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दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सहारनपुर में पिछले दिनों दो समुदायों के बीच हिंसक संघर्ष के बाद कांग्रेस उपाध्‍यक्ष राहुल गांधी शनिवार को वहां पहुंचे. जिले की सीमा पर पहुंचने के बाद पुलिस ने उनको रोक दिया. इस पर उन्‍होंने कहा, ''मैं सहारनपुर जाना चाहता था. मुझे वहां जाने से रोका गया...मैं प्रशासन के आग्रह पर वापस लौट रहा हूं.'' वह सड़क मार्ग से दिल्‍ली से सहारनपुर गए. उनके साथ कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद और राज बब्‍बर समेत कांग्रेस के कई नेता थे. वह हरियाणा होते हुए वहां पहुंचे थे. संभवतया उन्‍होंने यह मार्ग इसलिए चुना क्‍योंकि इससे पहले शुक्रवार को उनको राज्‍य सरकार की तरफ से वहां जाने की अनुमति नहीं दी गई थी. इस संबंध में उत्तर प्रदेश के एडीजी (कानून-व्यवस्था) आदित्य मिश्रा ने कहा था कि अगर राहुल गांधी ने सहारनपुर में प्रवेश करने का प्रयास किया तो उनको जिले की सीमा पर ही रोक दिया जाएगा.टिप्पणियां उल्‍लेखनीय है कि शुक्रवार को सहारनपुर जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) बबलू कुमार ने बताया कि राहुल को सहारनपुर आने की अनुमति नहीं दी गई है. बसपा सुप्रीमो मायावती 23 मई को सहारनपुर हो आई हैं. उन्होंने योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार पर कानून व्यवस्था बनाये रखने में विफल रहने का आरोप लगाया है. सहारनपुर में इस महीने कई बार जातीय संघर्ष देखने को मिला. करीब 40 दिन पहले अंबेडकर जयंती पर जुलूस के दौरान हिंसा भड़क उठी थी. पांच मई को दो समुदायों के बीच संघर्ष में एक व्यक्ति मारा गया और 15 अन्य घायल हो गये. नौ मई को करीब दर्जन भर पुलिस वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया और 12 पुलिसकर्मी घायल हो गये जबकि 23 मई को एक अन्य व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी गई जबकि दो अन्य को घायल कर दिया गया. उसके बाद सरकार ने एसएसपी और जिलाधिकारी को निलंबित कर दिया जबकि मंडलायुक्त और पुलिस उप महानिरीक्षक के तबादले कर दिये. उल्‍लेखनीय है कि शुक्रवार को सहारनपुर जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) बबलू कुमार ने बताया कि राहुल को सहारनपुर आने की अनुमति नहीं दी गई है. बसपा सुप्रीमो मायावती 23 मई को सहारनपुर हो आई हैं. उन्होंने योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार पर कानून व्यवस्था बनाये रखने में विफल रहने का आरोप लगाया है. सहारनपुर में इस महीने कई बार जातीय संघर्ष देखने को मिला. करीब 40 दिन पहले अंबेडकर जयंती पर जुलूस के दौरान हिंसा भड़क उठी थी. पांच मई को दो समुदायों के बीच संघर्ष में एक व्यक्ति मारा गया और 15 अन्य घायल हो गये. नौ मई को करीब दर्जन भर पुलिस वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया और 12 पुलिसकर्मी घायल हो गये जबकि 23 मई को एक अन्य व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी गई जबकि दो अन्य को घायल कर दिया गया. उसके बाद सरकार ने एसएसपी और जिलाधिकारी को निलंबित कर दिया जबकि मंडलायुक्त और पुलिस उप महानिरीक्षक के तबादले कर दिये. सहारनपुर में इस महीने कई बार जातीय संघर्ष देखने को मिला. करीब 40 दिन पहले अंबेडकर जयंती पर जुलूस के दौरान हिंसा भड़क उठी थी. पांच मई को दो समुदायों के बीच संघर्ष में एक व्यक्ति मारा गया और 15 अन्य घायल हो गये. नौ मई को करीब दर्जन भर पुलिस वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया और 12 पुलिसकर्मी घायल हो गये जबकि 23 मई को एक अन्य व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी गई जबकि दो अन्य को घायल कर दिया गया. उसके बाद सरकार ने एसएसपी और जिलाधिकारी को निलंबित कर दिया जबकि मंडलायुक्त और पुलिस उप महानिरीक्षक के तबादले कर दिये.
संक्षिप्त सारांश: प्रशासन ने राहुल गांधी को सहारनपुर आने की अनुमति नहीं दी थी इसके बावजूद राहुल गांधी वहां पहुंचे हैं 23 मई को मायावती सहारनपुर गई थीं
10
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: वैश्विक आर्थिक नरमी की आशंका से विदेशी बाजारों में गिरावट के बीच बंबई शेयर बाजार का सूचकांक गुरुवार को 371 अंक की गिरावट के साथ 15 महीने के निचले स्तर पर बंद हुआ। मुद्रास्फीति की ऊंची दर के कारण ब्याज दरों में वृद्धि की आशंका का भी बाजार मनोबल पर नकारात्मक असर पड़ा। 30 शेयरों पर आधारित सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में मजबूती के साथ खुला, लेकिन अंत में यह 371.01 अंक की गिरावट के साथ 16,469.78 अंक पर बंद हुआ। इससे पहले, 24 मई 2010 को यह स्तर देखा गया था। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 112.45 अंक गिरकर 5,000 अंक के नीचे आ गया और 4,944.15 पर बंद हुआ। सेंसेक्स में 21 प्रतिशत भारांश रखने वाला रिलायंस इंडस्ट्रीज तथा इंफोसिस के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा आईटी, बैंक, धातु तथा उपभोक्ता टिकाऊ सामान बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में भी अच्छी-खासी गिरावट दर्ज की गई। कारोबारियों के अनुसार वैश्विक स्तर पर कमजोर रुख से धारणा पर नकारात्मक असर पड़ा। निवेशकों ने खाद्य मुद्रास्फीति में हल्की गिरावट को नजरअंदाज किया। निवेशकों में यह चिंता बनी हुई है कि रिजर्व बैंक नीतिगत दरों में वृद्धि कर सकता है। खाद्य मुद्रास्फीति 6 अगस्त को समाप्त सप्ताह में घटकर 9.03 प्रतिशत हो गई, जो इससे पूर्व सप्ताह में 9.90 प्रतिशत थी।
यह एक सारांश है: वैश्विक आर्थिक नरमी की आशंका से विदेशी बाजारों में गिरावट के बीच सेंसेक्स 371 अंक की गिरावट के साथ 15 महीने के निचले स्तर पर बंद हुआ।
24
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कलकत्ता हाईकोर्ट के जज सौमित्र सेन को हटाने के लिए महाभियोग पर राज्यसभा ने अपनी मुहर लगा दी है। 189 सदस्यों ने महाभियोग के पक्ष में, जबकि 17 सदस्यों ने इसके विरोध में वोट डाले। उनके खिलाफ बुधवार को राज्यसभा में महाभियोग की कार्रवाई शुरू हुई। सौमित्र सेन ने राज्यसभा की दहलीज पर खड़े होकर अपना पक्ष रखा। गुरुवार को राज्यसभा में बीजेपी के अरुण जेटली ने कहा कि सौमित्र सेन ने सदन को गुमराह किया। सौमित्र सेन के मुद्दे पर विपक्ष और कांग्रेस तो साथ नजर आ रहे हैं, लेकिन बहुजन समाज पार्टी ने गुरुवार को सौमित्र सेन के पक्ष में बयान दिया है। बीएसपी के नेता सतीश मिश्रा ने महाभियोग पर हो रही बहस में कहा कि वह जस्टिस सेन के खिलाफ महाभियोग से सहमत नहीं हैं।उच्च सदन में न्यायमूर्ति सेन के खिलाफ दो दिन तक चली महाभियोग कार्यवाही के दौरान उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए बुधवार को राज्यसभा सभापति हामिद अंसारी ने करीब दो घंटे का समय दिया था। न्यायमूर्ति सेन ने अपने खिलाफ सारे आरोपों को न केवल खारिज किया, बल्कि भारत के तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश के खिलाफ भी टीका-टिप्पणी की। मार्क्‍सवादी येचुरी ने इस संबंध में सदन में दो प्रस्ताव पेश किए थे। उनमें से एक में आरोप था कि न्यायाधीश ने कलकत्ता उच्च न्यायालय द्वारा उन्हें रिसीवर नियुक्त किए जाने के बाद धन की हेराफेरी की और दूसरा उन्होंने तथ्यों को सही ढंग से पेश नहीं किया। प्रस्ताव में राष्ट्रपति से अनुरोध किया गया है कि वह न्यायमूर्ति सेन को कलकत्ता उच्च न्यायालय के न्यायाधीश पद से हटाए जाने का आदेश पारित करें। उच्च न्यायपालिका के किसी भी न्यायाधीश को हटाने के लिए महाभियोग प्रस्ताव का संसद के समान सत्र में दोनों सदनों में पारित होना जरूरी है। अगर इसी सत्र में लोकसभा भी दो-तिहाई बहुमत से इस प्रस्ताव को पारित कर देती है, तो न्यायमूर्ति सेन को पद से हटाने का रास्ता साफ हो जाएगा। राज्यसभा द्वारा न्यायमूर्ति सेन को हटाए जाने संबंधी प्रस्ताव पारित कर देने के बाद अब यह प्रस्ताव अगले सप्ताह लोकसभा में पेश हो सकता है। निचले सदन द्वारा इस प्रस्ताव पर 24 और 25 अगस्त को चर्चा होने की संभावना है। उच्च सदन में महाभियोग प्रस्ताव पर दो दिन तक चली चर्चा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली सहित अधिकतर दलों के सदस्यों ने न्यायमूर्ति सेन के खिलाफ आरोपों को सही ठहराते हुए न्यायाधीशों की नियुक्ति प्रक्रिया में सुधार की जरूरत पर बल दिया था। प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए येचुरी ने कहा कि यह प्रस्ताव न्यायपालिका के विरूद्ध नहीं होकर, एक न्यायाधीश के खिलाफ है, जिन्हें न्यायालय ने और कई जांच में धन की हेराफेरी और कदाचार का दोषी पाया गया है।(इनपुट भाषा से भी)
यह एक सारांश है: कलकत्ता हाईकोर्ट के जज सौमित्र सेन को हटाने के लिए महाभियोग पर राज्यसभा ने अपनी मुहर लगा दी है। महाभियोग के पक्ष में 189 वोट पड़े।
16
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पाकिस्तान में चुनावी सुधार की मांग करते हुए व्यापक जनविरोध का नेतृत्व करने वाले तेजतर्रार धार्मिक नेता ताहिर-उल-कादरी ने घोषणा की है कि वह खुद या उनका परिवार आने वाले आम चुनाव नहीं लड़ेंगे। ऐसा करके वह वंशवादी राजनीति को हतोत्साहित करना चाहते हैं। कादरी ने संवाददाताओं से कहा, मेरी पत्नी, दो बेटे, बेटियां, बहुएं और दामाद चुनाव नहीं लड़ेंगे। हालांकि इसमें कोई कानूनी बाधा नहीं है, लेकिन मैंने यह फैसला इसलिए लिया है, ताकि वंशवादी राजनीति को हतोत्साहित कर सकूं।टिप्पणियां वैसे दूसरे राजनैतिक दलों के नेताओं का मानना है कि कादरी ने मई में संभावित चुनावों में खड़े न होने का फैसला इसलिए लिया है, ताकि वह अपनी कनाडियाई राष्ट्रीयता को बरकरार रख सकें। पाकिस्तानी कानून के तहत चुनाव लड़ने के लिए किसी उम्मीदवार को अपनी दोहरी नागरिकता छोड़नी पड़ती है। तहरीक मिनहाज-उल-कुरान के प्रमुख कादरी ने अपनी पाकिस्तान आवामी तहरीक पार्टी के आम चुनावों में भाग लेने के बारे में विरोधाभासी बयान दिए थे। कादरी ने संवाददाताओं से कहा, मेरी पत्नी, दो बेटे, बेटियां, बहुएं और दामाद चुनाव नहीं लड़ेंगे। हालांकि इसमें कोई कानूनी बाधा नहीं है, लेकिन मैंने यह फैसला इसलिए लिया है, ताकि वंशवादी राजनीति को हतोत्साहित कर सकूं।टिप्पणियां वैसे दूसरे राजनैतिक दलों के नेताओं का मानना है कि कादरी ने मई में संभावित चुनावों में खड़े न होने का फैसला इसलिए लिया है, ताकि वह अपनी कनाडियाई राष्ट्रीयता को बरकरार रख सकें। पाकिस्तानी कानून के तहत चुनाव लड़ने के लिए किसी उम्मीदवार को अपनी दोहरी नागरिकता छोड़नी पड़ती है। तहरीक मिनहाज-उल-कुरान के प्रमुख कादरी ने अपनी पाकिस्तान आवामी तहरीक पार्टी के आम चुनावों में भाग लेने के बारे में विरोधाभासी बयान दिए थे। वैसे दूसरे राजनैतिक दलों के नेताओं का मानना है कि कादरी ने मई में संभावित चुनावों में खड़े न होने का फैसला इसलिए लिया है, ताकि वह अपनी कनाडियाई राष्ट्रीयता को बरकरार रख सकें। पाकिस्तानी कानून के तहत चुनाव लड़ने के लिए किसी उम्मीदवार को अपनी दोहरी नागरिकता छोड़नी पड़ती है। तहरीक मिनहाज-उल-कुरान के प्रमुख कादरी ने अपनी पाकिस्तान आवामी तहरीक पार्टी के आम चुनावों में भाग लेने के बारे में विरोधाभासी बयान दिए थे। पाकिस्तानी कानून के तहत चुनाव लड़ने के लिए किसी उम्मीदवार को अपनी दोहरी नागरिकता छोड़नी पड़ती है। तहरीक मिनहाज-उल-कुरान के प्रमुख कादरी ने अपनी पाकिस्तान आवामी तहरीक पार्टी के आम चुनावों में भाग लेने के बारे में विरोधाभासी बयान दिए थे।
यहाँ एक सारांश है:पाकिस्तान में चुनावी सुधार की मांग करते हुए व्यापक जनविरोध का नेतृत्व करने वाले तेजतर्रार धार्मिक नेता ताहिर-उल-कादरी ने घोषणा की है कि वह खुद या उनका परिवार आने वाले आम चुनाव नहीं लड़ेंगे।
4
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: Lenovo Z6 Pro को लॉन्च कर दिया गया है। कई महीनों तक चले टीज़र और प्रोमो के सिलसिले के बाद Lenovo ने मंगलवार को अपने फ्लैगशिप स्मार्टफोन लेनोवो ज़ेड6 प्रो से पर्दा उठा लिया। यह फोन कंपनी द्वारा बीते साल लॉन्च किए गए Lenovo Z5 Pro का अपग्रेड है। यह हैंडसेट स्लाइडर डिज़ाइन वाला था। लेकिन इस बार कपंनी ने वाटरड्रॉप स्टाइल नॉच पर भरोसा जताया है। फोन में 3डी कर्व्ड ग्लास बैक पैनल है। इस पर कॉर्निंग गोरिल्ला ग्लास की प्रोटेक्शन है। अन्य खासियतों की बात करें तो Lenovo Z6 Pro एआई से लैस चार रियर कैमरों, नेक्स्ट जेनरेशन इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर और स्नैपड्रैगन 855 प्रोसेसर के साथ आता है। चीनी मार्केट में Lenovo Z6 Pro के 6 जीबी + 128 जीबी वेरिएंट की कीमत 2,899 चीनी युआन (करीब 30,000 रुपये) है। इस फोन के तीन और वेरिएंट हैं- 8 जीबी रैम + 128 जीबी स्टोरेज, 8 जीबी रैम + 256 जीबी स्टोरेज और 12 जीबी रैम + 512 जीबी स्टोरेज। तीनों वेरिएंट को क्रमशः 2,999 चीनी युआन (करीब 31,000 रुपये), 3,799 चीनी युआन (करीब 39,000 रुपये) और 4,999 चीनी युआन (करीब 51,000 रुपये) में बेचा जाएगा। कंपनी चीनी मार्केट में Lenovo Z6 Pro का 5जी वेरिएंट भी लाने वाली है। फोन को ब्लैक और ब्लू रंग में उपलब्ध कराया जाएगा। फिलहाल, Lenovo Z6 Pro को भारत में लॉन्च किए जाने के संबंध में कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। लेनोवो ज़ेड6 प्रो एंड्रॉयड 9 पाई पर आधारित ज़ेडयूआई 11 पर चलता है। इसमें गेम टर्बो मोड, यू टच, यू हेल्थ और कई नए सॉफ्टवेयर फीचर हैं। डुअल-सिम (नैनो) Lenovo Z6 Pro में 6.39 इंच का एमोलेड डिस्प्ले है। इसमें इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर भी है। फेस अनलॉक सपोर्ट भी फोन में मौज़ूद है। Lenovo Z6 Pro में क्वालकॉम के फ्लैगशिप स्नैपड्रैगन 855 प्रोसेसर का इस्तेमाल हुआ है। ग्राफिक्स के लिए एड्रेनो 640 जीपीयू इंटिग्रेटेड है। रैम के तीन विकल्प हैं- 6 जीबी/ 8 जीबी/ 12 जीबी। Lenovo ने ज़ेड6 प्रो में तापमान नियंत्रण के लिए पीसी ग्रेड का कोल्डफ्रंट लिक्विड कूलिंग सिस्टम दिया है। Lenovo Z6 Pro की अहम खासियत है कैमरा सेटअप। स्मार्टफोन एआई से लैस चार रियर कैमरों के साथ आता है। पिछले हिस्से पर 48 मेगापिक्सल का एफ/ 1.8 अपर्चर वाला प्राइमरी सेंसर है। इसके साथ 16 मेगापिक्सल का सेकेंडरी सेंसर है। यह वाइड एंगल लेंस के साथ आता है। 8 मेगापिक्सल का टेलीफोटो लेंस दिया गया है और साथ में एक 2 मेगापिक्सल का सेंसर भी है। ToF (टाइम ऑफ फ्लाइट) कैमरा और पीडीएएफ सेंसर को भी फोन का हिस्सा बनाया गया है। कंपनी ने ऑप्टिकल इमेज स्टेबलाइज़ेशन भी दिया है। यूज़र्स सुपर नाइट सीन, सुपर मैक्रो, सुपर वाइड एंगल, सुपर बॉडी और डुअल सीन का भी मज़ा ले पाएंगे। Lenovo के इस फोन में 32 मेगापिक्सल का सेल्फी कैमरा भी है। लेनोवो ज़ेड6 प्रो 512 जीबी तक की इनबिल्ट स्टोरेज के साथ आता है। कनेक्टिविटी फीचर में 4जी वीओएलटीई, वाई-फाई, ब्लूटूथ 5.0, डुअल फ्रिंक्वेंसी जीपीएस और यूएसबी टाइप-सी पोर्ट शामिल हैं। बैटरी 4,000 एमएएच की है। यह 27 वॉट की फास्ट चार्जिंग और रीवर्स चार्जिंग को सपोर्ट करती है।
यहाँ एक सारांश है:Lenovo Z6 Pro में 6.39 इंच का एमोलेड डिस्प्ले है Lenovo के इस फोन में 32 मेगापिक्सल का सेल्फी कैमरा भी है लेनोवो ज़ेड6 प्रो एंड्रॉयड 9 पाई पर आधारित ज़ेडयूआई 11 पर चलता है
17
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सर्वोच्च न्यायालय ने शुक्रवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को गिरफ्तार खनन कारोबारी जी. जनार्दन रेड्डी पर कर्नाटक में अवैध खनन के लगे आरोपों की भी जांच करने का निर्देश दिया। रेड्डी द्वारा आंध्र प्रदेश में अवैध खनन किए जाने की जांच सीबीआई पहले ही कर रही है। ज्ञात हो कि आंध्र प्रदेश में अवैध खनन के आरोपों के चलते कर्नाटक के पूर्व मंत्री जनार्दन रेड्डी हैदराबाद की एक जेल में हैं। कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की बीएस येदियुरप्पा की नेतृत्व वाली सरकार में मंत्री रहे रेड्डी ने हमेशा कहा कि उनका खनन कारोबार केवल आंध्र प्रदेश तक सीमित है और उनका कर्नाटक में खनन का कारोबार नहीं है। सीबीआई ने गत पांच सितम्बर को आंध्र प्रदेश में अवैध खनन के आरोप में बेल्लारी से रेड्डी के साथ ओबुलापुरम खनन कम्पनी के प्रबंध निदेशक बीवी श्रीनिवास रेड्डी को गिरफ्तार किया। दोनों इस समय हैदराबाद की चंचलागुडा जेल में हैं। उल्लेखनीय है कि सर्वोच्च न्यायालय ने यह निर्देश केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (सीइसी) की उस रिपोर्ट के बाद दिया है जिसमें समिति ने कहा है कि कर्नाटक में एसोसिएटेड माइनिंग कम्पनी पर रेड्डी और उनकी पत्नी का मालिकाना हक है जो राज्य में अवैध खनन में संलिप्त है। इस समिति की नियुक्ति सर्वोच्च न्यायालय ने की है। इसके अलावा प्रधान न्यायाधीश एसएच कपाड़िया की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने सीबीआई को एस.एम. जैन की स्वामित्व वाली डेक्कन माइनिंग सिंडिकेट की खनन गतिविधियों की जांच करने के भी निर्देश दिए हैं। सर्वोच्च न्यायालय के इस निर्देश का कांग्रेस और जनता दल (सेक्युलर) ने स्वागत किया है।
संक्षिप्त सारांश: सर्वोच्च न्यायालय ने सीबीआई को गिरफ्तार खनन कारोबारी जी. जनार्दन रेड्डी पर कर्नाटक में अवैध खनन के लगे आरोपों की भी जांच करने का निर्देश दिया।
10
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: हिंदू समाज पार्टी के अध्यक्ष कमलेश तिवारी हत्याकांड में उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की. ओपी सिंह ने कहा कि कमलेश तिवारी हत्याकांड मामले में कुल 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिसमें गुजरात से तीन और यूपी से दो लोगों को कमलेश की पत्नी के FIR के बाद गिरफ्तार किया. यूपी से पकड़े गए दोनों आरोपी मौलाना अनवरुल हक और मुफ्ती नईम कासिम बिजनौर जिले से है. उन्होंने कहा कि हत्या के पीछे कमलेश तिवारी का 2015 में दिया गया एक बयान था. पुलिस ने गुजरात से जिन लोगों को हिरासत में लिया है उसमें मौलाना मोहसिन शेख, फैजान और राशिद अहमद पठान को गिरफ्तार किया है. हिरासत में लिए गए तीनों लोग सूरत के रहने वाले हैं. पुलिस फिलहाल इन सभी से पूछताछ कर रही है. यूपी डीजीपी ओपी सिंह ने बताया, ''उनकी (कमलेश तिवारी) की हत्या दुर्भाग्यपूर्ण है. जांच के लिए स्पेशल टीम बनाई गई है. गुजरात की एक दुकान की मिठाई का डिब्बा मौके पर मिला था. उससे गुजरात कनेक्शन पता चला. 3 संदिग्ध लोग मोहिसन शेख सलीम, फैजान और रशीद अहमल को गुजरात में हिरासत में लिया है और पूछताछ की जा रही है.'' ओपी सिंह ने आगे कहा, ''शुरुआती जांच से तीनों आरोपी हत्या में शामिल हैं. दो और लोग शामिल थे, जो लखनऊ में फरार हैं. इनकी कोई क्रिमिनल हिस्ट्री नहीं पता चल सकी, लेकिन इसके बारे में पूछताछ चल रही है. जरूरत पड़ने पर रिमांड में लेकर पूछताछ करेंगे. कमलेश तिवारी की पत्नी की एफआईआर में मौलाना अनवरुल हक और मुफ्ती नईम कासिम को हिरासत में लिया है. पता चला है कि आरोपी राशिद पठान ने ये प्लान बनाया था और मौलाना मोहसिन शेख ने प्रेरिक किया था.'' उन्होंने कहा, ''2015 में कमलेश के आपत्तिजनक बयान के बाद इसकी हत्या करने वाले को ईनाम देने की घोषणा की गई थी. यह किसी आतंकवादी संगठन से जुड़ा मामला नहीं है. सुरक्षा हर जगह बढ़ा दी गई है. मौलाना मोहसिन शेख 24 साल का साड़ी की दुकान पर काम करता था, जबकि फैजान 21 साल का जूते की दुकान पर काम करता था. तीसरा आरोपी 23 साल का राशिद अहमद पठान दर्जी और कम्प्यूटर का जानकार है, जो मुख्य साजिशकर्ता था.'' बता दें कि अखिल भारत हिन्दू महासभा के खुद को अध्यक्ष बताने वाले कमलेश तिवारी की उनके घर में ही शुक्रवार को हत्या कर दी गई थी. इस घटना को अंजाम देने वाले तीन संदिग्धों को CCTV फुटेज में साफ देखा जा सकता है. घटना के बारे में मिली जानकारी के मुताबिक सुबह दो लोग कमलेश तिवारी से मिलने आए थे. जिन्हें तिवारी ने भीतर बुलाया. फिर अपने साथी से कहा कि सिगरेट लेकर आएं. जब वह लौटा तो कमलेश तिवारी की हत्या हो चुकी थी. घर से एक पिस्तौल बरामद हुआ. ये लोग दिवाली की मिठाई देने के बहाने आए थे. डिब्बे में हथियार थे.
यहाँ एक सारांश है:कमलेश तिवारी हत्याकांड केस में 3 लोगों को हिरासत में लिया गया 5 को हिरासत में लिया गया, बाद में दो को छोड़ा गया शुरू से शक था कि गुजरात से तार जुड़े हुए थे- डीजीपी ओपी सिंह
17
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पश्चिम बंगाल में नक्सल प्रभावित तीन जिलों पुरुलिया, पश्चिमी मिदनापुर और बांकुरा में छठे और अंतिम चरण के तहत 14 विधानसभा क्षेत्रों में मतदान शंतिपूर्ण सम्पन्न हो गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक कम से कम 83.48 फीसदी मतदान हुआ है। निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी ने बताया, "मतदान का प्रतिशत अभी और बढ़ने की सम्भावना है क्योंकि मतदान केंद्रो के बाहर लोग कतारों में अभी भी खड़े हैं।" अधिकारियों के मुताबिक नक्सलियों के चुनाव बहिष्कार के एलान को नजरअंदाज करते हुए लोग सुबह सात बजे से ही अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए मतदान केंद्रो के बाहर लंबी कतारों में खड़े थे। नक्सल प्रभावित जिलों पश्चिमी मिदनापुर, पुरुलिया और बांकुरा में 100,000 से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं, जिनमें केंद्रीय अर्धसैनिक बल के जवान, राज्य के पुलिसकर्मी और कमांडो शामिल थे। तीन हेलीकॉप्टरों के माध्यम से हवाई सर्वेक्षण के तहत मतदान प्रक्रिया पर निगरानी रखी गई।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: प. बंगाल में नक्सल प्रभावित तीन जिलों पुरुलिया, पश्चिमी मिदनापुर और बांकुरा में छठे और अंतिम चरण का मतदान सम्पन्न हो गया।
19
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: जम्मू-कश्मीर पर मध्यस्थता करने की बात कहकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप  ने खुद की किरकीरी तो कराई साथ ही भारत में मोदी सरकार को भी जवाब देने के लिए मजबूर कर दिया.  संसद में विपक्षी नेताओं की ओर से उठाए गए सवाल पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने राज्यसभा में सफाई देते हुए कश्मीर को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दावे को सिरे से खारिज कर दिया. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को स्पष्ट कहा कि प्रधानमंत्री ने ऐसा कोई अनुरोध नहीं किया है और पाकिस्तान के साथ सभी लंबित मुद्दों का समाधान द्विपक्षीय तरीके से ही किया जाएगा. कश्मीर को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दावे पर राज्यसभा में अपनी ओर से दिए गए एक बयान में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, 'हम सदन को पूरी तरह आश्वस्त करना चाहेंगे कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐसा कोई अनुरोध नहीं किया है'. विदेश मंत्री ने यह भी कहा 'हम अपना रूख फिर से दोहराते हैं कि पाकिस्तान के साथ सभी लंबित मुद्दों का समाधान द्विपक्षीय तरीके से ही किया जाएगा.' उन्होंने कहा ‘पाकिस्तान के साथ कोई भी बातचीत सीमा पार से जारी आतंकवाद बंद होने के बाद, लाहौर घोषणापत्र और शिमला समझौते के अंतर्गत ही होगी.' विदेश मंत्री के इस बयान के बाद कांग्रेस सहित विपक्षी सदस्यों ने प्रधानमंत्री से इस विषय पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की. हालांकि सभापति एम वेंकैया नायडू ने शून्यकाल की कार्यवाही शुरू करने का निर्देश दिया. लेकिन विपक्षी सदस्य प्रधानमंत्री से स्प्ष्टीकरण की मांग पर अड़े रहे और अपने स्थान से आगे आ गए। सदन में सदस्यों का शोर शराबा जारी रहा. सभापति ने सदस्यों से अपने स्थान पर जाने और शून्यकाल चलने देने का अनुरोध किया.  लेकिन सदन में व्यवस्था बनते न देख उन्होंने 11 बज कर 15 मिनट पर ही कार्यवाही दोपहर बारह बजे तक के लिए स्थगित कर दी.  हालांकि ट्रंप के इस बयान को अमेरिकी सांसद ब्राड शेरमैन ने भी खारिज कर दिया. डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसद ब्रैड शेरमैन ने कहा, 'सभी जानते हैं भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऐसी बात कभी नहीं करेंगे.  हर कोई जो दक्षिण एशिया की विदेश नीति के बारे में कुछ भी जानता है, वो ये जानता है कि कश्मीर मसले में भारत लगातार तीसरे पक्ष की मध्यस्थता का विरोध करता रहा है. सभी जानते हैं कि पीएम मोदी कभी ऐसी बात नहीं करेंगे. ट्रंप का बयान ग़ैर संजीदा और भ्रामक है और शर्मिंदा करने वाला भी. उन्होंने कहा,  'मैंने भारतीय राजदूत हर्ष श्रृंगला से ट्रंप की इस ग़ैरसंजीदा और शर्मसार करने वाली ग़लती के लिए माफ़ी मांगी है.' दूसरी ओर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भी ट्रंप के बयान पर कड़ी असहमति जताई है. उन्होंने कहा, 'मुझे वाकई नहीं लगता है कि ट्रम्प को थोड़ा भी अंदाजा है कि वह क्या बात कर रहे हैं? या तो उन्हें किसी ने मामले की जानकारी नहीं दी या वह समझे नहीं कि मोदी क्या कह रहे थे या फिर भारत का तीसरे पक्ष की मध्यस्थता को लेकर क्या रुख है. विदेश मंत्रालय को इस मामले पर स्पष्टीकरण देना चाहिए कि भारत ने कभी भी ऐसी किसी मध्यस्थता को लेकर कोई बात नहीं की है.'
यहाँ एक सारांश है:विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सदन को किया आश्वस्त पीएम मोदी ने नहीं किया मध्यस्थता को लेकर अनुरोध जम्मू-कश्मीर पर मध्यस्थता स्वीकार नहीं
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय वायुसेना का सुखोई लड़ाकू विमान रूटीन अभ्‍यास के दौरान बुधवार को बाड़मेर में दुर्घटनाग्रस्‍त हो गया. रक्षा सूत्रों के मुताबिक दोनों पायलट समय रहते ही उससे निकल गए और बच गए. बाड़मेर के शिवकर गांव के निकट यह दुर्घटना हुई.टिप्पणियां इसके चलते एक ही परिवार के तीन लोग घायल हो गए. इसमें धुरा राम, उनकी पत्‍नी और नाती घायल हो गए. उनको अस्‍पताल में भर्ती कराया गया है.  वायुसेना के मुताबिक यह विमान रूटीन ट्रेनिंग पर था, उसी दौरान ये दुर्घटना हुई. हादसे के बाद लड़ाकू विमान के परखच्चे उड़ गए, लेकिन विमान में सवार दोनों पायलट सुरक्षित बाहर निकल गए.   हादसे की जांच के लिए वायुसेना ने कोर्ट ऑफ इन्कवायरी के आदेश दे दिए हैं. वायुसेना के पास पहले से ही कम लड़ाकू विमान हैं. ऐसे में अंग्रिम पंक्ति के लड़ाकू विमान का दुर्घटनाग्रस्त होना काफी गंभीर चिंता का विषय है. वायुसेना के पास करीब 200 सुखोई लड़ाकू विमान है. ये विमान रूस से खरीदा गया था. 1997 में पहली बार वायुसेना में सुखोई लड़ाकू विमान भारतीय वायुसेना में शामिल हुआ और 2002 के बाद ट्रांसफर ऑफ तकनीक के जरिए ये विमान देश में ही हिन्दुस्तान ऐरोनेटिक्स लिमिटेड बेंगलुरु में बनने लगा. ये सातवां सुखोई लड़ाकू विमान है जो दुर्घटनाग्रस्त हुआ है. इसके चलते एक ही परिवार के तीन लोग घायल हो गए. इसमें धुरा राम, उनकी पत्‍नी और नाती घायल हो गए. उनको अस्‍पताल में भर्ती कराया गया है.  वायुसेना के मुताबिक यह विमान रूटीन ट्रेनिंग पर था, उसी दौरान ये दुर्घटना हुई. हादसे के बाद लड़ाकू विमान के परखच्चे उड़ गए, लेकिन विमान में सवार दोनों पायलट सुरक्षित बाहर निकल गए.   हादसे की जांच के लिए वायुसेना ने कोर्ट ऑफ इन्कवायरी के आदेश दे दिए हैं. वायुसेना के पास पहले से ही कम लड़ाकू विमान हैं. ऐसे में अंग्रिम पंक्ति के लड़ाकू विमान का दुर्घटनाग्रस्त होना काफी गंभीर चिंता का विषय है. वायुसेना के पास करीब 200 सुखोई लड़ाकू विमान है. ये विमान रूस से खरीदा गया था. 1997 में पहली बार वायुसेना में सुखोई लड़ाकू विमान भारतीय वायुसेना में शामिल हुआ और 2002 के बाद ट्रांसफर ऑफ तकनीक के जरिए ये विमान देश में ही हिन्दुस्तान ऐरोनेटिक्स लिमिटेड बेंगलुरु में बनने लगा. ये सातवां सुखोई लड़ाकू विमान है जो दुर्घटनाग्रस्त हुआ है. वायुसेना के पास करीब 200 सुखोई लड़ाकू विमान है. ये विमान रूस से खरीदा गया था. 1997 में पहली बार वायुसेना में सुखोई लड़ाकू विमान भारतीय वायुसेना में शामिल हुआ और 2002 के बाद ट्रांसफर ऑफ तकनीक के जरिए ये विमान देश में ही हिन्दुस्तान ऐरोनेटिक्स लिमिटेड बेंगलुरु में बनने लगा. ये सातवां सुखोई लड़ाकू विमान है जो दुर्घटनाग्रस्त हुआ है.
संक्षिप्त सारांश: रूटीन ट्रेनिंग पर था यह विमान हादसे में तीन स्थानीय लोग घायल वायुसेना ने कोर्ट ऑफ इन्कवायरी के आदेश दिए
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: चुनाव से पहले फडणवीस द्वारा दिए गए नारे 'मैं वापस लौटूंगा' पर तंज कसने को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया कि उन्होंने ऐसा कहा, लेकिन इसके लिए समय देना भूल गए थे. उन्होंने कहा, '...आपको कुछ समय इंतजार करना होगा.' फडणसीस राज्य विधानसभा में उनके विपक्ष का नेता बनने पर उन्हें बधाई देने के लिए प्रस्ताव लाए जाने के बाद बोल रहे थे. प्रस्ताव मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे द्वारा पेश किया गया, जिसका NCP के जयंत पाटिल और कांग्रेस के विधायक दल के नेता बालासाहेब थोराट सहित अन्य दल के सदस्यों ने समर्थन किया. फडणवीस ने कहा, 'भाजपा को जनादेश मिला, क्योंकि हमारी पार्टी अकेली सबसे बड़ी पार्टी है. 21 अक्टूबर के विधानसभा चुनाव में हमारा स्ट्राइक रेट 70 प्रतिशत का रहा, लेकिन राजनीतिक गुणागणित योग्यता पर भारी पड़ा. जिन्हें चुनावों में 40 प्रतिशत अंक मिले उन्होंने सरकार बना ली.' उन्होंने कहा, 'हम इसे लोकतंत्र के हिस्सा के तौर पर स्वीकार कर रहे हैं.' सदन में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे सहित कई नेताओं ने चुनाव से पहले फडणवीस द्वारा दिए गए नारे 'मैं वापस आऊंगा' को लेकर उनपर कटाक्ष किया. इसके जवाब में फडणवीस ने कहा, 'मैंने यह कहा था कि 'मैं वापस आऊंगा' लेकिन मैं इसके लिए आपको समय देना भूल गया. यद्यपि मैं आपको एक चीज का भरोसा दे सकता हूं कि आपको कुछ समय इंतजार करने की जरूरत है.' उन्होंने कहा, 'मैंने न केवल पांच वर्षों में कई परियोजनाएं घोषित की बल्कि उन पर काम भी शुरू किया. मैं उनका उद्घाटन करने के लिए वापस आ सकता हूं.' फडणवीस ने सदन को संवैधानिक एवं विधिक सीमा में काम करने का भरोसा भी दिया. उन्होंने कहा, 'सरकार का विरोध मैं कुछ सिद्धांतों और बिना किसी निजी एजेंडे के करूंगा.' भाजपा विधायक दल के नेता फडणवीस को रविवार को विधानसभा अध्यक्ष नाना पटोले ने विपक्ष का नया नेता घोषित किया. ठाकरे नीत शिवसेना द्वारा मुख्यमंत्री पद को लेकर भाजपा के साथ गठबंधन से अलग होने के बाद शिवसेना, NCP और कांग्रेस ने मिलकर सरकार बनाई. 288 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा 105 सीटें जीतकर अकेली सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरी. शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस ने क्रमश: 56, 54 और 44 सीटें जीतीं.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: 'सरकार गठन में योग्यता पर भारी पड़ा राजनीतिक गुणागणित' 'मैं वापस आउंगा, लेकिन कुछ समय इंतजार करने की जरूरत' चुनाव से पहले फडणवीस का यह नारा था 'मैं वापस लौटूंगा'
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['hin']
एक सारांश बनाओ: भारतीय जनता पार्टी ने मंगलवार को आरोप लगाया कि केंद्र सरकार नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रपट में दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारियों में अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार ठहराने के बावजूद उनका बचाव कर रही है। भाजपा सांसद कीर्ति आजाद ने संसद भवन के बाहर पत्रकारों से बातचीत में कहा, "जब 2-जी मामले पर सीएजी रपट सदन के पटल पर रख दी गई, तो 24 घंटों के अंदर अज्ञात लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कर दी गई। सीडब्ल्यूजी पर सीएजी रपट में शीला को जिम्मेदार ठहराया गया है और सरकार उनका बचाव कर रही है।  " आजाद ने कहा कि सरकार सीडब्लूजी प्रमुख के रूप में सुरेश कलमाड़ी की नियुक्ति का मुद्दा उठाकर शीला से ध्यान हटाना चाह रही है। विपक्ष द्वारा उनके इस्तीफे की मांग पर किए गए हंगामे के बीच संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही मंगलवार दोपहर तक स्थगित कर दी गई। सीएजी रपट पांच अगस्त को संसद में पेश की गई थी।
यहाँ एक सारांश है:भाजपा ने आरोप लगाया कि केन्द्र सरकार सीएजी की रपट में शीला दीक्षित का नाम आने के बावजूद उनका बचाव कर रही है।
15
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: गोवा में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की पहली चुनावी रैली बदइंतज़ामी का शिकार हो गई। प्रधानमंत्री भाषण देने के लिए उठे लेकिन तभी माइक खराब गया। माइक को ठीक करने की कोशिश में 15 मिनट निकल गए। इतनी देर तक प्रधानमंत्री इंतज़ार करते रहे।टिप्पणियां बताया जा रहा है कि साउंड सिस्टम के एम्पलीफायर के फ्यूज़ उड़ गए जिसकी वजह से पीएम के भाषण में रुकावट पैदा हुई। मंच पर मुख्यमंत्री दिगम्बर कामत, विधानसभा अध्यक्ष प्रतापसिंह राणे, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता प्रफुल्ल पटेल मौजूद थे। बताया जा रहा है कि साउंड सिस्टम के एम्पलीफायर के फ्यूज़ उड़ गए जिसकी वजह से पीएम के भाषण में रुकावट पैदा हुई। मंच पर मुख्यमंत्री दिगम्बर कामत, विधानसभा अध्यक्ष प्रतापसिंह राणे, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता प्रफुल्ल पटेल मौजूद थे। मंच पर मुख्यमंत्री दिगम्बर कामत, विधानसभा अध्यक्ष प्रतापसिंह राणे, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता प्रफुल्ल पटेल मौजूद थे।
सारांश: गोवा में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की पहली चुनावी रैली बदइंतज़ामी का शिकार हो गई। प्रधानमंत्री भाषण देने के लिए उठे लेकिन तभी माइक खराब गया।
31
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: H-1B वीजा की संख्या सीमित करने के मामले में भारत को राहत देंगे अमेरिकी विदेश मंत्री, अधिकारी ने किया दावा कुमारस्वामी की यह टिप्पणी तब सामने आई है जब रिपोर्ट में कहा गया था कि उन्हें गांव में लक्जरी ट्रीटमेंट दिया जा रहा है. उनकी यात्रा से पहले गांव के बाथरूम का नवीनीकरण किया गया था.  वहीं इस मामले में कुमारस्वामी ने कहा, 'यह बच्चों की मदद करेगा. मैं यहां एक सामान्य बस से आया. मैं वॉल्वो बस से नहीं आया था. मुझे बीजेपी से सीखने की जरूरत नहीं है. मैं एक झोपड़ी के साथ-साथ 5 स्टार होटल में सोया था. जब मेरे पिता प्रधानमंत्री थे तब मैं ग्रांड क्रेमलिन पैलेस रूस में सोया था. मैंने जीवन में सबकुछ देखा है.  कुमारस्वामी ने कहा, 'मेरे कुछ दोस्तों ने मुझसे पूछ रहे हैं कि मैंने गांवों में रुकने का कार्यक्रम क्यों बनाया, वे विधान सोउदा में बैठ सकते हैं और काम कर सकते हैं. मैं उनसे कहना चाहता हूं कि ये चालबाजियां विपक्ष के लिए हैं. मेरे लिए नहीं हैं.' गांव की यात्रा के दौरान कुमारस्वामी ने स्कूल के बच्चों के साथ भी बातचीत की और उनकी समस्याओं को सुना.  बाइक बोट ने दूसरी कंपनियों को डायवर्ट किए 650 करोड़, दो दर्जन बैंक खाते फ्रीज किसानों की समस्याओं के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, 'किसानों की कर्जमाफी पर हमारे पास पूरी जानकारी है. कलबुर्गी जिला सेंट्रल कॉरपोरेटिव बैंक के लिए 100 करोड़ रुपए जारी किए जाएंगे. किसानों के नए लोन के लिए फैसला कॉरपोरेट मंत्री द्वारा किया जाएगा.
संक्षिप्त सारांश: कर्नाटक के सीएम एचडी कुमारस्वामी ने हालही में अपना विलेज कैंपेन शुरू किया यात्रा पर सवाल उठे तो बोेले- नहीं लिया था 5 स्टार ट्रीटमेंट 'जब मेरे पिता पीएम थे तब मैं ग्रांड क्रेमलिन पैलेस रूस में सोया'
10
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 500 और 1000 रुपये के नोट को मंगलवार आधी रात से अमान्य घोषित करते हुए इस निर्णय के कारण उत्पन्न स्थितियों को देखते हुए 11 नवंबर की मध्यरात्रि तक कुछ खास व्यवस्थाएं भी की हैं.जानिए कैसे बदले जा सकते हैं 500-1000 रुपये के पुराने नोट इसके तहत अस्पतालों, सार्वजनिक क्षेत्र के पेट्रोल एवं सीएनजी गैस स्टेशनों, रेल यात्रा टिकट काउंटरों, शवदाह गृहों, अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों को 11 नवंबर की मध्यरात्रि तक छूट रहेगी. दुग्ध बिक्री केंद्रों, पेट्रोल एवं सीएनजी स्टेशनों आदि को स्टॉक एवं ब्रिकी का रजिस्टर रखना होगा. उन्होंने कहा कि 100 रुपये, 50 रुपये, 20 रुपये, 10 रुपये, 5 रुपये, एक रुपये के नोट और सभी सिक्के प्रचलन में रहेंगे और वैध होंगे.कल बैंक नहीं जाएं-लेनदेन नहीं होगा, अगले दो दिनों तक कुछ एटीएम भी काम नहीं करेंगे प्रधानमंत्री ने कहा कि केवल शुरुआत के दिनों में खाते से धनराशि निकालने पर प्रतिदिन 10 हजार रुपये और प्रति सप्ताह 20 हजार रुपये की सीमा रखी गई है. पीएम मोदी ने 2000 रुपये और 500 रुपये के नए नोट जारी किए जाने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि प्रारंभ में 4000 रुपये के नोट बदले जा सकेंगे और 25 नवंबर से 4000 रुपये की सीमा में वृद्धि की जाएगी.टिप्पणियांयह हैं 500 और 2000 रुपये के नए नोट जो जल्‍द किए जाएंगे जारी... पीएम मोदी ने कहा कि प्रारंभ में एटीएम से प्रतिदिन प्रति कार्ड 2000 रुपये निकाले जा सकेंगे. नई व्यवस्था के कारण पेश आने वाली कुछ परेशानियों का जिक्र करते हुए उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आतंकवाद, कालाधन, जाली नोट के गोरखधंधे, भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग में देश की जागरुक जनता कुछ दिनों तक इस असुविधा को झेल लेगी. जानिए कैसे बदले जा सकते हैं 500-1000 रुपये के पुराने नोट इसके तहत अस्पतालों, सार्वजनिक क्षेत्र के पेट्रोल एवं सीएनजी गैस स्टेशनों, रेल यात्रा टिकट काउंटरों, शवदाह गृहों, अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों को 11 नवंबर की मध्यरात्रि तक छूट रहेगी. दुग्ध बिक्री केंद्रों, पेट्रोल एवं सीएनजी स्टेशनों आदि को स्टॉक एवं ब्रिकी का रजिस्टर रखना होगा. उन्होंने कहा कि 100 रुपये, 50 रुपये, 20 रुपये, 10 रुपये, 5 रुपये, एक रुपये के नोट और सभी सिक्के प्रचलन में रहेंगे और वैध होंगे.कल बैंक नहीं जाएं-लेनदेन नहीं होगा, अगले दो दिनों तक कुछ एटीएम भी काम नहीं करेंगे प्रधानमंत्री ने कहा कि केवल शुरुआत के दिनों में खाते से धनराशि निकालने पर प्रतिदिन 10 हजार रुपये और प्रति सप्ताह 20 हजार रुपये की सीमा रखी गई है. पीएम मोदी ने 2000 रुपये और 500 रुपये के नए नोट जारी किए जाने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि प्रारंभ में 4000 रुपये के नोट बदले जा सकेंगे और 25 नवंबर से 4000 रुपये की सीमा में वृद्धि की जाएगी.टिप्पणियांयह हैं 500 और 2000 रुपये के नए नोट जो जल्‍द किए जाएंगे जारी... पीएम मोदी ने कहा कि प्रारंभ में एटीएम से प्रतिदिन प्रति कार्ड 2000 रुपये निकाले जा सकेंगे. नई व्यवस्था के कारण पेश आने वाली कुछ परेशानियों का जिक्र करते हुए उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आतंकवाद, कालाधन, जाली नोट के गोरखधंधे, भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग में देश की जागरुक जनता कुछ दिनों तक इस असुविधा को झेल लेगी. इसके तहत अस्पतालों, सार्वजनिक क्षेत्र के पेट्रोल एवं सीएनजी गैस स्टेशनों, रेल यात्रा टिकट काउंटरों, शवदाह गृहों, अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों को 11 नवंबर की मध्यरात्रि तक छूट रहेगी. दुग्ध बिक्री केंद्रों, पेट्रोल एवं सीएनजी स्टेशनों आदि को स्टॉक एवं ब्रिकी का रजिस्टर रखना होगा. उन्होंने कहा कि 100 रुपये, 50 रुपये, 20 रुपये, 10 रुपये, 5 रुपये, एक रुपये के नोट और सभी सिक्के प्रचलन में रहेंगे और वैध होंगे.कल बैंक नहीं जाएं-लेनदेन नहीं होगा, अगले दो दिनों तक कुछ एटीएम भी काम नहीं करेंगे प्रधानमंत्री ने कहा कि केवल शुरुआत के दिनों में खाते से धनराशि निकालने पर प्रतिदिन 10 हजार रुपये और प्रति सप्ताह 20 हजार रुपये की सीमा रखी गई है. पीएम मोदी ने 2000 रुपये और 500 रुपये के नए नोट जारी किए जाने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि प्रारंभ में 4000 रुपये के नोट बदले जा सकेंगे और 25 नवंबर से 4000 रुपये की सीमा में वृद्धि की जाएगी.टिप्पणियांयह हैं 500 और 2000 रुपये के नए नोट जो जल्‍द किए जाएंगे जारी... पीएम मोदी ने कहा कि प्रारंभ में एटीएम से प्रतिदिन प्रति कार्ड 2000 रुपये निकाले जा सकेंगे. नई व्यवस्था के कारण पेश आने वाली कुछ परेशानियों का जिक्र करते हुए उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आतंकवाद, कालाधन, जाली नोट के गोरखधंधे, भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग में देश की जागरुक जनता कुछ दिनों तक इस असुविधा को झेल लेगी. कल बैंक नहीं जाएं-लेनदेन नहीं होगा, अगले दो दिनों तक कुछ एटीएम भी काम नहीं करेंगे प्रधानमंत्री ने कहा कि केवल शुरुआत के दिनों में खाते से धनराशि निकालने पर प्रतिदिन 10 हजार रुपये और प्रति सप्ताह 20 हजार रुपये की सीमा रखी गई है. पीएम मोदी ने 2000 रुपये और 500 रुपये के नए नोट जारी किए जाने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि प्रारंभ में 4000 रुपये के नोट बदले जा सकेंगे और 25 नवंबर से 4000 रुपये की सीमा में वृद्धि की जाएगी.टिप्पणियांयह हैं 500 और 2000 रुपये के नए नोट जो जल्‍द किए जाएंगे जारी... पीएम मोदी ने कहा कि प्रारंभ में एटीएम से प्रतिदिन प्रति कार्ड 2000 रुपये निकाले जा सकेंगे. नई व्यवस्था के कारण पेश आने वाली कुछ परेशानियों का जिक्र करते हुए उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आतंकवाद, कालाधन, जाली नोट के गोरखधंधे, भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग में देश की जागरुक जनता कुछ दिनों तक इस असुविधा को झेल लेगी. प्रधानमंत्री ने कहा कि केवल शुरुआत के दिनों में खाते से धनराशि निकालने पर प्रतिदिन 10 हजार रुपये और प्रति सप्ताह 20 हजार रुपये की सीमा रखी गई है. पीएम मोदी ने 2000 रुपये और 500 रुपये के नए नोट जारी किए जाने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि प्रारंभ में 4000 रुपये के नोट बदले जा सकेंगे और 25 नवंबर से 4000 रुपये की सीमा में वृद्धि की जाएगी.टिप्पणियांयह हैं 500 और 2000 रुपये के नए नोट जो जल्‍द किए जाएंगे जारी... पीएम मोदी ने कहा कि प्रारंभ में एटीएम से प्रतिदिन प्रति कार्ड 2000 रुपये निकाले जा सकेंगे. नई व्यवस्था के कारण पेश आने वाली कुछ परेशानियों का जिक्र करते हुए उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आतंकवाद, कालाधन, जाली नोट के गोरखधंधे, भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग में देश की जागरुक जनता कुछ दिनों तक इस असुविधा को झेल लेगी. यह हैं 500 और 2000 रुपये के नए नोट जो जल्‍द किए जाएंगे जारी... पीएम मोदी ने कहा कि प्रारंभ में एटीएम से प्रतिदिन प्रति कार्ड 2000 रुपये निकाले जा सकेंगे. नई व्यवस्था के कारण पेश आने वाली कुछ परेशानियों का जिक्र करते हुए उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आतंकवाद, कालाधन, जाली नोट के गोरखधंधे, भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग में देश की जागरुक जनता कुछ दिनों तक इस असुविधा को झेल लेगी. पीएम मोदी ने कहा कि प्रारंभ में एटीएम से प्रतिदिन प्रति कार्ड 2000 रुपये निकाले जा सकेंगे. नई व्यवस्था के कारण पेश आने वाली कुछ परेशानियों का जिक्र करते हुए उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आतंकवाद, कालाधन, जाली नोट के गोरखधंधे, भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग में देश की जागरुक जनता कुछ दिनों तक इस असुविधा को झेल लेगी.
संक्षिप्त पाठ: अस्पतालों, पेट्रोल पंपों को 11 नवंबर की आधी रात तक छूट रेल टिकट काउंटरों, शवदाह गृहों, अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों को भी छूट फिलहाल एटीएम से प्रतिदिन प्रति कार्ड 2000 रुपये निकाले जा सकेंगे
22
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: हरियाणा कैडर के वरिष्ठ IAS अधिकारी अशोक खेमका (Ashok Khemka) का 53वीं बार तबादला कर दिया गया है. हरियाणा सरकार ने 1991 बैच के वरिष्ठ नौकरशाह अशोक खेमका को इस बार अभिलेख, पुरातत्व एवं संग्रहालय विभागों का प्रधान सचिव बनाया है. इससे पहले इसी साल मार्च में खेमका (Ashok Khemka) का ट्रांसफर करते हुए उन्हें विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग का प्रधान सचिव नियुक्त किया गया था. करीब 27 साल के करियर में 53वीं बार तबादले पर अशोक खेमका का दर्द छलक पड़ा. उन्होंने ट्वीट कर कहा, ''फिर तबादला. लौट कर फिर वहीं. कल संविधान दिवस मनाया गया. आज सर्वोच्च न्यायालय के आदेश एवं नियमों को एक बार और तोड़ा गया. कुछ प्रसन्न होंगे. अंतिम ठिकाने जो लगा, ईमानदारी का ईनाम जलालत.''  फिर तबादला। लौट कर फिर वहीं। कल संविधान दिवस मनाया गया। आज सर्वोच्च न्यायालय के आदेश एवं नियमों को एक बार और तोड़ा गया। कुछ प्रसन्न होंगे। अंतिम ठिकाने जो लगा। ईमानदारी का ईनाम जलालत। गौरतलब है कि अशोक खेमका (Ashok Khemka) 1991 बैच के हरियाणा कैडर के IAS अधिकारी हैं. वह गुरुग्राम में सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा की जमीन सौदे से जुड़ी जांच के कारण सुर्खियों में रहे हैं. कहा जाता है कि अशोक खेमका जिस भी विभाग में जाते हैं, वहीं घपले-घोटाले उजागर करते हैं, जिसके चलते अक्सर उन्हें ट्रांसफर का दंश झेलना पड़ता है. वह भूपिंदर सिंह हुड्डा के शासनकाल में भी कई घोटालों का खुलासा कर चुके हैं. अशोक खेमका पश्चिम बंगाल के कोलकाता में पैदा हुए. फिर आईआईटी खड़गपुर से 1988 में बीटेक किए और बाद में कंप्यूटर साइंस में पीएचडी किए. उन्होंने एमबीए भी कर रखी है.  बता दें कि नवंबर 2014 में तत्‍कालीन हुड्डा सरकार ने रॉबर्ट वाड्रा और डीएलएफ के लैंड डील से जुड़े खुलासे के बाद खेमका का तबादला परिवहन विभाग में कर दिया था, जिसको लेकर काफी हो-हल्ला मचा था और सरकार के इस फैसले पर सवाल उठे थे.
यह एक सारांश है: हरियाणा कैडर के आईएएस अधिकारी हैं खेमका हरियाणा सरकार ने किया खेमका का ट्रांसफर 27 साल के करियर में 53वीं बार हुआ तबादला
9
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: तमिलनाडु के कुडनकुलम न्यूक्लियर पॉवर प्लांट में वैज्ञानिक ईंधन भरने की तैयारी कर रहे हैं वहीं, दूसरी तरफ प्लांट का विरोध कर रहे गांववालों ने भी अपना विरोध तेज कर दिया है।टिप्पणियां रविवार को कुडनकुलम प्लांट के विरोध में एक रैली निकाली जाएगी। गांववाले प्लांट को बंद करने की मांग कर रहे हैं जिन्हें पीएमके का भी समर्थन हासिल है। आज होने वाली विरोध रैली को देखते हुए सरकार ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के इंतज़ाम किए गए हैं। प्लांट के बाहर रैपिड एक्शन फोर्स के जवानों को भी तैनात कर दिया गया है। रविवार को कुडनकुलम प्लांट के विरोध में एक रैली निकाली जाएगी। गांववाले प्लांट को बंद करने की मांग कर रहे हैं जिन्हें पीएमके का भी समर्थन हासिल है। आज होने वाली विरोध रैली को देखते हुए सरकार ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के इंतज़ाम किए गए हैं। प्लांट के बाहर रैपिड एक्शन फोर्स के जवानों को भी तैनात कर दिया गया है। आज होने वाली विरोध रैली को देखते हुए सरकार ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के इंतज़ाम किए गए हैं। प्लांट के बाहर रैपिड एक्शन फोर्स के जवानों को भी तैनात कर दिया गया है।
संक्षिप्त पाठ: तमिलनाडु के कुडनकुलम न्यूक्लियर पॉवर प्लांट में वैज्ञानिक ईंधन भरने की तैयारी कर रहे हैं वहीं, दूसरी तरफ प्लांट का विरोध कर रहे गांववालों ने भी अपना विरोध तेज कर दिया है।
27
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिका पाकिस्तान के ऐबटाबाद में मारे गए अल कायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन की तीनों बीवियों तक पहुंच गया है और उसने आईएसआई की निगरानी में उनसे कथित रूप से पूछताछ की। व्हाइट हाउस के प्रवक्ता जय कार्नी ने कहा, अमेरिका सरकार ओसामा बिन लादेन तक पहुंच गई। उन्होंने कहा कि इस संबंध में अमेरिका पाकिस्तान के सहयोग की सराहना करता है। हालांकि व्हाइट हाउस और पेंटागन ने मुद्दे की संवेदनशीलता के मद्देनजर कुछ भी ब्यौरा देने से इनकार कर दिया। इससे पहले सीएनएन ने खबर दी थी कि इस सप्ताह लादेन की तीनों बीवियों से एक साथ पूछताछ की गई जिसमें पता चला कि अमेरिकी लोगों के प्रति इनका धुर विरोधी रवैया है। ओसामा बिन लादेन की बड़ी पत्नी ने सबकी ओर से जवाब दिया। अज्ञात अधिकारियों ने बताया कि अमेरिकी अधिकारियों द्वारा की गई पूछताछ के दौरान पाकिस्तानी सेना द्वारा संचालित आईएसआई के सदस्य भी पूछताछ कक्ष में मौजूद थे।
अमेरिका लादेन की तीनों बीवियों तक पहुंच गया है और उसने आईएसआई की निगरानी में उनसे कथित रूप से पूछताछ की।
28
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: ओलिंपिक कांस्य पदक विजेता मुक्केबाज विजेंदर सिंह ने ड्रग तस्करी मामले में सोमवार को पंजाब पुलिस द्वारा पूछताछ के दौरान जांच के लिए रक्त तथा बाल के नमूने देने से इनकार कर दिया है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि पंचकूला के निकट हरियाणा पुलिस लाइन में विजेंदर से पंजाब के पुलिस अधिकारियों का एक दल सोमवार की शाम 5.30 बजे से पूछताछ कर रहा था। यह पूछताछ लगभग साढ़े तीन घंटे तक चलती रही।टिप्पणियां हालांकि इससे पहले विजेंदर का कहना था कि उनका ड्रग्स से कुछ लेना-देना नहीं है और वह जांच में शामिल होने के लिए किसी भी समय तैयार हैं। साथ ही उन्होंने किसी भी तरह के डोप टेस्ट के लिए भी राजी होने की बात कही थी।" गौरतलब है कि हाल ही में पंजाब पुलिस ने मोहाली के जिरकपुर कस्बे से एक एनआरआई अनूप सिंह काहलो के घर में छापा मार कर 26 किलो हेराइन बरामद की थी। हेरोइन की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में 130 करोड़ रुपये आंकी गई थी। पुलिस सूत्रों ने बताया कि पंचकूला के निकट हरियाणा पुलिस लाइन में विजेंदर से पंजाब के पुलिस अधिकारियों का एक दल सोमवार की शाम 5.30 बजे से पूछताछ कर रहा था। यह पूछताछ लगभग साढ़े तीन घंटे तक चलती रही।टिप्पणियां हालांकि इससे पहले विजेंदर का कहना था कि उनका ड्रग्स से कुछ लेना-देना नहीं है और वह जांच में शामिल होने के लिए किसी भी समय तैयार हैं। साथ ही उन्होंने किसी भी तरह के डोप टेस्ट के लिए भी राजी होने की बात कही थी।" गौरतलब है कि हाल ही में पंजाब पुलिस ने मोहाली के जिरकपुर कस्बे से एक एनआरआई अनूप सिंह काहलो के घर में छापा मार कर 26 किलो हेराइन बरामद की थी। हेरोइन की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में 130 करोड़ रुपये आंकी गई थी। हालांकि इससे पहले विजेंदर का कहना था कि उनका ड्रग्स से कुछ लेना-देना नहीं है और वह जांच में शामिल होने के लिए किसी भी समय तैयार हैं। साथ ही उन्होंने किसी भी तरह के डोप टेस्ट के लिए भी राजी होने की बात कही थी।" गौरतलब है कि हाल ही में पंजाब पुलिस ने मोहाली के जिरकपुर कस्बे से एक एनआरआई अनूप सिंह काहलो के घर में छापा मार कर 26 किलो हेराइन बरामद की थी। हेरोइन की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में 130 करोड़ रुपये आंकी गई थी। गौरतलब है कि हाल ही में पंजाब पुलिस ने मोहाली के जिरकपुर कस्बे से एक एनआरआई अनूप सिंह काहलो के घर में छापा मार कर 26 किलो हेराइन बरामद की थी। हेरोइन की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में 130 करोड़ रुपये आंकी गई थी।
यहाँ एक सारांश है:ओलिंपिक कांस्य पदक विजेता मुक्केबाज विजेंदर सिंह ने ड्रग तस्करी मामले में सोमवार को पंजाब पुलिस द्वारा पूछताछ के दौरान जांच के लिए रक्त तथा बाल के नमूने देने से इनकार कर दिया है।
4
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: टीम अन्ना की कोर कमिटी की सोमवार को गाजियाबाद में बैठक हुई जिसमें यह विचार उभरकर सामने आया कि भविष्य में भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन में किसी एक राजनीति पार्टी को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। खराब स्वास्थ्य के कारण बैठक में उपस्थित नहीं होने वाले अन्ना हजारे पर अंतिम निर्णय छोड़ दिया गया। बहरहाल सूत्रों ने कहा कि सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटेकर और कुछ अन्य लोगों ने तर्क दिया कि लोकपाल मुद्दे पर अकेले कांग्रेस को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। पाटेकर ने बैठक में हिस्सा नहीं लिया लेकिन इस बारे में अपना एक नोट भेज दिया। इससे पहले टीम अन्ना पर अपने अभियान में कांग्रेस को निशाना बनाने का आरोप लगता रहा था। मजबूत लोकपाल के लिये पिछले महीने अन्ना द्वारा बीच में ही आंदोलन कार्यक्रम छोड़ने के बाद टीम की यह पहली बैठक थी। बैठक में अरविंद केजरीवाल, प्रशांत भूषण और अन्य सदस्य शामिल हुए जिसमें उन्होंने भविष्य की रणनीति पर चर्चा की। इसमें आंदोलन की ‘कम अवधि एवं लंबी अवधि में रणनीति’ पर भी चर्चा हुई। केजरीवाल और भूषण कल रालेगण सिद्धि जाएंगे और आज की बैठक से उन्हें अवगत कराएंगे। सूत्रों ने कहा कि बैठक में शामिल सदस्यों का मानना था कि टीम अन्ना को किसी एक पार्टी को निशाना नहीं बनाना चाहिए। भूषण ने कहा कि कुछ महत्वपूर्ण सदस्य बैठक में शामिल नहीं हो सकते हैं और आज के विचार..विमर्श के बारे में वह हजारे एवं अन्य से चर्चा करेंगे। भूषण ने कहा, ‘हमने विभिन्न सुझावों के लाभ एवं हानि पर चर्चा की। हमने भविष्य के कार्यक्रमों पर विचार किया। हमने विचार किया कि किस तरह आंदोलन को खड़ा किया जाए। कोई निर्णय नहीं किया गया है क्योंकि अन्ना एवं कुछ सदस्य यहां नहीं थे।’ सूत्रों ने कहा कि हजारे भविष्य की कार्रवाई पर अंतिम निर्णय करेंगे। हजारे बैठक में शामिल नहीं हुए क्योंकि अभी उनकी तबियत ठीक नहीं है। चिकित्सकों ने उन्हें सलाह दी थी कि स्वास्थ्य को देखते हुए वह कम से कम एक महीने तक कोई यात्रा नहीं करें। अन्य प्रमुख सदस्य किरण बेदी भी बैठक में शामिल नहीं हुई। बेदी ने कहा, ‘मुझे कुछ निजी कार्यक्रमों में जाना जरूरी था। इसलिए मैं बैठक में शामिल नहीं हो सकी।’ भूषण ने कहा कि बेदी की तबियत सही नहीं है।टिप्पणियां मुंबई और दिल्ली में दिसम्बर के अंत में हुए हजारे के आंदोलन में लोगों की अच्छी भीड़ नहीं होने और भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन पर कांग्रेस के कटाक्ष के परिप्रेक्ष्य में यह बैठक हो रही है। कुछ दिनों पहले ही केजरीवाल ने लेख लिखकर कहा था कि मजबूत लोकपाल के लिये आंदोलन को आगे बढ़ाने को लेकर टीम अन्ना भ्रमित है और कहा कि आंदोलन ‘चौराहे’ पर है और इस मौके पर गलत निर्णय इसके लिये विनाशकारी होगा। खराब स्वास्थ्य के कारण बैठक में उपस्थित नहीं होने वाले अन्ना हजारे पर अंतिम निर्णय छोड़ दिया गया। बहरहाल सूत्रों ने कहा कि सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटेकर और कुछ अन्य लोगों ने तर्क दिया कि लोकपाल मुद्दे पर अकेले कांग्रेस को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। पाटेकर ने बैठक में हिस्सा नहीं लिया लेकिन इस बारे में अपना एक नोट भेज दिया। इससे पहले टीम अन्ना पर अपने अभियान में कांग्रेस को निशाना बनाने का आरोप लगता रहा था। मजबूत लोकपाल के लिये पिछले महीने अन्ना द्वारा बीच में ही आंदोलन कार्यक्रम छोड़ने के बाद टीम की यह पहली बैठक थी। बैठक में अरविंद केजरीवाल, प्रशांत भूषण और अन्य सदस्य शामिल हुए जिसमें उन्होंने भविष्य की रणनीति पर चर्चा की। इसमें आंदोलन की ‘कम अवधि एवं लंबी अवधि में रणनीति’ पर भी चर्चा हुई। केजरीवाल और भूषण कल रालेगण सिद्धि जाएंगे और आज की बैठक से उन्हें अवगत कराएंगे। सूत्रों ने कहा कि बैठक में शामिल सदस्यों का मानना था कि टीम अन्ना को किसी एक पार्टी को निशाना नहीं बनाना चाहिए। भूषण ने कहा कि कुछ महत्वपूर्ण सदस्य बैठक में शामिल नहीं हो सकते हैं और आज के विचार..विमर्श के बारे में वह हजारे एवं अन्य से चर्चा करेंगे। भूषण ने कहा, ‘हमने विभिन्न सुझावों के लाभ एवं हानि पर चर्चा की। हमने भविष्य के कार्यक्रमों पर विचार किया। हमने विचार किया कि किस तरह आंदोलन को खड़ा किया जाए। कोई निर्णय नहीं किया गया है क्योंकि अन्ना एवं कुछ सदस्य यहां नहीं थे।’ सूत्रों ने कहा कि हजारे भविष्य की कार्रवाई पर अंतिम निर्णय करेंगे। हजारे बैठक में शामिल नहीं हुए क्योंकि अभी उनकी तबियत ठीक नहीं है। चिकित्सकों ने उन्हें सलाह दी थी कि स्वास्थ्य को देखते हुए वह कम से कम एक महीने तक कोई यात्रा नहीं करें। अन्य प्रमुख सदस्य किरण बेदी भी बैठक में शामिल नहीं हुई। बेदी ने कहा, ‘मुझे कुछ निजी कार्यक्रमों में जाना जरूरी था। इसलिए मैं बैठक में शामिल नहीं हो सकी।’ भूषण ने कहा कि बेदी की तबियत सही नहीं है।टिप्पणियां मुंबई और दिल्ली में दिसम्बर के अंत में हुए हजारे के आंदोलन में लोगों की अच्छी भीड़ नहीं होने और भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन पर कांग्रेस के कटाक्ष के परिप्रेक्ष्य में यह बैठक हो रही है। कुछ दिनों पहले ही केजरीवाल ने लेख लिखकर कहा था कि मजबूत लोकपाल के लिये आंदोलन को आगे बढ़ाने को लेकर टीम अन्ना भ्रमित है और कहा कि आंदोलन ‘चौराहे’ पर है और इस मौके पर गलत निर्णय इसके लिये विनाशकारी होगा। बहरहाल सूत्रों ने कहा कि सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटेकर और कुछ अन्य लोगों ने तर्क दिया कि लोकपाल मुद्दे पर अकेले कांग्रेस को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। पाटेकर ने बैठक में हिस्सा नहीं लिया लेकिन इस बारे में अपना एक नोट भेज दिया। इससे पहले टीम अन्ना पर अपने अभियान में कांग्रेस को निशाना बनाने का आरोप लगता रहा था। मजबूत लोकपाल के लिये पिछले महीने अन्ना द्वारा बीच में ही आंदोलन कार्यक्रम छोड़ने के बाद टीम की यह पहली बैठक थी। बैठक में अरविंद केजरीवाल, प्रशांत भूषण और अन्य सदस्य शामिल हुए जिसमें उन्होंने भविष्य की रणनीति पर चर्चा की। इसमें आंदोलन की ‘कम अवधि एवं लंबी अवधि में रणनीति’ पर भी चर्चा हुई। केजरीवाल और भूषण कल रालेगण सिद्धि जाएंगे और आज की बैठक से उन्हें अवगत कराएंगे। सूत्रों ने कहा कि बैठक में शामिल सदस्यों का मानना था कि टीम अन्ना को किसी एक पार्टी को निशाना नहीं बनाना चाहिए। भूषण ने कहा कि कुछ महत्वपूर्ण सदस्य बैठक में शामिल नहीं हो सकते हैं और आज के विचार..विमर्श के बारे में वह हजारे एवं अन्य से चर्चा करेंगे। भूषण ने कहा, ‘हमने विभिन्न सुझावों के लाभ एवं हानि पर चर्चा की। हमने भविष्य के कार्यक्रमों पर विचार किया। हमने विचार किया कि किस तरह आंदोलन को खड़ा किया जाए। कोई निर्णय नहीं किया गया है क्योंकि अन्ना एवं कुछ सदस्य यहां नहीं थे।’ सूत्रों ने कहा कि हजारे भविष्य की कार्रवाई पर अंतिम निर्णय करेंगे। हजारे बैठक में शामिल नहीं हुए क्योंकि अभी उनकी तबियत ठीक नहीं है। चिकित्सकों ने उन्हें सलाह दी थी कि स्वास्थ्य को देखते हुए वह कम से कम एक महीने तक कोई यात्रा नहीं करें। अन्य प्रमुख सदस्य किरण बेदी भी बैठक में शामिल नहीं हुई। बेदी ने कहा, ‘मुझे कुछ निजी कार्यक्रमों में जाना जरूरी था। इसलिए मैं बैठक में शामिल नहीं हो सकी।’ भूषण ने कहा कि बेदी की तबियत सही नहीं है।टिप्पणियां मुंबई और दिल्ली में दिसम्बर के अंत में हुए हजारे के आंदोलन में लोगों की अच्छी भीड़ नहीं होने और भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन पर कांग्रेस के कटाक्ष के परिप्रेक्ष्य में यह बैठक हो रही है। कुछ दिनों पहले ही केजरीवाल ने लेख लिखकर कहा था कि मजबूत लोकपाल के लिये आंदोलन को आगे बढ़ाने को लेकर टीम अन्ना भ्रमित है और कहा कि आंदोलन ‘चौराहे’ पर है और इस मौके पर गलत निर्णय इसके लिये विनाशकारी होगा। इससे पहले टीम अन्ना पर अपने अभियान में कांग्रेस को निशाना बनाने का आरोप लगता रहा था। मजबूत लोकपाल के लिये पिछले महीने अन्ना द्वारा बीच में ही आंदोलन कार्यक्रम छोड़ने के बाद टीम की यह पहली बैठक थी। बैठक में अरविंद केजरीवाल, प्रशांत भूषण और अन्य सदस्य शामिल हुए जिसमें उन्होंने भविष्य की रणनीति पर चर्चा की। इसमें आंदोलन की ‘कम अवधि एवं लंबी अवधि में रणनीति’ पर भी चर्चा हुई। केजरीवाल और भूषण कल रालेगण सिद्धि जाएंगे और आज की बैठक से उन्हें अवगत कराएंगे। सूत्रों ने कहा कि बैठक में शामिल सदस्यों का मानना था कि टीम अन्ना को किसी एक पार्टी को निशाना नहीं बनाना चाहिए। भूषण ने कहा कि कुछ महत्वपूर्ण सदस्य बैठक में शामिल नहीं हो सकते हैं और आज के विचार..विमर्श के बारे में वह हजारे एवं अन्य से चर्चा करेंगे। भूषण ने कहा, ‘हमने विभिन्न सुझावों के लाभ एवं हानि पर चर्चा की। हमने भविष्य के कार्यक्रमों पर विचार किया। हमने विचार किया कि किस तरह आंदोलन को खड़ा किया जाए। कोई निर्णय नहीं किया गया है क्योंकि अन्ना एवं कुछ सदस्य यहां नहीं थे।’ सूत्रों ने कहा कि हजारे भविष्य की कार्रवाई पर अंतिम निर्णय करेंगे। हजारे बैठक में शामिल नहीं हुए क्योंकि अभी उनकी तबियत ठीक नहीं है। चिकित्सकों ने उन्हें सलाह दी थी कि स्वास्थ्य को देखते हुए वह कम से कम एक महीने तक कोई यात्रा नहीं करें। अन्य प्रमुख सदस्य किरण बेदी भी बैठक में शामिल नहीं हुई। बेदी ने कहा, ‘मुझे कुछ निजी कार्यक्रमों में जाना जरूरी था। इसलिए मैं बैठक में शामिल नहीं हो सकी।’ भूषण ने कहा कि बेदी की तबियत सही नहीं है।टिप्पणियां मुंबई और दिल्ली में दिसम्बर के अंत में हुए हजारे के आंदोलन में लोगों की अच्छी भीड़ नहीं होने और भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन पर कांग्रेस के कटाक्ष के परिप्रेक्ष्य में यह बैठक हो रही है। कुछ दिनों पहले ही केजरीवाल ने लेख लिखकर कहा था कि मजबूत लोकपाल के लिये आंदोलन को आगे बढ़ाने को लेकर टीम अन्ना भ्रमित है और कहा कि आंदोलन ‘चौराहे’ पर है और इस मौके पर गलत निर्णय इसके लिये विनाशकारी होगा। मजबूत लोकपाल के लिये पिछले महीने अन्ना द्वारा बीच में ही आंदोलन कार्यक्रम छोड़ने के बाद टीम की यह पहली बैठक थी। बैठक में अरविंद केजरीवाल, प्रशांत भूषण और अन्य सदस्य शामिल हुए जिसमें उन्होंने भविष्य की रणनीति पर चर्चा की। इसमें आंदोलन की ‘कम अवधि एवं लंबी अवधि में रणनीति’ पर भी चर्चा हुई। केजरीवाल और भूषण कल रालेगण सिद्धि जाएंगे और आज की बैठक से उन्हें अवगत कराएंगे। सूत्रों ने कहा कि बैठक में शामिल सदस्यों का मानना था कि टीम अन्ना को किसी एक पार्टी को निशाना नहीं बनाना चाहिए। भूषण ने कहा कि कुछ महत्वपूर्ण सदस्य बैठक में शामिल नहीं हो सकते हैं और आज के विचार..विमर्श के बारे में वह हजारे एवं अन्य से चर्चा करेंगे। भूषण ने कहा, ‘हमने विभिन्न सुझावों के लाभ एवं हानि पर चर्चा की। हमने भविष्य के कार्यक्रमों पर विचार किया। हमने विचार किया कि किस तरह आंदोलन को खड़ा किया जाए। कोई निर्णय नहीं किया गया है क्योंकि अन्ना एवं कुछ सदस्य यहां नहीं थे।’ सूत्रों ने कहा कि हजारे भविष्य की कार्रवाई पर अंतिम निर्णय करेंगे। हजारे बैठक में शामिल नहीं हुए क्योंकि अभी उनकी तबियत ठीक नहीं है। चिकित्सकों ने उन्हें सलाह दी थी कि स्वास्थ्य को देखते हुए वह कम से कम एक महीने तक कोई यात्रा नहीं करें। अन्य प्रमुख सदस्य किरण बेदी भी बैठक में शामिल नहीं हुई। बेदी ने कहा, ‘मुझे कुछ निजी कार्यक्रमों में जाना जरूरी था। इसलिए मैं बैठक में शामिल नहीं हो सकी।’ भूषण ने कहा कि बेदी की तबियत सही नहीं है।टिप्पणियां मुंबई और दिल्ली में दिसम्बर के अंत में हुए हजारे के आंदोलन में लोगों की अच्छी भीड़ नहीं होने और भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन पर कांग्रेस के कटाक्ष के परिप्रेक्ष्य में यह बैठक हो रही है। कुछ दिनों पहले ही केजरीवाल ने लेख लिखकर कहा था कि मजबूत लोकपाल के लिये आंदोलन को आगे बढ़ाने को लेकर टीम अन्ना भ्रमित है और कहा कि आंदोलन ‘चौराहे’ पर है और इस मौके पर गलत निर्णय इसके लिये विनाशकारी होगा। बैठक में अरविंद केजरीवाल, प्रशांत भूषण और अन्य सदस्य शामिल हुए जिसमें उन्होंने भविष्य की रणनीति पर चर्चा की। इसमें आंदोलन की ‘कम अवधि एवं लंबी अवधि में रणनीति’ पर भी चर्चा हुई। केजरीवाल और भूषण कल रालेगण सिद्धि जाएंगे और आज की बैठक से उन्हें अवगत कराएंगे। सूत्रों ने कहा कि बैठक में शामिल सदस्यों का मानना था कि टीम अन्ना को किसी एक पार्टी को निशाना नहीं बनाना चाहिए। भूषण ने कहा कि कुछ महत्वपूर्ण सदस्य बैठक में शामिल नहीं हो सकते हैं और आज के विचार..विमर्श के बारे में वह हजारे एवं अन्य से चर्चा करेंगे। भूषण ने कहा, ‘हमने विभिन्न सुझावों के लाभ एवं हानि पर चर्चा की। हमने भविष्य के कार्यक्रमों पर विचार किया। हमने विचार किया कि किस तरह आंदोलन को खड़ा किया जाए। कोई निर्णय नहीं किया गया है क्योंकि अन्ना एवं कुछ सदस्य यहां नहीं थे।’ सूत्रों ने कहा कि हजारे भविष्य की कार्रवाई पर अंतिम निर्णय करेंगे। हजारे बैठक में शामिल नहीं हुए क्योंकि अभी उनकी तबियत ठीक नहीं है। चिकित्सकों ने उन्हें सलाह दी थी कि स्वास्थ्य को देखते हुए वह कम से कम एक महीने तक कोई यात्रा नहीं करें। अन्य प्रमुख सदस्य किरण बेदी भी बैठक में शामिल नहीं हुई। बेदी ने कहा, ‘मुझे कुछ निजी कार्यक्रमों में जाना जरूरी था। इसलिए मैं बैठक में शामिल नहीं हो सकी।’ भूषण ने कहा कि बेदी की तबियत सही नहीं है।टिप्पणियां मुंबई और दिल्ली में दिसम्बर के अंत में हुए हजारे के आंदोलन में लोगों की अच्छी भीड़ नहीं होने और भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन पर कांग्रेस के कटाक्ष के परिप्रेक्ष्य में यह बैठक हो रही है। कुछ दिनों पहले ही केजरीवाल ने लेख लिखकर कहा था कि मजबूत लोकपाल के लिये आंदोलन को आगे बढ़ाने को लेकर टीम अन्ना भ्रमित है और कहा कि आंदोलन ‘चौराहे’ पर है और इस मौके पर गलत निर्णय इसके लिये विनाशकारी होगा। केजरीवाल और भूषण कल रालेगण सिद्धि जाएंगे और आज की बैठक से उन्हें अवगत कराएंगे। सूत्रों ने कहा कि बैठक में शामिल सदस्यों का मानना था कि टीम अन्ना को किसी एक पार्टी को निशाना नहीं बनाना चाहिए। भूषण ने कहा कि कुछ महत्वपूर्ण सदस्य बैठक में शामिल नहीं हो सकते हैं और आज के विचार..विमर्श के बारे में वह हजारे एवं अन्य से चर्चा करेंगे। भूषण ने कहा, ‘हमने विभिन्न सुझावों के लाभ एवं हानि पर चर्चा की। हमने भविष्य के कार्यक्रमों पर विचार किया। हमने विचार किया कि किस तरह आंदोलन को खड़ा किया जाए। कोई निर्णय नहीं किया गया है क्योंकि अन्ना एवं कुछ सदस्य यहां नहीं थे।’ सूत्रों ने कहा कि हजारे भविष्य की कार्रवाई पर अंतिम निर्णय करेंगे। हजारे बैठक में शामिल नहीं हुए क्योंकि अभी उनकी तबियत ठीक नहीं है। चिकित्सकों ने उन्हें सलाह दी थी कि स्वास्थ्य को देखते हुए वह कम से कम एक महीने तक कोई यात्रा नहीं करें। अन्य प्रमुख सदस्य किरण बेदी भी बैठक में शामिल नहीं हुई। बेदी ने कहा, ‘मुझे कुछ निजी कार्यक्रमों में जाना जरूरी था। इसलिए मैं बैठक में शामिल नहीं हो सकी।’ भूषण ने कहा कि बेदी की तबियत सही नहीं है।टिप्पणियां मुंबई और दिल्ली में दिसम्बर के अंत में हुए हजारे के आंदोलन में लोगों की अच्छी भीड़ नहीं होने और भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन पर कांग्रेस के कटाक्ष के परिप्रेक्ष्य में यह बैठक हो रही है। कुछ दिनों पहले ही केजरीवाल ने लेख लिखकर कहा था कि मजबूत लोकपाल के लिये आंदोलन को आगे बढ़ाने को लेकर टीम अन्ना भ्रमित है और कहा कि आंदोलन ‘चौराहे’ पर है और इस मौके पर गलत निर्णय इसके लिये विनाशकारी होगा। भूषण ने कहा कि कुछ महत्वपूर्ण सदस्य बैठक में शामिल नहीं हो सकते हैं और आज के विचार..विमर्श के बारे में वह हजारे एवं अन्य से चर्चा करेंगे। भूषण ने कहा, ‘हमने विभिन्न सुझावों के लाभ एवं हानि पर चर्चा की। हमने भविष्य के कार्यक्रमों पर विचार किया। हमने विचार किया कि किस तरह आंदोलन को खड़ा किया जाए। कोई निर्णय नहीं किया गया है क्योंकि अन्ना एवं कुछ सदस्य यहां नहीं थे।’ सूत्रों ने कहा कि हजारे भविष्य की कार्रवाई पर अंतिम निर्णय करेंगे। हजारे बैठक में शामिल नहीं हुए क्योंकि अभी उनकी तबियत ठीक नहीं है। चिकित्सकों ने उन्हें सलाह दी थी कि स्वास्थ्य को देखते हुए वह कम से कम एक महीने तक कोई यात्रा नहीं करें। अन्य प्रमुख सदस्य किरण बेदी भी बैठक में शामिल नहीं हुई। बेदी ने कहा, ‘मुझे कुछ निजी कार्यक्रमों में जाना जरूरी था। इसलिए मैं बैठक में शामिल नहीं हो सकी।’ भूषण ने कहा कि बेदी की तबियत सही नहीं है।टिप्पणियां मुंबई और दिल्ली में दिसम्बर के अंत में हुए हजारे के आंदोलन में लोगों की अच्छी भीड़ नहीं होने और भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन पर कांग्रेस के कटाक्ष के परिप्रेक्ष्य में यह बैठक हो रही है। कुछ दिनों पहले ही केजरीवाल ने लेख लिखकर कहा था कि मजबूत लोकपाल के लिये आंदोलन को आगे बढ़ाने को लेकर टीम अन्ना भ्रमित है और कहा कि आंदोलन ‘चौराहे’ पर है और इस मौके पर गलत निर्णय इसके लिये विनाशकारी होगा। हजारे बैठक में शामिल नहीं हुए क्योंकि अभी उनकी तबियत ठीक नहीं है। चिकित्सकों ने उन्हें सलाह दी थी कि स्वास्थ्य को देखते हुए वह कम से कम एक महीने तक कोई यात्रा नहीं करें। अन्य प्रमुख सदस्य किरण बेदी भी बैठक में शामिल नहीं हुई। बेदी ने कहा, ‘मुझे कुछ निजी कार्यक्रमों में जाना जरूरी था। इसलिए मैं बैठक में शामिल नहीं हो सकी।’ भूषण ने कहा कि बेदी की तबियत सही नहीं है।टिप्पणियां मुंबई और दिल्ली में दिसम्बर के अंत में हुए हजारे के आंदोलन में लोगों की अच्छी भीड़ नहीं होने और भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन पर कांग्रेस के कटाक्ष के परिप्रेक्ष्य में यह बैठक हो रही है। कुछ दिनों पहले ही केजरीवाल ने लेख लिखकर कहा था कि मजबूत लोकपाल के लिये आंदोलन को आगे बढ़ाने को लेकर टीम अन्ना भ्रमित है और कहा कि आंदोलन ‘चौराहे’ पर है और इस मौके पर गलत निर्णय इसके लिये विनाशकारी होगा। अन्य प्रमुख सदस्य किरण बेदी भी बैठक में शामिल नहीं हुई। बेदी ने कहा, ‘मुझे कुछ निजी कार्यक्रमों में जाना जरूरी था। इसलिए मैं बैठक में शामिल नहीं हो सकी।’ भूषण ने कहा कि बेदी की तबियत सही नहीं है।टिप्पणियां मुंबई और दिल्ली में दिसम्बर के अंत में हुए हजारे के आंदोलन में लोगों की अच्छी भीड़ नहीं होने और भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन पर कांग्रेस के कटाक्ष के परिप्रेक्ष्य में यह बैठक हो रही है। कुछ दिनों पहले ही केजरीवाल ने लेख लिखकर कहा था कि मजबूत लोकपाल के लिये आंदोलन को आगे बढ़ाने को लेकर टीम अन्ना भ्रमित है और कहा कि आंदोलन ‘चौराहे’ पर है और इस मौके पर गलत निर्णय इसके लिये विनाशकारी होगा। मुंबई और दिल्ली में दिसम्बर के अंत में हुए हजारे के आंदोलन में लोगों की अच्छी भीड़ नहीं होने और भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन पर कांग्रेस के कटाक्ष के परिप्रेक्ष्य में यह बैठक हो रही है। कुछ दिनों पहले ही केजरीवाल ने लेख लिखकर कहा था कि मजबूत लोकपाल के लिये आंदोलन को आगे बढ़ाने को लेकर टीम अन्ना भ्रमित है और कहा कि आंदोलन ‘चौराहे’ पर है और इस मौके पर गलत निर्णय इसके लिये विनाशकारी होगा। कुछ दिनों पहले ही केजरीवाल ने लेख लिखकर कहा था कि मजबूत लोकपाल के लिये आंदोलन को आगे बढ़ाने को लेकर टीम अन्ना भ्रमित है और कहा कि आंदोलन ‘चौराहे’ पर है और इस मौके पर गलत निर्णय इसके लिये विनाशकारी होगा।
संक्षिप्त सारांश: टीम अन्ना की कोर कमेटी की बैठक हुई, जिसमें यह विचार उभरकर सामने आया कि भविष्य में भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन में किसी एक राजनीतिक पार्टी को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए।
10
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: खाद्य मंत्री राम विलास पासवान ने कहा कि हमने तय किया है कि प्याज का आयात इजिप्ट, तुर्की, अफगानिस्तान और ईरान से किया जाएगा. इस बार मानसून एक महिने की देरी से आया जिससे प्याज की फसल की बुवाई एक माह की देरी से हुई. उत्पादन 40 प्रतिशत तक घट गया है और बाजार में प्याज की कमी हो गई है. आम तौर पर नवंबर के पहले सप्ताह में प्याज का नया स्टॉक मार्केट में आ जाता था लेकिन इस बार देरी हो गई.   खाद्य मंत्रालय के पास मौजूद आंकड़ों के मुताबिक एक नवंबर से छह नवंबर के बीच पिछले सिर्फ छह दिनों में प्याज महंगा होता गया है. दिल्ली में प्याज़ की खुदरा कीमत 55 रू किलो से बढ़कर 80 रू किलो हो गई. मुंबई में प्याज़ 59 रूपये किलो से बढ़कर 67 रू किलो हुआ. सबसे ज़्यादा 40 रूपये प्रति किलो की बढ़ोत्तरी पंचकुला में रिकार्ड की गई है जहां प्याज की खुदरा कीमत इन छह दिनों में 40 रू किलो से बढ़कर 80 रूपये किलो हो गई. दरअसल प्याज़ की सप्लाई महाराष्ट्र की बड़ी प्याज़ मंडियों में घटती जा रही है. इसका असर मुंबई जैसे शहरों में साफ़ दिख रहा है. विदेशों से प्याज़ भारत पहुंचने में वक्त लगेगा. तब तक लोगों को प्याज़ की बढ़ती कीमतों को झेलना पड़ेगा.
संक्षिप्त पाठ: दिल्ली में प्याज़ 80 से 100 रुपये किलो तक बिक रहा पंचकुला में कीमत छह दिनों में 40 से बढ़कर 80 रूपये हुई प्याज की बुवाई में एक माह की देरी से उत्पादन घटा
14
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान की महिला क्रिकेट टीम के कटक पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया गया है। पाकिस्तान की 23 सदस्यीय टीम रविवार देर रात कटक पहुंची, जहां आईसीसी महिला वर्ल्ड कप का मैच 31 जनवरी को होना है। बाराबती स्टेडियम में काफी बड़ी संख्या में हर उम्र के क्रिकेट प्रेमी पहुंचे और टीम का फूलमाला पहनाकर स्वागत किया। टीम को ओडिशा क्रिकेट एसोसिएशन के क्लब हाउस में ठहराया गया है, जिसकी कड़ी सुरक्षा बंदोबस्त किए गए हैं। पाकिस्तान महिला क्रिकेट टीम के मैच मुंबई में होने थे, लेकिन शिवसैनिकों के विरोध के बाद मैच का स्थान बदला गया।टिप्पणियां संघ परिवार और स्थानीय पार्टियों के पाकिस्तानी खिलाड़ियों को ओडिशा की सरजमीं पर आने से रोकने की धमकियों के चलते बीजू पटनायक हवाईअड्डे और निकट के क्षेत्रों को सुरक्षाकर्मियों को तैनात कर किले में तब्दील कर दिया गया था। पुलिस ने कहा कि करीब 600 सुरक्षाकर्मी, जिसमें विशेष सुरक्षा बटालियन के जवान और ओडिशा पुलिस भी शामिल थे, अवांछनीय घटना को रोकने के लिए तैनात थे। संघ परिवार और स्थानीय पार्टियों के पाकिस्तानी खिलाड़ियों को ओडिशा की सरजमीं पर आने से रोकने की धमकियों के चलते बीजू पटनायक हवाईअड्डे और निकट के क्षेत्रों को सुरक्षाकर्मियों को तैनात कर किले में तब्दील कर दिया गया था। पुलिस ने कहा कि करीब 600 सुरक्षाकर्मी, जिसमें विशेष सुरक्षा बटालियन के जवान और ओडिशा पुलिस भी शामिल थे, अवांछनीय घटना को रोकने के लिए तैनात थे। पुलिस ने कहा कि करीब 600 सुरक्षाकर्मी, जिसमें विशेष सुरक्षा बटालियन के जवान और ओडिशा पुलिस भी शामिल थे, अवांछनीय घटना को रोकने के लिए तैनात थे।
संक्षिप्त पाठ: पाकिस्तान की 23 सदस्यीय टीम रविवार देर रात कटक पहुंची, जहां आईसीसी महिला वर्ल्ड कप का मैच 31 जनवरी को होना है।
14
['hin']
एक सारांश बनाओ: नाराज चल रहे राकांपा प्रमुख शरद पवार से बातचीत करने के बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि वह बहुत ही सम्मानित सहयोगी हैं और उनका ज्ञान, बुद्धिमत्ता एवं अनुभव सरकार के लिए अत्यधिक उपयोगी हैं। कैबिनेट बैठक में गुरुवार को पवार और उनके पार्टी सहयोगी प्रफुल्ल पटेल शामिल नहीं हुए थे। सरकार में ‘दूसरे नंबर पर’ नहीं स्वीकार किए जाने से पवार सभवत: नाराज चल रहे हैं। सिंह ने रात को ही पवार से बात की। सिंह ने बताया, श्री शरद पवार बहुत मूल्यवान सहयोगी हैं जिनका ज्ञान, अनुभव और बुद्धिमत्ता हमारी सरकार के लिए अत्यधिक उपयोगी है। पवार की कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद प्रधानमंत्री का बयान आया। राकांपा ने कहा है कि सरकार और गठबंधन के कामकाज को लेकर उसके कुछ गंभीर मुद्दे हैं। वहीं एनसीपी ने सरकार और गठबंधन के कामकाज को लेकर गंभीर ऐतराज होने की बात कबूली। हालांकि वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों- शरद पवार तथा प्रफुल्ल पटेल के इस्तीफे की खबरों को लेकर स्थिति अस्पष्ट रही। केंद्रीय मंत्रिमंडल में नंबर दो का ओहदा नहीं दिए जाने से पवार के नाराज होने की खबरों को बेतुका बताते हुए पटेल ने कहा कि पार्टी ने प्रधानमंत्री और सोनिया के साथ बिल्कुल अगल विषयों को उठाया है और पार्टी अंतत: क्या फैसला करती है, यह सोमवार को उसकी बैठक के बाद ही बताया जाएगा। पटेल ने एनसीपी के वरिष्ठ नेताओं की बैठक के बाद कहा, हम कुछ चीजों को लेकर नाखुश हैं, जिन्हें पवार ने प्रधानमंत्री और सोनिया गांधी से निजी मुलाकातों में उठाया। जब पटेल से पूछा गया कि क्या उन्होंने और पवार ने मंत्रिमंडल से इस्तीफा दिया है, तो भारी उद्योग मंत्री ने कहा, अभी तक हमने कोई औपचारिक इस्तीफा नहीं दिया है...मुद्दा इस्तीफा नहीं है...जब तक कि मंजूर नहीं हो जाता...हमने एक संदेश भेजा है। अनबन के कारणों को स्पष्ट नहीं बताते हुए उन्होंने कहा, हमारे मुद्दे हैं- सरकार के कामकाज का तौर-तरीका, यूपीए के कामकाज का तरीका और व्यापक गठबंधन के कामकाज का तरीका। पटेल ने कहा कि यूपीए-2 के कार्यकाल के अब आखिरी दो साल हैं और एनसीपी चाहती है कि सरकार और अधिक निर्णायक रुख अख्तियार करे और देश की जनता के समक्ष मौजूदा मुद्दों पर और अधिक प्रतिबद्धता दर्शाए। उन्होंने कहा, हमारे सामने कुछ मुद्दे हैं, जिन पर हम नई दिशा चाहते हैं। प्रफुल्ल पटेल ने कांग्रेस के कुछ नेताओं पर इस तरह की अटकलों को हवा देने का आरोप लगाया कि पवार दूसरे नंबर का स्थान नहीं मिलने से निराश हैं। आज भी मीडिया में इस तरह की खबरें फैलाई जा रही हैं कि पवार की कुछ मांगें मान ली गई हैं और कुछ को पूरा नहीं किया जा सकता तथा उन्हें नंबर दो का ओहदा नहीं दिया जा सकता, क्योंकि एनसीपी सदस्यों की संख्या ज्यादा नहीं है।टिप्पणियां उन्होंने कहा, कांग्रेस के एक वर्ग द्वारा असहज स्थिति पैदा करने के लिए अनावश्यक और अनुचित टिप्पणियां की जा रहीं हैं। पटेल ने कहा, पवार इतने छोटे नेता नहीं हैं, जो इस तरह का ओछा मुद्दा उठाएंगे। हमारे विषय कहीं बड़े हैं। नंबर दो का मुद्दा अनावश्यक तौर पर उछाला गया है। पवार अपने कद के कारण (संसद में) सोनिया के पास वाली सीट पर बैठते हैं और (मंत्रिमंडल की बैठकों में) प्रणब मुखर्जी के बगल में बैठा करते थे। एनसीपी नेता ने कहा, उन्होंने (पवार ने) ऐसी कोई मांग नहीं की थी। उन्हें संख्या के लिहाज से यह ओहदा नहीं दिया गया। अगर यही तर्क है तो यूपीए-1 में भी एनसीपी कम संख्या में थी। यूपीए और कांग्रेस नेतृत्व को पता है कि अपने कद के कारण वह अधिक महत्वपूर्ण हैं। पटेल ने कहा, दरअसल जो लोग यह मुद्दा उठा रहे हैं, वे खुद छोटे-मोटे लोग हैं। एनसीपी इतनी क्षुद्र पार्टी नहीं कि इस बात को मुद्दा बनाए कि हम सरकार में बने रहेंगे या नहीं। कैबिनेट बैठक में गुरुवार को पवार और उनके पार्टी सहयोगी प्रफुल्ल पटेल शामिल नहीं हुए थे। सरकार में ‘दूसरे नंबर पर’ नहीं स्वीकार किए जाने से पवार सभवत: नाराज चल रहे हैं। सिंह ने रात को ही पवार से बात की। सिंह ने बताया, श्री शरद पवार बहुत मूल्यवान सहयोगी हैं जिनका ज्ञान, अनुभव और बुद्धिमत्ता हमारी सरकार के लिए अत्यधिक उपयोगी है। पवार की कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद प्रधानमंत्री का बयान आया। राकांपा ने कहा है कि सरकार और गठबंधन के कामकाज को लेकर उसके कुछ गंभीर मुद्दे हैं। वहीं एनसीपी ने सरकार और गठबंधन के कामकाज को लेकर गंभीर ऐतराज होने की बात कबूली। हालांकि वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों- शरद पवार तथा प्रफुल्ल पटेल के इस्तीफे की खबरों को लेकर स्थिति अस्पष्ट रही। केंद्रीय मंत्रिमंडल में नंबर दो का ओहदा नहीं दिए जाने से पवार के नाराज होने की खबरों को बेतुका बताते हुए पटेल ने कहा कि पार्टी ने प्रधानमंत्री और सोनिया के साथ बिल्कुल अगल विषयों को उठाया है और पार्टी अंतत: क्या फैसला करती है, यह सोमवार को उसकी बैठक के बाद ही बताया जाएगा। पटेल ने एनसीपी के वरिष्ठ नेताओं की बैठक के बाद कहा, हम कुछ चीजों को लेकर नाखुश हैं, जिन्हें पवार ने प्रधानमंत्री और सोनिया गांधी से निजी मुलाकातों में उठाया। जब पटेल से पूछा गया कि क्या उन्होंने और पवार ने मंत्रिमंडल से इस्तीफा दिया है, तो भारी उद्योग मंत्री ने कहा, अभी तक हमने कोई औपचारिक इस्तीफा नहीं दिया है...मुद्दा इस्तीफा नहीं है...जब तक कि मंजूर नहीं हो जाता...हमने एक संदेश भेजा है। अनबन के कारणों को स्पष्ट नहीं बताते हुए उन्होंने कहा, हमारे मुद्दे हैं- सरकार के कामकाज का तौर-तरीका, यूपीए के कामकाज का तरीका और व्यापक गठबंधन के कामकाज का तरीका। पटेल ने कहा कि यूपीए-2 के कार्यकाल के अब आखिरी दो साल हैं और एनसीपी चाहती है कि सरकार और अधिक निर्णायक रुख अख्तियार करे और देश की जनता के समक्ष मौजूदा मुद्दों पर और अधिक प्रतिबद्धता दर्शाए। उन्होंने कहा, हमारे सामने कुछ मुद्दे हैं, जिन पर हम नई दिशा चाहते हैं। प्रफुल्ल पटेल ने कांग्रेस के कुछ नेताओं पर इस तरह की अटकलों को हवा देने का आरोप लगाया कि पवार दूसरे नंबर का स्थान नहीं मिलने से निराश हैं। आज भी मीडिया में इस तरह की खबरें फैलाई जा रही हैं कि पवार की कुछ मांगें मान ली गई हैं और कुछ को पूरा नहीं किया जा सकता तथा उन्हें नंबर दो का ओहदा नहीं दिया जा सकता, क्योंकि एनसीपी सदस्यों की संख्या ज्यादा नहीं है।टिप्पणियां उन्होंने कहा, कांग्रेस के एक वर्ग द्वारा असहज स्थिति पैदा करने के लिए अनावश्यक और अनुचित टिप्पणियां की जा रहीं हैं। पटेल ने कहा, पवार इतने छोटे नेता नहीं हैं, जो इस तरह का ओछा मुद्दा उठाएंगे। हमारे विषय कहीं बड़े हैं। नंबर दो का मुद्दा अनावश्यक तौर पर उछाला गया है। पवार अपने कद के कारण (संसद में) सोनिया के पास वाली सीट पर बैठते हैं और (मंत्रिमंडल की बैठकों में) प्रणब मुखर्जी के बगल में बैठा करते थे। एनसीपी नेता ने कहा, उन्होंने (पवार ने) ऐसी कोई मांग नहीं की थी। उन्हें संख्या के लिहाज से यह ओहदा नहीं दिया गया। अगर यही तर्क है तो यूपीए-1 में भी एनसीपी कम संख्या में थी। यूपीए और कांग्रेस नेतृत्व को पता है कि अपने कद के कारण वह अधिक महत्वपूर्ण हैं। पटेल ने कहा, दरअसल जो लोग यह मुद्दा उठा रहे हैं, वे खुद छोटे-मोटे लोग हैं। एनसीपी इतनी क्षुद्र पार्टी नहीं कि इस बात को मुद्दा बनाए कि हम सरकार में बने रहेंगे या नहीं। सिंह ने बताया, श्री शरद पवार बहुत मूल्यवान सहयोगी हैं जिनका ज्ञान, अनुभव और बुद्धिमत्ता हमारी सरकार के लिए अत्यधिक उपयोगी है। पवार की कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद प्रधानमंत्री का बयान आया। राकांपा ने कहा है कि सरकार और गठबंधन के कामकाज को लेकर उसके कुछ गंभीर मुद्दे हैं। वहीं एनसीपी ने सरकार और गठबंधन के कामकाज को लेकर गंभीर ऐतराज होने की बात कबूली। हालांकि वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों- शरद पवार तथा प्रफुल्ल पटेल के इस्तीफे की खबरों को लेकर स्थिति अस्पष्ट रही। केंद्रीय मंत्रिमंडल में नंबर दो का ओहदा नहीं दिए जाने से पवार के नाराज होने की खबरों को बेतुका बताते हुए पटेल ने कहा कि पार्टी ने प्रधानमंत्री और सोनिया के साथ बिल्कुल अगल विषयों को उठाया है और पार्टी अंतत: क्या फैसला करती है, यह सोमवार को उसकी बैठक के बाद ही बताया जाएगा। पटेल ने एनसीपी के वरिष्ठ नेताओं की बैठक के बाद कहा, हम कुछ चीजों को लेकर नाखुश हैं, जिन्हें पवार ने प्रधानमंत्री और सोनिया गांधी से निजी मुलाकातों में उठाया। जब पटेल से पूछा गया कि क्या उन्होंने और पवार ने मंत्रिमंडल से इस्तीफा दिया है, तो भारी उद्योग मंत्री ने कहा, अभी तक हमने कोई औपचारिक इस्तीफा नहीं दिया है...मुद्दा इस्तीफा नहीं है...जब तक कि मंजूर नहीं हो जाता...हमने एक संदेश भेजा है। अनबन के कारणों को स्पष्ट नहीं बताते हुए उन्होंने कहा, हमारे मुद्दे हैं- सरकार के कामकाज का तौर-तरीका, यूपीए के कामकाज का तरीका और व्यापक गठबंधन के कामकाज का तरीका। पटेल ने कहा कि यूपीए-2 के कार्यकाल के अब आखिरी दो साल हैं और एनसीपी चाहती है कि सरकार और अधिक निर्णायक रुख अख्तियार करे और देश की जनता के समक्ष मौजूदा मुद्दों पर और अधिक प्रतिबद्धता दर्शाए। उन्होंने कहा, हमारे सामने कुछ मुद्दे हैं, जिन पर हम नई दिशा चाहते हैं। प्रफुल्ल पटेल ने कांग्रेस के कुछ नेताओं पर इस तरह की अटकलों को हवा देने का आरोप लगाया कि पवार दूसरे नंबर का स्थान नहीं मिलने से निराश हैं। आज भी मीडिया में इस तरह की खबरें फैलाई जा रही हैं कि पवार की कुछ मांगें मान ली गई हैं और कुछ को पूरा नहीं किया जा सकता तथा उन्हें नंबर दो का ओहदा नहीं दिया जा सकता, क्योंकि एनसीपी सदस्यों की संख्या ज्यादा नहीं है।टिप्पणियां उन्होंने कहा, कांग्रेस के एक वर्ग द्वारा असहज स्थिति पैदा करने के लिए अनावश्यक और अनुचित टिप्पणियां की जा रहीं हैं। पटेल ने कहा, पवार इतने छोटे नेता नहीं हैं, जो इस तरह का ओछा मुद्दा उठाएंगे। हमारे विषय कहीं बड़े हैं। नंबर दो का मुद्दा अनावश्यक तौर पर उछाला गया है। पवार अपने कद के कारण (संसद में) सोनिया के पास वाली सीट पर बैठते हैं और (मंत्रिमंडल की बैठकों में) प्रणब मुखर्जी के बगल में बैठा करते थे। एनसीपी नेता ने कहा, उन्होंने (पवार ने) ऐसी कोई मांग नहीं की थी। उन्हें संख्या के लिहाज से यह ओहदा नहीं दिया गया। अगर यही तर्क है तो यूपीए-1 में भी एनसीपी कम संख्या में थी। यूपीए और कांग्रेस नेतृत्व को पता है कि अपने कद के कारण वह अधिक महत्वपूर्ण हैं। पटेल ने कहा, दरअसल जो लोग यह मुद्दा उठा रहे हैं, वे खुद छोटे-मोटे लोग हैं। एनसीपी इतनी क्षुद्र पार्टी नहीं कि इस बात को मुद्दा बनाए कि हम सरकार में बने रहेंगे या नहीं। वहीं एनसीपी ने सरकार और गठबंधन के कामकाज को लेकर गंभीर ऐतराज होने की बात कबूली। हालांकि वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों- शरद पवार तथा प्रफुल्ल पटेल के इस्तीफे की खबरों को लेकर स्थिति अस्पष्ट रही। केंद्रीय मंत्रिमंडल में नंबर दो का ओहदा नहीं दिए जाने से पवार के नाराज होने की खबरों को बेतुका बताते हुए पटेल ने कहा कि पार्टी ने प्रधानमंत्री और सोनिया के साथ बिल्कुल अगल विषयों को उठाया है और पार्टी अंतत: क्या फैसला करती है, यह सोमवार को उसकी बैठक के बाद ही बताया जाएगा। पटेल ने एनसीपी के वरिष्ठ नेताओं की बैठक के बाद कहा, हम कुछ चीजों को लेकर नाखुश हैं, जिन्हें पवार ने प्रधानमंत्री और सोनिया गांधी से निजी मुलाकातों में उठाया। जब पटेल से पूछा गया कि क्या उन्होंने और पवार ने मंत्रिमंडल से इस्तीफा दिया है, तो भारी उद्योग मंत्री ने कहा, अभी तक हमने कोई औपचारिक इस्तीफा नहीं दिया है...मुद्दा इस्तीफा नहीं है...जब तक कि मंजूर नहीं हो जाता...हमने एक संदेश भेजा है। अनबन के कारणों को स्पष्ट नहीं बताते हुए उन्होंने कहा, हमारे मुद्दे हैं- सरकार के कामकाज का तौर-तरीका, यूपीए के कामकाज का तरीका और व्यापक गठबंधन के कामकाज का तरीका। पटेल ने कहा कि यूपीए-2 के कार्यकाल के अब आखिरी दो साल हैं और एनसीपी चाहती है कि सरकार और अधिक निर्णायक रुख अख्तियार करे और देश की जनता के समक्ष मौजूदा मुद्दों पर और अधिक प्रतिबद्धता दर्शाए। उन्होंने कहा, हमारे सामने कुछ मुद्दे हैं, जिन पर हम नई दिशा चाहते हैं। प्रफुल्ल पटेल ने कांग्रेस के कुछ नेताओं पर इस तरह की अटकलों को हवा देने का आरोप लगाया कि पवार दूसरे नंबर का स्थान नहीं मिलने से निराश हैं। आज भी मीडिया में इस तरह की खबरें फैलाई जा रही हैं कि पवार की कुछ मांगें मान ली गई हैं और कुछ को पूरा नहीं किया जा सकता तथा उन्हें नंबर दो का ओहदा नहीं दिया जा सकता, क्योंकि एनसीपी सदस्यों की संख्या ज्यादा नहीं है।टिप्पणियां उन्होंने कहा, कांग्रेस के एक वर्ग द्वारा असहज स्थिति पैदा करने के लिए अनावश्यक और अनुचित टिप्पणियां की जा रहीं हैं। पटेल ने कहा, पवार इतने छोटे नेता नहीं हैं, जो इस तरह का ओछा मुद्दा उठाएंगे। हमारे विषय कहीं बड़े हैं। नंबर दो का मुद्दा अनावश्यक तौर पर उछाला गया है। पवार अपने कद के कारण (संसद में) सोनिया के पास वाली सीट पर बैठते हैं और (मंत्रिमंडल की बैठकों में) प्रणब मुखर्जी के बगल में बैठा करते थे। एनसीपी नेता ने कहा, उन्होंने (पवार ने) ऐसी कोई मांग नहीं की थी। उन्हें संख्या के लिहाज से यह ओहदा नहीं दिया गया। अगर यही तर्क है तो यूपीए-1 में भी एनसीपी कम संख्या में थी। यूपीए और कांग्रेस नेतृत्व को पता है कि अपने कद के कारण वह अधिक महत्वपूर्ण हैं। पटेल ने कहा, दरअसल जो लोग यह मुद्दा उठा रहे हैं, वे खुद छोटे-मोटे लोग हैं। एनसीपी इतनी क्षुद्र पार्टी नहीं कि इस बात को मुद्दा बनाए कि हम सरकार में बने रहेंगे या नहीं। केंद्रीय मंत्रिमंडल में नंबर दो का ओहदा नहीं दिए जाने से पवार के नाराज होने की खबरों को बेतुका बताते हुए पटेल ने कहा कि पार्टी ने प्रधानमंत्री और सोनिया के साथ बिल्कुल अगल विषयों को उठाया है और पार्टी अंतत: क्या फैसला करती है, यह सोमवार को उसकी बैठक के बाद ही बताया जाएगा। पटेल ने एनसीपी के वरिष्ठ नेताओं की बैठक के बाद कहा, हम कुछ चीजों को लेकर नाखुश हैं, जिन्हें पवार ने प्रधानमंत्री और सोनिया गांधी से निजी मुलाकातों में उठाया। जब पटेल से पूछा गया कि क्या उन्होंने और पवार ने मंत्रिमंडल से इस्तीफा दिया है, तो भारी उद्योग मंत्री ने कहा, अभी तक हमने कोई औपचारिक इस्तीफा नहीं दिया है...मुद्दा इस्तीफा नहीं है...जब तक कि मंजूर नहीं हो जाता...हमने एक संदेश भेजा है। अनबन के कारणों को स्पष्ट नहीं बताते हुए उन्होंने कहा, हमारे मुद्दे हैं- सरकार के कामकाज का तौर-तरीका, यूपीए के कामकाज का तरीका और व्यापक गठबंधन के कामकाज का तरीका। पटेल ने कहा कि यूपीए-2 के कार्यकाल के अब आखिरी दो साल हैं और एनसीपी चाहती है कि सरकार और अधिक निर्णायक रुख अख्तियार करे और देश की जनता के समक्ष मौजूदा मुद्दों पर और अधिक प्रतिबद्धता दर्शाए। उन्होंने कहा, हमारे सामने कुछ मुद्दे हैं, जिन पर हम नई दिशा चाहते हैं। प्रफुल्ल पटेल ने कांग्रेस के कुछ नेताओं पर इस तरह की अटकलों को हवा देने का आरोप लगाया कि पवार दूसरे नंबर का स्थान नहीं मिलने से निराश हैं। आज भी मीडिया में इस तरह की खबरें फैलाई जा रही हैं कि पवार की कुछ मांगें मान ली गई हैं और कुछ को पूरा नहीं किया जा सकता तथा उन्हें नंबर दो का ओहदा नहीं दिया जा सकता, क्योंकि एनसीपी सदस्यों की संख्या ज्यादा नहीं है।टिप्पणियां उन्होंने कहा, कांग्रेस के एक वर्ग द्वारा असहज स्थिति पैदा करने के लिए अनावश्यक और अनुचित टिप्पणियां की जा रहीं हैं। पटेल ने कहा, पवार इतने छोटे नेता नहीं हैं, जो इस तरह का ओछा मुद्दा उठाएंगे। हमारे विषय कहीं बड़े हैं। नंबर दो का मुद्दा अनावश्यक तौर पर उछाला गया है। पवार अपने कद के कारण (संसद में) सोनिया के पास वाली सीट पर बैठते हैं और (मंत्रिमंडल की बैठकों में) प्रणब मुखर्जी के बगल में बैठा करते थे। एनसीपी नेता ने कहा, उन्होंने (पवार ने) ऐसी कोई मांग नहीं की थी। उन्हें संख्या के लिहाज से यह ओहदा नहीं दिया गया। अगर यही तर्क है तो यूपीए-1 में भी एनसीपी कम संख्या में थी। यूपीए और कांग्रेस नेतृत्व को पता है कि अपने कद के कारण वह अधिक महत्वपूर्ण हैं। पटेल ने कहा, दरअसल जो लोग यह मुद्दा उठा रहे हैं, वे खुद छोटे-मोटे लोग हैं। एनसीपी इतनी क्षुद्र पार्टी नहीं कि इस बात को मुद्दा बनाए कि हम सरकार में बने रहेंगे या नहीं। पटेल ने एनसीपी के वरिष्ठ नेताओं की बैठक के बाद कहा, हम कुछ चीजों को लेकर नाखुश हैं, जिन्हें पवार ने प्रधानमंत्री और सोनिया गांधी से निजी मुलाकातों में उठाया। जब पटेल से पूछा गया कि क्या उन्होंने और पवार ने मंत्रिमंडल से इस्तीफा दिया है, तो भारी उद्योग मंत्री ने कहा, अभी तक हमने कोई औपचारिक इस्तीफा नहीं दिया है...मुद्दा इस्तीफा नहीं है...जब तक कि मंजूर नहीं हो जाता...हमने एक संदेश भेजा है। अनबन के कारणों को स्पष्ट नहीं बताते हुए उन्होंने कहा, हमारे मुद्दे हैं- सरकार के कामकाज का तौर-तरीका, यूपीए के कामकाज का तरीका और व्यापक गठबंधन के कामकाज का तरीका। पटेल ने कहा कि यूपीए-2 के कार्यकाल के अब आखिरी दो साल हैं और एनसीपी चाहती है कि सरकार और अधिक निर्णायक रुख अख्तियार करे और देश की जनता के समक्ष मौजूदा मुद्दों पर और अधिक प्रतिबद्धता दर्शाए। उन्होंने कहा, हमारे सामने कुछ मुद्दे हैं, जिन पर हम नई दिशा चाहते हैं। प्रफुल्ल पटेल ने कांग्रेस के कुछ नेताओं पर इस तरह की अटकलों को हवा देने का आरोप लगाया कि पवार दूसरे नंबर का स्थान नहीं मिलने से निराश हैं। आज भी मीडिया में इस तरह की खबरें फैलाई जा रही हैं कि पवार की कुछ मांगें मान ली गई हैं और कुछ को पूरा नहीं किया जा सकता तथा उन्हें नंबर दो का ओहदा नहीं दिया जा सकता, क्योंकि एनसीपी सदस्यों की संख्या ज्यादा नहीं है।टिप्पणियां उन्होंने कहा, कांग्रेस के एक वर्ग द्वारा असहज स्थिति पैदा करने के लिए अनावश्यक और अनुचित टिप्पणियां की जा रहीं हैं। पटेल ने कहा, पवार इतने छोटे नेता नहीं हैं, जो इस तरह का ओछा मुद्दा उठाएंगे। हमारे विषय कहीं बड़े हैं। नंबर दो का मुद्दा अनावश्यक तौर पर उछाला गया है। पवार अपने कद के कारण (संसद में) सोनिया के पास वाली सीट पर बैठते हैं और (मंत्रिमंडल की बैठकों में) प्रणब मुखर्जी के बगल में बैठा करते थे। एनसीपी नेता ने कहा, उन्होंने (पवार ने) ऐसी कोई मांग नहीं की थी। उन्हें संख्या के लिहाज से यह ओहदा नहीं दिया गया। अगर यही तर्क है तो यूपीए-1 में भी एनसीपी कम संख्या में थी। यूपीए और कांग्रेस नेतृत्व को पता है कि अपने कद के कारण वह अधिक महत्वपूर्ण हैं। पटेल ने कहा, दरअसल जो लोग यह मुद्दा उठा रहे हैं, वे खुद छोटे-मोटे लोग हैं। एनसीपी इतनी क्षुद्र पार्टी नहीं कि इस बात को मुद्दा बनाए कि हम सरकार में बने रहेंगे या नहीं। अनबन के कारणों को स्पष्ट नहीं बताते हुए उन्होंने कहा, हमारे मुद्दे हैं- सरकार के कामकाज का तौर-तरीका, यूपीए के कामकाज का तरीका और व्यापक गठबंधन के कामकाज का तरीका। पटेल ने कहा कि यूपीए-2 के कार्यकाल के अब आखिरी दो साल हैं और एनसीपी चाहती है कि सरकार और अधिक निर्णायक रुख अख्तियार करे और देश की जनता के समक्ष मौजूदा मुद्दों पर और अधिक प्रतिबद्धता दर्शाए। उन्होंने कहा, हमारे सामने कुछ मुद्दे हैं, जिन पर हम नई दिशा चाहते हैं। प्रफुल्ल पटेल ने कांग्रेस के कुछ नेताओं पर इस तरह की अटकलों को हवा देने का आरोप लगाया कि पवार दूसरे नंबर का स्थान नहीं मिलने से निराश हैं। आज भी मीडिया में इस तरह की खबरें फैलाई जा रही हैं कि पवार की कुछ मांगें मान ली गई हैं और कुछ को पूरा नहीं किया जा सकता तथा उन्हें नंबर दो का ओहदा नहीं दिया जा सकता, क्योंकि एनसीपी सदस्यों की संख्या ज्यादा नहीं है।टिप्पणियां उन्होंने कहा, कांग्रेस के एक वर्ग द्वारा असहज स्थिति पैदा करने के लिए अनावश्यक और अनुचित टिप्पणियां की जा रहीं हैं। पटेल ने कहा, पवार इतने छोटे नेता नहीं हैं, जो इस तरह का ओछा मुद्दा उठाएंगे। हमारे विषय कहीं बड़े हैं। नंबर दो का मुद्दा अनावश्यक तौर पर उछाला गया है। पवार अपने कद के कारण (संसद में) सोनिया के पास वाली सीट पर बैठते हैं और (मंत्रिमंडल की बैठकों में) प्रणब मुखर्जी के बगल में बैठा करते थे। एनसीपी नेता ने कहा, उन्होंने (पवार ने) ऐसी कोई मांग नहीं की थी। उन्हें संख्या के लिहाज से यह ओहदा नहीं दिया गया। अगर यही तर्क है तो यूपीए-1 में भी एनसीपी कम संख्या में थी। यूपीए और कांग्रेस नेतृत्व को पता है कि अपने कद के कारण वह अधिक महत्वपूर्ण हैं। पटेल ने कहा, दरअसल जो लोग यह मुद्दा उठा रहे हैं, वे खुद छोटे-मोटे लोग हैं। एनसीपी इतनी क्षुद्र पार्टी नहीं कि इस बात को मुद्दा बनाए कि हम सरकार में बने रहेंगे या नहीं। प्रफुल्ल पटेल ने कांग्रेस के कुछ नेताओं पर इस तरह की अटकलों को हवा देने का आरोप लगाया कि पवार दूसरे नंबर का स्थान नहीं मिलने से निराश हैं। आज भी मीडिया में इस तरह की खबरें फैलाई जा रही हैं कि पवार की कुछ मांगें मान ली गई हैं और कुछ को पूरा नहीं किया जा सकता तथा उन्हें नंबर दो का ओहदा नहीं दिया जा सकता, क्योंकि एनसीपी सदस्यों की संख्या ज्यादा नहीं है।टिप्पणियां उन्होंने कहा, कांग्रेस के एक वर्ग द्वारा असहज स्थिति पैदा करने के लिए अनावश्यक और अनुचित टिप्पणियां की जा रहीं हैं। पटेल ने कहा, पवार इतने छोटे नेता नहीं हैं, जो इस तरह का ओछा मुद्दा उठाएंगे। हमारे विषय कहीं बड़े हैं। नंबर दो का मुद्दा अनावश्यक तौर पर उछाला गया है। पवार अपने कद के कारण (संसद में) सोनिया के पास वाली सीट पर बैठते हैं और (मंत्रिमंडल की बैठकों में) प्रणब मुखर्जी के बगल में बैठा करते थे। एनसीपी नेता ने कहा, उन्होंने (पवार ने) ऐसी कोई मांग नहीं की थी। उन्हें संख्या के लिहाज से यह ओहदा नहीं दिया गया। अगर यही तर्क है तो यूपीए-1 में भी एनसीपी कम संख्या में थी। यूपीए और कांग्रेस नेतृत्व को पता है कि अपने कद के कारण वह अधिक महत्वपूर्ण हैं। पटेल ने कहा, दरअसल जो लोग यह मुद्दा उठा रहे हैं, वे खुद छोटे-मोटे लोग हैं। एनसीपी इतनी क्षुद्र पार्टी नहीं कि इस बात को मुद्दा बनाए कि हम सरकार में बने रहेंगे या नहीं। उन्होंने कहा, कांग्रेस के एक वर्ग द्वारा असहज स्थिति पैदा करने के लिए अनावश्यक और अनुचित टिप्पणियां की जा रहीं हैं। पटेल ने कहा, पवार इतने छोटे नेता नहीं हैं, जो इस तरह का ओछा मुद्दा उठाएंगे। हमारे विषय कहीं बड़े हैं। नंबर दो का मुद्दा अनावश्यक तौर पर उछाला गया है। पवार अपने कद के कारण (संसद में) सोनिया के पास वाली सीट पर बैठते हैं और (मंत्रिमंडल की बैठकों में) प्रणब मुखर्जी के बगल में बैठा करते थे। एनसीपी नेता ने कहा, उन्होंने (पवार ने) ऐसी कोई मांग नहीं की थी। उन्हें संख्या के लिहाज से यह ओहदा नहीं दिया गया। अगर यही तर्क है तो यूपीए-1 में भी एनसीपी कम संख्या में थी। यूपीए और कांग्रेस नेतृत्व को पता है कि अपने कद के कारण वह अधिक महत्वपूर्ण हैं। पटेल ने कहा, दरअसल जो लोग यह मुद्दा उठा रहे हैं, वे खुद छोटे-मोटे लोग हैं। एनसीपी इतनी क्षुद्र पार्टी नहीं कि इस बात को मुद्दा बनाए कि हम सरकार में बने रहेंगे या नहीं। एनसीपी नेता ने कहा, उन्होंने (पवार ने) ऐसी कोई मांग नहीं की थी। उन्हें संख्या के लिहाज से यह ओहदा नहीं दिया गया। अगर यही तर्क है तो यूपीए-1 में भी एनसीपी कम संख्या में थी। यूपीए और कांग्रेस नेतृत्व को पता है कि अपने कद के कारण वह अधिक महत्वपूर्ण हैं। पटेल ने कहा, दरअसल जो लोग यह मुद्दा उठा रहे हैं, वे खुद छोटे-मोटे लोग हैं। एनसीपी इतनी क्षुद्र पार्टी नहीं कि इस बात को मुद्दा बनाए कि हम सरकार में बने रहेंगे या नहीं।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: नाराज चल रहे राकांपा प्रमुख शरद पवार से बातचीत करने के बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि वह बहुत ही सम्मानित सहयोगी हैं और उनका ज्ञान, बुद्धिमत्ता एवं अनुभव सरकार के लिए अत्यधिक उपयोगी हैं।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: दिल्ली से चलने वाली शताब्दी ट्रेनों में यात्री अब अपनी यात्रा के दौरान मनपसंद टेलीविजन कार्यक्रमों का लुत्फ उठा सकेंगे। योजना को अंतिम रुप देने वाली उत्तर रेलवे के मुताबिक कुछ चुनिंदा शताब्दी ट्रेनों में बिना किसी शुल्क के यात्री लाइव टीवी से रूबरू हो सकेंगे। उत्तर रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, योजना के तहत, दिल्ली से रवाना होने वाली छह शताब्दी ट्रेनों की एक्जीक्यूटिव श्रेणी और कुर्सीयान में प्रत्येक सीट के पिछले हिस्से में आठ इंच स्क्रीन की एलसीडी टीवी लगाई जाएगी। अभी अमृतसर शताब्दी, कालका शताब्दी, लखनऊ शताब्दी, अजमेर शताब्दी, भोपाल शताब्दी और देहरादून शताब्दी में यह व्यवस्था की जाएगी। अधिकारी के मुताबिक, शताब्दी के यात्रियों के लिए यह बिल्कुल मुफ्त सेवा होगी, जिससे वह समाचार, मनोरंजन चैनल सहित क्रिकेट मैचों का मजा ले सकेंगे। इस सेवा की शुरुआत से पहले उत्तर रेलवे ने कालका शताब्दी में इसका ट्रायल रन किया था, जिसका परिणाम काफी उत्साहजनक रहा। इसके लिए जल्द ही निविदा जारी की जाएगी।
यहाँ एक सारांश है:दिल्ली से चलने वाली शताब्दी ट्रेनों में यात्री अब अपनी यात्रा के दौरान मनपसंद टेलीविजन कार्यक्रमों का लुत्फ उठा सकेंगे।
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: यूपी बोर्ड (UP Board) 10वीं और 12वीं की परीक्षा का रिजल्ट (UP Board Result) इस महीने जारी कर देगा. हाईस्कूल और इंटर की उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन पूरा हो चुका है. मूल्यांकन कार्य पूरा होने के बाद करीब 10-15 दिन बाद रिजल्ट (UP Board Result 2019) जारी किया जाता है. ऐसे में यूपी बोर्ड परीक्षाओं का रिजल्ट (UP Board Results) 15 से 20 अप्रैल के बीच जारी कर सकता है. 10वीं और 12वीं का रिजल्ट UP Board की ऑफिशियल वेबसाइट upresults.nic.in पर जारी किया जाएगा. स्टूडेंट्स इस वेबसाइट पर जाकर ही अपना रिजल्ट (UP Board 10th, 12th Result) चेक कर पाएंगे. बता दें कि यूपी बोर्ड की परीक्षाएं 7 फरवरी से शुरू होकर 28 फरवरी 2019 को खत्म हो गई थी. यूपी बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षा में करीब 58 लाख छात्रों ने हिस्सा लिया है. आपको बता दें कि यूपी बोर्ड ने पिछले साल परीक्षाओं का रिजल्ट 29 अप्रैल 2018 को जारी किया गया था. पिछले साल कक्षा 10 में 75.16 प्रतिशत स्टूडेंट्स पास हुए थे.
संक्षिप्त सारांश: यूपी बोर्ड का रिजल्ट 15 से 20 अप्रैल के बीच जारी होगा. रिजल्ट upresults.nic.in पर जारी होगा. परीक्षाएं 7 फरवरी से शुरू होकर 28 फरवरी 2019 को खत्म हो गई थी.
10
['hin']
एक सारांश बनाओ: शुक्रवार को इस्लाम के सबसे पवित्र शहर मक्का में एक आत्मघाती हमले में पांच सुरक्षाकर्मी और छह विदेशी तीर्थयात्री घायल हो गए. सऊदी अरब के गृहमंत्रालय ने इस घटना की जानकारी दी है. यह घटना मक्का की बड़ी मस्जिद के पास हुई. उस समय हज़ारों तीर्थयात्री मस्जिद में रमजान के अलविदा जुमे की नमाज अता करने के लिए इकट्ठा हुए थे. गृहमंत्रालय के प्रवक्ता जनरल अल-तुर्की ने साउदी टेलीविज़न को बताया कि पुलिस ने आतंकियों की साजिश को नाकाम कर दिया है. उन्होंने बताया कि आतंकियों का निशाना यहां की सुरक्षा व्यवस्था में सेंध लगाना था. पूरे इलाके की सुरक्षा व्यवस्था और पुख्ता कर दी गई है. मक्का में मौजूद सभी तीर्थयात्री सुरक्षित हैं. उन्होंने बताया कि मक्का में की गई छापेमारी में पांच संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है, इनमें एक महिला भी शामिल है. ये लोग मस्जिद के आसपास का जायजा लेने आए थे. मस्जिद के नजदीक एक तिमंजिला इमारत में छिपे एक आतंकी ने खुद को सुरक्षाकर्मियों से घिरता देख गोलीबारी कर दी और बाद में विस्फोटक से खुद को उड़ा दिया.  इस विस्फोट में इमारत का एक हिस्सा ढह गया. उन्होंने बताया कि इस घटना में छह विदेशी नागरिक और पांच पुलिसकर्मी घायल हुए हैं. घायल तीर्थयात्रियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां वे अब स्वस्थ्य हैं.  शुक्रवार को सऊदी अरब में अलग-अलग जगहों पर तीन आत्मघाती हमले हुए हैं, जिनमें सात लोगों के मारे जाने के समाचार हैं. अमेरिकी खुफिया विभाग के मुताबिक, इन विस्फोटों के पीछे आईएसआईएस का हाथ होने के सुराग मिले हैं. टिप्पणियां 2014 से सऊदी अरब आतंकी संगठन आईएसआईएस के निशाने पर है और यहां कई बार बम विस्फोट हो चुके हैं. पिछले साल भी रमजान के महीने में मदीना में हुए बम विस्फोट में चार सुरक्षाकर्मियों की मौत हुई थी.    गृहमंत्रालय के प्रवक्ता जनरल अल-तुर्की ने साउदी टेलीविज़न को बताया कि पुलिस ने आतंकियों की साजिश को नाकाम कर दिया है. उन्होंने बताया कि आतंकियों का निशाना यहां की सुरक्षा व्यवस्था में सेंध लगाना था. पूरे इलाके की सुरक्षा व्यवस्था और पुख्ता कर दी गई है. मक्का में मौजूद सभी तीर्थयात्री सुरक्षित हैं. उन्होंने बताया कि मक्का में की गई छापेमारी में पांच संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है, इनमें एक महिला भी शामिल है. ये लोग मस्जिद के आसपास का जायजा लेने आए थे. मस्जिद के नजदीक एक तिमंजिला इमारत में छिपे एक आतंकी ने खुद को सुरक्षाकर्मियों से घिरता देख गोलीबारी कर दी और बाद में विस्फोटक से खुद को उड़ा दिया.  इस विस्फोट में इमारत का एक हिस्सा ढह गया. उन्होंने बताया कि इस घटना में छह विदेशी नागरिक और पांच पुलिसकर्मी घायल हुए हैं. घायल तीर्थयात्रियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां वे अब स्वस्थ्य हैं.  शुक्रवार को सऊदी अरब में अलग-अलग जगहों पर तीन आत्मघाती हमले हुए हैं, जिनमें सात लोगों के मारे जाने के समाचार हैं. अमेरिकी खुफिया विभाग के मुताबिक, इन विस्फोटों के पीछे आईएसआईएस का हाथ होने के सुराग मिले हैं. टिप्पणियां 2014 से सऊदी अरब आतंकी संगठन आईएसआईएस के निशाने पर है और यहां कई बार बम विस्फोट हो चुके हैं. पिछले साल भी रमजान के महीने में मदीना में हुए बम विस्फोट में चार सुरक्षाकर्मियों की मौत हुई थी.    उन्होंने बताया कि मक्का में की गई छापेमारी में पांच संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है, इनमें एक महिला भी शामिल है. ये लोग मस्जिद के आसपास का जायजा लेने आए थे. मस्जिद के नजदीक एक तिमंजिला इमारत में छिपे एक आतंकी ने खुद को सुरक्षाकर्मियों से घिरता देख गोलीबारी कर दी और बाद में विस्फोटक से खुद को उड़ा दिया.  इस विस्फोट में इमारत का एक हिस्सा ढह गया. उन्होंने बताया कि इस घटना में छह विदेशी नागरिक और पांच पुलिसकर्मी घायल हुए हैं. घायल तीर्थयात्रियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां वे अब स्वस्थ्य हैं.  शुक्रवार को सऊदी अरब में अलग-अलग जगहों पर तीन आत्मघाती हमले हुए हैं, जिनमें सात लोगों के मारे जाने के समाचार हैं. अमेरिकी खुफिया विभाग के मुताबिक, इन विस्फोटों के पीछे आईएसआईएस का हाथ होने के सुराग मिले हैं. टिप्पणियां 2014 से सऊदी अरब आतंकी संगठन आईएसआईएस के निशाने पर है और यहां कई बार बम विस्फोट हो चुके हैं. पिछले साल भी रमजान के महीने में मदीना में हुए बम विस्फोट में चार सुरक्षाकर्मियों की मौत हुई थी.    इस विस्फोट में इमारत का एक हिस्सा ढह गया. उन्होंने बताया कि इस घटना में छह विदेशी नागरिक और पांच पुलिसकर्मी घायल हुए हैं. घायल तीर्थयात्रियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां वे अब स्वस्थ्य हैं.  शुक्रवार को सऊदी अरब में अलग-अलग जगहों पर तीन आत्मघाती हमले हुए हैं, जिनमें सात लोगों के मारे जाने के समाचार हैं. अमेरिकी खुफिया विभाग के मुताबिक, इन विस्फोटों के पीछे आईएसआईएस का हाथ होने के सुराग मिले हैं. टिप्पणियां 2014 से सऊदी अरब आतंकी संगठन आईएसआईएस के निशाने पर है और यहां कई बार बम विस्फोट हो चुके हैं. पिछले साल भी रमजान के महीने में मदीना में हुए बम विस्फोट में चार सुरक्षाकर्मियों की मौत हुई थी.    शुक्रवार को सऊदी अरब में अलग-अलग जगहों पर तीन आत्मघाती हमले हुए हैं, जिनमें सात लोगों के मारे जाने के समाचार हैं. अमेरिकी खुफिया विभाग के मुताबिक, इन विस्फोटों के पीछे आईएसआईएस का हाथ होने के सुराग मिले हैं. टिप्पणियां 2014 से सऊदी अरब आतंकी संगठन आईएसआईएस के निशाने पर है और यहां कई बार बम विस्फोट हो चुके हैं. पिछले साल भी रमजान के महीने में मदीना में हुए बम विस्फोट में चार सुरक्षाकर्मियों की मौत हुई थी.    2014 से सऊदी अरब आतंकी संगठन आईएसआईएस के निशाने पर है और यहां कई बार बम विस्फोट हो चुके हैं. पिछले साल भी रमजान के महीने में मदीना में हुए बम विस्फोट में चार सुरक्षाकर्मियों की मौत हुई थी.
यह एक सारांश है: हमले में 5 पुलिसकर्मी औऱ 6 विदेशी नागरिक घायल पिछले साल मदीना में हुए हमले में 4 पुलिसकर्मी मारे गए 2014 से लगातार ISIS के निशाने पर है साउदी अरब
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने मुंबई बीएमसी समेत 6 महानगरपालिका चुनाव में गठबंधन पर फैसला लेने के लिए कांग्रेस को सोमवार शाम तक का समय दिया है। सीटों पर समझौते को लेकर दोनों पार्टियों के बीच बैठक हो चुकी है लेकिन इस पर अबतक कोई फैसला नहीं हो सका है। एनसीपी और कांग्रेस ने बीएमसी के पिछले दो चुनावों को एक साथ कभी नहीं लड़ा है, इसलिए कुछ कांग्रेसी नेता एनसीपी के साथ गठजोड़ का विरोध भी कर रहे हैं। उनका कहना है कि मुंबई में एनसीपी की पकड़ नहीं है इसलिए इस गठबंधन से कांग्रेस को फ़ायदा होता नहीं दिख रहा। वहीं एनसीपी ने कहा है कि कांग्रेस को कोई अल्टीमेटम नहीं दिया गया है। एनसीपी नेता तारिक अनवर ने कहा है कि हम महापालिका चुनावों के पहले ही सीटों को लेकर सबकुछ साफ़ कर लेना चाहते हैं। तारिक अनवर ने कहा कि पिछले चुनावों में कांग्रेस के साथ कुछ समझौता नहीं हो पाया था। एनसीपी इन चुनावों में 65 सीटों की मांग कर रही है। एनसीपी ने ये भी कहा है कि वो पिछले चुनावों में नंबर वन थी।टिप्पणियां बीएमसी चुनावों के लिए कांग्रेस−एनसीपी के बीच सीटों के तालमेल पर टकराव ख़त्म नहीं हो रहा लेकिन शिवसेना−बीजेपी और आरपीआई के बीच सीटों का समझौता हो गया है। 227 सीटों में से शिवसेना 136 बीजेपी 62 और आरपीआई 29 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। किस सीट पर किस पार्टी का उम्मीदवार होगा—इसका आधिकारिक ऐलान बुधवार को किया जाएगा। शिवसेना−बीजेपी बीएमसी की सत्ता में है। इस बार इस गठबंधन में रामदास अठावले की आरपीआई भी शामिल है। चुनावों के लिए सोलह फरवरी को वोट डाले जाएंगे। एनसीपी और कांग्रेस ने बीएमसी के पिछले दो चुनावों को एक साथ कभी नहीं लड़ा है, इसलिए कुछ कांग्रेसी नेता एनसीपी के साथ गठजोड़ का विरोध भी कर रहे हैं। उनका कहना है कि मुंबई में एनसीपी की पकड़ नहीं है इसलिए इस गठबंधन से कांग्रेस को फ़ायदा होता नहीं दिख रहा। वहीं एनसीपी ने कहा है कि कांग्रेस को कोई अल्टीमेटम नहीं दिया गया है। एनसीपी नेता तारिक अनवर ने कहा है कि हम महापालिका चुनावों के पहले ही सीटों को लेकर सबकुछ साफ़ कर लेना चाहते हैं। तारिक अनवर ने कहा कि पिछले चुनावों में कांग्रेस के साथ कुछ समझौता नहीं हो पाया था। एनसीपी इन चुनावों में 65 सीटों की मांग कर रही है। एनसीपी ने ये भी कहा है कि वो पिछले चुनावों में नंबर वन थी।टिप्पणियां बीएमसी चुनावों के लिए कांग्रेस−एनसीपी के बीच सीटों के तालमेल पर टकराव ख़त्म नहीं हो रहा लेकिन शिवसेना−बीजेपी और आरपीआई के बीच सीटों का समझौता हो गया है। 227 सीटों में से शिवसेना 136 बीजेपी 62 और आरपीआई 29 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। किस सीट पर किस पार्टी का उम्मीदवार होगा—इसका आधिकारिक ऐलान बुधवार को किया जाएगा। शिवसेना−बीजेपी बीएमसी की सत्ता में है। इस बार इस गठबंधन में रामदास अठावले की आरपीआई भी शामिल है। चुनावों के लिए सोलह फरवरी को वोट डाले जाएंगे। वहीं एनसीपी ने कहा है कि कांग्रेस को कोई अल्टीमेटम नहीं दिया गया है। एनसीपी नेता तारिक अनवर ने कहा है कि हम महापालिका चुनावों के पहले ही सीटों को लेकर सबकुछ साफ़ कर लेना चाहते हैं। तारिक अनवर ने कहा कि पिछले चुनावों में कांग्रेस के साथ कुछ समझौता नहीं हो पाया था। एनसीपी इन चुनावों में 65 सीटों की मांग कर रही है। एनसीपी ने ये भी कहा है कि वो पिछले चुनावों में नंबर वन थी।टिप्पणियां बीएमसी चुनावों के लिए कांग्रेस−एनसीपी के बीच सीटों के तालमेल पर टकराव ख़त्म नहीं हो रहा लेकिन शिवसेना−बीजेपी और आरपीआई के बीच सीटों का समझौता हो गया है। 227 सीटों में से शिवसेना 136 बीजेपी 62 और आरपीआई 29 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। किस सीट पर किस पार्टी का उम्मीदवार होगा—इसका आधिकारिक ऐलान बुधवार को किया जाएगा। शिवसेना−बीजेपी बीएमसी की सत्ता में है। इस बार इस गठबंधन में रामदास अठावले की आरपीआई भी शामिल है। चुनावों के लिए सोलह फरवरी को वोट डाले जाएंगे। बीएमसी चुनावों के लिए कांग्रेस−एनसीपी के बीच सीटों के तालमेल पर टकराव ख़त्म नहीं हो रहा लेकिन शिवसेना−बीजेपी और आरपीआई के बीच सीटों का समझौता हो गया है। 227 सीटों में से शिवसेना 136 बीजेपी 62 और आरपीआई 29 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। किस सीट पर किस पार्टी का उम्मीदवार होगा—इसका आधिकारिक ऐलान बुधवार को किया जाएगा। शिवसेना−बीजेपी बीएमसी की सत्ता में है। इस बार इस गठबंधन में रामदास अठावले की आरपीआई भी शामिल है। चुनावों के लिए सोलह फरवरी को वोट डाले जाएंगे। 227 सीटों में से शिवसेना 136 बीजेपी 62 और आरपीआई 29 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। किस सीट पर किस पार्टी का उम्मीदवार होगा—इसका आधिकारिक ऐलान बुधवार को किया जाएगा। शिवसेना−बीजेपी बीएमसी की सत्ता में है। इस बार इस गठबंधन में रामदास अठावले की आरपीआई भी शामिल है। चुनावों के लिए सोलह फरवरी को वोट डाले जाएंगे।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने मुंबई बीएमसी समेत 6 महानगरपालिका चुनाव में गठबंधन पर फैसला लेने के लिए कांग्रेस को सोमवार शाम तक का समय दिया है।
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: वरिष्ठ पत्रकार ज्योर्तिमय डे की हत्या के सिलसिले में गिरफ्तार पत्रकार जिगना वोरा ने महाराष्ट्र संगठित अपराध अधिकार नियंत्रण (मकोका) कोर्ट से इस मामले की बंद कमरे में सुनवाई की मांग की। विशेष सरकारी वकील दिलीप शाह ने कहा, जिगना ने एक अर्जी देकर इस मामले की बंद कमरे में सुनवाई किये जाने की मांग की है। उन्होंने यह भी मांग की है कि मीडिया को पूरी तरह से दूर रखा जाए। हालांकि, उन्होंने अदालत में दलील दी कि मकोका के अंदर कोई ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जो मीडिया पर पाबंदी लगाती हो। एशियन एज की ब्यूरो उप प्रमुख जिगना को 25 नवंबर को मकोका के तहत गिरफ्तार किया गया था। उन पर आरोप लगाया गया था कि उन्होंने दिवंगत पत्रकार की मोटरसाइकिल के लाइसेंस प्लेट नंबर और पता जैसी सूचना मुहैया की थी। गौरतलब है कि 3,055 पन्नों के आरोपपत्र के मुताबिक जिगना ने प्रोफेशनल प्रतिद्वंद्विता के चलते विदेश आधारित अंडरवर्ल्ड को डे की हत्या के लिए प्रेरित किया था। इस मामले में गिरफ्तार 11 वीं आरोपी जिगना के खिलाफ आगे की तारीख में एक पूरक आरोपपत्र दाखिल किया गया था।
यहाँ एक सारांश है:डे की हत्या के सिलसिले में गिरफ्तार पत्रकार जिगना वोरा ने मकोका कोर्ट से इस मामले की बंद कमरे में सुनवाई की मांग की।
17
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: चीन के इस साल विश्व के सबसे बड़े चावल आयातक देश बन जाने की उम्मीद है। चीन के अखबारों में प्रमुखता से प्रकाशित अमेरिकी कृषि विभाग की रपट के मुताबिक, चीन का चावल आयात इस साल बढ़कर 30 लाख टन हो जाएगा, जो पिछले साल 23.4 लाख टन रहा था। अमेरिकी कृषि विभाग की एक रपट में कहा गया कि चीन में चावल का आयात 2012 से बढ़ा है, क्योंकि चीन में चावल की खपत उसकी आपूर्ति से अधिक हुई है। आधिकारिक आंकड़े के मुताबिक, यदि अनुमान सही रहता है तो इससे चीन के चावल आयात में भारी बढ़ोतरी होगी क्योंकि 2011 में समाप्त पंच-वर्षीय योजना के दौरान सालाना चावल आयात 4,50,000 टन रहा।टिप्पणियां सरकारी अखबार चाइना डेली की खबर के मुताबिक, इस तरह चीन नाइजीरिया को पछाड़ कर विश्व का सबसे बड़ा चावल आयातक बन जाएगा। विश्लेषकों ने कहा कि चीन में चावल की आपूर्ति की कोई कमी नहीं है और आयात के लिए घरेलू व वैश्विक बाजारों में मूल्य की विसंगति इसके लिए जिम्मेदार है। अमेरिकी कृषि विभाग की एक रपट में कहा गया कि चीन में चावल का आयात 2012 से बढ़ा है, क्योंकि चीन में चावल की खपत उसकी आपूर्ति से अधिक हुई है। आधिकारिक आंकड़े के मुताबिक, यदि अनुमान सही रहता है तो इससे चीन के चावल आयात में भारी बढ़ोतरी होगी क्योंकि 2011 में समाप्त पंच-वर्षीय योजना के दौरान सालाना चावल आयात 4,50,000 टन रहा।टिप्पणियां सरकारी अखबार चाइना डेली की खबर के मुताबिक, इस तरह चीन नाइजीरिया को पछाड़ कर विश्व का सबसे बड़ा चावल आयातक बन जाएगा। विश्लेषकों ने कहा कि चीन में चावल की आपूर्ति की कोई कमी नहीं है और आयात के लिए घरेलू व वैश्विक बाजारों में मूल्य की विसंगति इसके लिए जिम्मेदार है। आधिकारिक आंकड़े के मुताबिक, यदि अनुमान सही रहता है तो इससे चीन के चावल आयात में भारी बढ़ोतरी होगी क्योंकि 2011 में समाप्त पंच-वर्षीय योजना के दौरान सालाना चावल आयात 4,50,000 टन रहा।टिप्पणियां सरकारी अखबार चाइना डेली की खबर के मुताबिक, इस तरह चीन नाइजीरिया को पछाड़ कर विश्व का सबसे बड़ा चावल आयातक बन जाएगा। विश्लेषकों ने कहा कि चीन में चावल की आपूर्ति की कोई कमी नहीं है और आयात के लिए घरेलू व वैश्विक बाजारों में मूल्य की विसंगति इसके लिए जिम्मेदार है। सरकारी अखबार चाइना डेली की खबर के मुताबिक, इस तरह चीन नाइजीरिया को पछाड़ कर विश्व का सबसे बड़ा चावल आयातक बन जाएगा। विश्लेषकों ने कहा कि चीन में चावल की आपूर्ति की कोई कमी नहीं है और आयात के लिए घरेलू व वैश्विक बाजारों में मूल्य की विसंगति इसके लिए जिम्मेदार है। विश्लेषकों ने कहा कि चीन में चावल की आपूर्ति की कोई कमी नहीं है और आयात के लिए घरेलू व वैश्विक बाजारों में मूल्य की विसंगति इसके लिए जिम्मेदार है।
यहाँ एक सारांश है:अमेरिकी कृषि विभाग की रपट के मुताबिक, चीन का चावल आयात इस साल बढ़कर 30 लाख टन हो जाएगा, जो पिछले साल 23.4 लाख टन रहा था।
4
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मध्य प्रदेश में बालिकाओं से लेकर महिलाओं के साथ बढती दुष्कर्म की घटनाओं के विरोध में महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया। गृहमंत्री उमाशंकर गुप्ता के आवास का घेराव करने जा रही महिला कांग्रेस की कार्यकर्ताओं की पुलिस से झड़प हो गई। हालात को काबू करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इससे प्रदर्शनकारी कई महिलाओं को चोटें आई हैं, वहीं दो दर्जन से ज्यादा महिला कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर रिहा कर दिया गया। महिला कांग्रेस की प्रदेश इकाई ने सोमवार को राजधानी भोपाल के रंगमहल चौराहे पर राज्य में बढती दुष्कर्म की घटनाओं के विरोध में धरना प्रदर्शन का ऐलान किया था। महिला कार्यकर्ता धरना प्रदर्शन के दौरान अपने विरोध का इजहार करने गृहमंत्री गुप्ता के घर की ओर बढीं। इन महिलाओं के हाथ में बैनर, मटके और चूड़ियां थीं। गृहमंत्री के आवास का घेराव करने जा रही महिलाओं को पुलिस ने रोकने की कोशिश की। इस पर महिलाओं व पुलिस बल में झड़प हो गई। पुलिस ने महिला कार्यकर्ताओें को खदेड़ने के लिए उनपर लाठीचार्ज कर दिया। इस लाठीचार्ज में 10 से ज्यादा महिलाओं को चोटें भी आई है। वहीं दो दर्जन से ज्यादा कार्यकर्ताओं केा गिरफ्तार किया और बाद में रिहा कर दिया गया।   महिला कांग्रेस की प्रदेशाध्यक्ष अर्चना जायसवाल का कहना है कि राज्य में दुष्कर्म की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से लेकर गृहमंत्री उमाशंकर गुप्ता तक किसी तरह का बयान देने सामने नहीं आ रहे हैं। वैसे तो अपने को महिलाओं का हिमायती बताते हैं मगर अत्याचार होने पर कोई मुंह खोलने तक को तैयार नहीं है। जायसवाल ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रही महिलाओं से पुरुष पुलिस जवानों ने अभद्रता की है। महिला पुलिस बल नहीं था और पुरुष जवानों ने बर्बर कार्रवाई की है।टिप्पणियां गृहमंत्री के आवास का घेराव करने जा रही महिलाएं पुतले, चूड़ी व मटके आदि लिए हुए थीं। वे गृहमंत्री के आवास का घेराव कर पुतला जलाना और चूड़ियां भेंट करना चाहती थी। वहीं राज्य के गृहमंत्री उमाशंकर गुप्ता ने कहा है कि दुष्कर्म के आरोपियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। साथ ही यह कृत्य मानसिक विकृति को दर्शाता है। इस विकृति को रोकने के सामूहिक प्रयास किए जाएंगे। विभिन्न सामाजिक संगठनों, धार्मिक संस्थाओं से चर्चा कर प्रदेश स्तरीय विमर्श का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। जिसमें विकृति को रोकने के लिए किस तरह के प्रयास हों, इस पर चर्चा होगी। गृहमंत्री उमाशंकर गुप्ता के आवास का घेराव करने जा रही महिला कांग्रेस की कार्यकर्ताओं की पुलिस से झड़प हो गई। हालात को काबू करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इससे प्रदर्शनकारी कई महिलाओं को चोटें आई हैं, वहीं दो दर्जन से ज्यादा महिला कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर रिहा कर दिया गया। महिला कांग्रेस की प्रदेश इकाई ने सोमवार को राजधानी भोपाल के रंगमहल चौराहे पर राज्य में बढती दुष्कर्म की घटनाओं के विरोध में धरना प्रदर्शन का ऐलान किया था। महिला कार्यकर्ता धरना प्रदर्शन के दौरान अपने विरोध का इजहार करने गृहमंत्री गुप्ता के घर की ओर बढीं। इन महिलाओं के हाथ में बैनर, मटके और चूड़ियां थीं। गृहमंत्री के आवास का घेराव करने जा रही महिलाओं को पुलिस ने रोकने की कोशिश की। इस पर महिलाओं व पुलिस बल में झड़प हो गई। पुलिस ने महिला कार्यकर्ताओें को खदेड़ने के लिए उनपर लाठीचार्ज कर दिया। इस लाठीचार्ज में 10 से ज्यादा महिलाओं को चोटें भी आई है। वहीं दो दर्जन से ज्यादा कार्यकर्ताओं केा गिरफ्तार किया और बाद में रिहा कर दिया गया।   महिला कांग्रेस की प्रदेशाध्यक्ष अर्चना जायसवाल का कहना है कि राज्य में दुष्कर्म की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से लेकर गृहमंत्री उमाशंकर गुप्ता तक किसी तरह का बयान देने सामने नहीं आ रहे हैं। वैसे तो अपने को महिलाओं का हिमायती बताते हैं मगर अत्याचार होने पर कोई मुंह खोलने तक को तैयार नहीं है। जायसवाल ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रही महिलाओं से पुरुष पुलिस जवानों ने अभद्रता की है। महिला पुलिस बल नहीं था और पुरुष जवानों ने बर्बर कार्रवाई की है।टिप्पणियां गृहमंत्री के आवास का घेराव करने जा रही महिलाएं पुतले, चूड़ी व मटके आदि लिए हुए थीं। वे गृहमंत्री के आवास का घेराव कर पुतला जलाना और चूड़ियां भेंट करना चाहती थी। वहीं राज्य के गृहमंत्री उमाशंकर गुप्ता ने कहा है कि दुष्कर्म के आरोपियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। साथ ही यह कृत्य मानसिक विकृति को दर्शाता है। इस विकृति को रोकने के सामूहिक प्रयास किए जाएंगे। विभिन्न सामाजिक संगठनों, धार्मिक संस्थाओं से चर्चा कर प्रदेश स्तरीय विमर्श का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। जिसमें विकृति को रोकने के लिए किस तरह के प्रयास हों, इस पर चर्चा होगी। महिला कांग्रेस की प्रदेश इकाई ने सोमवार को राजधानी भोपाल के रंगमहल चौराहे पर राज्य में बढती दुष्कर्म की घटनाओं के विरोध में धरना प्रदर्शन का ऐलान किया था। महिला कार्यकर्ता धरना प्रदर्शन के दौरान अपने विरोध का इजहार करने गृहमंत्री गुप्ता के घर की ओर बढीं। इन महिलाओं के हाथ में बैनर, मटके और चूड़ियां थीं। गृहमंत्री के आवास का घेराव करने जा रही महिलाओं को पुलिस ने रोकने की कोशिश की। इस पर महिलाओं व पुलिस बल में झड़प हो गई। पुलिस ने महिला कार्यकर्ताओें को खदेड़ने के लिए उनपर लाठीचार्ज कर दिया। इस लाठीचार्ज में 10 से ज्यादा महिलाओं को चोटें भी आई है। वहीं दो दर्जन से ज्यादा कार्यकर्ताओं केा गिरफ्तार किया और बाद में रिहा कर दिया गया।   महिला कांग्रेस की प्रदेशाध्यक्ष अर्चना जायसवाल का कहना है कि राज्य में दुष्कर्म की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से लेकर गृहमंत्री उमाशंकर गुप्ता तक किसी तरह का बयान देने सामने नहीं आ रहे हैं। वैसे तो अपने को महिलाओं का हिमायती बताते हैं मगर अत्याचार होने पर कोई मुंह खोलने तक को तैयार नहीं है। जायसवाल ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रही महिलाओं से पुरुष पुलिस जवानों ने अभद्रता की है। महिला पुलिस बल नहीं था और पुरुष जवानों ने बर्बर कार्रवाई की है।टिप्पणियां गृहमंत्री के आवास का घेराव करने जा रही महिलाएं पुतले, चूड़ी व मटके आदि लिए हुए थीं। वे गृहमंत्री के आवास का घेराव कर पुतला जलाना और चूड़ियां भेंट करना चाहती थी। वहीं राज्य के गृहमंत्री उमाशंकर गुप्ता ने कहा है कि दुष्कर्म के आरोपियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। साथ ही यह कृत्य मानसिक विकृति को दर्शाता है। इस विकृति को रोकने के सामूहिक प्रयास किए जाएंगे। विभिन्न सामाजिक संगठनों, धार्मिक संस्थाओं से चर्चा कर प्रदेश स्तरीय विमर्श का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। जिसमें विकृति को रोकने के लिए किस तरह के प्रयास हों, इस पर चर्चा होगी। गृहमंत्री के आवास का घेराव करने जा रही महिलाओं को पुलिस ने रोकने की कोशिश की। इस पर महिलाओं व पुलिस बल में झड़प हो गई। पुलिस ने महिला कार्यकर्ताओें को खदेड़ने के लिए उनपर लाठीचार्ज कर दिया। इस लाठीचार्ज में 10 से ज्यादा महिलाओं को चोटें भी आई है। वहीं दो दर्जन से ज्यादा कार्यकर्ताओं केा गिरफ्तार किया और बाद में रिहा कर दिया गया।   महिला कांग्रेस की प्रदेशाध्यक्ष अर्चना जायसवाल का कहना है कि राज्य में दुष्कर्म की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से लेकर गृहमंत्री उमाशंकर गुप्ता तक किसी तरह का बयान देने सामने नहीं आ रहे हैं। वैसे तो अपने को महिलाओं का हिमायती बताते हैं मगर अत्याचार होने पर कोई मुंह खोलने तक को तैयार नहीं है। जायसवाल ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रही महिलाओं से पुरुष पुलिस जवानों ने अभद्रता की है। महिला पुलिस बल नहीं था और पुरुष जवानों ने बर्बर कार्रवाई की है।टिप्पणियां गृहमंत्री के आवास का घेराव करने जा रही महिलाएं पुतले, चूड़ी व मटके आदि लिए हुए थीं। वे गृहमंत्री के आवास का घेराव कर पुतला जलाना और चूड़ियां भेंट करना चाहती थी। वहीं राज्य के गृहमंत्री उमाशंकर गुप्ता ने कहा है कि दुष्कर्म के आरोपियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। साथ ही यह कृत्य मानसिक विकृति को दर्शाता है। इस विकृति को रोकने के सामूहिक प्रयास किए जाएंगे। विभिन्न सामाजिक संगठनों, धार्मिक संस्थाओं से चर्चा कर प्रदेश स्तरीय विमर्श का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। जिसमें विकृति को रोकने के लिए किस तरह के प्रयास हों, इस पर चर्चा होगी। महिला कांग्रेस की प्रदेशाध्यक्ष अर्चना जायसवाल का कहना है कि राज्य में दुष्कर्म की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से लेकर गृहमंत्री उमाशंकर गुप्ता तक किसी तरह का बयान देने सामने नहीं आ रहे हैं। वैसे तो अपने को महिलाओं का हिमायती बताते हैं मगर अत्याचार होने पर कोई मुंह खोलने तक को तैयार नहीं है। जायसवाल ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रही महिलाओं से पुरुष पुलिस जवानों ने अभद्रता की है। महिला पुलिस बल नहीं था और पुरुष जवानों ने बर्बर कार्रवाई की है।टिप्पणियां गृहमंत्री के आवास का घेराव करने जा रही महिलाएं पुतले, चूड़ी व मटके आदि लिए हुए थीं। वे गृहमंत्री के आवास का घेराव कर पुतला जलाना और चूड़ियां भेंट करना चाहती थी। वहीं राज्य के गृहमंत्री उमाशंकर गुप्ता ने कहा है कि दुष्कर्म के आरोपियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। साथ ही यह कृत्य मानसिक विकृति को दर्शाता है। इस विकृति को रोकने के सामूहिक प्रयास किए जाएंगे। विभिन्न सामाजिक संगठनों, धार्मिक संस्थाओं से चर्चा कर प्रदेश स्तरीय विमर्श का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। जिसमें विकृति को रोकने के लिए किस तरह के प्रयास हों, इस पर चर्चा होगी। जायसवाल ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रही महिलाओं से पुरुष पुलिस जवानों ने अभद्रता की है। महिला पुलिस बल नहीं था और पुरुष जवानों ने बर्बर कार्रवाई की है।टिप्पणियां गृहमंत्री के आवास का घेराव करने जा रही महिलाएं पुतले, चूड़ी व मटके आदि लिए हुए थीं। वे गृहमंत्री के आवास का घेराव कर पुतला जलाना और चूड़ियां भेंट करना चाहती थी। वहीं राज्य के गृहमंत्री उमाशंकर गुप्ता ने कहा है कि दुष्कर्म के आरोपियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। साथ ही यह कृत्य मानसिक विकृति को दर्शाता है। इस विकृति को रोकने के सामूहिक प्रयास किए जाएंगे। विभिन्न सामाजिक संगठनों, धार्मिक संस्थाओं से चर्चा कर प्रदेश स्तरीय विमर्श का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। जिसमें विकृति को रोकने के लिए किस तरह के प्रयास हों, इस पर चर्चा होगी। गृहमंत्री के आवास का घेराव करने जा रही महिलाएं पुतले, चूड़ी व मटके आदि लिए हुए थीं। वे गृहमंत्री के आवास का घेराव कर पुतला जलाना और चूड़ियां भेंट करना चाहती थी। वहीं राज्य के गृहमंत्री उमाशंकर गुप्ता ने कहा है कि दुष्कर्म के आरोपियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। साथ ही यह कृत्य मानसिक विकृति को दर्शाता है। इस विकृति को रोकने के सामूहिक प्रयास किए जाएंगे। विभिन्न सामाजिक संगठनों, धार्मिक संस्थाओं से चर्चा कर प्रदेश स्तरीय विमर्श का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। जिसमें विकृति को रोकने के लिए किस तरह के प्रयास हों, इस पर चर्चा होगी। वहीं राज्य के गृहमंत्री उमाशंकर गुप्ता ने कहा है कि दुष्कर्म के आरोपियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। साथ ही यह कृत्य मानसिक विकृति को दर्शाता है। इस विकृति को रोकने के सामूहिक प्रयास किए जाएंगे। विभिन्न सामाजिक संगठनों, धार्मिक संस्थाओं से चर्चा कर प्रदेश स्तरीय विमर्श का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। जिसमें विकृति को रोकने के लिए किस तरह के प्रयास हों, इस पर चर्चा होगी।
यह एक सारांश है: मध्य प्रदेश में बालिकाओं से लेकर महिलाओं के साथ बढती दुष्कर्म की घटनाओं के विरोध में महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया।
9
['hin']
एक सारांश बनाओ: तुर्की के विदेश मंत्री मौलूद काउसोगलू ने कहा है कि 'फतहुल्ला टेररिस्ट ऑर्गनाइजेशन' (फेटो) ने भारत में 'घुसपैठ' कर ली है. पिछले महीने तुर्की में तख्तापलट की नाकाम कोशिश के लिए वहां की सरकार ने फेटो को जिम्मेदार ठहराया है. काउसोगलू ने इस बात पर जोर दिया कि फेटो 'गोपनीय अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क' है, जो पूरी दुनिया में मौजूद है. उन्होंने कहा, 'दुर्भाग्यपूर्ण है कि फेटो ने संगठनों और स्कूलों के माध्यम से भारत में घुसपैठ कर ली है.' विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के साथ बातचीत करने के बाद पीटीआई को दिए साक्षात्कार में काउसोगलू ने कहा, 'मैंने पहले इस मुद्दे को अपनी भारतीय समकक्ष के साथ उठाया है.' उन्होंने कहा, 'उन सभी देशों में जहां फेटो की मौजूदगी है, उनसे हम कहते हैं कि वे अपने क्षेत्र से इनको हटाने के लिए तत्काल कदम उठाएं.' तुर्की के विदेश मंत्री के बयान पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा कि भारत तुर्की की चिंताओं को लेकर संवेदनशील है और भारतीय सुरक्षा एजेंसियां फेटो से जुड़े उन संगठनों को बंद करने की अंकारा की मांग पर विचार कर रही हैं, जो गैरकानूनी गतिविधियां चला रहे हैं. भारत और तुर्की के लिए सभी तरह के आतंकवाद से खतरा होने पर जोर देते हुए काउसोगलू ने कहा, 'इन खतरों को लेकर सूचना के आदान-प्रदान और आतंकवाद के खिलाफ द्विपक्षीय एवं बहुपक्षीय सहयोग और एकजुटता महत्वपूर्ण है.' उन्होंने कहा, 'इसी पर तुर्की और भारत दोनों ध्यान दे रहे हैं.'टिप्पणियां पिछले महीने तुर्की में तख्तापलट के विफल प्रयास का उल्लेख करते हुए काउसोगलू ने कहा कि तुर्की सेना के भीतर एक धड़ा फेटो की अगुवाई में 15 जुलाई को तख्तापलट करने की कोशिश की, ताकि लोकतांत्रिक ढंग से निर्वाचित सरकार को उखाड़ फेंका जा सके. काउसोगलू ने कहा, 'हमारी लोकतांत्रिक ढंग से चुनी हुई सरकार को मेरी भारतीय समकक्ष सुषमा स्वराज की ओर से जो त्वरित समर्थन मिला, हम उसकी सराहना करते हैं.' तुर्की में तख्तापलट के नाकाम प्रयास में 240 से अधिक लोग मारे गए थे और 1,500 से अधिक घायल हो गए थे.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) काउसोगलू ने इस बात पर जोर दिया कि फेटो 'गोपनीय अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क' है, जो पूरी दुनिया में मौजूद है. उन्होंने कहा, 'दुर्भाग्यपूर्ण है कि फेटो ने संगठनों और स्कूलों के माध्यम से भारत में घुसपैठ कर ली है.' विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के साथ बातचीत करने के बाद पीटीआई को दिए साक्षात्कार में काउसोगलू ने कहा, 'मैंने पहले इस मुद्दे को अपनी भारतीय समकक्ष के साथ उठाया है.' उन्होंने कहा, 'उन सभी देशों में जहां फेटो की मौजूदगी है, उनसे हम कहते हैं कि वे अपने क्षेत्र से इनको हटाने के लिए तत्काल कदम उठाएं.' तुर्की के विदेश मंत्री के बयान पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा कि भारत तुर्की की चिंताओं को लेकर संवेदनशील है और भारतीय सुरक्षा एजेंसियां फेटो से जुड़े उन संगठनों को बंद करने की अंकारा की मांग पर विचार कर रही हैं, जो गैरकानूनी गतिविधियां चला रहे हैं. भारत और तुर्की के लिए सभी तरह के आतंकवाद से खतरा होने पर जोर देते हुए काउसोगलू ने कहा, 'इन खतरों को लेकर सूचना के आदान-प्रदान और आतंकवाद के खिलाफ द्विपक्षीय एवं बहुपक्षीय सहयोग और एकजुटता महत्वपूर्ण है.' उन्होंने कहा, 'इसी पर तुर्की और भारत दोनों ध्यान दे रहे हैं.'टिप्पणियां पिछले महीने तुर्की में तख्तापलट के विफल प्रयास का उल्लेख करते हुए काउसोगलू ने कहा कि तुर्की सेना के भीतर एक धड़ा फेटो की अगुवाई में 15 जुलाई को तख्तापलट करने की कोशिश की, ताकि लोकतांत्रिक ढंग से निर्वाचित सरकार को उखाड़ फेंका जा सके. काउसोगलू ने कहा, 'हमारी लोकतांत्रिक ढंग से चुनी हुई सरकार को मेरी भारतीय समकक्ष सुषमा स्वराज की ओर से जो त्वरित समर्थन मिला, हम उसकी सराहना करते हैं.' तुर्की में तख्तापलट के नाकाम प्रयास में 240 से अधिक लोग मारे गए थे और 1,500 से अधिक घायल हो गए थे.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा, 'उन सभी देशों में जहां फेटो की मौजूदगी है, उनसे हम कहते हैं कि वे अपने क्षेत्र से इनको हटाने के लिए तत्काल कदम उठाएं.' तुर्की के विदेश मंत्री के बयान पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा कि भारत तुर्की की चिंताओं को लेकर संवेदनशील है और भारतीय सुरक्षा एजेंसियां फेटो से जुड़े उन संगठनों को बंद करने की अंकारा की मांग पर विचार कर रही हैं, जो गैरकानूनी गतिविधियां चला रहे हैं. भारत और तुर्की के लिए सभी तरह के आतंकवाद से खतरा होने पर जोर देते हुए काउसोगलू ने कहा, 'इन खतरों को लेकर सूचना के आदान-प्रदान और आतंकवाद के खिलाफ द्विपक्षीय एवं बहुपक्षीय सहयोग और एकजुटता महत्वपूर्ण है.' उन्होंने कहा, 'इसी पर तुर्की और भारत दोनों ध्यान दे रहे हैं.'टिप्पणियां पिछले महीने तुर्की में तख्तापलट के विफल प्रयास का उल्लेख करते हुए काउसोगलू ने कहा कि तुर्की सेना के भीतर एक धड़ा फेटो की अगुवाई में 15 जुलाई को तख्तापलट करने की कोशिश की, ताकि लोकतांत्रिक ढंग से निर्वाचित सरकार को उखाड़ फेंका जा सके. काउसोगलू ने कहा, 'हमारी लोकतांत्रिक ढंग से चुनी हुई सरकार को मेरी भारतीय समकक्ष सुषमा स्वराज की ओर से जो त्वरित समर्थन मिला, हम उसकी सराहना करते हैं.' तुर्की में तख्तापलट के नाकाम प्रयास में 240 से अधिक लोग मारे गए थे और 1,500 से अधिक घायल हो गए थे.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) भारत और तुर्की के लिए सभी तरह के आतंकवाद से खतरा होने पर जोर देते हुए काउसोगलू ने कहा, 'इन खतरों को लेकर सूचना के आदान-प्रदान और आतंकवाद के खिलाफ द्विपक्षीय एवं बहुपक्षीय सहयोग और एकजुटता महत्वपूर्ण है.' उन्होंने कहा, 'इसी पर तुर्की और भारत दोनों ध्यान दे रहे हैं.'टिप्पणियां पिछले महीने तुर्की में तख्तापलट के विफल प्रयास का उल्लेख करते हुए काउसोगलू ने कहा कि तुर्की सेना के भीतर एक धड़ा फेटो की अगुवाई में 15 जुलाई को तख्तापलट करने की कोशिश की, ताकि लोकतांत्रिक ढंग से निर्वाचित सरकार को उखाड़ फेंका जा सके. काउसोगलू ने कहा, 'हमारी लोकतांत्रिक ढंग से चुनी हुई सरकार को मेरी भारतीय समकक्ष सुषमा स्वराज की ओर से जो त्वरित समर्थन मिला, हम उसकी सराहना करते हैं.' तुर्की में तख्तापलट के नाकाम प्रयास में 240 से अधिक लोग मारे गए थे और 1,500 से अधिक घायल हो गए थे.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पिछले महीने तुर्की में तख्तापलट के विफल प्रयास का उल्लेख करते हुए काउसोगलू ने कहा कि तुर्की सेना के भीतर एक धड़ा फेटो की अगुवाई में 15 जुलाई को तख्तापलट करने की कोशिश की, ताकि लोकतांत्रिक ढंग से निर्वाचित सरकार को उखाड़ फेंका जा सके. काउसोगलू ने कहा, 'हमारी लोकतांत्रिक ढंग से चुनी हुई सरकार को मेरी भारतीय समकक्ष सुषमा स्वराज की ओर से जो त्वरित समर्थन मिला, हम उसकी सराहना करते हैं.' तुर्की में तख्तापलट के नाकाम प्रयास में 240 से अधिक लोग मारे गए थे और 1,500 से अधिक घायल हो गए थे.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: 'गोपनीय अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क है फेटो' 'संगठनों, स्कूलों के जरिये इसने भारत में घुसपैठ की' 'भारत तुर्की की चिंताओं को लेकर संवेदनशील'
32
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय रिजर्व बैंक ने अड़ियल महंगाई पर अंकुश लगाने के लिए अपना रुख और कड़ा करते हुए अपनी अल्पकालिक नीतिगत ब्याज दरों में प्रतिशत 0.50 अंक की वृद्धि कर दी जो बाजार की उम्मीदों से ऊंची है। बैंकों के शीर्ष अधिकारियों ने केंद्रीय बैंक की इस तिमाही नीतिगत घोषणा से पहले कहा था कि उन्हें ऊंची मुद्रास्फीति को देखते हुए रेपो के नाम से चर्चित उस दर में प्रतिशत 0.25 अंक की वृद्धि की उम्मीद है जिस पर केंद्रीय बैंक वाणिज्यिक बैंकों को नकदी की फौरी जरूरत के लिए अल्पकालिक उधार देता है। रिजर्व बैंक द्वारा महत्वपूर्ण नीतिगत ब्याज दरों में वृद्धि से बैंकों के लिए कारोबार की लागत बढ़ेगी और इससे आवास, कार और कारपोरेट सभी तरह के बैंक ऋण और महंगे होने का अनुमान है। रिजर्व बैंक द्वारा पिछले तीन माह में यह ब्याज दरों में तीसरी वृद्धि है। मार्च, 2010 से केंद्रीय बैंक नीतिगत दरों में 11 बार बढ़ोतरी कर चुका है। रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष के अंत तक अपनी महंगाई दर के अनुमान को भी बढ़ाकर 7 प्रतिशत कर दिया है। पूर्व में केंद्रीय बैंक ने वित्त वर्ष के अंत तक मुद्रास्फीति के 6 प्रतिशत के स्तर पर रहने का अनुमान लगाया था।  इस ताजा वृद्धि के बाद लघु अवधि की ऋण दर रेपो रेट 7.50 से बढ़कर 8 प्रतिशत हो गई है। वहीं इसके साथ ही वाणिज्यिक बैंकों को उनकी लघु अवधि की जमा पर दी जाने वाली ब्याज दर (रिवर्स रेपो रेट) 6.50 प्रतिशत से 7 प्रतिशत हो गई है। केंद्रीय बैंक ने नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) को 6 प्रतिशत पर कायम रखा है। रिजर्व बैंक के गवर्नर डी सुब्बाराव ने मौद्रिक नीति की तिमाही समीक्षा की घोषणा करते हुए कहा, कुछ गिरावट के बावजूद अब भी भी मुद्रास्फीति का तगड़ा दबाव स्पष्ट है। वृहद आर्थिक परिप्रेक्ष्य में महंगाई सबसे बड़ी चिंता बनी हुई है। इसके आधार पर रेपो दर को तत्काल प्रभाव से आधा प्रतिशत बढ़ाकर 8 प्रतिशत कर दिया गया है। महंगाई की दर इस समय 9 प्रतिशत से ऊपर चल रही है। केंद्रीय बैंक द्वारा ब्याज दरों में आधा प्रतिशत की बढ़ोतरी उम्मीद के विपरीत है। माना जा रहा था कि रिजर्व बैंक ब्याज दरों में चौथाई फीसद की ही वृद्धि करेगा। ब्याज दरों में बढ़ोतरी की घोषणा के बाद बंबई शेयर बाजार के सेंसेक्स में 300 अंक की जोरदार गिरावट आई और यह 18,570 अंक के स्तर पर आ गया।  भारतीय रिजर्व बैंक ने इस तथ्य को स्वीकार किया है कि मांग तथा मध्यम अवधि में मुद्रास्फीतिकारी संभावनाओं पर अंकुश के लिए उसने पूर्व में जो फैसले किए हैं उससे निकट भविष्य में आर्थिक वृद्धि दर प्रभावित होगी। बैंकरों का कहना है कि केन्द्रीय बैंक द्वारा नीतिगत दरों में की गई वृद्धि का असर निश्चित रूप से ब्याज दरों पर पड़ेगा। ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स के कार्यकारी निदेशक एससी सिन्हा ने कहा, यह वृद्धि उम्मीद से कहीं अधिक है। इससे कर्ज आधा प्रतिशत तक महंगा हो जाएगा। रिजर्व बैंक ने 3 मई को मौद्रिक नीति की सालाना समीक्षा में नीतिगत दरों में 0.50 प्रतिशत की वृद्धि की थी। इसके बाद जून में मध्य तिमाही समीक्षा में ब्याज दरों में 0.25 प्रतिशत की और वृद्धि की गई। केन्द्रीय बैंक ने महंगाई की दर के अपने अनुमान को बढ़ाकर 6 से 7 प्रतिशत कर दिया है। सुब्बाराव ने कहा कि इस रुख में बदलाव महंगाई की स्थिति पर निर्भर करेगा। उल्लेखनीय है कि इससे पहले केंद्रीय बैंक महंगाई दर के अपने अनुमान को लेकर आलोचना झेल चुका है। यही वजह है कि रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष के लिये महंगाई के अनुमान को संशोधित कर इसके मार्च, 2012 तक 7 फीसद रहने का नया अनुमान व्यक्त किया है। इससे पहले इसके छह प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया था। रिजर्व बैंक ने हालांकि, वृद्धि दर में कमी की बात को स्वीकार किया है, पर उसने चालू वित्त वर्ष के लिए आर्थिक वृद्धि दर के 8 प्रतिशत के अनुमान में बदलाव नहीं किया है। सुब्बाराव ने हालांकि संकेत दिया कि वैश्विक स्तर पर जिंसों के दाम, अनिश्चित वृहद आर्थिक वातावरण और ईंधन का सब्सिडी बिल बढ़ने से राजकोषीय घाटे को 4.6 प्रतिशत पर रखने में केंद्र की अक्षमता जैसे कारणों से वृद्धि दर के नीचे आने का जोखिम बना हुआ है।
संक्षिप्त सारांश: भारतीय रिजर्व बैंक ने अड़ियल महंगाई पर अंकुश लगाने के लिए अपनी अल्पकालिक नीतिगत ब्याज दरों में प्रतिशत 0.50 अंक की वृद्धि कर दी
10
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: वैश्विक तेजी के बीच त्योहारी सीजन के मद्देनजर स्टॉकिस्टों और आभूषण निर्माताओं की भारी लिवाली के चलते दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने और चांदी में लगातार तीसरे दिन तेजी का रुख जारी रहा। सोने के भाव 335 रुपये चढ़कर 28,855 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी के भाव 365 रुपये की तेजी के साथ 42,750 रुपये किलो तक जा पहुंचे। बाजार सूत्रों के अनुसार त्योहारी मांग को पूरा करने के लिए स्टॉकिस्टों और आभूषण निर्माताओं की भारी लिवाली के चलते सोने, चांदी की कीमतों में उछाल आया।टिप्पणियां उन्होंने बताया कि विदेशों में आई तेजी का असर भी बाजार धारणा पर पड़ा। न्यूयॉर्क में सोने के भाव 0.2 प्रतिशत की तेजी के साथ 1312.20 डॉलर प्रति औंस और चांदी के भाव 1.1 प्रतिशत चढ़कर 20.40 डॉलर प्रति औंस हो गए। घरेलू बाजार में सोना 99.9 और 99.5 शुद्ध के भाव 335 रुपये की तेजी के साथ क्रमश: 28,855 रुपये और 28,655 रुपये प्रति 10 ग्राम बंद हुए। गिन्नी के भाव पूर्वस्तर 24,400 रुपये प्रति आठ ग्राम अपरिवर्तित बंद हुए। चांदी तैयार के भाव 365 रुपये की तेजी के साथ 42,750 रुपये और चांदी साप्ताहिक डिलीवरी के भाव 465 रुपये चढ़कर 42,700 रुपये किलो बंद हुए। सोने के भाव 335 रुपये चढ़कर 28,855 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी के भाव 365 रुपये की तेजी के साथ 42,750 रुपये किलो तक जा पहुंचे। बाजार सूत्रों के अनुसार त्योहारी मांग को पूरा करने के लिए स्टॉकिस्टों और आभूषण निर्माताओं की भारी लिवाली के चलते सोने, चांदी की कीमतों में उछाल आया।टिप्पणियां उन्होंने बताया कि विदेशों में आई तेजी का असर भी बाजार धारणा पर पड़ा। न्यूयॉर्क में सोने के भाव 0.2 प्रतिशत की तेजी के साथ 1312.20 डॉलर प्रति औंस और चांदी के भाव 1.1 प्रतिशत चढ़कर 20.40 डॉलर प्रति औंस हो गए। घरेलू बाजार में सोना 99.9 और 99.5 शुद्ध के भाव 335 रुपये की तेजी के साथ क्रमश: 28,855 रुपये और 28,655 रुपये प्रति 10 ग्राम बंद हुए। गिन्नी के भाव पूर्वस्तर 24,400 रुपये प्रति आठ ग्राम अपरिवर्तित बंद हुए। चांदी तैयार के भाव 365 रुपये की तेजी के साथ 42,750 रुपये और चांदी साप्ताहिक डिलीवरी के भाव 465 रुपये चढ़कर 42,700 रुपये किलो बंद हुए। उन्होंने बताया कि विदेशों में आई तेजी का असर भी बाजार धारणा पर पड़ा। न्यूयॉर्क में सोने के भाव 0.2 प्रतिशत की तेजी के साथ 1312.20 डॉलर प्रति औंस और चांदी के भाव 1.1 प्रतिशत चढ़कर 20.40 डॉलर प्रति औंस हो गए। घरेलू बाजार में सोना 99.9 और 99.5 शुद्ध के भाव 335 रुपये की तेजी के साथ क्रमश: 28,855 रुपये और 28,655 रुपये प्रति 10 ग्राम बंद हुए। गिन्नी के भाव पूर्वस्तर 24,400 रुपये प्रति आठ ग्राम अपरिवर्तित बंद हुए। चांदी तैयार के भाव 365 रुपये की तेजी के साथ 42,750 रुपये और चांदी साप्ताहिक डिलीवरी के भाव 465 रुपये चढ़कर 42,700 रुपये किलो बंद हुए। चांदी तैयार के भाव 365 रुपये की तेजी के साथ 42,750 रुपये और चांदी साप्ताहिक डिलीवरी के भाव 465 रुपये चढ़कर 42,700 रुपये किलो बंद हुए।
संक्षिप्त सारांश: वैश्विक तेजी के बीच त्योहारी सीजन के मद्देनजर स्टॉकिस्टों और आभूषण निर्माताओं की भारी लिवाली के चलते दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने और चांदी में लगातार तीसरे दिन तेजी का रुख जारी रहा।
0
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: राजीव चौक मेट्रो स्टेशन पर बुधवार को एक मेट्रो ट्रेन के आखिरी कोच की एयरकंडीशनिग नलियों से धुआं निकलता देखे जाने के बाद ट्रेन को खाली करा लिया गया. दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) के एक अधिकारी के अनुसार, पीली लाइन पर समयपुर बादली की ओर जा रहे ट्रेन के अंतिम कोच की एयर कंडीशन नलिका से सुबह 10.17 बजे धुआं निकलते देखा गया, जिसके बाद ट्रेन को खाली करा लिया गया. उन्होंने कहा, "इस ट्रेन को राजीव चौक स्टेशन पर खाली कराया गया और यात्रियों को दूसरी ट्रेन में बैठाया दिया गया."टिप्पणियां अधिकारी ने इसे 'मामूली घटना' करार दिया. साथ ही कहा कि ट्रेन को जांच व विश्लेषण के लिए डिपो में भेजा गया है. इस घटना से मेट्रो सेवाएं प्रभावित नहीं हुईं.   (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा, "इस ट्रेन को राजीव चौक स्टेशन पर खाली कराया गया और यात्रियों को दूसरी ट्रेन में बैठाया दिया गया."टिप्पणियां अधिकारी ने इसे 'मामूली घटना' करार दिया. साथ ही कहा कि ट्रेन को जांच व विश्लेषण के लिए डिपो में भेजा गया है. इस घटना से मेट्रो सेवाएं प्रभावित नहीं हुईं.   (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) अधिकारी ने इसे 'मामूली घटना' करार दिया. साथ ही कहा कि ट्रेन को जांच व विश्लेषण के लिए डिपो में भेजा गया है. इस घटना से मेट्रो सेवाएं प्रभावित नहीं हुईं.   (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: एसी की पाइप लाइन से निकला धुआं राजीव चौक स्टेशन पर खाली कराई गई ट्रेन यात्रियों को दूसरी ट्रेन से भेजा गया
25
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तरी गुजरात में बयाड तालुका के देराई गांव में पंचायत चुनाव के उम्मीदवार को इस बात का यकीन दिलाने के लिए 15 लोगों ने अपने हाथ खौलते तेल में हाथ डाल दिए, कि उन्होंने उसी के पक्ष में वोट डाले थे। गिरीश परमार नाम के इस हारे हुए प्रत्याशी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। बयाड तालुका के देराई गांव में हुई इस घटना के बारे में जिले के एसपी चिराग कोराडिया ने कहा कि चुनाव में हारे अपने जाति के प्रत्याशी के प्रति वफादारी साबित करने के लिए इन लोगों ने खौलते तेल में हाथ डाला था। हमने प्रत्याशी के खिलाफ शिकायत दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया है, लेकिन जख्मी लोगों में से कोई उसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के लिए आगे नहीं आया है। गिरीश परमार नाम के इस हारे हुए प्रत्याशी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। बयाड तालुका के देराई गांव में हुई इस घटना के बारे में जिले के एसपी चिराग कोराडिया ने कहा कि चुनाव में हारे अपने जाति के प्रत्याशी के प्रति वफादारी साबित करने के लिए इन लोगों ने खौलते तेल में हाथ डाला था। हमने प्रत्याशी के खिलाफ शिकायत दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया है, लेकिन जख्मी लोगों में से कोई उसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के लिए आगे नहीं आया है।
सारांश: उत्तरी गुजरात में बयाड तालुका के देराई गांव में पंचायत चुनाव के उम्मीदवार को इस बात का यकीन दिलाने के लिए 15 लोगों ने अपने हाथ खौलते तेल में हाथ डाल दिए, कि उन्होंने उसी के पक्ष में वोट डाले थे।
31
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: लंदन ओलिंपिक में पदक जीतने वाले निशानेबाज विजय कुमार और पहलवान योगेश्वर दत्त के नाम की संयुक्त सिफारिश देश के सर्वोच्च खेल सम्मान राजीव गांधी खेल रत्न के लिए की गई है। लंदन ओलिंपिक में 25 मीटर रैपिड फायर स्पर्धा का रजत पदक जीतने वाले पिस्टल निशानेबाज विजय और कुश्ती में 60 किग्रा फ्रीस्टाइल वर्ग का कांस्य पदक जीतने वाले योगेश्वर के नाम का चयन एथेंस ओलिंपिक के रजत पदक विजेता निशानेबाज राज्यवर्धन सिंह राठौड़ की अगुआई वाली अर्जुन पुरस्कार और खेल रत्न समिति ने किया। कैंसर के बाद वापसी की तैयारियों में जुटे क्रिकेटर युवराज सिंह उन 25 खिलाड़ियों में शामिल हैं जिन्हें अर्जुन पुरस्कार के लिए नामित किया गया है। खेल मंत्रालय के अगले कुछ दिनों में अंतिम सूची की घोषणा करने की उम्मीद है। टिप्पणियां आम तौर पर मंत्रालय समिति द्वारा सिफारिश किए गए नामों की सूची को स्वीकार कर लेता है। विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक हॉकी मिडफील्डर सरदार सिंह, पहलवान गीता फोगाट और नरसिंह यादव, निशानेबाज अनु राज सिंह और ओंकार सिंह, बैडमिंटन खिलाड़ी पी कश्यप और अश्विनी पोनप्पा, तीरंदाज दीपिका कुमारी और बोम्बायला देवी अर्जुन पुरस्कार विजेता खिलाड़ियों में शामिल हैं। लंदन ओलिंपिक में 25 मीटर रैपिड फायर स्पर्धा का रजत पदक जीतने वाले पिस्टल निशानेबाज विजय और कुश्ती में 60 किग्रा फ्रीस्टाइल वर्ग का कांस्य पदक जीतने वाले योगेश्वर के नाम का चयन एथेंस ओलिंपिक के रजत पदक विजेता निशानेबाज राज्यवर्धन सिंह राठौड़ की अगुआई वाली अर्जुन पुरस्कार और खेल रत्न समिति ने किया। कैंसर के बाद वापसी की तैयारियों में जुटे क्रिकेटर युवराज सिंह उन 25 खिलाड़ियों में शामिल हैं जिन्हें अर्जुन पुरस्कार के लिए नामित किया गया है। खेल मंत्रालय के अगले कुछ दिनों में अंतिम सूची की घोषणा करने की उम्मीद है। टिप्पणियां आम तौर पर मंत्रालय समिति द्वारा सिफारिश किए गए नामों की सूची को स्वीकार कर लेता है। विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक हॉकी मिडफील्डर सरदार सिंह, पहलवान गीता फोगाट और नरसिंह यादव, निशानेबाज अनु राज सिंह और ओंकार सिंह, बैडमिंटन खिलाड़ी पी कश्यप और अश्विनी पोनप्पा, तीरंदाज दीपिका कुमारी और बोम्बायला देवी अर्जुन पुरस्कार विजेता खिलाड़ियों में शामिल हैं। कैंसर के बाद वापसी की तैयारियों में जुटे क्रिकेटर युवराज सिंह उन 25 खिलाड़ियों में शामिल हैं जिन्हें अर्जुन पुरस्कार के लिए नामित किया गया है। खेल मंत्रालय के अगले कुछ दिनों में अंतिम सूची की घोषणा करने की उम्मीद है। टिप्पणियां आम तौर पर मंत्रालय समिति द्वारा सिफारिश किए गए नामों की सूची को स्वीकार कर लेता है। विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक हॉकी मिडफील्डर सरदार सिंह, पहलवान गीता फोगाट और नरसिंह यादव, निशानेबाज अनु राज सिंह और ओंकार सिंह, बैडमिंटन खिलाड़ी पी कश्यप और अश्विनी पोनप्पा, तीरंदाज दीपिका कुमारी और बोम्बायला देवी अर्जुन पुरस्कार विजेता खिलाड़ियों में शामिल हैं। खेल मंत्रालय के अगले कुछ दिनों में अंतिम सूची की घोषणा करने की उम्मीद है। टिप्पणियां आम तौर पर मंत्रालय समिति द्वारा सिफारिश किए गए नामों की सूची को स्वीकार कर लेता है। विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक हॉकी मिडफील्डर सरदार सिंह, पहलवान गीता फोगाट और नरसिंह यादव, निशानेबाज अनु राज सिंह और ओंकार सिंह, बैडमिंटन खिलाड़ी पी कश्यप और अश्विनी पोनप्पा, तीरंदाज दीपिका कुमारी और बोम्बायला देवी अर्जुन पुरस्कार विजेता खिलाड़ियों में शामिल हैं। आम तौर पर मंत्रालय समिति द्वारा सिफारिश किए गए नामों की सूची को स्वीकार कर लेता है। विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक हॉकी मिडफील्डर सरदार सिंह, पहलवान गीता फोगाट और नरसिंह यादव, निशानेबाज अनु राज सिंह और ओंकार सिंह, बैडमिंटन खिलाड़ी पी कश्यप और अश्विनी पोनप्पा, तीरंदाज दीपिका कुमारी और बोम्बायला देवी अर्जुन पुरस्कार विजेता खिलाड़ियों में शामिल हैं। विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक हॉकी मिडफील्डर सरदार सिंह, पहलवान गीता फोगाट और नरसिंह यादव, निशानेबाज अनु राज सिंह और ओंकार सिंह, बैडमिंटन खिलाड़ी पी कश्यप और अश्विनी पोनप्पा, तीरंदाज दीपिका कुमारी और बोम्बायला देवी अर्जुन पुरस्कार विजेता खिलाड़ियों में शामिल हैं।
यह एक सारांश है: लंदन ओलिंपिक में पदक जीतने वाले निशानेबाज विजय कुमार और पहलवान योगेश्वर दत्त के नाम की संयुक्त सिफारिश देश के सर्वोच्च खेल सम्मान राजीव गांधी खेल रत्न के लिए की गई है।
2
['hin']
एक सारांश बनाओ: भारत की स्टार खिलाड़ी सानिया मिर्जा और अमेरिका की उनकी जोड़ीदार बेथानी माटेक सैंड्स ने पहला सेट हारने के बाद जोरदार वापसी करते हुए लारेन डेविस और मेगान मोल्टन लेवी की अमेरिकी जोड़ी को हराकर फ्रेंच ओपन टेनिस टूर्नामेंट के महिला युगल के तीसरे दौर में प्रवेश किया। भारत और अमेरिका की सातवीं वरीय जोड़ी ने एक घंटे और 41 मिनट चले मुकाबले में विरोधी जोड़ी को 1-6, 6-3, 6-0 से हराया। सानिया और बेथानी अगले दौर में रूस की अनास्तासिया पावलुचेनकोवा और चेक गणराज्य की लूसी सफारोवा की 11वीं वरीय जोड़ी से भिड़ेंगी। सानिया और बेथानी की शुरुआत काफी खराब रही और इस जोड़ी ने पहले सेट में तीन बार अपनी सर्विस गंवाई जिससे विरोधी जोड़ी ने सिर्फ 34 मिनट में पहला सेट अपने नाम कर किया।टिप्पणियां भारत और अमेरिका की जोड़ी ने दूसरे सेट में जोरदार वापसी की और तीन बार अमेरिकी जोड़ी की सर्विस ब्रेक की। सानिया और बेथानी ने एक बार अपनी सर्विस भी गंवाई लेकिन इसके बावजूद उन्हें सेट जीतकर मुकाबला 1-1 से बराबर करने में कोई दिक्कत नहीं हुई। सानिया और बेथानी ने अंतिम और निर्णायक सेट में जबर्दस्त खेल दिखाते हुए तीन बार विरोधी जोड़ी की सर्विस तोड़कर सिर्फ 27 मिनट में सेट जीतते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया। भारत और अमेरिका की सातवीं वरीय जोड़ी ने एक घंटे और 41 मिनट चले मुकाबले में विरोधी जोड़ी को 1-6, 6-3, 6-0 से हराया। सानिया और बेथानी अगले दौर में रूस की अनास्तासिया पावलुचेनकोवा और चेक गणराज्य की लूसी सफारोवा की 11वीं वरीय जोड़ी से भिड़ेंगी। सानिया और बेथानी की शुरुआत काफी खराब रही और इस जोड़ी ने पहले सेट में तीन बार अपनी सर्विस गंवाई जिससे विरोधी जोड़ी ने सिर्फ 34 मिनट में पहला सेट अपने नाम कर किया।टिप्पणियां भारत और अमेरिका की जोड़ी ने दूसरे सेट में जोरदार वापसी की और तीन बार अमेरिकी जोड़ी की सर्विस ब्रेक की। सानिया और बेथानी ने एक बार अपनी सर्विस भी गंवाई लेकिन इसके बावजूद उन्हें सेट जीतकर मुकाबला 1-1 से बराबर करने में कोई दिक्कत नहीं हुई। सानिया और बेथानी ने अंतिम और निर्णायक सेट में जबर्दस्त खेल दिखाते हुए तीन बार विरोधी जोड़ी की सर्विस तोड़कर सिर्फ 27 मिनट में सेट जीतते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया। सानिया और बेथानी अगले दौर में रूस की अनास्तासिया पावलुचेनकोवा और चेक गणराज्य की लूसी सफारोवा की 11वीं वरीय जोड़ी से भिड़ेंगी। सानिया और बेथानी की शुरुआत काफी खराब रही और इस जोड़ी ने पहले सेट में तीन बार अपनी सर्विस गंवाई जिससे विरोधी जोड़ी ने सिर्फ 34 मिनट में पहला सेट अपने नाम कर किया।टिप्पणियां भारत और अमेरिका की जोड़ी ने दूसरे सेट में जोरदार वापसी की और तीन बार अमेरिकी जोड़ी की सर्विस ब्रेक की। सानिया और बेथानी ने एक बार अपनी सर्विस भी गंवाई लेकिन इसके बावजूद उन्हें सेट जीतकर मुकाबला 1-1 से बराबर करने में कोई दिक्कत नहीं हुई। सानिया और बेथानी ने अंतिम और निर्णायक सेट में जबर्दस्त खेल दिखाते हुए तीन बार विरोधी जोड़ी की सर्विस तोड़कर सिर्फ 27 मिनट में सेट जीतते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया। सानिया और बेथानी की शुरुआत काफी खराब रही और इस जोड़ी ने पहले सेट में तीन बार अपनी सर्विस गंवाई जिससे विरोधी जोड़ी ने सिर्फ 34 मिनट में पहला सेट अपने नाम कर किया।टिप्पणियां भारत और अमेरिका की जोड़ी ने दूसरे सेट में जोरदार वापसी की और तीन बार अमेरिकी जोड़ी की सर्विस ब्रेक की। सानिया और बेथानी ने एक बार अपनी सर्विस भी गंवाई लेकिन इसके बावजूद उन्हें सेट जीतकर मुकाबला 1-1 से बराबर करने में कोई दिक्कत नहीं हुई। सानिया और बेथानी ने अंतिम और निर्णायक सेट में जबर्दस्त खेल दिखाते हुए तीन बार विरोधी जोड़ी की सर्विस तोड़कर सिर्फ 27 मिनट में सेट जीतते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया। भारत और अमेरिका की जोड़ी ने दूसरे सेट में जोरदार वापसी की और तीन बार अमेरिकी जोड़ी की सर्विस ब्रेक की। सानिया और बेथानी ने एक बार अपनी सर्विस भी गंवाई लेकिन इसके बावजूद उन्हें सेट जीतकर मुकाबला 1-1 से बराबर करने में कोई दिक्कत नहीं हुई। सानिया और बेथानी ने अंतिम और निर्णायक सेट में जबर्दस्त खेल दिखाते हुए तीन बार विरोधी जोड़ी की सर्विस तोड़कर सिर्फ 27 मिनट में सेट जीतते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया। सानिया और बेथानी ने अंतिम और निर्णायक सेट में जबर्दस्त खेल दिखाते हुए तीन बार विरोधी जोड़ी की सर्विस तोड़कर सिर्फ 27 मिनट में सेट जीतते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया।
भारत की स्टार खिलाड़ी सानिया मिर्जा और अमेरिका की उनकी जोड़ीदार बेथानी माटेक सैंड्स ने पहला सेट हारने के बाद जोरदार वापसी करते हुए लारेन डेविस और मेगान मोल्टन लेवी की अमेरिकी जोड़ी को हराकर फ्रेंच ओपन टेनिस टूर्नामेंट के महिला युगल के तीसरे दौर में प्रवेश
26
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: सुरक्षा एजेंसियां जम्मू-कश्मीर के लद्दाख सेक्टर में हाल ही घुस आए तीन चीनी युवकों से पूछताछ में लगी हैं लेकिन एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि उन्हें वापस नहीं भेजा जाएगा। भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के प्रमुख अजय चड्ढ़ा ने बुधवार को कहा कि तीनों वापस नहीं भेजे जाएंगे और कानून अपना काम करेगा। तीनों-सलमो, अब्दुल खालिक और आदिल थोरसोंग 12 जून को हिरासत में लिए गए थे और वे फिलहाल उत्तरी लद्दाख के मार्गो चौक पर सुरक्षा एजेंसियों की हिरासत में हैं। उन्होंने जांचकर्ताओं से कहा था कि वे अपने क्षेत्र में भयंकर गरीबी से जूझ रहे हैं, और वे भारत में घुसकर पैसे कमाने के सपने देख रहे थे। इन तीनों की उम्र 18 से 23 साल के बीच है और उन्हें सुलतानच्कू के पास भारतीय सीमा में पकड़ा गया था। टिप्पणियां यह साफ नहीं हो सका कि वे कहां से भारत में घुस आए क्योंकि वास्तविक नियंत्रण के निकटस्थ रिहायशी क्षेत्र में कराकोरम के उत्तर में है। प्रशासन इस बात की संभावना पर गौर कर रहा है कि वे राकी नाला, जीवन नाला या दौलत बेग ओल्डी के उत्तर से भारत में घुसे होंगे। दौलत बेग ओल्डी इलाके में ही भारतीय और चीनी सैनिकों का 15 अप्रैल से 5 मई तक आमना-सामना हुआ था। तीनों यह स्पष्ट रूप से नहीं बता पाए कि वे कहां से भारत में घुस आए। ऐसी आशंका भी है कि ये तीनों पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में जा रहे होंगे जो यहां से इस इलाके में महज 30 किलोमीटर दूर है। भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के प्रमुख अजय चड्ढ़ा ने बुधवार को कहा कि तीनों वापस नहीं भेजे जाएंगे और कानून अपना काम करेगा। तीनों-सलमो, अब्दुल खालिक और आदिल थोरसोंग 12 जून को हिरासत में लिए गए थे और वे फिलहाल उत्तरी लद्दाख के मार्गो चौक पर सुरक्षा एजेंसियों की हिरासत में हैं। उन्होंने जांचकर्ताओं से कहा था कि वे अपने क्षेत्र में भयंकर गरीबी से जूझ रहे हैं, और वे भारत में घुसकर पैसे कमाने के सपने देख रहे थे। इन तीनों की उम्र 18 से 23 साल के बीच है और उन्हें सुलतानच्कू के पास भारतीय सीमा में पकड़ा गया था। टिप्पणियां यह साफ नहीं हो सका कि वे कहां से भारत में घुस आए क्योंकि वास्तविक नियंत्रण के निकटस्थ रिहायशी क्षेत्र में कराकोरम के उत्तर में है। प्रशासन इस बात की संभावना पर गौर कर रहा है कि वे राकी नाला, जीवन नाला या दौलत बेग ओल्डी के उत्तर से भारत में घुसे होंगे। दौलत बेग ओल्डी इलाके में ही भारतीय और चीनी सैनिकों का 15 अप्रैल से 5 मई तक आमना-सामना हुआ था। तीनों यह स्पष्ट रूप से नहीं बता पाए कि वे कहां से भारत में घुस आए। ऐसी आशंका भी है कि ये तीनों पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में जा रहे होंगे जो यहां से इस इलाके में महज 30 किलोमीटर दूर है। तीनों-सलमो, अब्दुल खालिक और आदिल थोरसोंग 12 जून को हिरासत में लिए गए थे और वे फिलहाल उत्तरी लद्दाख के मार्गो चौक पर सुरक्षा एजेंसियों की हिरासत में हैं। उन्होंने जांचकर्ताओं से कहा था कि वे अपने क्षेत्र में भयंकर गरीबी से जूझ रहे हैं, और वे भारत में घुसकर पैसे कमाने के सपने देख रहे थे। इन तीनों की उम्र 18 से 23 साल के बीच है और उन्हें सुलतानच्कू के पास भारतीय सीमा में पकड़ा गया था। टिप्पणियां यह साफ नहीं हो सका कि वे कहां से भारत में घुस आए क्योंकि वास्तविक नियंत्रण के निकटस्थ रिहायशी क्षेत्र में कराकोरम के उत्तर में है। प्रशासन इस बात की संभावना पर गौर कर रहा है कि वे राकी नाला, जीवन नाला या दौलत बेग ओल्डी के उत्तर से भारत में घुसे होंगे। दौलत बेग ओल्डी इलाके में ही भारतीय और चीनी सैनिकों का 15 अप्रैल से 5 मई तक आमना-सामना हुआ था। तीनों यह स्पष्ट रूप से नहीं बता पाए कि वे कहां से भारत में घुस आए। ऐसी आशंका भी है कि ये तीनों पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में जा रहे होंगे जो यहां से इस इलाके में महज 30 किलोमीटर दूर है। इन तीनों की उम्र 18 से 23 साल के बीच है और उन्हें सुलतानच्कू के पास भारतीय सीमा में पकड़ा गया था। टिप्पणियां यह साफ नहीं हो सका कि वे कहां से भारत में घुस आए क्योंकि वास्तविक नियंत्रण के निकटस्थ रिहायशी क्षेत्र में कराकोरम के उत्तर में है। प्रशासन इस बात की संभावना पर गौर कर रहा है कि वे राकी नाला, जीवन नाला या दौलत बेग ओल्डी के उत्तर से भारत में घुसे होंगे। दौलत बेग ओल्डी इलाके में ही भारतीय और चीनी सैनिकों का 15 अप्रैल से 5 मई तक आमना-सामना हुआ था। तीनों यह स्पष्ट रूप से नहीं बता पाए कि वे कहां से भारत में घुस आए। ऐसी आशंका भी है कि ये तीनों पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में जा रहे होंगे जो यहां से इस इलाके में महज 30 किलोमीटर दूर है। यह साफ नहीं हो सका कि वे कहां से भारत में घुस आए क्योंकि वास्तविक नियंत्रण के निकटस्थ रिहायशी क्षेत्र में कराकोरम के उत्तर में है। प्रशासन इस बात की संभावना पर गौर कर रहा है कि वे राकी नाला, जीवन नाला या दौलत बेग ओल्डी के उत्तर से भारत में घुसे होंगे। दौलत बेग ओल्डी इलाके में ही भारतीय और चीनी सैनिकों का 15 अप्रैल से 5 मई तक आमना-सामना हुआ था। तीनों यह स्पष्ट रूप से नहीं बता पाए कि वे कहां से भारत में घुस आए। ऐसी आशंका भी है कि ये तीनों पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में जा रहे होंगे जो यहां से इस इलाके में महज 30 किलोमीटर दूर है। तीनों यह स्पष्ट रूप से नहीं बता पाए कि वे कहां से भारत में घुस आए। ऐसी आशंका भी है कि ये तीनों पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में जा रहे होंगे जो यहां से इस इलाके में महज 30 किलोमीटर दूर है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सुरक्षा एजेंसियां जम्मू-कश्मीर के लद्दाख सेक्टर में हाल ही घुस आए तीन चीनी युवकों से पूछताछ में लगी हैं लेकिन एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि उन्हें वापस नहीं भेजा जाएगा।
25
['hin']
एक सारांश बनाओ: मनोहरलाल खट्टर के (Manohar Lal Khattar) परिवार का जीवन संघर्ष उनके जन्म के पहले ही शुरू हो गया था. सन 1947 में जब भारत पाकिस्तान का बंटवारा हुआ तो यह पंजाबी परिवार पाकिस्तान छोड़कर भारत आ गया. खट्टर का परिवार हरियाणा के रोहतक जिले के निंदाना गांव में बस गया. तब न तो इस परिवार के पास जमीन-जायजाद थी न ही कोई जमा पूंजी. आजीविका चलाने के लिए खट्टर के पिता और दादा ने मजदूरी की और इससे जमा की गई रकम से एक छोटी सी दुकान खोली. निंदाना गांव में ही पांच मई 1954 को मनोहर लाल खट्टर का जन्म हुआ. मनोहरलाल खट्टर के परिवार के लोग अधिक शिक्षित नहीं थे. वे उस परिवार के पहले ऐसे व्यक्ति बने जिसने दसवीं की परीक्षा पास की. यही नहीं वे उन दिनों में परिवार के साथ खेतों में काम भी करते थे और सब्जी साइकिल पर लादकर रोहतक की मंडी में ले जाते थे. उनके पिता उन्हें आगे नहीं पढ़ाना चाहते थे और खेती-बाड़ी कराना चाहते थे, लेकिन खट्टर शिक्षा जारी रखने के इच्छुक थे. उन्होंने अपनी मां से कुछ पैसा लिया और रोहतक के नेकीराम शर्मा सरकारी कॉलेज में दाखिला ले लिया. स्कूल और कॉलेज में खट्टर सभी गतिविधियों में आगे रहे और पढ़ाई में भी अव्वल रहे. वे डॉक्टर बनना चाहते थे. इस पर अपने पिता के विरोध के बावजूद उन्होंने इसके लिए कॉलेजों में आवेदन भी किए. वे जब 21 साल के थे तब उनके लिए विवाह का रिश्ता आया. परिवार चाहता था कि वे अपना घर बसा लें, लेकिन उन्हें यह मंजूर नहीं था.    मेडिकल कॉलेज में दाखिले की परीक्षा की तैयारी के लिए मनोहरलाल खट्टर (Manohar Lal Khattar) दिल्ली चले आए. उनका संघर्ष यहां भी जारी रहा. आजीविका कमाने के लिए उन्होंने ट्यूशन भी पढ़ाई. उन्होंने दिल्ली में पढ़ाई के साथ सदर बाजार में दुकान खोलने का मन बना किया. उन्होंने इसके लिए परिवार से पैसा लिया और कपड़ों की दुकान खोल ली. खट्टर ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री ली और इस दौरान अपना कारोबार भी बढ़ा लिया. उनकी कड़ी मेहनत और दृढ़ इच्छाशक्ति रंग लाई. उन्होंने न सिर्फ अपने माता-पिता से लिया गया पैसा लौटाया, बल्कि अपनी छोटी बहन की शादी भी कराई. इसके अलावा अपने दो भाई-बहन को दिल्ली बुला लिया. मनोहरलाल खट्टर ने सन 1977 में सामाजिक गतिविधियों के साथ सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की. वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) में पूर्णकालिक प्रचारक बन गए. 14 वर्ष तक संघ में सक्रिय रहने के बाद वे बीजेपी में चले आए और 1994 में हरियाणा में बीजेपी के महासचिव बनाए गए. सन 1996 में बीजेपी ने बंसीलाल के नेतृत्व वाली हरियाणा विकास पार्टी को राज्य में सरकार बनाने के लिए समर्थन दिया. बाद में जब खट्टर ने पाया कि गठबंधन पार्टी के लिए नुकसानदेह साबित हो रहा है और सरकार अलोकप्रिय हो रही है, तो उन्होंने समर्थन वापस ले लिया. हरियाणा विकास पार्टी का बाद में कांग्रेस में विलय हो गया था. बीजेपी ने इसके बाद ओमप्रकाश चौटाला को बाहर से समर्थन देने का फैसला लिया. बाद में इनेलो के साथ इस गठबंधन ने 1999 के लोकसभा चुनाव में हरियाणा की सभी 10 सीटें जीत लीं. इससे पहले सन 1998 में इस गठबंधन को दो सीटें ही मिली थीं. बीजेपी महासचिव के रूप में मनोहरलाल खट्टर (Manohar Lal Khattar) की छवि एक योग्य और सख्त प्रशासक के साथ-साथ एक ऐसे रणनीतिकार की बनी जो हरियाणा की सियासत की एक-एक रग पहचानता है. उनकी खासियत के चलते ही गुजरात में कच्छ जिले में चुनाव के प्रबंधन के लिए नरेंद्र मोदी ने खट्टर को बुलाया था. वहां बीजेपी को छह में से तीन सीटें मिली थीं. साल 2014 के लोकसभा चुनाव में खट्टर को मोदी ने वाराणसी के 50 वार्डों का प्रभारी बनाया था. सन 2014 में मनोहरलाल खट्टर ने करनाल विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से पहला चुनाव लड़ा और जीत हासिल की. पंजाबी खत्री जाति से संबंधित खट्टर ने अपने प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के सुरेंद्र सिंह नारवाल को 63,736 वोटों के भारी अंतर से हराया. इसके बाद मनोहरलाल खट्टर 26 अक्टूबर 2014 को हरियाणा के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने वाले पहले बीजेपी नेता बने. इस आरएसएस के पूर्व प्रचारक ने हरियाणा के दसवें मुख्यमंत्री के रूप में सत्ता संभाली. खट्टर को पीएम नरेंद्र मोदी ने हरियाणा में बीजेपी की पहली सरकार का नेतृत्व 2014 में सौंपा, लेकिन इससे पहले वे चार दशक तक संघ और बीजेपी की जड़ों को मजबूत बनाने के जी जान से जुटे रहे. वे हरियाणा के पहले पंजाबी मुख्यमंत्री बने और 18 साल बाद इस पद को संभालने वाले पहले गैर जाट नेता बने. मनोहरलाल खट्टर बीजेपी में सादा जीवन और साफ-सुथरी छवि वाले एक ऐसे व्यक्ति की है, जो हर काम पूरी शिद्दत से करते हैं और उतनी ही कुशलता से करवाते भी हैं. पर्दे के पीछे से पार्टी की मजबूती के लिए लगातार काम करते रहने वाले खट्टर ने बीजेपी में अक्सर अपने संगठन कौशल का लोहा मनवाया. खट्टर को 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान हरियाणा में चुनाव अभियान समिति का अध्यक्ष बनाया गया था. इससे पहले उन्हें सन 2002 में जम्मू-कश्मीर के प्रदेश चुनाव का प्रभार दिया गया था. हरियाणा के दसवें मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर (Manohar Lal Khattar) की प्रतिष्ठा राज्य के विधानसभा चुनाव में दांव पर लगी है. खट्टर उनकी पार्टी पिछली सफलता को दोहराना चाहती है और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस सत्ता में वापसी के लिए संघर्ष कर रही है.
यह एक सारांश है: परिवार के दबाव के बावजूद विवाह नहीं किया आरएसएस और बीजेपी को समर्पित किया जीवन समर्पित कार्यकर्ता और कुशल रणनीतिकार हैं खट्टर
21
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: वेलिंग्टन के बेसिन रिजर्व स्टेडियम में इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच खेला गया दूसरा टेस्ट सोमवार को बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गया। बारिश के कारण मैच के पांचवें दिन एक भी ओवर नहीं फैंका जा सका, जिसके बाद मैच ड्रॉ घोषित कर दिया गया।   फॉलोआन खेलने उतरी किवी टीम ने अपनी दूसरी पारी में 2 विकेट खोकर 162 रन बना लिए थे। अभी भी वह इंग्लिश टीम की पहली पारी के स्कोर 49 रन पीछे थे और उसके आठ विकेट अभी बाकी थे।   इससे पहले, बारिश के कारण चौथे दिन भी केवल 35 ओवर ही फैंके जा सके थे। रविवार को चौथे दिन का खेल खत्म होने तक न्यूजीलैंड ने अपनी दूसरी पारी में 2 विकेट खोकर 162 रन बनाए। केन विलियम्सन 55 और रोस टेलर 41 रन बनाकर क्रीज पर मौजूद थे। विलियम्सन और टेलर तीसरे विकेट के लिए अब तक 61 रनों की साझेदारी कर चुके थे।   चौथे दिन न्यूजीलैंड ने अपने तीसरे दिन के स्कोर 1 विकेट पर 77 रनों से आगे खेलना शुरु किया था। लंच तक न्यूजीलैंड ने 2 विकेट खोकर 162 बनाए, जिसके बाद अंतिम दो सत्रों का खेल भारी बारिश के कारण धुल गया।   इससे पहले, तीसरे दिन तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड (6/51) की घातक गेंदबाजी ने न्यूजीलैंड को फालोऑन खेलने पर मजबूर कर दिया था। न्यूजीलैंड की पहली पारी 254 रनों पर सिमट गई थी। जिसके बाद फालोऑन खेलने उतरी मेजबान टीम ने तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक अपनी दूसरी पारी में 1 विकेट खोकर 71 रन बनाए थे।।   शनिवार को तीसरे दिन इंग्लिश गेंदबाजों ने न्यूजीलैंड को दिन के खेल की शुरुआत में ही बेकफुट पर धकेल दिया था। न्यूजीलैंड के लिए सबसे ज्यादा कप्तान ब्रेंडन मैक्लम ने 94 गेंदों का सामना करते हुए 9 चौकों और 1 छक्के की मदद से 69 रनों की पारी खेली।   वहीं, ब्रेडली वाल्टिंग ने 60 रनों का योगदान दिया। मैक्लम और वाल्टिंग ने अपनी टीम की पारी को संभालते हुए छठे विकेट के लिए 100 रनों की अहम साझेदारी की। इन दोनों के अलावा विलियम्सन ने 42, हामिश रदरफोर्ड ने 23 रन बनाए थे।   इंग्लैंड ने अपनी पहली पारी में 465 रन बनाए थे। जॉनथन ट्रॉट 121, निक कॉम्पटन 100, प्रायर 82, पीटरसन ने 73 रनों की पारियां खेलीं थीं।   सीरीज़ का तीसरा और आखिरी मैच 22 मार्च से ऑकलैंड में खेला जाएगा।
संक्षिप्त सारांश: वेलिंग्टन के बेसिन रिजर्व स्टेडियम में इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच खेला गया दूसरा टेस्ट सोमवार को बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गया। बारिश के कारण मैच के पांचवें दिन एक भी ओवर नहीं फैंका जा सका, जिसके बाद मैच ड्रॉ घोषित कर दिया गया।
10
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: सूत्रों के मुताबिक टीम अन्ना के सदस्यों पर लगातार लग रहे भ्रष्टाचार के आरोपों के मद्देनजर कोर कमेटी को भंग करने का प्रस्ताव टीम की कल होने वाली बैठक में आ सकता है। सूत्रों के मुताबिक कमेटी भंग करने के बारे में फैसला खुद अन्ना हजारे लेंगे। हालांकि कल होने वाली बैठक में अन्ना शामिल नहीं हो रहे हैं। इससे पहले, अन्ना हजारे के करीबी माने जाने वाले कुमार विश्वास ने मौजूदा टीम अन्ना को भंग करने की मांग की है। कुमार विश्वास ने अन्ना को चिट्ठी लिखकर कहा है कि मौजूदा कोर कमेटी को 121 करोड़ लोगों की कोर कमेटी में बदल दिया जाए। कुमार विश्वास मौजूदा टीम अन्ना के सदस्यों को लेकर पैदा हो रहे विवादों से दुखी हैं और उनका मानना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन को भटकाने के लिए ये हमले हो रहे हैं। ऐसा करने वाले चाहते हैं कि अन्ना और उनकी टीम इन आरोपों पर सफाई देने में ही उलझी रहे। कुमार विश्वास का मानना है कि टीम अन्ना को भंग करने से भ्रष्टाचारियों को आंदोलन को भटकाने का मौका नहीं मिलेगा और आंदोलन अपने सही मकसद की ओर बढ़ सकेगा।कोर कमेटी की बैठक की पूर्व संध्या पर कुमार विश्वास ने इस संबंध में हजारे को पत्र लिखा और कहा कि सत्तारूढ़ पार्टी के नेता हजारे को निशाने बना रहे हैं और उनकी सार्वजनिक छवि और विश्वसनीयता को कलंकित करने की कोशिश कर रहे हैं। कुमार विश्वास ने लिखा, इन सब हमलों और उनकी सफाई देने से मूल मुद्दे से ध्यान हटाने का इनका षडयंत्र बलशाली होगा। ऐसा होने पर न केवल जन लोकपाल का मुद्दा प्रभावित होगा, अपितु करोड़ों भारतवासियों के उस विश्वास को भी आघात पहुंचेगा, जिसमें वे संवैधानिक, अहिंसक और शांतिपूर्ण तरीके से देश की समस्याओं का हल ढूंढते हैं। उन्होंने कहा, मैं यह निवेदन करना चाहता हूं कि आप सीमित लोगों की इस कोर कमेटी को विस्तार देकर इसे 121 करोड़ लोगों की हार्ड-कोर कमेटी में रूपांतरित कर दें। कुमार विश्वास ने हजारे से कहा, मैं पुन: आपसे निवेदन करता हूं कि इस कोर कमेटी को स्थगित कर एक नई व्यवस्था का सृजन करें, जिससे भ्रष्टाचार-मुक्त नव भारत का हम सबका सपना साकार हो सके। कुमार विश्वास का यह पत्र गाजियाबाद में कोर कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक के ठीक पहले आया है, जो टीम अन्ना के प्रमुख सदस्यों अरविंद केजरीवाल और किरण बेदी के खिलाफ लगे कई आरोपों और दो प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ताओं राजेंद्र सिंह और पीवी राजगोपाल के इस्तीफा देने की पृष्ठभूमि में हो रही है। कॉलेज में व्याख्याता और कवि कुमार विश्वास ने कहा कि भ्रष्ट ताकतों द्वारा कोर कमेटी के प्रमुख सदस्यों के खिलाफ निजी हमले इस बात का सबूत हैं कि ये लोग सशक्त लोकपाल के समर्थन में अभियान में सक्रिय रूप से शामिल लोगों को तटस्थ या आहत करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के हमले न केवल जनलोकपाल को नुकसान पहुंचाएगा, बल्कि करोड़ों भारतीयों के आत्मविश्वास को कमजोर करेगा। कुमार विश्वास ने कहा, सरकार ने कुछ भ्रामक कदम उठाने के अलावा अब तक इस मुद्दे पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। एक ओर तो माननीय प्रधानमंत्री जी पत्र लिखकर आपको आश्वस्त करते हैं कि लोकपाल की दिशा में आवश्यक कार्रवाई होगी, तो दूसरी ओर सत्ताधारी पार्टी के नेतागण आपकी और कोर कमेटी के एक एक व्यक्ति की सार्वजनिक छवि एवं विश्वसनीयता को धूमिल करने में जी-जान से जुटे हैं।(इनपुट भाषा से भी)
सूत्रों के मुताबिक टीम अन्ना की कोर कमेटी को भंग करने का प्रस्ताव टीम की शनिवार को होने वाली बैठक में आ सकता है।
1
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: कर्नाटक में पहले से संकट का सामना कर रही भारतीय जनता पार्टी को रविवार को उस समय विचित्र स्थिति का सामना करना पड़ा जब संप्रग के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी को 117 विधायकों के मत हासिल हुए जबकि भाजपा समर्थित पीए संगमा को 103 मतों से संतोष करना पड़ा। स्पष्ट है कि राज्य में प्रणब को ‘‘क्रास वोटिंग’’ का फायदा मिला। प्रणब को वैसे तो केवल 98 विधायकों के मत हासिल होने थे, जिनमें से कांग्रेस के 71 और जद-एस के 27 विधायक शामिल थे लेकिन उन्हें 19 और विधायकों का समर्थन हासिल हो गया।टिप्पणियां कर्नाटक विधानसभा में सत्ताधारी भाजपा के 119 विधायक हैं लेकिन संगमा को केवल 103 मत मिल पाये। 19 जुलाई को हुए मतदान में एक विधायक ने मतदान नहीं किया। राज्य में भाजपा की स्थिति वैसे ही असमंजस वाली है क्योंकि दो साल में उसे तीन मौकों पर मुख्यमंत्री बदलने पड़े। मुखर्जी को कर्नाटक में मिले मतों का मूल्य 15327 है जबकि संगमा के मतों का मूल्य 13493 है। गुजरात में भी भाजपा के एक विधायक ने मुखर्जी के पक्ष में मतदान किया। प्रणब को वैसे तो केवल 98 विधायकों के मत हासिल होने थे, जिनमें से कांग्रेस के 71 और जद-एस के 27 विधायक शामिल थे लेकिन उन्हें 19 और विधायकों का समर्थन हासिल हो गया।टिप्पणियां कर्नाटक विधानसभा में सत्ताधारी भाजपा के 119 विधायक हैं लेकिन संगमा को केवल 103 मत मिल पाये। 19 जुलाई को हुए मतदान में एक विधायक ने मतदान नहीं किया। राज्य में भाजपा की स्थिति वैसे ही असमंजस वाली है क्योंकि दो साल में उसे तीन मौकों पर मुख्यमंत्री बदलने पड़े। मुखर्जी को कर्नाटक में मिले मतों का मूल्य 15327 है जबकि संगमा के मतों का मूल्य 13493 है। गुजरात में भी भाजपा के एक विधायक ने मुखर्जी के पक्ष में मतदान किया। कर्नाटक विधानसभा में सत्ताधारी भाजपा के 119 विधायक हैं लेकिन संगमा को केवल 103 मत मिल पाये। 19 जुलाई को हुए मतदान में एक विधायक ने मतदान नहीं किया। राज्य में भाजपा की स्थिति वैसे ही असमंजस वाली है क्योंकि दो साल में उसे तीन मौकों पर मुख्यमंत्री बदलने पड़े। मुखर्जी को कर्नाटक में मिले मतों का मूल्य 15327 है जबकि संगमा के मतों का मूल्य 13493 है। गुजरात में भी भाजपा के एक विधायक ने मुखर्जी के पक्ष में मतदान किया। राज्य में भाजपा की स्थिति वैसे ही असमंजस वाली है क्योंकि दो साल में उसे तीन मौकों पर मुख्यमंत्री बदलने पड़े। मुखर्जी को कर्नाटक में मिले मतों का मूल्य 15327 है जबकि संगमा के मतों का मूल्य 13493 है। गुजरात में भी भाजपा के एक विधायक ने मुखर्जी के पक्ष में मतदान किया।
संक्षिप्त पाठ: राष्ट्रपति चुनाव में कर्नाटक से संप्रग के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी को 117 विधायकों के मत हासिल हुए जबकि भाजपा समर्थित पीए संगमा को 103 मतों से संतोष करना पड़ा।
27
['hin']
एक सारांश बनाओ: विश्व के तीसरी वरीयता प्राप्त स्विटजरलैंड के अनुभवी खिलाड़ी रोजर फेडरर और चेक गणराज्य के टॉमस बर्डिच मेड्रिड ओपन मास्टर्स टेनिस टूर्नामेंट के पुरुषों की एकल स्पर्धा के फाइनल में आमने-सामने होंगे।टिप्पणियां पेशेवर टेनिस संघ (एटीपी) की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, शनिवार को खेले गए पुरुषों की एकल स्पर्धा के सेमीफाइनल मुकाबले में फेडरर ने सर्बिया के जांको टिप्सारेविच को 6-2, 6-3 से पराजित किया। फेडरर ने इस मुकाबले को 67 मिनट मे अपने नाम किया। एक अन्य एकल सेमीफाइनल मुकाबले में टूर्नामेंट के छठी वरीयता प्राप्त बर्डिच ने अर्जेटीना के जुआन मार्टिन डेल पोत्रो को 7-6(5), 7-6(6) से शिकस्त दी। पेशेवर टेनिस संघ (एटीपी) की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, शनिवार को खेले गए पुरुषों की एकल स्पर्धा के सेमीफाइनल मुकाबले में फेडरर ने सर्बिया के जांको टिप्सारेविच को 6-2, 6-3 से पराजित किया। फेडरर ने इस मुकाबले को 67 मिनट मे अपने नाम किया। एक अन्य एकल सेमीफाइनल मुकाबले में टूर्नामेंट के छठी वरीयता प्राप्त बर्डिच ने अर्जेटीना के जुआन मार्टिन डेल पोत्रो को 7-6(5), 7-6(6) से शिकस्त दी। एक अन्य एकल सेमीफाइनल मुकाबले में टूर्नामेंट के छठी वरीयता प्राप्त बर्डिच ने अर्जेटीना के जुआन मार्टिन डेल पोत्रो को 7-6(5), 7-6(6) से शिकस्त दी।
संक्षिप्त सारांश: विश्व के तीसरी वरीयता प्राप्त स्विटजरलैंड के अनुभवी खिलाड़ी रोजर फेडरर और चेक गणराज्य के टॉमस बर्डिच मेड्रिड ओपन मास्टर्स टेनिस टूर्नामेंट के पुरुषों की एकल स्पर्धा के फाइनल में आमने-सामने होंगे।
8
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: मारुति सुजुकी इंडिया ने कहा है कि उसने गुजरात में दूसरा संयंत्र लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कंपनी ने राज्य में 600 एकड़ भूमि का और अधिग्रहण किया है। कंपनी राज्य में पहला संयंत्र लगाने के लिए पहले ही 4,000 करोड़ रुपये के निवेश योजना पर काम कर रही है। कंपनी ने कहा कि उसे चालू वित्त वर्ष के दौरान वाहनों की बिक्री में करीब छह प्रतिशत वृद्धि के बाद अगले वित्त वर्ष में छह-सात प्रतिशत वृद्धि की उम्मीद है। देश की सबसे बड़ी कार कंपनी ने यह भी कहा कि वह भारत में यात्री कारों की प्रीमियम श्रेणी में प्रवेश नहीं करेगी और एक छोटी कार विनिर्माता की अपनी छवि ‘बनाए’ रखेगी। मारुति सुजुकी इंडिया के चेयरमैन आरसी भार्गव ने बताया, गुजरात में दो स्थानों पर हमारे पास जमीन है। पहली भूमि की पेशकश सरकार द्वारा की गई, जबकि दूसरी निजी भूमि है, जिसका अधिग्रहण सरकार की कुछ बातचीत के बाद सीधे हमने किया। उन्होंने कहा कि कंपनी ने करीब 600 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया है, जो मेहसाणा के निकट पहली भूमि से करीब 40 किलोमीटर दूर स्थित है। भार्गव ने कहा, दूसरा स्थान हमारे भावी विस्तार के लिए है। पहले संयंत्र में क्षमता पूरी होने पर हम दूसरी जगह जाएंगे। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि कंपनी दूसरे स्थान पर संयंत्र का निर्माण कब शुरू करेगी। यह पूछे जाने पर कि क्या कंपनी हरियाणा से ध्यान हटा रही है, भार्गव ने कहा, हम हरियाणा छोड़कर नहीं जा रहे हैं। राज्य में हमारे दो संयंत्र हैं और गुड़गांव व मानेसर में क्षमता का पूर्ण इस्तेमाल करने के बाद हम गुजरात जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी गुजरात संयंत्र के लिए भूमि पूजन अगले साल की शुरुआत में करेगी। मारुति सुजुकी इंडिया ने गुजरात में 700 एकड़ भूमि पर एक संयंत्र लगाने की घोषणा इस साल की शुरुआत में की थी जिसमें वह 4,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इसके अलावा, कंपनी को कल.पुर्जे की आपूर्ति करने वाली कंपनियों द्वारा भी अपने संयंत्रों की स्थापना पर इतना ही निवेश किए जाने की संभावना है। पहले चरण में संयंत्र की क्षमता सालाना ढाई लाख कारों की होगी।टिप्पणियां देश में कार बाजार की वृद्धि के बारे में भार्गव ने कहा चालू वित्त वर्ष के दौरान वृद्धि 6 प्रतिशत रहने की उम्मीद है और अगले वित्त वर्ष में भी इसके इसी के आसपास रहने की संभावना है। कारों के निर्यात के बारे में पूछे जाने पर कंपनी के प्रबंध निदेशक और सीईओ शिंजो नाकानिशी ने कहा कि यूरोपीय बाजारों में गिरावट के चलते इसमें मुश्किलें आ रही हैं। पिछले साल हमने कुल 1.27 लाख कारों का निर्यात किया, जबकि इस साल यह कुछ कम रहने की आशंका है। यूरोप में मंदी है और यही हमारा बड़ा निर्यात बाजार रहा है। नाकानिशी ने कहा कि कंपनी नए निर्यात बाजारों की तलाश कर रही है। श्रीलंकाई बाजार के बारे में उन्होंने कहा कि वहां शुल्क बढ़ जाने निर्यात में 50 प्रतिशत तक गिरावट आई है। कंपनी ने कहा कि उसे चालू वित्त वर्ष के दौरान वाहनों की बिक्री में करीब छह प्रतिशत वृद्धि के बाद अगले वित्त वर्ष में छह-सात प्रतिशत वृद्धि की उम्मीद है। देश की सबसे बड़ी कार कंपनी ने यह भी कहा कि वह भारत में यात्री कारों की प्रीमियम श्रेणी में प्रवेश नहीं करेगी और एक छोटी कार विनिर्माता की अपनी छवि ‘बनाए’ रखेगी। मारुति सुजुकी इंडिया के चेयरमैन आरसी भार्गव ने बताया, गुजरात में दो स्थानों पर हमारे पास जमीन है। पहली भूमि की पेशकश सरकार द्वारा की गई, जबकि दूसरी निजी भूमि है, जिसका अधिग्रहण सरकार की कुछ बातचीत के बाद सीधे हमने किया। उन्होंने कहा कि कंपनी ने करीब 600 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया है, जो मेहसाणा के निकट पहली भूमि से करीब 40 किलोमीटर दूर स्थित है। भार्गव ने कहा, दूसरा स्थान हमारे भावी विस्तार के लिए है। पहले संयंत्र में क्षमता पूरी होने पर हम दूसरी जगह जाएंगे। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि कंपनी दूसरे स्थान पर संयंत्र का निर्माण कब शुरू करेगी। यह पूछे जाने पर कि क्या कंपनी हरियाणा से ध्यान हटा रही है, भार्गव ने कहा, हम हरियाणा छोड़कर नहीं जा रहे हैं। राज्य में हमारे दो संयंत्र हैं और गुड़गांव व मानेसर में क्षमता का पूर्ण इस्तेमाल करने के बाद हम गुजरात जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी गुजरात संयंत्र के लिए भूमि पूजन अगले साल की शुरुआत में करेगी। मारुति सुजुकी इंडिया ने गुजरात में 700 एकड़ भूमि पर एक संयंत्र लगाने की घोषणा इस साल की शुरुआत में की थी जिसमें वह 4,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इसके अलावा, कंपनी को कल.पुर्जे की आपूर्ति करने वाली कंपनियों द्वारा भी अपने संयंत्रों की स्थापना पर इतना ही निवेश किए जाने की संभावना है। पहले चरण में संयंत्र की क्षमता सालाना ढाई लाख कारों की होगी।टिप्पणियां देश में कार बाजार की वृद्धि के बारे में भार्गव ने कहा चालू वित्त वर्ष के दौरान वृद्धि 6 प्रतिशत रहने की उम्मीद है और अगले वित्त वर्ष में भी इसके इसी के आसपास रहने की संभावना है। कारों के निर्यात के बारे में पूछे जाने पर कंपनी के प्रबंध निदेशक और सीईओ शिंजो नाकानिशी ने कहा कि यूरोपीय बाजारों में गिरावट के चलते इसमें मुश्किलें आ रही हैं। पिछले साल हमने कुल 1.27 लाख कारों का निर्यात किया, जबकि इस साल यह कुछ कम रहने की आशंका है। यूरोप में मंदी है और यही हमारा बड़ा निर्यात बाजार रहा है। नाकानिशी ने कहा कि कंपनी नए निर्यात बाजारों की तलाश कर रही है। श्रीलंकाई बाजार के बारे में उन्होंने कहा कि वहां शुल्क बढ़ जाने निर्यात में 50 प्रतिशत तक गिरावट आई है। देश की सबसे बड़ी कार कंपनी ने यह भी कहा कि वह भारत में यात्री कारों की प्रीमियम श्रेणी में प्रवेश नहीं करेगी और एक छोटी कार विनिर्माता की अपनी छवि ‘बनाए’ रखेगी। मारुति सुजुकी इंडिया के चेयरमैन आरसी भार्गव ने बताया, गुजरात में दो स्थानों पर हमारे पास जमीन है। पहली भूमि की पेशकश सरकार द्वारा की गई, जबकि दूसरी निजी भूमि है, जिसका अधिग्रहण सरकार की कुछ बातचीत के बाद सीधे हमने किया। उन्होंने कहा कि कंपनी ने करीब 600 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया है, जो मेहसाणा के निकट पहली भूमि से करीब 40 किलोमीटर दूर स्थित है। भार्गव ने कहा, दूसरा स्थान हमारे भावी विस्तार के लिए है। पहले संयंत्र में क्षमता पूरी होने पर हम दूसरी जगह जाएंगे। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि कंपनी दूसरे स्थान पर संयंत्र का निर्माण कब शुरू करेगी। यह पूछे जाने पर कि क्या कंपनी हरियाणा से ध्यान हटा रही है, भार्गव ने कहा, हम हरियाणा छोड़कर नहीं जा रहे हैं। राज्य में हमारे दो संयंत्र हैं और गुड़गांव व मानेसर में क्षमता का पूर्ण इस्तेमाल करने के बाद हम गुजरात जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी गुजरात संयंत्र के लिए भूमि पूजन अगले साल की शुरुआत में करेगी। मारुति सुजुकी इंडिया ने गुजरात में 700 एकड़ भूमि पर एक संयंत्र लगाने की घोषणा इस साल की शुरुआत में की थी जिसमें वह 4,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इसके अलावा, कंपनी को कल.पुर्जे की आपूर्ति करने वाली कंपनियों द्वारा भी अपने संयंत्रों की स्थापना पर इतना ही निवेश किए जाने की संभावना है। पहले चरण में संयंत्र की क्षमता सालाना ढाई लाख कारों की होगी।टिप्पणियां देश में कार बाजार की वृद्धि के बारे में भार्गव ने कहा चालू वित्त वर्ष के दौरान वृद्धि 6 प्रतिशत रहने की उम्मीद है और अगले वित्त वर्ष में भी इसके इसी के आसपास रहने की संभावना है। कारों के निर्यात के बारे में पूछे जाने पर कंपनी के प्रबंध निदेशक और सीईओ शिंजो नाकानिशी ने कहा कि यूरोपीय बाजारों में गिरावट के चलते इसमें मुश्किलें आ रही हैं। पिछले साल हमने कुल 1.27 लाख कारों का निर्यात किया, जबकि इस साल यह कुछ कम रहने की आशंका है। यूरोप में मंदी है और यही हमारा बड़ा निर्यात बाजार रहा है। नाकानिशी ने कहा कि कंपनी नए निर्यात बाजारों की तलाश कर रही है। श्रीलंकाई बाजार के बारे में उन्होंने कहा कि वहां शुल्क बढ़ जाने निर्यात में 50 प्रतिशत तक गिरावट आई है। मारुति सुजुकी इंडिया के चेयरमैन आरसी भार्गव ने बताया, गुजरात में दो स्थानों पर हमारे पास जमीन है। पहली भूमि की पेशकश सरकार द्वारा की गई, जबकि दूसरी निजी भूमि है, जिसका अधिग्रहण सरकार की कुछ बातचीत के बाद सीधे हमने किया। उन्होंने कहा कि कंपनी ने करीब 600 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया है, जो मेहसाणा के निकट पहली भूमि से करीब 40 किलोमीटर दूर स्थित है। भार्गव ने कहा, दूसरा स्थान हमारे भावी विस्तार के लिए है। पहले संयंत्र में क्षमता पूरी होने पर हम दूसरी जगह जाएंगे। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि कंपनी दूसरे स्थान पर संयंत्र का निर्माण कब शुरू करेगी। यह पूछे जाने पर कि क्या कंपनी हरियाणा से ध्यान हटा रही है, भार्गव ने कहा, हम हरियाणा छोड़कर नहीं जा रहे हैं। राज्य में हमारे दो संयंत्र हैं और गुड़गांव व मानेसर में क्षमता का पूर्ण इस्तेमाल करने के बाद हम गुजरात जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी गुजरात संयंत्र के लिए भूमि पूजन अगले साल की शुरुआत में करेगी। मारुति सुजुकी इंडिया ने गुजरात में 700 एकड़ भूमि पर एक संयंत्र लगाने की घोषणा इस साल की शुरुआत में की थी जिसमें वह 4,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इसके अलावा, कंपनी को कल.पुर्जे की आपूर्ति करने वाली कंपनियों द्वारा भी अपने संयंत्रों की स्थापना पर इतना ही निवेश किए जाने की संभावना है। पहले चरण में संयंत्र की क्षमता सालाना ढाई लाख कारों की होगी।टिप्पणियां देश में कार बाजार की वृद्धि के बारे में भार्गव ने कहा चालू वित्त वर्ष के दौरान वृद्धि 6 प्रतिशत रहने की उम्मीद है और अगले वित्त वर्ष में भी इसके इसी के आसपास रहने की संभावना है। कारों के निर्यात के बारे में पूछे जाने पर कंपनी के प्रबंध निदेशक और सीईओ शिंजो नाकानिशी ने कहा कि यूरोपीय बाजारों में गिरावट के चलते इसमें मुश्किलें आ रही हैं। पिछले साल हमने कुल 1.27 लाख कारों का निर्यात किया, जबकि इस साल यह कुछ कम रहने की आशंका है। यूरोप में मंदी है और यही हमारा बड़ा निर्यात बाजार रहा है। नाकानिशी ने कहा कि कंपनी नए निर्यात बाजारों की तलाश कर रही है। श्रीलंकाई बाजार के बारे में उन्होंने कहा कि वहां शुल्क बढ़ जाने निर्यात में 50 प्रतिशत तक गिरावट आई है। भार्गव ने कहा, दूसरा स्थान हमारे भावी विस्तार के लिए है। पहले संयंत्र में क्षमता पूरी होने पर हम दूसरी जगह जाएंगे। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि कंपनी दूसरे स्थान पर संयंत्र का निर्माण कब शुरू करेगी। यह पूछे जाने पर कि क्या कंपनी हरियाणा से ध्यान हटा रही है, भार्गव ने कहा, हम हरियाणा छोड़कर नहीं जा रहे हैं। राज्य में हमारे दो संयंत्र हैं और गुड़गांव व मानेसर में क्षमता का पूर्ण इस्तेमाल करने के बाद हम गुजरात जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी गुजरात संयंत्र के लिए भूमि पूजन अगले साल की शुरुआत में करेगी। मारुति सुजुकी इंडिया ने गुजरात में 700 एकड़ भूमि पर एक संयंत्र लगाने की घोषणा इस साल की शुरुआत में की थी जिसमें वह 4,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इसके अलावा, कंपनी को कल.पुर्जे की आपूर्ति करने वाली कंपनियों द्वारा भी अपने संयंत्रों की स्थापना पर इतना ही निवेश किए जाने की संभावना है। पहले चरण में संयंत्र की क्षमता सालाना ढाई लाख कारों की होगी।टिप्पणियां देश में कार बाजार की वृद्धि के बारे में भार्गव ने कहा चालू वित्त वर्ष के दौरान वृद्धि 6 प्रतिशत रहने की उम्मीद है और अगले वित्त वर्ष में भी इसके इसी के आसपास रहने की संभावना है। कारों के निर्यात के बारे में पूछे जाने पर कंपनी के प्रबंध निदेशक और सीईओ शिंजो नाकानिशी ने कहा कि यूरोपीय बाजारों में गिरावट के चलते इसमें मुश्किलें आ रही हैं। पिछले साल हमने कुल 1.27 लाख कारों का निर्यात किया, जबकि इस साल यह कुछ कम रहने की आशंका है। यूरोप में मंदी है और यही हमारा बड़ा निर्यात बाजार रहा है। नाकानिशी ने कहा कि कंपनी नए निर्यात बाजारों की तलाश कर रही है। श्रीलंकाई बाजार के बारे में उन्होंने कहा कि वहां शुल्क बढ़ जाने निर्यात में 50 प्रतिशत तक गिरावट आई है। यह पूछे जाने पर कि क्या कंपनी हरियाणा से ध्यान हटा रही है, भार्गव ने कहा, हम हरियाणा छोड़कर नहीं जा रहे हैं। राज्य में हमारे दो संयंत्र हैं और गुड़गांव व मानेसर में क्षमता का पूर्ण इस्तेमाल करने के बाद हम गुजरात जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी गुजरात संयंत्र के लिए भूमि पूजन अगले साल की शुरुआत में करेगी। मारुति सुजुकी इंडिया ने गुजरात में 700 एकड़ भूमि पर एक संयंत्र लगाने की घोषणा इस साल की शुरुआत में की थी जिसमें वह 4,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इसके अलावा, कंपनी को कल.पुर्जे की आपूर्ति करने वाली कंपनियों द्वारा भी अपने संयंत्रों की स्थापना पर इतना ही निवेश किए जाने की संभावना है। पहले चरण में संयंत्र की क्षमता सालाना ढाई लाख कारों की होगी।टिप्पणियां देश में कार बाजार की वृद्धि के बारे में भार्गव ने कहा चालू वित्त वर्ष के दौरान वृद्धि 6 प्रतिशत रहने की उम्मीद है और अगले वित्त वर्ष में भी इसके इसी के आसपास रहने की संभावना है। कारों के निर्यात के बारे में पूछे जाने पर कंपनी के प्रबंध निदेशक और सीईओ शिंजो नाकानिशी ने कहा कि यूरोपीय बाजारों में गिरावट के चलते इसमें मुश्किलें आ रही हैं। पिछले साल हमने कुल 1.27 लाख कारों का निर्यात किया, जबकि इस साल यह कुछ कम रहने की आशंका है। यूरोप में मंदी है और यही हमारा बड़ा निर्यात बाजार रहा है। नाकानिशी ने कहा कि कंपनी नए निर्यात बाजारों की तलाश कर रही है। श्रीलंकाई बाजार के बारे में उन्होंने कहा कि वहां शुल्क बढ़ जाने निर्यात में 50 प्रतिशत तक गिरावट आई है। इसके अलावा, कंपनी को कल.पुर्जे की आपूर्ति करने वाली कंपनियों द्वारा भी अपने संयंत्रों की स्थापना पर इतना ही निवेश किए जाने की संभावना है। पहले चरण में संयंत्र की क्षमता सालाना ढाई लाख कारों की होगी।टिप्पणियां देश में कार बाजार की वृद्धि के बारे में भार्गव ने कहा चालू वित्त वर्ष के दौरान वृद्धि 6 प्रतिशत रहने की उम्मीद है और अगले वित्त वर्ष में भी इसके इसी के आसपास रहने की संभावना है। कारों के निर्यात के बारे में पूछे जाने पर कंपनी के प्रबंध निदेशक और सीईओ शिंजो नाकानिशी ने कहा कि यूरोपीय बाजारों में गिरावट के चलते इसमें मुश्किलें आ रही हैं। पिछले साल हमने कुल 1.27 लाख कारों का निर्यात किया, जबकि इस साल यह कुछ कम रहने की आशंका है। यूरोप में मंदी है और यही हमारा बड़ा निर्यात बाजार रहा है। नाकानिशी ने कहा कि कंपनी नए निर्यात बाजारों की तलाश कर रही है। श्रीलंकाई बाजार के बारे में उन्होंने कहा कि वहां शुल्क बढ़ जाने निर्यात में 50 प्रतिशत तक गिरावट आई है। देश में कार बाजार की वृद्धि के बारे में भार्गव ने कहा चालू वित्त वर्ष के दौरान वृद्धि 6 प्रतिशत रहने की उम्मीद है और अगले वित्त वर्ष में भी इसके इसी के आसपास रहने की संभावना है। कारों के निर्यात के बारे में पूछे जाने पर कंपनी के प्रबंध निदेशक और सीईओ शिंजो नाकानिशी ने कहा कि यूरोपीय बाजारों में गिरावट के चलते इसमें मुश्किलें आ रही हैं। पिछले साल हमने कुल 1.27 लाख कारों का निर्यात किया, जबकि इस साल यह कुछ कम रहने की आशंका है। यूरोप में मंदी है और यही हमारा बड़ा निर्यात बाजार रहा है। नाकानिशी ने कहा कि कंपनी नए निर्यात बाजारों की तलाश कर रही है। श्रीलंकाई बाजार के बारे में उन्होंने कहा कि वहां शुल्क बढ़ जाने निर्यात में 50 प्रतिशत तक गिरावट आई है। कारों के निर्यात के बारे में पूछे जाने पर कंपनी के प्रबंध निदेशक और सीईओ शिंजो नाकानिशी ने कहा कि यूरोपीय बाजारों में गिरावट के चलते इसमें मुश्किलें आ रही हैं। पिछले साल हमने कुल 1.27 लाख कारों का निर्यात किया, जबकि इस साल यह कुछ कम रहने की आशंका है। यूरोप में मंदी है और यही हमारा बड़ा निर्यात बाजार रहा है। नाकानिशी ने कहा कि कंपनी नए निर्यात बाजारों की तलाश कर रही है। श्रीलंकाई बाजार के बारे में उन्होंने कहा कि वहां शुल्क बढ़ जाने निर्यात में 50 प्रतिशत तक गिरावट आई है।
संक्षिप्त पाठ: मारुति सुजुकी इंडिया ने कहा है कि उसने गुजरात में दूसरा संयंत्र लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कंपनी ने राज्य में 600 एकड़ भूमि का और अधिग्रहण किया है।
27
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: रिपब्लिकन पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने आज अपनी डेमोक्रेटिक प्रतिद्वंद्वी हिलेरी क्लिंटन और उनके साथी टिम केन पर निशाना साधते हुए कहा कि वे ’राष्ट्रपति बनने लायक नहीं दिखते’। उन्होंने दावा किया कि इनके नामांकन को लेकर आईएसआईएस जैसे दुश्मन ‘लार टपका रहे’ हैं। ट्रंप ने ट्विटर पर कहा, ‘‘ धूर्त हिलेरी और टिम केन को अभी-अभी साथ देखा। आईएसआईएस और हमारे अन्य दुश्मन लार टपका रहे हैं। वे मुझे राष्ट्रपति बनने लायक नहीं दिखते।’’ ट्रंप ने केन को नौकरी खत्म करने वाला करार दिया। उन्होंने कहा, ‘‘ टिम केन ट्रांस पैसिफिक पार्टनरशिप की सराहना करते रहे हैं और इसे मंजूर कराने के लिए कड़ी मशक्कत करते रहे हैं।’’टिप्पणियां चार दिवसीय डेमोक्रेटिक नेशनल कनवेंशन 25 जुलाई से फिलाडेल्फिया में आयोजित किया जा रहा है। ट्रंप ने कहा, ‘‘ यह मजेदार है कि डेमोक्रेट नेता अपना सम्मेलन पेनसिलवेनिया में करेंगे जहां उनके पति और उन्होंने कितनी ही नौकरियां खत्म की। मैं इन नौकरियों को वापस लाउंगा। धूर्त हिलेरी क्लिंटन ने पेनसिलवेनिया में रोजगार और विनिर्माण क्षेत्र को बर्बाद किया है।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि ‘‘केन वर्तमान में और हमेशा से बैंकों के कर्जदार रहे हैं।’’ (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) ट्रंप ने ट्विटर पर कहा, ‘‘ धूर्त हिलेरी और टिम केन को अभी-अभी साथ देखा। आईएसआईएस और हमारे अन्य दुश्मन लार टपका रहे हैं। वे मुझे राष्ट्रपति बनने लायक नहीं दिखते।’’ ट्रंप ने केन को नौकरी खत्म करने वाला करार दिया। उन्होंने कहा, ‘‘ टिम केन ट्रांस पैसिफिक पार्टनरशिप की सराहना करते रहे हैं और इसे मंजूर कराने के लिए कड़ी मशक्कत करते रहे हैं।’’टिप्पणियां चार दिवसीय डेमोक्रेटिक नेशनल कनवेंशन 25 जुलाई से फिलाडेल्फिया में आयोजित किया जा रहा है। ट्रंप ने कहा, ‘‘ यह मजेदार है कि डेमोक्रेट नेता अपना सम्मेलन पेनसिलवेनिया में करेंगे जहां उनके पति और उन्होंने कितनी ही नौकरियां खत्म की। मैं इन नौकरियों को वापस लाउंगा। धूर्त हिलेरी क्लिंटन ने पेनसिलवेनिया में रोजगार और विनिर्माण क्षेत्र को बर्बाद किया है।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि ‘‘केन वर्तमान में और हमेशा से बैंकों के कर्जदार रहे हैं।’’ (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) चार दिवसीय डेमोक्रेटिक नेशनल कनवेंशन 25 जुलाई से फिलाडेल्फिया में आयोजित किया जा रहा है। ट्रंप ने कहा, ‘‘ यह मजेदार है कि डेमोक्रेट नेता अपना सम्मेलन पेनसिलवेनिया में करेंगे जहां उनके पति और उन्होंने कितनी ही नौकरियां खत्म की। मैं इन नौकरियों को वापस लाउंगा। धूर्त हिलेरी क्लिंटन ने पेनसिलवेनिया में रोजगार और विनिर्माण क्षेत्र को बर्बाद किया है।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि ‘‘केन वर्तमान में और हमेशा से बैंकों के कर्जदार रहे हैं।’’ (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
ट्रंप ने कहा, हिलेरी व केन के नामांकन के लिए लार टपका रही आईएसआईएस ट्रांस पैसिफिक पार्टनरशिप की सराहना करते रहे हैं टिम केन हिलेरी ने पेनसिलवेनिया में रोजगार और विनिर्माण क्षेत्र को बर्बाद किया
34
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय क्रिकेट से नाता तोड़ने के तीन दिन बाद सहारा समूह ने भारतीय हॉकी के साथ नया प्रायोजन करार कर लिया है जिसके तहत अगले पांच साल तक यह कॉरपोरेट समूह राष्ट्रीय हॉकी टीमों का प्रायोजक रहेगा। करार से जुड़े उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि यह करार 2017 तक के लिए किया गया है जिसके तहत भारत की जूनियर और सीनियर टीमों का प्रायोजन शामिल होगा।टिप्पणियां उन्होंने वित्तीय ब्यौरा देने से इनकार करते हुए कहा, ‘‘ आंकड़ों का खुलासा फिलहाल नहीं किया जा सकता लेकिन यह पिछले रकम करार से दोगुने से अधिक होगी। करार पांच साल के लिए किया गया है और इसमें भारत की सीनियर पुरुष, महिला और जूनियर टीमें आएंगी।’’ इसकी औपचारिक घोषणा अगले कुछ दिन में कर दी जाएगी। सहारा और भारतीय हॉकी का करार 2011 में ही खत्म हो गया था जिसके बाद छह महीने की अतिरिक्त अवधि भी 14 जनवरी को खत्म हो गई थी। तभी से लगातार अटकलों का बाजार गर्म था। सहारा समूह 2003 में कैस्ट्रोल के पीछे हटने के बाद भारतीय हॉकी के साथ जुड़ा था। कैस्ट्रोल 2001 से भारतीय हॉकी का प्रायोजक था जिसने लागत में कटौती के लिए नाता तोड़ा। सहारा समूह के प्रमुख सुब्रत राय ने जुलाई 2003 में तत्कालीन भारतीय हॉकी महासंघ के प्रमुख केपीएस गिल के साथ आठ साल का करार किया था। सहारा समूह ने तीन दिन पहले ही भारतीय क्रिकेट और आईपीएल से नाता तोड़ते हुए पुणे वारियर्स फ्रेंचाइजी का मालिकाना हक भी छोड़ दिया था। सहारा समूह ने यह रकम दूसरे खेलों और गांवों में बुनियादी ढांचे के विकास पर खर्च करने का ऐलान किया था। ओलिंपिक क्वालीफायर की तैयारी में जुटी भारतीय हॉकी को इस घटनाक्रम से संबल मिलेगा और क्वालीफाई करने पर वित्तीय संकट से नहीं जूझना पड़ेगा। भारतीय पुरुष और महिला टीमों को 18 से 26 फरवरी तक यहां ओलिंपिक क्वालीफायर खेलने हैं। उन्होंने वित्तीय ब्यौरा देने से इनकार करते हुए कहा, ‘‘ आंकड़ों का खुलासा फिलहाल नहीं किया जा सकता लेकिन यह पिछले रकम करार से दोगुने से अधिक होगी। करार पांच साल के लिए किया गया है और इसमें भारत की सीनियर पुरुष, महिला और जूनियर टीमें आएंगी।’’ इसकी औपचारिक घोषणा अगले कुछ दिन में कर दी जाएगी। सहारा और भारतीय हॉकी का करार 2011 में ही खत्म हो गया था जिसके बाद छह महीने की अतिरिक्त अवधि भी 14 जनवरी को खत्म हो गई थी। तभी से लगातार अटकलों का बाजार गर्म था। सहारा समूह 2003 में कैस्ट्रोल के पीछे हटने के बाद भारतीय हॉकी के साथ जुड़ा था। कैस्ट्रोल 2001 से भारतीय हॉकी का प्रायोजक था जिसने लागत में कटौती के लिए नाता तोड़ा। सहारा समूह के प्रमुख सुब्रत राय ने जुलाई 2003 में तत्कालीन भारतीय हॉकी महासंघ के प्रमुख केपीएस गिल के साथ आठ साल का करार किया था। सहारा समूह ने तीन दिन पहले ही भारतीय क्रिकेट और आईपीएल से नाता तोड़ते हुए पुणे वारियर्स फ्रेंचाइजी का मालिकाना हक भी छोड़ दिया था। सहारा समूह ने यह रकम दूसरे खेलों और गांवों में बुनियादी ढांचे के विकास पर खर्च करने का ऐलान किया था। ओलिंपिक क्वालीफायर की तैयारी में जुटी भारतीय हॉकी को इस घटनाक्रम से संबल मिलेगा और क्वालीफाई करने पर वित्तीय संकट से नहीं जूझना पड़ेगा। भारतीय पुरुष और महिला टीमों को 18 से 26 फरवरी तक यहां ओलिंपिक क्वालीफायर खेलने हैं। सहारा समूह 2003 में कैस्ट्रोल के पीछे हटने के बाद भारतीय हॉकी के साथ जुड़ा था। कैस्ट्रोल 2001 से भारतीय हॉकी का प्रायोजक था जिसने लागत में कटौती के लिए नाता तोड़ा। सहारा समूह के प्रमुख सुब्रत राय ने जुलाई 2003 में तत्कालीन भारतीय हॉकी महासंघ के प्रमुख केपीएस गिल के साथ आठ साल का करार किया था। सहारा समूह ने तीन दिन पहले ही भारतीय क्रिकेट और आईपीएल से नाता तोड़ते हुए पुणे वारियर्स फ्रेंचाइजी का मालिकाना हक भी छोड़ दिया था। सहारा समूह ने यह रकम दूसरे खेलों और गांवों में बुनियादी ढांचे के विकास पर खर्च करने का ऐलान किया था। ओलिंपिक क्वालीफायर की तैयारी में जुटी भारतीय हॉकी को इस घटनाक्रम से संबल मिलेगा और क्वालीफाई करने पर वित्तीय संकट से नहीं जूझना पड़ेगा। भारतीय पुरुष और महिला टीमों को 18 से 26 फरवरी तक यहां ओलिंपिक क्वालीफायर खेलने हैं।
संक्षिप्त सारांश: सहारा इंडिया ने हॉकी इंडिया के साथ दोबारा से नाता जोड़ लिया है। सहारा भारतीय हॉकी टीम का स्पॉन्सर था और उनके साथ उनका करार 14 जनवरी को खत्म हुआ था।
23
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अगस्त माह में देश की महंगाई दर बढ़कर 9.78 फीसदी हो जो कि इससे पूर्व के माह में 9.22 फीसदी थी। महंगाई दर में हुई वृद्धि के बाद भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा प्रमुख दरों में वृद्धि करने की संभावना और प्रबल हो गई है। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा बुधवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित महंगाई दर पिछले वर्ष की समान अवधि में 8.87 फीसदी थी। जून माह की महंगाई दर को भी संशोधित किया गया है, जो पहले 9.44 फीसदी बताई गई थी, लेकिन वास्तविक दर 9.51 फीसदी है। विश्लेषकों का मानना है कि महंगाई की उच्च दर को देखते हुए रिजर्व बैंक शुक्रवार को पेश होने वाली मौद्रिक समीक्षा में प्रमुख दरों में 25 आधार अंकों की वृद्धि कर सकता है। आंकड़ों के मुताबिक समीक्षाधीन अवधि में प्राथमिक वस्तुओं का सूचकांक बढ़कर 12.58 फीसदी जबकि ईंधन और बिजली सूचकांक बढ़कर 12.84 फीसदी हो गया। विनिर्मित वस्तुओं का सूचकांक 7.79 फीसदी, जबकि खाद्यान्न सूचकांक 9.62 फीसदी दर्ज किया गया।
इससे पूर्व के माह में यह दर 9.22 फीसदी थी। महंगाई दर में वृद्धि के बाद रिजर्व बैंक द्वारा प्रमुख दरों में वृद्धि करने की संभावना और प्रबल हो गई है।
28
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने उनकी तुलना जर्मनी के तानाशाह हिटलर से की। दिग्विजय सिंह ने संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कहा कि मोदी पोस्टर और होर्डिंग के माध्यम से कभी विवेकानंद, कभी बाल गंगाधर तिलक, तो कभी सरदार वल्लभ भाई पटेल बनकर स्वयं को महिमामंडित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मोदी लोगों का ध्यान जमीनी हकीकत से हटाने के लिए ऐसा करते हैं।टिप्पणियां दिग्विजय ने कहा कि जर्मनी में हिटलर ने भी स्वयं को महिमामंडित कर सत्ता हासिल की और तानाशाह बन बैठा, जबकि मोदी भी उसी की राह पर चलने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मोदी ने अब भाजपा में अपना कद इतना बड़ा कर लिया है कि उनके दल के सभी नेताओं के कद उनके सामने बौने हो गए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा में यह स्थिति केवल नरेंद्र मोदी के साथ ही नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान और छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री रमन सिंह की भी है। उन्होंने कहा कि इन दोनों राज्यों में भी मुख्यमंत्रियों ने अपनी स्थिति ऐसी ही बना रखी है और यहां भी अन्य नेता नेपथ्य में हैं। दिग्विजय सिंह ने संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कहा कि मोदी पोस्टर और होर्डिंग के माध्यम से कभी विवेकानंद, कभी बाल गंगाधर तिलक, तो कभी सरदार वल्लभ भाई पटेल बनकर स्वयं को महिमामंडित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मोदी लोगों का ध्यान जमीनी हकीकत से हटाने के लिए ऐसा करते हैं।टिप्पणियां दिग्विजय ने कहा कि जर्मनी में हिटलर ने भी स्वयं को महिमामंडित कर सत्ता हासिल की और तानाशाह बन बैठा, जबकि मोदी भी उसी की राह पर चलने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मोदी ने अब भाजपा में अपना कद इतना बड़ा कर लिया है कि उनके दल के सभी नेताओं के कद उनके सामने बौने हो गए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा में यह स्थिति केवल नरेंद्र मोदी के साथ ही नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान और छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री रमन सिंह की भी है। उन्होंने कहा कि इन दोनों राज्यों में भी मुख्यमंत्रियों ने अपनी स्थिति ऐसी ही बना रखी है और यहां भी अन्य नेता नेपथ्य में हैं। दिग्विजय ने कहा कि जर्मनी में हिटलर ने भी स्वयं को महिमामंडित कर सत्ता हासिल की और तानाशाह बन बैठा, जबकि मोदी भी उसी की राह पर चलने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मोदी ने अब भाजपा में अपना कद इतना बड़ा कर लिया है कि उनके दल के सभी नेताओं के कद उनके सामने बौने हो गए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा में यह स्थिति केवल नरेंद्र मोदी के साथ ही नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान और छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री रमन सिंह की भी है। उन्होंने कहा कि इन दोनों राज्यों में भी मुख्यमंत्रियों ने अपनी स्थिति ऐसी ही बना रखी है और यहां भी अन्य नेता नेपथ्य में हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा में यह स्थिति केवल नरेंद्र मोदी के साथ ही नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान और छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री रमन सिंह की भी है। उन्होंने कहा कि इन दोनों राज्यों में भी मुख्यमंत्रियों ने अपनी स्थिति ऐसी ही बना रखी है और यहां भी अन्य नेता नेपथ्य में हैं।
सारांश: दिग्विजय सिंह ने कहा कि नरेंद्र मोदी पोस्टर और होर्डिंग के माध्यम से कभी विवेकानंद, कभी बाल गंगाधर तिलक, तो कभी सरदार वल्लभ भाई पटेल बनकर स्वयं को महिमामंडित कर रहे हैं।
33
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अभिनेत्री विद्या बालन डेंगू की शिकार हो गई हैं. डॉक्टरों ने विद्या को आराम करने की सलाह दी है और शुक्रवार को बीमारी की पुष्टि होने के बाद से ही उन्हें घर पर अंडर ऑब्ज़र्वेशन रखा गया है.टिप्पणियां बॉम्बे मुनिसिपल कॉर्पोरेशन (बीएमसी) ने डेंगू के फैलाव को रोकने में नाकाम होने के मामले में विद्या बालन के दो पड़ोसियों को नोटिस जारी किया है. इनमें शाहिद कपूर भी शामिल हैं. शाहिद के स्विमिंग पूल में बारिश का पानी जमा होने की वजह से वहां बड़ी मात्रा में डेंगू के मच्छरों को पैदा करने वाले किटाणु पाए गए. बताते चलें कि शाहिद और विद्या जुहु इलाके के जुहू तारा रोड स्थित प्रणीति अपार्टमेंट में रहते हैं. हाल ही में अपनी फिल्म 'कहानी 2' की शूटिंग खत्म करने के बाद विद्या बालन यूएस से भारत लौटी हैं. बॉम्बे मुनिसिपल कॉर्पोरेशन (बीएमसी) ने डेंगू के फैलाव को रोकने में नाकाम होने के मामले में विद्या बालन के दो पड़ोसियों को नोटिस जारी किया है. इनमें शाहिद कपूर भी शामिल हैं. शाहिद के स्विमिंग पूल में बारिश का पानी जमा होने की वजह से वहां बड़ी मात्रा में डेंगू के मच्छरों को पैदा करने वाले किटाणु पाए गए. बताते चलें कि शाहिद और विद्या जुहु इलाके के जुहू तारा रोड स्थित प्रणीति अपार्टमेंट में रहते हैं. हाल ही में अपनी फिल्म 'कहानी 2' की शूटिंग खत्म करने के बाद विद्या बालन यूएस से भारत लौटी हैं. बताते चलें कि शाहिद और विद्या जुहु इलाके के जुहू तारा रोड स्थित प्रणीति अपार्टमेंट में रहते हैं. हाल ही में अपनी फिल्म 'कहानी 2' की शूटिंग खत्म करने के बाद विद्या बालन यूएस से भारत लौटी हैं.
यह एक सारांश है: डॉक्टरों ने विद्या बालन को डेंगू होने की पुष्टि की है. हाल ही में यूएस से भारत लौटी हैं विद्या बालन. विद्या के पड़ोसी शाहिद कपूर को बीएमसी ने दिया नोटिस.
16
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: बॉलीवुड की कमसिन अदाकारा मल्लिका शेरावत का कहना है कि उनकी आकर्षक छवि के कारण निर्देशक उन्हें गंभीरता से नहीं लेते, जिसके चलते उनके पास कोई चुनौतीपूर्ण किरदार नहीं है। एक साक्षात्कार में मल्लिका ने कहा, "मुझे लगता है कि मेरी आकर्षक छवि के कारण गंभीर निर्देशक मुझे गंभीरता से नहीं लेते। मैं उम्मीद करती हूं कि वे मुझे गंभीरता से लेंगे और मुझे कुछ चुनौतीपूर्ण किरदार मिलेंगे।" वह कहती हैं, "इसका मतलब सिर्फ मुख्य किरदार नहीं है, बल्कि सहायक भूमिकाएं भी हो सकती हैं। लेकिन उन किरदारों में अभिनय की गुंजाइश होनी चाहिए।" बॉलीवुड की 'मर्डर' और 'प्यार के साइड इफेक्ट्स' जैसी फिल्में करने वाली मल्लिका ने हॉलीवुड की 'द मिथ' और 'हिस्स' जैसी फिल्मों में भी अदाकारी की है। मल्लिका 'द बैचलरेट इंडिया- मेरे खयालों की मल्लिका' से टीवी पर आगाज कर रही हैं। इस शो में वह अपना हमसफर ढूंढ़ेंगी। टिप्पणियां शो 7 अक्टूबर से लाइफ ओके पर प्रसारित होगा। इस बीच मल्लिका बड़े पर्दे पर 'डर्टी पॉलिटिक्स' में नजर आएंगी। यह फिल्म राजस्थान की नर्स भंवरी देवी पर आधारित है जिसकी हत्या कर दी गई थी। एक साक्षात्कार में मल्लिका ने कहा, "मुझे लगता है कि मेरी आकर्षक छवि के कारण गंभीर निर्देशक मुझे गंभीरता से नहीं लेते। मैं उम्मीद करती हूं कि वे मुझे गंभीरता से लेंगे और मुझे कुछ चुनौतीपूर्ण किरदार मिलेंगे।" वह कहती हैं, "इसका मतलब सिर्फ मुख्य किरदार नहीं है, बल्कि सहायक भूमिकाएं भी हो सकती हैं। लेकिन उन किरदारों में अभिनय की गुंजाइश होनी चाहिए।" बॉलीवुड की 'मर्डर' और 'प्यार के साइड इफेक्ट्स' जैसी फिल्में करने वाली मल्लिका ने हॉलीवुड की 'द मिथ' और 'हिस्स' जैसी फिल्मों में भी अदाकारी की है। मल्लिका 'द बैचलरेट इंडिया- मेरे खयालों की मल्लिका' से टीवी पर आगाज कर रही हैं। इस शो में वह अपना हमसफर ढूंढ़ेंगी। टिप्पणियां शो 7 अक्टूबर से लाइफ ओके पर प्रसारित होगा। इस बीच मल्लिका बड़े पर्दे पर 'डर्टी पॉलिटिक्स' में नजर आएंगी। यह फिल्म राजस्थान की नर्स भंवरी देवी पर आधारित है जिसकी हत्या कर दी गई थी। वह कहती हैं, "इसका मतलब सिर्फ मुख्य किरदार नहीं है, बल्कि सहायक भूमिकाएं भी हो सकती हैं। लेकिन उन किरदारों में अभिनय की गुंजाइश होनी चाहिए।" बॉलीवुड की 'मर्डर' और 'प्यार के साइड इफेक्ट्स' जैसी फिल्में करने वाली मल्लिका ने हॉलीवुड की 'द मिथ' और 'हिस्स' जैसी फिल्मों में भी अदाकारी की है। मल्लिका 'द बैचलरेट इंडिया- मेरे खयालों की मल्लिका' से टीवी पर आगाज कर रही हैं। इस शो में वह अपना हमसफर ढूंढ़ेंगी। टिप्पणियां शो 7 अक्टूबर से लाइफ ओके पर प्रसारित होगा। इस बीच मल्लिका बड़े पर्दे पर 'डर्टी पॉलिटिक्स' में नजर आएंगी। यह फिल्म राजस्थान की नर्स भंवरी देवी पर आधारित है जिसकी हत्या कर दी गई थी। बॉलीवुड की 'मर्डर' और 'प्यार के साइड इफेक्ट्स' जैसी फिल्में करने वाली मल्लिका ने हॉलीवुड की 'द मिथ' और 'हिस्स' जैसी फिल्मों में भी अदाकारी की है। मल्लिका 'द बैचलरेट इंडिया- मेरे खयालों की मल्लिका' से टीवी पर आगाज कर रही हैं। इस शो में वह अपना हमसफर ढूंढ़ेंगी। टिप्पणियां शो 7 अक्टूबर से लाइफ ओके पर प्रसारित होगा। इस बीच मल्लिका बड़े पर्दे पर 'डर्टी पॉलिटिक्स' में नजर आएंगी। यह फिल्म राजस्थान की नर्स भंवरी देवी पर आधारित है जिसकी हत्या कर दी गई थी। मल्लिका 'द बैचलरेट इंडिया- मेरे खयालों की मल्लिका' से टीवी पर आगाज कर रही हैं। इस शो में वह अपना हमसफर ढूंढ़ेंगी। टिप्पणियां शो 7 अक्टूबर से लाइफ ओके पर प्रसारित होगा। इस बीच मल्लिका बड़े पर्दे पर 'डर्टी पॉलिटिक्स' में नजर आएंगी। यह फिल्म राजस्थान की नर्स भंवरी देवी पर आधारित है जिसकी हत्या कर दी गई थी। शो 7 अक्टूबर से लाइफ ओके पर प्रसारित होगा। इस बीच मल्लिका बड़े पर्दे पर 'डर्टी पॉलिटिक्स' में नजर आएंगी। यह फिल्म राजस्थान की नर्स भंवरी देवी पर आधारित है जिसकी हत्या कर दी गई थी। इस बीच मल्लिका बड़े पर्दे पर 'डर्टी पॉलिटिक्स' में नजर आएंगी। यह फिल्म राजस्थान की नर्स भंवरी देवी पर आधारित है जिसकी हत्या कर दी गई थी।
यहाँ एक सारांश है:एक साक्षात्कार में मल्लिका ने कहा, "मुझे लगता है कि मेरी आकर्षक छवि के कारण गंभीर निर्देशक मुझे गंभीरता से नहीं लेते। मैं उम्मीद करती हूं कि वे मुझे गंभीरता से लेंगे और मुझे कुछ चुनौतीपूर्ण किरदार मिलेंगे।"
4
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बोइंग ने भारतीय वायुसेना को तीसरा सी-17 ग्लोबमास्टर सैन्य मालवाहक विमान सौंप दिया है। विमान कंपनी की लांग बीच प्रतिष्ठान से 20 अगस्त को भारत रवाना हुआ। बोइंग दो माह पहले ही दो सी-17 एयरलिफ्टर भेज चुकी है।टिप्पणियां इस बीच, बोइंग कंपनी ने अपने एक बयान में बताया कि वह इस साल भारतीय वायुसेना को दो और सी-17 विमान सौंपेगी, जबकि अगले साल पांच विमान सौंपे जाएंगे। वर्ष 1991 से संचालन में सी-17 एक विशाल परिवर्तनशील विमान है, जो लंबी दूरी तक भारी बोझ ले जा सकता है और उबड़ खाबड़ एवं असमतल सतहों पर उतर सकता है। दुनिया भर में मानवीय और सैन्य अभियानों में इस विमान का उपयोग होता है। इस बीच, बोइंग कंपनी ने अपने एक बयान में बताया कि वह इस साल भारतीय वायुसेना को दो और सी-17 विमान सौंपेगी, जबकि अगले साल पांच विमान सौंपे जाएंगे। वर्ष 1991 से संचालन में सी-17 एक विशाल परिवर्तनशील विमान है, जो लंबी दूरी तक भारी बोझ ले जा सकता है और उबड़ खाबड़ एवं असमतल सतहों पर उतर सकता है। दुनिया भर में मानवीय और सैन्य अभियानों में इस विमान का उपयोग होता है। वर्ष 1991 से संचालन में सी-17 एक विशाल परिवर्तनशील विमान है, जो लंबी दूरी तक भारी बोझ ले जा सकता है और उबड़ खाबड़ एवं असमतल सतहों पर उतर सकता है। दुनिया भर में मानवीय और सैन्य अभियानों में इस विमान का उपयोग होता है।
बोइंग कंपनी ने अपने एक बयान में कहा है कि वह इस साल भारतीय वायुसेना को दो और सी-17 विमान सौंपेगी, जबकि अगले साल पांच विमान सौंपे जाएंगे।
28
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: यूगांडा की राजधानी कम्पाला में रविवार को ईंधनभरे एक टैंकर में आग लग जाने के कारण कम से कम 29 लोगों की मौत हो गई है। टैंकर में आग तब लगी, जब एक कार उससे जाकर टकरा गई। बीबीसी के अनुसार, पुलिस ने कहा है कि मृतकों में कई सारे वे लोग शामिल हैं, जो कम्पाला की एक मुख्य सड़क पर घटी इस दुर्घटना के बाद वहां ईंधन लेने के लिए पहुंचे थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया है कि लगभग 20 मोटरसाइकिल सवार खाक हो गए। वे लोगों को लेकर घटना स्थल पर पहुंचे थे, ताकि वे पेट्रोल जमा कर सकें। कम्पाला, ईंधन ले जाने वाले टैंकरों के लिए एक प्रमुख पारगमन बिंदु है। ये टैंकर यहां से रवांडा, बुरुंडी और कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य के लिए जाते हैं।टिप्पणियां बताया गया है कि 20 से अधिक लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कई व्यक्ति आग बुझाने के लिए पास के एक जलाशय की ओर दौड़े। पानी में कई शव पाए गए हैं। बीबीसी के अनुसार, पुलिस ने कहा है कि मृतकों में कई सारे वे लोग शामिल हैं, जो कम्पाला की एक मुख्य सड़क पर घटी इस दुर्घटना के बाद वहां ईंधन लेने के लिए पहुंचे थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया है कि लगभग 20 मोटरसाइकिल सवार खाक हो गए। वे लोगों को लेकर घटना स्थल पर पहुंचे थे, ताकि वे पेट्रोल जमा कर सकें। कम्पाला, ईंधन ले जाने वाले टैंकरों के लिए एक प्रमुख पारगमन बिंदु है। ये टैंकर यहां से रवांडा, बुरुंडी और कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य के लिए जाते हैं।टिप्पणियां बताया गया है कि 20 से अधिक लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कई व्यक्ति आग बुझाने के लिए पास के एक जलाशय की ओर दौड़े। पानी में कई शव पाए गए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया है कि लगभग 20 मोटरसाइकिल सवार खाक हो गए। वे लोगों को लेकर घटना स्थल पर पहुंचे थे, ताकि वे पेट्रोल जमा कर सकें। कम्पाला, ईंधन ले जाने वाले टैंकरों के लिए एक प्रमुख पारगमन बिंदु है। ये टैंकर यहां से रवांडा, बुरुंडी और कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य के लिए जाते हैं।टिप्पणियां बताया गया है कि 20 से अधिक लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कई व्यक्ति आग बुझाने के लिए पास के एक जलाशय की ओर दौड़े। पानी में कई शव पाए गए हैं। कम्पाला, ईंधन ले जाने वाले टैंकरों के लिए एक प्रमुख पारगमन बिंदु है। ये टैंकर यहां से रवांडा, बुरुंडी और कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य के लिए जाते हैं।टिप्पणियां बताया गया है कि 20 से अधिक लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कई व्यक्ति आग बुझाने के लिए पास के एक जलाशय की ओर दौड़े। पानी में कई शव पाए गए हैं। बताया गया है कि 20 से अधिक लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कई व्यक्ति आग बुझाने के लिए पास के एक जलाशय की ओर दौड़े। पानी में कई शव पाए गए हैं। कई व्यक्ति आग बुझाने के लिए पास के एक जलाशय की ओर दौड़े। पानी में कई शव पाए गए हैं।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: यूगांडा की राजधानी कम्पाला में रविवार को ईंधनभरे एक टैंकर में आग लग जाने के कारण कम से कम 29 लोगों की मौत हो गई है। टैंकर में आग तब लगी, जब एक कार उससे जाकर टकरा गई।
25
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पाकिस्तानी सैन्य बलों ने हमलों को तेज करते हुए राजौरी जिले में नौशेरा सेक्टर के तीन इलाकों में नियंत्रण रेखा के पास सैन्य चौकियों एवं असैन्य इलाकों में गोलीबारी करके और मोर्टार दागकर आज एक बार फिर संघर्ष विराम का उल्लंघन किया. रक्षा प्रवक्ता कर्नल मनीष मेहता ने कहा, पाकिस्तान सैन्य बलों ने राजौरी जिले के नौशेरा के तीन इलाकों में आज सुबह पांच बजकर 15 मिनट से बिना किसी उकसावे के गोलीबारी की. उन्होंने बताया कि पाकिस्तान के सैन्य बलों ने मोर्टार बम दागे, स्वचालित हथियार एवं छोटे हथियारों से हमला किया. भारतीय बलों ने भी इसका करारा जवाब दिया. नियंत्रण रेखा पर पिछले 24 घंटों में पांच बार संघर्षविराम का उल्लंघन हुआ है. पाकिस्तानी सैनिकों ने कल चार बार संघर्ष विराम का उल्लंघन किया और पुंछ जिले में सौजियां, शाहपुर-करनी, मंडी और केजी सेक्टरों में भारी गोलीबारी की और मोर्टार दागे. इस दौरान पांच आम नागरिक घायल हो गए. एक सुरक्षा बल शिविर में तेल के कंटेनरों में गोले से आग लगने के कारण कई दुकानें जल गईं. पाकिस्तानी बलों ने दो अक्तूबर को शाम सवा सात बजे से जम्मू जिले की पल्लनवाला बेल्ट के अग्रिम क्षेत्रों में नियंत्रण रेखा के पास गोलीबारी और गोलाबारी शुरू की. पाकिस्तानी सैनिकों ने 1 अक्तूबर को नियंत्रण रेखा के पास हल्के हथियारों की गोलीबारी के बीच, भारतीय चौकियों और रिहाइशी इलाकों में मोर्टार बम, आरपीजीएस और एचएमजीएस दागे थे. उन्होंने 30 सितंबर को जम्मू जिले के अखनूर सेक्टर में पल्लनवाला, चपरियाल, समनाम इलाकों में नियंत्रण रेखा पर छोटे हथियारों से गोलीबारी की थी. पाकिस्तानी सैनिकों ने गत 29 सितंबर को भी मेंढर के बालनोई इलाके में गोलीबारी की थी. पाकिस्तानी सैन्य बलों ने पुंछ सेक्टर के सब्जियां में नियंत्रण रेखा के पास भारतीय सैन्य चौकियों पर गोलीबारी करके 28 सितंबर को भी संघर्ष विराम का उल्लंघन किया था. पाकिस्तानी बलों ने छह सितंबर को पुंछ सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास भारतीय सेना की चौकियों पर गोलीबारी की थी.टिप्पणियां उन्होंने जम्मू जिले के अखनूर सेक्टर में भी नियंत्रण रेखा के पास अग्रिम सैन्य चौकियों पर दो सितंबर को गोलीबारी करके संघर्ष विराम का उल्लंघन किया था. पिछले साल पाकिस्तान की ओर से सीमा पार की गोलीबारी की 405 घटनाएं हुई थीं, जिनमें 16 नागरिक मारे गए थे और 71 लोग घायल हो गए थे.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) रक्षा प्रवक्ता कर्नल मनीष मेहता ने कहा, पाकिस्तान सैन्य बलों ने राजौरी जिले के नौशेरा के तीन इलाकों में आज सुबह पांच बजकर 15 मिनट से बिना किसी उकसावे के गोलीबारी की. उन्होंने बताया कि पाकिस्तान के सैन्य बलों ने मोर्टार बम दागे, स्वचालित हथियार एवं छोटे हथियारों से हमला किया. भारतीय बलों ने भी इसका करारा जवाब दिया. नियंत्रण रेखा पर पिछले 24 घंटों में पांच बार संघर्षविराम का उल्लंघन हुआ है. पाकिस्तानी सैनिकों ने कल चार बार संघर्ष विराम का उल्लंघन किया और पुंछ जिले में सौजियां, शाहपुर-करनी, मंडी और केजी सेक्टरों में भारी गोलीबारी की और मोर्टार दागे. इस दौरान पांच आम नागरिक घायल हो गए. एक सुरक्षा बल शिविर में तेल के कंटेनरों में गोले से आग लगने के कारण कई दुकानें जल गईं. पाकिस्तानी बलों ने दो अक्तूबर को शाम सवा सात बजे से जम्मू जिले की पल्लनवाला बेल्ट के अग्रिम क्षेत्रों में नियंत्रण रेखा के पास गोलीबारी और गोलाबारी शुरू की. पाकिस्तानी सैनिकों ने 1 अक्तूबर को नियंत्रण रेखा के पास हल्के हथियारों की गोलीबारी के बीच, भारतीय चौकियों और रिहाइशी इलाकों में मोर्टार बम, आरपीजीएस और एचएमजीएस दागे थे. उन्होंने 30 सितंबर को जम्मू जिले के अखनूर सेक्टर में पल्लनवाला, चपरियाल, समनाम इलाकों में नियंत्रण रेखा पर छोटे हथियारों से गोलीबारी की थी. पाकिस्तानी सैनिकों ने गत 29 सितंबर को भी मेंढर के बालनोई इलाके में गोलीबारी की थी. पाकिस्तानी सैन्य बलों ने पुंछ सेक्टर के सब्जियां में नियंत्रण रेखा के पास भारतीय सैन्य चौकियों पर गोलीबारी करके 28 सितंबर को भी संघर्ष विराम का उल्लंघन किया था. पाकिस्तानी बलों ने छह सितंबर को पुंछ सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास भारतीय सेना की चौकियों पर गोलीबारी की थी.टिप्पणियां उन्होंने जम्मू जिले के अखनूर सेक्टर में भी नियंत्रण रेखा के पास अग्रिम सैन्य चौकियों पर दो सितंबर को गोलीबारी करके संघर्ष विराम का उल्लंघन किया था. पिछले साल पाकिस्तान की ओर से सीमा पार की गोलीबारी की 405 घटनाएं हुई थीं, जिनमें 16 नागरिक मारे गए थे और 71 लोग घायल हो गए थे.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) नियंत्रण रेखा पर पिछले 24 घंटों में पांच बार संघर्षविराम का उल्लंघन हुआ है. पाकिस्तानी सैनिकों ने कल चार बार संघर्ष विराम का उल्लंघन किया और पुंछ जिले में सौजियां, शाहपुर-करनी, मंडी और केजी सेक्टरों में भारी गोलीबारी की और मोर्टार दागे. इस दौरान पांच आम नागरिक घायल हो गए. एक सुरक्षा बल शिविर में तेल के कंटेनरों में गोले से आग लगने के कारण कई दुकानें जल गईं. पाकिस्तानी बलों ने दो अक्तूबर को शाम सवा सात बजे से जम्मू जिले की पल्लनवाला बेल्ट के अग्रिम क्षेत्रों में नियंत्रण रेखा के पास गोलीबारी और गोलाबारी शुरू की. पाकिस्तानी सैनिकों ने 1 अक्तूबर को नियंत्रण रेखा के पास हल्के हथियारों की गोलीबारी के बीच, भारतीय चौकियों और रिहाइशी इलाकों में मोर्टार बम, आरपीजीएस और एचएमजीएस दागे थे. उन्होंने 30 सितंबर को जम्मू जिले के अखनूर सेक्टर में पल्लनवाला, चपरियाल, समनाम इलाकों में नियंत्रण रेखा पर छोटे हथियारों से गोलीबारी की थी. पाकिस्तानी सैनिकों ने गत 29 सितंबर को भी मेंढर के बालनोई इलाके में गोलीबारी की थी. पाकिस्तानी सैन्य बलों ने पुंछ सेक्टर के सब्जियां में नियंत्रण रेखा के पास भारतीय सैन्य चौकियों पर गोलीबारी करके 28 सितंबर को भी संघर्ष विराम का उल्लंघन किया था. पाकिस्तानी बलों ने छह सितंबर को पुंछ सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास भारतीय सेना की चौकियों पर गोलीबारी की थी.टिप्पणियां उन्होंने जम्मू जिले के अखनूर सेक्टर में भी नियंत्रण रेखा के पास अग्रिम सैन्य चौकियों पर दो सितंबर को गोलीबारी करके संघर्ष विराम का उल्लंघन किया था. पिछले साल पाकिस्तान की ओर से सीमा पार की गोलीबारी की 405 घटनाएं हुई थीं, जिनमें 16 नागरिक मारे गए थे और 71 लोग घायल हो गए थे.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) एक सुरक्षा बल शिविर में तेल के कंटेनरों में गोले से आग लगने के कारण कई दुकानें जल गईं. पाकिस्तानी बलों ने दो अक्तूबर को शाम सवा सात बजे से जम्मू जिले की पल्लनवाला बेल्ट के अग्रिम क्षेत्रों में नियंत्रण रेखा के पास गोलीबारी और गोलाबारी शुरू की. पाकिस्तानी सैनिकों ने 1 अक्तूबर को नियंत्रण रेखा के पास हल्के हथियारों की गोलीबारी के बीच, भारतीय चौकियों और रिहाइशी इलाकों में मोर्टार बम, आरपीजीएस और एचएमजीएस दागे थे. उन्होंने 30 सितंबर को जम्मू जिले के अखनूर सेक्टर में पल्लनवाला, चपरियाल, समनाम इलाकों में नियंत्रण रेखा पर छोटे हथियारों से गोलीबारी की थी. पाकिस्तानी सैनिकों ने गत 29 सितंबर को भी मेंढर के बालनोई इलाके में गोलीबारी की थी. पाकिस्तानी सैन्य बलों ने पुंछ सेक्टर के सब्जियां में नियंत्रण रेखा के पास भारतीय सैन्य चौकियों पर गोलीबारी करके 28 सितंबर को भी संघर्ष विराम का उल्लंघन किया था. पाकिस्तानी बलों ने छह सितंबर को पुंछ सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास भारतीय सेना की चौकियों पर गोलीबारी की थी.टिप्पणियां उन्होंने जम्मू जिले के अखनूर सेक्टर में भी नियंत्रण रेखा के पास अग्रिम सैन्य चौकियों पर दो सितंबर को गोलीबारी करके संघर्ष विराम का उल्लंघन किया था. पिछले साल पाकिस्तान की ओर से सीमा पार की गोलीबारी की 405 घटनाएं हुई थीं, जिनमें 16 नागरिक मारे गए थे और 71 लोग घायल हो गए थे.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पाकिस्तानी सैनिकों ने 1 अक्तूबर को नियंत्रण रेखा के पास हल्के हथियारों की गोलीबारी के बीच, भारतीय चौकियों और रिहाइशी इलाकों में मोर्टार बम, आरपीजीएस और एचएमजीएस दागे थे. उन्होंने 30 सितंबर को जम्मू जिले के अखनूर सेक्टर में पल्लनवाला, चपरियाल, समनाम इलाकों में नियंत्रण रेखा पर छोटे हथियारों से गोलीबारी की थी. पाकिस्तानी सैनिकों ने गत 29 सितंबर को भी मेंढर के बालनोई इलाके में गोलीबारी की थी. पाकिस्तानी सैन्य बलों ने पुंछ सेक्टर के सब्जियां में नियंत्रण रेखा के पास भारतीय सैन्य चौकियों पर गोलीबारी करके 28 सितंबर को भी संघर्ष विराम का उल्लंघन किया था. पाकिस्तानी बलों ने छह सितंबर को पुंछ सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास भारतीय सेना की चौकियों पर गोलीबारी की थी.टिप्पणियां उन्होंने जम्मू जिले के अखनूर सेक्टर में भी नियंत्रण रेखा के पास अग्रिम सैन्य चौकियों पर दो सितंबर को गोलीबारी करके संघर्ष विराम का उल्लंघन किया था. पिछले साल पाकिस्तान की ओर से सीमा पार की गोलीबारी की 405 घटनाएं हुई थीं, जिनमें 16 नागरिक मारे गए थे और 71 लोग घायल हो गए थे.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने 30 सितंबर को जम्मू जिले के अखनूर सेक्टर में पल्लनवाला, चपरियाल, समनाम इलाकों में नियंत्रण रेखा पर छोटे हथियारों से गोलीबारी की थी. पाकिस्तानी सैनिकों ने गत 29 सितंबर को भी मेंढर के बालनोई इलाके में गोलीबारी की थी. पाकिस्तानी सैन्य बलों ने पुंछ सेक्टर के सब्जियां में नियंत्रण रेखा के पास भारतीय सैन्य चौकियों पर गोलीबारी करके 28 सितंबर को भी संघर्ष विराम का उल्लंघन किया था. पाकिस्तानी बलों ने छह सितंबर को पुंछ सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास भारतीय सेना की चौकियों पर गोलीबारी की थी.टिप्पणियां उन्होंने जम्मू जिले के अखनूर सेक्टर में भी नियंत्रण रेखा के पास अग्रिम सैन्य चौकियों पर दो सितंबर को गोलीबारी करके संघर्ष विराम का उल्लंघन किया था. पिछले साल पाकिस्तान की ओर से सीमा पार की गोलीबारी की 405 घटनाएं हुई थीं, जिनमें 16 नागरिक मारे गए थे और 71 लोग घायल हो गए थे.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पाकिस्तानी सैन्य बलों ने पुंछ सेक्टर के सब्जियां में नियंत्रण रेखा के पास भारतीय सैन्य चौकियों पर गोलीबारी करके 28 सितंबर को भी संघर्ष विराम का उल्लंघन किया था. पाकिस्तानी बलों ने छह सितंबर को पुंछ सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास भारतीय सेना की चौकियों पर गोलीबारी की थी.टिप्पणियां उन्होंने जम्मू जिले के अखनूर सेक्टर में भी नियंत्रण रेखा के पास अग्रिम सैन्य चौकियों पर दो सितंबर को गोलीबारी करके संघर्ष विराम का उल्लंघन किया था. पिछले साल पाकिस्तान की ओर से सीमा पार की गोलीबारी की 405 घटनाएं हुई थीं, जिनमें 16 नागरिक मारे गए थे और 71 लोग घायल हो गए थे.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने जम्मू जिले के अखनूर सेक्टर में भी नियंत्रण रेखा के पास अग्रिम सैन्य चौकियों पर दो सितंबर को गोलीबारी करके संघर्ष विराम का उल्लंघन किया था. पिछले साल पाकिस्तान की ओर से सीमा पार की गोलीबारी की 405 घटनाएं हुई थीं, जिनमें 16 नागरिक मारे गए थे और 71 लोग घायल हो गए थे.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त पाठ: छोटे हथियारों और मोर्टार से फायरिंग की है भारतीय सेना ने भी जवाब दिया है सोमवार को भी कई इलाकों में की गई फायरिंग
13
['hin']
एक सारांश बनाओ: बिहार के गया-पटना रेलखंड के नदौल रेलवे स्टेशन पर बुधवार रात संदिग्ध नक्सलियों ने जमकर तोड़फोड की तथा स्टेशन में आग लगा दी। इस घटना में स्टेशन के सारे कागजात जल गए और इस रेलखंड पर करीब दो घंटे तक रेल परिचालन ठप रहा। नदौल रेलवे स्टेशन के प्रबंधक राजेश कुमार ने बताया कि बुधवार रात को करीब 50-60 नक्सलियों ने नदौल स्टेशन को अपने कब्जे में ले लिया और स्टेशन में जमकर तोड़फोड की और आग लगा दी। उन्होंने बताया कि इसके बाद नक्सलियों का दल उन्हें अपने साथ ले गया और फिर जंगल में ले जाकर छोड़ दिया। इस घटना में स्टेशन में रखे सभी कागजात जल कर नष्ट हो गए। घटना के बाद इस रेलखंड पर करीब दो घंटे तक रेल परिचालन ठप रहा जिससे यात्रियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। रेल अधिकारियों के मुताबिक रेलखंड पर अब परिचालन प्रारम्भ कर दिया गया है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने बिहार में अपने पोलित ब्यूरो के सदस्य जगदीश मास्टर की गिरफ्तारी के विरोध में बिहार, झारखंड और छतीसगढ़ में बुधवार रात 12 बजे से गुरुवार की रात 12 बजे के बंद का एलान किया है।
बिहार के गया-पटना रेलखंड के नदौल रेलवे स्टेशन पर बुधवार रात संदिग्ध नक्सलियों ने जमकर तोड़फोड की तथा स्टेशन में आग लगा दी।
26
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कोबरापोस्ट स्टिंग ऑपरेशन में मनी लांड्रिंग के कथित आरोपों के बाद आयकर विभाग ने देश के निजी क्षेत्र के तीन शीर्ष बैंकों आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक और एचडीएफसी बैंक को नोटिस जारी किया है। आयकर विभाग ने कर चोरी जांच के दौरान पुष्टि के लिए दस्तावेज पेश करने को कहा है। आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि यह नोटिस आयकर अधिनियम की धारा 131 के तहत भेजा गया है। रिजर्व बैंक और वित्तीय आसूचना इकाई (एफआईयू) द्वारा हाल ही में सौंपी गई दो गोपनीय रिपोर्टों का अध्ययन करने के बाद विभाग ने ये नोटिस जारी किए हैं। आयकर की धारा 131 के तहत विभाग को खोज और साक्ष्य पेश किए जाने के अधिकार हैं। सूत्रों के अनुसार इस मामले में विभाग का उद्देश्य बैंकों द्वारा संभावित कर चोरी और प्राधिकृत व्यक्तियों की अवैध गतिविधियों से राजस्व के संभावित नुकसान की जांच करना है।टिप्पणियां सूत्रों ने बताया कि विभाग ने कोबरापोस्ट स्टिंग ऑपरेशन के बाद बैंकों द्वारा की गई आंतरिक जांच रिपोर्ट भी उसे सौंपने को कहा है। विभाग ने बैंकों से 12 महीने से अधिक अवधि के दौरान बहीखातों, जमा पूंजी की जानकारी और अन्य दस्तावेज भी सौंपने को कहा है। सूत्रों के अनुसार कुछ मामलों में बैंकों के वरिष्ठ अधिकारियों से उपस्थित रहने को कहा गया है ताकि विभाग के आकलन अधिकारियों को आवश्यकता पड़ने पर वह स्पष्टीकरण और विस्तृत जानकारी दे सकें। आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि यह नोटिस आयकर अधिनियम की धारा 131 के तहत भेजा गया है। रिजर्व बैंक और वित्तीय आसूचना इकाई (एफआईयू) द्वारा हाल ही में सौंपी गई दो गोपनीय रिपोर्टों का अध्ययन करने के बाद विभाग ने ये नोटिस जारी किए हैं। आयकर की धारा 131 के तहत विभाग को खोज और साक्ष्य पेश किए जाने के अधिकार हैं। सूत्रों के अनुसार इस मामले में विभाग का उद्देश्य बैंकों द्वारा संभावित कर चोरी और प्राधिकृत व्यक्तियों की अवैध गतिविधियों से राजस्व के संभावित नुकसान की जांच करना है।टिप्पणियां सूत्रों ने बताया कि विभाग ने कोबरापोस्ट स्टिंग ऑपरेशन के बाद बैंकों द्वारा की गई आंतरिक जांच रिपोर्ट भी उसे सौंपने को कहा है। विभाग ने बैंकों से 12 महीने से अधिक अवधि के दौरान बहीखातों, जमा पूंजी की जानकारी और अन्य दस्तावेज भी सौंपने को कहा है। सूत्रों के अनुसार कुछ मामलों में बैंकों के वरिष्ठ अधिकारियों से उपस्थित रहने को कहा गया है ताकि विभाग के आकलन अधिकारियों को आवश्यकता पड़ने पर वह स्पष्टीकरण और विस्तृत जानकारी दे सकें। सूत्रों के अनुसार इस मामले में विभाग का उद्देश्य बैंकों द्वारा संभावित कर चोरी और प्राधिकृत व्यक्तियों की अवैध गतिविधियों से राजस्व के संभावित नुकसान की जांच करना है।टिप्पणियां सूत्रों ने बताया कि विभाग ने कोबरापोस्ट स्टिंग ऑपरेशन के बाद बैंकों द्वारा की गई आंतरिक जांच रिपोर्ट भी उसे सौंपने को कहा है। विभाग ने बैंकों से 12 महीने से अधिक अवधि के दौरान बहीखातों, जमा पूंजी की जानकारी और अन्य दस्तावेज भी सौंपने को कहा है। सूत्रों के अनुसार कुछ मामलों में बैंकों के वरिष्ठ अधिकारियों से उपस्थित रहने को कहा गया है ताकि विभाग के आकलन अधिकारियों को आवश्यकता पड़ने पर वह स्पष्टीकरण और विस्तृत जानकारी दे सकें। सूत्रों ने बताया कि विभाग ने कोबरापोस्ट स्टिंग ऑपरेशन के बाद बैंकों द्वारा की गई आंतरिक जांच रिपोर्ट भी उसे सौंपने को कहा है। विभाग ने बैंकों से 12 महीने से अधिक अवधि के दौरान बहीखातों, जमा पूंजी की जानकारी और अन्य दस्तावेज भी सौंपने को कहा है। सूत्रों के अनुसार कुछ मामलों में बैंकों के वरिष्ठ अधिकारियों से उपस्थित रहने को कहा गया है ताकि विभाग के आकलन अधिकारियों को आवश्यकता पड़ने पर वह स्पष्टीकरण और विस्तृत जानकारी दे सकें। सूत्रों के अनुसार कुछ मामलों में बैंकों के वरिष्ठ अधिकारियों से उपस्थित रहने को कहा गया है ताकि विभाग के आकलन अधिकारियों को आवश्यकता पड़ने पर वह स्पष्टीकरण और विस्तृत जानकारी दे सकें।
संक्षिप्त सारांश: कोबरापोस्ट स्टिंग ऑपरेशन में मनी लांड्रिंग के कथित आरोपों के बाद आयकर विभाग ने देश के निजी क्षेत्र के तीन शीर्ष बैंकों आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक और एचडीएफसी बैंक को नोटिस जारी किया है।
23
['hin']
एक सारांश बनाओ: सऊदी अरब वहां फंसे हजारों भारतीय कामगारों का मदद करने को तैयार हो गया, जिसमें उनके नि:शुल्क भारत वापसी की व्यवस्था करने और उनका बकाया भुगतान करना शामिल है. केंद्रीय मंत्री वी. के. सिंह ने सऊदी सरकार को मानवीय संकट के बारे में जानकारी दी, जिसके बाद वहां की सरकार ने यह कदम उठाया है. विदेश राज्यमंत्री ने सऊदी अरब के श्रम मंत्री मुफरेज अल हकबानी से लंबी वार्ता की, जिन्होंने करीब सात हजार भारतीयों की मुश्किलों के तुरंत हल का वादा किया. इनमें से ज्यादातर भारतीय खाड़ी देश में आर्थिक मंदी के कारण अपनी नौकरी गंवाने के बाद शिविरों में रह रहे हैं. सऊदी सरकार नौकरी गंवाने वाले भारतीय कर्मचारियों को देश के अंदर ही दूसरी कंपनी में स्थानांतरण करने पर भी सहमत हो गई है. सिंह स्थिति का आकलन करने के लिए बुधवार को सऊदी पहुंचे और वहां फंसे भारतीय कामगारों को वापस लाने के तौर-तरीकों को अंतिम रूप दिया, जिनके पास खाने तक के पैसे नहीं बचे हैं. खबरों के मुताबिक श्रम मंत्री भारतीय कामगारों को तुरंत अपने प्रायोजक (कफाला) स्थानांतरित करने और अपने आवास बदलने की इजाजत दे दी. कफाला व्यवस्था विदेशी कामगारों पर लागू होता है, जिसके तहत अपने बॉस की अनुमति के बगैर कर्मचारी नई नौकरी नहीं बदल सकते. विके सिंह ने कहा, 'हमने भारतीय कर्मचारियों से संबंधित सभी मुद्दों पर चर्चा की. पता चला कि समस्या एक कंपनी के कारण है, जो कानून के तहत मानवीय सुविधाएं मुहैया नहीं करा रहा है.' सिंह ने हकबानी के साथ बैठक को 'काफी अच्छा' बताते हुए कहा, 'सऊदी अरब की सरकार ने अपनी खामियों का गंभीर संज्ञान लिया है और यह सुनिश्चित करने के लिए त्वरित कार्रवाई की है कि जिन शिविरों में भारतीय कामगार रह रहे हैं उन्हें मेडिकल, भोजन, साफ-सफाई जैसी सुविधाएं मुहैया कराई जाएं.'टिप्पणियां हकबानी की प्रतिक्रिया से संतुष्ट सिंह ने कहा कि वह सऊदी सरकार के आभारी हैं, जिसने 'काफी सकारात्मक कार्रवाई की और उदार हृदय दिखाया.' सिंह ने कहा कि सऊदी सरकार उन सभी भारतीयों की नि:शुल्क वापसी की व्यवस्था करेगी, जो भारत लौटना चाहते हैं और जिन कंपनियों ने उनका बकाया भुगतान नहीं किया है उनके बकाये का भुगतान भी कामगारों को किया जाएगा. सिंह ने कहा, 'वे श्रमिकों को सऊदी अरब के अंदर किसी दूसरी कंपनी में स्थानांतरित करने पर भी सहमत हो गए हैं. भारतीय दूतावास दावे के निपटान और वापसी के इच्छुक लोगों की उपयुक्त सूची बनाएगी. मैं प्रत्येक सकारात्मक कार्रवाई और उदार हृदय दिखाने के लिए सऊदी अरब की सरकार को धन्यवाद देता हूं.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) विदेश राज्यमंत्री ने सऊदी अरब के श्रम मंत्री मुफरेज अल हकबानी से लंबी वार्ता की, जिन्होंने करीब सात हजार भारतीयों की मुश्किलों के तुरंत हल का वादा किया. इनमें से ज्यादातर भारतीय खाड़ी देश में आर्थिक मंदी के कारण अपनी नौकरी गंवाने के बाद शिविरों में रह रहे हैं. सऊदी सरकार नौकरी गंवाने वाले भारतीय कर्मचारियों को देश के अंदर ही दूसरी कंपनी में स्थानांतरण करने पर भी सहमत हो गई है. सिंह स्थिति का आकलन करने के लिए बुधवार को सऊदी पहुंचे और वहां फंसे भारतीय कामगारों को वापस लाने के तौर-तरीकों को अंतिम रूप दिया, जिनके पास खाने तक के पैसे नहीं बचे हैं. खबरों के मुताबिक श्रम मंत्री भारतीय कामगारों को तुरंत अपने प्रायोजक (कफाला) स्थानांतरित करने और अपने आवास बदलने की इजाजत दे दी. कफाला व्यवस्था विदेशी कामगारों पर लागू होता है, जिसके तहत अपने बॉस की अनुमति के बगैर कर्मचारी नई नौकरी नहीं बदल सकते. विके सिंह ने कहा, 'हमने भारतीय कर्मचारियों से संबंधित सभी मुद्दों पर चर्चा की. पता चला कि समस्या एक कंपनी के कारण है, जो कानून के तहत मानवीय सुविधाएं मुहैया नहीं करा रहा है.' सिंह ने हकबानी के साथ बैठक को 'काफी अच्छा' बताते हुए कहा, 'सऊदी अरब की सरकार ने अपनी खामियों का गंभीर संज्ञान लिया है और यह सुनिश्चित करने के लिए त्वरित कार्रवाई की है कि जिन शिविरों में भारतीय कामगार रह रहे हैं उन्हें मेडिकल, भोजन, साफ-सफाई जैसी सुविधाएं मुहैया कराई जाएं.'टिप्पणियां हकबानी की प्रतिक्रिया से संतुष्ट सिंह ने कहा कि वह सऊदी सरकार के आभारी हैं, जिसने 'काफी सकारात्मक कार्रवाई की और उदार हृदय दिखाया.' सिंह ने कहा कि सऊदी सरकार उन सभी भारतीयों की नि:शुल्क वापसी की व्यवस्था करेगी, जो भारत लौटना चाहते हैं और जिन कंपनियों ने उनका बकाया भुगतान नहीं किया है उनके बकाये का भुगतान भी कामगारों को किया जाएगा. सिंह ने कहा, 'वे श्रमिकों को सऊदी अरब के अंदर किसी दूसरी कंपनी में स्थानांतरित करने पर भी सहमत हो गए हैं. भारतीय दूतावास दावे के निपटान और वापसी के इच्छुक लोगों की उपयुक्त सूची बनाएगी. मैं प्रत्येक सकारात्मक कार्रवाई और उदार हृदय दिखाने के लिए सऊदी अरब की सरकार को धन्यवाद देता हूं.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सिंह स्थिति का आकलन करने के लिए बुधवार को सऊदी पहुंचे और वहां फंसे भारतीय कामगारों को वापस लाने के तौर-तरीकों को अंतिम रूप दिया, जिनके पास खाने तक के पैसे नहीं बचे हैं. खबरों के मुताबिक श्रम मंत्री भारतीय कामगारों को तुरंत अपने प्रायोजक (कफाला) स्थानांतरित करने और अपने आवास बदलने की इजाजत दे दी. कफाला व्यवस्था विदेशी कामगारों पर लागू होता है, जिसके तहत अपने बॉस की अनुमति के बगैर कर्मचारी नई नौकरी नहीं बदल सकते. विके सिंह ने कहा, 'हमने भारतीय कर्मचारियों से संबंधित सभी मुद्दों पर चर्चा की. पता चला कि समस्या एक कंपनी के कारण है, जो कानून के तहत मानवीय सुविधाएं मुहैया नहीं करा रहा है.' सिंह ने हकबानी के साथ बैठक को 'काफी अच्छा' बताते हुए कहा, 'सऊदी अरब की सरकार ने अपनी खामियों का गंभीर संज्ञान लिया है और यह सुनिश्चित करने के लिए त्वरित कार्रवाई की है कि जिन शिविरों में भारतीय कामगार रह रहे हैं उन्हें मेडिकल, भोजन, साफ-सफाई जैसी सुविधाएं मुहैया कराई जाएं.'टिप्पणियां हकबानी की प्रतिक्रिया से संतुष्ट सिंह ने कहा कि वह सऊदी सरकार के आभारी हैं, जिसने 'काफी सकारात्मक कार्रवाई की और उदार हृदय दिखाया.' सिंह ने कहा कि सऊदी सरकार उन सभी भारतीयों की नि:शुल्क वापसी की व्यवस्था करेगी, जो भारत लौटना चाहते हैं और जिन कंपनियों ने उनका बकाया भुगतान नहीं किया है उनके बकाये का भुगतान भी कामगारों को किया जाएगा. सिंह ने कहा, 'वे श्रमिकों को सऊदी अरब के अंदर किसी दूसरी कंपनी में स्थानांतरित करने पर भी सहमत हो गए हैं. भारतीय दूतावास दावे के निपटान और वापसी के इच्छुक लोगों की उपयुक्त सूची बनाएगी. मैं प्रत्येक सकारात्मक कार्रवाई और उदार हृदय दिखाने के लिए सऊदी अरब की सरकार को धन्यवाद देता हूं.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) विके सिंह ने कहा, 'हमने भारतीय कर्मचारियों से संबंधित सभी मुद्दों पर चर्चा की. पता चला कि समस्या एक कंपनी के कारण है, जो कानून के तहत मानवीय सुविधाएं मुहैया नहीं करा रहा है.' सिंह ने हकबानी के साथ बैठक को 'काफी अच्छा' बताते हुए कहा, 'सऊदी अरब की सरकार ने अपनी खामियों का गंभीर संज्ञान लिया है और यह सुनिश्चित करने के लिए त्वरित कार्रवाई की है कि जिन शिविरों में भारतीय कामगार रह रहे हैं उन्हें मेडिकल, भोजन, साफ-सफाई जैसी सुविधाएं मुहैया कराई जाएं.'टिप्पणियां हकबानी की प्रतिक्रिया से संतुष्ट सिंह ने कहा कि वह सऊदी सरकार के आभारी हैं, जिसने 'काफी सकारात्मक कार्रवाई की और उदार हृदय दिखाया.' सिंह ने कहा कि सऊदी सरकार उन सभी भारतीयों की नि:शुल्क वापसी की व्यवस्था करेगी, जो भारत लौटना चाहते हैं और जिन कंपनियों ने उनका बकाया भुगतान नहीं किया है उनके बकाये का भुगतान भी कामगारों को किया जाएगा. सिंह ने कहा, 'वे श्रमिकों को सऊदी अरब के अंदर किसी दूसरी कंपनी में स्थानांतरित करने पर भी सहमत हो गए हैं. भारतीय दूतावास दावे के निपटान और वापसी के इच्छुक लोगों की उपयुक्त सूची बनाएगी. मैं प्रत्येक सकारात्मक कार्रवाई और उदार हृदय दिखाने के लिए सऊदी अरब की सरकार को धन्यवाद देता हूं.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) हकबानी की प्रतिक्रिया से संतुष्ट सिंह ने कहा कि वह सऊदी सरकार के आभारी हैं, जिसने 'काफी सकारात्मक कार्रवाई की और उदार हृदय दिखाया.' सिंह ने कहा कि सऊदी सरकार उन सभी भारतीयों की नि:शुल्क वापसी की व्यवस्था करेगी, जो भारत लौटना चाहते हैं और जिन कंपनियों ने उनका बकाया भुगतान नहीं किया है उनके बकाये का भुगतान भी कामगारों को किया जाएगा. सिंह ने कहा, 'वे श्रमिकों को सऊदी अरब के अंदर किसी दूसरी कंपनी में स्थानांतरित करने पर भी सहमत हो गए हैं. भारतीय दूतावास दावे के निपटान और वापसी के इच्छुक लोगों की उपयुक्त सूची बनाएगी. मैं प्रत्येक सकारात्मक कार्रवाई और उदार हृदय दिखाने के लिए सऊदी अरब की सरकार को धन्यवाद देता हूं.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह एक सारांश है: विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह हालात का जायजा लेने सऊदी पहुंचे हैं सिंह ने सऊदी सरकार को भारतीय कामगारों की मुश्किलें बतायी सऊदी सरकार ने भारतीय कामगारो के बकाया भुगतान व निशुल्क वापसी का वादा किया
21
['hin']
एक सारांश बनाओ: भारत के सबसे तेज गेंदबाजों में शुमार उमेश यादव का कहना है कि उन्हें रफ्तार के कारण ही टीम में जगह मिली है और किसी भी कीमत पर वह इससे समझौता नहीं करेंगे। उमेश ने पीटीआई से कहा, एक तेज गेंदबाज के तौर पर मुझे इस बारे में स्पष्ट रहना होगा कि मेरी प्राथमिकता क्या है। मेरी ताकत रफ्तार के साथ अच्छी गेंदबाजी करना है और जब तक मैं राष्ट्रीय टीम में हूं, मेरा यही लक्ष्य होगा। उन्होंने कहा कि रफ्तार कम करने से उन्हें समस्या होगी। उन्होंने कहा, यदि भारतीय टीम में सभी प्रारूपों में खेलने के लिए मेरा चयन हुआ है, तो वह सिर्फ रफ्तार के कारण हुआ है। पिछले सत्र में चोटिल होने के बावजूद रफ्तार कम करने का ख्याल कभी मेरे जेहन में नहीं आया। नया सत्र शुरू होने पर खिलाड़ियों के नई तकनीक या शैली अपनाने की बात होती है, लेकिन उमेश का कहना है कि कोई भी तेज गेंदबाज मौजूदा तरीकों के अलावा अपनी गेंदबाजी में नई बात नहीं ला सकता। उमेश ने कहा, मुझे बताइए कि एक गेंदबाज क्या नया कर सकता है, जो आपने देखा न हो। यह अहम है कि जो आप कर रहे हैं, लगातार वहीं करें। यहां तक कि महान खिलाड़ी ग्लेन मैकग्रा की सलाह थी कि "स्पॉट ढूंढो और वहां लगातार हिट करते रहो"। यादव ने कहा, मैं भारत में और जब हमने 2011 में ऑस्ट्रेलिया का दौरा किया था, वहां भी कई बार मैकग्रा से मिला हूं। मैकग्रा ने मुझे बताया कि प्रत्येक गेंदबाज, भले ही वह तेज गेंदबाज हो या मध्यम गति का गेंदबाज, उसे ऐसा क्षेत्र ढूंढने की जरूरत होती है, जहां किसी को हिट करने की जरूरत होती है। प्रत्येक गेंदबाज की लेंग्थ अलग होती है, लेकिन अगर कोई अपनी सही लेंग्थ ढूंढ लेता है, तो इससे बढ़कर कुछ और चीज कुछ नहीं है। टिप्पणियां उन्होंने कहा, दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया में उछाल भरी पिचों पर शॉर्ट गेंदबाजी करना आसान हो जाता है। टेस्ट स्तर के बल्लेबाज गेंदों को छोड़ने के आदी होते हैं। उछाल भरी पिचों पर फुल गेंदबाजी करना बेहतर होता है, क्योंकि बल्लेबाज ड्राइव करने के बारे में सोचेगा। यादव ने कहा कि वनडे में दो नई गेंदों का इस्तेमाल नई गेंद से गेंदबाजी करने वाले गेंदबाजों के लिए काफी मददगार हो रहा है। उन्होंने कहा, यह अच्छा है कि अब हमें वनडे में दो नई गेंद मिलती हैं। यहां तक कि 40वें और 42वें ओवर में गेंद लगभग 20 ओवर ही पुरानी होती है, इसलिए यह तब भी कड़ी रहती है और स्विंग हासिल करना आसान हो जाता है। उमेश ने पीटीआई से कहा, एक तेज गेंदबाज के तौर पर मुझे इस बारे में स्पष्ट रहना होगा कि मेरी प्राथमिकता क्या है। मेरी ताकत रफ्तार के साथ अच्छी गेंदबाजी करना है और जब तक मैं राष्ट्रीय टीम में हूं, मेरा यही लक्ष्य होगा। उन्होंने कहा कि रफ्तार कम करने से उन्हें समस्या होगी। उन्होंने कहा, यदि भारतीय टीम में सभी प्रारूपों में खेलने के लिए मेरा चयन हुआ है, तो वह सिर्फ रफ्तार के कारण हुआ है। पिछले सत्र में चोटिल होने के बावजूद रफ्तार कम करने का ख्याल कभी मेरे जेहन में नहीं आया। नया सत्र शुरू होने पर खिलाड़ियों के नई तकनीक या शैली अपनाने की बात होती है, लेकिन उमेश का कहना है कि कोई भी तेज गेंदबाज मौजूदा तरीकों के अलावा अपनी गेंदबाजी में नई बात नहीं ला सकता। उमेश ने कहा, मुझे बताइए कि एक गेंदबाज क्या नया कर सकता है, जो आपने देखा न हो। यह अहम है कि जो आप कर रहे हैं, लगातार वहीं करें। यहां तक कि महान खिलाड़ी ग्लेन मैकग्रा की सलाह थी कि "स्पॉट ढूंढो और वहां लगातार हिट करते रहो"। यादव ने कहा, मैं भारत में और जब हमने 2011 में ऑस्ट्रेलिया का दौरा किया था, वहां भी कई बार मैकग्रा से मिला हूं। मैकग्रा ने मुझे बताया कि प्रत्येक गेंदबाज, भले ही वह तेज गेंदबाज हो या मध्यम गति का गेंदबाज, उसे ऐसा क्षेत्र ढूंढने की जरूरत होती है, जहां किसी को हिट करने की जरूरत होती है। प्रत्येक गेंदबाज की लेंग्थ अलग होती है, लेकिन अगर कोई अपनी सही लेंग्थ ढूंढ लेता है, तो इससे बढ़कर कुछ और चीज कुछ नहीं है। टिप्पणियां उन्होंने कहा, दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया में उछाल भरी पिचों पर शॉर्ट गेंदबाजी करना आसान हो जाता है। टेस्ट स्तर के बल्लेबाज गेंदों को छोड़ने के आदी होते हैं। उछाल भरी पिचों पर फुल गेंदबाजी करना बेहतर होता है, क्योंकि बल्लेबाज ड्राइव करने के बारे में सोचेगा। यादव ने कहा कि वनडे में दो नई गेंदों का इस्तेमाल नई गेंद से गेंदबाजी करने वाले गेंदबाजों के लिए काफी मददगार हो रहा है। उन्होंने कहा, यह अच्छा है कि अब हमें वनडे में दो नई गेंद मिलती हैं। यहां तक कि 40वें और 42वें ओवर में गेंद लगभग 20 ओवर ही पुरानी होती है, इसलिए यह तब भी कड़ी रहती है और स्विंग हासिल करना आसान हो जाता है। उन्होंने कहा, यदि भारतीय टीम में सभी प्रारूपों में खेलने के लिए मेरा चयन हुआ है, तो वह सिर्फ रफ्तार के कारण हुआ है। पिछले सत्र में चोटिल होने के बावजूद रफ्तार कम करने का ख्याल कभी मेरे जेहन में नहीं आया। नया सत्र शुरू होने पर खिलाड़ियों के नई तकनीक या शैली अपनाने की बात होती है, लेकिन उमेश का कहना है कि कोई भी तेज गेंदबाज मौजूदा तरीकों के अलावा अपनी गेंदबाजी में नई बात नहीं ला सकता। उमेश ने कहा, मुझे बताइए कि एक गेंदबाज क्या नया कर सकता है, जो आपने देखा न हो। यह अहम है कि जो आप कर रहे हैं, लगातार वहीं करें। यहां तक कि महान खिलाड़ी ग्लेन मैकग्रा की सलाह थी कि "स्पॉट ढूंढो और वहां लगातार हिट करते रहो"। यादव ने कहा, मैं भारत में और जब हमने 2011 में ऑस्ट्रेलिया का दौरा किया था, वहां भी कई बार मैकग्रा से मिला हूं। मैकग्रा ने मुझे बताया कि प्रत्येक गेंदबाज, भले ही वह तेज गेंदबाज हो या मध्यम गति का गेंदबाज, उसे ऐसा क्षेत्र ढूंढने की जरूरत होती है, जहां किसी को हिट करने की जरूरत होती है। प्रत्येक गेंदबाज की लेंग्थ अलग होती है, लेकिन अगर कोई अपनी सही लेंग्थ ढूंढ लेता है, तो इससे बढ़कर कुछ और चीज कुछ नहीं है। टिप्पणियां उन्होंने कहा, दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया में उछाल भरी पिचों पर शॉर्ट गेंदबाजी करना आसान हो जाता है। टेस्ट स्तर के बल्लेबाज गेंदों को छोड़ने के आदी होते हैं। उछाल भरी पिचों पर फुल गेंदबाजी करना बेहतर होता है, क्योंकि बल्लेबाज ड्राइव करने के बारे में सोचेगा। यादव ने कहा कि वनडे में दो नई गेंदों का इस्तेमाल नई गेंद से गेंदबाजी करने वाले गेंदबाजों के लिए काफी मददगार हो रहा है। उन्होंने कहा, यह अच्छा है कि अब हमें वनडे में दो नई गेंद मिलती हैं। यहां तक कि 40वें और 42वें ओवर में गेंद लगभग 20 ओवर ही पुरानी होती है, इसलिए यह तब भी कड़ी रहती है और स्विंग हासिल करना आसान हो जाता है। उमेश ने कहा, मुझे बताइए कि एक गेंदबाज क्या नया कर सकता है, जो आपने देखा न हो। यह अहम है कि जो आप कर रहे हैं, लगातार वहीं करें। यहां तक कि महान खिलाड़ी ग्लेन मैकग्रा की सलाह थी कि "स्पॉट ढूंढो और वहां लगातार हिट करते रहो"। यादव ने कहा, मैं भारत में और जब हमने 2011 में ऑस्ट्रेलिया का दौरा किया था, वहां भी कई बार मैकग्रा से मिला हूं। मैकग्रा ने मुझे बताया कि प्रत्येक गेंदबाज, भले ही वह तेज गेंदबाज हो या मध्यम गति का गेंदबाज, उसे ऐसा क्षेत्र ढूंढने की जरूरत होती है, जहां किसी को हिट करने की जरूरत होती है। प्रत्येक गेंदबाज की लेंग्थ अलग होती है, लेकिन अगर कोई अपनी सही लेंग्थ ढूंढ लेता है, तो इससे बढ़कर कुछ और चीज कुछ नहीं है। टिप्पणियां उन्होंने कहा, दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया में उछाल भरी पिचों पर शॉर्ट गेंदबाजी करना आसान हो जाता है। टेस्ट स्तर के बल्लेबाज गेंदों को छोड़ने के आदी होते हैं। उछाल भरी पिचों पर फुल गेंदबाजी करना बेहतर होता है, क्योंकि बल्लेबाज ड्राइव करने के बारे में सोचेगा। यादव ने कहा कि वनडे में दो नई गेंदों का इस्तेमाल नई गेंद से गेंदबाजी करने वाले गेंदबाजों के लिए काफी मददगार हो रहा है। उन्होंने कहा, यह अच्छा है कि अब हमें वनडे में दो नई गेंद मिलती हैं। यहां तक कि 40वें और 42वें ओवर में गेंद लगभग 20 ओवर ही पुरानी होती है, इसलिए यह तब भी कड़ी रहती है और स्विंग हासिल करना आसान हो जाता है। उन्होंने कहा, दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया में उछाल भरी पिचों पर शॉर्ट गेंदबाजी करना आसान हो जाता है। टेस्ट स्तर के बल्लेबाज गेंदों को छोड़ने के आदी होते हैं। उछाल भरी पिचों पर फुल गेंदबाजी करना बेहतर होता है, क्योंकि बल्लेबाज ड्राइव करने के बारे में सोचेगा। यादव ने कहा कि वनडे में दो नई गेंदों का इस्तेमाल नई गेंद से गेंदबाजी करने वाले गेंदबाजों के लिए काफी मददगार हो रहा है। उन्होंने कहा, यह अच्छा है कि अब हमें वनडे में दो नई गेंद मिलती हैं। यहां तक कि 40वें और 42वें ओवर में गेंद लगभग 20 ओवर ही पुरानी होती है, इसलिए यह तब भी कड़ी रहती है और स्विंग हासिल करना आसान हो जाता है। उन्होंने कहा, यह अच्छा है कि अब हमें वनडे में दो नई गेंद मिलती हैं। यहां तक कि 40वें और 42वें ओवर में गेंद लगभग 20 ओवर ही पुरानी होती है, इसलिए यह तब भी कड़ी रहती है और स्विंग हासिल करना आसान हो जाता है।
यह एक सारांश है: भारत के सबसे तेज गेंदबाजों में शुमार उमेश यादव का कहना है कि उन्हें रफ्तार के कारण ही टीम में जगह मिली है और किसी भी कीमत पर वह इससे समझौता नहीं करेंगे।
21
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में अमर सिंह की जनसभा के दौरान जमकर हंगामा हुआ है। यहां की खतौली विधानसभा सीट पर राष्ट्रीय लोकमंच के प्रत्याशी के लिए रैली करने पहुंचे अमर सिंह लेकिन तभी वहां एक महिला भी पहुंची और उसने आरोप लगाया कि उसका टिकट दूसरे प्रत्याशी से लाखों रुपये लेने की बाद काट दिया गया है। महिला के आरोप लगाते ही राष्ट्रीय लोकमंच के कार्यकर्ताओं ने महिला और उसके समर्थकों की जमकर पिटाई की और यह सब अमर सिंह की मंच पर मौजूदगी के दौरान हुआ। महिला की पिटाई होती रही और इस दौरान वहां मौजूद पुलिसकर्मी तमाशा देखते रहे किसी ने उसे बचाने की कोशिश नहीं की। जिस महिला की पिटाई की गई है उसने राष्ट्रीय लोकमंच के नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज कराने के लिए पुलिस में अर्जी जमा करा दी है। महिला के आरोप लगाते ही राष्ट्रीय लोकमंच के कार्यकर्ताओं ने महिला और उसके समर्थकों की जमकर पिटाई की और यह सब अमर सिंह की मंच पर मौजूदगी के दौरान हुआ। महिला की पिटाई होती रही और इस दौरान वहां मौजूद पुलिसकर्मी तमाशा देखते रहे किसी ने उसे बचाने की कोशिश नहीं की। जिस महिला की पिटाई की गई है उसने राष्ट्रीय लोकमंच के नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज कराने के लिए पुलिस में अर्जी जमा करा दी है।
संक्षिप्त सारांश: अमर सिंह की रैली में एक महिला के दूसरे प्रत्याशी पर आरोप लगाते ही राष्ट्रीय लोकमंच के कार्यकर्ताओं ने महिला और उसके समर्थकों की जमकर पिटाई की।
10
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: एनडीटीवी के सूत्रों ने बताया है कि सरकार ने लोकपाल बिल को संसद के इसी सत्र में 20 दिसंबर को पेश किया जाएगा। सोमवार से सदन की कार्यवाही रात आठ बजे तक चलेगी। इसी के साथ सरकार की ओर से घोषणा की गई है कि वह मजबूत लोकपाल बिल लेकर आएगी। गौरतलब है कि अन्ना हजारे ने गुरुवार को ही कहा कि यदि संसद के इसी सत्र में लोकपाल बिल पेश नहीं किया गया तब वह सोनिया गांधी और राहुल गांधी के घर के सामने धरने पर बैठेंगे। इसके अलावा अन्ना ने 27 से अनशन और एक जनवरी से जेल भरो आंदोलन की चेतावनी भी दे डाली है। इससे पहले, लोकपाल विधेयक पर प्रधानमंत्री की ओर से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में एकराय नहीं बन पाने की बात को स्वीकार करते हुए संसदीय कार्यमंत्री पवन कुमार बंसल ने उम्मीद जताई कि सरकार प्रस्तावित विधेयक को संसद के शीतकालीन सत्र में पेश कर पाएगी। बंसल ने कहा, मुझे लगता ऐसा संभव होगा। इस विषय पर सर्वदलीय बैठक बुलाई गई थी जिसमें 35 दलों ने हिस्सा लिया। सभी दलों के अलग-अलग विचार थे। यह कहना गलत होगा कि सहमति बन गई है। इसके कारण सरकार का काम बढ़ गया है। उन्होंने कहा, 35 अलग-अलग विचारों को समाहित करना और इसे सरकार के विचारों से जोड़ना और प्रस्तावित विधेयक में संशोधन करना अहम विषय है। हम इस पर काम कर रहे हैं और हमें विश्वास है कि इसे वर्तमान सत्र में पेश किया जा सकेगा। यह पूछे जाने पर कि संसद के चालू सत्र के समाप्त होने में केवल एक सप्ताह का समय रह गया है, बंसल ने कहा, हमें कठिन परिश्रम करना होगा और तभी यह संभव हो सकेगा। यहां तक कि हम इसे 20 या 21 दिसंबर तक कर सकते हैं, मैं नहीं समझता कि ऐसा क्यों नहीं होगा। एक दिन एक सदन में और दूसरे दिन दूसरे सदन में इस पर चर्चा कराई जा सकती है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी कुमार ने इस विषय पर कहा कि जैसे ही सभी विचारों और बिन्दुओं को समाहित करने का काम पूरा कर लिया जाएगा, प्रस्तावित विधेयक पेश किया जाएगा। इस पर लगातार काम जारी है।
संक्षिप्त सारांश: सोमवार से सदन की कार्यवाही रात आठ बजे तक चलेगी। इसी के साथ सरकार की ओर से घोषणा की गई है कि वह मजबूत लोकपाल बिल लेकर आएगी।
29
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सरकार ने एक और खान गौरांगडीह एबीसी का आवंटन रद्द करने का फैसला किया है। यह खान संयुक्त रूप से जेएसडब्ल्यू स्टील और हिमाचल ईएमटीए को दी गई थी। इसके अलावा समयसीमा के भीतर खानों का विकास नहीं कर पाने की वजह से दो आवंटियों की बैंक गारंटियां भुनाने का भी फैसला किया है। ऐसा अंतरमंत्रालयी समूह (आईएमजी) की सिफारिश के बाद किया गया है जो निजी कंपनियों को मिली 29 खानों की जांच कर रहा है जबकि कुल 58 खानों के विकास में देरी के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और इनमें से कुछ का जिक्र कैग की रिपोर्ट में किया गया है। इस तरह सरकार ने पांच कोयला खानों का लाइसेंस का रद्द करने को मंजूरी दे दी जबकि आईएमजी ने कुल सात कोयला खानों का लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश की है। कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने कहा ‘मैंने शुक्रवार को आईएमजी द्वारा की गई सिफारिश को मंजूरी दे दी और अन्य पर विचार किया जाएगा।’ आइएमजी ने शुक्रवार को गौरांगडीह एबीसी खान का आवंटन रद्द करने की सिफारिश की है। यह खान 2009 में जेएसडब्ल्यू स्टील और हिमाचल ईएमटीए को संयुक्त रूप से दी गई। इस कोयला खान में 6.15 करोड़ टन कोयला भंडार होने की संभावना है जिसका उपयोग एक बिजली परियोजना के लिए किया जाएगा। इस खान का उल्लेख कैग की रिपोर्ट में भी किया गया है। सरकारी लेखा परीक्षक ने कहा कि पश्चिम बंगाल में स्थित इस खान के आवंटियों को 1,818 करोड़ रुपये तक का अनुचित फायदा हो सकता है।टिप्पणियां इससे पहले, 12 सितंबर को सरकार ने चार कोयला खानों - ब्रह्माडीह, चिनौर, वरोरा और लालगढ़ - का आवंटन रद्द कर दिया। सरकार ने महाराष्ट्र में एक निजी कंपनी श्री वीरांगना स्टील्स को मिली मर्की मंगला - दो, तीन और चार खानों के संबंध में बैंक गारंटी भुनाने का आईएमजी का सुझाव स्वीकार कर लिया है। इसके अलावा ओडिशा में उत्कल बी2 खान से जुड़ी बैंक गारंटी को भी भुनाने की सिफारिश भी स्वीकार कर ली गई। ऐसा अंतरमंत्रालयी समूह (आईएमजी) की सिफारिश के बाद किया गया है जो निजी कंपनियों को मिली 29 खानों की जांच कर रहा है जबकि कुल 58 खानों के विकास में देरी के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और इनमें से कुछ का जिक्र कैग की रिपोर्ट में किया गया है। इस तरह सरकार ने पांच कोयला खानों का लाइसेंस का रद्द करने को मंजूरी दे दी जबकि आईएमजी ने कुल सात कोयला खानों का लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश की है। कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने कहा ‘मैंने शुक्रवार को आईएमजी द्वारा की गई सिफारिश को मंजूरी दे दी और अन्य पर विचार किया जाएगा।’ आइएमजी ने शुक्रवार को गौरांगडीह एबीसी खान का आवंटन रद्द करने की सिफारिश की है। यह खान 2009 में जेएसडब्ल्यू स्टील और हिमाचल ईएमटीए को संयुक्त रूप से दी गई। इस कोयला खान में 6.15 करोड़ टन कोयला भंडार होने की संभावना है जिसका उपयोग एक बिजली परियोजना के लिए किया जाएगा। इस खान का उल्लेख कैग की रिपोर्ट में भी किया गया है। सरकारी लेखा परीक्षक ने कहा कि पश्चिम बंगाल में स्थित इस खान के आवंटियों को 1,818 करोड़ रुपये तक का अनुचित फायदा हो सकता है।टिप्पणियां इससे पहले, 12 सितंबर को सरकार ने चार कोयला खानों - ब्रह्माडीह, चिनौर, वरोरा और लालगढ़ - का आवंटन रद्द कर दिया। सरकार ने महाराष्ट्र में एक निजी कंपनी श्री वीरांगना स्टील्स को मिली मर्की मंगला - दो, तीन और चार खानों के संबंध में बैंक गारंटी भुनाने का आईएमजी का सुझाव स्वीकार कर लिया है। इसके अलावा ओडिशा में उत्कल बी2 खान से जुड़ी बैंक गारंटी को भी भुनाने की सिफारिश भी स्वीकार कर ली गई। इस तरह सरकार ने पांच कोयला खानों का लाइसेंस का रद्द करने को मंजूरी दे दी जबकि आईएमजी ने कुल सात कोयला खानों का लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश की है। कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने कहा ‘मैंने शुक्रवार को आईएमजी द्वारा की गई सिफारिश को मंजूरी दे दी और अन्य पर विचार किया जाएगा।’ आइएमजी ने शुक्रवार को गौरांगडीह एबीसी खान का आवंटन रद्द करने की सिफारिश की है। यह खान 2009 में जेएसडब्ल्यू स्टील और हिमाचल ईएमटीए को संयुक्त रूप से दी गई। इस कोयला खान में 6.15 करोड़ टन कोयला भंडार होने की संभावना है जिसका उपयोग एक बिजली परियोजना के लिए किया जाएगा। इस खान का उल्लेख कैग की रिपोर्ट में भी किया गया है। सरकारी लेखा परीक्षक ने कहा कि पश्चिम बंगाल में स्थित इस खान के आवंटियों को 1,818 करोड़ रुपये तक का अनुचित फायदा हो सकता है।टिप्पणियां इससे पहले, 12 सितंबर को सरकार ने चार कोयला खानों - ब्रह्माडीह, चिनौर, वरोरा और लालगढ़ - का आवंटन रद्द कर दिया। सरकार ने महाराष्ट्र में एक निजी कंपनी श्री वीरांगना स्टील्स को मिली मर्की मंगला - दो, तीन और चार खानों के संबंध में बैंक गारंटी भुनाने का आईएमजी का सुझाव स्वीकार कर लिया है। इसके अलावा ओडिशा में उत्कल बी2 खान से जुड़ी बैंक गारंटी को भी भुनाने की सिफारिश भी स्वीकार कर ली गई। कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने कहा ‘मैंने शुक्रवार को आईएमजी द्वारा की गई सिफारिश को मंजूरी दे दी और अन्य पर विचार किया जाएगा।’ आइएमजी ने शुक्रवार को गौरांगडीह एबीसी खान का आवंटन रद्द करने की सिफारिश की है। यह खान 2009 में जेएसडब्ल्यू स्टील और हिमाचल ईएमटीए को संयुक्त रूप से दी गई। इस कोयला खान में 6.15 करोड़ टन कोयला भंडार होने की संभावना है जिसका उपयोग एक बिजली परियोजना के लिए किया जाएगा। इस खान का उल्लेख कैग की रिपोर्ट में भी किया गया है। सरकारी लेखा परीक्षक ने कहा कि पश्चिम बंगाल में स्थित इस खान के आवंटियों को 1,818 करोड़ रुपये तक का अनुचित फायदा हो सकता है।टिप्पणियां इससे पहले, 12 सितंबर को सरकार ने चार कोयला खानों - ब्रह्माडीह, चिनौर, वरोरा और लालगढ़ - का आवंटन रद्द कर दिया। सरकार ने महाराष्ट्र में एक निजी कंपनी श्री वीरांगना स्टील्स को मिली मर्की मंगला - दो, तीन और चार खानों के संबंध में बैंक गारंटी भुनाने का आईएमजी का सुझाव स्वीकार कर लिया है। इसके अलावा ओडिशा में उत्कल बी2 खान से जुड़ी बैंक गारंटी को भी भुनाने की सिफारिश भी स्वीकार कर ली गई। आइएमजी ने शुक्रवार को गौरांगडीह एबीसी खान का आवंटन रद्द करने की सिफारिश की है। यह खान 2009 में जेएसडब्ल्यू स्टील और हिमाचल ईएमटीए को संयुक्त रूप से दी गई। इस कोयला खान में 6.15 करोड़ टन कोयला भंडार होने की संभावना है जिसका उपयोग एक बिजली परियोजना के लिए किया जाएगा। इस खान का उल्लेख कैग की रिपोर्ट में भी किया गया है। सरकारी लेखा परीक्षक ने कहा कि पश्चिम बंगाल में स्थित इस खान के आवंटियों को 1,818 करोड़ रुपये तक का अनुचित फायदा हो सकता है।टिप्पणियां इससे पहले, 12 सितंबर को सरकार ने चार कोयला खानों - ब्रह्माडीह, चिनौर, वरोरा और लालगढ़ - का आवंटन रद्द कर दिया। सरकार ने महाराष्ट्र में एक निजी कंपनी श्री वीरांगना स्टील्स को मिली मर्की मंगला - दो, तीन और चार खानों के संबंध में बैंक गारंटी भुनाने का आईएमजी का सुझाव स्वीकार कर लिया है। इसके अलावा ओडिशा में उत्कल बी2 खान से जुड़ी बैंक गारंटी को भी भुनाने की सिफारिश भी स्वीकार कर ली गई। इस कोयला खान में 6.15 करोड़ टन कोयला भंडार होने की संभावना है जिसका उपयोग एक बिजली परियोजना के लिए किया जाएगा। इस खान का उल्लेख कैग की रिपोर्ट में भी किया गया है। सरकारी लेखा परीक्षक ने कहा कि पश्चिम बंगाल में स्थित इस खान के आवंटियों को 1,818 करोड़ रुपये तक का अनुचित फायदा हो सकता है।टिप्पणियां इससे पहले, 12 सितंबर को सरकार ने चार कोयला खानों - ब्रह्माडीह, चिनौर, वरोरा और लालगढ़ - का आवंटन रद्द कर दिया। सरकार ने महाराष्ट्र में एक निजी कंपनी श्री वीरांगना स्टील्स को मिली मर्की मंगला - दो, तीन और चार खानों के संबंध में बैंक गारंटी भुनाने का आईएमजी का सुझाव स्वीकार कर लिया है। इसके अलावा ओडिशा में उत्कल बी2 खान से जुड़ी बैंक गारंटी को भी भुनाने की सिफारिश भी स्वीकार कर ली गई। इस खान का उल्लेख कैग की रिपोर्ट में भी किया गया है। सरकारी लेखा परीक्षक ने कहा कि पश्चिम बंगाल में स्थित इस खान के आवंटियों को 1,818 करोड़ रुपये तक का अनुचित फायदा हो सकता है।टिप्पणियां इससे पहले, 12 सितंबर को सरकार ने चार कोयला खानों - ब्रह्माडीह, चिनौर, वरोरा और लालगढ़ - का आवंटन रद्द कर दिया। सरकार ने महाराष्ट्र में एक निजी कंपनी श्री वीरांगना स्टील्स को मिली मर्की मंगला - दो, तीन और चार खानों के संबंध में बैंक गारंटी भुनाने का आईएमजी का सुझाव स्वीकार कर लिया है। इसके अलावा ओडिशा में उत्कल बी2 खान से जुड़ी बैंक गारंटी को भी भुनाने की सिफारिश भी स्वीकार कर ली गई। इससे पहले, 12 सितंबर को सरकार ने चार कोयला खानों - ब्रह्माडीह, चिनौर, वरोरा और लालगढ़ - का आवंटन रद्द कर दिया। सरकार ने महाराष्ट्र में एक निजी कंपनी श्री वीरांगना स्टील्स को मिली मर्की मंगला - दो, तीन और चार खानों के संबंध में बैंक गारंटी भुनाने का आईएमजी का सुझाव स्वीकार कर लिया है। इसके अलावा ओडिशा में उत्कल बी2 खान से जुड़ी बैंक गारंटी को भी भुनाने की सिफारिश भी स्वीकार कर ली गई। सरकार ने महाराष्ट्र में एक निजी कंपनी श्री वीरांगना स्टील्स को मिली मर्की मंगला - दो, तीन और चार खानों के संबंध में बैंक गारंटी भुनाने का आईएमजी का सुझाव स्वीकार कर लिया है। इसके अलावा ओडिशा में उत्कल बी2 खान से जुड़ी बैंक गारंटी को भी भुनाने की सिफारिश भी स्वीकार कर ली गई।
संक्षिप्त सारांश: सरकार ने एक और खान गौरांगडीह एबीसी का आवंटन रद्द करने का फैसला किया है। यह खान संयुक्त रूप से जेएसडब्ल्यू स्टील और हिमाचल ईएमटीए को दी गई थी।
23
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: उत्तर प्रदेश के दादरी में पैसे लेकर एक नाबालिग लड़की की शादी कराने के प्रयास का मामला सामने आया है। नाबालिग के माता-पिता ने एक विकलांग युवक के साथ उसका सौदा किया था। इसके लिए कुछ रुपये भी लिए गए, लेकिन लड़की की ताई और दादा ने मामले की शिकायत जिलाधिकारी से कर दी। जिलाधिकारी ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। मामला दादरी इलाके के सहनी गांव का है। यहां राजवीरी अपने पति सुरेंद्र, बेटा जिले सिंह और 14 साल की बेटी के साथ रहती है। सुरेंद्र का साला सतपाल फेज-दो इलाके के गांव में रहता है। सतपाल कुछ दिनों पहले एच्छर के रहने वाले कैलाश के विकलांग बेटे मोहित का रिश्ता लेकर सुरेंद्र के पास आया।टिप्पणियां मोहित के विकलांग होने के कारण पहले तो सुरेंद्र ने रिश्ते से मना कर दिया, लेकिन बाद में सुरेंद्र को आठ लाख रुपये का लालच दिया गया। लालच में आकर सुरेंद्र ने रिश्ते को मंजूरी दे दी। आरोप है कि सुरेंद्र ने तीन लाख रुपये भी ले लिए और पांच लाख रुपये शादी के दौरान लेने के लिए राजी हो गया। जल्दी ही शादी होने वाली थी। इसी बीच मामले की भनक इस नवीं कक्षा की इस छात्रा को लग गई। उसने अपने दादा फिरे सिंह और ताऊ ज्ञानचंद को इसकी जानकारी दी। पहले तो उन्होंने सुरेंद्र को समझाने का प्रयास किया, लेकिन जब उस पर कोई असर नहीं हुआ तो उन्होंने मामले की जानकारी जिलाधिकारी को दी। जिलाधिकारी हीरालाल गुप्ता ने शिकायत मिलने के बाद जांच के आदेश दिए हैं। मामला दादरी इलाके के सहनी गांव का है। यहां राजवीरी अपने पति सुरेंद्र, बेटा जिले सिंह और 14 साल की बेटी के साथ रहती है। सुरेंद्र का साला सतपाल फेज-दो इलाके के गांव में रहता है। सतपाल कुछ दिनों पहले एच्छर के रहने वाले कैलाश के विकलांग बेटे मोहित का रिश्ता लेकर सुरेंद्र के पास आया।टिप्पणियां मोहित के विकलांग होने के कारण पहले तो सुरेंद्र ने रिश्ते से मना कर दिया, लेकिन बाद में सुरेंद्र को आठ लाख रुपये का लालच दिया गया। लालच में आकर सुरेंद्र ने रिश्ते को मंजूरी दे दी। आरोप है कि सुरेंद्र ने तीन लाख रुपये भी ले लिए और पांच लाख रुपये शादी के दौरान लेने के लिए राजी हो गया। जल्दी ही शादी होने वाली थी। इसी बीच मामले की भनक इस नवीं कक्षा की इस छात्रा को लग गई। उसने अपने दादा फिरे सिंह और ताऊ ज्ञानचंद को इसकी जानकारी दी। पहले तो उन्होंने सुरेंद्र को समझाने का प्रयास किया, लेकिन जब उस पर कोई असर नहीं हुआ तो उन्होंने मामले की जानकारी जिलाधिकारी को दी। जिलाधिकारी हीरालाल गुप्ता ने शिकायत मिलने के बाद जांच के आदेश दिए हैं। मोहित के विकलांग होने के कारण पहले तो सुरेंद्र ने रिश्ते से मना कर दिया, लेकिन बाद में सुरेंद्र को आठ लाख रुपये का लालच दिया गया। लालच में आकर सुरेंद्र ने रिश्ते को मंजूरी दे दी। आरोप है कि सुरेंद्र ने तीन लाख रुपये भी ले लिए और पांच लाख रुपये शादी के दौरान लेने के लिए राजी हो गया। जल्दी ही शादी होने वाली थी। इसी बीच मामले की भनक इस नवीं कक्षा की इस छात्रा को लग गई। उसने अपने दादा फिरे सिंह और ताऊ ज्ञानचंद को इसकी जानकारी दी। पहले तो उन्होंने सुरेंद्र को समझाने का प्रयास किया, लेकिन जब उस पर कोई असर नहीं हुआ तो उन्होंने मामले की जानकारी जिलाधिकारी को दी। जिलाधिकारी हीरालाल गुप्ता ने शिकायत मिलने के बाद जांच के आदेश दिए हैं। इसी बीच मामले की भनक इस नवीं कक्षा की इस छात्रा को लग गई। उसने अपने दादा फिरे सिंह और ताऊ ज्ञानचंद को इसकी जानकारी दी। पहले तो उन्होंने सुरेंद्र को समझाने का प्रयास किया, लेकिन जब उस पर कोई असर नहीं हुआ तो उन्होंने मामले की जानकारी जिलाधिकारी को दी। जिलाधिकारी हीरालाल गुप्ता ने शिकायत मिलने के बाद जांच के आदेश दिए हैं।
संक्षिप्त पाठ: उत्तर प्रदेश के दादरी में पैसे लेकर एक नाबालिग लड़की की शादी कराने के प्रयास का मामला सामने आया है। माता-पिता ने यह सौदा आठ लाख रुपये में किया था।
27
['hin']
एक सारांश बनाओ: पाकिस्तानी हॉकी टीम के कोच अख्तर रसूल ने अनुभवी फॉरवर्ड शकील अब्बासी को रोजा रखने के कारण राष्ट्रीय अभ्यास शिविर से बाहर करके बड़े विवाद को जन्म दे दिया। इस घटना के बाद यह चर्चा जोर पकड़ सकती है कि क्या खिलाड़ियों को मैचों या अभ्यास शिविरों के दौरान रोजा रखना चाहिए या नहीं। रसूल ने कहा कि अब्बासी ने निर्देशों और नीतियों का उल्लंघन किया और इसलिए उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा, शिविर शुरू होने से पहले ही फैसला किया गया था कि कोई भी खिलाड़ी रोजा नहीं रखेगा, क्योंकि रोजा रखने के कारण ट्रेनिंग पर ध्यान लगाना संभव नहीं होता है। रसूल ने कहा, यदि अब्बासी रोजा रखना चाहता है, तो उसे ऐसा घर में करना चाहिए। यह राष्ट्रीय शिविर है और सभी खिलाड़ियों को अपनी ट्रेनिंग पर ध्यान देने की जरूरत है। आगामी एशिया कप हमारे लिए 'करो या मरो' जैसा है। यदि हम उसे नहीं जीत पाते, तो फिर विश्वकप के लिए क्वालीफाई नहीं कर सकते हैं।टिप्पणियां अब्बासी ने पुष्टि की कि उन्होंने मुख्य कोच के आदेश का पालन नहीं किया, लेकिन कहा कि रोजा रखने के बावजूद वह ट्रेनिंग पर ध्यान केंद्रित कर सकते थे। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि मैं दोनों काम कर सकता हूं। मेरा मानना है कि रोजा रखना या नहीं रखना किसी का व्यक्तिगत फैसला होना चाहिए। बाजवा ने कहा, यह फैसला आम सहमति से किया गया था, लेकिन हमें अब इस मसले पर गौर करना होगा क्योंकि यह संवेदनशील मसला है और देखते हैं कि क्या होता है। यह शिविर मलेशिया में होने वाले एशिया कप की तैयारियों के लिए लगाया गया है। रसूल ने कहा कि अब्बासी ने निर्देशों और नीतियों का उल्लंघन किया और इसलिए उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा, शिविर शुरू होने से पहले ही फैसला किया गया था कि कोई भी खिलाड़ी रोजा नहीं रखेगा, क्योंकि रोजा रखने के कारण ट्रेनिंग पर ध्यान लगाना संभव नहीं होता है। रसूल ने कहा, यदि अब्बासी रोजा रखना चाहता है, तो उसे ऐसा घर में करना चाहिए। यह राष्ट्रीय शिविर है और सभी खिलाड़ियों को अपनी ट्रेनिंग पर ध्यान देने की जरूरत है। आगामी एशिया कप हमारे लिए 'करो या मरो' जैसा है। यदि हम उसे नहीं जीत पाते, तो फिर विश्वकप के लिए क्वालीफाई नहीं कर सकते हैं।टिप्पणियां अब्बासी ने पुष्टि की कि उन्होंने मुख्य कोच के आदेश का पालन नहीं किया, लेकिन कहा कि रोजा रखने के बावजूद वह ट्रेनिंग पर ध्यान केंद्रित कर सकते थे। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि मैं दोनों काम कर सकता हूं। मेरा मानना है कि रोजा रखना या नहीं रखना किसी का व्यक्तिगत फैसला होना चाहिए। बाजवा ने कहा, यह फैसला आम सहमति से किया गया था, लेकिन हमें अब इस मसले पर गौर करना होगा क्योंकि यह संवेदनशील मसला है और देखते हैं कि क्या होता है। यह शिविर मलेशिया में होने वाले एशिया कप की तैयारियों के लिए लगाया गया है। रसूल ने कहा, यदि अब्बासी रोजा रखना चाहता है, तो उसे ऐसा घर में करना चाहिए। यह राष्ट्रीय शिविर है और सभी खिलाड़ियों को अपनी ट्रेनिंग पर ध्यान देने की जरूरत है। आगामी एशिया कप हमारे लिए 'करो या मरो' जैसा है। यदि हम उसे नहीं जीत पाते, तो फिर विश्वकप के लिए क्वालीफाई नहीं कर सकते हैं।टिप्पणियां अब्बासी ने पुष्टि की कि उन्होंने मुख्य कोच के आदेश का पालन नहीं किया, लेकिन कहा कि रोजा रखने के बावजूद वह ट्रेनिंग पर ध्यान केंद्रित कर सकते थे। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि मैं दोनों काम कर सकता हूं। मेरा मानना है कि रोजा रखना या नहीं रखना किसी का व्यक्तिगत फैसला होना चाहिए। बाजवा ने कहा, यह फैसला आम सहमति से किया गया था, लेकिन हमें अब इस मसले पर गौर करना होगा क्योंकि यह संवेदनशील मसला है और देखते हैं कि क्या होता है। यह शिविर मलेशिया में होने वाले एशिया कप की तैयारियों के लिए लगाया गया है। अब्बासी ने पुष्टि की कि उन्होंने मुख्य कोच के आदेश का पालन नहीं किया, लेकिन कहा कि रोजा रखने के बावजूद वह ट्रेनिंग पर ध्यान केंद्रित कर सकते थे। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि मैं दोनों काम कर सकता हूं। मेरा मानना है कि रोजा रखना या नहीं रखना किसी का व्यक्तिगत फैसला होना चाहिए। बाजवा ने कहा, यह फैसला आम सहमति से किया गया था, लेकिन हमें अब इस मसले पर गौर करना होगा क्योंकि यह संवेदनशील मसला है और देखते हैं कि क्या होता है। यह शिविर मलेशिया में होने वाले एशिया कप की तैयारियों के लिए लगाया गया है। बाजवा ने कहा, यह फैसला आम सहमति से किया गया था, लेकिन हमें अब इस मसले पर गौर करना होगा क्योंकि यह संवेदनशील मसला है और देखते हैं कि क्या होता है। यह शिविर मलेशिया में होने वाले एशिया कप की तैयारियों के लिए लगाया गया है।
यह एक सारांश है: पाकिस्तानी हॉकी टीम के कोच अख्तर रसूल ने अनुभवी फॉरवर्ड शकील अब्बासी को रोजा रखने के कारण राष्ट्रीय अभ्यास शिविर से बाहर करके बड़े विवाद को जन्म दे दिया।
21
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: शिवसेना के कार्यकारी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने सोमवार को अपने पिता व शिवसेना के संरक्षक बाल ठाकरे की अस्थियां मध्य मुम्बई स्थित शिवाजी पार्क से बटोरीं तथा उन्हें दो कलशों में रखा। रविवार को इसी स्थान पर ठाकरे का अंतिम संस्कार किया गया था। उद्धव सोमवार को साधु-संतों के साथ शिवाजी पार्क गए और पवित्र मंत्रों के बीच उन्होंने अपने पिता की अस्थियां बटोरकर कलश में रखा। शिवसेना के एक पदाधिकारी ने कहा, एक कलश दो दिन के लिए पार्टी के मुख्यालय-सेना भवन में उन लोगों के दर्शन के लिए रखा जाएगा, जो सेना प्रमुख की अंतिम यात्रा में शामिल नहीं हो पाए थे। दूसरा कलश उनके आवास-मातोश्री पर रखा जाएगा। दो दिन बाद ठाकरे की अस्थियां पवित्र नदी में प्रवाहित की जाएंगी और अंतिम संस्कार से सम्बंधित रीतियां की जाएंगी। उनकी अस्थियां कहां प्रवाहित की जाएंगी, अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है। उधर, बाल ठाकरे के अंतिम संस्कार के एक दिन बाद आज मुंबई फिर से अपनी रफ्तार पकड़ने लगी है और सड़कों पर टैक्सियों तथा ऑटोरिक्शाओं के चलने के साथ धीरे-धीरे बाजार भी खुल रहे हैं। इससे पहले शनिवार को शिवसेना प्रमुख के निधन की खबर फैलते ही मुंबई की रफ्तार थम-सी गई थी और बंद का सा माहौल हो गया था। दिवाली की छुट्टियों के बाद स्कूल और कॉलेज आज खुलने थे, लेकिन अब छुट्टी एक दिन और बढ़ा दी गयी है और ये कल खुलेंगे। शिवसेना ने किसी बंद के लिए नहीं कहा है लेकिन फेडरन ऑफ एसोसिएशन्स ऑफ महाराष्ट्र (एफएएम) ने अपनी घटक संस्थाओं से और व्यापारी समुदाय से सोमवार को राज्य में बंद रखने का आह्वान किया है। एफएएम ने अपने सहयोगी संगठनों से अपील की है कि बाल ठाकरे के सम्मान में आज श्रद्धांजलि दिवस मनाया जाए। पिछले कुछ समय से गंभीर तौर पर अस्वस्थ चल रहे बाल ठाकरे का शनिवार को अपराह्न में निधन हो गया था। मुंबई में सर्राफा व्यवसायियों ने भी अपने-अपने प्रतिष्ठानों को बंद रखा।टिप्पणियां इस बीच अस्थि कलश शिवसेना नेताओं और पदाधिकारियों को दिए जाएंगे, जिन्हें राज्य में विभिन्न जगहों पर पार्टी दफ्तरों में 21 और 22 नवंबर को दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि देने के लिए रखा जाएगा। इसके बाद अस्थियों को 23 नवंबर को हरिहरेश्वर, नासिक, हरिद्वार, वाराणसी और कन्याकुमारी समेत देश के विभिन्न तीर्थों में पवित्र नदियों में विसर्जित कर दिया जाएगा। उद्धव सोमवार को साधु-संतों के साथ शिवाजी पार्क गए और पवित्र मंत्रों के बीच उन्होंने अपने पिता की अस्थियां बटोरकर कलश में रखा। शिवसेना के एक पदाधिकारी ने कहा, एक कलश दो दिन के लिए पार्टी के मुख्यालय-सेना भवन में उन लोगों के दर्शन के लिए रखा जाएगा, जो सेना प्रमुख की अंतिम यात्रा में शामिल नहीं हो पाए थे। दूसरा कलश उनके आवास-मातोश्री पर रखा जाएगा। दो दिन बाद ठाकरे की अस्थियां पवित्र नदी में प्रवाहित की जाएंगी और अंतिम संस्कार से सम्बंधित रीतियां की जाएंगी। उनकी अस्थियां कहां प्रवाहित की जाएंगी, अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है। उधर, बाल ठाकरे के अंतिम संस्कार के एक दिन बाद आज मुंबई फिर से अपनी रफ्तार पकड़ने लगी है और सड़कों पर टैक्सियों तथा ऑटोरिक्शाओं के चलने के साथ धीरे-धीरे बाजार भी खुल रहे हैं। इससे पहले शनिवार को शिवसेना प्रमुख के निधन की खबर फैलते ही मुंबई की रफ्तार थम-सी गई थी और बंद का सा माहौल हो गया था। दिवाली की छुट्टियों के बाद स्कूल और कॉलेज आज खुलने थे, लेकिन अब छुट्टी एक दिन और बढ़ा दी गयी है और ये कल खुलेंगे। शिवसेना ने किसी बंद के लिए नहीं कहा है लेकिन फेडरन ऑफ एसोसिएशन्स ऑफ महाराष्ट्र (एफएएम) ने अपनी घटक संस्थाओं से और व्यापारी समुदाय से सोमवार को राज्य में बंद रखने का आह्वान किया है। एफएएम ने अपने सहयोगी संगठनों से अपील की है कि बाल ठाकरे के सम्मान में आज श्रद्धांजलि दिवस मनाया जाए। पिछले कुछ समय से गंभीर तौर पर अस्वस्थ चल रहे बाल ठाकरे का शनिवार को अपराह्न में निधन हो गया था। मुंबई में सर्राफा व्यवसायियों ने भी अपने-अपने प्रतिष्ठानों को बंद रखा।टिप्पणियां इस बीच अस्थि कलश शिवसेना नेताओं और पदाधिकारियों को दिए जाएंगे, जिन्हें राज्य में विभिन्न जगहों पर पार्टी दफ्तरों में 21 और 22 नवंबर को दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि देने के लिए रखा जाएगा। इसके बाद अस्थियों को 23 नवंबर को हरिहरेश्वर, नासिक, हरिद्वार, वाराणसी और कन्याकुमारी समेत देश के विभिन्न तीर्थों में पवित्र नदियों में विसर्जित कर दिया जाएगा। शिवसेना के एक पदाधिकारी ने कहा, एक कलश दो दिन के लिए पार्टी के मुख्यालय-सेना भवन में उन लोगों के दर्शन के लिए रखा जाएगा, जो सेना प्रमुख की अंतिम यात्रा में शामिल नहीं हो पाए थे। दूसरा कलश उनके आवास-मातोश्री पर रखा जाएगा। दो दिन बाद ठाकरे की अस्थियां पवित्र नदी में प्रवाहित की जाएंगी और अंतिम संस्कार से सम्बंधित रीतियां की जाएंगी। उनकी अस्थियां कहां प्रवाहित की जाएंगी, अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है। उधर, बाल ठाकरे के अंतिम संस्कार के एक दिन बाद आज मुंबई फिर से अपनी रफ्तार पकड़ने लगी है और सड़कों पर टैक्सियों तथा ऑटोरिक्शाओं के चलने के साथ धीरे-धीरे बाजार भी खुल रहे हैं। इससे पहले शनिवार को शिवसेना प्रमुख के निधन की खबर फैलते ही मुंबई की रफ्तार थम-सी गई थी और बंद का सा माहौल हो गया था। दिवाली की छुट्टियों के बाद स्कूल और कॉलेज आज खुलने थे, लेकिन अब छुट्टी एक दिन और बढ़ा दी गयी है और ये कल खुलेंगे। शिवसेना ने किसी बंद के लिए नहीं कहा है लेकिन फेडरन ऑफ एसोसिएशन्स ऑफ महाराष्ट्र (एफएएम) ने अपनी घटक संस्थाओं से और व्यापारी समुदाय से सोमवार को राज्य में बंद रखने का आह्वान किया है। एफएएम ने अपने सहयोगी संगठनों से अपील की है कि बाल ठाकरे के सम्मान में आज श्रद्धांजलि दिवस मनाया जाए। पिछले कुछ समय से गंभीर तौर पर अस्वस्थ चल रहे बाल ठाकरे का शनिवार को अपराह्न में निधन हो गया था। मुंबई में सर्राफा व्यवसायियों ने भी अपने-अपने प्रतिष्ठानों को बंद रखा।टिप्पणियां इस बीच अस्थि कलश शिवसेना नेताओं और पदाधिकारियों को दिए जाएंगे, जिन्हें राज्य में विभिन्न जगहों पर पार्टी दफ्तरों में 21 और 22 नवंबर को दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि देने के लिए रखा जाएगा। इसके बाद अस्थियों को 23 नवंबर को हरिहरेश्वर, नासिक, हरिद्वार, वाराणसी और कन्याकुमारी समेत देश के विभिन्न तीर्थों में पवित्र नदियों में विसर्जित कर दिया जाएगा। दो दिन बाद ठाकरे की अस्थियां पवित्र नदी में प्रवाहित की जाएंगी और अंतिम संस्कार से सम्बंधित रीतियां की जाएंगी। उनकी अस्थियां कहां प्रवाहित की जाएंगी, अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है। उधर, बाल ठाकरे के अंतिम संस्कार के एक दिन बाद आज मुंबई फिर से अपनी रफ्तार पकड़ने लगी है और सड़कों पर टैक्सियों तथा ऑटोरिक्शाओं के चलने के साथ धीरे-धीरे बाजार भी खुल रहे हैं। इससे पहले शनिवार को शिवसेना प्रमुख के निधन की खबर फैलते ही मुंबई की रफ्तार थम-सी गई थी और बंद का सा माहौल हो गया था। दिवाली की छुट्टियों के बाद स्कूल और कॉलेज आज खुलने थे, लेकिन अब छुट्टी एक दिन और बढ़ा दी गयी है और ये कल खुलेंगे। शिवसेना ने किसी बंद के लिए नहीं कहा है लेकिन फेडरन ऑफ एसोसिएशन्स ऑफ महाराष्ट्र (एफएएम) ने अपनी घटक संस्थाओं से और व्यापारी समुदाय से सोमवार को राज्य में बंद रखने का आह्वान किया है। एफएएम ने अपने सहयोगी संगठनों से अपील की है कि बाल ठाकरे के सम्मान में आज श्रद्धांजलि दिवस मनाया जाए। पिछले कुछ समय से गंभीर तौर पर अस्वस्थ चल रहे बाल ठाकरे का शनिवार को अपराह्न में निधन हो गया था। मुंबई में सर्राफा व्यवसायियों ने भी अपने-अपने प्रतिष्ठानों को बंद रखा।टिप्पणियां इस बीच अस्थि कलश शिवसेना नेताओं और पदाधिकारियों को दिए जाएंगे, जिन्हें राज्य में विभिन्न जगहों पर पार्टी दफ्तरों में 21 और 22 नवंबर को दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि देने के लिए रखा जाएगा। इसके बाद अस्थियों को 23 नवंबर को हरिहरेश्वर, नासिक, हरिद्वार, वाराणसी और कन्याकुमारी समेत देश के विभिन्न तीर्थों में पवित्र नदियों में विसर्जित कर दिया जाएगा। उधर, बाल ठाकरे के अंतिम संस्कार के एक दिन बाद आज मुंबई फिर से अपनी रफ्तार पकड़ने लगी है और सड़कों पर टैक्सियों तथा ऑटोरिक्शाओं के चलने के साथ धीरे-धीरे बाजार भी खुल रहे हैं। इससे पहले शनिवार को शिवसेना प्रमुख के निधन की खबर फैलते ही मुंबई की रफ्तार थम-सी गई थी और बंद का सा माहौल हो गया था। दिवाली की छुट्टियों के बाद स्कूल और कॉलेज आज खुलने थे, लेकिन अब छुट्टी एक दिन और बढ़ा दी गयी है और ये कल खुलेंगे। शिवसेना ने किसी बंद के लिए नहीं कहा है लेकिन फेडरन ऑफ एसोसिएशन्स ऑफ महाराष्ट्र (एफएएम) ने अपनी घटक संस्थाओं से और व्यापारी समुदाय से सोमवार को राज्य में बंद रखने का आह्वान किया है। एफएएम ने अपने सहयोगी संगठनों से अपील की है कि बाल ठाकरे के सम्मान में आज श्रद्धांजलि दिवस मनाया जाए। पिछले कुछ समय से गंभीर तौर पर अस्वस्थ चल रहे बाल ठाकरे का शनिवार को अपराह्न में निधन हो गया था। मुंबई में सर्राफा व्यवसायियों ने भी अपने-अपने प्रतिष्ठानों को बंद रखा।टिप्पणियां इस बीच अस्थि कलश शिवसेना नेताओं और पदाधिकारियों को दिए जाएंगे, जिन्हें राज्य में विभिन्न जगहों पर पार्टी दफ्तरों में 21 और 22 नवंबर को दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि देने के लिए रखा जाएगा। इसके बाद अस्थियों को 23 नवंबर को हरिहरेश्वर, नासिक, हरिद्वार, वाराणसी और कन्याकुमारी समेत देश के विभिन्न तीर्थों में पवित्र नदियों में विसर्जित कर दिया जाएगा। इससे पहले शनिवार को शिवसेना प्रमुख के निधन की खबर फैलते ही मुंबई की रफ्तार थम-सी गई थी और बंद का सा माहौल हो गया था। दिवाली की छुट्टियों के बाद स्कूल और कॉलेज आज खुलने थे, लेकिन अब छुट्टी एक दिन और बढ़ा दी गयी है और ये कल खुलेंगे। शिवसेना ने किसी बंद के लिए नहीं कहा है लेकिन फेडरन ऑफ एसोसिएशन्स ऑफ महाराष्ट्र (एफएएम) ने अपनी घटक संस्थाओं से और व्यापारी समुदाय से सोमवार को राज्य में बंद रखने का आह्वान किया है। एफएएम ने अपने सहयोगी संगठनों से अपील की है कि बाल ठाकरे के सम्मान में आज श्रद्धांजलि दिवस मनाया जाए। पिछले कुछ समय से गंभीर तौर पर अस्वस्थ चल रहे बाल ठाकरे का शनिवार को अपराह्न में निधन हो गया था। मुंबई में सर्राफा व्यवसायियों ने भी अपने-अपने प्रतिष्ठानों को बंद रखा।टिप्पणियां इस बीच अस्थि कलश शिवसेना नेताओं और पदाधिकारियों को दिए जाएंगे, जिन्हें राज्य में विभिन्न जगहों पर पार्टी दफ्तरों में 21 और 22 नवंबर को दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि देने के लिए रखा जाएगा। इसके बाद अस्थियों को 23 नवंबर को हरिहरेश्वर, नासिक, हरिद्वार, वाराणसी और कन्याकुमारी समेत देश के विभिन्न तीर्थों में पवित्र नदियों में विसर्जित कर दिया जाएगा। शिवसेना ने किसी बंद के लिए नहीं कहा है लेकिन फेडरन ऑफ एसोसिएशन्स ऑफ महाराष्ट्र (एफएएम) ने अपनी घटक संस्थाओं से और व्यापारी समुदाय से सोमवार को राज्य में बंद रखने का आह्वान किया है। एफएएम ने अपने सहयोगी संगठनों से अपील की है कि बाल ठाकरे के सम्मान में आज श्रद्धांजलि दिवस मनाया जाए। पिछले कुछ समय से गंभीर तौर पर अस्वस्थ चल रहे बाल ठाकरे का शनिवार को अपराह्न में निधन हो गया था। मुंबई में सर्राफा व्यवसायियों ने भी अपने-अपने प्रतिष्ठानों को बंद रखा।टिप्पणियां इस बीच अस्थि कलश शिवसेना नेताओं और पदाधिकारियों को दिए जाएंगे, जिन्हें राज्य में विभिन्न जगहों पर पार्टी दफ्तरों में 21 और 22 नवंबर को दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि देने के लिए रखा जाएगा। इसके बाद अस्थियों को 23 नवंबर को हरिहरेश्वर, नासिक, हरिद्वार, वाराणसी और कन्याकुमारी समेत देश के विभिन्न तीर्थों में पवित्र नदियों में विसर्जित कर दिया जाएगा। इस बीच अस्थि कलश शिवसेना नेताओं और पदाधिकारियों को दिए जाएंगे, जिन्हें राज्य में विभिन्न जगहों पर पार्टी दफ्तरों में 21 और 22 नवंबर को दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि देने के लिए रखा जाएगा। इसके बाद अस्थियों को 23 नवंबर को हरिहरेश्वर, नासिक, हरिद्वार, वाराणसी और कन्याकुमारी समेत देश के विभिन्न तीर्थों में पवित्र नदियों में विसर्जित कर दिया जाएगा। इसके बाद अस्थियों को 23 नवंबर को हरिहरेश्वर, नासिक, हरिद्वार, वाराणसी और कन्याकुमारी समेत देश के विभिन्न तीर्थों में पवित्र नदियों में विसर्जित कर दिया जाएगा।
संक्षिप्त पाठ: शिवसेना के कार्यकारी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने सोमवार को अपने पिता व शिवसेना के संरक्षक बाल ठाकरे की अस्थियां मध्य मुम्बई स्थित शिवाजी पार्क से बटोरीं तथा उन्हें दो कलशों में रखा।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: हिंदी फिल्मों की गुजरे जमाने की अभिनेत्री जीनत अमान समलैंगिक मुद्दे पर बनी फिल्म 'डूनो व्हाई..ना जाने क्यूं' के सीक्वल से एक बार फिर बड़े पर्दे पर वापसी कर रही हैं। इस फिल्म में वह एक पाकिस्तानी महिला का किरदार निभाएंगी। फिल्म के मुख्य अभिनेता कपिल शर्मा ने 2010 में बनी विवादित फिल्म के सीक्वल में जीनत के काम करने की पुष्टि की है, लेकिन उन्होंने फिल्म और उसमें जीनत के किरदार के बारे में एक शब्द नहीं कहा। युवराज पराशर के साथ फिल्म में काम कर रहे शर्मा ने कहा, "जीनतजी इस फिल्म में एक स्वतंत्र विचारों वाली, उदारवादी, खूबसूरत पाकिस्तानी महिला, नाजनीन के किरदार में हैं। उनका किरदार फिल्म की कहानी का अहम हिस्सा है तथा कहानी को बांधे रखने का काम करता है।"टिप्पणियां सूत्रों ने बताया कि जीनत ने फिल्म में समलैंगिक प्रेमी युगल में से एक की मां के किरदार में हैं तथा फिल्म को भारत-पाकिस्तान समलैंगिक प्रेम कहानी कहा जा रहा है। फिल्म के सीक्वल का निर्माण नार्वे की निर्माण कंपनी, द हंग्री हर्ट्स कर रही है। फिल्म के मुख्य अभिनेता कपिल शर्मा ने 2010 में बनी विवादित फिल्म के सीक्वल में जीनत के काम करने की पुष्टि की है, लेकिन उन्होंने फिल्म और उसमें जीनत के किरदार के बारे में एक शब्द नहीं कहा। युवराज पराशर के साथ फिल्म में काम कर रहे शर्मा ने कहा, "जीनतजी इस फिल्म में एक स्वतंत्र विचारों वाली, उदारवादी, खूबसूरत पाकिस्तानी महिला, नाजनीन के किरदार में हैं। उनका किरदार फिल्म की कहानी का अहम हिस्सा है तथा कहानी को बांधे रखने का काम करता है।"टिप्पणियां सूत्रों ने बताया कि जीनत ने फिल्म में समलैंगिक प्रेमी युगल में से एक की मां के किरदार में हैं तथा फिल्म को भारत-पाकिस्तान समलैंगिक प्रेम कहानी कहा जा रहा है। फिल्म के सीक्वल का निर्माण नार्वे की निर्माण कंपनी, द हंग्री हर्ट्स कर रही है। युवराज पराशर के साथ फिल्म में काम कर रहे शर्मा ने कहा, "जीनतजी इस फिल्म में एक स्वतंत्र विचारों वाली, उदारवादी, खूबसूरत पाकिस्तानी महिला, नाजनीन के किरदार में हैं। उनका किरदार फिल्म की कहानी का अहम हिस्सा है तथा कहानी को बांधे रखने का काम करता है।"टिप्पणियां सूत्रों ने बताया कि जीनत ने फिल्म में समलैंगिक प्रेमी युगल में से एक की मां के किरदार में हैं तथा फिल्म को भारत-पाकिस्तान समलैंगिक प्रेम कहानी कहा जा रहा है। फिल्म के सीक्वल का निर्माण नार्वे की निर्माण कंपनी, द हंग्री हर्ट्स कर रही है। सूत्रों ने बताया कि जीनत ने फिल्म में समलैंगिक प्रेमी युगल में से एक की मां के किरदार में हैं तथा फिल्म को भारत-पाकिस्तान समलैंगिक प्रेम कहानी कहा जा रहा है। फिल्म के सीक्वल का निर्माण नार्वे की निर्माण कंपनी, द हंग्री हर्ट्स कर रही है। फिल्म के सीक्वल का निर्माण नार्वे की निर्माण कंपनी, द हंग्री हर्ट्स कर रही है।
संक्षिप्त सारांश: हिंदी फिल्मों की गुजरे जमाने की अभिनेत्री जीनत अमान समलैंगिक मुद्दे पर बनी फिल्म 'डूनो व्हाई..ना जाने क्यूं' के सीक्वल से एक बार फिर बड़े पर्दे पर वापसी कर रही हैं। इस फिल्म में वह एक पाकिस्तानी महिला का किरदार निभाएंगी।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: इशरत जहां फर्जी मुठभेड़ मामले में सीबीआई के आरोपपत्र पर केंद्र सरकार पर निाशाना साधते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार को इशरत के 'आतंकवादियों से उसके संपर्क' का खुलासा करना चाहिए। गौरतलब है कि सीबीआई ने बुधवार को एक आरोपपत्र दालिख कर कहा था कि इशरत का आतंकवादियों से कोई संबंध नहीं था। वर्ष 2004 में हुई इस मुठभेड़ में सात वरिष्ठ अधिकारियों को आरोपी बनाया गया है। राजनाथ ने कहा कि सरकार को इस बात का खुलासा करना चाहिए कि इशरत किस आतंकवादी संगठन से जुड़ी थी। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि 2002 के बाद से 3,000 से अधिक फर्जी मुठभेड़ें हुईं। लेकिन राजनीति लाभ के लिए केवल इसी मामले को उछाला जा रहा है। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि खाद्य सुरक्षा विधेयक पर सबसे पहले संसद में चर्चा होनी चाहिए। इसे एक अध्यादेश के रूप में लाना ठीक नहीं है। राजनाथ सिंह ने कहा कि पिछले चार साल में जब खाद्य सुरक्षा विधेयक पारित नहीं हुआ तो अब क्या जल्दी थी। भाजपा इस विधयेक को कुछ संशोधनों के साथ पारित कराना चाहती थी। राजनाथ सिंह ने अर्थव्यवस्था को संभालने में विफलता के लिए संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि देश 1991 की उस स्थिति की ओर बढ़ रहा है जब उसे अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के पास सोना गिरवी रखकर कर्ज लेना पड़ा था। गुरुवार को संवाददाताओं से बात करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की दर गिरकर पांच प्रतिशत के करीब आ गई है और डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत में लगातार गिरावट हो रही है। राजनाथ सिंह ने कहा कि देश उन्हीं हालातों का सामना कर रहा है, जो हालात 1991 में थे।टिप्पणियां उन्होंने कहा कि विदेशी निवेशक भारत में निवेश करने के अनिच्छुक हैं और भारतीय निवेशक विदेशों में संभावनाएं तलाश रहे हैं। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि रुपये के अवमूल्यन से निर्यात बढ़ना चाहिए लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके विपरीत आयात ही बढ़ा और उससे अर्थव्यवस्था पर दबाव गहरा गया है। गौरतलब है कि सीबीआई ने बुधवार को एक आरोपपत्र दालिख कर कहा था कि इशरत का आतंकवादियों से कोई संबंध नहीं था। वर्ष 2004 में हुई इस मुठभेड़ में सात वरिष्ठ अधिकारियों को आरोपी बनाया गया है। राजनाथ ने कहा कि सरकार को इस बात का खुलासा करना चाहिए कि इशरत किस आतंकवादी संगठन से जुड़ी थी। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि 2002 के बाद से 3,000 से अधिक फर्जी मुठभेड़ें हुईं। लेकिन राजनीति लाभ के लिए केवल इसी मामले को उछाला जा रहा है। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि खाद्य सुरक्षा विधेयक पर सबसे पहले संसद में चर्चा होनी चाहिए। इसे एक अध्यादेश के रूप में लाना ठीक नहीं है। राजनाथ सिंह ने कहा कि पिछले चार साल में जब खाद्य सुरक्षा विधेयक पारित नहीं हुआ तो अब क्या जल्दी थी। भाजपा इस विधयेक को कुछ संशोधनों के साथ पारित कराना चाहती थी। राजनाथ सिंह ने अर्थव्यवस्था को संभालने में विफलता के लिए संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि देश 1991 की उस स्थिति की ओर बढ़ रहा है जब उसे अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के पास सोना गिरवी रखकर कर्ज लेना पड़ा था। गुरुवार को संवाददाताओं से बात करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की दर गिरकर पांच प्रतिशत के करीब आ गई है और डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत में लगातार गिरावट हो रही है। राजनाथ सिंह ने कहा कि देश उन्हीं हालातों का सामना कर रहा है, जो हालात 1991 में थे।टिप्पणियां उन्होंने कहा कि विदेशी निवेशक भारत में निवेश करने के अनिच्छुक हैं और भारतीय निवेशक विदेशों में संभावनाएं तलाश रहे हैं। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि रुपये के अवमूल्यन से निर्यात बढ़ना चाहिए लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके विपरीत आयात ही बढ़ा और उससे अर्थव्यवस्था पर दबाव गहरा गया है। राजनाथ ने कहा कि सरकार को इस बात का खुलासा करना चाहिए कि इशरत किस आतंकवादी संगठन से जुड़ी थी। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि 2002 के बाद से 3,000 से अधिक फर्जी मुठभेड़ें हुईं। लेकिन राजनीति लाभ के लिए केवल इसी मामले को उछाला जा रहा है। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि खाद्य सुरक्षा विधेयक पर सबसे पहले संसद में चर्चा होनी चाहिए। इसे एक अध्यादेश के रूप में लाना ठीक नहीं है। राजनाथ सिंह ने कहा कि पिछले चार साल में जब खाद्य सुरक्षा विधेयक पारित नहीं हुआ तो अब क्या जल्दी थी। भाजपा इस विधयेक को कुछ संशोधनों के साथ पारित कराना चाहती थी। राजनाथ सिंह ने अर्थव्यवस्था को संभालने में विफलता के लिए संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि देश 1991 की उस स्थिति की ओर बढ़ रहा है जब उसे अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के पास सोना गिरवी रखकर कर्ज लेना पड़ा था। गुरुवार को संवाददाताओं से बात करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की दर गिरकर पांच प्रतिशत के करीब आ गई है और डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत में लगातार गिरावट हो रही है। राजनाथ सिंह ने कहा कि देश उन्हीं हालातों का सामना कर रहा है, जो हालात 1991 में थे।टिप्पणियां उन्होंने कहा कि विदेशी निवेशक भारत में निवेश करने के अनिच्छुक हैं और भारतीय निवेशक विदेशों में संभावनाएं तलाश रहे हैं। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि रुपये के अवमूल्यन से निर्यात बढ़ना चाहिए लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके विपरीत आयात ही बढ़ा और उससे अर्थव्यवस्था पर दबाव गहरा गया है। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि 2002 के बाद से 3,000 से अधिक फर्जी मुठभेड़ें हुईं। लेकिन राजनीति लाभ के लिए केवल इसी मामले को उछाला जा रहा है। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि खाद्य सुरक्षा विधेयक पर सबसे पहले संसद में चर्चा होनी चाहिए। इसे एक अध्यादेश के रूप में लाना ठीक नहीं है। राजनाथ सिंह ने कहा कि पिछले चार साल में जब खाद्य सुरक्षा विधेयक पारित नहीं हुआ तो अब क्या जल्दी थी। भाजपा इस विधयेक को कुछ संशोधनों के साथ पारित कराना चाहती थी। राजनाथ सिंह ने अर्थव्यवस्था को संभालने में विफलता के लिए संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि देश 1991 की उस स्थिति की ओर बढ़ रहा है जब उसे अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के पास सोना गिरवी रखकर कर्ज लेना पड़ा था। गुरुवार को संवाददाताओं से बात करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की दर गिरकर पांच प्रतिशत के करीब आ गई है और डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत में लगातार गिरावट हो रही है। राजनाथ सिंह ने कहा कि देश उन्हीं हालातों का सामना कर रहा है, जो हालात 1991 में थे।टिप्पणियां उन्होंने कहा कि विदेशी निवेशक भारत में निवेश करने के अनिच्छुक हैं और भारतीय निवेशक विदेशों में संभावनाएं तलाश रहे हैं। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि रुपये के अवमूल्यन से निर्यात बढ़ना चाहिए लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके विपरीत आयात ही बढ़ा और उससे अर्थव्यवस्था पर दबाव गहरा गया है। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि खाद्य सुरक्षा विधेयक पर सबसे पहले संसद में चर्चा होनी चाहिए। इसे एक अध्यादेश के रूप में लाना ठीक नहीं है। राजनाथ सिंह ने कहा कि पिछले चार साल में जब खाद्य सुरक्षा विधेयक पारित नहीं हुआ तो अब क्या जल्दी थी। भाजपा इस विधयेक को कुछ संशोधनों के साथ पारित कराना चाहती थी। राजनाथ सिंह ने अर्थव्यवस्था को संभालने में विफलता के लिए संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि देश 1991 की उस स्थिति की ओर बढ़ रहा है जब उसे अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के पास सोना गिरवी रखकर कर्ज लेना पड़ा था। गुरुवार को संवाददाताओं से बात करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की दर गिरकर पांच प्रतिशत के करीब आ गई है और डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत में लगातार गिरावट हो रही है। राजनाथ सिंह ने कहा कि देश उन्हीं हालातों का सामना कर रहा है, जो हालात 1991 में थे।टिप्पणियां उन्होंने कहा कि विदेशी निवेशक भारत में निवेश करने के अनिच्छुक हैं और भारतीय निवेशक विदेशों में संभावनाएं तलाश रहे हैं। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि रुपये के अवमूल्यन से निर्यात बढ़ना चाहिए लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके विपरीत आयात ही बढ़ा और उससे अर्थव्यवस्था पर दबाव गहरा गया है। राजनाथ सिंह ने कहा कि पिछले चार साल में जब खाद्य सुरक्षा विधेयक पारित नहीं हुआ तो अब क्या जल्दी थी। भाजपा इस विधयेक को कुछ संशोधनों के साथ पारित कराना चाहती थी। राजनाथ सिंह ने अर्थव्यवस्था को संभालने में विफलता के लिए संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि देश 1991 की उस स्थिति की ओर बढ़ रहा है जब उसे अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के पास सोना गिरवी रखकर कर्ज लेना पड़ा था। गुरुवार को संवाददाताओं से बात करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की दर गिरकर पांच प्रतिशत के करीब आ गई है और डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत में लगातार गिरावट हो रही है। राजनाथ सिंह ने कहा कि देश उन्हीं हालातों का सामना कर रहा है, जो हालात 1991 में थे।टिप्पणियां उन्होंने कहा कि विदेशी निवेशक भारत में निवेश करने के अनिच्छुक हैं और भारतीय निवेशक विदेशों में संभावनाएं तलाश रहे हैं। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि रुपये के अवमूल्यन से निर्यात बढ़ना चाहिए लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके विपरीत आयात ही बढ़ा और उससे अर्थव्यवस्था पर दबाव गहरा गया है। राजनाथ सिंह ने अर्थव्यवस्था को संभालने में विफलता के लिए संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि देश 1991 की उस स्थिति की ओर बढ़ रहा है जब उसे अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के पास सोना गिरवी रखकर कर्ज लेना पड़ा था। गुरुवार को संवाददाताओं से बात करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की दर गिरकर पांच प्रतिशत के करीब आ गई है और डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत में लगातार गिरावट हो रही है। राजनाथ सिंह ने कहा कि देश उन्हीं हालातों का सामना कर रहा है, जो हालात 1991 में थे।टिप्पणियां उन्होंने कहा कि विदेशी निवेशक भारत में निवेश करने के अनिच्छुक हैं और भारतीय निवेशक विदेशों में संभावनाएं तलाश रहे हैं। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि रुपये के अवमूल्यन से निर्यात बढ़ना चाहिए लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके विपरीत आयात ही बढ़ा और उससे अर्थव्यवस्था पर दबाव गहरा गया है। गुरुवार को संवाददाताओं से बात करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की दर गिरकर पांच प्रतिशत के करीब आ गई है और डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत में लगातार गिरावट हो रही है। राजनाथ सिंह ने कहा कि देश उन्हीं हालातों का सामना कर रहा है, जो हालात 1991 में थे।टिप्पणियां उन्होंने कहा कि विदेशी निवेशक भारत में निवेश करने के अनिच्छुक हैं और भारतीय निवेशक विदेशों में संभावनाएं तलाश रहे हैं। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि रुपये के अवमूल्यन से निर्यात बढ़ना चाहिए लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके विपरीत आयात ही बढ़ा और उससे अर्थव्यवस्था पर दबाव गहरा गया है। राजनाथ सिंह ने कहा कि देश उन्हीं हालातों का सामना कर रहा है, जो हालात 1991 में थे।टिप्पणियां उन्होंने कहा कि विदेशी निवेशक भारत में निवेश करने के अनिच्छुक हैं और भारतीय निवेशक विदेशों में संभावनाएं तलाश रहे हैं। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि रुपये के अवमूल्यन से निर्यात बढ़ना चाहिए लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके विपरीत आयात ही बढ़ा और उससे अर्थव्यवस्था पर दबाव गहरा गया है। उन्होंने कहा कि विदेशी निवेशक भारत में निवेश करने के अनिच्छुक हैं और भारतीय निवेशक विदेशों में संभावनाएं तलाश रहे हैं। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि रुपये के अवमूल्यन से निर्यात बढ़ना चाहिए लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके विपरीत आयात ही बढ़ा और उससे अर्थव्यवस्था पर दबाव गहरा गया है। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि रुपये के अवमूल्यन से निर्यात बढ़ना चाहिए लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके विपरीत आयात ही बढ़ा और उससे अर्थव्यवस्था पर दबाव गहरा गया है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: इशरत जहां फर्जी मुठभेड़ मामले में सीबीआई के आरोपपत्र पर केंद्र सरकार पर निाशाना साधते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार को इशरत के 'आतंकवादियों से उसके संपर्क' का खुलासा करना चाहिए।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: एक तरफ प्रदूषण से बुरी तरह घिरे दिल्ली शहर को प्रदूषण मुक्त करने के लिए विभिन्न उपाय किए जा रहे हैं और दूसरी तरफ शहर के बीचोंबीच भारी प्रदूषण फैला रहे एक बिजली उत्पादन प्लांट को न सिर्फ अनदेखा किया जा रहा है बल्कि अब इसकी क्षमता भी बढ़ाई जा रही है. ओखला में स्थित इस प्लांट के प्रदूषण से करीब 10 लाख की आबादी प्रभावित हो रही है.      दिल्ली के सुखदेव विहार, जसोला, सरिता विहार, अबुल फजल, हाजी कॉलोनी, गफ्फार मंजिल, जौहरी फार्म, शाहीन बाग ईश्वर नगर, ज़ाकिर बाग सहित अन्य कॉलोनियों में रहने वाले लाखों लोग दिल्ली सरकार द्वारा तिमारपुर-ओखला वेस्ट मेनेजमेन्ट कंपनी के 16 मेगावाट के प्लांट की क्षमता 40 मेगा वाट करने के फैसले से भयभीत हैं. साउथ ईस्ट जिलाधिकारी ऑफिस ने प्लांट को 40 मेगा वाट करने के फैसले को लेकर 16 जनवरी को  जनसुनवाई आयोजित की थी. आसपास के निवासियों ने इस जनसुनवाई के खिलाफ प्रदर्शन किया जिसकी वजह से सुनवाई को स्थगित करना पड़ा. सुखदेव विहार रेसिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के रंजीव देवराज और जसोला हाइट्स के एसोसिएशन के अध्यक्ष शकील अहमद ने एनडीटीवी से कहा कि इस प्लांट में लगभग दो हजार टन कूड़ा जलाया जाता है, जिससे चिमनी के ज़रिए उठने वाले ज़हरीले धुंए से आसपास के 10 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हो रहे हैं. जब सड़क पर कूड़ा जलने से फैलने वाले प्रदूषण पर सरकार गंभीर कार्रवाई करती है तो प्लांट से उठने वाले जहरीले धुंए को लेकर सरकार क्यों गंभीर नहीं है? जबकि इस इलाके का एक्यू 1400 को पार कर गया है. ये विचारणीय विषय है. उन्होंने कहा कि ग्रीन बेल्ट के ऊपर लगा यह प्लांट नियमों को अंगूठा दिखा रहा है. नियम के अनुसार ऐसे प्लांट आबादी वाले इलाके से बाहर लगाए जाते हैं. रंजीत देवराज ने कहा कि अभी जनसुनवाई भी नहीं हुई है तो फिर किस आधार पर इस प्लांट में नई चिमनियों का निर्माण किया गया. बिजली बनाने के नाम पर प्लांट में तीन बड़े बॉयलर लगाए गए. किसी कारण से अगर ये फटता है तो प्लांट से सटे रिहायशी इलाके में रह रहे सैकड़ों लोग मौत के मुंह में समा जाएंगे. क्या किसी बड़े हादसे का सरकार इंतजार कर रही है?    ऑल इंडिया मिल्ली काउंसिल दिल्ली स्टेट के जनरल सेक्रेटरी और शाहीन बाग निवासी शकीलुर रहमान ने एनडीटीवी को बताया कि इस प्लांट के चारों ओर 3-4 किलोमीटर के दायरे में कई बड़े अस्पतालों के अलावा जामिया मिल्लिया विश्वविद्यालय है. प्लांट से निकलने वाले जहरीले धुंए से पूरे क्षेत्र में हमेशा बीमारियों का प्रकोप रहता है. बच्चे तरह-तरह की बीमारियां से जूझ रहे हैं. शकील कहते हैं कि जल्द ही वे केंद्रीय पर्यावरण मंत्री डॉ हर्षवर्धन से मिलेंगे. उन्हें एक मेमोरंडम दिया जाएगा और मांग की जाएगी कि प्लांट को तत्काल रिहायशी इलाके से बाहर शिफ्ट किया जाए. वॉलेंटियर्स ऑफ चेंज के कन्वीनर अब्दुल रशीद अगवान ने एनडीटीवी को बताया कि दिल्ली में प्रति दिन निकलने वाला कूड़ा एक बड़ी समस्या बनता जा रहा है. ऐसे में कूड़े से बिजली बनाना काफी विशेषज्ञों को व सरकारों को भी एक बहुत अच्छा पर्यावरणीय विकल्प लगता है. मगर सवाल यह है कि इस विकल्प की तकनीक कौन सी होनी चाहिए? देश में इस तरह की सात परियोजनाएं बंद हो चुकी हैं और फिर भी इस परियोजना के लिए जनसुनवाई का झूठा नाटक करने की आवश्यकता क्यों? न तो कंपनी ने आज तक नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेशों का पालन किया और न अब तक इसके बुरे प्रभावों पर कोई काम किया. चिमनियों से निकलने वाले धुंए से हो रहे नुकसान का आकलन तक नहीं हुआ, मगर लोग जरूर उसको झेल रहे हैं. उन्होंने कहा कि परियोजना से निकलने वाली फ्लाई ऐश का निस्तारण तक नहीं हुआ? इस परियोजना से ओखला क्षेत्र के पेड़ मर रहे हैं. एडीएम (साउथ-ईस्ट) राजीव सिंह प्रहार ने एनडीटीवी से कहा कि दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा हमको निर्देश मिला था कि तिमारपुर-ओखला वेस्ट मेनेजमेन्ट कंपनी के 16 मेगावाट के प्लांट को 40 मेगावाट करने के लिए जनसुनवाई रखी जाए. इसके मद्देनजर हमने जनसुनवाई रखी, लेकिन परियोजना स्थल के आसपास के निवासियों ने विरोध जताया. इस कारण जनसुनवाई को रद्द करते हुए डीपीसी और जिलाधिकारी साउथ-ईस्ट जिला को अगली जनसुनवाई की तारीख के लिए लिखा गया है. जनसुनवाई एवं अन्य प्रक्रिया के बाद ही इस परियोजना को 40 मेगावाट करने की मंजूरी मिल सकती है. सूत्र कहते हैं कि दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ऐसी योजनाओं की स्वीकृति से पहले स्थानीय जिलाधिकारी के जरिए जनसुनवाई कराकर स्थानीय लोगों की राय लेता है. इसके बाद उसकी रिपोर्ट केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय के पास भेजी जाती है. फिर उस प्रोजेक्ट पर निर्णय लेना केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय का जिम्मा होता है. केंद्रीय पर्यावरण सचिव सीके मिश्रा ने एनडीटीवी से कहा कि वेस्ट टेक्नालॉजी एक क्लीन टेक्नालॉजी है. वैसे तो इससे नुकसान का सवाल पैदा नहीं होता है लेकिन अगर ऐसी कोई शिकायत आती है तो हम लोग गंभीरता से कदम उठाते हैं. उन्होंने कहा कि तिमारपुर-ओखला वेस्ट मेनेजमेन्ट कंपनी के 16 मेगावाट के प्लांट को 40 मेगावाट करने का मुद्दा है. वह दिल्ली पर्यावरण मंत्रालय के अधीन आता है. केंद्रीय पर्यावरण मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने एनडीटीवी से कहा कि तिमारपुर-ओखला वेस्ट मेनेजमेन्ट कंपनी के 16 मेगावाट के प्लांट को 40 मेगावाट करने पर अगर लोगों को कोई शिकायत है, प्लांट के प्रदूषण से उनको नुकसान है और वहां के लोग कोई शिकायत मेरे पास लेकर आते हैं तो मैं इसे गंभीरता से लूंगा. इस मुद्दे को लेकर दिल्ली सरकार को भी लिखूंगा. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार की हमेशा से कोशिश रही है कि जनता को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए.   प्लांट की क्षमता बढ़ाने के लिए आयोजित जनसुनवाई का स्थानीय लोगों ने विरोध किया. बिजली और खाद उत्पादन के लिए यह प्लांट लगाया गया था लेकिन अब इसकी वजह से बीमारियां बढ़ रही हैं. प्लांट से निकलने वाला जहरीला धुंआ लोगों की ज़िंदगी में ज़हर घोल रहा है. पैदा होने से पहले ही नौनिहालों को इस प्लांट के प्रदूषण का प्रकोप झेलना पड़ रहा है. यही वजह है कि प्लांट के आसपास दिव्यांग बच्चे जन्म ले रहे हैं. प्रदूषण का बुरा असर निवासियों में सांस की गंभीर बीमारियों से लेकर कैंसर तक के रूप में देखा जाने लगा है. सरकार द्वारा इस गंभीर समस्या का समाधान किया जाना बहुत जरूरी है. लगातार बढ़ता प्रदूषण देश की राजधानी के लिए संकट बन चुका है. यहां तक कि सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली के प्रदूषण और जाम के मामले की सुनवाई के लिए बनाई गई स्पेशल बेंच के जस्टिस अरुण मिश्रा को कहना पड़ा कि दिल्ली गैस चैम्बर बन गई है, यह रहने लायक नहीं है. उन्होंने कहा कि  वे रिटायरमेंट के बाद दिल्ली छोड़कर चले जाएंगे. इससे पहले जस्टिस मदन भीमराव लोकुर भी प्रदूषण को लेकर कठोर टिप्पणी कर चुके हैं.
संक्षिप्त सारांश: प्लांट की क्षमता बढ़ाने के लिए आयोजित जनसुनवाई का जमकर विरोध तिमारपुर-ओखला वेस्ट मेनेजमेन्ट कंपनी के प्लांट से बढ़ रहा प्रदूषण नियम अनुसार ऐसे प्लांट आबादी वाले इलाके से बाहर लगाए जाते हैं
29
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: ब्राजील फुटबाल क्लब सांतोस के स्ट्राइकर नेमार और बार्सिलोना के लिए खेलने वाले अर्जेटीनी स्ट्राइकर लियोनेल मेसी को एक सहायतार्थ मैच में एक दूसरे के खिलाफ खेलते दिखेंगे। यह मैच 21 जून को बागोटा में होगा। इस दोस्ताना मैच की एक टीम का नाम 'फ्रेंड्स ऑफ मेसी' होगा। दूसरी टीम में अंतर्राष्ट्रीय स्टार और दुनिया भर के चुनिंदा खिलाड़ी होंगे। नेमार को तीसरी बार मेसी के खिलाफ खेलने का मौका मिल रहा है। मेसी फीफा के मौजूदा मोस्ट वैल्यूबल प्लेअर हैं। मेसी और नेमार की पिछली भिड़ंत फीफा क्लब फुटबाल विश्व कप के फाइनल के दौरान हुई थी, जिसमें बार्सिलोना ने सांतोस को 4-0 से पराजित किया था। इससे पहले दोनों खिलाड़ी एक अंतर्राष्ट्रीय दोस्ताना मुकाबले के दौरान आमने-सामने हुए थे। अब दोनों बागोटा में साथ-साथ खेलते दिखेंगे। टिप्पणियां मेसी अपनी शानदार प्रतिभा के दम पर दुनिया भर में नाम कमा चुके हैं जबकि नेमार को मेसी की तरह उबरता हुआ खिलाड़ी माना जा रहा है। मेसी यूरोपीयन लीग में भी अपनी श्रेष्ठता कायम कर चुके हैं लेकिन पेशेवर के तौर पर नेमार अभी ब्राजील से बाहर नहीं निकले हैं। इस दोस्ताना मैच की एक टीम का नाम 'फ्रेंड्स ऑफ मेसी' होगा। दूसरी टीम में अंतर्राष्ट्रीय स्टार और दुनिया भर के चुनिंदा खिलाड़ी होंगे। नेमार को तीसरी बार मेसी के खिलाफ खेलने का मौका मिल रहा है। मेसी फीफा के मौजूदा मोस्ट वैल्यूबल प्लेअर हैं। मेसी और नेमार की पिछली भिड़ंत फीफा क्लब फुटबाल विश्व कप के फाइनल के दौरान हुई थी, जिसमें बार्सिलोना ने सांतोस को 4-0 से पराजित किया था। इससे पहले दोनों खिलाड़ी एक अंतर्राष्ट्रीय दोस्ताना मुकाबले के दौरान आमने-सामने हुए थे। अब दोनों बागोटा में साथ-साथ खेलते दिखेंगे। टिप्पणियां मेसी अपनी शानदार प्रतिभा के दम पर दुनिया भर में नाम कमा चुके हैं जबकि नेमार को मेसी की तरह उबरता हुआ खिलाड़ी माना जा रहा है। मेसी यूरोपीयन लीग में भी अपनी श्रेष्ठता कायम कर चुके हैं लेकिन पेशेवर के तौर पर नेमार अभी ब्राजील से बाहर नहीं निकले हैं। नेमार को तीसरी बार मेसी के खिलाफ खेलने का मौका मिल रहा है। मेसी फीफा के मौजूदा मोस्ट वैल्यूबल प्लेअर हैं। मेसी और नेमार की पिछली भिड़ंत फीफा क्लब फुटबाल विश्व कप के फाइनल के दौरान हुई थी, जिसमें बार्सिलोना ने सांतोस को 4-0 से पराजित किया था। इससे पहले दोनों खिलाड़ी एक अंतर्राष्ट्रीय दोस्ताना मुकाबले के दौरान आमने-सामने हुए थे। अब दोनों बागोटा में साथ-साथ खेलते दिखेंगे। टिप्पणियां मेसी अपनी शानदार प्रतिभा के दम पर दुनिया भर में नाम कमा चुके हैं जबकि नेमार को मेसी की तरह उबरता हुआ खिलाड़ी माना जा रहा है। मेसी यूरोपीयन लीग में भी अपनी श्रेष्ठता कायम कर चुके हैं लेकिन पेशेवर के तौर पर नेमार अभी ब्राजील से बाहर नहीं निकले हैं। मेसी और नेमार की पिछली भिड़ंत फीफा क्लब फुटबाल विश्व कप के फाइनल के दौरान हुई थी, जिसमें बार्सिलोना ने सांतोस को 4-0 से पराजित किया था। इससे पहले दोनों खिलाड़ी एक अंतर्राष्ट्रीय दोस्ताना मुकाबले के दौरान आमने-सामने हुए थे। अब दोनों बागोटा में साथ-साथ खेलते दिखेंगे। टिप्पणियां मेसी अपनी शानदार प्रतिभा के दम पर दुनिया भर में नाम कमा चुके हैं जबकि नेमार को मेसी की तरह उबरता हुआ खिलाड़ी माना जा रहा है। मेसी यूरोपीयन लीग में भी अपनी श्रेष्ठता कायम कर चुके हैं लेकिन पेशेवर के तौर पर नेमार अभी ब्राजील से बाहर नहीं निकले हैं। इससे पहले दोनों खिलाड़ी एक अंतर्राष्ट्रीय दोस्ताना मुकाबले के दौरान आमने-सामने हुए थे। अब दोनों बागोटा में साथ-साथ खेलते दिखेंगे। टिप्पणियां मेसी अपनी शानदार प्रतिभा के दम पर दुनिया भर में नाम कमा चुके हैं जबकि नेमार को मेसी की तरह उबरता हुआ खिलाड़ी माना जा रहा है। मेसी यूरोपीयन लीग में भी अपनी श्रेष्ठता कायम कर चुके हैं लेकिन पेशेवर के तौर पर नेमार अभी ब्राजील से बाहर नहीं निकले हैं। मेसी अपनी शानदार प्रतिभा के दम पर दुनिया भर में नाम कमा चुके हैं जबकि नेमार को मेसी की तरह उबरता हुआ खिलाड़ी माना जा रहा है। मेसी यूरोपीयन लीग में भी अपनी श्रेष्ठता कायम कर चुके हैं लेकिन पेशेवर के तौर पर नेमार अभी ब्राजील से बाहर नहीं निकले हैं। मेसी यूरोपीयन लीग में भी अपनी श्रेष्ठता कायम कर चुके हैं लेकिन पेशेवर के तौर पर नेमार अभी ब्राजील से बाहर नहीं निकले हैं।
यह एक सारांश है: ब्राजील फुटबाल क्लब सांतोस के स्ट्राइकर नेमार और बार्सिलोना के लिए खेलने वाले अर्जेटीनी स्ट्राइकर लियोनेल मेसी को एक सहायतार्थ मैच में एक दूसरे के खिलाफ खेलते दिखेंगे। यह मैच 21 जून को बागोटा में होगा।
24
['hin']
एक सारांश बनाओ: "जुम्मे की रात..." और "चिट्टियां कलाईयां वे..." जैसे गीतों में अपने नृत्य कौशल के लिए तारीफ पाने वाली जैकलिन फर्नांडिस का कहना है कि एक समय ऐसा भी था जब उन्हें खराब नृत्य करने के लिए "डांट" पड़ा करती थी। जैकलिन ने बताया कि नर्तकी के तौर पर अपने कौशल को सुधारने के लिए उन्होंने बहुत मेहनत की है और समय के साथ इसमें वे बेहतर भी होती गईं। यह पूछे जाने पर कि क्या वे हमेशा से इतना अच्छा डांस लेती हैं, फिल्म ‘‘ढिशूम’’ की अभिनेत्री ने पीटीआई-भाषा को बताया, ‘‘नहीं। जब मैंने पहली फिल्म की थी तब मेरा मजाक बनाया गया था, मुझे डांटा और फटकारा जाता था। हालांकि उन कोरियाग्राफरों के नाम मैं नहीं बताना चाहती। मेरे लिए यह अनुभव आंखे खोल देने वाला था।’’टिप्पणियां इसके बाद 30 वर्षीय अभिनेत्री ने नृत्य का बकायदा प्रशिक्षण लिया। जैकलिन बताती हैं, ‘‘मैंने नृत्य का प्रशिक्षण लेना शुरू किया। फिर इस कला से मुझे प्रेम होने लगा। सच कहूं तो प्रशिक्षण में मैं और समय देना चाहती थी क्योंकि यह एक तरह का उपचार है।’’जैकलिन रियलिटी शो ‘‘झलक दिखला जा’’ के नौंवे सीजन में जज होंगी। उनके अलावा कलर्स चैनल पर आने वाले इस शो में फिल्मकार करण जौहर, कोरियोग्राफर गणेश हेगड़े और निर्देशक फराह खान भी जज के तौर पर शामिल होंगे। यह शो आज से शुरू हो रहा है। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) यह पूछे जाने पर कि क्या वे हमेशा से इतना अच्छा डांस लेती हैं, फिल्म ‘‘ढिशूम’’ की अभिनेत्री ने पीटीआई-भाषा को बताया, ‘‘नहीं। जब मैंने पहली फिल्म की थी तब मेरा मजाक बनाया गया था, मुझे डांटा और फटकारा जाता था। हालांकि उन कोरियाग्राफरों के नाम मैं नहीं बताना चाहती। मेरे लिए यह अनुभव आंखे खोल देने वाला था।’’टिप्पणियां इसके बाद 30 वर्षीय अभिनेत्री ने नृत्य का बकायदा प्रशिक्षण लिया। जैकलिन बताती हैं, ‘‘मैंने नृत्य का प्रशिक्षण लेना शुरू किया। फिर इस कला से मुझे प्रेम होने लगा। सच कहूं तो प्रशिक्षण में मैं और समय देना चाहती थी क्योंकि यह एक तरह का उपचार है।’’जैकलिन रियलिटी शो ‘‘झलक दिखला जा’’ के नौंवे सीजन में जज होंगी। उनके अलावा कलर्स चैनल पर आने वाले इस शो में फिल्मकार करण जौहर, कोरियोग्राफर गणेश हेगड़े और निर्देशक फराह खान भी जज के तौर पर शामिल होंगे। यह शो आज से शुरू हो रहा है। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इसके बाद 30 वर्षीय अभिनेत्री ने नृत्य का बकायदा प्रशिक्षण लिया। जैकलिन बताती हैं, ‘‘मैंने नृत्य का प्रशिक्षण लेना शुरू किया। फिर इस कला से मुझे प्रेम होने लगा। सच कहूं तो प्रशिक्षण में मैं और समय देना चाहती थी क्योंकि यह एक तरह का उपचार है।’’जैकलिन रियलिटी शो ‘‘झलक दिखला जा’’ के नौंवे सीजन में जज होंगी। उनके अलावा कलर्स चैनल पर आने वाले इस शो में फिल्मकार करण जौहर, कोरियोग्राफर गणेश हेगड़े और निर्देशक फराह खान भी जज के तौर पर शामिल होंगे। यह शो आज से शुरू हो रहा है। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त सारांश: खराब नृत्य के लिए जैकलिन को पड़ती थी डांट। 'झलक दिखला जा' के आगामी सीजन को जज करेंगी जैकलिन। शुक्रवार को जैकलिन, जॉन अब्राहम और वरुण धवन की 'ढिशूम' रिलीज हुई है।
8
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष जका अशरफ का मानना है कि कुछ तत्व पाकिस्तान में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की बहाली नहीं चाहते और न ही चाहते हैं कि सुपर लीग टी-20 टूर्नामेंट समय पर हो।टिप्पणियां अशरफ ने एक टीवी चैनल से कहा, मुझे पता है कि विश्व क्रिकेट से पाकिस्तान को अलग थलग रखने की साजिश है। हमने उम्मीद नहीं छोड़ी है और हमें यकीन है कि सुपर लीग टी-20 समय पर आयोजित होगा और पाकिस्तान में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की बहाली भी होगी। उन्होंने इसका ब्यौरा नहीं दिया कि पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अलग थलग कौन रखना चाहता है। उन्होंने कहा, मुझे पता है कि कुछ निराशावादी लोग हैं, जिन्हें लगता है कि पीएसएल का आयोजन नहीं हो सकता। वे पाकिस्तान में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की बहाली भी नहीं चाहते। पीसीबी निराश नहीं है और हमने उम्मीद नहीं छोड़ी है। अशरफ ने एक टीवी चैनल से कहा, मुझे पता है कि विश्व क्रिकेट से पाकिस्तान को अलग थलग रखने की साजिश है। हमने उम्मीद नहीं छोड़ी है और हमें यकीन है कि सुपर लीग टी-20 समय पर आयोजित होगा और पाकिस्तान में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की बहाली भी होगी। उन्होंने इसका ब्यौरा नहीं दिया कि पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अलग थलग कौन रखना चाहता है। उन्होंने कहा, मुझे पता है कि कुछ निराशावादी लोग हैं, जिन्हें लगता है कि पीएसएल का आयोजन नहीं हो सकता। वे पाकिस्तान में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की बहाली भी नहीं चाहते। पीसीबी निराश नहीं है और हमने उम्मीद नहीं छोड़ी है। उन्होंने कहा, मुझे पता है कि कुछ निराशावादी लोग हैं, जिन्हें लगता है कि पीएसएल का आयोजन नहीं हो सकता। वे पाकिस्तान में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की बहाली भी नहीं चाहते। पीसीबी निराश नहीं है और हमने उम्मीद नहीं छोड़ी है।
यह एक सारांश है: पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष जका अशरफ का मानना है कि कुछ तत्व पाकिस्तान में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की बहाली नहीं चाहते और न ही चाहते हैं कि सुपर लीग टी-20 टूर्नामेंट समय पर हो।
2
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: शर्बत निर्माता कंपनी रूह-आफजा द्वारा दाखिल एक वाद पर दिल्ली उच्च न्यायालय ने कथित तौर पर कुछ आपत्तिजनक संवादों के कारण हिंदी फिल्म 'ये जवानी है दिवानी' के निर्माताओं को फिल्म को टीवी पर रिलीज करने से प्रतिबंधित कर दिया। न्यायाधीश मनमोहन सिंह ने सोमवार को उपलब्ध आदेश में कहा कि रणबीर कपूर और दीपिका पादुकोण अभिनीत फिल्म के प्रसारण पर यह प्रतिबंध सिनेमाघरों पर लागू नहीं होगा।टिप्पणियां न्यायालय ने फिल्म के निर्देशक, निर्माता एवं संवाद लेखक को नोटिस भी जारी की और मामले की सुनवाई 16 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दी। फिल्म के खिलाफ वाद दाखिल करने वाली शरबत निर्माता कंपनी ने दावा किया कि शरबत के उत्पाद नाम को भारत और भारत से बाहर घर-घर में जाना जाता है और फिल्म में यूनानी पद्धति पर बने इस उत्पाद के संबंध में कुछ आपत्तिजनक संवाद हैं। न्यायाधीश मनमोहन सिंह ने सोमवार को उपलब्ध आदेश में कहा कि रणबीर कपूर और दीपिका पादुकोण अभिनीत फिल्म के प्रसारण पर यह प्रतिबंध सिनेमाघरों पर लागू नहीं होगा।टिप्पणियां न्यायालय ने फिल्म के निर्देशक, निर्माता एवं संवाद लेखक को नोटिस भी जारी की और मामले की सुनवाई 16 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दी। फिल्म के खिलाफ वाद दाखिल करने वाली शरबत निर्माता कंपनी ने दावा किया कि शरबत के उत्पाद नाम को भारत और भारत से बाहर घर-घर में जाना जाता है और फिल्म में यूनानी पद्धति पर बने इस उत्पाद के संबंध में कुछ आपत्तिजनक संवाद हैं। न्यायालय ने फिल्म के निर्देशक, निर्माता एवं संवाद लेखक को नोटिस भी जारी की और मामले की सुनवाई 16 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दी। फिल्म के खिलाफ वाद दाखिल करने वाली शरबत निर्माता कंपनी ने दावा किया कि शरबत के उत्पाद नाम को भारत और भारत से बाहर घर-घर में जाना जाता है और फिल्म में यूनानी पद्धति पर बने इस उत्पाद के संबंध में कुछ आपत्तिजनक संवाद हैं। फिल्म के खिलाफ वाद दाखिल करने वाली शरबत निर्माता कंपनी ने दावा किया कि शरबत के उत्पाद नाम को भारत और भारत से बाहर घर-घर में जाना जाता है और फिल्म में यूनानी पद्धति पर बने इस उत्पाद के संबंध में कुछ आपत्तिजनक संवाद हैं।
संक्षिप्त सारांश: शर्बत निर्माता कंपनी रूह-आफजा द्वारा दाखिल एक वाद पर दिल्ली उच्च न्यायालय ने कथित तौर पर कुछ आपत्तिजनक संवादों के कारण हिंदी फिल्म 'ये जवानी है दिवानी' के निर्माताओं को फिल्म को टीवी पर रिलीज करने से प्रतिबंधित कर दिया।
0
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली में पुलिस के कामकाज से असंतुष्ट मुख्यमंत्री शीला दीक्षित महिलाओं को बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है। शीला ने यह भी कहा कि शहर में जघन्य सामूहिक बलात्कार की घटना को लेकर बड़े पैमाने पर जनविरोध के बावजूद स्थिति अभी भी नहीं बदली है।टिप्पणियां सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में शीला दीक्षित ने कहा कि पिछले दो महीनों के दौरान दिल्ली में पुलिस व्यवस्था में कोई सुधार दिखाई नहीं दे रहा है। हालांकि पुलिस ने 23-वर्षीय छात्रा के साथ 16 दिसंबर को हुए गैंगरेप को लेकर हुए प्रदर्शन के बाद महिलाओं की सुरक्षा बढ़ाए जाने को लेकर आश्वासन दिया था। पीड़ित का बाद में सिंगापुर में इलाज के दौरान 29 दिसंबर को निधन हो गया था। उन्होंने प्रधानमंत्री से इस मुद्दे पर गौर करने और शहर में बेहतर सुरक्षा ढांचा सुनिश्चित कराने का अनुरोध किया। सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था की स्थिति में प्रभावी सुधार के लिए इसी तरह का पत्र केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे को भी लिखा था। शीला ने यह भी कहा कि शहर में जघन्य सामूहिक बलात्कार की घटना को लेकर बड़े पैमाने पर जनविरोध के बावजूद स्थिति अभी भी नहीं बदली है।टिप्पणियां सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में शीला दीक्षित ने कहा कि पिछले दो महीनों के दौरान दिल्ली में पुलिस व्यवस्था में कोई सुधार दिखाई नहीं दे रहा है। हालांकि पुलिस ने 23-वर्षीय छात्रा के साथ 16 दिसंबर को हुए गैंगरेप को लेकर हुए प्रदर्शन के बाद महिलाओं की सुरक्षा बढ़ाए जाने को लेकर आश्वासन दिया था। पीड़ित का बाद में सिंगापुर में इलाज के दौरान 29 दिसंबर को निधन हो गया था। उन्होंने प्रधानमंत्री से इस मुद्दे पर गौर करने और शहर में बेहतर सुरक्षा ढांचा सुनिश्चित कराने का अनुरोध किया। सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था की स्थिति में प्रभावी सुधार के लिए इसी तरह का पत्र केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे को भी लिखा था। सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में शीला दीक्षित ने कहा कि पिछले दो महीनों के दौरान दिल्ली में पुलिस व्यवस्था में कोई सुधार दिखाई नहीं दे रहा है। हालांकि पुलिस ने 23-वर्षीय छात्रा के साथ 16 दिसंबर को हुए गैंगरेप को लेकर हुए प्रदर्शन के बाद महिलाओं की सुरक्षा बढ़ाए जाने को लेकर आश्वासन दिया था। पीड़ित का बाद में सिंगापुर में इलाज के दौरान 29 दिसंबर को निधन हो गया था। उन्होंने प्रधानमंत्री से इस मुद्दे पर गौर करने और शहर में बेहतर सुरक्षा ढांचा सुनिश्चित कराने का अनुरोध किया। सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था की स्थिति में प्रभावी सुधार के लिए इसी तरह का पत्र केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे को भी लिखा था। उन्होंने प्रधानमंत्री से इस मुद्दे पर गौर करने और शहर में बेहतर सुरक्षा ढांचा सुनिश्चित कराने का अनुरोध किया। सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था की स्थिति में प्रभावी सुधार के लिए इसी तरह का पत्र केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे को भी लिखा था।
संक्षिप्त सारांश: दिल्ली में पुलिस के कामकाज से असंतुष्ट मुख्यमंत्री शीला दीक्षित महिलाओं को बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है।
23
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: क्रिकेट के खेल में विकेटकीपर का काम बेहद थका देने वाला होता है. यह थकान उस समय और बढ़ जाती है जब आपको लगातार कई ओवर विकेटकीपिंग करने के बाद पारी भी शुरू करनी पड़े. टीम इंडिया के विकेटकीपर पार्थिव पटेल को इंग्‍लैंड के खिलाफ चेन्‍नई टेस्‍ट में ऐसे ही अनुभव से गुजरना पड़ा. लगातार हावी होती थकान आपके पूरे शरीर को तोड़ देती है और आपके रिफ्लेक्‍सेस और रनिंग विटवीन द विकेट काफी धीमी हो जाती है, लेकिन पार्थिव ने अपनी जिम्‍मेदारी को बखूबी निभाया और 150 से अधिक ओवर तक विकेटकीपिंग करने के बाद न केवल भारतीय पारी की शुरुआत की बल्कि अर्धशतक भी बनाया. चेन्‍नई टेस्‍ट में पहले बैटिंग को उतरी इंग्‍लैंड टीम की पारी बेहद लंबी खिंच गई. इंग्‍लैंड की पारी मैच के दूसरे दिन 157.2 ओवर्स के बाद 477 रन पर समाप्‍त हुई. क्रिकेट में सबसे ज्‍यादा थकाने वाला काम विकेटकीपर का ही होता है. दूसरे फील्‍डर तो इस दौरान कुछ रिलेक्‍स करने की स्थिति में होते हैं लेकिन विकेटकीपर को हर गेंद पर बारीक नजर जमाकर रखनी होती है. किसी भी गेंद पर कोई कैच या स्‍टंपिंग मिस होते ही मानो उसकी पूरी मेहनत पर पानी फिर जाता है.टिप्पणियां बतौर विकेटकीपर अपनी इस जिम्‍मेदारी को टीम इंडिया के 'छुटके' खिलाड़ी ने बखूबी निभाया. उन्‍होंने 157.2 ओवर तक विकेट के पीछे अपना काम पूरी चौकसी से किया और मुरली विजय के चोटिल होने के कारण लोकेश राहुल के साथ बल्‍लेबाजी की भी शुरुआत की. विकेटकीपिंग के थका देने वाले अनुभव के बाद यह वाकई प्रशंसा के लायक काम था. मैच के दूसरे दिन पार्थिव 28 रन बनाकर नाबाद थे और टीम इंडिया का स्‍कोर बिना विकेट खोए 60 रन था. मैच के तीसरे दिन, आज पार्थिव ने न केवल अर्धशतक जमाया बल्कि सीरीज में पहली बार टीम इंडिया के लिए शतकीय साझेदारी भी की. पार्थिव ने लोकेश राहुल के साथ पहले विकेट के लिए 152 रन जोड़े. ओपनिंग पार्टनरशिप हाल के समय में टीम इंडिया के लिए चिंता का विषय रही है और 31 पारी के बाद भारत की ओर से टेस्‍ट में पहले विकेट के लिए  शतकीय साझेदारी हुई है. तीसरे दिन लंच के कुछ देर पहले पार्थिव 71 रन बनाकर आउट हुए. आकर्षक पारी में उन्‍होंने 112 गेंदों का सामना किया और सात चौके लगाए. चेन्‍नई टेस्‍ट में पहले बैटिंग को उतरी इंग्‍लैंड टीम की पारी बेहद लंबी खिंच गई. इंग्‍लैंड की पारी मैच के दूसरे दिन 157.2 ओवर्स के बाद 477 रन पर समाप्‍त हुई. क्रिकेट में सबसे ज्‍यादा थकाने वाला काम विकेटकीपर का ही होता है. दूसरे फील्‍डर तो इस दौरान कुछ रिलेक्‍स करने की स्थिति में होते हैं लेकिन विकेटकीपर को हर गेंद पर बारीक नजर जमाकर रखनी होती है. किसी भी गेंद पर कोई कैच या स्‍टंपिंग मिस होते ही मानो उसकी पूरी मेहनत पर पानी फिर जाता है.टिप्पणियां बतौर विकेटकीपर अपनी इस जिम्‍मेदारी को टीम इंडिया के 'छुटके' खिलाड़ी ने बखूबी निभाया. उन्‍होंने 157.2 ओवर तक विकेट के पीछे अपना काम पूरी चौकसी से किया और मुरली विजय के चोटिल होने के कारण लोकेश राहुल के साथ बल्‍लेबाजी की भी शुरुआत की. विकेटकीपिंग के थका देने वाले अनुभव के बाद यह वाकई प्रशंसा के लायक काम था. मैच के दूसरे दिन पार्थिव 28 रन बनाकर नाबाद थे और टीम इंडिया का स्‍कोर बिना विकेट खोए 60 रन था. मैच के तीसरे दिन, आज पार्थिव ने न केवल अर्धशतक जमाया बल्कि सीरीज में पहली बार टीम इंडिया के लिए शतकीय साझेदारी भी की. पार्थिव ने लोकेश राहुल के साथ पहले विकेट के लिए 152 रन जोड़े. ओपनिंग पार्टनरशिप हाल के समय में टीम इंडिया के लिए चिंता का विषय रही है और 31 पारी के बाद भारत की ओर से टेस्‍ट में पहले विकेट के लिए  शतकीय साझेदारी हुई है. तीसरे दिन लंच के कुछ देर पहले पार्थिव 71 रन बनाकर आउट हुए. आकर्षक पारी में उन्‍होंने 112 गेंदों का सामना किया और सात चौके लगाए. बतौर विकेटकीपर अपनी इस जिम्‍मेदारी को टीम इंडिया के 'छुटके' खिलाड़ी ने बखूबी निभाया. उन्‍होंने 157.2 ओवर तक विकेट के पीछे अपना काम पूरी चौकसी से किया और मुरली विजय के चोटिल होने के कारण लोकेश राहुल के साथ बल्‍लेबाजी की भी शुरुआत की. विकेटकीपिंग के थका देने वाले अनुभव के बाद यह वाकई प्रशंसा के लायक काम था. मैच के दूसरे दिन पार्थिव 28 रन बनाकर नाबाद थे और टीम इंडिया का स्‍कोर बिना विकेट खोए 60 रन था. मैच के तीसरे दिन, आज पार्थिव ने न केवल अर्धशतक जमाया बल्कि सीरीज में पहली बार टीम इंडिया के लिए शतकीय साझेदारी भी की. पार्थिव ने लोकेश राहुल के साथ पहले विकेट के लिए 152 रन जोड़े. ओपनिंग पार्टनरशिप हाल के समय में टीम इंडिया के लिए चिंता का विषय रही है और 31 पारी के बाद भारत की ओर से टेस्‍ट में पहले विकेट के लिए  शतकीय साझेदारी हुई है. तीसरे दिन लंच के कुछ देर पहले पार्थिव 71 रन बनाकर आउट हुए. आकर्षक पारी में उन्‍होंने 112 गेंदों का सामना किया और सात चौके लगाए. मैच के तीसरे दिन, आज पार्थिव ने न केवल अर्धशतक जमाया बल्कि सीरीज में पहली बार टीम इंडिया के लिए शतकीय साझेदारी भी की. पार्थिव ने लोकेश राहुल के साथ पहले विकेट के लिए 152 रन जोड़े. ओपनिंग पार्टनरशिप हाल के समय में टीम इंडिया के लिए चिंता का विषय रही है और 31 पारी के बाद भारत की ओर से टेस्‍ट में पहले विकेट के लिए  शतकीय साझेदारी हुई है. तीसरे दिन लंच के कुछ देर पहले पार्थिव 71 रन बनाकर आउट हुए. आकर्षक पारी में उन्‍होंने 112 गेंदों का सामना किया और सात चौके लगाए.
यह एक सारांश है: 150 से अधिक ओवर तक की विकेटकीपिंग इसके तुरंत बाद भारतीय पारी की शुरुआत की मैच के तीसरे दिन अर्धशतक बनाकर आउट हुए पार्थिव
9
['hin']
एक सारांश बनाओ: पीएम मोदी ने कहा कि देश के अन्य राज्यों में सफाई कर्मचारियों के लिए सफाई कर्मचारी एक्ट लागू है, लेकिन जम्मू-कश्मीर के सफाई कर्मचारी इससे वंचित थे. देश के अन्य राज्यों में दलितों पर अत्याचार रोकने के लिए सख्त कानून लागू है,  लेकिन जम्मू-कश्मीर में ऐसा नहीं था. उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 और 35ए ने जम्मू कश्मीर को अलगाववाद, आतंकवाद, परिवारवाद और व्यवस्था में बड़े पैमाने पर फैले भ्रष्टाचार के अलावा कुछ नहीं दिया. इसके कारण तीन दशक में राज्य में 42 हजार निर्दोष लोग मारे गए. पीएम मोदी ने कहा कि आप ये जानकर चौंक जाएंगे कि जम्मू-कश्मीर में दशकों से, हजारों की संख्या में ऐसे भाई-बहन रहते हैं, जिन्हें लोकसभा के चुनाव में तो वोट डालने का अधिकार था, लेकिन वो विधानसभा और स्थानीय निकाय के चुनाव में मतदान नहीं कर सकते थे. पीएम मोदी ने कहा कि हम सभी चाहते हैं कि आने वाले समय में जम्मू-कश्मीर विधानसभा के चुनाव हों, नई सरकार बने, मुख्यमंत्री बनें. मैं जम्मू-कश्मीर के लोगों को भरोसा देता हूं कि आपको बहुत ईमानदारी के साथ, पूरे पारदर्शी वातावरण में अपने प्रतिनिधि चुनने का अवसर मिलेगा. उन्होंने कहा कि जैसे पंचायत के चुनाव पारदर्शिता के साथ संपन्न कराए गए, वैसे ही विधानसभा के भी चुनाव होंगे. मैं राज्य के गवर्नर से ये भी आग्रह करूंगा कि ब्लॉक डवलपमेंट काउंसिल का गठन, जो पिछले दो-तीन दशकों से लंबित है, उसे पूरा करने का काम भी जल्द से जल्द किया जाए. अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि अब अनुच्छेद 370 हटने के बाद, जब इन पंचायत सदस्यों को नई व्यवस्था में काम करने का मौका मिलेगा तो वो कमाल कर देंगे. मुझे पूरा विश्वास है कि जम्मू-कश्मीर की जनता अलगाववाद को परास्त करके नई आशाओं के साथ आगे बढ़ेगी. पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने कहा कि हमारे देश में कोई भी सरकार हो, वो संसद में कानून बनाकर, देश की भलाई के लिए काम करती है. किसी भी दल की सरकार हो, किसी भी गठबंधन की सरकार हो.. यह कार्य निरंतर चलता रहता है. कानून बनाते समय काफी बहस होती है, चिंतन-मनन होता है, उसकी आवश्यकता को लेकर गंभीर पक्ष रखे जाते हैं. इस प्रक्रिया से गुजरकर जो कानून बनता है, वो पूरे देश के लोगों का भला करता है. लेकिन कोई कल्पना नहीं कर सकता कि संसद इतनी बड़ी संख्या में कानून बनाए और वह देश के एक हिस्से में लागू ही नहीं हो.पीएम मोदी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में फिर चुनाव होंगे, यहां फिर विधायक चुने जाएंगे और मुख्यमंत्री व मंत्रिमंडल होगा.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन के बाद पीएम मोदी का संबोधन पीएम बोले- अनुच्छेद 370 से मुक्ति एक सच्चाई है पीएम बोले- जम्मू-कश्मीर अलगाववाद को हरा देगा
32
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: सीबीएसई बोर्ड (CBSE Board) की परीक्षाएं शुरू हो गई है. मैथ्स की तरह अकाउंटेंसी (Accountancy) भी एक कठिन सब्जेक्ट माना जाता है. 12वीं की अकाउंटेंसी की परीक्षा 6 मार्च को होनी है. कई बार बढ़िया तैयारी के बाद भी स्टूडेंट्स अकाउंटेंसी में अच्छे नंबर नहीं ला पाते. जो स्टूडेंट्स कॉमर्स साइड से पढ़ाई कर रहे हैं उनके लिए अकाउंटेंसी में अच्छे नंबर लाना जरूरी भी है. 12वीं (CBSE Class 12) में अच्छे नंबर लाने का प्रेशन सभी स्टूडेंट्स के ऊपर रहता है क्योंकि 12वीं के अंकों के आधार पर ही अच्छे कॉलेज में एडमिशन मिलता है. अगर स्टूडेंट अकाउंटेंसी में तेज है तो वह आगे चलकर सीए की तैयारी कर सकता है. जिनकी अकाउंटेंसी अच्छी है उनके लिए करियर के कई ऑप्शन खुल जाते हैं. ऐसे में आज हम सीबीएसई के स्टूडेंट्स को अकाउंटेंसी के पेपर की तैयारी करने के लिए कुछ टिप्स दे रहे हैं, जिन्हें फॉलों कर 12वीं के स्टूडेंट्स 90 फीसदी से ज्यादा अंक हासिल कर सकते हैं.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सीबीएसई की परीक्षाएं चल रही है. अकाउंटेंसी की परीक्षा 6 मार्च को होनी है अकाउंटेंसी में अच्छे नंबर लाने के लिए प्रैक्टिस जरूरी है.
25
['hin']
एक सारांश बनाओ: दिल्ली पुलिस ने एक अंतर्राष्ट्रीय ड्रग रैकेट का पर्दाफाश करने का दावा किया है. इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तार लोगों में समाजवादी पार्टी (सपा) के एक नेता का भतीजा भी शामिल है और बरामद ड्रग्स की कीमत 40 करोड़ रुपये से अधिक है. पुलिस ने कहा कि चारों आरोपी रेव पार्टियों में इस्तेमाल किए जाने वाले प्रतिबंधित ड्रग की तस्करी में शामिल थे. आरोपियों में अवधेश कुमार (26), चंदन राय (31), अमित अग्रवाल (40) तथा अबु असलम कासिम आजमी (43) शामिल हैं. आजमी कथिततौर पर सपा के वरिष्ठ नेता तथा महाराष्ट्र के विधायक अबु आसिम आजमी का भतीजा है.  एक खुफिया सूचना के आधार पर अवधेश कुमार को रविवार रात महिपालपुर एक्सटेंशन स्थित एक कार्यालय से गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद चंडीगढ़ तथा मुंबई में छापेमारी के बाद सोमवार व मंगलवार को अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. पुलिस ने बताया कि अबु असलम कासिम आजमी को मुंबई के एक पांच सितारा होटल से गिरफ्तार किया गया.  पुलिस ने कहा कि गिरोह दिल्ली, गुरुग्राम, चंडीगढ़, मुंबई, गोवा तथा देश के अन्य हिस्सों में होने वाली रेव पार्टियों में ड्रग्स की सप्लाई करता था. एक पुलिस ने बताया कि यह गिरोह संयुक्त अरब अमीरात, ब्रिटेन, अमेरिका तथा मध्य पूर्व के देशों में भी ग्राहकों को ड्रग्स सप्लाई किया जाता था. गिरोह का सरगना कैलाश राजपूत दुबई में रहता है. टिप्पणियां  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) आरोपियों में अवधेश कुमार (26), चंदन राय (31), अमित अग्रवाल (40) तथा अबु असलम कासिम आजमी (43) शामिल हैं. आजमी कथिततौर पर सपा के वरिष्ठ नेता तथा महाराष्ट्र के विधायक अबु आसिम आजमी का भतीजा है.  एक खुफिया सूचना के आधार पर अवधेश कुमार को रविवार रात महिपालपुर एक्सटेंशन स्थित एक कार्यालय से गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद चंडीगढ़ तथा मुंबई में छापेमारी के बाद सोमवार व मंगलवार को अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. पुलिस ने बताया कि अबु असलम कासिम आजमी को मुंबई के एक पांच सितारा होटल से गिरफ्तार किया गया.  पुलिस ने कहा कि गिरोह दिल्ली, गुरुग्राम, चंडीगढ़, मुंबई, गोवा तथा देश के अन्य हिस्सों में होने वाली रेव पार्टियों में ड्रग्स की सप्लाई करता था. एक पुलिस ने बताया कि यह गिरोह संयुक्त अरब अमीरात, ब्रिटेन, अमेरिका तथा मध्य पूर्व के देशों में भी ग्राहकों को ड्रग्स सप्लाई किया जाता था. गिरोह का सरगना कैलाश राजपूत दुबई में रहता है. टिप्पणियां  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) एक खुफिया सूचना के आधार पर अवधेश कुमार को रविवार रात महिपालपुर एक्सटेंशन स्थित एक कार्यालय से गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद चंडीगढ़ तथा मुंबई में छापेमारी के बाद सोमवार व मंगलवार को अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. पुलिस ने बताया कि अबु असलम कासिम आजमी को मुंबई के एक पांच सितारा होटल से गिरफ्तार किया गया.  पुलिस ने कहा कि गिरोह दिल्ली, गुरुग्राम, चंडीगढ़, मुंबई, गोवा तथा देश के अन्य हिस्सों में होने वाली रेव पार्टियों में ड्रग्स की सप्लाई करता था. एक पुलिस ने बताया कि यह गिरोह संयुक्त अरब अमीरात, ब्रिटेन, अमेरिका तथा मध्य पूर्व के देशों में भी ग्राहकों को ड्रग्स सप्लाई किया जाता था. गिरोह का सरगना कैलाश राजपूत दुबई में रहता है. टिप्पणियां  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पुलिस ने बताया कि अबु असलम कासिम आजमी को मुंबई के एक पांच सितारा होटल से गिरफ्तार किया गया.  पुलिस ने कहा कि गिरोह दिल्ली, गुरुग्राम, चंडीगढ़, मुंबई, गोवा तथा देश के अन्य हिस्सों में होने वाली रेव पार्टियों में ड्रग्स की सप्लाई करता था. एक पुलिस ने बताया कि यह गिरोह संयुक्त अरब अमीरात, ब्रिटेन, अमेरिका तथा मध्य पूर्व के देशों में भी ग्राहकों को ड्रग्स सप्लाई किया जाता था. गिरोह का सरगना कैलाश राजपूत दुबई में रहता है. टिप्पणियां  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) एक पुलिस ने बताया कि यह गिरोह संयुक्त अरब अमीरात, ब्रिटेन, अमेरिका तथा मध्य पूर्व के देशों में भी ग्राहकों को ड्रग्स सप्लाई किया जाता था. गिरोह का सरगना कैलाश राजपूत दुबई में रहता है. टिप्पणियां  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह एक सारांश है: सरगना कैलाश राजपूत दुबई में रहकर रैकेट चलाता है देश-विदेश में रेव पार्टियों के लिए ड्रग्स सप्लाई करते थे महाराष्ट्र सपा के एक नेता का भतीजा गिरोह में शामिल
21
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाड़ी लक्ष्मीपति बालाजी का मानना है कि कप्तानी के मामले में गौतम गंभीर भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के समकक्ष हैं। केकेआर पहली बार आईपीएल में लीग चरण से आगे पहुंचा, जब चौथे सत्र में गंभीर कप्तान थे। बालाजी ने इसका श्रेय गंभीर को दिया। उन्होंने कहा, नए कप्तान गौतम गंभीर ने टीम के कायाकल्प में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने हमेशा मोर्चे से अगुवाई की और बाकी खिलाड़ियों के सामने मिसाल रखी। कप्तानी के मामले में वह महेंद्र सिंह धोनी के बराबर हैं। बालाजी ने कहा कि जिस तरह से वह खिलाड़ियों का साथ देते हैं, वह काबिले तारीफ है। वह दबाव का बखूबी सामना करते हैं, जिससे हमें सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन में मदद मिलती है। फील्ड के आक्रामक जमावड़े से हम विरोधी टीम पर अधिक दबाव बना सकते हैं। उन्होंने टीम के गेंदबाजी कोच वसीम अकरम की तारीफ करते हुए कहा, हम सभी खुशकिस्मत हैं कि वसीम भाई जैसा खिलाड़ी हमारे साथ है। उनकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि उनके साथ सभी सहज महसूस करते हैं, जो बहुत जरूरी है। वह हमेशा मदद के लिए उपलब्ध होते हैं।
संक्षिप्त पाठ: कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाड़ी लक्ष्मीपति बालाजी का मानना है कि कप्तानी के मामले में गौतम गंभीर भारतीय कप्तान धोनी के समकक्ष हैं।
14
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: तमाम अवरोधों को पार करते हुए एक बार फिर व्हाइट हाउस में चार साल के दूसरे कार्यकाल के लिए चुने गए बराक ओबामा बेहद दृढ़प्रतिज्ञ, विनम्र, करिश्माई वाक कौशल के धनी और सबको साथ लेकर चलने वाले राजनेता हैं और उनके इन्हीं गुणों की बदौलत अमेरिकियों ने दूसरी बार सत्ता की कमान एक बार फिर से उनके हाथों में सौंपी है। राष्ट्रपति पद के चुनाव में अपने रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी मिट रोमनी की ओर से कड़े मुकाबले को धराशायी करते हुए 51-वर्षीय ओबामा का पिछले चार साल का कार्यकाल एक प्रकार से कांटों का ताज रहा, जिस दौरान उन्हें बिगड़ती अर्थव्यवस्था से जूझना पड़ा। नए कार्यकाल में उनकी विदेश नीति एशिया-प्रशांत क्षेत्र पर पहले की तरह ही केंद्रित रहेगी, जहां भारत को अमेरिकी रणनीति में महत्वपूर्ण धुरी के रूप में देखा जा रहा है। ओबामा भारत के साथ मजबूत संबंधों के पक्षधर रहे हैं, लेकिन घरेलू बाध्याताओं के कारण उन्हें अपने चुनाव प्रचार अभियान के दौरान नौकरियों को भारत में आउटसोर्स किए जाने के खिलाफ आवाज उठानी पड़ी। अपने पहले ही कार्यकाल में भारत यात्रा पर जाने वाले ओबामा पहले अमेरिकी राष्ट्रपति थे और उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता के मुद्दे को भी समर्थन दिया है। चुनाव परिणाम बताते हैं कि अमेरिका की गिरती अर्थव्यवस्था को संभालने के उनके तौर-तरीकों से असंतुष्ट रहने के बावजूद जनता उनके प्रति निष्ठावान बनी रही है और उनमें फिर से अपना भरोसा जताया है। ओबामा ने हाल ही में सैंडी तूफान से तबाह हुए न्यूजर्सी के तटीय इलाकों का दौरा किया था और इस दौरान न्यूजर्सी के रिपब्लिकन गवर्नर भी उनके साथ थे। दोनों नेताओं ने अपनी-अपनी राजनीतिक प्रतिबद्धताओं को दरकिनार करते हुए आपदा से निपटने के तौर तरीकों को लेकर एक-दूसरे की जी भरकर तारीफ की। आपदा से निपटने की उनकी शैली की जनता ने बड़ी सराहना की। राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान से मात्र कुछ ही दिन पहले आई इस आपदा में 90 लोग मारे गए थे और देश की अर्थव्यवस्था को करीब 50 अरब डॉलर का नुकसान हुआ था। श्वेत अमेरिकी मां ऐन डनहैम और केन्या में पैदा हुए हॉर्वर्ड शिक्षित अर्थशास्त्री पिता के घर बराक का जन्म होनोलूलू के हवाई में बराक हुसैन ओबामा के रूप में हुआ था। वह 4 नवंबर, 2008 को अमेरिका के 44वें राष्ट्रपति के रूप में निर्वाचित होने वाले पहले अश्वेत राष्ट्रपति बने। उन्होंने इन चुनावों में अपने तत्कालीन रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी जॉन मैक्केन को परास्त किया था और 20 जनवरी, 2009 को राष्ट्रपति पद की शपथ ली। अश्वेत मानवाधिकार नेता मार्टिन लूथर किंग द्वारा अमेरिकियों को 'समानता के सपने' को पूरा करने के लिए उठ खड़े होने का आह्वान किए जाने के ठीक 45 साल बाद ओबामा व्हाइट हाउस पहुंचे थे। वर्ष 2009 में नोबेल शांति पुरस्कार से नवाजे गए ओबामा 21 जनवरी, 2013 को दूसरे कार्यकाल के लिए राष्ट्रपति पद की शपथ ग्रहण करेंगे। हालांकि संविधान के तहत 20 जनवरी का दिन शपथ ग्रहण के लिए तय होता है, लेकिन उस दिन रविवार पड़ रहा है। जनादेश के बाद ओबामा के कंधों पर देश की अर्थव्यवस्था में जान फूंकने की जिम्मेदारी नए सिरे से आ गई है। कई दशकों के बाद अमेरिका में आई भीषण मंदी के बीच ओबामा के कार्यभार संभालने के बाद से अमेरिकी अर्थव्यवस्था को काफी संघर्ष करना पड़ा है, जिसमें धीमी रोजगार वृद्धि दर और बेरोजगारी दर का आठ फीसदी से ऊपर बने रहना बड़े मुद्दे रहे हैं। इससे पूर्व, नवंबर, 2010 के मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी को ऐतिहासिक नुकसान झेलना पड़ा था। अपने कंजरवेटिव एजेंडे को आगे बढ़ाने तथा राष्ट्रपति की योजनाओं में पलीता लगाने के लिए रिपब्लिकन अधिक दृढ़प्रतिज्ञ होकर सामने आ रहे थे। हालांकि विदेश नीति के मुद्दे पर ओबामा ने पाकिस्तान के ऐबटाबाद में अल-कायदा सरगना ओसामा बिन लादेन को मारने के लिए कमांडो दस्ता भेजकर, इराक में युद्ध को समाप्त कर और रूसी राष्ट्रपति दमित्री मेदवेदेव के साथ नई परमाणु हथियार संधि कर अपनी स्थिति को काफी मजबूत करने में सफलता हासिल की।टिप्पणियां ओबामा ने अपना पहला कार्यकाल संभालने के पहले दिन से ही भारत के साथ अमेरिकी संबंधों के महत्व को समझा तथा जनवरी, 2009 में राष्ट्रपति पद की औपचारिक शपथ लेने से पहले ही तत्कालीन भारतीय राजदूत रोनेन सेन को खुद फोन कर मुंबई आतंकवादी हमलों पर संवेदना प्रकट की। इतना ही नहीं, उन्होंने यह प्रतिबद्धता भी जताई कि अमेरिका दोषियों को कानून के कठघरे में लाने के लिए हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएगा। उन्होंने राष्ट्रपति बनने के बाद सबसे पहले नवंबर, 2009 में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को अपने सरकारी मेहमान के रूप में आमंत्रित किया और उनके सम्मान में पहला रात्रिभोज दिया। इसके एक साल बाद ही वह अपने पहले कार्यकाल के दौरान भारत यात्रा पर आने वाले पहले अमेरिकी राष्ट्रपति बन गए, जिस दौरान उन्होंने न केवल 21वीं सदी में भारत-अमेरिका संबंधों को सर्वाधिक महत्वपूर्ण संबंध घोषित किया, बल्कि विश्व स्तर पर देश की बढ़ती महत्ता को मान्यता देते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता के दावे का समर्थन भी किया। राष्ट्रपति पद के चुनाव में अपने रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी मिट रोमनी की ओर से कड़े मुकाबले को धराशायी करते हुए 51-वर्षीय ओबामा का पिछले चार साल का कार्यकाल एक प्रकार से कांटों का ताज रहा, जिस दौरान उन्हें बिगड़ती अर्थव्यवस्था से जूझना पड़ा। नए कार्यकाल में उनकी विदेश नीति एशिया-प्रशांत क्षेत्र पर पहले की तरह ही केंद्रित रहेगी, जहां भारत को अमेरिकी रणनीति में महत्वपूर्ण धुरी के रूप में देखा जा रहा है। ओबामा भारत के साथ मजबूत संबंधों के पक्षधर रहे हैं, लेकिन घरेलू बाध्याताओं के कारण उन्हें अपने चुनाव प्रचार अभियान के दौरान नौकरियों को भारत में आउटसोर्स किए जाने के खिलाफ आवाज उठानी पड़ी। अपने पहले ही कार्यकाल में भारत यात्रा पर जाने वाले ओबामा पहले अमेरिकी राष्ट्रपति थे और उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता के मुद्दे को भी समर्थन दिया है। चुनाव परिणाम बताते हैं कि अमेरिका की गिरती अर्थव्यवस्था को संभालने के उनके तौर-तरीकों से असंतुष्ट रहने के बावजूद जनता उनके प्रति निष्ठावान बनी रही है और उनमें फिर से अपना भरोसा जताया है। ओबामा ने हाल ही में सैंडी तूफान से तबाह हुए न्यूजर्सी के तटीय इलाकों का दौरा किया था और इस दौरान न्यूजर्सी के रिपब्लिकन गवर्नर भी उनके साथ थे। दोनों नेताओं ने अपनी-अपनी राजनीतिक प्रतिबद्धताओं को दरकिनार करते हुए आपदा से निपटने के तौर तरीकों को लेकर एक-दूसरे की जी भरकर तारीफ की। आपदा से निपटने की उनकी शैली की जनता ने बड़ी सराहना की। राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान से मात्र कुछ ही दिन पहले आई इस आपदा में 90 लोग मारे गए थे और देश की अर्थव्यवस्था को करीब 50 अरब डॉलर का नुकसान हुआ था। श्वेत अमेरिकी मां ऐन डनहैम और केन्या में पैदा हुए हॉर्वर्ड शिक्षित अर्थशास्त्री पिता के घर बराक का जन्म होनोलूलू के हवाई में बराक हुसैन ओबामा के रूप में हुआ था। वह 4 नवंबर, 2008 को अमेरिका के 44वें राष्ट्रपति के रूप में निर्वाचित होने वाले पहले अश्वेत राष्ट्रपति बने। उन्होंने इन चुनावों में अपने तत्कालीन रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी जॉन मैक्केन को परास्त किया था और 20 जनवरी, 2009 को राष्ट्रपति पद की शपथ ली। अश्वेत मानवाधिकार नेता मार्टिन लूथर किंग द्वारा अमेरिकियों को 'समानता के सपने' को पूरा करने के लिए उठ खड़े होने का आह्वान किए जाने के ठीक 45 साल बाद ओबामा व्हाइट हाउस पहुंचे थे। वर्ष 2009 में नोबेल शांति पुरस्कार से नवाजे गए ओबामा 21 जनवरी, 2013 को दूसरे कार्यकाल के लिए राष्ट्रपति पद की शपथ ग्रहण करेंगे। हालांकि संविधान के तहत 20 जनवरी का दिन शपथ ग्रहण के लिए तय होता है, लेकिन उस दिन रविवार पड़ रहा है। जनादेश के बाद ओबामा के कंधों पर देश की अर्थव्यवस्था में जान फूंकने की जिम्मेदारी नए सिरे से आ गई है। कई दशकों के बाद अमेरिका में आई भीषण मंदी के बीच ओबामा के कार्यभार संभालने के बाद से अमेरिकी अर्थव्यवस्था को काफी संघर्ष करना पड़ा है, जिसमें धीमी रोजगार वृद्धि दर और बेरोजगारी दर का आठ फीसदी से ऊपर बने रहना बड़े मुद्दे रहे हैं। इससे पूर्व, नवंबर, 2010 के मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी को ऐतिहासिक नुकसान झेलना पड़ा था। अपने कंजरवेटिव एजेंडे को आगे बढ़ाने तथा राष्ट्रपति की योजनाओं में पलीता लगाने के लिए रिपब्लिकन अधिक दृढ़प्रतिज्ञ होकर सामने आ रहे थे। हालांकि विदेश नीति के मुद्दे पर ओबामा ने पाकिस्तान के ऐबटाबाद में अल-कायदा सरगना ओसामा बिन लादेन को मारने के लिए कमांडो दस्ता भेजकर, इराक में युद्ध को समाप्त कर और रूसी राष्ट्रपति दमित्री मेदवेदेव के साथ नई परमाणु हथियार संधि कर अपनी स्थिति को काफी मजबूत करने में सफलता हासिल की।टिप्पणियां ओबामा ने अपना पहला कार्यकाल संभालने के पहले दिन से ही भारत के साथ अमेरिकी संबंधों के महत्व को समझा तथा जनवरी, 2009 में राष्ट्रपति पद की औपचारिक शपथ लेने से पहले ही तत्कालीन भारतीय राजदूत रोनेन सेन को खुद फोन कर मुंबई आतंकवादी हमलों पर संवेदना प्रकट की। इतना ही नहीं, उन्होंने यह प्रतिबद्धता भी जताई कि अमेरिका दोषियों को कानून के कठघरे में लाने के लिए हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएगा। उन्होंने राष्ट्रपति बनने के बाद सबसे पहले नवंबर, 2009 में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को अपने सरकारी मेहमान के रूप में आमंत्रित किया और उनके सम्मान में पहला रात्रिभोज दिया। इसके एक साल बाद ही वह अपने पहले कार्यकाल के दौरान भारत यात्रा पर आने वाले पहले अमेरिकी राष्ट्रपति बन गए, जिस दौरान उन्होंने न केवल 21वीं सदी में भारत-अमेरिका संबंधों को सर्वाधिक महत्वपूर्ण संबंध घोषित किया, बल्कि विश्व स्तर पर देश की बढ़ती महत्ता को मान्यता देते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता के दावे का समर्थन भी किया। नए कार्यकाल में उनकी विदेश नीति एशिया-प्रशांत क्षेत्र पर पहले की तरह ही केंद्रित रहेगी, जहां भारत को अमेरिकी रणनीति में महत्वपूर्ण धुरी के रूप में देखा जा रहा है। ओबामा भारत के साथ मजबूत संबंधों के पक्षधर रहे हैं, लेकिन घरेलू बाध्याताओं के कारण उन्हें अपने चुनाव प्रचार अभियान के दौरान नौकरियों को भारत में आउटसोर्स किए जाने के खिलाफ आवाज उठानी पड़ी। अपने पहले ही कार्यकाल में भारत यात्रा पर जाने वाले ओबामा पहले अमेरिकी राष्ट्रपति थे और उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता के मुद्दे को भी समर्थन दिया है। चुनाव परिणाम बताते हैं कि अमेरिका की गिरती अर्थव्यवस्था को संभालने के उनके तौर-तरीकों से असंतुष्ट रहने के बावजूद जनता उनके प्रति निष्ठावान बनी रही है और उनमें फिर से अपना भरोसा जताया है। ओबामा ने हाल ही में सैंडी तूफान से तबाह हुए न्यूजर्सी के तटीय इलाकों का दौरा किया था और इस दौरान न्यूजर्सी के रिपब्लिकन गवर्नर भी उनके साथ थे। दोनों नेताओं ने अपनी-अपनी राजनीतिक प्रतिबद्धताओं को दरकिनार करते हुए आपदा से निपटने के तौर तरीकों को लेकर एक-दूसरे की जी भरकर तारीफ की। आपदा से निपटने की उनकी शैली की जनता ने बड़ी सराहना की। राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान से मात्र कुछ ही दिन पहले आई इस आपदा में 90 लोग मारे गए थे और देश की अर्थव्यवस्था को करीब 50 अरब डॉलर का नुकसान हुआ था। श्वेत अमेरिकी मां ऐन डनहैम और केन्या में पैदा हुए हॉर्वर्ड शिक्षित अर्थशास्त्री पिता के घर बराक का जन्म होनोलूलू के हवाई में बराक हुसैन ओबामा के रूप में हुआ था। वह 4 नवंबर, 2008 को अमेरिका के 44वें राष्ट्रपति के रूप में निर्वाचित होने वाले पहले अश्वेत राष्ट्रपति बने। उन्होंने इन चुनावों में अपने तत्कालीन रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी जॉन मैक्केन को परास्त किया था और 20 जनवरी, 2009 को राष्ट्रपति पद की शपथ ली। अश्वेत मानवाधिकार नेता मार्टिन लूथर किंग द्वारा अमेरिकियों को 'समानता के सपने' को पूरा करने के लिए उठ खड़े होने का आह्वान किए जाने के ठीक 45 साल बाद ओबामा व्हाइट हाउस पहुंचे थे। वर्ष 2009 में नोबेल शांति पुरस्कार से नवाजे गए ओबामा 21 जनवरी, 2013 को दूसरे कार्यकाल के लिए राष्ट्रपति पद की शपथ ग्रहण करेंगे। हालांकि संविधान के तहत 20 जनवरी का दिन शपथ ग्रहण के लिए तय होता है, लेकिन उस दिन रविवार पड़ रहा है। जनादेश के बाद ओबामा के कंधों पर देश की अर्थव्यवस्था में जान फूंकने की जिम्मेदारी नए सिरे से आ गई है। कई दशकों के बाद अमेरिका में आई भीषण मंदी के बीच ओबामा के कार्यभार संभालने के बाद से अमेरिकी अर्थव्यवस्था को काफी संघर्ष करना पड़ा है, जिसमें धीमी रोजगार वृद्धि दर और बेरोजगारी दर का आठ फीसदी से ऊपर बने रहना बड़े मुद्दे रहे हैं। इससे पूर्व, नवंबर, 2010 के मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी को ऐतिहासिक नुकसान झेलना पड़ा था। अपने कंजरवेटिव एजेंडे को आगे बढ़ाने तथा राष्ट्रपति की योजनाओं में पलीता लगाने के लिए रिपब्लिकन अधिक दृढ़प्रतिज्ञ होकर सामने आ रहे थे। हालांकि विदेश नीति के मुद्दे पर ओबामा ने पाकिस्तान के ऐबटाबाद में अल-कायदा सरगना ओसामा बिन लादेन को मारने के लिए कमांडो दस्ता भेजकर, इराक में युद्ध को समाप्त कर और रूसी राष्ट्रपति दमित्री मेदवेदेव के साथ नई परमाणु हथियार संधि कर अपनी स्थिति को काफी मजबूत करने में सफलता हासिल की।टिप्पणियां ओबामा ने अपना पहला कार्यकाल संभालने के पहले दिन से ही भारत के साथ अमेरिकी संबंधों के महत्व को समझा तथा जनवरी, 2009 में राष्ट्रपति पद की औपचारिक शपथ लेने से पहले ही तत्कालीन भारतीय राजदूत रोनेन सेन को खुद फोन कर मुंबई आतंकवादी हमलों पर संवेदना प्रकट की। इतना ही नहीं, उन्होंने यह प्रतिबद्धता भी जताई कि अमेरिका दोषियों को कानून के कठघरे में लाने के लिए हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएगा। उन्होंने राष्ट्रपति बनने के बाद सबसे पहले नवंबर, 2009 में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को अपने सरकारी मेहमान के रूप में आमंत्रित किया और उनके सम्मान में पहला रात्रिभोज दिया। इसके एक साल बाद ही वह अपने पहले कार्यकाल के दौरान भारत यात्रा पर आने वाले पहले अमेरिकी राष्ट्रपति बन गए, जिस दौरान उन्होंने न केवल 21वीं सदी में भारत-अमेरिका संबंधों को सर्वाधिक महत्वपूर्ण संबंध घोषित किया, बल्कि विश्व स्तर पर देश की बढ़ती महत्ता को मान्यता देते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता के दावे का समर्थन भी किया। अपने पहले ही कार्यकाल में भारत यात्रा पर जाने वाले ओबामा पहले अमेरिकी राष्ट्रपति थे और उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता के मुद्दे को भी समर्थन दिया है। चुनाव परिणाम बताते हैं कि अमेरिका की गिरती अर्थव्यवस्था को संभालने के उनके तौर-तरीकों से असंतुष्ट रहने के बावजूद जनता उनके प्रति निष्ठावान बनी रही है और उनमें फिर से अपना भरोसा जताया है। ओबामा ने हाल ही में सैंडी तूफान से तबाह हुए न्यूजर्सी के तटीय इलाकों का दौरा किया था और इस दौरान न्यूजर्सी के रिपब्लिकन गवर्नर भी उनके साथ थे। दोनों नेताओं ने अपनी-अपनी राजनीतिक प्रतिबद्धताओं को दरकिनार करते हुए आपदा से निपटने के तौर तरीकों को लेकर एक-दूसरे की जी भरकर तारीफ की। आपदा से निपटने की उनकी शैली की जनता ने बड़ी सराहना की। राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान से मात्र कुछ ही दिन पहले आई इस आपदा में 90 लोग मारे गए थे और देश की अर्थव्यवस्था को करीब 50 अरब डॉलर का नुकसान हुआ था। श्वेत अमेरिकी मां ऐन डनहैम और केन्या में पैदा हुए हॉर्वर्ड शिक्षित अर्थशास्त्री पिता के घर बराक का जन्म होनोलूलू के हवाई में बराक हुसैन ओबामा के रूप में हुआ था। वह 4 नवंबर, 2008 को अमेरिका के 44वें राष्ट्रपति के रूप में निर्वाचित होने वाले पहले अश्वेत राष्ट्रपति बने। उन्होंने इन चुनावों में अपने तत्कालीन रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी जॉन मैक्केन को परास्त किया था और 20 जनवरी, 2009 को राष्ट्रपति पद की शपथ ली। अश्वेत मानवाधिकार नेता मार्टिन लूथर किंग द्वारा अमेरिकियों को 'समानता के सपने' को पूरा करने के लिए उठ खड़े होने का आह्वान किए जाने के ठीक 45 साल बाद ओबामा व्हाइट हाउस पहुंचे थे। वर्ष 2009 में नोबेल शांति पुरस्कार से नवाजे गए ओबामा 21 जनवरी, 2013 को दूसरे कार्यकाल के लिए राष्ट्रपति पद की शपथ ग्रहण करेंगे। हालांकि संविधान के तहत 20 जनवरी का दिन शपथ ग्रहण के लिए तय होता है, लेकिन उस दिन रविवार पड़ रहा है। जनादेश के बाद ओबामा के कंधों पर देश की अर्थव्यवस्था में जान फूंकने की जिम्मेदारी नए सिरे से आ गई है। कई दशकों के बाद अमेरिका में आई भीषण मंदी के बीच ओबामा के कार्यभार संभालने के बाद से अमेरिकी अर्थव्यवस्था को काफी संघर्ष करना पड़ा है, जिसमें धीमी रोजगार वृद्धि दर और बेरोजगारी दर का आठ फीसदी से ऊपर बने रहना बड़े मुद्दे रहे हैं। इससे पूर्व, नवंबर, 2010 के मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी को ऐतिहासिक नुकसान झेलना पड़ा था। अपने कंजरवेटिव एजेंडे को आगे बढ़ाने तथा राष्ट्रपति की योजनाओं में पलीता लगाने के लिए रिपब्लिकन अधिक दृढ़प्रतिज्ञ होकर सामने आ रहे थे। हालांकि विदेश नीति के मुद्दे पर ओबामा ने पाकिस्तान के ऐबटाबाद में अल-कायदा सरगना ओसामा बिन लादेन को मारने के लिए कमांडो दस्ता भेजकर, इराक में युद्ध को समाप्त कर और रूसी राष्ट्रपति दमित्री मेदवेदेव के साथ नई परमाणु हथियार संधि कर अपनी स्थिति को काफी मजबूत करने में सफलता हासिल की।टिप्पणियां ओबामा ने अपना पहला कार्यकाल संभालने के पहले दिन से ही भारत के साथ अमेरिकी संबंधों के महत्व को समझा तथा जनवरी, 2009 में राष्ट्रपति पद की औपचारिक शपथ लेने से पहले ही तत्कालीन भारतीय राजदूत रोनेन सेन को खुद फोन कर मुंबई आतंकवादी हमलों पर संवेदना प्रकट की। इतना ही नहीं, उन्होंने यह प्रतिबद्धता भी जताई कि अमेरिका दोषियों को कानून के कठघरे में लाने के लिए हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएगा। उन्होंने राष्ट्रपति बनने के बाद सबसे पहले नवंबर, 2009 में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को अपने सरकारी मेहमान के रूप में आमंत्रित किया और उनके सम्मान में पहला रात्रिभोज दिया। इसके एक साल बाद ही वह अपने पहले कार्यकाल के दौरान भारत यात्रा पर आने वाले पहले अमेरिकी राष्ट्रपति बन गए, जिस दौरान उन्होंने न केवल 21वीं सदी में भारत-अमेरिका संबंधों को सर्वाधिक महत्वपूर्ण संबंध घोषित किया, बल्कि विश्व स्तर पर देश की बढ़ती महत्ता को मान्यता देते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता के दावे का समर्थन भी किया। ओबामा ने हाल ही में सैंडी तूफान से तबाह हुए न्यूजर्सी के तटीय इलाकों का दौरा किया था और इस दौरान न्यूजर्सी के रिपब्लिकन गवर्नर भी उनके साथ थे। दोनों नेताओं ने अपनी-अपनी राजनीतिक प्रतिबद्धताओं को दरकिनार करते हुए आपदा से निपटने के तौर तरीकों को लेकर एक-दूसरे की जी भरकर तारीफ की। आपदा से निपटने की उनकी शैली की जनता ने बड़ी सराहना की। राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान से मात्र कुछ ही दिन पहले आई इस आपदा में 90 लोग मारे गए थे और देश की अर्थव्यवस्था को करीब 50 अरब डॉलर का नुकसान हुआ था। श्वेत अमेरिकी मां ऐन डनहैम और केन्या में पैदा हुए हॉर्वर्ड शिक्षित अर्थशास्त्री पिता के घर बराक का जन्म होनोलूलू के हवाई में बराक हुसैन ओबामा के रूप में हुआ था। वह 4 नवंबर, 2008 को अमेरिका के 44वें राष्ट्रपति के रूप में निर्वाचित होने वाले पहले अश्वेत राष्ट्रपति बने। उन्होंने इन चुनावों में अपने तत्कालीन रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी जॉन मैक्केन को परास्त किया था और 20 जनवरी, 2009 को राष्ट्रपति पद की शपथ ली। अश्वेत मानवाधिकार नेता मार्टिन लूथर किंग द्वारा अमेरिकियों को 'समानता के सपने' को पूरा करने के लिए उठ खड़े होने का आह्वान किए जाने के ठीक 45 साल बाद ओबामा व्हाइट हाउस पहुंचे थे। वर्ष 2009 में नोबेल शांति पुरस्कार से नवाजे गए ओबामा 21 जनवरी, 2013 को दूसरे कार्यकाल के लिए राष्ट्रपति पद की शपथ ग्रहण करेंगे। हालांकि संविधान के तहत 20 जनवरी का दिन शपथ ग्रहण के लिए तय होता है, लेकिन उस दिन रविवार पड़ रहा है। जनादेश के बाद ओबामा के कंधों पर देश की अर्थव्यवस्था में जान फूंकने की जिम्मेदारी नए सिरे से आ गई है। कई दशकों के बाद अमेरिका में आई भीषण मंदी के बीच ओबामा के कार्यभार संभालने के बाद से अमेरिकी अर्थव्यवस्था को काफी संघर्ष करना पड़ा है, जिसमें धीमी रोजगार वृद्धि दर और बेरोजगारी दर का आठ फीसदी से ऊपर बने रहना बड़े मुद्दे रहे हैं। इससे पूर्व, नवंबर, 2010 के मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी को ऐतिहासिक नुकसान झेलना पड़ा था। अपने कंजरवेटिव एजेंडे को आगे बढ़ाने तथा राष्ट्रपति की योजनाओं में पलीता लगाने के लिए रिपब्लिकन अधिक दृढ़प्रतिज्ञ होकर सामने आ रहे थे। हालांकि विदेश नीति के मुद्दे पर ओबामा ने पाकिस्तान के ऐबटाबाद में अल-कायदा सरगना ओसामा बिन लादेन को मारने के लिए कमांडो दस्ता भेजकर, इराक में युद्ध को समाप्त कर और रूसी राष्ट्रपति दमित्री मेदवेदेव के साथ नई परमाणु हथियार संधि कर अपनी स्थिति को काफी मजबूत करने में सफलता हासिल की।टिप्पणियां ओबामा ने अपना पहला कार्यकाल संभालने के पहले दिन से ही भारत के साथ अमेरिकी संबंधों के महत्व को समझा तथा जनवरी, 2009 में राष्ट्रपति पद की औपचारिक शपथ लेने से पहले ही तत्कालीन भारतीय राजदूत रोनेन सेन को खुद फोन कर मुंबई आतंकवादी हमलों पर संवेदना प्रकट की। इतना ही नहीं, उन्होंने यह प्रतिबद्धता भी जताई कि अमेरिका दोषियों को कानून के कठघरे में लाने के लिए हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएगा। उन्होंने राष्ट्रपति बनने के बाद सबसे पहले नवंबर, 2009 में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को अपने सरकारी मेहमान के रूप में आमंत्रित किया और उनके सम्मान में पहला रात्रिभोज दिया। इसके एक साल बाद ही वह अपने पहले कार्यकाल के दौरान भारत यात्रा पर आने वाले पहले अमेरिकी राष्ट्रपति बन गए, जिस दौरान उन्होंने न केवल 21वीं सदी में भारत-अमेरिका संबंधों को सर्वाधिक महत्वपूर्ण संबंध घोषित किया, बल्कि विश्व स्तर पर देश की बढ़ती महत्ता को मान्यता देते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता के दावे का समर्थन भी किया। राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान से मात्र कुछ ही दिन पहले आई इस आपदा में 90 लोग मारे गए थे और देश की अर्थव्यवस्था को करीब 50 अरब डॉलर का नुकसान हुआ था। श्वेत अमेरिकी मां ऐन डनहैम और केन्या में पैदा हुए हॉर्वर्ड शिक्षित अर्थशास्त्री पिता के घर बराक का जन्म होनोलूलू के हवाई में बराक हुसैन ओबामा के रूप में हुआ था। वह 4 नवंबर, 2008 को अमेरिका के 44वें राष्ट्रपति के रूप में निर्वाचित होने वाले पहले अश्वेत राष्ट्रपति बने। उन्होंने इन चुनावों में अपने तत्कालीन रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी जॉन मैक्केन को परास्त किया था और 20 जनवरी, 2009 को राष्ट्रपति पद की शपथ ली। अश्वेत मानवाधिकार नेता मार्टिन लूथर किंग द्वारा अमेरिकियों को 'समानता के सपने' को पूरा करने के लिए उठ खड़े होने का आह्वान किए जाने के ठीक 45 साल बाद ओबामा व्हाइट हाउस पहुंचे थे। वर्ष 2009 में नोबेल शांति पुरस्कार से नवाजे गए ओबामा 21 जनवरी, 2013 को दूसरे कार्यकाल के लिए राष्ट्रपति पद की शपथ ग्रहण करेंगे। हालांकि संविधान के तहत 20 जनवरी का दिन शपथ ग्रहण के लिए तय होता है, लेकिन उस दिन रविवार पड़ रहा है। जनादेश के बाद ओबामा के कंधों पर देश की अर्थव्यवस्था में जान फूंकने की जिम्मेदारी नए सिरे से आ गई है। कई दशकों के बाद अमेरिका में आई भीषण मंदी के बीच ओबामा के कार्यभार संभालने के बाद से अमेरिकी अर्थव्यवस्था को काफी संघर्ष करना पड़ा है, जिसमें धीमी रोजगार वृद्धि दर और बेरोजगारी दर का आठ फीसदी से ऊपर बने रहना बड़े मुद्दे रहे हैं। इससे पूर्व, नवंबर, 2010 के मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी को ऐतिहासिक नुकसान झेलना पड़ा था। अपने कंजरवेटिव एजेंडे को आगे बढ़ाने तथा राष्ट्रपति की योजनाओं में पलीता लगाने के लिए रिपब्लिकन अधिक दृढ़प्रतिज्ञ होकर सामने आ रहे थे। हालांकि विदेश नीति के मुद्दे पर ओबामा ने पाकिस्तान के ऐबटाबाद में अल-कायदा सरगना ओसामा बिन लादेन को मारने के लिए कमांडो दस्ता भेजकर, इराक में युद्ध को समाप्त कर और रूसी राष्ट्रपति दमित्री मेदवेदेव के साथ नई परमाणु हथियार संधि कर अपनी स्थिति को काफी मजबूत करने में सफलता हासिल की।टिप्पणियां ओबामा ने अपना पहला कार्यकाल संभालने के पहले दिन से ही भारत के साथ अमेरिकी संबंधों के महत्व को समझा तथा जनवरी, 2009 में राष्ट्रपति पद की औपचारिक शपथ लेने से पहले ही तत्कालीन भारतीय राजदूत रोनेन सेन को खुद फोन कर मुंबई आतंकवादी हमलों पर संवेदना प्रकट की। इतना ही नहीं, उन्होंने यह प्रतिबद्धता भी जताई कि अमेरिका दोषियों को कानून के कठघरे में लाने के लिए हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएगा। उन्होंने राष्ट्रपति बनने के बाद सबसे पहले नवंबर, 2009 में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को अपने सरकारी मेहमान के रूप में आमंत्रित किया और उनके सम्मान में पहला रात्रिभोज दिया। इसके एक साल बाद ही वह अपने पहले कार्यकाल के दौरान भारत यात्रा पर आने वाले पहले अमेरिकी राष्ट्रपति बन गए, जिस दौरान उन्होंने न केवल 21वीं सदी में भारत-अमेरिका संबंधों को सर्वाधिक महत्वपूर्ण संबंध घोषित किया, बल्कि विश्व स्तर पर देश की बढ़ती महत्ता को मान्यता देते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता के दावे का समर्थन भी किया। वह 4 नवंबर, 2008 को अमेरिका के 44वें राष्ट्रपति के रूप में निर्वाचित होने वाले पहले अश्वेत राष्ट्रपति बने। उन्होंने इन चुनावों में अपने तत्कालीन रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी जॉन मैक्केन को परास्त किया था और 20 जनवरी, 2009 को राष्ट्रपति पद की शपथ ली। अश्वेत मानवाधिकार नेता मार्टिन लूथर किंग द्वारा अमेरिकियों को 'समानता के सपने' को पूरा करने के लिए उठ खड़े होने का आह्वान किए जाने के ठीक 45 साल बाद ओबामा व्हाइट हाउस पहुंचे थे। वर्ष 2009 में नोबेल शांति पुरस्कार से नवाजे गए ओबामा 21 जनवरी, 2013 को दूसरे कार्यकाल के लिए राष्ट्रपति पद की शपथ ग्रहण करेंगे। हालांकि संविधान के तहत 20 जनवरी का दिन शपथ ग्रहण के लिए तय होता है, लेकिन उस दिन रविवार पड़ रहा है। जनादेश के बाद ओबामा के कंधों पर देश की अर्थव्यवस्था में जान फूंकने की जिम्मेदारी नए सिरे से आ गई है। कई दशकों के बाद अमेरिका में आई भीषण मंदी के बीच ओबामा के कार्यभार संभालने के बाद से अमेरिकी अर्थव्यवस्था को काफी संघर्ष करना पड़ा है, जिसमें धीमी रोजगार वृद्धि दर और बेरोजगारी दर का आठ फीसदी से ऊपर बने रहना बड़े मुद्दे रहे हैं। इससे पूर्व, नवंबर, 2010 के मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी को ऐतिहासिक नुकसान झेलना पड़ा था। अपने कंजरवेटिव एजेंडे को आगे बढ़ाने तथा राष्ट्रपति की योजनाओं में पलीता लगाने के लिए रिपब्लिकन अधिक दृढ़प्रतिज्ञ होकर सामने आ रहे थे। हालांकि विदेश नीति के मुद्दे पर ओबामा ने पाकिस्तान के ऐबटाबाद में अल-कायदा सरगना ओसामा बिन लादेन को मारने के लिए कमांडो दस्ता भेजकर, इराक में युद्ध को समाप्त कर और रूसी राष्ट्रपति दमित्री मेदवेदेव के साथ नई परमाणु हथियार संधि कर अपनी स्थिति को काफी मजबूत करने में सफलता हासिल की।टिप्पणियां ओबामा ने अपना पहला कार्यकाल संभालने के पहले दिन से ही भारत के साथ अमेरिकी संबंधों के महत्व को समझा तथा जनवरी, 2009 में राष्ट्रपति पद की औपचारिक शपथ लेने से पहले ही तत्कालीन भारतीय राजदूत रोनेन सेन को खुद फोन कर मुंबई आतंकवादी हमलों पर संवेदना प्रकट की। इतना ही नहीं, उन्होंने यह प्रतिबद्धता भी जताई कि अमेरिका दोषियों को कानून के कठघरे में लाने के लिए हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएगा। उन्होंने राष्ट्रपति बनने के बाद सबसे पहले नवंबर, 2009 में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को अपने सरकारी मेहमान के रूप में आमंत्रित किया और उनके सम्मान में पहला रात्रिभोज दिया। इसके एक साल बाद ही वह अपने पहले कार्यकाल के दौरान भारत यात्रा पर आने वाले पहले अमेरिकी राष्ट्रपति बन गए, जिस दौरान उन्होंने न केवल 21वीं सदी में भारत-अमेरिका संबंधों को सर्वाधिक महत्वपूर्ण संबंध घोषित किया, बल्कि विश्व स्तर पर देश की बढ़ती महत्ता को मान्यता देते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता के दावे का समर्थन भी किया। वर्ष 2009 में नोबेल शांति पुरस्कार से नवाजे गए ओबामा 21 जनवरी, 2013 को दूसरे कार्यकाल के लिए राष्ट्रपति पद की शपथ ग्रहण करेंगे। हालांकि संविधान के तहत 20 जनवरी का दिन शपथ ग्रहण के लिए तय होता है, लेकिन उस दिन रविवार पड़ रहा है। जनादेश के बाद ओबामा के कंधों पर देश की अर्थव्यवस्था में जान फूंकने की जिम्मेदारी नए सिरे से आ गई है। कई दशकों के बाद अमेरिका में आई भीषण मंदी के बीच ओबामा के कार्यभार संभालने के बाद से अमेरिकी अर्थव्यवस्था को काफी संघर्ष करना पड़ा है, जिसमें धीमी रोजगार वृद्धि दर और बेरोजगारी दर का आठ फीसदी से ऊपर बने रहना बड़े मुद्दे रहे हैं। इससे पूर्व, नवंबर, 2010 के मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी को ऐतिहासिक नुकसान झेलना पड़ा था। अपने कंजरवेटिव एजेंडे को आगे बढ़ाने तथा राष्ट्रपति की योजनाओं में पलीता लगाने के लिए रिपब्लिकन अधिक दृढ़प्रतिज्ञ होकर सामने आ रहे थे। हालांकि विदेश नीति के मुद्दे पर ओबामा ने पाकिस्तान के ऐबटाबाद में अल-कायदा सरगना ओसामा बिन लादेन को मारने के लिए कमांडो दस्ता भेजकर, इराक में युद्ध को समाप्त कर और रूसी राष्ट्रपति दमित्री मेदवेदेव के साथ नई परमाणु हथियार संधि कर अपनी स्थिति को काफी मजबूत करने में सफलता हासिल की।टिप्पणियां ओबामा ने अपना पहला कार्यकाल संभालने के पहले दिन से ही भारत के साथ अमेरिकी संबंधों के महत्व को समझा तथा जनवरी, 2009 में राष्ट्रपति पद की औपचारिक शपथ लेने से पहले ही तत्कालीन भारतीय राजदूत रोनेन सेन को खुद फोन कर मुंबई आतंकवादी हमलों पर संवेदना प्रकट की। इतना ही नहीं, उन्होंने यह प्रतिबद्धता भी जताई कि अमेरिका दोषियों को कानून के कठघरे में लाने के लिए हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएगा। उन्होंने राष्ट्रपति बनने के बाद सबसे पहले नवंबर, 2009 में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को अपने सरकारी मेहमान के रूप में आमंत्रित किया और उनके सम्मान में पहला रात्रिभोज दिया। इसके एक साल बाद ही वह अपने पहले कार्यकाल के दौरान भारत यात्रा पर आने वाले पहले अमेरिकी राष्ट्रपति बन गए, जिस दौरान उन्होंने न केवल 21वीं सदी में भारत-अमेरिका संबंधों को सर्वाधिक महत्वपूर्ण संबंध घोषित किया, बल्कि विश्व स्तर पर देश की बढ़ती महत्ता को मान्यता देते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता के दावे का समर्थन भी किया। इससे पूर्व, नवंबर, 2010 के मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी को ऐतिहासिक नुकसान झेलना पड़ा था। अपने कंजरवेटिव एजेंडे को आगे बढ़ाने तथा राष्ट्रपति की योजनाओं में पलीता लगाने के लिए रिपब्लिकन अधिक दृढ़प्रतिज्ञ होकर सामने आ रहे थे। हालांकि विदेश नीति के मुद्दे पर ओबामा ने पाकिस्तान के ऐबटाबाद में अल-कायदा सरगना ओसामा बिन लादेन को मारने के लिए कमांडो दस्ता भेजकर, इराक में युद्ध को समाप्त कर और रूसी राष्ट्रपति दमित्री मेदवेदेव के साथ नई परमाणु हथियार संधि कर अपनी स्थिति को काफी मजबूत करने में सफलता हासिल की।टिप्पणियां ओबामा ने अपना पहला कार्यकाल संभालने के पहले दिन से ही भारत के साथ अमेरिकी संबंधों के महत्व को समझा तथा जनवरी, 2009 में राष्ट्रपति पद की औपचारिक शपथ लेने से पहले ही तत्कालीन भारतीय राजदूत रोनेन सेन को खुद फोन कर मुंबई आतंकवादी हमलों पर संवेदना प्रकट की। इतना ही नहीं, उन्होंने यह प्रतिबद्धता भी जताई कि अमेरिका दोषियों को कानून के कठघरे में लाने के लिए हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएगा। उन्होंने राष्ट्रपति बनने के बाद सबसे पहले नवंबर, 2009 में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को अपने सरकारी मेहमान के रूप में आमंत्रित किया और उनके सम्मान में पहला रात्रिभोज दिया। इसके एक साल बाद ही वह अपने पहले कार्यकाल के दौरान भारत यात्रा पर आने वाले पहले अमेरिकी राष्ट्रपति बन गए, जिस दौरान उन्होंने न केवल 21वीं सदी में भारत-अमेरिका संबंधों को सर्वाधिक महत्वपूर्ण संबंध घोषित किया, बल्कि विश्व स्तर पर देश की बढ़ती महत्ता को मान्यता देते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता के दावे का समर्थन भी किया। ओबामा ने अपना पहला कार्यकाल संभालने के पहले दिन से ही भारत के साथ अमेरिकी संबंधों के महत्व को समझा तथा जनवरी, 2009 में राष्ट्रपति पद की औपचारिक शपथ लेने से पहले ही तत्कालीन भारतीय राजदूत रोनेन सेन को खुद फोन कर मुंबई आतंकवादी हमलों पर संवेदना प्रकट की। इतना ही नहीं, उन्होंने यह प्रतिबद्धता भी जताई कि अमेरिका दोषियों को कानून के कठघरे में लाने के लिए हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएगा। उन्होंने राष्ट्रपति बनने के बाद सबसे पहले नवंबर, 2009 में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को अपने सरकारी मेहमान के रूप में आमंत्रित किया और उनके सम्मान में पहला रात्रिभोज दिया। इसके एक साल बाद ही वह अपने पहले कार्यकाल के दौरान भारत यात्रा पर आने वाले पहले अमेरिकी राष्ट्रपति बन गए, जिस दौरान उन्होंने न केवल 21वीं सदी में भारत-अमेरिका संबंधों को सर्वाधिक महत्वपूर्ण संबंध घोषित किया, बल्कि विश्व स्तर पर देश की बढ़ती महत्ता को मान्यता देते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता के दावे का समर्थन भी किया। उन्होंने राष्ट्रपति बनने के बाद सबसे पहले नवंबर, 2009 में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को अपने सरकारी मेहमान के रूप में आमंत्रित किया और उनके सम्मान में पहला रात्रिभोज दिया। इसके एक साल बाद ही वह अपने पहले कार्यकाल के दौरान भारत यात्रा पर आने वाले पहले अमेरिकी राष्ट्रपति बन गए, जिस दौरान उन्होंने न केवल 21वीं सदी में भारत-अमेरिका संबंधों को सर्वाधिक महत्वपूर्ण संबंध घोषित किया, बल्कि विश्व स्तर पर देश की बढ़ती महत्ता को मान्यता देते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता के दावे का समर्थन भी किया।
संक्षिप्त पाठ: बराक ओबामा बेहद दृढ़प्रतिज्ञ, विनम्र, करिश्माई वाक कौशल के धनी और सबको साथ लेकर चलने वाले राजनेता हैं और उनके इन्हीं गुणों की बदौलत अमेरिकियों ने दूसरी बार सत्ता की कमान एक बार फिर से उनके हाथों में सौंपी है।
13
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: नगालैंड राज्य की महिला ने ‘नशे में चूर' होकर थाने में जमकर हंगामा हुआ. इसके साथ ही उसने एक पुलिसक्रमी को दांत से काटने की कोशिश भी की. बता दें, इससे पहले पुलिस को शिकायत मिली थी कि महिला ने ठीक तरीके से कपड़े नहीं पहने हुए है. वह नशे में चूर है और उसने आम जनता के बीच हंगामा किया हुआ है. इसके बाद महिला पुलिसकर्मी उसे पकड़ने आई थी. यह घटना शनिवार रात की है. महिला को जब बंजारा हिल्स थाने में ले जाया गया तो उसने वहां एक पुलिसकर्मी के साथ हाथापाई भी की और उसे दांतों से ‘काटने' की भी कोशिश की. इसके साथ ही उसने अन्य पुलिसकर्मियों के साथ झगड़ा भी किया.  बताया जा रहा है कि 30 वर्ष की आयु के आसपास की महिला को पुलिसकर्मियों को कथित तौर पर धमकाते हुए देखा गया है. पुलिस ने बताया कि महिला ने दावा किया कि वह शहर में एक सॉफ्टवेयर कंपनी में काम करती है. हालांकि उसने इस संबंध में कोई दस्तावेज नहीं दिखाया. बता दें, जहीरा नगर के निवासियों ने पुलिस को सूचना दी थी कि शराब पीकर, कम कपड़े पहने हुए एक महिला इलाके में हंगामा कर रही है जिसके बाद उसे थाने लाया गया था. वह थाने में काफी उत्तेजित हो गई और उसने पुलिसकर्मियों से झगड़ा किया. पुलिस ने बताया कि आईपीसी की धारा 353 के तहत उसके खिलाफ एक मामला दर्ज किया गया है.
संक्षिप्त पाठ: नागालैंड की महिला ने किया हंगामा हैदराबाद पुलिस ने किया मामला दर्ज थाने में भी किया जमकर हंगामा
27
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पाकिस्तान ने लाल शहबाज कलंदर की दरगाह पर शुक्रवार की रात के आत्मघाती हमले में 88 से ज्यादा लोगों की मौत के बाद आतंकियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान छेड़ा है. रिपोर्ट है कि पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में आतंकवादी शिविरों पर 'हमले' किए हैं. इन हमलों की रिपोर्टें पाकिस्तान सेना के इस बयान के कुछ ही घंटों बाद आई हैं कि उसे सूफी दरगाह पर आतंकवादी हमले के रिश्ते सरहद पार के आतंकवादियों से मिले हैं. पाकिस्तान ने कल अफगान राजनयिकों को तलब किया था और उन्हें 76 आतंकवादियों की सूची सौंपी थी जिनके बारे में उसका कहना है कि वे पाकिस्तान में आतंकवादी गतिविधियों का समर्थन कर रहे हैं.     आत्मघाती हमले के तुरंत बाद पाकिस्तान ने दावा किया था कि हमले की साजिश अफगानिस्तान में आतंकवादी पनाहगाहों में रची गई है. यह टिप्पणी अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच के रिश्तों में नई तल्खी ला सकती है. जियो टीवी ने सैन्य सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट दी है कि अफगानिस्तान में आतंकवादी शिविरों पर हमले कल रात में किए गए. लेकिन इस बाबत आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है. अगर इन हमलों की पुष्टि हो गई तो यह अफगान सरजमीन में पाकिस्तानी सेना का इस तरह का पहला अभियान होगा. जियो की रिपोर्ट में बताया गया है कि पाकिस्तान के खबर और मोहमंद कबायली एजेंसियों के पार जमात-उल-अहरार के चार शिविरों पर हमले किए गए. कुछ रिपोटरें में बताया गया है कि पाकिस्तानी सेना के इन हमलों में अहरार के उप कमांडर समेत कई आतंकवादी मारे गए. रिपोर्ट में अफगान मीडिया के हवाले से बताया गया है कि अफगानिस्तान ने देश के पूर्वी हिस्से में हाल की गोलाबारी पर पाकिस्तानी राजदूत को तलब किया है. जियो की रिपोर्ट में बताया गया है कि पाकिस्तान के खबर और मोहमंद कबायली एजेंसियों के पार जमात-उल-अहरार के चार शिविरों पर हमले किए गए. कुछ रिपोटरें में बताया गया है कि पाकिस्तानी सेना के इन हमलों में अहरार के उप कमांडर समेत कई आतंकवादी मारे गए. रिपोर्ट में अफगान मीडिया के हवाले से बताया गया है कि अफगानिस्तान ने देश के पूर्वी हिस्से में हाल की गोलाबारी पर पाकिस्तानी राजदूत को तलब किया है.
यह एक सारांश है: पाकिस्तान ने शुक्रवार को अफगान राजनयिकों को तलब किया था 76 आतंकवादियों की सूची सौंपी थी पाकिस्तान ने अफगानिस्तान-पाकिस्तान के बीच के आ सकती है नई तल्खी
2
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में रहने वाले बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय इस बार अपने कपड़ों को लेकर चर्चा में हैं. मध्य प्रदेश के इंदौर में रंगपंचमी की पूर्व संध्या पर बजरबट्टू सम्मेलन हुआ, जिसमें कैलाश विजयवर्गीय सचिन तेंदुलकर का रूप धारण करके आए थे. कैलाश विजयवर्गीय ट्रैक्टर-ट्रॉली पर सवार हुए थे, जिसे क्रिकेट की पिच का रूप दिया गया था. शोभायात्रा में कैलाश विजयवर्गीय सचिन तेंदुलकर के तरह बल्ला उठाकर लोगों का अभिवादन करते दिखे. इस दौरान उन्होंने पत्रकारों के सवालों का जवाब भी क्रिकेट की भाषा में ही दिया. उन्होंने कहा कि बीजेपी की पोजीशन टीम इंडिया जैसी है, जो नंबर-एक है. कांग्रेस की तुलना केन्या से करते हुए कहा कि फिसड्डी टीम है. आपको बता दें कि बजरबट्टू सम्मलेन में खासतौर पर पत्रकार और जनप्रतिनिधियों को अलग अलग रंग की वेषभूषा पहनकर बजरबट्टू बनाया जाता है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को केंद्र में मंत्री पद सौंपे जाने के सवाल पर उन्होंने कहा फिलहाल ऐसा  कुछ नहीं होने वाला है. सचिन की तरह दिखने के लिए विजयवर्गीय नकली बाल लगाए हुए थे. साथ ही वे सचिन की आवाज की नकल भी उतार रहे थे. इससे पहले कैलाश विजयवर्गीय नेताजी सुभाष चंद्र बोस, स्वामी विवेकानंद, भगवान विष्णु, कृष्ण समेत अनेक अवतारों में नजर आ चुके हैं.टिप्पणियां कार्यक्रम के अंत में विजयवर्गीय ने सचिन तेंदुलकर का रूप धारण करने पर उनसे माफी भी मांगी.  मालूम हो कि कैलाश विजयवर्गीय भजन मंडली की गायकी के क्षेत्र से राजनीति में आए हैं. मध्यप्रदेश की राजनीति में विजयवर्गीय पार्टी के मुख्य चेहरों में से एक माने जाते हैं. आपको बता दें कि बजरबट्टू सम्मलेन में खासतौर पर पत्रकार और जनप्रतिनिधियों को अलग अलग रंग की वेषभूषा पहनकर बजरबट्टू बनाया जाता है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को केंद्र में मंत्री पद सौंपे जाने के सवाल पर उन्होंने कहा फिलहाल ऐसा  कुछ नहीं होने वाला है. सचिन की तरह दिखने के लिए विजयवर्गीय नकली बाल लगाए हुए थे. साथ ही वे सचिन की आवाज की नकल भी उतार रहे थे. इससे पहले कैलाश विजयवर्गीय नेताजी सुभाष चंद्र बोस, स्वामी विवेकानंद, भगवान विष्णु, कृष्ण समेत अनेक अवतारों में नजर आ चुके हैं.टिप्पणियां कार्यक्रम के अंत में विजयवर्गीय ने सचिन तेंदुलकर का रूप धारण करने पर उनसे माफी भी मांगी.  मालूम हो कि कैलाश विजयवर्गीय भजन मंडली की गायकी के क्षेत्र से राजनीति में आए हैं. मध्यप्रदेश की राजनीति में विजयवर्गीय पार्टी के मुख्य चेहरों में से एक माने जाते हैं. सचिन की तरह दिखने के लिए विजयवर्गीय नकली बाल लगाए हुए थे. साथ ही वे सचिन की आवाज की नकल भी उतार रहे थे. इससे पहले कैलाश विजयवर्गीय नेताजी सुभाष चंद्र बोस, स्वामी विवेकानंद, भगवान विष्णु, कृष्ण समेत अनेक अवतारों में नजर आ चुके हैं.टिप्पणियां कार्यक्रम के अंत में विजयवर्गीय ने सचिन तेंदुलकर का रूप धारण करने पर उनसे माफी भी मांगी.  मालूम हो कि कैलाश विजयवर्गीय भजन मंडली की गायकी के क्षेत्र से राजनीति में आए हैं. मध्यप्रदेश की राजनीति में विजयवर्गीय पार्टी के मुख्य चेहरों में से एक माने जाते हैं. कार्यक्रम के अंत में विजयवर्गीय ने सचिन तेंदुलकर का रूप धारण करने पर उनसे माफी भी मांगी.  मालूम हो कि कैलाश विजयवर्गीय भजन मंडली की गायकी के क्षेत्र से राजनीति में आए हैं. मध्यप्रदेश की राजनीति में विजयवर्गीय पार्टी के मुख्य चेहरों में से एक माने जाते हैं. मालूम हो कि कैलाश विजयवर्गीय भजन मंडली की गायकी के क्षेत्र से राजनीति में आए हैं. मध्यप्रदेश की राजनीति में विजयवर्गीय पार्टी के मुख्य चेहरों में से एक माने जाते हैं.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: बजरबट्टू सम्मेलन में सचिन तेंदुलकर के रूप में दिखे विजयवर्गीय. बीजेपी को टीम इंडिया की तरह नंबर एक बताया. कांग्रेस को केन्या की टीम बताकर फिसड्डी करार दिया.
11
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा और उनकी पत्नी मिशेल ओबामा की पॉडकास्ट (डिजिटल ऑडियो फाइल) की सीरीज आ रही है. इसके लिए उन्होंने ऑनलाइन म्यूज़िक स्ट्रीमिंग प्लेटफार्म स्पॉटिफाई के साथ करार किया है. स्पॉटिफाई और ओबामा दंपति के हाइयर ग्राउंड प्रोडक्शंस के बीच हुए कई साल के इस करार के तहत पति-पत्नी विभिन्न विषयों पर पॉडकास्ट तैयार करेंगे और उसमें अपनी आवाज देंगे.  ‘वेराइटी' के अनुसार यह सौदा हाइयर ग्राउंड प्रोडक्शन कंपनी के नए विभाग हाइयर ग्राउंड ऑडियो के साथ हुआ है. रातों-रात गायब हुआ 23 मीटर लंबा और 56 टन भारी रेलवे ब्रिज, तस्वीर देख लोगों के उड़े होश स्पॉटिफाई द्वारा जारी बयान में पूर्व राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘हमारा सदैव मनोरंजन, चिंतन को पैदा करने वाली परिचर्चा के महत्व पर विश्वास रहा है. इससे हमें एक-दूसरे से जुड़ने और अपने आप को नये विचारों के प्रति खोलने में मदद मिलती है.'' उन्होंने कहा, ‘‘हम हाइयर ग्राउंड ऑडियो को लेकर रोमांचित हैं क्योंकि पॉडकास्ट प्रभावी संवाद को बढ़ावा देने, लोगों को मुस्कराने, उन्हें सोचने और हम सभी को एक-दूसरे के समीप लाने का असाधारण मौका प्रदान करते हैं.'' अमेरिकी वायुसेना ने सिख-अमेरिकी वायुसैनिक को दाढ़ी, पगड़ी रखने की अनुमति दी मिशेल ने कहा कि इन पॉडकास्ट के माध्यम से उनका लक्ष्य लोगों को प्रेरणादायी कहानियां बताना है जो लोगों को भावनात्मक रूप से जुड़ने में मदद कर सकती हैं. स्पॉटिफाई दुनियाभर में ओबामा दंपति के पॉडकास्ट को शुल्क का भुगतान करने वाले और विज्ञापन समर्थित उपयोगकर्ताओं तक पहुंचायेगी. इस देश के पूर्व प्रधानमंत्री को हुई जेल, अवैध लॉटरी शुरू कर लूटे थे करोड़ों इनपुट - भाषा
यहाँ एक सारांश है:बराक ओबामा और पत्नी मिशेल ओबामा की पॉडकास्ट सीरीज़ स्पॉटिफाई के साथ हुआ करार लक्ष्य लोगों को प्रेरणादायी कहानियां बनाता
17
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मौत के आरोपी को शहर की एक अदालत ने बरी कर दिया और पीड़ित को उसकी खुद की मौत का दोषी करार दिया क्योंकि पीड़ित शराब के नशे में था और बाइक चलाते वक्त उसने हेलमेट नहीं पहन रखा था. अदालत ने तेज गति और लापरवाही से गाड़ी चलाने तथा इसकी वजह से किसी की मौत का कारण बनने के आरोपों से केरल निवासी नेबू मैथ्यू को बरी करते हुए कहा, हादसा मृतक (पीड़ित) की वजह से हुआ, कानून का पालन उसने नहीं किया था.टिप्पणियां अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट संदीप गर्ग ने कहा, मृतक की मेडिकल रिपोर्ट को देखने पर पता चलता है कि उसने मोटरसाइकिल चलाते वक्त हेलमेट नहीं पहना था और वह शराब के नशे में भी था. इससे यह साबित होता है कि यह मृतक ही था जिसकी वजह से दुर्घटना हुई और उसी ने कानून का उल्लंघन किया था. मामला 27 अक्तूबर 2012 का है. दक्षिण दिल्ली के साकेत इलाके में पीड़ित विक्रांत की बाइक और आरोपी नेबू मैथ्यू की बाइक के बीच टक्कर हो गई थी. हादसे में विक्रांत की मौत हो गई थी और उसकी बाइक पर पीछे बैठी चांदनी ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) अदालत ने तेज गति और लापरवाही से गाड़ी चलाने तथा इसकी वजह से किसी की मौत का कारण बनने के आरोपों से केरल निवासी नेबू मैथ्यू को बरी करते हुए कहा, हादसा मृतक (पीड़ित) की वजह से हुआ, कानून का पालन उसने नहीं किया था.टिप्पणियां अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट संदीप गर्ग ने कहा, मृतक की मेडिकल रिपोर्ट को देखने पर पता चलता है कि उसने मोटरसाइकिल चलाते वक्त हेलमेट नहीं पहना था और वह शराब के नशे में भी था. इससे यह साबित होता है कि यह मृतक ही था जिसकी वजह से दुर्घटना हुई और उसी ने कानून का उल्लंघन किया था. मामला 27 अक्तूबर 2012 का है. दक्षिण दिल्ली के साकेत इलाके में पीड़ित विक्रांत की बाइक और आरोपी नेबू मैथ्यू की बाइक के बीच टक्कर हो गई थी. हादसे में विक्रांत की मौत हो गई थी और उसकी बाइक पर पीछे बैठी चांदनी ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट संदीप गर्ग ने कहा, मृतक की मेडिकल रिपोर्ट को देखने पर पता चलता है कि उसने मोटरसाइकिल चलाते वक्त हेलमेट नहीं पहना था और वह शराब के नशे में भी था. इससे यह साबित होता है कि यह मृतक ही था जिसकी वजह से दुर्घटना हुई और उसी ने कानून का उल्लंघन किया था. मामला 27 अक्तूबर 2012 का है. दक्षिण दिल्ली के साकेत इलाके में पीड़ित विक्रांत की बाइक और आरोपी नेबू मैथ्यू की बाइक के बीच टक्कर हो गई थी. हादसे में विक्रांत की मौत हो गई थी और उसकी बाइक पर पीछे बैठी चांदनी ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त पाठ: पीड़ित शराब के नशे में था और उसने हेलमेट नहीं पहन रखा था कोर्ट ने कहा-हादसा मृतक (पीड़ित) की वजह से हुआ मृतक ने कानून का पालन नहीं किया
22
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: जमैका के स्टार स्प्रिंटर उसैन बोल्ट, केन्या के डेविड रूडिशा और अमेरिका के बाधा दौड़ एथलीट एरीज मेरिट वर्ल्ड एथलीट ऑफ द ईयर पुरस्कार की दौड़ में शामिल हैं। तीन बार इस पुरस्कार को हासिल कर चुके बोल्ट इस बार भी इसके प्रबल दावेदार हैं। लंदन ओलिम्पिक में बोल्ट ने 100 मीटर, 200 मीटर और 4गुणा 100 मीटर रिले स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था। 23 वर्षीय रूडिशा ने इसके पहले इस पुरस्कार को 2010 में हासिल किया था। लंदन ओलिम्पिक में 800 मीटर दौड़ स्पर्धा का विश्व रिकॉर्ड जीतने के बाद उन्हें इस पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया है।टिप्पणियां मेरिट ने लंदन ओलिम्पिक में 110 मीटर बाधा दौड़ स्पर्धा अपने नाम करने वाले मेरिट के नाम वर्तमान में इस स्पर्धा का विश्व रिकॉर्ड है। द इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ एथलेटिक्स फेडरेशंस ने सोमवार को वर्ष के 10 शीर्ष एथलीटों में से इन तीन खिलाड़ियों को इस पुरस्कार के लिए नामित किया है। विजेता की घोषणा बार्सिलोना में 24 नवम्बर को की जाएगी। महिला एथलीटों की सूची भी जल्द घोषित की जाएगी। तीन बार इस पुरस्कार को हासिल कर चुके बोल्ट इस बार भी इसके प्रबल दावेदार हैं। लंदन ओलिम्पिक में बोल्ट ने 100 मीटर, 200 मीटर और 4गुणा 100 मीटर रिले स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था। 23 वर्षीय रूडिशा ने इसके पहले इस पुरस्कार को 2010 में हासिल किया था। लंदन ओलिम्पिक में 800 मीटर दौड़ स्पर्धा का विश्व रिकॉर्ड जीतने के बाद उन्हें इस पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया है।टिप्पणियां मेरिट ने लंदन ओलिम्पिक में 110 मीटर बाधा दौड़ स्पर्धा अपने नाम करने वाले मेरिट के नाम वर्तमान में इस स्पर्धा का विश्व रिकॉर्ड है। द इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ एथलेटिक्स फेडरेशंस ने सोमवार को वर्ष के 10 शीर्ष एथलीटों में से इन तीन खिलाड़ियों को इस पुरस्कार के लिए नामित किया है। विजेता की घोषणा बार्सिलोना में 24 नवम्बर को की जाएगी। महिला एथलीटों की सूची भी जल्द घोषित की जाएगी। 23 वर्षीय रूडिशा ने इसके पहले इस पुरस्कार को 2010 में हासिल किया था। लंदन ओलिम्पिक में 800 मीटर दौड़ स्पर्धा का विश्व रिकॉर्ड जीतने के बाद उन्हें इस पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया है।टिप्पणियां मेरिट ने लंदन ओलिम्पिक में 110 मीटर बाधा दौड़ स्पर्धा अपने नाम करने वाले मेरिट के नाम वर्तमान में इस स्पर्धा का विश्व रिकॉर्ड है। द इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ एथलेटिक्स फेडरेशंस ने सोमवार को वर्ष के 10 शीर्ष एथलीटों में से इन तीन खिलाड़ियों को इस पुरस्कार के लिए नामित किया है। विजेता की घोषणा बार्सिलोना में 24 नवम्बर को की जाएगी। महिला एथलीटों की सूची भी जल्द घोषित की जाएगी। मेरिट ने लंदन ओलिम्पिक में 110 मीटर बाधा दौड़ स्पर्धा अपने नाम करने वाले मेरिट के नाम वर्तमान में इस स्पर्धा का विश्व रिकॉर्ड है। द इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ एथलेटिक्स फेडरेशंस ने सोमवार को वर्ष के 10 शीर्ष एथलीटों में से इन तीन खिलाड़ियों को इस पुरस्कार के लिए नामित किया है। विजेता की घोषणा बार्सिलोना में 24 नवम्बर को की जाएगी। महिला एथलीटों की सूची भी जल्द घोषित की जाएगी। द इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ एथलेटिक्स फेडरेशंस ने सोमवार को वर्ष के 10 शीर्ष एथलीटों में से इन तीन खिलाड़ियों को इस पुरस्कार के लिए नामित किया है। विजेता की घोषणा बार्सिलोना में 24 नवम्बर को की जाएगी। महिला एथलीटों की सूची भी जल्द घोषित की जाएगी।
संक्षिप्त पाठ: जमैका के स्टार स्प्रिंटर उसैन बोल्ट, केन्या के डेविड रूडिशा और अमेरिका के बाधा दौड़ एथलीट एरीज मेरिट वर्ल्ड एथलीट ऑफ द ईयर पुरस्कार की दौड़ में शामिल हैं।
14
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: अपनी टीम की करारी हार से नाराज बांग्लादेशी प्रशंसकों ने मीरपुर के शेर-ए-बांग्ला स्टेडियम से होटल लौट रही वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम की आधिकारिक बस पर शुक्रवार को पथराव किया। वेबसाइट 'क्रिकइंफो' ने टीम प्रबंधन के हवाले से खबर दी है कि इस घटना में किसी खिलाड़ी को चोट नहीं आई है। प्रबंधन के मुताबिक इस घटना से खिलाड़ी घबराए हुए हैं। वेस्टइंडीज टीम के वरिष्ठ बल्लेबाज क्रिस गेल ने सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट 'ट्विटर' पर जारी अपनी टिप्पणी के माध्यम से पत्थरबाजी की इस शर्मनाक घटना को सार्वजनिक किया है। गेल ने अपनी टिप्पणी में लिखा है, "बांग्लादेश के लोग हमारी बस पर पथराव कर रहे हैं। बस की खिड़कियों का शीशा टूट गया है। मुझे यकीन नहीं हो रहा है..अब क्या हमारे ऊपर गोलियां बरसाई जाएंगी।" टीम के प्रबंधक फिलिप स्पूनर ने क्रिकइंफो को जानकारी दी कि बस की दो खिड़कियों के शीशे में दरार पड़ गई लेकिन शीशा टूटा नहीं। इस कारण बस के अंदर पत्थर नहीं घुस पाया। स्पूनर ने कहा, "हमने मैच के बाद होटल के लिए बस पकड़ी। रास्ते में हमारी बस पर कुछ पत्थर फेंके गए। दो शीशों में दरार पड़ गई है। हम सुरक्षित होटल पहुंच गए। सभी खिलाड़ी सुरक्षित हैं।" इससे पहले, अपनी टीम की शर्मनाक हार से खफा बांग्लादेशी प्रशंसकों ने स्टेडियम में जमकर हंगामा किया था। प्रशंसकों ने विरोधस्वरूप टीम के खिलाफ नारे भी लगाए। वेस्टइंडीज ने यह मैच नौ विकेट से जीता। बांग्लादेश की टीम टॉस जीतकर बल्लेबाजी करते हुए 18.5 ओवरों में 58 रन पर पेवेलियन लौट गई। उसके नौ बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा नहीं पार कर सके। इससे नाराज प्रशंसकों ने मैच खत्म होने से पहले ही चौके और छक्कों वाले प्लेकार्ड मैदान में फेंकने शुरू कर दिए थे। बहुतेरे प्रशंसकों ने जो टीम के रंगों वाली अपनी जर्सी उतार दी और उसे भी सीमा रेखा के करीब फेंक दिया। अपनी टीम के बेहद निराशाजनक प्रदर्शन से बुरी तरह खिन्न प्रशंसकों ने मैदान से बाहर जाते-जाते बांग्लादेशी टीम के खिलाफ नारे भी लगाए। बांग्लादेश की टीम इस मैच में अपने एकदिवसीय इतिहास के न्यूनतम योग पर सिमट गई। साथ ही यह विश्व कप का चौथा न्यूनतम योग है। एक कांटे का मुकाबला देखने के लिए मैदान में पहुंचे प्रशंसक अगर अपनी टीम का इतना खराब प्रदर्शन देखेंगे तो जाहिर तौर पर उनका गुस्सा किसी ने किसी रूप में तो जरूर फूटेगा। प्रशंसकों द्वारा फेंकी गई कोई भी चीज हालांकि खिलाड़ियों के करीब तक नहीं पहुंच सकी क्योंकि इस आशंका के मद्देनजर वेस्टइंडीज की पारी के अंतिम समय में सीमा रेखा के करीब सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। इस विश्व कप में बांग्लादेश की यह दूसरी हार है। उसे भारत के खिलाफ भी उद्घाटन मुकाबले में 87 रनों से हार का सामना करना पड़ा था। उसे आयरलैंड के खिलाफ एकमात्र जीत मिली है लेकिन उसके लिए भी उसे संघर्ष करना पड़ा था।
यह एक सारांश है: इस घटना में किसी खिलाड़ी को चोट नहीं आई है। प्रबंधन के मुताबिक इस घटना से खिलाड़ी घबराए हुए हैं।
24
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: विमानन कम्पनी किंगफिशर एयरलाइंस ने मंगलवार को कई शहरों की उड़ानें रद्द कर दी और कर्मचारियों से कहा कि नई पूंजी जुटाए जाने तक वे घर बैठें। कम्पनी ने एक बयान में कहा कि वह प्रत्यक्ष विदेशी निवेश नीति, संचालन पूंजी जुटाने जैसे मुद्दों पर सरकार और बैंकों के समूह से कई फैसले का इंतजार कर रही है। बड़ी संख्या में कर्मचारियों की छंटनी के अफवाह पर कम्पनी ने कहा, "इन सभी बातों का कर्मचारियों से सम्बंधित फैसलों पर महत्वपूर्ण असर होगा।" कम्पनी ने हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया कि किन शहरों की उड़ानें रद्द की गई हैं। कम्पनी ने कहा कि महानगरों को जोड़ने वाली तथा उन मार्गो पर जहां किंगफिशर अकेली सेवा प्रदाता है, कुछ उड़ानों को बरकरार रखा गया है। कम्पनी ने कहा कि इसने गर्मी के महीने की शुरुआत 20 विमानों के साथ रोजाना 120 उड़ानों से की है। विमानन कम्पनी अपनी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें पहले ही रद्द कर चुकी है। सरकार ने पिछले सप्ताह कहा था कि विमानन कम्पनी की संचालन क्षमता और सुरक्षा पर उड्डयन नियामक की रिपोर्ट आने के बाद यदि कम्पनी पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी, तो सरकार कम्पनी के बचाव में सामने नहीं आएगी।टिप्पणियां कम्पनी पर 7,057.08 करोड़ रुपये का कर्ज है। कम्पनी ने कहा कि उसने स्रोत पर कर कटौती (टीडीएस) के रूप में 44 करोड़ रुपये बकाए का भुगतान कर दिया है। इसकी समय सीमा 27 मार्च थी। कम्पनी ने एक बयान में कहा कि वह प्रत्यक्ष विदेशी निवेश नीति, संचालन पूंजी जुटाने जैसे मुद्दों पर सरकार और बैंकों के समूह से कई फैसले का इंतजार कर रही है। बड़ी संख्या में कर्मचारियों की छंटनी के अफवाह पर कम्पनी ने कहा, "इन सभी बातों का कर्मचारियों से सम्बंधित फैसलों पर महत्वपूर्ण असर होगा।" कम्पनी ने हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया कि किन शहरों की उड़ानें रद्द की गई हैं। कम्पनी ने कहा कि महानगरों को जोड़ने वाली तथा उन मार्गो पर जहां किंगफिशर अकेली सेवा प्रदाता है, कुछ उड़ानों को बरकरार रखा गया है। कम्पनी ने कहा कि इसने गर्मी के महीने की शुरुआत 20 विमानों के साथ रोजाना 120 उड़ानों से की है। विमानन कम्पनी अपनी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें पहले ही रद्द कर चुकी है। सरकार ने पिछले सप्ताह कहा था कि विमानन कम्पनी की संचालन क्षमता और सुरक्षा पर उड्डयन नियामक की रिपोर्ट आने के बाद यदि कम्पनी पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी, तो सरकार कम्पनी के बचाव में सामने नहीं आएगी।टिप्पणियां कम्पनी पर 7,057.08 करोड़ रुपये का कर्ज है। कम्पनी ने कहा कि उसने स्रोत पर कर कटौती (टीडीएस) के रूप में 44 करोड़ रुपये बकाए का भुगतान कर दिया है। इसकी समय सीमा 27 मार्च थी। बड़ी संख्या में कर्मचारियों की छंटनी के अफवाह पर कम्पनी ने कहा, "इन सभी बातों का कर्मचारियों से सम्बंधित फैसलों पर महत्वपूर्ण असर होगा।" कम्पनी ने हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया कि किन शहरों की उड़ानें रद्द की गई हैं। कम्पनी ने कहा कि महानगरों को जोड़ने वाली तथा उन मार्गो पर जहां किंगफिशर अकेली सेवा प्रदाता है, कुछ उड़ानों को बरकरार रखा गया है। कम्पनी ने कहा कि इसने गर्मी के महीने की शुरुआत 20 विमानों के साथ रोजाना 120 उड़ानों से की है। विमानन कम्पनी अपनी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें पहले ही रद्द कर चुकी है। सरकार ने पिछले सप्ताह कहा था कि विमानन कम्पनी की संचालन क्षमता और सुरक्षा पर उड्डयन नियामक की रिपोर्ट आने के बाद यदि कम्पनी पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी, तो सरकार कम्पनी के बचाव में सामने नहीं आएगी।टिप्पणियां कम्पनी पर 7,057.08 करोड़ रुपये का कर्ज है। कम्पनी ने कहा कि उसने स्रोत पर कर कटौती (टीडीएस) के रूप में 44 करोड़ रुपये बकाए का भुगतान कर दिया है। इसकी समय सीमा 27 मार्च थी। कम्पनी ने हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया कि किन शहरों की उड़ानें रद्द की गई हैं। कम्पनी ने कहा कि महानगरों को जोड़ने वाली तथा उन मार्गो पर जहां किंगफिशर अकेली सेवा प्रदाता है, कुछ उड़ानों को बरकरार रखा गया है। कम्पनी ने कहा कि इसने गर्मी के महीने की शुरुआत 20 विमानों के साथ रोजाना 120 उड़ानों से की है। विमानन कम्पनी अपनी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें पहले ही रद्द कर चुकी है। सरकार ने पिछले सप्ताह कहा था कि विमानन कम्पनी की संचालन क्षमता और सुरक्षा पर उड्डयन नियामक की रिपोर्ट आने के बाद यदि कम्पनी पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी, तो सरकार कम्पनी के बचाव में सामने नहीं आएगी।टिप्पणियां कम्पनी पर 7,057.08 करोड़ रुपये का कर्ज है। कम्पनी ने कहा कि उसने स्रोत पर कर कटौती (टीडीएस) के रूप में 44 करोड़ रुपये बकाए का भुगतान कर दिया है। इसकी समय सीमा 27 मार्च थी। कम्पनी ने कहा कि महानगरों को जोड़ने वाली तथा उन मार्गो पर जहां किंगफिशर अकेली सेवा प्रदाता है, कुछ उड़ानों को बरकरार रखा गया है। कम्पनी ने कहा कि इसने गर्मी के महीने की शुरुआत 20 विमानों के साथ रोजाना 120 उड़ानों से की है। विमानन कम्पनी अपनी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें पहले ही रद्द कर चुकी है। सरकार ने पिछले सप्ताह कहा था कि विमानन कम्पनी की संचालन क्षमता और सुरक्षा पर उड्डयन नियामक की रिपोर्ट आने के बाद यदि कम्पनी पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी, तो सरकार कम्पनी के बचाव में सामने नहीं आएगी।टिप्पणियां कम्पनी पर 7,057.08 करोड़ रुपये का कर्ज है। कम्पनी ने कहा कि उसने स्रोत पर कर कटौती (टीडीएस) के रूप में 44 करोड़ रुपये बकाए का भुगतान कर दिया है। इसकी समय सीमा 27 मार्च थी। कम्पनी ने कहा कि इसने गर्मी के महीने की शुरुआत 20 विमानों के साथ रोजाना 120 उड़ानों से की है। विमानन कम्पनी अपनी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें पहले ही रद्द कर चुकी है। सरकार ने पिछले सप्ताह कहा था कि विमानन कम्पनी की संचालन क्षमता और सुरक्षा पर उड्डयन नियामक की रिपोर्ट आने के बाद यदि कम्पनी पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी, तो सरकार कम्पनी के बचाव में सामने नहीं आएगी।टिप्पणियां कम्पनी पर 7,057.08 करोड़ रुपये का कर्ज है। कम्पनी ने कहा कि उसने स्रोत पर कर कटौती (टीडीएस) के रूप में 44 करोड़ रुपये बकाए का भुगतान कर दिया है। इसकी समय सीमा 27 मार्च थी। सरकार ने पिछले सप्ताह कहा था कि विमानन कम्पनी की संचालन क्षमता और सुरक्षा पर उड्डयन नियामक की रिपोर्ट आने के बाद यदि कम्पनी पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी, तो सरकार कम्पनी के बचाव में सामने नहीं आएगी।टिप्पणियां कम्पनी पर 7,057.08 करोड़ रुपये का कर्ज है। कम्पनी ने कहा कि उसने स्रोत पर कर कटौती (टीडीएस) के रूप में 44 करोड़ रुपये बकाए का भुगतान कर दिया है। इसकी समय सीमा 27 मार्च थी। कम्पनी पर 7,057.08 करोड़ रुपये का कर्ज है। कम्पनी ने कहा कि उसने स्रोत पर कर कटौती (टीडीएस) के रूप में 44 करोड़ रुपये बकाए का भुगतान कर दिया है। इसकी समय सीमा 27 मार्च थी। कम्पनी ने कहा कि उसने स्रोत पर कर कटौती (टीडीएस) के रूप में 44 करोड़ रुपये बकाए का भुगतान कर दिया है। इसकी समय सीमा 27 मार्च थी।
संक्षिप्त पाठ: विमानन कम्पनी किंगफिशर एयरलाइंस ने मंगलवार को कई शहरों की उड़ानें रद्द कर दी और कर्मचारियों से कहा कि नई पूंजी जुटाए जाने तक वे घर बैठें।
27
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बोइंग के 787 ड्रीमलाइनर विमान के लिए एयर इंडिया का इंतजार पूरा होने जा रहा है। शनिवार को यह विमान नई दिल्ली पहुंचेगा। एयर इंडिया ने छह साल पहले 27 विमानों का ऑर्डर दिया था। अब शनिवार को एयर इंडिया को पहला ड्रीमलाइनर विमान मिलेगा, जिसके बाद अगले कुछ हफ्तों में और दो विमानों की आपूर्ति होगी। सूत्रों ने बताया कि हालांकि देरी के लिए मुआवजा समझौते का क्या होगा, यह अभी साफ नहीं है। इस समझौते को अगस्त में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी थी और कानून मंत्रालय इसे अंतिम स्वरूप दे रहा है। यह समझौता एयर इंडिया और बोइंग के बीच होना है और इसके तहत आपूर्ति में करीब चार साल की देरी के लिए अमेरिकी विमान निर्माता द्वारा दिए जाने वाले मुआवजे को अंतिम स्वरूप दिया जाना है।टिप्पणियां विमान की पहली खेप की आपूर्ति सितंबर, 2008 में होनी थी, लेकिन बोइंग में डिजाइन और उत्पादन की आपूर्ति से जुड़ी समस्या के कारण देरी हुई। अगले साल मार्च तक कंपनी को 14 ड्रीमलाइनर विमानों की आपूर्ति होने की उम्मीद है। अगले कुछ हफ्तों तक ड्रीमलाइनर विमानों का परिचालन दिल्ली-मुंबई समेत घरेलू क्षेत्रों में किया जाएगा, ताकि पायलटों और चालक दल को इसकी प्रणाली का अभ्यास हो। एयर इंडिया विश्व की दूसरी कंपनी है, जिसने इस विमान के लिए ऑर्डर दिया था। जिन विमानन कंपनियों ने ड्रीमलाइनर को अपने बेड़े में शामिल किया है और इस विमान का परिचालन कर रही हैं, उनमें जापान की ऑल निप्पन एयरवेज, जापान एयरलाइंस और एथियोपियन एयरवेज शामिल हैं। सूत्रों ने बताया कि हालांकि देरी के लिए मुआवजा समझौते का क्या होगा, यह अभी साफ नहीं है। इस समझौते को अगस्त में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी थी और कानून मंत्रालय इसे अंतिम स्वरूप दे रहा है। यह समझौता एयर इंडिया और बोइंग के बीच होना है और इसके तहत आपूर्ति में करीब चार साल की देरी के लिए अमेरिकी विमान निर्माता द्वारा दिए जाने वाले मुआवजे को अंतिम स्वरूप दिया जाना है।टिप्पणियां विमान की पहली खेप की आपूर्ति सितंबर, 2008 में होनी थी, लेकिन बोइंग में डिजाइन और उत्पादन की आपूर्ति से जुड़ी समस्या के कारण देरी हुई। अगले साल मार्च तक कंपनी को 14 ड्रीमलाइनर विमानों की आपूर्ति होने की उम्मीद है। अगले कुछ हफ्तों तक ड्रीमलाइनर विमानों का परिचालन दिल्ली-मुंबई समेत घरेलू क्षेत्रों में किया जाएगा, ताकि पायलटों और चालक दल को इसकी प्रणाली का अभ्यास हो। एयर इंडिया विश्व की दूसरी कंपनी है, जिसने इस विमान के लिए ऑर्डर दिया था। जिन विमानन कंपनियों ने ड्रीमलाइनर को अपने बेड़े में शामिल किया है और इस विमान का परिचालन कर रही हैं, उनमें जापान की ऑल निप्पन एयरवेज, जापान एयरलाइंस और एथियोपियन एयरवेज शामिल हैं। विमान की पहली खेप की आपूर्ति सितंबर, 2008 में होनी थी, लेकिन बोइंग में डिजाइन और उत्पादन की आपूर्ति से जुड़ी समस्या के कारण देरी हुई। अगले साल मार्च तक कंपनी को 14 ड्रीमलाइनर विमानों की आपूर्ति होने की उम्मीद है। अगले कुछ हफ्तों तक ड्रीमलाइनर विमानों का परिचालन दिल्ली-मुंबई समेत घरेलू क्षेत्रों में किया जाएगा, ताकि पायलटों और चालक दल को इसकी प्रणाली का अभ्यास हो। एयर इंडिया विश्व की दूसरी कंपनी है, जिसने इस विमान के लिए ऑर्डर दिया था। जिन विमानन कंपनियों ने ड्रीमलाइनर को अपने बेड़े में शामिल किया है और इस विमान का परिचालन कर रही हैं, उनमें जापान की ऑल निप्पन एयरवेज, जापान एयरलाइंस और एथियोपियन एयरवेज शामिल हैं। अगले कुछ हफ्तों तक ड्रीमलाइनर विमानों का परिचालन दिल्ली-मुंबई समेत घरेलू क्षेत्रों में किया जाएगा, ताकि पायलटों और चालक दल को इसकी प्रणाली का अभ्यास हो। एयर इंडिया विश्व की दूसरी कंपनी है, जिसने इस विमान के लिए ऑर्डर दिया था। जिन विमानन कंपनियों ने ड्रीमलाइनर को अपने बेड़े में शामिल किया है और इस विमान का परिचालन कर रही हैं, उनमें जापान की ऑल निप्पन एयरवेज, जापान एयरलाइंस और एथियोपियन एयरवेज शामिल हैं।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: एयर इंडिया ने छह साल पहले 27 विमानों का ऑर्डर दिया था। अब शनिवार को एयर इंडिया को पहला ड्रीमलाइनर विमान मिलेगा, जिसके बाद कुछ हफ्तों में और दो विमानों की आपूर्ति होगी।
19
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: वुहान में ‘दिल से दिल की बात’ बैठक को पिछले साल 73 दिनों तक चले डोकलाम गतिरोध के बाद भारत और चीन के अपने संबंधों को सुधारने और विश्वास बहाली की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है. मोदी ने प्रथम दिन की वार्ता के बाद ट्वीट किया, ‘‘वुहान में राष्ट्रपति शी चिनफिंग से मिलकर खुश हूं। हमारी वार्ता व्यापक और सार्थक रही. हमने भारत - चीन संबंधों को और मजबूत करने और अन्य वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की.’    चीनी राष्ट्रपति ने कहा कि वह भविष्य में यकीन रखते हैं और वे समय - समय पर इस तरह की बैठक में मिल सकते हैं. उन्होंने कहा, ‘मैं आपसे गहन बाचतीत करने की आशा करता हूं और सुनिश्चित करूंगा कि हम आपसी समझ बनाएं और चीन - भारत संबंधों को अगले स्तर तक ले जाएं.’ मोदी ने सदियों पुराने चीन-भारत संबंधों की प्रशंसा करते हुए शी से कहा कि दोनों देशों के पास अपने लोगों और विश्व की भलाई के लिए एक साथ मिलकर काम करने का एक ‘बड़ा अवसर’ है.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पीएम मोदी और चिनफिंग के साथ आज भी मुलाकात. पीएम ने भारत आने का न्योता दिया. झील किनारे दोनों साथ-साथ टहलते नजर आए.
19
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) ने इंडियन प्रीमियर लीग को झकझोरने वाले हालिया स्पॉट फिक्सिंग प्रकरण को देखते हुए एहतियात के तौर पर राजस्थान रॉयल्स में शामिल इंग्लैंड के ओवैस शाह से पूछताछ की तैयारी कर ली है। रॉयल्स की टीम स्पॉट फिक्सिंग प्रकरण के केंद्र में रही है। दिल्ली पुलिस ने स्पॉट फिक्सिंग में कथित तौर पर शामिल होने के आरोप में इसी टीम के तीन खिलाड़ियों को गिरफ्तार किया है। ऐसे में ईसीबी की भ्रष्टाचार रोधी और सुरक्षा इकाई ने इंग्लैंड के पूर्व बल्लेबाज शाह से पूछताछ की तैयारी कर ली है।टिप्पणियां ऐसे कोई संकेत नहीं मिले हैं कि शाह ने कुछ गलत किया लेकिन ‘द डेली टेलीग्राफ’ ने दावा किया है कि पूर्व पुलिस अधिकारी और ईसीबी एसीएसयू के प्रमुख क्रिस वाट्स टूर्नामेंट की समाप्ति के बाद शाह से बात करेंगे। भारत के पूर्व टेस्ट गेंदबाज एस श्रीसंत और रॉयल्स टीम के उनके दो साथियों अजीत चंदीला और अंकित चव्हाण सहित 11 सट्टेबाजों को दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को मौजूदा आईपीएल के कम से कम तीन मैचों में स्पॉट फिक्सिंग के आरोप में गिरफ्तार किया था। रॉयल्स की टीम स्पॉट फिक्सिंग प्रकरण के केंद्र में रही है। दिल्ली पुलिस ने स्पॉट फिक्सिंग में कथित तौर पर शामिल होने के आरोप में इसी टीम के तीन खिलाड़ियों को गिरफ्तार किया है। ऐसे में ईसीबी की भ्रष्टाचार रोधी और सुरक्षा इकाई ने इंग्लैंड के पूर्व बल्लेबाज शाह से पूछताछ की तैयारी कर ली है।टिप्पणियां ऐसे कोई संकेत नहीं मिले हैं कि शाह ने कुछ गलत किया लेकिन ‘द डेली टेलीग्राफ’ ने दावा किया है कि पूर्व पुलिस अधिकारी और ईसीबी एसीएसयू के प्रमुख क्रिस वाट्स टूर्नामेंट की समाप्ति के बाद शाह से बात करेंगे। भारत के पूर्व टेस्ट गेंदबाज एस श्रीसंत और रॉयल्स टीम के उनके दो साथियों अजीत चंदीला और अंकित चव्हाण सहित 11 सट्टेबाजों को दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को मौजूदा आईपीएल के कम से कम तीन मैचों में स्पॉट फिक्सिंग के आरोप में गिरफ्तार किया था। ऐसे में ईसीबी की भ्रष्टाचार रोधी और सुरक्षा इकाई ने इंग्लैंड के पूर्व बल्लेबाज शाह से पूछताछ की तैयारी कर ली है।टिप्पणियां ऐसे कोई संकेत नहीं मिले हैं कि शाह ने कुछ गलत किया लेकिन ‘द डेली टेलीग्राफ’ ने दावा किया है कि पूर्व पुलिस अधिकारी और ईसीबी एसीएसयू के प्रमुख क्रिस वाट्स टूर्नामेंट की समाप्ति के बाद शाह से बात करेंगे। भारत के पूर्व टेस्ट गेंदबाज एस श्रीसंत और रॉयल्स टीम के उनके दो साथियों अजीत चंदीला और अंकित चव्हाण सहित 11 सट्टेबाजों को दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को मौजूदा आईपीएल के कम से कम तीन मैचों में स्पॉट फिक्सिंग के आरोप में गिरफ्तार किया था। ऐसे कोई संकेत नहीं मिले हैं कि शाह ने कुछ गलत किया लेकिन ‘द डेली टेलीग्राफ’ ने दावा किया है कि पूर्व पुलिस अधिकारी और ईसीबी एसीएसयू के प्रमुख क्रिस वाट्स टूर्नामेंट की समाप्ति के बाद शाह से बात करेंगे। भारत के पूर्व टेस्ट गेंदबाज एस श्रीसंत और रॉयल्स टीम के उनके दो साथियों अजीत चंदीला और अंकित चव्हाण सहित 11 सट्टेबाजों को दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को मौजूदा आईपीएल के कम से कम तीन मैचों में स्पॉट फिक्सिंग के आरोप में गिरफ्तार किया था। भारत के पूर्व टेस्ट गेंदबाज एस श्रीसंत और रॉयल्स टीम के उनके दो साथियों अजीत चंदीला और अंकित चव्हाण सहित 11 सट्टेबाजों को दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को मौजूदा आईपीएल के कम से कम तीन मैचों में स्पॉट फिक्सिंग के आरोप में गिरफ्तार किया था।
संक्षिप्त पाठ: इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) ने इंडियन प्रीमियर लीग को झकझोरने वाले हालिया स्पॉट फिक्सिंग प्रकरण को देखते हुए एहतियात के तौर पर राजस्थान रॉयल्स में शामिल इंग्लैंड के ओवैस शाह से पूछताछ की तैयारी कर ली है।
13
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय महागाथाओं में से एक 'रामायण' के 'खलनायक' लंकाधिपति रावण पर लिखी गई एक नई पुस्तक में भारतीय मान्यताओं के विपरीत कहा गया है कि असुर सम्राट रावण बेहद प्रभावशाली राजा था, जिसने प्राचीन श्रीलंका के विशाल एवं समृद्ध साम्राज्य पर शासन किया, किताबें लिखीं और साम्राज्य की रक्षा के लिए भूलभूलैया जैसी सुरंगों का निर्माण भी कराया। 'रावण, किंग आफ लंका' शीर्षक वाली पुस्तक के अनुसार दरअसल रावण, अपनी पत्नी मंदोदरी और सौतेले भाई विभीषण के धोखे की वजह से ही युद्ध में हारा, जिन्होंने दुश्मनों को रावण के रहस्य बता दिए थे। 174 पृष्ठों वाली इस किताब को श्रीलंकाई लेखक मिरांदो ओबेशेकरे ने गहन शोध के बाद लिखा है, जो पुरातात्विक साक्ष्यों पर आधारित है। श्रीलंका में प्रकाशित इस पुस्तक के मुताबिक, रावण का साम्राज्य विशाल क्षेत्र में फैला था, जिसमें आज के नुवारा एलिया, बादुला, पोलोन्नारुवा, अनुराधापुरा, कैंडी, मोनारागुला, मताले और चिलाव शामिल हैं। पुस्तक के मुताबिक, "रावण की सभ्यता काफी आधुनिक सभ्यता थी... इसकी संस्कृति काफी उन्नत थी, और इस सभ्यता ने श्रीलंका का विकास किया है... राम के नेतृत्व में आर्यों के आगमन की वजह से इस सभ्यता का विनाश हो गया..." रावण, सिगिरिया में रहता था, जो यूनेस्को की वैश्विक धरोहरों में से है। रावण के प्रभाव की वजह से वहां कई स्थानों को उसका नाम दिया गया है। इस किताब में रावण द्वारा सीता के हरण किए जाने को स्वीकारा गया है, और साथ ही राम का भी उत्साहपूर्वक वर्णन किया गया है।टिप्पणियां इसके अनुसार, "राम निरंहकारी ईमानदार व्यक्ति थे... राम के पास न तो विमान था, न ही वह रावण जितना अमीर थे... उनका 10 दिशाओं पर शासन नहीं था... उनका मुख्य सिद्धांत था - सत्य की विजय होगी।" लेकिन पुस्तक में रावण का जिक्र इससे भी ज़्यादा शानदार तरीके से किया गया है। पुस्तक के अनुसार, रावण न सिर्फ एक कुशल योद्धा था, बल्कि वह चिकित्सकों, ऋषियों, ज्योतिषियों, नेताओं और संगीतज्ञों में भी सर्वश्रेष्ठ था। इस किताब में रावण के व्यक्तित्व के बारे में कुछ और रोचक बातें भी कही गई हैं, जो इस प्रकार हैं... युद्ध में रावण मरा नहीं था, बल्कि जहरीले तीर की वजह से बेहोश हो गया था... रावण के पास विमान था और उसके पास प्रशिक्षित नौसेना थी... अपराधियों को जिंदा दफन करने की शुरुआत रावण के शासनकाल में हुई थी... 'रावण, किंग आफ लंका' शीर्षक वाली पुस्तक के अनुसार दरअसल रावण, अपनी पत्नी मंदोदरी और सौतेले भाई विभीषण के धोखे की वजह से ही युद्ध में हारा, जिन्होंने दुश्मनों को रावण के रहस्य बता दिए थे। 174 पृष्ठों वाली इस किताब को श्रीलंकाई लेखक मिरांदो ओबेशेकरे ने गहन शोध के बाद लिखा है, जो पुरातात्विक साक्ष्यों पर आधारित है। श्रीलंका में प्रकाशित इस पुस्तक के मुताबिक, रावण का साम्राज्य विशाल क्षेत्र में फैला था, जिसमें आज के नुवारा एलिया, बादुला, पोलोन्नारुवा, अनुराधापुरा, कैंडी, मोनारागुला, मताले और चिलाव शामिल हैं। पुस्तक के मुताबिक, "रावण की सभ्यता काफी आधुनिक सभ्यता थी... इसकी संस्कृति काफी उन्नत थी, और इस सभ्यता ने श्रीलंका का विकास किया है... राम के नेतृत्व में आर्यों के आगमन की वजह से इस सभ्यता का विनाश हो गया..." रावण, सिगिरिया में रहता था, जो यूनेस्को की वैश्विक धरोहरों में से है। रावण के प्रभाव की वजह से वहां कई स्थानों को उसका नाम दिया गया है। इस किताब में रावण द्वारा सीता के हरण किए जाने को स्वीकारा गया है, और साथ ही राम का भी उत्साहपूर्वक वर्णन किया गया है।टिप्पणियां इसके अनुसार, "राम निरंहकारी ईमानदार व्यक्ति थे... राम के पास न तो विमान था, न ही वह रावण जितना अमीर थे... उनका 10 दिशाओं पर शासन नहीं था... उनका मुख्य सिद्धांत था - सत्य की विजय होगी।" लेकिन पुस्तक में रावण का जिक्र इससे भी ज़्यादा शानदार तरीके से किया गया है। पुस्तक के अनुसार, रावण न सिर्फ एक कुशल योद्धा था, बल्कि वह चिकित्सकों, ऋषियों, ज्योतिषियों, नेताओं और संगीतज्ञों में भी सर्वश्रेष्ठ था। इस किताब में रावण के व्यक्तित्व के बारे में कुछ और रोचक बातें भी कही गई हैं, जो इस प्रकार हैं... युद्ध में रावण मरा नहीं था, बल्कि जहरीले तीर की वजह से बेहोश हो गया था... रावण के पास विमान था और उसके पास प्रशिक्षित नौसेना थी... अपराधियों को जिंदा दफन करने की शुरुआत रावण के शासनकाल में हुई थी... श्रीलंका में प्रकाशित इस पुस्तक के मुताबिक, रावण का साम्राज्य विशाल क्षेत्र में फैला था, जिसमें आज के नुवारा एलिया, बादुला, पोलोन्नारुवा, अनुराधापुरा, कैंडी, मोनारागुला, मताले और चिलाव शामिल हैं। पुस्तक के मुताबिक, "रावण की सभ्यता काफी आधुनिक सभ्यता थी... इसकी संस्कृति काफी उन्नत थी, और इस सभ्यता ने श्रीलंका का विकास किया है... राम के नेतृत्व में आर्यों के आगमन की वजह से इस सभ्यता का विनाश हो गया..." रावण, सिगिरिया में रहता था, जो यूनेस्को की वैश्विक धरोहरों में से है। रावण के प्रभाव की वजह से वहां कई स्थानों को उसका नाम दिया गया है। इस किताब में रावण द्वारा सीता के हरण किए जाने को स्वीकारा गया है, और साथ ही राम का भी उत्साहपूर्वक वर्णन किया गया है।टिप्पणियां इसके अनुसार, "राम निरंहकारी ईमानदार व्यक्ति थे... राम के पास न तो विमान था, न ही वह रावण जितना अमीर थे... उनका 10 दिशाओं पर शासन नहीं था... उनका मुख्य सिद्धांत था - सत्य की विजय होगी।" लेकिन पुस्तक में रावण का जिक्र इससे भी ज़्यादा शानदार तरीके से किया गया है। पुस्तक के अनुसार, रावण न सिर्फ एक कुशल योद्धा था, बल्कि वह चिकित्सकों, ऋषियों, ज्योतिषियों, नेताओं और संगीतज्ञों में भी सर्वश्रेष्ठ था। इस किताब में रावण के व्यक्तित्व के बारे में कुछ और रोचक बातें भी कही गई हैं, जो इस प्रकार हैं... युद्ध में रावण मरा नहीं था, बल्कि जहरीले तीर की वजह से बेहोश हो गया था... रावण के पास विमान था और उसके पास प्रशिक्षित नौसेना थी... अपराधियों को जिंदा दफन करने की शुरुआत रावण के शासनकाल में हुई थी... रावण, सिगिरिया में रहता था, जो यूनेस्को की वैश्विक धरोहरों में से है। रावण के प्रभाव की वजह से वहां कई स्थानों को उसका नाम दिया गया है। इस किताब में रावण द्वारा सीता के हरण किए जाने को स्वीकारा गया है, और साथ ही राम का भी उत्साहपूर्वक वर्णन किया गया है।टिप्पणियां इसके अनुसार, "राम निरंहकारी ईमानदार व्यक्ति थे... राम के पास न तो विमान था, न ही वह रावण जितना अमीर थे... उनका 10 दिशाओं पर शासन नहीं था... उनका मुख्य सिद्धांत था - सत्य की विजय होगी।" लेकिन पुस्तक में रावण का जिक्र इससे भी ज़्यादा शानदार तरीके से किया गया है। पुस्तक के अनुसार, रावण न सिर्फ एक कुशल योद्धा था, बल्कि वह चिकित्सकों, ऋषियों, ज्योतिषियों, नेताओं और संगीतज्ञों में भी सर्वश्रेष्ठ था। इस किताब में रावण के व्यक्तित्व के बारे में कुछ और रोचक बातें भी कही गई हैं, जो इस प्रकार हैं... युद्ध में रावण मरा नहीं था, बल्कि जहरीले तीर की वजह से बेहोश हो गया था... रावण के पास विमान था और उसके पास प्रशिक्षित नौसेना थी... अपराधियों को जिंदा दफन करने की शुरुआत रावण के शासनकाल में हुई थी... इसके अनुसार, "राम निरंहकारी ईमानदार व्यक्ति थे... राम के पास न तो विमान था, न ही वह रावण जितना अमीर थे... उनका 10 दिशाओं पर शासन नहीं था... उनका मुख्य सिद्धांत था - सत्य की विजय होगी।" लेकिन पुस्तक में रावण का जिक्र इससे भी ज़्यादा शानदार तरीके से किया गया है। पुस्तक के अनुसार, रावण न सिर्फ एक कुशल योद्धा था, बल्कि वह चिकित्सकों, ऋषियों, ज्योतिषियों, नेताओं और संगीतज्ञों में भी सर्वश्रेष्ठ था। इस किताब में रावण के व्यक्तित्व के बारे में कुछ और रोचक बातें भी कही गई हैं, जो इस प्रकार हैं... युद्ध में रावण मरा नहीं था, बल्कि जहरीले तीर की वजह से बेहोश हो गया था... रावण के पास विमान था और उसके पास प्रशिक्षित नौसेना थी... अपराधियों को जिंदा दफन करने की शुरुआत रावण के शासनकाल में हुई थी... लेकिन पुस्तक में रावण का जिक्र इससे भी ज़्यादा शानदार तरीके से किया गया है। पुस्तक के अनुसार, रावण न सिर्फ एक कुशल योद्धा था, बल्कि वह चिकित्सकों, ऋषियों, ज्योतिषियों, नेताओं और संगीतज्ञों में भी सर्वश्रेष्ठ था। इस किताब में रावण के व्यक्तित्व के बारे में कुछ और रोचक बातें भी कही गई हैं, जो इस प्रकार हैं... युद्ध में रावण मरा नहीं था, बल्कि जहरीले तीर की वजह से बेहोश हो गया था... रावण के पास विमान था और उसके पास प्रशिक्षित नौसेना थी... अपराधियों को जिंदा दफन करने की शुरुआत रावण के शासनकाल में हुई थी...
पुस्तक के अनुसार, रावण न सिर्फ एक कुशल योद्धा था, बल्कि वह चिकित्सकों, ऋषियों, ज्योतिषियों, नेताओं और संगीतज्ञों में भी सर्वश्रेष्ठ था।
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['hin']
एक सारांश बनाओ: देश के शेयर बाजारों में कारोबारी सप्ताह के शुरुआती दिन सोमवार को गिरावट देखी गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 20.85 अंकों की गिरावट के साथ 19,895.10 पर और निफ्टी 1.15 अंकों की गिरावट के साथ 5,906.15 पर बंद हुआ। बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 35.01 अंकों की गिरावट के साथ पर 19,880.94 खुला और 20.85 अंकों या 0.10 फीसदी की गिरावट के साथ 19,895.10 पर बंद हुआ। दिन भर के कारोबार में सेंसेक्स ने 19,921.38 के ऊपरी और 19,647.88 के निचले स्तर को छुआ। सेंसेक्स के 30 में से 17 शेयरों में तेजी दर्ज की गई। टाटा स्टील (4.13 फीसदी), हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (3.22 फीसदी), टीसीएस (2.52 फीसदी), जिंदल स्टील (1.59 फीसदी) और भेल (1.53 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे कोल इंडिया (3.19 फीसदी), भारती एयरटेल (1.71 फीसदी), आईसीआईसीआई बैंक (1.50 फीसदी), मारुति सुजुकी (1.46 फीसदी) और एलएंडटी (1.37 फीसदी)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 18.25 अंकों की गिरावट के साथ 5,889.05 पर खुला और 1.15 अंकों या 0.02 फीसदी की गिरावट के साथ 5,906.15 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 5,912.00 के ऊपरी और 5,825.85 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में हालांकि तेजी दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 25.90 अंकों की तेजी के साथ 5,756.91 पर और स्मॉलकैप 26.25 अंकों की तेजी के साथ 5,591.79 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से छह सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। सूचना प्रौद्योगिकी (1.21 फीसदी), धातु (0.91 फीसदी), प्रौद्योगिकी (0.89 फीसदी), स्वास्थ्य सेवाएं (0.87 फीसदी) और बिजली (0.45 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई।टिप्पणियां बीएसई के गिरावट वाले सेक्टरों में बैंकिंग (1.16 फीसदी), सार्वजनिक कंपनियां (0.41 फीसदी), पूंजीगत वस्तुएं (0.39 फीसदी), रियल्टी (0.32 फीसदी) और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.29 फीसदी) प्रमुख रहे। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1,280 शेयरों में तेजी और 1,089 में गिरावट रही, जबकि 153 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 35.01 अंकों की गिरावट के साथ पर 19,880.94 खुला और 20.85 अंकों या 0.10 फीसदी की गिरावट के साथ 19,895.10 पर बंद हुआ। दिन भर के कारोबार में सेंसेक्स ने 19,921.38 के ऊपरी और 19,647.88 के निचले स्तर को छुआ। सेंसेक्स के 30 में से 17 शेयरों में तेजी दर्ज की गई। टाटा स्टील (4.13 फीसदी), हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (3.22 फीसदी), टीसीएस (2.52 फीसदी), जिंदल स्टील (1.59 फीसदी) और भेल (1.53 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे कोल इंडिया (3.19 फीसदी), भारती एयरटेल (1.71 फीसदी), आईसीआईसीआई बैंक (1.50 फीसदी), मारुति सुजुकी (1.46 फीसदी) और एलएंडटी (1.37 फीसदी)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 18.25 अंकों की गिरावट के साथ 5,889.05 पर खुला और 1.15 अंकों या 0.02 फीसदी की गिरावट के साथ 5,906.15 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 5,912.00 के ऊपरी और 5,825.85 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में हालांकि तेजी दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 25.90 अंकों की तेजी के साथ 5,756.91 पर और स्मॉलकैप 26.25 अंकों की तेजी के साथ 5,591.79 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से छह सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। सूचना प्रौद्योगिकी (1.21 फीसदी), धातु (0.91 फीसदी), प्रौद्योगिकी (0.89 फीसदी), स्वास्थ्य सेवाएं (0.87 फीसदी) और बिजली (0.45 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई।टिप्पणियां बीएसई के गिरावट वाले सेक्टरों में बैंकिंग (1.16 फीसदी), सार्वजनिक कंपनियां (0.41 फीसदी), पूंजीगत वस्तुएं (0.39 फीसदी), रियल्टी (0.32 फीसदी) और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.29 फीसदी) प्रमुख रहे। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1,280 शेयरों में तेजी और 1,089 में गिरावट रही, जबकि 153 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। सेंसेक्स के 30 में से 17 शेयरों में तेजी दर्ज की गई। टाटा स्टील (4.13 फीसदी), हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (3.22 फीसदी), टीसीएस (2.52 फीसदी), जिंदल स्टील (1.59 फीसदी) और भेल (1.53 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे कोल इंडिया (3.19 फीसदी), भारती एयरटेल (1.71 फीसदी), आईसीआईसीआई बैंक (1.50 फीसदी), मारुति सुजुकी (1.46 फीसदी) और एलएंडटी (1.37 फीसदी)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 18.25 अंकों की गिरावट के साथ 5,889.05 पर खुला और 1.15 अंकों या 0.02 फीसदी की गिरावट के साथ 5,906.15 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 5,912.00 के ऊपरी और 5,825.85 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में हालांकि तेजी दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 25.90 अंकों की तेजी के साथ 5,756.91 पर और स्मॉलकैप 26.25 अंकों की तेजी के साथ 5,591.79 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से छह सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। सूचना प्रौद्योगिकी (1.21 फीसदी), धातु (0.91 फीसदी), प्रौद्योगिकी (0.89 फीसदी), स्वास्थ्य सेवाएं (0.87 फीसदी) और बिजली (0.45 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई।टिप्पणियां बीएसई के गिरावट वाले सेक्टरों में बैंकिंग (1.16 फीसदी), सार्वजनिक कंपनियां (0.41 फीसदी), पूंजीगत वस्तुएं (0.39 फीसदी), रियल्टी (0.32 फीसदी) और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.29 फीसदी) प्रमुख रहे। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1,280 शेयरों में तेजी और 1,089 में गिरावट रही, जबकि 153 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे कोल इंडिया (3.19 फीसदी), भारती एयरटेल (1.71 फीसदी), आईसीआईसीआई बैंक (1.50 फीसदी), मारुति सुजुकी (1.46 फीसदी) और एलएंडटी (1.37 फीसदी)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 18.25 अंकों की गिरावट के साथ 5,889.05 पर खुला और 1.15 अंकों या 0.02 फीसदी की गिरावट के साथ 5,906.15 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 5,912.00 के ऊपरी और 5,825.85 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में हालांकि तेजी दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 25.90 अंकों की तेजी के साथ 5,756.91 पर और स्मॉलकैप 26.25 अंकों की तेजी के साथ 5,591.79 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से छह सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। सूचना प्रौद्योगिकी (1.21 फीसदी), धातु (0.91 फीसदी), प्रौद्योगिकी (0.89 फीसदी), स्वास्थ्य सेवाएं (0.87 फीसदी) और बिजली (0.45 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई।टिप्पणियां बीएसई के गिरावट वाले सेक्टरों में बैंकिंग (1.16 फीसदी), सार्वजनिक कंपनियां (0.41 फीसदी), पूंजीगत वस्तुएं (0.39 फीसदी), रियल्टी (0.32 फीसदी) और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.29 फीसदी) प्रमुख रहे। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1,280 शेयरों में तेजी और 1,089 में गिरावट रही, जबकि 153 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 18.25 अंकों की गिरावट के साथ 5,889.05 पर खुला और 1.15 अंकों या 0.02 फीसदी की गिरावट के साथ 5,906.15 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 5,912.00 के ऊपरी और 5,825.85 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में हालांकि तेजी दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 25.90 अंकों की तेजी के साथ 5,756.91 पर और स्मॉलकैप 26.25 अंकों की तेजी के साथ 5,591.79 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से छह सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। सूचना प्रौद्योगिकी (1.21 फीसदी), धातु (0.91 फीसदी), प्रौद्योगिकी (0.89 फीसदी), स्वास्थ्य सेवाएं (0.87 फीसदी) और बिजली (0.45 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई।टिप्पणियां बीएसई के गिरावट वाले सेक्टरों में बैंकिंग (1.16 फीसदी), सार्वजनिक कंपनियां (0.41 फीसदी), पूंजीगत वस्तुएं (0.39 फीसदी), रियल्टी (0.32 फीसदी) और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.29 फीसदी) प्रमुख रहे। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1,280 शेयरों में तेजी और 1,089 में गिरावट रही, जबकि 153 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में हालांकि तेजी दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 25.90 अंकों की तेजी के साथ 5,756.91 पर और स्मॉलकैप 26.25 अंकों की तेजी के साथ 5,591.79 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से छह सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। सूचना प्रौद्योगिकी (1.21 फीसदी), धातु (0.91 फीसदी), प्रौद्योगिकी (0.89 फीसदी), स्वास्थ्य सेवाएं (0.87 फीसदी) और बिजली (0.45 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई।टिप्पणियां बीएसई के गिरावट वाले सेक्टरों में बैंकिंग (1.16 फीसदी), सार्वजनिक कंपनियां (0.41 फीसदी), पूंजीगत वस्तुएं (0.39 फीसदी), रियल्टी (0.32 फीसदी) और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.29 फीसदी) प्रमुख रहे। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1,280 शेयरों में तेजी और 1,089 में गिरावट रही, जबकि 153 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। बीएसई के 13 में से छह सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। सूचना प्रौद्योगिकी (1.21 फीसदी), धातु (0.91 फीसदी), प्रौद्योगिकी (0.89 फीसदी), स्वास्थ्य सेवाएं (0.87 फीसदी) और बिजली (0.45 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई।टिप्पणियां बीएसई के गिरावट वाले सेक्टरों में बैंकिंग (1.16 फीसदी), सार्वजनिक कंपनियां (0.41 फीसदी), पूंजीगत वस्तुएं (0.39 फीसदी), रियल्टी (0.32 फीसदी) और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.29 फीसदी) प्रमुख रहे। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1,280 शेयरों में तेजी और 1,089 में गिरावट रही, जबकि 153 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। बीएसई के गिरावट वाले सेक्टरों में बैंकिंग (1.16 फीसदी), सार्वजनिक कंपनियां (0.41 फीसदी), पूंजीगत वस्तुएं (0.39 फीसदी), रियल्टी (0.32 फीसदी) और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.29 फीसदी) प्रमुख रहे। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1,280 शेयरों में तेजी और 1,089 में गिरावट रही, जबकि 153 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1,280 शेयरों में तेजी और 1,089 में गिरावट रही, जबकि 153 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ।
संक्षिप्त पाठ: देश के शेयर बाजारों में कारोबारी सप्ताह के शुरुआती दिन सोमवार को गिरावट देखी गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 20.85 अंकों की गिरावट के साथ 19,895.10 पर और निफ्टी 1.15 अंकों की गिरावट के साथ 5,906.15 पर बंद हुआ।
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['hin']
एक सारांश बनाओ: कृषिमंत्री शरद पवार ने कहा है कि वर्ष 2012-13 में देश के कृषि क्षेत्र की विकास दर, प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार परिषद (पीएमईएसी) द्वारा व्यक्त अनुमान से बेहतर रहेगी। वर्ष 2011-12 में कृषि विकास दर 2.8 प्रतिशत रही थी। पवार ने बताया, कृषि क्षेत्र की विकास दर पिछले वर्ष की तरह नहीं रहेगी, बल्कि यह उसके आस पास रहेगी। पीएमईएसी ने खराब मॉनसून के मद्देनजर अगस्त में अनुमान जताया था कि कृषि विकास दर तेजी से घटकर चालू वित्तवर्ष में 0.5 प्रतिशत पर आ जाएगी। पवार से पूछा गया था कि क्या कृषि क्षेत्र का प्रदर्शन रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर सी रंगराजन की अगुवाई वाले पीएमईएसी द्वारा व्यक्त किए गए अनुमान के मुताबिक रहेगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2011-12 कृषि क्षेत्र के लिए एक एक अपवाद था जब खाद्यान्न उत्पादन 60 वर्ष के उच्चतम स्तर 25 करोड़ 74.4 लाख टन के उच्चतम स्तर तक चला गया। पवार ने यह भी कहा कि खराब मानसून तथा कर्नाटक, महाराष्ट्र, राजस्थान और गुजरात जैसे चार राज्यों में सूखा के बावजूद ‘‘कुल खाद्यान्न उत्पादन पिछले पांच वषरे के औसत उत्पादन से कहीं बेहतर होने की उम्मीद है। भंडारण की समस्या होने वाली है यह मैं कह सकता हूं।’’टिप्पणियां अभी पूरा हुए खरीफ सत्र (जून से सितंबर) में मॉनसून में बोई गई फसल कमजोर मानसून के कारण प्रभावित हुई। इसके परिणामस्वरूप कृषि मंत्रालय ने अपने पहले आधिकारिक अनुमान में खरीफ सत्र में खाद्यान्न उत्पादन 10 प्रतिशत घटकर 11 करोड़ 71.8 लाख टन रहने का अनुमान व्यक्त किया। चालू रबी सत्र में कृषि उत्पादन के बेहतर होने की संभावना व्यक्त करते हुए पवार ने कहा, गेहूं की बुवाई इस महीने शुरू ही हुई है। मिट्टी में नमी की मात्रा काफी अच्छी है और इसलिए हम पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश में गेहूं खेती का रकबा बढ़ने होने की उम्मीद करते हैं। कृषि मंत्रालय ने चालू वर्ष के लिए कुल रबी खाद्यान्न उत्पादन का लक्ष्य 12 करोड़ टन रखा है। पवार ने बताया, कृषि क्षेत्र की विकास दर पिछले वर्ष की तरह नहीं रहेगी, बल्कि यह उसके आस पास रहेगी। पीएमईएसी ने खराब मॉनसून के मद्देनजर अगस्त में अनुमान जताया था कि कृषि विकास दर तेजी से घटकर चालू वित्तवर्ष में 0.5 प्रतिशत पर आ जाएगी। पवार से पूछा गया था कि क्या कृषि क्षेत्र का प्रदर्शन रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर सी रंगराजन की अगुवाई वाले पीएमईएसी द्वारा व्यक्त किए गए अनुमान के मुताबिक रहेगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2011-12 कृषि क्षेत्र के लिए एक एक अपवाद था जब खाद्यान्न उत्पादन 60 वर्ष के उच्चतम स्तर 25 करोड़ 74.4 लाख टन के उच्चतम स्तर तक चला गया। पवार ने यह भी कहा कि खराब मानसून तथा कर्नाटक, महाराष्ट्र, राजस्थान और गुजरात जैसे चार राज्यों में सूखा के बावजूद ‘‘कुल खाद्यान्न उत्पादन पिछले पांच वषरे के औसत उत्पादन से कहीं बेहतर होने की उम्मीद है। भंडारण की समस्या होने वाली है यह मैं कह सकता हूं।’’टिप्पणियां अभी पूरा हुए खरीफ सत्र (जून से सितंबर) में मॉनसून में बोई गई फसल कमजोर मानसून के कारण प्रभावित हुई। इसके परिणामस्वरूप कृषि मंत्रालय ने अपने पहले आधिकारिक अनुमान में खरीफ सत्र में खाद्यान्न उत्पादन 10 प्रतिशत घटकर 11 करोड़ 71.8 लाख टन रहने का अनुमान व्यक्त किया। चालू रबी सत्र में कृषि उत्पादन के बेहतर होने की संभावना व्यक्त करते हुए पवार ने कहा, गेहूं की बुवाई इस महीने शुरू ही हुई है। मिट्टी में नमी की मात्रा काफी अच्छी है और इसलिए हम पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश में गेहूं खेती का रकबा बढ़ने होने की उम्मीद करते हैं। कृषि मंत्रालय ने चालू वर्ष के लिए कुल रबी खाद्यान्न उत्पादन का लक्ष्य 12 करोड़ टन रखा है। पवार से पूछा गया था कि क्या कृषि क्षेत्र का प्रदर्शन रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर सी रंगराजन की अगुवाई वाले पीएमईएसी द्वारा व्यक्त किए गए अनुमान के मुताबिक रहेगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2011-12 कृषि क्षेत्र के लिए एक एक अपवाद था जब खाद्यान्न उत्पादन 60 वर्ष के उच्चतम स्तर 25 करोड़ 74.4 लाख टन के उच्चतम स्तर तक चला गया। पवार ने यह भी कहा कि खराब मानसून तथा कर्नाटक, महाराष्ट्र, राजस्थान और गुजरात जैसे चार राज्यों में सूखा के बावजूद ‘‘कुल खाद्यान्न उत्पादन पिछले पांच वषरे के औसत उत्पादन से कहीं बेहतर होने की उम्मीद है। भंडारण की समस्या होने वाली है यह मैं कह सकता हूं।’’टिप्पणियां अभी पूरा हुए खरीफ सत्र (जून से सितंबर) में मॉनसून में बोई गई फसल कमजोर मानसून के कारण प्रभावित हुई। इसके परिणामस्वरूप कृषि मंत्रालय ने अपने पहले आधिकारिक अनुमान में खरीफ सत्र में खाद्यान्न उत्पादन 10 प्रतिशत घटकर 11 करोड़ 71.8 लाख टन रहने का अनुमान व्यक्त किया। चालू रबी सत्र में कृषि उत्पादन के बेहतर होने की संभावना व्यक्त करते हुए पवार ने कहा, गेहूं की बुवाई इस महीने शुरू ही हुई है। मिट्टी में नमी की मात्रा काफी अच्छी है और इसलिए हम पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश में गेहूं खेती का रकबा बढ़ने होने की उम्मीद करते हैं। कृषि मंत्रालय ने चालू वर्ष के लिए कुल रबी खाद्यान्न उत्पादन का लक्ष्य 12 करोड़ टन रखा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2011-12 कृषि क्षेत्र के लिए एक एक अपवाद था जब खाद्यान्न उत्पादन 60 वर्ष के उच्चतम स्तर 25 करोड़ 74.4 लाख टन के उच्चतम स्तर तक चला गया। पवार ने यह भी कहा कि खराब मानसून तथा कर्नाटक, महाराष्ट्र, राजस्थान और गुजरात जैसे चार राज्यों में सूखा के बावजूद ‘‘कुल खाद्यान्न उत्पादन पिछले पांच वषरे के औसत उत्पादन से कहीं बेहतर होने की उम्मीद है। भंडारण की समस्या होने वाली है यह मैं कह सकता हूं।’’टिप्पणियां अभी पूरा हुए खरीफ सत्र (जून से सितंबर) में मॉनसून में बोई गई फसल कमजोर मानसून के कारण प्रभावित हुई। इसके परिणामस्वरूप कृषि मंत्रालय ने अपने पहले आधिकारिक अनुमान में खरीफ सत्र में खाद्यान्न उत्पादन 10 प्रतिशत घटकर 11 करोड़ 71.8 लाख टन रहने का अनुमान व्यक्त किया। चालू रबी सत्र में कृषि उत्पादन के बेहतर होने की संभावना व्यक्त करते हुए पवार ने कहा, गेहूं की बुवाई इस महीने शुरू ही हुई है। मिट्टी में नमी की मात्रा काफी अच्छी है और इसलिए हम पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश में गेहूं खेती का रकबा बढ़ने होने की उम्मीद करते हैं। कृषि मंत्रालय ने चालू वर्ष के लिए कुल रबी खाद्यान्न उत्पादन का लक्ष्य 12 करोड़ टन रखा है। पवार ने यह भी कहा कि खराब मानसून तथा कर्नाटक, महाराष्ट्र, राजस्थान और गुजरात जैसे चार राज्यों में सूखा के बावजूद ‘‘कुल खाद्यान्न उत्पादन पिछले पांच वषरे के औसत उत्पादन से कहीं बेहतर होने की उम्मीद है। भंडारण की समस्या होने वाली है यह मैं कह सकता हूं।’’टिप्पणियां अभी पूरा हुए खरीफ सत्र (जून से सितंबर) में मॉनसून में बोई गई फसल कमजोर मानसून के कारण प्रभावित हुई। इसके परिणामस्वरूप कृषि मंत्रालय ने अपने पहले आधिकारिक अनुमान में खरीफ सत्र में खाद्यान्न उत्पादन 10 प्रतिशत घटकर 11 करोड़ 71.8 लाख टन रहने का अनुमान व्यक्त किया। चालू रबी सत्र में कृषि उत्पादन के बेहतर होने की संभावना व्यक्त करते हुए पवार ने कहा, गेहूं की बुवाई इस महीने शुरू ही हुई है। मिट्टी में नमी की मात्रा काफी अच्छी है और इसलिए हम पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश में गेहूं खेती का रकबा बढ़ने होने की उम्मीद करते हैं। कृषि मंत्रालय ने चालू वर्ष के लिए कुल रबी खाद्यान्न उत्पादन का लक्ष्य 12 करोड़ टन रखा है। अभी पूरा हुए खरीफ सत्र (जून से सितंबर) में मॉनसून में बोई गई फसल कमजोर मानसून के कारण प्रभावित हुई। इसके परिणामस्वरूप कृषि मंत्रालय ने अपने पहले आधिकारिक अनुमान में खरीफ सत्र में खाद्यान्न उत्पादन 10 प्रतिशत घटकर 11 करोड़ 71.8 लाख टन रहने का अनुमान व्यक्त किया। चालू रबी सत्र में कृषि उत्पादन के बेहतर होने की संभावना व्यक्त करते हुए पवार ने कहा, गेहूं की बुवाई इस महीने शुरू ही हुई है। मिट्टी में नमी की मात्रा काफी अच्छी है और इसलिए हम पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश में गेहूं खेती का रकबा बढ़ने होने की उम्मीद करते हैं। कृषि मंत्रालय ने चालू वर्ष के लिए कुल रबी खाद्यान्न उत्पादन का लक्ष्य 12 करोड़ टन रखा है। चालू रबी सत्र में कृषि उत्पादन के बेहतर होने की संभावना व्यक्त करते हुए पवार ने कहा, गेहूं की बुवाई इस महीने शुरू ही हुई है। मिट्टी में नमी की मात्रा काफी अच्छी है और इसलिए हम पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश में गेहूं खेती का रकबा बढ़ने होने की उम्मीद करते हैं। कृषि मंत्रालय ने चालू वर्ष के लिए कुल रबी खाद्यान्न उत्पादन का लक्ष्य 12 करोड़ टन रखा है।
यहाँ एक सारांश है:कृषिमंत्री शरद पवार ने कहा है कि वर्ष 2012-13 में देश के कृषि क्षेत्र की विकास दर, प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार परिषद (पीएमईएसी) द्वारा व्यक्त अनुमान से बेहतर रहेगी। वर्ष 2011-12 में कृषि विकास दर 2.8 प्रतिशत रही थी।
15
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस ने हाथ मिला लिया है। यह खबर केंद्र की कांग्रेसनीत यूपीए सरकार के लिए एक बड़ा खतरा है। समाजवादी पार्टी के सूत्रों ने एनडीटीवी को बताया है कि एआईएडीएमके के नेताओं से भी इस मुद्दे पर चर्चा की गई है। माना यह भी जा रहा है कि पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम को ये दल एक बार फिर राष्ट्रपति पद के लिए अपना प्रत्याशी बना सकते हैं। पश्चिम बंगाल से समाजवादी पार्टी नेता और राज्यसभा सांसद किरणमय नंदा ने बुधवार को राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात की और राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार पर एक राय बनाने की कोशिश की। गौरतलब है कि 24 मई पद के नामांकन करने की अंतिम तिथि है और इस वर्ष जून में वर्तमान राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल का कार्यकाल समाप्त हो रहा है।टिप्पणियां बदलते समीकरण कांग्रेस पार्टी के लिए समस्या का सबब बन सकते हैं क्योंकि पार्टी के पास राष्ट्रपति के चुनाव के एलेक्ट्रल कॉलेज में मात्र 31 फीसदी मत ही हैं। पूरे यूपीए के पास भी 40 फीसदी मत ही है। वहीं भाजपा के पास मात्र 24 फीसदी मत हैं तो एनडीए के पास कुल मिलाकर 30 फीसदी मत ही हैं। यूपी चुनाव में जीत के बाद समाजवादी पार्टी के पास अब मतों की काफी संख्या हो गई है। तृणमूल के साथ मिलकर सपा राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी के चुनाव में काफी अहम भूमिका निभा सकती है। कहा जा रहा है कि सपा ने संभावित उम्मीदवारों की एक सूची भी तैयार कर ली है। इस बार के राष्ट्रपति पद के चुनाव में प्रांतीय दलों की अहम भूमिका रहने के उम्मीद जताई जाने लगी है। इन दलों में सपा, तृणमूल, एआईएडीएमके, बीएसपी और आरजेडी तक शामिल हैं। बदलते समीकरण कांग्रेस पार्टी के लिए समस्या का सबब बन सकते हैं क्योंकि पार्टी के पास राष्ट्रपति के चुनाव के एलेक्ट्रल कॉलेज में मात्र 31 फीसदी मत ही हैं। पूरे यूपीए के पास भी 40 फीसदी मत ही है। वहीं भाजपा के पास मात्र 24 फीसदी मत हैं तो एनडीए के पास कुल मिलाकर 30 फीसदी मत ही हैं। यूपी चुनाव में जीत के बाद समाजवादी पार्टी के पास अब मतों की काफी संख्या हो गई है। तृणमूल के साथ मिलकर सपा राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी के चुनाव में काफी अहम भूमिका निभा सकती है। कहा जा रहा है कि सपा ने संभावित उम्मीदवारों की एक सूची भी तैयार कर ली है। इस बार के राष्ट्रपति पद के चुनाव में प्रांतीय दलों की अहम भूमिका रहने के उम्मीद जताई जाने लगी है। इन दलों में सपा, तृणमूल, एआईएडीएमके, बीएसपी और आरजेडी तक शामिल हैं। यूपी चुनाव में जीत के बाद समाजवादी पार्टी के पास अब मतों की काफी संख्या हो गई है। तृणमूल के साथ मिलकर सपा राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी के चुनाव में काफी अहम भूमिका निभा सकती है। कहा जा रहा है कि सपा ने संभावित उम्मीदवारों की एक सूची भी तैयार कर ली है। इस बार के राष्ट्रपति पद के चुनाव में प्रांतीय दलों की अहम भूमिका रहने के उम्मीद जताई जाने लगी है। इन दलों में सपा, तृणमूल, एआईएडीएमके, बीएसपी और आरजेडी तक शामिल हैं।
यह एक सारांश है: राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस ने हाथ मिला लिया है। यह खबर केंद्र की कांग्रेसनीत यूपीए सरकार के लिए एक बड़ा खतरा है।
2
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: जी न्यूज के सम्पादक सुधीर चौधरी ने शुक्रवार को कांग्रेस सांसद और उद्योगपति नवीन जिंदल के खिलाफ मानहानि का मामला दाखिल किया। उन्होंने जिंदल पर उन्हें एफआईआर में झूठे तरीके से फंसाने और संवाददाता सम्मेलन में झूठा बयान देने का आरोप लगाया। जिंदल की शिकायत पर पत्रकार को गिरफ्तार किया गया था, हालांकि अब उन्हें जमानत पर छोड़ दिया गया है।टिप्पणियां शिकायत की सुनवाई कर रही दिल्ली की एक अदालत ने संक्षिप्त सुनवाई करने के बाद इस शिकायत को संज्ञान में लेने के लिए तीन जनवरी का दिन मुकर्रर किया। मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट जय थरेजा ने कहा कि संज्ञान लेने सम्बंधी बिंदुओं पर बहस की सुनवाई कर ली गई है और संज्ञान लेने के आदेश के लिए और यदि जरूरी हुआ तो आगे की प्रक्रिया के लिए मामले को तीन जनवरी 2013 की तिथि तय की जाती है। जिंदल की शिकायत पर पत्रकार को गिरफ्तार किया गया था, हालांकि अब उन्हें जमानत पर छोड़ दिया गया है।टिप्पणियां शिकायत की सुनवाई कर रही दिल्ली की एक अदालत ने संक्षिप्त सुनवाई करने के बाद इस शिकायत को संज्ञान में लेने के लिए तीन जनवरी का दिन मुकर्रर किया। मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट जय थरेजा ने कहा कि संज्ञान लेने सम्बंधी बिंदुओं पर बहस की सुनवाई कर ली गई है और संज्ञान लेने के आदेश के लिए और यदि जरूरी हुआ तो आगे की प्रक्रिया के लिए मामले को तीन जनवरी 2013 की तिथि तय की जाती है। शिकायत की सुनवाई कर रही दिल्ली की एक अदालत ने संक्षिप्त सुनवाई करने के बाद इस शिकायत को संज्ञान में लेने के लिए तीन जनवरी का दिन मुकर्रर किया। मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट जय थरेजा ने कहा कि संज्ञान लेने सम्बंधी बिंदुओं पर बहस की सुनवाई कर ली गई है और संज्ञान लेने के आदेश के लिए और यदि जरूरी हुआ तो आगे की प्रक्रिया के लिए मामले को तीन जनवरी 2013 की तिथि तय की जाती है। मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट जय थरेजा ने कहा कि संज्ञान लेने सम्बंधी बिंदुओं पर बहस की सुनवाई कर ली गई है और संज्ञान लेने के आदेश के लिए और यदि जरूरी हुआ तो आगे की प्रक्रिया के लिए मामले को तीन जनवरी 2013 की तिथि तय की जाती है।
संक्षिप्त सारांश: जी न्यूज के सम्पादक सुधीर चौधरी ने शुक्रवार को कांग्रेस सांसद और उद्योगपति नवीन जिंदल के खिलाफ मानहानि का मामला दाखिल किया। उन्होंने जिंदल पर उन्हें एफआईआर में झूठे तरीके से फंसाने और संवाददाता सम्मेलन में झूठा बयान देने का आरोप लगाया।
29
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: एयर इंडिया के लिए 111 विमानों की खरीद को लेकर कैग द्वारा नागर विमानन मंत्रालय की तीखी आलोचना किए जाने के बाद पूर्व नागर विमानन मंत्री प्रफुल्ल पटेल ने मंत्रालय के निर्णय का बचाव करते हुए कहा कि उस समय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए कंपनी के पास कोई और रास्ता नहीं था। संप्रग सरकार के दूसरे कार्यकाल में उद्योग मंत्रालय का जिम्मा संभाल रहे पटेल ने कहा, 2004 में एयर इंडिया और इंडियन एयरलाइन्स के पास 93 विमान थे जिसमें से ज्यादातर 20 साल पुराने थे। कंपनी के लिए इन पुराने विमानों के साथ वैश्विक प्रतिस्पर्धा में खड़ा होना मुश्किल था। उल्लेखनीय है कि नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक :कैग: ने एयर इंडिया के लिए ऋण के जरिए 111 विमान खरीदने के नागर विमानन मंत्रालय के निर्णय पर सवाल खड़ा करते हुए इस कदम को प्रारंभ से ही संकट को दावत देने के समान करार दिया है। पटेल ने संपूर्ण रपट को विरोधाभासों का पुलिंदा करार दिया और कहा कि नागर विमानन मंत्रालय विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे आरोपों पर लोक लेखा समिति को उचित जवाब देगा। पटेल ने कहा, सरकार ने अपनी समझ से जो कुछ भी किया वह कंपनी को व्यवसायिक तौर पर व्यवहारिक बनाना था। हमें तत्काल यह निर्णय करना पड़ा कि नए विमान खरीदे जाएं या नहीं अन्यथा विमानन कंपनी बंद हो जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर 17 महीने :विमान अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी करने में लगा समय: को निर्णय में बहुत जल्दबाजी साथ बताया जा रहा है तो तो ऐसी प्रक्रिया के लिए हम कोई समय कर दी जानी चाहिए। पटेल ने कहा कि विमानों की खरीद प्रक्रिया में योजना आयोग और सार्वजनिक निवेश बोर्ड सहित सरकार के हर संबंधित प्रभाग शामिल थे। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस प्रक्रिया के लिए अपनी ओर से गारंटी भी दी थी। अन्यथा सभी विमानन कंपनियां के पास विमान खरीदने के लिए खुद के फंड होते।
संक्षिप्त सारांश: पूर्व नागर विमानन मंत्री प्रफुल्ल पटेल ने मंत्रालय के निर्णय का बचाव करते हुए कहा कि उस समय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए कंपनी के पास कोई और रास्ता नहीं था।
0
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बीजेपी और समाजवादी पार्टी की सियासी दुश्मनी में यूपी में क़रीब 70 हज़ार लोगों की नौकरी खटाई में पड़ गई है. इन लोगों ने अलग-अलग नौकरियों के लिए सारे इम्तिहान पास कर लिए... फिर इन्हें पोस्टिंग मिलनी थी, लेकिन नई सरकार ने इसकी जांच करने के लिए पूरी भर्तियों पर रोक लगा दी. इन्हें पता नहीं कि जिस नौकरी में इनका सिलेक्शन हुआ था वो इन्हें मिलेगी भी या नहीं. इनमें से कई अब धरने-प्रदर्शन पर उतर आए हैं... मीडिया और सरकार से हताश हो रहे हैं कि कोई उनकी सुन नहीं रहा है. लखनऊ में गोमती नदी के किनारे विरोध के खेमे हैं..  एक तरफ दरिया तो दूसरी तरफ उनकी तकलीफ का समंदर जो उसके किनारे इस बारिश में भी जमे हैं, ताकि उनकी आवाज हुकूमत तक पहुंच जाए.. अखिलेश सरकार में इन्‍होंने नौकरी के लिए लिखित परीक्षा, फ‍िजिकल टेस्‍ट, ग्रुप डिस्कशन और इंटरव्‍यू वगैरह पास किया. बस अपॉइंटमेंट लैटर मिलना था, लेकिन नई सरकार आ गई, जिसने भर्ती रोक दी. जिन भर्तियों को रोका गया, उनमें फ‍िजिकल एजुकेशन टीचर की 32,000.. प्राइमरी शिक्षक की 12,460.. उर्दू टीचर की 4,000.. यूपी पब्लिक सर्विस कमीशन की 4,000.. सबोर्डिनेट सर्विस सिलेक्शन कमीशन की 11,500... दरोगा की 4,000 और होम गार्ड की 138 नौकरियां शामिल हैं. बीपीएड संघर्ष मोर्चा के अध्‍यक्ष धीरेंद्र प्रताप यादव कहते हैं कि 'हमारे लिए 32,000 पद सृजित कर शासनादेश तक जारी हो गया. हम लोगों ने फॉर्म भर दिया और जैसे ही सत्‍ता परिवर्तन हुआ, माननीय योगी जी की सरकार बनी और तब से इस भर्ती प्रकिया पर रोक लगा दी गई'. दरिया किनारे लगे तंबू बारिश के पानी से गिर चुके हैं. तमाम तंबू उखड़ गए हैं.. कुछ अपने भीगे टैंट सुखाने की जुगत में हैं, तो कुछ ने पास के फ्लाईओवर के नीचे पनाह ली है. पिछली हुकूमत में भी इन्‍हें नौकरी मांगने पर लाठियां मिलती थीं. इस सरकार में भी लाठियां पड़ी हैं. अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने करीब 11,500 नौकरियां निकालीं. करीब 4,000 लोग लिखित परीक्षा में पास हुए, कुछ का इंटरव्‍यू भी हुआ, लेकिन भर्ती पर रोक लग गई. जूनियर असिस्टेंट पद के उम्‍मीदवार सूरज पांडे का कहना है कि 'हम सभी विद्यार्थियों का भविष्‍य अधर में डूबा हुआ है. समझ में नहीं आ रहा कि सरकार हमें जॉब देना चाहती है या नहीं देना चाहती. हम लोग इसी आश्‍वासन पर अभी भी टिके हुए हैं कि सरकार हमें एक अच्‍छी सी नौकरी उपलब्‍ध कराएगी, लेकिन समयसीमा बहुत लंबी खींचती जा रही है. क्‍या हम बेरोजगारों की जिंदगी ऐसी ही खिंचती हुई चली जाएगी'. वहीं, जूनियर असिस्‍टेंट पद के उम्‍मीदवार अमित यादव ने कहा कि 'हमारे परिवार में सब उम्‍मीद लगा कर बैठे हैं. सभी के घरों में लोग आस लगा के बैठे हैं. हम बेरोजगार छात्र हैं. अगर हममें से कोई एक आगे नहीं आएगा तो हम अपनी मांगों को सरकार तक कैसे पहुंचाएंगे'. दरिया किनारे सन्‍नाटे में लगे अपने खेमों में ये छात्र रहते हैं. यहां से इनकी आवाज़ हुकूमत तक मीडिया के जरिये ही पहुंचती है. BTC और TET प्रशिक्षित लोग भी यहां नौकरी के लिए संघर्ष कर रहे हैं. यह कहते हैं कि बेसिक शिक्षा मंत्री ने इनसे कहा कि नौकरी नहीं मिल सकती, क्‍योंकि 65,000 शिक्षक ज्‍यादा हैं. इन्‍हें RTI से पता चला कि डेढ़ लाख शिक्षकों की कमी है. शिक्षक पद के उम्‍मीदवार विकास वर्मा ने कहा कि 'हम लोग 75,000 भर्तियों की मांग कर रहे हैं, लेकिन 90 दिन से ज्‍यादा हो गए हैं, लेकिन सरकार की तरफ से अभी तक न कोई आश्‍वासन मिला है, न ही इन्‍होंने अपना कोई वादा पूरा किया है'. नौकरी मांगने वालों की इस भीड़ में सिराज अपनी रोजी चला लेते हैं. यहां ठेले पर पानी बेचते हैं. कुछ कोल्‍ड ड्रिंक वगैरह भी बेच लेते हैं. इनके साथ रहते-रहते इन्‍हें भी सबकी तकलीफें पता चल गई हैं. ये खुद भी इनकी नौकरी के लिए दुआएं करते हैं. सिराज कहते हैं, 'इन लोगों के साथ इंसाफ होना चाहिए. इतने दिनों से भूखे-प्‍यासे बारिश में पड़े रहते हैं. लेकिन अगर इन लोगों को न्‍याय मिल जाएगा और ये यहां से चले जाएंगे तो आपका काम कैसे चलेगा, इस सवाल के जवाब में सिराज का कहना है कि 'यहां पर बहुत सारे लोग अपना दुख-दर्द लेकर आते रहते हैं. तकलीफ हम लोगों को भी होती है क‍ि बेचारे अपना घर छोड़कर यहां आते हैं. इतने-इतने दिन पड़े रहते हैं. सरकार इन लोगों की जल्‍दी सुनवाई करे.. इन लोगों का काम करे. हमको तो कोई और भी काम मिल जाएगा.. कर लेंगे'. नई सरकार में योग की बात आगे बढ़ी.. पीएम मोदी खुद उसमें शामिल हुए तो बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन की डिग्री वाले डेढ़ लाख लोगों की उम्‍मीद जागी कि उनकी नौकरी की मांग बढ़ेगी, लेकनि यहां तो जिन 32,000 लोगों का इम्तिहान हुआ, उनकी ही नौकरी खटाई में पड़ गई. बीपीएड संघर्ष मोर्चा के अध्‍यक्ष धीरेंद्र प्रताप यादव का कहना है कि 'एक तरफ तो माननीय योगी जी और माननीय प्रधानमंत्री जी योग को बढ़ावा देने के लिए 21 जून को योग दिवस मनाते हैं.. जमीन पर आकर खुद बैठते हैं.. जनता को ये दिखाने का प्रयास करते हैं कि हम योग को बढ़ावा देते हैं, लेकिन जब तक शारीरिक शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होगी, जो गरीब परिवारों के बच्‍चे स्‍कूल में पढ़ रहे हैं, उनको योग कैसे सिखाया जा सकता है'.टिप्पणियां नई सरकार का इल्‍जाम है कि अखिलेश सरकार के दौरान भर्तियों में बहुत बड़े पैमाने पर गड़बडि़यां हुई हैं. तमाम भर्तियों पर अदालतों ने रोक लगाई थी. यूपी पब्लिक सर्विस कमीशन के चेयरमैन को भी भर्तियों में घोटाले के इल्‍जाम में अदालत ने हटाया. ऐसे में इन भर्तियों में पारदर्शिता और ईमानदारी की जांच की जा रही है. भाजपा के मीडिया इंचार्ज हरीशचंद्र श्रीवास्‍तव ने कहा कि, 'जिस तरह का भ्रष्‍टाचार समाजवादी पार्टी की सरकार में नियुक्तियों को लेकर था, वह आम था. योग्‍य बच्‍चे कुंठित हो रहे थे. योगी जी की सरकार का एजेंडा बिल्‍कुल साफ है कि हम एक  पारदर्शी व्‍यवस्‍था दें. उस पारदर्शी व्‍यवस्‍था में ताकि निष्पक्ष नियुक्तियां हो सकें. जो योग्‍य अभ्‍यर्थी हैं, उनको स्‍थान मिल सके'. लखनऊ में गोमती नदी के किनारे विरोध के खेमे हैं..  एक तरफ दरिया तो दूसरी तरफ उनकी तकलीफ का समंदर जो उसके किनारे इस बारिश में भी जमे हैं, ताकि उनकी आवाज हुकूमत तक पहुंच जाए.. अखिलेश सरकार में इन्‍होंने नौकरी के लिए लिखित परीक्षा, फ‍िजिकल टेस्‍ट, ग्रुप डिस्कशन और इंटरव्‍यू वगैरह पास किया. बस अपॉइंटमेंट लैटर मिलना था, लेकिन नई सरकार आ गई, जिसने भर्ती रोक दी. जिन भर्तियों को रोका गया, उनमें फ‍िजिकल एजुकेशन टीचर की 32,000.. प्राइमरी शिक्षक की 12,460.. उर्दू टीचर की 4,000.. यूपी पब्लिक सर्विस कमीशन की 4,000.. सबोर्डिनेट सर्विस सिलेक्शन कमीशन की 11,500... दरोगा की 4,000 और होम गार्ड की 138 नौकरियां शामिल हैं. बीपीएड संघर्ष मोर्चा के अध्‍यक्ष धीरेंद्र प्रताप यादव कहते हैं कि 'हमारे लिए 32,000 पद सृजित कर शासनादेश तक जारी हो गया. हम लोगों ने फॉर्म भर दिया और जैसे ही सत्‍ता परिवर्तन हुआ, माननीय योगी जी की सरकार बनी और तब से इस भर्ती प्रकिया पर रोक लगा दी गई'. दरिया किनारे लगे तंबू बारिश के पानी से गिर चुके हैं. तमाम तंबू उखड़ गए हैं.. कुछ अपने भीगे टैंट सुखाने की जुगत में हैं, तो कुछ ने पास के फ्लाईओवर के नीचे पनाह ली है. पिछली हुकूमत में भी इन्‍हें नौकरी मांगने पर लाठियां मिलती थीं. इस सरकार में भी लाठियां पड़ी हैं. अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने करीब 11,500 नौकरियां निकालीं. करीब 4,000 लोग लिखित परीक्षा में पास हुए, कुछ का इंटरव्‍यू भी हुआ, लेकिन भर्ती पर रोक लग गई. जूनियर असिस्टेंट पद के उम्‍मीदवार सूरज पांडे का कहना है कि 'हम सभी विद्यार्थियों का भविष्‍य अधर में डूबा हुआ है. समझ में नहीं आ रहा कि सरकार हमें जॉब देना चाहती है या नहीं देना चाहती. हम लोग इसी आश्‍वासन पर अभी भी टिके हुए हैं कि सरकार हमें एक अच्‍छी सी नौकरी उपलब्‍ध कराएगी, लेकिन समयसीमा बहुत लंबी खींचती जा रही है. क्‍या हम बेरोजगारों की जिंदगी ऐसी ही खिंचती हुई चली जाएगी'. वहीं, जूनियर असिस्‍टेंट पद के उम्‍मीदवार अमित यादव ने कहा कि 'हमारे परिवार में सब उम्‍मीद लगा कर बैठे हैं. सभी के घरों में लोग आस लगा के बैठे हैं. हम बेरोजगार छात्र हैं. अगर हममें से कोई एक आगे नहीं आएगा तो हम अपनी मांगों को सरकार तक कैसे पहुंचाएंगे'. दरिया किनारे सन्‍नाटे में लगे अपने खेमों में ये छात्र रहते हैं. यहां से इनकी आवाज़ हुकूमत तक मीडिया के जरिये ही पहुंचती है. BTC और TET प्रशिक्षित लोग भी यहां नौकरी के लिए संघर्ष कर रहे हैं. यह कहते हैं कि बेसिक शिक्षा मंत्री ने इनसे कहा कि नौकरी नहीं मिल सकती, क्‍योंकि 65,000 शिक्षक ज्‍यादा हैं. इन्‍हें RTI से पता चला कि डेढ़ लाख शिक्षकों की कमी है. शिक्षक पद के उम्‍मीदवार विकास वर्मा ने कहा कि 'हम लोग 75,000 भर्तियों की मांग कर रहे हैं, लेकिन 90 दिन से ज्‍यादा हो गए हैं, लेकिन सरकार की तरफ से अभी तक न कोई आश्‍वासन मिला है, न ही इन्‍होंने अपना कोई वादा पूरा किया है'. नौकरी मांगने वालों की इस भीड़ में सिराज अपनी रोजी चला लेते हैं. यहां ठेले पर पानी बेचते हैं. कुछ कोल्‍ड ड्रिंक वगैरह भी बेच लेते हैं. इनके साथ रहते-रहते इन्‍हें भी सबकी तकलीफें पता चल गई हैं. ये खुद भी इनकी नौकरी के लिए दुआएं करते हैं. सिराज कहते हैं, 'इन लोगों के साथ इंसाफ होना चाहिए. इतने दिनों से भूखे-प्‍यासे बारिश में पड़े रहते हैं. लेकिन अगर इन लोगों को न्‍याय मिल जाएगा और ये यहां से चले जाएंगे तो आपका काम कैसे चलेगा, इस सवाल के जवाब में सिराज का कहना है कि 'यहां पर बहुत सारे लोग अपना दुख-दर्द लेकर आते रहते हैं. तकलीफ हम लोगों को भी होती है क‍ि बेचारे अपना घर छोड़कर यहां आते हैं. इतने-इतने दिन पड़े रहते हैं. सरकार इन लोगों की जल्‍दी सुनवाई करे.. इन लोगों का काम करे. हमको तो कोई और भी काम मिल जाएगा.. कर लेंगे'. नई सरकार में योग की बात आगे बढ़ी.. पीएम मोदी खुद उसमें शामिल हुए तो बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन की डिग्री वाले डेढ़ लाख लोगों की उम्‍मीद जागी कि उनकी नौकरी की मांग बढ़ेगी, लेकनि यहां तो जिन 32,000 लोगों का इम्तिहान हुआ, उनकी ही नौकरी खटाई में पड़ गई. बीपीएड संघर्ष मोर्चा के अध्‍यक्ष धीरेंद्र प्रताप यादव का कहना है कि 'एक तरफ तो माननीय योगी जी और माननीय प्रधानमंत्री जी योग को बढ़ावा देने के लिए 21 जून को योग दिवस मनाते हैं.. जमीन पर आकर खुद बैठते हैं.. जनता को ये दिखाने का प्रयास करते हैं कि हम योग को बढ़ावा देते हैं, लेकिन जब तक शारीरिक शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होगी, जो गरीब परिवारों के बच्‍चे स्‍कूल में पढ़ रहे हैं, उनको योग कैसे सिखाया जा सकता है'.टिप्पणियां नई सरकार का इल्‍जाम है कि अखिलेश सरकार के दौरान भर्तियों में बहुत बड़े पैमाने पर गड़बडि़यां हुई हैं. तमाम भर्तियों पर अदालतों ने रोक लगाई थी. यूपी पब्लिक सर्विस कमीशन के चेयरमैन को भी भर्तियों में घोटाले के इल्‍जाम में अदालत ने हटाया. ऐसे में इन भर्तियों में पारदर्शिता और ईमानदारी की जांच की जा रही है. भाजपा के मीडिया इंचार्ज हरीशचंद्र श्रीवास्‍तव ने कहा कि, 'जिस तरह का भ्रष्‍टाचार समाजवादी पार्टी की सरकार में नियुक्तियों को लेकर था, वह आम था. योग्‍य बच्‍चे कुंठित हो रहे थे. योगी जी की सरकार का एजेंडा बिल्‍कुल साफ है कि हम एक  पारदर्शी व्‍यवस्‍था दें. उस पारदर्शी व्‍यवस्‍था में ताकि निष्पक्ष नियुक्तियां हो सकें. जो योग्‍य अभ्‍यर्थी हैं, उनको स्‍थान मिल सके'. बीपीएड संघर्ष मोर्चा के अध्‍यक्ष धीरेंद्र प्रताप यादव कहते हैं कि 'हमारे लिए 32,000 पद सृजित कर शासनादेश तक जारी हो गया. हम लोगों ने फॉर्म भर दिया और जैसे ही सत्‍ता परिवर्तन हुआ, माननीय योगी जी की सरकार बनी और तब से इस भर्ती प्रकिया पर रोक लगा दी गई'. दरिया किनारे लगे तंबू बारिश के पानी से गिर चुके हैं. तमाम तंबू उखड़ गए हैं.. कुछ अपने भीगे टैंट सुखाने की जुगत में हैं, तो कुछ ने पास के फ्लाईओवर के नीचे पनाह ली है. पिछली हुकूमत में भी इन्‍हें नौकरी मांगने पर लाठियां मिलती थीं. इस सरकार में भी लाठियां पड़ी हैं. अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने करीब 11,500 नौकरियां निकालीं. करीब 4,000 लोग लिखित परीक्षा में पास हुए, कुछ का इंटरव्‍यू भी हुआ, लेकिन भर्ती पर रोक लग गई. जूनियर असिस्टेंट पद के उम्‍मीदवार सूरज पांडे का कहना है कि 'हम सभी विद्यार्थियों का भविष्‍य अधर में डूबा हुआ है. समझ में नहीं आ रहा कि सरकार हमें जॉब देना चाहती है या नहीं देना चाहती. हम लोग इसी आश्‍वासन पर अभी भी टिके हुए हैं कि सरकार हमें एक अच्‍छी सी नौकरी उपलब्‍ध कराएगी, लेकिन समयसीमा बहुत लंबी खींचती जा रही है. क्‍या हम बेरोजगारों की जिंदगी ऐसी ही खिंचती हुई चली जाएगी'. वहीं, जूनियर असिस्‍टेंट पद के उम्‍मीदवार अमित यादव ने कहा कि 'हमारे परिवार में सब उम्‍मीद लगा कर बैठे हैं. सभी के घरों में लोग आस लगा के बैठे हैं. हम बेरोजगार छात्र हैं. अगर हममें से कोई एक आगे नहीं आएगा तो हम अपनी मांगों को सरकार तक कैसे पहुंचाएंगे'. दरिया किनारे सन्‍नाटे में लगे अपने खेमों में ये छात्र रहते हैं. यहां से इनकी आवाज़ हुकूमत तक मीडिया के जरिये ही पहुंचती है. BTC और TET प्रशिक्षित लोग भी यहां नौकरी के लिए संघर्ष कर रहे हैं. यह कहते हैं कि बेसिक शिक्षा मंत्री ने इनसे कहा कि नौकरी नहीं मिल सकती, क्‍योंकि 65,000 शिक्षक ज्‍यादा हैं. इन्‍हें RTI से पता चला कि डेढ़ लाख शिक्षकों की कमी है. शिक्षक पद के उम्‍मीदवार विकास वर्मा ने कहा कि 'हम लोग 75,000 भर्तियों की मांग कर रहे हैं, लेकिन 90 दिन से ज्‍यादा हो गए हैं, लेकिन सरकार की तरफ से अभी तक न कोई आश्‍वासन मिला है, न ही इन्‍होंने अपना कोई वादा पूरा किया है'. नौकरी मांगने वालों की इस भीड़ में सिराज अपनी रोजी चला लेते हैं. यहां ठेले पर पानी बेचते हैं. कुछ कोल्‍ड ड्रिंक वगैरह भी बेच लेते हैं. इनके साथ रहते-रहते इन्‍हें भी सबकी तकलीफें पता चल गई हैं. ये खुद भी इनकी नौकरी के लिए दुआएं करते हैं. सिराज कहते हैं, 'इन लोगों के साथ इंसाफ होना चाहिए. इतने दिनों से भूखे-प्‍यासे बारिश में पड़े रहते हैं. लेकिन अगर इन लोगों को न्‍याय मिल जाएगा और ये यहां से चले जाएंगे तो आपका काम कैसे चलेगा, इस सवाल के जवाब में सिराज का कहना है कि 'यहां पर बहुत सारे लोग अपना दुख-दर्द लेकर आते रहते हैं. तकलीफ हम लोगों को भी होती है क‍ि बेचारे अपना घर छोड़कर यहां आते हैं. इतने-इतने दिन पड़े रहते हैं. सरकार इन लोगों की जल्‍दी सुनवाई करे.. इन लोगों का काम करे. हमको तो कोई और भी काम मिल जाएगा.. कर लेंगे'. नई सरकार में योग की बात आगे बढ़ी.. पीएम मोदी खुद उसमें शामिल हुए तो बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन की डिग्री वाले डेढ़ लाख लोगों की उम्‍मीद जागी कि उनकी नौकरी की मांग बढ़ेगी, लेकनि यहां तो जिन 32,000 लोगों का इम्तिहान हुआ, उनकी ही नौकरी खटाई में पड़ गई. बीपीएड संघर्ष मोर्चा के अध्‍यक्ष धीरेंद्र प्रताप यादव का कहना है कि 'एक तरफ तो माननीय योगी जी और माननीय प्रधानमंत्री जी योग को बढ़ावा देने के लिए 21 जून को योग दिवस मनाते हैं.. जमीन पर आकर खुद बैठते हैं.. जनता को ये दिखाने का प्रयास करते हैं कि हम योग को बढ़ावा देते हैं, लेकिन जब तक शारीरिक शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होगी, जो गरीब परिवारों के बच्‍चे स्‍कूल में पढ़ रहे हैं, उनको योग कैसे सिखाया जा सकता है'.टिप्पणियां नई सरकार का इल्‍जाम है कि अखिलेश सरकार के दौरान भर्तियों में बहुत बड़े पैमाने पर गड़बडि़यां हुई हैं. तमाम भर्तियों पर अदालतों ने रोक लगाई थी. यूपी पब्लिक सर्विस कमीशन के चेयरमैन को भी भर्तियों में घोटाले के इल्‍जाम में अदालत ने हटाया. ऐसे में इन भर्तियों में पारदर्शिता और ईमानदारी की जांच की जा रही है. भाजपा के मीडिया इंचार्ज हरीशचंद्र श्रीवास्‍तव ने कहा कि, 'जिस तरह का भ्रष्‍टाचार समाजवादी पार्टी की सरकार में नियुक्तियों को लेकर था, वह आम था. योग्‍य बच्‍चे कुंठित हो रहे थे. योगी जी की सरकार का एजेंडा बिल्‍कुल साफ है कि हम एक  पारदर्शी व्‍यवस्‍था दें. उस पारदर्शी व्‍यवस्‍था में ताकि निष्पक्ष नियुक्तियां हो सकें. जो योग्‍य अभ्‍यर्थी हैं, उनको स्‍थान मिल सके'. दरिया किनारे लगे तंबू बारिश के पानी से गिर चुके हैं. तमाम तंबू उखड़ गए हैं.. कुछ अपने भीगे टैंट सुखाने की जुगत में हैं, तो कुछ ने पास के फ्लाईओवर के नीचे पनाह ली है. पिछली हुकूमत में भी इन्‍हें नौकरी मांगने पर लाठियां मिलती थीं. इस सरकार में भी लाठियां पड़ी हैं. अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने करीब 11,500 नौकरियां निकालीं. करीब 4,000 लोग लिखित परीक्षा में पास हुए, कुछ का इंटरव्‍यू भी हुआ, लेकिन भर्ती पर रोक लग गई. जूनियर असिस्टेंट पद के उम्‍मीदवार सूरज पांडे का कहना है कि 'हम सभी विद्यार्थियों का भविष्‍य अधर में डूबा हुआ है. समझ में नहीं आ रहा कि सरकार हमें जॉब देना चाहती है या नहीं देना चाहती. हम लोग इसी आश्‍वासन पर अभी भी टिके हुए हैं कि सरकार हमें एक अच्‍छी सी नौकरी उपलब्‍ध कराएगी, लेकिन समयसीमा बहुत लंबी खींचती जा रही है. क्‍या हम बेरोजगारों की जिंदगी ऐसी ही खिंचती हुई चली जाएगी'. वहीं, जूनियर असिस्‍टेंट पद के उम्‍मीदवार अमित यादव ने कहा कि 'हमारे परिवार में सब उम्‍मीद लगा कर बैठे हैं. सभी के घरों में लोग आस लगा के बैठे हैं. हम बेरोजगार छात्र हैं. अगर हममें से कोई एक आगे नहीं आएगा तो हम अपनी मांगों को सरकार तक कैसे पहुंचाएंगे'. दरिया किनारे सन्‍नाटे में लगे अपने खेमों में ये छात्र रहते हैं. यहां से इनकी आवाज़ हुकूमत तक मीडिया के जरिये ही पहुंचती है. BTC और TET प्रशिक्षित लोग भी यहां नौकरी के लिए संघर्ष कर रहे हैं. यह कहते हैं कि बेसिक शिक्षा मंत्री ने इनसे कहा कि नौकरी नहीं मिल सकती, क्‍योंकि 65,000 शिक्षक ज्‍यादा हैं. इन्‍हें RTI से पता चला कि डेढ़ लाख शिक्षकों की कमी है. शिक्षक पद के उम्‍मीदवार विकास वर्मा ने कहा कि 'हम लोग 75,000 भर्तियों की मांग कर रहे हैं, लेकिन 90 दिन से ज्‍यादा हो गए हैं, लेकिन सरकार की तरफ से अभी तक न कोई आश्‍वासन मिला है, न ही इन्‍होंने अपना कोई वादा पूरा किया है'. नौकरी मांगने वालों की इस भीड़ में सिराज अपनी रोजी चला लेते हैं. यहां ठेले पर पानी बेचते हैं. कुछ कोल्‍ड ड्रिंक वगैरह भी बेच लेते हैं. इनके साथ रहते-रहते इन्‍हें भी सबकी तकलीफें पता चल गई हैं. ये खुद भी इनकी नौकरी के लिए दुआएं करते हैं. सिराज कहते हैं, 'इन लोगों के साथ इंसाफ होना चाहिए. इतने दिनों से भूखे-प्‍यासे बारिश में पड़े रहते हैं. लेकिन अगर इन लोगों को न्‍याय मिल जाएगा और ये यहां से चले जाएंगे तो आपका काम कैसे चलेगा, इस सवाल के जवाब में सिराज का कहना है कि 'यहां पर बहुत सारे लोग अपना दुख-दर्द लेकर आते रहते हैं. तकलीफ हम लोगों को भी होती है क‍ि बेचारे अपना घर छोड़कर यहां आते हैं. इतने-इतने दिन पड़े रहते हैं. सरकार इन लोगों की जल्‍दी सुनवाई करे.. इन लोगों का काम करे. हमको तो कोई और भी काम मिल जाएगा.. कर लेंगे'. नई सरकार में योग की बात आगे बढ़ी.. पीएम मोदी खुद उसमें शामिल हुए तो बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन की डिग्री वाले डेढ़ लाख लोगों की उम्‍मीद जागी कि उनकी नौकरी की मांग बढ़ेगी, लेकनि यहां तो जिन 32,000 लोगों का इम्तिहान हुआ, उनकी ही नौकरी खटाई में पड़ गई. बीपीएड संघर्ष मोर्चा के अध्‍यक्ष धीरेंद्र प्रताप यादव का कहना है कि 'एक तरफ तो माननीय योगी जी और माननीय प्रधानमंत्री जी योग को बढ़ावा देने के लिए 21 जून को योग दिवस मनाते हैं.. जमीन पर आकर खुद बैठते हैं.. जनता को ये दिखाने का प्रयास करते हैं कि हम योग को बढ़ावा देते हैं, लेकिन जब तक शारीरिक शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होगी, जो गरीब परिवारों के बच्‍चे स्‍कूल में पढ़ रहे हैं, उनको योग कैसे सिखाया जा सकता है'.टिप्पणियां नई सरकार का इल्‍जाम है कि अखिलेश सरकार के दौरान भर्तियों में बहुत बड़े पैमाने पर गड़बडि़यां हुई हैं. तमाम भर्तियों पर अदालतों ने रोक लगाई थी. यूपी पब्लिक सर्विस कमीशन के चेयरमैन को भी भर्तियों में घोटाले के इल्‍जाम में अदालत ने हटाया. ऐसे में इन भर्तियों में पारदर्शिता और ईमानदारी की जांच की जा रही है. भाजपा के मीडिया इंचार्ज हरीशचंद्र श्रीवास्‍तव ने कहा कि, 'जिस तरह का भ्रष्‍टाचार समाजवादी पार्टी की सरकार में नियुक्तियों को लेकर था, वह आम था. योग्‍य बच्‍चे कुंठित हो रहे थे. योगी जी की सरकार का एजेंडा बिल्‍कुल साफ है कि हम एक  पारदर्शी व्‍यवस्‍था दें. उस पारदर्शी व्‍यवस्‍था में ताकि निष्पक्ष नियुक्तियां हो सकें. जो योग्‍य अभ्‍यर्थी हैं, उनको स्‍थान मिल सके'. जूनियर असिस्टेंट पद के उम्‍मीदवार सूरज पांडे का कहना है कि 'हम सभी विद्यार्थियों का भविष्‍य अधर में डूबा हुआ है. समझ में नहीं आ रहा कि सरकार हमें जॉब देना चाहती है या नहीं देना चाहती. हम लोग इसी आश्‍वासन पर अभी भी टिके हुए हैं कि सरकार हमें एक अच्‍छी सी नौकरी उपलब्‍ध कराएगी, लेकिन समयसीमा बहुत लंबी खींचती जा रही है. क्‍या हम बेरोजगारों की जिंदगी ऐसी ही खिंचती हुई चली जाएगी'. वहीं, जूनियर असिस्‍टेंट पद के उम्‍मीदवार अमित यादव ने कहा कि 'हमारे परिवार में सब उम्‍मीद लगा कर बैठे हैं. सभी के घरों में लोग आस लगा के बैठे हैं. हम बेरोजगार छात्र हैं. अगर हममें से कोई एक आगे नहीं आएगा तो हम अपनी मांगों को सरकार तक कैसे पहुंचाएंगे'. दरिया किनारे सन्‍नाटे में लगे अपने खेमों में ये छात्र रहते हैं. यहां से इनकी आवाज़ हुकूमत तक मीडिया के जरिये ही पहुंचती है. BTC और TET प्रशिक्षित लोग भी यहां नौकरी के लिए संघर्ष कर रहे हैं. यह कहते हैं कि बेसिक शिक्षा मंत्री ने इनसे कहा कि नौकरी नहीं मिल सकती, क्‍योंकि 65,000 शिक्षक ज्‍यादा हैं. इन्‍हें RTI से पता चला कि डेढ़ लाख शिक्षकों की कमी है. शिक्षक पद के उम्‍मीदवार विकास वर्मा ने कहा कि 'हम लोग 75,000 भर्तियों की मांग कर रहे हैं, लेकिन 90 दिन से ज्‍यादा हो गए हैं, लेकिन सरकार की तरफ से अभी तक न कोई आश्‍वासन मिला है, न ही इन्‍होंने अपना कोई वादा पूरा किया है'. नौकरी मांगने वालों की इस भीड़ में सिराज अपनी रोजी चला लेते हैं. यहां ठेले पर पानी बेचते हैं. कुछ कोल्‍ड ड्रिंक वगैरह भी बेच लेते हैं. इनके साथ रहते-रहते इन्‍हें भी सबकी तकलीफें पता चल गई हैं. ये खुद भी इनकी नौकरी के लिए दुआएं करते हैं. सिराज कहते हैं, 'इन लोगों के साथ इंसाफ होना चाहिए. इतने दिनों से भूखे-प्‍यासे बारिश में पड़े रहते हैं. लेकिन अगर इन लोगों को न्‍याय मिल जाएगा और ये यहां से चले जाएंगे तो आपका काम कैसे चलेगा, इस सवाल के जवाब में सिराज का कहना है कि 'यहां पर बहुत सारे लोग अपना दुख-दर्द लेकर आते रहते हैं. तकलीफ हम लोगों को भी होती है क‍ि बेचारे अपना घर छोड़कर यहां आते हैं. इतने-इतने दिन पड़े रहते हैं. सरकार इन लोगों की जल्‍दी सुनवाई करे.. इन लोगों का काम करे. हमको तो कोई और भी काम मिल जाएगा.. कर लेंगे'. नई सरकार में योग की बात आगे बढ़ी.. पीएम मोदी खुद उसमें शामिल हुए तो बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन की डिग्री वाले डेढ़ लाख लोगों की उम्‍मीद जागी कि उनकी नौकरी की मांग बढ़ेगी, लेकनि यहां तो जिन 32,000 लोगों का इम्तिहान हुआ, उनकी ही नौकरी खटाई में पड़ गई. बीपीएड संघर्ष मोर्चा के अध्‍यक्ष धीरेंद्र प्रताप यादव का कहना है कि 'एक तरफ तो माननीय योगी जी और माननीय प्रधानमंत्री जी योग को बढ़ावा देने के लिए 21 जून को योग दिवस मनाते हैं.. जमीन पर आकर खुद बैठते हैं.. जनता को ये दिखाने का प्रयास करते हैं कि हम योग को बढ़ावा देते हैं, लेकिन जब तक शारीरिक शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होगी, जो गरीब परिवारों के बच्‍चे स्‍कूल में पढ़ रहे हैं, उनको योग कैसे सिखाया जा सकता है'.टिप्पणियां नई सरकार का इल्‍जाम है कि अखिलेश सरकार के दौरान भर्तियों में बहुत बड़े पैमाने पर गड़बडि़यां हुई हैं. तमाम भर्तियों पर अदालतों ने रोक लगाई थी. यूपी पब्लिक सर्विस कमीशन के चेयरमैन को भी भर्तियों में घोटाले के इल्‍जाम में अदालत ने हटाया. ऐसे में इन भर्तियों में पारदर्शिता और ईमानदारी की जांच की जा रही है. भाजपा के मीडिया इंचार्ज हरीशचंद्र श्रीवास्‍तव ने कहा कि, 'जिस तरह का भ्रष्‍टाचार समाजवादी पार्टी की सरकार में नियुक्तियों को लेकर था, वह आम था. योग्‍य बच्‍चे कुंठित हो रहे थे. योगी जी की सरकार का एजेंडा बिल्‍कुल साफ है कि हम एक  पारदर्शी व्‍यवस्‍था दें. उस पारदर्शी व्‍यवस्‍था में ताकि निष्पक्ष नियुक्तियां हो सकें. जो योग्‍य अभ्‍यर्थी हैं, उनको स्‍थान मिल सके'. वहीं, जूनियर असिस्‍टेंट पद के उम्‍मीदवार अमित यादव ने कहा कि 'हमारे परिवार में सब उम्‍मीद लगा कर बैठे हैं. सभी के घरों में लोग आस लगा के बैठे हैं. हम बेरोजगार छात्र हैं. अगर हममें से कोई एक आगे नहीं आएगा तो हम अपनी मांगों को सरकार तक कैसे पहुंचाएंगे'. दरिया किनारे सन्‍नाटे में लगे अपने खेमों में ये छात्र रहते हैं. यहां से इनकी आवाज़ हुकूमत तक मीडिया के जरिये ही पहुंचती है. BTC और TET प्रशिक्षित लोग भी यहां नौकरी के लिए संघर्ष कर रहे हैं. यह कहते हैं कि बेसिक शिक्षा मंत्री ने इनसे कहा कि नौकरी नहीं मिल सकती, क्‍योंकि 65,000 शिक्षक ज्‍यादा हैं. इन्‍हें RTI से पता चला कि डेढ़ लाख शिक्षकों की कमी है. शिक्षक पद के उम्‍मीदवार विकास वर्मा ने कहा कि 'हम लोग 75,000 भर्तियों की मांग कर रहे हैं, लेकिन 90 दिन से ज्‍यादा हो गए हैं, लेकिन सरकार की तरफ से अभी तक न कोई आश्‍वासन मिला है, न ही इन्‍होंने अपना कोई वादा पूरा किया है'. नौकरी मांगने वालों की इस भीड़ में सिराज अपनी रोजी चला लेते हैं. यहां ठेले पर पानी बेचते हैं. कुछ कोल्‍ड ड्रिंक वगैरह भी बेच लेते हैं. इनके साथ रहते-रहते इन्‍हें भी सबकी तकलीफें पता चल गई हैं. ये खुद भी इनकी नौकरी के लिए दुआएं करते हैं. सिराज कहते हैं, 'इन लोगों के साथ इंसाफ होना चाहिए. इतने दिनों से भूखे-प्‍यासे बारिश में पड़े रहते हैं. लेकिन अगर इन लोगों को न्‍याय मिल जाएगा और ये यहां से चले जाएंगे तो आपका काम कैसे चलेगा, इस सवाल के जवाब में सिराज का कहना है कि 'यहां पर बहुत सारे लोग अपना दुख-दर्द लेकर आते रहते हैं. तकलीफ हम लोगों को भी होती है क‍ि बेचारे अपना घर छोड़कर यहां आते हैं. इतने-इतने दिन पड़े रहते हैं. सरकार इन लोगों की जल्‍दी सुनवाई करे.. इन लोगों का काम करे. हमको तो कोई और भी काम मिल जाएगा.. कर लेंगे'. नई सरकार में योग की बात आगे बढ़ी.. पीएम मोदी खुद उसमें शामिल हुए तो बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन की डिग्री वाले डेढ़ लाख लोगों की उम्‍मीद जागी कि उनकी नौकरी की मांग बढ़ेगी, लेकनि यहां तो जिन 32,000 लोगों का इम्तिहान हुआ, उनकी ही नौकरी खटाई में पड़ गई. बीपीएड संघर्ष मोर्चा के अध्‍यक्ष धीरेंद्र प्रताप यादव का कहना है कि 'एक तरफ तो माननीय योगी जी और माननीय प्रधानमंत्री जी योग को बढ़ावा देने के लिए 21 जून को योग दिवस मनाते हैं.. जमीन पर आकर खुद बैठते हैं.. जनता को ये दिखाने का प्रयास करते हैं कि हम योग को बढ़ावा देते हैं, लेकिन जब तक शारीरिक शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होगी, जो गरीब परिवारों के बच्‍चे स्‍कूल में पढ़ रहे हैं, उनको योग कैसे सिखाया जा सकता है'.टिप्पणियां नई सरकार का इल्‍जाम है कि अखिलेश सरकार के दौरान भर्तियों में बहुत बड़े पैमाने पर गड़बडि़यां हुई हैं. तमाम भर्तियों पर अदालतों ने रोक लगाई थी. यूपी पब्लिक सर्विस कमीशन के चेयरमैन को भी भर्तियों में घोटाले के इल्‍जाम में अदालत ने हटाया. ऐसे में इन भर्तियों में पारदर्शिता और ईमानदारी की जांच की जा रही है. भाजपा के मीडिया इंचार्ज हरीशचंद्र श्रीवास्‍तव ने कहा कि, 'जिस तरह का भ्रष्‍टाचार समाजवादी पार्टी की सरकार में नियुक्तियों को लेकर था, वह आम था. योग्‍य बच्‍चे कुंठित हो रहे थे. योगी जी की सरकार का एजेंडा बिल्‍कुल साफ है कि हम एक  पारदर्शी व्‍यवस्‍था दें. उस पारदर्शी व्‍यवस्‍था में ताकि निष्पक्ष नियुक्तियां हो सकें. जो योग्‍य अभ्‍यर्थी हैं, उनको स्‍थान मिल सके'. दरिया किनारे सन्‍नाटे में लगे अपने खेमों में ये छात्र रहते हैं. यहां से इनकी आवाज़ हुकूमत तक मीडिया के जरिये ही पहुंचती है. BTC और TET प्रशिक्षित लोग भी यहां नौकरी के लिए संघर्ष कर रहे हैं. यह कहते हैं कि बेसिक शिक्षा मंत्री ने इनसे कहा कि नौकरी नहीं मिल सकती, क्‍योंकि 65,000 शिक्षक ज्‍यादा हैं. इन्‍हें RTI से पता चला कि डेढ़ लाख शिक्षकों की कमी है. शिक्षक पद के उम्‍मीदवार विकास वर्मा ने कहा कि 'हम लोग 75,000 भर्तियों की मांग कर रहे हैं, लेकिन 90 दिन से ज्‍यादा हो गए हैं, लेकिन सरकार की तरफ से अभी तक न कोई आश्‍वासन मिला है, न ही इन्‍होंने अपना कोई वादा पूरा किया है'. नौकरी मांगने वालों की इस भीड़ में सिराज अपनी रोजी चला लेते हैं. यहां ठेले पर पानी बेचते हैं. कुछ कोल्‍ड ड्रिंक वगैरह भी बेच लेते हैं. इनके साथ रहते-रहते इन्‍हें भी सबकी तकलीफें पता चल गई हैं. ये खुद भी इनकी नौकरी के लिए दुआएं करते हैं. सिराज कहते हैं, 'इन लोगों के साथ इंसाफ होना चाहिए. इतने दिनों से भूखे-प्‍यासे बारिश में पड़े रहते हैं. लेकिन अगर इन लोगों को न्‍याय मिल जाएगा और ये यहां से चले जाएंगे तो आपका काम कैसे चलेगा, इस सवाल के जवाब में सिराज का कहना है कि 'यहां पर बहुत सारे लोग अपना दुख-दर्द लेकर आते रहते हैं. तकलीफ हम लोगों को भी होती है क‍ि बेचारे अपना घर छोड़कर यहां आते हैं. इतने-इतने दिन पड़े रहते हैं. सरकार इन लोगों की जल्‍दी सुनवाई करे.. इन लोगों का काम करे. हमको तो कोई और भी काम मिल जाएगा.. कर लेंगे'. नई सरकार में योग की बात आगे बढ़ी.. पीएम मोदी खुद उसमें शामिल हुए तो बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन की डिग्री वाले डेढ़ लाख लोगों की उम्‍मीद जागी कि उनकी नौकरी की मांग बढ़ेगी, लेकनि यहां तो जिन 32,000 लोगों का इम्तिहान हुआ, उनकी ही नौकरी खटाई में पड़ गई. बीपीएड संघर्ष मोर्चा के अध्‍यक्ष धीरेंद्र प्रताप यादव का कहना है कि 'एक तरफ तो माननीय योगी जी और माननीय प्रधानमंत्री जी योग को बढ़ावा देने के लिए 21 जून को योग दिवस मनाते हैं.. जमीन पर आकर खुद बैठते हैं.. जनता को ये दिखाने का प्रयास करते हैं कि हम योग को बढ़ावा देते हैं, लेकिन जब तक शारीरिक शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होगी, जो गरीब परिवारों के बच्‍चे स्‍कूल में पढ़ रहे हैं, उनको योग कैसे सिखाया जा सकता है'.टिप्पणियां नई सरकार का इल्‍जाम है कि अखिलेश सरकार के दौरान भर्तियों में बहुत बड़े पैमाने पर गड़बडि़यां हुई हैं. तमाम भर्तियों पर अदालतों ने रोक लगाई थी. यूपी पब्लिक सर्विस कमीशन के चेयरमैन को भी भर्तियों में घोटाले के इल्‍जाम में अदालत ने हटाया. ऐसे में इन भर्तियों में पारदर्शिता और ईमानदारी की जांच की जा रही है. भाजपा के मीडिया इंचार्ज हरीशचंद्र श्रीवास्‍तव ने कहा कि, 'जिस तरह का भ्रष्‍टाचार समाजवादी पार्टी की सरकार में नियुक्तियों को लेकर था, वह आम था. योग्‍य बच्‍चे कुंठित हो रहे थे. योगी जी की सरकार का एजेंडा बिल्‍कुल साफ है कि हम एक  पारदर्शी व्‍यवस्‍था दें. उस पारदर्शी व्‍यवस्‍था में ताकि निष्पक्ष नियुक्तियां हो सकें. जो योग्‍य अभ्‍यर्थी हैं, उनको स्‍थान मिल सके'. शिक्षक पद के उम्‍मीदवार विकास वर्मा ने कहा कि 'हम लोग 75,000 भर्तियों की मांग कर रहे हैं, लेकिन 90 दिन से ज्‍यादा हो गए हैं, लेकिन सरकार की तरफ से अभी तक न कोई आश्‍वासन मिला है, न ही इन्‍होंने अपना कोई वादा पूरा किया है'. नौकरी मांगने वालों की इस भीड़ में सिराज अपनी रोजी चला लेते हैं. यहां ठेले पर पानी बेचते हैं. कुछ कोल्‍ड ड्रिंक वगैरह भी बेच लेते हैं. इनके साथ रहते-रहते इन्‍हें भी सबकी तकलीफें पता चल गई हैं. ये खुद भी इनकी नौकरी के लिए दुआएं करते हैं. सिराज कहते हैं, 'इन लोगों के साथ इंसाफ होना चाहिए. इतने दिनों से भूखे-प्‍यासे बारिश में पड़े रहते हैं. लेकिन अगर इन लोगों को न्‍याय मिल जाएगा और ये यहां से चले जाएंगे तो आपका काम कैसे चलेगा, इस सवाल के जवाब में सिराज का कहना है कि 'यहां पर बहुत सारे लोग अपना दुख-दर्द लेकर आते रहते हैं. तकलीफ हम लोगों को भी होती है क‍ि बेचारे अपना घर छोड़कर यहां आते हैं. इतने-इतने दिन पड़े रहते हैं. सरकार इन लोगों की जल्‍दी सुनवाई करे.. इन लोगों का काम करे. हमको तो कोई और भी काम मिल जाएगा.. कर लेंगे'. नई सरकार में योग की बात आगे बढ़ी.. पीएम मोदी खुद उसमें शामिल हुए तो बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन की डिग्री वाले डेढ़ लाख लोगों की उम्‍मीद जागी कि उनकी नौकरी की मांग बढ़ेगी, लेकनि यहां तो जिन 32,000 लोगों का इम्तिहान हुआ, उनकी ही नौकरी खटाई में पड़ गई. बीपीएड संघर्ष मोर्चा के अध्‍यक्ष धीरेंद्र प्रताप यादव का कहना है कि 'एक तरफ तो माननीय योगी जी और माननीय प्रधानमंत्री जी योग को बढ़ावा देने के लिए 21 जून को योग दिवस मनाते हैं.. जमीन पर आकर खुद बैठते हैं.. जनता को ये दिखाने का प्रयास करते हैं कि हम योग को बढ़ावा देते हैं, लेकिन जब तक शारीरिक शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होगी, जो गरीब परिवारों के बच्‍चे स्‍कूल में पढ़ रहे हैं, उनको योग कैसे सिखाया जा सकता है'.टिप्पणियां नई सरकार का इल्‍जाम है कि अखिलेश सरकार के दौरान भर्तियों में बहुत बड़े पैमाने पर गड़बडि़यां हुई हैं. तमाम भर्तियों पर अदालतों ने रोक लगाई थी. यूपी पब्लिक सर्विस कमीशन के चेयरमैन को भी भर्तियों में घोटाले के इल्‍जाम में अदालत ने हटाया. ऐसे में इन भर्तियों में पारदर्शिता और ईमानदारी की जांच की जा रही है. भाजपा के मीडिया इंचार्ज हरीशचंद्र श्रीवास्‍तव ने कहा कि, 'जिस तरह का भ्रष्‍टाचार समाजवादी पार्टी की सरकार में नियुक्तियों को लेकर था, वह आम था. योग्‍य बच्‍चे कुंठित हो रहे थे. योगी जी की सरकार का एजेंडा बिल्‍कुल साफ है कि हम एक  पारदर्शी व्‍यवस्‍था दें. उस पारदर्शी व्‍यवस्‍था में ताकि निष्पक्ष नियुक्तियां हो सकें. जो योग्‍य अभ्‍यर्थी हैं, उनको स्‍थान मिल सके'. नौकरी मांगने वालों की इस भीड़ में सिराज अपनी रोजी चला लेते हैं. यहां ठेले पर पानी बेचते हैं. कुछ कोल्‍ड ड्रिंक वगैरह भी बेच लेते हैं. इनके साथ रहते-रहते इन्‍हें भी सबकी तकलीफें पता चल गई हैं. ये खुद भी इनकी नौकरी के लिए दुआएं करते हैं. सिराज कहते हैं, 'इन लोगों के साथ इंसाफ होना चाहिए. इतने दिनों से भूखे-प्‍यासे बारिश में पड़े रहते हैं. लेकिन अगर इन लोगों को न्‍याय मिल जाएगा और ये यहां से चले जाएंगे तो आपका काम कैसे चलेगा, इस सवाल के जवाब में सिराज का कहना है कि 'यहां पर बहुत सारे लोग अपना दुख-दर्द लेकर आते रहते हैं. तकलीफ हम लोगों को भी होती है क‍ि बेचारे अपना घर छोड़कर यहां आते हैं. इतने-इतने दिन पड़े रहते हैं. सरकार इन लोगों की जल्‍दी सुनवाई करे.. इन लोगों का काम करे. हमको तो कोई और भी काम मिल जाएगा.. कर लेंगे'. नई सरकार में योग की बात आगे बढ़ी.. पीएम मोदी खुद उसमें शामिल हुए तो बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन की डिग्री वाले डेढ़ लाख लोगों की उम्‍मीद जागी कि उनकी नौकरी की मांग बढ़ेगी, लेकनि यहां तो जिन 32,000 लोगों का इम्तिहान हुआ, उनकी ही नौकरी खटाई में पड़ गई. बीपीएड संघर्ष मोर्चा के अध्‍यक्ष धीरेंद्र प्रताप यादव का कहना है कि 'एक तरफ तो माननीय योगी जी और माननीय प्रधानमंत्री जी योग को बढ़ावा देने के लिए 21 जून को योग दिवस मनाते हैं.. जमीन पर आकर खुद बैठते हैं.. जनता को ये दिखाने का प्रयास करते हैं कि हम योग को बढ़ावा देते हैं, लेकिन जब तक शारीरिक शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होगी, जो गरीब परिवारों के बच्‍चे स्‍कूल में पढ़ रहे हैं, उनको योग कैसे सिखाया जा सकता है'.टिप्पणियां नई सरकार का इल्‍जाम है कि अखिलेश सरकार के दौरान भर्तियों में बहुत बड़े पैमाने पर गड़बडि़यां हुई हैं. तमाम भर्तियों पर अदालतों ने रोक लगाई थी. यूपी पब्लिक सर्विस कमीशन के चेयरमैन को भी भर्तियों में घोटाले के इल्‍जाम में अदालत ने हटाया. ऐसे में इन भर्तियों में पारदर्शिता और ईमानदारी की जांच की जा रही है. भाजपा के मीडिया इंचार्ज हरीशचंद्र श्रीवास्‍तव ने कहा कि, 'जिस तरह का भ्रष्‍टाचार समाजवादी पार्टी की सरकार में नियुक्तियों को लेकर था, वह आम था. योग्‍य बच्‍चे कुंठित हो रहे थे. योगी जी की सरकार का एजेंडा बिल्‍कुल साफ है कि हम एक  पारदर्शी व्‍यवस्‍था दें. उस पारदर्शी व्‍यवस्‍था में ताकि निष्पक्ष नियुक्तियां हो सकें. जो योग्‍य अभ्‍यर्थी हैं, उनको स्‍थान मिल सके'. नई सरकार में योग की बात आगे बढ़ी.. पीएम मोदी खुद उसमें शामिल हुए तो बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन की डिग्री वाले डेढ़ लाख लोगों की उम्‍मीद जागी कि उनकी नौकरी की मांग बढ़ेगी, लेकनि यहां तो जिन 32,000 लोगों का इम्तिहान हुआ, उनकी ही नौकरी खटाई में पड़ गई. बीपीएड संघर्ष मोर्चा के अध्‍यक्ष धीरेंद्र प्रताप यादव का कहना है कि 'एक तरफ तो माननीय योगी जी और माननीय प्रधानमंत्री जी योग को बढ़ावा देने के लिए 21 जून को योग दिवस मनाते हैं.. जमीन पर आकर खुद बैठते हैं.. जनता को ये दिखाने का प्रयास करते हैं कि हम योग को बढ़ावा देते हैं, लेकिन जब तक शारीरिक शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होगी, जो गरीब परिवारों के बच्‍चे स्‍कूल में पढ़ रहे हैं, उनको योग कैसे सिखाया जा सकता है'.टिप्पणियां नई सरकार का इल्‍जाम है कि अखिलेश सरकार के दौरान भर्तियों में बहुत बड़े पैमाने पर गड़बडि़यां हुई हैं. तमाम भर्तियों पर अदालतों ने रोक लगाई थी. यूपी पब्लिक सर्विस कमीशन के चेयरमैन को भी भर्तियों में घोटाले के इल्‍जाम में अदालत ने हटाया. ऐसे में इन भर्तियों में पारदर्शिता और ईमानदारी की जांच की जा रही है. भाजपा के मीडिया इंचार्ज हरीशचंद्र श्रीवास्‍तव ने कहा कि, 'जिस तरह का भ्रष्‍टाचार समाजवादी पार्टी की सरकार में नियुक्तियों को लेकर था, वह आम था. योग्‍य बच्‍चे कुंठित हो रहे थे. योगी जी की सरकार का एजेंडा बिल्‍कुल साफ है कि हम एक  पारदर्शी व्‍यवस्‍था दें. उस पारदर्शी व्‍यवस्‍था में ताकि निष्पक्ष नियुक्तियां हो सकें. जो योग्‍य अभ्‍यर्थी हैं, उनको स्‍थान मिल सके'. बीपीएड संघर्ष मोर्चा के अध्‍यक्ष धीरेंद्र प्रताप यादव का कहना है कि 'एक तरफ तो माननीय योगी जी और माननीय प्रधानमंत्री जी योग को बढ़ावा देने के लिए 21 जून को योग दिवस मनाते हैं.. जमीन पर आकर खुद बैठते हैं.. जनता को ये दिखाने का प्रयास करते हैं कि हम योग को बढ़ावा देते हैं, लेकिन जब तक शारीरिक शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होगी, जो गरीब परिवारों के बच्‍चे स्‍कूल में पढ़ रहे हैं, उनको योग कैसे सिखाया जा सकता है'.टिप्पणियां नई सरकार का इल्‍जाम है कि अखिलेश सरकार के दौरान भर्तियों में बहुत बड़े पैमाने पर गड़बडि़यां हुई हैं. तमाम भर्तियों पर अदालतों ने रोक लगाई थी. यूपी पब्लिक सर्विस कमीशन के चेयरमैन को भी भर्तियों में घोटाले के इल्‍जाम में अदालत ने हटाया. ऐसे में इन भर्तियों में पारदर्शिता और ईमानदारी की जांच की जा रही है. भाजपा के मीडिया इंचार्ज हरीशचंद्र श्रीवास्‍तव ने कहा कि, 'जिस तरह का भ्रष्‍टाचार समाजवादी पार्टी की सरकार में नियुक्तियों को लेकर था, वह आम था. योग्‍य बच्‍चे कुंठित हो रहे थे. योगी जी की सरकार का एजेंडा बिल्‍कुल साफ है कि हम एक  पारदर्शी व्‍यवस्‍था दें. उस पारदर्शी व्‍यवस्‍था में ताकि निष्पक्ष नियुक्तियां हो सकें. जो योग्‍य अभ्‍यर्थी हैं, उनको स्‍थान मिल सके'. नई सरकार का इल्‍जाम है कि अखिलेश सरकार के दौरान भर्तियों में बहुत बड़े पैमाने पर गड़बडि़यां हुई हैं. तमाम भर्तियों पर अदालतों ने रोक लगाई थी. यूपी पब्लिक सर्विस कमीशन के चेयरमैन को भी भर्तियों में घोटाले के इल्‍जाम में अदालत ने हटाया. ऐसे में इन भर्तियों में पारदर्शिता और ईमानदारी की जांच की जा रही है. भाजपा के मीडिया इंचार्ज हरीशचंद्र श्रीवास्‍तव ने कहा कि, 'जिस तरह का भ्रष्‍टाचार समाजवादी पार्टी की सरकार में नियुक्तियों को लेकर था, वह आम था. योग्‍य बच्‍चे कुंठित हो रहे थे. योगी जी की सरकार का एजेंडा बिल्‍कुल साफ है कि हम एक  पारदर्शी व्‍यवस्‍था दें. उस पारदर्शी व्‍यवस्‍था में ताकि निष्पक्ष नियुक्तियां हो सकें. जो योग्‍य अभ्‍यर्थी हैं, उनको स्‍थान मिल सके'. भाजपा के मीडिया इंचार्ज हरीशचंद्र श्रीवास्‍तव ने कहा कि, 'जिस तरह का भ्रष्‍टाचार समाजवादी पार्टी की सरकार में नियुक्तियों को लेकर था, वह आम था. योग्‍य बच्‍चे कुंठित हो रहे थे. योगी जी की सरकार का एजेंडा बिल्‍कुल साफ है कि हम एक  पारदर्शी व्‍यवस्‍था दें. उस पारदर्शी व्‍यवस्‍था में ताकि निष्पक्ष नियुक्तियां हो सकें. जो योग्‍य अभ्‍यर्थी हैं, उनको स्‍थान मिल सके'.
संक्षिप्त सारांश: ये लोग मीडिया और सरकार से हताश हो रहे हैं कि कोई उनकी सुन नहीं रहा है. हम सभी विद्यार्थियों का भविष्‍य अधर में डूबा है- उम्‍मीदवार सूरज पांडे योगी सरकार का एजेंडा साफ है कि हम पारदर्शी व्‍यवस्‍था दें- हरीशचंंद्र
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['hin']
एक सारांश बनाओ: विनोद खन्‍ना और अमिताभ बच्‍चन के बीच की प्रतिद्वंद्विता को उस समय के मीडिया की उपज कहें या फिर इसके पीछे सच्‍चाई थी, यह कहना तो थोड़ा मुश्किल है, लेकिन गुरुवार को विनोद खन्‍ना के निधन के बाद अमिताभ बच्‍चन ने लिखे अपने ब्‍लॉग में साफ कर दिया है कि बॉलीवुड के इस 'हैंडसम हंक' के जादू से खुद अमिताभ भी नहीं बच सके थे. अमिताभ बच्‍चन ने विनोद खन्‍ना के निधन के बाद लिखे ब्‍लॉग में उनके प्रति अपना प्‍यार, अपनी इज्‍जत और दिवानापन, सब एकसाथ जाहिर किया है. अमिताभ ने यह भी बताया कि कैसे उस समय मुंबई के इकलौते नाइटक्‍लब में, जिसमें विनोद खन्‍ना सदस्‍य थे, विनोद खन्‍ना ने अमिताभ की एंट्री करायी. अमिताभ ने अपने ब्‍लॉग में कहा है कि वह और विनोद खन्‍ना ने लगभग एक ही समय में अपना बॉलीवुड सफर शुरू किया और उन्‍होंने साथ में कई सुपरहिट फिल्‍में दी हैं. अपनी और अमिताभ बच्‍चन की बीच के मुकाबले पर विनोद खन्‍ना ने सला 2006 में एनडीटीवी को दिए अपने एक इंटरव्‍यू में कहा था, 'मुझे लगता है यह प्रतिद्वंद्विता मीडिया ने तैयार की है. हम दोस्‍त थे और हम अभी भी दोस्‍त हैं.' विनोद खन्‍ना के बारे में लिखते हुए अमिताभ बच्‍चन ने अपने ब्‍लॉग में लिखा, 'मैंने सबसे पहले उन्‍हें बांद्रा स्थित सुनील दत्‍त के ऑफिस अजंता आर्ट्स में अंदर जाते हुए देखा, जहां मैं भी अपने लिए काम मांगने की उम्‍मीद से गया था. मोस्‍ट गुड लुकिंग हैंडसम यंग मैन. उनका शरीर गठीला था, उनकी चाल की अनूठी अदा और उन्‍होंने एक खूबसूरत मुस्‍कान के साथ मेरी तरफ देखा. वह अजंता आर्ट्स में अपनी फिल्‍म 'मन का मीत' पर काम कर रहे थे और मैं एक रोल पाने के लिए संघर्ष कर रहा था, कोई भी, कैसा भी कहीं भी...'   अमिताभ बच्‍चन ने अपनी और विनोद खन्‍ना की पहली फिल्‍म 'रेश्‍मा और शेरा' के दिनों का भी जिक्र किया है. अमिताभ ने शूटिंग के दौरान के कई अनुभव अपने ब्‍लॉग में लिखे हैं कि कैसे अमिताभ, विनोद खन्‍ना, रंजीत, थापा साहेब, अली राजा साहेब लगभग 7 लोग इस फिल्‍म की शूटिंग के लिए जैसलमेंर के एक ही टैंट में  रुके थे और बाद में उन्‍हें अमरीश पुरी ने भी जॉइन किया... अमिताभ बच्‍चन लिखा, 'वह मुझे उस समय होटल ताज में बने शहर के इकलौते नाइट क्‍लब में ले गए, जहां के वह सदस्‍य थे और मैं दूर-दूर तक इसके बारे में सोच भी नहीं सकता था. उनकी गीतांजली से शादी जिसे हम सब प्‍यार से गित्‍ली कहते थे, उनके बच्‍चों के जन्‍म, राहुल और अक्षय, जो अक्‍सर फिल्‍म 'अमर अकबर एंथनी' की शूटिंग पर आया करते थे...'   अमिताभ ने अपने ब्‍लॉग में लिखा, 'वह बड़े स्‍टार थे लेकिन बहुत ही विनम्र और लोगों की मदद करने वाले थे. वह मुझे अपनी नई पीली कार में घुमाने ले गए थे. उन्‍होंने लिखा, 'उदयपुर में एक शूटिंग के दौरान हमें एक होटल में दूर-दूर कमरे मिले. मैंने उन्‍हें आधी रात में फोन कर बुलाया और अपने अकेलेपन के बारे में बताया तो उन्‍होंने मुझे अपने कमरे में बुला लिया. एक नए कलाकार की तरह मैं सोच भी नहीं सकता था कि एक सुपरस्‍टार मेरे साथ इस तरह व्‍यवहार करेगा.'   अमिताभ बच्‍चन और विनोद खन्‍ना 70 और 80 के दशक की कई फिल्‍मों में साथ नजर आ चुके हैं. अमिताभ बच्‍चन और विनोद खन्‍ना ने फिल्‍म 'रेश्‍मा और शेरा' में पहली बार साथ काम किया. इसके अलावा यह जोड़ी फिल्‍म 'हेरा फेरी', 'परवरिश' और 'मुकद्दर का सिकंदर' जैसी फिल्‍मों में नजर आ चुके हैं. इस जोड़ी ने उस दशक की सबसे प्रसिद्ध फिल्‍म 'अमर अकबर एंथनी' में भी साथ काम किया था. एक जमाने में अभिताभ बच्‍चन और विनोद खन्‍ना को एक दूसरे का सबसे बड़ा प्रतिद्वंदी माना जाता था. अमिताभ बच्‍चन ने अपने फेसबुक पोस्‍ट पर भी एक कविता के माध्‍यम से उन्‍हें अपनी श्रद्धांजति प्रस्‍तुत की.टिप्पणियां अमिताभ ने अपने ब्‍लॉग के आखिर में लिखा, 'और इस दोपहर को यह 48 सालों का साथ खत्‍म हो गया... यह व्‍यक्ति, यह दोस्‍त, यह साथी, यह अदा से मुस्‍कुराता इंसान हमेशा के लिए चला गया...  किसी ने यह रास्‍ता उनकी तरह तय नहीं किया, एक भीड़ भरे कमरे में उनकी जैसी उपस्थिति किसी की नहीं थी, कोई उनकी तरह अपने आसपास खुशियां फैलाता था, जैसे वह करते थे... ' अपनी और अमिताभ बच्‍चन की बीच के मुकाबले पर विनोद खन्‍ना ने सला 2006 में एनडीटीवी को दिए अपने एक इंटरव्‍यू में कहा था, 'मुझे लगता है यह प्रतिद्वंद्विता मीडिया ने तैयार की है. हम दोस्‍त थे और हम अभी भी दोस्‍त हैं.' विनोद खन्‍ना के बारे में लिखते हुए अमिताभ बच्‍चन ने अपने ब्‍लॉग में लिखा, 'मैंने सबसे पहले उन्‍हें बांद्रा स्थित सुनील दत्‍त के ऑफिस अजंता आर्ट्स में अंदर जाते हुए देखा, जहां मैं भी अपने लिए काम मांगने की उम्‍मीद से गया था. मोस्‍ट गुड लुकिंग हैंडसम यंग मैन. उनका शरीर गठीला था, उनकी चाल की अनूठी अदा और उन्‍होंने एक खूबसूरत मुस्‍कान के साथ मेरी तरफ देखा. वह अजंता आर्ट्स में अपनी फिल्‍म 'मन का मीत' पर काम कर रहे थे और मैं एक रोल पाने के लिए संघर्ष कर रहा था, कोई भी, कैसा भी कहीं भी...'   अमिताभ बच्‍चन ने अपनी और विनोद खन्‍ना की पहली फिल्‍म 'रेश्‍मा और शेरा' के दिनों का भी जिक्र किया है. अमिताभ ने शूटिंग के दौरान के कई अनुभव अपने ब्‍लॉग में लिखे हैं कि कैसे अमिताभ, विनोद खन्‍ना, रंजीत, थापा साहेब, अली राजा साहेब लगभग 7 लोग इस फिल्‍म की शूटिंग के लिए जैसलमेंर के एक ही टैंट में  रुके थे और बाद में उन्‍हें अमरीश पुरी ने भी जॉइन किया... अमिताभ बच्‍चन लिखा, 'वह मुझे उस समय होटल ताज में बने शहर के इकलौते नाइट क्‍लब में ले गए, जहां के वह सदस्‍य थे और मैं दूर-दूर तक इसके बारे में सोच भी नहीं सकता था. उनकी गीतांजली से शादी जिसे हम सब प्‍यार से गित्‍ली कहते थे, उनके बच्‍चों के जन्‍म, राहुल और अक्षय, जो अक्‍सर फिल्‍म 'अमर अकबर एंथनी' की शूटिंग पर आया करते थे...'   अमिताभ ने अपने ब्‍लॉग में लिखा, 'वह बड़े स्‍टार थे लेकिन बहुत ही विनम्र और लोगों की मदद करने वाले थे. वह मुझे अपनी नई पीली कार में घुमाने ले गए थे. उन्‍होंने लिखा, 'उदयपुर में एक शूटिंग के दौरान हमें एक होटल में दूर-दूर कमरे मिले. मैंने उन्‍हें आधी रात में फोन कर बुलाया और अपने अकेलेपन के बारे में बताया तो उन्‍होंने मुझे अपने कमरे में बुला लिया. एक नए कलाकार की तरह मैं सोच भी नहीं सकता था कि एक सुपरस्‍टार मेरे साथ इस तरह व्‍यवहार करेगा.'   अमिताभ बच्‍चन और विनोद खन्‍ना 70 और 80 के दशक की कई फिल्‍मों में साथ नजर आ चुके हैं. अमिताभ बच्‍चन और विनोद खन्‍ना ने फिल्‍म 'रेश्‍मा और शेरा' में पहली बार साथ काम किया. इसके अलावा यह जोड़ी फिल्‍म 'हेरा फेरी', 'परवरिश' और 'मुकद्दर का सिकंदर' जैसी फिल्‍मों में नजर आ चुके हैं. इस जोड़ी ने उस दशक की सबसे प्रसिद्ध फिल्‍म 'अमर अकबर एंथनी' में भी साथ काम किया था. एक जमाने में अभिताभ बच्‍चन और विनोद खन्‍ना को एक दूसरे का सबसे बड़ा प्रतिद्वंदी माना जाता था. अमिताभ बच्‍चन ने अपने फेसबुक पोस्‍ट पर भी एक कविता के माध्‍यम से उन्‍हें अपनी श्रद्धांजति प्रस्‍तुत की.टिप्पणियां अमिताभ ने अपने ब्‍लॉग के आखिर में लिखा, 'और इस दोपहर को यह 48 सालों का साथ खत्‍म हो गया... यह व्‍यक्ति, यह दोस्‍त, यह साथी, यह अदा से मुस्‍कुराता इंसान हमेशा के लिए चला गया...  किसी ने यह रास्‍ता उनकी तरह तय नहीं किया, एक भीड़ भरे कमरे में उनकी जैसी उपस्थिति किसी की नहीं थी, कोई उनकी तरह अपने आसपास खुशियां फैलाता था, जैसे वह करते थे... ' अमिताभ बच्‍चन लिखा, 'वह मुझे उस समय होटल ताज में बने शहर के इकलौते नाइट क्‍लब में ले गए, जहां के वह सदस्‍य थे और मैं दूर-दूर तक इसके बारे में सोच भी नहीं सकता था. उनकी गीतांजली से शादी जिसे हम सब प्‍यार से गित्‍ली कहते थे, उनके बच्‍चों के जन्‍म, राहुल और अक्षय, जो अक्‍सर फिल्‍म 'अमर अकबर एंथनी' की शूटिंग पर आया करते थे...'   अमिताभ ने अपने ब्‍लॉग में लिखा, 'वह बड़े स्‍टार थे लेकिन बहुत ही विनम्र और लोगों की मदद करने वाले थे. वह मुझे अपनी नई पीली कार में घुमाने ले गए थे. उन्‍होंने लिखा, 'उदयपुर में एक शूटिंग के दौरान हमें एक होटल में दूर-दूर कमरे मिले. मैंने उन्‍हें आधी रात में फोन कर बुलाया और अपने अकेलेपन के बारे में बताया तो उन्‍होंने मुझे अपने कमरे में बुला लिया. एक नए कलाकार की तरह मैं सोच भी नहीं सकता था कि एक सुपरस्‍टार मेरे साथ इस तरह व्‍यवहार करेगा.'   अमिताभ बच्‍चन और विनोद खन्‍ना 70 और 80 के दशक की कई फिल्‍मों में साथ नजर आ चुके हैं. अमिताभ बच्‍चन और विनोद खन्‍ना ने फिल्‍म 'रेश्‍मा और शेरा' में पहली बार साथ काम किया. इसके अलावा यह जोड़ी फिल्‍म 'हेरा फेरी', 'परवरिश' और 'मुकद्दर का सिकंदर' जैसी फिल्‍मों में नजर आ चुके हैं. इस जोड़ी ने उस दशक की सबसे प्रसिद्ध फिल्‍म 'अमर अकबर एंथनी' में भी साथ काम किया था. एक जमाने में अभिताभ बच्‍चन और विनोद खन्‍ना को एक दूसरे का सबसे बड़ा प्रतिद्वंदी माना जाता था. अमिताभ बच्‍चन ने अपने फेसबुक पोस्‍ट पर भी एक कविता के माध्‍यम से उन्‍हें अपनी श्रद्धांजति प्रस्‍तुत की.टिप्पणियां अमिताभ ने अपने ब्‍लॉग के आखिर में लिखा, 'और इस दोपहर को यह 48 सालों का साथ खत्‍म हो गया... यह व्‍यक्ति, यह दोस्‍त, यह साथी, यह अदा से मुस्‍कुराता इंसान हमेशा के लिए चला गया...  किसी ने यह रास्‍ता उनकी तरह तय नहीं किया, एक भीड़ भरे कमरे में उनकी जैसी उपस्थिति किसी की नहीं थी, कोई उनकी तरह अपने आसपास खुशियां फैलाता था, जैसे वह करते थे... ' अमिताभ बच्‍चन और विनोद खन्‍ना 70 और 80 के दशक की कई फिल्‍मों में साथ नजर आ चुके हैं. अमिताभ बच्‍चन और विनोद खन्‍ना ने फिल्‍म 'रेश्‍मा और शेरा' में पहली बार साथ काम किया. इसके अलावा यह जोड़ी फिल्‍म 'हेरा फेरी', 'परवरिश' और 'मुकद्दर का सिकंदर' जैसी फिल्‍मों में नजर आ चुके हैं. इस जोड़ी ने उस दशक की सबसे प्रसिद्ध फिल्‍म 'अमर अकबर एंथनी' में भी साथ काम किया था. एक जमाने में अभिताभ बच्‍चन और विनोद खन्‍ना को एक दूसरे का सबसे बड़ा प्रतिद्वंदी माना जाता था. अमिताभ बच्‍चन ने अपने फेसबुक पोस्‍ट पर भी एक कविता के माध्‍यम से उन्‍हें अपनी श्रद्धांजति प्रस्‍तुत की.टिप्पणियां अमिताभ ने अपने ब्‍लॉग के आखिर में लिखा, 'और इस दोपहर को यह 48 सालों का साथ खत्‍म हो गया... यह व्‍यक्ति, यह दोस्‍त, यह साथी, यह अदा से मुस्‍कुराता इंसान हमेशा के लिए चला गया...  किसी ने यह रास्‍ता उनकी तरह तय नहीं किया, एक भीड़ भरे कमरे में उनकी जैसी उपस्थिति किसी की नहीं थी, कोई उनकी तरह अपने आसपास खुशियां फैलाता था, जैसे वह करते थे... ' अमिताभ बच्‍चन ने अपने फेसबुक पोस्‍ट पर भी एक कविता के माध्‍यम से उन्‍हें अपनी श्रद्धांजति प्रस्‍तुत की.टिप्पणियां अमिताभ ने अपने ब्‍लॉग के आखिर में लिखा, 'और इस दोपहर को यह 48 सालों का साथ खत्‍म हो गया... यह व्‍यक्ति, यह दोस्‍त, यह साथी, यह अदा से मुस्‍कुराता इंसान हमेशा के लिए चला गया...  किसी ने यह रास्‍ता उनकी तरह तय नहीं किया, एक भीड़ भरे कमरे में उनकी जैसी उपस्थिति किसी की नहीं थी, कोई उनकी तरह अपने आसपास खुशियां फैलाता था, जैसे वह करते थे... ' अमिताभ ने अपने ब्‍लॉग के आखिर में लिखा, 'और इस दोपहर को यह 48 सालों का साथ खत्‍म हो गया... यह व्‍यक्ति, यह दोस्‍त, यह साथी, यह अदा से मुस्‍कुराता इंसान हमेशा के लिए चला गया...  किसी ने यह रास्‍ता उनकी तरह तय नहीं किया, एक भीड़ भरे कमरे में उनकी जैसी उपस्थिति किसी की नहीं थी, कोई उनकी तरह अपने आसपास खुशियां फैलाता था, जैसे वह करते थे... ' अमिताभ ने अपने ब्‍लॉग के आखिर में लिखा, 'और इस दोपहर को यह 48 सालों का साथ खत्‍म हो गया... यह व्‍यक्ति, यह दोस्‍त, यह साथी, यह अदा से मुस्‍कुराता इंसान हमेशा के लिए चला गया...  किसी ने यह रास्‍ता उनकी तरह तय नहीं किया, एक भीड़ भरे कमरे में उनकी जैसी उपस्थिति किसी की नहीं थी, कोई उनकी तरह अपने आसपास खुशियां फैलाता था, जैसे वह करते थे... '
संक्षिप्त सारांश: अमिताभ बच्‍चन ने अपने ब्‍लॉग में किया विनोद खन्‍ना के किस्‍सों का जिक्र विनोद खन्‍ना ने अपनी पीली बीटल कार में कराई थी अमिताभ को सैर अमिताभ ने लिखा, 'आज दोपहर में 48 सालों का साथ खत्‍म हो गया'
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['hin']
एक सारांश बनाओ: विद्या पिल्लै और अरांत्जा सांचिस की भारतीय महिला जोड़ी ने आयरलैंड के कारला में हांगकांग की जोड़ी को हराकर 2013 आईबीएसएफ विश्व 6 रेड स्नूकर चैम्पियनशिप का खिताब जीत लिया। भारत को चित्रा मागीमाइराजन और वर्षा संजीव ने भी महिला टीम स्पर्धा में कांस्य पदक दिलाया जबकि शिवम अरोड़ा ने पुरुष व्यक्तिगत स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। पिल्लै और सांचिस की छठी वरीय जोड़ी ने दो बार ही आईबीएसएफ चैम्पियन एनजी ओ यी और सो मान यू की हांगकांग की जोड़ी को फाइनल में 3-2 (23-74, 68-41, 51-46, 4-64, 53-36) से हराया। इस भारतीय जोड़ी ने इससे पहले इंग्लैंड को 2-1 से हराया था।टिप्पणियां चित्रा और वर्षा को सेमीफाइनल में एनजी ओ यी और सो मान यू की जोड़ी के हाथों शिकस्त के साथ कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा था। पुरुष व्यक्तिगत वर्ग में शिव आरोड़ा को सेमीफाइनल में वेल्स के डुआन जोन्स के हाथों 5-2 की शिकस्त के बाद कांस्य पदक मिला। भारत को चित्रा मागीमाइराजन और वर्षा संजीव ने भी महिला टीम स्पर्धा में कांस्य पदक दिलाया जबकि शिवम अरोड़ा ने पुरुष व्यक्तिगत स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। पिल्लै और सांचिस की छठी वरीय जोड़ी ने दो बार ही आईबीएसएफ चैम्पियन एनजी ओ यी और सो मान यू की हांगकांग की जोड़ी को फाइनल में 3-2 (23-74, 68-41, 51-46, 4-64, 53-36) से हराया। इस भारतीय जोड़ी ने इससे पहले इंग्लैंड को 2-1 से हराया था।टिप्पणियां चित्रा और वर्षा को सेमीफाइनल में एनजी ओ यी और सो मान यू की जोड़ी के हाथों शिकस्त के साथ कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा था। पुरुष व्यक्तिगत वर्ग में शिव आरोड़ा को सेमीफाइनल में वेल्स के डुआन जोन्स के हाथों 5-2 की शिकस्त के बाद कांस्य पदक मिला। पिल्लै और सांचिस की छठी वरीय जोड़ी ने दो बार ही आईबीएसएफ चैम्पियन एनजी ओ यी और सो मान यू की हांगकांग की जोड़ी को फाइनल में 3-2 (23-74, 68-41, 51-46, 4-64, 53-36) से हराया। इस भारतीय जोड़ी ने इससे पहले इंग्लैंड को 2-1 से हराया था।टिप्पणियां चित्रा और वर्षा को सेमीफाइनल में एनजी ओ यी और सो मान यू की जोड़ी के हाथों शिकस्त के साथ कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा था। पुरुष व्यक्तिगत वर्ग में शिव आरोड़ा को सेमीफाइनल में वेल्स के डुआन जोन्स के हाथों 5-2 की शिकस्त के बाद कांस्य पदक मिला। चित्रा और वर्षा को सेमीफाइनल में एनजी ओ यी और सो मान यू की जोड़ी के हाथों शिकस्त के साथ कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा था। पुरुष व्यक्तिगत वर्ग में शिव आरोड़ा को सेमीफाइनल में वेल्स के डुआन जोन्स के हाथों 5-2 की शिकस्त के बाद कांस्य पदक मिला। पुरुष व्यक्तिगत वर्ग में शिव आरोड़ा को सेमीफाइनल में वेल्स के डुआन जोन्स के हाथों 5-2 की शिकस्त के बाद कांस्य पदक मिला।
संक्षिप्त पाठ: विद्या पिल्लै और अरांत्जा सांचिस की भारतीय महिला जोड़ी ने आयरलैंड के कारला में हांगकांग की जोड़ी को हराकर 2013 आईबीएसएफ विश्व 6 रेड स्नूकर चैम्पियनशिप का खिताब जीत लिया।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: भले ही यह सुनने में कुछ अजीब लगे पर चरित्र अभिनेता अन्नू कपूर का कहना है कि वह कभी फिल्में नही देखते। कई फिल्मों में अपनी भूमिका के लिए प्रशंसा हासिल कर चुके अन्नू कपूर ने कहा कि वह कभी भी हिन्दी और अंग्रेजी की फिल्में या थिएटेर नहीं देखते। उन्होंने कहा कि ऐसा करने के पीछे कोई विशेष कारण नहीं है पर वह इन सबसे बोर हो जाते हैं। जब उनसे यह पूछा गया कि क्या फिल्म जगत में उनके साथ काम करने वालों को यह पता है कि वह फिल्में नहीं देखते, अन्नू ने कहा कि उनको इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि वह ऐसे इंसान नहीं हैं, जो लोगों से जाकर उनकी राय पूछे या दूसरों पर अपनी राय को थोपने की कोशिश करें। अन्नू कपूर ने बहुत सारी फिल्मों में काम किया है। उनकी प्रमुख फिल्मों में ’मिस्टर इंडिया’ भी है, जिसमें उन्होंने एक अखबार के संपादक की भूमिका निभाई है और फिल्म की हीरोइन श्रीदेवी एक रिपोर्टर है। इसके अलावा अमिताभ बच्चन की फिल्म 'मैं आजाद हूं' और पंकज पराशर की 'चालबाज' में भी अन्नू कपूर ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। टिप्पणियां चरित्र अभिनेता ने कहा कि उन्हें इस बात पर गर्व है कि वह बहुत साल पहले टेलीविजन पर आने वाले मशहूर संगीत शो 'अंताक्षरी' के सह-मेजबान थे। इस शो की खासियत यह रही कि अन्नू लगातार इसके पुरुष मेजबान रहे, जबकि महिला मेजबान बदलती रही। अन्नू ने कहा कि इस शो को बंद हुए लगभग आठ साल हो गए है पर अभी तक यह लोगों के दिलों में बसता है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि आजकल जितने भी संगीत शो टीवी पर आ रहे हैं, उन सबको प्रेरणा एक तरह से 'अंताक्षरी' से ही मिली है। अन्नू ने कहा कि समय बदलने के साथ हिन्दी फिल्मों में भी बदलाव आया है और अब पृथ्वीराज कपूर और बलराज साहनी जैसे कलाकार नहीं रहे, जो समाज के प्रति प्रतिबद्ध थे। उन्होंने कहा कि ऐसा करने के पीछे कोई विशेष कारण नहीं है पर वह इन सबसे बोर हो जाते हैं। जब उनसे यह पूछा गया कि क्या फिल्म जगत में उनके साथ काम करने वालों को यह पता है कि वह फिल्में नहीं देखते, अन्नू ने कहा कि उनको इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि वह ऐसे इंसान नहीं हैं, जो लोगों से जाकर उनकी राय पूछे या दूसरों पर अपनी राय को थोपने की कोशिश करें। अन्नू कपूर ने बहुत सारी फिल्मों में काम किया है। उनकी प्रमुख फिल्मों में ’मिस्टर इंडिया’ भी है, जिसमें उन्होंने एक अखबार के संपादक की भूमिका निभाई है और फिल्म की हीरोइन श्रीदेवी एक रिपोर्टर है। इसके अलावा अमिताभ बच्चन की फिल्म 'मैं आजाद हूं' और पंकज पराशर की 'चालबाज' में भी अन्नू कपूर ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। टिप्पणियां चरित्र अभिनेता ने कहा कि उन्हें इस बात पर गर्व है कि वह बहुत साल पहले टेलीविजन पर आने वाले मशहूर संगीत शो 'अंताक्षरी' के सह-मेजबान थे। इस शो की खासियत यह रही कि अन्नू लगातार इसके पुरुष मेजबान रहे, जबकि महिला मेजबान बदलती रही। अन्नू ने कहा कि इस शो को बंद हुए लगभग आठ साल हो गए है पर अभी तक यह लोगों के दिलों में बसता है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि आजकल जितने भी संगीत शो टीवी पर आ रहे हैं, उन सबको प्रेरणा एक तरह से 'अंताक्षरी' से ही मिली है। अन्नू ने कहा कि समय बदलने के साथ हिन्दी फिल्मों में भी बदलाव आया है और अब पृथ्वीराज कपूर और बलराज साहनी जैसे कलाकार नहीं रहे, जो समाज के प्रति प्रतिबद्ध थे। अन्नू कपूर ने बहुत सारी फिल्मों में काम किया है। उनकी प्रमुख फिल्मों में ’मिस्टर इंडिया’ भी है, जिसमें उन्होंने एक अखबार के संपादक की भूमिका निभाई है और फिल्म की हीरोइन श्रीदेवी एक रिपोर्टर है। इसके अलावा अमिताभ बच्चन की फिल्म 'मैं आजाद हूं' और पंकज पराशर की 'चालबाज' में भी अन्नू कपूर ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। टिप्पणियां चरित्र अभिनेता ने कहा कि उन्हें इस बात पर गर्व है कि वह बहुत साल पहले टेलीविजन पर आने वाले मशहूर संगीत शो 'अंताक्षरी' के सह-मेजबान थे। इस शो की खासियत यह रही कि अन्नू लगातार इसके पुरुष मेजबान रहे, जबकि महिला मेजबान बदलती रही। अन्नू ने कहा कि इस शो को बंद हुए लगभग आठ साल हो गए है पर अभी तक यह लोगों के दिलों में बसता है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि आजकल जितने भी संगीत शो टीवी पर आ रहे हैं, उन सबको प्रेरणा एक तरह से 'अंताक्षरी' से ही मिली है। अन्नू ने कहा कि समय बदलने के साथ हिन्दी फिल्मों में भी बदलाव आया है और अब पृथ्वीराज कपूर और बलराज साहनी जैसे कलाकार नहीं रहे, जो समाज के प्रति प्रतिबद्ध थे। चरित्र अभिनेता ने कहा कि उन्हें इस बात पर गर्व है कि वह बहुत साल पहले टेलीविजन पर आने वाले मशहूर संगीत शो 'अंताक्षरी' के सह-मेजबान थे। इस शो की खासियत यह रही कि अन्नू लगातार इसके पुरुष मेजबान रहे, जबकि महिला मेजबान बदलती रही। अन्नू ने कहा कि इस शो को बंद हुए लगभग आठ साल हो गए है पर अभी तक यह लोगों के दिलों में बसता है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि आजकल जितने भी संगीत शो टीवी पर आ रहे हैं, उन सबको प्रेरणा एक तरह से 'अंताक्षरी' से ही मिली है। अन्नू ने कहा कि समय बदलने के साथ हिन्दी फिल्मों में भी बदलाव आया है और अब पृथ्वीराज कपूर और बलराज साहनी जैसे कलाकार नहीं रहे, जो समाज के प्रति प्रतिबद्ध थे। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि आजकल जितने भी संगीत शो टीवी पर आ रहे हैं, उन सबको प्रेरणा एक तरह से 'अंताक्षरी' से ही मिली है। अन्नू ने कहा कि समय बदलने के साथ हिन्दी फिल्मों में भी बदलाव आया है और अब पृथ्वीराज कपूर और बलराज साहनी जैसे कलाकार नहीं रहे, जो समाज के प्रति प्रतिबद्ध थे।
यहाँ एक सारांश है:भले ही यह सुनने में कुछ अजीब लगे पर कई फिल्मों में अपनी भूमिका के लिए प्रशंसा हासिल कर चुके चरित्र अभिनेता अन्नू कपूर का कहना है कि वह कभी भी फिल्म या थिएटेर नहीं देखते।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: मजबूत वैश्विक रुख के बीच चौतरफा लिवाली के चलते दिल्ली सर्राफा बाजार में गुरुवार को सोने के भाव 26,490 रु. प्रति दस ग्राम की नई ऊंचाई को छू गए। सोने में छह कारोबारी सत्रों से तेजी जारी है। गुरुवार को यह 435 रु. चढ़कर 26,490 रु. प्रति दस ग्राम हो गया। इस तेजी का मुख्य कारण अमेरिका और यूरोप में गहराते रिण संकट के कारण सोने में निवेश को सुरक्षित माना जा रहा है। आभूषण निर्माताओं ने कहा कि दुनियां भर के शेयर बाजारों में आई गिरावट के कारण निवेशकों ने वैकल्पिक निवेश के तौर पर सर्राफा बाजार में अपनी पूंजी झोक दी है जिसके कारण बाजार धारणा में और तेजी आई है। सटोरियां लिवाली के चलते चांदी के भाव 1100 रु. की तेजी के साथ 59,200 रु. किलो हो गए। वैश्विक बाजार में सोने के भाव 1.2 प्रतिशत चढ़कर 1814.95 डॉलर प्रति औंस तक जा पहुंचे। घरेलू बाजार में सोना 99.9 शुद्ध और 99.5 शुद्ध के भाव 435 रु. की तेजी के साथ क्रमश: 26,490 रु. और 26,370 रु. प्रति दस ग्राम बंद हुए। गिन्नी के भाव 100 रु. चढकर 21000 रु. प्रति आठ ग्राम बंद हुए। चांदी तैयार के भाव 1100 रु. की तेजी के साथ 59,200 रु. और चांदी साप्ताहिक डिलीवरी के भाव 1040 रु. चढ़कर 58,440 रु. प्रति किलो बंद हुए। चांदी सिक्का के भाव पूर्वस्तर 66,000 :67,000रु. प्रति सैकंड़ा अपरिवर्तित बंद हुए।
सारांश: मजबूत वैश्विक रुख के बीच चौतरफा लिवाली के चलते दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने के भाव 26,490 रु. प्रति दस ग्राम की नई ऊंचाई को छू गए।
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: आगामी 31 अगस्त से रेल यात्रा के लिए ऑनलाइन टिकट बुक कराने पर यात्रियों को 10 लाख रुपये तक का यात्रा बीमा कवर मिलेगा. इसके लिए उन्‍हें एक रुपये से भी कम का प्रीमियम भुगतान करना होगा. रेल मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि 31 अगस्त से आईआरसीटीसी की वेबसाइट के जरिये यात्रा का टिकट बुक कराने पर यात्रियों को यात्रा बीमा कवर का विकल्प मिलेगा. इसके लिए उन्‍हें सिर्फ 92 पैसे का प्रीमियम देना होगा. रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने अपने रेल बजट भाषण में घोषणा की थी कि रेलवे यात्रियों को वैकल्पिक यात्रा बीमा कवर की सुविधा उपलब्ध कराएगी. यह नई सुविधा सभी यात्रियों को उपलब्ध होगी. उपनगरीय ट्रेनों पर यह सुविधा नहीं मिलेगी. किसी भी श्रेणी में यह सुविधा उपलब्ध होगी. इसकी शुरुआत परीक्षण के आधार पर की जाएगी. यह बीमा कवर पांच साल तक के बच्‍चों तथा विदेशी नागरिकों को नहीं मिलेगा. अधिकारी ने बताया कि यह सुविधा कन्फर्म, आरएसी तथा वेटलिस्ट टिकट रखने वाले यात्रियों को मिलेगी. इस योजना के तहत यात्रियों को उनके नामित-कानूनी उत्तराधिकारी को मृत्यु या पूर्ण विकलांगता पर 10 लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा. आंशिक विकलांगता पर 7.5 लाख रुपये, दो लाख रुपये तक का अस्पताल का खर्च तथा ट्रेन दुर्घटना स्थल से शव ले जाने के लिए 10,000 रुपये तक का परिवहन खर्च मिलेगा. ट्रेन दुर्घटना के अलावा आतंकवादी हमला, डकैती, लूटपाट, गोलीबारी आदि में भी यह बीमा कवर उपलब्ध होगा. हालांकि टिकट रद्द होने पर प्रीमियम का रिफंड नहीं किया जाएगा. आईआरसीटीसी द्वारा इस योजना का क्रियान्वयन आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस, रॉयल सुंदरम जनरल इंश्योरेंस तथा श्रीराम जनरल इंश्योरेंस के साथ भागीदारी में किया जा रहा है. इनका चयन निविदा प्रक्रिया के जरिये किया गया है. निविदा प्रक्रिया में कुल 19 कंपनियों ने हिस्सा लिया, जिनमें से 17 को इसके लिए पात्र पाया गया.टिप्पणियां तीनों चुनी गई कंपनियों को आटोमेटेड प्रणाली के जरिये बारी-बारी से बीमा पॉलिसी जारी करने का अधिकार मिलेगा. आईआरसीटीसी ने इन कंपनियों का चयन एक साल के लिए किया है और प्रदर्शन के आधार पर इनका अनुबंध बढ़ाने का भी प्रावधान है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) रेल मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि 31 अगस्त से आईआरसीटीसी की वेबसाइट के जरिये यात्रा का टिकट बुक कराने पर यात्रियों को यात्रा बीमा कवर का विकल्प मिलेगा. इसके लिए उन्‍हें सिर्फ 92 पैसे का प्रीमियम देना होगा. रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने अपने रेल बजट भाषण में घोषणा की थी कि रेलवे यात्रियों को वैकल्पिक यात्रा बीमा कवर की सुविधा उपलब्ध कराएगी. यह नई सुविधा सभी यात्रियों को उपलब्ध होगी. उपनगरीय ट्रेनों पर यह सुविधा नहीं मिलेगी. किसी भी श्रेणी में यह सुविधा उपलब्ध होगी. इसकी शुरुआत परीक्षण के आधार पर की जाएगी. यह बीमा कवर पांच साल तक के बच्‍चों तथा विदेशी नागरिकों को नहीं मिलेगा. अधिकारी ने बताया कि यह सुविधा कन्फर्म, आरएसी तथा वेटलिस्ट टिकट रखने वाले यात्रियों को मिलेगी. इस योजना के तहत यात्रियों को उनके नामित-कानूनी उत्तराधिकारी को मृत्यु या पूर्ण विकलांगता पर 10 लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा. आंशिक विकलांगता पर 7.5 लाख रुपये, दो लाख रुपये तक का अस्पताल का खर्च तथा ट्रेन दुर्घटना स्थल से शव ले जाने के लिए 10,000 रुपये तक का परिवहन खर्च मिलेगा. ट्रेन दुर्घटना के अलावा आतंकवादी हमला, डकैती, लूटपाट, गोलीबारी आदि में भी यह बीमा कवर उपलब्ध होगा. हालांकि टिकट रद्द होने पर प्रीमियम का रिफंड नहीं किया जाएगा. आईआरसीटीसी द्वारा इस योजना का क्रियान्वयन आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस, रॉयल सुंदरम जनरल इंश्योरेंस तथा श्रीराम जनरल इंश्योरेंस के साथ भागीदारी में किया जा रहा है. इनका चयन निविदा प्रक्रिया के जरिये किया गया है. निविदा प्रक्रिया में कुल 19 कंपनियों ने हिस्सा लिया, जिनमें से 17 को इसके लिए पात्र पाया गया.टिप्पणियां तीनों चुनी गई कंपनियों को आटोमेटेड प्रणाली के जरिये बारी-बारी से बीमा पॉलिसी जारी करने का अधिकार मिलेगा. आईआरसीटीसी ने इन कंपनियों का चयन एक साल के लिए किया है और प्रदर्शन के आधार पर इनका अनुबंध बढ़ाने का भी प्रावधान है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने अपने रेल बजट भाषण में घोषणा की थी कि रेलवे यात्रियों को वैकल्पिक यात्रा बीमा कवर की सुविधा उपलब्ध कराएगी. यह नई सुविधा सभी यात्रियों को उपलब्ध होगी. उपनगरीय ट्रेनों पर यह सुविधा नहीं मिलेगी. किसी भी श्रेणी में यह सुविधा उपलब्ध होगी. इसकी शुरुआत परीक्षण के आधार पर की जाएगी. यह बीमा कवर पांच साल तक के बच्‍चों तथा विदेशी नागरिकों को नहीं मिलेगा. अधिकारी ने बताया कि यह सुविधा कन्फर्म, आरएसी तथा वेटलिस्ट टिकट रखने वाले यात्रियों को मिलेगी. इस योजना के तहत यात्रियों को उनके नामित-कानूनी उत्तराधिकारी को मृत्यु या पूर्ण विकलांगता पर 10 लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा. आंशिक विकलांगता पर 7.5 लाख रुपये, दो लाख रुपये तक का अस्पताल का खर्च तथा ट्रेन दुर्घटना स्थल से शव ले जाने के लिए 10,000 रुपये तक का परिवहन खर्च मिलेगा. ट्रेन दुर्घटना के अलावा आतंकवादी हमला, डकैती, लूटपाट, गोलीबारी आदि में भी यह बीमा कवर उपलब्ध होगा. हालांकि टिकट रद्द होने पर प्रीमियम का रिफंड नहीं किया जाएगा. आईआरसीटीसी द्वारा इस योजना का क्रियान्वयन आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस, रॉयल सुंदरम जनरल इंश्योरेंस तथा श्रीराम जनरल इंश्योरेंस के साथ भागीदारी में किया जा रहा है. इनका चयन निविदा प्रक्रिया के जरिये किया गया है. निविदा प्रक्रिया में कुल 19 कंपनियों ने हिस्सा लिया, जिनमें से 17 को इसके लिए पात्र पाया गया.टिप्पणियां तीनों चुनी गई कंपनियों को आटोमेटेड प्रणाली के जरिये बारी-बारी से बीमा पॉलिसी जारी करने का अधिकार मिलेगा. आईआरसीटीसी ने इन कंपनियों का चयन एक साल के लिए किया है और प्रदर्शन के आधार पर इनका अनुबंध बढ़ाने का भी प्रावधान है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) यह बीमा कवर पांच साल तक के बच्‍चों तथा विदेशी नागरिकों को नहीं मिलेगा. अधिकारी ने बताया कि यह सुविधा कन्फर्म, आरएसी तथा वेटलिस्ट टिकट रखने वाले यात्रियों को मिलेगी. इस योजना के तहत यात्रियों को उनके नामित-कानूनी उत्तराधिकारी को मृत्यु या पूर्ण विकलांगता पर 10 लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा. आंशिक विकलांगता पर 7.5 लाख रुपये, दो लाख रुपये तक का अस्पताल का खर्च तथा ट्रेन दुर्घटना स्थल से शव ले जाने के लिए 10,000 रुपये तक का परिवहन खर्च मिलेगा. ट्रेन दुर्घटना के अलावा आतंकवादी हमला, डकैती, लूटपाट, गोलीबारी आदि में भी यह बीमा कवर उपलब्ध होगा. हालांकि टिकट रद्द होने पर प्रीमियम का रिफंड नहीं किया जाएगा. आईआरसीटीसी द्वारा इस योजना का क्रियान्वयन आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस, रॉयल सुंदरम जनरल इंश्योरेंस तथा श्रीराम जनरल इंश्योरेंस के साथ भागीदारी में किया जा रहा है. इनका चयन निविदा प्रक्रिया के जरिये किया गया है. निविदा प्रक्रिया में कुल 19 कंपनियों ने हिस्सा लिया, जिनमें से 17 को इसके लिए पात्र पाया गया.टिप्पणियां तीनों चुनी गई कंपनियों को आटोमेटेड प्रणाली के जरिये बारी-बारी से बीमा पॉलिसी जारी करने का अधिकार मिलेगा. आईआरसीटीसी ने इन कंपनियों का चयन एक साल के लिए किया है और प्रदर्शन के आधार पर इनका अनुबंध बढ़ाने का भी प्रावधान है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इस योजना के तहत यात्रियों को उनके नामित-कानूनी उत्तराधिकारी को मृत्यु या पूर्ण विकलांगता पर 10 लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा. आंशिक विकलांगता पर 7.5 लाख रुपये, दो लाख रुपये तक का अस्पताल का खर्च तथा ट्रेन दुर्घटना स्थल से शव ले जाने के लिए 10,000 रुपये तक का परिवहन खर्च मिलेगा. ट्रेन दुर्घटना के अलावा आतंकवादी हमला, डकैती, लूटपाट, गोलीबारी आदि में भी यह बीमा कवर उपलब्ध होगा. हालांकि टिकट रद्द होने पर प्रीमियम का रिफंड नहीं किया जाएगा. आईआरसीटीसी द्वारा इस योजना का क्रियान्वयन आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस, रॉयल सुंदरम जनरल इंश्योरेंस तथा श्रीराम जनरल इंश्योरेंस के साथ भागीदारी में किया जा रहा है. इनका चयन निविदा प्रक्रिया के जरिये किया गया है. निविदा प्रक्रिया में कुल 19 कंपनियों ने हिस्सा लिया, जिनमें से 17 को इसके लिए पात्र पाया गया.टिप्पणियां तीनों चुनी गई कंपनियों को आटोमेटेड प्रणाली के जरिये बारी-बारी से बीमा पॉलिसी जारी करने का अधिकार मिलेगा. आईआरसीटीसी ने इन कंपनियों का चयन एक साल के लिए किया है और प्रदर्शन के आधार पर इनका अनुबंध बढ़ाने का भी प्रावधान है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) हालांकि टिकट रद्द होने पर प्रीमियम का रिफंड नहीं किया जाएगा. आईआरसीटीसी द्वारा इस योजना का क्रियान्वयन आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस, रॉयल सुंदरम जनरल इंश्योरेंस तथा श्रीराम जनरल इंश्योरेंस के साथ भागीदारी में किया जा रहा है. इनका चयन निविदा प्रक्रिया के जरिये किया गया है. निविदा प्रक्रिया में कुल 19 कंपनियों ने हिस्सा लिया, जिनमें से 17 को इसके लिए पात्र पाया गया.टिप्पणियां तीनों चुनी गई कंपनियों को आटोमेटेड प्रणाली के जरिये बारी-बारी से बीमा पॉलिसी जारी करने का अधिकार मिलेगा. आईआरसीटीसी ने इन कंपनियों का चयन एक साल के लिए किया है और प्रदर्शन के आधार पर इनका अनुबंध बढ़ाने का भी प्रावधान है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) तीनों चुनी गई कंपनियों को आटोमेटेड प्रणाली के जरिये बारी-बारी से बीमा पॉलिसी जारी करने का अधिकार मिलेगा. आईआरसीटीसी ने इन कंपनियों का चयन एक साल के लिए किया है और प्रदर्शन के आधार पर इनका अनुबंध बढ़ाने का भी प्रावधान है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त सारांश: ऑनलाइन टिकट बुक कराने पर मिलेगी यह सुविधा सुरेश प्रभु ने रेल बजट में की थी घोषणा 5 साल तक के बच्‍चे इसके दायरे में नहीं
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