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इस पाठ का सारांश बनाएं: अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन में अमेरिकी कांग्रेस में मानवाधिकार को लेकर हुई सुनवाई के दौरान गुरुवार को कॉलमनिस्ट सुनंदा वशिष्ठ ने कहा कि भारत ने पंजाब और पूर्वोत्तर में सफलतापूर्वक उग्रवाद को पराजित किया है और अब समय आ गया है कि कश्मीर में उग्रवाद के खिलाफ भारत के संघर्ष को मज़बूत किया जाए. पाकिस्तान द्वारा प्रशिक्षित किए गए आतंकवादियों ने कश्मीर घाटी में उस वक्त 'ISIS के स्तर का डर और नृशंसता' पैदा कर दी थी, जब पश्चिमी देशों का कट्टरपंथी इस्लामिक आतंकवाद से परिचय भी नहीं हुआ था. सुनंदा वशिष्ठ ने यह भी कहा कि आतंक के विरुद्ध भारत की जंग में अंतरराष्ट्रीय सहयोग से राज्य में मानवाधिकार की समस्या भी हल हो जाएगी.  टॉम लैन्टोस HR कमीशन द्वारा आयोजित सुनवाई में सुनंदा वशिष्ठ ने कहा, "भारत की लोकतांत्रिक पहचान का कोई सानी नहीं है... देश ने इसी लोकतांत्रिक ढांचे में रहते हुए पंजाब तथा पूर्वोत्तर में उग्रवाद को सफलतापूर्वक पराजित किया... अब समय आ गया है कि इस तरह के उग्रवाद के खिलाफ भारत के संघर्ष को मज़बूत किया जाए, और मानवाधिकार की समस्या हमेशा के लिए हल हो जाएंगी..." इसी साल 5 अगस्त को भारत सरकार द्वारा जम्मू एवं कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म किए जाने तथा उसे दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांट दिए जाने के बाद से कड़ी पाबंदियों का सामना कर रहे कश्मीर को लेकर अमेरिकी कांग्रेस में पिछले तीन हफ्तों के दौरान यह दूसरी सुनवाई थी.  सुनंदा वशिष्ठ के अनुसार, भारत ने कश्मीर पर 'कब्ज़ा नहीं' किया है और कश्मीर हमेशा भारत का अभिन्न अंग रहा है. उन्होंने कहा, "भारत सिर्फ 70 साल पुरानी पहचान नहीं है, बल्कि 5,000 साल पुरानी सभ्यता है... कश्मीर के बिना भारत नहीं है, और भारत के बिना कश्मीर नहीं है..." कश्मीर में 'ISIS के स्तर के डर और नृशंसता' के बारे में बात करते हुए कॉलमनिस्ट सुनंदा वशिष्ठ ने कहा, "मुझे खुशी है कि आज यहां यह सुनवाई हो रही है, क्योंकि जिस वक्त मेरे परिवार और मेरे जैसे सभी ने अपने घर खो दिए थे, आजीविका खो दी थी, अपनी ज़िन्दगी गंवा दी थी, उस वक्त सारी दुनिया चुप बैठी रही थी..." इस सुनवाई में ज़्यादातर डेमोक्रेट मौजूद थे, जो भारत द्वारा जम्मू एवं कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म किए जाने और उसे दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांट दिए जाने के बाद से मुखर आलोचना करते रहे हैं.  सुनंदा वशिष्ठ ने वैश्विक नेताओं की उस वक्त की चुप्पी पर भी सवाल खड़े किए, जब '90 के दशक में पाकिस्तान-समर्थक आतंकवादियों ने कश्मीरी हिन्दुओं को निशाना बनाना शुरू किया था, और लगभग 4,00,000 कश्मीरी हिन्दुओं को घाटी से खदेड़ दिया गया था. स्तंभकार सुनंदा वशिष्ठ ने ज़ोर देकर कहा, "मानवाधिकारों के वकील उस वक्त कहां थे, जब मेरे अधिकार छीन लिए गए थे...? मानवता के रक्षक उस वक्त कहां थे, जब मेरे बेहद कमज़ोर दादा अपने हाथ में रसोई में इस्तेमाल होने वाले चाकू और एक पुरानी ज़ंग लगी कुल्हाड़ी लिए मुझे और मेरी मां को मार डालने के लिए तत्पर खड़े थे, ताकि हमें उससे भी कहीं ज़्यादा बुरे अंजाम से बचाया जा सके...? सभी मौतें पाकिस्तान द्वारा प्रशिक्षित किए गए आतंकवादियों की वजह से हो रही थीं... इस दोहरे मापदंडों से भारत को किसी भी तरह की कोई मदद नहीं मिल रही है..."  उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कट्टरपंथी इस्लामिक आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत की सहायता करने का आह्वान किया. सुनंदा वशिष्ठ ने कहा, "कश्मीर में जनमत संग्रह कभी नहीं होने वाला..." सुनंदा ने कहा कि जनमत संग्रह के लिए समूचे समुदाय को एक फैसला करने के लिए एकजुट होना पड़ेगा, लेकिन यहां कश्मीर का एक हिस्सा भारत में है, दूसरा पाकिस्तान में, और एक हिस्सा चीन के पास भी है. टेक्सास से कांग्रेस सदस्य शीला जैकसन ली ने सुनंदा वशिष्ठ के जवाब में क्षेत्र में मानवाधिकार सुनिश्चित करने का मार्ग तलाश करने की मांग की, और भारत सरकार से भी आग्रह किया कि वह अमेरिकी कांग्रेस के सदस्यों को क्षेत्र का दौरा करने की अनुमति दे. मानवाधिकार अधिवक्ता युसरा वाई. फज़ीली ने कहा कि 'कश्मीर में डर का माहौल' है और छापों के बाद हिरासत में लिए गए लोगों में उनके रिश्तेदार भी शामिल थे. उन्होंने बताया, "सशस्त्र सेनाओं ने रात में घरों पर छापे मारे और युवकों और लड़कों को हिरासत में ले लिया... मेरे कज़िन को भी इसी तरह रात में मारे गए छापे के दौरान हिरासत में लिया गया... वह राजनेता नहीं है, स्वतंत्रता सेनानी भी नहीं है, पत्थर फेंकने वाला भी नहीं है, वह सिर्फ एक व्यवसायी है..."  अक्टूबर में अमेरिकी कांग्रेस में हुई पहली सुनवाई में बोल चुकीं वरिष्ठ पत्रकार आरती टिकू सिंह ने टॉम लैन्टोसHR कमीशन द्वारा आयोजित सुनवाई में दिए गए सुनंदा वशिष्ठ के भाषण की सराहना की. कुछ अमेरिकी सांसदों ने की सुरक्षा व्यवस्था के बीच जम्मू एवं कश्मीर के हालात को लेकर चिंता व्यक्त की. 100दिन से भी ज़्यादा वक्त से इंटरनेट और मोबाइल फोन सेवाओं पर जम्मू एवं कश्मीर में पाबंदियां रही हैं, और मुख्यधारा के कई नेता अब तक हिरासत में हैं. सांसदों ने हिरासत में मौजूद राजनेताओं व कार्यकर्ताओं को रिहा किए जाने तथा संचार व आवाजाही पर लगी पाबंदियों को खत्म किए जाने की मांग की है. आलोचना को 'खेदजनक' करार देते हुए भारत ने कहा है कि इन टिप्पणियों से पता चलता है कि इन लोगों को देश के इतिहास और उसके बहुलवादी समाज की बेहद सीमित जानकारी है. (इनपुट ANI और PTI से)
यह एक सारांश है: अमेरिकी कांग्रेस में मानवाधिकार को लेकर हुई सुनवाई कॉलमनिस्ट सुनंदा वशिष्ठ ने दिया जवाब कहा, कश्मीर के बिना भारत की कल्पना नहीं की जा सकती है
2
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: लखनऊ में बीती रात तेज़ रफ़्तार का क़हर दिखा. रात 2 बजे के क़रीब एक तेज़ रफ़्तार आई-20 कार अनियंत्रित होकर एक नाइट शेल्टर में घुस गई और वहां सो रहे लोगों को कुचल दिया.टिप्पणियां इस दुर्घटना में पांच लोगों की मौक़े पर ही मौत हो गई जबकि छह लोग घायल हुए हैं. बताया जा रहा है कि कार में दो लोग थे और दोनों ने ही शराब पी रखी थी. पुलिस ने दोनों ही आरोपियों को हिरासत में ले लिया है. फ़िलहाल दोनों से पूछताछ जारी है. पुलिस का कहना है  कि दोनों लोगों ने शराब पी रखी थी. कुछ लोगों का कहना है कि आरोपियों में एक स्थानीय नेता का लड़का है तो दूसरा बड़े व्यापारी का लड़का है. इस दुर्घटना में पांच लोगों की मौक़े पर ही मौत हो गई जबकि छह लोग घायल हुए हैं. बताया जा रहा है कि कार में दो लोग थे और दोनों ने ही शराब पी रखी थी. पुलिस ने दोनों ही आरोपियों को हिरासत में ले लिया है. फ़िलहाल दोनों से पूछताछ जारी है. पुलिस का कहना है  कि दोनों लोगों ने शराब पी रखी थी. कुछ लोगों का कहना है कि आरोपियों में एक स्थानीय नेता का लड़का है तो दूसरा बड़े व्यापारी का लड़का है. पुलिस ने दोनों ही आरोपियों को हिरासत में ले लिया है. फ़िलहाल दोनों से पूछताछ जारी है. पुलिस का कहना है  कि दोनों लोगों ने शराब पी रखी थी. कुछ लोगों का कहना है कि आरोपियों में एक स्थानीय नेता का लड़का है तो दूसरा बड़े व्यापारी का लड़का है.
यहाँ एक सारांश है:लखनऊ के रैन बसेरे में एक तेज़ रफ्तार कार घुसी दुर्घटना में मौके पर पांच लोगों की मौत हो गई कार में सवार दोनों शख्स ने शराब पी रखी थी
12
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: अमेरिका स्थित एक सिख अधिकार समूह ने ऐसे किसी भी व्यक्ति को 10 लाख डॉलर का पुरस्कार देने का ऐलान किया है, जिसकी गवाही पर कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को 1984 के सिख विरोधी दंगों के मामले में दोषी करार दिया जाएगा। 'सिख फॉर जस्टिस' (एसएफजे) ने एक बयान में कहा, ऐसे किसी भी व्यक्ति को 10 लाख डॉलर का पुरस्कार दिया जाएगा, जिसके द्वारा दिए गए सबूत अथवा विचार तथा गवाही के आधार पर 30 अप्रैल को दिए गए आदेश को पलटा जा सके।टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि 30 अप्रैल को दिल्ली की एक अदालत ने 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े एक मामले में सज्जन कुमार को बरी कर दिया था। पुरस्कार के इस ऐलान को सही ठहराते हुए एसएफजे के कानूनी सलाहकार गुरपतवंत सिंह पुन्नन ने आरोप लगाया कि सिखों की हत्याएं दिन के उजाले में हुई थीं। उन्होंने कहा, अब मौका है कि गवाह सामने आएं और सबूत मुहैया कराकर उन पीड़ितों की मदद करें, जो सिखों के खिलाफ संगठित अपराध कराने वाले कांग्रेस नेता के खिलाफ न्याय की मांग कर रहे हैं। 'सिख फॉर जस्टिस' (एसएफजे) ने एक बयान में कहा, ऐसे किसी भी व्यक्ति को 10 लाख डॉलर का पुरस्कार दिया जाएगा, जिसके द्वारा दिए गए सबूत अथवा विचार तथा गवाही के आधार पर 30 अप्रैल को दिए गए आदेश को पलटा जा सके।टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि 30 अप्रैल को दिल्ली की एक अदालत ने 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े एक मामले में सज्जन कुमार को बरी कर दिया था। पुरस्कार के इस ऐलान को सही ठहराते हुए एसएफजे के कानूनी सलाहकार गुरपतवंत सिंह पुन्नन ने आरोप लगाया कि सिखों की हत्याएं दिन के उजाले में हुई थीं। उन्होंने कहा, अब मौका है कि गवाह सामने आएं और सबूत मुहैया कराकर उन पीड़ितों की मदद करें, जो सिखों के खिलाफ संगठित अपराध कराने वाले कांग्रेस नेता के खिलाफ न्याय की मांग कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि 30 अप्रैल को दिल्ली की एक अदालत ने 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े एक मामले में सज्जन कुमार को बरी कर दिया था। पुरस्कार के इस ऐलान को सही ठहराते हुए एसएफजे के कानूनी सलाहकार गुरपतवंत सिंह पुन्नन ने आरोप लगाया कि सिखों की हत्याएं दिन के उजाले में हुई थीं। उन्होंने कहा, अब मौका है कि गवाह सामने आएं और सबूत मुहैया कराकर उन पीड़ितों की मदद करें, जो सिखों के खिलाफ संगठित अपराध कराने वाले कांग्रेस नेता के खिलाफ न्याय की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा, अब मौका है कि गवाह सामने आएं और सबूत मुहैया कराकर उन पीड़ितों की मदद करें, जो सिखों के खिलाफ संगठित अपराध कराने वाले कांग्रेस नेता के खिलाफ न्याय की मांग कर रहे हैं।
अमेरिका स्थित संगठन 'सिख फॉर जस्टिस' ने कहा, ऐसे किसी भी व्यक्ति को 10 लाख डॉलर का पुरस्कार दिया जाएगा, जिसके सबूत अथवा गवाही के आधार पर सज्जन कुमार को 1984 के सिख विरोधी दंगों में दोषी साबित करवाया जा सके।
34
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: मामले में खुद का नाम सामने आने के बाद बुधवार को शरद पवार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके 27 सितंबर को बिना किसी बुलावे के ईडी दफ्तर जाकर जांच में सहयोग करने की बात कही. प्रवर्तन निदेशालय ने बैंक संचालकों पर मनी लॉन्ड्रिंग के तहत मामला दर्ज किया है. शरद पवार ने दावा किया कि वे किसी भी सहकारी बैंक के कभी संचालक नहीं रहे हैं और चुनाव के समय उन पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन वे इससे नहीं डरेंगे. आरोप है कि महाराष्ट्र सहकारी बैंक के निदेशकों ने कथित तौर पर चीनी मिलों को कम दरों पर कर्ज दिया और डिफॉल्टर की संपत्ति भी सस्ती बेच दी. साल 2007 से 2011 के बीच पूर्व राज्य वित्त मंत्री अजीत पवार इस बैंक के डायरेक्टर थे. आरोप है कि संचालकों की वजह से बैंक को 25 हजार करोड़ का नुकसान हुआ है. इस पूरे मामले में नाबार्ड ने बैंकों के अधिनियम के अनुसार मामले की जांच कर रिपोर्ट सौंपी है जिसमें पवार सहित 70 अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है. घोटाले में शरद पवार का नाम सामने आने को राजनैतिक फैसला बताते हुए एनसीपी ने इसका विरोध किया. बुधवार को शरद पवार के गढ़ बारामती में बंद रखा गया, तो वहीं युवा एनसीपी के कार्यकर्ताओं ने ईडी दफ्तर के बाहर हंगामा किया. राज्य सरकार का कहना है कि ईडी के नोटिस का उनसे या चुनाव से कोई लेना देना नहीं है. महाराष्ट्र चुनाव से ठीक पहले विपक्ष के नेताओं को ईडी दफ्तर का बुलावा मिल रहा है. इससे पहले एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे को भी ईडी दफ्तर में IL&FS से जुड़े एक मामले में पूछताछ के लिए बुलाया गया था. इसके बाद हाल ही में ग्रामीण महाराष्ट्र का दौरा करके लौट शरद पवार का नाम भी सामने आया है. लेकिन एक बड़ा सवाल यह है कि ईडी के नोटिस चुनाव से पहले ही क्यों दिए जा रहे हैं, और वह भी अधिकांश विपक्षी नेताओं को?
यह एक सारांश है: सहकारी बैंकों में 25 हजार करोड़ रुपये के घोटाले का मामला कथित तौर पर चीनी मिलों को कम ब्याज दरों पर कर्ज दिया गया शरद पवार के भतीजे अजीत पवार भी आरोपियों में शामिल
16
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान के अधिकारियों ने पाकिस्तान व भारत के बीच मोबाइल फोन सेवाओं की अनुमति देने पर सहमति जताई है पर अभी इस बारे में कुछ मुद्दों को सुलझाया जाना है।टिप्पणियां पाकिस्तान के सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अधिकारियों ने संसद के निचले सदन नेशनल असेंबली की स्थायी समिति को इस पहल के बारे में सूचित किया। समिति के सदस्यों ने भारत के साथ आधुनिक दूरसंचार संपर्क सुविधाओं के अभाव पर नाखुशी जाहिर की। वाणिज्य सचिव मुनीर कुरैशी ने कहा, मुख्य बाधा भारत व पाकिस्तान के दूरसंचार नेटवर्कों के बीच तकनीकी संपर्क संयोजन से संबंधित है, क्योंकि इस बारे में उन्हें अपने निदेशकमंडल या मूल कंपनियों से मंजूरी लेनी होगी। संसदीय समिति के कुछ सदस्यों ने कहा कि दोनों देशों में सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी उचित कारण हैं। डॉन अखबार की एक रपट के अनुसार, सांसद शरीन अर्शद ने कहा कि उनकी अमृतसर में एक दुकान है पर सबसे बड़ी दिक्कत है कि पाकिस्तान और भारत के बीच केवल तार वाले फोन से ही बात की जा सकती है। पाकिस्तान के सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अधिकारियों ने संसद के निचले सदन नेशनल असेंबली की स्थायी समिति को इस पहल के बारे में सूचित किया। समिति के सदस्यों ने भारत के साथ आधुनिक दूरसंचार संपर्क सुविधाओं के अभाव पर नाखुशी जाहिर की। वाणिज्य सचिव मुनीर कुरैशी ने कहा, मुख्य बाधा भारत व पाकिस्तान के दूरसंचार नेटवर्कों के बीच तकनीकी संपर्क संयोजन से संबंधित है, क्योंकि इस बारे में उन्हें अपने निदेशकमंडल या मूल कंपनियों से मंजूरी लेनी होगी। संसदीय समिति के कुछ सदस्यों ने कहा कि दोनों देशों में सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी उचित कारण हैं। डॉन अखबार की एक रपट के अनुसार, सांसद शरीन अर्शद ने कहा कि उनकी अमृतसर में एक दुकान है पर सबसे बड़ी दिक्कत है कि पाकिस्तान और भारत के बीच केवल तार वाले फोन से ही बात की जा सकती है। वाणिज्य सचिव मुनीर कुरैशी ने कहा, मुख्य बाधा भारत व पाकिस्तान के दूरसंचार नेटवर्कों के बीच तकनीकी संपर्क संयोजन से संबंधित है, क्योंकि इस बारे में उन्हें अपने निदेशकमंडल या मूल कंपनियों से मंजूरी लेनी होगी। संसदीय समिति के कुछ सदस्यों ने कहा कि दोनों देशों में सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी उचित कारण हैं। डॉन अखबार की एक रपट के अनुसार, सांसद शरीन अर्शद ने कहा कि उनकी अमृतसर में एक दुकान है पर सबसे बड़ी दिक्कत है कि पाकिस्तान और भारत के बीच केवल तार वाले फोन से ही बात की जा सकती है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पाकिस्तान के अधिकारियों ने पाकिस्तान व भारत के बीच मोबाइल फोन सेवाओं की अनुमति देने पर सहमति जताई है पर अभी इस बारे में कुछ मुद्दों को सुलझाया जाना है।
3
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कलाई घड़ियों की प्रमुख निर्माता कंपनी एचएमटी ने डाक विभाग से गठजोड़ करते हुए डाकघरों के माध्यम से अपने उत्पादों की बिक्री आरंभ की है। यहां के जनरल पोस्ट ऑफिस में एचएमटी घड़ियों के एक काउन्टर का उत्तराखंड के चीफ पोस्टमास्टर जनरल एमएस रामानुजम और एचएमटी के प्रबंध निदेशक एस पॉलराज ने संयुक्त रूप से उदघाटन किया। डाकघर की कर्मचारी भागीरथी कुकरेती काउंटर से खरीददारी करने वाली पहली ग्राहक बनीं, जिन्हें पॉलराज ने घड़ी प्रदान की।टिप्पणियां बाद में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए पॉलराज ने बताया कि डाकघर विभाग के माध्यम से एचएमटी घड़ियों की बिक्री अक्टूबर 2010 में कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से की गई थी और असम, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा और छत्तीसगढ़ के बाद उत्तराखंड इस क्रम में सातवां राज्य है। उन्होंने बताया कि एचएमटी की योजना डाकघरों के सघन नेटवर्क के माध्यम से पूरे देश में खासतौर से ग्रामीण इलाकों तक में पैठ बनाने की है और अगले महीने मध्य प्रदेश में भी घड़ियों की बिक्री शुरू कर दी जाएगी। पॉलराज ने कहा कि प्रतिस्पर्धा के दौर में डाक विभाग की 1 लाख 50 हजार शाखाओं का प्रयोग कर एचएमटी न केवल बाजार में अपनी उपस्थिति बढ़ाने में सफल होगी, बल्कि ग्राहकों को सस्ती कीमत पर अच्छा उत्पाद भी उपलब्ध कराएगी। इस संबंध में उन्होंने कहा कि एचएमटी डाकघरों के माध्यम से अब तक 10,000 घड़ियों की बिक्री कर चुकी है। उन्होंने बताया कि डाकघरों में बनाए गए काउंटरों में 400 रुपये से लेकर 7000 रुपये तक की घड़ियों के मॉडल उपलब्ध हैं। पॉलराज ने बताया कि डाकघरों के बाद अब कंपनी राज्य सरकारों के शोरूम और कुटीर उघोगों के माध्यम से भी अपनी घड़ियों की बिक्री की योजना बना रही है। एक सवाल के जवाब में पॉलराज ने बताया कि एचएमटी नुकसान में चल रही है और उससे उबरने के लिए उच्च स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। बाद में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए पॉलराज ने बताया कि डाकघर विभाग के माध्यम से एचएमटी घड़ियों की बिक्री अक्टूबर 2010 में कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से की गई थी और असम, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा और छत्तीसगढ़ के बाद उत्तराखंड इस क्रम में सातवां राज्य है। उन्होंने बताया कि एचएमटी की योजना डाकघरों के सघन नेटवर्क के माध्यम से पूरे देश में खासतौर से ग्रामीण इलाकों तक में पैठ बनाने की है और अगले महीने मध्य प्रदेश में भी घड़ियों की बिक्री शुरू कर दी जाएगी। पॉलराज ने कहा कि प्रतिस्पर्धा के दौर में डाक विभाग की 1 लाख 50 हजार शाखाओं का प्रयोग कर एचएमटी न केवल बाजार में अपनी उपस्थिति बढ़ाने में सफल होगी, बल्कि ग्राहकों को सस्ती कीमत पर अच्छा उत्पाद भी उपलब्ध कराएगी। इस संबंध में उन्होंने कहा कि एचएमटी डाकघरों के माध्यम से अब तक 10,000 घड़ियों की बिक्री कर चुकी है। उन्होंने बताया कि डाकघरों में बनाए गए काउंटरों में 400 रुपये से लेकर 7000 रुपये तक की घड़ियों के मॉडल उपलब्ध हैं। पॉलराज ने बताया कि डाकघरों के बाद अब कंपनी राज्य सरकारों के शोरूम और कुटीर उघोगों के माध्यम से भी अपनी घड़ियों की बिक्री की योजना बना रही है। एक सवाल के जवाब में पॉलराज ने बताया कि एचएमटी नुकसान में चल रही है और उससे उबरने के लिए उच्च स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। पॉलराज ने कहा कि प्रतिस्पर्धा के दौर में डाक विभाग की 1 लाख 50 हजार शाखाओं का प्रयोग कर एचएमटी न केवल बाजार में अपनी उपस्थिति बढ़ाने में सफल होगी, बल्कि ग्राहकों को सस्ती कीमत पर अच्छा उत्पाद भी उपलब्ध कराएगी। इस संबंध में उन्होंने कहा कि एचएमटी डाकघरों के माध्यम से अब तक 10,000 घड़ियों की बिक्री कर चुकी है। उन्होंने बताया कि डाकघरों में बनाए गए काउंटरों में 400 रुपये से लेकर 7000 रुपये तक की घड़ियों के मॉडल उपलब्ध हैं। पॉलराज ने बताया कि डाकघरों के बाद अब कंपनी राज्य सरकारों के शोरूम और कुटीर उघोगों के माध्यम से भी अपनी घड़ियों की बिक्री की योजना बना रही है। एक सवाल के जवाब में पॉलराज ने बताया कि एचएमटी नुकसान में चल रही है और उससे उबरने के लिए उच्च स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।
यह एक सारांश है: कलाई घड़ियों की प्रमुख निर्माता कंपनी एचएमटी ने डाक विभाग से गठजोड़ करते हुए डाकघरों के माध्यम से अपने उत्पादों की बिक्री आरंभ की है।
9
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: वहीं, लड़के का कहना है कि वो 'एडवेंचर' करना चाहता था. दूसरी बार जब वो टिकट बुक करने के लिए पहुंचा तो एयरलाइन स्‍टाफ ने कहा कि अब उसे अपने घरवालों की इजाजत की जरूरत नहीं है.  फिर उसने बाली में चार दिन बिताए. वो रिजॉर्ट में ठहरा. एक स्‍कूटर किराए पर लिया और बीयर भी पी. इससे पहले कि वो और मस्‍ती कर पाता उसकी मां की दोस्‍त ने उसके एक वीडियो को देखकर बता दिया कि वो बाली में है.  फिर क्‍या था अगले ही द‍िन इंडोनेश‍ियाई पुलिस ने लड़के को पकड़ लिया. फिर उसके मां-बाप बाली जाकर उसे अपने साथ ले आए. टिप्पणियां चैनल नाइन के मुताबिक लड़के के इस 'एडवेंचर ट्रिप' की वजह से उसके घरवालों को करीब 4 लाख 4 हजार 280 रुपये का चूना लग गया.Video: हुक्केबाजी में एक्ट्रेस, मंत्री का बेटा भी... फिर उसने बाली में चार दिन बिताए. वो रिजॉर्ट में ठहरा. एक स्‍कूटर किराए पर लिया और बीयर भी पी. इससे पहले कि वो और मस्‍ती कर पाता उसकी मां की दोस्‍त ने उसके एक वीडियो को देखकर बता दिया कि वो बाली में है.  फिर क्‍या था अगले ही द‍िन इंडोनेश‍ियाई पुलिस ने लड़के को पकड़ लिया. फिर उसके मां-बाप बाली जाकर उसे अपने साथ ले आए. टिप्पणियां चैनल नाइन के मुताबिक लड़के के इस 'एडवेंचर ट्रिप' की वजह से उसके घरवालों को करीब 4 लाख 4 हजार 280 रुपये का चूना लग गया.Video: हुक्केबाजी में एक्ट्रेस, मंत्री का बेटा भी... फिर क्‍या था अगले ही द‍िन इंडोनेश‍ियाई पुलिस ने लड़के को पकड़ लिया. फिर उसके मां-बाप बाली जाकर उसे अपने साथ ले आए. टिप्पणियां चैनल नाइन के मुताबिक लड़के के इस 'एडवेंचर ट्रिप' की वजह से उसके घरवालों को करीब 4 लाख 4 हजार 280 रुपये का चूना लग गया.Video: हुक्केबाजी में एक्ट्रेस, मंत्री का बेटा भी... चैनल नाइन के मुताबिक लड़के के इस 'एडवेंचर ट्रिप' की वजह से उसके घरवालों को करीब 4 लाख 4 हजार 280 रुपये का चूना लग गया.Video: हुक्केबाजी में एक्ट्रेस, मंत्री का बेटा भी... Video: हुक्केबाजी में एक्ट्रेस, मंत्री का बेटा भी...
12 साल का लड़का मां से झगड़ा करने के बाद घर से भाग गया घर से भागकर वो सीधा बाली जा पहुंचा बाली में उसने अपने माता-पिता के क्रेडिट कार्ड पर खूब मस्‍ती की
1
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: इंडोनेशिया के मध्य सुलावेसी प्रांत में 6.6 की तीव्रता वाला भूकंप का झटका आया। इसके कारण डर के चलते लोग अपने-अपने घरों और इमारतों से बाहर भागे। अमेरिकी भूगर्भ सर्वेक्षण ने बताया कि भूकंप का झटका पालू शहर से 56 किलोमीटर दक्षिण पूर्व में शाम पांच बजकर 40 मिनट (जीएमटी समयानुसार 9 बजकर 40 मिनट) पर 20 किलोमीटर की गहराई में आया।टिप्पणियां फिलहाल किसी के हताहत होने या सपंत्ति को नुकसान पहुंचने की कोई खबर नहीं है लेकिन डर के कारण पालू निवासी अपने घरों से बाहर भागे क्योंकि भूकंप के कारण धरती कुछ सेकंड तक हिलती रही। अमेरिका के मौसम और भूभौतिकी एजेंसी ने इससे पहले भूकंप की तीव्रता 6.2 बताई थी। भूकंप 10 किलोमीटर की गहराई में आया था और इसका केंद्र पर्वतीय पारिगी माउतोंग जिले में था। अमेरिकी भूगर्भ सर्वेक्षण ने बताया कि भूकंप का झटका पालू शहर से 56 किलोमीटर दक्षिण पूर्व में शाम पांच बजकर 40 मिनट (जीएमटी समयानुसार 9 बजकर 40 मिनट) पर 20 किलोमीटर की गहराई में आया।टिप्पणियां फिलहाल किसी के हताहत होने या सपंत्ति को नुकसान पहुंचने की कोई खबर नहीं है लेकिन डर के कारण पालू निवासी अपने घरों से बाहर भागे क्योंकि भूकंप के कारण धरती कुछ सेकंड तक हिलती रही। अमेरिका के मौसम और भूभौतिकी एजेंसी ने इससे पहले भूकंप की तीव्रता 6.2 बताई थी। भूकंप 10 किलोमीटर की गहराई में आया था और इसका केंद्र पर्वतीय पारिगी माउतोंग जिले में था। फिलहाल किसी के हताहत होने या सपंत्ति को नुकसान पहुंचने की कोई खबर नहीं है लेकिन डर के कारण पालू निवासी अपने घरों से बाहर भागे क्योंकि भूकंप के कारण धरती कुछ सेकंड तक हिलती रही। अमेरिका के मौसम और भूभौतिकी एजेंसी ने इससे पहले भूकंप की तीव्रता 6.2 बताई थी। भूकंप 10 किलोमीटर की गहराई में आया था और इसका केंद्र पर्वतीय पारिगी माउतोंग जिले में था। अमेरिका के मौसम और भूभौतिकी एजेंसी ने इससे पहले भूकंप की तीव्रता 6.2 बताई थी। भूकंप 10 किलोमीटर की गहराई में आया था और इसका केंद्र पर्वतीय पारिगी माउतोंग जिले में था।
यह एक सारांश है: इंडोनेशिया के मध्य सुलावेसी प्रांत में 6.6 की तीव्रता वाला भूकंप का झटका आया। इसके कारण डर के चलते लोग अपने-अपने घरों और इमारतों से बाहर भागे।
16
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: आईटी कर्मचारी भर्ती और परामर्श देने वाली एक कंपनी में भारतीय मूल के एक अमेरिकी सीईओ पर अमेरिका में भारत से आई एक घरेलू सहायिका के साथ निर्दयता बरतने का आरोप लगा है. श्रम विभाग ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि ‘रोज इंटरनेशनल एंड आईटी स्टाफिंग’ के सीईओ हिमांशु भाटिया ने घरेलू सहायिका को 400 अमेरिकी डॉलर के अलावा खाना और रहने के लिए जगह दी थी. उसे सप्ताह के सातों दिन काम करना पड़ रहा था, और हर दिन उसे साढ़े पंद्रह घंटा उसके सान जुआन कपिस्ट्रानो और मियामी, लास वेगास और कैलिफोर्निया के लोंग बीच पर स्थित आलीशान घरों में काम करना था. कैलिफोर्निया के सेन्ट्रल डिस्ट्रिक्ट के अमेरिकी जिला अदालत में 22 अगस्त को अमेरिकी श्रम मंत्री थामस ई पेरेज के पास दर्ज करायी गयी शिकायत के मुताबिक, घरेलू सहायिका की पहचान शीला निंगवाल के रूप में की गयी है जिसके साथ निर्ममता बरतने और प्रति हिंसा करने का आरोप है. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि जब वह बीमार थी तब उसे भाटिया के कुत्तों के साथ दरी पर गैरज में सोना पड़ा. जब भाटिया वहां अपने आवास से कई दिनों के लिए बाहर गयी तो उसे खाना देकर नहीं गयी. टिप्पणियां इसमें बताया गया है इसके अलावा भाटिया ने कामगार का पासपोर्ट रख लिया था और उसके स्वतंत्र रूप से कहीं आने जाने पर प्रतिबंध लगा दिया था. रोज इंटरनेशनल एंड आईटी स्टाफिंग एंड कंसल्टिंग कंपनी ने 2011 में 35.7 करोड़ अमेरिकी डॉलर से अधिक की कमाई की थी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) श्रम विभाग ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि ‘रोज इंटरनेशनल एंड आईटी स्टाफिंग’ के सीईओ हिमांशु भाटिया ने घरेलू सहायिका को 400 अमेरिकी डॉलर के अलावा खाना और रहने के लिए जगह दी थी. उसे सप्ताह के सातों दिन काम करना पड़ रहा था, और हर दिन उसे साढ़े पंद्रह घंटा उसके सान जुआन कपिस्ट्रानो और मियामी, लास वेगास और कैलिफोर्निया के लोंग बीच पर स्थित आलीशान घरों में काम करना था. कैलिफोर्निया के सेन्ट्रल डिस्ट्रिक्ट के अमेरिकी जिला अदालत में 22 अगस्त को अमेरिकी श्रम मंत्री थामस ई पेरेज के पास दर्ज करायी गयी शिकायत के मुताबिक, घरेलू सहायिका की पहचान शीला निंगवाल के रूप में की गयी है जिसके साथ निर्ममता बरतने और प्रति हिंसा करने का आरोप है. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि जब वह बीमार थी तब उसे भाटिया के कुत्तों के साथ दरी पर गैरज में सोना पड़ा. जब भाटिया वहां अपने आवास से कई दिनों के लिए बाहर गयी तो उसे खाना देकर नहीं गयी. टिप्पणियां इसमें बताया गया है इसके अलावा भाटिया ने कामगार का पासपोर्ट रख लिया था और उसके स्वतंत्र रूप से कहीं आने जाने पर प्रतिबंध लगा दिया था. रोज इंटरनेशनल एंड आईटी स्टाफिंग एंड कंसल्टिंग कंपनी ने 2011 में 35.7 करोड़ अमेरिकी डॉलर से अधिक की कमाई की थी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) कैलिफोर्निया के सेन्ट्रल डिस्ट्रिक्ट के अमेरिकी जिला अदालत में 22 अगस्त को अमेरिकी श्रम मंत्री थामस ई पेरेज के पास दर्ज करायी गयी शिकायत के मुताबिक, घरेलू सहायिका की पहचान शीला निंगवाल के रूप में की गयी है जिसके साथ निर्ममता बरतने और प्रति हिंसा करने का आरोप है. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि जब वह बीमार थी तब उसे भाटिया के कुत्तों के साथ दरी पर गैरज में सोना पड़ा. जब भाटिया वहां अपने आवास से कई दिनों के लिए बाहर गयी तो उसे खाना देकर नहीं गयी. टिप्पणियां इसमें बताया गया है इसके अलावा भाटिया ने कामगार का पासपोर्ट रख लिया था और उसके स्वतंत्र रूप से कहीं आने जाने पर प्रतिबंध लगा दिया था. रोज इंटरनेशनल एंड आईटी स्टाफिंग एंड कंसल्टिंग कंपनी ने 2011 में 35.7 करोड़ अमेरिकी डॉलर से अधिक की कमाई की थी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) शिकायत में आरोप लगाया गया है कि जब वह बीमार थी तब उसे भाटिया के कुत्तों के साथ दरी पर गैरज में सोना पड़ा. जब भाटिया वहां अपने आवास से कई दिनों के लिए बाहर गयी तो उसे खाना देकर नहीं गयी. टिप्पणियां इसमें बताया गया है इसके अलावा भाटिया ने कामगार का पासपोर्ट रख लिया था और उसके स्वतंत्र रूप से कहीं आने जाने पर प्रतिबंध लगा दिया था. रोज इंटरनेशनल एंड आईटी स्टाफिंग एंड कंसल्टिंग कंपनी ने 2011 में 35.7 करोड़ अमेरिकी डॉलर से अधिक की कमाई की थी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इसमें बताया गया है इसके अलावा भाटिया ने कामगार का पासपोर्ट रख लिया था और उसके स्वतंत्र रूप से कहीं आने जाने पर प्रतिबंध लगा दिया था. रोज इंटरनेशनल एंड आईटी स्टाफिंग एंड कंसल्टिंग कंपनी ने 2011 में 35.7 करोड़ अमेरिकी डॉलर से अधिक की कमाई की थी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सीईओ हिमांशु भाटिया घरेलू सहायिका के साथ निर्ममता से पेश आईं हिमांशु भाटिया ने घरेलू सहायिका का पासपोर्ट तक रख लिया अमेरिकी श्रम मंत्री से शिकायत की गई थी इस बाबत
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: अफगानिस्तान में रविवार सुबह से आतंकवादी हमलों में 50 से अधिक लोग मारे गए। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार तालिबान के आत्मघाती हमलावारों ने उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के ठिकाने पर हमला कर दिया, जिसमें तालिबान के नौ सदस्यों सहित 14 लोगों की मौत हो गई। तालिबान के प्रवक्ता जबिउल्लाह मुजाहिद ने हमले की जिम्मेदारी ली है। स्थानीय प्रशासन के प्रवक्ता ने बताया, "रविवार सुबह जलालाबाद हवाई अड्डे पर हमले में नौ आतंकवादियों, तीन अफगान सुरक्षा बल के सदस्य एवं दो नागरिक मारे गए।" बयान के अनुसार अफगानिस्तान एवं अमेरिकी फौजों द्वारा संचालित हवाई अड्डे के प्रवेश द्वार पर आत्मघाती हमलावरों ने विस्फोटकों से लदी कार को उड़ा दिया और उसके बाद फायरिंग की। इसके बाद तीन अन्य आत्मघाती हमलावरों ने विस्फोट किया। इस घटना में 11 अफगानी सैनिक एवं तीन नागरिक घायल हो गए। टिप्पणियां इससे पहले बघलान पुलिस चौकी पर आतंकवादी हमले में दो पुलिसकर्मी एवं दो तालिबान आतंकवादी मारे गए। अफगानिस्तान के आंतरिक मंत्री ने कहा कि अफगान फौजों एवं पुलिस के साथ गठबंधन फौजों के अभियान में शनिवार से अबतक 27 तालिबान आतंकवादी मारे गए। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार तालिबान के आत्मघाती हमलावारों ने उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के ठिकाने पर हमला कर दिया, जिसमें तालिबान के नौ सदस्यों सहित 14 लोगों की मौत हो गई। तालिबान के प्रवक्ता जबिउल्लाह मुजाहिद ने हमले की जिम्मेदारी ली है। स्थानीय प्रशासन के प्रवक्ता ने बताया, "रविवार सुबह जलालाबाद हवाई अड्डे पर हमले में नौ आतंकवादियों, तीन अफगान सुरक्षा बल के सदस्य एवं दो नागरिक मारे गए।" बयान के अनुसार अफगानिस्तान एवं अमेरिकी फौजों द्वारा संचालित हवाई अड्डे के प्रवेश द्वार पर आत्मघाती हमलावरों ने विस्फोटकों से लदी कार को उड़ा दिया और उसके बाद फायरिंग की। इसके बाद तीन अन्य आत्मघाती हमलावरों ने विस्फोट किया। इस घटना में 11 अफगानी सैनिक एवं तीन नागरिक घायल हो गए। टिप्पणियां इससे पहले बघलान पुलिस चौकी पर आतंकवादी हमले में दो पुलिसकर्मी एवं दो तालिबान आतंकवादी मारे गए। अफगानिस्तान के आंतरिक मंत्री ने कहा कि अफगान फौजों एवं पुलिस के साथ गठबंधन फौजों के अभियान में शनिवार से अबतक 27 तालिबान आतंकवादी मारे गए। स्थानीय प्रशासन के प्रवक्ता ने बताया, "रविवार सुबह जलालाबाद हवाई अड्डे पर हमले में नौ आतंकवादियों, तीन अफगान सुरक्षा बल के सदस्य एवं दो नागरिक मारे गए।" बयान के अनुसार अफगानिस्तान एवं अमेरिकी फौजों द्वारा संचालित हवाई अड्डे के प्रवेश द्वार पर आत्मघाती हमलावरों ने विस्फोटकों से लदी कार को उड़ा दिया और उसके बाद फायरिंग की। इसके बाद तीन अन्य आत्मघाती हमलावरों ने विस्फोट किया। इस घटना में 11 अफगानी सैनिक एवं तीन नागरिक घायल हो गए। टिप्पणियां इससे पहले बघलान पुलिस चौकी पर आतंकवादी हमले में दो पुलिसकर्मी एवं दो तालिबान आतंकवादी मारे गए। अफगानिस्तान के आंतरिक मंत्री ने कहा कि अफगान फौजों एवं पुलिस के साथ गठबंधन फौजों के अभियान में शनिवार से अबतक 27 तालिबान आतंकवादी मारे गए। बयान के अनुसार अफगानिस्तान एवं अमेरिकी फौजों द्वारा संचालित हवाई अड्डे के प्रवेश द्वार पर आत्मघाती हमलावरों ने विस्फोटकों से लदी कार को उड़ा दिया और उसके बाद फायरिंग की। इसके बाद तीन अन्य आत्मघाती हमलावरों ने विस्फोट किया। इस घटना में 11 अफगानी सैनिक एवं तीन नागरिक घायल हो गए। टिप्पणियां इससे पहले बघलान पुलिस चौकी पर आतंकवादी हमले में दो पुलिसकर्मी एवं दो तालिबान आतंकवादी मारे गए। अफगानिस्तान के आंतरिक मंत्री ने कहा कि अफगान फौजों एवं पुलिस के साथ गठबंधन फौजों के अभियान में शनिवार से अबतक 27 तालिबान आतंकवादी मारे गए। इसके बाद तीन अन्य आत्मघाती हमलावरों ने विस्फोट किया। इस घटना में 11 अफगानी सैनिक एवं तीन नागरिक घायल हो गए। टिप्पणियां इससे पहले बघलान पुलिस चौकी पर आतंकवादी हमले में दो पुलिसकर्मी एवं दो तालिबान आतंकवादी मारे गए। अफगानिस्तान के आंतरिक मंत्री ने कहा कि अफगान फौजों एवं पुलिस के साथ गठबंधन फौजों के अभियान में शनिवार से अबतक 27 तालिबान आतंकवादी मारे गए। इससे पहले बघलान पुलिस चौकी पर आतंकवादी हमले में दो पुलिसकर्मी एवं दो तालिबान आतंकवादी मारे गए। अफगानिस्तान के आंतरिक मंत्री ने कहा कि अफगान फौजों एवं पुलिस के साथ गठबंधन फौजों के अभियान में शनिवार से अबतक 27 तालिबान आतंकवादी मारे गए। अफगानिस्तान के आंतरिक मंत्री ने कहा कि अफगान फौजों एवं पुलिस के साथ गठबंधन फौजों के अभियान में शनिवार से अबतक 27 तालिबान आतंकवादी मारे गए।
संक्षिप्त पाठ: अफगानिस्तान में रविवार सुबह से आतंकवादी हमलों में 50 से अधिक लोग मारे गए। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार तालिबान के आत्मघाती हमलावारों ने उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के ठिकाने पर हमला कर दिया, जिसमें तालिबान के नौ सदस्यों सहित 14 लोगों की मौत हो गई।
13
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने लागत से काफी कम दाम पर बेचे जा रहे डीजल के दाम बढ़ाने पर जोर देते हुए गुरुवार को कहा कि डीजल के दाम बढ़ायें या फिर ग्रिड ठप होने जैसी स्थिति का सामना करने को तैयार रहें। उल्लेखनीय है कि हाल में दो दिन लगातार ग्रिड ठप होने के कारण 20 राज्यों में घंटों बिजली गायब रही। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘असली सवाल यह है कि यदि हम ऐसे कड़े फैसले (डीजल की कीमत बढ़ाने) नहीं लेते हैं तो अलग किस्म के परिणाम होंगे। ग्रिड ठप होने जैसी चीज आपने देखी, यदि वितरण कंपनियां बिजली का भुगतान नहीं कर पा रहीं तो आपको कुछ मुश्किल होगी।'टिप्पणियां डीजल की कीमत बढ़ाने के बारे में अहलूवालिया ने कहा, ‘जब वे कीमत बढ़ाएंगे तो शुरुआत में इसका असर होगा, लेकिन कीमत न बढ़ाने का मतलब होगा कि तेल कंपनियों का नुकसान जारी रहेगा।’ सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियां डीजल की बिक्री उसकी वास्तविक लागत से 13.65 रुपये प्रति लीटर कम दाम पर कर रही है, जबकि घरेलू रसोई गैस सिलेंडर को 231 रुपये कम पर बेच रही हैं। इसके अलावा राशन में बिकने वाले मिट्टी तेल पर तेल कंपनियों को 29.97 रुपये लीटर का नुकसान हो रहा है। इन पेट्रोलियम पदार्थों के दाम नहीं बढ़ाये जाने की सूरत में सरकार को इसकी भरपाई के लिए 1,60,000 करोड़ रुपये की सहायता उपलब्ध करानी होगी। अहलूवालिया ने कहा ‘यह सोचना गलत होगा कि डीजल के दाम बढ़ाने से मुद्रास्फीति बढ़ेगी, यह समझा जाता है कि उन्हें कम रखने और छुपी हुई सब्सिडी से मुद्रास्फीति नहीं बढ़ती है।’ उन्होंने कहा यदि डीजल के दाम अंतरराष्ट्रीय बाजार के अनुरुप नहीं बढ़ाये जाते हैं तो या बजट से उसकी भरपाई करनी होगी या फिर हमारा उर्जा क्षेत्र लगातार कमजोर बना रहेगा, इन दोंनों में कोई भी मुद्रास्फीति के लिए अच्छा नहीं है।' उल्लेखनीय है कि हाल में दो दिन लगातार ग्रिड ठप होने के कारण 20 राज्यों में घंटों बिजली गायब रही। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘असली सवाल यह है कि यदि हम ऐसे कड़े फैसले (डीजल की कीमत बढ़ाने) नहीं लेते हैं तो अलग किस्म के परिणाम होंगे। ग्रिड ठप होने जैसी चीज आपने देखी, यदि वितरण कंपनियां बिजली का भुगतान नहीं कर पा रहीं तो आपको कुछ मुश्किल होगी।'टिप्पणियां डीजल की कीमत बढ़ाने के बारे में अहलूवालिया ने कहा, ‘जब वे कीमत बढ़ाएंगे तो शुरुआत में इसका असर होगा, लेकिन कीमत न बढ़ाने का मतलब होगा कि तेल कंपनियों का नुकसान जारी रहेगा।’ सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियां डीजल की बिक्री उसकी वास्तविक लागत से 13.65 रुपये प्रति लीटर कम दाम पर कर रही है, जबकि घरेलू रसोई गैस सिलेंडर को 231 रुपये कम पर बेच रही हैं। इसके अलावा राशन में बिकने वाले मिट्टी तेल पर तेल कंपनियों को 29.97 रुपये लीटर का नुकसान हो रहा है। इन पेट्रोलियम पदार्थों के दाम नहीं बढ़ाये जाने की सूरत में सरकार को इसकी भरपाई के लिए 1,60,000 करोड़ रुपये की सहायता उपलब्ध करानी होगी। अहलूवालिया ने कहा ‘यह सोचना गलत होगा कि डीजल के दाम बढ़ाने से मुद्रास्फीति बढ़ेगी, यह समझा जाता है कि उन्हें कम रखने और छुपी हुई सब्सिडी से मुद्रास्फीति नहीं बढ़ती है।’ उन्होंने कहा यदि डीजल के दाम अंतरराष्ट्रीय बाजार के अनुरुप नहीं बढ़ाये जाते हैं तो या बजट से उसकी भरपाई करनी होगी या फिर हमारा उर्जा क्षेत्र लगातार कमजोर बना रहेगा, इन दोंनों में कोई भी मुद्रास्फीति के लिए अच्छा नहीं है।' डीजल की कीमत बढ़ाने के बारे में अहलूवालिया ने कहा, ‘जब वे कीमत बढ़ाएंगे तो शुरुआत में इसका असर होगा, लेकिन कीमत न बढ़ाने का मतलब होगा कि तेल कंपनियों का नुकसान जारी रहेगा।’ सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियां डीजल की बिक्री उसकी वास्तविक लागत से 13.65 रुपये प्रति लीटर कम दाम पर कर रही है, जबकि घरेलू रसोई गैस सिलेंडर को 231 रुपये कम पर बेच रही हैं। इसके अलावा राशन में बिकने वाले मिट्टी तेल पर तेल कंपनियों को 29.97 रुपये लीटर का नुकसान हो रहा है। इन पेट्रोलियम पदार्थों के दाम नहीं बढ़ाये जाने की सूरत में सरकार को इसकी भरपाई के लिए 1,60,000 करोड़ रुपये की सहायता उपलब्ध करानी होगी। अहलूवालिया ने कहा ‘यह सोचना गलत होगा कि डीजल के दाम बढ़ाने से मुद्रास्फीति बढ़ेगी, यह समझा जाता है कि उन्हें कम रखने और छुपी हुई सब्सिडी से मुद्रास्फीति नहीं बढ़ती है।’ उन्होंने कहा यदि डीजल के दाम अंतरराष्ट्रीय बाजार के अनुरुप नहीं बढ़ाये जाते हैं तो या बजट से उसकी भरपाई करनी होगी या फिर हमारा उर्जा क्षेत्र लगातार कमजोर बना रहेगा, इन दोंनों में कोई भी मुद्रास्फीति के लिए अच्छा नहीं है।' इन पेट्रोलियम पदार्थों के दाम नहीं बढ़ाये जाने की सूरत में सरकार को इसकी भरपाई के लिए 1,60,000 करोड़ रुपये की सहायता उपलब्ध करानी होगी। अहलूवालिया ने कहा ‘यह सोचना गलत होगा कि डीजल के दाम बढ़ाने से मुद्रास्फीति बढ़ेगी, यह समझा जाता है कि उन्हें कम रखने और छुपी हुई सब्सिडी से मुद्रास्फीति नहीं बढ़ती है।’ उन्होंने कहा यदि डीजल के दाम अंतरराष्ट्रीय बाजार के अनुरुप नहीं बढ़ाये जाते हैं तो या बजट से उसकी भरपाई करनी होगी या फिर हमारा उर्जा क्षेत्र लगातार कमजोर बना रहेगा, इन दोंनों में कोई भी मुद्रास्फीति के लिए अच्छा नहीं है।'
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: डीजल की कीमत बढ़ाने के बारे में अहलूवालिया ने कहा, ‘जब वे कीमत बढ़ाएंगे तो शुरुआत में इसका असर होगा, लेकिन कीमत न बढ़ाने का मतलब होगा कि तेल कंपनियों का नुकसान जारी रहेगा।’
11
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: हॉलैंड के 42 वर्षीय एड हॉबेन नामक व्यक्ति पिछले नौ साल में 82 बच्चों के पिता बन गए। दरअसल, वह हर महीने 15 महिलाओं के साथ यौन सम्बंध बनाते हैं, जिनसे उनके ये बच्चे हुए हैं। बच्चे पैदा करने के लिए महिलाओं के साथ यौन सम्बंध बनाने की शुरुआत हॉबेन ने नौ साल पहले की थी। सबसे पहले 34 साल की उम्र में उन्होंने एक ऐसी महिला के साथ सम्बंध बनाए थे, जो निस्संतान थी। तब तक उनके किसी महिला से सम्बंध नहीं थे। समाचार पत्र 'डेली मेल' के अनुसार, हॉबेन आमतौर पर महिलाओं को अपने घर बुलाते हैं, लेकिन यदि महिला उनके आने-जाने का खर्च व रहने की व्यवस्था कर दे तो वह उसके बताए स्थान पर भी पहुंचते हैं। इस तरह से यौन सम्बंध बनाने से पिछले नौ साल में हॉबेन की 45 लड़कियां व 35 लड़के हुए हैं। उनके बच्चे जर्मनी, हॉलैंड, इटली, स्पेन, बेल्जियम, फ्रांस तथा न्यूजीलैंड सहित दुनिया के कई देशों में हैं।टिप्पणियां हॉबेन ने बताया कि उन्होंने सबसे पहले स्थानीय क्लीनिक में स्पर्म देना शुरू किया था, लेकिन बाद में उन्होंने पाया कि प्राकृतिक तरीके से प्रजनन का भी एक बाजार है। निस्संतान महिलाओं से वह जर्मनी की वेबसाइट सुपरमासपेंडर डॉट डे के जरिये जुड़े। हॉबेन से सम्बंध बनाने से पहले सभी महिलाओं को इस बात की चिकित्सा रिपोर्ट सौंपनी होती है कि वे निरोग व नशीले पदार्थों के सेवन से मुक्त हैं। बच्चे पैदा करने के लिए महिलाओं के साथ यौन सम्बंध बनाने की शुरुआत हॉबेन ने नौ साल पहले की थी। सबसे पहले 34 साल की उम्र में उन्होंने एक ऐसी महिला के साथ सम्बंध बनाए थे, जो निस्संतान थी। तब तक उनके किसी महिला से सम्बंध नहीं थे। समाचार पत्र 'डेली मेल' के अनुसार, हॉबेन आमतौर पर महिलाओं को अपने घर बुलाते हैं, लेकिन यदि महिला उनके आने-जाने का खर्च व रहने की व्यवस्था कर दे तो वह उसके बताए स्थान पर भी पहुंचते हैं। इस तरह से यौन सम्बंध बनाने से पिछले नौ साल में हॉबेन की 45 लड़कियां व 35 लड़के हुए हैं। उनके बच्चे जर्मनी, हॉलैंड, इटली, स्पेन, बेल्जियम, फ्रांस तथा न्यूजीलैंड सहित दुनिया के कई देशों में हैं।टिप्पणियां हॉबेन ने बताया कि उन्होंने सबसे पहले स्थानीय क्लीनिक में स्पर्म देना शुरू किया था, लेकिन बाद में उन्होंने पाया कि प्राकृतिक तरीके से प्रजनन का भी एक बाजार है। निस्संतान महिलाओं से वह जर्मनी की वेबसाइट सुपरमासपेंडर डॉट डे के जरिये जुड़े। हॉबेन से सम्बंध बनाने से पहले सभी महिलाओं को इस बात की चिकित्सा रिपोर्ट सौंपनी होती है कि वे निरोग व नशीले पदार्थों के सेवन से मुक्त हैं। समाचार पत्र 'डेली मेल' के अनुसार, हॉबेन आमतौर पर महिलाओं को अपने घर बुलाते हैं, लेकिन यदि महिला उनके आने-जाने का खर्च व रहने की व्यवस्था कर दे तो वह उसके बताए स्थान पर भी पहुंचते हैं। इस तरह से यौन सम्बंध बनाने से पिछले नौ साल में हॉबेन की 45 लड़कियां व 35 लड़के हुए हैं। उनके बच्चे जर्मनी, हॉलैंड, इटली, स्पेन, बेल्जियम, फ्रांस तथा न्यूजीलैंड सहित दुनिया के कई देशों में हैं।टिप्पणियां हॉबेन ने बताया कि उन्होंने सबसे पहले स्थानीय क्लीनिक में स्पर्म देना शुरू किया था, लेकिन बाद में उन्होंने पाया कि प्राकृतिक तरीके से प्रजनन का भी एक बाजार है। निस्संतान महिलाओं से वह जर्मनी की वेबसाइट सुपरमासपेंडर डॉट डे के जरिये जुड़े। हॉबेन से सम्बंध बनाने से पहले सभी महिलाओं को इस बात की चिकित्सा रिपोर्ट सौंपनी होती है कि वे निरोग व नशीले पदार्थों के सेवन से मुक्त हैं। इस तरह से यौन सम्बंध बनाने से पिछले नौ साल में हॉबेन की 45 लड़कियां व 35 लड़के हुए हैं। उनके बच्चे जर्मनी, हॉलैंड, इटली, स्पेन, बेल्जियम, फ्रांस तथा न्यूजीलैंड सहित दुनिया के कई देशों में हैं।टिप्पणियां हॉबेन ने बताया कि उन्होंने सबसे पहले स्थानीय क्लीनिक में स्पर्म देना शुरू किया था, लेकिन बाद में उन्होंने पाया कि प्राकृतिक तरीके से प्रजनन का भी एक बाजार है। निस्संतान महिलाओं से वह जर्मनी की वेबसाइट सुपरमासपेंडर डॉट डे के जरिये जुड़े। हॉबेन से सम्बंध बनाने से पहले सभी महिलाओं को इस बात की चिकित्सा रिपोर्ट सौंपनी होती है कि वे निरोग व नशीले पदार्थों के सेवन से मुक्त हैं। हॉबेन ने बताया कि उन्होंने सबसे पहले स्थानीय क्लीनिक में स्पर्म देना शुरू किया था, लेकिन बाद में उन्होंने पाया कि प्राकृतिक तरीके से प्रजनन का भी एक बाजार है। निस्संतान महिलाओं से वह जर्मनी की वेबसाइट सुपरमासपेंडर डॉट डे के जरिये जुड़े। हॉबेन से सम्बंध बनाने से पहले सभी महिलाओं को इस बात की चिकित्सा रिपोर्ट सौंपनी होती है कि वे निरोग व नशीले पदार्थों के सेवन से मुक्त हैं। निस्संतान महिलाओं से वह जर्मनी की वेबसाइट सुपरमासपेंडर डॉट डे के जरिये जुड़े। हॉबेन से सम्बंध बनाने से पहले सभी महिलाओं को इस बात की चिकित्सा रिपोर्ट सौंपनी होती है कि वे निरोग व नशीले पदार्थों के सेवन से मुक्त हैं।
सारांश: हॉलैंड के 42 वर्षीय एड हॉबेन नामक व्यक्ति पिछले नौ साल में 82 बच्चों के पिता बन गए। दरअसल, वह हर महीने 15 महिलाओं के साथ यौन सम्बंध बनाते हैं, जिनसे उनके ये बच्चे हुए हैं।
33
['hin']
एक सारांश बनाओ: इन्फोसिस टेक्नोलॉजीज ने सोमवार को कहा कि वह वैश्विक प्रबंधन परामर्श कंपनी लोडस्टोन होल्डिंग का 33 करोड़ स्विस फ्रैंक (करीब 1,932 करोड़ रुपये) में अधिग्रहण करेगी। यह हस्तांतरण अक्तूबर 2012 के आखिर तक पूरा हो जाने की उम्मीद है। इन्फोसिस ने एक बयान में कहा कि लोडस्टोन के अधिग्रहण से उसके 850 कर्मचारी जुड़ेंगे और इन्फोसिस की परामर्श एवं प्रणाली एकीकरण (सीएंडएसआई) की क्षमता बढ़ेगी।टिप्पणियां इस अधिग्रहण से इन्फोसिस के ग्राहकों में विनिर्माण, वाहन और जीव विज्ञान (लाइफ साइंसेज) उद्योग के 200 से ज्यादा ग्राहक जुड़ेंगे। इन्फोसिस के पास 700 ग्राहकों को समूह है। इन्फोसिस के मुख्य कार्यकारी और प्रबंध निदेशक एसडी शिबूलाल ने कहा ‘‘इन्फोसिस और लोडस्टोन ग्राहकों का भरोसा बनाने और इसे बरकरार रखने में भरोसा करती हैं।’’ ज्यूरिख मुख्यालय वाली कंपनी लोडस्टोन अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को परामर्श देती है। यह हस्तांतरण अक्तूबर 2012 के आखिर तक पूरा हो जाने की उम्मीद है। इन्फोसिस ने एक बयान में कहा कि लोडस्टोन के अधिग्रहण से उसके 850 कर्मचारी जुड़ेंगे और इन्फोसिस की परामर्श एवं प्रणाली एकीकरण (सीएंडएसआई) की क्षमता बढ़ेगी।टिप्पणियां इस अधिग्रहण से इन्फोसिस के ग्राहकों में विनिर्माण, वाहन और जीव विज्ञान (लाइफ साइंसेज) उद्योग के 200 से ज्यादा ग्राहक जुड़ेंगे। इन्फोसिस के पास 700 ग्राहकों को समूह है। इन्फोसिस के मुख्य कार्यकारी और प्रबंध निदेशक एसडी शिबूलाल ने कहा ‘‘इन्फोसिस और लोडस्टोन ग्राहकों का भरोसा बनाने और इसे बरकरार रखने में भरोसा करती हैं।’’ ज्यूरिख मुख्यालय वाली कंपनी लोडस्टोन अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को परामर्श देती है। इस अधिग्रहण से इन्फोसिस के ग्राहकों में विनिर्माण, वाहन और जीव विज्ञान (लाइफ साइंसेज) उद्योग के 200 से ज्यादा ग्राहक जुड़ेंगे। इन्फोसिस के पास 700 ग्राहकों को समूह है। इन्फोसिस के मुख्य कार्यकारी और प्रबंध निदेशक एसडी शिबूलाल ने कहा ‘‘इन्फोसिस और लोडस्टोन ग्राहकों का भरोसा बनाने और इसे बरकरार रखने में भरोसा करती हैं।’’ ज्यूरिख मुख्यालय वाली कंपनी लोडस्टोन अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को परामर्श देती है। इन्फोसिस के मुख्य कार्यकारी और प्रबंध निदेशक एसडी शिबूलाल ने कहा ‘‘इन्फोसिस और लोडस्टोन ग्राहकों का भरोसा बनाने और इसे बरकरार रखने में भरोसा करती हैं।’’ ज्यूरिख मुख्यालय वाली कंपनी लोडस्टोन अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को परामर्श देती है।
यहाँ एक सारांश है:इन्फोसिस टेक्नोलॉजीज ने सोमवार को कहा कि वह वैश्विक प्रबंधन परामर्श कंपनी लोडस्टोन होल्डिंग का 33 करोड़ स्विस फ्रैंक (करीब 1,932 करोड़ रुपये) में अधिग्रहण करेगी।
15
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: पटना में अदालत घाट पर 19 नवंबर को छठ पर्व के मौके पर मची भगदड़ में 17 लोगों की मौत के मामले में पटना और उपनगरीय पटना सिटी की अलग-अलग स्थानीय अदालतों में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और अन्य लोगों के खिलाफ दो अलग-अलग शिकायत दायर किए गए।टिप्पणियां अदालत घाट पर हुए हादसे में 17 लोगों की मौत को लेकर पटना में पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज (पीयूसीएल) के पूर्व महासचिव और सामाजिक कार्यकर्ता किशोरी दास के आवेदन पर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) रामाकांत यादव के समक्ष मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी सहित सात लोगों के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत शिकायत दर्ज की गई। सीजेएम ने शिकायत को दर्ज करते हुए इस मामले में 26 नवंबर को सुनवाई की तारीख निर्धारित की है। वहीं, पटना सिटी इलाके में रामजी योगेश नामक एक सामाजिक कार्यकर्ता ने अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (एसीजेएम) प्रीति वर्मा के समक्ष हादसे के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी सहित नौ लोगों के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत शिकायत दर्ज कराई है। एसीजेएम ने मामले को प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी प्रभाकर झा की अदालत में स्थानांतरित कर दिया है, जिस पर न्यायिक दंडाधिकारी ने सुनवाई की अगली तारीख 30 नवंबर निर्धारित की है। अदालत घाट पर हुए हादसे में 17 लोगों की मौत को लेकर पटना में पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज (पीयूसीएल) के पूर्व महासचिव और सामाजिक कार्यकर्ता किशोरी दास के आवेदन पर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) रामाकांत यादव के समक्ष मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी सहित सात लोगों के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत शिकायत दर्ज की गई। सीजेएम ने शिकायत को दर्ज करते हुए इस मामले में 26 नवंबर को सुनवाई की तारीख निर्धारित की है। वहीं, पटना सिटी इलाके में रामजी योगेश नामक एक सामाजिक कार्यकर्ता ने अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (एसीजेएम) प्रीति वर्मा के समक्ष हादसे के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी सहित नौ लोगों के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत शिकायत दर्ज कराई है। एसीजेएम ने मामले को प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी प्रभाकर झा की अदालत में स्थानांतरित कर दिया है, जिस पर न्यायिक दंडाधिकारी ने सुनवाई की अगली तारीख 30 नवंबर निर्धारित की है। वहीं, पटना सिटी इलाके में रामजी योगेश नामक एक सामाजिक कार्यकर्ता ने अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (एसीजेएम) प्रीति वर्मा के समक्ष हादसे के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी सहित नौ लोगों के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत शिकायत दर्ज कराई है। एसीजेएम ने मामले को प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी प्रभाकर झा की अदालत में स्थानांतरित कर दिया है, जिस पर न्यायिक दंडाधिकारी ने सुनवाई की अगली तारीख 30 नवंबर निर्धारित की है।
सारांश: पटना में अदालत घाट पर छठ पर्व के मौके पर मची भगदड़ में 17 लोगों की मौत के मामले में पटना और उपनगरीय पटना सिटी की अलग-अलग स्थानीय अदालतों में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और अन्य लोगों के खिलाफ दो अलग-अलग शिकायत दायर किए गए।
33
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: वीडियो में एक युवक बाइक को स्टैंड पर खड़ी करके स्टॉर्ट किए हुए है. बाइक के पिछले पहिए के नीचे पानी से भरा बर्तन रखा हुआ है. युवक बाइक का एस्केलेटर तो दबाता है, लेकिन वह गियर नहीं बदलता है, जिसके चलते बाइक अपनी जगह पर खड़ी है लेकिन उसका पहिया घुम रहा है. पीछे एक शख्स लेटा हुआ है. बाइक का पहिया घुमने से बर्तन में रखा पानी उस शख्स के बालों पर जा रहा है. तीसरा युवक लेटे हुए शख्स के बालों में शैंपू लगाकर धोता है. बाल धोने के बाद युवक का सिर बाइक के साइलेंसर के सामने कर देता है. इस तरह बाइक के गर्म धुएं से युवक का बाल सुख जाता है. इस वीडियो को सोशल मीडिया पर लोग काफी शेयर कर रहे हैं.   तीसरा युवक लेटे हुए शख्स के बालों में शैंपू लगाकर धोता है. बाल धोने के बाद युवक का सिर बाइक के साइलेंसर के सामने कर देता है. इस तरह बाइक के गर्म धुएं से युवक का बाल सुख जाता है. इस वीडियो को सोशल मीडिया पर लोग काफी शेयर कर रहे हैं.
यहाँ एक सारांश है:सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा अजीबोगरीब वीडियो एक बुजुर्ग शराब में डुबोकर खा रहा बिस्किट शायद किसी ढाबे में बैठकर ऐसा कर रहा है बुजुर्ग
18
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अगस्तावेस्टलैंड VVIP चॉपर केस में एक अहम गवाह, जिसे प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सिर्फ 24 घंटे पहले ही मृत घोषित किया था, अब कोर्ट के सामने पेश होगा. केस की तफ्तीश कर रही जांच एजेंसी ने मंगलवार को ही कोर्ट को बताया था कि यह गवाह के.के. खोसला संभवतः मर चुका है, और बुधवार को ही खोसला सामने आ गया. केस से जुड़े कुछ अहम दस्तावेज़ इसी गवाह के.के. खोसला के पास थे. एजेंसी के अधिकारियों ने केस की सुनवाई कर रही विशेष अदालत को मंगलवार को बताया था, "जब भी हम उसके घर गए, वह उपलब्ध नहीं हुआ... संभवतः वह मर चुका है..." बुधवार को एजेंसी ने अपना रुख बदला, और कहा कि बचाव पक्ष का दावा है कि वह ज़िन्दा है और जब भी ज़रूरत होगी, वह कोर्ट में पेश होगा. एजेंसी का दावा है कि के.के. खोसला के पास कुछ काग़ज़ात हैं, जिनमें रिश्वत की रकम तथा उन्हें हासिल करने वालों के नामों का ज़िक्र है. एजेंसी ने कहा कि रिश्वत तथा भ्रष्टाचार को साबित करने के लिए खोसला अहम गवाह है. कोर्ट ने के.के. खोसला को गुरुवार को अदालत में पेश होने के लिए कहा है, जब उसके बॉस रतुल पुरी की ओर से बचाव पक्ष के वकील अपनी बहस शुरू कर सकते हैं. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के भान्जे रतुल पुरी अगस्तावेस्टलैंड VVIP चॉपर केस में संदिग्ध हैं. इसी महीने एजेंसी ने कोर्ट को बताया था कि रतुल पुरी ने 3,600 करोड़ रुपये के VVIP चॉपर सौदे में रकम हासिल की थी, और सौदे में रिश्वत का भारी लेनदेन हुआ था. एजेंसी ने यह भी कहा था कि रतुल पुरी ने गवाहों को प्रभावित करने तथा सबूतों से छेड़खानी करने की भी कोशिश की थी. हिन्दुस्तान पॉवरप्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के अध्यक्ष रतुल पुरी ने कहा था कि उन पर लगाए गए आरोप राजनैतिक बदले की भावना से प्रेरित हैं. रतुल को कोर्ट से इस केस में अग्रिम ज़मानत भी मिल गई थी. इटली की एक अदालत अगस्तावेस्टलैंड तथा उसकी पेरेंट कंपनी फिनमैकानिका के पूर्व प्रमुखों को दोषी करार दे चुकी है. कोर्ट ने पाया था कि भारत को 12 VVIP हेलीकॉप्टरों की बिक्री में अगस्तावेस्टलैंड ने अनियमितताएं बरती थीं.
ईडी ने 24 घंटे में ही 'मुर्दा' गवाह को मान लिया जिंदा गुरुवार को कोर्ट के सामने पेश होगा केके खोसला ईडी अगस्तावेस्टलैंड घोटाले की कर रही है जांच
6
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही पांच साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म करने वाला हैवान यह सोचकर अपने गृह प्रदेश बिहार भाग गया था कि बच्ची (पीड़ित) मर चुकी है। पुलिस ने शनिवार को यह बात कही। गिरफ्तार किए गए आरोपी को बिहार से दिल्ली लाया जा रहा है। दिल्ली के पुलिस उपायुक्त प्रभाकर ने बताया कि दिल्ली और बिहार पुलिस की एक टीम द्वारा आरोपी मनोज कुमार को मुजफ्फरपुर जिले से गिरफ्तार किया गया। पुलिस उपायुक्त ने कहा, आरोपी से शुरुआती पूछताछ और मेडिको लीगल केस रिपोर्ट (एमएलसी) से पता चला है कि उसने मासूम को मृत सोचकर छोड़ा था। मासूम बच्ची 40 घंटे से ज्यादा समय तक कमरे में बंद रही थी।टिप्पणियां घटना का क्रमवार विवरण देते हुए प्रभाकर ने बताया, मनोज 15 अप्रैल को रात साढ़े आठ बजे स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस से दिल्ली छोड़कर चला गया और बिहार में अपने ससुर के घर 17 अप्रैल को पहुंचा। जहां से उसे शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने बताया, मनोज के दो भाई और चार बहनें हैं, जो बिहार में रहते हैं। वह अपने पिता के साथ 15 साल पहले दिल्ली आया था और तब से यही रह रहा था। पुलिस उपायुक्त प्रभाकर ने बताया, आरोपी मनोज का पिता पूर्वी दिल्ली के पुराने सीलमपुर इलाके में जूस की दुकान चलाता है, जबकि मनोज एक कपड़ा कारखाने में अस्थायी मजदूर के रूप में काम करता था। पुलिस ने बताया कि बच्ची का अपहरण 15 अप्रैल को किया गया और पूर्वी दिल्ली के गांधी नगर में एक मकान के कमरे में दो दिनों तक बिना भोजन-पानी के बंधक बनाकर रखा गया, आरोपी उसी कमरे में रहता था। पीड़ित बच्ची का परिवार भी उसी मकान में रहता है। पांच साल की मासूम बच्ची के साथ कई बार दुष्कर्म किया गया। घटना का खुलासा तब हुआ, जब एक पड़ोसी ने बच्ची की चीख को सुना और फिर उसके परिवारवालों को सूचित किया। वह जिस कमरे में बंद थी उसके दरवाजे को तोड़कर बच्ची को बाहर निकाला गया। गिरफ्तार किए गए आरोपी को बिहार से दिल्ली लाया जा रहा है। दिल्ली के पुलिस उपायुक्त प्रभाकर ने बताया कि दिल्ली और बिहार पुलिस की एक टीम द्वारा आरोपी मनोज कुमार को मुजफ्फरपुर जिले से गिरफ्तार किया गया। पुलिस उपायुक्त ने कहा, आरोपी से शुरुआती पूछताछ और मेडिको लीगल केस रिपोर्ट (एमएलसी) से पता चला है कि उसने मासूम को मृत सोचकर छोड़ा था। मासूम बच्ची 40 घंटे से ज्यादा समय तक कमरे में बंद रही थी।टिप्पणियां घटना का क्रमवार विवरण देते हुए प्रभाकर ने बताया, मनोज 15 अप्रैल को रात साढ़े आठ बजे स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस से दिल्ली छोड़कर चला गया और बिहार में अपने ससुर के घर 17 अप्रैल को पहुंचा। जहां से उसे शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने बताया, मनोज के दो भाई और चार बहनें हैं, जो बिहार में रहते हैं। वह अपने पिता के साथ 15 साल पहले दिल्ली आया था और तब से यही रह रहा था। पुलिस उपायुक्त प्रभाकर ने बताया, आरोपी मनोज का पिता पूर्वी दिल्ली के पुराने सीलमपुर इलाके में जूस की दुकान चलाता है, जबकि मनोज एक कपड़ा कारखाने में अस्थायी मजदूर के रूप में काम करता था। पुलिस ने बताया कि बच्ची का अपहरण 15 अप्रैल को किया गया और पूर्वी दिल्ली के गांधी नगर में एक मकान के कमरे में दो दिनों तक बिना भोजन-पानी के बंधक बनाकर रखा गया, आरोपी उसी कमरे में रहता था। पीड़ित बच्ची का परिवार भी उसी मकान में रहता है। पांच साल की मासूम बच्ची के साथ कई बार दुष्कर्म किया गया। घटना का खुलासा तब हुआ, जब एक पड़ोसी ने बच्ची की चीख को सुना और फिर उसके परिवारवालों को सूचित किया। वह जिस कमरे में बंद थी उसके दरवाजे को तोड़कर बच्ची को बाहर निकाला गया। घटना का क्रमवार विवरण देते हुए प्रभाकर ने बताया, मनोज 15 अप्रैल को रात साढ़े आठ बजे स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस से दिल्ली छोड़कर चला गया और बिहार में अपने ससुर के घर 17 अप्रैल को पहुंचा। जहां से उसे शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने बताया, मनोज के दो भाई और चार बहनें हैं, जो बिहार में रहते हैं। वह अपने पिता के साथ 15 साल पहले दिल्ली आया था और तब से यही रह रहा था। पुलिस उपायुक्त प्रभाकर ने बताया, आरोपी मनोज का पिता पूर्वी दिल्ली के पुराने सीलमपुर इलाके में जूस की दुकान चलाता है, जबकि मनोज एक कपड़ा कारखाने में अस्थायी मजदूर के रूप में काम करता था। पुलिस ने बताया कि बच्ची का अपहरण 15 अप्रैल को किया गया और पूर्वी दिल्ली के गांधी नगर में एक मकान के कमरे में दो दिनों तक बिना भोजन-पानी के बंधक बनाकर रखा गया, आरोपी उसी कमरे में रहता था। पीड़ित बच्ची का परिवार भी उसी मकान में रहता है। पांच साल की मासूम बच्ची के साथ कई बार दुष्कर्म किया गया। घटना का खुलासा तब हुआ, जब एक पड़ोसी ने बच्ची की चीख को सुना और फिर उसके परिवारवालों को सूचित किया। वह जिस कमरे में बंद थी उसके दरवाजे को तोड़कर बच्ची को बाहर निकाला गया। पुलिस उपायुक्त प्रभाकर ने बताया, आरोपी मनोज का पिता पूर्वी दिल्ली के पुराने सीलमपुर इलाके में जूस की दुकान चलाता है, जबकि मनोज एक कपड़ा कारखाने में अस्थायी मजदूर के रूप में काम करता था। पुलिस ने बताया कि बच्ची का अपहरण 15 अप्रैल को किया गया और पूर्वी दिल्ली के गांधी नगर में एक मकान के कमरे में दो दिनों तक बिना भोजन-पानी के बंधक बनाकर रखा गया, आरोपी उसी कमरे में रहता था। पीड़ित बच्ची का परिवार भी उसी मकान में रहता है। पांच साल की मासूम बच्ची के साथ कई बार दुष्कर्म किया गया। घटना का खुलासा तब हुआ, जब एक पड़ोसी ने बच्ची की चीख को सुना और फिर उसके परिवारवालों को सूचित किया। वह जिस कमरे में बंद थी उसके दरवाजे को तोड़कर बच्ची को बाहर निकाला गया।
यहाँ एक सारांश है:जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही पांच साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म करने वाला हैवान यह सोचकर अपने गृह प्रदेश बिहार भाग गया था कि बच्ची (पीड़ित) मर चुकी है।
12
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: राकांपा के कद्दावर नेता और छत्रपति शिवाजी के वंशज उदयन राजे भोसले (Udayanraje Bhosale) शनिवार को भाजपा (BJP) में शामिल हो गए. इस अवसर पर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह (Amit Shah), महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस मौजूद थे. शाह ने कहा कि कठिन समय में स्वदेश और स्वधर्म के लिए बहुत बड़ा वैचारिक आंदोलन शुरू करने और संघर्ष करके स्वराज की स्थापना करने वाले छत्रपति शिवाजी के वंशज उदयन राजे जी आज भाजपा में आए हैं. पार्टी अध्यक्ष ने कहा कि वह भाजपा के करोड़ों कार्यकर्ताओं की ओर से उनका हार्दिक स्वागत करते हैं. उन्होंने कहा, 'महाराष्ट्र की जनता 2014 से ही मोदी जी के साथ मन से जुड़ी है और 2019 में भी इसकी पुनरावृत्ति वहां हुई. मुझे पूर्ण विश्वास है कि इस बार विधानसभा में भाजपा पहले से भी ज्यादा मजबूत होकर आएगी और हमारा गठबंधन तीन चौथाई से भी अधिक बहुमत के साथ सरकार बनाएगा.' भाजपा में राजे का स्वागत करते हुए अमित शाह ने कहा कि यह हर्ष की बात है कि नैतिकता के आधार पर भाजपा में शामिल होने से पहले उन्होंने लोकसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया. भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि लोकसभा चुनाव में महाराष्ट्र से जो परिणाम आए थे, उससे भी अच्छे परिणाम विधानसभा चुनाव में आएंगे. महाराष्ट्र का खोया हुआ गौरव लौटाने का काम देवेंद्र फडणवीस जी की सरकार ने किया है. विधानसभा चुनाव में हमें पूरा जनसमर्थन मिलेगा तथा इस लक्ष्य में उदयन राजे काफी सहायक होंगे. उन्होंने कहा कि जनसंघ के समय से ही हम छत्रपति महाराज से प्रेरणा लेकर देश को आगे बढ़ाने का प्रयास करते रहे हैं. अब उनके परिवार के सदस्य के पार्टी में शामिल होने से हम आनंदित हैं. इस अवसर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने कहा कि राजे के भाजपा के साथ जुड़ने से पार्टी की ताकत बढ़ेगी और इसका लाभ पार्टी और समाज दोनों को मिलेगा. इससे पहले सतारा से सांसद उदयनराजे भोसले ने शनिवार को लोकसभा अध्‍यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की. इसके बाद उन्‍होंने लोकसभा अध्‍यक्ष को अपना इस्‍तीफा सौंप दिया.
अमित शाह और देवेंद्र फडणवीस के मौजूदगी में थामा बीजेपी का थामन अमित शाह ने भाजपा के करोड़ो कार्यकर्ताओं की ओस से किया उदयन का स्वागत कहा- महाराष्ट्र की जनता 2014 से ही मोदी जी के साथ मन से जुड़ी है
28
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अंतर्राष्ट्रीय हॉकी महासंघ (एफआईएच) ने बुधवार को कहा कि दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले के बाद वर्ल्ड हॉकी सीरीज (डब्ल्यूएसएच) को लेकर उसका रुख पहले से अधिक सख्त हो गया है। एफआईएच के मुताबिक सक्रिय खिलाड़ी जोखिम लेकर इस लीग में खेल सकते हैं। दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा खिलाड़ियों को डब्ल्यूएसएच में खेलने की सशर्त इजाजत दिए जाने के बाद समूचे हालात पर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए एफआईएच के मुख्य कार्यकारी अधिकारी केली फेयरवेदर ने कहा कि अदालत के फैसले ने इस लीग को लेकर उसके फैसले को और सुदृढ़ किया है। फेयरवेदर के मुताबिक एफआईच सक्रिय खिलाड़ियों को किसी भी हाल में लीग में खेलने की अनुमति नहीं दे सकता। खिलाड़ियों को अगर इस लीग में खेलना है तो वे जोखिम उठाकर खेल सकते हैं क्योंकि उनके इस कदम पर एफआईएच अपने स्तर पर कोई न कोई कदम जरूर उठाएगा। डब्ल्यूएसएच का आयोजन भारतीय हॉकी महासंघ और निम्बस कर रहे हैं। इस लीग को एफआईएच और देश में हॉकी की कर्ताधर्ता एचआई की अनुमति नहीं है। ऐसे में खिलाड़ियों के सामने इस लीग में शिरकत करने को लेकर ऊहापोह की स्थिति है। टिप्पणियां फेयरवेदर ने कहा, "इस लीग को लेकर हमारा मत पहले जैसा ही है। हम खिलाड़ियों को इस अनधिकृत लीग में खेलने की अनुमति नहीं दे सकते। अदालत ने कहा है कि अगर कोई अंतर्राष्ट्रीय आयोजन न हो तो सक्रिय खिलाड़ियों को इस लीग में खेलने की अनुमति मिलनी चाहिए लेकिन हम साफ करना चाहते हैं कि अगले 7-8 महीनों तक अंतर्राष्ट्रीय कैलेंडर में कोई खाली जगह नहीं है।" यह पूछे जाने पर कि अगर सक्रिय खिलाड़ी इस लीग में खेलते हैं तो फिर क्या होगा? इस पर फेयरवेदर ने कहा, "नियम साफ हैं। उन्हें इस लीग के साथ जुड़ने दीजिए। हम अपने स्तर पर कार्रवाई करेंगे।" दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा खिलाड़ियों को डब्ल्यूएसएच में खेलने की सशर्त इजाजत दिए जाने के बाद समूचे हालात पर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए एफआईएच के मुख्य कार्यकारी अधिकारी केली फेयरवेदर ने कहा कि अदालत के फैसले ने इस लीग को लेकर उसके फैसले को और सुदृढ़ किया है। फेयरवेदर के मुताबिक एफआईच सक्रिय खिलाड़ियों को किसी भी हाल में लीग में खेलने की अनुमति नहीं दे सकता। खिलाड़ियों को अगर इस लीग में खेलना है तो वे जोखिम उठाकर खेल सकते हैं क्योंकि उनके इस कदम पर एफआईएच अपने स्तर पर कोई न कोई कदम जरूर उठाएगा। डब्ल्यूएसएच का आयोजन भारतीय हॉकी महासंघ और निम्बस कर रहे हैं। इस लीग को एफआईएच और देश में हॉकी की कर्ताधर्ता एचआई की अनुमति नहीं है। ऐसे में खिलाड़ियों के सामने इस लीग में शिरकत करने को लेकर ऊहापोह की स्थिति है। टिप्पणियां फेयरवेदर ने कहा, "इस लीग को लेकर हमारा मत पहले जैसा ही है। हम खिलाड़ियों को इस अनधिकृत लीग में खेलने की अनुमति नहीं दे सकते। अदालत ने कहा है कि अगर कोई अंतर्राष्ट्रीय आयोजन न हो तो सक्रिय खिलाड़ियों को इस लीग में खेलने की अनुमति मिलनी चाहिए लेकिन हम साफ करना चाहते हैं कि अगले 7-8 महीनों तक अंतर्राष्ट्रीय कैलेंडर में कोई खाली जगह नहीं है।" यह पूछे जाने पर कि अगर सक्रिय खिलाड़ी इस लीग में खेलते हैं तो फिर क्या होगा? इस पर फेयरवेदर ने कहा, "नियम साफ हैं। उन्हें इस लीग के साथ जुड़ने दीजिए। हम अपने स्तर पर कार्रवाई करेंगे।" फेयरवेदर के मुताबिक एफआईच सक्रिय खिलाड़ियों को किसी भी हाल में लीग में खेलने की अनुमति नहीं दे सकता। खिलाड़ियों को अगर इस लीग में खेलना है तो वे जोखिम उठाकर खेल सकते हैं क्योंकि उनके इस कदम पर एफआईएच अपने स्तर पर कोई न कोई कदम जरूर उठाएगा। डब्ल्यूएसएच का आयोजन भारतीय हॉकी महासंघ और निम्बस कर रहे हैं। इस लीग को एफआईएच और देश में हॉकी की कर्ताधर्ता एचआई की अनुमति नहीं है। ऐसे में खिलाड़ियों के सामने इस लीग में शिरकत करने को लेकर ऊहापोह की स्थिति है। टिप्पणियां फेयरवेदर ने कहा, "इस लीग को लेकर हमारा मत पहले जैसा ही है। हम खिलाड़ियों को इस अनधिकृत लीग में खेलने की अनुमति नहीं दे सकते। अदालत ने कहा है कि अगर कोई अंतर्राष्ट्रीय आयोजन न हो तो सक्रिय खिलाड़ियों को इस लीग में खेलने की अनुमति मिलनी चाहिए लेकिन हम साफ करना चाहते हैं कि अगले 7-8 महीनों तक अंतर्राष्ट्रीय कैलेंडर में कोई खाली जगह नहीं है।" यह पूछे जाने पर कि अगर सक्रिय खिलाड़ी इस लीग में खेलते हैं तो फिर क्या होगा? इस पर फेयरवेदर ने कहा, "नियम साफ हैं। उन्हें इस लीग के साथ जुड़ने दीजिए। हम अपने स्तर पर कार्रवाई करेंगे।" डब्ल्यूएसएच का आयोजन भारतीय हॉकी महासंघ और निम्बस कर रहे हैं। इस लीग को एफआईएच और देश में हॉकी की कर्ताधर्ता एचआई की अनुमति नहीं है। ऐसे में खिलाड़ियों के सामने इस लीग में शिरकत करने को लेकर ऊहापोह की स्थिति है। टिप्पणियां फेयरवेदर ने कहा, "इस लीग को लेकर हमारा मत पहले जैसा ही है। हम खिलाड़ियों को इस अनधिकृत लीग में खेलने की अनुमति नहीं दे सकते। अदालत ने कहा है कि अगर कोई अंतर्राष्ट्रीय आयोजन न हो तो सक्रिय खिलाड़ियों को इस लीग में खेलने की अनुमति मिलनी चाहिए लेकिन हम साफ करना चाहते हैं कि अगले 7-8 महीनों तक अंतर्राष्ट्रीय कैलेंडर में कोई खाली जगह नहीं है।" यह पूछे जाने पर कि अगर सक्रिय खिलाड़ी इस लीग में खेलते हैं तो फिर क्या होगा? इस पर फेयरवेदर ने कहा, "नियम साफ हैं। उन्हें इस लीग के साथ जुड़ने दीजिए। हम अपने स्तर पर कार्रवाई करेंगे।" फेयरवेदर ने कहा, "इस लीग को लेकर हमारा मत पहले जैसा ही है। हम खिलाड़ियों को इस अनधिकृत लीग में खेलने की अनुमति नहीं दे सकते। अदालत ने कहा है कि अगर कोई अंतर्राष्ट्रीय आयोजन न हो तो सक्रिय खिलाड़ियों को इस लीग में खेलने की अनुमति मिलनी चाहिए लेकिन हम साफ करना चाहते हैं कि अगले 7-8 महीनों तक अंतर्राष्ट्रीय कैलेंडर में कोई खाली जगह नहीं है।" यह पूछे जाने पर कि अगर सक्रिय खिलाड़ी इस लीग में खेलते हैं तो फिर क्या होगा? इस पर फेयरवेदर ने कहा, "नियम साफ हैं। उन्हें इस लीग के साथ जुड़ने दीजिए। हम अपने स्तर पर कार्रवाई करेंगे।" यह पूछे जाने पर कि अगर सक्रिय खिलाड़ी इस लीग में खेलते हैं तो फिर क्या होगा? इस पर फेयरवेदर ने कहा, "नियम साफ हैं। उन्हें इस लीग के साथ जुड़ने दीजिए। हम अपने स्तर पर कार्रवाई करेंगे।"
संक्षिप्त सारांश: एफआईएच ने कहा कि उच्च न्यायालय के फैसले के बाद डब्ल्यूएसएच को लेकर उसका रुख पहले से अधिक सख्त हो गया है। एफआईएच के मुताबिक सक्रिय खिलाड़ी जोखिम लेकर इस लीग में खेल सकते हैं।
10
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: जियाउल रहमान (30 रन पर पांच विकेट) की तूफानी गेंदबाजी की बदौलत बांग्लादेश ने तीन मैचों की वनडे शृंखला के पहले मैच में जिम्बाब्वे को 121 रन से रौंद दिया। बांग्लादेश ने पहले बल्लेबाजी करते हुए नासिर हुसैन की 69 रन की पारी की मदद से आठ विकेट पर 269 रन का स्कोर खड़ा किया। हुसैन के अलावा मामीनुल हक ने 38 जबकि महमूदुल्लाह ने 36 रन की पारी खेली। इसके जवाब में रहमान की धारदार गेंदबाजी के सामने जिम्बाब्वे की टीम 32.1 ओवर में सिर्फ 148 रन पर ढेर हो गई।टिप्पणियां जिम्बाब्वे की ओर से सलामी बल्लेबाज हैमिल्टन मसाकाद्जा ने सर्वाधिक 38 रन बनाए जबकि कप्तान ब्रैंडन टेलर और शिंगी मसाकाद्जा ने 33-33 रन की पारियां खेली। रहमान के अलावा शफीउल इस्लाम ने 39 रन देकर दो विकेट हासिल किए जबकि रबीउल इस्लाम और अब्दुर रज्जाक के खाते में एक-एक विकेट आया। बांग्लादेश ने पहले बल्लेबाजी करते हुए नासिर हुसैन की 69 रन की पारी की मदद से आठ विकेट पर 269 रन का स्कोर खड़ा किया। हुसैन के अलावा मामीनुल हक ने 38 जबकि महमूदुल्लाह ने 36 रन की पारी खेली। इसके जवाब में रहमान की धारदार गेंदबाजी के सामने जिम्बाब्वे की टीम 32.1 ओवर में सिर्फ 148 रन पर ढेर हो गई।टिप्पणियां जिम्बाब्वे की ओर से सलामी बल्लेबाज हैमिल्टन मसाकाद्जा ने सर्वाधिक 38 रन बनाए जबकि कप्तान ब्रैंडन टेलर और शिंगी मसाकाद्जा ने 33-33 रन की पारियां खेली। रहमान के अलावा शफीउल इस्लाम ने 39 रन देकर दो विकेट हासिल किए जबकि रबीउल इस्लाम और अब्दुर रज्जाक के खाते में एक-एक विकेट आया। इसके जवाब में रहमान की धारदार गेंदबाजी के सामने जिम्बाब्वे की टीम 32.1 ओवर में सिर्फ 148 रन पर ढेर हो गई।टिप्पणियां जिम्बाब्वे की ओर से सलामी बल्लेबाज हैमिल्टन मसाकाद्जा ने सर्वाधिक 38 रन बनाए जबकि कप्तान ब्रैंडन टेलर और शिंगी मसाकाद्जा ने 33-33 रन की पारियां खेली। रहमान के अलावा शफीउल इस्लाम ने 39 रन देकर दो विकेट हासिल किए जबकि रबीउल इस्लाम और अब्दुर रज्जाक के खाते में एक-एक विकेट आया। जिम्बाब्वे की ओर से सलामी बल्लेबाज हैमिल्टन मसाकाद्जा ने सर्वाधिक 38 रन बनाए जबकि कप्तान ब्रैंडन टेलर और शिंगी मसाकाद्जा ने 33-33 रन की पारियां खेली। रहमान के अलावा शफीउल इस्लाम ने 39 रन देकर दो विकेट हासिल किए जबकि रबीउल इस्लाम और अब्दुर रज्जाक के खाते में एक-एक विकेट आया। रहमान के अलावा शफीउल इस्लाम ने 39 रन देकर दो विकेट हासिल किए जबकि रबीउल इस्लाम और अब्दुर रज्जाक के खाते में एक-एक विकेट आया।
जियाउल रहमान (30 रन पर पांच विकेट) की तूफानी गेंदबाजी की बदौलत बांग्लादेश ने तीन मैचों की वनडे शृंखला के पहले मैच में जिम्बाब्वे को 121 रन से रौंद दिया।
6
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान की विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार ने जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा के पास दो भारतीय सैनिकों की हत्या के बाद भारत पर ‘युद्ध भड़काने’ का प्रयास करने का आरोप लगाया है। खार ने कहा कि भारत से आने वाले बयानों को सुनकर वह ‘‘काफी निराश’’ हैं जिससे ‘‘तनाव बढ़ रहा है’’ । उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार युद्ध नहीं भड़काने की नीति पर कायम है । उन्होंने कहा कि भारत, पाकिस्तान और दक्षिण एशियाई क्षेत्र दोनों देशों के बीच किसी संघर्ष का बोझ नहीं उठा सकते और वार्ता के दरवाजे को खुला रखना होगा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार चाहती है कि वार्ता की प्रक्रिया ‘‘निर्बाध’’ रहे ।टिप्पणियां प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी देने के बाद पाकिस्तानी विदेश मंत्री की यह टिप्पणी सामने आई है । प्रधानमंत्री ने कहा कि नियंत्रण रेखा पर तनाव बढ़ने के बाद पड़ोसियों के बीच ‘‘संबंध यथावत’’ नहीं रह सकते । खार ने कहा, आज हम क्या देख रहे हैं। हमने नियंत्रण रेखा पर तीन घटनाएं देखीं। हम युद्ध भड़कता देख रहे हैं, जो हमें पिछले 60 वर्ष की याद दिलाता है। सीमा के दूसरी तरफ से युद्ध का संदेश आ रहा है और मेरा मानना है कि यह बीते वक्त की बात है, चीजें जिन्हें हम पीछे छोड़ आए हैं। खार ने कहा कि भारत से आने वाले बयानों को सुनकर वह ‘‘काफी निराश’’ हैं जिससे ‘‘तनाव बढ़ रहा है’’ । उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार युद्ध नहीं भड़काने की नीति पर कायम है । उन्होंने कहा कि भारत, पाकिस्तान और दक्षिण एशियाई क्षेत्र दोनों देशों के बीच किसी संघर्ष का बोझ नहीं उठा सकते और वार्ता के दरवाजे को खुला रखना होगा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार चाहती है कि वार्ता की प्रक्रिया ‘‘निर्बाध’’ रहे ।टिप्पणियां प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी देने के बाद पाकिस्तानी विदेश मंत्री की यह टिप्पणी सामने आई है । प्रधानमंत्री ने कहा कि नियंत्रण रेखा पर तनाव बढ़ने के बाद पड़ोसियों के बीच ‘‘संबंध यथावत’’ नहीं रह सकते । खार ने कहा, आज हम क्या देख रहे हैं। हमने नियंत्रण रेखा पर तीन घटनाएं देखीं। हम युद्ध भड़कता देख रहे हैं, जो हमें पिछले 60 वर्ष की याद दिलाता है। सीमा के दूसरी तरफ से युद्ध का संदेश आ रहा है और मेरा मानना है कि यह बीते वक्त की बात है, चीजें जिन्हें हम पीछे छोड़ आए हैं। उन्होंने कहा कि भारत, पाकिस्तान और दक्षिण एशियाई क्षेत्र दोनों देशों के बीच किसी संघर्ष का बोझ नहीं उठा सकते और वार्ता के दरवाजे को खुला रखना होगा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार चाहती है कि वार्ता की प्रक्रिया ‘‘निर्बाध’’ रहे ।टिप्पणियां प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी देने के बाद पाकिस्तानी विदेश मंत्री की यह टिप्पणी सामने आई है । प्रधानमंत्री ने कहा कि नियंत्रण रेखा पर तनाव बढ़ने के बाद पड़ोसियों के बीच ‘‘संबंध यथावत’’ नहीं रह सकते । खार ने कहा, आज हम क्या देख रहे हैं। हमने नियंत्रण रेखा पर तीन घटनाएं देखीं। हम युद्ध भड़कता देख रहे हैं, जो हमें पिछले 60 वर्ष की याद दिलाता है। सीमा के दूसरी तरफ से युद्ध का संदेश आ रहा है और मेरा मानना है कि यह बीते वक्त की बात है, चीजें जिन्हें हम पीछे छोड़ आए हैं। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी देने के बाद पाकिस्तानी विदेश मंत्री की यह टिप्पणी सामने आई है । प्रधानमंत्री ने कहा कि नियंत्रण रेखा पर तनाव बढ़ने के बाद पड़ोसियों के बीच ‘‘संबंध यथावत’’ नहीं रह सकते । खार ने कहा, आज हम क्या देख रहे हैं। हमने नियंत्रण रेखा पर तीन घटनाएं देखीं। हम युद्ध भड़कता देख रहे हैं, जो हमें पिछले 60 वर्ष की याद दिलाता है। सीमा के दूसरी तरफ से युद्ध का संदेश आ रहा है और मेरा मानना है कि यह बीते वक्त की बात है, चीजें जिन्हें हम पीछे छोड़ आए हैं। खार ने कहा, आज हम क्या देख रहे हैं। हमने नियंत्रण रेखा पर तीन घटनाएं देखीं। हम युद्ध भड़कता देख रहे हैं, जो हमें पिछले 60 वर्ष की याद दिलाता है। सीमा के दूसरी तरफ से युद्ध का संदेश आ रहा है और मेरा मानना है कि यह बीते वक्त की बात है, चीजें जिन्हें हम पीछे छोड़ आए हैं।
यहाँ एक सारांश है:पाकिस्तान की विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार ने जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा के पास दो भारतीय सैनिकों की हत्या के बाद भारत पर ‘युद्ध भड़काने’ का प्रयास करने का आरोप लगाया है।
17
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पाकिस्तान सरकार का एक एमआई हेलीकॉप्‍टर गुरुवार को अफगानिस्तान में उतरते वक्त दुर्घटनाग्रस्त हो गया। स्थानीय अधिकारियों ने आशंका जताई है कि विमान में सवार एक रूसी सहित सभी सात लोगों को तालिबान ने बंधक बना लिया। पंजाब के प्रांतीय सरकार का रूस निर्मित हेलीकॉप्‍टर नियमित रख-रखाव के लिए रूस जा रहा था, तभी तकनीकी गड़बड़ी आने पर इसे अशांत लोगार प्रांत के अज्रा जिले में उतरना पड़ा। पाकिस्तान सरकार के एक अधिकारी ने बताया, ''हमारा मानना है कि यह हमारा हेलीकॉप्‍टर था लेकिन अफगान सरकार से पुष्टि होना बाकी है।''टिप्पणियां अधिकारी ने हेलीकॉप्‍टर में सवार सात लोगों के ठिकाने के बारे में पुष्टि नहीं की। हालांकि उन्होंने कहा कि एक रूसी इंजीनियर और चार पूर्व सैन्यकर्मी सहित छह पाकिस्तानी सवार थे। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पंजाब के प्रांतीय सरकार का रूस निर्मित हेलीकॉप्‍टर नियमित रख-रखाव के लिए रूस जा रहा था, तभी तकनीकी गड़बड़ी आने पर इसे अशांत लोगार प्रांत के अज्रा जिले में उतरना पड़ा। पाकिस्तान सरकार के एक अधिकारी ने बताया, ''हमारा मानना है कि यह हमारा हेलीकॉप्‍टर था लेकिन अफगान सरकार से पुष्टि होना बाकी है।''टिप्पणियां अधिकारी ने हेलीकॉप्‍टर में सवार सात लोगों के ठिकाने के बारे में पुष्टि नहीं की। हालांकि उन्होंने कहा कि एक रूसी इंजीनियर और चार पूर्व सैन्यकर्मी सहित छह पाकिस्तानी सवार थे। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पाकिस्तान सरकार के एक अधिकारी ने बताया, ''हमारा मानना है कि यह हमारा हेलीकॉप्‍टर था लेकिन अफगान सरकार से पुष्टि होना बाकी है।''टिप्पणियां अधिकारी ने हेलीकॉप्‍टर में सवार सात लोगों के ठिकाने के बारे में पुष्टि नहीं की। हालांकि उन्होंने कहा कि एक रूसी इंजीनियर और चार पूर्व सैन्यकर्मी सहित छह पाकिस्तानी सवार थे। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) अधिकारी ने हेलीकॉप्‍टर में सवार सात लोगों के ठिकाने के बारे में पुष्टि नहीं की। हालांकि उन्होंने कहा कि एक रूसी इंजीनियर और चार पूर्व सैन्यकर्मी सहित छह पाकिस्तानी सवार थे। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
हेलीकॉप्‍टर नियमित रख-रखाव के लिए रूस जा रहा था तकनीकी गड़बड़ी के चलते इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई चार पूर्व सैन्‍यकर्मी भी सवार थे
34
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पश्चिम बंगाल की राजधानी में स्थित प्रेसीडेंसी विश्वविद्यालय में आने वाले साल में विद्यार्थी प्यार जैसे गूढ़ विषय को पढ़ाई के लिए चुन सकेंगे। विश्वविद्यालय के कुलपति ने रविवार को कहा कि यह पाठ्यक्रम नए बहुविषयक अध्ययन कार्यक्रम का ही एक भाग है। प्रेसीडेंसी विश्वविद्यालय की कुलपति मालविका सरकार ने बताया, "प्यार पर नया कोर्स आगामी सत्र में जनवरी से शुरू होगा और समाजशास्त्रीय निहितार्थ से इस कोर्स का तालमेल रहेगा।" मालविका ने कहा, "समाजशास्त्र विभाग में ही यह कोर्स पढ़ाया जाएगा। इसमें प्रमुख रूप से प्यार के सैद्धांतिक पहलुओं को समझाया जाएगा।" विश्वविद्यालय ने मुख्य विषयों से इतर छात्रों को विविध विषयों में प्रवेश देने की पहल जुलाई से ही शुरू कर दी है। इस तरह यह अंत:विषयक पाठ्यक्रम पेश करने वाला देश का पहला विश्वविद्यालय बन गया है। इस पाठ्यक्रम के तहत विज्ञान का छात्र उदार कला विषयों का रसास्वादन कर सकेगा और मानविकी में डूबे रहने वाले छात्र विज्ञान को अपना सकेंगे।   टिप्पणियां विश्वविद्यालय में भौतिकी विभाग के अध्यक्ष सोमक रायचौधरी ने कहा, "देश में यह इस तरह का पहला प्रयास है। एक पारंपरिक भारतीय विश्वविद्यालयी शिक्षा तंत्र में ऑनर्स के विद्यार्थियों के लिए दो पास विषय लेने जरूरी होते हैं, हम इन दो विषयों में विकल्पों की पेशकश करेंगे।" उन्होंने बताया, अक्सर देखा गया है कि विद्यार्थी पास विषयों को संजीदगी से नहीं लेते हैं, इसी के चलते दो शाखाओं को निकट लाने का निर्णय लिया गया। वह समझाते हैं, "छात्रों पर पास विषय थोपने के बजाय हमने उन्हें अलग-अलग करने का निर्णय लिया और 10 पेपरों की सूची बनाई है। ऑनर्स के विद्यार्थियों को 10 पेपर लेने हैं जबकि विज्ञान के छात्र को कम से कम दो आर्ट्स के पेपर लेने होंगे। मानविकी के छात्र के लिए यह ठीक उलट होगा।" प्राध्यापक ने कहा "नया कोर्स हर एक के लिए खुला है।" प्रेसीडेंसी विश्वविद्यालय की कुलपति मालविका सरकार ने बताया, "प्यार पर नया कोर्स आगामी सत्र में जनवरी से शुरू होगा और समाजशास्त्रीय निहितार्थ से इस कोर्स का तालमेल रहेगा।" मालविका ने कहा, "समाजशास्त्र विभाग में ही यह कोर्स पढ़ाया जाएगा। इसमें प्रमुख रूप से प्यार के सैद्धांतिक पहलुओं को समझाया जाएगा।" विश्वविद्यालय ने मुख्य विषयों से इतर छात्रों को विविध विषयों में प्रवेश देने की पहल जुलाई से ही शुरू कर दी है। इस तरह यह अंत:विषयक पाठ्यक्रम पेश करने वाला देश का पहला विश्वविद्यालय बन गया है। इस पाठ्यक्रम के तहत विज्ञान का छात्र उदार कला विषयों का रसास्वादन कर सकेगा और मानविकी में डूबे रहने वाले छात्र विज्ञान को अपना सकेंगे।   टिप्पणियां विश्वविद्यालय में भौतिकी विभाग के अध्यक्ष सोमक रायचौधरी ने कहा, "देश में यह इस तरह का पहला प्रयास है। एक पारंपरिक भारतीय विश्वविद्यालयी शिक्षा तंत्र में ऑनर्स के विद्यार्थियों के लिए दो पास विषय लेने जरूरी होते हैं, हम इन दो विषयों में विकल्पों की पेशकश करेंगे।" उन्होंने बताया, अक्सर देखा गया है कि विद्यार्थी पास विषयों को संजीदगी से नहीं लेते हैं, इसी के चलते दो शाखाओं को निकट लाने का निर्णय लिया गया। वह समझाते हैं, "छात्रों पर पास विषय थोपने के बजाय हमने उन्हें अलग-अलग करने का निर्णय लिया और 10 पेपरों की सूची बनाई है। ऑनर्स के विद्यार्थियों को 10 पेपर लेने हैं जबकि विज्ञान के छात्र को कम से कम दो आर्ट्स के पेपर लेने होंगे। मानविकी के छात्र के लिए यह ठीक उलट होगा।" प्राध्यापक ने कहा "नया कोर्स हर एक के लिए खुला है।" मालविका ने कहा, "समाजशास्त्र विभाग में ही यह कोर्स पढ़ाया जाएगा। इसमें प्रमुख रूप से प्यार के सैद्धांतिक पहलुओं को समझाया जाएगा।" विश्वविद्यालय ने मुख्य विषयों से इतर छात्रों को विविध विषयों में प्रवेश देने की पहल जुलाई से ही शुरू कर दी है। इस तरह यह अंत:विषयक पाठ्यक्रम पेश करने वाला देश का पहला विश्वविद्यालय बन गया है। इस पाठ्यक्रम के तहत विज्ञान का छात्र उदार कला विषयों का रसास्वादन कर सकेगा और मानविकी में डूबे रहने वाले छात्र विज्ञान को अपना सकेंगे।   टिप्पणियां विश्वविद्यालय में भौतिकी विभाग के अध्यक्ष सोमक रायचौधरी ने कहा, "देश में यह इस तरह का पहला प्रयास है। एक पारंपरिक भारतीय विश्वविद्यालयी शिक्षा तंत्र में ऑनर्स के विद्यार्थियों के लिए दो पास विषय लेने जरूरी होते हैं, हम इन दो विषयों में विकल्पों की पेशकश करेंगे।" उन्होंने बताया, अक्सर देखा गया है कि विद्यार्थी पास विषयों को संजीदगी से नहीं लेते हैं, इसी के चलते दो शाखाओं को निकट लाने का निर्णय लिया गया। वह समझाते हैं, "छात्रों पर पास विषय थोपने के बजाय हमने उन्हें अलग-अलग करने का निर्णय लिया और 10 पेपरों की सूची बनाई है। ऑनर्स के विद्यार्थियों को 10 पेपर लेने हैं जबकि विज्ञान के छात्र को कम से कम दो आर्ट्स के पेपर लेने होंगे। मानविकी के छात्र के लिए यह ठीक उलट होगा।" प्राध्यापक ने कहा "नया कोर्स हर एक के लिए खुला है।" विश्वविद्यालय ने मुख्य विषयों से इतर छात्रों को विविध विषयों में प्रवेश देने की पहल जुलाई से ही शुरू कर दी है। इस तरह यह अंत:विषयक पाठ्यक्रम पेश करने वाला देश का पहला विश्वविद्यालय बन गया है। इस पाठ्यक्रम के तहत विज्ञान का छात्र उदार कला विषयों का रसास्वादन कर सकेगा और मानविकी में डूबे रहने वाले छात्र विज्ञान को अपना सकेंगे।   टिप्पणियां विश्वविद्यालय में भौतिकी विभाग के अध्यक्ष सोमक रायचौधरी ने कहा, "देश में यह इस तरह का पहला प्रयास है। एक पारंपरिक भारतीय विश्वविद्यालयी शिक्षा तंत्र में ऑनर्स के विद्यार्थियों के लिए दो पास विषय लेने जरूरी होते हैं, हम इन दो विषयों में विकल्पों की पेशकश करेंगे।" उन्होंने बताया, अक्सर देखा गया है कि विद्यार्थी पास विषयों को संजीदगी से नहीं लेते हैं, इसी के चलते दो शाखाओं को निकट लाने का निर्णय लिया गया। वह समझाते हैं, "छात्रों पर पास विषय थोपने के बजाय हमने उन्हें अलग-अलग करने का निर्णय लिया और 10 पेपरों की सूची बनाई है। ऑनर्स के विद्यार्थियों को 10 पेपर लेने हैं जबकि विज्ञान के छात्र को कम से कम दो आर्ट्स के पेपर लेने होंगे। मानविकी के छात्र के लिए यह ठीक उलट होगा।" प्राध्यापक ने कहा "नया कोर्स हर एक के लिए खुला है।" इस पाठ्यक्रम के तहत विज्ञान का छात्र उदार कला विषयों का रसास्वादन कर सकेगा और मानविकी में डूबे रहने वाले छात्र विज्ञान को अपना सकेंगे।   टिप्पणियां विश्वविद्यालय में भौतिकी विभाग के अध्यक्ष सोमक रायचौधरी ने कहा, "देश में यह इस तरह का पहला प्रयास है। एक पारंपरिक भारतीय विश्वविद्यालयी शिक्षा तंत्र में ऑनर्स के विद्यार्थियों के लिए दो पास विषय लेने जरूरी होते हैं, हम इन दो विषयों में विकल्पों की पेशकश करेंगे।" उन्होंने बताया, अक्सर देखा गया है कि विद्यार्थी पास विषयों को संजीदगी से नहीं लेते हैं, इसी के चलते दो शाखाओं को निकट लाने का निर्णय लिया गया। वह समझाते हैं, "छात्रों पर पास विषय थोपने के बजाय हमने उन्हें अलग-अलग करने का निर्णय लिया और 10 पेपरों की सूची बनाई है। ऑनर्स के विद्यार्थियों को 10 पेपर लेने हैं जबकि विज्ञान के छात्र को कम से कम दो आर्ट्स के पेपर लेने होंगे। मानविकी के छात्र के लिए यह ठीक उलट होगा।" प्राध्यापक ने कहा "नया कोर्स हर एक के लिए खुला है।" विश्वविद्यालय में भौतिकी विभाग के अध्यक्ष सोमक रायचौधरी ने कहा, "देश में यह इस तरह का पहला प्रयास है। एक पारंपरिक भारतीय विश्वविद्यालयी शिक्षा तंत्र में ऑनर्स के विद्यार्थियों के लिए दो पास विषय लेने जरूरी होते हैं, हम इन दो विषयों में विकल्पों की पेशकश करेंगे।" उन्होंने बताया, अक्सर देखा गया है कि विद्यार्थी पास विषयों को संजीदगी से नहीं लेते हैं, इसी के चलते दो शाखाओं को निकट लाने का निर्णय लिया गया। वह समझाते हैं, "छात्रों पर पास विषय थोपने के बजाय हमने उन्हें अलग-अलग करने का निर्णय लिया और 10 पेपरों की सूची बनाई है। ऑनर्स के विद्यार्थियों को 10 पेपर लेने हैं जबकि विज्ञान के छात्र को कम से कम दो आर्ट्स के पेपर लेने होंगे। मानविकी के छात्र के लिए यह ठीक उलट होगा।" प्राध्यापक ने कहा "नया कोर्स हर एक के लिए खुला है।" वह समझाते हैं, "छात्रों पर पास विषय थोपने के बजाय हमने उन्हें अलग-अलग करने का निर्णय लिया और 10 पेपरों की सूची बनाई है। ऑनर्स के विद्यार्थियों को 10 पेपर लेने हैं जबकि विज्ञान के छात्र को कम से कम दो आर्ट्स के पेपर लेने होंगे। मानविकी के छात्र के लिए यह ठीक उलट होगा।" प्राध्यापक ने कहा "नया कोर्स हर एक के लिए खुला है।"
यह एक सारांश है: पश्चिम बंगाल की राजधानी में स्थित प्रेसीडेंसी विश्वविद्यालय में आने वाले साल में विद्यार्थी प्यार जैसे गूढ़ विषय को पढ़ाई के लिए चुन सकेंगे। विश्वविद्यालय के कुलपति ने रविवार को कहा कि यह पाठ्यक्रम नए बहुविषयक अध्ययन कार्यक्रम का ही एक भाग है।
9
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: दिल्ली के बाहरी इलाके में शनिवार रात 10 बजे एक व्यक्ति वॉलेट पार्किंग काउंटर पर आया. इसके कुछ ही देर बाद वह सफेद रंग की एक ऑडी क्यू7 चलाकर वहां से निकल गया. इसमें कुछ भी अजीब नहीं लगता न! लेकिन बता दें कि यह कार उसकी नहीं थी. बल्कि वह तो एक शातिर चोर था. यह पूरी घटना होटल के बाहर लगे सिक्योरिटी कैमरे में कैद हो गई है. दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के पास एयरोसिटी कॉमर्शियल हब में बने हॉलीडे इन होटल की पार्किंग से जो ऑडी क्यू7 कार चोरी हुई, वह बिजनेसमैन अर्जुन गर्ग की थी. अर्जुन गर्ग के परिवार के अनुसार वे रात करीब 8:30 बजे होटल में खाना खाने गए थे. रात 10:15 बजे जब वे घर लौटने लगे तो कार की चाबी लेने के लिए पार्किंग स्टाफ के पास गए, लेकिन वहां उनकी कार की चाबी नहीं मिली. अर्जुन गर्ग की पत्नी सुप्रिया ने कहा, 'हालांकि इस दौरान होटल के अधिकारियों ने उन्हें विश्वास दिलाया कि उनकी कार पार्किंग में ही है.' उन्होंने बताया कि करीब दो घंटे बाद होटलकर्मियों ने जानकारी दी कि पार्किंग से आपकी कार चोरी हो गई है. पुलिस सिक्योरिटी कैमरे की फुटेज की जांच कर रही है, जिसमें चोरी की घटना कैद हुई है. फुटेज में साफ नजर आता है कि रात 9:45 बजे फोन पर बात करता हुआ एक व्यक्ति बड़े आराम से होटल की लॉबी में आता है. इसके 15 मिनट बाद वह बिल्डिंग से बाहर निकलकर पार्किंग काउंटर पर जाकर वहां से चाबी लेता है और आसानी से ऑडी चलाकर होटल से निकल जाता है.टिप्पणियां सुप्रिया गर्ग ने कहा, 'हालांकि हमारी एफआईआर में होटल मैनेजर का नाम नहीं है, लेकिन हम उनसे भी नाराज हैं. अगर वह हमें समय पर इसकी जानकारी दे देते, तो हम होटल से कार चोरी होने के 20 मिनट के अंदर पुलिस को इसकी जानकारी दे सकते थे.' हॉलीडे इन के जनरल मैनेजर रंजन मालाकर ने कहा, 'अब हमारी प्राथमिकता यह है कि हम अधिकारियों के साथ सहयोग करें और जांच में उनकी मदद करें, क्योंकि मेहमानों की सुरक्षा हमारे लिए सर्वोपरि है. हम मेहमानों के साथ भी संपर्क में हैं, ताकि उनको हुई असुविधा को कम किया जा सके.' दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के पास एयरोसिटी कॉमर्शियल हब में बने हॉलीडे इन होटल की पार्किंग से जो ऑडी क्यू7 कार चोरी हुई, वह बिजनेसमैन अर्जुन गर्ग की थी. अर्जुन गर्ग के परिवार के अनुसार वे रात करीब 8:30 बजे होटल में खाना खाने गए थे. रात 10:15 बजे जब वे घर लौटने लगे तो कार की चाबी लेने के लिए पार्किंग स्टाफ के पास गए, लेकिन वहां उनकी कार की चाबी नहीं मिली. अर्जुन गर्ग की पत्नी सुप्रिया ने कहा, 'हालांकि इस दौरान होटल के अधिकारियों ने उन्हें विश्वास दिलाया कि उनकी कार पार्किंग में ही है.' उन्होंने बताया कि करीब दो घंटे बाद होटलकर्मियों ने जानकारी दी कि पार्किंग से आपकी कार चोरी हो गई है. पुलिस सिक्योरिटी कैमरे की फुटेज की जांच कर रही है, जिसमें चोरी की घटना कैद हुई है. फुटेज में साफ नजर आता है कि रात 9:45 बजे फोन पर बात करता हुआ एक व्यक्ति बड़े आराम से होटल की लॉबी में आता है. इसके 15 मिनट बाद वह बिल्डिंग से बाहर निकलकर पार्किंग काउंटर पर जाकर वहां से चाबी लेता है और आसानी से ऑडी चलाकर होटल से निकल जाता है.टिप्पणियां सुप्रिया गर्ग ने कहा, 'हालांकि हमारी एफआईआर में होटल मैनेजर का नाम नहीं है, लेकिन हम उनसे भी नाराज हैं. अगर वह हमें समय पर इसकी जानकारी दे देते, तो हम होटल से कार चोरी होने के 20 मिनट के अंदर पुलिस को इसकी जानकारी दे सकते थे.' हॉलीडे इन के जनरल मैनेजर रंजन मालाकर ने कहा, 'अब हमारी प्राथमिकता यह है कि हम अधिकारियों के साथ सहयोग करें और जांच में उनकी मदद करें, क्योंकि मेहमानों की सुरक्षा हमारे लिए सर्वोपरि है. हम मेहमानों के साथ भी संपर्क में हैं, ताकि उनको हुई असुविधा को कम किया जा सके.' अर्जुन गर्ग के परिवार के अनुसार वे रात करीब 8:30 बजे होटल में खाना खाने गए थे. रात 10:15 बजे जब वे घर लौटने लगे तो कार की चाबी लेने के लिए पार्किंग स्टाफ के पास गए, लेकिन वहां उनकी कार की चाबी नहीं मिली. अर्जुन गर्ग की पत्नी सुप्रिया ने कहा, 'हालांकि इस दौरान होटल के अधिकारियों ने उन्हें विश्वास दिलाया कि उनकी कार पार्किंग में ही है.' उन्होंने बताया कि करीब दो घंटे बाद होटलकर्मियों ने जानकारी दी कि पार्किंग से आपकी कार चोरी हो गई है. पुलिस सिक्योरिटी कैमरे की फुटेज की जांच कर रही है, जिसमें चोरी की घटना कैद हुई है. फुटेज में साफ नजर आता है कि रात 9:45 बजे फोन पर बात करता हुआ एक व्यक्ति बड़े आराम से होटल की लॉबी में आता है. इसके 15 मिनट बाद वह बिल्डिंग से बाहर निकलकर पार्किंग काउंटर पर जाकर वहां से चाबी लेता है और आसानी से ऑडी चलाकर होटल से निकल जाता है.टिप्पणियां सुप्रिया गर्ग ने कहा, 'हालांकि हमारी एफआईआर में होटल मैनेजर का नाम नहीं है, लेकिन हम उनसे भी नाराज हैं. अगर वह हमें समय पर इसकी जानकारी दे देते, तो हम होटल से कार चोरी होने के 20 मिनट के अंदर पुलिस को इसकी जानकारी दे सकते थे.' हॉलीडे इन के जनरल मैनेजर रंजन मालाकर ने कहा, 'अब हमारी प्राथमिकता यह है कि हम अधिकारियों के साथ सहयोग करें और जांच में उनकी मदद करें, क्योंकि मेहमानों की सुरक्षा हमारे लिए सर्वोपरि है. हम मेहमानों के साथ भी संपर्क में हैं, ताकि उनको हुई असुविधा को कम किया जा सके.' अर्जुन गर्ग की पत्नी सुप्रिया ने कहा, 'हालांकि इस दौरान होटल के अधिकारियों ने उन्हें विश्वास दिलाया कि उनकी कार पार्किंग में ही है.' उन्होंने बताया कि करीब दो घंटे बाद होटलकर्मियों ने जानकारी दी कि पार्किंग से आपकी कार चोरी हो गई है. पुलिस सिक्योरिटी कैमरे की फुटेज की जांच कर रही है, जिसमें चोरी की घटना कैद हुई है. फुटेज में साफ नजर आता है कि रात 9:45 बजे फोन पर बात करता हुआ एक व्यक्ति बड़े आराम से होटल की लॉबी में आता है. इसके 15 मिनट बाद वह बिल्डिंग से बाहर निकलकर पार्किंग काउंटर पर जाकर वहां से चाबी लेता है और आसानी से ऑडी चलाकर होटल से निकल जाता है.टिप्पणियां सुप्रिया गर्ग ने कहा, 'हालांकि हमारी एफआईआर में होटल मैनेजर का नाम नहीं है, लेकिन हम उनसे भी नाराज हैं. अगर वह हमें समय पर इसकी जानकारी दे देते, तो हम होटल से कार चोरी होने के 20 मिनट के अंदर पुलिस को इसकी जानकारी दे सकते थे.' हॉलीडे इन के जनरल मैनेजर रंजन मालाकर ने कहा, 'अब हमारी प्राथमिकता यह है कि हम अधिकारियों के साथ सहयोग करें और जांच में उनकी मदद करें, क्योंकि मेहमानों की सुरक्षा हमारे लिए सर्वोपरि है. हम मेहमानों के साथ भी संपर्क में हैं, ताकि उनको हुई असुविधा को कम किया जा सके.' पुलिस सिक्योरिटी कैमरे की फुटेज की जांच कर रही है, जिसमें चोरी की घटना कैद हुई है. फुटेज में साफ नजर आता है कि रात 9:45 बजे फोन पर बात करता हुआ एक व्यक्ति बड़े आराम से होटल की लॉबी में आता है. इसके 15 मिनट बाद वह बिल्डिंग से बाहर निकलकर पार्किंग काउंटर पर जाकर वहां से चाबी लेता है और आसानी से ऑडी चलाकर होटल से निकल जाता है.टिप्पणियां सुप्रिया गर्ग ने कहा, 'हालांकि हमारी एफआईआर में होटल मैनेजर का नाम नहीं है, लेकिन हम उनसे भी नाराज हैं. अगर वह हमें समय पर इसकी जानकारी दे देते, तो हम होटल से कार चोरी होने के 20 मिनट के अंदर पुलिस को इसकी जानकारी दे सकते थे.' हॉलीडे इन के जनरल मैनेजर रंजन मालाकर ने कहा, 'अब हमारी प्राथमिकता यह है कि हम अधिकारियों के साथ सहयोग करें और जांच में उनकी मदद करें, क्योंकि मेहमानों की सुरक्षा हमारे लिए सर्वोपरि है. हम मेहमानों के साथ भी संपर्क में हैं, ताकि उनको हुई असुविधा को कम किया जा सके.' सुप्रिया गर्ग ने कहा, 'हालांकि हमारी एफआईआर में होटल मैनेजर का नाम नहीं है, लेकिन हम उनसे भी नाराज हैं. अगर वह हमें समय पर इसकी जानकारी दे देते, तो हम होटल से कार चोरी होने के 20 मिनट के अंदर पुलिस को इसकी जानकारी दे सकते थे.' हॉलीडे इन के जनरल मैनेजर रंजन मालाकर ने कहा, 'अब हमारी प्राथमिकता यह है कि हम अधिकारियों के साथ सहयोग करें और जांच में उनकी मदद करें, क्योंकि मेहमानों की सुरक्षा हमारे लिए सर्वोपरि है. हम मेहमानों के साथ भी संपर्क में हैं, ताकि उनको हुई असुविधा को कम किया जा सके.' हॉलीडे इन के जनरल मैनेजर रंजन मालाकर ने कहा, 'अब हमारी प्राथमिकता यह है कि हम अधिकारियों के साथ सहयोग करें और जांच में उनकी मदद करें, क्योंकि मेहमानों की सुरक्षा हमारे लिए सर्वोपरि है. हम मेहमानों के साथ भी संपर्क में हैं, ताकि उनको हुई असुविधा को कम किया जा सके.'
सारांश: पार्किंग काउंटर से चाबी ली और आसानी से कार चुरा ले गया चोर उन्होंने कहा, कार सुरक्षित है और दो घंटे तक इंतजार कराया : कार मालिक चोर की गिरफ्तारी के लिए पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है
7
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: हास्य अभिनेता जसपाल भट्टी ने चुनाव आयोग के सामने नेताओं को एक-दूसरे पर कीचड़ उछालने और कुछ हद तक चरित्र हनन करने की अनुमति देने का आग्रह किया है। भट्टी और उनके नॉन सेन्स क्लब के साथियों ने पंजाब में होने वाले विधानसभा चुनावों में नेताओं को यह अनुमति दिए जाने के लिए गुरुवार को प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के सामने अपनी मांग रखी।टिप्पणियां अपनी मांग को सही ठहराते हुए भट्टी ने कहा, "इन चीजों की अनुमति दी जानी चाहिए। यह मतदाताओं को राय बनाने में मदद करेगा कि प्रत्याशियों में कौन कम भ्रष्ट है और कौन अधिक।" उन्होंने कहा, "कई बार जब दोनों प्रतिद्वंदी बराबर भ्रष्ट होते हैं, तो मतदाता के लिए चुनाव करना खासा मुश्किल हो जाता है। जब प्रत्याशी एक दूसरे के मुद्दों को खोजेंगे तो यह जनता का मनोरंजन करेगा और वह अधिक रुचि से लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हिस्सा लेंगे।" उन्होंने बताया कि ऐसा करने से बेजान चुनावों में रंग भर जाएगा। भट्टी की राय में सिर्फ चुनाव के दिनों में ही प्रत्याशियों की गुप्त बातें जनता के सामने आ सकती हैं, जिन्हें केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के लिए भी पता लगाना मुश्किल होता है। भट्टी और उनके नॉन सेन्स क्लब के साथियों ने पंजाब में होने वाले विधानसभा चुनावों में नेताओं को यह अनुमति दिए जाने के लिए गुरुवार को प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के सामने अपनी मांग रखी।टिप्पणियां अपनी मांग को सही ठहराते हुए भट्टी ने कहा, "इन चीजों की अनुमति दी जानी चाहिए। यह मतदाताओं को राय बनाने में मदद करेगा कि प्रत्याशियों में कौन कम भ्रष्ट है और कौन अधिक।" उन्होंने कहा, "कई बार जब दोनों प्रतिद्वंदी बराबर भ्रष्ट होते हैं, तो मतदाता के लिए चुनाव करना खासा मुश्किल हो जाता है। जब प्रत्याशी एक दूसरे के मुद्दों को खोजेंगे तो यह जनता का मनोरंजन करेगा और वह अधिक रुचि से लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हिस्सा लेंगे।" उन्होंने बताया कि ऐसा करने से बेजान चुनावों में रंग भर जाएगा। भट्टी की राय में सिर्फ चुनाव के दिनों में ही प्रत्याशियों की गुप्त बातें जनता के सामने आ सकती हैं, जिन्हें केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के लिए भी पता लगाना मुश्किल होता है। अपनी मांग को सही ठहराते हुए भट्टी ने कहा, "इन चीजों की अनुमति दी जानी चाहिए। यह मतदाताओं को राय बनाने में मदद करेगा कि प्रत्याशियों में कौन कम भ्रष्ट है और कौन अधिक।" उन्होंने कहा, "कई बार जब दोनों प्रतिद्वंदी बराबर भ्रष्ट होते हैं, तो मतदाता के लिए चुनाव करना खासा मुश्किल हो जाता है। जब प्रत्याशी एक दूसरे के मुद्दों को खोजेंगे तो यह जनता का मनोरंजन करेगा और वह अधिक रुचि से लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हिस्सा लेंगे।" उन्होंने बताया कि ऐसा करने से बेजान चुनावों में रंग भर जाएगा। भट्टी की राय में सिर्फ चुनाव के दिनों में ही प्रत्याशियों की गुप्त बातें जनता के सामने आ सकती हैं, जिन्हें केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के लिए भी पता लगाना मुश्किल होता है। भट्टी की राय में सिर्फ चुनाव के दिनों में ही प्रत्याशियों की गुप्त बातें जनता के सामने आ सकती हैं, जिन्हें केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के लिए भी पता लगाना मुश्किल होता है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: हास्य अभिनेता जसपाल भट्टी ने चुनाव आयोग के सामने नेताओं को एक-दूसरे पर कीचड़ उछालने और कुछ हद तक चरित्र हनन करने की अनुमति देने का आग्रह किया है।
19
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: आज रिलीज़ हुई 'जोड़ी ब्रेकर्स' ऐसे दो युवाओं की कहानी है, जो शादी से दुखी हो चुके लोगों का तलाक कराते हैं... एक है डायवोर्स एक्सपर्ट सिड, यानि माधवन, जो खुद शादी के बुरे तजुर्बे के बाद तलाक ले चुका है, और दूसरी है सोनाली, यानि बिपाशा बसु, जो अपने दुखी मां-बाप तक का तलाक करा चुकी है... लेकिन असली कहानी तब शुरू होती है, जब ये दोनों मिलकर एक सुखी विवाहित जोड़े को अलग करा देते हैं...टिप्पणियां डायरेक्टर अश्विनी चौधरी की 'जोड़ी ब्रेकर्स' में सिड और सोनाली बहुत मज़ेदार ढंग से जोड़ियां तोड़ते हैं, जिसकी वजह से पहले हाफ में अच्छी कॉमेडी है... सबसे मज़ेदार किस्सा एक पहलवान का है, जिसकी बीवी को ज़रूरत से ज़्यादा प्यार चाहिए... 'थ्री इडियट्स' की तरह 'जोड़ी ब्रेकर्स' में भी ओमी वैद्य ने गलत हिन्दी में भाषण देकर हंसाया है... बीच-बीच में ग्लैमरस डांस नंबर्स मनोरंजन भी करते हैं... बिपाशा और माधवन पर अच्छे रोमांटिक सीन्स फिल्माए गए हैं, और खासकर बिपाशा नई ताजगी और खूबसूरती के साथ लौटी हैं... इंटरवल के बाद कहानी में मोड़ आ जाता है, जो उलझाए रखता है... सेकंड हाफ में कॉमेडी की जगह लेता है लाइट रोमांटिक ड्रामा, और यहीं से फिल्म थोड़ी थकी हुई लगती है, लेकिन यहां हेलन छोटे से रोल में जान डालती हैं... जिस ढंग से 'जोड़ी ब्रेकर्स' जोड़ियां तोड़ते हैं, वह भी असलियत से दूर है, लेकिन कॉमेडी में चल जाता है... कुल मिलाकर 'जोड़ी ब्रेकर्स' एन्टरटेनिंग पैकेज है, और इसके लिए हमारी रेटिंग है 3 स्टार... डायरेक्टर अश्विनी चौधरी की 'जोड़ी ब्रेकर्स' में सिड और सोनाली बहुत मज़ेदार ढंग से जोड़ियां तोड़ते हैं, जिसकी वजह से पहले हाफ में अच्छी कॉमेडी है... सबसे मज़ेदार किस्सा एक पहलवान का है, जिसकी बीवी को ज़रूरत से ज़्यादा प्यार चाहिए... 'थ्री इडियट्स' की तरह 'जोड़ी ब्रेकर्स' में भी ओमी वैद्य ने गलत हिन्दी में भाषण देकर हंसाया है... बीच-बीच में ग्लैमरस डांस नंबर्स मनोरंजन भी करते हैं... बिपाशा और माधवन पर अच्छे रोमांटिक सीन्स फिल्माए गए हैं, और खासकर बिपाशा नई ताजगी और खूबसूरती के साथ लौटी हैं... इंटरवल के बाद कहानी में मोड़ आ जाता है, जो उलझाए रखता है... सेकंड हाफ में कॉमेडी की जगह लेता है लाइट रोमांटिक ड्रामा, और यहीं से फिल्म थोड़ी थकी हुई लगती है, लेकिन यहां हेलन छोटे से रोल में जान डालती हैं... जिस ढंग से 'जोड़ी ब्रेकर्स' जोड़ियां तोड़ते हैं, वह भी असलियत से दूर है, लेकिन कॉमेडी में चल जाता है... कुल मिलाकर 'जोड़ी ब्रेकर्स' एन्टरटेनिंग पैकेज है, और इसके लिए हमारी रेटिंग है 3 स्टार... सेकंड हाफ में कॉमेडी की जगह लेता है लाइट रोमांटिक ड्रामा, और यहीं से फिल्म थोड़ी थकी हुई लगती है, लेकिन यहां हेलन छोटे से रोल में जान डालती हैं... जिस ढंग से 'जोड़ी ब्रेकर्स' जोड़ियां तोड़ते हैं, वह भी असलियत से दूर है, लेकिन कॉमेडी में चल जाता है... कुल मिलाकर 'जोड़ी ब्रेकर्स' एन्टरटेनिंग पैकेज है, और इसके लिए हमारी रेटिंग है 3 स्टार...
ऐसे दो युवाओं की कहानी, जो तलाक कराते हैं... एक है माधवन, और दूसरी है बिपाशा... लेकिन असली कहानी तब शुरू होती है, जब ये दोनों एक सुखी जोड़े को अलग करा देते हैं...
34
['hin']
एक सारांश बनाओ: मुअम्मर गद्दाफी को सत्ता से हटाने की अपनी मांग को और तेज करते हुए प्रदर्शनकारी लीबिया की राजधानी और गद्दाफी का गढ़ माने जाने वाले त्रिपोली में सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए गद्दाफी समर्थक सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले छोड़े। लीबिया में बिगड़ती स्थिति पर रूसी राष्ट्रपति दमित्रि मेदवेदेव ने कहा कि देश गृहयुद्ध की तरफ बढ़ रहा है। सत्ता परिवर्तन और सुधारों की मांग को लेकर बहरीन और यमन में प्रदर्शन हुए। यमन में एक प्रदर्शनकारी मारा गया है। ट्यूनीशिया में चुनाव की घोषणा की गई है। लीबिया में पिछले दो सप्ताह से जारी हिंसा में अब तक तीन से छह हजार के बीच लोगों के मारे जाने की आशंका है जबकि 140,000 लोग देश छोड़कर भाग गए हैं। गद्दाफी का देश की राजधानी त्रिपोली पर हालांकि नियंत्रण बना हुआ है लेकिन पूर्वी क्षेत्रों के ज्यादातर शहरों पर विद्रोहियों का नियंत्रण है। समाचार चैनल 'अल जजीरा' के मुताबिक संघर्षों में मारे गए लोगों का अंतिम संस्कार होने के बाद विद्रोही शुक्रवार को सम्भावित हमलों से लड़ने के लिए एकजुट हुए। एक दिन पहले गद्दाफी समर्थक सेना ने ब्रेगा शहर पर हवाई हमले किए। प्रशासन ने विदेशी पत्रकारों को त्रिपोली में मीडिया के मुख्य होटल से बाहर निकलने पर रोक लगा दी है। लेकिन बाद में पत्रकारों से कहा गया कि वे इस शर्त पर होटल से बाहर जा सकते हैं कि उन्हें सरकारी बसों में सवार होकर उन स्थानों पर ही जाना होगा, जहां उन्हें सरकार ले जाना चाहेगी। स्थानीय निवासियों के अनुसार गद्दाफी समर्थक सैनिक त्रिपोली में असन्य कारों में सवार होकर घूम रहे हैं। हाल के दिनों में शहर में धर-पकड़, हत्या और लापता होने की लहर सी चल पड़ी है। लापता लोगों के शव सड़कों पर पड़े मिले हैं। समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार लीबिया के तीसरे सबसे बड़े शहर, मिसुराता में प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि उन्होंने 10 लाख लोगों का जुलूस निकालने का लक्ष्य रखा है और उनमें से कुछ लोग त्रिपोली के लिए कूच करेंगे, जहां गद्दाफी का नियंत्रण बना हुआ है। समाचार एजेंसी डीपीए के मुताबिक गद्दाफी के पुत्र सैफ अल-इस्लाम ने हवाई हमले की रिपोर्टों से इनकार किया है। गद्दाफी के परिवार के साथ अपने सम्पर्कों के चलते लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (एलएसई) के निदेशक हावर्ड डेविस को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा है। सैफ गद्दाफी ने एलएसई से पढ़ाई की है। अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय (आईसीसी) ने प्रदर्शनकारियों पर ढाए जा रहे कथित जुल्म में गद्दाफी और उनके शीर्ष सहयोगियों की भूमिका की गुरुवार को जांच शुरू कर दी। उधर, रूस के राष्ट्रपति दमित्रि मेदवेदेव ने लीबिया की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि देश गृहयुद्ध की ओर बढ़ रहा है। समाचार एजेंसी आरआईए नोवोस्ती के मुताबिक मेदवेदेव ने कहा, "लीबिया गृह युद्ध के कगार पर खड़ा है और हमारा लक्ष्य अपने नागरिकों की जीवन की सुरक्षा करना है।"
गद्दाफी को सत्ता से हटाने की अपनी मांग को और तेज करते हुए प्रदर्शनकारी राजधानी त्रिपोली में सड़कों पर उतर आए।
26
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: NDTV इंडिया सबसे पहले पहुंचा पटियाला की शेरोंवाला गेट इलाके में. सिद्दू का पुश्तैनी घर यहां से कुछ ही दूरी पर है. 27 दिसंबर 1988 को सिद्दू अपने घर से निकलकर इसी शेरोंवाला गेट के चौराहे पर पहुंचे थे, जहां उनकी जिप्सी एक मारुति कार से टच हो गई. दोनों पक्षों में झगड़ा हुआ और फिर कथित रूप से सिद्दू ने मारुति कार में सवार 65 साल के गुरनाम सिंह को एक जोरदार मुक्का मारा और मौके से भाग गए. इसके बाद बुज़ुर्ग गुरनाम सिंह की मौत हो गई. ये भी आरोप लगा कि सिद्दू गुरनाम सिंह की कार की चाबी ले गए जिससे गुरनाम को समय पर इलाज नहीं मिल पाया. सिद्दू उन दिनों शेरोंवाला गेट के बगल में बने स्टेट बैंक ऑफ पटियाला में नौकरी करते थे जो अब स्टेट बैंक ऑफ इंडिया हो गया है. शेरोंवाला गेट चौक पर मौजूद कई बुजुर्गों को 30 साल पहले हुई घटना अब तक याद है. सिद्दू पर पटियाला के सिविल लाइंस थाने में गैरइरादतन हत्या का मामला दर्ज किया.यह केस निचली अदालत में चलता रहा और सिद्दू इस बीच क्रिकेट की दुनिया में उभरते गए. साल 1999 में सिद्दू को निचली अदालत ने बरी कर दिया. सिद्दू ने पटियाला शहर छोड़ दिया और अमृतसर को अपना नया ठिकाना बना लिया. फिर वे राजनीति में आ गए, लेकिन 2006 में उन्हें तगड़ा झटका तब लगा जब पंजाब एंड चंडीगढ़ हाईकोर्ट ने उन्हें दोषी करार देते हुए तीन साल की सज़ा सुना दी और एक लाख का जुर्माना लगा दिया. सिद्दू इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट गए और अब सुप्रीम कोर्ट से भी उन्हें बड़ी राहत मिल गई. कोर्ट ने उन्हें आईपीसी की धारा 323, यानि मारपीट का दोषी माना और एक हज़ार रुपये का जुर्माना लगा दिया. फैसले के बाद जहां सिद्दू के परिवार ने खुशियां मनाई वहीं ,सिद्दू ने बयान देना शुरू कर दिया. वहीं बार-बार संपर्क करने के बाद भी गुरनाम का परिवार सामने नहीं आया.
दिसंबर 1988 में कथित रूप से मुक्का मारने से हुई थी गुरनाम की मौत पटियाला के कई बुजुर्गों को 30 साल पहले हुई घटना अब तक याद मृतक गुरनाम सिंह के गांव में कोई भी मीडिया से बात करने को तैयार नहीं
6
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: मशहूर फिल्म अभिनेता प्रकाश राज (Prakash Raj) दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप) के उम्मीदवारों के लिए चुनाव प्रचार करेंगे. आप की दिल्ली इकाई के संयोजक गोपाल राय ने बताया कि प्रकाश राज (Prakash Raj) इस सिलसिले में पहली जनसभा को उत्तर पूर्वी लोकसभा क्षेत्र के बाबरपुर में संबोधित करेंगे. राय ने बताया कि दिल्ली में 12 मई को होने वाले मतदान से पहले प्रकाश राज सभी सात लोकसभा सीटों पर प्रचार करेंगे. उन्होंने बताया कि उत्तर पूर्वी लोकसभा क्षेत्र से आप के उम्मीदवार दिलीप पांडे के पक्ष में शनिवार को प्रचार करने के बाद रविवार को प्रकाश राज (Prakash Raj) नई दिल्ली लोकसभा क्षेत्र से पार्टी प्रत्याशी बृजेश गोयल के साथ रोड शो करेंगे. इस दिन वह पूर्वी दिल्ली क्षेत्र में तीन जनसभाओं को संबोधित करेंगे. पूर्वी दिल्ली में आप ने आतिशी को प्रत्याशी बनाया है. राय ने बताया कि प्रकाश राज छह मई को चांदनी चौक से आप के उम्मीदवार पंकज गुप्ता के साथ पदयात्रा में हिस्सा लेंगे. 7 मई को कनॉट प्लेस में, 8 मई को उत्तर पूर्वी दिल्ली में व 9 और 10 मई को पूर्वी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र में उनकी चुनावी सभायें निर्धारित की गयी हैं. फिल्म जगत की अन्य मशहूर हस्तियों को प्रचार में लाने के सवाल पर राय ने कहा कि फिल्म ही नहीं अन्य क्षेत्रों के प्रमुख लोग भी प्रचार अभियान में शामिल होंगे. उन्होंने इनमें से किसी का नाम उजागर करने से इंकार करते हुए बताया कि इनका कार्यक्रम तय किया जा रहा है. उल्लेखनीय है कि प्रकाश राज बेंगलुरु मध्य सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं. आप सहित अन्य दलों ने उन्हें चुनाव में अपना समर्थन दिया है. इस दौरान प्रकाश राज ने भाजपा और कांग्रेस पर ‘चुनाव को धंधा' बनाने का आरोप लगाते हुये कहा कि इन दोनों राष्ट्रीय दलों की वजह से ही चुनाव भ्रष्टाचार की जड़ बन गया है. इस स्थिति से निपटने के लिये अपने देश से प्रेम करने वालों को सांप्रदायिकता और नफरत की राजनीति को परास्त करने के मकसद से एकजुट होना चाहिये. प्रकाश राज ने कहा कि वह आप के सदस्य नहीं है, सिर्फ आम नागरिक की हैसियत से वह आप उम्मीदवारों के पक्ष में प्रचार करेंगे. उन्होंने कहा कि मैंने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में दिल्ली की आप सरकार के कामों और भविष्य की कार्ययोजना से प्रभावित होकर आप के लिये प्रचार करने का फैसला किया है. उन्होंने कहा कि वह मौजूदा केन्द्र सरकार की सांप्रदायिकता और नफरत फैलाने वाली नीतियों से मतदाताओं को आगाह कर उन्हें बतायेंगे कि चुनाव में जनता जब सही लोगों को चुनती है तो मतदाताओं की जीत होती है और गलत लोगों को चुनने पर जनता हारती है. प्रकाश राज ने कहा कि इस सरकार में किसी को सवाल पूछने का हक नहीं है. सरकार सवाल के जवाब में उल्टा सवाल पूछती है. उन्हें (सरकार) समझना चाहिये कि हमने उनको राज करने के लिये नहीं बल्कि सेवा करने के लिये चुना है.(इनपुट भाषा से)
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पहले कन्हैया कुमार के लिए प्रचार कर चुके हैं प्रकाश राज दिल्ली में कई जगह पर करेंगे सभाएं दिल्ली के मंत्री गोपाल राय ने दी जानकारी
25
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: जेल में बंद सपा नेता गायत्री प्रसाद प्रजापति को जमानत देने वाले जज ओम प्रकाश मिश्र को इलाहाबाद हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस दिलीप बी भोंसले ने सस्पेंड कर दिया है. दरअसल राज्य सरकार ने POCSO कोर्ट के इस आदेश को चीफ जस्टिस के सामने चुनौती दी थी. चीफ जस्टिस ने POCSO कोर्ट के अतिरिक्त सेशन जज मिश्र को सस्पेंड करने के साथ ही प्रजापति को जमानत देने के ऑर्डर को अगले आदेश तक स्थगित करने का निर्देश दिया है.   चीफ जस्टिस ने अपने आदेश में लिखा 'जिस तरह से जानकार जज ने अपराध की गंभीरता को अनदेखा करते हुए आरोपी को जमानत देने में जल्दबाज़ी दिखाई, उससे हमें इन न्यायाधीश की मंशा पर संदेह है जो खुद 30/4/2017 को रिटायर हो रहे हैं.'  इस मसले पर जस्टिस मिश्र ने जमानत देने के पीछे अपने आदेश में यह तर्क दिया था कि 'प्रजापति मामले में पीड़ित महिला ने 2014-16 के दौरान बलात्कार की शिकायत नहीं की. इससे पीड़ित महिला के दावे पर संदेह होता है.'   गौर करने वाली बात यह है कि जमानत देने के मसले पर जांच अधिकारी आयोग ने जस्टिस मिश्र के सामने अपनी राय रखने के लिए कुछ वक्त मांगा था. इसके अलावा अतिरिक्त जिला परिषद ने लिखित में जस्टिस मिश्र से इस मामले पर अपनी बात रखने के लिए तीन दिन का समय मांगा था. लेकिन बावजूद इसके जस्टिस मिश्र ने एक दिन के भीतर की प्रजापति को ज़मानत दे दी.   बताते चलें कि कि यूपी के चित्रकूट जिले की एक महिला ने गायत्री प्रजापति पर अक्टूबर 2014 से लेकर जुलाई 2016 तक गैंग रेप करने का आरोप लगाया है. जब गायत्री ने महिला की बेटी के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार करने की कोशिश की तो शिकायतकर्ता ने डीजीपी को चिट्ठी लिखी. इसके बाद 49 साल के इस पूर्व मंत्री और छह अन्य के खिलाफ महिला के साथ गैंग रेप और नाबालिग के साथ बलात्कार करने की कोशिश के मामले में एफआईआर दर्ज की गई.   गायत्री करीब एक महीने तक गिरफ्तारी से बचते रहे लेकिन इसी साल 15 मार्च को उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. गायत्री के खिलाफ गैर जमानती वारंट भी जारी किया गया था और वह देश से भाग न जाए इसलिए सभी शहरों के हवाई अड्डों पर अलर्ट जारी कर दिया गया था. बताते चलें कि प्रजापति, मुलायम सिंह यादव के नज़दीकी बताएं जाते हैं और उन्हें 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मंत्री पद से हटा दिया था. हालांकि बाद में उनकी फिर से बहाली हो गई थी. प्रजापति ने हालिया हुए विधानसभा चुनाव अमेठी से लड़े थे जहां वह बीजेपी की गरिमा सिंह से हार गए.
प्रजापति को जमानत देने वाले जज को सस्पेंड किया गया इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ने जज की मंशा पर उठाए सवाल प्रजापति के जमानत के आदेश को भी स्थगित कर दिया गया है
6
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री युसूफ रजा गिलानी ने कहा कि पाकिस्तान भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का घर है और जब भी वह यहां की यात्रा पर आना चाहेंगे उनका गर्मजोशी के साथ स्वागत किया जाएगा। गिलानी ने अपने आवास पर विदेश मीडिया के साथ बातचीत में कहा, मनमोहन सिंह का जन्म पाकिस्तान में हुआ है। यह उनका घर है। वह जब भी यहां आने की इच्छा करेंगे, हम उनका स्वागत करेंगे। यह पूछे जाने पर कि क्या वह सिंह को पाकिस्तान आने का न्योता दे रहे हैं, इस पर गिलानी ने जवाब दिया, वह जब भी पाकिस्तान आने की इच्छा करेंगे हम उनका स्वागत करेंगे। उल्लेखनीय है कि मनमोहन सिंह का जन्म पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के चकवाल में हुआ था लेकिन विभाजन के समय उनका परिवार भारत चला आया था। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके भारतीय समकक्ष इस क्षेत्र में शांति की बहाली के लिए गंभीर दिखाई पड़ते हैं। उन्होंने कहा कि सिंह वर्ष 2008 में हुए मुंबई आतंकवादी हमले को देखते हुए भारतीय जनता की तरफ से बातचीत नहीं शुरू करने के लिए दबाव झेल रहे हैं लेकिन दोनों देशों को इस घटना को लेकर बंधक नहीं बनना चाहिए। गौरतलब है कि भारत ने मुंबई आतंकवादी हमले के बाद पाकिस्तान के साथ समग्र बातचीत की प्रक्रिया को निलंबित कर दिया था। इस हमले के पीछे पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का हाथ माना जाता है। हालांकि दोनों नेता अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में कई बार मिल चुके हैं।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: गिलानी ने कहा कि पाकिस्तान भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का घर है और जब भी वह यहां आना चाहेंगे, उनका गर्मजोशी के साथ स्वागत किया जाएगा।
11
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: सुप्रीम कोर्ट ने आंध्र प्रदेश के पूर्व दिवंगत मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी के कार्यकाल में जारी किए गए 26 सरकारी आदेशों पर सोमवार को सीबीआई, राज्य के छह मंत्रियों और आईएएस के 11 अधिकारियों को नोटिस जारी किया।टिप्पणियां सर्वोच्च न्यायालय ने आंध्र प्रदेश के पूर्व दिवंगत मुख्यमंत्री वाई. एस. राजशेखर रेड्डी के कार्यकाल में जारी किए गए 26 सरकारी आदेशों पर सोमवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई), राज्य के छह मंत्रियों और भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के 11 अधिकारियों को नोटिस जारी किया। आरोप है कि इन आदेशों से राजशेखर रेड्डी के बेटे व लोकसभा सांसद वाई. एस. जगनमोहन रेड्डी को आय से अधिक सम्पत्ति एकत्र करने में मदद मिली। सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति दलवीर भंडारी की अध्यक्षता वाली पीठ ने नेल्लोर के वकील सुधाकर रेड्डी की याचिका पर सुनवाई करते हुए ये नोटिस जारी किए। सर्वोच्च न्यायालय ने आंध्र प्रदेश के पूर्व दिवंगत मुख्यमंत्री वाई. एस. राजशेखर रेड्डी के कार्यकाल में जारी किए गए 26 सरकारी आदेशों पर सोमवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई), राज्य के छह मंत्रियों और भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के 11 अधिकारियों को नोटिस जारी किया। आरोप है कि इन आदेशों से राजशेखर रेड्डी के बेटे व लोकसभा सांसद वाई. एस. जगनमोहन रेड्डी को आय से अधिक सम्पत्ति एकत्र करने में मदद मिली। सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति दलवीर भंडारी की अध्यक्षता वाली पीठ ने नेल्लोर के वकील सुधाकर रेड्डी की याचिका पर सुनवाई करते हुए ये नोटिस जारी किए। आरोप है कि इन आदेशों से राजशेखर रेड्डी के बेटे व लोकसभा सांसद वाई. एस. जगनमोहन रेड्डी को आय से अधिक सम्पत्ति एकत्र करने में मदद मिली। सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति दलवीर भंडारी की अध्यक्षता वाली पीठ ने नेल्लोर के वकील सुधाकर रेड्डी की याचिका पर सुनवाई करते हुए ये नोटिस जारी किए।
संक्षिप्त पाठ: जगन मोहन रेड्डी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आज सीबीआई, आंध्र प्रदेश की कांग्रेस सरकार के छह मंत्रियों और आठ आईएएस अधिकारियों को नोटिस जारी किया है।
27
['hin']
एक सारांश बनाओ: 'साउंडट्रैक' कहानी है रौनक कौल की जो म्यूजिक वर्ल्ड की बुलंदियां छूने की चाहत में एक नाइटक्लब का डीजे बन जाता है। हैंडसम और चार्मिंग लेकिन हर वक्त शराब और ड्रग्स के नशे में चूर रौनक तेजी से कामयाब होने लगता है लेकिन एक दिन उसे पता चलता है कि तेज म्यूजिक ने उसके सुनने की शक्ति छीन ली है। डेब्यूटेंट डायरेक्टर नीरव घोष की 'साउंडट्रैक' रीयल लाइफ से इंस्पायर्ड हॉलीवुड फिल्म इट्स ऑल गॉन पीट टांग…की ऑफिशियल हिन्दी रीमेक है। फिल्म बताती है कि कैसे अपनी इच्छाशक्ति और हिम्मत के सहारे एक बेबस म्यूजिक कंपोजर वापस संगीत की दुनिया में लौटता है। पहले कामयाब फिर बर्बाद म्यूजिक कंपोजर के रोल में राजीव खंडेलवाल की एनर्जी देखते बनती है। सोहा अली खान का असली रोल इंटरवेल के बाद शुरू होता है और ये उनकी जिंदगी का सबसे बेहतरीन रोल है। लिप रीडिंग सिखाकर ये लड़की रौनक की जिंदगी बदल देती है। रौनक म्यूजिक को छूकर और वेवफॉर्म से पहचानने लगता है और यहीं कुछ कमाल के सीन्स सामने आए हैं। मुझे 'साउंडट्रैक' में दो कमियां दिखी। रौनक की कहानी आगे बढ़ाने के लिए जो किरदार बीच-बीच में सीटिंग इंटरव्यू फॉर्मेट में सामने आते हैं वो फिल्म में दरअसल रुकावट डालते हैं और डॉक्यूमेंट्री फील देते हैं। दूसरा रौनक का ऑल्टर ईगो या अहम दिखाने में इस्तेमाल जोकर हर किसी की समझ से बाहर होगा। सेकेंड हाफ ज्यादा बेहतर है। मेडिवल पंडित का हिप हॉप म्यूज़िक फिल्म की जरूरत पूरी करता है लेकिन संगीतकार की जिंदगी पर मुझे और बेहतर संगीत की उम्मीद थी। कुछ बोल्ड सीन्स के साथ 2 घंटे 22 मिनिट की साउंडट्रैक की यूनिक स्टोरी अच्छे स्क्रीनप्ले और डायरेक्शन ने मुझे लगातार इंगेज रखा। जरूर देखिए साउंडट्रैक। इसके लिए मेरी रेटिंग है 3.5 स्टार
यह एक सारांश है: 'साउंडट्रैक' कहानी है रौनक कौल की जो म्यूजिक वर्ल्ड की बुलंदियां छूने की चाहत में एक नाइटक्लब का डीजे बन जाता है।
21
['hin']
एक सारांश बनाओ: Raksha Bandhan: रक्षाबंधन सिर्फ त्‍योहार नहीं बल्‍कि एक ऐसी भावना है जो रेशम की कच्‍ची डोरी के जरिए भाई-बहन के प्‍यार को हमेशा-हमेशा के लिए संजोकर रखती है. रक्षा बंधन का त्‍योहार हिन्‍दू धर्म के बड़े त्‍योहारों में से एक है, जिसे देश भर में धूमधाम और पूरे हर्षोल्‍लास के साथ मनाया जाता है. यह त्‍योहार भाई-बहन के अटूट रिश्‍ते, बेइंतहां प्‍यार, त्‍याग और समर्पण को दर्शाता है. इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी (Rakhi) या रक्षा सूत्र (Raksha Sutra) बांधकर उसकी लंबी आयु और मंगल कामना करती हैं. वहीं, भाई अपनी प्‍यारी बहना को बदले में भेंट या उपहार देकर (Rakhi Gifts) हमेशा उसकी रक्षा करने का वचन देते हैं. यह इस त्‍योहार की खासियत है कि न सिर्फ हिन्‍दू बल्‍कि अन्‍य धर्म के लोग भी पूरे जोश के साथ इस त्‍योहार को मनाते हैं.  Rakhi 2019: इस रक्षाबंधन भाई-बहन इन मैसेजेस के जरिए जताएं एक-दूसरे के लिए प्यार Raksha Bandhan 2019: ये है राखी बांधने का सही समय Rakhi Gifts: 500 रु. के अदंर मिलेंगे ये तोहफे, इस रक्षाबंधन अपनी बहन को करें गिफ्ट राखी पर बहन से हैं दूर तो इन तरीकों से भेजें उसे Money भगवान वामन ने ऐसा ही किया. इस तरह देवताओं की चिंता खत्‍म हो गई. वहीं भगवान राजा बलि के दान-धर्म से बहुत प्रसन्‍न हुए. उन्‍होंने राजा बलि से वरदान मांगने को कहा तो बलि ने उनसे पाताल में बसने का वर मांग लिया. बलि की इच्‍छा पूर्ति के लिए भगवान को पाताल जाना पड़ा. भगवान विष्‍णु के पाताल जाने के बाद सभी देवतागण और माता लक्ष्‍मी चिंतित हो गए. अपने पति भगवान विष्‍णु को वापस लाने के लिए माता लक्ष्‍मी गरीब स्‍त्री बनकर राजा बलि के पास पहुंची और उन्‍हें अपना भाई बनाकर राखी बांध दी. बदले में भगवान विष्‍णु को पाताल लोक से वापस ले जाने का वचन ले लिया. उस दिन श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि थी और मान्‍यता है कि तभी से  रक्षाबंधन मनाया जाने लगा.
यह एक सारांश है: इस बार रक्षाबंधन 15 अगस्‍त को है रक्षाबंधन के दिन बहनें अपने भाई को राखी बांधती हैं यह त्‍योहार भाई-बहन के अटूट प्‍यार और समर्पण का प्रतीक है
21
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: सरकार ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद :आईसीसी: ने देश में खेल के कुछ क्रिकेट मैदानों के बारे में कोई स्पष्टीकरण नहीं मांगा।टिप्पणियां खेल मंत्री अजय माकन ने गुरुवार को राज्यसभा को बताया ‘भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने बताया है कि आईसीसी ने कभी भी भारत के खेल मैदानों के बारे में स्पष्टीकरण नहीं मांगा।’ उन्होंने कहा कि भारत में सभी क्रिकेट मैदान आईसीसी द्वारा मंजूरी प्राप्त हैं और अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा करते हैं। माकन ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा खेल संबंधी बुनियादी सुविधाओं के निर्माण के लिए दी जा रही केंद्रीय सहायता बंद नहीं की गई है। उन्होंने बताया कि भारतीय खेल प्राधिरकण के भोपाल में निर्माणाधीन मध्य केंद्रीय क्षेत्र में सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक बिछाने का काम 31 मार्च 2013 तक पूरा होने की उम्मीद है। शेष सभी कार्य पूरे हो चुके हैं। खेल मंत्री अजय माकन ने गुरुवार को राज्यसभा को बताया ‘भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने बताया है कि आईसीसी ने कभी भी भारत के खेल मैदानों के बारे में स्पष्टीकरण नहीं मांगा।’ उन्होंने कहा कि भारत में सभी क्रिकेट मैदान आईसीसी द्वारा मंजूरी प्राप्त हैं और अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा करते हैं। माकन ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा खेल संबंधी बुनियादी सुविधाओं के निर्माण के लिए दी जा रही केंद्रीय सहायता बंद नहीं की गई है। उन्होंने बताया कि भारतीय खेल प्राधिरकण के भोपाल में निर्माणाधीन मध्य केंद्रीय क्षेत्र में सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक बिछाने का काम 31 मार्च 2013 तक पूरा होने की उम्मीद है। शेष सभी कार्य पूरे हो चुके हैं। माकन ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा खेल संबंधी बुनियादी सुविधाओं के निर्माण के लिए दी जा रही केंद्रीय सहायता बंद नहीं की गई है। उन्होंने बताया कि भारतीय खेल प्राधिरकण के भोपाल में निर्माणाधीन मध्य केंद्रीय क्षेत्र में सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक बिछाने का काम 31 मार्च 2013 तक पूरा होने की उम्मीद है। शेष सभी कार्य पूरे हो चुके हैं।
सारांश: सरकार ने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद :आईसीसी: ने देश में खेल के कुछ क्रिकेट मैदानों के बारे में कोई स्पष्टीकरण नहीं मांगा।
7
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: इंग्लैंड में एक 40 वर्षीय भारतीय महिला के साथ वर्षों से दुष्कर्म करने, उसकी पिटाई करने, घटिया भोजन देने और तीन मध्यवर्गीय परिवारों के बीच उसे गुलाम बनाकर रखे जाने की घटना प्रकाश में आई है। इस महिला को अशिक्षित बताया गया है। समाचार पत्र 'द इंडिपेंडेंट' के अनुसार महिला ने हर्टफोर्डशायर पुलिस के साथ-साथ कई धर्मार्थ संगठनों एवं अन्य सरकारी एजेंसियों से सहायता की गुहार लगाई। लेकिन पुलिस ने जब भी महिला से बातचीत की तो महिला के साथ अभद्रता करने वाले एक रसूखदार व्यक्ति को ही दुभाषिया बनाया गया। महिला को हर बार उसके 'मालिक' को सौंप दिया जाता और मालिक के परिवार को बदनाम करने के लिए उसे और अधिक प्रताड़ित किया जाता, उसे धमकी दी जाती कि उसे पीछे वाले बगीचे में गाड़ दिया जाएगा। महिला को तीन वर्ष से अधिक समय तक प्रताड़ित करने के आरोप में तीन लोगों को दोषी ठहराया गया। तीनों व्यक्तियों में से एक ऑप्टीशियन, एक कसाई और एक सेक्रेटरी है। समाचार पत्र की रपट के अनुसार, महिला को तीनों परिवारों के बीच आदान-प्रदान किया जाता और गुलाम की तरह रखा जाता। उन्होंने महिला का पासपोर्ट जब्त कर लिया था और वे महिला को फूटी कौड़ी भी नहीं देते थे। अदालती दस्तावेज के अनुसार महिला जब भी भागकर पुलिस के पास सहायता के लिए गई, उसकी याचना को पुलिस ने नजरअंदाज कर दिया। ऐसा कम से कम 12 बार हुआ। प्रवासी कामगारों के लिए काम करने वाली एक संस्था द्वारा महिला को शरण दिए जाने और मानवाधिकार संगठन द्वारा महिला का मुद्दा अपने हाथ में लिए जाने के बाद ही महिला के नारकीय जीवन का अंत हो सका। अभियोजन पक्ष के वकील कैरोलिन हॉफी ने क्रायडन क्राउन अदालत के समक्ष कहा, "अनेक सरकारी संस्थाओं ने उसकी सहायता करने से इंकार कर दिया, सहायता के लिए महिला द्वारा लगाई जा रही बार-बार की गुहार को नजरअंदाज किया गया, जांच प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया और ऐसा कहा जा सकता है कि सच्चाई को नजरअंदाज किया गया।" महिला अपने जीवन को बेहतर बनाने तथा भारत में अपने परिवार को कमाकर रुपये भेजने के उद्देश्य से 2005 में भारत के हैदराबाद से इंग्लैंड पहुंची थी। वह जब भी किसी की सहायता प्राप्त करने की कोशिश करती, उसके 'मालिक' उसे प्रताड़ित करते। एक बार तो एक पेशेवर दुभाषिए ने पुलिस को बताया कि महिला झूठ बोल रही है और उसके देश में यह सामान्य बात है। महिला को पहली बार 2006 में अस्पताल ले जाया गया। महिला का पैर बुरी तरह जख्मी था, क्योंकि उसकी 'मालकिन' शमीना यूसुफ ने उसे कप से खींचकर मारा था। रपट में कहा गया है कि हालांकि उस समय कोई कार्रवाई नही की गई, क्योंकि महिला को इसके बारे में किसी को बताने के लिए धमकाया गया था। महिला दो वर्ष से भी ज्यादा समय के बाद भाग गई, लेकिन अपना पासपोर्ट लेने के लिए वह उस परिवार के दूसरे रिश्तेदारों के पास वापस लौट गई। महिला के वकील ने अदालत को बताया कि महिला सेंट जॉन्स वूड में एक कमरे वाले मकान में रहती थी और कसाई, एंकार्ता बालापोवी ने उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। महिला किसी तरह भाग गई और उसका मामला इंग्लैंड की स्कॉटलैंड यार्ड पुलिस की तस्करी इकाई को सौंप दिया गया।टिप्पणियां ऑप्टीशियन बलराम ओबेराय और सेक्रेटरी यूसुफ को महिला के साथ मारपीट के लिए दोषी करार दिया गया। ओबेराय को जान से मारने की धमकी देने का भी दोषी पाया गया। वहीं कसाई, बालापोवी को दुष्कर्म का दोषी पाया गया। उन्हें अगले महीने सजा सुनाई जाएगी। दो अन्य प्रतिवादियों को छोड़ दिया गया। पीड़िता अभी मारपीट के कारण इतनी चोटिल है कि उसे व्हीलचेयर का सहारा लेना पड़ रहा है। समाचार पत्र 'द इंडिपेंडेंट' के अनुसार महिला ने हर्टफोर्डशायर पुलिस के साथ-साथ कई धर्मार्थ संगठनों एवं अन्य सरकारी एजेंसियों से सहायता की गुहार लगाई। लेकिन पुलिस ने जब भी महिला से बातचीत की तो महिला के साथ अभद्रता करने वाले एक रसूखदार व्यक्ति को ही दुभाषिया बनाया गया। महिला को हर बार उसके 'मालिक' को सौंप दिया जाता और मालिक के परिवार को बदनाम करने के लिए उसे और अधिक प्रताड़ित किया जाता, उसे धमकी दी जाती कि उसे पीछे वाले बगीचे में गाड़ दिया जाएगा। महिला को तीन वर्ष से अधिक समय तक प्रताड़ित करने के आरोप में तीन लोगों को दोषी ठहराया गया। तीनों व्यक्तियों में से एक ऑप्टीशियन, एक कसाई और एक सेक्रेटरी है। समाचार पत्र की रपट के अनुसार, महिला को तीनों परिवारों के बीच आदान-प्रदान किया जाता और गुलाम की तरह रखा जाता। उन्होंने महिला का पासपोर्ट जब्त कर लिया था और वे महिला को फूटी कौड़ी भी नहीं देते थे। अदालती दस्तावेज के अनुसार महिला जब भी भागकर पुलिस के पास सहायता के लिए गई, उसकी याचना को पुलिस ने नजरअंदाज कर दिया। ऐसा कम से कम 12 बार हुआ। प्रवासी कामगारों के लिए काम करने वाली एक संस्था द्वारा महिला को शरण दिए जाने और मानवाधिकार संगठन द्वारा महिला का मुद्दा अपने हाथ में लिए जाने के बाद ही महिला के नारकीय जीवन का अंत हो सका। अभियोजन पक्ष के वकील कैरोलिन हॉफी ने क्रायडन क्राउन अदालत के समक्ष कहा, "अनेक सरकारी संस्थाओं ने उसकी सहायता करने से इंकार कर दिया, सहायता के लिए महिला द्वारा लगाई जा रही बार-बार की गुहार को नजरअंदाज किया गया, जांच प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया और ऐसा कहा जा सकता है कि सच्चाई को नजरअंदाज किया गया।" महिला अपने जीवन को बेहतर बनाने तथा भारत में अपने परिवार को कमाकर रुपये भेजने के उद्देश्य से 2005 में भारत के हैदराबाद से इंग्लैंड पहुंची थी। वह जब भी किसी की सहायता प्राप्त करने की कोशिश करती, उसके 'मालिक' उसे प्रताड़ित करते। एक बार तो एक पेशेवर दुभाषिए ने पुलिस को बताया कि महिला झूठ बोल रही है और उसके देश में यह सामान्य बात है। महिला को पहली बार 2006 में अस्पताल ले जाया गया। महिला का पैर बुरी तरह जख्मी था, क्योंकि उसकी 'मालकिन' शमीना यूसुफ ने उसे कप से खींचकर मारा था। रपट में कहा गया है कि हालांकि उस समय कोई कार्रवाई नही की गई, क्योंकि महिला को इसके बारे में किसी को बताने के लिए धमकाया गया था। महिला दो वर्ष से भी ज्यादा समय के बाद भाग गई, लेकिन अपना पासपोर्ट लेने के लिए वह उस परिवार के दूसरे रिश्तेदारों के पास वापस लौट गई। महिला के वकील ने अदालत को बताया कि महिला सेंट जॉन्स वूड में एक कमरे वाले मकान में रहती थी और कसाई, एंकार्ता बालापोवी ने उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। महिला किसी तरह भाग गई और उसका मामला इंग्लैंड की स्कॉटलैंड यार्ड पुलिस की तस्करी इकाई को सौंप दिया गया।टिप्पणियां ऑप्टीशियन बलराम ओबेराय और सेक्रेटरी यूसुफ को महिला के साथ मारपीट के लिए दोषी करार दिया गया। ओबेराय को जान से मारने की धमकी देने का भी दोषी पाया गया। वहीं कसाई, बालापोवी को दुष्कर्म का दोषी पाया गया। उन्हें अगले महीने सजा सुनाई जाएगी। दो अन्य प्रतिवादियों को छोड़ दिया गया। पीड़िता अभी मारपीट के कारण इतनी चोटिल है कि उसे व्हीलचेयर का सहारा लेना पड़ रहा है। महिला को हर बार उसके 'मालिक' को सौंप दिया जाता और मालिक के परिवार को बदनाम करने के लिए उसे और अधिक प्रताड़ित किया जाता, उसे धमकी दी जाती कि उसे पीछे वाले बगीचे में गाड़ दिया जाएगा। महिला को तीन वर्ष से अधिक समय तक प्रताड़ित करने के आरोप में तीन लोगों को दोषी ठहराया गया। तीनों व्यक्तियों में से एक ऑप्टीशियन, एक कसाई और एक सेक्रेटरी है। समाचार पत्र की रपट के अनुसार, महिला को तीनों परिवारों के बीच आदान-प्रदान किया जाता और गुलाम की तरह रखा जाता। उन्होंने महिला का पासपोर्ट जब्त कर लिया था और वे महिला को फूटी कौड़ी भी नहीं देते थे। अदालती दस्तावेज के अनुसार महिला जब भी भागकर पुलिस के पास सहायता के लिए गई, उसकी याचना को पुलिस ने नजरअंदाज कर दिया। ऐसा कम से कम 12 बार हुआ। प्रवासी कामगारों के लिए काम करने वाली एक संस्था द्वारा महिला को शरण दिए जाने और मानवाधिकार संगठन द्वारा महिला का मुद्दा अपने हाथ में लिए जाने के बाद ही महिला के नारकीय जीवन का अंत हो सका। अभियोजन पक्ष के वकील कैरोलिन हॉफी ने क्रायडन क्राउन अदालत के समक्ष कहा, "अनेक सरकारी संस्थाओं ने उसकी सहायता करने से इंकार कर दिया, सहायता के लिए महिला द्वारा लगाई जा रही बार-बार की गुहार को नजरअंदाज किया गया, जांच प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया और ऐसा कहा जा सकता है कि सच्चाई को नजरअंदाज किया गया।" महिला अपने जीवन को बेहतर बनाने तथा भारत में अपने परिवार को कमाकर रुपये भेजने के उद्देश्य से 2005 में भारत के हैदराबाद से इंग्लैंड पहुंची थी। वह जब भी किसी की सहायता प्राप्त करने की कोशिश करती, उसके 'मालिक' उसे प्रताड़ित करते। एक बार तो एक पेशेवर दुभाषिए ने पुलिस को बताया कि महिला झूठ बोल रही है और उसके देश में यह सामान्य बात है। महिला को पहली बार 2006 में अस्पताल ले जाया गया। महिला का पैर बुरी तरह जख्मी था, क्योंकि उसकी 'मालकिन' शमीना यूसुफ ने उसे कप से खींचकर मारा था। रपट में कहा गया है कि हालांकि उस समय कोई कार्रवाई नही की गई, क्योंकि महिला को इसके बारे में किसी को बताने के लिए धमकाया गया था। महिला दो वर्ष से भी ज्यादा समय के बाद भाग गई, लेकिन अपना पासपोर्ट लेने के लिए वह उस परिवार के दूसरे रिश्तेदारों के पास वापस लौट गई। महिला के वकील ने अदालत को बताया कि महिला सेंट जॉन्स वूड में एक कमरे वाले मकान में रहती थी और कसाई, एंकार्ता बालापोवी ने उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। महिला किसी तरह भाग गई और उसका मामला इंग्लैंड की स्कॉटलैंड यार्ड पुलिस की तस्करी इकाई को सौंप दिया गया।टिप्पणियां ऑप्टीशियन बलराम ओबेराय और सेक्रेटरी यूसुफ को महिला के साथ मारपीट के लिए दोषी करार दिया गया। ओबेराय को जान से मारने की धमकी देने का भी दोषी पाया गया। वहीं कसाई, बालापोवी को दुष्कर्म का दोषी पाया गया। उन्हें अगले महीने सजा सुनाई जाएगी। दो अन्य प्रतिवादियों को छोड़ दिया गया। पीड़िता अभी मारपीट के कारण इतनी चोटिल है कि उसे व्हीलचेयर का सहारा लेना पड़ रहा है। महिला को तीन वर्ष से अधिक समय तक प्रताड़ित करने के आरोप में तीन लोगों को दोषी ठहराया गया। तीनों व्यक्तियों में से एक ऑप्टीशियन, एक कसाई और एक सेक्रेटरी है। समाचार पत्र की रपट के अनुसार, महिला को तीनों परिवारों के बीच आदान-प्रदान किया जाता और गुलाम की तरह रखा जाता। उन्होंने महिला का पासपोर्ट जब्त कर लिया था और वे महिला को फूटी कौड़ी भी नहीं देते थे। अदालती दस्तावेज के अनुसार महिला जब भी भागकर पुलिस के पास सहायता के लिए गई, उसकी याचना को पुलिस ने नजरअंदाज कर दिया। ऐसा कम से कम 12 बार हुआ। प्रवासी कामगारों के लिए काम करने वाली एक संस्था द्वारा महिला को शरण दिए जाने और मानवाधिकार संगठन द्वारा महिला का मुद्दा अपने हाथ में लिए जाने के बाद ही महिला के नारकीय जीवन का अंत हो सका। अभियोजन पक्ष के वकील कैरोलिन हॉफी ने क्रायडन क्राउन अदालत के समक्ष कहा, "अनेक सरकारी संस्थाओं ने उसकी सहायता करने से इंकार कर दिया, सहायता के लिए महिला द्वारा लगाई जा रही बार-बार की गुहार को नजरअंदाज किया गया, जांच प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया और ऐसा कहा जा सकता है कि सच्चाई को नजरअंदाज किया गया।" महिला अपने जीवन को बेहतर बनाने तथा भारत में अपने परिवार को कमाकर रुपये भेजने के उद्देश्य से 2005 में भारत के हैदराबाद से इंग्लैंड पहुंची थी। वह जब भी किसी की सहायता प्राप्त करने की कोशिश करती, उसके 'मालिक' उसे प्रताड़ित करते। एक बार तो एक पेशेवर दुभाषिए ने पुलिस को बताया कि महिला झूठ बोल रही है और उसके देश में यह सामान्य बात है। महिला को पहली बार 2006 में अस्पताल ले जाया गया। महिला का पैर बुरी तरह जख्मी था, क्योंकि उसकी 'मालकिन' शमीना यूसुफ ने उसे कप से खींचकर मारा था। रपट में कहा गया है कि हालांकि उस समय कोई कार्रवाई नही की गई, क्योंकि महिला को इसके बारे में किसी को बताने के लिए धमकाया गया था। महिला दो वर्ष से भी ज्यादा समय के बाद भाग गई, लेकिन अपना पासपोर्ट लेने के लिए वह उस परिवार के दूसरे रिश्तेदारों के पास वापस लौट गई। महिला के वकील ने अदालत को बताया कि महिला सेंट जॉन्स वूड में एक कमरे वाले मकान में रहती थी और कसाई, एंकार्ता बालापोवी ने उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। महिला किसी तरह भाग गई और उसका मामला इंग्लैंड की स्कॉटलैंड यार्ड पुलिस की तस्करी इकाई को सौंप दिया गया।टिप्पणियां ऑप्टीशियन बलराम ओबेराय और सेक्रेटरी यूसुफ को महिला के साथ मारपीट के लिए दोषी करार दिया गया। ओबेराय को जान से मारने की धमकी देने का भी दोषी पाया गया। वहीं कसाई, बालापोवी को दुष्कर्म का दोषी पाया गया। उन्हें अगले महीने सजा सुनाई जाएगी। दो अन्य प्रतिवादियों को छोड़ दिया गया। पीड़िता अभी मारपीट के कारण इतनी चोटिल है कि उसे व्हीलचेयर का सहारा लेना पड़ रहा है। समाचार पत्र की रपट के अनुसार, महिला को तीनों परिवारों के बीच आदान-प्रदान किया जाता और गुलाम की तरह रखा जाता। उन्होंने महिला का पासपोर्ट जब्त कर लिया था और वे महिला को फूटी कौड़ी भी नहीं देते थे। अदालती दस्तावेज के अनुसार महिला जब भी भागकर पुलिस के पास सहायता के लिए गई, उसकी याचना को पुलिस ने नजरअंदाज कर दिया। ऐसा कम से कम 12 बार हुआ। प्रवासी कामगारों के लिए काम करने वाली एक संस्था द्वारा महिला को शरण दिए जाने और मानवाधिकार संगठन द्वारा महिला का मुद्दा अपने हाथ में लिए जाने के बाद ही महिला के नारकीय जीवन का अंत हो सका। अभियोजन पक्ष के वकील कैरोलिन हॉफी ने क्रायडन क्राउन अदालत के समक्ष कहा, "अनेक सरकारी संस्थाओं ने उसकी सहायता करने से इंकार कर दिया, सहायता के लिए महिला द्वारा लगाई जा रही बार-बार की गुहार को नजरअंदाज किया गया, जांच प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया और ऐसा कहा जा सकता है कि सच्चाई को नजरअंदाज किया गया।" महिला अपने जीवन को बेहतर बनाने तथा भारत में अपने परिवार को कमाकर रुपये भेजने के उद्देश्य से 2005 में भारत के हैदराबाद से इंग्लैंड पहुंची थी। वह जब भी किसी की सहायता प्राप्त करने की कोशिश करती, उसके 'मालिक' उसे प्रताड़ित करते। एक बार तो एक पेशेवर दुभाषिए ने पुलिस को बताया कि महिला झूठ बोल रही है और उसके देश में यह सामान्य बात है। महिला को पहली बार 2006 में अस्पताल ले जाया गया। महिला का पैर बुरी तरह जख्मी था, क्योंकि उसकी 'मालकिन' शमीना यूसुफ ने उसे कप से खींचकर मारा था। रपट में कहा गया है कि हालांकि उस समय कोई कार्रवाई नही की गई, क्योंकि महिला को इसके बारे में किसी को बताने के लिए धमकाया गया था। महिला दो वर्ष से भी ज्यादा समय के बाद भाग गई, लेकिन अपना पासपोर्ट लेने के लिए वह उस परिवार के दूसरे रिश्तेदारों के पास वापस लौट गई। महिला के वकील ने अदालत को बताया कि महिला सेंट जॉन्स वूड में एक कमरे वाले मकान में रहती थी और कसाई, एंकार्ता बालापोवी ने उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। महिला किसी तरह भाग गई और उसका मामला इंग्लैंड की स्कॉटलैंड यार्ड पुलिस की तस्करी इकाई को सौंप दिया गया।टिप्पणियां ऑप्टीशियन बलराम ओबेराय और सेक्रेटरी यूसुफ को महिला के साथ मारपीट के लिए दोषी करार दिया गया। ओबेराय को जान से मारने की धमकी देने का भी दोषी पाया गया। वहीं कसाई, बालापोवी को दुष्कर्म का दोषी पाया गया। उन्हें अगले महीने सजा सुनाई जाएगी। दो अन्य प्रतिवादियों को छोड़ दिया गया। पीड़िता अभी मारपीट के कारण इतनी चोटिल है कि उसे व्हीलचेयर का सहारा लेना पड़ रहा है। अदालती दस्तावेज के अनुसार महिला जब भी भागकर पुलिस के पास सहायता के लिए गई, उसकी याचना को पुलिस ने नजरअंदाज कर दिया। ऐसा कम से कम 12 बार हुआ। प्रवासी कामगारों के लिए काम करने वाली एक संस्था द्वारा महिला को शरण दिए जाने और मानवाधिकार संगठन द्वारा महिला का मुद्दा अपने हाथ में लिए जाने के बाद ही महिला के नारकीय जीवन का अंत हो सका। अभियोजन पक्ष के वकील कैरोलिन हॉफी ने क्रायडन क्राउन अदालत के समक्ष कहा, "अनेक सरकारी संस्थाओं ने उसकी सहायता करने से इंकार कर दिया, सहायता के लिए महिला द्वारा लगाई जा रही बार-बार की गुहार को नजरअंदाज किया गया, जांच प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया और ऐसा कहा जा सकता है कि सच्चाई को नजरअंदाज किया गया।" महिला अपने जीवन को बेहतर बनाने तथा भारत में अपने परिवार को कमाकर रुपये भेजने के उद्देश्य से 2005 में भारत के हैदराबाद से इंग्लैंड पहुंची थी। वह जब भी किसी की सहायता प्राप्त करने की कोशिश करती, उसके 'मालिक' उसे प्रताड़ित करते। एक बार तो एक पेशेवर दुभाषिए ने पुलिस को बताया कि महिला झूठ बोल रही है और उसके देश में यह सामान्य बात है। महिला को पहली बार 2006 में अस्पताल ले जाया गया। महिला का पैर बुरी तरह जख्मी था, क्योंकि उसकी 'मालकिन' शमीना यूसुफ ने उसे कप से खींचकर मारा था। रपट में कहा गया है कि हालांकि उस समय कोई कार्रवाई नही की गई, क्योंकि महिला को इसके बारे में किसी को बताने के लिए धमकाया गया था। महिला दो वर्ष से भी ज्यादा समय के बाद भाग गई, लेकिन अपना पासपोर्ट लेने के लिए वह उस परिवार के दूसरे रिश्तेदारों के पास वापस लौट गई। महिला के वकील ने अदालत को बताया कि महिला सेंट जॉन्स वूड में एक कमरे वाले मकान में रहती थी और कसाई, एंकार्ता बालापोवी ने उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। महिला किसी तरह भाग गई और उसका मामला इंग्लैंड की स्कॉटलैंड यार्ड पुलिस की तस्करी इकाई को सौंप दिया गया।टिप्पणियां ऑप्टीशियन बलराम ओबेराय और सेक्रेटरी यूसुफ को महिला के साथ मारपीट के लिए दोषी करार दिया गया। ओबेराय को जान से मारने की धमकी देने का भी दोषी पाया गया। वहीं कसाई, बालापोवी को दुष्कर्म का दोषी पाया गया। उन्हें अगले महीने सजा सुनाई जाएगी। दो अन्य प्रतिवादियों को छोड़ दिया गया। पीड़िता अभी मारपीट के कारण इतनी चोटिल है कि उसे व्हीलचेयर का सहारा लेना पड़ रहा है। प्रवासी कामगारों के लिए काम करने वाली एक संस्था द्वारा महिला को शरण दिए जाने और मानवाधिकार संगठन द्वारा महिला का मुद्दा अपने हाथ में लिए जाने के बाद ही महिला के नारकीय जीवन का अंत हो सका। अभियोजन पक्ष के वकील कैरोलिन हॉफी ने क्रायडन क्राउन अदालत के समक्ष कहा, "अनेक सरकारी संस्थाओं ने उसकी सहायता करने से इंकार कर दिया, सहायता के लिए महिला द्वारा लगाई जा रही बार-बार की गुहार को नजरअंदाज किया गया, जांच प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया और ऐसा कहा जा सकता है कि सच्चाई को नजरअंदाज किया गया।" महिला अपने जीवन को बेहतर बनाने तथा भारत में अपने परिवार को कमाकर रुपये भेजने के उद्देश्य से 2005 में भारत के हैदराबाद से इंग्लैंड पहुंची थी। वह जब भी किसी की सहायता प्राप्त करने की कोशिश करती, उसके 'मालिक' उसे प्रताड़ित करते। एक बार तो एक पेशेवर दुभाषिए ने पुलिस को बताया कि महिला झूठ बोल रही है और उसके देश में यह सामान्य बात है। महिला को पहली बार 2006 में अस्पताल ले जाया गया। महिला का पैर बुरी तरह जख्मी था, क्योंकि उसकी 'मालकिन' शमीना यूसुफ ने उसे कप से खींचकर मारा था। रपट में कहा गया है कि हालांकि उस समय कोई कार्रवाई नही की गई, क्योंकि महिला को इसके बारे में किसी को बताने के लिए धमकाया गया था। महिला दो वर्ष से भी ज्यादा समय के बाद भाग गई, लेकिन अपना पासपोर्ट लेने के लिए वह उस परिवार के दूसरे रिश्तेदारों के पास वापस लौट गई। महिला के वकील ने अदालत को बताया कि महिला सेंट जॉन्स वूड में एक कमरे वाले मकान में रहती थी और कसाई, एंकार्ता बालापोवी ने उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। महिला किसी तरह भाग गई और उसका मामला इंग्लैंड की स्कॉटलैंड यार्ड पुलिस की तस्करी इकाई को सौंप दिया गया।टिप्पणियां ऑप्टीशियन बलराम ओबेराय और सेक्रेटरी यूसुफ को महिला के साथ मारपीट के लिए दोषी करार दिया गया। ओबेराय को जान से मारने की धमकी देने का भी दोषी पाया गया। वहीं कसाई, बालापोवी को दुष्कर्म का दोषी पाया गया। उन्हें अगले महीने सजा सुनाई जाएगी। दो अन्य प्रतिवादियों को छोड़ दिया गया। पीड़िता अभी मारपीट के कारण इतनी चोटिल है कि उसे व्हीलचेयर का सहारा लेना पड़ रहा है। अभियोजन पक्ष के वकील कैरोलिन हॉफी ने क्रायडन क्राउन अदालत के समक्ष कहा, "अनेक सरकारी संस्थाओं ने उसकी सहायता करने से इंकार कर दिया, सहायता के लिए महिला द्वारा लगाई जा रही बार-बार की गुहार को नजरअंदाज किया गया, जांच प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया और ऐसा कहा जा सकता है कि सच्चाई को नजरअंदाज किया गया।" महिला अपने जीवन को बेहतर बनाने तथा भारत में अपने परिवार को कमाकर रुपये भेजने के उद्देश्य से 2005 में भारत के हैदराबाद से इंग्लैंड पहुंची थी। वह जब भी किसी की सहायता प्राप्त करने की कोशिश करती, उसके 'मालिक' उसे प्रताड़ित करते। एक बार तो एक पेशेवर दुभाषिए ने पुलिस को बताया कि महिला झूठ बोल रही है और उसके देश में यह सामान्य बात है। महिला को पहली बार 2006 में अस्पताल ले जाया गया। महिला का पैर बुरी तरह जख्मी था, क्योंकि उसकी 'मालकिन' शमीना यूसुफ ने उसे कप से खींचकर मारा था। रपट में कहा गया है कि हालांकि उस समय कोई कार्रवाई नही की गई, क्योंकि महिला को इसके बारे में किसी को बताने के लिए धमकाया गया था। महिला दो वर्ष से भी ज्यादा समय के बाद भाग गई, लेकिन अपना पासपोर्ट लेने के लिए वह उस परिवार के दूसरे रिश्तेदारों के पास वापस लौट गई। महिला के वकील ने अदालत को बताया कि महिला सेंट जॉन्स वूड में एक कमरे वाले मकान में रहती थी और कसाई, एंकार्ता बालापोवी ने उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। महिला किसी तरह भाग गई और उसका मामला इंग्लैंड की स्कॉटलैंड यार्ड पुलिस की तस्करी इकाई को सौंप दिया गया।टिप्पणियां ऑप्टीशियन बलराम ओबेराय और सेक्रेटरी यूसुफ को महिला के साथ मारपीट के लिए दोषी करार दिया गया। ओबेराय को जान से मारने की धमकी देने का भी दोषी पाया गया। वहीं कसाई, बालापोवी को दुष्कर्म का दोषी पाया गया। उन्हें अगले महीने सजा सुनाई जाएगी। दो अन्य प्रतिवादियों को छोड़ दिया गया। पीड़िता अभी मारपीट के कारण इतनी चोटिल है कि उसे व्हीलचेयर का सहारा लेना पड़ रहा है। महिला अपने जीवन को बेहतर बनाने तथा भारत में अपने परिवार को कमाकर रुपये भेजने के उद्देश्य से 2005 में भारत के हैदराबाद से इंग्लैंड पहुंची थी। वह जब भी किसी की सहायता प्राप्त करने की कोशिश करती, उसके 'मालिक' उसे प्रताड़ित करते। एक बार तो एक पेशेवर दुभाषिए ने पुलिस को बताया कि महिला झूठ बोल रही है और उसके देश में यह सामान्य बात है। महिला को पहली बार 2006 में अस्पताल ले जाया गया। महिला का पैर बुरी तरह जख्मी था, क्योंकि उसकी 'मालकिन' शमीना यूसुफ ने उसे कप से खींचकर मारा था। रपट में कहा गया है कि हालांकि उस समय कोई कार्रवाई नही की गई, क्योंकि महिला को इसके बारे में किसी को बताने के लिए धमकाया गया था। महिला दो वर्ष से भी ज्यादा समय के बाद भाग गई, लेकिन अपना पासपोर्ट लेने के लिए वह उस परिवार के दूसरे रिश्तेदारों के पास वापस लौट गई। महिला के वकील ने अदालत को बताया कि महिला सेंट जॉन्स वूड में एक कमरे वाले मकान में रहती थी और कसाई, एंकार्ता बालापोवी ने उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। महिला किसी तरह भाग गई और उसका मामला इंग्लैंड की स्कॉटलैंड यार्ड पुलिस की तस्करी इकाई को सौंप दिया गया।टिप्पणियां ऑप्टीशियन बलराम ओबेराय और सेक्रेटरी यूसुफ को महिला के साथ मारपीट के लिए दोषी करार दिया गया। ओबेराय को जान से मारने की धमकी देने का भी दोषी पाया गया। वहीं कसाई, बालापोवी को दुष्कर्म का दोषी पाया गया। उन्हें अगले महीने सजा सुनाई जाएगी। दो अन्य प्रतिवादियों को छोड़ दिया गया। पीड़िता अभी मारपीट के कारण इतनी चोटिल है कि उसे व्हीलचेयर का सहारा लेना पड़ रहा है। वह जब भी किसी की सहायता प्राप्त करने की कोशिश करती, उसके 'मालिक' उसे प्रताड़ित करते। एक बार तो एक पेशेवर दुभाषिए ने पुलिस को बताया कि महिला झूठ बोल रही है और उसके देश में यह सामान्य बात है। महिला को पहली बार 2006 में अस्पताल ले जाया गया। महिला का पैर बुरी तरह जख्मी था, क्योंकि उसकी 'मालकिन' शमीना यूसुफ ने उसे कप से खींचकर मारा था। रपट में कहा गया है कि हालांकि उस समय कोई कार्रवाई नही की गई, क्योंकि महिला को इसके बारे में किसी को बताने के लिए धमकाया गया था। महिला दो वर्ष से भी ज्यादा समय के बाद भाग गई, लेकिन अपना पासपोर्ट लेने के लिए वह उस परिवार के दूसरे रिश्तेदारों के पास वापस लौट गई। महिला के वकील ने अदालत को बताया कि महिला सेंट जॉन्स वूड में एक कमरे वाले मकान में रहती थी और कसाई, एंकार्ता बालापोवी ने उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। महिला किसी तरह भाग गई और उसका मामला इंग्लैंड की स्कॉटलैंड यार्ड पुलिस की तस्करी इकाई को सौंप दिया गया।टिप्पणियां ऑप्टीशियन बलराम ओबेराय और सेक्रेटरी यूसुफ को महिला के साथ मारपीट के लिए दोषी करार दिया गया। ओबेराय को जान से मारने की धमकी देने का भी दोषी पाया गया। वहीं कसाई, बालापोवी को दुष्कर्म का दोषी पाया गया। उन्हें अगले महीने सजा सुनाई जाएगी। दो अन्य प्रतिवादियों को छोड़ दिया गया। पीड़िता अभी मारपीट के कारण इतनी चोटिल है कि उसे व्हीलचेयर का सहारा लेना पड़ रहा है। महिला को पहली बार 2006 में अस्पताल ले जाया गया। महिला का पैर बुरी तरह जख्मी था, क्योंकि उसकी 'मालकिन' शमीना यूसुफ ने उसे कप से खींचकर मारा था। रपट में कहा गया है कि हालांकि उस समय कोई कार्रवाई नही की गई, क्योंकि महिला को इसके बारे में किसी को बताने के लिए धमकाया गया था। महिला दो वर्ष से भी ज्यादा समय के बाद भाग गई, लेकिन अपना पासपोर्ट लेने के लिए वह उस परिवार के दूसरे रिश्तेदारों के पास वापस लौट गई। महिला के वकील ने अदालत को बताया कि महिला सेंट जॉन्स वूड में एक कमरे वाले मकान में रहती थी और कसाई, एंकार्ता बालापोवी ने उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। महिला किसी तरह भाग गई और उसका मामला इंग्लैंड की स्कॉटलैंड यार्ड पुलिस की तस्करी इकाई को सौंप दिया गया।टिप्पणियां ऑप्टीशियन बलराम ओबेराय और सेक्रेटरी यूसुफ को महिला के साथ मारपीट के लिए दोषी करार दिया गया। ओबेराय को जान से मारने की धमकी देने का भी दोषी पाया गया। वहीं कसाई, बालापोवी को दुष्कर्म का दोषी पाया गया। उन्हें अगले महीने सजा सुनाई जाएगी। दो अन्य प्रतिवादियों को छोड़ दिया गया। पीड़िता अभी मारपीट के कारण इतनी चोटिल है कि उसे व्हीलचेयर का सहारा लेना पड़ रहा है। रपट में कहा गया है कि हालांकि उस समय कोई कार्रवाई नही की गई, क्योंकि महिला को इसके बारे में किसी को बताने के लिए धमकाया गया था। महिला दो वर्ष से भी ज्यादा समय के बाद भाग गई, लेकिन अपना पासपोर्ट लेने के लिए वह उस परिवार के दूसरे रिश्तेदारों के पास वापस लौट गई। महिला के वकील ने अदालत को बताया कि महिला सेंट जॉन्स वूड में एक कमरे वाले मकान में रहती थी और कसाई, एंकार्ता बालापोवी ने उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। महिला किसी तरह भाग गई और उसका मामला इंग्लैंड की स्कॉटलैंड यार्ड पुलिस की तस्करी इकाई को सौंप दिया गया।टिप्पणियां ऑप्टीशियन बलराम ओबेराय और सेक्रेटरी यूसुफ को महिला के साथ मारपीट के लिए दोषी करार दिया गया। ओबेराय को जान से मारने की धमकी देने का भी दोषी पाया गया। वहीं कसाई, बालापोवी को दुष्कर्म का दोषी पाया गया। उन्हें अगले महीने सजा सुनाई जाएगी। दो अन्य प्रतिवादियों को छोड़ दिया गया। पीड़िता अभी मारपीट के कारण इतनी चोटिल है कि उसे व्हीलचेयर का सहारा लेना पड़ रहा है। महिला दो वर्ष से भी ज्यादा समय के बाद भाग गई, लेकिन अपना पासपोर्ट लेने के लिए वह उस परिवार के दूसरे रिश्तेदारों के पास वापस लौट गई। महिला के वकील ने अदालत को बताया कि महिला सेंट जॉन्स वूड में एक कमरे वाले मकान में रहती थी और कसाई, एंकार्ता बालापोवी ने उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। महिला किसी तरह भाग गई और उसका मामला इंग्लैंड की स्कॉटलैंड यार्ड पुलिस की तस्करी इकाई को सौंप दिया गया।टिप्पणियां ऑप्टीशियन बलराम ओबेराय और सेक्रेटरी यूसुफ को महिला के साथ मारपीट के लिए दोषी करार दिया गया। ओबेराय को जान से मारने की धमकी देने का भी दोषी पाया गया। वहीं कसाई, बालापोवी को दुष्कर्म का दोषी पाया गया। उन्हें अगले महीने सजा सुनाई जाएगी। दो अन्य प्रतिवादियों को छोड़ दिया गया। पीड़िता अभी मारपीट के कारण इतनी चोटिल है कि उसे व्हीलचेयर का सहारा लेना पड़ रहा है। महिला के वकील ने अदालत को बताया कि महिला सेंट जॉन्स वूड में एक कमरे वाले मकान में रहती थी और कसाई, एंकार्ता बालापोवी ने उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। महिला किसी तरह भाग गई और उसका मामला इंग्लैंड की स्कॉटलैंड यार्ड पुलिस की तस्करी इकाई को सौंप दिया गया।टिप्पणियां ऑप्टीशियन बलराम ओबेराय और सेक्रेटरी यूसुफ को महिला के साथ मारपीट के लिए दोषी करार दिया गया। ओबेराय को जान से मारने की धमकी देने का भी दोषी पाया गया। वहीं कसाई, बालापोवी को दुष्कर्म का दोषी पाया गया। उन्हें अगले महीने सजा सुनाई जाएगी। दो अन्य प्रतिवादियों को छोड़ दिया गया। पीड़िता अभी मारपीट के कारण इतनी चोटिल है कि उसे व्हीलचेयर का सहारा लेना पड़ रहा है। महिला किसी तरह भाग गई और उसका मामला इंग्लैंड की स्कॉटलैंड यार्ड पुलिस की तस्करी इकाई को सौंप दिया गया।टिप्पणियां ऑप्टीशियन बलराम ओबेराय और सेक्रेटरी यूसुफ को महिला के साथ मारपीट के लिए दोषी करार दिया गया। ओबेराय को जान से मारने की धमकी देने का भी दोषी पाया गया। वहीं कसाई, बालापोवी को दुष्कर्म का दोषी पाया गया। उन्हें अगले महीने सजा सुनाई जाएगी। दो अन्य प्रतिवादियों को छोड़ दिया गया। पीड़िता अभी मारपीट के कारण इतनी चोटिल है कि उसे व्हीलचेयर का सहारा लेना पड़ रहा है। ऑप्टीशियन बलराम ओबेराय और सेक्रेटरी यूसुफ को महिला के साथ मारपीट के लिए दोषी करार दिया गया। ओबेराय को जान से मारने की धमकी देने का भी दोषी पाया गया। वहीं कसाई, बालापोवी को दुष्कर्म का दोषी पाया गया। उन्हें अगले महीने सजा सुनाई जाएगी। दो अन्य प्रतिवादियों को छोड़ दिया गया। पीड़िता अभी मारपीट के कारण इतनी चोटिल है कि उसे व्हीलचेयर का सहारा लेना पड़ रहा है। पीड़िता अभी मारपीट के कारण इतनी चोटिल है कि उसे व्हीलचेयर का सहारा लेना पड़ रहा है।
इंग्लैंड में एक 40 वर्षीय भारतीय महिला के साथ वर्षों से दुष्कर्म करने, उसकी पिटाई करने, घटिया भोजन देने और तीन मध्यवर्गीय परिवारों के बीच उसे गुलाम बनाकर रखे जाने की घटना प्रकाश में आई है। इस महिला को अशिक्षित बताया गया है।
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['hin']
एक सारांश बनाओ: भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा को पार्टी में शामिल करने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को चौतरफा आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेस जहां भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में भाजपा की प्रतिबद्धता पर सवाल उठा रही है वहीं उसके अपने सहयोगी भी इस मसले पर उसे कोसने का मौका नहीं छोड़ रहे हैं। कुशवाहा को भाजपा में शामिल करने पर कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में भाजपा की प्रतिबद्धता की पोल खुल गई है। अल्वी ने पत्रकारों से कहा, "भ्रष्टाचार के खिलाफ आडवाणी यात्रा निकाल रहे हैं और लोकपाल के मुद्दे पर भाजपा राष्ट्रपति से मिलती है तो दूसरी तरफ भ्रष्ट लोगों को वह पार्टी में शामिल कर रही है। यह दर्शाता है कि भाजपा भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई को लेकर कितनी प्रतिबद्ध है।" केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्यमंत्री जितिन प्रसाद ने भी भाजपा की कड़ी आलोचना की है। प्रसाद ने कहा, "उत्तर प्रदेश में भाजपा की पोल खुल गई है। भ्रष्टाचार के खिलाफ आडवाणी की यात्रा के बावजूद वह वोटों के लिए किसी का भी स्वागत कर सकती है। देश के सबसे ईमानदार राजनीतिक दल होने के उसके दावे की पोल खुल गई है।" कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई की अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी ने कहा कि भाजपा का चरित्र लाभ से प्रेरित है। भाजपा व बहुजन समाज पार्टी (बसपा) एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। जोशी ने कहा, "जिस कुशवाहा को बसपा जैसी पार्टी ने निकाला उसे भाजपा ने गले लगा लिया यानी वह बसपा से भी बड़ी भ्रष्ट पार्टी है। भ्रष्टाचार के खिलाफ रथयात्राएं निकालने वाली भाजपा का दोमुंहा चेहरा जनता के सामने आ गया है। भाजपा का चरित्र लाभ से प्रेरित है। प्रदेश में भाजपा की जो थोड़ी बहुत साख थी वह भी चली गई है।" जोशी ने बसपा और भाजपा पर आपसी सांठगांठ का आरोप लगाते हुए कहा, "आगे से दोनों पार्टियों के दरवाजे अलग-अलग हैं लेकिन अंदर से एक हैं। दोनों पार्टियां एक थीं, एक हैं और भविष्य में मौका मिला तो फिर एक हो जाएंगी।" वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा, "भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को यह जांच करनी चाहिए कि कहीं एनआरएचएम घोटाले का पैसा लेकर कुशवाहा को पार्टी में शामिल तो नहीं किया गया।" जद (यु) के अध्यक्ष व राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के संयोजक शरद यादव ने कहा, "उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में दागियों को टिकट नहीं दिया जाना चाहिए। यदि ऐसे दागियों को टिकट दिया जाता है, मैं क्या कह सकता हूं। वे हमारे सहयोगी हैं। बस यही कह सकते हैं मुझे माफ करो..।" इस बीच, कुशवाहा के निवास पर बुधवार को पड़े केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के छापे को भाजपा ने कांग्रेस और बसपा की राजनीतिक साजिश करार दिया है। पार्टी के मुताबिक सीबीआई इस मसले पर पिछले कई महीनों तक चुप रही और भाजपा में शामिल होने के अगले ही दिन उसे को कुशवाहा के खिलाफ सबूत मिल गए।टिप्पणियां भाजपा उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "भाजपा भ्रष्ट लोगों को शरण नहीं दे रही है। लेकिन सीबीआई के छापे राजनीति से प्रेरित हैं। सीबीआई को इस छापेमारी में इतना वक्त कैसे लग गया।" भाजपा की उत्तर प्रदेश इकाई के प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने कहा, "कुशवाहा मंगलवार शाम को भाजपा में शामिल हुए। इससे पहले तक सीबीआई के पास कुशवाहा के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कोई सबूत नहीं था, लेकिन भाजपा में शामिल होने के कुछ समय बाद ही सीबीआई के हाथ कौन से साक्ष्य लग गए, जिनके आधार पर उसने प्राथमिकी दर्ज कर छापेमारी भी की।" उन्होंने आरोप लगाया कि सीबीआई की कार्रवाई कांग्रेस के इशारे पर की गई है। वह सीबीआई का गलत इस्तेमाल कर रही है। कुशवाहा को भाजपा में शामिल करने पर कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में भाजपा की प्रतिबद्धता की पोल खुल गई है। अल्वी ने पत्रकारों से कहा, "भ्रष्टाचार के खिलाफ आडवाणी यात्रा निकाल रहे हैं और लोकपाल के मुद्दे पर भाजपा राष्ट्रपति से मिलती है तो दूसरी तरफ भ्रष्ट लोगों को वह पार्टी में शामिल कर रही है। यह दर्शाता है कि भाजपा भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई को लेकर कितनी प्रतिबद्ध है।" केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्यमंत्री जितिन प्रसाद ने भी भाजपा की कड़ी आलोचना की है। प्रसाद ने कहा, "उत्तर प्रदेश में भाजपा की पोल खुल गई है। भ्रष्टाचार के खिलाफ आडवाणी की यात्रा के बावजूद वह वोटों के लिए किसी का भी स्वागत कर सकती है। देश के सबसे ईमानदार राजनीतिक दल होने के उसके दावे की पोल खुल गई है।" कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई की अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी ने कहा कि भाजपा का चरित्र लाभ से प्रेरित है। भाजपा व बहुजन समाज पार्टी (बसपा) एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। जोशी ने कहा, "जिस कुशवाहा को बसपा जैसी पार्टी ने निकाला उसे भाजपा ने गले लगा लिया यानी वह बसपा से भी बड़ी भ्रष्ट पार्टी है। भ्रष्टाचार के खिलाफ रथयात्राएं निकालने वाली भाजपा का दोमुंहा चेहरा जनता के सामने आ गया है। भाजपा का चरित्र लाभ से प्रेरित है। प्रदेश में भाजपा की जो थोड़ी बहुत साख थी वह भी चली गई है।" जोशी ने बसपा और भाजपा पर आपसी सांठगांठ का आरोप लगाते हुए कहा, "आगे से दोनों पार्टियों के दरवाजे अलग-अलग हैं लेकिन अंदर से एक हैं। दोनों पार्टियां एक थीं, एक हैं और भविष्य में मौका मिला तो फिर एक हो जाएंगी।" वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा, "भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को यह जांच करनी चाहिए कि कहीं एनआरएचएम घोटाले का पैसा लेकर कुशवाहा को पार्टी में शामिल तो नहीं किया गया।" जद (यु) के अध्यक्ष व राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के संयोजक शरद यादव ने कहा, "उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में दागियों को टिकट नहीं दिया जाना चाहिए। यदि ऐसे दागियों को टिकट दिया जाता है, मैं क्या कह सकता हूं। वे हमारे सहयोगी हैं। बस यही कह सकते हैं मुझे माफ करो..।" इस बीच, कुशवाहा के निवास पर बुधवार को पड़े केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के छापे को भाजपा ने कांग्रेस और बसपा की राजनीतिक साजिश करार दिया है। पार्टी के मुताबिक सीबीआई इस मसले पर पिछले कई महीनों तक चुप रही और भाजपा में शामिल होने के अगले ही दिन उसे को कुशवाहा के खिलाफ सबूत मिल गए।टिप्पणियां भाजपा उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "भाजपा भ्रष्ट लोगों को शरण नहीं दे रही है। लेकिन सीबीआई के छापे राजनीति से प्रेरित हैं। सीबीआई को इस छापेमारी में इतना वक्त कैसे लग गया।" भाजपा की उत्तर प्रदेश इकाई के प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने कहा, "कुशवाहा मंगलवार शाम को भाजपा में शामिल हुए। इससे पहले तक सीबीआई के पास कुशवाहा के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कोई सबूत नहीं था, लेकिन भाजपा में शामिल होने के कुछ समय बाद ही सीबीआई के हाथ कौन से साक्ष्य लग गए, जिनके आधार पर उसने प्राथमिकी दर्ज कर छापेमारी भी की।" उन्होंने आरोप लगाया कि सीबीआई की कार्रवाई कांग्रेस के इशारे पर की गई है। वह सीबीआई का गलत इस्तेमाल कर रही है। अल्वी ने पत्रकारों से कहा, "भ्रष्टाचार के खिलाफ आडवाणी यात्रा निकाल रहे हैं और लोकपाल के मुद्दे पर भाजपा राष्ट्रपति से मिलती है तो दूसरी तरफ भ्रष्ट लोगों को वह पार्टी में शामिल कर रही है। यह दर्शाता है कि भाजपा भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई को लेकर कितनी प्रतिबद्ध है।" केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्यमंत्री जितिन प्रसाद ने भी भाजपा की कड़ी आलोचना की है। प्रसाद ने कहा, "उत्तर प्रदेश में भाजपा की पोल खुल गई है। भ्रष्टाचार के खिलाफ आडवाणी की यात्रा के बावजूद वह वोटों के लिए किसी का भी स्वागत कर सकती है। देश के सबसे ईमानदार राजनीतिक दल होने के उसके दावे की पोल खुल गई है।" कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई की अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी ने कहा कि भाजपा का चरित्र लाभ से प्रेरित है। भाजपा व बहुजन समाज पार्टी (बसपा) एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। जोशी ने कहा, "जिस कुशवाहा को बसपा जैसी पार्टी ने निकाला उसे भाजपा ने गले लगा लिया यानी वह बसपा से भी बड़ी भ्रष्ट पार्टी है। भ्रष्टाचार के खिलाफ रथयात्राएं निकालने वाली भाजपा का दोमुंहा चेहरा जनता के सामने आ गया है। भाजपा का चरित्र लाभ से प्रेरित है। प्रदेश में भाजपा की जो थोड़ी बहुत साख थी वह भी चली गई है।" जोशी ने बसपा और भाजपा पर आपसी सांठगांठ का आरोप लगाते हुए कहा, "आगे से दोनों पार्टियों के दरवाजे अलग-अलग हैं लेकिन अंदर से एक हैं। दोनों पार्टियां एक थीं, एक हैं और भविष्य में मौका मिला तो फिर एक हो जाएंगी।" वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा, "भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को यह जांच करनी चाहिए कि कहीं एनआरएचएम घोटाले का पैसा लेकर कुशवाहा को पार्टी में शामिल तो नहीं किया गया।" जद (यु) के अध्यक्ष व राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के संयोजक शरद यादव ने कहा, "उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में दागियों को टिकट नहीं दिया जाना चाहिए। यदि ऐसे दागियों को टिकट दिया जाता है, मैं क्या कह सकता हूं। वे हमारे सहयोगी हैं। बस यही कह सकते हैं मुझे माफ करो..।" इस बीच, कुशवाहा के निवास पर बुधवार को पड़े केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के छापे को भाजपा ने कांग्रेस और बसपा की राजनीतिक साजिश करार दिया है। पार्टी के मुताबिक सीबीआई इस मसले पर पिछले कई महीनों तक चुप रही और भाजपा में शामिल होने के अगले ही दिन उसे को कुशवाहा के खिलाफ सबूत मिल गए।टिप्पणियां भाजपा उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "भाजपा भ्रष्ट लोगों को शरण नहीं दे रही है। लेकिन सीबीआई के छापे राजनीति से प्रेरित हैं। सीबीआई को इस छापेमारी में इतना वक्त कैसे लग गया।" भाजपा की उत्तर प्रदेश इकाई के प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने कहा, "कुशवाहा मंगलवार शाम को भाजपा में शामिल हुए। इससे पहले तक सीबीआई के पास कुशवाहा के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कोई सबूत नहीं था, लेकिन भाजपा में शामिल होने के कुछ समय बाद ही सीबीआई के हाथ कौन से साक्ष्य लग गए, जिनके आधार पर उसने प्राथमिकी दर्ज कर छापेमारी भी की।" उन्होंने आरोप लगाया कि सीबीआई की कार्रवाई कांग्रेस के इशारे पर की गई है। वह सीबीआई का गलत इस्तेमाल कर रही है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्यमंत्री जितिन प्रसाद ने भी भाजपा की कड़ी आलोचना की है। प्रसाद ने कहा, "उत्तर प्रदेश में भाजपा की पोल खुल गई है। भ्रष्टाचार के खिलाफ आडवाणी की यात्रा के बावजूद वह वोटों के लिए किसी का भी स्वागत कर सकती है। देश के सबसे ईमानदार राजनीतिक दल होने के उसके दावे की पोल खुल गई है।" कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई की अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी ने कहा कि भाजपा का चरित्र लाभ से प्रेरित है। भाजपा व बहुजन समाज पार्टी (बसपा) एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। जोशी ने कहा, "जिस कुशवाहा को बसपा जैसी पार्टी ने निकाला उसे भाजपा ने गले लगा लिया यानी वह बसपा से भी बड़ी भ्रष्ट पार्टी है। भ्रष्टाचार के खिलाफ रथयात्राएं निकालने वाली भाजपा का दोमुंहा चेहरा जनता के सामने आ गया है। भाजपा का चरित्र लाभ से प्रेरित है। प्रदेश में भाजपा की जो थोड़ी बहुत साख थी वह भी चली गई है।" जोशी ने बसपा और भाजपा पर आपसी सांठगांठ का आरोप लगाते हुए कहा, "आगे से दोनों पार्टियों के दरवाजे अलग-अलग हैं लेकिन अंदर से एक हैं। दोनों पार्टियां एक थीं, एक हैं और भविष्य में मौका मिला तो फिर एक हो जाएंगी।" वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा, "भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को यह जांच करनी चाहिए कि कहीं एनआरएचएम घोटाले का पैसा लेकर कुशवाहा को पार्टी में शामिल तो नहीं किया गया।" जद (यु) के अध्यक्ष व राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के संयोजक शरद यादव ने कहा, "उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में दागियों को टिकट नहीं दिया जाना चाहिए। यदि ऐसे दागियों को टिकट दिया जाता है, मैं क्या कह सकता हूं। वे हमारे सहयोगी हैं। बस यही कह सकते हैं मुझे माफ करो..।" इस बीच, कुशवाहा के निवास पर बुधवार को पड़े केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के छापे को भाजपा ने कांग्रेस और बसपा की राजनीतिक साजिश करार दिया है। पार्टी के मुताबिक सीबीआई इस मसले पर पिछले कई महीनों तक चुप रही और भाजपा में शामिल होने के अगले ही दिन उसे को कुशवाहा के खिलाफ सबूत मिल गए।टिप्पणियां भाजपा उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "भाजपा भ्रष्ट लोगों को शरण नहीं दे रही है। लेकिन सीबीआई के छापे राजनीति से प्रेरित हैं। सीबीआई को इस छापेमारी में इतना वक्त कैसे लग गया।" भाजपा की उत्तर प्रदेश इकाई के प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने कहा, "कुशवाहा मंगलवार शाम को भाजपा में शामिल हुए। इससे पहले तक सीबीआई के पास कुशवाहा के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कोई सबूत नहीं था, लेकिन भाजपा में शामिल होने के कुछ समय बाद ही सीबीआई के हाथ कौन से साक्ष्य लग गए, जिनके आधार पर उसने प्राथमिकी दर्ज कर छापेमारी भी की।" उन्होंने आरोप लगाया कि सीबीआई की कार्रवाई कांग्रेस के इशारे पर की गई है। वह सीबीआई का गलत इस्तेमाल कर रही है। प्रसाद ने कहा, "उत्तर प्रदेश में भाजपा की पोल खुल गई है। भ्रष्टाचार के खिलाफ आडवाणी की यात्रा के बावजूद वह वोटों के लिए किसी का भी स्वागत कर सकती है। देश के सबसे ईमानदार राजनीतिक दल होने के उसके दावे की पोल खुल गई है।" कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई की अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी ने कहा कि भाजपा का चरित्र लाभ से प्रेरित है। भाजपा व बहुजन समाज पार्टी (बसपा) एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। जोशी ने कहा, "जिस कुशवाहा को बसपा जैसी पार्टी ने निकाला उसे भाजपा ने गले लगा लिया यानी वह बसपा से भी बड़ी भ्रष्ट पार्टी है। भ्रष्टाचार के खिलाफ रथयात्राएं निकालने वाली भाजपा का दोमुंहा चेहरा जनता के सामने आ गया है। भाजपा का चरित्र लाभ से प्रेरित है। प्रदेश में भाजपा की जो थोड़ी बहुत साख थी वह भी चली गई है।" जोशी ने बसपा और भाजपा पर आपसी सांठगांठ का आरोप लगाते हुए कहा, "आगे से दोनों पार्टियों के दरवाजे अलग-अलग हैं लेकिन अंदर से एक हैं। दोनों पार्टियां एक थीं, एक हैं और भविष्य में मौका मिला तो फिर एक हो जाएंगी।" वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा, "भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को यह जांच करनी चाहिए कि कहीं एनआरएचएम घोटाले का पैसा लेकर कुशवाहा को पार्टी में शामिल तो नहीं किया गया।" जद (यु) के अध्यक्ष व राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के संयोजक शरद यादव ने कहा, "उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में दागियों को टिकट नहीं दिया जाना चाहिए। यदि ऐसे दागियों को टिकट दिया जाता है, मैं क्या कह सकता हूं। वे हमारे सहयोगी हैं। बस यही कह सकते हैं मुझे माफ करो..।" इस बीच, कुशवाहा के निवास पर बुधवार को पड़े केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के छापे को भाजपा ने कांग्रेस और बसपा की राजनीतिक साजिश करार दिया है। पार्टी के मुताबिक सीबीआई इस मसले पर पिछले कई महीनों तक चुप रही और भाजपा में शामिल होने के अगले ही दिन उसे को कुशवाहा के खिलाफ सबूत मिल गए।टिप्पणियां भाजपा उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "भाजपा भ्रष्ट लोगों को शरण नहीं दे रही है। लेकिन सीबीआई के छापे राजनीति से प्रेरित हैं। सीबीआई को इस छापेमारी में इतना वक्त कैसे लग गया।" भाजपा की उत्तर प्रदेश इकाई के प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने कहा, "कुशवाहा मंगलवार शाम को भाजपा में शामिल हुए। इससे पहले तक सीबीआई के पास कुशवाहा के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कोई सबूत नहीं था, लेकिन भाजपा में शामिल होने के कुछ समय बाद ही सीबीआई के हाथ कौन से साक्ष्य लग गए, जिनके आधार पर उसने प्राथमिकी दर्ज कर छापेमारी भी की।" उन्होंने आरोप लगाया कि सीबीआई की कार्रवाई कांग्रेस के इशारे पर की गई है। वह सीबीआई का गलत इस्तेमाल कर रही है। कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई की अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी ने कहा कि भाजपा का चरित्र लाभ से प्रेरित है। भाजपा व बहुजन समाज पार्टी (बसपा) एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। जोशी ने कहा, "जिस कुशवाहा को बसपा जैसी पार्टी ने निकाला उसे भाजपा ने गले लगा लिया यानी वह बसपा से भी बड़ी भ्रष्ट पार्टी है। भ्रष्टाचार के खिलाफ रथयात्राएं निकालने वाली भाजपा का दोमुंहा चेहरा जनता के सामने आ गया है। भाजपा का चरित्र लाभ से प्रेरित है। प्रदेश में भाजपा की जो थोड़ी बहुत साख थी वह भी चली गई है।" जोशी ने बसपा और भाजपा पर आपसी सांठगांठ का आरोप लगाते हुए कहा, "आगे से दोनों पार्टियों के दरवाजे अलग-अलग हैं लेकिन अंदर से एक हैं। दोनों पार्टियां एक थीं, एक हैं और भविष्य में मौका मिला तो फिर एक हो जाएंगी।" वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा, "भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को यह जांच करनी चाहिए कि कहीं एनआरएचएम घोटाले का पैसा लेकर कुशवाहा को पार्टी में शामिल तो नहीं किया गया।" जद (यु) के अध्यक्ष व राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के संयोजक शरद यादव ने कहा, "उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में दागियों को टिकट नहीं दिया जाना चाहिए। यदि ऐसे दागियों को टिकट दिया जाता है, मैं क्या कह सकता हूं। वे हमारे सहयोगी हैं। बस यही कह सकते हैं मुझे माफ करो..।" इस बीच, कुशवाहा के निवास पर बुधवार को पड़े केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के छापे को भाजपा ने कांग्रेस और बसपा की राजनीतिक साजिश करार दिया है। पार्टी के मुताबिक सीबीआई इस मसले पर पिछले कई महीनों तक चुप रही और भाजपा में शामिल होने के अगले ही दिन उसे को कुशवाहा के खिलाफ सबूत मिल गए।टिप्पणियां भाजपा उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "भाजपा भ्रष्ट लोगों को शरण नहीं दे रही है। लेकिन सीबीआई के छापे राजनीति से प्रेरित हैं। सीबीआई को इस छापेमारी में इतना वक्त कैसे लग गया।" भाजपा की उत्तर प्रदेश इकाई के प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने कहा, "कुशवाहा मंगलवार शाम को भाजपा में शामिल हुए। इससे पहले तक सीबीआई के पास कुशवाहा के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कोई सबूत नहीं था, लेकिन भाजपा में शामिल होने के कुछ समय बाद ही सीबीआई के हाथ कौन से साक्ष्य लग गए, जिनके आधार पर उसने प्राथमिकी दर्ज कर छापेमारी भी की।" उन्होंने आरोप लगाया कि सीबीआई की कार्रवाई कांग्रेस के इशारे पर की गई है। वह सीबीआई का गलत इस्तेमाल कर रही है। जोशी ने कहा, "जिस कुशवाहा को बसपा जैसी पार्टी ने निकाला उसे भाजपा ने गले लगा लिया यानी वह बसपा से भी बड़ी भ्रष्ट पार्टी है। भ्रष्टाचार के खिलाफ रथयात्राएं निकालने वाली भाजपा का दोमुंहा चेहरा जनता के सामने आ गया है। भाजपा का चरित्र लाभ से प्रेरित है। प्रदेश में भाजपा की जो थोड़ी बहुत साख थी वह भी चली गई है।" जोशी ने बसपा और भाजपा पर आपसी सांठगांठ का आरोप लगाते हुए कहा, "आगे से दोनों पार्टियों के दरवाजे अलग-अलग हैं लेकिन अंदर से एक हैं। दोनों पार्टियां एक थीं, एक हैं और भविष्य में मौका मिला तो फिर एक हो जाएंगी।" वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा, "भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को यह जांच करनी चाहिए कि कहीं एनआरएचएम घोटाले का पैसा लेकर कुशवाहा को पार्टी में शामिल तो नहीं किया गया।" जद (यु) के अध्यक्ष व राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के संयोजक शरद यादव ने कहा, "उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में दागियों को टिकट नहीं दिया जाना चाहिए। यदि ऐसे दागियों को टिकट दिया जाता है, मैं क्या कह सकता हूं। वे हमारे सहयोगी हैं। बस यही कह सकते हैं मुझे माफ करो..।" इस बीच, कुशवाहा के निवास पर बुधवार को पड़े केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के छापे को भाजपा ने कांग्रेस और बसपा की राजनीतिक साजिश करार दिया है। पार्टी के मुताबिक सीबीआई इस मसले पर पिछले कई महीनों तक चुप रही और भाजपा में शामिल होने के अगले ही दिन उसे को कुशवाहा के खिलाफ सबूत मिल गए।टिप्पणियां भाजपा उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "भाजपा भ्रष्ट लोगों को शरण नहीं दे रही है। लेकिन सीबीआई के छापे राजनीति से प्रेरित हैं। सीबीआई को इस छापेमारी में इतना वक्त कैसे लग गया।" भाजपा की उत्तर प्रदेश इकाई के प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने कहा, "कुशवाहा मंगलवार शाम को भाजपा में शामिल हुए। इससे पहले तक सीबीआई के पास कुशवाहा के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कोई सबूत नहीं था, लेकिन भाजपा में शामिल होने के कुछ समय बाद ही सीबीआई के हाथ कौन से साक्ष्य लग गए, जिनके आधार पर उसने प्राथमिकी दर्ज कर छापेमारी भी की।" उन्होंने आरोप लगाया कि सीबीआई की कार्रवाई कांग्रेस के इशारे पर की गई है। वह सीबीआई का गलत इस्तेमाल कर रही है। जोशी ने बसपा और भाजपा पर आपसी सांठगांठ का आरोप लगाते हुए कहा, "आगे से दोनों पार्टियों के दरवाजे अलग-अलग हैं लेकिन अंदर से एक हैं। दोनों पार्टियां एक थीं, एक हैं और भविष्य में मौका मिला तो फिर एक हो जाएंगी।" वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा, "भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को यह जांच करनी चाहिए कि कहीं एनआरएचएम घोटाले का पैसा लेकर कुशवाहा को पार्टी में शामिल तो नहीं किया गया।" जद (यु) के अध्यक्ष व राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के संयोजक शरद यादव ने कहा, "उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में दागियों को टिकट नहीं दिया जाना चाहिए। यदि ऐसे दागियों को टिकट दिया जाता है, मैं क्या कह सकता हूं। वे हमारे सहयोगी हैं। बस यही कह सकते हैं मुझे माफ करो..।" इस बीच, कुशवाहा के निवास पर बुधवार को पड़े केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के छापे को भाजपा ने कांग्रेस और बसपा की राजनीतिक साजिश करार दिया है। पार्टी के मुताबिक सीबीआई इस मसले पर पिछले कई महीनों तक चुप रही और भाजपा में शामिल होने के अगले ही दिन उसे को कुशवाहा के खिलाफ सबूत मिल गए।टिप्पणियां भाजपा उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "भाजपा भ्रष्ट लोगों को शरण नहीं दे रही है। लेकिन सीबीआई के छापे राजनीति से प्रेरित हैं। सीबीआई को इस छापेमारी में इतना वक्त कैसे लग गया।" भाजपा की उत्तर प्रदेश इकाई के प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने कहा, "कुशवाहा मंगलवार शाम को भाजपा में शामिल हुए। इससे पहले तक सीबीआई के पास कुशवाहा के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कोई सबूत नहीं था, लेकिन भाजपा में शामिल होने के कुछ समय बाद ही सीबीआई के हाथ कौन से साक्ष्य लग गए, जिनके आधार पर उसने प्राथमिकी दर्ज कर छापेमारी भी की।" उन्होंने आरोप लगाया कि सीबीआई की कार्रवाई कांग्रेस के इशारे पर की गई है। वह सीबीआई का गलत इस्तेमाल कर रही है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा, "भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को यह जांच करनी चाहिए कि कहीं एनआरएचएम घोटाले का पैसा लेकर कुशवाहा को पार्टी में शामिल तो नहीं किया गया।" जद (यु) के अध्यक्ष व राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के संयोजक शरद यादव ने कहा, "उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में दागियों को टिकट नहीं दिया जाना चाहिए। यदि ऐसे दागियों को टिकट दिया जाता है, मैं क्या कह सकता हूं। वे हमारे सहयोगी हैं। बस यही कह सकते हैं मुझे माफ करो..।" इस बीच, कुशवाहा के निवास पर बुधवार को पड़े केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के छापे को भाजपा ने कांग्रेस और बसपा की राजनीतिक साजिश करार दिया है। पार्टी के मुताबिक सीबीआई इस मसले पर पिछले कई महीनों तक चुप रही और भाजपा में शामिल होने के अगले ही दिन उसे को कुशवाहा के खिलाफ सबूत मिल गए।टिप्पणियां भाजपा उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "भाजपा भ्रष्ट लोगों को शरण नहीं दे रही है। लेकिन सीबीआई के छापे राजनीति से प्रेरित हैं। सीबीआई को इस छापेमारी में इतना वक्त कैसे लग गया।" भाजपा की उत्तर प्रदेश इकाई के प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने कहा, "कुशवाहा मंगलवार शाम को भाजपा में शामिल हुए। इससे पहले तक सीबीआई के पास कुशवाहा के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कोई सबूत नहीं था, लेकिन भाजपा में शामिल होने के कुछ समय बाद ही सीबीआई के हाथ कौन से साक्ष्य लग गए, जिनके आधार पर उसने प्राथमिकी दर्ज कर छापेमारी भी की।" उन्होंने आरोप लगाया कि सीबीआई की कार्रवाई कांग्रेस के इशारे पर की गई है। वह सीबीआई का गलत इस्तेमाल कर रही है। जद (यु) के अध्यक्ष व राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के संयोजक शरद यादव ने कहा, "उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में दागियों को टिकट नहीं दिया जाना चाहिए। यदि ऐसे दागियों को टिकट दिया जाता है, मैं क्या कह सकता हूं। वे हमारे सहयोगी हैं। बस यही कह सकते हैं मुझे माफ करो..।" इस बीच, कुशवाहा के निवास पर बुधवार को पड़े केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के छापे को भाजपा ने कांग्रेस और बसपा की राजनीतिक साजिश करार दिया है। पार्टी के मुताबिक सीबीआई इस मसले पर पिछले कई महीनों तक चुप रही और भाजपा में शामिल होने के अगले ही दिन उसे को कुशवाहा के खिलाफ सबूत मिल गए।टिप्पणियां भाजपा उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "भाजपा भ्रष्ट लोगों को शरण नहीं दे रही है। लेकिन सीबीआई के छापे राजनीति से प्रेरित हैं। सीबीआई को इस छापेमारी में इतना वक्त कैसे लग गया।" भाजपा की उत्तर प्रदेश इकाई के प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने कहा, "कुशवाहा मंगलवार शाम को भाजपा में शामिल हुए। इससे पहले तक सीबीआई के पास कुशवाहा के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कोई सबूत नहीं था, लेकिन भाजपा में शामिल होने के कुछ समय बाद ही सीबीआई के हाथ कौन से साक्ष्य लग गए, जिनके आधार पर उसने प्राथमिकी दर्ज कर छापेमारी भी की।" उन्होंने आरोप लगाया कि सीबीआई की कार्रवाई कांग्रेस के इशारे पर की गई है। वह सीबीआई का गलत इस्तेमाल कर रही है। इस बीच, कुशवाहा के निवास पर बुधवार को पड़े केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के छापे को भाजपा ने कांग्रेस और बसपा की राजनीतिक साजिश करार दिया है। पार्टी के मुताबिक सीबीआई इस मसले पर पिछले कई महीनों तक चुप रही और भाजपा में शामिल होने के अगले ही दिन उसे को कुशवाहा के खिलाफ सबूत मिल गए।टिप्पणियां भाजपा उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "भाजपा भ्रष्ट लोगों को शरण नहीं दे रही है। लेकिन सीबीआई के छापे राजनीति से प्रेरित हैं। सीबीआई को इस छापेमारी में इतना वक्त कैसे लग गया।" भाजपा की उत्तर प्रदेश इकाई के प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने कहा, "कुशवाहा मंगलवार शाम को भाजपा में शामिल हुए। इससे पहले तक सीबीआई के पास कुशवाहा के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कोई सबूत नहीं था, लेकिन भाजपा में शामिल होने के कुछ समय बाद ही सीबीआई के हाथ कौन से साक्ष्य लग गए, जिनके आधार पर उसने प्राथमिकी दर्ज कर छापेमारी भी की।" उन्होंने आरोप लगाया कि सीबीआई की कार्रवाई कांग्रेस के इशारे पर की गई है। वह सीबीआई का गलत इस्तेमाल कर रही है। भाजपा उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "भाजपा भ्रष्ट लोगों को शरण नहीं दे रही है। लेकिन सीबीआई के छापे राजनीति से प्रेरित हैं। सीबीआई को इस छापेमारी में इतना वक्त कैसे लग गया।" भाजपा की उत्तर प्रदेश इकाई के प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने कहा, "कुशवाहा मंगलवार शाम को भाजपा में शामिल हुए। इससे पहले तक सीबीआई के पास कुशवाहा के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कोई सबूत नहीं था, लेकिन भाजपा में शामिल होने के कुछ समय बाद ही सीबीआई के हाथ कौन से साक्ष्य लग गए, जिनके आधार पर उसने प्राथमिकी दर्ज कर छापेमारी भी की।" उन्होंने आरोप लगाया कि सीबीआई की कार्रवाई कांग्रेस के इशारे पर की गई है। वह सीबीआई का गलत इस्तेमाल कर रही है। भाजपा की उत्तर प्रदेश इकाई के प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने कहा, "कुशवाहा मंगलवार शाम को भाजपा में शामिल हुए। इससे पहले तक सीबीआई के पास कुशवाहा के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कोई सबूत नहीं था, लेकिन भाजपा में शामिल होने के कुछ समय बाद ही सीबीआई के हाथ कौन से साक्ष्य लग गए, जिनके आधार पर उसने प्राथमिकी दर्ज कर छापेमारी भी की।" उन्होंने आरोप लगाया कि सीबीआई की कार्रवाई कांग्रेस के इशारे पर की गई है। वह सीबीआई का गलत इस्तेमाल कर रही है।
संक्षिप्त पाठ: भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा को पार्टी में शामिल करने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को चौतरफा आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है।
30
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: बुलंदशहर के ज़िला अस्पताल की कहानी के बाद एनडीटीवी की टीम बलिया जिला अस्पताल की हकीकत जानने पहुंची। वहां पहुंचने पर पाया कि जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड मे ड्यूटी पर तैनात स्वीपर इमर्जेसी में मौजूद एक मरीज को टांका लगा रहा था।टिप्पणियां यही नहीं, वार्ड मे तैनात ट्रेनिंग पर आए फार्मासिस्ट भी बिना किसी सीनियर की मौजूदगी के इंजेक्शन लगाते पाए गए। इस बाबत जब प्रभारी सीएमएस से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि स्वीपर किसी भी हाल मे सुई या टांका नहीं लगा सकता है अगर ऐसा है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यही नहीं, वार्ड मे तैनात ट्रेनिंग पर आए फार्मासिस्ट भी बिना किसी सीनियर की मौजूदगी के इंजेक्शन लगाते पाए गए। इस बाबत जब प्रभारी सीएमएस से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि स्वीपर किसी भी हाल मे सुई या टांका नहीं लगा सकता है अगर ऐसा है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस बाबत जब प्रभारी सीएमएस से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि स्वीपर किसी भी हाल मे सुई या टांका नहीं लगा सकता है अगर ऐसा है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
यह एक सारांश है: बुलंदशहर के ज़िला अस्पताल की कहानी के बाद एनडीटीवी की टीम बलिया जिला अस्पताल की हकीकत जानने पहुंची। वहां पहुंचने पर पाया कि जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड मे ड्यूटी पर तैनात स्वीपर इमर्जेसी में मौजूद एक मरीज को टांका लगा रहा था।
24
['hin']
एक सारांश बनाओ: पेट्रोलियम पदार्थों की बिक्री करने वाली सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन ने कहा है कि वह बिजली के खरीद-फरोख्त व्यवसाय में उतरेगी। आईओसी के नवनियुक्त अध्यक्ष आरएस बुटोला ने कहा कि कंपनी पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस के खुदरा विपणन कारोबार में अपनी स्थिति को और मजबूत बनाते हुए बिजली व्यापार (मर्चेंट पॉवर) व्यवसाय में उतरेगी। कंपनी की देशभर में फैली आठ रिफाइनरियों में अपने बिजली घर हैं। ये बिजली घर कंपनी की रिफाइनरियों की विद्युत जरूरत के लिए लगाए गए हैं, लेकिन अब कंपनी पेटकोक से बिजली बनाने के बारे में योजना बना रही है। रिफाइनरियों में कच्चे तेल की शोधन प्रक्रिया में पेटकोक बनता है। बुटोला ने कहा, हम मर्चेंट पॉवर व्यावसाय में उतरने के बारे में सोच रहे हैं, इसके लिए हमारे पास कच्चामाल और अन्य जरूरी सुविधाएं पहले से मौजूद हैं। कंपनी के पास कुल मिलाकर 1100 से लेकर 1200 मेगावाट विद्युत उत्पादन क्षमता है। ज्यादातर रिफाइनरियों में उनकी जरूरत से ज्यादा बिजली है, जिसका बाहर व्यापार किया जा सकता है। आईओसी की डिग्बोई रिफाइनरी में पांच मेगावाट अतिरिक्त बिजली उपलब्ध है। इसे असम ग्रिड में जारी करने के लिए समझौता हो चुका है। इसी प्रकार अन्य रिफाइनरी परिसरों में उपलब्ध अतिरिक्त बिजली का भी व्यापार किया जा सकता है। हालांकि, बुटोला का मानना है कि कंपनी को सबसे पहले पेट्रोलियम पदार्थों की मार्केटिंग के अपने मुख्य कारोबार में मजबूती पर ध्यान देना होगा।
सारांश: पेट्रोलियम पदार्थों की बिक्री करने वाली सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन ने कहा है कि वह बिजली के खरीद-फरोख्त व्यवसाय में उतरेगी।
5
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मद्रास हाईकोर्ट ने कमल हासन की फिल्म 'विश्वरूपम' से प्रतिबंध हटा दिया है। बहस के दौरान कमल हासन के वकील ने कहा कि सेंसर बोर्ड द्वारा पास की गई फिल्म के प्रदर्शन को रोकना असंवैधानिक है। उल्लेखनीय है कि प्रतिबंध के मामले में सुनवाई करने वाले न्यायमूर्ति के वेंकटरामन ने पिछले शनिवार को 'विश्वरूपम' देखी थी, और सोमवार को उन्होंने कमल हासन को सलाह दी थी कि वह तमिलनाडु सरकार के साथ इस मुद्दे के एक 'स्वीकार्य और शांतिपूर्ण' समाधान के लिए हरसंभव संभावनाएं टटोलें। इसके साथ ही मद्रास हाईकोर्ट ने इस बारे में अपना फैसला मंगलवार तक के लिए टाल दिया था। इस बीच, कर्नाटक पुलिस द्वारा पर्याप्त सुरक्षा का आश्वासन दिए जाने के बाद डिस्ट्रीब्यूटरों ने निर्देशक-अभिनेता कमल हासन की मेगा बजट फिल्म 'विश्वरूपम' को आखिरकार राज्य में रिलीज़ कर दिया। कर्नाटक में फिल्म एकमात्र डिस्ट्रीब्यूटर एचडी गंगराजू ने बताया कि राज्य पुलिस ने उन्हें फिल्म का शांतिपूर्ण प्रदर्शन सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध करना का आश्वासन दिया है, जिसके बाद 'विश्वरूपम' को मंगलवार को मैटिनी शो के साथ बेंगलुरू के 17 सिनेमाघरों सहित राज्यभर में 40 थियेटरों में रिलीज़ किया गया है, और बेंगलुरू के 17 सभी सिनेमाघर हाउसफुल जा रहे हैं। इससे पहले, न्यायमूर्ति के वेंकटरामन ने कमल हासन को यह भी सलाह दी थी कि 'देश में कानून व्यवस्था की स्थिति... और देश की एकता' को ध्यान में रखें, क्योंकि इसकी (फिल्म की) वजह से समुदायों के बीच कोई वैमनस्य नहीं होना चाहिए। अदालत के बाहर कमल हासन के वकील पीएस रामन ने कहा था, हमने जिला कलेक्टर के आदेश को चुनौती दी है और मुख्य याचिका के साथ मामले की सुनवाई की मांग की है। 'सद्भावनापूर्ण' समाधान की अदालत की सलाह पर रामन ने कहा, अदालत ने केवल यह टिप्पणी की है कि कमल हासन चूंकि शहर लौट गए हैं तो वह समझौते की कोशिश कर सकते हैं। यह अदालत का आदेश नहीं है। रामन ने कहा, हमें (जिला कलेक्टरों के) सात-आठ आदेश मिले हैं। हम केवल उन्हें चुनौती दे रहे हैं। शेष के मिलने के बाद हम उनको भी चुनौती दे सकते हैं। ऐसा ही हम अलग से पुदुच्चेरी में भी करने जा रहे हैं। फिल्म की पाइरेटेड डीवीडी की रिलीज़ संबंधी खबरों के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, हमने अदालत में इस बारे में कुछ नहीं कहा है। केवल आपको (मीडिया को) कहना चाहिए कि पाइरेटेड डीवीडी किसी को न मिलें।टिप्पणियां कमल हासन के भाई चंद्रा हासन ने अदालत के बाहर संवाददाताओं से कहा कि सप्ताहांत की छुट्टियों के दौरान हुआ नुकसान करीब 30 से 80 करोड़ रुपये का हो सकता है। हम नहीं जानते कि बाद में सिनेमाहाल उपलब्ध होंगे या नहीं... हम यह भी नहीं जानते कि क्या सप्ताह के बीच में सिनेमाहाल इसे प्रदर्शित करना चाहेंगे या अगले सप्ताह तक थियेटर उपलब्ध हो पाएंगे। क्या प्रतिबंध अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर रोक है, यह पूछे जाने पर चंद्रा हासन ने कहा, यह कानून का मामला है और इसकी व्याख्या करने के लिए न्यायाधीश हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या फिल्म किसी भी तरह मुस्लिमों की भावनाओं को आहत नहीं करती, चंद्रा हासन ने कहा, फिल्म निर्माण के दौरान हम इस बात को लेकर आश्वस्त थे कि इससे किसी भी समुदाय की भावनाएं आहत नहीं होंगी। उनसे पूछा गया कि क्या मुस्लिम समुदाय जिन दृश्यों को आपत्तिजनक मानेगा, उन्हें वे हटाएंगे, इस पर चंद्रा हासन का जवाब था, पहली बात यह है कि मैं ऐसे किसी दृश्य के बारे में कल्पना नहीं कर सकता, जिसे वे आपत्तिजनक मानेंगे। दूसरी बात यह है कि ऐसे दृश्यों को काटना या न काटना निर्देशक का विशेषाधिकार है तो फिर यह फैसला कमल हासन का होगा, निर्माता का नहीं। उल्लेखनीय है कि प्रतिबंध के मामले में सुनवाई करने वाले न्यायमूर्ति के वेंकटरामन ने पिछले शनिवार को 'विश्वरूपम' देखी थी, और सोमवार को उन्होंने कमल हासन को सलाह दी थी कि वह तमिलनाडु सरकार के साथ इस मुद्दे के एक 'स्वीकार्य और शांतिपूर्ण' समाधान के लिए हरसंभव संभावनाएं टटोलें। इसके साथ ही मद्रास हाईकोर्ट ने इस बारे में अपना फैसला मंगलवार तक के लिए टाल दिया था। इस बीच, कर्नाटक पुलिस द्वारा पर्याप्त सुरक्षा का आश्वासन दिए जाने के बाद डिस्ट्रीब्यूटरों ने निर्देशक-अभिनेता कमल हासन की मेगा बजट फिल्म 'विश्वरूपम' को आखिरकार राज्य में रिलीज़ कर दिया। कर्नाटक में फिल्म एकमात्र डिस्ट्रीब्यूटर एचडी गंगराजू ने बताया कि राज्य पुलिस ने उन्हें फिल्म का शांतिपूर्ण प्रदर्शन सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध करना का आश्वासन दिया है, जिसके बाद 'विश्वरूपम' को मंगलवार को मैटिनी शो के साथ बेंगलुरू के 17 सिनेमाघरों सहित राज्यभर में 40 थियेटरों में रिलीज़ किया गया है, और बेंगलुरू के 17 सभी सिनेमाघर हाउसफुल जा रहे हैं। इससे पहले, न्यायमूर्ति के वेंकटरामन ने कमल हासन को यह भी सलाह दी थी कि 'देश में कानून व्यवस्था की स्थिति... और देश की एकता' को ध्यान में रखें, क्योंकि इसकी (फिल्म की) वजह से समुदायों के बीच कोई वैमनस्य नहीं होना चाहिए। अदालत के बाहर कमल हासन के वकील पीएस रामन ने कहा था, हमने जिला कलेक्टर के आदेश को चुनौती दी है और मुख्य याचिका के साथ मामले की सुनवाई की मांग की है। 'सद्भावनापूर्ण' समाधान की अदालत की सलाह पर रामन ने कहा, अदालत ने केवल यह टिप्पणी की है कि कमल हासन चूंकि शहर लौट गए हैं तो वह समझौते की कोशिश कर सकते हैं। यह अदालत का आदेश नहीं है। रामन ने कहा, हमें (जिला कलेक्टरों के) सात-आठ आदेश मिले हैं। हम केवल उन्हें चुनौती दे रहे हैं। शेष के मिलने के बाद हम उनको भी चुनौती दे सकते हैं। ऐसा ही हम अलग से पुदुच्चेरी में भी करने जा रहे हैं। फिल्म की पाइरेटेड डीवीडी की रिलीज़ संबंधी खबरों के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, हमने अदालत में इस बारे में कुछ नहीं कहा है। केवल आपको (मीडिया को) कहना चाहिए कि पाइरेटेड डीवीडी किसी को न मिलें।टिप्पणियां कमल हासन के भाई चंद्रा हासन ने अदालत के बाहर संवाददाताओं से कहा कि सप्ताहांत की छुट्टियों के दौरान हुआ नुकसान करीब 30 से 80 करोड़ रुपये का हो सकता है। हम नहीं जानते कि बाद में सिनेमाहाल उपलब्ध होंगे या नहीं... हम यह भी नहीं जानते कि क्या सप्ताह के बीच में सिनेमाहाल इसे प्रदर्शित करना चाहेंगे या अगले सप्ताह तक थियेटर उपलब्ध हो पाएंगे। क्या प्रतिबंध अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर रोक है, यह पूछे जाने पर चंद्रा हासन ने कहा, यह कानून का मामला है और इसकी व्याख्या करने के लिए न्यायाधीश हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या फिल्म किसी भी तरह मुस्लिमों की भावनाओं को आहत नहीं करती, चंद्रा हासन ने कहा, फिल्म निर्माण के दौरान हम इस बात को लेकर आश्वस्त थे कि इससे किसी भी समुदाय की भावनाएं आहत नहीं होंगी। उनसे पूछा गया कि क्या मुस्लिम समुदाय जिन दृश्यों को आपत्तिजनक मानेगा, उन्हें वे हटाएंगे, इस पर चंद्रा हासन का जवाब था, पहली बात यह है कि मैं ऐसे किसी दृश्य के बारे में कल्पना नहीं कर सकता, जिसे वे आपत्तिजनक मानेंगे। दूसरी बात यह है कि ऐसे दृश्यों को काटना या न काटना निर्देशक का विशेषाधिकार है तो फिर यह फैसला कमल हासन का होगा, निर्माता का नहीं। इस बीच, कर्नाटक पुलिस द्वारा पर्याप्त सुरक्षा का आश्वासन दिए जाने के बाद डिस्ट्रीब्यूटरों ने निर्देशक-अभिनेता कमल हासन की मेगा बजट फिल्म 'विश्वरूपम' को आखिरकार राज्य में रिलीज़ कर दिया। कर्नाटक में फिल्म एकमात्र डिस्ट्रीब्यूटर एचडी गंगराजू ने बताया कि राज्य पुलिस ने उन्हें फिल्म का शांतिपूर्ण प्रदर्शन सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध करना का आश्वासन दिया है, जिसके बाद 'विश्वरूपम' को मंगलवार को मैटिनी शो के साथ बेंगलुरू के 17 सिनेमाघरों सहित राज्यभर में 40 थियेटरों में रिलीज़ किया गया है, और बेंगलुरू के 17 सभी सिनेमाघर हाउसफुल जा रहे हैं। इससे पहले, न्यायमूर्ति के वेंकटरामन ने कमल हासन को यह भी सलाह दी थी कि 'देश में कानून व्यवस्था की स्थिति... और देश की एकता' को ध्यान में रखें, क्योंकि इसकी (फिल्म की) वजह से समुदायों के बीच कोई वैमनस्य नहीं होना चाहिए। अदालत के बाहर कमल हासन के वकील पीएस रामन ने कहा था, हमने जिला कलेक्टर के आदेश को चुनौती दी है और मुख्य याचिका के साथ मामले की सुनवाई की मांग की है। 'सद्भावनापूर्ण' समाधान की अदालत की सलाह पर रामन ने कहा, अदालत ने केवल यह टिप्पणी की है कि कमल हासन चूंकि शहर लौट गए हैं तो वह समझौते की कोशिश कर सकते हैं। यह अदालत का आदेश नहीं है। रामन ने कहा, हमें (जिला कलेक्टरों के) सात-आठ आदेश मिले हैं। हम केवल उन्हें चुनौती दे रहे हैं। शेष के मिलने के बाद हम उनको भी चुनौती दे सकते हैं। ऐसा ही हम अलग से पुदुच्चेरी में भी करने जा रहे हैं। फिल्म की पाइरेटेड डीवीडी की रिलीज़ संबंधी खबरों के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, हमने अदालत में इस बारे में कुछ नहीं कहा है। केवल आपको (मीडिया को) कहना चाहिए कि पाइरेटेड डीवीडी किसी को न मिलें।टिप्पणियां कमल हासन के भाई चंद्रा हासन ने अदालत के बाहर संवाददाताओं से कहा कि सप्ताहांत की छुट्टियों के दौरान हुआ नुकसान करीब 30 से 80 करोड़ रुपये का हो सकता है। हम नहीं जानते कि बाद में सिनेमाहाल उपलब्ध होंगे या नहीं... हम यह भी नहीं जानते कि क्या सप्ताह के बीच में सिनेमाहाल इसे प्रदर्शित करना चाहेंगे या अगले सप्ताह तक थियेटर उपलब्ध हो पाएंगे। क्या प्रतिबंध अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर रोक है, यह पूछे जाने पर चंद्रा हासन ने कहा, यह कानून का मामला है और इसकी व्याख्या करने के लिए न्यायाधीश हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या फिल्म किसी भी तरह मुस्लिमों की भावनाओं को आहत नहीं करती, चंद्रा हासन ने कहा, फिल्म निर्माण के दौरान हम इस बात को लेकर आश्वस्त थे कि इससे किसी भी समुदाय की भावनाएं आहत नहीं होंगी। उनसे पूछा गया कि क्या मुस्लिम समुदाय जिन दृश्यों को आपत्तिजनक मानेगा, उन्हें वे हटाएंगे, इस पर चंद्रा हासन का जवाब था, पहली बात यह है कि मैं ऐसे किसी दृश्य के बारे में कल्पना नहीं कर सकता, जिसे वे आपत्तिजनक मानेंगे। दूसरी बात यह है कि ऐसे दृश्यों को काटना या न काटना निर्देशक का विशेषाधिकार है तो फिर यह फैसला कमल हासन का होगा, निर्माता का नहीं। कर्नाटक में फिल्म एकमात्र डिस्ट्रीब्यूटर एचडी गंगराजू ने बताया कि राज्य पुलिस ने उन्हें फिल्म का शांतिपूर्ण प्रदर्शन सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध करना का आश्वासन दिया है, जिसके बाद 'विश्वरूपम' को मंगलवार को मैटिनी शो के साथ बेंगलुरू के 17 सिनेमाघरों सहित राज्यभर में 40 थियेटरों में रिलीज़ किया गया है, और बेंगलुरू के 17 सभी सिनेमाघर हाउसफुल जा रहे हैं। इससे पहले, न्यायमूर्ति के वेंकटरामन ने कमल हासन को यह भी सलाह दी थी कि 'देश में कानून व्यवस्था की स्थिति... और देश की एकता' को ध्यान में रखें, क्योंकि इसकी (फिल्म की) वजह से समुदायों के बीच कोई वैमनस्य नहीं होना चाहिए। अदालत के बाहर कमल हासन के वकील पीएस रामन ने कहा था, हमने जिला कलेक्टर के आदेश को चुनौती दी है और मुख्य याचिका के साथ मामले की सुनवाई की मांग की है। 'सद्भावनापूर्ण' समाधान की अदालत की सलाह पर रामन ने कहा, अदालत ने केवल यह टिप्पणी की है कि कमल हासन चूंकि शहर लौट गए हैं तो वह समझौते की कोशिश कर सकते हैं। यह अदालत का आदेश नहीं है। रामन ने कहा, हमें (जिला कलेक्टरों के) सात-आठ आदेश मिले हैं। हम केवल उन्हें चुनौती दे रहे हैं। शेष के मिलने के बाद हम उनको भी चुनौती दे सकते हैं। ऐसा ही हम अलग से पुदुच्चेरी में भी करने जा रहे हैं। फिल्म की पाइरेटेड डीवीडी की रिलीज़ संबंधी खबरों के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, हमने अदालत में इस बारे में कुछ नहीं कहा है। केवल आपको (मीडिया को) कहना चाहिए कि पाइरेटेड डीवीडी किसी को न मिलें।टिप्पणियां कमल हासन के भाई चंद्रा हासन ने अदालत के बाहर संवाददाताओं से कहा कि सप्ताहांत की छुट्टियों के दौरान हुआ नुकसान करीब 30 से 80 करोड़ रुपये का हो सकता है। हम नहीं जानते कि बाद में सिनेमाहाल उपलब्ध होंगे या नहीं... हम यह भी नहीं जानते कि क्या सप्ताह के बीच में सिनेमाहाल इसे प्रदर्शित करना चाहेंगे या अगले सप्ताह तक थियेटर उपलब्ध हो पाएंगे। क्या प्रतिबंध अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर रोक है, यह पूछे जाने पर चंद्रा हासन ने कहा, यह कानून का मामला है और इसकी व्याख्या करने के लिए न्यायाधीश हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या फिल्म किसी भी तरह मुस्लिमों की भावनाओं को आहत नहीं करती, चंद्रा हासन ने कहा, फिल्म निर्माण के दौरान हम इस बात को लेकर आश्वस्त थे कि इससे किसी भी समुदाय की भावनाएं आहत नहीं होंगी। उनसे पूछा गया कि क्या मुस्लिम समुदाय जिन दृश्यों को आपत्तिजनक मानेगा, उन्हें वे हटाएंगे, इस पर चंद्रा हासन का जवाब था, पहली बात यह है कि मैं ऐसे किसी दृश्य के बारे में कल्पना नहीं कर सकता, जिसे वे आपत्तिजनक मानेंगे। दूसरी बात यह है कि ऐसे दृश्यों को काटना या न काटना निर्देशक का विशेषाधिकार है तो फिर यह फैसला कमल हासन का होगा, निर्माता का नहीं। इससे पहले, न्यायमूर्ति के वेंकटरामन ने कमल हासन को यह भी सलाह दी थी कि 'देश में कानून व्यवस्था की स्थिति... और देश की एकता' को ध्यान में रखें, क्योंकि इसकी (फिल्म की) वजह से समुदायों के बीच कोई वैमनस्य नहीं होना चाहिए। अदालत के बाहर कमल हासन के वकील पीएस रामन ने कहा था, हमने जिला कलेक्टर के आदेश को चुनौती दी है और मुख्य याचिका के साथ मामले की सुनवाई की मांग की है। 'सद्भावनापूर्ण' समाधान की अदालत की सलाह पर रामन ने कहा, अदालत ने केवल यह टिप्पणी की है कि कमल हासन चूंकि शहर लौट गए हैं तो वह समझौते की कोशिश कर सकते हैं। यह अदालत का आदेश नहीं है। रामन ने कहा, हमें (जिला कलेक्टरों के) सात-आठ आदेश मिले हैं। हम केवल उन्हें चुनौती दे रहे हैं। शेष के मिलने के बाद हम उनको भी चुनौती दे सकते हैं। ऐसा ही हम अलग से पुदुच्चेरी में भी करने जा रहे हैं। फिल्म की पाइरेटेड डीवीडी की रिलीज़ संबंधी खबरों के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, हमने अदालत में इस बारे में कुछ नहीं कहा है। केवल आपको (मीडिया को) कहना चाहिए कि पाइरेटेड डीवीडी किसी को न मिलें।टिप्पणियां कमल हासन के भाई चंद्रा हासन ने अदालत के बाहर संवाददाताओं से कहा कि सप्ताहांत की छुट्टियों के दौरान हुआ नुकसान करीब 30 से 80 करोड़ रुपये का हो सकता है। हम नहीं जानते कि बाद में सिनेमाहाल उपलब्ध होंगे या नहीं... हम यह भी नहीं जानते कि क्या सप्ताह के बीच में सिनेमाहाल इसे प्रदर्शित करना चाहेंगे या अगले सप्ताह तक थियेटर उपलब्ध हो पाएंगे। क्या प्रतिबंध अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर रोक है, यह पूछे जाने पर चंद्रा हासन ने कहा, यह कानून का मामला है और इसकी व्याख्या करने के लिए न्यायाधीश हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या फिल्म किसी भी तरह मुस्लिमों की भावनाओं को आहत नहीं करती, चंद्रा हासन ने कहा, फिल्म निर्माण के दौरान हम इस बात को लेकर आश्वस्त थे कि इससे किसी भी समुदाय की भावनाएं आहत नहीं होंगी। उनसे पूछा गया कि क्या मुस्लिम समुदाय जिन दृश्यों को आपत्तिजनक मानेगा, उन्हें वे हटाएंगे, इस पर चंद्रा हासन का जवाब था, पहली बात यह है कि मैं ऐसे किसी दृश्य के बारे में कल्पना नहीं कर सकता, जिसे वे आपत्तिजनक मानेंगे। दूसरी बात यह है कि ऐसे दृश्यों को काटना या न काटना निर्देशक का विशेषाधिकार है तो फिर यह फैसला कमल हासन का होगा, निर्माता का नहीं। रामन ने कहा, हमें (जिला कलेक्टरों के) सात-आठ आदेश मिले हैं। हम केवल उन्हें चुनौती दे रहे हैं। शेष के मिलने के बाद हम उनको भी चुनौती दे सकते हैं। ऐसा ही हम अलग से पुदुच्चेरी में भी करने जा रहे हैं। फिल्म की पाइरेटेड डीवीडी की रिलीज़ संबंधी खबरों के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, हमने अदालत में इस बारे में कुछ नहीं कहा है। केवल आपको (मीडिया को) कहना चाहिए कि पाइरेटेड डीवीडी किसी को न मिलें।टिप्पणियां कमल हासन के भाई चंद्रा हासन ने अदालत के बाहर संवाददाताओं से कहा कि सप्ताहांत की छुट्टियों के दौरान हुआ नुकसान करीब 30 से 80 करोड़ रुपये का हो सकता है। हम नहीं जानते कि बाद में सिनेमाहाल उपलब्ध होंगे या नहीं... हम यह भी नहीं जानते कि क्या सप्ताह के बीच में सिनेमाहाल इसे प्रदर्शित करना चाहेंगे या अगले सप्ताह तक थियेटर उपलब्ध हो पाएंगे। क्या प्रतिबंध अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर रोक है, यह पूछे जाने पर चंद्रा हासन ने कहा, यह कानून का मामला है और इसकी व्याख्या करने के लिए न्यायाधीश हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या फिल्म किसी भी तरह मुस्लिमों की भावनाओं को आहत नहीं करती, चंद्रा हासन ने कहा, फिल्म निर्माण के दौरान हम इस बात को लेकर आश्वस्त थे कि इससे किसी भी समुदाय की भावनाएं आहत नहीं होंगी। उनसे पूछा गया कि क्या मुस्लिम समुदाय जिन दृश्यों को आपत्तिजनक मानेगा, उन्हें वे हटाएंगे, इस पर चंद्रा हासन का जवाब था, पहली बात यह है कि मैं ऐसे किसी दृश्य के बारे में कल्पना नहीं कर सकता, जिसे वे आपत्तिजनक मानेंगे। दूसरी बात यह है कि ऐसे दृश्यों को काटना या न काटना निर्देशक का विशेषाधिकार है तो फिर यह फैसला कमल हासन का होगा, निर्माता का नहीं। कमल हासन के भाई चंद्रा हासन ने अदालत के बाहर संवाददाताओं से कहा कि सप्ताहांत की छुट्टियों के दौरान हुआ नुकसान करीब 30 से 80 करोड़ रुपये का हो सकता है। हम नहीं जानते कि बाद में सिनेमाहाल उपलब्ध होंगे या नहीं... हम यह भी नहीं जानते कि क्या सप्ताह के बीच में सिनेमाहाल इसे प्रदर्शित करना चाहेंगे या अगले सप्ताह तक थियेटर उपलब्ध हो पाएंगे। क्या प्रतिबंध अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर रोक है, यह पूछे जाने पर चंद्रा हासन ने कहा, यह कानून का मामला है और इसकी व्याख्या करने के लिए न्यायाधीश हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या फिल्म किसी भी तरह मुस्लिमों की भावनाओं को आहत नहीं करती, चंद्रा हासन ने कहा, फिल्म निर्माण के दौरान हम इस बात को लेकर आश्वस्त थे कि इससे किसी भी समुदाय की भावनाएं आहत नहीं होंगी। उनसे पूछा गया कि क्या मुस्लिम समुदाय जिन दृश्यों को आपत्तिजनक मानेगा, उन्हें वे हटाएंगे, इस पर चंद्रा हासन का जवाब था, पहली बात यह है कि मैं ऐसे किसी दृश्य के बारे में कल्पना नहीं कर सकता, जिसे वे आपत्तिजनक मानेंगे। दूसरी बात यह है कि ऐसे दृश्यों को काटना या न काटना निर्देशक का विशेषाधिकार है तो फिर यह फैसला कमल हासन का होगा, निर्माता का नहीं। क्या प्रतिबंध अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर रोक है, यह पूछे जाने पर चंद्रा हासन ने कहा, यह कानून का मामला है और इसकी व्याख्या करने के लिए न्यायाधीश हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या फिल्म किसी भी तरह मुस्लिमों की भावनाओं को आहत नहीं करती, चंद्रा हासन ने कहा, फिल्म निर्माण के दौरान हम इस बात को लेकर आश्वस्त थे कि इससे किसी भी समुदाय की भावनाएं आहत नहीं होंगी। उनसे पूछा गया कि क्या मुस्लिम समुदाय जिन दृश्यों को आपत्तिजनक मानेगा, उन्हें वे हटाएंगे, इस पर चंद्रा हासन का जवाब था, पहली बात यह है कि मैं ऐसे किसी दृश्य के बारे में कल्पना नहीं कर सकता, जिसे वे आपत्तिजनक मानेंगे। दूसरी बात यह है कि ऐसे दृश्यों को काटना या न काटना निर्देशक का विशेषाधिकार है तो फिर यह फैसला कमल हासन का होगा, निर्माता का नहीं।
संक्षिप्त पाठ: मद्रास हाईकोर्ट ने कमल हासन की फिल्म 'विश्वरूपम' से प्रतिबंध हटा दिया है। बहस के दौरान कमल हासन के वकील ने कहा कि सेंसर बोर्ड द्वारा पास की गई फिल्म के प्रदर्शन को रोकना असंवैधानिक है।
22
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पढ़ें: राहुल गांधी की कार पर पथराव: राजनाथ ने लोकसभा में कहा-कांग्रेस नेता ने बुलेटप्रूफ गाड़ी की पेशकश ठुकराई भाजपा जिलाध्यक्ष उमाशंकर पांडे ने कांग्रेस के आरोप को गलत बताते हुए कहा कि इस घटनाक्रम का भाजपा और संघ से कोई लेना-देना नहीं है. राहुल ने अगर अमेठी के लिये कुछ किया होता तो यह नौबत नहीं आती. इस बीच, अपर पुलिस अधीक्षक बीसी दुबे ने कहा कि कांग्रेस की तरफ से अभी कोई शिकायती पत्र नहीं मिला है. अगर आता है तो जांच कर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी.टिप्पणियां मालूम हो कि राहुल इससे पहले फरवरी में विधानसभा चुनाव के दौरान अमेठी आये थे. हालांकि एक अगस्त को राहुल ने राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-56 को फोरलेन बनाने के लिये मकान तथा दुकानें हटाये जाने से प्रभावित अमेठी वासियों से लखनऊ में मुलाकात की थी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) भाजपा जिलाध्यक्ष उमाशंकर पांडे ने कांग्रेस के आरोप को गलत बताते हुए कहा कि इस घटनाक्रम का भाजपा और संघ से कोई लेना-देना नहीं है. राहुल ने अगर अमेठी के लिये कुछ किया होता तो यह नौबत नहीं आती. इस बीच, अपर पुलिस अधीक्षक बीसी दुबे ने कहा कि कांग्रेस की तरफ से अभी कोई शिकायती पत्र नहीं मिला है. अगर आता है तो जांच कर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी.टिप्पणियां मालूम हो कि राहुल इससे पहले फरवरी में विधानसभा चुनाव के दौरान अमेठी आये थे. हालांकि एक अगस्त को राहुल ने राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-56 को फोरलेन बनाने के लिये मकान तथा दुकानें हटाये जाने से प्रभावित अमेठी वासियों से लखनऊ में मुलाकात की थी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) टिप्पणियां मालूम हो कि राहुल इससे पहले फरवरी में विधानसभा चुनाव के दौरान अमेठी आये थे. हालांकि एक अगस्त को राहुल ने राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-56 को फोरलेन बनाने के लिये मकान तथा दुकानें हटाये जाने से प्रभावित अमेठी वासियों से लखनऊ में मुलाकात की थी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) मालूम हो कि राहुल इससे पहले फरवरी में विधानसभा चुनाव के दौरान अमेठी आये थे. हालांकि एक अगस्त को राहुल ने राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-56 को फोरलेन बनाने के लिये मकान तथा दुकानें हटाये जाने से प्रभावित अमेठी वासियों से लखनऊ में मुलाकात की थी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त पाठ: पोस्टर में निवेदक की जगह 'अमेठी की जनता' लिखा गया है इसमें प्रकाशक और मुद्रक का नाम नहीं है कांग्रेस ने इसे बीजेपी-आरएसएस की साजिश करार दिया
22
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो हमेशा ही चर्चा में बने रहते हैं. महज 45 साल की उम्र में प्रधानमंत्री बने ट्रूडो की भाषण देने की कला की भी हमेशा तारीफ होती रही है. वे अक्सर अपनी सेक्युलर और प्रोगेसिव इमेज को पेश करते दिखते हैं. इस बार ईद के मौके पर उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब धमाल मचा रहा है. ट्रूडो कनाडा में रह रहे अलग-अलग संप्रदायों के लोगों का हमेशा सम्मान करते दिखते हैं. वह हमेशा उनके बड़े त्योहारों पर मुबारकबाद देते नजर आते हैं. उनकी एक खास बात यह भी है कि जिस समुदाय के लोगों का त्योहार होता है वह उन्हीं की भाषा में मुबारकबाद भी देते हैं. इस बार ईद के मौके पर उनका वीडियो सोशल मीडिया पर डालने के बाद से ही वायरल हो गया. एक दिन के भीतर ही कनाडा के प्रधानमंत्री के इस वीडियो को 50 लाख से अधिक लोग देख चुके हैं, जबकि 13 लाख से अधिक लोगों ने फेसबुक पर इसे शेयर भी किया है. उनके इस वीडियो को करीब 3.5 लाख लोगों ने लाइक किया है, जबकि 16 हजार से ज्यादा कमेंट आए हैं. टिप्पणियां 44 सेकंड के इस वीडियो में कनाडा के प्रधानमंत्री ईद के मौके पर कर्मचारियों के साथ घुल-मिलकर काम करते नजर आ रहे हैं. ट्रूडो इस दौरान कर्मचारियों के साथ खुद भी खाने का सामान पैक करते दिख रहे हैं. ये पैकेट ईद के मौके पर देश के अलग-अलग जगहों पर भेजे जाएंगे. उन्होंने वीडियो में लोगों को ईद की शुभकामनाएं भी दी. ट्रूडो ने कहा कि कनाडा के लोगों के लिए पड़ोसी की मदद करने से ज्यादा कुछ भी जरूरी काम नहीं है. वीडियो के आखिर में उन्होंने सबको ईद के लिए मुबारकबाद दी. उन्होंने कहा, सभी लोगों को ईद मुबारक.  अभी हाल ही में कनाडा के प्रधानमंत्री ट्रूडो ने पांच साल की बच्ची बेला थॉम्पसन को 24 घंटे के लिए प्रधानमंत्री बनने का मौका देकर भी खूब चर्चा बटोरी थी. दरअसल बेला एक लेख प्रतियोगिता में विजेता बनी थी और पुरस्कार के रूप में उसे एक दिन के लिए कनाडा के प्रधानमंत्री बनने का मौका मिला था. खुद ट्रूडो इस बच्ची के इशारे पर काम करते भी दिखे थे.  44 सेकंड के इस वीडियो में कनाडा के प्रधानमंत्री ईद के मौके पर कर्मचारियों के साथ घुल-मिलकर काम करते नजर आ रहे हैं. ट्रूडो इस दौरान कर्मचारियों के साथ खुद भी खाने का सामान पैक करते दिख रहे हैं. ये पैकेट ईद के मौके पर देश के अलग-अलग जगहों पर भेजे जाएंगे. उन्होंने वीडियो में लोगों को ईद की शुभकामनाएं भी दी. ट्रूडो ने कहा कि कनाडा के लोगों के लिए पड़ोसी की मदद करने से ज्यादा कुछ भी जरूरी काम नहीं है. वीडियो के आखिर में उन्होंने सबको ईद के लिए मुबारकबाद दी. उन्होंने कहा, सभी लोगों को ईद मुबारक.  अभी हाल ही में कनाडा के प्रधानमंत्री ट्रूडो ने पांच साल की बच्ची बेला थॉम्पसन को 24 घंटे के लिए प्रधानमंत्री बनने का मौका देकर भी खूब चर्चा बटोरी थी. दरअसल बेला एक लेख प्रतियोगिता में विजेता बनी थी और पुरस्कार के रूप में उसे एक दिन के लिए कनाडा के प्रधानमंत्री बनने का मौका मिला था. खुद ट्रूडो इस बच्ची के इशारे पर काम करते भी दिखे थे.  अभी हाल ही में कनाडा के प्रधानमंत्री ट्रूडो ने पांच साल की बच्ची बेला थॉम्पसन को 24 घंटे के लिए प्रधानमंत्री बनने का मौका देकर भी खूब चर्चा बटोरी थी. दरअसल बेला एक लेख प्रतियोगिता में विजेता बनी थी और पुरस्कार के रूप में उसे एक दिन के लिए कनाडा के प्रधानमंत्री बनने का मौका मिला था. खुद ट्रूडो इस बच्ची के इशारे पर काम करते भी दिखे थे.
यहाँ एक सारांश है:ट्रूडो देश के अलग-अलग संप्रदायों के लोगों का सम्मान करते दिखते रहते हैं समुदाय के हिसाब से उन्हीं की भाषा में मुबारकबाद भी देते हैं ट्रूडो वीडियो को 13 लाख से अधिक लोगों ने फेसबुक पर शेयर भी किया है
17
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: खिलाड़ियों की चोट से जूझ रही भारतीय टीम को एक और झटका लगा जब युवराज सिंह और हरभजन सिंह चोट के कारण इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला के बाकी दो मैचों से बाहर हो गए। बायें हाथ के स्पिनर प्रज्ञान ओझा और मध्यक्रम के बल्लेबाज विराट कोहली को उनके विकल्प के तौर पर बुलाया गया है। हरभजन के पेट की मांसपेशियों में खिचाव है जबकि युवराज की बायीं तर्जनी में दूसरे टेस्ट के दौरान फ्रेक्चर हो गया। बीसीसीआई सचिव एन श्रीनिवासन ने एक बयान में कहा, चयन समिति ने विराट कोहली और प्रज्ञान ओझा को उनका विकल्प चुना है। दोनों शीघ्र ही भारतीय टीम से जुड़ेंगे। दूसरे टेस्ट में अर्धशतक जमाने वाले युवराज को टिम ब्रेसनन की गेंद से चोट लगी थी। वहीं अब तक फ्लाप रहे हरभजन को भी दूसरे टेस्ट में ही चोट लगी। हरभजन ने दूसरे टेस्ट में सिर्फ 13.4 ओवर फेंके। वह दो टेस्ट में दो ही विकेट ले सके। युवराज को ठीक होने में चार सप्ताह लगेंगे जबकि हरभजन तीन सप्ताह में फिट हो जायेंगे। तीन सितंबर से शुरू हो रही पांच मैचों की वनडे श्रृंखला के शुरूआती कुछ मैचों से वह बाहर रह सकते हैं। भारतीय टीम श्रृंखला शुरू होने से पहले ही से खिलाड़ियों की चोट से जूझ रही है। कंधे की चोट के कारण पहले दो टेस्ट से बाहर रहे वीरेंद्र सहवाग आज टीम से जुड़ गए हैं और तीसरा टेस्ट खेल सकते हैं। तेज गेंदबाज जहीर खान को पहले टेस्ट के पहले ही दिन मांसपेशियों में खिचाव आ गया। गौतम गंभीर को भी उस टेस्ट में कोहनी में चोट लगी जिसकी वजह से वह दूसरा टेस्ट नहीं खेल सके।
यहाँ एक सारांश है:खराब फार्म से जूझ रहे हरभजन सिंह पेट की मांसपेशियों में खिंचाव के कारण इंग्लैंड के खिलाफ तीसरा क्रिकेट टेस्ट नहीं खेल पाएंगे।
18
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर-पूर्वी अमेरिका और कनाडा में आए भीषण बर्फीले तूफान में 10 लोग मारे गए हैं। कुछ इलाके तीन तीन फुट बर्फ में दब गए हैं तथा सात लाख घरों में बिजली गुल है। पोर्टलैंड और मायने में रिकॉर्ड बर्फबारी हुई, जहां घरों के बाहर 32 इंच तक बर्फ की मोटी चादर जम गई है। कनेक्टिकट में तीन फुट बर्फ गिरी है, जिसके चलते जिंदगी पूरी तरह ठहर गई है। भीषण बर्फबारी के कारण सड़कें अवरूद्ध हो गई हैं, हवाई अड्डे बंद हैं, बिजली आपूर्ति ठप है और पांच लाख लोग बिना बिजली के भयंकर ठंड में रहने को मजबूर हैं।टिप्पणियां इनमें से मैसाचुसेट्स में चार लाख, रोहड आयलैंड में एक लाख 86 हजार तथा कनेक्टिकट में करीब 39 हजार लोग बिना बिजली के हैं। कनेक्टिकट के गवर्नर डेनेल पी मेलोय के हवाले से स्थानीय मीडिया में बताया गया है कि इस तूफान ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। उन्होंने बताया कि इलाकों में से बर्फ हटाने में कई दिन का समय लगेगा। उन्होंने साथ ही बताया कि जिन इलाकों में बिजली नहीं है, वहां हीटिंग सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं। फ्लाइटएवेयर के अनुसार शनिवार को 2200 उड़ानों को रद्द कर दिया गया और पिछले दो दिनों में 5800 उड़ानों को रद्द कर दिया गया है। आज भी कई उड़ानों को रद्द किए जाने की आशंका है। बोस्टन के लोगान इंटरनेशनल एयरपोर्ट तथा कनेक्टिकट के ब्राडले इंटरनेशनल एयरपोर्ट को बंद रखा गया है। अकेले अमेरिका में तूफान के कारण एक 11-वर्षीय बच्चे समेत सात लोग मारे गए हैं। कनाडा के आंतोरियो में तीन लोगों की मौत हो गई। पोर्टलैंड और मायने में रिकॉर्ड बर्फबारी हुई, जहां घरों के बाहर 32 इंच तक बर्फ की मोटी चादर जम गई है। कनेक्टिकट में तीन फुट बर्फ गिरी है, जिसके चलते जिंदगी पूरी तरह ठहर गई है। भीषण बर्फबारी के कारण सड़कें अवरूद्ध हो गई हैं, हवाई अड्डे बंद हैं, बिजली आपूर्ति ठप है और पांच लाख लोग बिना बिजली के भयंकर ठंड में रहने को मजबूर हैं।टिप्पणियां इनमें से मैसाचुसेट्स में चार लाख, रोहड आयलैंड में एक लाख 86 हजार तथा कनेक्टिकट में करीब 39 हजार लोग बिना बिजली के हैं। कनेक्टिकट के गवर्नर डेनेल पी मेलोय के हवाले से स्थानीय मीडिया में बताया गया है कि इस तूफान ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। उन्होंने बताया कि इलाकों में से बर्फ हटाने में कई दिन का समय लगेगा। उन्होंने साथ ही बताया कि जिन इलाकों में बिजली नहीं है, वहां हीटिंग सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं। फ्लाइटएवेयर के अनुसार शनिवार को 2200 उड़ानों को रद्द कर दिया गया और पिछले दो दिनों में 5800 उड़ानों को रद्द कर दिया गया है। आज भी कई उड़ानों को रद्द किए जाने की आशंका है। बोस्टन के लोगान इंटरनेशनल एयरपोर्ट तथा कनेक्टिकट के ब्राडले इंटरनेशनल एयरपोर्ट को बंद रखा गया है। अकेले अमेरिका में तूफान के कारण एक 11-वर्षीय बच्चे समेत सात लोग मारे गए हैं। कनाडा के आंतोरियो में तीन लोगों की मौत हो गई। इनमें से मैसाचुसेट्स में चार लाख, रोहड आयलैंड में एक लाख 86 हजार तथा कनेक्टिकट में करीब 39 हजार लोग बिना बिजली के हैं। कनेक्टिकट के गवर्नर डेनेल पी मेलोय के हवाले से स्थानीय मीडिया में बताया गया है कि इस तूफान ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। उन्होंने बताया कि इलाकों में से बर्फ हटाने में कई दिन का समय लगेगा। उन्होंने साथ ही बताया कि जिन इलाकों में बिजली नहीं है, वहां हीटिंग सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं। फ्लाइटएवेयर के अनुसार शनिवार को 2200 उड़ानों को रद्द कर दिया गया और पिछले दो दिनों में 5800 उड़ानों को रद्द कर दिया गया है। आज भी कई उड़ानों को रद्द किए जाने की आशंका है। बोस्टन के लोगान इंटरनेशनल एयरपोर्ट तथा कनेक्टिकट के ब्राडले इंटरनेशनल एयरपोर्ट को बंद रखा गया है। अकेले अमेरिका में तूफान के कारण एक 11-वर्षीय बच्चे समेत सात लोग मारे गए हैं। कनाडा के आंतोरियो में तीन लोगों की मौत हो गई। फ्लाइटएवेयर के अनुसार शनिवार को 2200 उड़ानों को रद्द कर दिया गया और पिछले दो दिनों में 5800 उड़ानों को रद्द कर दिया गया है। आज भी कई उड़ानों को रद्द किए जाने की आशंका है। बोस्टन के लोगान इंटरनेशनल एयरपोर्ट तथा कनेक्टिकट के ब्राडले इंटरनेशनल एयरपोर्ट को बंद रखा गया है। अकेले अमेरिका में तूफान के कारण एक 11-वर्षीय बच्चे समेत सात लोग मारे गए हैं। कनाडा के आंतोरियो में तीन लोगों की मौत हो गई।
भीषण बर्फबारी के कारण सड़कें अवरूद्ध हो गई हैं, हवाई अड्डे बंद हैं, बिजली आपूर्ति ठप है और लाखों लोग बिना बिजली के भयंकर ठंड में रहने को मजबूर हैं।
6
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा में एक किसान ने आत्महत्या कर ली. मेघासिवनी गांव के रहने वाले अकड़ू उइके का शव उनके खेत के करीब फूस के छज्जे से लटकता हुआ मिला. छिंदवाड़ा राज्य के मुख्यमंत्री कमलनाथ का चुनावी क्षेत्र है.        मृतक के परिजनों के मुताबिक चार साल से खेत में फसल खराब हो रही थी. बिटिया की शादी के लिए 9000 रुपये का कर्ज़ भारी पड़ा तो 55 साल के अकडू उइके ने फांसी का फंदा गले में डाल लिया. मृतक की पत्नी सकलवती ने बताया 'वे मजदूरी करते थे क्योंकि चार साल से खेत में कुछ नहीं पका. बेटी की शादी में 9000 रुपये का कर्जा है. मैंने कहा लड़का है दे देगा.'       वैसे पुलिस की थ्योरी अलग है उसे लगता है शराब पीकर अकड़ू ने फांसी लगा ली. छिंदवाड़ा के एसपी मनोज राय ने कहा 'परिजनों से बात की तो पता चला कि मृतक शराब पीने का आदी था और शराब के नशे में काफी रहता था. उसको लेकर संभवत: यह आत्महत्या प्रथम दृष्टया प्रतीत हो रही है. हमें कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है. हम आगे की कार्रवाई कर रहे हैं.'      कांग्रेस को लगता है कि इस आत्महत्या में बीजेपी की भूमिका की जांच चाहिए, तो बीजेपी को लगता है कि प्रशासन का बर्ताव कांग्रेस प्रवक्ता की तरह है. कांग्रेस प्रवक्ता रवि सक्सेना ने कहा 'हम देख रहे हैं कि लगातार जब से हमने किसान का कर्ज़ माफ किया है, बीजेपी बुरी तरह से तिलमिलाई हुई है. तब से कोई घटना नहीं हुई है. अभी दो दिन पहले पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कह रहे हैं किसानों का कर्ज़ माफ नहीं हुआ है. लगातार इस तरह का झूठा प्रचार कर रहे हैं. हमने आज चुनाव आयोग में भी इसकी शिकायत की है. मुझे लगता है इस एंगल पर भी देखना होगा.'        वहीं पूर्व सहकारिता मंत्री और बीजेपी विधायक विश्वास सारंग का कहना था कि 'किसान से कर्जे का झूठा वादा आपने किया, आपसे किसान परेशान है. किसान को अपनी खेती में पूरी तरह अराजकता का माहौल दिख रहा है. यदि किसान आत्महत्या करता है तो आंसू पोंछने के बजाए प्रशासन, एसपी आकर कांग्रेस के प्रवक्ता के रूप में बात कर रहे हैं. वे जिले के एसपी हैं या कांग्रेस के प्रवक्ता हैं. कांग्रेस कह रही है इसमें भी बीजेपी का हाथ होगा. यह केवल मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार की नाकामी का बहुत बड़ा उदाहरण है.' कमलनाथ सरकार ने सत्ता संभालते ही दो लाख रुपये तक की कर्जमाफी कर दी. कुल 55,61,713 किसानों में 51,22,567 किसानों ने कर्ज माफी के फार्म भरे. लोकसभा चुनाव का ऐलान होने से पहले सरकार ने नौ मार्च तक 25 लाख किसानों का कर्जा माफ किया है जिस पर सात हजार दो सौ करोड़ रुपये का खर्चा आया है.
यहाँ एक सारांश है:किसान ने बेटी की शादी के लिए 9000 रुपये का कर्ज़ लिया था कांग्रेस को लगता है कि इस आत्महत्या में बीजेपी की भूमिका की जांच हो बीजेपी ने कहा- प्रशासन का बर्ताव कांग्रेस प्रवक्ता की तरह
18
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: तमिलनाडु में तिरुंवेल्ली जिले की एक अदालत ने डीएमडीके नेता और टॉलीवुड के कलाकार विजयकांत के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया है। विजयकांत के खिलाफ मुख्यमंत्री जे जयललिता के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां करने के मामले में पिछले एक साल में 23 मामले दर्ज किए गए हैं। आज कोर्ट में हाजिर नहीं होने की वजह से उनके खिलाफ यह वारंट जारी किया गया है। विजयकांत के वकील ने कहा कि चेन्नई में विधानसभा चुनावों की वजह से उनके मुवक्किल कोर्ट में निजी तौर पर उपस्थित नहीं हो पाए हैं। लेकिन, कोर्ट ने उनकी यह दलील स्वीकार नहीं की और वारंट जारी कर दिया। खास बात यह रही दोपहर तक विजयकांत चेन्नई में नहीं थे।टिप्पणियां विजयकांत की पार्टी ने एआईएडीएमके के साथ मिलकर 2011 में विधानसभा चुनाव लड़ा था और 29 सीटों पर जीत हासिल की थी। बाद में जयललिता के साथ विचारों के मतभेद के कारण वह सरकार से बाहर हो गए और जयललिता सरकार के खिलाफ बयानबाजी करने लगे। उनकी वकील जयाबालन ने एनडीटीवी के बताया कि इन सभी मामलों में कोई दम नहीं है और सारे के सारे राजनीति से प्रेरित हैं। विजयकांत के खिलाफ मुख्यमंत्री जे जयललिता के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां करने के मामले में पिछले एक साल में 23 मामले दर्ज किए गए हैं। आज कोर्ट में हाजिर नहीं होने की वजह से उनके खिलाफ यह वारंट जारी किया गया है। विजयकांत के वकील ने कहा कि चेन्नई में विधानसभा चुनावों की वजह से उनके मुवक्किल कोर्ट में निजी तौर पर उपस्थित नहीं हो पाए हैं। लेकिन, कोर्ट ने उनकी यह दलील स्वीकार नहीं की और वारंट जारी कर दिया। खास बात यह रही दोपहर तक विजयकांत चेन्नई में नहीं थे।टिप्पणियां विजयकांत की पार्टी ने एआईएडीएमके के साथ मिलकर 2011 में विधानसभा चुनाव लड़ा था और 29 सीटों पर जीत हासिल की थी। बाद में जयललिता के साथ विचारों के मतभेद के कारण वह सरकार से बाहर हो गए और जयललिता सरकार के खिलाफ बयानबाजी करने लगे। उनकी वकील जयाबालन ने एनडीटीवी के बताया कि इन सभी मामलों में कोई दम नहीं है और सारे के सारे राजनीति से प्रेरित हैं। विजयकांत के वकील ने कहा कि चेन्नई में विधानसभा चुनावों की वजह से उनके मुवक्किल कोर्ट में निजी तौर पर उपस्थित नहीं हो पाए हैं। लेकिन, कोर्ट ने उनकी यह दलील स्वीकार नहीं की और वारंट जारी कर दिया। खास बात यह रही दोपहर तक विजयकांत चेन्नई में नहीं थे।टिप्पणियां विजयकांत की पार्टी ने एआईएडीएमके के साथ मिलकर 2011 में विधानसभा चुनाव लड़ा था और 29 सीटों पर जीत हासिल की थी। बाद में जयललिता के साथ विचारों के मतभेद के कारण वह सरकार से बाहर हो गए और जयललिता सरकार के खिलाफ बयानबाजी करने लगे। उनकी वकील जयाबालन ने एनडीटीवी के बताया कि इन सभी मामलों में कोई दम नहीं है और सारे के सारे राजनीति से प्रेरित हैं। विजयकांत की पार्टी ने एआईएडीएमके के साथ मिलकर 2011 में विधानसभा चुनाव लड़ा था और 29 सीटों पर जीत हासिल की थी। बाद में जयललिता के साथ विचारों के मतभेद के कारण वह सरकार से बाहर हो गए और जयललिता सरकार के खिलाफ बयानबाजी करने लगे। उनकी वकील जयाबालन ने एनडीटीवी के बताया कि इन सभी मामलों में कोई दम नहीं है और सारे के सारे राजनीति से प्रेरित हैं। उनकी वकील जयाबालन ने एनडीटीवी के बताया कि इन सभी मामलों में कोई दम नहीं है और सारे के सारे राजनीति से प्रेरित हैं।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: तमिलनाडु में तिरुंवेल्ली जिले की एक अदालत ने डीएमडीके नेता और टॉलीवुड के कलाकार विजयकांत के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया है।
3
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अफगानिस्तान इस्लामी अमीरात के प्रतीक चिह्नों को हटाए जाने के विरोध में अफगान तालिबान ने खाड़ी देश कतर में अपना कार्यालय बंद कर दिया है। एक राजनायिक और तालिबान अधिकारी ने आज इसकी जानकारी दी।टिप्पणियां तालिबान ने अमेरिका और अफगान सरकार के साथ शांति वार्ता के लिए कुछ ही दिनों पहले यह कार्यालय खोला था। उसने इस कार्यालय में सफेद रंग का वही झंडा लगाया, जो वर्ष 2001 में अमेरिका के नेतृत्व में अफगानिस्तान पर हुए आक्रमण से पहले देश में तालिबान के पांच वर्ष के शासन के दौरान उसने अपने प्रतीक ध्वज के रूप में इस्तेमाल किया था। अफगानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करजई द्वारा इसका विरोध जताए जाने के बाद कतर ने पिछले महीने इस कार्यालय से प्रतीक चिह्न और झंडे हटा दिए थे। एक राजनायिक और तालिबान अधिकारी ने आज इसकी जानकारी दी।टिप्पणियां तालिबान ने अमेरिका और अफगान सरकार के साथ शांति वार्ता के लिए कुछ ही दिनों पहले यह कार्यालय खोला था। उसने इस कार्यालय में सफेद रंग का वही झंडा लगाया, जो वर्ष 2001 में अमेरिका के नेतृत्व में अफगानिस्तान पर हुए आक्रमण से पहले देश में तालिबान के पांच वर्ष के शासन के दौरान उसने अपने प्रतीक ध्वज के रूप में इस्तेमाल किया था। अफगानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करजई द्वारा इसका विरोध जताए जाने के बाद कतर ने पिछले महीने इस कार्यालय से प्रतीक चिह्न और झंडे हटा दिए थे। तालिबान ने अमेरिका और अफगान सरकार के साथ शांति वार्ता के लिए कुछ ही दिनों पहले यह कार्यालय खोला था। उसने इस कार्यालय में सफेद रंग का वही झंडा लगाया, जो वर्ष 2001 में अमेरिका के नेतृत्व में अफगानिस्तान पर हुए आक्रमण से पहले देश में तालिबान के पांच वर्ष के शासन के दौरान उसने अपने प्रतीक ध्वज के रूप में इस्तेमाल किया था। अफगानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करजई द्वारा इसका विरोध जताए जाने के बाद कतर ने पिछले महीने इस कार्यालय से प्रतीक चिह्न और झंडे हटा दिए थे। अफगानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करजई द्वारा इसका विरोध जताए जाने के बाद कतर ने पिछले महीने इस कार्यालय से प्रतीक चिह्न और झंडे हटा दिए थे।
अफगानिस्तान इस्लामी अमीरात के प्रतीक चिह्नों को हटाए जाने के विरोध में अफगान तालिबान ने खाड़ी देश कतर में अपना कार्यालय बंद कर दिया है।
6
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: यूपी के नोएडा सेक्टर 123 के लोगों को बड़ी राहत की ख़बर है. सूत्रों के हवाले से NDTV को ख़बर मिल रही है कि फ़िलहाल नोएडा सेक्टर 123 में कूड़ा डंप नहीं किया जाएगा. शुक्रवार सुबह से यहां कूड़ा भरा कोई ट्रक नहीं आया है. गुरुवार को नोएडा विकास प्राधिकरण के सीईओ आलोक टंडन से मुख्यमंत्री की मुलाक़ात हुई थी. जहां मुख्यमंत्री ने नाराज़गी ज़ाहिर की थी कि उनके कहने के बावजूद इसका समाधान नहीं निकाला गया. माना जा रहा है कि ये उसी मुलाक़ात का नतीजा है.टिप्पणियां इस मामले में सोमवार को नोएडा के सांसद और केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा और विधायक पंकज सिंह ने मुख्यमंत्री से सेक्टर 123 में कूड़ा डंप करने की शिकायत की थी. उसके बाद मंगलवार को नोएडा विकास प्राधिकरण के CEO के साथ बैठक भी हुई लेकिन इसका हल नहीं निकल सका. गुरुवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री के साथ हुई नोएडा विकास प्राधिकरण के CEO की बैठक के बाद कूड़ा डंप न करने के निर्देश दिए गए हैं.  संघर्ष समिति का कहना है कि डंपिंग ग्राउंड दो किलोमीटर दूर बने, लेकिन अथॉरिटी का कहना है कि यहां ग़ाज़ीपुर जैसा पहाड़ नहीं बनेगा. अत्याधुनिक तरीक़े से कूड़े का निपटारा किया जाएगा. इससे पहले गुरुवार को सीएम योगी से भी इस मुद्दे पर बातचीत हुई थी. सीएम ने अथॉरिटी के अधिकारियों को रिहाइशी इलाक़े से दो किलोमीटर दूर डंपिंग ग्राउंड बनाने का निर्देश दिया था. हर दिन हज़ारों की तादाद में यहां रह रहे लोग डंपिंग यार्ड के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं. लोगों का कहना है कि डंपिंग यार्ड की वजह से पूरे इलाक़े में बदबू है, जीना मुहाल हो गया है.   इस मामले में सोमवार को नोएडा के सांसद और केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा और विधायक पंकज सिंह ने मुख्यमंत्री से सेक्टर 123 में कूड़ा डंप करने की शिकायत की थी. उसके बाद मंगलवार को नोएडा विकास प्राधिकरण के CEO के साथ बैठक भी हुई लेकिन इसका हल नहीं निकल सका. गुरुवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री के साथ हुई नोएडा विकास प्राधिकरण के CEO की बैठक के बाद कूड़ा डंप न करने के निर्देश दिए गए हैं.  संघर्ष समिति का कहना है कि डंपिंग ग्राउंड दो किलोमीटर दूर बने, लेकिन अथॉरिटी का कहना है कि यहां ग़ाज़ीपुर जैसा पहाड़ नहीं बनेगा. अत्याधुनिक तरीक़े से कूड़े का निपटारा किया जाएगा. इससे पहले गुरुवार को सीएम योगी से भी इस मुद्दे पर बातचीत हुई थी. सीएम ने अथॉरिटी के अधिकारियों को रिहाइशी इलाक़े से दो किलोमीटर दूर डंपिंग ग्राउंड बनाने का निर्देश दिया था. हर दिन हज़ारों की तादाद में यहां रह रहे लोग डंपिंग यार्ड के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं. लोगों का कहना है कि डंपिंग यार्ड की वजह से पूरे इलाक़े में बदबू है, जीना मुहाल हो गया है.   संघर्ष समिति का कहना है कि डंपिंग ग्राउंड दो किलोमीटर दूर बने, लेकिन अथॉरिटी का कहना है कि यहां ग़ाज़ीपुर जैसा पहाड़ नहीं बनेगा. अत्याधुनिक तरीक़े से कूड़े का निपटारा किया जाएगा. इससे पहले गुरुवार को सीएम योगी से भी इस मुद्दे पर बातचीत हुई थी. सीएम ने अथॉरिटी के अधिकारियों को रिहाइशी इलाक़े से दो किलोमीटर दूर डंपिंग ग्राउंड बनाने का निर्देश दिया था. हर दिन हज़ारों की तादाद में यहां रह रहे लोग डंपिंग यार्ड के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं. लोगों का कहना है कि डंपिंग यार्ड की वजह से पूरे इलाक़े में बदबू है, जीना मुहाल हो गया है.
संक्षिप्त सारांश: शुक्रवार सुबह से यहां कूड़ा भरा कोई ट्रक नहीं आया केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा और विधायक पंकज सिंह ने शिकायत की थी नोएडा विकास प्राधिकरण के CEO को कूड़ा डंप न करने के निर्देश
29
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: 'बिग बॉस' के घर में दिन की शुरुआत 'सुल्‍तान' के गाने के साथ हुई जिसपर मोना, मनवीर और मनु साथ डांस करते हुए दिखे. आज फिर से दूसरे दिन का टास्‍क शुरू किया गया जिसमें टीम रोहन, जिसमें रोहन, बानी और मोना थे को बंजी के बेल्‍ट से बंधना था जबकि उनके दूसरे तरफ टीम मनु को उन्‍हें रोकना था. टीम मनु में मनु, लोपा और मनवीर थे. इस बार मनु, मनवीर और लोपा उन तीनों को सबक सिखाने की पूरी तरह से ठान चुके थे. मनवीर और मनु ने टास्‍क कर कर तीनों सदस्‍यों के पैरों में अंड़े फोड़े, हाथों में तेल गिराया ताकि वे फिसलन महसूस करें. मनु और मनवीर दोनों बाल्टी भर के इन तीनों पर पानी फेंकते रहे. मनु ने बाल्‍टी भरा पानी बानी और रोहन पर फेंका. पानी के तेज प्रेशर से बानी का अचानक हाथ छूट जाता है और इसी दौरान रोहन का भी हाथ छूट जाता है और रोहन गिर जाते हैं. वहीं दूसरी तरफ घर के भीतर लोपा इन तीन लोगों को परेशान करने के लिए आटे से सांप बनाने की कोशिश करती हैं लेकिन जब तक वह यह काम कर पाती हैं तब तक बानी और रोहन दोनों गेम से बाहर हो चुके होते हैं. आखिर में वह मोना के उपर वो नकली सांप फेंक देती है लेकिन इससे मोना कतई नहीं डरती और सब हंसने लगते हैं. वहीं टास्‍क में आखिर में मोना बचती हैं और मनु उनपर पानी फेंकते हैं. बानी, मनु से कहती हैं कि वे मोना के साथ ऐसा कैसे कर सकते हैं क्योंकि मोना ने उनके लिए खुद को दो बार नॉमिनेट किया. टास्क में अंत में मोना टिकती हैं लेकिन आखिर में उनकी पीठ में दर्द होता है और वह इसे छोड़ने का फैसला करती हैं. इस टास्‍क में मनु, मनवीर और लोपा जीत जाते हैं.   इसके साथ ही हारी हुई टीम रोहन के तीनों सदस्य नॉमिनेट हो जाते हैं. इस टास्क के साथ ही जीती हुई टीम के तीनो सदस्य अगले नॉमिनेशन के लिए सुरक्षित हो जाते हैं और इस सीजन के पहले फाइनलिस्ट बनते हैं. बानी कहती हैं कि मनु की टीम के जीतने के पीछे क्रेडिट मनवीर को जाता है. बिग बॉस के द्वारा टास्क में जिसका सबसे खराब परफॉर्मेंस होता है उन्हें जेल भेजना होता है. यहां लोपा और रोहन को जेल भेजने के लिए मनवीर उन दोनों का नाम लेते हैं. लोपा कहती हैं कि उन्‍हें जेल क्‍यों भेजना चाहते हैं यह समझ ही नहीं आ रहा. इस बात पर मनवीर उन्हें कहते हैं कि उन्हें तो अभी तक ये भी समझ में नहीं आ रहा कि वे फाइनल तक कैसे पहुंच गईं.टिप्पणियां इस बात पर लोपा की उनसे लड़ाई हो जाती है. आखिर में लोपा और बानी को बहुमत से जेल जाने के लिए कहा जाता है. मनवीर, बानी से कहते हैं कि वे दोनों जेल से दोस्त बन कर बाहर निकलें. वे लोपा से भी यही बात कहते हैं. मनवीर जेल के बाहर से उन दोनों से बात करते हैं फिर उन दोनों को अकेले छोड़ कर वहां से चले जाते हैं. जेल में लोपा और बानी के बीच कोई बात नहीं होती है और लोपा अकेले में रोती हुई दिखती हैं. रात के दो बजे बिग बॉस उन दोनों की सजा की अवधि समाप्त कर देते हैं.   वहीं दूसरी तरफ घर के भीतर लोपा इन तीन लोगों को परेशान करने के लिए आटे से सांप बनाने की कोशिश करती हैं लेकिन जब तक वह यह काम कर पाती हैं तब तक बानी और रोहन दोनों गेम से बाहर हो चुके होते हैं. आखिर में वह मोना के उपर वो नकली सांप फेंक देती है लेकिन इससे मोना कतई नहीं डरती और सब हंसने लगते हैं. वहीं टास्‍क में आखिर में मोना बचती हैं और मनु उनपर पानी फेंकते हैं. बानी, मनु से कहती हैं कि वे मोना के साथ ऐसा कैसे कर सकते हैं क्योंकि मोना ने उनके लिए खुद को दो बार नॉमिनेट किया. टास्क में अंत में मोना टिकती हैं लेकिन आखिर में उनकी पीठ में दर्द होता है और वह इसे छोड़ने का फैसला करती हैं. इस टास्‍क में मनु, मनवीर और लोपा जीत जाते हैं.   इसके साथ ही हारी हुई टीम रोहन के तीनों सदस्य नॉमिनेट हो जाते हैं. इस टास्क के साथ ही जीती हुई टीम के तीनो सदस्य अगले नॉमिनेशन के लिए सुरक्षित हो जाते हैं और इस सीजन के पहले फाइनलिस्ट बनते हैं. बानी कहती हैं कि मनु की टीम के जीतने के पीछे क्रेडिट मनवीर को जाता है. बिग बॉस के द्वारा टास्क में जिसका सबसे खराब परफॉर्मेंस होता है उन्हें जेल भेजना होता है. यहां लोपा और रोहन को जेल भेजने के लिए मनवीर उन दोनों का नाम लेते हैं. लोपा कहती हैं कि उन्‍हें जेल क्‍यों भेजना चाहते हैं यह समझ ही नहीं आ रहा. इस बात पर मनवीर उन्हें कहते हैं कि उन्हें तो अभी तक ये भी समझ में नहीं आ रहा कि वे फाइनल तक कैसे पहुंच गईं.टिप्पणियां इस बात पर लोपा की उनसे लड़ाई हो जाती है. आखिर में लोपा और बानी को बहुमत से जेल जाने के लिए कहा जाता है. मनवीर, बानी से कहते हैं कि वे दोनों जेल से दोस्त बन कर बाहर निकलें. वे लोपा से भी यही बात कहते हैं. मनवीर जेल के बाहर से उन दोनों से बात करते हैं फिर उन दोनों को अकेले छोड़ कर वहां से चले जाते हैं. जेल में लोपा और बानी के बीच कोई बात नहीं होती है और लोपा अकेले में रोती हुई दिखती हैं. रात के दो बजे बिग बॉस उन दोनों की सजा की अवधि समाप्त कर देते हैं.   बानी, मनु से कहती हैं कि वे मोना के साथ ऐसा कैसे कर सकते हैं क्योंकि मोना ने उनके लिए खुद को दो बार नॉमिनेट किया. टास्क में अंत में मोना टिकती हैं लेकिन आखिर में उनकी पीठ में दर्द होता है और वह इसे छोड़ने का फैसला करती हैं. इस टास्‍क में मनु, मनवीर और लोपा जीत जाते हैं.   इसके साथ ही हारी हुई टीम रोहन के तीनों सदस्य नॉमिनेट हो जाते हैं. इस टास्क के साथ ही जीती हुई टीम के तीनो सदस्य अगले नॉमिनेशन के लिए सुरक्षित हो जाते हैं और इस सीजन के पहले फाइनलिस्ट बनते हैं. बानी कहती हैं कि मनु की टीम के जीतने के पीछे क्रेडिट मनवीर को जाता है. बिग बॉस के द्वारा टास्क में जिसका सबसे खराब परफॉर्मेंस होता है उन्हें जेल भेजना होता है. यहां लोपा और रोहन को जेल भेजने के लिए मनवीर उन दोनों का नाम लेते हैं. लोपा कहती हैं कि उन्‍हें जेल क्‍यों भेजना चाहते हैं यह समझ ही नहीं आ रहा. इस बात पर मनवीर उन्हें कहते हैं कि उन्हें तो अभी तक ये भी समझ में नहीं आ रहा कि वे फाइनल तक कैसे पहुंच गईं.टिप्पणियां इस बात पर लोपा की उनसे लड़ाई हो जाती है. आखिर में लोपा और बानी को बहुमत से जेल जाने के लिए कहा जाता है. मनवीर, बानी से कहते हैं कि वे दोनों जेल से दोस्त बन कर बाहर निकलें. वे लोपा से भी यही बात कहते हैं. मनवीर जेल के बाहर से उन दोनों से बात करते हैं फिर उन दोनों को अकेले छोड़ कर वहां से चले जाते हैं. जेल में लोपा और बानी के बीच कोई बात नहीं होती है और लोपा अकेले में रोती हुई दिखती हैं. रात के दो बजे बिग बॉस उन दोनों की सजा की अवधि समाप्त कर देते हैं.   बिग बॉस के द्वारा टास्क में जिसका सबसे खराब परफॉर्मेंस होता है उन्हें जेल भेजना होता है. यहां लोपा और रोहन को जेल भेजने के लिए मनवीर उन दोनों का नाम लेते हैं. लोपा कहती हैं कि उन्‍हें जेल क्‍यों भेजना चाहते हैं यह समझ ही नहीं आ रहा. इस बात पर मनवीर उन्हें कहते हैं कि उन्हें तो अभी तक ये भी समझ में नहीं आ रहा कि वे फाइनल तक कैसे पहुंच गईं.टिप्पणियां इस बात पर लोपा की उनसे लड़ाई हो जाती है. आखिर में लोपा और बानी को बहुमत से जेल जाने के लिए कहा जाता है. मनवीर, बानी से कहते हैं कि वे दोनों जेल से दोस्त बन कर बाहर निकलें. वे लोपा से भी यही बात कहते हैं. मनवीर जेल के बाहर से उन दोनों से बात करते हैं फिर उन दोनों को अकेले छोड़ कर वहां से चले जाते हैं. जेल में लोपा और बानी के बीच कोई बात नहीं होती है और लोपा अकेले में रोती हुई दिखती हैं. रात के दो बजे बिग बॉस उन दोनों की सजा की अवधि समाप्त कर देते हैं.   इस बात पर लोपा की उनसे लड़ाई हो जाती है. आखिर में लोपा और बानी को बहुमत से जेल जाने के लिए कहा जाता है. मनवीर, बानी से कहते हैं कि वे दोनों जेल से दोस्त बन कर बाहर निकलें. वे लोपा से भी यही बात कहते हैं. मनवीर जेल के बाहर से उन दोनों से बात करते हैं फिर उन दोनों को अकेले छोड़ कर वहां से चले जाते हैं. जेल में लोपा और बानी के बीच कोई बात नहीं होती है और लोपा अकेले में रोती हुई दिखती हैं. रात के दो बजे बिग बॉस उन दोनों की सजा की अवधि समाप्त कर देते हैं.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: मनु, लोपा और मनवीर बने पहले तीन फाइनलिस्‍ट आखिरी नोमिनेशन में नोमिनेट हुए बानी, मोना और रोहन जेल में साथ बंद हुई बानी और लोपा पर नहीं बोली एक भी शब्‍द
19
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: बंबई शेयर बाजार के सेंसेक्स की 10 शीर्ष कंपनियों का बाजार पूंजीकरण बीते सप्ताह 66,590 करोड़ रुपये। इसमें प्रमुख योगदान सार्वजनिक क्षेत्र की ओएनजीसी का रहा, जिसकी बाजार हैसियत में अकेले 11,806 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ। शेयर बाजार में जोरदार तेजी के बीच सेंसेक्स में पिछले सप्ताह 4.5 फीसद की बढ़ोतरी के साथ शीर्ष 10 कंपनियों के बाजार पूंजीकरण में 2,143 करोड़ रुपये से 11,806 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई। ओएनजीसी का बाजार पूंजीकरण 11,806 करोड़ रुपये बढ़कर 2,26,634 करोड़ रुपये हो गया। इस दौरान कंपनी के शेयर में 5.5 फीसद का लाभ रहा। ओएनजीसी के बाद सबसे ज्यादा लाभ दर्ज करने वाली कंपनी एचडीएफसी रही जिसका बाजार पूंजीकरण 9,683 करोड़ रुपये के इजाफे के साथ 1,29,327 करोड़ रुपये हो गया। इधर, एफएमसीजी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी आईटीसी की बाजार हैसियत 9,475 करोड़ रुपये बढ़कर 2,34,517 करोड़ रुपये हो गई, जबकि एचडीएफसी बैंक का बाजार पूंजीकरण 7,700 करोड़ रुपये बढ़कर 1,65,839 करोड़ रुपये हो गया। इसके अलावा रिलायंस इंडस्ट्रीज का बाजार पूंजीकरण 6,730 करोड़ रुपये बढ़कर 2,56,868 करोड़ रुपये पर पहुंच गया वहीं एसबीआई का बाजार पूंजीकरण 5,392 करोड़ रुपये की वृद्धि के साथ 1,45,620 करोड़ रुपये पर और कोल इंडिया का 5,334 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी के साथ 2,31,147 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।टिप्पणियां टीसीएस का पूंजीकरण 4,844 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी के साथ 2,56,953 करोड़ रुपये पर पहुंचा। इन्फोसिस को सप्ताह के दौरान 3,480 करोड़ रुपये का लाभ हुआ और उसका बाजार पूंजीकरण 1,39,917 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। एनटीपीसी की बाजार हैसियत 2,143 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी के साथ 1,33,658 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। सेंसेक्स की 10 प्रमुख कंपनियों की सूची में टीसीएस पहले स्थान पर रही जबकि आरआईएल दूसरे स्थान पर रही। शेयर बाजार में जोरदार तेजी के बीच सेंसेक्स में पिछले सप्ताह 4.5 फीसद की बढ़ोतरी के साथ शीर्ष 10 कंपनियों के बाजार पूंजीकरण में 2,143 करोड़ रुपये से 11,806 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई। ओएनजीसी का बाजार पूंजीकरण 11,806 करोड़ रुपये बढ़कर 2,26,634 करोड़ रुपये हो गया। इस दौरान कंपनी के शेयर में 5.5 फीसद का लाभ रहा। ओएनजीसी के बाद सबसे ज्यादा लाभ दर्ज करने वाली कंपनी एचडीएफसी रही जिसका बाजार पूंजीकरण 9,683 करोड़ रुपये के इजाफे के साथ 1,29,327 करोड़ रुपये हो गया। इधर, एफएमसीजी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी आईटीसी की बाजार हैसियत 9,475 करोड़ रुपये बढ़कर 2,34,517 करोड़ रुपये हो गई, जबकि एचडीएफसी बैंक का बाजार पूंजीकरण 7,700 करोड़ रुपये बढ़कर 1,65,839 करोड़ रुपये हो गया। इसके अलावा रिलायंस इंडस्ट्रीज का बाजार पूंजीकरण 6,730 करोड़ रुपये बढ़कर 2,56,868 करोड़ रुपये पर पहुंच गया वहीं एसबीआई का बाजार पूंजीकरण 5,392 करोड़ रुपये की वृद्धि के साथ 1,45,620 करोड़ रुपये पर और कोल इंडिया का 5,334 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी के साथ 2,31,147 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।टिप्पणियां टीसीएस का पूंजीकरण 4,844 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी के साथ 2,56,953 करोड़ रुपये पर पहुंचा। इन्फोसिस को सप्ताह के दौरान 3,480 करोड़ रुपये का लाभ हुआ और उसका बाजार पूंजीकरण 1,39,917 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। एनटीपीसी की बाजार हैसियत 2,143 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी के साथ 1,33,658 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। सेंसेक्स की 10 प्रमुख कंपनियों की सूची में टीसीएस पहले स्थान पर रही जबकि आरआईएल दूसरे स्थान पर रही। ओएनजीसी का बाजार पूंजीकरण 11,806 करोड़ रुपये बढ़कर 2,26,634 करोड़ रुपये हो गया। इस दौरान कंपनी के शेयर में 5.5 फीसद का लाभ रहा। ओएनजीसी के बाद सबसे ज्यादा लाभ दर्ज करने वाली कंपनी एचडीएफसी रही जिसका बाजार पूंजीकरण 9,683 करोड़ रुपये के इजाफे के साथ 1,29,327 करोड़ रुपये हो गया। इधर, एफएमसीजी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी आईटीसी की बाजार हैसियत 9,475 करोड़ रुपये बढ़कर 2,34,517 करोड़ रुपये हो गई, जबकि एचडीएफसी बैंक का बाजार पूंजीकरण 7,700 करोड़ रुपये बढ़कर 1,65,839 करोड़ रुपये हो गया। इसके अलावा रिलायंस इंडस्ट्रीज का बाजार पूंजीकरण 6,730 करोड़ रुपये बढ़कर 2,56,868 करोड़ रुपये पर पहुंच गया वहीं एसबीआई का बाजार पूंजीकरण 5,392 करोड़ रुपये की वृद्धि के साथ 1,45,620 करोड़ रुपये पर और कोल इंडिया का 5,334 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी के साथ 2,31,147 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।टिप्पणियां टीसीएस का पूंजीकरण 4,844 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी के साथ 2,56,953 करोड़ रुपये पर पहुंचा। इन्फोसिस को सप्ताह के दौरान 3,480 करोड़ रुपये का लाभ हुआ और उसका बाजार पूंजीकरण 1,39,917 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। एनटीपीसी की बाजार हैसियत 2,143 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी के साथ 1,33,658 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। सेंसेक्स की 10 प्रमुख कंपनियों की सूची में टीसीएस पहले स्थान पर रही जबकि आरआईएल दूसरे स्थान पर रही। ओएनजीसी के बाद सबसे ज्यादा लाभ दर्ज करने वाली कंपनी एचडीएफसी रही जिसका बाजार पूंजीकरण 9,683 करोड़ रुपये के इजाफे के साथ 1,29,327 करोड़ रुपये हो गया। इधर, एफएमसीजी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी आईटीसी की बाजार हैसियत 9,475 करोड़ रुपये बढ़कर 2,34,517 करोड़ रुपये हो गई, जबकि एचडीएफसी बैंक का बाजार पूंजीकरण 7,700 करोड़ रुपये बढ़कर 1,65,839 करोड़ रुपये हो गया। इसके अलावा रिलायंस इंडस्ट्रीज का बाजार पूंजीकरण 6,730 करोड़ रुपये बढ़कर 2,56,868 करोड़ रुपये पर पहुंच गया वहीं एसबीआई का बाजार पूंजीकरण 5,392 करोड़ रुपये की वृद्धि के साथ 1,45,620 करोड़ रुपये पर और कोल इंडिया का 5,334 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी के साथ 2,31,147 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।टिप्पणियां टीसीएस का पूंजीकरण 4,844 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी के साथ 2,56,953 करोड़ रुपये पर पहुंचा। इन्फोसिस को सप्ताह के दौरान 3,480 करोड़ रुपये का लाभ हुआ और उसका बाजार पूंजीकरण 1,39,917 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। एनटीपीसी की बाजार हैसियत 2,143 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी के साथ 1,33,658 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। सेंसेक्स की 10 प्रमुख कंपनियों की सूची में टीसीएस पहले स्थान पर रही जबकि आरआईएल दूसरे स्थान पर रही। इधर, एफएमसीजी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी आईटीसी की बाजार हैसियत 9,475 करोड़ रुपये बढ़कर 2,34,517 करोड़ रुपये हो गई, जबकि एचडीएफसी बैंक का बाजार पूंजीकरण 7,700 करोड़ रुपये बढ़कर 1,65,839 करोड़ रुपये हो गया। इसके अलावा रिलायंस इंडस्ट्रीज का बाजार पूंजीकरण 6,730 करोड़ रुपये बढ़कर 2,56,868 करोड़ रुपये पर पहुंच गया वहीं एसबीआई का बाजार पूंजीकरण 5,392 करोड़ रुपये की वृद्धि के साथ 1,45,620 करोड़ रुपये पर और कोल इंडिया का 5,334 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी के साथ 2,31,147 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।टिप्पणियां टीसीएस का पूंजीकरण 4,844 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी के साथ 2,56,953 करोड़ रुपये पर पहुंचा। इन्फोसिस को सप्ताह के दौरान 3,480 करोड़ रुपये का लाभ हुआ और उसका बाजार पूंजीकरण 1,39,917 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। एनटीपीसी की बाजार हैसियत 2,143 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी के साथ 1,33,658 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। सेंसेक्स की 10 प्रमुख कंपनियों की सूची में टीसीएस पहले स्थान पर रही जबकि आरआईएल दूसरे स्थान पर रही। इसके अलावा रिलायंस इंडस्ट्रीज का बाजार पूंजीकरण 6,730 करोड़ रुपये बढ़कर 2,56,868 करोड़ रुपये पर पहुंच गया वहीं एसबीआई का बाजार पूंजीकरण 5,392 करोड़ रुपये की वृद्धि के साथ 1,45,620 करोड़ रुपये पर और कोल इंडिया का 5,334 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी के साथ 2,31,147 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।टिप्पणियां टीसीएस का पूंजीकरण 4,844 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी के साथ 2,56,953 करोड़ रुपये पर पहुंचा। इन्फोसिस को सप्ताह के दौरान 3,480 करोड़ रुपये का लाभ हुआ और उसका बाजार पूंजीकरण 1,39,917 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। एनटीपीसी की बाजार हैसियत 2,143 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी के साथ 1,33,658 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। सेंसेक्स की 10 प्रमुख कंपनियों की सूची में टीसीएस पहले स्थान पर रही जबकि आरआईएल दूसरे स्थान पर रही। टीसीएस का पूंजीकरण 4,844 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी के साथ 2,56,953 करोड़ रुपये पर पहुंचा। इन्फोसिस को सप्ताह के दौरान 3,480 करोड़ रुपये का लाभ हुआ और उसका बाजार पूंजीकरण 1,39,917 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। एनटीपीसी की बाजार हैसियत 2,143 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी के साथ 1,33,658 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। सेंसेक्स की 10 प्रमुख कंपनियों की सूची में टीसीएस पहले स्थान पर रही जबकि आरआईएल दूसरे स्थान पर रही। सेंसेक्स की 10 प्रमुख कंपनियों की सूची में टीसीएस पहले स्थान पर रही जबकि आरआईएल दूसरे स्थान पर रही।
सारांश: बंबई शेयर बाजार के सेंसेक्स की 10 शीर्ष कंपनियों का बाजार पूंजीकरण बीते सप्ताह 66,590 करोड़ रुपये। इसमें प्रमुख योगदान सार्वजनिक क्षेत्र की ओएनजीसी का रहा, जिसकी बाजार हैसियत में अकेले 11,806 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ।
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कारगिल के शहीद कैप्टन सौरभ कालिया पर अपनी विवादास्पद टिप्पणी से फैली नाराजगी के एक दिन बाद पाकिस्तान के गृहमंत्री रहमान मलिक ने एनडीटीवी से खास बातचीत में कहा है कि वह चाहते हैं कि इस मामले की जांच की जाए। मलिक ने कहा कि भारत ने कभी कैप्टन कालिया के मामले को द्विपक्षीय आधार पर नहीं उठाया और कल पहली बार भारत सरकार ने आधिकारिक रूप से इस मामले को उठाया। उन्होंने कहा, मैं केवल इतना कह सकता हूं कि उनकी मौत की परिस्थितियां काफी विवादित हैं तथा मैं और अधिक जानकारी की मांग कर रहा हूं। मैं कैप्टन कालिया के पिता के दर्द को समझता हूं। मैं निश्चित रूप से इस मामले को देखूंगा। गौरतलब है कि शुक्रवार को तीन दिन के भारत दौरे पर आए रहमान मलिक ने कहा था कि उन्होंने इस मामले की जांच नहीं की है। मलिक ने कहा, मैं कालिया के पिता से मिलना और जानना चाहूंगा कि असल में क्या हुआ था। जब सीमा पर लड़ाई चल रही होती है, तो हमें पता नहीं चलता कि क्या हुआ...उनकी मौत पाकिस्तानी गोली से हुई या खराब मौसम की वजह से... उल्लेखनीय है कि भारत ने शुक्रवार को पाकिस्तान से कहा कि वह कारगिल में 1999 में कैप्टन सौरभ कालिया की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करे।टिप्पणियां भारत-पाक गृहमंत्री स्तर की वार्ता के दौरान भारत ने कालिया के मुद्दे को उठाया। कालिया को पाकिस्तानी बलों ने 15 मई, 1999 में पकड़ा था और उसके 20 दिनों के बाद बाद उनका क्षत-विक्षत शव भारत को सौंप दिया। यह मुद्दा भारतीय पक्ष ने उस वक्त उठाया, जब गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे से शुक्रवार रात प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के दौरान उनके पाकिस्तानी समकक्ष रहमान मलिक ने मुलाकात की। यह कदम कालिया के पिता एन के कालिया के अपने बेटे के लिए न्याय मांगने की खातिर सात दिसंबर को जिनिवा स्थित संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग का दरवाजा खटखटाने के बीच उठाया गया है। मलिक ने कहा कि भारत ने कभी कैप्टन कालिया के मामले को द्विपक्षीय आधार पर नहीं उठाया और कल पहली बार भारत सरकार ने आधिकारिक रूप से इस मामले को उठाया। उन्होंने कहा, मैं केवल इतना कह सकता हूं कि उनकी मौत की परिस्थितियां काफी विवादित हैं तथा मैं और अधिक जानकारी की मांग कर रहा हूं। मैं कैप्टन कालिया के पिता के दर्द को समझता हूं। मैं निश्चित रूप से इस मामले को देखूंगा। गौरतलब है कि शुक्रवार को तीन दिन के भारत दौरे पर आए रहमान मलिक ने कहा था कि उन्होंने इस मामले की जांच नहीं की है। मलिक ने कहा, मैं कालिया के पिता से मिलना और जानना चाहूंगा कि असल में क्या हुआ था। जब सीमा पर लड़ाई चल रही होती है, तो हमें पता नहीं चलता कि क्या हुआ...उनकी मौत पाकिस्तानी गोली से हुई या खराब मौसम की वजह से... उल्लेखनीय है कि भारत ने शुक्रवार को पाकिस्तान से कहा कि वह कारगिल में 1999 में कैप्टन सौरभ कालिया की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करे।टिप्पणियां भारत-पाक गृहमंत्री स्तर की वार्ता के दौरान भारत ने कालिया के मुद्दे को उठाया। कालिया को पाकिस्तानी बलों ने 15 मई, 1999 में पकड़ा था और उसके 20 दिनों के बाद बाद उनका क्षत-विक्षत शव भारत को सौंप दिया। यह मुद्दा भारतीय पक्ष ने उस वक्त उठाया, जब गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे से शुक्रवार रात प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के दौरान उनके पाकिस्तानी समकक्ष रहमान मलिक ने मुलाकात की। यह कदम कालिया के पिता एन के कालिया के अपने बेटे के लिए न्याय मांगने की खातिर सात दिसंबर को जिनिवा स्थित संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग का दरवाजा खटखटाने के बीच उठाया गया है। गौरतलब है कि शुक्रवार को तीन दिन के भारत दौरे पर आए रहमान मलिक ने कहा था कि उन्होंने इस मामले की जांच नहीं की है। मलिक ने कहा, मैं कालिया के पिता से मिलना और जानना चाहूंगा कि असल में क्या हुआ था। जब सीमा पर लड़ाई चल रही होती है, तो हमें पता नहीं चलता कि क्या हुआ...उनकी मौत पाकिस्तानी गोली से हुई या खराब मौसम की वजह से... उल्लेखनीय है कि भारत ने शुक्रवार को पाकिस्तान से कहा कि वह कारगिल में 1999 में कैप्टन सौरभ कालिया की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करे।टिप्पणियां भारत-पाक गृहमंत्री स्तर की वार्ता के दौरान भारत ने कालिया के मुद्दे को उठाया। कालिया को पाकिस्तानी बलों ने 15 मई, 1999 में पकड़ा था और उसके 20 दिनों के बाद बाद उनका क्षत-विक्षत शव भारत को सौंप दिया। यह मुद्दा भारतीय पक्ष ने उस वक्त उठाया, जब गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे से शुक्रवार रात प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के दौरान उनके पाकिस्तानी समकक्ष रहमान मलिक ने मुलाकात की। यह कदम कालिया के पिता एन के कालिया के अपने बेटे के लिए न्याय मांगने की खातिर सात दिसंबर को जिनिवा स्थित संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग का दरवाजा खटखटाने के बीच उठाया गया है। भारत-पाक गृहमंत्री स्तर की वार्ता के दौरान भारत ने कालिया के मुद्दे को उठाया। कालिया को पाकिस्तानी बलों ने 15 मई, 1999 में पकड़ा था और उसके 20 दिनों के बाद बाद उनका क्षत-विक्षत शव भारत को सौंप दिया। यह मुद्दा भारतीय पक्ष ने उस वक्त उठाया, जब गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे से शुक्रवार रात प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के दौरान उनके पाकिस्तानी समकक्ष रहमान मलिक ने मुलाकात की। यह कदम कालिया के पिता एन के कालिया के अपने बेटे के लिए न्याय मांगने की खातिर सात दिसंबर को जिनिवा स्थित संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग का दरवाजा खटखटाने के बीच उठाया गया है। यह कदम कालिया के पिता एन के कालिया के अपने बेटे के लिए न्याय मांगने की खातिर सात दिसंबर को जिनिवा स्थित संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग का दरवाजा खटखटाने के बीच उठाया गया है।
संक्षिप्त सारांश: पाकिस्तान के गृहमंत्री रहमान मलिक ने एनडीटीवी से कहा, कैप्टन सौरभ कालिया की मौत की परिस्थितियां विवादित हैं तथा मैं और अधिक जानकारी की मांग कर रहा हूं। मैं कैप्टन कालिया के पिता के दर्द को समझता हूं। मैं निश्चित रूप से इस मामले को देखूंगा।
10
['hin']
एक सारांश बनाओ: 'हाउडी मोदी' कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) के साथ शामिल होने के लिए जा रहे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के काफिले को रविवार को भारत का विरोध करने वाले समूह के प्रदर्शन का सामना करना पड़ा. प्रदर्शनकारियों ने उन्हें विरोध स्वरूप झंडे दिखाए. एनआरजी स्टेडियम में कार्यक्रम को संबोधित कर हवाईअड्डा लौटने के दौरान ट्रंप को एक बार फिर कुछ प्रदर्शनकारियों का सामना करना पड़ा जिनके हाथों में कश्मीरी अलगाववादी झंडे थे. स्टेडियम के बाहर प्रदर्शनकारी एकत्र हुए थे किंतु बाद में वह धीरे धीरे वहां से निकल गये. प्रदर्शनकारियों ने पीएम मोदी की तस्वीरें हाथ में पकड़ी हुईं थी जबकि एक समूह ड्रम बजा रहा था.  बता दें कि पीएम नरेंद्र मोदी ने रविवार को अमेरिका के ह्यूस्टन शहर में 'हाउडी मोदी' कार्यक्रम को संबोधित किया. इस कार्यक्रम में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी शिरकत की. कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की सराहना करते हुए उन्हें 'विशेष व्यक्ति' बताया, वहीं ट्रंप ने मोदी को अमेरिका का सच्चा मित्र बताया.  पीएम मोदी ने कहा, 'वह (ट्रम्प) किसी परिचय के मोहताज नहीं है क्योंकि उनका नाम धरती पर हर व्यक्ति को पता है'  उन्होंने कहा, 'मैं उनके नेतृत्व, अमेरिका के लिए उनकी चाहत और हर अमेरिकी के लिए उनकी चिंता के कारण राष्ट्रपति ट्रम्प की प्रशंसा करता हूं. जब मैं इनसे पहली बार मिला था तो ट्रम्प ने मुझे बताया था कि भारत का व्हाइट हाउस में सच्चा मित्र है.'
सारांश: ह्यूस्टन में ट्रंप के काफिले के सामने प्रदर्शन 'कश्मीरी अलगाववादी झंडे' लेकर लोगों ने किया प्रदर्शन भारत का विरोध करने वाले समूह ने किया प्रदर्शन
5
['hin']
एक सारांश बनाओ: यूपी के बांदा रेप केस में आरोपी विधायक पुरुषोत्तम नरेश द्विवेदी को गिरफ्तार कर कार्रवाई तो की गई, लेकिन पीड़ित लड़की के साथ अब तक इंसाफ नहीं हो पा रहा है। जहां एक ओर विधायक बदला लेने की धमकी दे रहा है, वहीं पीड़ित लड़की मामूली चोरी के इल्जाम में एक महीने से जेल में है। आरोपी विधायक ने बलात्कार के बाद लड़की पर चोरी का इल्जाम लगा दिया। हैरानी की बात तो ये है कि सूत्रों ने पहले बताया था कि CB−CID की प्रारंभिक रिपोर्ट में लड़की पर लगे चोरी के इल्जाम झूठे पाए गए हैं, लेकिन सरकार जब इस रिपोर्ट को लेकर सामने आई, तो बात पलट चुकी थी। यूपी के कैबिनेट सचिव शशांक शेखर सिंह लड़की को कसूरवार बता गए। शुक्रवार को बांदा की अदालत ने लड़की की न्यायिक हिरासत 27 जनवरी तक बढ़ा दी है। हालांकि 17 जनवरी को उसकी जमानत पर सुनवाई भी इसी कोर्ट में होनी है। पुरुषोत्तम नरेश द्विवेदी 14 दिन तक जेल की हवा खाएंगे, लेकिन गिरफ्तारी के बाद भी विधायक की हेकड़ी नहीं गई। उसने अपने साथ हुए इस सलूक का बदला लेने की धमकी दी है। गिरफ्तारी के बाद द्विवेदी ने खुले तौर पर कहा, इसका बदला लिया जाएगा। गिरफ्तारी के तुरंत बाद विधायक जी ने शहादत का जज्बा भी दिखाया। बकौल द्विवेदी, हमारा जीवन भी पार्टी के लिए कुर्बान है और हम पार्टी के लिए बलिदान भी हो जाएंगे।
यह एक सारांश है: नाबालिग लड़की से रेप के आरोप में गिरफ्तार बांदा के बीएसपी विधायक पुरुषोत्तम द्विवेदी ने अपने साथ हुए इस सलूक का बदला लेने की धमकी दी है।
21
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: लोकसभा चुनाव से ठीक पहले पिछले काफी समय से आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन को लेकर माथापच्ची पर विराम लग गया है. काफी सियासी उठा-पटक के बाद आखिरकार लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election) को लेकर दिल्ली में आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) और कांग्रेस (Congress) के बीच गठबंधन हो गया. सूत्रों की मानें तो दिल्ली में लोकसभा की सात सीटों में से तीन-तीन पर दोनों पार्टियां अपने उम्मीदवार उतारेंगी. वहीं एक सीट शत्रुघ्न सिन्हा या यशवंत सिन्हा को दी जाएगी. यानी दिल्ली में न कांग्रेस बड़ी न आम आदमी पार्टी. दोनों पार्टियां बराबर-बराबर सीटों पर ही चुनाव लड़ेगी. माना जा रहा है कि शत्रुघ्न सिन्हा या यशवंत सिन्हा में से कोई एक दोनों पार्टियों की ओर से साझा उम्मीदवार होंगे. हालांकि, शत्रुघ्न सिन्हा के नाम पर फैसला राजद के उस स्टैंड के बाद आएगा, कि अगर राजद पटना साहिब से शत्रुघ्न सिन्हा को उम्मीदवार बनाएगी. बता दें कि इससे पहले ही आम आदमी पार्टी ने 6 सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया था.  दरअसल, इस बीच कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को कांग्रेस की दिल्ली यूनिट के नेताओं के साथ गठबंधन पर चर्चा के लिए बैठक की बुलाई है. दोपहर 12 बजे से इनके घर एक बैठक होनी थी. माना जा रहा है कि इस बैठक के बाद ही गठबंधन पर आधिकारिक घोषणा हो सकती है. सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व गठबंधन के लिए तैयार था, लेकिन पार्टी की दिल्ली यूनिट इसके पक्ष में नहीं थी. यही वजह है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को बीच में आना पड़ा. इससे पहले खबर थी कि आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस को गठबंधन के लिए दो फॉर्मूला सुझाया है. अब अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी सीटों का सौदा करने के मुड में है. यही वजह है कि आम आदमी पार्टी के पहले फॉर्मूला के तहत AAP चाहती है कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी 6 सीटों पर लड़े और कांग्रेस महज एक पर. इस सूरत में आम आदमी पार्टी फिर कहीं चुनाव नहीं लड़ेगी, जहां कांग्रेस होगी. वहीं दूसरे फॉर्मूला के तहत आम आदमी पार्टी का कहना है कि अगर दिल्ली में कांग्रेस को ज्यादा सीटें चाहिए तो उसे पंजाब, हरियाणा जैसे राज्यों में सीट देकर इसकी भरपाई करनी होगी.  सूत्रों के इस दावे की पुष्टि इस बात से भी होती है क्योंकि आम आदमी पार्टी ने दिल्ली की 7 लोकसभा सीटों में से अब तक 6 पर ही अपने उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया है. उन्होंने अभी तक एक सीट पर अपना पत्ता नहीं खोला है. माना जा जा रहा है कि आम आदमी पार्टी अब भी यह मानती है कि अगर कांग्रेस से साथ गठबंधन हो जाए तो उसके लिए यही सातवां सीट छोड़ दिया जाए.  इधर, मंगलवार को दिल्ली में आम आदमी पार्टी के साथ कांग्रेस के गठबंधन को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बैठक बुलाई है. इस बैठक में कांग्रेस के कई नेता शामिल होंगे. माना जा रहा है कि संभव है राहुल गांधी आज बैठक के बाद दिल्ली में आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन पर फैसला ले लेंगे. सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस आलाकमान दिल्ली में आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन चाहता है जबकि कांग्रेस की राज्य इकाई गठबंधन के पक्ष में नहीं है.  पिछले सप्ताह मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी(AAP) ने दिल्ली की 6 सीटों पर अपने उम्मीदवारों का ऐलान किया था. आप नेता और दिल्ली के संयोजक गोपाल राय ने लोकसभा चुनाव 2019 के लिए आम आदमी पार्टी ने अभी तक लोकसभा की 6 सीटों के लिए अपने प्रत्याशियों के नाम की घोषणा की थी, जिसके अनुसार उनके उम्मीदवार हैं:
संक्षिप्त पाठ: दिल्ली में फिफ्टी-फिफ्टी फॉर्मूला पर आप और कांग्रेस. एक सीट पर साधा उम्मीदवार होंगे शत्रुघ्न सिन्हा. आप और कांग्रेस 3-3 सीटों पर लड़ेगी चुनाव.
13
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने बुधवार को कहा कि अर्थव्यवस्था हालांकि कठिन हालात में है लेकिन चीजें ऐसे मुकाम पर भी नहीं पहुंच गई हैं, जहां लोगों को छिपकलियां खाना पड़े। लोकसभा में 2011-12 के लिए अनुदान की अनुपूरक मांगों (सामान्य) के दूसरे हिस्से को लेकर हुई चर्चा के जवाब में मुखर्जी ने कहा, अर्थव्यवस्था मुश्किल हालत में है लेकिन भारतीय अर्थव्ययवस्था के आधारभूत तत्व अभी भी मजबूत हैं। महंगाई के बारे में मुखर्जी ने कहा कि खाद्य मुद्रास्फीति फरवरी 2010 में 22 प्रतिशत थी जो नवंबर 2011 में गिरकर आठ प्रतिशत रह गयी लेकिन इसे पांच से छह प्रतिशत पर लाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था मुश्किल स्थिति में है लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम ऐसी स्थिति में पंहुच गए हैं कि छिपकलियां खाना शुरू कर दें। मुखर्जी ने कहा कि मंदी के बावजूद बचत दर और निवेश दर 33 से 35 प्रतिशत पर मजबूत बनी रही।
यह एक सारांश है: प्रणब मुखर्जी ने कहा कि अर्थव्यवस्था हालांकि कठिन हालात में है लेकिन चीजें ऐसे मुकाम पर भी नहीं पहुंच गई हैं, जहां लोगों को छिपकलियां खाना पड़े।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पीएम मोदी ने कहा, मैं सबसे पहले तो आप सबका आभारी हूं. रेलवे से रॉयल पैलेस की तुकबंदी आपके लिए सरल है लेकिन मेरे लिए यह रास्ता काफी कठिन था. जहां तक रेलवे स्टेशन की बात है तो वह मेरी अपनी व्यक्तिगत कहानी है. वह मेरी जिंदगी के संघर्ष का दौर था. उसने मुझे जीना और जूझना सीखया. और जिंदगी अपने लिए औरों के लिए हो सकती है. ये मैनें बचपन से सीखा समझा. रॉयल पैलेस यह नरेंद्र मोदी का नहीं है. यह मेरी कहानी नहीं है. यह रॉयल पैलेस सवा सौ करोड़ हिन्दुस्तानी के संकल्प का परिणाम है. रेल की पटरी वाला मोदी ही मोदी है. रॉयल पैलेस वाला मोदी एक सेवक है. यह हमारे लोकतंत्र की ताकत है. लोकतंत्र में जनता जो ईश्वर का रूप है अगर वह फैसला कर ले तो एक चाय बेचने वाला भी उनका प्रतिनिधित्व करके रॉयल पैलेस पहुंच सकता है. जवाब- मैं कोई बड़ी बातें नहीं करता हूं. लेकिन तीन चीजें बच्चों को पढ़ाई, युवा को कमाई, बुजर्गों को दवाई. ये चीजें हैं जो हमें एक स्वस्थ समाज के लिए चिंता करनी चाहिए. मैंने अनुभव किया परिवार अच्छा हो लेकिन परिवार में अगर एक बीमारी आ जाए. कोई बीमार हो जाए तो पूरा परिवार फंसा रह जाता है औऱ परिवार तबाह हो जाता है. एक व्यक्ति बीमार नहीं होता पूरा परिवार बीमार हो जाता है. हमारी योजना है आयुष्मान भारत, जिसे लोग मोदी केयर कह रहे हैं, इसमें हम देश में डेढ़ लाख से ज्यादा वेलनेस सेंटर बनाना चाहते हैं. जहां हेल्थ की सारी सुविधाएं हों औऱ वहां टेक्नोलॉजी से काम होता हो. दूसरा प्रीवेंटिव हेल्थ को बढ़ावा मिले चाहे यह योगा के नाम पर हो या किसी और रूप में. हमनें उन बच्चों के स्वास्थ की चिंता करते हुए मैर्टिनिटी लीव को 26 वीक कर दिया है. एक औऱ पहलू है कि एक परिवार को ऐसी व्यवस्था दी जाए जिसके तहत एक परिवार को साल भर में पांच लाख रुपये तक के बीमारी का खर्चा का भुगतान सरकार करेगी. इसके कारण गरीब की जिंदगी में जो संकट आता है उससे मुक्ती मिलेगी. दूसरा इस योजना से प्राइवेट अस्पताल का अच्छा नेटवर्क बनेगा. यह सभी के लिए फायदेमंद होगा.
सारांश: 'नीति और नीयत साफ होने से मिलते हैं पिरणाम' 'कुछ लोग निराशाजनक बात ही करेंगे' 'मैं सकारात्‍मक पक्ष की ओर देखता हूं'
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: लश्कर-ए-तैयबा और अल-कायदा के लिए बम बनाने वालों और आत्मघाती हमलावरों के प्रशिक्षण के लिए प्रयुक्त होने वाले एक पाकिस्तानी मदरसे पर अमेरिका ने प्रतिबंध लगा दिया है। पहली बार किसी मदरसे (शिक्षण संस्थान) के खिलाफ ऐसा कदम उठाया गया है। पाकिस्तान के पेशावर शहर में स्थित ‘गंज मदरसा’ पहला शिक्षण संस्थान है जिसे अमेरिका ने आतंकवादी संगठन घोषित किया है। इस मदरसे का आधिकारिक नाम ‘जामिया तालीम-उल-कुरान-वल-हदीथ मदरसा’ है। यह प्रतिबंध किसी भी अमेरिकी को मदरसे के साथ किसी भी प्रकार का व्यावसायिक संबंध रखने से प्रतिबंधित करता है। अमेरिकी वित्त विभाग ने कहा कि गंज मदरसा का इस्तेमाल अलकायदा, तालिबान और लश्कर-ए-तैयबा के लिए आतंकवादियों की भर्ती करने तथा उन्हें प्रशिक्षित करने में हो रहा है। लश्कर-ए-तैयबा मुंबई में वर्ष 2008 में हुए हमले के लिए जिम्मेदार है। इन हमलों में 166 लोगों की जान गई थी। अमेरिकी वित्त विभाग का कहना है कि धार्मिक शिक्षा की आड़ में मदरसे में तीन प्रतिबंधित समूहों के लिए छात्रों को बम बनाने और आत्मघाती हमलावर बनने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह मदरसा इन आतंकी संगठनों को वित्तीय मदद भी मुहैया करा रहा है। पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने इस बात की पुष्टि की है कि मदरसे पर अमेरिकी प्रतिबंध लग गया है। अमेरिकी वित्त विभाग ने एक बयान में कहा, ‘‘गंज मदरसा में चल रही गतिविधियां इस बात का उदाहरण हैं कि किस प्रकार अल-कायदा, लश्कर-ए-तैयबा और तालिबान जैसे आतंकवादी संगठन वैध संस्थानों, जैसे कि धार्मिक शिक्षण संस्थानों का उपयोग कर रहे हैं, और शिक्षा के नाम पर मिलने वाले दान का उपयोग हिंसक गतिविधियों में कर रहे हैं।’’ इस संस्थान का प्रमुख फजील-ए-तुज शेख अबू मोहम्मद अमीन अल पेशावरी उर्फ शेख अमीनुल्ला 2009 से संयुक्त राष्ट्र की आतंकवादियों की सूची में शामिल है। साल 2013 की शुरुआत तक अमीनुल्ला गंज मदरसा में लश्कर के लिए रंगरूट भर्ती कर रहा था और 2012 के आखिर में उसने यहां अलकायदा के आतंकियों को रखा था।टिप्पणियां ‘गंज मदरसा’ के प्रशासक हाजी आलम शेर ने अमेरिकी आरोपों को खारिज करते हुए कहा, ‘‘हम एक धार्मिक स्कूल हैं जो बच्चों को इस्लाम की शिक्षा देता है और अमेरिकी आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह मदरसा छोटा है और हमारे पास जगह भी नहीं है। इसलिए यदि हम कोशिश करें तब भी आतंकवादियों को प्रशिक्षण नहीं दे सकते हैं।’’ पहली बार किसी मदरसे (शिक्षण संस्थान) के खिलाफ ऐसा कदम उठाया गया है। पाकिस्तान के पेशावर शहर में स्थित ‘गंज मदरसा’ पहला शिक्षण संस्थान है जिसे अमेरिका ने आतंकवादी संगठन घोषित किया है। इस मदरसे का आधिकारिक नाम ‘जामिया तालीम-उल-कुरान-वल-हदीथ मदरसा’ है। यह प्रतिबंध किसी भी अमेरिकी को मदरसे के साथ किसी भी प्रकार का व्यावसायिक संबंध रखने से प्रतिबंधित करता है। अमेरिकी वित्त विभाग ने कहा कि गंज मदरसा का इस्तेमाल अलकायदा, तालिबान और लश्कर-ए-तैयबा के लिए आतंकवादियों की भर्ती करने तथा उन्हें प्रशिक्षित करने में हो रहा है। लश्कर-ए-तैयबा मुंबई में वर्ष 2008 में हुए हमले के लिए जिम्मेदार है। इन हमलों में 166 लोगों की जान गई थी। अमेरिकी वित्त विभाग का कहना है कि धार्मिक शिक्षा की आड़ में मदरसे में तीन प्रतिबंधित समूहों के लिए छात्रों को बम बनाने और आत्मघाती हमलावर बनने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह मदरसा इन आतंकी संगठनों को वित्तीय मदद भी मुहैया करा रहा है। पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने इस बात की पुष्टि की है कि मदरसे पर अमेरिकी प्रतिबंध लग गया है। अमेरिकी वित्त विभाग ने एक बयान में कहा, ‘‘गंज मदरसा में चल रही गतिविधियां इस बात का उदाहरण हैं कि किस प्रकार अल-कायदा, लश्कर-ए-तैयबा और तालिबान जैसे आतंकवादी संगठन वैध संस्थानों, जैसे कि धार्मिक शिक्षण संस्थानों का उपयोग कर रहे हैं, और शिक्षा के नाम पर मिलने वाले दान का उपयोग हिंसक गतिविधियों में कर रहे हैं।’’ इस संस्थान का प्रमुख फजील-ए-तुज शेख अबू मोहम्मद अमीन अल पेशावरी उर्फ शेख अमीनुल्ला 2009 से संयुक्त राष्ट्र की आतंकवादियों की सूची में शामिल है। साल 2013 की शुरुआत तक अमीनुल्ला गंज मदरसा में लश्कर के लिए रंगरूट भर्ती कर रहा था और 2012 के आखिर में उसने यहां अलकायदा के आतंकियों को रखा था।टिप्पणियां ‘गंज मदरसा’ के प्रशासक हाजी आलम शेर ने अमेरिकी आरोपों को खारिज करते हुए कहा, ‘‘हम एक धार्मिक स्कूल हैं जो बच्चों को इस्लाम की शिक्षा देता है और अमेरिकी आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह मदरसा छोटा है और हमारे पास जगह भी नहीं है। इसलिए यदि हम कोशिश करें तब भी आतंकवादियों को प्रशिक्षण नहीं दे सकते हैं।’’ पाकिस्तान के पेशावर शहर में स्थित ‘गंज मदरसा’ पहला शिक्षण संस्थान है जिसे अमेरिका ने आतंकवादी संगठन घोषित किया है। इस मदरसे का आधिकारिक नाम ‘जामिया तालीम-उल-कुरान-वल-हदीथ मदरसा’ है। यह प्रतिबंध किसी भी अमेरिकी को मदरसे के साथ किसी भी प्रकार का व्यावसायिक संबंध रखने से प्रतिबंधित करता है। अमेरिकी वित्त विभाग ने कहा कि गंज मदरसा का इस्तेमाल अलकायदा, तालिबान और लश्कर-ए-तैयबा के लिए आतंकवादियों की भर्ती करने तथा उन्हें प्रशिक्षित करने में हो रहा है। लश्कर-ए-तैयबा मुंबई में वर्ष 2008 में हुए हमले के लिए जिम्मेदार है। इन हमलों में 166 लोगों की जान गई थी। अमेरिकी वित्त विभाग का कहना है कि धार्मिक शिक्षा की आड़ में मदरसे में तीन प्रतिबंधित समूहों के लिए छात्रों को बम बनाने और आत्मघाती हमलावर बनने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह मदरसा इन आतंकी संगठनों को वित्तीय मदद भी मुहैया करा रहा है। पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने इस बात की पुष्टि की है कि मदरसे पर अमेरिकी प्रतिबंध लग गया है। अमेरिकी वित्त विभाग ने एक बयान में कहा, ‘‘गंज मदरसा में चल रही गतिविधियां इस बात का उदाहरण हैं कि किस प्रकार अल-कायदा, लश्कर-ए-तैयबा और तालिबान जैसे आतंकवादी संगठन वैध संस्थानों, जैसे कि धार्मिक शिक्षण संस्थानों का उपयोग कर रहे हैं, और शिक्षा के नाम पर मिलने वाले दान का उपयोग हिंसक गतिविधियों में कर रहे हैं।’’ इस संस्थान का प्रमुख फजील-ए-तुज शेख अबू मोहम्मद अमीन अल पेशावरी उर्फ शेख अमीनुल्ला 2009 से संयुक्त राष्ट्र की आतंकवादियों की सूची में शामिल है। साल 2013 की शुरुआत तक अमीनुल्ला गंज मदरसा में लश्कर के लिए रंगरूट भर्ती कर रहा था और 2012 के आखिर में उसने यहां अलकायदा के आतंकियों को रखा था।टिप्पणियां ‘गंज मदरसा’ के प्रशासक हाजी आलम शेर ने अमेरिकी आरोपों को खारिज करते हुए कहा, ‘‘हम एक धार्मिक स्कूल हैं जो बच्चों को इस्लाम की शिक्षा देता है और अमेरिकी आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह मदरसा छोटा है और हमारे पास जगह भी नहीं है। इसलिए यदि हम कोशिश करें तब भी आतंकवादियों को प्रशिक्षण नहीं दे सकते हैं।’’ अमेरिकी वित्त विभाग ने कहा कि गंज मदरसा का इस्तेमाल अलकायदा, तालिबान और लश्कर-ए-तैयबा के लिए आतंकवादियों की भर्ती करने तथा उन्हें प्रशिक्षित करने में हो रहा है। लश्कर-ए-तैयबा मुंबई में वर्ष 2008 में हुए हमले के लिए जिम्मेदार है। इन हमलों में 166 लोगों की जान गई थी। अमेरिकी वित्त विभाग का कहना है कि धार्मिक शिक्षा की आड़ में मदरसे में तीन प्रतिबंधित समूहों के लिए छात्रों को बम बनाने और आत्मघाती हमलावर बनने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह मदरसा इन आतंकी संगठनों को वित्तीय मदद भी मुहैया करा रहा है। पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने इस बात की पुष्टि की है कि मदरसे पर अमेरिकी प्रतिबंध लग गया है। अमेरिकी वित्त विभाग ने एक बयान में कहा, ‘‘गंज मदरसा में चल रही गतिविधियां इस बात का उदाहरण हैं कि किस प्रकार अल-कायदा, लश्कर-ए-तैयबा और तालिबान जैसे आतंकवादी संगठन वैध संस्थानों, जैसे कि धार्मिक शिक्षण संस्थानों का उपयोग कर रहे हैं, और शिक्षा के नाम पर मिलने वाले दान का उपयोग हिंसक गतिविधियों में कर रहे हैं।’’ इस संस्थान का प्रमुख फजील-ए-तुज शेख अबू मोहम्मद अमीन अल पेशावरी उर्फ शेख अमीनुल्ला 2009 से संयुक्त राष्ट्र की आतंकवादियों की सूची में शामिल है। साल 2013 की शुरुआत तक अमीनुल्ला गंज मदरसा में लश्कर के लिए रंगरूट भर्ती कर रहा था और 2012 के आखिर में उसने यहां अलकायदा के आतंकियों को रखा था।टिप्पणियां ‘गंज मदरसा’ के प्रशासक हाजी आलम शेर ने अमेरिकी आरोपों को खारिज करते हुए कहा, ‘‘हम एक धार्मिक स्कूल हैं जो बच्चों को इस्लाम की शिक्षा देता है और अमेरिकी आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह मदरसा छोटा है और हमारे पास जगह भी नहीं है। इसलिए यदि हम कोशिश करें तब भी आतंकवादियों को प्रशिक्षण नहीं दे सकते हैं।’’ लश्कर-ए-तैयबा मुंबई में वर्ष 2008 में हुए हमले के लिए जिम्मेदार है। इन हमलों में 166 लोगों की जान गई थी। अमेरिकी वित्त विभाग का कहना है कि धार्मिक शिक्षा की आड़ में मदरसे में तीन प्रतिबंधित समूहों के लिए छात्रों को बम बनाने और आत्मघाती हमलावर बनने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह मदरसा इन आतंकी संगठनों को वित्तीय मदद भी मुहैया करा रहा है। पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने इस बात की पुष्टि की है कि मदरसे पर अमेरिकी प्रतिबंध लग गया है। अमेरिकी वित्त विभाग ने एक बयान में कहा, ‘‘गंज मदरसा में चल रही गतिविधियां इस बात का उदाहरण हैं कि किस प्रकार अल-कायदा, लश्कर-ए-तैयबा और तालिबान जैसे आतंकवादी संगठन वैध संस्थानों, जैसे कि धार्मिक शिक्षण संस्थानों का उपयोग कर रहे हैं, और शिक्षा के नाम पर मिलने वाले दान का उपयोग हिंसक गतिविधियों में कर रहे हैं।’’ इस संस्थान का प्रमुख फजील-ए-तुज शेख अबू मोहम्मद अमीन अल पेशावरी उर्फ शेख अमीनुल्ला 2009 से संयुक्त राष्ट्र की आतंकवादियों की सूची में शामिल है। साल 2013 की शुरुआत तक अमीनुल्ला गंज मदरसा में लश्कर के लिए रंगरूट भर्ती कर रहा था और 2012 के आखिर में उसने यहां अलकायदा के आतंकियों को रखा था।टिप्पणियां ‘गंज मदरसा’ के प्रशासक हाजी आलम शेर ने अमेरिकी आरोपों को खारिज करते हुए कहा, ‘‘हम एक धार्मिक स्कूल हैं जो बच्चों को इस्लाम की शिक्षा देता है और अमेरिकी आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह मदरसा छोटा है और हमारे पास जगह भी नहीं है। इसलिए यदि हम कोशिश करें तब भी आतंकवादियों को प्रशिक्षण नहीं दे सकते हैं।’’ अमेरिकी वित्त विभाग का कहना है कि धार्मिक शिक्षा की आड़ में मदरसे में तीन प्रतिबंधित समूहों के लिए छात्रों को बम बनाने और आत्मघाती हमलावर बनने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह मदरसा इन आतंकी संगठनों को वित्तीय मदद भी मुहैया करा रहा है। पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने इस बात की पुष्टि की है कि मदरसे पर अमेरिकी प्रतिबंध लग गया है। अमेरिकी वित्त विभाग ने एक बयान में कहा, ‘‘गंज मदरसा में चल रही गतिविधियां इस बात का उदाहरण हैं कि किस प्रकार अल-कायदा, लश्कर-ए-तैयबा और तालिबान जैसे आतंकवादी संगठन वैध संस्थानों, जैसे कि धार्मिक शिक्षण संस्थानों का उपयोग कर रहे हैं, और शिक्षा के नाम पर मिलने वाले दान का उपयोग हिंसक गतिविधियों में कर रहे हैं।’’ इस संस्थान का प्रमुख फजील-ए-तुज शेख अबू मोहम्मद अमीन अल पेशावरी उर्फ शेख अमीनुल्ला 2009 से संयुक्त राष्ट्र की आतंकवादियों की सूची में शामिल है। साल 2013 की शुरुआत तक अमीनुल्ला गंज मदरसा में लश्कर के लिए रंगरूट भर्ती कर रहा था और 2012 के आखिर में उसने यहां अलकायदा के आतंकियों को रखा था।टिप्पणियां ‘गंज मदरसा’ के प्रशासक हाजी आलम शेर ने अमेरिकी आरोपों को खारिज करते हुए कहा, ‘‘हम एक धार्मिक स्कूल हैं जो बच्चों को इस्लाम की शिक्षा देता है और अमेरिकी आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह मदरसा छोटा है और हमारे पास जगह भी नहीं है। इसलिए यदि हम कोशिश करें तब भी आतंकवादियों को प्रशिक्षण नहीं दे सकते हैं।’’ अमेरिकी वित्त विभाग ने एक बयान में कहा, ‘‘गंज मदरसा में चल रही गतिविधियां इस बात का उदाहरण हैं कि किस प्रकार अल-कायदा, लश्कर-ए-तैयबा और तालिबान जैसे आतंकवादी संगठन वैध संस्थानों, जैसे कि धार्मिक शिक्षण संस्थानों का उपयोग कर रहे हैं, और शिक्षा के नाम पर मिलने वाले दान का उपयोग हिंसक गतिविधियों में कर रहे हैं।’’ इस संस्थान का प्रमुख फजील-ए-तुज शेख अबू मोहम्मद अमीन अल पेशावरी उर्फ शेख अमीनुल्ला 2009 से संयुक्त राष्ट्र की आतंकवादियों की सूची में शामिल है। साल 2013 की शुरुआत तक अमीनुल्ला गंज मदरसा में लश्कर के लिए रंगरूट भर्ती कर रहा था और 2012 के आखिर में उसने यहां अलकायदा के आतंकियों को रखा था।टिप्पणियां ‘गंज मदरसा’ के प्रशासक हाजी आलम शेर ने अमेरिकी आरोपों को खारिज करते हुए कहा, ‘‘हम एक धार्मिक स्कूल हैं जो बच्चों को इस्लाम की शिक्षा देता है और अमेरिकी आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह मदरसा छोटा है और हमारे पास जगह भी नहीं है। इसलिए यदि हम कोशिश करें तब भी आतंकवादियों को प्रशिक्षण नहीं दे सकते हैं।’’ इस संस्थान का प्रमुख फजील-ए-तुज शेख अबू मोहम्मद अमीन अल पेशावरी उर्फ शेख अमीनुल्ला 2009 से संयुक्त राष्ट्र की आतंकवादियों की सूची में शामिल है। साल 2013 की शुरुआत तक अमीनुल्ला गंज मदरसा में लश्कर के लिए रंगरूट भर्ती कर रहा था और 2012 के आखिर में उसने यहां अलकायदा के आतंकियों को रखा था।टिप्पणियां ‘गंज मदरसा’ के प्रशासक हाजी आलम शेर ने अमेरिकी आरोपों को खारिज करते हुए कहा, ‘‘हम एक धार्मिक स्कूल हैं जो बच्चों को इस्लाम की शिक्षा देता है और अमेरिकी आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह मदरसा छोटा है और हमारे पास जगह भी नहीं है। इसलिए यदि हम कोशिश करें तब भी आतंकवादियों को प्रशिक्षण नहीं दे सकते हैं।’’ साल 2013 की शुरुआत तक अमीनुल्ला गंज मदरसा में लश्कर के लिए रंगरूट भर्ती कर रहा था और 2012 के आखिर में उसने यहां अलकायदा के आतंकियों को रखा था।टिप्पणियां ‘गंज मदरसा’ के प्रशासक हाजी आलम शेर ने अमेरिकी आरोपों को खारिज करते हुए कहा, ‘‘हम एक धार्मिक स्कूल हैं जो बच्चों को इस्लाम की शिक्षा देता है और अमेरिकी आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह मदरसा छोटा है और हमारे पास जगह भी नहीं है। इसलिए यदि हम कोशिश करें तब भी आतंकवादियों को प्रशिक्षण नहीं दे सकते हैं।’’ ‘गंज मदरसा’ के प्रशासक हाजी आलम शेर ने अमेरिकी आरोपों को खारिज करते हुए कहा, ‘‘हम एक धार्मिक स्कूल हैं जो बच्चों को इस्लाम की शिक्षा देता है और अमेरिकी आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह मदरसा छोटा है और हमारे पास जगह भी नहीं है। इसलिए यदि हम कोशिश करें तब भी आतंकवादियों को प्रशिक्षण नहीं दे सकते हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह मदरसा छोटा है और हमारे पास जगह भी नहीं है। इसलिए यदि हम कोशिश करें तब भी आतंकवादियों को प्रशिक्षण नहीं दे सकते हैं।’’
संक्षिप्त पाठ: लश्कर-ए-तैयबा और अल-कायदा के लिए बम बनाने वालों और आत्मघाती हमलावरों के प्रशिक्षण के लिए प्रयुक्त होने वाले एक पाकिस्तानी मदरसे पर अमेरिका ने प्रतिबंध लगा दिया है। पहली बार किसी मदरसे (शिक्षण संस्थान) के खिलाफ ऐसा कदम उठाया गया है।
13
['hin']
एक सारांश बनाओ: सिटीग्रुप के चेयरमैन माइकल ओ निल ने भारतीय मूल के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) विक्रम पंडित को हटाने के लिए महीनों तक बोर्डरूम में साजिश रची। मीडिया की खबरों में कहा गया है कि अच्छे नतीजे देने के बावजूद पंडित को अचानक पद छोड़ने को कहा गया, जिससे वह हैरान रह गए। 'न्यूयार्क टाइम्स' की रिपोर्ट के अनुसार, ओ निल ने 15 अक्टूबर को पंडित को सीधे कह दिया कि निदेशक मंडल ने आप में भरोसा खो दिया है। 55-वर्षीय पंडित को तीन विज्ञप्तियों के विकल्प दिए गए थे। पहला कि वह तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दें, दूसरा वह साल के अंत तक इस्तीफा दें या फिर उन्हें बिना वजह पद से हटाया जाए।टिप्पणियां रिपोर्ट में कहा गया है कि इस रवैये से झटका खाए पंडित ने तत्काल प्रभाव से पद छोड़ने का फैसला किया। हालांकि पंडित और निदेशक मंडल ने सार्वजनिक रूप से यहीं दर्शाया कि पद छोड़ने का फैसला उनका अपना है। रिपोर्ट में कहा गया है कि सिटीग्रुप के चेयरमैन ओ निल ने महीनों तक पंडित को हटाने की योजना बनाई और उनकी जगह माइकल एल कॉर्बेट को नियुक्त किया। बैंक के पार्क एवेन्यू मुख्यालय में बोर्ड रूप में रची गई इस साजिश से बैंक के कई वरिष्ठ कार्यकारी भी नाराज दिखे। उनका कहना था कि पंडित को पद छोड़ने के लिए कहने की जरूरत नहीं थी, क्योंकि उन्होंने ही संघषर्रत इस बैंक को सफलतापूर्वक संकट से बाहर निकाला था। यही नहीं बैंक ने सरकार की ओर से मिले 45 अरब डॉलर के राहत पैकेज को भी वापस कर दिया था। 'न्यूयार्क टाइम्स' की रिपोर्ट के अनुसार, ओ निल ने 15 अक्टूबर को पंडित को सीधे कह दिया कि निदेशक मंडल ने आप में भरोसा खो दिया है। 55-वर्षीय पंडित को तीन विज्ञप्तियों के विकल्प दिए गए थे। पहला कि वह तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दें, दूसरा वह साल के अंत तक इस्तीफा दें या फिर उन्हें बिना वजह पद से हटाया जाए।टिप्पणियां रिपोर्ट में कहा गया है कि इस रवैये से झटका खाए पंडित ने तत्काल प्रभाव से पद छोड़ने का फैसला किया। हालांकि पंडित और निदेशक मंडल ने सार्वजनिक रूप से यहीं दर्शाया कि पद छोड़ने का फैसला उनका अपना है। रिपोर्ट में कहा गया है कि सिटीग्रुप के चेयरमैन ओ निल ने महीनों तक पंडित को हटाने की योजना बनाई और उनकी जगह माइकल एल कॉर्बेट को नियुक्त किया। बैंक के पार्क एवेन्यू मुख्यालय में बोर्ड रूप में रची गई इस साजिश से बैंक के कई वरिष्ठ कार्यकारी भी नाराज दिखे। उनका कहना था कि पंडित को पद छोड़ने के लिए कहने की जरूरत नहीं थी, क्योंकि उन्होंने ही संघषर्रत इस बैंक को सफलतापूर्वक संकट से बाहर निकाला था। यही नहीं बैंक ने सरकार की ओर से मिले 45 अरब डॉलर के राहत पैकेज को भी वापस कर दिया था। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस रवैये से झटका खाए पंडित ने तत्काल प्रभाव से पद छोड़ने का फैसला किया। हालांकि पंडित और निदेशक मंडल ने सार्वजनिक रूप से यहीं दर्शाया कि पद छोड़ने का फैसला उनका अपना है। रिपोर्ट में कहा गया है कि सिटीग्रुप के चेयरमैन ओ निल ने महीनों तक पंडित को हटाने की योजना बनाई और उनकी जगह माइकल एल कॉर्बेट को नियुक्त किया। बैंक के पार्क एवेन्यू मुख्यालय में बोर्ड रूप में रची गई इस साजिश से बैंक के कई वरिष्ठ कार्यकारी भी नाराज दिखे। उनका कहना था कि पंडित को पद छोड़ने के लिए कहने की जरूरत नहीं थी, क्योंकि उन्होंने ही संघषर्रत इस बैंक को सफलतापूर्वक संकट से बाहर निकाला था। यही नहीं बैंक ने सरकार की ओर से मिले 45 अरब डॉलर के राहत पैकेज को भी वापस कर दिया था। बैंक के पार्क एवेन्यू मुख्यालय में बोर्ड रूप में रची गई इस साजिश से बैंक के कई वरिष्ठ कार्यकारी भी नाराज दिखे। उनका कहना था कि पंडित को पद छोड़ने के लिए कहने की जरूरत नहीं थी, क्योंकि उन्होंने ही संघषर्रत इस बैंक को सफलतापूर्वक संकट से बाहर निकाला था। यही नहीं बैंक ने सरकार की ओर से मिले 45 अरब डॉलर के राहत पैकेज को भी वापस कर दिया था।
सिटीग्रुप के चेयरमैन माइकल ओ निल ने भारतीय मूल के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) विक्रम पंडित को हटाने के लिए महीनों तक बोर्डरूम में साजिश रची।
26
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: नागरिक उड्डयन मंत्रालय की तरफ से किंगफिशर एयरलाइंस के लिए राहत के संकेत हैं। सूत्रों के मुताबिक फिलहाल डीजीसीए कंपनी के खिलाफ किसी कड़े कदम उठाने के पक्ष में नहीं है। हालांकि किंगफिशर की सभी उड़ानों पर निगाह रखी जा रही है ताकि यात्रियों की सुरक्षा से किसी तरह का समझौता नहीं हो। साथ ही सरकार कंपनी के सभी वित्तीय मामलों पर भी नजर बनाए हुए है। इधर, आयकर विभाग के कंपनी के खातों को डीफ्रीज करने के बाद विजय माल्या ने उम्मीद जताई है कि जल्द ही सारी समस्याओं को सुलझा लिया जाएगा। इस बाबत कंपनी के पायलटों से माल्या ने देर रात मुंबई में अपने घर पर मुलाकात भी की थी। वहीं, किंगफिशर एयरलाइंस कर्मियों ने डेडलाइन पर नर्मी दिखाई है और काम रोकनी धमकी पर फिर से विचार कर रह हैं।टिप्पणियां इससे पहले सोमवार को किंगफिशर कमर्चारियों ने कंपनी को चिट्ठी लिखकर बकाया सैलरी चुकाने का अल्टीमेटम दिया था। चिट्ठी के मुताबिक मंगलवार रात आठ बजे तक दो महीने की बकाया सैलरी का भुगतान नहीं हुआ तो कमर्चारी काम पर नहीं आएंगे। बाकी दो महीने के बकाये के लिए 20 अप्रैल तक का वक्त दिया गया था। कमर्चारियों का यह रुख़ किगफिशर मैनेजमेंट से मिलने के बाद सामने आया था। इससे पहले किंगफिशर के मालिक विजय माल्या ने जूनियर कमर्चारियों को 4 अप्रैल तक और पायलटों को नौ अप्रैल तक सैलरी देने का भरोसा दिलाया था। इधर, आयकर विभाग के कंपनी के खातों को डीफ्रीज करने के बाद विजय माल्या ने उम्मीद जताई है कि जल्द ही सारी समस्याओं को सुलझा लिया जाएगा। इस बाबत कंपनी के पायलटों से माल्या ने देर रात मुंबई में अपने घर पर मुलाकात भी की थी। वहीं, किंगफिशर एयरलाइंस कर्मियों ने डेडलाइन पर नर्मी दिखाई है और काम रोकनी धमकी पर फिर से विचार कर रह हैं।टिप्पणियां इससे पहले सोमवार को किंगफिशर कमर्चारियों ने कंपनी को चिट्ठी लिखकर बकाया सैलरी चुकाने का अल्टीमेटम दिया था। चिट्ठी के मुताबिक मंगलवार रात आठ बजे तक दो महीने की बकाया सैलरी का भुगतान नहीं हुआ तो कमर्चारी काम पर नहीं आएंगे। बाकी दो महीने के बकाये के लिए 20 अप्रैल तक का वक्त दिया गया था। कमर्चारियों का यह रुख़ किगफिशर मैनेजमेंट से मिलने के बाद सामने आया था। इससे पहले किंगफिशर के मालिक विजय माल्या ने जूनियर कमर्चारियों को 4 अप्रैल तक और पायलटों को नौ अप्रैल तक सैलरी देने का भरोसा दिलाया था। वहीं, किंगफिशर एयरलाइंस कर्मियों ने डेडलाइन पर नर्मी दिखाई है और काम रोकनी धमकी पर फिर से विचार कर रह हैं।टिप्पणियां इससे पहले सोमवार को किंगफिशर कमर्चारियों ने कंपनी को चिट्ठी लिखकर बकाया सैलरी चुकाने का अल्टीमेटम दिया था। चिट्ठी के मुताबिक मंगलवार रात आठ बजे तक दो महीने की बकाया सैलरी का भुगतान नहीं हुआ तो कमर्चारी काम पर नहीं आएंगे। बाकी दो महीने के बकाये के लिए 20 अप्रैल तक का वक्त दिया गया था। कमर्चारियों का यह रुख़ किगफिशर मैनेजमेंट से मिलने के बाद सामने आया था। इससे पहले किंगफिशर के मालिक विजय माल्या ने जूनियर कमर्चारियों को 4 अप्रैल तक और पायलटों को नौ अप्रैल तक सैलरी देने का भरोसा दिलाया था। इससे पहले सोमवार को किंगफिशर कमर्चारियों ने कंपनी को चिट्ठी लिखकर बकाया सैलरी चुकाने का अल्टीमेटम दिया था। चिट्ठी के मुताबिक मंगलवार रात आठ बजे तक दो महीने की बकाया सैलरी का भुगतान नहीं हुआ तो कमर्चारी काम पर नहीं आएंगे। बाकी दो महीने के बकाये के लिए 20 अप्रैल तक का वक्त दिया गया था। कमर्चारियों का यह रुख़ किगफिशर मैनेजमेंट से मिलने के बाद सामने आया था। इससे पहले किंगफिशर के मालिक विजय माल्या ने जूनियर कमर्चारियों को 4 अप्रैल तक और पायलटों को नौ अप्रैल तक सैलरी देने का भरोसा दिलाया था। कमर्चारियों का यह रुख़ किगफिशर मैनेजमेंट से मिलने के बाद सामने आया था। इससे पहले किंगफिशर के मालिक विजय माल्या ने जूनियर कमर्चारियों को 4 अप्रैल तक और पायलटों को नौ अप्रैल तक सैलरी देने का भरोसा दिलाया था।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: आयकर विभाग के कंपनी के खातों को डीफ्रीज करने के बाद विजय माल्या ने उम्मीद जताई है कि जल्द ही सारी समस्याओं को सुलझा लिया जाएगा।
3
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: आर्थिक चिंताओं, लड़ाई झगड़ों, संघर्ष और प्राकृतिक आपदाओं के बावजूद दुनिया चार साल पहले के मुकाबले आज भी रहने के लिए सबसे खुशहाल जगह है और इसमें इंडोनेशिया, भारत और मैक्सिको के लोग सबसे ज्यादा खुशहाल और संतुष्ट लगते हैं। दुनिया के 24 देशों में करीब 20,000 लोगों पर किए गए अध्ययन में ये परिणाम सामने आए हैं। जिन लोगों से सवाल पूछे गए उनमें से तीन चौथाई से ज्यादा ने कहा कि वह अपने जीवन से खुश हैं जबकि एक चौथाई ने अपने को ‘बहुत खुश’ बताया। सर्वेक्षण करने वाली संस्था आईपीएसओएस ग्लोबल के अनुसार वर्ष 2007 के वित्तीय संकट, लड़ाई और संघर्ष तथा अनेक प्राकृतिक आपदाओं के बावजूद दुनिया आज भी एक खुशहाल स्थल है। सर्वेक्षण के अनुसार दुनियाभर में 22 प्रतिशत लोगों ने कहा है कि वह ‘बहुत खुश’ हैं और ऐसा कहने वाले लोग इंडोनेशिया, भारत और मैक्सिको में ज्यादा हैं।टिप्पणियां दुनिया के 24 देशों में यह सर्वेक्षण किया गया। 10 में से प्रत्येक 8 यानी 77 प्रतिशत ने कहा कि वह अपने जीवन से ‘खुश’ हैं। एक चौथाई (22 प्रतिशत) ने कहा कि वह ‘बहुत खुश’ हैं। खुश और बहुत खुश ही वह पैमाना है जिससे विभिन्न देशों में नागरिकों की खुशहाली में अंतर का पता चलता है। अध्ययन के अनुसार इंडोनेशिया में सबसे ज्यादा 51 प्रतिशत लोगों ने कहा वह प्रसन्न हैं। सर्वेक्षण में उन्होंने कहा वह ‘बहुत खुश’ हैं। इसके बाद भारत और मैक्सिको का स्थान आता है जहां 43 प्रतिशत लोगों ने कहा है कि वह ‘बहुत खुश’ हैं। ब्राजील और तुर्की का इस मामले में तीसरा स्थान रहा है जहां 30 प्रतिशत लोगों ने अपनी खुशहाली का इजहार किया है। ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका प्रत्येक में 28 प्रतिशत लोगों ने ही कहा कि वह बहुत खुश हैं। दुनिया के 24 देशों में करीब 20,000 लोगों पर किए गए अध्ययन में ये परिणाम सामने आए हैं। जिन लोगों से सवाल पूछे गए उनमें से तीन चौथाई से ज्यादा ने कहा कि वह अपने जीवन से खुश हैं जबकि एक चौथाई ने अपने को ‘बहुत खुश’ बताया। सर्वेक्षण करने वाली संस्था आईपीएसओएस ग्लोबल के अनुसार वर्ष 2007 के वित्तीय संकट, लड़ाई और संघर्ष तथा अनेक प्राकृतिक आपदाओं के बावजूद दुनिया आज भी एक खुशहाल स्थल है। सर्वेक्षण के अनुसार दुनियाभर में 22 प्रतिशत लोगों ने कहा है कि वह ‘बहुत खुश’ हैं और ऐसा कहने वाले लोग इंडोनेशिया, भारत और मैक्सिको में ज्यादा हैं।टिप्पणियां दुनिया के 24 देशों में यह सर्वेक्षण किया गया। 10 में से प्रत्येक 8 यानी 77 प्रतिशत ने कहा कि वह अपने जीवन से ‘खुश’ हैं। एक चौथाई (22 प्रतिशत) ने कहा कि वह ‘बहुत खुश’ हैं। खुश और बहुत खुश ही वह पैमाना है जिससे विभिन्न देशों में नागरिकों की खुशहाली में अंतर का पता चलता है। अध्ययन के अनुसार इंडोनेशिया में सबसे ज्यादा 51 प्रतिशत लोगों ने कहा वह प्रसन्न हैं। सर्वेक्षण में उन्होंने कहा वह ‘बहुत खुश’ हैं। इसके बाद भारत और मैक्सिको का स्थान आता है जहां 43 प्रतिशत लोगों ने कहा है कि वह ‘बहुत खुश’ हैं। ब्राजील और तुर्की का इस मामले में तीसरा स्थान रहा है जहां 30 प्रतिशत लोगों ने अपनी खुशहाली का इजहार किया है। ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका प्रत्येक में 28 प्रतिशत लोगों ने ही कहा कि वह बहुत खुश हैं। सर्वेक्षण करने वाली संस्था आईपीएसओएस ग्लोबल के अनुसार वर्ष 2007 के वित्तीय संकट, लड़ाई और संघर्ष तथा अनेक प्राकृतिक आपदाओं के बावजूद दुनिया आज भी एक खुशहाल स्थल है। सर्वेक्षण के अनुसार दुनियाभर में 22 प्रतिशत लोगों ने कहा है कि वह ‘बहुत खुश’ हैं और ऐसा कहने वाले लोग इंडोनेशिया, भारत और मैक्सिको में ज्यादा हैं।टिप्पणियां दुनिया के 24 देशों में यह सर्वेक्षण किया गया। 10 में से प्रत्येक 8 यानी 77 प्रतिशत ने कहा कि वह अपने जीवन से ‘खुश’ हैं। एक चौथाई (22 प्रतिशत) ने कहा कि वह ‘बहुत खुश’ हैं। खुश और बहुत खुश ही वह पैमाना है जिससे विभिन्न देशों में नागरिकों की खुशहाली में अंतर का पता चलता है। अध्ययन के अनुसार इंडोनेशिया में सबसे ज्यादा 51 प्रतिशत लोगों ने कहा वह प्रसन्न हैं। सर्वेक्षण में उन्होंने कहा वह ‘बहुत खुश’ हैं। इसके बाद भारत और मैक्सिको का स्थान आता है जहां 43 प्रतिशत लोगों ने कहा है कि वह ‘बहुत खुश’ हैं। ब्राजील और तुर्की का इस मामले में तीसरा स्थान रहा है जहां 30 प्रतिशत लोगों ने अपनी खुशहाली का इजहार किया है। ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका प्रत्येक में 28 प्रतिशत लोगों ने ही कहा कि वह बहुत खुश हैं। दुनिया के 24 देशों में यह सर्वेक्षण किया गया। 10 में से प्रत्येक 8 यानी 77 प्रतिशत ने कहा कि वह अपने जीवन से ‘खुश’ हैं। एक चौथाई (22 प्रतिशत) ने कहा कि वह ‘बहुत खुश’ हैं। खुश और बहुत खुश ही वह पैमाना है जिससे विभिन्न देशों में नागरिकों की खुशहाली में अंतर का पता चलता है। अध्ययन के अनुसार इंडोनेशिया में सबसे ज्यादा 51 प्रतिशत लोगों ने कहा वह प्रसन्न हैं। सर्वेक्षण में उन्होंने कहा वह ‘बहुत खुश’ हैं। इसके बाद भारत और मैक्सिको का स्थान आता है जहां 43 प्रतिशत लोगों ने कहा है कि वह ‘बहुत खुश’ हैं। ब्राजील और तुर्की का इस मामले में तीसरा स्थान रहा है जहां 30 प्रतिशत लोगों ने अपनी खुशहाली का इजहार किया है। ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका प्रत्येक में 28 प्रतिशत लोगों ने ही कहा कि वह बहुत खुश हैं। अध्ययन के अनुसार इंडोनेशिया में सबसे ज्यादा 51 प्रतिशत लोगों ने कहा वह प्रसन्न हैं। सर्वेक्षण में उन्होंने कहा वह ‘बहुत खुश’ हैं। इसके बाद भारत और मैक्सिको का स्थान आता है जहां 43 प्रतिशत लोगों ने कहा है कि वह ‘बहुत खुश’ हैं। ब्राजील और तुर्की का इस मामले में तीसरा स्थान रहा है जहां 30 प्रतिशत लोगों ने अपनी खुशहाली का इजहार किया है। ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका प्रत्येक में 28 प्रतिशत लोगों ने ही कहा कि वह बहुत खुश हैं।
संक्षिप्त पाठ: आर्थिक चिंताओं, लड़ाई झगड़ों, संघर्ष और प्राकृतिक आपदाओं के बावजूद दुनिया चार साल पहले के मुकाबले आज भी रहने के लिए सबसे खुशहाल जगह है और इसमें इंडोनेशिया, भारत और मैक्सिको के लोग सबसे ज्यादा खुशहाल और संतुष्ट लगते हैं।
22
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: द्रमुक सांसद कनिमोई ने अपनी जमानत याचिका खारिज होने के तीन दिन बाद कलेंगनर टीवी के प्रबंध निदेशक शरद कुमार के साथ निचली अदालत के फैसले को दिल्ली उच्च न्यायालय में चुनौती दी। सीबीआई के विशेष न्यायाधीश ओपी सैनी ने 20 मई को कनिमोई और कुमार की जमानत याचिकाओं को खारिज कर दिया था और तत्काल गिरफ्तारी का आदेश दिया था । वे फिलहाल तिहाड़ जेल में बंद हैं। सीबीआई ने 2-जी स्पेक्ट्रम मामले में 43 वर्षीय कनिमोई और कुमार का नाम 25 अप्रैल को दायर दूसरे आरोप पत्र में आरोपी के रूप में लिया था। इसने कनिमोई पर 200 करोड़ रुपये की रिश्वत लेने का आरोप लगाया था। यह राशि कलेंगनर टीवी को गई जिसमें कनिमोई की 20 प्रतिशत हिस्सेदारी है। विशेष अदालत में कनिमाई की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता राम जेठमलानी ने इस आधार पर उन्हें रिहा करने का आग्रह किया था कि वह महिला हैं। जेठमलानी ने तर्क दिया था हत्या जैसे गंभीर मामलों में भी आरोपी को इस आधार पर रिहा किया जा सकता है कि वह एक महिला है। सीबीआई की विशेष अदालत ने हालांकि इस तर्क को मानने से इनकार कर दिया था और कहा था कि इस तरह के बड़े मामले में जमानत के लिए लैंगिक पहचान को जमानत का आधार नहीं बनाया जा सकता।
सारांश: कनिमोई ने अपनी जमानत याचिका खारिज होने के तीन दिन बाद निचली अदालत के फैसले को दिल्ली उच्च न्यायालय में चुनौती दी।
33
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: टीवी न्यूज चैनलों के रिपोर्टर अक्सर कैमरे के सामने कुछ ऐसा करते हैं ताकि दर्शकों को लगे कि वह काफी मशक्कत के साथ रिपोर्टिंग कर रहे हैं. कई बार डेयरिंग रिपोर्टिंग करने के दौरान रिपोर्टर को हादसे का भी शिकार होना पड़ता है. ऐसा ही एक घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. यह वीडियो पाकिस्तान टीवी चैनल के एक महिला रिपोर्टर का है. उर्दू इन्फॉर्मेशन लैब के यूट्यूब पेज पर 24 जून को शेयर किए गए इस वीडियो में दिख रहा है कि महिला रिपोर्टर क्रेन पर बैठकर कैमरे के सामने बोल रही है. वह करीब 30 फुट की ऊंचाई पर थी. शायद इतनी ऊंचाई के चलते महिला रिपोर्टर गश खाकर नीचे गिर गई. महिला रिपोर्टर पाकिस्तान के '92 न्यूज' की रिपोर्टर हैं. उसका नाम इरजा खान है. इस हादसे का शिकार वह उस वक्त हुई जब वह लाहौर में पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ की एक रैली को कवर कर रही थीं. टिप्पणियां पूर्व क्रिकेटर और नेता इमरान खान की रैली के भीड़ को कवर करने के लिए ये महिला रिपोर्टर एक क्रेन पर बैठी हुईं थी ताकि टॉप एंगल से तस्वीरें दिखाईं जा सके. एंकर ने रिपोर्टिंग शुरू भी कर दी. और वहां का आखों देखा हाल और तस्वीरें दर्शकों को दिखाने लगी. अभी तक तो सब कुछ ठीक था एंकर इरजा खान बता रही थी. महिला रिपोर्टर पूरी डिटेल से ये जानकारी दे रही थी कि उनकी जुबान लड़खड़ाने लगी और देखते ही देखते क्रेन से नीचे गिर पड़ीं. दिलचस्प यह है कि महिला जब क्रेन से नीचे गिरीं तो नीचे क्रेन को पकड़े खड़ा एक शख्स क्रेन के साथ ऊपर चला गया. इन दोनों घटनाओं के बाद वहां हड़कंप मच गया. लोगों ने महिला रिपोर्टर के चेहरे पर पानी छिड़का और आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल में पहुंचाया गया. गनीमत रही कि महिला रिपोर्टर को ज्यादा चोटें नहीं आई हैं. 'जरा हटके' की और खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें महिला रिपोर्टर पाकिस्तान के '92 न्यूज' की रिपोर्टर हैं. उसका नाम इरजा खान है. इस हादसे का शिकार वह उस वक्त हुई जब वह लाहौर में पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ की एक रैली को कवर कर रही थीं. टिप्पणियां पूर्व क्रिकेटर और नेता इमरान खान की रैली के भीड़ को कवर करने के लिए ये महिला रिपोर्टर एक क्रेन पर बैठी हुईं थी ताकि टॉप एंगल से तस्वीरें दिखाईं जा सके. एंकर ने रिपोर्टिंग शुरू भी कर दी. और वहां का आखों देखा हाल और तस्वीरें दर्शकों को दिखाने लगी. अभी तक तो सब कुछ ठीक था एंकर इरजा खान बता रही थी. महिला रिपोर्टर पूरी डिटेल से ये जानकारी दे रही थी कि उनकी जुबान लड़खड़ाने लगी और देखते ही देखते क्रेन से नीचे गिर पड़ीं. दिलचस्प यह है कि महिला जब क्रेन से नीचे गिरीं तो नीचे क्रेन को पकड़े खड़ा एक शख्स क्रेन के साथ ऊपर चला गया. इन दोनों घटनाओं के बाद वहां हड़कंप मच गया. लोगों ने महिला रिपोर्टर के चेहरे पर पानी छिड़का और आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल में पहुंचाया गया. गनीमत रही कि महिला रिपोर्टर को ज्यादा चोटें नहीं आई हैं. 'जरा हटके' की और खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें पूर्व क्रिकेटर और नेता इमरान खान की रैली के भीड़ को कवर करने के लिए ये महिला रिपोर्टर एक क्रेन पर बैठी हुईं थी ताकि टॉप एंगल से तस्वीरें दिखाईं जा सके. एंकर ने रिपोर्टिंग शुरू भी कर दी. और वहां का आखों देखा हाल और तस्वीरें दर्शकों को दिखाने लगी. अभी तक तो सब कुछ ठीक था एंकर इरजा खान बता रही थी. महिला रिपोर्टर पूरी डिटेल से ये जानकारी दे रही थी कि उनकी जुबान लड़खड़ाने लगी और देखते ही देखते क्रेन से नीचे गिर पड़ीं. दिलचस्प यह है कि महिला जब क्रेन से नीचे गिरीं तो नीचे क्रेन को पकड़े खड़ा एक शख्स क्रेन के साथ ऊपर चला गया. इन दोनों घटनाओं के बाद वहां हड़कंप मच गया. लोगों ने महिला रिपोर्टर के चेहरे पर पानी छिड़का और आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल में पहुंचाया गया. गनीमत रही कि महिला रिपोर्टर को ज्यादा चोटें नहीं आई हैं. 'जरा हटके' की और खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें दिलचस्प यह है कि महिला जब क्रेन से नीचे गिरीं तो नीचे क्रेन को पकड़े खड़ा एक शख्स क्रेन के साथ ऊपर चला गया. इन दोनों घटनाओं के बाद वहां हड़कंप मच गया. लोगों ने महिला रिपोर्टर के चेहरे पर पानी छिड़का और आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल में पहुंचाया गया. गनीमत रही कि महिला रिपोर्टर को ज्यादा चोटें नहीं आई हैं. 'जरा हटके' की और खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
संक्षिप्त पाठ: रैली कवर करने पहुंची थी महिला रिपोर्टर क्रेन पर बैठकर लाइव रिपोर्टिंग कर रही थी रिपोर्टर शायद ऊंचाई के चलते बेहोश होकर नीचे गिरी
22
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने बुधवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को एक खत लिखा है। अपने खत में सोनिया गांधी ने कहा है कि सरकार को दिल्ली में समाधियों पर होने वाले कार्यक्रमों में बहुत ज्यादा दिखावा और शाहखर्ची बंद करनी चाहिए और कार्यक्रमों का आयोजन इस तरह किया जाना चाहिए जिससे आम लोगों को कम से कम तकलीफ हो। सोनिया के इस खत के बाद पीएमओ यानि प्रधानमंत्री कार्यालय ने तुरंत इस पर अमल करने का फैसला करते हुए कहा है कि दिल्ली में अलग−अलग समाधियों पर होने वाले इस तरह के कार्यक्रमों में जल्द से जल्द कमी लाई जाएगी। फिलहाल सरकार के साथ कई ट्रस्ट और संगठन मिलकर 15 से ज्यादा कार्यक्रमों का आयोजन करते हैं। सोनिया के इस खत के बाद पीएमओ यानि प्रधानमंत्री कार्यालय ने तुरंत इस पर अमल करने का फैसला करते हुए कहा है कि दिल्ली में अलग−अलग समाधियों पर होने वाले इस तरह के कार्यक्रमों में जल्द से जल्द कमी लाई जाएगी। फिलहाल सरकार के साथ कई ट्रस्ट और संगठन मिलकर 15 से ज्यादा कार्यक्रमों का आयोजन करते हैं।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सोनिया गांधी ने कहा है कि सरकार को दिल्ली में समाधियों पर होने वाले कार्यक्रमों में बहुत ज्यादा दिखावा और शाहखर्ची बंद करनी चाहिए।
11
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: पंजाब एंड महाराष्ट्र कोऑपरेटिव बैंक PMC घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बृहस्पतिवार को मुंबई के पास हाउसिंग डेवलपमेंट इन्फ्रास्ट्रक्चर लि.  (HDIL) के प्रवर्तक के पांच एकड़ के बंगले को सील कर दिया है. अधिकारियों ने बताया कि  PMC बैंक के धन शोधन मामले की जांच के सिलसिले में यह कदम उठाया गया है. यह संपत्ति महाराष्ट्र के पालघर जिले के वसई उपनगर में स्थित है. यह बंगला HDIL  के प्रवर्तक का है. बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय मनी लांड्रिंग रोधक कानून (PMLA) के तहत कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच कर रहा है. इस बारे में ED ने हाल में आपराधिक मामला दर्ज किया था. प्रवर्तन निदेशालय ने इस मामले में 60 करोड़ रुपए के आभूषण, एक बिजनेस जेट, 15 कारों, 1.5 और 10 करोड़ रुपये की दो मियादी जमाओं (FD) को भी जब्त कर लिया है. ED का यह मामला मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा द्वारा दायर प्राथमिकी पर आधारित है.
संक्षिप्त सारांश: HDIL के प्रवर्तक के पांच एकड़ के बंगले को सील किया PMC बैंक के धन शोधन मामले की जांच के सिलसिले में यह कदम उठाया गया यह बंगला HDIL के प्रवर्तक का है.
0
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: आरुषि मामले में सुप्रीम कोर्ट से नूपुर तलवार को आज भी राहत नहीं मिली है। आरुषि मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि जब तक पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई चल रही है, जमानत याचिका पर सुनवाई नहीं होगी। वैसे इस केस में सुनवाई अगले हफ्ते भी जारी रहेगी। यह बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार को होगी।टिप्पणियां गौरतलब है कि इससे पहले गाजियाबाद की स्पेशल सीबीआई कोर्ट और सेशन्स कोर्ट ने नूपुर तलवार की जमानत अर्जी खारिज कर दी थी। नूपुर और उनके पति राजेश तलवार अपनी ही बेटी आरुषि तलवार और नौकर हेमराज की हत्या के मामले में आरोपी हैं। नूपुर ने अपने ऊपर लगे आरोपों को नकारते हुए उनके खिलाफ चल रहे मुकदमे को खत्म करने पर सुप्रीम कोर्ट से एक बार फिर विचार करने की गुहार लगाई है। नूपुर की रिव्यू पीटिशन पर भी आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है। नूपुर तलवार फिलहाल गाजियाबाद की डासना जेल में बंद हैं। वैसे इस केस में सुनवाई अगले हफ्ते भी जारी रहेगी। यह बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार को होगी।टिप्पणियां गौरतलब है कि इससे पहले गाजियाबाद की स्पेशल सीबीआई कोर्ट और सेशन्स कोर्ट ने नूपुर तलवार की जमानत अर्जी खारिज कर दी थी। नूपुर और उनके पति राजेश तलवार अपनी ही बेटी आरुषि तलवार और नौकर हेमराज की हत्या के मामले में आरोपी हैं। नूपुर ने अपने ऊपर लगे आरोपों को नकारते हुए उनके खिलाफ चल रहे मुकदमे को खत्म करने पर सुप्रीम कोर्ट से एक बार फिर विचार करने की गुहार लगाई है। नूपुर की रिव्यू पीटिशन पर भी आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है। नूपुर तलवार फिलहाल गाजियाबाद की डासना जेल में बंद हैं। गौरतलब है कि इससे पहले गाजियाबाद की स्पेशल सीबीआई कोर्ट और सेशन्स कोर्ट ने नूपुर तलवार की जमानत अर्जी खारिज कर दी थी। नूपुर और उनके पति राजेश तलवार अपनी ही बेटी आरुषि तलवार और नौकर हेमराज की हत्या के मामले में आरोपी हैं। नूपुर ने अपने ऊपर लगे आरोपों को नकारते हुए उनके खिलाफ चल रहे मुकदमे को खत्म करने पर सुप्रीम कोर्ट से एक बार फिर विचार करने की गुहार लगाई है। नूपुर की रिव्यू पीटिशन पर भी आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है। नूपुर तलवार फिलहाल गाजियाबाद की डासना जेल में बंद हैं। नूपुर और उनके पति राजेश तलवार अपनी ही बेटी आरुषि तलवार और नौकर हेमराज की हत्या के मामले में आरोपी हैं। नूपुर ने अपने ऊपर लगे आरोपों को नकारते हुए उनके खिलाफ चल रहे मुकदमे को खत्म करने पर सुप्रीम कोर्ट से एक बार फिर विचार करने की गुहार लगाई है। नूपुर की रिव्यू पीटिशन पर भी आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है। नूपुर तलवार फिलहाल गाजियाबाद की डासना जेल में बंद हैं।
संक्षिप्त सारांश: आरुषि मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि जब तक पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई चल रही है, जमानत याचिका पर सुनवाई नहीं होगी।
0
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: केंद्रीय दूरसंचार मंत्री कपिल सिब्बल ने मंगवार को कोलकाता में 4जी सेवा शुरू की। इस दौरान सिब्बल ने स्वीकार किया कि 2-जी सेवा की तरह 3-जी सेवा लोकप्रिय नहीं हो सकी। सिब्बल ने देश की सबसे बड़ी दूरसंचार सेवा प्रदाता कम्पनी भारती एयरटेल की ओर से 4-जी प्रौद्योगिकी पर आधारित अत्याधुनिक ब्रॉडबैंड वायरलेस एक्सेस (बीडब्ल्यूए) सेवा की शुरुआत की। भारत में इस सेवा की पहली बार शुरुआत हुई है। 2-जी और 3-जी परिवार के उन्नत रूप, 4-जी में 3-जी की तुलना में पांच गुना अधिक तीव्र सेवा मिल सकेगी। इसके जरिए हाईडेफिनेशन मोबाइल टीवी और वीडियो कान्फ्रेंसिंग भी की जा सकेगी। सिब्बल ने माना कि 3जी सेवाओं के लिए मूलभूत संरचना में निवेश तथा जरूरी उपकरणों की कमी के कारण इसे जनमानस के बीच लोकप्रिय नहीं बनाया जा सका।टिप्पणियां सिब्बल ने पत्रकारों से कहा, "हम इस उद्योग को कम कीमत की स्मार्ट फोन के निर्माण के लिए जरूरी माहौल और सुविधा मुहैया कराएंगे। बाकी काम दूरसंचार उद्योग को करना है। यह इस उद्योग के लिए चुनौती है।" "हम स्वीकार करते हैं कि 3-जी सेवा अधिक लोकप्रिय नहीं हो सकी क्योंकि इस क्षेत्र में निवेश की कमी दिखी। स्पेक्ट्रम पाने के लिए कम्पनियों ने हालांकि बड़ी रकम खर्च की। 2-जी की तरह 3जी लोकप्रिय नहीं हो सका।" सिब्बल ने देश की सबसे बड़ी दूरसंचार सेवा प्रदाता कम्पनी भारती एयरटेल की ओर से 4-जी प्रौद्योगिकी पर आधारित अत्याधुनिक ब्रॉडबैंड वायरलेस एक्सेस (बीडब्ल्यूए) सेवा की शुरुआत की। भारत में इस सेवा की पहली बार शुरुआत हुई है। 2-जी और 3-जी परिवार के उन्नत रूप, 4-जी में 3-जी की तुलना में पांच गुना अधिक तीव्र सेवा मिल सकेगी। इसके जरिए हाईडेफिनेशन मोबाइल टीवी और वीडियो कान्फ्रेंसिंग भी की जा सकेगी। सिब्बल ने माना कि 3जी सेवाओं के लिए मूलभूत संरचना में निवेश तथा जरूरी उपकरणों की कमी के कारण इसे जनमानस के बीच लोकप्रिय नहीं बनाया जा सका।टिप्पणियां सिब्बल ने पत्रकारों से कहा, "हम इस उद्योग को कम कीमत की स्मार्ट फोन के निर्माण के लिए जरूरी माहौल और सुविधा मुहैया कराएंगे। बाकी काम दूरसंचार उद्योग को करना है। यह इस उद्योग के लिए चुनौती है।" "हम स्वीकार करते हैं कि 3-जी सेवा अधिक लोकप्रिय नहीं हो सकी क्योंकि इस क्षेत्र में निवेश की कमी दिखी। स्पेक्ट्रम पाने के लिए कम्पनियों ने हालांकि बड़ी रकम खर्च की। 2-जी की तरह 3जी लोकप्रिय नहीं हो सका।" भारत में इस सेवा की पहली बार शुरुआत हुई है। 2-जी और 3-जी परिवार के उन्नत रूप, 4-जी में 3-जी की तुलना में पांच गुना अधिक तीव्र सेवा मिल सकेगी। इसके जरिए हाईडेफिनेशन मोबाइल टीवी और वीडियो कान्फ्रेंसिंग भी की जा सकेगी। सिब्बल ने माना कि 3जी सेवाओं के लिए मूलभूत संरचना में निवेश तथा जरूरी उपकरणों की कमी के कारण इसे जनमानस के बीच लोकप्रिय नहीं बनाया जा सका।टिप्पणियां सिब्बल ने पत्रकारों से कहा, "हम इस उद्योग को कम कीमत की स्मार्ट फोन के निर्माण के लिए जरूरी माहौल और सुविधा मुहैया कराएंगे। बाकी काम दूरसंचार उद्योग को करना है। यह इस उद्योग के लिए चुनौती है।" "हम स्वीकार करते हैं कि 3-जी सेवा अधिक लोकप्रिय नहीं हो सकी क्योंकि इस क्षेत्र में निवेश की कमी दिखी। स्पेक्ट्रम पाने के लिए कम्पनियों ने हालांकि बड़ी रकम खर्च की। 2-जी की तरह 3जी लोकप्रिय नहीं हो सका।" सिब्बल ने माना कि 3जी सेवाओं के लिए मूलभूत संरचना में निवेश तथा जरूरी उपकरणों की कमी के कारण इसे जनमानस के बीच लोकप्रिय नहीं बनाया जा सका।टिप्पणियां सिब्बल ने पत्रकारों से कहा, "हम इस उद्योग को कम कीमत की स्मार्ट फोन के निर्माण के लिए जरूरी माहौल और सुविधा मुहैया कराएंगे। बाकी काम दूरसंचार उद्योग को करना है। यह इस उद्योग के लिए चुनौती है।" "हम स्वीकार करते हैं कि 3-जी सेवा अधिक लोकप्रिय नहीं हो सकी क्योंकि इस क्षेत्र में निवेश की कमी दिखी। स्पेक्ट्रम पाने के लिए कम्पनियों ने हालांकि बड़ी रकम खर्च की। 2-जी की तरह 3जी लोकप्रिय नहीं हो सका।" सिब्बल ने पत्रकारों से कहा, "हम इस उद्योग को कम कीमत की स्मार्ट फोन के निर्माण के लिए जरूरी माहौल और सुविधा मुहैया कराएंगे। बाकी काम दूरसंचार उद्योग को करना है। यह इस उद्योग के लिए चुनौती है।" "हम स्वीकार करते हैं कि 3-जी सेवा अधिक लोकप्रिय नहीं हो सकी क्योंकि इस क्षेत्र में निवेश की कमी दिखी। स्पेक्ट्रम पाने के लिए कम्पनियों ने हालांकि बड़ी रकम खर्च की। 2-जी की तरह 3जी लोकप्रिय नहीं हो सका।" "हम स्वीकार करते हैं कि 3-जी सेवा अधिक लोकप्रिय नहीं हो सकी क्योंकि इस क्षेत्र में निवेश की कमी दिखी। स्पेक्ट्रम पाने के लिए कम्पनियों ने हालांकि बड़ी रकम खर्च की। 2-जी की तरह 3जी लोकप्रिय नहीं हो सका।"
सारांश: केंद्रीय दूरसंचार मंत्री कपिल सिब्बल ने मंगवार को कोलकाता में 4जी सेवा शुरू की। इस दौरान सिब्बल ने स्वीकार किया कि 2जी सेवा की तरह 3जी सेवा लोकप्रिय नहीं हो सकी।
7
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मीडिया कंपनी न्यूज कॉरपोरेशन के मालिक रूपर्ट मर्डोक उम्र में 38 साल छोटी अपनी पत्नी वेंडी डेंग से तलाक लेने जा रहे हैं। मर्डोक ने न्यूयॉर्क की अदालत में तलाक के लिए अर्जी भी दे रखी है। मर्डोक और वेंडी की शादी 1999 में हुई थी और उनके दो बच्चे हैं। चीनी मूल की वेंडी डेंग 82 साल के मर्डोक की तीसरी पत्नी हैं। खबरों के मुताबिक मर्डोक ने तलाक की अर्जी में कहा है कि उनके रिश्ते में ऐसी दरारें आ गई हैं, जिन्हें भरा नहीं जा सकता। गौरतलब है कि अपने पिछले तलाक के वक्त मर्डोक को करीब पौने दो अरब डॉलर की भारी कीमत चुकानी पड़ी थी। मर्डोक और वेंडी की शादी 1999 में हुई थी और उनके दो बच्चे हैं। चीनी मूल की वेंडी डेंग 82 साल के मर्डोक की तीसरी पत्नी हैं। खबरों के मुताबिक मर्डोक ने तलाक की अर्जी में कहा है कि उनके रिश्ते में ऐसी दरारें आ गई हैं, जिन्हें भरा नहीं जा सकता। गौरतलब है कि अपने पिछले तलाक के वक्त मर्डोक को करीब पौने दो अरब डॉलर की भारी कीमत चुकानी पड़ी थी।
संक्षिप्त पाठ: मर्डोक और चीनी मूल की वेंडी डेंग की शादी 1999 में हुई थी और उनके दो बच्चे हैं। खबरों के मुताबिक मर्डोक ने तलाक की अर्जी में कहा है कि उनके रिश्ते में ऐसी दरारें आ गई हैं, जिन्हें भरा नहीं जा सकता।
22
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: ‘कोलावरी डी’ गीत से चर्चा में आए धनुष ने एक संगीत वीडियो के जरिये मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर को सलाम किया है। धनुष ने कहा कि वह ‘बूस्ट’ के एक विज्ञापन में ‘भारत के गौरव’ तेंदुलकर के लिए गीत गाकर सम्मानित महसूस कर रहे हैं। इस 28 वर्षीय कलाकार ने कहा, ‘‘सचिन तेंदुलकर जैसी दिग्गज हस्ती के लिए गाना सम्मान की बात है। मैं खुश हूं कि मुझे इसके लिए चुना गया। वह हमारे देश के गौरव हैं। जब मुझे इस गीत का प्रस्ताव दिया गया, मैंने एक बार भी नहीं सोचा और बस इतना सोचा कि मुझे इसे करना है। मैंने इस गीत पर काफी मेहनत की और मुझे आशा है कि लोग इसका आनंद उठाएंगे।’’टिप्पणियां धनुष ने कहा, ‘‘नहीं, मैंने सचिन से मुलाकात नहीं की...मुझे नहीं लगता कि वह मुझे जानते हैं या उन्हें पता है कि मैं उनके लिए एक गीत गा रहा हूं, लेकिन मुझे आशा है कि उन्हें गीत पसंद आएगा।’’ सुपरस्टार रजनीकांत के दामाद धनुष ने साथ ही कहा कि वह सचिन के गीत को लेकर घबरा नहीं रहे हैं और उन्हें आशा है कि यह नया गीत भी ‘कोलावरी डी’ की तरह ही लोकप्रिय होगा। उन्होंने कहा, ‘‘मैं इसे लेकर घबरा नहीं रहा हूं...मैं इस बारे में नहीं सोचता कि लोग मुझसे क्या उम्मीद करते हैं और मैं केवल मेहनत करने और अपना सर्वश्रेष्ठ देने में विश्वास करता हूं।’’ धनुष ने कहा, ‘‘जब मैंने ‘कोलावरी डी’ गीत रिकॉर्ड किया था तो कभी नहीं सोचा था कि यह इतना बड़ा हिट होगा...मैंने बस अपना सर्वश्रेष्ठ दिया। मैं इस गीत को केवल सचिन और उनके प्रशंसकों के लिए गा रहा हूं।’’ हैदराबाद में विभिन्न स्थलों पर शूट हुया यह वीडियो जल्द ही लोगों के सामने आने वाला है। इस 28 वर्षीय कलाकार ने कहा, ‘‘सचिन तेंदुलकर जैसी दिग्गज हस्ती के लिए गाना सम्मान की बात है। मैं खुश हूं कि मुझे इसके लिए चुना गया। वह हमारे देश के गौरव हैं। जब मुझे इस गीत का प्रस्ताव दिया गया, मैंने एक बार भी नहीं सोचा और बस इतना सोचा कि मुझे इसे करना है। मैंने इस गीत पर काफी मेहनत की और मुझे आशा है कि लोग इसका आनंद उठाएंगे।’’टिप्पणियां धनुष ने कहा, ‘‘नहीं, मैंने सचिन से मुलाकात नहीं की...मुझे नहीं लगता कि वह मुझे जानते हैं या उन्हें पता है कि मैं उनके लिए एक गीत गा रहा हूं, लेकिन मुझे आशा है कि उन्हें गीत पसंद आएगा।’’ सुपरस्टार रजनीकांत के दामाद धनुष ने साथ ही कहा कि वह सचिन के गीत को लेकर घबरा नहीं रहे हैं और उन्हें आशा है कि यह नया गीत भी ‘कोलावरी डी’ की तरह ही लोकप्रिय होगा। उन्होंने कहा, ‘‘मैं इसे लेकर घबरा नहीं रहा हूं...मैं इस बारे में नहीं सोचता कि लोग मुझसे क्या उम्मीद करते हैं और मैं केवल मेहनत करने और अपना सर्वश्रेष्ठ देने में विश्वास करता हूं।’’ धनुष ने कहा, ‘‘जब मैंने ‘कोलावरी डी’ गीत रिकॉर्ड किया था तो कभी नहीं सोचा था कि यह इतना बड़ा हिट होगा...मैंने बस अपना सर्वश्रेष्ठ दिया। मैं इस गीत को केवल सचिन और उनके प्रशंसकों के लिए गा रहा हूं।’’ हैदराबाद में विभिन्न स्थलों पर शूट हुया यह वीडियो जल्द ही लोगों के सामने आने वाला है। धनुष ने कहा, ‘‘नहीं, मैंने सचिन से मुलाकात नहीं की...मुझे नहीं लगता कि वह मुझे जानते हैं या उन्हें पता है कि मैं उनके लिए एक गीत गा रहा हूं, लेकिन मुझे आशा है कि उन्हें गीत पसंद आएगा।’’ सुपरस्टार रजनीकांत के दामाद धनुष ने साथ ही कहा कि वह सचिन के गीत को लेकर घबरा नहीं रहे हैं और उन्हें आशा है कि यह नया गीत भी ‘कोलावरी डी’ की तरह ही लोकप्रिय होगा। उन्होंने कहा, ‘‘मैं इसे लेकर घबरा नहीं रहा हूं...मैं इस बारे में नहीं सोचता कि लोग मुझसे क्या उम्मीद करते हैं और मैं केवल मेहनत करने और अपना सर्वश्रेष्ठ देने में विश्वास करता हूं।’’ धनुष ने कहा, ‘‘जब मैंने ‘कोलावरी डी’ गीत रिकॉर्ड किया था तो कभी नहीं सोचा था कि यह इतना बड़ा हिट होगा...मैंने बस अपना सर्वश्रेष्ठ दिया। मैं इस गीत को केवल सचिन और उनके प्रशंसकों के लिए गा रहा हूं।’’ हैदराबाद में विभिन्न स्थलों पर शूट हुया यह वीडियो जल्द ही लोगों के सामने आने वाला है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं इसे लेकर घबरा नहीं रहा हूं...मैं इस बारे में नहीं सोचता कि लोग मुझसे क्या उम्मीद करते हैं और मैं केवल मेहनत करने और अपना सर्वश्रेष्ठ देने में विश्वास करता हूं।’’ धनुष ने कहा, ‘‘जब मैंने ‘कोलावरी डी’ गीत रिकॉर्ड किया था तो कभी नहीं सोचा था कि यह इतना बड़ा हिट होगा...मैंने बस अपना सर्वश्रेष्ठ दिया। मैं इस गीत को केवल सचिन और उनके प्रशंसकों के लिए गा रहा हूं।’’ हैदराबाद में विभिन्न स्थलों पर शूट हुया यह वीडियो जल्द ही लोगों के सामने आने वाला है।
यह एक सारांश है: ‘कोलावरी डी’ गीत से चर्चा में आए कलाकार धनुष ने एक संगीत वीडियो के जरिये मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर को सलाम किया है।
9
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष के रूप में मिली अपनी नई भूमिका के लिए समर्थन हासिल करने के मकसद से मंगलवार को पार्टी के 'भीष्म पितामह' लालकृष्ण आडवाणी से मुलाकात की। पार्टी में मोदी को मिली इस नई जिम्मेदारी ने भाजपा के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (राजग) को विभाजित कर दिया है। मोदी, इन दिनों अस्वस्थ चल रहे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को भी देखने गए और उन्होंने वरिष्ठ पार्टी नेता मुरली मनोहर जोशी से भी मुलाकात की। आडवाणी के एक नजदीकी सूत्र ने बताया कि दोनों नेताओं के बीच बैठक अच्छी रही तथा सकारात्मक परिणाम वाली रही। आडवाणी के निवास पर दोनों नेताओं के बीच 45 मिनट तक चली बैठक के बाद हालांकि किसी तरह का आधिकारिक बयान नहीं आया। पार्टी सूत्रों का कहना है कि मोदी ने कथित तौर पर राजग के विभाजन सहित वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों पर चर्चा की। मोदी को प्रचार समिति का अध्यक्ष बनाए जाने के बाद जनता दल (युनाइटेड) ने राजग से नाता तोड़ लिया है। जद(यू) ने बिहार में गठबंधन सरकार से भी भाजपा को बाहर कर दिया। पूर्व उप प्रधानमंत्री आडवाणी ने पार्टी के अधिकांश नेताओं पर व्यक्तिगत हितसाधन में लगे होने का आरोप लगाते हुए पिछले दिनों पार्टी पदों से इस्तीफा देकर सबको चौंका दिया था। इस घटना के बाद आडवाणी और मोदी के बीच यह पहली मुलाकात है। आडवाणी के विरोध के बावजूद गोवा में मोदी को पार्टी प्रचार समिति का अध्यक्ष बनाए जाने के एक दिन बाद ही आडवाणी ने पार्टी पर ये आरोप लगाए थे। माना जाता है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) द्वारा हस्तक्षेप किए जाने के बाद आडवाणी ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया। सूत्रों ने कहा है कि मुलाकात के दौरान मोदी ने आडवाणी से कहा कि वह भाजपा के मार्गदर्शक रहे हैं तथा 2014 के आम चुनावों में भी पार्टी को उनका मार्गदर्शन चाहिए, ताकि बेहतर परिणामों की आस फलीभूत हो। सूत्रों के अनुसार, मोदी ने आडवाणी को आश्वस्त किया कि सहयोगियों के बगैर भाजपा 2014 का लोकसभा चुनाव जीतेगी।टिप्पणियां मोदी ने मंगलवार को वाजपेयी के निवास पर लगभग एक घंटा बिताया किया। इस बीच कांग्रेस नेता तथा सूचना एवं प्रासरण मंत्री मनीष तिवारी ने मंगलवार को कहा कि "भाजपा में 'गृहयुद्ध' शुरू हो गया है। देखिए, आगे क्या होता है।" पार्टी में मोदी को मिली इस नई जिम्मेदारी ने भाजपा के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (राजग) को विभाजित कर दिया है। मोदी, इन दिनों अस्वस्थ चल रहे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को भी देखने गए और उन्होंने वरिष्ठ पार्टी नेता मुरली मनोहर जोशी से भी मुलाकात की। आडवाणी के एक नजदीकी सूत्र ने बताया कि दोनों नेताओं के बीच बैठक अच्छी रही तथा सकारात्मक परिणाम वाली रही। आडवाणी के निवास पर दोनों नेताओं के बीच 45 मिनट तक चली बैठक के बाद हालांकि किसी तरह का आधिकारिक बयान नहीं आया। पार्टी सूत्रों का कहना है कि मोदी ने कथित तौर पर राजग के विभाजन सहित वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों पर चर्चा की। मोदी को प्रचार समिति का अध्यक्ष बनाए जाने के बाद जनता दल (युनाइटेड) ने राजग से नाता तोड़ लिया है। जद(यू) ने बिहार में गठबंधन सरकार से भी भाजपा को बाहर कर दिया। पूर्व उप प्रधानमंत्री आडवाणी ने पार्टी के अधिकांश नेताओं पर व्यक्तिगत हितसाधन में लगे होने का आरोप लगाते हुए पिछले दिनों पार्टी पदों से इस्तीफा देकर सबको चौंका दिया था। इस घटना के बाद आडवाणी और मोदी के बीच यह पहली मुलाकात है। आडवाणी के विरोध के बावजूद गोवा में मोदी को पार्टी प्रचार समिति का अध्यक्ष बनाए जाने के एक दिन बाद ही आडवाणी ने पार्टी पर ये आरोप लगाए थे। माना जाता है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) द्वारा हस्तक्षेप किए जाने के बाद आडवाणी ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया। सूत्रों ने कहा है कि मुलाकात के दौरान मोदी ने आडवाणी से कहा कि वह भाजपा के मार्गदर्शक रहे हैं तथा 2014 के आम चुनावों में भी पार्टी को उनका मार्गदर्शन चाहिए, ताकि बेहतर परिणामों की आस फलीभूत हो। सूत्रों के अनुसार, मोदी ने आडवाणी को आश्वस्त किया कि सहयोगियों के बगैर भाजपा 2014 का लोकसभा चुनाव जीतेगी।टिप्पणियां मोदी ने मंगलवार को वाजपेयी के निवास पर लगभग एक घंटा बिताया किया। इस बीच कांग्रेस नेता तथा सूचना एवं प्रासरण मंत्री मनीष तिवारी ने मंगलवार को कहा कि "भाजपा में 'गृहयुद्ध' शुरू हो गया है। देखिए, आगे क्या होता है।" मोदी, इन दिनों अस्वस्थ चल रहे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को भी देखने गए और उन्होंने वरिष्ठ पार्टी नेता मुरली मनोहर जोशी से भी मुलाकात की। आडवाणी के एक नजदीकी सूत्र ने बताया कि दोनों नेताओं के बीच बैठक अच्छी रही तथा सकारात्मक परिणाम वाली रही। आडवाणी के निवास पर दोनों नेताओं के बीच 45 मिनट तक चली बैठक के बाद हालांकि किसी तरह का आधिकारिक बयान नहीं आया। पार्टी सूत्रों का कहना है कि मोदी ने कथित तौर पर राजग के विभाजन सहित वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों पर चर्चा की। मोदी को प्रचार समिति का अध्यक्ष बनाए जाने के बाद जनता दल (युनाइटेड) ने राजग से नाता तोड़ लिया है। जद(यू) ने बिहार में गठबंधन सरकार से भी भाजपा को बाहर कर दिया। पूर्व उप प्रधानमंत्री आडवाणी ने पार्टी के अधिकांश नेताओं पर व्यक्तिगत हितसाधन में लगे होने का आरोप लगाते हुए पिछले दिनों पार्टी पदों से इस्तीफा देकर सबको चौंका दिया था। इस घटना के बाद आडवाणी और मोदी के बीच यह पहली मुलाकात है। आडवाणी के विरोध के बावजूद गोवा में मोदी को पार्टी प्रचार समिति का अध्यक्ष बनाए जाने के एक दिन बाद ही आडवाणी ने पार्टी पर ये आरोप लगाए थे। माना जाता है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) द्वारा हस्तक्षेप किए जाने के बाद आडवाणी ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया। सूत्रों ने कहा है कि मुलाकात के दौरान मोदी ने आडवाणी से कहा कि वह भाजपा के मार्गदर्शक रहे हैं तथा 2014 के आम चुनावों में भी पार्टी को उनका मार्गदर्शन चाहिए, ताकि बेहतर परिणामों की आस फलीभूत हो। सूत्रों के अनुसार, मोदी ने आडवाणी को आश्वस्त किया कि सहयोगियों के बगैर भाजपा 2014 का लोकसभा चुनाव जीतेगी।टिप्पणियां मोदी ने मंगलवार को वाजपेयी के निवास पर लगभग एक घंटा बिताया किया। इस बीच कांग्रेस नेता तथा सूचना एवं प्रासरण मंत्री मनीष तिवारी ने मंगलवार को कहा कि "भाजपा में 'गृहयुद्ध' शुरू हो गया है। देखिए, आगे क्या होता है।" आडवाणी के एक नजदीकी सूत्र ने बताया कि दोनों नेताओं के बीच बैठक अच्छी रही तथा सकारात्मक परिणाम वाली रही। आडवाणी के निवास पर दोनों नेताओं के बीच 45 मिनट तक चली बैठक के बाद हालांकि किसी तरह का आधिकारिक बयान नहीं आया। पार्टी सूत्रों का कहना है कि मोदी ने कथित तौर पर राजग के विभाजन सहित वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों पर चर्चा की। मोदी को प्रचार समिति का अध्यक्ष बनाए जाने के बाद जनता दल (युनाइटेड) ने राजग से नाता तोड़ लिया है। जद(यू) ने बिहार में गठबंधन सरकार से भी भाजपा को बाहर कर दिया। पूर्व उप प्रधानमंत्री आडवाणी ने पार्टी के अधिकांश नेताओं पर व्यक्तिगत हितसाधन में लगे होने का आरोप लगाते हुए पिछले दिनों पार्टी पदों से इस्तीफा देकर सबको चौंका दिया था। इस घटना के बाद आडवाणी और मोदी के बीच यह पहली मुलाकात है। आडवाणी के विरोध के बावजूद गोवा में मोदी को पार्टी प्रचार समिति का अध्यक्ष बनाए जाने के एक दिन बाद ही आडवाणी ने पार्टी पर ये आरोप लगाए थे। माना जाता है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) द्वारा हस्तक्षेप किए जाने के बाद आडवाणी ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया। सूत्रों ने कहा है कि मुलाकात के दौरान मोदी ने आडवाणी से कहा कि वह भाजपा के मार्गदर्शक रहे हैं तथा 2014 के आम चुनावों में भी पार्टी को उनका मार्गदर्शन चाहिए, ताकि बेहतर परिणामों की आस फलीभूत हो। सूत्रों के अनुसार, मोदी ने आडवाणी को आश्वस्त किया कि सहयोगियों के बगैर भाजपा 2014 का लोकसभा चुनाव जीतेगी।टिप्पणियां मोदी ने मंगलवार को वाजपेयी के निवास पर लगभग एक घंटा बिताया किया। इस बीच कांग्रेस नेता तथा सूचना एवं प्रासरण मंत्री मनीष तिवारी ने मंगलवार को कहा कि "भाजपा में 'गृहयुद्ध' शुरू हो गया है। देखिए, आगे क्या होता है।" आडवाणी के निवास पर दोनों नेताओं के बीच 45 मिनट तक चली बैठक के बाद हालांकि किसी तरह का आधिकारिक बयान नहीं आया। पार्टी सूत्रों का कहना है कि मोदी ने कथित तौर पर राजग के विभाजन सहित वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों पर चर्चा की। मोदी को प्रचार समिति का अध्यक्ष बनाए जाने के बाद जनता दल (युनाइटेड) ने राजग से नाता तोड़ लिया है। जद(यू) ने बिहार में गठबंधन सरकार से भी भाजपा को बाहर कर दिया। पूर्व उप प्रधानमंत्री आडवाणी ने पार्टी के अधिकांश नेताओं पर व्यक्तिगत हितसाधन में लगे होने का आरोप लगाते हुए पिछले दिनों पार्टी पदों से इस्तीफा देकर सबको चौंका दिया था। इस घटना के बाद आडवाणी और मोदी के बीच यह पहली मुलाकात है। आडवाणी के विरोध के बावजूद गोवा में मोदी को पार्टी प्रचार समिति का अध्यक्ष बनाए जाने के एक दिन बाद ही आडवाणी ने पार्टी पर ये आरोप लगाए थे। माना जाता है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) द्वारा हस्तक्षेप किए जाने के बाद आडवाणी ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया। सूत्रों ने कहा है कि मुलाकात के दौरान मोदी ने आडवाणी से कहा कि वह भाजपा के मार्गदर्शक रहे हैं तथा 2014 के आम चुनावों में भी पार्टी को उनका मार्गदर्शन चाहिए, ताकि बेहतर परिणामों की आस फलीभूत हो। सूत्रों के अनुसार, मोदी ने आडवाणी को आश्वस्त किया कि सहयोगियों के बगैर भाजपा 2014 का लोकसभा चुनाव जीतेगी।टिप्पणियां मोदी ने मंगलवार को वाजपेयी के निवास पर लगभग एक घंटा बिताया किया। इस बीच कांग्रेस नेता तथा सूचना एवं प्रासरण मंत्री मनीष तिवारी ने मंगलवार को कहा कि "भाजपा में 'गृहयुद्ध' शुरू हो गया है। देखिए, आगे क्या होता है।" पार्टी सूत्रों का कहना है कि मोदी ने कथित तौर पर राजग के विभाजन सहित वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों पर चर्चा की। मोदी को प्रचार समिति का अध्यक्ष बनाए जाने के बाद जनता दल (युनाइटेड) ने राजग से नाता तोड़ लिया है। जद(यू) ने बिहार में गठबंधन सरकार से भी भाजपा को बाहर कर दिया। पूर्व उप प्रधानमंत्री आडवाणी ने पार्टी के अधिकांश नेताओं पर व्यक्तिगत हितसाधन में लगे होने का आरोप लगाते हुए पिछले दिनों पार्टी पदों से इस्तीफा देकर सबको चौंका दिया था। इस घटना के बाद आडवाणी और मोदी के बीच यह पहली मुलाकात है। आडवाणी के विरोध के बावजूद गोवा में मोदी को पार्टी प्रचार समिति का अध्यक्ष बनाए जाने के एक दिन बाद ही आडवाणी ने पार्टी पर ये आरोप लगाए थे। माना जाता है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) द्वारा हस्तक्षेप किए जाने के बाद आडवाणी ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया। सूत्रों ने कहा है कि मुलाकात के दौरान मोदी ने आडवाणी से कहा कि वह भाजपा के मार्गदर्शक रहे हैं तथा 2014 के आम चुनावों में भी पार्टी को उनका मार्गदर्शन चाहिए, ताकि बेहतर परिणामों की आस फलीभूत हो। सूत्रों के अनुसार, मोदी ने आडवाणी को आश्वस्त किया कि सहयोगियों के बगैर भाजपा 2014 का लोकसभा चुनाव जीतेगी।टिप्पणियां मोदी ने मंगलवार को वाजपेयी के निवास पर लगभग एक घंटा बिताया किया। इस बीच कांग्रेस नेता तथा सूचना एवं प्रासरण मंत्री मनीष तिवारी ने मंगलवार को कहा कि "भाजपा में 'गृहयुद्ध' शुरू हो गया है। देखिए, आगे क्या होता है।" मोदी को प्रचार समिति का अध्यक्ष बनाए जाने के बाद जनता दल (युनाइटेड) ने राजग से नाता तोड़ लिया है। जद(यू) ने बिहार में गठबंधन सरकार से भी भाजपा को बाहर कर दिया। पूर्व उप प्रधानमंत्री आडवाणी ने पार्टी के अधिकांश नेताओं पर व्यक्तिगत हितसाधन में लगे होने का आरोप लगाते हुए पिछले दिनों पार्टी पदों से इस्तीफा देकर सबको चौंका दिया था। इस घटना के बाद आडवाणी और मोदी के बीच यह पहली मुलाकात है। आडवाणी के विरोध के बावजूद गोवा में मोदी को पार्टी प्रचार समिति का अध्यक्ष बनाए जाने के एक दिन बाद ही आडवाणी ने पार्टी पर ये आरोप लगाए थे। माना जाता है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) द्वारा हस्तक्षेप किए जाने के बाद आडवाणी ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया। सूत्रों ने कहा है कि मुलाकात के दौरान मोदी ने आडवाणी से कहा कि वह भाजपा के मार्गदर्शक रहे हैं तथा 2014 के आम चुनावों में भी पार्टी को उनका मार्गदर्शन चाहिए, ताकि बेहतर परिणामों की आस फलीभूत हो। सूत्रों के अनुसार, मोदी ने आडवाणी को आश्वस्त किया कि सहयोगियों के बगैर भाजपा 2014 का लोकसभा चुनाव जीतेगी।टिप्पणियां मोदी ने मंगलवार को वाजपेयी के निवास पर लगभग एक घंटा बिताया किया। इस बीच कांग्रेस नेता तथा सूचना एवं प्रासरण मंत्री मनीष तिवारी ने मंगलवार को कहा कि "भाजपा में 'गृहयुद्ध' शुरू हो गया है। देखिए, आगे क्या होता है।" पूर्व उप प्रधानमंत्री आडवाणी ने पार्टी के अधिकांश नेताओं पर व्यक्तिगत हितसाधन में लगे होने का आरोप लगाते हुए पिछले दिनों पार्टी पदों से इस्तीफा देकर सबको चौंका दिया था। इस घटना के बाद आडवाणी और मोदी के बीच यह पहली मुलाकात है। आडवाणी के विरोध के बावजूद गोवा में मोदी को पार्टी प्रचार समिति का अध्यक्ष बनाए जाने के एक दिन बाद ही आडवाणी ने पार्टी पर ये आरोप लगाए थे। माना जाता है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) द्वारा हस्तक्षेप किए जाने के बाद आडवाणी ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया। सूत्रों ने कहा है कि मुलाकात के दौरान मोदी ने आडवाणी से कहा कि वह भाजपा के मार्गदर्शक रहे हैं तथा 2014 के आम चुनावों में भी पार्टी को उनका मार्गदर्शन चाहिए, ताकि बेहतर परिणामों की आस फलीभूत हो। सूत्रों के अनुसार, मोदी ने आडवाणी को आश्वस्त किया कि सहयोगियों के बगैर भाजपा 2014 का लोकसभा चुनाव जीतेगी।टिप्पणियां मोदी ने मंगलवार को वाजपेयी के निवास पर लगभग एक घंटा बिताया किया। इस बीच कांग्रेस नेता तथा सूचना एवं प्रासरण मंत्री मनीष तिवारी ने मंगलवार को कहा कि "भाजपा में 'गृहयुद्ध' शुरू हो गया है। देखिए, आगे क्या होता है।" आडवाणी के विरोध के बावजूद गोवा में मोदी को पार्टी प्रचार समिति का अध्यक्ष बनाए जाने के एक दिन बाद ही आडवाणी ने पार्टी पर ये आरोप लगाए थे। माना जाता है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) द्वारा हस्तक्षेप किए जाने के बाद आडवाणी ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया। सूत्रों ने कहा है कि मुलाकात के दौरान मोदी ने आडवाणी से कहा कि वह भाजपा के मार्गदर्शक रहे हैं तथा 2014 के आम चुनावों में भी पार्टी को उनका मार्गदर्शन चाहिए, ताकि बेहतर परिणामों की आस फलीभूत हो। सूत्रों के अनुसार, मोदी ने आडवाणी को आश्वस्त किया कि सहयोगियों के बगैर भाजपा 2014 का लोकसभा चुनाव जीतेगी।टिप्पणियां मोदी ने मंगलवार को वाजपेयी के निवास पर लगभग एक घंटा बिताया किया। इस बीच कांग्रेस नेता तथा सूचना एवं प्रासरण मंत्री मनीष तिवारी ने मंगलवार को कहा कि "भाजपा में 'गृहयुद्ध' शुरू हो गया है। देखिए, आगे क्या होता है।" माना जाता है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) द्वारा हस्तक्षेप किए जाने के बाद आडवाणी ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया। सूत्रों ने कहा है कि मुलाकात के दौरान मोदी ने आडवाणी से कहा कि वह भाजपा के मार्गदर्शक रहे हैं तथा 2014 के आम चुनावों में भी पार्टी को उनका मार्गदर्शन चाहिए, ताकि बेहतर परिणामों की आस फलीभूत हो। सूत्रों के अनुसार, मोदी ने आडवाणी को आश्वस्त किया कि सहयोगियों के बगैर भाजपा 2014 का लोकसभा चुनाव जीतेगी।टिप्पणियां मोदी ने मंगलवार को वाजपेयी के निवास पर लगभग एक घंटा बिताया किया। इस बीच कांग्रेस नेता तथा सूचना एवं प्रासरण मंत्री मनीष तिवारी ने मंगलवार को कहा कि "भाजपा में 'गृहयुद्ध' शुरू हो गया है। देखिए, आगे क्या होता है।" सूत्रों ने कहा है कि मुलाकात के दौरान मोदी ने आडवाणी से कहा कि वह भाजपा के मार्गदर्शक रहे हैं तथा 2014 के आम चुनावों में भी पार्टी को उनका मार्गदर्शन चाहिए, ताकि बेहतर परिणामों की आस फलीभूत हो। सूत्रों के अनुसार, मोदी ने आडवाणी को आश्वस्त किया कि सहयोगियों के बगैर भाजपा 2014 का लोकसभा चुनाव जीतेगी।टिप्पणियां मोदी ने मंगलवार को वाजपेयी के निवास पर लगभग एक घंटा बिताया किया। इस बीच कांग्रेस नेता तथा सूचना एवं प्रासरण मंत्री मनीष तिवारी ने मंगलवार को कहा कि "भाजपा में 'गृहयुद्ध' शुरू हो गया है। देखिए, आगे क्या होता है।" सूत्रों के अनुसार, मोदी ने आडवाणी को आश्वस्त किया कि सहयोगियों के बगैर भाजपा 2014 का लोकसभा चुनाव जीतेगी।टिप्पणियां मोदी ने मंगलवार को वाजपेयी के निवास पर लगभग एक घंटा बिताया किया। इस बीच कांग्रेस नेता तथा सूचना एवं प्रासरण मंत्री मनीष तिवारी ने मंगलवार को कहा कि "भाजपा में 'गृहयुद्ध' शुरू हो गया है। देखिए, आगे क्या होता है।" मोदी ने मंगलवार को वाजपेयी के निवास पर लगभग एक घंटा बिताया किया। इस बीच कांग्रेस नेता तथा सूचना एवं प्रासरण मंत्री मनीष तिवारी ने मंगलवार को कहा कि "भाजपा में 'गृहयुद्ध' शुरू हो गया है। देखिए, आगे क्या होता है।" इस बीच कांग्रेस नेता तथा सूचना एवं प्रासरण मंत्री मनीष तिवारी ने मंगलवार को कहा कि "भाजपा में 'गृहयुद्ध' शुरू हो गया है। देखिए, आगे क्या होता है।"
गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष के रूप में मिली अपनी नई भूमिका के लिए समर्थन हासिल करने के मकसद से मंगलवार को पार्टी के 'भीष्म पितामह' लालकृष्ण आडवाणी से मुलाकात की।
28
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: प्रसिद्ध फिल्मकार प्रकाश झा को बिड़ला समूह की कंपनियों से उनकी आगामी फिल्म ‘चक्रव्यूह’ के एक गीत के विवादास्पद बोल को लेकर कानूनी नोटिस मिला है। हालांकि, उन्होंने जोर दिया कि उनकी मंशा किसी का अपमान करने की नहीं थी। झा ने कहा, ‘हां। हमें उनसे कानूनी नोटिस मिला है। चूंकि यह कानूनी मामला है इसलिए हमारी कानूनी टीम इसे देख रही है। हम उन्हें जवाब देंगे।’टिप्पणियां फिल्म में गीत के बोल इस प्रकार हैं, ‘बिड़ला हो या टाटा, अंबानी हो या बाटा, सबने अपने चक्कर में देश को है काटा। अरे हमरे ही खून से इनका इंजन चले धकाधक।’ अपने नाम को गलत तरीके से रखे जाने पर आपत्ति जताते हुए बिड़ला ने झा को कानूनी नोटिस भेजा है। झा ने कहा, ‘हां। हमें उनसे कानूनी नोटिस मिला है। चूंकि यह कानूनी मामला है इसलिए हमारी कानूनी टीम इसे देख रही है। हम उन्हें जवाब देंगे।’टिप्पणियां फिल्म में गीत के बोल इस प्रकार हैं, ‘बिड़ला हो या टाटा, अंबानी हो या बाटा, सबने अपने चक्कर में देश को है काटा। अरे हमरे ही खून से इनका इंजन चले धकाधक।’ अपने नाम को गलत तरीके से रखे जाने पर आपत्ति जताते हुए बिड़ला ने झा को कानूनी नोटिस भेजा है। फिल्म में गीत के बोल इस प्रकार हैं, ‘बिड़ला हो या टाटा, अंबानी हो या बाटा, सबने अपने चक्कर में देश को है काटा। अरे हमरे ही खून से इनका इंजन चले धकाधक।’ अपने नाम को गलत तरीके से रखे जाने पर आपत्ति जताते हुए बिड़ला ने झा को कानूनी नोटिस भेजा है। अपने नाम को गलत तरीके से रखे जाने पर आपत्ति जताते हुए बिड़ला ने झा को कानूनी नोटिस भेजा है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: प्रसिद्ध फिल्मकार प्रकाश झा को बिड़ला समूह की कंपनियों से उनकी आगामी फिल्म ‘चक्रव्यूह’ के एक गीत के विवादास्पद बोल को लेकर कानूनी नोटिस मिला है। हालांकि, उन्होंने जोर दिया कि उनकी मंशा किसी का अपमान करने की नहीं थी।
25
['hin']
एक सारांश बनाओ: उच्चतम न्यायालय ने वाहन क्षेत्र की कंपनी टाटा मोटर्स की गैर कृषि उपकर को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी है। पुणे, पिंपरी के स्थानीय प्रशासन ने कंपनी पर यह उपकर लगाया है। यहीं पर कंपनी का वाहन विनिर्माण संयंत्र है। टाटा मोटर्स की याचिका को खारिज करते हुए न्यायमूर्ति आरवी रविंद्रन तथा एके पटनायक की पीठ ने कहा कि स्थानीय विभाग के पास कंपनी पर गैर कृषि उपकर लगाने का अधिकार है। शीर्ष न्यायालय ने इस बारे में बंबई उच्च न्यायालय के उस आदेश को उचित ठहराया जिसमें टाटा के उस दावे को खारिज कर दिया गया था कि कंपनी के संयंत्र पर उपकर नहीं लगाया जा सकता है, क्योंकि यह सरकारी लीज की भूमि पर है। कंपनी ने दलील थी कि विकास प्राधिकरण के किरायेदार या सरकारी लीजधारक को गैर कृषि उपकर नहीं देना होता है। टाटा मोटर्स ने महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम तथा पिंपरी चिंचवाड़ न्यू टाउन विकास प्राधिकरण से अपने कारखाने के लिए यह जमीन 1997 में पट्टे पर ली थी और यहां 1999 में उत्पादन शुरू किया था। हालांकि, 26 फरवरी 2002 को गर कामगार तलाथी, चिखली की स्थानीय ग्राम पंचायत ने कंपनी को नोटिस भेजकर 1996 से 45 लाख रुपये का गैर कृषि उपकर चुकाने को कहा था। कंपनी ने इसे उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी।
संक्षिप्त सारांश: उच्चतम न्यायालय ने वाहन क्षेत्र की कंपनी टाटा मोटर्स की गैर कृषि उपकर को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी है।
8
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: आईसीसी ट्वेंटी-20 विश्वकप में भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग के बीच मतभेदों की रिपोर्टों को खारिज करते हुए आईपीएल आयुक्त राजीव शुक्ला ने इसे मीडिया की देन करार दिया। उन्होंने कहा कि सुपर-8 चरण मैच में भारतीय टीम शुक्रवार को इसलिए हारी, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया की टीम ने अच्छा खेल दिखाया। उत्तर प्रदेश क्रिकेट संघ की वार्षिक बैठक में भाग लेने आए शुक्ला ने कहा कि भारतीय टीम निरंतर अच्छा प्रदर्शन कर रही है और खिलाड़ी काफी मेहनत कर रहे हैं। सहवाग को नहीं खिलाए जाने और कप्तान धोनी से उनकी तनातनी के सवाल पर राजीव शुक्ला ने कहा, यह मीडिया की उड़ाई हुई खबर है। दोनों टीम के सीनियर खिलाड़ी हैं और दोनों के बीच किसी तरह का कोई विवाद नही है। यह मीडिया पर है कि कब किन-किन खिलाड़ियों के बीच झगड़ा करा दे।टिप्पणियां उन्होंने कहा, जहां तक सहवाग को मैच में नहीं खिलाए जाने का सवाल है, तो अंतिम फैसला टीम का कप्तान लेता है कि आखिरी 11 खिलाड़ी कौन होंगे और कौन टीम के लिए बेहतर प्रदर्शन कर सकता है। शुक्रवार के मैच में भारत की ऑस्ट्रेलिया के हाथों हुई शर्मनाक हार के सवाल पर राजीव शुक्ला ने कहा, ऑस्ट्रेलिया की टीम ने बहुत ही अच्छा प्रदर्शन किया, इसलिए वह मैच जीते। टीम इंडिया इससे पहले के दो मैचों में अच्छा प्रदर्शन कर चुकी है और हमें उम्मीद है कि वह भविष्य के मैचों में भी अच्छा प्रदर्शन करेंगी। उन्होंने कहा कि सुपर-8 चरण मैच में भारतीय टीम शुक्रवार को इसलिए हारी, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया की टीम ने अच्छा खेल दिखाया। उत्तर प्रदेश क्रिकेट संघ की वार्षिक बैठक में भाग लेने आए शुक्ला ने कहा कि भारतीय टीम निरंतर अच्छा प्रदर्शन कर रही है और खिलाड़ी काफी मेहनत कर रहे हैं। सहवाग को नहीं खिलाए जाने और कप्तान धोनी से उनकी तनातनी के सवाल पर राजीव शुक्ला ने कहा, यह मीडिया की उड़ाई हुई खबर है। दोनों टीम के सीनियर खिलाड़ी हैं और दोनों के बीच किसी तरह का कोई विवाद नही है। यह मीडिया पर है कि कब किन-किन खिलाड़ियों के बीच झगड़ा करा दे।टिप्पणियां उन्होंने कहा, जहां तक सहवाग को मैच में नहीं खिलाए जाने का सवाल है, तो अंतिम फैसला टीम का कप्तान लेता है कि आखिरी 11 खिलाड़ी कौन होंगे और कौन टीम के लिए बेहतर प्रदर्शन कर सकता है। शुक्रवार के मैच में भारत की ऑस्ट्रेलिया के हाथों हुई शर्मनाक हार के सवाल पर राजीव शुक्ला ने कहा, ऑस्ट्रेलिया की टीम ने बहुत ही अच्छा प्रदर्शन किया, इसलिए वह मैच जीते। टीम इंडिया इससे पहले के दो मैचों में अच्छा प्रदर्शन कर चुकी है और हमें उम्मीद है कि वह भविष्य के मैचों में भी अच्छा प्रदर्शन करेंगी। सहवाग को नहीं खिलाए जाने और कप्तान धोनी से उनकी तनातनी के सवाल पर राजीव शुक्ला ने कहा, यह मीडिया की उड़ाई हुई खबर है। दोनों टीम के सीनियर खिलाड़ी हैं और दोनों के बीच किसी तरह का कोई विवाद नही है। यह मीडिया पर है कि कब किन-किन खिलाड़ियों के बीच झगड़ा करा दे।टिप्पणियां उन्होंने कहा, जहां तक सहवाग को मैच में नहीं खिलाए जाने का सवाल है, तो अंतिम फैसला टीम का कप्तान लेता है कि आखिरी 11 खिलाड़ी कौन होंगे और कौन टीम के लिए बेहतर प्रदर्शन कर सकता है। शुक्रवार के मैच में भारत की ऑस्ट्रेलिया के हाथों हुई शर्मनाक हार के सवाल पर राजीव शुक्ला ने कहा, ऑस्ट्रेलिया की टीम ने बहुत ही अच्छा प्रदर्शन किया, इसलिए वह मैच जीते। टीम इंडिया इससे पहले के दो मैचों में अच्छा प्रदर्शन कर चुकी है और हमें उम्मीद है कि वह भविष्य के मैचों में भी अच्छा प्रदर्शन करेंगी। उन्होंने कहा, जहां तक सहवाग को मैच में नहीं खिलाए जाने का सवाल है, तो अंतिम फैसला टीम का कप्तान लेता है कि आखिरी 11 खिलाड़ी कौन होंगे और कौन टीम के लिए बेहतर प्रदर्शन कर सकता है। शुक्रवार के मैच में भारत की ऑस्ट्रेलिया के हाथों हुई शर्मनाक हार के सवाल पर राजीव शुक्ला ने कहा, ऑस्ट्रेलिया की टीम ने बहुत ही अच्छा प्रदर्शन किया, इसलिए वह मैच जीते। टीम इंडिया इससे पहले के दो मैचों में अच्छा प्रदर्शन कर चुकी है और हमें उम्मीद है कि वह भविष्य के मैचों में भी अच्छा प्रदर्शन करेंगी। शुक्रवार के मैच में भारत की ऑस्ट्रेलिया के हाथों हुई शर्मनाक हार के सवाल पर राजीव शुक्ला ने कहा, ऑस्ट्रेलिया की टीम ने बहुत ही अच्छा प्रदर्शन किया, इसलिए वह मैच जीते। टीम इंडिया इससे पहले के दो मैचों में अच्छा प्रदर्शन कर चुकी है और हमें उम्मीद है कि वह भविष्य के मैचों में भी अच्छा प्रदर्शन करेंगी।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: ट्वेंटी-20 विश्वकप में कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग के बीच मतभेदों की रिपोर्टों को खारिज करते हुए आईपीएल आयुक्त राजीव शुक्ला ने इसे मीडिया की देन करार दिया।
11
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: आईसीसी चैंपियन्स ट्रॉफी में बारिश से धुले मैच में भारत ने पाकिस्तान को आठ विकेट से हरा दिया। पाकिस्तान के 168 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत को एक बार फिर धवन और रोहित शर्मा (18) की सलामी जोड़ी ने 58 रन जोड़कर अच्छी शुरुआत दिलाई। पिछले दो मैचों में दक्षिण अफ्रीका और वेस्टइंडीज के खिलाफ शतकीय साझेदारी करने वाले इन दोनों बल्लेबाजों ने 10 ओवर में टीम का स्कोर बिना किसी नुकसान के 57 रन तक पहुंचाया। रोहित ने सतर्क शुरुआत के बाद मोहम्मद इरफान पर लगातार दो चौके मारे जबकि धवन ने जुनैद खान पर दो चौके जड़े। इस बीच 8.1 ओवर में जब टीम का स्कोर 47 रन था तब बारिश आ गई और जब दोबारा खेल शुरू हुआ तो भारत को 36 ओवर में 157 रन का लक्ष्य मिला। रोहित हालांकि इसके बाद जल्द ही सईद अजमल की गेंद पर मिड विकेट पर मिसबाह उल हक को कैच दे बैठे। उन्होंने 32 गेंद में 18 रन बनाए। इसके बाद फिर बारिश आई जब भारत का स्कोर 11.3 ओवर में एक विकेट पर 63 रन था। लक्ष्य को इसके बाद 22 ओवर में 102 रन कर दिया गया। खेल जब दोबारा शुरू हुआ तो भारत को 10.3 ओवर में 39 रन की दरकार थी। पिछले दो मैचों में शतक जड़ने वाले धवन ने वहाब रियाज के ओवर में दो चौके जड़कर भारत को लक्ष्य के करीब पहुंचाया लेकिन इसी ओवर में शार्ट गेंद को थर्ड मैन पर खेलने की कोशिश में नासिर जमशेद को कैच दे बैठे। धवन ने 41 गेंद की अपनी पारी में पांच चौके मारे। विराट कोहली (27 गेंद में नाबाद 22) और दिनेश कार्तिक (नाबाद 11) ने हालांकि टीम को आसानी से लक्ष्य तक पहुंचा दिया। इससे पहले, टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी पाकिस्तानी टीम शुरू से ही दबाव में दिखी और उसका पहला विकेट तीसरे ओवर की तसरी गेंद पर नासिर जमशेद (2) के रूप में गिरा। भुवनेश्वर कुमार द्वारा फेंका गया यह ओवर मेडन विकेट ओवर रहा। चार रन के कुल योग पर पहला विकेट खोने के बाद पाकिस्तान ने संभलकर खेलना शुरू किया और दूसरे विकेट के लिए कामरान अकमल (21) और मोहम्मद हाफिज (27) की साझेदारी में 46 रन बनाए। कुमार ने 13वें ओवर की पहली ही गेंद पर हाफिज को विकेट के पीछे कप्तान/विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी के हाथों लपकवा दिया। हाफिज ने 31 गेंदों में पांच चौके लगाए। बारिश के कारण मैच रुकने से पहले आखिरी और तीसरा विकेट झटका रविचंद्रन अश्विन ने। अश्विन ने 16वें ओवर की पहली ही गेंद पर अकमल को विराट कोहली के हाथों कैच आउट करवाया। बारिश के कारण जब मैच रुका उस समय पाकिस्तान का स्कोर 19 ओवर में तीन विकेट पर 70 रन था। बारिश के कारण मैच काफी देर रुका रहा और जब मैच शुरू हुआ तो इसे संशोधित कर 40 ओवरों का कर दिया गया। इसके बाद कप्तान मिस्बाह उल हक (22) तथा असद शफीक (41) के बीच चौथे विकेट के लिए 54 रनों की अर्द्धशतकीय साझेदारी हुई। इस अर्द्धशतकीय साझेदारी को 27वें ओवर की चौथी गेंद पर रवींद्र जडेजा ने तोड़ा। जडेजा ने मिस्बाह को क्लीन बोल्ड कर दिया। दूसरे छोर पर अपने अर्द्धशतक से नौ रन दूर असद भी ज्यादा देर टिक नहीं सके और 32वें ओवर की पहली गेंद पर विकेट के पीछे लपके गए। असद ने 57 गेंदों की पारी में तीन चौके लगाए। अगले दोनों ओवर भी पाकिस्तान के लिए भारी पड़े तथा 33वें ओवर में शोएब मलिक (17) को जहां जडेजा ने पगबाधा कर दिया, वहीं 34वें ओवर में वहाब रियाज को बिना खाता खोले अश्विन की गेंद पर बोल्ड होकर वापस जाना पड़ा।टिप्पणियां इसके बाद इशांत शर्मा द्वारा लाया गया 35वां ओवर मेडेन रहा। शर्मा द्वारा फेंके 38वें ओवर की पहली दो गेंदों पर सईद अजमल (5) तथा जुनैद खान (0) को दो विकेट गिर गए। पाकिस्तान का आखिरी विकेट 39.4 ओवर में मोहम्मद इरफान के रूप में गिरा। वह बिना खाता खोले रन आउट हुए। भारत की तरफ से कुमार, शर्मा, अश्विन एवं जडेजा सभी को दो-दो विकेट मिले, जिसमें कुमार का गेंदबाजी विश्लेषण सबसे अच्छा रहा। उन्होंने आठ ओवरों में 2.37 के औसत से 19 रन दिए। पाकिस्तान के 168 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत को एक बार फिर धवन और रोहित शर्मा (18) की सलामी जोड़ी ने 58 रन जोड़कर अच्छी शुरुआत दिलाई। पिछले दो मैचों में दक्षिण अफ्रीका और वेस्टइंडीज के खिलाफ शतकीय साझेदारी करने वाले इन दोनों बल्लेबाजों ने 10 ओवर में टीम का स्कोर बिना किसी नुकसान के 57 रन तक पहुंचाया। रोहित ने सतर्क शुरुआत के बाद मोहम्मद इरफान पर लगातार दो चौके मारे जबकि धवन ने जुनैद खान पर दो चौके जड़े। इस बीच 8.1 ओवर में जब टीम का स्कोर 47 रन था तब बारिश आ गई और जब दोबारा खेल शुरू हुआ तो भारत को 36 ओवर में 157 रन का लक्ष्य मिला। रोहित हालांकि इसके बाद जल्द ही सईद अजमल की गेंद पर मिड विकेट पर मिसबाह उल हक को कैच दे बैठे। उन्होंने 32 गेंद में 18 रन बनाए। इसके बाद फिर बारिश आई जब भारत का स्कोर 11.3 ओवर में एक विकेट पर 63 रन था। लक्ष्य को इसके बाद 22 ओवर में 102 रन कर दिया गया। खेल जब दोबारा शुरू हुआ तो भारत को 10.3 ओवर में 39 रन की दरकार थी। पिछले दो मैचों में शतक जड़ने वाले धवन ने वहाब रियाज के ओवर में दो चौके जड़कर भारत को लक्ष्य के करीब पहुंचाया लेकिन इसी ओवर में शार्ट गेंद को थर्ड मैन पर खेलने की कोशिश में नासिर जमशेद को कैच दे बैठे। धवन ने 41 गेंद की अपनी पारी में पांच चौके मारे। विराट कोहली (27 गेंद में नाबाद 22) और दिनेश कार्तिक (नाबाद 11) ने हालांकि टीम को आसानी से लक्ष्य तक पहुंचा दिया। इससे पहले, टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी पाकिस्तानी टीम शुरू से ही दबाव में दिखी और उसका पहला विकेट तीसरे ओवर की तसरी गेंद पर नासिर जमशेद (2) के रूप में गिरा। भुवनेश्वर कुमार द्वारा फेंका गया यह ओवर मेडन विकेट ओवर रहा। चार रन के कुल योग पर पहला विकेट खोने के बाद पाकिस्तान ने संभलकर खेलना शुरू किया और दूसरे विकेट के लिए कामरान अकमल (21) और मोहम्मद हाफिज (27) की साझेदारी में 46 रन बनाए। कुमार ने 13वें ओवर की पहली ही गेंद पर हाफिज को विकेट के पीछे कप्तान/विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी के हाथों लपकवा दिया। हाफिज ने 31 गेंदों में पांच चौके लगाए। बारिश के कारण मैच रुकने से पहले आखिरी और तीसरा विकेट झटका रविचंद्रन अश्विन ने। अश्विन ने 16वें ओवर की पहली ही गेंद पर अकमल को विराट कोहली के हाथों कैच आउट करवाया। बारिश के कारण जब मैच रुका उस समय पाकिस्तान का स्कोर 19 ओवर में तीन विकेट पर 70 रन था। बारिश के कारण मैच काफी देर रुका रहा और जब मैच शुरू हुआ तो इसे संशोधित कर 40 ओवरों का कर दिया गया। इसके बाद कप्तान मिस्बाह उल हक (22) तथा असद शफीक (41) के बीच चौथे विकेट के लिए 54 रनों की अर्द्धशतकीय साझेदारी हुई। इस अर्द्धशतकीय साझेदारी को 27वें ओवर की चौथी गेंद पर रवींद्र जडेजा ने तोड़ा। जडेजा ने मिस्बाह को क्लीन बोल्ड कर दिया। दूसरे छोर पर अपने अर्द्धशतक से नौ रन दूर असद भी ज्यादा देर टिक नहीं सके और 32वें ओवर की पहली गेंद पर विकेट के पीछे लपके गए। असद ने 57 गेंदों की पारी में तीन चौके लगाए। अगले दोनों ओवर भी पाकिस्तान के लिए भारी पड़े तथा 33वें ओवर में शोएब मलिक (17) को जहां जडेजा ने पगबाधा कर दिया, वहीं 34वें ओवर में वहाब रियाज को बिना खाता खोले अश्विन की गेंद पर बोल्ड होकर वापस जाना पड़ा।टिप्पणियां इसके बाद इशांत शर्मा द्वारा लाया गया 35वां ओवर मेडेन रहा। शर्मा द्वारा फेंके 38वें ओवर की पहली दो गेंदों पर सईद अजमल (5) तथा जुनैद खान (0) को दो विकेट गिर गए। पाकिस्तान का आखिरी विकेट 39.4 ओवर में मोहम्मद इरफान के रूप में गिरा। वह बिना खाता खोले रन आउट हुए। भारत की तरफ से कुमार, शर्मा, अश्विन एवं जडेजा सभी को दो-दो विकेट मिले, जिसमें कुमार का गेंदबाजी विश्लेषण सबसे अच्छा रहा। उन्होंने आठ ओवरों में 2.37 के औसत से 19 रन दिए। रोहित ने सतर्क शुरुआत के बाद मोहम्मद इरफान पर लगातार दो चौके मारे जबकि धवन ने जुनैद खान पर दो चौके जड़े। इस बीच 8.1 ओवर में जब टीम का स्कोर 47 रन था तब बारिश आ गई और जब दोबारा खेल शुरू हुआ तो भारत को 36 ओवर में 157 रन का लक्ष्य मिला। रोहित हालांकि इसके बाद जल्द ही सईद अजमल की गेंद पर मिड विकेट पर मिसबाह उल हक को कैच दे बैठे। उन्होंने 32 गेंद में 18 रन बनाए। इसके बाद फिर बारिश आई जब भारत का स्कोर 11.3 ओवर में एक विकेट पर 63 रन था। लक्ष्य को इसके बाद 22 ओवर में 102 रन कर दिया गया। खेल जब दोबारा शुरू हुआ तो भारत को 10.3 ओवर में 39 रन की दरकार थी। पिछले दो मैचों में शतक जड़ने वाले धवन ने वहाब रियाज के ओवर में दो चौके जड़कर भारत को लक्ष्य के करीब पहुंचाया लेकिन इसी ओवर में शार्ट गेंद को थर्ड मैन पर खेलने की कोशिश में नासिर जमशेद को कैच दे बैठे। धवन ने 41 गेंद की अपनी पारी में पांच चौके मारे। विराट कोहली (27 गेंद में नाबाद 22) और दिनेश कार्तिक (नाबाद 11) ने हालांकि टीम को आसानी से लक्ष्य तक पहुंचा दिया। इससे पहले, टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी पाकिस्तानी टीम शुरू से ही दबाव में दिखी और उसका पहला विकेट तीसरे ओवर की तसरी गेंद पर नासिर जमशेद (2) के रूप में गिरा। भुवनेश्वर कुमार द्वारा फेंका गया यह ओवर मेडन विकेट ओवर रहा। चार रन के कुल योग पर पहला विकेट खोने के बाद पाकिस्तान ने संभलकर खेलना शुरू किया और दूसरे विकेट के लिए कामरान अकमल (21) और मोहम्मद हाफिज (27) की साझेदारी में 46 रन बनाए। कुमार ने 13वें ओवर की पहली ही गेंद पर हाफिज को विकेट के पीछे कप्तान/विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी के हाथों लपकवा दिया। हाफिज ने 31 गेंदों में पांच चौके लगाए। बारिश के कारण मैच रुकने से पहले आखिरी और तीसरा विकेट झटका रविचंद्रन अश्विन ने। अश्विन ने 16वें ओवर की पहली ही गेंद पर अकमल को विराट कोहली के हाथों कैच आउट करवाया। बारिश के कारण जब मैच रुका उस समय पाकिस्तान का स्कोर 19 ओवर में तीन विकेट पर 70 रन था। बारिश के कारण मैच काफी देर रुका रहा और जब मैच शुरू हुआ तो इसे संशोधित कर 40 ओवरों का कर दिया गया। इसके बाद कप्तान मिस्बाह उल हक (22) तथा असद शफीक (41) के बीच चौथे विकेट के लिए 54 रनों की अर्द्धशतकीय साझेदारी हुई। इस अर्द्धशतकीय साझेदारी को 27वें ओवर की चौथी गेंद पर रवींद्र जडेजा ने तोड़ा। जडेजा ने मिस्बाह को क्लीन बोल्ड कर दिया। दूसरे छोर पर अपने अर्द्धशतक से नौ रन दूर असद भी ज्यादा देर टिक नहीं सके और 32वें ओवर की पहली गेंद पर विकेट के पीछे लपके गए। असद ने 57 गेंदों की पारी में तीन चौके लगाए। अगले दोनों ओवर भी पाकिस्तान के लिए भारी पड़े तथा 33वें ओवर में शोएब मलिक (17) को जहां जडेजा ने पगबाधा कर दिया, वहीं 34वें ओवर में वहाब रियाज को बिना खाता खोले अश्विन की गेंद पर बोल्ड होकर वापस जाना पड़ा।टिप्पणियां इसके बाद इशांत शर्मा द्वारा लाया गया 35वां ओवर मेडेन रहा। शर्मा द्वारा फेंके 38वें ओवर की पहली दो गेंदों पर सईद अजमल (5) तथा जुनैद खान (0) को दो विकेट गिर गए। पाकिस्तान का आखिरी विकेट 39.4 ओवर में मोहम्मद इरफान के रूप में गिरा। वह बिना खाता खोले रन आउट हुए। भारत की तरफ से कुमार, शर्मा, अश्विन एवं जडेजा सभी को दो-दो विकेट मिले, जिसमें कुमार का गेंदबाजी विश्लेषण सबसे अच्छा रहा। उन्होंने आठ ओवरों में 2.37 के औसत से 19 रन दिए। रोहित हालांकि इसके बाद जल्द ही सईद अजमल की गेंद पर मिड विकेट पर मिसबाह उल हक को कैच दे बैठे। उन्होंने 32 गेंद में 18 रन बनाए। इसके बाद फिर बारिश आई जब भारत का स्कोर 11.3 ओवर में एक विकेट पर 63 रन था। लक्ष्य को इसके बाद 22 ओवर में 102 रन कर दिया गया। खेल जब दोबारा शुरू हुआ तो भारत को 10.3 ओवर में 39 रन की दरकार थी। पिछले दो मैचों में शतक जड़ने वाले धवन ने वहाब रियाज के ओवर में दो चौके जड़कर भारत को लक्ष्य के करीब पहुंचाया लेकिन इसी ओवर में शार्ट गेंद को थर्ड मैन पर खेलने की कोशिश में नासिर जमशेद को कैच दे बैठे। धवन ने 41 गेंद की अपनी पारी में पांच चौके मारे। विराट कोहली (27 गेंद में नाबाद 22) और दिनेश कार्तिक (नाबाद 11) ने हालांकि टीम को आसानी से लक्ष्य तक पहुंचा दिया। इससे पहले, टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी पाकिस्तानी टीम शुरू से ही दबाव में दिखी और उसका पहला विकेट तीसरे ओवर की तसरी गेंद पर नासिर जमशेद (2) के रूप में गिरा। भुवनेश्वर कुमार द्वारा फेंका गया यह ओवर मेडन विकेट ओवर रहा। चार रन के कुल योग पर पहला विकेट खोने के बाद पाकिस्तान ने संभलकर खेलना शुरू किया और दूसरे विकेट के लिए कामरान अकमल (21) और मोहम्मद हाफिज (27) की साझेदारी में 46 रन बनाए। कुमार ने 13वें ओवर की पहली ही गेंद पर हाफिज को विकेट के पीछे कप्तान/विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी के हाथों लपकवा दिया। हाफिज ने 31 गेंदों में पांच चौके लगाए। बारिश के कारण मैच रुकने से पहले आखिरी और तीसरा विकेट झटका रविचंद्रन अश्विन ने। अश्विन ने 16वें ओवर की पहली ही गेंद पर अकमल को विराट कोहली के हाथों कैच आउट करवाया। बारिश के कारण जब मैच रुका उस समय पाकिस्तान का स्कोर 19 ओवर में तीन विकेट पर 70 रन था। बारिश के कारण मैच काफी देर रुका रहा और जब मैच शुरू हुआ तो इसे संशोधित कर 40 ओवरों का कर दिया गया। इसके बाद कप्तान मिस्बाह उल हक (22) तथा असद शफीक (41) के बीच चौथे विकेट के लिए 54 रनों की अर्द्धशतकीय साझेदारी हुई। इस अर्द्धशतकीय साझेदारी को 27वें ओवर की चौथी गेंद पर रवींद्र जडेजा ने तोड़ा। जडेजा ने मिस्बाह को क्लीन बोल्ड कर दिया। दूसरे छोर पर अपने अर्द्धशतक से नौ रन दूर असद भी ज्यादा देर टिक नहीं सके और 32वें ओवर की पहली गेंद पर विकेट के पीछे लपके गए। असद ने 57 गेंदों की पारी में तीन चौके लगाए। अगले दोनों ओवर भी पाकिस्तान के लिए भारी पड़े तथा 33वें ओवर में शोएब मलिक (17) को जहां जडेजा ने पगबाधा कर दिया, वहीं 34वें ओवर में वहाब रियाज को बिना खाता खोले अश्विन की गेंद पर बोल्ड होकर वापस जाना पड़ा।टिप्पणियां इसके बाद इशांत शर्मा द्वारा लाया गया 35वां ओवर मेडेन रहा। शर्मा द्वारा फेंके 38वें ओवर की पहली दो गेंदों पर सईद अजमल (5) तथा जुनैद खान (0) को दो विकेट गिर गए। पाकिस्तान का आखिरी विकेट 39.4 ओवर में मोहम्मद इरफान के रूप में गिरा। वह बिना खाता खोले रन आउट हुए। भारत की तरफ से कुमार, शर्मा, अश्विन एवं जडेजा सभी को दो-दो विकेट मिले, जिसमें कुमार का गेंदबाजी विश्लेषण सबसे अच्छा रहा। उन्होंने आठ ओवरों में 2.37 के औसत से 19 रन दिए। इसके बाद फिर बारिश आई जब भारत का स्कोर 11.3 ओवर में एक विकेट पर 63 रन था। लक्ष्य को इसके बाद 22 ओवर में 102 रन कर दिया गया। खेल जब दोबारा शुरू हुआ तो भारत को 10.3 ओवर में 39 रन की दरकार थी। पिछले दो मैचों में शतक जड़ने वाले धवन ने वहाब रियाज के ओवर में दो चौके जड़कर भारत को लक्ष्य के करीब पहुंचाया लेकिन इसी ओवर में शार्ट गेंद को थर्ड मैन पर खेलने की कोशिश में नासिर जमशेद को कैच दे बैठे। धवन ने 41 गेंद की अपनी पारी में पांच चौके मारे। विराट कोहली (27 गेंद में नाबाद 22) और दिनेश कार्तिक (नाबाद 11) ने हालांकि टीम को आसानी से लक्ष्य तक पहुंचा दिया। इससे पहले, टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी पाकिस्तानी टीम शुरू से ही दबाव में दिखी और उसका पहला विकेट तीसरे ओवर की तसरी गेंद पर नासिर जमशेद (2) के रूप में गिरा। भुवनेश्वर कुमार द्वारा फेंका गया यह ओवर मेडन विकेट ओवर रहा। चार रन के कुल योग पर पहला विकेट खोने के बाद पाकिस्तान ने संभलकर खेलना शुरू किया और दूसरे विकेट के लिए कामरान अकमल (21) और मोहम्मद हाफिज (27) की साझेदारी में 46 रन बनाए। कुमार ने 13वें ओवर की पहली ही गेंद पर हाफिज को विकेट के पीछे कप्तान/विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी के हाथों लपकवा दिया। हाफिज ने 31 गेंदों में पांच चौके लगाए। बारिश के कारण मैच रुकने से पहले आखिरी और तीसरा विकेट झटका रविचंद्रन अश्विन ने। अश्विन ने 16वें ओवर की पहली ही गेंद पर अकमल को विराट कोहली के हाथों कैच आउट करवाया। बारिश के कारण जब मैच रुका उस समय पाकिस्तान का स्कोर 19 ओवर में तीन विकेट पर 70 रन था। बारिश के कारण मैच काफी देर रुका रहा और जब मैच शुरू हुआ तो इसे संशोधित कर 40 ओवरों का कर दिया गया। इसके बाद कप्तान मिस्बाह उल हक (22) तथा असद शफीक (41) के बीच चौथे विकेट के लिए 54 रनों की अर्द्धशतकीय साझेदारी हुई। इस अर्द्धशतकीय साझेदारी को 27वें ओवर की चौथी गेंद पर रवींद्र जडेजा ने तोड़ा। जडेजा ने मिस्बाह को क्लीन बोल्ड कर दिया। दूसरे छोर पर अपने अर्द्धशतक से नौ रन दूर असद भी ज्यादा देर टिक नहीं सके और 32वें ओवर की पहली गेंद पर विकेट के पीछे लपके गए। असद ने 57 गेंदों की पारी में तीन चौके लगाए। अगले दोनों ओवर भी पाकिस्तान के लिए भारी पड़े तथा 33वें ओवर में शोएब मलिक (17) को जहां जडेजा ने पगबाधा कर दिया, वहीं 34वें ओवर में वहाब रियाज को बिना खाता खोले अश्विन की गेंद पर बोल्ड होकर वापस जाना पड़ा।टिप्पणियां इसके बाद इशांत शर्मा द्वारा लाया गया 35वां ओवर मेडेन रहा। शर्मा द्वारा फेंके 38वें ओवर की पहली दो गेंदों पर सईद अजमल (5) तथा जुनैद खान (0) को दो विकेट गिर गए। पाकिस्तान का आखिरी विकेट 39.4 ओवर में मोहम्मद इरफान के रूप में गिरा। वह बिना खाता खोले रन आउट हुए। भारत की तरफ से कुमार, शर्मा, अश्विन एवं जडेजा सभी को दो-दो विकेट मिले, जिसमें कुमार का गेंदबाजी विश्लेषण सबसे अच्छा रहा। उन्होंने आठ ओवरों में 2.37 के औसत से 19 रन दिए। मैन पर खेलने की कोशिश में नासिर जमशेद को कैच दे बैठे। धवन ने 41 गेंद की अपनी पारी में पांच चौके मारे। विराट कोहली (27 गेंद में नाबाद 22) और दिनेश कार्तिक (नाबाद 11) ने हालांकि टीम को आसानी से लक्ष्य तक पहुंचा दिया। इससे पहले, टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी पाकिस्तानी टीम शुरू से ही दबाव में दिखी और उसका पहला विकेट तीसरे ओवर की तसरी गेंद पर नासिर जमशेद (2) के रूप में गिरा। भुवनेश्वर कुमार द्वारा फेंका गया यह ओवर मेडन विकेट ओवर रहा। चार रन के कुल योग पर पहला विकेट खोने के बाद पाकिस्तान ने संभलकर खेलना शुरू किया और दूसरे विकेट के लिए कामरान अकमल (21) और मोहम्मद हाफिज (27) की साझेदारी में 46 रन बनाए। कुमार ने 13वें ओवर की पहली ही गेंद पर हाफिज को विकेट के पीछे कप्तान/विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी के हाथों लपकवा दिया। हाफिज ने 31 गेंदों में पांच चौके लगाए। बारिश के कारण मैच रुकने से पहले आखिरी और तीसरा विकेट झटका रविचंद्रन अश्विन ने। अश्विन ने 16वें ओवर की पहली ही गेंद पर अकमल को विराट कोहली के हाथों कैच आउट करवाया। बारिश के कारण जब मैच रुका उस समय पाकिस्तान का स्कोर 19 ओवर में तीन विकेट पर 70 रन था। बारिश के कारण मैच काफी देर रुका रहा और जब मैच शुरू हुआ तो इसे संशोधित कर 40 ओवरों का कर दिया गया। इसके बाद कप्तान मिस्बाह उल हक (22) तथा असद शफीक (41) के बीच चौथे विकेट के लिए 54 रनों की अर्द्धशतकीय साझेदारी हुई। इस अर्द्धशतकीय साझेदारी को 27वें ओवर की चौथी गेंद पर रवींद्र जडेजा ने तोड़ा। जडेजा ने मिस्बाह को क्लीन बोल्ड कर दिया। दूसरे छोर पर अपने अर्द्धशतक से नौ रन दूर असद भी ज्यादा देर टिक नहीं सके और 32वें ओवर की पहली गेंद पर विकेट के पीछे लपके गए। असद ने 57 गेंदों की पारी में तीन चौके लगाए। अगले दोनों ओवर भी पाकिस्तान के लिए भारी पड़े तथा 33वें ओवर में शोएब मलिक (17) को जहां जडेजा ने पगबाधा कर दिया, वहीं 34वें ओवर में वहाब रियाज को बिना खाता खोले अश्विन की गेंद पर बोल्ड होकर वापस जाना पड़ा।टिप्पणियां इसके बाद इशांत शर्मा द्वारा लाया गया 35वां ओवर मेडेन रहा। शर्मा द्वारा फेंके 38वें ओवर की पहली दो गेंदों पर सईद अजमल (5) तथा जुनैद खान (0) को दो विकेट गिर गए। पाकिस्तान का आखिरी विकेट 39.4 ओवर में मोहम्मद इरफान के रूप में गिरा। वह बिना खाता खोले रन आउट हुए। भारत की तरफ से कुमार, शर्मा, अश्विन एवं जडेजा सभी को दो-दो विकेट मिले, जिसमें कुमार का गेंदबाजी विश्लेषण सबसे अच्छा रहा। उन्होंने आठ ओवरों में 2.37 के औसत से 19 रन दिए। विराट कोहली (27 गेंद में नाबाद 22) और दिनेश कार्तिक (नाबाद 11) ने हालांकि टीम को आसानी से लक्ष्य तक पहुंचा दिया। इससे पहले, टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी पाकिस्तानी टीम शुरू से ही दबाव में दिखी और उसका पहला विकेट तीसरे ओवर की तसरी गेंद पर नासिर जमशेद (2) के रूप में गिरा। भुवनेश्वर कुमार द्वारा फेंका गया यह ओवर मेडन विकेट ओवर रहा। चार रन के कुल योग पर पहला विकेट खोने के बाद पाकिस्तान ने संभलकर खेलना शुरू किया और दूसरे विकेट के लिए कामरान अकमल (21) और मोहम्मद हाफिज (27) की साझेदारी में 46 रन बनाए। कुमार ने 13वें ओवर की पहली ही गेंद पर हाफिज को विकेट के पीछे कप्तान/विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी के हाथों लपकवा दिया। हाफिज ने 31 गेंदों में पांच चौके लगाए। बारिश के कारण मैच रुकने से पहले आखिरी और तीसरा विकेट झटका रविचंद्रन अश्विन ने। अश्विन ने 16वें ओवर की पहली ही गेंद पर अकमल को विराट कोहली के हाथों कैच आउट करवाया। बारिश के कारण जब मैच रुका उस समय पाकिस्तान का स्कोर 19 ओवर में तीन विकेट पर 70 रन था। बारिश के कारण मैच काफी देर रुका रहा और जब मैच शुरू हुआ तो इसे संशोधित कर 40 ओवरों का कर दिया गया। इसके बाद कप्तान मिस्बाह उल हक (22) तथा असद शफीक (41) के बीच चौथे विकेट के लिए 54 रनों की अर्द्धशतकीय साझेदारी हुई। इस अर्द्धशतकीय साझेदारी को 27वें ओवर की चौथी गेंद पर रवींद्र जडेजा ने तोड़ा। जडेजा ने मिस्बाह को क्लीन बोल्ड कर दिया। दूसरे छोर पर अपने अर्द्धशतक से नौ रन दूर असद भी ज्यादा देर टिक नहीं सके और 32वें ओवर की पहली गेंद पर विकेट के पीछे लपके गए। असद ने 57 गेंदों की पारी में तीन चौके लगाए। अगले दोनों ओवर भी पाकिस्तान के लिए भारी पड़े तथा 33वें ओवर में शोएब मलिक (17) को जहां जडेजा ने पगबाधा कर दिया, वहीं 34वें ओवर में वहाब रियाज को बिना खाता खोले अश्विन की गेंद पर बोल्ड होकर वापस जाना पड़ा।टिप्पणियां इसके बाद इशांत शर्मा द्वारा लाया गया 35वां ओवर मेडेन रहा। शर्मा द्वारा फेंके 38वें ओवर की पहली दो गेंदों पर सईद अजमल (5) तथा जुनैद खान (0) को दो विकेट गिर गए। पाकिस्तान का आखिरी विकेट 39.4 ओवर में मोहम्मद इरफान के रूप में गिरा। वह बिना खाता खोले रन आउट हुए। भारत की तरफ से कुमार, शर्मा, अश्विन एवं जडेजा सभी को दो-दो विकेट मिले, जिसमें कुमार का गेंदबाजी विश्लेषण सबसे अच्छा रहा। उन्होंने आठ ओवरों में 2.37 के औसत से 19 रन दिए। इससे पहले, टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी पाकिस्तानी टीम शुरू से ही दबाव में दिखी और उसका पहला विकेट तीसरे ओवर की तसरी गेंद पर नासिर जमशेद (2) के रूप में गिरा। भुवनेश्वर कुमार द्वारा फेंका गया यह ओवर मेडन विकेट ओवर रहा। चार रन के कुल योग पर पहला विकेट खोने के बाद पाकिस्तान ने संभलकर खेलना शुरू किया और दूसरे विकेट के लिए कामरान अकमल (21) और मोहम्मद हाफिज (27) की साझेदारी में 46 रन बनाए। कुमार ने 13वें ओवर की पहली ही गेंद पर हाफिज को विकेट के पीछे कप्तान/विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी के हाथों लपकवा दिया। हाफिज ने 31 गेंदों में पांच चौके लगाए। बारिश के कारण मैच रुकने से पहले आखिरी और तीसरा विकेट झटका रविचंद्रन अश्विन ने। अश्विन ने 16वें ओवर की पहली ही गेंद पर अकमल को विराट कोहली के हाथों कैच आउट करवाया। बारिश के कारण जब मैच रुका उस समय पाकिस्तान का स्कोर 19 ओवर में तीन विकेट पर 70 रन था। बारिश के कारण मैच काफी देर रुका रहा और जब मैच शुरू हुआ तो इसे संशोधित कर 40 ओवरों का कर दिया गया। इसके बाद कप्तान मिस्बाह उल हक (22) तथा असद शफीक (41) के बीच चौथे विकेट के लिए 54 रनों की अर्द्धशतकीय साझेदारी हुई। इस अर्द्धशतकीय साझेदारी को 27वें ओवर की चौथी गेंद पर रवींद्र जडेजा ने तोड़ा। जडेजा ने मिस्बाह को क्लीन बोल्ड कर दिया। दूसरे छोर पर अपने अर्द्धशतक से नौ रन दूर असद भी ज्यादा देर टिक नहीं सके और 32वें ओवर की पहली गेंद पर विकेट के पीछे लपके गए। असद ने 57 गेंदों की पारी में तीन चौके लगाए। अगले दोनों ओवर भी पाकिस्तान के लिए भारी पड़े तथा 33वें ओवर में शोएब मलिक (17) को जहां जडेजा ने पगबाधा कर दिया, वहीं 34वें ओवर में वहाब रियाज को बिना खाता खोले अश्विन की गेंद पर बोल्ड होकर वापस जाना पड़ा।टिप्पणियां इसके बाद इशांत शर्मा द्वारा लाया गया 35वां ओवर मेडेन रहा। शर्मा द्वारा फेंके 38वें ओवर की पहली दो गेंदों पर सईद अजमल (5) तथा जुनैद खान (0) को दो विकेट गिर गए। पाकिस्तान का आखिरी विकेट 39.4 ओवर में मोहम्मद इरफान के रूप में गिरा। वह बिना खाता खोले रन आउट हुए। भारत की तरफ से कुमार, शर्मा, अश्विन एवं जडेजा सभी को दो-दो विकेट मिले, जिसमें कुमार का गेंदबाजी विश्लेषण सबसे अच्छा रहा। उन्होंने आठ ओवरों में 2.37 के औसत से 19 रन दिए। चार रन के कुल योग पर पहला विकेट खोने के बाद पाकिस्तान ने संभलकर खेलना शुरू किया और दूसरे विकेट के लिए कामरान अकमल (21) और मोहम्मद हाफिज (27) की साझेदारी में 46 रन बनाए। कुमार ने 13वें ओवर की पहली ही गेंद पर हाफिज को विकेट के पीछे कप्तान/विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी के हाथों लपकवा दिया। हाफिज ने 31 गेंदों में पांच चौके लगाए। बारिश के कारण मैच रुकने से पहले आखिरी और तीसरा विकेट झटका रविचंद्रन अश्विन ने। अश्विन ने 16वें ओवर की पहली ही गेंद पर अकमल को विराट कोहली के हाथों कैच आउट करवाया। बारिश के कारण जब मैच रुका उस समय पाकिस्तान का स्कोर 19 ओवर में तीन विकेट पर 70 रन था। बारिश के कारण मैच काफी देर रुका रहा और जब मैच शुरू हुआ तो इसे संशोधित कर 40 ओवरों का कर दिया गया। इसके बाद कप्तान मिस्बाह उल हक (22) तथा असद शफीक (41) के बीच चौथे विकेट के लिए 54 रनों की अर्द्धशतकीय साझेदारी हुई। इस अर्द्धशतकीय साझेदारी को 27वें ओवर की चौथी गेंद पर रवींद्र जडेजा ने तोड़ा। जडेजा ने मिस्बाह को क्लीन बोल्ड कर दिया। दूसरे छोर पर अपने अर्द्धशतक से नौ रन दूर असद भी ज्यादा देर टिक नहीं सके और 32वें ओवर की पहली गेंद पर विकेट के पीछे लपके गए। असद ने 57 गेंदों की पारी में तीन चौके लगाए। अगले दोनों ओवर भी पाकिस्तान के लिए भारी पड़े तथा 33वें ओवर में शोएब मलिक (17) को जहां जडेजा ने पगबाधा कर दिया, वहीं 34वें ओवर में वहाब रियाज को बिना खाता खोले अश्विन की गेंद पर बोल्ड होकर वापस जाना पड़ा।टिप्पणियां इसके बाद इशांत शर्मा द्वारा लाया गया 35वां ओवर मेडेन रहा। शर्मा द्वारा फेंके 38वें ओवर की पहली दो गेंदों पर सईद अजमल (5) तथा जुनैद खान (0) को दो विकेट गिर गए। पाकिस्तान का आखिरी विकेट 39.4 ओवर में मोहम्मद इरफान के रूप में गिरा। वह बिना खाता खोले रन आउट हुए। भारत की तरफ से कुमार, शर्मा, अश्विन एवं जडेजा सभी को दो-दो विकेट मिले, जिसमें कुमार का गेंदबाजी विश्लेषण सबसे अच्छा रहा। उन्होंने आठ ओवरों में 2.37 के औसत से 19 रन दिए। कुमार ने 13वें ओवर की पहली ही गेंद पर हाफिज को विकेट के पीछे कप्तान/विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी के हाथों लपकवा दिया। हाफिज ने 31 गेंदों में पांच चौके लगाए। बारिश के कारण मैच रुकने से पहले आखिरी और तीसरा विकेट झटका रविचंद्रन अश्विन ने। अश्विन ने 16वें ओवर की पहली ही गेंद पर अकमल को विराट कोहली के हाथों कैच आउट करवाया। बारिश के कारण जब मैच रुका उस समय पाकिस्तान का स्कोर 19 ओवर में तीन विकेट पर 70 रन था। बारिश के कारण मैच काफी देर रुका रहा और जब मैच शुरू हुआ तो इसे संशोधित कर 40 ओवरों का कर दिया गया। इसके बाद कप्तान मिस्बाह उल हक (22) तथा असद शफीक (41) के बीच चौथे विकेट के लिए 54 रनों की अर्द्धशतकीय साझेदारी हुई। इस अर्द्धशतकीय साझेदारी को 27वें ओवर की चौथी गेंद पर रवींद्र जडेजा ने तोड़ा। जडेजा ने मिस्बाह को क्लीन बोल्ड कर दिया। दूसरे छोर पर अपने अर्द्धशतक से नौ रन दूर असद भी ज्यादा देर टिक नहीं सके और 32वें ओवर की पहली गेंद पर विकेट के पीछे लपके गए। असद ने 57 गेंदों की पारी में तीन चौके लगाए। अगले दोनों ओवर भी पाकिस्तान के लिए भारी पड़े तथा 33वें ओवर में शोएब मलिक (17) को जहां जडेजा ने पगबाधा कर दिया, वहीं 34वें ओवर में वहाब रियाज को बिना खाता खोले अश्विन की गेंद पर बोल्ड होकर वापस जाना पड़ा।टिप्पणियां इसके बाद इशांत शर्मा द्वारा लाया गया 35वां ओवर मेडेन रहा। शर्मा द्वारा फेंके 38वें ओवर की पहली दो गेंदों पर सईद अजमल (5) तथा जुनैद खान (0) को दो विकेट गिर गए। पाकिस्तान का आखिरी विकेट 39.4 ओवर में मोहम्मद इरफान के रूप में गिरा। वह बिना खाता खोले रन आउट हुए। भारत की तरफ से कुमार, शर्मा, अश्विन एवं जडेजा सभी को दो-दो विकेट मिले, जिसमें कुमार का गेंदबाजी विश्लेषण सबसे अच्छा रहा। उन्होंने आठ ओवरों में 2.37 के औसत से 19 रन दिए। बारिश के कारण मैच रुकने से पहले आखिरी और तीसरा विकेट झटका रविचंद्रन अश्विन ने। अश्विन ने 16वें ओवर की पहली ही गेंद पर अकमल को विराट कोहली के हाथों कैच आउट करवाया। बारिश के कारण जब मैच रुका उस समय पाकिस्तान का स्कोर 19 ओवर में तीन विकेट पर 70 रन था। बारिश के कारण मैच काफी देर रुका रहा और जब मैच शुरू हुआ तो इसे संशोधित कर 40 ओवरों का कर दिया गया। इसके बाद कप्तान मिस्बाह उल हक (22) तथा असद शफीक (41) के बीच चौथे विकेट के लिए 54 रनों की अर्द्धशतकीय साझेदारी हुई। इस अर्द्धशतकीय साझेदारी को 27वें ओवर की चौथी गेंद पर रवींद्र जडेजा ने तोड़ा। जडेजा ने मिस्बाह को क्लीन बोल्ड कर दिया। दूसरे छोर पर अपने अर्द्धशतक से नौ रन दूर असद भी ज्यादा देर टिक नहीं सके और 32वें ओवर की पहली गेंद पर विकेट के पीछे लपके गए। असद ने 57 गेंदों की पारी में तीन चौके लगाए। अगले दोनों ओवर भी पाकिस्तान के लिए भारी पड़े तथा 33वें ओवर में शोएब मलिक (17) को जहां जडेजा ने पगबाधा कर दिया, वहीं 34वें ओवर में वहाब रियाज को बिना खाता खोले अश्विन की गेंद पर बोल्ड होकर वापस जाना पड़ा।टिप्पणियां इसके बाद इशांत शर्मा द्वारा लाया गया 35वां ओवर मेडेन रहा। शर्मा द्वारा फेंके 38वें ओवर की पहली दो गेंदों पर सईद अजमल (5) तथा जुनैद खान (0) को दो विकेट गिर गए। पाकिस्तान का आखिरी विकेट 39.4 ओवर में मोहम्मद इरफान के रूप में गिरा। वह बिना खाता खोले रन आउट हुए। भारत की तरफ से कुमार, शर्मा, अश्विन एवं जडेजा सभी को दो-दो विकेट मिले, जिसमें कुमार का गेंदबाजी विश्लेषण सबसे अच्छा रहा। उन्होंने आठ ओवरों में 2.37 के औसत से 19 रन दिए। बारिश के कारण मैच काफी देर रुका रहा और जब मैच शुरू हुआ तो इसे संशोधित कर 40 ओवरों का कर दिया गया। इसके बाद कप्तान मिस्बाह उल हक (22) तथा असद शफीक (41) के बीच चौथे विकेट के लिए 54 रनों की अर्द्धशतकीय साझेदारी हुई। इस अर्द्धशतकीय साझेदारी को 27वें ओवर की चौथी गेंद पर रवींद्र जडेजा ने तोड़ा। जडेजा ने मिस्बाह को क्लीन बोल्ड कर दिया। दूसरे छोर पर अपने अर्द्धशतक से नौ रन दूर असद भी ज्यादा देर टिक नहीं सके और 32वें ओवर की पहली गेंद पर विकेट के पीछे लपके गए। असद ने 57 गेंदों की पारी में तीन चौके लगाए। अगले दोनों ओवर भी पाकिस्तान के लिए भारी पड़े तथा 33वें ओवर में शोएब मलिक (17) को जहां जडेजा ने पगबाधा कर दिया, वहीं 34वें ओवर में वहाब रियाज को बिना खाता खोले अश्विन की गेंद पर बोल्ड होकर वापस जाना पड़ा।टिप्पणियां इसके बाद इशांत शर्मा द्वारा लाया गया 35वां ओवर मेडेन रहा। शर्मा द्वारा फेंके 38वें ओवर की पहली दो गेंदों पर सईद अजमल (5) तथा जुनैद खान (0) को दो विकेट गिर गए। पाकिस्तान का आखिरी विकेट 39.4 ओवर में मोहम्मद इरफान के रूप में गिरा। वह बिना खाता खोले रन आउट हुए। भारत की तरफ से कुमार, शर्मा, अश्विन एवं जडेजा सभी को दो-दो विकेट मिले, जिसमें कुमार का गेंदबाजी विश्लेषण सबसे अच्छा रहा। उन्होंने आठ ओवरों में 2.37 के औसत से 19 रन दिए। इसके बाद कप्तान मिस्बाह उल हक (22) तथा असद शफीक (41) के बीच चौथे विकेट के लिए 54 रनों की अर्द्धशतकीय साझेदारी हुई। इस अर्द्धशतकीय साझेदारी को 27वें ओवर की चौथी गेंद पर रवींद्र जडेजा ने तोड़ा। जडेजा ने मिस्बाह को क्लीन बोल्ड कर दिया। दूसरे छोर पर अपने अर्द्धशतक से नौ रन दूर असद भी ज्यादा देर टिक नहीं सके और 32वें ओवर की पहली गेंद पर विकेट के पीछे लपके गए। असद ने 57 गेंदों की पारी में तीन चौके लगाए। अगले दोनों ओवर भी पाकिस्तान के लिए भारी पड़े तथा 33वें ओवर में शोएब मलिक (17) को जहां जडेजा ने पगबाधा कर दिया, वहीं 34वें ओवर में वहाब रियाज को बिना खाता खोले अश्विन की गेंद पर बोल्ड होकर वापस जाना पड़ा।टिप्पणियां इसके बाद इशांत शर्मा द्वारा लाया गया 35वां ओवर मेडेन रहा। शर्मा द्वारा फेंके 38वें ओवर की पहली दो गेंदों पर सईद अजमल (5) तथा जुनैद खान (0) को दो विकेट गिर गए। पाकिस्तान का आखिरी विकेट 39.4 ओवर में मोहम्मद इरफान के रूप में गिरा। वह बिना खाता खोले रन आउट हुए। भारत की तरफ से कुमार, शर्मा, अश्विन एवं जडेजा सभी को दो-दो विकेट मिले, जिसमें कुमार का गेंदबाजी विश्लेषण सबसे अच्छा रहा। उन्होंने आठ ओवरों में 2.37 के औसत से 19 रन दिए। जडेजा ने मिस्बाह को क्लीन बोल्ड कर दिया। दूसरे छोर पर अपने अर्द्धशतक से नौ रन दूर असद भी ज्यादा देर टिक नहीं सके और 32वें ओवर की पहली गेंद पर विकेट के पीछे लपके गए। असद ने 57 गेंदों की पारी में तीन चौके लगाए। अगले दोनों ओवर भी पाकिस्तान के लिए भारी पड़े तथा 33वें ओवर में शोएब मलिक (17) को जहां जडेजा ने पगबाधा कर दिया, वहीं 34वें ओवर में वहाब रियाज को बिना खाता खोले अश्विन की गेंद पर बोल्ड होकर वापस जाना पड़ा।टिप्पणियां इसके बाद इशांत शर्मा द्वारा लाया गया 35वां ओवर मेडेन रहा। शर्मा द्वारा फेंके 38वें ओवर की पहली दो गेंदों पर सईद अजमल (5) तथा जुनैद खान (0) को दो विकेट गिर गए। पाकिस्तान का आखिरी विकेट 39.4 ओवर में मोहम्मद इरफान के रूप में गिरा। वह बिना खाता खोले रन आउट हुए। भारत की तरफ से कुमार, शर्मा, अश्विन एवं जडेजा सभी को दो-दो विकेट मिले, जिसमें कुमार का गेंदबाजी विश्लेषण सबसे अच्छा रहा। उन्होंने आठ ओवरों में 2.37 के औसत से 19 रन दिए। अगले दोनों ओवर भी पाकिस्तान के लिए भारी पड़े तथा 33वें ओवर में शोएब मलिक (17) को जहां जडेजा ने पगबाधा कर दिया, वहीं 34वें ओवर में वहाब रियाज को बिना खाता खोले अश्विन की गेंद पर बोल्ड होकर वापस जाना पड़ा।टिप्पणियां इसके बाद इशांत शर्मा द्वारा लाया गया 35वां ओवर मेडेन रहा। शर्मा द्वारा फेंके 38वें ओवर की पहली दो गेंदों पर सईद अजमल (5) तथा जुनैद खान (0) को दो विकेट गिर गए। पाकिस्तान का आखिरी विकेट 39.4 ओवर में मोहम्मद इरफान के रूप में गिरा। वह बिना खाता खोले रन आउट हुए। भारत की तरफ से कुमार, शर्मा, अश्विन एवं जडेजा सभी को दो-दो विकेट मिले, जिसमें कुमार का गेंदबाजी विश्लेषण सबसे अच्छा रहा। उन्होंने आठ ओवरों में 2.37 के औसत से 19 रन दिए। इसके बाद इशांत शर्मा द्वारा लाया गया 35वां ओवर मेडेन रहा। शर्मा द्वारा फेंके 38वें ओवर की पहली दो गेंदों पर सईद अजमल (5) तथा जुनैद खान (0) को दो विकेट गिर गए। पाकिस्तान का आखिरी विकेट 39.4 ओवर में मोहम्मद इरफान के रूप में गिरा। वह बिना खाता खोले रन आउट हुए। भारत की तरफ से कुमार, शर्मा, अश्विन एवं जडेजा सभी को दो-दो विकेट मिले, जिसमें कुमार का गेंदबाजी विश्लेषण सबसे अच्छा रहा। उन्होंने आठ ओवरों में 2.37 के औसत से 19 रन दिए। भारत की तरफ से कुमार, शर्मा, अश्विन एवं जडेजा सभी को दो-दो विकेट मिले, जिसमें कुमार का गेंदबाजी विश्लेषण सबसे अच्छा रहा। उन्होंने आठ ओवरों में 2.37 के औसत से 19 रन दिए।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: आईसीसी चैंपियन्स ट्रॉफी में बारिश से धुले मैच में भारत ने पाकिस्तान को आठ विकेट से धो डाला। बारिश के चलते भारत के लिए जीत का लक्ष्य 102 रन कर दिया गया।
19
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम ने सोमवार को कहा कि सरकार कर नियमों में स्पष्टता लाएगी और एक स्थिर कर व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाएगी। चिदम्बरम ने आयकर मुख्य आयुक्तों और महानिदेशकों को सम्बोधित करने के बाद एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, 'हम यह सुनिश्चित करेंगे कि एक स्थिर कर व्यवस्था और कर कानूनों में स्पष्टता बनी रहे।' मंत्री ने कहा कि उन्होंने कर अधिकारियों से कहा है कि वह कर वसूली में सहयोगात्मक रवैया अपनाएं। उन्होंने कहा, 'हमने मुख्य आयुक्तों से कर वसूली में सहयोगात्मक रवैया अपनाने के लिए कहा है। हमने सीसीआईटी (मुख्य आयकर आयुक्तों) से कहा है कि सभी आयुक्तों, सभी सहायक आयुक्तों और उपायुक्तों तथा आयकर अधिकारियों को लगातार यह हिदायत दें।" चिदम्बरम ने कहा कि सरकार को मौजूदा कारोबारी साल में 5.7 लाख करोड़ प्रत्यक्ष कर वसूली का लक्ष्य हासिल हो जाने का अनुमान है। वित्त मंत्री ने हालांकि कहा कि अभी तक प्रत्यक्ष कर की वसूली लक्ष्य से कम रही है लेकिन मौजूदा कारोबारी साल की दूसरी छमाही में वसूली बढ़ेगी। उन्होंने कहा, 'वसूली 10.5 फीसदी की दर से बढ़ी है, जबकि जरूरत 15 फीसदी की है।'टिप्पणियां चिदम्बरम ने कहा कि आर्थिक विकास दर कम रहने का मतलब यह नहीं है कि कर वसूली भी कम रहेगी, क्योंकि दोनों का आपस में कोई सम्बंध नहीं है। सरकार कर और जीडीपी अनुपात 2011-12 के 10 फीसदी से बढ़ाकर 12 फीसदी करना चाहती है। यह अनुपात 2007-08 के 11.9 फीसदी से घटकर 2011-12 में 10.1 फीसदी पर आ गया था। मंत्री ने कहा, 'हमारा लक्ष्य वापस 12 फीसदी पर पहुंचने का है। 12 फीसदी के बाद भी भारत सबसे कम कर-जीडीपी अनुपात वाले देशों में रहेगा।' चिदम्बरम ने आयकर मुख्य आयुक्तों और महानिदेशकों को सम्बोधित करने के बाद एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, 'हम यह सुनिश्चित करेंगे कि एक स्थिर कर व्यवस्था और कर कानूनों में स्पष्टता बनी रहे।' मंत्री ने कहा कि उन्होंने कर अधिकारियों से कहा है कि वह कर वसूली में सहयोगात्मक रवैया अपनाएं। उन्होंने कहा, 'हमने मुख्य आयुक्तों से कर वसूली में सहयोगात्मक रवैया अपनाने के लिए कहा है। हमने सीसीआईटी (मुख्य आयकर आयुक्तों) से कहा है कि सभी आयुक्तों, सभी सहायक आयुक्तों और उपायुक्तों तथा आयकर अधिकारियों को लगातार यह हिदायत दें।" चिदम्बरम ने कहा कि सरकार को मौजूदा कारोबारी साल में 5.7 लाख करोड़ प्रत्यक्ष कर वसूली का लक्ष्य हासिल हो जाने का अनुमान है। वित्त मंत्री ने हालांकि कहा कि अभी तक प्रत्यक्ष कर की वसूली लक्ष्य से कम रही है लेकिन मौजूदा कारोबारी साल की दूसरी छमाही में वसूली बढ़ेगी। उन्होंने कहा, 'वसूली 10.5 फीसदी की दर से बढ़ी है, जबकि जरूरत 15 फीसदी की है।'टिप्पणियां चिदम्बरम ने कहा कि आर्थिक विकास दर कम रहने का मतलब यह नहीं है कि कर वसूली भी कम रहेगी, क्योंकि दोनों का आपस में कोई सम्बंध नहीं है। सरकार कर और जीडीपी अनुपात 2011-12 के 10 फीसदी से बढ़ाकर 12 फीसदी करना चाहती है। यह अनुपात 2007-08 के 11.9 फीसदी से घटकर 2011-12 में 10.1 फीसदी पर आ गया था। मंत्री ने कहा, 'हमारा लक्ष्य वापस 12 फीसदी पर पहुंचने का है। 12 फीसदी के बाद भी भारत सबसे कम कर-जीडीपी अनुपात वाले देशों में रहेगा।' मंत्री ने कहा कि उन्होंने कर अधिकारियों से कहा है कि वह कर वसूली में सहयोगात्मक रवैया अपनाएं। उन्होंने कहा, 'हमने मुख्य आयुक्तों से कर वसूली में सहयोगात्मक रवैया अपनाने के लिए कहा है। हमने सीसीआईटी (मुख्य आयकर आयुक्तों) से कहा है कि सभी आयुक्तों, सभी सहायक आयुक्तों और उपायुक्तों तथा आयकर अधिकारियों को लगातार यह हिदायत दें।" चिदम्बरम ने कहा कि सरकार को मौजूदा कारोबारी साल में 5.7 लाख करोड़ प्रत्यक्ष कर वसूली का लक्ष्य हासिल हो जाने का अनुमान है। वित्त मंत्री ने हालांकि कहा कि अभी तक प्रत्यक्ष कर की वसूली लक्ष्य से कम रही है लेकिन मौजूदा कारोबारी साल की दूसरी छमाही में वसूली बढ़ेगी। उन्होंने कहा, 'वसूली 10.5 फीसदी की दर से बढ़ी है, जबकि जरूरत 15 फीसदी की है।'टिप्पणियां चिदम्बरम ने कहा कि आर्थिक विकास दर कम रहने का मतलब यह नहीं है कि कर वसूली भी कम रहेगी, क्योंकि दोनों का आपस में कोई सम्बंध नहीं है। सरकार कर और जीडीपी अनुपात 2011-12 के 10 फीसदी से बढ़ाकर 12 फीसदी करना चाहती है। यह अनुपात 2007-08 के 11.9 फीसदी से घटकर 2011-12 में 10.1 फीसदी पर आ गया था। मंत्री ने कहा, 'हमारा लक्ष्य वापस 12 फीसदी पर पहुंचने का है। 12 फीसदी के बाद भी भारत सबसे कम कर-जीडीपी अनुपात वाले देशों में रहेगा।' चिदम्बरम ने कहा कि सरकार को मौजूदा कारोबारी साल में 5.7 लाख करोड़ प्रत्यक्ष कर वसूली का लक्ष्य हासिल हो जाने का अनुमान है। वित्त मंत्री ने हालांकि कहा कि अभी तक प्रत्यक्ष कर की वसूली लक्ष्य से कम रही है लेकिन मौजूदा कारोबारी साल की दूसरी छमाही में वसूली बढ़ेगी। उन्होंने कहा, 'वसूली 10.5 फीसदी की दर से बढ़ी है, जबकि जरूरत 15 फीसदी की है।'टिप्पणियां चिदम्बरम ने कहा कि आर्थिक विकास दर कम रहने का मतलब यह नहीं है कि कर वसूली भी कम रहेगी, क्योंकि दोनों का आपस में कोई सम्बंध नहीं है। सरकार कर और जीडीपी अनुपात 2011-12 के 10 फीसदी से बढ़ाकर 12 फीसदी करना चाहती है। यह अनुपात 2007-08 के 11.9 फीसदी से घटकर 2011-12 में 10.1 फीसदी पर आ गया था। मंत्री ने कहा, 'हमारा लक्ष्य वापस 12 फीसदी पर पहुंचने का है। 12 फीसदी के बाद भी भारत सबसे कम कर-जीडीपी अनुपात वाले देशों में रहेगा।' वित्त मंत्री ने हालांकि कहा कि अभी तक प्रत्यक्ष कर की वसूली लक्ष्य से कम रही है लेकिन मौजूदा कारोबारी साल की दूसरी छमाही में वसूली बढ़ेगी। उन्होंने कहा, 'वसूली 10.5 फीसदी की दर से बढ़ी है, जबकि जरूरत 15 फीसदी की है।'टिप्पणियां चिदम्बरम ने कहा कि आर्थिक विकास दर कम रहने का मतलब यह नहीं है कि कर वसूली भी कम रहेगी, क्योंकि दोनों का आपस में कोई सम्बंध नहीं है। सरकार कर और जीडीपी अनुपात 2011-12 के 10 फीसदी से बढ़ाकर 12 फीसदी करना चाहती है। यह अनुपात 2007-08 के 11.9 फीसदी से घटकर 2011-12 में 10.1 फीसदी पर आ गया था। मंत्री ने कहा, 'हमारा लक्ष्य वापस 12 फीसदी पर पहुंचने का है। 12 फीसदी के बाद भी भारत सबसे कम कर-जीडीपी अनुपात वाले देशों में रहेगा।' चिदम्बरम ने कहा कि आर्थिक विकास दर कम रहने का मतलब यह नहीं है कि कर वसूली भी कम रहेगी, क्योंकि दोनों का आपस में कोई सम्बंध नहीं है। सरकार कर और जीडीपी अनुपात 2011-12 के 10 फीसदी से बढ़ाकर 12 फीसदी करना चाहती है। यह अनुपात 2007-08 के 11.9 फीसदी से घटकर 2011-12 में 10.1 फीसदी पर आ गया था। मंत्री ने कहा, 'हमारा लक्ष्य वापस 12 फीसदी पर पहुंचने का है। 12 फीसदी के बाद भी भारत सबसे कम कर-जीडीपी अनुपात वाले देशों में रहेगा।' यह अनुपात 2007-08 के 11.9 फीसदी से घटकर 2011-12 में 10.1 फीसदी पर आ गया था। मंत्री ने कहा, 'हमारा लक्ष्य वापस 12 फीसदी पर पहुंचने का है। 12 फीसदी के बाद भी भारत सबसे कम कर-जीडीपी अनुपात वाले देशों में रहेगा।'
केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम ने सोमवार को कहा कि सरकार कर नियमों में स्पष्टता लाएगी और एक स्थिर कर व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाएगी।
28
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बॉलीवुड के दो खान, सलमान और आमिर की दोस्‍ती हमेशा से मिसाल की तरह रही है, लेकिन इंडस्‍ट्री में जब बात फिल्‍मों की आती है तो अच्‍छी खासी दोस्‍ती भी टूटने लगती है. लेकिन लगता है फिल्‍म 'अंदाज अपना अपना' कि 'अमर-प्रेम' की जोड़ी को फिल्‍मों की सफलता या असफलता भी नहीं तोड़ सकती है. 23 दिसंबर को आमिर खान की फिल्‍म 'दंगल' रिलीज होने जा रही है जो एक पहलवानी पर आधारित फिल्‍म है. लेकिन इससे पहले ऐसी ही पृष्ठभूमि पर बनी सलामन खान की 'सुल्‍तान' के लिए आमिर ने सफलता की दुआएं मांगी थीं.टिप्पणियां करण जौहर के शो 'कॉफी विद करण' में आए आमिर खान का कहना है कि उन्‍हें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि सलमान की 'सुल्‍तान' उनकी 'दंगल' से पहले रिलीज हो गई है और लोग उन दोनों की फिल्‍म की आपस में तुलना करेंगे. बल्कि वह 'सुल्‍तान' के रिलीज के समय उसकी सफलता की दुआएं मांग रहे थे.   करण जौहर ने आमिर से शो के दौरान पूछा कि क्‍या आपको नहीं लगता कि आपकी फिल्‍म सुल्‍तान के बाद आई है तो उससे आपको फर्क पड़ेगा या आपको लगता है कि लोग दोनों फिल्‍मों की तुलना करेंगे. इस पर आमिर ने कहा कि नहीं, बल्कि इन दोनों फिल्‍मों में काफी अंतर है. जब हमें पता चला कि सुल्‍तान भी पहलवान की कहानी है तो मैंने आदित्‍य चोपड़ा से फिल्‍म के बारे में पूछा. उन्‍होंने बताया कि यह एक रोमांटिक फिल्‍म है. यह सुनकर हम संतुष्‍ट हो गए थे क्‍योंकि हमारी फिल्‍म पिता और बेटी के रिश्‍ते पर टिकी है. ऐसे में यह दोनों फिल्‍में पूरी तरह अलग हैं. आमिर ने कहा कि बल्‍कि मैं तो चाहता था कि सलमान की 'सुल्‍तान' हिट हो ताकि लोग चाहे तुलना करने के लिए ही सही पर हमारी फिल्‍म भी देखने आएं. आमिर ने कहा कि इंडस्‍ट्री में एक ही भूमिका या एक ही पृष्ठभूमि पर कई फिल्‍में बनती हैं उनका आप कुछ नहीं कर सकते. लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि उसे दर्शक नहीं मिलते. आमिर का कहना है कि मैंने सलमान की फिल्‍म देखी है और वह काफी अच्‍छी है. करण जौहर के शो 'कॉफी विद करण' में आए आमिर खान का कहना है कि उन्‍हें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि सलमान की 'सुल्‍तान' उनकी 'दंगल' से पहले रिलीज हो गई है और लोग उन दोनों की फिल्‍म की आपस में तुलना करेंगे. बल्कि वह 'सुल्‍तान' के रिलीज के समय उसकी सफलता की दुआएं मांग रहे थे.   करण जौहर ने आमिर से शो के दौरान पूछा कि क्‍या आपको नहीं लगता कि आपकी फिल्‍म सुल्‍तान के बाद आई है तो उससे आपको फर्क पड़ेगा या आपको लगता है कि लोग दोनों फिल्‍मों की तुलना करेंगे. इस पर आमिर ने कहा कि नहीं, बल्कि इन दोनों फिल्‍मों में काफी अंतर है. जब हमें पता चला कि सुल्‍तान भी पहलवान की कहानी है तो मैंने आदित्‍य चोपड़ा से फिल्‍म के बारे में पूछा. उन्‍होंने बताया कि यह एक रोमांटिक फिल्‍म है. यह सुनकर हम संतुष्‍ट हो गए थे क्‍योंकि हमारी फिल्‍म पिता और बेटी के रिश्‍ते पर टिकी है. ऐसे में यह दोनों फिल्‍में पूरी तरह अलग हैं. आमिर ने कहा कि बल्‍कि मैं तो चाहता था कि सलमान की 'सुल्‍तान' हिट हो ताकि लोग चाहे तुलना करने के लिए ही सही पर हमारी फिल्‍म भी देखने आएं. आमिर ने कहा कि इंडस्‍ट्री में एक ही भूमिका या एक ही पृष्ठभूमि पर कई फिल्‍में बनती हैं उनका आप कुछ नहीं कर सकते. लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि उसे दर्शक नहीं मिलते. आमिर का कहना है कि मैंने सलमान की फिल्‍म देखी है और वह काफी अच्‍छी है. आमिर ने कहा कि बल्‍कि मैं तो चाहता था कि सलमान की 'सुल्‍तान' हिट हो ताकि लोग चाहे तुलना करने के लिए ही सही पर हमारी फिल्‍म भी देखने आएं. आमिर ने कहा कि इंडस्‍ट्री में एक ही भूमिका या एक ही पृष्ठभूमि पर कई फिल्‍में बनती हैं उनका आप कुछ नहीं कर सकते. लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि उसे दर्शक नहीं मिलते. आमिर का कहना है कि मैंने सलमान की फिल्‍म देखी है और वह काफी अच्‍छी है.
यहाँ एक सारांश है:सुल्‍तान हिट होगी तो हमारी फिल्‍म भी देखेंगे दर्शक : आमिर खान आमिर का कहना मुझे 'सुल्‍तान' और 'दंगल' की तुलना की कोई फिक्र नहीं है बाप-बेटी के प्‍यार की कहानी है 'दंगल'
17
['hin']
एक सारांश बनाओ: साइमन कैटिच को ऑस्ट्रेलिया के अनुबंधित खिलाड़ियों की सूची से बाहर करने के फैसले का भले ही कई पूर्व खिलाड़ियों ने विरोध किया हो, लेकिन इयान चैपल का मानना है कि यह व्यवहारिक फैसला है। चैपल ने डेली टेलीग्राफ में अपने कॉलम में लिखा, क्या कैटिच को हटाना सही था? कैटिच की नजर से तो बिल्कुल नहीं, लेकिन चयनकर्ताओं के नजरिये से देखें तो वे किसी खिलाड़ी के जज्बात के बारे में ही नहीं सोच सकते। यदि ऐसा करेंगे, तो कभी कठिन फैसले नहीं ले सकेंगे और ना ही अपने काम को बखूबी अंजाम दे पाएंगे। उन्होंने कहा, चयनकर्ताओं का यह फैसला व्यवहारिक है। उन्हें एक जगह खाली करनी थी और शीर्षक्रम से ही किसी को हटाया जा सकता था। चैपल ने कहा कि कैटिच को बाहर करने का कारण उनकी उम्र नहीं, बल्कि पिछले साल की फिटनेस समस्याएं रही होंगी। उन्होंने इन रपटों को खारिज किया कि मौजूदा कप्तान माइकल क्लार्क का इस फैसले से कोई सरोकार रहा होगा। उन्होंने कहा, अपनी पसंद या नापंसद थोपने वाला कोई भी क्रिकेट कप्तान लंबे समय तक नहीं चलता। जिसे पता हो कि उसके नाम दर्ज होने वाली जीत या हार खिलाड़ियों के चयन पर निर्भर होती है, वही अच्छा कप्तान है।
उन्होंने कहा, चयनकर्ताओं का यह फैसला व्यवहारिक है। उन्हें एक जगह खाली करनी थी और शीर्षक्रम से ही किसी को हटाया जा सकता था।
26
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: बिजलीघरों के यंत्र और उपकरण बनाने वाली सरकारी क्षेत्र की विशाल कंपनी भेल अपनी गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी :एनबीएफसी: खड़ी करने के प्रस्ताव पर निर्णय अगले माह तक कर सकती है। कंपनी के पास इस समय 9,000 करोड़ रुपए से अधिक की नकदी उपलब्ध है। कंपनी बिजली क्षेत्र की परियोजनाओं को ऋण देने और विदेशों में अधिग्रहणों के लिए वित्त पोषण के कारोबार में बढ़ते अवसरों का लाभ उठाने के लिए एनबीएफसी बनाने का विचार कर रही है। इस बारे में परामर्श देने के लिए उसने वित्तीय सेवा फर्म क्रिसिल को अनुबंधित कर रखा है। सूत्रों के अनुसार, क्रिसिल ने अपनी रपट दे दी है और भेल का निदेशक मंडल जल्दी ही इस पर विचार करेगा। इस पर निर्णय अप्रैल में या उसके बाद लिया जा सकता है। कंपनी ने हाल में शेयर बाजारों को सूचित किया है कि उसके निदेशक मंडल की 15 मार्च को बैठक होगी जिसमें एनबीएफसी बनाने के बारे में परमार्श की सलाह पर विचार किया जाएगा। वर्ष 2009-10 में कपंनी ने 34,000 करोड़ रुपए का करोबार कर 4,310 करोड़ रुपए का लाभ दर्शाया था। चालू वित्त वर्ष के प्रथम नौ माह में कंपनी का लाभ 3,213 करोड़ रुपए रहा। कंपनी के पास इस समय 1,58,000 करोड़ रुपए के काम के आर्डर हैं।
यह एक सारांश है: सूत्रों के अनुसार, क्रिसिल ने अपनी रपट दे दी है और भेल का निदेशक मंडल जल्दी ही इस पर विचार करेगा।'
2
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: यूपी बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षा का रिजल्ट (UP Board Result) जल्द ही जारी कर दिया जाएगा. UP Board की सचिव नीना श्रीवास्तव ने NDTV से बातचीत में कहा, ''बोर्ड द्वारा अभी रिजल्ट की तारीख तय नहीं हुई है, लेकिन अप्रैल के अंत में रिजल्ट जारी कर दिया जाएगा.'' वहीं, सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक बोर्ड 2-3 दिन में रिजल्ट (UP Board Result 2019) जारी होने की तारीख की घोषणा कर सकता है. यूपी बोर्ड रिजल्ट (UP Result 2019) जारी होने में इस लिए समय लग रहा है क्योंकि चुनाव में स्टाफ की ड्यूटी लगी हुई है. यूपी बोर्ड की परीक्षाओं का रिजल्ट (UP Board 10th & 12th Result) उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) की ऑफिशियल वेबसाइट upmsp.edu.in पर जारी किया जाएगा. स्टूडेंट्स upmsp.edu.in के अलावा upresults.nic.in पर भी अपना रिजल्ट चेक कर पाएंगे. स्टूडेंट्स को अपना रिजल्ट चेक करने के लिए रोल नंबर की जरूरत होगी. इस साल यूपी बोर्ड (UP Board) की परीक्षाएं 7 फरवरी से शुरू होकर 28 फरवरी 2019 को खत्म हो गई थी. आपको बता दें कि पिछले साल यूपी बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षा का रिजल्ट (UP Board Result) 29 अप्रैल 2018 को जारी किया गया था. पिछले साल हाईस्कूल में 75.16 और इंटर में 72.43 प्रतिशत स्टूडेंट्स पास हुए थे.
यहाँ एक सारांश है:यूपी बोर्ड की परीक्षा का रिजल्ट जल्द जारी होगा. रिजल्ट इस महीने के अंत में जारी किया जाएगा. रिजल्ट ऑफिशियल वेबसाइट upmsp.edu.in पर जारी होगा.
4
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश के बुलन्दशहर जिले में सुहागरात पर दुल्हन द्वारा बच्चे को जन्म देने की घटना आसपास के इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।टिप्पणियां एसएसपी गुलाब सिंह ने बताया कि खुर्जा के मोहल्ला बुर्जउस्मान खां निवासी 15 वर्षीय अन्जुम का विवाह गत पांच मई 2012 को सिकन्दराबाद के गुंगे युवक शाहिद के साथ हुआ था। छह मई की रात में शाहिद जब अपनी दुल्हन के पास पहुंचा तब उसे पता चला कि पत्नी दर्द से परेशान है। उन्होंने बताया कि दुल्हन ने एक पुत्र को जन्म दे दिया। इस घटना से परिजन सकते में आ गए। इस मामले को लेकर पंचायत बुलाई गई और सर्वसम्मति से तलाक का निर्णय किया गया। इसके बाद सोमवार रात शाहिद और अंजुम के बीच तलाक हो गया। शाहिद ने इसकी शिकायत थाने में दर्ज कराई है। उधर, पुलिस को जांच में दुल्हन ने बताया कि वह नाबालिग तथा अनाथ थी और उसका जीजा तीन साल से उसके साथ कथित रूप से बलात्कार कर रहा है और यह बच्चा भी उसका है। हालांकि नवजात शिशु का जन्म के थोड़ी ही देर बाद मृत्यु हो गई थी। एसएसपी गुलाब सिंह ने बताया कि खुर्जा के मोहल्ला बुर्जउस्मान खां निवासी 15 वर्षीय अन्जुम का विवाह गत पांच मई 2012 को सिकन्दराबाद के गुंगे युवक शाहिद के साथ हुआ था। छह मई की रात में शाहिद जब अपनी दुल्हन के पास पहुंचा तब उसे पता चला कि पत्नी दर्द से परेशान है। उन्होंने बताया कि दुल्हन ने एक पुत्र को जन्म दे दिया। इस घटना से परिजन सकते में आ गए। इस मामले को लेकर पंचायत बुलाई गई और सर्वसम्मति से तलाक का निर्णय किया गया। इसके बाद सोमवार रात शाहिद और अंजुम के बीच तलाक हो गया। शाहिद ने इसकी शिकायत थाने में दर्ज कराई है। उधर, पुलिस को जांच में दुल्हन ने बताया कि वह नाबालिग तथा अनाथ थी और उसका जीजा तीन साल से उसके साथ कथित रूप से बलात्कार कर रहा है और यह बच्चा भी उसका है। हालांकि नवजात शिशु का जन्म के थोड़ी ही देर बाद मृत्यु हो गई थी। शाहिद ने इसकी शिकायत थाने में दर्ज कराई है। उधर, पुलिस को जांच में दुल्हन ने बताया कि वह नाबालिग तथा अनाथ थी और उसका जीजा तीन साल से उसके साथ कथित रूप से बलात्कार कर रहा है और यह बच्चा भी उसका है। हालांकि नवजात शिशु का जन्म के थोड़ी ही देर बाद मृत्यु हो गई थी।
संक्षिप्त सारांश: उत्तर प्रदेश के बुलन्दशहर जिले में सुहागरात पर दुल्हन द्वारा बच्चे को जन्म देने की घटना आसपास के इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।
23
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: टिप्पणियां प्रभु को लगता है कि महिला टीम की सफलता ‘पुरुष क्रिकेटरों के लिये चेतावनी है.’ उन्होंने कहा, ‘कृपया सतर्क रहो. लोग अब ज्यादा से ज्यादा महिला क्रिकेट देख रहे हैं. पुरुष क्रिकेटरों को भगवान की तरह पूजा जाता है लेकिन अब महिलाएं भी क्रिकेट में हैं और भविष्य में क्रिकेट में भगवान नहीं, बल्कि देवियों की पूजा होगी.’गौरतलब है कि कप्तान मिताली राज और उप कप्तान हरमनप्रीत कौर सहित भारतीय टीम की दस खिलाड़ी अभी रेलवे में कार्यरत हैं.  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) प्रभु को लगता है कि महिला टीम की सफलता ‘पुरुष क्रिकेटरों के लिये चेतावनी है.’ उन्होंने कहा, ‘कृपया सतर्क रहो. लोग अब ज्यादा से ज्यादा महिला क्रिकेट देख रहे हैं. पुरुष क्रिकेटरों को भगवान की तरह पूजा जाता है लेकिन अब महिलाएं भी क्रिकेट में हैं और भविष्य में क्रिकेट में भगवान नहीं, बल्कि देवियों की पूजा होगी.’गौरतलब है कि कप्तान मिताली राज और उप कप्तान हरमनप्रीत कौर सहित भारतीय टीम की दस खिलाड़ी अभी रेलवे में कार्यरत हैं.  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त सारांश: भारतीय टीम की दो तिहाई सदस्‍य करती है रेलवे में काम टीम की 10 सदस्‍यों को 13-13 लाख रु. देने का ऐलान प्रभु बोले-महिला टीम की सफलता पुरुषों के लिए चेतावनी
23
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: अमेरिका के अल्बुकर्क शहर में सप्ताहांत पर पांच लोगों की गोली मारकर हत्या करने के आरोपी किशोर को गिरफ्तार कर लिया गया है।टिप्पणियां समाचार एजेंसी ईएफई के मुताबिक, अधिकारियों ने रविवार को बताया कि शहर में शनिवार को एक घर के नजदीक दो वयस्क व्यक्ति तथा तीन बच्चे मृत पाए गए थे। उनके शरीर में कई गोलियां लगी थीं। बरनैनिलो काउंटी शेरिफ के प्रवक्ता आरोन विलियम्सन ने बताया कि हत्या के पीछे क्या मकसद था और मारने वाले का मृतकों से क्या संबंध था, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। आरोपी के खिलाफ मंगलवार को आरोप-पत्र दायर किया जा सकता है। समाचार एजेंसी ईएफई के मुताबिक, अधिकारियों ने रविवार को बताया कि शहर में शनिवार को एक घर के नजदीक दो वयस्क व्यक्ति तथा तीन बच्चे मृत पाए गए थे। उनके शरीर में कई गोलियां लगी थीं। बरनैनिलो काउंटी शेरिफ के प्रवक्ता आरोन विलियम्सन ने बताया कि हत्या के पीछे क्या मकसद था और मारने वाले का मृतकों से क्या संबंध था, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। आरोपी के खिलाफ मंगलवार को आरोप-पत्र दायर किया जा सकता है। बरनैनिलो काउंटी शेरिफ के प्रवक्ता आरोन विलियम्सन ने बताया कि हत्या के पीछे क्या मकसद था और मारने वाले का मृतकों से क्या संबंध था, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। आरोपी के खिलाफ मंगलवार को आरोप-पत्र दायर किया जा सकता है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: अमेरिका के अल्बुकर्क शहर में सप्ताहांत पर पांच लोगों की गोली मारकर हत्या करने के आरोपी किशोर को गिरफ्तार कर लिया गया है।
11
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: साल 2008 में अहमदाबाद में हुए विस्फोटों के मामले में आरोपी इंडियन मुजाहिदीन का सदस्य अफजल उस्मानी एक विशेष मकोका अदालत से भाग गया जहां उसे आरोप तय करने के लिए लाया गया था। उस्मानी कथित तौर पर सूरत में अनेक ठिकानों पर बम विस्फोट की कोशिशों में भी शामिल था। उस्मानी को 18 अन्य आरोपियों के साथ नवी मुंबई की तलोजा केंद्रीय जेल से महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) अदालत लाया गया था। सूत्रों ने बताया कि वह शौचालय जाने के बहाने पुलिस को चकमा देकर भाग गया। उसकी तलाश शुरू कर दी गयी है। मामले में अन्य चार आरोपी भी अदालत में पेश हुए जो जमानत पर हैं। अदालत ने उस्मानी के भाग जाने के बाद आरोप तय करने की प्रक्रिया 25 सितंबर तक टाल दी और उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया। उस्मानी को लेकर आए पुलिस अधिकारियों ने अपराह्न तीन बजे अदालत को उसके लापता होने के बारे में बताया। जिसके बाद विशेष सरकारी अभियोजक राजा ठाकरे ने गिरफ्तारी वारंट जारी करने की प्रार्थना की जिसे अदालत ने जारी किया। टिप्पणियां विशेष न्यायाधीश एएल पंसारे ने घटना पर अफसोस जताते हुए कहा, ‘यह गंभीर अपराध है। यह आरोपी को अदालत में लाने वाले पुलिस दल की ओर से की गई लापरवाही है। इसका अन्य मामलों पर भी असर पड़ेगा। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण घटना है।’ कहा जा रहा है कि अपराध की दुनिया में उस्मानी की शुरुआत मुंबई के एक अंडरवर्ल्ड गैंग के सदस्य के रूप में हुई थी। 1996 में उस पर हत्या की कोशिश का मामला दर्ज हुआ था। मुंबई में फायरिंग की कई घटनाओं में भी उसका नाम आया था। उस्मानी को 18 अन्य आरोपियों के साथ नवी मुंबई की तलोजा केंद्रीय जेल से महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) अदालत लाया गया था। सूत्रों ने बताया कि वह शौचालय जाने के बहाने पुलिस को चकमा देकर भाग गया। उसकी तलाश शुरू कर दी गयी है। मामले में अन्य चार आरोपी भी अदालत में पेश हुए जो जमानत पर हैं। अदालत ने उस्मानी के भाग जाने के बाद आरोप तय करने की प्रक्रिया 25 सितंबर तक टाल दी और उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया। उस्मानी को लेकर आए पुलिस अधिकारियों ने अपराह्न तीन बजे अदालत को उसके लापता होने के बारे में बताया। जिसके बाद विशेष सरकारी अभियोजक राजा ठाकरे ने गिरफ्तारी वारंट जारी करने की प्रार्थना की जिसे अदालत ने जारी किया। टिप्पणियां विशेष न्यायाधीश एएल पंसारे ने घटना पर अफसोस जताते हुए कहा, ‘यह गंभीर अपराध है। यह आरोपी को अदालत में लाने वाले पुलिस दल की ओर से की गई लापरवाही है। इसका अन्य मामलों पर भी असर पड़ेगा। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण घटना है।’ कहा जा रहा है कि अपराध की दुनिया में उस्मानी की शुरुआत मुंबई के एक अंडरवर्ल्ड गैंग के सदस्य के रूप में हुई थी। 1996 में उस पर हत्या की कोशिश का मामला दर्ज हुआ था। मुंबई में फायरिंग की कई घटनाओं में भी उसका नाम आया था। मामले में अन्य चार आरोपी भी अदालत में पेश हुए जो जमानत पर हैं। अदालत ने उस्मानी के भाग जाने के बाद आरोप तय करने की प्रक्रिया 25 सितंबर तक टाल दी और उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया। उस्मानी को लेकर आए पुलिस अधिकारियों ने अपराह्न तीन बजे अदालत को उसके लापता होने के बारे में बताया। जिसके बाद विशेष सरकारी अभियोजक राजा ठाकरे ने गिरफ्तारी वारंट जारी करने की प्रार्थना की जिसे अदालत ने जारी किया। टिप्पणियां विशेष न्यायाधीश एएल पंसारे ने घटना पर अफसोस जताते हुए कहा, ‘यह गंभीर अपराध है। यह आरोपी को अदालत में लाने वाले पुलिस दल की ओर से की गई लापरवाही है। इसका अन्य मामलों पर भी असर पड़ेगा। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण घटना है।’ कहा जा रहा है कि अपराध की दुनिया में उस्मानी की शुरुआत मुंबई के एक अंडरवर्ल्ड गैंग के सदस्य के रूप में हुई थी। 1996 में उस पर हत्या की कोशिश का मामला दर्ज हुआ था। मुंबई में फायरिंग की कई घटनाओं में भी उसका नाम आया था। उस्मानी को लेकर आए पुलिस अधिकारियों ने अपराह्न तीन बजे अदालत को उसके लापता होने के बारे में बताया। जिसके बाद विशेष सरकारी अभियोजक राजा ठाकरे ने गिरफ्तारी वारंट जारी करने की प्रार्थना की जिसे अदालत ने जारी किया। टिप्पणियां विशेष न्यायाधीश एएल पंसारे ने घटना पर अफसोस जताते हुए कहा, ‘यह गंभीर अपराध है। यह आरोपी को अदालत में लाने वाले पुलिस दल की ओर से की गई लापरवाही है। इसका अन्य मामलों पर भी असर पड़ेगा। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण घटना है।’ कहा जा रहा है कि अपराध की दुनिया में उस्मानी की शुरुआत मुंबई के एक अंडरवर्ल्ड गैंग के सदस्य के रूप में हुई थी। 1996 में उस पर हत्या की कोशिश का मामला दर्ज हुआ था। मुंबई में फायरिंग की कई घटनाओं में भी उसका नाम आया था। विशेष न्यायाधीश एएल पंसारे ने घटना पर अफसोस जताते हुए कहा, ‘यह गंभीर अपराध है। यह आरोपी को अदालत में लाने वाले पुलिस दल की ओर से की गई लापरवाही है। इसका अन्य मामलों पर भी असर पड़ेगा। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण घटना है।’ कहा जा रहा है कि अपराध की दुनिया में उस्मानी की शुरुआत मुंबई के एक अंडरवर्ल्ड गैंग के सदस्य के रूप में हुई थी। 1996 में उस पर हत्या की कोशिश का मामला दर्ज हुआ था। मुंबई में फायरिंग की कई घटनाओं में भी उसका नाम आया था। कहा जा रहा है कि अपराध की दुनिया में उस्मानी की शुरुआत मुंबई के एक अंडरवर्ल्ड गैंग के सदस्य के रूप में हुई थी। 1996 में उस पर हत्या की कोशिश का मामला दर्ज हुआ था। मुंबई में फायरिंग की कई घटनाओं में भी उसका नाम आया था।
संक्षिप्त सारांश: साल 2008 में अहमदाबाद में हुए विस्फोटों के मामले में आरोपी इंडियन मुजाहिदीन का सदस्य अफजल उस्मानी एक विशेष मकोका अदालत से भाग गया जहां उसे आरोप तय करने के लिए लाया गया था।
10
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान के मुख्य कोच मिकी आर्थर ने हेंडिग्ले में मोहम्मद इरफान के केवल पांच ओवर करने के बाद मैदान छोड़ने पर गहरी निराशा जताई. उन्‍होंने साफ किया कि वह राष्ट्रीय टीम में अनफिट और लचर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को बर्दाश्त नहीं करेंगे.  इरफान को चोटिल मोहम्मद हफीज की जगह टीम में लिया गया था. उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ हेंडिग्ले में चौथे वनडे मैच में पांच ओवरों में दो विकेट हासिल किए थे लेकिन इसके बाद थकान के कारण मैदान छोड़कर बाहर चले गए. इसके बाद वह इंग्लैंड दौरे के बाकी मैचों में नहीं खेल पाये थे. उच्च पदस्थ सूत्रों ने कहा, ‘इंग्लैंड के खिलाफ चौथे वनडे के दौरान हैमस्ट्रिंग के कारण इरफान जब मैदान छोड़कर लंगड़ाते हुए बाहर आए तो मुख्य कोच ने कहा कि उन्हें पाकिस्तान लौट जाना चाहिए. इससे इरफान खुश नहीं थे.’ सूत्रों ने कहा कि इरफान ने लाहौर लौटने के बाद कुछ अधिकारियों से शिकायत की कि वह अनफिट नहीं थे बल्कि उनकी पिंडली की मांसपेशियों में हल्का खिंचाव आया था और वह चौथे वनडे के समाप्त होने एक दिन बाद फिट हो गये थे. उन्होंने कहा, ‘‘इरफान ने दावा किया कि उन्‍होंने मुख्य कोच से कहा कि वह फिट हैं लेकिन तब भी उनसे वापस लाहौर लौटने और राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी में रिपोर्ट करके वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज के लिये पूरी तरह फिट होने के लिये कहा गया.’ टिप्पणियां सूत्रों ने कहा, ‘मुख्य कोच ने मोहम्मद हफीज को भी टीम के साथ रहने की अनुमति नहीं दी जो फिटनेस के कारण दूसरे वनडे में नहीं खेल पाए थे.’ हफीज के मामले में आर्थर ने स्पष्ट किया कि वह अनफिट खिलाड़ियों को टीम के साथ यात्रा की अनुमति नहीं देंगे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)  इरफान को चोटिल मोहम्मद हफीज की जगह टीम में लिया गया था. उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ हेंडिग्ले में चौथे वनडे मैच में पांच ओवरों में दो विकेट हासिल किए थे लेकिन इसके बाद थकान के कारण मैदान छोड़कर बाहर चले गए. इसके बाद वह इंग्लैंड दौरे के बाकी मैचों में नहीं खेल पाये थे. उच्च पदस्थ सूत्रों ने कहा, ‘इंग्लैंड के खिलाफ चौथे वनडे के दौरान हैमस्ट्रिंग के कारण इरफान जब मैदान छोड़कर लंगड़ाते हुए बाहर आए तो मुख्य कोच ने कहा कि उन्हें पाकिस्तान लौट जाना चाहिए. इससे इरफान खुश नहीं थे.’ सूत्रों ने कहा कि इरफान ने लाहौर लौटने के बाद कुछ अधिकारियों से शिकायत की कि वह अनफिट नहीं थे बल्कि उनकी पिंडली की मांसपेशियों में हल्का खिंचाव आया था और वह चौथे वनडे के समाप्त होने एक दिन बाद फिट हो गये थे. उन्होंने कहा, ‘‘इरफान ने दावा किया कि उन्‍होंने मुख्य कोच से कहा कि वह फिट हैं लेकिन तब भी उनसे वापस लाहौर लौटने और राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी में रिपोर्ट करके वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज के लिये पूरी तरह फिट होने के लिये कहा गया.’ टिप्पणियां सूत्रों ने कहा, ‘मुख्य कोच ने मोहम्मद हफीज को भी टीम के साथ रहने की अनुमति नहीं दी जो फिटनेस के कारण दूसरे वनडे में नहीं खेल पाए थे.’ हफीज के मामले में आर्थर ने स्पष्ट किया कि वह अनफिट खिलाड़ियों को टीम के साथ यात्रा की अनुमति नहीं देंगे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सूत्रों ने कहा कि इरफान ने लाहौर लौटने के बाद कुछ अधिकारियों से शिकायत की कि वह अनफिट नहीं थे बल्कि उनकी पिंडली की मांसपेशियों में हल्का खिंचाव आया था और वह चौथे वनडे के समाप्त होने एक दिन बाद फिट हो गये थे. उन्होंने कहा, ‘‘इरफान ने दावा किया कि उन्‍होंने मुख्य कोच से कहा कि वह फिट हैं लेकिन तब भी उनसे वापस लाहौर लौटने और राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी में रिपोर्ट करके वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज के लिये पूरी तरह फिट होने के लिये कहा गया.’ टिप्पणियां सूत्रों ने कहा, ‘मुख्य कोच ने मोहम्मद हफीज को भी टीम के साथ रहने की अनुमति नहीं दी जो फिटनेस के कारण दूसरे वनडे में नहीं खेल पाए थे.’ हफीज के मामले में आर्थर ने स्पष्ट किया कि वह अनफिट खिलाड़ियों को टीम के साथ यात्रा की अनुमति नहीं देंगे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सूत्रों ने कहा, ‘मुख्य कोच ने मोहम्मद हफीज को भी टीम के साथ रहने की अनुमति नहीं दी जो फिटनेस के कारण दूसरे वनडे में नहीं खेल पाए थे.’ हफीज के मामले में आर्थर ने स्पष्ट किया कि वह अनफिट खिलाड़ियों को टीम के साथ यात्रा की अनुमति नहीं देंगे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त सारांश: अनफिट, खराब खेलने वाले खिलाड़ि‍यों को झेलने को तैयार नहीं हैं इरफान इंग्‍लैंड के खिलाफ चौथे वनडे में पांच ओवर ही कर पाए थे आर्थर ने हफीज को भी टीम के साथ रहने की अनुमति नहीं दी
23
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक नेता ने सोमवार को कहा कि यदि उनकी पार्टी राज्य में सत्ता में आती है तो गो मांस पर प्रतिबंध नहीं होगा और बूचड़खानों को कानूनी रूप से मान्यता दी जाएगी, और इससे विभिन्न प्रकार के मांस की कीमतें घटेंगी. भाजपा नेता बर्नार्ड मरक ने कहा, "मेघालय में कई भाजपा नेता गो मांस खाते हैं. मेघालय जैसे शहर में गो मांस पर प्रतिबंध लगाने का सवाल ही नहीं उठता. मेघालय में भाजपा नेताओं को पहाड़ी क्षेत्रों की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और संवैधानिक प्रावधानों के बारे में अच्छी तरह पता है." आतंकवादी से नेता बने बर्नार्ड ने कहा, "यदि भाजपा 2018 में सत्ता में आती है तो गो मांस पर प्रतिबंध नहीं लगाएगी. इसके बजाय मांस की उचित दर तय की जाएगी और बूचड़खानों को कानूनी रूप से मान्यता दी जाएगी, जिससे गो मांस और अन्य मांसों की कीमतें कम घटेंगीं." उन्होंने कहा, "गो मांस महंगा होने के कारण इसे सभी नहीं खरीद सकते. सरकार मांस की कीमतों में एकरूपता लाने में नाकाम रही है, जो जनता के लिए उत्पीड़न है." टिप्पणियां मरक ने कहा कि मेघालय के खुले बाजारों में बिकने वाले मांस की जांच के लिए उचित बूचड़खाने नहीं हैं. उन्होंने कहा, "लोग हानिकारक खाद्य के संपर्क में आते हैं और कभी-कभी रासायनिक पदार्थ भी उसमें मिले होते हैं, जिसे बुजुर्ग और युवा खाते हैं." उन्होंने कहा कि भाजपा मांस की गुणवत्ता की जांच के लिए और कीमतों में कमी के लिए बूचड़खानों की स्थापना हेतु हर संभव प्रयास करेगी, जो कांग्रेस की सरकार ने नहीं किया.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) आतंकवादी से नेता बने बर्नार्ड ने कहा, "यदि भाजपा 2018 में सत्ता में आती है तो गो मांस पर प्रतिबंध नहीं लगाएगी. इसके बजाय मांस की उचित दर तय की जाएगी और बूचड़खानों को कानूनी रूप से मान्यता दी जाएगी, जिससे गो मांस और अन्य मांसों की कीमतें कम घटेंगीं." उन्होंने कहा, "गो मांस महंगा होने के कारण इसे सभी नहीं खरीद सकते. सरकार मांस की कीमतों में एकरूपता लाने में नाकाम रही है, जो जनता के लिए उत्पीड़न है." टिप्पणियां मरक ने कहा कि मेघालय के खुले बाजारों में बिकने वाले मांस की जांच के लिए उचित बूचड़खाने नहीं हैं. उन्होंने कहा, "लोग हानिकारक खाद्य के संपर्क में आते हैं और कभी-कभी रासायनिक पदार्थ भी उसमें मिले होते हैं, जिसे बुजुर्ग और युवा खाते हैं." उन्होंने कहा कि भाजपा मांस की गुणवत्ता की जांच के लिए और कीमतों में कमी के लिए बूचड़खानों की स्थापना हेतु हर संभव प्रयास करेगी, जो कांग्रेस की सरकार ने नहीं किया.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा, "गो मांस महंगा होने के कारण इसे सभी नहीं खरीद सकते. सरकार मांस की कीमतों में एकरूपता लाने में नाकाम रही है, जो जनता के लिए उत्पीड़न है." टिप्पणियां मरक ने कहा कि मेघालय के खुले बाजारों में बिकने वाले मांस की जांच के लिए उचित बूचड़खाने नहीं हैं. उन्होंने कहा, "लोग हानिकारक खाद्य के संपर्क में आते हैं और कभी-कभी रासायनिक पदार्थ भी उसमें मिले होते हैं, जिसे बुजुर्ग और युवा खाते हैं." उन्होंने कहा कि भाजपा मांस की गुणवत्ता की जांच के लिए और कीमतों में कमी के लिए बूचड़खानों की स्थापना हेतु हर संभव प्रयास करेगी, जो कांग्रेस की सरकार ने नहीं किया.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) मरक ने कहा कि मेघालय के खुले बाजारों में बिकने वाले मांस की जांच के लिए उचित बूचड़खाने नहीं हैं. उन्होंने कहा, "लोग हानिकारक खाद्य के संपर्क में आते हैं और कभी-कभी रासायनिक पदार्थ भी उसमें मिले होते हैं, जिसे बुजुर्ग और युवा खाते हैं." उन्होंने कहा कि भाजपा मांस की गुणवत्ता की जांच के लिए और कीमतों में कमी के लिए बूचड़खानों की स्थापना हेतु हर संभव प्रयास करेगी, जो कांग्रेस की सरकार ने नहीं किया.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सारांश: भाजपा नेता ने कहा कि उनकी पार्टी सत्ता में आई तो गो मांस पर प्रतिबंध नही बूचड़खानों को कानूनी रूप से मान्यता दी जाएगी, और मांस की कीमतें घटेंगी भाजपा नेता बर्नार्ड मरक ने कहा, 'मेघालय में कई भाजपा नेता गोमांस खाते है'
7
['hin']
एक सारांश बनाओ: दक्षिणी अफगानिस्तान में एक अफगान सैनिक तथा एक नागरिक द्वारा किए गए हमले में दो नाटो सैनिक मारे गए। झारी जिले के प्रमुख नियाज मोहम्मद सरहदी ने बताया कि अफगान नागरिक एक साक्षरता अध्यापक था जिसने एक सैनिक से बंदूक छीन ली और कंधार प्रांत की सैन्य चौकी पर गोलीबारी शुरू कर दी।टिप्पणियां आईएसएएफ ने एक बयान में बताया, ‘अफगान राष्ट्रीय सेना सेवा के एक सदस्य तथा सादा कपड़ों में एक अफगान नागरिक ने अपने हथियारों का रूख आज कंधार में अंतररष्ट्रीय सुरक्षा सहायता बल और अफगान राष्ट्रीय सुरक्षा बल सेवा सदस्यों की ओर करके अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी जिससे आईएसएएफ सेवा के दो सदस्य मारे गए।’ अमेरिका के नेतृत्व वाले नाटो बल ने इस बारे में और कोई जानकारी नहीं दी है। सरहदी ने बताया कि मारे गए सैनिक अमेरिकी थे। उन्होंने बताया कि अन्य सैनिकों ने जवाबी गोलीबारी की और अध्यापक तथा अफगान सैनिक को मार गिराया। झारी जिले के प्रमुख नियाज मोहम्मद सरहदी ने बताया कि अफगान नागरिक एक साक्षरता अध्यापक था जिसने एक सैनिक से बंदूक छीन ली और कंधार प्रांत की सैन्य चौकी पर गोलीबारी शुरू कर दी।टिप्पणियां आईएसएएफ ने एक बयान में बताया, ‘अफगान राष्ट्रीय सेना सेवा के एक सदस्य तथा सादा कपड़ों में एक अफगान नागरिक ने अपने हथियारों का रूख आज कंधार में अंतररष्ट्रीय सुरक्षा सहायता बल और अफगान राष्ट्रीय सुरक्षा बल सेवा सदस्यों की ओर करके अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी जिससे आईएसएएफ सेवा के दो सदस्य मारे गए।’ अमेरिका के नेतृत्व वाले नाटो बल ने इस बारे में और कोई जानकारी नहीं दी है। सरहदी ने बताया कि मारे गए सैनिक अमेरिकी थे। उन्होंने बताया कि अन्य सैनिकों ने जवाबी गोलीबारी की और अध्यापक तथा अफगान सैनिक को मार गिराया। आईएसएएफ ने एक बयान में बताया, ‘अफगान राष्ट्रीय सेना सेवा के एक सदस्य तथा सादा कपड़ों में एक अफगान नागरिक ने अपने हथियारों का रूख आज कंधार में अंतररष्ट्रीय सुरक्षा सहायता बल और अफगान राष्ट्रीय सुरक्षा बल सेवा सदस्यों की ओर करके अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी जिससे आईएसएएफ सेवा के दो सदस्य मारे गए।’ अमेरिका के नेतृत्व वाले नाटो बल ने इस बारे में और कोई जानकारी नहीं दी है। सरहदी ने बताया कि मारे गए सैनिक अमेरिकी थे। उन्होंने बताया कि अन्य सैनिकों ने जवाबी गोलीबारी की और अध्यापक तथा अफगान सैनिक को मार गिराया। सरहदी ने बताया कि मारे गए सैनिक अमेरिकी थे। उन्होंने बताया कि अन्य सैनिकों ने जवाबी गोलीबारी की और अध्यापक तथा अफगान सैनिक को मार गिराया।
यह एक सारांश है: दक्षिणी अफगानिस्तान में एक अफगान सैनिक तथा एक नागरिक द्वारा किए गए हमले में दो नाटो सैनिक मारे गए।
21
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिका के एंडी रॉडिक ने अमेरिकी ओपन के बाद संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है, जबकि दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी रोजर फेडरर आसानी से तीसरे दौर में पहुंच गए। पूर्व नंबर एक खिलाड़ी रॉडिक ने स्वीकार किया कि वह दुनिया के शीर्ष तीन खिलाड़ियों फेडरर, रफेल नडाल और नोवाक जोकोविच के स्तर पर नहीं खेल पा रहे हैं, लिहाजा अमेरिकी ओपन खत्म होने के बाद खेल को अलविदा कह देंगे।टिप्पणियां रॉडिक ने कहा, मैंने तय कर लिया है कि यह मेरा आखिरी टूर्नामेंट है। यह सही समय है। शीर्ष तीन खिलाड़ी वाकई बहुत अच्छा खेल रहे हैं। मैं टूर पर सिर्फ खेलने के लिए ही नहीं खेलना चाहता। उनका अगले दौर में सामना ऑस्ट्रेलिया के बर्नार्ड टोमिच से होगा। शीर्ष वरीयता प्राप्त और पांच बार के चैम्पियन फेडरर जर्मनी के ब्योर्न फाउ को 6-2, 6-3, 6-2 से हराकर तीसरे दौर में पहुंच गए। अब उनकी टक्कर स्पेन के फर्नांडो वर्डास्को से होगी, जिन्हें वह चार मैचों में चार बार हरा चुके हैं। छह अमेरिकी ओपन जीतने वाले पहले खिलाड़ी बनने की दहलीज पर खड़े फेडरर को जीतने में सिर्फ 90 मिनट लगे। रॉडिक ने कहा, मैंने तय कर लिया है कि यह मेरा आखिरी टूर्नामेंट है। यह सही समय है। शीर्ष तीन खिलाड़ी वाकई बहुत अच्छा खेल रहे हैं। मैं टूर पर सिर्फ खेलने के लिए ही नहीं खेलना चाहता। उनका अगले दौर में सामना ऑस्ट्रेलिया के बर्नार्ड टोमिच से होगा। शीर्ष वरीयता प्राप्त और पांच बार के चैम्पियन फेडरर जर्मनी के ब्योर्न फाउ को 6-2, 6-3, 6-2 से हराकर तीसरे दौर में पहुंच गए। अब उनकी टक्कर स्पेन के फर्नांडो वर्डास्को से होगी, जिन्हें वह चार मैचों में चार बार हरा चुके हैं। छह अमेरिकी ओपन जीतने वाले पहले खिलाड़ी बनने की दहलीज पर खड़े फेडरर को जीतने में सिर्फ 90 मिनट लगे। शीर्ष वरीयता प्राप्त और पांच बार के चैम्पियन फेडरर जर्मनी के ब्योर्न फाउ को 6-2, 6-3, 6-2 से हराकर तीसरे दौर में पहुंच गए। अब उनकी टक्कर स्पेन के फर्नांडो वर्डास्को से होगी, जिन्हें वह चार मैचों में चार बार हरा चुके हैं। छह अमेरिकी ओपन जीतने वाले पहले खिलाड़ी बनने की दहलीज पर खड़े फेडरर को जीतने में सिर्फ 90 मिनट लगे।
संक्षिप्त सारांश: अमेरिका के एंडी रॉडिक ने अमेरिकी ओपन के बाद संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है, जबकि दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी रोजर फेडरर आसानी से तीसरे दौर में पहुंच गए।
10
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: पेरिस के विश्व विख्यात एफिल टावर को शनिवार शाम को बम की अफवाह के कारण खाली कराया गया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक 1889 में बनाए गए टावर में और इसके आसपास उस समय करीब 1,500 लोग थे, जिसे जगह से हटाया गया।टिप्पणियां समाचार एजेंसी 'शिन्हुआ' के मुताबिक एक अज्ञात व्यक्ति ने एक टेलीफोन बूथ से पुलिस को बम हमले की चेतावनी दी थी। पुलिस ने शाम करीब साढ़े छह बजे परिसर से लोगों को हट जाने के लिए कहा, एक घंटे से भी कम समय में परिसर से करीब 1,500 पर्यटकों और कर्मचारियों को हटा दिया गया। फ्रेंच भाषा में इस टावर का नाम 'ला टावर एफिल' है। पुलिस ने इसके तुरंत बाद संभावित बम की खोजबीन शुरू कर दी। बम की खोज के लिए खोजी कुत्ते लगाए गए। समाचार एजेंसी 'शिन्हुआ' के मुताबिक एक अज्ञात व्यक्ति ने एक टेलीफोन बूथ से पुलिस को बम हमले की चेतावनी दी थी। पुलिस ने शाम करीब साढ़े छह बजे परिसर से लोगों को हट जाने के लिए कहा, एक घंटे से भी कम समय में परिसर से करीब 1,500 पर्यटकों और कर्मचारियों को हटा दिया गया। फ्रेंच भाषा में इस टावर का नाम 'ला टावर एफिल' है। पुलिस ने इसके तुरंत बाद संभावित बम की खोजबीन शुरू कर दी। बम की खोज के लिए खोजी कुत्ते लगाए गए। फ्रेंच भाषा में इस टावर का नाम 'ला टावर एफिल' है। पुलिस ने इसके तुरंत बाद संभावित बम की खोजबीन शुरू कर दी। बम की खोज के लिए खोजी कुत्ते लगाए गए।
संक्षिप्त पाठ: पेरिस के विश्व विख्यात एफिल टावर को शनिवार शाम को बम की अफवाह के कारण खाली कराया गया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक 1889 में बनाए गए टावर में और इसके आसपास उस समय करीब 1,500 लोग थे, जिसे जगह से हटाया गया।
27
['hin']
एक सारांश बनाओ: विस्कोन्सिन स्थित गुरुद्वारा में हुई गोलीबारी के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अपने शीर्ष सलाहकारों के साथ सुरक्षा स्थिति का जायज़ा लिया। ओबामा ने गुरुद्वारा ट्रस्ट को अपना सांत्वना संदेश भी भेजा है। व्हाइट हाउस द्वारा जारी एक बयान में बताया गया कि ओबामा ने एफबीआई के निदेशक रॉबर्ट म्यूलर, चीफ ऑफ स्टाफ जैक लियू, घरेलू सुरक्षा मामलों के शीर्ष सलाहकार जॉन ब्रेनन से ओक क्रीक स्थित गुरुद्वारे पर हुए हमले के बारे में ताजा जानकारी ली। ओबामा ने विस्कोन्सिन के गवर्नर स्कॉट वॉकर, ओक क्रीक के मेयर स्टीव स्काफीडी और गुरुद्वारा के ट्रस्टी चरणजीत सिंह को दूरभाष पर घटना के लिए खेद जताया। उन्होंने गोलीबारी में घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई। व्हाइट हाउस ने बताया कि ओबामा को बताया गया कि सिख गुरुद्वारा में हालात काबू में हैं और हमलावर को एक पुलिस अधिकारी ने मार गिराया है। ओबामा को हमले में घायल हुये लोगों के बारे में भी ताजा जानकरियां दी गयीं। उन्होंने इस घटना की जांच में प्रांतीय सरकार को समुचित सहायता करने के लिये निर्देश दिए हैं। व्हाइट हाउस के बयान के अनुसार, राष्ट्रपति ने कहा कि इस घटना को विवेकहीन करार देते हुये इसकी निंदा करने के साथ साथ इस बात पर भी जोर दिया जाये कि सिख समुदाय ने देश को समृद्ध बनाया है और वे व्यापक अमेरिकी परिवार के ही सदस्य हैं। ओबामा ने रविवार को एक बयान में कहा ‘‘मिशेल और मैं गोलीबारी के बारे में सुन कर बेहद दुखी हैं। इस गोलीबारी ने विस्कोन्सिन में कई लोगों की जान ले ली।’’ राष्ट्रपति को आतंकवाद से मुकाबले के लिए उनके शीर्ष सलाहकार जॉन ब्रेनन ने गोलीबारी की इस घटना के बारे में बताया। पूरे देश को हतप्रभ कर डालने वाली इस घटना के बारे में ओबामा को लगातार ताजा सूचनाएं दी जा रही हैं। ओबामा ने कहा ‘‘संकट की इस घड़ी में ओक क्रीक के लोगों को यह पता होना चाहिए कि अमेरिकी लोग, इस गोलीबारी में मारे गए और घायल हुए लोगों के परिजनों और मित्रों के साथ हैं।’’ उन्होंने कहा कि उनका प्रशासन इस त्रासद घटना की जांच कर रहे अधिकारियों को हरसंभव सहायता देगा। ओबामा ने कहा ‘‘एक प्रार्थनागृह में हुए इस हमले में बेकसूरों की जान जाने पर हम शोक व्यक्त करते हैं। हमें याद है कि सिखों का हमारे देश को समृद्ध करने में कितना बड़ा योगदान है। वह हमारे व्यापक अमेरिकी परिवार का हिस्सा हैं।’’टिप्पणियां राष्ट्रपति पद के लिए नवंबर में होने जा रहे चुनावों में इस पद के लिए रिपब्लिकन दावेदार मिट रोमनी ने इस घटना को हिंसा की ‘‘विवेकहीन कार्रवाई’’ करार दिया है। उन्होंने एक बयान में कहा है ‘‘एन और मैं इस घटना से बेहद दुखी हैं और प्रभावितों के लिए प्रार्थना करते हैं। यह हिंसा की विवेकहीन और त्रासद कार्रवाई है और किसी भी पूजा घर में ऐसा नहीं होना चाहिए।’’ विस्कोन्सिन के गवर्नर स्कॉट वॉकर ने कहा कि उनकी सरकार एफबीआई और सुरक्षा अधिकारियों के साथ गोलीबारी की जांच कर रही है। वॉकर ने कहा, ‘‘जैसे जैसे ओक क्रीक में हालात बदल रहे हैं, हम एफबीआई और सुरक्षा एजेंसियों के साथ काम कर रहे हैं। मुझे सुबह ही इस घटना के बारे में पता लगा और उसके बाद से ताजा जानकारियां मिल रहीं हैं।’’ व्हाइट हाउस द्वारा जारी एक बयान में बताया गया कि ओबामा ने एफबीआई के निदेशक रॉबर्ट म्यूलर, चीफ ऑफ स्टाफ जैक लियू, घरेलू सुरक्षा मामलों के शीर्ष सलाहकार जॉन ब्रेनन से ओक क्रीक स्थित गुरुद्वारे पर हुए हमले के बारे में ताजा जानकारी ली। ओबामा ने विस्कोन्सिन के गवर्नर स्कॉट वॉकर, ओक क्रीक के मेयर स्टीव स्काफीडी और गुरुद्वारा के ट्रस्टी चरणजीत सिंह को दूरभाष पर घटना के लिए खेद जताया। उन्होंने गोलीबारी में घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई। व्हाइट हाउस ने बताया कि ओबामा को बताया गया कि सिख गुरुद्वारा में हालात काबू में हैं और हमलावर को एक पुलिस अधिकारी ने मार गिराया है। ओबामा को हमले में घायल हुये लोगों के बारे में भी ताजा जानकरियां दी गयीं। उन्होंने इस घटना की जांच में प्रांतीय सरकार को समुचित सहायता करने के लिये निर्देश दिए हैं। व्हाइट हाउस के बयान के अनुसार, राष्ट्रपति ने कहा कि इस घटना को विवेकहीन करार देते हुये इसकी निंदा करने के साथ साथ इस बात पर भी जोर दिया जाये कि सिख समुदाय ने देश को समृद्ध बनाया है और वे व्यापक अमेरिकी परिवार के ही सदस्य हैं। ओबामा ने रविवार को एक बयान में कहा ‘‘मिशेल और मैं गोलीबारी के बारे में सुन कर बेहद दुखी हैं। इस गोलीबारी ने विस्कोन्सिन में कई लोगों की जान ले ली।’’ राष्ट्रपति को आतंकवाद से मुकाबले के लिए उनके शीर्ष सलाहकार जॉन ब्रेनन ने गोलीबारी की इस घटना के बारे में बताया। पूरे देश को हतप्रभ कर डालने वाली इस घटना के बारे में ओबामा को लगातार ताजा सूचनाएं दी जा रही हैं। ओबामा ने कहा ‘‘संकट की इस घड़ी में ओक क्रीक के लोगों को यह पता होना चाहिए कि अमेरिकी लोग, इस गोलीबारी में मारे गए और घायल हुए लोगों के परिजनों और मित्रों के साथ हैं।’’ उन्होंने कहा कि उनका प्रशासन इस त्रासद घटना की जांच कर रहे अधिकारियों को हरसंभव सहायता देगा। ओबामा ने कहा ‘‘एक प्रार्थनागृह में हुए इस हमले में बेकसूरों की जान जाने पर हम शोक व्यक्त करते हैं। हमें याद है कि सिखों का हमारे देश को समृद्ध करने में कितना बड़ा योगदान है। वह हमारे व्यापक अमेरिकी परिवार का हिस्सा हैं।’’टिप्पणियां राष्ट्रपति पद के लिए नवंबर में होने जा रहे चुनावों में इस पद के लिए रिपब्लिकन दावेदार मिट रोमनी ने इस घटना को हिंसा की ‘‘विवेकहीन कार्रवाई’’ करार दिया है। उन्होंने एक बयान में कहा है ‘‘एन और मैं इस घटना से बेहद दुखी हैं और प्रभावितों के लिए प्रार्थना करते हैं। यह हिंसा की विवेकहीन और त्रासद कार्रवाई है और किसी भी पूजा घर में ऐसा नहीं होना चाहिए।’’ विस्कोन्सिन के गवर्नर स्कॉट वॉकर ने कहा कि उनकी सरकार एफबीआई और सुरक्षा अधिकारियों के साथ गोलीबारी की जांच कर रही है। वॉकर ने कहा, ‘‘जैसे जैसे ओक क्रीक में हालात बदल रहे हैं, हम एफबीआई और सुरक्षा एजेंसियों के साथ काम कर रहे हैं। मुझे सुबह ही इस घटना के बारे में पता लगा और उसके बाद से ताजा जानकारियां मिल रहीं हैं।’’ ओबामा ने विस्कोन्सिन के गवर्नर स्कॉट वॉकर, ओक क्रीक के मेयर स्टीव स्काफीडी और गुरुद्वारा के ट्रस्टी चरणजीत सिंह को दूरभाष पर घटना के लिए खेद जताया। उन्होंने गोलीबारी में घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई। व्हाइट हाउस ने बताया कि ओबामा को बताया गया कि सिख गुरुद्वारा में हालात काबू में हैं और हमलावर को एक पुलिस अधिकारी ने मार गिराया है। ओबामा को हमले में घायल हुये लोगों के बारे में भी ताजा जानकरियां दी गयीं। उन्होंने इस घटना की जांच में प्रांतीय सरकार को समुचित सहायता करने के लिये निर्देश दिए हैं। व्हाइट हाउस के बयान के अनुसार, राष्ट्रपति ने कहा कि इस घटना को विवेकहीन करार देते हुये इसकी निंदा करने के साथ साथ इस बात पर भी जोर दिया जाये कि सिख समुदाय ने देश को समृद्ध बनाया है और वे व्यापक अमेरिकी परिवार के ही सदस्य हैं। ओबामा ने रविवार को एक बयान में कहा ‘‘मिशेल और मैं गोलीबारी के बारे में सुन कर बेहद दुखी हैं। इस गोलीबारी ने विस्कोन्सिन में कई लोगों की जान ले ली।’’ राष्ट्रपति को आतंकवाद से मुकाबले के लिए उनके शीर्ष सलाहकार जॉन ब्रेनन ने गोलीबारी की इस घटना के बारे में बताया। पूरे देश को हतप्रभ कर डालने वाली इस घटना के बारे में ओबामा को लगातार ताजा सूचनाएं दी जा रही हैं। ओबामा ने कहा ‘‘संकट की इस घड़ी में ओक क्रीक के लोगों को यह पता होना चाहिए कि अमेरिकी लोग, इस गोलीबारी में मारे गए और घायल हुए लोगों के परिजनों और मित्रों के साथ हैं।’’ उन्होंने कहा कि उनका प्रशासन इस त्रासद घटना की जांच कर रहे अधिकारियों को हरसंभव सहायता देगा। ओबामा ने कहा ‘‘एक प्रार्थनागृह में हुए इस हमले में बेकसूरों की जान जाने पर हम शोक व्यक्त करते हैं। हमें याद है कि सिखों का हमारे देश को समृद्ध करने में कितना बड़ा योगदान है। वह हमारे व्यापक अमेरिकी परिवार का हिस्सा हैं।’’टिप्पणियां राष्ट्रपति पद के लिए नवंबर में होने जा रहे चुनावों में इस पद के लिए रिपब्लिकन दावेदार मिट रोमनी ने इस घटना को हिंसा की ‘‘विवेकहीन कार्रवाई’’ करार दिया है। उन्होंने एक बयान में कहा है ‘‘एन और मैं इस घटना से बेहद दुखी हैं और प्रभावितों के लिए प्रार्थना करते हैं। यह हिंसा की विवेकहीन और त्रासद कार्रवाई है और किसी भी पूजा घर में ऐसा नहीं होना चाहिए।’’ विस्कोन्सिन के गवर्नर स्कॉट वॉकर ने कहा कि उनकी सरकार एफबीआई और सुरक्षा अधिकारियों के साथ गोलीबारी की जांच कर रही है। वॉकर ने कहा, ‘‘जैसे जैसे ओक क्रीक में हालात बदल रहे हैं, हम एफबीआई और सुरक्षा एजेंसियों के साथ काम कर रहे हैं। मुझे सुबह ही इस घटना के बारे में पता लगा और उसके बाद से ताजा जानकारियां मिल रहीं हैं।’’ व्हाइट हाउस ने बताया कि ओबामा को बताया गया कि सिख गुरुद्वारा में हालात काबू में हैं और हमलावर को एक पुलिस अधिकारी ने मार गिराया है। ओबामा को हमले में घायल हुये लोगों के बारे में भी ताजा जानकरियां दी गयीं। उन्होंने इस घटना की जांच में प्रांतीय सरकार को समुचित सहायता करने के लिये निर्देश दिए हैं। व्हाइट हाउस के बयान के अनुसार, राष्ट्रपति ने कहा कि इस घटना को विवेकहीन करार देते हुये इसकी निंदा करने के साथ साथ इस बात पर भी जोर दिया जाये कि सिख समुदाय ने देश को समृद्ध बनाया है और वे व्यापक अमेरिकी परिवार के ही सदस्य हैं। ओबामा ने रविवार को एक बयान में कहा ‘‘मिशेल और मैं गोलीबारी के बारे में सुन कर बेहद दुखी हैं। इस गोलीबारी ने विस्कोन्सिन में कई लोगों की जान ले ली।’’ राष्ट्रपति को आतंकवाद से मुकाबले के लिए उनके शीर्ष सलाहकार जॉन ब्रेनन ने गोलीबारी की इस घटना के बारे में बताया। पूरे देश को हतप्रभ कर डालने वाली इस घटना के बारे में ओबामा को लगातार ताजा सूचनाएं दी जा रही हैं। ओबामा ने कहा ‘‘संकट की इस घड़ी में ओक क्रीक के लोगों को यह पता होना चाहिए कि अमेरिकी लोग, इस गोलीबारी में मारे गए और घायल हुए लोगों के परिजनों और मित्रों के साथ हैं।’’ उन्होंने कहा कि उनका प्रशासन इस त्रासद घटना की जांच कर रहे अधिकारियों को हरसंभव सहायता देगा। ओबामा ने कहा ‘‘एक प्रार्थनागृह में हुए इस हमले में बेकसूरों की जान जाने पर हम शोक व्यक्त करते हैं। हमें याद है कि सिखों का हमारे देश को समृद्ध करने में कितना बड़ा योगदान है। वह हमारे व्यापक अमेरिकी परिवार का हिस्सा हैं।’’टिप्पणियां राष्ट्रपति पद के लिए नवंबर में होने जा रहे चुनावों में इस पद के लिए रिपब्लिकन दावेदार मिट रोमनी ने इस घटना को हिंसा की ‘‘विवेकहीन कार्रवाई’’ करार दिया है। उन्होंने एक बयान में कहा है ‘‘एन और मैं इस घटना से बेहद दुखी हैं और प्रभावितों के लिए प्रार्थना करते हैं। यह हिंसा की विवेकहीन और त्रासद कार्रवाई है और किसी भी पूजा घर में ऐसा नहीं होना चाहिए।’’ विस्कोन्सिन के गवर्नर स्कॉट वॉकर ने कहा कि उनकी सरकार एफबीआई और सुरक्षा अधिकारियों के साथ गोलीबारी की जांच कर रही है। वॉकर ने कहा, ‘‘जैसे जैसे ओक क्रीक में हालात बदल रहे हैं, हम एफबीआई और सुरक्षा एजेंसियों के साथ काम कर रहे हैं। मुझे सुबह ही इस घटना के बारे में पता लगा और उसके बाद से ताजा जानकारियां मिल रहीं हैं।’’ उन्होंने इस घटना की जांच में प्रांतीय सरकार को समुचित सहायता करने के लिये निर्देश दिए हैं। व्हाइट हाउस के बयान के अनुसार, राष्ट्रपति ने कहा कि इस घटना को विवेकहीन करार देते हुये इसकी निंदा करने के साथ साथ इस बात पर भी जोर दिया जाये कि सिख समुदाय ने देश को समृद्ध बनाया है और वे व्यापक अमेरिकी परिवार के ही सदस्य हैं। ओबामा ने रविवार को एक बयान में कहा ‘‘मिशेल और मैं गोलीबारी के बारे में सुन कर बेहद दुखी हैं। इस गोलीबारी ने विस्कोन्सिन में कई लोगों की जान ले ली।’’ राष्ट्रपति को आतंकवाद से मुकाबले के लिए उनके शीर्ष सलाहकार जॉन ब्रेनन ने गोलीबारी की इस घटना के बारे में बताया। पूरे देश को हतप्रभ कर डालने वाली इस घटना के बारे में ओबामा को लगातार ताजा सूचनाएं दी जा रही हैं। ओबामा ने कहा ‘‘संकट की इस घड़ी में ओक क्रीक के लोगों को यह पता होना चाहिए कि अमेरिकी लोग, इस गोलीबारी में मारे गए और घायल हुए लोगों के परिजनों और मित्रों के साथ हैं।’’ उन्होंने कहा कि उनका प्रशासन इस त्रासद घटना की जांच कर रहे अधिकारियों को हरसंभव सहायता देगा। ओबामा ने कहा ‘‘एक प्रार्थनागृह में हुए इस हमले में बेकसूरों की जान जाने पर हम शोक व्यक्त करते हैं। हमें याद है कि सिखों का हमारे देश को समृद्ध करने में कितना बड़ा योगदान है। वह हमारे व्यापक अमेरिकी परिवार का हिस्सा हैं।’’टिप्पणियां राष्ट्रपति पद के लिए नवंबर में होने जा रहे चुनावों में इस पद के लिए रिपब्लिकन दावेदार मिट रोमनी ने इस घटना को हिंसा की ‘‘विवेकहीन कार्रवाई’’ करार दिया है। उन्होंने एक बयान में कहा है ‘‘एन और मैं इस घटना से बेहद दुखी हैं और प्रभावितों के लिए प्रार्थना करते हैं। यह हिंसा की विवेकहीन और त्रासद कार्रवाई है और किसी भी पूजा घर में ऐसा नहीं होना चाहिए।’’ विस्कोन्सिन के गवर्नर स्कॉट वॉकर ने कहा कि उनकी सरकार एफबीआई और सुरक्षा अधिकारियों के साथ गोलीबारी की जांच कर रही है। वॉकर ने कहा, ‘‘जैसे जैसे ओक क्रीक में हालात बदल रहे हैं, हम एफबीआई और सुरक्षा एजेंसियों के साथ काम कर रहे हैं। मुझे सुबह ही इस घटना के बारे में पता लगा और उसके बाद से ताजा जानकारियां मिल रहीं हैं।’’ ओबामा ने रविवार को एक बयान में कहा ‘‘मिशेल और मैं गोलीबारी के बारे में सुन कर बेहद दुखी हैं। इस गोलीबारी ने विस्कोन्सिन में कई लोगों की जान ले ली।’’ राष्ट्रपति को आतंकवाद से मुकाबले के लिए उनके शीर्ष सलाहकार जॉन ब्रेनन ने गोलीबारी की इस घटना के बारे में बताया। पूरे देश को हतप्रभ कर डालने वाली इस घटना के बारे में ओबामा को लगातार ताजा सूचनाएं दी जा रही हैं। ओबामा ने कहा ‘‘संकट की इस घड़ी में ओक क्रीक के लोगों को यह पता होना चाहिए कि अमेरिकी लोग, इस गोलीबारी में मारे गए और घायल हुए लोगों के परिजनों और मित्रों के साथ हैं।’’ उन्होंने कहा कि उनका प्रशासन इस त्रासद घटना की जांच कर रहे अधिकारियों को हरसंभव सहायता देगा। ओबामा ने कहा ‘‘एक प्रार्थनागृह में हुए इस हमले में बेकसूरों की जान जाने पर हम शोक व्यक्त करते हैं। हमें याद है कि सिखों का हमारे देश को समृद्ध करने में कितना बड़ा योगदान है। वह हमारे व्यापक अमेरिकी परिवार का हिस्सा हैं।’’टिप्पणियां राष्ट्रपति पद के लिए नवंबर में होने जा रहे चुनावों में इस पद के लिए रिपब्लिकन दावेदार मिट रोमनी ने इस घटना को हिंसा की ‘‘विवेकहीन कार्रवाई’’ करार दिया है। उन्होंने एक बयान में कहा है ‘‘एन और मैं इस घटना से बेहद दुखी हैं और प्रभावितों के लिए प्रार्थना करते हैं। यह हिंसा की विवेकहीन और त्रासद कार्रवाई है और किसी भी पूजा घर में ऐसा नहीं होना चाहिए।’’ विस्कोन्सिन के गवर्नर स्कॉट वॉकर ने कहा कि उनकी सरकार एफबीआई और सुरक्षा अधिकारियों के साथ गोलीबारी की जांच कर रही है। वॉकर ने कहा, ‘‘जैसे जैसे ओक क्रीक में हालात बदल रहे हैं, हम एफबीआई और सुरक्षा एजेंसियों के साथ काम कर रहे हैं। मुझे सुबह ही इस घटना के बारे में पता लगा और उसके बाद से ताजा जानकारियां मिल रहीं हैं।’’ ओबामा ने कहा ‘‘संकट की इस घड़ी में ओक क्रीक के लोगों को यह पता होना चाहिए कि अमेरिकी लोग, इस गोलीबारी में मारे गए और घायल हुए लोगों के परिजनों और मित्रों के साथ हैं।’’ उन्होंने कहा कि उनका प्रशासन इस त्रासद घटना की जांच कर रहे अधिकारियों को हरसंभव सहायता देगा। ओबामा ने कहा ‘‘एक प्रार्थनागृह में हुए इस हमले में बेकसूरों की जान जाने पर हम शोक व्यक्त करते हैं। हमें याद है कि सिखों का हमारे देश को समृद्ध करने में कितना बड़ा योगदान है। वह हमारे व्यापक अमेरिकी परिवार का हिस्सा हैं।’’टिप्पणियां राष्ट्रपति पद के लिए नवंबर में होने जा रहे चुनावों में इस पद के लिए रिपब्लिकन दावेदार मिट रोमनी ने इस घटना को हिंसा की ‘‘विवेकहीन कार्रवाई’’ करार दिया है। उन्होंने एक बयान में कहा है ‘‘एन और मैं इस घटना से बेहद दुखी हैं और प्रभावितों के लिए प्रार्थना करते हैं। यह हिंसा की विवेकहीन और त्रासद कार्रवाई है और किसी भी पूजा घर में ऐसा नहीं होना चाहिए।’’ विस्कोन्सिन के गवर्नर स्कॉट वॉकर ने कहा कि उनकी सरकार एफबीआई और सुरक्षा अधिकारियों के साथ गोलीबारी की जांच कर रही है। वॉकर ने कहा, ‘‘जैसे जैसे ओक क्रीक में हालात बदल रहे हैं, हम एफबीआई और सुरक्षा एजेंसियों के साथ काम कर रहे हैं। मुझे सुबह ही इस घटना के बारे में पता लगा और उसके बाद से ताजा जानकारियां मिल रहीं हैं।’’ ओबामा ने कहा ‘‘एक प्रार्थनागृह में हुए इस हमले में बेकसूरों की जान जाने पर हम शोक व्यक्त करते हैं। हमें याद है कि सिखों का हमारे देश को समृद्ध करने में कितना बड़ा योगदान है। वह हमारे व्यापक अमेरिकी परिवार का हिस्सा हैं।’’टिप्पणियां राष्ट्रपति पद के लिए नवंबर में होने जा रहे चुनावों में इस पद के लिए रिपब्लिकन दावेदार मिट रोमनी ने इस घटना को हिंसा की ‘‘विवेकहीन कार्रवाई’’ करार दिया है। उन्होंने एक बयान में कहा है ‘‘एन और मैं इस घटना से बेहद दुखी हैं और प्रभावितों के लिए प्रार्थना करते हैं। यह हिंसा की विवेकहीन और त्रासद कार्रवाई है और किसी भी पूजा घर में ऐसा नहीं होना चाहिए।’’ विस्कोन्सिन के गवर्नर स्कॉट वॉकर ने कहा कि उनकी सरकार एफबीआई और सुरक्षा अधिकारियों के साथ गोलीबारी की जांच कर रही है। वॉकर ने कहा, ‘‘जैसे जैसे ओक क्रीक में हालात बदल रहे हैं, हम एफबीआई और सुरक्षा एजेंसियों के साथ काम कर रहे हैं। मुझे सुबह ही इस घटना के बारे में पता लगा और उसके बाद से ताजा जानकारियां मिल रहीं हैं।’’ राष्ट्रपति पद के लिए नवंबर में होने जा रहे चुनावों में इस पद के लिए रिपब्लिकन दावेदार मिट रोमनी ने इस घटना को हिंसा की ‘‘विवेकहीन कार्रवाई’’ करार दिया है। उन्होंने एक बयान में कहा है ‘‘एन और मैं इस घटना से बेहद दुखी हैं और प्रभावितों के लिए प्रार्थना करते हैं। यह हिंसा की विवेकहीन और त्रासद कार्रवाई है और किसी भी पूजा घर में ऐसा नहीं होना चाहिए।’’ विस्कोन्सिन के गवर्नर स्कॉट वॉकर ने कहा कि उनकी सरकार एफबीआई और सुरक्षा अधिकारियों के साथ गोलीबारी की जांच कर रही है। वॉकर ने कहा, ‘‘जैसे जैसे ओक क्रीक में हालात बदल रहे हैं, हम एफबीआई और सुरक्षा एजेंसियों के साथ काम कर रहे हैं। मुझे सुबह ही इस घटना के बारे में पता लगा और उसके बाद से ताजा जानकारियां मिल रहीं हैं।’’ विस्कोन्सिन के गवर्नर स्कॉट वॉकर ने कहा कि उनकी सरकार एफबीआई और सुरक्षा अधिकारियों के साथ गोलीबारी की जांच कर रही है। वॉकर ने कहा, ‘‘जैसे जैसे ओक क्रीक में हालात बदल रहे हैं, हम एफबीआई और सुरक्षा एजेंसियों के साथ काम कर रहे हैं। मुझे सुबह ही इस घटना के बारे में पता लगा और उसके बाद से ताजा जानकारियां मिल रहीं हैं।’’
संक्षिप्त पाठ: विस्कोन्सिन स्थित गुरुद्वारा में हुई गोलीबारी के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अपने शीर्ष सलाहकारों के साथ सुरक्षा स्थिति का जायज़ा लिया। ओबामा ने गुरुद्वारा ट्रस्ट को अपना सांत्वना संदेश भी भेजा है।
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['hin']
एक सारांश बनाओ: प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने पाकिस्तान के साथ रिश्तों में गर्माहट लाने के लिए क्रिकेट कूटनीति की तैयारी के क्रम में 10 माह पहले एक गैर आधिकारिक दूत के माध्यम से पाकिस्तानी सेना प्रमुख के साथ पर्दे के पीछे वार्ता की शुरुआत की थी। टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार सिंह ने पाकिस्तान के आर्मी स्टाफ के प्रमुख जनरल अश्फाक परवेज कयानी के साथ संपर्क बनाने के लिए एक गैर-आधिकारिक दूत नियुक्त किया था क्योंकि कयानी ही वस्तुत: पाकिस्तान की विदेश नीति का नियंत्रण करते हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि पर्दे के पीछे चली इस वार्ता से ब्रिटेन और अमेरिका यह महसूस करने के लिए प्रोत्साहित हुए कि अफगानिस्तान में प्रभाव बढ़ाने के लिए दोनों देशों के बीच जारी प्रतिस्पर्धा को शांति प्रक्रिया शुरू कर ठीक से हल किया जा सकता है। भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट विश्व कप के सेमी फाइनल मैच देखने के लिए पाकिस्तानी प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी की भारत यात्रा ने दोनों देशों के बीच के रिश्ते में जमी बर्फ पिघलने की उम्मीद दिलाई। कयानी ने इस हफ्ते हाई पीस काउंसिल के सदस्यों से मुलाकात करने के लिए अफगानिस्तान की यात्रा की थी। अफगानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करजई ने तालिबान समूहों के साथ संपर्क बनाने के लिए इसका गठन किया है।
संक्षिप्त पाठ: सिंह ने पाकिस्तान के आर्मी स्टाफ के प्रमुख जनरल अश्फाक परवेज कयानी के साथ संपर्क बनाने के लिए एक गैर-आधिकारिक दूत नियुक्त किया था।
30
['hin']
एक सारांश बनाओ: इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) ने पूर्व पाकिस्तानी लेग स्पिनर दानिश कनेरिया को स्पाट फिक्सिंग मामले में मर्विन वेस्टफील्ड के साथ लिप्त पाए जाने के चलते आजीवन प्रतिंधित कर दिया।टिप्पणियां कनेरिया के अलावा ईसीबी ने वेस्टफील्ड पर भी पांच साल का प्रतिबंध लगाया है लेकिन वह अपनी सजा के अंतिम दो वर्ष में क्रिकेट खेल सकेंगे। ईसीबी के अनुशासनात्मक समिति ने एक बयान में कहा, ‘हम मानते हैं कि दानिश कनेरिया क्रिकेट खेल के लिए काफी खतरनाक हैं इसलिए हमें अपने खेल को उनकी भ्रष्ट गतिविधियों से बचाने के लिए हर उचित कदम उठाने होंगे। ’ उन्होंने कहा, ‘इसी पर चलते हुए हम सर्वसम्मति से यह मानते हैं कि इस संबंध में एकमात्र उचित कदम यही होगा कि इन आरोपों में हम उनपर आजीवन प्रतिबंध लगा दें।’ बयान के अनुसार, ‘इसका मतलब है कि आज से ही दानिश कनेरिया को ईसीबी के अधिकार क्षेत्र में आने वाले क्रिकेट में खेलने के अलावा संगठन या प्रशासन में भागीदारी से प्रतिबंधित किया जाता है।’ कनेरिया के अलावा ईसीबी ने वेस्टफील्ड पर भी पांच साल का प्रतिबंध लगाया है लेकिन वह अपनी सजा के अंतिम दो वर्ष में क्रिकेट खेल सकेंगे। ईसीबी के अनुशासनात्मक समिति ने एक बयान में कहा, ‘हम मानते हैं कि दानिश कनेरिया क्रिकेट खेल के लिए काफी खतरनाक हैं इसलिए हमें अपने खेल को उनकी भ्रष्ट गतिविधियों से बचाने के लिए हर उचित कदम उठाने होंगे। ’ उन्होंने कहा, ‘इसी पर चलते हुए हम सर्वसम्मति से यह मानते हैं कि इस संबंध में एकमात्र उचित कदम यही होगा कि इन आरोपों में हम उनपर आजीवन प्रतिबंध लगा दें।’ बयान के अनुसार, ‘इसका मतलब है कि आज से ही दानिश कनेरिया को ईसीबी के अधिकार क्षेत्र में आने वाले क्रिकेट में खेलने के अलावा संगठन या प्रशासन में भागीदारी से प्रतिबंधित किया जाता है।’ ईसीबी के अनुशासनात्मक समिति ने एक बयान में कहा, ‘हम मानते हैं कि दानिश कनेरिया क्रिकेट खेल के लिए काफी खतरनाक हैं इसलिए हमें अपने खेल को उनकी भ्रष्ट गतिविधियों से बचाने के लिए हर उचित कदम उठाने होंगे। ’ उन्होंने कहा, ‘इसी पर चलते हुए हम सर्वसम्मति से यह मानते हैं कि इस संबंध में एकमात्र उचित कदम यही होगा कि इन आरोपों में हम उनपर आजीवन प्रतिबंध लगा दें।’ बयान के अनुसार, ‘इसका मतलब है कि आज से ही दानिश कनेरिया को ईसीबी के अधिकार क्षेत्र में आने वाले क्रिकेट में खेलने के अलावा संगठन या प्रशासन में भागीदारी से प्रतिबंधित किया जाता है।’
यहाँ एक सारांश है:इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) ने पूर्व पाकिस्तानी लेग स्पिनर दानिश कनेरिया को स्पाट फिक्सिंग मामले में मर्विन वेस्टफील्ड के साथ लिप्त पाए जाने के चलते आजीवन प्रतिंधित कर दिया।
15
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट में वकीलों और पुलिसकर्मियों के बीच जमकर मारपीट हुई. लात-घूंसे चले और आगजनी हुई. इस मामले में दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं. दरअसल, इस पूरे मामले की शुरुआत शनिवार की दोपहर हुई. करीब 2:30 बजे एक वकील ने जब लॉकअप के बाहर अपनी कार पार्क करनी चाही तो लॉकअप की सुरक्षा में तैनात एक पुलिसकर्मी से कार पार्क करने को लेकर उसकी बहस हो गई. इस बहस के बाद वकील ने अपने साथियों के साथ मिलकर पुलिसवाले को पीट दिया. करीब 2:40 बजे लोकल पुलिस को घटना की जानकारी दी गयी. जानकारी मिलने पर पुलिसवाले इकट्ठा हो गए और देखते-देखते मामला हिंसक मारपीट में बदल गया. करीब पौने 3 बजे पुलिसवाले एक वकील को पीटते हुए अंदर ले आये.  उसे छुड़ाने के लिए वकीलों का झुंड लॉकअप में घुस गया और पुलिसवालों को बेरहमी से पीटा. एक पुलिसवाले को बेल्ट से इतना पीटा कि वह बेहोश हो गया. करीब 3:15 बजे उत्तरी दिल्ली के एडिशनल डीसीपी फ़ोर्स के साथ तीस हज़ारी कोर्ट पहुंचे. वकीलों ने उन्हें भी पीट दिया. वह अपनी जान बचाने के लिए लॉकअप के अंदर चले गए. इसी बीच पुलिस ने कथित तौर पर फायरिंग की. आरोप है कि इसमें विजय वर्मा और रवि नाम के दो वकीलों को गोली लगी. उसके बाद वकीलों ने कई गाड़ियों में तोड़फोड़ कर उनमें आग लगा दी. चूंकि आग लॉकअप के ठीक बाहर लगाई गई थी इसलिए लॉकअप में बंद 128 कैदियों का दम घुटने लगा.  किसी तरह पुलिसकर्मियों ने लॉकअप से पानी डालकर आग बुझाई. इसके बाद वकीलों ने कोर्ट के सभी गेट बंद कर वीडियो बना रहे लोगों के मोबाइल तोड़ दिए. कई पत्रकारों को पीटा. करीब 4:15 बजे स्पेशल कमिश्नर संजय सिंह पहुंचे. उसके बाद पुलिस ने वकीलों पर लाठीचार्ज किया और एडिशनल डीसीपी को लॉकअप से बाहर निकाला. पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर कई वकीलों की गाड़ियों और चेंबरों में तोड़फोड़ की. करीब पौने 5 बजे हालात काबू में आए. पूरे मामले में 8 वकीलों समेत 28 पुलिसवाले घायल हो गए. दर्जनों वाहनों में तोड़फोड़ और आगजनी हुई. फिलहाल मामले की जांच क्राइम ब्रांच की एसआईटी कर रही है.
संक्षिप्त सारांश: तीस हजारी कोर्ट में हुई थी हिंसक झड़प कई पुलिसकर्मी और वकील हो गए थे घायल पार्किंग के विवाद शुरू हुई थी मारपीट
10
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: अब तक एमपी और एमएलए ही अपनी संपत्ति और आपराधिक रिकॉर्ड का ब्योरा देते हैं लेकिन चुनाव आयोग इस बात पर गंभीरता से सोच रहा है कि क्यों नहीं महामहिम की दौड़ में शामिल उम्मीदवारों से भी हलफनामा भरवाया जाए। रायसीना की रेस में शामिल होने वाले उम्मीदवारों को जल्द ही अपनी संपति और आपराधिक रिकार्ड से जुड़ा हलफनामा भरना पड़ सकता है।टिप्पणियां देश का चुनाव आयोग इस मसले पर विचार कर रहा है कि क्यों नहीं लोकसभा और विधानसभा चुनावों की तर्ज पर राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवारों से हलफनामा भरने को कहा जाए। फिलहाल एमपी और एमएलए के लिए चुनाव लड़ते वक्त अपनी संपति और देनदारियों की जानकारी देनी होती है। साथ ही उम्मीदवार अपने आपराधिक रिकार्ड का पूरा ब्यौरा भी हलफनामे में देते हैं।  रायसीना की रेस में शामिल होने वाले उम्मीदवारों को जल्द ही अपनी संपति और आपराधिक रिकार्ड से जुड़ा हलफनामा भरना पड़ सकता है।टिप्पणियां देश का चुनाव आयोग इस मसले पर विचार कर रहा है कि क्यों नहीं लोकसभा और विधानसभा चुनावों की तर्ज पर राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवारों से हलफनामा भरने को कहा जाए। फिलहाल एमपी और एमएलए के लिए चुनाव लड़ते वक्त अपनी संपति और देनदारियों की जानकारी देनी होती है। साथ ही उम्मीदवार अपने आपराधिक रिकार्ड का पूरा ब्यौरा भी हलफनामे में देते हैं।  देश का चुनाव आयोग इस मसले पर विचार कर रहा है कि क्यों नहीं लोकसभा और विधानसभा चुनावों की तर्ज पर राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवारों से हलफनामा भरने को कहा जाए। फिलहाल एमपी और एमएलए के लिए चुनाव लड़ते वक्त अपनी संपति और देनदारियों की जानकारी देनी होती है। साथ ही उम्मीदवार अपने आपराधिक रिकार्ड का पूरा ब्यौरा भी हलफनामे में देते हैं।  फिलहाल एमपी और एमएलए के लिए चुनाव लड़ते वक्त अपनी संपति और देनदारियों की जानकारी देनी होती है। साथ ही उम्मीदवार अपने आपराधिक रिकार्ड का पूरा ब्यौरा भी हलफनामे में देते हैं।
यहाँ एक सारांश है:अब तक एमपी और एमएलए ही अपनी संपत्ति और आपराधिक रिकॉर्ड का ब्योरा देते हैं लेकिन चुनाव आयोग इस बात पर गंभीरता से सोच रहा है कि क्यों नहीं महामहिम की दौड़ में शामिल उम्मीदवारों से भी हलफनामा भरवाया जाए।
18
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: नकदी के संकट से जूझ रही एयर इंडिया को प्रोत्साहन प्रदान करते हुए सरकार ने उसे अगले नौ साल में और 30,000 करोड़ रुपए की शेयर पूंजी देने और इसके बेड़े में 27 बोइंग 787 ड्रीमलाईनर जोड़ने के साथ एक इस सरकारी एयरलाइन के कायाकल्प के विशाल पैकेज की घोषणा की। इसके साथ ही सरकार ने एयर इंडिया की एमआरओ (रख-रखाव, मरम्मत और ओवरहॉल) कारोबार और उसकी इंजीनियरिंग सेवाओ को अलग कर उसके पूर्ण स्वामित्व में दो अलग सहयोगी कंपनियां बनाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। एयर इंडिया के कुल 28,000 कर्मचारियों में से 19,000 कर्मचारियों को इन दो नयी इकाइयों में खपाया जाएगा। आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) के फैसलों की घोषणा करते हुए नागर विमानन मंत्री अजित सिंह ने संवाददाताओं से संवाददाताओं से कहा कि मंजूर कायाकल्प योजना (टैप) और वित्तीय पुनर्गठन योजना (एफआरपी) के तहत विमानन कंपनी को शुरू में 6,750 करोड़ रुपए की शेयर पूंजी दी जाएगी। विमानन कंपनी को वित्तीय संस्थानों, बैंक, एलआईसी और ईपीएफओ जैसे रिणदाताओं को 7,400 करोड़ रुपए सरकारी गारंटी वाले गैर परिवर्तनीय डिबेंचर (एनसीडी) जारी करने की भी मंजूरी दी गई। इस राशि का उपयोग रोजमर्रा के खचरें के लिए लिए गए 21,200 करोड़ रुपए के रिण के आंशिक भुगतान के लिए किया जाएगा। एयर इंडिया पर कुल 67,520 करोड़ रुपए का रिण और बकाया है जिसमें 21200 करोड़ रुपए का रिण रोज के काम काज के लिए, 22,000 करोड़ रुपए का रिण विमान खरीद के लिए दीर्घकालिक रिण है तथा 4,600 करोड़ रुपए सामान आपूर्ति करने वालों का बकाया है। इसके अलावा कंपनी का संचित घाटा 20,320 करेाड़ रुपए तक पहुंच गया है। सीसीईए ने बिक्री और लीजबैक के आधार पर 27 बोइंग 787 ड्रीमलाईनर और तीन बोइंग 777-300 के अधिग्रहण की मंजूरी दी। इस प्रणाली के तहत एक पक्ष विमान खरीददार को बेचता है जो तुरंत इसे विक्रेता को लीज पर देता है। इस व्यवस्था के तहत खरीदार को बिना पूंजी लगाए परिसंपत्ति का पूरा उपयोग करने की मंजूरी होती है। एयर इंडिया समेत भारतीय विमानन कंपनियों में विदेशी विमानन कंपनियों को निवेश करने की मंजूरी के संबंध में पूछे गए सवालों के जवाब में उन्होंने कहा कि इस संबंध में फैसला मंत्रिमंडल की अगली बैठक में किया जाएगा। सिंह ने कहा कि वित्तीय पुनर्गठन के प्रस्तावों के तहत 2012 से 2021 के बीच 30,231 करोड़ रुपए की अतिरिक्त इक्विटी डाली जाएगी जिसकी अनुमति मंत्रिमंडल ने दी। उन्होंने कहा ‘लेकिन एयर इंडिया को कायकल्प योजना के तहत तय जिम्मेदारियों केा पूरा करना होगा और ये फायदे प्राप्त करने के लिए कार्यप्रदर्शन के कुछ सुनिश्चित लक्ष्य हासिल करने होंगे।’ यह पूछने पर कि क्या एयर इंडिया को भी विदेशी विमानन कंपनी के तौर पर एक योग्य भागीदार तलाशने की मंजूरी होगी मंत्री ने कहा कि विदेशी विमानन कंपनी को 49 फीसद हिस्सेदारी लेने का फैसला हर भारतीय विमानन कंपनी के लिए होगा। उन्होंने कहा ‘एयर इंडिया को सही भागीदार ढूंढना होगा, लेकिन इसका स्वामित्व सरकार का होगा।’ प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के मामले में सिंह ने कहा कि विदेशी कंपनियां अपने आप निवेश नहीं कर सकेंगे। इन्हें जांच के हर दौर से गुजरना होगा। उन्होंने कहा ‘‘कंपनियों पर भारतीय भागीदार का स्वामित्व और पर्याप्त प्रबंधकीय नियंत्रण रहेगा .. दो तिहाई निदेशक भारतीय होंगे। फिर सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को भी ध्यान में रखा जाएगा।’’ मंत्री ने कहा कि एसबीआई के नेतृत्व वाले बैंकों के कंसोर्टियम ने एयर इंडिया के 11,000 करोड़ रुपए के अल्पकालिक कार्यपूंजी को दीर्घकालिक रिण में तब्दील करने की मंजूरी दे दी है।टिप्पणियां एयरइंडिया की दो सहयोगी कंपनियों के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि एमआरओ सहयोगी कंपनी का नाम एयर इंडिया इंजीनियरिंग सर्विसेज लिमिटेड होगा और इसे अगले तीन साल में 375 करोड़ रुपए की इक्विटी मिलेगी। ग्राउंड परिचालन से जुड़ी दूसरी सहयोगी कंपनी का नाम एयर इंडिया एयर ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड होगा जिसे अगले 12 साल में 393 करोड़ रुपए मिलेंगे। मंत्री ने कहा कि इन सहयोगी कंपनियों का परिचालन जल्द शुरू होगा। उन्होंने कहा कि एमआरओ सहयोगी कंपनी मे 7,000 कर्मचारी नियुक्त होंगे और उम्मीद है कि यह एशिया प्रशांत क्षेत्र में 1.5 अरब डालर के एमआरओ कारोबार का फायदा उठाएगी। इसी तरह ग्राउंड परिचालन करने वाली कंपनी में एयर इंडिया के 12,000 कर्मचारियों को नियुक्त किया जाएगा। दोनों सहयोगी कंपिनयों को स्वतंत्र कारोबार कंेद्र की तरह विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही सरकार ने एयर इंडिया की एमआरओ (रख-रखाव, मरम्मत और ओवरहॉल) कारोबार और उसकी इंजीनियरिंग सेवाओ को अलग कर उसके पूर्ण स्वामित्व में दो अलग सहयोगी कंपनियां बनाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। एयर इंडिया के कुल 28,000 कर्मचारियों में से 19,000 कर्मचारियों को इन दो नयी इकाइयों में खपाया जाएगा। आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) के फैसलों की घोषणा करते हुए नागर विमानन मंत्री अजित सिंह ने संवाददाताओं से संवाददाताओं से कहा कि मंजूर कायाकल्प योजना (टैप) और वित्तीय पुनर्गठन योजना (एफआरपी) के तहत विमानन कंपनी को शुरू में 6,750 करोड़ रुपए की शेयर पूंजी दी जाएगी। विमानन कंपनी को वित्तीय संस्थानों, बैंक, एलआईसी और ईपीएफओ जैसे रिणदाताओं को 7,400 करोड़ रुपए सरकारी गारंटी वाले गैर परिवर्तनीय डिबेंचर (एनसीडी) जारी करने की भी मंजूरी दी गई। इस राशि का उपयोग रोजमर्रा के खचरें के लिए लिए गए 21,200 करोड़ रुपए के रिण के आंशिक भुगतान के लिए किया जाएगा। एयर इंडिया पर कुल 67,520 करोड़ रुपए का रिण और बकाया है जिसमें 21200 करोड़ रुपए का रिण रोज के काम काज के लिए, 22,000 करोड़ रुपए का रिण विमान खरीद के लिए दीर्घकालिक रिण है तथा 4,600 करोड़ रुपए सामान आपूर्ति करने वालों का बकाया है। इसके अलावा कंपनी का संचित घाटा 20,320 करेाड़ रुपए तक पहुंच गया है। सीसीईए ने बिक्री और लीजबैक के आधार पर 27 बोइंग 787 ड्रीमलाईनर और तीन बोइंग 777-300 के अधिग्रहण की मंजूरी दी। इस प्रणाली के तहत एक पक्ष विमान खरीददार को बेचता है जो तुरंत इसे विक्रेता को लीज पर देता है। इस व्यवस्था के तहत खरीदार को बिना पूंजी लगाए परिसंपत्ति का पूरा उपयोग करने की मंजूरी होती है। एयर इंडिया समेत भारतीय विमानन कंपनियों में विदेशी विमानन कंपनियों को निवेश करने की मंजूरी के संबंध में पूछे गए सवालों के जवाब में उन्होंने कहा कि इस संबंध में फैसला मंत्रिमंडल की अगली बैठक में किया जाएगा। सिंह ने कहा कि वित्तीय पुनर्गठन के प्रस्तावों के तहत 2012 से 2021 के बीच 30,231 करोड़ रुपए की अतिरिक्त इक्विटी डाली जाएगी जिसकी अनुमति मंत्रिमंडल ने दी। उन्होंने कहा ‘लेकिन एयर इंडिया को कायकल्प योजना के तहत तय जिम्मेदारियों केा पूरा करना होगा और ये फायदे प्राप्त करने के लिए कार्यप्रदर्शन के कुछ सुनिश्चित लक्ष्य हासिल करने होंगे।’ यह पूछने पर कि क्या एयर इंडिया को भी विदेशी विमानन कंपनी के तौर पर एक योग्य भागीदार तलाशने की मंजूरी होगी मंत्री ने कहा कि विदेशी विमानन कंपनी को 49 फीसद हिस्सेदारी लेने का फैसला हर भारतीय विमानन कंपनी के लिए होगा। उन्होंने कहा ‘एयर इंडिया को सही भागीदार ढूंढना होगा, लेकिन इसका स्वामित्व सरकार का होगा।’ प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के मामले में सिंह ने कहा कि विदेशी कंपनियां अपने आप निवेश नहीं कर सकेंगे। इन्हें जांच के हर दौर से गुजरना होगा। उन्होंने कहा ‘‘कंपनियों पर भारतीय भागीदार का स्वामित्व और पर्याप्त प्रबंधकीय नियंत्रण रहेगा .. दो तिहाई निदेशक भारतीय होंगे। फिर सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को भी ध्यान में रखा जाएगा।’’ मंत्री ने कहा कि एसबीआई के नेतृत्व वाले बैंकों के कंसोर्टियम ने एयर इंडिया के 11,000 करोड़ रुपए के अल्पकालिक कार्यपूंजी को दीर्घकालिक रिण में तब्दील करने की मंजूरी दे दी है।टिप्पणियां एयरइंडिया की दो सहयोगी कंपनियों के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि एमआरओ सहयोगी कंपनी का नाम एयर इंडिया इंजीनियरिंग सर्विसेज लिमिटेड होगा और इसे अगले तीन साल में 375 करोड़ रुपए की इक्विटी मिलेगी। ग्राउंड परिचालन से जुड़ी दूसरी सहयोगी कंपनी का नाम एयर इंडिया एयर ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड होगा जिसे अगले 12 साल में 393 करोड़ रुपए मिलेंगे। मंत्री ने कहा कि इन सहयोगी कंपनियों का परिचालन जल्द शुरू होगा। उन्होंने कहा कि एमआरओ सहयोगी कंपनी मे 7,000 कर्मचारी नियुक्त होंगे और उम्मीद है कि यह एशिया प्रशांत क्षेत्र में 1.5 अरब डालर के एमआरओ कारोबार का फायदा उठाएगी। इसी तरह ग्राउंड परिचालन करने वाली कंपनी में एयर इंडिया के 12,000 कर्मचारियों को नियुक्त किया जाएगा। दोनों सहयोगी कंपिनयों को स्वतंत्र कारोबार कंेद्र की तरह विकसित किया जाएगा। एयर इंडिया के कुल 28,000 कर्मचारियों में से 19,000 कर्मचारियों को इन दो नयी इकाइयों में खपाया जाएगा। आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) के फैसलों की घोषणा करते हुए नागर विमानन मंत्री अजित सिंह ने संवाददाताओं से संवाददाताओं से कहा कि मंजूर कायाकल्प योजना (टैप) और वित्तीय पुनर्गठन योजना (एफआरपी) के तहत विमानन कंपनी को शुरू में 6,750 करोड़ रुपए की शेयर पूंजी दी जाएगी। विमानन कंपनी को वित्तीय संस्थानों, बैंक, एलआईसी और ईपीएफओ जैसे रिणदाताओं को 7,400 करोड़ रुपए सरकारी गारंटी वाले गैर परिवर्तनीय डिबेंचर (एनसीडी) जारी करने की भी मंजूरी दी गई। इस राशि का उपयोग रोजमर्रा के खचरें के लिए लिए गए 21,200 करोड़ रुपए के रिण के आंशिक भुगतान के लिए किया जाएगा। एयर इंडिया पर कुल 67,520 करोड़ रुपए का रिण और बकाया है जिसमें 21200 करोड़ रुपए का रिण रोज के काम काज के लिए, 22,000 करोड़ रुपए का रिण विमान खरीद के लिए दीर्घकालिक रिण है तथा 4,600 करोड़ रुपए सामान आपूर्ति करने वालों का बकाया है। इसके अलावा कंपनी का संचित घाटा 20,320 करेाड़ रुपए तक पहुंच गया है। सीसीईए ने बिक्री और लीजबैक के आधार पर 27 बोइंग 787 ड्रीमलाईनर और तीन बोइंग 777-300 के अधिग्रहण की मंजूरी दी। इस प्रणाली के तहत एक पक्ष विमान खरीददार को बेचता है जो तुरंत इसे विक्रेता को लीज पर देता है। इस व्यवस्था के तहत खरीदार को बिना पूंजी लगाए परिसंपत्ति का पूरा उपयोग करने की मंजूरी होती है। एयर इंडिया समेत भारतीय विमानन कंपनियों में विदेशी विमानन कंपनियों को निवेश करने की मंजूरी के संबंध में पूछे गए सवालों के जवाब में उन्होंने कहा कि इस संबंध में फैसला मंत्रिमंडल की अगली बैठक में किया जाएगा। सिंह ने कहा कि वित्तीय पुनर्गठन के प्रस्तावों के तहत 2012 से 2021 के बीच 30,231 करोड़ रुपए की अतिरिक्त इक्विटी डाली जाएगी जिसकी अनुमति मंत्रिमंडल ने दी। उन्होंने कहा ‘लेकिन एयर इंडिया को कायकल्प योजना के तहत तय जिम्मेदारियों केा पूरा करना होगा और ये फायदे प्राप्त करने के लिए कार्यप्रदर्शन के कुछ सुनिश्चित लक्ष्य हासिल करने होंगे।’ यह पूछने पर कि क्या एयर इंडिया को भी विदेशी विमानन कंपनी के तौर पर एक योग्य भागीदार तलाशने की मंजूरी होगी मंत्री ने कहा कि विदेशी विमानन कंपनी को 49 फीसद हिस्सेदारी लेने का फैसला हर भारतीय विमानन कंपनी के लिए होगा। उन्होंने कहा ‘एयर इंडिया को सही भागीदार ढूंढना होगा, लेकिन इसका स्वामित्व सरकार का होगा।’ प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के मामले में सिंह ने कहा कि विदेशी कंपनियां अपने आप निवेश नहीं कर सकेंगे। इन्हें जांच के हर दौर से गुजरना होगा। उन्होंने कहा ‘‘कंपनियों पर भारतीय भागीदार का स्वामित्व और पर्याप्त प्रबंधकीय नियंत्रण रहेगा .. दो तिहाई निदेशक भारतीय होंगे। फिर सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को भी ध्यान में रखा जाएगा।’’ मंत्री ने कहा कि एसबीआई के नेतृत्व वाले बैंकों के कंसोर्टियम ने एयर इंडिया के 11,000 करोड़ रुपए के अल्पकालिक कार्यपूंजी को दीर्घकालिक रिण में तब्दील करने की मंजूरी दे दी है।टिप्पणियां एयरइंडिया की दो सहयोगी कंपनियों के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि एमआरओ सहयोगी कंपनी का नाम एयर इंडिया इंजीनियरिंग सर्विसेज लिमिटेड होगा और इसे अगले तीन साल में 375 करोड़ रुपए की इक्विटी मिलेगी। ग्राउंड परिचालन से जुड़ी दूसरी सहयोगी कंपनी का नाम एयर इंडिया एयर ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड होगा जिसे अगले 12 साल में 393 करोड़ रुपए मिलेंगे। मंत्री ने कहा कि इन सहयोगी कंपनियों का परिचालन जल्द शुरू होगा। उन्होंने कहा कि एमआरओ सहयोगी कंपनी मे 7,000 कर्मचारी नियुक्त होंगे और उम्मीद है कि यह एशिया प्रशांत क्षेत्र में 1.5 अरब डालर के एमआरओ कारोबार का फायदा उठाएगी। इसी तरह ग्राउंड परिचालन करने वाली कंपनी में एयर इंडिया के 12,000 कर्मचारियों को नियुक्त किया जाएगा। दोनों सहयोगी कंपिनयों को स्वतंत्र कारोबार कंेद्र की तरह विकसित किया जाएगा। विमानन कंपनी को वित्तीय संस्थानों, बैंक, एलआईसी और ईपीएफओ जैसे रिणदाताओं को 7,400 करोड़ रुपए सरकारी गारंटी वाले गैर परिवर्तनीय डिबेंचर (एनसीडी) जारी करने की भी मंजूरी दी गई। इस राशि का उपयोग रोजमर्रा के खचरें के लिए लिए गए 21,200 करोड़ रुपए के रिण के आंशिक भुगतान के लिए किया जाएगा। एयर इंडिया पर कुल 67,520 करोड़ रुपए का रिण और बकाया है जिसमें 21200 करोड़ रुपए का रिण रोज के काम काज के लिए, 22,000 करोड़ रुपए का रिण विमान खरीद के लिए दीर्घकालिक रिण है तथा 4,600 करोड़ रुपए सामान आपूर्ति करने वालों का बकाया है। इसके अलावा कंपनी का संचित घाटा 20,320 करेाड़ रुपए तक पहुंच गया है। सीसीईए ने बिक्री और लीजबैक के आधार पर 27 बोइंग 787 ड्रीमलाईनर और तीन बोइंग 777-300 के अधिग्रहण की मंजूरी दी। इस प्रणाली के तहत एक पक्ष विमान खरीददार को बेचता है जो तुरंत इसे विक्रेता को लीज पर देता है। इस व्यवस्था के तहत खरीदार को बिना पूंजी लगाए परिसंपत्ति का पूरा उपयोग करने की मंजूरी होती है। एयर इंडिया समेत भारतीय विमानन कंपनियों में विदेशी विमानन कंपनियों को निवेश करने की मंजूरी के संबंध में पूछे गए सवालों के जवाब में उन्होंने कहा कि इस संबंध में फैसला मंत्रिमंडल की अगली बैठक में किया जाएगा। सिंह ने कहा कि वित्तीय पुनर्गठन के प्रस्तावों के तहत 2012 से 2021 के बीच 30,231 करोड़ रुपए की अतिरिक्त इक्विटी डाली जाएगी जिसकी अनुमति मंत्रिमंडल ने दी। उन्होंने कहा ‘लेकिन एयर इंडिया को कायकल्प योजना के तहत तय जिम्मेदारियों केा पूरा करना होगा और ये फायदे प्राप्त करने के लिए कार्यप्रदर्शन के कुछ सुनिश्चित लक्ष्य हासिल करने होंगे।’ यह पूछने पर कि क्या एयर इंडिया को भी विदेशी विमानन कंपनी के तौर पर एक योग्य भागीदार तलाशने की मंजूरी होगी मंत्री ने कहा कि विदेशी विमानन कंपनी को 49 फीसद हिस्सेदारी लेने का फैसला हर भारतीय विमानन कंपनी के लिए होगा। उन्होंने कहा ‘एयर इंडिया को सही भागीदार ढूंढना होगा, लेकिन इसका स्वामित्व सरकार का होगा।’ प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के मामले में सिंह ने कहा कि विदेशी कंपनियां अपने आप निवेश नहीं कर सकेंगे। इन्हें जांच के हर दौर से गुजरना होगा। उन्होंने कहा ‘‘कंपनियों पर भारतीय भागीदार का स्वामित्व और पर्याप्त प्रबंधकीय नियंत्रण रहेगा .. दो तिहाई निदेशक भारतीय होंगे। फिर सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को भी ध्यान में रखा जाएगा।’’ मंत्री ने कहा कि एसबीआई के नेतृत्व वाले बैंकों के कंसोर्टियम ने एयर इंडिया के 11,000 करोड़ रुपए के अल्पकालिक कार्यपूंजी को दीर्घकालिक रिण में तब्दील करने की मंजूरी दे दी है।टिप्पणियां एयरइंडिया की दो सहयोगी कंपनियों के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि एमआरओ सहयोगी कंपनी का नाम एयर इंडिया इंजीनियरिंग सर्विसेज लिमिटेड होगा और इसे अगले तीन साल में 375 करोड़ रुपए की इक्विटी मिलेगी। ग्राउंड परिचालन से जुड़ी दूसरी सहयोगी कंपनी का नाम एयर इंडिया एयर ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड होगा जिसे अगले 12 साल में 393 करोड़ रुपए मिलेंगे। मंत्री ने कहा कि इन सहयोगी कंपनियों का परिचालन जल्द शुरू होगा। उन्होंने कहा कि एमआरओ सहयोगी कंपनी मे 7,000 कर्मचारी नियुक्त होंगे और उम्मीद है कि यह एशिया प्रशांत क्षेत्र में 1.5 अरब डालर के एमआरओ कारोबार का फायदा उठाएगी। इसी तरह ग्राउंड परिचालन करने वाली कंपनी में एयर इंडिया के 12,000 कर्मचारियों को नियुक्त किया जाएगा। दोनों सहयोगी कंपिनयों को स्वतंत्र कारोबार कंेद्र की तरह विकसित किया जाएगा। एयर इंडिया पर कुल 67,520 करोड़ रुपए का रिण और बकाया है जिसमें 21200 करोड़ रुपए का रिण रोज के काम काज के लिए, 22,000 करोड़ रुपए का रिण विमान खरीद के लिए दीर्घकालिक रिण है तथा 4,600 करोड़ रुपए सामान आपूर्ति करने वालों का बकाया है। इसके अलावा कंपनी का संचित घाटा 20,320 करेाड़ रुपए तक पहुंच गया है। सीसीईए ने बिक्री और लीजबैक के आधार पर 27 बोइंग 787 ड्रीमलाईनर और तीन बोइंग 777-300 के अधिग्रहण की मंजूरी दी। इस प्रणाली के तहत एक पक्ष विमान खरीददार को बेचता है जो तुरंत इसे विक्रेता को लीज पर देता है। इस व्यवस्था के तहत खरीदार को बिना पूंजी लगाए परिसंपत्ति का पूरा उपयोग करने की मंजूरी होती है। एयर इंडिया समेत भारतीय विमानन कंपनियों में विदेशी विमानन कंपनियों को निवेश करने की मंजूरी के संबंध में पूछे गए सवालों के जवाब में उन्होंने कहा कि इस संबंध में फैसला मंत्रिमंडल की अगली बैठक में किया जाएगा। सिंह ने कहा कि वित्तीय पुनर्गठन के प्रस्तावों के तहत 2012 से 2021 के बीच 30,231 करोड़ रुपए की अतिरिक्त इक्विटी डाली जाएगी जिसकी अनुमति मंत्रिमंडल ने दी। उन्होंने कहा ‘लेकिन एयर इंडिया को कायकल्प योजना के तहत तय जिम्मेदारियों केा पूरा करना होगा और ये फायदे प्राप्त करने के लिए कार्यप्रदर्शन के कुछ सुनिश्चित लक्ष्य हासिल करने होंगे।’ यह पूछने पर कि क्या एयर इंडिया को भी विदेशी विमानन कंपनी के तौर पर एक योग्य भागीदार तलाशने की मंजूरी होगी मंत्री ने कहा कि विदेशी विमानन कंपनी को 49 फीसद हिस्सेदारी लेने का फैसला हर भारतीय विमानन कंपनी के लिए होगा। उन्होंने कहा ‘एयर इंडिया को सही भागीदार ढूंढना होगा, लेकिन इसका स्वामित्व सरकार का होगा।’ प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के मामले में सिंह ने कहा कि विदेशी कंपनियां अपने आप निवेश नहीं कर सकेंगे। इन्हें जांच के हर दौर से गुजरना होगा। उन्होंने कहा ‘‘कंपनियों पर भारतीय भागीदार का स्वामित्व और पर्याप्त प्रबंधकीय नियंत्रण रहेगा .. दो तिहाई निदेशक भारतीय होंगे। फिर सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को भी ध्यान में रखा जाएगा।’’ मंत्री ने कहा कि एसबीआई के नेतृत्व वाले बैंकों के कंसोर्टियम ने एयर इंडिया के 11,000 करोड़ रुपए के अल्पकालिक कार्यपूंजी को दीर्घकालिक रिण में तब्दील करने की मंजूरी दे दी है।टिप्पणियां एयरइंडिया की दो सहयोगी कंपनियों के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि एमआरओ सहयोगी कंपनी का नाम एयर इंडिया इंजीनियरिंग सर्विसेज लिमिटेड होगा और इसे अगले तीन साल में 375 करोड़ रुपए की इक्विटी मिलेगी। ग्राउंड परिचालन से जुड़ी दूसरी सहयोगी कंपनी का नाम एयर इंडिया एयर ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड होगा जिसे अगले 12 साल में 393 करोड़ रुपए मिलेंगे। मंत्री ने कहा कि इन सहयोगी कंपनियों का परिचालन जल्द शुरू होगा। उन्होंने कहा कि एमआरओ सहयोगी कंपनी मे 7,000 कर्मचारी नियुक्त होंगे और उम्मीद है कि यह एशिया प्रशांत क्षेत्र में 1.5 अरब डालर के एमआरओ कारोबार का फायदा उठाएगी। इसी तरह ग्राउंड परिचालन करने वाली कंपनी में एयर इंडिया के 12,000 कर्मचारियों को नियुक्त किया जाएगा। दोनों सहयोगी कंपिनयों को स्वतंत्र कारोबार कंेद्र की तरह विकसित किया जाएगा। सीसीईए ने बिक्री और लीजबैक के आधार पर 27 बोइंग 787 ड्रीमलाईनर और तीन बोइंग 777-300 के अधिग्रहण की मंजूरी दी। इस प्रणाली के तहत एक पक्ष विमान खरीददार को बेचता है जो तुरंत इसे विक्रेता को लीज पर देता है। इस व्यवस्था के तहत खरीदार को बिना पूंजी लगाए परिसंपत्ति का पूरा उपयोग करने की मंजूरी होती है। एयर इंडिया समेत भारतीय विमानन कंपनियों में विदेशी विमानन कंपनियों को निवेश करने की मंजूरी के संबंध में पूछे गए सवालों के जवाब में उन्होंने कहा कि इस संबंध में फैसला मंत्रिमंडल की अगली बैठक में किया जाएगा। सिंह ने कहा कि वित्तीय पुनर्गठन के प्रस्तावों के तहत 2012 से 2021 के बीच 30,231 करोड़ रुपए की अतिरिक्त इक्विटी डाली जाएगी जिसकी अनुमति मंत्रिमंडल ने दी। उन्होंने कहा ‘लेकिन एयर इंडिया को कायकल्प योजना के तहत तय जिम्मेदारियों केा पूरा करना होगा और ये फायदे प्राप्त करने के लिए कार्यप्रदर्शन के कुछ सुनिश्चित लक्ष्य हासिल करने होंगे।’ यह पूछने पर कि क्या एयर इंडिया को भी विदेशी विमानन कंपनी के तौर पर एक योग्य भागीदार तलाशने की मंजूरी होगी मंत्री ने कहा कि विदेशी विमानन कंपनी को 49 फीसद हिस्सेदारी लेने का फैसला हर भारतीय विमानन कंपनी के लिए होगा। उन्होंने कहा ‘एयर इंडिया को सही भागीदार ढूंढना होगा, लेकिन इसका स्वामित्व सरकार का होगा।’ प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के मामले में सिंह ने कहा कि विदेशी कंपनियां अपने आप निवेश नहीं कर सकेंगे। इन्हें जांच के हर दौर से गुजरना होगा। उन्होंने कहा ‘‘कंपनियों पर भारतीय भागीदार का स्वामित्व और पर्याप्त प्रबंधकीय नियंत्रण रहेगा .. दो तिहाई निदेशक भारतीय होंगे। फिर सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को भी ध्यान में रखा जाएगा।’’ मंत्री ने कहा कि एसबीआई के नेतृत्व वाले बैंकों के कंसोर्टियम ने एयर इंडिया के 11,000 करोड़ रुपए के अल्पकालिक कार्यपूंजी को दीर्घकालिक रिण में तब्दील करने की मंजूरी दे दी है।टिप्पणियां एयरइंडिया की दो सहयोगी कंपनियों के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि एमआरओ सहयोगी कंपनी का नाम एयर इंडिया इंजीनियरिंग सर्विसेज लिमिटेड होगा और इसे अगले तीन साल में 375 करोड़ रुपए की इक्विटी मिलेगी। ग्राउंड परिचालन से जुड़ी दूसरी सहयोगी कंपनी का नाम एयर इंडिया एयर ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड होगा जिसे अगले 12 साल में 393 करोड़ रुपए मिलेंगे। मंत्री ने कहा कि इन सहयोगी कंपनियों का परिचालन जल्द शुरू होगा। उन्होंने कहा कि एमआरओ सहयोगी कंपनी मे 7,000 कर्मचारी नियुक्त होंगे और उम्मीद है कि यह एशिया प्रशांत क्षेत्र में 1.5 अरब डालर के एमआरओ कारोबार का फायदा उठाएगी। इसी तरह ग्राउंड परिचालन करने वाली कंपनी में एयर इंडिया के 12,000 कर्मचारियों को नियुक्त किया जाएगा। दोनों सहयोगी कंपिनयों को स्वतंत्र कारोबार कंेद्र की तरह विकसित किया जाएगा। एयर इंडिया समेत भारतीय विमानन कंपनियों में विदेशी विमानन कंपनियों को निवेश करने की मंजूरी के संबंध में पूछे गए सवालों के जवाब में उन्होंने कहा कि इस संबंध में फैसला मंत्रिमंडल की अगली बैठक में किया जाएगा। सिंह ने कहा कि वित्तीय पुनर्गठन के प्रस्तावों के तहत 2012 से 2021 के बीच 30,231 करोड़ रुपए की अतिरिक्त इक्विटी डाली जाएगी जिसकी अनुमति मंत्रिमंडल ने दी। उन्होंने कहा ‘लेकिन एयर इंडिया को कायकल्प योजना के तहत तय जिम्मेदारियों केा पूरा करना होगा और ये फायदे प्राप्त करने के लिए कार्यप्रदर्शन के कुछ सुनिश्चित लक्ष्य हासिल करने होंगे।’ यह पूछने पर कि क्या एयर इंडिया को भी विदेशी विमानन कंपनी के तौर पर एक योग्य भागीदार तलाशने की मंजूरी होगी मंत्री ने कहा कि विदेशी विमानन कंपनी को 49 फीसद हिस्सेदारी लेने का फैसला हर भारतीय विमानन कंपनी के लिए होगा। उन्होंने कहा ‘एयर इंडिया को सही भागीदार ढूंढना होगा, लेकिन इसका स्वामित्व सरकार का होगा।’ प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के मामले में सिंह ने कहा कि विदेशी कंपनियां अपने आप निवेश नहीं कर सकेंगे। इन्हें जांच के हर दौर से गुजरना होगा। उन्होंने कहा ‘‘कंपनियों पर भारतीय भागीदार का स्वामित्व और पर्याप्त प्रबंधकीय नियंत्रण रहेगा .. दो तिहाई निदेशक भारतीय होंगे। फिर सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को भी ध्यान में रखा जाएगा।’’ मंत्री ने कहा कि एसबीआई के नेतृत्व वाले बैंकों के कंसोर्टियम ने एयर इंडिया के 11,000 करोड़ रुपए के अल्पकालिक कार्यपूंजी को दीर्घकालिक रिण में तब्दील करने की मंजूरी दे दी है।टिप्पणियां एयरइंडिया की दो सहयोगी कंपनियों के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि एमआरओ सहयोगी कंपनी का नाम एयर इंडिया इंजीनियरिंग सर्विसेज लिमिटेड होगा और इसे अगले तीन साल में 375 करोड़ रुपए की इक्विटी मिलेगी। ग्राउंड परिचालन से जुड़ी दूसरी सहयोगी कंपनी का नाम एयर इंडिया एयर ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड होगा जिसे अगले 12 साल में 393 करोड़ रुपए मिलेंगे। मंत्री ने कहा कि इन सहयोगी कंपनियों का परिचालन जल्द शुरू होगा। उन्होंने कहा कि एमआरओ सहयोगी कंपनी मे 7,000 कर्मचारी नियुक्त होंगे और उम्मीद है कि यह एशिया प्रशांत क्षेत्र में 1.5 अरब डालर के एमआरओ कारोबार का फायदा उठाएगी। इसी तरह ग्राउंड परिचालन करने वाली कंपनी में एयर इंडिया के 12,000 कर्मचारियों को नियुक्त किया जाएगा। दोनों सहयोगी कंपिनयों को स्वतंत्र कारोबार कंेद्र की तरह विकसित किया जाएगा। सिंह ने कहा कि वित्तीय पुनर्गठन के प्रस्तावों के तहत 2012 से 2021 के बीच 30,231 करोड़ रुपए की अतिरिक्त इक्विटी डाली जाएगी जिसकी अनुमति मंत्रिमंडल ने दी। उन्होंने कहा ‘लेकिन एयर इंडिया को कायकल्प योजना के तहत तय जिम्मेदारियों केा पूरा करना होगा और ये फायदे प्राप्त करने के लिए कार्यप्रदर्शन के कुछ सुनिश्चित लक्ष्य हासिल करने होंगे।’ यह पूछने पर कि क्या एयर इंडिया को भी विदेशी विमानन कंपनी के तौर पर एक योग्य भागीदार तलाशने की मंजूरी होगी मंत्री ने कहा कि विदेशी विमानन कंपनी को 49 फीसद हिस्सेदारी लेने का फैसला हर भारतीय विमानन कंपनी के लिए होगा। उन्होंने कहा ‘एयर इंडिया को सही भागीदार ढूंढना होगा, लेकिन इसका स्वामित्व सरकार का होगा।’ प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के मामले में सिंह ने कहा कि विदेशी कंपनियां अपने आप निवेश नहीं कर सकेंगे। इन्हें जांच के हर दौर से गुजरना होगा। उन्होंने कहा ‘‘कंपनियों पर भारतीय भागीदार का स्वामित्व और पर्याप्त प्रबंधकीय नियंत्रण रहेगा .. दो तिहाई निदेशक भारतीय होंगे। फिर सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को भी ध्यान में रखा जाएगा।’’ मंत्री ने कहा कि एसबीआई के नेतृत्व वाले बैंकों के कंसोर्टियम ने एयर इंडिया के 11,000 करोड़ रुपए के अल्पकालिक कार्यपूंजी को दीर्घकालिक रिण में तब्दील करने की मंजूरी दे दी है।टिप्पणियां एयरइंडिया की दो सहयोगी कंपनियों के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि एमआरओ सहयोगी कंपनी का नाम एयर इंडिया इंजीनियरिंग सर्विसेज लिमिटेड होगा और इसे अगले तीन साल में 375 करोड़ रुपए की इक्विटी मिलेगी। ग्राउंड परिचालन से जुड़ी दूसरी सहयोगी कंपनी का नाम एयर इंडिया एयर ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड होगा जिसे अगले 12 साल में 393 करोड़ रुपए मिलेंगे। मंत्री ने कहा कि इन सहयोगी कंपनियों का परिचालन जल्द शुरू होगा। उन्होंने कहा कि एमआरओ सहयोगी कंपनी मे 7,000 कर्मचारी नियुक्त होंगे और उम्मीद है कि यह एशिया प्रशांत क्षेत्र में 1.5 अरब डालर के एमआरओ कारोबार का फायदा उठाएगी। इसी तरह ग्राउंड परिचालन करने वाली कंपनी में एयर इंडिया के 12,000 कर्मचारियों को नियुक्त किया जाएगा। दोनों सहयोगी कंपिनयों को स्वतंत्र कारोबार कंेद्र की तरह विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा ‘एयर इंडिया को सही भागीदार ढूंढना होगा, लेकिन इसका स्वामित्व सरकार का होगा।’ प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के मामले में सिंह ने कहा कि विदेशी कंपनियां अपने आप निवेश नहीं कर सकेंगे। इन्हें जांच के हर दौर से गुजरना होगा। उन्होंने कहा ‘‘कंपनियों पर भारतीय भागीदार का स्वामित्व और पर्याप्त प्रबंधकीय नियंत्रण रहेगा .. दो तिहाई निदेशक भारतीय होंगे। फिर सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को भी ध्यान में रखा जाएगा।’’ मंत्री ने कहा कि एसबीआई के नेतृत्व वाले बैंकों के कंसोर्टियम ने एयर इंडिया के 11,000 करोड़ रुपए के अल्पकालिक कार्यपूंजी को दीर्घकालिक रिण में तब्दील करने की मंजूरी दे दी है।टिप्पणियां एयरइंडिया की दो सहयोगी कंपनियों के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि एमआरओ सहयोगी कंपनी का नाम एयर इंडिया इंजीनियरिंग सर्विसेज लिमिटेड होगा और इसे अगले तीन साल में 375 करोड़ रुपए की इक्विटी मिलेगी। ग्राउंड परिचालन से जुड़ी दूसरी सहयोगी कंपनी का नाम एयर इंडिया एयर ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड होगा जिसे अगले 12 साल में 393 करोड़ रुपए मिलेंगे। मंत्री ने कहा कि इन सहयोगी कंपनियों का परिचालन जल्द शुरू होगा। उन्होंने कहा कि एमआरओ सहयोगी कंपनी मे 7,000 कर्मचारी नियुक्त होंगे और उम्मीद है कि यह एशिया प्रशांत क्षेत्र में 1.5 अरब डालर के एमआरओ कारोबार का फायदा उठाएगी। इसी तरह ग्राउंड परिचालन करने वाली कंपनी में एयर इंडिया के 12,000 कर्मचारियों को नियुक्त किया जाएगा। दोनों सहयोगी कंपिनयों को स्वतंत्र कारोबार कंेद्र की तरह विकसित किया जाएगा। प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के मामले में सिंह ने कहा कि विदेशी कंपनियां अपने आप निवेश नहीं कर सकेंगे। इन्हें जांच के हर दौर से गुजरना होगा। उन्होंने कहा ‘‘कंपनियों पर भारतीय भागीदार का स्वामित्व और पर्याप्त प्रबंधकीय नियंत्रण रहेगा .. दो तिहाई निदेशक भारतीय होंगे। फिर सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को भी ध्यान में रखा जाएगा।’’ मंत्री ने कहा कि एसबीआई के नेतृत्व वाले बैंकों के कंसोर्टियम ने एयर इंडिया के 11,000 करोड़ रुपए के अल्पकालिक कार्यपूंजी को दीर्घकालिक रिण में तब्दील करने की मंजूरी दे दी है।टिप्पणियां एयरइंडिया की दो सहयोगी कंपनियों के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि एमआरओ सहयोगी कंपनी का नाम एयर इंडिया इंजीनियरिंग सर्विसेज लिमिटेड होगा और इसे अगले तीन साल में 375 करोड़ रुपए की इक्विटी मिलेगी। ग्राउंड परिचालन से जुड़ी दूसरी सहयोगी कंपनी का नाम एयर इंडिया एयर ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड होगा जिसे अगले 12 साल में 393 करोड़ रुपए मिलेंगे। मंत्री ने कहा कि इन सहयोगी कंपनियों का परिचालन जल्द शुरू होगा। उन्होंने कहा कि एमआरओ सहयोगी कंपनी मे 7,000 कर्मचारी नियुक्त होंगे और उम्मीद है कि यह एशिया प्रशांत क्षेत्र में 1.5 अरब डालर के एमआरओ कारोबार का फायदा उठाएगी। इसी तरह ग्राउंड परिचालन करने वाली कंपनी में एयर इंडिया के 12,000 कर्मचारियों को नियुक्त किया जाएगा। दोनों सहयोगी कंपिनयों को स्वतंत्र कारोबार कंेद्र की तरह विकसित किया जाएगा। एयरइंडिया की दो सहयोगी कंपनियों के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि एमआरओ सहयोगी कंपनी का नाम एयर इंडिया इंजीनियरिंग सर्विसेज लिमिटेड होगा और इसे अगले तीन साल में 375 करोड़ रुपए की इक्विटी मिलेगी। ग्राउंड परिचालन से जुड़ी दूसरी सहयोगी कंपनी का नाम एयर इंडिया एयर ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड होगा जिसे अगले 12 साल में 393 करोड़ रुपए मिलेंगे। मंत्री ने कहा कि इन सहयोगी कंपनियों का परिचालन जल्द शुरू होगा। उन्होंने कहा कि एमआरओ सहयोगी कंपनी मे 7,000 कर्मचारी नियुक्त होंगे और उम्मीद है कि यह एशिया प्रशांत क्षेत्र में 1.5 अरब डालर के एमआरओ कारोबार का फायदा उठाएगी। इसी तरह ग्राउंड परिचालन करने वाली कंपनी में एयर इंडिया के 12,000 कर्मचारियों को नियुक्त किया जाएगा। दोनों सहयोगी कंपिनयों को स्वतंत्र कारोबार कंेद्र की तरह विकसित किया जाएगा। मंत्री ने कहा कि इन सहयोगी कंपनियों का परिचालन जल्द शुरू होगा। उन्होंने कहा कि एमआरओ सहयोगी कंपनी मे 7,000 कर्मचारी नियुक्त होंगे और उम्मीद है कि यह एशिया प्रशांत क्षेत्र में 1.5 अरब डालर के एमआरओ कारोबार का फायदा उठाएगी। इसी तरह ग्राउंड परिचालन करने वाली कंपनी में एयर इंडिया के 12,000 कर्मचारियों को नियुक्त किया जाएगा। दोनों सहयोगी कंपिनयों को स्वतंत्र कारोबार कंेद्र की तरह विकसित किया जाएगा।
नागरिक उड्डयन मंत्री अजित सिंह ने गुरुवार को घोषणा की कि वर्ष 2020 तक एयर इंडिया में 30 हजार करोड़ रुपये डाले जाएंगे।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: 7वें वेतन आयोग की रिपोर्ट को लागू हुए कई महीने बीत गए हैं. कर्मचारी संघों की कई आपत्तियों के बाद सरकार ने समितियों का गठन चर्चा आरंभ की थी. इन समितियों को कर्मचारियों की समस्या का समाधान चार महीनों में करना था लेकिन अब तक सात महीने बीत चुके हैं. अब खबर है कि सरकार की ओर से बनाई कई तीन समितियों में से एक जिसके पास अलाउंस का मुद्दा भी था ने अपनी रिपोर्ट को अंतिम प्रारूप दे दिया है और जल्द ही यह समिति अपनी रिपोर्ट वित्तमंत्रालय को सौंप देगी. सूत्रों का कहना है कि यह रिपोर्ट 22 फरवरी के बाद सरकार को सौंपी जा सकती है. उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार के कई विभागों के कर्मचारी इस बात से काफी नाराज चल रहे हैं कि सरकार की ओर से कर्मचारी की मांगों की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है. साथ ही इन कर्मचारी नेताओं का कहना है कि सरकार कर्मचारियों के साथ टालमटोल का रवैया अपना रही है. जिस रिपोर्ट को सरकार को चार महीने में दे दिया जाना चाहिए था वह रिपोर्ट अभी तक नहीं तैयार है. कर्मचारी इस बात से भी नाराज हैं कि उन्हें लगता है कि सरकार कर्मचारियों को भत्ता देने में भी जानबूझकर देरी कर रही है. केंद्रीय कर्मचारियों का मानना है कि बढ़ा हुआ भत्ता देने से सरकारी खजाने पर कुछ अतिरिक्त बोझ आएगा इसलिए सरकार इन मामलों में देरी कर रही है. (7वां वेतन आयोग : केंद्रीय कर्मचारियों को झटका, अलाउंस में हुए बदलाव होंगे मार्च 2017 से लागू!) कई कर्मचारी संघों के नेताओं का कहना है कि सरकार ने सातवें वेतन आयोग के विवादित मुद्दों पर चर्चा के लिए कई समितियों का गठन कर दिया है. इन समितियों ने वेतन आयोग की रिपोर्ट पर चर्चाएं की , लेकिन अभी तक कुछ भी सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आया है. अभी तक इन समितियों से एक भी ऐसा निर्णय सामने नहीं आया है जिससे केंद्रीय कर्मचारी संतुष्ट हों. (रेलवे-रक्षा क्षेत्र में पीएम नरेंद्र मोदी की 'सर्जिकल स्ट्राइक' से कर्मचारी नाराज, 16 मार्च को हड़ताल का ऐलान) अब केंद्रीय कर्मचारियों को यह भी आशंका सता रही है कि जिस अलाउंस को सरकार को पिछले साल जुलाई माह से दिया जाना चाहिए था अब वह नए साल में मिलेंगे तो कर्मचारियों को पिछले कई महीनों का बढ़े हुए अलाउंस के न मिलने  से काफी नुकसान होगा. कर्मचारियों की मांग है कि सरकार जब भी बढ़ा हुआ अलाउंस कर्मचारियों को दे वह 25 जुलाई 2016 से लागू होना चाहिए. (7वां वेतन आयोग : अलाउंसेस को लेकर वित्त राज्यमंत्री मेघवाल ने दिया यह बयान, बातचीत लगभग पूरी) सूत्रों का कहना है कि मंत्रालय में यह रिपोर्ट एक दो दिन में सरकार को दे दी जाएगी और यह भी सूत्रों ने बताया कि सरकार इसके रिपोर्ट के आधार पर 1 अप्रैल 2017 को नोटिफाई कर सकती है.  कर्मचारी नेताओं का कहना है कि अगर सरकार ने बढ़े हुए अलाउंस को लागू करने की तारीख 01.01.2016 नहीं रखी तो वह इसके लिए आंदोलन की राह पकड़ने को मजबूर होंगे. (सातवां वेतन आयोग : क्या ओवरटाइम भत्ता समाप्त हो गया?, सरकार ने संसद में यह कहा)टिप्पणियां एनसीजेसीएम के संयोजक और रेलवे कर्मचारी संघ के नेता शिवगोपाल मिश्रा ने एनडीटीवी को बताया कि अभी मुद्दों पर बातचीत पुरी नहीं हुई है. यह बात अलग है कि बातचीत आखिरी दौर में चल रही है. 22 फरवरी को मामले पर फिर सरकार के प्रतिनिधि और कर्मचारियों के प्रतिनिधियों में बातचीत होगी. अलाउंस को लेकर ही 22 फरवरी की मीटिंग है. इसमें एचआरए सबसे प्रमुख मुद्दा है. इसके अलावा न्यूनतम वेतनमान और पेंशन को लेकर भी बातचीत हो गई है. जानकारी के लिए बता दें कि कर्मचारियों का आरोप है कि नरेंद्र मोदी ने रेलवे और डिफेंस कर्मचारियों पर सर्जिकल स्ट्राइक कर दिया है. इन कर्मचारियों का कहना है कि सरकार ने अपने कर्मचारियों के हितों का बिल्कुल भी ख्याल नहीं रखा है. इसके विरोध में कर्मचारी संघों ने 16 मार्च 2017 को हड़ताल का ऐलान किया है. कर्मचारी संघ इस बात से भी नाराज़ हैं कि सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों पर कर्मचारियों के ऐतराज को भी सरकार ने गंभीरता से नहीं लिया है और सात महीने बीत जाने के बाद कोई हल नहीं निकाला है. उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार के कई विभागों के कर्मचारी इस बात से काफी नाराज चल रहे हैं कि सरकार की ओर से कर्मचारी की मांगों की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है. साथ ही इन कर्मचारी नेताओं का कहना है कि सरकार कर्मचारियों के साथ टालमटोल का रवैया अपना रही है. जिस रिपोर्ट को सरकार को चार महीने में दे दिया जाना चाहिए था वह रिपोर्ट अभी तक नहीं तैयार है. कर्मचारी इस बात से भी नाराज हैं कि उन्हें लगता है कि सरकार कर्मचारियों को भत्ता देने में भी जानबूझकर देरी कर रही है. केंद्रीय कर्मचारियों का मानना है कि बढ़ा हुआ भत्ता देने से सरकारी खजाने पर कुछ अतिरिक्त बोझ आएगा इसलिए सरकार इन मामलों में देरी कर रही है. (7वां वेतन आयोग : केंद्रीय कर्मचारियों को झटका, अलाउंस में हुए बदलाव होंगे मार्च 2017 से लागू!) कई कर्मचारी संघों के नेताओं का कहना है कि सरकार ने सातवें वेतन आयोग के विवादित मुद्दों पर चर्चा के लिए कई समितियों का गठन कर दिया है. इन समितियों ने वेतन आयोग की रिपोर्ट पर चर्चाएं की , लेकिन अभी तक कुछ भी सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आया है. अभी तक इन समितियों से एक भी ऐसा निर्णय सामने नहीं आया है जिससे केंद्रीय कर्मचारी संतुष्ट हों. (रेलवे-रक्षा क्षेत्र में पीएम नरेंद्र मोदी की 'सर्जिकल स्ट्राइक' से कर्मचारी नाराज, 16 मार्च को हड़ताल का ऐलान) अब केंद्रीय कर्मचारियों को यह भी आशंका सता रही है कि जिस अलाउंस को सरकार को पिछले साल जुलाई माह से दिया जाना चाहिए था अब वह नए साल में मिलेंगे तो कर्मचारियों को पिछले कई महीनों का बढ़े हुए अलाउंस के न मिलने  से काफी नुकसान होगा. कर्मचारियों की मांग है कि सरकार जब भी बढ़ा हुआ अलाउंस कर्मचारियों को दे वह 25 जुलाई 2016 से लागू होना चाहिए. (7वां वेतन आयोग : अलाउंसेस को लेकर वित्त राज्यमंत्री मेघवाल ने दिया यह बयान, बातचीत लगभग पूरी) सूत्रों का कहना है कि मंत्रालय में यह रिपोर्ट एक दो दिन में सरकार को दे दी जाएगी और यह भी सूत्रों ने बताया कि सरकार इसके रिपोर्ट के आधार पर 1 अप्रैल 2017 को नोटिफाई कर सकती है.  कर्मचारी नेताओं का कहना है कि अगर सरकार ने बढ़े हुए अलाउंस को लागू करने की तारीख 01.01.2016 नहीं रखी तो वह इसके लिए आंदोलन की राह पकड़ने को मजबूर होंगे. (सातवां वेतन आयोग : क्या ओवरटाइम भत्ता समाप्त हो गया?, सरकार ने संसद में यह कहा)टिप्पणियां एनसीजेसीएम के संयोजक और रेलवे कर्मचारी संघ के नेता शिवगोपाल मिश्रा ने एनडीटीवी को बताया कि अभी मुद्दों पर बातचीत पुरी नहीं हुई है. यह बात अलग है कि बातचीत आखिरी दौर में चल रही है. 22 फरवरी को मामले पर फिर सरकार के प्रतिनिधि और कर्मचारियों के प्रतिनिधियों में बातचीत होगी. अलाउंस को लेकर ही 22 फरवरी की मीटिंग है. इसमें एचआरए सबसे प्रमुख मुद्दा है. इसके अलावा न्यूनतम वेतनमान और पेंशन को लेकर भी बातचीत हो गई है. जानकारी के लिए बता दें कि कर्मचारियों का आरोप है कि नरेंद्र मोदी ने रेलवे और डिफेंस कर्मचारियों पर सर्जिकल स्ट्राइक कर दिया है. इन कर्मचारियों का कहना है कि सरकार ने अपने कर्मचारियों के हितों का बिल्कुल भी ख्याल नहीं रखा है. इसके विरोध में कर्मचारी संघों ने 16 मार्च 2017 को हड़ताल का ऐलान किया है. कर्मचारी संघ इस बात से भी नाराज़ हैं कि सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों पर कर्मचारियों के ऐतराज को भी सरकार ने गंभीरता से नहीं लिया है और सात महीने बीत जाने के बाद कोई हल नहीं निकाला है. कई कर्मचारी संघों के नेताओं का कहना है कि सरकार ने सातवें वेतन आयोग के विवादित मुद्दों पर चर्चा के लिए कई समितियों का गठन कर दिया है. इन समितियों ने वेतन आयोग की रिपोर्ट पर चर्चाएं की , लेकिन अभी तक कुछ भी सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आया है. अभी तक इन समितियों से एक भी ऐसा निर्णय सामने नहीं आया है जिससे केंद्रीय कर्मचारी संतुष्ट हों. (रेलवे-रक्षा क्षेत्र में पीएम नरेंद्र मोदी की 'सर्जिकल स्ट्राइक' से कर्मचारी नाराज, 16 मार्च को हड़ताल का ऐलान) अब केंद्रीय कर्मचारियों को यह भी आशंका सता रही है कि जिस अलाउंस को सरकार को पिछले साल जुलाई माह से दिया जाना चाहिए था अब वह नए साल में मिलेंगे तो कर्मचारियों को पिछले कई महीनों का बढ़े हुए अलाउंस के न मिलने  से काफी नुकसान होगा. कर्मचारियों की मांग है कि सरकार जब भी बढ़ा हुआ अलाउंस कर्मचारियों को दे वह 25 जुलाई 2016 से लागू होना चाहिए. (7वां वेतन आयोग : अलाउंसेस को लेकर वित्त राज्यमंत्री मेघवाल ने दिया यह बयान, बातचीत लगभग पूरी) सूत्रों का कहना है कि मंत्रालय में यह रिपोर्ट एक दो दिन में सरकार को दे दी जाएगी और यह भी सूत्रों ने बताया कि सरकार इसके रिपोर्ट के आधार पर 1 अप्रैल 2017 को नोटिफाई कर सकती है.  कर्मचारी नेताओं का कहना है कि अगर सरकार ने बढ़े हुए अलाउंस को लागू करने की तारीख 01.01.2016 नहीं रखी तो वह इसके लिए आंदोलन की राह पकड़ने को मजबूर होंगे. (सातवां वेतन आयोग : क्या ओवरटाइम भत्ता समाप्त हो गया?, सरकार ने संसद में यह कहा)टिप्पणियां एनसीजेसीएम के संयोजक और रेलवे कर्मचारी संघ के नेता शिवगोपाल मिश्रा ने एनडीटीवी को बताया कि अभी मुद्दों पर बातचीत पुरी नहीं हुई है. यह बात अलग है कि बातचीत आखिरी दौर में चल रही है. 22 फरवरी को मामले पर फिर सरकार के प्रतिनिधि और कर्मचारियों के प्रतिनिधियों में बातचीत होगी. अलाउंस को लेकर ही 22 फरवरी की मीटिंग है. इसमें एचआरए सबसे प्रमुख मुद्दा है. इसके अलावा न्यूनतम वेतनमान और पेंशन को लेकर भी बातचीत हो गई है. जानकारी के लिए बता दें कि कर्मचारियों का आरोप है कि नरेंद्र मोदी ने रेलवे और डिफेंस कर्मचारियों पर सर्जिकल स्ट्राइक कर दिया है. इन कर्मचारियों का कहना है कि सरकार ने अपने कर्मचारियों के हितों का बिल्कुल भी ख्याल नहीं रखा है. इसके विरोध में कर्मचारी संघों ने 16 मार्च 2017 को हड़ताल का ऐलान किया है. कर्मचारी संघ इस बात से भी नाराज़ हैं कि सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों पर कर्मचारियों के ऐतराज को भी सरकार ने गंभीरता से नहीं लिया है और सात महीने बीत जाने के बाद कोई हल नहीं निकाला है. अब केंद्रीय कर्मचारियों को यह भी आशंका सता रही है कि जिस अलाउंस को सरकार को पिछले साल जुलाई माह से दिया जाना चाहिए था अब वह नए साल में मिलेंगे तो कर्मचारियों को पिछले कई महीनों का बढ़े हुए अलाउंस के न मिलने  से काफी नुकसान होगा. कर्मचारियों की मांग है कि सरकार जब भी बढ़ा हुआ अलाउंस कर्मचारियों को दे वह 25 जुलाई 2016 से लागू होना चाहिए. (7वां वेतन आयोग : अलाउंसेस को लेकर वित्त राज्यमंत्री मेघवाल ने दिया यह बयान, बातचीत लगभग पूरी) सूत्रों का कहना है कि मंत्रालय में यह रिपोर्ट एक दो दिन में सरकार को दे दी जाएगी और यह भी सूत्रों ने बताया कि सरकार इसके रिपोर्ट के आधार पर 1 अप्रैल 2017 को नोटिफाई कर सकती है.  कर्मचारी नेताओं का कहना है कि अगर सरकार ने बढ़े हुए अलाउंस को लागू करने की तारीख 01.01.2016 नहीं रखी तो वह इसके लिए आंदोलन की राह पकड़ने को मजबूर होंगे. (सातवां वेतन आयोग : क्या ओवरटाइम भत्ता समाप्त हो गया?, सरकार ने संसद में यह कहा)टिप्पणियां एनसीजेसीएम के संयोजक और रेलवे कर्मचारी संघ के नेता शिवगोपाल मिश्रा ने एनडीटीवी को बताया कि अभी मुद्दों पर बातचीत पुरी नहीं हुई है. यह बात अलग है कि बातचीत आखिरी दौर में चल रही है. 22 फरवरी को मामले पर फिर सरकार के प्रतिनिधि और कर्मचारियों के प्रतिनिधियों में बातचीत होगी. अलाउंस को लेकर ही 22 फरवरी की मीटिंग है. इसमें एचआरए सबसे प्रमुख मुद्दा है. इसके अलावा न्यूनतम वेतनमान और पेंशन को लेकर भी बातचीत हो गई है. जानकारी के लिए बता दें कि कर्मचारियों का आरोप है कि नरेंद्र मोदी ने रेलवे और डिफेंस कर्मचारियों पर सर्जिकल स्ट्राइक कर दिया है. इन कर्मचारियों का कहना है कि सरकार ने अपने कर्मचारियों के हितों का बिल्कुल भी ख्याल नहीं रखा है. इसके विरोध में कर्मचारी संघों ने 16 मार्च 2017 को हड़ताल का ऐलान किया है. कर्मचारी संघ इस बात से भी नाराज़ हैं कि सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों पर कर्मचारियों के ऐतराज को भी सरकार ने गंभीरता से नहीं लिया है और सात महीने बीत जाने के बाद कोई हल नहीं निकाला है. सूत्रों का कहना है कि मंत्रालय में यह रिपोर्ट एक दो दिन में सरकार को दे दी जाएगी और यह भी सूत्रों ने बताया कि सरकार इसके रिपोर्ट के आधार पर 1 अप्रैल 2017 को नोटिफाई कर सकती है.  कर्मचारी नेताओं का कहना है कि अगर सरकार ने बढ़े हुए अलाउंस को लागू करने की तारीख 01.01.2016 नहीं रखी तो वह इसके लिए आंदोलन की राह पकड़ने को मजबूर होंगे. (सातवां वेतन आयोग : क्या ओवरटाइम भत्ता समाप्त हो गया?, सरकार ने संसद में यह कहा)टिप्पणियां एनसीजेसीएम के संयोजक और रेलवे कर्मचारी संघ के नेता शिवगोपाल मिश्रा ने एनडीटीवी को बताया कि अभी मुद्दों पर बातचीत पुरी नहीं हुई है. यह बात अलग है कि बातचीत आखिरी दौर में चल रही है. 22 फरवरी को मामले पर फिर सरकार के प्रतिनिधि और कर्मचारियों के प्रतिनिधियों में बातचीत होगी. अलाउंस को लेकर ही 22 फरवरी की मीटिंग है. इसमें एचआरए सबसे प्रमुख मुद्दा है. इसके अलावा न्यूनतम वेतनमान और पेंशन को लेकर भी बातचीत हो गई है. जानकारी के लिए बता दें कि कर्मचारियों का आरोप है कि नरेंद्र मोदी ने रेलवे और डिफेंस कर्मचारियों पर सर्जिकल स्ट्राइक कर दिया है. इन कर्मचारियों का कहना है कि सरकार ने अपने कर्मचारियों के हितों का बिल्कुल भी ख्याल नहीं रखा है. इसके विरोध में कर्मचारी संघों ने 16 मार्च 2017 को हड़ताल का ऐलान किया है. कर्मचारी संघ इस बात से भी नाराज़ हैं कि सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों पर कर्मचारियों के ऐतराज को भी सरकार ने गंभीरता से नहीं लिया है और सात महीने बीत जाने के बाद कोई हल नहीं निकाला है. एनसीजेसीएम के संयोजक और रेलवे कर्मचारी संघ के नेता शिवगोपाल मिश्रा ने एनडीटीवी को बताया कि अभी मुद्दों पर बातचीत पुरी नहीं हुई है. यह बात अलग है कि बातचीत आखिरी दौर में चल रही है. 22 फरवरी को मामले पर फिर सरकार के प्रतिनिधि और कर्मचारियों के प्रतिनिधियों में बातचीत होगी. अलाउंस को लेकर ही 22 फरवरी की मीटिंग है. इसमें एचआरए सबसे प्रमुख मुद्दा है. इसके अलावा न्यूनतम वेतनमान और पेंशन को लेकर भी बातचीत हो गई है. जानकारी के लिए बता दें कि कर्मचारियों का आरोप है कि नरेंद्र मोदी ने रेलवे और डिफेंस कर्मचारियों पर सर्जिकल स्ट्राइक कर दिया है. इन कर्मचारियों का कहना है कि सरकार ने अपने कर्मचारियों के हितों का बिल्कुल भी ख्याल नहीं रखा है. इसके विरोध में कर्मचारी संघों ने 16 मार्च 2017 को हड़ताल का ऐलान किया है. कर्मचारी संघ इस बात से भी नाराज़ हैं कि सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों पर कर्मचारियों के ऐतराज को भी सरकार ने गंभीरता से नहीं लिया है और सात महीने बीत जाने के बाद कोई हल नहीं निकाला है. जानकारी के लिए बता दें कि कर्मचारियों का आरोप है कि नरेंद्र मोदी ने रेलवे और डिफेंस कर्मचारियों पर सर्जिकल स्ट्राइक कर दिया है. इन कर्मचारियों का कहना है कि सरकार ने अपने कर्मचारियों के हितों का बिल्कुल भी ख्याल नहीं रखा है. इसके विरोध में कर्मचारी संघों ने 16 मार्च 2017 को हड़ताल का ऐलान किया है. कर्मचारी संघ इस बात से भी नाराज़ हैं कि सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों पर कर्मचारियों के ऐतराज को भी सरकार ने गंभीरता से नहीं लिया है और सात महीने बीत जाने के बाद कोई हल नहीं निकाला है.
सातवां वेतन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2016 से लागू कई मुद्दों पर कर्मचारियों की थी आपत्ति. सरकार ने बनाई समितियां जिसने कर्मचारी नेताओं से की बातचीत
34
['hin']
एक सारांश बनाओ: इश्कबाज के शुक्रवार के एपिसोड में अनिका शिवाय से पूछती है कि वह आखिर कैसे उसकी जिंदगी का हिस्सा है. अनिका उससे कहती है कि उसे टिया से शादी कर लेनी चाहिए जो उसके बच्चे की मां बनने वाली है. सवालों से घिरा शिवाय कहता है कि वह अनिका के सवालों के जवाब देना जरूरी नहीं समझता और अगर टिया से उसकी शादी होने से अनिका को कोई र्फक नहीं पडता तो वह शादी करने को तैयार है. अनिका पूरे घर को अपना फैसला सुना देता है. यह खबर सुन कर शिवाय की दादी सबसे ज्यादा परेशान हो जाती हैं. जबकि वहीं शिवाय की मां यह सुनकर काफी खुश हो जाती है. शिवाय की मां कहती है कि वह टिया और शिवाय की शादी धूमधाम से करेगी. इसके बाद अनिका घर से जाने की कोशिश करती है लेकिन शिवाय उसे रोक लेता है और कहता है वह इसी घर में रहकर इस शादी का हिस्सा बनेगी और जरूरी तैयारियां भी करेगी. इसी बीच, टिया इस बात से उतनी खुश नहीं नजर आती है. स्वेतलाना अपने दोस्त रोमी को यह खबर देने के लिए रोमी को बुलाती है, इसपर टिया कहती है कि जिसके साथ उसे शादी करनी थी वह अब नहीं रहा है. ऐसे में रोमी उसे समझाता है और उसे याद दिलाता है कि वह यहां ओबरॉय परिवार से बदला लेने के लिए है. वह उसे याद दिलाता है कि अनिका और शिवाय उसके दुश्मन हैं. वहीं शिवाय अनिका से कहता है कि वह उसी के कमरे में रहे और अपनी सेफ्टी को लेकर परेशान न हो क्योंकि वह इस शादी को प्लान करने वाली है. टिप्पणियां इसके बाद शिवाय अपनी दादी से मिलने जाता है, लेकिन दादी कुछ भी सुनने से मना कर देती है. दादी कहती हैं कि शिवाय ने उनका विश्वास तोड दिया है और वह उसकी और टिया की शादी का हिस्सा नहीं बनेंगी. दादी शिवाय के भाईयों को भी बुला लेती है ताकि वह उसे इस शादी से मना करने के लिए राजी करें. शिवाय के भाई उसका साथ देते हैं और दादी को भरोसा दिलाते हैं कि शिवाय सब ठीक कर देगा. शिवाय अपने भाइयों को भरोसा दिलाता है कि वह सब कुछ ठीक कर देगा. शिवाय कहता है कि यही एक रास्ता था जिससे वह टिया की ब्लैकमेलिंग को रोक सकता है, जो टिया उसे वीडियो दिखा कर कर रही है.   यह खबर सुन कर शिवाय की दादी सबसे ज्यादा परेशान हो जाती हैं. जबकि वहीं शिवाय की मां यह सुनकर काफी खुश हो जाती है. शिवाय की मां कहती है कि वह टिया और शिवाय की शादी धूमधाम से करेगी. इसके बाद अनिका घर से जाने की कोशिश करती है लेकिन शिवाय उसे रोक लेता है और कहता है वह इसी घर में रहकर इस शादी का हिस्सा बनेगी और जरूरी तैयारियां भी करेगी. इसी बीच, टिया इस बात से उतनी खुश नहीं नजर आती है. स्वेतलाना अपने दोस्त रोमी को यह खबर देने के लिए रोमी को बुलाती है, इसपर टिया कहती है कि जिसके साथ उसे शादी करनी थी वह अब नहीं रहा है. ऐसे में रोमी उसे समझाता है और उसे याद दिलाता है कि वह यहां ओबरॉय परिवार से बदला लेने के लिए है. वह उसे याद दिलाता है कि अनिका और शिवाय उसके दुश्मन हैं. वहीं शिवाय अनिका से कहता है कि वह उसी के कमरे में रहे और अपनी सेफ्टी को लेकर परेशान न हो क्योंकि वह इस शादी को प्लान करने वाली है. टिप्पणियां इसके बाद शिवाय अपनी दादी से मिलने जाता है, लेकिन दादी कुछ भी सुनने से मना कर देती है. दादी कहती हैं कि शिवाय ने उनका विश्वास तोड दिया है और वह उसकी और टिया की शादी का हिस्सा नहीं बनेंगी. दादी शिवाय के भाईयों को भी बुला लेती है ताकि वह उसे इस शादी से मना करने के लिए राजी करें. शिवाय के भाई उसका साथ देते हैं और दादी को भरोसा दिलाते हैं कि शिवाय सब ठीक कर देगा. शिवाय अपने भाइयों को भरोसा दिलाता है कि वह सब कुछ ठीक कर देगा. शिवाय कहता है कि यही एक रास्ता था जिससे वह टिया की ब्लैकमेलिंग को रोक सकता है, जो टिया उसे वीडियो दिखा कर कर रही है.   स्वेतलाना अपने दोस्त रोमी को यह खबर देने के लिए रोमी को बुलाती है, इसपर टिया कहती है कि जिसके साथ उसे शादी करनी थी वह अब नहीं रहा है. ऐसे में रोमी उसे समझाता है और उसे याद दिलाता है कि वह यहां ओबरॉय परिवार से बदला लेने के लिए है. वह उसे याद दिलाता है कि अनिका और शिवाय उसके दुश्मन हैं. वहीं शिवाय अनिका से कहता है कि वह उसी के कमरे में रहे और अपनी सेफ्टी को लेकर परेशान न हो क्योंकि वह इस शादी को प्लान करने वाली है. टिप्पणियां इसके बाद शिवाय अपनी दादी से मिलने जाता है, लेकिन दादी कुछ भी सुनने से मना कर देती है. दादी कहती हैं कि शिवाय ने उनका विश्वास तोड दिया है और वह उसकी और टिया की शादी का हिस्सा नहीं बनेंगी. दादी शिवाय के भाईयों को भी बुला लेती है ताकि वह उसे इस शादी से मना करने के लिए राजी करें. शिवाय के भाई उसका साथ देते हैं और दादी को भरोसा दिलाते हैं कि शिवाय सब ठीक कर देगा. शिवाय अपने भाइयों को भरोसा दिलाता है कि वह सब कुछ ठीक कर देगा. शिवाय कहता है कि यही एक रास्ता था जिससे वह टिया की ब्लैकमेलिंग को रोक सकता है, जो टिया उसे वीडियो दिखा कर कर रही है.   इसके बाद शिवाय अपनी दादी से मिलने जाता है, लेकिन दादी कुछ भी सुनने से मना कर देती है. दादी कहती हैं कि शिवाय ने उनका विश्वास तोड दिया है और वह उसकी और टिया की शादी का हिस्सा नहीं बनेंगी. दादी शिवाय के भाईयों को भी बुला लेती है ताकि वह उसे इस शादी से मना करने के लिए राजी करें. शिवाय के भाई उसका साथ देते हैं और दादी को भरोसा दिलाते हैं कि शिवाय सब ठीक कर देगा. शिवाय अपने भाइयों को भरोसा दिलाता है कि वह सब कुछ ठीक कर देगा. शिवाय कहता है कि यही एक रास्ता था जिससे वह टिया की ब्लैकमेलिंग को रोक सकता है, जो टिया उसे वीडियो दिखा कर कर रही है.
यहाँ एक सारांश है:शिवाय के टिया से शादी करने के फैसले से परेशान है दादी शिवाय की दादी ने शादी का हिस्सा बनने से किया इंकार शिवाय ने दादी से कहा, मैं सब कुछ ठीक कर दूंगा
15
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: एक सवाल के जवाब में भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर 'रावण' (Chandrashekhar Ravan) ने कहा, 'मायावती (Mayawati) की पार्टी दलितों के हितों की रक्षा नहीं करती है. असलियत में समूचे देश में दलितों की शुभचिंतक मेरी पार्टी (भीम आर्मी) है, न कि बसपा.'  हाल ही में बहुजन समाज पार्टी (BSP) की अध्यक्ष मायावती ने भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर पर दलित वोट बांटकर भाजपा को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया था. साथ ही उन्होंने भाजपा को सत्ता से हटाने के लिए एकजुट रहने की अपील भी की थी. उन्होंने ट्वीट किया था, 'दलितों का वोट बांटकर भाजपा को फायदा पहुंचाने के लिए ही भाजपा भीम आर्मी के चंद्रशेखर को वाराणसी लोकसभा सीट से चुनाव लड़वा रही है. यह संगठन भाजपा ने ही षड्यंत्र के तहत बनवाया है और इसकी आड़ में भी अपनी दलित-विरोधी मानसिकता वाली घिनौनी राजनीति कर रही है.' उन्होंने आगे लिखा था, 'भाजपा ने गुप्तचरी करने के लिए पहले चंद्रशेखर को बीएसपी में भेजने का प्रयास किया, लेकिन उनका यह षड्यंत्र विफल रहा. अहंकारी, निरंकुश व घोर जातिवादी व सांप्रदायिक भाजपा को सत्ता से हटाने के लिए आपका एक-एक वोट बहुत कीमती है. इसे किसी भी हाल में बर्बाद नहीं होने देने की अपील की.' बता दें कि भीम सेना (Bhim Army) प्रमुख चंद्रशेखर ने प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में रोड शो कर अपनी ताकत का अहसास कराया था. इस दौरान उन्होंने कहा था, 'मैंने मायावती से संपर्क किया था कि गठबंधन का प्रत्याशी यहां से उतारे तो हम तैयार हैं. लेकिन इस पर कोई जवाब ही नहीं मिला है.'
संक्षिप्त पाठ: चंद्रशेखर रावण का मायावती पर हमला कहा- दलितों की शुभचिंतक नहीं मायावती कहा- बाबा साहेब के सपने को मैं करूंगा पूरा
27
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: इसरो ने शुक्रवार को कहा कि उसने "चंद्रयान-2' को चांद की चौथी कक्षा में आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुक्रवार को सफलतापूर्वक पूरी की. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने इस प्रक्रिया (मैनुवर) के पूरी होने के बाद कहा कि अंतरिक्ष यान की सभी गतिविधियां सामान्य है. इसरो ने एक अपडेट में कहा कि, “प्रणोदन प्रणाली का प्रयोग करते हुए चंद्रयान-2 अंतरिक्षयान को चंद्रमा की चौथी कक्षा में शुक्रवार को (30 अगस्त,2019) सफलतापूर्वक प्रवेश कराने का कार्य योजना के मुताबिक छह बजकर 18 मिनट पर शुरू किया गया.'' इसरो ने कहा, ''चंद्रमा की चौथी कक्षा में प्रवेश कराने की इस पूरी प्रक्रिया में 1,155 सेकेंड का समय लगा.” अब एक सितंबर 2019 को शाम छह बजे से सात बजे के बीच चंद्रयान-2 को चंद्रमा की पांचवी कक्षा में प्रवेश कराया जाएगा. देश की बड़ी सफलता को साबित करते हुए भारत के दूसरे चंद्रमा मिशन चंद्रयान-2 ने चंद्रमा की कक्षा में 20 अगस्त को प्रवेश किया था. इसरो ने कहा कि आगामी दो सितंबर को लैंडर ‘विक्रम' ऑर्बिटर से अलग हो जाएगा और सात सितंबर को यह चांद के दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र में ‘सॉफ्ट लैंडिंग' करेगा. लैंडर के चांद की सतह पर उतरने के बाद इसके भीतर से ‘प्रज्ञान' नाम का रोवर बाहर निकलेगा और अपने छह पहियों पर चलकर चांद की सतह पर अपने वैज्ञानिक प्रयोगों को अंजाम देगा. इसरो के वैज्ञानिकों का कहना है कि चांद पर ‘सॉफ्ट लैंडिंग' चंद्र मिशन-2 का सबसे जटिल चरण है. अतंरिक्ष एजेंसी ने कहा कि अंतरिक्ष यान की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है.
यहाँ एक सारांश है:चंद्रयान-2 के बढ़ते कदम चंद्रमा की चौथी कक्षा में प्रवेश 2 सितंबर को अलग होगा लैंडर ‘विक्रम’
17
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को तो बहुमत मिल गया लेकिन 1982 से सात बार पार्टी के विधायक रहे गंगू राम मुसाफिर इस बार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रत्याशी से हार गए।टिप्पणियां पछाड निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के सुरेश कश्यप ने पूर्व विधानसभा अध्यक्ष मुसाफिर को 2,625 मतों से पराजित कर उनसे बदला ले लिया। पांच वर्ष पूर्व मुसाफिर ने कश्यप को 1,700 से अधिक मतों से हराया था। वर्ष 2003 के विधानसभा चुनाव में मुसाफिर मात्र 1,300 मतों के अंतर से जीते थे। पछाड निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के सुरेश कश्यप ने पूर्व विधानसभा अध्यक्ष मुसाफिर को 2,625 मतों से पराजित कर उनसे बदला ले लिया। पांच वर्ष पूर्व मुसाफिर ने कश्यप को 1,700 से अधिक मतों से हराया था। वर्ष 2003 के विधानसभा चुनाव में मुसाफिर मात्र 1,300 मतों के अंतर से जीते थे। वर्ष 2003 के विधानसभा चुनाव में मुसाफिर मात्र 1,300 मतों के अंतर से जीते थे।
सारांश: हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को तो बहुमत मिल गया लेकिन 1982 से सात बार पार्टी के विधायक रहे गंगू राम मुसाफिर इस बार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रत्याशी से हार गए।
33
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: चूंकि ये रिप्रेजेंटेटिव सूट यानी प्रतिनिधियों के जरिए लड़ा जाने वाला मुकदमा है, लिहाजा सिविल यानी दीवानी मामलों की संहिता सीपीसी के तहत पक्षकारों के अलावा भी कोई पुनर्विचार याचिका (Review Petition) दाखिल कर सकता है. फैज़ाबाद कोर्ट के 1962 के आदेश के मुताबिक सीपीसी के ऑर्डर एक रूल आठ के तहत कोई भी नागरिक पुनर्विचार याचिका दाखिल कर सकता है. अयोध्या भूमि विवाद (Ayodhya Case) में नौ नवंबर के फैसले पर पुनर्विचार के लिए दायर याचिकाओं पर सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) बृहस्पतिवार को चैंबर में विचार करेगा. सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस एस अब्दुल नजीर और जस्टिस संजीव खन्ना  की पांच जजों की पीठ मामले की सुनवाई करेगी. यह सुनवाई दोपहर 1.45 पर होगी. पहले इस बेंच की अगुवाई करने वाले चीफ जस्टिस रंजन गोगोई रिटायर हो चुके हैं. जस्टिस संजीव खन्ना ने उनकी जगह ली है. अयोध्या के रामजन्मभूमि- बाबरी मस्जिद विवाद मामले (Ayodhya Case) में पुनर्विचार याचिकाओं (Review Petition) पर सुनवाई चेंबर में होगी. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) या तो मेरिट के आधार पर तय करेगा या फिर यह तय करेगा कि वह खुली अदालत में इनकी सुनवाई करेगा या नहीं. दरअसल 9 नवंबर को सर्वसम्मति से फैसले में तत्कालीन सीजेआई न्यायमूर्ति रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की पीठ ने पूरी 2.77 एकड़ विवादित भूमि देवता 'राम लला' के पक्ष में दी और केंद्र को सुन्नी वक्फ बोर्ड को मस्जिद बनाने के लिए अयोध्या में 5 एकड़ जमीन देने का निर्देश दिया. इस मामले में 18 पुनर्विचार याचिकाएं दाखिल की गई हैं. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के समर्थन से अयोध्या विवाद पर चार पुनर्विचार याचिकाएं दायर की हैं. इन याचिकाओं में कहा गया है कि फैसला 1992 में मस्जिद ढहाए जाने को मंजूरी देने जैसा है. अवैध रूप से रखी गई मूर्ति के पक्ष में फैसला सुनाया गया. अवैध हरकत करने वालों को ज़मीन दी गई.  हिंदुओं का कभी वहां पूरा कब्ज़ा नहीं था. मुसलमानों को पांच एकड़ जमीन देने का फैसला पूरा इंसाफ नहीं कहा जा सकता. सुप्रीम कोर्ट 9 नवंबर के फैसले पर रोक लगाए. मामले पर दोबारा विचार करे. मिसबाहुद्दीन, मौलाना हसबुल्ला, हाजी महबूब और रिजवान अहमद द्वारा पुनर्विचार याचिकाएं दायर की गई हैं. अगर खुली अदालत में सुनवाई हुई तो इन सभी याचिकाओं में वकील राजीव धवन होंगे. याचिकाओं में कहा गया है कि ये याचिकाएं  शांति और सद्भाव में खलल डालने के लिए नहीं बल्कि न्याय हासिल करने के लिए दाखिल की गई हैं. मुस्लिम संपत्ति हमेशा ही हिंसा और अनुचित व्यवहार का शिकार हुई है. फैसले में 1992 में मस्जिद के ढहाए जाने का फायदा दिया गया है. अवैध रूप से रखी गई मूर्ति कानूनी रूप से वैध नहीं हो सकती और इसके पक्ष में फैसला सुनाया गया है. सुप्रीम कोर्ट का नौ नवंबर का फैसला बाबरी मस्जिद के  विनाश, गैरकानूनी तरीके से घुसने और कानून के शासन के उल्लंघन की गंभीर अवैधताओं को दर्शाता है. निर्विवाद तथ्य यह है कि हिंदू कभी भी एक्सक्लूसिव कब्जे में नहीं रहा. अवैधता में पाए गए सबूतों के आधार पर हिंदूओं ने दावा किया है. याचिकाओं में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के पांच एकड़ जमीन देने के फैसले पर भी सवाल उठाया गया है. कहा गया है कि पूजा स्थल को नष्ट करने के बाद ऐसा कोई "पुनर्स्थापन" नहीं हो सकता. यह कोई कामर्शियल सूट नहीं था बल्कि सिविल सूट था. सुप्रीम कोर्ट का ये निष्कर्ष त्रुटिपूर्ण है कि यह दिखाने के लिए सबूत हैं कि हिंदुओं ने मस्जिद के परिसर में 1857 से पहले पूजा की थी. यह दिखाने के लिए सबूत हैं कि मुस्लिम 1857 और 1949 के बीच आंतरिक आंगन के एक्सक्लूसिव कब्जे में थे. कोर्ट के ये निष्कर्ष सही नहीं हैं कि मस्जिद पक्ष प्रतिकूल कब्जे को साबित करने में सक्षम नहीं रहा. जमीयत उलेमा ए हिन्द के समर्थन से सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल की गई है. इसमें सुप्रीम कोर्ट से 9 नवंबर के फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की गई है. यह याचिका एम सिद्दीक की ओर से दाखिल की गई है. याचिका में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट का निष्कर्ष सही नहीं है कि यह दिखाने के लिए सबूत हैं कि हिंदुओं ने मस्जिद के परिसर में 1857 से पहले पूजा की थी. ये भी निष्कर्ष सही नहीं कि यह दिखाने के लिए सबूत हैं कि मुस्लिम 1857 और 1949 के बीच आंतरिक आंगन के  कब्जे में थे. सुप्रीम कोर्ट ने अपने निष्कर्ष में कहा था कि मस्जिद पक्ष प्रतिकूल कब्जे को साबित करने में सक्षम नहीं रहा और ये भी सही नहीं है. याचिका में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने एएसआई की रिपोर्ट में पढ़ा था कि यह निष्कर्ष निकाला गया था कि मस्जिद खाली भूमि पर नहीं आई थी बल्कि एक गैर-इस्लामी संरचना के खंडहरों पर जो कि 10 वीं शताब्दी के बड़े पैमाने पर हिंदू ढांचे से मिलती जुलती थी. ये भी सही नहीं है. कोर्ट ने यात्रियों, इतिहासकारों और लेखकों के खातों के रूप में हिंदू पक्ष द्वारा दिए गए सबूतों को स्वीकार किया लेकिन हमारे द्वारा सुसज्जित एक ही साक्ष्य को अनदेखा कर दिया. कोर्ट ने एक निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए कहा कि मुसलमानों ने यह बताने के लिए कोई सबूत नहीं दिया है कि वे 1857 से पहले के आंतरिक प्रांगण के अनन्य कब्जे में थे, जो कि सही नहीं है. याचिका में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट ने इस निष्कर्ष पर गलती की है कि हिन्दू लोग निर्विवाद रूप से मस्जिद के अंदर पूजा करते थे जो भीतर के गर्भगृह को भगवान राम का जन्म स्थान मानते हैं. मुस्लिम पक्ष को अनुच्छेद 143 के तहत मुस्लिम पक्ष को पांच एकड़ जमीन देने का फैसला भी सही नहीं है.जमीयत ने कोर्ट के फैसले के उन तीन बिंदुओं को फोकस किया है जिसमें ऐतिहासिक गलतियों का ज़िक्र है. लेकिन फैसला इनके ठीक उलट आया. अव्वल तो ये कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि इस बात के पुख्ता सबूत नहीं मिले हैं कि मंदिर तोड़कर मस्जिद बनाई गई थी. दूसरा ये कि 22-23 दिसंबर 1949 की रात आंतरिक अहाते में मूर्तियां रखना भी गलत था. 6 दिसंबर 1992 को विवादित ढांचा तोड़ना भी गलत था. लेकिन इन गलतियों पर सज़ा देने के बजाय उनको पूरी ज़मीन दे दी गई. लिहाज़ा कोर्ट इस फैसले पर फिर से विचार करे. अखिल भारत हिंदू महासभा ने भी सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में पुनर्विचार याचिका दाखिल की है. याचिका में सुन्नी वक्फ बोर्ड को 5 एकड़ जमीन दिए जाने के फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की गई है. याचिका में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट के अनुच्छेद 142 के तहत मुस्लिम पक्ष को पांच एकड़ जमीन देने का फैसला सही नहीं है क्योंकि ये एक सिविल सूट था. जब कोर्ट ने डिक्री रामलला को दी है तो इस तरह वैकल्पिक जमीन देने का कोई औचित्य नहीं है. याचिका में यह भी कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने नौ नवंबर के फैसले में ढांचे को मस्जिद बताया है, वो भी सही नहीं है क्योंकि कोर्ट ने खुद माना है कि इसके नीचे मंदिर था. जब पांच जजों की पीठ ने वक्फ बोर्ड को हकदार नहीं माना को ढांचे को मस्जिद कैसे कहा जा सकता है. याचिका में सुप्रीम कोर्ट की उन टिप्पणियों पर भी सवाल उठाए हैं जिसमें कहा गया था कि 6 दिसंबर 1992 को बाबरी मस्जिद ढहाया जाना कानून के खिलाफ था. वकील विष्णु जैन द्वारा दाखिल याचिका में हिंदू महासभा का कहना है कि कोर्ट को इन टिप्पणियों को हटाना चाहिए क्योंकि इसका सीधा असर लखनऊ की विशेष सीबीआई अदालत में चल रहे आपराधिक साजिश के ट्रायल पर पड़ेगा. इस मामले में शिक्षाविद और एक्टिविस्ट भी सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) पहुंच गए हैं. उन्होंने राम जन्मभूमि- बाबरी मस्जिद मामले में 9 नवंबर के फैसले पर पुनर्विचार याचिका दाखिल की है. अर्थशास्त्री प्रभात पटनायक व एक्टिविस्ट और पूर्व आईएएस अधिकारी हर्ष मंदर प्रमुख याचिकाकर्ता हैं. इस याचिका के प्रमुख नामों में इतिहासकार इरफान हबीब, लेखिका फराह नकवी, समाजशास्त्री नंदिनी सुंदर, एक्टिविस्ट शबनम हाशमी, आकार पटेल, कवि और वैज्ञानिक गौहर रजा, लेखक नटवर बधवार, अर्थशास्त्री जयति घोष, इतिहासकार तनिका सरकार व सेवानिवृत्त राजनयिक और आम आदमी पार्टी की पूर्व सदस्य मधु भादुड़ी शामिल हैं. याचिका में कहा गया है कि फैसले में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले को भारत में हिंदुओं और मुसलमानों के बीच विवाद के रूप में माना गया है. जबकि ये मामला स्वयंभू संगठनों के बीच था जो हिंदुओं और मुसलमानों की भावनाओं और हितों का प्रतिनिधित्व करने का दावा करते हैं. लेकिन ऐसा करने के लिए कोई स्पष्ट जनादेश नहीं है, न ही अनुभवजन्य साक्ष्य है कि वे इन धर्मों के लोगों का व्यापक समर्थन करते हैं. फैसले में मुकदमेबाजों और संगठनों के नाम “हिंदू" या "मुस्लिम" के रूप में लिए गए हैं. इस मामले में अपनी याचिका को सही ठहराते हुए एक्टिविस्ट का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने खुद ही हिंदुओं और मुसलमानों के विश्वास के बारे में एक बहस के लिए स्वामित्व और संपत्ति पर कब्जे के लिए एक टाइटल सूट में मामले के दायरे का विस्तार किया है. लेकिन इस मामले में याचिकाकर्ताओं से अलग हिंदू और मुसलमानों को कभी नहीं सुना. ऐसा करने से इसने प्रत्येक भारतीय को टाइटल सूट के मुद्दे पर अदालत से राहत पाने का अधिकार दिया है.याचिका में 9 नवंबर के फैसले पर भी सवाल उठाए गए हैं और कहा गया है कि ये फैसला एक पक्ष की ओर झुकता नजर आ रहा है. निर्मोही अखाड़ा ने भी सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में पुनर्विचार याचिका दाखिल की है. अखाड़ा ने याचिका में कहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने 9 नवंबर के फैसले में केंद्र को राम मंदिर निर्माण के लिए बनने वाले ट्रस्ट में इसे पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने का निर्देश दिया था. निर्णय के बाद एक महीने से अधिक समय बीत चुका है लेकिन अब तक इसकी भूमिका और प्रतिनिधित्व को परिभाषित नहीं किया गया है. अखाड़ा इस संबंध में स्पष्टीकरण चाहता है.याचिका में विवादित अधिगृहीत 2.77 एकड़ जमीन के बाहर इसके स्वामित्व वाले कई मंदिरों को वापस करने की मांग की भी की गई है. पीस पार्टी ने भी  सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में पुनर्विचार याचिका दाखिल की है. याचिका में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला पूरी तरह से एएसआई रिपोर्ट पर आधारित है न कि तथ्यों पर. सन 1949 तक कब्ज़ा हमेशा मुस्लिमों के पास था और भारतीय साक्ष्य अधिनियम 110 का  इसमें पालन नहीं किया गया. हिंदू पक्षकारों द्वारा झूठ बोला गया. केंद्रीय गुंबद के नीचे मस्जिद में 1949 तक नमाज अदा की गई थी, और 1949 से पहले वहां कोई मूर्ति नहीं थी. 1949 से पहले कोई भी हिंदू प्रार्थना नहीं करता था. एएसआई द्वारा कोई सबूत नहीं दिया गया है कि वहां मंदिर था जो राम को समर्पित था. सन 1885 में राम चबूतरा राम मंदिर था जो बाबरी मस्जिद का बाहरी आंगन है. इसमें मुस्लिम पक्ष का आंतरिक आंगन का  अधिकार था. लेकिन हाल के फैसले में यह सर्वोच्च न्यायालय द्वारा स्थापित नहीं किया गया है. अयोध्या मामले में शिया वक्फ बोर्ड ने भी सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में पुनर्विचार याचिका दाखिल की है. इसमें सुन्नी वक्फ बोर्ड को मस्जिद बनाने के लिए पांच एकड़ जमीन देने का विरोध किया गया है. कहा गया है कि अगर जमीन दी भी जाती है तो वह अयोध्या से बाहर हो और मस्जिद के लिए नहीं बल्कि अस्पताल आदि के लिए हो.
संक्षिप्त पाठ: सुप्रीम कोर्ट में कुल 18 पुनर्विचार याचिकाएं दाखिल की गई हैं नौ याचिकाएं पक्षकारों की ओर से दायर की गई हैं नौ याचिकाएं अन्य याचिकाकर्ताओं की ओर से आई हैं
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने सोमवार को कहा कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आई तो गम्भीर बीमारी के शिकार किसानों का इलाज सरकारी खर्च पर कराया जाएगा और किसानों का कर्ज माफ किया जाएगा।टिप्पणियां मुलायम ने सोमवार को हमीरपुर की राठ सुरक्षित सीट से उम्मीदवार अम्ब्रेश कुमारी के पक्ष में ब्रह्मानंद महाविद्यालय में आयोजित चुनावी जनसभा में सिर्फ बहुजन समाज पार्टी (बसपा) पर निशाना साधा। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस का नाम तक नहीं लिया। मुलायम ने कहा, "चड़ौत, कुछेछा और खेरापरा में निर्मित पुल मेरे कार्यकाल में स्वीकृत किए गए थे। बसपा सिर्फ सरकारी धन से मूर्तियां लगवाकर उसे विकास का नाम दे रही है।" उन्होंने कहा, "यदि सपा की सरकार बनी तो गम्भीर बीमारी के शिकार किसानों का इलाज सरकारी खर्च पर कराया जाएगा और सहकारी समितियों से लिए किसानों के कर्ज माफ  कर दिए जाएंगे। साथ ही ऐसी व्यवस्था की जाएगी कि किसानों की जमीन नीलाम न हो।" मुलायम ने सोमवार को हमीरपुर की राठ सुरक्षित सीट से उम्मीदवार अम्ब्रेश कुमारी के पक्ष में ब्रह्मानंद महाविद्यालय में आयोजित चुनावी जनसभा में सिर्फ बहुजन समाज पार्टी (बसपा) पर निशाना साधा। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस का नाम तक नहीं लिया। मुलायम ने कहा, "चड़ौत, कुछेछा और खेरापरा में निर्मित पुल मेरे कार्यकाल में स्वीकृत किए गए थे। बसपा सिर्फ सरकारी धन से मूर्तियां लगवाकर उसे विकास का नाम दे रही है।" उन्होंने कहा, "यदि सपा की सरकार बनी तो गम्भीर बीमारी के शिकार किसानों का इलाज सरकारी खर्च पर कराया जाएगा और सहकारी समितियों से लिए किसानों के कर्ज माफ  कर दिए जाएंगे। साथ ही ऐसी व्यवस्था की जाएगी कि किसानों की जमीन नीलाम न हो।" मुलायम ने कहा, "चड़ौत, कुछेछा और खेरापरा में निर्मित पुल मेरे कार्यकाल में स्वीकृत किए गए थे। बसपा सिर्फ सरकारी धन से मूर्तियां लगवाकर उसे विकास का नाम दे रही है।" उन्होंने कहा, "यदि सपा की सरकार बनी तो गम्भीर बीमारी के शिकार किसानों का इलाज सरकारी खर्च पर कराया जाएगा और सहकारी समितियों से लिए किसानों के कर्ज माफ  कर दिए जाएंगे। साथ ही ऐसी व्यवस्था की जाएगी कि किसानों की जमीन नीलाम न हो।"
सारांश: सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने कहा कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आई तो गम्भीर बीमारी के शिकार किसानों का इलाज सरकारी खर्च पर कराया जाएगा और किसानों का कर्ज माफ किया जाएगा।
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['hin']