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इस के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश के मुज़फ़्फ़रनगर में 16 गांवों की एक पंचायत ने लिया बच्चों को स्मार्टफोन का इस्तेमाल न करने देने का फ़ैसला सुनाया है। पंचायत की दलील है कि स्मार्टफोन के इस्तेमाल से बच्चे बिगड़ रहे हैं।टिप्पणियां
पंचायत ने बच्चों और खासकर लड़कियों को मोबाइल फोन न देने का फ़ैसला किया है। ज़िले के जानसठ क्षेत्र केराटौर गांव में हुई इस पंचायत में यह फ़ैसला लिया गया। पंचायत में कहा गया कि फोन के इस्तेमाल से स्कूल और कॉलेज में पढ़ने वाले बच्चे बिगड़ और बहक रहे हैं। लिहाजा इस पर रोक लगाई जानी चाहिए।
पंचायत ने कहा कि अगर बहुत ही जरूरी हो तो बच्चे नॉर्मल फोन इस्तेमाल करें न कि स्मार्टफोन। इस पंचायत में कुछ प्रफेशनल कोर्स कर रही लड़कियां भी शामिल थीं और उन्होंने भी मोबाइल पर रोक के पक्ष में आवाज़ उठाई।
पंचायत ने बच्चों और खासकर लड़कियों को मोबाइल फोन न देने का फ़ैसला किया है। ज़िले के जानसठ क्षेत्र केराटौर गांव में हुई इस पंचायत में यह फ़ैसला लिया गया। पंचायत में कहा गया कि फोन के इस्तेमाल से स्कूल और कॉलेज में पढ़ने वाले बच्चे बिगड़ और बहक रहे हैं। लिहाजा इस पर रोक लगाई जानी चाहिए।
पंचायत ने कहा कि अगर बहुत ही जरूरी हो तो बच्चे नॉर्मल फोन इस्तेमाल करें न कि स्मार्टफोन। इस पंचायत में कुछ प्रफेशनल कोर्स कर रही लड़कियां भी शामिल थीं और उन्होंने भी मोबाइल पर रोक के पक्ष में आवाज़ उठाई।
पंचायत ने कहा कि अगर बहुत ही जरूरी हो तो बच्चे नॉर्मल फोन इस्तेमाल करें न कि स्मार्टफोन। इस पंचायत में कुछ प्रफेशनल कोर्स कर रही लड़कियां भी शामिल थीं और उन्होंने भी मोबाइल पर रोक के पक्ष में आवाज़ उठाई। | मुज़फ़्फ़रनगर में 16 गांवों की पंचायत ने लिया फैसला
पंचायत ने कहा कि बहुत ही जरूरी हो तो नॉर्मल फोन का यूज करें
कुछ लड़कियों ने इस फरमान का किया समर्थन | 28 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: दक्षिणी गुजरात के वृहद सरदार सरोवर बांध के सभी 30 फाटकों को बंद कर दिया गया है ताकि बांध की तीनों जल भंडारण में 14 लाख एकड़ फीट से बढ़ाकर 47 लाख एकड़ फीट पानी का संग्रह किया जा सके. नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण से राज्य को अनुमति मिलने के बाद बांध के दरवाजों को बंद करने के समारोह में मुख्यमंत्री विजय रूपाणी और उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल शामिल हुए.
बांध के संवर्धित भंडारण से राज्य को बारिश की कमी वाले क्षेत्रों सौराष्ट्र और उत्तरी गुजरात में पानी की आपूर्ति करने में मदद मिलेगी. मौसम विभाग के मुताबिक, इस साल राज्य में मॉनसून बारिश में कमी की आशंका है. बांध के दरवाजों को बंद करने से राज्य के लोगों को फायदा होगा. इससे 9,663 गांवों (राज्य के 50 फीसदी से अधिक) में पीने का साफ पहुंचाया जा सकेगा तथा 10 लाख किसानों को सिंचाई सुविधा मुहैया कराई जा सकेगी, जिससे 6 लाख हेक्यटेयर खेत की सिंचाई होगी. इसके बाद राज्य की सिंचित भूमि बढ़कर 18 लाख हेक्टेयर हो जाएगी. टिप्पणियां
रूपाणी ने इस मौके पर कहा, "यह राज्य के लिए सुनहरा दिन है, क्योंकि सरदार सरोवर बांध के फाटक बंद हो रहे हैं. इससे राज्य के विकास में तेजी आएगी और सरदार पटेल का सपना पूरा होगा.' (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
बांध के संवर्धित भंडारण से राज्य को बारिश की कमी वाले क्षेत्रों सौराष्ट्र और उत्तरी गुजरात में पानी की आपूर्ति करने में मदद मिलेगी. मौसम विभाग के मुताबिक, इस साल राज्य में मॉनसून बारिश में कमी की आशंका है. बांध के दरवाजों को बंद करने से राज्य के लोगों को फायदा होगा. इससे 9,663 गांवों (राज्य के 50 फीसदी से अधिक) में पीने का साफ पहुंचाया जा सकेगा तथा 10 लाख किसानों को सिंचाई सुविधा मुहैया कराई जा सकेगी, जिससे 6 लाख हेक्यटेयर खेत की सिंचाई होगी. इसके बाद राज्य की सिंचित भूमि बढ़कर 18 लाख हेक्टेयर हो जाएगी. टिप्पणियां
रूपाणी ने इस मौके पर कहा, "यह राज्य के लिए सुनहरा दिन है, क्योंकि सरदार सरोवर बांध के फाटक बंद हो रहे हैं. इससे राज्य के विकास में तेजी आएगी और सरदार पटेल का सपना पूरा होगा.' (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
रूपाणी ने इस मौके पर कहा, "यह राज्य के लिए सुनहरा दिन है, क्योंकि सरदार सरोवर बांध के फाटक बंद हो रहे हैं. इससे राज्य के विकास में तेजी आएगी और सरदार पटेल का सपना पूरा होगा.' (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | सभी 30 फाटकों को किया गया बंध
इस बार है कम बारिश की आशंका
सीएम रुपानी ने कहा कि इससे राज्य के विकास में तेजी आएगी | 26 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की गिरफ्त में आए अबू जिंदाल के बारे में पता चला है कि वह फेसबुक के जरिये आतंकियों की भर्ती कर रहा था। जिंदाल के नौ फेसबुक और ई−मेल एकाउंट हैं, जिनके जरिये वह इसी साल भारत में हमले करवाने के मकसद से आतंकवादियों की भर्ती कर रहा था।
सूत्रों के मुताबिक जकी उर रहमान लखवी की गिरफ्तारी के बाद उसकी यह साजिश सिरे नहीं चढ़ पाई। सूत्रों के मुताबिक खुफिया एजेंसियां अब जिंदाल के सभी इंटरनेट एकाउंट्स को खंगाल रही है और उसके फ्रेंडलिस्ट में शामिल लोगों पर भी नजर रखी जा रही है।टिप्पणियां
जिंदाल भारत में लश्कर-ए-तैयबा का सबसे बड़ा कमांडर माना जाता है और उसका असली नाम जबीउद्दीन अंसारी है। मूल रूप से महाराष्ट्र में बीड के रहने वाले जिंदाल का सुराग एक साल पहले सऊदी अरब में मिला था, जब उसके द्वारा पाकिस्तान में की गई एक टेलीफोन कॉल को अमेरिकी और भारतीय खुफिया एजेंसियों ने पकड़ा था।
भारत ने इसके बाद सऊदी अरब को जिंदाल के परिवार के लोगों का डीएनए सैंपल भेजा ताकि उसे भारतीय नागरिक साबित कर प्रत्यर्पित करवाया जा सके। हालांकि जिंदाल की मां का दावा है कि उसके पति या उसने कभी भी भारतीय अधिकारियों को डीएनए सैंपल नहीं दिए।
सूत्रों के मुताबिक जकी उर रहमान लखवी की गिरफ्तारी के बाद उसकी यह साजिश सिरे नहीं चढ़ पाई। सूत्रों के मुताबिक खुफिया एजेंसियां अब जिंदाल के सभी इंटरनेट एकाउंट्स को खंगाल रही है और उसके फ्रेंडलिस्ट में शामिल लोगों पर भी नजर रखी जा रही है।टिप्पणियां
जिंदाल भारत में लश्कर-ए-तैयबा का सबसे बड़ा कमांडर माना जाता है और उसका असली नाम जबीउद्दीन अंसारी है। मूल रूप से महाराष्ट्र में बीड के रहने वाले जिंदाल का सुराग एक साल पहले सऊदी अरब में मिला था, जब उसके द्वारा पाकिस्तान में की गई एक टेलीफोन कॉल को अमेरिकी और भारतीय खुफिया एजेंसियों ने पकड़ा था।
भारत ने इसके बाद सऊदी अरब को जिंदाल के परिवार के लोगों का डीएनए सैंपल भेजा ताकि उसे भारतीय नागरिक साबित कर प्रत्यर्पित करवाया जा सके। हालांकि जिंदाल की मां का दावा है कि उसके पति या उसने कभी भी भारतीय अधिकारियों को डीएनए सैंपल नहीं दिए।
जिंदाल भारत में लश्कर-ए-तैयबा का सबसे बड़ा कमांडर माना जाता है और उसका असली नाम जबीउद्दीन अंसारी है। मूल रूप से महाराष्ट्र में बीड के रहने वाले जिंदाल का सुराग एक साल पहले सऊदी अरब में मिला था, जब उसके द्वारा पाकिस्तान में की गई एक टेलीफोन कॉल को अमेरिकी और भारतीय खुफिया एजेंसियों ने पकड़ा था।
भारत ने इसके बाद सऊदी अरब को जिंदाल के परिवार के लोगों का डीएनए सैंपल भेजा ताकि उसे भारतीय नागरिक साबित कर प्रत्यर्पित करवाया जा सके। हालांकि जिंदाल की मां का दावा है कि उसके पति या उसने कभी भी भारतीय अधिकारियों को डीएनए सैंपल नहीं दिए।
भारत ने इसके बाद सऊदी अरब को जिंदाल के परिवार के लोगों का डीएनए सैंपल भेजा ताकि उसे भारतीय नागरिक साबित कर प्रत्यर्पित करवाया जा सके। हालांकि जिंदाल की मां का दावा है कि उसके पति या उसने कभी भी भारतीय अधिकारियों को डीएनए सैंपल नहीं दिए। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: अबू जिंदाल के नौ फेसबुक और ई−मेल एकाउंट हैं, जिनके जरिये वह इसी साल भारत में हमले करवाने के मकसद से आतंकवादियों की भर्ती कर रहा था। | 11 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: ‘वीरे दी वेडिंग’ की शूटिंग से पहले स्क्रिप्ट रिडींग सेशन्स शुरू हो गए हैं. जिसकी तस्वीरें इन दिनों सोशल मीडिया पर छाई हुई हैं. फिल्म की निर्माता रिया कपूर के साथ फिल्म में मुख्य किरदारों में नजर आनेवाली करीना, सोनम, शिखा तलसानिया और स्वरा रीडिंग सेशन की तस्वीर में एक साथ हैं. शूटिंग के लिए करीना कपूर के शेप में आने का इंतजार हो रहा था. उन्होंने कड़ी मेहनत और जिमिंग से पहले जैसी शेप हासिल कर ली है. इसलिए फिल्म की शूटिंग सितंबर से शुरू होने जा रही है. फिल्म को शशांक घोष डायरेक्ट कर रहे हैं. इससे पहले वे सोनम कपूर की 'खूबसूरत' भी डायरेक्ट कर चुके हैं.
‘वीरे दी वेडिंग’ की शूटिंग से पहले स्क्रिप्ट रिडींग सेशन्स शुरू हो गए हैं. जिसकी तस्वीरें इन दिनों सोशल मीडिया पर छाई हुई हैं. फिल्म की निर्माता रिया कपूर के साथ फिल्म में मुख्य किरदारों में नजर आनेवाली करीना, सोनम, शिखा तलसानिया और स्वरा रीडिंग सेशन की तस्वीर में एक साथ हैं. शूटिंग के लिए करीना कपूर के शेप में आने का इंतजार हो रहा था. उन्होंने कड़ी मेहनत और जिमिंग से पहले जैसी शेप हासिल कर ली है. इसलिए फिल्म की शूटिंग सितंबर से शुरू होने जा रही है. फिल्म को शशांक घोष डायरेक्ट कर रहे हैं. इससे पहले वे सोनम कपूर की 'खूबसूरत' भी डायरेक्ट कर चुके हैं. | सारांश: पहली सितंबर से शुरू होगी शूटिंग
स्वरा भास्कर और सोनम कपूर भी हैं फिल्म में
शशांक घोष हैं डायरेक्टर | 20 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: पूर्व प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी के पुत्र अली हैदर गिलानी को प्रतिबंधित संगठनों लश्कर-ए-झांगवी और सिपह-ए-सहबा से धमकियां मिली थीं। अली हैदर गिलानी का गुरुवार को उस समय अपहरण कर लिया गया था जब वह पाकिस्तान में होने जा रहे चुनावों के लिए प्रचार कर रहे थे।
अब तक किसी भी गुट ने अली हैदर गिलानी के अपहरण का जिम्मा नहीं लिया है।
गिलानी और उनके परिवार के अन्य सदस्यों ने ‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ को बताया कि अली हैदर को लश्कर-ए-झांगवी और सिपह-ए-सहबा की ओर से ‘अपहरण करने तथा जान से मार डालने की’ धमकियां मिल रही थीं।
27 वर्षीय अली हैदर का गुरुवार को मुल्तान से अपहरण कर लिया गया। मुल्तान को गिलानी परिवार का गढ़ माना जाता है और अली हैदर वहां चुनाव प्रचार कर रहे थे।
बंदूकधारियों ने अली हैदर के निजी सचिव और अंगरक्षक के विरोध करने पर उन्हें गोली मार दी थी।
पुलिस ने मुल्तान में पांच संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों का दावा है कि इनमें से दो व्यक्तियों ने अपहरण के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी है।
संदिग्धों से पूछताछ के बारे में आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं बताया गया है। लेकिन ‘ट्रिब्यून’ में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि अली हैदर को अपहरणकर्ता कबीरवाला ले गए हैं, जो कि लश्कर-ए-झांगवी का गढ़ माना जाता है।
प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने गिलानी के अपहरण पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। तालिबान के प्रवक्ता एहसानुल्ला एहसन ने कहा, मैं (इस घटना पर) कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता। हम नहीं जानते कि कि उनका अपहरण किसने किया, क्यों किया और कैसे किया। पंजाब पुलिस के सूत्रों ने बताया कि उन्हें लगता है कि अली हैदर का अपहरण पंजाबी तालिबान के एक गुट ने किया है। इस गुट का ठिकाना मुल्तान जिले से 80 किमी दूर मियां चानू में है।टिप्पणियां
पंजाबी तालिबान में कई सदस्य लश्कर-ए-झांगवी के हैं और एलएजे के अलकायदा से भी संबंध हैं।
कई बड़े आतंकवादी हमलों के पीछे लश्कर-ए-झांगवी का हाथ बताया जाता है। इन हमलों में श्रीलंका की क्रिकेट टीम पर लाहौर में हमला और इस साल के शुरू में क्वेटा में किए गए दो भीषण बम हमले शामिल हैं, जिनमें करीब 200 लोग मारे गए थे। इन 200 लोगों में से ज्यादातर हाजरा शिया थे।
अब तक किसी भी गुट ने अली हैदर गिलानी के अपहरण का जिम्मा नहीं लिया है।
गिलानी और उनके परिवार के अन्य सदस्यों ने ‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ को बताया कि अली हैदर को लश्कर-ए-झांगवी और सिपह-ए-सहबा की ओर से ‘अपहरण करने तथा जान से मार डालने की’ धमकियां मिल रही थीं।
27 वर्षीय अली हैदर का गुरुवार को मुल्तान से अपहरण कर लिया गया। मुल्तान को गिलानी परिवार का गढ़ माना जाता है और अली हैदर वहां चुनाव प्रचार कर रहे थे।
बंदूकधारियों ने अली हैदर के निजी सचिव और अंगरक्षक के विरोध करने पर उन्हें गोली मार दी थी।
पुलिस ने मुल्तान में पांच संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों का दावा है कि इनमें से दो व्यक्तियों ने अपहरण के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी है।
संदिग्धों से पूछताछ के बारे में आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं बताया गया है। लेकिन ‘ट्रिब्यून’ में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि अली हैदर को अपहरणकर्ता कबीरवाला ले गए हैं, जो कि लश्कर-ए-झांगवी का गढ़ माना जाता है।
प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने गिलानी के अपहरण पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। तालिबान के प्रवक्ता एहसानुल्ला एहसन ने कहा, मैं (इस घटना पर) कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता। हम नहीं जानते कि कि उनका अपहरण किसने किया, क्यों किया और कैसे किया। पंजाब पुलिस के सूत्रों ने बताया कि उन्हें लगता है कि अली हैदर का अपहरण पंजाबी तालिबान के एक गुट ने किया है। इस गुट का ठिकाना मुल्तान जिले से 80 किमी दूर मियां चानू में है।टिप्पणियां
पंजाबी तालिबान में कई सदस्य लश्कर-ए-झांगवी के हैं और एलएजे के अलकायदा से भी संबंध हैं।
कई बड़े आतंकवादी हमलों के पीछे लश्कर-ए-झांगवी का हाथ बताया जाता है। इन हमलों में श्रीलंका की क्रिकेट टीम पर लाहौर में हमला और इस साल के शुरू में क्वेटा में किए गए दो भीषण बम हमले शामिल हैं, जिनमें करीब 200 लोग मारे गए थे। इन 200 लोगों में से ज्यादातर हाजरा शिया थे।
गिलानी और उनके परिवार के अन्य सदस्यों ने ‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ को बताया कि अली हैदर को लश्कर-ए-झांगवी और सिपह-ए-सहबा की ओर से ‘अपहरण करने तथा जान से मार डालने की’ धमकियां मिल रही थीं।
27 वर्षीय अली हैदर का गुरुवार को मुल्तान से अपहरण कर लिया गया। मुल्तान को गिलानी परिवार का गढ़ माना जाता है और अली हैदर वहां चुनाव प्रचार कर रहे थे।
बंदूकधारियों ने अली हैदर के निजी सचिव और अंगरक्षक के विरोध करने पर उन्हें गोली मार दी थी।
पुलिस ने मुल्तान में पांच संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों का दावा है कि इनमें से दो व्यक्तियों ने अपहरण के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी है।
संदिग्धों से पूछताछ के बारे में आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं बताया गया है। लेकिन ‘ट्रिब्यून’ में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि अली हैदर को अपहरणकर्ता कबीरवाला ले गए हैं, जो कि लश्कर-ए-झांगवी का गढ़ माना जाता है।
प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने गिलानी के अपहरण पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। तालिबान के प्रवक्ता एहसानुल्ला एहसन ने कहा, मैं (इस घटना पर) कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता। हम नहीं जानते कि कि उनका अपहरण किसने किया, क्यों किया और कैसे किया। पंजाब पुलिस के सूत्रों ने बताया कि उन्हें लगता है कि अली हैदर का अपहरण पंजाबी तालिबान के एक गुट ने किया है। इस गुट का ठिकाना मुल्तान जिले से 80 किमी दूर मियां चानू में है।टिप्पणियां
पंजाबी तालिबान में कई सदस्य लश्कर-ए-झांगवी के हैं और एलएजे के अलकायदा से भी संबंध हैं।
कई बड़े आतंकवादी हमलों के पीछे लश्कर-ए-झांगवी का हाथ बताया जाता है। इन हमलों में श्रीलंका की क्रिकेट टीम पर लाहौर में हमला और इस साल के शुरू में क्वेटा में किए गए दो भीषण बम हमले शामिल हैं, जिनमें करीब 200 लोग मारे गए थे। इन 200 लोगों में से ज्यादातर हाजरा शिया थे।
27 वर्षीय अली हैदर का गुरुवार को मुल्तान से अपहरण कर लिया गया। मुल्तान को गिलानी परिवार का गढ़ माना जाता है और अली हैदर वहां चुनाव प्रचार कर रहे थे।
बंदूकधारियों ने अली हैदर के निजी सचिव और अंगरक्षक के विरोध करने पर उन्हें गोली मार दी थी।
पुलिस ने मुल्तान में पांच संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों का दावा है कि इनमें से दो व्यक्तियों ने अपहरण के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी है।
संदिग्धों से पूछताछ के बारे में आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं बताया गया है। लेकिन ‘ट्रिब्यून’ में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि अली हैदर को अपहरणकर्ता कबीरवाला ले गए हैं, जो कि लश्कर-ए-झांगवी का गढ़ माना जाता है।
प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने गिलानी के अपहरण पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। तालिबान के प्रवक्ता एहसानुल्ला एहसन ने कहा, मैं (इस घटना पर) कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता। हम नहीं जानते कि कि उनका अपहरण किसने किया, क्यों किया और कैसे किया। पंजाब पुलिस के सूत्रों ने बताया कि उन्हें लगता है कि अली हैदर का अपहरण पंजाबी तालिबान के एक गुट ने किया है। इस गुट का ठिकाना मुल्तान जिले से 80 किमी दूर मियां चानू में है।टिप्पणियां
पंजाबी तालिबान में कई सदस्य लश्कर-ए-झांगवी के हैं और एलएजे के अलकायदा से भी संबंध हैं।
कई बड़े आतंकवादी हमलों के पीछे लश्कर-ए-झांगवी का हाथ बताया जाता है। इन हमलों में श्रीलंका की क्रिकेट टीम पर लाहौर में हमला और इस साल के शुरू में क्वेटा में किए गए दो भीषण बम हमले शामिल हैं, जिनमें करीब 200 लोग मारे गए थे। इन 200 लोगों में से ज्यादातर हाजरा शिया थे।
बंदूकधारियों ने अली हैदर के निजी सचिव और अंगरक्षक के विरोध करने पर उन्हें गोली मार दी थी।
पुलिस ने मुल्तान में पांच संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों का दावा है कि इनमें से दो व्यक्तियों ने अपहरण के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी है।
संदिग्धों से पूछताछ के बारे में आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं बताया गया है। लेकिन ‘ट्रिब्यून’ में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि अली हैदर को अपहरणकर्ता कबीरवाला ले गए हैं, जो कि लश्कर-ए-झांगवी का गढ़ माना जाता है।
प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने गिलानी के अपहरण पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। तालिबान के प्रवक्ता एहसानुल्ला एहसन ने कहा, मैं (इस घटना पर) कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता। हम नहीं जानते कि कि उनका अपहरण किसने किया, क्यों किया और कैसे किया। पंजाब पुलिस के सूत्रों ने बताया कि उन्हें लगता है कि अली हैदर का अपहरण पंजाबी तालिबान के एक गुट ने किया है। इस गुट का ठिकाना मुल्तान जिले से 80 किमी दूर मियां चानू में है।टिप्पणियां
पंजाबी तालिबान में कई सदस्य लश्कर-ए-झांगवी के हैं और एलएजे के अलकायदा से भी संबंध हैं।
कई बड़े आतंकवादी हमलों के पीछे लश्कर-ए-झांगवी का हाथ बताया जाता है। इन हमलों में श्रीलंका की क्रिकेट टीम पर लाहौर में हमला और इस साल के शुरू में क्वेटा में किए गए दो भीषण बम हमले शामिल हैं, जिनमें करीब 200 लोग मारे गए थे। इन 200 लोगों में से ज्यादातर हाजरा शिया थे।
पुलिस ने मुल्तान में पांच संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों का दावा है कि इनमें से दो व्यक्तियों ने अपहरण के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी है।
संदिग्धों से पूछताछ के बारे में आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं बताया गया है। लेकिन ‘ट्रिब्यून’ में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि अली हैदर को अपहरणकर्ता कबीरवाला ले गए हैं, जो कि लश्कर-ए-झांगवी का गढ़ माना जाता है।
प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने गिलानी के अपहरण पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। तालिबान के प्रवक्ता एहसानुल्ला एहसन ने कहा, मैं (इस घटना पर) कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता। हम नहीं जानते कि कि उनका अपहरण किसने किया, क्यों किया और कैसे किया। पंजाब पुलिस के सूत्रों ने बताया कि उन्हें लगता है कि अली हैदर का अपहरण पंजाबी तालिबान के एक गुट ने किया है। इस गुट का ठिकाना मुल्तान जिले से 80 किमी दूर मियां चानू में है।टिप्पणियां
पंजाबी तालिबान में कई सदस्य लश्कर-ए-झांगवी के हैं और एलएजे के अलकायदा से भी संबंध हैं।
कई बड़े आतंकवादी हमलों के पीछे लश्कर-ए-झांगवी का हाथ बताया जाता है। इन हमलों में श्रीलंका की क्रिकेट टीम पर लाहौर में हमला और इस साल के शुरू में क्वेटा में किए गए दो भीषण बम हमले शामिल हैं, जिनमें करीब 200 लोग मारे गए थे। इन 200 लोगों में से ज्यादातर हाजरा शिया थे।
संदिग्धों से पूछताछ के बारे में आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं बताया गया है। लेकिन ‘ट्रिब्यून’ में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि अली हैदर को अपहरणकर्ता कबीरवाला ले गए हैं, जो कि लश्कर-ए-झांगवी का गढ़ माना जाता है।
प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने गिलानी के अपहरण पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। तालिबान के प्रवक्ता एहसानुल्ला एहसन ने कहा, मैं (इस घटना पर) कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता। हम नहीं जानते कि कि उनका अपहरण किसने किया, क्यों किया और कैसे किया। पंजाब पुलिस के सूत्रों ने बताया कि उन्हें लगता है कि अली हैदर का अपहरण पंजाबी तालिबान के एक गुट ने किया है। इस गुट का ठिकाना मुल्तान जिले से 80 किमी दूर मियां चानू में है।टिप्पणियां
पंजाबी तालिबान में कई सदस्य लश्कर-ए-झांगवी के हैं और एलएजे के अलकायदा से भी संबंध हैं।
कई बड़े आतंकवादी हमलों के पीछे लश्कर-ए-झांगवी का हाथ बताया जाता है। इन हमलों में श्रीलंका की क्रिकेट टीम पर लाहौर में हमला और इस साल के शुरू में क्वेटा में किए गए दो भीषण बम हमले शामिल हैं, जिनमें करीब 200 लोग मारे गए थे। इन 200 लोगों में से ज्यादातर हाजरा शिया थे।
प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने गिलानी के अपहरण पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। तालिबान के प्रवक्ता एहसानुल्ला एहसन ने कहा, मैं (इस घटना पर) कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता। हम नहीं जानते कि कि उनका अपहरण किसने किया, क्यों किया और कैसे किया। पंजाब पुलिस के सूत्रों ने बताया कि उन्हें लगता है कि अली हैदर का अपहरण पंजाबी तालिबान के एक गुट ने किया है। इस गुट का ठिकाना मुल्तान जिले से 80 किमी दूर मियां चानू में है।टिप्पणियां
पंजाबी तालिबान में कई सदस्य लश्कर-ए-झांगवी के हैं और एलएजे के अलकायदा से भी संबंध हैं।
कई बड़े आतंकवादी हमलों के पीछे लश्कर-ए-झांगवी का हाथ बताया जाता है। इन हमलों में श्रीलंका की क्रिकेट टीम पर लाहौर में हमला और इस साल के शुरू में क्वेटा में किए गए दो भीषण बम हमले शामिल हैं, जिनमें करीब 200 लोग मारे गए थे। इन 200 लोगों में से ज्यादातर हाजरा शिया थे।
पंजाबी तालिबान में कई सदस्य लश्कर-ए-झांगवी के हैं और एलएजे के अलकायदा से भी संबंध हैं।
कई बड़े आतंकवादी हमलों के पीछे लश्कर-ए-झांगवी का हाथ बताया जाता है। इन हमलों में श्रीलंका की क्रिकेट टीम पर लाहौर में हमला और इस साल के शुरू में क्वेटा में किए गए दो भीषण बम हमले शामिल हैं, जिनमें करीब 200 लोग मारे गए थे। इन 200 लोगों में से ज्यादातर हाजरा शिया थे।
कई बड़े आतंकवादी हमलों के पीछे लश्कर-ए-झांगवी का हाथ बताया जाता है। इन हमलों में श्रीलंका की क्रिकेट टीम पर लाहौर में हमला और इस साल के शुरू में क्वेटा में किए गए दो भीषण बम हमले शामिल हैं, जिनमें करीब 200 लोग मारे गए थे। इन 200 लोगों में से ज्यादातर हाजरा शिया थे। | सारांश: 27 वर्षीय अली हैदर का गुरुवार को मुल्तान से अपहरण कर लिया गया। मुल्तान को गिलानी परिवार का गढ़ माना जाता है और अली हैदर वहां चुनाव प्रचार कर रहे थे। | 7 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: चंडीगढ़ यातायात पुलिस के फेसबुक पेज पर आपत्तिजनक टिप्पणियां पोस्ट करने के आरोप में 22 वर्षीय एक महिला के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
एक सेंधमार को पकड़ने के लिए एक दशक पहले गीता चोपड़ा बहादुरी पुरस्कार विजेता होने का दावा करने वाली हिना बक्शी तथा एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ शुक्रवार को मामला दर्ज किया गया।
हिना पर आरोप है कि उसने केंद्रशासित प्रदेश की यातायात पुलिस के फेसबुक पेज पर अपनी टिप्पणियों में कथित तौर पर आपत्तिजनक भाषा का उपयोग किया।
यातायात पुलिस के एक अधिकारी की शिकायत पर हिना और एक व्यक्ति पर सूचना प्रौद्योगिकी कानून की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।
हिना का कहना है कि 11 अगस्त को उसकी ‘बहुपयोगी गाड़ी’ (मल्टी यूटिलिटी वेहिकल) उसके मित्र के घर से चुरा ली गई और फिर मामले की प्राथमिकी दर्ज कराने की प्रक्रिया उसके लिए बहुत तनावपूर्ण थी। टिप्पणियां
उसका यह भी कहना है कि पुलिस ने न तो मामले के सिलसिले में उससे संपर्क किया और न ही उसके पूछताछ करने पर उसे संतोषजनक जवाब दिया। इसके बाद उसने चंडीगढ़ पुलिस के फेसबुक पेज पर टिप्पणियां पोस्ट कर दीं।
बहरहाल, वह इस बात से इनकार करती है कि उसने कोई आपत्तिजनक टिप्पणियां फेसबुक पेज पर डालीं। उसके मुताबिक, उसने यह बातें लिखकर केवल आम आदमी की परेशानी ही उजागर करने की कोशिश की है कि उसकी कार का पता लगाने के लिए पुलिस क्या कर रही है।
एक सेंधमार को पकड़ने के लिए एक दशक पहले गीता चोपड़ा बहादुरी पुरस्कार विजेता होने का दावा करने वाली हिना बक्शी तथा एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ शुक्रवार को मामला दर्ज किया गया।
हिना पर आरोप है कि उसने केंद्रशासित प्रदेश की यातायात पुलिस के फेसबुक पेज पर अपनी टिप्पणियों में कथित तौर पर आपत्तिजनक भाषा का उपयोग किया।
यातायात पुलिस के एक अधिकारी की शिकायत पर हिना और एक व्यक्ति पर सूचना प्रौद्योगिकी कानून की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।
हिना का कहना है कि 11 अगस्त को उसकी ‘बहुपयोगी गाड़ी’ (मल्टी यूटिलिटी वेहिकल) उसके मित्र के घर से चुरा ली गई और फिर मामले की प्राथमिकी दर्ज कराने की प्रक्रिया उसके लिए बहुत तनावपूर्ण थी। टिप्पणियां
उसका यह भी कहना है कि पुलिस ने न तो मामले के सिलसिले में उससे संपर्क किया और न ही उसके पूछताछ करने पर उसे संतोषजनक जवाब दिया। इसके बाद उसने चंडीगढ़ पुलिस के फेसबुक पेज पर टिप्पणियां पोस्ट कर दीं।
बहरहाल, वह इस बात से इनकार करती है कि उसने कोई आपत्तिजनक टिप्पणियां फेसबुक पेज पर डालीं। उसके मुताबिक, उसने यह बातें लिखकर केवल आम आदमी की परेशानी ही उजागर करने की कोशिश की है कि उसकी कार का पता लगाने के लिए पुलिस क्या कर रही है।
हिना पर आरोप है कि उसने केंद्रशासित प्रदेश की यातायात पुलिस के फेसबुक पेज पर अपनी टिप्पणियों में कथित तौर पर आपत्तिजनक भाषा का उपयोग किया।
यातायात पुलिस के एक अधिकारी की शिकायत पर हिना और एक व्यक्ति पर सूचना प्रौद्योगिकी कानून की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।
हिना का कहना है कि 11 अगस्त को उसकी ‘बहुपयोगी गाड़ी’ (मल्टी यूटिलिटी वेहिकल) उसके मित्र के घर से चुरा ली गई और फिर मामले की प्राथमिकी दर्ज कराने की प्रक्रिया उसके लिए बहुत तनावपूर्ण थी। टिप्पणियां
उसका यह भी कहना है कि पुलिस ने न तो मामले के सिलसिले में उससे संपर्क किया और न ही उसके पूछताछ करने पर उसे संतोषजनक जवाब दिया। इसके बाद उसने चंडीगढ़ पुलिस के फेसबुक पेज पर टिप्पणियां पोस्ट कर दीं।
बहरहाल, वह इस बात से इनकार करती है कि उसने कोई आपत्तिजनक टिप्पणियां फेसबुक पेज पर डालीं। उसके मुताबिक, उसने यह बातें लिखकर केवल आम आदमी की परेशानी ही उजागर करने की कोशिश की है कि उसकी कार का पता लगाने के लिए पुलिस क्या कर रही है।
यातायात पुलिस के एक अधिकारी की शिकायत पर हिना और एक व्यक्ति पर सूचना प्रौद्योगिकी कानून की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।
हिना का कहना है कि 11 अगस्त को उसकी ‘बहुपयोगी गाड़ी’ (मल्टी यूटिलिटी वेहिकल) उसके मित्र के घर से चुरा ली गई और फिर मामले की प्राथमिकी दर्ज कराने की प्रक्रिया उसके लिए बहुत तनावपूर्ण थी। टिप्पणियां
उसका यह भी कहना है कि पुलिस ने न तो मामले के सिलसिले में उससे संपर्क किया और न ही उसके पूछताछ करने पर उसे संतोषजनक जवाब दिया। इसके बाद उसने चंडीगढ़ पुलिस के फेसबुक पेज पर टिप्पणियां पोस्ट कर दीं।
बहरहाल, वह इस बात से इनकार करती है कि उसने कोई आपत्तिजनक टिप्पणियां फेसबुक पेज पर डालीं। उसके मुताबिक, उसने यह बातें लिखकर केवल आम आदमी की परेशानी ही उजागर करने की कोशिश की है कि उसकी कार का पता लगाने के लिए पुलिस क्या कर रही है।
हिना का कहना है कि 11 अगस्त को उसकी ‘बहुपयोगी गाड़ी’ (मल्टी यूटिलिटी वेहिकल) उसके मित्र के घर से चुरा ली गई और फिर मामले की प्राथमिकी दर्ज कराने की प्रक्रिया उसके लिए बहुत तनावपूर्ण थी। टिप्पणियां
उसका यह भी कहना है कि पुलिस ने न तो मामले के सिलसिले में उससे संपर्क किया और न ही उसके पूछताछ करने पर उसे संतोषजनक जवाब दिया। इसके बाद उसने चंडीगढ़ पुलिस के फेसबुक पेज पर टिप्पणियां पोस्ट कर दीं।
बहरहाल, वह इस बात से इनकार करती है कि उसने कोई आपत्तिजनक टिप्पणियां फेसबुक पेज पर डालीं। उसके मुताबिक, उसने यह बातें लिखकर केवल आम आदमी की परेशानी ही उजागर करने की कोशिश की है कि उसकी कार का पता लगाने के लिए पुलिस क्या कर रही है।
उसका यह भी कहना है कि पुलिस ने न तो मामले के सिलसिले में उससे संपर्क किया और न ही उसके पूछताछ करने पर उसे संतोषजनक जवाब दिया। इसके बाद उसने चंडीगढ़ पुलिस के फेसबुक पेज पर टिप्पणियां पोस्ट कर दीं।
बहरहाल, वह इस बात से इनकार करती है कि उसने कोई आपत्तिजनक टिप्पणियां फेसबुक पेज पर डालीं। उसके मुताबिक, उसने यह बातें लिखकर केवल आम आदमी की परेशानी ही उजागर करने की कोशिश की है कि उसकी कार का पता लगाने के लिए पुलिस क्या कर रही है।
बहरहाल, वह इस बात से इनकार करती है कि उसने कोई आपत्तिजनक टिप्पणियां फेसबुक पेज पर डालीं। उसके मुताबिक, उसने यह बातें लिखकर केवल आम आदमी की परेशानी ही उजागर करने की कोशिश की है कि उसकी कार का पता लगाने के लिए पुलिस क्या कर रही है। | यहाँ एक सारांश है:चंडीगढ़ यातायात पुलिस के फेसबुक पेज पर आपत्तिजनक टिप्पणियां पोस्ट करने के आरोप में 22 वर्षीय एक महिला के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। | 18 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: सविता कोविंद और परिवार के अन्य सदस्यों के पास 10, अकबर रोड स्थित उनके बंगले में बधाई देने के लिए लोगों का तांता लगा रहा. बंगले पर देर रात तक मंत्री, नेता और आम लोग निर्वाचित राष्ट्रपति को बधाई देने के लिए आते रहे. सविता ने कहा कि उनके पति ने बिहार के राज्यपाल का पद बड़ी जिम्मेदारी के साथ संभाला था और उन्हें वहां लोगों से तारीफें मिलीं.
कोविंद के अस्थायी आवास पर गुरुवार को अपने अभिभावकों के साथ लोगों की बधाई स्वीकार करने वालीं उनकी बेटी स्वाति से अपने पिता के गुणों के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, ‘‘वह एक अच्छे पिता और काफी परवाह करने वाले व्यक्ति हैं.’’ यह पूछे जाने पर कि क्या नामांकित होने के बाद परिवार को उनकी जीत का भरोसा था? स्वाति ने कहा, ‘‘हां, हमें उनकी जीत का भरोसा था.’’टिप्पणियां
स्वाति कोविंद ने कहा, ‘‘जब वह बिहार के राज्यपाल बने थे तो हम सोचते थे कि यह सर्वोच्च पद हैं. हमने इसके आगे का नहीं सोचा था लेकिन अब जब वह देश का सर्वोच्च पद संभालेंगे तो कुछ अलग महसूस हो रहा है. लेकिन उनके व्यक्तित्व में कोई बदलाव नहीं आया. वह जमीन से जुड़े व्यक्ति हैं और वही इंसान हैं जो वह राज्यपाल के पद पर थे.’’
रामनाथ कोविंद ने विपक्ष की उम्मीदवार पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार को हराकर 65 फीसदी मतों के साथ जीत हासिल की.
(इनपुट भाषा से)
कोविंद के अस्थायी आवास पर गुरुवार को अपने अभिभावकों के साथ लोगों की बधाई स्वीकार करने वालीं उनकी बेटी स्वाति से अपने पिता के गुणों के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, ‘‘वह एक अच्छे पिता और काफी परवाह करने वाले व्यक्ति हैं.’’ यह पूछे जाने पर कि क्या नामांकित होने के बाद परिवार को उनकी जीत का भरोसा था? स्वाति ने कहा, ‘‘हां, हमें उनकी जीत का भरोसा था.’’टिप्पणियां
स्वाति कोविंद ने कहा, ‘‘जब वह बिहार के राज्यपाल बने थे तो हम सोचते थे कि यह सर्वोच्च पद हैं. हमने इसके आगे का नहीं सोचा था लेकिन अब जब वह देश का सर्वोच्च पद संभालेंगे तो कुछ अलग महसूस हो रहा है. लेकिन उनके व्यक्तित्व में कोई बदलाव नहीं आया. वह जमीन से जुड़े व्यक्ति हैं और वही इंसान हैं जो वह राज्यपाल के पद पर थे.’’
रामनाथ कोविंद ने विपक्ष की उम्मीदवार पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार को हराकर 65 फीसदी मतों के साथ जीत हासिल की.
(इनपुट भाषा से)
स्वाति कोविंद ने कहा, ‘‘जब वह बिहार के राज्यपाल बने थे तो हम सोचते थे कि यह सर्वोच्च पद हैं. हमने इसके आगे का नहीं सोचा था लेकिन अब जब वह देश का सर्वोच्च पद संभालेंगे तो कुछ अलग महसूस हो रहा है. लेकिन उनके व्यक्तित्व में कोई बदलाव नहीं आया. वह जमीन से जुड़े व्यक्ति हैं और वही इंसान हैं जो वह राज्यपाल के पद पर थे.’’
रामनाथ कोविंद ने विपक्ष की उम्मीदवार पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार को हराकर 65 फीसदी मतों के साथ जीत हासिल की.
(इनपुट भाषा से)
रामनाथ कोविंद ने विपक्ष की उम्मीदवार पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार को हराकर 65 फीसदी मतों के साथ जीत हासिल की.
(इनपुट भाषा से) | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सविता कोविंद ने कहा- कड़ी मेहनत और ईमानदारी से यह मुकाम हासिल किया
कोविंद के 10, अकबर रोड स्थित बंगले में बधाई देने वालों का तांता लगा रहा
बेटी स्वाति को रामनाथ कोविंद की जीत का भरोसा था | 11 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: देश के शेयर बाजारों में शुक्रवार को गिरावट का रुख रहा। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 109.62 अंकों की गिरावट के साथ 18,682.31 पर और निफ्टी 34.45 अंकों की गिरावट के साथ 5,684.25 पर बंद हुआ।
बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 23.93 अंकों की गिरावट के साथ 18,768.00 खुला और 109.62 अंकों या 0.58 फीसदी की गिरावट के साथ 18,682.31 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में सेंसेक्स ने 18,769.59 के ऊपरी और 18,611.76 के निचले स्तर को छुआ।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएससी) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 15.40 अंकों की गिरावट के साथ 5,703.30 पर खुला और 34.45 अंकों या 0.60 फीसदी की गिरावट के साथ 5,684.25 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी ने 5,711.70 के ऊपरी और 5,660.00 के निचले स्तर को छुआ।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 35.20 अंकों की गिरावट के साथ 6,671.62 पर और स्मॉलकैप सूचकांक 24.14 अंकों की गिरावट के साथ 7169.75 पर बंद हुआ।
बीएसई के 13 में से 11 सेक्टरों में गिरावट दर्ज की गई। दो सेक्टरों तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (0.84 फीसदी) और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.43 फीसदी) में तेजी देखी गई।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएससी) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 15.40 अंकों की गिरावट के साथ 5,703.30 पर खुला और 34.45 अंकों या 0.60 फीसदी की गिरावट के साथ 5,684.25 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी ने 5,711.70 के ऊपरी और 5,660.00 के निचले स्तर को छुआ।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 35.20 अंकों की गिरावट के साथ 6,671.62 पर और स्मॉलकैप सूचकांक 24.14 अंकों की गिरावट के साथ 7169.75 पर बंद हुआ।
बीएसई के 13 में से 11 सेक्टरों में गिरावट दर्ज की गई। दो सेक्टरों तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (0.84 फीसदी) और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.43 फीसदी) में तेजी देखी गई। | यह एक सारांश है: प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 109.62 अंकों की गिरावट के साथ 18,682.31 पर और निफ्टी 34.45 अंकों की गिरावट के साथ 5,684.25 पर बंद हुआ। | 24 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की भतीजी से झपटमारी के मामले में दिल्ली पुलिस ने एक आरोपी नोनू को सोनीपत से गिरफ्तार कर लिया है और उसके पास से लूट का सारा माल बरामद कर लिया है. जबकि दूसरे आरोपी की तलाश जारी है. आपको बता दें कि एक दिन पहले ही पीएम मोदी (PM Modi) की भतीजी के साथ दिल्ली के वीवीआईपी इलाके सिविल लाइन्स में लूट हुई थी. स्कूटी सवार 2 झपटमारों ने उनका पर्स लूट लिया था. पीड़ित दमयंती मोदी प्रहलाद भाई मोदी की बेटी हैं, जो नरेंद्र मोदी के भाई हैं. दमयंती ने थाने में केस दर्ज होते वक़्त नहीं बताया था कि वो प्रधानमंत्री की भतीजी हैं, लेकिन जब पुलिस को मीडिया के जरिये पता चला तो पुलिस सरगर्मी से आरोपियों की तलाश में जुट गई थी.
दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाई की बेटी दमयंती बेन मोदी कल सुबह अमृतसर से दिल्ली लौटी थीं. उनका कमरा सिविल लाइन इलाके के गुजराती समाज भवन में बुक था. लिहाज़ा पुरानी दिल्ली से ऑटो से वो अपने परिवार के साथ गुजराती समाज भवन पहुंचीं. वे गेट पर पहुंच कर ऑटो से उतर ही रही थीं कि तभी स्कूटी सवार दो बदमाशों ने उनका पर्स छीन लिया. इससे पहले कि वो शोर मचातीं, बदमाश मौके से फरार हो गए थे. दमयंती बेन के मुताबिक पर्स में करीब 56 हज़ार रुपये, दो मोबाइल और तमाम अहम दस्तावेज थे. | यह एक सारांश है: पीएम मोदी की भतीजी हैं दमयंती बेन मोदी
एक दिन पहले हुई थी लूट की घटना
पुलिस ने एक लुटेरे को किया गिरफ्तार | 24 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान के लाहौर के एक बाजार में दो बम विस्फोटों में 20 से ज्यादा लोग घायल हो गए, जिनमें पांच की हालत गंभीर है। पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि लाहौर के बादामी बाग इलाके में रात के नौ बजकर 40 मिनट पर एक फल बाजार में विस्फोट हुए।
घायलों में कई खोमचे वाले थे। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस अधिकारियों के मुताबिक एक विस्फोटक ठेला में लगाया गया था, जबकि दूसरा ट्रक में रखे आम के बक्से में छिपाया गया था। अधिकारियों ने कहा कि घायलों को मायो अस्पताल ले जाया गया, जहां पांच की हालत गंभीर बनी हुई है।टिप्पणियां
पांच मिनट के अंतराल पर हुए बम विस्फोट के बाद लोग दहशत में बाजार छोड़कर भाग खड़े हुए। सरकारी बचाव 1122 सेवा और अन्य नागरिक एजेंसियां घटनास्थल पर पहुंच गईं और बचाव कार्य में हिस्सा ले रही हैं।
मुहम्मद सादिक ने मायो अस्पताल में संवाददाताओं से कहा, मोटरसाइकिल से मैं फल बाजार से गुजर रहा था, तभी विस्फोट हुआ और मैं जमीन पर गिर गया। मुझे अस्पताल में होश आया।
घायलों में कई खोमचे वाले थे। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस अधिकारियों के मुताबिक एक विस्फोटक ठेला में लगाया गया था, जबकि दूसरा ट्रक में रखे आम के बक्से में छिपाया गया था। अधिकारियों ने कहा कि घायलों को मायो अस्पताल ले जाया गया, जहां पांच की हालत गंभीर बनी हुई है।टिप्पणियां
पांच मिनट के अंतराल पर हुए बम विस्फोट के बाद लोग दहशत में बाजार छोड़कर भाग खड़े हुए। सरकारी बचाव 1122 सेवा और अन्य नागरिक एजेंसियां घटनास्थल पर पहुंच गईं और बचाव कार्य में हिस्सा ले रही हैं।
मुहम्मद सादिक ने मायो अस्पताल में संवाददाताओं से कहा, मोटरसाइकिल से मैं फल बाजार से गुजर रहा था, तभी विस्फोट हुआ और मैं जमीन पर गिर गया। मुझे अस्पताल में होश आया।
पांच मिनट के अंतराल पर हुए बम विस्फोट के बाद लोग दहशत में बाजार छोड़कर भाग खड़े हुए। सरकारी बचाव 1122 सेवा और अन्य नागरिक एजेंसियां घटनास्थल पर पहुंच गईं और बचाव कार्य में हिस्सा ले रही हैं।
मुहम्मद सादिक ने मायो अस्पताल में संवाददाताओं से कहा, मोटरसाइकिल से मैं फल बाजार से गुजर रहा था, तभी विस्फोट हुआ और मैं जमीन पर गिर गया। मुझे अस्पताल में होश आया।
मुहम्मद सादिक ने मायो अस्पताल में संवाददाताओं से कहा, मोटरसाइकिल से मैं फल बाजार से गुजर रहा था, तभी विस्फोट हुआ और मैं जमीन पर गिर गया। मुझे अस्पताल में होश आया। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: लाहौर के एक बाजार में दो बम विस्फोटों में 20 से ज्यादा लोग घायल हो गए, जिनमें पांच की हालत गंभीर है। पांच मिनट के अंतराल पर हुए धमाकों के बाद लोग दहशत में बाजार छोड़कर भाग खड़े हुए। | 19 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: केंद्र सरकार ने गुरुवार को प्रमुख सहयोगी तृणमूल कांग्रेस के विरोध के कारण पेंशन कोष सुधार पर फैसला टाल दिया। पेंशन फंड रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी विधेयक 2011 केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में एक प्रमुख विचारणीय मुद्दा था। विधेयक में पेंशन कारोबार में निजी और विदेशी पूंजी निवेश को अनुमति और व्यापक सुधार का प्रावधान किया गया है।
तृणमूल कांग्रेस के विरोध के कारण प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस पर फैसले का टाल दिया गया। अनुमान लगाया जा रहा है कि तृणमूल कांग्रेस के सदस्य और रेल मंत्री मुकुल राय ने प्रधानमंत्री और केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी को एक-एक पत्र लिखकर इस विधेयक पर विरोध जताया था। मुकुल राय ने कहा है कि विधेयक के निर्माण में उनकी पार्टी की राय पर विचार नहीं किया गया है, इसलिए इस विधेयक पर और विचार किए जाने की जरूरत है। | सारांश: केंद्र सरकार ने गुरुवार को प्रमुख सहयोगी तृणमूल कांग्रेस के विरोध के कारण पेंशन कोष सुधार पर फैसला टाल दिया। | 20 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने संसद के नजदीक धरना दे रहे ताहिरुल कादरी के समर्थकों को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग करने से इनकार किया है।टिप्पणियां
जियो न्यूज टेलीविजन को जरदारी ने फोन पर बताया कि इस्लामाबाद में धरना दे रहे कादरी समर्थकों के खिलाफ बल प्रयोग नहीं किया जाएगा। राष्ट्रपति की ओर से यह स्पष्टीकरण पाकिस्तान सरकार द्वारा कादरी समर्थकों के खिलाफ बल प्रयोग करने की अटकलों के बीच आया है।
पाकिस्तानी मूल के कनाडाई मौलवी तथा तहरीक-ए-मिनहाजुल कुरान के नेता कादरी अपने हजारों समर्थकों के साथ मंगलवार से सरकार को सत्ता से बेदखल करने, संसद भंग करने तथा भ्रष्टाचार मुक्त पाकिस्तान की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
जियो न्यूज टेलीविजन को जरदारी ने फोन पर बताया कि इस्लामाबाद में धरना दे रहे कादरी समर्थकों के खिलाफ बल प्रयोग नहीं किया जाएगा। राष्ट्रपति की ओर से यह स्पष्टीकरण पाकिस्तान सरकार द्वारा कादरी समर्थकों के खिलाफ बल प्रयोग करने की अटकलों के बीच आया है।
पाकिस्तानी मूल के कनाडाई मौलवी तथा तहरीक-ए-मिनहाजुल कुरान के नेता कादरी अपने हजारों समर्थकों के साथ मंगलवार से सरकार को सत्ता से बेदखल करने, संसद भंग करने तथा भ्रष्टाचार मुक्त पाकिस्तान की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
पाकिस्तानी मूल के कनाडाई मौलवी तथा तहरीक-ए-मिनहाजुल कुरान के नेता कादरी अपने हजारों समर्थकों के साथ मंगलवार से सरकार को सत्ता से बेदखल करने, संसद भंग करने तथा भ्रष्टाचार मुक्त पाकिस्तान की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। | पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने संसद के नजदीक धरना दे रहे ताहिरुल कादरी के समर्थकों को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग करने से इनकार किया है। | 26 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बीसीसीआई के अंतरिम अध्यक्ष जगमोहन डालमिया के पास वर्तमान में सचिव और कोषाध्यक्ष की ताकत भी आ गई है।
बीसीसीआई सूत्रों का कहना है कि अपने पावर का प्रयोग करते हुए डालमिया ने मय्यप्पन की जांच के लिए नए सिरे से कमेटी का गठन करने का फैसला किया है। टिप्पणियां
साथ ही सूत्रों का कहना है कि डालमिया पूर्व सचिव संजय जगदाले और कोषाध्यक्ष अजय शिर्के को फिर बोर्ड में लौटेने नहीं देना चाहते हैं।
सूत्रों का कहना है कि श्रीनिवासन से बीसीसीआई की रविवार को आयोजित विशेष बैठक में इस्तीफा नहीं मांगा गया था।
बीसीसीआई सूत्रों का कहना है कि अपने पावर का प्रयोग करते हुए डालमिया ने मय्यप्पन की जांच के लिए नए सिरे से कमेटी का गठन करने का फैसला किया है। टिप्पणियां
साथ ही सूत्रों का कहना है कि डालमिया पूर्व सचिव संजय जगदाले और कोषाध्यक्ष अजय शिर्के को फिर बोर्ड में लौटेने नहीं देना चाहते हैं।
सूत्रों का कहना है कि श्रीनिवासन से बीसीसीआई की रविवार को आयोजित विशेष बैठक में इस्तीफा नहीं मांगा गया था।
साथ ही सूत्रों का कहना है कि डालमिया पूर्व सचिव संजय जगदाले और कोषाध्यक्ष अजय शिर्के को फिर बोर्ड में लौटेने नहीं देना चाहते हैं।
सूत्रों का कहना है कि श्रीनिवासन से बीसीसीआई की रविवार को आयोजित विशेष बैठक में इस्तीफा नहीं मांगा गया था।
सूत्रों का कहना है कि श्रीनिवासन से बीसीसीआई की रविवार को आयोजित विशेष बैठक में इस्तीफा नहीं मांगा गया था। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: बीसीसीआई के अंतरिम अध्यक्ष जगमोहन डालमिया के पास वर्तमान में सचिव और कोषाध्यक्ष की ताकत भी आ गई है। बीसीसीआई सूत्रों का कहना है कि अपने पावर का प्रयोग करते हुए डालमिया ने मय्यप्पन की जांच के लिए नए सिरे से कमेटी का गठन करने का फैसला किया है। | 3 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव सरकार के मंत्रियों ने पिछले चार साल में लगभग 9 करोड़ रुपये चाय, समोसे और मेहमाननवाजी पर खर्च किए. विधानसभा के मॉनसून सत्र में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बताया कि उनकी सरकार के मंत्रियों ने 15 मार्च, 2012 से 15 मार्च, 2016 तक चाय, नाश्ते और मेहमाननवाजी पर 8 करोड़ 78 लाख 12 हजार 474 रुपये खर्च किए हैं.
बीजेपी के नेता सुरेश खन्ना के प्रश्न के जवाब में उन्होंने बताया कि इस अवधि में लगभग आधे दर्जन मंत्रियों ने इस मद में 21-21 लाख रुपये से अधिक खर्च कर डाले. मगर वरिष्ठ मंत्री शिवपाल सिंह यादव खासे 'कंजूस' साबित हुए और उन्होंने एक भी पैसा खर्च नहीं किया.
खर्च करने वाले मंत्रियों में सबसे आगे रहीं राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अरुण कुमारी कोरी. कोरी इस अवधि में 22 लाख 93 हजार 800 रुपये खर्च किए, जबकि बेसिक शिक्षा राजयमंत्री कैलाश चौरसिया 22 लाख 85 हजार 900 रुपये के साथ दूसरे नंबर रहे.
शहरी विकास राज्यमंत्री आजम खान इस मामले में तीसरे स्थान पर रहे और उन्होंने 22 लाख 86 हजार 620 रुपये खर्च किए. सरकार से पिछले साल अक्टूबर में निष्कासित किए गए पूर्व मंत्री शिव कुमार बेरिया ने चाय-नाश्ते पर 21 लाख 93 हजार 900 रुपये खर्च किए.
इस अवधि में मेहमाननवाजी पर 21 लाख रुपये से जयादा खर्च करने वाले मंत्रियों में आबकारी मंत्री रामकरन आर्य तथा जल संसाधन मंत्री जगदीश सोनकर शामिल हैं. मगर महिला कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सादाब फातिमा ने किफायत बरती और अब तक के करीब एक साल के कार्यकाल में मात्र 72 हजार 500 रुपये ही खर्च किए हैं.
बीजेपी प्रवक्ता हरिश्चंद्र श्रीवास्तव ने चाय-पानी पर करोड़ों रुपये के इस खर्चे को सरकारी खजाने की लूट बताया. उन्होंने कहा, 'सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य कार्यक्रमों के लिए धन की कमी का रोना रोती है, जबकि इसके मंत्री करोड़ों रुपये चाय-समोसे पर उड़ा देते हैं.'टिप्पणियां
सपा प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने विपक्षी दलों पर इस मामले को लेकर बेवजह तूल देने का आरोप लगाते हुए कहा, 'यह खर्चा सरकारी बैठकों और मंत्रियों से मिलने आने वाले लोगों पर शिष्टाचार में करना पड़ता है और यह जरूरी है.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
बीजेपी के नेता सुरेश खन्ना के प्रश्न के जवाब में उन्होंने बताया कि इस अवधि में लगभग आधे दर्जन मंत्रियों ने इस मद में 21-21 लाख रुपये से अधिक खर्च कर डाले. मगर वरिष्ठ मंत्री शिवपाल सिंह यादव खासे 'कंजूस' साबित हुए और उन्होंने एक भी पैसा खर्च नहीं किया.
खर्च करने वाले मंत्रियों में सबसे आगे रहीं राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अरुण कुमारी कोरी. कोरी इस अवधि में 22 लाख 93 हजार 800 रुपये खर्च किए, जबकि बेसिक शिक्षा राजयमंत्री कैलाश चौरसिया 22 लाख 85 हजार 900 रुपये के साथ दूसरे नंबर रहे.
शहरी विकास राज्यमंत्री आजम खान इस मामले में तीसरे स्थान पर रहे और उन्होंने 22 लाख 86 हजार 620 रुपये खर्च किए. सरकार से पिछले साल अक्टूबर में निष्कासित किए गए पूर्व मंत्री शिव कुमार बेरिया ने चाय-नाश्ते पर 21 लाख 93 हजार 900 रुपये खर्च किए.
इस अवधि में मेहमाननवाजी पर 21 लाख रुपये से जयादा खर्च करने वाले मंत्रियों में आबकारी मंत्री रामकरन आर्य तथा जल संसाधन मंत्री जगदीश सोनकर शामिल हैं. मगर महिला कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सादाब फातिमा ने किफायत बरती और अब तक के करीब एक साल के कार्यकाल में मात्र 72 हजार 500 रुपये ही खर्च किए हैं.
बीजेपी प्रवक्ता हरिश्चंद्र श्रीवास्तव ने चाय-पानी पर करोड़ों रुपये के इस खर्चे को सरकारी खजाने की लूट बताया. उन्होंने कहा, 'सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य कार्यक्रमों के लिए धन की कमी का रोना रोती है, जबकि इसके मंत्री करोड़ों रुपये चाय-समोसे पर उड़ा देते हैं.'टिप्पणियां
सपा प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने विपक्षी दलों पर इस मामले को लेकर बेवजह तूल देने का आरोप लगाते हुए कहा, 'यह खर्चा सरकारी बैठकों और मंत्रियों से मिलने आने वाले लोगों पर शिष्टाचार में करना पड़ता है और यह जरूरी है.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
खर्च करने वाले मंत्रियों में सबसे आगे रहीं राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अरुण कुमारी कोरी. कोरी इस अवधि में 22 लाख 93 हजार 800 रुपये खर्च किए, जबकि बेसिक शिक्षा राजयमंत्री कैलाश चौरसिया 22 लाख 85 हजार 900 रुपये के साथ दूसरे नंबर रहे.
शहरी विकास राज्यमंत्री आजम खान इस मामले में तीसरे स्थान पर रहे और उन्होंने 22 लाख 86 हजार 620 रुपये खर्च किए. सरकार से पिछले साल अक्टूबर में निष्कासित किए गए पूर्व मंत्री शिव कुमार बेरिया ने चाय-नाश्ते पर 21 लाख 93 हजार 900 रुपये खर्च किए.
इस अवधि में मेहमाननवाजी पर 21 लाख रुपये से जयादा खर्च करने वाले मंत्रियों में आबकारी मंत्री रामकरन आर्य तथा जल संसाधन मंत्री जगदीश सोनकर शामिल हैं. मगर महिला कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सादाब फातिमा ने किफायत बरती और अब तक के करीब एक साल के कार्यकाल में मात्र 72 हजार 500 रुपये ही खर्च किए हैं.
बीजेपी प्रवक्ता हरिश्चंद्र श्रीवास्तव ने चाय-पानी पर करोड़ों रुपये के इस खर्चे को सरकारी खजाने की लूट बताया. उन्होंने कहा, 'सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य कार्यक्रमों के लिए धन की कमी का रोना रोती है, जबकि इसके मंत्री करोड़ों रुपये चाय-समोसे पर उड़ा देते हैं.'टिप्पणियां
सपा प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने विपक्षी दलों पर इस मामले को लेकर बेवजह तूल देने का आरोप लगाते हुए कहा, 'यह खर्चा सरकारी बैठकों और मंत्रियों से मिलने आने वाले लोगों पर शिष्टाचार में करना पड़ता है और यह जरूरी है.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
शहरी विकास राज्यमंत्री आजम खान इस मामले में तीसरे स्थान पर रहे और उन्होंने 22 लाख 86 हजार 620 रुपये खर्च किए. सरकार से पिछले साल अक्टूबर में निष्कासित किए गए पूर्व मंत्री शिव कुमार बेरिया ने चाय-नाश्ते पर 21 लाख 93 हजार 900 रुपये खर्च किए.
इस अवधि में मेहमाननवाजी पर 21 लाख रुपये से जयादा खर्च करने वाले मंत्रियों में आबकारी मंत्री रामकरन आर्य तथा जल संसाधन मंत्री जगदीश सोनकर शामिल हैं. मगर महिला कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सादाब फातिमा ने किफायत बरती और अब तक के करीब एक साल के कार्यकाल में मात्र 72 हजार 500 रुपये ही खर्च किए हैं.
बीजेपी प्रवक्ता हरिश्चंद्र श्रीवास्तव ने चाय-पानी पर करोड़ों रुपये के इस खर्चे को सरकारी खजाने की लूट बताया. उन्होंने कहा, 'सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य कार्यक्रमों के लिए धन की कमी का रोना रोती है, जबकि इसके मंत्री करोड़ों रुपये चाय-समोसे पर उड़ा देते हैं.'टिप्पणियां
सपा प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने विपक्षी दलों पर इस मामले को लेकर बेवजह तूल देने का आरोप लगाते हुए कहा, 'यह खर्चा सरकारी बैठकों और मंत्रियों से मिलने आने वाले लोगों पर शिष्टाचार में करना पड़ता है और यह जरूरी है.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इस अवधि में मेहमाननवाजी पर 21 लाख रुपये से जयादा खर्च करने वाले मंत्रियों में आबकारी मंत्री रामकरन आर्य तथा जल संसाधन मंत्री जगदीश सोनकर शामिल हैं. मगर महिला कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सादाब फातिमा ने किफायत बरती और अब तक के करीब एक साल के कार्यकाल में मात्र 72 हजार 500 रुपये ही खर्च किए हैं.
बीजेपी प्रवक्ता हरिश्चंद्र श्रीवास्तव ने चाय-पानी पर करोड़ों रुपये के इस खर्चे को सरकारी खजाने की लूट बताया. उन्होंने कहा, 'सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य कार्यक्रमों के लिए धन की कमी का रोना रोती है, जबकि इसके मंत्री करोड़ों रुपये चाय-समोसे पर उड़ा देते हैं.'टिप्पणियां
सपा प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने विपक्षी दलों पर इस मामले को लेकर बेवजह तूल देने का आरोप लगाते हुए कहा, 'यह खर्चा सरकारी बैठकों और मंत्रियों से मिलने आने वाले लोगों पर शिष्टाचार में करना पड़ता है और यह जरूरी है.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
बीजेपी प्रवक्ता हरिश्चंद्र श्रीवास्तव ने चाय-पानी पर करोड़ों रुपये के इस खर्चे को सरकारी खजाने की लूट बताया. उन्होंने कहा, 'सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य कार्यक्रमों के लिए धन की कमी का रोना रोती है, जबकि इसके मंत्री करोड़ों रुपये चाय-समोसे पर उड़ा देते हैं.'टिप्पणियां
सपा प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने विपक्षी दलों पर इस मामले को लेकर बेवजह तूल देने का आरोप लगाते हुए कहा, 'यह खर्चा सरकारी बैठकों और मंत्रियों से मिलने आने वाले लोगों पर शिष्टाचार में करना पड़ता है और यह जरूरी है.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सपा प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने विपक्षी दलों पर इस मामले को लेकर बेवजह तूल देने का आरोप लगाते हुए कहा, 'यह खर्चा सरकारी बैठकों और मंत्रियों से मिलने आने वाले लोगों पर शिष्टाचार में करना पड़ता है और यह जरूरी है.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | सारांश: आधे दर्जन मंत्रियों ने 21-21 लाख से अधिक खर्च किए
अरुण कुमारी कोरी ने सर्वाधिक 22.93 लाख रुपये खर्च किए
शिवपाल सिंह यादव ने एक भी पैसा नहीं खर्च किया | 33 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: यूपी विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के लिए आज चुनाव प्रचार का शोर थम जाएगा, जिसे लेकर सभी पार्टियों के नेता कई जगहों पर चुनावी रैलियों को संबोधित करेंगे. यूपी विधानसभा के पहले चरण में 11 फरवरी को मतदान होगा. पहले चरण में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 15 जिलों की 73 सीटों के लिए चुनाव होगा. इनमें शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, हापुड़, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, आगरा, फिरोजबाद, एटा और कांसगज की सीटें शामिल हैं. चुनाव के इस दौर में प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री, राहुल गांधी बीएसपी प्रमुख मायावती ने वोटरों को लुभाने के लिए जमकर एक-दूसरे पर सियासी वार किए हैं.
पहली बार कांग्रेस समाजवादी पार्टी की साइकिल की सवारी कर रही है. एसपी और बीएसपी के बीच घूमने वाली यूपी की राजनीति में लंबे समय बाद बीजेपी सत्ता हासिल करने को बेताब हैं. वह बीएसपी और सपा कांग्रेस गठजोड़ को कड़ी टक्कर दे रही है तो तीसरी तरफ मायावती के लिए यह लड़ाई दोबारा सत्ता पाने की है.
पहले चरण के चुनाव प्रचार के आखिरी दिन देश के गृहमंत्री राजनाथ सिंह आज ताबड़तोड़ चुनावी रैलियां करेंगे. राजनाथ सिंह मथुरा, हाथरस और गौतम बुद्धनगर में चुनावी रैली को संबोधित करेंगे. राजनाथ सिंह की मथुरा में 11 बजे, हाथरस में करीब साढ़े 12 बजे और गौतम बुद्धनगर में डेढ़ बजे चुनावी रैली है. इससे पहले राजनाथ सिंह ने कल दादरी में चुनावी रैली में सपा-कांग्रेस गठबंधन पर निशाना साधा था. साथ ही प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर समाजवादी सरकार को आड़े हाथों लिया था.टिप्पणियां
मंत्री उमा भारती पहले चरण के चुनाव प्रचार के आखिरी दिन कई चुनावी रैलियों को संबोधित करेंगी. उमा भारती आगरा, मैनपुरी और फर्रुख़ाबाद में चुनावी रैली है. उमा भारती आगरा में 11 बजे, मैनपुरी में 1 बजे और फर्रुख़ाबाद में 2 बजे चुनावी रैली को संबोधित करेंगी.
वहीं अखिलेश यादव भी आज तीन चुनावी रैलियां करेंगे. अखिलेश यादव छाता, टुंडला और फ़िरोज़ाबाद में चुनावी रैलियों को संबोधित करेंगे. इस दौरान अखिलेश यादव बीजेपी और बीएसपी पर जमकर निशाना साध सकते हैं. इससे पहले बुधवार को अखिलेश यादव ने बिजनौर की रैली में मायावती पर हमला बोला था. उन्होंने कहा था कि बुआ ने बीजेपी से कई बार समझौता किया है. साथ ही बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि बीजेपी वालों को समझ नहीं आ रहा है कि वे किधर जाएं.
पहली बार कांग्रेस समाजवादी पार्टी की साइकिल की सवारी कर रही है. एसपी और बीएसपी के बीच घूमने वाली यूपी की राजनीति में लंबे समय बाद बीजेपी सत्ता हासिल करने को बेताब हैं. वह बीएसपी और सपा कांग्रेस गठजोड़ को कड़ी टक्कर दे रही है तो तीसरी तरफ मायावती के लिए यह लड़ाई दोबारा सत्ता पाने की है.
पहले चरण के चुनाव प्रचार के आखिरी दिन देश के गृहमंत्री राजनाथ सिंह आज ताबड़तोड़ चुनावी रैलियां करेंगे. राजनाथ सिंह मथुरा, हाथरस और गौतम बुद्धनगर में चुनावी रैली को संबोधित करेंगे. राजनाथ सिंह की मथुरा में 11 बजे, हाथरस में करीब साढ़े 12 बजे और गौतम बुद्धनगर में डेढ़ बजे चुनावी रैली है. इससे पहले राजनाथ सिंह ने कल दादरी में चुनावी रैली में सपा-कांग्रेस गठबंधन पर निशाना साधा था. साथ ही प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर समाजवादी सरकार को आड़े हाथों लिया था.टिप्पणियां
मंत्री उमा भारती पहले चरण के चुनाव प्रचार के आखिरी दिन कई चुनावी रैलियों को संबोधित करेंगी. उमा भारती आगरा, मैनपुरी और फर्रुख़ाबाद में चुनावी रैली है. उमा भारती आगरा में 11 बजे, मैनपुरी में 1 बजे और फर्रुख़ाबाद में 2 बजे चुनावी रैली को संबोधित करेंगी.
वहीं अखिलेश यादव भी आज तीन चुनावी रैलियां करेंगे. अखिलेश यादव छाता, टुंडला और फ़िरोज़ाबाद में चुनावी रैलियों को संबोधित करेंगे. इस दौरान अखिलेश यादव बीजेपी और बीएसपी पर जमकर निशाना साध सकते हैं. इससे पहले बुधवार को अखिलेश यादव ने बिजनौर की रैली में मायावती पर हमला बोला था. उन्होंने कहा था कि बुआ ने बीजेपी से कई बार समझौता किया है. साथ ही बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि बीजेपी वालों को समझ नहीं आ रहा है कि वे किधर जाएं.
पहले चरण के चुनाव प्रचार के आखिरी दिन देश के गृहमंत्री राजनाथ सिंह आज ताबड़तोड़ चुनावी रैलियां करेंगे. राजनाथ सिंह मथुरा, हाथरस और गौतम बुद्धनगर में चुनावी रैली को संबोधित करेंगे. राजनाथ सिंह की मथुरा में 11 बजे, हाथरस में करीब साढ़े 12 बजे और गौतम बुद्धनगर में डेढ़ बजे चुनावी रैली है. इससे पहले राजनाथ सिंह ने कल दादरी में चुनावी रैली में सपा-कांग्रेस गठबंधन पर निशाना साधा था. साथ ही प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर समाजवादी सरकार को आड़े हाथों लिया था.टिप्पणियां
मंत्री उमा भारती पहले चरण के चुनाव प्रचार के आखिरी दिन कई चुनावी रैलियों को संबोधित करेंगी. उमा भारती आगरा, मैनपुरी और फर्रुख़ाबाद में चुनावी रैली है. उमा भारती आगरा में 11 बजे, मैनपुरी में 1 बजे और फर्रुख़ाबाद में 2 बजे चुनावी रैली को संबोधित करेंगी.
वहीं अखिलेश यादव भी आज तीन चुनावी रैलियां करेंगे. अखिलेश यादव छाता, टुंडला और फ़िरोज़ाबाद में चुनावी रैलियों को संबोधित करेंगे. इस दौरान अखिलेश यादव बीजेपी और बीएसपी पर जमकर निशाना साध सकते हैं. इससे पहले बुधवार को अखिलेश यादव ने बिजनौर की रैली में मायावती पर हमला बोला था. उन्होंने कहा था कि बुआ ने बीजेपी से कई बार समझौता किया है. साथ ही बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि बीजेपी वालों को समझ नहीं आ रहा है कि वे किधर जाएं.
मंत्री उमा भारती पहले चरण के चुनाव प्रचार के आखिरी दिन कई चुनावी रैलियों को संबोधित करेंगी. उमा भारती आगरा, मैनपुरी और फर्रुख़ाबाद में चुनावी रैली है. उमा भारती आगरा में 11 बजे, मैनपुरी में 1 बजे और फर्रुख़ाबाद में 2 बजे चुनावी रैली को संबोधित करेंगी.
वहीं अखिलेश यादव भी आज तीन चुनावी रैलियां करेंगे. अखिलेश यादव छाता, टुंडला और फ़िरोज़ाबाद में चुनावी रैलियों को संबोधित करेंगे. इस दौरान अखिलेश यादव बीजेपी और बीएसपी पर जमकर निशाना साध सकते हैं. इससे पहले बुधवार को अखिलेश यादव ने बिजनौर की रैली में मायावती पर हमला बोला था. उन्होंने कहा था कि बुआ ने बीजेपी से कई बार समझौता किया है. साथ ही बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि बीजेपी वालों को समझ नहीं आ रहा है कि वे किधर जाएं.
वहीं अखिलेश यादव भी आज तीन चुनावी रैलियां करेंगे. अखिलेश यादव छाता, टुंडला और फ़िरोज़ाबाद में चुनावी रैलियों को संबोधित करेंगे. इस दौरान अखिलेश यादव बीजेपी और बीएसपी पर जमकर निशाना साध सकते हैं. इससे पहले बुधवार को अखिलेश यादव ने बिजनौर की रैली में मायावती पर हमला बोला था. उन्होंने कहा था कि बुआ ने बीजेपी से कई बार समझौता किया है. साथ ही बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि बीजेपी वालों को समझ नहीं आ रहा है कि वे किधर जाएं. | यह एक सारांश है: यूपी विधानसभा के पहले चरण में 11 फरवरी को मतदान होगा.
पश्चिमी यूपी के 15 जिलों की 73 सीटों के लिए चुनाव होगा.
सपा, कांग्रेस,बीजेपी, बीएसपी की आज कई रैलियां | 21 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को अमेरिकी वीजा न देने की नीति जारी रखने संबंधी किसी पर पत्र हस्ताक्षर किए जाने का खंडन करते हुए माकपा के वरिष्ठ नेता सीताराम येचुरी ने कहा कि ऐसा लगता है, जो किया गया, वह ‘कट पेस्ट’ वाला प्रयास था।
येचुरी ने एक बयान में कहा, मैं इस बात से साफ इनकार करता हूं कि मैंने ऐसे किसी पत्र पर हस्ताक्षर किया है। किसी एक देश की संप्रभुता के दायरे में आने वाले मुद्दे पर दूसरे किसी संप्रभु देश से कुछ कहना न तो मेरे चरित्र में है और न ही यह मेरी पार्टी माकपा का सिद्धांत है।
माकपा नेता ने कहा, ‘एक सिद्धांत के तहत हम भारत के अंदरूनी मामले में, उसकी संप्रभुता को कमजोर करने वाले किसी भी बाहरी हस्तक्षेप का कड़ा विरोध करते हैं और उसकी निंदा करते हैं। येचुरी का बयान इन खबरों के संदर्भ में आया है कि वह उन 65 संसद सदस्यों में से एक हैं, जिन्होंने राष्ट्रपति बराक ओबामा को पत्र लिखकर, अमेरिकी प्रशासन की मोदी को वीजा न देने की वर्तमान नीति जारी रखने का आग्रह किया था।टिप्पणियां
भारतीय जनता पार्टी का कहना है कि इस बात की विस्तृत जांच होनी चाहिए कि भारतीय सांसदों ने गुजरात के मुख्यमंत्री और बीजेपी चुनाव समिति के अध्यक्ष नरेंद्र मोदी को अमेरिकी वीजा न देने का अनुरोध करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को खत भेजा था या नहीं। बीजेपी प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, आधे से अधिक सांसदों ने (जिनके दस्तखत हैं) ऐसी किसी चिट्ठी लिखने से इनकार किया है। जिन लोगों ने नकली दस्तखत किए, उन्हें पकड़ना जरूरी है। सीताराम येचुरी के बाद डीएमके के सांसद केपी रामालिंगम ने भी उनके जाली दस्तखत किए जाने का दावा किया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के संजीव नाइक का कहना है कि उन्हें गलती से राज्यसभा सांसद के रूप में दिखाया गया है।
उधर, राज्यसभा के सदस्य मोहम्मद अदीब जोर देकर कहते हैं कि यह चिट्ठी प्रामाणिक है। उन्होंने आरोप लगाया कि येचुरी जैसे सासंद अपनी पार्टी के दबाव में झुक रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह इस मामले में जांच का स्वागत करते हैं। अदीब ने कहा कि साथियों को धोखा देने वालों को दंडित किया जाना चाहिए और उन्हें संसद से हटा देना चाहिए।
येचुरी ने एक बयान में कहा, मैं इस बात से साफ इनकार करता हूं कि मैंने ऐसे किसी पत्र पर हस्ताक्षर किया है। किसी एक देश की संप्रभुता के दायरे में आने वाले मुद्दे पर दूसरे किसी संप्रभु देश से कुछ कहना न तो मेरे चरित्र में है और न ही यह मेरी पार्टी माकपा का सिद्धांत है।
माकपा नेता ने कहा, ‘एक सिद्धांत के तहत हम भारत के अंदरूनी मामले में, उसकी संप्रभुता को कमजोर करने वाले किसी भी बाहरी हस्तक्षेप का कड़ा विरोध करते हैं और उसकी निंदा करते हैं। येचुरी का बयान इन खबरों के संदर्भ में आया है कि वह उन 65 संसद सदस्यों में से एक हैं, जिन्होंने राष्ट्रपति बराक ओबामा को पत्र लिखकर, अमेरिकी प्रशासन की मोदी को वीजा न देने की वर्तमान नीति जारी रखने का आग्रह किया था।टिप्पणियां
भारतीय जनता पार्टी का कहना है कि इस बात की विस्तृत जांच होनी चाहिए कि भारतीय सांसदों ने गुजरात के मुख्यमंत्री और बीजेपी चुनाव समिति के अध्यक्ष नरेंद्र मोदी को अमेरिकी वीजा न देने का अनुरोध करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को खत भेजा था या नहीं। बीजेपी प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, आधे से अधिक सांसदों ने (जिनके दस्तखत हैं) ऐसी किसी चिट्ठी लिखने से इनकार किया है। जिन लोगों ने नकली दस्तखत किए, उन्हें पकड़ना जरूरी है। सीताराम येचुरी के बाद डीएमके के सांसद केपी रामालिंगम ने भी उनके जाली दस्तखत किए जाने का दावा किया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के संजीव नाइक का कहना है कि उन्हें गलती से राज्यसभा सांसद के रूप में दिखाया गया है।
उधर, राज्यसभा के सदस्य मोहम्मद अदीब जोर देकर कहते हैं कि यह चिट्ठी प्रामाणिक है। उन्होंने आरोप लगाया कि येचुरी जैसे सासंद अपनी पार्टी के दबाव में झुक रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह इस मामले में जांच का स्वागत करते हैं। अदीब ने कहा कि साथियों को धोखा देने वालों को दंडित किया जाना चाहिए और उन्हें संसद से हटा देना चाहिए।
माकपा नेता ने कहा, ‘एक सिद्धांत के तहत हम भारत के अंदरूनी मामले में, उसकी संप्रभुता को कमजोर करने वाले किसी भी बाहरी हस्तक्षेप का कड़ा विरोध करते हैं और उसकी निंदा करते हैं। येचुरी का बयान इन खबरों के संदर्भ में आया है कि वह उन 65 संसद सदस्यों में से एक हैं, जिन्होंने राष्ट्रपति बराक ओबामा को पत्र लिखकर, अमेरिकी प्रशासन की मोदी को वीजा न देने की वर्तमान नीति जारी रखने का आग्रह किया था।टिप्पणियां
भारतीय जनता पार्टी का कहना है कि इस बात की विस्तृत जांच होनी चाहिए कि भारतीय सांसदों ने गुजरात के मुख्यमंत्री और बीजेपी चुनाव समिति के अध्यक्ष नरेंद्र मोदी को अमेरिकी वीजा न देने का अनुरोध करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को खत भेजा था या नहीं। बीजेपी प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, आधे से अधिक सांसदों ने (जिनके दस्तखत हैं) ऐसी किसी चिट्ठी लिखने से इनकार किया है। जिन लोगों ने नकली दस्तखत किए, उन्हें पकड़ना जरूरी है। सीताराम येचुरी के बाद डीएमके के सांसद केपी रामालिंगम ने भी उनके जाली दस्तखत किए जाने का दावा किया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के संजीव नाइक का कहना है कि उन्हें गलती से राज्यसभा सांसद के रूप में दिखाया गया है।
उधर, राज्यसभा के सदस्य मोहम्मद अदीब जोर देकर कहते हैं कि यह चिट्ठी प्रामाणिक है। उन्होंने आरोप लगाया कि येचुरी जैसे सासंद अपनी पार्टी के दबाव में झुक रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह इस मामले में जांच का स्वागत करते हैं। अदीब ने कहा कि साथियों को धोखा देने वालों को दंडित किया जाना चाहिए और उन्हें संसद से हटा देना चाहिए।
भारतीय जनता पार्टी का कहना है कि इस बात की विस्तृत जांच होनी चाहिए कि भारतीय सांसदों ने गुजरात के मुख्यमंत्री और बीजेपी चुनाव समिति के अध्यक्ष नरेंद्र मोदी को अमेरिकी वीजा न देने का अनुरोध करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को खत भेजा था या नहीं। बीजेपी प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, आधे से अधिक सांसदों ने (जिनके दस्तखत हैं) ऐसी किसी चिट्ठी लिखने से इनकार किया है। जिन लोगों ने नकली दस्तखत किए, उन्हें पकड़ना जरूरी है। सीताराम येचुरी के बाद डीएमके के सांसद केपी रामालिंगम ने भी उनके जाली दस्तखत किए जाने का दावा किया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के संजीव नाइक का कहना है कि उन्हें गलती से राज्यसभा सांसद के रूप में दिखाया गया है।
उधर, राज्यसभा के सदस्य मोहम्मद अदीब जोर देकर कहते हैं कि यह चिट्ठी प्रामाणिक है। उन्होंने आरोप लगाया कि येचुरी जैसे सासंद अपनी पार्टी के दबाव में झुक रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह इस मामले में जांच का स्वागत करते हैं। अदीब ने कहा कि साथियों को धोखा देने वालों को दंडित किया जाना चाहिए और उन्हें संसद से हटा देना चाहिए।
उधर, राज्यसभा के सदस्य मोहम्मद अदीब जोर देकर कहते हैं कि यह चिट्ठी प्रामाणिक है। उन्होंने आरोप लगाया कि येचुरी जैसे सासंद अपनी पार्टी के दबाव में झुक रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह इस मामले में जांच का स्वागत करते हैं। अदीब ने कहा कि साथियों को धोखा देने वालों को दंडित किया जाना चाहिए और उन्हें संसद से हटा देना चाहिए। | संक्षिप्त सारांश: गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को अमेरिकी वीजा न देने की नीति जारी रखने संबंधी किसी पर पत्र हस्ताक्षर किए जाने का खंडन करते हुए माकपा के वरिष्ठ नेता सीताराम येचुरी ने कहा कि ऐसा लगता है, जो किया गया, वह ‘कट पेस्ट’ वाला प्रयास था। | 10 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मंदसौर में सिर्फ सुवासरा का गढ़ बचाए रखने में कामयाब हरदीप सिंह डंग भी चाहते थे कि मंत्रिमंडल में वो मंत्री बनते, चाहत पूरी नहीं हुई. पूरे मध्यप्रदेश में सिख समाज से 230 में एक सिख को मौका मिला है, मेरा मानना है कि उसमें ध्यान दिया जाए तो मंत्रिमंडल में शामिल किया जाना चाहिये. मनावर से बीजेपी की पूर्व मंत्री रंजना बघेल को पटखनी देने वाले जयस नेता और कांग्रेस विधायक हीरालाल अलावा ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मिलने का समय मांगा है. अलावा का आरोप है कि कांग्रेस चुनाव से पहले किए गए वादे से अब मुकर गई है.
कैबिनेट में शामिल नहीं किए जाने से पूर्व मंत्री और वरिष्ठ विधायक केपी सिंह और बिसाहूलाल अब कांग्रेस आलाकमान तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश में लग गए हैं. मध्य प्रदेश में 15 साल बाद कांग्रेस की सरकार बनी, कांग्रेस को 114 यानी बहुमत से दो सीटें कम मिलीं. बहुमत तक पहुंचाने उसे बसपा की 2, समाजवादी पार्टी के एक और 4 निर्दलीयों का समर्थन मिला. अब दूसरे दल भी मंत्रिमंडल में अनदेखी से आंखें तरेर रहे हैं.
समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने तो यहां तक कहा कि हम कांग्रेस को भी धन्यवाद देंगें कि मध्यप्रदेश में हमारे विधायक को मंत्री नहीं बनाया. वहीं बुरहानपुर से निर्दलीय विधायक ठाकुर सुरेंद्र सिंह ने कहा सरकार हमारे समर्थन से चल रही है, पांच दिन में मुझे मंत्री बनाना ही होगा. कांग्रेस को लगता है, वो सबकों साध लेंगे. वहीं, बीजेपी मानती है कि कांग्रेस के लिये सरकार चलाना मुश्किल होगा.
कांग्रेस प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने कहा 15 साल बाद हम सत्ता में आए हैं. हर आदमी चाहता है सत्ता में आकर जनता की सेवा कर सके, सबको ज़िम्मेदारी देकर सबको संतुष्ट किया जाएगा. वहीं पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता कैलाश जोशी ने कहा सरकार के सामने कठिनाई पैदा होगी, इसका लाभ बीजेपी को मिलेगा. ये सरकार लंबे समय नहीं चलेगी. कैबिनेट में फिलहाल 5 वैकेंसी है. संसदीय सचिव का विकल्प है, लेकिन नाराजगी बनी रही तो विधानसभा स्पीकर के चुनाव पर असर हो सकता है. क्योंकि अगर बीजेपी ने अपना उम्मीदवार उतार दिया तो नाराज़ नेताओं का गुस्सा कांग्रेस पर भारी पड़ सकता है. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: मंत्रिमंडल गठन के बाद बढ़ा नाराजगी का सिलसिला
अब तक मंत्रियों के विभागों का बंटवारा नहीं हो सका
निर्दलीय, सपा, बसपा के विधायक भी सरकार से नाराज़ | 19 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने पांच वर्ष की बच्ची का बलात्कार कर उसकी हत्या करने वाले कैदी समेत चार अन्य कैदियों की मौत की सजा को उम्र कैद में बदल दिया।टिप्पणियां
गृह मंत्री पी चिदंबरम ने गुरुवार को बताया कि राष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेद 72 के तहत चार कैदियों, उत्तराखंड के ओम प्रकाश, उत्तर प्रदेश के सतीश, उत्तर प्रदेश के ही कर्ण सिंह और कुंवर बहादुर सिंह की मौत की सजा को उम्र कैद में बदल दिया।
संविधान के अनुच्छेद 72 के तहत राष्ट्रपति को सजा माफ करने, सजा कम करने या निलंबित करने आदि का अधिकार है।
गृह मंत्री पी चिदंबरम ने गुरुवार को बताया कि राष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेद 72 के तहत चार कैदियों, उत्तराखंड के ओम प्रकाश, उत्तर प्रदेश के सतीश, उत्तर प्रदेश के ही कर्ण सिंह और कुंवर बहादुर सिंह की मौत की सजा को उम्र कैद में बदल दिया।
संविधान के अनुच्छेद 72 के तहत राष्ट्रपति को सजा माफ करने, सजा कम करने या निलंबित करने आदि का अधिकार है।
संविधान के अनुच्छेद 72 के तहत राष्ट्रपति को सजा माफ करने, सजा कम करने या निलंबित करने आदि का अधिकार है। | यह एक सारांश है: राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने पांच वर्ष की बच्ची का बलात्कार कर उसकी हत्या करने वाले कैदी समेत चार अन्य कैदियों की मौत की सजा को उम्र कैद में बदल दिया। | 16 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: अपने नेतृत्व को लेकर असंतोष का सामना कर रहे कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने शक्ति प्रदर्शन के इरादे से गुरुवार को अपने मंत्रियों की एक बैठक बुलाई। उधर, असंतुष्टों का एक दल आला कमान से येदियुरप्पा की शिकायत करने के लिए गुरुवार को नई दिल्ली रवाना हुआ। मुख्यमंत्री के गृह कार्यालय कृष्णा में बुलाई गई बैठक में 27 मंत्रियों में से 21 मंत्रियों ने हिस्सा लिया। इस बैठक में येदियुरप्पा ने ठोस संदेश देने और अपनी शक्ति का प्रदर्शन करने की कोशिश की। यह बैठक राज्य बजट में घोषित कार्यक्रमों और उससे जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए बुलाई गई थी। पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व से येदियुरप्पा की शिकायत करने के लिए पार्टी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष के एस ईश्वरप्पा के नेतृत्व में असंतुष्टों का एक दल आज दिल्ली के लिए रवाना हुआ। ईश्वरप्पा के साथ पूर्व मंत्री अरविंद लिंबावली और पार्टी के राज्य प्रवक्ता सी टी रवि भी थे। भाजपा सूत्रों के अनुसार पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एच एन अनंत कुमार की असंतुष्ट खेमे के साथ पहचान की जा रही है। मुख्यमंत्री के एक अन्य आलोचक तथा ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री जगदीश शेट्टर पहले से ही दिल्ली में हैं। बैठक में पर्यटन और आधारभूत संरचना विकास मंत्री जी जनार्दन रेड्डी तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री बी श्रीरामुलू उपस्थित नहीं हुए। वे भी असंतुष्टों का समर्थन कर रहे हैं। अपनी रवानगी से पहले हवाई अड्डे पर संवाददाताओं से बातचीत में ईश्वरप्पा ने कहा, राज्य में कुछ समस्याएं हैं। मंत्रियों और विधायकों ने मुझे अपनी समस्याएं बताई हैं। मैं आलाकमान को उनकी शिकायतों से अवगत कराने के लिए दिल्ली जा रहा हूं। रवि ने कहा, पार्टी किसी भी व्यक्ति से ज्यादा महत्वपूर्ण है। हम आला कमान को विधायकों की समस्याओं से अवगत कराएंगे। नयी दिल्ली में कर्नाटक के प्रतिनिधि वी धनंजय कुमार ने ईश्वरप्पा के नेतृत्व में प्रतिमंडल की राष्ट्रीय राजधानी की यात्रा करने को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, दिल्ली जाने की कोई आवश्यकता नहीं है और जो कुछ भी उनकी शिकायतें हैं उन्हें इस बारे में मुख्यमंत्री से चर्चा करनी चाहिए थी। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: उधर, असंतुष्टों का एक दल आला कमान से येदियुरप्पा की शिकायत करने के लिए नई दिल्ली रवाना हुआ। | 11 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: दिल्ली की एक अदालत ने वर्ष 1984 के सिख विरोधी दंगे से संबंधित एक मामले में मंगलवार को कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को बरी कर दिया, जबकि अन्य पांच को दोषी करार दिया। फैसला आने के बाद अदालत के बाहर नाराजगी, प्रदर्शन, दुख व आंसू भी देखे गए। एक गुस्साए व्यक्ति ने अदालत के कक्ष में न्यायाधीश पर जूता भी फेंका।
राष्ट्रीय राजधानी और अन्य हिस्सों में दंगों के दौरान 3000 से ज्यादा लोगों की जाने के करीब तीन दशक बाद सज्जन कुमार आरोपों से बरी हुए हैं।
जिला न्यायाधीश जेआर आर्यन की अदालत ने 31 अक्टूबर, 1984 को देश की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद सिखों के खिलाफ भड़के दंगे के दौरान दिल्ली कैंट इलाके में पांच लोगों की हत्या से जुड़े मामले में सज्जन कुमार को बरी कर दिया, जबकि पांच अन्य- बलवान खोक्कड़, महेंद्र यादव, गिरधारी लाल, किशन खोक्कड़ तथा कैप्टन भागमल को दोषी करार दिया।
कांग्रेस नेता को बरी किए जाने पर पीड़ित परिवार और राजनीतिक नेताओं दोनों तरफ से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई। भाजपा नेता सुषमा स्वराज ने सिख विरोधी दंगा मामलों की जांच के लिए सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में विशेष जांच दस्ते (एसआईटी) से जांच की मांग की। अदालत के फैसले पर सज्जन कुमार ने कोई भी टिप्पणी करने से मना कर दिया।
कड़कड़डूमा अदालत के बाहर विरोध प्रदर्शन के लिए भीड़ जमा हो गई। कांग्रेस के खिलाफ शर्म-शर्म के नारे लगाते हुए कुछ लोग अदालत परिसर में घेरा फांद कर प्रवेश कर गए।
ऑल इंडिया सिख फेडरेशन के अध्यक्ष करनैल सिंह पीर मोहम्मद ने न्यायाधीश पर जूता उछाल दिया। उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है और उनके खिलाफ धारा 186 (लोक सेवक को अपना कर्तव्य निर्वाह करने से रोकने) और 353 (हमला या लोक सेवक को कर्तव्य निर्वाह करने से रोकने के लिए आपराधिक बल प्रयोग) के तहत मामला दायर किया गया है।
मोहम्मद के वकील ने संवाददाताओं से कहा, "उनका इरादा न्यायाधीश को चोट पहुंचाना नहीं था, बल्कि वे न्याय दिलाने में विफल रही न्यायिक प्रणाली के खिलाफ गुस्से का इजहार कर रहे थे।"
सज्जन तथा दोषी करार दिए गए पांच अभियुक्तों पर दंगों के दौरान भीड़ को सिखों के खिलाफ भड़काने तथा षडयंत्र करने आरोप था।
आरोपी किशन खोक्कड़ और महेंद्र यादव को धारा 147 (दंगा) और धारा 148 (खतरनाक हथियारों से लैस हो कर दंगा) करने जबकि अन्य आरोपियों बलवान खोक्कड़, गिरधारी लाल और कैप्टन भागमल को धारा 147, 148 और 302 (हत्या) दोषी ठहराया गया है।
दंगों की जांच के लिए गठित जीटी नानावती आयोग की सिफारिश पर सज्जन कुमार के खिलाफ 2005 में मामला दर्ज किया गया था।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने सज्जन कुमार एवं अन्य के खिलाफ 2010 में दो आरोप पत्र दाखिल किया था।
यह मामला एक ही परिवार के सिख समुदाय के पांच लोगों केहर सिंह, गुरप्रीत सिंह, रघुवेंदर सिंह, नरेंदर पाल सिंह और कुलदीप सिंह की हत्या से संबंधित था। सभी हत्या दिल्ली कैंट के राज नगर इलाके में भीड़ ने कर दी थी।
केहर और गुरप्रीत इस मामले की शिकायतकर्ता और प्रत्यक्षदर्शी जगदीश कौर के क्रमश: पति और बेटे थे। रघुवेंदर, नरेंदर और कुलदीप शिकायतकर्ता के भाई थे।
अदालत के फैसले पर सिख समुदाय के लोगों ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्हें सज्जन कुमार के खिलाफ फैसला आने की उम्मीद थी। अदालत परिसर में कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी भी सुनी गई और कुछ लोगों ने नाकेबंदी तोड़कर परिसर के भीतर दाखिल होने की कोशिश की।
एक नाराज सिख ने कहा, "कांग्रेस हत्यारों की पार्टी है, हालांकि हम अदालत के फैसले का सम्मान करते हैं, लेकिन हम फैसले से दुखी हैं। हमें कभी नहीं लगा कि सज्जन कुमार बरी हो जाएंगे।"टिप्पणियां
अदालत के फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा नेता सुषमा स्वराज ने कहा, "जब गुजरात दंगों की जांच सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में एसआईटी से कराई जा सकती है तो सिख विरोधी दंगों की जांच क्यों नहीं हो सकती है। आखिर दोनों दंगों को अलग-अलग तरह से क्यों लिया गया है।"
शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख और पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने आरोप लगाया कि सदी के सबसे बड़े नरसंहार के 29 वर्ष बाद दिल्ली पुलिस और सीबीआई की कांग्रेस के प्रति भक्ति के कारण न्याय की आशा धूमिल हो गई।
राष्ट्रीय राजधानी और अन्य हिस्सों में दंगों के दौरान 3000 से ज्यादा लोगों की जाने के करीब तीन दशक बाद सज्जन कुमार आरोपों से बरी हुए हैं।
जिला न्यायाधीश जेआर आर्यन की अदालत ने 31 अक्टूबर, 1984 को देश की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद सिखों के खिलाफ भड़के दंगे के दौरान दिल्ली कैंट इलाके में पांच लोगों की हत्या से जुड़े मामले में सज्जन कुमार को बरी कर दिया, जबकि पांच अन्य- बलवान खोक्कड़, महेंद्र यादव, गिरधारी लाल, किशन खोक्कड़ तथा कैप्टन भागमल को दोषी करार दिया।
कांग्रेस नेता को बरी किए जाने पर पीड़ित परिवार और राजनीतिक नेताओं दोनों तरफ से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई। भाजपा नेता सुषमा स्वराज ने सिख विरोधी दंगा मामलों की जांच के लिए सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में विशेष जांच दस्ते (एसआईटी) से जांच की मांग की। अदालत के फैसले पर सज्जन कुमार ने कोई भी टिप्पणी करने से मना कर दिया।
कड़कड़डूमा अदालत के बाहर विरोध प्रदर्शन के लिए भीड़ जमा हो गई। कांग्रेस के खिलाफ शर्म-शर्म के नारे लगाते हुए कुछ लोग अदालत परिसर में घेरा फांद कर प्रवेश कर गए।
ऑल इंडिया सिख फेडरेशन के अध्यक्ष करनैल सिंह पीर मोहम्मद ने न्यायाधीश पर जूता उछाल दिया। उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है और उनके खिलाफ धारा 186 (लोक सेवक को अपना कर्तव्य निर्वाह करने से रोकने) और 353 (हमला या लोक सेवक को कर्तव्य निर्वाह करने से रोकने के लिए आपराधिक बल प्रयोग) के तहत मामला दायर किया गया है।
मोहम्मद के वकील ने संवाददाताओं से कहा, "उनका इरादा न्यायाधीश को चोट पहुंचाना नहीं था, बल्कि वे न्याय दिलाने में विफल रही न्यायिक प्रणाली के खिलाफ गुस्से का इजहार कर रहे थे।"
सज्जन तथा दोषी करार दिए गए पांच अभियुक्तों पर दंगों के दौरान भीड़ को सिखों के खिलाफ भड़काने तथा षडयंत्र करने आरोप था।
आरोपी किशन खोक्कड़ और महेंद्र यादव को धारा 147 (दंगा) और धारा 148 (खतरनाक हथियारों से लैस हो कर दंगा) करने जबकि अन्य आरोपियों बलवान खोक्कड़, गिरधारी लाल और कैप्टन भागमल को धारा 147, 148 और 302 (हत्या) दोषी ठहराया गया है।
दंगों की जांच के लिए गठित जीटी नानावती आयोग की सिफारिश पर सज्जन कुमार के खिलाफ 2005 में मामला दर्ज किया गया था।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने सज्जन कुमार एवं अन्य के खिलाफ 2010 में दो आरोप पत्र दाखिल किया था।
यह मामला एक ही परिवार के सिख समुदाय के पांच लोगों केहर सिंह, गुरप्रीत सिंह, रघुवेंदर सिंह, नरेंदर पाल सिंह और कुलदीप सिंह की हत्या से संबंधित था। सभी हत्या दिल्ली कैंट के राज नगर इलाके में भीड़ ने कर दी थी।
केहर और गुरप्रीत इस मामले की शिकायतकर्ता और प्रत्यक्षदर्शी जगदीश कौर के क्रमश: पति और बेटे थे। रघुवेंदर, नरेंदर और कुलदीप शिकायतकर्ता के भाई थे।
अदालत के फैसले पर सिख समुदाय के लोगों ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्हें सज्जन कुमार के खिलाफ फैसला आने की उम्मीद थी। अदालत परिसर में कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी भी सुनी गई और कुछ लोगों ने नाकेबंदी तोड़कर परिसर के भीतर दाखिल होने की कोशिश की।
एक नाराज सिख ने कहा, "कांग्रेस हत्यारों की पार्टी है, हालांकि हम अदालत के फैसले का सम्मान करते हैं, लेकिन हम फैसले से दुखी हैं। हमें कभी नहीं लगा कि सज्जन कुमार बरी हो जाएंगे।"टिप्पणियां
अदालत के फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा नेता सुषमा स्वराज ने कहा, "जब गुजरात दंगों की जांच सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में एसआईटी से कराई जा सकती है तो सिख विरोधी दंगों की जांच क्यों नहीं हो सकती है। आखिर दोनों दंगों को अलग-अलग तरह से क्यों लिया गया है।"
शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख और पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने आरोप लगाया कि सदी के सबसे बड़े नरसंहार के 29 वर्ष बाद दिल्ली पुलिस और सीबीआई की कांग्रेस के प्रति भक्ति के कारण न्याय की आशा धूमिल हो गई।
जिला न्यायाधीश जेआर आर्यन की अदालत ने 31 अक्टूबर, 1984 को देश की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद सिखों के खिलाफ भड़के दंगे के दौरान दिल्ली कैंट इलाके में पांच लोगों की हत्या से जुड़े मामले में सज्जन कुमार को बरी कर दिया, जबकि पांच अन्य- बलवान खोक्कड़, महेंद्र यादव, गिरधारी लाल, किशन खोक्कड़ तथा कैप्टन भागमल को दोषी करार दिया।
कांग्रेस नेता को बरी किए जाने पर पीड़ित परिवार और राजनीतिक नेताओं दोनों तरफ से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई। भाजपा नेता सुषमा स्वराज ने सिख विरोधी दंगा मामलों की जांच के लिए सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में विशेष जांच दस्ते (एसआईटी) से जांच की मांग की। अदालत के फैसले पर सज्जन कुमार ने कोई भी टिप्पणी करने से मना कर दिया।
कड़कड़डूमा अदालत के बाहर विरोध प्रदर्शन के लिए भीड़ जमा हो गई। कांग्रेस के खिलाफ शर्म-शर्म के नारे लगाते हुए कुछ लोग अदालत परिसर में घेरा फांद कर प्रवेश कर गए।
ऑल इंडिया सिख फेडरेशन के अध्यक्ष करनैल सिंह पीर मोहम्मद ने न्यायाधीश पर जूता उछाल दिया। उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है और उनके खिलाफ धारा 186 (लोक सेवक को अपना कर्तव्य निर्वाह करने से रोकने) और 353 (हमला या लोक सेवक को कर्तव्य निर्वाह करने से रोकने के लिए आपराधिक बल प्रयोग) के तहत मामला दायर किया गया है।
मोहम्मद के वकील ने संवाददाताओं से कहा, "उनका इरादा न्यायाधीश को चोट पहुंचाना नहीं था, बल्कि वे न्याय दिलाने में विफल रही न्यायिक प्रणाली के खिलाफ गुस्से का इजहार कर रहे थे।"
सज्जन तथा दोषी करार दिए गए पांच अभियुक्तों पर दंगों के दौरान भीड़ को सिखों के खिलाफ भड़काने तथा षडयंत्र करने आरोप था।
आरोपी किशन खोक्कड़ और महेंद्र यादव को धारा 147 (दंगा) और धारा 148 (खतरनाक हथियारों से लैस हो कर दंगा) करने जबकि अन्य आरोपियों बलवान खोक्कड़, गिरधारी लाल और कैप्टन भागमल को धारा 147, 148 और 302 (हत्या) दोषी ठहराया गया है।
दंगों की जांच के लिए गठित जीटी नानावती आयोग की सिफारिश पर सज्जन कुमार के खिलाफ 2005 में मामला दर्ज किया गया था।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने सज्जन कुमार एवं अन्य के खिलाफ 2010 में दो आरोप पत्र दाखिल किया था।
यह मामला एक ही परिवार के सिख समुदाय के पांच लोगों केहर सिंह, गुरप्रीत सिंह, रघुवेंदर सिंह, नरेंदर पाल सिंह और कुलदीप सिंह की हत्या से संबंधित था। सभी हत्या दिल्ली कैंट के राज नगर इलाके में भीड़ ने कर दी थी।
केहर और गुरप्रीत इस मामले की शिकायतकर्ता और प्रत्यक्षदर्शी जगदीश कौर के क्रमश: पति और बेटे थे। रघुवेंदर, नरेंदर और कुलदीप शिकायतकर्ता के भाई थे।
अदालत के फैसले पर सिख समुदाय के लोगों ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्हें सज्जन कुमार के खिलाफ फैसला आने की उम्मीद थी। अदालत परिसर में कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी भी सुनी गई और कुछ लोगों ने नाकेबंदी तोड़कर परिसर के भीतर दाखिल होने की कोशिश की।
एक नाराज सिख ने कहा, "कांग्रेस हत्यारों की पार्टी है, हालांकि हम अदालत के फैसले का सम्मान करते हैं, लेकिन हम फैसले से दुखी हैं। हमें कभी नहीं लगा कि सज्जन कुमार बरी हो जाएंगे।"टिप्पणियां
अदालत के फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा नेता सुषमा स्वराज ने कहा, "जब गुजरात दंगों की जांच सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में एसआईटी से कराई जा सकती है तो सिख विरोधी दंगों की जांच क्यों नहीं हो सकती है। आखिर दोनों दंगों को अलग-अलग तरह से क्यों लिया गया है।"
शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख और पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने आरोप लगाया कि सदी के सबसे बड़े नरसंहार के 29 वर्ष बाद दिल्ली पुलिस और सीबीआई की कांग्रेस के प्रति भक्ति के कारण न्याय की आशा धूमिल हो गई।
कांग्रेस नेता को बरी किए जाने पर पीड़ित परिवार और राजनीतिक नेताओं दोनों तरफ से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई। भाजपा नेता सुषमा स्वराज ने सिख विरोधी दंगा मामलों की जांच के लिए सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में विशेष जांच दस्ते (एसआईटी) से जांच की मांग की। अदालत के फैसले पर सज्जन कुमार ने कोई भी टिप्पणी करने से मना कर दिया।
कड़कड़डूमा अदालत के बाहर विरोध प्रदर्शन के लिए भीड़ जमा हो गई। कांग्रेस के खिलाफ शर्म-शर्म के नारे लगाते हुए कुछ लोग अदालत परिसर में घेरा फांद कर प्रवेश कर गए।
ऑल इंडिया सिख फेडरेशन के अध्यक्ष करनैल सिंह पीर मोहम्मद ने न्यायाधीश पर जूता उछाल दिया। उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है और उनके खिलाफ धारा 186 (लोक सेवक को अपना कर्तव्य निर्वाह करने से रोकने) और 353 (हमला या लोक सेवक को कर्तव्य निर्वाह करने से रोकने के लिए आपराधिक बल प्रयोग) के तहत मामला दायर किया गया है।
मोहम्मद के वकील ने संवाददाताओं से कहा, "उनका इरादा न्यायाधीश को चोट पहुंचाना नहीं था, बल्कि वे न्याय दिलाने में विफल रही न्यायिक प्रणाली के खिलाफ गुस्से का इजहार कर रहे थे।"
सज्जन तथा दोषी करार दिए गए पांच अभियुक्तों पर दंगों के दौरान भीड़ को सिखों के खिलाफ भड़काने तथा षडयंत्र करने आरोप था।
आरोपी किशन खोक्कड़ और महेंद्र यादव को धारा 147 (दंगा) और धारा 148 (खतरनाक हथियारों से लैस हो कर दंगा) करने जबकि अन्य आरोपियों बलवान खोक्कड़, गिरधारी लाल और कैप्टन भागमल को धारा 147, 148 और 302 (हत्या) दोषी ठहराया गया है।
दंगों की जांच के लिए गठित जीटी नानावती आयोग की सिफारिश पर सज्जन कुमार के खिलाफ 2005 में मामला दर्ज किया गया था।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने सज्जन कुमार एवं अन्य के खिलाफ 2010 में दो आरोप पत्र दाखिल किया था।
यह मामला एक ही परिवार के सिख समुदाय के पांच लोगों केहर सिंह, गुरप्रीत सिंह, रघुवेंदर सिंह, नरेंदर पाल सिंह और कुलदीप सिंह की हत्या से संबंधित था। सभी हत्या दिल्ली कैंट के राज नगर इलाके में भीड़ ने कर दी थी।
केहर और गुरप्रीत इस मामले की शिकायतकर्ता और प्रत्यक्षदर्शी जगदीश कौर के क्रमश: पति और बेटे थे। रघुवेंदर, नरेंदर और कुलदीप शिकायतकर्ता के भाई थे।
अदालत के फैसले पर सिख समुदाय के लोगों ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्हें सज्जन कुमार के खिलाफ फैसला आने की उम्मीद थी। अदालत परिसर में कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी भी सुनी गई और कुछ लोगों ने नाकेबंदी तोड़कर परिसर के भीतर दाखिल होने की कोशिश की।
एक नाराज सिख ने कहा, "कांग्रेस हत्यारों की पार्टी है, हालांकि हम अदालत के फैसले का सम्मान करते हैं, लेकिन हम फैसले से दुखी हैं। हमें कभी नहीं लगा कि सज्जन कुमार बरी हो जाएंगे।"टिप्पणियां
अदालत के फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा नेता सुषमा स्वराज ने कहा, "जब गुजरात दंगों की जांच सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में एसआईटी से कराई जा सकती है तो सिख विरोधी दंगों की जांच क्यों नहीं हो सकती है। आखिर दोनों दंगों को अलग-अलग तरह से क्यों लिया गया है।"
शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख और पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने आरोप लगाया कि सदी के सबसे बड़े नरसंहार के 29 वर्ष बाद दिल्ली पुलिस और सीबीआई की कांग्रेस के प्रति भक्ति के कारण न्याय की आशा धूमिल हो गई।
कड़कड़डूमा अदालत के बाहर विरोध प्रदर्शन के लिए भीड़ जमा हो गई। कांग्रेस के खिलाफ शर्म-शर्म के नारे लगाते हुए कुछ लोग अदालत परिसर में घेरा फांद कर प्रवेश कर गए।
ऑल इंडिया सिख फेडरेशन के अध्यक्ष करनैल सिंह पीर मोहम्मद ने न्यायाधीश पर जूता उछाल दिया। उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है और उनके खिलाफ धारा 186 (लोक सेवक को अपना कर्तव्य निर्वाह करने से रोकने) और 353 (हमला या लोक सेवक को कर्तव्य निर्वाह करने से रोकने के लिए आपराधिक बल प्रयोग) के तहत मामला दायर किया गया है।
मोहम्मद के वकील ने संवाददाताओं से कहा, "उनका इरादा न्यायाधीश को चोट पहुंचाना नहीं था, बल्कि वे न्याय दिलाने में विफल रही न्यायिक प्रणाली के खिलाफ गुस्से का इजहार कर रहे थे।"
सज्जन तथा दोषी करार दिए गए पांच अभियुक्तों पर दंगों के दौरान भीड़ को सिखों के खिलाफ भड़काने तथा षडयंत्र करने आरोप था।
आरोपी किशन खोक्कड़ और महेंद्र यादव को धारा 147 (दंगा) और धारा 148 (खतरनाक हथियारों से लैस हो कर दंगा) करने जबकि अन्य आरोपियों बलवान खोक्कड़, गिरधारी लाल और कैप्टन भागमल को धारा 147, 148 और 302 (हत्या) दोषी ठहराया गया है।
दंगों की जांच के लिए गठित जीटी नानावती आयोग की सिफारिश पर सज्जन कुमार के खिलाफ 2005 में मामला दर्ज किया गया था।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने सज्जन कुमार एवं अन्य के खिलाफ 2010 में दो आरोप पत्र दाखिल किया था।
यह मामला एक ही परिवार के सिख समुदाय के पांच लोगों केहर सिंह, गुरप्रीत सिंह, रघुवेंदर सिंह, नरेंदर पाल सिंह और कुलदीप सिंह की हत्या से संबंधित था। सभी हत्या दिल्ली कैंट के राज नगर इलाके में भीड़ ने कर दी थी।
केहर और गुरप्रीत इस मामले की शिकायतकर्ता और प्रत्यक्षदर्शी जगदीश कौर के क्रमश: पति और बेटे थे। रघुवेंदर, नरेंदर और कुलदीप शिकायतकर्ता के भाई थे।
अदालत के फैसले पर सिख समुदाय के लोगों ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्हें सज्जन कुमार के खिलाफ फैसला आने की उम्मीद थी। अदालत परिसर में कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी भी सुनी गई और कुछ लोगों ने नाकेबंदी तोड़कर परिसर के भीतर दाखिल होने की कोशिश की।
एक नाराज सिख ने कहा, "कांग्रेस हत्यारों की पार्टी है, हालांकि हम अदालत के फैसले का सम्मान करते हैं, लेकिन हम फैसले से दुखी हैं। हमें कभी नहीं लगा कि सज्जन कुमार बरी हो जाएंगे।"टिप्पणियां
अदालत के फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा नेता सुषमा स्वराज ने कहा, "जब गुजरात दंगों की जांच सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में एसआईटी से कराई जा सकती है तो सिख विरोधी दंगों की जांच क्यों नहीं हो सकती है। आखिर दोनों दंगों को अलग-अलग तरह से क्यों लिया गया है।"
शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख और पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने आरोप लगाया कि सदी के सबसे बड़े नरसंहार के 29 वर्ष बाद दिल्ली पुलिस और सीबीआई की कांग्रेस के प्रति भक्ति के कारण न्याय की आशा धूमिल हो गई।
ऑल इंडिया सिख फेडरेशन के अध्यक्ष करनैल सिंह पीर मोहम्मद ने न्यायाधीश पर जूता उछाल दिया। उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है और उनके खिलाफ धारा 186 (लोक सेवक को अपना कर्तव्य निर्वाह करने से रोकने) और 353 (हमला या लोक सेवक को कर्तव्य निर्वाह करने से रोकने के लिए आपराधिक बल प्रयोग) के तहत मामला दायर किया गया है।
मोहम्मद के वकील ने संवाददाताओं से कहा, "उनका इरादा न्यायाधीश को चोट पहुंचाना नहीं था, बल्कि वे न्याय दिलाने में विफल रही न्यायिक प्रणाली के खिलाफ गुस्से का इजहार कर रहे थे।"
सज्जन तथा दोषी करार दिए गए पांच अभियुक्तों पर दंगों के दौरान भीड़ को सिखों के खिलाफ भड़काने तथा षडयंत्र करने आरोप था।
आरोपी किशन खोक्कड़ और महेंद्र यादव को धारा 147 (दंगा) और धारा 148 (खतरनाक हथियारों से लैस हो कर दंगा) करने जबकि अन्य आरोपियों बलवान खोक्कड़, गिरधारी लाल और कैप्टन भागमल को धारा 147, 148 और 302 (हत्या) दोषी ठहराया गया है।
दंगों की जांच के लिए गठित जीटी नानावती आयोग की सिफारिश पर सज्जन कुमार के खिलाफ 2005 में मामला दर्ज किया गया था।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने सज्जन कुमार एवं अन्य के खिलाफ 2010 में दो आरोप पत्र दाखिल किया था।
यह मामला एक ही परिवार के सिख समुदाय के पांच लोगों केहर सिंह, गुरप्रीत सिंह, रघुवेंदर सिंह, नरेंदर पाल सिंह और कुलदीप सिंह की हत्या से संबंधित था। सभी हत्या दिल्ली कैंट के राज नगर इलाके में भीड़ ने कर दी थी।
केहर और गुरप्रीत इस मामले की शिकायतकर्ता और प्रत्यक्षदर्शी जगदीश कौर के क्रमश: पति और बेटे थे। रघुवेंदर, नरेंदर और कुलदीप शिकायतकर्ता के भाई थे।
अदालत के फैसले पर सिख समुदाय के लोगों ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्हें सज्जन कुमार के खिलाफ फैसला आने की उम्मीद थी। अदालत परिसर में कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी भी सुनी गई और कुछ लोगों ने नाकेबंदी तोड़कर परिसर के भीतर दाखिल होने की कोशिश की।
एक नाराज सिख ने कहा, "कांग्रेस हत्यारों की पार्टी है, हालांकि हम अदालत के फैसले का सम्मान करते हैं, लेकिन हम फैसले से दुखी हैं। हमें कभी नहीं लगा कि सज्जन कुमार बरी हो जाएंगे।"टिप्पणियां
अदालत के फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा नेता सुषमा स्वराज ने कहा, "जब गुजरात दंगों की जांच सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में एसआईटी से कराई जा सकती है तो सिख विरोधी दंगों की जांच क्यों नहीं हो सकती है। आखिर दोनों दंगों को अलग-अलग तरह से क्यों लिया गया है।"
शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख और पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने आरोप लगाया कि सदी के सबसे बड़े नरसंहार के 29 वर्ष बाद दिल्ली पुलिस और सीबीआई की कांग्रेस के प्रति भक्ति के कारण न्याय की आशा धूमिल हो गई।
मोहम्मद के वकील ने संवाददाताओं से कहा, "उनका इरादा न्यायाधीश को चोट पहुंचाना नहीं था, बल्कि वे न्याय दिलाने में विफल रही न्यायिक प्रणाली के खिलाफ गुस्से का इजहार कर रहे थे।"
सज्जन तथा दोषी करार दिए गए पांच अभियुक्तों पर दंगों के दौरान भीड़ को सिखों के खिलाफ भड़काने तथा षडयंत्र करने आरोप था।
आरोपी किशन खोक्कड़ और महेंद्र यादव को धारा 147 (दंगा) और धारा 148 (खतरनाक हथियारों से लैस हो कर दंगा) करने जबकि अन्य आरोपियों बलवान खोक्कड़, गिरधारी लाल और कैप्टन भागमल को धारा 147, 148 और 302 (हत्या) दोषी ठहराया गया है।
दंगों की जांच के लिए गठित जीटी नानावती आयोग की सिफारिश पर सज्जन कुमार के खिलाफ 2005 में मामला दर्ज किया गया था।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने सज्जन कुमार एवं अन्य के खिलाफ 2010 में दो आरोप पत्र दाखिल किया था।
यह मामला एक ही परिवार के सिख समुदाय के पांच लोगों केहर सिंह, गुरप्रीत सिंह, रघुवेंदर सिंह, नरेंदर पाल सिंह और कुलदीप सिंह की हत्या से संबंधित था। सभी हत्या दिल्ली कैंट के राज नगर इलाके में भीड़ ने कर दी थी।
केहर और गुरप्रीत इस मामले की शिकायतकर्ता और प्रत्यक्षदर्शी जगदीश कौर के क्रमश: पति और बेटे थे। रघुवेंदर, नरेंदर और कुलदीप शिकायतकर्ता के भाई थे।
अदालत के फैसले पर सिख समुदाय के लोगों ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्हें सज्जन कुमार के खिलाफ फैसला आने की उम्मीद थी। अदालत परिसर में कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी भी सुनी गई और कुछ लोगों ने नाकेबंदी तोड़कर परिसर के भीतर दाखिल होने की कोशिश की।
एक नाराज सिख ने कहा, "कांग्रेस हत्यारों की पार्टी है, हालांकि हम अदालत के फैसले का सम्मान करते हैं, लेकिन हम फैसले से दुखी हैं। हमें कभी नहीं लगा कि सज्जन कुमार बरी हो जाएंगे।"टिप्पणियां
अदालत के फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा नेता सुषमा स्वराज ने कहा, "जब गुजरात दंगों की जांच सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में एसआईटी से कराई जा सकती है तो सिख विरोधी दंगों की जांच क्यों नहीं हो सकती है। आखिर दोनों दंगों को अलग-अलग तरह से क्यों लिया गया है।"
शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख और पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने आरोप लगाया कि सदी के सबसे बड़े नरसंहार के 29 वर्ष बाद दिल्ली पुलिस और सीबीआई की कांग्रेस के प्रति भक्ति के कारण न्याय की आशा धूमिल हो गई।
सज्जन तथा दोषी करार दिए गए पांच अभियुक्तों पर दंगों के दौरान भीड़ को सिखों के खिलाफ भड़काने तथा षडयंत्र करने आरोप था।
आरोपी किशन खोक्कड़ और महेंद्र यादव को धारा 147 (दंगा) और धारा 148 (खतरनाक हथियारों से लैस हो कर दंगा) करने जबकि अन्य आरोपियों बलवान खोक्कड़, गिरधारी लाल और कैप्टन भागमल को धारा 147, 148 और 302 (हत्या) दोषी ठहराया गया है।
दंगों की जांच के लिए गठित जीटी नानावती आयोग की सिफारिश पर सज्जन कुमार के खिलाफ 2005 में मामला दर्ज किया गया था।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने सज्जन कुमार एवं अन्य के खिलाफ 2010 में दो आरोप पत्र दाखिल किया था।
यह मामला एक ही परिवार के सिख समुदाय के पांच लोगों केहर सिंह, गुरप्रीत सिंह, रघुवेंदर सिंह, नरेंदर पाल सिंह और कुलदीप सिंह की हत्या से संबंधित था। सभी हत्या दिल्ली कैंट के राज नगर इलाके में भीड़ ने कर दी थी।
केहर और गुरप्रीत इस मामले की शिकायतकर्ता और प्रत्यक्षदर्शी जगदीश कौर के क्रमश: पति और बेटे थे। रघुवेंदर, नरेंदर और कुलदीप शिकायतकर्ता के भाई थे।
अदालत के फैसले पर सिख समुदाय के लोगों ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्हें सज्जन कुमार के खिलाफ फैसला आने की उम्मीद थी। अदालत परिसर में कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी भी सुनी गई और कुछ लोगों ने नाकेबंदी तोड़कर परिसर के भीतर दाखिल होने की कोशिश की।
एक नाराज सिख ने कहा, "कांग्रेस हत्यारों की पार्टी है, हालांकि हम अदालत के फैसले का सम्मान करते हैं, लेकिन हम फैसले से दुखी हैं। हमें कभी नहीं लगा कि सज्जन कुमार बरी हो जाएंगे।"टिप्पणियां
अदालत के फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा नेता सुषमा स्वराज ने कहा, "जब गुजरात दंगों की जांच सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में एसआईटी से कराई जा सकती है तो सिख विरोधी दंगों की जांच क्यों नहीं हो सकती है। आखिर दोनों दंगों को अलग-अलग तरह से क्यों लिया गया है।"
शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख और पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने आरोप लगाया कि सदी के सबसे बड़े नरसंहार के 29 वर्ष बाद दिल्ली पुलिस और सीबीआई की कांग्रेस के प्रति भक्ति के कारण न्याय की आशा धूमिल हो गई।
आरोपी किशन खोक्कड़ और महेंद्र यादव को धारा 147 (दंगा) और धारा 148 (खतरनाक हथियारों से लैस हो कर दंगा) करने जबकि अन्य आरोपियों बलवान खोक्कड़, गिरधारी लाल और कैप्टन भागमल को धारा 147, 148 और 302 (हत्या) दोषी ठहराया गया है।
दंगों की जांच के लिए गठित जीटी नानावती आयोग की सिफारिश पर सज्जन कुमार के खिलाफ 2005 में मामला दर्ज किया गया था।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने सज्जन कुमार एवं अन्य के खिलाफ 2010 में दो आरोप पत्र दाखिल किया था।
यह मामला एक ही परिवार के सिख समुदाय के पांच लोगों केहर सिंह, गुरप्रीत सिंह, रघुवेंदर सिंह, नरेंदर पाल सिंह और कुलदीप सिंह की हत्या से संबंधित था। सभी हत्या दिल्ली कैंट के राज नगर इलाके में भीड़ ने कर दी थी।
केहर और गुरप्रीत इस मामले की शिकायतकर्ता और प्रत्यक्षदर्शी जगदीश कौर के क्रमश: पति और बेटे थे। रघुवेंदर, नरेंदर और कुलदीप शिकायतकर्ता के भाई थे।
अदालत के फैसले पर सिख समुदाय के लोगों ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्हें सज्जन कुमार के खिलाफ फैसला आने की उम्मीद थी। अदालत परिसर में कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी भी सुनी गई और कुछ लोगों ने नाकेबंदी तोड़कर परिसर के भीतर दाखिल होने की कोशिश की।
एक नाराज सिख ने कहा, "कांग्रेस हत्यारों की पार्टी है, हालांकि हम अदालत के फैसले का सम्मान करते हैं, लेकिन हम फैसले से दुखी हैं। हमें कभी नहीं लगा कि सज्जन कुमार बरी हो जाएंगे।"टिप्पणियां
अदालत के फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा नेता सुषमा स्वराज ने कहा, "जब गुजरात दंगों की जांच सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में एसआईटी से कराई जा सकती है तो सिख विरोधी दंगों की जांच क्यों नहीं हो सकती है। आखिर दोनों दंगों को अलग-अलग तरह से क्यों लिया गया है।"
शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख और पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने आरोप लगाया कि सदी के सबसे बड़े नरसंहार के 29 वर्ष बाद दिल्ली पुलिस और सीबीआई की कांग्रेस के प्रति भक्ति के कारण न्याय की आशा धूमिल हो गई।
दंगों की जांच के लिए गठित जीटी नानावती आयोग की सिफारिश पर सज्जन कुमार के खिलाफ 2005 में मामला दर्ज किया गया था।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने सज्जन कुमार एवं अन्य के खिलाफ 2010 में दो आरोप पत्र दाखिल किया था।
यह मामला एक ही परिवार के सिख समुदाय के पांच लोगों केहर सिंह, गुरप्रीत सिंह, रघुवेंदर सिंह, नरेंदर पाल सिंह और कुलदीप सिंह की हत्या से संबंधित था। सभी हत्या दिल्ली कैंट के राज नगर इलाके में भीड़ ने कर दी थी।
केहर और गुरप्रीत इस मामले की शिकायतकर्ता और प्रत्यक्षदर्शी जगदीश कौर के क्रमश: पति और बेटे थे। रघुवेंदर, नरेंदर और कुलदीप शिकायतकर्ता के भाई थे।
अदालत के फैसले पर सिख समुदाय के लोगों ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्हें सज्जन कुमार के खिलाफ फैसला आने की उम्मीद थी। अदालत परिसर में कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी भी सुनी गई और कुछ लोगों ने नाकेबंदी तोड़कर परिसर के भीतर दाखिल होने की कोशिश की।
एक नाराज सिख ने कहा, "कांग्रेस हत्यारों की पार्टी है, हालांकि हम अदालत के फैसले का सम्मान करते हैं, लेकिन हम फैसले से दुखी हैं। हमें कभी नहीं लगा कि सज्जन कुमार बरी हो जाएंगे।"टिप्पणियां
अदालत के फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा नेता सुषमा स्वराज ने कहा, "जब गुजरात दंगों की जांच सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में एसआईटी से कराई जा सकती है तो सिख विरोधी दंगों की जांच क्यों नहीं हो सकती है। आखिर दोनों दंगों को अलग-अलग तरह से क्यों लिया गया है।"
शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख और पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने आरोप लगाया कि सदी के सबसे बड़े नरसंहार के 29 वर्ष बाद दिल्ली पुलिस और सीबीआई की कांग्रेस के प्रति भक्ति के कारण न्याय की आशा धूमिल हो गई।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने सज्जन कुमार एवं अन्य के खिलाफ 2010 में दो आरोप पत्र दाखिल किया था।
यह मामला एक ही परिवार के सिख समुदाय के पांच लोगों केहर सिंह, गुरप्रीत सिंह, रघुवेंदर सिंह, नरेंदर पाल सिंह और कुलदीप सिंह की हत्या से संबंधित था। सभी हत्या दिल्ली कैंट के राज नगर इलाके में भीड़ ने कर दी थी।
केहर और गुरप्रीत इस मामले की शिकायतकर्ता और प्रत्यक्षदर्शी जगदीश कौर के क्रमश: पति और बेटे थे। रघुवेंदर, नरेंदर और कुलदीप शिकायतकर्ता के भाई थे।
अदालत के फैसले पर सिख समुदाय के लोगों ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्हें सज्जन कुमार के खिलाफ फैसला आने की उम्मीद थी। अदालत परिसर में कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी भी सुनी गई और कुछ लोगों ने नाकेबंदी तोड़कर परिसर के भीतर दाखिल होने की कोशिश की।
एक नाराज सिख ने कहा, "कांग्रेस हत्यारों की पार्टी है, हालांकि हम अदालत के फैसले का सम्मान करते हैं, लेकिन हम फैसले से दुखी हैं। हमें कभी नहीं लगा कि सज्जन कुमार बरी हो जाएंगे।"टिप्पणियां
अदालत के फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा नेता सुषमा स्वराज ने कहा, "जब गुजरात दंगों की जांच सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में एसआईटी से कराई जा सकती है तो सिख विरोधी दंगों की जांच क्यों नहीं हो सकती है। आखिर दोनों दंगों को अलग-अलग तरह से क्यों लिया गया है।"
शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख और पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने आरोप लगाया कि सदी के सबसे बड़े नरसंहार के 29 वर्ष बाद दिल्ली पुलिस और सीबीआई की कांग्रेस के प्रति भक्ति के कारण न्याय की आशा धूमिल हो गई।
यह मामला एक ही परिवार के सिख समुदाय के पांच लोगों केहर सिंह, गुरप्रीत सिंह, रघुवेंदर सिंह, नरेंदर पाल सिंह और कुलदीप सिंह की हत्या से संबंधित था। सभी हत्या दिल्ली कैंट के राज नगर इलाके में भीड़ ने कर दी थी।
केहर और गुरप्रीत इस मामले की शिकायतकर्ता और प्रत्यक्षदर्शी जगदीश कौर के क्रमश: पति और बेटे थे। रघुवेंदर, नरेंदर और कुलदीप शिकायतकर्ता के भाई थे।
अदालत के फैसले पर सिख समुदाय के लोगों ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्हें सज्जन कुमार के खिलाफ फैसला आने की उम्मीद थी। अदालत परिसर में कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी भी सुनी गई और कुछ लोगों ने नाकेबंदी तोड़कर परिसर के भीतर दाखिल होने की कोशिश की।
एक नाराज सिख ने कहा, "कांग्रेस हत्यारों की पार्टी है, हालांकि हम अदालत के फैसले का सम्मान करते हैं, लेकिन हम फैसले से दुखी हैं। हमें कभी नहीं लगा कि सज्जन कुमार बरी हो जाएंगे।"टिप्पणियां
अदालत के फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा नेता सुषमा स्वराज ने कहा, "जब गुजरात दंगों की जांच सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में एसआईटी से कराई जा सकती है तो सिख विरोधी दंगों की जांच क्यों नहीं हो सकती है। आखिर दोनों दंगों को अलग-अलग तरह से क्यों लिया गया है।"
शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख और पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने आरोप लगाया कि सदी के सबसे बड़े नरसंहार के 29 वर्ष बाद दिल्ली पुलिस और सीबीआई की कांग्रेस के प्रति भक्ति के कारण न्याय की आशा धूमिल हो गई।
केहर और गुरप्रीत इस मामले की शिकायतकर्ता और प्रत्यक्षदर्शी जगदीश कौर के क्रमश: पति और बेटे थे। रघुवेंदर, नरेंदर और कुलदीप शिकायतकर्ता के भाई थे।
अदालत के फैसले पर सिख समुदाय के लोगों ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्हें सज्जन कुमार के खिलाफ फैसला आने की उम्मीद थी। अदालत परिसर में कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी भी सुनी गई और कुछ लोगों ने नाकेबंदी तोड़कर परिसर के भीतर दाखिल होने की कोशिश की।
एक नाराज सिख ने कहा, "कांग्रेस हत्यारों की पार्टी है, हालांकि हम अदालत के फैसले का सम्मान करते हैं, लेकिन हम फैसले से दुखी हैं। हमें कभी नहीं लगा कि सज्जन कुमार बरी हो जाएंगे।"टिप्पणियां
अदालत के फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा नेता सुषमा स्वराज ने कहा, "जब गुजरात दंगों की जांच सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में एसआईटी से कराई जा सकती है तो सिख विरोधी दंगों की जांच क्यों नहीं हो सकती है। आखिर दोनों दंगों को अलग-अलग तरह से क्यों लिया गया है।"
शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख और पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने आरोप लगाया कि सदी के सबसे बड़े नरसंहार के 29 वर्ष बाद दिल्ली पुलिस और सीबीआई की कांग्रेस के प्रति भक्ति के कारण न्याय की आशा धूमिल हो गई।
अदालत के फैसले पर सिख समुदाय के लोगों ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्हें सज्जन कुमार के खिलाफ फैसला आने की उम्मीद थी। अदालत परिसर में कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी भी सुनी गई और कुछ लोगों ने नाकेबंदी तोड़कर परिसर के भीतर दाखिल होने की कोशिश की।
एक नाराज सिख ने कहा, "कांग्रेस हत्यारों की पार्टी है, हालांकि हम अदालत के फैसले का सम्मान करते हैं, लेकिन हम फैसले से दुखी हैं। हमें कभी नहीं लगा कि सज्जन कुमार बरी हो जाएंगे।"टिप्पणियां
अदालत के फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा नेता सुषमा स्वराज ने कहा, "जब गुजरात दंगों की जांच सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में एसआईटी से कराई जा सकती है तो सिख विरोधी दंगों की जांच क्यों नहीं हो सकती है। आखिर दोनों दंगों को अलग-अलग तरह से क्यों लिया गया है।"
शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख और पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने आरोप लगाया कि सदी के सबसे बड़े नरसंहार के 29 वर्ष बाद दिल्ली पुलिस और सीबीआई की कांग्रेस के प्रति भक्ति के कारण न्याय की आशा धूमिल हो गई।
एक नाराज सिख ने कहा, "कांग्रेस हत्यारों की पार्टी है, हालांकि हम अदालत के फैसले का सम्मान करते हैं, लेकिन हम फैसले से दुखी हैं। हमें कभी नहीं लगा कि सज्जन कुमार बरी हो जाएंगे।"टिप्पणियां
अदालत के फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा नेता सुषमा स्वराज ने कहा, "जब गुजरात दंगों की जांच सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में एसआईटी से कराई जा सकती है तो सिख विरोधी दंगों की जांच क्यों नहीं हो सकती है। आखिर दोनों दंगों को अलग-अलग तरह से क्यों लिया गया है।"
शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख और पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने आरोप लगाया कि सदी के सबसे बड़े नरसंहार के 29 वर्ष बाद दिल्ली पुलिस और सीबीआई की कांग्रेस के प्रति भक्ति के कारण न्याय की आशा धूमिल हो गई।
अदालत के फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा नेता सुषमा स्वराज ने कहा, "जब गुजरात दंगों की जांच सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में एसआईटी से कराई जा सकती है तो सिख विरोधी दंगों की जांच क्यों नहीं हो सकती है। आखिर दोनों दंगों को अलग-अलग तरह से क्यों लिया गया है।"
शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख और पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने आरोप लगाया कि सदी के सबसे बड़े नरसंहार के 29 वर्ष बाद दिल्ली पुलिस और सीबीआई की कांग्रेस के प्रति भक्ति के कारण न्याय की आशा धूमिल हो गई।
शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख और पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने आरोप लगाया कि सदी के सबसे बड़े नरसंहार के 29 वर्ष बाद दिल्ली पुलिस और सीबीआई की कांग्रेस के प्रति भक्ति के कारण न्याय की आशा धूमिल हो गई। | संक्षिप्त पाठ: दिल्ली की एक अदालत ने वर्ष 1984 के सिख विरोधी दंगे से संबंधित एक मामले में मंगलवार को कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को बरी कर दिया, जबकि अन्य पांच को दोषी करार दिया। | 27 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: योग गुरु बाबा रामदेव (Baba Ramdev) ने पीएम मोदी (PM Modi) को एक बार फिर देश का पीएम बनाने की कवायत की है. उन्होंने (Baba Ramdev) जयपुर में कहा कि इस चुनाव में आम लोगों को बीजेपी के लिए मतदान करना चाहिए. वह यहां केंद्रीय मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर के नामांकन के लिए पहुंचे थे. बाबा रामदेव (Baba Ramdev) के इस बयान को यू-टर्न के रूप में देखा जा रहा है. बता दें कि कुछ महीने पहले ही बाबा रामदेव ने पीएम मोदी (PM Modi) के दोबारा पीएम (PM Modi) बनने को लेकर बयान दिया था. उस दौरान उन्होंने कहा था कि आगामी लोकसभा चुनाव के बाद देश का पीएम कौन होगा यह नहीं कहा जा सकता है. उस समय बाबा रामदेव (Baba Ramdev) के इस बयान को पीएम मोदी (PM Modi) के खिलाफ माना जा रहा था.
राज्यवर्धन सिंह राठौर के नामांकन प्रक्रिया के पूरे होने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए बाबा रामदेव ने कहा कि अगर भारत को वैश्विक अर्थव्यवस्था और देश को अगले 20 से 25 साल में सुपर पावर बनाना है तो हमें किसी भी तरह मोदी को मजबूत बनाना होगा. यह देश उनके हाथों में सुरक्षित है. उनके होने से जवानों का भविष्य सुरक्षित होंगी, महिलाएं सुरक्षित होंगी और किसानों की खेती भी सुरक्षित रहेगी. उन्होने आगे कहा कि पीएम मोदी एक मात्र ऐसे नेता है जो इस देश को सुरक्षित रख सकते है. भारत माता को नरेंद्र मोदी पर गर्व होता होगा.
इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर भी जमकर हमला बोला. बाबा रामदेव ने कांग्रेस पार्टी के न्याय योजना पर भी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब जनता कांग्रेस को सजा देगी. अब हर बूथ पर 'न्याय' करने की जरूरत है. हर बूथ पर जतना कांग्रेस के विरोध में 'न्याय' करेगी. अब मतदाता खुद न्याय करेंगे.
बता दें कि कुछ समय पहले बाबा रामदेव ने खुदको बीजेपी से अलग कर लिया था. पिछले साल सितंबर में एनडीटीवी के युवा कॉनक्लेव में जब उनसे पूछा गया था कि क्या वह आगामी लोकसभा चुनाव में बीजेपी के लिए प्रचार करेंगे तो बाबा रामदेव ने कहा था कि मैं ऐसा क्यों करूंगा. मैंने खुदको राजनीति से दूर रखने का फैसला किया है. मैं या तो सभी पार्टियों के साथ हूं या फिर किसी भी पार्टी के साथ नहीं हूं. | संक्षिप्त पाठ: बाबा रामदेव ने बीजेपी को वोट देने की बात ही
देश पीएम मोदी के हाथों सुरक्षित है - बाबा रामदेव
कुछ महीने पहले कही थी किसी पार्टी को समर्थन न करने की बात | 13 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: इलाहाबाद के बालसन चौराहे के पास नैनी सेंट्रल जेल से कैदियों को पेशी के लिए कोर्ट ले जा रही प्रिज़न वैन से 10 ख़तरनाक कैदी फरार हो गए। वैन में कुल 52 कैदी थे। जैसे ही वैन बालसन चौराहे के पास पहुंची पीछे बैठे 10 कैदियों ने वहां बैठे अकेले सिपाही को धक्का मारा और वैन का ताला तोड़ कर फरार हो गए।टिप्पणियां
हैरानी की बात यह है कि वैन में कुल छह पुलिसवाले थे जिनमें पांच आगे ड्राइवर के साथ बैठे थे। जब तक आगे बैठे पुलिसवाले संभलते तब तक 10 कैदी फरार हो चुके थे। कैदियों के फरार होने के मामले में साज़िश से इनकार नहीं किया जा रहा है। जो कैदी फरार हुए हैं उनमें से छह पर गैंगस्टर और चार पर हत्या के मुक़दमे चल रहे थे।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस में हड़कंप मच गया और तमाम थानों की पुलिस ने कैदियों की तलाश शुरू कर दी है।
हैरानी की बात यह है कि वैन में कुल छह पुलिसवाले थे जिनमें पांच आगे ड्राइवर के साथ बैठे थे। जब तक आगे बैठे पुलिसवाले संभलते तब तक 10 कैदी फरार हो चुके थे। कैदियों के फरार होने के मामले में साज़िश से इनकार नहीं किया जा रहा है। जो कैदी फरार हुए हैं उनमें से छह पर गैंगस्टर और चार पर हत्या के मुक़दमे चल रहे थे।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस में हड़कंप मच गया और तमाम थानों की पुलिस ने कैदियों की तलाश शुरू कर दी है।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस में हड़कंप मच गया और तमाम थानों की पुलिस ने कैदियों की तलाश शुरू कर दी है। | यह एक सारांश है: इलाहाबाद के बालसन चौराहे के पास नैनी सेंट्रल जेल से कैदियों को पेशी के लिए कोर्ट ले जा रही प्रिज़न वैन से 10 ख़तरनाक कैदी फरार हो गए। वैन में कुल 52 कैदी थे। जैसे ही वैन बालसन चौराहे के पास पहुंची पीछे बैठे 10 कैदियों ने वहां बैठे अकेले सिपाही को धक्का मारा | 9 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: अरविंद केजरीवाल के समर्थन में बीजेपी उपाध्यक्ष शांता कुमार उतर आए हैं। कुमार ने केजरीवाल से कहा कि वाड्रा के बाद शिमला में प्रियंका की संपत्ति के बारे में खुलासा करें।
बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पार्टी के उपाध्यक्ष शांता कुमार ने अरविंद केजरीवाल को एक खत लिखा है। इस खत में शांता कुमार ने रॉबर्ट वाड्रा के बारे में जानकारी सार्वजनिक करने के लिए केजरीवाल की प्रशंसा की है। साथ ही उन्होंने केजरीवाल से गुजारिश की है कि हिमाचल में प्रियंका गांधी की संपत्ति के मसले को भी लोगों के सामने लाएं। शांता कुमार के मुताबिक प्रियंका के नाम शिमला में करोड़ों की प्रॉपर्टी है।
शिमला में भी इस परिवार की प्रोपर्टी में हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी वरिष्ट नेता शांता कुमार ने जांच की मांग की है। शिमला के छराबड़ा में हाई सिक्युरिटी जोन में राष्ट्रपति निवास के पास प्रियंका गांधी वाड्रा ने नाम से १० हेक्टयर के करीब भूमि है और इसमें प्रियंका निर्माण कार्य करा रही है।
गोरतलब है कि शिमला में प्रियंका गांधी वाड्रा के हिमाचल सरकार ने दो बार जमीन लेने की इजाजत दी है। वर्ष 2007 में वीरभद्र सिंह सरकार ने 4.25 हेक्टेयर और जुलाई 2011 में धूमल सरकार ने 4097 हेक्टयर भूमि लेने की इजाजत दी।टिप्पणियां
बता दें कि हिमाचल प्रदेश किराएदार और भूमि सुधार कानून के अनुसार गैरहिमचाली लोग राज्य में जमीन नहीं खरीद सकते हैं।
वहीं, अरविंद केजरीवाल की आईएसी ने कुमार को जवाब में कहा है कि राज्य में उनकी सरकार है तो वह खुद ही इस मामले में पूरी जानकारी एकत्र कर सकते हैं और सार्वजनिक कर सकते हैं।
बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पार्टी के उपाध्यक्ष शांता कुमार ने अरविंद केजरीवाल को एक खत लिखा है। इस खत में शांता कुमार ने रॉबर्ट वाड्रा के बारे में जानकारी सार्वजनिक करने के लिए केजरीवाल की प्रशंसा की है। साथ ही उन्होंने केजरीवाल से गुजारिश की है कि हिमाचल में प्रियंका गांधी की संपत्ति के मसले को भी लोगों के सामने लाएं। शांता कुमार के मुताबिक प्रियंका के नाम शिमला में करोड़ों की प्रॉपर्टी है।
शिमला में भी इस परिवार की प्रोपर्टी में हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी वरिष्ट नेता शांता कुमार ने जांच की मांग की है। शिमला के छराबड़ा में हाई सिक्युरिटी जोन में राष्ट्रपति निवास के पास प्रियंका गांधी वाड्रा ने नाम से १० हेक्टयर के करीब भूमि है और इसमें प्रियंका निर्माण कार्य करा रही है।
गोरतलब है कि शिमला में प्रियंका गांधी वाड्रा के हिमाचल सरकार ने दो बार जमीन लेने की इजाजत दी है। वर्ष 2007 में वीरभद्र सिंह सरकार ने 4.25 हेक्टेयर और जुलाई 2011 में धूमल सरकार ने 4097 हेक्टयर भूमि लेने की इजाजत दी।टिप्पणियां
बता दें कि हिमाचल प्रदेश किराएदार और भूमि सुधार कानून के अनुसार गैरहिमचाली लोग राज्य में जमीन नहीं खरीद सकते हैं।
वहीं, अरविंद केजरीवाल की आईएसी ने कुमार को जवाब में कहा है कि राज्य में उनकी सरकार है तो वह खुद ही इस मामले में पूरी जानकारी एकत्र कर सकते हैं और सार्वजनिक कर सकते हैं।
शिमला में भी इस परिवार की प्रोपर्टी में हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी वरिष्ट नेता शांता कुमार ने जांच की मांग की है। शिमला के छराबड़ा में हाई सिक्युरिटी जोन में राष्ट्रपति निवास के पास प्रियंका गांधी वाड्रा ने नाम से १० हेक्टयर के करीब भूमि है और इसमें प्रियंका निर्माण कार्य करा रही है।
गोरतलब है कि शिमला में प्रियंका गांधी वाड्रा के हिमाचल सरकार ने दो बार जमीन लेने की इजाजत दी है। वर्ष 2007 में वीरभद्र सिंह सरकार ने 4.25 हेक्टेयर और जुलाई 2011 में धूमल सरकार ने 4097 हेक्टयर भूमि लेने की इजाजत दी।टिप्पणियां
बता दें कि हिमाचल प्रदेश किराएदार और भूमि सुधार कानून के अनुसार गैरहिमचाली लोग राज्य में जमीन नहीं खरीद सकते हैं।
वहीं, अरविंद केजरीवाल की आईएसी ने कुमार को जवाब में कहा है कि राज्य में उनकी सरकार है तो वह खुद ही इस मामले में पूरी जानकारी एकत्र कर सकते हैं और सार्वजनिक कर सकते हैं।
बता दें कि हिमाचल प्रदेश किराएदार और भूमि सुधार कानून के अनुसार गैरहिमचाली लोग राज्य में जमीन नहीं खरीद सकते हैं।
वहीं, अरविंद केजरीवाल की आईएसी ने कुमार को जवाब में कहा है कि राज्य में उनकी सरकार है तो वह खुद ही इस मामले में पूरी जानकारी एकत्र कर सकते हैं और सार्वजनिक कर सकते हैं।
वहीं, अरविंद केजरीवाल की आईएसी ने कुमार को जवाब में कहा है कि राज्य में उनकी सरकार है तो वह खुद ही इस मामले में पूरी जानकारी एकत्र कर सकते हैं और सार्वजनिक कर सकते हैं। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: अरविंद केजरीवाल की आईएसी ने कुमार को जवाब में कहा है कि राज्य में उनकी सरकार है तो वह खुद ही इस मामले में पूरी जानकारी एकत्र कर सकते हैं और सार्वजनिक कर सकते हैं। | 25 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: मानसून के आने में हो रही देरी के कारण दिल्ली में लगातार शुक्रवार को भी तपिश का दौर जारी है। शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी का न्यूनतम तापमान सामान्य से चार डिग्री अधिक 31.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
तेज धूप के कारण खासतौर से दोपहिया वाहन सवारों को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। धूप में बाहर निकलने पर लोगों की चमड़ियां झुलस जा रही हैं और वे लू के भी शिकार हो रहे हैं। धूप से खुद को बचाने के लिए लोग दुपट्टों और छातों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
भारत मौसम विभाग (आईएमडी) के एक अधिकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश से आने वाली मानसूनी हवाओं के दिल्ली और उसके पड़ोसी क्षेत्रों में न पहुंचने के कारण कम से कम एक सप्ताह तक यही स्थिति बनी रहेगी।
अधिकारी ने बताया, "मानसूनी हवाएं उत्तर प्रदेश पहुंच गई है, लेकिन अभी उन्हें दिल्ली आने में लगभग एक सप्ताह का समय लगेगा।"
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के कारण, जो कि मानसून से सम्बंधित नहीं है, सप्ताहांत में शहर के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश होने से राहत मिल सकती है।टिप्पणियां
अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार को छिटपुट बादल छाए रहने और अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
गौरतलब है कि गुरुवार को राजधानी का अधिकतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री अधिक 41.6 डिग्री और न्यूनतम तापमान सामान्य से दो डिग्री अधिक 30.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।
तेज धूप के कारण खासतौर से दोपहिया वाहन सवारों को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। धूप में बाहर निकलने पर लोगों की चमड़ियां झुलस जा रही हैं और वे लू के भी शिकार हो रहे हैं। धूप से खुद को बचाने के लिए लोग दुपट्टों और छातों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
भारत मौसम विभाग (आईएमडी) के एक अधिकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश से आने वाली मानसूनी हवाओं के दिल्ली और उसके पड़ोसी क्षेत्रों में न पहुंचने के कारण कम से कम एक सप्ताह तक यही स्थिति बनी रहेगी।
अधिकारी ने बताया, "मानसूनी हवाएं उत्तर प्रदेश पहुंच गई है, लेकिन अभी उन्हें दिल्ली आने में लगभग एक सप्ताह का समय लगेगा।"
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के कारण, जो कि मानसून से सम्बंधित नहीं है, सप्ताहांत में शहर के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश होने से राहत मिल सकती है।टिप्पणियां
अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार को छिटपुट बादल छाए रहने और अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
गौरतलब है कि गुरुवार को राजधानी का अधिकतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री अधिक 41.6 डिग्री और न्यूनतम तापमान सामान्य से दो डिग्री अधिक 30.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।
भारत मौसम विभाग (आईएमडी) के एक अधिकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश से आने वाली मानसूनी हवाओं के दिल्ली और उसके पड़ोसी क्षेत्रों में न पहुंचने के कारण कम से कम एक सप्ताह तक यही स्थिति बनी रहेगी।
अधिकारी ने बताया, "मानसूनी हवाएं उत्तर प्रदेश पहुंच गई है, लेकिन अभी उन्हें दिल्ली आने में लगभग एक सप्ताह का समय लगेगा।"
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के कारण, जो कि मानसून से सम्बंधित नहीं है, सप्ताहांत में शहर के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश होने से राहत मिल सकती है।टिप्पणियां
अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार को छिटपुट बादल छाए रहने और अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
गौरतलब है कि गुरुवार को राजधानी का अधिकतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री अधिक 41.6 डिग्री और न्यूनतम तापमान सामान्य से दो डिग्री अधिक 30.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।
अधिकारी ने बताया, "मानसूनी हवाएं उत्तर प्रदेश पहुंच गई है, लेकिन अभी उन्हें दिल्ली आने में लगभग एक सप्ताह का समय लगेगा।"
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के कारण, जो कि मानसून से सम्बंधित नहीं है, सप्ताहांत में शहर के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश होने से राहत मिल सकती है।टिप्पणियां
अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार को छिटपुट बादल छाए रहने और अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
गौरतलब है कि गुरुवार को राजधानी का अधिकतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री अधिक 41.6 डिग्री और न्यूनतम तापमान सामान्य से दो डिग्री अधिक 30.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के कारण, जो कि मानसून से सम्बंधित नहीं है, सप्ताहांत में शहर के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश होने से राहत मिल सकती है।टिप्पणियां
अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार को छिटपुट बादल छाए रहने और अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
गौरतलब है कि गुरुवार को राजधानी का अधिकतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री अधिक 41.6 डिग्री और न्यूनतम तापमान सामान्य से दो डिग्री अधिक 30.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।
अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार को छिटपुट बादल छाए रहने और अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
गौरतलब है कि गुरुवार को राजधानी का अधिकतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री अधिक 41.6 डिग्री और न्यूनतम तापमान सामान्य से दो डिग्री अधिक 30.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।
गौरतलब है कि गुरुवार को राजधानी का अधिकतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री अधिक 41.6 डिग्री और न्यूनतम तापमान सामान्य से दो डिग्री अधिक 30.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। | यह एक सारांश है: मानसून के आने में हो रही देरी के कारण दिल्ली में लगातार शुक्रवार को भी तपिश का दौर जारी है। शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी का न्यूनतम तापमान सामान्य से चार डिग्री अधिक 31.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। | 24 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: बीजेपी नेता लालकृष्ण आडवाणी का लिखा इस्तीफे का पत्र मोदी विरोधियों के लिए बड़ा हथियार बन गया है। सोमवार की रात दिल्ली में बीजेपी मुख्यालय के पास कुछ पोस्टर लगाए गए हैं। इसमें लिखा है, 'देखिए भाजपा का पर्दाफाश'।टिप्पणियां
इस पोस्टर में लालकृष्ण आडवाणी की लिखी गई पार्टी के अध्यक्ष को चिट्ठी के कुछ अंश हैं। बता दें कि इस चिट्ठी में आडवाणी ने अपनी पार्टी से अपनी नाराजगी जताई है।
यह कोई पहला मौका नहीं है जब बीजेपी में इस तरह की पोस्टरबाजी हुई है। करीब एक साल पहले जब संजय जोशी को इस्तीफा देना पड़ा था तो मोदी विरोधी ऐसे ही होर्डिंग्स लगाए गए थे।
इस पोस्टर में लालकृष्ण आडवाणी की लिखी गई पार्टी के अध्यक्ष को चिट्ठी के कुछ अंश हैं। बता दें कि इस चिट्ठी में आडवाणी ने अपनी पार्टी से अपनी नाराजगी जताई है।
यह कोई पहला मौका नहीं है जब बीजेपी में इस तरह की पोस्टरबाजी हुई है। करीब एक साल पहले जब संजय जोशी को इस्तीफा देना पड़ा था तो मोदी विरोधी ऐसे ही होर्डिंग्स लगाए गए थे।
यह कोई पहला मौका नहीं है जब बीजेपी में इस तरह की पोस्टरबाजी हुई है। करीब एक साल पहले जब संजय जोशी को इस्तीफा देना पड़ा था तो मोदी विरोधी ऐसे ही होर्डिंग्स लगाए गए थे। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: दिल्ली में बीजेपी कार्यालय के बाहर लालकृष्ण आडवाणी के पत्र के कुछ हिस्से एक पोस्टर में लिखे हैं। इस पोस्टर का शीर्षक 'देखिए भाजपा का पर्दाफाश' दिया गया है। | 32 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: फ्रांस के राष्ट्रपति निकोलस सरकोजी ने शनिवार को कहा कि लीबिया में विद्रोहियों के नियंत्रण वाले शहर बेनघाजी पर मुअम्मार गद्दाफी की सेना को हमला करने से रोकने के लिए फ्रांस के लड़ाकू विमान सक्रिय हो गए हैं। बीबीसी के मुताबिक संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) द्वारा लीबिया को उड़ान वर्जित क्षेत्र घोषित किए जाने के बाद फ्रांस की इस कार्रवाई को पहला अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप समझा जा रहा है। कर्नल गद्दाफी पर शिकंजा कसने के लिए की जाने वाली कार्रवाई पर सहमति के लिए पश्चिमी देश और अरब देशों के नेता पेरिस में बैठक कर रहे हैं। सरकोजी ने कहा, "हमारी वायु सेना किसी भी हमले का विरोध करेगी।" फ्रांस के सैन्य सूत्रों ने बताया कि फ्रांस के लड़ाकू विमानों में स्थिति का जायजा लेने के लिए लीबिया के ऊपर से उड़ान भरी। एक सूत्र ने फ्रांस की समाचार एजेंसी प्रेस न्यूज एजेंसी को बताया कि राफेल लड़ाकू विमानों ने पूर्वी फ्रांस के सैन्य ठिकाने से उड़ान भरी। | सारांश: सरकोजी ने कहा कि लीबिया में बेनघाजी पर मुअम्मार गद्दाफी की सेना को हमला करने से रोकने के लिए फ्रांस के लड़ाकू विमान सक्रिय हो गए हैं। | 7 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: दिल्ली से सटे फरीदाबाद में एक महिला ने दूधवाले पर बलात्कार और ब्लैकमेल का आरोप लगाया है। आरोप है दूधवाले ने घर में महिला को अकेली पाकर बंदूक की नोक पर रेप किया और आपत्तिजनक वीडियो बनाने कर सावर्जनिक कर दी।
फरीदाबाद में एक चौकाने वाला मामला सामने आया है जहां घर में दूध देने आने वाले एक दूधवाले ने पहले तो महिला को अपनी हवस का शिकार बनाया और फिर उसे ब्लेकमेल करते हुए पीडिता से लाखों रुपये हड़पते हुए एक प्लाट अपने नाम करा लिया। आरोपी इस पर भी नहीं रुका और महिला से हर महीने बीस हज़ार रुपये की मांग क़र डाली। अब पुलिस ने पीड़ित महिला के बयान पर आरोपी दूधवाले के खिलाफ मामला दर्ज क़र लिया है, हालांकि आरोपी अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।टिप्पणियां
जानकारी के अनुसार फरीदाबाद के रहने वाली एक महिला को उसके घर दूध देने आने वाले दूधिये ने ही अपना शिकार बना डाला . दरअसल राखी (काल्पनिक नाम) नाम की महिला के पति एक सरकारी अधिकारी है। महिला के पति की माने तो इनके घर पर खजान नाम का एक युबक दूध देने आता था।आरोप है कि दिसंबर २००८ के एक दिन महिला घर पर अकेली थी तभी खजान ने मौका पाकर पिस्टल की नौक पर उसकी इज्जत लूट ली और किसी को न बताने की धमकी देकर घर से चला गया। राखी के पति की माने तो इसके बाद शुरू हुआ उनकी तबाही का सिलसिला। खाजन नाम के उस युवक ने उनकी पत्नी को ब्लेकमेल करना शुरू क़र दिया और उससे लाखों रुपए ठग लिए। आरोप यह है कि खजान उनकी पत्नी को विडियो फिल्म सार्वजनिक करने की धमकी देकर एक प्लाट भी अपनी पत्नी के नाम करा लिया।
राखी के पति की माने तो इससे भी जब उसका मन नहीं भरा तो अब महिला से बीस हजार रुपए प्रतिमाह देने की मांग करने लगा। इससे तंग आकर महिला ने यह बात अपने पति को बताई और मामला थाने जा पहुंचा। पुलिस का कहना है कि हमने महिला की शिकायत पर मामला दर्ज क़र लिया है। मामले की जांच की जा रही है।
फरीदाबाद में एक चौकाने वाला मामला सामने आया है जहां घर में दूध देने आने वाले एक दूधवाले ने पहले तो महिला को अपनी हवस का शिकार बनाया और फिर उसे ब्लेकमेल करते हुए पीडिता से लाखों रुपये हड़पते हुए एक प्लाट अपने नाम करा लिया। आरोपी इस पर भी नहीं रुका और महिला से हर महीने बीस हज़ार रुपये की मांग क़र डाली। अब पुलिस ने पीड़ित महिला के बयान पर आरोपी दूधवाले के खिलाफ मामला दर्ज क़र लिया है, हालांकि आरोपी अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।टिप्पणियां
जानकारी के अनुसार फरीदाबाद के रहने वाली एक महिला को उसके घर दूध देने आने वाले दूधिये ने ही अपना शिकार बना डाला . दरअसल राखी (काल्पनिक नाम) नाम की महिला के पति एक सरकारी अधिकारी है। महिला के पति की माने तो इनके घर पर खजान नाम का एक युबक दूध देने आता था।आरोप है कि दिसंबर २००८ के एक दिन महिला घर पर अकेली थी तभी खजान ने मौका पाकर पिस्टल की नौक पर उसकी इज्जत लूट ली और किसी को न बताने की धमकी देकर घर से चला गया। राखी के पति की माने तो इसके बाद शुरू हुआ उनकी तबाही का सिलसिला। खाजन नाम के उस युवक ने उनकी पत्नी को ब्लेकमेल करना शुरू क़र दिया और उससे लाखों रुपए ठग लिए। आरोप यह है कि खजान उनकी पत्नी को विडियो फिल्म सार्वजनिक करने की धमकी देकर एक प्लाट भी अपनी पत्नी के नाम करा लिया।
राखी के पति की माने तो इससे भी जब उसका मन नहीं भरा तो अब महिला से बीस हजार रुपए प्रतिमाह देने की मांग करने लगा। इससे तंग आकर महिला ने यह बात अपने पति को बताई और मामला थाने जा पहुंचा। पुलिस का कहना है कि हमने महिला की शिकायत पर मामला दर्ज क़र लिया है। मामले की जांच की जा रही है।
जानकारी के अनुसार फरीदाबाद के रहने वाली एक महिला को उसके घर दूध देने आने वाले दूधिये ने ही अपना शिकार बना डाला . दरअसल राखी (काल्पनिक नाम) नाम की महिला के पति एक सरकारी अधिकारी है। महिला के पति की माने तो इनके घर पर खजान नाम का एक युबक दूध देने आता था।आरोप है कि दिसंबर २००८ के एक दिन महिला घर पर अकेली थी तभी खजान ने मौका पाकर पिस्टल की नौक पर उसकी इज्जत लूट ली और किसी को न बताने की धमकी देकर घर से चला गया। राखी के पति की माने तो इसके बाद शुरू हुआ उनकी तबाही का सिलसिला। खाजन नाम के उस युवक ने उनकी पत्नी को ब्लेकमेल करना शुरू क़र दिया और उससे लाखों रुपए ठग लिए। आरोप यह है कि खजान उनकी पत्नी को विडियो फिल्म सार्वजनिक करने की धमकी देकर एक प्लाट भी अपनी पत्नी के नाम करा लिया।
राखी के पति की माने तो इससे भी जब उसका मन नहीं भरा तो अब महिला से बीस हजार रुपए प्रतिमाह देने की मांग करने लगा। इससे तंग आकर महिला ने यह बात अपने पति को बताई और मामला थाने जा पहुंचा। पुलिस का कहना है कि हमने महिला की शिकायत पर मामला दर्ज क़र लिया है। मामले की जांच की जा रही है।
राखी के पति की माने तो इससे भी जब उसका मन नहीं भरा तो अब महिला से बीस हजार रुपए प्रतिमाह देने की मांग करने लगा। इससे तंग आकर महिला ने यह बात अपने पति को बताई और मामला थाने जा पहुंचा। पुलिस का कहना है कि हमने महिला की शिकायत पर मामला दर्ज क़र लिया है। मामले की जांच की जा रही है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: दिल्ली से सटे फरीदाबाद में एक महिला ने दूधवाले पर बलात्कार और ब्लैकमेल का आरोप लगाया है। आरोप है दूधवाले ने घर में महिला को अकेली पाकर बंदूक की नोक पर रेप किया और आपत्तिजनक वीडियो बनाने कर सावर्जनिक कर दी। | 25 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: प्रमोद सावंत गोवा के नए मुख्यमंत्री बन गए हैं. बताया जाता है कि सहयोगी दलों के साथ हुए समझौते के तहत बीजेपी के गठबंधन सहयोगियों के दो विधायक उप मुख्यमंत्री बन गए हैं. सावंत ने मनोहर पर्रिकर का स्थान लिया है. उनके अलावा दो उप मुख्यमंत्री गोवा फॉरवर्ड पार्टी के प्रमुख विजय सरदेसाई और महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी के विधायक सुदीन धावलीकर ने भी शपथ ली है.
सुदीन धावलीकर को सुदीन माधव धावलीकर भी कहा जाता है. गोवा में पांच बार से विधायक चुने जा रहे धावलीकर मारकेम सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं. 62 वर्षीय धावलीकर का जन्म 21 नवंबर 1956 को हुआ था. पार्वतीबाई चौगुले कॉलेज में शिक्षित सुदीन महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी के नेता हैं.
धावलीकर पिछले 15 साल से विभिन्न सरकारों के दौरान मंत्री रहे हैं. वे पर्रिकर सरकार में मनोहर पर्रिकर के बाद दूसरे नंबर के मंत्री रहे हैं. उनके पास पीडब्लूडी, ट्रांसपोर्ट और रिवर नेविगेशन विभाग हैं.
उनकी पार्टी महाराष्ट्र गोमांतक पार्टी वह राजनीतिक दल है जो सन 1961 में पुर्तगाली शासन खत्म होने के बाद सबसे पहले सत्तासीन हुई थी. पिछले 20 सालों में कई उतार-चढ़ाव हुए लेकिन धावलीकर ने अपनी पार्टी को जीवंत बनाए रखा.
पिछले विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने धावलीकर पर आरोप लगाया था कि उन्होंने चुनाव के दौरान शपथ पत्र में अपनी शैक्षणिक योग्यता झूठी दर्शाई. उनके खिलाफ आम आदमी पार्टी ने केस भी दर्ज कराया था लेकिन पोंडा कोर्ट ने फर्जी डिग्री के आरोप वाले इस केस को खारिज कर दिया था. | यह एक सारांश है: 15 साल में सरकारें बदलतीं रहीं पर सुदीन धावलीकर मंत्री बनते रहे
मारकेम सीट से पांच बार से विधायक चुने जा रहे हैं धावलीकर
'आप' ने झूठे शपत्र पत्र का मामला दर्ज कराया था, कोर्ट में खारिज हुआ | 16 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: जेडीयू से नाता टूटने के बाद एनडीए के बिखरते कुनबे पर शिवसेना की तरफ से सामना में कड़ा लेख लिखा गया है। शिवसेना ने बीजेपी से पूछा है कि वह बताए कि एनडीए का कुनबा कहां से बढ़ाया जाएगा, नए दोस्त कहां से आएंगे। यही नहीं शिवसेना ने एनडीए के वजूद पर ही सवाल उठाए हैं, और आडवाणी की उस सलाह पर भी चुटकी ली है, जिसमें उन्होंने दूसरे दलों को एनडीए में जोड़ने की सलाह दी है।
सामना में लिखा गया है कि वरिष्ठ नेता एलके आडवाणी ने सलाह दी है कि नए मित्र जोड़िए। क्या वे कोई फसल हैं कि बीज बोये और हर साल उगते रहें? मित्र किसी वृक्ष की तरह होते हैं, जिन्हें संजोना पड़ता है। अगर छाया और फल देने वाले वृक्ष को तोड़ा जाने लगा तो नए मित्र आएंगे कहां से?
17 साल से बीजेपी का साथ देनेवाली जेडीयू साथ छोड़कर गई, नए मित्र जोड़ने के बजाय जो थे वही छोड़कर जा रहे हैं। अब एनडीए में बचा कौन है? शिवसेना, अकाली दल और बीजेपी। पंजाब से 13 सांसद चुनकर आते हैं और अकाली दल यहां पर चार-पांच से आगे जाती नहीं है। टिप्पणियां
क्या बीजेपी अकेले अपने बलबूते पर चुनाव लड़ पाएगी। अगर नहीं तो राष्ट्रीय स्तर पर उसके नए साथी कौन हैं या जाहिर किए जाने चाहिए। क्या ममता बीजेपी का साथ देगी? क्या उड़ीसा में नवीन पटनायक फिर से एनडीए में आएंगे? क्या येदियुरप्पा को मनाया जाएगा? क्या जगन कांग्रेस एनडीए के साथ आएंगे? जयललिता की मोदी के साथ भले ही दोस्ती है, लेकिन क्या वह एनडीए में आएंगी?
आजकल कोई किसी का न तो दोस्त होता है और न ही दुश्मन। अगर दोस्ती सच्ची हो तो दोस्ती बढ़ती है। आडवाणी की सलाह के बाद तो हमारे मित्रों को सावधान हो जाना चाहिए। अपमान और कपट से टूटी दोस्ती कभी जोड़ी नहीं जा सकती और वह न टूटे इसकी जिम्मेदारी मित्रों को लेनी चाहिए।
सामना में लिखा गया है कि वरिष्ठ नेता एलके आडवाणी ने सलाह दी है कि नए मित्र जोड़िए। क्या वे कोई फसल हैं कि बीज बोये और हर साल उगते रहें? मित्र किसी वृक्ष की तरह होते हैं, जिन्हें संजोना पड़ता है। अगर छाया और फल देने वाले वृक्ष को तोड़ा जाने लगा तो नए मित्र आएंगे कहां से?
17 साल से बीजेपी का साथ देनेवाली जेडीयू साथ छोड़कर गई, नए मित्र जोड़ने के बजाय जो थे वही छोड़कर जा रहे हैं। अब एनडीए में बचा कौन है? शिवसेना, अकाली दल और बीजेपी। पंजाब से 13 सांसद चुनकर आते हैं और अकाली दल यहां पर चार-पांच से आगे जाती नहीं है। टिप्पणियां
क्या बीजेपी अकेले अपने बलबूते पर चुनाव लड़ पाएगी। अगर नहीं तो राष्ट्रीय स्तर पर उसके नए साथी कौन हैं या जाहिर किए जाने चाहिए। क्या ममता बीजेपी का साथ देगी? क्या उड़ीसा में नवीन पटनायक फिर से एनडीए में आएंगे? क्या येदियुरप्पा को मनाया जाएगा? क्या जगन कांग्रेस एनडीए के साथ आएंगे? जयललिता की मोदी के साथ भले ही दोस्ती है, लेकिन क्या वह एनडीए में आएंगी?
आजकल कोई किसी का न तो दोस्त होता है और न ही दुश्मन। अगर दोस्ती सच्ची हो तो दोस्ती बढ़ती है। आडवाणी की सलाह के बाद तो हमारे मित्रों को सावधान हो जाना चाहिए। अपमान और कपट से टूटी दोस्ती कभी जोड़ी नहीं जा सकती और वह न टूटे इसकी जिम्मेदारी मित्रों को लेनी चाहिए।
17 साल से बीजेपी का साथ देनेवाली जेडीयू साथ छोड़कर गई, नए मित्र जोड़ने के बजाय जो थे वही छोड़कर जा रहे हैं। अब एनडीए में बचा कौन है? शिवसेना, अकाली दल और बीजेपी। पंजाब से 13 सांसद चुनकर आते हैं और अकाली दल यहां पर चार-पांच से आगे जाती नहीं है। टिप्पणियां
क्या बीजेपी अकेले अपने बलबूते पर चुनाव लड़ पाएगी। अगर नहीं तो राष्ट्रीय स्तर पर उसके नए साथी कौन हैं या जाहिर किए जाने चाहिए। क्या ममता बीजेपी का साथ देगी? क्या उड़ीसा में नवीन पटनायक फिर से एनडीए में आएंगे? क्या येदियुरप्पा को मनाया जाएगा? क्या जगन कांग्रेस एनडीए के साथ आएंगे? जयललिता की मोदी के साथ भले ही दोस्ती है, लेकिन क्या वह एनडीए में आएंगी?
आजकल कोई किसी का न तो दोस्त होता है और न ही दुश्मन। अगर दोस्ती सच्ची हो तो दोस्ती बढ़ती है। आडवाणी की सलाह के बाद तो हमारे मित्रों को सावधान हो जाना चाहिए। अपमान और कपट से टूटी दोस्ती कभी जोड़ी नहीं जा सकती और वह न टूटे इसकी जिम्मेदारी मित्रों को लेनी चाहिए।
क्या बीजेपी अकेले अपने बलबूते पर चुनाव लड़ पाएगी। अगर नहीं तो राष्ट्रीय स्तर पर उसके नए साथी कौन हैं या जाहिर किए जाने चाहिए। क्या ममता बीजेपी का साथ देगी? क्या उड़ीसा में नवीन पटनायक फिर से एनडीए में आएंगे? क्या येदियुरप्पा को मनाया जाएगा? क्या जगन कांग्रेस एनडीए के साथ आएंगे? जयललिता की मोदी के साथ भले ही दोस्ती है, लेकिन क्या वह एनडीए में आएंगी?
आजकल कोई किसी का न तो दोस्त होता है और न ही दुश्मन। अगर दोस्ती सच्ची हो तो दोस्ती बढ़ती है। आडवाणी की सलाह के बाद तो हमारे मित्रों को सावधान हो जाना चाहिए। अपमान और कपट से टूटी दोस्ती कभी जोड़ी नहीं जा सकती और वह न टूटे इसकी जिम्मेदारी मित्रों को लेनी चाहिए।
आजकल कोई किसी का न तो दोस्त होता है और न ही दुश्मन। अगर दोस्ती सच्ची हो तो दोस्ती बढ़ती है। आडवाणी की सलाह के बाद तो हमारे मित्रों को सावधान हो जाना चाहिए। अपमान और कपट से टूटी दोस्ती कभी जोड़ी नहीं जा सकती और वह न टूटे इसकी जिम्मेदारी मित्रों को लेनी चाहिए। | संक्षिप्त पाठ: एनडीए के बिखरते कुनबे पर शिवसेना ने सामना में लिखा कि बीजेपी बताए कहां से आएंगे नए दोस्त। उन्होंने एनडीए के वजूद पर ही सवाल उठाए हैं। | 22 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में गुरुवार को गरीबी की मार झेल रही एक मां ने खाना मांगने पर दस वर्षीय पुत्र के सिर पर धारदार वस्तु से प्रहार कर उसे लहुलुहान कर दिया।
पुलिस अधीक्षक अनीस अहमद अंसारी ने बताया कि थाना मण्डी के अन्तर्गत खाताखेडी इलाके मे फुरकान का परिवार रहता है। फुरकान की पत्नी शाहीन ने अपने दस वर्षीय पुत्र अजीम के खाना मांगने की जिद करने पर उसके सिर मे धारदार वस्तु से हमला कर दिया जिससे बच्चा लहूलुहान हो गया।टिप्पणियां
घटना की जानकारी मिलते ही थाना मण्डी पुलिस मौके पर पहुंची और शाहीन को गिरफ्तार कर लिया, जबकि घायल बच्चे को उपचार के लिये जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है।
शाहीन का कहना था कि उसका पति फुरकान घर का खर्चा नहीं देता जिससे बच्चों का पेट भरने मे भी किल्लत होती है।
पुलिस अधीक्षक अनीस अहमद अंसारी ने बताया कि थाना मण्डी के अन्तर्गत खाताखेडी इलाके मे फुरकान का परिवार रहता है। फुरकान की पत्नी शाहीन ने अपने दस वर्षीय पुत्र अजीम के खाना मांगने की जिद करने पर उसके सिर मे धारदार वस्तु से हमला कर दिया जिससे बच्चा लहूलुहान हो गया।टिप्पणियां
घटना की जानकारी मिलते ही थाना मण्डी पुलिस मौके पर पहुंची और शाहीन को गिरफ्तार कर लिया, जबकि घायल बच्चे को उपचार के लिये जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है।
शाहीन का कहना था कि उसका पति फुरकान घर का खर्चा नहीं देता जिससे बच्चों का पेट भरने मे भी किल्लत होती है।
घटना की जानकारी मिलते ही थाना मण्डी पुलिस मौके पर पहुंची और शाहीन को गिरफ्तार कर लिया, जबकि घायल बच्चे को उपचार के लिये जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है।
शाहीन का कहना था कि उसका पति फुरकान घर का खर्चा नहीं देता जिससे बच्चों का पेट भरने मे भी किल्लत होती है।
शाहीन का कहना था कि उसका पति फुरकान घर का खर्चा नहीं देता जिससे बच्चों का पेट भरने मे भी किल्लत होती है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पुलिस अधीक्षक अनीस अहमद अंसारी ने बताया कि थाना मण्डी के अन्तर्गत खाताखेडी इलाके मे फुरकान का परिवार रहता है। फुरकान की पत्नी शाहीन ने अपने दस वर्षीय पुत्र अजीम के खाना मांगने की जिद करने पर उसके सिर मे धारदार वस्तु से हमला कर दिया जिससे बच्चा लहूलुहान हो | 32 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: ओलिंपिक कांस्य पदक विजेता भारतीय महिला मुक्केबाज एमसी मैरीकॉम ने दिल्ली में एक 23-वर्षीय छात्रा के साथ गैंगरेप की आलोचना करते हुए कहा कि इस हादसे से वह स्तब्ध हैं।टिप्पणियां
मैरीकॉम ने कहा, इस घटना की क्रूरता ने मुझे पूरी तरह से हिला दिया है। कभी किसी लड़की के साथ ऐस ना हो। मैं दुआ करती हूं कि वह लड़की जिंदा रहे। यह दुखद है कि आधुनिक समाज में ऐसी घटना हुई। हमारा समाज आखिर किस दिशा में जा रहा है?
उन्होंने कहा, महिला होने के कारण मैं बहुत दुखी हूं और उस लड़की का दर्द समझ सकती हूं। हमें इसकी कड़े शब्दों में निंदा करनी चाहिए। पांच बार की विश्व चैंपियन ने कहा, सरकार और पुलिस को सुनिश्चित कराना होगा कि महिलाएं देश में सुरक्षित महसूस करें। जरूरी कदम उठाने होंगे, ताकि ऐसे हादसे फिर न होने पाए।
मैरीकॉम ने कहा, इस घटना की क्रूरता ने मुझे पूरी तरह से हिला दिया है। कभी किसी लड़की के साथ ऐस ना हो। मैं दुआ करती हूं कि वह लड़की जिंदा रहे। यह दुखद है कि आधुनिक समाज में ऐसी घटना हुई। हमारा समाज आखिर किस दिशा में जा रहा है?
उन्होंने कहा, महिला होने के कारण मैं बहुत दुखी हूं और उस लड़की का दर्द समझ सकती हूं। हमें इसकी कड़े शब्दों में निंदा करनी चाहिए। पांच बार की विश्व चैंपियन ने कहा, सरकार और पुलिस को सुनिश्चित कराना होगा कि महिलाएं देश में सुरक्षित महसूस करें। जरूरी कदम उठाने होंगे, ताकि ऐसे हादसे फिर न होने पाए।
उन्होंने कहा, महिला होने के कारण मैं बहुत दुखी हूं और उस लड़की का दर्द समझ सकती हूं। हमें इसकी कड़े शब्दों में निंदा करनी चाहिए। पांच बार की विश्व चैंपियन ने कहा, सरकार और पुलिस को सुनिश्चित कराना होगा कि महिलाएं देश में सुरक्षित महसूस करें। जरूरी कदम उठाने होंगे, ताकि ऐसे हादसे फिर न होने पाए। | संक्षिप्त सारांश: ओलिंपिक कांस्य पदक विजेता भारतीय महिला मुक्केबाज एमसी मैरीकॉम ने दिल्ली में एक 23-वर्षीय छात्रा के साथ गैंगरेप की आलोचना करते हुए कहा कि इस हादसे से वह स्तब्ध हैं। | 0 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: भारत के पंकज आडवाणी इंग्लैंड के माइकल के हाथों 0-4 की शिकस्त के साथ ब्रिटेन प्लेयर्स टूर चैम्पियनशिप स्नूकर से बाहर हो गए।टिप्पणियां
इससे पहले आडवाणी ने ब्रिटेन के नाइजेल बांड को 4-1 से हराकर स्नूकर चैम्पियनशिप के चौथे दौर में प्रवेश किया था।
बांड के खिलाफ आडवाणी ने तेज शुरुआत की और पहले दो फ्रेम जीतकर 2-0 की बढ़त बना ली। बांड ने हालांकि तीसरा फ्रेम जीतकर वापसी की कोशिश की लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने अगले दोनों फ्रेम जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया।
इससे पहले आडवाणी ने ब्रिटेन के नाइजेल बांड को 4-1 से हराकर स्नूकर चैम्पियनशिप के चौथे दौर में प्रवेश किया था।
बांड के खिलाफ आडवाणी ने तेज शुरुआत की और पहले दो फ्रेम जीतकर 2-0 की बढ़त बना ली। बांड ने हालांकि तीसरा फ्रेम जीतकर वापसी की कोशिश की लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने अगले दोनों फ्रेम जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया।
बांड के खिलाफ आडवाणी ने तेज शुरुआत की और पहले दो फ्रेम जीतकर 2-0 की बढ़त बना ली। बांड ने हालांकि तीसरा फ्रेम जीतकर वापसी की कोशिश की लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने अगले दोनों फ्रेम जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: भारत के पंकज आडवाणी इंग्लैंड के माइकल के हाथों 0-4 की शिकस्त के साथ ब्रिटेन प्लेयर्स टूर चैम्पियनशिप स्नूकर से बाहर हो गए। | 32 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने पाकिस्तान में नेशनल असेम्बली के चुनाव का स्वागत करते हुए इसे देश में लोकतंत्र निर्माण के मील के पत्थर की संज्ञा दी।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, एक वक्तव्य में ओबामा ने कहा, मैं पाकिस्तान की जनता को शनिवार को सफलतापूर्वक सम्पन्न हुए चुनाव की बधाई देता हूं।
उन्होंने कहा, अमेरिका नागरिक सरकार के ऐतिहासिक एवं शांतिपूर्ण हस्तांतरण के अवसर पर पाकिस्तान के साथ खड़ा है, जो पाकिस्तान की लोकतांत्रिक प्रगति के लिए मील का पत्थर है।टिप्पणियां
ओबामा ने कहा, प्रतिस्पर्धापूर्ण प्रचार अभियान, आजादी से इस्तेमाल किए गए लोकतांत्रिक अधिकार, आतंकी घटनाओं की धमकी के बीच आपकी दृढ़ता से आपने लोकतांत्रिक सरकार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को साबित किया है तथा आने वाले कुछ सालों तक सभी पाकिस्तानियों के लिए शांति एवं सम्पन्नता हासिल करना मुश्किल होगा। उन्होंने पाकिस्तानी सरकार से समान साझेदार के रूप में सहयोग बरकरार रखने की भी शपथ ली।
दो बार प्रधानमंत्री रह चुके नवाज शरीफ के नेतृत्व में पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) पाकिस्तान में फिर से सरकार बनाने के लिए तैयार है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, एक वक्तव्य में ओबामा ने कहा, मैं पाकिस्तान की जनता को शनिवार को सफलतापूर्वक सम्पन्न हुए चुनाव की बधाई देता हूं।
उन्होंने कहा, अमेरिका नागरिक सरकार के ऐतिहासिक एवं शांतिपूर्ण हस्तांतरण के अवसर पर पाकिस्तान के साथ खड़ा है, जो पाकिस्तान की लोकतांत्रिक प्रगति के लिए मील का पत्थर है।टिप्पणियां
ओबामा ने कहा, प्रतिस्पर्धापूर्ण प्रचार अभियान, आजादी से इस्तेमाल किए गए लोकतांत्रिक अधिकार, आतंकी घटनाओं की धमकी के बीच आपकी दृढ़ता से आपने लोकतांत्रिक सरकार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को साबित किया है तथा आने वाले कुछ सालों तक सभी पाकिस्तानियों के लिए शांति एवं सम्पन्नता हासिल करना मुश्किल होगा। उन्होंने पाकिस्तानी सरकार से समान साझेदार के रूप में सहयोग बरकरार रखने की भी शपथ ली।
दो बार प्रधानमंत्री रह चुके नवाज शरीफ के नेतृत्व में पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) पाकिस्तान में फिर से सरकार बनाने के लिए तैयार है।
उन्होंने कहा, अमेरिका नागरिक सरकार के ऐतिहासिक एवं शांतिपूर्ण हस्तांतरण के अवसर पर पाकिस्तान के साथ खड़ा है, जो पाकिस्तान की लोकतांत्रिक प्रगति के लिए मील का पत्थर है।टिप्पणियां
ओबामा ने कहा, प्रतिस्पर्धापूर्ण प्रचार अभियान, आजादी से इस्तेमाल किए गए लोकतांत्रिक अधिकार, आतंकी घटनाओं की धमकी के बीच आपकी दृढ़ता से आपने लोकतांत्रिक सरकार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को साबित किया है तथा आने वाले कुछ सालों तक सभी पाकिस्तानियों के लिए शांति एवं सम्पन्नता हासिल करना मुश्किल होगा। उन्होंने पाकिस्तानी सरकार से समान साझेदार के रूप में सहयोग बरकरार रखने की भी शपथ ली।
दो बार प्रधानमंत्री रह चुके नवाज शरीफ के नेतृत्व में पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) पाकिस्तान में फिर से सरकार बनाने के लिए तैयार है।
ओबामा ने कहा, प्रतिस्पर्धापूर्ण प्रचार अभियान, आजादी से इस्तेमाल किए गए लोकतांत्रिक अधिकार, आतंकी घटनाओं की धमकी के बीच आपकी दृढ़ता से आपने लोकतांत्रिक सरकार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को साबित किया है तथा आने वाले कुछ सालों तक सभी पाकिस्तानियों के लिए शांति एवं सम्पन्नता हासिल करना मुश्किल होगा। उन्होंने पाकिस्तानी सरकार से समान साझेदार के रूप में सहयोग बरकरार रखने की भी शपथ ली।
दो बार प्रधानमंत्री रह चुके नवाज शरीफ के नेतृत्व में पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) पाकिस्तान में फिर से सरकार बनाने के लिए तैयार है।
दो बार प्रधानमंत्री रह चुके नवाज शरीफ के नेतृत्व में पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) पाकिस्तान में फिर से सरकार बनाने के लिए तैयार है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने पाकिस्तान में नेशनल असेम्बली के चुनाव का स्वागत करते हुए इसे देश में लोकतंत्र निर्माण के मील के पत्थर की संज्ञा दी। | 32 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: वॉट्सऐप (WhatsApp) ने जब फोटोज़ और वीडियोज़ बतौर स्टेटस मेसेज लगाने वाला फीचर पेश किया तब ही पुराने टेक्स्ट मेसेज फीचर का अंत कर दिया था. इस फीचर को खत्म करने को लेकर वॉट्सऐप को आलोचना का सामना करना पड़ा. इसके बाद वॉट्सऐप ने अब इस फीचर को वापस लोगों को मुहैया करवा दिया है. पिछले ही हफ्ते इस बाबत कंपनी ने कहा था कि वह यह फीचर फिर से लोगों को देने जा रही है. इसके हफ्ते भर के बाद ही लोगों को फिर से टेक्स्ट मेसेज सेट करने का ऑप्शन दे दिया गया है.
अभी यह विकल्प केवल एंड्रॉयड के लिए लागू किया गया है. कहा जा रहा है कि फेसबुक (Facebook) के स्वामित्व वाले वॉट्सऐप द्वारा आईफोन (iphone) के लिए यह अपडेट जल्द ही लागू कर दिया जाएगा. सबसे पहले आपको गूगल प्ले से अपना वॉट्सऐप अपडेट करना होगा. अब जहां राइट साइड में सबसे ऊपर तीन डॉट दिखते हैं, उन्हें क्लिक करें. यानी जहां से आप सेटिंग्स चेंज करते हैं वहां जाएं. इसके बाद जिस स्थान पर फोटो और नाम आता है, उसे क्लिक करें. बस अपनी तस्वीर के नीचे आपके नाम का विक्लप और उसके नीचे जाने पर अबाउट एंड फोन नंबर का विकल्प दिखने लगेगा. यहां आप अपना स्टेटस मेसेज लिख सकते हैं. चाहे तो इसे 'Available', 'Busy', 'At school' लिख लें या फिर खुद ही कुछ लिख डालें, जैसा कि पहले लिखे जाने का ऑप्शन था. वॉट्सऐप के टेक्स्ट फीचर की खास बात यह है कि यह 24 घंटे में गायब नहीं होगा और तब तक बना रहेगा जब तक कि आप इसे बदलते नहीं है.
अभी यह विकल्प केवल एंड्रॉयड के लिए लागू किया गया है. कहा जा रहा है कि फेसबुक (Facebook) के स्वामित्व वाले वॉट्सऐप द्वारा आईफोन (iphone) के लिए यह अपडेट जल्द ही लागू कर दिया जाएगा. सबसे पहले आपको गूगल प्ले से अपना वॉट्सऐप अपडेट करना होगा. अब जहां राइट साइड में सबसे ऊपर तीन डॉट दिखते हैं, उन्हें क्लिक करें. यानी जहां से आप सेटिंग्स चेंज करते हैं वहां जाएं. इसके बाद जिस स्थान पर फोटो और नाम आता है, उसे क्लिक करें. बस अपनी तस्वीर के नीचे आपके नाम का विक्लप और उसके नीचे जाने पर अबाउट एंड फोन नंबर का विकल्प दिखने लगेगा. यहां आप अपना स्टेटस मेसेज लिख सकते हैं. चाहे तो इसे 'Available', 'Busy', 'At school' लिख लें या फिर खुद ही कुछ लिख डालें, जैसा कि पहले लिखे जाने का ऑप्शन था. वॉट्सऐप के टेक्स्ट फीचर की खास बात यह है कि यह 24 घंटे में गायब नहीं होगा और तब तक बना रहेगा जब तक कि आप इसे बदलते नहीं है. | यहाँ एक सारांश है:क्या आपको वॉट्सऐप का पुराना टेक्स्ट स्टेटस मेसेज फिर से चाहिए?
यदि हां तो गूगल प्ले स्टोर से ऐप अपडेट करें, एंड्रॉयड फोन धारक लोग.
सेटिंग्स में जाकर ऐड करें स्टेटस, विस्तृत जानकारी खबर के अंदर पढ़ें | 4 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: बॉलीवुड एक्टर ऋतिक रोशन और सेहत से जुड़े एक स्टार्ट अप के तीन अधिकारियों के खिलाफ एक व्यक्ति ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया है.दरअसल रोशन इस स्टार्ट अप के ब्रांड एंबेस्डर थे. व्यक्ति ने आरोप लगाया है कि कंपनी ने अपने सेंटर की सेवाओं से जुड़े विज्ञापन में "झूठे वादे" किए थे. शहर के एक व्यक्ति ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि कंपनी कल्ट.फिट के फिटनेस सेंटर में रोजाना व्यायाम का सत्र नहीं होता है जबकि उन्होंने ‘अनलिमिटेड क्लासेज' के लिए भुगतान किया था.
वहीं कंपनी का दावा है कि व्यक्ति ने ‘अभद्र और हिंसकट तरीके से उनके कर्मचारियों के साथ व्यवहार किया था और रोशन को इस मामले में 'गलत तरीके' से ले आए हैं. बेंगलुरु की क्योर फिट अपने फिटनेस केंद्रों की श्रंखला को कल्ट फिट के नाम से संचालित करती है.
वहीं ऋतिक रोशन के वर्कफ्रंट की बात करें तो एक्टर इन दिनों अपनी आगामी फिल्म के प्रमोशन में व्यस्त हैं. अपनी अपकमिंग फिल्म 'सुपर 30' (Super 30) में ऋतिक रोशन (Hrithik Roshan) मैथमेटिशियन आनंद कुमार का किरदार निभा रहे हैं. ट्रेलर में ऋतिक की परफॉर्मेंस को काफी सराहना मिल रही है. यहां तक की हर बारीकी को अपने किरदार में डालने के लिए आनंद कुमार ने भी ऋतिक (Hrithik Roshan) की प्रशंसा की है. ऋतिक रोशन 'सुपर 30' में गणितज्ञ के रोल में नजर आएंगे, जो 30 छात्रों को आईआईटी-जेईई की प्रतियोगी परीक्षा के लिए तैयार करते हैं. ऋतिक रोशन की ये मोस्ट अवेटिड फिल्म 12 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है.
Video: निजी फ़ैसले पर सवाल क्यों? | संक्षिप्त पाठ: शख्स ने ऋतिक रोशन पर लगाया धोखाधड़ी का आरोप
कहा- विज्ञापन के जरिए किए झूठे वादे
कंपनी ने किया बॉलीवुड एक्टर का बचाव | 30 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: अपने निवेशकों को 24 हजार करोड़ रुपये लौटाने के लिए कुछ और समय मिलने की सहारा समूह की अंतिम उम्मीद उच्चतम न्यायालय ने खत्म कर दी।
प्रधान न्यायाधीश अलतमस कबीर की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने सहारा समूह को और समय देने से इनकार करते हुए फरवरी के प्रथम सप्ताह तक निवेशकों का धन लौटाने की न्यायिक आदेश का पालन नहीं करने के लिए उसे आड़े हाथों लिया।
इसी खंडपीठ ने सहारा समूह की दो कंपनियों को निवेशकों का धन लौटाने के लिए पूर्व में निर्धारित अवधि बढ़ाई थी।
न्यायाधीशों ने सख्त लहजे में कहा, ‘यदि आपने हमारे आदेशानुसार धन नहीं लौटाया है तो आपको न्यायालय में आने का कोई हक नहीं बनता है।’ उन्होंने कहा कि यह समय सिर्फ इसलिए बढ़ाया गया था ताकि निवेशकों को उनका धन वापस मिल सके।
सहारा समूह के मुखिया सुब्रत राय और इसकी दो कंपनियां सहारा इंडिया रियल इस्टेट कारपोरेशन और सहारा हाउसिंग इन्वेस्टमेन्ट कारपोरेशन पहले से ही एक अन्य खंडपीठ के समक्ष न्यायालय की अवमानना की कार्यवाही का सामना कर रही हैं। टिप्पणियां
इस खंडपीठ ने निवेशकों का धन लौटाने के आदेश का पालन नहीं करने के कारण छह फरवरी को सेबी को सहारा समूह की दो कंपनियों के खाते जब्त करने और उसकी संपत्तियां कुर्क करने का आदेश दिया था।
सहारा समूह के मामले की सुनवाई शुरू होते ही उच्चतम न्यायालय बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एम कृष्णामूर्ति ने खड़े होकर प्रधान न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ द्वारा इसकी सुनवाई करने पर आपत्ति की। उनका कहना था कि इस पीठ को मामले की सुनवाई नहीं करनी चाहिए क्योंकि निवेशकों को धन लौटाने का आदेश दूसरी खंडपीठ ने दिया था।
प्रधान न्यायाधीश अलतमस कबीर की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने सहारा समूह को और समय देने से इनकार करते हुए फरवरी के प्रथम सप्ताह तक निवेशकों का धन लौटाने की न्यायिक आदेश का पालन नहीं करने के लिए उसे आड़े हाथों लिया।
इसी खंडपीठ ने सहारा समूह की दो कंपनियों को निवेशकों का धन लौटाने के लिए पूर्व में निर्धारित अवधि बढ़ाई थी।
न्यायाधीशों ने सख्त लहजे में कहा, ‘यदि आपने हमारे आदेशानुसार धन नहीं लौटाया है तो आपको न्यायालय में आने का कोई हक नहीं बनता है।’ उन्होंने कहा कि यह समय सिर्फ इसलिए बढ़ाया गया था ताकि निवेशकों को उनका धन वापस मिल सके।
सहारा समूह के मुखिया सुब्रत राय और इसकी दो कंपनियां सहारा इंडिया रियल इस्टेट कारपोरेशन और सहारा हाउसिंग इन्वेस्टमेन्ट कारपोरेशन पहले से ही एक अन्य खंडपीठ के समक्ष न्यायालय की अवमानना की कार्यवाही का सामना कर रही हैं। टिप्पणियां
इस खंडपीठ ने निवेशकों का धन लौटाने के आदेश का पालन नहीं करने के कारण छह फरवरी को सेबी को सहारा समूह की दो कंपनियों के खाते जब्त करने और उसकी संपत्तियां कुर्क करने का आदेश दिया था।
सहारा समूह के मामले की सुनवाई शुरू होते ही उच्चतम न्यायालय बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एम कृष्णामूर्ति ने खड़े होकर प्रधान न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ द्वारा इसकी सुनवाई करने पर आपत्ति की। उनका कहना था कि इस पीठ को मामले की सुनवाई नहीं करनी चाहिए क्योंकि निवेशकों को धन लौटाने का आदेश दूसरी खंडपीठ ने दिया था।
इसी खंडपीठ ने सहारा समूह की दो कंपनियों को निवेशकों का धन लौटाने के लिए पूर्व में निर्धारित अवधि बढ़ाई थी।
न्यायाधीशों ने सख्त लहजे में कहा, ‘यदि आपने हमारे आदेशानुसार धन नहीं लौटाया है तो आपको न्यायालय में आने का कोई हक नहीं बनता है।’ उन्होंने कहा कि यह समय सिर्फ इसलिए बढ़ाया गया था ताकि निवेशकों को उनका धन वापस मिल सके।
सहारा समूह के मुखिया सुब्रत राय और इसकी दो कंपनियां सहारा इंडिया रियल इस्टेट कारपोरेशन और सहारा हाउसिंग इन्वेस्टमेन्ट कारपोरेशन पहले से ही एक अन्य खंडपीठ के समक्ष न्यायालय की अवमानना की कार्यवाही का सामना कर रही हैं। टिप्पणियां
इस खंडपीठ ने निवेशकों का धन लौटाने के आदेश का पालन नहीं करने के कारण छह फरवरी को सेबी को सहारा समूह की दो कंपनियों के खाते जब्त करने और उसकी संपत्तियां कुर्क करने का आदेश दिया था।
सहारा समूह के मामले की सुनवाई शुरू होते ही उच्चतम न्यायालय बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एम कृष्णामूर्ति ने खड़े होकर प्रधान न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ द्वारा इसकी सुनवाई करने पर आपत्ति की। उनका कहना था कि इस पीठ को मामले की सुनवाई नहीं करनी चाहिए क्योंकि निवेशकों को धन लौटाने का आदेश दूसरी खंडपीठ ने दिया था।
न्यायाधीशों ने सख्त लहजे में कहा, ‘यदि आपने हमारे आदेशानुसार धन नहीं लौटाया है तो आपको न्यायालय में आने का कोई हक नहीं बनता है।’ उन्होंने कहा कि यह समय सिर्फ इसलिए बढ़ाया गया था ताकि निवेशकों को उनका धन वापस मिल सके।
सहारा समूह के मुखिया सुब्रत राय और इसकी दो कंपनियां सहारा इंडिया रियल इस्टेट कारपोरेशन और सहारा हाउसिंग इन्वेस्टमेन्ट कारपोरेशन पहले से ही एक अन्य खंडपीठ के समक्ष न्यायालय की अवमानना की कार्यवाही का सामना कर रही हैं। टिप्पणियां
इस खंडपीठ ने निवेशकों का धन लौटाने के आदेश का पालन नहीं करने के कारण छह फरवरी को सेबी को सहारा समूह की दो कंपनियों के खाते जब्त करने और उसकी संपत्तियां कुर्क करने का आदेश दिया था।
सहारा समूह के मामले की सुनवाई शुरू होते ही उच्चतम न्यायालय बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एम कृष्णामूर्ति ने खड़े होकर प्रधान न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ द्वारा इसकी सुनवाई करने पर आपत्ति की। उनका कहना था कि इस पीठ को मामले की सुनवाई नहीं करनी चाहिए क्योंकि निवेशकों को धन लौटाने का आदेश दूसरी खंडपीठ ने दिया था।
सहारा समूह के मुखिया सुब्रत राय और इसकी दो कंपनियां सहारा इंडिया रियल इस्टेट कारपोरेशन और सहारा हाउसिंग इन्वेस्टमेन्ट कारपोरेशन पहले से ही एक अन्य खंडपीठ के समक्ष न्यायालय की अवमानना की कार्यवाही का सामना कर रही हैं। टिप्पणियां
इस खंडपीठ ने निवेशकों का धन लौटाने के आदेश का पालन नहीं करने के कारण छह फरवरी को सेबी को सहारा समूह की दो कंपनियों के खाते जब्त करने और उसकी संपत्तियां कुर्क करने का आदेश दिया था।
सहारा समूह के मामले की सुनवाई शुरू होते ही उच्चतम न्यायालय बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एम कृष्णामूर्ति ने खड़े होकर प्रधान न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ द्वारा इसकी सुनवाई करने पर आपत्ति की। उनका कहना था कि इस पीठ को मामले की सुनवाई नहीं करनी चाहिए क्योंकि निवेशकों को धन लौटाने का आदेश दूसरी खंडपीठ ने दिया था।
इस खंडपीठ ने निवेशकों का धन लौटाने के आदेश का पालन नहीं करने के कारण छह फरवरी को सेबी को सहारा समूह की दो कंपनियों के खाते जब्त करने और उसकी संपत्तियां कुर्क करने का आदेश दिया था।
सहारा समूह के मामले की सुनवाई शुरू होते ही उच्चतम न्यायालय बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एम कृष्णामूर्ति ने खड़े होकर प्रधान न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ द्वारा इसकी सुनवाई करने पर आपत्ति की। उनका कहना था कि इस पीठ को मामले की सुनवाई नहीं करनी चाहिए क्योंकि निवेशकों को धन लौटाने का आदेश दूसरी खंडपीठ ने दिया था।
सहारा समूह के मामले की सुनवाई शुरू होते ही उच्चतम न्यायालय बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एम कृष्णामूर्ति ने खड़े होकर प्रधान न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ द्वारा इसकी सुनवाई करने पर आपत्ति की। उनका कहना था कि इस पीठ को मामले की सुनवाई नहीं करनी चाहिए क्योंकि निवेशकों को धन लौटाने का आदेश दूसरी खंडपीठ ने दिया था। | यह एक सारांश है: अपने निवेशकों को 24 हजार करोड़ रुपये लौटाने के लिए कुछ और समय मिलने की सहारा समूह की अंतिम उम्मीद उच्चतम न्यायालय ने खत्म कर दी। | 21 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: न्यूजीलैंड दौरे पर आई इंग्लैंड क्रिकेट टीम ने शुक्रवार को हुए पहले ट्वेंटी-20 मुकाबले में न्यूजीलैंड को 40 रनों से हरा दिया। 215 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम नौ विकेट पर 174 रन ही बना सकी।
न्यूजीलैंड की ओर से सिर्फ मार्टिन गुपटिल ही टिक कर खेल सके। गुपटिल ने 44(32) रनों की पारी खेली। अपनी पारी में गुपटिल ने तीन चौके तथा दो छक्के लगाए। न्यूजीलैंड का पहला विकेट 31 के योग पर चौथे ओवर में हामिश रदरफोर्ड के रूप में गिरा। रदरफोर्ड ने दो चौके तथा एक छक्के की मदद से 11 गेंदों में 18 रन बनाए।टिप्पणियां
न्यूजीलैंड की ओर से कॉलिन मुनरो 28(19) तथा रॉनी हिरा ने 20(11) रन बनाए। इंग्लैंड के तेज गेंदबाज स्टूअर्ट ब्रॉड ने चार, स्टीवन फिन ने तीन तथा ल्यूक राइट ने दो विकेट हासिल किए। इससे पहले टॉस जीतकर इंग्लैंड को बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित करने की न्यूजीलैंड की रणनीति उल्टी पड़ गई तथा इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने सात विकेट पर 214 रनों का बड़ा स्कोर खड़ा कर लिया।
इंग्लैंड की तरफ से इयन मोर्गन ने 46(26) तथा ल्यूक राइट ने 42(20) रन बनाए। मोर्गन, रॉनी हिरा की गेंद पर टेलर को कैच थमा बैठे जबकि राइट, एंड्र एलिस की गेंद पर हिरा के हाथों कैच आउट हुए। चौथे विकेट के लिए मोर्गन तथा जॉनी बेयरस्टो के बीच 81 रनों की साझेदारी हुई। मार्गन ने अपनी 26 गेंदों की पारी में चार चौके तथा तीन छक्के लगाए। बेयरस्टो ने भी 22 गेंदों में तीन चौके तथा दो छक्के की सहायता से 38 रनों की पारी खेली। न्यूजीलैंड की तरफ से ट्रेंट बोल्ट, हिरा तथा एलिस दो-दो विकेट हासिल करने में कामयाब रहे तथा मैक्लेहन को एक विकेट मिला।
न्यूजीलैंड की ओर से सिर्फ मार्टिन गुपटिल ही टिक कर खेल सके। गुपटिल ने 44(32) रनों की पारी खेली। अपनी पारी में गुपटिल ने तीन चौके तथा दो छक्के लगाए। न्यूजीलैंड का पहला विकेट 31 के योग पर चौथे ओवर में हामिश रदरफोर्ड के रूप में गिरा। रदरफोर्ड ने दो चौके तथा एक छक्के की मदद से 11 गेंदों में 18 रन बनाए।टिप्पणियां
न्यूजीलैंड की ओर से कॉलिन मुनरो 28(19) तथा रॉनी हिरा ने 20(11) रन बनाए। इंग्लैंड के तेज गेंदबाज स्टूअर्ट ब्रॉड ने चार, स्टीवन फिन ने तीन तथा ल्यूक राइट ने दो विकेट हासिल किए। इससे पहले टॉस जीतकर इंग्लैंड को बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित करने की न्यूजीलैंड की रणनीति उल्टी पड़ गई तथा इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने सात विकेट पर 214 रनों का बड़ा स्कोर खड़ा कर लिया।
इंग्लैंड की तरफ से इयन मोर्गन ने 46(26) तथा ल्यूक राइट ने 42(20) रन बनाए। मोर्गन, रॉनी हिरा की गेंद पर टेलर को कैच थमा बैठे जबकि राइट, एंड्र एलिस की गेंद पर हिरा के हाथों कैच आउट हुए। चौथे विकेट के लिए मोर्गन तथा जॉनी बेयरस्टो के बीच 81 रनों की साझेदारी हुई। मार्गन ने अपनी 26 गेंदों की पारी में चार चौके तथा तीन छक्के लगाए। बेयरस्टो ने भी 22 गेंदों में तीन चौके तथा दो छक्के की सहायता से 38 रनों की पारी खेली। न्यूजीलैंड की तरफ से ट्रेंट बोल्ट, हिरा तथा एलिस दो-दो विकेट हासिल करने में कामयाब रहे तथा मैक्लेहन को एक विकेट मिला।
न्यूजीलैंड की ओर से कॉलिन मुनरो 28(19) तथा रॉनी हिरा ने 20(11) रन बनाए। इंग्लैंड के तेज गेंदबाज स्टूअर्ट ब्रॉड ने चार, स्टीवन फिन ने तीन तथा ल्यूक राइट ने दो विकेट हासिल किए। इससे पहले टॉस जीतकर इंग्लैंड को बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित करने की न्यूजीलैंड की रणनीति उल्टी पड़ गई तथा इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने सात विकेट पर 214 रनों का बड़ा स्कोर खड़ा कर लिया।
इंग्लैंड की तरफ से इयन मोर्गन ने 46(26) तथा ल्यूक राइट ने 42(20) रन बनाए। मोर्गन, रॉनी हिरा की गेंद पर टेलर को कैच थमा बैठे जबकि राइट, एंड्र एलिस की गेंद पर हिरा के हाथों कैच आउट हुए। चौथे विकेट के लिए मोर्गन तथा जॉनी बेयरस्टो के बीच 81 रनों की साझेदारी हुई। मार्गन ने अपनी 26 गेंदों की पारी में चार चौके तथा तीन छक्के लगाए। बेयरस्टो ने भी 22 गेंदों में तीन चौके तथा दो छक्के की सहायता से 38 रनों की पारी खेली। न्यूजीलैंड की तरफ से ट्रेंट बोल्ट, हिरा तथा एलिस दो-दो विकेट हासिल करने में कामयाब रहे तथा मैक्लेहन को एक विकेट मिला।
इंग्लैंड की तरफ से इयन मोर्गन ने 46(26) तथा ल्यूक राइट ने 42(20) रन बनाए। मोर्गन, रॉनी हिरा की गेंद पर टेलर को कैच थमा बैठे जबकि राइट, एंड्र एलिस की गेंद पर हिरा के हाथों कैच आउट हुए। चौथे विकेट के लिए मोर्गन तथा जॉनी बेयरस्टो के बीच 81 रनों की साझेदारी हुई। मार्गन ने अपनी 26 गेंदों की पारी में चार चौके तथा तीन छक्के लगाए। बेयरस्टो ने भी 22 गेंदों में तीन चौके तथा दो छक्के की सहायता से 38 रनों की पारी खेली। न्यूजीलैंड की तरफ से ट्रेंट बोल्ट, हिरा तथा एलिस दो-दो विकेट हासिल करने में कामयाब रहे तथा मैक्लेहन को एक विकेट मिला। | यह एक सारांश है: न्यूजीलैंड दौरे पर आई इंग्लैंड क्रिकेट टीम ने पहले ट्वेंटी-20 मुकाबले में न्यूजीलैंड को 40 रनों से हरा दिया। 215 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम नौ विकेट पर 174 रन ही बना सकी। | 9 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: ह्यूंडई मोटर इंडिया की अगले दो साल में चार नए मॉडल पेश करने की योजना है, जिनमें कॉम्पैक्ट एसयूवी भी शामिल है, ताकि बाजार में अपनी स्थिति मजबूत की जा सके।टिप्पणियां
कंपनी इस साल नई कॉम्पैक्ट कार पेश करने वाली है और चार मीटर से कम लंबी सेडॉन पेश कर मारुति सुजुकी की 'डिजायर' और होंडा की 'अमेज' के साथ मुकाबला करने पर भी विचार कर रही है।
ह्यूंडई मोटर इंडिया लिमिटेड (एचएमआईएल) के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी बो शिन सीयो ने कहा, कॉम्पैक्ट एसयूवी भारत का बेहद आकर्षक खंड है। मुझे लगता है कि हमें थोड़ी देर हो रही है, लेकिन हम एक कॉम्पैक्ट एसयूवी विकसित कर रहे हैं, जिसे जल्दी पेश किया जाएगा।
कंपनी इस साल नई कॉम्पैक्ट कार पेश करने वाली है और चार मीटर से कम लंबी सेडॉन पेश कर मारुति सुजुकी की 'डिजायर' और होंडा की 'अमेज' के साथ मुकाबला करने पर भी विचार कर रही है।
ह्यूंडई मोटर इंडिया लिमिटेड (एचएमआईएल) के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी बो शिन सीयो ने कहा, कॉम्पैक्ट एसयूवी भारत का बेहद आकर्षक खंड है। मुझे लगता है कि हमें थोड़ी देर हो रही है, लेकिन हम एक कॉम्पैक्ट एसयूवी विकसित कर रहे हैं, जिसे जल्दी पेश किया जाएगा।
ह्यूंडई मोटर इंडिया लिमिटेड (एचएमआईएल) के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी बो शिन सीयो ने कहा, कॉम्पैक्ट एसयूवी भारत का बेहद आकर्षक खंड है। मुझे लगता है कि हमें थोड़ी देर हो रही है, लेकिन हम एक कॉम्पैक्ट एसयूवी विकसित कर रहे हैं, जिसे जल्दी पेश किया जाएगा। | संक्षिप्त सारांश: कंपनी इस साल नई कॉम्पैक्ट कार पेश करने वाली है और चार मीटर से कम लंबी सेडॉन पेश कर मारुति सुजुकी की 'डिजायर' और होंडा की 'अमेज' के साथ मुकाबला करने पर भी विचार कर रही है। | 0 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: 'सुपरस्टार ऑफ द मिलेनियम' कहे जाने वाले 'बॉलीवुड के शहंशाह' अभिनेता अमिताभ बच्चन के साथ 'चीनी कम' और राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त फिल्म 'पा' बनाने वाले निर्देशक आर बाल्की बिग बी को एक ऐसा कलाकार मानते हैं, जो विरले होते हैं, और उन्हें नहीं लगता कि अगले 100 सालों में भी कोई दूसरा अमिताभ बच्चन देखने को मिल सकता है।
फिल्मों में अपने अभिनय के विविध रंग बिखेरकर दिलों पर राज करने वाले अमिताभ 11 अक्टूबर को 70 साल के होने वाले हैं, और इस अवसर पर बाल्की ने कहा कि वह महसूस करते हैं कि भारतीय सिनेमा का एक विशेष दौर अमिताभ बच्चन के साथ-साथ चला है।
बाल्की ने कहा, "वह (अमिताभ बच्चन) कभी-कभार पैदा होने वाले कलाकार हैं... उन्हें सम्मान देने, उनसे दोस्ताना व्यवहार करने और उनसे प्यार करने का सबसे अच्छा तरीका उनके प्रति हमेशा लगाव बनाए रखना होगा।" विज्ञापन फिल्में भी बनाने वाले बाल्की को लगता है कि बिग बी की तरह बहुमुखी प्रतिभा वाले कलाकार विरले होते हैं।
उन्होंने बताया, "वह (अमिताभ बच्चन) एक आइकॉन हैं। हम लोग बहुत किस्मत वाले हैं कि हम उस दौर में रह रहे हैं, जिस दौर में उनके जैसे लोग हैं, और मुझे नहीं लगता है कि अगले 100 सालों में भी कोई दूसरा अमिताभ बच्चन देखने को मिल सकेगा। मुझे बिल्कुल नहीं लगता कि ऐसा होगा।"
बाल्की ने कहा कि प्रतिभा के अलावा कड़ी मेहनत, उनका व्यक्तित्व और उनका अभिनय कौशल एक साथ पाना काफी मुश्किल है। उन्होंने कहा, "बॉलीवुड में यह एक विशेष दौर है, जिसके हम गवाह हैं। हम कह सकते हैं कि वह भारत की ऐतिहासिक धरोहर हैं।"
बाल्की ने अमिताभ की बेहद तारीफ की, लेकिन अभिताभ बच्चन की कुछ ऐसी बातें भी हैं, जो बाल्की को पसंद नहीं हैं। बाल्की ने कहा, "उनकी जो बात मुझे अच्छी नहीं लगती, वह यह है कि बिग बी शराब नहीं पीते, धूम्रपान नहीं करते, इसलिए मैं भी उनके सामने धूम्रपान नहीं कर सकता। इसके अलावा मुझे उनकी हर बात अच्छी लगती है... वह खुद को जिस तरह पेश करते हैं, उनकी सोच, उनकी स्वाभाविकता, उनकी बुद्धिमानी, उनकी प्रतिबद्धता और अभिनय के लिए प्यार... सब कुछ..." कई विज्ञापनों और तीन फिल्मों में अमिताभ के साथ काम कर चुके बाल्की को लगता है कि उनके जैसे कद के कलाकार के साथ काम करना हमेशा ही सम्मान की बात होती है।
अमिताभ और तब्बू को बाल्की ने 'चीनी कम' (2007) में निर्देशित किया था। इस फिल्म में 34-वर्षीय युवती 64 साल के व्यक्ति से प्यार कर बैठती है। बाल्की की वर्ष 2009 में आई 'पा' में अमिताभ ने प्रोजेरिया से पीड़ित बच्चे की भूमिका निभाई थी।
बाल्की की पत्नी गौरी शिन्दे के निर्देशन में बनी पहली फिल्म 'इंगलिश विंगलिश' में भी अमिताभ एक छोटी भूमिका में हैं। फिल्म के सह-निर्माता बाल्की हैं। उन्होंने कहा, "उनके साथ काम करना, मेरे विचार से सम्मान की बात है। जब तक वह स्वस्थ हैं और मेरे साथ फिल्में कर रहे हैं, मैं खुद को भाग्यशाली मानता हूं। वह बहुत ही अद्भुत अभिनेता हैं। मुझे नहीं लगता कि ऐसा कोई फिल्म निर्माता होगा, जो उनके साथ काम नहीं करना चाहता होगा।"
अमिताभ को लेकर एक और परियोजना पर काम कर रहे बाल्की ने कहा, "वह अपने सुझाव भी देते हैं, लेकिन कभी अपनी राय थोपते नहीं।" उन्होंने कहा, "अगर उन्हें फिल्म पसंद नहीं आएगी तो मैं वह फिल्म बनाऊंगा ही नहीं। सौभाग्य से अब तक हमने जिन फिल्मों में साथ काम किया, उनके बारे में हमने उन्हें ही केंद्रित कर सोचा था। एक और आइडिया है और मुझे लगता है कि उस फिल्म के लिए अमिताभ ही अनुकूल होंगे।"टिप्पणियां
बाल्की ने कहा, "फिल्म निर्माण के लिए वह बहुत बड़ी प्रेरणा हैं। जब भी मैंने कुछ सोचा, उन्हें बताया। उन्हें अगर अच्छा लगा तो उन्होंने हां कर दी। मैंने कभी उन्हें समझाया नहीं, फिल्म का विषय उन्हें अच्छा लगा, जिसके बाद हमने आज तक साथ काम किया।"
उन्होंने कहा, "मैं उनका बहुत बड़ा प्रशंसक हूं और मुझे लगता है कि यही एक बड़ा रिश्ता है, जो मेरा उनके साथ हो सकता था। उन्हें दोस्त कहना धृष्टता होगी... यह उनका अनादर करने जैसा होगा।" अब जब अमिताभ 11 अक्टूबर को 70 साल के होने जा रहे हैं, तो भी बाल्की को लगता है कि बिग बी सिर्फ 40 साल के हैं। उन्होंने कहा, "मेरे लिए तो वह 40 साल के ही हैं। वह झूठ बोल रहे हैं। उनकी ऊर्जा अविश्वसनीय है। न तो वह 70 के बुजुर्ग की तरह दिखते हैं और न उनका व्यवहार वैसा है। वह बहुत ही शांत हैं।"
फिल्मों में अपने अभिनय के विविध रंग बिखेरकर दिलों पर राज करने वाले अमिताभ 11 अक्टूबर को 70 साल के होने वाले हैं, और इस अवसर पर बाल्की ने कहा कि वह महसूस करते हैं कि भारतीय सिनेमा का एक विशेष दौर अमिताभ बच्चन के साथ-साथ चला है।
बाल्की ने कहा, "वह (अमिताभ बच्चन) कभी-कभार पैदा होने वाले कलाकार हैं... उन्हें सम्मान देने, उनसे दोस्ताना व्यवहार करने और उनसे प्यार करने का सबसे अच्छा तरीका उनके प्रति हमेशा लगाव बनाए रखना होगा।" विज्ञापन फिल्में भी बनाने वाले बाल्की को लगता है कि बिग बी की तरह बहुमुखी प्रतिभा वाले कलाकार विरले होते हैं।
उन्होंने बताया, "वह (अमिताभ बच्चन) एक आइकॉन हैं। हम लोग बहुत किस्मत वाले हैं कि हम उस दौर में रह रहे हैं, जिस दौर में उनके जैसे लोग हैं, और मुझे नहीं लगता है कि अगले 100 सालों में भी कोई दूसरा अमिताभ बच्चन देखने को मिल सकेगा। मुझे बिल्कुल नहीं लगता कि ऐसा होगा।"
बाल्की ने कहा कि प्रतिभा के अलावा कड़ी मेहनत, उनका व्यक्तित्व और उनका अभिनय कौशल एक साथ पाना काफी मुश्किल है। उन्होंने कहा, "बॉलीवुड में यह एक विशेष दौर है, जिसके हम गवाह हैं। हम कह सकते हैं कि वह भारत की ऐतिहासिक धरोहर हैं।"
बाल्की ने अमिताभ की बेहद तारीफ की, लेकिन अभिताभ बच्चन की कुछ ऐसी बातें भी हैं, जो बाल्की को पसंद नहीं हैं। बाल्की ने कहा, "उनकी जो बात मुझे अच्छी नहीं लगती, वह यह है कि बिग बी शराब नहीं पीते, धूम्रपान नहीं करते, इसलिए मैं भी उनके सामने धूम्रपान नहीं कर सकता। इसके अलावा मुझे उनकी हर बात अच्छी लगती है... वह खुद को जिस तरह पेश करते हैं, उनकी सोच, उनकी स्वाभाविकता, उनकी बुद्धिमानी, उनकी प्रतिबद्धता और अभिनय के लिए प्यार... सब कुछ..." कई विज्ञापनों और तीन फिल्मों में अमिताभ के साथ काम कर चुके बाल्की को लगता है कि उनके जैसे कद के कलाकार के साथ काम करना हमेशा ही सम्मान की बात होती है।
अमिताभ और तब्बू को बाल्की ने 'चीनी कम' (2007) में निर्देशित किया था। इस फिल्म में 34-वर्षीय युवती 64 साल के व्यक्ति से प्यार कर बैठती है। बाल्की की वर्ष 2009 में आई 'पा' में अमिताभ ने प्रोजेरिया से पीड़ित बच्चे की भूमिका निभाई थी।
बाल्की की पत्नी गौरी शिन्दे के निर्देशन में बनी पहली फिल्म 'इंगलिश विंगलिश' में भी अमिताभ एक छोटी भूमिका में हैं। फिल्म के सह-निर्माता बाल्की हैं। उन्होंने कहा, "उनके साथ काम करना, मेरे विचार से सम्मान की बात है। जब तक वह स्वस्थ हैं और मेरे साथ फिल्में कर रहे हैं, मैं खुद को भाग्यशाली मानता हूं। वह बहुत ही अद्भुत अभिनेता हैं। मुझे नहीं लगता कि ऐसा कोई फिल्म निर्माता होगा, जो उनके साथ काम नहीं करना चाहता होगा।"
अमिताभ को लेकर एक और परियोजना पर काम कर रहे बाल्की ने कहा, "वह अपने सुझाव भी देते हैं, लेकिन कभी अपनी राय थोपते नहीं।" उन्होंने कहा, "अगर उन्हें फिल्म पसंद नहीं आएगी तो मैं वह फिल्म बनाऊंगा ही नहीं। सौभाग्य से अब तक हमने जिन फिल्मों में साथ काम किया, उनके बारे में हमने उन्हें ही केंद्रित कर सोचा था। एक और आइडिया है और मुझे लगता है कि उस फिल्म के लिए अमिताभ ही अनुकूल होंगे।"टिप्पणियां
बाल्की ने कहा, "फिल्म निर्माण के लिए वह बहुत बड़ी प्रेरणा हैं। जब भी मैंने कुछ सोचा, उन्हें बताया। उन्हें अगर अच्छा लगा तो उन्होंने हां कर दी। मैंने कभी उन्हें समझाया नहीं, फिल्म का विषय उन्हें अच्छा लगा, जिसके बाद हमने आज तक साथ काम किया।"
उन्होंने कहा, "मैं उनका बहुत बड़ा प्रशंसक हूं और मुझे लगता है कि यही एक बड़ा रिश्ता है, जो मेरा उनके साथ हो सकता था। उन्हें दोस्त कहना धृष्टता होगी... यह उनका अनादर करने जैसा होगा।" अब जब अमिताभ 11 अक्टूबर को 70 साल के होने जा रहे हैं, तो भी बाल्की को लगता है कि बिग बी सिर्फ 40 साल के हैं। उन्होंने कहा, "मेरे लिए तो वह 40 साल के ही हैं। वह झूठ बोल रहे हैं। उनकी ऊर्जा अविश्वसनीय है। न तो वह 70 के बुजुर्ग की तरह दिखते हैं और न उनका व्यवहार वैसा है। वह बहुत ही शांत हैं।"
बाल्की ने कहा, "वह (अमिताभ बच्चन) कभी-कभार पैदा होने वाले कलाकार हैं... उन्हें सम्मान देने, उनसे दोस्ताना व्यवहार करने और उनसे प्यार करने का सबसे अच्छा तरीका उनके प्रति हमेशा लगाव बनाए रखना होगा।" विज्ञापन फिल्में भी बनाने वाले बाल्की को लगता है कि बिग बी की तरह बहुमुखी प्रतिभा वाले कलाकार विरले होते हैं।
उन्होंने बताया, "वह (अमिताभ बच्चन) एक आइकॉन हैं। हम लोग बहुत किस्मत वाले हैं कि हम उस दौर में रह रहे हैं, जिस दौर में उनके जैसे लोग हैं, और मुझे नहीं लगता है कि अगले 100 सालों में भी कोई दूसरा अमिताभ बच्चन देखने को मिल सकेगा। मुझे बिल्कुल नहीं लगता कि ऐसा होगा।"
बाल्की ने कहा कि प्रतिभा के अलावा कड़ी मेहनत, उनका व्यक्तित्व और उनका अभिनय कौशल एक साथ पाना काफी मुश्किल है। उन्होंने कहा, "बॉलीवुड में यह एक विशेष दौर है, जिसके हम गवाह हैं। हम कह सकते हैं कि वह भारत की ऐतिहासिक धरोहर हैं।"
बाल्की ने अमिताभ की बेहद तारीफ की, लेकिन अभिताभ बच्चन की कुछ ऐसी बातें भी हैं, जो बाल्की को पसंद नहीं हैं। बाल्की ने कहा, "उनकी जो बात मुझे अच्छी नहीं लगती, वह यह है कि बिग बी शराब नहीं पीते, धूम्रपान नहीं करते, इसलिए मैं भी उनके सामने धूम्रपान नहीं कर सकता। इसके अलावा मुझे उनकी हर बात अच्छी लगती है... वह खुद को जिस तरह पेश करते हैं, उनकी सोच, उनकी स्वाभाविकता, उनकी बुद्धिमानी, उनकी प्रतिबद्धता और अभिनय के लिए प्यार... सब कुछ..." कई विज्ञापनों और तीन फिल्मों में अमिताभ के साथ काम कर चुके बाल्की को लगता है कि उनके जैसे कद के कलाकार के साथ काम करना हमेशा ही सम्मान की बात होती है।
अमिताभ और तब्बू को बाल्की ने 'चीनी कम' (2007) में निर्देशित किया था। इस फिल्म में 34-वर्षीय युवती 64 साल के व्यक्ति से प्यार कर बैठती है। बाल्की की वर्ष 2009 में आई 'पा' में अमिताभ ने प्रोजेरिया से पीड़ित बच्चे की भूमिका निभाई थी।
बाल्की की पत्नी गौरी शिन्दे के निर्देशन में बनी पहली फिल्म 'इंगलिश विंगलिश' में भी अमिताभ एक छोटी भूमिका में हैं। फिल्म के सह-निर्माता बाल्की हैं। उन्होंने कहा, "उनके साथ काम करना, मेरे विचार से सम्मान की बात है। जब तक वह स्वस्थ हैं और मेरे साथ फिल्में कर रहे हैं, मैं खुद को भाग्यशाली मानता हूं। वह बहुत ही अद्भुत अभिनेता हैं। मुझे नहीं लगता कि ऐसा कोई फिल्म निर्माता होगा, जो उनके साथ काम नहीं करना चाहता होगा।"
अमिताभ को लेकर एक और परियोजना पर काम कर रहे बाल्की ने कहा, "वह अपने सुझाव भी देते हैं, लेकिन कभी अपनी राय थोपते नहीं।" उन्होंने कहा, "अगर उन्हें फिल्म पसंद नहीं आएगी तो मैं वह फिल्म बनाऊंगा ही नहीं। सौभाग्य से अब तक हमने जिन फिल्मों में साथ काम किया, उनके बारे में हमने उन्हें ही केंद्रित कर सोचा था। एक और आइडिया है और मुझे लगता है कि उस फिल्म के लिए अमिताभ ही अनुकूल होंगे।"टिप्पणियां
बाल्की ने कहा, "फिल्म निर्माण के लिए वह बहुत बड़ी प्रेरणा हैं। जब भी मैंने कुछ सोचा, उन्हें बताया। उन्हें अगर अच्छा लगा तो उन्होंने हां कर दी। मैंने कभी उन्हें समझाया नहीं, फिल्म का विषय उन्हें अच्छा लगा, जिसके बाद हमने आज तक साथ काम किया।"
उन्होंने कहा, "मैं उनका बहुत बड़ा प्रशंसक हूं और मुझे लगता है कि यही एक बड़ा रिश्ता है, जो मेरा उनके साथ हो सकता था। उन्हें दोस्त कहना धृष्टता होगी... यह उनका अनादर करने जैसा होगा।" अब जब अमिताभ 11 अक्टूबर को 70 साल के होने जा रहे हैं, तो भी बाल्की को लगता है कि बिग बी सिर्फ 40 साल के हैं। उन्होंने कहा, "मेरे लिए तो वह 40 साल के ही हैं। वह झूठ बोल रहे हैं। उनकी ऊर्जा अविश्वसनीय है। न तो वह 70 के बुजुर्ग की तरह दिखते हैं और न उनका व्यवहार वैसा है। वह बहुत ही शांत हैं।"
उन्होंने बताया, "वह (अमिताभ बच्चन) एक आइकॉन हैं। हम लोग बहुत किस्मत वाले हैं कि हम उस दौर में रह रहे हैं, जिस दौर में उनके जैसे लोग हैं, और मुझे नहीं लगता है कि अगले 100 सालों में भी कोई दूसरा अमिताभ बच्चन देखने को मिल सकेगा। मुझे बिल्कुल नहीं लगता कि ऐसा होगा।"
बाल्की ने कहा कि प्रतिभा के अलावा कड़ी मेहनत, उनका व्यक्तित्व और उनका अभिनय कौशल एक साथ पाना काफी मुश्किल है। उन्होंने कहा, "बॉलीवुड में यह एक विशेष दौर है, जिसके हम गवाह हैं। हम कह सकते हैं कि वह भारत की ऐतिहासिक धरोहर हैं।"
बाल्की ने अमिताभ की बेहद तारीफ की, लेकिन अभिताभ बच्चन की कुछ ऐसी बातें भी हैं, जो बाल्की को पसंद नहीं हैं। बाल्की ने कहा, "उनकी जो बात मुझे अच्छी नहीं लगती, वह यह है कि बिग बी शराब नहीं पीते, धूम्रपान नहीं करते, इसलिए मैं भी उनके सामने धूम्रपान नहीं कर सकता। इसके अलावा मुझे उनकी हर बात अच्छी लगती है... वह खुद को जिस तरह पेश करते हैं, उनकी सोच, उनकी स्वाभाविकता, उनकी बुद्धिमानी, उनकी प्रतिबद्धता और अभिनय के लिए प्यार... सब कुछ..." कई विज्ञापनों और तीन फिल्मों में अमिताभ के साथ काम कर चुके बाल्की को लगता है कि उनके जैसे कद के कलाकार के साथ काम करना हमेशा ही सम्मान की बात होती है।
अमिताभ और तब्बू को बाल्की ने 'चीनी कम' (2007) में निर्देशित किया था। इस फिल्म में 34-वर्षीय युवती 64 साल के व्यक्ति से प्यार कर बैठती है। बाल्की की वर्ष 2009 में आई 'पा' में अमिताभ ने प्रोजेरिया से पीड़ित बच्चे की भूमिका निभाई थी।
बाल्की की पत्नी गौरी शिन्दे के निर्देशन में बनी पहली फिल्म 'इंगलिश विंगलिश' में भी अमिताभ एक छोटी भूमिका में हैं। फिल्म के सह-निर्माता बाल्की हैं। उन्होंने कहा, "उनके साथ काम करना, मेरे विचार से सम्मान की बात है। जब तक वह स्वस्थ हैं और मेरे साथ फिल्में कर रहे हैं, मैं खुद को भाग्यशाली मानता हूं। वह बहुत ही अद्भुत अभिनेता हैं। मुझे नहीं लगता कि ऐसा कोई फिल्म निर्माता होगा, जो उनके साथ काम नहीं करना चाहता होगा।"
अमिताभ को लेकर एक और परियोजना पर काम कर रहे बाल्की ने कहा, "वह अपने सुझाव भी देते हैं, लेकिन कभी अपनी राय थोपते नहीं।" उन्होंने कहा, "अगर उन्हें फिल्म पसंद नहीं आएगी तो मैं वह फिल्म बनाऊंगा ही नहीं। सौभाग्य से अब तक हमने जिन फिल्मों में साथ काम किया, उनके बारे में हमने उन्हें ही केंद्रित कर सोचा था। एक और आइडिया है और मुझे लगता है कि उस फिल्म के लिए अमिताभ ही अनुकूल होंगे।"टिप्पणियां
बाल्की ने कहा, "फिल्म निर्माण के लिए वह बहुत बड़ी प्रेरणा हैं। जब भी मैंने कुछ सोचा, उन्हें बताया। उन्हें अगर अच्छा लगा तो उन्होंने हां कर दी। मैंने कभी उन्हें समझाया नहीं, फिल्म का विषय उन्हें अच्छा लगा, जिसके बाद हमने आज तक साथ काम किया।"
उन्होंने कहा, "मैं उनका बहुत बड़ा प्रशंसक हूं और मुझे लगता है कि यही एक बड़ा रिश्ता है, जो मेरा उनके साथ हो सकता था। उन्हें दोस्त कहना धृष्टता होगी... यह उनका अनादर करने जैसा होगा।" अब जब अमिताभ 11 अक्टूबर को 70 साल के होने जा रहे हैं, तो भी बाल्की को लगता है कि बिग बी सिर्फ 40 साल के हैं। उन्होंने कहा, "मेरे लिए तो वह 40 साल के ही हैं। वह झूठ बोल रहे हैं। उनकी ऊर्जा अविश्वसनीय है। न तो वह 70 के बुजुर्ग की तरह दिखते हैं और न उनका व्यवहार वैसा है। वह बहुत ही शांत हैं।"
बाल्की ने कहा कि प्रतिभा के अलावा कड़ी मेहनत, उनका व्यक्तित्व और उनका अभिनय कौशल एक साथ पाना काफी मुश्किल है। उन्होंने कहा, "बॉलीवुड में यह एक विशेष दौर है, जिसके हम गवाह हैं। हम कह सकते हैं कि वह भारत की ऐतिहासिक धरोहर हैं।"
बाल्की ने अमिताभ की बेहद तारीफ की, लेकिन अभिताभ बच्चन की कुछ ऐसी बातें भी हैं, जो बाल्की को पसंद नहीं हैं। बाल्की ने कहा, "उनकी जो बात मुझे अच्छी नहीं लगती, वह यह है कि बिग बी शराब नहीं पीते, धूम्रपान नहीं करते, इसलिए मैं भी उनके सामने धूम्रपान नहीं कर सकता। इसके अलावा मुझे उनकी हर बात अच्छी लगती है... वह खुद को जिस तरह पेश करते हैं, उनकी सोच, उनकी स्वाभाविकता, उनकी बुद्धिमानी, उनकी प्रतिबद्धता और अभिनय के लिए प्यार... सब कुछ..." कई विज्ञापनों और तीन फिल्मों में अमिताभ के साथ काम कर चुके बाल्की को लगता है कि उनके जैसे कद के कलाकार के साथ काम करना हमेशा ही सम्मान की बात होती है।
अमिताभ और तब्बू को बाल्की ने 'चीनी कम' (2007) में निर्देशित किया था। इस फिल्म में 34-वर्षीय युवती 64 साल के व्यक्ति से प्यार कर बैठती है। बाल्की की वर्ष 2009 में आई 'पा' में अमिताभ ने प्रोजेरिया से पीड़ित बच्चे की भूमिका निभाई थी।
बाल्की की पत्नी गौरी शिन्दे के निर्देशन में बनी पहली फिल्म 'इंगलिश विंगलिश' में भी अमिताभ एक छोटी भूमिका में हैं। फिल्म के सह-निर्माता बाल्की हैं। उन्होंने कहा, "उनके साथ काम करना, मेरे विचार से सम्मान की बात है। जब तक वह स्वस्थ हैं और मेरे साथ फिल्में कर रहे हैं, मैं खुद को भाग्यशाली मानता हूं। वह बहुत ही अद्भुत अभिनेता हैं। मुझे नहीं लगता कि ऐसा कोई फिल्म निर्माता होगा, जो उनके साथ काम नहीं करना चाहता होगा।"
अमिताभ को लेकर एक और परियोजना पर काम कर रहे बाल्की ने कहा, "वह अपने सुझाव भी देते हैं, लेकिन कभी अपनी राय थोपते नहीं।" उन्होंने कहा, "अगर उन्हें फिल्म पसंद नहीं आएगी तो मैं वह फिल्म बनाऊंगा ही नहीं। सौभाग्य से अब तक हमने जिन फिल्मों में साथ काम किया, उनके बारे में हमने उन्हें ही केंद्रित कर सोचा था। एक और आइडिया है और मुझे लगता है कि उस फिल्म के लिए अमिताभ ही अनुकूल होंगे।"टिप्पणियां
बाल्की ने कहा, "फिल्म निर्माण के लिए वह बहुत बड़ी प्रेरणा हैं। जब भी मैंने कुछ सोचा, उन्हें बताया। उन्हें अगर अच्छा लगा तो उन्होंने हां कर दी। मैंने कभी उन्हें समझाया नहीं, फिल्म का विषय उन्हें अच्छा लगा, जिसके बाद हमने आज तक साथ काम किया।"
उन्होंने कहा, "मैं उनका बहुत बड़ा प्रशंसक हूं और मुझे लगता है कि यही एक बड़ा रिश्ता है, जो मेरा उनके साथ हो सकता था। उन्हें दोस्त कहना धृष्टता होगी... यह उनका अनादर करने जैसा होगा।" अब जब अमिताभ 11 अक्टूबर को 70 साल के होने जा रहे हैं, तो भी बाल्की को लगता है कि बिग बी सिर्फ 40 साल के हैं। उन्होंने कहा, "मेरे लिए तो वह 40 साल के ही हैं। वह झूठ बोल रहे हैं। उनकी ऊर्जा अविश्वसनीय है। न तो वह 70 के बुजुर्ग की तरह दिखते हैं और न उनका व्यवहार वैसा है। वह बहुत ही शांत हैं।"
बाल्की ने अमिताभ की बेहद तारीफ की, लेकिन अभिताभ बच्चन की कुछ ऐसी बातें भी हैं, जो बाल्की को पसंद नहीं हैं। बाल्की ने कहा, "उनकी जो बात मुझे अच्छी नहीं लगती, वह यह है कि बिग बी शराब नहीं पीते, धूम्रपान नहीं करते, इसलिए मैं भी उनके सामने धूम्रपान नहीं कर सकता। इसके अलावा मुझे उनकी हर बात अच्छी लगती है... वह खुद को जिस तरह पेश करते हैं, उनकी सोच, उनकी स्वाभाविकता, उनकी बुद्धिमानी, उनकी प्रतिबद्धता और अभिनय के लिए प्यार... सब कुछ..." कई विज्ञापनों और तीन फिल्मों में अमिताभ के साथ काम कर चुके बाल्की को लगता है कि उनके जैसे कद के कलाकार के साथ काम करना हमेशा ही सम्मान की बात होती है।
अमिताभ और तब्बू को बाल्की ने 'चीनी कम' (2007) में निर्देशित किया था। इस फिल्म में 34-वर्षीय युवती 64 साल के व्यक्ति से प्यार कर बैठती है। बाल्की की वर्ष 2009 में आई 'पा' में अमिताभ ने प्रोजेरिया से पीड़ित बच्चे की भूमिका निभाई थी।
बाल्की की पत्नी गौरी शिन्दे के निर्देशन में बनी पहली फिल्म 'इंगलिश विंगलिश' में भी अमिताभ एक छोटी भूमिका में हैं। फिल्म के सह-निर्माता बाल्की हैं। उन्होंने कहा, "उनके साथ काम करना, मेरे विचार से सम्मान की बात है। जब तक वह स्वस्थ हैं और मेरे साथ फिल्में कर रहे हैं, मैं खुद को भाग्यशाली मानता हूं। वह बहुत ही अद्भुत अभिनेता हैं। मुझे नहीं लगता कि ऐसा कोई फिल्म निर्माता होगा, जो उनके साथ काम नहीं करना चाहता होगा।"
अमिताभ को लेकर एक और परियोजना पर काम कर रहे बाल्की ने कहा, "वह अपने सुझाव भी देते हैं, लेकिन कभी अपनी राय थोपते नहीं।" उन्होंने कहा, "अगर उन्हें फिल्म पसंद नहीं आएगी तो मैं वह फिल्म बनाऊंगा ही नहीं। सौभाग्य से अब तक हमने जिन फिल्मों में साथ काम किया, उनके बारे में हमने उन्हें ही केंद्रित कर सोचा था। एक और आइडिया है और मुझे लगता है कि उस फिल्म के लिए अमिताभ ही अनुकूल होंगे।"टिप्पणियां
बाल्की ने कहा, "फिल्म निर्माण के लिए वह बहुत बड़ी प्रेरणा हैं। जब भी मैंने कुछ सोचा, उन्हें बताया। उन्हें अगर अच्छा लगा तो उन्होंने हां कर दी। मैंने कभी उन्हें समझाया नहीं, फिल्म का विषय उन्हें अच्छा लगा, जिसके बाद हमने आज तक साथ काम किया।"
उन्होंने कहा, "मैं उनका बहुत बड़ा प्रशंसक हूं और मुझे लगता है कि यही एक बड़ा रिश्ता है, जो मेरा उनके साथ हो सकता था। उन्हें दोस्त कहना धृष्टता होगी... यह उनका अनादर करने जैसा होगा।" अब जब अमिताभ 11 अक्टूबर को 70 साल के होने जा रहे हैं, तो भी बाल्की को लगता है कि बिग बी सिर्फ 40 साल के हैं। उन्होंने कहा, "मेरे लिए तो वह 40 साल के ही हैं। वह झूठ बोल रहे हैं। उनकी ऊर्जा अविश्वसनीय है। न तो वह 70 के बुजुर्ग की तरह दिखते हैं और न उनका व्यवहार वैसा है। वह बहुत ही शांत हैं।"
अमिताभ और तब्बू को बाल्की ने 'चीनी कम' (2007) में निर्देशित किया था। इस फिल्म में 34-वर्षीय युवती 64 साल के व्यक्ति से प्यार कर बैठती है। बाल्की की वर्ष 2009 में आई 'पा' में अमिताभ ने प्रोजेरिया से पीड़ित बच्चे की भूमिका निभाई थी।
बाल्की की पत्नी गौरी शिन्दे के निर्देशन में बनी पहली फिल्म 'इंगलिश विंगलिश' में भी अमिताभ एक छोटी भूमिका में हैं। फिल्म के सह-निर्माता बाल्की हैं। उन्होंने कहा, "उनके साथ काम करना, मेरे विचार से सम्मान की बात है। जब तक वह स्वस्थ हैं और मेरे साथ फिल्में कर रहे हैं, मैं खुद को भाग्यशाली मानता हूं। वह बहुत ही अद्भुत अभिनेता हैं। मुझे नहीं लगता कि ऐसा कोई फिल्म निर्माता होगा, जो उनके साथ काम नहीं करना चाहता होगा।"
अमिताभ को लेकर एक और परियोजना पर काम कर रहे बाल्की ने कहा, "वह अपने सुझाव भी देते हैं, लेकिन कभी अपनी राय थोपते नहीं।" उन्होंने कहा, "अगर उन्हें फिल्म पसंद नहीं आएगी तो मैं वह फिल्म बनाऊंगा ही नहीं। सौभाग्य से अब तक हमने जिन फिल्मों में साथ काम किया, उनके बारे में हमने उन्हें ही केंद्रित कर सोचा था। एक और आइडिया है और मुझे लगता है कि उस फिल्म के लिए अमिताभ ही अनुकूल होंगे।"टिप्पणियां
बाल्की ने कहा, "फिल्म निर्माण के लिए वह बहुत बड़ी प्रेरणा हैं। जब भी मैंने कुछ सोचा, उन्हें बताया। उन्हें अगर अच्छा लगा तो उन्होंने हां कर दी। मैंने कभी उन्हें समझाया नहीं, फिल्म का विषय उन्हें अच्छा लगा, जिसके बाद हमने आज तक साथ काम किया।"
उन्होंने कहा, "मैं उनका बहुत बड़ा प्रशंसक हूं और मुझे लगता है कि यही एक बड़ा रिश्ता है, जो मेरा उनके साथ हो सकता था। उन्हें दोस्त कहना धृष्टता होगी... यह उनका अनादर करने जैसा होगा।" अब जब अमिताभ 11 अक्टूबर को 70 साल के होने जा रहे हैं, तो भी बाल्की को लगता है कि बिग बी सिर्फ 40 साल के हैं। उन्होंने कहा, "मेरे लिए तो वह 40 साल के ही हैं। वह झूठ बोल रहे हैं। उनकी ऊर्जा अविश्वसनीय है। न तो वह 70 के बुजुर्ग की तरह दिखते हैं और न उनका व्यवहार वैसा है। वह बहुत ही शांत हैं।"
बाल्की की पत्नी गौरी शिन्दे के निर्देशन में बनी पहली फिल्म 'इंगलिश विंगलिश' में भी अमिताभ एक छोटी भूमिका में हैं। फिल्म के सह-निर्माता बाल्की हैं। उन्होंने कहा, "उनके साथ काम करना, मेरे विचार से सम्मान की बात है। जब तक वह स्वस्थ हैं और मेरे साथ फिल्में कर रहे हैं, मैं खुद को भाग्यशाली मानता हूं। वह बहुत ही अद्भुत अभिनेता हैं। मुझे नहीं लगता कि ऐसा कोई फिल्म निर्माता होगा, जो उनके साथ काम नहीं करना चाहता होगा।"
अमिताभ को लेकर एक और परियोजना पर काम कर रहे बाल्की ने कहा, "वह अपने सुझाव भी देते हैं, लेकिन कभी अपनी राय थोपते नहीं।" उन्होंने कहा, "अगर उन्हें फिल्म पसंद नहीं आएगी तो मैं वह फिल्म बनाऊंगा ही नहीं। सौभाग्य से अब तक हमने जिन फिल्मों में साथ काम किया, उनके बारे में हमने उन्हें ही केंद्रित कर सोचा था। एक और आइडिया है और मुझे लगता है कि उस फिल्म के लिए अमिताभ ही अनुकूल होंगे।"टिप्पणियां
बाल्की ने कहा, "फिल्म निर्माण के लिए वह बहुत बड़ी प्रेरणा हैं। जब भी मैंने कुछ सोचा, उन्हें बताया। उन्हें अगर अच्छा लगा तो उन्होंने हां कर दी। मैंने कभी उन्हें समझाया नहीं, फिल्म का विषय उन्हें अच्छा लगा, जिसके बाद हमने आज तक साथ काम किया।"
उन्होंने कहा, "मैं उनका बहुत बड़ा प्रशंसक हूं और मुझे लगता है कि यही एक बड़ा रिश्ता है, जो मेरा उनके साथ हो सकता था। उन्हें दोस्त कहना धृष्टता होगी... यह उनका अनादर करने जैसा होगा।" अब जब अमिताभ 11 अक्टूबर को 70 साल के होने जा रहे हैं, तो भी बाल्की को लगता है कि बिग बी सिर्फ 40 साल के हैं। उन्होंने कहा, "मेरे लिए तो वह 40 साल के ही हैं। वह झूठ बोल रहे हैं। उनकी ऊर्जा अविश्वसनीय है। न तो वह 70 के बुजुर्ग की तरह दिखते हैं और न उनका व्यवहार वैसा है। वह बहुत ही शांत हैं।"
अमिताभ को लेकर एक और परियोजना पर काम कर रहे बाल्की ने कहा, "वह अपने सुझाव भी देते हैं, लेकिन कभी अपनी राय थोपते नहीं।" उन्होंने कहा, "अगर उन्हें फिल्म पसंद नहीं आएगी तो मैं वह फिल्म बनाऊंगा ही नहीं। सौभाग्य से अब तक हमने जिन फिल्मों में साथ काम किया, उनके बारे में हमने उन्हें ही केंद्रित कर सोचा था। एक और आइडिया है और मुझे लगता है कि उस फिल्म के लिए अमिताभ ही अनुकूल होंगे।"टिप्पणियां
बाल्की ने कहा, "फिल्म निर्माण के लिए वह बहुत बड़ी प्रेरणा हैं। जब भी मैंने कुछ सोचा, उन्हें बताया। उन्हें अगर अच्छा लगा तो उन्होंने हां कर दी। मैंने कभी उन्हें समझाया नहीं, फिल्म का विषय उन्हें अच्छा लगा, जिसके बाद हमने आज तक साथ काम किया।"
उन्होंने कहा, "मैं उनका बहुत बड़ा प्रशंसक हूं और मुझे लगता है कि यही एक बड़ा रिश्ता है, जो मेरा उनके साथ हो सकता था। उन्हें दोस्त कहना धृष्टता होगी... यह उनका अनादर करने जैसा होगा।" अब जब अमिताभ 11 अक्टूबर को 70 साल के होने जा रहे हैं, तो भी बाल्की को लगता है कि बिग बी सिर्फ 40 साल के हैं। उन्होंने कहा, "मेरे लिए तो वह 40 साल के ही हैं। वह झूठ बोल रहे हैं। उनकी ऊर्जा अविश्वसनीय है। न तो वह 70 के बुजुर्ग की तरह दिखते हैं और न उनका व्यवहार वैसा है। वह बहुत ही शांत हैं।"
बाल्की ने कहा, "फिल्म निर्माण के लिए वह बहुत बड़ी प्रेरणा हैं। जब भी मैंने कुछ सोचा, उन्हें बताया। उन्हें अगर अच्छा लगा तो उन्होंने हां कर दी। मैंने कभी उन्हें समझाया नहीं, फिल्म का विषय उन्हें अच्छा लगा, जिसके बाद हमने आज तक साथ काम किया।"
उन्होंने कहा, "मैं उनका बहुत बड़ा प्रशंसक हूं और मुझे लगता है कि यही एक बड़ा रिश्ता है, जो मेरा उनके साथ हो सकता था। उन्हें दोस्त कहना धृष्टता होगी... यह उनका अनादर करने जैसा होगा।" अब जब अमिताभ 11 अक्टूबर को 70 साल के होने जा रहे हैं, तो भी बाल्की को लगता है कि बिग बी सिर्फ 40 साल के हैं। उन्होंने कहा, "मेरे लिए तो वह 40 साल के ही हैं। वह झूठ बोल रहे हैं। उनकी ऊर्जा अविश्वसनीय है। न तो वह 70 के बुजुर्ग की तरह दिखते हैं और न उनका व्यवहार वैसा है। वह बहुत ही शांत हैं।"
उन्होंने कहा, "मैं उनका बहुत बड़ा प्रशंसक हूं और मुझे लगता है कि यही एक बड़ा रिश्ता है, जो मेरा उनके साथ हो सकता था। उन्हें दोस्त कहना धृष्टता होगी... यह उनका अनादर करने जैसा होगा।" अब जब अमिताभ 11 अक्टूबर को 70 साल के होने जा रहे हैं, तो भी बाल्की को लगता है कि बिग बी सिर्फ 40 साल के हैं। उन्होंने कहा, "मेरे लिए तो वह 40 साल के ही हैं। वह झूठ बोल रहे हैं। उनकी ऊर्जा अविश्वसनीय है। न तो वह 70 के बुजुर्ग की तरह दिखते हैं और न उनका व्यवहार वैसा है। वह बहुत ही शांत हैं।" | यह एक सारांश है: निर्देशक आर बाल्की बिग बी को एक ऐसा कलाकार मानते हैं, जो विरले होते हैं, और उन्हें नहीं लगता कि अगले 100 सालों में भी कोई दूसरा अमिताभ बच्चन देखने को मिल सकता है। | 21 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: नोटबंदी पर चर्चा को लेकर मचे घमासान के बीच सरकार ने आज लोकसभा में कहा कि वह अर्थव्यवस्था में नकदी के उपयोग को कम करना चाहती है और इसके स्थान पर डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा दे रही है.
लोकसभा में प्रहलाद जोशी के पूरक प्रश्न के उत्तर में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि सरकार चाहती है कि नकदी का उपयोग कम हो और इसका स्थान डिजिटल लेनदेन ले. जहां एक ओर नकदी का उपयोग कम होना चाहिए तो दूसरी ओर कारोबार और वाणिज्य को समृद्ध होना चाहिए.
वित्त मंत्री ने कहा कि आज देश में 80 करोड़ डेबिट कार्ड हैं जिनमें से 40 करोड़ का एटीएम में सक्रियता के साथ उपयोग हो रहा है. इलेक्ट्रॉनिक वॉलेट और धन का डिजिटल हस्तांतरण भविष्य की प्रौद्योगिकी हैं जिन्हें सरकार बढ़ावा दे रही है और विभिन्न राज्य सरकारों से इसमें योगदान देने को कहा गया है.टिप्पणियां
जेटली ने कहा कि भुगतान शिक्षा एवं जागरूकता कोष (डीईएएफ) के तहत एक विशेष कोष बनाया गया है जो नकदीविहीन (कैशलैस) समाज के लिए लोगों में जागरूकता फैलाने और इसके लिए आधारभूत संरचना के विस्तार में योगदान देगा. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
लोकसभा में प्रहलाद जोशी के पूरक प्रश्न के उत्तर में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि सरकार चाहती है कि नकदी का उपयोग कम हो और इसका स्थान डिजिटल लेनदेन ले. जहां एक ओर नकदी का उपयोग कम होना चाहिए तो दूसरी ओर कारोबार और वाणिज्य को समृद्ध होना चाहिए.
वित्त मंत्री ने कहा कि आज देश में 80 करोड़ डेबिट कार्ड हैं जिनमें से 40 करोड़ का एटीएम में सक्रियता के साथ उपयोग हो रहा है. इलेक्ट्रॉनिक वॉलेट और धन का डिजिटल हस्तांतरण भविष्य की प्रौद्योगिकी हैं जिन्हें सरकार बढ़ावा दे रही है और विभिन्न राज्य सरकारों से इसमें योगदान देने को कहा गया है.टिप्पणियां
जेटली ने कहा कि भुगतान शिक्षा एवं जागरूकता कोष (डीईएएफ) के तहत एक विशेष कोष बनाया गया है जो नकदीविहीन (कैशलैस) समाज के लिए लोगों में जागरूकता फैलाने और इसके लिए आधारभूत संरचना के विस्तार में योगदान देगा. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
वित्त मंत्री ने कहा कि आज देश में 80 करोड़ डेबिट कार्ड हैं जिनमें से 40 करोड़ का एटीएम में सक्रियता के साथ उपयोग हो रहा है. इलेक्ट्रॉनिक वॉलेट और धन का डिजिटल हस्तांतरण भविष्य की प्रौद्योगिकी हैं जिन्हें सरकार बढ़ावा दे रही है और विभिन्न राज्य सरकारों से इसमें योगदान देने को कहा गया है.टिप्पणियां
जेटली ने कहा कि भुगतान शिक्षा एवं जागरूकता कोष (डीईएएफ) के तहत एक विशेष कोष बनाया गया है जो नकदीविहीन (कैशलैस) समाज के लिए लोगों में जागरूकता फैलाने और इसके लिए आधारभूत संरचना के विस्तार में योगदान देगा. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
जेटली ने कहा कि भुगतान शिक्षा एवं जागरूकता कोष (डीईएएफ) के तहत एक विशेष कोष बनाया गया है जो नकदीविहीन (कैशलैस) समाज के लिए लोगों में जागरूकता फैलाने और इसके लिए आधारभूत संरचना के विस्तार में योगदान देगा. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त पाठ: डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा दे रही है सरकार
देश में 80 करोड़ डेबिट कार्ड, 40 करोड़ का सक्रिय उपयोग
समाज के लिए लोगों में जागरूकता फैलाने के लिए कोष | 30 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत में गिरावट का दौर लगातार जारी है। रुपया शुरुआती कारोबार में डॉलर के मुकाबले लुढ़ककर अब तक के निम्न स्तर 54.82 पर पहुंच गया। गुरुवार को भी कारोबार के दौरान वह रिकॉर्ड स्तर को छू गया था। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 54.57 तक गिर गया था।
गौरतलब है कि बुधवार को रुपया अब तक के सबसे निचले स्तर पर 54.52 पैसे तक लुढ़कर 54.49 पर बंद हुआ था लेकिन सुधार के बाद भी डॉलर का भाव बाजार के लिए सिरदर्द से कम नहीं है। यानी जो चीजें हम इम्पोर्ट करते हैं वह महंगी हो गई हैं। इनमें सबसे अहम है कच्चा तेल। यानी पेट्रोल और डीजल के महंगा होने के आसार बढ़ गए हैं।
गौरतलब है कि बुधवार को रुपया अब तक के सबसे निचले स्तर पर 54.52 पैसे तक लुढ़कर 54.49 पर बंद हुआ था लेकिन सुधार के बाद भी डॉलर का भाव बाजार के लिए सिरदर्द से कम नहीं है। यानी जो चीजें हम इम्पोर्ट करते हैं वह महंगी हो गई हैं। इनमें सबसे अहम है कच्चा तेल। यानी पेट्रोल और डीजल के महंगा होने के आसार बढ़ गए हैं। | संक्षिप्त सारांश: डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत में गिरावट का दौर लगातार जारी है। रुपया शुरुआती कारोबार में डॉलर के मुकाबले लुढ़ककर अब तक के निम्नतम स्तर 54.82 पर पहुंच गया। | 0 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान के कप्तान मिस्बाह उल हक जिम्बाब्वे के खिलाफ मंगलवार को नाबाद 83 रन की पारी खेलकर वर्ष 2013 में एक-दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए।
मिस्बाह का यह इस कैलेंडर वर्ष में 19वां मैच था। उन्होंने इन मैचों में 63.64 की औसत से 891 रन बनाए हैं, जिसमें 10 अर्धशतक शामिल हैं। मिस्बाह ने श्रीलंका के कुमार संगकारा को पीछे छोड़ा, जिन्होंने 17 मैचों में 73.58 की औसत से 883 रन बनाए हैं।टिप्पणियां
इन दोनों के बाद श्रीलंका के ही तिलकरत्ने दिलशान (17 मैच में 789 रन) और भारत के शिखर धवन (14 मैच में 707 रन) का नंबर आता है। वैसे मंगलवार के मैच में मिस्बाह की इस पारी के बावजूद पाकिस्तान को जिम्बाब्वे के हाथों 15 साल बाद किसी एक-दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच में हार का सामना करना पड़ा।
तीन मैचों की शृंखला के इस पहले मैच में 245 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए मसाकद्जा (85) और सिबांडा (54) ने पहले विकेट के लिए 107 रन जोड़कर टीम को शानदार शुरुआत दिलाई। इसके बाद सीन विलियम्स ने 23 गेंद में नाबाद 39 रन की पारी खेलकर जिम्बाब्वे को 1998 के बाद पाकिस्तान पर पहली जीत दिला दी। जिम्बाब्वे ने 10 गेंद शेष रहते तीन विकेट पर 246 रन बनाकर जीत दर्ज की।
मिस्बाह का यह इस कैलेंडर वर्ष में 19वां मैच था। उन्होंने इन मैचों में 63.64 की औसत से 891 रन बनाए हैं, जिसमें 10 अर्धशतक शामिल हैं। मिस्बाह ने श्रीलंका के कुमार संगकारा को पीछे छोड़ा, जिन्होंने 17 मैचों में 73.58 की औसत से 883 रन बनाए हैं।टिप्पणियां
इन दोनों के बाद श्रीलंका के ही तिलकरत्ने दिलशान (17 मैच में 789 रन) और भारत के शिखर धवन (14 मैच में 707 रन) का नंबर आता है। वैसे मंगलवार के मैच में मिस्बाह की इस पारी के बावजूद पाकिस्तान को जिम्बाब्वे के हाथों 15 साल बाद किसी एक-दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच में हार का सामना करना पड़ा।
तीन मैचों की शृंखला के इस पहले मैच में 245 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए मसाकद्जा (85) और सिबांडा (54) ने पहले विकेट के लिए 107 रन जोड़कर टीम को शानदार शुरुआत दिलाई। इसके बाद सीन विलियम्स ने 23 गेंद में नाबाद 39 रन की पारी खेलकर जिम्बाब्वे को 1998 के बाद पाकिस्तान पर पहली जीत दिला दी। जिम्बाब्वे ने 10 गेंद शेष रहते तीन विकेट पर 246 रन बनाकर जीत दर्ज की।
इन दोनों के बाद श्रीलंका के ही तिलकरत्ने दिलशान (17 मैच में 789 रन) और भारत के शिखर धवन (14 मैच में 707 रन) का नंबर आता है। वैसे मंगलवार के मैच में मिस्बाह की इस पारी के बावजूद पाकिस्तान को जिम्बाब्वे के हाथों 15 साल बाद किसी एक-दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच में हार का सामना करना पड़ा।
तीन मैचों की शृंखला के इस पहले मैच में 245 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए मसाकद्जा (85) और सिबांडा (54) ने पहले विकेट के लिए 107 रन जोड़कर टीम को शानदार शुरुआत दिलाई। इसके बाद सीन विलियम्स ने 23 गेंद में नाबाद 39 रन की पारी खेलकर जिम्बाब्वे को 1998 के बाद पाकिस्तान पर पहली जीत दिला दी। जिम्बाब्वे ने 10 गेंद शेष रहते तीन विकेट पर 246 रन बनाकर जीत दर्ज की।
तीन मैचों की शृंखला के इस पहले मैच में 245 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए मसाकद्जा (85) और सिबांडा (54) ने पहले विकेट के लिए 107 रन जोड़कर टीम को शानदार शुरुआत दिलाई। इसके बाद सीन विलियम्स ने 23 गेंद में नाबाद 39 रन की पारी खेलकर जिम्बाब्वे को 1998 के बाद पाकिस्तान पर पहली जीत दिला दी। जिम्बाब्वे ने 10 गेंद शेष रहते तीन विकेट पर 246 रन बनाकर जीत दर्ज की। | पाकिस्तान के कप्तान मिस्बाह उल हक जिम्बाब्वे के खिलाफ नाबाद 83 रन की पारी खेलकर वर्ष 2013 में वनडे क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए। वैसे मिस्बाह की इस पारी के बावजूद पाकिस्तान को जिम्बाब्वे के हाथों 15 साल बाद वनडे मैच में हार का सामना क | 6 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: अमित मिश्रा (47/4) की शानदार गेंदबाजी तथा कप्तान विराट कोहली (नाबाद 68) के संयमभरे अर्द्धशतक की बदौलत भारत ने हरारे स्पोर्ट्स क्लब मैदान पर रविवार को हुए पांच एकदिवसीय शृंखला के तीसरे एकदिवसीय मैच में जिम्बाब्वे को सात विकेट से हराकर शृंखला में 3-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली है।
टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनते हुए भारत ने पहले जिम्बाब्वे को 183 रनों पर सीमित कर दिया। इसके बाद अपेक्षाकृत आसान लक्ष्य का पीछा करते हुए निर्धारित 50 ओवरों में 87 गेंद शेष रहते तीन विकेट पर 187 रन बनाकर जीत हासिल कर ली। मिश्रा को उनकी शानदार गेंदबाजी के लिए प्लेअर ऑफ द मैच चुना गया।
184 के लक्ष्य का पीछा करने उतरे भारतीय सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा (14) और शिखर धवन (35) ने सहज शुरुआत की, लेकिन यह जोड़ी अभी टिकती सी लग ही रही थी कि छठे ओवर की पांचवीं गेंद पर रोहित 27 रनों के कुल योग पर विकेट के पीछे ब्रेंडन टेलर के हाथों लपक लिए गए।
इसके बाद तीसरे क्रम पर बल्लेबाजी करने उतरे कोहली ने धवन के साथ संयम से खेलना शुरू किया और दूसरे विकेट के लिए 40 रन जोड़े। पिछेल मैच में शानदार शतक लगाने वाले धवन को वुशी सिबांदा ने माइकल चिनौया के हाथों कैच आउट करवाया। धवन ने 32 गेंदों में पांच चौके लगाए।
कोहली ने इसके बाद तीसरे विकेट के लिए भी अंबाती रायडू (33) के साथ अर्द्धशतकीय साझेदारी निभाई। टीम के कुल स्कोर में 64 रन जोड़ने के बाद रायडू ब्रायन विटोरी की गेंद पर कॉट एंड बोल्ड हो गए। रायडू ने 54 गेंदों का सामना किया और दो चौके लगाए।
इसके बाद चौथे विकेट के लिए कोहली का साथ देने उतरे सुरेश रैना (28) ने नाबाद 54 रनों की साझेदारी कर भारत को विजयी रन दिला दी। कोहली और रैना नाबाद लौटे।
कोहली ने जहां 88 गेंदों का सामना कर पांच चौके तथा एक छक्का लगाया, वहीं रैना ने तेज हाथ दिखाते हुए 18 गेंदों में तीन चौके लगाए।
इससे पहले मेजबान टीम 46 ओवरों में सभी विकेट गंवाकर 183 रन ही बना सकी थी। उसकी ओर से सीन विलियम्स ने सबसे अधिक 45 रन बनाए जबकि हेमिल्टन मासाकाद्जा ने 38 रनों का योगदान दिया। भारत की ओर से मोहम्मद समी ने भी दो विकेट लिए।
जिम्बाब्वे की शुरुआत अच्छी नहीं रही। दूसरे मैच में शानदार अर्द्धशतक लगाने वाले सलामी बल्लेबाज सिबांदा खाता भी नहीं खोल सके और विनय कुमार की गेंद पर धवन के हाथों लपके गए। उस समय जिम्बाब्वे का खाता भी नहीं खुला था।
इसके बाद दो रन के कुल योग पर समी ने सिकंदर राजा (1) को आउट करके जिम्बाब्वे को बड़ा झटका दिया। राजा इस शृंखला में जिम्बाब्वे के लिए सबसे अधिक रन बना चुके हैं।
राजा की विदाई के बाद हालांकि कप्तान टेलर (23) और मासाकाद्जा (38) ने तीसरे विकेट के लिए 65 रनों की साझेदारी की लेकिन 67 के कुल योग पर जयदेव उनादकत ने टेलर को आउट करके इस साझेदारी को तोड़ दिया।
टेलर ने 44 गेंदों पर तीन चौके लगाए। मासाकाद्जा का विकेट 80 रन के कुल योग पर मिश्रा ने लिया। मासाकाद्जा ने 53 गेंदों पर पांच चौके लगाए।
इसके बाद अगली ही गेंद पर मिश्रा ने मैल्कम वॉलर (0) को आउट किया लेकिन एल्टन चिगुम्बुरा (3) ने उन्हें हैट्रिक नहीं पूरी करने दी। चिगुम्बुरा हालांकि 89 के कुल योग पर रवींद्र जडेजा के शिकार बने।
प्रास्पर उत्सेया (10) और विलियम्स ने इसके बाद सातवें विकेट के लिए 36 रन जोड़े। उत्सेया का विकेट 125 रनों के कुल योग पर समी ने लिया। समी ने दो मौकों पर जिम्बाब्वे की अहम साझेदारियों को तोड़ा।
विलियम्स 53 गेंदों की आकर्षक पारी में दो चौके और एक छक्का लगाने के बाद 133 रनों के कुल योग पर रन आउट हुए। विटोरी (17) और तेंदाई चातारा (23) ने इसके बाद हालांकि नौवें विकेट के लिए 34 रन जोड़कर भारतीय टीम को विकेट के लिए इंतजार कराया।
विटोरी का विकेट 167 रनों के कुल योग पर गिरा। चातारा ने अंतिम विकेट के लिए माइकल चिनोउया (नाबाद 6) के साथ भी 17 रन जोड़े। अंतिम विकेट के तौर पर चातारा मिश्रा की गेंद पर स्टम्प किए गए। चातारा ने 42 गेंदों पर दो चौके और एक छक्का लगाया।टिप्पणियां
इस मैच के लिए भारत ने कोई परिवर्तन नहीं किया जबकि जिम्बाब्वे ने एक परिवर्तन के साथ मैदान में उतरने का फैसला किया। उसने केल जार्विस के स्थान पर माइकल चिनोउया को मौका दिया। माइकल अपने करियर का पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रहे हैं।
शृंखला पर अजेय बढ़त हासिल कर चुकी भारतीय टीम की तरफ से अगले दो एकदिवसीय मैचों में कुछ नए युवा खिलाड़ियों को टीम में शामिल किए जाने की भी उम्मीद है, जिसमें जम्मू एवं कश्मीर से पहली बार चुने गए किसी खिलाड़ी के रूप में परवेज रसूल पर पूरे देश की निगाहें हैं।
टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनते हुए भारत ने पहले जिम्बाब्वे को 183 रनों पर सीमित कर दिया। इसके बाद अपेक्षाकृत आसान लक्ष्य का पीछा करते हुए निर्धारित 50 ओवरों में 87 गेंद शेष रहते तीन विकेट पर 187 रन बनाकर जीत हासिल कर ली। मिश्रा को उनकी शानदार गेंदबाजी के लिए प्लेअर ऑफ द मैच चुना गया।
184 के लक्ष्य का पीछा करने उतरे भारतीय सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा (14) और शिखर धवन (35) ने सहज शुरुआत की, लेकिन यह जोड़ी अभी टिकती सी लग ही रही थी कि छठे ओवर की पांचवीं गेंद पर रोहित 27 रनों के कुल योग पर विकेट के पीछे ब्रेंडन टेलर के हाथों लपक लिए गए।
इसके बाद तीसरे क्रम पर बल्लेबाजी करने उतरे कोहली ने धवन के साथ संयम से खेलना शुरू किया और दूसरे विकेट के लिए 40 रन जोड़े। पिछेल मैच में शानदार शतक लगाने वाले धवन को वुशी सिबांदा ने माइकल चिनौया के हाथों कैच आउट करवाया। धवन ने 32 गेंदों में पांच चौके लगाए।
कोहली ने इसके बाद तीसरे विकेट के लिए भी अंबाती रायडू (33) के साथ अर्द्धशतकीय साझेदारी निभाई। टीम के कुल स्कोर में 64 रन जोड़ने के बाद रायडू ब्रायन विटोरी की गेंद पर कॉट एंड बोल्ड हो गए। रायडू ने 54 गेंदों का सामना किया और दो चौके लगाए।
इसके बाद चौथे विकेट के लिए कोहली का साथ देने उतरे सुरेश रैना (28) ने नाबाद 54 रनों की साझेदारी कर भारत को विजयी रन दिला दी। कोहली और रैना नाबाद लौटे।
कोहली ने जहां 88 गेंदों का सामना कर पांच चौके तथा एक छक्का लगाया, वहीं रैना ने तेज हाथ दिखाते हुए 18 गेंदों में तीन चौके लगाए।
इससे पहले मेजबान टीम 46 ओवरों में सभी विकेट गंवाकर 183 रन ही बना सकी थी। उसकी ओर से सीन विलियम्स ने सबसे अधिक 45 रन बनाए जबकि हेमिल्टन मासाकाद्जा ने 38 रनों का योगदान दिया। भारत की ओर से मोहम्मद समी ने भी दो विकेट लिए।
जिम्बाब्वे की शुरुआत अच्छी नहीं रही। दूसरे मैच में शानदार अर्द्धशतक लगाने वाले सलामी बल्लेबाज सिबांदा खाता भी नहीं खोल सके और विनय कुमार की गेंद पर धवन के हाथों लपके गए। उस समय जिम्बाब्वे का खाता भी नहीं खुला था।
इसके बाद दो रन के कुल योग पर समी ने सिकंदर राजा (1) को आउट करके जिम्बाब्वे को बड़ा झटका दिया। राजा इस शृंखला में जिम्बाब्वे के लिए सबसे अधिक रन बना चुके हैं।
राजा की विदाई के बाद हालांकि कप्तान टेलर (23) और मासाकाद्जा (38) ने तीसरे विकेट के लिए 65 रनों की साझेदारी की लेकिन 67 के कुल योग पर जयदेव उनादकत ने टेलर को आउट करके इस साझेदारी को तोड़ दिया।
टेलर ने 44 गेंदों पर तीन चौके लगाए। मासाकाद्जा का विकेट 80 रन के कुल योग पर मिश्रा ने लिया। मासाकाद्जा ने 53 गेंदों पर पांच चौके लगाए।
इसके बाद अगली ही गेंद पर मिश्रा ने मैल्कम वॉलर (0) को आउट किया लेकिन एल्टन चिगुम्बुरा (3) ने उन्हें हैट्रिक नहीं पूरी करने दी। चिगुम्बुरा हालांकि 89 के कुल योग पर रवींद्र जडेजा के शिकार बने।
प्रास्पर उत्सेया (10) और विलियम्स ने इसके बाद सातवें विकेट के लिए 36 रन जोड़े। उत्सेया का विकेट 125 रनों के कुल योग पर समी ने लिया। समी ने दो मौकों पर जिम्बाब्वे की अहम साझेदारियों को तोड़ा।
विलियम्स 53 गेंदों की आकर्षक पारी में दो चौके और एक छक्का लगाने के बाद 133 रनों के कुल योग पर रन आउट हुए। विटोरी (17) और तेंदाई चातारा (23) ने इसके बाद हालांकि नौवें विकेट के लिए 34 रन जोड़कर भारतीय टीम को विकेट के लिए इंतजार कराया।
विटोरी का विकेट 167 रनों के कुल योग पर गिरा। चातारा ने अंतिम विकेट के लिए माइकल चिनोउया (नाबाद 6) के साथ भी 17 रन जोड़े। अंतिम विकेट के तौर पर चातारा मिश्रा की गेंद पर स्टम्प किए गए। चातारा ने 42 गेंदों पर दो चौके और एक छक्का लगाया।टिप्पणियां
इस मैच के लिए भारत ने कोई परिवर्तन नहीं किया जबकि जिम्बाब्वे ने एक परिवर्तन के साथ मैदान में उतरने का फैसला किया। उसने केल जार्विस के स्थान पर माइकल चिनोउया को मौका दिया। माइकल अपने करियर का पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रहे हैं।
शृंखला पर अजेय बढ़त हासिल कर चुकी भारतीय टीम की तरफ से अगले दो एकदिवसीय मैचों में कुछ नए युवा खिलाड़ियों को टीम में शामिल किए जाने की भी उम्मीद है, जिसमें जम्मू एवं कश्मीर से पहली बार चुने गए किसी खिलाड़ी के रूप में परवेज रसूल पर पूरे देश की निगाहें हैं।
184 के लक्ष्य का पीछा करने उतरे भारतीय सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा (14) और शिखर धवन (35) ने सहज शुरुआत की, लेकिन यह जोड़ी अभी टिकती सी लग ही रही थी कि छठे ओवर की पांचवीं गेंद पर रोहित 27 रनों के कुल योग पर विकेट के पीछे ब्रेंडन टेलर के हाथों लपक लिए गए।
इसके बाद तीसरे क्रम पर बल्लेबाजी करने उतरे कोहली ने धवन के साथ संयम से खेलना शुरू किया और दूसरे विकेट के लिए 40 रन जोड़े। पिछेल मैच में शानदार शतक लगाने वाले धवन को वुशी सिबांदा ने माइकल चिनौया के हाथों कैच आउट करवाया। धवन ने 32 गेंदों में पांच चौके लगाए।
कोहली ने इसके बाद तीसरे विकेट के लिए भी अंबाती रायडू (33) के साथ अर्द्धशतकीय साझेदारी निभाई। टीम के कुल स्कोर में 64 रन जोड़ने के बाद रायडू ब्रायन विटोरी की गेंद पर कॉट एंड बोल्ड हो गए। रायडू ने 54 गेंदों का सामना किया और दो चौके लगाए।
इसके बाद चौथे विकेट के लिए कोहली का साथ देने उतरे सुरेश रैना (28) ने नाबाद 54 रनों की साझेदारी कर भारत को विजयी रन दिला दी। कोहली और रैना नाबाद लौटे।
कोहली ने जहां 88 गेंदों का सामना कर पांच चौके तथा एक छक्का लगाया, वहीं रैना ने तेज हाथ दिखाते हुए 18 गेंदों में तीन चौके लगाए।
इससे पहले मेजबान टीम 46 ओवरों में सभी विकेट गंवाकर 183 रन ही बना सकी थी। उसकी ओर से सीन विलियम्स ने सबसे अधिक 45 रन बनाए जबकि हेमिल्टन मासाकाद्जा ने 38 रनों का योगदान दिया। भारत की ओर से मोहम्मद समी ने भी दो विकेट लिए।
जिम्बाब्वे की शुरुआत अच्छी नहीं रही। दूसरे मैच में शानदार अर्द्धशतक लगाने वाले सलामी बल्लेबाज सिबांदा खाता भी नहीं खोल सके और विनय कुमार की गेंद पर धवन के हाथों लपके गए। उस समय जिम्बाब्वे का खाता भी नहीं खुला था।
इसके बाद दो रन के कुल योग पर समी ने सिकंदर राजा (1) को आउट करके जिम्बाब्वे को बड़ा झटका दिया। राजा इस शृंखला में जिम्बाब्वे के लिए सबसे अधिक रन बना चुके हैं।
राजा की विदाई के बाद हालांकि कप्तान टेलर (23) और मासाकाद्जा (38) ने तीसरे विकेट के लिए 65 रनों की साझेदारी की लेकिन 67 के कुल योग पर जयदेव उनादकत ने टेलर को आउट करके इस साझेदारी को तोड़ दिया।
टेलर ने 44 गेंदों पर तीन चौके लगाए। मासाकाद्जा का विकेट 80 रन के कुल योग पर मिश्रा ने लिया। मासाकाद्जा ने 53 गेंदों पर पांच चौके लगाए।
इसके बाद अगली ही गेंद पर मिश्रा ने मैल्कम वॉलर (0) को आउट किया लेकिन एल्टन चिगुम्बुरा (3) ने उन्हें हैट्रिक नहीं पूरी करने दी। चिगुम्बुरा हालांकि 89 के कुल योग पर रवींद्र जडेजा के शिकार बने।
प्रास्पर उत्सेया (10) और विलियम्स ने इसके बाद सातवें विकेट के लिए 36 रन जोड़े। उत्सेया का विकेट 125 रनों के कुल योग पर समी ने लिया। समी ने दो मौकों पर जिम्बाब्वे की अहम साझेदारियों को तोड़ा।
विलियम्स 53 गेंदों की आकर्षक पारी में दो चौके और एक छक्का लगाने के बाद 133 रनों के कुल योग पर रन आउट हुए। विटोरी (17) और तेंदाई चातारा (23) ने इसके बाद हालांकि नौवें विकेट के लिए 34 रन जोड़कर भारतीय टीम को विकेट के लिए इंतजार कराया।
विटोरी का विकेट 167 रनों के कुल योग पर गिरा। चातारा ने अंतिम विकेट के लिए माइकल चिनोउया (नाबाद 6) के साथ भी 17 रन जोड़े। अंतिम विकेट के तौर पर चातारा मिश्रा की गेंद पर स्टम्प किए गए। चातारा ने 42 गेंदों पर दो चौके और एक छक्का लगाया।टिप्पणियां
इस मैच के लिए भारत ने कोई परिवर्तन नहीं किया जबकि जिम्बाब्वे ने एक परिवर्तन के साथ मैदान में उतरने का फैसला किया। उसने केल जार्विस के स्थान पर माइकल चिनोउया को मौका दिया। माइकल अपने करियर का पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रहे हैं।
शृंखला पर अजेय बढ़त हासिल कर चुकी भारतीय टीम की तरफ से अगले दो एकदिवसीय मैचों में कुछ नए युवा खिलाड़ियों को टीम में शामिल किए जाने की भी उम्मीद है, जिसमें जम्मू एवं कश्मीर से पहली बार चुने गए किसी खिलाड़ी के रूप में परवेज रसूल पर पूरे देश की निगाहें हैं।
इसके बाद तीसरे क्रम पर बल्लेबाजी करने उतरे कोहली ने धवन के साथ संयम से खेलना शुरू किया और दूसरे विकेट के लिए 40 रन जोड़े। पिछेल मैच में शानदार शतक लगाने वाले धवन को वुशी सिबांदा ने माइकल चिनौया के हाथों कैच आउट करवाया। धवन ने 32 गेंदों में पांच चौके लगाए।
कोहली ने इसके बाद तीसरे विकेट के लिए भी अंबाती रायडू (33) के साथ अर्द्धशतकीय साझेदारी निभाई। टीम के कुल स्कोर में 64 रन जोड़ने के बाद रायडू ब्रायन विटोरी की गेंद पर कॉट एंड बोल्ड हो गए। रायडू ने 54 गेंदों का सामना किया और दो चौके लगाए।
इसके बाद चौथे विकेट के लिए कोहली का साथ देने उतरे सुरेश रैना (28) ने नाबाद 54 रनों की साझेदारी कर भारत को विजयी रन दिला दी। कोहली और रैना नाबाद लौटे।
कोहली ने जहां 88 गेंदों का सामना कर पांच चौके तथा एक छक्का लगाया, वहीं रैना ने तेज हाथ दिखाते हुए 18 गेंदों में तीन चौके लगाए।
इससे पहले मेजबान टीम 46 ओवरों में सभी विकेट गंवाकर 183 रन ही बना सकी थी। उसकी ओर से सीन विलियम्स ने सबसे अधिक 45 रन बनाए जबकि हेमिल्टन मासाकाद्जा ने 38 रनों का योगदान दिया। भारत की ओर से मोहम्मद समी ने भी दो विकेट लिए।
जिम्बाब्वे की शुरुआत अच्छी नहीं रही। दूसरे मैच में शानदार अर्द्धशतक लगाने वाले सलामी बल्लेबाज सिबांदा खाता भी नहीं खोल सके और विनय कुमार की गेंद पर धवन के हाथों लपके गए। उस समय जिम्बाब्वे का खाता भी नहीं खुला था।
इसके बाद दो रन के कुल योग पर समी ने सिकंदर राजा (1) को आउट करके जिम्बाब्वे को बड़ा झटका दिया। राजा इस शृंखला में जिम्बाब्वे के लिए सबसे अधिक रन बना चुके हैं।
राजा की विदाई के बाद हालांकि कप्तान टेलर (23) और मासाकाद्जा (38) ने तीसरे विकेट के लिए 65 रनों की साझेदारी की लेकिन 67 के कुल योग पर जयदेव उनादकत ने टेलर को आउट करके इस साझेदारी को तोड़ दिया।
टेलर ने 44 गेंदों पर तीन चौके लगाए। मासाकाद्जा का विकेट 80 रन के कुल योग पर मिश्रा ने लिया। मासाकाद्जा ने 53 गेंदों पर पांच चौके लगाए।
इसके बाद अगली ही गेंद पर मिश्रा ने मैल्कम वॉलर (0) को आउट किया लेकिन एल्टन चिगुम्बुरा (3) ने उन्हें हैट्रिक नहीं पूरी करने दी। चिगुम्बुरा हालांकि 89 के कुल योग पर रवींद्र जडेजा के शिकार बने।
प्रास्पर उत्सेया (10) और विलियम्स ने इसके बाद सातवें विकेट के लिए 36 रन जोड़े। उत्सेया का विकेट 125 रनों के कुल योग पर समी ने लिया। समी ने दो मौकों पर जिम्बाब्वे की अहम साझेदारियों को तोड़ा।
विलियम्स 53 गेंदों की आकर्षक पारी में दो चौके और एक छक्का लगाने के बाद 133 रनों के कुल योग पर रन आउट हुए। विटोरी (17) और तेंदाई चातारा (23) ने इसके बाद हालांकि नौवें विकेट के लिए 34 रन जोड़कर भारतीय टीम को विकेट के लिए इंतजार कराया।
विटोरी का विकेट 167 रनों के कुल योग पर गिरा। चातारा ने अंतिम विकेट के लिए माइकल चिनोउया (नाबाद 6) के साथ भी 17 रन जोड़े। अंतिम विकेट के तौर पर चातारा मिश्रा की गेंद पर स्टम्प किए गए। चातारा ने 42 गेंदों पर दो चौके और एक छक्का लगाया।टिप्पणियां
इस मैच के लिए भारत ने कोई परिवर्तन नहीं किया जबकि जिम्बाब्वे ने एक परिवर्तन के साथ मैदान में उतरने का फैसला किया। उसने केल जार्विस के स्थान पर माइकल चिनोउया को मौका दिया। माइकल अपने करियर का पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रहे हैं।
शृंखला पर अजेय बढ़त हासिल कर चुकी भारतीय टीम की तरफ से अगले दो एकदिवसीय मैचों में कुछ नए युवा खिलाड़ियों को टीम में शामिल किए जाने की भी उम्मीद है, जिसमें जम्मू एवं कश्मीर से पहली बार चुने गए किसी खिलाड़ी के रूप में परवेज रसूल पर पूरे देश की निगाहें हैं।
कोहली ने इसके बाद तीसरे विकेट के लिए भी अंबाती रायडू (33) के साथ अर्द्धशतकीय साझेदारी निभाई। टीम के कुल स्कोर में 64 रन जोड़ने के बाद रायडू ब्रायन विटोरी की गेंद पर कॉट एंड बोल्ड हो गए। रायडू ने 54 गेंदों का सामना किया और दो चौके लगाए।
इसके बाद चौथे विकेट के लिए कोहली का साथ देने उतरे सुरेश रैना (28) ने नाबाद 54 रनों की साझेदारी कर भारत को विजयी रन दिला दी। कोहली और रैना नाबाद लौटे।
कोहली ने जहां 88 गेंदों का सामना कर पांच चौके तथा एक छक्का लगाया, वहीं रैना ने तेज हाथ दिखाते हुए 18 गेंदों में तीन चौके लगाए।
इससे पहले मेजबान टीम 46 ओवरों में सभी विकेट गंवाकर 183 रन ही बना सकी थी। उसकी ओर से सीन विलियम्स ने सबसे अधिक 45 रन बनाए जबकि हेमिल्टन मासाकाद्जा ने 38 रनों का योगदान दिया। भारत की ओर से मोहम्मद समी ने भी दो विकेट लिए।
जिम्बाब्वे की शुरुआत अच्छी नहीं रही। दूसरे मैच में शानदार अर्द्धशतक लगाने वाले सलामी बल्लेबाज सिबांदा खाता भी नहीं खोल सके और विनय कुमार की गेंद पर धवन के हाथों लपके गए। उस समय जिम्बाब्वे का खाता भी नहीं खुला था।
इसके बाद दो रन के कुल योग पर समी ने सिकंदर राजा (1) को आउट करके जिम्बाब्वे को बड़ा झटका दिया। राजा इस शृंखला में जिम्बाब्वे के लिए सबसे अधिक रन बना चुके हैं।
राजा की विदाई के बाद हालांकि कप्तान टेलर (23) और मासाकाद्जा (38) ने तीसरे विकेट के लिए 65 रनों की साझेदारी की लेकिन 67 के कुल योग पर जयदेव उनादकत ने टेलर को आउट करके इस साझेदारी को तोड़ दिया।
टेलर ने 44 गेंदों पर तीन चौके लगाए। मासाकाद्जा का विकेट 80 रन के कुल योग पर मिश्रा ने लिया। मासाकाद्जा ने 53 गेंदों पर पांच चौके लगाए।
इसके बाद अगली ही गेंद पर मिश्रा ने मैल्कम वॉलर (0) को आउट किया लेकिन एल्टन चिगुम्बुरा (3) ने उन्हें हैट्रिक नहीं पूरी करने दी। चिगुम्बुरा हालांकि 89 के कुल योग पर रवींद्र जडेजा के शिकार बने।
प्रास्पर उत्सेया (10) और विलियम्स ने इसके बाद सातवें विकेट के लिए 36 रन जोड़े। उत्सेया का विकेट 125 रनों के कुल योग पर समी ने लिया। समी ने दो मौकों पर जिम्बाब्वे की अहम साझेदारियों को तोड़ा।
विलियम्स 53 गेंदों की आकर्षक पारी में दो चौके और एक छक्का लगाने के बाद 133 रनों के कुल योग पर रन आउट हुए। विटोरी (17) और तेंदाई चातारा (23) ने इसके बाद हालांकि नौवें विकेट के लिए 34 रन जोड़कर भारतीय टीम को विकेट के लिए इंतजार कराया।
विटोरी का विकेट 167 रनों के कुल योग पर गिरा। चातारा ने अंतिम विकेट के लिए माइकल चिनोउया (नाबाद 6) के साथ भी 17 रन जोड़े। अंतिम विकेट के तौर पर चातारा मिश्रा की गेंद पर स्टम्प किए गए। चातारा ने 42 गेंदों पर दो चौके और एक छक्का लगाया।टिप्पणियां
इस मैच के लिए भारत ने कोई परिवर्तन नहीं किया जबकि जिम्बाब्वे ने एक परिवर्तन के साथ मैदान में उतरने का फैसला किया। उसने केल जार्विस के स्थान पर माइकल चिनोउया को मौका दिया। माइकल अपने करियर का पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रहे हैं।
शृंखला पर अजेय बढ़त हासिल कर चुकी भारतीय टीम की तरफ से अगले दो एकदिवसीय मैचों में कुछ नए युवा खिलाड़ियों को टीम में शामिल किए जाने की भी उम्मीद है, जिसमें जम्मू एवं कश्मीर से पहली बार चुने गए किसी खिलाड़ी के रूप में परवेज रसूल पर पूरे देश की निगाहें हैं।
इसके बाद चौथे विकेट के लिए कोहली का साथ देने उतरे सुरेश रैना (28) ने नाबाद 54 रनों की साझेदारी कर भारत को विजयी रन दिला दी। कोहली और रैना नाबाद लौटे।
कोहली ने जहां 88 गेंदों का सामना कर पांच चौके तथा एक छक्का लगाया, वहीं रैना ने तेज हाथ दिखाते हुए 18 गेंदों में तीन चौके लगाए।
इससे पहले मेजबान टीम 46 ओवरों में सभी विकेट गंवाकर 183 रन ही बना सकी थी। उसकी ओर से सीन विलियम्स ने सबसे अधिक 45 रन बनाए जबकि हेमिल्टन मासाकाद्जा ने 38 रनों का योगदान दिया। भारत की ओर से मोहम्मद समी ने भी दो विकेट लिए।
जिम्बाब्वे की शुरुआत अच्छी नहीं रही। दूसरे मैच में शानदार अर्द्धशतक लगाने वाले सलामी बल्लेबाज सिबांदा खाता भी नहीं खोल सके और विनय कुमार की गेंद पर धवन के हाथों लपके गए। उस समय जिम्बाब्वे का खाता भी नहीं खुला था।
इसके बाद दो रन के कुल योग पर समी ने सिकंदर राजा (1) को आउट करके जिम्बाब्वे को बड़ा झटका दिया। राजा इस शृंखला में जिम्बाब्वे के लिए सबसे अधिक रन बना चुके हैं।
राजा की विदाई के बाद हालांकि कप्तान टेलर (23) और मासाकाद्जा (38) ने तीसरे विकेट के लिए 65 रनों की साझेदारी की लेकिन 67 के कुल योग पर जयदेव उनादकत ने टेलर को आउट करके इस साझेदारी को तोड़ दिया।
टेलर ने 44 गेंदों पर तीन चौके लगाए। मासाकाद्जा का विकेट 80 रन के कुल योग पर मिश्रा ने लिया। मासाकाद्जा ने 53 गेंदों पर पांच चौके लगाए।
इसके बाद अगली ही गेंद पर मिश्रा ने मैल्कम वॉलर (0) को आउट किया लेकिन एल्टन चिगुम्बुरा (3) ने उन्हें हैट्रिक नहीं पूरी करने दी। चिगुम्बुरा हालांकि 89 के कुल योग पर रवींद्र जडेजा के शिकार बने।
प्रास्पर उत्सेया (10) और विलियम्स ने इसके बाद सातवें विकेट के लिए 36 रन जोड़े। उत्सेया का विकेट 125 रनों के कुल योग पर समी ने लिया। समी ने दो मौकों पर जिम्बाब्वे की अहम साझेदारियों को तोड़ा।
विलियम्स 53 गेंदों की आकर्षक पारी में दो चौके और एक छक्का लगाने के बाद 133 रनों के कुल योग पर रन आउट हुए। विटोरी (17) और तेंदाई चातारा (23) ने इसके बाद हालांकि नौवें विकेट के लिए 34 रन जोड़कर भारतीय टीम को विकेट के लिए इंतजार कराया।
विटोरी का विकेट 167 रनों के कुल योग पर गिरा। चातारा ने अंतिम विकेट के लिए माइकल चिनोउया (नाबाद 6) के साथ भी 17 रन जोड़े। अंतिम विकेट के तौर पर चातारा मिश्रा की गेंद पर स्टम्प किए गए। चातारा ने 42 गेंदों पर दो चौके और एक छक्का लगाया।टिप्पणियां
इस मैच के लिए भारत ने कोई परिवर्तन नहीं किया जबकि जिम्बाब्वे ने एक परिवर्तन के साथ मैदान में उतरने का फैसला किया। उसने केल जार्विस के स्थान पर माइकल चिनोउया को मौका दिया। माइकल अपने करियर का पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रहे हैं।
शृंखला पर अजेय बढ़त हासिल कर चुकी भारतीय टीम की तरफ से अगले दो एकदिवसीय मैचों में कुछ नए युवा खिलाड़ियों को टीम में शामिल किए जाने की भी उम्मीद है, जिसमें जम्मू एवं कश्मीर से पहली बार चुने गए किसी खिलाड़ी के रूप में परवेज रसूल पर पूरे देश की निगाहें हैं।
कोहली ने जहां 88 गेंदों का सामना कर पांच चौके तथा एक छक्का लगाया, वहीं रैना ने तेज हाथ दिखाते हुए 18 गेंदों में तीन चौके लगाए।
इससे पहले मेजबान टीम 46 ओवरों में सभी विकेट गंवाकर 183 रन ही बना सकी थी। उसकी ओर से सीन विलियम्स ने सबसे अधिक 45 रन बनाए जबकि हेमिल्टन मासाकाद्जा ने 38 रनों का योगदान दिया। भारत की ओर से मोहम्मद समी ने भी दो विकेट लिए।
जिम्बाब्वे की शुरुआत अच्छी नहीं रही। दूसरे मैच में शानदार अर्द्धशतक लगाने वाले सलामी बल्लेबाज सिबांदा खाता भी नहीं खोल सके और विनय कुमार की गेंद पर धवन के हाथों लपके गए। उस समय जिम्बाब्वे का खाता भी नहीं खुला था।
इसके बाद दो रन के कुल योग पर समी ने सिकंदर राजा (1) को आउट करके जिम्बाब्वे को बड़ा झटका दिया। राजा इस शृंखला में जिम्बाब्वे के लिए सबसे अधिक रन बना चुके हैं।
राजा की विदाई के बाद हालांकि कप्तान टेलर (23) और मासाकाद्जा (38) ने तीसरे विकेट के लिए 65 रनों की साझेदारी की लेकिन 67 के कुल योग पर जयदेव उनादकत ने टेलर को आउट करके इस साझेदारी को तोड़ दिया।
टेलर ने 44 गेंदों पर तीन चौके लगाए। मासाकाद्जा का विकेट 80 रन के कुल योग पर मिश्रा ने लिया। मासाकाद्जा ने 53 गेंदों पर पांच चौके लगाए।
इसके बाद अगली ही गेंद पर मिश्रा ने मैल्कम वॉलर (0) को आउट किया लेकिन एल्टन चिगुम्बुरा (3) ने उन्हें हैट्रिक नहीं पूरी करने दी। चिगुम्बुरा हालांकि 89 के कुल योग पर रवींद्र जडेजा के शिकार बने।
प्रास्पर उत्सेया (10) और विलियम्स ने इसके बाद सातवें विकेट के लिए 36 रन जोड़े। उत्सेया का विकेट 125 रनों के कुल योग पर समी ने लिया। समी ने दो मौकों पर जिम्बाब्वे की अहम साझेदारियों को तोड़ा।
विलियम्स 53 गेंदों की आकर्षक पारी में दो चौके और एक छक्का लगाने के बाद 133 रनों के कुल योग पर रन आउट हुए। विटोरी (17) और तेंदाई चातारा (23) ने इसके बाद हालांकि नौवें विकेट के लिए 34 रन जोड़कर भारतीय टीम को विकेट के लिए इंतजार कराया।
विटोरी का विकेट 167 रनों के कुल योग पर गिरा। चातारा ने अंतिम विकेट के लिए माइकल चिनोउया (नाबाद 6) के साथ भी 17 रन जोड़े। अंतिम विकेट के तौर पर चातारा मिश्रा की गेंद पर स्टम्प किए गए। चातारा ने 42 गेंदों पर दो चौके और एक छक्का लगाया।टिप्पणियां
इस मैच के लिए भारत ने कोई परिवर्तन नहीं किया जबकि जिम्बाब्वे ने एक परिवर्तन के साथ मैदान में उतरने का फैसला किया। उसने केल जार्विस के स्थान पर माइकल चिनोउया को मौका दिया। माइकल अपने करियर का पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रहे हैं।
शृंखला पर अजेय बढ़त हासिल कर चुकी भारतीय टीम की तरफ से अगले दो एकदिवसीय मैचों में कुछ नए युवा खिलाड़ियों को टीम में शामिल किए जाने की भी उम्मीद है, जिसमें जम्मू एवं कश्मीर से पहली बार चुने गए किसी खिलाड़ी के रूप में परवेज रसूल पर पूरे देश की निगाहें हैं।
इससे पहले मेजबान टीम 46 ओवरों में सभी विकेट गंवाकर 183 रन ही बना सकी थी। उसकी ओर से सीन विलियम्स ने सबसे अधिक 45 रन बनाए जबकि हेमिल्टन मासाकाद्जा ने 38 रनों का योगदान दिया। भारत की ओर से मोहम्मद समी ने भी दो विकेट लिए।
जिम्बाब्वे की शुरुआत अच्छी नहीं रही। दूसरे मैच में शानदार अर्द्धशतक लगाने वाले सलामी बल्लेबाज सिबांदा खाता भी नहीं खोल सके और विनय कुमार की गेंद पर धवन के हाथों लपके गए। उस समय जिम्बाब्वे का खाता भी नहीं खुला था।
इसके बाद दो रन के कुल योग पर समी ने सिकंदर राजा (1) को आउट करके जिम्बाब्वे को बड़ा झटका दिया। राजा इस शृंखला में जिम्बाब्वे के लिए सबसे अधिक रन बना चुके हैं।
राजा की विदाई के बाद हालांकि कप्तान टेलर (23) और मासाकाद्जा (38) ने तीसरे विकेट के लिए 65 रनों की साझेदारी की लेकिन 67 के कुल योग पर जयदेव उनादकत ने टेलर को आउट करके इस साझेदारी को तोड़ दिया।
टेलर ने 44 गेंदों पर तीन चौके लगाए। मासाकाद्जा का विकेट 80 रन के कुल योग पर मिश्रा ने लिया। मासाकाद्जा ने 53 गेंदों पर पांच चौके लगाए।
इसके बाद अगली ही गेंद पर मिश्रा ने मैल्कम वॉलर (0) को आउट किया लेकिन एल्टन चिगुम्बुरा (3) ने उन्हें हैट्रिक नहीं पूरी करने दी। चिगुम्बुरा हालांकि 89 के कुल योग पर रवींद्र जडेजा के शिकार बने।
प्रास्पर उत्सेया (10) और विलियम्स ने इसके बाद सातवें विकेट के लिए 36 रन जोड़े। उत्सेया का विकेट 125 रनों के कुल योग पर समी ने लिया। समी ने दो मौकों पर जिम्बाब्वे की अहम साझेदारियों को तोड़ा।
विलियम्स 53 गेंदों की आकर्षक पारी में दो चौके और एक छक्का लगाने के बाद 133 रनों के कुल योग पर रन आउट हुए। विटोरी (17) और तेंदाई चातारा (23) ने इसके बाद हालांकि नौवें विकेट के लिए 34 रन जोड़कर भारतीय टीम को विकेट के लिए इंतजार कराया।
विटोरी का विकेट 167 रनों के कुल योग पर गिरा। चातारा ने अंतिम विकेट के लिए माइकल चिनोउया (नाबाद 6) के साथ भी 17 रन जोड़े। अंतिम विकेट के तौर पर चातारा मिश्रा की गेंद पर स्टम्प किए गए। चातारा ने 42 गेंदों पर दो चौके और एक छक्का लगाया।टिप्पणियां
इस मैच के लिए भारत ने कोई परिवर्तन नहीं किया जबकि जिम्बाब्वे ने एक परिवर्तन के साथ मैदान में उतरने का फैसला किया। उसने केल जार्विस के स्थान पर माइकल चिनोउया को मौका दिया। माइकल अपने करियर का पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रहे हैं।
शृंखला पर अजेय बढ़त हासिल कर चुकी भारतीय टीम की तरफ से अगले दो एकदिवसीय मैचों में कुछ नए युवा खिलाड़ियों को टीम में शामिल किए जाने की भी उम्मीद है, जिसमें जम्मू एवं कश्मीर से पहली बार चुने गए किसी खिलाड़ी के रूप में परवेज रसूल पर पूरे देश की निगाहें हैं।
जिम्बाब्वे की शुरुआत अच्छी नहीं रही। दूसरे मैच में शानदार अर्द्धशतक लगाने वाले सलामी बल्लेबाज सिबांदा खाता भी नहीं खोल सके और विनय कुमार की गेंद पर धवन के हाथों लपके गए। उस समय जिम्बाब्वे का खाता भी नहीं खुला था।
इसके बाद दो रन के कुल योग पर समी ने सिकंदर राजा (1) को आउट करके जिम्बाब्वे को बड़ा झटका दिया। राजा इस शृंखला में जिम्बाब्वे के लिए सबसे अधिक रन बना चुके हैं।
राजा की विदाई के बाद हालांकि कप्तान टेलर (23) और मासाकाद्जा (38) ने तीसरे विकेट के लिए 65 रनों की साझेदारी की लेकिन 67 के कुल योग पर जयदेव उनादकत ने टेलर को आउट करके इस साझेदारी को तोड़ दिया।
टेलर ने 44 गेंदों पर तीन चौके लगाए। मासाकाद्जा का विकेट 80 रन के कुल योग पर मिश्रा ने लिया। मासाकाद्जा ने 53 गेंदों पर पांच चौके लगाए।
इसके बाद अगली ही गेंद पर मिश्रा ने मैल्कम वॉलर (0) को आउट किया लेकिन एल्टन चिगुम्बुरा (3) ने उन्हें हैट्रिक नहीं पूरी करने दी। चिगुम्बुरा हालांकि 89 के कुल योग पर रवींद्र जडेजा के शिकार बने।
प्रास्पर उत्सेया (10) और विलियम्स ने इसके बाद सातवें विकेट के लिए 36 रन जोड़े। उत्सेया का विकेट 125 रनों के कुल योग पर समी ने लिया। समी ने दो मौकों पर जिम्बाब्वे की अहम साझेदारियों को तोड़ा।
विलियम्स 53 गेंदों की आकर्षक पारी में दो चौके और एक छक्का लगाने के बाद 133 रनों के कुल योग पर रन आउट हुए। विटोरी (17) और तेंदाई चातारा (23) ने इसके बाद हालांकि नौवें विकेट के लिए 34 रन जोड़कर भारतीय टीम को विकेट के लिए इंतजार कराया।
विटोरी का विकेट 167 रनों के कुल योग पर गिरा। चातारा ने अंतिम विकेट के लिए माइकल चिनोउया (नाबाद 6) के साथ भी 17 रन जोड़े। अंतिम विकेट के तौर पर चातारा मिश्रा की गेंद पर स्टम्प किए गए। चातारा ने 42 गेंदों पर दो चौके और एक छक्का लगाया।टिप्पणियां
इस मैच के लिए भारत ने कोई परिवर्तन नहीं किया जबकि जिम्बाब्वे ने एक परिवर्तन के साथ मैदान में उतरने का फैसला किया। उसने केल जार्विस के स्थान पर माइकल चिनोउया को मौका दिया। माइकल अपने करियर का पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रहे हैं।
शृंखला पर अजेय बढ़त हासिल कर चुकी भारतीय टीम की तरफ से अगले दो एकदिवसीय मैचों में कुछ नए युवा खिलाड़ियों को टीम में शामिल किए जाने की भी उम्मीद है, जिसमें जम्मू एवं कश्मीर से पहली बार चुने गए किसी खिलाड़ी के रूप में परवेज रसूल पर पूरे देश की निगाहें हैं।
इसके बाद दो रन के कुल योग पर समी ने सिकंदर राजा (1) को आउट करके जिम्बाब्वे को बड़ा झटका दिया। राजा इस शृंखला में जिम्बाब्वे के लिए सबसे अधिक रन बना चुके हैं।
राजा की विदाई के बाद हालांकि कप्तान टेलर (23) और मासाकाद्जा (38) ने तीसरे विकेट के लिए 65 रनों की साझेदारी की लेकिन 67 के कुल योग पर जयदेव उनादकत ने टेलर को आउट करके इस साझेदारी को तोड़ दिया।
टेलर ने 44 गेंदों पर तीन चौके लगाए। मासाकाद्जा का विकेट 80 रन के कुल योग पर मिश्रा ने लिया। मासाकाद्जा ने 53 गेंदों पर पांच चौके लगाए।
इसके बाद अगली ही गेंद पर मिश्रा ने मैल्कम वॉलर (0) को आउट किया लेकिन एल्टन चिगुम्बुरा (3) ने उन्हें हैट्रिक नहीं पूरी करने दी। चिगुम्बुरा हालांकि 89 के कुल योग पर रवींद्र जडेजा के शिकार बने।
प्रास्पर उत्सेया (10) और विलियम्स ने इसके बाद सातवें विकेट के लिए 36 रन जोड़े। उत्सेया का विकेट 125 रनों के कुल योग पर समी ने लिया। समी ने दो मौकों पर जिम्बाब्वे की अहम साझेदारियों को तोड़ा।
विलियम्स 53 गेंदों की आकर्षक पारी में दो चौके और एक छक्का लगाने के बाद 133 रनों के कुल योग पर रन आउट हुए। विटोरी (17) और तेंदाई चातारा (23) ने इसके बाद हालांकि नौवें विकेट के लिए 34 रन जोड़कर भारतीय टीम को विकेट के लिए इंतजार कराया।
विटोरी का विकेट 167 रनों के कुल योग पर गिरा। चातारा ने अंतिम विकेट के लिए माइकल चिनोउया (नाबाद 6) के साथ भी 17 रन जोड़े। अंतिम विकेट के तौर पर चातारा मिश्रा की गेंद पर स्टम्प किए गए। चातारा ने 42 गेंदों पर दो चौके और एक छक्का लगाया।टिप्पणियां
इस मैच के लिए भारत ने कोई परिवर्तन नहीं किया जबकि जिम्बाब्वे ने एक परिवर्तन के साथ मैदान में उतरने का फैसला किया। उसने केल जार्विस के स्थान पर माइकल चिनोउया को मौका दिया। माइकल अपने करियर का पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रहे हैं।
शृंखला पर अजेय बढ़त हासिल कर चुकी भारतीय टीम की तरफ से अगले दो एकदिवसीय मैचों में कुछ नए युवा खिलाड़ियों को टीम में शामिल किए जाने की भी उम्मीद है, जिसमें जम्मू एवं कश्मीर से पहली बार चुने गए किसी खिलाड़ी के रूप में परवेज रसूल पर पूरे देश की निगाहें हैं।
राजा की विदाई के बाद हालांकि कप्तान टेलर (23) और मासाकाद्जा (38) ने तीसरे विकेट के लिए 65 रनों की साझेदारी की लेकिन 67 के कुल योग पर जयदेव उनादकत ने टेलर को आउट करके इस साझेदारी को तोड़ दिया।
टेलर ने 44 गेंदों पर तीन चौके लगाए। मासाकाद्जा का विकेट 80 रन के कुल योग पर मिश्रा ने लिया। मासाकाद्जा ने 53 गेंदों पर पांच चौके लगाए।
इसके बाद अगली ही गेंद पर मिश्रा ने मैल्कम वॉलर (0) को आउट किया लेकिन एल्टन चिगुम्बुरा (3) ने उन्हें हैट्रिक नहीं पूरी करने दी। चिगुम्बुरा हालांकि 89 के कुल योग पर रवींद्र जडेजा के शिकार बने।
प्रास्पर उत्सेया (10) और विलियम्स ने इसके बाद सातवें विकेट के लिए 36 रन जोड़े। उत्सेया का विकेट 125 रनों के कुल योग पर समी ने लिया। समी ने दो मौकों पर जिम्बाब्वे की अहम साझेदारियों को तोड़ा।
विलियम्स 53 गेंदों की आकर्षक पारी में दो चौके और एक छक्का लगाने के बाद 133 रनों के कुल योग पर रन आउट हुए। विटोरी (17) और तेंदाई चातारा (23) ने इसके बाद हालांकि नौवें विकेट के लिए 34 रन जोड़कर भारतीय टीम को विकेट के लिए इंतजार कराया।
विटोरी का विकेट 167 रनों के कुल योग पर गिरा। चातारा ने अंतिम विकेट के लिए माइकल चिनोउया (नाबाद 6) के साथ भी 17 रन जोड़े। अंतिम विकेट के तौर पर चातारा मिश्रा की गेंद पर स्टम्प किए गए। चातारा ने 42 गेंदों पर दो चौके और एक छक्का लगाया।टिप्पणियां
इस मैच के लिए भारत ने कोई परिवर्तन नहीं किया जबकि जिम्बाब्वे ने एक परिवर्तन के साथ मैदान में उतरने का फैसला किया। उसने केल जार्विस के स्थान पर माइकल चिनोउया को मौका दिया। माइकल अपने करियर का पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रहे हैं।
शृंखला पर अजेय बढ़त हासिल कर चुकी भारतीय टीम की तरफ से अगले दो एकदिवसीय मैचों में कुछ नए युवा खिलाड़ियों को टीम में शामिल किए जाने की भी उम्मीद है, जिसमें जम्मू एवं कश्मीर से पहली बार चुने गए किसी खिलाड़ी के रूप में परवेज रसूल पर पूरे देश की निगाहें हैं।
टेलर ने 44 गेंदों पर तीन चौके लगाए। मासाकाद्जा का विकेट 80 रन के कुल योग पर मिश्रा ने लिया। मासाकाद्जा ने 53 गेंदों पर पांच चौके लगाए।
इसके बाद अगली ही गेंद पर मिश्रा ने मैल्कम वॉलर (0) को आउट किया लेकिन एल्टन चिगुम्बुरा (3) ने उन्हें हैट्रिक नहीं पूरी करने दी। चिगुम्बुरा हालांकि 89 के कुल योग पर रवींद्र जडेजा के शिकार बने।
प्रास्पर उत्सेया (10) और विलियम्स ने इसके बाद सातवें विकेट के लिए 36 रन जोड़े। उत्सेया का विकेट 125 रनों के कुल योग पर समी ने लिया। समी ने दो मौकों पर जिम्बाब्वे की अहम साझेदारियों को तोड़ा।
विलियम्स 53 गेंदों की आकर्षक पारी में दो चौके और एक छक्का लगाने के बाद 133 रनों के कुल योग पर रन आउट हुए। विटोरी (17) और तेंदाई चातारा (23) ने इसके बाद हालांकि नौवें विकेट के लिए 34 रन जोड़कर भारतीय टीम को विकेट के लिए इंतजार कराया।
विटोरी का विकेट 167 रनों के कुल योग पर गिरा। चातारा ने अंतिम विकेट के लिए माइकल चिनोउया (नाबाद 6) के साथ भी 17 रन जोड़े। अंतिम विकेट के तौर पर चातारा मिश्रा की गेंद पर स्टम्प किए गए। चातारा ने 42 गेंदों पर दो चौके और एक छक्का लगाया।टिप्पणियां
इस मैच के लिए भारत ने कोई परिवर्तन नहीं किया जबकि जिम्बाब्वे ने एक परिवर्तन के साथ मैदान में उतरने का फैसला किया। उसने केल जार्विस के स्थान पर माइकल चिनोउया को मौका दिया। माइकल अपने करियर का पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रहे हैं।
शृंखला पर अजेय बढ़त हासिल कर चुकी भारतीय टीम की तरफ से अगले दो एकदिवसीय मैचों में कुछ नए युवा खिलाड़ियों को टीम में शामिल किए जाने की भी उम्मीद है, जिसमें जम्मू एवं कश्मीर से पहली बार चुने गए किसी खिलाड़ी के रूप में परवेज रसूल पर पूरे देश की निगाहें हैं।
इसके बाद अगली ही गेंद पर मिश्रा ने मैल्कम वॉलर (0) को आउट किया लेकिन एल्टन चिगुम्बुरा (3) ने उन्हें हैट्रिक नहीं पूरी करने दी। चिगुम्बुरा हालांकि 89 के कुल योग पर रवींद्र जडेजा के शिकार बने।
प्रास्पर उत्सेया (10) और विलियम्स ने इसके बाद सातवें विकेट के लिए 36 रन जोड़े। उत्सेया का विकेट 125 रनों के कुल योग पर समी ने लिया। समी ने दो मौकों पर जिम्बाब्वे की अहम साझेदारियों को तोड़ा।
विलियम्स 53 गेंदों की आकर्षक पारी में दो चौके और एक छक्का लगाने के बाद 133 रनों के कुल योग पर रन आउट हुए। विटोरी (17) और तेंदाई चातारा (23) ने इसके बाद हालांकि नौवें विकेट के लिए 34 रन जोड़कर भारतीय टीम को विकेट के लिए इंतजार कराया।
विटोरी का विकेट 167 रनों के कुल योग पर गिरा। चातारा ने अंतिम विकेट के लिए माइकल चिनोउया (नाबाद 6) के साथ भी 17 रन जोड़े। अंतिम विकेट के तौर पर चातारा मिश्रा की गेंद पर स्टम्प किए गए। चातारा ने 42 गेंदों पर दो चौके और एक छक्का लगाया।टिप्पणियां
इस मैच के लिए भारत ने कोई परिवर्तन नहीं किया जबकि जिम्बाब्वे ने एक परिवर्तन के साथ मैदान में उतरने का फैसला किया। उसने केल जार्विस के स्थान पर माइकल चिनोउया को मौका दिया। माइकल अपने करियर का पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रहे हैं।
शृंखला पर अजेय बढ़त हासिल कर चुकी भारतीय टीम की तरफ से अगले दो एकदिवसीय मैचों में कुछ नए युवा खिलाड़ियों को टीम में शामिल किए जाने की भी उम्मीद है, जिसमें जम्मू एवं कश्मीर से पहली बार चुने गए किसी खिलाड़ी के रूप में परवेज रसूल पर पूरे देश की निगाहें हैं।
प्रास्पर उत्सेया (10) और विलियम्स ने इसके बाद सातवें विकेट के लिए 36 रन जोड़े। उत्सेया का विकेट 125 रनों के कुल योग पर समी ने लिया। समी ने दो मौकों पर जिम्बाब्वे की अहम साझेदारियों को तोड़ा।
विलियम्स 53 गेंदों की आकर्षक पारी में दो चौके और एक छक्का लगाने के बाद 133 रनों के कुल योग पर रन आउट हुए। विटोरी (17) और तेंदाई चातारा (23) ने इसके बाद हालांकि नौवें विकेट के लिए 34 रन जोड़कर भारतीय टीम को विकेट के लिए इंतजार कराया।
विटोरी का विकेट 167 रनों के कुल योग पर गिरा। चातारा ने अंतिम विकेट के लिए माइकल चिनोउया (नाबाद 6) के साथ भी 17 रन जोड़े। अंतिम विकेट के तौर पर चातारा मिश्रा की गेंद पर स्टम्प किए गए। चातारा ने 42 गेंदों पर दो चौके और एक छक्का लगाया।टिप्पणियां
इस मैच के लिए भारत ने कोई परिवर्तन नहीं किया जबकि जिम्बाब्वे ने एक परिवर्तन के साथ मैदान में उतरने का फैसला किया। उसने केल जार्विस के स्थान पर माइकल चिनोउया को मौका दिया। माइकल अपने करियर का पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रहे हैं।
शृंखला पर अजेय बढ़त हासिल कर चुकी भारतीय टीम की तरफ से अगले दो एकदिवसीय मैचों में कुछ नए युवा खिलाड़ियों को टीम में शामिल किए जाने की भी उम्मीद है, जिसमें जम्मू एवं कश्मीर से पहली बार चुने गए किसी खिलाड़ी के रूप में परवेज रसूल पर पूरे देश की निगाहें हैं।
विलियम्स 53 गेंदों की आकर्षक पारी में दो चौके और एक छक्का लगाने के बाद 133 रनों के कुल योग पर रन आउट हुए। विटोरी (17) और तेंदाई चातारा (23) ने इसके बाद हालांकि नौवें विकेट के लिए 34 रन जोड़कर भारतीय टीम को विकेट के लिए इंतजार कराया।
विटोरी का विकेट 167 रनों के कुल योग पर गिरा। चातारा ने अंतिम विकेट के लिए माइकल चिनोउया (नाबाद 6) के साथ भी 17 रन जोड़े। अंतिम विकेट के तौर पर चातारा मिश्रा की गेंद पर स्टम्प किए गए। चातारा ने 42 गेंदों पर दो चौके और एक छक्का लगाया।टिप्पणियां
इस मैच के लिए भारत ने कोई परिवर्तन नहीं किया जबकि जिम्बाब्वे ने एक परिवर्तन के साथ मैदान में उतरने का फैसला किया। उसने केल जार्विस के स्थान पर माइकल चिनोउया को मौका दिया। माइकल अपने करियर का पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रहे हैं।
शृंखला पर अजेय बढ़त हासिल कर चुकी भारतीय टीम की तरफ से अगले दो एकदिवसीय मैचों में कुछ नए युवा खिलाड़ियों को टीम में शामिल किए जाने की भी उम्मीद है, जिसमें जम्मू एवं कश्मीर से पहली बार चुने गए किसी खिलाड़ी के रूप में परवेज रसूल पर पूरे देश की निगाहें हैं।
विटोरी का विकेट 167 रनों के कुल योग पर गिरा। चातारा ने अंतिम विकेट के लिए माइकल चिनोउया (नाबाद 6) के साथ भी 17 रन जोड़े। अंतिम विकेट के तौर पर चातारा मिश्रा की गेंद पर स्टम्प किए गए। चातारा ने 42 गेंदों पर दो चौके और एक छक्का लगाया।टिप्पणियां
इस मैच के लिए भारत ने कोई परिवर्तन नहीं किया जबकि जिम्बाब्वे ने एक परिवर्तन के साथ मैदान में उतरने का फैसला किया। उसने केल जार्विस के स्थान पर माइकल चिनोउया को मौका दिया। माइकल अपने करियर का पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रहे हैं।
शृंखला पर अजेय बढ़त हासिल कर चुकी भारतीय टीम की तरफ से अगले दो एकदिवसीय मैचों में कुछ नए युवा खिलाड़ियों को टीम में शामिल किए जाने की भी उम्मीद है, जिसमें जम्मू एवं कश्मीर से पहली बार चुने गए किसी खिलाड़ी के रूप में परवेज रसूल पर पूरे देश की निगाहें हैं।
इस मैच के लिए भारत ने कोई परिवर्तन नहीं किया जबकि जिम्बाब्वे ने एक परिवर्तन के साथ मैदान में उतरने का फैसला किया। उसने केल जार्विस के स्थान पर माइकल चिनोउया को मौका दिया। माइकल अपने करियर का पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रहे हैं।
शृंखला पर अजेय बढ़त हासिल कर चुकी भारतीय टीम की तरफ से अगले दो एकदिवसीय मैचों में कुछ नए युवा खिलाड़ियों को टीम में शामिल किए जाने की भी उम्मीद है, जिसमें जम्मू एवं कश्मीर से पहली बार चुने गए किसी खिलाड़ी के रूप में परवेज रसूल पर पूरे देश की निगाहें हैं।
शृंखला पर अजेय बढ़त हासिल कर चुकी भारतीय टीम की तरफ से अगले दो एकदिवसीय मैचों में कुछ नए युवा खिलाड़ियों को टीम में शामिल किए जाने की भी उम्मीद है, जिसमें जम्मू एवं कश्मीर से पहली बार चुने गए किसी खिलाड़ी के रूप में परवेज रसूल पर पूरे देश की निगाहें हैं। | संक्षिप्त पाठ: अमित मिश्रा (47/4) की शानदार गेंदबाजी तथा कप्तान विराट कोहली (नाबाद 68) के संयमभरे अर्द्धशतक की बदौलत भारत ने हरारे स्पोर्ट्स क्लब मैदान पर रविवार को हुए पांच एकदिवसीय शृंखला के तीसरे एकदिवसीय मैच में जिम्बाब्वे को सात विकेट से हराकर शृंखला में 3-0 की अजे | 27 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारत हैवी इलेक्ट्रीकल्स (भेल) के भोपाल सयंत्र में बुधवार सुबह आग लग गई। आग ब्लॉक नंबर-3 से शुरू हुई तथा देखते ही देखते अन्य जगहों पर फैल गई। भेल के प्रवक्ता ने बताया कि सुबह लगभग 10 बजे ट्रांसफार्मर बनाने वाले ब्लॉक नंबर-3 में आग लग गई।टिप्पणियां
फिलहाल आग के कारण किसी प्रकार की जनहानि का समाचार नहीं है। हालांकि आग के कारण सयंत्र को करोड़ों का नुकसान होने की आशंका है।
प्रवक्ता ने बताया कि भेल की निजी दमकल गाड़ियों के अलावा भोपाल नगर निगम एवं एयरपोर्ट की एक दर्जन से अधिक दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचकर आग पर नियंत्रण करने का प्रयास कर रही हैं। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।
फिलहाल आग के कारण किसी प्रकार की जनहानि का समाचार नहीं है। हालांकि आग के कारण सयंत्र को करोड़ों का नुकसान होने की आशंका है।
प्रवक्ता ने बताया कि भेल की निजी दमकल गाड़ियों के अलावा भोपाल नगर निगम एवं एयरपोर्ट की एक दर्जन से अधिक दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचकर आग पर नियंत्रण करने का प्रयास कर रही हैं। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।
प्रवक्ता ने बताया कि भेल की निजी दमकल गाड़ियों के अलावा भोपाल नगर निगम एवं एयरपोर्ट की एक दर्जन से अधिक दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचकर आग पर नियंत्रण करने का प्रयास कर रही हैं। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: भारत हैवी इलेक्ट्रीकल्स (भेल) के भोपाल सयंत्र में बुधवार सुबह आग लग गई। आग से कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन करोड़ों की संपत्ति के नुकसान की आशंका जताई गई है। | 3 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: श्रीलंका क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज लसिथ मलिंगा ने देश के खेल मंत्री की तुलना कथित तौर पर 'बंदर' से की और इस कारण अब वह जांच के घेरे में आ गए हैं. बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, खेल मंत्री दयासिरी जयासेकारा ने चैंपियंस ट्रॉफी टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में न पहुंचने के लिए श्रीलंका के खिलाड़ियों पर टिप्पणी करते हुए इस गेंदबाज को मोटा बताया था. खेल मंत्री जयासेकारा की इस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए 33 वर्षीय मलिंगा ने कहा था कि उन्हें ऐसे लोगों की आलोचनाओं से कोई फर्क नहीं पड़ता जो केवल बैठ कर अपनी कुर्सियां गर्म कर रहे हैं.
मलिंगा ने कहा, 'एक बंदर को तोते के घोंसले के बारे में क्या पता होगा? ऐसा लग रहा है कि एक बंदर तोते के घोंसले में ही बैठकर उसी घोंसले के बारे में बोल रहा हो." जयासेकारा ने कहा कि मलिंगा का यह बयान श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड के साथ उनके करार के नियमों का उल्लंघन है.टिप्पणियां
उन्होंने कहा, "मैंने टीम के खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर की गई आलोचना में मलिंगा का नाम नहीं लिया था, लेकिन उन्होंने सार्वजनिक रूप से मेरा अपमान किया है." (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मलिंगा ने कहा, 'एक बंदर को तोते के घोंसले के बारे में क्या पता होगा? ऐसा लग रहा है कि एक बंदर तोते के घोंसले में ही बैठकर उसी घोंसले के बारे में बोल रहा हो." जयासेकारा ने कहा कि मलिंगा का यह बयान श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड के साथ उनके करार के नियमों का उल्लंघन है.टिप्पणियां
उन्होंने कहा, "मैंने टीम के खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर की गई आलोचना में मलिंगा का नाम नहीं लिया था, लेकिन उन्होंने सार्वजनिक रूप से मेरा अपमान किया है." (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा, "मैंने टीम के खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर की गई आलोचना में मलिंगा का नाम नहीं लिया था, लेकिन उन्होंने सार्वजनिक रूप से मेरा अपमान किया है." (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | सारांश: चैंपियंस ट्रॉफी के सेमीफाइनल में नहीं पहुंच पाया था श्रीलंका
श्रीलंका के खेल मंत्री ने खिलाड़ियों को लेकर की थी टिप्पणी
मलिंगा बोले थे, बंदर को तोते के घोंसले के बारे में क्या पता होगा | 31 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: महाराष्ट्र नव निर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे अब संजय दत्त के समर्थन में सामने आए हैं।
राज ठाकरे ने कहा है कि संजय का केस मुंबई धमाकों से अलग है और संजय को जहां सजा मिली है, वहीं मुंबई धमाकों के गुनाहगार दाऊद इब्राहिम और टाइगर मेमन देश से बाहर आराम से अपनी जिंदगी गुजार रहे हैं।टिप्पणियां
गौरतलब है कि दिवंगत शिवसेना सुप्रीमो बाल ठाकरे ने गिरफ्तारी के दौरान संजय का साथ दिया था, उस वक्त राज शिवसेना में थे।
उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 1993 में मुंबई में हुए सीरियल बम धमाकों के मामले में संजय दत्त को गैरकानूनी तरीके से हथियार रखने के एक मामले में दोषी करार देते हुए उनकी सजा को घटाकर पांच साल कर दिया है।
राज ठाकरे ने कहा है कि संजय का केस मुंबई धमाकों से अलग है और संजय को जहां सजा मिली है, वहीं मुंबई धमाकों के गुनाहगार दाऊद इब्राहिम और टाइगर मेमन देश से बाहर आराम से अपनी जिंदगी गुजार रहे हैं।टिप्पणियां
गौरतलब है कि दिवंगत शिवसेना सुप्रीमो बाल ठाकरे ने गिरफ्तारी के दौरान संजय का साथ दिया था, उस वक्त राज शिवसेना में थे।
उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 1993 में मुंबई में हुए सीरियल बम धमाकों के मामले में संजय दत्त को गैरकानूनी तरीके से हथियार रखने के एक मामले में दोषी करार देते हुए उनकी सजा को घटाकर पांच साल कर दिया है।
गौरतलब है कि दिवंगत शिवसेना सुप्रीमो बाल ठाकरे ने गिरफ्तारी के दौरान संजय का साथ दिया था, उस वक्त राज शिवसेना में थे।
उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 1993 में मुंबई में हुए सीरियल बम धमाकों के मामले में संजय दत्त को गैरकानूनी तरीके से हथियार रखने के एक मामले में दोषी करार देते हुए उनकी सजा को घटाकर पांच साल कर दिया है।
उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 1993 में मुंबई में हुए सीरियल बम धमाकों के मामले में संजय दत्त को गैरकानूनी तरीके से हथियार रखने के एक मामले में दोषी करार देते हुए उनकी सजा को घटाकर पांच साल कर दिया है। | संक्षिप्त पाठ: राज ठाकरे ने कहा है कि संजय का केस मुंबई धमाकों से अलग है। धमाकों के गुनाहगार दाऊद इब्राहिम और टाइगर मेमन देश से बाहर आराम से अपनी जिंदगी गुजार रहे हैं। | 14 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: भारती सेलुलर के मुख्य प्रबंध निदेशक सुनील मित्तल और एस्सार समूह के प्रमोटर रवि रुईया अतिरिक्त 2-जी स्पेक्ट्रम मामले में मंगलवार दिल्ली की एक अदालत में पेश हुए और उच्चतम न्यायालय के निर्देश के अनुपालन में निजी मुचलका भरा।
दोनों आरोपी शीर्ष अदालत के आदेश पर पेश हुए और अलग-अलग निजी मुचलका भरा।
विशेष सीबीआई न्यायाधीश ओपी सैनी ने सुनवाई की अगली तारीख तक मुचलका स्वीकार कर लिया और मामले को आगे की कार्यवाही के लिए 22 अप्रैल तक स्थगित कर दिया।
‘‘15 अप्रैल के आदेश में उच्चतम न्यायालय ने मामले की सुनवाई को 22 अप्रैल तक स्थगित करने का निर्देश दिया है। तदनुसार मामला 22 अप्रैल तक स्थगित किया जाता है।
न्यायाधीश ने कहा, ‘‘इस संबंध में आरोपी सुनील मित्तल और रवि रुईया को निजी मुचलका भरने का भी निर्देश दिया गया था। उसके अनुसार दोनों निजी मुचलका जमा कर चुके हैं और यह सुनवाई की अगली तारीख तक स्वीकार किया जाता है।’’ उन्होंने मामले की अगली सुनवाई 22 अप्रैल तक टाल दी। टिप्पणियां
प्रधान न्यायाधीश अल्तमस कबीर की अध्यक्षता वाली उच्चतम न्यायालय की पीठ ने सोमवार को कहा था कि वह सीबीआई की विशेष अदालत में मित्तल और रुईया के खिलाफ सुनवाई स्थगित करने के अपने आदेश की अवधि को बढ़ा रही है। दोनों ने अपने खिलाफ सम्मन जारी किए जाने को चुनौती दी थी। विशेष अदालत को इस मामले में 22 अप्रैल को सुनवाई करनी है।
हालांकि, न्यायालय ने मित्तल और रुईया से कहा कि वे 2-जी स्पेक्ट्रम प्रकरण की सुनवाई कर रही विशेष अदालत के समक्ष मंगलवार (आज) को हाजिर हों और भविष्य में अदालत में उपस्थित होने का आश्वासन देते हुए निजी मुचलका दें।
दोनों आरोपी शीर्ष अदालत के आदेश पर पेश हुए और अलग-अलग निजी मुचलका भरा।
विशेष सीबीआई न्यायाधीश ओपी सैनी ने सुनवाई की अगली तारीख तक मुचलका स्वीकार कर लिया और मामले को आगे की कार्यवाही के लिए 22 अप्रैल तक स्थगित कर दिया।
‘‘15 अप्रैल के आदेश में उच्चतम न्यायालय ने मामले की सुनवाई को 22 अप्रैल तक स्थगित करने का निर्देश दिया है। तदनुसार मामला 22 अप्रैल तक स्थगित किया जाता है।
न्यायाधीश ने कहा, ‘‘इस संबंध में आरोपी सुनील मित्तल और रवि रुईया को निजी मुचलका भरने का भी निर्देश दिया गया था। उसके अनुसार दोनों निजी मुचलका जमा कर चुके हैं और यह सुनवाई की अगली तारीख तक स्वीकार किया जाता है।’’ उन्होंने मामले की अगली सुनवाई 22 अप्रैल तक टाल दी। टिप्पणियां
प्रधान न्यायाधीश अल्तमस कबीर की अध्यक्षता वाली उच्चतम न्यायालय की पीठ ने सोमवार को कहा था कि वह सीबीआई की विशेष अदालत में मित्तल और रुईया के खिलाफ सुनवाई स्थगित करने के अपने आदेश की अवधि को बढ़ा रही है। दोनों ने अपने खिलाफ सम्मन जारी किए जाने को चुनौती दी थी। विशेष अदालत को इस मामले में 22 अप्रैल को सुनवाई करनी है।
हालांकि, न्यायालय ने मित्तल और रुईया से कहा कि वे 2-जी स्पेक्ट्रम प्रकरण की सुनवाई कर रही विशेष अदालत के समक्ष मंगलवार (आज) को हाजिर हों और भविष्य में अदालत में उपस्थित होने का आश्वासन देते हुए निजी मुचलका दें।
विशेष सीबीआई न्यायाधीश ओपी सैनी ने सुनवाई की अगली तारीख तक मुचलका स्वीकार कर लिया और मामले को आगे की कार्यवाही के लिए 22 अप्रैल तक स्थगित कर दिया।
‘‘15 अप्रैल के आदेश में उच्चतम न्यायालय ने मामले की सुनवाई को 22 अप्रैल तक स्थगित करने का निर्देश दिया है। तदनुसार मामला 22 अप्रैल तक स्थगित किया जाता है।
न्यायाधीश ने कहा, ‘‘इस संबंध में आरोपी सुनील मित्तल और रवि रुईया को निजी मुचलका भरने का भी निर्देश दिया गया था। उसके अनुसार दोनों निजी मुचलका जमा कर चुके हैं और यह सुनवाई की अगली तारीख तक स्वीकार किया जाता है।’’ उन्होंने मामले की अगली सुनवाई 22 अप्रैल तक टाल दी। टिप्पणियां
प्रधान न्यायाधीश अल्तमस कबीर की अध्यक्षता वाली उच्चतम न्यायालय की पीठ ने सोमवार को कहा था कि वह सीबीआई की विशेष अदालत में मित्तल और रुईया के खिलाफ सुनवाई स्थगित करने के अपने आदेश की अवधि को बढ़ा रही है। दोनों ने अपने खिलाफ सम्मन जारी किए जाने को चुनौती दी थी। विशेष अदालत को इस मामले में 22 अप्रैल को सुनवाई करनी है।
हालांकि, न्यायालय ने मित्तल और रुईया से कहा कि वे 2-जी स्पेक्ट्रम प्रकरण की सुनवाई कर रही विशेष अदालत के समक्ष मंगलवार (आज) को हाजिर हों और भविष्य में अदालत में उपस्थित होने का आश्वासन देते हुए निजी मुचलका दें।
‘‘15 अप्रैल के आदेश में उच्चतम न्यायालय ने मामले की सुनवाई को 22 अप्रैल तक स्थगित करने का निर्देश दिया है। तदनुसार मामला 22 अप्रैल तक स्थगित किया जाता है।
न्यायाधीश ने कहा, ‘‘इस संबंध में आरोपी सुनील मित्तल और रवि रुईया को निजी मुचलका भरने का भी निर्देश दिया गया था। उसके अनुसार दोनों निजी मुचलका जमा कर चुके हैं और यह सुनवाई की अगली तारीख तक स्वीकार किया जाता है।’’ उन्होंने मामले की अगली सुनवाई 22 अप्रैल तक टाल दी। टिप्पणियां
प्रधान न्यायाधीश अल्तमस कबीर की अध्यक्षता वाली उच्चतम न्यायालय की पीठ ने सोमवार को कहा था कि वह सीबीआई की विशेष अदालत में मित्तल और रुईया के खिलाफ सुनवाई स्थगित करने के अपने आदेश की अवधि को बढ़ा रही है। दोनों ने अपने खिलाफ सम्मन जारी किए जाने को चुनौती दी थी। विशेष अदालत को इस मामले में 22 अप्रैल को सुनवाई करनी है।
हालांकि, न्यायालय ने मित्तल और रुईया से कहा कि वे 2-जी स्पेक्ट्रम प्रकरण की सुनवाई कर रही विशेष अदालत के समक्ष मंगलवार (आज) को हाजिर हों और भविष्य में अदालत में उपस्थित होने का आश्वासन देते हुए निजी मुचलका दें।
न्यायाधीश ने कहा, ‘‘इस संबंध में आरोपी सुनील मित्तल और रवि रुईया को निजी मुचलका भरने का भी निर्देश दिया गया था। उसके अनुसार दोनों निजी मुचलका जमा कर चुके हैं और यह सुनवाई की अगली तारीख तक स्वीकार किया जाता है।’’ उन्होंने मामले की अगली सुनवाई 22 अप्रैल तक टाल दी। टिप्पणियां
प्रधान न्यायाधीश अल्तमस कबीर की अध्यक्षता वाली उच्चतम न्यायालय की पीठ ने सोमवार को कहा था कि वह सीबीआई की विशेष अदालत में मित्तल और रुईया के खिलाफ सुनवाई स्थगित करने के अपने आदेश की अवधि को बढ़ा रही है। दोनों ने अपने खिलाफ सम्मन जारी किए जाने को चुनौती दी थी। विशेष अदालत को इस मामले में 22 अप्रैल को सुनवाई करनी है।
हालांकि, न्यायालय ने मित्तल और रुईया से कहा कि वे 2-जी स्पेक्ट्रम प्रकरण की सुनवाई कर रही विशेष अदालत के समक्ष मंगलवार (आज) को हाजिर हों और भविष्य में अदालत में उपस्थित होने का आश्वासन देते हुए निजी मुचलका दें।
प्रधान न्यायाधीश अल्तमस कबीर की अध्यक्षता वाली उच्चतम न्यायालय की पीठ ने सोमवार को कहा था कि वह सीबीआई की विशेष अदालत में मित्तल और रुईया के खिलाफ सुनवाई स्थगित करने के अपने आदेश की अवधि को बढ़ा रही है। दोनों ने अपने खिलाफ सम्मन जारी किए जाने को चुनौती दी थी। विशेष अदालत को इस मामले में 22 अप्रैल को सुनवाई करनी है।
हालांकि, न्यायालय ने मित्तल और रुईया से कहा कि वे 2-जी स्पेक्ट्रम प्रकरण की सुनवाई कर रही विशेष अदालत के समक्ष मंगलवार (आज) को हाजिर हों और भविष्य में अदालत में उपस्थित होने का आश्वासन देते हुए निजी मुचलका दें।
हालांकि, न्यायालय ने मित्तल और रुईया से कहा कि वे 2-जी स्पेक्ट्रम प्रकरण की सुनवाई कर रही विशेष अदालत के समक्ष मंगलवार (आज) को हाजिर हों और भविष्य में अदालत में उपस्थित होने का आश्वासन देते हुए निजी मुचलका दें। | यहाँ एक सारांश है:भारती सेलुलर के मुख्य प्रबंध निदेशक सुनील मित्तल और एस्सार समूह के प्रमोटर रवि रुईया अतिरिक्त 2-जी स्पेक्ट्रम मामले में मंगलवार दिल्ली की एक अदालत में पेश हुए और उच्चतम न्यायालय के निर्देश के अनुपालन में निजी मुचलका भरा। | 15 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: गांधी परिवार को आयकर विभाग की तरफ़ से बड़ा झटका लग सकता है. जानकारी के मुताबिक कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) और राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के ख़िलाफ़ 100 करोड़ रुपये के टैक्स की फ़ाइल खुल सकती है. दरअसल, यंग इंडियन को नॉन प्रॉफ़िट संस्था बताने के गांधी परिवार के दावे को टैक्स ट्राइब्यूनल ने ख़ारिज़ कर दिया है. कांग्रेस ने यंग इंडियन को लोन दिया था. अब कांग्रेस को इनकम टैक्स में मिलने वाली छूट ख़त्म हो सकती है, क्योंकि कंपनियों की मदद कर नियमों का उल्लंघन किया. आपको बता दें कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी यंग इंडियन के डायरेक्टर हैं. दोनों लोगों के पास कंपनी की 36% हिस्सेदारी है.
वहीं, दूसरी तरफ मोतीलाल वोरा और ऑस्कर फ़र्नांडिज के पास 600 शेयर हैं. बता दें कि इस साल जनवरी में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) और राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को नोटिस भेजकर 100 करोड़ रुपये टैक्स चुकाने को कहा था. इनकम टैक्स के आकलन के मुताबिक गांधी परिवार ने जो रिटर्न फाइल किया था, उसमें 300 करोड़ रुपये के इनकम की घोषणा नहीं की थी, जिस पर करीब 100 करोड़ रुपये की टैक्स देनदारी बनती है. अब इस मामले की फाइल दोबारा खुलती दिख रही है. | संक्षिप्त पाठ: गांधी परिवार को लग सकता है बड़ा झटका
आयकर विभाग शुरू कर सकता है जांच
100 करोड़ रुपये के टैक्स से जुड़ा है मामला | 27 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारत की सबसे तेज चलने वाली ट्रेन T18 दिल्ली से बनारस के बीच प्रधानमंत्री की हरी झंडी के बाद पटरियों पर जल्द ही दौड़ेगी. रेलवे की योजना इसे कुम्भ से पहले चलाने की थी पर देरी ट्रेन में खानपान रखने की पर्याप्त जगह नहीं होने से हो गई. आईआरसीटीसी (IRCTC) ने कैटरिंग को लेकर ट्रेन में कुछ बदलाव के सुझाव दिए हैं. रेल मंत्री ने माना उस पर अमल हो रहा है.
ट्रायल के दौरान T18 ने 180 किलो मीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ लगाई. 26 दिसंबर को रेल मंत्री ने स्पीड के नए कीर्तिमान का वीडियो ट्वीट किया. लेकिन देश की सबसे तेज़ गति वाली T18 की गति पटरी पर उतारने में धीमी पड़ गई. दरअसल, ट्रेन में खान-पान सामग्री रखने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है. अगर खाना रखने की जगह नहीं बढ़ाई गई तो टॉयलेट के आसपास भोजन रखना पड़ता. लिहाजा IRCTC ने इस बारे में सुझाव दिए.
रेल मंत्री पीयूष गोयल ने इस मसले पर सवाल के जवाब में कहा कि जीवन में 'ओनली कांस्टेंट इज़ चेंज' आपने सुना होगा. और सुधार करना ही चाहिए. हर चीज में सुझाव मिलें. आप सबसे अनुरोध है कि T18 शुरू हो जाएगी तो आप जरूर उसमें ट्रेवल करना. और उसके बाद आपके और कुछ अच्छे सुझाव आएंगे उसके लिए भी हम तत्पर हैं.
बताया जाता है कि सुरक्षा के सर्टिफिकेशन को लेकर इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल विभाग में कुछ अनबन है. देरी की वजह यह भी है. लेकिन पीयूष गोयल कह रहे हैं कि प्रधानमंत्री मोदी जल्द ही T18 को हरी झंडी दिखाएंगे.
दिल्ली से बनारस के लिए सबके तेज गति से चलने वाली भारत में ही डिजाइन की गई और भारत की ही फैक्ट्री में बनी हुई मेक इन इंडिया के इनिशिएटिव की ट्रेन T18 थोड़े ही दिनों में शुरू होने वाली है. दिल्ली से बनारस लगभग आठ घंटे में सफर करेगी. जो आज फास्टेस्ट ट्रेन उस रूट पर है वह इससे लगभग डेढ़ गुना समय लेती है.
जानकार बताते हैं कि ट्रायल में बेशक ट्रेन ने 180 का कांटा छुआ, लेकिन बनारस रूट पर 130 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा रफ्तार पर दौड़ाना मुमकिन ही नहीं है, क्योंकि इस ट्रैक पर सैंक्शन स्पीड 130 की ही है. यानी ट्रेन की राह फिलहाल आसान नहीं. तेजी से पहुंचाने वाली स्पीड ही उसकी देरी का सबब बन सकती है. | सारांश: आईआरसीटीसी ने कैटरिंग को लेकर ट्रेन में कुछ बदलाव के सुझाव दिए
जगह नहीं बढ़ाई गई तो टॉयलेट के आसपास भोजन रखना पड़ेगा
इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल विभाग में कुछ अनबन के कारण भी देरी | 7 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: समाज में शांति के लिए सहनशीलता पर जोर देते हुए भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) टीएस ठाकुर ने आज कहा कि इंसान और ईश्वर के बीच का रिश्ता ‘‘नितांत निजी’’ होता है और ‘‘इससे किसी और को कोई मतलब नहीं होना चाहिए.’’ उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति रोहिंटन एफ नरीमन की ओर से पारसी धर्म पर लिखी गई एक किताब के विमोचन के दौरान न्यायमूर्ति ठाकुर ने यहां कहा कि जितने लोग राजनीतिक विचारधाराओं के कारण नहीं मारे गए, उससे कहीं ज्यादा लोगों की जान धार्मिक युद्धों में गई है .
‘दि इनर फायर, फेथ, चॉइस एंड मॉडर्न-डे लिविंग इन जोरोऐस्ट्रीअनिजम’ शीर्षक वाली किताब का विमोचन करते हुए न्यायमूर्ति ठाकुर ने यह भी कहा कि धार्मिक मान्यताओं की वजह से इस दुनिया में ज्यादा तबाही, नुकसान और खून-खराबे हुए हैं .
सीजेआई ने कहा, ‘‘इस दुनिया में राजनीतिक विचारधाराओं से कहीं ज्यादा जानें धार्मिक युद्धों में गईं हैं. ज्यादा इंसानों ने एक-दूसरे की हत्या की है, क्योंकि उन्होंने सोचा कि उनकी राह उसके रास्ते से ज्यादा अच्छी है, क्योंकि उन्होंने सोचा कि वह एक काफिर है, क्योंकि उन्होंने सोचा कि वह एक नास्तिक है. धार्मिक मान्यताओं की वजह से इस दुनिया में ज्यादा तबाही, नुकसान और खून-खराबे हुए हैं.’’ टिप्पणियां
प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘‘मेरा धर्म क्या है ? मैं ईश्वर से खुद को कैसे जोड़ता हूं? ईश्वर से मेरा कैसा रिश्ता है? इन चीजों से किसी और को कोई मतलब नहीं होना चाहिए. आप अपने ईश्वर के साथ अपना रिश्ता चुन सकते हैं.’’ उन्होंने कहा कि इंसान और ईश्वर के बीच का रिश्ता ‘‘नितांत निजी और व्यक्तिगत’’ होता है. लिहाजा, इससे किसी और को कोई मतलब नहीं होना चाहिए.’’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
‘दि इनर फायर, फेथ, चॉइस एंड मॉडर्न-डे लिविंग इन जोरोऐस्ट्रीअनिजम’ शीर्षक वाली किताब का विमोचन करते हुए न्यायमूर्ति ठाकुर ने यह भी कहा कि धार्मिक मान्यताओं की वजह से इस दुनिया में ज्यादा तबाही, नुकसान और खून-खराबे हुए हैं .
सीजेआई ने कहा, ‘‘इस दुनिया में राजनीतिक विचारधाराओं से कहीं ज्यादा जानें धार्मिक युद्धों में गईं हैं. ज्यादा इंसानों ने एक-दूसरे की हत्या की है, क्योंकि उन्होंने सोचा कि उनकी राह उसके रास्ते से ज्यादा अच्छी है, क्योंकि उन्होंने सोचा कि वह एक काफिर है, क्योंकि उन्होंने सोचा कि वह एक नास्तिक है. धार्मिक मान्यताओं की वजह से इस दुनिया में ज्यादा तबाही, नुकसान और खून-खराबे हुए हैं.’’ टिप्पणियां
प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘‘मेरा धर्म क्या है ? मैं ईश्वर से खुद को कैसे जोड़ता हूं? ईश्वर से मेरा कैसा रिश्ता है? इन चीजों से किसी और को कोई मतलब नहीं होना चाहिए. आप अपने ईश्वर के साथ अपना रिश्ता चुन सकते हैं.’’ उन्होंने कहा कि इंसान और ईश्वर के बीच का रिश्ता ‘‘नितांत निजी और व्यक्तिगत’’ होता है. लिहाजा, इससे किसी और को कोई मतलब नहीं होना चाहिए.’’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सीजेआई ने कहा, ‘‘इस दुनिया में राजनीतिक विचारधाराओं से कहीं ज्यादा जानें धार्मिक युद्धों में गईं हैं. ज्यादा इंसानों ने एक-दूसरे की हत्या की है, क्योंकि उन्होंने सोचा कि उनकी राह उसके रास्ते से ज्यादा अच्छी है, क्योंकि उन्होंने सोचा कि वह एक काफिर है, क्योंकि उन्होंने सोचा कि वह एक नास्तिक है. धार्मिक मान्यताओं की वजह से इस दुनिया में ज्यादा तबाही, नुकसान और खून-खराबे हुए हैं.’’ टिप्पणियां
प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘‘मेरा धर्म क्या है ? मैं ईश्वर से खुद को कैसे जोड़ता हूं? ईश्वर से मेरा कैसा रिश्ता है? इन चीजों से किसी और को कोई मतलब नहीं होना चाहिए. आप अपने ईश्वर के साथ अपना रिश्ता चुन सकते हैं.’’ उन्होंने कहा कि इंसान और ईश्वर के बीच का रिश्ता ‘‘नितांत निजी और व्यक्तिगत’’ होता है. लिहाजा, इससे किसी और को कोई मतलब नहीं होना चाहिए.’’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘‘मेरा धर्म क्या है ? मैं ईश्वर से खुद को कैसे जोड़ता हूं? ईश्वर से मेरा कैसा रिश्ता है? इन चीजों से किसी और को कोई मतलब नहीं होना चाहिए. आप अपने ईश्वर के साथ अपना रिश्ता चुन सकते हैं.’’ उन्होंने कहा कि इंसान और ईश्वर के बीच का रिश्ता ‘‘नितांत निजी और व्यक्तिगत’’ होता है. लिहाजा, इससे किसी और को कोई मतलब नहीं होना चाहिए.’’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त पाठ: इंसान और ईश्वर के बीच का रिश्ता नितांत निजी और व्यक्तिगत
राजनीतिक विचारधाराओं से ज्यादा लोगों की जान धार्मिक युद्धों में गईं
न्यायमूर्ति रोहिंटन एफ नरीमन की पारसी धर्म पर लिखी गई किताब का विमोचन | 27 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय क्रिकेट स्टार सचिन तेंदुलकर को ऑर्डर ऑफ ऑस्ट्रेलिया देने के ऑस्ट्रेलियाई सरकार के फैसले से नाखुश पूर्व सलामी बल्लेबाज मैथ्यू हेडन ने कहा कि यह सम्मान केवल उनके देशवासियों को ही दिया जाना चाहिए।
हेडन ने रेडियो शो में कहा, यदि सचिन ऑस्ट्रेलिया में रहते और प्रधानमंत्री उन्हें यह सम्मान देतीं, तो मुझे आपत्ति नहीं होती, लेकिन सच्चाई यह है कि वह भारत में रह रहे हैं। ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री जूलिया गिलार्ड ने हाल की भारत यात्रा के दौरान तेंदुलकर को यह सम्मान देने की घोषणा की थी।टिप्पणियां
हेडन ने कहा, मैं समझता हूं कि यह सम्मान केवल ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों को दिया जाना चाहिए। कुछ ऐसी चीजें है, जो हमारे देशवासियों के लिए खास महत्व रखती हैं।
उन्होंने कहा, मैं इस बात को समझता हूं कि ऑस्ट्रेलिया में भी उसका (तेंदुलकर) बड़ा सम्मान है तथा यहां बड़ी संख्या में भारतीय रहते हैं, जो यहां काम कर रहे हैं और खुशी-खुशी जीवन बिता रहे हैं। हम सद्भाव से रहते हैं और इससे पता चलता है कि हमारा देश बहु-संस्कृति वाला है। अटॉर्नी जनरल सोली सोराबजी के बाद तेंदुलकर यह सम्मान पाने वाले दूसरे भारतीय हैं।
हेडन ने रेडियो शो में कहा, यदि सचिन ऑस्ट्रेलिया में रहते और प्रधानमंत्री उन्हें यह सम्मान देतीं, तो मुझे आपत्ति नहीं होती, लेकिन सच्चाई यह है कि वह भारत में रह रहे हैं। ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री जूलिया गिलार्ड ने हाल की भारत यात्रा के दौरान तेंदुलकर को यह सम्मान देने की घोषणा की थी।टिप्पणियां
हेडन ने कहा, मैं समझता हूं कि यह सम्मान केवल ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों को दिया जाना चाहिए। कुछ ऐसी चीजें है, जो हमारे देशवासियों के लिए खास महत्व रखती हैं।
उन्होंने कहा, मैं इस बात को समझता हूं कि ऑस्ट्रेलिया में भी उसका (तेंदुलकर) बड़ा सम्मान है तथा यहां बड़ी संख्या में भारतीय रहते हैं, जो यहां काम कर रहे हैं और खुशी-खुशी जीवन बिता रहे हैं। हम सद्भाव से रहते हैं और इससे पता चलता है कि हमारा देश बहु-संस्कृति वाला है। अटॉर्नी जनरल सोली सोराबजी के बाद तेंदुलकर यह सम्मान पाने वाले दूसरे भारतीय हैं।
हेडन ने कहा, मैं समझता हूं कि यह सम्मान केवल ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों को दिया जाना चाहिए। कुछ ऐसी चीजें है, जो हमारे देशवासियों के लिए खास महत्व रखती हैं।
उन्होंने कहा, मैं इस बात को समझता हूं कि ऑस्ट्रेलिया में भी उसका (तेंदुलकर) बड़ा सम्मान है तथा यहां बड़ी संख्या में भारतीय रहते हैं, जो यहां काम कर रहे हैं और खुशी-खुशी जीवन बिता रहे हैं। हम सद्भाव से रहते हैं और इससे पता चलता है कि हमारा देश बहु-संस्कृति वाला है। अटॉर्नी जनरल सोली सोराबजी के बाद तेंदुलकर यह सम्मान पाने वाले दूसरे भारतीय हैं।
उन्होंने कहा, मैं इस बात को समझता हूं कि ऑस्ट्रेलिया में भी उसका (तेंदुलकर) बड़ा सम्मान है तथा यहां बड़ी संख्या में भारतीय रहते हैं, जो यहां काम कर रहे हैं और खुशी-खुशी जीवन बिता रहे हैं। हम सद्भाव से रहते हैं और इससे पता चलता है कि हमारा देश बहु-संस्कृति वाला है। अटॉर्नी जनरल सोली सोराबजी के बाद तेंदुलकर यह सम्मान पाने वाले दूसरे भारतीय हैं। | संक्षिप्त पाठ: सचिन तेंदुलकर को ऑर्डर ऑफ ऑस्ट्रेलिया देने के ऑस्ट्रेलियाई सरकार के फैसले से नाखुश पूर्व सलामी बल्लेबाज मैथ्यू हेडन ने कहा कि यह सम्मान केवल उनके देशवासियों को ही दिया जाना चाहिए। | 14 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: उत्तर प्रदेश में चित्रकूट जिले की एक अदालत ने लूटपाट और लड़की का अपहरण कर उससे सामूहिक बलात्कार के मामले में दोषी ठहराये गये सात लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई. अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पूर्णेद्र सिंह की अदालत ने लूटपाट करने के बाद एक लड़की का अपहरण कर उसके साथ एक माह तक सामूहिक बलात्कार करने का दोषी पाते हुए दो हजार रुपये के इनामी बदमाश सरदार उर्फ कुबुलवा, संतोष, गया, खुशदिल, चंदा, पुरुषोत्तम और राकेश नामक मुजरिमों को कल उम्रकैद और 30-30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनायी.
अभियोजन पक्ष के अनुसार 27 मई 2008 को बदमाशों ने मऊ थाना क्षेत्र के कटैया खादर गांव में एक व्यक्ति के घर रात में डकैती डालने के बाद उसकी बालिग लड़की का अपहरण कर लिया था और उसके साथ एक माह तक सामूहिक बलात्कार किया था.
पुलिस ने 30 जून 2008 को मुठभेड़ के दौरान सभी बदमाशों को गिरफ्तार कर लड़की को मुक्त कराया था.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यहाँ एक सारांश है:लड़की को अगवा कर एक साल तक किया था गैंगरेप
30 जून 2008 को लड़की को मुक्त कराया था
कोर्ट ने सभी 7 दोषियों को सुनाई उम्रकैद की सजा | 15 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: मुश्किल दौर से गुजर रहे रेलमंत्री पवन कुमार बंसल ने एक दिन के अंतराल के बाद कार्यालय जाने से पहले अपने सरकारी निवास पर पूजा अर्चना की और इस मुश्किलभरी स्थिति से बाहर निकालने की प्रार्थना की।
रिश्वतखोरी के आरोप में अपने भांजे की गिरफ्तारी के बाद से विवाद के केंद्र में आए बंसल ने अपने सरकारी निवास पर पूजा अर्चना की। उनकी पत्नी मधु भी पूजा में शामिल हुई। बकरी को चारा खिलाया गया। पूजा के बाद मंत्री रेल भवन में अपने कार्यालय गए।
बंसल बृहस्पतिवार को दिनभर अशोका रोड स्थित अपने सरकारी निवास में रहे और वह कार्यालय नहीं गए थे। सूत्रों ने कहा कि उनकी तबीयत ठीक नहीं थी।टिप्पणियां
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) इस आरोप की जांच कर रही है कि रेलवे बोर्ड के सदस्य (स्टाफ) महेश कुमार ने सदस्य (इलेक्ट्रिकल) के रूप में अपनी नियुक्ति करवाने के लिए बंसल के भांजे विजय सिंगला को 90 लाख रुपये का भुगतान किया था।
बंसल ने कहा है कि उन्होंने कोई भी गलत काम नहीं किया है और उनका सिंगला से कोई कारोबारी संबंध नहीं है।
रिश्वतखोरी के आरोप में अपने भांजे की गिरफ्तारी के बाद से विवाद के केंद्र में आए बंसल ने अपने सरकारी निवास पर पूजा अर्चना की। उनकी पत्नी मधु भी पूजा में शामिल हुई। बकरी को चारा खिलाया गया। पूजा के बाद मंत्री रेल भवन में अपने कार्यालय गए।
बंसल बृहस्पतिवार को दिनभर अशोका रोड स्थित अपने सरकारी निवास में रहे और वह कार्यालय नहीं गए थे। सूत्रों ने कहा कि उनकी तबीयत ठीक नहीं थी।टिप्पणियां
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) इस आरोप की जांच कर रही है कि रेलवे बोर्ड के सदस्य (स्टाफ) महेश कुमार ने सदस्य (इलेक्ट्रिकल) के रूप में अपनी नियुक्ति करवाने के लिए बंसल के भांजे विजय सिंगला को 90 लाख रुपये का भुगतान किया था।
बंसल ने कहा है कि उन्होंने कोई भी गलत काम नहीं किया है और उनका सिंगला से कोई कारोबारी संबंध नहीं है।
बंसल बृहस्पतिवार को दिनभर अशोका रोड स्थित अपने सरकारी निवास में रहे और वह कार्यालय नहीं गए थे। सूत्रों ने कहा कि उनकी तबीयत ठीक नहीं थी।टिप्पणियां
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) इस आरोप की जांच कर रही है कि रेलवे बोर्ड के सदस्य (स्टाफ) महेश कुमार ने सदस्य (इलेक्ट्रिकल) के रूप में अपनी नियुक्ति करवाने के लिए बंसल के भांजे विजय सिंगला को 90 लाख रुपये का भुगतान किया था।
बंसल ने कहा है कि उन्होंने कोई भी गलत काम नहीं किया है और उनका सिंगला से कोई कारोबारी संबंध नहीं है।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) इस आरोप की जांच कर रही है कि रेलवे बोर्ड के सदस्य (स्टाफ) महेश कुमार ने सदस्य (इलेक्ट्रिकल) के रूप में अपनी नियुक्ति करवाने के लिए बंसल के भांजे विजय सिंगला को 90 लाख रुपये का भुगतान किया था।
बंसल ने कहा है कि उन्होंने कोई भी गलत काम नहीं किया है और उनका सिंगला से कोई कारोबारी संबंध नहीं है।
बंसल ने कहा है कि उन्होंने कोई भी गलत काम नहीं किया है और उनका सिंगला से कोई कारोबारी संबंध नहीं है। | सारांश: मुश्किल दौर से गुजर रहे रेलमंत्री पवन कुमार बंसल ने एक दिन के अंतराल के बाद कार्यालय जाने से पहले अपने सरकारी निवास पर पूजा अर्चना की और इस मुश्किलभरी स्थिति से बाहर निकालने की प्रार्थना की। | 5 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: आकाश टैबलेट के मुद्दे पर कपिल सिब्बल पर फिर से चुटकी लेते हुए गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि वह सस्ते हथकंडे अपनाने की जगह देश के युवाओं से किए गए वादे को पूरा करने के लिए ईमादारी से कोशिश करें।टिप्पणियां
छात्रों को आकाश मिलने में देरी होने पर मोदी की टिप्पणी के बाद सिब्बल ने एक पत्र के साथ उन्हें दो टैबलेट भिजवा दिए थे। उसी के बाद मोदी ने ट्विटर पर यह बात कही।
मोदी ने ट्वीट किया है, ‘सस्ते हथकंडों के बजाए सिब्बल देश के 10 लाख छात्रों को वर्ष 2011 में आकाश टैबलेट मुहैया कराने के अपने वादे के बारे में सूचित करें।’ उन्होंने कहा कि भविष्य में श्रीमान सिब्बल हमारे युवाओं को अच्छी गुणवत्ता वाले उपकरण मुहैया कराने के लिए ईमानदार कोशिशें करें।
छात्रों को आकाश मिलने में देरी होने पर मोदी की टिप्पणी के बाद सिब्बल ने एक पत्र के साथ उन्हें दो टैबलेट भिजवा दिए थे। उसी के बाद मोदी ने ट्विटर पर यह बात कही।
मोदी ने ट्वीट किया है, ‘सस्ते हथकंडों के बजाए सिब्बल देश के 10 लाख छात्रों को वर्ष 2011 में आकाश टैबलेट मुहैया कराने के अपने वादे के बारे में सूचित करें।’ उन्होंने कहा कि भविष्य में श्रीमान सिब्बल हमारे युवाओं को अच्छी गुणवत्ता वाले उपकरण मुहैया कराने के लिए ईमानदार कोशिशें करें।
मोदी ने ट्वीट किया है, ‘सस्ते हथकंडों के बजाए सिब्बल देश के 10 लाख छात्रों को वर्ष 2011 में आकाश टैबलेट मुहैया कराने के अपने वादे के बारे में सूचित करें।’ उन्होंने कहा कि भविष्य में श्रीमान सिब्बल हमारे युवाओं को अच्छी गुणवत्ता वाले उपकरण मुहैया कराने के लिए ईमानदार कोशिशें करें। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: आकाश टैबलेट के मुद्दे पर कपिल सिब्बल पर फिर से चुटकी लेते हुए गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि वह सस्ते हथकंडे अपनाने की जगह देश के युवाओं से किए गए वादे को पूरा करने के लिए ईमादारी से कोशिश करें। | 25 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि दिल्ली और मुंबई को जोड़ने वाले नए एक्सप्रेस हाईवे का निर्माण कराया जाएगा. इस हाईवे पर एक लाख करोड़ रुपये का खर्च आएगा. इसके बनने के बाद कार से दिल्ली से मुंबई का सफर 24 घंटे के बजाए 12 घंटे में ही पूरा जाएगा. परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री ने चंबल एक्सप्रेसवे निर्माण की योजना के बारे में भी लोगों को जानकारी दी. यह एक्सप्रेसवे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा. चंबल एक्सप्रेस-वे से मध्य प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों को लाभ पहुंचेगा.टिप्पणियां
बताया जा रहा है कि एक्सप्रेस वे बनने के बाद दिल्ली और मुंबई के बीच की दूरी 1450 किमी से घटकर 1250 किमी हो जाएगी. इसके बाद यात्री महज 12 घंटे में इस दूरी को तय कर सकेंगे. फिलहाल सड़क मार्ग से यात्रा करने पर दिल्ली से मुंबई जाने के लिए 24 घंटे का समय लगता है.
गडकरी ने कहा कि दिसंबर से इस पर काम शुरू हो जाएगा और यह अगले तीन सालों में बनकर तैयार हो जाएगा. ये एक्सप्रेसवे गुरुग्राम में राजीव चौक से शुरू होगा. ये एक्सप्रेस वे गुरुग्राम होते हुए दिल्ली से अलवर-सवाई माधोपुर-वडोदरा के रास्ते मुंबई तक जाएगा.
बताया जा रहा है कि एक्सप्रेस वे बनने के बाद दिल्ली और मुंबई के बीच की दूरी 1450 किमी से घटकर 1250 किमी हो जाएगी. इसके बाद यात्री महज 12 घंटे में इस दूरी को तय कर सकेंगे. फिलहाल सड़क मार्ग से यात्रा करने पर दिल्ली से मुंबई जाने के लिए 24 घंटे का समय लगता है.
गडकरी ने कहा कि दिसंबर से इस पर काम शुरू हो जाएगा और यह अगले तीन सालों में बनकर तैयार हो जाएगा. ये एक्सप्रेसवे गुरुग्राम में राजीव चौक से शुरू होगा. ये एक्सप्रेस वे गुरुग्राम होते हुए दिल्ली से अलवर-सवाई माधोपुर-वडोदरा के रास्ते मुंबई तक जाएगा.
गडकरी ने कहा कि दिसंबर से इस पर काम शुरू हो जाएगा और यह अगले तीन सालों में बनकर तैयार हो जाएगा. ये एक्सप्रेसवे गुरुग्राम में राजीव चौक से शुरू होगा. ये एक्सप्रेस वे गुरुग्राम होते हुए दिल्ली से अलवर-सवाई माधोपुर-वडोदरा के रास्ते मुंबई तक जाएगा. | यहाँ एक सारांश है:केंद्रीय परिवहन मंत्री ने लोगों को बताया
दिसंबर में शुरू होगा काम
दिल्ली से मुंबई की दूरी जल्दी तय होगी. | 4 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: सरसों एवं चना की कीमतों में तेज बढ़ोतरी को देखते हुए सरकार इन दो जिंसों के वायदा कारोबार पर प्रतिबंध लगाने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है।टिप्पणियां
उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘हमें सरसों एवं चना के वायदा कारोबार पर प्रतिबंध लगाने के प्रस्ताव मिले हैं। हम उनकी समीक्षा कर रहे हैं।’ उन्होंने कहा, ‘इन दो जिंसों की कीमतों में उतार.चढ़ाव पर हमारी पैनी नजर है. पिछले कुछ महीनों में इनकी कीमतों में जबरदस्त तेजी आई है।’ उल्लेखनीय है कि सरसों एवं चना में ज्यादातर वायदा कारोबार एनसीडीईएक्स में होता है। एसीई, एनएमसीई और एमसीएक्स में भी इन जिंसों का कारोबार होता है, लेकिन मात्रा बहुत कम है।
एनसीडीईएक्स के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल के अप्रैल अनुबंध के लिए चना की कीमतें 28 मार्च तक 67 प्रतिशत तक बढ़कर 3,989 रुपये प्रति क्विंटल पर पहुंच गई जो पिछले साल के अप्रैल अनुबंध के लिए 2,382 रुपये प्रति क्विंटल थीं।
उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘हमें सरसों एवं चना के वायदा कारोबार पर प्रतिबंध लगाने के प्रस्ताव मिले हैं। हम उनकी समीक्षा कर रहे हैं।’ उन्होंने कहा, ‘इन दो जिंसों की कीमतों में उतार.चढ़ाव पर हमारी पैनी नजर है. पिछले कुछ महीनों में इनकी कीमतों में जबरदस्त तेजी आई है।’ उल्लेखनीय है कि सरसों एवं चना में ज्यादातर वायदा कारोबार एनसीडीईएक्स में होता है। एसीई, एनएमसीई और एमसीएक्स में भी इन जिंसों का कारोबार होता है, लेकिन मात्रा बहुत कम है।
एनसीडीईएक्स के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल के अप्रैल अनुबंध के लिए चना की कीमतें 28 मार्च तक 67 प्रतिशत तक बढ़कर 3,989 रुपये प्रति क्विंटल पर पहुंच गई जो पिछले साल के अप्रैल अनुबंध के लिए 2,382 रुपये प्रति क्विंटल थीं।
एनसीडीईएक्स के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल के अप्रैल अनुबंध के लिए चना की कीमतें 28 मार्च तक 67 प्रतिशत तक बढ़कर 3,989 रुपये प्रति क्विंटल पर पहुंच गई जो पिछले साल के अप्रैल अनुबंध के लिए 2,382 रुपये प्रति क्विंटल थीं। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सरसों एवं चना की कीमतों में तेज बढ़ोतरी को देखते हुए सरकार इन दो जिंसों के वायदा कारोबार पर प्रतिबंध लगाने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। | 25 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: Mamata Banerjee vs CBI: पश्चिम बंगाल में सीबीआई बनाम ममता बनर्जी मामले (CBI vs Kolkata Police) में मंगलवार को सीबीआई की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार के खिलाफ सीबीआई की याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राजीव कुमार को सीबीआई के समक्ष शिलॉन्ग में उपस्थित होना होगा. कोलकाता के पुलिस आयुक्त राजीव कुमार को सीबीआई के समक्ष उपस्थित होने के आदेश को एक ओर जहां भाजपा ने अपनी नैतिक जीत करार दिया, वहीं ममता बनर्जी ने भी कहा कि यह उनकी नैतिक जीत है. मगर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर कुमार विश्वास (Kumar Vishwas) ने ट्वीट किया है.
सीबीआई बनाम ममता बनर्जी मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कवि कुमार विश्वास ने अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा कि 'सुप्रीम कोर्ट भी आजकल वेद की ऋचाओं जैसे फ़ैसले सुनाता है, जिसकी जीत-भरी व्याख्या, हर 'गुरुकुल-कुरुकुल' अपनी-अपनी सुविधानुसार कर लेता है.
सुप्रीम कोर्ट भी आजकल वेद की ऋचाओं जैसे फ़ैसले सुनाता है, जिसकी जीत-भरी व्याख्या, हर “गुरुकुल-कुरुकुल” अपनी-अपनी सुविधानुसार कर लेता है
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने कोलकाता पुलिस आयुक्त राजीव कुमार को सीबीआई के समक्ष स्वयं को उपलब्ध कराने और शारदा घोटाला जांच में पूरा सहयोग करने का आदेश दिया है. न्यायालय ने कोलकाता पुलिस प्रमुख कुमार को पूछताछ के लिए शिलांग में सीबीआई के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया. कोलकाता पुलिस प्रमुख की गिरफ्तारी समेत कोई दंडात्मक कदम नहीं उठाया जाएगा. भाजपा के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने शीर्ष अदालत के आदेश का स्वागत करते हुए कहा कि यह ममता बनर्जी सरकार के लिए बड़ा झटका और सीबीआई की जीत है. इससे स्पष्ट होता है कि पुलिस आयुक्त समेत कोई भी कानून से बड़ा नहीं है.
गौरतलब है कि चिटफंड घोटाला मामले में सीबीआई द्वारा कोलकाता पुलिस प्रमुख राजीव कुमार से पूछताछ के प्रयास के बाद केंद्र सरकार पर सीबीआई के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए ममता बनर्जी रविवार शाम को कोलकाता में धरने पर बैठ गयीं. सीबीआई की एक टीम रविवार को मध्य कोलकाता में कुमार के लाउडन स्ट्रीट स्थित आवास पहुंची थी लेकिन वहां तैनात पुलिस कर्मियों ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया और उन्हें थाने ले गए. इस मुद्दे को लेकर भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच आरोप प्रत्यारोप चल रहे हैं. | यहाँ एक सारांश है:कवि कुमार विश्वास ने सीबीआई बनाम बंगाल मामले पर ट्वीट किया
कहा- सुप्रीम कोर्ट भी आजकल वेद की ऋचाओं जैसे फ़ैसले सुनाता है
लोग अपनी-अपनी सुविधानुसार व्याख्या कर लेते हैं | 4 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग इल के निधन की अचानक घोषणा से आश्चर्यचकित अमेरिकी और पश्चिमी जगत के नेताओं ने कहा है कि अलग-थलग पड़े इस देश को अंतरराष्ट्रीय समुदाय से फिर जोड़ने में उनके बेटे द्वारा सत्ता अपने हाथ में लेना निर्णायक मोड़ साबित हो सकता है। बीबीसी ने खबर के अनुसार, ब्रिटिश विदेश मंत्री विलियम हेग ने कहा, यह उत्तर कोरिया के लिए अहम मोड़ साबित हो सकता है। हेग ने उत्तर कोरिया के नए नेता से यह बात समझने का अनुरोध किया कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ जुड़ना उनके देश के लिए भला होगा। फ्रांस के विदेश मंत्री एलन जुपे ने आशा जताई कि नया नेतृत्व उत्तर कोरिया के लिए नई आजादी लेकर आएगा। अमेरिकी नेता हालांकि देश में परमाणु हथियारों को लेकर चल रही गतिविधियों को चेतावनी के रूप में देखते हैं और व्हाइट हाउस ने कहा कि राष्ट्रपति बराक ओबामा को इन गतिविधियों को बारे में सूचित कर दिया गया है। व्हाइट हाउस ने एक बयान में कहा कि वह देश की स्थिति पर करीबी से निगरानी कर रहा है। | संक्षिप्त पाठ: हेग ने उ. कोरिया के नए नेता से यह बात समझने का अनुरोध किया कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ जुड़ना उनके देश के लिए भला होगा। | 14 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: दिल्ली पुलिस जेएनयू के लापता छात्र नजीब अहमद के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए प्रिंट एवं एफएम रेडियो स्टेशनों में विज्ञापन देगी.
जांच से जुड़े एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि विज्ञापनों में नजीब के स्केच भी शामिल होंगे, जिनमें दाढ़ी के साथ या दूसरे संभावित भेष के साथ उसकी तस्वीर बनाई जाएगी.टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि नजीब बदायूं का रहने वाला था और बरेली में पढ़ाई की थी. वहह जेएनयू से लापता हुआ है उसे आखिरी बार जामिया (विश्वविद्यालय) में ऑटो से उतरते देखा गया. इसलिए ये विज्ञापन उन इलाकों में केंद्रित होंगे, जहां नजीब कथित रूप से छिपा हो सकता है या जहां के लोगों का उससे कोई संबंध हो. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
जांच से जुड़े एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि विज्ञापनों में नजीब के स्केच भी शामिल होंगे, जिनमें दाढ़ी के साथ या दूसरे संभावित भेष के साथ उसकी तस्वीर बनाई जाएगी.टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि नजीब बदायूं का रहने वाला था और बरेली में पढ़ाई की थी. वहह जेएनयू से लापता हुआ है उसे आखिरी बार जामिया (विश्वविद्यालय) में ऑटो से उतरते देखा गया. इसलिए ये विज्ञापन उन इलाकों में केंद्रित होंगे, जहां नजीब कथित रूप से छिपा हो सकता है या जहां के लोगों का उससे कोई संबंध हो. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा कि नजीब बदायूं का रहने वाला था और बरेली में पढ़ाई की थी. वहह जेएनयू से लापता हुआ है उसे आखिरी बार जामिया (विश्वविद्यालय) में ऑटो से उतरते देखा गया. इसलिए ये विज्ञापन उन इलाकों में केंद्रित होंगे, जहां नजीब कथित रूप से छिपा हो सकता है या जहां के लोगों का उससे कोई संबंध हो. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त पाठ: प्रिंट एवं एफएम रेडियो स्टेशनों में विज्ञापन देगी पुलिस.
पुलिस अधिकारी ने बताया कि विज्ञापनों में नजीब के स्केच भी शामिल होंगे.
दाढ़ी के साथ या दूसरे संभावित भेष के साथ उसकी तस्वीर बनाई जाएगी. | 27 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: तेज गेंदबाज डेल स्टेन की आठ रन में छह विकेट की शानदार गेंदबाजी से दक्षिण अफ्रीका ने शनिवार को पहले टेस्ट के दूसरे दिन पाकिस्तान को उसके न्यूनतम टेस्ट स्कोर 49 रन पर समेट दिया।
स्टेन के यह छह विकेट टेस्ट मैचों के इतिहास में तीसरा सबसे शानदार प्रदर्शन है जिससे दक्षिण अफ्रीकी टीम पहली पारी में 204 रन की बढ़त बनाने में सफल रही।
दिन के पहले दो ओवर में पाकिस्तान के तीन विकेट हासिल करने वाले स्टेन ने अंतिम तीन विकेट एक भी रन दिए बिना हासिल किए। वेस्टइंडीज के जर्मेन लासन ने 2002 में बांग्लादेश के खिलाफ तीन रन देकर छह विकेट हासिल किए थे जो टेस्ट क्रिकेट में पिछले 89 साल में सबसे कम रन देकर छह विकेट प्राप्त कर सके हैं।
स्टेन के अलावा वर्नोन फिलैंडर और जाक कैलिस ने दो-दो विकेट चटकाए। दक्षिण अफ्रीकी कप्तान ग्रीम स्मिथ ने फालोआन देने के बजाय दूसरी पारी में खेलने का फैसला किया। टिप्पणियां
पाकिस्तान ने कल दक्षिण अफ्रीका को पहली पारी में 253 रन पर समेटकर संकेत दिया था कि वह दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टेस्ट टीम को चुनौती देगी लेकिन टीम ने आज पहले सत्र में 40 रन के अंदर सात विकेट खो दिए थे। अजहर अली 13 रन बनाकर शीर्ष स्कोरर रहे।
पाकिस्तान का यह टेस्ट मैचों की पारी में न्यूनतम स्कोर भी है, इससे पहले टीम 11 अक्टूबर 2002 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शारजाह में 53 रन पर सिमट गई थी।
स्टेन के यह छह विकेट टेस्ट मैचों के इतिहास में तीसरा सबसे शानदार प्रदर्शन है जिससे दक्षिण अफ्रीकी टीम पहली पारी में 204 रन की बढ़त बनाने में सफल रही।
दिन के पहले दो ओवर में पाकिस्तान के तीन विकेट हासिल करने वाले स्टेन ने अंतिम तीन विकेट एक भी रन दिए बिना हासिल किए। वेस्टइंडीज के जर्मेन लासन ने 2002 में बांग्लादेश के खिलाफ तीन रन देकर छह विकेट हासिल किए थे जो टेस्ट क्रिकेट में पिछले 89 साल में सबसे कम रन देकर छह विकेट प्राप्त कर सके हैं।
स्टेन के अलावा वर्नोन फिलैंडर और जाक कैलिस ने दो-दो विकेट चटकाए। दक्षिण अफ्रीकी कप्तान ग्रीम स्मिथ ने फालोआन देने के बजाय दूसरी पारी में खेलने का फैसला किया। टिप्पणियां
पाकिस्तान ने कल दक्षिण अफ्रीका को पहली पारी में 253 रन पर समेटकर संकेत दिया था कि वह दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टेस्ट टीम को चुनौती देगी लेकिन टीम ने आज पहले सत्र में 40 रन के अंदर सात विकेट खो दिए थे। अजहर अली 13 रन बनाकर शीर्ष स्कोरर रहे।
पाकिस्तान का यह टेस्ट मैचों की पारी में न्यूनतम स्कोर भी है, इससे पहले टीम 11 अक्टूबर 2002 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शारजाह में 53 रन पर सिमट गई थी।
दिन के पहले दो ओवर में पाकिस्तान के तीन विकेट हासिल करने वाले स्टेन ने अंतिम तीन विकेट एक भी रन दिए बिना हासिल किए। वेस्टइंडीज के जर्मेन लासन ने 2002 में बांग्लादेश के खिलाफ तीन रन देकर छह विकेट हासिल किए थे जो टेस्ट क्रिकेट में पिछले 89 साल में सबसे कम रन देकर छह विकेट प्राप्त कर सके हैं।
स्टेन के अलावा वर्नोन फिलैंडर और जाक कैलिस ने दो-दो विकेट चटकाए। दक्षिण अफ्रीकी कप्तान ग्रीम स्मिथ ने फालोआन देने के बजाय दूसरी पारी में खेलने का फैसला किया। टिप्पणियां
पाकिस्तान ने कल दक्षिण अफ्रीका को पहली पारी में 253 रन पर समेटकर संकेत दिया था कि वह दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टेस्ट टीम को चुनौती देगी लेकिन टीम ने आज पहले सत्र में 40 रन के अंदर सात विकेट खो दिए थे। अजहर अली 13 रन बनाकर शीर्ष स्कोरर रहे।
पाकिस्तान का यह टेस्ट मैचों की पारी में न्यूनतम स्कोर भी है, इससे पहले टीम 11 अक्टूबर 2002 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शारजाह में 53 रन पर सिमट गई थी।
स्टेन के अलावा वर्नोन फिलैंडर और जाक कैलिस ने दो-दो विकेट चटकाए। दक्षिण अफ्रीकी कप्तान ग्रीम स्मिथ ने फालोआन देने के बजाय दूसरी पारी में खेलने का फैसला किया। टिप्पणियां
पाकिस्तान ने कल दक्षिण अफ्रीका को पहली पारी में 253 रन पर समेटकर संकेत दिया था कि वह दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टेस्ट टीम को चुनौती देगी लेकिन टीम ने आज पहले सत्र में 40 रन के अंदर सात विकेट खो दिए थे। अजहर अली 13 रन बनाकर शीर्ष स्कोरर रहे।
पाकिस्तान का यह टेस्ट मैचों की पारी में न्यूनतम स्कोर भी है, इससे पहले टीम 11 अक्टूबर 2002 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शारजाह में 53 रन पर सिमट गई थी।
पाकिस्तान ने कल दक्षिण अफ्रीका को पहली पारी में 253 रन पर समेटकर संकेत दिया था कि वह दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टेस्ट टीम को चुनौती देगी लेकिन टीम ने आज पहले सत्र में 40 रन के अंदर सात विकेट खो दिए थे। अजहर अली 13 रन बनाकर शीर्ष स्कोरर रहे।
पाकिस्तान का यह टेस्ट मैचों की पारी में न्यूनतम स्कोर भी है, इससे पहले टीम 11 अक्टूबर 2002 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शारजाह में 53 रन पर सिमट गई थी।
पाकिस्तान का यह टेस्ट मैचों की पारी में न्यूनतम स्कोर भी है, इससे पहले टीम 11 अक्टूबर 2002 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शारजाह में 53 रन पर सिमट गई थी। | यह एक सारांश है: दक्षिण अफ्रीका ने पहले टेस्ट क्रिकेट मैच के दूसरे दिन डेल स्टेन के 8 रन पर छह विकेट की तूफानी गेंदबाजी की बदौलत पाकिस्तान को पहली पारी में महज 49 रन पर ऑल आउट कर दिया। टेस्ट मैचों में पाकिस्तान का यह सबसे कम स्कोर है। | 2 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: एक कॉलेज छात्रा से बलात्कार एवं उसकी हत्या को लेकर विपक्ष और बुद्धिजीवियों के एक वर्ग के निशाने पर चल रहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि कुछ स्थानीय टीवी चैनलों पर उनकी आलोचना करने वाले वार्ताकार (पैनलिस्ट) अश्लीलता में शामिल हैं।
ममता ने कहा, ‘बलात्कार की दो-तीन घटनाएं हुई हैं। लेकिन हर शाम ये लोग अश्लील चर्चा में लग जाते हैं और दिन-प्रतिदिन हमारी मां बहनों का अपमान करते हैं। कुछ चैनल दिवालिए हो गए हैं और वे बंगाल की जनता का अपमान कर रहे हैं।’ उन्होंने कहा, ‘वे सही नहीं कर रहे हैं। बच्चे जो चीज नहीं जानते हैं, वे उसे जानने लगते हैं। इस पैनल चर्चा के लिए किन्हें बुलाया जा रहा है? दरअसल उनमें से कई तो अश्लीलता में शामिल हैं। वे सामाजिक कार्यकर्ता होने का दावा करते हैं लेकिन वे वाकई धन के लिए काम कर रहे होते हैं। चर्चा कुछ नहीं, बल्कि मनी शो है।’टिप्पणियां
ममता बनर्जी ने वादा किया कि बारासात घटना में आरोपियों के खिलाफ एक महीने में आरोपपत्र दायर किया जाएगा और उन्हें मौत की सजा दिए जाने की मांग की जाएगी।
ममता ने आरोप लगाया, ‘एक-दो टीवी चैनल माकपा के प्रभाव में इन घटनाओं को ऐसे पेश कर रहे हैं कि मानो लोग सड़कों पर स्वतंत्र घूम ही नहीं सकते।’
ममता ने कहा, ‘बलात्कार की दो-तीन घटनाएं हुई हैं। लेकिन हर शाम ये लोग अश्लील चर्चा में लग जाते हैं और दिन-प्रतिदिन हमारी मां बहनों का अपमान करते हैं। कुछ चैनल दिवालिए हो गए हैं और वे बंगाल की जनता का अपमान कर रहे हैं।’ उन्होंने कहा, ‘वे सही नहीं कर रहे हैं। बच्चे जो चीज नहीं जानते हैं, वे उसे जानने लगते हैं। इस पैनल चर्चा के लिए किन्हें बुलाया जा रहा है? दरअसल उनमें से कई तो अश्लीलता में शामिल हैं। वे सामाजिक कार्यकर्ता होने का दावा करते हैं लेकिन वे वाकई धन के लिए काम कर रहे होते हैं। चर्चा कुछ नहीं, बल्कि मनी शो है।’टिप्पणियां
ममता बनर्जी ने वादा किया कि बारासात घटना में आरोपियों के खिलाफ एक महीने में आरोपपत्र दायर किया जाएगा और उन्हें मौत की सजा दिए जाने की मांग की जाएगी।
ममता ने आरोप लगाया, ‘एक-दो टीवी चैनल माकपा के प्रभाव में इन घटनाओं को ऐसे पेश कर रहे हैं कि मानो लोग सड़कों पर स्वतंत्र घूम ही नहीं सकते।’
ममता बनर्जी ने वादा किया कि बारासात घटना में आरोपियों के खिलाफ एक महीने में आरोपपत्र दायर किया जाएगा और उन्हें मौत की सजा दिए जाने की मांग की जाएगी।
ममता ने आरोप लगाया, ‘एक-दो टीवी चैनल माकपा के प्रभाव में इन घटनाओं को ऐसे पेश कर रहे हैं कि मानो लोग सड़कों पर स्वतंत्र घूम ही नहीं सकते।’
ममता ने आरोप लगाया, ‘एक-दो टीवी चैनल माकपा के प्रभाव में इन घटनाओं को ऐसे पेश कर रहे हैं कि मानो लोग सड़कों पर स्वतंत्र घूम ही नहीं सकते।’ | संक्षिप्त पाठ: एक कॉलेज छात्रा से बलात्कार एवं उसकी हत्या को लेकर विपक्ष और बुद्धिजीवियों के एक वर्ग के निशाने पर चल रहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि कुछ स्थानीय टीवी चैनलों पर उनकी आलोचना करने वाले वार्ताकार (पैनलिस्ट) अश्लीलता में शामिल है | 27 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: बता दें, पिछले महीने एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने कहा था कि आगामी लोकसभा में भाजपा के खिलाफ महाराष्ट्र में महागठबंधन के लिए कोशिश जारी हैं. उन्होंने कहा था, 'हम आरएसएस से लगातार लड़ाई लड़ते रहेंगे. हम उनकी विचारधारा को नहीं मनाते, एक समान विचारधारा वाली पार्टियों को इससे लड़ने के लिए एक साथ आना चाहिए.'
महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव चार चरणों में होंगे. पहले चरण यानी 11 अप्रैल को विदर्भ क्षेत्र में मतदान होगा, जबकि मुंबई की सभी सीटों पर 29 अप्रैल को मतदान होगा. चुनाव आयोग ने रविवार को बताया कि आम चुनाव का कार्यक्रम सात चरणों में मुकम्मल होगा जिसका शंखनाद 11 अप्रैल से होगा. आयोग ने बताया कि पहले चरण का मतदान 11 अप्रैल, दूसरे का 18 अप्रैल, तीसरे का 23 अप्रैल, चौथे का 29 अप्रैल, पांचवें का छह मई, छठे का 12 मई और अंतिम यानी सातवें चरण का मतदान 19 मई को होगा. वहीं सभी चरणों के लिए मतगणना एक ही दिन 23 मई को होगी.
वहीं, नागपुर सीट पर भी सभी की नजरें टिकी हैं, जहां से फिलहाल केंद्रीय परिवहन एवं जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी सांसद हैं. वह आगामी चुनाव में भी यहीं से चुनाव लड़ सकते हैं. भाजपा के पूर्व सांसद नाना पटोले इस सीट पर कांग्रेस के टिकट पर गडकरी के खिलाफ चुनाव लड़ सकते हैं. | यहाँ एक सारांश है:महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव चार चरणों में होंगे
महाराष्ट्र में यूपी के बाद सबसे ज्यादा 48 सीटें हैं
2014 में कांग्रेस-NCP को मिली थीं केवल छह सीटें | 18 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: जैक कैलिस और जेपी डुमिनी की शानदार पारियों और दोनों के बीच 90 रन की अटूट साझेदारी की मदद से दक्षिण अफ्रीका ने इंग्लैंड को पहले ट्वेंटी-20 क्रिकेट मैच में सात विकेट से हरा दिया।
इंग्लैंड ने टॉस गंवाने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए सात विकेट पर 118 रन बनाए। इसके जवाब में दक्षिण अफ्रीका ने अपने तीन विकेट 29 रन पर गंवा दिए थे। सलामी बल्लेबाज कैलिस ने 44 गेंद पर सात चौकों की मदद से नाबाद 48 और डुमिनी ने 54 गेंद पर नाबाद 47 रन बनाए, जिससे दक्षिण अफ्रीका 19 ओवर में तीन विकेट पर 119 रन बनाकर जीत दर्ज करने में सफल रहा।
कैलिस और डुमिनी ने चौथे विकेट के लिए 91 गेंद पर 90 रन की अटूट साझेदारी की। इस जीत से दक्षिण अफ्रीका तीन मैच की शृंखला में 1-0 से आगे हो गया है। इससे पहले, इंग्लैंड की ओर से कोई भी बल्लेबाज टिककर नहीं खेल पाया।टिप्पणियां
सलामी बल्लेबाज क्रेग कीस्वेटर ने सर्वाधिक 25 रन बनाए। उनके अलावा पांच और बल्लेबाज दोहरे अंक तक पहुंचने में सफल रहे, लेकिन कोई भी बड़ी पारी नहीं खेल पाया। स्टुअर्ट ब्रॉड (नाबाद 18) और ग्रीम स्वान (नाबाद 18) ने आठवें विकेट के लिए 4.3 ओवर में 33 रन की अटूट साझेदारी करते हुए टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया।
दक्षिण अफ्रीका की ओर से जोहान बोथा ने 19, जबकि रोबिन पीटरसन ने 27 रन देकर दो-दो विकेट चटकाए। डेल स्टेन और एल्बी मोर्कल ने किफायती गेंदबाजी की। स्टेन ने चार ओवर में 13, जबकि मोर्कल ने तीन ओवर में 12 रन देकर एक विकेट हासिल किया।
इंग्लैंड ने टॉस गंवाने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए सात विकेट पर 118 रन बनाए। इसके जवाब में दक्षिण अफ्रीका ने अपने तीन विकेट 29 रन पर गंवा दिए थे। सलामी बल्लेबाज कैलिस ने 44 गेंद पर सात चौकों की मदद से नाबाद 48 और डुमिनी ने 54 गेंद पर नाबाद 47 रन बनाए, जिससे दक्षिण अफ्रीका 19 ओवर में तीन विकेट पर 119 रन बनाकर जीत दर्ज करने में सफल रहा।
कैलिस और डुमिनी ने चौथे विकेट के लिए 91 गेंद पर 90 रन की अटूट साझेदारी की। इस जीत से दक्षिण अफ्रीका तीन मैच की शृंखला में 1-0 से आगे हो गया है। इससे पहले, इंग्लैंड की ओर से कोई भी बल्लेबाज टिककर नहीं खेल पाया।टिप्पणियां
सलामी बल्लेबाज क्रेग कीस्वेटर ने सर्वाधिक 25 रन बनाए। उनके अलावा पांच और बल्लेबाज दोहरे अंक तक पहुंचने में सफल रहे, लेकिन कोई भी बड़ी पारी नहीं खेल पाया। स्टुअर्ट ब्रॉड (नाबाद 18) और ग्रीम स्वान (नाबाद 18) ने आठवें विकेट के लिए 4.3 ओवर में 33 रन की अटूट साझेदारी करते हुए टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया।
दक्षिण अफ्रीका की ओर से जोहान बोथा ने 19, जबकि रोबिन पीटरसन ने 27 रन देकर दो-दो विकेट चटकाए। डेल स्टेन और एल्बी मोर्कल ने किफायती गेंदबाजी की। स्टेन ने चार ओवर में 13, जबकि मोर्कल ने तीन ओवर में 12 रन देकर एक विकेट हासिल किया।
कैलिस और डुमिनी ने चौथे विकेट के लिए 91 गेंद पर 90 रन की अटूट साझेदारी की। इस जीत से दक्षिण अफ्रीका तीन मैच की शृंखला में 1-0 से आगे हो गया है। इससे पहले, इंग्लैंड की ओर से कोई भी बल्लेबाज टिककर नहीं खेल पाया।टिप्पणियां
सलामी बल्लेबाज क्रेग कीस्वेटर ने सर्वाधिक 25 रन बनाए। उनके अलावा पांच और बल्लेबाज दोहरे अंक तक पहुंचने में सफल रहे, लेकिन कोई भी बड़ी पारी नहीं खेल पाया। स्टुअर्ट ब्रॉड (नाबाद 18) और ग्रीम स्वान (नाबाद 18) ने आठवें विकेट के लिए 4.3 ओवर में 33 रन की अटूट साझेदारी करते हुए टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया।
दक्षिण अफ्रीका की ओर से जोहान बोथा ने 19, जबकि रोबिन पीटरसन ने 27 रन देकर दो-दो विकेट चटकाए। डेल स्टेन और एल्बी मोर्कल ने किफायती गेंदबाजी की। स्टेन ने चार ओवर में 13, जबकि मोर्कल ने तीन ओवर में 12 रन देकर एक विकेट हासिल किया।
सलामी बल्लेबाज क्रेग कीस्वेटर ने सर्वाधिक 25 रन बनाए। उनके अलावा पांच और बल्लेबाज दोहरे अंक तक पहुंचने में सफल रहे, लेकिन कोई भी बड़ी पारी नहीं खेल पाया। स्टुअर्ट ब्रॉड (नाबाद 18) और ग्रीम स्वान (नाबाद 18) ने आठवें विकेट के लिए 4.3 ओवर में 33 रन की अटूट साझेदारी करते हुए टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया।
दक्षिण अफ्रीका की ओर से जोहान बोथा ने 19, जबकि रोबिन पीटरसन ने 27 रन देकर दो-दो विकेट चटकाए। डेल स्टेन और एल्बी मोर्कल ने किफायती गेंदबाजी की। स्टेन ने चार ओवर में 13, जबकि मोर्कल ने तीन ओवर में 12 रन देकर एक विकेट हासिल किया।
दक्षिण अफ्रीका की ओर से जोहान बोथा ने 19, जबकि रोबिन पीटरसन ने 27 रन देकर दो-दो विकेट चटकाए। डेल स्टेन और एल्बी मोर्कल ने किफायती गेंदबाजी की। स्टेन ने चार ओवर में 13, जबकि मोर्कल ने तीन ओवर में 12 रन देकर एक विकेट हासिल किया। | संक्षिप्त पाठ: जैक कैलिस और जेपी डुमिनी की शानदार पारियों और दोनों के बीच 90 रन की अटूट साझेदारी की मदद से दक्षिण अफ्रीका ने इंग्लैंड को पहले ट्वेंटी-20 क्रिकेट मैच में सात विकेट से हरा दिया। | 22 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: जम्मू-कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा हटाए जाने के मामले पर चर्चा के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बंद कमरे में हुई बैठक के बाद भारत ने पाकिस्तान से शुक्रवार को कहा कि उसे वार्ता आरंभ करने के लिए आतंकवाद रोकना होगा. चीन और पाकिस्तान के अनुरोध पर अनौपचारिक बैठक पूरी होने के बाद संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरूद्दीन ने मीडिया से कहा कि भारत का रुख यही था और है कि संविधान के अनुच्छेद 370 संबंधी मामला पूर्णतय: भारत का आतंरिक मामला है और इसका कोई बाह्य असर नहीं है. उन्होंने पाकिस्तान का नाम लिए बगैर कहा कि कुछ लोग कश्मीर में स्थिति को 'भयावह नजरिए'' से दिखाने की कोशिश कर रहे हैं, जो वास्तविकता से बहुत दूर है.
उन्होंने कहा कि वार्ता शुरू करने के लिए आतंकवाद रोकिए. अकबरूद्दीन ने कहा कि एक विशेष चिंता यह है कि एक देश और उसके नेतागण भारत में हिंसा को प्रोत्साहित कर रहे हैं और जिहाद की शब्दावली का प्रयोग कर रहे हैं. हिंसा हमारे समक्ष मौजूदा समस्याओं का हल नहीं है. बैठक के बाद चीनी और पाकिस्तानी दूतों के मीडिया को संबोधित करने के बारे में अकबरूद्दीन ने कहा कि सुरक्षा परिषद बैठक समाप्त होने के बाद हमने पहली बार देखा कि दोनों देश (चीन और पाकिस्तान) अपने देश की राय को अंतरराष्ट्रीय समुदाय की राय बताने की कोशिश कर रहे थे.
उन्होंने कहा कि भारत कश्मीर में धीरे-धीरे सभी प्रतिबंध हटाने के लिए प्रतिबद्ध है. इससे पहले संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की राजदूत मलीहा लोधी ने बैठक के बाद कहा कि बैठक में 'कश्मीर के लोगों की आवाज सुनी' गई. लोधी ने कहा कि यह बैठक होना इस बात का 'सबूत है कि इस विवाद को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचाना गया' है. बैठक के बाद संयुक्त राष्ट्र में चीन के राजदूत झांग जुन ने भारत और पाकिस्तान से अपने मतभेद शांतिपूर्वक सुलझाने और 'एक दूसरे को नुकसान पहुंचा कर फायदा उठाने की सोच त्यागने' की अपील की.
उन्होंने जम्मू-कश्मीर के मामले पर चीन का रुख बताते हुए कहा, ‘‘भारत के एकतरफा कदम ने उस कश्मीर में यथास्थिति बदल दी है जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक विवाद समझा जाता है.'' कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा हटाने और लद्दाख को एक अलग केंद्रशासित प्रदेश बनाने के भारत के कदम का विरोध करते हुए उन्होंने कहा, 'भारत के इस कदम ने चीन के संप्रभु हितों को भी चुनौती दी है और सीमावर्ती इलाकों में शांति एवं स्थिरता बनाने को लेकर द्विपक्षीय समझौतों का उल्लंघन किया है. चीन काफी चिंतित है.'
रूस के उप-स्थायी प्रतिनिधि दिमित्री पोलिंस्की ने बैठक कक्ष में जाने से पहले संवाददाताओं से कहा कि मॉस्को का मानना है कि यह भारत एवं पाकिस्तान का 'द्विपक्षीय मामला' है. उन्होंने कहा कि बैठक यह समझने के लिए की गई है कि क्या हो रहा है. उल्लेखनीय है कि बंद कमरे में बैठकों का ब्यौरा सार्वजनिक नहीं होता और इसमें बयानों का शब्दश: रिकॉर्ड नहीं रखा जाता. विचार-विमर्श सुरक्षा परिषद के सदस्यों की अनौपचारिक बैठकें होती हैं.
संयुक्त राष्ट्र के रिकॉर्ड के मुताबिक, आखिरी बार सुरक्षा परिषद ने 1965 में ‘भारत-पाकिस्तान प्रश्न' के एजेंडा के तहत जम्मू कश्मीर के क्षेत्र को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच विवाद पर चर्चा की थी. हाल में पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा था कि उनके देश ने, जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त करने के भारत के फैसले पर चर्चा के लिए सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाने की औपचारिक मांग की थी. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: भारत ने कहा- कश्मीर हमारा आंतरिक मामला
आतंक ख़त्म किए बिना बात नहीं: अकबरुद्दीन
कश्मीर में पाबंदियां हट रही हैं: अकबरुद्दीन | 19 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: पाकिस्तान में लगातार दूसरे प्रधानमंत्री की कुर्सी भ्रष्टाचार की आंधी में उड़ने के खतरे के बीच देश की विदेशमंत्री हिना रब्बानी खार इस मामले में भी भारत से तुलना करने से बाज नहीं आईं, जब उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी ‘बहुत बड़े’ आरोपों का सामना किया है।टिप्पणियां
हिना ने कहा, दक्षिण एशिया के कई देशों और अन्य स्थानों पर भी भ्रष्टाचार की समस्या है। भारत भी इन आरोपों से अछूता नहीं है और भारत के प्रधानमंत्री पर भी भ्रष्टाचार के काफी बड़े आरोप लगे हैं। हिना एशिया सोसायटी में एक समारोह के दौरान पाकिस्तान में फैले भ्रष्टाचार के बारे में पूछे गए एक सवाल का जवाब दे रही थीं। पाकिस्तान में शीर्ष स्तर पर भ्रष्टाचार का यह आलम है कि देश के प्रधान न्यायाधीश इफ्तिखार चौधरी ने बिजली परियोजनाओं में घूस लेने के आरोपों के चलते प्रधानमंत्री राजा परवेश अशरफ की गिरफ्तारी के आदेश दिए हैं।
याद रहे कि अशरफ से पहले युसुफ रजा गिलानी को भी देश के सुप्रीम कोर्ट ने सत्ता से हटा दिया था, क्योंकि गिलानी ने राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों की जांच दोबारा शुरू करने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन न करके उसकी अवमानना की थी।
हिना ने कहा, दक्षिण एशिया के कई देशों और अन्य स्थानों पर भी भ्रष्टाचार की समस्या है। भारत भी इन आरोपों से अछूता नहीं है और भारत के प्रधानमंत्री पर भी भ्रष्टाचार के काफी बड़े आरोप लगे हैं। हिना एशिया सोसायटी में एक समारोह के दौरान पाकिस्तान में फैले भ्रष्टाचार के बारे में पूछे गए एक सवाल का जवाब दे रही थीं। पाकिस्तान में शीर्ष स्तर पर भ्रष्टाचार का यह आलम है कि देश के प्रधान न्यायाधीश इफ्तिखार चौधरी ने बिजली परियोजनाओं में घूस लेने के आरोपों के चलते प्रधानमंत्री राजा परवेश अशरफ की गिरफ्तारी के आदेश दिए हैं।
याद रहे कि अशरफ से पहले युसुफ रजा गिलानी को भी देश के सुप्रीम कोर्ट ने सत्ता से हटा दिया था, क्योंकि गिलानी ने राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों की जांच दोबारा शुरू करने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन न करके उसकी अवमानना की थी।
याद रहे कि अशरफ से पहले युसुफ रजा गिलानी को भी देश के सुप्रीम कोर्ट ने सत्ता से हटा दिया था, क्योंकि गिलानी ने राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों की जांच दोबारा शुरू करने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन न करके उसकी अवमानना की थी। | संक्षिप्त पाठ: पाकिस्तान में लगातार दूसरे प्रधानमंत्री की कुर्सी भ्रष्टाचार की आंधी में उड़ने के खतरे के बीच देश की विदेशमंत्री हिना रब्बानी खार इस मामले में भी भारत से तुलना करने से बाज नहीं आईं, जब उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी ‘बहुत बड़े’ आरोपों का स | 30 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: 'दबंग', 'बॉडीगार्ड' और 'एक था टाइगर' की सफलता के बाद अभिनेता सलमान खान ने एक बार फिर अपनी नई फिल्म 'दबंग 2' के जरिेये 100 करोड़ की कमाई की है।टिप्पणियां
सलमान खान की ताजातरीन फिल्म 'दबंग 2' ने रिलीज होने के छह दिन के भीतर 100.78 करोड़ रुपये कमा लिए हैं। 'दबंग 2' सलमान खान की ही फिल्म 'दबंग' का सीक्वेल है, और उल्लेखनीय है कि पहली फिल्म 'दबंग' ने भी 100 करोड़ से अधिक कमाई की थी।
अरबाज खान प्रोडक्शन्स के बैनर तले बनी इस फिल्म की पटकथा दिलीप शुक्ला ने लिखी है, और इसके निर्देशन की बागडोर भी अरबाज खान ने ही संभाली थी। 'दबंग 2' को 21 दिसम्बर को एक साथ 3500 सिनेमाघरों में रिलीज किया गया था।
सलमान खान की ताजातरीन फिल्म 'दबंग 2' ने रिलीज होने के छह दिन के भीतर 100.78 करोड़ रुपये कमा लिए हैं। 'दबंग 2' सलमान खान की ही फिल्म 'दबंग' का सीक्वेल है, और उल्लेखनीय है कि पहली फिल्म 'दबंग' ने भी 100 करोड़ से अधिक कमाई की थी।
अरबाज खान प्रोडक्शन्स के बैनर तले बनी इस फिल्म की पटकथा दिलीप शुक्ला ने लिखी है, और इसके निर्देशन की बागडोर भी अरबाज खान ने ही संभाली थी। 'दबंग 2' को 21 दिसम्बर को एक साथ 3500 सिनेमाघरों में रिलीज किया गया था।
अरबाज खान प्रोडक्शन्स के बैनर तले बनी इस फिल्म की पटकथा दिलीप शुक्ला ने लिखी है, और इसके निर्देशन की बागडोर भी अरबाज खान ने ही संभाली थी। 'दबंग 2' को 21 दिसम्बर को एक साथ 3500 सिनेमाघरों में रिलीज किया गया था। | सारांश: 'दबंग', 'बॉडीगार्ड' और 'एक था टाइगर' की सफलता के बाद अभिनेता सलमान खान ने एक बार फिर अपनी फिल्म के जरिेये 100 करोड़ की कमाई की है। | 33 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तानी प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने कहा है कि जनसंख्या वृद्धि रोकने के सरकार के प्रयास में नागरिक समाज का सहयोग जरूरी है। सोमवार को मनाए जा रहे विश्व जनसंख्या दिवस पर एक संदेश में गिलानी ने कहा, "संयुक्त राष्ट्र के तत्वावधान में यह दिवस, बढ़ रही जनसंख्या की चुनौतियों और सामाजिक आर्थिक ढांचे पर इसके प्रभाव की ओर हमारा ध्यान खींचता है।" पाकिस्तान की जनसंख्या 17 करोड़ से अधिक है। समाचार एजेंसी, एसोसिएटेड प्रेस ऑफ पाकिस्तान के अनुसार, गिलानी ने कहा कि यह दिवस व्यापक राजनीतिक प्रतिबद्धता, नीतिगत सुधार, अधिक संसाधनों के इस्तेमाल और लोगों के बीच जागरूकता पैदा कर, बढ़ रही आबादी को रोकने के लिए ठोस वैश्विक प्रयास की आवश्यकता को रेखांकित करता है। गिलानी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, दुनिया की कुल आबादी में तीन अरब लोग 25 वर्ष से कम उम्र के हैं। यह जनसंख्या समूह वरदान और अभिशाप दोनों बन सकता है, लेकिन यह इस बात पर निर्भर करेगा कि इस चुनौती से विश्व किस रूप में निपटता है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पाकिस्तानी प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने कहा है कि जनसंख्या वृद्धि रोकने के सरकार के प्रयास में नागरिक समाज का सहयोग जरूरी है। | 19 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी चिकित्सकीय जांच के लिए अमेरिका जा रही हैं।
एक वरिष्ठ पार्टी नेता ने रविवार को कहा कि उन्हें चिकित्सकीय जांच के लिए अमेरिका जाना है।
यह पूछे जाने पर कि क्या वह कल शाम तक रवाना हो सकती हैं, उन्होंने इस बारे में जानकारी देने से इनकार कर दिया।टिप्पणियां
सोनिया ने अगस्त 2011 में एक अज्ञात बीमारी के लिए अमेरिका में सर्जरी कराई थी और वह पिछले साल फरवरी तथा सितंबर में जांच के लिए फिर से वहां गई थीं।
कांग्रेस अध्यक्ष को 26 अगस्त को लोकसभा में बीमार पड़ने पर एम्स अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। उन्हें पांच घंटे अस्पताल में बिताने के बाद छुट्टी दे दी गई थी। कफ और सिरदर्द से परेशान सोनिया दवाएं लेने के बाद संसद में बेचैनी महसूस कर रही थीं।
एक वरिष्ठ पार्टी नेता ने रविवार को कहा कि उन्हें चिकित्सकीय जांच के लिए अमेरिका जाना है।
यह पूछे जाने पर कि क्या वह कल शाम तक रवाना हो सकती हैं, उन्होंने इस बारे में जानकारी देने से इनकार कर दिया।टिप्पणियां
सोनिया ने अगस्त 2011 में एक अज्ञात बीमारी के लिए अमेरिका में सर्जरी कराई थी और वह पिछले साल फरवरी तथा सितंबर में जांच के लिए फिर से वहां गई थीं।
कांग्रेस अध्यक्ष को 26 अगस्त को लोकसभा में बीमार पड़ने पर एम्स अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। उन्हें पांच घंटे अस्पताल में बिताने के बाद छुट्टी दे दी गई थी। कफ और सिरदर्द से परेशान सोनिया दवाएं लेने के बाद संसद में बेचैनी महसूस कर रही थीं।
यह पूछे जाने पर कि क्या वह कल शाम तक रवाना हो सकती हैं, उन्होंने इस बारे में जानकारी देने से इनकार कर दिया।टिप्पणियां
सोनिया ने अगस्त 2011 में एक अज्ञात बीमारी के लिए अमेरिका में सर्जरी कराई थी और वह पिछले साल फरवरी तथा सितंबर में जांच के लिए फिर से वहां गई थीं।
कांग्रेस अध्यक्ष को 26 अगस्त को लोकसभा में बीमार पड़ने पर एम्स अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। उन्हें पांच घंटे अस्पताल में बिताने के बाद छुट्टी दे दी गई थी। कफ और सिरदर्द से परेशान सोनिया दवाएं लेने के बाद संसद में बेचैनी महसूस कर रही थीं।
सोनिया ने अगस्त 2011 में एक अज्ञात बीमारी के लिए अमेरिका में सर्जरी कराई थी और वह पिछले साल फरवरी तथा सितंबर में जांच के लिए फिर से वहां गई थीं।
कांग्रेस अध्यक्ष को 26 अगस्त को लोकसभा में बीमार पड़ने पर एम्स अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। उन्हें पांच घंटे अस्पताल में बिताने के बाद छुट्टी दे दी गई थी। कफ और सिरदर्द से परेशान सोनिया दवाएं लेने के बाद संसद में बेचैनी महसूस कर रही थीं।
कांग्रेस अध्यक्ष को 26 अगस्त को लोकसभा में बीमार पड़ने पर एम्स अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। उन्हें पांच घंटे अस्पताल में बिताने के बाद छुट्टी दे दी गई थी। कफ और सिरदर्द से परेशान सोनिया दवाएं लेने के बाद संसद में बेचैनी महसूस कर रही थीं। | यह एक सारांश है: कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी चिकित्सकीय जांच के लिए अमेरिका जा रही हैं। एक वरिष्ठ पार्टी नेता ने रविवार को कहा कि उन्हें चिकित्सकीय जांच के लिए अमेरिका जाना है। | 9 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: चोट के बाद वापसी कर रहे इंग्लैंड के आक्रामक बल्लेबाज केविन पीटरसन ने बुधवार को कहा कि उनमें अब भी रनों की भूख है और वह पांच और साल तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल सकते हैं। हर्निया की समस्या के कारण 2011 विश्व कप के बीच से स्वदेश लौटने वाले 30 वर्षीय पीटरसन उस समय आलोचनाओं का शिकार हुए थे जब उप महाद्वीप से लौटने के तुरंत बाद उन्हें लंदन के एक नाइट स्पाट पर देखा गया था। श्रीलंका के खिलाफ कार्डिफ में पहले टेस्ट की पूर्व संध्या पर पीटरसन ने मीडिया से कहा, मेरी बायीं तरफ काफी खराब हर्निया था और जब उन्होंने दायीं तरफ से आपरेशन करना शुरू किया तो उन्हें अहसास हुआ कि मुझे डबल हर्निया है इसलिए मुझे जितना दर्द हो रहा था वह हैरानी की बात नहीं थी। उन्होंने कहा, लेकिन यह सब गुजर चुका है और मैं इसे लेकर चिंतित नहीं हूं। मैं पूरी तरह से तैयार हूं और इंग्लैंड के साथ गर्मियों के बेहतरीन सत्र के लिए तैयार हूं। पीटरसन ने कहा कि वे अपने क्रिकेट को लेकर गंभीर हैं और कम से कम पांच और साल तक इंग्लैंड का प्रतिनिधित्व करने की इच्छा रखते हैं। उन्होंने कहा, मैं 30 बरस का हूं और पांच और साल तक खेलना चाहता हूं। मैं हमेशा से कहता आया हूं कि मैं दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के खिलाफ खुद को चुनौती देना चाहता हूं और अब भी कुछ नहीं बदला है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पीटरसन ने कहा कि उनमें अब भी रनों की भूख है और वह पांच और साल तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल सकते हैं। | 25 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में स्वतंत्रता दिवस के पूर्व खुफिया विभाग की चेतावनी के मद्देनजर हाई अलर्ट जारी किया गया है। यहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और पूरे शहर में जगह-जगह पुलिस की नाकेबंदी की गई है।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (यातायात) अनिल शुक्ला ने बताया, "पड़ोसी राज्यों से सीमा प्रवेश बिंदुओं के जरिये दिल्ली आने वाले निजी और व्यवसायिक दोनों ही वाहनों की विशेष जांच की जाएगी।"
उन्होंने बताया कि लाल किले के चारों ओर दिल्ली पुलिस और कमांडो के अलावा सफेद पोशाक में सुरक्षा अधिकारी और छिपकर गोलीबारी करने वाले सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया जाएगा। सुरक्षा बलों की कम से कम 80 टुकड़ियां (लगभग 6,000 पुलिसकर्मी) लाल किला और इसके आसपास के इलाके में तैनात की जाएंगी।
उन्होंने कहा, "दिल्ली पुलिस के साथ छिपकर गोलीबारी करने वाले सुरक्षाकर्मी और राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) के कमांडो बहु-स्तरीय सुरक्षा प्रबंधों के अंतर्गत लाल किले की सुरक्षा करेंगे।"
दिल्ली पुलिस और यातायात पुलिसकर्मी विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों की सुरक्षा के साथ ही अतिसंवेदनशील स्थानों में प्रवेश और निकास केंद्रों पर तैनात रहेंगे। सभी ऊंची इमारतों, होटलों, अतिथि गृहों, पहाड़गंज, जामा मस्जिद और लाल किले के नजदीकी इलाकों के बाजारों और रेस्तरां में पुलिस के स्कैनर लगाए जाएंगे।
पुलिस के मुताबिक, इस इलाके में रिक्शेवाले और अस्थाई दुकान लगाने वाले लोगों को संदिग्ध लोगों और सामानों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा, "हवाईअड्डे, रेलवे स्टेशन, मेट्रो स्टेशनों, बस अड्डों, बाजारों, मॉल और सीमावर्ती इलाकों में गहन जांच शुरू कर दी गई है।"
किराएदारों, नौकरों, अतिथि गृहों के आगंतुकों, पुराने स्कूटर और कार के डीलरों, साइबर कैफे उपभोक्ताओं और साइकिल विक्रेताओं को सत्यापित करने के लिए भी गहन कार्य शुरू कर दी गया है।
एक पुलिस सूत्र ने कहा, "हमें 15 अगस्त से पूर्व आतंकी हमले के खतरे से संबंधित खुफिया विभाग की चिट्ठी मिली है।" दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "सभी पड़ोसी राज्यों को चेतावनी जारी कर दी गई है और सीमा के चेक पोस्टों, रेलवे स्टेशनों, मेट्रो और अंतरराज्यीय बस अड्डों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी गई है।"टिप्पणियां
दिल्ली पुलिस आयुक्त भीमसेन बस्सी ने सात अगस्त को सुरक्षा से संबंधित मुद्दे पर पड़ोसी राज्यों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की बैठक बुलाई थी।
दिल्ली पुलिस प्रवक्ता राजन भगत ने आईएएनएस से कहा, "इस बैठक का उद्देश्य विभिन्न आतंकी संगठनों और उनकी योजनाओं की आतंक से जुड़ी खुफिया सूचनाएं और जानकारी साझा करना था।"
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (यातायात) अनिल शुक्ला ने बताया, "पड़ोसी राज्यों से सीमा प्रवेश बिंदुओं के जरिये दिल्ली आने वाले निजी और व्यवसायिक दोनों ही वाहनों की विशेष जांच की जाएगी।"
उन्होंने बताया कि लाल किले के चारों ओर दिल्ली पुलिस और कमांडो के अलावा सफेद पोशाक में सुरक्षा अधिकारी और छिपकर गोलीबारी करने वाले सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया जाएगा। सुरक्षा बलों की कम से कम 80 टुकड़ियां (लगभग 6,000 पुलिसकर्मी) लाल किला और इसके आसपास के इलाके में तैनात की जाएंगी।
उन्होंने कहा, "दिल्ली पुलिस के साथ छिपकर गोलीबारी करने वाले सुरक्षाकर्मी और राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) के कमांडो बहु-स्तरीय सुरक्षा प्रबंधों के अंतर्गत लाल किले की सुरक्षा करेंगे।"
दिल्ली पुलिस और यातायात पुलिसकर्मी विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों की सुरक्षा के साथ ही अतिसंवेदनशील स्थानों में प्रवेश और निकास केंद्रों पर तैनात रहेंगे। सभी ऊंची इमारतों, होटलों, अतिथि गृहों, पहाड़गंज, जामा मस्जिद और लाल किले के नजदीकी इलाकों के बाजारों और रेस्तरां में पुलिस के स्कैनर लगाए जाएंगे।
पुलिस के मुताबिक, इस इलाके में रिक्शेवाले और अस्थाई दुकान लगाने वाले लोगों को संदिग्ध लोगों और सामानों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा, "हवाईअड्डे, रेलवे स्टेशन, मेट्रो स्टेशनों, बस अड्डों, बाजारों, मॉल और सीमावर्ती इलाकों में गहन जांच शुरू कर दी गई है।"
किराएदारों, नौकरों, अतिथि गृहों के आगंतुकों, पुराने स्कूटर और कार के डीलरों, साइबर कैफे उपभोक्ताओं और साइकिल विक्रेताओं को सत्यापित करने के लिए भी गहन कार्य शुरू कर दी गया है।
एक पुलिस सूत्र ने कहा, "हमें 15 अगस्त से पूर्व आतंकी हमले के खतरे से संबंधित खुफिया विभाग की चिट्ठी मिली है।" दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "सभी पड़ोसी राज्यों को चेतावनी जारी कर दी गई है और सीमा के चेक पोस्टों, रेलवे स्टेशनों, मेट्रो और अंतरराज्यीय बस अड्डों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी गई है।"टिप्पणियां
दिल्ली पुलिस आयुक्त भीमसेन बस्सी ने सात अगस्त को सुरक्षा से संबंधित मुद्दे पर पड़ोसी राज्यों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की बैठक बुलाई थी।
दिल्ली पुलिस प्रवक्ता राजन भगत ने आईएएनएस से कहा, "इस बैठक का उद्देश्य विभिन्न आतंकी संगठनों और उनकी योजनाओं की आतंक से जुड़ी खुफिया सूचनाएं और जानकारी साझा करना था।"
उन्होंने बताया कि लाल किले के चारों ओर दिल्ली पुलिस और कमांडो के अलावा सफेद पोशाक में सुरक्षा अधिकारी और छिपकर गोलीबारी करने वाले सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया जाएगा। सुरक्षा बलों की कम से कम 80 टुकड़ियां (लगभग 6,000 पुलिसकर्मी) लाल किला और इसके आसपास के इलाके में तैनात की जाएंगी।
उन्होंने कहा, "दिल्ली पुलिस के साथ छिपकर गोलीबारी करने वाले सुरक्षाकर्मी और राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) के कमांडो बहु-स्तरीय सुरक्षा प्रबंधों के अंतर्गत लाल किले की सुरक्षा करेंगे।"
दिल्ली पुलिस और यातायात पुलिसकर्मी विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों की सुरक्षा के साथ ही अतिसंवेदनशील स्थानों में प्रवेश और निकास केंद्रों पर तैनात रहेंगे। सभी ऊंची इमारतों, होटलों, अतिथि गृहों, पहाड़गंज, जामा मस्जिद और लाल किले के नजदीकी इलाकों के बाजारों और रेस्तरां में पुलिस के स्कैनर लगाए जाएंगे।
पुलिस के मुताबिक, इस इलाके में रिक्शेवाले और अस्थाई दुकान लगाने वाले लोगों को संदिग्ध लोगों और सामानों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा, "हवाईअड्डे, रेलवे स्टेशन, मेट्रो स्टेशनों, बस अड्डों, बाजारों, मॉल और सीमावर्ती इलाकों में गहन जांच शुरू कर दी गई है।"
किराएदारों, नौकरों, अतिथि गृहों के आगंतुकों, पुराने स्कूटर और कार के डीलरों, साइबर कैफे उपभोक्ताओं और साइकिल विक्रेताओं को सत्यापित करने के लिए भी गहन कार्य शुरू कर दी गया है।
एक पुलिस सूत्र ने कहा, "हमें 15 अगस्त से पूर्व आतंकी हमले के खतरे से संबंधित खुफिया विभाग की चिट्ठी मिली है।" दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "सभी पड़ोसी राज्यों को चेतावनी जारी कर दी गई है और सीमा के चेक पोस्टों, रेलवे स्टेशनों, मेट्रो और अंतरराज्यीय बस अड्डों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी गई है।"टिप्पणियां
दिल्ली पुलिस आयुक्त भीमसेन बस्सी ने सात अगस्त को सुरक्षा से संबंधित मुद्दे पर पड़ोसी राज्यों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की बैठक बुलाई थी।
दिल्ली पुलिस प्रवक्ता राजन भगत ने आईएएनएस से कहा, "इस बैठक का उद्देश्य विभिन्न आतंकी संगठनों और उनकी योजनाओं की आतंक से जुड़ी खुफिया सूचनाएं और जानकारी साझा करना था।"
उन्होंने कहा, "दिल्ली पुलिस के साथ छिपकर गोलीबारी करने वाले सुरक्षाकर्मी और राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) के कमांडो बहु-स्तरीय सुरक्षा प्रबंधों के अंतर्गत लाल किले की सुरक्षा करेंगे।"
दिल्ली पुलिस और यातायात पुलिसकर्मी विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों की सुरक्षा के साथ ही अतिसंवेदनशील स्थानों में प्रवेश और निकास केंद्रों पर तैनात रहेंगे। सभी ऊंची इमारतों, होटलों, अतिथि गृहों, पहाड़गंज, जामा मस्जिद और लाल किले के नजदीकी इलाकों के बाजारों और रेस्तरां में पुलिस के स्कैनर लगाए जाएंगे।
पुलिस के मुताबिक, इस इलाके में रिक्शेवाले और अस्थाई दुकान लगाने वाले लोगों को संदिग्ध लोगों और सामानों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा, "हवाईअड्डे, रेलवे स्टेशन, मेट्रो स्टेशनों, बस अड्डों, बाजारों, मॉल और सीमावर्ती इलाकों में गहन जांच शुरू कर दी गई है।"
किराएदारों, नौकरों, अतिथि गृहों के आगंतुकों, पुराने स्कूटर और कार के डीलरों, साइबर कैफे उपभोक्ताओं और साइकिल विक्रेताओं को सत्यापित करने के लिए भी गहन कार्य शुरू कर दी गया है।
एक पुलिस सूत्र ने कहा, "हमें 15 अगस्त से पूर्व आतंकी हमले के खतरे से संबंधित खुफिया विभाग की चिट्ठी मिली है।" दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "सभी पड़ोसी राज्यों को चेतावनी जारी कर दी गई है और सीमा के चेक पोस्टों, रेलवे स्टेशनों, मेट्रो और अंतरराज्यीय बस अड्डों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी गई है।"टिप्पणियां
दिल्ली पुलिस आयुक्त भीमसेन बस्सी ने सात अगस्त को सुरक्षा से संबंधित मुद्दे पर पड़ोसी राज्यों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की बैठक बुलाई थी।
दिल्ली पुलिस प्रवक्ता राजन भगत ने आईएएनएस से कहा, "इस बैठक का उद्देश्य विभिन्न आतंकी संगठनों और उनकी योजनाओं की आतंक से जुड़ी खुफिया सूचनाएं और जानकारी साझा करना था।"
दिल्ली पुलिस और यातायात पुलिसकर्मी विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों की सुरक्षा के साथ ही अतिसंवेदनशील स्थानों में प्रवेश और निकास केंद्रों पर तैनात रहेंगे। सभी ऊंची इमारतों, होटलों, अतिथि गृहों, पहाड़गंज, जामा मस्जिद और लाल किले के नजदीकी इलाकों के बाजारों और रेस्तरां में पुलिस के स्कैनर लगाए जाएंगे।
पुलिस के मुताबिक, इस इलाके में रिक्शेवाले और अस्थाई दुकान लगाने वाले लोगों को संदिग्ध लोगों और सामानों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा, "हवाईअड्डे, रेलवे स्टेशन, मेट्रो स्टेशनों, बस अड्डों, बाजारों, मॉल और सीमावर्ती इलाकों में गहन जांच शुरू कर दी गई है।"
किराएदारों, नौकरों, अतिथि गृहों के आगंतुकों, पुराने स्कूटर और कार के डीलरों, साइबर कैफे उपभोक्ताओं और साइकिल विक्रेताओं को सत्यापित करने के लिए भी गहन कार्य शुरू कर दी गया है।
एक पुलिस सूत्र ने कहा, "हमें 15 अगस्त से पूर्व आतंकी हमले के खतरे से संबंधित खुफिया विभाग की चिट्ठी मिली है।" दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "सभी पड़ोसी राज्यों को चेतावनी जारी कर दी गई है और सीमा के चेक पोस्टों, रेलवे स्टेशनों, मेट्रो और अंतरराज्यीय बस अड्डों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी गई है।"टिप्पणियां
दिल्ली पुलिस आयुक्त भीमसेन बस्सी ने सात अगस्त को सुरक्षा से संबंधित मुद्दे पर पड़ोसी राज्यों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की बैठक बुलाई थी।
दिल्ली पुलिस प्रवक्ता राजन भगत ने आईएएनएस से कहा, "इस बैठक का उद्देश्य विभिन्न आतंकी संगठनों और उनकी योजनाओं की आतंक से जुड़ी खुफिया सूचनाएं और जानकारी साझा करना था।"
पुलिस के मुताबिक, इस इलाके में रिक्शेवाले और अस्थाई दुकान लगाने वाले लोगों को संदिग्ध लोगों और सामानों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा, "हवाईअड्डे, रेलवे स्टेशन, मेट्रो स्टेशनों, बस अड्डों, बाजारों, मॉल और सीमावर्ती इलाकों में गहन जांच शुरू कर दी गई है।"
किराएदारों, नौकरों, अतिथि गृहों के आगंतुकों, पुराने स्कूटर और कार के डीलरों, साइबर कैफे उपभोक्ताओं और साइकिल विक्रेताओं को सत्यापित करने के लिए भी गहन कार्य शुरू कर दी गया है।
एक पुलिस सूत्र ने कहा, "हमें 15 अगस्त से पूर्व आतंकी हमले के खतरे से संबंधित खुफिया विभाग की चिट्ठी मिली है।" दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "सभी पड़ोसी राज्यों को चेतावनी जारी कर दी गई है और सीमा के चेक पोस्टों, रेलवे स्टेशनों, मेट्रो और अंतरराज्यीय बस अड्डों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी गई है।"टिप्पणियां
दिल्ली पुलिस आयुक्त भीमसेन बस्सी ने सात अगस्त को सुरक्षा से संबंधित मुद्दे पर पड़ोसी राज्यों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की बैठक बुलाई थी।
दिल्ली पुलिस प्रवक्ता राजन भगत ने आईएएनएस से कहा, "इस बैठक का उद्देश्य विभिन्न आतंकी संगठनों और उनकी योजनाओं की आतंक से जुड़ी खुफिया सूचनाएं और जानकारी साझा करना था।"
उन्होंने कहा, "हवाईअड्डे, रेलवे स्टेशन, मेट्रो स्टेशनों, बस अड्डों, बाजारों, मॉल और सीमावर्ती इलाकों में गहन जांच शुरू कर दी गई है।"
किराएदारों, नौकरों, अतिथि गृहों के आगंतुकों, पुराने स्कूटर और कार के डीलरों, साइबर कैफे उपभोक्ताओं और साइकिल विक्रेताओं को सत्यापित करने के लिए भी गहन कार्य शुरू कर दी गया है।
एक पुलिस सूत्र ने कहा, "हमें 15 अगस्त से पूर्व आतंकी हमले के खतरे से संबंधित खुफिया विभाग की चिट्ठी मिली है।" दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "सभी पड़ोसी राज्यों को चेतावनी जारी कर दी गई है और सीमा के चेक पोस्टों, रेलवे स्टेशनों, मेट्रो और अंतरराज्यीय बस अड्डों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी गई है।"टिप्पणियां
दिल्ली पुलिस आयुक्त भीमसेन बस्सी ने सात अगस्त को सुरक्षा से संबंधित मुद्दे पर पड़ोसी राज्यों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की बैठक बुलाई थी।
दिल्ली पुलिस प्रवक्ता राजन भगत ने आईएएनएस से कहा, "इस बैठक का उद्देश्य विभिन्न आतंकी संगठनों और उनकी योजनाओं की आतंक से जुड़ी खुफिया सूचनाएं और जानकारी साझा करना था।"
किराएदारों, नौकरों, अतिथि गृहों के आगंतुकों, पुराने स्कूटर और कार के डीलरों, साइबर कैफे उपभोक्ताओं और साइकिल विक्रेताओं को सत्यापित करने के लिए भी गहन कार्य शुरू कर दी गया है।
एक पुलिस सूत्र ने कहा, "हमें 15 अगस्त से पूर्व आतंकी हमले के खतरे से संबंधित खुफिया विभाग की चिट्ठी मिली है।" दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "सभी पड़ोसी राज्यों को चेतावनी जारी कर दी गई है और सीमा के चेक पोस्टों, रेलवे स्टेशनों, मेट्रो और अंतरराज्यीय बस अड्डों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी गई है।"टिप्पणियां
दिल्ली पुलिस आयुक्त भीमसेन बस्सी ने सात अगस्त को सुरक्षा से संबंधित मुद्दे पर पड़ोसी राज्यों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की बैठक बुलाई थी।
दिल्ली पुलिस प्रवक्ता राजन भगत ने आईएएनएस से कहा, "इस बैठक का उद्देश्य विभिन्न आतंकी संगठनों और उनकी योजनाओं की आतंक से जुड़ी खुफिया सूचनाएं और जानकारी साझा करना था।"
एक पुलिस सूत्र ने कहा, "हमें 15 अगस्त से पूर्व आतंकी हमले के खतरे से संबंधित खुफिया विभाग की चिट्ठी मिली है।" दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "सभी पड़ोसी राज्यों को चेतावनी जारी कर दी गई है और सीमा के चेक पोस्टों, रेलवे स्टेशनों, मेट्रो और अंतरराज्यीय बस अड्डों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी गई है।"टिप्पणियां
दिल्ली पुलिस आयुक्त भीमसेन बस्सी ने सात अगस्त को सुरक्षा से संबंधित मुद्दे पर पड़ोसी राज्यों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की बैठक बुलाई थी।
दिल्ली पुलिस प्रवक्ता राजन भगत ने आईएएनएस से कहा, "इस बैठक का उद्देश्य विभिन्न आतंकी संगठनों और उनकी योजनाओं की आतंक से जुड़ी खुफिया सूचनाएं और जानकारी साझा करना था।"
दिल्ली पुलिस आयुक्त भीमसेन बस्सी ने सात अगस्त को सुरक्षा से संबंधित मुद्दे पर पड़ोसी राज्यों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की बैठक बुलाई थी।
दिल्ली पुलिस प्रवक्ता राजन भगत ने आईएएनएस से कहा, "इस बैठक का उद्देश्य विभिन्न आतंकी संगठनों और उनकी योजनाओं की आतंक से जुड़ी खुफिया सूचनाएं और जानकारी साझा करना था।"
दिल्ली पुलिस प्रवक्ता राजन भगत ने आईएएनएस से कहा, "इस बैठक का उद्देश्य विभिन्न आतंकी संगठनों और उनकी योजनाओं की आतंक से जुड़ी खुफिया सूचनाएं और जानकारी साझा करना था।" | सारांश: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में स्वतंत्रता दिवस के पूर्व खुफिया विभाग की चेतावनी के मद्देनजर हाई अलर्ट जारी किया गया है। यहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और पूरे शहर में जगह-जगह पुलिस की नाकेबंदी की गई है। | 31 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: बेटी से हुई छेड़खानी का विरोध करने पर दिल्ली के बसईदारा पुर में 11 तारीख को ध्रुव त्यागी की हत्या कर दी गई थी. जबकि उनका बेटा अनमोल त्यागी गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है. ध्रुव त्यागी की हत्या के खिलाफ में आज बसईदारा पुर गांव के लोगों ने पंचायत की और गांव में एक समुदाय विशेष के लोगों को घर किराए पर न देने का प्रस्ताव पास कर दिया.
ध्रुव त्यागी को श्रद्धांजलि देने के लिए बसईदारा पुर गांव में दिल्ली और आसपास के रहने वाले हजारों लोग पहुंचे. इसमें बहुत सारे बाहरी राज्यों और हिन्दूवादी संगठनों से पहुंचे लोगों ने श्रंद्धांजली देने के बहाने भड़काऊ भाषण देने शुरू कर दिए. हालांकि ध्रुव त्यागी के बुजुर्ग पिता ने कई बार उन्हें रोकने की कोशिश की. बहुत सारे लोगों ने संगठन से जुड़े लोगों से राजनीति न करने की अपील भी की. लेकिन उसके बावजूद श्रद्धांजलि देने के लिए बुलाई पंचायत में एक समुदाय विशेष के लोगों को बसईदारा पुर गांव में किराए पर मकान न देने का प्रस्ताव पास कर दिया गया.
अखिल भारतीय त्यागी महासभा के महासचिव अंबरीष त्यागी ने कहा कि हमने पंचायत में फैसला लिया है कि एक समुदाय विशेष के लोगों को न तो घर दिया जाएगा और न ही दुकान.
ध्रुव त्यागी की हत्या के विरोध में पहले पंचायत फिर हजारों लोगों ने मोतीनगर चौराहे पर जाम लगा दिया, जहां घंटों लोग परेशान रहे. हालांकि दिल्ली पुलिस ने इस हत्या से जुड़े छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया है लेकिन दिल्ली में पंखा बनाने और बेचने का सबसे बड़ा बाजार बसईदारा पुर गांव है. यहां करीब पांच से छह हजार यूपी और बिहार का मजदूर काम करते हैं.
पंचायत के इस फैसले का असर यहां किराए पर रहने वाले अल्पसंख्यक समुदाय के उन हजारों मजदूरों की रोजी रोटी पर पड़ेगा जिनका इस खौफनाक घटना से दूर-दूर तक कोई वास्ता नहीं है. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: बेटी से छेड़छाड़ का विरोध करने पर हुई थी त्यागी की हत्या
श्रद्धांजलि सभा में कई लोगों ने दिए भड़काऊ भाषण
ध्रुव त्यागी के पिता ने लोगों को भड़काने से रोका | 25 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: टीम अन्ना के अहम सदस्य और देश के पूर्व कानून मंत्री शांति भूषण पर स्टाम्प चोरी के मामले में जुर्माना लगाया गया है। इलाहाबाद में एडिशनल आईजी रजिस्ट्रेशन ने एक बंगले की खरीद के मामले में पर्याप्त स्टाम्प ड्यूटी न चुकाए जाने के आरोप में शांति भूषण पर 27 लाख 22 हजार 88 रुपये का जुर्माना लगाया है।
29 नंवबर, 2010 को इलाहाबाद में शांति भूषण ने एक बंगला एक लाख रुपये में खरीदा था, जबकि सर्किल रेट के हिसाब से इस बंगले की कीमत 19 करोड़ से ज्यादा की बताई गई है। इस बंगले के रजिस्ट्रेशन के दौरान इस स्टाम्प चोरी का पता चला था। शांति भूषण आजकल देश में भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम चला रहे अन्ना हजारे की कोर कमेटी के सदस्य हैं।
29 नंवबर, 2010 को इलाहाबाद में शांति भूषण ने एक बंगला एक लाख रुपये में खरीदा था, जबकि सर्किल रेट के हिसाब से इस बंगले की कीमत 19 करोड़ से ज्यादा की बताई गई है। इस बंगले के रजिस्ट्रेशन के दौरान इस स्टाम्प चोरी का पता चला था। शांति भूषण आजकल देश में भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम चला रहे अन्ना हजारे की कोर कमेटी के सदस्य हैं। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: टीम अन्ना के अहम सदस्य और देश के पूर्व कानून मंत्री शांति भूषण पर स्टाम्प चोरी के मामले में 27 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया है। | 3 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: कांग्रेस ने गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे के अमेरिका में टिके रहने की आलोचना की, वह भी ऐसे समय में जबकि छत्तीसगढ़ में पार्टी नेताओं के काफिले पर नक्सलवादियों के घातक हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है।
पार्टी प्रवक्ता भक्त चरण दास ने इस संबंध में संवाददाताओं के सवालों के जवाब में कहा, ‘इस माहौल में कोई भी दौरा महत्वपूर्ण नहीं हो सकता।’ उनसे पूछा गया था कि देश में ऐसे हालात होने पर क्या शिंदे का अमेरिका में टिके रहना उचित है।
इसके साथ ही दास ने कहा कि गृह मंत्री की गैर मौजूदगी को राजनीतिक मामला बनाने की जरूरत नहीं है क्योंकि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह हादसे के बाद खुद छत्तीसगढ़ गए और गृह राज्य मंत्री आरपीएन सिंह ‘पूरी शक्तियों के साथ’ मौजूद हैं।
ऐसी खबर है कि भारत-अमेरिका होमलैंड सिक्योरिटी वार्ता के लिए 19 मई को नई दिल्ली से रवाना हुए शिंदे अपना दौरा खत्म करके बुधवार को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वापस लौट रहे हैं।
शिंदे के अलावा, भारतीय प्रतिनिधिमंडल के सभी सदस्य, जो वहां 20 से 22 मई के बीच होने वाली द्विपक्षीय बैठकों में भाग लेने उनके साथ अमेरिका गए थे, वापस लौट आए हैं।टिप्पणियां
गृह मंत्री 22 मई के बाद अपनी निजी व्यस्तताओं के कारण अमेरिका में रुके हुए हैं और वहां उनका कोई आधिकारिक कार्यक्रम नहीं है।
गृह मंत्री ने रविवार को कहा था कि उन्होंने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह से बात की है और शनिवार के नक्सल हमले की घटना की जांच एनआईए के हवाले करने का ऐलान किया।
पार्टी प्रवक्ता भक्त चरण दास ने इस संबंध में संवाददाताओं के सवालों के जवाब में कहा, ‘इस माहौल में कोई भी दौरा महत्वपूर्ण नहीं हो सकता।’ उनसे पूछा गया था कि देश में ऐसे हालात होने पर क्या शिंदे का अमेरिका में टिके रहना उचित है।
इसके साथ ही दास ने कहा कि गृह मंत्री की गैर मौजूदगी को राजनीतिक मामला बनाने की जरूरत नहीं है क्योंकि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह हादसे के बाद खुद छत्तीसगढ़ गए और गृह राज्य मंत्री आरपीएन सिंह ‘पूरी शक्तियों के साथ’ मौजूद हैं।
ऐसी खबर है कि भारत-अमेरिका होमलैंड सिक्योरिटी वार्ता के लिए 19 मई को नई दिल्ली से रवाना हुए शिंदे अपना दौरा खत्म करके बुधवार को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वापस लौट रहे हैं।
शिंदे के अलावा, भारतीय प्रतिनिधिमंडल के सभी सदस्य, जो वहां 20 से 22 मई के बीच होने वाली द्विपक्षीय बैठकों में भाग लेने उनके साथ अमेरिका गए थे, वापस लौट आए हैं।टिप्पणियां
गृह मंत्री 22 मई के बाद अपनी निजी व्यस्तताओं के कारण अमेरिका में रुके हुए हैं और वहां उनका कोई आधिकारिक कार्यक्रम नहीं है।
गृह मंत्री ने रविवार को कहा था कि उन्होंने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह से बात की है और शनिवार के नक्सल हमले की घटना की जांच एनआईए के हवाले करने का ऐलान किया।
इसके साथ ही दास ने कहा कि गृह मंत्री की गैर मौजूदगी को राजनीतिक मामला बनाने की जरूरत नहीं है क्योंकि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह हादसे के बाद खुद छत्तीसगढ़ गए और गृह राज्य मंत्री आरपीएन सिंह ‘पूरी शक्तियों के साथ’ मौजूद हैं।
ऐसी खबर है कि भारत-अमेरिका होमलैंड सिक्योरिटी वार्ता के लिए 19 मई को नई दिल्ली से रवाना हुए शिंदे अपना दौरा खत्म करके बुधवार को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वापस लौट रहे हैं।
शिंदे के अलावा, भारतीय प्रतिनिधिमंडल के सभी सदस्य, जो वहां 20 से 22 मई के बीच होने वाली द्विपक्षीय बैठकों में भाग लेने उनके साथ अमेरिका गए थे, वापस लौट आए हैं।टिप्पणियां
गृह मंत्री 22 मई के बाद अपनी निजी व्यस्तताओं के कारण अमेरिका में रुके हुए हैं और वहां उनका कोई आधिकारिक कार्यक्रम नहीं है।
गृह मंत्री ने रविवार को कहा था कि उन्होंने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह से बात की है और शनिवार के नक्सल हमले की घटना की जांच एनआईए के हवाले करने का ऐलान किया।
ऐसी खबर है कि भारत-अमेरिका होमलैंड सिक्योरिटी वार्ता के लिए 19 मई को नई दिल्ली से रवाना हुए शिंदे अपना दौरा खत्म करके बुधवार को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वापस लौट रहे हैं।
शिंदे के अलावा, भारतीय प्रतिनिधिमंडल के सभी सदस्य, जो वहां 20 से 22 मई के बीच होने वाली द्विपक्षीय बैठकों में भाग लेने उनके साथ अमेरिका गए थे, वापस लौट आए हैं।टिप्पणियां
गृह मंत्री 22 मई के बाद अपनी निजी व्यस्तताओं के कारण अमेरिका में रुके हुए हैं और वहां उनका कोई आधिकारिक कार्यक्रम नहीं है।
गृह मंत्री ने रविवार को कहा था कि उन्होंने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह से बात की है और शनिवार के नक्सल हमले की घटना की जांच एनआईए के हवाले करने का ऐलान किया।
शिंदे के अलावा, भारतीय प्रतिनिधिमंडल के सभी सदस्य, जो वहां 20 से 22 मई के बीच होने वाली द्विपक्षीय बैठकों में भाग लेने उनके साथ अमेरिका गए थे, वापस लौट आए हैं।टिप्पणियां
गृह मंत्री 22 मई के बाद अपनी निजी व्यस्तताओं के कारण अमेरिका में रुके हुए हैं और वहां उनका कोई आधिकारिक कार्यक्रम नहीं है।
गृह मंत्री ने रविवार को कहा था कि उन्होंने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह से बात की है और शनिवार के नक्सल हमले की घटना की जांच एनआईए के हवाले करने का ऐलान किया।
गृह मंत्री 22 मई के बाद अपनी निजी व्यस्तताओं के कारण अमेरिका में रुके हुए हैं और वहां उनका कोई आधिकारिक कार्यक्रम नहीं है।
गृह मंत्री ने रविवार को कहा था कि उन्होंने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह से बात की है और शनिवार के नक्सल हमले की घटना की जांच एनआईए के हवाले करने का ऐलान किया।
गृह मंत्री ने रविवार को कहा था कि उन्होंने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह से बात की है और शनिवार के नक्सल हमले की घटना की जांच एनआईए के हवाले करने का ऐलान किया। | यह एक सारांश है: कांग्रेस ने गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे के अमेरिका में टिके रहने की आलोचना की, वह भी ऐसे समय में जबकि छत्तीसगढ़ में पार्टी नेताओं के काफिले पर नक्सलवादियों के घातक हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। | 24 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: दिल्ली की एक अदालत ने एक फर्जी हथियार विक्रेता से रिश्वत लेने के 10 साल पुराने मामले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व अध्यक्ष बंगारू लक्ष्मण को शनिवार को चार वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने उन पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। लक्ष्मण ने कहा कि वह इस फैसले को ऊपरी अदालत में चुनौती देंगे।
लक्ष्मण के सजायाफ्ता होने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस के बीच नोकझोंक शुरू हो गई है। कांग्रेस ने जहां भाजपा को आत्मविश्लेषण करने को कहा, वहीं भाजपा ने राष्ट्रमंडल खेल व 2जी घोटाले के दोषियों के खिलाफ मामला दर्ज कराने में दिलचस्पी न दिखाने का आरोप लगाया।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कंवलजीत अरोड़ा ने मामले में बंगारू को शुक्रवार को दोषी ठहराया था।
अरोड़ा केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के विशेष न्यायाधीश ने लक्ष्मण को सजा सुनाते हुए कहा, "समाज और दोषी के दोहरे हित के बीच संतुलन बिठाते हुए मैं यह राय रखता हूं कि न्याय का हित तभी सधेगा जब दोषी भ्रष्टाचार निवारक अधिनियम की धारा नौ के तहत अपराध के लिए चार वर्ष के सश्रम कारावास की सजा काटे और एक लाख रुपये का जुर्माना भरे।"
अदालत ने कहा, "भ्रष्टाचार के अपराध का साथी सामान्यत: हमारी खुद की बेरुखी है। 'सब चलता है' का लक्षण वर्तमान स्थिति के लिए उत्तरदायी है..हम कहां आ गए हैं, जहां रिश्वत के बिना कोई काम नहीं होता।"
अदालत ने कहा कि यहां तक कि सही चीजों को सही समय पर कराने के लिए लोगों को पैसे देने के लिए बाध्य किया जाता है उन्होंने लोगों से इस तरह के रवैये से दूर रहने की अपील की।
लक्ष्मण पर कोई दया न दिखाते हुए अदालत ने कहा कि एक राजनीतिक पार्टी का अध्यक्ष होने के नाते उनसे उम्मीद की जाती है कि रिश्वत की पेशकश के समय उन्होंने चरित्र की दृढ़ता का परिचय दिया होता लेकिन लक्ष्मण ने ऐसा नहीं किया।
लक्ष्मण के वकील ने पत्रकारों से कहा कि वह फैसले के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय में अपील करेंगे।
यह मामला 2001 का है, जब न्यूज पोर्टल 'तहलका डॉट कॉम' ने एक स्टिंग ऑपरेशन किया था और लक्ष्मण को एक पत्रकार से रिश्वत लेते हुए कैमरे में कैद कर लिया था। पत्रकार हथियार विक्रेता के भेष में था। बाद में लक्ष्मण ने भाजपा अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था।
तहलका ने लक्ष्मण को रिश्वत राशि स्वीकार करते हुए कैमरे में कैद कर लिया था। लक्ष्मण ने यह रिश्वत ब्रिटेन की फर्जी कम्पनी, मेसर्स वेस्ट इंड इंटरनेशनल के लिए भारतीय सेना को थर्मल इमेजर्स की आपूर्ति का ठेका दिलाने में मदद करने के वादे की एवज में ली थी। तहलका ने बाद में इससे सम्बंधित सीडी जारी कर दी।
दिल्ली की एक अदालत ने मई 2011 में लक्ष्मण के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप तय किए थे।
लक्ष्मण ने हालांकि, कहा था कि मामले की जांच राजनीति से प्रेरित थी और निष्पक्ष नहीं थी।
कांग्रेस पर इस स्टिंग ऑपरेशन के लिए धन मुहैया कराने का आरोप लगाते हुए लक्ष्मण ने कहा, "कांग्रेस ने तहलका के टेप्स को 2004 के आम चुनाव में इस्तेमाल किया, जिससे साबित होता है कि कांग्रेस या उन लोगों का उससे हित जुड़ा हुआ था, जिन्होंने इस परियोजना को धन मुहैया कराया, जिसमें मुझे फंसाया गया।"
लक्ष्मण के बहाने भाजपा पर निशाना साधते हुए कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी ने कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है कि एक राष्ट्रीय दल का राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके नेता को सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। उन्होंने कहा, "भाजपा के लिए आत्मविश्लेषण का यह उपयुक्त समय है, वह अपने संगठन के बारे में फिर से सोचे।"टिप्पणियां
भाजपा नेता रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि दोषी करार दिए गए लक्ष्मण की यह 'व्यक्तिगत जवाबदेही' है। वह इससे उबरने के लिए कानूनी मदद लेने के हकदार हैं।
प्रसाद ने केंद्र सरकार पर बोफोर्स तोप सौदा मामले में इतालवी व्यवसायी ओट्टावियो क्वात्रोची को कथित तौर पर फायदा पहुंचाने सहित भ्रष्टाचार के कुछ अन्य मामलों की निष्पक्ष जांच की अनुमति न देने का आरोप लगाया।
लक्ष्मण के सजायाफ्ता होने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस के बीच नोकझोंक शुरू हो गई है। कांग्रेस ने जहां भाजपा को आत्मविश्लेषण करने को कहा, वहीं भाजपा ने राष्ट्रमंडल खेल व 2जी घोटाले के दोषियों के खिलाफ मामला दर्ज कराने में दिलचस्पी न दिखाने का आरोप लगाया।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कंवलजीत अरोड़ा ने मामले में बंगारू को शुक्रवार को दोषी ठहराया था।
अरोड़ा केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के विशेष न्यायाधीश ने लक्ष्मण को सजा सुनाते हुए कहा, "समाज और दोषी के दोहरे हित के बीच संतुलन बिठाते हुए मैं यह राय रखता हूं कि न्याय का हित तभी सधेगा जब दोषी भ्रष्टाचार निवारक अधिनियम की धारा नौ के तहत अपराध के लिए चार वर्ष के सश्रम कारावास की सजा काटे और एक लाख रुपये का जुर्माना भरे।"
अदालत ने कहा, "भ्रष्टाचार के अपराध का साथी सामान्यत: हमारी खुद की बेरुखी है। 'सब चलता है' का लक्षण वर्तमान स्थिति के लिए उत्तरदायी है..हम कहां आ गए हैं, जहां रिश्वत के बिना कोई काम नहीं होता।"
अदालत ने कहा कि यहां तक कि सही चीजों को सही समय पर कराने के लिए लोगों को पैसे देने के लिए बाध्य किया जाता है उन्होंने लोगों से इस तरह के रवैये से दूर रहने की अपील की।
लक्ष्मण पर कोई दया न दिखाते हुए अदालत ने कहा कि एक राजनीतिक पार्टी का अध्यक्ष होने के नाते उनसे उम्मीद की जाती है कि रिश्वत की पेशकश के समय उन्होंने चरित्र की दृढ़ता का परिचय दिया होता लेकिन लक्ष्मण ने ऐसा नहीं किया।
लक्ष्मण के वकील ने पत्रकारों से कहा कि वह फैसले के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय में अपील करेंगे।
यह मामला 2001 का है, जब न्यूज पोर्टल 'तहलका डॉट कॉम' ने एक स्टिंग ऑपरेशन किया था और लक्ष्मण को एक पत्रकार से रिश्वत लेते हुए कैमरे में कैद कर लिया था। पत्रकार हथियार विक्रेता के भेष में था। बाद में लक्ष्मण ने भाजपा अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था।
तहलका ने लक्ष्मण को रिश्वत राशि स्वीकार करते हुए कैमरे में कैद कर लिया था। लक्ष्मण ने यह रिश्वत ब्रिटेन की फर्जी कम्पनी, मेसर्स वेस्ट इंड इंटरनेशनल के लिए भारतीय सेना को थर्मल इमेजर्स की आपूर्ति का ठेका दिलाने में मदद करने के वादे की एवज में ली थी। तहलका ने बाद में इससे सम्बंधित सीडी जारी कर दी।
दिल्ली की एक अदालत ने मई 2011 में लक्ष्मण के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप तय किए थे।
लक्ष्मण ने हालांकि, कहा था कि मामले की जांच राजनीति से प्रेरित थी और निष्पक्ष नहीं थी।
कांग्रेस पर इस स्टिंग ऑपरेशन के लिए धन मुहैया कराने का आरोप लगाते हुए लक्ष्मण ने कहा, "कांग्रेस ने तहलका के टेप्स को 2004 के आम चुनाव में इस्तेमाल किया, जिससे साबित होता है कि कांग्रेस या उन लोगों का उससे हित जुड़ा हुआ था, जिन्होंने इस परियोजना को धन मुहैया कराया, जिसमें मुझे फंसाया गया।"
लक्ष्मण के बहाने भाजपा पर निशाना साधते हुए कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी ने कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है कि एक राष्ट्रीय दल का राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके नेता को सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। उन्होंने कहा, "भाजपा के लिए आत्मविश्लेषण का यह उपयुक्त समय है, वह अपने संगठन के बारे में फिर से सोचे।"टिप्पणियां
भाजपा नेता रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि दोषी करार दिए गए लक्ष्मण की यह 'व्यक्तिगत जवाबदेही' है। वह इससे उबरने के लिए कानूनी मदद लेने के हकदार हैं।
प्रसाद ने केंद्र सरकार पर बोफोर्स तोप सौदा मामले में इतालवी व्यवसायी ओट्टावियो क्वात्रोची को कथित तौर पर फायदा पहुंचाने सहित भ्रष्टाचार के कुछ अन्य मामलों की निष्पक्ष जांच की अनुमति न देने का आरोप लगाया।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कंवलजीत अरोड़ा ने मामले में बंगारू को शुक्रवार को दोषी ठहराया था।
अरोड़ा केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के विशेष न्यायाधीश ने लक्ष्मण को सजा सुनाते हुए कहा, "समाज और दोषी के दोहरे हित के बीच संतुलन बिठाते हुए मैं यह राय रखता हूं कि न्याय का हित तभी सधेगा जब दोषी भ्रष्टाचार निवारक अधिनियम की धारा नौ के तहत अपराध के लिए चार वर्ष के सश्रम कारावास की सजा काटे और एक लाख रुपये का जुर्माना भरे।"
अदालत ने कहा, "भ्रष्टाचार के अपराध का साथी सामान्यत: हमारी खुद की बेरुखी है। 'सब चलता है' का लक्षण वर्तमान स्थिति के लिए उत्तरदायी है..हम कहां आ गए हैं, जहां रिश्वत के बिना कोई काम नहीं होता।"
अदालत ने कहा कि यहां तक कि सही चीजों को सही समय पर कराने के लिए लोगों को पैसे देने के लिए बाध्य किया जाता है उन्होंने लोगों से इस तरह के रवैये से दूर रहने की अपील की।
लक्ष्मण पर कोई दया न दिखाते हुए अदालत ने कहा कि एक राजनीतिक पार्टी का अध्यक्ष होने के नाते उनसे उम्मीद की जाती है कि रिश्वत की पेशकश के समय उन्होंने चरित्र की दृढ़ता का परिचय दिया होता लेकिन लक्ष्मण ने ऐसा नहीं किया।
लक्ष्मण के वकील ने पत्रकारों से कहा कि वह फैसले के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय में अपील करेंगे।
यह मामला 2001 का है, जब न्यूज पोर्टल 'तहलका डॉट कॉम' ने एक स्टिंग ऑपरेशन किया था और लक्ष्मण को एक पत्रकार से रिश्वत लेते हुए कैमरे में कैद कर लिया था। पत्रकार हथियार विक्रेता के भेष में था। बाद में लक्ष्मण ने भाजपा अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था।
तहलका ने लक्ष्मण को रिश्वत राशि स्वीकार करते हुए कैमरे में कैद कर लिया था। लक्ष्मण ने यह रिश्वत ब्रिटेन की फर्जी कम्पनी, मेसर्स वेस्ट इंड इंटरनेशनल के लिए भारतीय सेना को थर्मल इमेजर्स की आपूर्ति का ठेका दिलाने में मदद करने के वादे की एवज में ली थी। तहलका ने बाद में इससे सम्बंधित सीडी जारी कर दी।
दिल्ली की एक अदालत ने मई 2011 में लक्ष्मण के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप तय किए थे।
लक्ष्मण ने हालांकि, कहा था कि मामले की जांच राजनीति से प्रेरित थी और निष्पक्ष नहीं थी।
कांग्रेस पर इस स्टिंग ऑपरेशन के लिए धन मुहैया कराने का आरोप लगाते हुए लक्ष्मण ने कहा, "कांग्रेस ने तहलका के टेप्स को 2004 के आम चुनाव में इस्तेमाल किया, जिससे साबित होता है कि कांग्रेस या उन लोगों का उससे हित जुड़ा हुआ था, जिन्होंने इस परियोजना को धन मुहैया कराया, जिसमें मुझे फंसाया गया।"
लक्ष्मण के बहाने भाजपा पर निशाना साधते हुए कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी ने कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है कि एक राष्ट्रीय दल का राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके नेता को सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। उन्होंने कहा, "भाजपा के लिए आत्मविश्लेषण का यह उपयुक्त समय है, वह अपने संगठन के बारे में फिर से सोचे।"टिप्पणियां
भाजपा नेता रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि दोषी करार दिए गए लक्ष्मण की यह 'व्यक्तिगत जवाबदेही' है। वह इससे उबरने के लिए कानूनी मदद लेने के हकदार हैं।
प्रसाद ने केंद्र सरकार पर बोफोर्स तोप सौदा मामले में इतालवी व्यवसायी ओट्टावियो क्वात्रोची को कथित तौर पर फायदा पहुंचाने सहित भ्रष्टाचार के कुछ अन्य मामलों की निष्पक्ष जांच की अनुमति न देने का आरोप लगाया।
अरोड़ा केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के विशेष न्यायाधीश ने लक्ष्मण को सजा सुनाते हुए कहा, "समाज और दोषी के दोहरे हित के बीच संतुलन बिठाते हुए मैं यह राय रखता हूं कि न्याय का हित तभी सधेगा जब दोषी भ्रष्टाचार निवारक अधिनियम की धारा नौ के तहत अपराध के लिए चार वर्ष के सश्रम कारावास की सजा काटे और एक लाख रुपये का जुर्माना भरे।"
अदालत ने कहा, "भ्रष्टाचार के अपराध का साथी सामान्यत: हमारी खुद की बेरुखी है। 'सब चलता है' का लक्षण वर्तमान स्थिति के लिए उत्तरदायी है..हम कहां आ गए हैं, जहां रिश्वत के बिना कोई काम नहीं होता।"
अदालत ने कहा कि यहां तक कि सही चीजों को सही समय पर कराने के लिए लोगों को पैसे देने के लिए बाध्य किया जाता है उन्होंने लोगों से इस तरह के रवैये से दूर रहने की अपील की।
लक्ष्मण पर कोई दया न दिखाते हुए अदालत ने कहा कि एक राजनीतिक पार्टी का अध्यक्ष होने के नाते उनसे उम्मीद की जाती है कि रिश्वत की पेशकश के समय उन्होंने चरित्र की दृढ़ता का परिचय दिया होता लेकिन लक्ष्मण ने ऐसा नहीं किया।
लक्ष्मण के वकील ने पत्रकारों से कहा कि वह फैसले के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय में अपील करेंगे।
यह मामला 2001 का है, जब न्यूज पोर्टल 'तहलका डॉट कॉम' ने एक स्टिंग ऑपरेशन किया था और लक्ष्मण को एक पत्रकार से रिश्वत लेते हुए कैमरे में कैद कर लिया था। पत्रकार हथियार विक्रेता के भेष में था। बाद में लक्ष्मण ने भाजपा अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था।
तहलका ने लक्ष्मण को रिश्वत राशि स्वीकार करते हुए कैमरे में कैद कर लिया था। लक्ष्मण ने यह रिश्वत ब्रिटेन की फर्जी कम्पनी, मेसर्स वेस्ट इंड इंटरनेशनल के लिए भारतीय सेना को थर्मल इमेजर्स की आपूर्ति का ठेका दिलाने में मदद करने के वादे की एवज में ली थी। तहलका ने बाद में इससे सम्बंधित सीडी जारी कर दी।
दिल्ली की एक अदालत ने मई 2011 में लक्ष्मण के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप तय किए थे।
लक्ष्मण ने हालांकि, कहा था कि मामले की जांच राजनीति से प्रेरित थी और निष्पक्ष नहीं थी।
कांग्रेस पर इस स्टिंग ऑपरेशन के लिए धन मुहैया कराने का आरोप लगाते हुए लक्ष्मण ने कहा, "कांग्रेस ने तहलका के टेप्स को 2004 के आम चुनाव में इस्तेमाल किया, जिससे साबित होता है कि कांग्रेस या उन लोगों का उससे हित जुड़ा हुआ था, जिन्होंने इस परियोजना को धन मुहैया कराया, जिसमें मुझे फंसाया गया।"
लक्ष्मण के बहाने भाजपा पर निशाना साधते हुए कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी ने कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है कि एक राष्ट्रीय दल का राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके नेता को सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। उन्होंने कहा, "भाजपा के लिए आत्मविश्लेषण का यह उपयुक्त समय है, वह अपने संगठन के बारे में फिर से सोचे।"टिप्पणियां
भाजपा नेता रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि दोषी करार दिए गए लक्ष्मण की यह 'व्यक्तिगत जवाबदेही' है। वह इससे उबरने के लिए कानूनी मदद लेने के हकदार हैं।
प्रसाद ने केंद्र सरकार पर बोफोर्स तोप सौदा मामले में इतालवी व्यवसायी ओट्टावियो क्वात्रोची को कथित तौर पर फायदा पहुंचाने सहित भ्रष्टाचार के कुछ अन्य मामलों की निष्पक्ष जांच की अनुमति न देने का आरोप लगाया।
अदालत ने कहा, "भ्रष्टाचार के अपराध का साथी सामान्यत: हमारी खुद की बेरुखी है। 'सब चलता है' का लक्षण वर्तमान स्थिति के लिए उत्तरदायी है..हम कहां आ गए हैं, जहां रिश्वत के बिना कोई काम नहीं होता।"
अदालत ने कहा कि यहां तक कि सही चीजों को सही समय पर कराने के लिए लोगों को पैसे देने के लिए बाध्य किया जाता है उन्होंने लोगों से इस तरह के रवैये से दूर रहने की अपील की।
लक्ष्मण पर कोई दया न दिखाते हुए अदालत ने कहा कि एक राजनीतिक पार्टी का अध्यक्ष होने के नाते उनसे उम्मीद की जाती है कि रिश्वत की पेशकश के समय उन्होंने चरित्र की दृढ़ता का परिचय दिया होता लेकिन लक्ष्मण ने ऐसा नहीं किया।
लक्ष्मण के वकील ने पत्रकारों से कहा कि वह फैसले के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय में अपील करेंगे।
यह मामला 2001 का है, जब न्यूज पोर्टल 'तहलका डॉट कॉम' ने एक स्टिंग ऑपरेशन किया था और लक्ष्मण को एक पत्रकार से रिश्वत लेते हुए कैमरे में कैद कर लिया था। पत्रकार हथियार विक्रेता के भेष में था। बाद में लक्ष्मण ने भाजपा अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था।
तहलका ने लक्ष्मण को रिश्वत राशि स्वीकार करते हुए कैमरे में कैद कर लिया था। लक्ष्मण ने यह रिश्वत ब्रिटेन की फर्जी कम्पनी, मेसर्स वेस्ट इंड इंटरनेशनल के लिए भारतीय सेना को थर्मल इमेजर्स की आपूर्ति का ठेका दिलाने में मदद करने के वादे की एवज में ली थी। तहलका ने बाद में इससे सम्बंधित सीडी जारी कर दी।
दिल्ली की एक अदालत ने मई 2011 में लक्ष्मण के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप तय किए थे।
लक्ष्मण ने हालांकि, कहा था कि मामले की जांच राजनीति से प्रेरित थी और निष्पक्ष नहीं थी।
कांग्रेस पर इस स्टिंग ऑपरेशन के लिए धन मुहैया कराने का आरोप लगाते हुए लक्ष्मण ने कहा, "कांग्रेस ने तहलका के टेप्स को 2004 के आम चुनाव में इस्तेमाल किया, जिससे साबित होता है कि कांग्रेस या उन लोगों का उससे हित जुड़ा हुआ था, जिन्होंने इस परियोजना को धन मुहैया कराया, जिसमें मुझे फंसाया गया।"
लक्ष्मण के बहाने भाजपा पर निशाना साधते हुए कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी ने कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है कि एक राष्ट्रीय दल का राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके नेता को सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। उन्होंने कहा, "भाजपा के लिए आत्मविश्लेषण का यह उपयुक्त समय है, वह अपने संगठन के बारे में फिर से सोचे।"टिप्पणियां
भाजपा नेता रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि दोषी करार दिए गए लक्ष्मण की यह 'व्यक्तिगत जवाबदेही' है। वह इससे उबरने के लिए कानूनी मदद लेने के हकदार हैं।
प्रसाद ने केंद्र सरकार पर बोफोर्स तोप सौदा मामले में इतालवी व्यवसायी ओट्टावियो क्वात्रोची को कथित तौर पर फायदा पहुंचाने सहित भ्रष्टाचार के कुछ अन्य मामलों की निष्पक्ष जांच की अनुमति न देने का आरोप लगाया।
अदालत ने कहा कि यहां तक कि सही चीजों को सही समय पर कराने के लिए लोगों को पैसे देने के लिए बाध्य किया जाता है उन्होंने लोगों से इस तरह के रवैये से दूर रहने की अपील की।
लक्ष्मण पर कोई दया न दिखाते हुए अदालत ने कहा कि एक राजनीतिक पार्टी का अध्यक्ष होने के नाते उनसे उम्मीद की जाती है कि रिश्वत की पेशकश के समय उन्होंने चरित्र की दृढ़ता का परिचय दिया होता लेकिन लक्ष्मण ने ऐसा नहीं किया।
लक्ष्मण के वकील ने पत्रकारों से कहा कि वह फैसले के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय में अपील करेंगे।
यह मामला 2001 का है, जब न्यूज पोर्टल 'तहलका डॉट कॉम' ने एक स्टिंग ऑपरेशन किया था और लक्ष्मण को एक पत्रकार से रिश्वत लेते हुए कैमरे में कैद कर लिया था। पत्रकार हथियार विक्रेता के भेष में था। बाद में लक्ष्मण ने भाजपा अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था।
तहलका ने लक्ष्मण को रिश्वत राशि स्वीकार करते हुए कैमरे में कैद कर लिया था। लक्ष्मण ने यह रिश्वत ब्रिटेन की फर्जी कम्पनी, मेसर्स वेस्ट इंड इंटरनेशनल के लिए भारतीय सेना को थर्मल इमेजर्स की आपूर्ति का ठेका दिलाने में मदद करने के वादे की एवज में ली थी। तहलका ने बाद में इससे सम्बंधित सीडी जारी कर दी।
दिल्ली की एक अदालत ने मई 2011 में लक्ष्मण के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप तय किए थे।
लक्ष्मण ने हालांकि, कहा था कि मामले की जांच राजनीति से प्रेरित थी और निष्पक्ष नहीं थी।
कांग्रेस पर इस स्टिंग ऑपरेशन के लिए धन मुहैया कराने का आरोप लगाते हुए लक्ष्मण ने कहा, "कांग्रेस ने तहलका के टेप्स को 2004 के आम चुनाव में इस्तेमाल किया, जिससे साबित होता है कि कांग्रेस या उन लोगों का उससे हित जुड़ा हुआ था, जिन्होंने इस परियोजना को धन मुहैया कराया, जिसमें मुझे फंसाया गया।"
लक्ष्मण के बहाने भाजपा पर निशाना साधते हुए कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी ने कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है कि एक राष्ट्रीय दल का राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके नेता को सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। उन्होंने कहा, "भाजपा के लिए आत्मविश्लेषण का यह उपयुक्त समय है, वह अपने संगठन के बारे में फिर से सोचे।"टिप्पणियां
भाजपा नेता रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि दोषी करार दिए गए लक्ष्मण की यह 'व्यक्तिगत जवाबदेही' है। वह इससे उबरने के लिए कानूनी मदद लेने के हकदार हैं।
प्रसाद ने केंद्र सरकार पर बोफोर्स तोप सौदा मामले में इतालवी व्यवसायी ओट्टावियो क्वात्रोची को कथित तौर पर फायदा पहुंचाने सहित भ्रष्टाचार के कुछ अन्य मामलों की निष्पक्ष जांच की अनुमति न देने का आरोप लगाया।
लक्ष्मण पर कोई दया न दिखाते हुए अदालत ने कहा कि एक राजनीतिक पार्टी का अध्यक्ष होने के नाते उनसे उम्मीद की जाती है कि रिश्वत की पेशकश के समय उन्होंने चरित्र की दृढ़ता का परिचय दिया होता लेकिन लक्ष्मण ने ऐसा नहीं किया।
लक्ष्मण के वकील ने पत्रकारों से कहा कि वह फैसले के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय में अपील करेंगे।
यह मामला 2001 का है, जब न्यूज पोर्टल 'तहलका डॉट कॉम' ने एक स्टिंग ऑपरेशन किया था और लक्ष्मण को एक पत्रकार से रिश्वत लेते हुए कैमरे में कैद कर लिया था। पत्रकार हथियार विक्रेता के भेष में था। बाद में लक्ष्मण ने भाजपा अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था।
तहलका ने लक्ष्मण को रिश्वत राशि स्वीकार करते हुए कैमरे में कैद कर लिया था। लक्ष्मण ने यह रिश्वत ब्रिटेन की फर्जी कम्पनी, मेसर्स वेस्ट इंड इंटरनेशनल के लिए भारतीय सेना को थर्मल इमेजर्स की आपूर्ति का ठेका दिलाने में मदद करने के वादे की एवज में ली थी। तहलका ने बाद में इससे सम्बंधित सीडी जारी कर दी।
दिल्ली की एक अदालत ने मई 2011 में लक्ष्मण के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप तय किए थे।
लक्ष्मण ने हालांकि, कहा था कि मामले की जांच राजनीति से प्रेरित थी और निष्पक्ष नहीं थी।
कांग्रेस पर इस स्टिंग ऑपरेशन के लिए धन मुहैया कराने का आरोप लगाते हुए लक्ष्मण ने कहा, "कांग्रेस ने तहलका के टेप्स को 2004 के आम चुनाव में इस्तेमाल किया, जिससे साबित होता है कि कांग्रेस या उन लोगों का उससे हित जुड़ा हुआ था, जिन्होंने इस परियोजना को धन मुहैया कराया, जिसमें मुझे फंसाया गया।"
लक्ष्मण के बहाने भाजपा पर निशाना साधते हुए कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी ने कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है कि एक राष्ट्रीय दल का राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके नेता को सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। उन्होंने कहा, "भाजपा के लिए आत्मविश्लेषण का यह उपयुक्त समय है, वह अपने संगठन के बारे में फिर से सोचे।"टिप्पणियां
भाजपा नेता रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि दोषी करार दिए गए लक्ष्मण की यह 'व्यक्तिगत जवाबदेही' है। वह इससे उबरने के लिए कानूनी मदद लेने के हकदार हैं।
प्रसाद ने केंद्र सरकार पर बोफोर्स तोप सौदा मामले में इतालवी व्यवसायी ओट्टावियो क्वात्रोची को कथित तौर पर फायदा पहुंचाने सहित भ्रष्टाचार के कुछ अन्य मामलों की निष्पक्ष जांच की अनुमति न देने का आरोप लगाया।
लक्ष्मण के वकील ने पत्रकारों से कहा कि वह फैसले के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय में अपील करेंगे।
यह मामला 2001 का है, जब न्यूज पोर्टल 'तहलका डॉट कॉम' ने एक स्टिंग ऑपरेशन किया था और लक्ष्मण को एक पत्रकार से रिश्वत लेते हुए कैमरे में कैद कर लिया था। पत्रकार हथियार विक्रेता के भेष में था। बाद में लक्ष्मण ने भाजपा अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था।
तहलका ने लक्ष्मण को रिश्वत राशि स्वीकार करते हुए कैमरे में कैद कर लिया था। लक्ष्मण ने यह रिश्वत ब्रिटेन की फर्जी कम्पनी, मेसर्स वेस्ट इंड इंटरनेशनल के लिए भारतीय सेना को थर्मल इमेजर्स की आपूर्ति का ठेका दिलाने में मदद करने के वादे की एवज में ली थी। तहलका ने बाद में इससे सम्बंधित सीडी जारी कर दी।
दिल्ली की एक अदालत ने मई 2011 में लक्ष्मण के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप तय किए थे।
लक्ष्मण ने हालांकि, कहा था कि मामले की जांच राजनीति से प्रेरित थी और निष्पक्ष नहीं थी।
कांग्रेस पर इस स्टिंग ऑपरेशन के लिए धन मुहैया कराने का आरोप लगाते हुए लक्ष्मण ने कहा, "कांग्रेस ने तहलका के टेप्स को 2004 के आम चुनाव में इस्तेमाल किया, जिससे साबित होता है कि कांग्रेस या उन लोगों का उससे हित जुड़ा हुआ था, जिन्होंने इस परियोजना को धन मुहैया कराया, जिसमें मुझे फंसाया गया।"
लक्ष्मण के बहाने भाजपा पर निशाना साधते हुए कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी ने कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है कि एक राष्ट्रीय दल का राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके नेता को सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। उन्होंने कहा, "भाजपा के लिए आत्मविश्लेषण का यह उपयुक्त समय है, वह अपने संगठन के बारे में फिर से सोचे।"टिप्पणियां
भाजपा नेता रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि दोषी करार दिए गए लक्ष्मण की यह 'व्यक्तिगत जवाबदेही' है। वह इससे उबरने के लिए कानूनी मदद लेने के हकदार हैं।
प्रसाद ने केंद्र सरकार पर बोफोर्स तोप सौदा मामले में इतालवी व्यवसायी ओट्टावियो क्वात्रोची को कथित तौर पर फायदा पहुंचाने सहित भ्रष्टाचार के कुछ अन्य मामलों की निष्पक्ष जांच की अनुमति न देने का आरोप लगाया।
यह मामला 2001 का है, जब न्यूज पोर्टल 'तहलका डॉट कॉम' ने एक स्टिंग ऑपरेशन किया था और लक्ष्मण को एक पत्रकार से रिश्वत लेते हुए कैमरे में कैद कर लिया था। पत्रकार हथियार विक्रेता के भेष में था। बाद में लक्ष्मण ने भाजपा अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था।
तहलका ने लक्ष्मण को रिश्वत राशि स्वीकार करते हुए कैमरे में कैद कर लिया था। लक्ष्मण ने यह रिश्वत ब्रिटेन की फर्जी कम्पनी, मेसर्स वेस्ट इंड इंटरनेशनल के लिए भारतीय सेना को थर्मल इमेजर्स की आपूर्ति का ठेका दिलाने में मदद करने के वादे की एवज में ली थी। तहलका ने बाद में इससे सम्बंधित सीडी जारी कर दी।
दिल्ली की एक अदालत ने मई 2011 में लक्ष्मण के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप तय किए थे।
लक्ष्मण ने हालांकि, कहा था कि मामले की जांच राजनीति से प्रेरित थी और निष्पक्ष नहीं थी।
कांग्रेस पर इस स्टिंग ऑपरेशन के लिए धन मुहैया कराने का आरोप लगाते हुए लक्ष्मण ने कहा, "कांग्रेस ने तहलका के टेप्स को 2004 के आम चुनाव में इस्तेमाल किया, जिससे साबित होता है कि कांग्रेस या उन लोगों का उससे हित जुड़ा हुआ था, जिन्होंने इस परियोजना को धन मुहैया कराया, जिसमें मुझे फंसाया गया।"
लक्ष्मण के बहाने भाजपा पर निशाना साधते हुए कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी ने कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है कि एक राष्ट्रीय दल का राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके नेता को सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। उन्होंने कहा, "भाजपा के लिए आत्मविश्लेषण का यह उपयुक्त समय है, वह अपने संगठन के बारे में फिर से सोचे।"टिप्पणियां
भाजपा नेता रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि दोषी करार दिए गए लक्ष्मण की यह 'व्यक्तिगत जवाबदेही' है। वह इससे उबरने के लिए कानूनी मदद लेने के हकदार हैं।
प्रसाद ने केंद्र सरकार पर बोफोर्स तोप सौदा मामले में इतालवी व्यवसायी ओट्टावियो क्वात्रोची को कथित तौर पर फायदा पहुंचाने सहित भ्रष्टाचार के कुछ अन्य मामलों की निष्पक्ष जांच की अनुमति न देने का आरोप लगाया।
तहलका ने लक्ष्मण को रिश्वत राशि स्वीकार करते हुए कैमरे में कैद कर लिया था। लक्ष्मण ने यह रिश्वत ब्रिटेन की फर्जी कम्पनी, मेसर्स वेस्ट इंड इंटरनेशनल के लिए भारतीय सेना को थर्मल इमेजर्स की आपूर्ति का ठेका दिलाने में मदद करने के वादे की एवज में ली थी। तहलका ने बाद में इससे सम्बंधित सीडी जारी कर दी।
दिल्ली की एक अदालत ने मई 2011 में लक्ष्मण के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप तय किए थे।
लक्ष्मण ने हालांकि, कहा था कि मामले की जांच राजनीति से प्रेरित थी और निष्पक्ष नहीं थी।
कांग्रेस पर इस स्टिंग ऑपरेशन के लिए धन मुहैया कराने का आरोप लगाते हुए लक्ष्मण ने कहा, "कांग्रेस ने तहलका के टेप्स को 2004 के आम चुनाव में इस्तेमाल किया, जिससे साबित होता है कि कांग्रेस या उन लोगों का उससे हित जुड़ा हुआ था, जिन्होंने इस परियोजना को धन मुहैया कराया, जिसमें मुझे फंसाया गया।"
लक्ष्मण के बहाने भाजपा पर निशाना साधते हुए कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी ने कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है कि एक राष्ट्रीय दल का राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके नेता को सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। उन्होंने कहा, "भाजपा के लिए आत्मविश्लेषण का यह उपयुक्त समय है, वह अपने संगठन के बारे में फिर से सोचे।"टिप्पणियां
भाजपा नेता रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि दोषी करार दिए गए लक्ष्मण की यह 'व्यक्तिगत जवाबदेही' है। वह इससे उबरने के लिए कानूनी मदद लेने के हकदार हैं।
प्रसाद ने केंद्र सरकार पर बोफोर्स तोप सौदा मामले में इतालवी व्यवसायी ओट्टावियो क्वात्रोची को कथित तौर पर फायदा पहुंचाने सहित भ्रष्टाचार के कुछ अन्य मामलों की निष्पक्ष जांच की अनुमति न देने का आरोप लगाया।
दिल्ली की एक अदालत ने मई 2011 में लक्ष्मण के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप तय किए थे।
लक्ष्मण ने हालांकि, कहा था कि मामले की जांच राजनीति से प्रेरित थी और निष्पक्ष नहीं थी।
कांग्रेस पर इस स्टिंग ऑपरेशन के लिए धन मुहैया कराने का आरोप लगाते हुए लक्ष्मण ने कहा, "कांग्रेस ने तहलका के टेप्स को 2004 के आम चुनाव में इस्तेमाल किया, जिससे साबित होता है कि कांग्रेस या उन लोगों का उससे हित जुड़ा हुआ था, जिन्होंने इस परियोजना को धन मुहैया कराया, जिसमें मुझे फंसाया गया।"
लक्ष्मण के बहाने भाजपा पर निशाना साधते हुए कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी ने कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है कि एक राष्ट्रीय दल का राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके नेता को सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। उन्होंने कहा, "भाजपा के लिए आत्मविश्लेषण का यह उपयुक्त समय है, वह अपने संगठन के बारे में फिर से सोचे।"टिप्पणियां
भाजपा नेता रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि दोषी करार दिए गए लक्ष्मण की यह 'व्यक्तिगत जवाबदेही' है। वह इससे उबरने के लिए कानूनी मदद लेने के हकदार हैं।
प्रसाद ने केंद्र सरकार पर बोफोर्स तोप सौदा मामले में इतालवी व्यवसायी ओट्टावियो क्वात्रोची को कथित तौर पर फायदा पहुंचाने सहित भ्रष्टाचार के कुछ अन्य मामलों की निष्पक्ष जांच की अनुमति न देने का आरोप लगाया।
लक्ष्मण ने हालांकि, कहा था कि मामले की जांच राजनीति से प्रेरित थी और निष्पक्ष नहीं थी।
कांग्रेस पर इस स्टिंग ऑपरेशन के लिए धन मुहैया कराने का आरोप लगाते हुए लक्ष्मण ने कहा, "कांग्रेस ने तहलका के टेप्स को 2004 के आम चुनाव में इस्तेमाल किया, जिससे साबित होता है कि कांग्रेस या उन लोगों का उससे हित जुड़ा हुआ था, जिन्होंने इस परियोजना को धन मुहैया कराया, जिसमें मुझे फंसाया गया।"
लक्ष्मण के बहाने भाजपा पर निशाना साधते हुए कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी ने कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है कि एक राष्ट्रीय दल का राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके नेता को सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। उन्होंने कहा, "भाजपा के लिए आत्मविश्लेषण का यह उपयुक्त समय है, वह अपने संगठन के बारे में फिर से सोचे।"टिप्पणियां
भाजपा नेता रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि दोषी करार दिए गए लक्ष्मण की यह 'व्यक्तिगत जवाबदेही' है। वह इससे उबरने के लिए कानूनी मदद लेने के हकदार हैं।
प्रसाद ने केंद्र सरकार पर बोफोर्स तोप सौदा मामले में इतालवी व्यवसायी ओट्टावियो क्वात्रोची को कथित तौर पर फायदा पहुंचाने सहित भ्रष्टाचार के कुछ अन्य मामलों की निष्पक्ष जांच की अनुमति न देने का आरोप लगाया।
कांग्रेस पर इस स्टिंग ऑपरेशन के लिए धन मुहैया कराने का आरोप लगाते हुए लक्ष्मण ने कहा, "कांग्रेस ने तहलका के टेप्स को 2004 के आम चुनाव में इस्तेमाल किया, जिससे साबित होता है कि कांग्रेस या उन लोगों का उससे हित जुड़ा हुआ था, जिन्होंने इस परियोजना को धन मुहैया कराया, जिसमें मुझे फंसाया गया।"
लक्ष्मण के बहाने भाजपा पर निशाना साधते हुए कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी ने कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है कि एक राष्ट्रीय दल का राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके नेता को सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। उन्होंने कहा, "भाजपा के लिए आत्मविश्लेषण का यह उपयुक्त समय है, वह अपने संगठन के बारे में फिर से सोचे।"टिप्पणियां
भाजपा नेता रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि दोषी करार दिए गए लक्ष्मण की यह 'व्यक्तिगत जवाबदेही' है। वह इससे उबरने के लिए कानूनी मदद लेने के हकदार हैं।
प्रसाद ने केंद्र सरकार पर बोफोर्स तोप सौदा मामले में इतालवी व्यवसायी ओट्टावियो क्वात्रोची को कथित तौर पर फायदा पहुंचाने सहित भ्रष्टाचार के कुछ अन्य मामलों की निष्पक्ष जांच की अनुमति न देने का आरोप लगाया।
लक्ष्मण के बहाने भाजपा पर निशाना साधते हुए कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी ने कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है कि एक राष्ट्रीय दल का राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके नेता को सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। उन्होंने कहा, "भाजपा के लिए आत्मविश्लेषण का यह उपयुक्त समय है, वह अपने संगठन के बारे में फिर से सोचे।"टिप्पणियां
भाजपा नेता रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि दोषी करार दिए गए लक्ष्मण की यह 'व्यक्तिगत जवाबदेही' है। वह इससे उबरने के लिए कानूनी मदद लेने के हकदार हैं।
प्रसाद ने केंद्र सरकार पर बोफोर्स तोप सौदा मामले में इतालवी व्यवसायी ओट्टावियो क्वात्रोची को कथित तौर पर फायदा पहुंचाने सहित भ्रष्टाचार के कुछ अन्य मामलों की निष्पक्ष जांच की अनुमति न देने का आरोप लगाया।
भाजपा नेता रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि दोषी करार दिए गए लक्ष्मण की यह 'व्यक्तिगत जवाबदेही' है। वह इससे उबरने के लिए कानूनी मदद लेने के हकदार हैं।
प्रसाद ने केंद्र सरकार पर बोफोर्स तोप सौदा मामले में इतालवी व्यवसायी ओट्टावियो क्वात्रोची को कथित तौर पर फायदा पहुंचाने सहित भ्रष्टाचार के कुछ अन्य मामलों की निष्पक्ष जांच की अनुमति न देने का आरोप लगाया।
प्रसाद ने केंद्र सरकार पर बोफोर्स तोप सौदा मामले में इतालवी व्यवसायी ओट्टावियो क्वात्रोची को कथित तौर पर फायदा पहुंचाने सहित भ्रष्टाचार के कुछ अन्य मामलों की निष्पक्ष जांच की अनुमति न देने का आरोप लगाया। | यहाँ एक सारांश है:दिल्ली की एक अदालत ने एक फर्जी हथियार विक्रेता से रिश्वत लेने के 10 साल पुराने मामले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व अध्यक्ष बंगारू लक्ष्मण को शनिवार को चार वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। | 4 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: साल 2000 से लेकर 2016 तक मणिपुर में सशस्त्र बल विशेष अधिकार अधिनियम (आफ्सपा) के विरोध में लंबा संघर्ष करने वाली इरोम शर्मिला ने शादी के बंधन में बंधने का फैसला किया है. इरोम ने तमिलनाडु के हिल स्टेशन कोडइकनाल में उप रजिस्ट्रार राजेश के कार्यालय में लंबे समय से प्रेमी रहे डेसमंड कुटान्हो के साथ शादी का आवेदन दिया है. इरोम ने बीते साल 9 अगस्त को अपना अनशन खत्म किया था.
शर्मिला ने हिंदू विवाह अधिनियम के तहत आवेदन दायर किया है. उप रजिस्ट्रार ने उन्हें बताया कि यह एक अंतर-धार्मिक विवाह है, इसलिए उन्हें विशेष विवाह अधिनियम के तहत आवेदन दायर करना होगा.
उप रजिस्ट्रार राजेश ने कहा कि उनके आवेदन को नोटिस बोर्ड पर लगाया जाएगा और 30 दिनों के नोटिस की अवधि पूरी होने के बाद ही शादी होगी.
शर्मिला मणिपुर से कोडइकनाल शिफ्ट हो गई हैं और वह पिछले कुछ समय से अपने दोस्त के साथ ही रह रही हैं. शर्मिला ने बताया कि वह कोडइकनाल शांति की तलाश में आई थीं और उन्हें यह जगह पसंद आई. हालांकि, वह अपनी लड़ाई हार गई हैं लेकिन उन्होंने अपना मकसद नहीं छोड़ा है. टिप्पणियां
शर्मिला आफ्सपा हटाने की मांग को लेकर अपनी जिंदगी का बड़ा हिस्सा अनशन पर गुजार चुकी हैं. आफ्सपा नहीं हटा और अंतत: उन्हें अपना अनशन तोड़ना पड़ा था. इसके बाद उन्हें अपनी पार्टी 'प्रजा' बनाकर मणिपुर में विधानसभा का चुनाव लड़ा, लेकिन यहां भी उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा था. खुद इरोम को केवल 90 वोट मिले थे. अब इन सब बातों को छोड़कर वे अपना निजी जीवन व्यवस्थित तरीके से गुजारना चाहती हैं.
(इनपुट आईएएनएस से)
शर्मिला ने हिंदू विवाह अधिनियम के तहत आवेदन दायर किया है. उप रजिस्ट्रार ने उन्हें बताया कि यह एक अंतर-धार्मिक विवाह है, इसलिए उन्हें विशेष विवाह अधिनियम के तहत आवेदन दायर करना होगा.
उप रजिस्ट्रार राजेश ने कहा कि उनके आवेदन को नोटिस बोर्ड पर लगाया जाएगा और 30 दिनों के नोटिस की अवधि पूरी होने के बाद ही शादी होगी.
शर्मिला मणिपुर से कोडइकनाल शिफ्ट हो गई हैं और वह पिछले कुछ समय से अपने दोस्त के साथ ही रह रही हैं. शर्मिला ने बताया कि वह कोडइकनाल शांति की तलाश में आई थीं और उन्हें यह जगह पसंद आई. हालांकि, वह अपनी लड़ाई हार गई हैं लेकिन उन्होंने अपना मकसद नहीं छोड़ा है. टिप्पणियां
शर्मिला आफ्सपा हटाने की मांग को लेकर अपनी जिंदगी का बड़ा हिस्सा अनशन पर गुजार चुकी हैं. आफ्सपा नहीं हटा और अंतत: उन्हें अपना अनशन तोड़ना पड़ा था. इसके बाद उन्हें अपनी पार्टी 'प्रजा' बनाकर मणिपुर में विधानसभा का चुनाव लड़ा, लेकिन यहां भी उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा था. खुद इरोम को केवल 90 वोट मिले थे. अब इन सब बातों को छोड़कर वे अपना निजी जीवन व्यवस्थित तरीके से गुजारना चाहती हैं.
(इनपुट आईएएनएस से)
उप रजिस्ट्रार राजेश ने कहा कि उनके आवेदन को नोटिस बोर्ड पर लगाया जाएगा और 30 दिनों के नोटिस की अवधि पूरी होने के बाद ही शादी होगी.
शर्मिला मणिपुर से कोडइकनाल शिफ्ट हो गई हैं और वह पिछले कुछ समय से अपने दोस्त के साथ ही रह रही हैं. शर्मिला ने बताया कि वह कोडइकनाल शांति की तलाश में आई थीं और उन्हें यह जगह पसंद आई. हालांकि, वह अपनी लड़ाई हार गई हैं लेकिन उन्होंने अपना मकसद नहीं छोड़ा है. टिप्पणियां
शर्मिला आफ्सपा हटाने की मांग को लेकर अपनी जिंदगी का बड़ा हिस्सा अनशन पर गुजार चुकी हैं. आफ्सपा नहीं हटा और अंतत: उन्हें अपना अनशन तोड़ना पड़ा था. इसके बाद उन्हें अपनी पार्टी 'प्रजा' बनाकर मणिपुर में विधानसभा का चुनाव लड़ा, लेकिन यहां भी उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा था. खुद इरोम को केवल 90 वोट मिले थे. अब इन सब बातों को छोड़कर वे अपना निजी जीवन व्यवस्थित तरीके से गुजारना चाहती हैं.
(इनपुट आईएएनएस से)
शर्मिला मणिपुर से कोडइकनाल शिफ्ट हो गई हैं और वह पिछले कुछ समय से अपने दोस्त के साथ ही रह रही हैं. शर्मिला ने बताया कि वह कोडइकनाल शांति की तलाश में आई थीं और उन्हें यह जगह पसंद आई. हालांकि, वह अपनी लड़ाई हार गई हैं लेकिन उन्होंने अपना मकसद नहीं छोड़ा है. टिप्पणियां
शर्मिला आफ्सपा हटाने की मांग को लेकर अपनी जिंदगी का बड़ा हिस्सा अनशन पर गुजार चुकी हैं. आफ्सपा नहीं हटा और अंतत: उन्हें अपना अनशन तोड़ना पड़ा था. इसके बाद उन्हें अपनी पार्टी 'प्रजा' बनाकर मणिपुर में विधानसभा का चुनाव लड़ा, लेकिन यहां भी उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा था. खुद इरोम को केवल 90 वोट मिले थे. अब इन सब बातों को छोड़कर वे अपना निजी जीवन व्यवस्थित तरीके से गुजारना चाहती हैं.
(इनपुट आईएएनएस से)
शर्मिला आफ्सपा हटाने की मांग को लेकर अपनी जिंदगी का बड़ा हिस्सा अनशन पर गुजार चुकी हैं. आफ्सपा नहीं हटा और अंतत: उन्हें अपना अनशन तोड़ना पड़ा था. इसके बाद उन्हें अपनी पार्टी 'प्रजा' बनाकर मणिपुर में विधानसभा का चुनाव लड़ा, लेकिन यहां भी उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा था. खुद इरोम को केवल 90 वोट मिले थे. अब इन सब बातों को छोड़कर वे अपना निजी जीवन व्यवस्थित तरीके से गुजारना चाहती हैं.
(इनपुट आईएएनएस से)
(इनपुट आईएएनएस से) | सारांश: इरोम ने आफ्सपा के खिलाफ 16 साल लंबी भूख हड़ताल की थी
उन्होंने प्रजा नामक पार्टी बनाकर विधानसभा का चुनाव भी लड़ा
30 दिन का नोटिस पूरा होने के बाद इरोम और डेसमंड शादी करेंगे | 33 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: शाहिद कपूर (Shahid Kapoor) की फिल्म 'कबीर सिंह' (Kabir Singh Box Office Collection Day 8) ने पहले दिन 20.21 करोड़ रुपये, दूसरे दिन 22 करोड़ रुपये, तीसरे दिन 27 करोड़ रुपये, चौथे दिन 17 करोड़ रुपये, पांचवें दिन 16 करोड़ रुपये, छठे दिन 16 करोड़ रुपये औरक सातवें दिन करीब 15 करोड़ कमाए. शाहिद कपूर की फिल्म लगातार बॉक्स ऑफिस पर अपना कब्जा जमाए हुए है, इसलिए तो आयुष्मान खुराना की 'आर्टिकल 15' भी इसके सामने पानी भरती नजर आ रही है. बता दें शाहिद कपूर (Shahid Kapoor) और कियारा आडवाणी (Kiara Advani) की मूवी 'कबीर सिंह' साउथ की ब्लॉकबास्टर फिल्म 'अर्जुन रेड्डी' (Arjun Reddy) का हिंदी रीमेक है. हिंदी में बनाई गई इस फिल्म को भी संदीप रेड्डी वांगा (Sandip Reddy Vanga) ने ही निर्देशित किया है.
शाहिद कपूर (Shahid Kapoor) की फिल्म 'कबीर सिंह' (Kabir Singh) में फैन्स उनकी परफॉर्मेंस की जमकर तारीफ कर रहे हैं तो वहीं कुछ लोग इसका विरोध भी कर रहे हैं. इस फिल्म ने शाहिद ने सिरफिरे आशिक का किरदार निभाया है, जो प्यार में टूटने के बाद खुद को ड्रग्स और दारू के नशे में बर्बाद कर लेता है. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: कबीर सिंह ने आठवें दिन कमाए इतने करोड़ रुपये
लगातार बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ रही 'कबीर सिंह'
100 करोड़ के क्लब में शामिल हुई 'कबीर सिंह' | 11 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: पश्चिमोत्तर पाकिस्तान में आतंकी अभियानों को अंजाम देने के लिए तालिबान और जैश ए मुहम्मद का एक धड़ा पंजाब प्रांत के युवकों की भर्ती की कोशिशें कर रहा है। विकीलिक्स द्वारा सार्वजनिक किया गया गोपनीय अमेरिकी कुटनीतिक दस्तावेज लाहौर के अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के शीर्ष राजनयिक ब्रायन हंट ने मार्च 2009 में भेजा था। दस्तावेज में बताया गया कि फैसलाबाद में चरमपंथी गतिविधियां बढ़ीं। साथ ही, तहरीक ए तालिबान पाकिस्तान और दक्षिण पंजाब स्थित जैश ए मुहम्मद के एक धड़े के गुर्गो की श्हर में आवाजाही काफी बढ़ गई। कुटनीतिक दस्तावेज फैसलाबाद स्थित एक देवबंदी विद्वान की सूचनाओं पर आधारित है। सुरक्षा कारणों से विकीलीक्स और मीडिया समूहों ने उनके नाम हटा दिए हैं। पंजाब के दूसरे सबसे बड़े शहर में बढ़ रही चरमपंथी गतिविधियों की चिंता को लेकर विद्वान ने हंट से मुलाकात की। उन्होंने हंट को बताया कि शहर में सिपाह ए सहीबा पाकिस्तान के प्रचार कार्यो में नाटकीय वृद्धि हुई है। | यहाँ एक सारांश है:आतंकी अभियानों को अंजाम देने के लिए तालिबान और जैश ए मुहम्मद का एक धड़ा पंजाब प्रांत के युवकों की भर्ती की कोशिशें कर रहा है। | 18 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पिछले कुछ वर्षों में भारतीय क्रिकेट में विराट कोहली का आभामंडल तेजी से चमका है लेकिन प्रशासकों की समिति (COA) के प्रमुख विनोद राय के अनुसार आम राय के विपरीत वह नीतिगत फैसलों में कभी ‘असंगत प्रभाव’नहीं डालते हैं. विनोद राय का कोहली के साथ नीतिगत फैसलों को लेकर पहला अनुभव 16 महीने पुराना है और उनका भारतीय कप्तान को लेकर अपना आकलन है.राय ने एक इंटरव्यू में कहा, ‘कोई भी कप्तान टीम पर कुछ निश्चित प्रभाव डालता है. मैं एक निश्चित सीमा तक इस तरह की छूट और अधिकार देने के पक्ष में हूं. आखिरकार कप्तान को ही खास जिम्मेदारी निभानी होती है.लेकिन मैं यह भी स्पष्ट कर देना चाहूंगा कि कोई भी मेरे पास यह शिकायत लेकर नहीं आया कि विराट ने इस तरह से प्रभाव डाला जो कि कप्तान को मिले अधिकारों से इतर हो.’
यह भी पढ़ें: धोनी और कोहली के 'तालमेल' पर COA प्रमुख ने यह कहकर जताई खुशी...
राय ने कहा कि कप्तान ने किसी नीतिगत मामले में उन पर कभी दबाव नहीं डाला. सीओर प्रमुख ने कहा, ‘व्यक्तिगत स्तर पर विराट का मेरे साथ व्यवहार बहुत अच्छा रहा है. विराट ने कभी किसी चीज के लिये मुझ पर दबाव नहीं बनाया. इसके अलावा न तो टीम प्रबंधन और न ही चयनकर्ताओं ने कभी विराट को लेकर किसी तरह की शिकायत की.’अनिल कुंबले के मुख्य कोच पद से इस्तीफा देने के कारण कयास लगाये जा रहे थे कि कोहली नीतिगत फैसलों पर जरूरत से ज्यादा प्रभाव डाल रहे हैं. खबरों में यही कहा गया कि कोहली के दबाव के कारण कुंबले को अपना पद छोड़ना पड़ा.
यह भी पढ़ें: सीओए ने की बीसीसीआई अधिकारियों के खिलाफ यह 'बड़ी कार्रवाई'
एमएसके प्रसाद की अगुवाई वाली चयनसमिति ने कुल मिलाकर 13 टेस्ट मैच खेले हैं और कभी-कभी लगता है कि उस पर दबाव बनाया जाता है लेकिन सीओए प्रमुख का मानना है कि यह पूर्व विकेटकीपर उन लोगों में शामिल नहीं है जिस पर आसानी से दबाव बनाया जा सके. उन्होंने कहा, ‘मुझे ऐसी कोई जानकारी नहीं है कि चयनकर्ता किसी तरह के दबाव में है. मैं एमएसके का बहुत सम्मान करता हूं. ’राय ने विस्तार से बताने के बजाय बताया कि सीओए के जिम्मेदारी संभालने के बाद प्रसाद ने किस तरह से चयन का दबाव अच्छी तरह से संभाला. उन्होंने कहा, ‘एमएसके झुक नहीं सकता और वह काफी सीनियर है जो स्टार खिलाड़ियों को संभाल सके. जब उन्होंने अफगानिस्तान टेस्ट के लिये टीम का चयन किया तो उन्हें विराट के बिना खिलाड़ियों की सूची सौंप दी गई थी. मैं और डायना (एडुल्जी) भी चयन बैठकों में शिरकत नहीं करते हैं.’
यह भी पढ़ें:...इस कारण बीसीसीआई लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड नहीं लेंगी डायना इडुल्जीटिप्पणियां
राय ने कोहली को अफगानिस्तान टेस्ट के बजाय सरे की ओर से काउंटी क्रिकेट में खेलने की अनुमति देने को भी सही ठहराया. उन्होंने कहा, ‘मैं शुरू से ही नीतिगत फैसलों में शामिल रहा हूं. दक्षिण अफ्रीका दौरे में हमें टेस्ट सीरीज में 1-2 से हार झेलनी पड़ी और इसको लेकर काफी आलोचना हुई कि टीम को वहां की परिस्थितियों से सामंजस्य बिठाने का पर्याप्त समय नहीं मिला.’उन्होंने कहा, ‘टीम प्रबंधन के साथ इसको लेकर चर्चा हुई जिसमें भारत 'ए' के कोच राहुल द्रविड़ भी थे। इसमें विस्तृत योजना तैयार की गयी ताकि हमारे खिलाड़ी वहां जल्दी पहुंचकर मैच खेलें और सीरीज के लिये तैयार रहें.
राय ने इसके साथ ही साफ किया कि डे-नाइट टेस्ट मैच नहीं खेलने का फैसला ‘प्राथमिक हितधारकों’ जो कि खिलाड़ी हैं, से मशविरा करने के बाद लिया गया. उन्होंने कहा कि इस मामले में खिलाड़ियों के विचार जानने जरूरी थे.
वीडियो: सुप्रीम कोर्ट ने नियुक्त किए बीसीसीआई के चार नए प्रशासक राय ने कहा, ‘पूरी दुनिया मैच जीतने के लिये खेलती है. हो सकता है कि 50 साल पहले भारतीय टीम ड्रॉ के लिए खेलती हो. हमारे पास बेहतरीन टीम है और वे अपने तात्कालिक लक्ष्य (इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज तथा इंग्लैंड में 2019 वर्ल्डकप जीतना) पर ध्यान देना चाहते हैं. ’उन्होंने कहा कि मुख्य कोच रवि शास्त्री ने सीओए को खिलाड़ियों की राय से अवगत कराया. राय ने कहा, ‘रवि 12 अप्रैल को हमसे मिले और उन्होंने कहा कि टीम अभी दूसरी चीज (वर्ल्डकप) पर ध्यान दे रही है और वह अभी गुलाबी गेंद से अभ्यास करने के लिये तैयार नहीं है. जब हमने रवि से पूछा कि क्या उन्होंने सीनियर खिलाड़ियों से बात की, उन्होंने जवाब दिया कि उन्होंने विराट और रोहित शर्मा (वनडे टीम का उप कप्तान) से फीडबैक लिया.’(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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राय ने कहा कि कप्तान ने किसी नीतिगत मामले में उन पर कभी दबाव नहीं डाला. सीओर प्रमुख ने कहा, ‘व्यक्तिगत स्तर पर विराट का मेरे साथ व्यवहार बहुत अच्छा रहा है. विराट ने कभी किसी चीज के लिये मुझ पर दबाव नहीं बनाया. इसके अलावा न तो टीम प्रबंधन और न ही चयनकर्ताओं ने कभी विराट को लेकर किसी तरह की शिकायत की.’अनिल कुंबले के मुख्य कोच पद से इस्तीफा देने के कारण कयास लगाये जा रहे थे कि कोहली नीतिगत फैसलों पर जरूरत से ज्यादा प्रभाव डाल रहे हैं. खबरों में यही कहा गया कि कोहली के दबाव के कारण कुंबले को अपना पद छोड़ना पड़ा.
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एमएसके प्रसाद की अगुवाई वाली चयनसमिति ने कुल मिलाकर 13 टेस्ट मैच खेले हैं और कभी-कभी लगता है कि उस पर दबाव बनाया जाता है लेकिन सीओए प्रमुख का मानना है कि यह पूर्व विकेटकीपर उन लोगों में शामिल नहीं है जिस पर आसानी से दबाव बनाया जा सके. उन्होंने कहा, ‘मुझे ऐसी कोई जानकारी नहीं है कि चयनकर्ता किसी तरह के दबाव में है. मैं एमएसके का बहुत सम्मान करता हूं. ’राय ने विस्तार से बताने के बजाय बताया कि सीओए के जिम्मेदारी संभालने के बाद प्रसाद ने किस तरह से चयन का दबाव अच्छी तरह से संभाला. उन्होंने कहा, ‘एमएसके झुक नहीं सकता और वह काफी सीनियर है जो स्टार खिलाड़ियों को संभाल सके. जब उन्होंने अफगानिस्तान टेस्ट के लिये टीम का चयन किया तो उन्हें विराट के बिना खिलाड़ियों की सूची सौंप दी गई थी. मैं और डायना (एडुल्जी) भी चयन बैठकों में शिरकत नहीं करते हैं.’
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राय ने कोहली को अफगानिस्तान टेस्ट के बजाय सरे की ओर से काउंटी क्रिकेट में खेलने की अनुमति देने को भी सही ठहराया. उन्होंने कहा, ‘मैं शुरू से ही नीतिगत फैसलों में शामिल रहा हूं. दक्षिण अफ्रीका दौरे में हमें टेस्ट सीरीज में 1-2 से हार झेलनी पड़ी और इसको लेकर काफी आलोचना हुई कि टीम को वहां की परिस्थितियों से सामंजस्य बिठाने का पर्याप्त समय नहीं मिला.’उन्होंने कहा, ‘टीम प्रबंधन के साथ इसको लेकर चर्चा हुई जिसमें भारत 'ए' के कोच राहुल द्रविड़ भी थे। इसमें विस्तृत योजना तैयार की गयी ताकि हमारे खिलाड़ी वहां जल्दी पहुंचकर मैच खेलें और सीरीज के लिये तैयार रहें.
राय ने इसके साथ ही साफ किया कि डे-नाइट टेस्ट मैच नहीं खेलने का फैसला ‘प्राथमिक हितधारकों’ जो कि खिलाड़ी हैं, से मशविरा करने के बाद लिया गया. उन्होंने कहा कि इस मामले में खिलाड़ियों के विचार जानने जरूरी थे.
वीडियो: सुप्रीम कोर्ट ने नियुक्त किए बीसीसीआई के चार नए प्रशासक राय ने कहा, ‘पूरी दुनिया मैच जीतने के लिये खेलती है. हो सकता है कि 50 साल पहले भारतीय टीम ड्रॉ के लिए खेलती हो. हमारे पास बेहतरीन टीम है और वे अपने तात्कालिक लक्ष्य (इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज तथा इंग्लैंड में 2019 वर्ल्डकप जीतना) पर ध्यान देना चाहते हैं. ’उन्होंने कहा कि मुख्य कोच रवि शास्त्री ने सीओए को खिलाड़ियों की राय से अवगत कराया. राय ने कहा, ‘रवि 12 अप्रैल को हमसे मिले और उन्होंने कहा कि टीम अभी दूसरी चीज (वर्ल्डकप) पर ध्यान दे रही है और वह अभी गुलाबी गेंद से अभ्यास करने के लिये तैयार नहीं है. जब हमने रवि से पूछा कि क्या उन्होंने सीनियर खिलाड़ियों से बात की, उन्होंने जवाब दिया कि उन्होंने विराट और रोहित शर्मा (वनडे टीम का उप कप्तान) से फीडबैक लिया.’(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
राय ने कहा कि कप्तान ने किसी नीतिगत मामले में उन पर कभी दबाव नहीं डाला. सीओर प्रमुख ने कहा, ‘व्यक्तिगत स्तर पर विराट का मेरे साथ व्यवहार बहुत अच्छा रहा है. विराट ने कभी किसी चीज के लिये मुझ पर दबाव नहीं बनाया. इसके अलावा न तो टीम प्रबंधन और न ही चयनकर्ताओं ने कभी विराट को लेकर किसी तरह की शिकायत की.’अनिल कुंबले के मुख्य कोच पद से इस्तीफा देने के कारण कयास लगाये जा रहे थे कि कोहली नीतिगत फैसलों पर जरूरत से ज्यादा प्रभाव डाल रहे हैं. खबरों में यही कहा गया कि कोहली के दबाव के कारण कुंबले को अपना पद छोड़ना पड़ा.
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राय ने कोहली को अफगानिस्तान टेस्ट के बजाय सरे की ओर से काउंटी क्रिकेट में खेलने की अनुमति देने को भी सही ठहराया. उन्होंने कहा, ‘मैं शुरू से ही नीतिगत फैसलों में शामिल रहा हूं. दक्षिण अफ्रीका दौरे में हमें टेस्ट सीरीज में 1-2 से हार झेलनी पड़ी और इसको लेकर काफी आलोचना हुई कि टीम को वहां की परिस्थितियों से सामंजस्य बिठाने का पर्याप्त समय नहीं मिला.’उन्होंने कहा, ‘टीम प्रबंधन के साथ इसको लेकर चर्चा हुई जिसमें भारत 'ए' के कोच राहुल द्रविड़ भी थे। इसमें विस्तृत योजना तैयार की गयी ताकि हमारे खिलाड़ी वहां जल्दी पहुंचकर मैच खेलें और सीरीज के लिये तैयार रहें.
राय ने इसके साथ ही साफ किया कि डे-नाइट टेस्ट मैच नहीं खेलने का फैसला ‘प्राथमिक हितधारकों’ जो कि खिलाड़ी हैं, से मशविरा करने के बाद लिया गया. उन्होंने कहा कि इस मामले में खिलाड़ियों के विचार जानने जरूरी थे.
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एमएसके प्रसाद की अगुवाई वाली चयनसमिति ने कुल मिलाकर 13 टेस्ट मैच खेले हैं और कभी-कभी लगता है कि उस पर दबाव बनाया जाता है लेकिन सीओए प्रमुख का मानना है कि यह पूर्व विकेटकीपर उन लोगों में शामिल नहीं है जिस पर आसानी से दबाव बनाया जा सके. उन्होंने कहा, ‘मुझे ऐसी कोई जानकारी नहीं है कि चयनकर्ता किसी तरह के दबाव में है. मैं एमएसके का बहुत सम्मान करता हूं. ’राय ने विस्तार से बताने के बजाय बताया कि सीओए के जिम्मेदारी संभालने के बाद प्रसाद ने किस तरह से चयन का दबाव अच्छी तरह से संभाला. उन्होंने कहा, ‘एमएसके झुक नहीं सकता और वह काफी सीनियर है जो स्टार खिलाड़ियों को संभाल सके. जब उन्होंने अफगानिस्तान टेस्ट के लिये टीम का चयन किया तो उन्हें विराट के बिना खिलाड़ियों की सूची सौंप दी गई थी. मैं और डायना (एडुल्जी) भी चयन बैठकों में शिरकत नहीं करते हैं.’
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राय ने कोहली को अफगानिस्तान टेस्ट के बजाय सरे की ओर से काउंटी क्रिकेट में खेलने की अनुमति देने को भी सही ठहराया. उन्होंने कहा, ‘मैं शुरू से ही नीतिगत फैसलों में शामिल रहा हूं. दक्षिण अफ्रीका दौरे में हमें टेस्ट सीरीज में 1-2 से हार झेलनी पड़ी और इसको लेकर काफी आलोचना हुई कि टीम को वहां की परिस्थितियों से सामंजस्य बिठाने का पर्याप्त समय नहीं मिला.’उन्होंने कहा, ‘टीम प्रबंधन के साथ इसको लेकर चर्चा हुई जिसमें भारत 'ए' के कोच राहुल द्रविड़ भी थे। इसमें विस्तृत योजना तैयार की गयी ताकि हमारे खिलाड़ी वहां जल्दी पहुंचकर मैच खेलें और सीरीज के लिये तैयार रहें.
राय ने इसके साथ ही साफ किया कि डे-नाइट टेस्ट मैच नहीं खेलने का फैसला ‘प्राथमिक हितधारकों’ जो कि खिलाड़ी हैं, से मशविरा करने के बाद लिया गया. उन्होंने कहा कि इस मामले में खिलाड़ियों के विचार जानने जरूरी थे.
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एमएसके प्रसाद की अगुवाई वाली चयनसमिति ने कुल मिलाकर 13 टेस्ट मैच खेले हैं और कभी-कभी लगता है कि उस पर दबाव बनाया जाता है लेकिन सीओए प्रमुख का मानना है कि यह पूर्व विकेटकीपर उन लोगों में शामिल नहीं है जिस पर आसानी से दबाव बनाया जा सके. उन्होंने कहा, ‘मुझे ऐसी कोई जानकारी नहीं है कि चयनकर्ता किसी तरह के दबाव में है. मैं एमएसके का बहुत सम्मान करता हूं. ’राय ने विस्तार से बताने के बजाय बताया कि सीओए के जिम्मेदारी संभालने के बाद प्रसाद ने किस तरह से चयन का दबाव अच्छी तरह से संभाला. उन्होंने कहा, ‘एमएसके झुक नहीं सकता और वह काफी सीनियर है जो स्टार खिलाड़ियों को संभाल सके. जब उन्होंने अफगानिस्तान टेस्ट के लिये टीम का चयन किया तो उन्हें विराट के बिना खिलाड़ियों की सूची सौंप दी गई थी. मैं और डायना (एडुल्जी) भी चयन बैठकों में शिरकत नहीं करते हैं.’
यह भी पढ़ें:...इस कारण बीसीसीआई लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड नहीं लेंगी डायना इडुल्जीटिप्पणियां
राय ने कोहली को अफगानिस्तान टेस्ट के बजाय सरे की ओर से काउंटी क्रिकेट में खेलने की अनुमति देने को भी सही ठहराया. उन्होंने कहा, ‘मैं शुरू से ही नीतिगत फैसलों में शामिल रहा हूं. दक्षिण अफ्रीका दौरे में हमें टेस्ट सीरीज में 1-2 से हार झेलनी पड़ी और इसको लेकर काफी आलोचना हुई कि टीम को वहां की परिस्थितियों से सामंजस्य बिठाने का पर्याप्त समय नहीं मिला.’उन्होंने कहा, ‘टीम प्रबंधन के साथ इसको लेकर चर्चा हुई जिसमें भारत 'ए' के कोच राहुल द्रविड़ भी थे। इसमें विस्तृत योजना तैयार की गयी ताकि हमारे खिलाड़ी वहां जल्दी पहुंचकर मैच खेलें और सीरीज के लिये तैयार रहें.
राय ने इसके साथ ही साफ किया कि डे-नाइट टेस्ट मैच नहीं खेलने का फैसला ‘प्राथमिक हितधारकों’ जो कि खिलाड़ी हैं, से मशविरा करने के बाद लिया गया. उन्होंने कहा कि इस मामले में खिलाड़ियों के विचार जानने जरूरी थे.
वीडियो: सुप्रीम कोर्ट ने नियुक्त किए बीसीसीआई के चार नए प्रशासक राय ने कहा, ‘पूरी दुनिया मैच जीतने के लिये खेलती है. हो सकता है कि 50 साल पहले भारतीय टीम ड्रॉ के लिए खेलती हो. हमारे पास बेहतरीन टीम है और वे अपने तात्कालिक लक्ष्य (इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज तथा इंग्लैंड में 2019 वर्ल्डकप जीतना) पर ध्यान देना चाहते हैं. ’उन्होंने कहा कि मुख्य कोच रवि शास्त्री ने सीओए को खिलाड़ियों की राय से अवगत कराया. राय ने कहा, ‘रवि 12 अप्रैल को हमसे मिले और उन्होंने कहा कि टीम अभी दूसरी चीज (वर्ल्डकप) पर ध्यान दे रही है और वह अभी गुलाबी गेंद से अभ्यास करने के लिये तैयार नहीं है. जब हमने रवि से पूछा कि क्या उन्होंने सीनियर खिलाड़ियों से बात की, उन्होंने जवाब दिया कि उन्होंने विराट और रोहित शर्मा (वनडे टीम का उप कप्तान) से फीडबैक लिया.’(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह भी पढ़ें:...इस कारण बीसीसीआई लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड नहीं लेंगी डायना इडुल्जीटिप्पणियां
राय ने कोहली को अफगानिस्तान टेस्ट के बजाय सरे की ओर से काउंटी क्रिकेट में खेलने की अनुमति देने को भी सही ठहराया. उन्होंने कहा, ‘मैं शुरू से ही नीतिगत फैसलों में शामिल रहा हूं. दक्षिण अफ्रीका दौरे में हमें टेस्ट सीरीज में 1-2 से हार झेलनी पड़ी और इसको लेकर काफी आलोचना हुई कि टीम को वहां की परिस्थितियों से सामंजस्य बिठाने का पर्याप्त समय नहीं मिला.’उन्होंने कहा, ‘टीम प्रबंधन के साथ इसको लेकर चर्चा हुई जिसमें भारत 'ए' के कोच राहुल द्रविड़ भी थे। इसमें विस्तृत योजना तैयार की गयी ताकि हमारे खिलाड़ी वहां जल्दी पहुंचकर मैच खेलें और सीरीज के लिये तैयार रहें.
राय ने इसके साथ ही साफ किया कि डे-नाइट टेस्ट मैच नहीं खेलने का फैसला ‘प्राथमिक हितधारकों’ जो कि खिलाड़ी हैं, से मशविरा करने के बाद लिया गया. उन्होंने कहा कि इस मामले में खिलाड़ियों के विचार जानने जरूरी थे.
वीडियो: सुप्रीम कोर्ट ने नियुक्त किए बीसीसीआई के चार नए प्रशासक राय ने कहा, ‘पूरी दुनिया मैच जीतने के लिये खेलती है. हो सकता है कि 50 साल पहले भारतीय टीम ड्रॉ के लिए खेलती हो. हमारे पास बेहतरीन टीम है और वे अपने तात्कालिक लक्ष्य (इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज तथा इंग्लैंड में 2019 वर्ल्डकप जीतना) पर ध्यान देना चाहते हैं. ’उन्होंने कहा कि मुख्य कोच रवि शास्त्री ने सीओए को खिलाड़ियों की राय से अवगत कराया. राय ने कहा, ‘रवि 12 अप्रैल को हमसे मिले और उन्होंने कहा कि टीम अभी दूसरी चीज (वर्ल्डकप) पर ध्यान दे रही है और वह अभी गुलाबी गेंद से अभ्यास करने के लिये तैयार नहीं है. जब हमने रवि से पूछा कि क्या उन्होंने सीनियर खिलाड़ियों से बात की, उन्होंने जवाब दिया कि उन्होंने विराट और रोहित शर्मा (वनडे टीम का उप कप्तान) से फीडबैक लिया.’(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
राय ने कोहली को अफगानिस्तान टेस्ट के बजाय सरे की ओर से काउंटी क्रिकेट में खेलने की अनुमति देने को भी सही ठहराया. उन्होंने कहा, ‘मैं शुरू से ही नीतिगत फैसलों में शामिल रहा हूं. दक्षिण अफ्रीका दौरे में हमें टेस्ट सीरीज में 1-2 से हार झेलनी पड़ी और इसको लेकर काफी आलोचना हुई कि टीम को वहां की परिस्थितियों से सामंजस्य बिठाने का पर्याप्त समय नहीं मिला.’उन्होंने कहा, ‘टीम प्रबंधन के साथ इसको लेकर चर्चा हुई जिसमें भारत 'ए' के कोच राहुल द्रविड़ भी थे। इसमें विस्तृत योजना तैयार की गयी ताकि हमारे खिलाड़ी वहां जल्दी पहुंचकर मैच खेलें और सीरीज के लिये तैयार रहें.
राय ने इसके साथ ही साफ किया कि डे-नाइट टेस्ट मैच नहीं खेलने का फैसला ‘प्राथमिक हितधारकों’ जो कि खिलाड़ी हैं, से मशविरा करने के बाद लिया गया. उन्होंने कहा कि इस मामले में खिलाड़ियों के विचार जानने जरूरी थे.
वीडियो: सुप्रीम कोर्ट ने नियुक्त किए बीसीसीआई के चार नए प्रशासक राय ने कहा, ‘पूरी दुनिया मैच जीतने के लिये खेलती है. हो सकता है कि 50 साल पहले भारतीय टीम ड्रॉ के लिए खेलती हो. हमारे पास बेहतरीन टीम है और वे अपने तात्कालिक लक्ष्य (इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज तथा इंग्लैंड में 2019 वर्ल्डकप जीतना) पर ध्यान देना चाहते हैं. ’उन्होंने कहा कि मुख्य कोच रवि शास्त्री ने सीओए को खिलाड़ियों की राय से अवगत कराया. राय ने कहा, ‘रवि 12 अप्रैल को हमसे मिले और उन्होंने कहा कि टीम अभी दूसरी चीज (वर्ल्डकप) पर ध्यान दे रही है और वह अभी गुलाबी गेंद से अभ्यास करने के लिये तैयार नहीं है. जब हमने रवि से पूछा कि क्या उन्होंने सीनियर खिलाड़ियों से बात की, उन्होंने जवाब दिया कि उन्होंने विराट और रोहित शर्मा (वनडे टीम का उप कप्तान) से फीडबैक लिया.’(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त सारांश: कहा, विराट कोहली का मेरे साथ व्यवहार बहुत अच्छा रहा है
विराट ने कभी मुझ पर किसी चीज के लिए दबाव नहीं बनाया
टीम प्रबंधन-सिलेक्टर्स ने भी उनको लेकर कभी शिकायत नहीं की | 10 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: पाकिस्तान के रावलपिंडी शहर स्थित आतंकवादनिरोधी विशेष अदालत ने शनिवार को 26/11 के मुम्बई आतंकी हमला मामले की सुनवाई पांच मार्च तक के लिए स्थगित कर दी। फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एफआईए) के सरकारी वकील चौधरी जुल्फिकार ने अदालत के समक्ष कहा कि दो मुख्य आरोपी अजमल कसाब और फहीम अंसारी के खिलाफ गैर जमानती गिरफ्तारी वारंट अदालत द्वारा पिछले वर्ष 17 अप्रैल को जारी किया जा चुका है। उन्होंने अदालत को जानकारी दी, "वारंट भारतीय अधिकारियों को भेजा गया लेकिन उन्होंने अभी तक इसे ग्रहण नहीं किया है।" चौधरी ने कहा, "पाकिस्तानी कानून के मुताबिक दोनों आरोपियों को दोषी साबित करने से पहले घोषित अपराधी करार देने की जरूरत है।" उन्होंने कहा कि बचाव पक्ष के वकील ख्वाजा सुल्तान ने पाकिस्तानी अपराध दंड संहिता (सीआरपीसी) की धारा 403 के तहत अदालत में एक अर्जी दायर की है, जिसमें कहा गया है कि कसाब को भारत में पहले ही दोषी करार दे दिया गया है, इसलिए इस मामले की सुनवाई बंद कर देनी चाहिए। निचली अदालत के विशेष न्यायाधीश एमएल तहलियानी द्वारा मई, 2010 में अंसारी को सभी आरोपों से बरी किया जा चुका है। बाद में बम्बई उच्च न्यायालय ने भी इस फैसले को बरकरार रखा। मीडिया में आई खबरों के अनुसार पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के रावलपिंडी स्थित आदियाला जेल में शनिवार को कड़ी सुरक्षा के बीच सुनवाई शुरू हुई। अदालत कसाब और अंसारी को घोषित अपराधी करार देने के लिए पांच मार्च को दोनों पक्षों के वकीलों की दलील सुनेगी। इससे पूर्व शुक्रवार को लाहौर उच्च न्यायालय ने कहा था कि "आरोपी जानबूझकर फरार नहीं हुआ था।" इसके बाद एफआईए ने अपनी अर्जी वापस ले ली। एफआईए ने यह मामला कसाब द्वारा भारत में दिए गए इकबालिया बयान के आधार पर तैयार किया, लेकिन अदालत ने 'पाकिस्तानी कानून के तहत इसे 'अमान्य' घोषित कर दिया। उल्लेखनीय है कि कसाब 26 नवम्बर, 2008 में मुम्बई में हुए आतंकी हमले के बाद से भारत की गिरफ्त में है। इस हमले में 166 लोगों की मौत हुई थी। बम्बई उच्च न्यायालय ने हाल ही में निचली अदालत द्वारा कसाब को सुनाई गई मौत की सजा को बरकरार रखा है। | सारांश: रावलपिंडी स्थित आतंकवादनिरोधी विशेष अदालत ने 26/11 के मुम्बई आतंकी हमला मामले की सुनवाई पांच मार्च तक के लिए स्थगित कर दी। | 7 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कश्मीर के मौजूदा हालात और उन्हें सामान्य करने पर चर्चा करने के लिए सरकार द्वारा बुलाई गई सभी दलों की बैठक खत्म हो गई है. बैठक की अध्यक्षता खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की. बैठक में विपक्ष ने कश्मीर में स्थिति सामान्य बनाने के लिए विश्वास बहाली के कदम उठाने की मांग की. साथ ही पैलेट गन के इस्तेमाल को बंद करने की भी मांग उठी. इसके अलावा नागरिक इलाकों से आफ्स्पा को समाप्त करने सभी संबंधित पक्षों जिसमें अलगाववादी भी शामिल हैं, से वार्ता करने की भी मांग विपक्ष ने की.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) जम्मू-कश्मीर का ही भाग है. उन्होंने कहा कि सरकार को विदेशों में रह रहे पीओके के निर्वासित लोगों से संपर्क करना चाहिए और उनसे बात की जानी चाहिए. पीएम ने कहा, जम्मू-कश्मीर के चार हिस्से हैं, कश्मीर, लद्दाख, जम्मू और पाकिस्तान अधिकृति कश्मीर. उन्होंने बलूचिस्तान सहित पाकिस्तान के अन्य हिस्सों में हो रहे मानवाधिकार उल्लंघन का भी जिक्र किया.
बैठक में सभी दलों के नेता पहुंचे, जिनमें सतीश मिश्रा, डेरेक ओ ब्रायन, सुखदेव सिंह ढिंढसा, सुदीप बंदोपाध्याय, शरद यादव, दुष्यंत चौटाला, सीताराम पासवान, अनंत कुमार, कर्ण सिंह, डी राजा, प्रेमचंद गुप्ता, तारिक अनवर, प्रफुल पटेल आदि शामिल हैं. टिप्पणियां
इससे पहले आज लोकसभा ने भी कश्मीर की स्थिति पर एक प्रस्ताव पारित किया और वहां लंबे समय से जारी कर्फ्यू, हिंसा तथा लोगों के मारे जाने पर गंभीर चिंता प्रकट की। लोकसभा ने कहा कि यह दृढ़ विचार है कि भारत की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं हो सकता।
बात दें कि परसों राज्यसभा में चर्चा के दौरान राजनाथ सिंह ने कहा था कि केंद्र और राज्य सरकार की ओर से राज्य के हालात सुधारने के लिए पूरी कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि दुनिया की कोई ताकत हिंदुस्तान से कश्मीर को नहीं ले सकती और पाकिस्तान से जब भी बात होगी वो उसके कब्ज़े वाले कश्मीर पर होगी. इससे पहले पीएम ने भी एक रैली के दौरान कहा था कि कश्मीर की तरक्की के लिए पूरा देश उनके साथ है. इसके साथ ही उन्होंने अलगाववादियों पर निशाना साधते हुए कहा था कि उनकी वजह से जिन बच्चों के हाथों में किताबें होनी चाहिए थी, उनके हाथों में पत्थर थमा दिए गए हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) जम्मू-कश्मीर का ही भाग है. उन्होंने कहा कि सरकार को विदेशों में रह रहे पीओके के निर्वासित लोगों से संपर्क करना चाहिए और उनसे बात की जानी चाहिए. पीएम ने कहा, जम्मू-कश्मीर के चार हिस्से हैं, कश्मीर, लद्दाख, जम्मू और पाकिस्तान अधिकृति कश्मीर. उन्होंने बलूचिस्तान सहित पाकिस्तान के अन्य हिस्सों में हो रहे मानवाधिकार उल्लंघन का भी जिक्र किया.
बैठक में सभी दलों के नेता पहुंचे, जिनमें सतीश मिश्रा, डेरेक ओ ब्रायन, सुखदेव सिंह ढिंढसा, सुदीप बंदोपाध्याय, शरद यादव, दुष्यंत चौटाला, सीताराम पासवान, अनंत कुमार, कर्ण सिंह, डी राजा, प्रेमचंद गुप्ता, तारिक अनवर, प्रफुल पटेल आदि शामिल हैं. टिप्पणियां
इससे पहले आज लोकसभा ने भी कश्मीर की स्थिति पर एक प्रस्ताव पारित किया और वहां लंबे समय से जारी कर्फ्यू, हिंसा तथा लोगों के मारे जाने पर गंभीर चिंता प्रकट की। लोकसभा ने कहा कि यह दृढ़ विचार है कि भारत की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं हो सकता।
बात दें कि परसों राज्यसभा में चर्चा के दौरान राजनाथ सिंह ने कहा था कि केंद्र और राज्य सरकार की ओर से राज्य के हालात सुधारने के लिए पूरी कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि दुनिया की कोई ताकत हिंदुस्तान से कश्मीर को नहीं ले सकती और पाकिस्तान से जब भी बात होगी वो उसके कब्ज़े वाले कश्मीर पर होगी. इससे पहले पीएम ने भी एक रैली के दौरान कहा था कि कश्मीर की तरक्की के लिए पूरा देश उनके साथ है. इसके साथ ही उन्होंने अलगाववादियों पर निशाना साधते हुए कहा था कि उनकी वजह से जिन बच्चों के हाथों में किताबें होनी चाहिए थी, उनके हाथों में पत्थर थमा दिए गए हैं.
बैठक में सभी दलों के नेता पहुंचे, जिनमें सतीश मिश्रा, डेरेक ओ ब्रायन, सुखदेव सिंह ढिंढसा, सुदीप बंदोपाध्याय, शरद यादव, दुष्यंत चौटाला, सीताराम पासवान, अनंत कुमार, कर्ण सिंह, डी राजा, प्रेमचंद गुप्ता, तारिक अनवर, प्रफुल पटेल आदि शामिल हैं. टिप्पणियां
इससे पहले आज लोकसभा ने भी कश्मीर की स्थिति पर एक प्रस्ताव पारित किया और वहां लंबे समय से जारी कर्फ्यू, हिंसा तथा लोगों के मारे जाने पर गंभीर चिंता प्रकट की। लोकसभा ने कहा कि यह दृढ़ विचार है कि भारत की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं हो सकता।
बात दें कि परसों राज्यसभा में चर्चा के दौरान राजनाथ सिंह ने कहा था कि केंद्र और राज्य सरकार की ओर से राज्य के हालात सुधारने के लिए पूरी कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि दुनिया की कोई ताकत हिंदुस्तान से कश्मीर को नहीं ले सकती और पाकिस्तान से जब भी बात होगी वो उसके कब्ज़े वाले कश्मीर पर होगी. इससे पहले पीएम ने भी एक रैली के दौरान कहा था कि कश्मीर की तरक्की के लिए पूरा देश उनके साथ है. इसके साथ ही उन्होंने अलगाववादियों पर निशाना साधते हुए कहा था कि उनकी वजह से जिन बच्चों के हाथों में किताबें होनी चाहिए थी, उनके हाथों में पत्थर थमा दिए गए हैं.
इससे पहले आज लोकसभा ने भी कश्मीर की स्थिति पर एक प्रस्ताव पारित किया और वहां लंबे समय से जारी कर्फ्यू, हिंसा तथा लोगों के मारे जाने पर गंभीर चिंता प्रकट की। लोकसभा ने कहा कि यह दृढ़ विचार है कि भारत की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं हो सकता।
बात दें कि परसों राज्यसभा में चर्चा के दौरान राजनाथ सिंह ने कहा था कि केंद्र और राज्य सरकार की ओर से राज्य के हालात सुधारने के लिए पूरी कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि दुनिया की कोई ताकत हिंदुस्तान से कश्मीर को नहीं ले सकती और पाकिस्तान से जब भी बात होगी वो उसके कब्ज़े वाले कश्मीर पर होगी. इससे पहले पीएम ने भी एक रैली के दौरान कहा था कि कश्मीर की तरक्की के लिए पूरा देश उनके साथ है. इसके साथ ही उन्होंने अलगाववादियों पर निशाना साधते हुए कहा था कि उनकी वजह से जिन बच्चों के हाथों में किताबें होनी चाहिए थी, उनके हाथों में पत्थर थमा दिए गए हैं.
बात दें कि परसों राज्यसभा में चर्चा के दौरान राजनाथ सिंह ने कहा था कि केंद्र और राज्य सरकार की ओर से राज्य के हालात सुधारने के लिए पूरी कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि दुनिया की कोई ताकत हिंदुस्तान से कश्मीर को नहीं ले सकती और पाकिस्तान से जब भी बात होगी वो उसके कब्ज़े वाले कश्मीर पर होगी. इससे पहले पीएम ने भी एक रैली के दौरान कहा था कि कश्मीर की तरक्की के लिए पूरा देश उनके साथ है. इसके साथ ही उन्होंने अलगाववादियों पर निशाना साधते हुए कहा था कि उनकी वजह से जिन बच्चों के हाथों में किताबें होनी चाहिए थी, उनके हाथों में पत्थर थमा दिए गए हैं. | संक्षिप्त सारांश: बैठक में कश्मीर के हालात और उन्हें सामान्य करने के लिए चर्चा की जाएगी.
एक सर्वदलीय प्रतिनिधमंडल को कश्मीर भेजे जाने पर भी चर्चा की जाएगी.
कल राजनाथ सिंह ने कहा था, कोई ताकत हिंदुस्तान से कश्मीर को नहीं ले सकती. | 23 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मशहूर फिल्मी अभिनेत्री आयशा टाकिया के ससुर तथा महाराष्ट्र में समाजवादी पार्टी के प्रमुख अबू आजमी ने एक बार फिर महिलाओं पर विवादित बयान दिया है.
बेंगलुरू में महिलाओं के साथ हुई बदतमीजी पर उन्होंने कहा कि नववर्ष की पूर्व संध्या पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस का कर्तव्य है लेकिन महिलाओं को भी भूलना नहीं चाहिए कि सुरक्षा घर से शुरू होती है और देर रात पार्टी करना भारतीय संस्कृति का हिस्सा नहीं है.
नववर्ष की पूर्व संध्या पर बेंगलूरू में महिलाओं के साथ हुए उत्पीड़न पर उन्होंने कहा कि आधी पोशाक में देर रात पार्टी करना आंख मूंदकर पश्चिमी संस्कृति अपनाने जैसा है. यह कभी हमारी संस्कृति नहीं रही है. अच्छे परिवारों की औरतें चाहें वे महाराष्ट्र, गुजरात या उत्तप्रदेश की हों, वे शालीन पोशाक पहनती हैं और अधिकतर अपने परिवार के साथ होती हैं.
आजमी ने कहा, ‘मैं कह रहा हूं कि जो हुआ वह दुर्भाग्यपूर्ण है. निस्संदेह, किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा इंतजाम करना पुलिस का कर्तव्य है. लेकिन, जहां तक बेंगलूरू की छेड़खानी की घटना की बात है महिलाएं और उनके अभिभावकों को ऐहतियात बरतना चाहिए और सोचना चाहिए कि सुरक्षा घर से शुरू होती है. हमारी महिलाओं को अपनी सुरक्षा के बारे में खुद सोचना चाहिए.’
उन्होंने यह बयान बेंगलुरू में नए साल की शाम भीड़ द्वारा महिलाओं के साथ बड़े पैमाने पर की गई छेड़छाड़ की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए दिया.
अबू आजमी पहले भी महिलाओं से संबंधित इस तरह के बयान दे चुके हैं. 3 साल पहले उन्होंने शादी से पहले शारीरिक संबंध बनाने वाली महिलाओं को फांसी की सजा देने की बात कही थी.टिप्पणियां
इस बयान की चारों ओर कड़ी निंदा हुई थी. उनकी बहू आयशा टाकिया तक ने उनके इस बयान की आलोचना की थी. आयशा ने ट्विटर पर लिखा था कि वह और उनके पति फरहान, अबू आजमी के बयान को लेकर बेहद शर्मिंदा हैं.
बेंगलुरू में महिलाओं के साथ हुई बदतमीजी पर उन्होंने कहा कि नववर्ष की पूर्व संध्या पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस का कर्तव्य है लेकिन महिलाओं को भी भूलना नहीं चाहिए कि सुरक्षा घर से शुरू होती है और देर रात पार्टी करना भारतीय संस्कृति का हिस्सा नहीं है.
नववर्ष की पूर्व संध्या पर बेंगलूरू में महिलाओं के साथ हुए उत्पीड़न पर उन्होंने कहा कि आधी पोशाक में देर रात पार्टी करना आंख मूंदकर पश्चिमी संस्कृति अपनाने जैसा है. यह कभी हमारी संस्कृति नहीं रही है. अच्छे परिवारों की औरतें चाहें वे महाराष्ट्र, गुजरात या उत्तप्रदेश की हों, वे शालीन पोशाक पहनती हैं और अधिकतर अपने परिवार के साथ होती हैं.
आजमी ने कहा, ‘मैं कह रहा हूं कि जो हुआ वह दुर्भाग्यपूर्ण है. निस्संदेह, किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा इंतजाम करना पुलिस का कर्तव्य है. लेकिन, जहां तक बेंगलूरू की छेड़खानी की घटना की बात है महिलाएं और उनके अभिभावकों को ऐहतियात बरतना चाहिए और सोचना चाहिए कि सुरक्षा घर से शुरू होती है. हमारी महिलाओं को अपनी सुरक्षा के बारे में खुद सोचना चाहिए.’
उन्होंने यह बयान बेंगलुरू में नए साल की शाम भीड़ द्वारा महिलाओं के साथ बड़े पैमाने पर की गई छेड़छाड़ की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए दिया.
अबू आजमी पहले भी महिलाओं से संबंधित इस तरह के बयान दे चुके हैं. 3 साल पहले उन्होंने शादी से पहले शारीरिक संबंध बनाने वाली महिलाओं को फांसी की सजा देने की बात कही थी.टिप्पणियां
इस बयान की चारों ओर कड़ी निंदा हुई थी. उनकी बहू आयशा टाकिया तक ने उनके इस बयान की आलोचना की थी. आयशा ने ट्विटर पर लिखा था कि वह और उनके पति फरहान, अबू आजमी के बयान को लेकर बेहद शर्मिंदा हैं.
नववर्ष की पूर्व संध्या पर बेंगलूरू में महिलाओं के साथ हुए उत्पीड़न पर उन्होंने कहा कि आधी पोशाक में देर रात पार्टी करना आंख मूंदकर पश्चिमी संस्कृति अपनाने जैसा है. यह कभी हमारी संस्कृति नहीं रही है. अच्छे परिवारों की औरतें चाहें वे महाराष्ट्र, गुजरात या उत्तप्रदेश की हों, वे शालीन पोशाक पहनती हैं और अधिकतर अपने परिवार के साथ होती हैं.
आजमी ने कहा, ‘मैं कह रहा हूं कि जो हुआ वह दुर्भाग्यपूर्ण है. निस्संदेह, किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा इंतजाम करना पुलिस का कर्तव्य है. लेकिन, जहां तक बेंगलूरू की छेड़खानी की घटना की बात है महिलाएं और उनके अभिभावकों को ऐहतियात बरतना चाहिए और सोचना चाहिए कि सुरक्षा घर से शुरू होती है. हमारी महिलाओं को अपनी सुरक्षा के बारे में खुद सोचना चाहिए.’
उन्होंने यह बयान बेंगलुरू में नए साल की शाम भीड़ द्वारा महिलाओं के साथ बड़े पैमाने पर की गई छेड़छाड़ की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए दिया.
अबू आजमी पहले भी महिलाओं से संबंधित इस तरह के बयान दे चुके हैं. 3 साल पहले उन्होंने शादी से पहले शारीरिक संबंध बनाने वाली महिलाओं को फांसी की सजा देने की बात कही थी.टिप्पणियां
इस बयान की चारों ओर कड़ी निंदा हुई थी. उनकी बहू आयशा टाकिया तक ने उनके इस बयान की आलोचना की थी. आयशा ने ट्विटर पर लिखा था कि वह और उनके पति फरहान, अबू आजमी के बयान को लेकर बेहद शर्मिंदा हैं.
आजमी ने कहा, ‘मैं कह रहा हूं कि जो हुआ वह दुर्भाग्यपूर्ण है. निस्संदेह, किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा इंतजाम करना पुलिस का कर्तव्य है. लेकिन, जहां तक बेंगलूरू की छेड़खानी की घटना की बात है महिलाएं और उनके अभिभावकों को ऐहतियात बरतना चाहिए और सोचना चाहिए कि सुरक्षा घर से शुरू होती है. हमारी महिलाओं को अपनी सुरक्षा के बारे में खुद सोचना चाहिए.’
उन्होंने यह बयान बेंगलुरू में नए साल की शाम भीड़ द्वारा महिलाओं के साथ बड़े पैमाने पर की गई छेड़छाड़ की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए दिया.
अबू आजमी पहले भी महिलाओं से संबंधित इस तरह के बयान दे चुके हैं. 3 साल पहले उन्होंने शादी से पहले शारीरिक संबंध बनाने वाली महिलाओं को फांसी की सजा देने की बात कही थी.टिप्पणियां
इस बयान की चारों ओर कड़ी निंदा हुई थी. उनकी बहू आयशा टाकिया तक ने उनके इस बयान की आलोचना की थी. आयशा ने ट्विटर पर लिखा था कि वह और उनके पति फरहान, अबू आजमी के बयान को लेकर बेहद शर्मिंदा हैं.
उन्होंने यह बयान बेंगलुरू में नए साल की शाम भीड़ द्वारा महिलाओं के साथ बड़े पैमाने पर की गई छेड़छाड़ की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए दिया.
अबू आजमी पहले भी महिलाओं से संबंधित इस तरह के बयान दे चुके हैं. 3 साल पहले उन्होंने शादी से पहले शारीरिक संबंध बनाने वाली महिलाओं को फांसी की सजा देने की बात कही थी.टिप्पणियां
इस बयान की चारों ओर कड़ी निंदा हुई थी. उनकी बहू आयशा टाकिया तक ने उनके इस बयान की आलोचना की थी. आयशा ने ट्विटर पर लिखा था कि वह और उनके पति फरहान, अबू आजमी के बयान को लेकर बेहद शर्मिंदा हैं.
अबू आजमी पहले भी महिलाओं से संबंधित इस तरह के बयान दे चुके हैं. 3 साल पहले उन्होंने शादी से पहले शारीरिक संबंध बनाने वाली महिलाओं को फांसी की सजा देने की बात कही थी.टिप्पणियां
इस बयान की चारों ओर कड़ी निंदा हुई थी. उनकी बहू आयशा टाकिया तक ने उनके इस बयान की आलोचना की थी. आयशा ने ट्विटर पर लिखा था कि वह और उनके पति फरहान, अबू आजमी के बयान को लेकर बेहद शर्मिंदा हैं.
इस बयान की चारों ओर कड़ी निंदा हुई थी. उनकी बहू आयशा टाकिया तक ने उनके इस बयान की आलोचना की थी. आयशा ने ट्विटर पर लिखा था कि वह और उनके पति फरहान, अबू आजमी के बयान को लेकर बेहद शर्मिंदा हैं. | यहाँ एक सारांश है:आयशा टाकिया के ससुर तथा महाराष्ट्र में सपा के प्रमुख हैं अबू आजमी
पहले भी कई बाद दे चुके हैं महिलाओं की आधुनिकता पर विवादित बयान
शादी से पहले शारीरिक संबंध बनाने पर महिला को फांसी देने की बात कही थी | 12 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बुधवार को बिग बॉस के घर में दिन की शुरुआत प्यार भरे गाने 'कबूतर जा जा' से हुई. बिग बॉस के घर में मंगलवार को लग्जरी बजट के कार्य के तौर पर बीबी होस्टल कार्य दिया गया था, जिसे घर में हुए झगड़े और लड़ाई के चलते बिग बॉस के बीच में ही रद्द करना पड़ा. बुधवार को सभी घरवाले इस बात से दुखी दिखे और आज के दिन इस कार्य को अच्छे से करने की बात करते दिखे. दिन की शुरुआत में ही स्वामी ओम 6 अंडों का ऑमलेट बना कर खाते दिखे जिसकी शिकायत बानी ने घर की कप्तान लोपा से की. इस बीच बात बढ़ी तो स्वामी ओम ने लोपामुद्रा के पिता के बारे में कुछ कहा जिस पर वह भड़क गईं और स्वामी ओम को नाजायज औलाद कहते हुए कहा कि उन्हें रिश्तों की कदर ही नहीं है.
बिग बॉस ने मंगलवार के लग्जरी बजट कार्य को रद्द करते हुए एक बार फिर से शुरू करने को कहा. बिग बॉस ने लग्जरी बजट से जुड़े कप्तानी कार्य को भी हटा दिया और इस कार्य को सिर्फ लग्जरी बजट कार्य बना दिया. कार्य फिर से शुरू किया गया और सभी घरवालों ने कोशिश की कि इस कार्य को मजेदार बनाया जाए. कार्य के दौरान मनवीर नितिभा के लिए काफी अच्छी और मजाकिया शायरी लिखते हुए दिखे.
लेकिन आज भी प्रियंका मोना और मनु के रिश्ते पर तंज कसती दिखीं. प्रियंका ने मनु से कहा कि 'तू मोना के लिए मुझसे लड़ता है.' इस पर मनु ने कहा कि वह मेरी दोस्त है और मैं हमेशा ऐसा ही रहूंगा. इस दौरान प्रियंका जग्गा ने मोनालीसा के बॉयफ्रेंड और उनके रिश्ते को लेकर भी ताने मारे.
इसी बीच स्वामी ओम भी बीच में आए और उन्होंने मनु की गर्लफ्रेंड के बारे में कहा कि वह उनके साथ लिवइन में रहते हैं. इस बात पर मनु काफी भड़क गए और उन्होंने बिग बॉस से स्वामी ओम को कन्फेशन रूम में बुलाने को कहा. इस बीच झगड़ा काफी बढ़ गया और पूरा घर स्वामी ओम के गंदे शब्द बोले जाने पर उनका विरोध करने लगा. इस सारे झगड़े के बीच बानी और गौरव काफी खुश और अलग दिखे. वहीं नितिभा ने सवाल उठाया या कि जब बानी की मां के लिए स्वामी ओम ने बोला तो पूरा घर उनके साथ था लेकिन आज जब मोना के लिए प्रियंका ने इतना कुछ बोला है तो उसे कोई फर्क नहीं है. आखिरकार बिग बॉस ने इस पूरे कार्य को फिर से रद्द कर दिया और घर को लग्जरी बजट में जीरो पॉइंट मिले.
मंगलवार को स्वामी ओम ने घर के बाथरूम के दरवाजे में लात मारी थी जिससे उसका कुछ हिस्सा टूट गया था. बिग बॉस ने स्वामी ओम को सजा दी कि वह खुद इस दरवाजे को ठीक करेंगे. इस सजा पर पूरा घर काफी खुश था. इसके बाद बिग बॉस ने गौरव और बानी के लिए एक डेट का बंदोबस्त किया जिसके लिए उन्हें लिविंग एरिया में जाना था. इस डेट के दौरान गौरव ने कहा कि अगर वह इस घर में नहीं होती तो वह इस घर में इतना लंबा नहीं रह पाते.
घर में प्रियंका ने फिर से मनु पर ताने मारे. प्रियंका ने कहा कि 'मेरे घर में लोग जिंदा तो हैं. किसी की मां मर गई है.' इस सब के बाद भी मनु शांति से बैठे रहे और पूरा घर उनके साथ था. प्रियंका के कहने पर बिग बॉस ने उन्हें कन्फेशन रूम में बुलाया और प्रियंका वहां फूट-फूट कर रो पड़ी. प्रियंका ने कहा कि उन्हें घर से निकलना है. लेकिन बिग बॉस ने उन्हें समझा कर वापस भेज दिया. वहीं रात में मनु आहत थे और दुखी होकर रोते हुए दिखे.
घर में प्रियंका ने फिर से मनु पर ताने मारे. प्रियंका ने कहा कि 'मेरे घर में लोग जिंदा तो हैं. किसी की मां मर गई है.' इस सब के बाद भी मनु शांति से बैठे रहे और पूरा घर उनके साथ था. प्रियंका के कहने पर बिग बॉस ने उन्हें कन्फेशन रूम में बुलाया और प्रियंका वहां फूट-फूट कर रो पड़ी. प्रियंका ने कहा कि उन्हें घर से निकलना है. लेकिन बिग बॉस ने उन्हें समझा कर वापस भेज दिया. वहीं रात में मनु आहत थे और दुखी होकर रोते हुए दिखे. | संक्षिप्त सारांश: मनु और मोना को लेकर प्रियंका जग्गा ने कसे ताने
बिग बॉस ने बीबी होस्टल टास्क किया रद्द, लग्जरी बजट फिर से शून्य
बानी और गौरव ने मनाई घर में अपनी डेट | 10 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बीते दौर की मशहूर अभिनेत्री मुमताज का कहना है कि अपनी बीमारी को छिपाने में कोई समझदारी नहीं होती।टिप्पणियां
मुमताज ने कहा, मुझे यह समझ नहीं आता कि लोग अपनी बीमारी क्यों छुपाते हैं? जब मैं कैंसर से पीड़ित थी, मेरी थाइराइड ग्रंथी कीमोथैरेपी की वजह से नहीं रही यानी मैं जो कुछ भी खाती हूं, सीधे मेरे वजन को बढ़ाती है। मैं फूल गई हूं, मेरे ऊपर कोई नहीं हंसता।
65 वर्षीय अभिनेत्री ने कहा, मैं अपनी बीमारी को लेकर काफी ईमानदार हूं और अपनी उम्र को लेकर भी। आप जितने ईमानदार होते हैं प्रशंसक आपको उतना ही पसंद करते हैं। उन्हें पता है कि इससे फर्क नहीं पड़ता कि कौन कितना बड़ा नायक है, हर किसी को एक न एक दिन मरना होगा।
मुमताज ने कहा, मुझे यह समझ नहीं आता कि लोग अपनी बीमारी क्यों छुपाते हैं? जब मैं कैंसर से पीड़ित थी, मेरी थाइराइड ग्रंथी कीमोथैरेपी की वजह से नहीं रही यानी मैं जो कुछ भी खाती हूं, सीधे मेरे वजन को बढ़ाती है। मैं फूल गई हूं, मेरे ऊपर कोई नहीं हंसता।
65 वर्षीय अभिनेत्री ने कहा, मैं अपनी बीमारी को लेकर काफी ईमानदार हूं और अपनी उम्र को लेकर भी। आप जितने ईमानदार होते हैं प्रशंसक आपको उतना ही पसंद करते हैं। उन्हें पता है कि इससे फर्क नहीं पड़ता कि कौन कितना बड़ा नायक है, हर किसी को एक न एक दिन मरना होगा।
65 वर्षीय अभिनेत्री ने कहा, मैं अपनी बीमारी को लेकर काफी ईमानदार हूं और अपनी उम्र को लेकर भी। आप जितने ईमानदार होते हैं प्रशंसक आपको उतना ही पसंद करते हैं। उन्हें पता है कि इससे फर्क नहीं पड़ता कि कौन कितना बड़ा नायक है, हर किसी को एक न एक दिन मरना होगा। | यहाँ एक सारांश है:बीते दौर की मशहूर अभिनेत्री मुमताज का कहना है कि अपनी बीमारी को छिपाने में कोई समझदारी नहीं होती। | 12 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान चलाने वाले अन्ना हजारे ने अपने अनशन के पहले खुद को गिरफ्तार करने पर संप्रग सरकार पर बरसते हुए कहा कि वे दूसरे स्वतंत्रता संग्राम की लौ को बुझने नहीं दें क्योंकि बार-बार के झटकों से ही भारत भ्रष्टाचार से मुक्त हो सकेगा। हजारे ने अपने गांव की ग्राम सभा को संबोधित करते हुए कहा, यह सरकार लबाड़ (शातिर) लोगों की भीड़ से भरी है। वे मुझे अनशन करने की अनुमति नहीं देना चाहते थे और उन्होंने दिल्ली के सभी मैदानों में निषेधाज्ञा लगा दी। जब उन्होंने जेपी पार्क के लिए अनुमति दी, तो उसमें भी बहुत सी शर्तें लगा दीं। उन्होंने कहा कि उनके हाल के आंदोलन की सफलता ने साबित कर दिया है कि सरकार को लोगों की इच्छा के आगे झुकना पड़ा। हजारे ने कहा, हमें बार-बार ऐसे झटके देने होंगे, ताकि भारत का भ्रष्टाचार मुक्त होना सुनिश्चित किया जा सके। हजारे ने खास तौर पर युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे दूसरे स्वतंत्रता संग्राम की लौ को बुझने नहीं दें। उन्होंने सवाल किया, ब्रिटिशराज से स्वतंत्रता मिलने के 64 साल बाद, इस देश में कुछ भी नहीं बदला है। गोरों की जगह कालों ने ले ली है। लूट, भ्रष्टाचार और आतंक तेजी से फैला है। हमने क्या पाया है। | संक्षिप्त सारांश: अन्ना ने संप्रग पर बरसते हुए कहा कि दूसरे स्वतंत्रता संग्राम की लौ को बुझने नहीं दें क्योंकि बार-बार के झटकों से ही भारत भ्रष्टाचार से मुक्त हो सकेगा। | 8 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: बॉलीवुड के पहले सुपरस्टार माने जाने वाले राजेश खन्ना के बारे में उनके दामाद अक्षय कुमार ने गुरुवार को बताया कि वह पूरी तरह से स्वस्थ हैं।टिप्पणियां
ऐसी खबरें आईं थी कि खन्ना ने भोजन लेना बंद कर दिया है और कल रात उनकी तबियत काफी बिगड़ गई।
खन्ना की बेटी ट्विंकल के पति अक्षय आज 69 साल के अदाकार से मिलने उनके आवास आशीर्वाद पहुंचे। वह खन्ना को छज्जे (बालकोनी) तक लाए जहां उन्होंने बाहर इंतजार कर रहे मीडियाकर्मियों का हाथ हिलाकर स्वागत किया। अलग हो चुकी उनकी पत्नी डिंपल कपाड़िया भी खन्ना के बगल में खड़ी थीं।
खन्ना के बंगले के बाहर अक्षय ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘वह पूरी तरह से स्वस्थ हैं। ये सब पूरी तरह अफवाह है कि वह ठीक नहीं। इसके उलट वह ठीक से भी बेहतर हैं। आपलोगों को जो सूचना मिली है वह पूरी तरह गलत है।’’ खन्ना के प्रबंधक ने कल रात जानकारी दी थी कि अदाकार अस्वस्थ हैं। इससे पहले अप्रैल में खन्ना को कमजोरी और बेचैनी की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
ऐसी खबरें आईं थी कि खन्ना ने भोजन लेना बंद कर दिया है और कल रात उनकी तबियत काफी बिगड़ गई।
खन्ना की बेटी ट्विंकल के पति अक्षय आज 69 साल के अदाकार से मिलने उनके आवास आशीर्वाद पहुंचे। वह खन्ना को छज्जे (बालकोनी) तक लाए जहां उन्होंने बाहर इंतजार कर रहे मीडियाकर्मियों का हाथ हिलाकर स्वागत किया। अलग हो चुकी उनकी पत्नी डिंपल कपाड़िया भी खन्ना के बगल में खड़ी थीं।
खन्ना के बंगले के बाहर अक्षय ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘वह पूरी तरह से स्वस्थ हैं। ये सब पूरी तरह अफवाह है कि वह ठीक नहीं। इसके उलट वह ठीक से भी बेहतर हैं। आपलोगों को जो सूचना मिली है वह पूरी तरह गलत है।’’ खन्ना के प्रबंधक ने कल रात जानकारी दी थी कि अदाकार अस्वस्थ हैं। इससे पहले अप्रैल में खन्ना को कमजोरी और बेचैनी की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
खन्ना के बंगले के बाहर अक्षय ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘वह पूरी तरह से स्वस्थ हैं। ये सब पूरी तरह अफवाह है कि वह ठीक नहीं। इसके उलट वह ठीक से भी बेहतर हैं। आपलोगों को जो सूचना मिली है वह पूरी तरह गलत है।’’ खन्ना के प्रबंधक ने कल रात जानकारी दी थी कि अदाकार अस्वस्थ हैं। इससे पहले अप्रैल में खन्ना को कमजोरी और बेचैनी की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: बॉलीवुड के पहले सुपरस्टार माने जाने वाले राजेश खन्ना के बारे में उनके दामाद अक्षय कुमार ने गुरुवार को बताया कि वह पूरी तरह से स्वस्थ हैं। | 25 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: गुवाहाटी में एक लड़की के साथ हुई बदसलूकी से देश भर में लोग गुस्से में हैं। असम सरकार से केंद्र जवाब तलब करने की तैयारी में है। सोमवार को हुई इस घटना के बाद भी पुलिस अभी तक सिर्फ चार आरोपियों को ही पकड़ पाई है।
"पुलिस कोई एटीएम मशीन नहीं", यह दलील देने वाले असम के डीजीपी ने कहा है कि वह फूंक-फूंक कर पांव आगे बढ़ा रहे हैं। वहीं असम के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने इस पूरी घटना की निंदा करते हुए कहा है कि यह एक बड़ा अपराध है और बेहद शर्म की बात है। तरुण गोगोई ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
इस पूरे मामले की तस्वीरें सामने आने के बाद ये सवाल भी उठने लगे हैं कि कहीं जानबूझकर तो ऐसा नहीं किया गया या फिर कैमरामैन ने फोटो लेने की बजाय मदद की होती, तो बेहतर होता। लेकिन इतना तय है कि आरोपियों को इंसाफ के कठघरे तक पहुंचाने में इन्हीं तस्वीरों का अहम रोल है।
एक सवाल यह भी है कि अगर बम धमाका होता है, तो मीडिया की भूमिका क्या होनी चाहिए, राहत और बचाव का काम करना या फिर उसकी तस्वीरें आम लोगों तक पहुंचाना। लेकिन तस्वीरों को दुनिया के सामने लाने वाले चैनल न्यूजलाइव का कहना है कि कैमरामैन की सूझबूझ की वजह से ही आरोपियों को इंसाफ के कठघरे में खड़ा करना मुमकिन हुआ। टिप्पणियां
दरअसल घटना के वक्त किसी ने चैनल के दफ्तर में फोन कर जानकारी दी, जो घटनास्थल के पास ही था। उस वक्त रिपोर्टर नहीं था, तो सिर्फ कैमरामैन को ही भेज दिया गया। कैमरामैन ने पहले तो अपनी ओर से बचाने की भरपूर कोशिश की, लेकिन जब पुलिस वाले लाचार दिखे, तो उस अकेले शख्स की भला क्या औकात थी।
लिहाजा कैमरामैन उन लोगों की तस्वीरें उतारने में लग गया, जो लड़की से बदसलूकी कर रहे थे, ताकि बाद में ये तस्वीरें तफ्तीश और आरोपियों की पहचान में काम आ सके। लड़की को वक्त पर मदद नहीं पहुचाने का अफसोस कैमरामैन को भी है, लेकिन बाद की तमाम कार्रवाई में इन तस्वीरों का ही रोल अहम रहा, इसमें किसी को शक नहीं होना चाहिए।
"पुलिस कोई एटीएम मशीन नहीं", यह दलील देने वाले असम के डीजीपी ने कहा है कि वह फूंक-फूंक कर पांव आगे बढ़ा रहे हैं। वहीं असम के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने इस पूरी घटना की निंदा करते हुए कहा है कि यह एक बड़ा अपराध है और बेहद शर्म की बात है। तरुण गोगोई ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
इस पूरे मामले की तस्वीरें सामने आने के बाद ये सवाल भी उठने लगे हैं कि कहीं जानबूझकर तो ऐसा नहीं किया गया या फिर कैमरामैन ने फोटो लेने की बजाय मदद की होती, तो बेहतर होता। लेकिन इतना तय है कि आरोपियों को इंसाफ के कठघरे तक पहुंचाने में इन्हीं तस्वीरों का अहम रोल है।
एक सवाल यह भी है कि अगर बम धमाका होता है, तो मीडिया की भूमिका क्या होनी चाहिए, राहत और बचाव का काम करना या फिर उसकी तस्वीरें आम लोगों तक पहुंचाना। लेकिन तस्वीरों को दुनिया के सामने लाने वाले चैनल न्यूजलाइव का कहना है कि कैमरामैन की सूझबूझ की वजह से ही आरोपियों को इंसाफ के कठघरे में खड़ा करना मुमकिन हुआ। टिप्पणियां
दरअसल घटना के वक्त किसी ने चैनल के दफ्तर में फोन कर जानकारी दी, जो घटनास्थल के पास ही था। उस वक्त रिपोर्टर नहीं था, तो सिर्फ कैमरामैन को ही भेज दिया गया। कैमरामैन ने पहले तो अपनी ओर से बचाने की भरपूर कोशिश की, लेकिन जब पुलिस वाले लाचार दिखे, तो उस अकेले शख्स की भला क्या औकात थी।
लिहाजा कैमरामैन उन लोगों की तस्वीरें उतारने में लग गया, जो लड़की से बदसलूकी कर रहे थे, ताकि बाद में ये तस्वीरें तफ्तीश और आरोपियों की पहचान में काम आ सके। लड़की को वक्त पर मदद नहीं पहुचाने का अफसोस कैमरामैन को भी है, लेकिन बाद की तमाम कार्रवाई में इन तस्वीरों का ही रोल अहम रहा, इसमें किसी को शक नहीं होना चाहिए।
इस पूरे मामले की तस्वीरें सामने आने के बाद ये सवाल भी उठने लगे हैं कि कहीं जानबूझकर तो ऐसा नहीं किया गया या फिर कैमरामैन ने फोटो लेने की बजाय मदद की होती, तो बेहतर होता। लेकिन इतना तय है कि आरोपियों को इंसाफ के कठघरे तक पहुंचाने में इन्हीं तस्वीरों का अहम रोल है।
एक सवाल यह भी है कि अगर बम धमाका होता है, तो मीडिया की भूमिका क्या होनी चाहिए, राहत और बचाव का काम करना या फिर उसकी तस्वीरें आम लोगों तक पहुंचाना। लेकिन तस्वीरों को दुनिया के सामने लाने वाले चैनल न्यूजलाइव का कहना है कि कैमरामैन की सूझबूझ की वजह से ही आरोपियों को इंसाफ के कठघरे में खड़ा करना मुमकिन हुआ। टिप्पणियां
दरअसल घटना के वक्त किसी ने चैनल के दफ्तर में फोन कर जानकारी दी, जो घटनास्थल के पास ही था। उस वक्त रिपोर्टर नहीं था, तो सिर्फ कैमरामैन को ही भेज दिया गया। कैमरामैन ने पहले तो अपनी ओर से बचाने की भरपूर कोशिश की, लेकिन जब पुलिस वाले लाचार दिखे, तो उस अकेले शख्स की भला क्या औकात थी।
लिहाजा कैमरामैन उन लोगों की तस्वीरें उतारने में लग गया, जो लड़की से बदसलूकी कर रहे थे, ताकि बाद में ये तस्वीरें तफ्तीश और आरोपियों की पहचान में काम आ सके। लड़की को वक्त पर मदद नहीं पहुचाने का अफसोस कैमरामैन को भी है, लेकिन बाद की तमाम कार्रवाई में इन तस्वीरों का ही रोल अहम रहा, इसमें किसी को शक नहीं होना चाहिए।
एक सवाल यह भी है कि अगर बम धमाका होता है, तो मीडिया की भूमिका क्या होनी चाहिए, राहत और बचाव का काम करना या फिर उसकी तस्वीरें आम लोगों तक पहुंचाना। लेकिन तस्वीरों को दुनिया के सामने लाने वाले चैनल न्यूजलाइव का कहना है कि कैमरामैन की सूझबूझ की वजह से ही आरोपियों को इंसाफ के कठघरे में खड़ा करना मुमकिन हुआ। टिप्पणियां
दरअसल घटना के वक्त किसी ने चैनल के दफ्तर में फोन कर जानकारी दी, जो घटनास्थल के पास ही था। उस वक्त रिपोर्टर नहीं था, तो सिर्फ कैमरामैन को ही भेज दिया गया। कैमरामैन ने पहले तो अपनी ओर से बचाने की भरपूर कोशिश की, लेकिन जब पुलिस वाले लाचार दिखे, तो उस अकेले शख्स की भला क्या औकात थी।
लिहाजा कैमरामैन उन लोगों की तस्वीरें उतारने में लग गया, जो लड़की से बदसलूकी कर रहे थे, ताकि बाद में ये तस्वीरें तफ्तीश और आरोपियों की पहचान में काम आ सके। लड़की को वक्त पर मदद नहीं पहुचाने का अफसोस कैमरामैन को भी है, लेकिन बाद की तमाम कार्रवाई में इन तस्वीरों का ही रोल अहम रहा, इसमें किसी को शक नहीं होना चाहिए।
दरअसल घटना के वक्त किसी ने चैनल के दफ्तर में फोन कर जानकारी दी, जो घटनास्थल के पास ही था। उस वक्त रिपोर्टर नहीं था, तो सिर्फ कैमरामैन को ही भेज दिया गया। कैमरामैन ने पहले तो अपनी ओर से बचाने की भरपूर कोशिश की, लेकिन जब पुलिस वाले लाचार दिखे, तो उस अकेले शख्स की भला क्या औकात थी।
लिहाजा कैमरामैन उन लोगों की तस्वीरें उतारने में लग गया, जो लड़की से बदसलूकी कर रहे थे, ताकि बाद में ये तस्वीरें तफ्तीश और आरोपियों की पहचान में काम आ सके। लड़की को वक्त पर मदद नहीं पहुचाने का अफसोस कैमरामैन को भी है, लेकिन बाद की तमाम कार्रवाई में इन तस्वीरों का ही रोल अहम रहा, इसमें किसी को शक नहीं होना चाहिए।
लिहाजा कैमरामैन उन लोगों की तस्वीरें उतारने में लग गया, जो लड़की से बदसलूकी कर रहे थे, ताकि बाद में ये तस्वीरें तफ्तीश और आरोपियों की पहचान में काम आ सके। लड़की को वक्त पर मदद नहीं पहुचाने का अफसोस कैमरामैन को भी है, लेकिन बाद की तमाम कार्रवाई में इन तस्वीरों का ही रोल अहम रहा, इसमें किसी को शक नहीं होना चाहिए। | संक्षिप्त सारांश: गुवाहाटी में एक लड़की के साथ हुई बदसलूकी से देश भर में लोग गुस्से में हैं। असम सरकार से केंद्र जवाब तलब करने की तैयारी में है। सोमवार को हुई इस घटना के बाद पुलिस सिर्फ चार आरोपियों को ही पकड़ पाई है। | 23 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा है कि इस वर्ष के अंत तक उनका देश भारत को सबसे पसंदीदा देश (एमएफएन) का दर्जा दे सकता है। ऐसा करते हुए वह व्यापार से सम्बंधित बाधाओं को कम करेगा और दोनों देशों के बीच व्यापार के क्षेत्र को बढ़ाएगा। अधिकारी ने कहा कि इससे उम्मीद है कि मौजूदा द्विपक्षीय व्यापार तीन वर्ष में तिगुनी हो जाएगी। भारत पहले ही पाकिस्तान को एमएफएन का दर्जा दे चुका है लेकिन दोनों देशों के बीच व्यापार असंतुलन को देखते हुए वह अभी ऐसा नहीं कर सका है। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी के सलाहकार मिर्जा इख्तिआर बेग ने कहा, "पाकिस्तान के व्यापारिक समुदाय ने सरकार से जोरदार सिफारिश की है कि भारत को सर्वाधिक पसंदीदा देश का दर्जा दिया जाना चाहिए।" भारत दौरे पर आए बेग ने कहा, "पाकिस्तान सरकार इसे लेकर साकारात्मक है और शीघ्र ही आप एक सुखद समाचार सुनेंगे। यह शायद वर्ष के अंत तक हो सकता है।" उन्होंने कहा कि इस सिलसिले में दोनों देशों के वाणिज्य सचिव नवम्बर में मुलाकात करेंगे। | पाकिस्तान के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा है कि इस वर्ष के अंत तक उनका देश भारत को सबसे पसंदीदा देश (एमएफएन) का दर्जा दे सकता है। | 6 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: दिल्ली महिला आयोग (Delhi Commission for Women) ने रविवार को सभी सरकारी एजेंसियों को बलात्कारियों या महिलाओं के खिलाफ किसी तरह के अपराध में दोषी ठहराये गए व्यक्ति को अपनी प्रचार सामग्री में महिमामंडित करने के प्रति आगाह किया. साथ ही, आयोग ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी पीड़िता की भावनाएं आहत नहीं हों. डीसीडब्ल्यू की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल (Swati Maliwal) ने कहा, 'सभी सरकारी एजेंसियों को अपने कामकाज की निगरानी कर सुनिश्चित करना होगा कि किसी भी परिस्थिति में वे किसी बलात्कारी का महिमामंडन नहीं करें और देशभर में ''निर्भयाओं'' की भावनाओं को आहत नहीं करें.
दरअसल, जुलाई में पंजाब राज्य चुनाव आयोग ने कुछ ही दिन पहले मतदाताओं को वोट डालने के प्रति जागरुक करने के लिये अपने होर्डिंग्स में 2012 के निर्भया सामूहिक बलात्कार मामले में दोषी ठहराये गए मुकेश सिंह की तस्वीर का इस्तेमाल किया था. आयोग ने इसे लेकर चुनावी संस्था को नोटिस जारी कर इस पर उसका स्पष्टीकरण मांगा.
इसके जवाब में चुनाव आयोग ने कहा कि उसने राज्यों एव केंद्रशासित प्रदेशों के सभी राज्य निर्वाचन अधिकारियों को पोस्टर, बैनर और विज्ञापन आदि के लिए दृश्यों के चयन में बहुत सावधान रहने का निर्देश दिया है. डीसीडब्ल्यू ने चुनाव आयोग को 22 जुलाई को नोटिस जारी किया था. | सारांश: दिल्ली महिला आयोग ने सरकारी एजेंसियों से की अपील
'बलात्कारियों को अपने प्रचार में ना करें महिमामंडित'
'देशभर में ''निर्भयाओं'' की भावनाओं को आहत नहीं करें' | 33 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: म्यामांर की लोकतंत्र समर्थक नेता आंग सांग सू ची ने आज प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात की। सू ची लंबे अरसे बाद भारत के दौर पर आई हैं और वह 18 नवंबर तक भारत में रहेंगी।टिप्पणियां
आज पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की जयंती के मौके पर जवाहरलाल मेमोरियल में वह लेक्चर देंगी। सू ची को 1993 में जवाहर लाल नेहरू अवॉर्ड फॉर इंटरनेशनल अंडरस्टैंडिंग से सम्मानित किया गया था। उस समय वह म्यांमार की सैनिक सरकार द्वारा अपने घर में नजरबंद रखीं गई थीं।
सू ची भारत में रहकर पढ़ाई कर चुकी है। शुक्रवार को दिल्ली के लेडी श्रीराम कॉलेज में उन्हें सम्मानित किया जाएगा, जहां से उन्होंने राजनीति विज्ञान की पढ़ाई की है। गौरतलब है कि सू ची ने अपनी मां डॉ खीन यी के भारत में राजदूत नियुक्त रहने के दौरान अपने जीवन के कुछ साल यहां बिताए थे।
आज पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की जयंती के मौके पर जवाहरलाल मेमोरियल में वह लेक्चर देंगी। सू ची को 1993 में जवाहर लाल नेहरू अवॉर्ड फॉर इंटरनेशनल अंडरस्टैंडिंग से सम्मानित किया गया था। उस समय वह म्यांमार की सैनिक सरकार द्वारा अपने घर में नजरबंद रखीं गई थीं।
सू ची भारत में रहकर पढ़ाई कर चुकी है। शुक्रवार को दिल्ली के लेडी श्रीराम कॉलेज में उन्हें सम्मानित किया जाएगा, जहां से उन्होंने राजनीति विज्ञान की पढ़ाई की है। गौरतलब है कि सू ची ने अपनी मां डॉ खीन यी के भारत में राजदूत नियुक्त रहने के दौरान अपने जीवन के कुछ साल यहां बिताए थे।
सू ची भारत में रहकर पढ़ाई कर चुकी है। शुक्रवार को दिल्ली के लेडी श्रीराम कॉलेज में उन्हें सम्मानित किया जाएगा, जहां से उन्होंने राजनीति विज्ञान की पढ़ाई की है। गौरतलब है कि सू ची ने अपनी मां डॉ खीन यी के भारत में राजदूत नियुक्त रहने के दौरान अपने जीवन के कुछ साल यहां बिताए थे। | सारांश: म्यामांर की लोकतंत्र समर्थक नेता आंग सांग सू ची ने आज प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात की। सू ची लंबे अरसे बाद भारत के दौर पर आई हैं और वह 18 नवंबर तक भारत में रहेंगी। | 31 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: कांग्रेस विधायक अनिल अक्कारा ने कहा कि केरल में फोन टैपिंग की घटनाएं सामान्य बात हो गई हैं और यहां तक कि मुख्यमंत्री पिनरई विजयन तक के फोन टैप किए जा रहे हैं. अक्कारा पहली बार विधायक चुने गए हैं और उन्होंने यह मुद्दा विधानसभा में उठाया और कहा कि न सिर्फ विजयन का टेलीफोन टैप किया जा रहा है, बल्कि माकपा के 27 शीर्ष नेताओं के करीबी लोगों के भी फोन टैप किए गए हैं. अक्कारा ने बाद में कहा कि टेलीफोन टैपिंग का मुद्दा मकपा समिति में भी उठाया गया है.
अक्कारा ने कहा, "मुझे अच्छी तरह पता है कि जब मैं अपने विधानसभा क्षेत्र में माकपा नेताओं की संलिप्तता वाले दुष्कर्म के एक मामले को आगे बढ़ा रहा था, तब मेरा टेलीफोन टैप किया गया है. चूंकि मेरे पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है, और न मैं किसी गैर कानूनी गतिविधि में शामिल हूं, इसलिए मेरा फोन टैप किए जाने से मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता."
माकपा नेताओं के फोन टैप किए जाने का एक कारण यह है कि बीएसएनएल में वामपंथियों का मजबूत श्रमिक संगठन है, और जब-जब यह मुद्दा पार्टी में आता है, तब-तब फोन टैपिंग की घटनाएं होती रहती हैं.
अक्कारा ने सतर्कता निदेशक जैकब थॉमस का संदर्भ दिया, जिन्होंने सार्वजनिक तौर पर कहा है कि उनका फोन भी टैप किया गया है.टिप्पणियां
अक्कारा ने कहा, "इस तरह की घटनाओं पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है, और जब निजी सेवा प्रदाता ऐसा करते हैं तो पुलिस सीधे कार्रवाई करती है."(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अक्कारा ने कहा, "मुझे अच्छी तरह पता है कि जब मैं अपने विधानसभा क्षेत्र में माकपा नेताओं की संलिप्तता वाले दुष्कर्म के एक मामले को आगे बढ़ा रहा था, तब मेरा टेलीफोन टैप किया गया है. चूंकि मेरे पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है, और न मैं किसी गैर कानूनी गतिविधि में शामिल हूं, इसलिए मेरा फोन टैप किए जाने से मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता."
माकपा नेताओं के फोन टैप किए जाने का एक कारण यह है कि बीएसएनएल में वामपंथियों का मजबूत श्रमिक संगठन है, और जब-जब यह मुद्दा पार्टी में आता है, तब-तब फोन टैपिंग की घटनाएं होती रहती हैं.
अक्कारा ने सतर्कता निदेशक जैकब थॉमस का संदर्भ दिया, जिन्होंने सार्वजनिक तौर पर कहा है कि उनका फोन भी टैप किया गया है.टिप्पणियां
अक्कारा ने कहा, "इस तरह की घटनाओं पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है, और जब निजी सेवा प्रदाता ऐसा करते हैं तो पुलिस सीधे कार्रवाई करती है."(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
माकपा नेताओं के फोन टैप किए जाने का एक कारण यह है कि बीएसएनएल में वामपंथियों का मजबूत श्रमिक संगठन है, और जब-जब यह मुद्दा पार्टी में आता है, तब-तब फोन टैपिंग की घटनाएं होती रहती हैं.
अक्कारा ने सतर्कता निदेशक जैकब थॉमस का संदर्भ दिया, जिन्होंने सार्वजनिक तौर पर कहा है कि उनका फोन भी टैप किया गया है.टिप्पणियां
अक्कारा ने कहा, "इस तरह की घटनाओं पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है, और जब निजी सेवा प्रदाता ऐसा करते हैं तो पुलिस सीधे कार्रवाई करती है."(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अक्कारा ने सतर्कता निदेशक जैकब थॉमस का संदर्भ दिया, जिन्होंने सार्वजनिक तौर पर कहा है कि उनका फोन भी टैप किया गया है.टिप्पणियां
अक्कारा ने कहा, "इस तरह की घटनाओं पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है, और जब निजी सेवा प्रदाता ऐसा करते हैं तो पुलिस सीधे कार्रवाई करती है."(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अक्कारा ने कहा, "इस तरह की घटनाओं पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है, और जब निजी सेवा प्रदाता ऐसा करते हैं तो पुलिस सीधे कार्रवाई करती है."(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यह एक सारांश है: कांग्रेस विधायक अनिल अक्कारा ने विधानसभा में उठाया फोन टैपिंक का मुद्दा
अक्कारा ने सतर्कता निदेशक जैकब थॉमस का संदर्भ दिया.
आरोप, माकपा के 27 शीर्ष नेताओं के करीबी लोगों के भी फोन टैप हुए. | 24 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: देश के प्रमुख केंद्रीय श्रमिक संगठनों ने कहा है कि वे दो सितंबर को राष्ट्रव्यापी हड़ताल की घोषणा पर कायम हैं और इस बार की हड़ताल पिछले साल की तुलना में बड़ी होगी. उनका कहना है कि सरकार ने उनकी 12 सूत्री मांगों पर ध्यान नहीं दिया है और सरकार एकतरफा तरीके से श्रम सुधार लागू कर रही है.
केंद्रीय संगठनों ने दावा किया है कि इस साल हड़ताल में करीब 15 करोड़ श्रमिक शामिल होंगे और यह पिछले साल से भी बड़ी होगी क्योंकि इस बार भारतीय मजदूर संघ के सदस्य भी इसमें शामिल होंगे.
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ा भारतीय मजदूर संघ इकलौता बड़ा संगठन है जो हड़ताल की इस घोषणा से अपने को दूर रखे हुए है क्योंकि सरकार ने यूनियनों की मांगों पर विचार करने का आश्वासन दे रखा है.टिप्पणियां
हड़ताल का आह्वान करने वाली यूनियनों की बुधवार को यहां एक संयुक्त प्रेसवार्ता में सीटू के महासचिव तपन सेन ने कहा कि भारतीय मजदूर संघ के कुछ नेताओं ने इससे अलग रहने की बात की है लेकिन इसकी राज्य इकाइयां हड़ताल में शामिल होंगी. उन्होंने कहा कि श्रमिक सरकार के उकसावे से की जाने वाली संदिग्ध गविधियों का करारा जवाब देंगे. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
केंद्रीय संगठनों ने दावा किया है कि इस साल हड़ताल में करीब 15 करोड़ श्रमिक शामिल होंगे और यह पिछले साल से भी बड़ी होगी क्योंकि इस बार भारतीय मजदूर संघ के सदस्य भी इसमें शामिल होंगे.
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ा भारतीय मजदूर संघ इकलौता बड़ा संगठन है जो हड़ताल की इस घोषणा से अपने को दूर रखे हुए है क्योंकि सरकार ने यूनियनों की मांगों पर विचार करने का आश्वासन दे रखा है.टिप्पणियां
हड़ताल का आह्वान करने वाली यूनियनों की बुधवार को यहां एक संयुक्त प्रेसवार्ता में सीटू के महासचिव तपन सेन ने कहा कि भारतीय मजदूर संघ के कुछ नेताओं ने इससे अलग रहने की बात की है लेकिन इसकी राज्य इकाइयां हड़ताल में शामिल होंगी. उन्होंने कहा कि श्रमिक सरकार के उकसावे से की जाने वाली संदिग्ध गविधियों का करारा जवाब देंगे. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ा भारतीय मजदूर संघ इकलौता बड़ा संगठन है जो हड़ताल की इस घोषणा से अपने को दूर रखे हुए है क्योंकि सरकार ने यूनियनों की मांगों पर विचार करने का आश्वासन दे रखा है.टिप्पणियां
हड़ताल का आह्वान करने वाली यूनियनों की बुधवार को यहां एक संयुक्त प्रेसवार्ता में सीटू के महासचिव तपन सेन ने कहा कि भारतीय मजदूर संघ के कुछ नेताओं ने इससे अलग रहने की बात की है लेकिन इसकी राज्य इकाइयां हड़ताल में शामिल होंगी. उन्होंने कहा कि श्रमिक सरकार के उकसावे से की जाने वाली संदिग्ध गविधियों का करारा जवाब देंगे. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
हड़ताल का आह्वान करने वाली यूनियनों की बुधवार को यहां एक संयुक्त प्रेसवार्ता में सीटू के महासचिव तपन सेन ने कहा कि भारतीय मजदूर संघ के कुछ नेताओं ने इससे अलग रहने की बात की है लेकिन इसकी राज्य इकाइयां हड़ताल में शामिल होंगी. उन्होंने कहा कि श्रमिक सरकार के उकसावे से की जाने वाली संदिग्ध गविधियों का करारा जवाब देंगे. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: दो सितंबर को राष्ट्रव्यापी हड़ताल की घोषणा पर कायम
संगठनों ने कहा-15 करोड़ श्रमिक होंगे शामिल
सरकार ने 12 सूत्री मांगों पर नहीं दिया ध्यान | 3 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: बढ़ती हुई गर्मी और ठहरे हुए मॉनसून के बीच देश के बांधों में पानी के स्तर को लेकर खतरे की घंटी बज गई है। देश के कई बड़े जलाशयों में सिर्फ 16 फीसदी पानी बचा है। ये चिंता किसी और ने नहीं बल्कि देश के केंद्रीय जल आयोग ने जताई है।
आयोग की ताज़ा रिपोर्ट बता रही है कि देश के कई बड़े बांधों में पानी लगातार घट रहा है। जल आयोग के मुताबिक देश के कई बड़े जलाशयों में सिर्फ 16 फीसदी पानी बचा है। बीते साल के मुकाबले 84 सबसे बड़े बांधों में बस औसत के मुकाबले 62 फीसदी पानी है।टिप्पणियां
कर्नाटक के जलाशयों में औसत से 55 कम पानी है। महाराष्ट्र के जलाशयों में औसत से 45 कम है। पंजाब के जलाशयों में औसत से 35 कम है जबकि हिमाचल प्रदेश के जलाशयों में औसत से 33 कम पानी है। जल आयोग का कहना है कि राज्य बहुत संभाल कर पानी खचर् करें काफ़ी अहम ज़रूरतों के लिए ही पानी लें वरना हालात बिगड़ सकते हैं।
गर्मी की बदहाली और बारिश में हो रही देर का असर भाखड़ा नांगल और पोंग बांधों पर भी पड़ा है। इन दोनों बांधों में पानी का स्तर बेहद नीचे चला गया है। हालत का सामना कैसे किया जाए इसके लिए 5 जुलाई को एक आपात बैठक बुलाई गई है।
आयोग की ताज़ा रिपोर्ट बता रही है कि देश के कई बड़े बांधों में पानी लगातार घट रहा है। जल आयोग के मुताबिक देश के कई बड़े जलाशयों में सिर्फ 16 फीसदी पानी बचा है। बीते साल के मुकाबले 84 सबसे बड़े बांधों में बस औसत के मुकाबले 62 फीसदी पानी है।टिप्पणियां
कर्नाटक के जलाशयों में औसत से 55 कम पानी है। महाराष्ट्र के जलाशयों में औसत से 45 कम है। पंजाब के जलाशयों में औसत से 35 कम है जबकि हिमाचल प्रदेश के जलाशयों में औसत से 33 कम पानी है। जल आयोग का कहना है कि राज्य बहुत संभाल कर पानी खचर् करें काफ़ी अहम ज़रूरतों के लिए ही पानी लें वरना हालात बिगड़ सकते हैं।
गर्मी की बदहाली और बारिश में हो रही देर का असर भाखड़ा नांगल और पोंग बांधों पर भी पड़ा है। इन दोनों बांधों में पानी का स्तर बेहद नीचे चला गया है। हालत का सामना कैसे किया जाए इसके लिए 5 जुलाई को एक आपात बैठक बुलाई गई है।
कर्नाटक के जलाशयों में औसत से 55 कम पानी है। महाराष्ट्र के जलाशयों में औसत से 45 कम है। पंजाब के जलाशयों में औसत से 35 कम है जबकि हिमाचल प्रदेश के जलाशयों में औसत से 33 कम पानी है। जल आयोग का कहना है कि राज्य बहुत संभाल कर पानी खचर् करें काफ़ी अहम ज़रूरतों के लिए ही पानी लें वरना हालात बिगड़ सकते हैं।
गर्मी की बदहाली और बारिश में हो रही देर का असर भाखड़ा नांगल और पोंग बांधों पर भी पड़ा है। इन दोनों बांधों में पानी का स्तर बेहद नीचे चला गया है। हालत का सामना कैसे किया जाए इसके लिए 5 जुलाई को एक आपात बैठक बुलाई गई है।
गर्मी की बदहाली और बारिश में हो रही देर का असर भाखड़ा नांगल और पोंग बांधों पर भी पड़ा है। इन दोनों बांधों में पानी का स्तर बेहद नीचे चला गया है। हालत का सामना कैसे किया जाए इसके लिए 5 जुलाई को एक आपात बैठक बुलाई गई है। | आयोग की ताज़ा रिपोर्ट बता रही है कि देश के कई बड़े बांधों में पानी लगातार घट रहा है। जल आयोग के मुताबिक देश के कई बड़े जलाशयों में सिर्फ 16 फीसदी पानी बचा है। | 26 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने नागरिकता संशोधन विधेयक (citizenship amendment bill) का विरोध किया है. कैप्टन का कहना है कि नागरिकता संसोधन विधेयक भारत की लोकतांत्रिक भावना के खिलाफ है इसलिए वह इसका विरोध करते हैं. बता दें, वह शनिवार को नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुए जहां उन्होंने नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर अपना यह विरोध जताया. कांग्रेस (Congress) के वरिष्ठ नेता और पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने नागरिकता संशोधन विधेयक और नेशनल रजिस्टर फॉर सिटिजन यानी एनआरसी (NRC) दोनों को ही गलत बताया. कैप्टन ने कहा कि पंजाब किसी हालत में नागरिकता संशोधन विधेयक को मंजूर नहीं करेगा, क्योंकि यह भी एनआरसी की तरह लोकतंत्र की भावना के विपरीत है. उन्होंने कहा कि पंजाब में इसे लागू नहीं किया जाएगा.
गौरतलब है कि पंजाब देश के सीमावर्ती राज्यों में शामिल है. भारत पाकिस्तान सीमा का एक लंबा हिस्सा पंजाब से लगता है और पाकिस्तान जाने का सबसे प्रमुख रास्ता भी पंजाब में ही है. कैप्टन अमरिंदर ने जहां एनआरसी और नागरिकता संशोधन विधेयक का विरोध किया वहीं उन्होंने पुलिस एनकाउंटर पर सीधा जवाब नहीं दिया. उनका कहना कि कानून के दायरे से बाहर जाकर पुलिस को कार्रवाई नहीं करनी चाहिए.
उन्होंने कहा, 'मैं कानून के दायरे से बाहर पुलिस कार्रवाई का विरोध करता हूं.' हालांकि दबे शब्दों में उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस आत्मरक्षा में एनकाउंटर कर सकती है. उन्होंने कहा कि यदि पुलिस पर हमला होता है तो पुलिस को उसका जवाब देने का हक है. बता दें, हैदराबाद में दुष्कर्म के चार आरोपियों को पुलिस ने एक मुठभेड़ में मार गिराया, जिसके बाद से देश के कई मुख्यमंत्री और नेता पुलिस की इस कार्रवाई के समर्थन और विरोध में आ खड़े हुए हैं. | सारांश: कैप्टन अरमिंदर सिंह ने किया नागरिकता संशोधन बिल का विरोध
पंजाब में लागू होना का नागरिकता संशोधन बिल
भारत और पाकिस्तान के बीच मुख्य रास्ता है पंजाब | 7 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: आय के ज्ञात स्रोत से अधिक संपत्ति रखने के मामले में आरोपी आईएनएलडी प्रमुख ओपी चौटाला के बेटे अभय चौटाला के बिना इजाजत रियो ओलिंपिक जाने को लेकर सीबीआई ने दिल्ली की एक अदालत से उनकी जमानत रद्द करने की मांग की.
अदालत से इस मामले में चौटाला को आत्मसमर्पण करने का निर्देश देने की मांग करते हुए सीबीआई ने कहा कि वह इंडियन ओलिंपिक एसोसिएशन के अध्यक्ष नहीं हैं और ऐसे में ओलिंपिक में शामिल होने के लिए ब्राजील की यात्रा करने में कोई ‘जनहित’ नहीं है.
विशेष सरकारी वकील अजय कुमार गुप्ता ने दलील दी कि अदालत के लिए जमानत आदेश में यह लिखना जरूरी नहीं है कि आरोपी देश छोड़ने से पहले इजाजत लें. उन्होंने कहा, 'यदि अदालती आदेश में इसका जिक्र नहीं है तो क्या इसका मतलब होता है कि आरोपी सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकता है. इसी तरह, इसका तात्पर्य यह होता है कि आरोपी को विदेश जाने से पहले अदालत से इजाजत लेनी होगी.'
दलीलें सुनने के पश्चात विशेष सीबीआई न्यायाधीश संजय गर्ग प्रथम ने इस मुद्दे पर आदेश 22 अगस्त के लिए सुरक्षित रख लिया.
अदालत ने पहले सीबीआई का जवाब मांगा था, क्योंकि अभय के वकील ने इस आधार पर उनके लिए व्यक्तिगत पेशी से छूट मांगी थी कि वह ओलिंपिक के लिए रियो डि जेनेरियो गए हैं. अदालत ने अचरज जताया कि कि कैसे यह नेता उसकी इजाजत के बगैर देश से बाहर चले गए.
बचाव पक्ष के वकील ने कहा था कि खिलाड़ी प्रशासक और इंडियन ओलिंपिक एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष होने के नाते अभय 2-25 अगस्त के दौरान ओलिंपिक में शामिल होने गए हैं. वैसे भी जमानत आदेश में अदालत ने विदेश जाने के वास्ते उसकी अनुमति हासिल करने की कोई शर्त नहीं लगायी है.
अदालत ने इस मामले में कुछ और दस्तावेज पेश करने की मांग संबंधी सीबीआई अर्जी पर दलीलें सुनी और अपना आदेश 22 अगस्त के लिए सुरक्षित रख लिया. बचाव पक्ष ने इस मांग का विरोध किया.
सीबीआई ने कांग्रेस नेता शमशेर सिंह सुरजेवाला की शिकायत पर इंडियन नेशनल लोकदल के प्रमुख और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओ पी चौटाला तथा उनके बेटों अजय एवं अभय के खिलाफ आय के ज्ञात स्रोत से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज कराया था.
चौटाला और अजय को इसी साल की शुरुआत में हाईकोर्ट ने वर्ष 1999-2000 के जूनियर शिक्षक भर्ती घोटाले में दस साल की कैद की सजा सुनायी थी. सीबीआई ने 26 मार्च, 2010 को चौटाला के खिलाफ आरोपपत्र दायर कर 6.09 करोड़ रुपये की संपत्ति कथित रूप से रखने का आरोप लगाया था, जो 1993-2006 के दौरान अपनी कानूनी आय से बहुत अधिक था. दो ऐसे ही मामले उनके बेटों - अजय एवं अभय के खिलाफ चल रहे हैं.टिप्पणियां
अपने आरोपपत्र में सीबीआई ने आरोप लगाया था कि चौटाला की संपत्ति की उस अवधि में उनकी 3.22 करोड़ की आय से 189 फीसदी अधिक थी. अभय के पास वर्ष 2000-2005 के दौरान के आयकर रिकार्ड के अनुसार 22.89 करोड़ की आय से पांच गुणा अधिक की संपत्ति थी. एजेंसी ने 119.69 करोड़ रुपये की संपत्ति मिलने का दावा किया था. अजय के खिलाफ भी ऐसा ही मामला है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अदालत से इस मामले में चौटाला को आत्मसमर्पण करने का निर्देश देने की मांग करते हुए सीबीआई ने कहा कि वह इंडियन ओलिंपिक एसोसिएशन के अध्यक्ष नहीं हैं और ऐसे में ओलिंपिक में शामिल होने के लिए ब्राजील की यात्रा करने में कोई ‘जनहित’ नहीं है.
विशेष सरकारी वकील अजय कुमार गुप्ता ने दलील दी कि अदालत के लिए जमानत आदेश में यह लिखना जरूरी नहीं है कि आरोपी देश छोड़ने से पहले इजाजत लें. उन्होंने कहा, 'यदि अदालती आदेश में इसका जिक्र नहीं है तो क्या इसका मतलब होता है कि आरोपी सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकता है. इसी तरह, इसका तात्पर्य यह होता है कि आरोपी को विदेश जाने से पहले अदालत से इजाजत लेनी होगी.'
दलीलें सुनने के पश्चात विशेष सीबीआई न्यायाधीश संजय गर्ग प्रथम ने इस मुद्दे पर आदेश 22 अगस्त के लिए सुरक्षित रख लिया.
अदालत ने पहले सीबीआई का जवाब मांगा था, क्योंकि अभय के वकील ने इस आधार पर उनके लिए व्यक्तिगत पेशी से छूट मांगी थी कि वह ओलिंपिक के लिए रियो डि जेनेरियो गए हैं. अदालत ने अचरज जताया कि कि कैसे यह नेता उसकी इजाजत के बगैर देश से बाहर चले गए.
बचाव पक्ष के वकील ने कहा था कि खिलाड़ी प्रशासक और इंडियन ओलिंपिक एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष होने के नाते अभय 2-25 अगस्त के दौरान ओलिंपिक में शामिल होने गए हैं. वैसे भी जमानत आदेश में अदालत ने विदेश जाने के वास्ते उसकी अनुमति हासिल करने की कोई शर्त नहीं लगायी है.
अदालत ने इस मामले में कुछ और दस्तावेज पेश करने की मांग संबंधी सीबीआई अर्जी पर दलीलें सुनी और अपना आदेश 22 अगस्त के लिए सुरक्षित रख लिया. बचाव पक्ष ने इस मांग का विरोध किया.
सीबीआई ने कांग्रेस नेता शमशेर सिंह सुरजेवाला की शिकायत पर इंडियन नेशनल लोकदल के प्रमुख और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओ पी चौटाला तथा उनके बेटों अजय एवं अभय के खिलाफ आय के ज्ञात स्रोत से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज कराया था.
चौटाला और अजय को इसी साल की शुरुआत में हाईकोर्ट ने वर्ष 1999-2000 के जूनियर शिक्षक भर्ती घोटाले में दस साल की कैद की सजा सुनायी थी. सीबीआई ने 26 मार्च, 2010 को चौटाला के खिलाफ आरोपपत्र दायर कर 6.09 करोड़ रुपये की संपत्ति कथित रूप से रखने का आरोप लगाया था, जो 1993-2006 के दौरान अपनी कानूनी आय से बहुत अधिक था. दो ऐसे ही मामले उनके बेटों - अजय एवं अभय के खिलाफ चल रहे हैं.टिप्पणियां
अपने आरोपपत्र में सीबीआई ने आरोप लगाया था कि चौटाला की संपत्ति की उस अवधि में उनकी 3.22 करोड़ की आय से 189 फीसदी अधिक थी. अभय के पास वर्ष 2000-2005 के दौरान के आयकर रिकार्ड के अनुसार 22.89 करोड़ की आय से पांच गुणा अधिक की संपत्ति थी. एजेंसी ने 119.69 करोड़ रुपये की संपत्ति मिलने का दावा किया था. अजय के खिलाफ भी ऐसा ही मामला है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
विशेष सरकारी वकील अजय कुमार गुप्ता ने दलील दी कि अदालत के लिए जमानत आदेश में यह लिखना जरूरी नहीं है कि आरोपी देश छोड़ने से पहले इजाजत लें. उन्होंने कहा, 'यदि अदालती आदेश में इसका जिक्र नहीं है तो क्या इसका मतलब होता है कि आरोपी सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकता है. इसी तरह, इसका तात्पर्य यह होता है कि आरोपी को विदेश जाने से पहले अदालत से इजाजत लेनी होगी.'
दलीलें सुनने के पश्चात विशेष सीबीआई न्यायाधीश संजय गर्ग प्रथम ने इस मुद्दे पर आदेश 22 अगस्त के लिए सुरक्षित रख लिया.
अदालत ने पहले सीबीआई का जवाब मांगा था, क्योंकि अभय के वकील ने इस आधार पर उनके लिए व्यक्तिगत पेशी से छूट मांगी थी कि वह ओलिंपिक के लिए रियो डि जेनेरियो गए हैं. अदालत ने अचरज जताया कि कि कैसे यह नेता उसकी इजाजत के बगैर देश से बाहर चले गए.
बचाव पक्ष के वकील ने कहा था कि खिलाड़ी प्रशासक और इंडियन ओलिंपिक एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष होने के नाते अभय 2-25 अगस्त के दौरान ओलिंपिक में शामिल होने गए हैं. वैसे भी जमानत आदेश में अदालत ने विदेश जाने के वास्ते उसकी अनुमति हासिल करने की कोई शर्त नहीं लगायी है.
अदालत ने इस मामले में कुछ और दस्तावेज पेश करने की मांग संबंधी सीबीआई अर्जी पर दलीलें सुनी और अपना आदेश 22 अगस्त के लिए सुरक्षित रख लिया. बचाव पक्ष ने इस मांग का विरोध किया.
सीबीआई ने कांग्रेस नेता शमशेर सिंह सुरजेवाला की शिकायत पर इंडियन नेशनल लोकदल के प्रमुख और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओ पी चौटाला तथा उनके बेटों अजय एवं अभय के खिलाफ आय के ज्ञात स्रोत से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज कराया था.
चौटाला और अजय को इसी साल की शुरुआत में हाईकोर्ट ने वर्ष 1999-2000 के जूनियर शिक्षक भर्ती घोटाले में दस साल की कैद की सजा सुनायी थी. सीबीआई ने 26 मार्च, 2010 को चौटाला के खिलाफ आरोपपत्र दायर कर 6.09 करोड़ रुपये की संपत्ति कथित रूप से रखने का आरोप लगाया था, जो 1993-2006 के दौरान अपनी कानूनी आय से बहुत अधिक था. दो ऐसे ही मामले उनके बेटों - अजय एवं अभय के खिलाफ चल रहे हैं.टिप्पणियां
अपने आरोपपत्र में सीबीआई ने आरोप लगाया था कि चौटाला की संपत्ति की उस अवधि में उनकी 3.22 करोड़ की आय से 189 फीसदी अधिक थी. अभय के पास वर्ष 2000-2005 के दौरान के आयकर रिकार्ड के अनुसार 22.89 करोड़ की आय से पांच गुणा अधिक की संपत्ति थी. एजेंसी ने 119.69 करोड़ रुपये की संपत्ति मिलने का दावा किया था. अजय के खिलाफ भी ऐसा ही मामला है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दलीलें सुनने के पश्चात विशेष सीबीआई न्यायाधीश संजय गर्ग प्रथम ने इस मुद्दे पर आदेश 22 अगस्त के लिए सुरक्षित रख लिया.
अदालत ने पहले सीबीआई का जवाब मांगा था, क्योंकि अभय के वकील ने इस आधार पर उनके लिए व्यक्तिगत पेशी से छूट मांगी थी कि वह ओलिंपिक के लिए रियो डि जेनेरियो गए हैं. अदालत ने अचरज जताया कि कि कैसे यह नेता उसकी इजाजत के बगैर देश से बाहर चले गए.
बचाव पक्ष के वकील ने कहा था कि खिलाड़ी प्रशासक और इंडियन ओलिंपिक एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष होने के नाते अभय 2-25 अगस्त के दौरान ओलिंपिक में शामिल होने गए हैं. वैसे भी जमानत आदेश में अदालत ने विदेश जाने के वास्ते उसकी अनुमति हासिल करने की कोई शर्त नहीं लगायी है.
अदालत ने इस मामले में कुछ और दस्तावेज पेश करने की मांग संबंधी सीबीआई अर्जी पर दलीलें सुनी और अपना आदेश 22 अगस्त के लिए सुरक्षित रख लिया. बचाव पक्ष ने इस मांग का विरोध किया.
सीबीआई ने कांग्रेस नेता शमशेर सिंह सुरजेवाला की शिकायत पर इंडियन नेशनल लोकदल के प्रमुख और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओ पी चौटाला तथा उनके बेटों अजय एवं अभय के खिलाफ आय के ज्ञात स्रोत से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज कराया था.
चौटाला और अजय को इसी साल की शुरुआत में हाईकोर्ट ने वर्ष 1999-2000 के जूनियर शिक्षक भर्ती घोटाले में दस साल की कैद की सजा सुनायी थी. सीबीआई ने 26 मार्च, 2010 को चौटाला के खिलाफ आरोपपत्र दायर कर 6.09 करोड़ रुपये की संपत्ति कथित रूप से रखने का आरोप लगाया था, जो 1993-2006 के दौरान अपनी कानूनी आय से बहुत अधिक था. दो ऐसे ही मामले उनके बेटों - अजय एवं अभय के खिलाफ चल रहे हैं.टिप्पणियां
अपने आरोपपत्र में सीबीआई ने आरोप लगाया था कि चौटाला की संपत्ति की उस अवधि में उनकी 3.22 करोड़ की आय से 189 फीसदी अधिक थी. अभय के पास वर्ष 2000-2005 के दौरान के आयकर रिकार्ड के अनुसार 22.89 करोड़ की आय से पांच गुणा अधिक की संपत्ति थी. एजेंसी ने 119.69 करोड़ रुपये की संपत्ति मिलने का दावा किया था. अजय के खिलाफ भी ऐसा ही मामला है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अदालत ने पहले सीबीआई का जवाब मांगा था, क्योंकि अभय के वकील ने इस आधार पर उनके लिए व्यक्तिगत पेशी से छूट मांगी थी कि वह ओलिंपिक के लिए रियो डि जेनेरियो गए हैं. अदालत ने अचरज जताया कि कि कैसे यह नेता उसकी इजाजत के बगैर देश से बाहर चले गए.
बचाव पक्ष के वकील ने कहा था कि खिलाड़ी प्रशासक और इंडियन ओलिंपिक एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष होने के नाते अभय 2-25 अगस्त के दौरान ओलिंपिक में शामिल होने गए हैं. वैसे भी जमानत आदेश में अदालत ने विदेश जाने के वास्ते उसकी अनुमति हासिल करने की कोई शर्त नहीं लगायी है.
अदालत ने इस मामले में कुछ और दस्तावेज पेश करने की मांग संबंधी सीबीआई अर्जी पर दलीलें सुनी और अपना आदेश 22 अगस्त के लिए सुरक्षित रख लिया. बचाव पक्ष ने इस मांग का विरोध किया.
सीबीआई ने कांग्रेस नेता शमशेर सिंह सुरजेवाला की शिकायत पर इंडियन नेशनल लोकदल के प्रमुख और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओ पी चौटाला तथा उनके बेटों अजय एवं अभय के खिलाफ आय के ज्ञात स्रोत से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज कराया था.
चौटाला और अजय को इसी साल की शुरुआत में हाईकोर्ट ने वर्ष 1999-2000 के जूनियर शिक्षक भर्ती घोटाले में दस साल की कैद की सजा सुनायी थी. सीबीआई ने 26 मार्च, 2010 को चौटाला के खिलाफ आरोपपत्र दायर कर 6.09 करोड़ रुपये की संपत्ति कथित रूप से रखने का आरोप लगाया था, जो 1993-2006 के दौरान अपनी कानूनी आय से बहुत अधिक था. दो ऐसे ही मामले उनके बेटों - अजय एवं अभय के खिलाफ चल रहे हैं.टिप्पणियां
अपने आरोपपत्र में सीबीआई ने आरोप लगाया था कि चौटाला की संपत्ति की उस अवधि में उनकी 3.22 करोड़ की आय से 189 फीसदी अधिक थी. अभय के पास वर्ष 2000-2005 के दौरान के आयकर रिकार्ड के अनुसार 22.89 करोड़ की आय से पांच गुणा अधिक की संपत्ति थी. एजेंसी ने 119.69 करोड़ रुपये की संपत्ति मिलने का दावा किया था. अजय के खिलाफ भी ऐसा ही मामला है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
बचाव पक्ष के वकील ने कहा था कि खिलाड़ी प्रशासक और इंडियन ओलिंपिक एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष होने के नाते अभय 2-25 अगस्त के दौरान ओलिंपिक में शामिल होने गए हैं. वैसे भी जमानत आदेश में अदालत ने विदेश जाने के वास्ते उसकी अनुमति हासिल करने की कोई शर्त नहीं लगायी है.
अदालत ने इस मामले में कुछ और दस्तावेज पेश करने की मांग संबंधी सीबीआई अर्जी पर दलीलें सुनी और अपना आदेश 22 अगस्त के लिए सुरक्षित रख लिया. बचाव पक्ष ने इस मांग का विरोध किया.
सीबीआई ने कांग्रेस नेता शमशेर सिंह सुरजेवाला की शिकायत पर इंडियन नेशनल लोकदल के प्रमुख और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओ पी चौटाला तथा उनके बेटों अजय एवं अभय के खिलाफ आय के ज्ञात स्रोत से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज कराया था.
चौटाला और अजय को इसी साल की शुरुआत में हाईकोर्ट ने वर्ष 1999-2000 के जूनियर शिक्षक भर्ती घोटाले में दस साल की कैद की सजा सुनायी थी. सीबीआई ने 26 मार्च, 2010 को चौटाला के खिलाफ आरोपपत्र दायर कर 6.09 करोड़ रुपये की संपत्ति कथित रूप से रखने का आरोप लगाया था, जो 1993-2006 के दौरान अपनी कानूनी आय से बहुत अधिक था. दो ऐसे ही मामले उनके बेटों - अजय एवं अभय के खिलाफ चल रहे हैं.टिप्पणियां
अपने आरोपपत्र में सीबीआई ने आरोप लगाया था कि चौटाला की संपत्ति की उस अवधि में उनकी 3.22 करोड़ की आय से 189 फीसदी अधिक थी. अभय के पास वर्ष 2000-2005 के दौरान के आयकर रिकार्ड के अनुसार 22.89 करोड़ की आय से पांच गुणा अधिक की संपत्ति थी. एजेंसी ने 119.69 करोड़ रुपये की संपत्ति मिलने का दावा किया था. अजय के खिलाफ भी ऐसा ही मामला है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अदालत ने इस मामले में कुछ और दस्तावेज पेश करने की मांग संबंधी सीबीआई अर्जी पर दलीलें सुनी और अपना आदेश 22 अगस्त के लिए सुरक्षित रख लिया. बचाव पक्ष ने इस मांग का विरोध किया.
सीबीआई ने कांग्रेस नेता शमशेर सिंह सुरजेवाला की शिकायत पर इंडियन नेशनल लोकदल के प्रमुख और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओ पी चौटाला तथा उनके बेटों अजय एवं अभय के खिलाफ आय के ज्ञात स्रोत से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज कराया था.
चौटाला और अजय को इसी साल की शुरुआत में हाईकोर्ट ने वर्ष 1999-2000 के जूनियर शिक्षक भर्ती घोटाले में दस साल की कैद की सजा सुनायी थी. सीबीआई ने 26 मार्च, 2010 को चौटाला के खिलाफ आरोपपत्र दायर कर 6.09 करोड़ रुपये की संपत्ति कथित रूप से रखने का आरोप लगाया था, जो 1993-2006 के दौरान अपनी कानूनी आय से बहुत अधिक था. दो ऐसे ही मामले उनके बेटों - अजय एवं अभय के खिलाफ चल रहे हैं.टिप्पणियां
अपने आरोपपत्र में सीबीआई ने आरोप लगाया था कि चौटाला की संपत्ति की उस अवधि में उनकी 3.22 करोड़ की आय से 189 फीसदी अधिक थी. अभय के पास वर्ष 2000-2005 के दौरान के आयकर रिकार्ड के अनुसार 22.89 करोड़ की आय से पांच गुणा अधिक की संपत्ति थी. एजेंसी ने 119.69 करोड़ रुपये की संपत्ति मिलने का दावा किया था. अजय के खिलाफ भी ऐसा ही मामला है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सीबीआई ने कांग्रेस नेता शमशेर सिंह सुरजेवाला की शिकायत पर इंडियन नेशनल लोकदल के प्रमुख और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओ पी चौटाला तथा उनके बेटों अजय एवं अभय के खिलाफ आय के ज्ञात स्रोत से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज कराया था.
चौटाला और अजय को इसी साल की शुरुआत में हाईकोर्ट ने वर्ष 1999-2000 के जूनियर शिक्षक भर्ती घोटाले में दस साल की कैद की सजा सुनायी थी. सीबीआई ने 26 मार्च, 2010 को चौटाला के खिलाफ आरोपपत्र दायर कर 6.09 करोड़ रुपये की संपत्ति कथित रूप से रखने का आरोप लगाया था, जो 1993-2006 के दौरान अपनी कानूनी आय से बहुत अधिक था. दो ऐसे ही मामले उनके बेटों - अजय एवं अभय के खिलाफ चल रहे हैं.टिप्पणियां
अपने आरोपपत्र में सीबीआई ने आरोप लगाया था कि चौटाला की संपत्ति की उस अवधि में उनकी 3.22 करोड़ की आय से 189 फीसदी अधिक थी. अभय के पास वर्ष 2000-2005 के दौरान के आयकर रिकार्ड के अनुसार 22.89 करोड़ की आय से पांच गुणा अधिक की संपत्ति थी. एजेंसी ने 119.69 करोड़ रुपये की संपत्ति मिलने का दावा किया था. अजय के खिलाफ भी ऐसा ही मामला है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
चौटाला और अजय को इसी साल की शुरुआत में हाईकोर्ट ने वर्ष 1999-2000 के जूनियर शिक्षक भर्ती घोटाले में दस साल की कैद की सजा सुनायी थी. सीबीआई ने 26 मार्च, 2010 को चौटाला के खिलाफ आरोपपत्र दायर कर 6.09 करोड़ रुपये की संपत्ति कथित रूप से रखने का आरोप लगाया था, जो 1993-2006 के दौरान अपनी कानूनी आय से बहुत अधिक था. दो ऐसे ही मामले उनके बेटों - अजय एवं अभय के खिलाफ चल रहे हैं.टिप्पणियां
अपने आरोपपत्र में सीबीआई ने आरोप लगाया था कि चौटाला की संपत्ति की उस अवधि में उनकी 3.22 करोड़ की आय से 189 फीसदी अधिक थी. अभय के पास वर्ष 2000-2005 के दौरान के आयकर रिकार्ड के अनुसार 22.89 करोड़ की आय से पांच गुणा अधिक की संपत्ति थी. एजेंसी ने 119.69 करोड़ रुपये की संपत्ति मिलने का दावा किया था. अजय के खिलाफ भी ऐसा ही मामला है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अपने आरोपपत्र में सीबीआई ने आरोप लगाया था कि चौटाला की संपत्ति की उस अवधि में उनकी 3.22 करोड़ की आय से 189 फीसदी अधिक थी. अभय के पास वर्ष 2000-2005 के दौरान के आयकर रिकार्ड के अनुसार 22.89 करोड़ की आय से पांच गुणा अधिक की संपत्ति थी. एजेंसी ने 119.69 करोड़ रुपये की संपत्ति मिलने का दावा किया था. अजय के खिलाफ भी ऐसा ही मामला है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यहाँ एक सारांश है:आय के ज्ञात स्रोत से अधिक संपत्ति रखने के मामले में आरोपी है अभय चौटाला
अभय चौटाला 2-25 अगस्त के दौरान ओलिंपिक में शामिल होने रियो गए हैं
सीबीआई ने बिना इजाजत रियो जाने को लेकर जमानत रद्द करने की मांग की | 18 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: पूर्व भाजपा नेता यशवंत सिन्हा (Yashwant Sinha) की अगुवाई वाले पांच सदस्यीय दल को जम्मू एवं कश्मीर के अधिकारियों ने शनिवार को श्रीनगर से बाहर दूसरे इलाकों में जाने से यह कहकर रोक दिया गया कि वे जिन इलाकों में जाना चाहते हैं, वहां उन्हें आतंकवादियों से खतरा है. पूर्व केंद्रीय वित्तमंत्री सिन्हा (Yashwant Sinha) ने शुक्रवार को नेशनल कान्फ्रेंस नेता फारूक अब्दुल्ला से फोन पर बात की थी. पांच अगस्त को जम्मू एवं कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अबदुल्ला, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती सहित 50 राजनेता हिरासत में हैं. सिन्हा ने कहा कि उनके एक मित्र ने फारूक अबदुल्ला से फोन पर उनकी बात कराई.
उन्होंने कहा कि उनकी योजना दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा और शोपियां जाने की थी, लेकिन अधिकारियों ने दक्षिणी कश्मीर में आतंकवादियों से खतरा बताकर जाने से रोक दिया गया. सिन्हा ने कहा, "हमने उपायुक्त को पत्र लिखकर पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अबदुल्ला, उमर अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती और यूसुफ तारिगामी से मिलने की अनुमति मांगी थी, लेकिन नहीं दी गई." उन्होंने कहा कि पुलिस ने उनसे कहा कि वे प्रशासन को बताकर और अनुमति लेकर श्रीनगर में जहां भी घूमना हो, घूम सकते हैं. सिन्हा ने कहा, "ये सब हमें उन जगहों पर जाने से रोकने की कवायद है, जहां हम जाना चाहते हैं." सिन्हा की अगुवाई वाले दल ने श्रीनगर पहुंचने के बाद कई प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात की। यह दल 25 नवंबर को दिल्ली लौट जाएगा. | यह एक सारांश है: यशवंत सिन्हा की अगुवाई में दल पहुंचा है जम्मू-कश्मीर
अधिकारियों ने दल को श्रीनगर से बाहर दूसरे इलाकों में जाने से रोका
कहा, दूसरे इलाकों में आतंकवादियों से है खतरा | 2 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली में गैंगरेप की एक और घटना सामने आई है। उत्तर प्रदेश के फैजाबाद में रहने वाली एक दलित लड़की को नशीला पदार्थ खिलाकर दिल्ली लाया गया और फिर उसके साथ बलात्कार हुआ।टिप्पणियां
फैजाबाद में लड़की के परिजनों ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी जिसके बाद डरे हुए आरोपियों ने लड़की को फैजाबाद बस स्टैंड पर छोड़ दिया और फरार हो गए।
इसके बाद पीड़ित लड़की अपने घर पहुंची और घटना की जानकारी दी। पुलिस ने इस मामले में अब तक एक महिला समेत पांच आरोपियों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज कर लिया है।
फैजाबाद में लड़की के परिजनों ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी जिसके बाद डरे हुए आरोपियों ने लड़की को फैजाबाद बस स्टैंड पर छोड़ दिया और फरार हो गए।
इसके बाद पीड़ित लड़की अपने घर पहुंची और घटना की जानकारी दी। पुलिस ने इस मामले में अब तक एक महिला समेत पांच आरोपियों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज कर लिया है।
इसके बाद पीड़ित लड़की अपने घर पहुंची और घटना की जानकारी दी। पुलिस ने इस मामले में अब तक एक महिला समेत पांच आरोपियों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज कर लिया है। | संक्षिप्त पाठ: दिल्ली में गैंगरेप की एक और घटना सामने आई है। उत्तर प्रदेश के फैजाबाद में रहने वाली एक दलित लड़की को नशीला पदार्थ खिलाकर दिल्ली लाया गया और फिर उसके साथ बलात्कार हुआ। | 14 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अभिनेत्री दीपिका पादुकोण कहती हैं, उन्होंने 'कॉकटेल' में 'नकारात्मक' किरदार निभाने का लुत्फ उठाया था। अब 'ये जवानी है दीवानी' और 'रामलीला' जैसी अलग तरह की फिल्मों के साथ तैयार दीपिका के मुताबिक, वह खुश हैं कि उन्हें बॉलीवुड में 'बहुत सारे विकल्प' मिले।
दीपिका के शब्दों में, "हां, मुझे काफी मात्रा में विकल्प मिले। अनेक प्रकार की फिल्में बनने से कई तरह की भूमिकाएं मिली हैं। सिनेमा के लिहाज से साल 2012 शानदार रहा। 2013 भी उतना ही बेहतरीन होने की उम्मीद है।"
'ये जवानी है दीवानी' में अपने पूर्व बायफ्रेंड रणबीर कपूर के साथ काम करते हुए दीपिका ने असुविधाजनक नहीं महसूस किया।
दीपिका ने कहा, "अतीत पेशे के बीच में बिल्कुल नहीं आता है। हम दोनों काम पर फोकस रखते हैं। बहुत ही आनंददायक होता है। क्योंकि रणबीर, फिल्म के निर्देशक अयान और मैं दोस्त हैं।"
'कॉकटेल' और 'रेस-2' में निभाए गए 'नकारात्मक' किरदार के चलते दीपिका वास्तविक छवि को लेकर कहती हैं, "मैंने फिल्म में केवल अपना किरदार निभाया है, लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि मैं प्यारी लड़की नहीं हूं।"
करियर के बेहतरीन दौर से गुजर रहीं दीपिका की ख्वाहिश फिल्मकार संजय लीला भंसाली के साथ काम करने की थी। दीपिका का यह सपना भी पूरा हो रहा है। दीपिका कहती हैं, "यह सपना सच होने को है। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मेरे करियर में यह मौका इतनी जल्दी आएगा।"टिप्पणियां
गौरतलब है कि दीपिका संजय लीला भंसाली की फिल्म 'रामलीला' में काम कर रही हैं।
हाल ही में दीपिका 'ये जवानी है दीवानी' की शूटिंग के सिलसिले में जम्मू कश्मीर गई थीं। दीपिका बताती हैं कि वह पहली बार कश्मीर यात्रा पर आईं थीं। उन्होंने कश्मीर की खूबसूरती की तारीफ करते हुए वहां के लोगों को संजीदा और खुशदिल बताया। इस दौरे में उनकी रणबीर और अयान के साथ मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के साथ भी भेंट हुई। दीपिका कहती हैं, "हां, मुलाकात हुई। हम उनसे मिलकर बहुत खुश हुए।"
दीपिका के शब्दों में, "हां, मुझे काफी मात्रा में विकल्प मिले। अनेक प्रकार की फिल्में बनने से कई तरह की भूमिकाएं मिली हैं। सिनेमा के लिहाज से साल 2012 शानदार रहा। 2013 भी उतना ही बेहतरीन होने की उम्मीद है।"
'ये जवानी है दीवानी' में अपने पूर्व बायफ्रेंड रणबीर कपूर के साथ काम करते हुए दीपिका ने असुविधाजनक नहीं महसूस किया।
दीपिका ने कहा, "अतीत पेशे के बीच में बिल्कुल नहीं आता है। हम दोनों काम पर फोकस रखते हैं। बहुत ही आनंददायक होता है। क्योंकि रणबीर, फिल्म के निर्देशक अयान और मैं दोस्त हैं।"
'कॉकटेल' और 'रेस-2' में निभाए गए 'नकारात्मक' किरदार के चलते दीपिका वास्तविक छवि को लेकर कहती हैं, "मैंने फिल्म में केवल अपना किरदार निभाया है, लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि मैं प्यारी लड़की नहीं हूं।"
करियर के बेहतरीन दौर से गुजर रहीं दीपिका की ख्वाहिश फिल्मकार संजय लीला भंसाली के साथ काम करने की थी। दीपिका का यह सपना भी पूरा हो रहा है। दीपिका कहती हैं, "यह सपना सच होने को है। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मेरे करियर में यह मौका इतनी जल्दी आएगा।"टिप्पणियां
गौरतलब है कि दीपिका संजय लीला भंसाली की फिल्म 'रामलीला' में काम कर रही हैं।
हाल ही में दीपिका 'ये जवानी है दीवानी' की शूटिंग के सिलसिले में जम्मू कश्मीर गई थीं। दीपिका बताती हैं कि वह पहली बार कश्मीर यात्रा पर आईं थीं। उन्होंने कश्मीर की खूबसूरती की तारीफ करते हुए वहां के लोगों को संजीदा और खुशदिल बताया। इस दौरे में उनकी रणबीर और अयान के साथ मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के साथ भी भेंट हुई। दीपिका कहती हैं, "हां, मुलाकात हुई। हम उनसे मिलकर बहुत खुश हुए।"
'ये जवानी है दीवानी' में अपने पूर्व बायफ्रेंड रणबीर कपूर के साथ काम करते हुए दीपिका ने असुविधाजनक नहीं महसूस किया।
दीपिका ने कहा, "अतीत पेशे के बीच में बिल्कुल नहीं आता है। हम दोनों काम पर फोकस रखते हैं। बहुत ही आनंददायक होता है। क्योंकि रणबीर, फिल्म के निर्देशक अयान और मैं दोस्त हैं।"
'कॉकटेल' और 'रेस-2' में निभाए गए 'नकारात्मक' किरदार के चलते दीपिका वास्तविक छवि को लेकर कहती हैं, "मैंने फिल्म में केवल अपना किरदार निभाया है, लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि मैं प्यारी लड़की नहीं हूं।"
करियर के बेहतरीन दौर से गुजर रहीं दीपिका की ख्वाहिश फिल्मकार संजय लीला भंसाली के साथ काम करने की थी। दीपिका का यह सपना भी पूरा हो रहा है। दीपिका कहती हैं, "यह सपना सच होने को है। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मेरे करियर में यह मौका इतनी जल्दी आएगा।"टिप्पणियां
गौरतलब है कि दीपिका संजय लीला भंसाली की फिल्म 'रामलीला' में काम कर रही हैं।
हाल ही में दीपिका 'ये जवानी है दीवानी' की शूटिंग के सिलसिले में जम्मू कश्मीर गई थीं। दीपिका बताती हैं कि वह पहली बार कश्मीर यात्रा पर आईं थीं। उन्होंने कश्मीर की खूबसूरती की तारीफ करते हुए वहां के लोगों को संजीदा और खुशदिल बताया। इस दौरे में उनकी रणबीर और अयान के साथ मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के साथ भी भेंट हुई। दीपिका कहती हैं, "हां, मुलाकात हुई। हम उनसे मिलकर बहुत खुश हुए।"
दीपिका ने कहा, "अतीत पेशे के बीच में बिल्कुल नहीं आता है। हम दोनों काम पर फोकस रखते हैं। बहुत ही आनंददायक होता है। क्योंकि रणबीर, फिल्म के निर्देशक अयान और मैं दोस्त हैं।"
'कॉकटेल' और 'रेस-2' में निभाए गए 'नकारात्मक' किरदार के चलते दीपिका वास्तविक छवि को लेकर कहती हैं, "मैंने फिल्म में केवल अपना किरदार निभाया है, लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि मैं प्यारी लड़की नहीं हूं।"
करियर के बेहतरीन दौर से गुजर रहीं दीपिका की ख्वाहिश फिल्मकार संजय लीला भंसाली के साथ काम करने की थी। दीपिका का यह सपना भी पूरा हो रहा है। दीपिका कहती हैं, "यह सपना सच होने को है। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मेरे करियर में यह मौका इतनी जल्दी आएगा।"टिप्पणियां
गौरतलब है कि दीपिका संजय लीला भंसाली की फिल्म 'रामलीला' में काम कर रही हैं।
हाल ही में दीपिका 'ये जवानी है दीवानी' की शूटिंग के सिलसिले में जम्मू कश्मीर गई थीं। दीपिका बताती हैं कि वह पहली बार कश्मीर यात्रा पर आईं थीं। उन्होंने कश्मीर की खूबसूरती की तारीफ करते हुए वहां के लोगों को संजीदा और खुशदिल बताया। इस दौरे में उनकी रणबीर और अयान के साथ मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के साथ भी भेंट हुई। दीपिका कहती हैं, "हां, मुलाकात हुई। हम उनसे मिलकर बहुत खुश हुए।"
'कॉकटेल' और 'रेस-2' में निभाए गए 'नकारात्मक' किरदार के चलते दीपिका वास्तविक छवि को लेकर कहती हैं, "मैंने फिल्म में केवल अपना किरदार निभाया है, लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि मैं प्यारी लड़की नहीं हूं।"
करियर के बेहतरीन दौर से गुजर रहीं दीपिका की ख्वाहिश फिल्मकार संजय लीला भंसाली के साथ काम करने की थी। दीपिका का यह सपना भी पूरा हो रहा है। दीपिका कहती हैं, "यह सपना सच होने को है। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मेरे करियर में यह मौका इतनी जल्दी आएगा।"टिप्पणियां
गौरतलब है कि दीपिका संजय लीला भंसाली की फिल्म 'रामलीला' में काम कर रही हैं।
हाल ही में दीपिका 'ये जवानी है दीवानी' की शूटिंग के सिलसिले में जम्मू कश्मीर गई थीं। दीपिका बताती हैं कि वह पहली बार कश्मीर यात्रा पर आईं थीं। उन्होंने कश्मीर की खूबसूरती की तारीफ करते हुए वहां के लोगों को संजीदा और खुशदिल बताया। इस दौरे में उनकी रणबीर और अयान के साथ मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के साथ भी भेंट हुई। दीपिका कहती हैं, "हां, मुलाकात हुई। हम उनसे मिलकर बहुत खुश हुए।"
करियर के बेहतरीन दौर से गुजर रहीं दीपिका की ख्वाहिश फिल्मकार संजय लीला भंसाली के साथ काम करने की थी। दीपिका का यह सपना भी पूरा हो रहा है। दीपिका कहती हैं, "यह सपना सच होने को है। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मेरे करियर में यह मौका इतनी जल्दी आएगा।"टिप्पणियां
गौरतलब है कि दीपिका संजय लीला भंसाली की फिल्म 'रामलीला' में काम कर रही हैं।
हाल ही में दीपिका 'ये जवानी है दीवानी' की शूटिंग के सिलसिले में जम्मू कश्मीर गई थीं। दीपिका बताती हैं कि वह पहली बार कश्मीर यात्रा पर आईं थीं। उन्होंने कश्मीर की खूबसूरती की तारीफ करते हुए वहां के लोगों को संजीदा और खुशदिल बताया। इस दौरे में उनकी रणबीर और अयान के साथ मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के साथ भी भेंट हुई। दीपिका कहती हैं, "हां, मुलाकात हुई। हम उनसे मिलकर बहुत खुश हुए।"
गौरतलब है कि दीपिका संजय लीला भंसाली की फिल्म 'रामलीला' में काम कर रही हैं।
हाल ही में दीपिका 'ये जवानी है दीवानी' की शूटिंग के सिलसिले में जम्मू कश्मीर गई थीं। दीपिका बताती हैं कि वह पहली बार कश्मीर यात्रा पर आईं थीं। उन्होंने कश्मीर की खूबसूरती की तारीफ करते हुए वहां के लोगों को संजीदा और खुशदिल बताया। इस दौरे में उनकी रणबीर और अयान के साथ मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के साथ भी भेंट हुई। दीपिका कहती हैं, "हां, मुलाकात हुई। हम उनसे मिलकर बहुत खुश हुए।"
हाल ही में दीपिका 'ये जवानी है दीवानी' की शूटिंग के सिलसिले में जम्मू कश्मीर गई थीं। दीपिका बताती हैं कि वह पहली बार कश्मीर यात्रा पर आईं थीं। उन्होंने कश्मीर की खूबसूरती की तारीफ करते हुए वहां के लोगों को संजीदा और खुशदिल बताया। इस दौरे में उनकी रणबीर और अयान के साथ मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के साथ भी भेंट हुई। दीपिका कहती हैं, "हां, मुलाकात हुई। हम उनसे मिलकर बहुत खुश हुए।" | सारांश: अभिनेत्री दीपिका पादुकोण कहती हैं, उन्होंने 'कॉकटेल' में 'नकारात्मक' किरदार निभाने का लुत्फ उठाया था। अब 'ये जवानी है दीवानी' और 'रामलीला' जैसी अलग तरह की फिल्मों के साथ तैयार दीपिका के मुताबिक, वह खुश हैं कि उन्हें बॉलीवुड में 'बहुत सारे विकल्प' मिले। | 31 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दूरसंचार मामले पर मंत्रियों के अधिकार प्राप्त समूह (ईजीओएम) की गुरुवार को होने वाली बैठक अनिश्चितकाल के लिए टाल दी गई है। इस बैठक में 2जी स्पेक्ट्रम की नीलामी के लिए आधार मूल्य पर फैसला किया जाना था।
दूरसंचार विभाग (डीओटी) के एक वरिष्ठ अधिकरी ने कहा कि मंत्री समूह की बैठक टल गई है और फिलहाल कोई नई तिथि तय नहीं की गई है।
बैठक टलने की कोई वजह नहीं बताई गई है। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बैठक शाम 5.30 बजे होनी थी जिसे 8.30 बजे तक के लिए टाल दिया गया।
इससे पहले पांच जून को हुई ईजीओएम की बैठक में इस पर फैसला नहीं किया जा सका था, क्योंकि भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) मूल्य सिफारिश और उपभोक्ताओं और उद्योग पर पड़ने वाले इसके प्रभाव पर सम्पूर्ण रिपोर्ट जमा नहीं कर पाया था।
पिछले महीने दूरसंचार आयोग ने ट्राई के नए अध्यक्ष राहुल खुल्लर को पहले सिफारिश किए गए रिजर्व मूल्य और उसके प्रभाव का विश्लेषण करने के लिए कहा था।
ईजीओएम ने हालांकि फैसला किया था कि कम से कम 10 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम की नीलामी की जाएगी।
ट्राई ने एक मेगाहर्ट्ज के अखिल भारतीय स्पेक्ट्रम के लिए 3,622 करोड़ रुपये के रिजर्व मूल्य की सिफारिश की थी, जो उस मूल्य से 10 गुणा अधिक है, जिस पर 2008 में 2जी लाइसेंस का आवंटन किया गया था।
दूरसंचार कम्पनियों ने हालांकि चेतावनी दी है कि यदि ट्राई की सिफारिश को स्वीकार किया जाता है तो कॉल दर में 100 फीसदी की वृद्धि हो सकती है। | दूरसंचार मामले पर मंत्रियों के अधिकार प्राप्त समूह (ईजीओएम) की गुरुवार को होने वाली बैठक अनिश्चितकाल के लिए टाल दी गई है। | 28 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनके मंत्रिमंडल के सहयोगियों के संपत्ति के ब्यौरे सरकार ने सोमवार को वेबसाइट पर सार्वजनिक कर दिए, जिसमें नीतीश कुमार धन दौलत के मामले में अपने मंत्रियों से बहुत पीछे हैं। नीतीश सरकार में मानव संसाधन विकास मंत्री प्रशांत कुमार शाही सबसे अमीर हैं। उनके पास साढ़े चार करोड़ रुपये मूल्य की चल और अचल संपत्ति है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने पुत्र निशांत की संपत्ति का ब्यौरा भी वेबसाइट पर सार्वजनिक किया गया है। मंत्रियों की संपत्ति की घोषणा को भ्रष्टाचार के खिलाफ नीतीश सरकार का एक बड़ा कदम कहा जा रहा है। नीतीश कुमार की चल संपत्ति में 31 हजार 760 रुपये नकद 57,770 बैंक में जमा शामिल है। उनके पास 2003 वर्ष की एक सैंट्रो कार, एक पुराना टीवी सेट, एक पुराना एयर कंडीशनर, एक फ्रिज, एक कूलर, गाय और एक बछड़ा है, जिसका कुल मूल्य एक लाख 67 हजार रुपये है। मुख्यमंत्री ने नई दिल्ली में संसद विहार इलाके में एक घर का भी ब्यौरा दिया है, जिसका मूल्य 40 लाख रुपये है। इसके अलावा उनके पास वहां 34,475 रुपये मूल्य का एक कंप्यूटर और एक ट्रेडमील है। मुख्यमंत्री ने भारतीय स्टेट बैंक की सचिवालय शाखा से एक लाख 93 हजार रुपये का ऋण भी ले रखा है। नीतीश के पुत्र निशांत के पास एक लाख 76 हजार रुपये नकद, 41 लाख रुपये बैंक में जमा है और उन्होंने 13.93 लाख रुपये डाकघर की विभिन्न योजनाओं में निवेश किया है। निशांत के पास बख्तियारपुर में कल्याणबिगहा में 31.34 लाख रुपये मूल्य की कृषि भूमि है और वह 8.27 लाख रुपये के आवासीय व्यावसायिक भूमि के मालिक है। इसके अलावा उनके पास राजधानी पटना में 1.31 लाख रुपये मूल्य की एक इमारत है। उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के पास करीब 26 हजार रुपये नकद है। बैंकों में उन्होंने करीब 10.56 लाख रुपये जमा रखे हैं। बंधपत्र, शेयर के रूप में 1.83 लाख रुपये का निवेश और एलआईसी तथा एनएससी में 1.89 लाख रुपये का निवेश मोदी ने किया है। मोदी और उनकी पत्नी के नाम पर संयुक्त रूप से उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर में करीब 51 लाख रुपये का मकान है। मोदी ने नई दिल्ली में आईसीआईसीआई बैंक से 40 लाख रुपये का कर्ज ले रखा है। उनके ऊपर ढाई लाख रुपये और संबंधियों पर 10.70 लाख रुपये का सरकारी कर्ज है। उपमुख्यमंत्री की पत्नी और उनके पुत्र के पास 6.84 लाख रुपये के आभूषण, करीब 15 लाख रुपये बैंक जमा और 5.28 लाख रुपये के एनएससी और अन्य प्रमाणपत्र है। नीतीश सरकार में 29 मंत्रियों में सबसे अधिक अमीर मानव संसाधन विकास मंत्री पीके शाही हैं। पेशे से वकील महाधिवक्ता के बाद अब मंत्री बने शाही के पास करीब साढ़े चार करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्ति है। | संक्षिप्त सारांश: नीतीश सरकार में मानव संसाधन विकास मंत्री प्रशांत कुमार शाही सबसे अमीर हैं। उनके पास साढ़े चार करोड़ रुपये मूल्य की चल और अचल संपत्ति है। | 10 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम (P. Chidambaram) को 26 अगस्त तक सीबीआई की रिमांड पर भेज दिया गया है. इससे पहले बृहस्पतिवार को उन्हें राउज एवेन्यू कोर्ट स्थित सीबीआई की विशेष अदालत में पेश किया गया. यहां दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद कोर्ट ने कहा कि तथ्यों पर विचार करने के बाद रिमांड देना सही है. कोर्ट ने चिदंबरम (P Chidambaram) के परिवार और वकील को हर रोज उनसे एक घंटे की मुलाकात की इजाजत दी है. इससे पहले बहस के दौरान सीबीआई ने कोर्ट में कहा कि गैरजमानती वारंट जारी होने के बाद ही उन्हें अरेस्ट किया गया. दूसरे आरोपियों के आमने-सामने बिठाकर पूछताछ करनी है. चिदंबरम जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं. सीबीआई का कहना है कि चिदंबरम ने पूरे दस्तावेज नहीं दिए बार-बार कहने के बाद भी दस्तावेज उपलब्ध नहीं करवाए.
सीबीआई ने कोर्ट को हाईकोर्ट का आदेश सौंपा. सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि 'हाईकॉर्ट ने अग्रिम जमानत खारिज़ कर दी है. इस केस में चार्जशीट अभी फ़ाइल नहीं हुई है. हम प्री चार्जशीट स्टेज पर हैं, हमें कुछ दस्तावेजों का इंतज़ार है. आरोपी सवालों से बचता रहा है. इनकी कस्टोडियल इंटेरोगेशन की जरूरत है.'' सीबीआई ने कोर्ट में केस डायरी सौपीं. अज्ञात अधिकारियों ने अपनी पोजिशन का गलत इस्तेमाल किया. INX मीडिया ने पैसा और ब्याज कंपनी को दिया. इंद्राणी मुखर्जी ने 50 लाख डॉलर दिए. पूछताछ में ही सही जानकारी मिल पाएगी. इसमें पूरी एक मनी ट्रेल है.'
दूसरी तरफ, पी चिदंबरम (P. Chidambaram) की ओर से कपिल सिब्बल ने कोर्ट में कहा, इस केस में आरोपी कार्ति हैं, जिन्हें 23 मार्च में 2018 को बेल मिल चुकी है. दूसरे आरोपी भास्कर रमन को इसी कोर्ट अग्रिम जमानत मिल चुकी है. हाइकोर्ट के जजमेंट से ऐसा लगता है कि एक ड्राफ्ट चार्जशीट तैयार हो चुकी है. इसलिए ऐसा लगता है जांच पूरी हो चुकी है. इस केस में सरकार के 6 सचिवों ने FIPB अप्रूवल दिया, उनमें से कोई गिरफ्तार नहीं किया गया. इन लोगों ने FIPB को अप्रूव किया, उसके बाद वित्त मंत्रालय ने मंजूरी दी. कपिल सिब्बल ने कोर्ट के सामने कहा, चिदंबरम से 12 सवाल पूछे गए, जिनमें 6 के जवाब चिदंबरम पिछली पूछताछ में दे चुके है. कल अरेस्ट होने से लेकर आज 11 बजे तक सीबीआई ने कोई पूछताछ नहीं की, जबकि चिदंबरम ने बार-बार पूछताछ के लिए कहा. | संक्षिप्त सारांश: कांग्रेस नेता पी चिदंबरम को नहीं मिली राहत
सीबीआई की हिरासत में पी चिदंबरम
जज ने कहा, केस देखने के बाद रिमांड देना सही | 8 | ['hin'] |
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