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|---|---|---|---|
इस पाठ का सारांश बनाएं: कभी भाजपा के दिग्गज नेताओं में शुमार रहे उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने अपनी जनक्रांति पार्टी (राष्ट्रवादी) का भाजपा में विधिवत विलय कर दिया। मगर तकनीकी कारणों से वह स्वयं पार्टी में शामिल नहीं हुए।
राजधानी में गोमती किनारे स्थित झूलेलाल मैदान में भाजपा की तरफ से आयोजित 'अटल शंखनाद' रैली में जनक्रांति पार्टी (राष्ट्रवादी) के भाजपा में विलय की घेाषणा कल्याण के पुत्र एवं पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजवीर सिंह उर्फ राजू भैया ने की।
पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी सहित प्रदेश के सभी राष्ट्रीय एवं वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में जनक्रांति पार्टी के विलय को औपचारिक मान्यता दी।टिप्पणियां
एटा लोकसभा सीट से निर्दलीय सांसद कल्याण सिंह ने कहा कि तकनीकी कारणों से वह भाजपा में शामिल नहीं हो रहे है। ऐसा करने पर उन्हें लोकसभा से इस्तीफा देना पडेगा और उपचुनाव की स्थिति पैदा हो जाएगी तथा अब जब लोकसभा के आम चुनाव में सालभर से कुछ ही अधिक समय बचा है, सालभर में दो चुनाव उचित नहीं होगा।
कल्याण सिंह ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के संस्कार को उनके खून में शामिल बताया और यह कहते हुए भावुक होकर रो पड़े कि मेरी इच्छा थी, ‘मेरी अर्थी भाजपा के झंडे में लिपट कर जाए।’ रैली को संबोधित करते हुए कल्याण ने कहा, 'मेरे जीवन का शेष काल अब आपके बीच बीतेगा और मेरी अर्थी के झंडे मे लिपट कर जाएगी।’
राजधानी में गोमती किनारे स्थित झूलेलाल मैदान में भाजपा की तरफ से आयोजित 'अटल शंखनाद' रैली में जनक्रांति पार्टी (राष्ट्रवादी) के भाजपा में विलय की घेाषणा कल्याण के पुत्र एवं पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजवीर सिंह उर्फ राजू भैया ने की।
पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी सहित प्रदेश के सभी राष्ट्रीय एवं वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में जनक्रांति पार्टी के विलय को औपचारिक मान्यता दी।टिप्पणियां
एटा लोकसभा सीट से निर्दलीय सांसद कल्याण सिंह ने कहा कि तकनीकी कारणों से वह भाजपा में शामिल नहीं हो रहे है। ऐसा करने पर उन्हें लोकसभा से इस्तीफा देना पडेगा और उपचुनाव की स्थिति पैदा हो जाएगी तथा अब जब लोकसभा के आम चुनाव में सालभर से कुछ ही अधिक समय बचा है, सालभर में दो चुनाव उचित नहीं होगा।
कल्याण सिंह ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के संस्कार को उनके खून में शामिल बताया और यह कहते हुए भावुक होकर रो पड़े कि मेरी इच्छा थी, ‘मेरी अर्थी भाजपा के झंडे में लिपट कर जाए।’ रैली को संबोधित करते हुए कल्याण ने कहा, 'मेरे जीवन का शेष काल अब आपके बीच बीतेगा और मेरी अर्थी के झंडे मे लिपट कर जाएगी।’
पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी सहित प्रदेश के सभी राष्ट्रीय एवं वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में जनक्रांति पार्टी के विलय को औपचारिक मान्यता दी।टिप्पणियां
एटा लोकसभा सीट से निर्दलीय सांसद कल्याण सिंह ने कहा कि तकनीकी कारणों से वह भाजपा में शामिल नहीं हो रहे है। ऐसा करने पर उन्हें लोकसभा से इस्तीफा देना पडेगा और उपचुनाव की स्थिति पैदा हो जाएगी तथा अब जब लोकसभा के आम चुनाव में सालभर से कुछ ही अधिक समय बचा है, सालभर में दो चुनाव उचित नहीं होगा।
कल्याण सिंह ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के संस्कार को उनके खून में शामिल बताया और यह कहते हुए भावुक होकर रो पड़े कि मेरी इच्छा थी, ‘मेरी अर्थी भाजपा के झंडे में लिपट कर जाए।’ रैली को संबोधित करते हुए कल्याण ने कहा, 'मेरे जीवन का शेष काल अब आपके बीच बीतेगा और मेरी अर्थी के झंडे मे लिपट कर जाएगी।’
एटा लोकसभा सीट से निर्दलीय सांसद कल्याण सिंह ने कहा कि तकनीकी कारणों से वह भाजपा में शामिल नहीं हो रहे है। ऐसा करने पर उन्हें लोकसभा से इस्तीफा देना पडेगा और उपचुनाव की स्थिति पैदा हो जाएगी तथा अब जब लोकसभा के आम चुनाव में सालभर से कुछ ही अधिक समय बचा है, सालभर में दो चुनाव उचित नहीं होगा।
कल्याण सिंह ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के संस्कार को उनके खून में शामिल बताया और यह कहते हुए भावुक होकर रो पड़े कि मेरी इच्छा थी, ‘मेरी अर्थी भाजपा के झंडे में लिपट कर जाए।’ रैली को संबोधित करते हुए कल्याण ने कहा, 'मेरे जीवन का शेष काल अब आपके बीच बीतेगा और मेरी अर्थी के झंडे मे लिपट कर जाएगी।’
कल्याण सिंह ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के संस्कार को उनके खून में शामिल बताया और यह कहते हुए भावुक होकर रो पड़े कि मेरी इच्छा थी, ‘मेरी अर्थी भाजपा के झंडे में लिपट कर जाए।’ रैली को संबोधित करते हुए कल्याण ने कहा, 'मेरे जीवन का शेष काल अब आपके बीच बीतेगा और मेरी अर्थी के झंडे मे लिपट कर जाएगी।’ | सारांश: कभी भाजपा के दिग्गज नेताओं में शुमार रहे उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने अपनी जनक्रांति पार्टी (राष्ट्रवादी) का भाजपा में विधिवत विलय कर दिया। मगर तकनीकी कारणों से वह स्वयं पार्टी में शामिल नहीं हुए। | 7 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने असम में मंगलवार को वहां की स्थिति का जायजा लिया, जहां कई इलाके जातीय संघर्ष की चपेट में हैं। उन्होंने असम के मुख्यमंत्री तरूण गोगोई को निर्देश दिया कि हिंसा को नियंत्रित करने के लिए हरसंभव काम करें।
प्रधानमंत्री कार्यालय के एक प्रवक्ता ने कहा, प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री से बात की (फोन पर) और स्थिति का जायजा लिया। प्रधानमंत्री ने उनसे स्थिति को नियंत्रण में लाने और प्रभावित लोगों के पुनर्वास एवं राहत के लिए हरसंभव काम करने को कहा। गोगोई ने बोडो आदिवासियों और अल्पसंख्यक प्रवासियों के बीच जिन इलाकों में संघर्ष हुए हैं, वहां सरकार द्वारा उठाए गए कदमों से प्रधानमंत्री को अवगत कराया।टिप्पणियां
असम में जातीय दंगे में 20 लोग मारे जा चुके हैं और हजारों लोग बेघर हुए हैं जिनमें से अधिकतर सरकारी सहायता शिविरों में आश्रय लिए हुए हैं। कोकराझार में दो छात्र नेताओं पर गोलीबारी के बाद हिंसा भड़की थी।
कोकराझार और चिरांग जिलों में मंगलवार को फिर से हिंसा भड़की। कोकराझार जिले में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगाया गया है जबकि चिरांग और धुबरी जिलों में रात का कर्फ्यू लगाया गया है।
प्रधानमंत्री कार्यालय के एक प्रवक्ता ने कहा, प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री से बात की (फोन पर) और स्थिति का जायजा लिया। प्रधानमंत्री ने उनसे स्थिति को नियंत्रण में लाने और प्रभावित लोगों के पुनर्वास एवं राहत के लिए हरसंभव काम करने को कहा। गोगोई ने बोडो आदिवासियों और अल्पसंख्यक प्रवासियों के बीच जिन इलाकों में संघर्ष हुए हैं, वहां सरकार द्वारा उठाए गए कदमों से प्रधानमंत्री को अवगत कराया।टिप्पणियां
असम में जातीय दंगे में 20 लोग मारे जा चुके हैं और हजारों लोग बेघर हुए हैं जिनमें से अधिकतर सरकारी सहायता शिविरों में आश्रय लिए हुए हैं। कोकराझार में दो छात्र नेताओं पर गोलीबारी के बाद हिंसा भड़की थी।
कोकराझार और चिरांग जिलों में मंगलवार को फिर से हिंसा भड़की। कोकराझार जिले में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगाया गया है जबकि चिरांग और धुबरी जिलों में रात का कर्फ्यू लगाया गया है।
असम में जातीय दंगे में 20 लोग मारे जा चुके हैं और हजारों लोग बेघर हुए हैं जिनमें से अधिकतर सरकारी सहायता शिविरों में आश्रय लिए हुए हैं। कोकराझार में दो छात्र नेताओं पर गोलीबारी के बाद हिंसा भड़की थी।
कोकराझार और चिरांग जिलों में मंगलवार को फिर से हिंसा भड़की। कोकराझार जिले में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगाया गया है जबकि चिरांग और धुबरी जिलों में रात का कर्फ्यू लगाया गया है।
कोकराझार और चिरांग जिलों में मंगलवार को फिर से हिंसा भड़की। कोकराझार जिले में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगाया गया है जबकि चिरांग और धुबरी जिलों में रात का कर्फ्यू लगाया गया है। | यह एक सारांश है: प्रधानमंत्री कार्यालय के एक प्रवक्ता ने कहा, प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री से बात की (फोन पर) और स्थिति का जायजा लिया। प्रधानमंत्री ने उनसे स्थिति को नियंत्रण में लाने और प्रभावित लोगों के पुनर्वास एवं राहत के लिए हरसंभव काम करने को कहा। | 2 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के पूर्व अध्यक्ष और प्रख्यात चिकित्सक केके अग्रवाल ने कहा, 'देश में सिजेरियन और नॉर्मल डिलीवरी पर एक शुल्क लगाने का कदम सही नहीं है. हर डॉक्टर को अपने हिसाब से रेट रखने का अधिकार है. इसमें कोई दखलअंदाजी नहीं कर सकता. और जहां तक बात दोनों डिलीवरी के बिलों में अंतर की तो डॉक्टरों को बच्चों को भी बचाना होता है और देखना होता है कि सामान्य और सिजेरियन में कितनी जटिलताएं हैं.'
सुवर्णा के अभियान को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के समर्थन के सवाल पर अग्रवाल ने कहा कि संस्था ऐसे किसी भी अभियान को समर्थन नहीं देती और संस्था का सिजेरियन और नॉर्मल डिलीवरी पर समान शुल्क लगाने के मामले में कोई अधिकार क्षेत्र नहीं है.
देशभर में बढ़ रहे सिजेरियन के मामलों से चिंतित होकर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने भी राज्यसभा में मामला उठाया था. इस बाबत स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों को दिशा-निर्देश भी जारी किया था.टिप्पणियां
रिपोर्ट के मुताबिक, आंध्र प्रदेश में सिजेरियन के जरिए 40.1 फीसदी, लक्षद्वीप में 37.1, केरल 35.8, तमिलनाडु 34.1, पुदुच्चेरी 33.6, जम्मू-कश्मीर 33.1 और गोवा में 31.4 फीसदी बच्चे ऑपरेशन के जरिए पैदा हुए हैं. वहीं दिल्ली में सिजेरियन के जरिए पैदा होने वाले बच्चों का प्रतिशत 23.7 है.Video: क्या डॉक्टर नॉर्मल डिलिवरी या ऑपरेशन को लेकर सही जानकारी देते हैं? Input: IANS
सुवर्णा के अभियान को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के समर्थन के सवाल पर अग्रवाल ने कहा कि संस्था ऐसे किसी भी अभियान को समर्थन नहीं देती और संस्था का सिजेरियन और नॉर्मल डिलीवरी पर समान शुल्क लगाने के मामले में कोई अधिकार क्षेत्र नहीं है.
देशभर में बढ़ रहे सिजेरियन के मामलों से चिंतित होकर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने भी राज्यसभा में मामला उठाया था. इस बाबत स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों को दिशा-निर्देश भी जारी किया था.टिप्पणियां
रिपोर्ट के मुताबिक, आंध्र प्रदेश में सिजेरियन के जरिए 40.1 फीसदी, लक्षद्वीप में 37.1, केरल 35.8, तमिलनाडु 34.1, पुदुच्चेरी 33.6, जम्मू-कश्मीर 33.1 और गोवा में 31.4 फीसदी बच्चे ऑपरेशन के जरिए पैदा हुए हैं. वहीं दिल्ली में सिजेरियन के जरिए पैदा होने वाले बच्चों का प्रतिशत 23.7 है.Video: क्या डॉक्टर नॉर्मल डिलिवरी या ऑपरेशन को लेकर सही जानकारी देते हैं? Input: IANS
देशभर में बढ़ रहे सिजेरियन के मामलों से चिंतित होकर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने भी राज्यसभा में मामला उठाया था. इस बाबत स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों को दिशा-निर्देश भी जारी किया था.टिप्पणियां
रिपोर्ट के मुताबिक, आंध्र प्रदेश में सिजेरियन के जरिए 40.1 फीसदी, लक्षद्वीप में 37.1, केरल 35.8, तमिलनाडु 34.1, पुदुच्चेरी 33.6, जम्मू-कश्मीर 33.1 और गोवा में 31.4 फीसदी बच्चे ऑपरेशन के जरिए पैदा हुए हैं. वहीं दिल्ली में सिजेरियन के जरिए पैदा होने वाले बच्चों का प्रतिशत 23.7 है.Video: क्या डॉक्टर नॉर्मल डिलिवरी या ऑपरेशन को लेकर सही जानकारी देते हैं? Input: IANS
रिपोर्ट के मुताबिक, आंध्र प्रदेश में सिजेरियन के जरिए 40.1 फीसदी, लक्षद्वीप में 37.1, केरल 35.8, तमिलनाडु 34.1, पुदुच्चेरी 33.6, जम्मू-कश्मीर 33.1 और गोवा में 31.4 फीसदी बच्चे ऑपरेशन के जरिए पैदा हुए हैं. वहीं दिल्ली में सिजेरियन के जरिए पैदा होने वाले बच्चों का प्रतिशत 23.7 है.Video: क्या डॉक्टर नॉर्मल डिलिवरी या ऑपरेशन को लेकर सही जानकारी देते हैं? Input: IANS
Video: क्या डॉक्टर नॉर्मल डिलिवरी या ऑपरेशन को लेकर सही जानकारी देते हैं? Input: IANS | यहाँ एक सारांश है:सिजेरियन डिलीवरी के बहाने मोटी फीस वसूलते हैं डॉक्टर
नॉर्मल और सिजेरियन डिलीवरी की फीस एक होनी चाहिए
हालांकि डॉक्टर्स का कहना है कि फीस तय करना डॉक्टर का अधिकार है | 12 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: एनडीए से नाराज होने वाली पार्टियों की फेहरिस्त लंबी होती जा रही है और इस लिस्ट में अब अनुप्रिया पटेल की पार्टी 'अपना दल' का नाम भी जुड़ गया है. राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) को एनडीए छोड़ कर महागठबंधन में शामिल हुए ज्यादा दिन हुए भी नहीं है कि अब एनडीए की एक और सहयोगी पार्टी अपना दल भी एनडीए से नाराज बताया जा रहा है. अपना दल का कहना है कि उनकी पार्टी को वह सम्मान नहीं मिल पा रहा है, जिसकी हकदार वह है. अब खबर है कि अपना दल की अनुप्रिया पटेल और उनके पति आशीष तब तक किसी भी उत्तर प्रदेश के सरकारी कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लेंगे, जब तक केंद्रीय लीडरशिप इस मसले को हल नहीं करता है.
अपना दल पार्टी की दलील है कि अनुप्रिया पटेल स्वास्थ्य विभाग में केंद्र में मंत्री है लेकिन राज्य में केंद्र के सहयोग से होने वाले स्वास्थ्य विभाग के कार्यक्रम में भी उन्हें नहीं बुलाया जाता है. अपना दल का कहना है कि उनकी पार्टी नाम की ही सहयोगी दल रह गई है. बता दें कि यूपी में अपना दल के 9 विधायक और एक एमएलसी हैं.
बताया जा रहा है कि अपना दल योगी सरकार के रवैये से ज्यादा नाराज है. उसका कहना है कि यूपी में 8 मेडिकल कॉलेज का प्रस्ताव है और इसमें 60 फीसदी पैसा केंद्र से आता है. बावजूद इसके अनुप्रिया पटेल को कार्यक्रमों में नहीं बुलाया जााता है. बता दें कि अपना दल का 9 फीसदी वोट बैंक है.
बताया जा रहा है कि यूपी के सारे कार्यक्रम रद्द कर अनुप्रिया पटेल दिल्ली आ गई हैं. बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार में मंत्री अनुप्रिया पटेल को बुधवार को देवरिया में मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन करना था, मगर उन्होंने अपना कार्यक्रम रद्द कर दिया और वह दिल्ली लौट आईं हैं. हालांकि, अपना दल के प्रतापगढ़ के सांसद हरिबंश सिंह ने कहा कि पीएम मोदी के लीडरशिप में एनडीए अच्छा काम कर रही है.
बता दें कि अनुप्रिया पटेल की पार्टी अपना दल (एस) के राष्ट्रीय अध्यक्ष आशीष पटेल ने मंगलवार को एक खास पत्रकार वार्ता में राज्य भाजपा नेतृत्व पर तीखा प्रहार किया और कहा कि हम कैसे सहयोगी, जिसका सम्मान नहीं. दरअसल मंगलवार को उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थ नगर में मेडिकल कॉलेज के उद्घाटन के अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल को आमंत्रित न किये जाने पर अपना दल नेतृत्व खासा आहत है.
इससे पहले केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के घटक अपना दल-सोनेलाल (अनुप्रिया गुट) के राष्ट्रीय अध्यक्ष आशीष पटेल ने उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के नेतृत्व के प्रति नाराजगी जाहिर करते हुए मंगलवार को कहा कि न केवल अपना दल बल्कि भाजपा के भी कई विधायक, सांसद और मंत्री प्रदेश शासन से नाराज हैं.
पटेल ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में प्रदेश सरकार से नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि अपना दल के कोटे से केन्द्र में मंत्री बनीं अनुप्रिया पटेल को उत्तर प्रदेश में वह सम्मान नहीं मिलता जिसकी वह हकदार हैं. यहां तक कि उन्हें मेडिकल कॉलेजों के उद्घाटन कार्यक्रमों में भी नहीं बुलाया जाता. उन्होंने कहा कि न केवल अपना दल बल्कि खुद भाजपा के विधायक, सांसद और यहां तक कि मंत्री भी प्रदेश ‘शासन-सरकार' से नाराज हैं और वे केन्द्रीय नेतृत्व से मिलकर अपनी नाराजगी जाहिर करना चाहते हैं.
राजनैतिक हलके में तहलका मचाने वाला यह बयान पार्टी अध्यक्ष ने जारी करते हुये कहा कि बंद कमरे में बात हो चुकी है, जब पानी सर के ऊपर निकल रहा है, तो बाहर बात कर रहा हूं. हम सम्मान चाहते हैं और सम्मानजनक सीट चाहते हैं. हलांकि हमें उम्मीद है कि भाजपा शीर्ष नेतृत्व इस संदर्भ में गंभीरता से विचार करेगा. | संक्षिप्त पाठ: अपना दल बीजेपी से नाराज चल रहा है.
अनुप्रिया पटेल देवरिया में कार्यक्रम छोड़ दिल्ली लौट आईं हैं.
योगी सरकार से उपेक्षा का आरोप लगा रही हैं. | 27 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने शुक्रवार को मोबाइल सेवा प्रदाता कम्पनियों भारती एयरटेल, वोडाफोन इंडिया लिमिटेड और स्टर्लिन सेल्युलर लिमिटेड के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया। इन कम्पनियों पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) शासन के दौरान अतिरिक्त 2जी स्पेक्ट्रम हासिल करने का आरोप है।
सीबीआई ने आरोप पत्र में पूर्व दूरसंचार सचिव श्यामल घोष तथा तीन दूरसंचार कम्पनियों के नामों का उल्लेख आरोपी के तौर पर किया है। इन पर आपराधिक साजिश रचने तथा भ्रष्टाचार निरोधक कानून के प्रावधानों के तहत आरोप लगाए गए हैं। बताया गया है कि इस घपले से राजकोष को 846 कारोड़ रुपये का नुकसान होता है।
सर्वोच्च न्यायालय ने 29 नवम्बर को सीबीआई को निर्देश दिया था कि वह दूरसंचार कम्पनियों तथा राजग शासन के दौरान 2जी स्पेक्ट्रम के आवंटन में भूमिका निभाने वाले लोगों पर अभियोग चलाए। सर्वोच्च न्यायालय ने यह निर्देश तब दिया, जब महान्यायवादी जीई वाहनवती ने राजग शासन के दौरान इन कम्पनियों को अतिरिक्त स्पेक्ट्रम आवंटित किए जाने में कथित अनियमितता पर अपना दृष्टिकोण पेश किया। राजग शासन में संचार मंत्री प्रमोद महाजन थे।
जांच एजेंसी ने अपनी प्राथमिक सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) में आरोप लगाया था कि इन कम्पनियों ने अवैध तरीके से अतिरिक्त स्पेक्ट्रम हासिल किया, जिसके कारण राजकोष को 500 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ।
दोनों कम्पनियों ने हालांकि इस बात से इंकार किया है कि अतिरिक्त स्पेक्ट्रम हासिल करने के लिए उन्होंने कोई गलत तरीका अपनाया।
सीबीआई ने यह भी कहा कि दूरसंचार विभाग ने महाजन के कार्यकाल (2001-2003) के दौरान दूरसंचार कम्पनियों के लिए आधार स्पेक्ट्रम की क्षमता 4.4 मेगाहट्र्ज से बढ़ाकर 6.2 मेगाहट्र्ज कर दिया था और ग्राहक आधारित मानदंड पर अतिरिक्त स्पेक्ट्रम भी आवंटित किए थे।टिप्पणियां
32 पृष्ठों के आरोपपत्र में कहा गया है, "जांच में खुलासा हुआ है कि तत्कालीन दूरसंचार आयोग के अध्यक्ष श्यामलाल घोष ने तत्कालीन दूरसंचार मंत्री प्रमोद महाजन के साथ साजिश रचकर आरोपी कम्पनियों को उनके प्रतिनिधियों के माध्यम से फायदा पहुंचाया था। इससे राजकोष को 846.44 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।"
अदालत ने आरोपपत्र पर विचार के लिए 14 जनवरी, 2013 की तारीख तय की है।
सीबीआई ने आरोप पत्र में पूर्व दूरसंचार सचिव श्यामल घोष तथा तीन दूरसंचार कम्पनियों के नामों का उल्लेख आरोपी के तौर पर किया है। इन पर आपराधिक साजिश रचने तथा भ्रष्टाचार निरोधक कानून के प्रावधानों के तहत आरोप लगाए गए हैं। बताया गया है कि इस घपले से राजकोष को 846 कारोड़ रुपये का नुकसान होता है।
सर्वोच्च न्यायालय ने 29 नवम्बर को सीबीआई को निर्देश दिया था कि वह दूरसंचार कम्पनियों तथा राजग शासन के दौरान 2जी स्पेक्ट्रम के आवंटन में भूमिका निभाने वाले लोगों पर अभियोग चलाए। सर्वोच्च न्यायालय ने यह निर्देश तब दिया, जब महान्यायवादी जीई वाहनवती ने राजग शासन के दौरान इन कम्पनियों को अतिरिक्त स्पेक्ट्रम आवंटित किए जाने में कथित अनियमितता पर अपना दृष्टिकोण पेश किया। राजग शासन में संचार मंत्री प्रमोद महाजन थे।
जांच एजेंसी ने अपनी प्राथमिक सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) में आरोप लगाया था कि इन कम्पनियों ने अवैध तरीके से अतिरिक्त स्पेक्ट्रम हासिल किया, जिसके कारण राजकोष को 500 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ।
दोनों कम्पनियों ने हालांकि इस बात से इंकार किया है कि अतिरिक्त स्पेक्ट्रम हासिल करने के लिए उन्होंने कोई गलत तरीका अपनाया।
सीबीआई ने यह भी कहा कि दूरसंचार विभाग ने महाजन के कार्यकाल (2001-2003) के दौरान दूरसंचार कम्पनियों के लिए आधार स्पेक्ट्रम की क्षमता 4.4 मेगाहट्र्ज से बढ़ाकर 6.2 मेगाहट्र्ज कर दिया था और ग्राहक आधारित मानदंड पर अतिरिक्त स्पेक्ट्रम भी आवंटित किए थे।टिप्पणियां
32 पृष्ठों के आरोपपत्र में कहा गया है, "जांच में खुलासा हुआ है कि तत्कालीन दूरसंचार आयोग के अध्यक्ष श्यामलाल घोष ने तत्कालीन दूरसंचार मंत्री प्रमोद महाजन के साथ साजिश रचकर आरोपी कम्पनियों को उनके प्रतिनिधियों के माध्यम से फायदा पहुंचाया था। इससे राजकोष को 846.44 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।"
अदालत ने आरोपपत्र पर विचार के लिए 14 जनवरी, 2013 की तारीख तय की है।
सर्वोच्च न्यायालय ने 29 नवम्बर को सीबीआई को निर्देश दिया था कि वह दूरसंचार कम्पनियों तथा राजग शासन के दौरान 2जी स्पेक्ट्रम के आवंटन में भूमिका निभाने वाले लोगों पर अभियोग चलाए। सर्वोच्च न्यायालय ने यह निर्देश तब दिया, जब महान्यायवादी जीई वाहनवती ने राजग शासन के दौरान इन कम्पनियों को अतिरिक्त स्पेक्ट्रम आवंटित किए जाने में कथित अनियमितता पर अपना दृष्टिकोण पेश किया। राजग शासन में संचार मंत्री प्रमोद महाजन थे।
जांच एजेंसी ने अपनी प्राथमिक सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) में आरोप लगाया था कि इन कम्पनियों ने अवैध तरीके से अतिरिक्त स्पेक्ट्रम हासिल किया, जिसके कारण राजकोष को 500 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ।
दोनों कम्पनियों ने हालांकि इस बात से इंकार किया है कि अतिरिक्त स्पेक्ट्रम हासिल करने के लिए उन्होंने कोई गलत तरीका अपनाया।
सीबीआई ने यह भी कहा कि दूरसंचार विभाग ने महाजन के कार्यकाल (2001-2003) के दौरान दूरसंचार कम्पनियों के लिए आधार स्पेक्ट्रम की क्षमता 4.4 मेगाहट्र्ज से बढ़ाकर 6.2 मेगाहट्र्ज कर दिया था और ग्राहक आधारित मानदंड पर अतिरिक्त स्पेक्ट्रम भी आवंटित किए थे।टिप्पणियां
32 पृष्ठों के आरोपपत्र में कहा गया है, "जांच में खुलासा हुआ है कि तत्कालीन दूरसंचार आयोग के अध्यक्ष श्यामलाल घोष ने तत्कालीन दूरसंचार मंत्री प्रमोद महाजन के साथ साजिश रचकर आरोपी कम्पनियों को उनके प्रतिनिधियों के माध्यम से फायदा पहुंचाया था। इससे राजकोष को 846.44 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।"
अदालत ने आरोपपत्र पर विचार के लिए 14 जनवरी, 2013 की तारीख तय की है।
जांच एजेंसी ने अपनी प्राथमिक सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) में आरोप लगाया था कि इन कम्पनियों ने अवैध तरीके से अतिरिक्त स्पेक्ट्रम हासिल किया, जिसके कारण राजकोष को 500 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ।
दोनों कम्पनियों ने हालांकि इस बात से इंकार किया है कि अतिरिक्त स्पेक्ट्रम हासिल करने के लिए उन्होंने कोई गलत तरीका अपनाया।
सीबीआई ने यह भी कहा कि दूरसंचार विभाग ने महाजन के कार्यकाल (2001-2003) के दौरान दूरसंचार कम्पनियों के लिए आधार स्पेक्ट्रम की क्षमता 4.4 मेगाहट्र्ज से बढ़ाकर 6.2 मेगाहट्र्ज कर दिया था और ग्राहक आधारित मानदंड पर अतिरिक्त स्पेक्ट्रम भी आवंटित किए थे।टिप्पणियां
32 पृष्ठों के आरोपपत्र में कहा गया है, "जांच में खुलासा हुआ है कि तत्कालीन दूरसंचार आयोग के अध्यक्ष श्यामलाल घोष ने तत्कालीन दूरसंचार मंत्री प्रमोद महाजन के साथ साजिश रचकर आरोपी कम्पनियों को उनके प्रतिनिधियों के माध्यम से फायदा पहुंचाया था। इससे राजकोष को 846.44 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।"
अदालत ने आरोपपत्र पर विचार के लिए 14 जनवरी, 2013 की तारीख तय की है।
दोनों कम्पनियों ने हालांकि इस बात से इंकार किया है कि अतिरिक्त स्पेक्ट्रम हासिल करने के लिए उन्होंने कोई गलत तरीका अपनाया।
सीबीआई ने यह भी कहा कि दूरसंचार विभाग ने महाजन के कार्यकाल (2001-2003) के दौरान दूरसंचार कम्पनियों के लिए आधार स्पेक्ट्रम की क्षमता 4.4 मेगाहट्र्ज से बढ़ाकर 6.2 मेगाहट्र्ज कर दिया था और ग्राहक आधारित मानदंड पर अतिरिक्त स्पेक्ट्रम भी आवंटित किए थे।टिप्पणियां
32 पृष्ठों के आरोपपत्र में कहा गया है, "जांच में खुलासा हुआ है कि तत्कालीन दूरसंचार आयोग के अध्यक्ष श्यामलाल घोष ने तत्कालीन दूरसंचार मंत्री प्रमोद महाजन के साथ साजिश रचकर आरोपी कम्पनियों को उनके प्रतिनिधियों के माध्यम से फायदा पहुंचाया था। इससे राजकोष को 846.44 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।"
अदालत ने आरोपपत्र पर विचार के लिए 14 जनवरी, 2013 की तारीख तय की है।
सीबीआई ने यह भी कहा कि दूरसंचार विभाग ने महाजन के कार्यकाल (2001-2003) के दौरान दूरसंचार कम्पनियों के लिए आधार स्पेक्ट्रम की क्षमता 4.4 मेगाहट्र्ज से बढ़ाकर 6.2 मेगाहट्र्ज कर दिया था और ग्राहक आधारित मानदंड पर अतिरिक्त स्पेक्ट्रम भी आवंटित किए थे।टिप्पणियां
32 पृष्ठों के आरोपपत्र में कहा गया है, "जांच में खुलासा हुआ है कि तत्कालीन दूरसंचार आयोग के अध्यक्ष श्यामलाल घोष ने तत्कालीन दूरसंचार मंत्री प्रमोद महाजन के साथ साजिश रचकर आरोपी कम्पनियों को उनके प्रतिनिधियों के माध्यम से फायदा पहुंचाया था। इससे राजकोष को 846.44 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।"
अदालत ने आरोपपत्र पर विचार के लिए 14 जनवरी, 2013 की तारीख तय की है।
32 पृष्ठों के आरोपपत्र में कहा गया है, "जांच में खुलासा हुआ है कि तत्कालीन दूरसंचार आयोग के अध्यक्ष श्यामलाल घोष ने तत्कालीन दूरसंचार मंत्री प्रमोद महाजन के साथ साजिश रचकर आरोपी कम्पनियों को उनके प्रतिनिधियों के माध्यम से फायदा पहुंचाया था। इससे राजकोष को 846.44 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।"
अदालत ने आरोपपत्र पर विचार के लिए 14 जनवरी, 2013 की तारीख तय की है।
अदालत ने आरोपपत्र पर विचार के लिए 14 जनवरी, 2013 की तारीख तय की है। | सारांश: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने शुक्रवार को मोबाइल सेवा प्रदाता कम्पनियों भारती एयरटेल, वोडाफोन इंडिया लिमिटेड और स्टर्लिन सेल्युलर लिमिटेड के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया। इन कम्पनियों पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) शासन के दौरान अतिरिक्त 2जी स्पेक् | 7 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर तनाव की स्थिति देखने को मिल रही है. ईरान के विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद जरीफ ने अमेरिका को आगाह किया कि वह बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण पर उसके साथ नया तनाव पैदा नहीं करे. दरअसल, अमेरिका ने मध्यम दूरी तक मार करने वाली ईरान की मिसाइल के हाल के परीक्षण पर बुधवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाई है. इस बैठक में ईरानी मिसाइल परीक्षण पर चर्चा होगी.
जरीफ ने ईरान की यात्रा पर आए फ्रांस के विदेश मंत्री जियां-मार्क आयरो के साथ एक प्रेस कान्फ्रेंस में कहा कि 'हम उम्मीद करते हैं कि नया अमेरिकी प्रशासन ईरान के रक्षा कार्यक्रम का उपयोग..नया तनाव पैदा करने के किसी बहाने के तौर पर नहीं करेगा'.
इस बीच, एपी की एक रिपोर्ट कहती है कि 'जरीफ ने इस बात की पुष्टि या इनकार करने से मना कर दिया कि ईरान ने कोई मिसाइल परीक्षण किया है. उन्होंने कहा कि मिसाइल कार्यक्रम 2015 के ऐतिहासिक समझौते का हिस्सा नहीं है जो विश्व शक्तियों के साथ उनके देश ने किया था. टिप्पणियां
उधर, व्हाइट हाउस ने कल कहा कि वह ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण के ब्योरे का अध्ययन कर रहा है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
जरीफ ने ईरान की यात्रा पर आए फ्रांस के विदेश मंत्री जियां-मार्क आयरो के साथ एक प्रेस कान्फ्रेंस में कहा कि 'हम उम्मीद करते हैं कि नया अमेरिकी प्रशासन ईरान के रक्षा कार्यक्रम का उपयोग..नया तनाव पैदा करने के किसी बहाने के तौर पर नहीं करेगा'.
इस बीच, एपी की एक रिपोर्ट कहती है कि 'जरीफ ने इस बात की पुष्टि या इनकार करने से मना कर दिया कि ईरान ने कोई मिसाइल परीक्षण किया है. उन्होंने कहा कि मिसाइल कार्यक्रम 2015 के ऐतिहासिक समझौते का हिस्सा नहीं है जो विश्व शक्तियों के साथ उनके देश ने किया था. टिप्पणियां
उधर, व्हाइट हाउस ने कल कहा कि वह ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण के ब्योरे का अध्ययन कर रहा है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इस बीच, एपी की एक रिपोर्ट कहती है कि 'जरीफ ने इस बात की पुष्टि या इनकार करने से मना कर दिया कि ईरान ने कोई मिसाइल परीक्षण किया है. उन्होंने कहा कि मिसाइल कार्यक्रम 2015 के ऐतिहासिक समझौते का हिस्सा नहीं है जो विश्व शक्तियों के साथ उनके देश ने किया था. टिप्पणियां
उधर, व्हाइट हाउस ने कल कहा कि वह ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण के ब्योरे का अध्ययन कर रहा है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उधर, व्हाइट हाउस ने कल कहा कि वह ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण के ब्योरे का अध्ययन कर रहा है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त पाठ: अमेरिका ने इस मुद्दे पर UNSC की आपात बैठक बुलाई है.
ईरान के विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद जरीफ ने यह बात कही.
ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण के ब्योरे का अध्ययन कर रहे- व्हाइट हाउस | 22 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: क्रिस गेल और मार्लन सैमुअल्स के शतकों की मदद से वेस्टइंडीज ने सबीना पार्क में दूसरे वनडे क्रिकेट मैच में न्यूजीलैंड को 55 रन से हरा दिया।
फ्लोरिडा में ट्वेंटी-20 मैचों और गुरुवार को पहले वनडे के साथ लगातार तीन अर्धशतक जड़ने वाले गेल ने इस बाद एक कदम आगे बढ़ते हुए 125 रन की पारी खेली। उन्होंने 107 गेंद का सामना करते हुए आठ चौके और नौ छक्के लगाए।
सैमुअल्स ने भी 103 गेंद में सात चौकों और एक छक्के की मदद से 101 रन की पारी खेली, जिससे वेस्टइंडीज ने पांच विकेट पर 315 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम इसके जवाब में बीजे वाटलिंग (नाबाद 72), केन विलियमसन (58) और मार्टिन गुप्टिल (51) के अर्धशतकों के बावजूद 47 ओवर में 260 रन पर सिमट गई।टिप्पणियां
इस जीत के बाद मेजबान टीम ने पांच मैचों की शृंखला में 2-0 की बढ़त बना ली है और उसके पास बुधवार को सेंट किट्स में होने वाले तीसरे वनडे में शृंखला अपने नाम करने का मौका होगा।
गेल ने इस पारी के दौरान अपना 20वां वनडे शतक पूरा किया और ब्रायन लारा को पीछे छोड़कर वेस्टइंडीज की ओर से सर्वाधिक वनडे शतक लगाने वाले बल्लेबाज बने। मैन ऑफ द मैच सैमुअल्स ने तीसरा वनडे शतक पूरा किया।
फ्लोरिडा में ट्वेंटी-20 मैचों और गुरुवार को पहले वनडे के साथ लगातार तीन अर्धशतक जड़ने वाले गेल ने इस बाद एक कदम आगे बढ़ते हुए 125 रन की पारी खेली। उन्होंने 107 गेंद का सामना करते हुए आठ चौके और नौ छक्के लगाए।
सैमुअल्स ने भी 103 गेंद में सात चौकों और एक छक्के की मदद से 101 रन की पारी खेली, जिससे वेस्टइंडीज ने पांच विकेट पर 315 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम इसके जवाब में बीजे वाटलिंग (नाबाद 72), केन विलियमसन (58) और मार्टिन गुप्टिल (51) के अर्धशतकों के बावजूद 47 ओवर में 260 रन पर सिमट गई।टिप्पणियां
इस जीत के बाद मेजबान टीम ने पांच मैचों की शृंखला में 2-0 की बढ़त बना ली है और उसके पास बुधवार को सेंट किट्स में होने वाले तीसरे वनडे में शृंखला अपने नाम करने का मौका होगा।
गेल ने इस पारी के दौरान अपना 20वां वनडे शतक पूरा किया और ब्रायन लारा को पीछे छोड़कर वेस्टइंडीज की ओर से सर्वाधिक वनडे शतक लगाने वाले बल्लेबाज बने। मैन ऑफ द मैच सैमुअल्स ने तीसरा वनडे शतक पूरा किया।
सैमुअल्स ने भी 103 गेंद में सात चौकों और एक छक्के की मदद से 101 रन की पारी खेली, जिससे वेस्टइंडीज ने पांच विकेट पर 315 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम इसके जवाब में बीजे वाटलिंग (नाबाद 72), केन विलियमसन (58) और मार्टिन गुप्टिल (51) के अर्धशतकों के बावजूद 47 ओवर में 260 रन पर सिमट गई।टिप्पणियां
इस जीत के बाद मेजबान टीम ने पांच मैचों की शृंखला में 2-0 की बढ़त बना ली है और उसके पास बुधवार को सेंट किट्स में होने वाले तीसरे वनडे में शृंखला अपने नाम करने का मौका होगा।
गेल ने इस पारी के दौरान अपना 20वां वनडे शतक पूरा किया और ब्रायन लारा को पीछे छोड़कर वेस्टइंडीज की ओर से सर्वाधिक वनडे शतक लगाने वाले बल्लेबाज बने। मैन ऑफ द मैच सैमुअल्स ने तीसरा वनडे शतक पूरा किया।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम इसके जवाब में बीजे वाटलिंग (नाबाद 72), केन विलियमसन (58) और मार्टिन गुप्टिल (51) के अर्धशतकों के बावजूद 47 ओवर में 260 रन पर सिमट गई।टिप्पणियां
इस जीत के बाद मेजबान टीम ने पांच मैचों की शृंखला में 2-0 की बढ़त बना ली है और उसके पास बुधवार को सेंट किट्स में होने वाले तीसरे वनडे में शृंखला अपने नाम करने का मौका होगा।
गेल ने इस पारी के दौरान अपना 20वां वनडे शतक पूरा किया और ब्रायन लारा को पीछे छोड़कर वेस्टइंडीज की ओर से सर्वाधिक वनडे शतक लगाने वाले बल्लेबाज बने। मैन ऑफ द मैच सैमुअल्स ने तीसरा वनडे शतक पूरा किया।
इस जीत के बाद मेजबान टीम ने पांच मैचों की शृंखला में 2-0 की बढ़त बना ली है और उसके पास बुधवार को सेंट किट्स में होने वाले तीसरे वनडे में शृंखला अपने नाम करने का मौका होगा।
गेल ने इस पारी के दौरान अपना 20वां वनडे शतक पूरा किया और ब्रायन लारा को पीछे छोड़कर वेस्टइंडीज की ओर से सर्वाधिक वनडे शतक लगाने वाले बल्लेबाज बने। मैन ऑफ द मैच सैमुअल्स ने तीसरा वनडे शतक पूरा किया।
गेल ने इस पारी के दौरान अपना 20वां वनडे शतक पूरा किया और ब्रायन लारा को पीछे छोड़कर वेस्टइंडीज की ओर से सर्वाधिक वनडे शतक लगाने वाले बल्लेबाज बने। मैन ऑफ द मैच सैमुअल्स ने तीसरा वनडे शतक पूरा किया। | क्रिस गेल और मार्लन सैमुअल्स के शतकों की मदद से वेस्टइंडीज ने सबीना पार्क में दूसरे वनडे क्रिकेट मैच में न्यूजीलैंड को 55 रन से हरा दिया। | 6 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल (Kapil Sibal) ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अमेरिका में होने जा रहे 'हाउडी मोदी' (Howdy Modi) इवेंट पर तंज कसा है. उनका कहना है कि यदि यह इवेंट बाहर न होकर भारत के किसी गांव में होता तो लोग अपनी समस्या उन्हें बता सकते. कपिल सिब्बल ने यह भी कहा कि पीएम मोदी द्वारा आयोजित किए जा रहे 'हाउडी मोदी' सिर्फ बाहरी दिखावा है. उन्होंने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा, ''यदि हाउडी मोदी! भारत के बाहर आयोजित किया जा रहा है, तो इसे यहां भी होना चाहिए. पीएम मोदी को देश के ग्रामीण इलाकों में जाना चाहिए और इस तरह के इवेंट करने चाहिए. इससे लोग उन्हें बताएंगे कि वे किस समस्याओं का सामना कर रहे हैं."
कपिल सिब्बल ने पीएम मोदी के आगामी 'हाउडी मोदी' इवेंट को प्रचार के रूप में भी संदर्भित किया. उन्होंने कहा, ''इस देश के सामान्य लोगों के लिए यह दिखावा कोई मायने नहीं रखता. ऐसी चीजें प्रचार के लिए ठीक है.''
बता दें कि व्हाइट हाउस ने घोषणा की है कि ट्रम्प ह्यूस्टन में 22 सितंबर को आयोजित होने वाले ‘हाउडी मोदी' कार्यक्रम में मोदी के साथ शामिल होंगे जिसमें 50,000 भारतीय अमेरिकी भाग ले रहे हैं. इस घोषणा के एक दिन बाद पाकिस्तान के एक पूर्व शीर्ष राजनयिक हुसैन हक्कानी ने कहा, ‘यह उन लोगों को निश्चित ही निराश करेगा जिनका सोचना था कि खान की वाशिंगटन की हालिया यात्रा अमेरिका और पाकिस्तान के संबंधों में एक बड़ी प्रगति को दर्शाती है.'
मोदी और ट्रम्प की यह इस साल तीसरी मुलाकात होगी. इससे पहले दोनों ने जापान में जून में जी20 शिखर सम्मेलन के इतर और फ्रांस में जुलाई में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन के इतर मुलाकात की थी. | संक्षिप्त सारांश: कपिल सिब्बल ने कसा तंज
पीएम मोदी के हाउडी मोदी इवेंट पर ली चुटकी
बोले- यह बाहरी दिखावा है | 0 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: अमेरिकी नौसेना की विशिष्ट सील टीम ने ओसामा बिन लादेन के खिलाफ राडार की नजरों में धूल झोंकने में सक्षम (स्टैल्थ) हेलीकाप्टरों का इस्तेमाल किया। इससे पहले कभी इन हेलीकाप्टरों को किसी अभियान में नहीं देखा गया। अमेरिकी मीडिया की खबरों में कहा गया कि इनमें से एक हेलीकाप्टर में गड़बड़ी आने पर उसे नष्ट कर दिया गया ताकि यह प्रौद्योगिकी किसी के हाथ न लगे। लगता है कि पेंटागन ने इन हेलीकाप्टरों को किसी खास अभियान के लिए सुरक्षित रखा था। इनके इस्तेमाल से यह भी लगता है कि अमेरिका इस अत्यधिक जोखिम वाले अभियान में कोई चूक नहीं चाहता था। पेंटागन के अधिकारी अभी भी चुप्पी साधे हैं कि स्टैल्थ हेलीकाप्टरों का इस्तेमाल हुआ अथवा नहीं लेकिन एबीसी न्यूज ने अमेरिकी विमानन सूत्रों के हवाले से बताया कि विस्फोट के बाद के फोटो ने सैन्य विश्लेषकों को इनके इस्तेमाल के बारे सोचने पर विवश किया। पूर्व रक्षा अधिकारियों ने बताया कि सिकरोस्की एच-60 ब्लैकहाक के पिछले हिस्से में अतिरिक्त पंखे होते हैं जिससे वह बहुत कम आवाज करता है और उसकी प्रौद्योगिकी एफ-117 स्टैल्थ लडाकू विमान की प्रौद्योगिकी जैसी है जो राडारों की नजर से ओझल रहता है। अमेरिका ने अभियान की खबर के लीक हो जाने के खतरे से कार्रवाई के बारे में पाकिस्तान को सूचित नहीं किया और अफगानिस्तान के ठिकाने से इन हेलीकाप्टरों ने उडान भरकर अपने मकसद को पूरा किया। पेंटागन के शीर्ष अधिकारियों ने बताया यह पहला मौका था। यह इतनी तेजी से और इतने नीचे उड़ान भरता है कि आप नहीं जान सकते कि यह सीधा आपकी ओर आ रहा है, यह निश्चित तौर पर सफलता का हिस्सा था। एक पूर्व विशेष विमानन अधिकारी ने द आर्मी टाइम्स को बताया कि इसका स्टैल्थ लड़ाकू की तरह होना दर्शाता है कि यह ब्लेकहाक का परिष्कृत संस्करण है। ऐबटाबाद में जिस मकान में कार्रवाई की गई उसके पड़ोस में रहने वाले लोगों ने बताया कि जब तक यह बिल्कुल नीचे नहीं आ गया तब तक उसकी आवाज का पता नहीं लगा। अमेरिका ने इससे पहले स्टैल्थ हेलीकाप्टरों का इस्तेमाल नहीं किया था। नब्बे के दशक के मध्य में सेना ने जासूसी हेलीकाप्टर कामनचे के कई प्रोटोटाइप विकसित किये जो उस समय स्टैल्थ प्रौद्योगिकी में एक क्रांतिकारी कदम था। सन् 2004 में रक्षा विभाग ने लेकिन कार्यक्रम को बंद कर दिया और कामनचे हेलीकाप्टर की प्रौद्योगिकी को ही अन्य हेलीकाप्टरों में इस्तेमाल का फैसला किया। तब से सरकार ब्लेकहाक हेलीकाप्टरों की आवाज कम करने की दिशा में काम कर रही थी लेकिन किसी सरकारी कार्यक्रम की घोषणा नहीं की गई। अधिकारियों का कहना है कि जो मलबा देखा गया वह पहली बार किसी स्टैल्थ हेलीकाप्टर का है। उनका मानना है कि स्टैल्थ ब्लैकहाक का कई साल से इस्तेमाल हो रहा था लेकिन इसका पता जनता को नहीं था। | संक्षिप्त पाठ: अमेरिकी नौसेना की विशिष्ट सील टीम ने ओसामा बिन लादेन के खिलाफ राडार की नजरों में धूल झोंकने में सक्षम (स्टैल्थ) हेलीकाप्टरों का इस्तेमाल किया। | 13 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: पूरा उत्तर भारत इन दिनों गर्मी की चपेट में है. सूरज की तपिश से सभी लोग बेहाल हैं. गर्मी से बचने के लिए तरह तरह के उपाय भी कर रहे हैं. सड़कों पर महिलाएं छाता लेकर निकल रही हैं तो वहीं प्यास बुझाने के लिए लोग आम का पना और लस्सी जैसे पेय पदार्थों का सहारा ले रहे हैं. सिर्फ इंसान ही नहीं आग उगलते इस सूरज से बेजुबान जानवर भी परेशान हैं. इन्हें तरावट सिर्फ पानी से ही मिलती है लिहाजा जहां पानी दिखता है पक्षी उसमें नहाने लगते हैं. बन्दर अपनी प्यास बुझाने के लिए नल के नीचे बैठ जाते हैं तो वहीं मोर पेड़ की छांव में ठंडक लेने की कोशिश कर रहे हैं.
वाराणसी से एनडीटीवी के संवाददाता अजय सिंह गर्मी के हालात का जायजा लेने निकलने तो उन्होंने देखा कि एक मोर गर्मी से बचने के लिए पेड़ की छांव में आराम फरमा रहा है. बाहर गर्मी के हालात आप ऐसे भी समझ सकते हैं कि कैमरे के नजदीक जाने के बाद भी ये पेड़ की छांव छोड़ना नहीं चाहता. गर्मी से ठंडक पाने के लिए सिर्फ मोर ही नहीं मैना (पक्षी) को भी ज़रा-सा पानी जमीन पर नजर आया तो उसमे नहा कर अपने शरीर में तरावट लाने की जी भर कोशिश कर रही है. बंदरों का भी यही हाल है. गला तर करने के लिए जहां कहीं भी नल नजर आया उसे खोल कर अपनी प्यास बुझाने लगे हैं. गर्मी से बेहाल मनोज मिश्रा कहते है कि गर्मी तो बहुत ज्यादा बढ़ गई है इससे निजात पाने के लिए चने का सत्तू, नींबू पानी और लस्सी का सेवन कर रहे हैं.
यही नहीं जहां हर समय चहल पहल बनी रहती है, उन बनारस के घाटों को भी सूरज ने अपनी तपिश से खाली कर दिया है. गंगा का किनारा भी लोगों को ठंडक नहीं दे पा रहा है. सडकों पर भी आग बरस रही है. इस तपिस की लहर ऐसी लगती है मानो दूर पानी है, लेकिन नजदीक जाने पर वहां सिर्फ गर्म हवा के थपेड़े होते हैं. घरों में भी लोग इससे बेहाल है, लिहाजा बहुतों ने तो अपनी दिनचर्या को बदल दिया है. गृहिणी विभा कपूर बताती हैं कि गर्मी इतनी ज्यादा हो रही है कि लोग अपने घर के जरूरी काम भी नहीं कर पा रहे हैं. हम लोग अपने ज्यादातर काम सुबह ही कर रहे हैं. दोपहर को लोग घर से नहीं निकलते. टिप्पणियां
मौसम चाहे जैसा हो पर उससे जिंदगी की रफ्तार नहीं थम सकती, लिहाजा लोग काम पर तो निकल रहे हैं पर पूरे बचाव के साथ. महिलाएं छाता लेकर बाहर निकल रही हैं तो पुरुष सिर पर गमछा बांध कर गर्मी से बचने की कोशिश कर रहे हैं. पिछले कई वर्षों से गर्मी में इजाफा हो रहा है. जानकार कहते हैं कि इस गर्मी की वजह मौसम तो है ही लेकिन ज़्यादा बड़ी वजह शहरों का कंक्रीट के जंगल में बदलना है, जिससे पेड़-पौधे न के बराबर रह गए हैं.
हालांकि गर्म मौसम में परेशानी तो होती है लेकिन हर मौसम के अपने फायदे भी होते हैं. और हर मौसम एक-दूसरे से जुड़ा होता है, यानी ज़्यादा गर्मी पड़ने पर ज्यादा बारिश का अनुमान होता है. साथ ही उस मौसम के फल से लेकर पेय पदार्थ का मजा भी अपना होता है. गर्मी के भी अपने तरावट देने वाले अपने पेय पदार्थ हैं, जिसमें लोग अपनी प्यास बुझाते नजर आते हैं.
वाराणसी से एनडीटीवी के संवाददाता अजय सिंह गर्मी के हालात का जायजा लेने निकलने तो उन्होंने देखा कि एक मोर गर्मी से बचने के लिए पेड़ की छांव में आराम फरमा रहा है. बाहर गर्मी के हालात आप ऐसे भी समझ सकते हैं कि कैमरे के नजदीक जाने के बाद भी ये पेड़ की छांव छोड़ना नहीं चाहता. गर्मी से ठंडक पाने के लिए सिर्फ मोर ही नहीं मैना (पक्षी) को भी ज़रा-सा पानी जमीन पर नजर आया तो उसमे नहा कर अपने शरीर में तरावट लाने की जी भर कोशिश कर रही है. बंदरों का भी यही हाल है. गला तर करने के लिए जहां कहीं भी नल नजर आया उसे खोल कर अपनी प्यास बुझाने लगे हैं. गर्मी से बेहाल मनोज मिश्रा कहते है कि गर्मी तो बहुत ज्यादा बढ़ गई है इससे निजात पाने के लिए चने का सत्तू, नींबू पानी और लस्सी का सेवन कर रहे हैं.
यही नहीं जहां हर समय चहल पहल बनी रहती है, उन बनारस के घाटों को भी सूरज ने अपनी तपिश से खाली कर दिया है. गंगा का किनारा भी लोगों को ठंडक नहीं दे पा रहा है. सडकों पर भी आग बरस रही है. इस तपिस की लहर ऐसी लगती है मानो दूर पानी है, लेकिन नजदीक जाने पर वहां सिर्फ गर्म हवा के थपेड़े होते हैं. घरों में भी लोग इससे बेहाल है, लिहाजा बहुतों ने तो अपनी दिनचर्या को बदल दिया है. गृहिणी विभा कपूर बताती हैं कि गर्मी इतनी ज्यादा हो रही है कि लोग अपने घर के जरूरी काम भी नहीं कर पा रहे हैं. हम लोग अपने ज्यादातर काम सुबह ही कर रहे हैं. दोपहर को लोग घर से नहीं निकलते. टिप्पणियां
मौसम चाहे जैसा हो पर उससे जिंदगी की रफ्तार नहीं थम सकती, लिहाजा लोग काम पर तो निकल रहे हैं पर पूरे बचाव के साथ. महिलाएं छाता लेकर बाहर निकल रही हैं तो पुरुष सिर पर गमछा बांध कर गर्मी से बचने की कोशिश कर रहे हैं. पिछले कई वर्षों से गर्मी में इजाफा हो रहा है. जानकार कहते हैं कि इस गर्मी की वजह मौसम तो है ही लेकिन ज़्यादा बड़ी वजह शहरों का कंक्रीट के जंगल में बदलना है, जिससे पेड़-पौधे न के बराबर रह गए हैं.
हालांकि गर्म मौसम में परेशानी तो होती है लेकिन हर मौसम के अपने फायदे भी होते हैं. और हर मौसम एक-दूसरे से जुड़ा होता है, यानी ज़्यादा गर्मी पड़ने पर ज्यादा बारिश का अनुमान होता है. साथ ही उस मौसम के फल से लेकर पेय पदार्थ का मजा भी अपना होता है. गर्मी के भी अपने तरावट देने वाले अपने पेय पदार्थ हैं, जिसमें लोग अपनी प्यास बुझाते नजर आते हैं.
यही नहीं जहां हर समय चहल पहल बनी रहती है, उन बनारस के घाटों को भी सूरज ने अपनी तपिश से खाली कर दिया है. गंगा का किनारा भी लोगों को ठंडक नहीं दे पा रहा है. सडकों पर भी आग बरस रही है. इस तपिस की लहर ऐसी लगती है मानो दूर पानी है, लेकिन नजदीक जाने पर वहां सिर्फ गर्म हवा के थपेड़े होते हैं. घरों में भी लोग इससे बेहाल है, लिहाजा बहुतों ने तो अपनी दिनचर्या को बदल दिया है. गृहिणी विभा कपूर बताती हैं कि गर्मी इतनी ज्यादा हो रही है कि लोग अपने घर के जरूरी काम भी नहीं कर पा रहे हैं. हम लोग अपने ज्यादातर काम सुबह ही कर रहे हैं. दोपहर को लोग घर से नहीं निकलते. टिप्पणियां
मौसम चाहे जैसा हो पर उससे जिंदगी की रफ्तार नहीं थम सकती, लिहाजा लोग काम पर तो निकल रहे हैं पर पूरे बचाव के साथ. महिलाएं छाता लेकर बाहर निकल रही हैं तो पुरुष सिर पर गमछा बांध कर गर्मी से बचने की कोशिश कर रहे हैं. पिछले कई वर्षों से गर्मी में इजाफा हो रहा है. जानकार कहते हैं कि इस गर्मी की वजह मौसम तो है ही लेकिन ज़्यादा बड़ी वजह शहरों का कंक्रीट के जंगल में बदलना है, जिससे पेड़-पौधे न के बराबर रह गए हैं.
हालांकि गर्म मौसम में परेशानी तो होती है लेकिन हर मौसम के अपने फायदे भी होते हैं. और हर मौसम एक-दूसरे से जुड़ा होता है, यानी ज़्यादा गर्मी पड़ने पर ज्यादा बारिश का अनुमान होता है. साथ ही उस मौसम के फल से लेकर पेय पदार्थ का मजा भी अपना होता है. गर्मी के भी अपने तरावट देने वाले अपने पेय पदार्थ हैं, जिसमें लोग अपनी प्यास बुझाते नजर आते हैं.
मौसम चाहे जैसा हो पर उससे जिंदगी की रफ्तार नहीं थम सकती, लिहाजा लोग काम पर तो निकल रहे हैं पर पूरे बचाव के साथ. महिलाएं छाता लेकर बाहर निकल रही हैं तो पुरुष सिर पर गमछा बांध कर गर्मी से बचने की कोशिश कर रहे हैं. पिछले कई वर्षों से गर्मी में इजाफा हो रहा है. जानकार कहते हैं कि इस गर्मी की वजह मौसम तो है ही लेकिन ज़्यादा बड़ी वजह शहरों का कंक्रीट के जंगल में बदलना है, जिससे पेड़-पौधे न के बराबर रह गए हैं.
हालांकि गर्म मौसम में परेशानी तो होती है लेकिन हर मौसम के अपने फायदे भी होते हैं. और हर मौसम एक-दूसरे से जुड़ा होता है, यानी ज़्यादा गर्मी पड़ने पर ज्यादा बारिश का अनुमान होता है. साथ ही उस मौसम के फल से लेकर पेय पदार्थ का मजा भी अपना होता है. गर्मी के भी अपने तरावट देने वाले अपने पेय पदार्थ हैं, जिसमें लोग अपनी प्यास बुझाते नजर आते हैं.
हालांकि गर्म मौसम में परेशानी तो होती है लेकिन हर मौसम के अपने फायदे भी होते हैं. और हर मौसम एक-दूसरे से जुड़ा होता है, यानी ज़्यादा गर्मी पड़ने पर ज्यादा बारिश का अनुमान होता है. साथ ही उस मौसम के फल से लेकर पेय पदार्थ का मजा भी अपना होता है. गर्मी के भी अपने तरावट देने वाले अपने पेय पदार्थ हैं, जिसमें लोग अपनी प्यास बुझाते नजर आते हैं. | गर्मी के कारण बनारस के घाट खाली हो गए हैं
लोग अपने काम सुबह ही निपटाने की कोशिश करते हैं
पक्षी और जानवर भी हैं गर्मी से परेशान | 34 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: नागरिकता काननू पर जहां देश के विश्वविद्यालयों के छात्र और विपक्ष के नेता लगातार विरोध कर रहे हैं वहीं पीएम मोदी ने एक बार फिर इस कानून पर अपनी मुहर लगा दी है साथ ही प्रदर्शनों के दौरा हिंसा पर भी सवाल खड़े किए हैं. पीएम मोदी ने ट्वीटर पर बयान देकर साफ कर दिया है कि इन विरोध प्रदर्शनों पर सरकार पर कोई खास असर नहीं होने वाला है. पीएम मोदी ने कहा, 'नागरिकता संशोधन कानून, 2019 को संसद के दोनों सदनों से शानदार समर्थन मिला. बड़ी तादाद में सांसदों तथा राजनातिक दलों ने इसे पारित करना में साथ दिया. यह कानून भारत की सदियों पुरानी स्वीकार्यता, सद्भाव, प्रेम तथा भाईचारे की संस्कृति का प्रतीक है.' इसके बाद पीएम मोदी ने कहा, यह समय शांति, एकता और भाईचारा बनाए रखने का है. मैं सभी को अपील करता हूं कि किसी भी तरह की अफवाह और गलतफहमी से दूर रहें. पीएम मोदी ने एक अन्य ट्वीट में कहा, 'मैं सभी भारतीयों से कहना चाहता हूं कि नागरिकता एक्ट किसी भी भारतीय और धर्म को प्रभावित नहीं करेगा. किसी भी भारतीय को इस कानून से डरने की जरूरत नहीं है. यह कानून सिर्फ उनके के लिए जिन्होंने बाहर अत्याचार झेला है और उनके पास भारत के अलावा कोई और जगह नहीं है. पीएम मोदी ने कहा कि इस समय सभी को साथ मिलकर भारत के विकास, गरीबों और वंचितों के सशक्तिकरण के लिए काम करने की जरूरत है. हम किसी भी समूह को हमें विभाजित और गड़बड़ करने की इजाजत नहीं दे सकते हैं.
इसके बाद पीए मोदी ने अपने एक और ट्वीट में इस कानून के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हिंसा करने वालों को भी संदेश दिया है कि "चर्चा, विचार-विमर्श तथा असहमति लोकतंत्र का अभिन्न अंग होते हैं, लेकिन सार्वजनिक संपत्ति को क्षतिग्रस्त किया जाना तथा सामान्य जनजीवन को बाधित करना हमारी प्रकृति का हिस्सा कभी नहीं रहा है...' माना जा रहा है कि पीएम मोदी ने अपने इन बयानों से साफ संदेश दिया है कि कानून को लेकर सरकार की पीछे हटने की कोई मंशा नहीं है. उनका साफ कहना है कि इसे संसद के दोनों संसदों ने पास किया जहां इसे अच्छा-खासा समर्थन मिला है. दूसरी ओर दिल्ली पुलिस की ओर से गृहमंत्रालय की ओर से जो रिपोर्ट दी गई है उसमें भी इस हिंसा और आगजनी के पीछे विपक्ष का ही हाथ बताया गया है. दिल्ली पुलिस से मिली पर रिपोर्ट के आधार पर गृहमंत्रालय के अधिकारियों ने दी ऑफ द रिकॉर्ड बताया है कि स्थानीय युवकों और जामिया के छात्रों को विपक्षी नेताओं ने भड़काया है. इसमें एक रिसर्च छात्र का भी नाम सामने आ रहा है जो दिल्ली विधानसभा में टिकट पाने की कोशिश कर रहा है.
यह छात्र मूल रूप से बिहार के सीवान जिले का है. वह इस समय दिल्ली आरजेडी यूथ विंग का अध्यक्ष भी है और अभी जामिया का छात्र है. पुलिस की रिपोर्ट में कहा गया है कि कैंपस की कोई बाउंड्री नहीं है. बाहरी लोग कैंपस के अंदर घुसे पत्थर फेंकने लगे. इसके बाद पुलिस के पास कोई और चारा नहीं था, उसे आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा. | PM मोदी ने नागरिकता कानून का किया समर्थन
कहा- संसद के दोनों ने सदनों ने पास किया है कानून
सार्वजनिक संपत्ति को क्षतिग्रस्त किया जाना हमारी संस्कृति का हिस्सा नहीं | 28 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: केन्द्र सरकार के सभी विभागों को सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के क्रियान्वयन से होने वाली वेतन संबंधी विसंगतियों पर गौर करने के लिए समितियां गठित करने को कहा गया है.
कार्मिक मंत्रालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार राष्ट्रीय और विभागीय, दो स्तर की विसंगति समितियां होंगी जिनमें राष्ट्रीय परिषद और विभागीय परिषद के सदस्य आधिकारिक पक्ष और कर्मचारी पक्ष के प्रतिनिधि होंगे.
आदेश के अनुसार विभागीय विसंगति समिति की अध्यक्षता अतिरिक्त सचिव या संयुक्त सचिव (प्रशासन) करेंगे. इस तरह का कोई पद नहीं होने पर मंत्रालय या विभाग का वित्त सलाहकार विभागीय विसंगति समिति का एक सदस्य होगा.टिप्पणियां
आदेश में कहा गया है, ‘‘राष्ट्रीय विसंगति समिति सामान्य श्रेणी के कर्मचारियों के संदर्भ में दो या दो से ज्यादा विभागों की साझा विसंगतियों से निबटेगी. विभागीय विसंगति समिति सिर्फ संबंधित विभाग से जुड़ी विसंगतियों से निबटेगी, जिनका वित्त सलाहकार के विचार में किसी अन्य मंत्रालय या विभाग पर कोई असर नहीं पड़ेगा.’’ (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
कार्मिक मंत्रालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार राष्ट्रीय और विभागीय, दो स्तर की विसंगति समितियां होंगी जिनमें राष्ट्रीय परिषद और विभागीय परिषद के सदस्य आधिकारिक पक्ष और कर्मचारी पक्ष के प्रतिनिधि होंगे.
आदेश के अनुसार विभागीय विसंगति समिति की अध्यक्षता अतिरिक्त सचिव या संयुक्त सचिव (प्रशासन) करेंगे. इस तरह का कोई पद नहीं होने पर मंत्रालय या विभाग का वित्त सलाहकार विभागीय विसंगति समिति का एक सदस्य होगा.टिप्पणियां
आदेश में कहा गया है, ‘‘राष्ट्रीय विसंगति समिति सामान्य श्रेणी के कर्मचारियों के संदर्भ में दो या दो से ज्यादा विभागों की साझा विसंगतियों से निबटेगी. विभागीय विसंगति समिति सिर्फ संबंधित विभाग से जुड़ी विसंगतियों से निबटेगी, जिनका वित्त सलाहकार के विचार में किसी अन्य मंत्रालय या विभाग पर कोई असर नहीं पड़ेगा.’’ (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
आदेश के अनुसार विभागीय विसंगति समिति की अध्यक्षता अतिरिक्त सचिव या संयुक्त सचिव (प्रशासन) करेंगे. इस तरह का कोई पद नहीं होने पर मंत्रालय या विभाग का वित्त सलाहकार विभागीय विसंगति समिति का एक सदस्य होगा.टिप्पणियां
आदेश में कहा गया है, ‘‘राष्ट्रीय विसंगति समिति सामान्य श्रेणी के कर्मचारियों के संदर्भ में दो या दो से ज्यादा विभागों की साझा विसंगतियों से निबटेगी. विभागीय विसंगति समिति सिर्फ संबंधित विभाग से जुड़ी विसंगतियों से निबटेगी, जिनका वित्त सलाहकार के विचार में किसी अन्य मंत्रालय या विभाग पर कोई असर नहीं पड़ेगा.’’ (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
आदेश में कहा गया है, ‘‘राष्ट्रीय विसंगति समिति सामान्य श्रेणी के कर्मचारियों के संदर्भ में दो या दो से ज्यादा विभागों की साझा विसंगतियों से निबटेगी. विभागीय विसंगति समिति सिर्फ संबंधित विभाग से जुड़ी विसंगतियों से निबटेगी, जिनका वित्त सलाहकार के विचार में किसी अन्य मंत्रालय या विभाग पर कोई असर नहीं पड़ेगा.’’ (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यह एक सारांश है: विसंगतियों पर गौर करने के लिए समितियां गठित करने को कहा
दो स्तर की विसंगति समितियां होंगी
विभागीय विसंगति समिति की अध्यक्षता संयुक्त सचिव करेंगे | 24 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: इस वर्ष बिहार में 12वीं कक्षा के परिणाम निराशाजनक रहे हैं. इस साल साइंस, आर्ट्स और कॉमर्स स्ट्रीम में परीक्षा में शामिल हुए कुल 12,40,168 विद्यार्थियों में से केवल 35 प्रतिशत ही पास हुए, यानि 4,37,115 छात्र उत्तीर्ण हुए और बाकी फेल हो गए... 4,37,115 में से केवल 8.34 प्रतिशत यानि 1,03,460 छात्र फर्स्ट डिवीज़न में उत्तीर्ण हुए, जबकि 2,93,260 यानि 23.65 प्रतिशत छात्र सेकेंड डिवीज़न, जबकि 40,395 छात्र थर्ड डिवीज़न से उत्तीर्ण हुए.
विज्ञान संकाय में इस वर्ष जहां 30 प्रतिशत ही परीक्षार्थी सफल हो सके, जबकि पिछले साल 66 फीसदी छात्र पास हुए थे. कला संकाय में 37 प्रतिशत ही परीक्षार्थी सफलता पा सके, जबकि पिछले वर्ष छात्रों का पास प्रतिशत 57 फीसदी था. हालांकि वाणिज्य संकाय में 73.76 प्रतिशत परीक्षार्थी सफल रहे. पिछले वर्ष 80 फीसदी छात्र पास हुए थे.
साइंस स्ट्रीम में परीक्षा में बैठे 6,46,231 छात्रों में से 57,706 यानि 8.93 फीसदी छात्र फर्स्ट डिवीज़न से उत्तीर्ण हुए और रिकॉर्ड 20 प्रतिशत यानि 1,30,800 छात्र सेकेंड डिवीज़न से पास हुए. जबकि 4,49,280 स्टूडेंट्स, लगभग 70 प्रतिशत छात्र पास होने में विफल रहे.
आर्ट्स में 61 प्रतिशत छात्र यानि कुल 3,30,338 फेल हो गए, जबकि 35,975 यानि 6.74 प्रतिशत फर्स्ट डिवीज़न से उत्तीर्ण हुए और 25 फीसदी यानि 1,33,773 छात्र सेकेंड डिवीज़न से पास हुए.टिप्पणियां
कॉमर्स में 25 फीसदी छात्र फेल हो गए.
गौरतलब है कि पिछले वर्ष इंटर टॉपर्स को लेकर एक बड़ा घोटाला सामने आया था. इसके बाद इस घोटाले में संलिप्त रहने के आरोप में समिति के तत्कालीन अध्यक्ष और सचिव सहित कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था और बिहार की देशभर में किरकिरी हुई थी.
विज्ञान संकाय में इस वर्ष जहां 30 प्रतिशत ही परीक्षार्थी सफल हो सके, जबकि पिछले साल 66 फीसदी छात्र पास हुए थे. कला संकाय में 37 प्रतिशत ही परीक्षार्थी सफलता पा सके, जबकि पिछले वर्ष छात्रों का पास प्रतिशत 57 फीसदी था. हालांकि वाणिज्य संकाय में 73.76 प्रतिशत परीक्षार्थी सफल रहे. पिछले वर्ष 80 फीसदी छात्र पास हुए थे.
साइंस स्ट्रीम में परीक्षा में बैठे 6,46,231 छात्रों में से 57,706 यानि 8.93 फीसदी छात्र फर्स्ट डिवीज़न से उत्तीर्ण हुए और रिकॉर्ड 20 प्रतिशत यानि 1,30,800 छात्र सेकेंड डिवीज़न से पास हुए. जबकि 4,49,280 स्टूडेंट्स, लगभग 70 प्रतिशत छात्र पास होने में विफल रहे.
आर्ट्स में 61 प्रतिशत छात्र यानि कुल 3,30,338 फेल हो गए, जबकि 35,975 यानि 6.74 प्रतिशत फर्स्ट डिवीज़न से उत्तीर्ण हुए और 25 फीसदी यानि 1,33,773 छात्र सेकेंड डिवीज़न से पास हुए.टिप्पणियां
कॉमर्स में 25 फीसदी छात्र फेल हो गए.
गौरतलब है कि पिछले वर्ष इंटर टॉपर्स को लेकर एक बड़ा घोटाला सामने आया था. इसके बाद इस घोटाले में संलिप्त रहने के आरोप में समिति के तत्कालीन अध्यक्ष और सचिव सहित कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था और बिहार की देशभर में किरकिरी हुई थी.
साइंस स्ट्रीम में परीक्षा में बैठे 6,46,231 छात्रों में से 57,706 यानि 8.93 फीसदी छात्र फर्स्ट डिवीज़न से उत्तीर्ण हुए और रिकॉर्ड 20 प्रतिशत यानि 1,30,800 छात्र सेकेंड डिवीज़न से पास हुए. जबकि 4,49,280 स्टूडेंट्स, लगभग 70 प्रतिशत छात्र पास होने में विफल रहे.
आर्ट्स में 61 प्रतिशत छात्र यानि कुल 3,30,338 फेल हो गए, जबकि 35,975 यानि 6.74 प्रतिशत फर्स्ट डिवीज़न से उत्तीर्ण हुए और 25 फीसदी यानि 1,33,773 छात्र सेकेंड डिवीज़न से पास हुए.टिप्पणियां
कॉमर्स में 25 फीसदी छात्र फेल हो गए.
गौरतलब है कि पिछले वर्ष इंटर टॉपर्स को लेकर एक बड़ा घोटाला सामने आया था. इसके बाद इस घोटाले में संलिप्त रहने के आरोप में समिति के तत्कालीन अध्यक्ष और सचिव सहित कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था और बिहार की देशभर में किरकिरी हुई थी.
आर्ट्स में 61 प्रतिशत छात्र यानि कुल 3,30,338 फेल हो गए, जबकि 35,975 यानि 6.74 प्रतिशत फर्स्ट डिवीज़न से उत्तीर्ण हुए और 25 फीसदी यानि 1,33,773 छात्र सेकेंड डिवीज़न से पास हुए.टिप्पणियां
कॉमर्स में 25 फीसदी छात्र फेल हो गए.
गौरतलब है कि पिछले वर्ष इंटर टॉपर्स को लेकर एक बड़ा घोटाला सामने आया था. इसके बाद इस घोटाले में संलिप्त रहने के आरोप में समिति के तत्कालीन अध्यक्ष और सचिव सहित कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था और बिहार की देशभर में किरकिरी हुई थी.
कॉमर्स में 25 फीसदी छात्र फेल हो गए.
गौरतलब है कि पिछले वर्ष इंटर टॉपर्स को लेकर एक बड़ा घोटाला सामने आया था. इसके बाद इस घोटाले में संलिप्त रहने के आरोप में समिति के तत्कालीन अध्यक्ष और सचिव सहित कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था और बिहार की देशभर में किरकिरी हुई थी.
गौरतलब है कि पिछले वर्ष इंटर टॉपर्स को लेकर एक बड़ा घोटाला सामने आया था. इसके बाद इस घोटाले में संलिप्त रहने के आरोप में समिति के तत्कालीन अध्यक्ष और सचिव सहित कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था और बिहार की देशभर में किरकिरी हुई थी. | यहाँ एक सारांश है:आर्ट्स में 37.16 फ़ीसदी छात्र ही पास हुए.
साइंस में 86.2% अंकों के साथ खुशबू कुमारी ने टॉप किया.
आर्ट्स में गणेश ने टॉप किया, 82.6% नंबर आए. | 18 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: पाकिस्तान की जेल से छह साल बाद रिहा हुआ हामिद निहाल अंसारी प्यार की डोर में बंधकर पाक चला गया था. वह जिस लड़की के प्यार में डूबकर देशों की सीमाएं लांघता गया उससे वह मिल भी नहीं सका. सूत्रों के अनुसार वह पाकिस्तान की जिस लड़की से प्यार करता था उसने हामिद के पक्ष में अदालत में बयान भी दिया लेकिन वह उस लड़की से मिल नहीं सका.
हामिद ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को बताया कि वह जिस लड़की से प्रेम करते थे उसके मिलने की चाह में पाकिस्तान पहुंच गए थे. विदेश मंत्री और अंसारी के बीच हुई एक बैठक के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि स्वराज ने बातचीत के दौरान हामिद से उनका हालचाल जाना.
रवीश कुमार ने कहा, ‘‘विदेश मंत्री ने अंसारी से पूछा कि वह पाकिस्तान कैसे पहुंचे? इस पर अंसारी ने बताया कि यह सब परिस्थितियों का खेल था...वह एक लड़की के प्रेम में थे और उससे मिलने की चाह में पाकिस्तान पहुंच गए.'' उन्होंने कहा, ‘‘अंसारी को जासूस होने के संदेह में गिरफ्तार कर लिया गया था. जिस लड़की के लिए वह पाकिस्तान गए थे, उसने भी अदालत को यह बताया था कि वह उससे मिलने आए थे लेकिन इसके बाद भी अंसारी को जेल में डाल दिया गया. उन्हें जितनी सजा मिली थी, उससे ज्यादा समय तक जेल में रहना पड़ा.''
सूत्रों के अनुसार संबंधित लड़की ने अंसारी के पक्ष में अदालत में बयान दिया था. लेकिन अंसारी उससे मिल नहीं सके. उन्होंने बताया कि अंसारी ने पाकिस्तान उच्चायोग में वीजा के लिए आवेदन दिया था लेकिन उन्हें वीजा नहीं मिल सका.
(इनपुट भाषा से) | सारांश: हामिद निहाल अंसारी ने सुषमा स्वराज को बताई अपनी आपबीती
जासूस होने के संदेह में गिरफ्तार कर लिया गया था
पाकिस्तान उच्चायोग में आवेदन दिया लेकिन वीजा नहीं मिला | 33 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल राहील शरीफ ने आज भारत पर 'झूठ का पुलिंदा' फैलाने का आरोप लगाया और चेतावनी दी कि उनके देश के खिलाफ कोई आक्रामकता या 'सामरिक मिथ्यानुमान' को बख्शा नहीं जाएगा.
खबर-पख्तूनख्वा प्रांत के रिसालपुर में पाकिस्तानी वायुसेना के रंगरूटों की पासिंग आउट परेड को संबोधित करते हुए राहील ने कहा, 'हमने हाल ही में भयंकर निराशा का दुर्भाग्यपूर्ण प्रदर्शन देखा है' जो 'भारत द्वारा झूठ के पुलिंदे और तथ्यों को गलत रूप से पेश करने' के माध्यम से कश्मीर के भीतर तथा नियंत्रण रेखा पर प्रदर्शित किया जा रहा है'.
सेना प्रमुख ने कहा, 'हम अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपेक्षा करते हैं कि वह एक ऐसे राष्ट्र के प्रति भारतीय कटाक्ष और फर्जीवाड़े की आलोचना करेगा, जिसने आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में अभूतपूर्व योगदान दिया है'. राहील की टिप्पणी का महत्व भारत-पाकिस्तान के बीच मौजूदा तनावपूर्ण संबंधों के कारण और बढ़ गया है. उड़ी आतंकवादी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तानी कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) पर लक्षित हमला किया. हालांकि पाकिस्तान का दावा है कि ऐसा कोई हमला नहीं हुआ है.
राहील ने कहा, 'जानबूझ कर या सामरिक मिथ्यानुमान के कारण उपजी कोई भी आक्रामकता बख्शी नहीं जा सकती और उसका समुचित जवाब दिया जाएगा'. उन्होंने कहा, 'हम किसी भी खतरे से अपनी मातृभूमि का बचाव करने में अडिग रहेंगे. मुझे पूरा विश्वास है कि हमारे देश और उसकी सेना के संयुक्त संकल्प, क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा, इन बलों को सफल नहीं होने देंगे. उनकी गलत योजनाएं विफल होंगी'. राहील ने दावा किया कि पाकिस्तान की शांति और समृद्धि के 'दुश्मन' देश की 'सफलता' को देखकर परेशान हो रहे हैं. टिप्पणियां
उन्होंने जोर देकर कहा, 'हमारे ये दुश्मन अब हमारी उपलब्धियों को कमतर करने और प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष रणनीति के माध्यम से हमारी प्रगति को बेपटरी करने के प्रयास तेज करेंगे'.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
खबर-पख्तूनख्वा प्रांत के रिसालपुर में पाकिस्तानी वायुसेना के रंगरूटों की पासिंग आउट परेड को संबोधित करते हुए राहील ने कहा, 'हमने हाल ही में भयंकर निराशा का दुर्भाग्यपूर्ण प्रदर्शन देखा है' जो 'भारत द्वारा झूठ के पुलिंदे और तथ्यों को गलत रूप से पेश करने' के माध्यम से कश्मीर के भीतर तथा नियंत्रण रेखा पर प्रदर्शित किया जा रहा है'.
सेना प्रमुख ने कहा, 'हम अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपेक्षा करते हैं कि वह एक ऐसे राष्ट्र के प्रति भारतीय कटाक्ष और फर्जीवाड़े की आलोचना करेगा, जिसने आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में अभूतपूर्व योगदान दिया है'. राहील की टिप्पणी का महत्व भारत-पाकिस्तान के बीच मौजूदा तनावपूर्ण संबंधों के कारण और बढ़ गया है. उड़ी आतंकवादी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तानी कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) पर लक्षित हमला किया. हालांकि पाकिस्तान का दावा है कि ऐसा कोई हमला नहीं हुआ है.
राहील ने कहा, 'जानबूझ कर या सामरिक मिथ्यानुमान के कारण उपजी कोई भी आक्रामकता बख्शी नहीं जा सकती और उसका समुचित जवाब दिया जाएगा'. उन्होंने कहा, 'हम किसी भी खतरे से अपनी मातृभूमि का बचाव करने में अडिग रहेंगे. मुझे पूरा विश्वास है कि हमारे देश और उसकी सेना के संयुक्त संकल्प, क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा, इन बलों को सफल नहीं होने देंगे. उनकी गलत योजनाएं विफल होंगी'. राहील ने दावा किया कि पाकिस्तान की शांति और समृद्धि के 'दुश्मन' देश की 'सफलता' को देखकर परेशान हो रहे हैं. टिप्पणियां
उन्होंने जोर देकर कहा, 'हमारे ये दुश्मन अब हमारी उपलब्धियों को कमतर करने और प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष रणनीति के माध्यम से हमारी प्रगति को बेपटरी करने के प्रयास तेज करेंगे'.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सेना प्रमुख ने कहा, 'हम अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपेक्षा करते हैं कि वह एक ऐसे राष्ट्र के प्रति भारतीय कटाक्ष और फर्जीवाड़े की आलोचना करेगा, जिसने आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में अभूतपूर्व योगदान दिया है'. राहील की टिप्पणी का महत्व भारत-पाकिस्तान के बीच मौजूदा तनावपूर्ण संबंधों के कारण और बढ़ गया है. उड़ी आतंकवादी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तानी कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) पर लक्षित हमला किया. हालांकि पाकिस्तान का दावा है कि ऐसा कोई हमला नहीं हुआ है.
राहील ने कहा, 'जानबूझ कर या सामरिक मिथ्यानुमान के कारण उपजी कोई भी आक्रामकता बख्शी नहीं जा सकती और उसका समुचित जवाब दिया जाएगा'. उन्होंने कहा, 'हम किसी भी खतरे से अपनी मातृभूमि का बचाव करने में अडिग रहेंगे. मुझे पूरा विश्वास है कि हमारे देश और उसकी सेना के संयुक्त संकल्प, क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा, इन बलों को सफल नहीं होने देंगे. उनकी गलत योजनाएं विफल होंगी'. राहील ने दावा किया कि पाकिस्तान की शांति और समृद्धि के 'दुश्मन' देश की 'सफलता' को देखकर परेशान हो रहे हैं. टिप्पणियां
उन्होंने जोर देकर कहा, 'हमारे ये दुश्मन अब हमारी उपलब्धियों को कमतर करने और प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष रणनीति के माध्यम से हमारी प्रगति को बेपटरी करने के प्रयास तेज करेंगे'.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
राहील ने कहा, 'जानबूझ कर या सामरिक मिथ्यानुमान के कारण उपजी कोई भी आक्रामकता बख्शी नहीं जा सकती और उसका समुचित जवाब दिया जाएगा'. उन्होंने कहा, 'हम किसी भी खतरे से अपनी मातृभूमि का बचाव करने में अडिग रहेंगे. मुझे पूरा विश्वास है कि हमारे देश और उसकी सेना के संयुक्त संकल्प, क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा, इन बलों को सफल नहीं होने देंगे. उनकी गलत योजनाएं विफल होंगी'. राहील ने दावा किया कि पाकिस्तान की शांति और समृद्धि के 'दुश्मन' देश की 'सफलता' को देखकर परेशान हो रहे हैं. टिप्पणियां
उन्होंने जोर देकर कहा, 'हमारे ये दुश्मन अब हमारी उपलब्धियों को कमतर करने और प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष रणनीति के माध्यम से हमारी प्रगति को बेपटरी करने के प्रयास तेज करेंगे'.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने जोर देकर कहा, 'हमारे ये दुश्मन अब हमारी उपलब्धियों को कमतर करने और प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष रणनीति के माध्यम से हमारी प्रगति को बेपटरी करने के प्रयास तेज करेंगे'.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यहाँ एक सारांश है:किसी आक्रामकता या 'सामरिक मिथ्यानुमान' को बख्शा नहीं जाएगा : राहील
हमने हाल ही में भयंकर निराशा का दुर्भाग्यपूर्ण प्रदर्शन देखा- राहील शरीफ
भारत ने पाकिस्तानी कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) पर लक्षित हमला किया था. | 12 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: खुद को प्रधानमंत्री पद की दौड़ से बाहर बताते हुए भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने आज एक प्रकार से स्पष्ट संकेत देते हुए कहा कि यदि वर्ष 2014 के आम चुनाव के बाद भाजपा सत्ता में आती है तो नरेंद्र मोदी शीर्ष पद के उम्मीदवार होंगे।
राजनाथ सिंह ने यह भी दावा किया कि चुनाव के नजदीक आने और चुनाव के बाद भी और अधिक सहयोगी पार्टी में आएंगे। उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि भाजपा के चुनाव प्रचार अभियान में राम जन्मभूमि विवाद के बजाय विकासात्मक मुद्दे अधिक महत्वपूर्ण होंगे।
भाजपा अध्यक्ष ने कहा, यह आवश्यक नहीं है कि पार्टी अध्यक्ष में भीड़ जुटाने की भी क्षमता होनी चाहिए और वही प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार भी होना चाहिए। पार्टी का काम करने के लिए मेरे पास जिम्मेदारी है। मुझे काम करना है और वह काम है.. वर्ष 2014 के चुनाव में पार्टी की जीत।
न्यूयॉर्क और वाशिंगटन की अपनी पांच दिवसीय यात्रा की शुरुआत करते हुए राजनाथ ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, चुनाव से सात महीने पहले, मैंने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी को पार्टी की चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया। इसमें अनोखी बात क्या है ? हमने मोदी को वैसे ही नियुक्त किया है जैसे और पार्टियां नियुक्त करती हैं। इसके मायने क्यों निकाले जा रहे हैं। मैंने उनकी छवि, लोकप्रियता और पार्टी के प्रति प्रतिबद्धता को ध्यान में रखते हुए प्रचार प्रमुख नामित किया है। यह पूछे जाने पर कि ये सभी संकेत क्या मोदी के प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार होने का इशारा करते हैं, राजनाथ सिंह ने कहा, मुख्यमंत्री निसंदेह इस समय भारत के सर्वाधिक लोकप्रिय और कद्दावर नेता हैं।
राजनाथ सिंह ने कहा, वह न केवल गुजरात में भीड़ के बीच लोकप्रिय हैं बल्कि तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार में भी। उत्तर से लेकर दक्षिण तक, पूर्व से पश्चिम तक। राष्ट्रीय दमखम वाले वही एकमात्र नेता हैं। उनकी लोकप्रियता चुनाव में पार्टी की मदद करेगी। पार्टी अध्यक्ष को लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में पेश नहीं किए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि हमेशा ऐसा नहीं होता।
उन्होंने कहा, मेरी रुचि खुद के पार्टी अध्यक्ष रहने के दौरान भाजपा को केंद्र की सत्ता में वापस लाने और भ्रष्टाचार में डूबे कांग्रेस के कुशासन का बोरिया बिस्तर समेटने की है। चुनावी वायदों के सवाल पर उन्होंने कहा कि भाजपा राम जन्मभूमि मुद्दे के बजाय विकासात्मक बहस को बढ़ाएगी। उन्होंने साथ ही कहा, राम मंदिर कभी भी बड़ा चुनावी मुद्दा नहीं रहा। बहुत अधिक कहें तो यह एक राष्ट्रीय मुद्दा है, लेकिन चुनावी मुद्दा नहीं। राजनाथ पार्टी सांसद अनंत कुमार और पार्टी नेताओं विजय जौली और सुधांशु त्रिवेदी के साथ अमेरिका गए हैं। सिंह मंगलवार को वाशिंगटन में एक सम्मेलन में भारत, अफगानिस्तान और क्षेत्रीय सुरक्षा पर अपना महत्वपूर्ण भाषण देंगे।
उन्होंने कहा कि कार्य प्रदर्शन वाली राजग सरकार और भ्रष्टाचार से पीड़ित निकम्मी कांग्रेस की अगुवाई वाली संप्रग सरकार के कार्य प्रदर्शन में तुलना करके भारत की जनता को यह अहसास हो चुका है कि भाजपा एकमात्र समाधान है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि गुजरात , मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ जैसे भाजपा शासित कई राज्यों का कार्य प्रदर्शन जनता देख रही है कि यदि ये राज्य कई कांग्रेस शासित राज्य सरकारों के खराब प्रदर्शन और उद्योगों की खराब हालत के मुकाबले, 24 घंटे बिजली और स्वच्छ तथा प्रभावी प्रशासन उपलब्ध करा सकते हैं तो लोग किसको तरजीह देंगे। लोग अपना मन बना चुके हैं।
वर्ष 2014 में राष्ट्रीय चुनाव का सामना करने के लिए भाजपा द्वारा उठाए गए कदमों का ब्यौरा देते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी ने प्रत्येक बूथ पर चुनाव बूथ समितियों का गठन कर संगठनात्मक स्तर पर बदलाव किए हैं ।
उन्होंने कहा, भारतीय मतदाताओं को अब यह अहसास हो गया है कि केंद्र पांच फीसदी विकास दर की गारंटी नहीं दे सकता जबकि गुजरात, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में करीब दस फीसदी विकास दर है। कोई भी अब अधिक समय तक भारतीय मतदाताओं को बेवकूफ नहीं बना सकता।
कर्नाटक में पार्टी की हालिया हार तथा कई अन्य राज्यों में लगे झटके के बारे में भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि विधानसभा चुनाव और निकाय चुनाव संसदीय चुनावों से अलग होते हैं, जहां लोग स्थिर सरकार के लिए मतदान करते हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस जल्द ही सत्ता से बेदखल हो जाएगी।
राजनाथ सिंह ने कहा, हमें विश्वास है कि कांग्रेस सरकार की विफलता से भाजपा को केंद्र में सत्ता में लौटने में मदद मिलेगी। सत्ता में आने की इच्छुक किसी भी पार्टी को स्वच्छ प्रशासन देना चाहिए और लोगों की जरूरतों को पूरा करना चाहिए। यदि वे इसमें विफल हो जाते हैं तो वे सत्ता से बाहर हो जाएंगे।
सहयोगी दलों के भाजपा छोड़कर जाने के सवाल पर राजनाथ सिंह ने कहा कि भाजपा लोकसभा चुनाव में स्पष्ट बहुमत हासिल करने का प्रयास करेगी लेकिन उसके साथ ही अपने नए और पुराने सहयोगियों को नहीं भूलेगी। उन्होंने कहा, स्पष्ट बहुमत मिलने की उम्मीद के बावजूद हम चाहते हैं कि केंद्र में सरकार में हमारे सहयोगी भागीदारी करें। अब हमारे पास शिवसेना और शिरोमणि अकाली दल हैं तथा चुनाव के करीब आने पर कुछ और पास आ सकते हैं। यदि जरूरत पड़ती है तो चुनाव के बाद भी समान विचारधारा वाले दलों के साथ गठबंधन की संभावना है। पार्टी अध्यक्ष ने कहा कि आने वाले लोकसभा चुनाव में तेलंगाना मुद्दे पर अस्पष्टता को लेकर कांग्रेस का आंध्र प्रदेश में सफाया हो जाएगा। भाजपा एकमात्र ऐसी राष्ट्रीय पार्टी है, जो पृथक तेलंगाना का समर्थन करती है और हमारी राष्ट्रीय कार्यकारिणी में इस संबंध में एक प्रस्ताव पारित किया गया है ।टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि इस मामले में भाजपा में कांग्रेस की तरह कोई अस्पष्टता नहीं है और भाजपा तेलंगाना के पक्ष में है, लेकिन पार्टी उत्तर प्रदेश या अन्य प्रदेशों के बंटवारे का समर्थन नहीं करती, क्योंकि तेलंगाना मुद्दा एकदम अलग मुद्दा है।
उनहेंने कहा, भाजपा सरकार, कांग्रेस सरकार के भ्रष्टाचार और घोटालों की जांच के लिए एक जांच आयोग गठित करने पर विचार करेगी तथा जनता के हितों को सर्वोपरि रखते हुए पारदर्शी और ईमानदार सरकार देगी। भाजपा महासचिव तथा संसद की विदेश मामलों की समिति के अध्यक्ष अनंत कुमार ने कहा कि चार सदस्यीय भाजपा प्रतिनिधिमंडल अमेरिकी सीनेट तथा प्रतिनिधि सभा के सदस्यों से मुलाकात करेगा।
राजनाथ सिंह ने यह भी दावा किया कि चुनाव के नजदीक आने और चुनाव के बाद भी और अधिक सहयोगी पार्टी में आएंगे। उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि भाजपा के चुनाव प्रचार अभियान में राम जन्मभूमि विवाद के बजाय विकासात्मक मुद्दे अधिक महत्वपूर्ण होंगे।
भाजपा अध्यक्ष ने कहा, यह आवश्यक नहीं है कि पार्टी अध्यक्ष में भीड़ जुटाने की भी क्षमता होनी चाहिए और वही प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार भी होना चाहिए। पार्टी का काम करने के लिए मेरे पास जिम्मेदारी है। मुझे काम करना है और वह काम है.. वर्ष 2014 के चुनाव में पार्टी की जीत।
न्यूयॉर्क और वाशिंगटन की अपनी पांच दिवसीय यात्रा की शुरुआत करते हुए राजनाथ ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, चुनाव से सात महीने पहले, मैंने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी को पार्टी की चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया। इसमें अनोखी बात क्या है ? हमने मोदी को वैसे ही नियुक्त किया है जैसे और पार्टियां नियुक्त करती हैं। इसके मायने क्यों निकाले जा रहे हैं। मैंने उनकी छवि, लोकप्रियता और पार्टी के प्रति प्रतिबद्धता को ध्यान में रखते हुए प्रचार प्रमुख नामित किया है। यह पूछे जाने पर कि ये सभी संकेत क्या मोदी के प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार होने का इशारा करते हैं, राजनाथ सिंह ने कहा, मुख्यमंत्री निसंदेह इस समय भारत के सर्वाधिक लोकप्रिय और कद्दावर नेता हैं।
राजनाथ सिंह ने कहा, वह न केवल गुजरात में भीड़ के बीच लोकप्रिय हैं बल्कि तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार में भी। उत्तर से लेकर दक्षिण तक, पूर्व से पश्चिम तक। राष्ट्रीय दमखम वाले वही एकमात्र नेता हैं। उनकी लोकप्रियता चुनाव में पार्टी की मदद करेगी। पार्टी अध्यक्ष को लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में पेश नहीं किए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि हमेशा ऐसा नहीं होता।
उन्होंने कहा, मेरी रुचि खुद के पार्टी अध्यक्ष रहने के दौरान भाजपा को केंद्र की सत्ता में वापस लाने और भ्रष्टाचार में डूबे कांग्रेस के कुशासन का बोरिया बिस्तर समेटने की है। चुनावी वायदों के सवाल पर उन्होंने कहा कि भाजपा राम जन्मभूमि मुद्दे के बजाय विकासात्मक बहस को बढ़ाएगी। उन्होंने साथ ही कहा, राम मंदिर कभी भी बड़ा चुनावी मुद्दा नहीं रहा। बहुत अधिक कहें तो यह एक राष्ट्रीय मुद्दा है, लेकिन चुनावी मुद्दा नहीं। राजनाथ पार्टी सांसद अनंत कुमार और पार्टी नेताओं विजय जौली और सुधांशु त्रिवेदी के साथ अमेरिका गए हैं। सिंह मंगलवार को वाशिंगटन में एक सम्मेलन में भारत, अफगानिस्तान और क्षेत्रीय सुरक्षा पर अपना महत्वपूर्ण भाषण देंगे।
उन्होंने कहा कि कार्य प्रदर्शन वाली राजग सरकार और भ्रष्टाचार से पीड़ित निकम्मी कांग्रेस की अगुवाई वाली संप्रग सरकार के कार्य प्रदर्शन में तुलना करके भारत की जनता को यह अहसास हो चुका है कि भाजपा एकमात्र समाधान है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि गुजरात , मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ जैसे भाजपा शासित कई राज्यों का कार्य प्रदर्शन जनता देख रही है कि यदि ये राज्य कई कांग्रेस शासित राज्य सरकारों के खराब प्रदर्शन और उद्योगों की खराब हालत के मुकाबले, 24 घंटे बिजली और स्वच्छ तथा प्रभावी प्रशासन उपलब्ध करा सकते हैं तो लोग किसको तरजीह देंगे। लोग अपना मन बना चुके हैं।
वर्ष 2014 में राष्ट्रीय चुनाव का सामना करने के लिए भाजपा द्वारा उठाए गए कदमों का ब्यौरा देते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी ने प्रत्येक बूथ पर चुनाव बूथ समितियों का गठन कर संगठनात्मक स्तर पर बदलाव किए हैं ।
उन्होंने कहा, भारतीय मतदाताओं को अब यह अहसास हो गया है कि केंद्र पांच फीसदी विकास दर की गारंटी नहीं दे सकता जबकि गुजरात, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में करीब दस फीसदी विकास दर है। कोई भी अब अधिक समय तक भारतीय मतदाताओं को बेवकूफ नहीं बना सकता।
कर्नाटक में पार्टी की हालिया हार तथा कई अन्य राज्यों में लगे झटके के बारे में भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि विधानसभा चुनाव और निकाय चुनाव संसदीय चुनावों से अलग होते हैं, जहां लोग स्थिर सरकार के लिए मतदान करते हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस जल्द ही सत्ता से बेदखल हो जाएगी।
राजनाथ सिंह ने कहा, हमें विश्वास है कि कांग्रेस सरकार की विफलता से भाजपा को केंद्र में सत्ता में लौटने में मदद मिलेगी। सत्ता में आने की इच्छुक किसी भी पार्टी को स्वच्छ प्रशासन देना चाहिए और लोगों की जरूरतों को पूरा करना चाहिए। यदि वे इसमें विफल हो जाते हैं तो वे सत्ता से बाहर हो जाएंगे।
सहयोगी दलों के भाजपा छोड़कर जाने के सवाल पर राजनाथ सिंह ने कहा कि भाजपा लोकसभा चुनाव में स्पष्ट बहुमत हासिल करने का प्रयास करेगी लेकिन उसके साथ ही अपने नए और पुराने सहयोगियों को नहीं भूलेगी। उन्होंने कहा, स्पष्ट बहुमत मिलने की उम्मीद के बावजूद हम चाहते हैं कि केंद्र में सरकार में हमारे सहयोगी भागीदारी करें। अब हमारे पास शिवसेना और शिरोमणि अकाली दल हैं तथा चुनाव के करीब आने पर कुछ और पास आ सकते हैं। यदि जरूरत पड़ती है तो चुनाव के बाद भी समान विचारधारा वाले दलों के साथ गठबंधन की संभावना है। पार्टी अध्यक्ष ने कहा कि आने वाले लोकसभा चुनाव में तेलंगाना मुद्दे पर अस्पष्टता को लेकर कांग्रेस का आंध्र प्रदेश में सफाया हो जाएगा। भाजपा एकमात्र ऐसी राष्ट्रीय पार्टी है, जो पृथक तेलंगाना का समर्थन करती है और हमारी राष्ट्रीय कार्यकारिणी में इस संबंध में एक प्रस्ताव पारित किया गया है ।टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि इस मामले में भाजपा में कांग्रेस की तरह कोई अस्पष्टता नहीं है और भाजपा तेलंगाना के पक्ष में है, लेकिन पार्टी उत्तर प्रदेश या अन्य प्रदेशों के बंटवारे का समर्थन नहीं करती, क्योंकि तेलंगाना मुद्दा एकदम अलग मुद्दा है।
उनहेंने कहा, भाजपा सरकार, कांग्रेस सरकार के भ्रष्टाचार और घोटालों की जांच के लिए एक जांच आयोग गठित करने पर विचार करेगी तथा जनता के हितों को सर्वोपरि रखते हुए पारदर्शी और ईमानदार सरकार देगी। भाजपा महासचिव तथा संसद की विदेश मामलों की समिति के अध्यक्ष अनंत कुमार ने कहा कि चार सदस्यीय भाजपा प्रतिनिधिमंडल अमेरिकी सीनेट तथा प्रतिनिधि सभा के सदस्यों से मुलाकात करेगा।
भाजपा अध्यक्ष ने कहा, यह आवश्यक नहीं है कि पार्टी अध्यक्ष में भीड़ जुटाने की भी क्षमता होनी चाहिए और वही प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार भी होना चाहिए। पार्टी का काम करने के लिए मेरे पास जिम्मेदारी है। मुझे काम करना है और वह काम है.. वर्ष 2014 के चुनाव में पार्टी की जीत।
न्यूयॉर्क और वाशिंगटन की अपनी पांच दिवसीय यात्रा की शुरुआत करते हुए राजनाथ ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, चुनाव से सात महीने पहले, मैंने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी को पार्टी की चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया। इसमें अनोखी बात क्या है ? हमने मोदी को वैसे ही नियुक्त किया है जैसे और पार्टियां नियुक्त करती हैं। इसके मायने क्यों निकाले जा रहे हैं। मैंने उनकी छवि, लोकप्रियता और पार्टी के प्रति प्रतिबद्धता को ध्यान में रखते हुए प्रचार प्रमुख नामित किया है। यह पूछे जाने पर कि ये सभी संकेत क्या मोदी के प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार होने का इशारा करते हैं, राजनाथ सिंह ने कहा, मुख्यमंत्री निसंदेह इस समय भारत के सर्वाधिक लोकप्रिय और कद्दावर नेता हैं।
राजनाथ सिंह ने कहा, वह न केवल गुजरात में भीड़ के बीच लोकप्रिय हैं बल्कि तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार में भी। उत्तर से लेकर दक्षिण तक, पूर्व से पश्चिम तक। राष्ट्रीय दमखम वाले वही एकमात्र नेता हैं। उनकी लोकप्रियता चुनाव में पार्टी की मदद करेगी। पार्टी अध्यक्ष को लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में पेश नहीं किए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि हमेशा ऐसा नहीं होता।
उन्होंने कहा, मेरी रुचि खुद के पार्टी अध्यक्ष रहने के दौरान भाजपा को केंद्र की सत्ता में वापस लाने और भ्रष्टाचार में डूबे कांग्रेस के कुशासन का बोरिया बिस्तर समेटने की है। चुनावी वायदों के सवाल पर उन्होंने कहा कि भाजपा राम जन्मभूमि मुद्दे के बजाय विकासात्मक बहस को बढ़ाएगी। उन्होंने साथ ही कहा, राम मंदिर कभी भी बड़ा चुनावी मुद्दा नहीं रहा। बहुत अधिक कहें तो यह एक राष्ट्रीय मुद्दा है, लेकिन चुनावी मुद्दा नहीं। राजनाथ पार्टी सांसद अनंत कुमार और पार्टी नेताओं विजय जौली और सुधांशु त्रिवेदी के साथ अमेरिका गए हैं। सिंह मंगलवार को वाशिंगटन में एक सम्मेलन में भारत, अफगानिस्तान और क्षेत्रीय सुरक्षा पर अपना महत्वपूर्ण भाषण देंगे।
उन्होंने कहा कि कार्य प्रदर्शन वाली राजग सरकार और भ्रष्टाचार से पीड़ित निकम्मी कांग्रेस की अगुवाई वाली संप्रग सरकार के कार्य प्रदर्शन में तुलना करके भारत की जनता को यह अहसास हो चुका है कि भाजपा एकमात्र समाधान है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि गुजरात , मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ जैसे भाजपा शासित कई राज्यों का कार्य प्रदर्शन जनता देख रही है कि यदि ये राज्य कई कांग्रेस शासित राज्य सरकारों के खराब प्रदर्शन और उद्योगों की खराब हालत के मुकाबले, 24 घंटे बिजली और स्वच्छ तथा प्रभावी प्रशासन उपलब्ध करा सकते हैं तो लोग किसको तरजीह देंगे। लोग अपना मन बना चुके हैं।
वर्ष 2014 में राष्ट्रीय चुनाव का सामना करने के लिए भाजपा द्वारा उठाए गए कदमों का ब्यौरा देते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी ने प्रत्येक बूथ पर चुनाव बूथ समितियों का गठन कर संगठनात्मक स्तर पर बदलाव किए हैं ।
उन्होंने कहा, भारतीय मतदाताओं को अब यह अहसास हो गया है कि केंद्र पांच फीसदी विकास दर की गारंटी नहीं दे सकता जबकि गुजरात, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में करीब दस फीसदी विकास दर है। कोई भी अब अधिक समय तक भारतीय मतदाताओं को बेवकूफ नहीं बना सकता।
कर्नाटक में पार्टी की हालिया हार तथा कई अन्य राज्यों में लगे झटके के बारे में भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि विधानसभा चुनाव और निकाय चुनाव संसदीय चुनावों से अलग होते हैं, जहां लोग स्थिर सरकार के लिए मतदान करते हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस जल्द ही सत्ता से बेदखल हो जाएगी।
राजनाथ सिंह ने कहा, हमें विश्वास है कि कांग्रेस सरकार की विफलता से भाजपा को केंद्र में सत्ता में लौटने में मदद मिलेगी। सत्ता में आने की इच्छुक किसी भी पार्टी को स्वच्छ प्रशासन देना चाहिए और लोगों की जरूरतों को पूरा करना चाहिए। यदि वे इसमें विफल हो जाते हैं तो वे सत्ता से बाहर हो जाएंगे।
सहयोगी दलों के भाजपा छोड़कर जाने के सवाल पर राजनाथ सिंह ने कहा कि भाजपा लोकसभा चुनाव में स्पष्ट बहुमत हासिल करने का प्रयास करेगी लेकिन उसके साथ ही अपने नए और पुराने सहयोगियों को नहीं भूलेगी। उन्होंने कहा, स्पष्ट बहुमत मिलने की उम्मीद के बावजूद हम चाहते हैं कि केंद्र में सरकार में हमारे सहयोगी भागीदारी करें। अब हमारे पास शिवसेना और शिरोमणि अकाली दल हैं तथा चुनाव के करीब आने पर कुछ और पास आ सकते हैं। यदि जरूरत पड़ती है तो चुनाव के बाद भी समान विचारधारा वाले दलों के साथ गठबंधन की संभावना है। पार्टी अध्यक्ष ने कहा कि आने वाले लोकसभा चुनाव में तेलंगाना मुद्दे पर अस्पष्टता को लेकर कांग्रेस का आंध्र प्रदेश में सफाया हो जाएगा। भाजपा एकमात्र ऐसी राष्ट्रीय पार्टी है, जो पृथक तेलंगाना का समर्थन करती है और हमारी राष्ट्रीय कार्यकारिणी में इस संबंध में एक प्रस्ताव पारित किया गया है ।टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि इस मामले में भाजपा में कांग्रेस की तरह कोई अस्पष्टता नहीं है और भाजपा तेलंगाना के पक्ष में है, लेकिन पार्टी उत्तर प्रदेश या अन्य प्रदेशों के बंटवारे का समर्थन नहीं करती, क्योंकि तेलंगाना मुद्दा एकदम अलग मुद्दा है।
उनहेंने कहा, भाजपा सरकार, कांग्रेस सरकार के भ्रष्टाचार और घोटालों की जांच के लिए एक जांच आयोग गठित करने पर विचार करेगी तथा जनता के हितों को सर्वोपरि रखते हुए पारदर्शी और ईमानदार सरकार देगी। भाजपा महासचिव तथा संसद की विदेश मामलों की समिति के अध्यक्ष अनंत कुमार ने कहा कि चार सदस्यीय भाजपा प्रतिनिधिमंडल अमेरिकी सीनेट तथा प्रतिनिधि सभा के सदस्यों से मुलाकात करेगा।
न्यूयॉर्क और वाशिंगटन की अपनी पांच दिवसीय यात्रा की शुरुआत करते हुए राजनाथ ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, चुनाव से सात महीने पहले, मैंने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी को पार्टी की चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया। इसमें अनोखी बात क्या है ? हमने मोदी को वैसे ही नियुक्त किया है जैसे और पार्टियां नियुक्त करती हैं। इसके मायने क्यों निकाले जा रहे हैं। मैंने उनकी छवि, लोकप्रियता और पार्टी के प्रति प्रतिबद्धता को ध्यान में रखते हुए प्रचार प्रमुख नामित किया है। यह पूछे जाने पर कि ये सभी संकेत क्या मोदी के प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार होने का इशारा करते हैं, राजनाथ सिंह ने कहा, मुख्यमंत्री निसंदेह इस समय भारत के सर्वाधिक लोकप्रिय और कद्दावर नेता हैं।
राजनाथ सिंह ने कहा, वह न केवल गुजरात में भीड़ के बीच लोकप्रिय हैं बल्कि तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार में भी। उत्तर से लेकर दक्षिण तक, पूर्व से पश्चिम तक। राष्ट्रीय दमखम वाले वही एकमात्र नेता हैं। उनकी लोकप्रियता चुनाव में पार्टी की मदद करेगी। पार्टी अध्यक्ष को लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में पेश नहीं किए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि हमेशा ऐसा नहीं होता।
उन्होंने कहा, मेरी रुचि खुद के पार्टी अध्यक्ष रहने के दौरान भाजपा को केंद्र की सत्ता में वापस लाने और भ्रष्टाचार में डूबे कांग्रेस के कुशासन का बोरिया बिस्तर समेटने की है। चुनावी वायदों के सवाल पर उन्होंने कहा कि भाजपा राम जन्मभूमि मुद्दे के बजाय विकासात्मक बहस को बढ़ाएगी। उन्होंने साथ ही कहा, राम मंदिर कभी भी बड़ा चुनावी मुद्दा नहीं रहा। बहुत अधिक कहें तो यह एक राष्ट्रीय मुद्दा है, लेकिन चुनावी मुद्दा नहीं। राजनाथ पार्टी सांसद अनंत कुमार और पार्टी नेताओं विजय जौली और सुधांशु त्रिवेदी के साथ अमेरिका गए हैं। सिंह मंगलवार को वाशिंगटन में एक सम्मेलन में भारत, अफगानिस्तान और क्षेत्रीय सुरक्षा पर अपना महत्वपूर्ण भाषण देंगे।
उन्होंने कहा कि कार्य प्रदर्शन वाली राजग सरकार और भ्रष्टाचार से पीड़ित निकम्मी कांग्रेस की अगुवाई वाली संप्रग सरकार के कार्य प्रदर्शन में तुलना करके भारत की जनता को यह अहसास हो चुका है कि भाजपा एकमात्र समाधान है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि गुजरात , मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ जैसे भाजपा शासित कई राज्यों का कार्य प्रदर्शन जनता देख रही है कि यदि ये राज्य कई कांग्रेस शासित राज्य सरकारों के खराब प्रदर्शन और उद्योगों की खराब हालत के मुकाबले, 24 घंटे बिजली और स्वच्छ तथा प्रभावी प्रशासन उपलब्ध करा सकते हैं तो लोग किसको तरजीह देंगे। लोग अपना मन बना चुके हैं।
वर्ष 2014 में राष्ट्रीय चुनाव का सामना करने के लिए भाजपा द्वारा उठाए गए कदमों का ब्यौरा देते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी ने प्रत्येक बूथ पर चुनाव बूथ समितियों का गठन कर संगठनात्मक स्तर पर बदलाव किए हैं ।
उन्होंने कहा, भारतीय मतदाताओं को अब यह अहसास हो गया है कि केंद्र पांच फीसदी विकास दर की गारंटी नहीं दे सकता जबकि गुजरात, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में करीब दस फीसदी विकास दर है। कोई भी अब अधिक समय तक भारतीय मतदाताओं को बेवकूफ नहीं बना सकता।
कर्नाटक में पार्टी की हालिया हार तथा कई अन्य राज्यों में लगे झटके के बारे में भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि विधानसभा चुनाव और निकाय चुनाव संसदीय चुनावों से अलग होते हैं, जहां लोग स्थिर सरकार के लिए मतदान करते हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस जल्द ही सत्ता से बेदखल हो जाएगी।
राजनाथ सिंह ने कहा, हमें विश्वास है कि कांग्रेस सरकार की विफलता से भाजपा को केंद्र में सत्ता में लौटने में मदद मिलेगी। सत्ता में आने की इच्छुक किसी भी पार्टी को स्वच्छ प्रशासन देना चाहिए और लोगों की जरूरतों को पूरा करना चाहिए। यदि वे इसमें विफल हो जाते हैं तो वे सत्ता से बाहर हो जाएंगे।
सहयोगी दलों के भाजपा छोड़कर जाने के सवाल पर राजनाथ सिंह ने कहा कि भाजपा लोकसभा चुनाव में स्पष्ट बहुमत हासिल करने का प्रयास करेगी लेकिन उसके साथ ही अपने नए और पुराने सहयोगियों को नहीं भूलेगी। उन्होंने कहा, स्पष्ट बहुमत मिलने की उम्मीद के बावजूद हम चाहते हैं कि केंद्र में सरकार में हमारे सहयोगी भागीदारी करें। अब हमारे पास शिवसेना और शिरोमणि अकाली दल हैं तथा चुनाव के करीब आने पर कुछ और पास आ सकते हैं। यदि जरूरत पड़ती है तो चुनाव के बाद भी समान विचारधारा वाले दलों के साथ गठबंधन की संभावना है। पार्टी अध्यक्ष ने कहा कि आने वाले लोकसभा चुनाव में तेलंगाना मुद्दे पर अस्पष्टता को लेकर कांग्रेस का आंध्र प्रदेश में सफाया हो जाएगा। भाजपा एकमात्र ऐसी राष्ट्रीय पार्टी है, जो पृथक तेलंगाना का समर्थन करती है और हमारी राष्ट्रीय कार्यकारिणी में इस संबंध में एक प्रस्ताव पारित किया गया है ।टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि इस मामले में भाजपा में कांग्रेस की तरह कोई अस्पष्टता नहीं है और भाजपा तेलंगाना के पक्ष में है, लेकिन पार्टी उत्तर प्रदेश या अन्य प्रदेशों के बंटवारे का समर्थन नहीं करती, क्योंकि तेलंगाना मुद्दा एकदम अलग मुद्दा है।
उनहेंने कहा, भाजपा सरकार, कांग्रेस सरकार के भ्रष्टाचार और घोटालों की जांच के लिए एक जांच आयोग गठित करने पर विचार करेगी तथा जनता के हितों को सर्वोपरि रखते हुए पारदर्शी और ईमानदार सरकार देगी। भाजपा महासचिव तथा संसद की विदेश मामलों की समिति के अध्यक्ष अनंत कुमार ने कहा कि चार सदस्यीय भाजपा प्रतिनिधिमंडल अमेरिकी सीनेट तथा प्रतिनिधि सभा के सदस्यों से मुलाकात करेगा।
राजनाथ सिंह ने कहा, वह न केवल गुजरात में भीड़ के बीच लोकप्रिय हैं बल्कि तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार में भी। उत्तर से लेकर दक्षिण तक, पूर्व से पश्चिम तक। राष्ट्रीय दमखम वाले वही एकमात्र नेता हैं। उनकी लोकप्रियता चुनाव में पार्टी की मदद करेगी। पार्टी अध्यक्ष को लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में पेश नहीं किए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि हमेशा ऐसा नहीं होता।
उन्होंने कहा, मेरी रुचि खुद के पार्टी अध्यक्ष रहने के दौरान भाजपा को केंद्र की सत्ता में वापस लाने और भ्रष्टाचार में डूबे कांग्रेस के कुशासन का बोरिया बिस्तर समेटने की है। चुनावी वायदों के सवाल पर उन्होंने कहा कि भाजपा राम जन्मभूमि मुद्दे के बजाय विकासात्मक बहस को बढ़ाएगी। उन्होंने साथ ही कहा, राम मंदिर कभी भी बड़ा चुनावी मुद्दा नहीं रहा। बहुत अधिक कहें तो यह एक राष्ट्रीय मुद्दा है, लेकिन चुनावी मुद्दा नहीं। राजनाथ पार्टी सांसद अनंत कुमार और पार्टी नेताओं विजय जौली और सुधांशु त्रिवेदी के साथ अमेरिका गए हैं। सिंह मंगलवार को वाशिंगटन में एक सम्मेलन में भारत, अफगानिस्तान और क्षेत्रीय सुरक्षा पर अपना महत्वपूर्ण भाषण देंगे।
उन्होंने कहा कि कार्य प्रदर्शन वाली राजग सरकार और भ्रष्टाचार से पीड़ित निकम्मी कांग्रेस की अगुवाई वाली संप्रग सरकार के कार्य प्रदर्शन में तुलना करके भारत की जनता को यह अहसास हो चुका है कि भाजपा एकमात्र समाधान है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि गुजरात , मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ जैसे भाजपा शासित कई राज्यों का कार्य प्रदर्शन जनता देख रही है कि यदि ये राज्य कई कांग्रेस शासित राज्य सरकारों के खराब प्रदर्शन और उद्योगों की खराब हालत के मुकाबले, 24 घंटे बिजली और स्वच्छ तथा प्रभावी प्रशासन उपलब्ध करा सकते हैं तो लोग किसको तरजीह देंगे। लोग अपना मन बना चुके हैं।
वर्ष 2014 में राष्ट्रीय चुनाव का सामना करने के लिए भाजपा द्वारा उठाए गए कदमों का ब्यौरा देते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी ने प्रत्येक बूथ पर चुनाव बूथ समितियों का गठन कर संगठनात्मक स्तर पर बदलाव किए हैं ।
उन्होंने कहा, भारतीय मतदाताओं को अब यह अहसास हो गया है कि केंद्र पांच फीसदी विकास दर की गारंटी नहीं दे सकता जबकि गुजरात, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में करीब दस फीसदी विकास दर है। कोई भी अब अधिक समय तक भारतीय मतदाताओं को बेवकूफ नहीं बना सकता।
कर्नाटक में पार्टी की हालिया हार तथा कई अन्य राज्यों में लगे झटके के बारे में भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि विधानसभा चुनाव और निकाय चुनाव संसदीय चुनावों से अलग होते हैं, जहां लोग स्थिर सरकार के लिए मतदान करते हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस जल्द ही सत्ता से बेदखल हो जाएगी।
राजनाथ सिंह ने कहा, हमें विश्वास है कि कांग्रेस सरकार की विफलता से भाजपा को केंद्र में सत्ता में लौटने में मदद मिलेगी। सत्ता में आने की इच्छुक किसी भी पार्टी को स्वच्छ प्रशासन देना चाहिए और लोगों की जरूरतों को पूरा करना चाहिए। यदि वे इसमें विफल हो जाते हैं तो वे सत्ता से बाहर हो जाएंगे।
सहयोगी दलों के भाजपा छोड़कर जाने के सवाल पर राजनाथ सिंह ने कहा कि भाजपा लोकसभा चुनाव में स्पष्ट बहुमत हासिल करने का प्रयास करेगी लेकिन उसके साथ ही अपने नए और पुराने सहयोगियों को नहीं भूलेगी। उन्होंने कहा, स्पष्ट बहुमत मिलने की उम्मीद के बावजूद हम चाहते हैं कि केंद्र में सरकार में हमारे सहयोगी भागीदारी करें। अब हमारे पास शिवसेना और शिरोमणि अकाली दल हैं तथा चुनाव के करीब आने पर कुछ और पास आ सकते हैं। यदि जरूरत पड़ती है तो चुनाव के बाद भी समान विचारधारा वाले दलों के साथ गठबंधन की संभावना है। पार्टी अध्यक्ष ने कहा कि आने वाले लोकसभा चुनाव में तेलंगाना मुद्दे पर अस्पष्टता को लेकर कांग्रेस का आंध्र प्रदेश में सफाया हो जाएगा। भाजपा एकमात्र ऐसी राष्ट्रीय पार्टी है, जो पृथक तेलंगाना का समर्थन करती है और हमारी राष्ट्रीय कार्यकारिणी में इस संबंध में एक प्रस्ताव पारित किया गया है ।टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि इस मामले में भाजपा में कांग्रेस की तरह कोई अस्पष्टता नहीं है और भाजपा तेलंगाना के पक्ष में है, लेकिन पार्टी उत्तर प्रदेश या अन्य प्रदेशों के बंटवारे का समर्थन नहीं करती, क्योंकि तेलंगाना मुद्दा एकदम अलग मुद्दा है।
उनहेंने कहा, भाजपा सरकार, कांग्रेस सरकार के भ्रष्टाचार और घोटालों की जांच के लिए एक जांच आयोग गठित करने पर विचार करेगी तथा जनता के हितों को सर्वोपरि रखते हुए पारदर्शी और ईमानदार सरकार देगी। भाजपा महासचिव तथा संसद की विदेश मामलों की समिति के अध्यक्ष अनंत कुमार ने कहा कि चार सदस्यीय भाजपा प्रतिनिधिमंडल अमेरिकी सीनेट तथा प्रतिनिधि सभा के सदस्यों से मुलाकात करेगा।
उन्होंने कहा, मेरी रुचि खुद के पार्टी अध्यक्ष रहने के दौरान भाजपा को केंद्र की सत्ता में वापस लाने और भ्रष्टाचार में डूबे कांग्रेस के कुशासन का बोरिया बिस्तर समेटने की है। चुनावी वायदों के सवाल पर उन्होंने कहा कि भाजपा राम जन्मभूमि मुद्दे के बजाय विकासात्मक बहस को बढ़ाएगी। उन्होंने साथ ही कहा, राम मंदिर कभी भी बड़ा चुनावी मुद्दा नहीं रहा। बहुत अधिक कहें तो यह एक राष्ट्रीय मुद्दा है, लेकिन चुनावी मुद्दा नहीं। राजनाथ पार्टी सांसद अनंत कुमार और पार्टी नेताओं विजय जौली और सुधांशु त्रिवेदी के साथ अमेरिका गए हैं। सिंह मंगलवार को वाशिंगटन में एक सम्मेलन में भारत, अफगानिस्तान और क्षेत्रीय सुरक्षा पर अपना महत्वपूर्ण भाषण देंगे।
उन्होंने कहा कि कार्य प्रदर्शन वाली राजग सरकार और भ्रष्टाचार से पीड़ित निकम्मी कांग्रेस की अगुवाई वाली संप्रग सरकार के कार्य प्रदर्शन में तुलना करके भारत की जनता को यह अहसास हो चुका है कि भाजपा एकमात्र समाधान है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि गुजरात , मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ जैसे भाजपा शासित कई राज्यों का कार्य प्रदर्शन जनता देख रही है कि यदि ये राज्य कई कांग्रेस शासित राज्य सरकारों के खराब प्रदर्शन और उद्योगों की खराब हालत के मुकाबले, 24 घंटे बिजली और स्वच्छ तथा प्रभावी प्रशासन उपलब्ध करा सकते हैं तो लोग किसको तरजीह देंगे। लोग अपना मन बना चुके हैं।
वर्ष 2014 में राष्ट्रीय चुनाव का सामना करने के लिए भाजपा द्वारा उठाए गए कदमों का ब्यौरा देते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी ने प्रत्येक बूथ पर चुनाव बूथ समितियों का गठन कर संगठनात्मक स्तर पर बदलाव किए हैं ।
उन्होंने कहा, भारतीय मतदाताओं को अब यह अहसास हो गया है कि केंद्र पांच फीसदी विकास दर की गारंटी नहीं दे सकता जबकि गुजरात, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में करीब दस फीसदी विकास दर है। कोई भी अब अधिक समय तक भारतीय मतदाताओं को बेवकूफ नहीं बना सकता।
कर्नाटक में पार्टी की हालिया हार तथा कई अन्य राज्यों में लगे झटके के बारे में भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि विधानसभा चुनाव और निकाय चुनाव संसदीय चुनावों से अलग होते हैं, जहां लोग स्थिर सरकार के लिए मतदान करते हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस जल्द ही सत्ता से बेदखल हो जाएगी।
राजनाथ सिंह ने कहा, हमें विश्वास है कि कांग्रेस सरकार की विफलता से भाजपा को केंद्र में सत्ता में लौटने में मदद मिलेगी। सत्ता में आने की इच्छुक किसी भी पार्टी को स्वच्छ प्रशासन देना चाहिए और लोगों की जरूरतों को पूरा करना चाहिए। यदि वे इसमें विफल हो जाते हैं तो वे सत्ता से बाहर हो जाएंगे।
सहयोगी दलों के भाजपा छोड़कर जाने के सवाल पर राजनाथ सिंह ने कहा कि भाजपा लोकसभा चुनाव में स्पष्ट बहुमत हासिल करने का प्रयास करेगी लेकिन उसके साथ ही अपने नए और पुराने सहयोगियों को नहीं भूलेगी। उन्होंने कहा, स्पष्ट बहुमत मिलने की उम्मीद के बावजूद हम चाहते हैं कि केंद्र में सरकार में हमारे सहयोगी भागीदारी करें। अब हमारे पास शिवसेना और शिरोमणि अकाली दल हैं तथा चुनाव के करीब आने पर कुछ और पास आ सकते हैं। यदि जरूरत पड़ती है तो चुनाव के बाद भी समान विचारधारा वाले दलों के साथ गठबंधन की संभावना है। पार्टी अध्यक्ष ने कहा कि आने वाले लोकसभा चुनाव में तेलंगाना मुद्दे पर अस्पष्टता को लेकर कांग्रेस का आंध्र प्रदेश में सफाया हो जाएगा। भाजपा एकमात्र ऐसी राष्ट्रीय पार्टी है, जो पृथक तेलंगाना का समर्थन करती है और हमारी राष्ट्रीय कार्यकारिणी में इस संबंध में एक प्रस्ताव पारित किया गया है ।टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि इस मामले में भाजपा में कांग्रेस की तरह कोई अस्पष्टता नहीं है और भाजपा तेलंगाना के पक्ष में है, लेकिन पार्टी उत्तर प्रदेश या अन्य प्रदेशों के बंटवारे का समर्थन नहीं करती, क्योंकि तेलंगाना मुद्दा एकदम अलग मुद्दा है।
उनहेंने कहा, भाजपा सरकार, कांग्रेस सरकार के भ्रष्टाचार और घोटालों की जांच के लिए एक जांच आयोग गठित करने पर विचार करेगी तथा जनता के हितों को सर्वोपरि रखते हुए पारदर्शी और ईमानदार सरकार देगी। भाजपा महासचिव तथा संसद की विदेश मामलों की समिति के अध्यक्ष अनंत कुमार ने कहा कि चार सदस्यीय भाजपा प्रतिनिधिमंडल अमेरिकी सीनेट तथा प्रतिनिधि सभा के सदस्यों से मुलाकात करेगा।
उन्होंने कहा कि कार्य प्रदर्शन वाली राजग सरकार और भ्रष्टाचार से पीड़ित निकम्मी कांग्रेस की अगुवाई वाली संप्रग सरकार के कार्य प्रदर्शन में तुलना करके भारत की जनता को यह अहसास हो चुका है कि भाजपा एकमात्र समाधान है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि गुजरात , मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ जैसे भाजपा शासित कई राज्यों का कार्य प्रदर्शन जनता देख रही है कि यदि ये राज्य कई कांग्रेस शासित राज्य सरकारों के खराब प्रदर्शन और उद्योगों की खराब हालत के मुकाबले, 24 घंटे बिजली और स्वच्छ तथा प्रभावी प्रशासन उपलब्ध करा सकते हैं तो लोग किसको तरजीह देंगे। लोग अपना मन बना चुके हैं।
वर्ष 2014 में राष्ट्रीय चुनाव का सामना करने के लिए भाजपा द्वारा उठाए गए कदमों का ब्यौरा देते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी ने प्रत्येक बूथ पर चुनाव बूथ समितियों का गठन कर संगठनात्मक स्तर पर बदलाव किए हैं ।
उन्होंने कहा, भारतीय मतदाताओं को अब यह अहसास हो गया है कि केंद्र पांच फीसदी विकास दर की गारंटी नहीं दे सकता जबकि गुजरात, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में करीब दस फीसदी विकास दर है। कोई भी अब अधिक समय तक भारतीय मतदाताओं को बेवकूफ नहीं बना सकता।
कर्नाटक में पार्टी की हालिया हार तथा कई अन्य राज्यों में लगे झटके के बारे में भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि विधानसभा चुनाव और निकाय चुनाव संसदीय चुनावों से अलग होते हैं, जहां लोग स्थिर सरकार के लिए मतदान करते हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस जल्द ही सत्ता से बेदखल हो जाएगी।
राजनाथ सिंह ने कहा, हमें विश्वास है कि कांग्रेस सरकार की विफलता से भाजपा को केंद्र में सत्ता में लौटने में मदद मिलेगी। सत्ता में आने की इच्छुक किसी भी पार्टी को स्वच्छ प्रशासन देना चाहिए और लोगों की जरूरतों को पूरा करना चाहिए। यदि वे इसमें विफल हो जाते हैं तो वे सत्ता से बाहर हो जाएंगे।
सहयोगी दलों के भाजपा छोड़कर जाने के सवाल पर राजनाथ सिंह ने कहा कि भाजपा लोकसभा चुनाव में स्पष्ट बहुमत हासिल करने का प्रयास करेगी लेकिन उसके साथ ही अपने नए और पुराने सहयोगियों को नहीं भूलेगी। उन्होंने कहा, स्पष्ट बहुमत मिलने की उम्मीद के बावजूद हम चाहते हैं कि केंद्र में सरकार में हमारे सहयोगी भागीदारी करें। अब हमारे पास शिवसेना और शिरोमणि अकाली दल हैं तथा चुनाव के करीब आने पर कुछ और पास आ सकते हैं। यदि जरूरत पड़ती है तो चुनाव के बाद भी समान विचारधारा वाले दलों के साथ गठबंधन की संभावना है। पार्टी अध्यक्ष ने कहा कि आने वाले लोकसभा चुनाव में तेलंगाना मुद्दे पर अस्पष्टता को लेकर कांग्रेस का आंध्र प्रदेश में सफाया हो जाएगा। भाजपा एकमात्र ऐसी राष्ट्रीय पार्टी है, जो पृथक तेलंगाना का समर्थन करती है और हमारी राष्ट्रीय कार्यकारिणी में इस संबंध में एक प्रस्ताव पारित किया गया है ।टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि इस मामले में भाजपा में कांग्रेस की तरह कोई अस्पष्टता नहीं है और भाजपा तेलंगाना के पक्ष में है, लेकिन पार्टी उत्तर प्रदेश या अन्य प्रदेशों के बंटवारे का समर्थन नहीं करती, क्योंकि तेलंगाना मुद्दा एकदम अलग मुद्दा है।
उनहेंने कहा, भाजपा सरकार, कांग्रेस सरकार के भ्रष्टाचार और घोटालों की जांच के लिए एक जांच आयोग गठित करने पर विचार करेगी तथा जनता के हितों को सर्वोपरि रखते हुए पारदर्शी और ईमानदार सरकार देगी। भाजपा महासचिव तथा संसद की विदेश मामलों की समिति के अध्यक्ष अनंत कुमार ने कहा कि चार सदस्यीय भाजपा प्रतिनिधिमंडल अमेरिकी सीनेट तथा प्रतिनिधि सभा के सदस्यों से मुलाकात करेगा।
राजनाथ सिंह ने कहा कि गुजरात , मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ जैसे भाजपा शासित कई राज्यों का कार्य प्रदर्शन जनता देख रही है कि यदि ये राज्य कई कांग्रेस शासित राज्य सरकारों के खराब प्रदर्शन और उद्योगों की खराब हालत के मुकाबले, 24 घंटे बिजली और स्वच्छ तथा प्रभावी प्रशासन उपलब्ध करा सकते हैं तो लोग किसको तरजीह देंगे। लोग अपना मन बना चुके हैं।
वर्ष 2014 में राष्ट्रीय चुनाव का सामना करने के लिए भाजपा द्वारा उठाए गए कदमों का ब्यौरा देते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी ने प्रत्येक बूथ पर चुनाव बूथ समितियों का गठन कर संगठनात्मक स्तर पर बदलाव किए हैं ।
उन्होंने कहा, भारतीय मतदाताओं को अब यह अहसास हो गया है कि केंद्र पांच फीसदी विकास दर की गारंटी नहीं दे सकता जबकि गुजरात, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में करीब दस फीसदी विकास दर है। कोई भी अब अधिक समय तक भारतीय मतदाताओं को बेवकूफ नहीं बना सकता।
कर्नाटक में पार्टी की हालिया हार तथा कई अन्य राज्यों में लगे झटके के बारे में भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि विधानसभा चुनाव और निकाय चुनाव संसदीय चुनावों से अलग होते हैं, जहां लोग स्थिर सरकार के लिए मतदान करते हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस जल्द ही सत्ता से बेदखल हो जाएगी।
राजनाथ सिंह ने कहा, हमें विश्वास है कि कांग्रेस सरकार की विफलता से भाजपा को केंद्र में सत्ता में लौटने में मदद मिलेगी। सत्ता में आने की इच्छुक किसी भी पार्टी को स्वच्छ प्रशासन देना चाहिए और लोगों की जरूरतों को पूरा करना चाहिए। यदि वे इसमें विफल हो जाते हैं तो वे सत्ता से बाहर हो जाएंगे।
सहयोगी दलों के भाजपा छोड़कर जाने के सवाल पर राजनाथ सिंह ने कहा कि भाजपा लोकसभा चुनाव में स्पष्ट बहुमत हासिल करने का प्रयास करेगी लेकिन उसके साथ ही अपने नए और पुराने सहयोगियों को नहीं भूलेगी। उन्होंने कहा, स्पष्ट बहुमत मिलने की उम्मीद के बावजूद हम चाहते हैं कि केंद्र में सरकार में हमारे सहयोगी भागीदारी करें। अब हमारे पास शिवसेना और शिरोमणि अकाली दल हैं तथा चुनाव के करीब आने पर कुछ और पास आ सकते हैं। यदि जरूरत पड़ती है तो चुनाव के बाद भी समान विचारधारा वाले दलों के साथ गठबंधन की संभावना है। पार्टी अध्यक्ष ने कहा कि आने वाले लोकसभा चुनाव में तेलंगाना मुद्दे पर अस्पष्टता को लेकर कांग्रेस का आंध्र प्रदेश में सफाया हो जाएगा। भाजपा एकमात्र ऐसी राष्ट्रीय पार्टी है, जो पृथक तेलंगाना का समर्थन करती है और हमारी राष्ट्रीय कार्यकारिणी में इस संबंध में एक प्रस्ताव पारित किया गया है ।टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि इस मामले में भाजपा में कांग्रेस की तरह कोई अस्पष्टता नहीं है और भाजपा तेलंगाना के पक्ष में है, लेकिन पार्टी उत्तर प्रदेश या अन्य प्रदेशों के बंटवारे का समर्थन नहीं करती, क्योंकि तेलंगाना मुद्दा एकदम अलग मुद्दा है।
उनहेंने कहा, भाजपा सरकार, कांग्रेस सरकार के भ्रष्टाचार और घोटालों की जांच के लिए एक जांच आयोग गठित करने पर विचार करेगी तथा जनता के हितों को सर्वोपरि रखते हुए पारदर्शी और ईमानदार सरकार देगी। भाजपा महासचिव तथा संसद की विदेश मामलों की समिति के अध्यक्ष अनंत कुमार ने कहा कि चार सदस्यीय भाजपा प्रतिनिधिमंडल अमेरिकी सीनेट तथा प्रतिनिधि सभा के सदस्यों से मुलाकात करेगा।
वर्ष 2014 में राष्ट्रीय चुनाव का सामना करने के लिए भाजपा द्वारा उठाए गए कदमों का ब्यौरा देते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी ने प्रत्येक बूथ पर चुनाव बूथ समितियों का गठन कर संगठनात्मक स्तर पर बदलाव किए हैं ।
उन्होंने कहा, भारतीय मतदाताओं को अब यह अहसास हो गया है कि केंद्र पांच फीसदी विकास दर की गारंटी नहीं दे सकता जबकि गुजरात, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में करीब दस फीसदी विकास दर है। कोई भी अब अधिक समय तक भारतीय मतदाताओं को बेवकूफ नहीं बना सकता।
कर्नाटक में पार्टी की हालिया हार तथा कई अन्य राज्यों में लगे झटके के बारे में भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि विधानसभा चुनाव और निकाय चुनाव संसदीय चुनावों से अलग होते हैं, जहां लोग स्थिर सरकार के लिए मतदान करते हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस जल्द ही सत्ता से बेदखल हो जाएगी।
राजनाथ सिंह ने कहा, हमें विश्वास है कि कांग्रेस सरकार की विफलता से भाजपा को केंद्र में सत्ता में लौटने में मदद मिलेगी। सत्ता में आने की इच्छुक किसी भी पार्टी को स्वच्छ प्रशासन देना चाहिए और लोगों की जरूरतों को पूरा करना चाहिए। यदि वे इसमें विफल हो जाते हैं तो वे सत्ता से बाहर हो जाएंगे।
सहयोगी दलों के भाजपा छोड़कर जाने के सवाल पर राजनाथ सिंह ने कहा कि भाजपा लोकसभा चुनाव में स्पष्ट बहुमत हासिल करने का प्रयास करेगी लेकिन उसके साथ ही अपने नए और पुराने सहयोगियों को नहीं भूलेगी। उन्होंने कहा, स्पष्ट बहुमत मिलने की उम्मीद के बावजूद हम चाहते हैं कि केंद्र में सरकार में हमारे सहयोगी भागीदारी करें। अब हमारे पास शिवसेना और शिरोमणि अकाली दल हैं तथा चुनाव के करीब आने पर कुछ और पास आ सकते हैं। यदि जरूरत पड़ती है तो चुनाव के बाद भी समान विचारधारा वाले दलों के साथ गठबंधन की संभावना है। पार्टी अध्यक्ष ने कहा कि आने वाले लोकसभा चुनाव में तेलंगाना मुद्दे पर अस्पष्टता को लेकर कांग्रेस का आंध्र प्रदेश में सफाया हो जाएगा। भाजपा एकमात्र ऐसी राष्ट्रीय पार्टी है, जो पृथक तेलंगाना का समर्थन करती है और हमारी राष्ट्रीय कार्यकारिणी में इस संबंध में एक प्रस्ताव पारित किया गया है ।टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि इस मामले में भाजपा में कांग्रेस की तरह कोई अस्पष्टता नहीं है और भाजपा तेलंगाना के पक्ष में है, लेकिन पार्टी उत्तर प्रदेश या अन्य प्रदेशों के बंटवारे का समर्थन नहीं करती, क्योंकि तेलंगाना मुद्दा एकदम अलग मुद्दा है।
उनहेंने कहा, भाजपा सरकार, कांग्रेस सरकार के भ्रष्टाचार और घोटालों की जांच के लिए एक जांच आयोग गठित करने पर विचार करेगी तथा जनता के हितों को सर्वोपरि रखते हुए पारदर्शी और ईमानदार सरकार देगी। भाजपा महासचिव तथा संसद की विदेश मामलों की समिति के अध्यक्ष अनंत कुमार ने कहा कि चार सदस्यीय भाजपा प्रतिनिधिमंडल अमेरिकी सीनेट तथा प्रतिनिधि सभा के सदस्यों से मुलाकात करेगा।
उन्होंने कहा, भारतीय मतदाताओं को अब यह अहसास हो गया है कि केंद्र पांच फीसदी विकास दर की गारंटी नहीं दे सकता जबकि गुजरात, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में करीब दस फीसदी विकास दर है। कोई भी अब अधिक समय तक भारतीय मतदाताओं को बेवकूफ नहीं बना सकता।
कर्नाटक में पार्टी की हालिया हार तथा कई अन्य राज्यों में लगे झटके के बारे में भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि विधानसभा चुनाव और निकाय चुनाव संसदीय चुनावों से अलग होते हैं, जहां लोग स्थिर सरकार के लिए मतदान करते हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस जल्द ही सत्ता से बेदखल हो जाएगी।
राजनाथ सिंह ने कहा, हमें विश्वास है कि कांग्रेस सरकार की विफलता से भाजपा को केंद्र में सत्ता में लौटने में मदद मिलेगी। सत्ता में आने की इच्छुक किसी भी पार्टी को स्वच्छ प्रशासन देना चाहिए और लोगों की जरूरतों को पूरा करना चाहिए। यदि वे इसमें विफल हो जाते हैं तो वे सत्ता से बाहर हो जाएंगे।
सहयोगी दलों के भाजपा छोड़कर जाने के सवाल पर राजनाथ सिंह ने कहा कि भाजपा लोकसभा चुनाव में स्पष्ट बहुमत हासिल करने का प्रयास करेगी लेकिन उसके साथ ही अपने नए और पुराने सहयोगियों को नहीं भूलेगी। उन्होंने कहा, स्पष्ट बहुमत मिलने की उम्मीद के बावजूद हम चाहते हैं कि केंद्र में सरकार में हमारे सहयोगी भागीदारी करें। अब हमारे पास शिवसेना और शिरोमणि अकाली दल हैं तथा चुनाव के करीब आने पर कुछ और पास आ सकते हैं। यदि जरूरत पड़ती है तो चुनाव के बाद भी समान विचारधारा वाले दलों के साथ गठबंधन की संभावना है। पार्टी अध्यक्ष ने कहा कि आने वाले लोकसभा चुनाव में तेलंगाना मुद्दे पर अस्पष्टता को लेकर कांग्रेस का आंध्र प्रदेश में सफाया हो जाएगा। भाजपा एकमात्र ऐसी राष्ट्रीय पार्टी है, जो पृथक तेलंगाना का समर्थन करती है और हमारी राष्ट्रीय कार्यकारिणी में इस संबंध में एक प्रस्ताव पारित किया गया है ।टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि इस मामले में भाजपा में कांग्रेस की तरह कोई अस्पष्टता नहीं है और भाजपा तेलंगाना के पक्ष में है, लेकिन पार्टी उत्तर प्रदेश या अन्य प्रदेशों के बंटवारे का समर्थन नहीं करती, क्योंकि तेलंगाना मुद्दा एकदम अलग मुद्दा है।
उनहेंने कहा, भाजपा सरकार, कांग्रेस सरकार के भ्रष्टाचार और घोटालों की जांच के लिए एक जांच आयोग गठित करने पर विचार करेगी तथा जनता के हितों को सर्वोपरि रखते हुए पारदर्शी और ईमानदार सरकार देगी। भाजपा महासचिव तथा संसद की विदेश मामलों की समिति के अध्यक्ष अनंत कुमार ने कहा कि चार सदस्यीय भाजपा प्रतिनिधिमंडल अमेरिकी सीनेट तथा प्रतिनिधि सभा के सदस्यों से मुलाकात करेगा।
कर्नाटक में पार्टी की हालिया हार तथा कई अन्य राज्यों में लगे झटके के बारे में भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि विधानसभा चुनाव और निकाय चुनाव संसदीय चुनावों से अलग होते हैं, जहां लोग स्थिर सरकार के लिए मतदान करते हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस जल्द ही सत्ता से बेदखल हो जाएगी।
राजनाथ सिंह ने कहा, हमें विश्वास है कि कांग्रेस सरकार की विफलता से भाजपा को केंद्र में सत्ता में लौटने में मदद मिलेगी। सत्ता में आने की इच्छुक किसी भी पार्टी को स्वच्छ प्रशासन देना चाहिए और लोगों की जरूरतों को पूरा करना चाहिए। यदि वे इसमें विफल हो जाते हैं तो वे सत्ता से बाहर हो जाएंगे।
सहयोगी दलों के भाजपा छोड़कर जाने के सवाल पर राजनाथ सिंह ने कहा कि भाजपा लोकसभा चुनाव में स्पष्ट बहुमत हासिल करने का प्रयास करेगी लेकिन उसके साथ ही अपने नए और पुराने सहयोगियों को नहीं भूलेगी। उन्होंने कहा, स्पष्ट बहुमत मिलने की उम्मीद के बावजूद हम चाहते हैं कि केंद्र में सरकार में हमारे सहयोगी भागीदारी करें। अब हमारे पास शिवसेना और शिरोमणि अकाली दल हैं तथा चुनाव के करीब आने पर कुछ और पास आ सकते हैं। यदि जरूरत पड़ती है तो चुनाव के बाद भी समान विचारधारा वाले दलों के साथ गठबंधन की संभावना है। पार्टी अध्यक्ष ने कहा कि आने वाले लोकसभा चुनाव में तेलंगाना मुद्दे पर अस्पष्टता को लेकर कांग्रेस का आंध्र प्रदेश में सफाया हो जाएगा। भाजपा एकमात्र ऐसी राष्ट्रीय पार्टी है, जो पृथक तेलंगाना का समर्थन करती है और हमारी राष्ट्रीय कार्यकारिणी में इस संबंध में एक प्रस्ताव पारित किया गया है ।टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि इस मामले में भाजपा में कांग्रेस की तरह कोई अस्पष्टता नहीं है और भाजपा तेलंगाना के पक्ष में है, लेकिन पार्टी उत्तर प्रदेश या अन्य प्रदेशों के बंटवारे का समर्थन नहीं करती, क्योंकि तेलंगाना मुद्दा एकदम अलग मुद्दा है।
उनहेंने कहा, भाजपा सरकार, कांग्रेस सरकार के भ्रष्टाचार और घोटालों की जांच के लिए एक जांच आयोग गठित करने पर विचार करेगी तथा जनता के हितों को सर्वोपरि रखते हुए पारदर्शी और ईमानदार सरकार देगी। भाजपा महासचिव तथा संसद की विदेश मामलों की समिति के अध्यक्ष अनंत कुमार ने कहा कि चार सदस्यीय भाजपा प्रतिनिधिमंडल अमेरिकी सीनेट तथा प्रतिनिधि सभा के सदस्यों से मुलाकात करेगा।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस जल्द ही सत्ता से बेदखल हो जाएगी।
राजनाथ सिंह ने कहा, हमें विश्वास है कि कांग्रेस सरकार की विफलता से भाजपा को केंद्र में सत्ता में लौटने में मदद मिलेगी। सत्ता में आने की इच्छुक किसी भी पार्टी को स्वच्छ प्रशासन देना चाहिए और लोगों की जरूरतों को पूरा करना चाहिए। यदि वे इसमें विफल हो जाते हैं तो वे सत्ता से बाहर हो जाएंगे।
सहयोगी दलों के भाजपा छोड़कर जाने के सवाल पर राजनाथ सिंह ने कहा कि भाजपा लोकसभा चुनाव में स्पष्ट बहुमत हासिल करने का प्रयास करेगी लेकिन उसके साथ ही अपने नए और पुराने सहयोगियों को नहीं भूलेगी। उन्होंने कहा, स्पष्ट बहुमत मिलने की उम्मीद के बावजूद हम चाहते हैं कि केंद्र में सरकार में हमारे सहयोगी भागीदारी करें। अब हमारे पास शिवसेना और शिरोमणि अकाली दल हैं तथा चुनाव के करीब आने पर कुछ और पास आ सकते हैं। यदि जरूरत पड़ती है तो चुनाव के बाद भी समान विचारधारा वाले दलों के साथ गठबंधन की संभावना है। पार्टी अध्यक्ष ने कहा कि आने वाले लोकसभा चुनाव में तेलंगाना मुद्दे पर अस्पष्टता को लेकर कांग्रेस का आंध्र प्रदेश में सफाया हो जाएगा। भाजपा एकमात्र ऐसी राष्ट्रीय पार्टी है, जो पृथक तेलंगाना का समर्थन करती है और हमारी राष्ट्रीय कार्यकारिणी में इस संबंध में एक प्रस्ताव पारित किया गया है ।टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि इस मामले में भाजपा में कांग्रेस की तरह कोई अस्पष्टता नहीं है और भाजपा तेलंगाना के पक्ष में है, लेकिन पार्टी उत्तर प्रदेश या अन्य प्रदेशों के बंटवारे का समर्थन नहीं करती, क्योंकि तेलंगाना मुद्दा एकदम अलग मुद्दा है।
उनहेंने कहा, भाजपा सरकार, कांग्रेस सरकार के भ्रष्टाचार और घोटालों की जांच के लिए एक जांच आयोग गठित करने पर विचार करेगी तथा जनता के हितों को सर्वोपरि रखते हुए पारदर्शी और ईमानदार सरकार देगी। भाजपा महासचिव तथा संसद की विदेश मामलों की समिति के अध्यक्ष अनंत कुमार ने कहा कि चार सदस्यीय भाजपा प्रतिनिधिमंडल अमेरिकी सीनेट तथा प्रतिनिधि सभा के सदस्यों से मुलाकात करेगा।
राजनाथ सिंह ने कहा, हमें विश्वास है कि कांग्रेस सरकार की विफलता से भाजपा को केंद्र में सत्ता में लौटने में मदद मिलेगी। सत्ता में आने की इच्छुक किसी भी पार्टी को स्वच्छ प्रशासन देना चाहिए और लोगों की जरूरतों को पूरा करना चाहिए। यदि वे इसमें विफल हो जाते हैं तो वे सत्ता से बाहर हो जाएंगे।
सहयोगी दलों के भाजपा छोड़कर जाने के सवाल पर राजनाथ सिंह ने कहा कि भाजपा लोकसभा चुनाव में स्पष्ट बहुमत हासिल करने का प्रयास करेगी लेकिन उसके साथ ही अपने नए और पुराने सहयोगियों को नहीं भूलेगी। उन्होंने कहा, स्पष्ट बहुमत मिलने की उम्मीद के बावजूद हम चाहते हैं कि केंद्र में सरकार में हमारे सहयोगी भागीदारी करें। अब हमारे पास शिवसेना और शिरोमणि अकाली दल हैं तथा चुनाव के करीब आने पर कुछ और पास आ सकते हैं। यदि जरूरत पड़ती है तो चुनाव के बाद भी समान विचारधारा वाले दलों के साथ गठबंधन की संभावना है। पार्टी अध्यक्ष ने कहा कि आने वाले लोकसभा चुनाव में तेलंगाना मुद्दे पर अस्पष्टता को लेकर कांग्रेस का आंध्र प्रदेश में सफाया हो जाएगा। भाजपा एकमात्र ऐसी राष्ट्रीय पार्टी है, जो पृथक तेलंगाना का समर्थन करती है और हमारी राष्ट्रीय कार्यकारिणी में इस संबंध में एक प्रस्ताव पारित किया गया है ।टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि इस मामले में भाजपा में कांग्रेस की तरह कोई अस्पष्टता नहीं है और भाजपा तेलंगाना के पक्ष में है, लेकिन पार्टी उत्तर प्रदेश या अन्य प्रदेशों के बंटवारे का समर्थन नहीं करती, क्योंकि तेलंगाना मुद्दा एकदम अलग मुद्दा है।
उनहेंने कहा, भाजपा सरकार, कांग्रेस सरकार के भ्रष्टाचार और घोटालों की जांच के लिए एक जांच आयोग गठित करने पर विचार करेगी तथा जनता के हितों को सर्वोपरि रखते हुए पारदर्शी और ईमानदार सरकार देगी। भाजपा महासचिव तथा संसद की विदेश मामलों की समिति के अध्यक्ष अनंत कुमार ने कहा कि चार सदस्यीय भाजपा प्रतिनिधिमंडल अमेरिकी सीनेट तथा प्रतिनिधि सभा के सदस्यों से मुलाकात करेगा।
उन्होंने कहा कि इस मामले में भाजपा में कांग्रेस की तरह कोई अस्पष्टता नहीं है और भाजपा तेलंगाना के पक्ष में है, लेकिन पार्टी उत्तर प्रदेश या अन्य प्रदेशों के बंटवारे का समर्थन नहीं करती, क्योंकि तेलंगाना मुद्दा एकदम अलग मुद्दा है।
उनहेंने कहा, भाजपा सरकार, कांग्रेस सरकार के भ्रष्टाचार और घोटालों की जांच के लिए एक जांच आयोग गठित करने पर विचार करेगी तथा जनता के हितों को सर्वोपरि रखते हुए पारदर्शी और ईमानदार सरकार देगी। भाजपा महासचिव तथा संसद की विदेश मामलों की समिति के अध्यक्ष अनंत कुमार ने कहा कि चार सदस्यीय भाजपा प्रतिनिधिमंडल अमेरिकी सीनेट तथा प्रतिनिधि सभा के सदस्यों से मुलाकात करेगा।
उनहेंने कहा, भाजपा सरकार, कांग्रेस सरकार के भ्रष्टाचार और घोटालों की जांच के लिए एक जांच आयोग गठित करने पर विचार करेगी तथा जनता के हितों को सर्वोपरि रखते हुए पारदर्शी और ईमानदार सरकार देगी। भाजपा महासचिव तथा संसद की विदेश मामलों की समिति के अध्यक्ष अनंत कुमार ने कहा कि चार सदस्यीय भाजपा प्रतिनिधिमंडल अमेरिकी सीनेट तथा प्रतिनिधि सभा के सदस्यों से मुलाकात करेगा। | संक्षिप्त सारांश: खुद को प्रधानमंत्री पद की दौड़ से बाहर बताते हुए भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने आज एक प्रकार से स्पष्ट संकेत देते हुए कहा कि यदि वर्ष 2014 के आम चुनाव के बाद भाजपा सत्ता में आती है तो नरेंद्र मोदी शीर्ष पद के उम्मीदवार होंगे। | 8 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: केन्या के दिग्गज हरफनमौला खिलाड़ी और पूर्व कप्तान स्टीव टिकोलो ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया है। टिकोलो ने ईडन गार्डन्स स्टेडियम में रविवार को जिम्बाब्वे के खिलाफ आईसीसी विश्व कप-2011 के अंतर्गत अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेला। इस मैच में केन्या की टीम 161 रनों से हार गई। 25 जून, 1971 में नैरोबी में जन्मे टिकोलो ने केन्या के लिए कुल 134 एकदिवसीय मैचों में 29.99 के औसत से 3421 रन बनाए। इसमें तीन शतक और 24 अर्द्धशतक शामिल हैं। टिकोलो ने कुल 64 कैच लपके। एक हरफनमौला खिलाड़ी के तौर पर अपनी पहचान कायम कर चुके टिकोलो ने एकदिवसीय मैचों में 94 विकेट भी झटके। इसके अलावा उन्होंने 20 अंतरराष्ट्रीय ट्वेंटी-20 मैच भी खेले, जिनमें 260 रन बनाने के अलावा तीन विकेट लिए। वर्ष 1996 में भारत के खिलाफ कटक में अपना पहला एकदिवसीय मैच खेलने वाले टिकोलो एक दशक से अधिक समय तक केन्याई क्रिकेट की पहचान रहे। मध्यक्रम के बल्लेबाज के तौर पर टिकोलो ने केन्याई क्रिकेट में कैरेबियाई अंदाज लाने के लिए जाना जाता है। | संक्षिप्त सारांश: टिकोलो ने ईडन गार्डन्स स्टेडियम में जिम्बाब्वे के खिलाफ आईसीसी विश्व कप-2011 के अंतर्गत अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेला। | 8 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमेदीनेजाद ने कहा है कि अलकायदा संस्थापक ओसामा बिन लादेन मारे जाने से पहले कुछ समय तक अमेरिकी हिरासत में था। अहमेदीनेजाद ने ईरानी सरकारी टीवी पर कहा, मेरे पास पक्की सूचना है कि जिस दिन लादेन मारा गया उससे कुछ पहले वह अमेरिकी सेना द्वारा कैद कर लिया गया था। उन्होंने कहा, कृपया मेरी बात पर ध्यान दीजिए। उन्होंने उसे कुछ समय तक कैद में रखा। उन्होंने उसे बीमार पड़ जाने दिया और जब वह बीमार हो गया तब उन्होंने उसे मार डाला। ईरानी राष्ट्रपति ने अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा पर राजनीतिक लाभ के लिए अलकायदा नेता की मौत की घोषणा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, अमेरिकी राष्ट्रपति ने जो कुछ किया वह घरेलू राजनीतिक लाभ के लिए किया। दूसरे शब्दों में, उन्होंने ओबामा के चुनाव (फिर से राष्ट्रपति निर्वाचित होने) के लिए उसे मार डाला। ओसामा के पाकिस्तान के ऐबटाबाद में दो मई को मारे जाने के दो दिन बाद ईरानी रक्षा मंत्री अहमद वहीदी ने भी लादेन की मौत पर संदेह प्रकट किया था। | यह एक सारांश है: ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमेदीनेजाद ने कहा है कि लादेन मारे जाने से पहले कुछ समय तक अमेरिकी हिरासत में था। | 2 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: अमेरिका ने जोर दिया है कि भारत और पाक को तनाव में कमी के लिए ‘सीधी बातचीत’ करनी चाहिए तथा कश्मीर मुद्दे पर बातचीत की गति, दायरा और प्रकृति के बारे में फैसला दोनों देशों को करना है। अमेरिकी विदेश विभाग के उप-प्रवक्ता मार्क टोनर ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच संबंध सामान्य होना दोनों देशों के साथ-साथ क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण हैं।
उन्होंने कहा कि करीबी क्षेत्रीय आर्थिक संबंधों की दिशा में पहल करने वाले कदमों से रोजगारों का भी सृजन हो सकता है, मुद्रास्फीति में कमी आ सकती है और ऊर्जा की आपूर्ति में वृद्धि हो सकती है।
वह पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अजीज के इस बयान पर पूछे गए सवालों का जवाब दे रहे थे कि भारत कश्मीर और अन्य द्विपक्षीय मुद्दों पर बातचीत से परहेज कर रहा है।
टोनर ने कहा, हम समझते हैं कि कश्मीर पर बातचीत की गति, गुंजाइश और प्रकृति के बारे में फैसला भारत और पाकिस्तान को करना है। उन्होंने कहा कि व्यावहारिक सहयोग से भारत और पाकिस्तान को फायदा होगा और हम तनाव में कमी के लिए दोनों देशों को सीधी बातचीत करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। टिप्पणियां
टोनर ने कहा कि अमेरिका, भारत और पाकिस्तान के बीच ऐसे सभी प्रयासों का पूरा समर्थन करता है, जिससे अधिक स्थायी, लोकतांत्रिक और खुशहाल क्षेत्र बनने में मदद मिलती हो, लेकिन इस मुद्दे के बारे में दोनों पक्षों को ही फैसला करना है।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा कि करीबी क्षेत्रीय आर्थिक संबंधों की दिशा में पहल करने वाले कदमों से रोजगारों का भी सृजन हो सकता है, मुद्रास्फीति में कमी आ सकती है और ऊर्जा की आपूर्ति में वृद्धि हो सकती है।
वह पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अजीज के इस बयान पर पूछे गए सवालों का जवाब दे रहे थे कि भारत कश्मीर और अन्य द्विपक्षीय मुद्दों पर बातचीत से परहेज कर रहा है।
टोनर ने कहा, हम समझते हैं कि कश्मीर पर बातचीत की गति, गुंजाइश और प्रकृति के बारे में फैसला भारत और पाकिस्तान को करना है। उन्होंने कहा कि व्यावहारिक सहयोग से भारत और पाकिस्तान को फायदा होगा और हम तनाव में कमी के लिए दोनों देशों को सीधी बातचीत करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। टिप्पणियां
टोनर ने कहा कि अमेरिका, भारत और पाकिस्तान के बीच ऐसे सभी प्रयासों का पूरा समर्थन करता है, जिससे अधिक स्थायी, लोकतांत्रिक और खुशहाल क्षेत्र बनने में मदद मिलती हो, लेकिन इस मुद्दे के बारे में दोनों पक्षों को ही फैसला करना है।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
वह पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अजीज के इस बयान पर पूछे गए सवालों का जवाब दे रहे थे कि भारत कश्मीर और अन्य द्विपक्षीय मुद्दों पर बातचीत से परहेज कर रहा है।
टोनर ने कहा, हम समझते हैं कि कश्मीर पर बातचीत की गति, गुंजाइश और प्रकृति के बारे में फैसला भारत और पाकिस्तान को करना है। उन्होंने कहा कि व्यावहारिक सहयोग से भारत और पाकिस्तान को फायदा होगा और हम तनाव में कमी के लिए दोनों देशों को सीधी बातचीत करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। टिप्पणियां
टोनर ने कहा कि अमेरिका, भारत और पाकिस्तान के बीच ऐसे सभी प्रयासों का पूरा समर्थन करता है, जिससे अधिक स्थायी, लोकतांत्रिक और खुशहाल क्षेत्र बनने में मदद मिलती हो, लेकिन इस मुद्दे के बारे में दोनों पक्षों को ही फैसला करना है।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
टोनर ने कहा, हम समझते हैं कि कश्मीर पर बातचीत की गति, गुंजाइश और प्रकृति के बारे में फैसला भारत और पाकिस्तान को करना है। उन्होंने कहा कि व्यावहारिक सहयोग से भारत और पाकिस्तान को फायदा होगा और हम तनाव में कमी के लिए दोनों देशों को सीधी बातचीत करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। टिप्पणियां
टोनर ने कहा कि अमेरिका, भारत और पाकिस्तान के बीच ऐसे सभी प्रयासों का पूरा समर्थन करता है, जिससे अधिक स्थायी, लोकतांत्रिक और खुशहाल क्षेत्र बनने में मदद मिलती हो, लेकिन इस मुद्दे के बारे में दोनों पक्षों को ही फैसला करना है।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
टोनर ने कहा कि अमेरिका, भारत और पाकिस्तान के बीच ऐसे सभी प्रयासों का पूरा समर्थन करता है, जिससे अधिक स्थायी, लोकतांत्रिक और खुशहाल क्षेत्र बनने में मदद मिलती हो, लेकिन इस मुद्दे के बारे में दोनों पक्षों को ही फैसला करना है।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यह एक सारांश है: भारत-पाकिस्तान के बीच अच्छे संबंधों के पक्षधर
बातचीत की गति-दायरा खुद तय करें
दोनों देशों के बीच बातचीत क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण | 2 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन को सुप्रीम कोर्ट ने आयकर भुगतान के मामले में समन भेजा है। बॉलीवुड के महानायक कहे जाने वाले बिग बी ने कहा है कि वह न्यायालय के आदेशों का पालन करेंगे।
आयकर विभाग ने याचिका दाखिल की है, जिसमें बिग बी को साल 2001-02 में अपने टीवी कार्यक्रम 'कौन बनेगा करोड़पति' के लिए 1.66 करोड़ की आयकर राशि का भुगतान करने को कहा गया है।
अमिताभ ने कहा, जीवन में दो बातें अवश्यंभावी हैं, मौत और आयकर। खैर, मैं न्यायालय के नियमों का पालन करूंगा।टिप्पणियां
अमिताभ फिल्म 'जॉली एलएलबी' की प्रथम झलक के अनावरण के अवसर पर मौजूद थे। फिल्म भारतीय न्याय व्यवस्था के बारे में है। अमिताभ ने कहा कि सौभाग्य से उन्हें कभी भी इस तरह की मुश्किलों का सामना नहीं करना पड़ा है।
फिल्म में अमिताभ के अलावा अभिनेता अरशद वारसी, अमृता राव व बोमन ईरानी भी मु़ख्य भूमिका में हैं।
आयकर विभाग ने याचिका दाखिल की है, जिसमें बिग बी को साल 2001-02 में अपने टीवी कार्यक्रम 'कौन बनेगा करोड़पति' के लिए 1.66 करोड़ की आयकर राशि का भुगतान करने को कहा गया है।
अमिताभ ने कहा, जीवन में दो बातें अवश्यंभावी हैं, मौत और आयकर। खैर, मैं न्यायालय के नियमों का पालन करूंगा।टिप्पणियां
अमिताभ फिल्म 'जॉली एलएलबी' की प्रथम झलक के अनावरण के अवसर पर मौजूद थे। फिल्म भारतीय न्याय व्यवस्था के बारे में है। अमिताभ ने कहा कि सौभाग्य से उन्हें कभी भी इस तरह की मुश्किलों का सामना नहीं करना पड़ा है।
फिल्म में अमिताभ के अलावा अभिनेता अरशद वारसी, अमृता राव व बोमन ईरानी भी मु़ख्य भूमिका में हैं।
अमिताभ ने कहा, जीवन में दो बातें अवश्यंभावी हैं, मौत और आयकर। खैर, मैं न्यायालय के नियमों का पालन करूंगा।टिप्पणियां
अमिताभ फिल्म 'जॉली एलएलबी' की प्रथम झलक के अनावरण के अवसर पर मौजूद थे। फिल्म भारतीय न्याय व्यवस्था के बारे में है। अमिताभ ने कहा कि सौभाग्य से उन्हें कभी भी इस तरह की मुश्किलों का सामना नहीं करना पड़ा है।
फिल्म में अमिताभ के अलावा अभिनेता अरशद वारसी, अमृता राव व बोमन ईरानी भी मु़ख्य भूमिका में हैं।
अमिताभ फिल्म 'जॉली एलएलबी' की प्रथम झलक के अनावरण के अवसर पर मौजूद थे। फिल्म भारतीय न्याय व्यवस्था के बारे में है। अमिताभ ने कहा कि सौभाग्य से उन्हें कभी भी इस तरह की मुश्किलों का सामना नहीं करना पड़ा है।
फिल्म में अमिताभ के अलावा अभिनेता अरशद वारसी, अमृता राव व बोमन ईरानी भी मु़ख्य भूमिका में हैं।
फिल्म में अमिताभ के अलावा अभिनेता अरशद वारसी, अमृता राव व बोमन ईरानी भी मु़ख्य भूमिका में हैं। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: आयकर विभाग ने याचिका दाखिल की है, जिसमें बिग बी को साल 2001-02 में अपने टीवी कार्यक्रम 'कौन बनेगा करोड़पति' के लिए 1.66 करोड़ की आयकर राशि का भुगतान करने को कहा गया है। | 11 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: अमेरिका के न्याय विभाग के मुताबिक आत्मघाती हमला करके यूएस कैपिटल इमारत को उड़ाने की साजिश रचने वाले मोरक्को के एक शख्स को गिरफ्तार कर लिया गया है। शख्स की पहचान 29 साल के अमीने अल खलीफी के तौर पर की गयी है और उसे शुक्रवार को गिरफ्तार करने के कुछ देर बाद एक फेडरल अदालत में पेश किया गया।टिप्पणियां
हालांकि फेडरल अधिकारियों का कहना है कि कांग्रेस को कोई खतरा नहीं था, क्योंकि खलीफी एक अंडरकवर एफबीआई एजेंट के लिए काम कर रहा है। न्याय विभाग ने कहा कि खलीफी की गिरफ्तारी से एक अंडरकवर कार्रवाई का अंत हुआ है, जिस दौरान उस पर एफबीआई वाशिंगटन फील्ड ऑफिस का ज्वाइंट टेररिज्म टास्क फोर्स (जेटीटीएफ) करीब से नजर रख रहा था। वह जो विस्फोटक और हथियार कथित तौर पर इस्तेमाल करने की सोच रहा था उसे कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने बेकार बताते हुए कहा है कि उनसे किसी की जान को खतरा नहीं था।
अमेरिकी अटार्नी नील मैकब्राइड ने कहा, ‘‘आज दाखिल शिकायत में आरोप है कि एमीने अल खलीफी ने यूएस कैपिटल बिल्डिंग में खुद को उड़ाने की कोशिश की। अल खलीफ कथित तौर पर मानता है कि वह अल-कायदा के साथ काम कर रहा था और उसने खुद ही साजिश, ठिकानों और तरीकों के बारे में सोचा।’’ एफबीआई के सहायक प्रभारी निदेशक मैकजनकिन ने कहा कि उस शख्स ने कथित तौर पर एक कट्टरपंथी और दूषित विचारधारा को अपनाया और जो अमेरिका में मुस्लिम समुदाय का प्रतिनिधित्व नहीं करती।
हालांकि फेडरल अधिकारियों का कहना है कि कांग्रेस को कोई खतरा नहीं था, क्योंकि खलीफी एक अंडरकवर एफबीआई एजेंट के लिए काम कर रहा है। न्याय विभाग ने कहा कि खलीफी की गिरफ्तारी से एक अंडरकवर कार्रवाई का अंत हुआ है, जिस दौरान उस पर एफबीआई वाशिंगटन फील्ड ऑफिस का ज्वाइंट टेररिज्म टास्क फोर्स (जेटीटीएफ) करीब से नजर रख रहा था। वह जो विस्फोटक और हथियार कथित तौर पर इस्तेमाल करने की सोच रहा था उसे कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने बेकार बताते हुए कहा है कि उनसे किसी की जान को खतरा नहीं था।
अमेरिकी अटार्नी नील मैकब्राइड ने कहा, ‘‘आज दाखिल शिकायत में आरोप है कि एमीने अल खलीफी ने यूएस कैपिटल बिल्डिंग में खुद को उड़ाने की कोशिश की। अल खलीफ कथित तौर पर मानता है कि वह अल-कायदा के साथ काम कर रहा था और उसने खुद ही साजिश, ठिकानों और तरीकों के बारे में सोचा।’’ एफबीआई के सहायक प्रभारी निदेशक मैकजनकिन ने कहा कि उस शख्स ने कथित तौर पर एक कट्टरपंथी और दूषित विचारधारा को अपनाया और जो अमेरिका में मुस्लिम समुदाय का प्रतिनिधित्व नहीं करती।
अमेरिकी अटार्नी नील मैकब्राइड ने कहा, ‘‘आज दाखिल शिकायत में आरोप है कि एमीने अल खलीफी ने यूएस कैपिटल बिल्डिंग में खुद को उड़ाने की कोशिश की। अल खलीफ कथित तौर पर मानता है कि वह अल-कायदा के साथ काम कर रहा था और उसने खुद ही साजिश, ठिकानों और तरीकों के बारे में सोचा।’’ एफबीआई के सहायक प्रभारी निदेशक मैकजनकिन ने कहा कि उस शख्स ने कथित तौर पर एक कट्टरपंथी और दूषित विचारधारा को अपनाया और जो अमेरिका में मुस्लिम समुदाय का प्रतिनिधित्व नहीं करती। | यहाँ एक सारांश है:अमेरिका के न्याय विभाग के मुताबिक आत्मघाती हमला करके यूएस कैपिटल इमारत को उड़ाने की साजिश रचने वाले मोरक्को के एक शख्स को गिरफ्तार कर लिया गया है। | 15 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: समाजवादी पार्टी से कांग्रेस में आए वरिष्ठ नेता बेनी प्रसाद वर्मा ने आज कहा कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी तो भ्रष्टाचारी मुलायम सिंह यादव और मायावती जेल जाएंगे।
बुधवार को रांची में कांग्रेस के नेता बेनी प्रसाद वर्मा ने बेलाग कहा, उत्तर प्रदेश में इन विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को स्पष्ट महुमत मिलेगा और उसकी सरकार बनेगी तथा सरकार बनते ही मुलायम सिंह यादव और मायावती के भ्रष्टाचार की जांच करा कर उन्हें जेल भेजा जाएगा। वर्मा ने कहा कि मुलायम सिंह की पार्टी में वह स्वयं रहे हैं और अच्छी तरह से जानते हैं कि वह किस तरह आकंठ भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं। उन्होंने कहा कि मुलायम मुसलमानों के प्रति भी ईमानदार नहीं हैं।
उन्होंने कहा, ‘मुलायम तो स्वयं मुसलमान विरोधी हैं। यह तो मैं उनके साथ था जो अयोध्या में 1990 में बाबरी मस्जिद को गिराने से बचाया था।’ वर्मा ने कहा कि मायावती शासन में इतने भ्रष्टाचार हुए हैं कि हर एक गड़बड़ी की सुई मायावती की ओर घूम जाती है। उन्होंने कहा कि अभी तो राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की ही जांच हो रही है। मायावती के सत्ता से बाहर होते ही सभी मामलों की जांच करायी जायेगी और मायावती और उनके सिपहसालार जेल की चक्की पीसेंगे।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में मुलायम सिंह और मायावती के शासन काल में भारी भ्रष्टाचार हुए हंै और इसी के चलते प्रदेश देश के अन्य राज्यों से विकास की दौड़ में मीलों पीछे चला गया है।
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की लहर बताते हुए बेनी प्रसाद वर्मा ने दावा किया कि 22 वर्ष बाद उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की सरकार वापस आ रही है। यह पूछे जाने पर कि यदि यह चमत्कार हुआ तो इसका सबसे अधिक श्रेय किस मुद्दे या व्यक्ति को दिया जाएगा वर्मा ने स्पष्ट कहा ‘कांग्रेस की बदली हुयी तस्वीर और उत्तर प्रदेश में उसकी बदली हुयी फिजा के लिए पूरी तरह से पार्टी के महासचिव और युवा नेता राहुल गांधी को ही श्रेय जाता है।’ उन्होंने चुनावों के बाद उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री पद के लिए कांग्रेस की ओर से अपनी दावेदारी की ओर संकेत किया लेकिन स्पष्ट किया कि इस बारे में कोई भी अंतिम फैसला स्वयं राहुंल गांधी ही करेंगे।
उत्तर प्रदेश में मुस्लिम आरक्षण के बारे में चल रही बहस के बारे में पूछे जाने पर वर्मा ने कहा कि वह भी उत्तर प्रदेश ही नहीं समस्त देश में मुसलमानों को सरकारी नौकरियों में नौ प्रतिशत आरक्षण दिये जाने के पक्ष में हैं। उन्होंने कहा कि जो भी जातियां या समुदाय विकास की दौड़ में पिछड़ गये हैं , उन्हें आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए।
उन्हें कांग्रेस में शामिल किये जाने से कांग्रेस पार्टी को मिलने वाले लाभ के बारे में पूछे जाने पर वर्मा ने कहा कि वह मुलायम सिंह यादव की समाजवादी पार्टी से अपने वर्ग के सभी पिछड़ों का समर्थन मूल और सूद समेत लेकर कांग्रेस में आ गये हैं जिसका कांग्रेस को जबर्दस्त लाभ मिल रहा है।
लोकपाल के लिए हो रहे आंदोलन के दूसरे दौर के दौरान अन्ना हजारे पर 'भगोड़ा' जैसी अपनी कड़ी टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर वर्मा ने स्पष्ट किया, ‘उस दिन वास्तव में मैं थोड़ा गुस्से में था। सोनिया और राहुल गांधी के बारे में अन्ना हजारे और उनकी टीम अनाप शनाप बातें कर रही थी। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का मनोबल गिर रहा था। कार्यकर्ताओं का मनोबल वापस लाने के लिए और अन्ना टीम के राहुल और सोनिया जी के बारे में किये जा रहे प्रलाप को दूर करने के लिए ही मैंने उस दिन कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया।’ वर्मा ने दावा किया ‘इसी तरह की प्रतिक्रिया का प्रभाव हुआ कि उत्तर प्रदेश में अन्ना की टीम को को समर्थन नहीं मिला और उनका शो फ्लाप हो गया।’टिप्पणियां
वर्मा ने पलट कर पूछा ‘आपने देखा नहीं उत्तर प्रदेश में कहीं भी अन्ना टीम के समर्थन में कितने लोग जुटे।’ उन्होंने दावा किया कि रामलीला मैदान का अन्ना का आंदोलन कुछ गैर सरकारी संगठनों राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और भाजपा के संयुक्त प्रयास से सफल हुआ था लेकिन जब अन्ना सार्वजनिक तौर पर यह मानने कौ तैयार नहीं हुए कि उन्हें संघ और भाजपा का समर्थन मिला था या उससे लाभ हुआ था तो मुंबई के आंदोलन में संघ और भाजपा ने उनसे अपना समर्थन वापस ले लिया जिसका परिणाम सबके सामने है।
यह पूछे जापे पर कि अपनी इस तरह की टिप्पणी पर क्या उन्हें अफसोस है बेनी प्रसाद वर्मा ने दो टूक कहा ‘मुझे अपनी टिप्पणियों का कोई अफसोस नहीं है । अन्ना जैसे थे वैसी ही मैंने उनके बारे में टिप्पणी की।’
बुधवार को रांची में कांग्रेस के नेता बेनी प्रसाद वर्मा ने बेलाग कहा, उत्तर प्रदेश में इन विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को स्पष्ट महुमत मिलेगा और उसकी सरकार बनेगी तथा सरकार बनते ही मुलायम सिंह यादव और मायावती के भ्रष्टाचार की जांच करा कर उन्हें जेल भेजा जाएगा। वर्मा ने कहा कि मुलायम सिंह की पार्टी में वह स्वयं रहे हैं और अच्छी तरह से जानते हैं कि वह किस तरह आकंठ भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं। उन्होंने कहा कि मुलायम मुसलमानों के प्रति भी ईमानदार नहीं हैं।
उन्होंने कहा, ‘मुलायम तो स्वयं मुसलमान विरोधी हैं। यह तो मैं उनके साथ था जो अयोध्या में 1990 में बाबरी मस्जिद को गिराने से बचाया था।’ वर्मा ने कहा कि मायावती शासन में इतने भ्रष्टाचार हुए हैं कि हर एक गड़बड़ी की सुई मायावती की ओर घूम जाती है। उन्होंने कहा कि अभी तो राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की ही जांच हो रही है। मायावती के सत्ता से बाहर होते ही सभी मामलों की जांच करायी जायेगी और मायावती और उनके सिपहसालार जेल की चक्की पीसेंगे।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में मुलायम सिंह और मायावती के शासन काल में भारी भ्रष्टाचार हुए हंै और इसी के चलते प्रदेश देश के अन्य राज्यों से विकास की दौड़ में मीलों पीछे चला गया है।
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की लहर बताते हुए बेनी प्रसाद वर्मा ने दावा किया कि 22 वर्ष बाद उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की सरकार वापस आ रही है। यह पूछे जाने पर कि यदि यह चमत्कार हुआ तो इसका सबसे अधिक श्रेय किस मुद्दे या व्यक्ति को दिया जाएगा वर्मा ने स्पष्ट कहा ‘कांग्रेस की बदली हुयी तस्वीर और उत्तर प्रदेश में उसकी बदली हुयी फिजा के लिए पूरी तरह से पार्टी के महासचिव और युवा नेता राहुल गांधी को ही श्रेय जाता है।’ उन्होंने चुनावों के बाद उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री पद के लिए कांग्रेस की ओर से अपनी दावेदारी की ओर संकेत किया लेकिन स्पष्ट किया कि इस बारे में कोई भी अंतिम फैसला स्वयं राहुंल गांधी ही करेंगे।
उत्तर प्रदेश में मुस्लिम आरक्षण के बारे में चल रही बहस के बारे में पूछे जाने पर वर्मा ने कहा कि वह भी उत्तर प्रदेश ही नहीं समस्त देश में मुसलमानों को सरकारी नौकरियों में नौ प्रतिशत आरक्षण दिये जाने के पक्ष में हैं। उन्होंने कहा कि जो भी जातियां या समुदाय विकास की दौड़ में पिछड़ गये हैं , उन्हें आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए।
उन्हें कांग्रेस में शामिल किये जाने से कांग्रेस पार्टी को मिलने वाले लाभ के बारे में पूछे जाने पर वर्मा ने कहा कि वह मुलायम सिंह यादव की समाजवादी पार्टी से अपने वर्ग के सभी पिछड़ों का समर्थन मूल और सूद समेत लेकर कांग्रेस में आ गये हैं जिसका कांग्रेस को जबर्दस्त लाभ मिल रहा है।
लोकपाल के लिए हो रहे आंदोलन के दूसरे दौर के दौरान अन्ना हजारे पर 'भगोड़ा' जैसी अपनी कड़ी टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर वर्मा ने स्पष्ट किया, ‘उस दिन वास्तव में मैं थोड़ा गुस्से में था। सोनिया और राहुल गांधी के बारे में अन्ना हजारे और उनकी टीम अनाप शनाप बातें कर रही थी। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का मनोबल गिर रहा था। कार्यकर्ताओं का मनोबल वापस लाने के लिए और अन्ना टीम के राहुल और सोनिया जी के बारे में किये जा रहे प्रलाप को दूर करने के लिए ही मैंने उस दिन कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया।’ वर्मा ने दावा किया ‘इसी तरह की प्रतिक्रिया का प्रभाव हुआ कि उत्तर प्रदेश में अन्ना की टीम को को समर्थन नहीं मिला और उनका शो फ्लाप हो गया।’टिप्पणियां
वर्मा ने पलट कर पूछा ‘आपने देखा नहीं उत्तर प्रदेश में कहीं भी अन्ना टीम के समर्थन में कितने लोग जुटे।’ उन्होंने दावा किया कि रामलीला मैदान का अन्ना का आंदोलन कुछ गैर सरकारी संगठनों राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और भाजपा के संयुक्त प्रयास से सफल हुआ था लेकिन जब अन्ना सार्वजनिक तौर पर यह मानने कौ तैयार नहीं हुए कि उन्हें संघ और भाजपा का समर्थन मिला था या उससे लाभ हुआ था तो मुंबई के आंदोलन में संघ और भाजपा ने उनसे अपना समर्थन वापस ले लिया जिसका परिणाम सबके सामने है।
यह पूछे जापे पर कि अपनी इस तरह की टिप्पणी पर क्या उन्हें अफसोस है बेनी प्रसाद वर्मा ने दो टूक कहा ‘मुझे अपनी टिप्पणियों का कोई अफसोस नहीं है । अन्ना जैसे थे वैसी ही मैंने उनके बारे में टिप्पणी की।’
उन्होंने कहा, ‘मुलायम तो स्वयं मुसलमान विरोधी हैं। यह तो मैं उनके साथ था जो अयोध्या में 1990 में बाबरी मस्जिद को गिराने से बचाया था।’ वर्मा ने कहा कि मायावती शासन में इतने भ्रष्टाचार हुए हैं कि हर एक गड़बड़ी की सुई मायावती की ओर घूम जाती है। उन्होंने कहा कि अभी तो राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की ही जांच हो रही है। मायावती के सत्ता से बाहर होते ही सभी मामलों की जांच करायी जायेगी और मायावती और उनके सिपहसालार जेल की चक्की पीसेंगे।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में मुलायम सिंह और मायावती के शासन काल में भारी भ्रष्टाचार हुए हंै और इसी के चलते प्रदेश देश के अन्य राज्यों से विकास की दौड़ में मीलों पीछे चला गया है।
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की लहर बताते हुए बेनी प्रसाद वर्मा ने दावा किया कि 22 वर्ष बाद उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की सरकार वापस आ रही है। यह पूछे जाने पर कि यदि यह चमत्कार हुआ तो इसका सबसे अधिक श्रेय किस मुद्दे या व्यक्ति को दिया जाएगा वर्मा ने स्पष्ट कहा ‘कांग्रेस की बदली हुयी तस्वीर और उत्तर प्रदेश में उसकी बदली हुयी फिजा के लिए पूरी तरह से पार्टी के महासचिव और युवा नेता राहुल गांधी को ही श्रेय जाता है।’ उन्होंने चुनावों के बाद उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री पद के लिए कांग्रेस की ओर से अपनी दावेदारी की ओर संकेत किया लेकिन स्पष्ट किया कि इस बारे में कोई भी अंतिम फैसला स्वयं राहुंल गांधी ही करेंगे।
उत्तर प्रदेश में मुस्लिम आरक्षण के बारे में चल रही बहस के बारे में पूछे जाने पर वर्मा ने कहा कि वह भी उत्तर प्रदेश ही नहीं समस्त देश में मुसलमानों को सरकारी नौकरियों में नौ प्रतिशत आरक्षण दिये जाने के पक्ष में हैं। उन्होंने कहा कि जो भी जातियां या समुदाय विकास की दौड़ में पिछड़ गये हैं , उन्हें आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए।
उन्हें कांग्रेस में शामिल किये जाने से कांग्रेस पार्टी को मिलने वाले लाभ के बारे में पूछे जाने पर वर्मा ने कहा कि वह मुलायम सिंह यादव की समाजवादी पार्टी से अपने वर्ग के सभी पिछड़ों का समर्थन मूल और सूद समेत लेकर कांग्रेस में आ गये हैं जिसका कांग्रेस को जबर्दस्त लाभ मिल रहा है।
लोकपाल के लिए हो रहे आंदोलन के दूसरे दौर के दौरान अन्ना हजारे पर 'भगोड़ा' जैसी अपनी कड़ी टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर वर्मा ने स्पष्ट किया, ‘उस दिन वास्तव में मैं थोड़ा गुस्से में था। सोनिया और राहुल गांधी के बारे में अन्ना हजारे और उनकी टीम अनाप शनाप बातें कर रही थी। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का मनोबल गिर रहा था। कार्यकर्ताओं का मनोबल वापस लाने के लिए और अन्ना टीम के राहुल और सोनिया जी के बारे में किये जा रहे प्रलाप को दूर करने के लिए ही मैंने उस दिन कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया।’ वर्मा ने दावा किया ‘इसी तरह की प्रतिक्रिया का प्रभाव हुआ कि उत्तर प्रदेश में अन्ना की टीम को को समर्थन नहीं मिला और उनका शो फ्लाप हो गया।’टिप्पणियां
वर्मा ने पलट कर पूछा ‘आपने देखा नहीं उत्तर प्रदेश में कहीं भी अन्ना टीम के समर्थन में कितने लोग जुटे।’ उन्होंने दावा किया कि रामलीला मैदान का अन्ना का आंदोलन कुछ गैर सरकारी संगठनों राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और भाजपा के संयुक्त प्रयास से सफल हुआ था लेकिन जब अन्ना सार्वजनिक तौर पर यह मानने कौ तैयार नहीं हुए कि उन्हें संघ और भाजपा का समर्थन मिला था या उससे लाभ हुआ था तो मुंबई के आंदोलन में संघ और भाजपा ने उनसे अपना समर्थन वापस ले लिया जिसका परिणाम सबके सामने है।
यह पूछे जापे पर कि अपनी इस तरह की टिप्पणी पर क्या उन्हें अफसोस है बेनी प्रसाद वर्मा ने दो टूक कहा ‘मुझे अपनी टिप्पणियों का कोई अफसोस नहीं है । अन्ना जैसे थे वैसी ही मैंने उनके बारे में टिप्पणी की।’
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में मुलायम सिंह और मायावती के शासन काल में भारी भ्रष्टाचार हुए हंै और इसी के चलते प्रदेश देश के अन्य राज्यों से विकास की दौड़ में मीलों पीछे चला गया है।
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की लहर बताते हुए बेनी प्रसाद वर्मा ने दावा किया कि 22 वर्ष बाद उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की सरकार वापस आ रही है। यह पूछे जाने पर कि यदि यह चमत्कार हुआ तो इसका सबसे अधिक श्रेय किस मुद्दे या व्यक्ति को दिया जाएगा वर्मा ने स्पष्ट कहा ‘कांग्रेस की बदली हुयी तस्वीर और उत्तर प्रदेश में उसकी बदली हुयी फिजा के लिए पूरी तरह से पार्टी के महासचिव और युवा नेता राहुल गांधी को ही श्रेय जाता है।’ उन्होंने चुनावों के बाद उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री पद के लिए कांग्रेस की ओर से अपनी दावेदारी की ओर संकेत किया लेकिन स्पष्ट किया कि इस बारे में कोई भी अंतिम फैसला स्वयं राहुंल गांधी ही करेंगे।
उत्तर प्रदेश में मुस्लिम आरक्षण के बारे में चल रही बहस के बारे में पूछे जाने पर वर्मा ने कहा कि वह भी उत्तर प्रदेश ही नहीं समस्त देश में मुसलमानों को सरकारी नौकरियों में नौ प्रतिशत आरक्षण दिये जाने के पक्ष में हैं। उन्होंने कहा कि जो भी जातियां या समुदाय विकास की दौड़ में पिछड़ गये हैं , उन्हें आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए।
उन्हें कांग्रेस में शामिल किये जाने से कांग्रेस पार्टी को मिलने वाले लाभ के बारे में पूछे जाने पर वर्मा ने कहा कि वह मुलायम सिंह यादव की समाजवादी पार्टी से अपने वर्ग के सभी पिछड़ों का समर्थन मूल और सूद समेत लेकर कांग्रेस में आ गये हैं जिसका कांग्रेस को जबर्दस्त लाभ मिल रहा है।
लोकपाल के लिए हो रहे आंदोलन के दूसरे दौर के दौरान अन्ना हजारे पर 'भगोड़ा' जैसी अपनी कड़ी टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर वर्मा ने स्पष्ट किया, ‘उस दिन वास्तव में मैं थोड़ा गुस्से में था। सोनिया और राहुल गांधी के बारे में अन्ना हजारे और उनकी टीम अनाप शनाप बातें कर रही थी। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का मनोबल गिर रहा था। कार्यकर्ताओं का मनोबल वापस लाने के लिए और अन्ना टीम के राहुल और सोनिया जी के बारे में किये जा रहे प्रलाप को दूर करने के लिए ही मैंने उस दिन कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया।’ वर्मा ने दावा किया ‘इसी तरह की प्रतिक्रिया का प्रभाव हुआ कि उत्तर प्रदेश में अन्ना की टीम को को समर्थन नहीं मिला और उनका शो फ्लाप हो गया।’टिप्पणियां
वर्मा ने पलट कर पूछा ‘आपने देखा नहीं उत्तर प्रदेश में कहीं भी अन्ना टीम के समर्थन में कितने लोग जुटे।’ उन्होंने दावा किया कि रामलीला मैदान का अन्ना का आंदोलन कुछ गैर सरकारी संगठनों राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और भाजपा के संयुक्त प्रयास से सफल हुआ था लेकिन जब अन्ना सार्वजनिक तौर पर यह मानने कौ तैयार नहीं हुए कि उन्हें संघ और भाजपा का समर्थन मिला था या उससे लाभ हुआ था तो मुंबई के आंदोलन में संघ और भाजपा ने उनसे अपना समर्थन वापस ले लिया जिसका परिणाम सबके सामने है।
यह पूछे जापे पर कि अपनी इस तरह की टिप्पणी पर क्या उन्हें अफसोस है बेनी प्रसाद वर्मा ने दो टूक कहा ‘मुझे अपनी टिप्पणियों का कोई अफसोस नहीं है । अन्ना जैसे थे वैसी ही मैंने उनके बारे में टिप्पणी की।’
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की लहर बताते हुए बेनी प्रसाद वर्मा ने दावा किया कि 22 वर्ष बाद उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की सरकार वापस आ रही है। यह पूछे जाने पर कि यदि यह चमत्कार हुआ तो इसका सबसे अधिक श्रेय किस मुद्दे या व्यक्ति को दिया जाएगा वर्मा ने स्पष्ट कहा ‘कांग्रेस की बदली हुयी तस्वीर और उत्तर प्रदेश में उसकी बदली हुयी फिजा के लिए पूरी तरह से पार्टी के महासचिव और युवा नेता राहुल गांधी को ही श्रेय जाता है।’ उन्होंने चुनावों के बाद उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री पद के लिए कांग्रेस की ओर से अपनी दावेदारी की ओर संकेत किया लेकिन स्पष्ट किया कि इस बारे में कोई भी अंतिम फैसला स्वयं राहुंल गांधी ही करेंगे।
उत्तर प्रदेश में मुस्लिम आरक्षण के बारे में चल रही बहस के बारे में पूछे जाने पर वर्मा ने कहा कि वह भी उत्तर प्रदेश ही नहीं समस्त देश में मुसलमानों को सरकारी नौकरियों में नौ प्रतिशत आरक्षण दिये जाने के पक्ष में हैं। उन्होंने कहा कि जो भी जातियां या समुदाय विकास की दौड़ में पिछड़ गये हैं , उन्हें आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए।
उन्हें कांग्रेस में शामिल किये जाने से कांग्रेस पार्टी को मिलने वाले लाभ के बारे में पूछे जाने पर वर्मा ने कहा कि वह मुलायम सिंह यादव की समाजवादी पार्टी से अपने वर्ग के सभी पिछड़ों का समर्थन मूल और सूद समेत लेकर कांग्रेस में आ गये हैं जिसका कांग्रेस को जबर्दस्त लाभ मिल रहा है।
लोकपाल के लिए हो रहे आंदोलन के दूसरे दौर के दौरान अन्ना हजारे पर 'भगोड़ा' जैसी अपनी कड़ी टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर वर्मा ने स्पष्ट किया, ‘उस दिन वास्तव में मैं थोड़ा गुस्से में था। सोनिया और राहुल गांधी के बारे में अन्ना हजारे और उनकी टीम अनाप शनाप बातें कर रही थी। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का मनोबल गिर रहा था। कार्यकर्ताओं का मनोबल वापस लाने के लिए और अन्ना टीम के राहुल और सोनिया जी के बारे में किये जा रहे प्रलाप को दूर करने के लिए ही मैंने उस दिन कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया।’ वर्मा ने दावा किया ‘इसी तरह की प्रतिक्रिया का प्रभाव हुआ कि उत्तर प्रदेश में अन्ना की टीम को को समर्थन नहीं मिला और उनका शो फ्लाप हो गया।’टिप्पणियां
वर्मा ने पलट कर पूछा ‘आपने देखा नहीं उत्तर प्रदेश में कहीं भी अन्ना टीम के समर्थन में कितने लोग जुटे।’ उन्होंने दावा किया कि रामलीला मैदान का अन्ना का आंदोलन कुछ गैर सरकारी संगठनों राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और भाजपा के संयुक्त प्रयास से सफल हुआ था लेकिन जब अन्ना सार्वजनिक तौर पर यह मानने कौ तैयार नहीं हुए कि उन्हें संघ और भाजपा का समर्थन मिला था या उससे लाभ हुआ था तो मुंबई के आंदोलन में संघ और भाजपा ने उनसे अपना समर्थन वापस ले लिया जिसका परिणाम सबके सामने है।
यह पूछे जापे पर कि अपनी इस तरह की टिप्पणी पर क्या उन्हें अफसोस है बेनी प्रसाद वर्मा ने दो टूक कहा ‘मुझे अपनी टिप्पणियों का कोई अफसोस नहीं है । अन्ना जैसे थे वैसी ही मैंने उनके बारे में टिप्पणी की।’
उत्तर प्रदेश में मुस्लिम आरक्षण के बारे में चल रही बहस के बारे में पूछे जाने पर वर्मा ने कहा कि वह भी उत्तर प्रदेश ही नहीं समस्त देश में मुसलमानों को सरकारी नौकरियों में नौ प्रतिशत आरक्षण दिये जाने के पक्ष में हैं। उन्होंने कहा कि जो भी जातियां या समुदाय विकास की दौड़ में पिछड़ गये हैं , उन्हें आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए।
उन्हें कांग्रेस में शामिल किये जाने से कांग्रेस पार्टी को मिलने वाले लाभ के बारे में पूछे जाने पर वर्मा ने कहा कि वह मुलायम सिंह यादव की समाजवादी पार्टी से अपने वर्ग के सभी पिछड़ों का समर्थन मूल और सूद समेत लेकर कांग्रेस में आ गये हैं जिसका कांग्रेस को जबर्दस्त लाभ मिल रहा है।
लोकपाल के लिए हो रहे आंदोलन के दूसरे दौर के दौरान अन्ना हजारे पर 'भगोड़ा' जैसी अपनी कड़ी टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर वर्मा ने स्पष्ट किया, ‘उस दिन वास्तव में मैं थोड़ा गुस्से में था। सोनिया और राहुल गांधी के बारे में अन्ना हजारे और उनकी टीम अनाप शनाप बातें कर रही थी। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का मनोबल गिर रहा था। कार्यकर्ताओं का मनोबल वापस लाने के लिए और अन्ना टीम के राहुल और सोनिया जी के बारे में किये जा रहे प्रलाप को दूर करने के लिए ही मैंने उस दिन कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया।’ वर्मा ने दावा किया ‘इसी तरह की प्रतिक्रिया का प्रभाव हुआ कि उत्तर प्रदेश में अन्ना की टीम को को समर्थन नहीं मिला और उनका शो फ्लाप हो गया।’टिप्पणियां
वर्मा ने पलट कर पूछा ‘आपने देखा नहीं उत्तर प्रदेश में कहीं भी अन्ना टीम के समर्थन में कितने लोग जुटे।’ उन्होंने दावा किया कि रामलीला मैदान का अन्ना का आंदोलन कुछ गैर सरकारी संगठनों राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और भाजपा के संयुक्त प्रयास से सफल हुआ था लेकिन जब अन्ना सार्वजनिक तौर पर यह मानने कौ तैयार नहीं हुए कि उन्हें संघ और भाजपा का समर्थन मिला था या उससे लाभ हुआ था तो मुंबई के आंदोलन में संघ और भाजपा ने उनसे अपना समर्थन वापस ले लिया जिसका परिणाम सबके सामने है।
यह पूछे जापे पर कि अपनी इस तरह की टिप्पणी पर क्या उन्हें अफसोस है बेनी प्रसाद वर्मा ने दो टूक कहा ‘मुझे अपनी टिप्पणियों का कोई अफसोस नहीं है । अन्ना जैसे थे वैसी ही मैंने उनके बारे में टिप्पणी की।’
उन्हें कांग्रेस में शामिल किये जाने से कांग्रेस पार्टी को मिलने वाले लाभ के बारे में पूछे जाने पर वर्मा ने कहा कि वह मुलायम सिंह यादव की समाजवादी पार्टी से अपने वर्ग के सभी पिछड़ों का समर्थन मूल और सूद समेत लेकर कांग्रेस में आ गये हैं जिसका कांग्रेस को जबर्दस्त लाभ मिल रहा है।
लोकपाल के लिए हो रहे आंदोलन के दूसरे दौर के दौरान अन्ना हजारे पर 'भगोड़ा' जैसी अपनी कड़ी टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर वर्मा ने स्पष्ट किया, ‘उस दिन वास्तव में मैं थोड़ा गुस्से में था। सोनिया और राहुल गांधी के बारे में अन्ना हजारे और उनकी टीम अनाप शनाप बातें कर रही थी। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का मनोबल गिर रहा था। कार्यकर्ताओं का मनोबल वापस लाने के लिए और अन्ना टीम के राहुल और सोनिया जी के बारे में किये जा रहे प्रलाप को दूर करने के लिए ही मैंने उस दिन कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया।’ वर्मा ने दावा किया ‘इसी तरह की प्रतिक्रिया का प्रभाव हुआ कि उत्तर प्रदेश में अन्ना की टीम को को समर्थन नहीं मिला और उनका शो फ्लाप हो गया।’टिप्पणियां
वर्मा ने पलट कर पूछा ‘आपने देखा नहीं उत्तर प्रदेश में कहीं भी अन्ना टीम के समर्थन में कितने लोग जुटे।’ उन्होंने दावा किया कि रामलीला मैदान का अन्ना का आंदोलन कुछ गैर सरकारी संगठनों राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और भाजपा के संयुक्त प्रयास से सफल हुआ था लेकिन जब अन्ना सार्वजनिक तौर पर यह मानने कौ तैयार नहीं हुए कि उन्हें संघ और भाजपा का समर्थन मिला था या उससे लाभ हुआ था तो मुंबई के आंदोलन में संघ और भाजपा ने उनसे अपना समर्थन वापस ले लिया जिसका परिणाम सबके सामने है।
यह पूछे जापे पर कि अपनी इस तरह की टिप्पणी पर क्या उन्हें अफसोस है बेनी प्रसाद वर्मा ने दो टूक कहा ‘मुझे अपनी टिप्पणियों का कोई अफसोस नहीं है । अन्ना जैसे थे वैसी ही मैंने उनके बारे में टिप्पणी की।’
लोकपाल के लिए हो रहे आंदोलन के दूसरे दौर के दौरान अन्ना हजारे पर 'भगोड़ा' जैसी अपनी कड़ी टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर वर्मा ने स्पष्ट किया, ‘उस दिन वास्तव में मैं थोड़ा गुस्से में था। सोनिया और राहुल गांधी के बारे में अन्ना हजारे और उनकी टीम अनाप शनाप बातें कर रही थी। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का मनोबल गिर रहा था। कार्यकर्ताओं का मनोबल वापस लाने के लिए और अन्ना टीम के राहुल और सोनिया जी के बारे में किये जा रहे प्रलाप को दूर करने के लिए ही मैंने उस दिन कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया।’ वर्मा ने दावा किया ‘इसी तरह की प्रतिक्रिया का प्रभाव हुआ कि उत्तर प्रदेश में अन्ना की टीम को को समर्थन नहीं मिला और उनका शो फ्लाप हो गया।’टिप्पणियां
वर्मा ने पलट कर पूछा ‘आपने देखा नहीं उत्तर प्रदेश में कहीं भी अन्ना टीम के समर्थन में कितने लोग जुटे।’ उन्होंने दावा किया कि रामलीला मैदान का अन्ना का आंदोलन कुछ गैर सरकारी संगठनों राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और भाजपा के संयुक्त प्रयास से सफल हुआ था लेकिन जब अन्ना सार्वजनिक तौर पर यह मानने कौ तैयार नहीं हुए कि उन्हें संघ और भाजपा का समर्थन मिला था या उससे लाभ हुआ था तो मुंबई के आंदोलन में संघ और भाजपा ने उनसे अपना समर्थन वापस ले लिया जिसका परिणाम सबके सामने है।
यह पूछे जापे पर कि अपनी इस तरह की टिप्पणी पर क्या उन्हें अफसोस है बेनी प्रसाद वर्मा ने दो टूक कहा ‘मुझे अपनी टिप्पणियों का कोई अफसोस नहीं है । अन्ना जैसे थे वैसी ही मैंने उनके बारे में टिप्पणी की।’
वर्मा ने पलट कर पूछा ‘आपने देखा नहीं उत्तर प्रदेश में कहीं भी अन्ना टीम के समर्थन में कितने लोग जुटे।’ उन्होंने दावा किया कि रामलीला मैदान का अन्ना का आंदोलन कुछ गैर सरकारी संगठनों राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और भाजपा के संयुक्त प्रयास से सफल हुआ था लेकिन जब अन्ना सार्वजनिक तौर पर यह मानने कौ तैयार नहीं हुए कि उन्हें संघ और भाजपा का समर्थन मिला था या उससे लाभ हुआ था तो मुंबई के आंदोलन में संघ और भाजपा ने उनसे अपना समर्थन वापस ले लिया जिसका परिणाम सबके सामने है।
यह पूछे जापे पर कि अपनी इस तरह की टिप्पणी पर क्या उन्हें अफसोस है बेनी प्रसाद वर्मा ने दो टूक कहा ‘मुझे अपनी टिप्पणियों का कोई अफसोस नहीं है । अन्ना जैसे थे वैसी ही मैंने उनके बारे में टिप्पणी की।’
यह पूछे जापे पर कि अपनी इस तरह की टिप्पणी पर क्या उन्हें अफसोस है बेनी प्रसाद वर्मा ने दो टूक कहा ‘मुझे अपनी टिप्पणियों का कोई अफसोस नहीं है । अन्ना जैसे थे वैसी ही मैंने उनके बारे में टिप्पणी की।’ | समाजवादी पार्टी से कांग्रेस में आए वरिष्ठ नेता बेनी प्रसाद वर्मा ने आज कहा कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी तो भ्रष्टाचारी मुलायम सिंह यादव और मायावती जेल जाएंगे। | 34 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अपने जन्म स्थान संबंधी विवाद को खत्म करने के लिए अपना जन्म प्रमाण पत्र जारी कर दिया, जिससे पता चलता है उनका जन्म अमेरिका के हवाई प्रांत में हुआ था और स्पष्ट किया वह इस शीर्ष पद को संभालने के लिए संवैधानिक रूप से योग्य हैं। जन्म प्रमाण पत्र जारी कर ओबामा और उनके दल ने आशा जताई है कि ऐसे साजिशकर्ता चुप हो जाएंगे, जो यह दावा करते थे कि उनका (ओबामा) जन्म अमेरिका के बाहर हुआ है। अमेरिकी संविधान के मुताबिक राष्ट्रपति और उप राष्ट्रपति बनने के लिए किसी व्यक्ति का अमेरिका का प्राकृतिक नागरिक होना जरूरी है। व्हाइट हाउस संप्रेषण निदेशक डॉन पफइफर ने कैमरे के सामने हुए संवाददाता सम्मेलन में जन्म प्रमाण पत्र की प्रतियां संवाददाताओं को दीं। जन्म प्रमाण पत्र जारी होने के बाद ओबामा ने कहा, हमारे पास जो भी अधिकारी हवाई में हैं, चाहे वे डेमोकेट्र हो या रिपब्लिकन, सभी समाचार चैनलों ने जिन्होंने इस बात की जांच की हैं, ने यह प्रमाणित किया है कि वास्तव में मेरा जन्म 4 अगस्त, 1961 को हवाई के कपिओलानी अस्पताल में हुआ था। ओबामा ने कहा, हमने हवाई राज्य द्वारा दिए गए प्रमाण पत्र को इंटरनेट पर पोस्ट किया है, ताकि सभी लोग उसे देख सकें। | सारांश: जन्म प्रमाण पत्र जारी कर ओबामा और उनके दल ने आशा जताई है कि ऐसे साजिशकर्ता चुप हो जाएंगे, जो यह दावा करते थे कि उनका (ओबामा) जन्म अमेरिका के बाहर हुआ है। | 7 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: मध्य प्रदेश में भाजपा नेता और पूर्व विधायक सुरेंद्रनाथ सिंह (Surendernath singh) को उनका वह बयान भारी पड़ गया जिसमें उन्होंने सूबे के मुख्यमंत्री कमलनाथ (Kamal Nath) का खून बहाने की बात कही थी. पुलिस ने बीजेपी नेता को इस बयान को लेकर गिरफ्तार कर लिया है. बता दें कि सुरेंद्र सिंह के इस बयान के बाद विधानसभा में जमकर हंगामा भी हुआ था. हंगामे को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति को सदन की कार्यवाही प्रश्नकाल के दौरान दो बार स्थगित करनी पड़ी थी. भाजपा नेता सुरेन्द्रनाथ सिंह (Surendernath singh) ने अपनी सफाई में कहा कि गुरुवार को भोपाल में मेरे नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारी नारे लगा रहे थे. उस दौरान लोगों ने नारे लगाए कि हमारी मांगे पूरी नहीं हुई तो खून बहेगा सड़कों पर. उन्होंने बताया कि इसी दौरान भीड़ में से किसी ने अचानक पूछा था किसका, तो इसके जवाब में मैंने अनजाने में कह दिया था कमलनाथ का.
बता दें कि मध्यप्रदेश विधानसभा की कार्यवाही शुक्रवार को जैसे ही शुरू हुई, इस बयान को लेकर प्रदेश की सत्तारूढ़ कांग्रेस विधायकों ने सुरेन्द्रनाथ सिंह को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग सदन में की और हंगामा मचाया, जिसके चलते विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति को सदन की कार्यवाही प्रश्नकाल के दौरान दो बार स्थगित करनी पड़ी थी. इसके बाद तीसरी बार जब सदन की कार्यवाही फिर से शुरू हुई तो विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव (भाजपा) ने सदन को आश्वासन दिया कि भाजपा संगठन इस मामले में निर्णय लेगा.
इसके बाद कांग्रेस विधायक शांत हुए और प्रश्नकाल चालू हो पाया. हालांकि, प्रश्नकाल का अधिकांश समय कांग्रेस सदस्यों के हंगामे की भेंट चढ़ गया और प्रश्नोत्तर सूची में शामिल केवल तीन ही प्रश्न सदन में उठाये जा सके. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने बाद में सुरेंद्रनाथ सिंह को गिरफ्तार कर लिया. टीटी नगर इलाके के नगर पुलिस अधीक्षक उमेश तिवारी ने कहा कि सुरेन्द्रनाथ सिंह के खिलाफ बिना अनुमति के शहर के रोशनपुरा इलाके में प्रदर्शन करने पर भादंवि की धारा 188 एवं 143 के तहत गुरुवार रात को टी टी नगर पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है और जांच जारी है.
तिवारी ने बताया कि आज कांग्रेस नेताओं ने इस मामले में थाने में एक ज्ञापन देकर आरोप लगाया है कि सुरेन्द्रनाथ ने कमलनाथ को अपशब्द कहे हैं और उनको धमकी दी है. उन्होंने उसके खिलाफ धारा 120, 109 एवं 509 सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज करने की मांग की है. साथ ही उन्होंने कहा कि सुरेन्द्रनाथ के कल के विवादित भाषण की सीडी हमने जब्त कर ली है. जांच में जो भी होगा, देखा जाएगा. | सारांश: प्रदर्शन के दौरान लगाए थे नारे
मध्य प्रदेश पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार
विधानसभा में इस मामले को लेकर हुआ हंगामा | 7 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: ब्राजील की टीम ने कोपा अमेरिका फुटबॉल टूर्नामेंट में फीकी शुरुआत करते हुए कई मौके गंवाने के बाद एस्टाडियो यूनिको स्टेडियम में वेनेजुएला के साथ गोल रहित ड्रॉ खेला। पांच बार की चैंपियन टीम को शुरुआत में ही बढ़त बनाने का मौका मिला, जब पैटो का दनदनाता हुआ शॉट क्रॉसबार से टकरा गया। ब्राजील ने इससे पहले वेनेजुएला के खिलाफ अपने सभी पांच मैच जीते थे, जिसमें उसने 25 गोल दागे थे, जबकि सिर्फ एक बार उसके खिलाफ गोल हुआ था। ब्राजील की टीम हालांकि उस समय दुर्भाग्यशाली रही, जब नेमर के पास पर रोबिन्हो गोल करने के करीब पहुंचे, लेकिन ओस्वाल्डो विजकारोंड़ो ने अंतिम मौके पर उनके प्रयास को नाकाम कर दिया। टीम की नजरें 2014 विश्व कप में जगह बनाने पर टिकी हैं, जब उसे विश्व कप की मेजबानी करनी है। ब्राजील इसके अलावा कोपा अमेरिका में नौवां और पिछले छह टूर्नामेंटों में पांचवां खिताब जीतने उतरेगा। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: ब्राजील की टीम ने कोपा अमेरिका फुटबॉल टूर्नामेंट में फीकी शुरुआत करते हुए कई मौके गंवाने के बाद वेनेजुएला के साथ गोल रहित ड्रॉ खेला। | 3 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: दिल्ली पुलिस ने गांधीवादी अन्ना हज़ारे को 16 अगस्त से प्रस्तावित उनके अनशन के लिये फिरोजशाह कोटला मैदान से सटा जयप्रकाश नारायण नेशनल पार्क सुझाया है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि उन्होंने हज़ारे पक्ष को शहीद पार्क के नजदीक स्थित जयप्रकाश नारायण नेशनल पार्क में अनशन करने का सुझाव दिया है, हालांकि इसके लिये उन्हें भूमि पर स्वामित्व रखने वाली शहर की एजेंसी से अनुमति लेनी होगी। बहरहाल, हज़ारे पक्ष ने कहा कि उन्हें औपचारिक रूप से सूचना नहीं मिली है। लिहाजा, अभी वे यह नहीं बता सकते कि वे इस पर सहमत होंगे या नहीं। हज़ारे पक्ष के एक सदस्य के अनुसार, हमने पुलिस के सुझाये स्थल पर अपना एक दल भेजा है। अगर वह स्थान ठीक हुआ तो हम इस सुझाव को स्वीकार कर लेंगे। सोमवार को ही हज़ारे पक्ष के अरविंद केजरीवाल, प्रशांत भूषण और किरण बेदी ने दिल्ली पुलिस आयुक्त बी. के. गुप्ता से मुलाकात की थी। पुलिस आयुक्त ने प्रस्तावित अनशन के बारे में अनुमति के लिये दो दिन का वक्त मांगा था। दिल्ली पुलिस पहले ही यह स्पष्ट कर चुकी है कि जंतर-मंतर पर वह अनशन की अनुमति नहीं दे सकती क्योंकि उस स्थान की क्षमता सीमित है और वहां किसी भी एक संगठन को कब्जा जमाने या अपना दावा करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। हज़ारे पक्ष ने इसके जवाब में बोट क्लब, राजघाट, रामलीला मैदान और शहीद पार्क का विकल्प सुझाया था। इन कार्यकर्ताओं को रामलीला मैदान के लिये एमसीडी से अनापत्ति प्रमाण पत्र मिल गया है लेकिन पुलिस ने वहां अनशन की अनुमति नहीं दी है। | यहाँ एक सारांश है:दिल्ली पुलिस ने अन्ना हज़ारे को 16 अगस्त से प्रस्तावित उनके अनशन के लिए फिरोजशाह कोटला मैदान से सटा जयप्रकाश नारायण नेशनल पार्क सुझाया है। | 18 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सोमवार की सुबह अंधेरी रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 1 पर अचानक से कार दौड़ते देख भगदड़ मच गई. हैरान और परेशान लोग इधर-उधर भागने लगे. गनीमत रही कि कोई भी कार के चपेट में नहीं आया. कार चालक ने भी अपनी गलती भांप कार रोक दी. आरपीएफ के मुताबिक- प्लेटफॉर्म पर कार चढ़ाने वाला शख्स हरमीत सिंह है. उसे गिरफ्तार कर लिया गया है. गनीमत रही कि उस समय सुबह के करीब 7 बजे थे और प्लेटफार्म पर भीड़ कम थी. हरमीत के बारे में बताया जाता है कि वह क्रिकेट खिलाड़ी है और आईपीएल भी खेल चुका है.टिप्पणियां
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हरमीत अंडर-19 क्रिकेट वर्ल्ड कप खेल चुका है. साथ ही वह साल 2013 में राजस्थान रॉयल्स की ओर से आईपीएल भी खेल चुका है.
अंधेरी प्लेटफार्म नंबर एक पर कार चढ़ाने का पिछले 6 महीने में यह दूसरा मामला है. दरसअल, प्लेटफॉर्म नंबर एक अंधेरी पश्चिम सड़क से लगा हुआ है और दिव्यांग लोगों के लिए यहां रैंप बना हुआ है, जिसे कार चालक सड़क का हिस्सा समझ गलतफहमी में चढ़ जाते हैं. आरपीएफ सूत्रों का कहना है कि उन्होंने रेलवे प्रशासन को पहले भी सूचित किया है कि रैंप के पास बैरिकेड की जरूरत है. हरमीत को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है.
हरमीत मुंबई के मलाड का रहने वाला है.अमूमन मुंबई में नौकरीपेशा लोग ट्रैफिक जाम से बचने के लिए लोकल का इस्तेमाल करते हैं. गनीमत है कि यह हादसा सुबह के वक्त हुआ. थोड़ी देर और हुई होती तो इस वजह से बड़ी घटना घट सकती थी.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हरमीत अंडर-19 क्रिकेट वर्ल्ड कप खेल चुका है. साथ ही वह साल 2013 में राजस्थान रॉयल्स की ओर से आईपीएल भी खेल चुका है.
अंधेरी प्लेटफार्म नंबर एक पर कार चढ़ाने का पिछले 6 महीने में यह दूसरा मामला है. दरसअल, प्लेटफॉर्म नंबर एक अंधेरी पश्चिम सड़क से लगा हुआ है और दिव्यांग लोगों के लिए यहां रैंप बना हुआ है, जिसे कार चालक सड़क का हिस्सा समझ गलतफहमी में चढ़ जाते हैं. आरपीएफ सूत्रों का कहना है कि उन्होंने रेलवे प्रशासन को पहले भी सूचित किया है कि रैंप के पास बैरिकेड की जरूरत है. हरमीत को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है.
हरमीत मुंबई के मलाड का रहने वाला है.अमूमन मुंबई में नौकरीपेशा लोग ट्रैफिक जाम से बचने के लिए लोकल का इस्तेमाल करते हैं. गनीमत है कि यह हादसा सुबह के वक्त हुआ. थोड़ी देर और हुई होती तो इस वजह से बड़ी घटना घट सकती थी.
हरमीत मुंबई के मलाड का रहने वाला है.अमूमन मुंबई में नौकरीपेशा लोग ट्रैफिक जाम से बचने के लिए लोकल का इस्तेमाल करते हैं. गनीमत है कि यह हादसा सुबह के वक्त हुआ. थोड़ी देर और हुई होती तो इस वजह से बड़ी घटना घट सकती थी. | हरमीत आईपीएल खेल चुका है
हरमीत को गिरफ्तार कर लिया गया है
यह प्लेटफॉर्म सड़क से लगा हुआ है | 28 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: केंद्र सरकार ने उत्तराखंड में चलाए जा रहे राहत अभियान में जुटी एजेंसियों के बीच तालमेल के अभाव से शनिवार को इनकार किया। सरकार ने आपदा से मरने वालों की संख्या 557 बताई है।
आपदा राहत कार्यों में जुटी विभिन्न एजेंसियों के मध्य तालमेल की कमी की खबरों को खारिज करते हुए केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने संवाददाताओं से कहा कि विभिन्न एजेंसियों के बीच पूरा तालमेल है।
आपदाग्रस्त पहाड़ी क्षेत्र से 70,000 लोगों को निकाले जाने की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा, "हम आपसे स्पष्ट रूप से कहना चाहते हैं कि राहत अभियान में जुटी विभिन्न एजेंसियों के बीच पूरा समन्वय है।"टिप्पणियां
राहत एवं बचाव अभियान का अद्यतन ब्योरा देते हुए तिवारी ने आपदा में मारे गए लोगों की संख्या 557 बताई जबकि घायलों की संख्या 412 बताई। उन्होंने कहा कि राज्य के ऊंचाई वाले हिस्सों में अभी भी 22000 लोग फंसे हुए हैं। उन्होंने कहा कि शनिवार को करीब 10,000 लोग निकाले गए जिनमें से भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) और सेना ने 4-4 हजार लोगों को निकाला। जिन लोगों को सेना ने निकाला उनमें से 2000 खतरनाक इलाके में फंसे हुए लोग हैं।
खराब मौसम के बावजूद वायुसेना ने शनिवार दोपहर तक हेलीकॉप्टरों से 150 फेरी लगाई। तिवारी ने आगे बताया कि राहत एवं बचाव अभियान में शामिल 61 हेलीकॉप्टरों में से 43 वायुसेना के, 11 सेना के और सात निजी हैं।
आपदा राहत कार्यों में जुटी विभिन्न एजेंसियों के मध्य तालमेल की कमी की खबरों को खारिज करते हुए केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने संवाददाताओं से कहा कि विभिन्न एजेंसियों के बीच पूरा तालमेल है।
आपदाग्रस्त पहाड़ी क्षेत्र से 70,000 लोगों को निकाले जाने की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा, "हम आपसे स्पष्ट रूप से कहना चाहते हैं कि राहत अभियान में जुटी विभिन्न एजेंसियों के बीच पूरा समन्वय है।"टिप्पणियां
राहत एवं बचाव अभियान का अद्यतन ब्योरा देते हुए तिवारी ने आपदा में मारे गए लोगों की संख्या 557 बताई जबकि घायलों की संख्या 412 बताई। उन्होंने कहा कि राज्य के ऊंचाई वाले हिस्सों में अभी भी 22000 लोग फंसे हुए हैं। उन्होंने कहा कि शनिवार को करीब 10,000 लोग निकाले गए जिनमें से भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) और सेना ने 4-4 हजार लोगों को निकाला। जिन लोगों को सेना ने निकाला उनमें से 2000 खतरनाक इलाके में फंसे हुए लोग हैं।
खराब मौसम के बावजूद वायुसेना ने शनिवार दोपहर तक हेलीकॉप्टरों से 150 फेरी लगाई। तिवारी ने आगे बताया कि राहत एवं बचाव अभियान में शामिल 61 हेलीकॉप्टरों में से 43 वायुसेना के, 11 सेना के और सात निजी हैं।
आपदाग्रस्त पहाड़ी क्षेत्र से 70,000 लोगों को निकाले जाने की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा, "हम आपसे स्पष्ट रूप से कहना चाहते हैं कि राहत अभियान में जुटी विभिन्न एजेंसियों के बीच पूरा समन्वय है।"टिप्पणियां
राहत एवं बचाव अभियान का अद्यतन ब्योरा देते हुए तिवारी ने आपदा में मारे गए लोगों की संख्या 557 बताई जबकि घायलों की संख्या 412 बताई। उन्होंने कहा कि राज्य के ऊंचाई वाले हिस्सों में अभी भी 22000 लोग फंसे हुए हैं। उन्होंने कहा कि शनिवार को करीब 10,000 लोग निकाले गए जिनमें से भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) और सेना ने 4-4 हजार लोगों को निकाला। जिन लोगों को सेना ने निकाला उनमें से 2000 खतरनाक इलाके में फंसे हुए लोग हैं।
खराब मौसम के बावजूद वायुसेना ने शनिवार दोपहर तक हेलीकॉप्टरों से 150 फेरी लगाई। तिवारी ने आगे बताया कि राहत एवं बचाव अभियान में शामिल 61 हेलीकॉप्टरों में से 43 वायुसेना के, 11 सेना के और सात निजी हैं।
राहत एवं बचाव अभियान का अद्यतन ब्योरा देते हुए तिवारी ने आपदा में मारे गए लोगों की संख्या 557 बताई जबकि घायलों की संख्या 412 बताई। उन्होंने कहा कि राज्य के ऊंचाई वाले हिस्सों में अभी भी 22000 लोग फंसे हुए हैं। उन्होंने कहा कि शनिवार को करीब 10,000 लोग निकाले गए जिनमें से भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) और सेना ने 4-4 हजार लोगों को निकाला। जिन लोगों को सेना ने निकाला उनमें से 2000 खतरनाक इलाके में फंसे हुए लोग हैं।
खराब मौसम के बावजूद वायुसेना ने शनिवार दोपहर तक हेलीकॉप्टरों से 150 फेरी लगाई। तिवारी ने आगे बताया कि राहत एवं बचाव अभियान में शामिल 61 हेलीकॉप्टरों में से 43 वायुसेना के, 11 सेना के और सात निजी हैं।
खराब मौसम के बावजूद वायुसेना ने शनिवार दोपहर तक हेलीकॉप्टरों से 150 फेरी लगाई। तिवारी ने आगे बताया कि राहत एवं बचाव अभियान में शामिल 61 हेलीकॉप्टरों में से 43 वायुसेना के, 11 सेना के और सात निजी हैं। | केंद्र सरकार ने उत्तराखंड में चलाए जा रहे राहत अभियान में जुटी एजेंसियों के बीच तालमेल के अभाव से शनिवार को इनकार किया। सरकार ने आपदा से मरने वालों की संख्या 557 बताई है। | 6 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: दो बार की चैम्पियन चेन्नई सुपर किंग्स ने शनिवार को एमए चिदम्बरम स्टेडियम में हुए इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के छठे संस्करण के तहत 16वें मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को चार विकेट से हरा दिया।
बेंगलुरु के गेंदबाजों ने सुपर किंग्स के बल्लेबाजों को शुरुआत से खुलकर रन बनाने का मौका नहीं दिया। रवि रामपॉल ने पहले स्पेल में सिर्फ दो रन दिए और चार रन के कुल योग पर मुरली विजय को विकेट के पीछे अरुण कार्तिक के हाथों कैच कराया। विजय दो रन बना सके।
इसके बाद 10 रन के कुल योग पर विनय कुमार ने माइकल हसी (6) को आउट किया। हसी का कैच मयंक अग्रवाल ने लिया। हसी 16 गेंदों का सामना करने के बाद एक भी चौका नहीं लगा सके।
इससे पहले, टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए बेंगलुरु ने निर्धारित 20 ओवरों में पांच विकेट के नुकसान पर 165 रनों का स्कोर खड़ा किया। कप्तान विराट कोहली ने 58 रन बनाए जबकि अब्राहम डिविलियर्स ने 64 रनों की पारी खेली। इसके अलावा मयंक अग्रवाल ने 24 रन जोड़े।
बेंगलुरु की शुरुआत अच्छी नहीं रही। धाकड़ बल्लेबाज क्रिस गेल महज चार रन बनाकर पवेलियन लौट गए। गेल, क्रिस मोरिस की एक वाइड गेंद को खेलने के प्रयास में विकेट के पीछे महेंद्र सिंह धोनी के हाथों लपके गए।
इसके बाद तीसरे क्रम पर बल्लेबाजी करने उतरे कप्तान कोहली ने मयंक के साथ 45 रनों की साझेदारी की। अग्रवाल नौवें ओवर में रविचंद्रन अश्विन का शिकार हुए।
डीविलियर्स ने कोहली के साथ तेजी से 82 रन जोड़े। तीसरे विकेट के लिए हुई 48 गेंदों की इस साझेदारी को मौरिस ने तोड़ा। मौरिस की गेंद पर कोहली विकेट के पीछे धोनी के हाथों लपके गए। कोहली ने 47 गेंदों में दो चौके और इतने ही छक्के लगाए।
डेनियल क्रिस्टियन भी दो रन बनाकर 17वें ओवर की आखिरी गेंद पर चलते बने। जबकि 18वें ओवर की पहली ही गेंद पर बेंगलुरु का पांचवा विकेट रवि रामपॉल (0) के रूप में गिरा।टिप्पणियां
बेंगलुरु की पारी की आखिरी गेंद पर डीविलियर्स छक्का लगाने के चक्कर में बाउंड्रीलाइन पर ड्वेन ब्रावो के हाथों लपके गए। डीविलियर्स ने 32 गेंदों में आठ चौके और एक छक्का भी जड़ा।
चेन्नई की तरफ से मौरिस ने तीन विकेट झटके जबकि डिर्क नैन्स, अश्विन और ब्रावो को एक-एक विकेट हासिल हुआ।
बेंगलुरु के गेंदबाजों ने सुपर किंग्स के बल्लेबाजों को शुरुआत से खुलकर रन बनाने का मौका नहीं दिया। रवि रामपॉल ने पहले स्पेल में सिर्फ दो रन दिए और चार रन के कुल योग पर मुरली विजय को विकेट के पीछे अरुण कार्तिक के हाथों कैच कराया। विजय दो रन बना सके।
इसके बाद 10 रन के कुल योग पर विनय कुमार ने माइकल हसी (6) को आउट किया। हसी का कैच मयंक अग्रवाल ने लिया। हसी 16 गेंदों का सामना करने के बाद एक भी चौका नहीं लगा सके।
इससे पहले, टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए बेंगलुरु ने निर्धारित 20 ओवरों में पांच विकेट के नुकसान पर 165 रनों का स्कोर खड़ा किया। कप्तान विराट कोहली ने 58 रन बनाए जबकि अब्राहम डिविलियर्स ने 64 रनों की पारी खेली। इसके अलावा मयंक अग्रवाल ने 24 रन जोड़े।
बेंगलुरु की शुरुआत अच्छी नहीं रही। धाकड़ बल्लेबाज क्रिस गेल महज चार रन बनाकर पवेलियन लौट गए। गेल, क्रिस मोरिस की एक वाइड गेंद को खेलने के प्रयास में विकेट के पीछे महेंद्र सिंह धोनी के हाथों लपके गए।
इसके बाद तीसरे क्रम पर बल्लेबाजी करने उतरे कप्तान कोहली ने मयंक के साथ 45 रनों की साझेदारी की। अग्रवाल नौवें ओवर में रविचंद्रन अश्विन का शिकार हुए।
डीविलियर्स ने कोहली के साथ तेजी से 82 रन जोड़े। तीसरे विकेट के लिए हुई 48 गेंदों की इस साझेदारी को मौरिस ने तोड़ा। मौरिस की गेंद पर कोहली विकेट के पीछे धोनी के हाथों लपके गए। कोहली ने 47 गेंदों में दो चौके और इतने ही छक्के लगाए।
डेनियल क्रिस्टियन भी दो रन बनाकर 17वें ओवर की आखिरी गेंद पर चलते बने। जबकि 18वें ओवर की पहली ही गेंद पर बेंगलुरु का पांचवा विकेट रवि रामपॉल (0) के रूप में गिरा।टिप्पणियां
बेंगलुरु की पारी की आखिरी गेंद पर डीविलियर्स छक्का लगाने के चक्कर में बाउंड्रीलाइन पर ड्वेन ब्रावो के हाथों लपके गए। डीविलियर्स ने 32 गेंदों में आठ चौके और एक छक्का भी जड़ा।
चेन्नई की तरफ से मौरिस ने तीन विकेट झटके जबकि डिर्क नैन्स, अश्विन और ब्रावो को एक-एक विकेट हासिल हुआ।
इसके बाद 10 रन के कुल योग पर विनय कुमार ने माइकल हसी (6) को आउट किया। हसी का कैच मयंक अग्रवाल ने लिया। हसी 16 गेंदों का सामना करने के बाद एक भी चौका नहीं लगा सके।
इससे पहले, टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए बेंगलुरु ने निर्धारित 20 ओवरों में पांच विकेट के नुकसान पर 165 रनों का स्कोर खड़ा किया। कप्तान विराट कोहली ने 58 रन बनाए जबकि अब्राहम डिविलियर्स ने 64 रनों की पारी खेली। इसके अलावा मयंक अग्रवाल ने 24 रन जोड़े।
बेंगलुरु की शुरुआत अच्छी नहीं रही। धाकड़ बल्लेबाज क्रिस गेल महज चार रन बनाकर पवेलियन लौट गए। गेल, क्रिस मोरिस की एक वाइड गेंद को खेलने के प्रयास में विकेट के पीछे महेंद्र सिंह धोनी के हाथों लपके गए।
इसके बाद तीसरे क्रम पर बल्लेबाजी करने उतरे कप्तान कोहली ने मयंक के साथ 45 रनों की साझेदारी की। अग्रवाल नौवें ओवर में रविचंद्रन अश्विन का शिकार हुए।
डीविलियर्स ने कोहली के साथ तेजी से 82 रन जोड़े। तीसरे विकेट के लिए हुई 48 गेंदों की इस साझेदारी को मौरिस ने तोड़ा। मौरिस की गेंद पर कोहली विकेट के पीछे धोनी के हाथों लपके गए। कोहली ने 47 गेंदों में दो चौके और इतने ही छक्के लगाए।
डेनियल क्रिस्टियन भी दो रन बनाकर 17वें ओवर की आखिरी गेंद पर चलते बने। जबकि 18वें ओवर की पहली ही गेंद पर बेंगलुरु का पांचवा विकेट रवि रामपॉल (0) के रूप में गिरा।टिप्पणियां
बेंगलुरु की पारी की आखिरी गेंद पर डीविलियर्स छक्का लगाने के चक्कर में बाउंड्रीलाइन पर ड्वेन ब्रावो के हाथों लपके गए। डीविलियर्स ने 32 गेंदों में आठ चौके और एक छक्का भी जड़ा।
चेन्नई की तरफ से मौरिस ने तीन विकेट झटके जबकि डिर्क नैन्स, अश्विन और ब्रावो को एक-एक विकेट हासिल हुआ।
इससे पहले, टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए बेंगलुरु ने निर्धारित 20 ओवरों में पांच विकेट के नुकसान पर 165 रनों का स्कोर खड़ा किया। कप्तान विराट कोहली ने 58 रन बनाए जबकि अब्राहम डिविलियर्स ने 64 रनों की पारी खेली। इसके अलावा मयंक अग्रवाल ने 24 रन जोड़े।
बेंगलुरु की शुरुआत अच्छी नहीं रही। धाकड़ बल्लेबाज क्रिस गेल महज चार रन बनाकर पवेलियन लौट गए। गेल, क्रिस मोरिस की एक वाइड गेंद को खेलने के प्रयास में विकेट के पीछे महेंद्र सिंह धोनी के हाथों लपके गए।
इसके बाद तीसरे क्रम पर बल्लेबाजी करने उतरे कप्तान कोहली ने मयंक के साथ 45 रनों की साझेदारी की। अग्रवाल नौवें ओवर में रविचंद्रन अश्विन का शिकार हुए।
डीविलियर्स ने कोहली के साथ तेजी से 82 रन जोड़े। तीसरे विकेट के लिए हुई 48 गेंदों की इस साझेदारी को मौरिस ने तोड़ा। मौरिस की गेंद पर कोहली विकेट के पीछे धोनी के हाथों लपके गए। कोहली ने 47 गेंदों में दो चौके और इतने ही छक्के लगाए।
डेनियल क्रिस्टियन भी दो रन बनाकर 17वें ओवर की आखिरी गेंद पर चलते बने। जबकि 18वें ओवर की पहली ही गेंद पर बेंगलुरु का पांचवा विकेट रवि रामपॉल (0) के रूप में गिरा।टिप्पणियां
बेंगलुरु की पारी की आखिरी गेंद पर डीविलियर्स छक्का लगाने के चक्कर में बाउंड्रीलाइन पर ड्वेन ब्रावो के हाथों लपके गए। डीविलियर्स ने 32 गेंदों में आठ चौके और एक छक्का भी जड़ा।
चेन्नई की तरफ से मौरिस ने तीन विकेट झटके जबकि डिर्क नैन्स, अश्विन और ब्रावो को एक-एक विकेट हासिल हुआ।
बेंगलुरु की शुरुआत अच्छी नहीं रही। धाकड़ बल्लेबाज क्रिस गेल महज चार रन बनाकर पवेलियन लौट गए। गेल, क्रिस मोरिस की एक वाइड गेंद को खेलने के प्रयास में विकेट के पीछे महेंद्र सिंह धोनी के हाथों लपके गए।
इसके बाद तीसरे क्रम पर बल्लेबाजी करने उतरे कप्तान कोहली ने मयंक के साथ 45 रनों की साझेदारी की। अग्रवाल नौवें ओवर में रविचंद्रन अश्विन का शिकार हुए।
डीविलियर्स ने कोहली के साथ तेजी से 82 रन जोड़े। तीसरे विकेट के लिए हुई 48 गेंदों की इस साझेदारी को मौरिस ने तोड़ा। मौरिस की गेंद पर कोहली विकेट के पीछे धोनी के हाथों लपके गए। कोहली ने 47 गेंदों में दो चौके और इतने ही छक्के लगाए।
डेनियल क्रिस्टियन भी दो रन बनाकर 17वें ओवर की आखिरी गेंद पर चलते बने। जबकि 18वें ओवर की पहली ही गेंद पर बेंगलुरु का पांचवा विकेट रवि रामपॉल (0) के रूप में गिरा।टिप्पणियां
बेंगलुरु की पारी की आखिरी गेंद पर डीविलियर्स छक्का लगाने के चक्कर में बाउंड्रीलाइन पर ड्वेन ब्रावो के हाथों लपके गए। डीविलियर्स ने 32 गेंदों में आठ चौके और एक छक्का भी जड़ा।
चेन्नई की तरफ से मौरिस ने तीन विकेट झटके जबकि डिर्क नैन्स, अश्विन और ब्रावो को एक-एक विकेट हासिल हुआ।
इसके बाद तीसरे क्रम पर बल्लेबाजी करने उतरे कप्तान कोहली ने मयंक के साथ 45 रनों की साझेदारी की। अग्रवाल नौवें ओवर में रविचंद्रन अश्विन का शिकार हुए।
डीविलियर्स ने कोहली के साथ तेजी से 82 रन जोड़े। तीसरे विकेट के लिए हुई 48 गेंदों की इस साझेदारी को मौरिस ने तोड़ा। मौरिस की गेंद पर कोहली विकेट के पीछे धोनी के हाथों लपके गए। कोहली ने 47 गेंदों में दो चौके और इतने ही छक्के लगाए।
डेनियल क्रिस्टियन भी दो रन बनाकर 17वें ओवर की आखिरी गेंद पर चलते बने। जबकि 18वें ओवर की पहली ही गेंद पर बेंगलुरु का पांचवा विकेट रवि रामपॉल (0) के रूप में गिरा।टिप्पणियां
बेंगलुरु की पारी की आखिरी गेंद पर डीविलियर्स छक्का लगाने के चक्कर में बाउंड्रीलाइन पर ड्वेन ब्रावो के हाथों लपके गए। डीविलियर्स ने 32 गेंदों में आठ चौके और एक छक्का भी जड़ा।
चेन्नई की तरफ से मौरिस ने तीन विकेट झटके जबकि डिर्क नैन्स, अश्विन और ब्रावो को एक-एक विकेट हासिल हुआ।
डीविलियर्स ने कोहली के साथ तेजी से 82 रन जोड़े। तीसरे विकेट के लिए हुई 48 गेंदों की इस साझेदारी को मौरिस ने तोड़ा। मौरिस की गेंद पर कोहली विकेट के पीछे धोनी के हाथों लपके गए। कोहली ने 47 गेंदों में दो चौके और इतने ही छक्के लगाए।
डेनियल क्रिस्टियन भी दो रन बनाकर 17वें ओवर की आखिरी गेंद पर चलते बने। जबकि 18वें ओवर की पहली ही गेंद पर बेंगलुरु का पांचवा विकेट रवि रामपॉल (0) के रूप में गिरा।टिप्पणियां
बेंगलुरु की पारी की आखिरी गेंद पर डीविलियर्स छक्का लगाने के चक्कर में बाउंड्रीलाइन पर ड्वेन ब्रावो के हाथों लपके गए। डीविलियर्स ने 32 गेंदों में आठ चौके और एक छक्का भी जड़ा।
चेन्नई की तरफ से मौरिस ने तीन विकेट झटके जबकि डिर्क नैन्स, अश्विन और ब्रावो को एक-एक विकेट हासिल हुआ।
डेनियल क्रिस्टियन भी दो रन बनाकर 17वें ओवर की आखिरी गेंद पर चलते बने। जबकि 18वें ओवर की पहली ही गेंद पर बेंगलुरु का पांचवा विकेट रवि रामपॉल (0) के रूप में गिरा।टिप्पणियां
बेंगलुरु की पारी की आखिरी गेंद पर डीविलियर्स छक्का लगाने के चक्कर में बाउंड्रीलाइन पर ड्वेन ब्रावो के हाथों लपके गए। डीविलियर्स ने 32 गेंदों में आठ चौके और एक छक्का भी जड़ा।
चेन्नई की तरफ से मौरिस ने तीन विकेट झटके जबकि डिर्क नैन्स, अश्विन और ब्रावो को एक-एक विकेट हासिल हुआ।
बेंगलुरु की पारी की आखिरी गेंद पर डीविलियर्स छक्का लगाने के चक्कर में बाउंड्रीलाइन पर ड्वेन ब्रावो के हाथों लपके गए। डीविलियर्स ने 32 गेंदों में आठ चौके और एक छक्का भी जड़ा।
चेन्नई की तरफ से मौरिस ने तीन विकेट झटके जबकि डिर्क नैन्स, अश्विन और ब्रावो को एक-एक विकेट हासिल हुआ।
चेन्नई की तरफ से मौरिस ने तीन विकेट झटके जबकि डिर्क नैन्स, अश्विन और ब्रावो को एक-एक विकेट हासिल हुआ। | दो बार की चैम्पियन चेन्नई सुपर किंग्स ने शनिवार को एमए चिदम्बरम स्टेडियम में हुए इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के छठे संस्करण के तहत 16वें मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को चार विकेट से हरा दिया। | 26 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: श्रीलंकाई तमिलों की दुर्दशा के मुद्दे पर केन्द्र की सरकार से हटने की धमकी दे चुके संप्रग के महत्वपूर्ण घटक दल को मनाने का प्रयास करते हुए केन्द्रीय मंत्री वी नारायणसामी ने कहा कि इस मामले में संयुक्त राष्ट्र प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय तमिलनाडु के लोगों की भावना को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा।टिप्पणियां
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, तमिलनाडु में लोगों और राजनीतिक दलों के लिए यह मुद्दा बेहद भावनात्मक एवं संवेदनशील है। नारायणसामी ने कहा कि प्रधानमंत्री निश्चिततौर पर इन सभी पहलुओं पर विचार करेंगे और इस संबंध में निर्णय करेंगे।
केन्द्र सरकार से हटने की धमकी देते हुए द्रमुक प्रमुख एम करुणानिधि ने कहा था कि भारत को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में अमेरिकी प्रस्ताव में संशोधन पर जोर देना चाहिए। इस संशोधन में श्रीलंका में हुए कथित नरसंहार की स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग की जानी चाहिए।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, तमिलनाडु में लोगों और राजनीतिक दलों के लिए यह मुद्दा बेहद भावनात्मक एवं संवेदनशील है। नारायणसामी ने कहा कि प्रधानमंत्री निश्चिततौर पर इन सभी पहलुओं पर विचार करेंगे और इस संबंध में निर्णय करेंगे।
केन्द्र सरकार से हटने की धमकी देते हुए द्रमुक प्रमुख एम करुणानिधि ने कहा था कि भारत को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में अमेरिकी प्रस्ताव में संशोधन पर जोर देना चाहिए। इस संशोधन में श्रीलंका में हुए कथित नरसंहार की स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग की जानी चाहिए।
केन्द्र सरकार से हटने की धमकी देते हुए द्रमुक प्रमुख एम करुणानिधि ने कहा था कि भारत को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में अमेरिकी प्रस्ताव में संशोधन पर जोर देना चाहिए। इस संशोधन में श्रीलंका में हुए कथित नरसंहार की स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग की जानी चाहिए। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: केन्द्रीय मंत्री वी नारायणसामी ने कहा कि इस मामले में संयुक्त राष्ट्र प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय तमिलनाडु के लोगों की भावना को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा। | 3 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: करोड़ों क्रिकेटप्रेमियों का भले ही मानना हो, लेकिन मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर का कहना है कि वह क्रिकेट के भगवान नहीं है और वह भी गलतियां करते हैं। तेंदुलकर ने हाल ही में एक प्रचार कार्यक्रम से इतर कहा, ''मैं क्रिकेट का भगवान नहीं हूं। मैं भी गलतियां करता हूं, भगवान नहीं करते।'' बल्लेबाजी के लगभग सभी रिकॉर्ड अपने नाम कर चुके सचिन तेंदुलकर ने यह भी कहा कि वह करियर की शुरुआत में सुनील गावस्कर और विवियन रिचर्ड्स का मिला-जुला रूप बनना चाहते थे।
तेंदुलकर ने बच्चों के सवालों के जवाब में कहा, 'मैं बच्चा था, तब सुनील गावस्कर बनना चाहता था। जब मैं बड़ा हुआ तो विवियन रिचर्ड्स ने मुझे आकर्षित किया। मैं हमेशा से सोचता था कि मैं इन दोनों का मिला-जुला रूप बन सकूं।''
आधुनिक क्रिकेट के सबसे मुकम्मल बल्लेबाज माने जाने वाले तेंदुलकर ने उस दौर को याद किया, जब 100वें अंतरराष्ट्रीय शतक के लिए उन्हें लंबा इंतजार करना पड़ा था। उन्होंने कहा, ''जब मेरा 100वां अंतरराष्ट्रीय शतक बना तो मैं खुशी के मारे कूदा नहीं या जश्न नहीं मना रहा था। मैंने भगवान से पहला सवाल किया कि इतना लंबा समय क्यों लगा। मैंने क्या गलती की थी। जब करोड़ों लोग इसका इंतजार कर रहे थे तो इतना लंबा समय नहीं लगना चाहिए था।''
तेंदुलकर ने कहा, 'मैं कहां पीछे रह गया? मैंने कड़ी मेहनत की और पाकिस्तान के खिलाफ विश्वकप सेमीफाइनल में शतक के करीब भी पहुंचा। उस समय सभी का फोकस विश्वकप पर था। उसके बाद बड़ी निराशा हुई लेकिन यही जिंदगी है।''टिप्पणियां
यह पूछने पर कि यदि क्रिकेटर नहीं होते तो वह क्या होते, तेंदुलकर ने कहा कि उनके पास अधिक विकल्प नहीं है। उन्होंने कहा, ''मुझे नहीं लगता कि मेरे पास ज्यादा विकल्प थे। स्कूली बच्चों को मेरा अनुसरण नहीं करना चाहिए। पढ़ाई करना अहम है। मैंने पढ़ाई और क्रिकेट के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की, लेकिन कर नहीं सका। क्रिकेट ने मेरी रातों की नींदें उड़ा दी थी। मैं खेल से इस कदर प्यार करता था।''
उन्होंने कहा ,''कई बार मैं छत पर एक हाथ में टेनिस रैकेट और दूसरे में बल्ला लेकर जाता था, और 20 मिनट तक टेनिस खेलता और 20 मिनट क्रिकेट। मुझे टेनिस खेलने में मजा आता है।'' उन्होंने कहा, ''मेरे लिए क्रिकेट के बिना जीवन की कल्पना मुश्किल है। उसके अलावा सिर्फ टेनिस है।''
तेंदुलकर ने बच्चों के सवालों के जवाब में कहा, 'मैं बच्चा था, तब सुनील गावस्कर बनना चाहता था। जब मैं बड़ा हुआ तो विवियन रिचर्ड्स ने मुझे आकर्षित किया। मैं हमेशा से सोचता था कि मैं इन दोनों का मिला-जुला रूप बन सकूं।''
आधुनिक क्रिकेट के सबसे मुकम्मल बल्लेबाज माने जाने वाले तेंदुलकर ने उस दौर को याद किया, जब 100वें अंतरराष्ट्रीय शतक के लिए उन्हें लंबा इंतजार करना पड़ा था। उन्होंने कहा, ''जब मेरा 100वां अंतरराष्ट्रीय शतक बना तो मैं खुशी के मारे कूदा नहीं या जश्न नहीं मना रहा था। मैंने भगवान से पहला सवाल किया कि इतना लंबा समय क्यों लगा। मैंने क्या गलती की थी। जब करोड़ों लोग इसका इंतजार कर रहे थे तो इतना लंबा समय नहीं लगना चाहिए था।''
तेंदुलकर ने कहा, 'मैं कहां पीछे रह गया? मैंने कड़ी मेहनत की और पाकिस्तान के खिलाफ विश्वकप सेमीफाइनल में शतक के करीब भी पहुंचा। उस समय सभी का फोकस विश्वकप पर था। उसके बाद बड़ी निराशा हुई लेकिन यही जिंदगी है।''टिप्पणियां
यह पूछने पर कि यदि क्रिकेटर नहीं होते तो वह क्या होते, तेंदुलकर ने कहा कि उनके पास अधिक विकल्प नहीं है। उन्होंने कहा, ''मुझे नहीं लगता कि मेरे पास ज्यादा विकल्प थे। स्कूली बच्चों को मेरा अनुसरण नहीं करना चाहिए। पढ़ाई करना अहम है। मैंने पढ़ाई और क्रिकेट के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की, लेकिन कर नहीं सका। क्रिकेट ने मेरी रातों की नींदें उड़ा दी थी। मैं खेल से इस कदर प्यार करता था।''
उन्होंने कहा ,''कई बार मैं छत पर एक हाथ में टेनिस रैकेट और दूसरे में बल्ला लेकर जाता था, और 20 मिनट तक टेनिस खेलता और 20 मिनट क्रिकेट। मुझे टेनिस खेलने में मजा आता है।'' उन्होंने कहा, ''मेरे लिए क्रिकेट के बिना जीवन की कल्पना मुश्किल है। उसके अलावा सिर्फ टेनिस है।''
आधुनिक क्रिकेट के सबसे मुकम्मल बल्लेबाज माने जाने वाले तेंदुलकर ने उस दौर को याद किया, जब 100वें अंतरराष्ट्रीय शतक के लिए उन्हें लंबा इंतजार करना पड़ा था। उन्होंने कहा, ''जब मेरा 100वां अंतरराष्ट्रीय शतक बना तो मैं खुशी के मारे कूदा नहीं या जश्न नहीं मना रहा था। मैंने भगवान से पहला सवाल किया कि इतना लंबा समय क्यों लगा। मैंने क्या गलती की थी। जब करोड़ों लोग इसका इंतजार कर रहे थे तो इतना लंबा समय नहीं लगना चाहिए था।''
तेंदुलकर ने कहा, 'मैं कहां पीछे रह गया? मैंने कड़ी मेहनत की और पाकिस्तान के खिलाफ विश्वकप सेमीफाइनल में शतक के करीब भी पहुंचा। उस समय सभी का फोकस विश्वकप पर था। उसके बाद बड़ी निराशा हुई लेकिन यही जिंदगी है।''टिप्पणियां
यह पूछने पर कि यदि क्रिकेटर नहीं होते तो वह क्या होते, तेंदुलकर ने कहा कि उनके पास अधिक विकल्प नहीं है। उन्होंने कहा, ''मुझे नहीं लगता कि मेरे पास ज्यादा विकल्प थे। स्कूली बच्चों को मेरा अनुसरण नहीं करना चाहिए। पढ़ाई करना अहम है। मैंने पढ़ाई और क्रिकेट के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की, लेकिन कर नहीं सका। क्रिकेट ने मेरी रातों की नींदें उड़ा दी थी। मैं खेल से इस कदर प्यार करता था।''
उन्होंने कहा ,''कई बार मैं छत पर एक हाथ में टेनिस रैकेट और दूसरे में बल्ला लेकर जाता था, और 20 मिनट तक टेनिस खेलता और 20 मिनट क्रिकेट। मुझे टेनिस खेलने में मजा आता है।'' उन्होंने कहा, ''मेरे लिए क्रिकेट के बिना जीवन की कल्पना मुश्किल है। उसके अलावा सिर्फ टेनिस है।''
तेंदुलकर ने कहा, 'मैं कहां पीछे रह गया? मैंने कड़ी मेहनत की और पाकिस्तान के खिलाफ विश्वकप सेमीफाइनल में शतक के करीब भी पहुंचा। उस समय सभी का फोकस विश्वकप पर था। उसके बाद बड़ी निराशा हुई लेकिन यही जिंदगी है।''टिप्पणियां
यह पूछने पर कि यदि क्रिकेटर नहीं होते तो वह क्या होते, तेंदुलकर ने कहा कि उनके पास अधिक विकल्प नहीं है। उन्होंने कहा, ''मुझे नहीं लगता कि मेरे पास ज्यादा विकल्प थे। स्कूली बच्चों को मेरा अनुसरण नहीं करना चाहिए। पढ़ाई करना अहम है। मैंने पढ़ाई और क्रिकेट के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की, लेकिन कर नहीं सका। क्रिकेट ने मेरी रातों की नींदें उड़ा दी थी। मैं खेल से इस कदर प्यार करता था।''
उन्होंने कहा ,''कई बार मैं छत पर एक हाथ में टेनिस रैकेट और दूसरे में बल्ला लेकर जाता था, और 20 मिनट तक टेनिस खेलता और 20 मिनट क्रिकेट। मुझे टेनिस खेलने में मजा आता है।'' उन्होंने कहा, ''मेरे लिए क्रिकेट के बिना जीवन की कल्पना मुश्किल है। उसके अलावा सिर्फ टेनिस है।''
यह पूछने पर कि यदि क्रिकेटर नहीं होते तो वह क्या होते, तेंदुलकर ने कहा कि उनके पास अधिक विकल्प नहीं है। उन्होंने कहा, ''मुझे नहीं लगता कि मेरे पास ज्यादा विकल्प थे। स्कूली बच्चों को मेरा अनुसरण नहीं करना चाहिए। पढ़ाई करना अहम है। मैंने पढ़ाई और क्रिकेट के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की, लेकिन कर नहीं सका। क्रिकेट ने मेरी रातों की नींदें उड़ा दी थी। मैं खेल से इस कदर प्यार करता था।''
उन्होंने कहा ,''कई बार मैं छत पर एक हाथ में टेनिस रैकेट और दूसरे में बल्ला लेकर जाता था, और 20 मिनट तक टेनिस खेलता और 20 मिनट क्रिकेट। मुझे टेनिस खेलने में मजा आता है।'' उन्होंने कहा, ''मेरे लिए क्रिकेट के बिना जीवन की कल्पना मुश्किल है। उसके अलावा सिर्फ टेनिस है।''
उन्होंने कहा ,''कई बार मैं छत पर एक हाथ में टेनिस रैकेट और दूसरे में बल्ला लेकर जाता था, और 20 मिनट तक टेनिस खेलता और 20 मिनट क्रिकेट। मुझे टेनिस खेलने में मजा आता है।'' उन्होंने कहा, ''मेरे लिए क्रिकेट के बिना जीवन की कल्पना मुश्किल है। उसके अलावा सिर्फ टेनिस है।'' | सारांश: मास्टर ब्लास्टर ने कहा, स्कूली बच्चों को मेरा अनुसरण नहीं करना चाहिए। पढ़ाई करना अहम होता है। मैंने भी पढ़ाई और क्रिकेट के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की थी, लेकिन कर नहीं पाया। | 33 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: फॉरेक्स शुल्क की जानबूझकर चोरी करना आपको बहुत महंगा पड़ सकता है और जेल की हवा खानी पड़ सकती है।
प्रवर्तन निदेशालय ने 14 साल में पहली बार हाल ही में सूरत के एक हीरा व्यापारी को ‘जानबूझकर’ फॉरेक्स शुल्क चोरी करने के लिए हिरासत में ले लिया और उस पर फेमा की धारा 14 के तहत 3.99 लाख रुपये जुर्माना लगाया।
फेमा उल्लंघन से जुड़े मामले देखने वाले एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘1999 के बाद से यह पहली बार है कि एजेंसी ने विदेशी मुद्रा विनिमय नियमों के उल्लंघन के एक मामले में किसी को हिरासत में लेकर उसे जेल भेज दिया है। एजेंसी देशभर में इस तरह के मामलों में और कदम उठाने की तैयारी में है।’’
वर्ष 1999 में बने फेमा कानून को देश में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा लागू किया जाता है और सख्त मनी लांडरिंग रोधी कानून के मुकाबले फॉरेक्स शुल्क चोरी के मामलों की प्रकृति दिवानी मुकदमों की होती है। टिप्पणियां
गुजरात के सूरत के मामले में हीरा व्यापारी ने अवैध तरीके से 60,000 डॉलर विदेश स्थानांतरित कर फेमा कानूनों का कथित उल्लंघन किया।
फेमा के सक्षम प्राधिकरण ने व्यापारी को तीन महीने के लिए जेल भेज दिया। प्रवर्तन निदेशालय ने इस मामले में दलील थी कि वित्तीय रूप से संसाधन संपन्न होने के बावजूद व्यापारी ने फेमा जुर्माने के कई नोटिसों का अनादर किया।
प्रवर्तन निदेशालय ने 14 साल में पहली बार हाल ही में सूरत के एक हीरा व्यापारी को ‘जानबूझकर’ फॉरेक्स शुल्क चोरी करने के लिए हिरासत में ले लिया और उस पर फेमा की धारा 14 के तहत 3.99 लाख रुपये जुर्माना लगाया।
फेमा उल्लंघन से जुड़े मामले देखने वाले एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘1999 के बाद से यह पहली बार है कि एजेंसी ने विदेशी मुद्रा विनिमय नियमों के उल्लंघन के एक मामले में किसी को हिरासत में लेकर उसे जेल भेज दिया है। एजेंसी देशभर में इस तरह के मामलों में और कदम उठाने की तैयारी में है।’’
वर्ष 1999 में बने फेमा कानून को देश में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा लागू किया जाता है और सख्त मनी लांडरिंग रोधी कानून के मुकाबले फॉरेक्स शुल्क चोरी के मामलों की प्रकृति दिवानी मुकदमों की होती है। टिप्पणियां
गुजरात के सूरत के मामले में हीरा व्यापारी ने अवैध तरीके से 60,000 डॉलर विदेश स्थानांतरित कर फेमा कानूनों का कथित उल्लंघन किया।
फेमा के सक्षम प्राधिकरण ने व्यापारी को तीन महीने के लिए जेल भेज दिया। प्रवर्तन निदेशालय ने इस मामले में दलील थी कि वित्तीय रूप से संसाधन संपन्न होने के बावजूद व्यापारी ने फेमा जुर्माने के कई नोटिसों का अनादर किया।
फेमा उल्लंघन से जुड़े मामले देखने वाले एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘1999 के बाद से यह पहली बार है कि एजेंसी ने विदेशी मुद्रा विनिमय नियमों के उल्लंघन के एक मामले में किसी को हिरासत में लेकर उसे जेल भेज दिया है। एजेंसी देशभर में इस तरह के मामलों में और कदम उठाने की तैयारी में है।’’
वर्ष 1999 में बने फेमा कानून को देश में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा लागू किया जाता है और सख्त मनी लांडरिंग रोधी कानून के मुकाबले फॉरेक्स शुल्क चोरी के मामलों की प्रकृति दिवानी मुकदमों की होती है। टिप्पणियां
गुजरात के सूरत के मामले में हीरा व्यापारी ने अवैध तरीके से 60,000 डॉलर विदेश स्थानांतरित कर फेमा कानूनों का कथित उल्लंघन किया।
फेमा के सक्षम प्राधिकरण ने व्यापारी को तीन महीने के लिए जेल भेज दिया। प्रवर्तन निदेशालय ने इस मामले में दलील थी कि वित्तीय रूप से संसाधन संपन्न होने के बावजूद व्यापारी ने फेमा जुर्माने के कई नोटिसों का अनादर किया।
वर्ष 1999 में बने फेमा कानून को देश में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा लागू किया जाता है और सख्त मनी लांडरिंग रोधी कानून के मुकाबले फॉरेक्स शुल्क चोरी के मामलों की प्रकृति दिवानी मुकदमों की होती है। टिप्पणियां
गुजरात के सूरत के मामले में हीरा व्यापारी ने अवैध तरीके से 60,000 डॉलर विदेश स्थानांतरित कर फेमा कानूनों का कथित उल्लंघन किया।
फेमा के सक्षम प्राधिकरण ने व्यापारी को तीन महीने के लिए जेल भेज दिया। प्रवर्तन निदेशालय ने इस मामले में दलील थी कि वित्तीय रूप से संसाधन संपन्न होने के बावजूद व्यापारी ने फेमा जुर्माने के कई नोटिसों का अनादर किया।
गुजरात के सूरत के मामले में हीरा व्यापारी ने अवैध तरीके से 60,000 डॉलर विदेश स्थानांतरित कर फेमा कानूनों का कथित उल्लंघन किया।
फेमा के सक्षम प्राधिकरण ने व्यापारी को तीन महीने के लिए जेल भेज दिया। प्रवर्तन निदेशालय ने इस मामले में दलील थी कि वित्तीय रूप से संसाधन संपन्न होने के बावजूद व्यापारी ने फेमा जुर्माने के कई नोटिसों का अनादर किया।
फेमा के सक्षम प्राधिकरण ने व्यापारी को तीन महीने के लिए जेल भेज दिया। प्रवर्तन निदेशालय ने इस मामले में दलील थी कि वित्तीय रूप से संसाधन संपन्न होने के बावजूद व्यापारी ने फेमा जुर्माने के कई नोटिसों का अनादर किया। | संक्षिप्त पाठ: प्रवर्तन निदेशालय ने 14 साल में पहली बार हाल ही में सूरत के एक हीरा व्यापारी को ‘जानबूझकर’ फॉरेक्स शुल्क चोरी करने के लिए हिरासत में ले लिया और उस पर फेमा की धारा 14 के तहत 3.99 लाख रुपये जुर्माना लगाया। | 27 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: पिछले दशक की शुरुआत में गुजरात में हुए सांप्रदायिक दंगों को लेकर सालों से आरोप और आलोचनाएं झेलते आ रहे राज्य के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने उर्दू के एक साप्ताहिक अखबार को दिए इंटरव्यू में कहा है कि अगर वह इन मामलों में कहीं से भी गुनहगार पाए जाते हैं, तो उन्हें फांसी पर लटका दिया जाए।
मोदी द्वारा पहली बार किसी उर्दू पत्र को दिया गया यह इंटरव्यू समाजवादी पार्टी के नेता, पूर्व राज्यसभा सांसद और उर्दू साप्ताहिक 'नई दुनिया' के संपादक शाहिद सिद्दीकी ने लिया है, जिसमें गुजरात में वर्ष 2002 में हुए गोधरा कांड के बाद फैले दंगों समेत कई मुद्दों पर बात की गई। उल्लेखनीय है कि इन दंगों में लगभग 1,200 लोग मारे गए थे, जिनमें अधिकतर मुस्लिम थे।टिप्पणियां
समाचारपत्र की आवरण कथा (कवर स्टोरी) के तौर पर छह पन्नों में प्रकाशित किए गए इस इंटरव्यू के बारे में सिद्दीकी ने कहा है, "मैंने उनसे (नरेंद्र मोदी से) पूछा, 'आप माफी क्यों नहीं मांगते? जब सोनिया गांधी, राजीव (गांधी) जी माफी मांग सकते हैं, आप माफी क्यों नहीं मांग सकते...' उन्होंने (नरेंद्र मोदी ने) कहा, 'अगर मैं दोषी पाया जाता हूं, तो मुझे फांसी पर लटका दिया जाना चाहिए... और अगर मैं निर्दोष साबित होता हूं तो मीडिया को मेरी छवि बिगाड़ने के लिए मुझसे माफी मांगनी चाहिए...' "
सिद्दीकी के अनुसार, इस इंटरव्यू का फैसला उन्होंने मुंबई में बॉलीवुड की दो बड़ी फिल्मी हस्तियों - महेश भट्ट और सलीम खान - के साथ लंच के बाद लिया। उल्लेखनीय है कि फिल्मकार महेश भट्ट गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के बड़े आलोचक माने जाते हैं। सिद्दीकी ने कहा कि उन्हें लगता था कि मोदी इंटरव्यू के लिए तैयार ही नहीं होंगे। उन्होंने बताया, "मेरे एक मित्र ने मोदी के कार्यालय से संपर्क किया था... मेरी एक ही शर्त थी कि इंटरव्यू के लिए कोई शर्त नहीं रखी जाएगी, और मैं हर तरह के सवाल पूछूंगा, खासतौर से गुजरात दंगों के बारे में..."
मोदी द्वारा पहली बार किसी उर्दू पत्र को दिया गया यह इंटरव्यू समाजवादी पार्टी के नेता, पूर्व राज्यसभा सांसद और उर्दू साप्ताहिक 'नई दुनिया' के संपादक शाहिद सिद्दीकी ने लिया है, जिसमें गुजरात में वर्ष 2002 में हुए गोधरा कांड के बाद फैले दंगों समेत कई मुद्दों पर बात की गई। उल्लेखनीय है कि इन दंगों में लगभग 1,200 लोग मारे गए थे, जिनमें अधिकतर मुस्लिम थे।टिप्पणियां
समाचारपत्र की आवरण कथा (कवर स्टोरी) के तौर पर छह पन्नों में प्रकाशित किए गए इस इंटरव्यू के बारे में सिद्दीकी ने कहा है, "मैंने उनसे (नरेंद्र मोदी से) पूछा, 'आप माफी क्यों नहीं मांगते? जब सोनिया गांधी, राजीव (गांधी) जी माफी मांग सकते हैं, आप माफी क्यों नहीं मांग सकते...' उन्होंने (नरेंद्र मोदी ने) कहा, 'अगर मैं दोषी पाया जाता हूं, तो मुझे फांसी पर लटका दिया जाना चाहिए... और अगर मैं निर्दोष साबित होता हूं तो मीडिया को मेरी छवि बिगाड़ने के लिए मुझसे माफी मांगनी चाहिए...' "
सिद्दीकी के अनुसार, इस इंटरव्यू का फैसला उन्होंने मुंबई में बॉलीवुड की दो बड़ी फिल्मी हस्तियों - महेश भट्ट और सलीम खान - के साथ लंच के बाद लिया। उल्लेखनीय है कि फिल्मकार महेश भट्ट गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के बड़े आलोचक माने जाते हैं। सिद्दीकी ने कहा कि उन्हें लगता था कि मोदी इंटरव्यू के लिए तैयार ही नहीं होंगे। उन्होंने बताया, "मेरे एक मित्र ने मोदी के कार्यालय से संपर्क किया था... मेरी एक ही शर्त थी कि इंटरव्यू के लिए कोई शर्त नहीं रखी जाएगी, और मैं हर तरह के सवाल पूछूंगा, खासतौर से गुजरात दंगों के बारे में..."
समाचारपत्र की आवरण कथा (कवर स्टोरी) के तौर पर छह पन्नों में प्रकाशित किए गए इस इंटरव्यू के बारे में सिद्दीकी ने कहा है, "मैंने उनसे (नरेंद्र मोदी से) पूछा, 'आप माफी क्यों नहीं मांगते? जब सोनिया गांधी, राजीव (गांधी) जी माफी मांग सकते हैं, आप माफी क्यों नहीं मांग सकते...' उन्होंने (नरेंद्र मोदी ने) कहा, 'अगर मैं दोषी पाया जाता हूं, तो मुझे फांसी पर लटका दिया जाना चाहिए... और अगर मैं निर्दोष साबित होता हूं तो मीडिया को मेरी छवि बिगाड़ने के लिए मुझसे माफी मांगनी चाहिए...' "
सिद्दीकी के अनुसार, इस इंटरव्यू का फैसला उन्होंने मुंबई में बॉलीवुड की दो बड़ी फिल्मी हस्तियों - महेश भट्ट और सलीम खान - के साथ लंच के बाद लिया। उल्लेखनीय है कि फिल्मकार महेश भट्ट गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के बड़े आलोचक माने जाते हैं। सिद्दीकी ने कहा कि उन्हें लगता था कि मोदी इंटरव्यू के लिए तैयार ही नहीं होंगे। उन्होंने बताया, "मेरे एक मित्र ने मोदी के कार्यालय से संपर्क किया था... मेरी एक ही शर्त थी कि इंटरव्यू के लिए कोई शर्त नहीं रखी जाएगी, और मैं हर तरह के सवाल पूछूंगा, खासतौर से गुजरात दंगों के बारे में..."
सिद्दीकी के अनुसार, इस इंटरव्यू का फैसला उन्होंने मुंबई में बॉलीवुड की दो बड़ी फिल्मी हस्तियों - महेश भट्ट और सलीम खान - के साथ लंच के बाद लिया। उल्लेखनीय है कि फिल्मकार महेश भट्ट गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के बड़े आलोचक माने जाते हैं। सिद्दीकी ने कहा कि उन्हें लगता था कि मोदी इंटरव्यू के लिए तैयार ही नहीं होंगे। उन्होंने बताया, "मेरे एक मित्र ने मोदी के कार्यालय से संपर्क किया था... मेरी एक ही शर्त थी कि इंटरव्यू के लिए कोई शर्त नहीं रखी जाएगी, और मैं हर तरह के सवाल पूछूंगा, खासतौर से गुजरात दंगों के बारे में..." | सपा नेता शाहिद सिद्दीकी को एक उर्दू साप्ताहिक के लिए दिए गए इंटरव्यू में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अगर वह कहीं से भी गुनहगार पाए जाते हैं, तो उन्हें फांसी पर लटका दिया जाए। | 1 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: योगी आदित्यनाथ भगवा वस्त्र धारण करने वाले एक हिंदू पुजारी हैं. पांच बार से सांसद चुने जा रहे इस नेता के खिलाफ दर्जनों मुकदमें दर्ज हैं, जिसमें हत्या जैसे गंभीर मामले भी हैं. इनपर मुस्लिमों को नुकसान पहुंचाने के लिए समर्थकों को उकसाने और हिंदुओं को भड़काने वाले बयान देने के भी आरोप हैं. शनिवार को आदित्यनाथ को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाए जाने की घोषणा के साथ ही बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ संकेत दे दिया है कि वे 2019 के आम चुनाव को देखते हुए हिंदुओं का ध्रुवीकरण कर रहे हैं. आदित्यनाथ ने डोनाल्ड ट्रंप के सात मुस्लिम देशों के नागरिकों की अमेरिका में एंट्री बैन के फैसले का समर्थन किया था.
रविवार को भारत के टाइम्स ऑफ इंडिया ने आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने की खबर को 'कट्टर हिंदुत्व छवि' वाले शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी. खबर में ये भी कहा गया था कि उनमें योग्यता के नाम पर केवल हिंदू राष्ट्रवाद है. टाइम्स ने लिखा है कि पीएम मोदी और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने साफ संकेत दे दिए हैं कि उनकी पार्टी अपने मूल सिद्धांत 'हिंदूत्व' से अलग नहीं होना चाहती है. 'द वाशिंगटन पोस्ट' के मुताबिक 44 वर्षीय आदित्यनाथ 26 वर्ष की उम्र में पहली बार जब सांसद बने थे तब उनकी पहचान गोरखनाथ मंदिर के एक संन्यासी के रूप में थी. इसके बाद ये अपनी विवादित बयानों के लिए सुर्खियों में रहने लगे. साल 2014 में इन्होंने मस्जिदों में हिंदू देवी-देवताओं को स्थापित करने और भारत से गैर हिंदूओं को बाहर करने की बात कही थी. उन्होंने कहा था कि यह भारत सहित पूरे विश्व के लिए हिंदुत्व की सदी है.
आदित्यनाथ ने कहा था कि टेरेसा भारत में ईसाईकरण की साजिश का हिस्सा थीं. वे अभिनेता शाहरुख खान की तुलना आतंकी से कर चुके हैं. एक रैली में आदित्यनाथ ने कहा था कि अगर एक हिंदू लड़की से कोई मुसलमान शादी करेगा तो हम 10 मुस्लिम लड़कियों से बदला लेंगे. इतना ही नहीं, अगर कोई मुस्लिम किसी एक हिंदू की हत्या करेगा तो हम 100 मुसलमानों को मौत के घाट उतार देंगे.
साल 2007 में हिंदू-मुस्लिम तनाव के बाद इस शख्स के संवेदनशील इलाके में जाने पर रोक लगा दी थी. आदेश की अवहेलना के आरोप में आदित्यनाथ 11 दिनों तक जेल में भी रह चुके हैं. साल 2014 के लोकसभा चुनाव में नामांकन के दौरान हलफनामे में दी गई जानकारी के अनुसार आदित्यनाथ पर 18 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिसमें हत्या का प्रयास, आपराधिक धमकी और दंगा मामले का भी आरोप है.
इस बार विधानसभा चुनाव की रैलियों में योगी आदित्यनाथ के समर्थक मुसलमानों को देश छोड़ने के नारे लगाते देखे गए थे. आदित्यनाथ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 7 मुस्लिम देशों के नागरिकों की एंट्री बैन करने के फैसले का भी समर्थन किया था. साथ ही उसने इस फैसले को भारत में लागू करने की भी मांग की थी.टिप्पणियां
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में 403 में से 325 सीटें बीजेपी और उसके सहयोगियों को मिलने का श्रेय भी आदित्यनाथ को जाता है. उत्तर प्रदेश का आकार करीब-करीब ब्राजील के बराबर है, जहां 220 मिलियन (22 करोड़) लोग रहते हैं. इस राज्य में हिंदू-मुस्लिम दंगे का पुराना इतिहास रहा है. साल 2013 में दो समुदायों के बीच हुए टकराव में करीब 60 लोगों की जान गई थी और करीब एक हजार से ज्यादा लोग बेघर हुए थे.
जानकारों का कहना है कि चुनाव प्रचार में बीजेपी ने गौ हत्या पर रोक और लंबे समय से चले रहे अयोध्या के विवादित जगह पर मंदिर निर्माण का वादा किया था. अब लोगों की इस बात पर नजर रहेगी कि चुनाव प्रचार के दौरान किए गए वादों को आदित्यनाथ पूरा करेंगे या नहीं. शनिवार को बीजेपी के कट्टर समर्थकों ने योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री के पद पर बिठाने के लिए पीएम मोदी को शुक्रिया कहा है. आदित्यनाथ ने सत्ता संभालने के बाद कहा, 'मैं उत्तर प्रदेश में मोदी के लक्ष्य 'सबका साथ सबका विकास' को लागू करवाउंगा.
रविवार को भारत के टाइम्स ऑफ इंडिया ने आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने की खबर को 'कट्टर हिंदुत्व छवि' वाले शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी. खबर में ये भी कहा गया था कि उनमें योग्यता के नाम पर केवल हिंदू राष्ट्रवाद है. टाइम्स ने लिखा है कि पीएम मोदी और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने साफ संकेत दे दिए हैं कि उनकी पार्टी अपने मूल सिद्धांत 'हिंदूत्व' से अलग नहीं होना चाहती है. 'द वाशिंगटन पोस्ट' के मुताबिक 44 वर्षीय आदित्यनाथ 26 वर्ष की उम्र में पहली बार जब सांसद बने थे तब उनकी पहचान गोरखनाथ मंदिर के एक संन्यासी के रूप में थी. इसके बाद ये अपनी विवादित बयानों के लिए सुर्खियों में रहने लगे. साल 2014 में इन्होंने मस्जिदों में हिंदू देवी-देवताओं को स्थापित करने और भारत से गैर हिंदूओं को बाहर करने की बात कही थी. उन्होंने कहा था कि यह भारत सहित पूरे विश्व के लिए हिंदुत्व की सदी है.
आदित्यनाथ ने कहा था कि टेरेसा भारत में ईसाईकरण की साजिश का हिस्सा थीं. वे अभिनेता शाहरुख खान की तुलना आतंकी से कर चुके हैं. एक रैली में आदित्यनाथ ने कहा था कि अगर एक हिंदू लड़की से कोई मुसलमान शादी करेगा तो हम 10 मुस्लिम लड़कियों से बदला लेंगे. इतना ही नहीं, अगर कोई मुस्लिम किसी एक हिंदू की हत्या करेगा तो हम 100 मुसलमानों को मौत के घाट उतार देंगे.
साल 2007 में हिंदू-मुस्लिम तनाव के बाद इस शख्स के संवेदनशील इलाके में जाने पर रोक लगा दी थी. आदेश की अवहेलना के आरोप में आदित्यनाथ 11 दिनों तक जेल में भी रह चुके हैं. साल 2014 के लोकसभा चुनाव में नामांकन के दौरान हलफनामे में दी गई जानकारी के अनुसार आदित्यनाथ पर 18 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिसमें हत्या का प्रयास, आपराधिक धमकी और दंगा मामले का भी आरोप है.
इस बार विधानसभा चुनाव की रैलियों में योगी आदित्यनाथ के समर्थक मुसलमानों को देश छोड़ने के नारे लगाते देखे गए थे. आदित्यनाथ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 7 मुस्लिम देशों के नागरिकों की एंट्री बैन करने के फैसले का भी समर्थन किया था. साथ ही उसने इस फैसले को भारत में लागू करने की भी मांग की थी.टिप्पणियां
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में 403 में से 325 सीटें बीजेपी और उसके सहयोगियों को मिलने का श्रेय भी आदित्यनाथ को जाता है. उत्तर प्रदेश का आकार करीब-करीब ब्राजील के बराबर है, जहां 220 मिलियन (22 करोड़) लोग रहते हैं. इस राज्य में हिंदू-मुस्लिम दंगे का पुराना इतिहास रहा है. साल 2013 में दो समुदायों के बीच हुए टकराव में करीब 60 लोगों की जान गई थी और करीब एक हजार से ज्यादा लोग बेघर हुए थे.
जानकारों का कहना है कि चुनाव प्रचार में बीजेपी ने गौ हत्या पर रोक और लंबे समय से चले रहे अयोध्या के विवादित जगह पर मंदिर निर्माण का वादा किया था. अब लोगों की इस बात पर नजर रहेगी कि चुनाव प्रचार के दौरान किए गए वादों को आदित्यनाथ पूरा करेंगे या नहीं. शनिवार को बीजेपी के कट्टर समर्थकों ने योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री के पद पर बिठाने के लिए पीएम मोदी को शुक्रिया कहा है. आदित्यनाथ ने सत्ता संभालने के बाद कहा, 'मैं उत्तर प्रदेश में मोदी के लक्ष्य 'सबका साथ सबका विकास' को लागू करवाउंगा.
'द वाशिंगटन पोस्ट' के मुताबिक 44 वर्षीय आदित्यनाथ 26 वर्ष की उम्र में पहली बार जब सांसद बने थे तब उनकी पहचान गोरखनाथ मंदिर के एक संन्यासी के रूप में थी. इसके बाद ये अपनी विवादित बयानों के लिए सुर्खियों में रहने लगे. साल 2014 में इन्होंने मस्जिदों में हिंदू देवी-देवताओं को स्थापित करने और भारत से गैर हिंदूओं को बाहर करने की बात कही थी. उन्होंने कहा था कि यह भारत सहित पूरे विश्व के लिए हिंदुत्व की सदी है.
आदित्यनाथ ने कहा था कि टेरेसा भारत में ईसाईकरण की साजिश का हिस्सा थीं. वे अभिनेता शाहरुख खान की तुलना आतंकी से कर चुके हैं. एक रैली में आदित्यनाथ ने कहा था कि अगर एक हिंदू लड़की से कोई मुसलमान शादी करेगा तो हम 10 मुस्लिम लड़कियों से बदला लेंगे. इतना ही नहीं, अगर कोई मुस्लिम किसी एक हिंदू की हत्या करेगा तो हम 100 मुसलमानों को मौत के घाट उतार देंगे.
साल 2007 में हिंदू-मुस्लिम तनाव के बाद इस शख्स के संवेदनशील इलाके में जाने पर रोक लगा दी थी. आदेश की अवहेलना के आरोप में आदित्यनाथ 11 दिनों तक जेल में भी रह चुके हैं. साल 2014 के लोकसभा चुनाव में नामांकन के दौरान हलफनामे में दी गई जानकारी के अनुसार आदित्यनाथ पर 18 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिसमें हत्या का प्रयास, आपराधिक धमकी और दंगा मामले का भी आरोप है.
इस बार विधानसभा चुनाव की रैलियों में योगी आदित्यनाथ के समर्थक मुसलमानों को देश छोड़ने के नारे लगाते देखे गए थे. आदित्यनाथ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 7 मुस्लिम देशों के नागरिकों की एंट्री बैन करने के फैसले का भी समर्थन किया था. साथ ही उसने इस फैसले को भारत में लागू करने की भी मांग की थी.टिप्पणियां
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में 403 में से 325 सीटें बीजेपी और उसके सहयोगियों को मिलने का श्रेय भी आदित्यनाथ को जाता है. उत्तर प्रदेश का आकार करीब-करीब ब्राजील के बराबर है, जहां 220 मिलियन (22 करोड़) लोग रहते हैं. इस राज्य में हिंदू-मुस्लिम दंगे का पुराना इतिहास रहा है. साल 2013 में दो समुदायों के बीच हुए टकराव में करीब 60 लोगों की जान गई थी और करीब एक हजार से ज्यादा लोग बेघर हुए थे.
जानकारों का कहना है कि चुनाव प्रचार में बीजेपी ने गौ हत्या पर रोक और लंबे समय से चले रहे अयोध्या के विवादित जगह पर मंदिर निर्माण का वादा किया था. अब लोगों की इस बात पर नजर रहेगी कि चुनाव प्रचार के दौरान किए गए वादों को आदित्यनाथ पूरा करेंगे या नहीं. शनिवार को बीजेपी के कट्टर समर्थकों ने योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री के पद पर बिठाने के लिए पीएम मोदी को शुक्रिया कहा है. आदित्यनाथ ने सत्ता संभालने के बाद कहा, 'मैं उत्तर प्रदेश में मोदी के लक्ष्य 'सबका साथ सबका विकास' को लागू करवाउंगा.
आदित्यनाथ ने कहा था कि टेरेसा भारत में ईसाईकरण की साजिश का हिस्सा थीं. वे अभिनेता शाहरुख खान की तुलना आतंकी से कर चुके हैं. एक रैली में आदित्यनाथ ने कहा था कि अगर एक हिंदू लड़की से कोई मुसलमान शादी करेगा तो हम 10 मुस्लिम लड़कियों से बदला लेंगे. इतना ही नहीं, अगर कोई मुस्लिम किसी एक हिंदू की हत्या करेगा तो हम 100 मुसलमानों को मौत के घाट उतार देंगे.
साल 2007 में हिंदू-मुस्लिम तनाव के बाद इस शख्स के संवेदनशील इलाके में जाने पर रोक लगा दी थी. आदेश की अवहेलना के आरोप में आदित्यनाथ 11 दिनों तक जेल में भी रह चुके हैं. साल 2014 के लोकसभा चुनाव में नामांकन के दौरान हलफनामे में दी गई जानकारी के अनुसार आदित्यनाथ पर 18 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिसमें हत्या का प्रयास, आपराधिक धमकी और दंगा मामले का भी आरोप है.
इस बार विधानसभा चुनाव की रैलियों में योगी आदित्यनाथ के समर्थक मुसलमानों को देश छोड़ने के नारे लगाते देखे गए थे. आदित्यनाथ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 7 मुस्लिम देशों के नागरिकों की एंट्री बैन करने के फैसले का भी समर्थन किया था. साथ ही उसने इस फैसले को भारत में लागू करने की भी मांग की थी.टिप्पणियां
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में 403 में से 325 सीटें बीजेपी और उसके सहयोगियों को मिलने का श्रेय भी आदित्यनाथ को जाता है. उत्तर प्रदेश का आकार करीब-करीब ब्राजील के बराबर है, जहां 220 मिलियन (22 करोड़) लोग रहते हैं. इस राज्य में हिंदू-मुस्लिम दंगे का पुराना इतिहास रहा है. साल 2013 में दो समुदायों के बीच हुए टकराव में करीब 60 लोगों की जान गई थी और करीब एक हजार से ज्यादा लोग बेघर हुए थे.
जानकारों का कहना है कि चुनाव प्रचार में बीजेपी ने गौ हत्या पर रोक और लंबे समय से चले रहे अयोध्या के विवादित जगह पर मंदिर निर्माण का वादा किया था. अब लोगों की इस बात पर नजर रहेगी कि चुनाव प्रचार के दौरान किए गए वादों को आदित्यनाथ पूरा करेंगे या नहीं. शनिवार को बीजेपी के कट्टर समर्थकों ने योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री के पद पर बिठाने के लिए पीएम मोदी को शुक्रिया कहा है. आदित्यनाथ ने सत्ता संभालने के बाद कहा, 'मैं उत्तर प्रदेश में मोदी के लक्ष्य 'सबका साथ सबका विकास' को लागू करवाउंगा.
साल 2007 में हिंदू-मुस्लिम तनाव के बाद इस शख्स के संवेदनशील इलाके में जाने पर रोक लगा दी थी. आदेश की अवहेलना के आरोप में आदित्यनाथ 11 दिनों तक जेल में भी रह चुके हैं. साल 2014 के लोकसभा चुनाव में नामांकन के दौरान हलफनामे में दी गई जानकारी के अनुसार आदित्यनाथ पर 18 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिसमें हत्या का प्रयास, आपराधिक धमकी और दंगा मामले का भी आरोप है.
इस बार विधानसभा चुनाव की रैलियों में योगी आदित्यनाथ के समर्थक मुसलमानों को देश छोड़ने के नारे लगाते देखे गए थे. आदित्यनाथ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 7 मुस्लिम देशों के नागरिकों की एंट्री बैन करने के फैसले का भी समर्थन किया था. साथ ही उसने इस फैसले को भारत में लागू करने की भी मांग की थी.टिप्पणियां
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में 403 में से 325 सीटें बीजेपी और उसके सहयोगियों को मिलने का श्रेय भी आदित्यनाथ को जाता है. उत्तर प्रदेश का आकार करीब-करीब ब्राजील के बराबर है, जहां 220 मिलियन (22 करोड़) लोग रहते हैं. इस राज्य में हिंदू-मुस्लिम दंगे का पुराना इतिहास रहा है. साल 2013 में दो समुदायों के बीच हुए टकराव में करीब 60 लोगों की जान गई थी और करीब एक हजार से ज्यादा लोग बेघर हुए थे.
जानकारों का कहना है कि चुनाव प्रचार में बीजेपी ने गौ हत्या पर रोक और लंबे समय से चले रहे अयोध्या के विवादित जगह पर मंदिर निर्माण का वादा किया था. अब लोगों की इस बात पर नजर रहेगी कि चुनाव प्रचार के दौरान किए गए वादों को आदित्यनाथ पूरा करेंगे या नहीं. शनिवार को बीजेपी के कट्टर समर्थकों ने योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री के पद पर बिठाने के लिए पीएम मोदी को शुक्रिया कहा है. आदित्यनाथ ने सत्ता संभालने के बाद कहा, 'मैं उत्तर प्रदेश में मोदी के लक्ष्य 'सबका साथ सबका विकास' को लागू करवाउंगा.
इस बार विधानसभा चुनाव की रैलियों में योगी आदित्यनाथ के समर्थक मुसलमानों को देश छोड़ने के नारे लगाते देखे गए थे. आदित्यनाथ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 7 मुस्लिम देशों के नागरिकों की एंट्री बैन करने के फैसले का भी समर्थन किया था. साथ ही उसने इस फैसले को भारत में लागू करने की भी मांग की थी.टिप्पणियां
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में 403 में से 325 सीटें बीजेपी और उसके सहयोगियों को मिलने का श्रेय भी आदित्यनाथ को जाता है. उत्तर प्रदेश का आकार करीब-करीब ब्राजील के बराबर है, जहां 220 मिलियन (22 करोड़) लोग रहते हैं. इस राज्य में हिंदू-मुस्लिम दंगे का पुराना इतिहास रहा है. साल 2013 में दो समुदायों के बीच हुए टकराव में करीब 60 लोगों की जान गई थी और करीब एक हजार से ज्यादा लोग बेघर हुए थे.
जानकारों का कहना है कि चुनाव प्रचार में बीजेपी ने गौ हत्या पर रोक और लंबे समय से चले रहे अयोध्या के विवादित जगह पर मंदिर निर्माण का वादा किया था. अब लोगों की इस बात पर नजर रहेगी कि चुनाव प्रचार के दौरान किए गए वादों को आदित्यनाथ पूरा करेंगे या नहीं. शनिवार को बीजेपी के कट्टर समर्थकों ने योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री के पद पर बिठाने के लिए पीएम मोदी को शुक्रिया कहा है. आदित्यनाथ ने सत्ता संभालने के बाद कहा, 'मैं उत्तर प्रदेश में मोदी के लक्ष्य 'सबका साथ सबका विकास' को लागू करवाउंगा.
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में 403 में से 325 सीटें बीजेपी और उसके सहयोगियों को मिलने का श्रेय भी आदित्यनाथ को जाता है. उत्तर प्रदेश का आकार करीब-करीब ब्राजील के बराबर है, जहां 220 मिलियन (22 करोड़) लोग रहते हैं. इस राज्य में हिंदू-मुस्लिम दंगे का पुराना इतिहास रहा है. साल 2013 में दो समुदायों के बीच हुए टकराव में करीब 60 लोगों की जान गई थी और करीब एक हजार से ज्यादा लोग बेघर हुए थे.
जानकारों का कहना है कि चुनाव प्रचार में बीजेपी ने गौ हत्या पर रोक और लंबे समय से चले रहे अयोध्या के विवादित जगह पर मंदिर निर्माण का वादा किया था. अब लोगों की इस बात पर नजर रहेगी कि चुनाव प्रचार के दौरान किए गए वादों को आदित्यनाथ पूरा करेंगे या नहीं. शनिवार को बीजेपी के कट्टर समर्थकों ने योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री के पद पर बिठाने के लिए पीएम मोदी को शुक्रिया कहा है. आदित्यनाथ ने सत्ता संभालने के बाद कहा, 'मैं उत्तर प्रदेश में मोदी के लक्ष्य 'सबका साथ सबका विकास' को लागू करवाउंगा.
जानकारों का कहना है कि चुनाव प्रचार में बीजेपी ने गौ हत्या पर रोक और लंबे समय से चले रहे अयोध्या के विवादित जगह पर मंदिर निर्माण का वादा किया था. अब लोगों की इस बात पर नजर रहेगी कि चुनाव प्रचार के दौरान किए गए वादों को आदित्यनाथ पूरा करेंगे या नहीं. शनिवार को बीजेपी के कट्टर समर्थकों ने योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री के पद पर बिठाने के लिए पीएम मोदी को शुक्रिया कहा है. आदित्यनाथ ने सत्ता संभालने के बाद कहा, 'मैं उत्तर प्रदेश में मोदी के लक्ष्य 'सबका साथ सबका विकास' को लागू करवाउंगा. | यह एक सारांश है: आदित्यनाथ ने कहा था, टेरेसा भारत में ईसाईकरण की साजिश का हिस्सा थीं
आदित्यनाथ ने एक हिंदू के बदले 100 मुस्लिमों की हत्या की बात कही थी
आदित्यनाथ 11 दिनों के लिए जेल भी जा चुके हैं | 21 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय मुक्केबाज नवीन कुमार और संदीप कुमार ने एआईबीए जूनियर विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में जगह बना ली है। नवीन (50 किग्रा) और संदीप (58 किग्रा) ने अब अपने नाम पर कांस्य पदक पक्का कर लिया है। नवीन ने क्वार्टर फाइनल में अजरबेजान के मुरादोव मलिक को 18-9 से हराय। प्रेसीडेंट कप में स्वर्ण पदक जीतने वाले इस 14 वर्षीय मुक्केबाज ने सतर्क शुरुआत की। पहले दौर के बाद दोनों मुक्केबाज 3-3 से बराबरी पर थे, लेकिन इसके बाद नवीन के पंच का उनके प्रतिद्वंद्वी के पास कोई जवाब नहीं था। उनका अगला मुकाबला रूस के दजाब्रेल विजिरखानोव से होगा। संदीप का मुकाबला काफी करीबी रहा। डोमिनिका के हुस्कार रामिरेज के खिलाफ पहले दौर के बाद संदीप दो अंक से पिछड़ रहे थे। दूसरे दौर में भी वह एक अंक से पीछे थे, लेकिन तीसरे दौर में उन्होंने जोरदार वापसी करके यह मुकाबला 9-8 से जीता। वह सेमीफाइनल में उज्बेकिस्तान के अलियोर नोरालीव से भिड़ेंगे। भारत के अन्य मुक्केबाज ललिता प्रसाद पोलिपल्ली (48 किग्रा) और मनीष कौशिक (52 किग्रा) हालांकि क्वार्टर फाइनल में हार गए। | सारांश: भारतीय मुक्केबाज नवीन कुमार और संदीप कुमार ने एआईबीए जूनियर विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में जगह बना ली है। | 20 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने से संबंधित गजट नोटिफिकेशन सरकार ने जारी कर दिया है। इस नोटिफिकेशन के जारी होने के साथ ही केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के मन में उठ रहे कई सवालों के जवाब मिल गए हैं।
जहां कुछ मुद्दों पर सरकार कर्मचारियों के विरोध के बाद बातचीत के लिए तैयार हो गई है और समितियों का गठन किया गया है, वहीं वेतन आयोग की सिफारिशों में एक और मुद्दा ऐसा है कि जिस पर कर्मचारियों खास तौर पर तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की नाराजगी खुलकर सामने आई है वह है एमएसीपी।
एमएसीपी यानी मोडीफाइड एर्श्योड करियर प्रोगेशन। इसके तहत ऐसे केंद्रीय कर्मचारियों का वार्षिक अप्रेजल या इंक्रीमेंट नहीं होगा, जिनका प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं होगा। वित्त मंत्रालय ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के क्रियान्वयन संबंधी अधिसूचना जारी करते हुए कहा कि अब कर्मचारियों के प्रमोशन और वार्षिक इंक्रीमेंट के संबंधित बेंचमार्क का नया स्तर अब 'अच्छा' से 'बहुत अच्छा' किया गया है।
मंत्रालय ने यह भी कहा कि पहले की तरह 10 साल, 20 और 30 साल की सेवा से संबंधित मोडीफाइड एर्श्योड करियर प्रोगेशन (एमएसीपी) स्कीम को जारी रखा जाएगा। जिन कर्मचारियों का प्रदर्शन एमएसीपी के लिए निर्धारित बेंचमार्क या पहले 20 सालों की सेवा के दौरान नियमित प्रमोशन के लिए अपेक्षित नहीं पाया जाएगा तो ऐसे कर्मचारियों की वार्षिक इंक्रीमेंट को रोक देने संबंधित सिफारिश को 'स्वीकार' कर लिया गया है।
डीओपीटी मंत्रालय (कार्मिक एवं प्रशिक्षण मंत्रालय) के सूत्र बता रहे हैं कि भले ही यह एमएसीपी नोटिफाई कर दिया गया है, लेकिन हम अभी भी इस मुद्दे पर बातचीत की प्रक्रिया में हैं। लेकिन वरिष्ठ अधिकारी अभी भी यह साफ नहीं कर पा रहे हैं कि क्या इसे फिलहाल होल्ड (रोका गया है) पर रखा गया है या नहीं।
सातवें वेतन आयोग पर आए नोटिफिकेशन में प्रमोशन और प्रदर्शन को जोड़ने के फैसले पर सवाल उठने लगे हैं। कर्मचारी संगठन इसका तीखा विरोध कर रहे हैं।
बता दें कि सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों से पहले ही कई कर्मचारी संगठन नाराज थे। सरकार की अपील पर हड़ताल चार महीने टली थी। अब यह संगठन नोटिफिकेशन में प्रमोशन और प्रदर्शन को जोड़ने के फैसले के खिलाफ खड़े हो गए हैं। इनका कहना है कि पहले ही प्रमोशन के नियम पेशेवर नहीं हैं और अब ज्यादा परेशानी होगी।टिप्पणियां
कर्मचारियों की नाराजगी सबसे ज्यादा प्रमोशन के नए मापदंडों को लेकर है। उनका कहना है कि नए नियमों के लागू होने के बाद किसी भी कर्मचारी को तभी तरक्की मिलेगी जब उसका काम 'वेरी गुड' की श्रेणी में आएगा। अब तक "गुड" आने से ही तरक्की का रास्ता खुल जाता था।
ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन के सेक्रेटरी जनरल शिवगोपाल मिश्रा ने कहा, "पे कमीशन के इन दोनों सुझावों को सरकार ने जिस तरह से स्वीकार किया है वह गलत है। हमने पे कमीशन के सामने भी इसका विरोध किया था। अब हम अपना विरोध सरकार के सामने रखेंगे।"
जहां कुछ मुद्दों पर सरकार कर्मचारियों के विरोध के बाद बातचीत के लिए तैयार हो गई है और समितियों का गठन किया गया है, वहीं वेतन आयोग की सिफारिशों में एक और मुद्दा ऐसा है कि जिस पर कर्मचारियों खास तौर पर तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की नाराजगी खुलकर सामने आई है वह है एमएसीपी।
एमएसीपी यानी मोडीफाइड एर्श्योड करियर प्रोगेशन। इसके तहत ऐसे केंद्रीय कर्मचारियों का वार्षिक अप्रेजल या इंक्रीमेंट नहीं होगा, जिनका प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं होगा। वित्त मंत्रालय ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के क्रियान्वयन संबंधी अधिसूचना जारी करते हुए कहा कि अब कर्मचारियों के प्रमोशन और वार्षिक इंक्रीमेंट के संबंधित बेंचमार्क का नया स्तर अब 'अच्छा' से 'बहुत अच्छा' किया गया है।
मंत्रालय ने यह भी कहा कि पहले की तरह 10 साल, 20 और 30 साल की सेवा से संबंधित मोडीफाइड एर्श्योड करियर प्रोगेशन (एमएसीपी) स्कीम को जारी रखा जाएगा। जिन कर्मचारियों का प्रदर्शन एमएसीपी के लिए निर्धारित बेंचमार्क या पहले 20 सालों की सेवा के दौरान नियमित प्रमोशन के लिए अपेक्षित नहीं पाया जाएगा तो ऐसे कर्मचारियों की वार्षिक इंक्रीमेंट को रोक देने संबंधित सिफारिश को 'स्वीकार' कर लिया गया है।
डीओपीटी मंत्रालय (कार्मिक एवं प्रशिक्षण मंत्रालय) के सूत्र बता रहे हैं कि भले ही यह एमएसीपी नोटिफाई कर दिया गया है, लेकिन हम अभी भी इस मुद्दे पर बातचीत की प्रक्रिया में हैं। लेकिन वरिष्ठ अधिकारी अभी भी यह साफ नहीं कर पा रहे हैं कि क्या इसे फिलहाल होल्ड (रोका गया है) पर रखा गया है या नहीं।
सातवें वेतन आयोग पर आए नोटिफिकेशन में प्रमोशन और प्रदर्शन को जोड़ने के फैसले पर सवाल उठने लगे हैं। कर्मचारी संगठन इसका तीखा विरोध कर रहे हैं।
बता दें कि सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों से पहले ही कई कर्मचारी संगठन नाराज थे। सरकार की अपील पर हड़ताल चार महीने टली थी। अब यह संगठन नोटिफिकेशन में प्रमोशन और प्रदर्शन को जोड़ने के फैसले के खिलाफ खड़े हो गए हैं। इनका कहना है कि पहले ही प्रमोशन के नियम पेशेवर नहीं हैं और अब ज्यादा परेशानी होगी।टिप्पणियां
कर्मचारियों की नाराजगी सबसे ज्यादा प्रमोशन के नए मापदंडों को लेकर है। उनका कहना है कि नए नियमों के लागू होने के बाद किसी भी कर्मचारी को तभी तरक्की मिलेगी जब उसका काम 'वेरी गुड' की श्रेणी में आएगा। अब तक "गुड" आने से ही तरक्की का रास्ता खुल जाता था।
ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन के सेक्रेटरी जनरल शिवगोपाल मिश्रा ने कहा, "पे कमीशन के इन दोनों सुझावों को सरकार ने जिस तरह से स्वीकार किया है वह गलत है। हमने पे कमीशन के सामने भी इसका विरोध किया था। अब हम अपना विरोध सरकार के सामने रखेंगे।"
एमएसीपी यानी मोडीफाइड एर्श्योड करियर प्रोगेशन। इसके तहत ऐसे केंद्रीय कर्मचारियों का वार्षिक अप्रेजल या इंक्रीमेंट नहीं होगा, जिनका प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं होगा। वित्त मंत्रालय ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के क्रियान्वयन संबंधी अधिसूचना जारी करते हुए कहा कि अब कर्मचारियों के प्रमोशन और वार्षिक इंक्रीमेंट के संबंधित बेंचमार्क का नया स्तर अब 'अच्छा' से 'बहुत अच्छा' किया गया है।
मंत्रालय ने यह भी कहा कि पहले की तरह 10 साल, 20 और 30 साल की सेवा से संबंधित मोडीफाइड एर्श्योड करियर प्रोगेशन (एमएसीपी) स्कीम को जारी रखा जाएगा। जिन कर्मचारियों का प्रदर्शन एमएसीपी के लिए निर्धारित बेंचमार्क या पहले 20 सालों की सेवा के दौरान नियमित प्रमोशन के लिए अपेक्षित नहीं पाया जाएगा तो ऐसे कर्मचारियों की वार्षिक इंक्रीमेंट को रोक देने संबंधित सिफारिश को 'स्वीकार' कर लिया गया है।
डीओपीटी मंत्रालय (कार्मिक एवं प्रशिक्षण मंत्रालय) के सूत्र बता रहे हैं कि भले ही यह एमएसीपी नोटिफाई कर दिया गया है, लेकिन हम अभी भी इस मुद्दे पर बातचीत की प्रक्रिया में हैं। लेकिन वरिष्ठ अधिकारी अभी भी यह साफ नहीं कर पा रहे हैं कि क्या इसे फिलहाल होल्ड (रोका गया है) पर रखा गया है या नहीं।
सातवें वेतन आयोग पर आए नोटिफिकेशन में प्रमोशन और प्रदर्शन को जोड़ने के फैसले पर सवाल उठने लगे हैं। कर्मचारी संगठन इसका तीखा विरोध कर रहे हैं।
बता दें कि सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों से पहले ही कई कर्मचारी संगठन नाराज थे। सरकार की अपील पर हड़ताल चार महीने टली थी। अब यह संगठन नोटिफिकेशन में प्रमोशन और प्रदर्शन को जोड़ने के फैसले के खिलाफ खड़े हो गए हैं। इनका कहना है कि पहले ही प्रमोशन के नियम पेशेवर नहीं हैं और अब ज्यादा परेशानी होगी।टिप्पणियां
कर्मचारियों की नाराजगी सबसे ज्यादा प्रमोशन के नए मापदंडों को लेकर है। उनका कहना है कि नए नियमों के लागू होने के बाद किसी भी कर्मचारी को तभी तरक्की मिलेगी जब उसका काम 'वेरी गुड' की श्रेणी में आएगा। अब तक "गुड" आने से ही तरक्की का रास्ता खुल जाता था।
ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन के सेक्रेटरी जनरल शिवगोपाल मिश्रा ने कहा, "पे कमीशन के इन दोनों सुझावों को सरकार ने जिस तरह से स्वीकार किया है वह गलत है। हमने पे कमीशन के सामने भी इसका विरोध किया था। अब हम अपना विरोध सरकार के सामने रखेंगे।"
मंत्रालय ने यह भी कहा कि पहले की तरह 10 साल, 20 और 30 साल की सेवा से संबंधित मोडीफाइड एर्श्योड करियर प्रोगेशन (एमएसीपी) स्कीम को जारी रखा जाएगा। जिन कर्मचारियों का प्रदर्शन एमएसीपी के लिए निर्धारित बेंचमार्क या पहले 20 सालों की सेवा के दौरान नियमित प्रमोशन के लिए अपेक्षित नहीं पाया जाएगा तो ऐसे कर्मचारियों की वार्षिक इंक्रीमेंट को रोक देने संबंधित सिफारिश को 'स्वीकार' कर लिया गया है।
डीओपीटी मंत्रालय (कार्मिक एवं प्रशिक्षण मंत्रालय) के सूत्र बता रहे हैं कि भले ही यह एमएसीपी नोटिफाई कर दिया गया है, लेकिन हम अभी भी इस मुद्दे पर बातचीत की प्रक्रिया में हैं। लेकिन वरिष्ठ अधिकारी अभी भी यह साफ नहीं कर पा रहे हैं कि क्या इसे फिलहाल होल्ड (रोका गया है) पर रखा गया है या नहीं।
सातवें वेतन आयोग पर आए नोटिफिकेशन में प्रमोशन और प्रदर्शन को जोड़ने के फैसले पर सवाल उठने लगे हैं। कर्मचारी संगठन इसका तीखा विरोध कर रहे हैं।
बता दें कि सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों से पहले ही कई कर्मचारी संगठन नाराज थे। सरकार की अपील पर हड़ताल चार महीने टली थी। अब यह संगठन नोटिफिकेशन में प्रमोशन और प्रदर्शन को जोड़ने के फैसले के खिलाफ खड़े हो गए हैं। इनका कहना है कि पहले ही प्रमोशन के नियम पेशेवर नहीं हैं और अब ज्यादा परेशानी होगी।टिप्पणियां
कर्मचारियों की नाराजगी सबसे ज्यादा प्रमोशन के नए मापदंडों को लेकर है। उनका कहना है कि नए नियमों के लागू होने के बाद किसी भी कर्मचारी को तभी तरक्की मिलेगी जब उसका काम 'वेरी गुड' की श्रेणी में आएगा। अब तक "गुड" आने से ही तरक्की का रास्ता खुल जाता था।
ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन के सेक्रेटरी जनरल शिवगोपाल मिश्रा ने कहा, "पे कमीशन के इन दोनों सुझावों को सरकार ने जिस तरह से स्वीकार किया है वह गलत है। हमने पे कमीशन के सामने भी इसका विरोध किया था। अब हम अपना विरोध सरकार के सामने रखेंगे।"
डीओपीटी मंत्रालय (कार्मिक एवं प्रशिक्षण मंत्रालय) के सूत्र बता रहे हैं कि भले ही यह एमएसीपी नोटिफाई कर दिया गया है, लेकिन हम अभी भी इस मुद्दे पर बातचीत की प्रक्रिया में हैं। लेकिन वरिष्ठ अधिकारी अभी भी यह साफ नहीं कर पा रहे हैं कि क्या इसे फिलहाल होल्ड (रोका गया है) पर रखा गया है या नहीं।
सातवें वेतन आयोग पर आए नोटिफिकेशन में प्रमोशन और प्रदर्शन को जोड़ने के फैसले पर सवाल उठने लगे हैं। कर्मचारी संगठन इसका तीखा विरोध कर रहे हैं।
बता दें कि सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों से पहले ही कई कर्मचारी संगठन नाराज थे। सरकार की अपील पर हड़ताल चार महीने टली थी। अब यह संगठन नोटिफिकेशन में प्रमोशन और प्रदर्शन को जोड़ने के फैसले के खिलाफ खड़े हो गए हैं। इनका कहना है कि पहले ही प्रमोशन के नियम पेशेवर नहीं हैं और अब ज्यादा परेशानी होगी।टिप्पणियां
कर्मचारियों की नाराजगी सबसे ज्यादा प्रमोशन के नए मापदंडों को लेकर है। उनका कहना है कि नए नियमों के लागू होने के बाद किसी भी कर्मचारी को तभी तरक्की मिलेगी जब उसका काम 'वेरी गुड' की श्रेणी में आएगा। अब तक "गुड" आने से ही तरक्की का रास्ता खुल जाता था।
ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन के सेक्रेटरी जनरल शिवगोपाल मिश्रा ने कहा, "पे कमीशन के इन दोनों सुझावों को सरकार ने जिस तरह से स्वीकार किया है वह गलत है। हमने पे कमीशन के सामने भी इसका विरोध किया था। अब हम अपना विरोध सरकार के सामने रखेंगे।"
सातवें वेतन आयोग पर आए नोटिफिकेशन में प्रमोशन और प्रदर्शन को जोड़ने के फैसले पर सवाल उठने लगे हैं। कर्मचारी संगठन इसका तीखा विरोध कर रहे हैं।
बता दें कि सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों से पहले ही कई कर्मचारी संगठन नाराज थे। सरकार की अपील पर हड़ताल चार महीने टली थी। अब यह संगठन नोटिफिकेशन में प्रमोशन और प्रदर्शन को जोड़ने के फैसले के खिलाफ खड़े हो गए हैं। इनका कहना है कि पहले ही प्रमोशन के नियम पेशेवर नहीं हैं और अब ज्यादा परेशानी होगी।टिप्पणियां
कर्मचारियों की नाराजगी सबसे ज्यादा प्रमोशन के नए मापदंडों को लेकर है। उनका कहना है कि नए नियमों के लागू होने के बाद किसी भी कर्मचारी को तभी तरक्की मिलेगी जब उसका काम 'वेरी गुड' की श्रेणी में आएगा। अब तक "गुड" आने से ही तरक्की का रास्ता खुल जाता था।
ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन के सेक्रेटरी जनरल शिवगोपाल मिश्रा ने कहा, "पे कमीशन के इन दोनों सुझावों को सरकार ने जिस तरह से स्वीकार किया है वह गलत है। हमने पे कमीशन के सामने भी इसका विरोध किया था। अब हम अपना विरोध सरकार के सामने रखेंगे।"
बता दें कि सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों से पहले ही कई कर्मचारी संगठन नाराज थे। सरकार की अपील पर हड़ताल चार महीने टली थी। अब यह संगठन नोटिफिकेशन में प्रमोशन और प्रदर्शन को जोड़ने के फैसले के खिलाफ खड़े हो गए हैं। इनका कहना है कि पहले ही प्रमोशन के नियम पेशेवर नहीं हैं और अब ज्यादा परेशानी होगी।टिप्पणियां
कर्मचारियों की नाराजगी सबसे ज्यादा प्रमोशन के नए मापदंडों को लेकर है। उनका कहना है कि नए नियमों के लागू होने के बाद किसी भी कर्मचारी को तभी तरक्की मिलेगी जब उसका काम 'वेरी गुड' की श्रेणी में आएगा। अब तक "गुड" आने से ही तरक्की का रास्ता खुल जाता था।
ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन के सेक्रेटरी जनरल शिवगोपाल मिश्रा ने कहा, "पे कमीशन के इन दोनों सुझावों को सरकार ने जिस तरह से स्वीकार किया है वह गलत है। हमने पे कमीशन के सामने भी इसका विरोध किया था। अब हम अपना विरोध सरकार के सामने रखेंगे।"
कर्मचारियों की नाराजगी सबसे ज्यादा प्रमोशन के नए मापदंडों को लेकर है। उनका कहना है कि नए नियमों के लागू होने के बाद किसी भी कर्मचारी को तभी तरक्की मिलेगी जब उसका काम 'वेरी गुड' की श्रेणी में आएगा। अब तक "गुड" आने से ही तरक्की का रास्ता खुल जाता था।
ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन के सेक्रेटरी जनरल शिवगोपाल मिश्रा ने कहा, "पे कमीशन के इन दोनों सुझावों को सरकार ने जिस तरह से स्वीकार किया है वह गलत है। हमने पे कमीशन के सामने भी इसका विरोध किया था। अब हम अपना विरोध सरकार के सामने रखेंगे।"
ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन के सेक्रेटरी जनरल शिवगोपाल मिश्रा ने कहा, "पे कमीशन के इन दोनों सुझावों को सरकार ने जिस तरह से स्वीकार किया है वह गलत है। हमने पे कमीशन के सामने भी इसका विरोध किया था। अब हम अपना विरोध सरकार के सामने रखेंगे।" | संक्षिप्त सारांश: डीओपीटी मंत्रालय में एमएसीपी की प्रक्रिया पर बातचीत जारी
फिलहाल एमएसीपी पर कोई रोक नहीं लगाई गई है
एमएसीपी के तहत बदलाव के सुझाव को सरकार ने स्वीकार कर लिया है | 10 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: प्रमुख मुस्लिम संगठनों और विद्वानों ने अल कायदा सरगना ओसामा बिन लादेन के अमेरिकी हमले में मारे जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए अमेरिकी दावों पर शक जाहिर किया और कहा कि लादेन के मारे जाने मात्र से आतंकवाद का खात्मा नहीं होगा। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद ने लादेन की मौत पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि सिर्फ लादेन के खत्म होने से आतंकवाद न तो खत्म होगा और न ही कमजोर पड़ेगा। अभी लादेन मारा गया है, लेकिन अल कायदा और तालिबान का वजूद बाकी है। दुनिया से आतंकवाद के खात्मे की दुआ करते हुए उन्होंने आशंका जताई कि अल कायदा और तालिबान में दूसरी पंक्ति का नेतृत्व बाकी है और लादेन के मारे जाने की प्रतिक्रियास्वरूप वे अपनी आतंकवादी गतिविधियां बढ़ा सकते हैं। जव्वाद ने लादेन के मारे जाने के अमेरिका के दावों पर संदेह व्यक्त करते हुए कहा कि अमेरिका का बयान भरोसे के काबिल नहीं है। अभी तो यह देखना होगा कि लादेन मारा भी गया है या नहीं? उन्होंने कहा कि मुसलमानों का बहुत बड़ा वर्ग लादेन को नापसंद करता है क्योंकि उसके इशारे पर हुए हमलों में हजारों मुसलमान भी मारे गए हैं। इस बीच, जमीयत उलमा-ए-हिन्द के अध्यक्ष कारी सैयद मोहम्मद उस्मान ने भी जव्वाद की इस बात से इत्तेफाक जाहिर करते हुए कहा कि अभी सूरत-ए-हाल पूरी तरह साफ होने दीजिए। पता नहीं लादेन मारा भी गया है या अभी जिंदा है। | यह एक सारांश है: प्रमुख मुस्लिम संगठनों ने ओसामा बिन लादेन के अमेरिकी हमले में मारे जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए अमेरिकी दावों पर शक जाहिर किया। | 16 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: मध्यप्रदेश के सिंगरौली में एस्सार पावर प्लांट में राख के कृत्रिम तालाब टूटने के मामले की जांच के लिये ज़िला प्रशासन द्वारा बनाई गई कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है. कमेटी के मुताबिक इस हादसे के लिये कंपनी की लापरवाही ज़िम्मेदार है. रिपोर्ट में कहा गया है कि ऐश डैम के टूटने की मुख्य वजह उसका मेड़ निर्धारित मानक के अनुरूप तैयार नहीं किया जाना था. मेड़ निर्माण में केवल मिट्टी और राख का उपयोग किया गया. इसमें बोल्डर और छोटी कंक्रीट से पिचिंग नहीं की गई. साथ ही ऐश डाइक के मरम्मत की कोई व्यवस्था नहीं थी.
रिपोर्ट में इस घटना के लिये एस्सार पूरी तरह से ज़िम्मेदार ठहराया गया है क्योंकि संयंत्र के नियमित संचालन की वजह से डैम में राख का भराव होता है लेकिन मेड़ की मरम्मत नहीं होने और बांध के अंदर मलबा नहीं हटाने की वजह से ये हादसा हुआ. यही नहीं रिपोर्ट में यह भी चेतावनी दी गई है कि तेज़ बारिश में बांध के अंदर मलबे के बहाव से पानी दूषित हो सकता है जिससे जनधन हानि होने और बीमारी फैलने की आशंका है.
इस मामले में एस्सार के प्रवक्ता ने एनडीटीवी को बताया कि कंपनी ने अभी तक पूरी रिपोर्ट का अध्ययन नहीं किया है. उन्होंने लेकिन कंपनी के सभी नियमों कानूनों और विनियमों के अनुपालन के बेदाग रिकॉर्ड के बारे में बात करते हुए दुहराया कि कंपनी ने इलाके में सफाई का काम भी शुरू कर दिया है.
मालूम हो पिछले सप्ताह जहरीली राख के रिसाव के बाद पावर प्लांट के चारों ओर करीब 450 किसानों की 198 एकड़ में फसल को नुकसान हुआ था. एस्सार पावर एमपी लिमिटेड ने अपने शुरुआती बयान में यह आरोप लगाया था कि यह तोड़फोड़ का मामला है. इस मामले में पहले कंपनी ने कलेक्टर के निर्देश पर 50 लाख रुपए की राशि जमा कर दी थी लेकिन एनडीटीवी पर 450 किसानों के लिये 50 लाख रूपये के हर्जाने की खबर पर संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मुआवज़े की समीक्षा के आदेश दिये थे. बहरहाल पर्यावरण क्षति की दृष्टि से भी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से भी नुकसान का सर्वे किया जा रहा है. | यह एक सारांश है: रिपोर्ट में हादसे के लिए एस्सार कंपनी को ठहराया गया जिम्मेदार
450 किसानों की 198 एकड़ में फसल हुई है बर्बाद
मध्य प्रदेश सरकार ने की है मुआवजे की घोषणा | 2 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: उन्होंने कहा कि 17 जून से छह अगस्त तक चले इस सत्र में कुल 37 बैठकें हुईं और करीब 280 घंटे तक कार्यवाही चली. बिरला ने कहा कि इस सत्र में कोई व्यवधान नहीं हुआ. उन्होंने कहा कि इस सत्र में कुल 33 सरकारी विधेयक विचार के लिए पेश किए गए और 36 विधेयक पारित किए गए. उन्होंने कहा कि इस सत्र में जम्मू कश्मीर से संविधान के अनुच्छेद 370 की अधिकतर धाराओं को हटाने संबंधित दो संकल्पों, जम्मू कश्मीर पुनर्गठन विधेयक, तीन तलाक विरोधी ‘मुस्लिम महिला अधिकार (संरक्षण) विधेयक-2019', मोटरयान संशोधन विधेयक-2019, उपभोक्ता संरक्षण विधेयक-2019 और मजदूरी संहिता विधेयक प्रमुख हैं.
ओम बिरला ने कहा कि कुल 265 नवनिर्वाचित सदस्यों में से अधिकतर सदस्यों को शून्य काल अथवा किसी न किसी विधेयक पर चर्चा में बोलने या प्रश्नकाल में पूरक प्रश्न पूछने का मौका मिला. उन्होंने कहा कि 46 नवनिर्वाचित महिला सदस्यों में से 42 को सदन में अपनी बात रखने का अवसर मिला.
(इनपुट भाषा से भी) | सत्रहवीं लोकसभा का पहला सत्र समाप्त, समग्र उत्पादकता 125 प्रतिशत
जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 की धाराओं को हटाने का संकल्प पारित
जम्मू-कश्मीर को दो यूटी में बांटने, तीन तलाक विरोधी विधेयक पास | 26 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: निफ्टी 25.85 अंक यानी 0.25% चढ़कर 10,178.95 की नई ऊंचाई पर पहुंच गया. इसने सोमवार को दिन में कारोबार के समय 10,171.70 अंक के उच्च स्तर को पीछे छोड़ दिया.टिप्पणियां इसी प्रकार 30 कंपनियों के शेयरों पर आधारित सेंसेक्स लगातार नौंवे दिन चढ़ा. यह 100.35 अंक यानी 0.30% चढ़कर 32,524.11 अंक पर पहुंच गया. पिछले आठ सत्र के कारोबार में इसमें 761.79 अंक की बढ़त देखी गई है. ब्रोकरों के अनुसार, घरेलू सांस्थानिक निवेशकों की लगातार लिवाली और एशियाई बाजारों में सकारात्मक माहौल के चलते शेयर बाजारों में यह तेजी देखी गई है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इसी प्रकार 30 कंपनियों के शेयरों पर आधारित सेंसेक्स लगातार नौंवे दिन चढ़ा. यह 100.35 अंक यानी 0.30% चढ़कर 32,524.11 अंक पर पहुंच गया. पिछले आठ सत्र के कारोबार में इसमें 761.79 अंक की बढ़त देखी गई है. ब्रोकरों के अनुसार, घरेलू सांस्थानिक निवेशकों की लगातार लिवाली और एशियाई बाजारों में सकारात्मक माहौल के चलते शेयर बाजारों में यह तेजी देखी गई है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | निफ्टी 26 अंक चढ़कर 10,178.95 अंक की ऊंचाई पर
सेंसेक्स भी 100 अंक चढ़कर खुला है.
एशियाई बाजारों में सकारात्मक रुख का असर | 1 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद ने विज्ञापन राजस्व मामले पर गूगल से सुलह का रास्ता अपनाने को कहा है। उन्होंने सर्च इंजन को चेताया भी है कि अगर जरूरी हुआ तो इंटरनेट सर्च इंजन कंपनियों को मीडिया कंटेट के लिए राशि चुकाने को लेकर एक विधेयक भी लाया जा सकता है।
गूगल के कार्यकारी अध्यक्ष एरिक स्कीमिड्ट से भेंट के बाद ओलांद की यह टिप्पणी आई। गूगल ने कहा था कि अगर फ्रांस न्यूज वेबसाइटों के लिए सर्च इंजन के लिंक देने पर राशि का भुगतान जरूरी करने के लिए कोई विधेयक लाता है तो वह फ्रांसीसी मीडिया वेबसाइट को सर्च परिणामों से बाहर कर सकता है।टिप्पणियां
बहरहाल, फ्रांस के राष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही समझौता हो जाएगा और साल के अंत तक प्रेस के संपादकों और गूगल के बीच कुछ ठोस नतीजे सामने आएंगे।
उन्होंने कहा कि बातचीत सबसे अच्छा जरिया है लेकिन जरूरत पड़ने पर कानून का भी सहारा लिया जा सकता है। इटली और जर्मन की कंपनियां भी इस मांग का साथ देने आ गई है कि सर्च इंजन कंपनियों को विज्ञापन राजस्व का कुछ हिस्सा साझा करना चाहिए।
गूगल के कार्यकारी अध्यक्ष एरिक स्कीमिड्ट से भेंट के बाद ओलांद की यह टिप्पणी आई। गूगल ने कहा था कि अगर फ्रांस न्यूज वेबसाइटों के लिए सर्च इंजन के लिंक देने पर राशि का भुगतान जरूरी करने के लिए कोई विधेयक लाता है तो वह फ्रांसीसी मीडिया वेबसाइट को सर्च परिणामों से बाहर कर सकता है।टिप्पणियां
बहरहाल, फ्रांस के राष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही समझौता हो जाएगा और साल के अंत तक प्रेस के संपादकों और गूगल के बीच कुछ ठोस नतीजे सामने आएंगे।
उन्होंने कहा कि बातचीत सबसे अच्छा जरिया है लेकिन जरूरत पड़ने पर कानून का भी सहारा लिया जा सकता है। इटली और जर्मन की कंपनियां भी इस मांग का साथ देने आ गई है कि सर्च इंजन कंपनियों को विज्ञापन राजस्व का कुछ हिस्सा साझा करना चाहिए।
बहरहाल, फ्रांस के राष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही समझौता हो जाएगा और साल के अंत तक प्रेस के संपादकों और गूगल के बीच कुछ ठोस नतीजे सामने आएंगे।
उन्होंने कहा कि बातचीत सबसे अच्छा जरिया है लेकिन जरूरत पड़ने पर कानून का भी सहारा लिया जा सकता है। इटली और जर्मन की कंपनियां भी इस मांग का साथ देने आ गई है कि सर्च इंजन कंपनियों को विज्ञापन राजस्व का कुछ हिस्सा साझा करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि बातचीत सबसे अच्छा जरिया है लेकिन जरूरत पड़ने पर कानून का भी सहारा लिया जा सकता है। इटली और जर्मन की कंपनियां भी इस मांग का साथ देने आ गई है कि सर्च इंजन कंपनियों को विज्ञापन राजस्व का कुछ हिस्सा साझा करना चाहिए। | सारांश: फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद ने सर्च इंजन को चेताया है कि अगर जरूरी हुआ तो इंटरनेट सर्च इंजन कंपनियों को मीडिया कंटेट के लिए राशि चुकाने को लेकर एक विधेयक भी लाया जा सकता है। | 33 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: मुंबई के आजाद मैदान में पिछले दिनों हुई हिंसा के आरोप में गिरफ्तार किए गए 24 में से 23 आरोपियों को 24 अगस्त तक के लिए पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है। एक आरोपी को पहले ही पुलिस कस्टडी में भेजा जा चुका है। यह फैसला मुंबई की स्पेशल कोर्ट ने सुनाया।टिप्पणियां
गौरतलब है कि मुंबई पुलिस इस मामले में चार हजार लोगों की तलाश कर रही है। सुनवाई के दौरान पुलिस ने अदालत को बताया कि उन्हें अब भी हिंसा के दौरान गायब हुए हथियारों की तलाश है और गोलियां भी बरामद करनी हैं।
जांच के दौरान पुलिस ने उस शख्स को गिरफ्तार कर लिया है, जिसने पुलिस की एसएलआर छीनी थी। वहीं बचाव पक्ष ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा है कि पुलिस ने निर्दोष लोगों को गिरफ्तार किया है।
गौरतलब है कि मुंबई पुलिस इस मामले में चार हजार लोगों की तलाश कर रही है। सुनवाई के दौरान पुलिस ने अदालत को बताया कि उन्हें अब भी हिंसा के दौरान गायब हुए हथियारों की तलाश है और गोलियां भी बरामद करनी हैं।
जांच के दौरान पुलिस ने उस शख्स को गिरफ्तार कर लिया है, जिसने पुलिस की एसएलआर छीनी थी। वहीं बचाव पक्ष ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा है कि पुलिस ने निर्दोष लोगों को गिरफ्तार किया है।
जांच के दौरान पुलिस ने उस शख्स को गिरफ्तार कर लिया है, जिसने पुलिस की एसएलआर छीनी थी। वहीं बचाव पक्ष ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा है कि पुलिस ने निर्दोष लोगों को गिरफ्तार किया है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: आजाद मैदान में हुई हिंसा में गिरफ्तार किए गए 24 में से 23 आरोपियों को 24 अगस्त तक के लिए पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है। एक आरोपी को पहले ही पुलिस कस्टडी में भेजा जा चुका है। | 11 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मेगास्टार अमिताभ बच्चन का कहना है कि जब वह विदेश जाते हैं और वहां लोग भारत को बलात्कारों की भूमि कहते हैं तो उन्हें बहुत शर्मिंदगी महसूस होती है. अमिताभ ने अपनी नई फिल्म ‘‘पिंक’’ में एक वकील की भूमिका निभाई है. उन्होंने कहा कि भारतीयों को मिलकर काम करना चाहिए ताकि देश को पहली दुनिया का राष्ट्र बनाया जा सके.
अमिताभ ने फिल्म को लेकर एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘ जब आप विदेश जाते हैं और लोग कहते हैं, ‘आप भारत से हैं, जो बलात्कारों की भूमि है’ तो काफी शर्मिंदगी होती है. मैं चाहता हूं कि वह स्थिति दूर हो. मुझे उस समय अच्छा नहीं लगता जब लोग हमें तीसरी दुनिया का देश या विकासशील देश कहते हैं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम सबको भारत को पहली दुनिया का देश, एक विकसित देश, बनाने के लिए काम करना चाहिए.’’
उन्होंने कहा कि देश का हर हिस्सा महिलाओं के लिए सुरक्षित होना चाहिए. अमिताभ ने कहा, ‘‘मुंबई, दिल्ली से ज्यादा सुरक्षित है या इसका उलटा, हमें ऐसा नहीं कहना चाहिए. हम एक देश हैं और हर हिस्से में महिलाएं सुरक्षित होनी चाहिए. अगर कोई घटना दिल्ली में होती है तो पूरे देश को खराब लगता है और वह चिंतित होता है. यह मामला पूरे देश या सार्वभौमिक है.’’ टिप्पणियां
‘पिंक’ के निर्माता सुजीत सरकार हैं जबकि इसका निर्देशन अनिरूद्ध राय चौधरी ने किया है. इसमें तापसी पन्नू, कृति कुलहरी, अंगद बेदी और पीयूष मिश्रा ने भी अभिनय किया है. फिल्म के एक प्रमुख दृश्य में तापसी के किरदार से अमिताभ सवाल करते हैं कि वह कुंवारी है या नहीं? अमिताभ का मानना है कि इस फिल्म में जो विषय उठाया गया है, वह कई वर्षों से चर्चा का विषय है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अमिताभ ने फिल्म को लेकर एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘ जब आप विदेश जाते हैं और लोग कहते हैं, ‘आप भारत से हैं, जो बलात्कारों की भूमि है’ तो काफी शर्मिंदगी होती है. मैं चाहता हूं कि वह स्थिति दूर हो. मुझे उस समय अच्छा नहीं लगता जब लोग हमें तीसरी दुनिया का देश या विकासशील देश कहते हैं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम सबको भारत को पहली दुनिया का देश, एक विकसित देश, बनाने के लिए काम करना चाहिए.’’
उन्होंने कहा कि देश का हर हिस्सा महिलाओं के लिए सुरक्षित होना चाहिए. अमिताभ ने कहा, ‘‘मुंबई, दिल्ली से ज्यादा सुरक्षित है या इसका उलटा, हमें ऐसा नहीं कहना चाहिए. हम एक देश हैं और हर हिस्से में महिलाएं सुरक्षित होनी चाहिए. अगर कोई घटना दिल्ली में होती है तो पूरे देश को खराब लगता है और वह चिंतित होता है. यह मामला पूरे देश या सार्वभौमिक है.’’ टिप्पणियां
‘पिंक’ के निर्माता सुजीत सरकार हैं जबकि इसका निर्देशन अनिरूद्ध राय चौधरी ने किया है. इसमें तापसी पन्नू, कृति कुलहरी, अंगद बेदी और पीयूष मिश्रा ने भी अभिनय किया है. फिल्म के एक प्रमुख दृश्य में तापसी के किरदार से अमिताभ सवाल करते हैं कि वह कुंवारी है या नहीं? अमिताभ का मानना है कि इस फिल्म में जो विषय उठाया गया है, वह कई वर्षों से चर्चा का विषय है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा कि देश का हर हिस्सा महिलाओं के लिए सुरक्षित होना चाहिए. अमिताभ ने कहा, ‘‘मुंबई, दिल्ली से ज्यादा सुरक्षित है या इसका उलटा, हमें ऐसा नहीं कहना चाहिए. हम एक देश हैं और हर हिस्से में महिलाएं सुरक्षित होनी चाहिए. अगर कोई घटना दिल्ली में होती है तो पूरे देश को खराब लगता है और वह चिंतित होता है. यह मामला पूरे देश या सार्वभौमिक है.’’ टिप्पणियां
‘पिंक’ के निर्माता सुजीत सरकार हैं जबकि इसका निर्देशन अनिरूद्ध राय चौधरी ने किया है. इसमें तापसी पन्नू, कृति कुलहरी, अंगद बेदी और पीयूष मिश्रा ने भी अभिनय किया है. फिल्म के एक प्रमुख दृश्य में तापसी के किरदार से अमिताभ सवाल करते हैं कि वह कुंवारी है या नहीं? अमिताभ का मानना है कि इस फिल्म में जो विषय उठाया गया है, वह कई वर्षों से चर्चा का विषय है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
‘पिंक’ के निर्माता सुजीत सरकार हैं जबकि इसका निर्देशन अनिरूद्ध राय चौधरी ने किया है. इसमें तापसी पन्नू, कृति कुलहरी, अंगद बेदी और पीयूष मिश्रा ने भी अभिनय किया है. फिल्म के एक प्रमुख दृश्य में तापसी के किरदार से अमिताभ सवाल करते हैं कि वह कुंवारी है या नहीं? अमिताभ का मानना है कि इस फिल्म में जो विषय उठाया गया है, वह कई वर्षों से चर्चा का विषय है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | भारत को पहली दुनिया का राष्ट्र बनाने के लिए मिलकर काम करें देशवासी
देश का हर हिस्सा महिलाओं के लिए सुरक्षित होना चाहिए
फिल्म 'पिंक' का विषय कई वर्षों से चर्चा के केंद्र में | 6 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तानी सैनिकों ने जम्मू एवं कश्मीर में आतंकवादियों की घुसपैठ आसान बनाने की नीयत से नियंत्रण रेखा (एलओसी) से लगती 10 भारतीय चौकियों पर अंधाधुंध गोलीबारी की। सैन्य अधिकारियों ने यह जानाकारी रविवार को दी।
अधिकारियों ने बताया कि पाकिस्तानी सेना ने जम्मू से लगभग 250 किलोमीटर दूर पुंछ जिले के कृष्णा घाटी सेक्टर में शनिवार देर रात से गोलीबारी शुरू की, जो रविवार सुबह तक जारी रही।
एक अधिकारी ने बताया, "पाकिस्तानी सेना ने छोटे हथियारों, मशीनगनों तथा रॉकेटों का इस्तेमाल किया। रात 11 बजे तक अंधाधुंध गोलीबारी की गई। इसके बाद रुक-रुककर गोलीबारी हुई और यह सुबह सात बजे तक चलती रही।" उन्होंने बताया कि भारतीय सेना ने भी जवाबी कार्रवाई की।
अधिकारी ने कहा, "दोतरफा गोलीबारी थम गई है। हमारी ओर से की गई गोलीबारी का मकसद था घुसपैठ रोकना और पाकिस्तानी सैनिकों की तरफ से की जा रही गोलीबारी को बंद कराना।"
सेना ने कहा कि इस तरह की गोलीबारी आम तौर पर आतंकवादियों को घुसपैठ कराने के उद्देश्य से की जाती है। लगभग 16 आतंकवादियों का समूह नियंत्रण रेखा पार कर जम्मू एवं कश्मीर में घुसपैठ के प्रयास में है।
एक अधिकारी ने कहा कि पाकिस्तानी सैनिकों की कोशिश हालांकि नाकाम रही। यह सुनिश्चित करने के लिए कि गोलीबारी के दौरान कहीं कोई आतंकवादी घुसपैठ तो नहीं कर गया, इलाके की तलाशी ली जा रही है।
एक अन्य घटनाक्रम में कृष्णा घाटी सेक्टर की सालोत्री चौकी के नजदीक गश्त कर रहा एक जवान शनिवार शाम बारूदी सुरंग विस्फोट में घायल हो गया।टिप्पणियां
मेंढर कस्बे के लोगों ने कहा कि यह पाकिस्तानी एजेंटों की करतूत हो सकती है, जो भारतीय सेना को नुकसान पहुंचाना चाहते हैं।
उल्लेखनीय है कि 17 नवम्बर से लेकर अब तक इस तरह की चार घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें सेना का एक मोटिया तथा तीन सैनिक घायल हो गए थे। इस वर्ष युद्धविराम संधि के उल्लंघन के 50 से अधिक मामले सामने आए हैं। भारत और पाकिस्तान के बीच नवम्बर 2003 में युद्धविराम संधि हुई थी।
अधिकारियों ने बताया कि पाकिस्तानी सेना ने जम्मू से लगभग 250 किलोमीटर दूर पुंछ जिले के कृष्णा घाटी सेक्टर में शनिवार देर रात से गोलीबारी शुरू की, जो रविवार सुबह तक जारी रही।
एक अधिकारी ने बताया, "पाकिस्तानी सेना ने छोटे हथियारों, मशीनगनों तथा रॉकेटों का इस्तेमाल किया। रात 11 बजे तक अंधाधुंध गोलीबारी की गई। इसके बाद रुक-रुककर गोलीबारी हुई और यह सुबह सात बजे तक चलती रही।" उन्होंने बताया कि भारतीय सेना ने भी जवाबी कार्रवाई की।
अधिकारी ने कहा, "दोतरफा गोलीबारी थम गई है। हमारी ओर से की गई गोलीबारी का मकसद था घुसपैठ रोकना और पाकिस्तानी सैनिकों की तरफ से की जा रही गोलीबारी को बंद कराना।"
सेना ने कहा कि इस तरह की गोलीबारी आम तौर पर आतंकवादियों को घुसपैठ कराने के उद्देश्य से की जाती है। लगभग 16 आतंकवादियों का समूह नियंत्रण रेखा पार कर जम्मू एवं कश्मीर में घुसपैठ के प्रयास में है।
एक अधिकारी ने कहा कि पाकिस्तानी सैनिकों की कोशिश हालांकि नाकाम रही। यह सुनिश्चित करने के लिए कि गोलीबारी के दौरान कहीं कोई आतंकवादी घुसपैठ तो नहीं कर गया, इलाके की तलाशी ली जा रही है।
एक अन्य घटनाक्रम में कृष्णा घाटी सेक्टर की सालोत्री चौकी के नजदीक गश्त कर रहा एक जवान शनिवार शाम बारूदी सुरंग विस्फोट में घायल हो गया।टिप्पणियां
मेंढर कस्बे के लोगों ने कहा कि यह पाकिस्तानी एजेंटों की करतूत हो सकती है, जो भारतीय सेना को नुकसान पहुंचाना चाहते हैं।
उल्लेखनीय है कि 17 नवम्बर से लेकर अब तक इस तरह की चार घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें सेना का एक मोटिया तथा तीन सैनिक घायल हो गए थे। इस वर्ष युद्धविराम संधि के उल्लंघन के 50 से अधिक मामले सामने आए हैं। भारत और पाकिस्तान के बीच नवम्बर 2003 में युद्धविराम संधि हुई थी।
एक अधिकारी ने बताया, "पाकिस्तानी सेना ने छोटे हथियारों, मशीनगनों तथा रॉकेटों का इस्तेमाल किया। रात 11 बजे तक अंधाधुंध गोलीबारी की गई। इसके बाद रुक-रुककर गोलीबारी हुई और यह सुबह सात बजे तक चलती रही।" उन्होंने बताया कि भारतीय सेना ने भी जवाबी कार्रवाई की।
अधिकारी ने कहा, "दोतरफा गोलीबारी थम गई है। हमारी ओर से की गई गोलीबारी का मकसद था घुसपैठ रोकना और पाकिस्तानी सैनिकों की तरफ से की जा रही गोलीबारी को बंद कराना।"
सेना ने कहा कि इस तरह की गोलीबारी आम तौर पर आतंकवादियों को घुसपैठ कराने के उद्देश्य से की जाती है। लगभग 16 आतंकवादियों का समूह नियंत्रण रेखा पार कर जम्मू एवं कश्मीर में घुसपैठ के प्रयास में है।
एक अधिकारी ने कहा कि पाकिस्तानी सैनिकों की कोशिश हालांकि नाकाम रही। यह सुनिश्चित करने के लिए कि गोलीबारी के दौरान कहीं कोई आतंकवादी घुसपैठ तो नहीं कर गया, इलाके की तलाशी ली जा रही है।
एक अन्य घटनाक्रम में कृष्णा घाटी सेक्टर की सालोत्री चौकी के नजदीक गश्त कर रहा एक जवान शनिवार शाम बारूदी सुरंग विस्फोट में घायल हो गया।टिप्पणियां
मेंढर कस्बे के लोगों ने कहा कि यह पाकिस्तानी एजेंटों की करतूत हो सकती है, जो भारतीय सेना को नुकसान पहुंचाना चाहते हैं।
उल्लेखनीय है कि 17 नवम्बर से लेकर अब तक इस तरह की चार घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें सेना का एक मोटिया तथा तीन सैनिक घायल हो गए थे। इस वर्ष युद्धविराम संधि के उल्लंघन के 50 से अधिक मामले सामने आए हैं। भारत और पाकिस्तान के बीच नवम्बर 2003 में युद्धविराम संधि हुई थी।
अधिकारी ने कहा, "दोतरफा गोलीबारी थम गई है। हमारी ओर से की गई गोलीबारी का मकसद था घुसपैठ रोकना और पाकिस्तानी सैनिकों की तरफ से की जा रही गोलीबारी को बंद कराना।"
सेना ने कहा कि इस तरह की गोलीबारी आम तौर पर आतंकवादियों को घुसपैठ कराने के उद्देश्य से की जाती है। लगभग 16 आतंकवादियों का समूह नियंत्रण रेखा पार कर जम्मू एवं कश्मीर में घुसपैठ के प्रयास में है।
एक अधिकारी ने कहा कि पाकिस्तानी सैनिकों की कोशिश हालांकि नाकाम रही। यह सुनिश्चित करने के लिए कि गोलीबारी के दौरान कहीं कोई आतंकवादी घुसपैठ तो नहीं कर गया, इलाके की तलाशी ली जा रही है।
एक अन्य घटनाक्रम में कृष्णा घाटी सेक्टर की सालोत्री चौकी के नजदीक गश्त कर रहा एक जवान शनिवार शाम बारूदी सुरंग विस्फोट में घायल हो गया।टिप्पणियां
मेंढर कस्बे के लोगों ने कहा कि यह पाकिस्तानी एजेंटों की करतूत हो सकती है, जो भारतीय सेना को नुकसान पहुंचाना चाहते हैं।
उल्लेखनीय है कि 17 नवम्बर से लेकर अब तक इस तरह की चार घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें सेना का एक मोटिया तथा तीन सैनिक घायल हो गए थे। इस वर्ष युद्धविराम संधि के उल्लंघन के 50 से अधिक मामले सामने आए हैं। भारत और पाकिस्तान के बीच नवम्बर 2003 में युद्धविराम संधि हुई थी।
सेना ने कहा कि इस तरह की गोलीबारी आम तौर पर आतंकवादियों को घुसपैठ कराने के उद्देश्य से की जाती है। लगभग 16 आतंकवादियों का समूह नियंत्रण रेखा पार कर जम्मू एवं कश्मीर में घुसपैठ के प्रयास में है।
एक अधिकारी ने कहा कि पाकिस्तानी सैनिकों की कोशिश हालांकि नाकाम रही। यह सुनिश्चित करने के लिए कि गोलीबारी के दौरान कहीं कोई आतंकवादी घुसपैठ तो नहीं कर गया, इलाके की तलाशी ली जा रही है।
एक अन्य घटनाक्रम में कृष्णा घाटी सेक्टर की सालोत्री चौकी के नजदीक गश्त कर रहा एक जवान शनिवार शाम बारूदी सुरंग विस्फोट में घायल हो गया।टिप्पणियां
मेंढर कस्बे के लोगों ने कहा कि यह पाकिस्तानी एजेंटों की करतूत हो सकती है, जो भारतीय सेना को नुकसान पहुंचाना चाहते हैं।
उल्लेखनीय है कि 17 नवम्बर से लेकर अब तक इस तरह की चार घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें सेना का एक मोटिया तथा तीन सैनिक घायल हो गए थे। इस वर्ष युद्धविराम संधि के उल्लंघन के 50 से अधिक मामले सामने आए हैं। भारत और पाकिस्तान के बीच नवम्बर 2003 में युद्धविराम संधि हुई थी।
एक अधिकारी ने कहा कि पाकिस्तानी सैनिकों की कोशिश हालांकि नाकाम रही। यह सुनिश्चित करने के लिए कि गोलीबारी के दौरान कहीं कोई आतंकवादी घुसपैठ तो नहीं कर गया, इलाके की तलाशी ली जा रही है।
एक अन्य घटनाक्रम में कृष्णा घाटी सेक्टर की सालोत्री चौकी के नजदीक गश्त कर रहा एक जवान शनिवार शाम बारूदी सुरंग विस्फोट में घायल हो गया।टिप्पणियां
मेंढर कस्बे के लोगों ने कहा कि यह पाकिस्तानी एजेंटों की करतूत हो सकती है, जो भारतीय सेना को नुकसान पहुंचाना चाहते हैं।
उल्लेखनीय है कि 17 नवम्बर से लेकर अब तक इस तरह की चार घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें सेना का एक मोटिया तथा तीन सैनिक घायल हो गए थे। इस वर्ष युद्धविराम संधि के उल्लंघन के 50 से अधिक मामले सामने आए हैं। भारत और पाकिस्तान के बीच नवम्बर 2003 में युद्धविराम संधि हुई थी।
एक अन्य घटनाक्रम में कृष्णा घाटी सेक्टर की सालोत्री चौकी के नजदीक गश्त कर रहा एक जवान शनिवार शाम बारूदी सुरंग विस्फोट में घायल हो गया।टिप्पणियां
मेंढर कस्बे के लोगों ने कहा कि यह पाकिस्तानी एजेंटों की करतूत हो सकती है, जो भारतीय सेना को नुकसान पहुंचाना चाहते हैं।
उल्लेखनीय है कि 17 नवम्बर से लेकर अब तक इस तरह की चार घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें सेना का एक मोटिया तथा तीन सैनिक घायल हो गए थे। इस वर्ष युद्धविराम संधि के उल्लंघन के 50 से अधिक मामले सामने आए हैं। भारत और पाकिस्तान के बीच नवम्बर 2003 में युद्धविराम संधि हुई थी।
मेंढर कस्बे के लोगों ने कहा कि यह पाकिस्तानी एजेंटों की करतूत हो सकती है, जो भारतीय सेना को नुकसान पहुंचाना चाहते हैं।
उल्लेखनीय है कि 17 नवम्बर से लेकर अब तक इस तरह की चार घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें सेना का एक मोटिया तथा तीन सैनिक घायल हो गए थे। इस वर्ष युद्धविराम संधि के उल्लंघन के 50 से अधिक मामले सामने आए हैं। भारत और पाकिस्तान के बीच नवम्बर 2003 में युद्धविराम संधि हुई थी।
उल्लेखनीय है कि 17 नवम्बर से लेकर अब तक इस तरह की चार घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें सेना का एक मोटिया तथा तीन सैनिक घायल हो गए थे। इस वर्ष युद्धविराम संधि के उल्लंघन के 50 से अधिक मामले सामने आए हैं। भारत और पाकिस्तान के बीच नवम्बर 2003 में युद्धविराम संधि हुई थी। | यहाँ एक सारांश है:पाकिस्तानी सैनिकों ने जम्मू एवं कश्मीर में आतंकवादियों की घुसपैठ आसान बनाने की नीयत से नियंत्रण रेखा (एलओसी) से लगती 10 भारतीय चौकियों पर अंधाधुंध गोलीबारी की। सैन्य अधिकारियों ने यह जानाकारी रविवार को दी। | 12 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: गोवा पुलिस ने पणजी के एक डांस बार में छापा मारकर उत्तर प्रदेश के विधायक महेंद्र सिंह समेत छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इन पर देह व्यापार निरोधक कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस निरीक्षक राजेंद्र प्रभुदेसाई ने बताया कि उत्तर प्रदेश के सीतापुर से विधायक महेंद्र सिंह की गिरफ्तारी के अलावा छापे में छह लड़कियों को भी बचाया गया, जो पंजाब, दिल्ली, मुंबई, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ की हैं।टिप्पणियां
प्रभुदेसाई ने बताया कि पुलिस ने महेंद्र सिंह की गिरफ्तारी के बारे में उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष को पहले ही सूचित कर दिया है, जो कानून के तहत अनिवार्य है। महेंद्र सिंह सीतापुर से चौथी बार विधायक बने हैं।
इससे पहले, पुलिस उपाधीक्षक महेश गांवकर ने बताया था कि डांस बार चलाने वाले एक व्यक्ति के साथ नेपाल के दो लोगों और उत्तर प्रदेश के ही अजय प्रकाश सिंह और धमेंद्र प्रसाद को भी गिरफ्तार किया गया।
पुलिस निरीक्षक राजेंद्र प्रभुदेसाई ने बताया कि उत्तर प्रदेश के सीतापुर से विधायक महेंद्र सिंह की गिरफ्तारी के अलावा छापे में छह लड़कियों को भी बचाया गया, जो पंजाब, दिल्ली, मुंबई, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ की हैं।टिप्पणियां
प्रभुदेसाई ने बताया कि पुलिस ने महेंद्र सिंह की गिरफ्तारी के बारे में उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष को पहले ही सूचित कर दिया है, जो कानून के तहत अनिवार्य है। महेंद्र सिंह सीतापुर से चौथी बार विधायक बने हैं।
इससे पहले, पुलिस उपाधीक्षक महेश गांवकर ने बताया था कि डांस बार चलाने वाले एक व्यक्ति के साथ नेपाल के दो लोगों और उत्तर प्रदेश के ही अजय प्रकाश सिंह और धमेंद्र प्रसाद को भी गिरफ्तार किया गया।
प्रभुदेसाई ने बताया कि पुलिस ने महेंद्र सिंह की गिरफ्तारी के बारे में उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष को पहले ही सूचित कर दिया है, जो कानून के तहत अनिवार्य है। महेंद्र सिंह सीतापुर से चौथी बार विधायक बने हैं।
इससे पहले, पुलिस उपाधीक्षक महेश गांवकर ने बताया था कि डांस बार चलाने वाले एक व्यक्ति के साथ नेपाल के दो लोगों और उत्तर प्रदेश के ही अजय प्रकाश सिंह और धमेंद्र प्रसाद को भी गिरफ्तार किया गया।
इससे पहले, पुलिस उपाधीक्षक महेश गांवकर ने बताया था कि डांस बार चलाने वाले एक व्यक्ति के साथ नेपाल के दो लोगों और उत्तर प्रदेश के ही अजय प्रकाश सिंह और धमेंद्र प्रसाद को भी गिरफ्तार किया गया। | यहाँ एक सारांश है:गोवा पुलिस ने पणजी के एक डांस बार में छापा मारकर उत्तर प्रदेश के विधायक महेंद्र सिंह समेत छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इन पर देह व्यापार निरोधक कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है। | 18 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: कुछ देशों के यात्रा परामर्श तथा कड़े वीजा नियम को पर्यटन वृद्धि के रास्ते में रोड़ा बताते हुए भारत ने देशों से ऐसे पर्यटन को बढ़ावा देने का आह्वान किया जिसमें कम बाधा हो। पेरिस में पर्यटन मंत्रियों के सममेलन में पर्यटन मंत्री सुबोध कांत सहाय ने कहा, कुछ देश कड़े वीजा नियम अपना रहे हैं। यह पर्यटन के रास्ते में बड़ी बाधा है।उन्होंने कुछ देशों द्वारा यात्रा को लेकर जारी परामर्श पर भी गंभीर चिता व्यक्त की और कहा कि इससे पर्यटन वृद्धि प्रभावित हो रही है। मंत्री ने कहा कि यह बेहद महत्वपूर्ण है कि कुछ देश इन मुद्दों को लेकर संवेदनशील है। हम वैश्विक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये मुक्त या कम बाधा वाली व्यवस्था बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाएंगे। पर्यटन मंत्रियों का तीन दिवसीय सालाना सम्मेलन टी-20 देशों के रूप में आज पेरिस में शुरू हुआ। सहाय ने उम्मीद जतायी कि सम्मेलन पर्यटन क्षेत्र में रोजगार सृजन पर ध्यान देगा। उन्होंने कहा, आर्थिक नरमी के मद्देनजर रोजगार अवसर का सृजन मुख्य चिंता है। पर्यटन समाज के सभी तबकों के लिये रोजगार अवसर के सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसमें दक्ष और अकुशल वर्ग शामिल हैं। | संक्षिप्त पाठ: पर्यटन मंत्री सुबोध कांत सहाय ने कहा, कुछ देश कड़े वीजा नियम अपना रहे हैं। यह पर्यटन के रास्ते में बड़ी बाधा है। | 30 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: पश्चिम बंगाल से बड़ी खबर सामने आ रही है. सूत्रों का कहना है कि भाजपा के प्रतिनिधिमंडल के जाने के बाद भाटपाड़ा में फिर से झड़पें हुई हैं. साथ ही बम भी फेंके गए. हिंसा को रोकने के लिए पुलिस को लाठी चार्ज करनी पड़ी है. मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है. आपको बता दें कि पूर्व केंद्रीय मंत्री एस एस अहलूवालिया के नेतृत्व में भाजपा का एक तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल शनिवार को हिंसा प्रभावित भाटपारा पहुंचा जहां दो समूहों के बीच संघर्ष में दो लोगों की जान चली गई थी जबकि कई अन्य घायल हो गए थे. माना जा रहा है कि संघर्षरत समूह तृणमूल कांग्रेस और भगवा दल से संबंधित थे.
भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने बंगाल से आने वाले सांसद अहलूवालिया के नेतृत्व वाले दल से उत्तरी 24 परगना के भाटपारा का दौरा करने को कहा था. उनके साथ सांसद सत्यपाल सिंह और बीडी राम थे. इसके अलावा राज्य के कुछ और नेता भी उनके साथ थे. सिंह और राम पूर्व पुलिस अधिकारी हैं और क्रमश: उत्तर प्रदेश और झारखंड से सांसद हैं. उनके साथ बैरकपुर से सांसद अर्जुन सिंह भी थे. यह प्रतिनिधिमंडल मृतकों के परिजनों से मुलाकात करेगा और स्थानीय लोगों से भी बातचीत करेगा. प्रतिनिधिमंडल पार्टी अध्यक्ष अमित शाह को अपनी रिपोर्ट सौंपेगा.
इससे पहले दिन में नेता विपक्ष अब्दुल मन्नान और माकपा नेता सुजान चक्रबर्ती के नेतृत्व में माकपा और कांग्रेस के एक संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने प्रभावित इलाकों बरयुईपारा, जगददल, भाटपारा का दौरा किया. उन्होंने हत्याओं की सीबीआई जांच की मांग की. शुक्रवार को भाजपा नेतृत्व ने भी इस घटना का सच सामने लाने के लिये सीबीआई जांच की मांग की थी. लंबे समय से तृणमूल कांग्रेस का गढ़ रहे भाटपारा में चुनाव के बाद विरोधी गुटों में संघर्ष के मामले कई बार सामने आ चुके हैं. | सारांश: आज बीजेपी की टीम पहुंची थी भाटपारा
टीम के जाते ही फिर शुरू हो गई हिंसा
काबू पाने के लिए पुलिस को करनी पड़ा लाठीचार्ज | 7 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: पाकिस्तानी प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने मंगलवार को कहा कि गुप्त मेमो मामले में सेनाध्यक्ष और आईएसआई प्रमुख की ओर से उच्चतम न्यायालय को दिया गया जवाब ‘असंवैधानिक और अवैध’ है क्योंकि यह सरकार की अनुमति लिये बिना भेजा गया है।
गिलानी ने कहा कि सेनाध्यक्ष जनरल अशफाक परवेज कयानी और आईएसआई महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शुजा पाशा की ओर से कथित गुप्त मेमो को लेकर उच्चतम न्यायालय में प्रतिक्रियाएं करने से पहले सक्षम प्राधिकारी की अनुमति प्राप्त नहीं की गई जैसा कि कार्य नियम के तहत जरूरी है।टिप्पणियां
उन्होंने चीन के पीपुल्स डेली आनलाइन से कहा कि रक्षा मंत्रालय ने इन दोनों जवाबों के लिए सक्षम प्राधिकारी से पूर्व अनुमति नहीं ली थी।
उन्होंने कहा कि किसी भी सरकारी अधिकारी की ओर से आधिकारिक कार्रवाई से पहले सरकार की पूर्व अनुमति लेनी आवश्यक है और ऐसा नहीं होने कार्रवाई ‘असंवैधानिक और अवैध’ है।
गिलानी ने कहा कि सेनाध्यक्ष जनरल अशफाक परवेज कयानी और आईएसआई महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शुजा पाशा की ओर से कथित गुप्त मेमो को लेकर उच्चतम न्यायालय में प्रतिक्रियाएं करने से पहले सक्षम प्राधिकारी की अनुमति प्राप्त नहीं की गई जैसा कि कार्य नियम के तहत जरूरी है।टिप्पणियां
उन्होंने चीन के पीपुल्स डेली आनलाइन से कहा कि रक्षा मंत्रालय ने इन दोनों जवाबों के लिए सक्षम प्राधिकारी से पूर्व अनुमति नहीं ली थी।
उन्होंने कहा कि किसी भी सरकारी अधिकारी की ओर से आधिकारिक कार्रवाई से पहले सरकार की पूर्व अनुमति लेनी आवश्यक है और ऐसा नहीं होने कार्रवाई ‘असंवैधानिक और अवैध’ है।
उन्होंने चीन के पीपुल्स डेली आनलाइन से कहा कि रक्षा मंत्रालय ने इन दोनों जवाबों के लिए सक्षम प्राधिकारी से पूर्व अनुमति नहीं ली थी।
उन्होंने कहा कि किसी भी सरकारी अधिकारी की ओर से आधिकारिक कार्रवाई से पहले सरकार की पूर्व अनुमति लेनी आवश्यक है और ऐसा नहीं होने कार्रवाई ‘असंवैधानिक और अवैध’ है।
उन्होंने कहा कि किसी भी सरकारी अधिकारी की ओर से आधिकारिक कार्रवाई से पहले सरकार की पूर्व अनुमति लेनी आवश्यक है और ऐसा नहीं होने कार्रवाई ‘असंवैधानिक और अवैध’ है। | गिलानी ने कहा कि गुप्त मेमो मामले में सेनाध्यक्ष और आईएसआई प्रमुख की ओर से उच्चतम न्यायालय को दिया गया जवाब ‘असंवैधानिक और अवैध’ है क्योंकि यह सरकार की अनुमति लिये बिना भेजा गया है। | 1 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कुछ साल पहले तक, "बीइंग बैंगलोर्ड" शब्द का इस्तेमाल कारोबार में नुकसान या नौकरी खोने के संदर्भ में किया जाता था. इलेक्ट्रॉनिक सिटी के होसुर रोड पर चमक-दमक वाले इंफोसिस कैंपस और अन्य हाईटेक फर्म से लेकर सरजापुर रोड के विप्रो कैंपस तक तथा कई बहु-राष्ट्रीय कंपनियों ने बेंगलुरु को परिचालन के लिए चुना.
हालांकि, भारत में स्टार्ट-अप इंडिया को बढ़ावा देने के मामले में अभी भी बेंगलुरु आगे है, लेकिन कई मोर्चों पर इसका आकर्षण कमजोर हो गया है. ईज-ऑफ-बिजनेस के संबंध में जारी नई राष्ट्रीय रैकिंग में कर्नाटक को 13वां स्थान मिला है. तेलंगाना और आंध्रप्रदेश ने इस मामले में बाजी मारी है. आईटी हब हैदराबाद दोनों राज्यों की संयुक्त राजधानी है.
कर्नाटक के उद्योग मंत्री आरवी देशपांडे ने रैंकिंग में पिछड़ने के तथ्य को स्वीकार किया लेकिन अन्य मामलों में बेंगलुरु के आगे रहने पर खुशी जताई. उद्योग मंत्री ने एनडीटीवी को बताया, "यह सही है कि हम 13वें स्थान पर रहे हैं लेकिन यह भी एक तथ्य है कि हम निवेश के मामले में पहले स्थान पर हैं. कर्नाटक को 1 लाख करोड़ से अधिक का निवेश प्राप्त हुआ है. तेलंगाना से लेकर आंध्रप्रदेश और गुजरात जैसे कई राज्य बहुत पीछे हैं." पिछले साल, कारोबारी सुगमता की सूची में कर्नाटक को 9वां स्थान मिला था.
वहीं, कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने विश्व बैंक के परामर्श पर उद्योग मंत्रालय द्वारा तैयार की गई रैंकिंग के मापदंडों पर सवाल खड़े किए. देशपांडे ने कॉर्पोरेट वृद्धि के लिए भ्रष्टाचार को प्रमुख बाधा करार देते हुए कहा, "औद्योगिक विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर की तुलना में अधिक तेज था, जिसकी गति को बरकरार नहीं रखा जा सका." देशपांडे ने कहा, "भ्रष्टाचार कैंसर की तरह है लेकिन कर्नाटक कई राज्यों से बेहतर है."टिप्पणियां
स्टार्ट-अप में निवेश करने वाली महिला उद्यमी डॉ. सोम सिंह ने कहा कि जो लोग बेंगलुरु के पिछड़ने की वजह को समझना चाहते हैं, उन्हें शहर के अनियंत्रित ट्रैफिक पर एक नजर डाल लेना चाहिए. डॉ. सिंह ने बदहाल ट्रैफिक की स्थिति पर तंज कसते हुए कहा, "पहले लोग घर से काम करना चाहते थे. अब ट्रैफिक में काम कर रहे हैं. बेंगलुरु शहर के दो हिस्सों कोरामंडल से हेबल जाने में उतना ही समय लगता है जितना कि बेंगलुरु से कोलकाता और कोलकाता से बेंगलुरु वापस आने में."
उद्यमियों की चिंताओं से जुड़ा एक और अन्य बिंदु भी है, उनका कहना है, "कर्नाटक में छोटे-मोटे व्यवसाय स्थापित करने में सरकार की दखलअंदाजी बहुत ज्यादा है."
हालांकि, भारत में स्टार्ट-अप इंडिया को बढ़ावा देने के मामले में अभी भी बेंगलुरु आगे है, लेकिन कई मोर्चों पर इसका आकर्षण कमजोर हो गया है. ईज-ऑफ-बिजनेस के संबंध में जारी नई राष्ट्रीय रैकिंग में कर्नाटक को 13वां स्थान मिला है. तेलंगाना और आंध्रप्रदेश ने इस मामले में बाजी मारी है. आईटी हब हैदराबाद दोनों राज्यों की संयुक्त राजधानी है.
कर्नाटक के उद्योग मंत्री आरवी देशपांडे ने रैंकिंग में पिछड़ने के तथ्य को स्वीकार किया लेकिन अन्य मामलों में बेंगलुरु के आगे रहने पर खुशी जताई. उद्योग मंत्री ने एनडीटीवी को बताया, "यह सही है कि हम 13वें स्थान पर रहे हैं लेकिन यह भी एक तथ्य है कि हम निवेश के मामले में पहले स्थान पर हैं. कर्नाटक को 1 लाख करोड़ से अधिक का निवेश प्राप्त हुआ है. तेलंगाना से लेकर आंध्रप्रदेश और गुजरात जैसे कई राज्य बहुत पीछे हैं." पिछले साल, कारोबारी सुगमता की सूची में कर्नाटक को 9वां स्थान मिला था.
वहीं, कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने विश्व बैंक के परामर्श पर उद्योग मंत्रालय द्वारा तैयार की गई रैंकिंग के मापदंडों पर सवाल खड़े किए. देशपांडे ने कॉर्पोरेट वृद्धि के लिए भ्रष्टाचार को प्रमुख बाधा करार देते हुए कहा, "औद्योगिक विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर की तुलना में अधिक तेज था, जिसकी गति को बरकरार नहीं रखा जा सका." देशपांडे ने कहा, "भ्रष्टाचार कैंसर की तरह है लेकिन कर्नाटक कई राज्यों से बेहतर है."टिप्पणियां
स्टार्ट-अप में निवेश करने वाली महिला उद्यमी डॉ. सोम सिंह ने कहा कि जो लोग बेंगलुरु के पिछड़ने की वजह को समझना चाहते हैं, उन्हें शहर के अनियंत्रित ट्रैफिक पर एक नजर डाल लेना चाहिए. डॉ. सिंह ने बदहाल ट्रैफिक की स्थिति पर तंज कसते हुए कहा, "पहले लोग घर से काम करना चाहते थे. अब ट्रैफिक में काम कर रहे हैं. बेंगलुरु शहर के दो हिस्सों कोरामंडल से हेबल जाने में उतना ही समय लगता है जितना कि बेंगलुरु से कोलकाता और कोलकाता से बेंगलुरु वापस आने में."
उद्यमियों की चिंताओं से जुड़ा एक और अन्य बिंदु भी है, उनका कहना है, "कर्नाटक में छोटे-मोटे व्यवसाय स्थापित करने में सरकार की दखलअंदाजी बहुत ज्यादा है."
कर्नाटक के उद्योग मंत्री आरवी देशपांडे ने रैंकिंग में पिछड़ने के तथ्य को स्वीकार किया लेकिन अन्य मामलों में बेंगलुरु के आगे रहने पर खुशी जताई. उद्योग मंत्री ने एनडीटीवी को बताया, "यह सही है कि हम 13वें स्थान पर रहे हैं लेकिन यह भी एक तथ्य है कि हम निवेश के मामले में पहले स्थान पर हैं. कर्नाटक को 1 लाख करोड़ से अधिक का निवेश प्राप्त हुआ है. तेलंगाना से लेकर आंध्रप्रदेश और गुजरात जैसे कई राज्य बहुत पीछे हैं." पिछले साल, कारोबारी सुगमता की सूची में कर्नाटक को 9वां स्थान मिला था.
वहीं, कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने विश्व बैंक के परामर्श पर उद्योग मंत्रालय द्वारा तैयार की गई रैंकिंग के मापदंडों पर सवाल खड़े किए. देशपांडे ने कॉर्पोरेट वृद्धि के लिए भ्रष्टाचार को प्रमुख बाधा करार देते हुए कहा, "औद्योगिक विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर की तुलना में अधिक तेज था, जिसकी गति को बरकरार नहीं रखा जा सका." देशपांडे ने कहा, "भ्रष्टाचार कैंसर की तरह है लेकिन कर्नाटक कई राज्यों से बेहतर है."टिप्पणियां
स्टार्ट-अप में निवेश करने वाली महिला उद्यमी डॉ. सोम सिंह ने कहा कि जो लोग बेंगलुरु के पिछड़ने की वजह को समझना चाहते हैं, उन्हें शहर के अनियंत्रित ट्रैफिक पर एक नजर डाल लेना चाहिए. डॉ. सिंह ने बदहाल ट्रैफिक की स्थिति पर तंज कसते हुए कहा, "पहले लोग घर से काम करना चाहते थे. अब ट्रैफिक में काम कर रहे हैं. बेंगलुरु शहर के दो हिस्सों कोरामंडल से हेबल जाने में उतना ही समय लगता है जितना कि बेंगलुरु से कोलकाता और कोलकाता से बेंगलुरु वापस आने में."
उद्यमियों की चिंताओं से जुड़ा एक और अन्य बिंदु भी है, उनका कहना है, "कर्नाटक में छोटे-मोटे व्यवसाय स्थापित करने में सरकार की दखलअंदाजी बहुत ज्यादा है."
वहीं, कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने विश्व बैंक के परामर्श पर उद्योग मंत्रालय द्वारा तैयार की गई रैंकिंग के मापदंडों पर सवाल खड़े किए. देशपांडे ने कॉर्पोरेट वृद्धि के लिए भ्रष्टाचार को प्रमुख बाधा करार देते हुए कहा, "औद्योगिक विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर की तुलना में अधिक तेज था, जिसकी गति को बरकरार नहीं रखा जा सका." देशपांडे ने कहा, "भ्रष्टाचार कैंसर की तरह है लेकिन कर्नाटक कई राज्यों से बेहतर है."टिप्पणियां
स्टार्ट-अप में निवेश करने वाली महिला उद्यमी डॉ. सोम सिंह ने कहा कि जो लोग बेंगलुरु के पिछड़ने की वजह को समझना चाहते हैं, उन्हें शहर के अनियंत्रित ट्रैफिक पर एक नजर डाल लेना चाहिए. डॉ. सिंह ने बदहाल ट्रैफिक की स्थिति पर तंज कसते हुए कहा, "पहले लोग घर से काम करना चाहते थे. अब ट्रैफिक में काम कर रहे हैं. बेंगलुरु शहर के दो हिस्सों कोरामंडल से हेबल जाने में उतना ही समय लगता है जितना कि बेंगलुरु से कोलकाता और कोलकाता से बेंगलुरु वापस आने में."
उद्यमियों की चिंताओं से जुड़ा एक और अन्य बिंदु भी है, उनका कहना है, "कर्नाटक में छोटे-मोटे व्यवसाय स्थापित करने में सरकार की दखलअंदाजी बहुत ज्यादा है."
स्टार्ट-अप में निवेश करने वाली महिला उद्यमी डॉ. सोम सिंह ने कहा कि जो लोग बेंगलुरु के पिछड़ने की वजह को समझना चाहते हैं, उन्हें शहर के अनियंत्रित ट्रैफिक पर एक नजर डाल लेना चाहिए. डॉ. सिंह ने बदहाल ट्रैफिक की स्थिति पर तंज कसते हुए कहा, "पहले लोग घर से काम करना चाहते थे. अब ट्रैफिक में काम कर रहे हैं. बेंगलुरु शहर के दो हिस्सों कोरामंडल से हेबल जाने में उतना ही समय लगता है जितना कि बेंगलुरु से कोलकाता और कोलकाता से बेंगलुरु वापस आने में."
उद्यमियों की चिंताओं से जुड़ा एक और अन्य बिंदु भी है, उनका कहना है, "कर्नाटक में छोटे-मोटे व्यवसाय स्थापित करने में सरकार की दखलअंदाजी बहुत ज्यादा है."
उद्यमियों की चिंताओं से जुड़ा एक और अन्य बिंदु भी है, उनका कहना है, "कर्नाटक में छोटे-मोटे व्यवसाय स्थापित करने में सरकार की दखलअंदाजी बहुत ज्यादा है." | भारत में स्टार्ट-अप इंडिया को बढ़ावा देने के मामले में अभी भी बेंगलुरु आगे
कई मोर्चों पर शहर का आकर्षण कमजोर हो गया है
ईज-ऑफ-बिजनेस के संबंध में जारी नई सूची कर्नाटक को 13वां स्थान | 6 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: अन्ना हजारे की लड़ाई का बॉलीवुड के अभिनेता अमिताभ बच्चन ने यह कहते हुए समर्थन किया है कि वह देश हित वाले सभी मुद्दों के साथ हैं। अमिताभ ने मीडिया से भी अपील की है कि वह इस उद्देश्य के लिए प्रतिबद्धता प्रदर्शित करे। अमिताभ ने अपने ब्लॉग पर लिखा है, देश के हित के किसी भी मुद्दे का मैं हमेशा समर्थन करता हूं। कोई भी काम या योजना जो देश के हित में होती है, उसकी हम सराहना करते हैं, और हम इसका ढिंढोरा नहीं पीटना चाहते, और न ही हमें इसका ज्ञान है कि इसे पीटा कैसे जाता है। अमिताभ की पोस्ट पर आई एक प्रतिक्रिया से आहत महानायक ने कहा, यह जानना दुखद है कि बिना मेरा पक्ष जाने, उस महिला ने ऐसे तथ्य मान लिए, जिनका अस्तित्व ही नहीं था। यह कहना कि मैं व्यस्त हूं, सिर्फ पैसे कमाने से मतलब रखता हूं और सामाजिक सरोकारों के मुद्दों में मेरी कोई रुचि नहीं है, पूरी तरह अस्वीकार्य और गलत है। उन्होंने सवाल किया, कितने चैनल ऐसे हैं, जो इसके लिए प्रतिबद्ध हैं। अमिताभ ने चैनलों से जवाब मांगते हुए कहा, सिर्फ अपने व्यावसायिक लाभ के लिए रिपोर्ट तैयार करना और दूसरों से जवाब मांगना पर्याप्त नहीं है। अगर कोई चैनल का स्ट्रिंगर, जो वहां रिपोर्ट तैयार करने जाए और वहां माइक्रोफोन और रिपोर्टिंग छोड़कर अनशन करने बैठ जाए, तो यह बात प्रभावित करेगी, कुछ ऐसा करें, जो करने के लिए ये हमसे कहते हैं। | संक्षिप्त पाठ: अन्ना की लड़ाई का अमिताभ ने यह कहते हुए समर्थन किया है कि वह देशहित वाले सभी मुद्दों के साथ हैं। उन्होंने मीडिया से भी अपील की है कि वह इस उद्देश्य के लिए प्रतिबद्धता प्रदर्शित करे। | 30 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: पाकिस्तान की कोटलखपत जेल में फरवरी महीने में मारे गए भारतीय कैदी चमेल सिंह का परिवार सरकार से बेहद खफा है। उनका परिवार अब चमेल सिंह को शहीद का दर्जा दिए जाने की मांग कर रहा है।टिप्पणियां
चमेल सिंह के परिवार को गुस्सा इस बात पर है कि चमेल और सरबजीत की मौत जब एक ही हालात में हुई, ऐसे में सरबजीत को शहीद का दर्जा और मुआवज़ा दिया गया लेकिन चमेल की किसी ने सुध नहीं ली।
चमेल सिंह के परिवार ने धमकी दी है कि अगर सरकार ने चमेल सिंह को शहीद का दर्जा नहीं दिया तो पूरा परिवार खुदक़ुशी कर लेगा।
चमेल सिंह के परिवार को गुस्सा इस बात पर है कि चमेल और सरबजीत की मौत जब एक ही हालात में हुई, ऐसे में सरबजीत को शहीद का दर्जा और मुआवज़ा दिया गया लेकिन चमेल की किसी ने सुध नहीं ली।
चमेल सिंह के परिवार ने धमकी दी है कि अगर सरकार ने चमेल सिंह को शहीद का दर्जा नहीं दिया तो पूरा परिवार खुदक़ुशी कर लेगा।
चमेल सिंह के परिवार ने धमकी दी है कि अगर सरकार ने चमेल सिंह को शहीद का दर्जा नहीं दिया तो पूरा परिवार खुदक़ुशी कर लेगा। | यहाँ एक सारांश है:पाकिस्तान की कोटलखपत जेल में फरवरी महीने में मारे गए भारतीय कैदी चमेल सिंह का परिवार सरकार से बेहद खफा है। उनका परिवार अब चमेल सिंह को शहीद का दर्जा दिए जाने की मांग कर रहा है। | 15 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सिर्फ इतना नहीं 18 अक्टूबर 2015 को राजकोट के मैदान पर भारत और साउथ अफ्रीका के बीच हुए वनडे मैच में धोनी का प्रदर्शन काफी खराब था. दक्षिण अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 270 रन बनाए थे. चौथे स्थान पर बल्लेबाजी करने आए धोनी ने काफी धीमी पारी खेली. धोनी ने 61 गेंदों सामना करते हुए सिर्फ 47 रन बनाए और भारत इस मैच को 23 रन से हार गया. इससे पहले भी कुछ मैचों में फिनिशर के रूप में धोनी का प्रदर्शन खराब रहा है. टी20 में भी फिनिशर के रूप में धोनी विफल हो रहे हैं. 18 जून 2016 को ज़िम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी20 मैच में धोनी ने 17 गेंदों का सामना करते हुए 19 रन बनाए थे और भारत इस मैच को सिर्फ दो रन से हार गया था. आईपीएल मैच के दौरान भी धोनी ने कुछ धीमी पारियां खेली थीं, जिसकी वजह से उनकी टीम को हार का सामना करना पड़ा था.
हर मैच में शानदार खेलते हुए टीम जीत दिलाना किसी भी खिलाड़ी के लिए संभव नहीं है लेकिन धोनी के अंदर आत्मविश्वास की कमी दिखाई देने लगी है. अब जब धोनी बल्लेबाजी करते हैं तो ऐसा लगता है कि वह काफी दवाब में खेल रहे हैं. हो सकता है कि इस दवाब की वजह धोनी विफल हो रहे हैं. अब धोनी को कुछ अच्छी पारियां खेलते हुए क्रिकेट प्रेमियों का दिल जीतना पड़ेगा.
हर मैच में शानदार खेलते हुए टीम जीत दिलाना किसी भी खिलाड़ी के लिए संभव नहीं है लेकिन धोनी के अंदर आत्मविश्वास की कमी दिखाई देने लगी है. अब जब धोनी बल्लेबाजी करते हैं तो ऐसा लगता है कि वह काफी दवाब में खेल रहे हैं. हो सकता है कि इस दवाब की वजह धोनी विफल हो रहे हैं. अब धोनी को कुछ अच्छी पारियां खेलते हुए क्रिकेट प्रेमियों का दिल जीतना पड़ेगा. | संक्षिप्त सारांश: 5 अप्रैल 2005 को पाकिस्तान के खिलाफ जड़ा पहला शतक
31 अक्टूबर 2005 को श्रीलंका के खिलाफ खेली 183 रन की शानदार पारी
2006 के पाकिस्तान दौरे पर भी धोनी ने खूब वाहवाही बटोरी | 10 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान ने भारत के उस अनुरोध को स्वीकार कर लिया है जिसमें पीएम नरेंद्र मोदी के विमान को अपने एयर स्पेश से गुजरने देने की बात कही गई थी. एक पाकिस्तानी अधिकारी ने बताया कि इमरान खान सरकार ने बिश्केक जाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी के विमान को पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र से गुजरने की अनुमति देने के भारत सरकार के अनुरोध को सैद्धांतिक रूप से स्वीकार कर लिया है. अधिकारी ने कहा कि औपचारिकताएं पूरी होने के बाद भारत सरकार को फैसले से अवगत करा दिया जाएगा. नागर विमानन प्राधिकरण को भी निर्देश दिया जाएगा कि वह एयरमेन को सूचित कर दे. साथ ही उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को आशा है कि भारत शांति वार्ता करने की उसकी पेशकश स्वीकार करेगा.
बता दें कि भारत ने पाकिस्तान से किर्गिस्तान के बिश्केक जाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) के विमान को अपने वायु क्षेत्र से गुजरने देने का अनुरोध किया था. पीएम मोदी (PM Modi) को बिश्केक में 13 जून और 14 जून को शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में भाग लेने जाना है. पाकिस्तान ने बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादी शिविर पर भारतीय वायु सेना के हमले के बाद 26 फरवरी को अपना वायु क्षेत्र पूरी तरह बंद कर दिया था. तब से उसने कुल 11 में से केवल दो वायु मार्ग खोले हैं और दोनों दक्षिण पाकिस्तान से होकर गुजरते हैं. एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा था कि हमने पाकिस्तान से प्रधानमंत्री के विमान को अपने एक मार्ग से होकर गुजरने देने का अनुरोध किया है जो अभी तक खुला नहीं है.
प्रधानमंत्री को 13 जून और 14 जून को एससीओ शिखर सम्मेलन में भाग लेना है. पाकिस्तान ने 21 मई को भारत की तत्कालीन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को किर्गिस्तान के बिश्केक में एससीओ विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होने के लिए पाकिस्तानी वायु क्षेत्र से सीधे उड़ान भरने की खास अनुमति दी थी. दक्षिण पाकिस्तान में दो मार्गों के अलावा पड़ोसी देश का वायु क्षेत्र वाणिज्यिक विमानों के लिए अब भी बंद है.
भारतीय वायु सेना ने 31 मई को घोषणा की थी कि बालाकोट हवाई हमले के बाद भारतीय वायु क्षेत्र पर लगाए सभी अस्थायी प्रतिबंध हटा लिए गए हैं. हालांकि इससे किसी भी वाणिज्यिक एयरलाइन को फायदा मिलने की संभावना नहीं है जब तक पाकिस्तान अपना वायु क्षेत्र नहीं खोलता. पाकिस्तानी वायु क्षेत्र के बंद होने से एयर इंडिया और इंडिगो की अंतरराष्ट्रीय उड़ानें प्रभावित हैं. (इनपुट भाषा से) | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पाकिस्तान ने भारत के अनुरोध को स्वीकारा
PM मोदी के विमान को पाक एयर स्पेश से गुजरने देने की कही थी बात
किर्गिस्तान के बिश्केक जाने के लिए किया था अनुरोध | 3 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: कहा जाता है कि शादी के जोड़े ऊपर से बन कर आते हैं..ऊपर वाला इस मामले में इस साल बॉलीवुड और टेलीविजन सितारों पर कुछ ज्यादा ही मेहरबान रहा है. इधर, कई वर्षो में शायद यह पहला साल है, जब कई बड़े सितारों ने शादियां रचाईं हैं, जो सुर्खियां बनी रहीं. कई छोटे सितारों के यहां भी शहनाइयां बजी हैं. शुरुआत बॉलीवुड (Bollywood) की 'खूबसूरत' अभिनेत्री सोनम कपूर (Sonam Kapoor) से होती है. जिनके बाद बॉलीवुड में एक के बाद एक दिल थाम लेने वाली शादियों का सिलसिला शुरू हो जाता है. और साल का अंत कॉमेडियन कपिल शर्मा (Kapil Sharma) की शादी से होता है. सोनम कपूर (Sonam Kapoor) ने आठ मई, 2018 को व्यवसायी आनंद आहूजा के साथ सात फेरे लेकर सबको चौंका दिए. यह नई-नवेली प्रतिभावान अभिनेत्री इस उम्र में करियर के शैशवावस्था में शादी कर लेगी, किसी को जरा भी उम्मीद नहीं थी. मुंबई में हुई शादी के अलग-अलग जश्न में तमाम बॉलीवुड सितारों (Bollywood Stars) ने शिरकत की. आमतौर पर जहां स्टार्स की शादियां निजी कार्यक्रम होते हैं, वहीं सोनम की शादी के वीडियो सोशल मीडिया पर छाए रहे. चूड़ा सेरेमनी से लेकर रिसेप्शन तक शादी की खूब चर्चा हुई. इसके दो दिन बाद नेहा धूपिया (Neha Dhupia) और अंगद बेदी (Angad Bedi)ने 10 मई को अचानक शादी कर सभी को चौंका दिए थे. इसे सीक्रेट वेडिंग कहा गया था. तभी से उनकी गर्भावस्था के कयास लगाए जाने लगे थे. बाद में नेहा ने 18 नवंबर को बेटी को जन्म दिया.
वहीं, हर दिलों की धड़कन, सभी की पसंदीदा जोड़ी दीपिका पादुकोण (Deepika Padukone) और रणवीर सिंह (Ranveer Singh) ने 14 और 15 नवंबर को इटली के लेक कोमो में कोंकणी और सिंधी रिति-रिवाज से शादी की. दोनों करीब छह साल से एक-दूसरे को डेट कर रहे थे. फिल्म 'बाजीराव मस्तानी' और 'पद्मावत' में दोनों की केमेस्ट्री ने दर्शकों को खूब आकर्षित किया था. दीपिका और रणवीर की शादी में हालांकि चुनिंदा लोग ही शामिल हुए. इसके बाद उन्होंने एक के बाद एक कई रिसेप्शन दिए, जिसमें कई सितारों ने शिरकत की. सिलसिला यहीं नहीं रुका. इसके बाद उस शख्सीयत की शादी की खबर आई, जिसका इंतजार उसके प्रशंसक लंबे समय से कर रहे थे. प्रियंका चोपड़ा (Priyanka Chopra) और निक जोनस (Nick Jonas) ने अपने संबंधों की जब पुष्टि की तो यह खबर सुर्खियों में छा गई. बॉलीवुड की देसी गर्ल प्रियंका ने अपने लिए विदेशी दूल्हा हॉलीवुड गायक निक जोनस को चुना. लेकिन शादी की सबसे खास बात यह रही कि प्रियंका ने विदेश में शादी करने के बजाय जोधपुर में हिदू परंपरा और ईसाई रीति-रिवाज से शादी की. उनकी शादी के कार्यक्रम एक दिसंबर से तीन दिसंबर तक चले थे. शादी को अंतर्राष्ट्रीय पत्र-पत्रिकाओं ने कवर किया था.
हालांकि, इन शादियों में खास बात यह रही है कि शादी करने वाली इन अभिनेत्रियों ने या तो अपना करियर शुरू ही किया था, या फिर वे करियर के शिखर पर हैं. जबकि आमतौर पर हिंदी फिल्मों में, अभिनेत्रियां करियर के ढलान पर शादी करती रही हैं. वरिष्ठ फिल्म पत्रकार अनुज अंलकार कहते हैं, "दरअसल, पहले फिल्मों में अभिनेत्रियों के लिए कुछ खास नहीं होता था. शादीशुदा अभिनेत्रियों को काम मिलने की संभावना और घट जाती थी. इसलिए अभिनेत्रियां करियर के ढलान पर शादी करती थीं, लेकिन आज स्थिति बदल गई है." लगभग 20 सालों से मुंबई में फिल्म-पत्रकारिता कर रहे अनुज ने कहा, "कई सालों पहले कोई फिल्मकार सबसे पहले हीरो को साइन करता था और उसके बाद फिल्म की स्क्रिप्ट से लेकर कास्टिंग और हर चीज में उस हीरो का हस्तक्षेप होता था. हीरो के नाम पर फिल्में बनती थीं, चलती थीं। ऐसे में हीरो अपनी पसंद की हीरोइन चुनता था. नई लड़कियों के आगे शादीशुदा हीरोइनें पीछे छूट जाती थीं. लेकिन आज कहानी पर फिल्में बन रही हैं. महिला केंद्रित फिल्में बन रही हैं. महिलाओं का महत्व पहले से बढ़ा है. हीरो के नाम पर फिल्में बनाने का वक्त बीत गया है. इसका परिणाम है कि आज अभिनेत्रियों के भीतर से भय खत्म हो रहा है. वे बोल रही हैं."
अनुज ने कहा कि हाल ही में शादी से पहले उन्होंने खुद दीपिका पादुकोण से पूछा था कि क्या करियर के इस मोड़ पर शादी करने से उन्हें डर नहीं लगता? बकौल अनुज दीपिका ने कहा था, "डर किस बात का. शादी अपनी जगह है, करियर अपनी जगह. दोनों अलग-अलग चीजें हैं." 'मासूम', 'काबिल', 'जन्नत-2', 'कृष', 'कृष-3', 'गुंडे' सहित कई फिल्मों की पटकथा लिख चुके संजय मासूम सितारों की शादियों पर कुछ अलग राय रखते हैं. उन्होंने कहा, "शादी सबका निजी मामला है और इसका फैसला उनका खुद का होता है. वक्त बदलता है, धारणाएं बदलती हैं, सोच बदलती है. पहले की सोच थी कि जिस हीरोइन की शादी हुई, तो उसकी फिल्म नहीं देखेंगे. लेकिन अब ऐसा नहीं है. दर्शकों को कंटेट से मतलब है, व्यक्तिगत जीवन से इतना मतलब नहीं रह गया है और मुझे लगता है कि यह एक बदलाव है."
सिलसिलेवार शादियों के बीच कॉमेडी के बादशाह कपिल शर्मा ने अपनी प्रेमिका गिन्नी चतरथ से 12 दिसंबर को जालंधर में शादी की. उनकी शादी में टीवी जगत के तमाम सितारों ने शिरकत की. उन्होंने मुंबई में रिसेप्शन रखा था, जिसमें बॉलीवुड के तमाम बड़े दिग्गज शामिल हुए. इनके अलावा टीवी शो 'शक्ति अस्तित्व के अहसास की' में किन्नर बहू का किरदार निभा रहीं रुबीना दिलाइक ने 21 जून को प्रेमी और अभिनेता अभिनव शुक्ला से शादी की. मॉडल मिलिंद सोमण ने अंकिता के साथ 23 अप्रैल, 2018 को शादी रचाई. बिग बॉस के पूर्व कंटेस्टेंट राहुल महाजन ने इस साल अचानक 20 नवंबर को एक प्राइवेट सेरेमनी में कजाकिस्तान की एक मॉडल से शादी कर ली. रियलिटी शो रोडीज के फेमस जज रघु राम ने 12 दिसंबर को अपनी प्रेमिका नताली डी लुसियो संग गोवा में समुद्र किनारे सात फेरे लिए. जाने-माने गायक, संगीतकार हिमेश रेशमिया ने अपनी लॉन्ग टाइम गर्लफ्रेंड सोनिया कपूर से 11 मई को शादी की.
शादियों की इस सूची में सुमित व्यास और एकता कौल, प्रिंस नरुला और युविका चौधरी, श्वेता त्रिपाठी और चैतन्य शर्मा, महाक्षय चक्रवती और मदालसा शर्मा, शक्ति अरोड़ा और नेहा सक्सेना, विविधा कृति और वरुण, गौरव चोपड़ा और हितिषा, अंकित तिवारी और पल्लवी शुक्ला, सोहैब इब्राहिम और दीपिका कक्कड़, मोहित मारवाह और अंकिता मोतीवाला, श्रिया सरन और एंद्रे कोस्चे, कुणाल जय सिंह और भारती कुमार जैसे दिग्गज सितारों की शादियां भी शामिल हैं.
फिलहाल, यह साल विदा हो रहा है और नया साल नई सुबह के साथ दस्तक दे रहा है. अब देखने वाली बात यह होगी कि वर्ष 2019 सितारों के जीवन में कितना प्यार, रोमांस और खुशी भर पाता है. | सारांश: बॉलीवुड में शादियों के लिए याद रखा जाएगा यह साल
इस साल दीपिका-रणवीर ने रचाई शादी
प्रियंका चोपड़ा और सोनम कपूर ने भी लिए सात फेरे | 5 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: पाकिस्तान के पंजाब गवर्नर और राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के निकट सहयोगी सलमान तासिर की उनके अंगरक्षक ने राजधानी में गोली मारकर हत्या कर दी। यह सुरक्षाकर्मी विवादास्पद ईश निंदा कानून को लेकर तासिर के विरोध से नाराज था। सत्ताधारी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के 66 वर्षीय तासिर इस्लामाबाद के बाजार में अपनी कार में सवार हो रहे थे, जब पंजाब पुलिस के सुरक्षाकर्मी ने काफी नजदीक से उन्हें अपनी ऑटोमैटिक गन से गोली मार दी। तासिर के प्रवक्ता ने फारूख शाह ने कहा कि गवर्नर को तत्काल पॉलिक्लीनिक अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया। अधिकारियों ने कहा कि तासिर को नौ गोलियां लगी थीं और उनकी गर्दन और छाती में गंभीर जख्म हो गए थे। चिकित्सकों ने उनको बचाने की हरसंभव कोशिश की, लेकिन अंतत: उन्होंने दम तोड़ दिया। गृह मंत्री रहमान मलिक ने कराची में संवाददाताओं को बताया कि सुरक्षाकर्मी मलिक मुमताज हुसैन कादरी ने गवर्नर की हत्या करने के बाद आत्मसमर्पण कर दिया है। वह रावलपिंडी का रहने वाला था। मलिक ने बताया, जब गवर्नर कार में सवार हो रहे थे, सुरक्षाकर्मी ने उन्हें गोली मारी। गोलीबारी के बाद उसने अपना हथियार रख दिया और यह कहते हुए पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया कि उसने तासिर को इसलिए गोली मारी क्योंकि वह ईश निंदा कानून को काला कानून कहते थे। उन्होंने कहा, यह बात सुरक्षाकर्मी ने कही है, लेकिन हम पूरी जांच करेंगे और इस बात का पता लगाएंगे कि पंजाब के गवर्नर की हत्या के पीछे क्या वाकई यही कारण है। मलिक ने बताया कि तासिर की सुरक्षा कर रहे सभी सदस्यों को हिरासत में ले लिया गया, लेकिन स्वीकारोक्ति के आधार पर केवल कादरी को ही औपचारिक तौर पर गिरफ्तार किया गया है। टीवी चैनलों ने दाढ़ी वाले कादरी की तस्वीरों को जारी किया है जिसे पुलिस वैन में ले जाया जा रहा है। मलिक ने कहा, यह (इस प्रकार के हमलों को रोकना) मुश्किल है, जब कोई आपके ही बीच का व्यक्ति हो। हम इस बात की जांच करेंगे कि यह सिर्फ उसका काम था या कोई उनकी (गवर्नर की) हत्या करना चाहता था। तासिर ने सार्वजनिक तौर पर ईश निंदा कानून का विरोध किया था, जिसे दिवंगत राष्ट्रपति जिया उल हक के कार्यकाल में पेश किया गया था। इसके अलावा उन्होंने 45 वर्षीय ईसाई महिला और पांच बच्चों की मां आसिया बीबी के पक्ष में भी अभियान चलाया था, जिन्हें पैगंबर मोहम्मद की बेइज्जती के लिए दोषी करार दिया गया था। अपने नजरिये को सार्वजनिक करने के लिए ट्विटर का इस्तेमाल करने वाले गवर्नर ने कुछ दिनों पहले ही ट्वीट किया था कि वह कट्टरपंथी और धार्मिक तत्वों के विरोध के बावजूद ईश निंदा कानून के प्रति अपना अभियान जारी रखेंगे। तासिर की हत्या पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की दिसंबर 2007 में हत्या के बाद हाई प्रोफाइल नेता की हत्या का पहला मामला है। टेलीविजन पर दिखाई जा रही फुटेज में घटनास्थल पर चारों ओर बिखरा हुआ खून और कारतूस के खाली खोखे दिखाई पड़ रहे हैं। पुलिस ने इस संबंध में बाजार से छह और लोगों को हिरासत में लिया है और उन्हें किसी अज्ञात स्थान पर ले जाया गया है। | पाकिस्तान के पंजाब गवर्नर और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के मुखर नेता सलमान तासिर की उनके अंगरक्षक ने राजधानी में गोली मारकर हत्या कर दी। | 34 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: उच्च न्यायालयों में 470 न्यायाधीशों की कमी के बीच सरकार ने नियुक्ति के लिए राज्य न्यायिक सेवाओं और बार से 78 लोगों के नाम उच्चतम न्यायालय के कॉलेजियम को भेजे हैं जिनकी सिफारिश अनेक राज्य कॉलेजियमों ने की है।
सरकार के सूत्रों ने कहा कि उच्च न्यायालयों के कॉलेजियमों की सिफारिशों को 57 और 21 के दो सेटों में उच्चतम न्यायालय के कॉलेजियम को भेजा गया है।
स्थापित प्रक्रिया के अनुसार उच्च न्यायालय अपनी सिफारिशें केंद्र को भेजते हैं, जो उम्मीदवारों पर आईबी की रिपोर्ट मांगने समेत प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद उन्हें उच्चतम न्यायालय के कॉलेजियम को फैसले के लिए भेज देता है।
सिफारिशों पर अध्ययन करने के बाद उच्चतम न्यायालय का कॉलेजियम नियुक्ति या पदोन्नति के लिए कुछ नामों की सिफारिश करता है। सरकार या तो सिफारिशों को स्वीकार कर लेती है या पुनर्विचार करने के अनुरोध के साथ उच्चतम न्यायालय के कॉलेजियम को लौटा देती है।टिप्पणियां
ताजा आंकड़ों के अनुसार देश में 24 उच्च न्यायालयों में 470 न्यायाधीशों की कमी है। जनवरी में यह संख्या 443 थी। (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सरकार के सूत्रों ने कहा कि उच्च न्यायालयों के कॉलेजियमों की सिफारिशों को 57 और 21 के दो सेटों में उच्चतम न्यायालय के कॉलेजियम को भेजा गया है।
स्थापित प्रक्रिया के अनुसार उच्च न्यायालय अपनी सिफारिशें केंद्र को भेजते हैं, जो उम्मीदवारों पर आईबी की रिपोर्ट मांगने समेत प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद उन्हें उच्चतम न्यायालय के कॉलेजियम को फैसले के लिए भेज देता है।
सिफारिशों पर अध्ययन करने के बाद उच्चतम न्यायालय का कॉलेजियम नियुक्ति या पदोन्नति के लिए कुछ नामों की सिफारिश करता है। सरकार या तो सिफारिशों को स्वीकार कर लेती है या पुनर्विचार करने के अनुरोध के साथ उच्चतम न्यायालय के कॉलेजियम को लौटा देती है।टिप्पणियां
ताजा आंकड़ों के अनुसार देश में 24 उच्च न्यायालयों में 470 न्यायाधीशों की कमी है। जनवरी में यह संख्या 443 थी। (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
स्थापित प्रक्रिया के अनुसार उच्च न्यायालय अपनी सिफारिशें केंद्र को भेजते हैं, जो उम्मीदवारों पर आईबी की रिपोर्ट मांगने समेत प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद उन्हें उच्चतम न्यायालय के कॉलेजियम को फैसले के लिए भेज देता है।
सिफारिशों पर अध्ययन करने के बाद उच्चतम न्यायालय का कॉलेजियम नियुक्ति या पदोन्नति के लिए कुछ नामों की सिफारिश करता है। सरकार या तो सिफारिशों को स्वीकार कर लेती है या पुनर्विचार करने के अनुरोध के साथ उच्चतम न्यायालय के कॉलेजियम को लौटा देती है।टिप्पणियां
ताजा आंकड़ों के अनुसार देश में 24 उच्च न्यायालयों में 470 न्यायाधीशों की कमी है। जनवरी में यह संख्या 443 थी। (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सिफारिशों पर अध्ययन करने के बाद उच्चतम न्यायालय का कॉलेजियम नियुक्ति या पदोन्नति के लिए कुछ नामों की सिफारिश करता है। सरकार या तो सिफारिशों को स्वीकार कर लेती है या पुनर्विचार करने के अनुरोध के साथ उच्चतम न्यायालय के कॉलेजियम को लौटा देती है।टिप्पणियां
ताजा आंकड़ों के अनुसार देश में 24 उच्च न्यायालयों में 470 न्यायाधीशों की कमी है। जनवरी में यह संख्या 443 थी। (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
ताजा आंकड़ों के अनुसार देश में 24 उच्च न्यायालयों में 470 न्यायाधीशों की कमी है। जनवरी में यह संख्या 443 थी। (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त सारांश: देश के 24 उच्च न्यायालयों में 470 न्यायाधीशों की कमी
सिफारिशों को 57 और 21 के सेटों में सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम को भेजा गया
प्रक्रिया के अनुसार उच्च न्यायालय अपनी सिफारिशें केंद्र को भेजते हैं | 8 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर को रियो में ओलिंपिक खेल गांव में प्रवेश करते ही वही अहसास हुआ जैसा उन्हें 1998 में कुआलालम्पुर में राष्ट्रमंडल खेलों के खेल गांव में भाग लेने गयी भारतीय क्रिकेट टीम के साथ हुआ था.
तेंदुलकर ने रियो डि जिनेरियो से कहा, ‘आज मेरे जेहन में वही याद ताजा हो गयी जो तब खेल गांव में घुसते समय हुई थी. 1998 राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान भारतीय क्रिकेट टीम का हिस्सा होने के साथ ही जो यादें थी वह ताजा हो गयीं. लेकिन इन खेलों की भव्यता की तुलना नहीं की जा सकती. लेकिन खेलों के दौरान की ऊर्जा और जज्बा 1998 की तरह ही है, चैम्पियन खिलाड़ियों के आस पास का माहौल भी अलग नहीं है. ’ तेंदुलकर उस भारतीय टीम का हिस्सा थे जिसने 1998 राष्ट्रमंडल खेलों में शिरकत की थी, एकमात्र इसी राष्ट्रमंडल खेल के कार्यक्रम में क्रिकेट इसका हिस्सा था.
भारतीय ओलिंपिक दल के अध्यक्ष राकेश गुप्ता ने सचिन को स्मृति चिह्न भेंट किया
तेंदुलकर भारतीय ओलिंपिक दल के सद्भावना दूतों में से एक हैं, उन्होंने एथलीटों से बात की और उन्हें शुभकामनायें दीं. उन्होंने कहा, ‘मैं ओलिंपिक खेलों का कोई विशेषज्ञ नहीं हूं और निश्चित रूप से उन्हें सलाह नहीं दूंगा कि उन्हें अपनी स्पर्धायें कैसे जीतनी चाहिए. ये सभी अपने अपने स्तर पर चैम्पियन हैं और जानते हैं कि प्रदर्शन करने के लिये क्या करने की जरूरत है. मैं उन्हें सिर्फ यह बताने के लिये वहां था कि पूरा देश शुभकामनाओं के साथ आपके साथ है. मैंने किसी विशेष खिलाड़ी से बात नहीं की क्योंकि वहां काफी खिलाड़ी मौजूद थे. हॉकी खिलाड़ी वहां नहीं थे क्योंकि उनका मैच था.’
तेंदुलकर से पसंदीदा ओलिंपिक खेल के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि उन्हें रैकेट के खेल पसंद हैं. उन्होंने कहा, ‘मेरा पसंदीदा ओलिंपिक खेल टेनिस और टेबल टेनिस है, जिसे मैं काफी देखता हूं. मुझे एथलेटिक्स की स्पर्धायें भी पसंद हैं. लेकिन अगर आप मुझसे रियो में भारतीय खिलाड़ियों के पदक जीतने की संख्या पर भविष्यवाणी के लिये कहोगे तो मैं थोड़ा अंधविश्वासी हूं. मैं उम्मीद करता हूं हम जितने ज्यादा हो सकें पदक जीतें.’ तेंदुलकर अगले दो दिन में रियो से रवाना हो जायेंगे और उन्होंने कहा कि वह 100 मी स्पर्धा में ओलंपिक चैम्पियन उसेन बोल्ट को देखना पसंद करेंगे.
एसपी चौरसिया (बाएं) के साथ सचिन तेंदुलकरटिप्पणियां
बोल्ट भी क्रिकेट के मुरीद हैं और उन्होंने तेंदुलकर की बल्लेबाजी के प्रति अपने प्रेम के बारे में काफी बात भी की है. तेंदुलकर ने कहा, ‘मैं जानता हूं कि उसने मेरी बल्लेबाजी की प्रशंसा की है. मैं जानता हूं कि उसेन ने मुझे संदेश भेजे थे. उसे लाइव देखना शानदार होगा लेकिन मैं अगले दो दिन में यहां से जा रहा हूं. ’ तेंदुलकर अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक परिषद के अध्यक्ष थामस बाक से मुलाकात करेंगे. वह घुटने की सर्जरी से उबर रहे हैं और उन्हें चलने में थोड़ी परेशानी हो रही है. तेंदुलकर ने कहा, ‘मैं अब भी उबर रहा हूं और मुझे चलने में थेड़ी मुश्किल हो रही है. एक बार मैं भारत लौट आऊं, तो मैं सही रिहैबिलिटेशन में रहूंगा.’(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
तेंदुलकर ने रियो डि जिनेरियो से कहा, ‘आज मेरे जेहन में वही याद ताजा हो गयी जो तब खेल गांव में घुसते समय हुई थी. 1998 राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान भारतीय क्रिकेट टीम का हिस्सा होने के साथ ही जो यादें थी वह ताजा हो गयीं. लेकिन इन खेलों की भव्यता की तुलना नहीं की जा सकती. लेकिन खेलों के दौरान की ऊर्जा और जज्बा 1998 की तरह ही है, चैम्पियन खिलाड़ियों के आस पास का माहौल भी अलग नहीं है. ’ तेंदुलकर उस भारतीय टीम का हिस्सा थे जिसने 1998 राष्ट्रमंडल खेलों में शिरकत की थी, एकमात्र इसी राष्ट्रमंडल खेल के कार्यक्रम में क्रिकेट इसका हिस्सा था.
भारतीय ओलिंपिक दल के अध्यक्ष राकेश गुप्ता ने सचिन को स्मृति चिह्न भेंट किया
तेंदुलकर भारतीय ओलिंपिक दल के सद्भावना दूतों में से एक हैं, उन्होंने एथलीटों से बात की और उन्हें शुभकामनायें दीं. उन्होंने कहा, ‘मैं ओलिंपिक खेलों का कोई विशेषज्ञ नहीं हूं और निश्चित रूप से उन्हें सलाह नहीं दूंगा कि उन्हें अपनी स्पर्धायें कैसे जीतनी चाहिए. ये सभी अपने अपने स्तर पर चैम्पियन हैं और जानते हैं कि प्रदर्शन करने के लिये क्या करने की जरूरत है. मैं उन्हें सिर्फ यह बताने के लिये वहां था कि पूरा देश शुभकामनाओं के साथ आपके साथ है. मैंने किसी विशेष खिलाड़ी से बात नहीं की क्योंकि वहां काफी खिलाड़ी मौजूद थे. हॉकी खिलाड़ी वहां नहीं थे क्योंकि उनका मैच था.’
तेंदुलकर से पसंदीदा ओलिंपिक खेल के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि उन्हें रैकेट के खेल पसंद हैं. उन्होंने कहा, ‘मेरा पसंदीदा ओलिंपिक खेल टेनिस और टेबल टेनिस है, जिसे मैं काफी देखता हूं. मुझे एथलेटिक्स की स्पर्धायें भी पसंद हैं. लेकिन अगर आप मुझसे रियो में भारतीय खिलाड़ियों के पदक जीतने की संख्या पर भविष्यवाणी के लिये कहोगे तो मैं थोड़ा अंधविश्वासी हूं. मैं उम्मीद करता हूं हम जितने ज्यादा हो सकें पदक जीतें.’ तेंदुलकर अगले दो दिन में रियो से रवाना हो जायेंगे और उन्होंने कहा कि वह 100 मी स्पर्धा में ओलंपिक चैम्पियन उसेन बोल्ट को देखना पसंद करेंगे.
एसपी चौरसिया (बाएं) के साथ सचिन तेंदुलकरटिप्पणियां
बोल्ट भी क्रिकेट के मुरीद हैं और उन्होंने तेंदुलकर की बल्लेबाजी के प्रति अपने प्रेम के बारे में काफी बात भी की है. तेंदुलकर ने कहा, ‘मैं जानता हूं कि उसने मेरी बल्लेबाजी की प्रशंसा की है. मैं जानता हूं कि उसेन ने मुझे संदेश भेजे थे. उसे लाइव देखना शानदार होगा लेकिन मैं अगले दो दिन में यहां से जा रहा हूं. ’ तेंदुलकर अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक परिषद के अध्यक्ष थामस बाक से मुलाकात करेंगे. वह घुटने की सर्जरी से उबर रहे हैं और उन्हें चलने में थोड़ी परेशानी हो रही है. तेंदुलकर ने कहा, ‘मैं अब भी उबर रहा हूं और मुझे चलने में थेड़ी मुश्किल हो रही है. एक बार मैं भारत लौट आऊं, तो मैं सही रिहैबिलिटेशन में रहूंगा.’(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
तेंदुलकर भारतीय ओलिंपिक दल के सद्भावना दूतों में से एक हैं, उन्होंने एथलीटों से बात की और उन्हें शुभकामनायें दीं. उन्होंने कहा, ‘मैं ओलिंपिक खेलों का कोई विशेषज्ञ नहीं हूं और निश्चित रूप से उन्हें सलाह नहीं दूंगा कि उन्हें अपनी स्पर्धायें कैसे जीतनी चाहिए. ये सभी अपने अपने स्तर पर चैम्पियन हैं और जानते हैं कि प्रदर्शन करने के लिये क्या करने की जरूरत है. मैं उन्हें सिर्फ यह बताने के लिये वहां था कि पूरा देश शुभकामनाओं के साथ आपके साथ है. मैंने किसी विशेष खिलाड़ी से बात नहीं की क्योंकि वहां काफी खिलाड़ी मौजूद थे. हॉकी खिलाड़ी वहां नहीं थे क्योंकि उनका मैच था.’
तेंदुलकर से पसंदीदा ओलिंपिक खेल के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि उन्हें रैकेट के खेल पसंद हैं. उन्होंने कहा, ‘मेरा पसंदीदा ओलिंपिक खेल टेनिस और टेबल टेनिस है, जिसे मैं काफी देखता हूं. मुझे एथलेटिक्स की स्पर्धायें भी पसंद हैं. लेकिन अगर आप मुझसे रियो में भारतीय खिलाड़ियों के पदक जीतने की संख्या पर भविष्यवाणी के लिये कहोगे तो मैं थोड़ा अंधविश्वासी हूं. मैं उम्मीद करता हूं हम जितने ज्यादा हो सकें पदक जीतें.’ तेंदुलकर अगले दो दिन में रियो से रवाना हो जायेंगे और उन्होंने कहा कि वह 100 मी स्पर्धा में ओलंपिक चैम्पियन उसेन बोल्ट को देखना पसंद करेंगे.
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बोल्ट भी क्रिकेट के मुरीद हैं और उन्होंने तेंदुलकर की बल्लेबाजी के प्रति अपने प्रेम के बारे में काफी बात भी की है. तेंदुलकर ने कहा, ‘मैं जानता हूं कि उसने मेरी बल्लेबाजी की प्रशंसा की है. मैं जानता हूं कि उसेन ने मुझे संदेश भेजे थे. उसे लाइव देखना शानदार होगा लेकिन मैं अगले दो दिन में यहां से जा रहा हूं. ’ तेंदुलकर अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक परिषद के अध्यक्ष थामस बाक से मुलाकात करेंगे. वह घुटने की सर्जरी से उबर रहे हैं और उन्हें चलने में थोड़ी परेशानी हो रही है. तेंदुलकर ने कहा, ‘मैं अब भी उबर रहा हूं और मुझे चलने में थेड़ी मुश्किल हो रही है. एक बार मैं भारत लौट आऊं, तो मैं सही रिहैबिलिटेशन में रहूंगा.’(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
तेंदुलकर से पसंदीदा ओलिंपिक खेल के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि उन्हें रैकेट के खेल पसंद हैं. उन्होंने कहा, ‘मेरा पसंदीदा ओलिंपिक खेल टेनिस और टेबल टेनिस है, जिसे मैं काफी देखता हूं. मुझे एथलेटिक्स की स्पर्धायें भी पसंद हैं. लेकिन अगर आप मुझसे रियो में भारतीय खिलाड़ियों के पदक जीतने की संख्या पर भविष्यवाणी के लिये कहोगे तो मैं थोड़ा अंधविश्वासी हूं. मैं उम्मीद करता हूं हम जितने ज्यादा हो सकें पदक जीतें.’ तेंदुलकर अगले दो दिन में रियो से रवाना हो जायेंगे और उन्होंने कहा कि वह 100 मी स्पर्धा में ओलंपिक चैम्पियन उसेन बोल्ट को देखना पसंद करेंगे.
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बोल्ट भी क्रिकेट के मुरीद हैं और उन्होंने तेंदुलकर की बल्लेबाजी के प्रति अपने प्रेम के बारे में काफी बात भी की है. तेंदुलकर ने कहा, ‘मैं जानता हूं कि उसने मेरी बल्लेबाजी की प्रशंसा की है. मैं जानता हूं कि उसेन ने मुझे संदेश भेजे थे. उसे लाइव देखना शानदार होगा लेकिन मैं अगले दो दिन में यहां से जा रहा हूं. ’ तेंदुलकर अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक परिषद के अध्यक्ष थामस बाक से मुलाकात करेंगे. वह घुटने की सर्जरी से उबर रहे हैं और उन्हें चलने में थोड़ी परेशानी हो रही है. तेंदुलकर ने कहा, ‘मैं अब भी उबर रहा हूं और मुझे चलने में थेड़ी मुश्किल हो रही है. एक बार मैं भारत लौट आऊं, तो मैं सही रिहैबिलिटेशन में रहूंगा.’(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
बोल्ट भी क्रिकेट के मुरीद हैं और उन्होंने तेंदुलकर की बल्लेबाजी के प्रति अपने प्रेम के बारे में काफी बात भी की है. तेंदुलकर ने कहा, ‘मैं जानता हूं कि उसने मेरी बल्लेबाजी की प्रशंसा की है. मैं जानता हूं कि उसेन ने मुझे संदेश भेजे थे. उसे लाइव देखना शानदार होगा लेकिन मैं अगले दो दिन में यहां से जा रहा हूं. ’ तेंदुलकर अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक परिषद के अध्यक्ष थामस बाक से मुलाकात करेंगे. वह घुटने की सर्जरी से उबर रहे हैं और उन्हें चलने में थोड़ी परेशानी हो रही है. तेंदुलकर ने कहा, ‘मैं अब भी उबर रहा हूं और मुझे चलने में थेड़ी मुश्किल हो रही है. एक बार मैं भारत लौट आऊं, तो मैं सही रिहैबिलिटेशन में रहूंगा.’(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त सारांश: कहा, राष्ट्रमंडल खेल के दौरान भारतीय टीम को हिस्सा होने की याद ताजा हुई
भारतीय खिलाड़ियों से बोले, पूरे देश की शुभकामनाएं आपके साथ हैं
मेरा पसंदीदा ओलिंपिक खेल टेनिस-टेबल टेनिस और एथलेटिक्स है | 0 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: आम्रपाली दुबे (Amrapali Dubey) का यह डांस वीडियो गदर काटे हुए है. उनके इस वीडियो की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसे अभी तक 14 करोड़ 85 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है और इसे देखने का सिलसिला लगातार जारी है. इस वीडियो में आम्रपाली दुबे (Amrapali Dubey) और निरहुआ (Nirahua) की जोड़ी देखते ही बन रही है. आम्रपाली दुबे का यह गाना भोजपुरी फिल्म 'राजा बाबू' का है. कुल मिलाकर आम्रपाली दुबे (Aamrapali Dubey) के डांस वीडियो ने कोहराम मचा दिया है. वैसे भी दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ (Nirahua) और आम्रपाली दुबे (Amrapali Dubey) जब भी साथ आते हैं धमाल मचा देते हैं और इस वीडियो में भी इन्होंने ऐसा ही किया है.
आम्रपाली दुबे (Amrapali Dubey) और निरहुआ (Nirahua) की जोड़ी को भोजपुरी सिनेमा (Bhojpuri Cinema) की नंबर वन जोड़ी भी कहा जाता है. इन दोनों सितारों ने एक साथ कई फिल्मों में काम किया है और इनकी ज्यादातर फिल्में सुपरहिट रही हैं. हाल ही में आम्रपाली दुबे (Amrapali Dubey) और निरहुआ (Nirahua) का एक गाना 'नई झुलनी के छैया' काफी वायरल हुआ था. आम्रपाली दुबे मूलरूप से उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के चनहर गांव में पैदा हुई हैं. बता दें कि आम्रपाली दुबे (Amrapali Dubey) उन्होंने भवन कॉलेज, मुंबई से स्नातक की उपाधि प्राप्त की. अपनी पढ़ाई के दौरान प्रारंभ में वह एक डॉक्टर बनना चाहती थी, लेकिन बाद में उन्होंने अपने करियर को अभिनय के क्षेत्र में आगे बढ़ाया. | यहाँ एक सारांश है:आम्रपाली दुबे ने मचाया धमाल
यूट्यूब पर 14 करोड़ से ज्यादा देखा गया वीडियो
लोगों को खूब पसंद आ रहा है उनका वीडियो | 17 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: पूर्व आईपीएल आयुक्त ललित मोदी ने कहा कि उन्हें खुद का बचाव करने के लिए बीसीसीआई की अनुशासनात्मक समिति ने समय नहीं दिया, जो उनके द्वारा ट्वेंटी20 लीग के आयोजन के दौरान की गई कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच कर रही है।टिप्पणियां
मोदी ने कहा, सुनवाई 26 सितंबर 2010 को शुरू हुई थी और 20 महीनों से बीसीसीआई ने अपने गवाहों को जुटाया और बयान रिकार्ड किए। मेरे लिए बचाव का समय 3 मार्च 2013 से ही शुरू हुआ और अचानक 22 अप्रैल 2013 को खत्म हो गया। उन्होंने कहा, उन्होंने 20 महीने तक अपने गवाहों को पेश किया और मुझे ऐसा करने का समय नहीं दिया गया। वे मुझे दो और हफ्तों का समय दे सकते थे। मोदी पर रिपोर्टों के अनुसार, 11 मामलों का आरोप लगया गया है, उन्होंने यहां तक कहा कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से अपना बचाव करने की अनुमति नहीं दी गई।
उन्होंने लंदन से एक चैनल से कहा, उन्होंने मुझे खुद आने का समय भी नहीं दिया। उन्होंने कहा कि वे आगे कोई प्रस्तुति स्वीकार नहीं करेंगे। मोदी आईपीएल के पहले तीन सत्र में अध्यक्ष और आयुक्त थे, लेकिन उन्हें 2010 समापन समारोह के बाद लीग चलाने के दौरान वित्तीय अनियमितताओं के लिए अचानक निलंबित कर दिया। उन पर तीसरे चरण के पहले दो नई टीमों की नीलामी के दौरान अनुचित अनियमितताओं का आरोप लगा। बीसीसीआई के उन पर 25 सितंबर को चेन्नई में होने वाली विशेष आम बैठक में आजीवन प्रतिबंध लगाने की पूरी उम्मीद है।
मोदी ने कहा, सुनवाई 26 सितंबर 2010 को शुरू हुई थी और 20 महीनों से बीसीसीआई ने अपने गवाहों को जुटाया और बयान रिकार्ड किए। मेरे लिए बचाव का समय 3 मार्च 2013 से ही शुरू हुआ और अचानक 22 अप्रैल 2013 को खत्म हो गया। उन्होंने कहा, उन्होंने 20 महीने तक अपने गवाहों को पेश किया और मुझे ऐसा करने का समय नहीं दिया गया। वे मुझे दो और हफ्तों का समय दे सकते थे। मोदी पर रिपोर्टों के अनुसार, 11 मामलों का आरोप लगया गया है, उन्होंने यहां तक कहा कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से अपना बचाव करने की अनुमति नहीं दी गई।
उन्होंने लंदन से एक चैनल से कहा, उन्होंने मुझे खुद आने का समय भी नहीं दिया। उन्होंने कहा कि वे आगे कोई प्रस्तुति स्वीकार नहीं करेंगे। मोदी आईपीएल के पहले तीन सत्र में अध्यक्ष और आयुक्त थे, लेकिन उन्हें 2010 समापन समारोह के बाद लीग चलाने के दौरान वित्तीय अनियमितताओं के लिए अचानक निलंबित कर दिया। उन पर तीसरे चरण के पहले दो नई टीमों की नीलामी के दौरान अनुचित अनियमितताओं का आरोप लगा। बीसीसीआई के उन पर 25 सितंबर को चेन्नई में होने वाली विशेष आम बैठक में आजीवन प्रतिबंध लगाने की पूरी उम्मीद है।
उन्होंने लंदन से एक चैनल से कहा, उन्होंने मुझे खुद आने का समय भी नहीं दिया। उन्होंने कहा कि वे आगे कोई प्रस्तुति स्वीकार नहीं करेंगे। मोदी आईपीएल के पहले तीन सत्र में अध्यक्ष और आयुक्त थे, लेकिन उन्हें 2010 समापन समारोह के बाद लीग चलाने के दौरान वित्तीय अनियमितताओं के लिए अचानक निलंबित कर दिया। उन पर तीसरे चरण के पहले दो नई टीमों की नीलामी के दौरान अनुचित अनियमितताओं का आरोप लगा। बीसीसीआई के उन पर 25 सितंबर को चेन्नई में होने वाली विशेष आम बैठक में आजीवन प्रतिबंध लगाने की पूरी उम्मीद है। | बीसीसीआई की अनुशासनात्मक समिति ने समय नहीं दिया, जो उनके द्वारा ट्वेंटी20 लीग के आयोजन के दौरान की गई कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच कर रही है। | 26 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: केन्या की राजधानी नैरोबी के वेस्टगेट शॉपिंग मॉल में शनिवार को हुए आतंकवादी हमले में दो भारतवंशियों सहित 59 लोगों की मौत हो गई। इस बीच, रविवार को सोमालिया के आतंकवादी संगठन अल-शबाब के 15 बंदूकधारी आतंकवादियों ने अभी भी शॉपिंग मॉल के अंदर बड़ी संख्या में लोगों को बंधक बना रखा है।
इस आतंकवादी हमले में 59 मौतों के अलावा करीब 175 अन्य घायल हुए हैं। यह जानकारी केन्या के मंत्रिमंडल सचिव जोसेफ ओले लेंकु ने रविवार को दी।
इधर, भारत की राजधानी दिल्ली में अधिकारियों ने हमले में मारे गए भारतवंशियों की पहचान तमिलनाडु के 40 वर्षीय श्रीधर नटराजन तथा मनोज जैन के आठ वर्षीय बेटे परमशु जैन के रूप में की।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने बताया कि इस हमले में तमिलनाडु से ताल्लुक रखने वाले 40 वर्षीय श्रीधर नटराजन और बैंक ऑफ बड़ौदा की स्थानीय शाखा के प्रबंधक के आठ वर्षीय बेटे परमशु जैन की मौत हो गई है।
हमले में नटराजन की पत्नी मंजुला श्रीधर भी घायल हो गई हैं, जबकि परमशु जैन की मां मुक्ता जैन एवं बहन पूर्वी जैन भी जख्मी हो गए हैं। हमले में एक और भारतवंशी नटराजन रामचंद्रन भी घायल हुए हैं।
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक नैरोबी में भारतीय उच्चायुक्त शिबाब्रत त्रिपाठी सहित भारतीय उच्चायोग के कई वरिष्ठ अधिकारी हमले में घायल पीड़ितों के उपचार केंद्रों पर उपस्थित थे।
भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने रविवार को केन्या के राष्ट्रपति केन्याटा को पत्र लिखकर इस जघन्य एवं घृणित आतंकी हमले की निंदा की।
केन्या के राष्ट्रपति उहुरू केन्याता को भेजे एक शोक संदेश में मनमोहन सिंह ने कहा, "ऐसी पागलपन वाली हिंसा को नियंत्रित करने के लिए एक ठोस वैश्विक प्रयास की जरूरत है।"
समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने केन्या में स्थित रेड क्रॉस सोसायटी के सूत्रों के हवाले से कहा है कि केन्या के सुरक्षा बलों एवं अल शबाब के संदिग्ध आतंकवादियों के बीच तनावपूर्ण गतिरोध जारी है तथा करीब 50 व्यक्तियों का अभी भी कोई पता नहीं चल सका है।
राष्ट्रपति उहुरू केन्याता के मुताबिक, इस हमले में उनके परिवार के कुछ करीबी सदस्य भी मारे गए हैं।
लेंकु ने कहा कि लोग अभी भी इमारत के अंदर मौजूद हैं जहां केन्या के सुरक्षाकर्मियों ने पहली और दूसरी मंजिल को नियंत्रण में ले लिया है जबकि बंदूकधारियों ने तीसरे और चौथे मंजिल पर लोगों को बंधक बना रखा है।
अधिकारी ने बंधक बनाए गए लोगों की संख्या स्पष्ट नहीं की है जहां मुख्यत: विदेशी नागरिक और अमीर केन्याई नागरिकों का जमावड़ा रहता है।
प्राप्त खबरों के मुताबिक, मारे गए विदेशी नागरिकों में कनाडा, फ्रांस और चीन के भी नागरिक शामिल हैं।
केन्याई अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा अभियान में 10-15 हमलावर भी मारे गए हैं।
राष्ट्रपति केन्याता ने शनिवार रात टेलीविजन संबोधन में कहा, "पूरे राष्ट्र के साथ मैं मृतकों के परिवार वालों के साथ खड़ा हूं और सभी देशवासियों की तरफ से गहरी संवेदना प्रकट करता हूं।"
घटना की जिम्मेदारी लेने वाले अल शबाब ने ट्विटर पर लिखा, "आतंकवादी वेस्टगेट मॉल में शनिवार दोपहर घुसे और अभी भी वहां मौजूद हैं, केन्याई लोगों के घर में उनके खिलाफ लड़ रहे हैं।"
इसके साथ ही आतंकवादी संगठन ने हमले में 100 से अधिक लोगों के मारे जाने का भी दावा किया है।
रूसी संघ परिषद की अंतर्राष्ट्रीय संबंध समिति के अध्यक्ष मिखाइल मार्गलोव ने कहा कि हमले की जिम्मेदारी लेने वाला अल शबाब गुट, पूर्वी अफ्रीकी देश में फरवरी 2010 से ही अलकायदा की सैन्य शाखा के रूप में काम कर रहा है।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और अमेरिका ने भी इस आकंदवादी हमले की कड़ी निंदा की है। सुरक्षा परिषद के 15 सदस्यों ने इस संकट के समय में केन्या की सरकार और जनता के प्रति साथ खड़े होने की बात कही है।टिप्पणियां
संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की-मून ने केन्या के राष्ट्रपति केन्याट्टा के साथ बातचीत में अपनी चिंता प्रकट की।
ब्रिटेन के विदेश मंत्री विलियम हेग ने भी घटना के प्रति चिंता प्रकट की और एक वक्तव्य जारी कर कहा कि वह इस हमले से भयभीत महसूस कर रहे हैं।
इस आतंकवादी हमले में 59 मौतों के अलावा करीब 175 अन्य घायल हुए हैं। यह जानकारी केन्या के मंत्रिमंडल सचिव जोसेफ ओले लेंकु ने रविवार को दी।
इधर, भारत की राजधानी दिल्ली में अधिकारियों ने हमले में मारे गए भारतवंशियों की पहचान तमिलनाडु के 40 वर्षीय श्रीधर नटराजन तथा मनोज जैन के आठ वर्षीय बेटे परमशु जैन के रूप में की।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने बताया कि इस हमले में तमिलनाडु से ताल्लुक रखने वाले 40 वर्षीय श्रीधर नटराजन और बैंक ऑफ बड़ौदा की स्थानीय शाखा के प्रबंधक के आठ वर्षीय बेटे परमशु जैन की मौत हो गई है।
हमले में नटराजन की पत्नी मंजुला श्रीधर भी घायल हो गई हैं, जबकि परमशु जैन की मां मुक्ता जैन एवं बहन पूर्वी जैन भी जख्मी हो गए हैं। हमले में एक और भारतवंशी नटराजन रामचंद्रन भी घायल हुए हैं।
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक नैरोबी में भारतीय उच्चायुक्त शिबाब्रत त्रिपाठी सहित भारतीय उच्चायोग के कई वरिष्ठ अधिकारी हमले में घायल पीड़ितों के उपचार केंद्रों पर उपस्थित थे।
भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने रविवार को केन्या के राष्ट्रपति केन्याटा को पत्र लिखकर इस जघन्य एवं घृणित आतंकी हमले की निंदा की।
केन्या के राष्ट्रपति उहुरू केन्याता को भेजे एक शोक संदेश में मनमोहन सिंह ने कहा, "ऐसी पागलपन वाली हिंसा को नियंत्रित करने के लिए एक ठोस वैश्विक प्रयास की जरूरत है।"
समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने केन्या में स्थित रेड क्रॉस सोसायटी के सूत्रों के हवाले से कहा है कि केन्या के सुरक्षा बलों एवं अल शबाब के संदिग्ध आतंकवादियों के बीच तनावपूर्ण गतिरोध जारी है तथा करीब 50 व्यक्तियों का अभी भी कोई पता नहीं चल सका है।
राष्ट्रपति उहुरू केन्याता के मुताबिक, इस हमले में उनके परिवार के कुछ करीबी सदस्य भी मारे गए हैं।
लेंकु ने कहा कि लोग अभी भी इमारत के अंदर मौजूद हैं जहां केन्या के सुरक्षाकर्मियों ने पहली और दूसरी मंजिल को नियंत्रण में ले लिया है जबकि बंदूकधारियों ने तीसरे और चौथे मंजिल पर लोगों को बंधक बना रखा है।
अधिकारी ने बंधक बनाए गए लोगों की संख्या स्पष्ट नहीं की है जहां मुख्यत: विदेशी नागरिक और अमीर केन्याई नागरिकों का जमावड़ा रहता है।
प्राप्त खबरों के मुताबिक, मारे गए विदेशी नागरिकों में कनाडा, फ्रांस और चीन के भी नागरिक शामिल हैं।
केन्याई अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा अभियान में 10-15 हमलावर भी मारे गए हैं।
राष्ट्रपति केन्याता ने शनिवार रात टेलीविजन संबोधन में कहा, "पूरे राष्ट्र के साथ मैं मृतकों के परिवार वालों के साथ खड़ा हूं और सभी देशवासियों की तरफ से गहरी संवेदना प्रकट करता हूं।"
घटना की जिम्मेदारी लेने वाले अल शबाब ने ट्विटर पर लिखा, "आतंकवादी वेस्टगेट मॉल में शनिवार दोपहर घुसे और अभी भी वहां मौजूद हैं, केन्याई लोगों के घर में उनके खिलाफ लड़ रहे हैं।"
इसके साथ ही आतंकवादी संगठन ने हमले में 100 से अधिक लोगों के मारे जाने का भी दावा किया है।
रूसी संघ परिषद की अंतर्राष्ट्रीय संबंध समिति के अध्यक्ष मिखाइल मार्गलोव ने कहा कि हमले की जिम्मेदारी लेने वाला अल शबाब गुट, पूर्वी अफ्रीकी देश में फरवरी 2010 से ही अलकायदा की सैन्य शाखा के रूप में काम कर रहा है।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और अमेरिका ने भी इस आकंदवादी हमले की कड़ी निंदा की है। सुरक्षा परिषद के 15 सदस्यों ने इस संकट के समय में केन्या की सरकार और जनता के प्रति साथ खड़े होने की बात कही है।टिप्पणियां
संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की-मून ने केन्या के राष्ट्रपति केन्याट्टा के साथ बातचीत में अपनी चिंता प्रकट की।
ब्रिटेन के विदेश मंत्री विलियम हेग ने भी घटना के प्रति चिंता प्रकट की और एक वक्तव्य जारी कर कहा कि वह इस हमले से भयभीत महसूस कर रहे हैं।
इधर, भारत की राजधानी दिल्ली में अधिकारियों ने हमले में मारे गए भारतवंशियों की पहचान तमिलनाडु के 40 वर्षीय श्रीधर नटराजन तथा मनोज जैन के आठ वर्षीय बेटे परमशु जैन के रूप में की।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने बताया कि इस हमले में तमिलनाडु से ताल्लुक रखने वाले 40 वर्षीय श्रीधर नटराजन और बैंक ऑफ बड़ौदा की स्थानीय शाखा के प्रबंधक के आठ वर्षीय बेटे परमशु जैन की मौत हो गई है।
हमले में नटराजन की पत्नी मंजुला श्रीधर भी घायल हो गई हैं, जबकि परमशु जैन की मां मुक्ता जैन एवं बहन पूर्वी जैन भी जख्मी हो गए हैं। हमले में एक और भारतवंशी नटराजन रामचंद्रन भी घायल हुए हैं।
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक नैरोबी में भारतीय उच्चायुक्त शिबाब्रत त्रिपाठी सहित भारतीय उच्चायोग के कई वरिष्ठ अधिकारी हमले में घायल पीड़ितों के उपचार केंद्रों पर उपस्थित थे।
भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने रविवार को केन्या के राष्ट्रपति केन्याटा को पत्र लिखकर इस जघन्य एवं घृणित आतंकी हमले की निंदा की।
केन्या के राष्ट्रपति उहुरू केन्याता को भेजे एक शोक संदेश में मनमोहन सिंह ने कहा, "ऐसी पागलपन वाली हिंसा को नियंत्रित करने के लिए एक ठोस वैश्विक प्रयास की जरूरत है।"
समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने केन्या में स्थित रेड क्रॉस सोसायटी के सूत्रों के हवाले से कहा है कि केन्या के सुरक्षा बलों एवं अल शबाब के संदिग्ध आतंकवादियों के बीच तनावपूर्ण गतिरोध जारी है तथा करीब 50 व्यक्तियों का अभी भी कोई पता नहीं चल सका है।
राष्ट्रपति उहुरू केन्याता के मुताबिक, इस हमले में उनके परिवार के कुछ करीबी सदस्य भी मारे गए हैं।
लेंकु ने कहा कि लोग अभी भी इमारत के अंदर मौजूद हैं जहां केन्या के सुरक्षाकर्मियों ने पहली और दूसरी मंजिल को नियंत्रण में ले लिया है जबकि बंदूकधारियों ने तीसरे और चौथे मंजिल पर लोगों को बंधक बना रखा है।
अधिकारी ने बंधक बनाए गए लोगों की संख्या स्पष्ट नहीं की है जहां मुख्यत: विदेशी नागरिक और अमीर केन्याई नागरिकों का जमावड़ा रहता है।
प्राप्त खबरों के मुताबिक, मारे गए विदेशी नागरिकों में कनाडा, फ्रांस और चीन के भी नागरिक शामिल हैं।
केन्याई अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा अभियान में 10-15 हमलावर भी मारे गए हैं।
राष्ट्रपति केन्याता ने शनिवार रात टेलीविजन संबोधन में कहा, "पूरे राष्ट्र के साथ मैं मृतकों के परिवार वालों के साथ खड़ा हूं और सभी देशवासियों की तरफ से गहरी संवेदना प्रकट करता हूं।"
घटना की जिम्मेदारी लेने वाले अल शबाब ने ट्विटर पर लिखा, "आतंकवादी वेस्टगेट मॉल में शनिवार दोपहर घुसे और अभी भी वहां मौजूद हैं, केन्याई लोगों के घर में उनके खिलाफ लड़ रहे हैं।"
इसके साथ ही आतंकवादी संगठन ने हमले में 100 से अधिक लोगों के मारे जाने का भी दावा किया है।
रूसी संघ परिषद की अंतर्राष्ट्रीय संबंध समिति के अध्यक्ष मिखाइल मार्गलोव ने कहा कि हमले की जिम्मेदारी लेने वाला अल शबाब गुट, पूर्वी अफ्रीकी देश में फरवरी 2010 से ही अलकायदा की सैन्य शाखा के रूप में काम कर रहा है।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और अमेरिका ने भी इस आकंदवादी हमले की कड़ी निंदा की है। सुरक्षा परिषद के 15 सदस्यों ने इस संकट के समय में केन्या की सरकार और जनता के प्रति साथ खड़े होने की बात कही है।टिप्पणियां
संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की-मून ने केन्या के राष्ट्रपति केन्याट्टा के साथ बातचीत में अपनी चिंता प्रकट की।
ब्रिटेन के विदेश मंत्री विलियम हेग ने भी घटना के प्रति चिंता प्रकट की और एक वक्तव्य जारी कर कहा कि वह इस हमले से भयभीत महसूस कर रहे हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने बताया कि इस हमले में तमिलनाडु से ताल्लुक रखने वाले 40 वर्षीय श्रीधर नटराजन और बैंक ऑफ बड़ौदा की स्थानीय शाखा के प्रबंधक के आठ वर्षीय बेटे परमशु जैन की मौत हो गई है।
हमले में नटराजन की पत्नी मंजुला श्रीधर भी घायल हो गई हैं, जबकि परमशु जैन की मां मुक्ता जैन एवं बहन पूर्वी जैन भी जख्मी हो गए हैं। हमले में एक और भारतवंशी नटराजन रामचंद्रन भी घायल हुए हैं।
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक नैरोबी में भारतीय उच्चायुक्त शिबाब्रत त्रिपाठी सहित भारतीय उच्चायोग के कई वरिष्ठ अधिकारी हमले में घायल पीड़ितों के उपचार केंद्रों पर उपस्थित थे।
भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने रविवार को केन्या के राष्ट्रपति केन्याटा को पत्र लिखकर इस जघन्य एवं घृणित आतंकी हमले की निंदा की।
केन्या के राष्ट्रपति उहुरू केन्याता को भेजे एक शोक संदेश में मनमोहन सिंह ने कहा, "ऐसी पागलपन वाली हिंसा को नियंत्रित करने के लिए एक ठोस वैश्विक प्रयास की जरूरत है।"
समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने केन्या में स्थित रेड क्रॉस सोसायटी के सूत्रों के हवाले से कहा है कि केन्या के सुरक्षा बलों एवं अल शबाब के संदिग्ध आतंकवादियों के बीच तनावपूर्ण गतिरोध जारी है तथा करीब 50 व्यक्तियों का अभी भी कोई पता नहीं चल सका है।
राष्ट्रपति उहुरू केन्याता के मुताबिक, इस हमले में उनके परिवार के कुछ करीबी सदस्य भी मारे गए हैं।
लेंकु ने कहा कि लोग अभी भी इमारत के अंदर मौजूद हैं जहां केन्या के सुरक्षाकर्मियों ने पहली और दूसरी मंजिल को नियंत्रण में ले लिया है जबकि बंदूकधारियों ने तीसरे और चौथे मंजिल पर लोगों को बंधक बना रखा है।
अधिकारी ने बंधक बनाए गए लोगों की संख्या स्पष्ट नहीं की है जहां मुख्यत: विदेशी नागरिक और अमीर केन्याई नागरिकों का जमावड़ा रहता है।
प्राप्त खबरों के मुताबिक, मारे गए विदेशी नागरिकों में कनाडा, फ्रांस और चीन के भी नागरिक शामिल हैं।
केन्याई अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा अभियान में 10-15 हमलावर भी मारे गए हैं।
राष्ट्रपति केन्याता ने शनिवार रात टेलीविजन संबोधन में कहा, "पूरे राष्ट्र के साथ मैं मृतकों के परिवार वालों के साथ खड़ा हूं और सभी देशवासियों की तरफ से गहरी संवेदना प्रकट करता हूं।"
घटना की जिम्मेदारी लेने वाले अल शबाब ने ट्विटर पर लिखा, "आतंकवादी वेस्टगेट मॉल में शनिवार दोपहर घुसे और अभी भी वहां मौजूद हैं, केन्याई लोगों के घर में उनके खिलाफ लड़ रहे हैं।"
इसके साथ ही आतंकवादी संगठन ने हमले में 100 से अधिक लोगों के मारे जाने का भी दावा किया है।
रूसी संघ परिषद की अंतर्राष्ट्रीय संबंध समिति के अध्यक्ष मिखाइल मार्गलोव ने कहा कि हमले की जिम्मेदारी लेने वाला अल शबाब गुट, पूर्वी अफ्रीकी देश में फरवरी 2010 से ही अलकायदा की सैन्य शाखा के रूप में काम कर रहा है।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और अमेरिका ने भी इस आकंदवादी हमले की कड़ी निंदा की है। सुरक्षा परिषद के 15 सदस्यों ने इस संकट के समय में केन्या की सरकार और जनता के प्रति साथ खड़े होने की बात कही है।टिप्पणियां
संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की-मून ने केन्या के राष्ट्रपति केन्याट्टा के साथ बातचीत में अपनी चिंता प्रकट की।
ब्रिटेन के विदेश मंत्री विलियम हेग ने भी घटना के प्रति चिंता प्रकट की और एक वक्तव्य जारी कर कहा कि वह इस हमले से भयभीत महसूस कर रहे हैं।
हमले में नटराजन की पत्नी मंजुला श्रीधर भी घायल हो गई हैं, जबकि परमशु जैन की मां मुक्ता जैन एवं बहन पूर्वी जैन भी जख्मी हो गए हैं। हमले में एक और भारतवंशी नटराजन रामचंद्रन भी घायल हुए हैं।
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक नैरोबी में भारतीय उच्चायुक्त शिबाब्रत त्रिपाठी सहित भारतीय उच्चायोग के कई वरिष्ठ अधिकारी हमले में घायल पीड़ितों के उपचार केंद्रों पर उपस्थित थे।
भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने रविवार को केन्या के राष्ट्रपति केन्याटा को पत्र लिखकर इस जघन्य एवं घृणित आतंकी हमले की निंदा की।
केन्या के राष्ट्रपति उहुरू केन्याता को भेजे एक शोक संदेश में मनमोहन सिंह ने कहा, "ऐसी पागलपन वाली हिंसा को नियंत्रित करने के लिए एक ठोस वैश्विक प्रयास की जरूरत है।"
समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने केन्या में स्थित रेड क्रॉस सोसायटी के सूत्रों के हवाले से कहा है कि केन्या के सुरक्षा बलों एवं अल शबाब के संदिग्ध आतंकवादियों के बीच तनावपूर्ण गतिरोध जारी है तथा करीब 50 व्यक्तियों का अभी भी कोई पता नहीं चल सका है।
राष्ट्रपति उहुरू केन्याता के मुताबिक, इस हमले में उनके परिवार के कुछ करीबी सदस्य भी मारे गए हैं।
लेंकु ने कहा कि लोग अभी भी इमारत के अंदर मौजूद हैं जहां केन्या के सुरक्षाकर्मियों ने पहली और दूसरी मंजिल को नियंत्रण में ले लिया है जबकि बंदूकधारियों ने तीसरे और चौथे मंजिल पर लोगों को बंधक बना रखा है।
अधिकारी ने बंधक बनाए गए लोगों की संख्या स्पष्ट नहीं की है जहां मुख्यत: विदेशी नागरिक और अमीर केन्याई नागरिकों का जमावड़ा रहता है।
प्राप्त खबरों के मुताबिक, मारे गए विदेशी नागरिकों में कनाडा, फ्रांस और चीन के भी नागरिक शामिल हैं।
केन्याई अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा अभियान में 10-15 हमलावर भी मारे गए हैं।
राष्ट्रपति केन्याता ने शनिवार रात टेलीविजन संबोधन में कहा, "पूरे राष्ट्र के साथ मैं मृतकों के परिवार वालों के साथ खड़ा हूं और सभी देशवासियों की तरफ से गहरी संवेदना प्रकट करता हूं।"
घटना की जिम्मेदारी लेने वाले अल शबाब ने ट्विटर पर लिखा, "आतंकवादी वेस्टगेट मॉल में शनिवार दोपहर घुसे और अभी भी वहां मौजूद हैं, केन्याई लोगों के घर में उनके खिलाफ लड़ रहे हैं।"
इसके साथ ही आतंकवादी संगठन ने हमले में 100 से अधिक लोगों के मारे जाने का भी दावा किया है।
रूसी संघ परिषद की अंतर्राष्ट्रीय संबंध समिति के अध्यक्ष मिखाइल मार्गलोव ने कहा कि हमले की जिम्मेदारी लेने वाला अल शबाब गुट, पूर्वी अफ्रीकी देश में फरवरी 2010 से ही अलकायदा की सैन्य शाखा के रूप में काम कर रहा है।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और अमेरिका ने भी इस आकंदवादी हमले की कड़ी निंदा की है। सुरक्षा परिषद के 15 सदस्यों ने इस संकट के समय में केन्या की सरकार और जनता के प्रति साथ खड़े होने की बात कही है।टिप्पणियां
संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की-मून ने केन्या के राष्ट्रपति केन्याट्टा के साथ बातचीत में अपनी चिंता प्रकट की।
ब्रिटेन के विदेश मंत्री विलियम हेग ने भी घटना के प्रति चिंता प्रकट की और एक वक्तव्य जारी कर कहा कि वह इस हमले से भयभीत महसूस कर रहे हैं।
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक नैरोबी में भारतीय उच्चायुक्त शिबाब्रत त्रिपाठी सहित भारतीय उच्चायोग के कई वरिष्ठ अधिकारी हमले में घायल पीड़ितों के उपचार केंद्रों पर उपस्थित थे।
भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने रविवार को केन्या के राष्ट्रपति केन्याटा को पत्र लिखकर इस जघन्य एवं घृणित आतंकी हमले की निंदा की।
केन्या के राष्ट्रपति उहुरू केन्याता को भेजे एक शोक संदेश में मनमोहन सिंह ने कहा, "ऐसी पागलपन वाली हिंसा को नियंत्रित करने के लिए एक ठोस वैश्विक प्रयास की जरूरत है।"
समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने केन्या में स्थित रेड क्रॉस सोसायटी के सूत्रों के हवाले से कहा है कि केन्या के सुरक्षा बलों एवं अल शबाब के संदिग्ध आतंकवादियों के बीच तनावपूर्ण गतिरोध जारी है तथा करीब 50 व्यक्तियों का अभी भी कोई पता नहीं चल सका है।
राष्ट्रपति उहुरू केन्याता के मुताबिक, इस हमले में उनके परिवार के कुछ करीबी सदस्य भी मारे गए हैं।
लेंकु ने कहा कि लोग अभी भी इमारत के अंदर मौजूद हैं जहां केन्या के सुरक्षाकर्मियों ने पहली और दूसरी मंजिल को नियंत्रण में ले लिया है जबकि बंदूकधारियों ने तीसरे और चौथे मंजिल पर लोगों को बंधक बना रखा है।
अधिकारी ने बंधक बनाए गए लोगों की संख्या स्पष्ट नहीं की है जहां मुख्यत: विदेशी नागरिक और अमीर केन्याई नागरिकों का जमावड़ा रहता है।
प्राप्त खबरों के मुताबिक, मारे गए विदेशी नागरिकों में कनाडा, फ्रांस और चीन के भी नागरिक शामिल हैं।
केन्याई अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा अभियान में 10-15 हमलावर भी मारे गए हैं।
राष्ट्रपति केन्याता ने शनिवार रात टेलीविजन संबोधन में कहा, "पूरे राष्ट्र के साथ मैं मृतकों के परिवार वालों के साथ खड़ा हूं और सभी देशवासियों की तरफ से गहरी संवेदना प्रकट करता हूं।"
घटना की जिम्मेदारी लेने वाले अल शबाब ने ट्विटर पर लिखा, "आतंकवादी वेस्टगेट मॉल में शनिवार दोपहर घुसे और अभी भी वहां मौजूद हैं, केन्याई लोगों के घर में उनके खिलाफ लड़ रहे हैं।"
इसके साथ ही आतंकवादी संगठन ने हमले में 100 से अधिक लोगों के मारे जाने का भी दावा किया है।
रूसी संघ परिषद की अंतर्राष्ट्रीय संबंध समिति के अध्यक्ष मिखाइल मार्गलोव ने कहा कि हमले की जिम्मेदारी लेने वाला अल शबाब गुट, पूर्वी अफ्रीकी देश में फरवरी 2010 से ही अलकायदा की सैन्य शाखा के रूप में काम कर रहा है।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और अमेरिका ने भी इस आकंदवादी हमले की कड़ी निंदा की है। सुरक्षा परिषद के 15 सदस्यों ने इस संकट के समय में केन्या की सरकार और जनता के प्रति साथ खड़े होने की बात कही है।टिप्पणियां
संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की-मून ने केन्या के राष्ट्रपति केन्याट्टा के साथ बातचीत में अपनी चिंता प्रकट की।
ब्रिटेन के विदेश मंत्री विलियम हेग ने भी घटना के प्रति चिंता प्रकट की और एक वक्तव्य जारी कर कहा कि वह इस हमले से भयभीत महसूस कर रहे हैं।
भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने रविवार को केन्या के राष्ट्रपति केन्याटा को पत्र लिखकर इस जघन्य एवं घृणित आतंकी हमले की निंदा की।
केन्या के राष्ट्रपति उहुरू केन्याता को भेजे एक शोक संदेश में मनमोहन सिंह ने कहा, "ऐसी पागलपन वाली हिंसा को नियंत्रित करने के लिए एक ठोस वैश्विक प्रयास की जरूरत है।"
समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने केन्या में स्थित रेड क्रॉस सोसायटी के सूत्रों के हवाले से कहा है कि केन्या के सुरक्षा बलों एवं अल शबाब के संदिग्ध आतंकवादियों के बीच तनावपूर्ण गतिरोध जारी है तथा करीब 50 व्यक्तियों का अभी भी कोई पता नहीं चल सका है।
राष्ट्रपति उहुरू केन्याता के मुताबिक, इस हमले में उनके परिवार के कुछ करीबी सदस्य भी मारे गए हैं।
लेंकु ने कहा कि लोग अभी भी इमारत के अंदर मौजूद हैं जहां केन्या के सुरक्षाकर्मियों ने पहली और दूसरी मंजिल को नियंत्रण में ले लिया है जबकि बंदूकधारियों ने तीसरे और चौथे मंजिल पर लोगों को बंधक बना रखा है।
अधिकारी ने बंधक बनाए गए लोगों की संख्या स्पष्ट नहीं की है जहां मुख्यत: विदेशी नागरिक और अमीर केन्याई नागरिकों का जमावड़ा रहता है।
प्राप्त खबरों के मुताबिक, मारे गए विदेशी नागरिकों में कनाडा, फ्रांस और चीन के भी नागरिक शामिल हैं।
केन्याई अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा अभियान में 10-15 हमलावर भी मारे गए हैं।
राष्ट्रपति केन्याता ने शनिवार रात टेलीविजन संबोधन में कहा, "पूरे राष्ट्र के साथ मैं मृतकों के परिवार वालों के साथ खड़ा हूं और सभी देशवासियों की तरफ से गहरी संवेदना प्रकट करता हूं।"
घटना की जिम्मेदारी लेने वाले अल शबाब ने ट्विटर पर लिखा, "आतंकवादी वेस्टगेट मॉल में शनिवार दोपहर घुसे और अभी भी वहां मौजूद हैं, केन्याई लोगों के घर में उनके खिलाफ लड़ रहे हैं।"
इसके साथ ही आतंकवादी संगठन ने हमले में 100 से अधिक लोगों के मारे जाने का भी दावा किया है।
रूसी संघ परिषद की अंतर्राष्ट्रीय संबंध समिति के अध्यक्ष मिखाइल मार्गलोव ने कहा कि हमले की जिम्मेदारी लेने वाला अल शबाब गुट, पूर्वी अफ्रीकी देश में फरवरी 2010 से ही अलकायदा की सैन्य शाखा के रूप में काम कर रहा है।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और अमेरिका ने भी इस आकंदवादी हमले की कड़ी निंदा की है। सुरक्षा परिषद के 15 सदस्यों ने इस संकट के समय में केन्या की सरकार और जनता के प्रति साथ खड़े होने की बात कही है।टिप्पणियां
संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की-मून ने केन्या के राष्ट्रपति केन्याट्टा के साथ बातचीत में अपनी चिंता प्रकट की।
ब्रिटेन के विदेश मंत्री विलियम हेग ने भी घटना के प्रति चिंता प्रकट की और एक वक्तव्य जारी कर कहा कि वह इस हमले से भयभीत महसूस कर रहे हैं।
केन्या के राष्ट्रपति उहुरू केन्याता को भेजे एक शोक संदेश में मनमोहन सिंह ने कहा, "ऐसी पागलपन वाली हिंसा को नियंत्रित करने के लिए एक ठोस वैश्विक प्रयास की जरूरत है।"
समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने केन्या में स्थित रेड क्रॉस सोसायटी के सूत्रों के हवाले से कहा है कि केन्या के सुरक्षा बलों एवं अल शबाब के संदिग्ध आतंकवादियों के बीच तनावपूर्ण गतिरोध जारी है तथा करीब 50 व्यक्तियों का अभी भी कोई पता नहीं चल सका है।
राष्ट्रपति उहुरू केन्याता के मुताबिक, इस हमले में उनके परिवार के कुछ करीबी सदस्य भी मारे गए हैं।
लेंकु ने कहा कि लोग अभी भी इमारत के अंदर मौजूद हैं जहां केन्या के सुरक्षाकर्मियों ने पहली और दूसरी मंजिल को नियंत्रण में ले लिया है जबकि बंदूकधारियों ने तीसरे और चौथे मंजिल पर लोगों को बंधक बना रखा है।
अधिकारी ने बंधक बनाए गए लोगों की संख्या स्पष्ट नहीं की है जहां मुख्यत: विदेशी नागरिक और अमीर केन्याई नागरिकों का जमावड़ा रहता है।
प्राप्त खबरों के मुताबिक, मारे गए विदेशी नागरिकों में कनाडा, फ्रांस और चीन के भी नागरिक शामिल हैं।
केन्याई अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा अभियान में 10-15 हमलावर भी मारे गए हैं।
राष्ट्रपति केन्याता ने शनिवार रात टेलीविजन संबोधन में कहा, "पूरे राष्ट्र के साथ मैं मृतकों के परिवार वालों के साथ खड़ा हूं और सभी देशवासियों की तरफ से गहरी संवेदना प्रकट करता हूं।"
घटना की जिम्मेदारी लेने वाले अल शबाब ने ट्विटर पर लिखा, "आतंकवादी वेस्टगेट मॉल में शनिवार दोपहर घुसे और अभी भी वहां मौजूद हैं, केन्याई लोगों के घर में उनके खिलाफ लड़ रहे हैं।"
इसके साथ ही आतंकवादी संगठन ने हमले में 100 से अधिक लोगों के मारे जाने का भी दावा किया है।
रूसी संघ परिषद की अंतर्राष्ट्रीय संबंध समिति के अध्यक्ष मिखाइल मार्गलोव ने कहा कि हमले की जिम्मेदारी लेने वाला अल शबाब गुट, पूर्वी अफ्रीकी देश में फरवरी 2010 से ही अलकायदा की सैन्य शाखा के रूप में काम कर रहा है।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और अमेरिका ने भी इस आकंदवादी हमले की कड़ी निंदा की है। सुरक्षा परिषद के 15 सदस्यों ने इस संकट के समय में केन्या की सरकार और जनता के प्रति साथ खड़े होने की बात कही है।टिप्पणियां
संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की-मून ने केन्या के राष्ट्रपति केन्याट्टा के साथ बातचीत में अपनी चिंता प्रकट की।
ब्रिटेन के विदेश मंत्री विलियम हेग ने भी घटना के प्रति चिंता प्रकट की और एक वक्तव्य जारी कर कहा कि वह इस हमले से भयभीत महसूस कर रहे हैं।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने केन्या में स्थित रेड क्रॉस सोसायटी के सूत्रों के हवाले से कहा है कि केन्या के सुरक्षा बलों एवं अल शबाब के संदिग्ध आतंकवादियों के बीच तनावपूर्ण गतिरोध जारी है तथा करीब 50 व्यक्तियों का अभी भी कोई पता नहीं चल सका है।
राष्ट्रपति उहुरू केन्याता के मुताबिक, इस हमले में उनके परिवार के कुछ करीबी सदस्य भी मारे गए हैं।
लेंकु ने कहा कि लोग अभी भी इमारत के अंदर मौजूद हैं जहां केन्या के सुरक्षाकर्मियों ने पहली और दूसरी मंजिल को नियंत्रण में ले लिया है जबकि बंदूकधारियों ने तीसरे और चौथे मंजिल पर लोगों को बंधक बना रखा है।
अधिकारी ने बंधक बनाए गए लोगों की संख्या स्पष्ट नहीं की है जहां मुख्यत: विदेशी नागरिक और अमीर केन्याई नागरिकों का जमावड़ा रहता है।
प्राप्त खबरों के मुताबिक, मारे गए विदेशी नागरिकों में कनाडा, फ्रांस और चीन के भी नागरिक शामिल हैं।
केन्याई अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा अभियान में 10-15 हमलावर भी मारे गए हैं।
राष्ट्रपति केन्याता ने शनिवार रात टेलीविजन संबोधन में कहा, "पूरे राष्ट्र के साथ मैं मृतकों के परिवार वालों के साथ खड़ा हूं और सभी देशवासियों की तरफ से गहरी संवेदना प्रकट करता हूं।"
घटना की जिम्मेदारी लेने वाले अल शबाब ने ट्विटर पर लिखा, "आतंकवादी वेस्टगेट मॉल में शनिवार दोपहर घुसे और अभी भी वहां मौजूद हैं, केन्याई लोगों के घर में उनके खिलाफ लड़ रहे हैं।"
इसके साथ ही आतंकवादी संगठन ने हमले में 100 से अधिक लोगों के मारे जाने का भी दावा किया है।
रूसी संघ परिषद की अंतर्राष्ट्रीय संबंध समिति के अध्यक्ष मिखाइल मार्गलोव ने कहा कि हमले की जिम्मेदारी लेने वाला अल शबाब गुट, पूर्वी अफ्रीकी देश में फरवरी 2010 से ही अलकायदा की सैन्य शाखा के रूप में काम कर रहा है।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और अमेरिका ने भी इस आकंदवादी हमले की कड़ी निंदा की है। सुरक्षा परिषद के 15 सदस्यों ने इस संकट के समय में केन्या की सरकार और जनता के प्रति साथ खड़े होने की बात कही है।टिप्पणियां
संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की-मून ने केन्या के राष्ट्रपति केन्याट्टा के साथ बातचीत में अपनी चिंता प्रकट की।
ब्रिटेन के विदेश मंत्री विलियम हेग ने भी घटना के प्रति चिंता प्रकट की और एक वक्तव्य जारी कर कहा कि वह इस हमले से भयभीत महसूस कर रहे हैं।
राष्ट्रपति उहुरू केन्याता के मुताबिक, इस हमले में उनके परिवार के कुछ करीबी सदस्य भी मारे गए हैं।
लेंकु ने कहा कि लोग अभी भी इमारत के अंदर मौजूद हैं जहां केन्या के सुरक्षाकर्मियों ने पहली और दूसरी मंजिल को नियंत्रण में ले लिया है जबकि बंदूकधारियों ने तीसरे और चौथे मंजिल पर लोगों को बंधक बना रखा है।
अधिकारी ने बंधक बनाए गए लोगों की संख्या स्पष्ट नहीं की है जहां मुख्यत: विदेशी नागरिक और अमीर केन्याई नागरिकों का जमावड़ा रहता है।
प्राप्त खबरों के मुताबिक, मारे गए विदेशी नागरिकों में कनाडा, फ्रांस और चीन के भी नागरिक शामिल हैं।
केन्याई अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा अभियान में 10-15 हमलावर भी मारे गए हैं।
राष्ट्रपति केन्याता ने शनिवार रात टेलीविजन संबोधन में कहा, "पूरे राष्ट्र के साथ मैं मृतकों के परिवार वालों के साथ खड़ा हूं और सभी देशवासियों की तरफ से गहरी संवेदना प्रकट करता हूं।"
घटना की जिम्मेदारी लेने वाले अल शबाब ने ट्विटर पर लिखा, "आतंकवादी वेस्टगेट मॉल में शनिवार दोपहर घुसे और अभी भी वहां मौजूद हैं, केन्याई लोगों के घर में उनके खिलाफ लड़ रहे हैं।"
इसके साथ ही आतंकवादी संगठन ने हमले में 100 से अधिक लोगों के मारे जाने का भी दावा किया है।
रूसी संघ परिषद की अंतर्राष्ट्रीय संबंध समिति के अध्यक्ष मिखाइल मार्गलोव ने कहा कि हमले की जिम्मेदारी लेने वाला अल शबाब गुट, पूर्वी अफ्रीकी देश में फरवरी 2010 से ही अलकायदा की सैन्य शाखा के रूप में काम कर रहा है।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और अमेरिका ने भी इस आकंदवादी हमले की कड़ी निंदा की है। सुरक्षा परिषद के 15 सदस्यों ने इस संकट के समय में केन्या की सरकार और जनता के प्रति साथ खड़े होने की बात कही है।टिप्पणियां
संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की-मून ने केन्या के राष्ट्रपति केन्याट्टा के साथ बातचीत में अपनी चिंता प्रकट की।
ब्रिटेन के विदेश मंत्री विलियम हेग ने भी घटना के प्रति चिंता प्रकट की और एक वक्तव्य जारी कर कहा कि वह इस हमले से भयभीत महसूस कर रहे हैं।
लेंकु ने कहा कि लोग अभी भी इमारत के अंदर मौजूद हैं जहां केन्या के सुरक्षाकर्मियों ने पहली और दूसरी मंजिल को नियंत्रण में ले लिया है जबकि बंदूकधारियों ने तीसरे और चौथे मंजिल पर लोगों को बंधक बना रखा है।
अधिकारी ने बंधक बनाए गए लोगों की संख्या स्पष्ट नहीं की है जहां मुख्यत: विदेशी नागरिक और अमीर केन्याई नागरिकों का जमावड़ा रहता है।
प्राप्त खबरों के मुताबिक, मारे गए विदेशी नागरिकों में कनाडा, फ्रांस और चीन के भी नागरिक शामिल हैं।
केन्याई अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा अभियान में 10-15 हमलावर भी मारे गए हैं।
राष्ट्रपति केन्याता ने शनिवार रात टेलीविजन संबोधन में कहा, "पूरे राष्ट्र के साथ मैं मृतकों के परिवार वालों के साथ खड़ा हूं और सभी देशवासियों की तरफ से गहरी संवेदना प्रकट करता हूं।"
घटना की जिम्मेदारी लेने वाले अल शबाब ने ट्विटर पर लिखा, "आतंकवादी वेस्टगेट मॉल में शनिवार दोपहर घुसे और अभी भी वहां मौजूद हैं, केन्याई लोगों के घर में उनके खिलाफ लड़ रहे हैं।"
इसके साथ ही आतंकवादी संगठन ने हमले में 100 से अधिक लोगों के मारे जाने का भी दावा किया है।
रूसी संघ परिषद की अंतर्राष्ट्रीय संबंध समिति के अध्यक्ष मिखाइल मार्गलोव ने कहा कि हमले की जिम्मेदारी लेने वाला अल शबाब गुट, पूर्वी अफ्रीकी देश में फरवरी 2010 से ही अलकायदा की सैन्य शाखा के रूप में काम कर रहा है।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और अमेरिका ने भी इस आकंदवादी हमले की कड़ी निंदा की है। सुरक्षा परिषद के 15 सदस्यों ने इस संकट के समय में केन्या की सरकार और जनता के प्रति साथ खड़े होने की बात कही है।टिप्पणियां
संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की-मून ने केन्या के राष्ट्रपति केन्याट्टा के साथ बातचीत में अपनी चिंता प्रकट की।
ब्रिटेन के विदेश मंत्री विलियम हेग ने भी घटना के प्रति चिंता प्रकट की और एक वक्तव्य जारी कर कहा कि वह इस हमले से भयभीत महसूस कर रहे हैं।
अधिकारी ने बंधक बनाए गए लोगों की संख्या स्पष्ट नहीं की है जहां मुख्यत: विदेशी नागरिक और अमीर केन्याई नागरिकों का जमावड़ा रहता है।
प्राप्त खबरों के मुताबिक, मारे गए विदेशी नागरिकों में कनाडा, फ्रांस और चीन के भी नागरिक शामिल हैं।
केन्याई अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा अभियान में 10-15 हमलावर भी मारे गए हैं।
राष्ट्रपति केन्याता ने शनिवार रात टेलीविजन संबोधन में कहा, "पूरे राष्ट्र के साथ मैं मृतकों के परिवार वालों के साथ खड़ा हूं और सभी देशवासियों की तरफ से गहरी संवेदना प्रकट करता हूं।"
घटना की जिम्मेदारी लेने वाले अल शबाब ने ट्विटर पर लिखा, "आतंकवादी वेस्टगेट मॉल में शनिवार दोपहर घुसे और अभी भी वहां मौजूद हैं, केन्याई लोगों के घर में उनके खिलाफ लड़ रहे हैं।"
इसके साथ ही आतंकवादी संगठन ने हमले में 100 से अधिक लोगों के मारे जाने का भी दावा किया है।
रूसी संघ परिषद की अंतर्राष्ट्रीय संबंध समिति के अध्यक्ष मिखाइल मार्गलोव ने कहा कि हमले की जिम्मेदारी लेने वाला अल शबाब गुट, पूर्वी अफ्रीकी देश में फरवरी 2010 से ही अलकायदा की सैन्य शाखा के रूप में काम कर रहा है।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और अमेरिका ने भी इस आकंदवादी हमले की कड़ी निंदा की है। सुरक्षा परिषद के 15 सदस्यों ने इस संकट के समय में केन्या की सरकार और जनता के प्रति साथ खड़े होने की बात कही है।टिप्पणियां
संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की-मून ने केन्या के राष्ट्रपति केन्याट्टा के साथ बातचीत में अपनी चिंता प्रकट की।
ब्रिटेन के विदेश मंत्री विलियम हेग ने भी घटना के प्रति चिंता प्रकट की और एक वक्तव्य जारी कर कहा कि वह इस हमले से भयभीत महसूस कर रहे हैं।
प्राप्त खबरों के मुताबिक, मारे गए विदेशी नागरिकों में कनाडा, फ्रांस और चीन के भी नागरिक शामिल हैं।
केन्याई अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा अभियान में 10-15 हमलावर भी मारे गए हैं।
राष्ट्रपति केन्याता ने शनिवार रात टेलीविजन संबोधन में कहा, "पूरे राष्ट्र के साथ मैं मृतकों के परिवार वालों के साथ खड़ा हूं और सभी देशवासियों की तरफ से गहरी संवेदना प्रकट करता हूं।"
घटना की जिम्मेदारी लेने वाले अल शबाब ने ट्विटर पर लिखा, "आतंकवादी वेस्टगेट मॉल में शनिवार दोपहर घुसे और अभी भी वहां मौजूद हैं, केन्याई लोगों के घर में उनके खिलाफ लड़ रहे हैं।"
इसके साथ ही आतंकवादी संगठन ने हमले में 100 से अधिक लोगों के मारे जाने का भी दावा किया है।
रूसी संघ परिषद की अंतर्राष्ट्रीय संबंध समिति के अध्यक्ष मिखाइल मार्गलोव ने कहा कि हमले की जिम्मेदारी लेने वाला अल शबाब गुट, पूर्वी अफ्रीकी देश में फरवरी 2010 से ही अलकायदा की सैन्य शाखा के रूप में काम कर रहा है।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और अमेरिका ने भी इस आकंदवादी हमले की कड़ी निंदा की है। सुरक्षा परिषद के 15 सदस्यों ने इस संकट के समय में केन्या की सरकार और जनता के प्रति साथ खड़े होने की बात कही है।टिप्पणियां
संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की-मून ने केन्या के राष्ट्रपति केन्याट्टा के साथ बातचीत में अपनी चिंता प्रकट की।
ब्रिटेन के विदेश मंत्री विलियम हेग ने भी घटना के प्रति चिंता प्रकट की और एक वक्तव्य जारी कर कहा कि वह इस हमले से भयभीत महसूस कर रहे हैं।
केन्याई अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा अभियान में 10-15 हमलावर भी मारे गए हैं।
राष्ट्रपति केन्याता ने शनिवार रात टेलीविजन संबोधन में कहा, "पूरे राष्ट्र के साथ मैं मृतकों के परिवार वालों के साथ खड़ा हूं और सभी देशवासियों की तरफ से गहरी संवेदना प्रकट करता हूं।"
घटना की जिम्मेदारी लेने वाले अल शबाब ने ट्विटर पर लिखा, "आतंकवादी वेस्टगेट मॉल में शनिवार दोपहर घुसे और अभी भी वहां मौजूद हैं, केन्याई लोगों के घर में उनके खिलाफ लड़ रहे हैं।"
इसके साथ ही आतंकवादी संगठन ने हमले में 100 से अधिक लोगों के मारे जाने का भी दावा किया है।
रूसी संघ परिषद की अंतर्राष्ट्रीय संबंध समिति के अध्यक्ष मिखाइल मार्गलोव ने कहा कि हमले की जिम्मेदारी लेने वाला अल शबाब गुट, पूर्वी अफ्रीकी देश में फरवरी 2010 से ही अलकायदा की सैन्य शाखा के रूप में काम कर रहा है।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और अमेरिका ने भी इस आकंदवादी हमले की कड़ी निंदा की है। सुरक्षा परिषद के 15 सदस्यों ने इस संकट के समय में केन्या की सरकार और जनता के प्रति साथ खड़े होने की बात कही है।टिप्पणियां
संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की-मून ने केन्या के राष्ट्रपति केन्याट्टा के साथ बातचीत में अपनी चिंता प्रकट की।
ब्रिटेन के विदेश मंत्री विलियम हेग ने भी घटना के प्रति चिंता प्रकट की और एक वक्तव्य जारी कर कहा कि वह इस हमले से भयभीत महसूस कर रहे हैं।
राष्ट्रपति केन्याता ने शनिवार रात टेलीविजन संबोधन में कहा, "पूरे राष्ट्र के साथ मैं मृतकों के परिवार वालों के साथ खड़ा हूं और सभी देशवासियों की तरफ से गहरी संवेदना प्रकट करता हूं।"
घटना की जिम्मेदारी लेने वाले अल शबाब ने ट्विटर पर लिखा, "आतंकवादी वेस्टगेट मॉल में शनिवार दोपहर घुसे और अभी भी वहां मौजूद हैं, केन्याई लोगों के घर में उनके खिलाफ लड़ रहे हैं।"
इसके साथ ही आतंकवादी संगठन ने हमले में 100 से अधिक लोगों के मारे जाने का भी दावा किया है।
रूसी संघ परिषद की अंतर्राष्ट्रीय संबंध समिति के अध्यक्ष मिखाइल मार्गलोव ने कहा कि हमले की जिम्मेदारी लेने वाला अल शबाब गुट, पूर्वी अफ्रीकी देश में फरवरी 2010 से ही अलकायदा की सैन्य शाखा के रूप में काम कर रहा है।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और अमेरिका ने भी इस आकंदवादी हमले की कड़ी निंदा की है। सुरक्षा परिषद के 15 सदस्यों ने इस संकट के समय में केन्या की सरकार और जनता के प्रति साथ खड़े होने की बात कही है।टिप्पणियां
संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की-मून ने केन्या के राष्ट्रपति केन्याट्टा के साथ बातचीत में अपनी चिंता प्रकट की।
ब्रिटेन के विदेश मंत्री विलियम हेग ने भी घटना के प्रति चिंता प्रकट की और एक वक्तव्य जारी कर कहा कि वह इस हमले से भयभीत महसूस कर रहे हैं।
घटना की जिम्मेदारी लेने वाले अल शबाब ने ट्विटर पर लिखा, "आतंकवादी वेस्टगेट मॉल में शनिवार दोपहर घुसे और अभी भी वहां मौजूद हैं, केन्याई लोगों के घर में उनके खिलाफ लड़ रहे हैं।"
इसके साथ ही आतंकवादी संगठन ने हमले में 100 से अधिक लोगों के मारे जाने का भी दावा किया है।
रूसी संघ परिषद की अंतर्राष्ट्रीय संबंध समिति के अध्यक्ष मिखाइल मार्गलोव ने कहा कि हमले की जिम्मेदारी लेने वाला अल शबाब गुट, पूर्वी अफ्रीकी देश में फरवरी 2010 से ही अलकायदा की सैन्य शाखा के रूप में काम कर रहा है।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और अमेरिका ने भी इस आकंदवादी हमले की कड़ी निंदा की है। सुरक्षा परिषद के 15 सदस्यों ने इस संकट के समय में केन्या की सरकार और जनता के प्रति साथ खड़े होने की बात कही है।टिप्पणियां
संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की-मून ने केन्या के राष्ट्रपति केन्याट्टा के साथ बातचीत में अपनी चिंता प्रकट की।
ब्रिटेन के विदेश मंत्री विलियम हेग ने भी घटना के प्रति चिंता प्रकट की और एक वक्तव्य जारी कर कहा कि वह इस हमले से भयभीत महसूस कर रहे हैं।
इसके साथ ही आतंकवादी संगठन ने हमले में 100 से अधिक लोगों के मारे जाने का भी दावा किया है।
रूसी संघ परिषद की अंतर्राष्ट्रीय संबंध समिति के अध्यक्ष मिखाइल मार्गलोव ने कहा कि हमले की जिम्मेदारी लेने वाला अल शबाब गुट, पूर्वी अफ्रीकी देश में फरवरी 2010 से ही अलकायदा की सैन्य शाखा के रूप में काम कर रहा है।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और अमेरिका ने भी इस आकंदवादी हमले की कड़ी निंदा की है। सुरक्षा परिषद के 15 सदस्यों ने इस संकट के समय में केन्या की सरकार और जनता के प्रति साथ खड़े होने की बात कही है।टिप्पणियां
संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की-मून ने केन्या के राष्ट्रपति केन्याट्टा के साथ बातचीत में अपनी चिंता प्रकट की।
ब्रिटेन के विदेश मंत्री विलियम हेग ने भी घटना के प्रति चिंता प्रकट की और एक वक्तव्य जारी कर कहा कि वह इस हमले से भयभीत महसूस कर रहे हैं।
रूसी संघ परिषद की अंतर्राष्ट्रीय संबंध समिति के अध्यक्ष मिखाइल मार्गलोव ने कहा कि हमले की जिम्मेदारी लेने वाला अल शबाब गुट, पूर्वी अफ्रीकी देश में फरवरी 2010 से ही अलकायदा की सैन्य शाखा के रूप में काम कर रहा है।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और अमेरिका ने भी इस आकंदवादी हमले की कड़ी निंदा की है। सुरक्षा परिषद के 15 सदस्यों ने इस संकट के समय में केन्या की सरकार और जनता के प्रति साथ खड़े होने की बात कही है।टिप्पणियां
संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की-मून ने केन्या के राष्ट्रपति केन्याट्टा के साथ बातचीत में अपनी चिंता प्रकट की।
ब्रिटेन के विदेश मंत्री विलियम हेग ने भी घटना के प्रति चिंता प्रकट की और एक वक्तव्य जारी कर कहा कि वह इस हमले से भयभीत महसूस कर रहे हैं।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और अमेरिका ने भी इस आकंदवादी हमले की कड़ी निंदा की है। सुरक्षा परिषद के 15 सदस्यों ने इस संकट के समय में केन्या की सरकार और जनता के प्रति साथ खड़े होने की बात कही है।टिप्पणियां
संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की-मून ने केन्या के राष्ट्रपति केन्याट्टा के साथ बातचीत में अपनी चिंता प्रकट की।
ब्रिटेन के विदेश मंत्री विलियम हेग ने भी घटना के प्रति चिंता प्रकट की और एक वक्तव्य जारी कर कहा कि वह इस हमले से भयभीत महसूस कर रहे हैं।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की-मून ने केन्या के राष्ट्रपति केन्याट्टा के साथ बातचीत में अपनी चिंता प्रकट की।
ब्रिटेन के विदेश मंत्री विलियम हेग ने भी घटना के प्रति चिंता प्रकट की और एक वक्तव्य जारी कर कहा कि वह इस हमले से भयभीत महसूस कर रहे हैं।
ब्रिटेन के विदेश मंत्री विलियम हेग ने भी घटना के प्रति चिंता प्रकट की और एक वक्तव्य जारी कर कहा कि वह इस हमले से भयभीत महसूस कर रहे हैं। | सारांश: केन्या की राजधानी नैरोबी के वेस्टगेट शॉपिंग मॉल में शनिवार को हुए आतंकवादी हमले में दो भारतवंशियों सहित 59 लोगों की मौत हो गई। | 20 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार को लोकसभा में प्रश्नकाल के पूरा होने के ठीक बाद चक्कर जैसी आने लगे और उन्हें सदन से ले जाया गया।
पवार (71) को उनकी आधिकारिक कार से संसद के बाहर ले जाया गया। पवार के साथ उनकी बेटी और बरामती से सांसद सुप्रिया सूले और केंद्रीय मंत्री प्रफुल्ल पटेल भी थे। पवार के लिए एक एबुंलेंस भी आ गई थी लेकिन वे आधिकारिक कार से संसद से रवाना हुए।
प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री वी नारायणसामी ने कहा, ‘पवार ने चक्कर आने की शिकायत की थी।’’ ऐसी रिपोर्ट भी हैं कि राकांपा के प्रमुख लोकसभा की लॉबी में बेहोश हो गए थे लेकिन इसकी तत्काल पुष्टि नहीं हो सकी। इससे पहले लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान पवार ने कृषि से जुड़े कई पूरक प्रश्नों का जवाब दिया था।
पटेल ने कहा कि पवार का शर्करा का स्तर गिर गया है और चक्कर आने लगा जिसको देखते हुए उन्हें अस्पताल ले जाया गया है । राकांपा के वरिष्ठ नेता पटेल ने कहा, ‘‘सब कुछ सामान्य है। उन्हें जल्द ही अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी।’’
पटेल ने कहा कि पवार का शर्करा का स्तर गिर गया है और चक्कर आने लगा जिसको देखते हुए उन्हें अस्पताल ले जाया गया है । राकांपा के वरिष्ठ नेता पटेल ने कहा, ‘‘सब कुछ सामान्य है। उन्हें जल्द ही अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी।’’ | सारांश: संसद में कृषि मंत्री शरद पवार की तबीयत आज अचानक बिगड़ गई। लोकसभा की लॉबी में शरद पवार बेहोश हो गए। | 31 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: भाजपा ने शुक्रवार को कहा कि एफडीआई पर अपने रूख से कलाबाजी खाकर सपा और बसपा ने अपनी कलई खुद ही खोल दी है।
पार्टी के वरिष्ठ नेता एम वैंकेया नायडू ने कहा कि एफडीआई के खिलाफ पहले भारत बंद में शामिल होकर और अब संसद के दोनों सदनों में इसी मुद्दे पर सरकार और एफडीआई के पक्ष में मतदान करने वाले सपा और बसपा को जनता के सामने यह बताना होगा कि उन्होंने इस मुद्दे पर कलाबाजी क्यों खाई और हम भी इन दोनों को इतनी आसानी से निकल जाने नहीं देंगे।
उन्होंने कहा, सरकार इस मुद्दे पर जोड़-तोड़ करके विजयी हुई है। अगर आप राज्यसभा में विभिन्न दलों के एफडीआई पर व्यक्त किए गए विचारों को देखें तो पाएंगे कि उच्च सदन का बहुमत उसके विरुद्ध है।टिप्पणियां
नायडु ने कहा, सरकार ने आज संख्या भले ही जुटा ली है लेकिन मुझे विश्वास है कि उन्हें इसका अच्छा सबक मिलेगा।
उन्होंने कहा कि संसद में जोड़तोड़ करके सरकार के जीतने का जनता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। वह असलियत जानती है। उसके बीच कांग्रेस सहित सपा और बसपा की भी पोल खुल गई है।
पार्टी के वरिष्ठ नेता एम वैंकेया नायडू ने कहा कि एफडीआई के खिलाफ पहले भारत बंद में शामिल होकर और अब संसद के दोनों सदनों में इसी मुद्दे पर सरकार और एफडीआई के पक्ष में मतदान करने वाले सपा और बसपा को जनता के सामने यह बताना होगा कि उन्होंने इस मुद्दे पर कलाबाजी क्यों खाई और हम भी इन दोनों को इतनी आसानी से निकल जाने नहीं देंगे।
उन्होंने कहा, सरकार इस मुद्दे पर जोड़-तोड़ करके विजयी हुई है। अगर आप राज्यसभा में विभिन्न दलों के एफडीआई पर व्यक्त किए गए विचारों को देखें तो पाएंगे कि उच्च सदन का बहुमत उसके विरुद्ध है।टिप्पणियां
नायडु ने कहा, सरकार ने आज संख्या भले ही जुटा ली है लेकिन मुझे विश्वास है कि उन्हें इसका अच्छा सबक मिलेगा।
उन्होंने कहा कि संसद में जोड़तोड़ करके सरकार के जीतने का जनता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। वह असलियत जानती है। उसके बीच कांग्रेस सहित सपा और बसपा की भी पोल खुल गई है।
उन्होंने कहा, सरकार इस मुद्दे पर जोड़-तोड़ करके विजयी हुई है। अगर आप राज्यसभा में विभिन्न दलों के एफडीआई पर व्यक्त किए गए विचारों को देखें तो पाएंगे कि उच्च सदन का बहुमत उसके विरुद्ध है।टिप्पणियां
नायडु ने कहा, सरकार ने आज संख्या भले ही जुटा ली है लेकिन मुझे विश्वास है कि उन्हें इसका अच्छा सबक मिलेगा।
उन्होंने कहा कि संसद में जोड़तोड़ करके सरकार के जीतने का जनता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। वह असलियत जानती है। उसके बीच कांग्रेस सहित सपा और बसपा की भी पोल खुल गई है।
नायडु ने कहा, सरकार ने आज संख्या भले ही जुटा ली है लेकिन मुझे विश्वास है कि उन्हें इसका अच्छा सबक मिलेगा।
उन्होंने कहा कि संसद में जोड़तोड़ करके सरकार के जीतने का जनता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। वह असलियत जानती है। उसके बीच कांग्रेस सहित सपा और बसपा की भी पोल खुल गई है।
उन्होंने कहा कि संसद में जोड़तोड़ करके सरकार के जीतने का जनता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। वह असलियत जानती है। उसके बीच कांग्रेस सहित सपा और बसपा की भी पोल खुल गई है। | संक्षिप्त सारांश: भाजपा ने शुक्रवार को कहा कि एफडीआई पर अपने रूख से कलाबाजी खाकर सपा और बसपा ने अपनी कलई खुद ही खोल दी है। | 0 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली उच्च न्यायायल ने अपने पूर्व नियोक्ता की बहू से बलात्कार एवं उसकी हत्या का प्रयास करने के दोषी व्यक्ति को निचली अदालत द्वारा सुनाई गई 10 साल जेल की सजा को बरकरार रखा. साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा कि दोषियों को अपर्याप्त जेल की सजा देकर उनके प्रति अनावश्यक सहानुभूति दिखाने से लोगों का कानून की क्षमता पर भरोसा कमजोर होगा.टिप्पणियां
जस्टिस एस पी गर्ग ने सजा कम करने से संबद्ध 45 वर्षीय व्यक्ति की याचिका को खारिज कर दिया. कोर्ट ने कहा कि अपर्याप्त जेल की सजा देना समाज के लिए एक गंभीर खतरा है, जो इसे सहन करने में सक्षम नहीं होगा. उन्होंने कहा, हर अदालत का यह कर्तव्य है कि वह अपराध की प्रकृति और उसे अंजाम देने के तरीके के अनुरूप दोषी को उचित सजा सुनाए. निचली अदालत ने एक व्यक्ति को पीड़ित से बलात्कार के लिए 10 साल की जेल और उसकी हत्या करने की कोशिश के लिए सात साल की सजा सुनाई थी. पीड़ित आरोपी को नौकरी पाने में सहायता कर रही थी और उसके बच्चों को पढ़ाती भी थी.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
जस्टिस एस पी गर्ग ने सजा कम करने से संबद्ध 45 वर्षीय व्यक्ति की याचिका को खारिज कर दिया. कोर्ट ने कहा कि अपर्याप्त जेल की सजा देना समाज के लिए एक गंभीर खतरा है, जो इसे सहन करने में सक्षम नहीं होगा. उन्होंने कहा, हर अदालत का यह कर्तव्य है कि वह अपराध की प्रकृति और उसे अंजाम देने के तरीके के अनुरूप दोषी को उचित सजा सुनाए. निचली अदालत ने एक व्यक्ति को पीड़ित से बलात्कार के लिए 10 साल की जेल और उसकी हत्या करने की कोशिश के लिए सात साल की सजा सुनाई थी. पीड़ित आरोपी को नौकरी पाने में सहायता कर रही थी और उसके बच्चों को पढ़ाती भी थी.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त पाठ: हाईकोर्ट ने निचली अदालत द्वारा सुनाई गई 10 साल जेल की सजा बरकरार रखा
कोर्ट ने सजा कम करने से संबद्ध 45 वर्षीय व्यक्ति की याचिका खारिज की
पीड़ित आरोपी को नौकरी पाने में सहायता कर रही थी और बच्चों को पढ़ाती थी | 14 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: प्रसिद्ध इतिहासकार रामशरण शर्मा का पटना के एक निजी अस्पताल में शनिवार की रात निधन हो गया। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शर्मा के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त करते हुए उनकी अंत्येष्टि राजकीय सम्मान के साथ कराए जाने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने अपने शोक संदेश में शर्मा को एक महान इतिहासकार बताते हुए कहा कि वे इतिहास की विशिष्ट व्याख्या की एक विशिष्ट धारा के प्रतीक थे और उन्होंने देश के इतिहासकारों में अपना शीर्ष स्थान बनाया जिसका गौरव बिहारवासियों को हमेशा रहेगा। उन्होंने कहा कि शर्मा का जन्म बिहार में हुआ और पठन-पाठन के अलावे बिहार में ही उन्होंने अध्यापन का कार्य प्रारंभ किया। शर्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए नीतीश ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की चिर शांति तथा उनके परिजनों अनुयायियों एवं प्रशंसकों को दुख की इस घडी में धर्य धारण करने की शक्ति प्रदान करने के लिए प्रार्थना की। 92 वर्षीय शर्मा के परिवार में उनकी पत्नी और एक पुत्र हैं। | संक्षिप्त सारांश: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शर्मा के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त करते हुए उनकी अंत्येष्टि राजकीय सम्मान के साथ कराए जाने की घोषणा की है। | 29 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: हैदराबाद में नरेंद्र मोदी की सार्वजनिक सभाओं के लिए 5 रुपये प्रति टिकट शुल्क तय करने के भाजपा के कदम की आलोचना करते हुए कांग्रेस ने आज कहा कि इससे गुजरात के मुख्यमंत्री की ‘असली कीमत’ पता चलती है।
कांग्रेस नेता और सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने ट्विटर पर लिखा है, ‘बाबा प्रवचन का टिकट 100 से 100,000 रुपये। बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप होने के बावजूद सिनेमा का टिकट 200 से 500 रुपये और एक मुख्यमंत्री को सुनने के लिए टिकट 5 रुपये। बाजार ने दी है असली कीमत। मोदी की लोकप्रियता को भुनाने के उद्देश्य से भाजपा की आंध्रप्रदेश इकाई उनकी सार्वजनिक सभा में शामिल होने के लिए 5 रुपये प्रति व्यक्ति की दर से पंजीयन शुल्क एकत्र कर रही है। हाल ही में भाजपा की चुनाव प्रचार समिति के प्रमुख नियुक्त किए गए मोदी 11 अगस्त को राज्य में एक सभा को संबोधित करेंगे। पार्टी ने कहा है कि वह एकत्रित राशि उत्तराखंड बाढ़ राहत के लिए देगी।
भाजपा के दिग्गज पर हमला तेज करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा ‘भाजपा द्वारा लिया जा रहा 5 रुपये का शुल्क शायद मार्केट डिस्कवरी प्राइस हो। 1.2 अरब लोगों पर थोपे जा रहे इस शुल्क पर क्या बोला जाए। ..... विशुद्ध फासीवाद।’ टिप्पणियां
एक दिन पहले ही कांग्रेस ने मोदी की सत्तारूढ़ दल को निशाना बना कर की गई ‘धर्मनिरपेक्षता का बुर्का’ संबंधी टिप्पणी की आलोचना की थी। मोदी ने कांग्रेस पर आरोप लगाया था कि जब भी पार्टी संकट से दो चार होती है तो वह धर्मनिरपेक्षता का बुर्का पहन लेती है और बंकर में छिप जाती है। हैदराबाद के लाल बहादुर स्टेडियम में मोदी की सभा होगी, जिसमें 18 साल से 40 साल की उम्र के करीब एक लाख लोगों को भाजपा के पक्ष में करने का लक्ष्य रखा गया है। भाजपा पंजीयन प्रक्रिया शुरू कर चुकी है, जो 10 अगस्त तक चलेगी।
पार्टी नेताओं का कहना है कि भाजपा का लक्ष्य आंध्रप्रदेश की राजधानी में बड़ी संख्या में आईटी पेशेवरों और कॉलेज के छात्रों तक पहुंचना है।
कांग्रेस नेता और सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने ट्विटर पर लिखा है, ‘बाबा प्रवचन का टिकट 100 से 100,000 रुपये। बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप होने के बावजूद सिनेमा का टिकट 200 से 500 रुपये और एक मुख्यमंत्री को सुनने के लिए टिकट 5 रुपये। बाजार ने दी है असली कीमत। मोदी की लोकप्रियता को भुनाने के उद्देश्य से भाजपा की आंध्रप्रदेश इकाई उनकी सार्वजनिक सभा में शामिल होने के लिए 5 रुपये प्रति व्यक्ति की दर से पंजीयन शुल्क एकत्र कर रही है। हाल ही में भाजपा की चुनाव प्रचार समिति के प्रमुख नियुक्त किए गए मोदी 11 अगस्त को राज्य में एक सभा को संबोधित करेंगे। पार्टी ने कहा है कि वह एकत्रित राशि उत्तराखंड बाढ़ राहत के लिए देगी।
भाजपा के दिग्गज पर हमला तेज करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा ‘भाजपा द्वारा लिया जा रहा 5 रुपये का शुल्क शायद मार्केट डिस्कवरी प्राइस हो। 1.2 अरब लोगों पर थोपे जा रहे इस शुल्क पर क्या बोला जाए। ..... विशुद्ध फासीवाद।’ टिप्पणियां
एक दिन पहले ही कांग्रेस ने मोदी की सत्तारूढ़ दल को निशाना बना कर की गई ‘धर्मनिरपेक्षता का बुर्का’ संबंधी टिप्पणी की आलोचना की थी। मोदी ने कांग्रेस पर आरोप लगाया था कि जब भी पार्टी संकट से दो चार होती है तो वह धर्मनिरपेक्षता का बुर्का पहन लेती है और बंकर में छिप जाती है। हैदराबाद के लाल बहादुर स्टेडियम में मोदी की सभा होगी, जिसमें 18 साल से 40 साल की उम्र के करीब एक लाख लोगों को भाजपा के पक्ष में करने का लक्ष्य रखा गया है। भाजपा पंजीयन प्रक्रिया शुरू कर चुकी है, जो 10 अगस्त तक चलेगी।
पार्टी नेताओं का कहना है कि भाजपा का लक्ष्य आंध्रप्रदेश की राजधानी में बड़ी संख्या में आईटी पेशेवरों और कॉलेज के छात्रों तक पहुंचना है।
भाजपा के दिग्गज पर हमला तेज करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा ‘भाजपा द्वारा लिया जा रहा 5 रुपये का शुल्क शायद मार्केट डिस्कवरी प्राइस हो। 1.2 अरब लोगों पर थोपे जा रहे इस शुल्क पर क्या बोला जाए। ..... विशुद्ध फासीवाद।’ टिप्पणियां
एक दिन पहले ही कांग्रेस ने मोदी की सत्तारूढ़ दल को निशाना बना कर की गई ‘धर्मनिरपेक्षता का बुर्का’ संबंधी टिप्पणी की आलोचना की थी। मोदी ने कांग्रेस पर आरोप लगाया था कि जब भी पार्टी संकट से दो चार होती है तो वह धर्मनिरपेक्षता का बुर्का पहन लेती है और बंकर में छिप जाती है। हैदराबाद के लाल बहादुर स्टेडियम में मोदी की सभा होगी, जिसमें 18 साल से 40 साल की उम्र के करीब एक लाख लोगों को भाजपा के पक्ष में करने का लक्ष्य रखा गया है। भाजपा पंजीयन प्रक्रिया शुरू कर चुकी है, जो 10 अगस्त तक चलेगी।
पार्टी नेताओं का कहना है कि भाजपा का लक्ष्य आंध्रप्रदेश की राजधानी में बड़ी संख्या में आईटी पेशेवरों और कॉलेज के छात्रों तक पहुंचना है।
एक दिन पहले ही कांग्रेस ने मोदी की सत्तारूढ़ दल को निशाना बना कर की गई ‘धर्मनिरपेक्षता का बुर्का’ संबंधी टिप्पणी की आलोचना की थी। मोदी ने कांग्रेस पर आरोप लगाया था कि जब भी पार्टी संकट से दो चार होती है तो वह धर्मनिरपेक्षता का बुर्का पहन लेती है और बंकर में छिप जाती है। हैदराबाद के लाल बहादुर स्टेडियम में मोदी की सभा होगी, जिसमें 18 साल से 40 साल की उम्र के करीब एक लाख लोगों को भाजपा के पक्ष में करने का लक्ष्य रखा गया है। भाजपा पंजीयन प्रक्रिया शुरू कर चुकी है, जो 10 अगस्त तक चलेगी।
पार्टी नेताओं का कहना है कि भाजपा का लक्ष्य आंध्रप्रदेश की राजधानी में बड़ी संख्या में आईटी पेशेवरों और कॉलेज के छात्रों तक पहुंचना है।
पार्टी नेताओं का कहना है कि भाजपा का लक्ष्य आंध्रप्रदेश की राजधानी में बड़ी संख्या में आईटी पेशेवरों और कॉलेज के छात्रों तक पहुंचना है। | संक्षिप्त सारांश: कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने ट्विटर पर लिखा है, ‘बाबा प्रवचन का टिकट 100 से 100,000 रुपये। बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप होने के बावजूद सिनेमा का टिकट 200 से 500 रुपये और एक मुख्यमंत्री को सुनने के लिए टिकट 5 रुपये। | 8 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: देश में फर्जी कंपनियों जिन्हें खोखा या मुखौटा कंपनियां भी कहा जाता है, के गोरखधंधे के खिलाफ सख्ती की दिशा में कदम उठाते हुए सरकार ने गड़बड़ी करने वाली ऐसी कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए एक कार्यबल गठित किया है. सरकार ने मनी लॉन्ड्रिंग और कर चोरी करने में लिप्त ऐसी कंपनियों के बैंक खाते जब्त करने और सुप्त कंपनियों का पंजीकरण खत्म करने का भी निर्णय किया है. इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा शुक्रवार को की गई एक समीक्षा के बाद गठित कार्यबल में विभिन्न मंत्रालयों और प्रवर्तन एजेंसियों के सदस्य रखे गए हैं. इसका नेतृत्व राजस्व और कॉरपोरेट मामलों के सचिव करेंगे. प्रधानमंत्री कार्यालय के एक बयान के अनुसार, ‘देश में करीब 15 लाख कंपनियां पंजीकृत हैं लेकिन इनमें से छह लाख ही अपना वाषिर्क विवरण जमा कराती हैं. इसका अर्थ है कि इनमें बहुत सी कंपनियां वित्तीय अनियमिताओं में लिप्त हैं.’
कंपनी के मंत्रालय के तहत आने वाले गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) ने 49 फर्जी कंपनियों के खिलाफ मामले दायर किए हैं. इन मामलों में 3,900 करोड़ रुपये का कथित रूप से धनशोधन किया गया है. इन मामलों में 559 लोगों ने 54 पेशेवरों की मदद से गड़बड़ियां की. नोटबंदी के बाद खोखा और सुप्त कंपनियों के खाते में 1238 करोड़ रुपये की नकद जमा के संदिग्ध मामले भी सामने आए हैं. प्रधानमंत्री कार्यालय के बयान के अनुसार, ‘गड़बड़ियों में लिप्त कंपनियों के खिलाफ बेनामी लेन-देन (निरोधक) संशोधित अधिनियम-2016 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी. ऐसी कंपिनयों के बैंक खाते जब्त किए जाएंगे और सुप्त कंपनियों का पंजीकरण खत्म किया जाएगा.’
संबंधित विनियामक मंत्रालयों को खोखा कंपनियों के कारोबार की फर्जी प्रविष्टियां तैयार करने में सहायक पेशेवरों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है. बयान के अनुसार प्रधानमंत्री कार्यालय की समीक्षा बैठक में तय किया गया है कि खोखा कंपनियों की पहचान के लिए ‘कुछ संकेतक’ इस्तेमाल किए जाएंगे और ऐसी कंपनियों के निदेशकों का डाटाबेस तैयार किया जाएगा और इसमें विभिन्न एजेंसियों की मदद ली जाएगी. इसमें संबंधित व्यक्तियों की आधार पहचान संख्या का भी डाटाबेस तैयार किया जाएगा. बैठक में खासकर नोटबंदी के बाद कालेधन के खिलाफ अभियान के संदर्भ में खोखा कंपनियों की कारस्तानी की समीक्षा की गई.टिप्पणियां
आयकर विभाग भी नियमों में कमी का फायदा उठाकर फर्जी कंपनियों के जरिए कर से बचने वालों के खिलाफ शिकंजा कसने में लगा हुआ है. आयकर विभाग के संज्ञान में आया है कि पिछले साल खोखा कंपनियों ने 80,000 करोड़ रुपये तक का पूंजीगत लाभ पर छूट हासिल की. इस बार के बजट 2017-18 में एक अक्टूबर 2004 के बाद ऐसी गैर सूचीबद्ध कंपनियों के शेयरों के लेन-देन पर 10 प्रतिशत पूंजीगत लाभ कर लगाने का प्रस्ताव किया गया है जिन्होंने खरीद के समय प्रतिभूति लेन-देन कर (एसटीटी) नहीं दिया होगा.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
कंपनी के मंत्रालय के तहत आने वाले गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) ने 49 फर्जी कंपनियों के खिलाफ मामले दायर किए हैं. इन मामलों में 3,900 करोड़ रुपये का कथित रूप से धनशोधन किया गया है. इन मामलों में 559 लोगों ने 54 पेशेवरों की मदद से गड़बड़ियां की. नोटबंदी के बाद खोखा और सुप्त कंपनियों के खाते में 1238 करोड़ रुपये की नकद जमा के संदिग्ध मामले भी सामने आए हैं. प्रधानमंत्री कार्यालय के बयान के अनुसार, ‘गड़बड़ियों में लिप्त कंपनियों के खिलाफ बेनामी लेन-देन (निरोधक) संशोधित अधिनियम-2016 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी. ऐसी कंपिनयों के बैंक खाते जब्त किए जाएंगे और सुप्त कंपनियों का पंजीकरण खत्म किया जाएगा.’
संबंधित विनियामक मंत्रालयों को खोखा कंपनियों के कारोबार की फर्जी प्रविष्टियां तैयार करने में सहायक पेशेवरों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है. बयान के अनुसार प्रधानमंत्री कार्यालय की समीक्षा बैठक में तय किया गया है कि खोखा कंपनियों की पहचान के लिए ‘कुछ संकेतक’ इस्तेमाल किए जाएंगे और ऐसी कंपनियों के निदेशकों का डाटाबेस तैयार किया जाएगा और इसमें विभिन्न एजेंसियों की मदद ली जाएगी. इसमें संबंधित व्यक्तियों की आधार पहचान संख्या का भी डाटाबेस तैयार किया जाएगा. बैठक में खासकर नोटबंदी के बाद कालेधन के खिलाफ अभियान के संदर्भ में खोखा कंपनियों की कारस्तानी की समीक्षा की गई.टिप्पणियां
आयकर विभाग भी नियमों में कमी का फायदा उठाकर फर्जी कंपनियों के जरिए कर से बचने वालों के खिलाफ शिकंजा कसने में लगा हुआ है. आयकर विभाग के संज्ञान में आया है कि पिछले साल खोखा कंपनियों ने 80,000 करोड़ रुपये तक का पूंजीगत लाभ पर छूट हासिल की. इस बार के बजट 2017-18 में एक अक्टूबर 2004 के बाद ऐसी गैर सूचीबद्ध कंपनियों के शेयरों के लेन-देन पर 10 प्रतिशत पूंजीगत लाभ कर लगाने का प्रस्ताव किया गया है जिन्होंने खरीद के समय प्रतिभूति लेन-देन कर (एसटीटी) नहीं दिया होगा.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संबंधित विनियामक मंत्रालयों को खोखा कंपनियों के कारोबार की फर्जी प्रविष्टियां तैयार करने में सहायक पेशेवरों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है. बयान के अनुसार प्रधानमंत्री कार्यालय की समीक्षा बैठक में तय किया गया है कि खोखा कंपनियों की पहचान के लिए ‘कुछ संकेतक’ इस्तेमाल किए जाएंगे और ऐसी कंपनियों के निदेशकों का डाटाबेस तैयार किया जाएगा और इसमें विभिन्न एजेंसियों की मदद ली जाएगी. इसमें संबंधित व्यक्तियों की आधार पहचान संख्या का भी डाटाबेस तैयार किया जाएगा. बैठक में खासकर नोटबंदी के बाद कालेधन के खिलाफ अभियान के संदर्भ में खोखा कंपनियों की कारस्तानी की समीक्षा की गई.टिप्पणियां
आयकर विभाग भी नियमों में कमी का फायदा उठाकर फर्जी कंपनियों के जरिए कर से बचने वालों के खिलाफ शिकंजा कसने में लगा हुआ है. आयकर विभाग के संज्ञान में आया है कि पिछले साल खोखा कंपनियों ने 80,000 करोड़ रुपये तक का पूंजीगत लाभ पर छूट हासिल की. इस बार के बजट 2017-18 में एक अक्टूबर 2004 के बाद ऐसी गैर सूचीबद्ध कंपनियों के शेयरों के लेन-देन पर 10 प्रतिशत पूंजीगत लाभ कर लगाने का प्रस्ताव किया गया है जिन्होंने खरीद के समय प्रतिभूति लेन-देन कर (एसटीटी) नहीं दिया होगा.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
आयकर विभाग भी नियमों में कमी का फायदा उठाकर फर्जी कंपनियों के जरिए कर से बचने वालों के खिलाफ शिकंजा कसने में लगा हुआ है. आयकर विभाग के संज्ञान में आया है कि पिछले साल खोखा कंपनियों ने 80,000 करोड़ रुपये तक का पूंजीगत लाभ पर छूट हासिल की. इस बार के बजट 2017-18 में एक अक्टूबर 2004 के बाद ऐसी गैर सूचीबद्ध कंपनियों के शेयरों के लेन-देन पर 10 प्रतिशत पूंजीगत लाभ कर लगाने का प्रस्ताव किया गया है जिन्होंने खरीद के समय प्रतिभूति लेन-देन कर (एसटीटी) नहीं दिया होगा.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त सारांश: इन मामलों में 3,900 करोड़ रुपये का कथित रूप से धनशोधन किया गया है
'गड़बड़ियों में लिप्त कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी'
खोखा कंपनियों की पहचान के लिए ‘कुछ संकेतक’ इस्तेमाल किए जाएंगे | 0 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: इससे पहले नौ मार्च को दिल्ली हाईकोर्ट ने टी.टी.वी.दिनाकरण के नेतृत्व वाले अन्नाद्रमुक (अम्मा) धड़े को समान चुनाव चिन्ह, संभवत: प्रेशर कुकर, और उनकी पसंद का एक उचित नाम आवंटित करने का निर्देश दिया था. दिल्ली हाईकोर्ट में दिनाकरन ने प्रेशर कुकर चिन्ह मांगा था, जिसके तहत पार्टी ने पिछले वर्ष दिसंबर में राधा कृष्ण्न नगर विधानसभा सीट पर हुआ उपचुनाव 40 हजार से अधिक मतों के अंतर से जीता था.
आवेदन पर सुनवाई के दौरान दिनाकरन ने अपने धड़े के लिए तीन नाम भी सुझाए थे -आल इंडिया अम्मा अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कझगम , एमजीआर अम्मा द्रविड़ मुनेत्र कझगम और एमजीआर अम्मा द्रविड कझगम. पलानीस्वामी -पनीरसेल्वम समूह ने कई आधार पर दिनाकरन की याचिका का विरोध किया था. यह भी कहा गया था कि दिनाकरन के धड़े को नाम और चिन्ह हासिल करने के लिए खुद को एक अलग पार्टी के रूप में पंजीकृत कराना होगा.टिप्पणियां
इन सभी बातों को खारिज करते हुए अदालत ने कहा कि दिनाकरन धड़े को एक नए राजनीतिक दल के रूप में पंजीकरण कराने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता क्योंकि उस सूरत में दो पत्ती चिन्ह पर उनका दावा खत्म हो जाएगा.
आवेदन पर सुनवाई के दौरान दिनाकरन ने अपने धड़े के लिए तीन नाम भी सुझाए थे -आल इंडिया अम्मा अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कझगम , एमजीआर अम्मा द्रविड़ मुनेत्र कझगम और एमजीआर अम्मा द्रविड कझगम. पलानीस्वामी -पनीरसेल्वम समूह ने कई आधार पर दिनाकरन की याचिका का विरोध किया था. यह भी कहा गया था कि दिनाकरन के धड़े को नाम और चिन्ह हासिल करने के लिए खुद को एक अलग पार्टी के रूप में पंजीकृत कराना होगा.टिप्पणियां
इन सभी बातों को खारिज करते हुए अदालत ने कहा कि दिनाकरन धड़े को एक नए राजनीतिक दल के रूप में पंजीकरण कराने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता क्योंकि उस सूरत में दो पत्ती चिन्ह पर उनका दावा खत्म हो जाएगा.
इन सभी बातों को खारिज करते हुए अदालत ने कहा कि दिनाकरन धड़े को एक नए राजनीतिक दल के रूप में पंजीकरण कराने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता क्योंकि उस सूरत में दो पत्ती चिन्ह पर उनका दावा खत्म हो जाएगा. | दिनाकरण ने पार्टी 'अम्मा मक्कल मुनेत्र कड़गम' लॉन्च की
मदुरई में AIADMK के बागी विधायक और भारी संख्या में उमड़े समर्थक
दिनाकरण ने अपनी पार्टी का चुनाव चिह्न और झंडा लॉन्च किया | 6 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: दिल्ली पुलिस के अधिकारी कहते हैं कि पीसीआर वैन का कोई अधिकार क्षेत्र नहीं होता लेकिन दिल्ली से सटे गुड़गांव में बिल्कुल इसके उलट है... गुड़गांव पीसीआर वैन अपने क्षेत्र के अनुसार चलती है।
दरअसल, गुड़गांव में सोमवार को शीतला माता रोड पर चलते ऑटो से एक लड़की को फेंक दिया गया जिसमें लड़की को कुछ चोटें भी आईं... तभी वहां से गुजर रहे कांग्रेसी विधायक ने जैसे ही यह देखा वह गाड़ी से नीचे उतरे और उन्होंने पीड़ित लड़की को सम्भालकर उसकी मदद की। विधायक ने खुद ही गुड़़गांव पुलिस कंट्रोल रूम में फोन किया... लेकिन करीब आधे घंटे तक वहां गुड़़गांव पुलिस का कोई नुमाइंदा नहीं पहुंचा। आधे घंटे बाद वहां से गुड़़गांव पुलिस की पीसीआर वैन नम्बर नौ गुजरी...विधायक ने उसे रोकना चाहा तो पीसीआर वैन में बैठे पुलिसकर्मी का कहना था कि वे तो किसी और काम से जा रहे हैं... लड़की को ले जाने के लिए दूसरी पीसीआर आ रही है।टिप्पणियां
यह सारा वाकया मोबाइल कैमरे में कैद हो गया और आखिर में पीसीआर वैन नम्बर नौ वहां से बिना मामला जाने निकल गए लेकिन इस पूरे मामले ने एक बार फिर आपका साथ देने का नारा देने वाली गुड़गांव पुलिस की लाचारी नजर आ रही है कि उस घायल लड़की को सड़क पर छोड़कर चले गए।
हालांकि, लड़की को ऑटो से फेंकने के मामले में पीड़िता लड़की ने पुलिस में किसी प्रकार की शिकायत नहीं की लेकिन इस मामले ने गुड़गांव पुलिस की पोल खोल दी। सवाल यह उठता है कि अगर यह मामला भी दिल्ली गैंगरेप जैसा होता तो इसका जिम्मेदार कौन होता।
दरअसल, गुड़गांव में सोमवार को शीतला माता रोड पर चलते ऑटो से एक लड़की को फेंक दिया गया जिसमें लड़की को कुछ चोटें भी आईं... तभी वहां से गुजर रहे कांग्रेसी विधायक ने जैसे ही यह देखा वह गाड़ी से नीचे उतरे और उन्होंने पीड़ित लड़की को सम्भालकर उसकी मदद की। विधायक ने खुद ही गुड़़गांव पुलिस कंट्रोल रूम में फोन किया... लेकिन करीब आधे घंटे तक वहां गुड़़गांव पुलिस का कोई नुमाइंदा नहीं पहुंचा। आधे घंटे बाद वहां से गुड़़गांव पुलिस की पीसीआर वैन नम्बर नौ गुजरी...विधायक ने उसे रोकना चाहा तो पीसीआर वैन में बैठे पुलिसकर्मी का कहना था कि वे तो किसी और काम से जा रहे हैं... लड़की को ले जाने के लिए दूसरी पीसीआर आ रही है।टिप्पणियां
यह सारा वाकया मोबाइल कैमरे में कैद हो गया और आखिर में पीसीआर वैन नम्बर नौ वहां से बिना मामला जाने निकल गए लेकिन इस पूरे मामले ने एक बार फिर आपका साथ देने का नारा देने वाली गुड़गांव पुलिस की लाचारी नजर आ रही है कि उस घायल लड़की को सड़क पर छोड़कर चले गए।
हालांकि, लड़की को ऑटो से फेंकने के मामले में पीड़िता लड़की ने पुलिस में किसी प्रकार की शिकायत नहीं की लेकिन इस मामले ने गुड़गांव पुलिस की पोल खोल दी। सवाल यह उठता है कि अगर यह मामला भी दिल्ली गैंगरेप जैसा होता तो इसका जिम्मेदार कौन होता।
यह सारा वाकया मोबाइल कैमरे में कैद हो गया और आखिर में पीसीआर वैन नम्बर नौ वहां से बिना मामला जाने निकल गए लेकिन इस पूरे मामले ने एक बार फिर आपका साथ देने का नारा देने वाली गुड़गांव पुलिस की लाचारी नजर आ रही है कि उस घायल लड़की को सड़क पर छोड़कर चले गए।
हालांकि, लड़की को ऑटो से फेंकने के मामले में पीड़िता लड़की ने पुलिस में किसी प्रकार की शिकायत नहीं की लेकिन इस मामले ने गुड़गांव पुलिस की पोल खोल दी। सवाल यह उठता है कि अगर यह मामला भी दिल्ली गैंगरेप जैसा होता तो इसका जिम्मेदार कौन होता।
हालांकि, लड़की को ऑटो से फेंकने के मामले में पीड़िता लड़की ने पुलिस में किसी प्रकार की शिकायत नहीं की लेकिन इस मामले ने गुड़गांव पुलिस की पोल खोल दी। सवाल यह उठता है कि अगर यह मामला भी दिल्ली गैंगरेप जैसा होता तो इसका जिम्मेदार कौन होता। | दिल्ली पुलिस के अधिकारी कहते हैं कि पीसीआर वैन का कोई अधिकार क्षेत्र नहीं होता लेकिन दिल्ली से सटे गुड़गांव में बिल्कुल इसके उलट है... गुड़गांव पीसीआर वैन अपने क्षेत्र के अनुसार चलती है। | 34 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: देश के शेयर बाजार सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को बढ़त के साथ बंद हुए। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 131.47 अंकों की बढ़त के साथ 17318.81 पर जबकि निफ्टी 39.15 अंकों की बढ़त के साथ 5248.15 पर बंद हुआ।टिप्पणियां
सोमवार सुबह बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 8.17 अंकों की मामूली बढ़त के साथ 17195.51 पर जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी 7.55 अंकों की गिरावट के साथ 5201.45 पर खुला।
बीएसई के मिडकैप एवं स्मॉलकैप सूचकांकों में भी बढ़त का रुख रहा। मिडकैप 43.52 अंकों की बढ़त के साथ 6315.85 पर जबकि स्मॉलकैप 38.45 अंकों की बढ़त के साथ 6764.62 पर बंद हुआ।
सोमवार सुबह बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 8.17 अंकों की मामूली बढ़त के साथ 17195.51 पर जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी 7.55 अंकों की गिरावट के साथ 5201.45 पर खुला।
बीएसई के मिडकैप एवं स्मॉलकैप सूचकांकों में भी बढ़त का रुख रहा। मिडकैप 43.52 अंकों की बढ़त के साथ 6315.85 पर जबकि स्मॉलकैप 38.45 अंकों की बढ़त के साथ 6764.62 पर बंद हुआ।
बीएसई के मिडकैप एवं स्मॉलकैप सूचकांकों में भी बढ़त का रुख रहा। मिडकैप 43.52 अंकों की बढ़त के साथ 6315.85 पर जबकि स्मॉलकैप 38.45 अंकों की बढ़त के साथ 6764.62 पर बंद हुआ। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 131.47 अंकों की बढ़त के साथ 17318.81 पर जबकि निफ्टी 39.15 अंकों की बढ़त के साथ 5248.15 पर बंद हुआ। | 11 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: विराट कोहली के क्रिकेट की दुनिया का सुपरस्टार बनने की कहानी बहुत ही प्रेरणादायक है. विराट के उस कठिन समय को कैसे भुलाया जा सकता है जब अपने पिता को खोने के बाद भी उन्होंने अपना हौसला नहीं खोया और राष्ट्रीय टीम में जगह बनाई. दिल्ली का 28 वर्षीय यह युवा कप्तान आज पूरे देश के करोड़ों लोगों की दिल की धड़कन है. वहीं मैदान पर विरोधी टीमों के गेंदबाज उनसे बहुत खौफ खाते हैं. हाल ही उन्होंने इंग्लैंड को खिलाफ तीनों फॉर्मेट में धूल चटाई है. 2016 कैलेंडर वर्ष में उन्होंने 2295 रन बनाए हैं. यही वजह है कि 'क्रिकेट की बाइबिल' कही जाने वाली मैगजीन 'विजडन' ने भी विराट कोहली को अपने 2017 संस्करण के कवर पेज पर जगह दी है.
हालांकि कोहली की जीवनी को कई बार कई मंचों पर साझा किया जा चुका है लेकिन उसे अन्य किकेट सितारों की तुलना में डॉक्यूमेंटेड नहीं किया गया है.
लोगों को अपने संघर्ष और अपनी यात्रा के बारे में लोगों को बताने के लिए सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया है. वीडियो एक ऐसे सीन से शुरू होता है जिसमें दिल्ली के इस छोरे को टीम बस में यात्रा करते हुए दिखाया गया है. कोहली उन दिनों को भी याद करते हैं जब पिता के निधन के खबर मिलने के बाद भी वह मैच खेलने के लिए गए थे. उस समय कोहली की उम्र महज 18 वर्ष थी जब उनके पिता प्रेम का दिल का दौरा पड़ने से 19 दिसंबर 2006 को निधन हो गया था.टिप्पणियां
इस वीडियो में, दिखाया गया है किस तरह से कोहली घर पर और नेट पर बैटिंग का अभ्यास करते थे. उन्होंने टीम इंडिया में जगह बनाने के अपने सपने को साकार करने के लिए कठिन मेहनत की. जल्द ही उन्हें टीम इंडिया की जर्सी में दिखाया जाता है और उनके प्रशंसक उनकी उपलब्धियों पर इतराते हुए नजर आते हैं.
कोहली की खास उपलब्धियों को वीडियो में वाइस ओवर के जरिये बताया है. मसलन वनडे में सबसे तेज 6000 रन पूरा करने वाला बल्लेबाज, आईसीसी क्रिकेटर ऑफ द ईयर (2011-12) और 2013 में अर्जुन अवॉर्ड पाने वाला बल्लेबाज. जयपुर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2013 में मात्र 52 गेंदों पर शतक जड़ने वाला भारत का पहला बल्लेबाज और अंत में भारत की कप्तान बनने की बात.
हालांकि कोहली की जीवनी को कई बार कई मंचों पर साझा किया जा चुका है लेकिन उसे अन्य किकेट सितारों की तुलना में डॉक्यूमेंटेड नहीं किया गया है.
लोगों को अपने संघर्ष और अपनी यात्रा के बारे में लोगों को बताने के लिए सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया है. वीडियो एक ऐसे सीन से शुरू होता है जिसमें दिल्ली के इस छोरे को टीम बस में यात्रा करते हुए दिखाया गया है. कोहली उन दिनों को भी याद करते हैं जब पिता के निधन के खबर मिलने के बाद भी वह मैच खेलने के लिए गए थे. उस समय कोहली की उम्र महज 18 वर्ष थी जब उनके पिता प्रेम का दिल का दौरा पड़ने से 19 दिसंबर 2006 को निधन हो गया था.टिप्पणियां
इस वीडियो में, दिखाया गया है किस तरह से कोहली घर पर और नेट पर बैटिंग का अभ्यास करते थे. उन्होंने टीम इंडिया में जगह बनाने के अपने सपने को साकार करने के लिए कठिन मेहनत की. जल्द ही उन्हें टीम इंडिया की जर्सी में दिखाया जाता है और उनके प्रशंसक उनकी उपलब्धियों पर इतराते हुए नजर आते हैं.
कोहली की खास उपलब्धियों को वीडियो में वाइस ओवर के जरिये बताया है. मसलन वनडे में सबसे तेज 6000 रन पूरा करने वाला बल्लेबाज, आईसीसी क्रिकेटर ऑफ द ईयर (2011-12) और 2013 में अर्जुन अवॉर्ड पाने वाला बल्लेबाज. जयपुर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2013 में मात्र 52 गेंदों पर शतक जड़ने वाला भारत का पहला बल्लेबाज और अंत में भारत की कप्तान बनने की बात.
लोगों को अपने संघर्ष और अपनी यात्रा के बारे में लोगों को बताने के लिए सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया है. वीडियो एक ऐसे सीन से शुरू होता है जिसमें दिल्ली के इस छोरे को टीम बस में यात्रा करते हुए दिखाया गया है. कोहली उन दिनों को भी याद करते हैं जब पिता के निधन के खबर मिलने के बाद भी वह मैच खेलने के लिए गए थे. उस समय कोहली की उम्र महज 18 वर्ष थी जब उनके पिता प्रेम का दिल का दौरा पड़ने से 19 दिसंबर 2006 को निधन हो गया था.टिप्पणियां
इस वीडियो में, दिखाया गया है किस तरह से कोहली घर पर और नेट पर बैटिंग का अभ्यास करते थे. उन्होंने टीम इंडिया में जगह बनाने के अपने सपने को साकार करने के लिए कठिन मेहनत की. जल्द ही उन्हें टीम इंडिया की जर्सी में दिखाया जाता है और उनके प्रशंसक उनकी उपलब्धियों पर इतराते हुए नजर आते हैं.
कोहली की खास उपलब्धियों को वीडियो में वाइस ओवर के जरिये बताया है. मसलन वनडे में सबसे तेज 6000 रन पूरा करने वाला बल्लेबाज, आईसीसी क्रिकेटर ऑफ द ईयर (2011-12) और 2013 में अर्जुन अवॉर्ड पाने वाला बल्लेबाज. जयपुर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2013 में मात्र 52 गेंदों पर शतक जड़ने वाला भारत का पहला बल्लेबाज और अंत में भारत की कप्तान बनने की बात.
लोगों को अपने संघर्ष और अपनी यात्रा के बारे में लोगों को बताने के लिए सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया है. वीडियो एक ऐसे सीन से शुरू होता है जिसमें दिल्ली के इस छोरे को टीम बस में यात्रा करते हुए दिखाया गया है. कोहली उन दिनों को भी याद करते हैं जब पिता के निधन के खबर मिलने के बाद भी वह मैच खेलने के लिए गए थे. उस समय कोहली की उम्र महज 18 वर्ष थी जब उनके पिता प्रेम का दिल का दौरा पड़ने से 19 दिसंबर 2006 को निधन हो गया था.टिप्पणियां
इस वीडियो में, दिखाया गया है किस तरह से कोहली घर पर और नेट पर बैटिंग का अभ्यास करते थे. उन्होंने टीम इंडिया में जगह बनाने के अपने सपने को साकार करने के लिए कठिन मेहनत की. जल्द ही उन्हें टीम इंडिया की जर्सी में दिखाया जाता है और उनके प्रशंसक उनकी उपलब्धियों पर इतराते हुए नजर आते हैं.
कोहली की खास उपलब्धियों को वीडियो में वाइस ओवर के जरिये बताया है. मसलन वनडे में सबसे तेज 6000 रन पूरा करने वाला बल्लेबाज, आईसीसी क्रिकेटर ऑफ द ईयर (2011-12) और 2013 में अर्जुन अवॉर्ड पाने वाला बल्लेबाज. जयपुर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2013 में मात्र 52 गेंदों पर शतक जड़ने वाला भारत का पहला बल्लेबाज और अंत में भारत की कप्तान बनने की बात.
इस वीडियो में, दिखाया गया है किस तरह से कोहली घर पर और नेट पर बैटिंग का अभ्यास करते थे. उन्होंने टीम इंडिया में जगह बनाने के अपने सपने को साकार करने के लिए कठिन मेहनत की. जल्द ही उन्हें टीम इंडिया की जर्सी में दिखाया जाता है और उनके प्रशंसक उनकी उपलब्धियों पर इतराते हुए नजर आते हैं.
कोहली की खास उपलब्धियों को वीडियो में वाइस ओवर के जरिये बताया है. मसलन वनडे में सबसे तेज 6000 रन पूरा करने वाला बल्लेबाज, आईसीसी क्रिकेटर ऑफ द ईयर (2011-12) और 2013 में अर्जुन अवॉर्ड पाने वाला बल्लेबाज. जयपुर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2013 में मात्र 52 गेंदों पर शतक जड़ने वाला भारत का पहला बल्लेबाज और अंत में भारत की कप्तान बनने की बात.
कोहली की खास उपलब्धियों को वीडियो में वाइस ओवर के जरिये बताया है. मसलन वनडे में सबसे तेज 6000 रन पूरा करने वाला बल्लेबाज, आईसीसी क्रिकेटर ऑफ द ईयर (2011-12) और 2013 में अर्जुन अवॉर्ड पाने वाला बल्लेबाज. जयपुर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2013 में मात्र 52 गेंदों पर शतक जड़ने वाला भारत का पहला बल्लेबाज और अंत में भारत की कप्तान बनने की बात. | यहाँ एक सारांश है:कोहली के क्रिकेट की दुनिया का सुपरस्टार बनने की कहानी बहुत ही प्रेरणादायक
पिता को खोने के बाद भी विराट ने नहीं खोया हौसला
यह युवा कप्तान आज पूरे देश के करोड़ों लोगों की दिल की धड़कन है | 18 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: वाट्सऐप पर इन दिनों एक मैसेज वायरल हो रहा है. इसमें दावा किया गया है कि पाकिस्तान में तीन लाख रुपए प्रति किलो शेर का मांस बिकता है. दो किलो शेर का मीट लेने पर एक लाख और पांच किलो खरीदने पर पांच लाख रुपए की छूट मिलेगी. शेर का मीट ऑर्डर करने के लिए www.bilalbaig.dawaza.pk.com वेबसाइट पर जाने को कहा जा रह है. इस पोस्ट में दुकान का पता भी बताया गया है. पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि ये शेर का मांस बेचने वाली दुकन सप्ताह में चार दिन खुलते हैं और तीन दिन बंद रहते हैं. हमने जब www.bilalbaig.dawaza.pk.com वेब एड्रेस खोलने की कोशिश की तो यह pk.com पर रीडायरेक्ट हो गया. टिप्पणियां
सोशल मीडिया के जानकारों का कहना है कि pk.com पर अश्लील कंटेंट परोसने के आरो लगते रहे हैं. साथ ही इस वेबसाइट की कमाई का हिस्सा आतंकियों को मिलने की बातें भी कही जाती रही है. कुछ साल पहले यह बात मीडिया में आने के बाद कई लोग pk.com पर जाना बंद क चुके हैं. शायद इसलिए pk.com के हिट्स बढ़ाने के लिए शेर का मांस बेचने जैसे भ्रामक विज्ञापन किए जा रहे हैं.
ऐसे में एनडीटीवी अपने पाठकों से अपील करता है कि वे शेर का मांस बिकने जैसे पोस्ट पर ध्यान न दें. साथ ही अपने आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करें.
सोशल मीडिया के जानकारों का कहना है कि pk.com पर अश्लील कंटेंट परोसने के आरो लगते रहे हैं. साथ ही इस वेबसाइट की कमाई का हिस्सा आतंकियों को मिलने की बातें भी कही जाती रही है. कुछ साल पहले यह बात मीडिया में आने के बाद कई लोग pk.com पर जाना बंद क चुके हैं. शायद इसलिए pk.com के हिट्स बढ़ाने के लिए शेर का मांस बेचने जैसे भ्रामक विज्ञापन किए जा रहे हैं.
ऐसे में एनडीटीवी अपने पाठकों से अपील करता है कि वे शेर का मांस बिकने जैसे पोस्ट पर ध्यान न दें. साथ ही अपने आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करें.
ऐसे में एनडीटीवी अपने पाठकों से अपील करता है कि वे शेर का मांस बिकने जैसे पोस्ट पर ध्यान न दें. साथ ही अपने आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करें. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: किसी दूसरी वेबसाइट पर हिट्स बढ़ाने के लिए चलाए जा रहे भ्रामक पोस्ट
तीन लाख रुपए प्रति किलो शेर का मांस बिकने का दावा
पाकिस्तान में शेर का मांस बिकने का दावा | 19 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: केंद्र सरकार लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (टीपीडीएस) के स्थान पर गरीब तबके के लोगों को खाद्य सब्सिडी के सीधे नकद देने के कुछ राज्यों से प्राप्त प्रस्तावों पर विचार कर रही है। खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री केवी थामस ने कहा कि इस योजना की अंतिम रूपरेखा संबंधित एजेंसियों मसलन वित्त मंत्रालय (व्यय विभाग) और योजना आयोग के बीच विचार-विमर्श के बाद तैयार की जाएगी। उत्तर प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली ने बीपीएल-अंत्योदय अन्न योजना के परिवारों को खाद्य सब्सिडी का नकद वितरण करने का प्रस्ताव दिया है। इन राज्यों ने कहा है कि टीपीडीएस के तहत खाद्यान्न के बजाय पायलट आधार पर पांच जिलों में नकद सब्सिडी दी जाए। मंत्री ने बताया कि बाद में बिहार सरकार की ओर से भी इस बारे में प्रस्ताव आया है। सरकार ने कहा है कि वह इस प्रस्तावों के आधार पर मसौदा तैयार कराएगी, जिसके तहत सब्सिडी देने के इस वैकल्पिक तरीके की व्यवहार्यता का पता लगाया जाएगा। थामस ने कहा कि योजना के तहत खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग राज्यों को नकद सब्सिडी के वितरण के लिए धन उपलब्ध कराएगा। राज्यों को यह फंड अंत्योदय अन्न योजना के तहत आने वाले परिवारों की संख्या तथा बीपीएल राशन कार्डों की संख्या के आधार पर उपलब्ध कराया जाएगा। | सारांश: उत्तर प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली ने बीपीएल-अंत्योदय अन्न योजना के परिवारों को खाद्य सब्सिडी का नकद वितरण करने का प्रस्ताव दिया है। | 31 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: फिल्म ‘बाहुबली’ के अभिनेता राणा डग्गुबाती ने कहा है कि उनकी एक आंख की रोशनी बाधित थी लेकिन उहोंने कभी खुद पर इसका असर नहीं पड़ने दिया. उन्होंने पीटीआई को बताया कि बरसों पहले उन्होंने एक आंख का प्रतिरोपण कराया था और इस बात का खुलासा एक चैट शो में किया, जिसका वीडियो अब वायरल हो गया है. राना डग्गुबाती ने बताया, 'कार्यक्रम में एक बच्चा था जिसकी मां की आंखों की रोशनी ट्यूमर के चलते चली गई थी. मैंने उन्हें प्रेरित करने के लिए अपनी आंखों के बारे में बताया. मैंने यह काफी समय समय पहले कहा और मैं कभी नहीं जानता था कि अब सामने आएगा.' अभिनेता (32) ने कहा कि उन्होंने कभी इसे समस्या के तौर पर नहीं देखा.
उन्होंने बताया, 'बरसों पहले मैंने प्रतिरोपण कराया था. बहुत कम लोग इस बारे में जानते हैं. देखा जाए तो यह एक तरह की विकलांगता है. यदि मैंने एक आंख बंद कर ली तो मैं दूसरी आंख से नहीं देख सकता. लेकिन उन चीजों में एक है जिस बारे में मैं ज्यादा नहीं सोचता. किसी को आगे बढ़ने के लिए मजबूत होने की जरूरत है.' पिछले हफ्ते रिलीज हुई फिल्म ‘बाहुबली : द कनक्लूश़न’ में उन्होंने भल्लाल देव की भूमिका निभाई है.
फिल्म में युद्ध के अब तक के कुछ सबसे शानदार दृश्य हैं जो अब तक किसी भारतीय फिल्म में नहीं दिखे हैं और राणा ने कहा कि इन दृश्यों को फिल्माने के दौरान वे लोग अक्सर लक्ष्य के गायब होने के बारे में मजाक करते थे. उन्होंने बताया, ' सेट पर ज्यादातर यह मजाक होता था. जैसे कि प्रभास हमेशा पूछा करते थे कि क्या एक्शन का क्रम शुरू होने से पहले मैं निशाना देख पाउंगा.' एसएस राजमौली के निर्देशन में बनी इस फिल्म ने अपने पहले ही दिन 121 करोड़ रूपये की कमाई कर बॉक्स ऑफिस पर सारे रिकार्ड ध्वस्त कर दिए हैं. टिप्पणियां
दग्गुबाती ने कहा कि यदि फिल्म की विषय वस्तु अच्छी है तो किसी फिल्म को इतिहास रचने से कोई चीज नहीं रोक सकती. उन्होंने कहा, 'बाहुबली को जो सराहना मिल रही है उससे मैं सचमुच में खुश हूं. इसकी सफलता साबित करती है कि यदि आप सही विषय वस्तु पर चलें तो यह पूरे देश और दुनिया में सराही जायेगी.' उन्होंने कहा, 'हम तो सिर्फ इस देश की युद्ध आधारित सबसे बड़ी फिल्म बनाना चाहते थे लेकिन इसने जो हासिल किया है वह अद्भुत है.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने बताया, 'बरसों पहले मैंने प्रतिरोपण कराया था. बहुत कम लोग इस बारे में जानते हैं. देखा जाए तो यह एक तरह की विकलांगता है. यदि मैंने एक आंख बंद कर ली तो मैं दूसरी आंख से नहीं देख सकता. लेकिन उन चीजों में एक है जिस बारे में मैं ज्यादा नहीं सोचता. किसी को आगे बढ़ने के लिए मजबूत होने की जरूरत है.' पिछले हफ्ते रिलीज हुई फिल्म ‘बाहुबली : द कनक्लूश़न’ में उन्होंने भल्लाल देव की भूमिका निभाई है.
फिल्म में युद्ध के अब तक के कुछ सबसे शानदार दृश्य हैं जो अब तक किसी भारतीय फिल्म में नहीं दिखे हैं और राणा ने कहा कि इन दृश्यों को फिल्माने के दौरान वे लोग अक्सर लक्ष्य के गायब होने के बारे में मजाक करते थे. उन्होंने बताया, ' सेट पर ज्यादातर यह मजाक होता था. जैसे कि प्रभास हमेशा पूछा करते थे कि क्या एक्शन का क्रम शुरू होने से पहले मैं निशाना देख पाउंगा.' एसएस राजमौली के निर्देशन में बनी इस फिल्म ने अपने पहले ही दिन 121 करोड़ रूपये की कमाई कर बॉक्स ऑफिस पर सारे रिकार्ड ध्वस्त कर दिए हैं. टिप्पणियां
दग्गुबाती ने कहा कि यदि फिल्म की विषय वस्तु अच्छी है तो किसी फिल्म को इतिहास रचने से कोई चीज नहीं रोक सकती. उन्होंने कहा, 'बाहुबली को जो सराहना मिल रही है उससे मैं सचमुच में खुश हूं. इसकी सफलता साबित करती है कि यदि आप सही विषय वस्तु पर चलें तो यह पूरे देश और दुनिया में सराही जायेगी.' उन्होंने कहा, 'हम तो सिर्फ इस देश की युद्ध आधारित सबसे बड़ी फिल्म बनाना चाहते थे लेकिन इसने जो हासिल किया है वह अद्भुत है.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दग्गुबाती ने कहा कि यदि फिल्म की विषय वस्तु अच्छी है तो किसी फिल्म को इतिहास रचने से कोई चीज नहीं रोक सकती. उन्होंने कहा, 'बाहुबली को जो सराहना मिल रही है उससे मैं सचमुच में खुश हूं. इसकी सफलता साबित करती है कि यदि आप सही विषय वस्तु पर चलें तो यह पूरे देश और दुनिया में सराही जायेगी.' उन्होंने कहा, 'हम तो सिर्फ इस देश की युद्ध आधारित सबसे बड़ी फिल्म बनाना चाहते थे लेकिन इसने जो हासिल किया है वह अद्भुत है.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यह एक सारांश है: सालों पहले एक चैट शो में बताई थी एक आंख से न दिखाई देने की बात
शो में आए एक बच्चे को प्रेरित करने के लिए किया था खुलासा
राना: आगे बढ़ने के लिए मजबूत होने की जरूरत है | 16 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारतीय टीम के कप्तान सरदार सिंह के नेतृत्व में खेल रही दिल्ली वेवराइर्ड्स टीम ने शनिवार को नेशनल स्टेडियम में खेले गए हीरो हॉकी इंडिया लीग (एचआईएल) मुकाबले में मुम्बई मैजिशियंस टीम को 4-3 से हरा दिया। इस मैच में मैजिशियंस के स्टार ड्रैग फ्लिकर संदीप सिंह ने हैट्रिक लगाई लेकिन उनका यह शानदार प्रयास टीम के किसी काम नहीं आया।
वेवराइर्ड्स ने एचआईएल के पहले संस्करण में अपना अजेय क्रम बरकरार रखते हुए पांचवां मैच जीता है। उसका एक मैच बराबरी पर छूटा है। वेवराइर्डस ने अपने घरेलू मैदान पर तीसरी जीत दर्ज की है।
वेवराइर्ड्स के लिए इमरान खान ने पांचवें, नोरिस जोंस ने 11वें, ऑस्कर डेके ने 21वें और रुपिंदर पाल सिंह ने 51वें मिनट में गोल किए। मैजिशियंस के लिए संदीप ने 27वें, 56वें तथा 66वें मिनट में गोल दागा। संदीप एचआईएल में अब तक कुल नौ गोल कर चुके हैं।
मैच का खाता वेवराइर्ड्स ने खोला। गुरविंदर को मिले एक आसान पास ने मैजिशियंस का काम खराब किया। मैजिशियंस की रक्षापंक्ति को ऊंघते देख गुरविंदर ने गेंद इमरान के पास सरका दी, जिस पर उन्होंने आसान गोल किया। टिप्पणियां
दोनों टीमों में एक से बढ़कर एक शानदार खिलाड़ी भरे पड़े हैं लेकिन इसके बावजूद दोनों की किस्मत बिल्कुल उलट है। वेवराइर्ड्स ने जहां एक बार भी हार का मुंह नहीं देखा है वहीं मैजिशियंस को जीत नसीब नहीं हुई है।
मैजिशियंस ने अपना छठा मैच खेला लेकिन पांचों में हार मिली है। उसके खाते में सिर्फ छह अंक हैं और उसका नॉकआउट दौर में पहुंचना नामुमकिन लग रहा है। दूसरी ओर, वेवराइर्ड्स टीम छह में से पांच मैच जीतकर और एक ड्रॉ के साथ कुल 27 अंक अपने खाते में डाल चुकी है। उसका नॉकआउट में पहुंचना तय है।
वेवराइर्ड्स ने एचआईएल के पहले संस्करण में अपना अजेय क्रम बरकरार रखते हुए पांचवां मैच जीता है। उसका एक मैच बराबरी पर छूटा है। वेवराइर्डस ने अपने घरेलू मैदान पर तीसरी जीत दर्ज की है।
वेवराइर्ड्स के लिए इमरान खान ने पांचवें, नोरिस जोंस ने 11वें, ऑस्कर डेके ने 21वें और रुपिंदर पाल सिंह ने 51वें मिनट में गोल किए। मैजिशियंस के लिए संदीप ने 27वें, 56वें तथा 66वें मिनट में गोल दागा। संदीप एचआईएल में अब तक कुल नौ गोल कर चुके हैं।
मैच का खाता वेवराइर्ड्स ने खोला। गुरविंदर को मिले एक आसान पास ने मैजिशियंस का काम खराब किया। मैजिशियंस की रक्षापंक्ति को ऊंघते देख गुरविंदर ने गेंद इमरान के पास सरका दी, जिस पर उन्होंने आसान गोल किया। टिप्पणियां
दोनों टीमों में एक से बढ़कर एक शानदार खिलाड़ी भरे पड़े हैं लेकिन इसके बावजूद दोनों की किस्मत बिल्कुल उलट है। वेवराइर्ड्स ने जहां एक बार भी हार का मुंह नहीं देखा है वहीं मैजिशियंस को जीत नसीब नहीं हुई है।
मैजिशियंस ने अपना छठा मैच खेला लेकिन पांचों में हार मिली है। उसके खाते में सिर्फ छह अंक हैं और उसका नॉकआउट दौर में पहुंचना नामुमकिन लग रहा है। दूसरी ओर, वेवराइर्ड्स टीम छह में से पांच मैच जीतकर और एक ड्रॉ के साथ कुल 27 अंक अपने खाते में डाल चुकी है। उसका नॉकआउट में पहुंचना तय है।
वेवराइर्ड्स के लिए इमरान खान ने पांचवें, नोरिस जोंस ने 11वें, ऑस्कर डेके ने 21वें और रुपिंदर पाल सिंह ने 51वें मिनट में गोल किए। मैजिशियंस के लिए संदीप ने 27वें, 56वें तथा 66वें मिनट में गोल दागा। संदीप एचआईएल में अब तक कुल नौ गोल कर चुके हैं।
मैच का खाता वेवराइर्ड्स ने खोला। गुरविंदर को मिले एक आसान पास ने मैजिशियंस का काम खराब किया। मैजिशियंस की रक्षापंक्ति को ऊंघते देख गुरविंदर ने गेंद इमरान के पास सरका दी, जिस पर उन्होंने आसान गोल किया। टिप्पणियां
दोनों टीमों में एक से बढ़कर एक शानदार खिलाड़ी भरे पड़े हैं लेकिन इसके बावजूद दोनों की किस्मत बिल्कुल उलट है। वेवराइर्ड्स ने जहां एक बार भी हार का मुंह नहीं देखा है वहीं मैजिशियंस को जीत नसीब नहीं हुई है।
मैजिशियंस ने अपना छठा मैच खेला लेकिन पांचों में हार मिली है। उसके खाते में सिर्फ छह अंक हैं और उसका नॉकआउट दौर में पहुंचना नामुमकिन लग रहा है। दूसरी ओर, वेवराइर्ड्स टीम छह में से पांच मैच जीतकर और एक ड्रॉ के साथ कुल 27 अंक अपने खाते में डाल चुकी है। उसका नॉकआउट में पहुंचना तय है।
मैच का खाता वेवराइर्ड्स ने खोला। गुरविंदर को मिले एक आसान पास ने मैजिशियंस का काम खराब किया। मैजिशियंस की रक्षापंक्ति को ऊंघते देख गुरविंदर ने गेंद इमरान के पास सरका दी, जिस पर उन्होंने आसान गोल किया। टिप्पणियां
दोनों टीमों में एक से बढ़कर एक शानदार खिलाड़ी भरे पड़े हैं लेकिन इसके बावजूद दोनों की किस्मत बिल्कुल उलट है। वेवराइर्ड्स ने जहां एक बार भी हार का मुंह नहीं देखा है वहीं मैजिशियंस को जीत नसीब नहीं हुई है।
मैजिशियंस ने अपना छठा मैच खेला लेकिन पांचों में हार मिली है। उसके खाते में सिर्फ छह अंक हैं और उसका नॉकआउट दौर में पहुंचना नामुमकिन लग रहा है। दूसरी ओर, वेवराइर्ड्स टीम छह में से पांच मैच जीतकर और एक ड्रॉ के साथ कुल 27 अंक अपने खाते में डाल चुकी है। उसका नॉकआउट में पहुंचना तय है।
दोनों टीमों में एक से बढ़कर एक शानदार खिलाड़ी भरे पड़े हैं लेकिन इसके बावजूद दोनों की किस्मत बिल्कुल उलट है। वेवराइर्ड्स ने जहां एक बार भी हार का मुंह नहीं देखा है वहीं मैजिशियंस को जीत नसीब नहीं हुई है।
मैजिशियंस ने अपना छठा मैच खेला लेकिन पांचों में हार मिली है। उसके खाते में सिर्फ छह अंक हैं और उसका नॉकआउट दौर में पहुंचना नामुमकिन लग रहा है। दूसरी ओर, वेवराइर्ड्स टीम छह में से पांच मैच जीतकर और एक ड्रॉ के साथ कुल 27 अंक अपने खाते में डाल चुकी है। उसका नॉकआउट में पहुंचना तय है।
मैजिशियंस ने अपना छठा मैच खेला लेकिन पांचों में हार मिली है। उसके खाते में सिर्फ छह अंक हैं और उसका नॉकआउट दौर में पहुंचना नामुमकिन लग रहा है। दूसरी ओर, वेवराइर्ड्स टीम छह में से पांच मैच जीतकर और एक ड्रॉ के साथ कुल 27 अंक अपने खाते में डाल चुकी है। उसका नॉकआउट में पहुंचना तय है। | यहाँ एक सारांश है:भारतीय टीम के कप्तान सरदार सिंह के नेतृत्व में खेल रही दिल्ली वेवराइर्ड्स टीम ने शनिवार को नेशनल स्टेडियम में खेले गए हीरो हॉकी इंडिया लीग (एचआईएल) मुकाबले में मुम्बई मैजिशियंस टीम को 4-3 से हरा दिया। | 18 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: केंद्रीय संचार मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा कि साइबर सुरक्षा की चुनौतियों से निपटते वक्त व्यक्ति की निजता और देश की सुरक्षा चिंता के बीच संतुलन जरूरी है। सिब्बल ने मंगलवार को हेलसिंकी में 'उभरते बाजारों के लिए सूचना और नेटवर्क सुरक्षा' विषय पर एक सम्मेलन में बातचीत के चरण में कहा कि साइबर हमला एक व्यक्ति ही नहीं बल्कि एक प्रतियोगी कम्पनी और आक्रामक देश द्वारा भी किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि एक दुर्भावनापूर्ण 'मलवेयर' न सिर्फ परमाणु बिजली संयंत्र बल्कि वित्तीय बाजार को भी बाधित कर सकता है, जो आज दुनिया भर से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि कभी-कभी साइबर हमले का परिणाम आज आतंकवादी हमले से भी घातक हो सकता है। देश में दूरसंचार के विकास पर उन्होंने कहा कि यहां काफी बेहतर विकास हुआ है। उपभोक्ता की संख्या 2000 में 30 लाख से बढ़कर 2011 में 87 करोड़ तक पहुंच गई है। सिब्बल ने अंतर्राष्ट्रीय कम्पनियों को भारत में कारोबार करने के लिए आमंत्रित किया और कहा कि इससे जहां एक ओर बेरोजगारों को रोजगार मिलेगा, वहीं कम्पनियों के लिए भी उत्पादन लागत घटेगी। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सिब्बल ने कहा कि साइबर सुरक्षा की चुनौतियों से निपटते वक्त व्यक्ति की निजता और देश की सुरक्षा चिंता के बीच संतुलन जरूरी है। | 3 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: ऑस्ट्रेलिया में अब एक भारतीय छात्रा के साथ बलात्कार करने के बाद उसकी हत्या कर दिए जाने का मामला प्रकाश में आया है। 24-वर्षीय भारतीय छात्रा तोशा का सूटकेस में बंद शव पिछले सप्ताह सिडनी की एक नहर से बरामद किया गया। स्थानीय पुलिस के जारी बयान में बताया गया कि 11 मार्च की सुबह को निर्माण कार्य में लगे मजदूरों ने मिडोबैंक पार्क के पास के नहर से सूटकेस में रखे महिला के शव को देखने के बाद इसकी जानकारी पुलिस को दी। मृतक की पहचान भारतीय छात्रा तोशा ठक्कर के तौर पर की गई है। पुलिस शव के अंत्यपरीक्षण की रिपोर्ट का इंतजार कर रही हैं, ताकि मौत के कारणों का पता चल सके। पुलिस ने इस हत्या के मामले में 19-वर्षीय डैनियल स्टानी रेजिनाल्ड को गिरफ्तार किया है और पुलिस आरोपी से हत्या और यौन उत्पीड़न के मामले को लेकर पूछताछ कर रही है। उन्होंने इस बात की पुष्टि कर दी कि पीड़ित छात्रा को आखिरी बार 9 मार्च को जिंदा देखा गया था। तोशा सिडनी कालेज ऑफ बिजनेस एंड आईटी में अकाउंट की पढ़ाई कर रही थी और वह ऑस्ट्रेलिया की स्थायी निवासी थी। | यहाँ एक सारांश है:24-वर्षीय भारतीय छात्रा तोशा का सूटकेस में बंद शव पिछले सप्ताह सिडनी की एक नहर से बरामद किया गया। | 15 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: अरुणाचल प्रदेश के वेस्ट सियांग जिले के लिकाबाई में एक निजी स्कूल में होस्टल वार्डन को 14 बच्चियों के साथ कथित रूप से बलात्कार के सनसनीखेज मामले में गिरफ्तार किया गया है।
कुछ छात्राओं द्वारा पुलिस को इस घटना की जानकारी दिए जाने के बाद यह मामला प्रकाश में आया। आरोप है कि चार से 13 साल की बच्चियों के साथ वार्डन तीन साल से अधिक समय तक बलात्कार करता रहा। इस घटना के सामने आने के बाद मंगलवार शाम स्थानीय लोगों, छात्रों और सिविल सोसायटी के सदस्यों ने सड़कों पर विरोध प्रदर्शन किया।टिप्पणियां
उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए लिकाबाली पुलिस थाने का घेराव भी किया। स्कूल के कुछ छात्रों ने लिकाबाली पुलिस थाने में मंगलवार को शिकायत दर्ज कराई। गैर अरुणाचली विपिन विस्वान को इस संबंध में गिरफ्तार कर लिया गया। वह स्कूल में अध्यापक के साथ ही होस्टल वार्डन भी था।
इस संबंध में पूछताछ के लिए स्कूल के प्रिंसिपल और दो अन्य कर्मचारियों को भी हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने बताया कि लिकाबाली पुलिस थाने में एक मामला दर्ज किया गया है तथा जांच जारी है। पुलिस के अनुसार, स्कूल में पिछले तीन साल से छात्राओं का यौन उत्पीड़न और बलात्कार जारी था। अपराध को अंजाम देने के बाद आरोपी ने छात्राओं को इसकी जानकारी अपने माता-पिता को देने पर कड़ा अंजाम भुगतने की धमकी दी थी।
कुछ छात्राओं द्वारा पुलिस को इस घटना की जानकारी दिए जाने के बाद यह मामला प्रकाश में आया। आरोप है कि चार से 13 साल की बच्चियों के साथ वार्डन तीन साल से अधिक समय तक बलात्कार करता रहा। इस घटना के सामने आने के बाद मंगलवार शाम स्थानीय लोगों, छात्रों और सिविल सोसायटी के सदस्यों ने सड़कों पर विरोध प्रदर्शन किया।टिप्पणियां
उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए लिकाबाली पुलिस थाने का घेराव भी किया। स्कूल के कुछ छात्रों ने लिकाबाली पुलिस थाने में मंगलवार को शिकायत दर्ज कराई। गैर अरुणाचली विपिन विस्वान को इस संबंध में गिरफ्तार कर लिया गया। वह स्कूल में अध्यापक के साथ ही होस्टल वार्डन भी था।
इस संबंध में पूछताछ के लिए स्कूल के प्रिंसिपल और दो अन्य कर्मचारियों को भी हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने बताया कि लिकाबाली पुलिस थाने में एक मामला दर्ज किया गया है तथा जांच जारी है। पुलिस के अनुसार, स्कूल में पिछले तीन साल से छात्राओं का यौन उत्पीड़न और बलात्कार जारी था। अपराध को अंजाम देने के बाद आरोपी ने छात्राओं को इसकी जानकारी अपने माता-पिता को देने पर कड़ा अंजाम भुगतने की धमकी दी थी।
उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए लिकाबाली पुलिस थाने का घेराव भी किया। स्कूल के कुछ छात्रों ने लिकाबाली पुलिस थाने में मंगलवार को शिकायत दर्ज कराई। गैर अरुणाचली विपिन विस्वान को इस संबंध में गिरफ्तार कर लिया गया। वह स्कूल में अध्यापक के साथ ही होस्टल वार्डन भी था।
इस संबंध में पूछताछ के लिए स्कूल के प्रिंसिपल और दो अन्य कर्मचारियों को भी हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने बताया कि लिकाबाली पुलिस थाने में एक मामला दर्ज किया गया है तथा जांच जारी है। पुलिस के अनुसार, स्कूल में पिछले तीन साल से छात्राओं का यौन उत्पीड़न और बलात्कार जारी था। अपराध को अंजाम देने के बाद आरोपी ने छात्राओं को इसकी जानकारी अपने माता-पिता को देने पर कड़ा अंजाम भुगतने की धमकी दी थी।
इस संबंध में पूछताछ के लिए स्कूल के प्रिंसिपल और दो अन्य कर्मचारियों को भी हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने बताया कि लिकाबाली पुलिस थाने में एक मामला दर्ज किया गया है तथा जांच जारी है। पुलिस के अनुसार, स्कूल में पिछले तीन साल से छात्राओं का यौन उत्पीड़न और बलात्कार जारी था। अपराध को अंजाम देने के बाद आरोपी ने छात्राओं को इसकी जानकारी अपने माता-पिता को देने पर कड़ा अंजाम भुगतने की धमकी दी थी। | यहाँ एक सारांश है:अरुणाचल प्रदेश के वेस्ट सियांग जिले के लिकाबाई में एक निजी स्कूल में होस्टल वार्डन को 14 बच्चियों के साथ कथित रूप से बलात्कार के सनसनीखेज मामले में गिरफ्तार किया गया है। | 4 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: कार्टून किरदार वाले पतंगों में बच्चों की इंट्रेस्ट: शर्मा ने बताया कि बच्चों में छोटा भीम, डोरेमॉन, टॉम एंड जेरी जैसे कार्टून किरदारों और बार्बी वाली पतंगें लोकप्रिय हैं. उन्होंने कहा कि विशाल पतंगों की मांग भी है. कई ग्राहकों ने ऐसी पतंगों की मांग की है. एक अन्य दुकानदार तरूण ने बताया कि चीनी मांझे पर सरकार ने प्रतिबंध लगा दिया है और इसकी जगह स्थानीय मांझे ने ले ली है. लोग चीनी मांझे का उपयोग न करें, इसके लिए पुलिस ने शहर में विशेष अभियान चलाया है.
पिछले साल इन धागों की वजह से कई लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की कई घटनाओं के बाद सरकार ने चीनी मांझे की खरीदी बिक्री पर रोक लगा दी थी. एक पुलिस अधिकारी ने बताया 'हमने चीनी मांझे पर कड़ा प्रतिबंध सुनिश्चित करने के लिए पिछले सप्ताह से बाजार में विशेष अभियान चलाया हुआ है.' उन्होंने बताया कि चीनी मांझा खुले बाजार में उपलब्ध नहीं है. अधिकारी ने बताया 'हम पूरी नजर रख रहे हैं और अगर कोई प्रतिबंधित मांझा बेचता पाया गया तो उसके खिलाफ कानून के मुताबिक समुचित कार्रवाई की जाएगी.'
पिछले साल इन धागों की वजह से कई लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की कई घटनाओं के बाद सरकार ने चीनी मांझे की खरीदी बिक्री पर रोक लगा दी थी. एक पुलिस अधिकारी ने बताया 'हमने चीनी मांझे पर कड़ा प्रतिबंध सुनिश्चित करने के लिए पिछले सप्ताह से बाजार में विशेष अभियान चलाया हुआ है.' उन्होंने बताया कि चीनी मांझा खुले बाजार में उपलब्ध नहीं है. अधिकारी ने बताया 'हम पूरी नजर रख रहे हैं और अगर कोई प्रतिबंधित मांझा बेचता पाया गया तो उसके खिलाफ कानून के मुताबिक समुचित कार्रवाई की जाएगी.' | यहाँ एक सारांश है:चाइनीज धागे में नहीं है खरीदारों की रूचि
पसंदीदा कार्टून किरदारों वाली पतंगों की डिमांड
जम्मू में रक्षा बंधन और जन्माष्टमी पर लोग पतंग उड़ाते हैं | 18 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: यही नहीं ऑस्ट्रेलिया के पूर्व खिलाड़ी भी अपनी टीम को आगाह कर रहे हैं. पूर्व कंगारू क्रिकेटर किम ह्यूज ने कंगारू टीम को आगाह करते हुए कहा है कि भारतीय टीम के खिलाफ सतर्क रहना होगा. इंटेसिटी को बरकरार रखना होगा. मैच जीते हैं सीरीज नहीं. भारतीय टीम वापसी करेगी.
सौरव गांगुली ने भी ऑस्ट्रेलियाई स्पिनर्स की तारीफ करते हुए कहा कि उनसे इस तरह की गेंदबाजी की उम्मीद नहीं थी. लेकिन भारतीय टीम वापसी करेगी. उनके स्पिनर्स ने चौंकाया है लेकिन ये भारतीय टीम सीरीज में वापसी करेगी.टिप्पणियां
पूर्व भारतीय कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन ने कहा है कि टीम वापसी कर सकती है लेकिन दो बदलाव करने होंगे जिसमें जयंत यादव और इशांत शर्मा को उन्होंने टीम से बाहर करने को कहा है. उनकी जगह करुण नायर और दूसरा कोई गेंदबाज खिलाया जा सकता है.
हरभजन ने भी अपने कमेंट पर ट्रोल होने के बाद कहा है कि भारतीय टीम की हार के लिए पिच दोषी है. इस तरह की पिच पर टेस्ट क्रिकेट नहीं खेला जा सकता. लेकिन भारतीय टीम सीरीज में वापसी करेगी अगर मैच वैसी पिचों पर खेला गया जहां टेस्ट मैच खेला जाना चाहिए.
मतलब साफ है. ये टीम वापसी करना जानती है. और विराट कोहली का मैच के बाद दिया भरोसा कि अगले टेस्ट में पहली गेंद से ही फर्क दिखाई देगा. कंगारुओं को भी चेन की सांस नहीं भरने देगा. सीरीज अभी बाकी है और भारत-ऑस्ट्रेलिया सीरीज का रोमांच भी...
सौरव गांगुली ने भी ऑस्ट्रेलियाई स्पिनर्स की तारीफ करते हुए कहा कि उनसे इस तरह की गेंदबाजी की उम्मीद नहीं थी. लेकिन भारतीय टीम वापसी करेगी. उनके स्पिनर्स ने चौंकाया है लेकिन ये भारतीय टीम सीरीज में वापसी करेगी.टिप्पणियां
पूर्व भारतीय कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन ने कहा है कि टीम वापसी कर सकती है लेकिन दो बदलाव करने होंगे जिसमें जयंत यादव और इशांत शर्मा को उन्होंने टीम से बाहर करने को कहा है. उनकी जगह करुण नायर और दूसरा कोई गेंदबाज खिलाया जा सकता है.
हरभजन ने भी अपने कमेंट पर ट्रोल होने के बाद कहा है कि भारतीय टीम की हार के लिए पिच दोषी है. इस तरह की पिच पर टेस्ट क्रिकेट नहीं खेला जा सकता. लेकिन भारतीय टीम सीरीज में वापसी करेगी अगर मैच वैसी पिचों पर खेला गया जहां टेस्ट मैच खेला जाना चाहिए.
मतलब साफ है. ये टीम वापसी करना जानती है. और विराट कोहली का मैच के बाद दिया भरोसा कि अगले टेस्ट में पहली गेंद से ही फर्क दिखाई देगा. कंगारुओं को भी चेन की सांस नहीं भरने देगा. सीरीज अभी बाकी है और भारत-ऑस्ट्रेलिया सीरीज का रोमांच भी...
पूर्व भारतीय कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन ने कहा है कि टीम वापसी कर सकती है लेकिन दो बदलाव करने होंगे जिसमें जयंत यादव और इशांत शर्मा को उन्होंने टीम से बाहर करने को कहा है. उनकी जगह करुण नायर और दूसरा कोई गेंदबाज खिलाया जा सकता है.
हरभजन ने भी अपने कमेंट पर ट्रोल होने के बाद कहा है कि भारतीय टीम की हार के लिए पिच दोषी है. इस तरह की पिच पर टेस्ट क्रिकेट नहीं खेला जा सकता. लेकिन भारतीय टीम सीरीज में वापसी करेगी अगर मैच वैसी पिचों पर खेला गया जहां टेस्ट मैच खेला जाना चाहिए.
मतलब साफ है. ये टीम वापसी करना जानती है. और विराट कोहली का मैच के बाद दिया भरोसा कि अगले टेस्ट में पहली गेंद से ही फर्क दिखाई देगा. कंगारुओं को भी चेन की सांस नहीं भरने देगा. सीरीज अभी बाकी है और भारत-ऑस्ट्रेलिया सीरीज का रोमांच भी...
हरभजन ने भी अपने कमेंट पर ट्रोल होने के बाद कहा है कि भारतीय टीम की हार के लिए पिच दोषी है. इस तरह की पिच पर टेस्ट क्रिकेट नहीं खेला जा सकता. लेकिन भारतीय टीम सीरीज में वापसी करेगी अगर मैच वैसी पिचों पर खेला गया जहां टेस्ट मैच खेला जाना चाहिए.
मतलब साफ है. ये टीम वापसी करना जानती है. और विराट कोहली का मैच के बाद दिया भरोसा कि अगले टेस्ट में पहली गेंद से ही फर्क दिखाई देगा. कंगारुओं को भी चेन की सांस नहीं भरने देगा. सीरीज अभी बाकी है और भारत-ऑस्ट्रेलिया सीरीज का रोमांच भी... | यहाँ एक सारांश है:सीरीज में पिछड़ने के बाद पहले भी कई मर्तबा टीम इंडिया कर चुकी है वापसी
2015-16 में श्रीलंका के खिलाफ की थी शानदार वापसी
2000-01 की ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ऐतिहासिक सीरीज कोई नहीं भूला | 18 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: इसके अलावा सोमवार को भी बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार पर निशाना साधा था. उन्होंने ट्वीट किया था, 'बिहार की असंवेदनशील नीतीश सरकार पूरी तरह से निरंकुशता की ओर बढ़ चली है. किसानों को चौतरफा मार दी जा रही है. खाद उपलब्ध नहीं है. जो है उसमें खाद की काला बाजारी हो रही है. धान की खरीद अभी तक नहीं की गई है. मोदी जी और नीतीश जी केवल झूठ के सहारे अपनी नाकामी छुपा रहे है.' एक अन्य ट्वीट में तेजस्वी ने लिखा है, 'मोदी जी किसानों के साथ किस बात का बदला ले रहे है? किसानों की कर्जमाफी और आय बढ़ाने के लिए क्या किया? नीतीश जी बताएं धान की खरीद क्यों नहीं हो रही? खाद की उपलब्धता क्यों नहीं है? खाद की कालाबाजारी क्यों हो रही है? सुखा पीड़ित किसानों को राहत पैकेज कब मिलेगा? जवाब दीजिए.'
मॉब लिंचिंग पर बोले सीएम नीतीश कुमार.. मॉब में हिंसा करने वाला कायर होता है।
और मॉब लिंचिंग व हिंसा नहीं रोक सकने वाला शासक एवं 11 करोड़ लोगों के जनादेश के साथ हिंसा करने वाला बहादुर होता है।
जय हो!
तेजस्वी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी जारी की थी, जिसमें कहा था, 'किसान, मज़दूर और आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग सरकार की जनविरोधी नीतियों से त्रस्त है. इससे पहले बालू बंदी से सरकार ने यह जाहिर कर दिया था कि उसे बिहार की जनता, विशेषकर निचले तबके के लोगों की पीड़ा और उसके आर्थिक उत्थान की कोई परवाह नहीं है.'
बता दें, नीतीश कुमार सरकार पर तेजस्वी यादव समय-समय पर ट्वीट करके निशाना साधते रहे हैं. उन्होंने हालही बिहार के नवादा सदर अस्पताल की कुछ तस्वीरें शेयर की थीं, जिनमें कुत्ते बेड पर सोते हुए दिख रहे हैं. इस पर तेजस्वी ने लिखा था, 'बिहार के नवादा सदर अस्पताल की दुर्लभ तस्वीर जहां मरीजों को बेड नहीं मिलते लेकिन कुत्ते बेड पर कब्जा कर आराम फरमाते है. यहां के सांसद सह केंद्रीय मंत्री हिंदुस्तानियों को पाकिस्तान भेजने में मस्त और प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री दूसरे देश-प्रदेश घुमने और मौज मस्ती में व्यस्त है. | संक्षिप्त पाठ: तेजस्वी यादव ने साधा नीतीश कुमार पर निशाना
मॉब लिंचिंग को लेकर भी इस बार बोला हमला
पहले भी कई बार साध चुके हैं निशाना | 22 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: कॉमेडी किंग कहलाने वाले कॉमेडियन व एक्टर कपिल शर्मा (Kapil Sharma) आज अपना 38वां जन्मदिन मना रहे हैं. अमृतसर में जन्मे कपिल शर्मा (Kapil Sharma) ने अपने करियर की शुरुआत एक पीसीओ से शुरू किया था. कपिल ने 'हसदे हसांदे रहो' कॉमेडी शो में काम किया. इसके बाद उन्हें 'द ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज' में ब्रेक मिला, जिसके बाद वह देशभर में छा गए. यहां उन्होंने अपने मजाकिया अंदाज से लोगों का दिल जीत लिया. कपिल शर्मा (Kapil Sharma) ने सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन पर 'कॉमेडी सर्कस' में भाग लिया. यहां वह सालों तक स्टैंडअप कॉमेडी करते रहे और कई बार विजेता भी बने. यहां से निकलने के बाद उन्होंने अपने प्रोडक्शन हाउस के साथ 'कॉमेडी नाइट विद कपिल' की शुरुआत कलर्स चैनल से की. यह शो काफी सक्सेस रहा और फिर एक साल के बाद सोनी टेलिविजन पर 'द कपिल शर्मा शो' (The Kapil Sharma Show) शुरू हुआ. आइए देखते हैं उनके कुछ मजेदार वीडियो...
कपिल शर्मा 'बैंक चोर' नाम से यशराज फिल्म्स की फिल्म से अपना बॉलीवुड डेब्यू करने वाले थे लेकिन बाद में इन्होंने ये फिल्म छोड़ दी. साल 2015 में अब्बास-मस्तान द्वारा निर्देशित फिल्म 'किस किसको प्यार करूं' से कपिल शर्मा ने डेब्यू किया था. जिसके बाद 2017 में दूसरी फिल्म 'फिरंगी' आई, जोकि बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह पिट गई. हालांकि इस फिल्म के बाद ही 'द कपिल शर्मा शो' के को-एक्टर सुनील ग्रोवर संग अनबन हुई और कुछ हफ्तों में शो बंद करना पड़ गया.
हालांकि बाद में 'फैमिली टाइम विद कपिल' शुरू हुआ, लेकिन नियमित नहीं होने के कारण यह शो भी सोनी चैनल को बंद करना पड़ा. हालांकि एक साल बाद यह शो फिर से शुरू हुआ और शानदार टीआरपी बटोर रहा है. | संक्षिप्त सारांश: कपिल शर्मा का 38वां जन्मदिन
कहलाते है कॉमेडी किंग
सभी को ले आए एक मंच पर | 29 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पश्चिम बंगाल के नदिया जिले के एक गांव में सोते समय एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा तेजाब फेंके जाने की घटना में 28-वर्षीय एक मूक-बधिर महिला की मौत हो गई.
नदिया के पुलिस अधीक्षक एसआर झाझरिया ने रविवार को बताया कि महिला के साथ उसके गांव में पिछले महीने एक अज्ञात व्यक्ति ने कथित तौर पर बलात्कार किया था. शनिवार रात को जब वह बेताई नातुनपारा गांव में अपने घर में सो रही थी, उसी समय एक खुली खिड़की से उस पर तेजाब फेंका गया.टिप्पणियां
उन्होंने बताया कि बुरी तरह झुलसी महिला को पहले तेहट्टा के एक अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे जिला मुख्यालय कृष्णानगर के एक अस्पताल रेफर कर दिया गया. झाझरिया ने बताया कि अस्पताल में महिला को भर्ती कराए जाने के तुरंत बाद उसने दम तोड़ दिया. उन्होंने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
नदिया के पुलिस अधीक्षक एसआर झाझरिया ने रविवार को बताया कि महिला के साथ उसके गांव में पिछले महीने एक अज्ञात व्यक्ति ने कथित तौर पर बलात्कार किया था. शनिवार रात को जब वह बेताई नातुनपारा गांव में अपने घर में सो रही थी, उसी समय एक खुली खिड़की से उस पर तेजाब फेंका गया.टिप्पणियां
उन्होंने बताया कि बुरी तरह झुलसी महिला को पहले तेहट्टा के एक अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे जिला मुख्यालय कृष्णानगर के एक अस्पताल रेफर कर दिया गया. झाझरिया ने बताया कि अस्पताल में महिला को भर्ती कराए जाने के तुरंत बाद उसने दम तोड़ दिया. उन्होंने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने बताया कि बुरी तरह झुलसी महिला को पहले तेहट्टा के एक अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे जिला मुख्यालय कृष्णानगर के एक अस्पताल रेफर कर दिया गया. झाझरिया ने बताया कि अस्पताल में महिला को भर्ती कराए जाने के तुरंत बाद उसने दम तोड़ दिया. उन्होंने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पिछले महीने अज्ञात शख्स ने किया था रेप
सोते समय खिड़की से फेंका गया तेजाब
अस्पताल में इलाज के दौरान तोड़ा दम | 3 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि राजधानी दिल्ली में पिछले साल 16 दिसंबर को चलती बस में सामूहिक बलात्कार की शिकार हुई पैरा-मेडिकल छात्रा के मित्र द्वारा दिए गए साक्षात्कार को मुकदमे की कार्यवाही के दौरान सबूत के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।टिप्पणियां
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश को दरकिनार कर दिया, जिसमें साक्षात्कार को गवाही के रूप में इस्तेमाल करने की अनुमति दी गई थी। दिल्ली पुलिस ने दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ यह कहते हुए अपील की थी कि टीवी पर दिया गया इंटरव्यू स्वीकार्य नहीं है।
दरअसल, ट्रायल कोर्ट ने उस इंटरव्यू की सीडी को सबूत के तौर पर पेश किए जाने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद मामले के छह में से दो आरोपियों - मुख्य आरोपी राम सिंह और उसके भाई मुकेश ने हाईकोर्ट में अपील की थी और कोर्ट ने 7 मार्च को उनके इस तर्क को मंजूर कर लिया था और सीडी को सबूत के तौर पर शामिल किए जाने की अनुमति दे दी थी।
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश को दरकिनार कर दिया, जिसमें साक्षात्कार को गवाही के रूप में इस्तेमाल करने की अनुमति दी गई थी। दिल्ली पुलिस ने दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ यह कहते हुए अपील की थी कि टीवी पर दिया गया इंटरव्यू स्वीकार्य नहीं है।
दरअसल, ट्रायल कोर्ट ने उस इंटरव्यू की सीडी को सबूत के तौर पर पेश किए जाने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद मामले के छह में से दो आरोपियों - मुख्य आरोपी राम सिंह और उसके भाई मुकेश ने हाईकोर्ट में अपील की थी और कोर्ट ने 7 मार्च को उनके इस तर्क को मंजूर कर लिया था और सीडी को सबूत के तौर पर शामिल किए जाने की अनुमति दे दी थी।
दरअसल, ट्रायल कोर्ट ने उस इंटरव्यू की सीडी को सबूत के तौर पर पेश किए जाने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद मामले के छह में से दो आरोपियों - मुख्य आरोपी राम सिंह और उसके भाई मुकेश ने हाईकोर्ट में अपील की थी और कोर्ट ने 7 मार्च को उनके इस तर्क को मंजूर कर लिया था और सीडी को सबूत के तौर पर शामिल किए जाने की अनुमति दे दी थी। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि राजधानी दिल्ली में पिछले साल 16 दिसंबर को चलती बस में सामूहिक बलात्कार की शिकार हुई पैरा-मेडिकल छात्रा के मित्र द्वारा दिए गए साक्षात्कार को मुकदमे की कार्यवाही के दौरान सबूत के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। | 11 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में अच्छी फसल के लिए दो ग्रामीणों ने मिलकर एक सात वर्षीय बच्ची की बलि चढ़ा दी। पुलिस ने दोनों ग्रामीणों को गिरफ्तार कर लिया है।
बीजापुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बीपीएस राजभानू ने फोन पर बताया कि बीजापुर शहर में अच्छी फसल के लिए बच्ची की बलि चढ़ाने के मामले में पुलिस ने दो लोगों पदम सुक्कू और पिगनेश कुजूर को गिरफ्तार कर लिया है।
राजभानू ने बताया कि 21 अक्टूबर वर्ष 2011 की रात में बीजापुर में रहने वाले बुधराम ताती की सात वर्षीय बेटी ललिता अचानक गायब हो गई थी। बाद में पुलिस ने 27 अक्टूबर को एक खेत से ललिता का क्षत विक्षत शव बरामद किया था।
उन्होंने बताया कि इसके बाद पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू की तब जानकारी मिली कि ललिता की हत्या की गई थी। इसके बाद पुलिस ने 27 दिसंबर को इस मामले में हत्या का मामला दर्ज किया तथा हत्यारों की खोजबीन शुरू की गई। बाद में पुलिस ने 29 दिसंबर को पदम सुक्कु और पिगनेश कुजूर को ललिता की हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने ही ललिता का अपहरण कर लिया था तथा पास के खेत में उसकी गला दबाकर उसकी हत्या कर दी थी। हत्या के बाद हत्यारों ने ललिता का जिगर (लीवर) बाहर निकाल लिया था तथा करीब के तुरनार गांव में तालाब के किनारे मंदिर में चढ़ा दिया था। इसके बाद उन्होंने ललिता के शव को खेत में गाड़ दिया था, जिसे जानवरों ने बाहर निकाल लिया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपियों ने खेत में अच्छी फसल के लिए ललिता की बलि चढ़ाई थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। | संक्षिप्त पाठ: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में अच्छी फसल के लिए दो ग्रामीणों ने मिलकर एक सात वर्षीय बच्ची की बलि चढ़ा दी। पुलिस ने दोनों ग्रामीणों को गिरफ्तार कर लिया है। | 13 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: कर्नाटक से पलायन करके पूर्वोत्तर के हजारों लोग शनिवार को असम की राजधानी गुवाहाटी पहुंचे। उधर, पुलिस ने अफवाह फैलाने के आरोप में 16 लोगों को गिरफ्तार किया। सीबीआई ने इस मामले में सात मामले दर्ज किए हैं।
असम में भड़की साम्प्रदायिक हिंसा के बदले पूर्वोत्तर के लोगों को निशाना बनाने की धमकी मिलने और उन पर हमले की अफवाह के बाद पलायन का यह दौर शुरू हुआ। उधर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने असम हिंसा के दोषियों का सुराग देने वालों को एक लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।
पुलिस ने 16 लोगों को बेंगलुरू से गिरफ्तार किया। इसमें से आठ लोगों को एसएमएस एवं एमएमएस द्वारा पूर्वोत्तर के लोगों पर हमले से सम्बंधित अफवाह फैलाने वाले एवं आठ लोगों को हमला करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
बेंगलुरू पुलिस आयुक्त बीजी ज्योतिप्रकाश मिर्जी ने यह जानकारी दी।
गुवाहाटी रेलवे स्टेशन पर असम के शिवसागर जिले के निवासी बितोपन बरुआ ने बताया, "मैं बेंगलुरू में पांच वर्षों से रह रहा हूं। मेरे कुछ मित्रों को स्थानीय अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने हमें 20 अगस्त से पहले बेंगलुरू छोड़ने या फिर परिणाम भुगतने की धमकी दी। हमने तुरंत छोड़ने का निर्णय लिया और 15 अगस्त को बेंगलुरू रेलवे स्टेशन पर खड़ी विशेष रेलगाड़ी में सवार हो गए।"
धीमाजी की दिंगाता पेगू ने बताया, "हमें धमकीभरा कोई फोन नहीं किया गया। कुछ लोग चाकू एवं खंजर लेकर हमारे कमरे पर आए और हमसे 20 अगस्त तक राज्य छोड़ने की धमकी दी। उन्होंने असम में हाल ही में भड़की हिंसा का भी हवाला दिया और गम्भीर परिणाम भुगतने की चेतावनी भी दी।"
कर्नाटक सरकार ने पूर्वोत्तर के लोगों के लिए तीन विशेष रेलगाड़ियों की व्यवस्था की थी।
लोगों के बड़ी संख्या में आने से पहले से ही बाढ़ एवं नस्लीय हिंसा झेल रही राज्य सरकार के सामने परेशानी बढ़ गई है।
सीबीआई ने शनिवार को असम में भड़की साम्प्रदायिक हिंसा के दोषियों के विषय में सूचना उपलब्ध कराने पर एक लाख रुपये देने की घोषणा की है। सीबीआई असम में बोडो एवं बांग्लाभाषी मुस्लिमों के मध्य भड़की हिंसा की जांच कर रही है।टिप्पणियां
एक अधिकारी ने कहा, "सूचना विश्वसनीय होनी चाहिए जिसकी सहायता से हम हिंसा के दोषियों को गिरफ्तार कर सकें। सुराग बताने वालों की पहचान गुप्त रखी जाएगी।"
सीबीआई ने बयान में कहा, "जिस किसी के पास भी सूचना हो वह सीबीआई से 8811099997 या फिर 8811099996 पर फोन या फिर एसएमएस कर सकते हैं। सूचनाएं 03664-241253 पर फैक्स की जा सकती हैं।"
असम में भड़की साम्प्रदायिक हिंसा के बदले पूर्वोत्तर के लोगों को निशाना बनाने की धमकी मिलने और उन पर हमले की अफवाह के बाद पलायन का यह दौर शुरू हुआ। उधर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने असम हिंसा के दोषियों का सुराग देने वालों को एक लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।
पुलिस ने 16 लोगों को बेंगलुरू से गिरफ्तार किया। इसमें से आठ लोगों को एसएमएस एवं एमएमएस द्वारा पूर्वोत्तर के लोगों पर हमले से सम्बंधित अफवाह फैलाने वाले एवं आठ लोगों को हमला करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
बेंगलुरू पुलिस आयुक्त बीजी ज्योतिप्रकाश मिर्जी ने यह जानकारी दी।
गुवाहाटी रेलवे स्टेशन पर असम के शिवसागर जिले के निवासी बितोपन बरुआ ने बताया, "मैं बेंगलुरू में पांच वर्षों से रह रहा हूं। मेरे कुछ मित्रों को स्थानीय अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने हमें 20 अगस्त से पहले बेंगलुरू छोड़ने या फिर परिणाम भुगतने की धमकी दी। हमने तुरंत छोड़ने का निर्णय लिया और 15 अगस्त को बेंगलुरू रेलवे स्टेशन पर खड़ी विशेष रेलगाड़ी में सवार हो गए।"
धीमाजी की दिंगाता पेगू ने बताया, "हमें धमकीभरा कोई फोन नहीं किया गया। कुछ लोग चाकू एवं खंजर लेकर हमारे कमरे पर आए और हमसे 20 अगस्त तक राज्य छोड़ने की धमकी दी। उन्होंने असम में हाल ही में भड़की हिंसा का भी हवाला दिया और गम्भीर परिणाम भुगतने की चेतावनी भी दी।"
कर्नाटक सरकार ने पूर्वोत्तर के लोगों के लिए तीन विशेष रेलगाड़ियों की व्यवस्था की थी।
लोगों के बड़ी संख्या में आने से पहले से ही बाढ़ एवं नस्लीय हिंसा झेल रही राज्य सरकार के सामने परेशानी बढ़ गई है।
सीबीआई ने शनिवार को असम में भड़की साम्प्रदायिक हिंसा के दोषियों के विषय में सूचना उपलब्ध कराने पर एक लाख रुपये देने की घोषणा की है। सीबीआई असम में बोडो एवं बांग्लाभाषी मुस्लिमों के मध्य भड़की हिंसा की जांच कर रही है।टिप्पणियां
एक अधिकारी ने कहा, "सूचना विश्वसनीय होनी चाहिए जिसकी सहायता से हम हिंसा के दोषियों को गिरफ्तार कर सकें। सुराग बताने वालों की पहचान गुप्त रखी जाएगी।"
सीबीआई ने बयान में कहा, "जिस किसी के पास भी सूचना हो वह सीबीआई से 8811099997 या फिर 8811099996 पर फोन या फिर एसएमएस कर सकते हैं। सूचनाएं 03664-241253 पर फैक्स की जा सकती हैं।"
पुलिस ने 16 लोगों को बेंगलुरू से गिरफ्तार किया। इसमें से आठ लोगों को एसएमएस एवं एमएमएस द्वारा पूर्वोत्तर के लोगों पर हमले से सम्बंधित अफवाह फैलाने वाले एवं आठ लोगों को हमला करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
बेंगलुरू पुलिस आयुक्त बीजी ज्योतिप्रकाश मिर्जी ने यह जानकारी दी।
गुवाहाटी रेलवे स्टेशन पर असम के शिवसागर जिले के निवासी बितोपन बरुआ ने बताया, "मैं बेंगलुरू में पांच वर्षों से रह रहा हूं। मेरे कुछ मित्रों को स्थानीय अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने हमें 20 अगस्त से पहले बेंगलुरू छोड़ने या फिर परिणाम भुगतने की धमकी दी। हमने तुरंत छोड़ने का निर्णय लिया और 15 अगस्त को बेंगलुरू रेलवे स्टेशन पर खड़ी विशेष रेलगाड़ी में सवार हो गए।"
धीमाजी की दिंगाता पेगू ने बताया, "हमें धमकीभरा कोई फोन नहीं किया गया। कुछ लोग चाकू एवं खंजर लेकर हमारे कमरे पर आए और हमसे 20 अगस्त तक राज्य छोड़ने की धमकी दी। उन्होंने असम में हाल ही में भड़की हिंसा का भी हवाला दिया और गम्भीर परिणाम भुगतने की चेतावनी भी दी।"
कर्नाटक सरकार ने पूर्वोत्तर के लोगों के लिए तीन विशेष रेलगाड़ियों की व्यवस्था की थी।
लोगों के बड़ी संख्या में आने से पहले से ही बाढ़ एवं नस्लीय हिंसा झेल रही राज्य सरकार के सामने परेशानी बढ़ गई है।
सीबीआई ने शनिवार को असम में भड़की साम्प्रदायिक हिंसा के दोषियों के विषय में सूचना उपलब्ध कराने पर एक लाख रुपये देने की घोषणा की है। सीबीआई असम में बोडो एवं बांग्लाभाषी मुस्लिमों के मध्य भड़की हिंसा की जांच कर रही है।टिप्पणियां
एक अधिकारी ने कहा, "सूचना विश्वसनीय होनी चाहिए जिसकी सहायता से हम हिंसा के दोषियों को गिरफ्तार कर सकें। सुराग बताने वालों की पहचान गुप्त रखी जाएगी।"
सीबीआई ने बयान में कहा, "जिस किसी के पास भी सूचना हो वह सीबीआई से 8811099997 या फिर 8811099996 पर फोन या फिर एसएमएस कर सकते हैं। सूचनाएं 03664-241253 पर फैक्स की जा सकती हैं।"
बेंगलुरू पुलिस आयुक्त बीजी ज्योतिप्रकाश मिर्जी ने यह जानकारी दी।
गुवाहाटी रेलवे स्टेशन पर असम के शिवसागर जिले के निवासी बितोपन बरुआ ने बताया, "मैं बेंगलुरू में पांच वर्षों से रह रहा हूं। मेरे कुछ मित्रों को स्थानीय अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने हमें 20 अगस्त से पहले बेंगलुरू छोड़ने या फिर परिणाम भुगतने की धमकी दी। हमने तुरंत छोड़ने का निर्णय लिया और 15 अगस्त को बेंगलुरू रेलवे स्टेशन पर खड़ी विशेष रेलगाड़ी में सवार हो गए।"
धीमाजी की दिंगाता पेगू ने बताया, "हमें धमकीभरा कोई फोन नहीं किया गया। कुछ लोग चाकू एवं खंजर लेकर हमारे कमरे पर आए और हमसे 20 अगस्त तक राज्य छोड़ने की धमकी दी। उन्होंने असम में हाल ही में भड़की हिंसा का भी हवाला दिया और गम्भीर परिणाम भुगतने की चेतावनी भी दी।"
कर्नाटक सरकार ने पूर्वोत्तर के लोगों के लिए तीन विशेष रेलगाड़ियों की व्यवस्था की थी।
लोगों के बड़ी संख्या में आने से पहले से ही बाढ़ एवं नस्लीय हिंसा झेल रही राज्य सरकार के सामने परेशानी बढ़ गई है।
सीबीआई ने शनिवार को असम में भड़की साम्प्रदायिक हिंसा के दोषियों के विषय में सूचना उपलब्ध कराने पर एक लाख रुपये देने की घोषणा की है। सीबीआई असम में बोडो एवं बांग्लाभाषी मुस्लिमों के मध्य भड़की हिंसा की जांच कर रही है।टिप्पणियां
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सीबीआई ने बयान में कहा, "जिस किसी के पास भी सूचना हो वह सीबीआई से 8811099997 या फिर 8811099996 पर फोन या फिर एसएमएस कर सकते हैं। सूचनाएं 03664-241253 पर फैक्स की जा सकती हैं।"
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धीमाजी की दिंगाता पेगू ने बताया, "हमें धमकीभरा कोई फोन नहीं किया गया। कुछ लोग चाकू एवं खंजर लेकर हमारे कमरे पर आए और हमसे 20 अगस्त तक राज्य छोड़ने की धमकी दी। उन्होंने असम में हाल ही में भड़की हिंसा का भी हवाला दिया और गम्भीर परिणाम भुगतने की चेतावनी भी दी।"
कर्नाटक सरकार ने पूर्वोत्तर के लोगों के लिए तीन विशेष रेलगाड़ियों की व्यवस्था की थी।
लोगों के बड़ी संख्या में आने से पहले से ही बाढ़ एवं नस्लीय हिंसा झेल रही राज्य सरकार के सामने परेशानी बढ़ गई है।
सीबीआई ने शनिवार को असम में भड़की साम्प्रदायिक हिंसा के दोषियों के विषय में सूचना उपलब्ध कराने पर एक लाख रुपये देने की घोषणा की है। सीबीआई असम में बोडो एवं बांग्लाभाषी मुस्लिमों के मध्य भड़की हिंसा की जांच कर रही है।टिप्पणियां
एक अधिकारी ने कहा, "सूचना विश्वसनीय होनी चाहिए जिसकी सहायता से हम हिंसा के दोषियों को गिरफ्तार कर सकें। सुराग बताने वालों की पहचान गुप्त रखी जाएगी।"
सीबीआई ने बयान में कहा, "जिस किसी के पास भी सूचना हो वह सीबीआई से 8811099997 या फिर 8811099996 पर फोन या फिर एसएमएस कर सकते हैं। सूचनाएं 03664-241253 पर फैक्स की जा सकती हैं।"
धीमाजी की दिंगाता पेगू ने बताया, "हमें धमकीभरा कोई फोन नहीं किया गया। कुछ लोग चाकू एवं खंजर लेकर हमारे कमरे पर आए और हमसे 20 अगस्त तक राज्य छोड़ने की धमकी दी। उन्होंने असम में हाल ही में भड़की हिंसा का भी हवाला दिया और गम्भीर परिणाम भुगतने की चेतावनी भी दी।"
कर्नाटक सरकार ने पूर्वोत्तर के लोगों के लिए तीन विशेष रेलगाड़ियों की व्यवस्था की थी।
लोगों के बड़ी संख्या में आने से पहले से ही बाढ़ एवं नस्लीय हिंसा झेल रही राज्य सरकार के सामने परेशानी बढ़ गई है।
सीबीआई ने शनिवार को असम में भड़की साम्प्रदायिक हिंसा के दोषियों के विषय में सूचना उपलब्ध कराने पर एक लाख रुपये देने की घोषणा की है। सीबीआई असम में बोडो एवं बांग्लाभाषी मुस्लिमों के मध्य भड़की हिंसा की जांच कर रही है।टिप्पणियां
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लोगों के बड़ी संख्या में आने से पहले से ही बाढ़ एवं नस्लीय हिंसा झेल रही राज्य सरकार के सामने परेशानी बढ़ गई है।
सीबीआई ने शनिवार को असम में भड़की साम्प्रदायिक हिंसा के दोषियों के विषय में सूचना उपलब्ध कराने पर एक लाख रुपये देने की घोषणा की है। सीबीआई असम में बोडो एवं बांग्लाभाषी मुस्लिमों के मध्य भड़की हिंसा की जांच कर रही है।टिप्पणियां
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सीबीआई ने शनिवार को असम में भड़की साम्प्रदायिक हिंसा के दोषियों के विषय में सूचना उपलब्ध कराने पर एक लाख रुपये देने की घोषणा की है। सीबीआई असम में बोडो एवं बांग्लाभाषी मुस्लिमों के मध्य भड़की हिंसा की जांच कर रही है।टिप्पणियां
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एक अधिकारी ने कहा, "सूचना विश्वसनीय होनी चाहिए जिसकी सहायता से हम हिंसा के दोषियों को गिरफ्तार कर सकें। सुराग बताने वालों की पहचान गुप्त रखी जाएगी।"
सीबीआई ने बयान में कहा, "जिस किसी के पास भी सूचना हो वह सीबीआई से 8811099997 या फिर 8811099996 पर फोन या फिर एसएमएस कर सकते हैं। सूचनाएं 03664-241253 पर फैक्स की जा सकती हैं।"
सीबीआई ने बयान में कहा, "जिस किसी के पास भी सूचना हो वह सीबीआई से 8811099997 या फिर 8811099996 पर फोन या फिर एसएमएस कर सकते हैं। सूचनाएं 03664-241253 पर फैक्स की जा सकती हैं।" | यह एक सारांश है: कर्नाटक से पलायन करके पूर्वोत्तर के हजारों लोग शनिवार को असम की राजधानी गुवाहाटी पहुंचे। उधर, पुलिस ने अफवाह फैलाने के आरोप में 16 लोगों को गिरफ्तार किया। सीबीआई ने इस मामले में सात मामले दर्ज किए हैं। | 2 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राष्ट्रपति के रूप में प्रणब मुखर्जी के निर्वाचन को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती देने की विपक्षी उम्मीदवार पुर्णो ए संगमा की योजना से खुद को अलग कर लिया है।टिप्पणियां
भाजपा के प्रवक्ता राजीव प्रताप रूड़ी ने बुधवार को कहा, "सर्वोच्च न्यायालय जाने का संगमा का कोई भी निर्णय उनका निजी होगा। भाजपा देश के राष्ट्रपति के रूप में मुखर्जी का सम्मान के साथ स्वागत करती है। पार्टी और राजग (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) ऐसे किसी भी कदम (संगमा के सर्वोच्च न्यायालय जाने) के साथ नहीं है।"
राष्ट्रपति चुनाव में हार के बाद संगमा उम्मीदवार के रूप में मुखर्जी के मनोनयन को चुनौती देने के लिए याचिका दायर करने की योजना बना रहे हैं। संगमा की टीम का दावा है कि राष्ट्रपति पद के लिए नामांकन दाखिल करते समय मुखर्जी भारतीय सांख्यिकी संस्थान के अध्यक्ष थे, जो लाभ का पद है। उनका यह भी कहना है कि मुखर्जी ने जो इस्तीफा पत्र सौंपा है, उसमें फर्जी हस्ताक्षर हैं।
भाजपा के प्रवक्ता राजीव प्रताप रूड़ी ने बुधवार को कहा, "सर्वोच्च न्यायालय जाने का संगमा का कोई भी निर्णय उनका निजी होगा। भाजपा देश के राष्ट्रपति के रूप में मुखर्जी का सम्मान के साथ स्वागत करती है। पार्टी और राजग (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) ऐसे किसी भी कदम (संगमा के सर्वोच्च न्यायालय जाने) के साथ नहीं है।"
राष्ट्रपति चुनाव में हार के बाद संगमा उम्मीदवार के रूप में मुखर्जी के मनोनयन को चुनौती देने के लिए याचिका दायर करने की योजना बना रहे हैं। संगमा की टीम का दावा है कि राष्ट्रपति पद के लिए नामांकन दाखिल करते समय मुखर्जी भारतीय सांख्यिकी संस्थान के अध्यक्ष थे, जो लाभ का पद है। उनका यह भी कहना है कि मुखर्जी ने जो इस्तीफा पत्र सौंपा है, उसमें फर्जी हस्ताक्षर हैं।
राष्ट्रपति चुनाव में हार के बाद संगमा उम्मीदवार के रूप में मुखर्जी के मनोनयन को चुनौती देने के लिए याचिका दायर करने की योजना बना रहे हैं। संगमा की टीम का दावा है कि राष्ट्रपति पद के लिए नामांकन दाखिल करते समय मुखर्जी भारतीय सांख्यिकी संस्थान के अध्यक्ष थे, जो लाभ का पद है। उनका यह भी कहना है कि मुखर्जी ने जो इस्तीफा पत्र सौंपा है, उसमें फर्जी हस्ताक्षर हैं। | यहाँ एक सारांश है:राष्ट्रपति चुनाव में हार के बाद संगमा उम्मीदवार के रूप में मुखर्जी के मनोनयन को चुनौती देने के लिए याचिका दायर करने की योजना बना रहे हैं। | 4 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: आस्ट्रेलिया में पिलबरा रिक ऑलिव अजगर को बहुत ही खतरनाक माना जाता है. इसे देखते ही जीव-जंतु रास्ता बदल देते हैं. लेकिन ऐसा क्या हुआ कि ये शख्स ठीक इसके बगल में सड़क पर लेटा हुआ है. इस शख्स का नाम मैथ्यू बैगर है और इस फोटो को ट्रैसी हैमबर्जर नाम की महिला ने फेसबुक पर शेयर किया है. ट्रैसी ने लिखा है ' मैथ्यू बैगर तुम एक दिग्गज हो'.टिप्पणियां
आपको बता दें कि मैथ्यू बैगर इस अजगर को बचाना चाहते थे. सड़क पार करते समय कहीं ऐसा न हो कि कोई वाहन उसको कुचलते हुए निकल जाए इसलिए जब तक अजगर सड़क पार कर निकल नहीं गया वह लेटे रहे. इस पूरे मामले का जिक्र करते हुए ट्रैसी ने जानकारी दी है कि पिलबरा क्षेत्र में इस अजगर को लेकर बड़ी मान्यता है. इस पायथन को इस समय संरक्षित किया जा रहा है. वहीं पायथन के बारे में एक पुरानी कहानी है कि इसकी वजह से ही आस्ट्रेलिया में झरनों का निर्माण हुआ है.
मैथ्यू बैगर की इस कोशिश की हर ओर तारीफ हो रही है. सभी का कहना है कि पूरी दुनिया में लोग अगर जागरुक हो जाएं तो पर्यावरण और विलुप्त हो रहे प्राणियों को बचाया जा सकता है.
आपको बता दें कि मैथ्यू बैगर इस अजगर को बचाना चाहते थे. सड़क पार करते समय कहीं ऐसा न हो कि कोई वाहन उसको कुचलते हुए निकल जाए इसलिए जब तक अजगर सड़क पार कर निकल नहीं गया वह लेटे रहे. इस पूरे मामले का जिक्र करते हुए ट्रैसी ने जानकारी दी है कि पिलबरा क्षेत्र में इस अजगर को लेकर बड़ी मान्यता है. इस पायथन को इस समय संरक्षित किया जा रहा है. वहीं पायथन के बारे में एक पुरानी कहानी है कि इसकी वजह से ही आस्ट्रेलिया में झरनों का निर्माण हुआ है.
मैथ्यू बैगर की इस कोशिश की हर ओर तारीफ हो रही है. सभी का कहना है कि पूरी दुनिया में लोग अगर जागरुक हो जाएं तो पर्यावरण और विलुप्त हो रहे प्राणियों को बचाया जा सकता है.
मैथ्यू बैगर की इस कोशिश की हर ओर तारीफ हो रही है. सभी का कहना है कि पूरी दुनिया में लोग अगर जागरुक हो जाएं तो पर्यावरण और विलुप्त हो रहे प्राणियों को बचाया जा सकता है. | संक्षिप्त पाठ: पायथन के बगल में ही लेट गया यह शख्स
इस पायथन को खतरनाक माना जाता है
इस पायथन को लेकर इलाके में हैं कई मान्यताएं | 14 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: देश के शेयर बाजारों में मंगलवार को गिरावट का रुख रहा। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 61.48 अंकों की गिरावट के साथ 18,246.04 पर और निफ्टी 13.30 अंकों की गिरावट के साथ 5,401.45 पर बंद हुआ।
बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 164.69 अंकों की गिरावट के साथ 18,142.83 पर खुला और 61.48 अंकों या 0.34 फीसदी की गिरावट के साथ 18,246.04 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में सेंसेक्स ने 18,306.46 के ऊपरी और 17,970.98 के निचले स्तर को छुआ।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 61.30 अंकों की गिरावट के साथ 5,353.45 पर खुला और 13.30 अंकों या 0.25 फीसदी की गिरावट के साथ 5,401.45 पर बंद हुआ। दिन भर के कारोबार में निफ्टी ने 5,417.80 के ऊपरी और 5,306.35 के निचले स्तर को छुआ।
बीएसई के मिडकैप सूचकांक में गिरावट और स्मॉलकैप सूचकांक में तेजी रही। मिडकैप 22.56 अंकों की गिरावट के साथ 5,340.23 पर और स्मॉलकैप 11.72 अंकों की तेजी के साथ 5,223.20 पर बंद हुआ। टिप्पणियां
बीएसई के 13 में से छह सेक्टरों में तेजी रही। धातु (4.84 फीसदी), रियल्टी (2.49 फीसदी), बैंकिंग (0.75 फीसदी), सार्वजनिक कंपनियां (0.52 फीसदी) और तेल एवं गैस (0.25 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।
गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (3.54 फीसदी), वाहन (2.26 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (1.59 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (1.40 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (1.13 फीसदी)।
बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 164.69 अंकों की गिरावट के साथ 18,142.83 पर खुला और 61.48 अंकों या 0.34 फीसदी की गिरावट के साथ 18,246.04 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में सेंसेक्स ने 18,306.46 के ऊपरी और 17,970.98 के निचले स्तर को छुआ।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 61.30 अंकों की गिरावट के साथ 5,353.45 पर खुला और 13.30 अंकों या 0.25 फीसदी की गिरावट के साथ 5,401.45 पर बंद हुआ। दिन भर के कारोबार में निफ्टी ने 5,417.80 के ऊपरी और 5,306.35 के निचले स्तर को छुआ।
बीएसई के मिडकैप सूचकांक में गिरावट और स्मॉलकैप सूचकांक में तेजी रही। मिडकैप 22.56 अंकों की गिरावट के साथ 5,340.23 पर और स्मॉलकैप 11.72 अंकों की तेजी के साथ 5,223.20 पर बंद हुआ। टिप्पणियां
बीएसई के 13 में से छह सेक्टरों में तेजी रही। धातु (4.84 फीसदी), रियल्टी (2.49 फीसदी), बैंकिंग (0.75 फीसदी), सार्वजनिक कंपनियां (0.52 फीसदी) और तेल एवं गैस (0.25 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।
गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (3.54 फीसदी), वाहन (2.26 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (1.59 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (1.40 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (1.13 फीसदी)।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 61.30 अंकों की गिरावट के साथ 5,353.45 पर खुला और 13.30 अंकों या 0.25 फीसदी की गिरावट के साथ 5,401.45 पर बंद हुआ। दिन भर के कारोबार में निफ्टी ने 5,417.80 के ऊपरी और 5,306.35 के निचले स्तर को छुआ।
बीएसई के मिडकैप सूचकांक में गिरावट और स्मॉलकैप सूचकांक में तेजी रही। मिडकैप 22.56 अंकों की गिरावट के साथ 5,340.23 पर और स्मॉलकैप 11.72 अंकों की तेजी के साथ 5,223.20 पर बंद हुआ। टिप्पणियां
बीएसई के 13 में से छह सेक्टरों में तेजी रही। धातु (4.84 फीसदी), रियल्टी (2.49 फीसदी), बैंकिंग (0.75 फीसदी), सार्वजनिक कंपनियां (0.52 फीसदी) और तेल एवं गैस (0.25 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।
गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (3.54 फीसदी), वाहन (2.26 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (1.59 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (1.40 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (1.13 फीसदी)।
बीएसई के मिडकैप सूचकांक में गिरावट और स्मॉलकैप सूचकांक में तेजी रही। मिडकैप 22.56 अंकों की गिरावट के साथ 5,340.23 पर और स्मॉलकैप 11.72 अंकों की तेजी के साथ 5,223.20 पर बंद हुआ। टिप्पणियां
बीएसई के 13 में से छह सेक्टरों में तेजी रही। धातु (4.84 फीसदी), रियल्टी (2.49 फीसदी), बैंकिंग (0.75 फीसदी), सार्वजनिक कंपनियां (0.52 फीसदी) और तेल एवं गैस (0.25 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।
गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (3.54 फीसदी), वाहन (2.26 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (1.59 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (1.40 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (1.13 फीसदी)।
बीएसई के 13 में से छह सेक्टरों में तेजी रही। धातु (4.84 फीसदी), रियल्टी (2.49 फीसदी), बैंकिंग (0.75 फीसदी), सार्वजनिक कंपनियां (0.52 फीसदी) और तेल एवं गैस (0.25 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।
गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (3.54 फीसदी), वाहन (2.26 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (1.59 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (1.40 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (1.13 फीसदी)।
गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (3.54 फीसदी), वाहन (2.26 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (1.59 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (1.40 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (1.13 फीसदी)। | सारांश: प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 61.48 अंकों की गिरावट के साथ 18,246.04 पर और निफ्टी 13.30 अंकों की गिरावट के साथ 5,401.45 पर बंद हुआ। | 31 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: देश के शेयर बाजारों में शुक्रवार को तेजी रही। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 218.68 अंकों की तेजी के साथ 18,619.72 पर और निफ्टी 62.75 अंकों की तेजी के साथ 5,471.80 पर बंद हुआ।
बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 23.68 अंकों की तेजी के साथ 18,424.72 पर खुला और 218.68 अंकों या 1.19 फीसदी की तेजी के साथ 18,619.72 पर बंद हुआ। दिन भर के कारोबार में सेंसेक्स ने 18,679.26 के ऊपरी और 18,272.76 के निचले स्तर को छुआ।
सेंसेक्स के 30 में से 19 शेयरों में तेजी रही। बजाज ऑटो (5.62 फीसदी), सिप्ला (4.96 फीसदी), टीसीएस (3.96 फीसदी), एचडीएफसी बैंक (3.86 फीसदी) और हिंदुस्तान यूनिलीवर (3.70 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।
सेंसेक्स में गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे जिंदल स्टील (8.85 फीसदी), सेसा गोवा (2.70 फीसदी), टाटा मोटर्स (2.35 फीसदी), हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (1.87 फीसदी) और महिंद्रा एंड महिंद्रा (1.61 फीसदी)।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 1.60 अंकों की गिरावट के साथ 5,407.45 पर खुला और 62.75 अंकों या 1.16 फीसदी की तेजी के साथ 5,471.80 पर बंद हुआ। दिन भर के कारोबार में निफ्टी ने 5,493.30 के ऊपरी और 5,360.20 के निचले स्तर को छुआ।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में मिला-जुला रुख रहा। मिडकैप 0.32 अंकों की गिरावट के साथ 5,300.40 पर और स्मॉलकैप 10.52 अंकों की तेजी के साथ 5,191.25 पर बंद हुआ।
बीएसई के 13 में से नौ सेक्टरों में तेजी रही। उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (1.90 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (1.59 फीसदी), बैंकिंग (1.59 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (1.54 फीसदी) और तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (1.54 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।टिप्पणियां
बीएसई के चार सेक्टरों -धातु (2.05 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (0.16 फीसदी), रियल्टी (0.07 फीसदी) और बिजली (0.03 फीसदी) में गिरावट रही।
बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1137 शेयरों में तेजी और 1085 में गिरावट रही, जबकि 186 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ।
बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 23.68 अंकों की तेजी के साथ 18,424.72 पर खुला और 218.68 अंकों या 1.19 फीसदी की तेजी के साथ 18,619.72 पर बंद हुआ। दिन भर के कारोबार में सेंसेक्स ने 18,679.26 के ऊपरी और 18,272.76 के निचले स्तर को छुआ।
सेंसेक्स के 30 में से 19 शेयरों में तेजी रही। बजाज ऑटो (5.62 फीसदी), सिप्ला (4.96 फीसदी), टीसीएस (3.96 फीसदी), एचडीएफसी बैंक (3.86 फीसदी) और हिंदुस्तान यूनिलीवर (3.70 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।
सेंसेक्स में गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे जिंदल स्टील (8.85 फीसदी), सेसा गोवा (2.70 फीसदी), टाटा मोटर्स (2.35 फीसदी), हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (1.87 फीसदी) और महिंद्रा एंड महिंद्रा (1.61 फीसदी)।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 1.60 अंकों की गिरावट के साथ 5,407.45 पर खुला और 62.75 अंकों या 1.16 फीसदी की तेजी के साथ 5,471.80 पर बंद हुआ। दिन भर के कारोबार में निफ्टी ने 5,493.30 के ऊपरी और 5,360.20 के निचले स्तर को छुआ।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में मिला-जुला रुख रहा। मिडकैप 0.32 अंकों की गिरावट के साथ 5,300.40 पर और स्मॉलकैप 10.52 अंकों की तेजी के साथ 5,191.25 पर बंद हुआ।
बीएसई के 13 में से नौ सेक्टरों में तेजी रही। उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (1.90 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (1.59 फीसदी), बैंकिंग (1.59 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (1.54 फीसदी) और तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (1.54 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।टिप्पणियां
बीएसई के चार सेक्टरों -धातु (2.05 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (0.16 फीसदी), रियल्टी (0.07 फीसदी) और बिजली (0.03 फीसदी) में गिरावट रही।
बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1137 शेयरों में तेजी और 1085 में गिरावट रही, जबकि 186 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ।
सेंसेक्स के 30 में से 19 शेयरों में तेजी रही। बजाज ऑटो (5.62 फीसदी), सिप्ला (4.96 फीसदी), टीसीएस (3.96 फीसदी), एचडीएफसी बैंक (3.86 फीसदी) और हिंदुस्तान यूनिलीवर (3.70 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।
सेंसेक्स में गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे जिंदल स्टील (8.85 फीसदी), सेसा गोवा (2.70 फीसदी), टाटा मोटर्स (2.35 फीसदी), हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (1.87 फीसदी) और महिंद्रा एंड महिंद्रा (1.61 फीसदी)।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 1.60 अंकों की गिरावट के साथ 5,407.45 पर खुला और 62.75 अंकों या 1.16 फीसदी की तेजी के साथ 5,471.80 पर बंद हुआ। दिन भर के कारोबार में निफ्टी ने 5,493.30 के ऊपरी और 5,360.20 के निचले स्तर को छुआ।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में मिला-जुला रुख रहा। मिडकैप 0.32 अंकों की गिरावट के साथ 5,300.40 पर और स्मॉलकैप 10.52 अंकों की तेजी के साथ 5,191.25 पर बंद हुआ।
बीएसई के 13 में से नौ सेक्टरों में तेजी रही। उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (1.90 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (1.59 फीसदी), बैंकिंग (1.59 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (1.54 फीसदी) और तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (1.54 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।टिप्पणियां
बीएसई के चार सेक्टरों -धातु (2.05 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (0.16 फीसदी), रियल्टी (0.07 फीसदी) और बिजली (0.03 फीसदी) में गिरावट रही।
बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1137 शेयरों में तेजी और 1085 में गिरावट रही, जबकि 186 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ।
सेंसेक्स में गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे जिंदल स्टील (8.85 फीसदी), सेसा गोवा (2.70 फीसदी), टाटा मोटर्स (2.35 फीसदी), हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (1.87 फीसदी) और महिंद्रा एंड महिंद्रा (1.61 फीसदी)।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 1.60 अंकों की गिरावट के साथ 5,407.45 पर खुला और 62.75 अंकों या 1.16 फीसदी की तेजी के साथ 5,471.80 पर बंद हुआ। दिन भर के कारोबार में निफ्टी ने 5,493.30 के ऊपरी और 5,360.20 के निचले स्तर को छुआ।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में मिला-जुला रुख रहा। मिडकैप 0.32 अंकों की गिरावट के साथ 5,300.40 पर और स्मॉलकैप 10.52 अंकों की तेजी के साथ 5,191.25 पर बंद हुआ।
बीएसई के 13 में से नौ सेक्टरों में तेजी रही। उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (1.90 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (1.59 फीसदी), बैंकिंग (1.59 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (1.54 फीसदी) और तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (1.54 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।टिप्पणियां
बीएसई के चार सेक्टरों -धातु (2.05 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (0.16 फीसदी), रियल्टी (0.07 फीसदी) और बिजली (0.03 फीसदी) में गिरावट रही।
बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1137 शेयरों में तेजी और 1085 में गिरावट रही, जबकि 186 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 1.60 अंकों की गिरावट के साथ 5,407.45 पर खुला और 62.75 अंकों या 1.16 फीसदी की तेजी के साथ 5,471.80 पर बंद हुआ। दिन भर के कारोबार में निफ्टी ने 5,493.30 के ऊपरी और 5,360.20 के निचले स्तर को छुआ।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में मिला-जुला रुख रहा। मिडकैप 0.32 अंकों की गिरावट के साथ 5,300.40 पर और स्मॉलकैप 10.52 अंकों की तेजी के साथ 5,191.25 पर बंद हुआ।
बीएसई के 13 में से नौ सेक्टरों में तेजी रही। उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (1.90 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (1.59 फीसदी), बैंकिंग (1.59 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (1.54 फीसदी) और तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (1.54 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।टिप्पणियां
बीएसई के चार सेक्टरों -धातु (2.05 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (0.16 फीसदी), रियल्टी (0.07 फीसदी) और बिजली (0.03 फीसदी) में गिरावट रही।
बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1137 शेयरों में तेजी और 1085 में गिरावट रही, जबकि 186 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में मिला-जुला रुख रहा। मिडकैप 0.32 अंकों की गिरावट के साथ 5,300.40 पर और स्मॉलकैप 10.52 अंकों की तेजी के साथ 5,191.25 पर बंद हुआ।
बीएसई के 13 में से नौ सेक्टरों में तेजी रही। उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (1.90 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (1.59 फीसदी), बैंकिंग (1.59 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (1.54 फीसदी) और तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (1.54 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।टिप्पणियां
बीएसई के चार सेक्टरों -धातु (2.05 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (0.16 फीसदी), रियल्टी (0.07 फीसदी) और बिजली (0.03 फीसदी) में गिरावट रही।
बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1137 शेयरों में तेजी और 1085 में गिरावट रही, जबकि 186 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ।
बीएसई के 13 में से नौ सेक्टरों में तेजी रही। उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (1.90 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (1.59 फीसदी), बैंकिंग (1.59 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (1.54 फीसदी) और तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (1.54 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।टिप्पणियां
बीएसई के चार सेक्टरों -धातु (2.05 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (0.16 फीसदी), रियल्टी (0.07 फीसदी) और बिजली (0.03 फीसदी) में गिरावट रही।
बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1137 शेयरों में तेजी और 1085 में गिरावट रही, जबकि 186 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ।
बीएसई के चार सेक्टरों -धातु (2.05 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (0.16 फीसदी), रियल्टी (0.07 फीसदी) और बिजली (0.03 फीसदी) में गिरावट रही।
बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1137 शेयरों में तेजी और 1085 में गिरावट रही, जबकि 186 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ।
बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1137 शेयरों में तेजी और 1085 में गिरावट रही, जबकि 186 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ। | देश के शेयर बाजारों में शुक्रवार को तेजी रही। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 218.68 अंकों की तेजी के साथ 18,619.72 पर और निफ्टी 62.75 अंकों की तेजी के साथ 5,471.80 पर बंद हुआ। | 1 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: एनजीटी ने सोमवार को दिल्ली में 10 साल पुराने सभी डीजल वाहनों पर बैन के आदेश जारी किए। इस आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू करने के लिए कहा गया। NGT ने RTO से पुरानी डीज़ल गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन रद्द करने को भी कहा है।
परिवनह विभाग के सूत्रों का कहना है कि अगर एनजीटी का आदेश तुरंत प्रभाव से लागू हुआ तो दिल्ली में हाहाकार मच जाएगा। दिल्ली के लोगों को तमाम तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। परिवहन विभाग ने साफ किया है कि एनजीटी का आदेश फिलहाल नहीं मिला है।
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का पहले ही आदेश है कि अगर गाड़ी के 10 साल पूरे हो चुके हैं तो परिवहन विभाग से एनओसी लेकर दूसरे राज्यों में गाड़ी बेची जी सकती है।टिप्पणियां
परिवहन विभाग का कहना है कि आज रात तक आर्डर मिलेगा फिर बैठक करके फैसला लिया जाएगा कि क्या करना है। लेकिन परिवहन विभाग के सूत्र बता रहे हैं कि अगर एनजीटी का ऑर्डर तुरंत लागू किया गया तो उससे दूध, सब्जी और अनाज की सप्लाई पर खासा असर पड़ेगा। दिल्ली में कुल 13,700 डीजल की बसें है। इनमें 11,400 बसें बाहर हो जाएंगी।
इसी तरह सामान लाने ले जाने वाले 1.28 हजार ट्रक और मिनी ट्रक हैं जिनमें से 90000 के रजिस्ट्रेशन को रद्द करना पड़ेगा। जबकि 1,61,000 डीजल की प्राइवेट कारें हैं जो 10 साल से ज्यादा पुरानी हैं।
परिवनह विभाग के सूत्रों का कहना है कि अगर एनजीटी का आदेश तुरंत प्रभाव से लागू हुआ तो दिल्ली में हाहाकार मच जाएगा। दिल्ली के लोगों को तमाम तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। परिवहन विभाग ने साफ किया है कि एनजीटी का आदेश फिलहाल नहीं मिला है।
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का पहले ही आदेश है कि अगर गाड़ी के 10 साल पूरे हो चुके हैं तो परिवहन विभाग से एनओसी लेकर दूसरे राज्यों में गाड़ी बेची जी सकती है।टिप्पणियां
परिवहन विभाग का कहना है कि आज रात तक आर्डर मिलेगा फिर बैठक करके फैसला लिया जाएगा कि क्या करना है। लेकिन परिवहन विभाग के सूत्र बता रहे हैं कि अगर एनजीटी का ऑर्डर तुरंत लागू किया गया तो उससे दूध, सब्जी और अनाज की सप्लाई पर खासा असर पड़ेगा। दिल्ली में कुल 13,700 डीजल की बसें है। इनमें 11,400 बसें बाहर हो जाएंगी।
इसी तरह सामान लाने ले जाने वाले 1.28 हजार ट्रक और मिनी ट्रक हैं जिनमें से 90000 के रजिस्ट्रेशन को रद्द करना पड़ेगा। जबकि 1,61,000 डीजल की प्राइवेट कारें हैं जो 10 साल से ज्यादा पुरानी हैं।
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का पहले ही आदेश है कि अगर गाड़ी के 10 साल पूरे हो चुके हैं तो परिवहन विभाग से एनओसी लेकर दूसरे राज्यों में गाड़ी बेची जी सकती है।टिप्पणियां
परिवहन विभाग का कहना है कि आज रात तक आर्डर मिलेगा फिर बैठक करके फैसला लिया जाएगा कि क्या करना है। लेकिन परिवहन विभाग के सूत्र बता रहे हैं कि अगर एनजीटी का ऑर्डर तुरंत लागू किया गया तो उससे दूध, सब्जी और अनाज की सप्लाई पर खासा असर पड़ेगा। दिल्ली में कुल 13,700 डीजल की बसें है। इनमें 11,400 बसें बाहर हो जाएंगी।
इसी तरह सामान लाने ले जाने वाले 1.28 हजार ट्रक और मिनी ट्रक हैं जिनमें से 90000 के रजिस्ट्रेशन को रद्द करना पड़ेगा। जबकि 1,61,000 डीजल की प्राइवेट कारें हैं जो 10 साल से ज्यादा पुरानी हैं।
परिवहन विभाग का कहना है कि आज रात तक आर्डर मिलेगा फिर बैठक करके फैसला लिया जाएगा कि क्या करना है। लेकिन परिवहन विभाग के सूत्र बता रहे हैं कि अगर एनजीटी का ऑर्डर तुरंत लागू किया गया तो उससे दूध, सब्जी और अनाज की सप्लाई पर खासा असर पड़ेगा। दिल्ली में कुल 13,700 डीजल की बसें है। इनमें 11,400 बसें बाहर हो जाएंगी।
इसी तरह सामान लाने ले जाने वाले 1.28 हजार ट्रक और मिनी ट्रक हैं जिनमें से 90000 के रजिस्ट्रेशन को रद्द करना पड़ेगा। जबकि 1,61,000 डीजल की प्राइवेट कारें हैं जो 10 साल से ज्यादा पुरानी हैं।
इसी तरह सामान लाने ले जाने वाले 1.28 हजार ट्रक और मिनी ट्रक हैं जिनमें से 90000 के रजिस्ट्रेशन को रद्द करना पड़ेगा। जबकि 1,61,000 डीजल की प्राइवेट कारें हैं जो 10 साल से ज्यादा पुरानी हैं। | संक्षिप्त सारांश: इस आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू करने के लिए कहा गया
परिवहन विभाग ने साफ किया है कि एनजीटी का आदेश फिलहाल नहीं मिला है
दूध, सब्जी और अनाज की सप्लाई पर खासा असर पड़ेगा | 29 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कश्मीर में शनिवार सुबह मध्यम तीव्रता का भूकम्प का झटका महसूस किया गया। इससे अफरा-तफरी मच गई और लोग अपने घरों व कार्यस्थलों से बाहर निकल आए।
स्थानीय मौसम विभाग कार्यालय के एक अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, "भूकम्प का केंद्र 36 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 71.3 डिग्री पूर्वी देशांतर पर अफगानिस्तान की हिंदुकुश पर्वत श्रृंखला में था। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 5.2 मापी गई। भूकम्प के झटके सुबह 9.47 बजे महसूस किये गये।"
कई स्थानीय लोगों ने बताया कि उन्होंने अपने पैरों के नीचे की जमीन हिलती हुई महसूस की। शहर के लाल चौक इलाके के एक दुकानदार मुहम्मद इस्माइल ने बताया, "मैं अपनी दुकान से भागकर बाहर आया और देखा कि अन्य दुकानदार भी घबराए हुए हैं।"
प्रखंडीय मुख्यालय में तैनात एक अधिकारी ने बताया कि भूकम्प से जान-माल की हानि होने की अब तक सूचना नहीं है। टिप्पणियां
गौरतलब है कि 2005 के आठ अक्टूबर को कश्मीर में आए 7.9 तीव्रता के भूकम्प से भयंकर तबाही हुई थी। उस वक्त इस प्राकृतिक आपदा में 40,000 से ज्यादा लोग मारे गए थे।
भूवैज्ञानिक दृष्टि से कश्मीर भूकम्प के खतरे वाले इलाके में आता है, जहां दक्षिण एशिया के अन्य क्षेत्रों की अपेक्षा भूकम्प का खतरा ज्यादा है।
स्थानीय मौसम विभाग कार्यालय के एक अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, "भूकम्प का केंद्र 36 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 71.3 डिग्री पूर्वी देशांतर पर अफगानिस्तान की हिंदुकुश पर्वत श्रृंखला में था। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 5.2 मापी गई। भूकम्प के झटके सुबह 9.47 बजे महसूस किये गये।"
कई स्थानीय लोगों ने बताया कि उन्होंने अपने पैरों के नीचे की जमीन हिलती हुई महसूस की। शहर के लाल चौक इलाके के एक दुकानदार मुहम्मद इस्माइल ने बताया, "मैं अपनी दुकान से भागकर बाहर आया और देखा कि अन्य दुकानदार भी घबराए हुए हैं।"
प्रखंडीय मुख्यालय में तैनात एक अधिकारी ने बताया कि भूकम्प से जान-माल की हानि होने की अब तक सूचना नहीं है। टिप्पणियां
गौरतलब है कि 2005 के आठ अक्टूबर को कश्मीर में आए 7.9 तीव्रता के भूकम्प से भयंकर तबाही हुई थी। उस वक्त इस प्राकृतिक आपदा में 40,000 से ज्यादा लोग मारे गए थे।
भूवैज्ञानिक दृष्टि से कश्मीर भूकम्प के खतरे वाले इलाके में आता है, जहां दक्षिण एशिया के अन्य क्षेत्रों की अपेक्षा भूकम्प का खतरा ज्यादा है।
कई स्थानीय लोगों ने बताया कि उन्होंने अपने पैरों के नीचे की जमीन हिलती हुई महसूस की। शहर के लाल चौक इलाके के एक दुकानदार मुहम्मद इस्माइल ने बताया, "मैं अपनी दुकान से भागकर बाहर आया और देखा कि अन्य दुकानदार भी घबराए हुए हैं।"
प्रखंडीय मुख्यालय में तैनात एक अधिकारी ने बताया कि भूकम्प से जान-माल की हानि होने की अब तक सूचना नहीं है। टिप्पणियां
गौरतलब है कि 2005 के आठ अक्टूबर को कश्मीर में आए 7.9 तीव्रता के भूकम्प से भयंकर तबाही हुई थी। उस वक्त इस प्राकृतिक आपदा में 40,000 से ज्यादा लोग मारे गए थे।
भूवैज्ञानिक दृष्टि से कश्मीर भूकम्प के खतरे वाले इलाके में आता है, जहां दक्षिण एशिया के अन्य क्षेत्रों की अपेक्षा भूकम्प का खतरा ज्यादा है।
प्रखंडीय मुख्यालय में तैनात एक अधिकारी ने बताया कि भूकम्प से जान-माल की हानि होने की अब तक सूचना नहीं है। टिप्पणियां
गौरतलब है कि 2005 के आठ अक्टूबर को कश्मीर में आए 7.9 तीव्रता के भूकम्प से भयंकर तबाही हुई थी। उस वक्त इस प्राकृतिक आपदा में 40,000 से ज्यादा लोग मारे गए थे।
भूवैज्ञानिक दृष्टि से कश्मीर भूकम्प के खतरे वाले इलाके में आता है, जहां दक्षिण एशिया के अन्य क्षेत्रों की अपेक्षा भूकम्प का खतरा ज्यादा है।
गौरतलब है कि 2005 के आठ अक्टूबर को कश्मीर में आए 7.9 तीव्रता के भूकम्प से भयंकर तबाही हुई थी। उस वक्त इस प्राकृतिक आपदा में 40,000 से ज्यादा लोग मारे गए थे।
भूवैज्ञानिक दृष्टि से कश्मीर भूकम्प के खतरे वाले इलाके में आता है, जहां दक्षिण एशिया के अन्य क्षेत्रों की अपेक्षा भूकम्प का खतरा ज्यादा है।
भूवैज्ञानिक दृष्टि से कश्मीर भूकम्प के खतरे वाले इलाके में आता है, जहां दक्षिण एशिया के अन्य क्षेत्रों की अपेक्षा भूकम्प का खतरा ज्यादा है। | कश्मीर में शनिवार सुबह मध्यम तीव्रता का भूकम्प का झटका महसूस किया गया। इससे अफरा-तफरी मच गई और लोग अपने घरों व कार्यस्थलों से बाहर निकल आए। | 6 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: तृणमूल कांग्रेस ने सोमवार को साफ किया कि केंद्र सरकार से उसके मंत्रियों के इस्तीफे देने की खबरों में तनिक भी सच्चाई नहीं है। उन्होंने साफ किया कि तृणमूल कांग्रेस का संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार को समर्थन जारी रहेगा, भले ही वह चाहे तो उनकी पार्टी को निकाल बाहर करे।टिप्पणियां
तृणमूल कांग्रेस के सांसदों व विधायकों की एक बैठक के बाद उसके वरिष्ठ नेता सुदीप बंदोपाध्याय ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "ऐसी खबरें चल रही हैं कि तृणमूल कांग्रेस के मंत्रियों ने केंद्र सरकार से इस्तीफा दे दिया है और अपने इस्तीफे ममता को सौंप दिए हैं। इन खबरों में तनिक भी सच्चाई नहीं है। हमारा इरादा सरकार गिराने का नहीं है। हां, हम उसके लिए मुश्किल नहीं बनेंगे।"
बंदोपाध्याय ने कहा, "हमारे सांसद इस्तीफा देने को मानसिक रूप से तैयार हैं। जब भी ममता बनर्जी कहेंगी, सभी इस्तीफा दे देंगे।" उन्होंने कहा, "हम अभी भी चाहते हैं कि पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम देश के राष्ट्रपति बनें। राष्ट्रपति चुनाव में अभी भी समय बचा है। हम सही समय पर सही फैसला लेंगे।"
तृणमूल कांग्रेस के सांसदों व विधायकों की एक बैठक के बाद उसके वरिष्ठ नेता सुदीप बंदोपाध्याय ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "ऐसी खबरें चल रही हैं कि तृणमूल कांग्रेस के मंत्रियों ने केंद्र सरकार से इस्तीफा दे दिया है और अपने इस्तीफे ममता को सौंप दिए हैं। इन खबरों में तनिक भी सच्चाई नहीं है। हमारा इरादा सरकार गिराने का नहीं है। हां, हम उसके लिए मुश्किल नहीं बनेंगे।"
बंदोपाध्याय ने कहा, "हमारे सांसद इस्तीफा देने को मानसिक रूप से तैयार हैं। जब भी ममता बनर्जी कहेंगी, सभी इस्तीफा दे देंगे।" उन्होंने कहा, "हम अभी भी चाहते हैं कि पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम देश के राष्ट्रपति बनें। राष्ट्रपति चुनाव में अभी भी समय बचा है। हम सही समय पर सही फैसला लेंगे।"
बंदोपाध्याय ने कहा, "हमारे सांसद इस्तीफा देने को मानसिक रूप से तैयार हैं। जब भी ममता बनर्जी कहेंगी, सभी इस्तीफा दे देंगे।" उन्होंने कहा, "हम अभी भी चाहते हैं कि पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम देश के राष्ट्रपति बनें। राष्ट्रपति चुनाव में अभी भी समय बचा है। हम सही समय पर सही फैसला लेंगे।" | तृणमूल कांग्रेस ने सोमवार को साफ किया कि केंद्र सरकार से उसके मंत्रियों के इस्तीफे देने की खबरों में तनिक भी सच्चाई नहीं है। | 1 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश में सहायक शिक्षकों (UP Assistant Teacher) के 69 हजार पदों पर होने वाली भर्ती परीक्षा का एडमिट कार्ड (UP Assistant Teacher Admit Card) जारी कर दिया गया है. परीक्षा का एडमिट कार्ड (UP Teacher Admit Card) ऑफिशियल वेबसाइट atrexam.upsdc.gov.in पर जारी किया गया है. जिन लोगों ने आवेदन किया है, वे इस वेबसाइट पर जाकर ही अपना एडमिट कार्ड (Assistant Teacher Admit Card) डाउनलोड कर सकते हैं. सहायक शिक्षकों के 69 हजार पदों पर लिखित परीक्षा 6 जनवरी 2019 को आयोजित की जाएगी. परीक्षा छह जनवरी को सुबह 11 से 1.30 बजे तक होगी. वहीं 8 जनवरी को वेबसाइट पर आंसर-की जारी होगी. लिखित परीक्षा का रिजल्ट 22 जनवरी को जारी होने की संभावना है.
बता दें कि इन पदों के लिए 4,46,823 उम्मीदवारों ने आवेदन किया था, जिनमें से 16,334 उम्मीदवारों का आवेदन खारिज कर दिया गया था. अब भर्ती परीक्षा में 4,30,479 उम्मीदवार ही बैठ पाएंगे. 69 हजार पदों पर वैकेंसी यूपीटीईटी (UPTET) परीक्षा के बाद निकाली गई थी.
उम्मीदवार नीचे दिए गए डायरेक्ट लिंक से एडमिट कार्ड करें डाउनलोडUP Teacher Admit Card | सारांश: एडमिट कार्ड वेबसाइट atrexam.upsdc.gov.in से डाउनलोड कर सकते हैं.
लिखित परीक्षा 6 जनवरी 2019 को आयोजित की जाएगी.
परीक्षा सुबह 11 से 1.30 बजे तक होगी. | 7 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: विकसित देशों के आर्थिक हालात में निरंतर गिरावट की संभावना के बीच अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के मुख्य अर्थशास्त्री ओलीवियर ब्लैंकार्ड ने चेतावनी दी है कि अगले वर्ष वैश्विक आर्थिक स्थिति और भी बुरी होगी। समाचार एजेंसी 'शिन्हुआ' के मुताबिक ब्लैंकार्ड ने आईएमएफ के एक ब्लॉग में लिखा कि 2011 की शुरुआत वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुधार की आशा के साथ हुई थी, लेकिन वर्ष के अंत में विकास अवरुद्ध तथा विश्वास में कमी देखी जा रही है। उन्होंने कहा, जैसे-जैसे वर्ष समाप्त हो रहा है कई विकसित देशों में विकास अवरुद्ध देखा जा रहा है। कुछ निवेशक तो यूरोजोन के बिखरने की संभावना और उसके असर की गणना कर रहे हैं और वास्तविक संभावना तो यह है कि स्थिति 2008 से भी बुरी हो सकती है। उल्लेखनीय है कि आईएमएफ की प्रबंध निदेशक क्रिस्टीन लेगार्ड ने भी कहा है कि यूरोपीय कर्ज संकट के कारण संस्थान 2012 के लिए विश्व के आर्थिक विकास के अनुमान में कटौती कर सकता है। क्रिस्टीन ने अफ्रीका दौरे के बीच बुधवार को कहा, लगभग पूरी तरह आश्वस्त हूं कि जनवरी में अनुमान में नकारात्मक संशोधन किया जा सकता है। सितंबर में जारी विश्व आर्थिक संभावना रिपोर्ट में आईएमएफ ने 2012 में विश्व की आर्थिक विकास चार फीसदी रहने का अनुमान जताया था। | यह एक सारांश है: अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के मुख्य अर्थशास्त्री ओलीवियर ब्लैंकार्ड ने चेतावनी दी है कि अगले वर्ष वैश्विक आर्थिक स्थिति और भी बुरी होगी। | 2 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा (Madhu Koda) को बड़ा झटका लगा है. अब वह झारखंड विधानसभा चुनाव (Jharkhand Assembly Elections) नहीं लड़ पाएंगे. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अभी उनकी अयोग्यता का एक साल और बकाया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अभी मधु कोड़ा चुनाव नहीं लड़ सकते. हालांकि चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया गया है. कोर्ट ने कहा कि आपकी याचिका पर मेरिट पर सुनवाई करेंगे. कोर्ट ने यह भी कहा कि आप खुद ही देरी के जिम्मेदार हैं. मधु कोड़ा की अयोग्यता के खिलाफ अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट ने ये बात कही है. बता दें कि झारखंड में 30 नवंबर से 20 दिसंबर तक चुनाव होने हैं.
गौरतलब है कि सितंबर 2017 में चुनाव आयोग ने कोड़ा को 2009 के विधानसभा चुनाव में खर्च की सही जानकारी नहीं देने का दोषी पाया था. जिसके बाद कोड़ा के चुनाव लड़ने पर तीन साल की रोक लगाई गई थी. मामला 2009 के लोकसभा चुनाव का है. कोड़ा ने झारखंड की चाईबासा सीट से वो इलेक्शन जीता था.
चुनाव आयोग को शिकायतें मिली थीं कि कोड़ा ने चुनाव खर्च का सही ब्योरा नहीं दिया. इसके बाद आयोग ने कोड़ा को नोटिस जारी कर पूछा था कि सही ब्योरा ना देने पर क्यों ना आपको अयोग्य घोषित कर दिया जाए. आयोग के मुताबिक कोड़ा का खर्च 18 लाख 92 हजार 353 रुपए था, जबकि इन्होंने इसे काफी कम करके बताया था. 49 पेज के ऑर्डर में चुनाव आयोग ने कहा कि कोड़ा द्वारा जमा करवाया गया ब्योरा गलत था. | विधानसभा चुनाव नहीं लड़ पाएंगे पूर्व सीएम मधु कोड़ा
सुप्रीम कोर्ट ने लगाई चुनाव लड़ने पर रोक
चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया गया | 28 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: शिवसेना सुप्रीमो बाल ठाकरे ने अपनी पार्टी के मुखपत्र 'सामना' में बाबा रामदेव पर निशाना साधा है। ठाकरे ने लिखा है कि एक तरफ नेताओं की नीयत पर सवाल उठाना और दूसरी तरफ उनसे मिलकर समर्थन मांगना कितना सही है।
उन्होंने कहा है कि बाबा रामदेव का कालाधन वापस लाने के मुद्दे पर शरद पवार से मिलकर समर्थन मांगना और पवार का बाबा रामदेव को समर्थन देना एक मजाक है।टिप्पणियां
उन्होंने लेख में रामदेव से सवाल किया है कि सोनिया और राहुल गांधी से मिलकर क्या वह बोफोर्स घोटाले का काला धन वापस लाने के लिए कहेंगे?
गौरतलब है कि रामदेव ने कहा था कि वह सोनिया गांधी समेत सभी प्रमुख पार्टियों के नेताओं से मिलकर कालेधन के मुद्दे पर समर्थन मांगेंगे। रामदेव ने सोनिया गांधी से मिलने के लिए समय भी मांगा है।
उन्होंने कहा है कि बाबा रामदेव का कालाधन वापस लाने के मुद्दे पर शरद पवार से मिलकर समर्थन मांगना और पवार का बाबा रामदेव को समर्थन देना एक मजाक है।टिप्पणियां
उन्होंने लेख में रामदेव से सवाल किया है कि सोनिया और राहुल गांधी से मिलकर क्या वह बोफोर्स घोटाले का काला धन वापस लाने के लिए कहेंगे?
गौरतलब है कि रामदेव ने कहा था कि वह सोनिया गांधी समेत सभी प्रमुख पार्टियों के नेताओं से मिलकर कालेधन के मुद्दे पर समर्थन मांगेंगे। रामदेव ने सोनिया गांधी से मिलने के लिए समय भी मांगा है।
उन्होंने लेख में रामदेव से सवाल किया है कि सोनिया और राहुल गांधी से मिलकर क्या वह बोफोर्स घोटाले का काला धन वापस लाने के लिए कहेंगे?
गौरतलब है कि रामदेव ने कहा था कि वह सोनिया गांधी समेत सभी प्रमुख पार्टियों के नेताओं से मिलकर कालेधन के मुद्दे पर समर्थन मांगेंगे। रामदेव ने सोनिया गांधी से मिलने के लिए समय भी मांगा है।
गौरतलब है कि रामदेव ने कहा था कि वह सोनिया गांधी समेत सभी प्रमुख पार्टियों के नेताओं से मिलकर कालेधन के मुद्दे पर समर्थन मांगेंगे। रामदेव ने सोनिया गांधी से मिलने के लिए समय भी मांगा है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: बाल ठाकरे ने 'सामना' में लिखे अपने लेख में कहा है कि रामदेव का कालाधन वापस लाने के मुद्दे पर शरद पवार से मिलकर समर्थन मांगना और पवार का रामदेव को समर्थन देना एक मजाक है। | 19 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: राडिया को सीबीआई की गवाह के तौर पर पिछले साल 5 दिसंबर को अदालत में पेश होना था। राडिया ने इस आधार पर तीन महीने का समय मांगा था कि उन्होंने न्यूरोलॉजी संबंधी समस्या के लिए सर्जरी कराई है।
सीबीआई ने पूर्व संचार मंत्री ए राजा और अन्य के खिलाफ 2 अप्रैल, 2011 को दाखिल अपने आरोपपत्र में राडिया को मामले में अभियोजन पक्ष का गवाह बनाया था।
राडिया के बयान को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि उन्होंने सीआरपीसी की धारा 161 के तहत जांच के दौरान सीबीआई के समक्ष दर्ज किये गये अपने बयान में कहा था कि 2जी मामले में मुकदमे का सामना कर रही स्वान टेलीकॉम प्राइवेट लिमिटेड ‘यूनीफाइड एक्सेस सर्विस’ (यूएएस) लाइसेंस हासिल करने के काबिल नहीं थी।टिप्पणियां
राडिया ने 21 दिसंबर, 2010 को सीबीआई द्वारा दर्ज अपने बयान में एजेंसी से कहा था कि स्वान टेलीकॉम आवेदक के तौर पर यूएएस लाइसेंस हासिल करने के लिहाज से योग्य नहीं थी।
उन्होंने कहा, जहां तक मेरी जानकारी है, यह कंपनी पूरी तरह मैसर्स रिलायंस कम्युनिकेशन्स द्वारा नियंत्रित थी। सीबीआई ने अपने आरोपपत्र में आरोप लगाया था कि मामले में आरोपी रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड ने अयोग्य कंपनी स्वान टेलीकॉम को लाइसेंस हासिल करने के लिए मुखौटा कंपनी के तौर पर इस्तेमाल किया।
सीबीआई ने पूर्व संचार मंत्री ए राजा और अन्य के खिलाफ 2 अप्रैल, 2011 को दाखिल अपने आरोपपत्र में राडिया को मामले में अभियोजन पक्ष का गवाह बनाया था।
राडिया के बयान को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि उन्होंने सीआरपीसी की धारा 161 के तहत जांच के दौरान सीबीआई के समक्ष दर्ज किये गये अपने बयान में कहा था कि 2जी मामले में मुकदमे का सामना कर रही स्वान टेलीकॉम प्राइवेट लिमिटेड ‘यूनीफाइड एक्सेस सर्विस’ (यूएएस) लाइसेंस हासिल करने के काबिल नहीं थी।टिप्पणियां
राडिया ने 21 दिसंबर, 2010 को सीबीआई द्वारा दर्ज अपने बयान में एजेंसी से कहा था कि स्वान टेलीकॉम आवेदक के तौर पर यूएएस लाइसेंस हासिल करने के लिहाज से योग्य नहीं थी।
उन्होंने कहा, जहां तक मेरी जानकारी है, यह कंपनी पूरी तरह मैसर्स रिलायंस कम्युनिकेशन्स द्वारा नियंत्रित थी। सीबीआई ने अपने आरोपपत्र में आरोप लगाया था कि मामले में आरोपी रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड ने अयोग्य कंपनी स्वान टेलीकॉम को लाइसेंस हासिल करने के लिए मुखौटा कंपनी के तौर पर इस्तेमाल किया।
राडिया के बयान को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि उन्होंने सीआरपीसी की धारा 161 के तहत जांच के दौरान सीबीआई के समक्ष दर्ज किये गये अपने बयान में कहा था कि 2जी मामले में मुकदमे का सामना कर रही स्वान टेलीकॉम प्राइवेट लिमिटेड ‘यूनीफाइड एक्सेस सर्विस’ (यूएएस) लाइसेंस हासिल करने के काबिल नहीं थी।टिप्पणियां
राडिया ने 21 दिसंबर, 2010 को सीबीआई द्वारा दर्ज अपने बयान में एजेंसी से कहा था कि स्वान टेलीकॉम आवेदक के तौर पर यूएएस लाइसेंस हासिल करने के लिहाज से योग्य नहीं थी।
उन्होंने कहा, जहां तक मेरी जानकारी है, यह कंपनी पूरी तरह मैसर्स रिलायंस कम्युनिकेशन्स द्वारा नियंत्रित थी। सीबीआई ने अपने आरोपपत्र में आरोप लगाया था कि मामले में आरोपी रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड ने अयोग्य कंपनी स्वान टेलीकॉम को लाइसेंस हासिल करने के लिए मुखौटा कंपनी के तौर पर इस्तेमाल किया।
राडिया ने 21 दिसंबर, 2010 को सीबीआई द्वारा दर्ज अपने बयान में एजेंसी से कहा था कि स्वान टेलीकॉम आवेदक के तौर पर यूएएस लाइसेंस हासिल करने के लिहाज से योग्य नहीं थी।
उन्होंने कहा, जहां तक मेरी जानकारी है, यह कंपनी पूरी तरह मैसर्स रिलायंस कम्युनिकेशन्स द्वारा नियंत्रित थी। सीबीआई ने अपने आरोपपत्र में आरोप लगाया था कि मामले में आरोपी रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड ने अयोग्य कंपनी स्वान टेलीकॉम को लाइसेंस हासिल करने के लिए मुखौटा कंपनी के तौर पर इस्तेमाल किया।
उन्होंने कहा, जहां तक मेरी जानकारी है, यह कंपनी पूरी तरह मैसर्स रिलायंस कम्युनिकेशन्स द्वारा नियंत्रित थी। सीबीआई ने अपने आरोपपत्र में आरोप लगाया था कि मामले में आरोपी रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड ने अयोग्य कंपनी स्वान टेलीकॉम को लाइसेंस हासिल करने के लिए मुखौटा कंपनी के तौर पर इस्तेमाल किया। | यहाँ एक सारांश है:राडिया ने 21 दिसंबर, 2010 को सीबीआई द्वारा दर्ज अपने बयान में एजेंसी से कहा था कि स्वान टेलीकॉम आवेदक के तौर पर यूएएस लाइसेंस हासिल करने के लिहाज से योग्य नहीं थी। | 4 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: दक्षिणी अफगानिस्तान में रविवार को सड़क किनारे हुए बम धमाकों में 14 अफगानी नागरिकों, पांच पुलिसकर्मियों और नाटो के एक सैनिक की मौत हो गई।
कंधार प्रांत के प्रवक्ता अहमद जावेद फैजल ने कहा कि पाकिस्तान से सटी अफगानिस्तान की सीमा पर स्थित अर्गिस्तान जिले में महिलाओं और बच्चों सहित कई नागरिकों की मौत हुई। उन्होंने कहा कि पहले धमाके के चपेट में एक मिनी वैन आ गई।टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि एक ट्रैक्टर पर सवार अन्य नागरिक जब मरने वालों और घायलों की मदद के लिए पहुंचे, तो यह वाहन सड़क पर ही मौजूद एक अन्य बम की चपेट में आ गया। अधिकारी यह पता करने की कोशिश कर रहे हैं कि दोनों घटनाओं मे कितने लोगों की मौत हुई है। तीन अन्य नागरिक भी इन धमाकों में घायल हुए।
उधर, हेलमंद प्रांत के मूसा कला जिले में एक सुरक्षा चौकी पर रविवार सुबह आतंकवादियों से हुई मुठभेड़ में पांच पुलिसकर्मी मारे गए। हेलमंद के प्रवक्ता दाउद अहमदी ने कहा कि तालिबान लड़ाकों के एक समूह ने तड़के करीब तीन बजे पुलिस चौकी पर हमला किया।
कंधार प्रांत के प्रवक्ता अहमद जावेद फैजल ने कहा कि पाकिस्तान से सटी अफगानिस्तान की सीमा पर स्थित अर्गिस्तान जिले में महिलाओं और बच्चों सहित कई नागरिकों की मौत हुई। उन्होंने कहा कि पहले धमाके के चपेट में एक मिनी वैन आ गई।टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि एक ट्रैक्टर पर सवार अन्य नागरिक जब मरने वालों और घायलों की मदद के लिए पहुंचे, तो यह वाहन सड़क पर ही मौजूद एक अन्य बम की चपेट में आ गया। अधिकारी यह पता करने की कोशिश कर रहे हैं कि दोनों घटनाओं मे कितने लोगों की मौत हुई है। तीन अन्य नागरिक भी इन धमाकों में घायल हुए।
उधर, हेलमंद प्रांत के मूसा कला जिले में एक सुरक्षा चौकी पर रविवार सुबह आतंकवादियों से हुई मुठभेड़ में पांच पुलिसकर्मी मारे गए। हेलमंद के प्रवक्ता दाउद अहमदी ने कहा कि तालिबान लड़ाकों के एक समूह ने तड़के करीब तीन बजे पुलिस चौकी पर हमला किया।
उन्होंने कहा कि एक ट्रैक्टर पर सवार अन्य नागरिक जब मरने वालों और घायलों की मदद के लिए पहुंचे, तो यह वाहन सड़क पर ही मौजूद एक अन्य बम की चपेट में आ गया। अधिकारी यह पता करने की कोशिश कर रहे हैं कि दोनों घटनाओं मे कितने लोगों की मौत हुई है। तीन अन्य नागरिक भी इन धमाकों में घायल हुए।
उधर, हेलमंद प्रांत के मूसा कला जिले में एक सुरक्षा चौकी पर रविवार सुबह आतंकवादियों से हुई मुठभेड़ में पांच पुलिसकर्मी मारे गए। हेलमंद के प्रवक्ता दाउद अहमदी ने कहा कि तालिबान लड़ाकों के एक समूह ने तड़के करीब तीन बजे पुलिस चौकी पर हमला किया।
उधर, हेलमंद प्रांत के मूसा कला जिले में एक सुरक्षा चौकी पर रविवार सुबह आतंकवादियों से हुई मुठभेड़ में पांच पुलिसकर्मी मारे गए। हेलमंद के प्रवक्ता दाउद अहमदी ने कहा कि तालिबान लड़ाकों के एक समूह ने तड़के करीब तीन बजे पुलिस चौकी पर हमला किया। | संक्षिप्त सारांश: दक्षिणी अफगानिस्तान में रविवार को सड़क किनारे हुए बम धमाकों में 14 अफगानी नागरिकों, पांच पुलिसकर्मियों और नाटो के एक सैनिक की मौत हो गई। | 0 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: बेटी को जन्म देने के बाद बढ़े हुए वजन को लेकर आलोचना की शिकार हो रही अभिनेत्री ऐश्वर्या राय ने अपने 'सबसे अधिक खूबसूरत महिला' के खिताब को बरकरार रखते हुए कान के रेड कारपेट पर क्रीम और सुनहरी रंग की साड़ी में उतर कर लोगों का मन मोह लिया।टिप्पणियां
दिन की शुरुआत में अभिनेत्री को ऑस्ट्रेलियाई डिजाइनर एन्जेलो काटसापिस की डिजाइन की हुई धूसर और उजले रंग की पोशाक में देखा गया था, लेकिन बाद मे वह एमफार सिनेमा एंगेस्ट एड्स गाला में भारतीय डिजाइनर अबू जानी-संदीप खोसला द्वारा डिजाइन की गई क्रीम रंग की साड़ी और सुनहरी रंग की कढ़ाई किए हुए पूरी बाजू के ब्लाउज में नजर आईं।
अभिनेत्री के बाल आकर्षक तरीके से सजे हुए थे और उन्होंने बहुत कम मेकअप कर रखा था। लोरियल ब्रांड एम्बेसडर के तौर पर 38 वर्षीय अभिनेत्री का कान में यह 11वां साल और बेटी आराध्या के नवंबर में जन्म के बाद पहला साल है।
दिन की शुरुआत में अभिनेत्री को ऑस्ट्रेलियाई डिजाइनर एन्जेलो काटसापिस की डिजाइन की हुई धूसर और उजले रंग की पोशाक में देखा गया था, लेकिन बाद मे वह एमफार सिनेमा एंगेस्ट एड्स गाला में भारतीय डिजाइनर अबू जानी-संदीप खोसला द्वारा डिजाइन की गई क्रीम रंग की साड़ी और सुनहरी रंग की कढ़ाई किए हुए पूरी बाजू के ब्लाउज में नजर आईं।
अभिनेत्री के बाल आकर्षक तरीके से सजे हुए थे और उन्होंने बहुत कम मेकअप कर रखा था। लोरियल ब्रांड एम्बेसडर के तौर पर 38 वर्षीय अभिनेत्री का कान में यह 11वां साल और बेटी आराध्या के नवंबर में जन्म के बाद पहला साल है।
अभिनेत्री के बाल आकर्षक तरीके से सजे हुए थे और उन्होंने बहुत कम मेकअप कर रखा था। लोरियल ब्रांड एम्बेसडर के तौर पर 38 वर्षीय अभिनेत्री का कान में यह 11वां साल और बेटी आराध्या के नवंबर में जन्म के बाद पहला साल है। | संक्षिप्त सारांश: बेटी को जन्म देने के बाद बढ़े हुए वजन को लेकर आलोचना की शिकार हो रही ऐश्वर्या राय ने कान के रेड कारपेट पर क्रीम और सुनहरी रंग की साड़ी में उतर कर लोगों का मन मोह लिया। | 8 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: Kabir Singh Box Office: शाहिद कपूर (Shahid Kapoor) की फिल्म 'कबीर सिंह' (Kabir Singh) अब ब्लॉकबस्टर मूवीज की लिस्ट में शामिल हो चुकी है. फिल्म ने सोमवार यानी 24 जून को भी जबरदस्त कमाई जारी रखी है. 21 जून को रिलीज हुई फिल्म 'कबीर सिंह' (Kabir Singh) ने पहले दिन 20.21 करोड़ से अपनी शानदार ओपनिंग की थी. रिलीज के बाद से ही फिल्म ने सिनेमा में अभी तक अपना जबरदस्त प्रदर्शन जारी रखा है. बॉक्स ऑफिस इंडिया डॉट कॉम के मुताबिक फिल्म 'कबीर सिंह' (Kabir Singh) ने 24 जून को करीब 17 करोड़ रुपये की कमाई की है. अपनी दमदार कमाई से शाहिद कपूर (Shahid Kapoor) की 'कबीर सिंह' (Kabir Singh) ने 4 दिन में ही करीब 88 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया है.
शाहिद कपूर (Shahid Kapoor) और कियारा अडवाणी (Kiara Advani) की मूवी 'कबीर सिंह' (Kabir Singh) को फिल्म समीक्षकों से ज्यादा अच्छे रिव्यू नहीं मिले थे. हालांकि इसके बाद भी 'कबीर सिंह' भारत के बाद साल की दूसरी सबसे बड़ी ओपनिंग वाली फिल्म बनकर सामने आई है. कमाई के मामले में 'कबीर सिंह' ने शाहिद कपूर की दूसरी फिल्मों का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है. शाहिद कपूर और कियारा आडवाणी की 'कबीर सिंह' साउथ की ब्लॉकबास्टर फिल्म 'अर्जुन रेड्डी' का हिंदी रीमेक है. हिंदी में बनाई गई इस फिल्म को भी संदीप रेड्डी वांगा (Sandip Reddy Vanga) ने ही निर्देशित किया है. बॉक्स ऑफिस पर फिल्म 'अर्जुन रेड्डी' ने 51 करोड़ रुपये की कमाई की थी, और इसका बजट 4-5 करोड़ रुपये था.
बता दें एक्टर शाहिद कपूर (Shahid Kapoor) इस फिल्म में सिरफिरे आशिक का किरदार निभा रहे हैं. जो अपना दिल टूटने के बाद खुद को बर्बाद करने की राह पर निकल पड़ता है. इस फिल्म की कहानी हू-ब-हू तेलुगू फिल्म 'अर्जुन रेड्डी' (Arjun Reddy) की तरह है. फिल्म में शाहिद (Shahid Kapoor) और कियारा की एक्टिंग तो ठीक-ठाक ही है. | बॉक्स ऑफिस पर 'कबीर सिंह' का दमदार कलेक्शन है जारी
साउथ की फिल्म का रीमेक है 'कबीर सिंह'
ब्लॉकबस्टर फिल्म की लिस्ट में शामिल हुई 'कबीर सिंह' | 1 | ['hin'] |
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