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इस के लिए एक सारांश बनाएं: पूर्व केंद्रीय मंत्री संतोष मोहन देव का आज निधन हो गया. वे किडनी संबंधी रोग और अन्य बीमारियों से ग्रस्त थे. असम में उनके गृहनगर सिलचर में उन्होंने अंतिम सांस ली. देव 83 वर्ष के थे. देव की बेटी सांसद सुष्मिता देव ने उनके निधन की सूचना दी. कांग्रेस के सदस्य संतोष मोहन देव पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली संप्रग-एक सरकार में भारी उद्योग मंत्री थे. देव की बेटी एवं कांग्रेस से सांसद सुष्मिता देव ने सिलचर से कहा, ‘‘उनका आज सुबह छह बजकर छह मिनट पर निधन हो गया.’’ सात बार कांग्रेस से सांसद रहे देव के परिवार में उनकी पत्नी और सुष्मिता समेत चार बेटियां हैं.   देव को सबसे पहले वर्ष 1980 में सांसद चुना गया था. लोकसभा सांसद के तौर पर सात कार्यकालों में उन्होंने पांच बार असम के सिलचर और दो बार त्रिपुरा का प्रतिनिधित्व किया.   देव वर्ष 1986 से 1988 तक केंद्रीय राज्य संचार मंत्री और वर्ष 1988 से 1989 तक गृह राज्यमंत्री रहे. उन्होंने वर्ष 1991 में पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव की सरकार में भी केंद्रीय इस्पात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के तौर पर भी सेवाएं दी थीं. (इनपुट एजेंसी से) कांग्रेस के सदस्य संतोष मोहन देव पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली संप्रग-एक सरकार में भारी उद्योग मंत्री थे. देव की बेटी एवं कांग्रेस से सांसद सुष्मिता देव ने सिलचर से कहा, ‘‘उनका आज सुबह छह बजकर छह मिनट पर निधन हो गया.’’ सात बार कांग्रेस से सांसद रहे देव के परिवार में उनकी पत्नी और सुष्मिता समेत चार बेटियां हैं.   देव को सबसे पहले वर्ष 1980 में सांसद चुना गया था. लोकसभा सांसद के तौर पर सात कार्यकालों में उन्होंने पांच बार असम के सिलचर और दो बार त्रिपुरा का प्रतिनिधित्व किया.   देव वर्ष 1986 से 1988 तक केंद्रीय राज्य संचार मंत्री और वर्ष 1988 से 1989 तक गृह राज्यमंत्री रहे. उन्होंने वर्ष 1991 में पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव की सरकार में भी केंद्रीय इस्पात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के तौर पर भी सेवाएं दी थीं. (इनपुट एजेंसी से)
संक्षिप्त पाठ: संतोष मोहन देव ने सांसद के रूप में सात कार्यकाल पूरे किए पांच बार सिलचर और दो बार त्रिपुरा का प्रतिनिधित्व किया देव की बेटी कांग्रेस सांसद सुष्मिता देव ने दी जानकारी
14
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: कहीं टॉयलेट बनाने पर 35 लाख खर्च हो रहे हैं तो कहीं सरकारी लापरवाही से करोड़ों का गेहूं भींग रहा है।  टिप्पणियां राजस्थान के श्री गंगानगर की धान मंडी एफसीआई की लापरवाही के कारण करोड़ों का गेहूं पानी में भीग गया है। श्री गंगानर में पिछली रात से हो रही रुक-रुककर बारिश में करीब 4 लाख क्विंटल गेहूं पूरी तरह से भींग चुका है। लापरवाही की हद यह है कि बारिश के बाद भी एफसीआई के अधिकारियों ने गेहूं उठाना तो दूर उसे देखना भी मुनासिब नहीं समझा। अधिकारियों ने मंडी परिसर में जमा बरसाती पानी निकालने की जहमत नहीं उठाई। राजस्थान के श्री गंगानगर की धान मंडी एफसीआई की लापरवाही के कारण करोड़ों का गेहूं पानी में भीग गया है। श्री गंगानर में पिछली रात से हो रही रुक-रुककर बारिश में करीब 4 लाख क्विंटल गेहूं पूरी तरह से भींग चुका है। लापरवाही की हद यह है कि बारिश के बाद भी एफसीआई के अधिकारियों ने गेहूं उठाना तो दूर उसे देखना भी मुनासिब नहीं समझा। अधिकारियों ने मंडी परिसर में जमा बरसाती पानी निकालने की जहमत नहीं उठाई। लापरवाही की हद यह है कि बारिश के बाद भी एफसीआई के अधिकारियों ने गेहूं उठाना तो दूर उसे देखना भी मुनासिब नहीं समझा। अधिकारियों ने मंडी परिसर में जमा बरसाती पानी निकालने की जहमत नहीं उठाई।
सारांश: कहीं टॉयलेट बनाने पर 35 लाख खर्च हो रहे हैं तो कहीं सरकारी लापरवाही से करोड़ों का गेहूं भींग रहा है।
7
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: हैदराबाद में एक दिल दहला देने वाला कारनामा सामने आया, जब मोटरसाइकिल पर सवार एक युवती को अपने पति की लाश के साथ पकड़ा गया. गिरफ्तार की जा चुकी 25-वर्षीय प्रवल्लिका मेंडेम नामक यह युवती अपने पति पुल्लैया मेंडेम की लाश के साथ लगभग 12 किलोमीटर तक मोटरसाइकिल चलाती रही, और सबसे हौलनाक पहलू यह है कि पुल्लैया की हत्या भी कथित रूप से प्रवल्लिका ने ही की है. पुलिस का कहना है कि प्रवल्लिका ने पति की हत्या उसके सिर को दीवार से टकराकर और उसकी टांगों की बीच में लात मारकर की, और इस कृत्य में प्रवल्लिका का 16-वर्षीय भतीजा भी शामिल था. इसके बाद वे दोनों पुल्लैया के शव को पड़ोसी से उधार ली गई मोटरसाइकिल पर बिठाकर शनिवार रात लगभग 11:30 बजे निकले. रास्ते में दो बीट कॉन्स्टेबलों नागेश्वर राव तथा महेंद्र ने उन्हें रोकने की कोशिश की, क्योंकि एक मोटरसाइकिल पर तीन लोग सवार थे, और पुल्लैया का सिर प्रवल्लिका के भतीजे के कंधे पर झूल रहा था, और उसके पांव ज़मीन पर घिसट रहे थे. मोटरसाइकिल नहीं रुकी, सो, कॉन्स्टेबलों ने लगभग दो किलोमीटर तक उनका पीछा कर उन्हें रोका. टिप्पणियां प्रवल्लिका तथा उसके भतीजे ने शुरू में दावा किया कि पुल्लैया मेंडेम घर से शराब पीने के लिए निकला था, और बाद में उन्हें सड़क के किनारे पड़ा मिला था, लेकिन बाद में पूछताछ के दौरान उन्होंने कथित रूप से पुल्लैया की हत्या किया होना कबूल कर लिया है. प्रवल्लिका तथा पुल्लैया मेंडेम कुछ ही हफ्ते पहले हैदराबाद आकर बसे थे. दरअसल, नालगोंडा जिले में स्थित उसके गांव कोडाडा से उन्हें इसलिए निकाला गया था, क्योंकि प्रवल्लिका के 10वीं कक्षा में पढ़ने वाले अपने भतीजे से कथित रूप से संबंध थे. पुल्लैया कोडाडा में असिस्टेंट मार्केटिंग सुपरवाइज़र के रूप में काम करता था. पुलिस का कहना है कि प्रवल्लिका ने पति की हत्या उसके सिर को दीवार से टकराकर और उसकी टांगों की बीच में लात मारकर की, और इस कृत्य में प्रवल्लिका का 16-वर्षीय भतीजा भी शामिल था. इसके बाद वे दोनों पुल्लैया के शव को पड़ोसी से उधार ली गई मोटरसाइकिल पर बिठाकर शनिवार रात लगभग 11:30 बजे निकले. रास्ते में दो बीट कॉन्स्टेबलों नागेश्वर राव तथा महेंद्र ने उन्हें रोकने की कोशिश की, क्योंकि एक मोटरसाइकिल पर तीन लोग सवार थे, और पुल्लैया का सिर प्रवल्लिका के भतीजे के कंधे पर झूल रहा था, और उसके पांव ज़मीन पर घिसट रहे थे. मोटरसाइकिल नहीं रुकी, सो, कॉन्स्टेबलों ने लगभग दो किलोमीटर तक उनका पीछा कर उन्हें रोका. टिप्पणियां प्रवल्लिका तथा उसके भतीजे ने शुरू में दावा किया कि पुल्लैया मेंडेम घर से शराब पीने के लिए निकला था, और बाद में उन्हें सड़क के किनारे पड़ा मिला था, लेकिन बाद में पूछताछ के दौरान उन्होंने कथित रूप से पुल्लैया की हत्या किया होना कबूल कर लिया है. प्रवल्लिका तथा पुल्लैया मेंडेम कुछ ही हफ्ते पहले हैदराबाद आकर बसे थे. दरअसल, नालगोंडा जिले में स्थित उसके गांव कोडाडा से उन्हें इसलिए निकाला गया था, क्योंकि प्रवल्लिका के 10वीं कक्षा में पढ़ने वाले अपने भतीजे से कथित रूप से संबंध थे. पुल्लैया कोडाडा में असिस्टेंट मार्केटिंग सुपरवाइज़र के रूप में काम करता था. रास्ते में दो बीट कॉन्स्टेबलों नागेश्वर राव तथा महेंद्र ने उन्हें रोकने की कोशिश की, क्योंकि एक मोटरसाइकिल पर तीन लोग सवार थे, और पुल्लैया का सिर प्रवल्लिका के भतीजे के कंधे पर झूल रहा था, और उसके पांव ज़मीन पर घिसट रहे थे. मोटरसाइकिल नहीं रुकी, सो, कॉन्स्टेबलों ने लगभग दो किलोमीटर तक उनका पीछा कर उन्हें रोका. टिप्पणियां प्रवल्लिका तथा उसके भतीजे ने शुरू में दावा किया कि पुल्लैया मेंडेम घर से शराब पीने के लिए निकला था, और बाद में उन्हें सड़क के किनारे पड़ा मिला था, लेकिन बाद में पूछताछ के दौरान उन्होंने कथित रूप से पुल्लैया की हत्या किया होना कबूल कर लिया है. प्रवल्लिका तथा पुल्लैया मेंडेम कुछ ही हफ्ते पहले हैदराबाद आकर बसे थे. दरअसल, नालगोंडा जिले में स्थित उसके गांव कोडाडा से उन्हें इसलिए निकाला गया था, क्योंकि प्रवल्लिका के 10वीं कक्षा में पढ़ने वाले अपने भतीजे से कथित रूप से संबंध थे. पुल्लैया कोडाडा में असिस्टेंट मार्केटिंग सुपरवाइज़र के रूप में काम करता था. प्रवल्लिका तथा उसके भतीजे ने शुरू में दावा किया कि पुल्लैया मेंडेम घर से शराब पीने के लिए निकला था, और बाद में उन्हें सड़क के किनारे पड़ा मिला था, लेकिन बाद में पूछताछ के दौरान उन्होंने कथित रूप से पुल्लैया की हत्या किया होना कबूल कर लिया है. प्रवल्लिका तथा पुल्लैया मेंडेम कुछ ही हफ्ते पहले हैदराबाद आकर बसे थे. दरअसल, नालगोंडा जिले में स्थित उसके गांव कोडाडा से उन्हें इसलिए निकाला गया था, क्योंकि प्रवल्लिका के 10वीं कक्षा में पढ़ने वाले अपने भतीजे से कथित रूप से संबंध थे. पुल्लैया कोडाडा में असिस्टेंट मार्केटिंग सुपरवाइज़र के रूप में काम करता था. प्रवल्लिका तथा पुल्लैया मेंडेम कुछ ही हफ्ते पहले हैदराबाद आकर बसे थे. दरअसल, नालगोंडा जिले में स्थित उसके गांव कोडाडा से उन्हें इसलिए निकाला गया था, क्योंकि प्रवल्लिका के 10वीं कक्षा में पढ़ने वाले अपने भतीजे से कथित रूप से संबंध थे. पुल्लैया कोडाडा में असिस्टेंट मार्केटिंग सुपरवाइज़र के रूप में काम करता था.
यह एक सारांश है: युवती व उसके भतीजे को मोटरसाइकिल पर पति की लाश के साथ पकड़ा गया पुलिस ने लगभग दो किलोमीटर तक पीछा कर पकड़ा मोटरसाइकिल को पुलिस के मुताबिक, युवती ने पति का कत्ल किया होना कबूल कर लिया है
2
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय तटरक्षकों ने रविवार को गुजरात तट से दूर एक संदिग्ध पाकिस्तानी नौका जब्त की, जिसमें नौ लोग सवार थे. नौका ने सुबह करीब 10.15 बजे जैसे ही भारतीय जलक्षेत्र में प्रवेश किया, तटरक्षक अधिकारियों ने उसमें सवार लोगों को गिरफ्तार कर लिया. एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, "तटरक्षक के जहाज समुद्र पावक ने एक पाकिस्तानी नौका को जब्त कर उसमें सवार नौ लोगों को गिरफ्तार कर लिया." बयान के मुताबिक, "प्रारंभिक जानकारी के अनुसार नौका में सवार लोग शायद पाकिस्तानी मछुआरे हैं। हालांकि, नौका और उसमें सवार लोगों को पूछताछ के लिए पोरबंदर ले जाया गया है."टिप्पणियां गौरतलब है कि भारतीय सेना की ओर से एलओसी के पार जाकर आतंकियों के खिलाफ किए गए सर्जिकल अटैक के बाद देश के प्रमुख शहरों में अलर्ट जारी किया गया है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, "तटरक्षक के जहाज समुद्र पावक ने एक पाकिस्तानी नौका को जब्त कर उसमें सवार नौ लोगों को गिरफ्तार कर लिया." बयान के मुताबिक, "प्रारंभिक जानकारी के अनुसार नौका में सवार लोग शायद पाकिस्तानी मछुआरे हैं। हालांकि, नौका और उसमें सवार लोगों को पूछताछ के लिए पोरबंदर ले जाया गया है."टिप्पणियां गौरतलब है कि भारतीय सेना की ओर से एलओसी के पार जाकर आतंकियों के खिलाफ किए गए सर्जिकल अटैक के बाद देश के प्रमुख शहरों में अलर्ट जारी किया गया है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) गौरतलब है कि भारतीय सेना की ओर से एलओसी के पार जाकर आतंकियों के खिलाफ किए गए सर्जिकल अटैक के बाद देश के प्रमुख शहरों में अलर्ट जारी किया गया है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: नौका ने सुबह करीब 10.15 बजे भारतीय जलक्षेत्र में प्रवेश किया जानकारी के अनुसार, नाव में सवार लोग पाकिस्‍तानी मछुआरे हैं नौका और इन लोगों को पूछताछ के लिए पोरबंदर ले जाया गया है
19
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: मुंबई क्रिकेट संघ (एमसीए) से यहां वानखेडे स्टेडियम में प्रवेश के लिए पांच साल का प्रतिबंध झेल रहे सुपरस्टार शाहरुख खान ने कहा कि वह इस मामले में माफी मांगने के मुद्दे पर शामिल नहीं होना चाहते।टिप्पणियां कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) टीम के मालिक खान ने कहा, ‘‘ मैं इस मामले में शामिल नहीं होना चाहता कि क्या मैं मुंबई क्रिकेट संघ से माफी मांगने जा रहा हूं या नहीं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अगर मैं यहां जा रहा हूं और अगर आप कुछ ऐसा कहें जो मुझे पसंद नहीं इसलिए भाग्यवश या दुर्भाग्यवश मैं इस स्थिति में हूं कि मुझे इस बारे ध्यान नहीं देना चाहिए।’’ शाहरुख ने कहा, ‘‘ इसलिए मैं समझता हूं मुझे ज्यादा धैर्य रखना होगा या फिर सार्वजनिक स्थलों पर कम जाना होगा या फिर कानों को बंद कर लेना होगा इसलिए मैं इसके लिए माफी मांगता हूं।’’ अपने ऊपर (शाहरुख) लगे प्रतिबंध के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, ‘‘यह प्रतिबंध बरकरार रहता है या नहीं प्रत्येक संघ के अपने नियम कानून होते हैं उसे मानना चाहिए और खुदा उन्हें बरकत दे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं टीवी के दर्शकों से हाथ जोड़कर माफी मांगता हूं क्योंकि मेरी वजह से दर्शकों को विशलेषकों से घंटों तक टिप्पणियां सुनने को मिली। मैं इसके लिए माफी मांगता हूं।’’ यह पूछने पर कि क्या वे लिखित माफी मांगेगे। इस पर शाहरुख ने कुछ कहने से इनकार कर दिया। कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) टीम के मालिक खान ने कहा, ‘‘ मैं इस मामले में शामिल नहीं होना चाहता कि क्या मैं मुंबई क्रिकेट संघ से माफी मांगने जा रहा हूं या नहीं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अगर मैं यहां जा रहा हूं और अगर आप कुछ ऐसा कहें जो मुझे पसंद नहीं इसलिए भाग्यवश या दुर्भाग्यवश मैं इस स्थिति में हूं कि मुझे इस बारे ध्यान नहीं देना चाहिए।’’ शाहरुख ने कहा, ‘‘ इसलिए मैं समझता हूं मुझे ज्यादा धैर्य रखना होगा या फिर सार्वजनिक स्थलों पर कम जाना होगा या फिर कानों को बंद कर लेना होगा इसलिए मैं इसके लिए माफी मांगता हूं।’’ अपने ऊपर (शाहरुख) लगे प्रतिबंध के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, ‘‘यह प्रतिबंध बरकरार रहता है या नहीं प्रत्येक संघ के अपने नियम कानून होते हैं उसे मानना चाहिए और खुदा उन्हें बरकत दे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं टीवी के दर्शकों से हाथ जोड़कर माफी मांगता हूं क्योंकि मेरी वजह से दर्शकों को विशलेषकों से घंटों तक टिप्पणियां सुनने को मिली। मैं इसके लिए माफी मांगता हूं।’’ यह पूछने पर कि क्या वे लिखित माफी मांगेगे। इस पर शाहरुख ने कुछ कहने से इनकार कर दिया। शाहरुख ने कहा, ‘‘ इसलिए मैं समझता हूं मुझे ज्यादा धैर्य रखना होगा या फिर सार्वजनिक स्थलों पर कम जाना होगा या फिर कानों को बंद कर लेना होगा इसलिए मैं इसके लिए माफी मांगता हूं।’’ अपने ऊपर (शाहरुख) लगे प्रतिबंध के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, ‘‘यह प्रतिबंध बरकरार रहता है या नहीं प्रत्येक संघ के अपने नियम कानून होते हैं उसे मानना चाहिए और खुदा उन्हें बरकत दे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं टीवी के दर्शकों से हाथ जोड़कर माफी मांगता हूं क्योंकि मेरी वजह से दर्शकों को विशलेषकों से घंटों तक टिप्पणियां सुनने को मिली। मैं इसके लिए माफी मांगता हूं।’’ यह पूछने पर कि क्या वे लिखित माफी मांगेगे। इस पर शाहरुख ने कुछ कहने से इनकार कर दिया।
यह एक सारांश है: एमसीए से यहां वानखेडे स्टेडियम में प्रवेश के लिए पांच साल का प्रतिबंध झेल रहे सुपरस्टार शाहरुख खान ने कहा कि वह इस मामले में माफी मांगने के मुद्दे पर शामिल नहीं होना चाहते।
2
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: अमेरिका में रह रहे भारतीयों ने वर्ष 2009 में करीब 3.2 अरब डॉलर राशि अपने घर भारत भेजी, जो कि चीन के लोगों द्वारा अपने देश भेजे गए धन के बराबर है। संसदीय बजट कार्यालय ने अपनी रिपोर्ट प्रवासी धन प्रेषण और संबंधित आर्थिक प्रवाह में यह जानकारी दी है। इसमें कहा गया है कि 2009 में अमेरिका से बाहर भेजे गए निजी धन का 32 अरब डॉलर अथवा 40 प्रतिशत 10 देशों में गया। अमेरिका से सवार्धिक निजी धन मैक्सिको भेजा गया। शीर्ष 10 देशों में भेजे गए कुल धन का 61 प्रतिशत अथवा 20 अरब डॉलर मैक्सिको गया। रिपोर्ट में कहा गया है, भारत और चीन में 3-3 अरब डॉलर निजी धन भेजा गया, जो कि शीर्ष 10 देशों में भेजे गए कुल धन का 20 प्रतिशत है। वर्ष 2000 और 2009 के बीच इन 10 देशों में शुद्ध निजी धन प्रेषण और संबंधित प्रवाह में सालाना 7 प्रतिशत (मुद्रास्फीति से सामंजस्य बैठाए बिना) की वृद्धि हुई। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत भेजे जाने वाले धन में सालाना 13 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 2000 के 1.1 अरब डॉलर के मुकाबले 2009 में बढ़कर 3.2 अरब डॉलर हो गई, जबकि चीन प्रेषित होने वाले धन में सालाना 9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
संक्षिप्त सारांश: अमेरिका में रह रहे भारतीयों ने 2009 में 3.2 अरब डॉलर राशि भारत भेजी, जो कि चीन के लोगों द्वारा अपने देश भेजे गए धन के बराबर है।
29
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: राजस्थान में एक जर्मन महिला के साथ बलात्कार के दोषी बिट्टी मोहंती के शक में गिरफ्तार शख्स ने अब यह कहा है कि वह बिट्टी मोहंती नहीं है। गौरतलब है कि शुक्रवार को केरल पुलिस ने एक शख्स को बिट्टी मोहंती होने के शक में गिरफ्तार किया था और अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। ओडिशा के पूर्व पुलिस महानिदेशक बीबी मोहंती का पुत्र बिट्टी अपने जमानत के दौरान भाग गया था और करीब सात साल से फरार चल रहा था। पुलिस ने बताया था कि यह शख्स खुद को आंध्र प्रदेश का ‘राघव राजा’ बता कर सार्वजनिक क्षेत्र के एक बैंक में पिछले तीन वर्ष से परिवीक्षाधीन अधिकारी के तौर पर काम कर रहा था। यहां के नजदीकी पझयांगादी से कल रात पुलिस ने उसे हिरासत में लिया था। इस व्यक्ति को प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया था। अदालत ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। दिल्ली सामूहिक बलात्कार घटना के बाद बिट्टी की तस्वीरें विभिन्न सेक्स अपराधों के अभियुक्तों की तस्वीरों के साथ जब कई टेलीविजन चैनलों द्वारा दिखाई गईं और इंटरनेट पर भी बड़ी संख्या में उसकी तस्वीरें दिखीं तो उसके सहकर्मियों को इस शख्स की वास्तविक पहचान के संबंध में शक होने लगा। सूत्रों ने बताया कि इस व्यक्ति को पिछले सप्ताह उसके स्थानीय निवास से हिरासत में लिया गया था और पूछताछ में उसने अपनी सही पहचान बिट्टी होने की बात कबूल की थी। पुलिस ने अपनी जानकारी की पुष्टि करने के लिए राजस्थान, आंध्र प्रदेश और ओड़िशा पुलिस ने भी संपर्क किया था।टिप्पणियां कन्नूर के पुलिस अधीक्षक राहुल आर नायर ने बताया कि राजस्थान पुलिस से कन्नूर आने को कहा गया है क्योंकि बिट्टी को अलवर में 26 वर्षीय जर्मन महिला के बलात्कार के मामले में वर्ष 2006 में सात वर्ष कैद की सजा सुनाई गई थी। स्थानीय पुलिस थाने में दर्ज प्राथमिकी में बिट्टी पर धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा के आरोप भी लगे हैं। बता दें कि राजस्थान पुलिस केरल जा रही है ताकि इस शख्स को हिरासत में लिया जा सके। ओडिशा के पूर्व पुलिस महानिदेशक बीबी मोहंती का पुत्र बिट्टी अपने जमानत के दौरान भाग गया था और करीब सात साल से फरार चल रहा था। पुलिस ने बताया था कि यह शख्स खुद को आंध्र प्रदेश का ‘राघव राजा’ बता कर सार्वजनिक क्षेत्र के एक बैंक में पिछले तीन वर्ष से परिवीक्षाधीन अधिकारी के तौर पर काम कर रहा था। यहां के नजदीकी पझयांगादी से कल रात पुलिस ने उसे हिरासत में लिया था। इस व्यक्ति को प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया था। अदालत ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। दिल्ली सामूहिक बलात्कार घटना के बाद बिट्टी की तस्वीरें विभिन्न सेक्स अपराधों के अभियुक्तों की तस्वीरों के साथ जब कई टेलीविजन चैनलों द्वारा दिखाई गईं और इंटरनेट पर भी बड़ी संख्या में उसकी तस्वीरें दिखीं तो उसके सहकर्मियों को इस शख्स की वास्तविक पहचान के संबंध में शक होने लगा। सूत्रों ने बताया कि इस व्यक्ति को पिछले सप्ताह उसके स्थानीय निवास से हिरासत में लिया गया था और पूछताछ में उसने अपनी सही पहचान बिट्टी होने की बात कबूल की थी। पुलिस ने अपनी जानकारी की पुष्टि करने के लिए राजस्थान, आंध्र प्रदेश और ओड़िशा पुलिस ने भी संपर्क किया था।टिप्पणियां कन्नूर के पुलिस अधीक्षक राहुल आर नायर ने बताया कि राजस्थान पुलिस से कन्नूर आने को कहा गया है क्योंकि बिट्टी को अलवर में 26 वर्षीय जर्मन महिला के बलात्कार के मामले में वर्ष 2006 में सात वर्ष कैद की सजा सुनाई गई थी। स्थानीय पुलिस थाने में दर्ज प्राथमिकी में बिट्टी पर धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा के आरोप भी लगे हैं। बता दें कि राजस्थान पुलिस केरल जा रही है ताकि इस शख्स को हिरासत में लिया जा सके। पुलिस ने बताया था कि यह शख्स खुद को आंध्र प्रदेश का ‘राघव राजा’ बता कर सार्वजनिक क्षेत्र के एक बैंक में पिछले तीन वर्ष से परिवीक्षाधीन अधिकारी के तौर पर काम कर रहा था। यहां के नजदीकी पझयांगादी से कल रात पुलिस ने उसे हिरासत में लिया था। इस व्यक्ति को प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया था। अदालत ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। दिल्ली सामूहिक बलात्कार घटना के बाद बिट्टी की तस्वीरें विभिन्न सेक्स अपराधों के अभियुक्तों की तस्वीरों के साथ जब कई टेलीविजन चैनलों द्वारा दिखाई गईं और इंटरनेट पर भी बड़ी संख्या में उसकी तस्वीरें दिखीं तो उसके सहकर्मियों को इस शख्स की वास्तविक पहचान के संबंध में शक होने लगा। सूत्रों ने बताया कि इस व्यक्ति को पिछले सप्ताह उसके स्थानीय निवास से हिरासत में लिया गया था और पूछताछ में उसने अपनी सही पहचान बिट्टी होने की बात कबूल की थी। पुलिस ने अपनी जानकारी की पुष्टि करने के लिए राजस्थान, आंध्र प्रदेश और ओड़िशा पुलिस ने भी संपर्क किया था।टिप्पणियां कन्नूर के पुलिस अधीक्षक राहुल आर नायर ने बताया कि राजस्थान पुलिस से कन्नूर आने को कहा गया है क्योंकि बिट्टी को अलवर में 26 वर्षीय जर्मन महिला के बलात्कार के मामले में वर्ष 2006 में सात वर्ष कैद की सजा सुनाई गई थी। स्थानीय पुलिस थाने में दर्ज प्राथमिकी में बिट्टी पर धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा के आरोप भी लगे हैं। बता दें कि राजस्थान पुलिस केरल जा रही है ताकि इस शख्स को हिरासत में लिया जा सके। इस व्यक्ति को प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया था। अदालत ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। दिल्ली सामूहिक बलात्कार घटना के बाद बिट्टी की तस्वीरें विभिन्न सेक्स अपराधों के अभियुक्तों की तस्वीरों के साथ जब कई टेलीविजन चैनलों द्वारा दिखाई गईं और इंटरनेट पर भी बड़ी संख्या में उसकी तस्वीरें दिखीं तो उसके सहकर्मियों को इस शख्स की वास्तविक पहचान के संबंध में शक होने लगा। सूत्रों ने बताया कि इस व्यक्ति को पिछले सप्ताह उसके स्थानीय निवास से हिरासत में लिया गया था और पूछताछ में उसने अपनी सही पहचान बिट्टी होने की बात कबूल की थी। पुलिस ने अपनी जानकारी की पुष्टि करने के लिए राजस्थान, आंध्र प्रदेश और ओड़िशा पुलिस ने भी संपर्क किया था।टिप्पणियां कन्नूर के पुलिस अधीक्षक राहुल आर नायर ने बताया कि राजस्थान पुलिस से कन्नूर आने को कहा गया है क्योंकि बिट्टी को अलवर में 26 वर्षीय जर्मन महिला के बलात्कार के मामले में वर्ष 2006 में सात वर्ष कैद की सजा सुनाई गई थी। स्थानीय पुलिस थाने में दर्ज प्राथमिकी में बिट्टी पर धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा के आरोप भी लगे हैं। बता दें कि राजस्थान पुलिस केरल जा रही है ताकि इस शख्स को हिरासत में लिया जा सके। दिल्ली सामूहिक बलात्कार घटना के बाद बिट्टी की तस्वीरें विभिन्न सेक्स अपराधों के अभियुक्तों की तस्वीरों के साथ जब कई टेलीविजन चैनलों द्वारा दिखाई गईं और इंटरनेट पर भी बड़ी संख्या में उसकी तस्वीरें दिखीं तो उसके सहकर्मियों को इस शख्स की वास्तविक पहचान के संबंध में शक होने लगा। सूत्रों ने बताया कि इस व्यक्ति को पिछले सप्ताह उसके स्थानीय निवास से हिरासत में लिया गया था और पूछताछ में उसने अपनी सही पहचान बिट्टी होने की बात कबूल की थी। पुलिस ने अपनी जानकारी की पुष्टि करने के लिए राजस्थान, आंध्र प्रदेश और ओड़िशा पुलिस ने भी संपर्क किया था।टिप्पणियां कन्नूर के पुलिस अधीक्षक राहुल आर नायर ने बताया कि राजस्थान पुलिस से कन्नूर आने को कहा गया है क्योंकि बिट्टी को अलवर में 26 वर्षीय जर्मन महिला के बलात्कार के मामले में वर्ष 2006 में सात वर्ष कैद की सजा सुनाई गई थी। स्थानीय पुलिस थाने में दर्ज प्राथमिकी में बिट्टी पर धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा के आरोप भी लगे हैं। बता दें कि राजस्थान पुलिस केरल जा रही है ताकि इस शख्स को हिरासत में लिया जा सके। सूत्रों ने बताया कि इस व्यक्ति को पिछले सप्ताह उसके स्थानीय निवास से हिरासत में लिया गया था और पूछताछ में उसने अपनी सही पहचान बिट्टी होने की बात कबूल की थी। पुलिस ने अपनी जानकारी की पुष्टि करने के लिए राजस्थान, आंध्र प्रदेश और ओड़िशा पुलिस ने भी संपर्क किया था।टिप्पणियां कन्नूर के पुलिस अधीक्षक राहुल आर नायर ने बताया कि राजस्थान पुलिस से कन्नूर आने को कहा गया है क्योंकि बिट्टी को अलवर में 26 वर्षीय जर्मन महिला के बलात्कार के मामले में वर्ष 2006 में सात वर्ष कैद की सजा सुनाई गई थी। स्थानीय पुलिस थाने में दर्ज प्राथमिकी में बिट्टी पर धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा के आरोप भी लगे हैं। बता दें कि राजस्थान पुलिस केरल जा रही है ताकि इस शख्स को हिरासत में लिया जा सके। पुलिस ने अपनी जानकारी की पुष्टि करने के लिए राजस्थान, आंध्र प्रदेश और ओड़िशा पुलिस ने भी संपर्क किया था।टिप्पणियां कन्नूर के पुलिस अधीक्षक राहुल आर नायर ने बताया कि राजस्थान पुलिस से कन्नूर आने को कहा गया है क्योंकि बिट्टी को अलवर में 26 वर्षीय जर्मन महिला के बलात्कार के मामले में वर्ष 2006 में सात वर्ष कैद की सजा सुनाई गई थी। स्थानीय पुलिस थाने में दर्ज प्राथमिकी में बिट्टी पर धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा के आरोप भी लगे हैं। बता दें कि राजस्थान पुलिस केरल जा रही है ताकि इस शख्स को हिरासत में लिया जा सके। कन्नूर के पुलिस अधीक्षक राहुल आर नायर ने बताया कि राजस्थान पुलिस से कन्नूर आने को कहा गया है क्योंकि बिट्टी को अलवर में 26 वर्षीय जर्मन महिला के बलात्कार के मामले में वर्ष 2006 में सात वर्ष कैद की सजा सुनाई गई थी। स्थानीय पुलिस थाने में दर्ज प्राथमिकी में बिट्टी पर धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा के आरोप भी लगे हैं। बता दें कि राजस्थान पुलिस केरल जा रही है ताकि इस शख्स को हिरासत में लिया जा सके। स्थानीय पुलिस थाने में दर्ज प्राथमिकी में बिट्टी पर धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा के आरोप भी लगे हैं। बता दें कि राजस्थान पुलिस केरल जा रही है ताकि इस शख्स को हिरासत में लिया जा सके।
यहाँ एक सारांश है:राजस्थान में एक जर्मन महिला के साथ बलात्कार के दोषी बिट्टी मोहंती के शक में गिरफ्तार शख्स ने अब यह कहा है कि वह बिट्टी मोहंती नहीं है। गौरतलब है कि शुक्रवार को केरल पुलिस ने एक शख्स को बिट्टी मोहंती होने के शक में गिरफ्तार किया था।
17
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: वर्ष 2008 के बाद पहली बार एच-1बी वीजा के आवेदकों की किस्मत का फैसला कंप्यूटरीकृत ड्रॉ के माध्यम से किया जाएगा। अमेरिका की एक संघीय एजेंसी ने एच-1बी वीजा के लिए अब और आवेदन स्वीकार नहीं करने की घोषणा करते हुए कहा कि उसे आईटी पेशवरों के अमेरिका में काम करने के लिए अमेरिकी कांग्रेस द्वारा तय कोटे से अधिक आवेदन मिले हैं। अमेरिकी नागरिकता और आव्रजन सेवा (यूएससीआईएस) ने शुक्रवार को घोषणा की थी कि वह 1 अक्टूबर, 2013 से शुरू हो रहे वित्तीय वर्ष 2014 के लिए अब आवेदन स्वीकार नहीं करेगा, क्योंकि कांग्रेस द्वारा तय किए गए कोटे से अधिक और पर्याप्त संख्या में आवेदन मिले हैं।टिप्पणियां कांग्रेस ने इस कोटे की संख्या 65,000 तय की हुई है। कोटे की निर्धारित संख्या से मिली छूट के तहत भी यूएससीआईएस को 20,000 से अधिक आवेदन मिले हैं। यूएससीआईएस ने एक बयान में कहा, यूएससीआईएस 2014 वित्तवर्ष के लिए 5 अप्रैल, 2013 तक मिले आवेदनों के लिए कंप्यूटर के जरिए लॉटरी निकाली जाएगी। इतनी बड़ी संख्या में आवेदन मिलने की वजह से यूएससीआईएस अब तक लॉटरी के नियत दिन की घोषणा नहीं कर पाया है। साथ ही एजेंसी ने प्राप्त किए गए कुल आवेदनों की संख्या भी नहीं बताई है। इस बीच, अमेरिकी उप राष्ट्रपति जो बिडेन ने एच-1बी वीजा का कोटा बढ़ाने का समर्थन किया है, ताकि दुनिया भर से सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाएं अमेरिका आ सकें। अमेरिकी नागरिकता और आव्रजन सेवा (यूएससीआईएस) ने शुक्रवार को घोषणा की थी कि वह 1 अक्टूबर, 2013 से शुरू हो रहे वित्तीय वर्ष 2014 के लिए अब आवेदन स्वीकार नहीं करेगा, क्योंकि कांग्रेस द्वारा तय किए गए कोटे से अधिक और पर्याप्त संख्या में आवेदन मिले हैं।टिप्पणियां कांग्रेस ने इस कोटे की संख्या 65,000 तय की हुई है। कोटे की निर्धारित संख्या से मिली छूट के तहत भी यूएससीआईएस को 20,000 से अधिक आवेदन मिले हैं। यूएससीआईएस ने एक बयान में कहा, यूएससीआईएस 2014 वित्तवर्ष के लिए 5 अप्रैल, 2013 तक मिले आवेदनों के लिए कंप्यूटर के जरिए लॉटरी निकाली जाएगी। इतनी बड़ी संख्या में आवेदन मिलने की वजह से यूएससीआईएस अब तक लॉटरी के नियत दिन की घोषणा नहीं कर पाया है। साथ ही एजेंसी ने प्राप्त किए गए कुल आवेदनों की संख्या भी नहीं बताई है। इस बीच, अमेरिकी उप राष्ट्रपति जो बिडेन ने एच-1बी वीजा का कोटा बढ़ाने का समर्थन किया है, ताकि दुनिया भर से सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाएं अमेरिका आ सकें। कांग्रेस ने इस कोटे की संख्या 65,000 तय की हुई है। कोटे की निर्धारित संख्या से मिली छूट के तहत भी यूएससीआईएस को 20,000 से अधिक आवेदन मिले हैं। यूएससीआईएस ने एक बयान में कहा, यूएससीआईएस 2014 वित्तवर्ष के लिए 5 अप्रैल, 2013 तक मिले आवेदनों के लिए कंप्यूटर के जरिए लॉटरी निकाली जाएगी। इतनी बड़ी संख्या में आवेदन मिलने की वजह से यूएससीआईएस अब तक लॉटरी के नियत दिन की घोषणा नहीं कर पाया है। साथ ही एजेंसी ने प्राप्त किए गए कुल आवेदनों की संख्या भी नहीं बताई है। इस बीच, अमेरिकी उप राष्ट्रपति जो बिडेन ने एच-1बी वीजा का कोटा बढ़ाने का समर्थन किया है, ताकि दुनिया भर से सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाएं अमेरिका आ सकें। इतनी बड़ी संख्या में आवेदन मिलने की वजह से यूएससीआईएस अब तक लॉटरी के नियत दिन की घोषणा नहीं कर पाया है। साथ ही एजेंसी ने प्राप्त किए गए कुल आवेदनों की संख्या भी नहीं बताई है। इस बीच, अमेरिकी उप राष्ट्रपति जो बिडेन ने एच-1बी वीजा का कोटा बढ़ाने का समर्थन किया है, ताकि दुनिया भर से सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाएं अमेरिका आ सकें।
संक्षिप्त पाठ: वर्ष 2008 के बाद पहली बार एच-1बी वीजा के आवेदकों की किस्मत का फैसला कंप्यूटरीकृत ड्रॉ के माध्यम से किया जाएगा। बड़ी संख्या में आवेदन मिलने की वजह से यूएससीआईएस अब तक लॉटरी के नियत दिन की घोषणा नहीं कर पाया है।
22
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: कांग्रेस की आलोचना करते हुए जेटली ने कहा कि पार्टी सत्ता से दूर रहकर हताश है. उन्होंने कहा कि मोदी ने ऐसी प्रणाली स्थापित की है जहां ‘विवेकाधिकारों’ को समाप्त कर दिया गया है. उन्होंने कहा, ‘विवेकाधिकारों से अधिकारों के दुरुपयोग की आशंका होती है क्योंकि उनका दुरुपयोग किया जा सकता है. ठेकों , प्राकृतिक संसाधनों, स्पेक्ट्रम आदि का आवंटन अब बाजार आधारित व्यवस्था से होता है जबकि पहले उन्हें ‘विवेकाधिकारों’ पर बांटा जा रहा था.’ उन्होंने कहा, ‘कानूनों को बदला गया है. उद्योगपति अब बार-बार साउथ ब्लाक, नार्थ ब्लाक या उद्योग भवन की यात्रा करते नजर नहीं आते. पर्यावरणीय मंजूरी के लिए फाइलों का ढेर नहीं लगता है.’ जेटली ने कहा कि भारत ने खुद को कर का अनुपालन नहीं करने वाले समाज से कर अनुपालन समाज में बदला है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यहाँ एक सारांश है:जेटली ने कहा, भारत उभरती कमजोर पांच अर्थव्यवस्थाओं की सूची से बाहर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन दिया मोदी ने विधायी व संस्थागत बदलावों के जरिए पारदर्शी प्रणालियां स्थापित कीं
18
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी ज्वाला गुट्टा लोकप्रियता सूची में अपनी साथी खिलाड़ी साइना नेहवाल को पीछे छोड़कर भारतीय बैडमिंटन की नई सनसनी बन गई है। सर्च इंजन गूगल के सर्वे ने इसका खुलासा किया। 2010 राष्ट्रमंडल खेलों की युगल चैंपियन को साइना की तुलना में 80 हिट्स मिले, जबकि साइना के 64 हिट्स रहे, जिन्हें लंदन ओलिंपिक में बैडमिंटन स्पर्धा में पदक का प्रबल दावेदार माना जा रहा है।टिप्पणियां पिछले सात दिन में दोनों भारतीयों की तुलना 'गूगल इनसाइट फॉर सर्च' का इस्तेमाल कर किए जाने वाले सर्वे में की गई है। लेकिन ओवरऑल टेनिस महिला खिलाड़ी सानिया मिर्जा नेटीजन की पहली पसंद हैं, जिन्हें सबसे ज्यादा 84 हिट्स मिले हैं। जब भारतीय टेनिस टीम के अन्य सदस्य लिएंडर पेस, महेश भूपति, रोहन बोपन्ना, सोमदेव देवबर्मन और विष्णु वर्धन से उनकी तुलना की गई, तो सानिया सबसे लोकप्रिय निकलीं। सानिया ने ज्वाला को 51-31 के अंतर से पछाड़ा। 2010 राष्ट्रमंडल खेलों की युगल चैंपियन को साइना की तुलना में 80 हिट्स मिले, जबकि साइना के 64 हिट्स रहे, जिन्हें लंदन ओलिंपिक में बैडमिंटन स्पर्धा में पदक का प्रबल दावेदार माना जा रहा है।टिप्पणियां पिछले सात दिन में दोनों भारतीयों की तुलना 'गूगल इनसाइट फॉर सर्च' का इस्तेमाल कर किए जाने वाले सर्वे में की गई है। लेकिन ओवरऑल टेनिस महिला खिलाड़ी सानिया मिर्जा नेटीजन की पहली पसंद हैं, जिन्हें सबसे ज्यादा 84 हिट्स मिले हैं। जब भारतीय टेनिस टीम के अन्य सदस्य लिएंडर पेस, महेश भूपति, रोहन बोपन्ना, सोमदेव देवबर्मन और विष्णु वर्धन से उनकी तुलना की गई, तो सानिया सबसे लोकप्रिय निकलीं। सानिया ने ज्वाला को 51-31 के अंतर से पछाड़ा। पिछले सात दिन में दोनों भारतीयों की तुलना 'गूगल इनसाइट फॉर सर्च' का इस्तेमाल कर किए जाने वाले सर्वे में की गई है। लेकिन ओवरऑल टेनिस महिला खिलाड़ी सानिया मिर्जा नेटीजन की पहली पसंद हैं, जिन्हें सबसे ज्यादा 84 हिट्स मिले हैं। जब भारतीय टेनिस टीम के अन्य सदस्य लिएंडर पेस, महेश भूपति, रोहन बोपन्ना, सोमदेव देवबर्मन और विष्णु वर्धन से उनकी तुलना की गई, तो सानिया सबसे लोकप्रिय निकलीं। सानिया ने ज्वाला को 51-31 के अंतर से पछाड़ा। जब भारतीय टेनिस टीम के अन्य सदस्य लिएंडर पेस, महेश भूपति, रोहन बोपन्ना, सोमदेव देवबर्मन और विष्णु वर्धन से उनकी तुलना की गई, तो सानिया सबसे लोकप्रिय निकलीं। सानिया ने ज्वाला को 51-31 के अंतर से पछाड़ा।
यहाँ एक सारांश है:ज्वाला गुट्टा लोकप्रियता सूची में अपनी साथी खिलाड़ी साइना नेहवाल को पीछे छोड़कर भारतीय बैडमिंटन की नई सनसनी बन गई है। सर्च इंजन गूगल के सर्वे ने इसका खुलासा किया।
4
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिका में रिपब्लिकन्स और डेमोक्रेट्स तथा व्हाइट हाउस के बीच अंतिम घड़ी में बनी सहमति से सरकारी कामकाज बंद होने का खतरा आखिर टल गया। बजट कटौती के प्रस्ताव पर सहमति बन गई और संकट टल गया। अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने शुक्रवार मध्यरात्रि से करीब एक घंटा पहले कहा, सहमति के अभाव में सरकारी कामकाज बंद होने से एक घंटा पहले दोनों पार्टियों के नेता एक समझौते पर पहुंच गए। इस समझौते की बदौलत हमारे छोटे-मोटे कारोबार को बैंकों से कर्ज मिलना जारी रहेगा। परिवारों को उनकी रोजमर्रा की आवश्यकता के लिए वेतन का चेक मिल सकेगा और बहादुर सैनिक भी मुस्तैदी से अपनी ड्यूटी निभा सकेंगे। ओबामा का यह वक्तव्य उनके और प्रतिनिधि सभा के स्पीकर जॉन बोएनेर और सीनेट में बहुमत दन के नेता हैरी रीड के बीच घंटों चली बैठक के बाद आया। दोनों सभाओं के प्रमुखों ने कहा, चालू वित्तवर्ष के लिए हमने एतिहासिक कटौती के प्रस्ताव पर सहमति जताई है, इसके साथ ही हमने सरकारी कामकाज बंद होने का खतरा दूर करने के वास्ते अल्पावधि व्यवस्था भी की है। यह समझौता दोनों सदनों और राष्ट्रपति के बीच हुआ है।
संक्षिप्त पाठ: अमेरिका में रिपब्लिकन्स और डेमोक्रेट्स तथा व्हाइट हाउस के बीच अंतिम घड़ी में बनी सहमति से सरकारी कामकाज बंद होने का खतरा आखिर टल गया।
22
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पुनर्गठन की बड़ी प्रक्रिया के तहत वैश्विक बैंकिंग समूह सिटीग्रुप ने दुनियाभर में 11 हजार नौकरियां समाप्त करने की घोषणा की है। समूह को उम्मीद है कि इससे 2014 से वह सालाना 1.1 अरब डॉलर की बचत कर सकेगा।टिप्पणियां सिटीग्रुप के भारत में जन्मे सीईओ विक्रम पंडित द्वारा पद छोड़ने के दो माह बाद ही यह कदम उठाया गया है। सिटीग्रुप की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि इस पुनर्गठन से वैश्विक स्तर पर 11 हजार कर्मचारियों की छंटनी होगी। समूह ने इसे एक तर्कसंगत कदम बताया है। सिटी के मुख्य कार्यकारी माइकल कॉर्बेट ने कहा, ‘‘हम अतिरिक्त क्षमता तथा खर्चों में कटौती कर अपनी परिचालन दक्षता बढ़ाएंगे। चाहे वह प्रौद्योगिकी का मामला हो या फिर रीयल एस्टेट या अपने परिचालन का सरलीकरण करना हो।’’ बयान में कहा गया कि इस पुनर्गठन से 2013 में उसे 90 करोड़ डॉलर की बचत होगी। वहीं 2014 तक यह बढ़कर 1.1 अरब डॉलर हो जाएगी। सिटीग्रुप के भारत में जन्मे सीईओ विक्रम पंडित द्वारा पद छोड़ने के दो माह बाद ही यह कदम उठाया गया है। सिटीग्रुप की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि इस पुनर्गठन से वैश्विक स्तर पर 11 हजार कर्मचारियों की छंटनी होगी। समूह ने इसे एक तर्कसंगत कदम बताया है। सिटी के मुख्य कार्यकारी माइकल कॉर्बेट ने कहा, ‘‘हम अतिरिक्त क्षमता तथा खर्चों में कटौती कर अपनी परिचालन दक्षता बढ़ाएंगे। चाहे वह प्रौद्योगिकी का मामला हो या फिर रीयल एस्टेट या अपने परिचालन का सरलीकरण करना हो।’’ बयान में कहा गया कि इस पुनर्गठन से 2013 में उसे 90 करोड़ डॉलर की बचत होगी। वहीं 2014 तक यह बढ़कर 1.1 अरब डॉलर हो जाएगी। सिटी के मुख्य कार्यकारी माइकल कॉर्बेट ने कहा, ‘‘हम अतिरिक्त क्षमता तथा खर्चों में कटौती कर अपनी परिचालन दक्षता बढ़ाएंगे। चाहे वह प्रौद्योगिकी का मामला हो या फिर रीयल एस्टेट या अपने परिचालन का सरलीकरण करना हो।’’ बयान में कहा गया कि इस पुनर्गठन से 2013 में उसे 90 करोड़ डॉलर की बचत होगी। वहीं 2014 तक यह बढ़कर 1.1 अरब डॉलर हो जाएगी।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पुनर्गठन की बड़ी प्रक्रिया के तहत वैश्विक बैंकिंग समूह सिटीग्रुप ने दुनियाभर में 11 हजार नौकरियां समाप्त करने की घोषणा की है।
19
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारत ने चीन से कहा कि वह उसकी फार्मा कंपनियों को उसके विशाल बाजार में उतरने की मंजूरी जल्द से जल्द दे। भारत का कहना है कि इस तरह के कदम से चीन के लोगों को काफी फायदा होगा और उन्हें दवाएं उचित मूल्य पर उपलब्ध हो सकेंगी। स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद ने चीन के स्वास्थ्य मंत्री चेन झू के साथ मुलाकात के दौरान यह मसला उठाते हुए भारतीय फार्मा कंपनियों को जल्द से जल्द मंजूरी देने के लिए उनसे हस्तक्षेप करने को कहा। आजाद चार दिन की चीन यात्रा पर यहां आए हैं। उन्होंने चेन से कहा कि भारतीय फार्मा कंपनियों से चीन के लोगों को काफी फायदा होगा, क्योंकि भारत तुलनात्मक रूप से काफी सस्ती दवाएं बनाता है। हालांकि यह व्यापार का मसला है, पर आजाद ने चीन के स्वास्थ्य मंत्रालय से पंजीकरण की प्रक्रिया में शामिल होने को कहा है। भारत ने आईटी के अलावा फार्मा क्षेत्र की पहचान की है, जिसके लिए चीन में काफी संभावनाएं हैं। इससे दोनों देशों के बीच व्यापार असंतुलन को कम किया जा सकता है। दोनों देशों के बीच व्यापार पिछले साल 61 अरब डॉलर पर पहुंच गया है, पर यह बहुत हद तक चीन के पक्ष में झुका हुआ है।
संक्षिप्त पाठ: भारत ने चीन से कहा कि वह उसकी फार्मा कंपनियों को उसके विशाल बाजार में उतरने की मंजूरी जल्द से जल्द दे।
27
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: कोयला आवंटन पर सीबीआई की स्टेटस रिपोर्ट के मुद्दे पर विवाद जारी है। इस बीच एनडीटीवी को जानकारी मिली है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सरकार के सबसे बड़े क़ानूनी अधिकारियों अटॉर्नी जनरल और सॉलिसिटर जनरल से पूछा था कि क्या इस मामले में कहीं उनकी भी कोई ज़िम्मेदारी बनती है। मनमोहन ने इस मामले में अपने ऊपर हो रहे हमलों के बाद ये सवाल पूछा। सूत्रों के मुताबिक अटॉर्नी जनरल और सॉलिसिटर जनरल ने मनमोहन सिंह को बताया कि वे इस मामले में अभियुक्त नहीं हैं। मंगलवार दोपहर को उन्होंने इस मामले में ये क़ानूनी सलाह ली। कोयला घोटाला मामले में इस बात की जांच हो रही है कि आखिर निजी कंपनियों को 'मनमाने तरीके' से खानें आवंटित किए जाने से देश को कितना नुकसान हुआ है और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। इस दौरान यूपीए सरकार में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के पास ही काफी समय तक कोयला मंत्रालय का प्रभार था। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई की स्टेटस रिपोर्ट पर सुनवाई करते हुए कहा था कि सीबीआई ने आखिर क्यों कानूनमंत्री, कोयला मंत्रालय के अधिकारियों और पीएमओ को यह रिपोर्ट दिखाई और किसके कहने पर यह किया गया। टिप्पणियां साथ ही कोर्ट ने सीबीआई से कहा कि वह बताए कि किसके कहने पर कितने और क्यों बदलाव किए हैं। कोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि वह कोर्ट की टिप्पणियों को पढ़ रहे हैं और जरूरी हुआ तो कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद पीएम ने सरकार के तमाम वरिष्ठ कानूनी सलाहकारों के साथ बैठक की और कथित तौर पर पीएम ने इसी बैठक में कहा कि क्या कोर्ट में जो कुछ हुआ उससे यह लगता है कि वह भी इस मामले में एक आरोपी है। सूत्रों का कहना है कि कानूनी जानकारों ने उन्हें आश्वस्त किया कि ऐसा मामला नहीं है। सूत्रों के मुताबिक अटॉर्नी जनरल और सॉलिसिटर जनरल ने मनमोहन सिंह को बताया कि वे इस मामले में अभियुक्त नहीं हैं। मंगलवार दोपहर को उन्होंने इस मामले में ये क़ानूनी सलाह ली। कोयला घोटाला मामले में इस बात की जांच हो रही है कि आखिर निजी कंपनियों को 'मनमाने तरीके' से खानें आवंटित किए जाने से देश को कितना नुकसान हुआ है और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। इस दौरान यूपीए सरकार में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के पास ही काफी समय तक कोयला मंत्रालय का प्रभार था। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई की स्टेटस रिपोर्ट पर सुनवाई करते हुए कहा था कि सीबीआई ने आखिर क्यों कानूनमंत्री, कोयला मंत्रालय के अधिकारियों और पीएमओ को यह रिपोर्ट दिखाई और किसके कहने पर यह किया गया। टिप्पणियां साथ ही कोर्ट ने सीबीआई से कहा कि वह बताए कि किसके कहने पर कितने और क्यों बदलाव किए हैं। कोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि वह कोर्ट की टिप्पणियों को पढ़ रहे हैं और जरूरी हुआ तो कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद पीएम ने सरकार के तमाम वरिष्ठ कानूनी सलाहकारों के साथ बैठक की और कथित तौर पर पीएम ने इसी बैठक में कहा कि क्या कोर्ट में जो कुछ हुआ उससे यह लगता है कि वह भी इस मामले में एक आरोपी है। सूत्रों का कहना है कि कानूनी जानकारों ने उन्हें आश्वस्त किया कि ऐसा मामला नहीं है। कोयला घोटाला मामले में इस बात की जांच हो रही है कि आखिर निजी कंपनियों को 'मनमाने तरीके' से खानें आवंटित किए जाने से देश को कितना नुकसान हुआ है और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। इस दौरान यूपीए सरकार में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के पास ही काफी समय तक कोयला मंत्रालय का प्रभार था। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई की स्टेटस रिपोर्ट पर सुनवाई करते हुए कहा था कि सीबीआई ने आखिर क्यों कानूनमंत्री, कोयला मंत्रालय के अधिकारियों और पीएमओ को यह रिपोर्ट दिखाई और किसके कहने पर यह किया गया। टिप्पणियां साथ ही कोर्ट ने सीबीआई से कहा कि वह बताए कि किसके कहने पर कितने और क्यों बदलाव किए हैं। कोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि वह कोर्ट की टिप्पणियों को पढ़ रहे हैं और जरूरी हुआ तो कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद पीएम ने सरकार के तमाम वरिष्ठ कानूनी सलाहकारों के साथ बैठक की और कथित तौर पर पीएम ने इसी बैठक में कहा कि क्या कोर्ट में जो कुछ हुआ उससे यह लगता है कि वह भी इस मामले में एक आरोपी है। सूत्रों का कहना है कि कानूनी जानकारों ने उन्हें आश्वस्त किया कि ऐसा मामला नहीं है। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई की स्टेटस रिपोर्ट पर सुनवाई करते हुए कहा था कि सीबीआई ने आखिर क्यों कानूनमंत्री, कोयला मंत्रालय के अधिकारियों और पीएमओ को यह रिपोर्ट दिखाई और किसके कहने पर यह किया गया। टिप्पणियां साथ ही कोर्ट ने सीबीआई से कहा कि वह बताए कि किसके कहने पर कितने और क्यों बदलाव किए हैं। कोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि वह कोर्ट की टिप्पणियों को पढ़ रहे हैं और जरूरी हुआ तो कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद पीएम ने सरकार के तमाम वरिष्ठ कानूनी सलाहकारों के साथ बैठक की और कथित तौर पर पीएम ने इसी बैठक में कहा कि क्या कोर्ट में जो कुछ हुआ उससे यह लगता है कि वह भी इस मामले में एक आरोपी है। सूत्रों का कहना है कि कानूनी जानकारों ने उन्हें आश्वस्त किया कि ऐसा मामला नहीं है। साथ ही कोर्ट ने सीबीआई से कहा कि वह बताए कि किसके कहने पर कितने और क्यों बदलाव किए हैं। कोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि वह कोर्ट की टिप्पणियों को पढ़ रहे हैं और जरूरी हुआ तो कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद पीएम ने सरकार के तमाम वरिष्ठ कानूनी सलाहकारों के साथ बैठक की और कथित तौर पर पीएम ने इसी बैठक में कहा कि क्या कोर्ट में जो कुछ हुआ उससे यह लगता है कि वह भी इस मामले में एक आरोपी है। सूत्रों का कहना है कि कानूनी जानकारों ने उन्हें आश्वस्त किया कि ऐसा मामला नहीं है। इसके बाद पीएम ने सरकार के तमाम वरिष्ठ कानूनी सलाहकारों के साथ बैठक की और कथित तौर पर पीएम ने इसी बैठक में कहा कि क्या कोर्ट में जो कुछ हुआ उससे यह लगता है कि वह भी इस मामले में एक आरोपी है। सूत्रों का कहना है कि कानूनी जानकारों ने उन्हें आश्वस्त किया कि ऐसा मामला नहीं है।
एनडीटीवी को जानकारी मिली है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सरकार के सबसे बड़े क़ानूनी अधिकारियों अटॉर्नी जनरल और सॉलिसिटर जनरल से पूछा था कि क्या इस मामले में कहीं उनकी भी कोई ज़िम्मेदारी बनती है। मनमोहन ने इस मामले में अपने ऊपर हो रहे हमलों के बाद ये सवाल प
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: बॉलीवुड एक्टर संजय दत्त (Sanjay Dutt) जल्द ही फिल्म 'पानीपत' में नजर आने वाले हैं. इस फिल्म में एक्टर अर्जुन कपूर (Arjun Kapoor) भी मुख्य भूमिका में नजर आएंगे. संजय दत्त (Sanjay Dutt) को हमेशा से बॉलीवुड के एक दमदार एक्टर के रूप में जाना जाता है. हालांकि, उन्होंने अपने जीवन में कई उतार-चढ़ाव के बाद इस मुकाम को हासिल किया है. हाल ही में एक्टर ने एक इंटरव्यू के दौरान अपनी जिंदगी से जुड़ी कई बातें भी शेयर कीं, जिसमें उन्होंने खासकर अपनी पत्नी मान्यता दत्त (Maanyata Dutt) की तारीफों के पुल बांध दिये. इंटरव्यू में पत्नी मान्यता दत्त (Maanyata Dutt) के बारे में बताते हुए संजय दत्त (Sanjay Dutt) ने कहा कि वह मान्यता जैसी पत्नी पाकर काफी खुश हैं.  मुंबई मिरर को दिये इंटरव्यू में संजय दत्त  (Sanjay Dutt) ने कहा, "मान्यता (Maanyata Dutt) जैसी पत्नी होना मेरे लिए बहुत गर्व की बात है. उनका ध्यान हमेशा अपने घर, पति, बच्चे और अपने काम पर होता है. मैं कभी भी उनके काम में दखलअंदाजी नहीं करता, क्योंकि मैं जानता हूं कि वह बेहतर तरीके से बिजनेस हैंडल कर सकती हैं. मेरे पिता के गुजरने के बाद मान्यता ने ही हर चीज में मेरा साथ दिया है. वह कभी भी मुझे गिरने नहीं देती और हमेशा मेरी मदद करती है." इसके बाद खुद मान्यता दत्त ने भी इंटरव्यू में सजय दत्त के लिए काफी कुछ कहा. मान्यता ने बताया कि जो लोग सोचते हैं कि मैं उनका कवच हूं, मैं बता दूं कि वह मेरे लिए और बच्चों के लिए हमेशा मजबूती से खड़े रहते हैं. यहां तक कि जब वह अंदर थे, तब भी वह हमारे लिए बहुत चिंतित थे." इन सबके अलावा मान्यता दत्त (Maanyata Dutt) ने बताया, "संजय दत्त (Sanjay Dutt) इस बात से परेशान रहते थे क्योंकि उनके पिता अदालत को यह कहते हुए नहीं सुन पाए थे कि वह आतंकवादी नहीं हैं. वह भले ही टाडा आरोपों से बरी हो गए थे, लेकिन इस चीज ने परिवार के नाम को कलंकित करने के साथ ही संजय को भी काफी दिनों तक परेशान किया." बता दें कि संजय दत्त और मान्यता दत्त ने साल 2008 में शादी की थी. उनके दो बच्चे भी हैं, जिनका नाम है शाहरान दत्त और इकरा दत्त है.
संक्षिप्त सारांश: संजय दत्त ने बांधे मान्यता दत्त की तारीफों के पुल मान्यता दत्त को लेकर कहा कि मैं ऐसी पत्नी पाकर गर्व महसूस करता हूं संजय दत्त ने बताई पत्नी से जुड़ी कई बातें
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['hin']
एक सारांश बनाओ: भारत और यूरोपीय संघ के बीच वृहद मुक्त व्यापार समझौते पर वार्ता जल्द पूर्ण होने की उम्मीद है। इससे दोनों क्षेत्रों के बीच व्यापारिक और आर्थिक रिश्तों को बढ़ावा मिलेगा। इस वार्ता में पहले ही काफी विलंब हो चुका है। सीआईआई के सालाना भागीदारी सम्मेलन को संबोधित करते हुए वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री आनंद शर्मा ने कहा, ‘हमारी कई देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौतों के लिए बातचीत चल रही है। यूरोपीय संघ के साथ द्विपक्षीय व्यापार एवं निवेश करार (बीटीआईए) जल्द पूर्ण होने के कगार पर है।’टिप्पणियां भारत अपने सबसे बड़े व्यापारिक भागीदार यूरोपीय संघ के साथ 2007 से एफटीए के जरिये वस्तुओं, सेवाओं ओर निवेश को उदार बनाने के लिए बातचीत कर रहा है। एफटीए के तहत व्यापार से संबंधित 90 प्रतिशत शुल्कों को समाप्त किया जाएगा। इससे सेवाओं और निवेश के लिए दोनों बाजार खुल सकेंगे। शर्मा ने कहा कि वैश्विक आर्थिक वृद्धि अब भी नरम है और इसके एक बार फिर से मंदी की गिरफ्त में जाने का जोखिम बना हुआ है। उन्होंने कहा कि जो ताजा संकेत मिल रहे हैं उनसे लगता है कि वैश्विक वृद्धि 3.5 फीसद पर कमजोर रहेगी। यह पिछले साल 3.2 फीसद रही थी। सीआईआई के सालाना भागीदारी सम्मेलन को संबोधित करते हुए वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री आनंद शर्मा ने कहा, ‘हमारी कई देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौतों के लिए बातचीत चल रही है। यूरोपीय संघ के साथ द्विपक्षीय व्यापार एवं निवेश करार (बीटीआईए) जल्द पूर्ण होने के कगार पर है।’टिप्पणियां भारत अपने सबसे बड़े व्यापारिक भागीदार यूरोपीय संघ के साथ 2007 से एफटीए के जरिये वस्तुओं, सेवाओं ओर निवेश को उदार बनाने के लिए बातचीत कर रहा है। एफटीए के तहत व्यापार से संबंधित 90 प्रतिशत शुल्कों को समाप्त किया जाएगा। इससे सेवाओं और निवेश के लिए दोनों बाजार खुल सकेंगे। शर्मा ने कहा कि वैश्विक आर्थिक वृद्धि अब भी नरम है और इसके एक बार फिर से मंदी की गिरफ्त में जाने का जोखिम बना हुआ है। उन्होंने कहा कि जो ताजा संकेत मिल रहे हैं उनसे लगता है कि वैश्विक वृद्धि 3.5 फीसद पर कमजोर रहेगी। यह पिछले साल 3.2 फीसद रही थी। भारत अपने सबसे बड़े व्यापारिक भागीदार यूरोपीय संघ के साथ 2007 से एफटीए के जरिये वस्तुओं, सेवाओं ओर निवेश को उदार बनाने के लिए बातचीत कर रहा है। एफटीए के तहत व्यापार से संबंधित 90 प्रतिशत शुल्कों को समाप्त किया जाएगा। इससे सेवाओं और निवेश के लिए दोनों बाजार खुल सकेंगे। शर्मा ने कहा कि वैश्विक आर्थिक वृद्धि अब भी नरम है और इसके एक बार फिर से मंदी की गिरफ्त में जाने का जोखिम बना हुआ है। उन्होंने कहा कि जो ताजा संकेत मिल रहे हैं उनसे लगता है कि वैश्विक वृद्धि 3.5 फीसद पर कमजोर रहेगी। यह पिछले साल 3.2 फीसद रही थी। शर्मा ने कहा कि वैश्विक आर्थिक वृद्धि अब भी नरम है और इसके एक बार फिर से मंदी की गिरफ्त में जाने का जोखिम बना हुआ है। उन्होंने कहा कि जो ताजा संकेत मिल रहे हैं उनसे लगता है कि वैश्विक वृद्धि 3.5 फीसद पर कमजोर रहेगी। यह पिछले साल 3.2 फीसद रही थी।
यह एक सारांश है: भारत और यूरोपीय संघ के बीच वृहद मुक्त व्यापार समझौते पर वार्ता जल्द पूर्ण होने की उम्मीद है। इससे दोनों क्षेत्रों के बीच व्यापारिक और आर्थिक रिश्तों को बढ़ावा मिलेगा। इस वार्ता में पहले ही काफी विलंब हो चुका है।
21
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान ने गुरुवार को यह सुनिश्चित करने की बात कही है कि सीआईए के संदिग्ध कांट्रैक्टर रेमंड डेविस की गिरफ्तारी के मामले का अमेरिका के साथ उसके रिश्तों पर बुरा प्रभाव न पड़े। डेविस को इस साल जनवरी में दो पाकिस्तानी नागरिकों की हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया था। फिलहाल वह हत्या के आरोप में लाहौर की एक जेल में बंद है। इस मामले को लेकर अमेरिका और पाकिस्तान के बीच तनातनी देखी गई थी। लाहौर उच्च न्यायालय 14 मार्च को इस बारे में फैसला करेगा कि डेविस को राजनयिक दर्जा प्राप्त है अथवा नहीं। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता तहमीना जानुजा ने कहा, मामला अदालत के विचाराधीन है और इस मामले में कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। तहमीना ने कहा, जहां तक विदेश मंत्रालय की बात है, तो यह सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है कि इसका अमेरिका के साथ रिश्ते पर कोई बुरा असर न पड़े। हम अपनी जिम्मेदारी समझते हैं।
यहाँ एक सारांश है:पाक ने कहा है कि सीआईए के संदिग्ध कांट्रैक्टर रेमंड डेविस की गिरफ्तारी के मामले का अमेरिका के साथ उसके रिश्तों पर बुरा प्रभाव नहीं पड़ेगा।
12
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: कांग्रेस ने गुरुवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने कर्नाटक में अवैध खनन को लेकर लोकायुक्त की रिपोर्ट में राज्य के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के खिलाफ आरोप लगाए जाने के बाद मुख्यमंत्री पद से उनका इस्तीफा मांगने में देरी की। भाजपा द्वारा येदियुरप्पा से फौरन इस्तीफा मांगने पर कांग्रेस की ओर से पहली प्रतिक्रिया में पार्टी के नेता राजीव शुक्ला ने कहा, "इसमें बहुत देरी हुई। यह छह महीने पहले होना चाहिए था। उनके खिलाफ गम्भीर आरोप हैं।" संसदीय कार्य राज्य मंत्री शुक्ला ने एक समाचार चैनल से बातचीत में कहा कि कांग्रेस पिछले छह महीने से येदियुरप्पा का इस्तीफा मांग रही थी, लेकिन भाजपा ने इसकी अनदेखी दी। शुक्ला ने कहा, "अब भी यह स्पष्ट नहीं है कि येदियुरप्पा सच में इस्तीफा देंगे या नहीं। उन्होंने अब तक इस्तीफा नहीं दिया है। उनके तेवर विद्रोही हैं। उन्हें बुधवार को ही अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए था।"
यह एक सारांश है: कांग्रेस ने कहा कि बीजेपी ने येदियुरप्पा के खिलाफ आरोप लगाए जाने के बाद मुख्यमंत्री पद से उनका इस्तीफा मांगने में देरी की।
24
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का मानना है कि टेस्ट क्रिकेट में आक्रामक फिल्डिंग का युग खत्म हो गया है। धोनी ने कहा कि भारत की धीमी पिचों पर क्रिकेट की आक्रमण और रक्षा करने की रणनीतियों की वजह से क्रिकेट की पांरपरिक शैली में बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि पिचों का मूल्यांकन करने के बाद रणनीति में काफी बदलाव होता है। गौरतलब है कि दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान पर भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला गया चौथा टेस्ट तीन दिन में ही समाप्त हो गया। भारत ने यह शृंखला 4-0 से जीत ली। धोनी से जब पिच के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, आपको यह तय करना होगा कि क्या सही है, क्या गलत। आपकी राय अहम है। जब आप चार तेज गेंदबाजों के साथ खेलते हैं तो यह रणनीति कहलाती है। लेकिन, जब आप तीन या चार स्पिनरों के साथ खेलने उतरते हैं तो इसे खराब क्रिकेट कहा जाता है।टिप्पणियां धोनी ने कहा, आक्रामक फिल्डिंग का दौर खत्म हो गया है। जिस तरह का क्रिकेट हम खेलते थे, वह पूरी तरह से बदल चुका है। जहां, प्राय: हम देखते थे कि मिडऑन पर खिलाड़ी खड़ा करना एक आम बात थी। लेकिन अब मिडऑन पर खिलाड़ी कम ही दिखता है। दिल्ली टेस्ट के दौरान मैदान में आउटफील्ड और बल्लेबाजों के करीब काफी खिलाड़ियों को खड़ा किया गया था। यह एक मानक बन गया है। खिलाड़ियों की मनोदशा को देखते हुए फिल्डिंग में काफी बदलाव किए जाते हैं। धोनी ने दो कप्तानों द्वारा एक ही तरह की फिल्डिंग को लेकर राय का उदाहरण देते हुए कहा, यदि आप वीरेंद्र सहवाग के लिए डीप थर्डमैन, डीप पॉइंट, डीप स्कैयर लेग पर खिलाड़ी खड़ा करते हैं तो यह रणनीति कहलाती है। लेकिन जब धोनी, डेविड वार्नर के लिए डीप पॉइंट और डीप स्कैयर लेग पर खिलाड़ी खड़ा करते हैं तो यह रक्षात्मक हो जाता है। दरअसल, आपको बल्लेबाज की मनोदशा के अनुसार चलना होता है। गौरतलब है कि दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान पर भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला गया चौथा टेस्ट तीन दिन में ही समाप्त हो गया। भारत ने यह शृंखला 4-0 से जीत ली। धोनी से जब पिच के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, आपको यह तय करना होगा कि क्या सही है, क्या गलत। आपकी राय अहम है। जब आप चार तेज गेंदबाजों के साथ खेलते हैं तो यह रणनीति कहलाती है। लेकिन, जब आप तीन या चार स्पिनरों के साथ खेलने उतरते हैं तो इसे खराब क्रिकेट कहा जाता है।टिप्पणियां धोनी ने कहा, आक्रामक फिल्डिंग का दौर खत्म हो गया है। जिस तरह का क्रिकेट हम खेलते थे, वह पूरी तरह से बदल चुका है। जहां, प्राय: हम देखते थे कि मिडऑन पर खिलाड़ी खड़ा करना एक आम बात थी। लेकिन अब मिडऑन पर खिलाड़ी कम ही दिखता है। दिल्ली टेस्ट के दौरान मैदान में आउटफील्ड और बल्लेबाजों के करीब काफी खिलाड़ियों को खड़ा किया गया था। यह एक मानक बन गया है। खिलाड़ियों की मनोदशा को देखते हुए फिल्डिंग में काफी बदलाव किए जाते हैं। धोनी ने दो कप्तानों द्वारा एक ही तरह की फिल्डिंग को लेकर राय का उदाहरण देते हुए कहा, यदि आप वीरेंद्र सहवाग के लिए डीप थर्डमैन, डीप पॉइंट, डीप स्कैयर लेग पर खिलाड़ी खड़ा करते हैं तो यह रणनीति कहलाती है। लेकिन जब धोनी, डेविड वार्नर के लिए डीप पॉइंट और डीप स्कैयर लेग पर खिलाड़ी खड़ा करते हैं तो यह रक्षात्मक हो जाता है। दरअसल, आपको बल्लेबाज की मनोदशा के अनुसार चलना होता है। धोनी से जब पिच के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, आपको यह तय करना होगा कि क्या सही है, क्या गलत। आपकी राय अहम है। जब आप चार तेज गेंदबाजों के साथ खेलते हैं तो यह रणनीति कहलाती है। लेकिन, जब आप तीन या चार स्पिनरों के साथ खेलने उतरते हैं तो इसे खराब क्रिकेट कहा जाता है।टिप्पणियां धोनी ने कहा, आक्रामक फिल्डिंग का दौर खत्म हो गया है। जिस तरह का क्रिकेट हम खेलते थे, वह पूरी तरह से बदल चुका है। जहां, प्राय: हम देखते थे कि मिडऑन पर खिलाड़ी खड़ा करना एक आम बात थी। लेकिन अब मिडऑन पर खिलाड़ी कम ही दिखता है। दिल्ली टेस्ट के दौरान मैदान में आउटफील्ड और बल्लेबाजों के करीब काफी खिलाड़ियों को खड़ा किया गया था। यह एक मानक बन गया है। खिलाड़ियों की मनोदशा को देखते हुए फिल्डिंग में काफी बदलाव किए जाते हैं। धोनी ने दो कप्तानों द्वारा एक ही तरह की फिल्डिंग को लेकर राय का उदाहरण देते हुए कहा, यदि आप वीरेंद्र सहवाग के लिए डीप थर्डमैन, डीप पॉइंट, डीप स्कैयर लेग पर खिलाड़ी खड़ा करते हैं तो यह रणनीति कहलाती है। लेकिन जब धोनी, डेविड वार्नर के लिए डीप पॉइंट और डीप स्कैयर लेग पर खिलाड़ी खड़ा करते हैं तो यह रक्षात्मक हो जाता है। दरअसल, आपको बल्लेबाज की मनोदशा के अनुसार चलना होता है। धोनी ने कहा, आक्रामक फिल्डिंग का दौर खत्म हो गया है। जिस तरह का क्रिकेट हम खेलते थे, वह पूरी तरह से बदल चुका है। जहां, प्राय: हम देखते थे कि मिडऑन पर खिलाड़ी खड़ा करना एक आम बात थी। लेकिन अब मिडऑन पर खिलाड़ी कम ही दिखता है। दिल्ली टेस्ट के दौरान मैदान में आउटफील्ड और बल्लेबाजों के करीब काफी खिलाड़ियों को खड़ा किया गया था। यह एक मानक बन गया है। खिलाड़ियों की मनोदशा को देखते हुए फिल्डिंग में काफी बदलाव किए जाते हैं। धोनी ने दो कप्तानों द्वारा एक ही तरह की फिल्डिंग को लेकर राय का उदाहरण देते हुए कहा, यदि आप वीरेंद्र सहवाग के लिए डीप थर्डमैन, डीप पॉइंट, डीप स्कैयर लेग पर खिलाड़ी खड़ा करते हैं तो यह रणनीति कहलाती है। लेकिन जब धोनी, डेविड वार्नर के लिए डीप पॉइंट और डीप स्कैयर लेग पर खिलाड़ी खड़ा करते हैं तो यह रक्षात्मक हो जाता है। दरअसल, आपको बल्लेबाज की मनोदशा के अनुसार चलना होता है। धोनी ने दो कप्तानों द्वारा एक ही तरह की फिल्डिंग को लेकर राय का उदाहरण देते हुए कहा, यदि आप वीरेंद्र सहवाग के लिए डीप थर्डमैन, डीप पॉइंट, डीप स्कैयर लेग पर खिलाड़ी खड़ा करते हैं तो यह रणनीति कहलाती है। लेकिन जब धोनी, डेविड वार्नर के लिए डीप पॉइंट और डीप स्कैयर लेग पर खिलाड़ी खड़ा करते हैं तो यह रक्षात्मक हो जाता है। दरअसल, आपको बल्लेबाज की मनोदशा के अनुसार चलना होता है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: धोनी ने कहा कि भारत की धीमी पिचों पर क्रिकेट की आक्रमण और रक्षा करने की रणनीतियों की वजह से क्रिकेट की पांरपरिक शैली में बदलाव आया है।
19
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भाजपा अध्यक्ष अमित शाह कल (गुरुवार) से तीन दिन के दौरे पर महाराष्‍ट्र जाएंगे, जहां उनके शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से मुलाकात करने की संभावना है. उद्धव ने राष्‍ट्रपति चुनाव में स्वतंत्र रुख रखने की बात कही है. भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, 'हमें शिवसेना के वोट मिलने की उम्मीद हैं'. उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय पार्टी एक ऐसे उम्मीदवार के खिलाफ वोट करना नहीं चाहेगी, जिसके अगला राष्‍ट्रपति बनने की प्रबल संभावना है. शिवसेना के मुखपत्र सामना में कहा गया है कि शाह 18 जून को ठाकरे से मुलाकात करेंगे. महाराष्‍ट्र में शिवसेना और भाजपा के बीच रिश्‍ते लंबे समय से ठीक नहीं हैं. शिवसेना का राष्‍ट्रपति चुनाव में भाजपा के उम्मीदवार के खिलाफ वोट देने का इतिहास रहा है. शिवसेना के प्रवक्ता संजय राउत ने हाल ही में कहा था कि उनकी पार्टी चुनाव में स्वतंत्र रुख अपना सकती है. शिवसेना ने राष्‍ट्रपति पद के लिए आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के नाम का प्रस्ताव दिया था. हालांकि भागवत ने इस पर अनिच्छा जताई थी जबकि भाजपा में भी इस प्रस्ताव पर खास उत्साह नहीं देखा गया. शाह का कल शिवाजी पार्क में शिवाजी, भीमराव अंबेडकर, वीर सावरकर और शिवसेना संस्थापक बालासाहेब ठाकरे को पुष्पांजलि अपर्ति करने का भी कार्यक्रम है. पार्टी ने एक बयान में कहा कि बाद में शाह मुख्यमंत्री के आवास पर राज्य मंत्रियों के साथ बैठक से पहले निर्वाचित प्रतिनिधियों के अलावा भाजपा के सांसदों, विधायकों, प्रदेश कार्यालय पदाधिकारियों, जिला और मंडल प्रमुखों से मुलाकात करेंगे. वह पार्टी के सभी सांसदों से भी मुलाकात करेंगे. वह 17 जून को राज्य की कोर समिति के सदस्यों से मुलाकात करेंगे और बाद में पार्टी के अन्य कार्यक्रमों में भाग लेंगे.टिप्पणियां पार्टी के बयान के अनुसार, अपने दौरे के आखिरी दिन शाह मुंबई में पंडित दीनदयाल उपाध्याय जन्मशती वर्ष कार्य विस्तारक योजना की बैठक करेंगे तथा बूथ स्तर पर पार्टी को मजबूत करने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों की समीक्षा करेंगे. (इनपुट भाषा से) भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, 'हमें शिवसेना के वोट मिलने की उम्मीद हैं'. उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय पार्टी एक ऐसे उम्मीदवार के खिलाफ वोट करना नहीं चाहेगी, जिसके अगला राष्‍ट्रपति बनने की प्रबल संभावना है. शिवसेना के मुखपत्र सामना में कहा गया है कि शाह 18 जून को ठाकरे से मुलाकात करेंगे. महाराष्‍ट्र में शिवसेना और भाजपा के बीच रिश्‍ते लंबे समय से ठीक नहीं हैं. शिवसेना का राष्‍ट्रपति चुनाव में भाजपा के उम्मीदवार के खिलाफ वोट देने का इतिहास रहा है. शिवसेना के प्रवक्ता संजय राउत ने हाल ही में कहा था कि उनकी पार्टी चुनाव में स्वतंत्र रुख अपना सकती है. शिवसेना ने राष्‍ट्रपति पद के लिए आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के नाम का प्रस्ताव दिया था. हालांकि भागवत ने इस पर अनिच्छा जताई थी जबकि भाजपा में भी इस प्रस्ताव पर खास उत्साह नहीं देखा गया. शाह का कल शिवाजी पार्क में शिवाजी, भीमराव अंबेडकर, वीर सावरकर और शिवसेना संस्थापक बालासाहेब ठाकरे को पुष्पांजलि अपर्ति करने का भी कार्यक्रम है. पार्टी ने एक बयान में कहा कि बाद में शाह मुख्यमंत्री के आवास पर राज्य मंत्रियों के साथ बैठक से पहले निर्वाचित प्रतिनिधियों के अलावा भाजपा के सांसदों, विधायकों, प्रदेश कार्यालय पदाधिकारियों, जिला और मंडल प्रमुखों से मुलाकात करेंगे. वह पार्टी के सभी सांसदों से भी मुलाकात करेंगे. वह 17 जून को राज्य की कोर समिति के सदस्यों से मुलाकात करेंगे और बाद में पार्टी के अन्य कार्यक्रमों में भाग लेंगे.टिप्पणियां पार्टी के बयान के अनुसार, अपने दौरे के आखिरी दिन शाह मुंबई में पंडित दीनदयाल उपाध्याय जन्मशती वर्ष कार्य विस्तारक योजना की बैठक करेंगे तथा बूथ स्तर पर पार्टी को मजबूत करने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों की समीक्षा करेंगे. (इनपुट भाषा से) शिवसेना के मुखपत्र सामना में कहा गया है कि शाह 18 जून को ठाकरे से मुलाकात करेंगे. महाराष्‍ट्र में शिवसेना और भाजपा के बीच रिश्‍ते लंबे समय से ठीक नहीं हैं. शिवसेना का राष्‍ट्रपति चुनाव में भाजपा के उम्मीदवार के खिलाफ वोट देने का इतिहास रहा है. शिवसेना के प्रवक्ता संजय राउत ने हाल ही में कहा था कि उनकी पार्टी चुनाव में स्वतंत्र रुख अपना सकती है. शिवसेना ने राष्‍ट्रपति पद के लिए आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के नाम का प्रस्ताव दिया था. हालांकि भागवत ने इस पर अनिच्छा जताई थी जबकि भाजपा में भी इस प्रस्ताव पर खास उत्साह नहीं देखा गया. शाह का कल शिवाजी पार्क में शिवाजी, भीमराव अंबेडकर, वीर सावरकर और शिवसेना संस्थापक बालासाहेब ठाकरे को पुष्पांजलि अपर्ति करने का भी कार्यक्रम है. पार्टी ने एक बयान में कहा कि बाद में शाह मुख्यमंत्री के आवास पर राज्य मंत्रियों के साथ बैठक से पहले निर्वाचित प्रतिनिधियों के अलावा भाजपा के सांसदों, विधायकों, प्रदेश कार्यालय पदाधिकारियों, जिला और मंडल प्रमुखों से मुलाकात करेंगे. वह पार्टी के सभी सांसदों से भी मुलाकात करेंगे. वह 17 जून को राज्य की कोर समिति के सदस्यों से मुलाकात करेंगे और बाद में पार्टी के अन्य कार्यक्रमों में भाग लेंगे.टिप्पणियां पार्टी के बयान के अनुसार, अपने दौरे के आखिरी दिन शाह मुंबई में पंडित दीनदयाल उपाध्याय जन्मशती वर्ष कार्य विस्तारक योजना की बैठक करेंगे तथा बूथ स्तर पर पार्टी को मजबूत करने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों की समीक्षा करेंगे. (इनपुट भाषा से) महाराष्‍ट्र में शिवसेना और भाजपा के बीच रिश्‍ते लंबे समय से ठीक नहीं हैं. शिवसेना का राष्‍ट्रपति चुनाव में भाजपा के उम्मीदवार के खिलाफ वोट देने का इतिहास रहा है. शिवसेना के प्रवक्ता संजय राउत ने हाल ही में कहा था कि उनकी पार्टी चुनाव में स्वतंत्र रुख अपना सकती है. शिवसेना ने राष्‍ट्रपति पद के लिए आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के नाम का प्रस्ताव दिया था. हालांकि भागवत ने इस पर अनिच्छा जताई थी जबकि भाजपा में भी इस प्रस्ताव पर खास उत्साह नहीं देखा गया. शाह का कल शिवाजी पार्क में शिवाजी, भीमराव अंबेडकर, वीर सावरकर और शिवसेना संस्थापक बालासाहेब ठाकरे को पुष्पांजलि अपर्ति करने का भी कार्यक्रम है. पार्टी ने एक बयान में कहा कि बाद में शाह मुख्यमंत्री के आवास पर राज्य मंत्रियों के साथ बैठक से पहले निर्वाचित प्रतिनिधियों के अलावा भाजपा के सांसदों, विधायकों, प्रदेश कार्यालय पदाधिकारियों, जिला और मंडल प्रमुखों से मुलाकात करेंगे. वह पार्टी के सभी सांसदों से भी मुलाकात करेंगे. वह 17 जून को राज्य की कोर समिति के सदस्यों से मुलाकात करेंगे और बाद में पार्टी के अन्य कार्यक्रमों में भाग लेंगे.टिप्पणियां पार्टी के बयान के अनुसार, अपने दौरे के आखिरी दिन शाह मुंबई में पंडित दीनदयाल उपाध्याय जन्मशती वर्ष कार्य विस्तारक योजना की बैठक करेंगे तथा बूथ स्तर पर पार्टी को मजबूत करने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों की समीक्षा करेंगे. (इनपुट भाषा से) शिवसेना के प्रवक्ता संजय राउत ने हाल ही में कहा था कि उनकी पार्टी चुनाव में स्वतंत्र रुख अपना सकती है. शिवसेना ने राष्‍ट्रपति पद के लिए आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के नाम का प्रस्ताव दिया था. हालांकि भागवत ने इस पर अनिच्छा जताई थी जबकि भाजपा में भी इस प्रस्ताव पर खास उत्साह नहीं देखा गया. शाह का कल शिवाजी पार्क में शिवाजी, भीमराव अंबेडकर, वीर सावरकर और शिवसेना संस्थापक बालासाहेब ठाकरे को पुष्पांजलि अपर्ति करने का भी कार्यक्रम है. पार्टी ने एक बयान में कहा कि बाद में शाह मुख्यमंत्री के आवास पर राज्य मंत्रियों के साथ बैठक से पहले निर्वाचित प्रतिनिधियों के अलावा भाजपा के सांसदों, विधायकों, प्रदेश कार्यालय पदाधिकारियों, जिला और मंडल प्रमुखों से मुलाकात करेंगे. वह पार्टी के सभी सांसदों से भी मुलाकात करेंगे. वह 17 जून को राज्य की कोर समिति के सदस्यों से मुलाकात करेंगे और बाद में पार्टी के अन्य कार्यक्रमों में भाग लेंगे.टिप्पणियां पार्टी के बयान के अनुसार, अपने दौरे के आखिरी दिन शाह मुंबई में पंडित दीनदयाल उपाध्याय जन्मशती वर्ष कार्य विस्तारक योजना की बैठक करेंगे तथा बूथ स्तर पर पार्टी को मजबूत करने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों की समीक्षा करेंगे. (इनपुट भाषा से) शाह का कल शिवाजी पार्क में शिवाजी, भीमराव अंबेडकर, वीर सावरकर और शिवसेना संस्थापक बालासाहेब ठाकरे को पुष्पांजलि अपर्ति करने का भी कार्यक्रम है. पार्टी ने एक बयान में कहा कि बाद में शाह मुख्यमंत्री के आवास पर राज्य मंत्रियों के साथ बैठक से पहले निर्वाचित प्रतिनिधियों के अलावा भाजपा के सांसदों, विधायकों, प्रदेश कार्यालय पदाधिकारियों, जिला और मंडल प्रमुखों से मुलाकात करेंगे. वह पार्टी के सभी सांसदों से भी मुलाकात करेंगे. वह 17 जून को राज्य की कोर समिति के सदस्यों से मुलाकात करेंगे और बाद में पार्टी के अन्य कार्यक्रमों में भाग लेंगे.टिप्पणियां पार्टी के बयान के अनुसार, अपने दौरे के आखिरी दिन शाह मुंबई में पंडित दीनदयाल उपाध्याय जन्मशती वर्ष कार्य विस्तारक योजना की बैठक करेंगे तथा बूथ स्तर पर पार्टी को मजबूत करने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों की समीक्षा करेंगे. (इनपुट भाषा से) पार्टी ने एक बयान में कहा कि बाद में शाह मुख्यमंत्री के आवास पर राज्य मंत्रियों के साथ बैठक से पहले निर्वाचित प्रतिनिधियों के अलावा भाजपा के सांसदों, विधायकों, प्रदेश कार्यालय पदाधिकारियों, जिला और मंडल प्रमुखों से मुलाकात करेंगे. वह पार्टी के सभी सांसदों से भी मुलाकात करेंगे. वह 17 जून को राज्य की कोर समिति के सदस्यों से मुलाकात करेंगे और बाद में पार्टी के अन्य कार्यक्रमों में भाग लेंगे.टिप्पणियां पार्टी के बयान के अनुसार, अपने दौरे के आखिरी दिन शाह मुंबई में पंडित दीनदयाल उपाध्याय जन्मशती वर्ष कार्य विस्तारक योजना की बैठक करेंगे तथा बूथ स्तर पर पार्टी को मजबूत करने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों की समीक्षा करेंगे. (इनपुट भाषा से) वह 17 जून को राज्य की कोर समिति के सदस्यों से मुलाकात करेंगे और बाद में पार्टी के अन्य कार्यक्रमों में भाग लेंगे.टिप्पणियां पार्टी के बयान के अनुसार, अपने दौरे के आखिरी दिन शाह मुंबई में पंडित दीनदयाल उपाध्याय जन्मशती वर्ष कार्य विस्तारक योजना की बैठक करेंगे तथा बूथ स्तर पर पार्टी को मजबूत करने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों की समीक्षा करेंगे. (इनपुट भाषा से) पार्टी के बयान के अनुसार, अपने दौरे के आखिरी दिन शाह मुंबई में पंडित दीनदयाल उपाध्याय जन्मशती वर्ष कार्य विस्तारक योजना की बैठक करेंगे तथा बूथ स्तर पर पार्टी को मजबूत करने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों की समीक्षा करेंगे. (इनपुट भाषा से) (इनपुट भाषा से)
यह एक सारांश है: उद्धव ने राष्‍ट्रपति चुनाव में स्वतंत्र रुख रखने की बात कही है. सामना में कहा गया, शाह 18 जून को ठाकरे से मुलाकात करेंगे. महाराष्‍ट्र में शिवसेना और भाजपा के बीच रिश्‍ते लंबे समय से ठीक नहीं हैं.
16
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: इंग्लैंड टीम के मुख्य कोच ट्रेवर बेलिस का कहना है कि टेस्ट टीम के नए कप्तान जो रूट कप्तानी में वही सकारात्मकता लेकर आएंगे जो बल्लेबाजी में दर्शाते हैं. रूट अगले सप्ताह से शुरू हो रही टेस्ट सीरीज में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहली बार टीम की कमान संभालेंगे. रूट को पूर्व कप्तान एलिस्टर कुक के भारत दौरे के बाद इस्तीफा देने के कारण कप्तानी सौंपी गई थी. इंग्लैंड ने भारत दौरे के बाद से एक भी टेस्ट मैच नहीं खेला है. क्रिकइंफो ने बेलिस के हवाले से लिखा है, "निश्चित तौर पर रूट जिस तरह से क्रिकेट खेलते हैं और बल्लेबाजी करते हैं, वह शानदार और सकारात्मक है. मुझे उम्मीद है कि वह कप्तानी में भी इसी तरह की सकारात्मकता लेकर आएंगे." उन्होंने कहा, "पिछले महीने हमने कुछ हल्की-फुल्की चर्चा की थी कि रूट किस तरह से आक्रामक खेल खेलना चाहते हैं. मुझे उम्मीद है कि हम दक्षिण अफ्रीका पर अच्छा दबाव बना पाएंगे." बेलिस ने कप्तानों के साथ अपने काम करने के तरीके पर कहा, "मेरा काम करने का तरीका ऐसा है कि मैं कप्तान को ही सब कुछ करने देता हूं. हालांकि यह पुराना तरीका है, लेकिन मैं इसी में विश्वास रखता हूं. क्योंकि वही मैच खेलते हैं." टिप्पणियां बेलिस ने कहा कि वह जब से टीम के कोच बने तब से उन्होंने हर कप्तान को सौ फीसदी स्वतंत्रता और अपना समर्थन दिया है. बेलिस ने कहा, "मैं जब से यहां पर हूं तब से जितने भी कप्तान आए हैं, मैंने उन्हें पूरी तरह से समर्थन दिया है. अगर उनके चयन को लेकर, फील्डिंग को लेकर, गेंदबाजी में बदलाव को लेकर तर्क सही हैं तो मैं उनका साथ होता हूं."(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा, "पिछले महीने हमने कुछ हल्की-फुल्की चर्चा की थी कि रूट किस तरह से आक्रामक खेल खेलना चाहते हैं. मुझे उम्मीद है कि हम दक्षिण अफ्रीका पर अच्छा दबाव बना पाएंगे." बेलिस ने कप्तानों के साथ अपने काम करने के तरीके पर कहा, "मेरा काम करने का तरीका ऐसा है कि मैं कप्तान को ही सब कुछ करने देता हूं. हालांकि यह पुराना तरीका है, लेकिन मैं इसी में विश्वास रखता हूं. क्योंकि वही मैच खेलते हैं." टिप्पणियां बेलिस ने कहा कि वह जब से टीम के कोच बने तब से उन्होंने हर कप्तान को सौ फीसदी स्वतंत्रता और अपना समर्थन दिया है. बेलिस ने कहा, "मैं जब से यहां पर हूं तब से जितने भी कप्तान आए हैं, मैंने उन्हें पूरी तरह से समर्थन दिया है. अगर उनके चयन को लेकर, फील्डिंग को लेकर, गेंदबाजी में बदलाव को लेकर तर्क सही हैं तो मैं उनका साथ होता हूं."(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) बेलिस ने कहा कि वह जब से टीम के कोच बने तब से उन्होंने हर कप्तान को सौ फीसदी स्वतंत्रता और अपना समर्थन दिया है. बेलिस ने कहा, "मैं जब से यहां पर हूं तब से जितने भी कप्तान आए हैं, मैंने उन्हें पूरी तरह से समर्थन दिया है. अगर उनके चयन को लेकर, फील्डिंग को लेकर, गेंदबाजी में बदलाव को लेकर तर्क सही हैं तो मैं उनका साथ होता हूं."(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
टेस्‍ट सीरीज में इंग्‍लैंड टीम की कप्‍तानी संभालेंगे रूट भारत दौरे के बाद एलिस्‍टर कुक ने दे दिया था इस्‍तीफा इस दौरे के बाद इंग्‍लैंड ने नहीं खेला है कोई टेस्‍ट मैच
28
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: चुनाव आयोग ने पेड न्यूज मामले में किसी राजनीतिज्ञ के खिलाफ पहली बार कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश से विधायक रहीं उमलेश यादव को आज तीन साल के लिए अयोग्य करार दिया। आयोग ने महिला विधायक उमलेश यादव के खिलाफ यह कार्रवाई दो हिंदी समाचार पत्रों में प्रकाशित समाचारों पर हुए चुनाव खर्च के बारे में गलत बयान देने के लिए की है। विवादास्पद राजनीतिज्ञ बी पी यादव के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय परिवर्तन दल की विधायक उमलेश को अयोग्य करार देने के निर्णय का महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण सहित अन्य मामलों पर प्रभाव पड़ सकता है। चव्हाण के खिलाफ भी ऐसी ही शिकायत है और उनका मामला भी चुनाव आयोग के समक्ष लंबित है। मुख्य चुनाव आयुक्त एस वाई कुरैशी के नेतृत्व वाले तीन सदस्य आयोग ने यह निर्णय उम्मीदवार योगेंद्र कुमार की शिकायत पर दिया जिसकी प्रेस परिषद में शिकायत को सही पाया गया था और यही आयोग की कार्रवाई का आधार बना। आयोग ने कहा कि इस मामले में तथ्यों, परिस्थितियों और कानून को ध्यान में रखते हुए उसका यह विचार है और उसे महसूस होता है कि उमलेश यादव ने जन प्रतिनिधित्व कानून की धारा 77 के तहत अप्रैल 2007 में उत्तर प्रदेश में बिसौली के लिए हुए विधानसभा चुनाव के दौरान हुए चुनावी खर्च का सही और सच्चा हिसाब नहीं रखा। आयोग ने कहा कि उन्होंने जिला चुनाव अधिकारी के पास गलत चुनाव खर्च का ब्योरा दाखिल किया और गलत चुनावी ब्योरा दाखिल करने से इनकार करने के साथ ही अपने इस कृत्य का बचाव भी किया। आयोग ने कहा कि कुछ लोगों को चुनावी खर्च में 21250 रुपये छिपाने के लिए यह कार्रवाई बहुत कठोर लग सकती है। आयोग ने कहा, आयोग संसद की ओर से बनाये गए कानून का पालन करने के लिए बाध्य है लेकिन इसके साथ ही यह उसका कर्तव्य भी है।' अत: उसके पास इसके सिवा कोई विकल्प नहीं बचता है कि वह यादव को संसद , विधानसभा या विधान परिषद की सदस्यता के लिए आज की तिथि से अगले तीन साल तक के लिए अयोग्य ठहराए। योगेंद्र कुमार ने प्रेस परिषद के समक्ष शिकायत की थी कि दो हिंदी दैनिकों ने 17 अप्रैल 2007 को ठीक चुनाव से एक दिन पहले यादव के पक्ष में अपने अखबारों में पेड न्यूज आइटम प्रकाशित किए थे। अखबारों का कहना था कि ये खबरें नहीं बल्कि विज्ञापन थे और हर विज्ञापन के अंत में कोने में एडीवीटी शब्द लिखे थे जो यह बताते हैं कि यह खबर नहीं विज्ञापन थे। प्रेस परिषद ने शिकायत पर विचार करने के बाद कहा कि सामग्री का जिस तरीके से प्रकाशन किया गया उससे आम आदमी को ऐसा आभास होता है कि यह खबर है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: देश में पेड न्यूज़ का मामले में पहली बार कार्रवाई करते हुए चुनाव आयोग ने यूपी की विधायक उमलेश यादव को अयोग्य करार दिया है।
11
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पूर्व सेनाप्रमुख जनरल वीके सिंह को झटका देते हुए उन पर सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल तेजिंदर द्वारा दायर किए गए मानहानि के मामले में दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने समन जारी किया है।टिप्पणियां तत्कालीन सेनाप्रमुख जनरल वीके सिंह ने तेजिंदर सिंह पर टाट्रा ट्रक सौदे के लिए ट्रक निर्माता कंपनी की ओर से रिश्वत की पेशकश लेकर पहुंचने का आरोप लगाया था, जिसके बाद तेजिंदर ने वीके सिंह के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया। इस मामले में कोर्ट ने जनरल  वीके सिंह के अलावा चार अन्य लोगों को भी समन जारी किया है और उन्हें 20 जुलाई को अदालत के सामने पेश होने को कहा है। 5 मार्च को जारी सेना की एक आधिकारिक विज्ञप्ति में तेजिंदर सिंह पर आरोप लगाया गया था कि सेनाप्रमुख को रिश्वत की पेशकश देने के अलावा उन्होंने मीडिया में भी झूठी खबरें फैलाईं, ताकि घटिया स्तर के 600 ट्रकों का सौदा सेना से कराया जा सके। तत्कालीन सेनाप्रमुख जनरल वीके सिंह ने तेजिंदर सिंह पर टाट्रा ट्रक सौदे के लिए ट्रक निर्माता कंपनी की ओर से रिश्वत की पेशकश लेकर पहुंचने का आरोप लगाया था, जिसके बाद तेजिंदर ने वीके सिंह के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया। इस मामले में कोर्ट ने जनरल  वीके सिंह के अलावा चार अन्य लोगों को भी समन जारी किया है और उन्हें 20 जुलाई को अदालत के सामने पेश होने को कहा है। 5 मार्च को जारी सेना की एक आधिकारिक विज्ञप्ति में तेजिंदर सिंह पर आरोप लगाया गया था कि सेनाप्रमुख को रिश्वत की पेशकश देने के अलावा उन्होंने मीडिया में भी झूठी खबरें फैलाईं, ताकि घटिया स्तर के 600 ट्रकों का सौदा सेना से कराया जा सके। इस मामले में कोर्ट ने जनरल  वीके सिंह के अलावा चार अन्य लोगों को भी समन जारी किया है और उन्हें 20 जुलाई को अदालत के सामने पेश होने को कहा है। 5 मार्च को जारी सेना की एक आधिकारिक विज्ञप्ति में तेजिंदर सिंह पर आरोप लगाया गया था कि सेनाप्रमुख को रिश्वत की पेशकश देने के अलावा उन्होंने मीडिया में भी झूठी खबरें फैलाईं, ताकि घटिया स्तर के 600 ट्रकों का सौदा सेना से कराया जा सके।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पूर्व सेनाप्रमुख जनरल वीके सिंह को झटका देते हुए उन पर सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल तेजिंदर द्वारा दायर किए गए मानहानि के मामले में दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने समन जारी किया है।
25
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने कहा है कि गंभीर बीमारी से उबरकर वापसी करने के बाद उम्दा प्रदर्शन से युवराज सिंह पर से दबाव हट गया होगा। युवराज ने न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी-20 मैच में 34 रन की आक्रामक पारी खेली। भारत हालांकि एक रन से मैच हार गया। धोनी ने मैच के बाद कहा, कल से वह वो सब कर सकेगा जो वह करना चाहता है। हर इंसान को उतनी निजता तो देनी चाहिए ताकि वह सोच सके कि उसे क्या करना है। खासकर जब आप 10 महीने बाद खेल रहे हैं और आप उस पर दबाव बना देते हैं, क्योंकि उसे खुद नहीं पता कि वह कैसे खेलेगा? अब उसने अच्छा प्रदर्शन किया है तो वह सब कर सकता है, जो करना चाहता है। धोनी ने कहा कि युवराज ने बल्लेबाजी के अलावा बेहतरीन स्पिन गेंदबाजी से टीम में अच्छा संतुलन बनाया।टिप्पणियां उन्होंने कहा, उसके लिए यह बड़ा मैच था। सभी की नजरें उस पर थी। उसे मैदान पर देखकर अच्छा लगा। मेरा मानना है कि उसने टीम को वह संतुलन दिया, जो हमें चाहिए था। उन्होंने कहा, निश्चिततौर पर वह टी-20 मैच में चार ओवर नहीं करेगा, लेकिन मैं उसके वैरिएशन का इस्तेमाल कर सकता हूं। हमें चार विशेषज्ञ गेंदबाजों के साथ पांचवां अनियमित गेंदबाज चाहिए। धोनी ने कहा कि एक खिलाड़ी को ऐसी दिक्कतें आती हैं, लेकिन मैदान पर उतरते ही उसे भूलना अहम होता है। उन्होंने कहा, मैदान पर आने के बाद इन बातों पर कोई नहीं सोचता। हम सभी को पता है कि वह दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में से एक है और मैं उसके लिए बहुत खुश हूं। युवराज ने न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी-20 मैच में 34 रन की आक्रामक पारी खेली। भारत हालांकि एक रन से मैच हार गया। धोनी ने मैच के बाद कहा, कल से वह वो सब कर सकेगा जो वह करना चाहता है। हर इंसान को उतनी निजता तो देनी चाहिए ताकि वह सोच सके कि उसे क्या करना है। खासकर जब आप 10 महीने बाद खेल रहे हैं और आप उस पर दबाव बना देते हैं, क्योंकि उसे खुद नहीं पता कि वह कैसे खेलेगा? अब उसने अच्छा प्रदर्शन किया है तो वह सब कर सकता है, जो करना चाहता है। धोनी ने कहा कि युवराज ने बल्लेबाजी के अलावा बेहतरीन स्पिन गेंदबाजी से टीम में अच्छा संतुलन बनाया।टिप्पणियां उन्होंने कहा, उसके लिए यह बड़ा मैच था। सभी की नजरें उस पर थी। उसे मैदान पर देखकर अच्छा लगा। मेरा मानना है कि उसने टीम को वह संतुलन दिया, जो हमें चाहिए था। उन्होंने कहा, निश्चिततौर पर वह टी-20 मैच में चार ओवर नहीं करेगा, लेकिन मैं उसके वैरिएशन का इस्तेमाल कर सकता हूं। हमें चार विशेषज्ञ गेंदबाजों के साथ पांचवां अनियमित गेंदबाज चाहिए। धोनी ने कहा कि एक खिलाड़ी को ऐसी दिक्कतें आती हैं, लेकिन मैदान पर उतरते ही उसे भूलना अहम होता है। उन्होंने कहा, मैदान पर आने के बाद इन बातों पर कोई नहीं सोचता। हम सभी को पता है कि वह दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में से एक है और मैं उसके लिए बहुत खुश हूं। धोनी ने मैच के बाद कहा, कल से वह वो सब कर सकेगा जो वह करना चाहता है। हर इंसान को उतनी निजता तो देनी चाहिए ताकि वह सोच सके कि उसे क्या करना है। खासकर जब आप 10 महीने बाद खेल रहे हैं और आप उस पर दबाव बना देते हैं, क्योंकि उसे खुद नहीं पता कि वह कैसे खेलेगा? अब उसने अच्छा प्रदर्शन किया है तो वह सब कर सकता है, जो करना चाहता है। धोनी ने कहा कि युवराज ने बल्लेबाजी के अलावा बेहतरीन स्पिन गेंदबाजी से टीम में अच्छा संतुलन बनाया।टिप्पणियां उन्होंने कहा, उसके लिए यह बड़ा मैच था। सभी की नजरें उस पर थी। उसे मैदान पर देखकर अच्छा लगा। मेरा मानना है कि उसने टीम को वह संतुलन दिया, जो हमें चाहिए था। उन्होंने कहा, निश्चिततौर पर वह टी-20 मैच में चार ओवर नहीं करेगा, लेकिन मैं उसके वैरिएशन का इस्तेमाल कर सकता हूं। हमें चार विशेषज्ञ गेंदबाजों के साथ पांचवां अनियमित गेंदबाज चाहिए। धोनी ने कहा कि एक खिलाड़ी को ऐसी दिक्कतें आती हैं, लेकिन मैदान पर उतरते ही उसे भूलना अहम होता है। उन्होंने कहा, मैदान पर आने के बाद इन बातों पर कोई नहीं सोचता। हम सभी को पता है कि वह दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में से एक है और मैं उसके लिए बहुत खुश हूं। उन्होंने कहा, उसके लिए यह बड़ा मैच था। सभी की नजरें उस पर थी। उसे मैदान पर देखकर अच्छा लगा। मेरा मानना है कि उसने टीम को वह संतुलन दिया, जो हमें चाहिए था। उन्होंने कहा, निश्चिततौर पर वह टी-20 मैच में चार ओवर नहीं करेगा, लेकिन मैं उसके वैरिएशन का इस्तेमाल कर सकता हूं। हमें चार विशेषज्ञ गेंदबाजों के साथ पांचवां अनियमित गेंदबाज चाहिए। धोनी ने कहा कि एक खिलाड़ी को ऐसी दिक्कतें आती हैं, लेकिन मैदान पर उतरते ही उसे भूलना अहम होता है। उन्होंने कहा, मैदान पर आने के बाद इन बातों पर कोई नहीं सोचता। हम सभी को पता है कि वह दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में से एक है और मैं उसके लिए बहुत खुश हूं। उन्होंने कहा, मैदान पर आने के बाद इन बातों पर कोई नहीं सोचता। हम सभी को पता है कि वह दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में से एक है और मैं उसके लिए बहुत खुश हूं।
सारांश: भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने कहा है कि गंभीर बीमारी से उबरकर वापसी करने के बाद उम्दा प्रदर्शन से युवराज सिंह पर से दबाव हट गया होगा।
33
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: भाजपा ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर बृहस्पतिवार को चुटकी लेते हुए कहा कि वह खुद तो चुनाव लड़ते नहीं और दूसरों को चुनाव से डराते हैं। भाजपा ने सिंह से कहा कि वह पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जैसा साहस दिखाएं जिन्होंने भ्रष्टाचार के आगे झुकने की बजाय चुनाव में जाना पसंद किया था। पार्टी प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने आरोप लगाया कि सिंह गठबंधन धर्म के नाम पर भ्रष्टाचार को होने दे रहे हैं और उस पर अजीब तर्क दे रहे हैं कि अगर गठबंधन धर्म का ख्याल नहीं रखा गया तो हर छह महीने में चुनाव होंगे। उन्होंने सवाल किया, क्या गठबंधन धर्म या जल्दी जल्दी चुनाव होने के तर्क पर भ्रष्टाचार होने दिया जाए। वह खुद तो चुनाव लड़ते नहीं और दूसरों को चुनाव से डरा रहे हैं। शाहनवाज ने कहा, प्रधानमंत्री हर छह महीने में चुनाव होने से किसी को नहीं डराएं और यह बताएं कि उनके गठबंधन धर्म में भ्रष्टाचार की क्या मजबूरी है। उन्होंने कहा, सिंह को गठबंधन धर्म नहीं, बल्कि राजधर्म का पालन करना चाहिए और भ्रष्टाचार को किसी तर्क पर नहीं पनपने देना चाहिए। हर छह महीने पर चुनाव कराने की प्रधानमंत्री की धमकी पर उन्होंने कहा कि एक बार चुनाव कराके देख लीजिए, सारी गलतफहमी दूर हो जाएगी। भ्रष्टाचार और मंहगाई से आजिज़ जनता संप्रग की जगह सक्षम लोगों को सरकार बनाने का जनादेश देगी और हर छह महीने में चुनाव की जरूरत नहीं होगी। उन्होंने कहा कि गुजरात, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और झारखंड के हाल के उप-चुनावों में भाजपा की भारी जीत ने जनता के रूझान को साफ कर दिया है। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने 1999 में भ्रष्टाचार के आगे झुकने की बजाय चुनाव में जाना पसंद किया था और सिंह को भी ऐसा साहस दिखाना चाहिए।
संक्षिप्त पाठ: हुसैन ने आरोप लगाया कि सिंह गठबंधन धर्म के नाम पर भ्रष्टाचार को होने दे रहे हैं और उस पर अजीब तर्क दे रहे हैं।
13
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: वैश्विक स्तर पर नरमी का असर देश की आर्थिक वृद्धि दर पर दिखने लगा है। विनिर्माण, कृषि तथा खनन क्षेत्र में तीव्र गिरावट के कारण सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष 2011-12 में 6.9 प्रतिशत रहने का अनुमान है। पिछले वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर 8.4 प्रतिशत थी। केंद्रीय सांख्यिकी संगठन (सीएसओ) द्वारा आज जारी अनुमान के अनुसार कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र की वृद्धि दर 2011-12 में घटकर 2.5 प्रतिशत रहेगी जबकि 2010-11 में यह 7.0 प्रतिशत थी। विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि दर भी चालू वित्त वर्ष में घटकर 3.9 प्रतिशत रहने का अनुमान है जो इससे पिछले वित्त वर्ष 2010-11 में 7.6 प्रतिशत थी। सीएसओ का जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान रिजर्व बैंक के अनुमान से कम है। रिजर्व बैंक ने पिछले महीने मौद्रिक नीति की तिमाही समीक्षा में आर्थिक वृद्धि दर 7.0 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया था। मध्यावधि आर्थिक समीक्षा में सरकार ने वृद्धि दर के अनुमान को घटाकर 7.5 प्रतिशत के करीब कर दिया था। मौजूदा अनुमान 2011-12 के लिए 9 प्रतिशत आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान से काफी कम है। सरकार ने पिछले वर्ष फरवरी में बजट से पूर्व समीक्षा में आर्थिक वृद्धि दर 9 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया था। यह अनुमान जारी करते हुए कहा गया है कि 2011-12 की दूसरी छमाही मे वृद्धि धीमी हुई है। अप्रैल-सितंबर, 2011 की छमाही के दौरान वृद्धि दर 7.3 प्रतिशत थी। इस दौरान प्रथम तिमाही (अप्रैल-जून) में वृद्धि 7.7 प्रतिशत और दूसरी (जुलाई-सितंबर) में घट कर 6.9 प्रतिशत पर आ गई। अग्रिम अनुमान के मुताबिक खनन क्षेत्र के उत्पादन में पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 2.2 प्रतिशत की गिरावट की आशंका है जबकि पिछले वित्त वर्ष में इस क्षेत्र में 5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी। निर्माण क्षेत्र में वृद्धि दर भी घटकर 4.8 प्रतिशत रहने का अनुमान है जबकि इससे पूर्व 2010-11 में यह 8 प्रतिशत थी। टिप्पणियां अनुमान के मुताबिक वित्त, बीमा, रियल एस्टेट तथा व्यापार सेवा क्षेत्र की वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष में 9.1 प्रतिशत रहेगी जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह 10.4 प्रतिशत थी। आंकड़ों के मुताबिक पानी, बिजली और गैस उत्पादन इस साल बेहतर रहने का अनुमान है। इस क्षेत्र की वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष में 8.3 प्रतिशत रहने क अनुमान है जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह 3 प्रतिशत थी। चालू वित्त वर्ष के दौरान व्यापार, होटल, परिवहन तथ संचार क्षेत्र की वृद्धि 11.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है जो 2010-11 में 11.1 प्रतिशत थी। सामुदायिक सामाजिक तथा निजी सेवा क्षेत्र की वृद्धि दर 2011-12 में 5.9 प्रतिशत रहने का अनुमान है जो इससे पूर्व वित्त वर्ष में 4.5 प्रतिशत थी। इससे पहले, सरकार तथा रिजर्व बैंक ने कहा था कि वैश्विक आर्थिक नरमी तथा उच्च घरेलू ब्याज दर के कारण चालू वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि कम रहेगी। वर्ष 2011-12 की आर्थिक वृद्धि के बारे में 6.9 प्रतिशत का अग्रिम अनुमान विशेषज्ञों के अनुमानों से कम है। अधिकतर विशेषज्ञों ने चालू वित्त वष में वृद्धि सात से साढ़े सात प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान लगाया है। वित्त वर्ष 2010-11 तथा 2009-10 में आर्थिक वृद्धि दर 8.4 प्रतिशत थी जबकि 2008-09 में यह 6.7 प्रतिशत थी। जीडीपी वृद्धि पर प्रतिक्रिया देते हुए योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह आहलूवालिया ने कहा, ‘‘हम जो कहते रहे हैं, 6.9 प्रतिशत वृद्धि दर उसी के अनुरूप है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमने 2011-12 के लिए 7 प्रतिशत वृद्धि की बात कही है। पहली छमाही में 7.3 प्रतिशत तथा तीसरी तिमाही में 6.9 प्रतिशत से 7 प्रतिशत वृद्धि संभव है।’’ केंद्रीय सांख्यिकी संगठन (सीएसओ) द्वारा आज जारी अनुमान के अनुसार कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र की वृद्धि दर 2011-12 में घटकर 2.5 प्रतिशत रहेगी जबकि 2010-11 में यह 7.0 प्रतिशत थी। विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि दर भी चालू वित्त वर्ष में घटकर 3.9 प्रतिशत रहने का अनुमान है जो इससे पिछले वित्त वर्ष 2010-11 में 7.6 प्रतिशत थी। सीएसओ का जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान रिजर्व बैंक के अनुमान से कम है। रिजर्व बैंक ने पिछले महीने मौद्रिक नीति की तिमाही समीक्षा में आर्थिक वृद्धि दर 7.0 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया था। मध्यावधि आर्थिक समीक्षा में सरकार ने वृद्धि दर के अनुमान को घटाकर 7.5 प्रतिशत के करीब कर दिया था। मौजूदा अनुमान 2011-12 के लिए 9 प्रतिशत आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान से काफी कम है। सरकार ने पिछले वर्ष फरवरी में बजट से पूर्व समीक्षा में आर्थिक वृद्धि दर 9 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया था। यह अनुमान जारी करते हुए कहा गया है कि 2011-12 की दूसरी छमाही मे वृद्धि धीमी हुई है। अप्रैल-सितंबर, 2011 की छमाही के दौरान वृद्धि दर 7.3 प्रतिशत थी। इस दौरान प्रथम तिमाही (अप्रैल-जून) में वृद्धि 7.7 प्रतिशत और दूसरी (जुलाई-सितंबर) में घट कर 6.9 प्रतिशत पर आ गई। अग्रिम अनुमान के मुताबिक खनन क्षेत्र के उत्पादन में पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 2.2 प्रतिशत की गिरावट की आशंका है जबकि पिछले वित्त वर्ष में इस क्षेत्र में 5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी। निर्माण क्षेत्र में वृद्धि दर भी घटकर 4.8 प्रतिशत रहने का अनुमान है जबकि इससे पूर्व 2010-11 में यह 8 प्रतिशत थी। टिप्पणियां अनुमान के मुताबिक वित्त, बीमा, रियल एस्टेट तथा व्यापार सेवा क्षेत्र की वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष में 9.1 प्रतिशत रहेगी जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह 10.4 प्रतिशत थी। आंकड़ों के मुताबिक पानी, बिजली और गैस उत्पादन इस साल बेहतर रहने का अनुमान है। इस क्षेत्र की वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष में 8.3 प्रतिशत रहने क अनुमान है जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह 3 प्रतिशत थी। चालू वित्त वर्ष के दौरान व्यापार, होटल, परिवहन तथ संचार क्षेत्र की वृद्धि 11.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है जो 2010-11 में 11.1 प्रतिशत थी। सामुदायिक सामाजिक तथा निजी सेवा क्षेत्र की वृद्धि दर 2011-12 में 5.9 प्रतिशत रहने का अनुमान है जो इससे पूर्व वित्त वर्ष में 4.5 प्रतिशत थी। इससे पहले, सरकार तथा रिजर्व बैंक ने कहा था कि वैश्विक आर्थिक नरमी तथा उच्च घरेलू ब्याज दर के कारण चालू वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि कम रहेगी। वर्ष 2011-12 की आर्थिक वृद्धि के बारे में 6.9 प्रतिशत का अग्रिम अनुमान विशेषज्ञों के अनुमानों से कम है। अधिकतर विशेषज्ञों ने चालू वित्त वष में वृद्धि सात से साढ़े सात प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान लगाया है। वित्त वर्ष 2010-11 तथा 2009-10 में आर्थिक वृद्धि दर 8.4 प्रतिशत थी जबकि 2008-09 में यह 6.7 प्रतिशत थी। जीडीपी वृद्धि पर प्रतिक्रिया देते हुए योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह आहलूवालिया ने कहा, ‘‘हम जो कहते रहे हैं, 6.9 प्रतिशत वृद्धि दर उसी के अनुरूप है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमने 2011-12 के लिए 7 प्रतिशत वृद्धि की बात कही है। पहली छमाही में 7.3 प्रतिशत तथा तीसरी तिमाही में 6.9 प्रतिशत से 7 प्रतिशत वृद्धि संभव है।’’ यह अनुमान जारी करते हुए कहा गया है कि 2011-12 की दूसरी छमाही मे वृद्धि धीमी हुई है। अप्रैल-सितंबर, 2011 की छमाही के दौरान वृद्धि दर 7.3 प्रतिशत थी। इस दौरान प्रथम तिमाही (अप्रैल-जून) में वृद्धि 7.7 प्रतिशत और दूसरी (जुलाई-सितंबर) में घट कर 6.9 प्रतिशत पर आ गई। अग्रिम अनुमान के मुताबिक खनन क्षेत्र के उत्पादन में पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 2.2 प्रतिशत की गिरावट की आशंका है जबकि पिछले वित्त वर्ष में इस क्षेत्र में 5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी। निर्माण क्षेत्र में वृद्धि दर भी घटकर 4.8 प्रतिशत रहने का अनुमान है जबकि इससे पूर्व 2010-11 में यह 8 प्रतिशत थी। टिप्पणियां अनुमान के मुताबिक वित्त, बीमा, रियल एस्टेट तथा व्यापार सेवा क्षेत्र की वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष में 9.1 प्रतिशत रहेगी जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह 10.4 प्रतिशत थी। आंकड़ों के मुताबिक पानी, बिजली और गैस उत्पादन इस साल बेहतर रहने का अनुमान है। इस क्षेत्र की वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष में 8.3 प्रतिशत रहने क अनुमान है जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह 3 प्रतिशत थी। चालू वित्त वर्ष के दौरान व्यापार, होटल, परिवहन तथ संचार क्षेत्र की वृद्धि 11.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है जो 2010-11 में 11.1 प्रतिशत थी। सामुदायिक सामाजिक तथा निजी सेवा क्षेत्र की वृद्धि दर 2011-12 में 5.9 प्रतिशत रहने का अनुमान है जो इससे पूर्व वित्त वर्ष में 4.5 प्रतिशत थी। इससे पहले, सरकार तथा रिजर्व बैंक ने कहा था कि वैश्विक आर्थिक नरमी तथा उच्च घरेलू ब्याज दर के कारण चालू वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि कम रहेगी। वर्ष 2011-12 की आर्थिक वृद्धि के बारे में 6.9 प्रतिशत का अग्रिम अनुमान विशेषज्ञों के अनुमानों से कम है। अधिकतर विशेषज्ञों ने चालू वित्त वष में वृद्धि सात से साढ़े सात प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान लगाया है। वित्त वर्ष 2010-11 तथा 2009-10 में आर्थिक वृद्धि दर 8.4 प्रतिशत थी जबकि 2008-09 में यह 6.7 प्रतिशत थी। जीडीपी वृद्धि पर प्रतिक्रिया देते हुए योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह आहलूवालिया ने कहा, ‘‘हम जो कहते रहे हैं, 6.9 प्रतिशत वृद्धि दर उसी के अनुरूप है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमने 2011-12 के लिए 7 प्रतिशत वृद्धि की बात कही है। पहली छमाही में 7.3 प्रतिशत तथा तीसरी तिमाही में 6.9 प्रतिशत से 7 प्रतिशत वृद्धि संभव है।’’ अनुमान के मुताबिक वित्त, बीमा, रियल एस्टेट तथा व्यापार सेवा क्षेत्र की वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष में 9.1 प्रतिशत रहेगी जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह 10.4 प्रतिशत थी। आंकड़ों के मुताबिक पानी, बिजली और गैस उत्पादन इस साल बेहतर रहने का अनुमान है। इस क्षेत्र की वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष में 8.3 प्रतिशत रहने क अनुमान है जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह 3 प्रतिशत थी। चालू वित्त वर्ष के दौरान व्यापार, होटल, परिवहन तथ संचार क्षेत्र की वृद्धि 11.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है जो 2010-11 में 11.1 प्रतिशत थी। सामुदायिक सामाजिक तथा निजी सेवा क्षेत्र की वृद्धि दर 2011-12 में 5.9 प्रतिशत रहने का अनुमान है जो इससे पूर्व वित्त वर्ष में 4.5 प्रतिशत थी। इससे पहले, सरकार तथा रिजर्व बैंक ने कहा था कि वैश्विक आर्थिक नरमी तथा उच्च घरेलू ब्याज दर के कारण चालू वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि कम रहेगी। वर्ष 2011-12 की आर्थिक वृद्धि के बारे में 6.9 प्रतिशत का अग्रिम अनुमान विशेषज्ञों के अनुमानों से कम है। अधिकतर विशेषज्ञों ने चालू वित्त वष में वृद्धि सात से साढ़े सात प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान लगाया है। वित्त वर्ष 2010-11 तथा 2009-10 में आर्थिक वृद्धि दर 8.4 प्रतिशत थी जबकि 2008-09 में यह 6.7 प्रतिशत थी। जीडीपी वृद्धि पर प्रतिक्रिया देते हुए योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह आहलूवालिया ने कहा, ‘‘हम जो कहते रहे हैं, 6.9 प्रतिशत वृद्धि दर उसी के अनुरूप है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमने 2011-12 के लिए 7 प्रतिशत वृद्धि की बात कही है। पहली छमाही में 7.3 प्रतिशत तथा तीसरी तिमाही में 6.9 प्रतिशत से 7 प्रतिशत वृद्धि संभव है।’’ जीडीपी वृद्धि पर प्रतिक्रिया देते हुए योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह आहलूवालिया ने कहा, ‘‘हम जो कहते रहे हैं, 6.9 प्रतिशत वृद्धि दर उसी के अनुरूप है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमने 2011-12 के लिए 7 प्रतिशत वृद्धि की बात कही है। पहली छमाही में 7.3 प्रतिशत तथा तीसरी तिमाही में 6.9 प्रतिशत से 7 प्रतिशत वृद्धि संभव है।’’
यह एक सारांश है: सरकारी अनुमान के मुताबिक 2011−2012 में देश की आर्थिक विकास दर 6.9 फीसदी रहेगी जो कि पिछले साल 8.4 फीसदी के मुकाबले काफी कम है।
9
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: इंदौर में नगर निगम कर्मचारी की बल्ले से पिटाई करने वाले बीजेपी विधायक आकाश विजयवर्गीय (Akash Vijayvargiya) को लेकर पीएम मोदी ने नाराजगी जताई. इसके बाद पार्टी ने उन्हें 'कारण बताओ' नोटिस जारी किया है. हालांकि बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) ने अपने बेटे आकाश विजयवर्गीय को नोटिस दिये जाने से अनभिज्ञता जताई है. कैलाश विजयवर्गीय से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, 'मुझे तो अभी जानकारी नहीं है. मैं दिल्ली से आ रहा हूं, पर मैंने समाचार पत्रों में पढ़ा है कि हां उसे कुछ दिया गया है.' कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) ने इस सवाल के जवाब में कि क्या आपने उन्हें (आकाश विजयवर्गीय) को फटकार लगाई है, पर विजयवर्गीय ने कहा, 'पिता की हैसियत से जिस प्रकार मुझे समझाना था, डांटना था, समझा चुका हूं और इस पर सार्वजनिक रुप से टिप्पणी करने की कोई आवश्यकता नहीं है.'
यहाँ एक सारांश है:आकाश विजयवर्गीय ने निगम कर्मी की बल्ले से पिटाई की थी पीएम मोदी ने इस घटना को लेकर कड़ी नाराजगी जाहिर की थी पीएम की नाराजगी के बाद से ही आकाश 'गायब' हैं
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: राष्ट्रपति रीगन के प्रशासन में विदेशमंत्री रह चुके अमेरिका के पूर्व शीर्ष कूटनीतिज्ञ जॉर्ज शुल्ट्ज़ ने कहा है कि भारत और पाकिस्तान दुनिया के सबसे खतरनाक इलाके हैं। वर्ष 1982 से 1989 तक विदेश मंत्री रहे जॉर्ज शुल्ट्ज़ ने विदेश-संबंध परिषद के सामने गत मंगलवार को कहा, इस समय दुनिया के सबसे खतरनाक इलाके, मेरे ख्याल से, भारत-पाकिस्तान हैं। उन्होंने कहा, आप और वे आसानी से कल्पना कर सकते हैं कि कुछ दुष्ट गिरोह एक दूसरा मुंबई हमला कर सकते हैं और भारत ज्यादा सावधान नहीं होगा। फिर अचानक स्थिति आपके नियंत्रण से बाहर हो जाएगी और अगले दिन कश्मीर में एक-दूसरे पर गोलीबारी होने लगेगी। वह दरअसल परमाणु हथियारों के दुरुपयोग की आशंका और ईरान के आक्रामक रवैये के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे उसी के संदर्भ में उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव का जिक्र किया। उन्होंने कहा, यह बहुत खतरनाक क्षण है और अगर ईरान परमाणु हथियार हासिल कर लेता है और इसका और अधिक प्रसार करता है तो आपको यह करना होगा कि आप आणविक सामग्री पर पकड़ बनाकर रखें। आणविक सामग्री पाना सबसे मुश्किल हिस्सा है। अगर आपके पास हथियार स्तर का यूरेनियम है तो इसे प्लूटोनियम से निकालकर बनाने की तुलना में यह (बम बनाना) बहुत आसान होगा। टिप्पणियां अमेरिका के इस पूर्व शीर्ष कूटनीतिज्ञ ने अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की इस बात के लिए तारीफ की कि परमाणु हथियारों के दुरुपयोग को रोकने के लिए उन्होंने पहल की। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि राष्ट्रपति ओबामा ने एक सबसे अच्छा काम यह किया कि उन्होंने आणविक सामग्री पर बेहतर नियंत्रण के लिए 40 राष्ट्राध्यक्षों का एक समूह बनाया। आगे उन्होंने कहा, इसके बाद उन्होंने सोल में बैठक कराई और मुझे लगता है कि करीब 50 राष्ट्राध्यक्षों ने इस पर काम किया। वर्ष 1982 से 1989 तक विदेश मंत्री रहे जॉर्ज शुल्ट्ज़ ने विदेश-संबंध परिषद के सामने गत मंगलवार को कहा, इस समय दुनिया के सबसे खतरनाक इलाके, मेरे ख्याल से, भारत-पाकिस्तान हैं। उन्होंने कहा, आप और वे आसानी से कल्पना कर सकते हैं कि कुछ दुष्ट गिरोह एक दूसरा मुंबई हमला कर सकते हैं और भारत ज्यादा सावधान नहीं होगा। फिर अचानक स्थिति आपके नियंत्रण से बाहर हो जाएगी और अगले दिन कश्मीर में एक-दूसरे पर गोलीबारी होने लगेगी। वह दरअसल परमाणु हथियारों के दुरुपयोग की आशंका और ईरान के आक्रामक रवैये के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे उसी के संदर्भ में उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव का जिक्र किया। उन्होंने कहा, यह बहुत खतरनाक क्षण है और अगर ईरान परमाणु हथियार हासिल कर लेता है और इसका और अधिक प्रसार करता है तो आपको यह करना होगा कि आप आणविक सामग्री पर पकड़ बनाकर रखें। आणविक सामग्री पाना सबसे मुश्किल हिस्सा है। अगर आपके पास हथियार स्तर का यूरेनियम है तो इसे प्लूटोनियम से निकालकर बनाने की तुलना में यह (बम बनाना) बहुत आसान होगा। टिप्पणियां अमेरिका के इस पूर्व शीर्ष कूटनीतिज्ञ ने अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की इस बात के लिए तारीफ की कि परमाणु हथियारों के दुरुपयोग को रोकने के लिए उन्होंने पहल की। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि राष्ट्रपति ओबामा ने एक सबसे अच्छा काम यह किया कि उन्होंने आणविक सामग्री पर बेहतर नियंत्रण के लिए 40 राष्ट्राध्यक्षों का एक समूह बनाया। आगे उन्होंने कहा, इसके बाद उन्होंने सोल में बैठक कराई और मुझे लगता है कि करीब 50 राष्ट्राध्यक्षों ने इस पर काम किया। उन्होंने कहा, यह बहुत खतरनाक क्षण है और अगर ईरान परमाणु हथियार हासिल कर लेता है और इसका और अधिक प्रसार करता है तो आपको यह करना होगा कि आप आणविक सामग्री पर पकड़ बनाकर रखें। आणविक सामग्री पाना सबसे मुश्किल हिस्सा है। अगर आपके पास हथियार स्तर का यूरेनियम है तो इसे प्लूटोनियम से निकालकर बनाने की तुलना में यह (बम बनाना) बहुत आसान होगा। टिप्पणियां अमेरिका के इस पूर्व शीर्ष कूटनीतिज्ञ ने अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की इस बात के लिए तारीफ की कि परमाणु हथियारों के दुरुपयोग को रोकने के लिए उन्होंने पहल की। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि राष्ट्रपति ओबामा ने एक सबसे अच्छा काम यह किया कि उन्होंने आणविक सामग्री पर बेहतर नियंत्रण के लिए 40 राष्ट्राध्यक्षों का एक समूह बनाया। आगे उन्होंने कहा, इसके बाद उन्होंने सोल में बैठक कराई और मुझे लगता है कि करीब 50 राष्ट्राध्यक्षों ने इस पर काम किया। अमेरिका के इस पूर्व शीर्ष कूटनीतिज्ञ ने अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की इस बात के लिए तारीफ की कि परमाणु हथियारों के दुरुपयोग को रोकने के लिए उन्होंने पहल की। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि राष्ट्रपति ओबामा ने एक सबसे अच्छा काम यह किया कि उन्होंने आणविक सामग्री पर बेहतर नियंत्रण के लिए 40 राष्ट्राध्यक्षों का एक समूह बनाया। आगे उन्होंने कहा, इसके बाद उन्होंने सोल में बैठक कराई और मुझे लगता है कि करीब 50 राष्ट्राध्यक्षों ने इस पर काम किया। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि राष्ट्रपति ओबामा ने एक सबसे अच्छा काम यह किया कि उन्होंने आणविक सामग्री पर बेहतर नियंत्रण के लिए 40 राष्ट्राध्यक्षों का एक समूह बनाया। आगे उन्होंने कहा, इसके बाद उन्होंने सोल में बैठक कराई और मुझे लगता है कि करीब 50 राष्ट्राध्यक्षों ने इस पर काम किया।
यहाँ एक सारांश है:1982 से 1989 तक विदेश मंत्री रहे जॉर्ज शुल्ट्ज़ ने विदेश-संबंध परिषद के सामने कहा, इस समय दुनिया के सबसे खतरनाक इलाके, मेरे ख्याल से, भारत-पाकिस्तान हैं।
12
['hin']
एक सारांश बनाओ: लोकसभा ने मंगलवार को पेश दुष्कर्म रोधी विधेयक पर चर्चा के बाद अपनी मुहर लगा दी। विधेयक को अब राज्यसभा में पेश किया जाएगा जहां से पारित होने के बाद यह राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा जारी अध्यादेश की जगह नए कानून का रूप ले लेगा। विधेयक में जहां सहमति से यौन संबंध के लिए न्यूनतम उम्र 18 वर्ष रखी गई है, वहीं घूरने और पीछा करने को दंडनीय अपराध के दायरे में लाया गया है। केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने मंगलवार को लोकसभा में आपराधिक कानून (संशोधन) विधेयक 2013 पेश किया। इस विधेयक को सोमवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी थी। विधेयक के कुछ प्रावधानों पर मतभेद होने के कारण पहले सरकार में मंत्रियों के समूह और उसके बाद सर्वदलीय बैठक में गहन चर्चा हुई। दोनों सदनों से पारित होने के बाद विधेयक राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा 3 फरवरी को जारी अध्यादेश की जगह लेगा। संसद से 4 अप्रैल से पहले विधेयक पर मंजूरी लेना आवश्यक है, क्योंकि इसके बाद अध्यादेश निष्प्रभावी हो जाएगा। दिल्ली में पिछले साल 16 दिसंबर को चलती बस में एक युवती के साथ हुए क्रूरतम सामूहिक दुष्कर्म की घटना के बाद महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध के लिए कड़े दंड का प्रावधान किए जाने की मांग उठी थी जिसे देखते हुए सरकार ने यह विधेयक पेश किया है। दुष्कर्म पीड़िता की मौत बाद में सिंगापुर के एक अस्पताल में हो गई थी। विधेयक पर चर्चा के दौरान लोकसभा सदस्यों ने सहमति की उम्र कम किए जाने के प्रस्ताव पर व्यक्त किए गए विचारों में प्रावधान का दुरुपयोग रोकने की जरूरत पर जोर दिया। राजनीतिक दबाव के आगे झुकते हुए सरकार ने विधेयक में यौन संबंधों के लिए सहमति की उम्र 18 साल ही रहने दिया है। विधेयक में पहले सहमति से यौन संबंध की उम्र घटाकर 16 वर्ष करने का प्रस्ताव किया गया था। शिंदे ने यौन संबंधों के लिए सहमति की उम्र 18 वर्ष रखे जाने के पक्ष में कहा कि पहले उम्र सीमा 16 वर्ष रखी गई थी, लेकिन राजनीतिक दलों के सुझाव पर इसे 18 वर्ष ही रहने दिया गया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति की ओर से जारी अध्यादेश में भी सहमति के लिए उम्र सीमा 18 वर्ष ही है। चर्चा में हिस्सा लेते हुए कांग्रेस के सदस्य संदीप दीक्षित ने सहमति के लिए 18 वर्ष की उम्र सीमा निर्धारित किए जाने पर सवाल किया, "यदि 16 वर्ष और 18 वर्ष की एक लड़की और लड़के ने शारीरिक संबंध बनाए तो क्या उन्हें अपराधी माना जाएगा?" भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सदस्य सुमित्रा महाजन ने सहमति की उम्र 18 वर्ष रखे जाने का समर्थन किया, लेकिन यह भी उल्लेख किया कि विधेयक के प्रावधान का दुरुपयोग रोकने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए। समाजवादी पार्टी (सपा) के सदस्य शैलेंद्र कुमार ने विधेयक का समर्थन किया, लेकिन कहा कि इसके प्रावधानों का दुरुपयोग रोकने पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि विधेयक के प्रावधानों के कारण महिला कर्मचारियों को नियुक्त करने में नियोक्ताओं के रवैए में बदलाव आ सकता है। जनता दल-यूनाइटेट (जद-यू) के नेता शरद यादव ने कहा कि विधेयक के प्रावधानों के कारण महिलाओं को नौकरी हासिल करने में मुश्किल होगी। अपने अल्पकालिक हस्तक्षेप में सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने कहा कि यदि वे कहना चाहेंगे तो यही कहेंगे कि इस विधेयक की कोई जरूरत ही नहीं है। तृणमूल के कल्याण बनर्जी ने कहा कि लोगों को विधेयक के प्रावधानों के बारे में जागरूक किया जाना जरूरी है।टिप्पणियां बहुजन समाज पार्टी के सदस्य दारा सिंह चौहान ने विधेयक का समर्थन किया, जबकि मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के अनिरुद्ध संपत ने कुछ संशोधन की जरूरत पर जोर दिया। बीजू जनता दल के पिनाकी मिश्र ने सहमति की उम्र सीमा 16 वर्ष किए जाने की जरूरत बताई और कहा कि 18 वर्ष उम्र तय करना पुलिस प्रताड़ना को बढ़ावा देने वाला होगा। विधेयक में जहां सहमति से यौन संबंध के लिए न्यूनतम उम्र 18 वर्ष रखी गई है, वहीं घूरने और पीछा करने को दंडनीय अपराध के दायरे में लाया गया है। केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने मंगलवार को लोकसभा में आपराधिक कानून (संशोधन) विधेयक 2013 पेश किया। इस विधेयक को सोमवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी थी। विधेयक के कुछ प्रावधानों पर मतभेद होने के कारण पहले सरकार में मंत्रियों के समूह और उसके बाद सर्वदलीय बैठक में गहन चर्चा हुई। दोनों सदनों से पारित होने के बाद विधेयक राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा 3 फरवरी को जारी अध्यादेश की जगह लेगा। संसद से 4 अप्रैल से पहले विधेयक पर मंजूरी लेना आवश्यक है, क्योंकि इसके बाद अध्यादेश निष्प्रभावी हो जाएगा। दिल्ली में पिछले साल 16 दिसंबर को चलती बस में एक युवती के साथ हुए क्रूरतम सामूहिक दुष्कर्म की घटना के बाद महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध के लिए कड़े दंड का प्रावधान किए जाने की मांग उठी थी जिसे देखते हुए सरकार ने यह विधेयक पेश किया है। दुष्कर्म पीड़िता की मौत बाद में सिंगापुर के एक अस्पताल में हो गई थी। विधेयक पर चर्चा के दौरान लोकसभा सदस्यों ने सहमति की उम्र कम किए जाने के प्रस्ताव पर व्यक्त किए गए विचारों में प्रावधान का दुरुपयोग रोकने की जरूरत पर जोर दिया। राजनीतिक दबाव के आगे झुकते हुए सरकार ने विधेयक में यौन संबंधों के लिए सहमति की उम्र 18 साल ही रहने दिया है। विधेयक में पहले सहमति से यौन संबंध की उम्र घटाकर 16 वर्ष करने का प्रस्ताव किया गया था। शिंदे ने यौन संबंधों के लिए सहमति की उम्र 18 वर्ष रखे जाने के पक्ष में कहा कि पहले उम्र सीमा 16 वर्ष रखी गई थी, लेकिन राजनीतिक दलों के सुझाव पर इसे 18 वर्ष ही रहने दिया गया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति की ओर से जारी अध्यादेश में भी सहमति के लिए उम्र सीमा 18 वर्ष ही है। चर्चा में हिस्सा लेते हुए कांग्रेस के सदस्य संदीप दीक्षित ने सहमति के लिए 18 वर्ष की उम्र सीमा निर्धारित किए जाने पर सवाल किया, "यदि 16 वर्ष और 18 वर्ष की एक लड़की और लड़के ने शारीरिक संबंध बनाए तो क्या उन्हें अपराधी माना जाएगा?" भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सदस्य सुमित्रा महाजन ने सहमति की उम्र 18 वर्ष रखे जाने का समर्थन किया, लेकिन यह भी उल्लेख किया कि विधेयक के प्रावधान का दुरुपयोग रोकने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए। समाजवादी पार्टी (सपा) के सदस्य शैलेंद्र कुमार ने विधेयक का समर्थन किया, लेकिन कहा कि इसके प्रावधानों का दुरुपयोग रोकने पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि विधेयक के प्रावधानों के कारण महिला कर्मचारियों को नियुक्त करने में नियोक्ताओं के रवैए में बदलाव आ सकता है। जनता दल-यूनाइटेट (जद-यू) के नेता शरद यादव ने कहा कि विधेयक के प्रावधानों के कारण महिलाओं को नौकरी हासिल करने में मुश्किल होगी। अपने अल्पकालिक हस्तक्षेप में सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने कहा कि यदि वे कहना चाहेंगे तो यही कहेंगे कि इस विधेयक की कोई जरूरत ही नहीं है। तृणमूल के कल्याण बनर्जी ने कहा कि लोगों को विधेयक के प्रावधानों के बारे में जागरूक किया जाना जरूरी है।टिप्पणियां बहुजन समाज पार्टी के सदस्य दारा सिंह चौहान ने विधेयक का समर्थन किया, जबकि मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के अनिरुद्ध संपत ने कुछ संशोधन की जरूरत पर जोर दिया। बीजू जनता दल के पिनाकी मिश्र ने सहमति की उम्र सीमा 16 वर्ष किए जाने की जरूरत बताई और कहा कि 18 वर्ष उम्र तय करना पुलिस प्रताड़ना को बढ़ावा देने वाला होगा। केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने मंगलवार को लोकसभा में आपराधिक कानून (संशोधन) विधेयक 2013 पेश किया। इस विधेयक को सोमवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी थी। विधेयक के कुछ प्रावधानों पर मतभेद होने के कारण पहले सरकार में मंत्रियों के समूह और उसके बाद सर्वदलीय बैठक में गहन चर्चा हुई। दोनों सदनों से पारित होने के बाद विधेयक राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा 3 फरवरी को जारी अध्यादेश की जगह लेगा। संसद से 4 अप्रैल से पहले विधेयक पर मंजूरी लेना आवश्यक है, क्योंकि इसके बाद अध्यादेश निष्प्रभावी हो जाएगा। दिल्ली में पिछले साल 16 दिसंबर को चलती बस में एक युवती के साथ हुए क्रूरतम सामूहिक दुष्कर्म की घटना के बाद महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध के लिए कड़े दंड का प्रावधान किए जाने की मांग उठी थी जिसे देखते हुए सरकार ने यह विधेयक पेश किया है। दुष्कर्म पीड़िता की मौत बाद में सिंगापुर के एक अस्पताल में हो गई थी। विधेयक पर चर्चा के दौरान लोकसभा सदस्यों ने सहमति की उम्र कम किए जाने के प्रस्ताव पर व्यक्त किए गए विचारों में प्रावधान का दुरुपयोग रोकने की जरूरत पर जोर दिया। राजनीतिक दबाव के आगे झुकते हुए सरकार ने विधेयक में यौन संबंधों के लिए सहमति की उम्र 18 साल ही रहने दिया है। विधेयक में पहले सहमति से यौन संबंध की उम्र घटाकर 16 वर्ष करने का प्रस्ताव किया गया था। शिंदे ने यौन संबंधों के लिए सहमति की उम्र 18 वर्ष रखे जाने के पक्ष में कहा कि पहले उम्र सीमा 16 वर्ष रखी गई थी, लेकिन राजनीतिक दलों के सुझाव पर इसे 18 वर्ष ही रहने दिया गया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति की ओर से जारी अध्यादेश में भी सहमति के लिए उम्र सीमा 18 वर्ष ही है। चर्चा में हिस्सा लेते हुए कांग्रेस के सदस्य संदीप दीक्षित ने सहमति के लिए 18 वर्ष की उम्र सीमा निर्धारित किए जाने पर सवाल किया, "यदि 16 वर्ष और 18 वर्ष की एक लड़की और लड़के ने शारीरिक संबंध बनाए तो क्या उन्हें अपराधी माना जाएगा?" भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सदस्य सुमित्रा महाजन ने सहमति की उम्र 18 वर्ष रखे जाने का समर्थन किया, लेकिन यह भी उल्लेख किया कि विधेयक के प्रावधान का दुरुपयोग रोकने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए। समाजवादी पार्टी (सपा) के सदस्य शैलेंद्र कुमार ने विधेयक का समर्थन किया, लेकिन कहा कि इसके प्रावधानों का दुरुपयोग रोकने पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि विधेयक के प्रावधानों के कारण महिला कर्मचारियों को नियुक्त करने में नियोक्ताओं के रवैए में बदलाव आ सकता है। जनता दल-यूनाइटेट (जद-यू) के नेता शरद यादव ने कहा कि विधेयक के प्रावधानों के कारण महिलाओं को नौकरी हासिल करने में मुश्किल होगी। अपने अल्पकालिक हस्तक्षेप में सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने कहा कि यदि वे कहना चाहेंगे तो यही कहेंगे कि इस विधेयक की कोई जरूरत ही नहीं है। तृणमूल के कल्याण बनर्जी ने कहा कि लोगों को विधेयक के प्रावधानों के बारे में जागरूक किया जाना जरूरी है।टिप्पणियां बहुजन समाज पार्टी के सदस्य दारा सिंह चौहान ने विधेयक का समर्थन किया, जबकि मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के अनिरुद्ध संपत ने कुछ संशोधन की जरूरत पर जोर दिया। बीजू जनता दल के पिनाकी मिश्र ने सहमति की उम्र सीमा 16 वर्ष किए जाने की जरूरत बताई और कहा कि 18 वर्ष उम्र तय करना पुलिस प्रताड़ना को बढ़ावा देने वाला होगा। विधेयक के कुछ प्रावधानों पर मतभेद होने के कारण पहले सरकार में मंत्रियों के समूह और उसके बाद सर्वदलीय बैठक में गहन चर्चा हुई। दोनों सदनों से पारित होने के बाद विधेयक राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा 3 फरवरी को जारी अध्यादेश की जगह लेगा। संसद से 4 अप्रैल से पहले विधेयक पर मंजूरी लेना आवश्यक है, क्योंकि इसके बाद अध्यादेश निष्प्रभावी हो जाएगा। दिल्ली में पिछले साल 16 दिसंबर को चलती बस में एक युवती के साथ हुए क्रूरतम सामूहिक दुष्कर्म की घटना के बाद महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध के लिए कड़े दंड का प्रावधान किए जाने की मांग उठी थी जिसे देखते हुए सरकार ने यह विधेयक पेश किया है। दुष्कर्म पीड़िता की मौत बाद में सिंगापुर के एक अस्पताल में हो गई थी। विधेयक पर चर्चा के दौरान लोकसभा सदस्यों ने सहमति की उम्र कम किए जाने के प्रस्ताव पर व्यक्त किए गए विचारों में प्रावधान का दुरुपयोग रोकने की जरूरत पर जोर दिया। राजनीतिक दबाव के आगे झुकते हुए सरकार ने विधेयक में यौन संबंधों के लिए सहमति की उम्र 18 साल ही रहने दिया है। विधेयक में पहले सहमति से यौन संबंध की उम्र घटाकर 16 वर्ष करने का प्रस्ताव किया गया था। शिंदे ने यौन संबंधों के लिए सहमति की उम्र 18 वर्ष रखे जाने के पक्ष में कहा कि पहले उम्र सीमा 16 वर्ष रखी गई थी, लेकिन राजनीतिक दलों के सुझाव पर इसे 18 वर्ष ही रहने दिया गया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति की ओर से जारी अध्यादेश में भी सहमति के लिए उम्र सीमा 18 वर्ष ही है। चर्चा में हिस्सा लेते हुए कांग्रेस के सदस्य संदीप दीक्षित ने सहमति के लिए 18 वर्ष की उम्र सीमा निर्धारित किए जाने पर सवाल किया, "यदि 16 वर्ष और 18 वर्ष की एक लड़की और लड़के ने शारीरिक संबंध बनाए तो क्या उन्हें अपराधी माना जाएगा?" भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सदस्य सुमित्रा महाजन ने सहमति की उम्र 18 वर्ष रखे जाने का समर्थन किया, लेकिन यह भी उल्लेख किया कि विधेयक के प्रावधान का दुरुपयोग रोकने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए। समाजवादी पार्टी (सपा) के सदस्य शैलेंद्र कुमार ने विधेयक का समर्थन किया, लेकिन कहा कि इसके प्रावधानों का दुरुपयोग रोकने पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि विधेयक के प्रावधानों के कारण महिला कर्मचारियों को नियुक्त करने में नियोक्ताओं के रवैए में बदलाव आ सकता है। जनता दल-यूनाइटेट (जद-यू) के नेता शरद यादव ने कहा कि विधेयक के प्रावधानों के कारण महिलाओं को नौकरी हासिल करने में मुश्किल होगी। अपने अल्पकालिक हस्तक्षेप में सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने कहा कि यदि वे कहना चाहेंगे तो यही कहेंगे कि इस विधेयक की कोई जरूरत ही नहीं है। तृणमूल के कल्याण बनर्जी ने कहा कि लोगों को विधेयक के प्रावधानों के बारे में जागरूक किया जाना जरूरी है।टिप्पणियां बहुजन समाज पार्टी के सदस्य दारा सिंह चौहान ने विधेयक का समर्थन किया, जबकि मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के अनिरुद्ध संपत ने कुछ संशोधन की जरूरत पर जोर दिया। बीजू जनता दल के पिनाकी मिश्र ने सहमति की उम्र सीमा 16 वर्ष किए जाने की जरूरत बताई और कहा कि 18 वर्ष उम्र तय करना पुलिस प्रताड़ना को बढ़ावा देने वाला होगा। दोनों सदनों से पारित होने के बाद विधेयक राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा 3 फरवरी को जारी अध्यादेश की जगह लेगा। संसद से 4 अप्रैल से पहले विधेयक पर मंजूरी लेना आवश्यक है, क्योंकि इसके बाद अध्यादेश निष्प्रभावी हो जाएगा। दिल्ली में पिछले साल 16 दिसंबर को चलती बस में एक युवती के साथ हुए क्रूरतम सामूहिक दुष्कर्म की घटना के बाद महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध के लिए कड़े दंड का प्रावधान किए जाने की मांग उठी थी जिसे देखते हुए सरकार ने यह विधेयक पेश किया है। दुष्कर्म पीड़िता की मौत बाद में सिंगापुर के एक अस्पताल में हो गई थी। विधेयक पर चर्चा के दौरान लोकसभा सदस्यों ने सहमति की उम्र कम किए जाने के प्रस्ताव पर व्यक्त किए गए विचारों में प्रावधान का दुरुपयोग रोकने की जरूरत पर जोर दिया। राजनीतिक दबाव के आगे झुकते हुए सरकार ने विधेयक में यौन संबंधों के लिए सहमति की उम्र 18 साल ही रहने दिया है। विधेयक में पहले सहमति से यौन संबंध की उम्र घटाकर 16 वर्ष करने का प्रस्ताव किया गया था। शिंदे ने यौन संबंधों के लिए सहमति की उम्र 18 वर्ष रखे जाने के पक्ष में कहा कि पहले उम्र सीमा 16 वर्ष रखी गई थी, लेकिन राजनीतिक दलों के सुझाव पर इसे 18 वर्ष ही रहने दिया गया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति की ओर से जारी अध्यादेश में भी सहमति के लिए उम्र सीमा 18 वर्ष ही है। चर्चा में हिस्सा लेते हुए कांग्रेस के सदस्य संदीप दीक्षित ने सहमति के लिए 18 वर्ष की उम्र सीमा निर्धारित किए जाने पर सवाल किया, "यदि 16 वर्ष और 18 वर्ष की एक लड़की और लड़के ने शारीरिक संबंध बनाए तो क्या उन्हें अपराधी माना जाएगा?" भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सदस्य सुमित्रा महाजन ने सहमति की उम्र 18 वर्ष रखे जाने का समर्थन किया, लेकिन यह भी उल्लेख किया कि विधेयक के प्रावधान का दुरुपयोग रोकने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए। समाजवादी पार्टी (सपा) के सदस्य शैलेंद्र कुमार ने विधेयक का समर्थन किया, लेकिन कहा कि इसके प्रावधानों का दुरुपयोग रोकने पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि विधेयक के प्रावधानों के कारण महिला कर्मचारियों को नियुक्त करने में नियोक्ताओं के रवैए में बदलाव आ सकता है। जनता दल-यूनाइटेट (जद-यू) के नेता शरद यादव ने कहा कि विधेयक के प्रावधानों के कारण महिलाओं को नौकरी हासिल करने में मुश्किल होगी। अपने अल्पकालिक हस्तक्षेप में सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने कहा कि यदि वे कहना चाहेंगे तो यही कहेंगे कि इस विधेयक की कोई जरूरत ही नहीं है। तृणमूल के कल्याण बनर्जी ने कहा कि लोगों को विधेयक के प्रावधानों के बारे में जागरूक किया जाना जरूरी है।टिप्पणियां बहुजन समाज पार्टी के सदस्य दारा सिंह चौहान ने विधेयक का समर्थन किया, जबकि मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के अनिरुद्ध संपत ने कुछ संशोधन की जरूरत पर जोर दिया। बीजू जनता दल के पिनाकी मिश्र ने सहमति की उम्र सीमा 16 वर्ष किए जाने की जरूरत बताई और कहा कि 18 वर्ष उम्र तय करना पुलिस प्रताड़ना को बढ़ावा देने वाला होगा। दिल्ली में पिछले साल 16 दिसंबर को चलती बस में एक युवती के साथ हुए क्रूरतम सामूहिक दुष्कर्म की घटना के बाद महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध के लिए कड़े दंड का प्रावधान किए जाने की मांग उठी थी जिसे देखते हुए सरकार ने यह विधेयक पेश किया है। दुष्कर्म पीड़िता की मौत बाद में सिंगापुर के एक अस्पताल में हो गई थी। विधेयक पर चर्चा के दौरान लोकसभा सदस्यों ने सहमति की उम्र कम किए जाने के प्रस्ताव पर व्यक्त किए गए विचारों में प्रावधान का दुरुपयोग रोकने की जरूरत पर जोर दिया। राजनीतिक दबाव के आगे झुकते हुए सरकार ने विधेयक में यौन संबंधों के लिए सहमति की उम्र 18 साल ही रहने दिया है। विधेयक में पहले सहमति से यौन संबंध की उम्र घटाकर 16 वर्ष करने का प्रस्ताव किया गया था। शिंदे ने यौन संबंधों के लिए सहमति की उम्र 18 वर्ष रखे जाने के पक्ष में कहा कि पहले उम्र सीमा 16 वर्ष रखी गई थी, लेकिन राजनीतिक दलों के सुझाव पर इसे 18 वर्ष ही रहने दिया गया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति की ओर से जारी अध्यादेश में भी सहमति के लिए उम्र सीमा 18 वर्ष ही है। चर्चा में हिस्सा लेते हुए कांग्रेस के सदस्य संदीप दीक्षित ने सहमति के लिए 18 वर्ष की उम्र सीमा निर्धारित किए जाने पर सवाल किया, "यदि 16 वर्ष और 18 वर्ष की एक लड़की और लड़के ने शारीरिक संबंध बनाए तो क्या उन्हें अपराधी माना जाएगा?" भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सदस्य सुमित्रा महाजन ने सहमति की उम्र 18 वर्ष रखे जाने का समर्थन किया, लेकिन यह भी उल्लेख किया कि विधेयक के प्रावधान का दुरुपयोग रोकने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए। समाजवादी पार्टी (सपा) के सदस्य शैलेंद्र कुमार ने विधेयक का समर्थन किया, लेकिन कहा कि इसके प्रावधानों का दुरुपयोग रोकने पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि विधेयक के प्रावधानों के कारण महिला कर्मचारियों को नियुक्त करने में नियोक्ताओं के रवैए में बदलाव आ सकता है। जनता दल-यूनाइटेट (जद-यू) के नेता शरद यादव ने कहा कि विधेयक के प्रावधानों के कारण महिलाओं को नौकरी हासिल करने में मुश्किल होगी। अपने अल्पकालिक हस्तक्षेप में सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने कहा कि यदि वे कहना चाहेंगे तो यही कहेंगे कि इस विधेयक की कोई जरूरत ही नहीं है। तृणमूल के कल्याण बनर्जी ने कहा कि लोगों को विधेयक के प्रावधानों के बारे में जागरूक किया जाना जरूरी है।टिप्पणियां बहुजन समाज पार्टी के सदस्य दारा सिंह चौहान ने विधेयक का समर्थन किया, जबकि मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के अनिरुद्ध संपत ने कुछ संशोधन की जरूरत पर जोर दिया। बीजू जनता दल के पिनाकी मिश्र ने सहमति की उम्र सीमा 16 वर्ष किए जाने की जरूरत बताई और कहा कि 18 वर्ष उम्र तय करना पुलिस प्रताड़ना को बढ़ावा देने वाला होगा। विधेयक पर चर्चा के दौरान लोकसभा सदस्यों ने सहमति की उम्र कम किए जाने के प्रस्ताव पर व्यक्त किए गए विचारों में प्रावधान का दुरुपयोग रोकने की जरूरत पर जोर दिया। राजनीतिक दबाव के आगे झुकते हुए सरकार ने विधेयक में यौन संबंधों के लिए सहमति की उम्र 18 साल ही रहने दिया है। विधेयक में पहले सहमति से यौन संबंध की उम्र घटाकर 16 वर्ष करने का प्रस्ताव किया गया था। शिंदे ने यौन संबंधों के लिए सहमति की उम्र 18 वर्ष रखे जाने के पक्ष में कहा कि पहले उम्र सीमा 16 वर्ष रखी गई थी, लेकिन राजनीतिक दलों के सुझाव पर इसे 18 वर्ष ही रहने दिया गया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति की ओर से जारी अध्यादेश में भी सहमति के लिए उम्र सीमा 18 वर्ष ही है। चर्चा में हिस्सा लेते हुए कांग्रेस के सदस्य संदीप दीक्षित ने सहमति के लिए 18 वर्ष की उम्र सीमा निर्धारित किए जाने पर सवाल किया, "यदि 16 वर्ष और 18 वर्ष की एक लड़की और लड़के ने शारीरिक संबंध बनाए तो क्या उन्हें अपराधी माना जाएगा?" भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सदस्य सुमित्रा महाजन ने सहमति की उम्र 18 वर्ष रखे जाने का समर्थन किया, लेकिन यह भी उल्लेख किया कि विधेयक के प्रावधान का दुरुपयोग रोकने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए। समाजवादी पार्टी (सपा) के सदस्य शैलेंद्र कुमार ने विधेयक का समर्थन किया, लेकिन कहा कि इसके प्रावधानों का दुरुपयोग रोकने पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि विधेयक के प्रावधानों के कारण महिला कर्मचारियों को नियुक्त करने में नियोक्ताओं के रवैए में बदलाव आ सकता है। जनता दल-यूनाइटेट (जद-यू) के नेता शरद यादव ने कहा कि विधेयक के प्रावधानों के कारण महिलाओं को नौकरी हासिल करने में मुश्किल होगी। अपने अल्पकालिक हस्तक्षेप में सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने कहा कि यदि वे कहना चाहेंगे तो यही कहेंगे कि इस विधेयक की कोई जरूरत ही नहीं है। तृणमूल के कल्याण बनर्जी ने कहा कि लोगों को विधेयक के प्रावधानों के बारे में जागरूक किया जाना जरूरी है।टिप्पणियां बहुजन समाज पार्टी के सदस्य दारा सिंह चौहान ने विधेयक का समर्थन किया, जबकि मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के अनिरुद्ध संपत ने कुछ संशोधन की जरूरत पर जोर दिया। बीजू जनता दल के पिनाकी मिश्र ने सहमति की उम्र सीमा 16 वर्ष किए जाने की जरूरत बताई और कहा कि 18 वर्ष उम्र तय करना पुलिस प्रताड़ना को बढ़ावा देने वाला होगा। राजनीतिक दबाव के आगे झुकते हुए सरकार ने विधेयक में यौन संबंधों के लिए सहमति की उम्र 18 साल ही रहने दिया है। विधेयक में पहले सहमति से यौन संबंध की उम्र घटाकर 16 वर्ष करने का प्रस्ताव किया गया था। शिंदे ने यौन संबंधों के लिए सहमति की उम्र 18 वर्ष रखे जाने के पक्ष में कहा कि पहले उम्र सीमा 16 वर्ष रखी गई थी, लेकिन राजनीतिक दलों के सुझाव पर इसे 18 वर्ष ही रहने दिया गया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति की ओर से जारी अध्यादेश में भी सहमति के लिए उम्र सीमा 18 वर्ष ही है। चर्चा में हिस्सा लेते हुए कांग्रेस के सदस्य संदीप दीक्षित ने सहमति के लिए 18 वर्ष की उम्र सीमा निर्धारित किए जाने पर सवाल किया, "यदि 16 वर्ष और 18 वर्ष की एक लड़की और लड़के ने शारीरिक संबंध बनाए तो क्या उन्हें अपराधी माना जाएगा?" भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सदस्य सुमित्रा महाजन ने सहमति की उम्र 18 वर्ष रखे जाने का समर्थन किया, लेकिन यह भी उल्लेख किया कि विधेयक के प्रावधान का दुरुपयोग रोकने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए। समाजवादी पार्टी (सपा) के सदस्य शैलेंद्र कुमार ने विधेयक का समर्थन किया, लेकिन कहा कि इसके प्रावधानों का दुरुपयोग रोकने पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि विधेयक के प्रावधानों के कारण महिला कर्मचारियों को नियुक्त करने में नियोक्ताओं के रवैए में बदलाव आ सकता है। जनता दल-यूनाइटेट (जद-यू) के नेता शरद यादव ने कहा कि विधेयक के प्रावधानों के कारण महिलाओं को नौकरी हासिल करने में मुश्किल होगी। अपने अल्पकालिक हस्तक्षेप में सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने कहा कि यदि वे कहना चाहेंगे तो यही कहेंगे कि इस विधेयक की कोई जरूरत ही नहीं है। तृणमूल के कल्याण बनर्जी ने कहा कि लोगों को विधेयक के प्रावधानों के बारे में जागरूक किया जाना जरूरी है।टिप्पणियां बहुजन समाज पार्टी के सदस्य दारा सिंह चौहान ने विधेयक का समर्थन किया, जबकि मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के अनिरुद्ध संपत ने कुछ संशोधन की जरूरत पर जोर दिया। बीजू जनता दल के पिनाकी मिश्र ने सहमति की उम्र सीमा 16 वर्ष किए जाने की जरूरत बताई और कहा कि 18 वर्ष उम्र तय करना पुलिस प्रताड़ना को बढ़ावा देने वाला होगा। शिंदे ने यौन संबंधों के लिए सहमति की उम्र 18 वर्ष रखे जाने के पक्ष में कहा कि पहले उम्र सीमा 16 वर्ष रखी गई थी, लेकिन राजनीतिक दलों के सुझाव पर इसे 18 वर्ष ही रहने दिया गया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति की ओर से जारी अध्यादेश में भी सहमति के लिए उम्र सीमा 18 वर्ष ही है। चर्चा में हिस्सा लेते हुए कांग्रेस के सदस्य संदीप दीक्षित ने सहमति के लिए 18 वर्ष की उम्र सीमा निर्धारित किए जाने पर सवाल किया, "यदि 16 वर्ष और 18 वर्ष की एक लड़की और लड़के ने शारीरिक संबंध बनाए तो क्या उन्हें अपराधी माना जाएगा?" भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सदस्य सुमित्रा महाजन ने सहमति की उम्र 18 वर्ष रखे जाने का समर्थन किया, लेकिन यह भी उल्लेख किया कि विधेयक के प्रावधान का दुरुपयोग रोकने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए। समाजवादी पार्टी (सपा) के सदस्य शैलेंद्र कुमार ने विधेयक का समर्थन किया, लेकिन कहा कि इसके प्रावधानों का दुरुपयोग रोकने पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि विधेयक के प्रावधानों के कारण महिला कर्मचारियों को नियुक्त करने में नियोक्ताओं के रवैए में बदलाव आ सकता है। जनता दल-यूनाइटेट (जद-यू) के नेता शरद यादव ने कहा कि विधेयक के प्रावधानों के कारण महिलाओं को नौकरी हासिल करने में मुश्किल होगी। अपने अल्पकालिक हस्तक्षेप में सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने कहा कि यदि वे कहना चाहेंगे तो यही कहेंगे कि इस विधेयक की कोई जरूरत ही नहीं है। तृणमूल के कल्याण बनर्जी ने कहा कि लोगों को विधेयक के प्रावधानों के बारे में जागरूक किया जाना जरूरी है।टिप्पणियां बहुजन समाज पार्टी के सदस्य दारा सिंह चौहान ने विधेयक का समर्थन किया, जबकि मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के अनिरुद्ध संपत ने कुछ संशोधन की जरूरत पर जोर दिया। बीजू जनता दल के पिनाकी मिश्र ने सहमति की उम्र सीमा 16 वर्ष किए जाने की जरूरत बताई और कहा कि 18 वर्ष उम्र तय करना पुलिस प्रताड़ना को बढ़ावा देने वाला होगा। चर्चा में हिस्सा लेते हुए कांग्रेस के सदस्य संदीप दीक्षित ने सहमति के लिए 18 वर्ष की उम्र सीमा निर्धारित किए जाने पर सवाल किया, "यदि 16 वर्ष और 18 वर्ष की एक लड़की और लड़के ने शारीरिक संबंध बनाए तो क्या उन्हें अपराधी माना जाएगा?" भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सदस्य सुमित्रा महाजन ने सहमति की उम्र 18 वर्ष रखे जाने का समर्थन किया, लेकिन यह भी उल्लेख किया कि विधेयक के प्रावधान का दुरुपयोग रोकने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए। समाजवादी पार्टी (सपा) के सदस्य शैलेंद्र कुमार ने विधेयक का समर्थन किया, लेकिन कहा कि इसके प्रावधानों का दुरुपयोग रोकने पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि विधेयक के प्रावधानों के कारण महिला कर्मचारियों को नियुक्त करने में नियोक्ताओं के रवैए में बदलाव आ सकता है। जनता दल-यूनाइटेट (जद-यू) के नेता शरद यादव ने कहा कि विधेयक के प्रावधानों के कारण महिलाओं को नौकरी हासिल करने में मुश्किल होगी। अपने अल्पकालिक हस्तक्षेप में सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने कहा कि यदि वे कहना चाहेंगे तो यही कहेंगे कि इस विधेयक की कोई जरूरत ही नहीं है। तृणमूल के कल्याण बनर्जी ने कहा कि लोगों को विधेयक के प्रावधानों के बारे में जागरूक किया जाना जरूरी है।टिप्पणियां बहुजन समाज पार्टी के सदस्य दारा सिंह चौहान ने विधेयक का समर्थन किया, जबकि मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के अनिरुद्ध संपत ने कुछ संशोधन की जरूरत पर जोर दिया। बीजू जनता दल के पिनाकी मिश्र ने सहमति की उम्र सीमा 16 वर्ष किए जाने की जरूरत बताई और कहा कि 18 वर्ष उम्र तय करना पुलिस प्रताड़ना को बढ़ावा देने वाला होगा। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सदस्य सुमित्रा महाजन ने सहमति की उम्र 18 वर्ष रखे जाने का समर्थन किया, लेकिन यह भी उल्लेख किया कि विधेयक के प्रावधान का दुरुपयोग रोकने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए। समाजवादी पार्टी (सपा) के सदस्य शैलेंद्र कुमार ने विधेयक का समर्थन किया, लेकिन कहा कि इसके प्रावधानों का दुरुपयोग रोकने पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि विधेयक के प्रावधानों के कारण महिला कर्मचारियों को नियुक्त करने में नियोक्ताओं के रवैए में बदलाव आ सकता है। जनता दल-यूनाइटेट (जद-यू) के नेता शरद यादव ने कहा कि विधेयक के प्रावधानों के कारण महिलाओं को नौकरी हासिल करने में मुश्किल होगी। अपने अल्पकालिक हस्तक्षेप में सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने कहा कि यदि वे कहना चाहेंगे तो यही कहेंगे कि इस विधेयक की कोई जरूरत ही नहीं है। तृणमूल के कल्याण बनर्जी ने कहा कि लोगों को विधेयक के प्रावधानों के बारे में जागरूक किया जाना जरूरी है।टिप्पणियां बहुजन समाज पार्टी के सदस्य दारा सिंह चौहान ने विधेयक का समर्थन किया, जबकि मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के अनिरुद्ध संपत ने कुछ संशोधन की जरूरत पर जोर दिया। बीजू जनता दल के पिनाकी मिश्र ने सहमति की उम्र सीमा 16 वर्ष किए जाने की जरूरत बताई और कहा कि 18 वर्ष उम्र तय करना पुलिस प्रताड़ना को बढ़ावा देने वाला होगा। समाजवादी पार्टी (सपा) के सदस्य शैलेंद्र कुमार ने विधेयक का समर्थन किया, लेकिन कहा कि इसके प्रावधानों का दुरुपयोग रोकने पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि विधेयक के प्रावधानों के कारण महिला कर्मचारियों को नियुक्त करने में नियोक्ताओं के रवैए में बदलाव आ सकता है। जनता दल-यूनाइटेट (जद-यू) के नेता शरद यादव ने कहा कि विधेयक के प्रावधानों के कारण महिलाओं को नौकरी हासिल करने में मुश्किल होगी। अपने अल्पकालिक हस्तक्षेप में सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने कहा कि यदि वे कहना चाहेंगे तो यही कहेंगे कि इस विधेयक की कोई जरूरत ही नहीं है। तृणमूल के कल्याण बनर्जी ने कहा कि लोगों को विधेयक के प्रावधानों के बारे में जागरूक किया जाना जरूरी है।टिप्पणियां बहुजन समाज पार्टी के सदस्य दारा सिंह चौहान ने विधेयक का समर्थन किया, जबकि मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के अनिरुद्ध संपत ने कुछ संशोधन की जरूरत पर जोर दिया। बीजू जनता दल के पिनाकी मिश्र ने सहमति की उम्र सीमा 16 वर्ष किए जाने की जरूरत बताई और कहा कि 18 वर्ष उम्र तय करना पुलिस प्रताड़ना को बढ़ावा देने वाला होगा। जनता दल-यूनाइटेट (जद-यू) के नेता शरद यादव ने कहा कि विधेयक के प्रावधानों के कारण महिलाओं को नौकरी हासिल करने में मुश्किल होगी। अपने अल्पकालिक हस्तक्षेप में सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने कहा कि यदि वे कहना चाहेंगे तो यही कहेंगे कि इस विधेयक की कोई जरूरत ही नहीं है। तृणमूल के कल्याण बनर्जी ने कहा कि लोगों को विधेयक के प्रावधानों के बारे में जागरूक किया जाना जरूरी है।टिप्पणियां बहुजन समाज पार्टी के सदस्य दारा सिंह चौहान ने विधेयक का समर्थन किया, जबकि मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के अनिरुद्ध संपत ने कुछ संशोधन की जरूरत पर जोर दिया। बीजू जनता दल के पिनाकी मिश्र ने सहमति की उम्र सीमा 16 वर्ष किए जाने की जरूरत बताई और कहा कि 18 वर्ष उम्र तय करना पुलिस प्रताड़ना को बढ़ावा देने वाला होगा। अपने अल्पकालिक हस्तक्षेप में सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने कहा कि यदि वे कहना चाहेंगे तो यही कहेंगे कि इस विधेयक की कोई जरूरत ही नहीं है। तृणमूल के कल्याण बनर्जी ने कहा कि लोगों को विधेयक के प्रावधानों के बारे में जागरूक किया जाना जरूरी है।टिप्पणियां बहुजन समाज पार्टी के सदस्य दारा सिंह चौहान ने विधेयक का समर्थन किया, जबकि मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के अनिरुद्ध संपत ने कुछ संशोधन की जरूरत पर जोर दिया। बीजू जनता दल के पिनाकी मिश्र ने सहमति की उम्र सीमा 16 वर्ष किए जाने की जरूरत बताई और कहा कि 18 वर्ष उम्र तय करना पुलिस प्रताड़ना को बढ़ावा देने वाला होगा। तृणमूल के कल्याण बनर्जी ने कहा कि लोगों को विधेयक के प्रावधानों के बारे में जागरूक 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यह एक सारांश है: लोकसभा ने मंगलवार को पेश दुष्कर्म रोधी विधेयक पर चर्चा के बाद अपनी मुहर लगा दी। विधेयक को अब राज्यसभा में पेश किया जाएगा जहां से पारित होने के बाद यह राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा जारी अध्यादेश की जगह नए कानून का रूप ले लेगा।
21
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने आज केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे से बातचीत की और मांग की है कि हिजबुल मुजाहिदीन के कथित आतंकवादी की गिरफ्तारी के मामले को दिल्ली सरकार से एनआईए को स्थानांतरित किया जाए ताकि इस मामले की ‘समयबद्ध और तेजी से जांच की जा सके। उमर ने कहा, मैंने उनसे बात की है और इस मामले की एनआईए से तेजी से तथा समयबद्ध तरीके से जांच कराए जाने के लिए कहा है। यह विवाद उस समय उत्पन्न हुआ जब लियाकत शाह को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और दावा किया कि यह हिजबुल मुजाहिदीन का आतंकवादी है, जो राष्ट्रीय राजधानी में आत्मघाती हमला करने की योजना बनाने के लिए आया है। इस बीच जम्मू-कश्मीर पुलिस ने दिल्ली पुलिस के आरोप का खंडन किया और कहा कि वह आत्मसमर्पण के लिए घाटी लौट रहा था। लियाकत के कुपवाड़ा जिले के लालपूरा स्थित परिवार ने भी कहा है कि उन्होंने वापसी के बारे में अधिकारियों को बता दिया था, जो इस पर सहमत हो गये थे।टिप्पणियां कश्मीरी युवा लियाकत वर्ष 1990 के दशक में सीमा पार कर पाक अधिकृत कश्मीर चला गया था और अब वह नेपाल के रास्ते लौट रहा था। परिवार के सदस्यों ने दावा किया है कि लियाकत ने उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के रास्ते भारत में प्रवेश किया और सीमा की सुरक्षा कर रहे एसएसबी के समक्ष खुद को पेश किया। इस बीच राज्य पुलिस को दिए जाने के बजाय उसे दिल्ली पुलिस को सौंप दिया गया। सूत्रों ने कहा कि लियाकत की गिरफ्तारी पाक अधिकृत कश्मीर के युवाओं को हिंसा के रास्ते को छोड़ने और राष्ट्रीय मुख्यधारा में शामिल होने से रोक सकता है। उमर ने कहा, मैंने उनसे बात की है और इस मामले की एनआईए से तेजी से तथा समयबद्ध तरीके से जांच कराए जाने के लिए कहा है। यह विवाद उस समय उत्पन्न हुआ जब लियाकत शाह को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और दावा किया कि यह हिजबुल मुजाहिदीन का आतंकवादी है, जो राष्ट्रीय राजधानी में आत्मघाती हमला करने की योजना बनाने के लिए आया है। इस बीच जम्मू-कश्मीर पुलिस ने दिल्ली पुलिस के आरोप का खंडन किया और कहा कि वह आत्मसमर्पण के लिए घाटी लौट रहा था। लियाकत के कुपवाड़ा जिले के लालपूरा स्थित परिवार ने भी कहा है कि उन्होंने वापसी के बारे में अधिकारियों को बता दिया था, जो इस पर सहमत हो गये थे।टिप्पणियां कश्मीरी युवा लियाकत वर्ष 1990 के दशक में सीमा पार कर पाक अधिकृत कश्मीर चला गया था और अब वह नेपाल के रास्ते लौट रहा था। परिवार के सदस्यों ने दावा किया है कि लियाकत ने उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के रास्ते भारत में प्रवेश किया और सीमा की सुरक्षा कर रहे एसएसबी के समक्ष खुद को पेश किया। इस बीच राज्य पुलिस को दिए जाने के बजाय उसे दिल्ली पुलिस को सौंप दिया गया। सूत्रों ने कहा कि लियाकत की गिरफ्तारी पाक अधिकृत कश्मीर के युवाओं को हिंसा के रास्ते को छोड़ने और राष्ट्रीय मुख्यधारा में शामिल होने से रोक सकता है। इस बीच जम्मू-कश्मीर पुलिस ने दिल्ली पुलिस के आरोप का खंडन किया और कहा कि वह आत्मसमर्पण के लिए घाटी लौट रहा था। लियाकत के कुपवाड़ा जिले के लालपूरा स्थित परिवार ने भी कहा है कि उन्होंने वापसी के बारे में अधिकारियों को बता दिया था, जो इस पर सहमत हो गये थे।टिप्पणियां कश्मीरी युवा लियाकत वर्ष 1990 के दशक में सीमा पार कर पाक अधिकृत कश्मीर चला गया था और अब वह नेपाल के रास्ते लौट रहा था। परिवार के सदस्यों ने दावा किया है कि लियाकत ने उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के रास्ते भारत में प्रवेश किया और सीमा की सुरक्षा कर रहे एसएसबी के समक्ष खुद को पेश किया। इस बीच राज्य पुलिस को दिए जाने के बजाय उसे दिल्ली पुलिस को सौंप दिया गया। सूत्रों ने कहा कि लियाकत की गिरफ्तारी पाक अधिकृत कश्मीर के युवाओं को हिंसा के रास्ते को छोड़ने और राष्ट्रीय मुख्यधारा में शामिल होने से रोक सकता है। लियाकत के कुपवाड़ा जिले के लालपूरा स्थित परिवार ने भी कहा है कि उन्होंने वापसी के बारे में अधिकारियों को बता दिया था, जो इस पर सहमत हो गये थे।टिप्पणियां कश्मीरी युवा लियाकत वर्ष 1990 के दशक में सीमा पार कर पाक अधिकृत कश्मीर चला गया था और अब वह नेपाल के रास्ते लौट रहा था। परिवार के सदस्यों ने दावा किया है कि लियाकत ने उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के रास्ते भारत में प्रवेश किया और सीमा की सुरक्षा कर रहे एसएसबी के समक्ष खुद को पेश किया। इस बीच राज्य पुलिस को दिए जाने के बजाय उसे दिल्ली पुलिस को सौंप दिया गया। सूत्रों ने कहा कि लियाकत की गिरफ्तारी पाक अधिकृत कश्मीर के युवाओं को हिंसा के रास्ते को छोड़ने और राष्ट्रीय मुख्यधारा में शामिल होने से रोक सकता है। कश्मीरी युवा लियाकत वर्ष 1990 के दशक में सीमा पार कर पाक अधिकृत कश्मीर चला गया था और अब वह नेपाल के रास्ते लौट रहा था। परिवार के सदस्यों ने दावा किया है कि लियाकत ने उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के रास्ते भारत में प्रवेश किया और सीमा की सुरक्षा कर रहे एसएसबी के समक्ष खुद को पेश किया। इस बीच राज्य पुलिस को दिए जाने के बजाय उसे दिल्ली पुलिस को सौंप दिया गया। सूत्रों ने कहा कि लियाकत की गिरफ्तारी पाक अधिकृत कश्मीर के युवाओं को हिंसा के रास्ते को छोड़ने और राष्ट्रीय मुख्यधारा में शामिल होने से रोक सकता है। सूत्रों ने कहा कि लियाकत की गिरफ्तारी पाक अधिकृत कश्मीर के युवाओं को हिंसा के रास्ते को छोड़ने और राष्ट्रीय मुख्यधारा में शामिल होने से रोक सकता है।
यह एक सारांश है: उमर अब्दुल्ला ने कहा, मैंने शिंदे से बात की है और इस मामले की एनआईए से तेजी से तथा समयबद्ध तरीके से जांच कराए जाने के लिए कहा है।
24
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: एक नाबालिग के यौन उत्पीड़न के आरोपों में फंसे प्रवचन देने वाले आसाराम यदि शुक्रवार को जोधपुर पुलिस के सामने पेश नहीं होते हैं, तो उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। जोधपुर पुलिस आयुक्त बीजू जॉर्ज जोसेफ ने संवाददाताओं से कहा, हम उन्हें जारी समन की अंतिम समय सीमा के आधार पर 30 अगस्त तक इंतजार करेंगे और यदि वह तब तक पेश नहीं होते हैं, तो हम 31 अगस्त को उन्हें गिरफ्तार करने के लिए एक दल भेजेंगे। 72-वर्षीय आसाराम ने जोधपुर में मामले के जांच अधिकारी के सामने पेश होने की समय सीमा बढ़ाने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि 19 सितंबर तक उनके कई पूर्व निर्धारित धार्मिक कार्यक्रम हैं। पुलिस उपायुक्त अजय पॉल लाम्बा ने बुधवार को कहा था कि पुलिस 30 अगस्त तक इंतजार करेगी और यदि आसाराम पूछताछ के लिए उनके सामने पेश नहीं होते हैं, तो आगे की कार्रवाई उसी दिन तय की जाएगी।टिप्पणियां इस बीच, अन्य आरोपियों शिल्पी (गुरुकुल में छात्रावास की वार्डन), केशव (गुरुकुल का प्रबंधक) और शिव (आसाराम का सहायक) आज पूछताछ के लिए जांच अधिकारी के समक्ष पेश होंगे। डीसीपी ने बताया कि पीड़िता के आरोप के अनुसार शिल्पी और केशव ने बुरी आत्माओं को दूर करने के अनुष्ठान के लिए 16-वर्षीय लड़की को जोधपुर भेजा था। इस अनुष्ठान के लिए आसाराम 15 अगस्त की रात नाबालिग के साथ कमरे में अकेले रहना चाहते थे। शिव ने लड़की को धमकी देते हुए कहा था कि वह इस घटना के बारे में किसी से खुलासा न करे। इस बीच, आसाराम के बेटे नारायण साई ने दावा किया कि आरोप लगाने वाली लड़की 'मानसिक रूप से असंतुलित' है। जोधपुर पुलिस आयुक्त बीजू जॉर्ज जोसेफ ने संवाददाताओं से कहा, हम उन्हें जारी समन की अंतिम समय सीमा के आधार पर 30 अगस्त तक इंतजार करेंगे और यदि वह तब तक पेश नहीं होते हैं, तो हम 31 अगस्त को उन्हें गिरफ्तार करने के लिए एक दल भेजेंगे। 72-वर्षीय आसाराम ने जोधपुर में मामले के जांच अधिकारी के सामने पेश होने की समय सीमा बढ़ाने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि 19 सितंबर तक उनके कई पूर्व निर्धारित धार्मिक कार्यक्रम हैं। पुलिस उपायुक्त अजय पॉल लाम्बा ने बुधवार को कहा था कि पुलिस 30 अगस्त तक इंतजार करेगी और यदि आसाराम पूछताछ के लिए उनके सामने पेश नहीं होते हैं, तो आगे की कार्रवाई उसी दिन तय की जाएगी।टिप्पणियां इस बीच, अन्य आरोपियों शिल्पी (गुरुकुल में छात्रावास की वार्डन), केशव (गुरुकुल का प्रबंधक) और शिव (आसाराम का सहायक) आज पूछताछ के लिए जांच अधिकारी के समक्ष पेश होंगे। डीसीपी ने बताया कि पीड़िता के आरोप के अनुसार शिल्पी और केशव ने बुरी आत्माओं को दूर करने के अनुष्ठान के लिए 16-वर्षीय लड़की को जोधपुर भेजा था। इस अनुष्ठान के लिए आसाराम 15 अगस्त की रात नाबालिग के साथ कमरे में अकेले रहना चाहते थे। शिव ने लड़की को धमकी देते हुए कहा था कि वह इस घटना के बारे में किसी से खुलासा न करे। इस बीच, आसाराम के बेटे नारायण साई ने दावा किया कि आरोप लगाने वाली लड़की 'मानसिक रूप से असंतुलित' है। 72-वर्षीय आसाराम ने जोधपुर में मामले के जांच अधिकारी के सामने पेश होने की समय सीमा बढ़ाने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि 19 सितंबर तक उनके कई पूर्व निर्धारित धार्मिक कार्यक्रम हैं। पुलिस उपायुक्त अजय पॉल लाम्बा ने बुधवार को कहा था कि पुलिस 30 अगस्त तक इंतजार करेगी और यदि आसाराम पूछताछ के लिए उनके सामने पेश नहीं होते हैं, तो आगे की कार्रवाई उसी दिन तय की जाएगी।टिप्पणियां इस बीच, अन्य आरोपियों शिल्पी (गुरुकुल में छात्रावास की वार्डन), केशव (गुरुकुल का प्रबंधक) और शिव (आसाराम का सहायक) आज पूछताछ के लिए जांच अधिकारी के समक्ष पेश होंगे। डीसीपी ने बताया कि पीड़िता के आरोप के अनुसार शिल्पी और केशव ने बुरी आत्माओं को दूर करने के अनुष्ठान के लिए 16-वर्षीय लड़की को जोधपुर भेजा था। इस अनुष्ठान के लिए आसाराम 15 अगस्त की रात नाबालिग के साथ कमरे में अकेले रहना चाहते थे। शिव ने लड़की को धमकी देते हुए कहा था कि वह इस घटना के बारे में किसी से खुलासा न करे। इस बीच, आसाराम के बेटे नारायण साई ने दावा किया कि आरोप लगाने वाली लड़की 'मानसिक रूप से असंतुलित' है। इस बीच, अन्य आरोपियों शिल्पी (गुरुकुल में छात्रावास की वार्डन), केशव (गुरुकुल का प्रबंधक) और शिव (आसाराम का सहायक) आज पूछताछ के लिए जांच अधिकारी के समक्ष पेश होंगे। डीसीपी ने बताया कि पीड़िता के आरोप के अनुसार शिल्पी और केशव ने बुरी आत्माओं को दूर करने के अनुष्ठान के लिए 16-वर्षीय लड़की को जोधपुर भेजा था। इस अनुष्ठान के लिए आसाराम 15 अगस्त की रात नाबालिग के साथ कमरे में अकेले रहना चाहते थे। शिव ने लड़की को धमकी देते हुए कहा था कि वह इस घटना के बारे में किसी से खुलासा न करे। इस बीच, आसाराम के बेटे नारायण साई ने दावा किया कि आरोप लगाने वाली लड़की 'मानसिक रूप से असंतुलित' है। डीसीपी ने बताया कि पीड़िता के आरोप के अनुसार शिल्पी और केशव ने बुरी आत्माओं को दूर करने के अनुष्ठान के लिए 16-वर्षीय लड़की को जोधपुर भेजा था। इस अनुष्ठान के लिए आसाराम 15 अगस्त की रात नाबालिग के साथ कमरे में अकेले रहना चाहते थे। शिव ने लड़की को धमकी देते हुए कहा था कि वह इस घटना के बारे में किसी से खुलासा न करे। इस बीच, आसाराम के बेटे नारायण साई ने दावा किया कि आरोप लगाने वाली लड़की 'मानसिक रूप से असंतुलित' है।
संक्षिप्त सारांश: जोधपुर पुलिस आयुक्त बीजू जॉर्ज जोसेफ ने कहा, हम उन्हें जारी समन की अंतिम समय सीमा के आधार पर 30 अगस्त तक इंतजार करेंगे और यदि वह तब तक पेश नहीं होते हैं, तो हम 31 अगस्त को उन्हें गिरफ्तार करने के लिए एक दल भेजेंगे।
29
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: एक अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त की अध्यक्षता में 17 जनवरी, 2018 को हुई बैठक में यह फैसला किया गया. अधिकारी ने कहा कि फील्ड कार्यालयों को कहा गया है कि यदि पीएफ से निकासी की राशि 10 लाख रुपये से अधिक है, तो दावा सिर्फ ऑनलाइन स्वीकार किया जाना चाहिए. इसी तरह कर्मचारी पेंशन योजना में निकासी राशि पांच लाख रुपये से अधिक होने पर सिर्फ ऑनलाइन दावा ही स्वीकार किया जाए.टिप्पणियां ऑनलाइन दावा करने से पहले अंशधारक के बैंक खाते को प्रणाली से जोड़ा और सत्यापित किया जाना चाहिए. ईपीएफओ के अंशधारकों की संख्या छह करोड़ से अधिक है. यह 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक के कोष का प्रबंधन करता है.   ऑनलाइन दावा करने से पहले अंशधारक के बैंक खाते को प्रणाली से जोड़ा और सत्यापित किया जाना चाहिए. ईपीएफओ के अंशधारकों की संख्या छह करोड़ से अधिक है. यह 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक के कोष का प्रबंधन करता है.
यह एक सारांश है: जरूरत के हिसाब से ईपीएफओ नियम बदलता रहता है फरवही ने ईपीएफओ ने निकासी के नियम बदले थे अब फिर कुछ बदलने नियम वापस लिए.
2
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: इस परियोजना से राजगढ़ जिले के 727 ग्राम लाभान्वित होंगे. प्रधानमंत्री इंदौर में 4713.75 करोड़ रुपये लागत के विभिन्न कार्यों का लोकार्पण करेंगे. इंदौर के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित किये जा रहे कार्यक्रम में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय स्वच्छता सर्वे के विजेताओं को सम्मानित करने के साथ-साथ मध्य प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी शहरी परिवहन योजना 'सूत्र सेवा' का शुभारंभ भी करेंगे. इसी कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना के एक लाख से अधिक हितग्राही लाभान्वित होंगे.  अधिकारी ने बताया कि इंदौर में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी शहरी स्वच्छ सर्वे 2018 में विजेता प्रथम तीन शहर इंदौर, भोपाल और चण्डीगढ़ के प्रतिनिधियों को पुरस्कार प्रदान करेंगे. उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश के दो शहर इंदौर और भोपाल ने स्वच्छ सर्वेक्षण-2017 की रैकिंग को इस साल बरकरार रखा है.टिप्पणियां  (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)  (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह एक सारांश है: मध्य प्रदेश में होने वाले हैं विधानसभा चुनाव परियोजनाएं चुनाव के लिहाज से अहम शिवराज सरकार की हैं योजनाएं
16
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पाकिस्तान के पेशावर शहर के बाहरी इलाके में स्थित एक शिया मदरसा में जुमे की नमाज के लिए जमा हुए लोगों को निशाना बनाकर किए गए आत्मघाती विस्फोट में कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई और 30 से अधिक घायल हो गए। अधिकारियों ने बताया कि खबर पख्तूनख्वाह प्रांत के पेशावर में गुलशन कॉलोनी स्थित धार्मिक शिक्षण संस्थान को निशाना बनाया गया। हमलावर ने मदरसा हुसैनिया को उस वक्त निशाना बनाया जब वहां जुमे की नमाज के लिए करीब 200 लोग एकत्र हुए थे। हमलावर और उसके दो साथियों ने मदरसे के भीतर दाखिल होने से पहले एक पुलिस सुरक्षाकर्मी को गोली मारकर घायल कर दिया। इस हमलावर ने उस वक्त मदरसे में खुद को उड़ा लिया जब वहां लोग इमाम का कुतबा (धार्मिक संबोधन) सुन रहे थे। पुलिस अधीक्षक शफीउल्लाह खान ने संवाददाताओं को बताया कि हमले में कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों के अनुसार, हमले में 30 से अधिक लोग घायल हो गए। घायलों में चार लोगों की हालत गंभीर बताई गई है।टिप्पणियां टेलीविजन चैनलों की फुटेज में दिखाया गया है कि मदरसे की खिड़कियां और दरवाजे उड़ गए हैं। विस्फोट के बाद हमलावर के साथी फरार होने में कामयाब रहे। हमले के बाद सुरक्षा बलों ने इलाके को घेर लिया। किसी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं है। राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। अधिकारियों ने बताया कि खबर पख्तूनख्वाह प्रांत के पेशावर में गुलशन कॉलोनी स्थित धार्मिक शिक्षण संस्थान को निशाना बनाया गया। हमलावर ने मदरसा हुसैनिया को उस वक्त निशाना बनाया जब वहां जुमे की नमाज के लिए करीब 200 लोग एकत्र हुए थे। हमलावर और उसके दो साथियों ने मदरसे के भीतर दाखिल होने से पहले एक पुलिस सुरक्षाकर्मी को गोली मारकर घायल कर दिया। इस हमलावर ने उस वक्त मदरसे में खुद को उड़ा लिया जब वहां लोग इमाम का कुतबा (धार्मिक संबोधन) सुन रहे थे। पुलिस अधीक्षक शफीउल्लाह खान ने संवाददाताओं को बताया कि हमले में कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों के अनुसार, हमले में 30 से अधिक लोग घायल हो गए। घायलों में चार लोगों की हालत गंभीर बताई गई है।टिप्पणियां टेलीविजन चैनलों की फुटेज में दिखाया गया है कि मदरसे की खिड़कियां और दरवाजे उड़ गए हैं। विस्फोट के बाद हमलावर के साथी फरार होने में कामयाब रहे। हमले के बाद सुरक्षा बलों ने इलाके को घेर लिया। किसी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं है। राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। हमलावर ने मदरसा हुसैनिया को उस वक्त निशाना बनाया जब वहां जुमे की नमाज के लिए करीब 200 लोग एकत्र हुए थे। हमलावर और उसके दो साथियों ने मदरसे के भीतर दाखिल होने से पहले एक पुलिस सुरक्षाकर्मी को गोली मारकर घायल कर दिया। इस हमलावर ने उस वक्त मदरसे में खुद को उड़ा लिया जब वहां लोग इमाम का कुतबा (धार्मिक संबोधन) सुन रहे थे। पुलिस अधीक्षक शफीउल्लाह खान ने संवाददाताओं को बताया कि हमले में कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों के अनुसार, हमले में 30 से अधिक लोग घायल हो गए। घायलों में चार लोगों की हालत गंभीर बताई गई है।टिप्पणियां टेलीविजन चैनलों की फुटेज में दिखाया गया है कि मदरसे की खिड़कियां और दरवाजे उड़ गए हैं। विस्फोट के बाद हमलावर के साथी फरार होने में कामयाब रहे। हमले के बाद सुरक्षा बलों ने इलाके को घेर लिया। किसी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं है। राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। इस हमलावर ने उस वक्त मदरसे में खुद को उड़ा लिया जब वहां लोग इमाम का कुतबा (धार्मिक संबोधन) सुन रहे थे। पुलिस अधीक्षक शफीउल्लाह खान ने संवाददाताओं को बताया कि हमले में कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों के अनुसार, हमले में 30 से अधिक लोग घायल हो गए। घायलों में चार लोगों की हालत गंभीर बताई गई है।टिप्पणियां टेलीविजन चैनलों की फुटेज में दिखाया गया है कि मदरसे की खिड़कियां और दरवाजे उड़ गए हैं। विस्फोट के बाद हमलावर के साथी फरार होने में कामयाब रहे। हमले के बाद सुरक्षा बलों ने इलाके को घेर लिया। किसी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं है। राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। पुलिस अधीक्षक शफीउल्लाह खान ने संवाददाताओं को बताया कि हमले में कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों के अनुसार, हमले में 30 से अधिक लोग घायल हो गए। घायलों में चार लोगों की हालत गंभीर बताई गई है।टिप्पणियां टेलीविजन चैनलों की फुटेज में दिखाया गया है कि मदरसे की खिड़कियां और दरवाजे उड़ गए हैं। विस्फोट के बाद हमलावर के साथी फरार होने में कामयाब रहे। हमले के बाद सुरक्षा बलों ने इलाके को घेर लिया। किसी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं है। राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। अधिकारियों के अनुसार, हमले में 30 से अधिक लोग घायल हो गए। घायलों में चार लोगों की हालत गंभीर बताई गई है।टिप्पणियां टेलीविजन चैनलों की फुटेज में दिखाया गया है कि मदरसे की खिड़कियां और दरवाजे उड़ गए हैं। विस्फोट के बाद हमलावर के साथी फरार होने में कामयाब रहे। हमले के बाद सुरक्षा बलों ने इलाके को घेर लिया। किसी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं है। राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। टेलीविजन चैनलों की फुटेज में दिखाया गया है कि मदरसे की खिड़कियां और दरवाजे उड़ गए हैं। विस्फोट के बाद हमलावर के साथी फरार होने में कामयाब रहे। हमले के बाद सुरक्षा बलों ने इलाके को घेर लिया। किसी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं है। राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने इस हमले की कड़ी निंदा की है।
हमलावर ने मदरसा हुसैनिया को उस वक्त निशाना बनाया जब वहां जुमे की नमाज के लिए करीब 200 लोग एकत्र हुए थे। फिर उसने खुद को उड़ा लिया।
34
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: इंग्लैंड के लॉर्ड्स टेस्ट में शानदार प्रदर्शन से प्रभावित दक्षिण अफ्रीका के पूर्व तेज गेंदबाज और तेज गेंदबाजी कोच एलन डोनाल्ड ने कहा कि एंड्रयू स्ट्रास की टीम टेस्ट क्रिकेट में भारत को हटाकर दुनिया की नंबर एक बनने की हकदार है। डोनाल्ड ने कहा, इंग्लैंड नंबर एक टीम बनने की हकदार है, इसमें कोई शक नहीं है। इंग्लैंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चार मैचों की टेस्ट श्रृंखला के शुरुआती मैच में भारत को 196 रन से शिकस्त दी। डोनाल्ड ने कहा कि इंग्लैंड की टीम मैच द मैच सुधर रही है। उन्होंने कहा, इंग्लैंड की टीम अच्छी है और वे हर मैच में सुधार कर रहे हैं। वे एक अच्छी इकाई की तरह प्रगति कर रहे हैं। डोनाल्ड ने कहा कि तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्राड, क्रिस ट्रेमलेट और जेम्स एंडरसन तथा स्पिनर ग्रीम स्वान के रूप में इंग्लैंड का आक्रमण दुनिया का सबसे बेहतरीन आक्रमण है। उन्होंने कहा, इसमें कोई दो राय नहीं है। क्रिस ट्रेमलेट, ब्राड, एंडरसन और स्वान शानदार हैं। यह भी दिलचस्प है कि 2007 से उन्होंने कितनी अच्छी प्रगति की है।
यहाँ एक सारांश है:डोनाल्ड ने कहा कि एंड्रयू स्ट्रास की टीम टेस्ट क्रिकेट में भारत को हटाकर दुनिया की नंबर एक बनने की हकदार है।
12
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दोपहर बाद लगभग 4 बजे का वक्त... उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के व्यस्ततम और सबसे पोश बाज़ार हज़रतगंज की सड़कों पर घूम रहा है एन्टी-रोमियो स्क्वाड - एक उपाधीक्षक, यानी डीएसपी, के नेतृत्व में लगभग 30 पुलिसवाले, जिनमें पांच महिला कॉन्स्टेबल भी हैं... ये पुलिसवाले चारों ओर घूम रहे हैं, और ऐसे लोगों को तलाश कर रहे हैं, जो लड़कियों-महिलाओं को परेशान कर सकते हैं, यानी 'रोमियो' (महिलाओं से छेड़छाड़ करने वालों को आमतौर पर इसी नाम से पुकारा जाता है) हो सकते हैं... जो लड़के अकेले बैठे हैं, या ग्रुप बनाकर टहल रहे हैं, इन पुलिसवालों की नज़र में सबसे पहले आ जाते हैं... एक गली में अपनी मोटरसाइकिल पर अकेले बैठे नीरज को इनमें से पांच पुलिसवालों ने 'घेर' लिया, और पुलिस अधिकारी ने सवाल दागा, "यहां क्यों बैठे हो...? क्या यह पिकनिक स्पॉट है...?" बुदबुदाते-से नीरज ने जवाब दिया, "मैं पास के ही रेस्तरां में काम करता हूं...", और बताया कि उसकी शिफ्ट अभी-अभी खत्म हुई है, सो, घर लौटने से पहले कुछ देर सांस लेना चाहता हूं... नीरज का आधार कार्ड चेक करने वाले पुलिसकर्मी ने गुर्राकर कहा, "यहां बेवजह बैठने की कोई ज़रूरत नहीं..." सादे कपड़े पहने एख अन्य पुलिसवाले ने अपने मोबाइल फोन से नीरज की तस्वीर खींची, और जब उन्हें तसल्ली हो गई कि कोई 'गड़बड़' नहीं है, न हो सकती है, वे आगे बढ़ गए... नीरज इस घटना से हिल गया, और उसने हमसे बात तक करने से इंकार कर दिया... ...और, कुछ ही देर बाद, एन्टी-रोमियो अभियान में चीज़ें कुछ आक्रामक रूप अख्तियार कर लेती हैं... दुकानों के एक ब्लॉक के साथ पुलिसवाले साद खान को घेर लेते हैं, जो एक बेंच पर अकेले बैठा है... साद ने पुलिस को बताया कि वह अपनी पत्नी के साथ आया है, जो महिलाओं की पोशाकों की दुकान में खरीदारी कर रही हैं... एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की ओर से सवाल दागा जाता है, "तुम दुकान में भीतर क्यों नहीं गए...?" इससे पहले कि साद कोई जवाब दे पाता, उसकी पत्नी नाज़िरा दुकान से बाहर निकलकर आती है, और पति से कहती है "आओ, चलें..." पुलिसवाले तुरंत आगे बढ़ जाते हैं, लेकिन नाज़िरा तब तक गुस्से से भर चुकी है... "इसे परेशान करना कहते हैं... यह हमारे साथ हर दुकान के भीतर नहीं जा सकते... यह दुकान महिलाओं के लिए हैं... आप इनसे नहीं पूछ सकते कि यह यहां क्यों बैठे हैं... अगर यह शराफत से दुकान के बाहर खड़े हैं, तो इसमें परेशानी क्या है...?" हाल ही में चुनाव में शानदार जीत हासिल कर सत्तासीन हुई भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के चुनावी वादों में से एक 'एन्टी-रोमियो स्क्वाड' की शुरुआत बुधवार को कुछ गलत हो गई, जब टीवी पर दिख रही तस्वीरों में पुलिसवालों को युवा जोड़ों और ग्रुप में घूम रहे पुरुषों को परेशान करते देखा गया... नवनियुक्त मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इसके बाद निर्देश देना पड़ा कि जोड़ों को निशाना नहीं बनाया जाए... बहरहाल, यह साफ नहीं है कि पुलिस के पास सार्वजनिक स्थानों पर 'रोमियो' को पकड़ने के लिए क्या योजना है, लेकिन फिलहाल एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, उनका इरादा "कॉलेजों और अन्य जगहों पर अकेले और ग्रुपों में घूम रहे लड़कों से सवाल करने और उनकी जांच करने का है, ताकि छेड़छाड़ का इरादा रखने वालों के मन में भी डर पैदा हो..." पुलिसवालों का यह ग्रुप इसी बाज़ार में लगभग 30 मिनट और बिताता है, लेकिन कोई 'रोमियो' हाथ नहीं आता... किसी को भी हिरासत में नहीं लिया गया...टिप्पणियां इस टीम में मौजूद वरिष्ठतम पुलिस अधिकारी शिवराम यादव हमें समझाने की कोशिश करते हैं कि क्यों वे अकेले पाए जा रहे पुरुषों से पूछताछ कर रहे हैं... "हम पूछते हैं, क्या यह गलत है...? क्या किसी से यह पूछना गलत है कि वह अकेला क्यों घूम रहा है...? अगर वह दुकान पर आया है, तो ठीक है... लेकिन अकेले घूमने का क्या मतलब है...? मैं नहीं समझ सकता कि आप अकेले क्यों बैठे रहना चाहेंगे... आप यहां एक मकसद - खरीदारी - से आए हैं न...?" ...तो क्या हर अकेले घूमने वाले को घेर लेना जायज़ है...? अधिकारी का जवाब था, "अकेले घूमने वाले से बात किए बिना कोई कैसे बता सकता है कि वह असल में कौन है...?" ये पुलिसवाले चारों ओर घूम रहे हैं, और ऐसे लोगों को तलाश कर रहे हैं, जो लड़कियों-महिलाओं को परेशान कर सकते हैं, यानी 'रोमियो' (महिलाओं से छेड़छाड़ करने वालों को आमतौर पर इसी नाम से पुकारा जाता है) हो सकते हैं... जो लड़के अकेले बैठे हैं, या ग्रुप बनाकर टहल रहे हैं, इन पुलिसवालों की नज़र में सबसे पहले आ जाते हैं... एक गली में अपनी मोटरसाइकिल पर अकेले बैठे नीरज को इनमें से पांच पुलिसवालों ने 'घेर' लिया, और पुलिस अधिकारी ने सवाल दागा, "यहां क्यों बैठे हो...? क्या यह पिकनिक स्पॉट है...?" बुदबुदाते-से नीरज ने जवाब दिया, "मैं पास के ही रेस्तरां में काम करता हूं...", और बताया कि उसकी शिफ्ट अभी-अभी खत्म हुई है, सो, घर लौटने से पहले कुछ देर सांस लेना चाहता हूं... नीरज का आधार कार्ड चेक करने वाले पुलिसकर्मी ने गुर्राकर कहा, "यहां बेवजह बैठने की कोई ज़रूरत नहीं..." सादे कपड़े पहने एख अन्य पुलिसवाले ने अपने मोबाइल फोन से नीरज की तस्वीर खींची, और जब उन्हें तसल्ली हो गई कि कोई 'गड़बड़' नहीं है, न हो सकती है, वे आगे बढ़ गए... नीरज इस घटना से हिल गया, और उसने हमसे बात तक करने से इंकार कर दिया... ...और, कुछ ही देर बाद, एन्टी-रोमियो अभियान में चीज़ें कुछ आक्रामक रूप अख्तियार कर लेती हैं... दुकानों के एक ब्लॉक के साथ पुलिसवाले साद खान को घेर लेते हैं, जो एक बेंच पर अकेले बैठा है... साद ने पुलिस को बताया कि वह अपनी पत्नी के साथ आया है, जो महिलाओं की पोशाकों की दुकान में खरीदारी कर रही हैं... एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की ओर से सवाल दागा जाता है, "तुम दुकान में भीतर क्यों नहीं गए...?" इससे पहले कि साद कोई जवाब दे पाता, उसकी पत्नी नाज़िरा दुकान से बाहर निकलकर आती है, और पति से कहती है "आओ, चलें..." पुलिसवाले तुरंत आगे बढ़ जाते हैं, लेकिन नाज़िरा तब तक गुस्से से भर चुकी है... "इसे परेशान करना कहते हैं... यह हमारे साथ हर दुकान के भीतर नहीं जा सकते... यह दुकान महिलाओं के लिए हैं... आप इनसे नहीं पूछ सकते कि यह यहां क्यों बैठे हैं... अगर यह शराफत से दुकान के बाहर खड़े हैं, तो इसमें परेशानी क्या है...?" हाल ही में चुनाव में शानदार जीत हासिल कर सत्तासीन हुई भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के चुनावी वादों में से एक 'एन्टी-रोमियो स्क्वाड' की शुरुआत बुधवार को कुछ गलत हो गई, जब टीवी पर दिख रही तस्वीरों में पुलिसवालों को युवा जोड़ों और ग्रुप में घूम रहे पुरुषों को परेशान करते देखा गया... नवनियुक्त मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इसके बाद निर्देश देना पड़ा कि जोड़ों को निशाना नहीं बनाया जाए... बहरहाल, यह साफ नहीं है कि पुलिस के पास सार्वजनिक स्थानों पर 'रोमियो' को पकड़ने के लिए क्या योजना है, लेकिन फिलहाल एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, उनका इरादा "कॉलेजों और अन्य जगहों पर अकेले और ग्रुपों में घूम रहे लड़कों से सवाल करने और उनकी जांच करने का है, ताकि छेड़छाड़ का इरादा रखने वालों के मन में भी डर पैदा हो..." पुलिसवालों का यह ग्रुप इसी बाज़ार में लगभग 30 मिनट और बिताता है, लेकिन कोई 'रोमियो' हाथ नहीं आता... किसी को भी हिरासत में नहीं लिया गया...टिप्पणियां इस टीम में मौजूद वरिष्ठतम पुलिस अधिकारी शिवराम यादव हमें समझाने की कोशिश करते हैं कि क्यों वे अकेले पाए जा रहे पुरुषों से पूछताछ कर रहे हैं... 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"इसे परेशान करना कहते हैं... यह हमारे साथ हर दुकान के भीतर नहीं जा सकते... यह दुकान महिलाओं के लिए हैं... आप इनसे नहीं पूछ सकते कि यह यहां क्यों बैठे हैं... अगर यह शराफत से दुकान के बाहर खड़े हैं, तो इसमें परेशानी क्या है...?" हाल ही में चुनाव में शानदार जीत हासिल कर सत्तासीन हुई भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के चुनावी वादों में से एक 'एन्टी-रोमियो स्क्वाड' की शुरुआत बुधवार को कुछ गलत हो गई, जब टीवी पर दिख रही तस्वीरों में पुलिसवालों को युवा जोड़ों और ग्रुप में घूम रहे पुरुषों को परेशान करते देखा गया... नवनियुक्त मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इसके बाद निर्देश देना पड़ा कि जोड़ों को निशाना नहीं बनाया जाए... बहरहाल, यह साफ नहीं है कि पुलिस के पास सार्वजनिक स्थानों पर 'रोमियो' को पकड़ने के लिए क्या योजना है, लेकिन फिलहाल एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, उनका इरादा "कॉलेजों और अन्य जगहों पर अकेले और ग्रुपों में घूम रहे लड़कों से सवाल करने और उनकी जांच करने का है, ताकि छेड़छाड़ का इरादा रखने वालों के मन में भी डर पैदा हो..." पुलिसवालों का यह ग्रुप इसी बाज़ार में लगभग 30 मिनट और बिताता है, लेकिन कोई 'रोमियो' हाथ नहीं आता... किसी को भी हिरासत में नहीं लिया गया...टिप्पणियां इस टीम में मौजूद वरिष्ठतम पुलिस अधिकारी शिवराम यादव हमें समझाने की कोशिश करते हैं कि क्यों वे अकेले पाए जा रहे पुरुषों से पूछताछ कर रहे हैं... "हम पूछते हैं, क्या यह गलत है...? क्या किसी से यह पूछना गलत है कि वह अकेला क्यों घूम रहा है...? अगर वह दुकान पर आया है, तो ठीक है... लेकिन अकेले घूमने का क्या मतलब है...? मैं नहीं समझ सकता कि आप अकेले क्यों बैठे रहना चाहेंगे... आप यहां एक मकसद - खरीदारी - से आए हैं न...?" ...तो क्या हर अकेले घूमने वाले को घेर लेना जायज़ है...? अधिकारी का जवाब था, "अकेले घूमने वाले से बात किए बिना कोई कैसे बता सकता है कि वह असल में कौन है...?" बुदबुदाते-से नीरज ने जवाब दिया, "मैं पास के ही रेस्तरां में काम करता हूं...", और बताया कि उसकी शिफ्ट अभी-अभी खत्म हुई है, सो, घर लौटने से पहले कुछ देर सांस लेना चाहता हूं... नीरज का आधार कार्ड चेक करने वाले पुलिसकर्मी ने गुर्राकर कहा, "यहां बेवजह बैठने की कोई ज़रूरत नहीं..." सादे कपड़े पहने एख अन्य पुलिसवाले ने अपने मोबाइल फोन से नीरज की तस्वीर खींची, और जब उन्हें तसल्ली हो गई कि कोई 'गड़बड़' नहीं है, न हो सकती है, वे आगे बढ़ गए... नीरज इस घटना से हिल गया, और उसने हमसे बात तक करने से इंकार कर दिया... ...और, कुछ ही देर बाद, एन्टी-रोमियो अभियान में चीज़ें कुछ आक्रामक रूप अख्तियार कर लेती हैं... दुकानों के एक ब्लॉक के साथ पुलिसवाले साद खान को घेर लेते हैं, जो एक बेंच पर अकेले बैठा है... साद ने पुलिस को बताया कि वह अपनी पत्नी के साथ आया है, जो महिलाओं की पोशाकों की दुकान में खरीदारी कर रही हैं... एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की ओर से सवाल दागा जाता है, "तुम दुकान में भीतर क्यों नहीं गए...?" इससे पहले कि साद कोई जवाब दे पाता, उसकी पत्नी नाज़िरा दुकान से बाहर निकलकर आती है, और पति से कहती है "आओ, चलें..." पुलिसवाले तुरंत आगे बढ़ जाते हैं, लेकिन नाज़िरा तब तक गुस्से से भर चुकी है... "इसे परेशान करना कहते हैं... यह हमारे साथ हर दुकान के भीतर नहीं जा सकते... यह दुकान महिलाओं के लिए हैं... आप इनसे नहीं पूछ सकते कि यह यहां क्यों बैठे हैं... अगर यह शराफत से दुकान के बाहर खड़े हैं, तो इसमें परेशानी क्या है...?" हाल ही में चुनाव में शानदार जीत हासिल कर सत्तासीन हुई भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के चुनावी वादों में से एक 'एन्टी-रोमियो स्क्वाड' की शुरुआत बुधवार को कुछ गलत हो गई, जब टीवी पर दिख रही तस्वीरों में पुलिसवालों को युवा जोड़ों और ग्रुप में घूम रहे पुरुषों को परेशान करते देखा गया... नवनियुक्त मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इसके बाद निर्देश देना पड़ा कि जोड़ों को निशाना नहीं बनाया जाए... बहरहाल, यह साफ नहीं है कि पुलिस के पास सार्वजनिक स्थानों पर 'रोमियो' को पकड़ने के लिए क्या योजना है, लेकिन फिलहाल एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, उनका इरादा "कॉलेजों और अन्य जगहों पर अकेले और ग्रुपों में घूम रहे लड़कों से सवाल करने और उनकी जांच करने का है, ताकि छेड़छाड़ का इरादा रखने वालों के मन में भी डर पैदा हो..." पुलिसवालों का यह ग्रुप इसी बाज़ार में लगभग 30 मिनट और बिताता है, लेकिन कोई 'रोमियो' हाथ नहीं आता... किसी को भी हिरासत में नहीं लिया गया...टिप्पणियां इस टीम में मौजूद वरिष्ठतम पुलिस अधिकारी शिवराम यादव हमें समझाने की कोशिश करते हैं कि क्यों वे अकेले पाए जा रहे पुरुषों से पूछताछ कर रहे हैं... 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"इसे परेशान करना कहते हैं... यह हमारे साथ हर दुकान के भीतर नहीं जा सकते... यह दुकान महिलाओं के लिए हैं... आप इनसे नहीं पूछ सकते कि यह यहां क्यों बैठे हैं... अगर यह शराफत से दुकान के बाहर खड़े हैं, तो इसमें परेशानी क्या है...?" हाल ही में चुनाव में शानदार जीत हासिल कर सत्तासीन हुई भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के चुनावी वादों में से एक 'एन्टी-रोमियो स्क्वाड' की शुरुआत बुधवार को कुछ गलत हो गई, जब टीवी पर दिख रही तस्वीरों में पुलिसवालों को युवा जोड़ों और ग्रुप में घूम रहे पुरुषों को परेशान करते देखा गया... नवनियुक्त मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इसके बाद निर्देश देना पड़ा कि जोड़ों को निशाना नहीं बनाया जाए... बहरहाल, यह साफ नहीं है कि पुलिस के पास सार्वजनिक स्थानों पर 'रोमियो' को पकड़ने के लिए क्या योजना है, लेकिन फिलहाल एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, उनका इरादा "कॉलेजों और अन्य जगहों पर अकेले और ग्रुपों में घूम रहे लड़कों से सवाल करने और उनकी जांच करने का है, ताकि छेड़छाड़ का इरादा रखने वालों के मन में भी डर पैदा हो..." पुलिसवालों का यह ग्रुप इसी बाज़ार में लगभग 30 मिनट और बिताता है, लेकिन कोई 'रोमियो' हाथ नहीं आता... किसी को भी हिरासत में नहीं लिया गया...टिप्पणियां इस टीम में मौजूद वरिष्ठतम पुलिस अधिकारी शिवराम यादव हमें समझाने की कोशिश करते हैं कि क्यों वे अकेले पाए जा रहे पुरुषों से पूछताछ कर रहे हैं... "हम पूछते हैं, क्या यह गलत है...? क्या किसी से यह पूछना गलत है कि वह अकेला क्यों घूम रहा है...? अगर वह दुकान पर आया है, तो ठीक है... लेकिन अकेले घूमने का क्या मतलब है...? मैं नहीं समझ सकता कि आप अकेले क्यों बैठे रहना चाहेंगे... आप यहां एक मकसद - खरीदारी - से आए हैं न...?" ...तो क्या हर अकेले घूमने वाले को घेर लेना जायज़ है...? अधिकारी का जवाब था, "अकेले घूमने वाले से बात किए बिना कोई कैसे बता सकता है कि वह असल में कौन है...?" एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की ओर से सवाल दागा जाता है, "तुम दुकान में भीतर क्यों नहीं गए...?" इससे पहले कि साद कोई जवाब दे पाता, उसकी पत्नी नाज़िरा दुकान से बाहर निकलकर आती है, और पति से कहती है "आओ, चलें..." पुलिसवाले तुरंत आगे बढ़ जाते हैं, लेकिन नाज़िरा तब तक गुस्से से भर चुकी है... "इसे परेशान करना कहते हैं... यह हमारे साथ हर दुकान के भीतर नहीं जा सकते... यह दुकान महिलाओं के लिए हैं... आप इनसे नहीं पूछ सकते कि यह यहां क्यों बैठे हैं... अगर यह शराफत से दुकान के बाहर खड़े हैं, तो इसमें परेशानी क्या है...?" हाल ही में चुनाव में शानदार जीत हासिल कर सत्तासीन हुई भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के चुनावी वादों में से एक 'एन्टी-रोमियो स्क्वाड' की शुरुआत बुधवार को कुछ गलत हो गई, जब टीवी पर दिख रही तस्वीरों में पुलिसवालों को युवा जोड़ों और ग्रुप में घूम रहे पुरुषों को परेशान करते देखा गया... नवनियुक्त मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इसके बाद निर्देश देना पड़ा कि जोड़ों को निशाना नहीं बनाया जाए... बहरहाल, यह साफ नहीं है कि पुलिस के पास सार्वजनिक स्थानों पर 'रोमियो' को पकड़ने के लिए क्या योजना है, लेकिन फिलहाल एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, उनका इरादा "कॉलेजों और अन्य जगहों पर अकेले और ग्रुपों में घूम रहे लड़कों से सवाल करने और उनकी जांच करने का है, ताकि छेड़छाड़ का इरादा रखने वालों के मन में भी डर पैदा हो..." पुलिसवालों का यह ग्रुप इसी बाज़ार में लगभग 30 मिनट और बिताता है, लेकिन कोई 'रोमियो' हाथ नहीं आता... किसी को भी हिरासत में नहीं लिया गया...टिप्पणियां इस टीम में मौजूद वरिष्ठतम पुलिस अधिकारी शिवराम यादव हमें समझाने की कोशिश करते हैं कि क्यों वे अकेले पाए जा रहे पुरुषों से पूछताछ कर रहे हैं... "हम पूछते हैं, क्या यह गलत है...? क्या किसी से यह पूछना गलत है कि वह अकेला क्यों घूम रहा है...? अगर वह दुकान पर आया है, तो ठीक है... लेकिन अकेले घूमने का क्या मतलब है...? मैं नहीं समझ सकता कि आप अकेले क्यों बैठे रहना चाहेंगे... आप यहां एक मकसद - खरीदारी - से आए हैं न...?" ...तो क्या हर अकेले घूमने वाले को घेर लेना जायज़ है...? अधिकारी का जवाब था, "अकेले घूमने वाले से बात किए बिना कोई कैसे बता सकता है कि वह असल में कौन है...?" पुलिसवाले तुरंत आगे बढ़ जाते हैं, लेकिन नाज़िरा तब तक गुस्से से भर चुकी है... "इसे परेशान करना कहते हैं... यह हमारे साथ हर दुकान के भीतर नहीं जा सकते... यह दुकान महिलाओं के लिए हैं... आप इनसे नहीं पूछ सकते कि यह यहां क्यों बैठे हैं... अगर यह शराफत से दुकान के बाहर खड़े हैं, तो इसमें परेशानी क्या है...?" हाल ही में चुनाव में शानदार जीत हासिल कर सत्तासीन हुई भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के चुनावी वादों में से एक 'एन्टी-रोमियो स्क्वाड' की शुरुआत बुधवार को कुछ गलत हो गई, जब टीवी पर दिख रही तस्वीरों में पुलिसवालों को युवा जोड़ों और ग्रुप में घूम रहे पुरुषों को परेशान करते देखा गया... नवनियुक्त मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इसके बाद निर्देश देना पड़ा कि जोड़ों को निशाना नहीं बनाया जाए... बहरहाल, यह साफ नहीं है कि पुलिस के पास सार्वजनिक स्थानों पर 'रोमियो' को पकड़ने के लिए क्या योजना है, लेकिन फिलहाल एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, उनका इरादा "कॉलेजों और अन्य जगहों पर अकेले और ग्रुपों में घूम रहे लड़कों से सवाल करने और उनकी जांच करने का है, ताकि छेड़छाड़ का इरादा रखने वालों के मन में भी डर पैदा हो..." पुलिसवालों का यह ग्रुप इसी बाज़ार में लगभग 30 मिनट और बिताता है, लेकिन कोई 'रोमियो' हाथ नहीं आता... किसी को भी हिरासत में नहीं लिया गया...टिप्पणियां इस टीम में मौजूद वरिष्ठतम पुलिस अधिकारी शिवराम यादव हमें समझाने की कोशिश करते हैं कि क्यों वे अकेले पाए जा रहे पुरुषों से पूछताछ कर रहे हैं... "हम पूछते हैं, क्या यह गलत है...? क्या किसी से यह पूछना गलत है कि वह अकेला क्यों घूम रहा है...? अगर वह दुकान पर आया है, तो ठीक है... लेकिन अकेले घूमने का क्या मतलब है...? मैं नहीं समझ सकता कि आप अकेले क्यों बैठे रहना चाहेंगे... आप यहां एक मकसद - खरीदारी - से आए हैं न...?" ...तो क्या हर अकेले घूमने वाले को घेर लेना जायज़ है...? अधिकारी का जवाब था, "अकेले घूमने वाले से बात किए बिना कोई कैसे बता सकता है कि वह असल में कौन है...?" हाल ही में चुनाव में शानदार जीत हासिल कर सत्तासीन हुई भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के चुनावी वादों में से एक 'एन्टी-रोमियो स्क्वाड' की शुरुआत बुधवार को कुछ गलत हो गई, जब टीवी पर दिख रही तस्वीरों में पुलिसवालों को युवा जोड़ों और ग्रुप में घूम रहे पुरुषों को परेशान करते देखा गया... नवनियुक्त मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इसके बाद निर्देश देना पड़ा कि जोड़ों को निशाना नहीं बनाया जाए... बहरहाल, यह साफ नहीं है कि पुलिस के पास सार्वजनिक स्थानों पर 'रोमियो' को पकड़ने के लिए क्या योजना है, लेकिन फिलहाल एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, उनका इरादा "कॉलेजों और अन्य जगहों पर अकेले और ग्रुपों में घूम रहे लड़कों से सवाल करने और उनकी जांच करने का है, ताकि छेड़छाड़ का इरादा रखने वालों के मन में भी डर पैदा हो..." पुलिसवालों का यह ग्रुप इसी बाज़ार में लगभग 30 मिनट और बिताता है, लेकिन कोई 'रोमियो' हाथ नहीं आता... किसी को भी हिरासत में नहीं लिया गया...टिप्पणियां इस टीम में मौजूद वरिष्ठतम पुलिस अधिकारी शिवराम यादव हमें समझाने की कोशिश करते हैं कि क्यों वे अकेले पाए जा रहे पुरुषों से पूछताछ कर रहे हैं... "हम पूछते हैं, क्या यह गलत है...? क्या किसी से यह पूछना गलत है कि वह अकेला क्यों घूम रहा है...? अगर वह दुकान पर आया है, तो ठीक है... लेकिन अकेले घूमने का क्या मतलब है...? मैं नहीं समझ सकता कि आप अकेले क्यों बैठे रहना चाहेंगे... आप यहां एक मकसद - खरीदारी - से आए हैं न...?" ...तो क्या हर अकेले घूमने वाले को घेर लेना जायज़ है...? अधिकारी का जवाब था, "अकेले घूमने वाले से बात किए बिना कोई कैसे बता सकता है कि वह असल में कौन है...?" बहरहाल, यह साफ नहीं है कि पुलिस के पास सार्वजनिक स्थानों पर 'रोमियो' को पकड़ने के लिए क्या योजना है, लेकिन फिलहाल एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, उनका इरादा "कॉलेजों और अन्य जगहों पर अकेले और ग्रुपों में घूम रहे लड़कों से सवाल करने और उनकी जांच करने का है, ताकि छेड़छाड़ का इरादा रखने वालों के मन में भी डर पैदा हो..." पुलिसवालों का यह ग्रुप इसी बाज़ार में लगभग 30 मिनट और बिताता है, लेकिन कोई 'रोमियो' हाथ नहीं आता... किसी को भी हिरासत में नहीं लिया गया...टिप्पणियां इस टीम में मौजूद वरिष्ठतम पुलिस अधिकारी शिवराम यादव हमें समझाने की कोशिश करते हैं कि क्यों वे अकेले पाए जा रहे पुरुषों से पूछताछ कर रहे हैं... "हम पूछते हैं, क्या यह गलत है...? क्या किसी से यह पूछना गलत है कि वह अकेला क्यों घूम रहा है...? अगर वह दुकान पर आया है, तो ठीक है... लेकिन अकेले घूमने का क्या मतलब है...? मैं नहीं समझ सकता कि आप अकेले क्यों बैठे रहना चाहेंगे... आप यहां एक मकसद - खरीदारी - से आए हैं न...?" ...तो क्या हर अकेले घूमने वाले को घेर लेना जायज़ है...? अधिकारी का जवाब था, "अकेले घूमने वाले से बात किए बिना कोई कैसे बता सकता है कि वह असल में कौन है...?" पुलिसवालों का यह ग्रुप इसी बाज़ार में लगभग 30 मिनट और बिताता है, लेकिन कोई 'रोमियो' हाथ नहीं आता... किसी को भी हिरासत में नहीं लिया गया...टिप्पणियां इस टीम में मौजूद वरिष्ठतम पुलिस अधिकारी शिवराम यादव हमें समझाने की कोशिश करते हैं कि क्यों वे अकेले पाए जा रहे पुरुषों से पूछताछ कर रहे हैं... "हम पूछते हैं, क्या यह गलत है...? क्या किसी से यह पूछना गलत है कि वह अकेला क्यों घूम रहा है...? अगर वह दुकान पर आया है, तो ठीक है... लेकिन अकेले घूमने का क्या मतलब है...? मैं नहीं समझ सकता कि आप अकेले क्यों बैठे रहना चाहेंगे... आप यहां एक मकसद - खरीदारी - से आए हैं न...?" ...तो क्या हर अकेले घूमने वाले को घेर लेना जायज़ है...? अधिकारी का जवाब था, "अकेले घूमने वाले से बात किए बिना कोई कैसे बता सकता है कि वह असल में कौन है...?" इस टीम में मौजूद वरिष्ठतम पुलिस अधिकारी शिवराम यादव हमें समझाने की कोशिश करते हैं कि क्यों वे अकेले पाए जा रहे पुरुषों से पूछताछ कर रहे हैं... "हम पूछते हैं, क्या यह गलत है...? क्या किसी से यह पूछना गलत है कि वह अकेला क्यों घूम रहा है...? अगर वह दुकान पर आया है, तो ठीक है... लेकिन अकेले घूमने का क्या मतलब है...? मैं नहीं समझ सकता कि आप अकेले क्यों बैठे रहना चाहेंगे... आप यहां एक मकसद - खरीदारी - से आए हैं न...?" ...तो क्या हर अकेले घूमने वाले को घेर लेना जायज़ है...? अधिकारी का जवाब था, "अकेले घूमने वाले से बात किए बिना कोई कैसे बता सकता है कि वह असल में कौन है...?" ...तो क्या हर अकेले घूमने वाले को घेर लेना जायज़ है...? अधिकारी का जवाब था, "अकेले घूमने वाले से बात किए बिना कोई कैसे बता सकता है कि वह असल में कौन है...?"
यह एक सारांश है: लखनऊ के हज़रतगंज में एन्टी-रोमियो स्क्वाड की गतिविधियों का आंखों देखा हाल NDTV के आलोक पांडे ने लगभग 90 मिनट एन्टी-रोमियो स्क्वाड के साथ बिताए अकेले या ग्रुप में घूम रहे लड़के पुलिसवालों की नज़र में सबसे पहले आते हैं
9
['hin']
एक सारांश बनाओ: भारतीय टीम के सीनियर बल्लेबाज राहुल द्रविड़ ने उन ऑस्ट्रेलियाई मीडिया रिपोर्टों को खारिज किया कि मौजूदा टेस्ट सीरीज में लगातार दो हार के बाद भारतीय टीम में मतभेद पैदा हो गए हैं। उन्होंने कहा कि इन अटकलों को लेकर कोई खिलाड़ी चिंतित नहीं है।टिप्पणियां द्रविड़ ने कहा कि सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग और कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के बीच मतभेद और सहवाग को कप्तान बनाने के लिए कुछ खिलाड़ियों के समर्थन की खबरें गलत हैं। उन्होंने कहा, ‘‘जब आप खराब खेलते हैं, तो हर कोई टीम में गलती तलाशने लगता है। सहवाग और धोनी के बीच मतभेद की खबरों में कोई सच्चाई नहीं है। टीम में अच्छा माहौल है।’’ भारतीय खिलाड़ियों के गो कार्टिंग पर जाने को लेकर हो रही आलोचना के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘विदेश दौरे पर अच्छी बात यह होती है कि आप खबरों से कटे रहते हैं। देश में जो हो रहा है, उसके बारे में आपको पता नहीं होता। अभी तक नतीजे अच्छे नहीं रहे हैं और हम बेहतर प्रदर्शन की कोशिश करेंगे। टीम का मनोबल ऊंचा है।’’ द्रविड़ ने कहा कि सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग और कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के बीच मतभेद और सहवाग को कप्तान बनाने के लिए कुछ खिलाड़ियों के समर्थन की खबरें गलत हैं। उन्होंने कहा, ‘‘जब आप खराब खेलते हैं, तो हर कोई टीम में गलती तलाशने लगता है। सहवाग और धोनी के बीच मतभेद की खबरों में कोई सच्चाई नहीं है। टीम में अच्छा माहौल है।’’ भारतीय खिलाड़ियों के गो कार्टिंग पर जाने को लेकर हो रही आलोचना के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘विदेश दौरे पर अच्छी बात यह होती है कि आप खबरों से कटे रहते हैं। देश में जो हो रहा है, उसके बारे में आपको पता नहीं होता। अभी तक नतीजे अच्छे नहीं रहे हैं और हम बेहतर प्रदर्शन की कोशिश करेंगे। टीम का मनोबल ऊंचा है।’’ भारतीय खिलाड़ियों के गो कार्टिंग पर जाने को लेकर हो रही आलोचना के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘विदेश दौरे पर अच्छी बात यह होती है कि आप खबरों से कटे रहते हैं। देश में जो हो रहा है, उसके बारे में आपको पता नहीं होता। अभी तक नतीजे अच्छे नहीं रहे हैं और हम बेहतर प्रदर्शन की कोशिश करेंगे। टीम का मनोबल ऊंचा है।’’
संक्षिप्त सारांश: द्रविड़ ने कहा कि सहवाग और कप्तान धोनी के बीच मतभेद और सहवाग को कप्तान बनाने के लिए कुछ खिलाड़ियों के समर्थन की खबरें गलत हैं।
8
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पिछले दिनों पटना में हुए प्रकाश उत्सव के अंतिम दिन राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव मंच पर नहीं जमीन पर बैठे. इस मुद्दे पर जारी बवाल के बीच बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस पर सोमवार को सफाई दी. उन्होंने कहा कि कौन कहां बैठेगा यह फैसला तख्त हरमंदिर साहिब की समिति ने किया था. गुरुद्वारे में कोई कुर्सी पर नहीं बैठता, बल्कि सब जमीन पर बैठते हैं. नीतीश ने कहा कि प्रकाश पर्व पर मिली वाहवाही बिहार के कुछ लोगों को अच्छी नहीं लगी. यह विवाद कुछ चंद लोगों का नजरिया दर्शाता है. उन्होंने संवाददाता सम्मलेन में ऐसे लोगों को अब सुधरने की सलाह दे डाली.टिप्पणियां पूरे आयोजन की फंडिंग से संबंधित विवाद पर भी नीतीश ने कहा कि यह सब कुछ राज्य सरकार ने अपने सामर्थ्य से किया. सब कुछ अच्छी नीयत और उत्साह से किया गया इसलिए कार्यक्रम सफल हुआ, लेकिन नीतीश ने सफल आयोजन के लिए अपने सारे अधिकारियो को एक बार फिर से बधाई दी.       हालांकि लालू यादव ने रविवार को इस पूरे प्रकरण पर बोलते हुए कहा था कि कौन-कहां बैठा है यह महत्व की बात नहीं और उन्हें कोई तकलीफ नहीं, क्योंकि यह एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं बल्कि धार्मिक कार्यक्रम था. उनकी पार्टी के पूर्व सांसद और वरिष्ठ नेता रघुबंश प्रसाद सिंह ने इस पूरे विवाद की शुरुआत यह कहकर की थी कि महागठबंधन के लालू यादव सबसे वरिष्ठ नेता हैं और जमीन पर बिठा कर उनका अपमान किया गया है. वहीं बिहार बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुशील मोदी ने यह कहकर विवाद को एक नया मोड़ दिया था कि प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजी गई सूची में लालू यादव का नाम ही नहीं था और राज्य सरकार को उन्हें मंच पर बिठाने के लिए अनुमति लेनी चाहिए थी. नीतीश ने कहा कि प्रकाश पर्व पर मिली वाहवाही बिहार के कुछ लोगों को अच्छी नहीं लगी. यह विवाद कुछ चंद लोगों का नजरिया दर्शाता है. उन्होंने संवाददाता सम्मलेन में ऐसे लोगों को अब सुधरने की सलाह दे डाली.टिप्पणियां पूरे आयोजन की फंडिंग से संबंधित विवाद पर भी नीतीश ने कहा कि यह सब कुछ राज्य सरकार ने अपने सामर्थ्य से किया. सब कुछ अच्छी नीयत और उत्साह से किया गया इसलिए कार्यक्रम सफल हुआ, लेकिन नीतीश ने सफल आयोजन के लिए अपने सारे अधिकारियो को एक बार फिर से बधाई दी.       हालांकि लालू यादव ने रविवार को इस पूरे प्रकरण पर बोलते हुए कहा था कि कौन-कहां बैठा है यह महत्व की बात नहीं और उन्हें कोई तकलीफ नहीं, क्योंकि यह एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं बल्कि धार्मिक कार्यक्रम था. उनकी पार्टी के पूर्व सांसद और वरिष्ठ नेता रघुबंश प्रसाद सिंह ने इस पूरे विवाद की शुरुआत यह कहकर की थी कि महागठबंधन के लालू यादव सबसे वरिष्ठ नेता हैं और जमीन पर बिठा कर उनका अपमान किया गया है. वहीं बिहार बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुशील मोदी ने यह कहकर विवाद को एक नया मोड़ दिया था कि प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजी गई सूची में लालू यादव का नाम ही नहीं था और राज्य सरकार को उन्हें मंच पर बिठाने के लिए अनुमति लेनी चाहिए थी. पूरे आयोजन की फंडिंग से संबंधित विवाद पर भी नीतीश ने कहा कि यह सब कुछ राज्य सरकार ने अपने सामर्थ्य से किया. सब कुछ अच्छी नीयत और उत्साह से किया गया इसलिए कार्यक्रम सफल हुआ, लेकिन नीतीश ने सफल आयोजन के लिए अपने सारे अधिकारियो को एक बार फिर से बधाई दी.       हालांकि लालू यादव ने रविवार को इस पूरे प्रकरण पर बोलते हुए कहा था कि कौन-कहां बैठा है यह महत्व की बात नहीं और उन्हें कोई तकलीफ नहीं, क्योंकि यह एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं बल्कि धार्मिक कार्यक्रम था. उनकी पार्टी के पूर्व सांसद और वरिष्ठ नेता रघुबंश प्रसाद सिंह ने इस पूरे विवाद की शुरुआत यह कहकर की थी कि महागठबंधन के लालू यादव सबसे वरिष्ठ नेता हैं और जमीन पर बिठा कर उनका अपमान किया गया है. वहीं बिहार बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुशील मोदी ने यह कहकर विवाद को एक नया मोड़ दिया था कि प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजी गई सूची में लालू यादव का नाम ही नहीं था और राज्य सरकार को उन्हें मंच पर बिठाने के लिए अनुमति लेनी चाहिए थी. हालांकि लालू यादव ने रविवार को इस पूरे प्रकरण पर बोलते हुए कहा था कि कौन-कहां बैठा है यह महत्व की बात नहीं और उन्हें कोई तकलीफ नहीं, क्योंकि यह एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं बल्कि धार्मिक कार्यक्रम था. उनकी पार्टी के पूर्व सांसद और वरिष्ठ नेता रघुबंश प्रसाद सिंह ने इस पूरे विवाद की शुरुआत यह कहकर की थी कि महागठबंधन के लालू यादव सबसे वरिष्ठ नेता हैं और जमीन पर बिठा कर उनका अपमान किया गया है. वहीं बिहार बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुशील मोदी ने यह कहकर विवाद को एक नया मोड़ दिया था कि प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजी गई सूची में लालू यादव का नाम ही नहीं था और राज्य सरकार को उन्हें मंच पर बिठाने के लिए अनुमति लेनी चाहिए थी.
सारांश: नीतीश ने कहा- बैठने का फैसला तख्त हरमंदिर साहिब की समिति ने किया था गुरुद्वारे में कोई कुर्सी पर नहीं बैठता, बल्कि सब जमीन पर बैठते हैं प्रकाश पर्व पर मिली वाहवाही से कुछ लोग खुश नहीं
20
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारत के महान एथलीट मिल्खा सिंह ने गुरुवार को कांट्रेक्ट आधार पर प्रशिक्षकों की नियुक्ति और हर राज्य में समर्पित अकादमियों की स्थापना पर बल दिया। मिल्खा ने कहा कि इसके बगैर भारत एथलेटिक्स में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सकता। कार्डिफ में 1958 में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के लिए पहला स्वर्ण पदक जीतने वाले मिल्खा ने भारतीय कोचिंग प्रणाली की आलोचना की और कहा कि हर क्षेत्र में कोचों को और अधिक दवाबदेह बनाना होगा। राष्ट्रीय स्तर की स्कूल चैम्पियनशिप स्पोर्ट्समेंटर्स के उद्घाटन के अवसर पर मिल्खा ने कहा, "हमें कांट्रेक्ट पर कोच रखने होंगे। वे ज्यादा जवाबदेह होंगे। हमें उन्हें चार से आठ साल का कांट्रेक्ट देना होगा और कहना है कि इस दौरान उन्हें परिणाम देना होगा।" "भारत की जनसंख्या को देखते हुए यह देखकर हैरानी होती है कि 1960 के बाद से हमारे पास मुट्ठी भर अच्छे एथलीट रहे हैं। हमें असल में हजारों मिल्खा सिंह और हजारों पीटी ऊषा की जरूरत है।" टिप्पणियां मिल्खा ने कहा कि प्रत्येक राज्य में एथलेटिक्स को समर्पित अकादमियां होनी चाहिए, जहां युवाओं को प्रशिक्षित किया जा सके। बकौल मिल्खा, "भारत में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। हमें युवा प्रतिभाओं को कम उम्र में ही चुनना होगा और उन्हें अच्छा खाना और बेहतरीन प्रशिक्षण देना होगा। साथ ही साथ इन अकादमियों में इन बच्चों की शिक्षा पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।" मिल्खा सिंह ने तीन ओलिम्पिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। वह 1956 के मेलबर्न ओलिम्पिक, 1960 के रोम ओलिम्पिक और 1964 के टोक्यो ओलिम्पिक में देश के लिए दौड़े थे। कार्डिफ में 1958 में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के लिए पहला स्वर्ण पदक जीतने वाले मिल्खा ने भारतीय कोचिंग प्रणाली की आलोचना की और कहा कि हर क्षेत्र में कोचों को और अधिक दवाबदेह बनाना होगा। राष्ट्रीय स्तर की स्कूल चैम्पियनशिप स्पोर्ट्समेंटर्स के उद्घाटन के अवसर पर मिल्खा ने कहा, "हमें कांट्रेक्ट पर कोच रखने होंगे। वे ज्यादा जवाबदेह होंगे। हमें उन्हें चार से आठ साल का कांट्रेक्ट देना होगा और कहना है कि इस दौरान उन्हें परिणाम देना होगा।" "भारत की जनसंख्या को देखते हुए यह देखकर हैरानी होती है कि 1960 के बाद से हमारे पास मुट्ठी भर अच्छे एथलीट रहे हैं। हमें असल में हजारों मिल्खा सिंह और हजारों पीटी ऊषा की जरूरत है।" टिप्पणियां मिल्खा ने कहा कि प्रत्येक राज्य में एथलेटिक्स को समर्पित अकादमियां होनी चाहिए, जहां युवाओं को प्रशिक्षित किया जा सके। बकौल मिल्खा, "भारत में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। हमें युवा प्रतिभाओं को कम उम्र में ही चुनना होगा और उन्हें अच्छा खाना और बेहतरीन प्रशिक्षण देना होगा। साथ ही साथ इन अकादमियों में इन बच्चों की शिक्षा पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।" मिल्खा सिंह ने तीन ओलिम्पिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। वह 1956 के मेलबर्न ओलिम्पिक, 1960 के रोम ओलिम्पिक और 1964 के टोक्यो ओलिम्पिक में देश के लिए दौड़े थे। राष्ट्रीय स्तर की स्कूल चैम्पियनशिप स्पोर्ट्समेंटर्स के उद्घाटन के अवसर पर मिल्खा ने कहा, "हमें कांट्रेक्ट पर कोच रखने होंगे। वे ज्यादा जवाबदेह होंगे। हमें उन्हें चार से आठ साल का कांट्रेक्ट देना होगा और कहना है कि इस दौरान उन्हें परिणाम देना होगा।" "भारत की जनसंख्या को देखते हुए यह देखकर हैरानी होती है कि 1960 के बाद से हमारे पास मुट्ठी भर अच्छे एथलीट रहे हैं। हमें असल में हजारों मिल्खा सिंह और हजारों पीटी ऊषा की जरूरत है।" टिप्पणियां मिल्खा ने कहा कि प्रत्येक राज्य में एथलेटिक्स को समर्पित अकादमियां होनी चाहिए, जहां युवाओं को प्रशिक्षित किया जा सके। बकौल मिल्खा, "भारत में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। हमें युवा प्रतिभाओं को कम उम्र में ही चुनना होगा और उन्हें अच्छा खाना और बेहतरीन प्रशिक्षण देना होगा। साथ ही साथ इन अकादमियों में इन बच्चों की शिक्षा पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।" मिल्खा सिंह ने तीन ओलिम्पिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। वह 1956 के मेलबर्न ओलिम्पिक, 1960 के रोम ओलिम्पिक और 1964 के टोक्यो ओलिम्पिक में देश के लिए दौड़े थे। "भारत की जनसंख्या को देखते हुए यह देखकर हैरानी होती है कि 1960 के बाद से हमारे पास मुट्ठी भर अच्छे एथलीट रहे हैं। हमें असल में हजारों मिल्खा सिंह और हजारों पीटी ऊषा की जरूरत है।" टिप्पणियां मिल्खा ने कहा कि प्रत्येक राज्य में एथलेटिक्स को समर्पित अकादमियां होनी चाहिए, जहां युवाओं को प्रशिक्षित किया जा सके। बकौल मिल्खा, "भारत में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। हमें युवा प्रतिभाओं को कम उम्र में ही चुनना होगा और उन्हें अच्छा खाना और बेहतरीन प्रशिक्षण देना होगा। साथ ही साथ इन अकादमियों में इन बच्चों की शिक्षा पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।" मिल्खा सिंह ने तीन ओलिम्पिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। वह 1956 के मेलबर्न ओलिम्पिक, 1960 के रोम ओलिम्पिक और 1964 के टोक्यो ओलिम्पिक में देश के लिए दौड़े थे। मिल्खा ने कहा कि प्रत्येक राज्य में एथलेटिक्स को समर्पित अकादमियां होनी चाहिए, जहां युवाओं को प्रशिक्षित किया जा सके। बकौल मिल्खा, "भारत में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। हमें युवा प्रतिभाओं को कम उम्र में ही चुनना होगा और उन्हें अच्छा खाना और बेहतरीन प्रशिक्षण देना होगा। साथ ही साथ इन अकादमियों में इन बच्चों की शिक्षा पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।" मिल्खा सिंह ने तीन ओलिम्पिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। वह 1956 के मेलबर्न ओलिम्पिक, 1960 के रोम ओलिम्पिक और 1964 के टोक्यो ओलिम्पिक में देश के लिए दौड़े थे। मिल्खा सिंह ने तीन ओलिम्पिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। वह 1956 के मेलबर्न ओलिम्पिक, 1960 के रोम ओलिम्पिक और 1964 के टोक्यो ओलिम्पिक में देश के लिए दौड़े थे।
सारांश: भारत के महान एथलीट मिल्खा सिंह ने गुरुवार को कांट्रेक्ट आधार पर प्रशिक्षकों की नियुक्ति और हर राज्य में समर्पित अकादमियों की स्थापना पर बल दिया। मिल्खा ने कहा कि इसके बगैर भारत एथलेटिक्स में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सकता।
20
['hin']
एक सारांश बनाओ: इस सप्ताह औद्योगिक उत्पादन के आंकड़े आने हैं, जिसके मद्देनजर शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव का दौर जारी रहेगा। विश्लेषकों का कहना है कि इसके अलावा कंपनियों के तिमाही नतीजों के कारण भी कारोबारी धारणा पर असर होगा। कंपनियों के नतीजों की शुरुआत 12 अक्टूबर से इंफोसिस के साथ होगी। बोनान्जा पोर्टफोलियो के उपाध्यक्ष राकेश गोयल ने कहा, शुक्रवार को आईआईपी आंकड़े के कारण बाजार का रुख प्रभावित होना चाहिए। जुलाई-सितंबर की तिमाही का निगमित आंकड़ा भी आना शुरू होगा और इसे शेयर विशेष और क्षेत्र विशेष पर प्रभाव होगा। भारतीय रिजर्व बैंक की 30 सितंबर की मौद्रिक नीति की समीक्षा से पहले औद्योगिक उत्पादन के आंकड़े काफी महत्व रखते हैं। इन्वेंचर ग्रोथ एंड सिक्योरिटीज के शोध प्रमुख मिलन बाविशी के अनुसार, आने वाले सप्ताह में डॉलर में उतार-चढ़ाव के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव रहने की उम्मीद है। मौजूदा समय में रुपये में मजबूती के संकेत दिखाई दे रहे हैं, लेकिन अस्थायी रूप से रुपये में कमजोरी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। इसके कारण बाजार में मुनाफावसूली देखने को मिल सकती है। बाजार विशेषज्ञों ने कहा कि पिछले सप्ताह सरकार द्वारा बीमा और पेंशन क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश सहित बड़े आर्थिक सुधार के कदम उठाए गए हैं, जिससे बाजार को राहत जारी रहेगी। एडलवेस सिक्योरिटीज लिमिटेड ने एक रिपोर्ट में कहा कि यह साफ होता जा रहा है कि सरकार सुधार कार्यक्रमों की दिशा में अग्रसर है और बाजार ने इन पहलों से राहत की सांस ली है। दूसरी तिमाही के नतीजों से उम्मीदों के बारे में एंजल ब्रोकिंग ने एक रिपोर्ट में कहा कि वृद्धि दर की गति धीमी पड़ने तथा मुद्रास्फीति में तेजी के कारण वित्तवर्ष 2012-13 की दूसरी तिमाही में भी कुछ हद तक कंपनियों के नतीजों की राह में विध्न बने रहने की आशंका है। इस तिमाही में बैंकिंग, आईटी, खनन और धातु जैसे क्षेत्र सेंसेक्स की तेजी में योगदान देते रहेंगे, जबकि तेल एवं गैस तथा दूरसंचार जैसे क्षेत्र द्वारा कुल आय के प्रभावित होने की संभावना है।टिप्पणियां एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तहत अमेरिका के वित्तमंत्री टिमोथी गेथनर की अगुवाई में शीर्ष अमेरिकी अधिकारी इस सप्ताह भारत का ऐसे समय में दौरा करेंगे, जब भारत ने बहु-ब्रांड खुदरा क्षेत्र में विदेशी निवेश को अनुमति देने और बीमा में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की सीमा को बढ़ाने का फैसला किया है। गेथनर के साथ फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष बेन बर्नान्के तथा कई अन्य अधिकारी नौ अक्तूबर से दो दिन के दौरे पर भारत आएंगे। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की राजधानी दिल्ली और मुंबई में कई उच्चस्तरीय बैठकें होना निर्धारित है। वैश्विक मोर्चे पर पिछले महीने अमेरिका में बेरोजगारी दर घटकर 7.8 प्रतिशत रह गई। बोनान्जा पोर्टफोलियो के उपाध्यक्ष राकेश गोयल ने कहा, शुक्रवार को आईआईपी आंकड़े के कारण बाजार का रुख प्रभावित होना चाहिए। जुलाई-सितंबर की तिमाही का निगमित आंकड़ा भी आना शुरू होगा और इसे शेयर विशेष और क्षेत्र विशेष पर प्रभाव होगा। भारतीय रिजर्व बैंक की 30 सितंबर की मौद्रिक नीति की समीक्षा से पहले औद्योगिक उत्पादन के आंकड़े काफी महत्व रखते हैं। इन्वेंचर ग्रोथ एंड सिक्योरिटीज के शोध प्रमुख मिलन बाविशी के अनुसार, आने वाले सप्ताह में डॉलर में उतार-चढ़ाव के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव रहने की उम्मीद है। मौजूदा समय में रुपये में मजबूती के संकेत दिखाई दे रहे हैं, लेकिन अस्थायी रूप से रुपये में कमजोरी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। इसके कारण बाजार में मुनाफावसूली देखने को मिल सकती है। बाजार विशेषज्ञों ने कहा कि पिछले सप्ताह सरकार द्वारा बीमा और पेंशन क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश सहित बड़े आर्थिक सुधार के कदम उठाए गए हैं, जिससे बाजार को राहत जारी रहेगी। एडलवेस सिक्योरिटीज लिमिटेड ने एक रिपोर्ट में कहा कि यह साफ होता जा रहा है कि सरकार सुधार कार्यक्रमों की दिशा में अग्रसर है और बाजार ने इन पहलों से राहत की सांस ली है। दूसरी तिमाही के नतीजों से उम्मीदों के बारे में एंजल ब्रोकिंग ने एक रिपोर्ट में कहा कि वृद्धि दर की गति धीमी पड़ने तथा मुद्रास्फीति में तेजी के कारण वित्तवर्ष 2012-13 की दूसरी तिमाही में भी कुछ हद तक कंपनियों के नतीजों की राह में विध्न बने रहने की आशंका है। इस तिमाही में बैंकिंग, आईटी, खनन और धातु जैसे क्षेत्र सेंसेक्स की तेजी में योगदान देते रहेंगे, जबकि तेल एवं गैस तथा दूरसंचार जैसे क्षेत्र द्वारा कुल आय के प्रभावित होने की संभावना है।टिप्पणियां एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तहत अमेरिका के वित्तमंत्री टिमोथी गेथनर की अगुवाई में शीर्ष अमेरिकी अधिकारी इस सप्ताह भारत का ऐसे समय में दौरा करेंगे, जब भारत ने बहु-ब्रांड खुदरा क्षेत्र में विदेशी निवेश को अनुमति देने और बीमा में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की सीमा को बढ़ाने का फैसला किया है। गेथनर के साथ फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष बेन बर्नान्के तथा कई अन्य अधिकारी नौ अक्तूबर से दो दिन के दौरे पर भारत आएंगे। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की राजधानी दिल्ली और मुंबई में कई उच्चस्तरीय बैठकें होना निर्धारित है। वैश्विक मोर्चे पर पिछले महीने अमेरिका में बेरोजगारी दर घटकर 7.8 प्रतिशत रह गई। इन्वेंचर ग्रोथ एंड सिक्योरिटीज के शोध प्रमुख मिलन बाविशी के अनुसार, आने वाले सप्ताह में डॉलर में उतार-चढ़ाव के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव रहने की उम्मीद है। मौजूदा समय में रुपये में मजबूती के संकेत दिखाई दे रहे हैं, लेकिन अस्थायी रूप से रुपये में कमजोरी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। इसके कारण बाजार में मुनाफावसूली देखने को मिल सकती है। बाजार विशेषज्ञों ने कहा कि पिछले सप्ताह सरकार द्वारा बीमा और पेंशन क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश सहित बड़े आर्थिक सुधार के कदम उठाए गए हैं, जिससे बाजार को राहत जारी रहेगी। एडलवेस सिक्योरिटीज लिमिटेड ने एक रिपोर्ट में कहा कि यह साफ होता जा रहा है कि सरकार सुधार कार्यक्रमों की दिशा में अग्रसर है और बाजार ने इन पहलों से राहत की सांस ली है। दूसरी तिमाही के नतीजों से उम्मीदों के बारे में एंजल ब्रोकिंग ने एक रिपोर्ट में कहा कि वृद्धि दर की गति धीमी पड़ने तथा मुद्रास्फीति में तेजी के कारण वित्तवर्ष 2012-13 की दूसरी तिमाही में भी कुछ हद तक कंपनियों के नतीजों की राह में विध्न बने रहने की आशंका है। इस तिमाही में बैंकिंग, आईटी, खनन और धातु जैसे क्षेत्र सेंसेक्स की तेजी में योगदान देते रहेंगे, जबकि तेल एवं गैस तथा दूरसंचार जैसे क्षेत्र द्वारा कुल आय के प्रभावित होने की संभावना है।टिप्पणियां एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तहत अमेरिका के वित्तमंत्री टिमोथी गेथनर की अगुवाई में शीर्ष अमेरिकी अधिकारी इस सप्ताह भारत का ऐसे समय में दौरा करेंगे, जब भारत ने बहु-ब्रांड खुदरा क्षेत्र में विदेशी निवेश को अनुमति देने और बीमा में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की सीमा को बढ़ाने का फैसला किया है। गेथनर के साथ फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष बेन बर्नान्के तथा कई अन्य अधिकारी नौ अक्तूबर से दो दिन के दौरे पर भारत आएंगे। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की राजधानी दिल्ली और मुंबई में कई उच्चस्तरीय बैठकें होना निर्धारित है। वैश्विक मोर्चे पर पिछले महीने अमेरिका में बेरोजगारी दर घटकर 7.8 प्रतिशत रह गई। बाजार विशेषज्ञों ने कहा कि पिछले सप्ताह सरकार द्वारा बीमा और पेंशन क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश सहित बड़े आर्थिक सुधार के कदम उठाए गए हैं, जिससे बाजार को राहत जारी रहेगी। एडलवेस सिक्योरिटीज लिमिटेड ने एक रिपोर्ट में कहा कि यह साफ होता जा रहा है कि सरकार सुधार कार्यक्रमों की दिशा में अग्रसर है और बाजार ने इन पहलों से राहत की सांस ली है। दूसरी तिमाही के नतीजों से उम्मीदों के बारे में एंजल ब्रोकिंग ने एक रिपोर्ट में कहा कि वृद्धि दर की गति धीमी पड़ने तथा मुद्रास्फीति में तेजी के कारण वित्तवर्ष 2012-13 की दूसरी तिमाही में भी कुछ हद तक कंपनियों के नतीजों की राह में विध्न बने रहने की आशंका है। इस तिमाही में बैंकिंग, आईटी, खनन और धातु जैसे क्षेत्र सेंसेक्स की तेजी में योगदान देते रहेंगे, जबकि तेल एवं गैस तथा दूरसंचार जैसे क्षेत्र द्वारा कुल आय के प्रभावित होने की संभावना है।टिप्पणियां एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तहत अमेरिका के वित्तमंत्री टिमोथी गेथनर की अगुवाई में शीर्ष अमेरिकी अधिकारी इस सप्ताह भारत का ऐसे समय में दौरा करेंगे, जब भारत ने बहु-ब्रांड खुदरा क्षेत्र में विदेशी निवेश को अनुमति देने और बीमा में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की सीमा को बढ़ाने का फैसला किया है। गेथनर के साथ फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष बेन बर्नान्के तथा कई अन्य अधिकारी नौ अक्तूबर से दो दिन के दौरे पर भारत आएंगे। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की राजधानी दिल्ली और मुंबई में कई उच्चस्तरीय बैठकें होना निर्धारित है। वैश्विक मोर्चे पर पिछले महीने अमेरिका में बेरोजगारी दर घटकर 7.8 प्रतिशत रह गई। दूसरी तिमाही के नतीजों से उम्मीदों के बारे में एंजल ब्रोकिंग ने एक रिपोर्ट में कहा कि वृद्धि दर की गति धीमी पड़ने तथा मुद्रास्फीति में तेजी के कारण वित्तवर्ष 2012-13 की दूसरी तिमाही में भी कुछ हद तक कंपनियों के नतीजों की राह में विध्न बने रहने की आशंका है। इस तिमाही में बैंकिंग, आईटी, खनन और धातु जैसे क्षेत्र सेंसेक्स की तेजी में योगदान देते रहेंगे, जबकि तेल एवं गैस तथा दूरसंचार जैसे क्षेत्र द्वारा कुल आय के प्रभावित होने की संभावना है।टिप्पणियां एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तहत अमेरिका के वित्तमंत्री टिमोथी गेथनर की अगुवाई में शीर्ष अमेरिकी अधिकारी इस सप्ताह भारत का ऐसे समय में दौरा करेंगे, जब भारत ने बहु-ब्रांड खुदरा क्षेत्र में विदेशी निवेश को अनुमति देने और बीमा में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की सीमा को बढ़ाने का फैसला किया है। गेथनर के साथ फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष बेन बर्नान्के तथा कई अन्य अधिकारी नौ अक्तूबर से दो दिन के दौरे पर भारत आएंगे। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की राजधानी दिल्ली और मुंबई में कई उच्चस्तरीय बैठकें होना निर्धारित है। वैश्विक मोर्चे पर पिछले महीने अमेरिका में बेरोजगारी दर घटकर 7.8 प्रतिशत रह गई। एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तहत अमेरिका के वित्तमंत्री टिमोथी गेथनर की अगुवाई में शीर्ष अमेरिकी अधिकारी इस सप्ताह भारत का ऐसे समय में दौरा करेंगे, जब भारत ने बहु-ब्रांड खुदरा क्षेत्र में विदेशी निवेश को अनुमति देने और बीमा में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की सीमा को बढ़ाने का फैसला किया है। गेथनर के साथ फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष बेन बर्नान्के तथा कई अन्य अधिकारी नौ अक्तूबर से दो दिन के दौरे पर भारत आएंगे। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की राजधानी दिल्ली और मुंबई में कई उच्चस्तरीय बैठकें होना निर्धारित है। वैश्विक मोर्चे पर पिछले महीने अमेरिका में बेरोजगारी दर घटकर 7.8 प्रतिशत रह गई। गेथनर के साथ फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष बेन बर्नान्के तथा कई अन्य अधिकारी नौ अक्तूबर से दो दिन के दौरे पर भारत आएंगे। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की राजधानी दिल्ली और मुंबई में कई उच्चस्तरीय बैठकें होना निर्धारित है। वैश्विक मोर्चे पर पिछले महीने अमेरिका में बेरोजगारी दर घटकर 7.8 प्रतिशत रह गई।
संक्षिप्त सारांश: विश्लेषकों का कहना है कि कंपनियों के तिमाही नतीजों के कारण भी कारोबारी धारणा पर असर होगा। कंपनियों के नतीजों की शुरुआत 12 अक्टूबर से इंफोसिस के साथ होगी।
8
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: हरियाणा में गैंगरेप पीड़िता से उन्हीं आरोपियों द्वारा दोबारा रेप किए जाने को लेकर गुस्सा शांत भी नहीं हुआ था कि अब सत्ताधारी बीजेपी की नेता ने एक बेहद विवादस्पद बयान दिया है। बीजेपी नेता निर्मल बैरागी का कहना है कि 'संसार के सृजन से ही बलात्कार होते रहे हैं।' महिला अधिकारों के लिए गठित बीजेपी की इकाई की प्रमुख बैरागी ने कहा, 'हमारी सरकार अपना काम कर रही है, लेकिन बलात्कारियों को ढूंढने और गिरफ्तार करने में थोड़ा वक्त लगेगा।'टिप्पणियां गौरतलब है कि हरियाणा के रोहतक में पिछले हफ्ते पांच लोगों ने कथित रूप से 20 वर्षीय एक दलित छात्रा से गैंगरेप किया था। अभियोजकों का कहना है कि ये वही लोग थे, जो तीन साल पहले इस छात्रा से रेप के आरोप में जेल में थे और जमानत पर बाहर निकलने के बाद उन्होंने दोबारा उससे रेप किया। पीड़िता के परिवार का आरोप है कि उन लोगों ने कोर्ट के बाहर समझौता करने को तैयार नहीं होने की सजा के तौर पर दोबारा बलात्कार करने की धमकी दी थी। वहीं पीड़िता के पिता का कहना है कि वह न्याय पाने के दृढ़ है, लेकिन राज्य सरकार उसकी मदद करने में नाकाम रही है। महिला अधिकारों के लिए गठित बीजेपी की इकाई की प्रमुख बैरागी ने कहा, 'हमारी सरकार अपना काम कर रही है, लेकिन बलात्कारियों को ढूंढने और गिरफ्तार करने में थोड़ा वक्त लगेगा।'टिप्पणियां गौरतलब है कि हरियाणा के रोहतक में पिछले हफ्ते पांच लोगों ने कथित रूप से 20 वर्षीय एक दलित छात्रा से गैंगरेप किया था। अभियोजकों का कहना है कि ये वही लोग थे, जो तीन साल पहले इस छात्रा से रेप के आरोप में जेल में थे और जमानत पर बाहर निकलने के बाद उन्होंने दोबारा उससे रेप किया। पीड़िता के परिवार का आरोप है कि उन लोगों ने कोर्ट के बाहर समझौता करने को तैयार नहीं होने की सजा के तौर पर दोबारा बलात्कार करने की धमकी दी थी। वहीं पीड़िता के पिता का कहना है कि वह न्याय पाने के दृढ़ है, लेकिन राज्य सरकार उसकी मदद करने में नाकाम रही है। गौरतलब है कि हरियाणा के रोहतक में पिछले हफ्ते पांच लोगों ने कथित रूप से 20 वर्षीय एक दलित छात्रा से गैंगरेप किया था। अभियोजकों का कहना है कि ये वही लोग थे, जो तीन साल पहले इस छात्रा से रेप के आरोप में जेल में थे और जमानत पर बाहर निकलने के बाद उन्होंने दोबारा उससे रेप किया। पीड़िता के परिवार का आरोप है कि उन लोगों ने कोर्ट के बाहर समझौता करने को तैयार नहीं होने की सजा के तौर पर दोबारा बलात्कार करने की धमकी दी थी। वहीं पीड़िता के पिता का कहना है कि वह न्याय पाने के दृढ़ है, लेकिन राज्य सरकार उसकी मदद करने में नाकाम रही है। पीड़िता के परिवार का आरोप है कि उन लोगों ने कोर्ट के बाहर समझौता करने को तैयार नहीं होने की सजा के तौर पर दोबारा बलात्कार करने की धमकी दी थी। वहीं पीड़िता के पिता का कहना है कि वह न्याय पाने के दृढ़ है, लेकिन राज्य सरकार उसकी मदद करने में नाकाम रही है।
सारांश: हरियाणा महिलाओं के खिलाफ अपराध और खराब लिंग अनुपात के लिए कुख्यात है गैंगरेप पीड़िता के साथ आरोपियों ने बेल पर छूटने के बाद दोबारा रेप किया बीजेपी की महिला नेता कहना है कि संसार की शुरुआत से ही रेप होते रहे हैं
7
['hin']
एक सारांश बनाओ: दिल्ली में चलती बस में गैंगरेप का शिकार हुई लड़की की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है, हालांकि मंगलवार रात को स्थिति बिगड़ने के बाद उसमें आज कुछ सुधार हुआ है।टिप्पणियां सफदरजंग अस्पताल में लड़की का इलाज कर रहे डॉक्टरों के मुताबिक पीड़ित के शरीर में हो चुका संक्रमण अब भी गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। 16 दिसंबर की रात को गैंगरेप और बेरहमी से पिटाई का शिकार हुई 23-वर्षीय यह लड़की तभी से जिंदगी और मौत के बीच झूल रही है। हर घंटे उसकी जांच कर रहे डॉक्टरों के मुताबिक उसका बिलुरुबिन 7.7 पर बना हुआ है, जिससे गंभीर संक्रमण के संकेत मिलते हैं। डॉक्टर ट्रांसफ्यूजन के जरिये उसके घटते प्लेटलेट काउंट को भी बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं और उनका कहना है कि उसकी हालत में सुधार के लिए उसके शरीर द्वारा खुद प्लेटलेट बनाना सबसे जरूरी है। सफदरजंग अस्पताल में लड़की का इलाज कर रहे डॉक्टरों के मुताबिक पीड़ित के शरीर में हो चुका संक्रमण अब भी गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। 16 दिसंबर की रात को गैंगरेप और बेरहमी से पिटाई का शिकार हुई 23-वर्षीय यह लड़की तभी से जिंदगी और मौत के बीच झूल रही है। हर घंटे उसकी जांच कर रहे डॉक्टरों के मुताबिक उसका बिलुरुबिन 7.7 पर बना हुआ है, जिससे गंभीर संक्रमण के संकेत मिलते हैं। डॉक्टर ट्रांसफ्यूजन के जरिये उसके घटते प्लेटलेट काउंट को भी बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं और उनका कहना है कि उसकी हालत में सुधार के लिए उसके शरीर द्वारा खुद प्लेटलेट बनाना सबसे जरूरी है। हर घंटे उसकी जांच कर रहे डॉक्टरों के मुताबिक उसका बिलुरुबिन 7.7 पर बना हुआ है, जिससे गंभीर संक्रमण के संकेत मिलते हैं। डॉक्टर ट्रांसफ्यूजन के जरिये उसके घटते प्लेटलेट काउंट को भी बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं और उनका कहना है कि उसकी हालत में सुधार के लिए उसके शरीर द्वारा खुद प्लेटलेट बनाना सबसे जरूरी है।
यहाँ एक सारांश है:दिल्ली में चलती बस में गैंगरेप का शिकार हुई लड़की की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है, हालांकि मंगलवार रात को स्थिति बिगड़ने के बाद उसमें आज कुछ सुधार हुआ है।
15
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: दिल्ली के द्वारका इलाके में एक कैश वैन से डेढ़ करोड़ की लूट के मामले को सुलझा लिया गया है. इस मामले में कैश वैन के ड्राइवर समेत 2 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. 1 नवंबर को दिल्ली के द्वारका इलाके में पुलिस को जानकारी मिली कि एक कैश वैन से करीब 1 करोड़ रुपये की लूट हुई है. जब पुलिस मौके पर पहुंची तो कैश वैन के कस्टोडियन नरेंद्र कुमार ने बताया कि वो बैंकों और एटीएम में कैश लाने ले जाने वाली कंपनी एसईपीएल में काम करते हैं और कैश वैन में उनके साथ एक दूसरा कस्टोडियन विकास चौहान, ड्राइवर धीरज और गनमैन विजय कांत मिश्रा थे. वो मणिपाल अस्पताल के अंदर बने एक एटीएम में कैश डालने आये थे. नरेंद्र और विकास अंदर कैश डालने गए, लेकिन जब वो बाहर निकले तो कैश वैन नहीं थी और ड्राइवर का मोबाइल बंद था. इसी बीच पुलिस को एक और पीसीआर कॉल मिली कि कैश वैन का ड्राइवर धीरज और गनमैन विजयकांत मिश्रा घायल हो गए हैं और उनकी कैश वैन से करीब डेढ़ करोड़ रुपये की लूट हुई है. दोनों ने बताया कि 2 नकाबपोश लड़के चाकू दिखाकर पैसा ले गए.  पुलिस ने जांच शुरू की तो सीसीटीवी में एक संदिग्ध हुंडई वर्ना कार दिखी और उसके आसपास 2 लड़के टहलते हुए दिखे. ये कार रोहिणी के रहने वाले धनीराम नाम के शख्स की थी. कार मालिक ने बताया कि ये कार राजेश नाम का शख्‍स प्रयोग कर रहा है. पुलिस ने राजेश को रोहिणी से 30 लाख रुपये कैश के साथ गिरफ्तार कर लिया.  फिर पता चला कि इस वारदात में कैश वैन का ड्राइवर धीरज भी शामिल है. पुलिस ने ड्राइवर धीरज को गिरफ्तार कर उसके बुराड़ी में घर करीब 25 लाख रुपये बरामद किए. धीरज ने बताया कि राजेश को कैश वैन के बारे में पूरी जानकारी उसी ने दी थी. प्लान के मुताबिक राजेश और उसके साथियों ने धीरज और विजयकांत की मामूली पिटाई की जिससे उनके चोटें आ गयीं. पुलिस के मुताबिक राजेश पहले भी कैश वैन लूट के मामलों में शामिल रहा है. अब उसके 2 और साथियों की तलाश की जा रही है.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: डेढ़ करोड़ की लूट का मास्टरमाइंड निकला ड्राइवर वैन के ड्राइवर समेत 2 लोगों को गिरफ्तार किया गया 2 और साथियों की तलाश जारी
11
['hin']
एक सारांश बनाओ: भारत की सायना नेहवाल योनेक्स-सनराइज मलेशिया ओपन ग्रां पी गोल्ड-2011 के फाइनल में पहुंच गई हैं। सायना ने शनिवार को खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में कोरिया की जी ह्यून सुंग को 21-14, 21-13 से पराजित किया। विश्व की चौथी वरीयता प्राप्त सायना ने शुक्रवार को सुल्तान अब्दुल हालिम स्टेडियम में खेले गए एकल सेमीफाइनल मैच में प्रतियोगिता की सातवीं वरीयता प्राप्त खिलाड़ी सुंग को 35 मिनट में हार का स्वाद चखाया। सायना ने क्वार्टर फाइनल में मौजूदा विश्व चैम्पियन चीन की लिन वांग को 14-21, 21-19, 21-19 से हराया था। गुरुवार को खेले गए दूसरे दौर के मुकाबले में सायना ने जापान की अयाने कुरिहारा को हराया था। नई दिल्ली में आयोजित इंडिया ओपन बैडमिंटन में निराशाजनक तौर पर पहले दौर में हारने वाली सायना ने पहले दौर में सिंगापुर की खिलाड़ी चेन जियायुआन पर जीत हासिल की थी। सायना को इस टूर्नामेंट में महिला एकल वर्ग में शीर्ष वरीयता दी गई है। महिला वर्ग का दूसरा सेमीफाइनल मुकाबला टूर्नामेंट की दूसरी वरीयता प्राप्त चीनी खिलाड़ी वांग जिन और कोरिया की चौथी वरीयता प्राप्त युन जू बेई के बीच होगा।
यह एक सारांश है: सायना ने सेमीफाइनल मुकाबले में कोरिया की जी ह्यून सुंग को 21-14, 21-13 से पराजित किया। सायना को महिला एकल वर्ग में शीर्ष वरीयता दी गई है।
21
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भट्ट कैंप की फिल्म 'मर्डर-2' सिनेमाघरों में पहुंच गई लेकिन इसका हिट फिल्म 'मर्डर' से कोई लेना-देना नहीं ना कहानी से और ना किरदारों से। 'मर्डर-2' गोवा में सेट है। गोवा पुलिस की नौकरी छोड़ चुके अर्जुन भागवत यानी इमरान हाशमी क्रिमिनल वर्ल्ड में एक्टिव हैं। तभी शहर से लगातार कॉलगर्ल्स गायब होने लगती हैं। अर्जुन इस गुत्थी को सुलझाने का बीड़ा उठाता है और सामने आते हैं भयानक और डरावने सच। फिल्म की शुरुआत याना गुप्ता के बोल्ड आइटम नंबर से होती है। शायद ये एक्सरसाइज़ से पहले का वॉर्मअप है। लेकिन गाने के साथ शुरू हुआ कत्ल का सस्पेंस कुछ ही मिनटों में खत्म हो जाता है। बेरहमी से लड़कियों को कत्ल करने वाला किलर सामने आ जाता है। हालांकि खून का मकसद जानने की जद्दोजहद रोमांच को बरकरार रखती है। जहां 'मर्डर' का प्लॉट बहुत सिंपल था वहीं 'मर्डर-2' के लिए डायरेक्टर मोहित सूरी ने ढेरों मोड़ वाली दिलचस्प कहानी चुनी लेकिन इस प्लॉट को बुनने में उन्होंने जिन धागों का इस्तेमाल किया वो काफी कमज़ोर हैं। सीरियल किलर के गुनाह कबूलने पर भी थर्ड डिग्री में एक्सपर्ट पुलिस उससे वारदात की जगह यानी घर का पता नहीं उगलवा पाती और जमानेभर में कत्ल के सबूत ढूंढती है। हत्यारे के ब्रेन ट्यूमर का पता लगाने आई डॉक्टर इन्वेस्टिगेटिव ऑफिसर की तरह किलर से पूछताछ करती है। पुलिस की नौकरी छोड़ चुके शख्स की दादागिरी अभी भी थाने में बरकरार है।  'मर्डर-2' में सिंगल स्क्रीन ऑडियंस को लुभाने के लिए बहुत कुछ है। डर, रहस्य, रोमांच, कहानी में मोड़, बोल्ड सीन्स और सैयद कादरी के लिखे खूबसूरत रोमांटिक गीत। जैकलीन फर्नांडिस के तीन ही काम है। बोल्ड सीन्स देना, शराब पीना और रोना। अखबार में इस मॉडल की तस्वीर के साथ उसके मोबाइल नंबर भी छपते हैं, कमाल है।  'मर्डर-2' एडल्ट फिल्म है, डरावनी है, हिंसा बहुत ज्यादा है लेकिन इसे तभी देखें जब मर्डर मिस्ट्री सॉल्व करने की झंझट अपने सिर लेने के बजाय सब कुछ इमरान हाशमी पर छोड़ दें। फिल्म के लिए मेरी रेटिंग है 2.5 स्टार।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: भट्ट कैंप की फिल्म 'मर्डर-2' सिनेमाघरों में पहुंच गई लेकिन इसका हिट फिल्म 'मर्डर' से कोई लेना-देना नहीं ना कहानी से और ना किरदारों से।
3
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पूर्व एयरहोस्टेस गीतिका शर्मा खुदकुशी मामले में दिल्ली की रोहिणी कोर्ट ने हरियाणा के पूर्व मंत्री गोपाल कांडा की न्यायिक हिरासत 14 दिन के  लिए बढ़ा दी है। गौरतलब है कि करोड़ों के आलीशान किले में रहने वाला गोपाल कांडा इन दिनों पुलिस लॉकअप में रातें गुजार रहा है। कांडा पुलिस हिरासत में काफी परेशान है। पुलिस उससे सारे राज उगलवाने के लिए घंटों तक लॉकअप में रखने जैसे तमाम हथकंडे अपना रही है। परेशान कांडा को हनुमानजी याद आ रहे हैं। दसअसल, कांडा को रात 11 बजे तक लॉकअप में रखा जाता है। वह डेढ़ घंटे तक चहलकदमी करता है। इसके बाद हनुमान चालीसा पढ़ता है।  अपने शरीर पर भभूत मलता है और रातभर मच्छरों से परेशान रहता है। यही नहीं उसने कहा है कि जहां चाहे कागजात पर साइन करा लो।टिप्पणियां वैसे, कांडा की दोस्त अंकिता सिंह भी दिल्ली से सिंगापुर आ गई है। अब पुलिस उससे पूछताछ करेगी। गीतिका के घरवालों को थाने बुलाकर पुलिस ने कांडा का आमना-सामना भी करवाया है। गीतिका केस में दिल्ली पुलिस ने एक बार फिर सिरसा में गोपाल कांडा के घर पर छापेमारी की है। दिल्ली पुलिस की नौ सदस्यों की टीम सोमवार रात 11 बजे गोपाल कांडा के घर पहुंची और करीब डेढ़ घंटे तक यहां छानबीन करने के बाद सिरसा से 12 किलोमीटर दूर कांडा के फार्म हाउस भी पहुंची, हालांकि सिरसा में दिल्ली पुलिस की तरफ से सोमवार को कोई भी बयान नहीं दिया गया। पुलिस की छापेमारी की खबर फैलते ही कांडा के घर पर उसके समर्थकों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी, जिसके बाद पुलिस ने यहां चौकसी बढ़ा दी है। गौरतलब है कि करोड़ों के आलीशान किले में रहने वाला गोपाल कांडा इन दिनों पुलिस लॉकअप में रातें गुजार रहा है। कांडा पुलिस हिरासत में काफी परेशान है। पुलिस उससे सारे राज उगलवाने के लिए घंटों तक लॉकअप में रखने जैसे तमाम हथकंडे अपना रही है। परेशान कांडा को हनुमानजी याद आ रहे हैं। दसअसल, कांडा को रात 11 बजे तक लॉकअप में रखा जाता है। वह डेढ़ घंटे तक चहलकदमी करता है। इसके बाद हनुमान चालीसा पढ़ता है।  अपने शरीर पर भभूत मलता है और रातभर मच्छरों से परेशान रहता है। यही नहीं उसने कहा है कि जहां चाहे कागजात पर साइन करा लो।टिप्पणियां वैसे, कांडा की दोस्त अंकिता सिंह भी दिल्ली से सिंगापुर आ गई है। अब पुलिस उससे पूछताछ करेगी। गीतिका के घरवालों को थाने बुलाकर पुलिस ने कांडा का आमना-सामना भी करवाया है। गीतिका केस में दिल्ली पुलिस ने एक बार फिर सिरसा में गोपाल कांडा के घर पर छापेमारी की है। दिल्ली पुलिस की नौ सदस्यों की टीम सोमवार रात 11 बजे गोपाल कांडा के घर पहुंची और करीब डेढ़ घंटे तक यहां छानबीन करने के बाद सिरसा से 12 किलोमीटर दूर कांडा के फार्म हाउस भी पहुंची, हालांकि सिरसा में दिल्ली पुलिस की तरफ से सोमवार को कोई भी बयान नहीं दिया गया। पुलिस की छापेमारी की खबर फैलते ही कांडा के घर पर उसके समर्थकों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी, जिसके बाद पुलिस ने यहां चौकसी बढ़ा दी है। दसअसल, कांडा को रात 11 बजे तक लॉकअप में रखा जाता है। वह डेढ़ घंटे तक चहलकदमी करता है। इसके बाद हनुमान चालीसा पढ़ता है।  अपने शरीर पर भभूत मलता है और रातभर मच्छरों से परेशान रहता है। यही नहीं उसने कहा है कि जहां चाहे कागजात पर साइन करा लो।टिप्पणियां वैसे, कांडा की दोस्त अंकिता सिंह भी दिल्ली से सिंगापुर आ गई है। अब पुलिस उससे पूछताछ करेगी। गीतिका के घरवालों को थाने बुलाकर पुलिस ने कांडा का आमना-सामना भी करवाया है। गीतिका केस में दिल्ली पुलिस ने एक बार फिर सिरसा में गोपाल कांडा के घर पर छापेमारी की है। दिल्ली पुलिस की नौ सदस्यों की टीम सोमवार रात 11 बजे गोपाल कांडा के घर पहुंची और करीब डेढ़ घंटे तक यहां छानबीन करने के बाद सिरसा से 12 किलोमीटर दूर कांडा के फार्म हाउस भी पहुंची, हालांकि सिरसा में दिल्ली पुलिस की तरफ से सोमवार को कोई भी बयान नहीं दिया गया। पुलिस की छापेमारी की खबर फैलते ही कांडा के घर पर उसके समर्थकों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी, जिसके बाद पुलिस ने यहां चौकसी बढ़ा दी है। वैसे, कांडा की दोस्त अंकिता सिंह भी दिल्ली से सिंगापुर आ गई है। अब पुलिस उससे पूछताछ करेगी। गीतिका के घरवालों को थाने बुलाकर पुलिस ने कांडा का आमना-सामना भी करवाया है। गीतिका केस में दिल्ली पुलिस ने एक बार फिर सिरसा में गोपाल कांडा के घर पर छापेमारी की है। दिल्ली पुलिस की नौ सदस्यों की टीम सोमवार रात 11 बजे गोपाल कांडा के घर पहुंची और करीब डेढ़ घंटे तक यहां छानबीन करने के बाद सिरसा से 12 किलोमीटर दूर कांडा के फार्म हाउस भी पहुंची, हालांकि सिरसा में दिल्ली पुलिस की तरफ से सोमवार को कोई भी बयान नहीं दिया गया। पुलिस की छापेमारी की खबर फैलते ही कांडा के घर पर उसके समर्थकों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी, जिसके बाद पुलिस ने यहां चौकसी बढ़ा दी है। गीतिका केस में दिल्ली पुलिस ने एक बार फिर सिरसा में गोपाल कांडा के घर पर छापेमारी की है। दिल्ली पुलिस की नौ सदस्यों की टीम सोमवार रात 11 बजे गोपाल कांडा के घर पहुंची और करीब डेढ़ घंटे तक यहां छानबीन करने के बाद सिरसा से 12 किलोमीटर दूर कांडा के फार्म हाउस भी पहुंची, हालांकि सिरसा में दिल्ली पुलिस की तरफ से सोमवार को कोई भी बयान नहीं दिया गया। पुलिस की छापेमारी की खबर फैलते ही कांडा के घर पर उसके समर्थकों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी, जिसके बाद पुलिस ने यहां चौकसी बढ़ा दी है।
संक्षिप्त पाठ: पूर्व एयरहोस्टेस गीतिका शर्मा खुदकुशी मामले में हरियाणा के पूर्व मंत्री गोपाल कांडा की न्यायिक हिरासत 14 दिन के लिए बढ़ा दी गई है।
22
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: सेमीफाइनल में शानदार जीत के बाद आत्मविश्वास से ओतप्रोत इंग्लैंड के कप्तान एलेस्टेयर कुक को उम्मीद है कि इस बार उनकी टीम आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी जीतेगी। कुक ने दक्षिण अफ्रीका को सेमीफाइनल में सात विकेट से हराने के बाद कहा, मुझे इसमें कोई शक नहीं कि हम रविवार को फाइनल में शानदार प्रदर्शन करेंगे। मुझे अपने खिलाड़ियों पर पूरा यकीन है। मुझे लगता है कि इस बार चैम्पियंस ट्रॉफी जीतने की हमारी बारी है।टिप्पणियां उन्होंने मैच के बाद कहा, फाइनल्स में खिलाड़ी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहते हैं। इंग्लैंड की यह टीम सबसे ज्यादा दबाव में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने में सक्षम है। उन्होंने कहा, यह बड़ी उपलब्धि होगी। फाइनल में पहुंचने में हमें लंबा समय लगा। हम 2004 में फाइनल में पहुंचे थे और उसके बाद यह कमाल नहीं कर सके। उम्मीद है कि इस बार हम खिताब भी जीतेंगे। कुक ने यह भी कहा कि उन्हें लगा नहीं था कि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ इतनी आसानी से जीत मिलेगी। उन्होंने कहा, हमने सोचा भी नहीं था कि जीत इतनी आसान होगी। टॉस जीतना फायदेमंद रहा। पहले कुछ ओवरों में गेंद को स्विंग मिली, जिसका हमारे गेंदबाजों ने फायदा उठाया। कुक ने दक्षिण अफ्रीका को सेमीफाइनल में सात विकेट से हराने के बाद कहा, मुझे इसमें कोई शक नहीं कि हम रविवार को फाइनल में शानदार प्रदर्शन करेंगे। मुझे अपने खिलाड़ियों पर पूरा यकीन है। मुझे लगता है कि इस बार चैम्पियंस ट्रॉफी जीतने की हमारी बारी है।टिप्पणियां उन्होंने मैच के बाद कहा, फाइनल्स में खिलाड़ी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहते हैं। इंग्लैंड की यह टीम सबसे ज्यादा दबाव में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने में सक्षम है। उन्होंने कहा, यह बड़ी उपलब्धि होगी। फाइनल में पहुंचने में हमें लंबा समय लगा। हम 2004 में फाइनल में पहुंचे थे और उसके बाद यह कमाल नहीं कर सके। उम्मीद है कि इस बार हम खिताब भी जीतेंगे। कुक ने यह भी कहा कि उन्हें लगा नहीं था कि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ इतनी आसानी से जीत मिलेगी। उन्होंने कहा, हमने सोचा भी नहीं था कि जीत इतनी आसान होगी। टॉस जीतना फायदेमंद रहा। पहले कुछ ओवरों में गेंद को स्विंग मिली, जिसका हमारे गेंदबाजों ने फायदा उठाया। उन्होंने मैच के बाद कहा, फाइनल्स में खिलाड़ी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहते हैं। इंग्लैंड की यह टीम सबसे ज्यादा दबाव में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने में सक्षम है। उन्होंने कहा, यह बड़ी उपलब्धि होगी। फाइनल में पहुंचने में हमें लंबा समय लगा। हम 2004 में फाइनल में पहुंचे थे और उसके बाद यह कमाल नहीं कर सके। उम्मीद है कि इस बार हम खिताब भी जीतेंगे। कुक ने यह भी कहा कि उन्हें लगा नहीं था कि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ इतनी आसानी से जीत मिलेगी। उन्होंने कहा, हमने सोचा भी नहीं था कि जीत इतनी आसान होगी। टॉस जीतना फायदेमंद रहा। पहले कुछ ओवरों में गेंद को स्विंग मिली, जिसका हमारे गेंदबाजों ने फायदा उठाया। उन्होंने कहा, हमने सोचा भी नहीं था कि जीत इतनी आसान होगी। टॉस जीतना फायदेमंद रहा। पहले कुछ ओवरों में गेंद को स्विंग मिली, जिसका हमारे गेंदबाजों ने फायदा उठाया।
संक्षिप्त पाठ: उन्होंने मैच के बाद कहा, फाइनल्स में खिलाड़ी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहते हैं। इंग्लैंड की यह टीम सबसे ज्यादा दबाव में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने में सक्षम है।
27
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: उन्होंने बताया, 'इनमें से कुछ मवेशी चारे की कमी के कारण मर गए. हम लोगों ने केंद्र के अन्य मवेशियों के उपचार के लिए विशेष शिविर शुरू किया है और स्थिति नियंत्रण में है'. अधिकारियों ने आरोप लगाया कि केंद्र में 150 मवेशियों को रखने की क्षमता है, जबकि 480 मवेशियों को रखा गया है. जिला कलेक्टर कार्तिकेय मिश्र ने इस घटना की जांच का आदेश दिया है.टिप्पणियां उन्होंने मवेशी केंद्र के प्रबंधन के लिए स्थानीय राजस्व विभागीय अधिकारी (आरडीओ) की अगुवाई में एक समिति का गठन किया है. (इनपुट भाषा से) टिप्पणियां उन्होंने मवेशी केंद्र के प्रबंधन के लिए स्थानीय राजस्व विभागीय अधिकारी (आरडीओ) की अगुवाई में एक समिति का गठन किया है. (इनपुट भाषा से) उन्होंने मवेशी केंद्र के प्रबंधन के लिए स्थानीय राजस्व विभागीय अधिकारी (आरडीओ) की अगुवाई में एक समिति का गठन किया है. (इनपुट भाषा से) (इनपुट भाषा से)
संक्षिप्त पाठ: ध्र प्रदेश सरकार के अधिकारियों ने शनिवार को इस बात की जानकारी दी. पुलिस ने केंद्र के प्रबंधन के खिलाफ कथित लापरवाही का मामला दर्ज किया. मवेशी संरक्षण केंद्र में बारिश के कारण कीचड़ भर गया और गंदगी फैल गई.
14
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे भ्रष्टाचारनिरोधी लोकपाल विधेयक का स्वरूप तय करने में नागरिक समाज को शामिल किए जाने की मांग को लेकर मंगलवार से आमरण अनशन पर बैठेंगे।इस बीच, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने हजारे के अनशन पर अड़े रहने पर निराशा जताई और कहा कि वह हजारे और उनके मिशन का सम्मान करते हैं।प्रधानमंत्री कार्यालय से जारी एक बयान के अनुसार मंत्रियों की एक उपसमिति रक्षा मंत्री एके एंटनी के नेतृत्व में हजारे से मिला लेकिन वे उन्हें मनाने में असफल रहे। हजारे मसौदे को संपूर्ण रूप में स्वीकार करने पर अड़े हुए हैं। इससे पहले, पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा, "चूंकि प्रधानमंत्री ने लोकपाल विधेयक का स्वरूप तय करने के लिए नागरिक समाज के लोगों के साथ एक संयुक्त समिति गठित किए जाने की मांग को अस्वीकार कर दिया है, इसलिए पूर्व में की गई घोषणा के अनुसार मैं आमरण अनशन पर बैठूंगा। यदि इस दौरान मेरी जिंदगी भी कुर्बान हो जाए तो मुझे इसका अफसोस नहीं होगा। मेरा जीवन राष्ट्र को समर्पित है।" हजारे सुबह 9 बजे राजघाट जाएंगे और फिर उसके बाद इंडिया गेट से जंतर-मंतर का रुख करेंगे। जंतर-मंतर पर वह अपना उपवास शुरू करेंगे। कार्यकर्ताओं ने देश के अन्य लोगों से इस मांग के पक्ष में अनशन करने की अपील की है। सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद केजरीवाल ने कहा, "मैं देश की जनता से अपील करता हूं कि वे इस भूख हड़ताल में शामिल हों और भ्रष्टाचारविरोधी आंदोलन को अपना समर्थन दें।" इस मुहिम से जुड़े कार्यकर्ताओं ने सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश संतोष हेगड़े और वकील प्रशांत भूषण के साथ मिलकर जन लोकपाल विधयेक का प्रारूप तैयार किया है, जो सरकारी नियंत्रण से स्वतंत्र लोकपाल और राज्यों में लोकायुक्त की नियुक्ति की मांग करता है। इसके मुताबिक भ्रष्टाचार के किसी भी मामले की जांच एक साल के भीतर पूरी हो जानी चाहिए और सजा कम से कम पांच साल तथा अधिकतम उम्रकैद होनी चाहिए जबकि सरकारी प्रारूप में सजा कम से कम छह माह और अधिकतम सात वर्ष का प्रावधान है। कार्यकर्ताओं ने सरकारी फॉर्मूले को खारिज कर दिया है। हजारे ने कहा, "सरकार लोगों के लिए कानून बनाना चाहती है। यदि वह इस बात को ध्यान में रखने बिना कानून बनाती है कि लोगों के दिमाग में क्या है तो यह भारत में ब्रिटिश शासन के समान ही बुरा होगा।"उल्लेखनीय है कि हजारे लोकपाल विधेयक के मसौदे के मुद्दे पर सात मार्च को प्रधानमंत्री और कानून मंत्री से मिले थे। उस दौरान हजारे ने प्रधानमंत्री को लोकपाल विधेयक के सम्बंध में एक मसौदा पेश किया था।
यहाँ एक सारांश है:हजारे सुबह 9 बजे राजघाट जाएंगे और फिर उसके बाद इंडिया गेट से जंतर-मंतर का रुख करेंगे। जंतर-मंतर पर वह अपना उपवास शुरू करेंगे।
17
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारतीयों के दिलों पर कई साल तक राज करने के बाद मार्केट से अचानक गायब हो हुआ मोबाइल फोन नोकिया 3310 एक बार फिर हमारे बीच लौट आई है. फिनलैंड की कंपनी नोकिया ने 3310 भारत में लांच कर हमें मोबाइल का मतलब समझाया था. 2000-07 तक का वह दौर था जब हमारे बीच नोकिया की 3310 को अपने हाथों में लेकर चलना स्टेटस सिंबल से कम नहीं था. चंद ही दिनों में यह मोबाइल हमारे बीच इतनी लोकप्रिय हो गई थी, जैसे यह हमारे परिवार का हिस्सा हो गई थी. वो कहते हैं न कि हम जब कभी मुश्किल में होते हैं तो परिवार को याद करते हैं. ठीक वैसे ही जब यात्रा में हों या गांव-कस्बे में, जब कभी मुश्किल में पड़ते तो हम झट से पॉकेट से 3310 मोबाइल निकालकर मदद के लिए अपने किसी परिचित को कॉल लगा देते थे. कुछ साल पहले नोकिया ने 3310 को बंद कर दिया था. अब एक बार फिर से नोकिया का 3310 लांच हुई है.  इस फोन का भारत में लोग कितनी बेसब्री से इंतजार कर रहे थे इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर पर यह Nokia 3310 टॉप ट्रेंड में है. इस बार नोकिया ने 3310 को चार रंगों में लांच किया है. दिलचस्प बात यह है कि 3310 की कीमत भी 3310 रुपए रखी गई है. इस मोबाइल का लुक बेहद प्यारा है. देखते ही इसे हाथ में लेने की ललक होती है. हालांकि इस बार नोकिया 3310 ज्यादा फीचर्स के साथ लांच किया गया है.टिप्पणियां -इस फोन की बैटरी 30 दिनों यानी एक महीने तक चलेगी. -नोकिया 3310 भीम ऐप (BHIM) से लैस होगा. यानी इस फोन में बिना इंटरनेट कनेक्शन के भी आप कैशलेस ट्रांजेक्शन सेवा से जुड़ सकेंगे. -फोन में 2 मेगापिक्सल का रियर कैमरा है. - फोन में एमपी3 प्लेयर, एफएम रेडियो है.  - इसमें  2.4 इंच की QVGA डिस्प्ले, 1200 mAh की बैटरी, न्यूमेरिक कीबोर्ड, 16 एमबी स्टोरेज जिसे 32 जीबी तक माइक्रोएसडी कार्ड के जरिए बढ़ाया जा सकता है. - फोन में 3.5 mm की हेडफोन जैक है. एक एलईडी फ्लैश लाइट भी है.  - फोन में सांप वाला गेम भी है.  -नोकिया  3310 में डुअल सिम सपोर्ट है.  मालूम हो कि नोकिया ने साल 1996 में पहला मोबाइल फोन लांच किया था. हालांकि साल 1982 में नोकिया ने एक मोबाइल फोन लांच कयिा था, जिसका नाम Mobira senator लांच किया था, जिसका वजन 10 किलोग्राम था. 3310 के चलते नोकिया को 9 बार भारत का सबसे पॉवरफुल ब्रांड माना गया.    इस फोन का भारत में लोग कितनी बेसब्री से इंतजार कर रहे थे इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर पर यह Nokia 3310 टॉप ट्रेंड में है. इस बार नोकिया ने 3310 को चार रंगों में लांच किया है. दिलचस्प बात यह है कि 3310 की कीमत भी 3310 रुपए रखी गई है. इस मोबाइल का लुक बेहद प्यारा है. देखते ही इसे हाथ में लेने की ललक होती है. हालांकि इस बार नोकिया 3310 ज्यादा फीचर्स के साथ लांच किया गया है.टिप्पणियां -इस फोन की बैटरी 30 दिनों यानी एक महीने तक चलेगी. -नोकिया 3310 भीम ऐप (BHIM) से लैस होगा. यानी इस फोन में बिना इंटरनेट कनेक्शन के भी आप कैशलेस ट्रांजेक्शन सेवा से जुड़ सकेंगे. -फोन में 2 मेगापिक्सल का रियर कैमरा है. - फोन में एमपी3 प्लेयर, एफएम रेडियो है.  - इसमें  2.4 इंच की QVGA डिस्प्ले, 1200 mAh की बैटरी, न्यूमेरिक कीबोर्ड, 16 एमबी स्टोरेज जिसे 32 जीबी तक माइक्रोएसडी कार्ड के जरिए बढ़ाया जा सकता है. - फोन में 3.5 mm की हेडफोन जैक है. एक एलईडी फ्लैश लाइट भी है.  - फोन में सांप वाला गेम भी है.  -नोकिया  3310 में डुअल सिम सपोर्ट है.  मालूम हो कि नोकिया ने साल 1996 में पहला मोबाइल फोन लांच किया था. हालांकि साल 1982 में नोकिया ने एक मोबाइल फोन लांच कयिा था, जिसका नाम Mobira senator लांच किया था, जिसका वजन 10 किलोग्राम था. 3310 के चलते नोकिया को 9 बार भारत का सबसे पॉवरफुल ब्रांड माना गया.   इस बार नोकिया ने 3310 को चार रंगों में लांच किया है. दिलचस्प बात यह है कि 3310 की कीमत भी 3310 रुपए रखी गई है. इस मोबाइल का लुक बेहद प्यारा है. देखते ही इसे हाथ में लेने की ललक होती है. हालांकि इस बार नोकिया 3310 ज्यादा फीचर्स के साथ लांच किया गया है.टिप्पणियां -इस फोन की बैटरी 30 दिनों यानी एक महीने तक चलेगी. -नोकिया 3310 भीम ऐप (BHIM) से लैस होगा. यानी इस फोन में बिना इंटरनेट कनेक्शन के भी आप कैशलेस ट्रांजेक्शन सेवा से जुड़ सकेंगे. -फोन में 2 मेगापिक्सल का रियर कैमरा है. - फोन में एमपी3 प्लेयर, एफएम रेडियो है.  - इसमें  2.4 इंच की QVGA डिस्प्ले, 1200 mAh की बैटरी, न्यूमेरिक कीबोर्ड, 16 एमबी स्टोरेज जिसे 32 जीबी तक माइक्रोएसडी कार्ड के जरिए बढ़ाया जा सकता है. - फोन में 3.5 mm की हेडफोन जैक है. एक एलईडी फ्लैश लाइट भी है.  - फोन में सांप वाला गेम भी है.  -नोकिया  3310 में डुअल सिम सपोर्ट है.  मालूम हो कि नोकिया ने साल 1996 में पहला मोबाइल फोन लांच किया था. हालांकि साल 1982 में नोकिया ने एक मोबाइल फोन लांच कयिा था, जिसका नाम Mobira senator लांच किया था, जिसका वजन 10 किलोग्राम था. 3310 के चलते नोकिया को 9 बार भारत का सबसे पॉवरफुल ब्रांड माना गया.   -इस फोन की बैटरी 30 दिनों यानी एक महीने तक चलेगी. -नोकिया 3310 भीम ऐप (BHIM) से लैस होगा. यानी इस फोन में बिना इंटरनेट कनेक्शन के भी आप कैशलेस ट्रांजेक्शन सेवा से जुड़ सकेंगे. -फोन में 2 मेगापिक्सल का रियर कैमरा है. - फोन में एमपी3 प्लेयर, एफएम रेडियो है.  - इसमें  2.4 इंच की QVGA डिस्प्ले, 1200 mAh की बैटरी, न्यूमेरिक कीबोर्ड, 16 एमबी स्टोरेज जिसे 32 जीबी तक माइक्रोएसडी कार्ड के जरिए बढ़ाया जा सकता है. - फोन में 3.5 mm की हेडफोन जैक है. एक एलईडी फ्लैश लाइट भी है.  - फोन में सांप वाला गेम भी है.  -नोकिया  3310 में डुअल सिम सपोर्ट है.  मालूम हो कि नोकिया ने साल 1996 में पहला मोबाइल फोन लांच किया था. हालांकि साल 1982 में नोकिया ने एक मोबाइल फोन लांच कयिा था, जिसका नाम Mobira senator लांच किया था, जिसका वजन 10 किलोग्राम था. 3310 के चलते नोकिया को 9 बार भारत का सबसे पॉवरफुल ब्रांड माना गया.   मालूम हो कि नोकिया ने साल 1996 में पहला मोबाइल फोन लांच किया था. हालांकि साल 1982 में नोकिया ने एक मोबाइल फोन लांच कयिा था, जिसका नाम Mobira senator लांच किया था, जिसका वजन 10 किलोग्राम था. 3310 के चलते नोकिया को 9 बार भारत का सबसे पॉवरफुल ब्रांड माना गया.
संक्षिप्त पाठ: भारतीयों को मोबाइल का मतलब समझाने वाली Nokia 3310 दोबारा लांच नोकिया 3310 की कीमत रखी गई है 3310 रुपए एक बार चार्ज करने पर 30 दिनों तक चलेगी बैटरी
13
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: केरल में आई बाढ़ पर सुप्रीम कोर्ट ने दखल देते हुए केरल और तमिलाडु को सौहार्दपूर्ण तरीके से काम करने को कहा है.  कोर्ट ने केंद्र सरकार के पैनल को मुल्लापेरियार बांध के पानी का स्तर कम करने पर विचार करने को कहा. कोर्ट ने कहा कि पैनल पानी के स्तर को 142 फीट से 139 फीट पर करने पर विचार करे ताकि उस इलाके में रहने वाले लोग भय के साए में न रहें. सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी को शुक्रवार को बैठक करने के निर्देश दिए. कोर्ट ने कहा कि पैनल डिजास्टर मैनेजमेंट प्लान बनाए और तुरंत इस बारे में दोनों राज्यों को बताए. कोर्ट ने कहा कि कार्रवाई ज्यादा तेज बोलती है जो शब्द किसी बात को बता सकते हैं. पैनल इस संबंध में अपनी रिपोर्ट शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट को सौंपेगी.टिप्पणियां सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि केरल और तमिलनाडु दोनों समन्वय और सौहार्द के साथ केंद्र के साथ मिलकर काम करें. चीफ जस्टिस ने इस मौके पर केरल और तमिलनाडु के वकीलों से कहा सालों से आप दोनों पानी के लिए चिल्लाते रहे लेकिन अब दोनों की आंखों में आंसू हैं. दरअसल रसल जॉय ने सुप्रीम कोर्ट में केरल में बाढ़ से हुई मौतों व हालात का हवाला देते हुए दखल देने का आग्रह किया था. सुप्रीम कोर्ट याचिका पर सुनवाई को तैयार हो गया और सुनवाई की. दोनों राज्य सरकारों के वकीलों को कोर्ट में सुनवाई के दौरान रहने को कहा. कोर्ट ने कहा कि पैनल पानी के स्तर को 142 फीट से 139 फीट पर करने पर विचार करे ताकि उस इलाके में रहने वाले लोग भय के साए में न रहें. सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी को शुक्रवार को बैठक करने के निर्देश दिए. कोर्ट ने कहा कि पैनल डिजास्टर मैनेजमेंट प्लान बनाए और तुरंत इस बारे में दोनों राज्यों को बताए. कोर्ट ने कहा कि कार्रवाई ज्यादा तेज बोलती है जो शब्द किसी बात को बता सकते हैं. पैनल इस संबंध में अपनी रिपोर्ट शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट को सौंपेगी.टिप्पणियां सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि केरल और तमिलनाडु दोनों समन्वय और सौहार्द के साथ केंद्र के साथ मिलकर काम करें. चीफ जस्टिस ने इस मौके पर केरल और तमिलनाडु के वकीलों से कहा सालों से आप दोनों पानी के लिए चिल्लाते रहे लेकिन अब दोनों की आंखों में आंसू हैं. दरअसल रसल जॉय ने सुप्रीम कोर्ट में केरल में बाढ़ से हुई मौतों व हालात का हवाला देते हुए दखल देने का आग्रह किया था. सुप्रीम कोर्ट याचिका पर सुनवाई को तैयार हो गया और सुनवाई की. दोनों राज्य सरकारों के वकीलों को कोर्ट में सुनवाई के दौरान रहने को कहा. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि केरल और तमिलनाडु दोनों समन्वय और सौहार्द के साथ केंद्र के साथ मिलकर काम करें. चीफ जस्टिस ने इस मौके पर केरल और तमिलनाडु के वकीलों से कहा सालों से आप दोनों पानी के लिए चिल्लाते रहे लेकिन अब दोनों की आंखों में आंसू हैं. दरअसल रसल जॉय ने सुप्रीम कोर्ट में केरल में बाढ़ से हुई मौतों व हालात का हवाला देते हुए दखल देने का आग्रह किया था. सुप्रीम कोर्ट याचिका पर सुनवाई को तैयार हो गया और सुनवाई की. दोनों राज्य सरकारों के वकीलों को कोर्ट में सुनवाई के दौरान रहने को कहा. दरअसल रसल जॉय ने सुप्रीम कोर्ट में केरल में बाढ़ से हुई मौतों व हालात का हवाला देते हुए दखल देने का आग्रह किया था. सुप्रीम कोर्ट याचिका पर सुनवाई को तैयार हो गया और सुनवाई की. दोनों राज्य सरकारों के वकीलों को कोर्ट में सुनवाई के दौरान रहने को कहा.
सारांश: केरल और तमिलाडु को सौहार्दपूर्ण तरीके से काम करने को कहा पैनल डिजास्टर मैनेजमेंट प्लान बनाने और दोनों राज्यों को बताने के निर्देश नेशनल क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी को बैठक करने के निर्देश
31
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: गुजरात सरकार के कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है. मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल ने सोमवार से सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने की घोषणा की है. मुख्यमंत्री कार्यालय की विज्ञप्ति के अनुसार गुजरात सरकार के 4.65 लाख कर्मचारी तथा 4.12 लाख से अधिक पेंशनभोगियों को इस फैसले से लाभ होगा. हालांकि राज्य सरकार के कर्मचारियों को बढ़ा हुआ वेतन 1 जनवरी से नहीं मिलेगा, जैसा कि केंद्र ने स्वीकार किया है. उनके लिए वेतन वृद्धि 1 अगस्त से लागू होगी. उल्लेखनीय है कि केंद्र ने 25 जुलाई को सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को 1 जनवरी से लागू करने के लिए उसे अधिसूचित कर दिया. बयान के अनुसार चतुर्थ श्रेणी से लेकर समूह ए वर्ग के कर्मचारियों के वेतन में 14.60 प्रतिशत से 25 प्रतिशत तक की वृद्धि होगी.टिप्पणियां चूंकि भत्तों में वृद्धि बारे में केंद्र ने विचार-विमर्श करने का फैसला किया है, इसलिए राज्य सरकार इस बारे में केंद्र के निर्णय के बाद उपयुक्त फैसला करेगी. इससे पहले, गुजरात सरकार के प्रवक्ता तथा राज्य के वित्त मंत्री सौरभ पटेल ने कहा था कि सरकार को सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने से सरकारी खजाने पर 6,000 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उल्लेखनीय है कि केंद्र ने 25 जुलाई को सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को 1 जनवरी से लागू करने के लिए उसे अधिसूचित कर दिया. बयान के अनुसार चतुर्थ श्रेणी से लेकर समूह ए वर्ग के कर्मचारियों के वेतन में 14.60 प्रतिशत से 25 प्रतिशत तक की वृद्धि होगी.टिप्पणियां चूंकि भत्तों में वृद्धि बारे में केंद्र ने विचार-विमर्श करने का फैसला किया है, इसलिए राज्य सरकार इस बारे में केंद्र के निर्णय के बाद उपयुक्त फैसला करेगी. इससे पहले, गुजरात सरकार के प्रवक्ता तथा राज्य के वित्त मंत्री सौरभ पटेल ने कहा था कि सरकार को सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने से सरकारी खजाने पर 6,000 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) चूंकि भत्तों में वृद्धि बारे में केंद्र ने विचार-विमर्श करने का फैसला किया है, इसलिए राज्य सरकार इस बारे में केंद्र के निर्णय के बाद उपयुक्त फैसला करेगी. इससे पहले, गुजरात सरकार के प्रवक्ता तथा राज्य के वित्त मंत्री सौरभ पटेल ने कहा था कि सरकार को सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने से सरकारी खजाने पर 6,000 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यहाँ एक सारांश है:राज्य के 4.65 लाख कर्मचारियों और 4.12 लाख पेंशनधारियों को होगा फायदा गुजरात के सरकारी खजाने पर 6,000 करोड़ रुपये का बोझ पड़ने की संभावना केंद्र ने 25 जुलाई को सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को अधिसूचित किया था
4
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: हालांकि, इसके बाद हैकर के कथित दावे को भारतीय निर्वाचन आयोग के शीर्ष टेक्निकल एक्सपर्ट डॉ. रजत मूना ने खारिज किया है. उन्होंने हैकर के दावे को बेबुनियाद बताया है. आईआईटी भिलाई के डायरेक्टर और चुनाव आयोग की टेक्निकल एक्सपर्ट कमेटी के मेंबर डॉ. रजत मूना ने कहा है कि ईवीएम मशीनों से किसी भी तरह से छेड़छाड़ नहीं हो सकती. ये मशीनें टेंपर प्रूफ हैं. उन्होंने एनडीटीवी के साइंस एडिटर पल्लव बागला से एक्सक्लूसिव बातचीत के दौरान कहा कि इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीनें ऐसी Stand Alone मशीनें हैं, जिनमें किसी भी प्रकार के वायरलेस संचार के माध्यम से छेड़छाड़ नहीं की जा सकती. ये मशीनें टेंपर प्रूफ हैं.  इसके बादा भाजपा ने भी इस प्रेस कॉन्फ्रेंस को कांग्रेस प्रयोजित बताया था. मंगलवार को केंद्रीय मंत्रीरविशंकर प्रसाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इस आयोजन को कांग्रेस द्वारा प्रायोजित बताया था. रविशंकर प्रसाद ने कहा, 'सैय्यद शुजा का नाम मैंने कभी नहीं सुना है. लंदन में कार्यक्रम को लेकर कहा गया था कि वह लंदन में ईवीएम को हैक करके दिखाएंगे. यह नाटक मुझे समझ नहीं आया है. वह विदेश की धरती से भारत के लोकतंत्र को बदनाम करने के लिए बकवास कर रहे हैं.' इसके साथ ही प्रसाद ने कहा, 'उन्होंने इसके लिए सहारा लिया गोपीनाथ मुंडे की मौत का, वे इसे हत्या बता रहे हैं. जबकि डॉक्टर ने कहा कि वह हत्या नहीं थी. दूसरा बकवास है कि बाकी सब चुनाव गड़बड़ थे. लेकिन एमपी राजस्थान और छत्तीसगढ़ के चुनाव में ऐसा नहीं हुआ. तीसरी बात उन्होंने कोई सबूत ही नहीं दिया है. न ही पत्रकारों को सवाल पूछने दिया. मैं पूछना चाहता हूं कि कपिल सिब्बल वहां क्या कर रहे थे. वह वहां किस हैसियत से मौजूद थे. कपिल सिब्बल कांग्रेस की तरफ से मॉनिटरिंग करने गए थे? कांग्रेस हमेशा उनसे ऐसा काम कराती है. चाहे बात राम मंदिर की हो या महाभियोग की.'
चुनाव आयोग की शिकायत पर कार्रवाई हैक करने का दावा करने वाले के खिलाफ FIR प्रेस कॉन्फ्रेंस करके किया था हैक करने का दावा
6
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री पद के संबंध में टिप्पणी पर राहुल गांधी को आड़े हाथों लेते हुए बीजेपी ने शुक्रवार को कहा कि वह जवाबदेही नहीं लेना चाहते हैं और सत्ता का सुख उठाना चाहते हैं। बीजेपी प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा, प्रधानमंत्री पद के बारे में राहुल गांधी की टिप्पणी इस बात की पुष्टि करती है कि अपनी मां एवं कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की तरह वह जवाबदेही नहीं लेना चाहते, लेकिन सत्ता का सुख उठाना चाहते हैं।टिप्पणियां उन्होंने कहा, कांग्रेस उपाध्यक्ष के यह कहने का क्या अर्थ है कि वह प्रधानमंत्री होंगे या नहीं, यह अप्रासंगिक है। उनके पिता राजीव गांधी, दादी इंदिरा गांधी और जवाहर लाल नेहरू सभी प्रधानमंत्री रहे। क्या वह (राहुल) कहना चाहते हैं कि इन सभी लोगों ने अप्रासंगिक कार्य किया। बहरहाल, शाहनवाज ने अगले लोकसभा चुनावों में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर पेश करने संबंधी सवालों का जवाब टाल दिया। उन्होंने कहा कि सही समय पर इस बारे में निर्णय किया जाएगा और एनडीए के सभी घटकों को इससे पहले विश्वास में लिया जाएगा। बीजेपी प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा, प्रधानमंत्री पद के बारे में राहुल गांधी की टिप्पणी इस बात की पुष्टि करती है कि अपनी मां एवं कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की तरह वह जवाबदेही नहीं लेना चाहते, लेकिन सत्ता का सुख उठाना चाहते हैं।टिप्पणियां उन्होंने कहा, कांग्रेस उपाध्यक्ष के यह कहने का क्या अर्थ है कि वह प्रधानमंत्री होंगे या नहीं, यह अप्रासंगिक है। उनके पिता राजीव गांधी, दादी इंदिरा गांधी और जवाहर लाल नेहरू सभी प्रधानमंत्री रहे। क्या वह (राहुल) कहना चाहते हैं कि इन सभी लोगों ने अप्रासंगिक कार्य किया। बहरहाल, शाहनवाज ने अगले लोकसभा चुनावों में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर पेश करने संबंधी सवालों का जवाब टाल दिया। उन्होंने कहा कि सही समय पर इस बारे में निर्णय किया जाएगा और एनडीए के सभी घटकों को इससे पहले विश्वास में लिया जाएगा। उन्होंने कहा, कांग्रेस उपाध्यक्ष के यह कहने का क्या अर्थ है कि वह प्रधानमंत्री होंगे या नहीं, यह अप्रासंगिक है। उनके पिता राजीव गांधी, दादी इंदिरा गांधी और जवाहर लाल नेहरू सभी प्रधानमंत्री रहे। क्या वह (राहुल) कहना चाहते हैं कि इन सभी लोगों ने अप्रासंगिक कार्य किया। बहरहाल, शाहनवाज ने अगले लोकसभा चुनावों में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर पेश करने संबंधी सवालों का जवाब टाल दिया। उन्होंने कहा कि सही समय पर इस बारे में निर्णय किया जाएगा और एनडीए के सभी घटकों को इससे पहले विश्वास में लिया जाएगा। बहरहाल, शाहनवाज ने अगले लोकसभा चुनावों में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर पेश करने संबंधी सवालों का जवाब टाल दिया। उन्होंने कहा कि सही समय पर इस बारे में निर्णय किया जाएगा और एनडीए के सभी घटकों को इससे पहले विश्वास में लिया जाएगा।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: प्रधानमंत्री पद के संबंध में टिप्पणी पर राहुल गांधी को आड़े हाथों लेते हुए बीजेपी ने शुक्रवार को कहा कि वह जवाबदेही नहीं लेना चाहते हैं और सत्ता का सुख उठाना चाहते हैं।
19
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: शिक्षा मंत्री राम बिलास शर्मा ने कहा कि जब तक नए कॉलेजों का निर्माण पूरा नहीं होता है तब तक सभी 31 कॉलेज जुलाई 2018 से सरकारी स्कूलों या अन्य संगठनों की खाली इमारत से संचालित किए जाएंगे.टिप्पणियां शर्मा ने बताया , 'जब तब कॉलेज इमारतों का निर्माण पूरा नहीं होता है तब तक ये कॉलेज सरकारी स्कूलों या दूसरे संस्थानों की खाली इमारतों में चलाए जाएंगे ताकि लड़कियों को शिक्षा के लिए दूर स्थानों तक यात्रा ना करना पड़े.'  शर्मा ने बताया कि सरकार राज्य में लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए ठोस प्रयास कर रही है. शर्मा ने बताया , 'जब तब कॉलेज इमारतों का निर्माण पूरा नहीं होता है तब तक ये कॉलेज सरकारी स्कूलों या दूसरे संस्थानों की खाली इमारतों में चलाए जाएंगे ताकि लड़कियों को शिक्षा के लिए दूर स्थानों तक यात्रा ना करना पड़े.'  शर्मा ने बताया कि सरकार राज्य में लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए ठोस प्रयास कर रही है. शर्मा ने बताया कि सरकार राज्य में लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए ठोस प्रयास कर रही है.
संक्षिप्त सारांश: हरियाणा में लड़कियों के लिए 31 नए कॉलेज खोले जाएंगे इस बात का ऐलान शिक्षा मंत्री राम बिलास शर्मा ने किया जब तक नए कॉलेज नहीं खुल जाते तब तक सरकारी स्‍कूलों में कॉलेज चलेंगे
23
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: सामाजिक कार्यकर्ता और राजनेता अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को एनएसजी कमांडों के हक की लड़ाई लड़ने का बीड़ा उठाया। उन्होंने कहा कि मुम्बई में पाकिस्तानी आतंकवादियों को मुंहतोड़ जवाब देने वाले कुछ कमांडो आज भी रोजगार से वंचित हैं और उन्हें मुआवजा देने से भी इनकार किया जा रहा है। केजरीवाल ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, "अजमल कसाब को बुधवार को फांसी पर लटका दिया गया, लेकिन जो एनएसजी कमांडो इन आतंकवादियों से लड़े थे, वह आज भी अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं।" केजरीवाल ने दावा किया कि कुछ कमांडो को बिना पेंशन दिए नौकरी से निकाल दिया गया और कुछ को चिकित्सा लाभ देने से इनकार किया जा रहा है। कुछ पूर्व एनएसजी कमांडो भी संवाददाता सम्मेलन में उपस्थित थे। केजरीवाल ने कहा, "कुछ को पेंशन दिए बिना नौकरी से निकाल दिया गया और वह अपने इलाज का खर्च स्वयं उठा रहे हैं। उनके लिए कोई सम्मान नहीं है।" उन्होंने कहा कि सरकार कार्रवाई के दौरान घायल हुए एनएसजी सुरक्षाकर्मियों को मुआवजा पेशकश सम्बंधी बातों से राष्ट्र को गुमराह कर रही है। केजरीवाल ने कहा, "11 घायलों को कुल 31 लाख रुपये दिया गया है, जिसमें से सुरेन्द्र सिंह को महज 2.5 लाख रुपये मिले।" सम्मेलन में मौजूद पूर्व एनएसजी कमांडो सुरेन्द्र ने बताया, "दान गोविंद बल्लभ ट्रस्ट की ओर से दिया गया। प्रत्येक कमांडो को 2.5 लाख रुपये दिए गए थे। सेना ने पेंशन के लिए केवल चार कमांडो के नामों की सिफारिश की।" सुरेन्द्र ने बताया, "जब मैंने पूछा कि मुझे शामिल क्यों नही किया गया, तो उन्होंने बताया कि जो गंभीर रूप से घायल हुए थे, वे ही इसके योग्य हैं। मैं न केवल गम्भीर रूप से घायल हुआ था, बल्कि मैंने अपनी नौकरी भी गंवा दी।"टिप्पणियां सुरेन्द्र ने कहा, "उन्होंने बाद में मुझे असली कारण बताया। मुआवजा राशि केंद्रीय गृह मंत्रालय के पास स्थानांतरित कर दी गई थी।" उन्होंने कहा, "मुझे प्रधानमंत्री राहत कोष से एक लाख रुपये मिला है।" इस संवाददाता सम्मेलन का आयोजन कसाब को फांसी पर लटकाने के एक दिन बाद किया गया। केजरीवाल ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, "अजमल कसाब को बुधवार को फांसी पर लटका दिया गया, लेकिन जो एनएसजी कमांडो इन आतंकवादियों से लड़े थे, वह आज भी अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं।" केजरीवाल ने दावा किया कि कुछ कमांडो को बिना पेंशन दिए नौकरी से निकाल दिया गया और कुछ को चिकित्सा लाभ देने से इनकार किया जा रहा है। कुछ पूर्व एनएसजी कमांडो भी संवाददाता सम्मेलन में उपस्थित थे। केजरीवाल ने कहा, "कुछ को पेंशन दिए बिना नौकरी से निकाल दिया गया और वह अपने इलाज का खर्च स्वयं उठा रहे हैं। उनके लिए कोई सम्मान नहीं है।" उन्होंने कहा कि सरकार कार्रवाई के दौरान घायल हुए एनएसजी सुरक्षाकर्मियों को मुआवजा पेशकश सम्बंधी बातों से राष्ट्र को गुमराह कर रही है। केजरीवाल ने कहा, "11 घायलों को कुल 31 लाख रुपये दिया गया है, जिसमें से सुरेन्द्र सिंह को महज 2.5 लाख रुपये मिले।" सम्मेलन में मौजूद पूर्व एनएसजी कमांडो सुरेन्द्र ने बताया, "दान गोविंद बल्लभ ट्रस्ट की ओर से दिया गया। प्रत्येक कमांडो को 2.5 लाख रुपये दिए गए थे। सेना ने पेंशन के लिए केवल चार कमांडो के नामों की सिफारिश की।" सुरेन्द्र ने बताया, "जब मैंने पूछा कि मुझे शामिल क्यों नही किया गया, तो उन्होंने बताया कि जो गंभीर रूप से घायल हुए थे, वे ही इसके योग्य हैं। मैं न केवल गम्भीर रूप से घायल हुआ था, बल्कि मैंने अपनी नौकरी भी गंवा दी।"टिप्पणियां सुरेन्द्र ने कहा, "उन्होंने बाद में मुझे असली कारण बताया। मुआवजा राशि केंद्रीय गृह मंत्रालय के पास स्थानांतरित कर दी गई थी।" उन्होंने कहा, "मुझे प्रधानमंत्री राहत कोष से एक लाख रुपये मिला है।" इस संवाददाता सम्मेलन का आयोजन कसाब को फांसी पर लटकाने के एक दिन बाद किया गया। केजरीवाल ने दावा किया कि कुछ कमांडो को बिना पेंशन दिए नौकरी से निकाल दिया गया और कुछ को चिकित्सा लाभ देने से इनकार किया जा रहा है। कुछ पूर्व एनएसजी कमांडो भी संवाददाता सम्मेलन में उपस्थित थे। केजरीवाल ने कहा, "कुछ को पेंशन दिए बिना नौकरी से निकाल दिया गया और वह अपने इलाज का खर्च स्वयं उठा रहे हैं। उनके लिए कोई सम्मान नहीं है।" उन्होंने कहा कि सरकार कार्रवाई के दौरान घायल हुए एनएसजी सुरक्षाकर्मियों को मुआवजा पेशकश सम्बंधी बातों से राष्ट्र को गुमराह कर रही है। केजरीवाल ने कहा, "11 घायलों को कुल 31 लाख रुपये दिया गया है, जिसमें से सुरेन्द्र सिंह को महज 2.5 लाख रुपये मिले।" सम्मेलन में मौजूद पूर्व एनएसजी कमांडो सुरेन्द्र ने बताया, "दान गोविंद बल्लभ ट्रस्ट की ओर से दिया गया। प्रत्येक कमांडो को 2.5 लाख रुपये दिए गए थे। सेना ने पेंशन के लिए केवल चार कमांडो के नामों की सिफारिश की।" सुरेन्द्र ने बताया, "जब मैंने पूछा कि मुझे शामिल क्यों नही किया गया, तो उन्होंने बताया कि जो गंभीर रूप से घायल हुए थे, वे ही इसके योग्य हैं। मैं न केवल गम्भीर रूप से घायल हुआ था, बल्कि मैंने अपनी नौकरी भी गंवा दी।"टिप्पणियां सुरेन्द्र ने कहा, "उन्होंने बाद में मुझे असली कारण बताया। मुआवजा राशि केंद्रीय गृह मंत्रालय के पास स्थानांतरित कर दी गई थी।" उन्होंने कहा, "मुझे प्रधानमंत्री राहत कोष से एक लाख रुपये मिला है।" इस संवाददाता सम्मेलन का आयोजन कसाब को फांसी पर लटकाने के एक दिन बाद किया गया। केजरीवाल ने कहा, "कुछ को पेंशन दिए बिना नौकरी से निकाल दिया गया और वह अपने इलाज का खर्च स्वयं उठा रहे हैं। उनके लिए कोई सम्मान नहीं है।" उन्होंने कहा कि सरकार कार्रवाई के दौरान घायल हुए एनएसजी सुरक्षाकर्मियों को मुआवजा पेशकश सम्बंधी बातों से राष्ट्र को गुमराह कर रही है। केजरीवाल ने कहा, "11 घायलों को कुल 31 लाख रुपये दिया गया है, जिसमें से सुरेन्द्र सिंह को महज 2.5 लाख रुपये मिले।" सम्मेलन में मौजूद पूर्व एनएसजी कमांडो सुरेन्द्र ने बताया, "दान गोविंद बल्लभ ट्रस्ट की ओर से दिया गया। प्रत्येक कमांडो को 2.5 लाख रुपये दिए गए थे। सेना ने पेंशन के लिए केवल चार कमांडो के नामों की सिफारिश की।" सुरेन्द्र ने बताया, "जब मैंने पूछा कि मुझे शामिल क्यों नही किया गया, तो उन्होंने बताया कि जो गंभीर रूप से घायल हुए थे, वे ही इसके योग्य हैं। मैं न केवल गम्भीर रूप से घायल हुआ था, बल्कि मैंने अपनी नौकरी भी गंवा दी।"टिप्पणियां सुरेन्द्र ने कहा, "उन्होंने बाद में मुझे असली कारण बताया। मुआवजा राशि केंद्रीय गृह मंत्रालय के पास स्थानांतरित कर दी गई थी।" उन्होंने कहा, "मुझे प्रधानमंत्री राहत कोष से एक लाख रुपये मिला है।" इस संवाददाता सम्मेलन का आयोजन कसाब को फांसी पर लटकाने के एक दिन बाद किया गया। केजरीवाल ने कहा, "11 घायलों को कुल 31 लाख रुपये दिया गया है, जिसमें से सुरेन्द्र सिंह को महज 2.5 लाख रुपये मिले।" सम्मेलन में मौजूद पूर्व एनएसजी कमांडो सुरेन्द्र ने बताया, "दान गोविंद बल्लभ ट्रस्ट की ओर से दिया गया। प्रत्येक कमांडो को 2.5 लाख रुपये दिए गए थे। सेना ने पेंशन के लिए केवल चार कमांडो के नामों की सिफारिश की।" सुरेन्द्र ने बताया, "जब मैंने पूछा कि मुझे शामिल क्यों नही किया गया, तो उन्होंने बताया कि जो गंभीर रूप से घायल हुए थे, वे ही इसके योग्य हैं। मैं न केवल गम्भीर रूप से घायल हुआ था, बल्कि मैंने अपनी नौकरी भी गंवा दी।"टिप्पणियां सुरेन्द्र ने कहा, "उन्होंने बाद में मुझे असली कारण बताया। मुआवजा राशि केंद्रीय गृह मंत्रालय के पास स्थानांतरित कर दी गई थी।" उन्होंने कहा, "मुझे प्रधानमंत्री राहत कोष से एक लाख रुपये मिला है।" इस संवाददाता सम्मेलन का आयोजन कसाब को फांसी पर लटकाने के एक दिन बाद किया गया। सुरेन्द्र ने बताया, "जब मैंने पूछा कि मुझे शामिल क्यों नही किया गया, तो उन्होंने बताया कि जो गंभीर रूप से घायल हुए थे, वे ही इसके योग्य हैं। मैं न केवल गम्भीर रूप से घायल हुआ था, बल्कि मैंने अपनी नौकरी भी गंवा दी।"टिप्पणियां सुरेन्द्र ने कहा, "उन्होंने बाद में मुझे असली कारण बताया। मुआवजा राशि केंद्रीय गृह मंत्रालय के पास स्थानांतरित कर दी गई थी।" उन्होंने कहा, "मुझे प्रधानमंत्री राहत कोष से एक लाख रुपये मिला है।" इस संवाददाता सम्मेलन का आयोजन कसाब को फांसी पर लटकाने के एक दिन बाद किया गया। सुरेन्द्र ने कहा, "उन्होंने बाद में मुझे असली कारण बताया। मुआवजा राशि केंद्रीय गृह मंत्रालय के पास स्थानांतरित कर दी गई थी।" उन्होंने कहा, "मुझे प्रधानमंत्री राहत कोष से एक लाख रुपये मिला है।" इस संवाददाता सम्मेलन का आयोजन कसाब को फांसी पर लटकाने के एक दिन बाद किया गया। इस संवाददाता सम्मेलन का आयोजन कसाब को फांसी पर लटकाने के एक दिन बाद किया गया।
संक्षिप्त पाठ: सामाजिक कार्यकर्ता और राजनेता अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को एनएसजी कमांडों के हक की लड़ाई लड़ने का बीड़ा उठाया।
13
['hin']
एक सारांश बनाओ: फल, सब्जियों और कुछ अन्य खाद्य तथा अखाद्य वस्तुओं के दाम चढ़ने से थोक मूल्य सूचकांक पर अधारित महंगाई की सामान्य दर दिसंबर, 2010 में बढ़कर 8.43 फीसदी हो गई। इससे पूर्व महीने में यह 7.48 फीसदी थी। प्याज जैसी सब्जियों और मांस, अंडा जैसी प्रोटीन के स्रोत वाली वस्तुओं के महंगे होने से सामान्य मुद्रास्फीति में यह वृद्धि हुई है। शुक्रवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार अक्टूबर के संशोधित आंकड़ों के अनुसार उस माह मुद्रास्फीति 9.12 फीसदी रही। प्रारंभिक आंकड़ों के आधार पर इसे 8.58 फीसदी बताया गया था। आंकड़ों के मुताबिक दिसंबर, 2010 में प्राथमिक वस्तुओं- खाद्य, गैर-खाद्य और खनिज की कीमत सालाना आधार पर 16.46 फीसदी ऊंची रही। इसी दौरान, कुछ खाद्य वस्तुओं की कीमत में एक साल पहले की तुलना में कमी हुई है। इनमें दाल एक साल पहले से करीब 10.89 फीसदी सस्ती और आलू 26.57 फीसदी गिरा है। आलोच्य महीने के दौरान सालाना आधार पर ईंधन और बिजली कीमत 11.19 चढ़ी, जबकि विनिर्मित वस्तुओं के दाम 4.46 फीसद चढ़े। थोक मूल्य सूचकांक में विनिर्मित वस्तुओं का भारांश 64.9 फीसदी है। विनिर्मित वस्तुओं में हालांकि चीनी 9.91 फीसद सस्ती हुई और चमड़ा तथा चमड़ा उत्पादों के दाम सालाना आधार पर 1.23 फीसदी चढ़े। उल्लेखनीय है कि 1 जनवरी को समाप्त सप्ताह के दौरान खाद्य मुद्रास्फीति 16.91 फीसदी रही। थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति में खाद्य मुद्रास्फीति का भारांश 14 फीसद है। बढ़ती महंगाई से चिंतित सरकार ने मुद्रास्फीति पर शिकंजा कसने के लिए गुरुवार को कई उपायों की घोषणा की। इनमें उपायों में जमाखोरों के खिलाफ कार्रवाई और निर्यात तथा आयातित खाद्य वस्तुओं पर नजर रखने की बात शामिल है।
फल, सब्जियों और खाद्य तथा अखाद्य वस्तुओं के दाम चढ़ने से थोक मूल्य सूचकांक पर अधारित महंगाई दर दिसंबर में बढ़कर 8.43 फीसदी हो गई।
26
['hin']
एक सारांश बनाओ: फिल्मकार प्रकाश झा का कहना है कि उनकी आने वाली फिल्म 'सत्याग्रह' महात्मा गांधी या सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे की कहानी नहीं है, लेकिन यह उनकी याद दिलाती है। प्रकाश झा ने एक समारोह में कहा, लोकतंत्र में मध्यम वर्ग के लोग विरोध प्रदर्शन करते हैं। यह फिल्म अन्ना हजारे के बारे में नहीं है। फिल्म में उनके विरोध प्रदर्शन की कोई झलक नहीं मिलती, लेकिन यह फिल्म निर्भया (मामले), महात्मा गांधी और अन्ना हजारे की याद जरूर दिलाती है।टिप्पणियां अमिताभ बच्चन, अर्जुन रामपाल, अजय देवगन, मनोज बाजपेयी, करीना कपूर और अमृता राव समेत फिल्म की टीम ने गुरुवार को एक समारोह में फिल्म का गाना 'रघुपति राघव' लॉन्च किया। झा ने कहा, हमने इस गाने में मूल प्रार्थना की शुरुआती पंक्तियों के अलावा आज के लोगों की भावनाओं को ध्यान में रखकर नई पंक्तियां भी शामिल की हैं। निर्देशक ने कहा कि उनकी फिल्म में समाधान मुहैया कराने की कोशिश नहीं की गई है। फिल्म में एक टीवी रिपोर्टर की भूमिका निभा रही करीना ने कहा, मेरा किरदार किसी पत्रकार से प्रेरित नहीं है। मेरे किरदार में गरिमा और सत्यनिष्ठा है। मैं उस तरह प्रश्न नहीं पूछ सकती, जैसे मीडिया पूछता है। फिल्म अगले महीने रिलीज होगी। प्रकाश झा ने एक समारोह में कहा, लोकतंत्र में मध्यम वर्ग के लोग विरोध प्रदर्शन करते हैं। यह फिल्म अन्ना हजारे के बारे में नहीं है। फिल्म में उनके विरोध प्रदर्शन की कोई झलक नहीं मिलती, लेकिन यह फिल्म निर्भया (मामले), महात्मा गांधी और अन्ना हजारे की याद जरूर दिलाती है।टिप्पणियां अमिताभ बच्चन, अर्जुन रामपाल, अजय देवगन, मनोज बाजपेयी, करीना कपूर और अमृता राव समेत फिल्म की टीम ने गुरुवार को एक समारोह में फिल्म का गाना 'रघुपति राघव' लॉन्च किया। झा ने कहा, हमने इस गाने में मूल प्रार्थना की शुरुआती पंक्तियों के अलावा आज के लोगों की भावनाओं को ध्यान में रखकर नई पंक्तियां भी शामिल की हैं। निर्देशक ने कहा कि उनकी फिल्म में समाधान मुहैया कराने की कोशिश नहीं की गई है। फिल्म में एक टीवी रिपोर्टर की भूमिका निभा रही करीना ने कहा, मेरा किरदार किसी पत्रकार से प्रेरित नहीं है। मेरे किरदार में गरिमा और सत्यनिष्ठा है। मैं उस तरह प्रश्न नहीं पूछ सकती, जैसे मीडिया पूछता है। फिल्म अगले महीने रिलीज होगी। अमिताभ बच्चन, अर्जुन रामपाल, अजय देवगन, मनोज बाजपेयी, करीना कपूर और अमृता राव समेत फिल्म की टीम ने गुरुवार को एक समारोह में फिल्म का गाना 'रघुपति राघव' लॉन्च किया। झा ने कहा, हमने इस गाने में मूल प्रार्थना की शुरुआती पंक्तियों के अलावा आज के लोगों की भावनाओं को ध्यान में रखकर नई पंक्तियां भी शामिल की हैं। निर्देशक ने कहा कि उनकी फिल्म में समाधान मुहैया कराने की कोशिश नहीं की गई है। फिल्म में एक टीवी रिपोर्टर की भूमिका निभा रही करीना ने कहा, मेरा किरदार किसी पत्रकार से प्रेरित नहीं है। मेरे किरदार में गरिमा और सत्यनिष्ठा है। मैं उस तरह प्रश्न नहीं पूछ सकती, जैसे मीडिया पूछता है। फिल्म अगले महीने रिलीज होगी। फिल्म में एक टीवी रिपोर्टर की भूमिका निभा रही करीना ने कहा, मेरा किरदार किसी पत्रकार से प्रेरित नहीं है। मेरे किरदार में गरिमा और सत्यनिष्ठा है। मैं उस तरह प्रश्न नहीं पूछ सकती, जैसे मीडिया पूछता है। फिल्म अगले महीने रिलीज होगी।
सारांश: प्रकाश झा ने कहा, फिल्म 'सत्याग्रह' में अन्ना हजारे के विरोध प्रदर्शन की कोई झलक नहीं है, लेकिन यह महात्मा गांधी और अन्ना हजारे की याद जरूर दिलाती है।
5
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: प्रिंस विलियम की पत्नी केट मिडिलटन ने एक लड़के को जन्म दिया है और ब्रिटिश ताज के बहुप्रतीक्षित उत्तराधिकारी के आगमन की सूचना के साथ ही ब्रिटेन में खुशियों की लहर दौड़ गई। केनसिंग्टन पैलेस ने बताया कि 31 वर्षीय डचेज़ ऑफ कैम्ब्रिज ने स्थानीय समयानुसार शाम चार बजकर 24 मिनट पर लड़के को जन्म दिया। आधिकारिक रूप से नामकरण होने से पहले ड्यूक और डचेज ऑफ कैम्ब्रिज की पहली संतान को प्रिंस कैम्ब्रिज के नाम से जाना जाएगा। प्रिंस कैम्ब्रिज ने मध्य लंदन में सेंट मेरी अस्पताल के निजी लिंदो विंग में जन्म लिया। केनसिंग्टन पैलेस ने अपने बयान में कहा, हर रॉयल हाइनेस द डचेज ऑफ कैम्ब्रिज ने एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया है। शिशु का वजन 3.8 किलोग्राम है। शाही परिवार की पहली संतान ब्रिटिश ताज के उत्तराधिकार की सूची में अपने दादा प्रिंस चार्ल्स और पिता प्रिंस विलियम के बाद तीसरे नंबर पर आएगी। केट ने जब बच्चे को जन्म दिया तो ड्यूक ऑफ कैम्ब्रिज उनके साथ मौजूद थे। पैलेस ने बयान में कहा कि ड्चेज और शिशु दोनों ‘स्वस्थ’ है और वे रातभर अस्पताल में रहेंगे। बयान में कहा गया है, महारानी, ड्यूक ऑफ एडिनबर्ग, द प्रिंस ऑफ वेल्स, द डचेज ऑफ कोर्नवाल, प्रिंस हैरी और दोनों परिवारों के सदस्यों को सूचित कर दिया गया है और वे समाचार पाकर खुश हैं। केट को सुबह छह बजे (स्थानीय समयानुसार) अस्पताल में भर्ती कराया गया था।टिप्पणियां ऐसा बताया जा रहा है कि बच्चे का जन्म सामान्य प्रसव के जरिये हुआ, लेकिन आगे की जानकारी की अभी प्रतीक्षा की जा रही है। प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने ट्विटर पर कहा, मैं खुश हूं कि ड्यूक और डचेज की संतान ने जन्म लिया है। पूरा देश जश्न मनाएगा। वे दोनों बेहतरीन माता-पिता साबित होंगे। केनसिंग्टन पैलेस ने बताया कि 31 वर्षीय डचेज़ ऑफ कैम्ब्रिज ने स्थानीय समयानुसार शाम चार बजकर 24 मिनट पर लड़के को जन्म दिया। आधिकारिक रूप से नामकरण होने से पहले ड्यूक और डचेज ऑफ कैम्ब्रिज की पहली संतान को प्रिंस कैम्ब्रिज के नाम से जाना जाएगा। प्रिंस कैम्ब्रिज ने मध्य लंदन में सेंट मेरी अस्पताल के निजी लिंदो विंग में जन्म लिया। केनसिंग्टन पैलेस ने अपने बयान में कहा, हर रॉयल हाइनेस द डचेज ऑफ कैम्ब्रिज ने एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया है। शिशु का वजन 3.8 किलोग्राम है। शाही परिवार की पहली संतान ब्रिटिश ताज के उत्तराधिकार की सूची में अपने दादा प्रिंस चार्ल्स और पिता प्रिंस विलियम के बाद तीसरे नंबर पर आएगी। केट ने जब बच्चे को जन्म दिया तो ड्यूक ऑफ कैम्ब्रिज उनके साथ मौजूद थे। पैलेस ने बयान में कहा कि ड्चेज और शिशु दोनों ‘स्वस्थ’ है और वे रातभर अस्पताल में रहेंगे। बयान में कहा गया है, महारानी, ड्यूक ऑफ एडिनबर्ग, द प्रिंस ऑफ वेल्स, द डचेज ऑफ कोर्नवाल, प्रिंस हैरी और दोनों परिवारों के सदस्यों को सूचित कर दिया गया है और वे समाचार पाकर खुश हैं। केट को सुबह छह बजे (स्थानीय समयानुसार) अस्पताल में भर्ती कराया गया था।टिप्पणियां ऐसा बताया जा रहा है कि बच्चे का जन्म सामान्य प्रसव के जरिये हुआ, लेकिन आगे की जानकारी की अभी प्रतीक्षा की जा रही है। प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने ट्विटर पर कहा, मैं खुश हूं कि ड्यूक और डचेज की संतान ने जन्म लिया है। पूरा देश जश्न मनाएगा। वे दोनों बेहतरीन माता-पिता साबित होंगे। आधिकारिक रूप से नामकरण होने से पहले ड्यूक और डचेज ऑफ कैम्ब्रिज की पहली संतान को प्रिंस कैम्ब्रिज के नाम से जाना जाएगा। प्रिंस कैम्ब्रिज ने मध्य लंदन में सेंट मेरी अस्पताल के निजी लिंदो विंग में जन्म लिया। केनसिंग्टन पैलेस ने अपने बयान में कहा, हर रॉयल हाइनेस द डचेज ऑफ कैम्ब्रिज ने एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया है। शिशु का वजन 3.8 किलोग्राम है। शाही परिवार की पहली संतान ब्रिटिश ताज के उत्तराधिकार की सूची में अपने दादा प्रिंस चार्ल्स और पिता प्रिंस विलियम के बाद तीसरे नंबर पर आएगी। केट ने जब बच्चे को जन्म दिया तो ड्यूक ऑफ कैम्ब्रिज उनके साथ मौजूद थे। पैलेस ने बयान में कहा कि ड्चेज और शिशु दोनों ‘स्वस्थ’ है और वे रातभर अस्पताल में रहेंगे। बयान में कहा गया है, महारानी, ड्यूक ऑफ एडिनबर्ग, द प्रिंस ऑफ वेल्स, द डचेज ऑफ कोर्नवाल, प्रिंस हैरी और दोनों परिवारों के सदस्यों को सूचित कर दिया गया है और वे समाचार पाकर खुश हैं। केट को सुबह छह बजे (स्थानीय समयानुसार) अस्पताल में भर्ती कराया गया था।टिप्पणियां ऐसा बताया जा रहा है कि बच्चे का जन्म सामान्य प्रसव के जरिये हुआ, लेकिन आगे की जानकारी की अभी प्रतीक्षा की जा रही है। प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने ट्विटर पर कहा, मैं खुश हूं कि ड्यूक और डचेज की संतान ने जन्म लिया है। पूरा देश जश्न मनाएगा। वे दोनों बेहतरीन माता-पिता साबित होंगे। प्रिंस कैम्ब्रिज ने मध्य लंदन में सेंट मेरी अस्पताल के निजी लिंदो विंग में जन्म लिया। केनसिंग्टन पैलेस ने अपने बयान में कहा, हर रॉयल हाइनेस द डचेज ऑफ कैम्ब्रिज ने एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया है। शिशु का वजन 3.8 किलोग्राम है। शाही परिवार की पहली संतान ब्रिटिश ताज के उत्तराधिकार की सूची में अपने दादा प्रिंस चार्ल्स और पिता प्रिंस विलियम के बाद तीसरे नंबर पर आएगी। केट ने जब बच्चे को जन्म दिया तो ड्यूक ऑफ कैम्ब्रिज उनके साथ मौजूद थे। पैलेस ने बयान में कहा कि ड्चेज और शिशु दोनों ‘स्वस्थ’ है और वे रातभर अस्पताल में रहेंगे। बयान में कहा गया है, महारानी, ड्यूक ऑफ एडिनबर्ग, द प्रिंस ऑफ वेल्स, द डचेज ऑफ कोर्नवाल, प्रिंस हैरी और दोनों परिवारों के सदस्यों को सूचित कर दिया गया है और वे समाचार पाकर खुश हैं। केट को सुबह छह बजे (स्थानीय समयानुसार) अस्पताल में भर्ती कराया गया था।टिप्पणियां ऐसा बताया जा रहा है कि बच्चे का जन्म सामान्य प्रसव के जरिये हुआ, लेकिन आगे की जानकारी की अभी प्रतीक्षा की जा रही है। प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने ट्विटर पर कहा, मैं खुश हूं कि ड्यूक और डचेज की संतान ने जन्म लिया है। पूरा देश जश्न मनाएगा। वे दोनों बेहतरीन माता-पिता साबित होंगे। पैलेस ने बयान में कहा कि ड्चेज और शिशु दोनों ‘स्वस्थ’ है और वे रातभर अस्पताल में रहेंगे। बयान में कहा गया है, महारानी, ड्यूक ऑफ एडिनबर्ग, द प्रिंस ऑफ वेल्स, द डचेज ऑफ कोर्नवाल, प्रिंस हैरी और दोनों परिवारों के सदस्यों को सूचित कर दिया गया है और वे समाचार पाकर खुश हैं। केट को सुबह छह बजे (स्थानीय समयानुसार) अस्पताल में भर्ती कराया गया था।टिप्पणियां ऐसा बताया जा रहा है कि बच्चे का जन्म सामान्य प्रसव के जरिये हुआ, लेकिन आगे की जानकारी की अभी प्रतीक्षा की जा रही है। प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने ट्विटर पर कहा, मैं खुश हूं कि ड्यूक और डचेज की संतान ने जन्म लिया है। पूरा देश जश्न मनाएगा। वे दोनों बेहतरीन माता-पिता साबित होंगे। बयान में कहा गया है, महारानी, ड्यूक ऑफ एडिनबर्ग, द प्रिंस ऑफ वेल्स, द डचेज ऑफ कोर्नवाल, प्रिंस हैरी और दोनों परिवारों के सदस्यों को सूचित कर दिया गया है और वे समाचार पाकर खुश हैं। केट को सुबह छह बजे (स्थानीय समयानुसार) अस्पताल में भर्ती कराया गया था।टिप्पणियां ऐसा बताया जा रहा है कि बच्चे का जन्म सामान्य प्रसव के जरिये हुआ, लेकिन आगे की जानकारी की अभी प्रतीक्षा की जा रही है। प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने ट्विटर पर कहा, मैं खुश हूं कि ड्यूक और डचेज की संतान ने जन्म लिया है। पूरा देश जश्न मनाएगा। वे दोनों बेहतरीन माता-पिता साबित होंगे। ऐसा बताया जा रहा है कि बच्चे का जन्म सामान्य प्रसव के जरिये हुआ, लेकिन आगे की जानकारी की अभी प्रतीक्षा की जा रही है। प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने ट्विटर पर कहा, मैं खुश हूं कि ड्यूक और डचेज की संतान ने जन्म लिया है। पूरा देश जश्न मनाएगा। वे दोनों बेहतरीन माता-पिता साबित होंगे। प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने ट्विटर पर कहा, मैं खुश हूं कि ड्यूक और डचेज की संतान ने जन्म लिया है। पूरा देश जश्न मनाएगा। वे दोनों बेहतरीन माता-पिता साबित होंगे।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: केनसिंग्टन पैलेस ने अपने बयान में कहा, हर रॉयल हाइनेस द डचेज ऑफ कैम्ब्रिज ने एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया है। शिशु का वजन 3.8 किलोग्राम है।
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['hin']
एक सारांश बनाओ: भारत ने आज पाकिस्तान से वहां के जेल में बंद भारतीय कैदी सरबजीत को छोड़ने का अनुरोध किया है। इससे पहले मंगलवार को सरबजीत को रिहा किए जाने की खबरें आई थीं लेकिन बाद में देर रात पाकिस्तान ने सफाई दी कि उसने एक अन्य भारतीय कैदी सुरजीत सिंह को रिहा करने के लिए कदम उठाए हैं जो पिछले तीन दशक से जेल में बंद है। मंगलवार को पहले यह खबर आई थी कि पाकिस्तान सरबजीत सिंह को रिहा करने जा रहा है लेकिन बाद में राष्ट्रपति के प्रवक्ता ने सफाई दी कि अधिकारी सुरजीत सिंह की रिहाई की दिशा में काम कर रहे हैं। भारतीय विदेशमंत्री एसएस कृष्णा ने सरबजीत को छोड़े जाने की खबरों पर राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी को धन्यवाद भी दे दिया था। कृष्णा ने आज सुरजीत को रिहा किए जाने के पाक के फैसले का स्वागत किया लेकिन सरबजीत की रिहाई के लिए नए सिरे से अनुरोध किया। कृष्णा ने कहा, ‘‘मैंने पाकिस्तान की जेल से सुरजीत सिंह की जल्दी ही रिहाई की खबरें देखी हैं। मैं फैसले का स्वागत करता हूं और सरबजीत सिंह को रिहा करने के लिए पाकिस्तान के राष्ट्रपति से नए सिरे से अनुरोध करता हूं, जो दो दशक से अधिक समय से जेल में बंद है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जैसा कि आपको पता है कि भारत सरकार ने कई मौकों पर बार-बार पाकिस्तान की सरकार से सरबजीत सिंह के मामले में सहानुभूतिपूर्ण और मानवीय रुख अख्तियार करने को कहा है।’’ कृष्णा ने कहा, ‘‘मैं पाकिस्तान की सरकार से उन सभी भारतीय नागरिकों को भी रिहा करने की अपील करता हूं जिन्होंने अपनी कैद की सजा पूरी कर ली है। मैं पाकिस्तानी जेलों में कैद की सजा काट रहे सभी भारतीयों की रिहाई का अनुरोध करता हूं।’’ पाकिस्तानी चैनलों ने कल काफी देर तक सरबजीत की रिहाई से जुड़ी खबरें चलाई थीं लेकिन बाद में आधी रात को अचानक राष्ट्रपति के प्रवक्ता फरहतुल्ला बाबर ने कहा कि इस तरह के किसी फैसले से राष्ट्रपति का कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि कुछ भ्रम है। पहली बात यह है कि यह माफी देने का मामला नहीं है। सबसे अहम बात यह कि यह व्यक्ति सरबजीत सिंह नहीं, बल्कि सुरजीत सिंह बल्दियत सुचा सिंह है। उसकी सजा को 1989 में तत्कालीन प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की सलाह पर राष्ट्रपति गुलाम इसहाक खान ने तब्दील किया था।’’ बाबर के मुताबिक कानून मंत्री फारुक नाइक ने गृह मंत्रालय को इसकी सूचना दी थी कि सुरजीत सिंह ने उम्रकैद की सजा पूरी कर ली है और उसे रिहा करके भारत भेजा जाना है। बाबर ने कहा, ‘‘अब उसे (सुरजीत सिंह) किसी भी तरह से जेल में रखना गैर कानूनी होगा।’’ उन्होंने कहा कि इस मामले में राष्ट्रपति जरदारी का कोई हवाला देना प्रसंग से हटकर बात करना होगा।टिप्पणियां सुरजीत सिंह फिलहाल लाहौर की कोट लखपत जेल में बंद है। वह बीते 30 साल से पाकिस्तान में कैद है। उसे सैन्य शासक जनरल जियाउल हक के समय भारत की सीमा के निकट से जासूसी के आरोप में पकड़ा गया था। सरबजीत (49) भी लाहौर स्थित कोट लखपत जेल में बंद है। उसे 1990 में पंजाब प्रांत में विस्फोट करने में शामिल रहने के आरोप में मौत की सजा सुनाई गई थी और वह बीते दो दशक से पाकिस्तान की जेल में बंद है। मंगलवार को पहले यह खबर आई थी कि पाकिस्तान सरबजीत सिंह को रिहा करने जा रहा है लेकिन बाद में राष्ट्रपति के प्रवक्ता ने सफाई दी कि अधिकारी सुरजीत सिंह की रिहाई की दिशा में काम कर रहे हैं। भारतीय विदेशमंत्री एसएस कृष्णा ने सरबजीत को छोड़े जाने की खबरों पर राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी को धन्यवाद भी दे दिया था। कृष्णा ने आज सुरजीत को रिहा किए जाने के पाक के फैसले का स्वागत किया लेकिन सरबजीत की रिहाई के लिए नए सिरे से अनुरोध किया। कृष्णा ने कहा, ‘‘मैंने पाकिस्तान की जेल से सुरजीत सिंह की जल्दी ही रिहाई की खबरें देखी हैं। मैं फैसले का स्वागत करता हूं और सरबजीत सिंह को रिहा करने के लिए पाकिस्तान के राष्ट्रपति से नए सिरे से अनुरोध करता हूं, जो दो दशक से अधिक समय से जेल में बंद है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जैसा कि आपको पता है कि भारत सरकार ने कई मौकों पर बार-बार पाकिस्तान की सरकार से सरबजीत सिंह के मामले में सहानुभूतिपूर्ण और मानवीय रुख अख्तियार करने को कहा है।’’ कृष्णा ने कहा, ‘‘मैं पाकिस्तान की सरकार से उन सभी भारतीय नागरिकों को भी रिहा करने की अपील करता हूं जिन्होंने अपनी कैद की सजा पूरी कर ली है। मैं पाकिस्तानी जेलों में कैद की सजा काट रहे सभी भारतीयों की रिहाई का अनुरोध करता हूं।’’ पाकिस्तानी चैनलों ने कल काफी देर तक सरबजीत की रिहाई से जुड़ी खबरें चलाई थीं लेकिन बाद में आधी रात को अचानक राष्ट्रपति के प्रवक्ता फरहतुल्ला बाबर ने कहा कि इस तरह के किसी फैसले से राष्ट्रपति का कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि कुछ भ्रम है। पहली बात यह है कि यह माफी देने का मामला नहीं है। सबसे अहम बात यह कि यह व्यक्ति सरबजीत सिंह नहीं, बल्कि सुरजीत सिंह बल्दियत सुचा सिंह है। उसकी सजा को 1989 में तत्कालीन प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की सलाह पर राष्ट्रपति गुलाम इसहाक खान ने तब्दील किया था।’’ बाबर के मुताबिक कानून मंत्री फारुक नाइक ने गृह मंत्रालय को इसकी सूचना दी थी कि सुरजीत सिंह ने उम्रकैद की सजा पूरी कर ली है और उसे रिहा करके भारत भेजा जाना है। बाबर ने कहा, ‘‘अब उसे (सुरजीत सिंह) किसी भी तरह से जेल में रखना गैर कानूनी होगा।’’ उन्होंने कहा कि इस मामले में राष्ट्रपति जरदारी का कोई हवाला देना प्रसंग से हटकर बात करना होगा।टिप्पणियां सुरजीत सिंह फिलहाल लाहौर की कोट लखपत जेल में बंद है। वह बीते 30 साल से पाकिस्तान में कैद है। उसे सैन्य शासक जनरल जियाउल हक के समय भारत की सीमा के निकट से जासूसी के आरोप में पकड़ा गया था। सरबजीत (49) भी लाहौर स्थित कोट लखपत जेल में बंद है। उसे 1990 में पंजाब प्रांत में विस्फोट करने में शामिल रहने के आरोप में मौत की सजा सुनाई गई थी और वह बीते दो दशक से पाकिस्तान की जेल में बंद है। भारतीय विदेशमंत्री एसएस कृष्णा ने सरबजीत को छोड़े जाने की खबरों पर राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी को धन्यवाद भी दे दिया था। कृष्णा ने आज सुरजीत को रिहा किए जाने के पाक के फैसले का स्वागत किया लेकिन सरबजीत की रिहाई के लिए नए सिरे से अनुरोध किया। कृष्णा ने कहा, ‘‘मैंने पाकिस्तान की जेल से सुरजीत सिंह की जल्दी ही रिहाई की खबरें देखी हैं। मैं फैसले का स्वागत करता हूं और सरबजीत सिंह को रिहा करने के लिए पाकिस्तान के राष्ट्रपति से नए सिरे से अनुरोध करता हूं, जो दो दशक से अधिक समय से जेल में बंद है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जैसा कि आपको पता है कि भारत सरकार ने कई मौकों पर बार-बार पाकिस्तान की सरकार से सरबजीत सिंह के मामले में सहानुभूतिपूर्ण और मानवीय रुख अख्तियार करने को कहा है।’’ कृष्णा ने कहा, ‘‘मैं पाकिस्तान की सरकार से उन सभी भारतीय नागरिकों को भी रिहा करने की अपील करता हूं जिन्होंने अपनी कैद की सजा पूरी कर ली है। मैं पाकिस्तानी जेलों में कैद की सजा काट रहे सभी भारतीयों की रिहाई का अनुरोध करता हूं।’’ पाकिस्तानी चैनलों ने कल काफी देर तक सरबजीत की रिहाई से जुड़ी खबरें चलाई थीं लेकिन बाद में आधी रात को अचानक राष्ट्रपति के प्रवक्ता फरहतुल्ला बाबर ने कहा कि इस तरह के किसी फैसले से राष्ट्रपति का कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि कुछ भ्रम है। पहली बात यह है कि यह माफी देने का मामला नहीं है। सबसे अहम बात यह कि यह व्यक्ति सरबजीत सिंह नहीं, बल्कि सुरजीत सिंह बल्दियत सुचा सिंह है। उसकी सजा को 1989 में तत्कालीन प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की सलाह पर राष्ट्रपति गुलाम इसहाक खान ने तब्दील किया था।’’ बाबर के मुताबिक कानून मंत्री फारुक नाइक ने गृह मंत्रालय को इसकी सूचना दी थी कि सुरजीत सिंह ने उम्रकैद की सजा पूरी कर ली है और उसे रिहा करके भारत भेजा जाना है। बाबर ने कहा, ‘‘अब उसे (सुरजीत सिंह) किसी भी तरह से जेल में रखना गैर कानूनी होगा।’’ उन्होंने कहा कि इस मामले में राष्ट्रपति जरदारी का कोई हवाला देना प्रसंग से हटकर बात करना होगा।टिप्पणियां सुरजीत सिंह फिलहाल लाहौर की कोट लखपत जेल में बंद है। वह बीते 30 साल से पाकिस्तान में कैद है। उसे सैन्य शासक जनरल जियाउल हक के समय भारत की सीमा के निकट से जासूसी के आरोप में पकड़ा गया था। सरबजीत (49) भी लाहौर स्थित कोट लखपत जेल में बंद है। उसे 1990 में पंजाब प्रांत में विस्फोट करने में शामिल रहने के आरोप में मौत की सजा सुनाई गई थी और वह बीते दो दशक से पाकिस्तान की जेल में बंद है। कृष्णा ने कहा, ‘‘मैंने पाकिस्तान की जेल से सुरजीत सिंह की जल्दी ही रिहाई की खबरें देखी हैं। मैं फैसले का स्वागत करता हूं और सरबजीत सिंह को रिहा करने के लिए पाकिस्तान के राष्ट्रपति से नए सिरे से अनुरोध करता हूं, जो दो दशक से अधिक समय से जेल में बंद है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जैसा कि आपको पता है कि भारत सरकार ने कई मौकों पर बार-बार पाकिस्तान की सरकार से सरबजीत सिंह के मामले में सहानुभूतिपूर्ण और मानवीय रुख अख्तियार करने को कहा है।’’ कृष्णा ने कहा, ‘‘मैं पाकिस्तान की सरकार से उन सभी भारतीय नागरिकों को भी रिहा करने की अपील करता हूं जिन्होंने अपनी कैद की सजा पूरी कर ली है। मैं पाकिस्तानी जेलों में कैद की सजा काट रहे सभी भारतीयों की रिहाई का अनुरोध करता हूं।’’ पाकिस्तानी चैनलों ने कल काफी देर तक सरबजीत की रिहाई से जुड़ी खबरें चलाई थीं लेकिन बाद में आधी रात को अचानक राष्ट्रपति के प्रवक्ता फरहतुल्ला बाबर ने कहा कि इस तरह के किसी फैसले से राष्ट्रपति का कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि कुछ भ्रम है। पहली बात यह है कि यह माफी देने का मामला नहीं है। सबसे अहम बात यह कि यह व्यक्ति सरबजीत सिंह नहीं, बल्कि सुरजीत सिंह बल्दियत सुचा सिंह है। उसकी सजा को 1989 में तत्कालीन प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की सलाह पर राष्ट्रपति गुलाम इसहाक खान ने तब्दील किया था।’’ बाबर के मुताबिक कानून मंत्री फारुक नाइक ने गृह मंत्रालय को इसकी सूचना दी थी कि सुरजीत सिंह ने उम्रकैद की सजा पूरी कर ली है और उसे रिहा करके भारत भेजा जाना है। बाबर ने कहा, ‘‘अब उसे (सुरजीत सिंह) किसी भी तरह से जेल में रखना गैर कानूनी होगा।’’ उन्होंने कहा कि इस मामले में राष्ट्रपति जरदारी का कोई हवाला देना प्रसंग से हटकर बात करना होगा।टिप्पणियां सुरजीत सिंह फिलहाल लाहौर की कोट लखपत जेल में बंद है। वह बीते 30 साल से पाकिस्तान में कैद है। उसे सैन्य शासक जनरल जियाउल हक के समय भारत की सीमा के निकट से जासूसी के आरोप में पकड़ा गया था। सरबजीत (49) भी लाहौर स्थित कोट लखपत जेल में बंद है। उसे 1990 में पंजाब प्रांत में विस्फोट करने में शामिल रहने के आरोप में मौत की सजा सुनाई गई थी और वह बीते दो दशक से पाकिस्तान की जेल में बंद है। कृष्णा ने कहा, ‘‘मैं पाकिस्तान की सरकार से उन सभी भारतीय नागरिकों को भी रिहा करने की अपील करता हूं जिन्होंने अपनी कैद की सजा पूरी कर ली है। मैं पाकिस्तानी जेलों में कैद की सजा काट रहे सभी भारतीयों की रिहाई का अनुरोध करता हूं।’’ पाकिस्तानी चैनलों ने कल काफी देर तक सरबजीत की रिहाई से जुड़ी खबरें चलाई थीं लेकिन बाद में आधी रात को अचानक राष्ट्रपति के प्रवक्ता फरहतुल्ला बाबर ने कहा कि इस तरह के किसी फैसले से राष्ट्रपति का कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि कुछ भ्रम है। पहली बात यह है कि यह माफी देने का मामला नहीं है। सबसे अहम बात यह कि यह व्यक्ति सरबजीत सिंह नहीं, बल्कि सुरजीत सिंह बल्दियत सुचा सिंह है। उसकी सजा को 1989 में तत्कालीन प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की सलाह पर राष्ट्रपति गुलाम इसहाक खान ने तब्दील किया था।’’ बाबर के मुताबिक कानून मंत्री फारुक नाइक ने गृह मंत्रालय को इसकी सूचना दी थी कि सुरजीत सिंह ने उम्रकैद की सजा पूरी कर ली है और उसे रिहा करके भारत भेजा जाना है। बाबर ने कहा, ‘‘अब उसे (सुरजीत सिंह) किसी भी तरह से जेल में रखना गैर कानूनी होगा।’’ उन्होंने कहा कि इस मामले में राष्ट्रपति जरदारी का कोई हवाला देना प्रसंग से हटकर बात करना होगा।टिप्पणियां सुरजीत सिंह फिलहाल लाहौर की कोट लखपत जेल में बंद है। वह बीते 30 साल से पाकिस्तान में कैद है। उसे सैन्य शासक जनरल जियाउल हक के समय भारत की सीमा के निकट से जासूसी के आरोप में पकड़ा गया था। सरबजीत (49) भी लाहौर स्थित कोट लखपत जेल में बंद है। उसे 1990 में पंजाब प्रांत में विस्फोट करने में शामिल रहने के आरोप में मौत की सजा सुनाई गई थी और वह बीते दो दशक से पाकिस्तान की जेल में बंद है। उन्होंने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि कुछ भ्रम है। पहली बात यह है कि यह माफी देने का मामला नहीं है। सबसे अहम बात यह कि यह व्यक्ति सरबजीत सिंह नहीं, बल्कि सुरजीत सिंह बल्दियत सुचा सिंह है। उसकी सजा को 1989 में तत्कालीन प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की सलाह पर राष्ट्रपति गुलाम इसहाक खान ने तब्दील किया था।’’ बाबर के मुताबिक कानून मंत्री फारुक नाइक ने गृह मंत्रालय को इसकी सूचना दी थी कि सुरजीत सिंह ने उम्रकैद की सजा पूरी कर ली है और उसे रिहा करके भारत भेजा जाना है। बाबर ने कहा, ‘‘अब उसे (सुरजीत सिंह) किसी भी तरह से जेल में रखना गैर कानूनी होगा।’’ उन्होंने कहा कि इस मामले में राष्ट्रपति जरदारी का कोई हवाला देना प्रसंग से हटकर बात करना होगा।टिप्पणियां सुरजीत सिंह फिलहाल लाहौर की कोट लखपत जेल में बंद है। वह बीते 30 साल से पाकिस्तान में कैद है। उसे सैन्य शासक जनरल जियाउल हक के समय भारत की सीमा के निकट से जासूसी के आरोप में पकड़ा गया था। सरबजीत (49) भी लाहौर स्थित कोट लखपत जेल में बंद है। उसे 1990 में पंजाब प्रांत में विस्फोट करने में शामिल रहने के आरोप में मौत की सजा सुनाई गई थी और वह बीते दो दशक से पाकिस्तान की जेल में बंद है। बाबर ने कहा, ‘‘अब उसे (सुरजीत सिंह) किसी भी तरह से जेल में रखना गैर कानूनी होगा।’’ उन्होंने कहा कि इस मामले में राष्ट्रपति जरदारी का कोई हवाला देना प्रसंग से हटकर बात करना होगा।टिप्पणियां सुरजीत सिंह फिलहाल लाहौर की कोट लखपत जेल में बंद है। वह बीते 30 साल से पाकिस्तान में कैद है। उसे सैन्य शासक जनरल जियाउल हक के समय भारत की सीमा के निकट से जासूसी के आरोप में पकड़ा गया था। सरबजीत (49) भी लाहौर स्थित कोट लखपत जेल में बंद है। उसे 1990 में पंजाब प्रांत में विस्फोट करने में शामिल रहने के आरोप में मौत की सजा सुनाई गई थी और वह बीते दो दशक से पाकिस्तान की जेल में बंद है। सुरजीत सिंह फिलहाल लाहौर की कोट लखपत जेल में बंद है। वह बीते 30 साल से पाकिस्तान में कैद है। उसे सैन्य शासक जनरल जियाउल हक के समय भारत की सीमा के निकट से जासूसी के आरोप में पकड़ा गया था। सरबजीत (49) भी लाहौर स्थित कोट लखपत जेल में बंद है। उसे 1990 में पंजाब प्रांत में विस्फोट करने में शामिल रहने के आरोप में मौत की सजा सुनाई गई थी और वह बीते दो दशक से पाकिस्तान की जेल में बंद है। सरबजीत (49) भी लाहौर स्थित कोट लखपत जेल में बंद है। उसे 1990 में पंजाब प्रांत में विस्फोट करने में शामिल रहने के आरोप में मौत की सजा सुनाई गई थी और वह बीते दो दशक से पाकिस्तान की जेल में बंद है।
यहाँ एक सारांश है:भारत ने आज पाकिस्तान से वहां के जेल में बंद भारतीय कैदी सरबजीत को छोड़ने का अनुरोध किया है।
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: गणेशोत्सव की आज से धूमधाम के साथ शुरुआत होने के बाद जूनी इंदौर क्षेत्र के चिंतामन गणेश मंदिर में घंटे-घड़ियाल कम और मोबाइल फोन की घंटियां ज्यादा बज रही हैं। आस्था की अनोखी तरंगों से प्रेरित ये कॉल खुद चिंतामन गणेश के लिए आ रहे हैं, जिनके नवाचारी भक्तों ने भागादौड़ी के इस दौर में भगवान तक अपने दिल की बात पहुंचाने के लिए मोबाइल फोन का आसान जरिया खोज लिया है। दस दिवसीय गणेशोत्सव के दौरान चिंतामन गणेश का नंबर मिलना खासा मुश्किल है, क्योंकि दुनियाभर में फैले भक्त उन्हें फोन करके मुरादें मांग रहे हैं। भक्तों के भगवान को फोन करने की प्रथा पर तर्कवादी बेशक सवाल उठा सकते हैं. लेकिन भाव-भक्ति के इस अजब-गजब संवाद के तार आस्था की दिलचस्प कहानियों से जुड़े हैं। मंदिर के पुजारी अशोक पाठक ने बताया, वैसे चिंतामन गणेश को उनके भक्त करीब चार दशक से चिट्ठियां लिख रहे हैं। मगर संचार के हाईटेक युग में वर्ष 2005 से भक्तों ने भगवान तक अपनी मुरादें पहुंचाने के लिए मोबाइल फोन का सहारा लेना शुरू कर दिया। उन्होंने बताया कि जब भी कोई व्यक्ति मोबाइल फोन पर चिंतामण गणेश से ‘बात करने की’ इच्छा जताता है, वह फोन को सीधे भगवान की मूर्ति के पास ले जाते हैं और उन तक भक्त का संदेश पहुंचा देते हैं। पाठक बताते हैं कि कोई 1,200 साल पुराने परमारकालीन मंदिर में विराजे चिंतामण गणेश को फोन करने की अनूठी परंपरा तब शुरू हुई, जब इंदौर से ताल्लुक रखने वाला एक भक्त जर्मनी में बस गया। यह भक्त हजारों मील के फासले से भगवान को नियमित तौर पर चिट्ठियां लिखा करता था। एक बार उसने मंदिर के पुजारी को फोन किया। उसने कहा कि अब वह फोन के जरिये गणेश तक अपना संदेश पहुंचाना चाहता है।टिप्पणियां भक्त की भावनाओं का मान रखते हुए उसकी इच्छा पूरी की गई। इसके बाद से आस्था का यह अजब-गजब सिलसिला चल पड़ा, जो आज तक जारी है। मंदिर के पुजारी ने बताया, आम तौर पर चिंतामण गणेश को हर महीने औसतन 150 भक्त फोन करते हैं, लेकिन गणेशोत्सव में आपको भगवान का मोबाइल नंबर लगातार व्यस्त मिलेगा। इस दौरान उन्हें दुनियाभर से करीब 200 भक्त हर रोज फोन करते हैं। पाठक के मुताबिक, गणेश के भक्त उनसे किसी अंतरंग मित्र की तरह लम्बी बात करते हैं और भगवान के सामने अपना दिल खोलकर रख देते हैं। उन्होंने बताया कि इस गणेशोत्सव में ऐसे भक्तों की तादाद ज्यादा है, जो भगवान से अच्छी शिक्षा और बढ़िया पगार वाली नौकरी दिलाने की दुआ मांग रहे हैं। उन गणेश भक्तों की तादाद भी कम नहीं है, जो भगवान के सामने अपनी या अपने सगे-संबंधी की शादी कराने की गुहार लगा रहे हैं। आस्था की अनोखी तरंगों से प्रेरित ये कॉल खुद चिंतामन गणेश के लिए आ रहे हैं, जिनके नवाचारी भक्तों ने भागादौड़ी के इस दौर में भगवान तक अपने दिल की बात पहुंचाने के लिए मोबाइल फोन का आसान जरिया खोज लिया है। दस दिवसीय गणेशोत्सव के दौरान चिंतामन गणेश का नंबर मिलना खासा मुश्किल है, क्योंकि दुनियाभर में फैले भक्त उन्हें फोन करके मुरादें मांग रहे हैं। भक्तों के भगवान को फोन करने की प्रथा पर तर्कवादी बेशक सवाल उठा सकते हैं. लेकिन भाव-भक्ति के इस अजब-गजब संवाद के तार आस्था की दिलचस्प कहानियों से जुड़े हैं। मंदिर के पुजारी अशोक पाठक ने बताया, वैसे चिंतामन गणेश को उनके भक्त करीब चार दशक से चिट्ठियां लिख रहे हैं। मगर संचार के हाईटेक युग में वर्ष 2005 से भक्तों ने भगवान तक अपनी मुरादें पहुंचाने के लिए मोबाइल फोन का सहारा लेना शुरू कर दिया। उन्होंने बताया कि जब भी कोई व्यक्ति मोबाइल फोन पर चिंतामण गणेश से ‘बात करने की’ इच्छा जताता है, वह फोन को सीधे भगवान की मूर्ति के पास ले जाते हैं और उन तक भक्त का संदेश पहुंचा देते हैं। पाठक बताते हैं कि कोई 1,200 साल पुराने परमारकालीन मंदिर में विराजे चिंतामण गणेश को फोन करने की अनूठी परंपरा तब शुरू हुई, जब इंदौर से ताल्लुक रखने वाला एक भक्त जर्मनी में बस गया। यह भक्त हजारों मील के फासले से भगवान को नियमित तौर पर चिट्ठियां लिखा करता था। एक बार उसने मंदिर के पुजारी को फोन किया। उसने कहा कि अब वह फोन के जरिये गणेश तक अपना संदेश पहुंचाना चाहता है।टिप्पणियां भक्त की भावनाओं का मान रखते हुए उसकी इच्छा पूरी की गई। इसके बाद से आस्था का यह अजब-गजब सिलसिला चल पड़ा, जो आज तक जारी है। मंदिर के पुजारी ने बताया, आम तौर पर चिंतामण गणेश को हर महीने औसतन 150 भक्त फोन करते हैं, लेकिन गणेशोत्सव में आपको भगवान का मोबाइल नंबर लगातार व्यस्त मिलेगा। इस दौरान उन्हें दुनियाभर से करीब 200 भक्त हर रोज फोन करते हैं। पाठक के मुताबिक, गणेश के भक्त उनसे किसी अंतरंग मित्र की तरह लम्बी बात करते हैं और भगवान के सामने अपना दिल खोलकर रख देते हैं। उन्होंने बताया कि इस गणेशोत्सव में ऐसे भक्तों की तादाद ज्यादा है, जो भगवान से अच्छी शिक्षा और बढ़िया पगार वाली नौकरी दिलाने की दुआ मांग रहे हैं। उन गणेश भक्तों की तादाद भी कम नहीं है, जो भगवान के सामने अपनी या अपने सगे-संबंधी की शादी कराने की गुहार लगा रहे हैं। दस दिवसीय गणेशोत्सव के दौरान चिंतामन गणेश का नंबर मिलना खासा मुश्किल है, क्योंकि दुनियाभर में फैले भक्त उन्हें फोन करके मुरादें मांग रहे हैं। भक्तों के भगवान को फोन करने की प्रथा पर तर्कवादी बेशक सवाल उठा सकते हैं. लेकिन भाव-भक्ति के इस अजब-गजब संवाद के तार आस्था की दिलचस्प कहानियों से जुड़े हैं। मंदिर के पुजारी अशोक पाठक ने बताया, वैसे चिंतामन गणेश को उनके भक्त करीब चार दशक से चिट्ठियां लिख रहे हैं। मगर संचार के हाईटेक युग में वर्ष 2005 से भक्तों ने भगवान तक अपनी मुरादें पहुंचाने के लिए मोबाइल फोन का सहारा लेना शुरू कर दिया। उन्होंने बताया कि जब भी कोई व्यक्ति मोबाइल फोन पर चिंतामण गणेश से ‘बात करने की’ इच्छा जताता है, वह फोन को सीधे भगवान की मूर्ति के पास ले जाते हैं और उन तक भक्त का संदेश पहुंचा देते हैं। पाठक बताते हैं कि कोई 1,200 साल पुराने परमारकालीन मंदिर में विराजे चिंतामण गणेश को फोन करने की अनूठी परंपरा तब शुरू हुई, जब इंदौर से ताल्लुक रखने वाला एक भक्त जर्मनी में बस गया। यह भक्त हजारों मील के फासले से भगवान को नियमित तौर पर चिट्ठियां लिखा करता था। एक बार उसने मंदिर के पुजारी को फोन किया। उसने कहा कि अब वह फोन के जरिये गणेश तक अपना संदेश पहुंचाना चाहता है।टिप्पणियां भक्त की भावनाओं का मान रखते हुए उसकी इच्छा पूरी की गई। इसके बाद से आस्था का यह अजब-गजब सिलसिला चल पड़ा, जो आज तक जारी है। मंदिर के पुजारी ने बताया, आम तौर पर चिंतामण गणेश को हर महीने औसतन 150 भक्त फोन करते हैं, लेकिन गणेशोत्सव में आपको भगवान का मोबाइल नंबर लगातार व्यस्त मिलेगा। इस दौरान उन्हें दुनियाभर से करीब 200 भक्त हर रोज फोन करते हैं। पाठक के मुताबिक, गणेश के भक्त उनसे किसी अंतरंग मित्र की तरह लम्बी बात करते हैं और भगवान के सामने अपना दिल खोलकर रख देते हैं। उन्होंने बताया कि इस गणेशोत्सव में ऐसे भक्तों की तादाद ज्यादा है, जो भगवान से अच्छी शिक्षा और बढ़िया पगार वाली नौकरी दिलाने की दुआ मांग रहे हैं। उन गणेश भक्तों की तादाद भी कम नहीं है, जो भगवान के सामने अपनी या अपने सगे-संबंधी की शादी कराने की गुहार लगा रहे हैं। मंदिर के पुजारी अशोक पाठक ने बताया, वैसे चिंतामन गणेश को उनके भक्त करीब चार दशक से चिट्ठियां लिख रहे हैं। मगर संचार के हाईटेक युग में वर्ष 2005 से भक्तों ने भगवान तक अपनी मुरादें पहुंचाने के लिए मोबाइल फोन का सहारा लेना शुरू कर दिया। उन्होंने बताया कि जब भी कोई व्यक्ति मोबाइल फोन पर चिंतामण गणेश से ‘बात करने की’ इच्छा जताता है, वह फोन को सीधे भगवान की मूर्ति के पास ले जाते हैं और उन तक भक्त का संदेश पहुंचा देते हैं। पाठक बताते हैं कि कोई 1,200 साल पुराने परमारकालीन मंदिर में विराजे चिंतामण गणेश को फोन करने की अनूठी परंपरा तब शुरू हुई, जब इंदौर से ताल्लुक रखने वाला एक भक्त जर्मनी में बस गया। यह भक्त हजारों मील के फासले से भगवान को नियमित तौर पर चिट्ठियां लिखा करता था। एक बार उसने मंदिर के पुजारी को फोन किया। उसने कहा कि अब वह फोन के जरिये गणेश तक अपना संदेश पहुंचाना चाहता है।टिप्पणियां भक्त की भावनाओं का मान रखते हुए उसकी इच्छा पूरी की गई। इसके बाद से आस्था का यह अजब-गजब सिलसिला चल पड़ा, जो आज तक जारी है। मंदिर के पुजारी ने बताया, आम तौर पर चिंतामण गणेश को हर महीने औसतन 150 भक्त फोन करते हैं, लेकिन गणेशोत्सव में आपको भगवान का मोबाइल नंबर लगातार व्यस्त मिलेगा। इस दौरान उन्हें दुनियाभर से करीब 200 भक्त हर रोज फोन करते हैं। पाठक के मुताबिक, गणेश के भक्त उनसे किसी अंतरंग मित्र की तरह लम्बी बात करते हैं और भगवान के सामने अपना दिल खोलकर रख देते हैं। उन्होंने बताया कि इस गणेशोत्सव में ऐसे भक्तों की तादाद ज्यादा है, जो भगवान से अच्छी शिक्षा और बढ़िया पगार वाली नौकरी दिलाने की दुआ मांग रहे हैं। उन गणेश भक्तों की तादाद भी कम नहीं है, जो भगवान के सामने अपनी या अपने सगे-संबंधी की शादी कराने की गुहार लगा रहे हैं। पाठक बताते हैं कि कोई 1,200 साल पुराने परमारकालीन मंदिर में विराजे चिंतामण गणेश को फोन करने की अनूठी परंपरा तब शुरू हुई, जब इंदौर से ताल्लुक रखने वाला एक भक्त जर्मनी में बस गया। यह भक्त हजारों मील के फासले से भगवान को नियमित तौर पर चिट्ठियां लिखा करता था। एक बार उसने मंदिर के पुजारी को फोन किया। उसने कहा कि अब वह फोन के जरिये गणेश तक अपना संदेश पहुंचाना चाहता है।टिप्पणियां भक्त की भावनाओं का मान रखते हुए उसकी इच्छा पूरी की गई। इसके बाद से आस्था का यह अजब-गजब सिलसिला चल पड़ा, जो आज तक जारी है। मंदिर के पुजारी ने बताया, आम तौर पर चिंतामण गणेश को हर महीने औसतन 150 भक्त फोन करते हैं, लेकिन गणेशोत्सव में आपको भगवान का मोबाइल नंबर लगातार व्यस्त मिलेगा। इस दौरान उन्हें दुनियाभर से करीब 200 भक्त हर रोज फोन करते हैं। पाठक के मुताबिक, गणेश के भक्त उनसे किसी अंतरंग मित्र की तरह लम्बी बात करते हैं और भगवान के सामने अपना दिल खोलकर रख देते हैं। उन्होंने बताया कि इस गणेशोत्सव में ऐसे भक्तों की तादाद ज्यादा है, जो भगवान से अच्छी शिक्षा और बढ़िया पगार वाली नौकरी दिलाने की दुआ मांग रहे हैं। उन गणेश भक्तों की तादाद भी कम नहीं है, जो भगवान के सामने अपनी या अपने सगे-संबंधी की शादी कराने की गुहार लगा रहे हैं। भक्त की भावनाओं का मान रखते हुए उसकी इच्छा पूरी की गई। इसके बाद से आस्था का यह अजब-गजब सिलसिला चल पड़ा, जो आज तक जारी है। मंदिर के पुजारी ने बताया, आम तौर पर चिंतामण गणेश को हर महीने औसतन 150 भक्त फोन करते हैं, लेकिन गणेशोत्सव में आपको भगवान का मोबाइल नंबर लगातार व्यस्त मिलेगा। इस दौरान उन्हें दुनियाभर से करीब 200 भक्त हर रोज फोन करते हैं। पाठक के मुताबिक, गणेश के भक्त उनसे किसी अंतरंग मित्र की तरह लम्बी बात करते हैं और भगवान के सामने अपना दिल खोलकर रख देते हैं। उन्होंने बताया कि इस गणेशोत्सव में ऐसे भक्तों की तादाद ज्यादा है, जो भगवान से अच्छी शिक्षा और बढ़िया पगार वाली नौकरी दिलाने की दुआ मांग रहे हैं। उन गणेश भक्तों की तादाद भी कम नहीं है, जो भगवान के सामने अपनी या अपने सगे-संबंधी की शादी कराने की गुहार लगा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस गणेशोत्सव में ऐसे भक्तों की तादाद ज्यादा है, जो भगवान से अच्छी शिक्षा और बढ़िया पगार वाली नौकरी दिलाने की दुआ मांग रहे हैं। उन गणेश भक्तों की तादाद भी कम नहीं है, जो भगवान के सामने अपनी या अपने सगे-संबंधी की शादी कराने की गुहार लगा रहे हैं।
यह एक सारांश है: गणेशोत्सव की आज से धूमधाम के साथ शुरुआत होने के बाद जूनी इंदौर क्षेत्र के चिंतामन गणेश मंदिर में घंटे-घड़ियाल कम और मोबाइल फोन की घंटियां ज्यादा बज रही हैं।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: रिजर्व बैंक ने आज लोगों से कहा कि वे नकदी को घर में जमा नहीं करें क्योंकि नोट की पर्याप्त आपूर्ति है और इसकी कोई तंगी नहीं है. हालांकि, दूसरी तरफ देश भर में बैंक 1,000 और 500 रुपये के नोट पर पाबंदी के बाद उसे बदलने के लिए उमड़ी भीड़ को काबू करने में संघर्ष करते नजर आए. इस बीच, सरकार ने किसानों तथा उन परिवारों के लिए नकदी निकासी में ढील दी है जिनके घर में शादी है. लेकिन दूसरी तरफ बैंक काउंटर पर नोट बदलने की सीमा आधे से ज्यादा घटाकर 2,000 रुपये कर दी है. केंद्रीय बैंक के बयान में कहा गया है, ‘‘भारतीय रिजर्व बैंक एक बार फिर आज यह स्पष्ट करता है कि दो महीने पहले शुरू हुई मुद्रा की छपाई बढ़ने के साथ नोटों की पर्याप्त आपूर्ति है. लोगों से अनुरोध है कि वे घबराएं नहीं और घरों में धन जमा न करें.’’टिप्पणियां पांच सौ रुपये की निकासी के लिए एटीएम दुरुस्त किए जाने के बाद भी इन मशीनों में नकदी की कमी बनी हुई है. इसका कारण निकासी को लेकर खासा दबाव है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) हालांकि, दूसरी तरफ देश भर में बैंक 1,000 और 500 रुपये के नोट पर पाबंदी के बाद उसे बदलने के लिए उमड़ी भीड़ को काबू करने में संघर्ष करते नजर आए. इस बीच, सरकार ने किसानों तथा उन परिवारों के लिए नकदी निकासी में ढील दी है जिनके घर में शादी है. लेकिन दूसरी तरफ बैंक काउंटर पर नोट बदलने की सीमा आधे से ज्यादा घटाकर 2,000 रुपये कर दी है. केंद्रीय बैंक के बयान में कहा गया है, ‘‘भारतीय रिजर्व बैंक एक बार फिर आज यह स्पष्ट करता है कि दो महीने पहले शुरू हुई मुद्रा की छपाई बढ़ने के साथ नोटों की पर्याप्त आपूर्ति है. लोगों से अनुरोध है कि वे घबराएं नहीं और घरों में धन जमा न करें.’’टिप्पणियां पांच सौ रुपये की निकासी के लिए एटीएम दुरुस्त किए जाने के बाद भी इन मशीनों में नकदी की कमी बनी हुई है. इसका कारण निकासी को लेकर खासा दबाव है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इस बीच, सरकार ने किसानों तथा उन परिवारों के लिए नकदी निकासी में ढील दी है जिनके घर में शादी है. लेकिन दूसरी तरफ बैंक काउंटर पर नोट बदलने की सीमा आधे से ज्यादा घटाकर 2,000 रुपये कर दी है. केंद्रीय बैंक के बयान में कहा गया है, ‘‘भारतीय रिजर्व बैंक एक बार फिर आज यह स्पष्ट करता है कि दो महीने पहले शुरू हुई मुद्रा की छपाई बढ़ने के साथ नोटों की पर्याप्त आपूर्ति है. लोगों से अनुरोध है कि वे घबराएं नहीं और घरों में धन जमा न करें.’’टिप्पणियां पांच सौ रुपये की निकासी के लिए एटीएम दुरुस्त किए जाने के बाद भी इन मशीनों में नकदी की कमी बनी हुई है. इसका कारण निकासी को लेकर खासा दबाव है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) केंद्रीय बैंक के बयान में कहा गया है, ‘‘भारतीय रिजर्व बैंक एक बार फिर आज यह स्पष्ट करता है कि दो महीने पहले शुरू हुई मुद्रा की छपाई बढ़ने के साथ नोटों की पर्याप्त आपूर्ति है. लोगों से अनुरोध है कि वे घबराएं नहीं और घरों में धन जमा न करें.’’टिप्पणियां पांच सौ रुपये की निकासी के लिए एटीएम दुरुस्त किए जाने के बाद भी इन मशीनों में नकदी की कमी बनी हुई है. इसका कारण निकासी को लेकर खासा दबाव है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पांच सौ रुपये की निकासी के लिए एटीएम दुरुस्त किए जाने के बाद भी इन मशीनों में नकदी की कमी बनी हुई है. इसका कारण निकासी को लेकर खासा दबाव है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यहाँ एक सारांश है:बैंकों में 1,000 और 500 रुपये के नोट बदलने के लिए भारी भीड़ मुद्रा की छपाई बढ़ने के साथ नोटों की पर्याप्त आपूर्ति रिजर्व बैंक ने लोगों से अनुरोध किया है कि वे घबराएं नहीं
18
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: जम्मू कश्मीर की राजधानी श्रीनगर से करीब 83 किलोमीटर दूर कोकरनाग में भीड़ ने उस घर को आग के हवाले कर दिया, जिसमें बीते शुक्रवार को सुरक्षा बलों के साथ गोलीबारी में हिज्बुल मुजाहिदीन का कमांडर बुरहान वानी और उसके दो साथी मारे गए थे। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि भारी भीड़ ने बमदूरा में मंजूर अहमद के घर पर हमला कर उसमें आग लगा दी। मंजूर को मारे गए एक आतंकवादी का रिश्तेदार बताया जाता है। जाहिर तौर पर घर को इसलिए जला दिया गया, क्योंकि भीड़ को लगा कि बुरहान की वहां मौजूदगी की जानकारी सुरक्षा बलों को घर में रहने वाले लोगों से ही मिली थी। अधिकारी के मुताबिक भीड़ ने सेबों के एक घने बाग को भी तबाह कर दिया। अधिकारी ने कहा कि इलाके में हालात बहुत तनावपूर्ण हैं और अधिकारी उस पर नजर रख रहे हैं। सुरक्षा बलों ने बीते शुक्रवार 21 साल के बुरहान और दो अन्य आतंकवादियों को मुठभेड़ में मार गिराया था। आतंकवादियों की एक घर में मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद सुरक्षा बल के जवान गांव में आए थे। सुरक्षा बलों को हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकी सरताज की मौजूदगी की खबर मिली थी, जिससे बुरहान के भी मौजूद होने की उम्मीद लगी। इससे पहले खुफिया जानकारी मिली थी कि दोनों साथ ही आते-जाते हैं। टिप्पणियां मुठभेड़ खत्म होने के बाद तीन मृत आतंकवादियों में बुरहान के शव को देखकर सुरक्षा बलों को खुशी हुई थी, जो सोशल नेटवर्किंग वेबसाइटों पर कुछ वीडियो और तस्वीरों से मशहूर होने लगा था, जिनमें युवाओं से आतंकवाद में शामिल होने के लिए कहा जाता था। अधिकारी ने बताया कि दक्षिण कश्मीर में काइमो कुलगाम और खुदवानी से, उत्तर कश्मीर में त्रेहगाम, लालपुरा, बट्टेरगाम, कुपवाड़ा, हेहामा, हतमुल्ला, वारपुरा, सोपोर, आरामपुरा, सीमेंट ब्रिज, बारामूला और पाल्हालन से, बडगाम के सुजैथ और नरबल से तथा श्रीनगर के हाबकादल में पारिमपुरा और चिंकराल मोहल्ला से पथराव की कुछ छिटपुट घटनाओं की खबरें हैं। उन्होंने कहा कि हालांकि संघर्ष में किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि भारी भीड़ ने बमदूरा में मंजूर अहमद के घर पर हमला कर उसमें आग लगा दी। मंजूर को मारे गए एक आतंकवादी का रिश्तेदार बताया जाता है। जाहिर तौर पर घर को इसलिए जला दिया गया, क्योंकि भीड़ को लगा कि बुरहान की वहां मौजूदगी की जानकारी सुरक्षा बलों को घर में रहने वाले लोगों से ही मिली थी। अधिकारी के मुताबिक भीड़ ने सेबों के एक घने बाग को भी तबाह कर दिया। अधिकारी ने कहा कि इलाके में हालात बहुत तनावपूर्ण हैं और अधिकारी उस पर नजर रख रहे हैं। सुरक्षा बलों ने बीते शुक्रवार 21 साल के बुरहान और दो अन्य आतंकवादियों को मुठभेड़ में मार गिराया था। आतंकवादियों की एक घर में मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद सुरक्षा बल के जवान गांव में आए थे। सुरक्षा बलों को हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकी सरताज की मौजूदगी की खबर मिली थी, जिससे बुरहान के भी मौजूद होने की उम्मीद लगी। इससे पहले खुफिया जानकारी मिली थी कि दोनों साथ ही आते-जाते हैं। टिप्पणियां मुठभेड़ खत्म होने के बाद तीन मृत आतंकवादियों में बुरहान के शव को देखकर सुरक्षा बलों को खुशी हुई थी, जो सोशल नेटवर्किंग वेबसाइटों पर कुछ वीडियो और तस्वीरों से मशहूर होने लगा था, जिनमें युवाओं से आतंकवाद में शामिल होने के लिए कहा जाता था। अधिकारी ने बताया कि दक्षिण कश्मीर में काइमो कुलगाम और खुदवानी से, उत्तर कश्मीर में त्रेहगाम, लालपुरा, बट्टेरगाम, कुपवाड़ा, हेहामा, हतमुल्ला, वारपुरा, सोपोर, आरामपुरा, सीमेंट ब्रिज, बारामूला और पाल्हालन से, बडगाम के सुजैथ और नरबल से तथा श्रीनगर के हाबकादल में पारिमपुरा और चिंकराल मोहल्ला से पथराव की कुछ छिटपुट घटनाओं की खबरें हैं। उन्होंने कहा कि हालांकि संघर्ष में किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) अधिकारी के मुताबिक भीड़ ने सेबों के एक घने बाग को भी तबाह कर दिया। अधिकारी ने कहा कि इलाके में हालात बहुत तनावपूर्ण हैं और अधिकारी उस पर नजर रख रहे हैं। सुरक्षा बलों ने बीते शुक्रवार 21 साल के बुरहान और दो अन्य आतंकवादियों को मुठभेड़ में मार गिराया था। आतंकवादियों की एक घर में मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद सुरक्षा बल के जवान गांव में आए थे। सुरक्षा बलों को हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकी सरताज की मौजूदगी की खबर मिली थी, जिससे बुरहान के भी मौजूद होने की उम्मीद लगी। इससे पहले खुफिया जानकारी मिली थी कि दोनों साथ ही आते-जाते हैं। टिप्पणियां मुठभेड़ खत्म होने के बाद तीन मृत आतंकवादियों में बुरहान के शव को देखकर सुरक्षा बलों को खुशी हुई थी, जो सोशल नेटवर्किंग वेबसाइटों पर कुछ वीडियो और तस्वीरों से मशहूर होने लगा था, जिनमें युवाओं से आतंकवाद में शामिल होने के लिए कहा जाता था। अधिकारी ने बताया कि दक्षिण कश्मीर में काइमो कुलगाम और खुदवानी से, उत्तर कश्मीर में त्रेहगाम, लालपुरा, बट्टेरगाम, कुपवाड़ा, हेहामा, हतमुल्ला, वारपुरा, सोपोर, आरामपुरा, सीमेंट ब्रिज, बारामूला और पाल्हालन से, बडगाम के सुजैथ और नरबल से तथा श्रीनगर के हाबकादल में पारिमपुरा और चिंकराल मोहल्ला से पथराव की कुछ छिटपुट घटनाओं की खबरें हैं। उन्होंने कहा कि हालांकि संघर्ष में किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सुरक्षा बलों ने बीते शुक्रवार 21 साल के बुरहान और दो अन्य आतंकवादियों को मुठभेड़ में मार गिराया था। आतंकवादियों की एक घर में मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद सुरक्षा बल के जवान गांव में आए थे। सुरक्षा बलों को हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकी सरताज की मौजूदगी की खबर मिली थी, जिससे बुरहान के भी मौजूद होने की उम्मीद लगी। इससे पहले खुफिया जानकारी मिली थी कि दोनों साथ ही आते-जाते हैं। टिप्पणियां मुठभेड़ खत्म होने के बाद तीन मृत आतंकवादियों में बुरहान के शव को देखकर सुरक्षा बलों को खुशी हुई थी, जो सोशल नेटवर्किंग वेबसाइटों पर कुछ वीडियो और तस्वीरों से मशहूर होने लगा था, जिनमें युवाओं से आतंकवाद में शामिल होने के लिए कहा जाता था। अधिकारी ने बताया कि दक्षिण कश्मीर में काइमो कुलगाम और खुदवानी से, उत्तर कश्मीर में त्रेहगाम, लालपुरा, बट्टेरगाम, कुपवाड़ा, हेहामा, हतमुल्ला, वारपुरा, सोपोर, आरामपुरा, सीमेंट ब्रिज, बारामूला और पाल्हालन से, बडगाम के सुजैथ और नरबल से तथा श्रीनगर के हाबकादल में पारिमपुरा और चिंकराल मोहल्ला से पथराव की कुछ छिटपुट घटनाओं की खबरें हैं। उन्होंने कहा कि हालांकि संघर्ष में किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) मुठभेड़ खत्म होने के बाद तीन मृत आतंकवादियों में बुरहान के शव को देखकर सुरक्षा बलों को खुशी हुई थी, जो सोशल नेटवर्किंग वेबसाइटों पर कुछ वीडियो और तस्वीरों से मशहूर होने लगा था, जिनमें युवाओं से आतंकवाद में शामिल होने के लिए कहा जाता था। अधिकारी ने बताया कि दक्षिण कश्मीर में काइमो कुलगाम और खुदवानी से, उत्तर कश्मीर में त्रेहगाम, लालपुरा, बट्टेरगाम, कुपवाड़ा, हेहामा, हतमुल्ला, वारपुरा, सोपोर, आरामपुरा, सीमेंट ब्रिज, बारामूला और पाल्हालन से, बडगाम के सुजैथ और नरबल से तथा श्रीनगर के हाबकादल में पारिमपुरा और चिंकराल मोहल्ला से पथराव की कुछ छिटपुट घटनाओं की खबरें हैं। उन्होंने कहा कि हालांकि संघर्ष में किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त पाठ: बुरहान सोशल साइटों के जरिये युवाओं को आतंकवाद की ओर आकर्षित करता था सुरक्षा बलों ने बीते शुक्रवार बुरहान और दो अन्य आतंकियों को मार गिराया था उसकी मौत के बाद से कश्मीर घाटी में स्थिति काफी तनावपूर्ण बनी हुई है
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: दुनिया की प्रतिष्ठित मैगजीन 'टाइम' ने अपने कवर पेज पर अभिनेता आमिर खान की तस्वीर छापी है। आमिर इन दिनों अपने टीवी शो 'सत्यमेव जयते' के लिए सुर्खियों में छाए हुए हैं। आमिर के टीवी शो में कन्या भ्रूण हत्या और मेडिकल क्षेत्र में फैले भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को उठाया गया था। खान के शो की पूरे देश में काफी तारीफ हुई है और लोगों ने भी इसे काफी पसंद किया। कवर पेज का कैप्शन है 'खान्स क्वेस्ट' आमिर से पहले परवीन बॉबी और ऐश्वर्या राय बच्चन की तस्वीर 'टाइम' के कवर पेज पर छपी थी। आमिर के टीवी शो में कन्या भ्रूण हत्या और मेडिकल क्षेत्र में फैले भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को उठाया गया था। खान के शो की पूरे देश में काफी तारीफ हुई है और लोगों ने भी इसे काफी पसंद किया। कवर पेज का कैप्शन है 'खान्स क्वेस्ट' आमिर से पहले परवीन बॉबी और ऐश्वर्या राय बच्चन की तस्वीर 'टाइम' के कवर पेज पर छपी थी।
यह एक सारांश है: दुनिया की प्रतिष्ठित मैगजीन 'टाइम' ने अपने कवर पेज पर अभिनेता आमिर खान की तस्वीर छापी है। आमिर इन दिनों अपने टीवी शो 'सत्यमेव जयते' के लिए सुर्खियों में छाए हुए हैं।
2
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: दबावों के बावजूद अपने रुख पर कायम रहते हुए भारत ने संयुक्त राष्ट्र में सदस्यता पाने के फिलीस्तीन के दावे समर्थन किया और ईरान के साथ अपने सम्बंधों के लिए प्रतिबद्धता दोहराई। इन दोनों ही मसलों पर उसकी राय अमेरिका से बिल्कुल अलग है।  अमेरिकी विरोध के बावजूद भारत ने फिलीस्तीन के अनुरोध का समर्थन फिलीस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास द्वारा शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र में एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में अपने देश की सदस्यता की दावेदारी किए जाने के चंद घंटे बाद व्यक्त किया। भारतीय विदेश सचिव रंजन मथाई ने शुक्रवार को इस बात के संकेत दिए कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने सम्बोधन के दौरान फिलीस्तीन की इस मांग का समर्थन कर सकते हैं। मथाई ने प्रधानमंत्री के भाषण के प्रति पूर्वावलोकन करने से इंकार करने के बावजूद उन्होंने कहा, "फिलीस्तीन के बारे में हमारा रुख स्पष्ट है। यह सर्वविदित है कि हमने 1988 में ही फिलीस्तीन को अलग राष्ट्र के रूप में मान्यता दे दी थी। यदि हम अपना रुख दोहराते हैं तो इसमें आश्चर्य नहीं होना चाहिए।" उन्होंने बताया कि अब्बास की इस ऐतिहासिक दावेदारी के कुछ घंटे बाद हुई मनमोहन सिंह व ईरानी राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद की मुलाकात में दोनों नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र में फिलीस्तीन की सदस्यता के लिए उसकी ओर से किए जा रहे प्रयासों का समर्थन दोहराया। इसी तरह, संयुक्त राष्ट्र महासभा में ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद के आक्रामक भाषण के एक दिन बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने ईरान के साथ करीबी सम्बंधों के लिए प्रतिबद्धता दोहराते हुए उनसे भेंट की। महासभा में अहमदीनेजाद के भाषण के दौरान अमेरिका की अगुवाई वाले पश्चिमी देशों के प्रतिनिधि बाहर चले गए थे। भारत के विदेश सचिव रंजन मथाई ने शुक्रवार को संवाददाताओं को बताया, "यह मुलाकात पूर्व निर्धारित थी और यह मुख्य रूप से द्विपक्षीय सम्बंधों पर केंद्रित थी।" संवाददाताओं ने मथाई से जानना चाहा था कि भारत द्वारा फिलीस्तीन का समर्थन करने और अहमदीनेजाद से मुलाकात करने का अमेरिका के साथ उसके रिश्तों पर असर पड़ेगा। मथाई ने कहा कि अहमदीनेजाद से मुलाकात, फिलीस्तीन का समर्थन करने तथा अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा से मुलाकात न करने का अर्थ भारत और अमेरिका के रिश्तों में ठंडापन आने का संकेत नहीं है। अन्य भारतीय अधिकारियों की तरह मथाई ने भी मनमोहन सिंह और ओबामा की मुलाकात न हो पाने की वजह बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री, ओबामा के न्यूयार्क से रवाना हो जाने के बाद यहां पहुंचे हैं। लेकिन सोमवार को मनमोहन सिंह के स्वदेश रवाना हो जाने के बाद उसी दिन भारत और अमेरिका के विदेश मंत्रियों की वार्ता हो सकती है।
भारत ने संयुक्त राष्ट्र में सदस्यता पाने के फिलीस्तीन के दावे समर्थन किया और ईरान के साथ अपने सम्बंधों के लिए प्रतिबद्धता दोहराई।
34
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: केंद्र ने गरीबों को सस्ते अनाज का कानूनी अधिकार दिलाने के उद्देश्य से प्रस्तावित खाद्य सुरक्षा विधेयक के मसौदे को मंजूरी दे दी। संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की प्रमुख सोनिया गांधी की इस दिली योजना के लागू होने से देश की 63.5 प्रतिशत आबादी को कानूनी तौर पर तय सस्ती दर से अनाज का हक हासिल हो जाएगा। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस विधेयक के मसौदे को मंजूरी दी गई। बैठक में शामिल एक वरिष्ठ मंत्री ने बताया कि इस विधेयक के मसौदे को मंजूरी मिल गई है। पिछले सप्ताह मंत्रिमंडल की बैठक में इस पर फैसला टाल दिया गया था। इस दिन इस विधेयक पर चर्चा के लिए पर्याप्त समय नहीं मिला था और कृषि मंत्री शरद पवार द्वारा अनाज की उपलब्धता और सब्सिडी का बोझ ऊंचा होने को लेकर कुछ चिंता जताई थी। अब इस विधेयक को एक-दो दिन में संसद के चालू सत्र में पेश किया जा सकता है। इस कानून के लागू होने के बाद सरकार का खाद्य सब्सिडी पर खर्च 27,663 करोड़ रुपये बढ़कर 95,000 करोड़ रुपये सालाना हो जाएगा। इस पर अमल के लिए खाद्यान्न की जरूरत मौजूदा के 5.5 करोड़ टन से बढ़कर 6.1 करोड़ टन पर पहुंच जाएगी।
सारांश: केंद्र ने गरीबों को सस्ते अनाज का कानूनी अधिकार दिलाने के उद्देश्य से प्रस्तावित खाद्य सुरक्षा विधेयक के मसौदे को मंजूरी दे दी।
33
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: नये राज में अपराध मुसीबत बना हुआ है लेकिन पिछली सरकार का भ्रष्टाचार ऐसा है जिसमें रोज़ नए तथ्य सामने आ रहे हैं।टिप्पणियां मायावती के महल के लिए 15−15 लाख की खिड़कियों की बात अब पुरानी हो चुकी है। नया घोटाला खजूर के पेड़ों की खरीद से जुड़ा है। जानकारी मिली है कि खजूर के पेड़ खरीदने के लिए लाखों का घोटाला किया गया है। सरकारी कागजात बता रहे हैं कि 18 हज़ार का एक पेड़ खरीदा गया है जो हजारों की तादाद में मायाराज के स्मारकों के लिए खरीदे गये थे। राज्य के मौसम का ख्याल रखे बिना उन्हें लगाया गया, सूख गये तो दफनाया गया। सूत्रों के हवाले यह भी कहा जा रहा है कि पार्क के लिए 50 करोड़ के मिट्टी के ठेके में दिये गये। बिजली के एक खम्बे की कीमत एक से ढाई लाख तक दी गई। संगीतमय फव्वारे के लिए 10 करोड़ के स्पीकर के खरीद की बात भी कही जा रही है। मायावती के महल के लिए 15−15 लाख की खिड़कियों की बात अब पुरानी हो चुकी है। नया घोटाला खजूर के पेड़ों की खरीद से जुड़ा है। जानकारी मिली है कि खजूर के पेड़ खरीदने के लिए लाखों का घोटाला किया गया है। सरकारी कागजात बता रहे हैं कि 18 हज़ार का एक पेड़ खरीदा गया है जो हजारों की तादाद में मायाराज के स्मारकों के लिए खरीदे गये थे। राज्य के मौसम का ख्याल रखे बिना उन्हें लगाया गया, सूख गये तो दफनाया गया। सूत्रों के हवाले यह भी कहा जा रहा है कि पार्क के लिए 50 करोड़ के मिट्टी के ठेके में दिये गये। बिजली के एक खम्बे की कीमत एक से ढाई लाख तक दी गई। संगीतमय फव्वारे के लिए 10 करोड़ के स्पीकर के खरीद की बात भी कही जा रही है। राज्य के मौसम का ख्याल रखे बिना उन्हें लगाया गया, सूख गये तो दफनाया गया। सूत्रों के हवाले यह भी कहा जा रहा है कि पार्क के लिए 50 करोड़ के मिट्टी के ठेके में दिये गये। बिजली के एक खम्बे की कीमत एक से ढाई लाख तक दी गई। संगीतमय फव्वारे के लिए 10 करोड़ के स्पीकर के खरीद की बात भी कही जा रही है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: मायावती के महल के लिए 15−15 लाख की खिड़कियों की बात अब पुरानी हो चुकी है। नया घोटाला खजूर के पेड़ों की खरीद से जुड़ा है।
11
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: इंग्‍लैंड टीम के कप्‍तान एलिस्‍टर कुक के टेस्‍ट कप्‍तानी छोड़ने के फैसले पर टिप्‍पणी करते हुए एंड्रयू स्‍ट्रॉस ने कहा है कि कुक ने यह फैसला लेने में पर्याप्‍त समय लिया. स्‍ट्रॉस ने कहा कि कुक इंग्लैंड की कप्तानी से थक चुके थे. गौरतलब है कि कुक ने सोमवार को इंग्लैंड की टेस्ट टीम के कप्तान पद से इस्तीफा दिया था. उन्होंने इंग्लैंड के लिए रिकॉर्ड 59 टेस्ट में कप्तानी की. बीबीसी ने इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) के निदेशक स्ट्रॉस के हवाले से लिखा है, 'कुक इंग्लैंड टेस्ट टीम के कप्तान की हैसियत में मिलने वाली लगातार सख्ती से थक चुके थे.' कुक ने स्ट्रॉस के बाद ही इंग्लैंड टीम की कप्तानी संभाली थी. उन्‍होंने कहा कि कुक के जाने के बाद उप कप्तान जो रूट कप्तानी के पद के प्रबल दावेदार हैं. हालांकि उन्होंने साथ ही कहा है कि वह किसी और के भी इस पद पर आने की संभावना को खारिज नहीं कर रहे हैं.टिप्पणियां कुक टेस्ट में इंग्लैंड के ओर से सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं. उन्होंने अभी तक खेले गए 140 टेस्ट मैचों में 11,057 रन बनाए हैं और 30 शतक जड़े हैं. पिछले साल दिसंबर में भारत के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की सीरीज में 0-4 से हारने के बाद कुक की कप्तान की काफी आलोचना हुई थी. स्ट्रॉस ने कहा, 'हम सभी जानते हैं कि यह मुश्किल शीतकालीन सत्र रहा है. उनके लिए कप्तानी छोड़ने का यह सही समय था. उन्होंने सोचा होगा कि टीम को आगे ले जाने के लिए सही रास्ता क्या हो सकता है.' स्‍ट्रॉस ने कहा, 'जनवरी में मैंने उनसे बात की थी. तब यह साफ लगा कि कुक को लगता है कि अगले 12 महीने टीम की आगे ले जाने के लिए काफी ऊर्जा व प्रतिबद्धता की जरूरत है.' इंग्लैंड के पूर्व कप्तान ने कहा, 'सिर्फ आपको ही पता होता है कि आपमें कितनी ऊर्जा बची है और इंग्लैंड की कप्तानी आप से कितनी ऊर्जा ले रही है.' स्ट्रॉस ने कहा, 'उन्हें (कुक को) लगता है कि यह समय है जब नई पीढ़ी को मौका दिया जाए और एक नई सोच को टीम की जिम्मेदारी दी जाए.' स्ट्रॉस ने कहा कि उन्होंने कुक को अपना फैसला वापस लेने को नहीं कहा. उन्होंने इसका कारण बताते हुए कहा, "एक बार जब साफ हो गया कि वह क्या सोच रहे हैं और यह उनका फैसला है तो फिर ऐसे में उनको मनाना गलत होता.' कुक टेस्ट में इंग्लैंड के ओर से सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं. उन्होंने अभी तक खेले गए 140 टेस्ट मैचों में 11,057 रन बनाए हैं और 30 शतक जड़े हैं. पिछले साल दिसंबर में भारत के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की सीरीज में 0-4 से हारने के बाद कुक की कप्तान की काफी आलोचना हुई थी. स्ट्रॉस ने कहा, 'हम सभी जानते हैं कि यह मुश्किल शीतकालीन सत्र रहा है. उनके लिए कप्तानी छोड़ने का यह सही समय था. उन्होंने सोचा होगा कि टीम को आगे ले जाने के लिए सही रास्ता क्या हो सकता है.' स्‍ट्रॉस ने कहा, 'जनवरी में मैंने उनसे बात की थी. तब यह साफ लगा कि कुक को लगता है कि अगले 12 महीने टीम की आगे ले जाने के लिए काफी ऊर्जा व प्रतिबद्धता की जरूरत है.' इंग्लैंड के पूर्व कप्तान ने कहा, 'सिर्फ आपको ही पता होता है कि आपमें कितनी ऊर्जा बची है और इंग्लैंड की कप्तानी आप से कितनी ऊर्जा ले रही है.' स्ट्रॉस ने कहा, 'उन्हें (कुक को) लगता है कि यह समय है जब नई पीढ़ी को मौका दिया जाए और एक नई सोच को टीम की जिम्मेदारी दी जाए.' स्ट्रॉस ने कहा कि उन्होंने कुक को अपना फैसला वापस लेने को नहीं कहा. उन्होंने इसका कारण बताते हुए कहा, "एक बार जब साफ हो गया कि वह क्या सोच रहे हैं और यह उनका फैसला है तो फिर ऐसे में उनको मनाना गलत होता.' इंग्लैंड के पूर्व कप्तान ने कहा, 'सिर्फ आपको ही पता होता है कि आपमें कितनी ऊर्जा बची है और इंग्लैंड की कप्तानी आप से कितनी ऊर्जा ले रही है.' स्ट्रॉस ने कहा, 'उन्हें (कुक को) लगता है कि यह समय है जब नई पीढ़ी को मौका दिया जाए और एक नई सोच को टीम की जिम्मेदारी दी जाए.' स्ट्रॉस ने कहा कि उन्होंने कुक को अपना फैसला वापस लेने को नहीं कहा. उन्होंने इसका कारण बताते हुए कहा, "एक बार जब साफ हो गया कि वह क्या सोच रहे हैं और यह उनका फैसला है तो फिर ऐसे में उनको मनाना गलत होता.'
संक्षिप्त सारांश: एंड्रयू स्‍ट्रॉस के बाद ही कुक ने इंग्‍लैंड की कप्‍तानी संभाली थी इंग्‍लैंड के लिए टेस्‍ट में सर्वाधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं कुक भारत के खिलाफ सीरीज हारने के बाद उनकी आलोचना हो रही थी
10
['hin']
एक सारांश बनाओ: केरल में मानसून अनुमानित समय से तीन दिन पहले ही रविवार को पहुंच गया। राज्य के मध्य एवं दक्षिणी जिलों में शनिवार रात से भारी बारिश जारी रहने की खबर है। दिल्ली में मौसम विज्ञान विभाग द्वारा रविवार को जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है, "आज 29 मई को दक्षिणी-पश्चिमी मानसून ने तीन दिन पहले ही केरल में दस्तक दे दी। सामान्यत: इसके एक जून तक आने की संभावना थी।" विज्ञप्ति के अनुसार दक्षिण-पूर्व अरब सागर पर वायु के उच्च चक्रवातीय दबाव के कारण तटीय राज्य केरल में इस समय मानसून आ पहुंचा है। मौसम विज्ञान विभाग के एक अधिकारी ने रविवार को बताया, "मानसून तमिलनाडु के कुछ हिस्सों, बंगाल की खाड़ी के दक्षिणी भाग तथा दक्षिणी अंडमान सागर में भी समय से पहले पहुंचा है।" उन्होंने कहा, "केरल के पर्यटन स्थल कुमाराकोम में सबसे अधिक 12 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई।" मौसम विभाग की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि दक्षिणी-पश्चिमी मानसून के समय से पूर्व आने की अनुकूल परिस्थितियां हैं। अगले दो से तीन दिनों में अरब सागर के कुछ हिस्सों, केरल के शेष भाग, तमिलनाडु के कुछ और हिस्सों, बंगाल की खाड़ी के दक्षिणी भाग तथा अंडमान सागर एवं कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भी मानसून के समय से पहले पहुंचने की संभावना है। उल्लेखनीय है कि मौसम विज्ञान विभाग मानसून की भविष्यवाणी के लिए वर्ष 2005 से स्वदेश में विकसित सांख्यिकी मॉडल का केरल पर प्रयोग कर रहा है। इस मॉडल पर आधारित भविष्यवाणी पिछले छह वर्षो के दौरान सही रही है। विभाग ने भविष्यवाणी की है कि इस वर्ष मानसून के सामान्य रहने की संभावना है। लगभग 98 फीसदी तक बारिश होने के आसार हैं। दिल्ली में मानसून 29 जून तक पहुंचेगा।
यह एक सारांश है: देश में मानसून अनुमानित समय से तीन दिन पहले ही पहुंच गया। केरल के मध्य एवं दक्षिणी जिलों में शनिवार रात से भारी बारिश जारी रहने की खबर है।
21
['hin']
एक सारांश बनाओ: बाढ़ प्रभावित उत्तराखंड में पिछले दो दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण राहत कार्य बाधित हो गया है। सरकार ऐसे हेलीकॉप्टरों की सेवाएं लेने की तैयारी कर रही है, जो खराब मौसम में भी उड़ान भरके रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी एवं चमोली जिलों के प्रभावित इलाकों में खाद्य आपूर्ति कर सकें। एक अधिकारी ने बताया कि इन जिलों में मुख्य सड़कों का नेटवर्क अब भी क्षतिग्रस्त है, जिस कारण प्रभावित गांवों खासकर अन्य स्थानों से पूरी से कट चुके गांवों में ट्रकों से राहत सामग्री पहुंचाना असंभव है। ऐसे में अधिकारियों के पास मौसम प्रतिरोधी हेलीकॉप्टरों की सेवाएं लेना ही एकमात्र विकल्प बचा है, ताकि खाद्यान्न की कमी का सामना कर रहे गांवों में खाद्य आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। राज्य आपदा प्रबंधन एवं राहत विभाग एक आपातकालीन बैठक आयोजित करेगा, जिसमें इस बात पर चर्चा की जाएगी कि खराब मौसम में भी उड़ान भर सकने वाले हेलीकॉप्टरों को सेवा में कैसे लगाया जाए। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मलबा और शवों को हटाने के लिए केदारघाटी भेजे गए विशेषज्ञों के दल को भी खराब मौसम और भारी उपकरणों के अभाव के कारण काम करने में काफी दिक्कत हो रही है। सूत्रों ने बताया कि एनडीआरएफ द्वारा मुहैया कराए गए हल्के उपकरण केदारघाटी में कई टन मलबा हटाने के लिए अपर्याप्त हैं। सूत्रों ने बताया कि राहत कार्य में लगे जवानों के लिए भोजन की कमी ने उनके कार्य को और मुश्किल बना दिया है। भोजन के भंडार में तेजी से कमी आ रही है और राहत कार्यों में लगे कुछ जवानों के भी बीमार पड़ने की खबर मिली है। केदारनाथ के लिए रवाना होने वाला 13-सदस्यीय एक पुलिस दल मलबे के कारण वहां पहुंच ही नहीं सका और उसे बीच रास्ते से ही वापस लौटना पड़ा।टिप्पणियां केदारनाथ में पिछले दो दिनों से हो रही ताजा बारिश से मंदाकिनी और अलकनंदा का जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण तीर्थस्थल से जुड़े गांवों के लोग भयभीत हैं। खराब मौसम के कारण पिछले तीन दिनों से भी अधिक समय से केदारघाटी के प्रभावित गांवों में राहत सामग्री पहुंचाई नहीं जा सकी है। प्रशासन का दावा है कि रुद्रप्रयाग के 36 गांवों में राहत सामग्री भेजी गई है, लेकिन जिले के 128 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, जिसका मतलब यह हुआ कि 80 से अधिक गांवों में तत्काल राहत बल की सेवाएं पहुंचाने की जरूरत है। खराब मौसम के कारण चमोली, पिथौरागढ़ और उत्तरकाशी जिलों में भी राहत हेलीकॉप्टर अपनी सेवाएं नहीं दे सके। एक अधिकारी ने बताया कि केदारनाथ भेजी गई टीम को मलबा हटाने और शवों का अंतिम संस्कार करने के लिए वापस बुलाने तथा इसे नई टीम की जगह राहत कार्य पर लगाने पर विचार किया जा रहा है। एक अधिकारी ने बताया कि इन जिलों में मुख्य सड़कों का नेटवर्क अब भी क्षतिग्रस्त है, जिस कारण प्रभावित गांवों खासकर अन्य स्थानों से पूरी से कट चुके गांवों में ट्रकों से राहत सामग्री पहुंचाना असंभव है। ऐसे में अधिकारियों के पास मौसम प्रतिरोधी हेलीकॉप्टरों की सेवाएं लेना ही एकमात्र विकल्प बचा है, ताकि खाद्यान्न की कमी का सामना कर रहे गांवों में खाद्य आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। राज्य आपदा प्रबंधन एवं राहत विभाग एक आपातकालीन बैठक आयोजित करेगा, जिसमें इस बात पर चर्चा की जाएगी कि खराब मौसम में भी उड़ान भर सकने वाले हेलीकॉप्टरों को सेवा में कैसे लगाया जाए। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मलबा और शवों को हटाने के लिए केदारघाटी भेजे गए विशेषज्ञों के दल को भी खराब मौसम और भारी उपकरणों के अभाव के कारण काम करने में काफी दिक्कत हो रही है। सूत्रों ने बताया कि एनडीआरएफ द्वारा मुहैया कराए गए हल्के उपकरण केदारघाटी में कई टन मलबा हटाने के लिए अपर्याप्त हैं। सूत्रों ने बताया कि राहत कार्य में लगे जवानों के लिए भोजन की कमी ने उनके कार्य को और मुश्किल बना दिया है। भोजन के भंडार में तेजी से कमी आ रही है और राहत कार्यों में लगे कुछ जवानों के भी बीमार पड़ने की खबर मिली है। केदारनाथ के लिए रवाना होने वाला 13-सदस्यीय एक पुलिस दल मलबे के कारण वहां पहुंच ही नहीं सका और उसे बीच रास्ते से ही वापस लौटना पड़ा।टिप्पणियां केदारनाथ में पिछले दो दिनों से हो रही ताजा बारिश से मंदाकिनी और अलकनंदा का जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण तीर्थस्थल से जुड़े गांवों के लोग भयभीत हैं। खराब मौसम के कारण पिछले तीन दिनों से भी अधिक समय से केदारघाटी के प्रभावित गांवों में राहत सामग्री पहुंचाई नहीं जा सकी है। प्रशासन का दावा है कि रुद्रप्रयाग के 36 गांवों में राहत सामग्री भेजी गई है, लेकिन जिले के 128 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, जिसका मतलब यह हुआ कि 80 से अधिक गांवों में तत्काल राहत बल की सेवाएं पहुंचाने की जरूरत है। खराब मौसम के कारण चमोली, पिथौरागढ़ और उत्तरकाशी जिलों में भी राहत हेलीकॉप्टर अपनी सेवाएं नहीं दे सके। एक अधिकारी ने बताया कि केदारनाथ भेजी गई टीम को मलबा हटाने और शवों का अंतिम संस्कार करने के लिए वापस बुलाने तथा इसे नई टीम की जगह राहत कार्य पर लगाने पर विचार किया जा रहा है। राज्य आपदा प्रबंधन एवं राहत विभाग एक आपातकालीन बैठक आयोजित करेगा, जिसमें इस बात पर चर्चा की जाएगी कि खराब मौसम में भी उड़ान भर सकने वाले हेलीकॉप्टरों को सेवा में कैसे लगाया जाए। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मलबा और शवों को हटाने के लिए केदारघाटी भेजे गए विशेषज्ञों के दल को भी खराब मौसम और भारी उपकरणों के अभाव के कारण काम करने में काफी दिक्कत हो रही है। सूत्रों ने बताया कि एनडीआरएफ द्वारा मुहैया कराए गए हल्के उपकरण केदारघाटी में कई टन मलबा हटाने के लिए अपर्याप्त हैं। सूत्रों ने बताया कि राहत कार्य में लगे जवानों के लिए भोजन की कमी ने उनके कार्य को और मुश्किल बना दिया है। भोजन के भंडार में तेजी से कमी आ रही है और राहत कार्यों में लगे कुछ जवानों के भी बीमार पड़ने की खबर मिली है। केदारनाथ के लिए रवाना होने वाला 13-सदस्यीय एक पुलिस दल मलबे के कारण वहां पहुंच ही नहीं सका और उसे बीच रास्ते से ही वापस लौटना पड़ा।टिप्पणियां केदारनाथ में पिछले दो दिनों से हो रही ताजा बारिश से मंदाकिनी और अलकनंदा का जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण तीर्थस्थल से जुड़े गांवों के लोग भयभीत हैं। खराब मौसम के कारण पिछले तीन दिनों से भी अधिक समय से केदारघाटी के प्रभावित गांवों में राहत सामग्री पहुंचाई नहीं जा सकी है। प्रशासन का दावा है कि रुद्रप्रयाग के 36 गांवों में राहत सामग्री भेजी गई है, लेकिन जिले के 128 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, जिसका मतलब यह हुआ कि 80 से अधिक गांवों में तत्काल राहत बल की सेवाएं पहुंचाने की जरूरत है। खराब मौसम के कारण चमोली, पिथौरागढ़ और उत्तरकाशी जिलों में भी राहत हेलीकॉप्टर अपनी सेवाएं नहीं दे सके। एक अधिकारी ने बताया कि केदारनाथ भेजी गई टीम को मलबा हटाने और शवों का अंतिम संस्कार करने के लिए वापस बुलाने तथा इसे नई टीम की जगह राहत कार्य पर लगाने पर विचार किया जा रहा है। सूत्रों ने बताया कि एनडीआरएफ द्वारा मुहैया कराए गए हल्के उपकरण केदारघाटी में कई टन मलबा हटाने के लिए अपर्याप्त हैं। सूत्रों ने बताया कि राहत कार्य में लगे जवानों के लिए भोजन की कमी ने उनके कार्य को और मुश्किल बना दिया है। भोजन के भंडार में तेजी से कमी आ रही है और राहत कार्यों में लगे कुछ जवानों के भी बीमार पड़ने की खबर मिली है। केदारनाथ के लिए रवाना होने वाला 13-सदस्यीय एक पुलिस दल मलबे के कारण वहां पहुंच ही नहीं सका और उसे बीच रास्ते से ही वापस लौटना पड़ा।टिप्पणियां केदारनाथ में पिछले दो दिनों से हो रही ताजा बारिश से मंदाकिनी और अलकनंदा का जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण तीर्थस्थल से जुड़े गांवों के लोग भयभीत हैं। खराब मौसम के कारण पिछले तीन दिनों से भी अधिक समय से केदारघाटी के प्रभावित गांवों में राहत सामग्री पहुंचाई नहीं जा सकी है। प्रशासन का दावा है कि रुद्रप्रयाग के 36 गांवों में राहत सामग्री भेजी गई है, लेकिन जिले के 128 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, जिसका मतलब यह हुआ कि 80 से अधिक गांवों में तत्काल राहत बल की सेवाएं पहुंचाने की जरूरत है। खराब मौसम के कारण चमोली, पिथौरागढ़ और उत्तरकाशी जिलों में भी राहत हेलीकॉप्टर अपनी सेवाएं नहीं दे सके। एक अधिकारी ने बताया कि केदारनाथ भेजी गई टीम को मलबा हटाने और शवों का अंतिम संस्कार करने के लिए वापस बुलाने तथा इसे नई टीम की जगह राहत कार्य पर लगाने पर विचार किया जा रहा है। केदारनाथ में पिछले दो दिनों से हो रही ताजा बारिश से मंदाकिनी और अलकनंदा का जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण तीर्थस्थल से जुड़े गांवों के लोग भयभीत हैं। खराब मौसम के कारण पिछले तीन दिनों से भी अधिक समय से केदारघाटी के प्रभावित गांवों में राहत सामग्री पहुंचाई नहीं जा सकी है। प्रशासन का दावा है कि रुद्रप्रयाग के 36 गांवों में राहत सामग्री भेजी गई है, लेकिन जिले के 128 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, जिसका मतलब यह हुआ कि 80 से अधिक गांवों में तत्काल राहत बल की सेवाएं पहुंचाने की जरूरत है। खराब मौसम के कारण चमोली, पिथौरागढ़ और उत्तरकाशी जिलों में भी राहत हेलीकॉप्टर अपनी सेवाएं नहीं दे सके। एक अधिकारी ने बताया कि केदारनाथ भेजी गई टीम को मलबा हटाने और शवों का अंतिम संस्कार करने के लिए वापस बुलाने तथा इसे नई टीम की जगह राहत कार्य पर लगाने पर विचार किया जा रहा है। प्रशासन का दावा है कि रुद्रप्रयाग के 36 गांवों में राहत सामग्री भेजी गई है, लेकिन जिले के 128 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, जिसका मतलब यह हुआ कि 80 से अधिक गांवों में तत्काल राहत बल की सेवाएं पहुंचाने की जरूरत है। खराब मौसम के कारण चमोली, पिथौरागढ़ और उत्तरकाशी जिलों में भी राहत हेलीकॉप्टर अपनी सेवाएं नहीं दे सके। एक अधिकारी ने बताया कि केदारनाथ भेजी गई टीम को मलबा हटाने और शवों का अंतिम संस्कार करने के लिए वापस बुलाने तथा इसे नई टीम की जगह राहत कार्य पर लगाने पर विचार किया जा रहा है।
यहाँ एक सारांश है:सरकार ऐसे हेलीकॉप्टरों की सेवाएं लेने की तैयारी कर रही है, जो खराब मौसम में भी उड़ान भरके रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी एवं चमोली जिलों के प्रभावित इलाकों में खाद्य आपूर्ति कर सकें।
15
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: रविवार को पर्यावरण के लिए एनडीटीवी-टोयोटा की खास मुहिम ग्रीनाथॉन का आयोजन किया गया। इस मुहिम के जरिए 8.89 करोड़ रुपये जुटाए गए।टिप्पणियां इस धनराशि से 508 गांवों के घरों को रोशन किया जाएगा। दिनभर चले कार्यक्रम में मुंबई के यशराज स्टूडियो के साथ-साथ देशभर से कई खास कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। आमिर खान, शाहरुख खान, शाहिद कपूर तथा प्रियंका चोपड़ा सहित देशभर की कई मशहूर हस्तियों ने इस मुहिम में हिस्सा लिया। इस धनराशि से 508 गांवों के घरों को रोशन किया जाएगा। दिनभर चले कार्यक्रम में मुंबई के यशराज स्टूडियो के साथ-साथ देशभर से कई खास कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। आमिर खान, शाहरुख खान, शाहिद कपूर तथा प्रियंका चोपड़ा सहित देशभर की कई मशहूर हस्तियों ने इस मुहिम में हिस्सा लिया। आमिर खान, शाहरुख खान, शाहिद कपूर तथा प्रियंका चोपड़ा सहित देशभर की कई मशहूर हस्तियों ने इस मुहिम में हिस्सा लिया।
संक्षिप्त पाठ: रविवार को पर्यावरण के लिए एनडीटीवी-टोयोटा की खास मुहिम ग्रीनाथॉन का आयोजन किया गया। इस मुहिम के जरिए 8.89 करोड़ रुपये जुटाए गए।
27
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में सरकारी स्कूल के वार्षिक समारोह में बैडमिंटन की राष्ट्रीय चैम्पियन रह चुकी एक खिलाड़ी से बर्तन धुलवाए गए। वह उसी स्कूल में 12वीं की छात्रा है। समारोह में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजीव बिंदल मुख्य अतिथि थे। शिमला से 200 किलोमीटर दूर सिरमौर जिले के ददाहू में वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की छात्रा आरजू ठाकुर 2010 में आगरा में आयोजित राष्ट्रीय महिला उत्सव-2010 में स्वर्ण पदक जीत चुकी है। मंगलवार को विद्यालय में आयोजित वार्षिक समारोह में उसने भी शिरकत की, जहां उसके साथ-साथ दो अन्य विद्यार्थियों से भी बर्तन धुलवाए गए। आरजू के पिता इंदर सिंह ठाकुर ने कहा, "यह चैम्पियन का अपमान है। लड़कियां घर में कभी-कभी बर्तन धोती हैं तो इसका मकसद उन्हें घरेलू कामकाज सिखाना होता है। लेकिन स्कूल प्रशासन ने उसकी उपलब्धियों को दरकिनार कर उससे बर्तन धुलवाए हैं, जिसकी हमें शिकायत है। यहां तक कि समारोह में मौजूद राज्य सरकार के अधिकारियों ने भी उसकी उपलब्धियों को नहीं पहचाना।" इन शिकायतों के सम्बंध में स्वास्थ्य मंत्री राजीव बिंदल ने कहा, "मैं स्कूल के समारोह में मौजूद था, लेकिन मुझे खिलाड़ी की उपलब्धियों के बारे में कुछ नहीं बताया गया। मैं इस मामले को देखूंगा। निस्संदेह, खिलाड़ी ने राज्य को सम्मान दिलाया है और वह आदर की हकदार है।" उन्होंने हालांकि यह भी कहा कि स्कूल में चले करीब डेढ़ घंटे के समारोह के दौरान उन्होंने कुछ भी नहीं खाया। किसी भी अतिथि को भोजन या हल्के नाश्ते के रूप में कुछ नहीं दिया गया। हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर में आयोजित नेशनल वीमेन स्पोर्ट्स फेस्टिवल (समूह-3) में स्वर्ण पदक जीतने के लिए दिसम्बर, 2008 में आरजू को मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूूमल 50,000 की नकद पुरस्कार राशि से सम्मानित कर चुके हैं।
संक्षिप्त सारांश: वह उसी स्कूल में 12वीं की छात्रा है। समारोह में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजीव बिंदल मुख्य अतिथि थे।
29
['hin']
एक सारांश बनाओ: फिरोजशाह कोटला स्टेडियम की पिच खबरों में न हो, ऐसा कैसे हो सकता है। वर्ष 2009 में खेले गए एक एक-दिवसीय मैच के दौरान क्रिकेट के लिए 'अशोभनीय' करार दी गई इस पिच ने शुक्रवार को भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच जारी पहले टेस्ट मैच के पहले दिन ही सबको हैरान कर दिया। पहले दिन फेंके गए 98 ओवरों के बाद पिच की जो हालत है, उसे देखते हुए तो यही कहा जा सकता है कि चौथा टेस्ट अधिक से अधिक चार दिनों तक चलेगा। इसका कारण यह है कि पहली गेंद फेंके जाने के साथ ही इस पिच की दरार उभरकर सामने आ गई। इस बात ने भारतीय स्पिनरों के चेहरों पर खुशी ला दी लेकिन मेहमान टीम के खेमे में निराशा के भाव दिखे। पिच की असमान उछाल और जोरदार स्पिन के बीच रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा अपनी झोली में छह विकेट डालने में सफल रहे। जब पिच ताजा थी और दरारें भी कम थी, तब इशांत शर्मा ने दो विकेट लेकर ऑस्ट्रेलिया को शुरुआती झटके दिए थे। मैच की शुरुआत में ही इशांत की एक गुडलेंथ बॉल काफी तेजी से उछली और मेहमान बल्लेबाज फिलिप ह्यूज के हेलमेट की जाली से जा टकराई। यह नजारा किसी को भी पसंद नहीं आता है, चाहे वह बल्लेबाजी करने वाली टीम हो या फिर गेंदबाजी करने वाली टीम क्योंकि पिच पर दोनों को ही बल्लेबाजी करनी होती है। मेहमान टीम तो इसे देखकर और भी खुश नहीं होगी क्योंकि स्पिनरों को मदद पहुंचा रही पिच पर उसने सिर्फ एक विशेषज्ञ स्पिनर के साथ खेलने का फैसला किया है। टीवी कमेंटेटर, भारतीय टीम के सभी पूर्व स्टार खिलाड़ी मैच से पूर्व पिच पर थे और सभी ने एक स्वर में कहा कि यह पिच स्तरीय नहीं है और इस पर खेल चार दिनों से अधिक नहीं चलेगा। नतीजा किसके पक्ष में रहेगा, यह इशारे-इशारे में साफ किया गया, जिसमें भारत का नाम छुपा था।टिप्पणियां भारतीय टीम के पूर्व बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण और पूर्व कप्तान रवि शास्त्री ने इस पिच को 'तीसरे दिन' की पिच करार दिया। शास्त्री ने पिच रिपोर्ट में साफ कहा कि वह मैच के समय से पूर्व समाप्त होने की उम्मीद कर रहे हैं। कोटला की पिच इससे पहले 2009 में खबरों में आई थी, जब भारत और श्रीलंका के बीच खेला गया एकदिवसीय मैच रद्द कर दिया गया था। कारण, पिच स्तरीय नहीं थी और उस पर असमान उछाल था। इसके बाद नाराज आईसीसी ने कोटला में मैच कराने पर प्रतिबंध लगा दिया था, जिसे 2011 में भारत में हुए विश्व कप से पहले हटाया गया और कोटला में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की वापसी हुई। पहले दिन फेंके गए 98 ओवरों के बाद पिच की जो हालत है, उसे देखते हुए तो यही कहा जा सकता है कि चौथा टेस्ट अधिक से अधिक चार दिनों तक चलेगा। इसका कारण यह है कि पहली गेंद फेंके जाने के साथ ही इस पिच की दरार उभरकर सामने आ गई। इस बात ने भारतीय स्पिनरों के चेहरों पर खुशी ला दी लेकिन मेहमान टीम के खेमे में निराशा के भाव दिखे। पिच की असमान उछाल और जोरदार स्पिन के बीच रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा अपनी झोली में छह विकेट डालने में सफल रहे। जब पिच ताजा थी और दरारें भी कम थी, तब इशांत शर्मा ने दो विकेट लेकर ऑस्ट्रेलिया को शुरुआती झटके दिए थे। मैच की शुरुआत में ही इशांत की एक गुडलेंथ बॉल काफी तेजी से उछली और मेहमान बल्लेबाज फिलिप ह्यूज के हेलमेट की जाली से जा टकराई। यह नजारा किसी को भी पसंद नहीं आता है, चाहे वह बल्लेबाजी करने वाली टीम हो या फिर गेंदबाजी करने वाली टीम क्योंकि पिच पर दोनों को ही बल्लेबाजी करनी होती है। मेहमान टीम तो इसे देखकर और भी खुश नहीं होगी क्योंकि स्पिनरों को मदद पहुंचा रही पिच पर उसने सिर्फ एक विशेषज्ञ स्पिनर के साथ खेलने का फैसला किया है। टीवी कमेंटेटर, भारतीय टीम के सभी पूर्व स्टार खिलाड़ी मैच से पूर्व पिच पर थे और सभी ने एक स्वर में कहा कि यह पिच स्तरीय नहीं है और इस पर खेल चार दिनों से अधिक नहीं चलेगा। नतीजा किसके पक्ष में रहेगा, यह इशारे-इशारे में साफ किया गया, जिसमें भारत का नाम छुपा था।टिप्पणियां भारतीय टीम के पूर्व बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण और पूर्व कप्तान रवि शास्त्री ने इस पिच को 'तीसरे दिन' की पिच करार दिया। शास्त्री ने पिच रिपोर्ट में साफ कहा कि वह मैच के समय से पूर्व समाप्त होने की उम्मीद कर रहे हैं। कोटला की पिच इससे पहले 2009 में खबरों में आई थी, जब भारत और श्रीलंका के बीच खेला गया एकदिवसीय मैच रद्द कर दिया गया था। कारण, पिच स्तरीय नहीं थी और उस पर असमान उछाल था। इसके बाद नाराज आईसीसी ने कोटला में मैच कराने पर प्रतिबंध लगा दिया था, जिसे 2011 में भारत में हुए विश्व कप से पहले हटाया गया और कोटला में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की वापसी हुई। इस बात ने भारतीय स्पिनरों के चेहरों पर खुशी ला दी लेकिन मेहमान टीम के खेमे में निराशा के भाव दिखे। पिच की असमान उछाल और जोरदार स्पिन के बीच रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा अपनी झोली में छह विकेट डालने में सफल रहे। जब पिच ताजा थी और दरारें भी कम थी, तब इशांत शर्मा ने दो विकेट लेकर ऑस्ट्रेलिया को शुरुआती झटके दिए थे। मैच की शुरुआत में ही इशांत की एक गुडलेंथ बॉल काफी तेजी से उछली और मेहमान बल्लेबाज फिलिप ह्यूज के हेलमेट की जाली से जा टकराई। यह नजारा किसी को भी पसंद नहीं आता है, चाहे वह बल्लेबाजी करने वाली टीम हो या फिर गेंदबाजी करने वाली टीम क्योंकि पिच पर दोनों को ही बल्लेबाजी करनी होती है। मेहमान टीम तो इसे देखकर और भी खुश नहीं होगी क्योंकि स्पिनरों को मदद पहुंचा रही पिच पर उसने सिर्फ एक विशेषज्ञ स्पिनर के साथ खेलने का फैसला किया है। टीवी कमेंटेटर, भारतीय टीम के सभी पूर्व स्टार खिलाड़ी मैच से पूर्व पिच पर थे और सभी ने एक स्वर में कहा कि यह पिच स्तरीय नहीं है और इस पर खेल चार दिनों से अधिक नहीं चलेगा। नतीजा किसके पक्ष में रहेगा, यह इशारे-इशारे में साफ किया गया, जिसमें भारत का नाम छुपा था।टिप्पणियां भारतीय टीम के पूर्व बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण और पूर्व कप्तान रवि शास्त्री ने इस पिच को 'तीसरे दिन' की पिच करार दिया। शास्त्री ने पिच रिपोर्ट में साफ कहा कि वह मैच के समय से पूर्व समाप्त होने की उम्मीद कर रहे हैं। कोटला की पिच इससे पहले 2009 में खबरों में आई थी, जब भारत और श्रीलंका के बीच खेला गया एकदिवसीय मैच रद्द कर दिया गया था। कारण, पिच स्तरीय नहीं थी और उस पर असमान उछाल था। इसके बाद नाराज आईसीसी ने कोटला में मैच कराने पर प्रतिबंध लगा दिया था, जिसे 2011 में भारत में हुए विश्व कप से पहले हटाया गया और कोटला में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की वापसी हुई। जब पिच ताजा थी और दरारें भी कम थी, तब इशांत शर्मा ने दो विकेट लेकर ऑस्ट्रेलिया को शुरुआती झटके दिए थे। मैच की शुरुआत में ही इशांत की एक गुडलेंथ बॉल काफी तेजी से उछली और मेहमान बल्लेबाज फिलिप ह्यूज के हेलमेट की जाली से जा टकराई। यह नजारा किसी को भी पसंद नहीं आता है, चाहे वह बल्लेबाजी करने वाली टीम हो या फिर गेंदबाजी करने वाली टीम क्योंकि पिच पर दोनों को ही बल्लेबाजी करनी होती है। मेहमान टीम तो इसे देखकर और भी खुश नहीं होगी क्योंकि स्पिनरों को मदद पहुंचा रही पिच पर उसने सिर्फ एक विशेषज्ञ स्पिनर के साथ खेलने का फैसला किया है। टीवी कमेंटेटर, भारतीय टीम के सभी पूर्व स्टार खिलाड़ी मैच से पूर्व पिच पर थे और सभी ने एक स्वर में कहा कि यह पिच स्तरीय नहीं है और इस पर खेल चार दिनों से अधिक नहीं चलेगा। नतीजा किसके पक्ष में रहेगा, यह इशारे-इशारे में साफ किया गया, जिसमें भारत का नाम छुपा था।टिप्पणियां भारतीय टीम के पूर्व बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण और पूर्व कप्तान रवि शास्त्री ने इस पिच को 'तीसरे दिन' की पिच करार दिया। शास्त्री ने पिच रिपोर्ट में साफ कहा कि वह मैच के समय से पूर्व समाप्त होने की उम्मीद कर रहे हैं। कोटला की पिच इससे पहले 2009 में खबरों में आई थी, जब भारत और श्रीलंका के बीच खेला गया एकदिवसीय मैच रद्द कर दिया गया था। कारण, पिच स्तरीय नहीं थी और उस पर असमान उछाल था। इसके बाद नाराज आईसीसी ने कोटला में मैच कराने पर प्रतिबंध लगा दिया था, जिसे 2011 में भारत में हुए विश्व कप से पहले हटाया गया और कोटला में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की वापसी हुई। यह नजारा किसी को भी पसंद नहीं आता है, चाहे वह बल्लेबाजी करने वाली टीम हो या फिर गेंदबाजी करने वाली टीम क्योंकि पिच पर दोनों को ही बल्लेबाजी करनी होती है। मेहमान टीम तो इसे देखकर और भी खुश नहीं होगी क्योंकि स्पिनरों को मदद पहुंचा रही पिच पर उसने सिर्फ एक विशेषज्ञ स्पिनर के साथ खेलने का फैसला किया है। टीवी कमेंटेटर, भारतीय टीम के सभी पूर्व स्टार खिलाड़ी मैच से पूर्व पिच पर थे और सभी ने एक स्वर में कहा कि यह पिच स्तरीय नहीं है और इस पर खेल चार दिनों से अधिक नहीं चलेगा। नतीजा किसके पक्ष में रहेगा, यह इशारे-इशारे में साफ किया गया, जिसमें भारत का नाम छुपा था।टिप्पणियां भारतीय टीम के पूर्व बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण और पूर्व कप्तान रवि शास्त्री ने इस पिच को 'तीसरे दिन' की पिच करार दिया। शास्त्री ने पिच रिपोर्ट में साफ कहा कि वह मैच के समय से पूर्व समाप्त होने की उम्मीद कर रहे हैं। कोटला की पिच इससे पहले 2009 में खबरों में आई थी, जब भारत और श्रीलंका के बीच खेला गया एकदिवसीय मैच रद्द कर दिया गया था। कारण, पिच स्तरीय नहीं थी और उस पर असमान उछाल था। इसके बाद नाराज आईसीसी ने कोटला में मैच कराने पर प्रतिबंध लगा दिया था, जिसे 2011 में भारत में हुए विश्व कप से पहले हटाया गया और कोटला में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की वापसी हुई। टीवी कमेंटेटर, भारतीय टीम के सभी पूर्व स्टार खिलाड़ी मैच से पूर्व पिच पर थे और सभी ने एक स्वर में कहा कि यह पिच स्तरीय नहीं है और इस पर खेल चार दिनों से अधिक नहीं चलेगा। नतीजा किसके पक्ष में रहेगा, यह इशारे-इशारे में साफ किया गया, जिसमें भारत का नाम छुपा था।टिप्पणियां भारतीय टीम के पूर्व बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण और पूर्व कप्तान रवि शास्त्री ने इस पिच को 'तीसरे दिन' की पिच करार दिया। शास्त्री ने पिच रिपोर्ट में साफ कहा कि वह मैच के समय से पूर्व समाप्त होने की उम्मीद कर रहे हैं। कोटला की पिच इससे पहले 2009 में खबरों में आई थी, जब भारत और श्रीलंका के बीच खेला गया एकदिवसीय मैच रद्द कर दिया गया था। कारण, पिच स्तरीय नहीं थी और उस पर असमान उछाल था। इसके बाद नाराज आईसीसी ने कोटला में मैच कराने पर प्रतिबंध लगा दिया था, जिसे 2011 में भारत में हुए विश्व कप से पहले हटाया गया और कोटला में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की वापसी हुई। भारतीय टीम के पूर्व बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण और पूर्व कप्तान रवि शास्त्री ने इस पिच को 'तीसरे दिन' की पिच करार दिया। शास्त्री ने पिच रिपोर्ट में साफ कहा कि वह मैच के समय से पूर्व समाप्त होने की उम्मीद कर रहे हैं। कोटला की पिच इससे पहले 2009 में खबरों में आई थी, जब भारत और श्रीलंका के बीच खेला गया एकदिवसीय मैच रद्द कर दिया गया था। कारण, पिच स्तरीय नहीं थी और उस पर असमान उछाल था। इसके बाद नाराज आईसीसी ने कोटला में मैच कराने पर प्रतिबंध लगा दिया था, जिसे 2011 में भारत में हुए विश्व कप से पहले हटाया गया और कोटला में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की वापसी हुई। कोटला की पिच इससे पहले 2009 में खबरों में आई थी, जब भारत और श्रीलंका के बीच खेला गया एकदिवसीय मैच रद्द कर दिया गया था। कारण, पिच स्तरीय नहीं थी और उस पर असमान उछाल था। इसके बाद नाराज आईसीसी ने कोटला में मैच कराने पर प्रतिबंध लगा दिया था, जिसे 2011 में भारत में हुए विश्व कप से पहले हटाया गया और कोटला में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की वापसी हुई।
फिरोजशाह कोटला स्टेडियम की पिच खबरों में न हो, ऐसा कैसे हो सकता है। वर्ष 2009 में खेले गए एक एक-दिवसीय मैच के दौरान क्रिकेट के लिए 'अशोभनीय' करार दी गई इस पिच ने शुक्रवार को भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच जारी पहले टेस्ट मैच के पहले दिन ही सबको हैरान कर दिया।
26
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: एक अधिकारी ने बताया कि सरदार सरोवर बांध में 8.27 लाख क्यूसेक (घन फुट प्रति सेकेंड) पानी आया है, जिसमें से 7.96 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है. अधिकारियों ने बताया कि जल स्तर बढ़ने से अधिकारियों ने नदी के किनारे स्थिति नर्मदा, भरूच और वडोदरा जिलों के गांवों में अलर्ट जारी किया है. गुप्ता ने कहा, “भरूच, नर्मदा और वडोदरा में 175 गांव बाढ़ जैसे हालात का सामना कर रहे हैं. खासतौर से भरूच में हालात गंभीर हो सकते हैं.”  गुप्ता ने कहा कि इसके चलते ही अधिकारियों को सरदार सरोवर बांध में ही जल स्तर बढ़ाने का फैसला लेना पड़ा. इस बारे में अगले तीन से चार दिन में फैसला लिया जाएगा कि जल स्तर को ओवरफ्लो निशान तक बढ़ने देना है या नहीं. भरूच के जिलाधिकारी एम डी मोदिया ने बताया कि जिले के 23 गांवों के जिन 3,900 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया था, उन्हें अभी वापस नहीं भेजा गया है. राज्य सरकार ने कहा है कि मुख्यमंत्री विजय रूपाणी 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 69वें जन्मदिन पर सरदार सरोवर बांध के पास ‘नर्मदा आरती' में शामिल होंगे.
संक्षिप्त सारांश: ओंकारेश्वर और इंदिरा सागर बांध से बड़ी मात्रा में छोड़ा जा रहा पानी 138.68 मीटर है सरदार सरोवर बांध की पूर्ण ऊंचाई पानी बढ़ने से कई इलाकों में हो सकते हैं गंभीर हालात
0
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: 'साहो (Saaho)' स्टार प्रभास (Prabhas) को लेकर एक बड़ी खबर आ रही है. 'दंगल' और 'छिछोरे (Chhichhore)' के बाद अब डायरेक्टर नितेश तिवारी (Nitesh Tiwari) इंडस्ट्री की सबसे बड़ी फिल्म बनाने की तैयारी में लगे हुए हैं. दरअसल, नितेश तिवारी 'रामायण (Ramayana)' पर तीन हिस्सों में मैराथन फीचर सीरीज बनाने की तैयारी में लग गए हैं. 'रामायण (Ramayana)' में राम और सीता के रूप में बॉलीवुड के दो बड़े कलाकार ऋतिक रोशन (Hrithik Roshan) और दीपिका पादुकोण नजर आ सकते हैं. हालांकि, इसके एक किरदार 'रावण' की कास्टिंग को लेकर अभी भी अटकलें साफ नहीं हुई है. हाल ही में इस रोल से जुड़ी एक खबर सामने आई है कि फिल्म 'रामायण (Ramayana)' में 'रावण' का किरदार साउथ के जबरदस्त एक्टर प्रभास (Prabhas) निभा सकते हैं.  पिंकविला की खबर के अनुसार इस बात का खुलासा 'रामायण (Ramayana)' और निर्देशक नितेश तिवारी से जुड़े सूत्रों ने किया था. सूत्रों ने बताया, "निर्माताओं ने फिल्म के लिए 600 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है, जो कि भारतीय फिल्मों में अब तक की सबसे ज्यादा बजट वाली फिल्म होगी. यह फिल्म पूरे भारत में हिंदी, तमिल और तेलुगू भाषा में रिलीज होगी. इसलिए फिल्म की टीम चाहती है कि 'बाहुबली' स्टार प्रभास 'रामायण' में रावण का किरदार अदा करें. क्योंकि टीम को लगता है कि वह 'रावण' का किरदार काफी अच्छे से निभा सकते हैं. 'राम' और 'सीता' के तौर पर ऋतिक रोशन और दीपिका पादुकोण के साथ प्रभास की कास्टिंग काफी बेहतर होगी." सूत्रों ने इस बारे में आगे बताते हुए कहा, "इस बात की अधिकारिक घोषणा नहीं हुई है. उन्होंने इस मामले पर केवल बातचीत ही शुरू की है. वहीं, किरदार को लेकर भी खुद प्रभास और उनकी टीम ही तय करेंगे वह फिल्म करना चाहते हैं या नहीं." बता दें कि फिल्म के बजट के हिसाब से यह फिल्म बॉलीवुड के सबसे बड़े प्रोजेक्ट में से एक होगी. इसके साथ ही फिल्म को तैयार होने में भी लगभग दो साल का समय लग सकता है. इस फिल्म को लेकर नितेश तिवारी ने बताया, 'हम इसे तीन भागों में बनाएंगे, क्योंकि यह बहुत लंबी कहानी है. तीनों फिल्मों एक के बाद एक थोड़े-थोड़े अंतराल पर रिलीज की जाएंगी.'
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: 'रामायण' में रावण बन सकते हैं प्रभास 600 करोड़ रुपये बताया जा रहा है बजट ऋतिक रोशन और दीपिका पादुकोण भी आ सकते हैं नजर
11
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: Simmba Box Office Collection Day 2: बॉलीवुड के सबसे एनर्जेटिक एक्टर का टैग ले चुके रणवीर सिंह (Ranveer Singh) ने साल के अंत में फिल्म 'सिंबा' (Simmba) से दर्शकों और अपने फैन्स को नए साल का तोहफा दिया है. इस फिल्म के जरिए उन्होंने अपने ऊपर सक्सेसफुल एक्टर का ठप्पा भी लगवा लिया. रणवीर सिंह की यह साल की दूसरी फिल्म है, जो सुपरहिट साबित हुई दिख रही है. फिल्म क्रिटिक्स द्वारा मिले अच्छे रिव्यू और दबंग पुलिस बने रणवीर सिंह ने अपने अंदाज से लोगों का दिल जीत लिया. अब देखना है कि फिल्म पहले वीकेंड में कितनी कमा सकती है. हालांकि पहले दिन फिल्म ने 20.72 करोड़ रुपए कमाकर अपनी ही फिल्म का रिकॉर्ड तोड़ दिया. इससे पहले रणवीर सिंह की फिल्म 'पद्मावत' से 19 करोड़ रुपए का फर्स्ट डे कलेक्शन किया था, जो गुरुवार को रिलीज हुई थी. रणवीर सिंह (Ranveer Singh) की इस फिल्म शुक्रवार की कमाई देखते यह उम्मीद है कि दूसरे दिन फिल्म का आंकड़ा करीब 25 करोड़ हो सकता है. रणवीर सिंह की फिल्म 'सिंबा' (Simmba) को शाहरुख खान की फिल्म 'जीरो' (Zero) से कोई भी नुकसान नहीं हुआ, क्योंकि उनकी फिल्म ने दर्शकों को पहले से ही निराश किया, जिसका फायदा उन्हें मिला. रोहित शेट्टी द्वारा निर्मित इस फिल्म में रणवीर सिंह के अलावा अजय देवगन का भी कैमियो रोल है, जिसमें वह 'सिंघम' का किरदार निभाते हुए नजर आए. फिल्म में सरप्राइज एलिमेंट होने की वजह से दर्शकों को क्लाइमेक्स ज्यादा पसंद भी आई. रणवीर के अलावा सारा अली खान (Sara Ali Khan) भी इस फिल्म से धमाकेदार भूचाल मचाया. रोहित शेट्टी (Rohit Shetty) के डायरेक्शन वाली रणवीर सिंह (Ranveer Singh) और सारा अली खान (Sara Ali Khan) की 'सिम्बा (Simmba)' का बजट लगभग 80 करोड़ रु. बताया जा रहा है. लेकिन जिस तरह की ओपनिंग फिल्म को लगी है, उसे देखते हुए 'सिम्बा' चार दिन में 100 करोड़ रु. का आंकड़ा छू सकती है. हालांकि शाहरुख खान की बड़े बजट की फिल्म 'Zero' एक हफ्ते के बाद भी 100 करोड़ रु. से कोसों दूर है. रणवीर सिंह के लिए 'सिम्बा' काफी महत्वपूर्ण फिल्म है क्योंकि रणवीर सिंह का सोलो फिल्मों का रिकॉर्ड बहुत अच्छा नहीं रहा है, और उनकी सभी बड़ी हिट फिल्में दीपिका पादुकोण के साथ ही हैं.
सारांश: 'सिंबा' की धांसू कमाई जारी दूसरे दिन कमाए इतने करोड़ रणवीर सिंह की जबरदस्त एक्टिंग
33
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: जम्मू-कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा जाने और इसे केंद्रशासित प्रदेश में विभाजित किए जाने को लेकर ज्यादातर स्थानीय नेता विरोध कर रहे हैं. वहीं पीडीपी के पूर्व नेता फारूक अहमद डार ने इसका समर्थन किया है. उन्होंने राज्य को बांटे जाने से संबंधित चिंताओं को खारिज करते हुए कहा कि अगर इससे फायदा होता है तो ऐसा करने में कोई नुकसान नहीं है. उन्होंने दिल्ली का उदाहरण देते हुए कहा कि यहां अरविंद केजरीवाल और केंद्र सरकार के बीच  अक्सर टकराव होता रहता है लेकिन बावजूद इसके वहां विकास हो रहा है.  डार ने सवाल उठाते हुए कहा, ‘‘यदि लोगों को केंद्रशासित प्रदेश के दर्जे से लाभ हो सकता है, तो इसमें नुकसान क्या है?'' डार ने समाचार एजेंसी भाषा से कहा, ‘‘हम 1947 में एक उपभोक्ता राज्य थे और हम 2019 में भी एक उपभोक्ता राज्य हैं. हम बाह्य आपूर्ति पर निर्भर थे और हम अब भी निर्भर ही हैं.''उन्होंने कहा कि शेख अब्दुल्ला के परिदृश्य से जाने के बाद, राज्य सरकारों के अयोग्य नेतृत्व के कारण राज्य आत्मनिर्भर नहीं बन पाया. डार ने 1948 में जम्मू-कश्मीर के प्रधानमंत्री बनने वाले शेख अब्दुल्ला की भूमिका की प्रशंसा करते हुए कहा, ‘‘वह सबसे बड़े नेता थे जिनके नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर ने भारत को स्वीकार किया.'' उन्होंने कहा, ‘‘सभी ने इसे स्वीकार किया.''
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: अहमद डार ने कहा अगर फायदा है तो राज्य बांटे जाने में नुकसान नहीं डार ने महबूबा और उमर पर लगाया लोगों को गुमराह करने का आरोप दिल्ली के विकास का दिया उदाहरण
19
['hin']
एक सारांश बनाओ: लोग कहते हैं कि प्रेम की कोई सीमा नहीं होती, लेकिन भारत के समलैंगिक जोड़ों को इस कहावत पर अफसोस है। उनका कहना है कि समलैंगिकता को अपराध की श्रेणी से बाहर रखे जाने के बावजूद वे सार्वजनिक रूप से अपने प्रेम का इजहार नहीं कर सकते। शौचालयों और एकांत स्थानों में ही वे अपनी भावनाओं को मूर्त रूप दे पाते हैं। गौरव नाम के युवक के साथ समलैंगिक सम्बंध रखने वाले दिल्ली निवासी अक्षय गुप्ता (25) ने बताया, "हमें भारतीय कानून के तहत लिखित में अधिकार मिल गया है लेकिन समाज अभी भी हमारे व्यवहार को समझने के लिए तैयार नहीं है। लोगों की नजर में समलैंगिकता अभी भी सामाजिक प्रतिबंध है।" मुम्बई स्थित 'द हमसफर ट्रस्ट' के संस्थापक, फिल्म निर्माता और समलैंगिक कार्यकर्ता श्रीधर रंगायन ने बताया, "एक मेट्रो में जब दो युवा एक दूसरे का आलिंगन करते हैं तो इसे नापसंद किया जाता है। शहरों में प्रेम जाहिर करने के लिए जगह ढूंढ़ना और मुश्किल है।" उन्होंने बताया, "यही कारण है कि समलैंगिक और लिंग का परिवर्तन करा चुके लोग अपना प्रेम और यौन उत्कंठा शांत करने के लिए ऐसे स्थानों और स्थितियों में चले जाते हैं जो असुविधाजनक हो जाती है।" ज्ञात हो कि वर्ष 2007 में उच्च न्यायालय ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 377 को निरस्त करते हुए समलैंगिक लोगों के बीच सहमति से बनाए गए शारीरिक सम्बंध को अपराध की श्रेणी में नहीं रखा। सूचना प्रौद्योगिकी पेशे से जुड़े अक्षय ने कहा, "प्रेम का इजहार करना हमारे लिए चिंता का विषय है। जबकि विपरीत लिंग वाले जोड़े आसानी से अपने प्रेम का इजहार कर लेते हैं लेकिन हम जैसे लोग जहां भी जाते हैं लोगों की नजरें हमारी पीछा करती हैं। हमारे ऊपर पाबंदिया लगा दी जाती हैं।" एक कॉल सेंटर कर्मी अदिति खुराना (22) जिसका प्रिया नाम की लड़की के साथ शारीरिक सम्बंध है, ने बताया, "चूंकि हम दोनों लड़कियां हैं इसलिए हमें शौचालयों अथवा दुकानों के कपड़े बदलने वाले कमरे में एक साथ जाने में मुश्किल नहीं आती।" अदिति ने कहा, "इन सीमित स्थानों में मैं और प्रिया अंतरंग क्षणों को गुजारते हैं।"
यहाँ एक सारांश है:लोग कहते हैं कि प्रेम की कोई सीमा नहीं होती, लेकिन भारत के समलैंगिक जोड़ों को इस कहावत पर अफसोस है।
15
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारत में टेलिकॉम सुविधाएं महंगी हो सकती हैं क्योंकि कैबिनेट का बुधवार को फैसला टेलिकॉम कंपनियों पर 31 हजार करोड़ का बोझ डाल सकता है। हो सकता है कि कंपनियां इस बोझ को ग्राहकों के सिर मढ़ दें। कैबिनेट ने तय किया है कि जिन टेलिकॉम कंपनियों के पास 4.4 मेगाहर्ट्ज तक स्पेक्ट्रम है उन्हें स्पेक्ट्रम फीस नहीं देना होगी, लेकिन जिन टेलिकॉम कंपनियों के पास 4.4 मेगाहर्ट्ज से ज़्यादा स्पेक्ट्रम है उन्हें एक बार स्पेक्ट्रम फीस देनी होगी। इसमें भारती, वोडाफोन, आइडिया और बीएसएनएल जैसी कंपनियां शामिल हैं। इन कंपनियों को ये फ़ीस 1 जनवरी 2013 से देनी होगी। जिन कंपनियों के पास 2008 में 6.2 मेगाहर्ट्ज से ज़्यादा स्पेक्ट्रम था उन्हें जुलाई 2008 से 31 दिसंबर 2012 तक करीब 3000 करोड़ देना होगा। सरकार को उम्मीद है कि इस फैसले से 31 हजार करोड़ की कमाई होगी। लेकिन टेलिकॉम कंपनियों से फीस वसूलने का सीधा मतलब है कि उन पर बोझ पड़ेगा। लेकिन क्या टेलिकॉम कंपनियां इस वक्त ये बोझ उठा सकती हैं। टिप्पणियां कहीं इस फैसले से उपभोक्ताओं पर तो बोझ नहीं बढ़ेगा टेलिकॉम मंत्री कपिल सिब्बल की दलील है कि उपभोक्ताओं पर कोई बोझ नहीं पड़ेगा और कंपनियों का प्रोफिट भी बढ़ेगा। लेकिन टेलिकॉम कंपनियां सरकार के इस दावे को सही नहीं मानतीं, उनकी दलील है कि वन टाइम स्पेक्ट्रम फीस से उनका ऑपरेशनल खर्च काफी बढ़ जाएगा। इस फैसले से सरकार को तो फायदा होगा लेकिन आम आदमी की जेब ढीली होगी।  निजी कंपनियों ने ये साफ कर दिया है कि वे इस अतिरिक्त वित्तीय बोझ को उठाने में सक्षम नहीं हैं और उन्हें ये बोझ उपभोक्ताओं पर डालना होगा। यानि आपकी फोन कॉल्स आने वाले समय में महंगी हो सकती हैं। कैबिनेट ने तय किया है कि जिन टेलिकॉम कंपनियों के पास 4.4 मेगाहर्ट्ज तक स्पेक्ट्रम है उन्हें स्पेक्ट्रम फीस नहीं देना होगी, लेकिन जिन टेलिकॉम कंपनियों के पास 4.4 मेगाहर्ट्ज से ज़्यादा स्पेक्ट्रम है उन्हें एक बार स्पेक्ट्रम फीस देनी होगी। इसमें भारती, वोडाफोन, आइडिया और बीएसएनएल जैसी कंपनियां शामिल हैं। इन कंपनियों को ये फ़ीस 1 जनवरी 2013 से देनी होगी। जिन कंपनियों के पास 2008 में 6.2 मेगाहर्ट्ज से ज़्यादा स्पेक्ट्रम था उन्हें जुलाई 2008 से 31 दिसंबर 2012 तक करीब 3000 करोड़ देना होगा। सरकार को उम्मीद है कि इस फैसले से 31 हजार करोड़ की कमाई होगी। लेकिन टेलिकॉम कंपनियों से फीस वसूलने का सीधा मतलब है कि उन पर बोझ पड़ेगा। लेकिन क्या टेलिकॉम कंपनियां इस वक्त ये बोझ उठा सकती हैं। टिप्पणियां कहीं इस फैसले से उपभोक्ताओं पर तो बोझ नहीं बढ़ेगा टेलिकॉम मंत्री कपिल सिब्बल की दलील है कि उपभोक्ताओं पर कोई बोझ नहीं पड़ेगा और कंपनियों का प्रोफिट भी बढ़ेगा। लेकिन टेलिकॉम कंपनियां सरकार के इस दावे को सही नहीं मानतीं, उनकी दलील है कि वन टाइम स्पेक्ट्रम फीस से उनका ऑपरेशनल खर्च काफी बढ़ जाएगा। इस फैसले से सरकार को तो फायदा होगा लेकिन आम आदमी की जेब ढीली होगी।  निजी कंपनियों ने ये साफ कर दिया है कि वे इस अतिरिक्त वित्तीय बोझ को उठाने में सक्षम नहीं हैं और उन्हें ये बोझ उपभोक्ताओं पर डालना होगा। यानि आपकी फोन कॉल्स आने वाले समय में महंगी हो सकती हैं। इन कंपनियों को ये फ़ीस 1 जनवरी 2013 से देनी होगी। जिन कंपनियों के पास 2008 में 6.2 मेगाहर्ट्ज से ज़्यादा स्पेक्ट्रम था उन्हें जुलाई 2008 से 31 दिसंबर 2012 तक करीब 3000 करोड़ देना होगा। सरकार को उम्मीद है कि इस फैसले से 31 हजार करोड़ की कमाई होगी। लेकिन टेलिकॉम कंपनियों से फीस वसूलने का सीधा मतलब है कि उन पर बोझ पड़ेगा। लेकिन क्या टेलिकॉम कंपनियां इस वक्त ये बोझ उठा सकती हैं। टिप्पणियां कहीं इस फैसले से उपभोक्ताओं पर तो बोझ नहीं बढ़ेगा टेलिकॉम मंत्री कपिल सिब्बल की दलील है कि उपभोक्ताओं पर कोई बोझ नहीं पड़ेगा और कंपनियों का प्रोफिट भी बढ़ेगा। लेकिन टेलिकॉम कंपनियां सरकार के इस दावे को सही नहीं मानतीं, उनकी दलील है कि वन टाइम स्पेक्ट्रम फीस से उनका ऑपरेशनल खर्च काफी बढ़ जाएगा। इस फैसले से सरकार को तो फायदा होगा लेकिन आम आदमी की जेब ढीली होगी।  निजी कंपनियों ने ये साफ कर दिया है कि वे इस अतिरिक्त वित्तीय बोझ को उठाने में सक्षम नहीं हैं और उन्हें ये बोझ उपभोक्ताओं पर डालना होगा। यानि आपकी फोन कॉल्स आने वाले समय में महंगी हो सकती हैं। सरकार को उम्मीद है कि इस फैसले से 31 हजार करोड़ की कमाई होगी। लेकिन टेलिकॉम कंपनियों से फीस वसूलने का सीधा मतलब है कि उन पर बोझ पड़ेगा। लेकिन क्या टेलिकॉम कंपनियां इस वक्त ये बोझ उठा सकती हैं। टिप्पणियां कहीं इस फैसले से उपभोक्ताओं पर तो बोझ नहीं बढ़ेगा टेलिकॉम मंत्री कपिल सिब्बल की दलील है कि उपभोक्ताओं पर कोई बोझ नहीं पड़ेगा और कंपनियों का प्रोफिट भी बढ़ेगा। लेकिन टेलिकॉम कंपनियां सरकार के इस दावे को सही नहीं मानतीं, उनकी दलील है कि वन टाइम स्पेक्ट्रम फीस से उनका ऑपरेशनल खर्च काफी बढ़ जाएगा। इस फैसले से सरकार को तो फायदा होगा लेकिन आम आदमी की जेब ढीली होगी।  निजी कंपनियों ने ये साफ कर दिया है कि वे इस अतिरिक्त वित्तीय बोझ को उठाने में सक्षम नहीं हैं और उन्हें ये बोझ उपभोक्ताओं पर डालना होगा। यानि आपकी फोन कॉल्स आने वाले समय में महंगी हो सकती हैं। कहीं इस फैसले से उपभोक्ताओं पर तो बोझ नहीं बढ़ेगा टेलिकॉम मंत्री कपिल सिब्बल की दलील है कि उपभोक्ताओं पर कोई बोझ नहीं पड़ेगा और कंपनियों का प्रोफिट भी बढ़ेगा। लेकिन टेलिकॉम कंपनियां सरकार के इस दावे को सही नहीं मानतीं, उनकी दलील है कि वन टाइम स्पेक्ट्रम फीस से उनका ऑपरेशनल खर्च काफी बढ़ जाएगा। इस फैसले से सरकार को तो फायदा होगा लेकिन आम आदमी की जेब ढीली होगी।  निजी कंपनियों ने ये साफ कर दिया है कि वे इस अतिरिक्त वित्तीय बोझ को उठाने में सक्षम नहीं हैं और उन्हें ये बोझ उपभोक्ताओं पर डालना होगा। यानि आपकी फोन कॉल्स आने वाले समय में महंगी हो सकती हैं। इस फैसले से सरकार को तो फायदा होगा लेकिन आम आदमी की जेब ढीली होगी।  निजी कंपनियों ने ये साफ कर दिया है कि वे इस अतिरिक्त वित्तीय बोझ को उठाने में सक्षम नहीं हैं और उन्हें ये बोझ उपभोक्ताओं पर डालना होगा। यानि आपकी फोन कॉल्स आने वाले समय में महंगी हो सकती हैं।
संक्षिप्त पाठ: भारत में टेलिकॉम सुविधाएं महंगी हो सकती हैं क्योंकि कैबिनेट का बुधवार को फैसला टेलिकॉम कंपनियों पर 31 हजार करोड़ का बोझ डाल सकता है। हो सकता है कि कंपनियां इस बोझ को ग्राहकों के सिर मढ़ दें।
13
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों का संविधान पीठ मंगलवार को यह फैसला सुना सकता है कि क्या गंभीर अपराध में अदालत द्वारा आरोप तय करने से किसी व्यक्ति को चुनाव लड़ने से अयोग्य करार दिया जा सकता है? अभी तक के कानून के मुताबिक आपराधिक मामलों में दो साल से ज्यादा की सजा होने पर छह साल की अयोग्यता का प्रावधान है जबकि करप्शन, NDPS में सिर्फ दोषी करार होना काफी है. दरसअल मार्च 2016 में सुप्रीम कोर्ट ने यह मामला पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ को विचार के लिए भेजा था. इस मामले में अश्विनी कुमार उपाध्याय के अलावा पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त जेएम लिंगदोह और एक अन्य एनजीओ की याचिकाएं हैं. सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ में चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस आरएफ नरीमन, जस्टिस एएम खानविलकर, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस इंदू मल्होत्रा शामिल हैं. पीठ में उस याचिका पर सुनवाई हुई थी जिसमें मांग की गई है कि गंभीर अपराधों में जिसमें सज़ा 5 साल से ज्यादा हो और अगर किसी व्यक्ति के खिलाफ आरोप तय होते हैं तो उसके चुनाव लड़ने पर रोक लगाई जाए. अगर कोई सासंद या विधायक है, तो उसकी सदस्यता रद्द होनी चाहिए. पांच जजों के संविधान पीठ ने केंद्र से पूछा था कि क्या चुनाव आयोग को ये शक्ति दी जा सकती है कि वो आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवार को चुनाव में उतारें तो उसे (उस उम्मीदवार को) चुनाव चिन्ह देने से इनकार कर दे? केंद्र की ओर से AG केके वेणुगोपाल ने इसका विरोध किया. कहा कि ये चुने हुए प्रतिनिधि ही तय कर सकते हैं, कोर्ट नहीं. ये काम चुने हुए प्रतिनिधियों का है या फिर इस अदालत में बैठे पांच जजों का? CJI दीपक मिश्रा ने केंद्र से कहा था कि हम अपने आदेश में ये जोड़ सकते हैं कि अगर अपराधियों को चुनाव में प्रत्याशी बनाया गया तो उसे चुनाव चिन्ह न जारी करें. AG ने कहा कि अगर ऐसा किया गया तो राजनीतिक दलों में विरोधी एक- दूसरे पर आपराधिक केस करेंगे. कोर्ट को देश की वास्तविकता को देखना चाहिए. चुनाव खर्च की सीमा तय करना देश का सबसे बड़ा मजाक है. प्रत्याशी अपने क्षेत्र में करीब 30 करोड़ रुपये खर्च करता है. चुनाव के वक्त प्रत्याशियों के खिलाफ ज्यादा मामले दर्ज होंगे. संसदीय स्थाई समिति में इस पर विचार किया था और खारिज कर दिया था.टिप्पणियां हालांकि जस्टिस इंदू मल्होत्रा ने चीफ जस्टिस के कथन से असहमति जताई. उन्होंने कहा इससे लोग राजनीतिक बदला निकालेंगे. चुनाव लड़ने की अयोग्यता दोषी करार होने के बाद हो. जस्टिस रोहिंटन फली नरीमन ने कहा कि कोर्ट संसद के क्षेत्राधिकार में नहीं जा रहा. जब तक संसद कानून नहीं बनाती तब तक हम चुनाव आयोग को आदेश देंगे कि आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों को चुनाव चिन्ह न दें. जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि पार्टी को मान्यता देते वक्त चुनाव आयोग कहता है कि पार्टी को कितने वोट लेने होंगे. वहीं चुनाव आयोग खुद ही शर्त लगा सकता है कि अपराधिक छवि वाले दलों के प्रत्याशी न बनें. ऐसा व्यक्ति किसी राजनीतिक पार्टी से चुनाव नहीं लड़ सकता. हालांकि वह खुद चुनाव लड़ सकता है. इस तरह वह चुनाव लड़ने के अधिकार से वंचित नहीं होगा. AG ने कहा लेकिन इससे राजनीतिक पार्टियों का अधिकार छीन लिया जाएगा और ये असंवैधानिक होगा. अभी तक के कानून के मुताबिक आपराधिक मामलों में दो साल से ज्यादा की सजा होने पर छह साल की अयोग्यता का प्रावधान है जबकि करप्शन, NDPS में सिर्फ दोषी करार होना काफी है. दरसअल मार्च 2016 में सुप्रीम कोर्ट ने यह मामला पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ को विचार के लिए भेजा था. इस मामले में अश्विनी कुमार उपाध्याय के अलावा पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त जेएम लिंगदोह और एक अन्य एनजीओ की याचिकाएं हैं. सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ में चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस आरएफ नरीमन, जस्टिस एएम खानविलकर, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस इंदू मल्होत्रा शामिल हैं. पीठ में उस याचिका पर सुनवाई हुई थी जिसमें मांग की गई है कि गंभीर अपराधों में जिसमें सज़ा 5 साल से ज्यादा हो और अगर किसी व्यक्ति के खिलाफ आरोप तय होते हैं तो उसके चुनाव लड़ने पर रोक लगाई जाए. अगर कोई सासंद या विधायक है, तो उसकी सदस्यता रद्द होनी चाहिए. पांच जजों के संविधान पीठ ने केंद्र से पूछा था कि क्या चुनाव आयोग को ये शक्ति दी जा सकती है कि वो आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवार को चुनाव में उतारें तो उसे (उस उम्मीदवार को) चुनाव चिन्ह देने से इनकार कर दे? केंद्र की ओर से AG केके वेणुगोपाल ने इसका विरोध किया. कहा कि ये चुने हुए प्रतिनिधि ही तय कर सकते हैं, कोर्ट नहीं. ये काम चुने हुए प्रतिनिधियों का है या फिर इस अदालत में बैठे पांच जजों का? CJI दीपक मिश्रा ने केंद्र से कहा था कि हम अपने आदेश में ये जोड़ सकते हैं कि अगर अपराधियों को चुनाव में प्रत्याशी बनाया गया तो उसे चुनाव चिन्ह न जारी करें. AG ने कहा कि अगर ऐसा किया गया तो राजनीतिक दलों में विरोधी एक- दूसरे पर आपराधिक केस करेंगे. कोर्ट को देश की वास्तविकता को देखना चाहिए. चुनाव खर्च की सीमा तय करना देश का सबसे बड़ा मजाक है. प्रत्याशी अपने क्षेत्र में करीब 30 करोड़ रुपये खर्च करता है. चुनाव के वक्त प्रत्याशियों के खिलाफ ज्यादा मामले दर्ज होंगे. संसदीय स्थाई समिति में इस पर विचार किया था और खारिज कर दिया था.टिप्पणियां हालांकि जस्टिस इंदू मल्होत्रा ने चीफ जस्टिस के कथन से असहमति जताई. उन्होंने कहा इससे लोग राजनीतिक बदला निकालेंगे. चुनाव लड़ने की अयोग्यता दोषी करार होने के बाद हो. जस्टिस रोहिंटन फली नरीमन ने कहा कि कोर्ट संसद के क्षेत्राधिकार में नहीं जा रहा. जब तक संसद कानून नहीं बनाती तब तक हम चुनाव आयोग को आदेश देंगे कि आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों को चुनाव चिन्ह न दें. जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि पार्टी को मान्यता देते वक्त चुनाव आयोग कहता है कि पार्टी को कितने वोट लेने होंगे. वहीं चुनाव आयोग खुद ही शर्त लगा सकता है कि अपराधिक छवि वाले दलों के प्रत्याशी न बनें. ऐसा व्यक्ति किसी राजनीतिक पार्टी से चुनाव नहीं लड़ सकता. हालांकि वह खुद चुनाव लड़ सकता है. इस तरह वह चुनाव लड़ने के अधिकार से वंचित नहीं होगा. AG ने कहा लेकिन इससे राजनीतिक पार्टियों का अधिकार छीन लिया जाएगा और ये असंवैधानिक होगा. सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ में चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस आरएफ नरीमन, जस्टिस एएम खानविलकर, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस इंदू मल्होत्रा शामिल हैं. पीठ में उस याचिका पर सुनवाई हुई थी जिसमें मांग की गई है कि गंभीर अपराधों में जिसमें सज़ा 5 साल से ज्यादा हो और अगर किसी व्यक्ति के खिलाफ आरोप तय होते हैं तो उसके चुनाव लड़ने पर रोक लगाई जाए. अगर कोई सासंद या विधायक है, तो उसकी सदस्यता रद्द होनी चाहिए. पांच जजों के संविधान पीठ ने केंद्र से पूछा था कि क्या चुनाव आयोग को ये शक्ति दी जा सकती है कि वो आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवार को चुनाव में उतारें तो उसे (उस उम्मीदवार को) चुनाव चिन्ह देने से इनकार कर दे? केंद्र की ओर से AG केके वेणुगोपाल ने इसका विरोध किया. कहा कि ये चुने हुए प्रतिनिधि ही तय कर सकते हैं, कोर्ट नहीं. ये काम चुने हुए प्रतिनिधियों का है या फिर इस अदालत में बैठे पांच जजों का? CJI दीपक मिश्रा ने केंद्र से कहा था कि हम अपने आदेश में ये जोड़ सकते हैं कि अगर अपराधियों को चुनाव में प्रत्याशी बनाया गया तो उसे चुनाव चिन्ह न जारी करें. AG ने कहा कि अगर ऐसा किया गया तो राजनीतिक दलों में विरोधी एक- दूसरे पर आपराधिक केस करेंगे. कोर्ट को देश की वास्तविकता को देखना चाहिए. चुनाव खर्च की सीमा तय करना देश का सबसे बड़ा मजाक है. प्रत्याशी अपने क्षेत्र में करीब 30 करोड़ रुपये खर्च करता है. चुनाव के वक्त प्रत्याशियों के खिलाफ ज्यादा मामले दर्ज होंगे. संसदीय स्थाई समिति में इस पर विचार किया था और खारिज कर दिया था.टिप्पणियां हालांकि जस्टिस इंदू मल्होत्रा ने चीफ जस्टिस के कथन से असहमति जताई. उन्होंने कहा इससे लोग राजनीतिक बदला निकालेंगे. चुनाव लड़ने की अयोग्यता दोषी करार होने के बाद हो. जस्टिस रोहिंटन फली नरीमन ने कहा कि कोर्ट संसद के क्षेत्राधिकार में नहीं जा रहा. जब तक संसद कानून नहीं बनाती तब तक हम चुनाव आयोग को आदेश देंगे कि आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों को चुनाव चिन्ह न दें. जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि पार्टी को मान्यता देते वक्त चुनाव आयोग कहता है कि पार्टी को कितने वोट लेने होंगे. वहीं चुनाव आयोग खुद ही शर्त लगा सकता है कि अपराधिक छवि वाले दलों के प्रत्याशी न बनें. ऐसा व्यक्ति किसी राजनीतिक पार्टी से चुनाव नहीं लड़ सकता. हालांकि वह खुद चुनाव लड़ सकता है. इस तरह वह चुनाव लड़ने के अधिकार से वंचित नहीं होगा. AG ने कहा लेकिन इससे राजनीतिक पार्टियों का अधिकार छीन लिया जाएगा और ये असंवैधानिक होगा. पांच जजों के संविधान पीठ ने केंद्र से पूछा था कि क्या चुनाव आयोग को ये शक्ति दी जा सकती है कि वो आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवार को चुनाव में उतारें तो उसे (उस उम्मीदवार को) चुनाव चिन्ह देने से इनकार कर दे? केंद्र की ओर से AG केके वेणुगोपाल ने इसका विरोध किया. कहा कि ये चुने हुए प्रतिनिधि ही तय कर सकते हैं, कोर्ट नहीं. ये काम चुने हुए प्रतिनिधियों का है या फिर इस अदालत में बैठे पांच जजों का? CJI दीपक मिश्रा ने केंद्र से कहा था कि हम अपने आदेश में ये जोड़ सकते हैं कि अगर अपराधियों को चुनाव में प्रत्याशी बनाया गया तो उसे चुनाव चिन्ह न जारी करें. AG ने कहा कि अगर ऐसा किया गया तो राजनीतिक दलों में विरोधी एक- दूसरे पर आपराधिक केस करेंगे. कोर्ट को देश की वास्तविकता को देखना चाहिए. चुनाव खर्च की सीमा तय करना देश का सबसे बड़ा मजाक है. प्रत्याशी अपने क्षेत्र में करीब 30 करोड़ रुपये खर्च करता है. चुनाव के वक्त प्रत्याशियों के खिलाफ ज्यादा मामले दर्ज होंगे. संसदीय स्थाई समिति में इस पर विचार किया था और खारिज कर दिया था.टिप्पणियां हालांकि जस्टिस इंदू मल्होत्रा ने चीफ जस्टिस के कथन से असहमति जताई. उन्होंने कहा इससे लोग राजनीतिक बदला निकालेंगे. चुनाव लड़ने की अयोग्यता दोषी करार होने के बाद हो. जस्टिस रोहिंटन फली नरीमन ने कहा कि कोर्ट संसद के क्षेत्राधिकार में नहीं जा रहा. जब तक संसद कानून नहीं बनाती तब तक हम चुनाव आयोग को आदेश देंगे कि आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों को चुनाव चिन्ह न दें. जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि पार्टी को मान्यता देते वक्त चुनाव आयोग कहता है कि पार्टी को कितने वोट लेने होंगे. वहीं चुनाव आयोग खुद ही शर्त लगा सकता है कि अपराधिक छवि वाले दलों के प्रत्याशी न बनें. ऐसा व्यक्ति किसी राजनीतिक पार्टी से चुनाव नहीं लड़ सकता. हालांकि वह खुद चुनाव लड़ सकता है. इस तरह वह चुनाव लड़ने के अधिकार से वंचित नहीं होगा. AG ने कहा लेकिन इससे राजनीतिक पार्टियों का अधिकार छीन लिया जाएगा और ये असंवैधानिक होगा. केंद्र की ओर से AG केके वेणुगोपाल ने इसका विरोध किया. कहा कि ये चुने हुए प्रतिनिधि ही तय कर सकते हैं, कोर्ट नहीं. ये काम चुने हुए प्रतिनिधियों का है या फिर इस अदालत में बैठे पांच जजों का? CJI दीपक मिश्रा ने केंद्र से कहा था कि हम अपने आदेश में ये जोड़ सकते हैं कि अगर अपराधियों को चुनाव में प्रत्याशी बनाया गया तो उसे चुनाव चिन्ह न जारी करें. AG ने कहा कि अगर ऐसा किया गया तो राजनीतिक दलों में विरोधी एक- दूसरे पर आपराधिक केस करेंगे. कोर्ट को देश की वास्तविकता को देखना चाहिए. चुनाव खर्च की सीमा तय करना देश का सबसे बड़ा मजाक है. प्रत्याशी अपने क्षेत्र में करीब 30 करोड़ रुपये खर्च करता है. चुनाव के वक्त प्रत्याशियों के खिलाफ ज्यादा मामले दर्ज होंगे. संसदीय स्थाई समिति में इस पर विचार किया था और खारिज कर दिया था.टिप्पणियां हालांकि जस्टिस इंदू मल्होत्रा ने चीफ जस्टिस के कथन से असहमति जताई. उन्होंने कहा इससे लोग राजनीतिक बदला निकालेंगे. चुनाव लड़ने की अयोग्यता दोषी करार होने के बाद हो. जस्टिस रोहिंटन फली नरीमन ने कहा कि कोर्ट संसद के क्षेत्राधिकार में नहीं जा रहा. जब तक संसद कानून नहीं बनाती तब तक हम चुनाव आयोग को आदेश देंगे कि आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों को चुनाव चिन्ह न दें. जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि पार्टी को मान्यता देते वक्त चुनाव आयोग कहता है कि पार्टी को कितने वोट लेने होंगे. वहीं चुनाव आयोग खुद ही शर्त लगा सकता है कि अपराधिक छवि वाले दलों के प्रत्याशी न बनें. ऐसा व्यक्ति किसी राजनीतिक पार्टी से चुनाव नहीं लड़ सकता. हालांकि वह खुद चुनाव लड़ सकता है. इस तरह वह चुनाव लड़ने के अधिकार से वंचित नहीं होगा. AG ने कहा लेकिन इससे राजनीतिक पार्टियों का अधिकार छीन लिया जाएगा और ये असंवैधानिक होगा. हालांकि जस्टिस इंदू मल्होत्रा ने चीफ जस्टिस के कथन से असहमति जताई. उन्होंने कहा इससे लोग राजनीतिक बदला निकालेंगे. चुनाव लड़ने की अयोग्यता दोषी करार होने के बाद हो. जस्टिस रोहिंटन फली नरीमन ने कहा कि कोर्ट संसद के क्षेत्राधिकार में नहीं जा रहा. जब तक संसद कानून नहीं बनाती तब तक हम चुनाव आयोग को आदेश देंगे कि आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों को चुनाव चिन्ह न दें. जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि पार्टी को मान्यता देते वक्त चुनाव आयोग कहता है कि पार्टी को कितने वोट लेने होंगे. वहीं चुनाव आयोग खुद ही शर्त लगा सकता है कि अपराधिक छवि वाले दलों के प्रत्याशी न बनें. ऐसा व्यक्ति किसी राजनीतिक पार्टी से चुनाव नहीं लड़ सकता. हालांकि वह खुद चुनाव लड़ सकता है. इस तरह वह चुनाव लड़ने के अधिकार से वंचित नहीं होगा. AG ने कहा लेकिन इससे राजनीतिक पार्टियों का अधिकार छीन लिया जाएगा और ये असंवैधानिक होगा. जस्टिस रोहिंटन फली नरीमन ने कहा कि कोर्ट संसद के क्षेत्राधिकार में नहीं जा रहा. जब तक संसद कानून नहीं बनाती तब तक हम चुनाव आयोग को आदेश देंगे कि आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों को चुनाव चिन्ह न दें. जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि पार्टी को मान्यता देते वक्त चुनाव आयोग कहता है कि पार्टी को कितने वोट लेने होंगे. वहीं चुनाव आयोग खुद ही शर्त लगा सकता है कि अपराधिक छवि वाले दलों के प्रत्याशी न बनें. ऐसा व्यक्ति किसी राजनीतिक पार्टी से चुनाव नहीं लड़ सकता. हालांकि वह खुद चुनाव लड़ सकता है. इस तरह वह चुनाव लड़ने के अधिकार से वंचित नहीं होगा. AG ने कहा लेकिन इससे राजनीतिक पार्टियों का अधिकार छीन लिया जाएगा और ये असंवैधानिक होगा.
संक्षिप्त सारांश: पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ सुनाएगी फैसला पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त जेएम लिंगदोह सहित तीन की याचिकाएं कोर्ट ने केंद्र से पूछा था- चुनाव आयोग को क्या शक्ति दी जा सकती है?
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक शेखर कपूर ने कहा कि उन्होंने अपनी अगली फिल्म 'पानी' की कहानी 15 वर्ष पहले लिखी थी। शेखर ने रविवार को ट्विटर पर लिखा, जब मैंने पहली बार 'पानी' की पटकथा लिखी थी तब मेरे मन में यह ख्याल नहीं आया था कि यह इतना बड़ा मुद्दा बन जाएगा।टिप्पणियां उन्होंने कहा, रिचर्ड एटनबरो ने कहा था कि उन्हें 'गांधी' फिल्म बनाने में 20 वर्ष लगे। मेरे विचार में निर्देशक में ऐसी ही ललक होनी चाहिए। 'मासूम', 'मिस्टर इंडिया' और 'बैंडिट क्वीन' जैसी मशहूर फिल्म बनाने के बाद शेखर ने हॉलीवुड का रुख कर लिया और 'एलिजाबेथ', 'द फोर फीदर्स' एवं 'एलिजाबेथ : द गोल्डन एज' जैसी उत्कृष्ट फिल्मों का निर्देशन किया। 'पानी' भविष्य में पानी को लेकर होने वाले युद्द पर केंद्रित है। उन्होंने कहा, रिचर्ड एटनबरो ने कहा था कि उन्हें 'गांधी' फिल्म बनाने में 20 वर्ष लगे। मेरे विचार में निर्देशक में ऐसी ही ललक होनी चाहिए। 'मासूम', 'मिस्टर इंडिया' और 'बैंडिट क्वीन' जैसी मशहूर फिल्म बनाने के बाद शेखर ने हॉलीवुड का रुख कर लिया और 'एलिजाबेथ', 'द फोर फीदर्स' एवं 'एलिजाबेथ : द गोल्डन एज' जैसी उत्कृष्ट फिल्मों का निर्देशन किया। 'पानी' भविष्य में पानी को लेकर होने वाले युद्द पर केंद्रित है। 'मासूम', 'मिस्टर इंडिया' और 'बैंडिट क्वीन' जैसी मशहूर फिल्म बनाने के बाद शेखर ने हॉलीवुड का रुख कर लिया और 'एलिजाबेथ', 'द फोर फीदर्स' एवं 'एलिजाबेथ : द गोल्डन एज' जैसी उत्कृष्ट फिल्मों का निर्देशन किया। 'पानी' भविष्य में पानी को लेकर होने वाले युद्द पर केंद्रित है।
संक्षिप्त सारांश: शेखर ने रविवार को ट्विटर पर लिखा, जब मैंने पहली बार 'पानी' की पटकथा लिखी थी तब मेरे मन में यह ख्याल नहीं आया था कि यह इतना बड़ा मुद्दा बन जाएगा।
29
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: यूनान में चुनाव प्रचार के बीच एक टीवी कार्यक्रम के बहस के दौरान उस वक्त उहापोह की स्थिति पैदा हो गई, जब अति-दक्षिणपंथी गोल्डेन डाउन पार्टी के एक प्रवक्ता ने दो विपक्षी महिला नेताओं के साथ मारपीट शुरू कर दी। गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे यूनान में होने वाले चुनाव से एक सप्ताह पहले यह शर्मनाक घटना सामने आई है। इस घटना से यूनान के लोग हतप्रभ रह गए, क्योंकि वे अपने नेताओं की ओर इस उम्मीद से देख रहे हैं कि उनकी परेशानी ये लोग दूर करेंगे। मारपीट करने वाले नेता इलियास कासिदियारिस के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है।टिप्पणियां गोल्डेन डाउन पार्टी को बीते 6 मई को हुए चुनाव में 300 सीटों वाली संसद में 21 सीटें हासिल हुई थीं। इस पार्टी पर पहले भी एथेंस में प्रवासियों पर हमले के आरोप लगते रहे हैं, हालांकि ऐसी घटनाओं में वह अपनी संलिप्तता से इनकार करती रही है। वह खुद को राष्ट्रवादी संगठन के रूप में पेश करती रही है। कासिदियारिस एंटीना टीवी कार्यक्रम में गरमागरम बहस के दौरान कासिदियारिस ने वामपंथी सीरिजा पार्टी की सदस्य रेना दोउरो पर गिलास का पानी फेंका और कम्युनिस्ट पार्टी की सदस्य लियाना कानेली को पीटा। गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे यूनान में होने वाले चुनाव से एक सप्ताह पहले यह शर्मनाक घटना सामने आई है। इस घटना से यूनान के लोग हतप्रभ रह गए, क्योंकि वे अपने नेताओं की ओर इस उम्मीद से देख रहे हैं कि उनकी परेशानी ये लोग दूर करेंगे। मारपीट करने वाले नेता इलियास कासिदियारिस के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है।टिप्पणियां गोल्डेन डाउन पार्टी को बीते 6 मई को हुए चुनाव में 300 सीटों वाली संसद में 21 सीटें हासिल हुई थीं। इस पार्टी पर पहले भी एथेंस में प्रवासियों पर हमले के आरोप लगते रहे हैं, हालांकि ऐसी घटनाओं में वह अपनी संलिप्तता से इनकार करती रही है। वह खुद को राष्ट्रवादी संगठन के रूप में पेश करती रही है। कासिदियारिस एंटीना टीवी कार्यक्रम में गरमागरम बहस के दौरान कासिदियारिस ने वामपंथी सीरिजा पार्टी की सदस्य रेना दोउरो पर गिलास का पानी फेंका और कम्युनिस्ट पार्टी की सदस्य लियाना कानेली को पीटा। गोल्डेन डाउन पार्टी को बीते 6 मई को हुए चुनाव में 300 सीटों वाली संसद में 21 सीटें हासिल हुई थीं। इस पार्टी पर पहले भी एथेंस में प्रवासियों पर हमले के आरोप लगते रहे हैं, हालांकि ऐसी घटनाओं में वह अपनी संलिप्तता से इनकार करती रही है। वह खुद को राष्ट्रवादी संगठन के रूप में पेश करती रही है। कासिदियारिस एंटीना टीवी कार्यक्रम में गरमागरम बहस के दौरान कासिदियारिस ने वामपंथी सीरिजा पार्टी की सदस्य रेना दोउरो पर गिलास का पानी फेंका और कम्युनिस्ट पार्टी की सदस्य लियाना कानेली को पीटा। कासिदियारिस एंटीना टीवी कार्यक्रम में गरमागरम बहस के दौरान कासिदियारिस ने वामपंथी सीरिजा पार्टी की सदस्य रेना दोउरो पर गिलास का पानी फेंका और कम्युनिस्ट पार्टी की सदस्य लियाना कानेली को पीटा।
यहाँ एक सारांश है:यूनान में चुनाव प्रचार के बीच एक टीवी कार्यक्रम के बहस के दौरान अति-दक्षिणपंथी गोल्डेन डाउन पार्टी के एक प्रवक्ता ने दो विपक्षी महिला नेताओं के साथ मारपीट शुरू कर दी।
17
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: कुर्ग के एक किसान की तरफ से एक याचिका कर्नाटक हाईकोर्ट में दायर की गई है, जिसमें अपील की गई है कि 10 नवंबर को होने वाले टीपू जयंती समारोह पर रोक लगाई जाए. कर्नाटक हाईकोर्ट इस याचिका पर गुरुवार को सुनवाई करेगा. दरअसल, कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार की तरफ से पिछले साल पहली बार टीपू जयंती मनाने का फैसला किया गया था. मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की पहल पर पहले समारोह के दौरान कुर्ग में हिंसा भड़क उठी थी, जिसमें दो लोगों की जान चली गई थी. आरएसएस का आरोप है कि टीपू ने बड़े पैमाने पर मालाबार इलाके में धर्म परिवर्तन कराया था, ऐसे में टीपू जयंती नहीं मनाई जानी चाहिए.टिप्पणियां आरएसएस के क्षेत्रीय प्रचार प्रमुख वी. नागराज ने कहा कि अंग्रेज़ों और मुस्लिम इतिहासकारों ने इसका वर्णन किया है कि टीपू ने बड़े पैमाने में हिंदुओं और ईसाईयों का धर्म परिवर्तन किया. इतना ही नहीं वो एक निरंकुश शासक था. ऐसे में संघ परिवार सिद्धारमैया सरकार के इस फैसले का विरोध करता है. वहीं, दूसरी तरफ मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का कहना है कि इस बार भी टीपू जयंती पिछली बार की तरह 10 नवम्बर को मनाया जाएगी. वहीं, लोकसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे का कहना है कि आरएसएस के इशारे पर कांग्रेस नहीं चलेगी. जब आरएसएस गोडसे दिवस मना सकती है तो टीपू सुल्तान दिवस मनाने में क्या हर्ज है?. दरअसल, कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार की तरफ से पिछले साल पहली बार टीपू जयंती मनाने का फैसला किया गया था. मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की पहल पर पहले समारोह के दौरान कुर्ग में हिंसा भड़क उठी थी, जिसमें दो लोगों की जान चली गई थी. आरएसएस का आरोप है कि टीपू ने बड़े पैमाने पर मालाबार इलाके में धर्म परिवर्तन कराया था, ऐसे में टीपू जयंती नहीं मनाई जानी चाहिए.टिप्पणियां आरएसएस के क्षेत्रीय प्रचार प्रमुख वी. नागराज ने कहा कि अंग्रेज़ों और मुस्लिम इतिहासकारों ने इसका वर्णन किया है कि टीपू ने बड़े पैमाने में हिंदुओं और ईसाईयों का धर्म परिवर्तन किया. इतना ही नहीं वो एक निरंकुश शासक था. ऐसे में संघ परिवार सिद्धारमैया सरकार के इस फैसले का विरोध करता है. वहीं, दूसरी तरफ मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का कहना है कि इस बार भी टीपू जयंती पिछली बार की तरह 10 नवम्बर को मनाया जाएगी. वहीं, लोकसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे का कहना है कि आरएसएस के इशारे पर कांग्रेस नहीं चलेगी. जब आरएसएस गोडसे दिवस मना सकती है तो टीपू सुल्तान दिवस मनाने में क्या हर्ज है?. आरएसएस के क्षेत्रीय प्रचार प्रमुख वी. नागराज ने कहा कि अंग्रेज़ों और मुस्लिम इतिहासकारों ने इसका वर्णन किया है कि टीपू ने बड़े पैमाने में हिंदुओं और ईसाईयों का धर्म परिवर्तन किया. इतना ही नहीं वो एक निरंकुश शासक था. ऐसे में संघ परिवार सिद्धारमैया सरकार के इस फैसले का विरोध करता है. वहीं, दूसरी तरफ मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का कहना है कि इस बार भी टीपू जयंती पिछली बार की तरह 10 नवम्बर को मनाया जाएगी. वहीं, लोकसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे का कहना है कि आरएसएस के इशारे पर कांग्रेस नहीं चलेगी. जब आरएसएस गोडसे दिवस मना सकती है तो टीपू सुल्तान दिवस मनाने में क्या हर्ज है?. वहीं, दूसरी तरफ मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का कहना है कि इस बार भी टीपू जयंती पिछली बार की तरह 10 नवम्बर को मनाया जाएगी. वहीं, लोकसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे का कहना है कि आरएसएस के इशारे पर कांग्रेस नहीं चलेगी. जब आरएसएस गोडसे दिवस मना सकती है तो टीपू सुल्तान दिवस मनाने में क्या हर्ज है?.
संक्षिप्त पाठ: कर्नाटक हाईकोर्ट इस याचिका पर गुरुवार को सुनवाई करेगा. टीपू ने बड़े पैमाने पर मालाबार इलाके में धर्म परिवर्तन कराया- RSS का आरोप संघ परिवार सिद्धारमैया सरकार के इस फैसले का विरोध करता है.
27
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: देश के संगठित क्षेत्र में सितंबर, 2017 से नवंबर, 2018 के दौरान 15 माह में 1.8 करोड़ रोजगार पैदा हुये. भविष्य निधि कोष ईपीएफओ, पीएफआरडीए तथा कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) के उपलब्ध (कर्मचारियों की संख्या और वेतन) आंकड़ों के आधार पर यह अनुमान लगाया गया है. केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) द्वारा विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर किए गए अध्ययन के अनुसार नवंबर, 2018 तक ईएसआईसी संचालित ईएसआई योजना में नवंबर, 2018 तक की 15 माह की अवधि में कुल 1,84,38,748 नए सदस्य जुड़े. सीएसओ के शुक्रवार को जारी अध्ययन के अनुसार, इसी प्रकार सितंबर, 2017 से नवंबर, 2018 के दौरान कुल 1,79,34,300 नए सदस्य कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) द्वारा संचालित सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़े.  हालांकि, अध्ययन में कहा गया है कि इस 15 माह की अवधि में 1,39,31,607 सदस्य ईपीएफओ योजनाओं से बाहर भी निकले और 33,48,093 फिर से जुड़े. इस तरह कुल मिलाकर इस अवधि में शुद्ध रूप से 73,50,786 सदस्य इन योजनाओं से जुड़े. अध्ययन के अनुसार नवंबर, 2018 में 10,31,484 नए सदस्य ईएसआई योजना से जुड़े. यह नवंबर, 2017 में इस योजना से जुड़े 11,84,042 सदस्यों से 12.88 प्रतिशत कम है. इन 15 माह की अवधि में जुलाई, 2018 में सबसे अधिक 14,68,880 सदस्य ईएसआई योजना से जुड़े. इससे पहले इसी महीने जारी किए गए ईपीएफओ वेतन- रजिस्टर आंकड़ों के अनुसार नवंबर, 2018 मे औपचारिक क्षेत्र में रोजगार सृजन 48 प्रतिशत बढ़कर 15 माह के उच्चस्तर 7.32 लाख पर पहुंच गया, जबकि एक साल पहले इसी महीने में यह आंकड़ा 4.93 लाख था.  इसमें यह भी कहा गया है कि इन 15 माह की अवधि में नयी पेंशन योजना (एनपीएस) के अंशधारकों की अनुमानित संख्या 9,19,791 रही। एनपीएस योजना पेंशन कोष नियामक एवं विकास प्राधिकरण द्वारा चलाई जाती है. इसमें केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारियों के अलावा स्वैच्छिक अंशधारक भी आते हैं. सीएसओ की रिपोर्ट में संगठित क्षेत्र में रोजगार के स्तर के विभिन्न परिदृश्य दिए गए हैं. इसमें रोजगार का संपूर्ण स्तर नहीं बताया गया है. अप्रैल, 2018 से सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय संगठित क्षेत्र के रोजगार आधारित आंकड़े दे रहा है. इसमें सितंबर, 2017 से शुरू हुई अवधि को लिया गया है.  ये आंकड़े तीन प्रमुख योजनाओं ईपीएफ, ईएसआई तथा एनपीएस योजनाओं के तहत जुड़े अंशधारकों के आधार पर लिए गए हैं. मंत्रालय की इकाई सीएसओ ने कहा है कि यह रिपोर्ट विभिन्न स्रोतों से प्राप्त अंशधारकों की संख्या पर आधारित हैं. ऐसे में इनमें एक दूसरे के आंकड़े शामिल होने की गुंजाइश है.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: 15 महीने में 1.8 करोड़ नये रोजगार पैदा हुए CSO रिपोर्ट में किया गया यह दावा सितंबर 2017 से नवंबर 2018 पर आधारित है यह रिपोर्ट
11
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली में बीपीएल और अंत्योदय परिवारों के लिए एलपीजी सिलेंडर 40 रुपये कम में, जबकि सभी लोगों के लिए डीजल 37 पैसे कम मूल्य में उपलब्ध होगा। दिल्ली में सभी के लिए डीजल की कीमत 40.75 रुपये लीटर होगी, जबकि बीपीएल और अंत्योदय परिवारों के लिए एलपीजी की कीमत 355.35 रुपये प्रति सिलेंडर होगी। पश्चिम बंगाल और हरियाणा के बाद दिल्ली तीसरा ऐसा राज्य है जिसने तेल उत्पादों के मूल्यों में कमी करने की घोषणा की है। दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने यहां कैबिनेट की बैठक के बाद संवाददाताओं को बताया, बीपीएल और अंत्योदय के लिए एलपीजी सिलेंडर 40 रुपये कम मूल्य पर उपलब्ध होगा, जबकि डीजल 37 पैसे प्रति लीटर कम मूल्य पर उपलब्ध होगा। केन्द्र सरकार द्वारा डीजल के दाम तीन रुपये लीटर और घरेलू सिलेंडर के दाम 50 रुपये प्रति सिलेंडर बढ़ा दिए गए। बहरहाल, अब राष्ट्रीय राजधानी में ऐसे परिवार जो बीपीएल अथवा अंत्योदय योजना के तहत नहीं आते हैं उन्हें गैस सिलेंडर के लिये 395.45 रुपये ही चुकाने होंगे।
सारांश: दिल्ली में बीपीएल परिवारों के लिए एलपीजी सिलेंडर 40 रुपये कम में, जबकि सभी लोगों के लिए डीजल 37 पैसे कम मूल्य में उपलब्ध होगा।
20
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सेना प्रमुख जनरल दलबीर सिंह सुहाग ने मंगलवार को चीन की सीमा से लगे क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की और संचालनगत तैयारियों का जायजा लिया. सेना के सूत्रों ने बताया कि सुहाग कल शाम तेजपुर स्थित 4 कोर (गजराज कोर) पहुंचे और क्षेत्र में मौजूद वरिष्ठ कमांडरों ने उन्हें विस्तृत जानकारी दी.टिप्पणियां सूत्रों ने बताया, 'सेना प्रमुख को सीमाओं पर संचालनगत तैयारियों और अन्य ब्यौरों के बारे में जानकारी दी गई'. अरुणाचल प्रदेश में चीन से लगी सीमा की सुरक्षा की जिम्मेदारी 4 कोर पर है और लेफ्टिनेंट जनरल देवराज अनबू इसके प्रमुख हैं. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सेना के सूत्रों ने बताया कि सुहाग कल शाम तेजपुर स्थित 4 कोर (गजराज कोर) पहुंचे और क्षेत्र में मौजूद वरिष्ठ कमांडरों ने उन्हें विस्तृत जानकारी दी.टिप्पणियां सूत्रों ने बताया, 'सेना प्रमुख को सीमाओं पर संचालनगत तैयारियों और अन्य ब्यौरों के बारे में जानकारी दी गई'. अरुणाचल प्रदेश में चीन से लगी सीमा की सुरक्षा की जिम्मेदारी 4 कोर पर है और लेफ्टिनेंट जनरल देवराज अनबू इसके प्रमुख हैं. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सूत्रों ने बताया, 'सेना प्रमुख को सीमाओं पर संचालनगत तैयारियों और अन्य ब्यौरों के बारे में जानकारी दी गई'. अरुणाचल प्रदेश में चीन से लगी सीमा की सुरक्षा की जिम्मेदारी 4 कोर पर है और लेफ्टिनेंट जनरल देवराज अनबू इसके प्रमुख हैं. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त सारांश: सुहाग ने चीन की सीमा से लगे क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की सुहाग कल शाम तेजपुर स्थित 4 कोर (गजराज कोर) पहुंचे. अरुणाचल प्रदेश में चीन से लगी सीमा की सुरक्षा की जिम्मेदारी 4 कोर पर है
23
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: रविंद्र जडेजा और सुरेश रैना वेस्टइंडीज के खिलाफ त्रिकोणीय एकदिवसीय शृंखला के भारत के मैच में कैच छोड़ने को लेकर मैदान पर ही तीखी बहस करने लगे। भारत ने वर्षा से प्रभावित मैच में डकवर्थ लुईस पद्धति के आधार पर वेस्टइंडीज को 102 रन से शिकस्त दी लेकिन इस दौरान यह घटना निराशाजनक रही। इस घटना के वीडियो फुटेज को यूट्यूब पर डाला गया है और सैकड़ों लोग इसे देख चुके हैं। यह घटना वेस्टइंडीज की पारी के 34वें ओवर की पांचवीं गेंद पर जडेजा के सुनील नारायण को इशांत शर्मा के हाथों कैच कराने के बाद हुई। इस विकेट के बाद जडेजा को रैना की ओर जाते हुए देखा गया। उन्होंने उत्तर प्रदेश के इस बल्लेबाज को कुछ कहा जो संभवत: रैना को अच्छा नहीं लगा। रैना ने इसका जवाब दिया और इससे पहले कि चीजें हाथ से निकलती कप्तान विराट कोहली ने हस्तक्षेप करते हुए रैना को शांत होने को कहा।टिप्पणियां जडेजा संभवत: इस बात से नाराज थे कि रैना उनके पिछले ओवर में नारायण का कैच लपकने में नाकाम रहे थे। जडेजा ने अगली ही गेंद पर जब वेस्टइंडीज के अंतिम बल्लेबाज को भी पवेलियन भेजा तो रैना जडेजा के पास आए और उन्होंने अपने इस जूनियर साथी के गले में हाथ डालकर उन्हें धैर्य के साथ कुछ कहा। बाद में दोनों को मैदान से बाहर जाते वक्त बातें करते हुए और हंसते हुए देखा गया। भारत ने वर्षा से प्रभावित मैच में डकवर्थ लुईस पद्धति के आधार पर वेस्टइंडीज को 102 रन से शिकस्त दी लेकिन इस दौरान यह घटना निराशाजनक रही। इस घटना के वीडियो फुटेज को यूट्यूब पर डाला गया है और सैकड़ों लोग इसे देख चुके हैं। यह घटना वेस्टइंडीज की पारी के 34वें ओवर की पांचवीं गेंद पर जडेजा के सुनील नारायण को इशांत शर्मा के हाथों कैच कराने के बाद हुई। इस विकेट के बाद जडेजा को रैना की ओर जाते हुए देखा गया। उन्होंने उत्तर प्रदेश के इस बल्लेबाज को कुछ कहा जो संभवत: रैना को अच्छा नहीं लगा। रैना ने इसका जवाब दिया और इससे पहले कि चीजें हाथ से निकलती कप्तान विराट कोहली ने हस्तक्षेप करते हुए रैना को शांत होने को कहा।टिप्पणियां जडेजा संभवत: इस बात से नाराज थे कि रैना उनके पिछले ओवर में नारायण का कैच लपकने में नाकाम रहे थे। जडेजा ने अगली ही गेंद पर जब वेस्टइंडीज के अंतिम बल्लेबाज को भी पवेलियन भेजा तो रैना जडेजा के पास आए और उन्होंने अपने इस जूनियर साथी के गले में हाथ डालकर उन्हें धैर्य के साथ कुछ कहा। बाद में दोनों को मैदान से बाहर जाते वक्त बातें करते हुए और हंसते हुए देखा गया। यह घटना वेस्टइंडीज की पारी के 34वें ओवर की पांचवीं गेंद पर जडेजा के सुनील नारायण को इशांत शर्मा के हाथों कैच कराने के बाद हुई। इस विकेट के बाद जडेजा को रैना की ओर जाते हुए देखा गया। उन्होंने उत्तर प्रदेश के इस बल्लेबाज को कुछ कहा जो संभवत: रैना को अच्छा नहीं लगा। रैना ने इसका जवाब दिया और इससे पहले कि चीजें हाथ से निकलती कप्तान विराट कोहली ने हस्तक्षेप करते हुए रैना को शांत होने को कहा।टिप्पणियां जडेजा संभवत: इस बात से नाराज थे कि रैना उनके पिछले ओवर में नारायण का कैच लपकने में नाकाम रहे थे। जडेजा ने अगली ही गेंद पर जब वेस्टइंडीज के अंतिम बल्लेबाज को भी पवेलियन भेजा तो रैना जडेजा के पास आए और उन्होंने अपने इस जूनियर साथी के गले में हाथ डालकर उन्हें धैर्य के साथ कुछ कहा। बाद में दोनों को मैदान से बाहर जाते वक्त बातें करते हुए और हंसते हुए देखा गया। इस विकेट के बाद जडेजा को रैना की ओर जाते हुए देखा गया। उन्होंने उत्तर प्रदेश के इस बल्लेबाज को कुछ कहा जो संभवत: रैना को अच्छा नहीं लगा। रैना ने इसका जवाब दिया और इससे पहले कि चीजें हाथ से निकलती कप्तान विराट कोहली ने हस्तक्षेप करते हुए रैना को शांत होने को कहा।टिप्पणियां जडेजा संभवत: इस बात से नाराज थे कि रैना उनके पिछले ओवर में नारायण का कैच लपकने में नाकाम रहे थे। जडेजा ने अगली ही गेंद पर जब वेस्टइंडीज के अंतिम बल्लेबाज को भी पवेलियन भेजा तो रैना जडेजा के पास आए और उन्होंने अपने इस जूनियर साथी के गले में हाथ डालकर उन्हें धैर्य के साथ कुछ कहा। बाद में दोनों को मैदान से बाहर जाते वक्त बातें करते हुए और हंसते हुए देखा गया। जडेजा संभवत: इस बात से नाराज थे कि रैना उनके पिछले ओवर में नारायण का कैच लपकने में नाकाम रहे थे। जडेजा ने अगली ही गेंद पर जब वेस्टइंडीज के अंतिम बल्लेबाज को भी पवेलियन भेजा तो रैना जडेजा के पास आए और उन्होंने अपने इस जूनियर साथी के गले में हाथ डालकर उन्हें धैर्य के साथ कुछ कहा। बाद में दोनों को मैदान से बाहर जाते वक्त बातें करते हुए और हंसते हुए देखा गया। जडेजा ने अगली ही गेंद पर जब वेस्टइंडीज के अंतिम बल्लेबाज को भी पवेलियन भेजा तो रैना जडेजा के पास आए और उन्होंने अपने इस जूनियर साथी के गले में हाथ डालकर उन्हें धैर्य के साथ कुछ कहा। बाद में दोनों को मैदान से बाहर जाते वक्त बातें करते हुए और हंसते हुए देखा गया।
रविंद्र जडेजा और सुरेश रैना वेस्टइंडीज के खिलाफ त्रिकोणीय एकदिवसीय शृंखला के भारत के मैच में कैच छोड़ने को लेकर मैदान पर ही तीखी बहस करने लगे।
28
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: नीतीश सरकार को विश्वास मत के दौरान समर्थन दिए जाने को अपनी पार्टी की रणनीति का हिस्सा बताते हुए कांग्रेस ने कहा कि अगले लोकसभा चुनाव में आरजेडी या जेडीयू के साथ तालमेल करने के बारे में चुनावों की घोषणा के बाद ही कोई फैसला किया जाएगा। कांग्रेस महासचिव और पार्टी के नवनियुक्त बिहार प्रभारी सीपी जोशी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी एक राजनीतिक दल है और वह देश में धर्मनिरपेक्ष ताकतों को मजबूत करने के प्रति प्रतिबद्ध रही है। जोशी ने कहा कि बिहार में बीजेपी से जेडीयू के अलग होने के बाद धर्मनिरपेक्ष शक्तियों को ताकत प्रदान करने के लिए हमने अपनी रणनीति के तहत नीतीश सरकार के समर्थन में मतदान किया।टिप्पणियां उन्होंने कहा कि अभी हमारी कोशिश राज्य में कांग्रेस को अपने बलबूते अपने पैरों पर खड़ा करने की है। गठबंधन के बारे में चुनावों की घोषणा के बाद फैसला लिया जाएगा। जोशी ने कहा कि प्रदेश की वर्तमान सरकार को कांग्रेस द्वारा समर्थन दिए जाने का कोई संबंध अगले लोकसभा चुनाव में उनके (जेडीयू) साथ तालमेल से नहीं है, बल्कि वर्तमान में हमारा एक सूत्रीय कार्यक्रम कांग्रेस को बिहार में मजबूत करना है और इसके लिए आगे के कार्यक्रम तैयार किए जाएंगे। जोशी ने कहा कि उन्होंने यहां के कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच जो उत्साह पाया है, उससे उन्हें पूरा विश्वास है कि कांग्रेस पार्टी अपने पुराने गौरव को प्राप्त करेगी। यह पूछे जाने पर कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद में वे किसे अधिक धर्मनिरपेक्ष मानते हैं, जोशी ने कहा कि वह इस पर बयान देने के लिए अपने को सक्षम नहीं मानते। कांग्रेस महासचिव और पार्टी के नवनियुक्त बिहार प्रभारी सीपी जोशी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी एक राजनीतिक दल है और वह देश में धर्मनिरपेक्ष ताकतों को मजबूत करने के प्रति प्रतिबद्ध रही है। जोशी ने कहा कि बिहार में बीजेपी से जेडीयू के अलग होने के बाद धर्मनिरपेक्ष शक्तियों को ताकत प्रदान करने के लिए हमने अपनी रणनीति के तहत नीतीश सरकार के समर्थन में मतदान किया।टिप्पणियां उन्होंने कहा कि अभी हमारी कोशिश राज्य में कांग्रेस को अपने बलबूते अपने पैरों पर खड़ा करने की है। गठबंधन के बारे में चुनावों की घोषणा के बाद फैसला लिया जाएगा। जोशी ने कहा कि प्रदेश की वर्तमान सरकार को कांग्रेस द्वारा समर्थन दिए जाने का कोई संबंध अगले लोकसभा चुनाव में उनके (जेडीयू) साथ तालमेल से नहीं है, बल्कि वर्तमान में हमारा एक सूत्रीय कार्यक्रम कांग्रेस को बिहार में मजबूत करना है और इसके लिए आगे के कार्यक्रम तैयार किए जाएंगे। जोशी ने कहा कि उन्होंने यहां के कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच जो उत्साह पाया है, उससे उन्हें पूरा विश्वास है कि कांग्रेस पार्टी अपने पुराने गौरव को प्राप्त करेगी। यह पूछे जाने पर कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद में वे किसे अधिक धर्मनिरपेक्ष मानते हैं, जोशी ने कहा कि वह इस पर बयान देने के लिए अपने को सक्षम नहीं मानते। उन्होंने कहा कि अभी हमारी कोशिश राज्य में कांग्रेस को अपने बलबूते अपने पैरों पर खड़ा करने की है। गठबंधन के बारे में चुनावों की घोषणा के बाद फैसला लिया जाएगा। जोशी ने कहा कि प्रदेश की वर्तमान सरकार को कांग्रेस द्वारा समर्थन दिए जाने का कोई संबंध अगले लोकसभा चुनाव में उनके (जेडीयू) साथ तालमेल से नहीं है, बल्कि वर्तमान में हमारा एक सूत्रीय कार्यक्रम कांग्रेस को बिहार में मजबूत करना है और इसके लिए आगे के कार्यक्रम तैयार किए जाएंगे। जोशी ने कहा कि उन्होंने यहां के कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच जो उत्साह पाया है, उससे उन्हें पूरा विश्वास है कि कांग्रेस पार्टी अपने पुराने गौरव को प्राप्त करेगी। यह पूछे जाने पर कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद में वे किसे अधिक धर्मनिरपेक्ष मानते हैं, जोशी ने कहा कि वह इस पर बयान देने के लिए अपने को सक्षम नहीं मानते। जोशी ने कहा कि उन्होंने यहां के कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच जो उत्साह पाया है, उससे उन्हें पूरा विश्वास है कि कांग्रेस पार्टी अपने पुराने गौरव को प्राप्त करेगी। यह पूछे जाने पर कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद में वे किसे अधिक धर्मनिरपेक्ष मानते हैं, जोशी ने कहा कि वह इस पर बयान देने के लिए अपने को सक्षम नहीं मानते।
यहाँ एक सारांश है:कांग्रेस महासचिव और पार्टी के बिहार प्रभारी सीपी जोशी ने कहा कि बीजेपी से जेडीयू के अलग होने के बाद धर्मनिरपेक्ष शक्तियों को ताकत प्रदान करने के लिए हमने अपनी रणनीति के तहत नीतीश सरकार के समर्थन में मतदान किया।
18
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कांग्रेस (Congress) के वरिष्ठ नेता शशि थरूर (Shashi Tharoor) ने दावा किया है कि हिन्दुत्व को राजनीतिक रूप से पेश करना कुछ और नहीं बल्कि हिन्दू धर्म पर प्रहार है. उन्होंने यह भी कहा कि सहस्राब्दियों से विश्व कल्याण की कामना करने वाले इस धर्म ने बाहरी आक्रमणों में अपनी प्रतिरोध क्षमता का प्रदर्शन किया है किंतु भीतर से होने वाले हमलों के कारण अब यह अपनी कमजोरी दिखा रहा है. नयी पुस्तक ‘द हिन्दू वे- एन इंट्रोडक्शन टू हिन्दुइज्म' में उन्होंने हिन्दू धर्म के महत्वपूर्ण दर्शनों जैसे अद्वैत वेदांत पर गहन चिंतन किया है और उन प्रारंभिक धारणाओं की ओर ध्यान दिलाया है जो धर्म का आधार हैं. यह पुस्तक उनकी पूर्व की किताब ‘वाई आई एम ए हिन्दू' की श्रृंखला की अगली कड़ी है.  शशि थरूर (Shashi Tharoor) ने किताब में लिखा, ‘हिन्दू धर्म अपने खुलेपन, दूसरे विचारों का सम्मान करने और अन्य विश्वासों को स्वीकार करने के लिए जाना जाता है. यह एक ऐसा धर्म है जो अन्य धर्मों के भय के बिना डटा रहा. लेकिन यह वह हिन्दुत्व नहीं है जिसने बाबरी मस्जिद तोड़ी, न ही यह सांप्रदायिक राजनीतिक नेताओं द्वारा घृणा भरे बोलों का वमन है.' अठारह पुस्तकें लिख चुके थरूर ने कहा कि हिन्दुत्व का ऐसा दृष्टिकोण पेश करने के लिए हिन्दुत्व राजनीति का विरोध किया जाना चाहिए. यह दृष्टिकोण ऐसी हर उस चीज का विरोध करता है जिसके पक्ष में सार्वभौम धर्म होता है.
यह एक सारांश है: थरूर ने कहा, हिन्दुत्व को राजनीतिक रूप से पेश करना गलत यह हिन्दू धर्म पर एक प्रहार की तरह है इस धर्म ने बाहरी आक्रमणों में अपनी प्रतिरोध क्षमता का प्रदर्शन किया है
16
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: स्‍नोशू प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए कश्मीर से अमेरिका आए 24 वर्षीय एक भारतीय खिलाड़ी को यहां एक किशोरी का यौन उत्पीड़न करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है.तनवीर हुसैन वर्ल्ड स्‍नोशू चैंपियनशिप में हिस्सा लेने न्यूयॉर्क के छोटे से गांव सारनाक झील आए थे. पुलिस ने बताया कि हुसैन पर यौन उत्पीड़न और एक बच्ची के भविष्य को खतरे में डालने का आरोप है.टिप्पणियां हुसैन की तरफ लोगों का ध्यान तब गया था जब नई दिल्ली में स्थित अमेरिकी दूतावाास ने उन्हें और अन्य खिलाड़ी आबिद खान को वीजा देने से इंकार कर दिया था. यह उस समय की बात है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सात मुस्लिम बहुल देशों के नागरिकों के अमेरिका प्रवेश पर रोक लगाई थी. भारत हालांकि सात प्रतिबंधित देशों में शामिल नही था लेकिन वीजा से इंकार को उस शासकीय आदेश से जोड़ कर देखा जा रहा था. हुसैन को बाद में वीजा मिल गया. एडिरोन्डैक डेली एंटरप्राइज की खबर के मुताबिक पुलिस ने हुसैन को बुधवार को गिरफ्तार किया. खिलाड़ी पर 13 वर्षीय एक लड़की ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है.पुलिस सर्जेंट केसी रियर्डन ने कहा कि लड़की और उसके माता-पिता ने पुलिस में मामला दर्ज कराया। यह वारदात गांव में सोमवार की शाम हुई. उस पर अभियोग लगाया गया और उसके वकील ने उसे बेकसूर बताया है. मामले की अगली सुनवाई सोमवार को होगी. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) हुसैन की तरफ लोगों का ध्यान तब गया था जब नई दिल्ली में स्थित अमेरिकी दूतावाास ने उन्हें और अन्य खिलाड़ी आबिद खान को वीजा देने से इंकार कर दिया था. यह उस समय की बात है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सात मुस्लिम बहुल देशों के नागरिकों के अमेरिका प्रवेश पर रोक लगाई थी. भारत हालांकि सात प्रतिबंधित देशों में शामिल नही था लेकिन वीजा से इंकार को उस शासकीय आदेश से जोड़ कर देखा जा रहा था. हुसैन को बाद में वीजा मिल गया. एडिरोन्डैक डेली एंटरप्राइज की खबर के मुताबिक पुलिस ने हुसैन को बुधवार को गिरफ्तार किया. खिलाड़ी पर 13 वर्षीय एक लड़की ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है.पुलिस सर्जेंट केसी रियर्डन ने कहा कि लड़की और उसके माता-पिता ने पुलिस में मामला दर्ज कराया। यह वारदात गांव में सोमवार की शाम हुई. उस पर अभियोग लगाया गया और उसके वकील ने उसे बेकसूर बताया है. मामले की अगली सुनवाई सोमवार को होगी. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
स्‍नोशू चैंपियनशिप में भाग लेने अमेरिका आया था तनवीर 13 साल की लड़की ने लगाया है यौन उत्‍पीड़न का आरोप पुलिस ने बुधवार को तनवीर को गिरफ्तार किया
34
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली में पिछले दिनों एक युवती के साथ बस में सामूहिक दुष्कर्म की घटना के बाद बाजार में 'पैपर स्प्रे' की बिक्री बढ़ गई है। विक्रेताओं ने कहा कि 23 वर्षीय युवती के साथ 16 दिसम्बर को हुए दुष्कर्म की वारदात के बाद 'पेपर स्प्रे' की बिक्री काफी बढ़ गई है। एक डीलर मनीष मित्रा ने कहा, "आम तौर पर हर माह 10 से 20 कैन बिकते हैं। लेकिन 16 दिसम्बर की वारदात के बाद मैं हर रोज लगभग 50 कैन बेच रहा हूं।" उन्होंने कहा, "राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्रों के कार्यालयों, खासकर बीपीओ से थोक ऑर्डर आ रहे हैं।" उन्होंने कहा कि एक कैन का आकार अलग-अलग होता है और कीमत 150 रुपये से 500 रुपये के बीच होती है। इसमें आमतौर पर 35 ग्राम काली मिर्च होती है और मिश्रण तीन साल में एक्स्पायर होता है। स्प्रे में काली मिर्च के अलावा दूसरे और रसायन मिले होते हैं, जिसके छिड़काव से आंख और त्वचा में जलन होती है। उत्पाद के विज्ञापनों में बताया जा रहा है कि जिस पर इसका छिड़काव किया जाएगा, वह तात्कालिक रूप से देख पाने में अक्षम हो जाएगा और सांस लेने के सिवा और कुछ नहीं कर पाएगा। स्प्रे का उपयोग कर महिलाएं हमलावरों से अपनी तात्कालिक रक्षा कर सकती है और बाद में सहायता के लिए दूसरों को सम्पर्क कर सकती है। कम्पनियां भी अपनी महिला कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए इसे खरीद रही हैं। नोएडा में एक बीपीओ कम्पनी के एक वरिष्ठ प्रबंधक ने कहा, "हमने कर्मचारियों की सुरक्षा के मुद्दे को गम्भीरता से लिया है। हमने अपनी कम्पनी में काम करने वाली महिलाओं के लिए पैपर स्प्रे का ऑर्डर दिया है।"टिप्पणियां पुलिस ने कहा कि महिलाओं द्वारा इसके उपयोग से उन्हें आपत्ति नहीं है। पुलिस उपायुक्त (उत्तर) सिंधु पिल्लई ने कहा, "चाकू, मिर्च के बुरादे या स्प्रे रखकर महिला हमलावर से अपनी रक्षा कर सकती है। आत्मरक्षा में कोई भी महिला हमलावर पर हमला कर सकती है। लेकिन बिना कारण इसका इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए और इसका दुरुपयोग नहीं किया जाना चाहिए। आम आदमी यदि आत्म रक्षा के उपाय अपनाएं तो इसमें आपत्ति नहीं है।" विक्रेताओं ने कहा कि 23 वर्षीय युवती के साथ 16 दिसम्बर को हुए दुष्कर्म की वारदात के बाद 'पेपर स्प्रे' की बिक्री काफी बढ़ गई है। एक डीलर मनीष मित्रा ने कहा, "आम तौर पर हर माह 10 से 20 कैन बिकते हैं। लेकिन 16 दिसम्बर की वारदात के बाद मैं हर रोज लगभग 50 कैन बेच रहा हूं।" उन्होंने कहा, "राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्रों के कार्यालयों, खासकर बीपीओ से थोक ऑर्डर आ रहे हैं।" उन्होंने कहा कि एक कैन का आकार अलग-अलग होता है और कीमत 150 रुपये से 500 रुपये के बीच होती है। इसमें आमतौर पर 35 ग्राम काली मिर्च होती है और मिश्रण तीन साल में एक्स्पायर होता है। स्प्रे में काली मिर्च के अलावा दूसरे और रसायन मिले होते हैं, जिसके छिड़काव से आंख और त्वचा में जलन होती है। उत्पाद के विज्ञापनों में बताया जा रहा है कि जिस पर इसका छिड़काव किया जाएगा, वह तात्कालिक रूप से देख पाने में अक्षम हो जाएगा और सांस लेने के सिवा और कुछ नहीं कर पाएगा। स्प्रे का उपयोग कर महिलाएं हमलावरों से अपनी तात्कालिक रक्षा कर सकती है और बाद में सहायता के लिए दूसरों को सम्पर्क कर सकती है। कम्पनियां भी अपनी महिला कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए इसे खरीद रही हैं। नोएडा में एक बीपीओ कम्पनी के एक वरिष्ठ प्रबंधक ने कहा, "हमने कर्मचारियों की सुरक्षा के मुद्दे को गम्भीरता से लिया है। हमने अपनी कम्पनी में काम करने वाली महिलाओं के लिए पैपर स्प्रे का ऑर्डर दिया है।"टिप्पणियां पुलिस ने कहा कि महिलाओं द्वारा इसके उपयोग से उन्हें आपत्ति नहीं है। पुलिस उपायुक्त (उत्तर) सिंधु पिल्लई ने कहा, "चाकू, मिर्च के बुरादे या स्प्रे रखकर महिला हमलावर से अपनी रक्षा कर सकती है। आत्मरक्षा में कोई भी महिला हमलावर पर हमला कर सकती है। लेकिन बिना कारण इसका इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए और इसका दुरुपयोग नहीं किया जाना चाहिए। आम आदमी यदि आत्म रक्षा के उपाय अपनाएं तो इसमें आपत्ति नहीं है।" एक डीलर मनीष मित्रा ने कहा, "आम तौर पर हर माह 10 से 20 कैन बिकते हैं। लेकिन 16 दिसम्बर की वारदात के बाद मैं हर रोज लगभग 50 कैन बेच रहा हूं।" उन्होंने कहा, "राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्रों के कार्यालयों, खासकर बीपीओ से थोक ऑर्डर आ रहे हैं।" उन्होंने कहा कि एक कैन का आकार अलग-अलग होता है और कीमत 150 रुपये से 500 रुपये के बीच होती है। इसमें आमतौर पर 35 ग्राम काली मिर्च होती है और मिश्रण तीन साल में एक्स्पायर होता है। स्प्रे में काली मिर्च के अलावा दूसरे और रसायन मिले होते हैं, जिसके छिड़काव से आंख और त्वचा में जलन होती है। उत्पाद के विज्ञापनों में बताया जा रहा है कि जिस पर इसका छिड़काव किया जाएगा, वह तात्कालिक रूप से देख पाने में अक्षम हो जाएगा और सांस लेने के सिवा और कुछ नहीं कर पाएगा। स्प्रे का उपयोग कर महिलाएं हमलावरों से अपनी तात्कालिक रक्षा कर सकती है और बाद में सहायता के लिए दूसरों को सम्पर्क कर सकती है। कम्पनियां भी अपनी महिला कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए इसे खरीद रही हैं। नोएडा में एक बीपीओ कम्पनी के एक वरिष्ठ प्रबंधक ने कहा, "हमने कर्मचारियों की सुरक्षा के मुद्दे को गम्भीरता से लिया है। हमने अपनी कम्पनी में काम करने वाली महिलाओं के लिए पैपर स्प्रे का ऑर्डर दिया है।"टिप्पणियां पुलिस ने कहा कि महिलाओं द्वारा इसके उपयोग से उन्हें आपत्ति नहीं है। पुलिस उपायुक्त (उत्तर) सिंधु पिल्लई ने कहा, "चाकू, मिर्च के बुरादे या स्प्रे रखकर महिला हमलावर से अपनी रक्षा कर सकती है। आत्मरक्षा में कोई भी महिला हमलावर पर हमला कर सकती है। लेकिन बिना कारण इसका इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए और इसका दुरुपयोग नहीं किया जाना चाहिए। आम आदमी यदि आत्म रक्षा के उपाय अपनाएं तो इसमें आपत्ति नहीं है।" स्प्रे में काली मिर्च के अलावा दूसरे और रसायन मिले होते हैं, जिसके छिड़काव से आंख और त्वचा में जलन होती है। उत्पाद के विज्ञापनों में बताया जा रहा है कि जिस पर इसका छिड़काव किया जाएगा, वह तात्कालिक रूप से देख पाने में अक्षम हो जाएगा और सांस लेने के सिवा और कुछ नहीं कर पाएगा। स्प्रे का उपयोग कर महिलाएं हमलावरों से अपनी तात्कालिक रक्षा कर सकती है और बाद में सहायता के लिए दूसरों को सम्पर्क कर सकती है। कम्पनियां भी अपनी महिला कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए इसे खरीद रही हैं। नोएडा में एक बीपीओ कम्पनी के एक वरिष्ठ प्रबंधक ने कहा, "हमने कर्मचारियों की सुरक्षा के मुद्दे को गम्भीरता से लिया है। हमने अपनी कम्पनी में काम करने वाली महिलाओं के लिए पैपर स्प्रे का ऑर्डर दिया है।"टिप्पणियां पुलिस ने कहा कि महिलाओं द्वारा इसके उपयोग से उन्हें आपत्ति नहीं है। पुलिस उपायुक्त (उत्तर) सिंधु पिल्लई ने कहा, "चाकू, मिर्च के बुरादे या स्प्रे रखकर महिला हमलावर से अपनी रक्षा कर सकती है। आत्मरक्षा में कोई भी महिला हमलावर पर हमला कर सकती है। लेकिन बिना कारण इसका इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए और इसका दुरुपयोग नहीं किया जाना चाहिए। आम आदमी यदि आत्म रक्षा के उपाय अपनाएं तो इसमें आपत्ति नहीं है।" स्प्रे का उपयोग कर महिलाएं हमलावरों से अपनी तात्कालिक रक्षा कर सकती है और बाद में सहायता के लिए दूसरों को सम्पर्क कर सकती है। कम्पनियां भी अपनी महिला कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए इसे खरीद रही हैं। नोएडा में एक बीपीओ कम्पनी के एक वरिष्ठ प्रबंधक ने कहा, "हमने कर्मचारियों की सुरक्षा के मुद्दे को गम्भीरता से लिया है। हमने अपनी कम्पनी में काम करने वाली महिलाओं के लिए पैपर स्प्रे का ऑर्डर दिया है।"टिप्पणियां पुलिस ने कहा कि महिलाओं द्वारा इसके उपयोग से उन्हें आपत्ति नहीं है। पुलिस उपायुक्त (उत्तर) सिंधु पिल्लई ने कहा, "चाकू, मिर्च के बुरादे या स्प्रे रखकर महिला हमलावर से अपनी रक्षा कर सकती है। आत्मरक्षा में कोई भी महिला हमलावर पर हमला कर सकती है। लेकिन बिना कारण इसका इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए और इसका दुरुपयोग नहीं किया जाना चाहिए। आम आदमी यदि आत्म रक्षा के उपाय अपनाएं तो इसमें आपत्ति नहीं है।" कम्पनियां भी अपनी महिला कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए इसे खरीद रही हैं। नोएडा में एक बीपीओ कम्पनी के एक वरिष्ठ प्रबंधक ने कहा, "हमने कर्मचारियों की सुरक्षा के मुद्दे को गम्भीरता से लिया है। हमने अपनी कम्पनी में काम करने वाली महिलाओं के लिए पैपर स्प्रे का ऑर्डर दिया है।"टिप्पणियां पुलिस ने कहा कि महिलाओं द्वारा इसके उपयोग से उन्हें आपत्ति नहीं है। पुलिस उपायुक्त (उत्तर) सिंधु पिल्लई ने कहा, "चाकू, मिर्च के बुरादे या स्प्रे रखकर महिला हमलावर से अपनी रक्षा कर सकती है। आत्मरक्षा में कोई भी महिला हमलावर पर हमला कर सकती है। लेकिन बिना कारण इसका इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए और इसका दुरुपयोग नहीं किया जाना चाहिए। आम आदमी यदि आत्म रक्षा के उपाय अपनाएं तो इसमें आपत्ति नहीं है।" पुलिस ने कहा कि महिलाओं द्वारा इसके उपयोग से उन्हें आपत्ति नहीं है। पुलिस उपायुक्त (उत्तर) सिंधु पिल्लई ने कहा, "चाकू, मिर्च के बुरादे या स्प्रे रखकर महिला हमलावर से अपनी रक्षा कर सकती है। आत्मरक्षा में कोई भी महिला हमलावर पर हमला कर सकती है। लेकिन बिना कारण इसका इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए और इसका दुरुपयोग नहीं किया जाना चाहिए। आम आदमी यदि आत्म रक्षा के उपाय अपनाएं तो इसमें आपत्ति नहीं है।" पुलिस उपायुक्त (उत्तर) सिंधु पिल्लई ने कहा, "चाकू, मिर्च के बुरादे या स्प्रे रखकर महिला हमलावर से अपनी रक्षा कर सकती है। आत्मरक्षा में कोई भी महिला हमलावर पर हमला कर सकती है। लेकिन बिना कारण इसका इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए और इसका दुरुपयोग नहीं किया जाना चाहिए। आम आदमी यदि आत्म रक्षा के उपाय अपनाएं तो इसमें आपत्ति नहीं है।"
संक्षिप्त सारांश: दिल्ली में पिछले दिनों एक युवती के साथ बस में सामूहिक दुष्कर्म की घटना के बाद बाजार में 'पैपर स्प्रे' की बिक्री बढ़ गई है।
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिका में इस्लामोफोबिया को लेकर हो रही बयानबाजी पर चिंता बढ़ने के बीच यहां कथित घृणा अपराध के एक ताजा मामले में हिजाब पहनीं एक मां बेटी पर एक महिला ने हमला किया और उन पर थूक फेंककर उन्हें ‘आईएसआईएस कहकर संबोधित किया’. हिजाब पहनीं दोनों मुस्लिम महिलाओं ने शिकागो के पास वेस्ट रोजर्स पार्क में उन्हें उत्पीड़ित किए जाने और शारीरिक हमले की रिपोर्ट की. महिलाओं ने बताया कि एक महिला ने उन पर हमला किया और उनके खिलाफ इस्लाम विरोधी अपशब्द कहे. उन्होंने यह भी दावा किया कि शिकागो पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया. पीड़ित सुजैन डामरा ने ‘एनबीसी शिकागो’ को बताया कि महिला ने बीते गुरुवार ही उन दोनों मां बेटी का पीछा किया था और उन्हें ‘आईएसआईएस’ कहकर संबोधित करने के बाद उन पर थूकने की भी कोशिश की थी. इन दोनों महिलाओं में से एक महिला द्वारा शूट किए गए वीडियो में दिखाया गया है कि कथित हमलावर उन्हें अपशब्द कह रही है. इस दौरान दोनों महिलाओं को अपनी कार में जान बचाने के लिए बैठते देखा जा सकता है. हमलावर महिला को चीखते चिल्लाते हुए यह कहते सुना जा सकता है.. ‘‘..तुम आईएसआईआएस हो.. तुम आईएसआईएस हो.’’ डामरा ने बताया कि यह कम से कम पांचवा ऐसा मौका था जब उसे और उसकी मां को महिला ने रोककर पूछा था. टिप्पणियां लेकिन, उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि घटना के दौरान संभवत: वहां मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों में मदद करने की प्रवृत्ति की कमी थी और यही बात उन्हें अधिक दुख पहुंचाती है. डामरा ने कहा, ‘‘वहां दो युवक थे, जिनकी उम्र 21 या 22 के करीब रही होगी और उन्होंने भी हंसना शुरू कर दिया और उसे उकसाते हुए कहा हां, ये आईएसआईएस हैं.’’ बहरहाल, शिकागो पुलिस ने इस बात की पुष्टि की है कि वे इस मामले में मामूली हमले की तरह जांच कर रहे थे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) हिजाब पहनीं दोनों मुस्लिम महिलाओं ने शिकागो के पास वेस्ट रोजर्स पार्क में उन्हें उत्पीड़ित किए जाने और शारीरिक हमले की रिपोर्ट की. महिलाओं ने बताया कि एक महिला ने उन पर हमला किया और उनके खिलाफ इस्लाम विरोधी अपशब्द कहे. उन्होंने यह भी दावा किया कि शिकागो पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया. पीड़ित सुजैन डामरा ने ‘एनबीसी शिकागो’ को बताया कि महिला ने बीते गुरुवार ही उन दोनों मां बेटी का पीछा किया था और उन्हें ‘आईएसआईएस’ कहकर संबोधित करने के बाद उन पर थूकने की भी कोशिश की थी. इन दोनों महिलाओं में से एक महिला द्वारा शूट किए गए वीडियो में दिखाया गया है कि कथित हमलावर उन्हें अपशब्द कह रही है. इस दौरान दोनों महिलाओं को अपनी कार में जान बचाने के लिए बैठते देखा जा सकता है. हमलावर महिला को चीखते चिल्लाते हुए यह कहते सुना जा सकता है.. ‘‘..तुम आईएसआईआएस हो.. तुम आईएसआईएस हो.’’ डामरा ने बताया कि यह कम से कम पांचवा ऐसा मौका था जब उसे और उसकी मां को महिला ने रोककर पूछा था. टिप्पणियां लेकिन, उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि घटना के दौरान संभवत: वहां मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों में मदद करने की प्रवृत्ति की कमी थी और यही बात उन्हें अधिक दुख पहुंचाती है. डामरा ने कहा, ‘‘वहां दो युवक थे, जिनकी उम्र 21 या 22 के करीब रही होगी और उन्होंने भी हंसना शुरू कर दिया और उसे उकसाते हुए कहा हां, ये आईएसआईएस हैं.’’ बहरहाल, शिकागो पुलिस ने इस बात की पुष्टि की है कि वे इस मामले में मामूली हमले की तरह जांच कर रहे थे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पीड़ित सुजैन डामरा ने ‘एनबीसी शिकागो’ को बताया कि महिला ने बीते गुरुवार ही उन दोनों मां बेटी का पीछा किया था और उन्हें ‘आईएसआईएस’ कहकर संबोधित करने के बाद उन पर थूकने की भी कोशिश की थी. इन दोनों महिलाओं में से एक महिला द्वारा शूट किए गए वीडियो में दिखाया गया है कि कथित हमलावर उन्हें अपशब्द कह रही है. इस दौरान दोनों महिलाओं को अपनी कार में जान बचाने के लिए बैठते देखा जा सकता है. हमलावर महिला को चीखते चिल्लाते हुए यह कहते सुना जा सकता है.. ‘‘..तुम आईएसआईआएस हो.. तुम आईएसआईएस हो.’’ डामरा ने बताया कि यह कम से कम पांचवा ऐसा मौका था जब उसे और उसकी मां को महिला ने रोककर पूछा था. टिप्पणियां लेकिन, उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि घटना के दौरान संभवत: वहां मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों में मदद करने की प्रवृत्ति की कमी थी और यही बात उन्हें अधिक दुख पहुंचाती है. डामरा ने कहा, ‘‘वहां दो युवक थे, जिनकी उम्र 21 या 22 के करीब रही होगी और उन्होंने भी हंसना शुरू कर दिया और उसे उकसाते हुए कहा हां, ये आईएसआईएस हैं.’’ बहरहाल, शिकागो पुलिस ने इस बात की पुष्टि की है कि वे इस मामले में मामूली हमले की तरह जांच कर रहे थे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इन दोनों महिलाओं में से एक महिला द्वारा शूट किए गए वीडियो में दिखाया गया है कि कथित हमलावर उन्हें अपशब्द कह रही है. इस दौरान दोनों महिलाओं को अपनी कार में जान बचाने के लिए बैठते देखा जा सकता है. हमलावर महिला को चीखते चिल्लाते हुए यह कहते सुना जा सकता है.. ‘‘..तुम आईएसआईआएस हो.. तुम आईएसआईएस हो.’’ डामरा ने बताया कि यह कम से कम पांचवा ऐसा मौका था जब उसे और उसकी मां को महिला ने रोककर पूछा था. टिप्पणियां लेकिन, उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि घटना के दौरान संभवत: वहां मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों में मदद करने की प्रवृत्ति की कमी थी और यही बात उन्हें अधिक दुख पहुंचाती है. डामरा ने कहा, ‘‘वहां दो युवक थे, जिनकी उम्र 21 या 22 के करीब रही होगी और उन्होंने भी हंसना शुरू कर दिया और उसे उकसाते हुए कहा हां, ये आईएसआईएस हैं.’’ बहरहाल, शिकागो पुलिस ने इस बात की पुष्टि की है कि वे इस मामले में मामूली हमले की तरह जांच कर रहे थे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) लेकिन, उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि घटना के दौरान संभवत: वहां मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों में मदद करने की प्रवृत्ति की कमी थी और यही बात उन्हें अधिक दुख पहुंचाती है. डामरा ने कहा, ‘‘वहां दो युवक थे, जिनकी उम्र 21 या 22 के करीब रही होगी और उन्होंने भी हंसना शुरू कर दिया और उसे उकसाते हुए कहा हां, ये आईएसआईएस हैं.’’ बहरहाल, शिकागो पुलिस ने इस बात की पुष्टि की है कि वे इस मामले में मामूली हमले की तरह जांच कर रहे थे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यहाँ एक सारांश है:पीड़ि‍तों का दावा, शिकागो पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया एक वीडियो में दिखाया गया है कि हमलावर उन्हें अपशब्द कह रही है हमलावर महिला चिल्लाते हुए कहती है.. ‘‘..तुम ISIS हो.. तुम ISIS हो’’
12
['hin']
एक सारांश बनाओ: कांग्रेस ने गुरुवार को सामने आए चुनाव परिणामों में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरी बार सत्ता में आने को अपनी हार नहीं माना और कहा कि मोदी के लिए आगे मैदान बिल्कुल साफ नहीं है। वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने साफ कहा कि यह मोदी की जीत नहीं है, बल्कि कांग्रेस ही गुजरात में भी स्पष्ट रूप से विजेता है, क्योंकि बीजेपी को पिछले चुनाव में हासिल हुई 117 से कम सीटें मिलने जा रही हैं, और कांग्रेस की सीटें बढ़ रही हैं। विदेशमंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा, इस बार के गुजरात चुनाव साबित करते हैं कि नरेंद्र मोदी के लिए रास्ता साफ नहीं है। जब उनसे पूछा गया कि कांग्रेस मोदी को गुजरात में हरा क्यों नहीं पा रही है, इस पर उन्होंने भी सवाल पूछने के अंदाज में कहा, मोदी हमें देश में हराने में सक्षम क्यों नहीं है। खुर्शीद के इस बयान को बीजेपी के एक वर्ग द्वारा मोदी को अगले लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री पद के लिए पार्टी का सबसे अहम चेहरा माने जाने की पृष्ठभूमि में देखा जा रहा है। उधर, संसदीय कार्यमंत्री कमलनाथ ने भी गुजरात में मिल रहे रुझानों को बीजेपी-शासित राज्य में कांग्रेस की बढ़ती लोकप्रियता के तौर पर देखा। उन्होंने संसद परिसर में कहा, गुजरात में बीजेपी ने लंबे-चौड़े वादे किए थे कि वह 150 सीटों पर जीत जाएगी और उनके पक्ष में हवा चल रही है, लेकिन अब साबित हो गया है कि कांग्रेस मजबूत बनकर उभरी है और बीजेपी कमजोर है। टिप्पणियां गुजरात में बीजेपी को उखाड़ फेंकने के कांग्रेस के पूर्ववर्ती दावों के बारे में पूछे जाने पर कमलनाथ ने कहा, हम जानते थे कि जीतना कठिन है, लेकिन हमें विश्वास था कि हम मजबूत बनकर उभरेंगे। गुजरात के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश के चुनाव परिणामों के संबंध में उन्होंने दावा किया, बीजेपी की पराजय दिखाती है कि हवा किस दिशा में बह रही है। वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने साफ कहा कि यह मोदी की जीत नहीं है, बल्कि कांग्रेस ही गुजरात में भी स्पष्ट रूप से विजेता है, क्योंकि बीजेपी को पिछले चुनाव में हासिल हुई 117 से कम सीटें मिलने जा रही हैं, और कांग्रेस की सीटें बढ़ रही हैं। विदेशमंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा, इस बार के गुजरात चुनाव साबित करते हैं कि नरेंद्र मोदी के लिए रास्ता साफ नहीं है। जब उनसे पूछा गया कि कांग्रेस मोदी को गुजरात में हरा क्यों नहीं पा रही है, इस पर उन्होंने भी सवाल पूछने के अंदाज में कहा, मोदी हमें देश में हराने में सक्षम क्यों नहीं है। खुर्शीद के इस बयान को बीजेपी के एक वर्ग द्वारा मोदी को अगले लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री पद के लिए पार्टी का सबसे अहम चेहरा माने जाने की पृष्ठभूमि में देखा जा रहा है। उधर, संसदीय कार्यमंत्री कमलनाथ ने भी गुजरात में मिल रहे रुझानों को बीजेपी-शासित राज्य में कांग्रेस की बढ़ती लोकप्रियता के तौर पर देखा। उन्होंने संसद परिसर में कहा, गुजरात में बीजेपी ने लंबे-चौड़े वादे किए थे कि वह 150 सीटों पर जीत जाएगी और उनके पक्ष में हवा चल रही है, लेकिन अब साबित हो गया है कि कांग्रेस मजबूत बनकर उभरी है और बीजेपी कमजोर है। टिप्पणियां गुजरात में बीजेपी को उखाड़ फेंकने के कांग्रेस के पूर्ववर्ती दावों के बारे में पूछे जाने पर कमलनाथ ने कहा, हम जानते थे कि जीतना कठिन है, लेकिन हमें विश्वास था कि हम मजबूत बनकर उभरेंगे। गुजरात के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश के चुनाव परिणामों के संबंध में उन्होंने दावा किया, बीजेपी की पराजय दिखाती है कि हवा किस दिशा में बह रही है। विदेशमंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा, इस बार के गुजरात चुनाव साबित करते हैं कि नरेंद्र मोदी के लिए रास्ता साफ नहीं है। जब उनसे पूछा गया कि कांग्रेस मोदी को गुजरात में हरा क्यों नहीं पा रही है, इस पर उन्होंने भी सवाल पूछने के अंदाज में कहा, मोदी हमें देश में हराने में सक्षम क्यों नहीं है। खुर्शीद के इस बयान को बीजेपी के एक वर्ग द्वारा मोदी को अगले लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री पद के लिए पार्टी का सबसे अहम चेहरा माने जाने की पृष्ठभूमि में देखा जा रहा है। उधर, संसदीय कार्यमंत्री कमलनाथ ने भी गुजरात में मिल रहे रुझानों को बीजेपी-शासित राज्य में कांग्रेस की बढ़ती लोकप्रियता के तौर पर देखा। उन्होंने संसद परिसर में कहा, गुजरात में बीजेपी ने लंबे-चौड़े वादे किए थे कि वह 150 सीटों पर जीत जाएगी और उनके पक्ष में हवा चल रही है, लेकिन अब साबित हो गया है कि कांग्रेस मजबूत बनकर उभरी है और बीजेपी कमजोर है। टिप्पणियां गुजरात में बीजेपी को उखाड़ फेंकने के कांग्रेस के पूर्ववर्ती दावों के बारे में पूछे जाने पर कमलनाथ ने कहा, हम जानते थे कि जीतना कठिन है, लेकिन हमें विश्वास था कि हम मजबूत बनकर उभरेंगे। गुजरात के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश के चुनाव परिणामों के संबंध में उन्होंने दावा किया, बीजेपी की पराजय दिखाती है कि हवा किस दिशा में बह रही है। उधर, संसदीय कार्यमंत्री कमलनाथ ने भी गुजरात में मिल रहे रुझानों को बीजेपी-शासित राज्य में कांग्रेस की बढ़ती लोकप्रियता के तौर पर देखा। उन्होंने संसद परिसर में कहा, गुजरात में बीजेपी ने लंबे-चौड़े वादे किए थे कि वह 150 सीटों पर जीत जाएगी और उनके पक्ष में हवा चल रही है, लेकिन अब साबित हो गया है कि कांग्रेस मजबूत बनकर उभरी है और बीजेपी कमजोर है। टिप्पणियां गुजरात में बीजेपी को उखाड़ फेंकने के कांग्रेस के पूर्ववर्ती दावों के बारे में पूछे जाने पर कमलनाथ ने कहा, हम जानते थे कि जीतना कठिन है, लेकिन हमें विश्वास था कि हम मजबूत बनकर उभरेंगे। गुजरात के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश के चुनाव परिणामों के संबंध में उन्होंने दावा किया, बीजेपी की पराजय दिखाती है कि हवा किस दिशा में बह रही है। गुजरात में बीजेपी को उखाड़ फेंकने के कांग्रेस के पूर्ववर्ती दावों के बारे में पूछे जाने पर कमलनाथ ने कहा, हम जानते थे कि जीतना कठिन है, लेकिन हमें विश्वास था कि हम मजबूत बनकर उभरेंगे। गुजरात के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश के चुनाव परिणामों के संबंध में उन्होंने दावा किया, बीजेपी की पराजय दिखाती है कि हवा किस दिशा में बह रही है। गुजरात के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश के चुनाव परिणामों के संबंध में उन्होंने दावा किया, बीजेपी की पराजय दिखाती है कि हवा किस दिशा में बह रही है।
सारांश: कांग्रेस ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरी बार सत्ता में आने को अपनी हार नहीं माना और कहा कि मोदी के लिए आगे मैदान बिल्कुल साफ नहीं है।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: इंग्लैंड की टी-20 टीम के कार्यवाहक कप्तान इयोन मोर्गन ने कहा कि उनकी टीम टेस्ट शृंखला में 2-1 की जीत के बाद भारत के खिलाफ शुरू हो रही दो ट्वेंटी-20 मैचों की शृंखला में बढ़े आत्मविश्वास के साथ मैदान पर उतरेगी। मोर्गन ने कहा, आपने पहले भी देखा होगा कि जब टेस्ट टीम अच्छा प्रदर्शन करती है तो उसका अच्छा प्रभाव पड़ता है। हम निश्चिततौर पर टेस्ट जीत से मिले आत्मविश्वास के साथ उतरेंगे और अगले दोनों मैच जीतने की कोशिश करेंगे। नियमित कप्तान स्टुअर्ट ब्रॉड के चोटिल होने के कारण 26 वर्षीय मोर्गन को इंग्लैंड की अगुवाई करने का मौका मिला है। इंडियन प्रीमियर लीग में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलौर और कोलकाता नाइटराइडर्स की तरफ से खेल चुके मोर्गन ने कहा, यह ब्रेसी  (टिम ब्रेसनन), समित (पटेल) और मेरे लिये अच्छा प्रदर्शन करने का बेहतरीन मौका है। आज और तीन दिन बाद मुंबई में कड़े मुकाबले होंगे।  ब्रेसनन और पटेल ने भारत के खिलाफ दो-दो टेस्ट मैच खेले लेकिन मोर्गन को एक मैच खेलने का भी मौका नहीं मिला। उन्होंने कहा, यह मेरे लिए दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीम के खिलाफ उसकी सरजमीं पर खेलने का बड़ा मौका है। यह चुनौती है और मैं इसके लिए तैयार हूं। टी-20 टीम का उप-कप्तान होने के कारण आप हमेशा जरूरत पड़ने पर अगुवाई करने के लिए तैयार रहते हो। मैं टीम की अगुवाई करने को लेकर खुश हूं। इंडियन प्रीमियर लीग में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलौर और कोलकाता नाइटराइडर्स की तरफ से खेल चुके मोर्गन ने कहा, यह ब्रेसी  (टिम ब्रेसनन), समित (पटेल) और मेरे लिये अच्छा प्रदर्शन करने का बेहतरीन मौका है। आज और तीन दिन बाद मुंबई में कड़े मुकाबले होंगे।  ब्रेसनन और पटेल ने भारत के खिलाफ दो-दो टेस्ट मैच खेले लेकिन मोर्गन को एक मैच खेलने का भी मौका नहीं मिला। उन्होंने कहा, यह मेरे लिए दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीम के खिलाफ उसकी सरजमीं पर खेलने का बड़ा मौका है। यह चुनौती है और मैं इसके लिए तैयार हूं। टी-20 टीम का उप-कप्तान होने के कारण आप हमेशा जरूरत पड़ने पर अगुवाई करने के लिए तैयार रहते हो। मैं टीम की अगुवाई करने को लेकर खुश हूं।
यहाँ एक सारांश है:इयोन मोर्गन ने कहा, आपने पहले भी देखा होगा कि जब टेस्ट टीम अच्छा प्रदर्शन करती है तो उसका अच्छा प्रभाव पड़ता है।
18
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: लोकायुक्त पुलिस ने कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री केएस ईश्वरप्पा के आवासों और कथित रूप से उनसे जुड़े शिक्षण एवं कारोबारी संस्थानों पर छापे मारकर 10.9 लाख रुपये की नकदी, 1.9 किलोग्राम सोना और 37 किलोग्राम चांदी जब्त की जिससे सत्तारूढ भाजपा को शर्मिंदगी झेलनी पड़ी। कुल मिलाकर आठ स्थलों पर छापेमारी की गई जिसमें उनके बेंगलुरू और शिमोगा स्थित आवास, एक सीमेंट डीलरशिप इकाई, दो शिक्षण संस्थान और शिमोगा में उनके करीबी एन सोमशेखर का घर शामिल हैं। शिमोगा की एक अदालत ने 15 दिसंबर को अधिवक्ता बी विनोद की शिकायत की जांच करने का आदेश दिया था। इस शिकायत में आरोप लगाया गया कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ईश्वरप्पा, उनके बेटे कंथेश केई और बहू शालिनी ने अपने ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित की। लोकायुक्त पुलिस ने यह मामला दर्ज करके जांच शुरू की थी। टिप्पणियां ईश्वरप्पा ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि वह किसी तरह की छापेमारी से नहीं डरते हैं। उन्होंने कहा, ‘जांच के बाद सच्चाई सामने आएगी। यह पूरी तरह से राजनीतिक लड़ाई है। मैं अदालत में इसे लड़ूंगा।’ इस बीच जेडी (एस) की शिमोगा जिला इकाई ने शहर में प्रदर्शन किया और ईश्वरप्पा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पार्टी ने उनसे नैतिक आधार पर इस्तीफा देने का अनुरोध किया। यह मामला दर्ज होने के बाद उन्होंने पिछले सप्ताह कैबिनेट से उनके इस्तीफे की संभावनाओं को खारिज किया था। कुल मिलाकर आठ स्थलों पर छापेमारी की गई जिसमें उनके बेंगलुरू और शिमोगा स्थित आवास, एक सीमेंट डीलरशिप इकाई, दो शिक्षण संस्थान और शिमोगा में उनके करीबी एन सोमशेखर का घर शामिल हैं। शिमोगा की एक अदालत ने 15 दिसंबर को अधिवक्ता बी विनोद की शिकायत की जांच करने का आदेश दिया था। इस शिकायत में आरोप लगाया गया कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ईश्वरप्पा, उनके बेटे कंथेश केई और बहू शालिनी ने अपने ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित की। लोकायुक्त पुलिस ने यह मामला दर्ज करके जांच शुरू की थी। टिप्पणियां ईश्वरप्पा ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि वह किसी तरह की छापेमारी से नहीं डरते हैं। उन्होंने कहा, ‘जांच के बाद सच्चाई सामने आएगी। यह पूरी तरह से राजनीतिक लड़ाई है। मैं अदालत में इसे लड़ूंगा।’ इस बीच जेडी (एस) की शिमोगा जिला इकाई ने शहर में प्रदर्शन किया और ईश्वरप्पा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पार्टी ने उनसे नैतिक आधार पर इस्तीफा देने का अनुरोध किया। यह मामला दर्ज होने के बाद उन्होंने पिछले सप्ताह कैबिनेट से उनके इस्तीफे की संभावनाओं को खारिज किया था। शिमोगा की एक अदालत ने 15 दिसंबर को अधिवक्ता बी विनोद की शिकायत की जांच करने का आदेश दिया था। इस शिकायत में आरोप लगाया गया कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ईश्वरप्पा, उनके बेटे कंथेश केई और बहू शालिनी ने अपने ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित की। लोकायुक्त पुलिस ने यह मामला दर्ज करके जांच शुरू की थी। टिप्पणियां ईश्वरप्पा ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि वह किसी तरह की छापेमारी से नहीं डरते हैं। उन्होंने कहा, ‘जांच के बाद सच्चाई सामने आएगी। यह पूरी तरह से राजनीतिक लड़ाई है। मैं अदालत में इसे लड़ूंगा।’ इस बीच जेडी (एस) की शिमोगा जिला इकाई ने शहर में प्रदर्शन किया और ईश्वरप्पा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पार्टी ने उनसे नैतिक आधार पर इस्तीफा देने का अनुरोध किया। यह मामला दर्ज होने के बाद उन्होंने पिछले सप्ताह कैबिनेट से उनके इस्तीफे की संभावनाओं को खारिज किया था। लोकायुक्त पुलिस ने यह मामला दर्ज करके जांच शुरू की थी। टिप्पणियां ईश्वरप्पा ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि वह किसी तरह की छापेमारी से नहीं डरते हैं। उन्होंने कहा, ‘जांच के बाद सच्चाई सामने आएगी। यह पूरी तरह से राजनीतिक लड़ाई है। मैं अदालत में इसे लड़ूंगा।’ इस बीच जेडी (एस) की शिमोगा जिला इकाई ने शहर में प्रदर्शन किया और ईश्वरप्पा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पार्टी ने उनसे नैतिक आधार पर इस्तीफा देने का अनुरोध किया। यह मामला दर्ज होने के बाद उन्होंने पिछले सप्ताह कैबिनेट से उनके इस्तीफे की संभावनाओं को खारिज किया था। ईश्वरप्पा ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि वह किसी तरह की छापेमारी से नहीं डरते हैं। उन्होंने कहा, ‘जांच के बाद सच्चाई सामने आएगी। यह पूरी तरह से राजनीतिक लड़ाई है। मैं अदालत में इसे लड़ूंगा।’ इस बीच जेडी (एस) की शिमोगा जिला इकाई ने शहर में प्रदर्शन किया और ईश्वरप्पा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पार्टी ने उनसे नैतिक आधार पर इस्तीफा देने का अनुरोध किया। यह मामला दर्ज होने के बाद उन्होंने पिछले सप्ताह कैबिनेट से उनके इस्तीफे की संभावनाओं को खारिज किया था। यह मामला दर्ज होने के बाद उन्होंने पिछले सप्ताह कैबिनेट से उनके इस्तीफे की संभावनाओं को खारिज किया था।
यहाँ एक सारांश है:लोकायुक्त पुलिस ने कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री केएस ईश्वरप्पा के आवासों और कथित रूप से उनसे जुड़े शिक्षण एवं कारोबारी संस्थानों पर छापे मारकर 10.9 लाख रुपये की नकदी, 1.9 किलोग्राम सोना और 37 किलोग्राम चांदी जब्त की जिससे सत्तारूढ भाजपा को शर्मिंदगी झेलनी पड़
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सहारनपुर में भड़का दो समुदायकों के बीच दंगा शांत होने का नाम नहीं ले रहा है. मंगलवार को एकबार फिर भड़के दंगे में एक आदमी की मौत हो गई, जबकि छह लोग घायल हुए हैं. प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सहारनपुर की इस घटना पर बेहद दुख जताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश देते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को पूरे मामले की जांच सौंपी है.  सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद सहारनपुर में घटी घटना को दुःखद और दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए घटना में मृत युवक के प्रति शोक संवेदना प्रकट की है. उन्होंने कहा है कि इस घटना के दोषी व्यक्तियों को चिन्ह्ति कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. इस सम्बन्ध में जो लापरवाही घटित हुई है, उससे सम्बन्धित अधिकारियों को दण्डित किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने धैर्य व संयम बनाए रखने के साथ-साथ विपक्षी दलों सहित सभी लोगों से शान्ति बहाली में सहयोग करने की अपील की है. उन्होंने कहा है कि यह सरकार सबकी है. जाति, पंथ, मजहब के आधार पर कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा. योगी ने चार वरिष्ठ अधिकारियों के दल को सहारनपुर पहुंचने का निर्देश देते हुए कहा है कि ये अधिकारी शान्ति बहाली सुनिश्चित करेंगे. इस दल में गृह सचिव मणि प्रसाद मिश्रा, एडीजी लॉ एण्ड ऑर्डर आदित्य मिश्रा, आईजी (एसटीएफ) अमिताभ यश और डीजी (सुरक्षा) विजय भूषण शामिल हैं.  टिप्पणियां ऊर्जा मंत्री और सरकार के प्रवक्ता श्रीकान्त शर्मा ने कहा कि यह अपेक्षा थी कि जनपद सहारनपुर में मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री मायावती जी के जाने से वहां की शान्ति बहाली में सहयोग मिलेगा, लेकिन ऐसा न होना दुःखद है. सहारनपुर जनपद में शान्ति और सद्भाव का वातावरण बन चुका था, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री के पहुंचने पर तनाव और अशान्ति का माहौल बना और दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटित हुई, जिसमें निर्दोष युवक मारा गया. श्रीकांत शर्मा ने कहा कि नई सरकार के उपलब्धियों से भरे दो महीने के कार्यकाल को विपक्षी पचा नहीं पा रहे हैं. करारी हार से निराश विपक्ष षड्यंत्रकारी गतिविधियों में लग गया है. सरकार विपक्ष के इस प्रकार के षड्यंत्रों और नापाक मंसूबों को कामयाब नहीं होने देगी एवं जल्द ही ऐसे षड्यंत्रकारियों के चेहरे से नकाब उतारेगी.   सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद सहारनपुर में घटी घटना को दुःखद और दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए घटना में मृत युवक के प्रति शोक संवेदना प्रकट की है. उन्होंने कहा है कि इस घटना के दोषी व्यक्तियों को चिन्ह्ति कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. इस सम्बन्ध में जो लापरवाही घटित हुई है, उससे सम्बन्धित अधिकारियों को दण्डित किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने धैर्य व संयम बनाए रखने के साथ-साथ विपक्षी दलों सहित सभी लोगों से शान्ति बहाली में सहयोग करने की अपील की है. उन्होंने कहा है कि यह सरकार सबकी है. जाति, पंथ, मजहब के आधार पर कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा. योगी ने चार वरिष्ठ अधिकारियों के दल को सहारनपुर पहुंचने का निर्देश देते हुए कहा है कि ये अधिकारी शान्ति बहाली सुनिश्चित करेंगे. इस दल में गृह सचिव मणि प्रसाद मिश्रा, एडीजी लॉ एण्ड ऑर्डर आदित्य मिश्रा, आईजी (एसटीएफ) अमिताभ यश और डीजी (सुरक्षा) विजय भूषण शामिल हैं.  टिप्पणियां ऊर्जा मंत्री और सरकार के प्रवक्ता श्रीकान्त शर्मा ने कहा कि यह अपेक्षा थी कि जनपद सहारनपुर में मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री मायावती जी के जाने से वहां की शान्ति बहाली में सहयोग मिलेगा, लेकिन ऐसा न होना दुःखद है. सहारनपुर जनपद में शान्ति और सद्भाव का वातावरण बन चुका था, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री के पहुंचने पर तनाव और अशान्ति का माहौल बना और दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटित हुई, जिसमें निर्दोष युवक मारा गया. श्रीकांत शर्मा ने कहा कि नई सरकार के उपलब्धियों से भरे दो महीने के कार्यकाल को विपक्षी पचा नहीं पा रहे हैं. करारी हार से निराश विपक्ष षड्यंत्रकारी गतिविधियों में लग गया है. सरकार विपक्ष के इस प्रकार के षड्यंत्रों और नापाक मंसूबों को कामयाब नहीं होने देगी एवं जल्द ही ऐसे षड्यंत्रकारियों के चेहरे से नकाब उतारेगी.   मुख्यमंत्री ने धैर्य व संयम बनाए रखने के साथ-साथ विपक्षी दलों सहित सभी लोगों से शान्ति बहाली में सहयोग करने की अपील की है. उन्होंने कहा है कि यह सरकार सबकी है. जाति, पंथ, मजहब के आधार पर कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा. योगी ने चार वरिष्ठ अधिकारियों के दल को सहारनपुर पहुंचने का निर्देश देते हुए कहा है कि ये अधिकारी शान्ति बहाली सुनिश्चित करेंगे. इस दल में गृह सचिव मणि प्रसाद मिश्रा, एडीजी लॉ एण्ड ऑर्डर आदित्य मिश्रा, आईजी (एसटीएफ) अमिताभ यश और डीजी (सुरक्षा) विजय भूषण शामिल हैं.  टिप्पणियां ऊर्जा मंत्री और सरकार के प्रवक्ता श्रीकान्त शर्मा ने कहा कि यह अपेक्षा थी कि जनपद सहारनपुर में मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री मायावती जी के जाने से वहां की शान्ति बहाली में सहयोग मिलेगा, लेकिन ऐसा न होना दुःखद है. सहारनपुर जनपद में शान्ति और सद्भाव का वातावरण बन चुका था, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री के पहुंचने पर तनाव और अशान्ति का माहौल बना और दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटित हुई, जिसमें निर्दोष युवक मारा गया. श्रीकांत शर्मा ने कहा कि नई सरकार के उपलब्धियों से भरे दो महीने के कार्यकाल को विपक्षी पचा नहीं पा रहे हैं. करारी हार से निराश विपक्ष षड्यंत्रकारी गतिविधियों में लग गया है. सरकार विपक्ष के इस प्रकार के षड्यंत्रों और नापाक मंसूबों को कामयाब नहीं होने देगी एवं जल्द ही ऐसे षड्यंत्रकारियों के चेहरे से नकाब उतारेगी.   ऊर्जा मंत्री और सरकार के प्रवक्ता श्रीकान्त शर्मा ने कहा कि यह अपेक्षा थी कि जनपद सहारनपुर में मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री मायावती जी के जाने से वहां की शान्ति बहाली में सहयोग मिलेगा, लेकिन ऐसा न होना दुःखद है. सहारनपुर जनपद में शान्ति और सद्भाव का वातावरण बन चुका था, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री के पहुंचने पर तनाव और अशान्ति का माहौल बना और दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटित हुई, जिसमें निर्दोष युवक मारा गया. श्रीकांत शर्मा ने कहा कि नई सरकार के उपलब्धियों से भरे दो महीने के कार्यकाल को विपक्षी पचा नहीं पा रहे हैं. करारी हार से निराश विपक्ष षड्यंत्रकारी गतिविधियों में लग गया है. सरकार विपक्ष के इस प्रकार के षड्यंत्रों और नापाक मंसूबों को कामयाब नहीं होने देगी एवं जल्द ही ऐसे षड्यंत्रकारियों के चेहरे से नकाब उतारेगी.   श्रीकांत शर्मा ने कहा कि नई सरकार के उपलब्धियों से भरे दो महीने के कार्यकाल को विपक्षी पचा नहीं पा रहे हैं. करारी हार से निराश विपक्ष षड्यंत्रकारी गतिविधियों में लग गया है. सरकार विपक्ष के इस प्रकार के षड्यंत्रों और नापाक मंसूबों को कामयाब नहीं होने देगी एवं जल्द ही ऐसे षड्यंत्रकारियों के चेहरे से नकाब उतारेगी.
यह एक सारांश है: दलित और राजपूतों के बीच पिछले एक महीने से हो रहा है संघर्ष शब्बीरपुर गांव में आंबेडकर की मूर्ति लगाने को लेकर विवाद हुआ मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने किया शब्बीरपुर गांव का दौरा
16
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को लोगों को दीवाली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हम अपने देश को भ्रष्टाचार और मूल्य वृद्धि से दूर रखें।टिप्पणियां मोदी ने अपने संदेश में कहा, ‘‘हम प्रार्थना करें कि हमारा देश आंतरिक रोशनी से जगमग हो और भ्रष्टाचार और मूल्य वृद्धि के खतरे से दूर हो।’’ दीवाली के मौके पर मोदी ने कहा, ‘‘ऐसा तभी होगा जब गरीबों को गरीबी से दूर करें और हर किसी को विकास यात्रा में भागीदार बनाएं।’’ यह गुजरात के लिए भी नववर्ष का मौका है। मोदी ने अपने संदेश में कहा, ‘‘हम प्रार्थना करें कि हमारा देश आंतरिक रोशनी से जगमग हो और भ्रष्टाचार और मूल्य वृद्धि के खतरे से दूर हो।’’ दीवाली के मौके पर मोदी ने कहा, ‘‘ऐसा तभी होगा जब गरीबों को गरीबी से दूर करें और हर किसी को विकास यात्रा में भागीदार बनाएं।’’ यह गुजरात के लिए भी नववर्ष का मौका है। दीवाली के मौके पर मोदी ने कहा, ‘‘ऐसा तभी होगा जब गरीबों को गरीबी से दूर करें और हर किसी को विकास यात्रा में भागीदार बनाएं।’’ यह गुजरात के लिए भी नववर्ष का मौका है।
गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को लोगों को दीवाली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हम अपने देश को भ्रष्टाचार और मूल्य वृद्धि से दूर रखें।
34
['hin']
एक सारांश बनाओ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की सुरक्षा के लिए उनके रूट पर तैनात पीएसी के दो जवानों के बीच जमकर लाठियां चलीं...इतनी कि दोनों लहूलुहान हो गए।टिप्पणियां दरअसल, अखिलेश की सुरक्षा में लगे इन जवानों में से एक पानी पीने चला गया, जब दूसरे ने आपत्ति जताई तो दोनों के बीच कहासुनी हुई और बात बढ़ते-बढ़ते लाठियों तक जा पहुंची। दरअसल, अखिलेश यहां एक कार्यक्रम में शिरकत करने आए थे, जैसे ही वह निकले दोनों ने मारपीट शुरू कर दी। दरअसल, अखिलेश की सुरक्षा में लगे इन जवानों में से एक पानी पीने चला गया, जब दूसरे ने आपत्ति जताई तो दोनों के बीच कहासुनी हुई और बात बढ़ते-बढ़ते लाठियों तक जा पहुंची। दरअसल, अखिलेश यहां एक कार्यक्रम में शिरकत करने आए थे, जैसे ही वह निकले दोनों ने मारपीट शुरू कर दी। दरअसल, अखिलेश यहां एक कार्यक्रम में शिरकत करने आए थे, जैसे ही वह निकले दोनों ने मारपीट शुरू कर दी।
यह एक सारांश है: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की सुरक्षा के लिए उनके रूट पर तैनात पीएसी के दो जवानों के बीच जमकर लाठियां चलीं...इतनी कि दोनों लहूलुहान हो गए।
21
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: देश के शेयर बाजारों में शुक्रवार को तेजी दर्ज की गई और प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स लगभग दो साल बाद 20,000 के मनोवैज्ञानिक सीमा के ऊपर बंद हुआ। सेंसेक्स 75.01 अंकों की तेजी के साथ 20,039.04 पर और निफ्टी 25.20 अंकों की तेजी के साथ 6,064.40 पर बंद हुआ। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 74.64 अंकों की तेजी के साथ 20,038.67 पर खुला और 75.01 अंकों यानी 0.38 फीसदी की तेजी के साथ 20,039.04 पर बंद हुआ। दिन भर के कारोबार में सेंसेक्स ने 20,126.55 के ऊपरी और 19,990.62 के निचले स्तर को छुआ। सेंसेक्स के 30 में से 16 शेयरों में तेजी दर्ज की गई। ओएनजीसी (7.31 फीसदी), एनटीपीसी ( 4.59 फीसदी), मारुति सुजुकी (3.26 फीसदी), गेल इंडिया (2.10 फीसदी) और एचडीएफसी (1.56 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई।   सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे विप्रो (7.88 फीसदी), हीरो मोटोकॉर्प (2.86 फीसदी), डॉ. रेड्डीज लैब (2.60 फीसदी), हिंदुस्तान यूनिलीवर (2.10 फीसदी) और स्टरलाइट इंडस्ट्रीज  (2.03 फीसदी)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 20.65 अंकों की तेजी के  साथ 6,059.85 पर खुला और 25.20 अंकों यानी 0.42 फीसदी की तेजी के साथ 6,064.40 पर बंद हुआ। दिन भर के कारोबार में निफ्टी ने 6,083.40 के ऊपरी और 6,048.30 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों मे गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 16.79 अंकों की गिरावट के साथ 7,165.46 पर और स्मॉलकैप 38.84 अंकों की गिरावट के साथ 7,370.34 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 सेक्टरों में से 7 में तेजी दर्ज की गई। तेल एवं गैस (3.09 फीसदी), सार्वजनिक कम्पनियां (2.77 फीसदी), बिजली (1.44 फीसदी), रियल्टी (0.86 फीसदी) और पूंजीगत वस्तु (0.21 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई।टिप्पणियां गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे सूचना प्रौद्योगिकी (1.13 फीसदी), प्रौद्योगिकी (1.13 फीसदी), वाहन (0.73 फीसदी), धातु (0.61 फीसदी) और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.59 फीसदी)। बीएसई के कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 971 शेयरों में तेजी और 1331 में गिरावट दर्ज की गई जबकि 769 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 74.64 अंकों की तेजी के साथ 20,038.67 पर खुला और 75.01 अंकों यानी 0.38 फीसदी की तेजी के साथ 20,039.04 पर बंद हुआ। दिन भर के कारोबार में सेंसेक्स ने 20,126.55 के ऊपरी और 19,990.62 के निचले स्तर को छुआ। सेंसेक्स के 30 में से 16 शेयरों में तेजी दर्ज की गई। ओएनजीसी (7.31 फीसदी), एनटीपीसी ( 4.59 फीसदी), मारुति सुजुकी (3.26 फीसदी), गेल इंडिया (2.10 फीसदी) और एचडीएफसी (1.56 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई।   सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे विप्रो (7.88 फीसदी), हीरो मोटोकॉर्प (2.86 फीसदी), डॉ. रेड्डीज लैब (2.60 फीसदी), हिंदुस्तान यूनिलीवर (2.10 फीसदी) और स्टरलाइट इंडस्ट्रीज  (2.03 फीसदी)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 20.65 अंकों की तेजी के  साथ 6,059.85 पर खुला और 25.20 अंकों यानी 0.42 फीसदी की तेजी के साथ 6,064.40 पर बंद हुआ। दिन भर के कारोबार में निफ्टी ने 6,083.40 के ऊपरी और 6,048.30 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों मे गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 16.79 अंकों की गिरावट के साथ 7,165.46 पर और स्मॉलकैप 38.84 अंकों की गिरावट के साथ 7,370.34 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 सेक्टरों में से 7 में तेजी दर्ज की गई। तेल एवं गैस (3.09 फीसदी), सार्वजनिक कम्पनियां (2.77 फीसदी), बिजली (1.44 फीसदी), रियल्टी (0.86 फीसदी) और पूंजीगत वस्तु (0.21 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई।टिप्पणियां गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे सूचना प्रौद्योगिकी (1.13 फीसदी), प्रौद्योगिकी (1.13 फीसदी), वाहन (0.73 फीसदी), धातु (0.61 फीसदी) और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.59 फीसदी)। बीएसई के कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 971 शेयरों में तेजी और 1331 में गिरावट दर्ज की गई जबकि 769 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। सेंसेक्स के 30 में से 16 शेयरों में तेजी दर्ज की गई। ओएनजीसी (7.31 फीसदी), एनटीपीसी ( 4.59 फीसदी), मारुति सुजुकी (3.26 फीसदी), गेल इंडिया (2.10 फीसदी) और एचडीएफसी (1.56 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई।   सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे विप्रो (7.88 फीसदी), हीरो मोटोकॉर्प (2.86 फीसदी), डॉ. रेड्डीज लैब (2.60 फीसदी), हिंदुस्तान यूनिलीवर (2.10 फीसदी) और स्टरलाइट इंडस्ट्रीज  (2.03 फीसदी)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 20.65 अंकों की तेजी के  साथ 6,059.85 पर खुला और 25.20 अंकों यानी 0.42 फीसदी की तेजी के साथ 6,064.40 पर बंद हुआ। दिन भर के कारोबार में निफ्टी ने 6,083.40 के ऊपरी और 6,048.30 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों मे गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 16.79 अंकों की गिरावट के साथ 7,165.46 पर और स्मॉलकैप 38.84 अंकों की गिरावट के साथ 7,370.34 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 सेक्टरों में से 7 में तेजी दर्ज की गई। तेल एवं गैस (3.09 फीसदी), सार्वजनिक कम्पनियां (2.77 फीसदी), बिजली (1.44 फीसदी), रियल्टी (0.86 फीसदी) और पूंजीगत वस्तु (0.21 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई।टिप्पणियां गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे सूचना प्रौद्योगिकी (1.13 फीसदी), प्रौद्योगिकी (1.13 फीसदी), वाहन (0.73 फीसदी), धातु (0.61 फीसदी) और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.59 फीसदी)। बीएसई के कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 971 शेयरों में तेजी और 1331 में गिरावट दर्ज की गई जबकि 769 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 20.65 अंकों की तेजी के  साथ 6,059.85 पर खुला और 25.20 अंकों यानी 0.42 फीसदी की तेजी के साथ 6,064.40 पर बंद हुआ। दिन भर के कारोबार में निफ्टी ने 6,083.40 के ऊपरी और 6,048.30 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों मे गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 16.79 अंकों की गिरावट के साथ 7,165.46 पर और स्मॉलकैप 38.84 अंकों की गिरावट के साथ 7,370.34 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 सेक्टरों में से 7 में तेजी दर्ज की गई। तेल एवं गैस (3.09 फीसदी), सार्वजनिक कम्पनियां (2.77 फीसदी), बिजली (1.44 फीसदी), रियल्टी (0.86 फीसदी) और पूंजीगत वस्तु (0.21 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई।टिप्पणियां गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे सूचना प्रौद्योगिकी (1.13 फीसदी), प्रौद्योगिकी (1.13 फीसदी), वाहन (0.73 फीसदी), धातु (0.61 फीसदी) और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.59 फीसदी)। बीएसई के कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 971 शेयरों में तेजी और 1331 में गिरावट दर्ज की गई जबकि 769 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों मे गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 16.79 अंकों की गिरावट के साथ 7,165.46 पर और स्मॉलकैप 38.84 अंकों की गिरावट के साथ 7,370.34 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 सेक्टरों में से 7 में तेजी दर्ज की गई। तेल एवं गैस (3.09 फीसदी), सार्वजनिक कम्पनियां (2.77 फीसदी), बिजली (1.44 फीसदी), रियल्टी (0.86 फीसदी) और पूंजीगत वस्तु (0.21 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई।टिप्पणियां गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे सूचना प्रौद्योगिकी (1.13 फीसदी), प्रौद्योगिकी (1.13 फीसदी), वाहन (0.73 फीसदी), धातु (0.61 फीसदी) और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.59 फीसदी)। बीएसई के कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 971 शेयरों में तेजी और 1331 में गिरावट दर्ज की गई जबकि 769 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। बीएसई के 13 सेक्टरों में से 7 में तेजी दर्ज की गई। तेल एवं गैस (3.09 फीसदी), सार्वजनिक कम्पनियां (2.77 फीसदी), बिजली (1.44 फीसदी), रियल्टी (0.86 फीसदी) और पूंजीगत वस्तु (0.21 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई।टिप्पणियां गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे सूचना प्रौद्योगिकी (1.13 फीसदी), प्रौद्योगिकी (1.13 फीसदी), वाहन (0.73 फीसदी), धातु (0.61 फीसदी) और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.59 फीसदी)। बीएसई के कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 971 शेयरों में तेजी और 1331 में गिरावट दर्ज की गई जबकि 769 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे सूचना प्रौद्योगिकी (1.13 फीसदी), प्रौद्योगिकी (1.13 फीसदी), वाहन (0.73 फीसदी), धातु (0.61 फीसदी) और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.59 फीसदी)। बीएसई के कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 971 शेयरों में तेजी और 1331 में गिरावट दर्ज की गई जबकि 769 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। बीएसई के कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 971 शेयरों में तेजी और 1331 में गिरावट दर्ज की गई जबकि 769 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ।
संक्षिप्त सारांश: देश के शेयर बाजारों में शुक्रवार को तेजी दर्ज की गई और प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स लगभग दो साल बाद 20,000 के मनोवैज्ञानिक सीमा के ऊपर बंद हुआ।
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एक सारांश बनाओ: बेशक आंकड़े, मैदान और फ़ॉर्म के लिहाज़ से भारत-न्यूज़ीलैंड सीरीज़ से पहले जानकार टीम इंडिया पर दांव लगा रहे हैं. लेकिन इस कीवी टीम में कुछ तो अलग है जिसकी वजह से जानकार या कप्तान विराट कोहली भी इनकी ताक़त को तवज्जो दे रहे हैं. मैच किस दिन किसके पक्ष में घूमेगा, इसे लेकर दिलचस्पी ज़रूर बढ़ती जा रही है. कानपुर के ग्रीन पार्क पर जो सिलसिला क़रीब 65 साल पहले 1952 में शुरू हुआ वो मैदान अब भारतीय टीम  के 500वें और ऐतिहासिक टेस्ट का गवाह होगा.भारतीय टीम को यकीनन इस बात का अहसास है लेकिन उससे भी बड़ी बात टीम के लिए ये है कि इस सीज़न के 13 घरेलू टेस्ट इस टीम के कई खिलाड़ियों के करियर की दिशा तय कर सकते हैं. कप्तान विराट कोहली भी अपनी टीम से बड़ी उम्मीद रख रहे हैं. कप्तान विराट कोहली कहते हैं, "ये सीज़न टीम के खिलाड़ियों के करियर की दिशा तय कर सकता है. हम इनमें जीत हासिल कर इम्तिहान में कामयाब हो सकते हैं. आने वाला वक्त हमारे लिए बेहद रोमांचक है." मैच से पहले ग्रीन पार्क की पिच को लेकर अटकलें तेज़ हैं. लेकिन स्पिन का ज़ोर रहेगा इससे इंकार नहीं किया जा सकता.ऐसे में टीम इंडिया में आर अश्विन और रविन्‍द्र जडेजा की ज़िम्मेदारी ज़रूर अहम होगी.लेकिन ईश सोढी और मिचेल सैंटनर जैसे कीवी स्पिनर्स भी टीम इंडिया के बल्लेबाज़ों को कड़ा इम्तिहान ले सकते हैं. इसे न तो दिग्गज मानने से इंकार करते हैं न ही मौजूदा टीम मैनेजमेंट.टिप्पणियां विराट कहते हैं, "पिछले दिनों हमने विदेशी दौरे पर तेज़ गेंद के ख़िलाफ़ खेलने पर ज़ोर दिया  इसलिए स्पिन को तवज्जो नहीं दी. तेज़ गेंद के ख़िलाफ़ हमने अच्छा प्रदर्शन भी किया. मुझे लगता है इस पर ध्यान देने की ज़रूरत है. हम नेट्स में इसी पर ज़ोर दे रहे हैं. पिछले 28 साल से न्यूज़ीलैंड की टीम भारत में कोई टेस्ट नहीं जीत पाई है. लेकिन केन विलियम्सन की ये टीम पहले  से थोड़ी अलग नज़र आती है. कोहली का कहना है, "ये टीम सकारात्मक और अच्छा क्रिकेट खेलती है. मैक्कलम ने कीवी टीम में बेख़ौफ़ होकर खेलने की परंपरा कायम की और अब केन विलियम्सन टीम की अच्छी अगुआई कर रहे हैं. इस टीम से हम अच्छी चुनौती की उम्मीद कर रहे हैं." भारत के 500वें टेस्ट के लिए दोनों टीमों ने कमर कस ली है. ग्रीन पार्क पर मैच को लेकर बेताबी बढ़ती जा रही है. भारतीय खेलप्रेमी भी मैच से पहले ही जीत और जश्न की तैयारी कर चुके हैं. कानपुर के ग्रीन पार्क पर जो सिलसिला क़रीब 65 साल पहले 1952 में शुरू हुआ वो मैदान अब भारतीय टीम  के 500वें और ऐतिहासिक टेस्ट का गवाह होगा.भारतीय टीम को यकीनन इस बात का अहसास है लेकिन उससे भी बड़ी बात टीम के लिए ये है कि इस सीज़न के 13 घरेलू टेस्ट इस टीम के कई खिलाड़ियों के करियर की दिशा तय कर सकते हैं. कप्तान विराट कोहली भी अपनी टीम से बड़ी उम्मीद रख रहे हैं. कप्तान विराट कोहली कहते हैं, "ये सीज़न टीम के खिलाड़ियों के करियर की दिशा तय कर सकता है. हम इनमें जीत हासिल कर इम्तिहान में कामयाब हो सकते हैं. आने वाला वक्त हमारे लिए बेहद रोमांचक है." मैच से पहले ग्रीन पार्क की पिच को लेकर अटकलें तेज़ हैं. लेकिन स्पिन का ज़ोर रहेगा इससे इंकार नहीं किया जा सकता.ऐसे में टीम इंडिया में आर अश्विन और रविन्‍द्र जडेजा की ज़िम्मेदारी ज़रूर अहम होगी.लेकिन ईश सोढी और मिचेल सैंटनर जैसे कीवी स्पिनर्स भी टीम इंडिया के बल्लेबाज़ों को कड़ा इम्तिहान ले सकते हैं. इसे न तो दिग्गज मानने से इंकार करते हैं न ही मौजूदा टीम मैनेजमेंट.टिप्पणियां विराट कहते हैं, "पिछले दिनों हमने विदेशी दौरे पर तेज़ गेंद के ख़िलाफ़ खेलने पर ज़ोर दिया  इसलिए स्पिन को तवज्जो नहीं दी. तेज़ गेंद के ख़िलाफ़ हमने अच्छा प्रदर्शन भी किया. मुझे लगता है इस पर ध्यान देने की ज़रूरत है. हम नेट्स में इसी पर ज़ोर दे रहे हैं. पिछले 28 साल से न्यूज़ीलैंड की टीम भारत में कोई टेस्ट नहीं जीत पाई है. लेकिन केन विलियम्सन की ये टीम पहले  से थोड़ी अलग नज़र आती है. कोहली का कहना है, "ये टीम सकारात्मक और अच्छा क्रिकेट खेलती है. मैक्कलम ने कीवी टीम में बेख़ौफ़ होकर खेलने की परंपरा कायम की और अब केन विलियम्सन टीम की अच्छी अगुआई कर रहे हैं. इस टीम से हम अच्छी चुनौती की उम्मीद कर रहे हैं." भारत के 500वें टेस्ट के लिए दोनों टीमों ने कमर कस ली है. ग्रीन पार्क पर मैच को लेकर बेताबी बढ़ती जा रही है. भारतीय खेलप्रेमी भी मैच से पहले ही जीत और जश्न की तैयारी कर चुके हैं. कप्तान विराट कोहली कहते हैं, "ये सीज़न टीम के खिलाड़ियों के करियर की दिशा तय कर सकता है. हम इनमें जीत हासिल कर इम्तिहान में कामयाब हो सकते हैं. आने वाला वक्त हमारे लिए बेहद रोमांचक है." मैच से पहले ग्रीन पार्क की पिच को लेकर अटकलें तेज़ हैं. लेकिन स्पिन का ज़ोर रहेगा इससे इंकार नहीं किया जा सकता.ऐसे में टीम इंडिया में आर अश्विन और रविन्‍द्र जडेजा की ज़िम्मेदारी ज़रूर अहम होगी.लेकिन ईश सोढी और मिचेल सैंटनर जैसे कीवी स्पिनर्स भी टीम इंडिया के बल्लेबाज़ों को कड़ा इम्तिहान ले सकते हैं. इसे न तो दिग्गज मानने से इंकार करते हैं न ही मौजूदा टीम मैनेजमेंट.टिप्पणियां विराट कहते हैं, "पिछले दिनों हमने विदेशी दौरे पर तेज़ गेंद के ख़िलाफ़ खेलने पर ज़ोर दिया  इसलिए स्पिन को तवज्जो नहीं दी. तेज़ गेंद के ख़िलाफ़ हमने अच्छा प्रदर्शन भी किया. मुझे लगता है इस पर ध्यान देने की ज़रूरत है. हम नेट्स में इसी पर ज़ोर दे रहे हैं. पिछले 28 साल से न्यूज़ीलैंड की टीम भारत में कोई टेस्ट नहीं जीत पाई है. लेकिन केन विलियम्सन की ये टीम पहले  से थोड़ी अलग नज़र आती है. कोहली का कहना है, "ये टीम सकारात्मक और अच्छा क्रिकेट खेलती है. मैक्कलम ने कीवी टीम में बेख़ौफ़ होकर खेलने की परंपरा कायम की और अब केन विलियम्सन टीम की अच्छी अगुआई कर रहे हैं. इस टीम से हम अच्छी चुनौती की उम्मीद कर रहे हैं." भारत के 500वें टेस्ट के लिए दोनों टीमों ने कमर कस ली है. ग्रीन पार्क पर मैच को लेकर बेताबी बढ़ती जा रही है. भारतीय खेलप्रेमी भी मैच से पहले ही जीत और जश्न की तैयारी कर चुके हैं. मैच से पहले ग्रीन पार्क की पिच को लेकर अटकलें तेज़ हैं. लेकिन स्पिन का ज़ोर रहेगा इससे इंकार नहीं किया जा सकता.ऐसे में टीम इंडिया में आर अश्विन और रविन्‍द्र जडेजा की ज़िम्मेदारी ज़रूर अहम होगी.लेकिन ईश सोढी और मिचेल सैंटनर जैसे कीवी स्पिनर्स भी टीम इंडिया के बल्लेबाज़ों को कड़ा इम्तिहान ले सकते हैं. इसे न तो दिग्गज मानने से इंकार करते हैं न ही मौजूदा टीम मैनेजमेंट.टिप्पणियां विराट कहते हैं, "पिछले दिनों हमने विदेशी दौरे पर तेज़ गेंद के ख़िलाफ़ खेलने पर ज़ोर दिया  इसलिए स्पिन को तवज्जो नहीं दी. तेज़ गेंद के ख़िलाफ़ हमने अच्छा प्रदर्शन भी किया. मुझे लगता है इस पर ध्यान देने की ज़रूरत है. हम नेट्स में इसी पर ज़ोर दे रहे हैं. पिछले 28 साल से न्यूज़ीलैंड की टीम भारत में कोई टेस्ट नहीं जीत पाई है. लेकिन केन विलियम्सन की ये टीम पहले  से थोड़ी अलग नज़र आती है. कोहली का कहना है, "ये टीम सकारात्मक और अच्छा क्रिकेट खेलती है. मैक्कलम ने कीवी टीम में बेख़ौफ़ होकर खेलने की परंपरा कायम की और अब केन विलियम्सन टीम की अच्छी अगुआई कर रहे हैं. इस टीम से हम अच्छी चुनौती की उम्मीद कर रहे हैं." भारत के 500वें टेस्ट के लिए दोनों टीमों ने कमर कस ली है. ग्रीन पार्क पर मैच को लेकर बेताबी बढ़ती जा रही है. भारतीय खेलप्रेमी भी मैच से पहले ही जीत और जश्न की तैयारी कर चुके हैं. विराट कहते हैं, "पिछले दिनों हमने विदेशी दौरे पर तेज़ गेंद के ख़िलाफ़ खेलने पर ज़ोर दिया  इसलिए स्पिन को तवज्जो नहीं दी. तेज़ गेंद के ख़िलाफ़ हमने अच्छा प्रदर्शन भी किया. मुझे लगता है इस पर ध्यान देने की ज़रूरत है. हम नेट्स में इसी पर ज़ोर दे रहे हैं. पिछले 28 साल से न्यूज़ीलैंड की टीम भारत में कोई टेस्ट नहीं जीत पाई है. लेकिन केन विलियम्सन की ये टीम पहले  से थोड़ी अलग नज़र आती है. कोहली का कहना है, "ये टीम सकारात्मक और अच्छा क्रिकेट खेलती है. मैक्कलम ने कीवी टीम में बेख़ौफ़ होकर खेलने की परंपरा कायम की और अब केन विलियम्सन टीम की अच्छी अगुआई कर रहे हैं. इस टीम से हम अच्छी चुनौती की उम्मीद कर रहे हैं." भारत के 500वें टेस्ट के लिए दोनों टीमों ने कमर कस ली है. ग्रीन पार्क पर मैच को लेकर बेताबी बढ़ती जा रही है. भारतीय खेलप्रेमी भी मैच से पहले ही जीत और जश्न की तैयारी कर चुके हैं. कोहली का कहना है, "ये टीम सकारात्मक और अच्छा क्रिकेट खेलती है. मैक्कलम ने कीवी टीम में बेख़ौफ़ होकर खेलने की परंपरा कायम की और अब केन विलियम्सन टीम की अच्छी अगुआई कर रहे हैं. इस टीम से हम अच्छी चुनौती की उम्मीद कर रहे हैं." भारत के 500वें टेस्ट के लिए दोनों टीमों ने कमर कस ली है. ग्रीन पार्क पर मैच को लेकर बेताबी बढ़ती जा रही है. भारतीय खेलप्रेमी भी मैच से पहले ही जीत और जश्न की तैयारी कर चुके हैं.
न्‍यूजीलैंड के खिलाफ पहला टेस्‍ट मैच गुरुवार से खेला जाएगा विराट बोले, कीवी टीम सकारात्‍मक और अच्‍छा क्रिकेट खेलती है यह सीजन कई खिलाड़ि‍यों के करियर को देगा दिशा
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['hin']