना चाहिए। यह एक संयोग मात्र है कि इस फिल्म का एक किरदार गूंगा-बहरा और दूसरा आत्मलीन है, लेकिन फिर भी यह एक प्रेम कहानी है। उन्होंने कहा, 'यदि आप इलेना के किरदार को देखें तो आप कभी न खत्म होने वाले रोमांस को महसूस करेंगे, और यदि आप मेरे व प्रियंका के बीच की प्रेम कहानी को देखेंगे तो आपको दिल को छू लेने वाले रोमांस का अहसास होगा।' रणबीर की तरह ही प्रियंका ने भी फिल्म को गूंगे-बहरों की फिल्म न बताकर इसे उनके जीवन में होने वाले प्यार और खुशी को दिखाने वाली फिल्म करार दिया। फिल्म का पहला प्रोमो जारी करने के मौके पर रणबीर ने संवाददाताओं से कहा कि इस फिल्म को विकलांगता के साथ नहीं जोड़ा जाना चाहिए। यह एक संयोग मात्र है कि इस फिल्म का एक किरदार गूंगा-बहरा और दूसरा आत्मलीन है, लेकिन फिर भी यह एक प्रेम कहानी है। उन्होंने कहा, 'यदि आप इलेना के किरदार को देखें तो आप कभी न खत्म होने वाले रोमांस को महसूस करेंगे, और यदि आप मेरे व प्रियंका के बीच की प्रेम कहानी को देखेंगे तो आपको दिल को छू लेने वाले रोमांस का अहसास होगा।' रणबीर की तरह ही प्रियंका ने भी फिल्म को गूंगे-बहरों की फिल्म न बताकर इसे उनके जीवन में होने वाले प्यार और खुशी को दिखाने वाली फिल्म करार दिया। उन्होंने कहा, 'यदि आप इलेना के किरदार को देखें तो आप कभी न खत्म होने वाले रोमांस को महसूस करेंगे, और यदि आप मेरे व प्रियंका के बीच की प्रेम कहानी को देखेंगे तो आपको दिल को छू लेने वाले रोमांस का अहसास होगा।' रणबीर की तरह ही प्रियंका ने भी फिल्म को गूंगे-बहरों की फिल्म न बताकर इसे उनके जीवन में होने वाले प्यार और खुशी को दिखाने वाली फिल्म करार दिया।
यह एक सारांश है: आने वाली फिल्म 'बर्फी' में रणबीर कपूर गूंगे-बहरे युवक व अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा खुद में खोई रहने वाली लड़की का चरित्र निभा रही हैं...
21
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: खाद्य मुद्रास्फीति के 14.4 प्रतिशत की ऊंचाई पर पहुंचने से चीन की मुख्य मुद्रास्फीति दर तीन साल के उच्चतम स्तर 6.4 प्रतिशत पर पहुंच गई। इससे नौकरीपेशा वर्ग की चिंताएं बढ़ गई हैं। चीन के राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो (एनबीएस) के अनुसार देश का उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) साल-दर-साल के हिसाब से जून में बढ़कर 6.4 प्रतिशत पर पहुंच गया, यह आंकडा जून 2008 के बाद सर्वाधिक है। एनबीएस ने कहा कि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में हुई 6.4 प्रतिशत की वृद्धि में पिछले साल हुई मूल्य वृद्धि का असर भी शामिल है, पिछले साल की मूल्य वृद्धि का इसमें 3.7 प्रतिशत अंक का योगदान रहा है। सीपीआई में करीब एक-तिहाई हिस्सेदारी रखने वाली खाद्य मुद्रास्फीति में इस दौरान पिछले साल जून के मुकाबले 14.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। मई में खाद्य मुद्रास्फीति में 11.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई थी। गैर-खाद्य पदार्थों के दामों में भी तीन प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो कि मई के 2.9 प्रतिशत से अधिक है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: खाद्य मुद्रास्फीति के 14.4 प्रतिशत की ऊंचाई पर पहुंचने से चीन की मुख्य मुद्रास्फीति दर तीन साल के उच्चतम स्तर 6.4 प्रतिशत पर पहुंच गई।
3
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 8 नवंबर को अचानक देश के नाम संदेश में की गई 500-1000 रुपये के तत्काल रूप से नोटबंदी की घोषणा के बाद रेलवे के आरक्षित टिकटों की संख्या में अचानक तेजी आ गई. यह तेजी महंगे टिकटों में ज्यादा देखी गई. खबरें आईं कि लोग घर में पड़े कालाधन को सफेद करने के लिए इस प्रकार टिकट बुक करा रहे हैं ताकि टिक कैंसिल कराकर उसे व्हाइट कर लिया जाए. चालाक लोगों की इस हरकत के बाद रेलवे हरकत में आई और रेलवे ने अपने नियमों तत्काल प्रभाव से बदलाव किए. रेल मंत्रालय ने अपने एक बयान में बताया कि पीआरएस काउंटर से बुक कराए गए टिकटों के कैंसिल करने और पैसा रिफंड करने के नियमों में बदलाव किया गया है. मंत्रालय ने बयान में कहा कि 9-15 नवंबर के बीच 10000 रुपये या इससे अधिक रुपये की टिकट बुक करवाने और उन्हें पूरा या आंशिक रूप से कैंसिल करवाने वालों पर यह नियम लागू होगा. यह नियम 5000 रुपये से ज्यादा रिफंड मांगने वालों पर लागू होगा.   पीआरएस काउंटर से 9-15 नवंबर के बीच बुक कराए गए टिकटों और फिर 16-24 नवंबर के बीच उनके कैंसिलेशन के लिए अप्लाई करने वालों को नकद भुगतान नहीं होगा. ऐसे लोगों का पैसा उनके खाते में रिफंड किया जाएगा. रेलवे ने साफ कर दिया कि किसी भी सूरत में पैसे का नकद भुगतान नहीं होगा. रेल उनका पैसा ईसीएस या फिर चेक के जरिए ही देगा. रेलवे ने कहा कि मूल टिक देने पर केवल टीडीआर के जरिए ही वापस दिया जाएगा. यह काम भी टीडीआर के लिए तय समय सीमा में किया जाना चाहिए. उल्लेखनीय है कि टीडीआर के लिए यह जरूरी है कि आरएसी और वेटिंग के टिकट के लिए ट्रेन के प्रस्थान के समय से दो घंटे पहले फाइल किया जाना चाहिए और कंफर्म टिकट पर यह ट्रेन के प्रस्थान के समय से करीब चार घंटे पहले किया जाना चाहिए. टिप्पणियां रेल मंत्रालय ने कहा कि बदले गए नियम के मुताबिक टीडीआर और बकाए किराए की वापसी केवल चेक और ईसीएस के जरिए ही की जाएगी. बता दें कि इंटरनेट से बुक कराए गए टिकटों के कैंसिल होने पर पैसा सीधे खाते में ही वापस जाता है. इसलिए सरकार को इससे जुड़े नियम में बदलाव की जरूरत नहीं पड़ी. इस लिए यह नियम कैश टिकटों (पीआरएस काउंटर से खरीद) पर ही लागू किया गया. खबरें आईं कि लोग घर में पड़े कालाधन को सफेद करने के लिए इस प्रकार टिकट बुक करा रहे हैं ताकि टिक कैंसिल कराकर उसे व्हाइट कर लिया जाए. चालाक लोगों की इस हरकत के बाद रेलवे हरकत में आई और रेलवे ने अपने नियमों तत्काल प्रभाव से बदलाव किए. रेल मंत्रालय ने अपने एक बयान में बताया कि पीआरएस काउंटर से बुक कराए गए टिकटों के कैंसिल करने और पैसा रिफंड करने के नियमों में बदलाव किया गया है. मंत्रालय ने बयान में कहा कि 9-15 नवंबर के बीच 10000 रुपये या इससे अधिक रुपये की टिकट बुक करवाने और उन्हें पूरा या आंशिक रूप से कैंसिल करवाने वालों पर यह नियम लागू होगा. यह नियम 5000 रुपये से ज्यादा रिफंड मांगने वालों पर लागू होगा.   पीआरएस काउंटर से 9-15 नवंबर के बीच बुक कराए गए टिकटों और फिर 16-24 नवंबर के बीच उनके कैंसिलेशन के लिए अप्लाई करने वालों को नकद भुगतान नहीं होगा. ऐसे लोगों का पैसा उनके खाते में रिफंड किया जाएगा. रेलवे ने साफ कर दिया कि किसी भी सूरत में पैसे का नकद भुगतान नहीं होगा. रेल उनका पैसा ईसीएस या फिर चेक के जरिए ही देगा. रेलवे ने कहा कि मूल टिक देने पर केवल टीडीआर के जरिए ही वापस दिया जाएगा. यह काम भी टीडीआर के लिए तय समय सीमा में किया जाना चाहिए. उल्लेखनीय है कि टीडीआर के लिए यह जरूरी है कि आरएसी और वेटिंग के टिकट के लिए ट्रेन के प्रस्थान के समय से दो घंटे पहले फाइल किया जाना चाहिए और कंफर्म टिकट पर यह ट्रेन के प्रस्थान के समय से करीब चार घंटे पहले किया जाना चाहिए. टिप्पणियां रेल मंत्रालय ने कहा कि बदले गए नियम के मुताबिक टीडीआर और बकाए किराए की वापसी केवल चेक और ईसीएस के जरिए ही की जाएगी. बता दें कि इंटरनेट से बुक कराए गए टिकटों के कैंसिल होने पर पैसा सीधे खाते में ही वापस जाता है. इसलिए सरकार को इससे जुड़े नियम में बदलाव की जरूरत नहीं पड़ी. इस लिए यह नियम कैश टिकटों (पीआरएस काउंटर से खरीद) पर ही लागू किया गया. रेल मंत्रालय ने अपने एक बयान में बताया कि पीआरएस काउंटर से बुक कराए गए टिकटों के कैंसिल करने और पैसा रिफंड करने के नियमों में बदलाव किया गया है. मंत्रालय ने बयान में कहा कि 9-15 नवंबर के बीच 10000 रुपये या इससे अधिक रुपये की टिकट बुक करवाने और उन्हें पूरा या आंशिक रूप से कैंसिल करवाने वालों पर यह नियम लागू होगा. यह नियम 5000 रुपये से ज्यादा रिफंड मांगने वालों पर लागू होगा.   पीआरएस काउंटर से 9-15 नवंबर के बीच बुक कराए गए टिकटों और फिर 16-24 नवंबर के बीच उनके कैंसिलेशन के लिए अप्लाई करने वालों को नकद भुगतान नहीं होगा. ऐसे लोगों का पैसा उनके खाते में रिफंड किया जाएगा. रेलवे ने साफ कर दिया कि किसी भी सूरत में पैसे का नकद भुगतान नहीं होगा. रेल उनका पैसा ईसीएस या फिर चेक के जरिए ही देगा. रेलवे ने कहा कि मूल टिक देने पर केवल टीडीआर के जरिए ही वापस दिया जाएगा. यह काम भी टीडीआर के लिए तय समय सीमा में किया जाना चाहिए. उल्लेखनीय है कि टीडीआर के लिए यह जरूरी है कि आरएसी और वेटिंग के टिकट के लिए ट्रेन के प्रस्थान के समय से दो घंटे पहले फाइल किया जाना चाहिए और कंफर्म टिकट पर यह ट्रेन के प्रस्थान के समय से करीब चार घंटे पहले किया जाना चाहिए. टिप्पणियां रेल मंत्रालय ने कहा कि बदले गए नियम के मुताबिक टीडीआर और बकाए किराए की वापसी केवल चेक और ईसीएस के जरिए ही की जाएगी. बता दें कि इंटरनेट से बुक कराए गए टिकटों के कैंसिल होने पर पैसा सीधे खाते में ही वापस जाता है. इसलिए सरकार को इससे जुड़े नियम में बदलाव की जरूरत नहीं पड़ी. इस लिए यह नियम कैश टिकटों (पीआरएस काउंटर से खरीद) पर ही लागू किया गया. उल्लेखनीय है कि टीडीआर के लिए यह जरूरी है कि आरएसी और वेटिंग के टिकट के लिए ट्रेन के प्रस्थान के समय से दो घंटे पहले फाइल किया जाना चाहिए और कंफर्म टिकट पर यह ट्रेन के प्रस्थान के समय से करीब चार घंटे पहले किया जाना चाहिए. टिप्पणियां रेल मंत्रालय ने कहा कि बदले गए नियम के मुताबिक टीडीआर और बकाए किराए की वापसी केवल चेक और ईसीएस के जरिए ही की जाएगी. बता दें कि इंटरनेट से बुक कराए गए टिकटों के कैंसिल होने पर पैसा सीधे खाते में ही वापस जाता है. इसलिए सरकार को इससे जुड़े नियम में बदलाव की जरूरत नहीं पड़ी. इस लिए यह नियम कैश टिकटों (पीआरएस काउंटर से खरीद) पर ही लागू किया गया. रेल मंत्रालय ने कहा कि बदले गए नियम के मुताबिक टीडीआर और बकाए किराए की वापसी केवल चेक और ईसीएस के जरिए ही की जाएगी. बता दें कि इंटरनेट से बुक कराए गए टिकटों के कैंसिल होने पर पैसा सीधे खाते में ही वापस जाता है. इसलिए सरकार को इससे जुड़े नियम में बदलाव की जरूरत नहीं पड़ी. इस लिए यह नियम कैश टिकटों (पीआरएस काउंटर से खरीद) पर ही लागू किया गया. बता दें कि इंटरनेट से बुक कराए गए टिकटों के कैंसिल होने पर पैसा सीधे खाते में ही वापस जाता है. इसलिए सरकार को इससे जुड़े नियम में बदलाव की जरूरत नहीं पड़ी. इस लिए यह नियम कैश टिकटों (पीआरएस काउंटर से खरीद) पर ही लागू किया गया.
नोटबंदी के ऐलान के बाद रेल टिकट बुकिंग में आई तेजी महंगे टिकट खरीदने वालों की संख्या बढ़ी काउंटर से टिकट खरीद कालाधन सफेद करने में लगे कुछ लोग
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इस पाठ का सारांश बनाएं: संसद के बजट सत्र की पूर्व संध्या पर लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार की ओर से रविवार बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में जेपीसी के गठन को लेकर शीतकालीन सत्र से चला आ रहा गतिरोध टूटता नजर आया और सरकार 22 फरवरी को सदन में इसके गठन का प्रस्ताव ला सकती है। बैठक के बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, मीरा कुमार और भाजपा सहित अन्य विपक्षी दलों के वरिष्ठ नेताओं ने जेपीसी पर बना गतिरोध टूटने का संकेत देते हुए पूरी उम्मीद जताई कि सोमवार से शुरू हो रहा संसद का बजट सत्र सुगम तरीके से चलेगा। बैठक में सरकार की ओर से संकेत दिया गया कि 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले की जेपीसी से जांच कराने संबंधी प्रस्ताव 22 तारीख को लोकसभा में पेश किया जा सकता है। बताया जाता है कि लोकसभा में सदन के नेता और वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने बैठक में विपक्ष के नेताओं को इस बात का आश्वासन दिया। सूत्रों के अनुसार सरकार केवल 2जी स्पेक्ट्रम की जांच ही जेपीसी से कराने को राजी हुई है और इसके दायरे में राष्ट्रमंडल खेलों और आदर्श सोसायटी अनियमितताओं को शामिल करने से इंकार कर दिया है। बताया जाता है कि विपक्ष ने इसमें राष्ट्रमंडल खेलों और आदर्श सोसायटी मामलों का शामिल किए जाने पर जोर नहीं डाला है। वह इन मुद्दां पर अलग से चर्चा के लिए तैयार हो गया है। बैठक के बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने संवाददाताओं के सवालों के जवाब में कहा, मुझे पूरी उम्मीद है कि संसद का बजट सत्र शांतिपूर्ण, उपयोगी और उत्पादक होगा। उन्होंने कहा कि सरकार विपक्ष से हर मुद्दे पर चर्चा करने को तैयार है। उन्होंने कहा, बजट सत्र में बहुत महत्वपूर्ण और बहुत सारे काम काज निपटाने हैं।
संक्षिप्त पाठ: वरिष्ठ नेताओं ने जेपीसी पर बना गतिरोध टूटने का संकेत देते हुए पूरी उम्मीद जताई कि सोमवार से शुरू हो रहा संसद का बजट सत्र सुगम तरीके से चलेगा।
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