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एक सारांश बनाओ: Housefull 4 Box Office Collection Day 3: अक्षय कुमार (Akshay Kumar), कृति सेनन, बॉबी देओल (Bobby Deol), रितेश देशमुख (Riteish Deshmukh), कृति खरबंदा और पूजा हेगड़े स्टारर हाउसफुल 4 ने दिवाली के दिन भी खूब कमाई की. यह फिल्म दर्शकों को खूब पसंद आ रही है. 25 अक्टूबर को रिलीज हुई इस फिल्म ने दमदार प्रदर्शन करते हुए तापसी पन्नू और भूमि पेडनेकर की फिल्म 'सांड की आंख' और राजकुमार राव की फिल्म 'मेड इन चाइना' को बॉक्स ऑफिस पर बिल्कुल भी टिकने नहीं दिया. बॉक्स ऑफिस इंडिया की वेबसाइट के मुताबिक 'हाउसफुल 4 (Housefull 4)' ने तीसरे दिन बॉक्स ऑफिस पर जमकर कमाई की. इस फिल्म ने दिवाली के दिन 12.5 से 13 करोड़ रुपये तक की धुंआधार कमाई की.  इस हिसाब से फिल्म ने केवल तीन दिनों में ही 49 से 50 करोड़ रुपये की कमाई कर ली है. वहीं बता दें, अक्षय कुमार (Akshay Kumar) की फिल्म 'हाउसफुल 4 (Housefull 4)' ने पहले दिन 19 से 20 करोड़ रुपये की कमाई की थी, जिसके बाद यह हाउसफुल सीरीज में अब तक की सबसे बड़ी ओपनिंग वाली फिल्म बन गई. लेकिन कमाई से इतर फिल्म 'हाउसफुल 4' समीक्षकों का दिल जीतने में  कामयाब नहीं रही है. फिल्म समीक्षक तरण आदर्श ने 'हाउसफुल 4' को केवल डेढ़ स्टार तो दिए ही हैं, साथ ही इस मूवी को 'हाउसफुल' सीरीज की सबसे कमजोर फिल्म बताई है. ट्वीट के अनुसार फिल्म लोगों को हंसाने के लिए तो पूरी ताकत लगाती है, लेकिन इसका खराब डायरेक्शन और ओवर द टॉप परफॉर्मेंस फिल्म को ले डूबा.  'हाउसफुल 4'  (Housefull 4) की कहानी 1419 के सितमगढ़ की है, जहां अक्षय (Akshay Kumar), बॉबी (Bobby Deol), रितेश, कृति, पूजा और कृति (Kriti Sanon) एक दूसरे से प्यार करते हैं, लेकिन कुछ वजहों से ये जुदा हो जाते हैं. छह सौ साल बाद तीनों जोड़े पुनर्जन्म लेते हैं, और इसके बाद फिर शुरू होती है हाउसफुल टाइप कन्फ्यूजन. कपल्स का मिस मैच और एक के बाद एक ढेर सारे कैमियो. कुल मिलाकर हाउसफुल 4 को पहले तीन पार्ट की तर्ज पर ही गढ़ने की कोशिश की गई है. कहानी बेहद कमजोर है. जबरदस्ती के जोक्स ठूंसे गए हैं, और कई जगह तो हंसी भी नहीं आती है. डायलॉग्स बहुत ही फीके हैं.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: अक्षय कुमार की फिल्म 'हाउसफुल 4' ने तीसरे दिन किया इतना कलेक्शन 25 अक्टूबर को रिलीज हुई थी फिल्म बॉक्स ऑफिस पर मचा दिया धमाल
32
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: मुद्रास्फीति पर अंकुश लगाने के लिए रिजर्व बैंक द्वारा ब्याज दरों में अनुमान से अधिक बढ़ोतरी किए जाने से वाहन, रीयल्टी और बैंकिंग शेयरों में जबर्दस्त बिकवाली हुई जिससे बीएसई सेंसेक्स 353 अंक तक टूट गया। 30 शेयरों वाले सेंसेक्स में शुरुआती कारोबार में तेजी का रुख रहा। लेकिन ब्याज दरें बढ़ाए जाने की घोषणा के कुछ मिनटों में यह टूटने लगा और 353.07 अंक की गिरावट के साथ 18,518.22 अंक पर बंद हुआ। इससे पहले सेंसेक्स ने यह स्तर 20 जून को देखा था। इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 105.45 अंक टूटकर 5,574.85 अंक पर बंद हुआ। रिजर्व बैंक ने 2011-12 के लिए पहली मौद्रिक नीति की समीक्षा में रेपो और रिवर्स रेपो दरें आधा-आधा प्रतिशत तक बढ़ा दी। बाजार को रिजर्व बैंक द्वारा नीतिगत दरों में चौथाई प्रतिशत की बढ़ोतरी किए जाने की उम्मीद थी। साथ ही, आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष के अंत तक मुद्रास्फीति का अनुमान भी पहले के छह प्रतिशत के मुकाबले बढ़ाकर 7 प्रतिशत कर दिया है। बिकवाली की मार सबसे अधिक एलएंडटी, एसबीआई, आईसीआईसीआई बैंक और एचडीएफसी पर पड़ी। बाजार अनुमान से बेहतर नतीजे पेश करने वाली आरआईएल का शेयर भी बिकवाली की मार से नहीं बच सका। ब्रोकरों ने कहा कि बाजार नीतिगत दरों में चौथाई प्रतिशत की बढ़ोतरी की उम्मीद किए बैठा था, लेकिन आधा प्रतिशत की बढ़ोतरी ने बाजार को चकित कर दिया।
यहाँ एक सारांश है:रिजर्व बैंक द्वारा ब्याज दरों में अनुमान से अधिक बढ़ोतरी किए जाने से वाहन, रीयल्टी और बैंकिंग शेयरों में जबर्दस्त बिकवाली हुई।
4
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को आज उस वक्‍त बड़ा झटका लगा, जब दिल्ली उच्च न्यायालय ने वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा उनके और आम आदमी पार्टी के अन्य नेताओं के खिलाफ दायर मानहानि के फौजदारी मामले मे निचली अदालत की कार्यवाही पर रोक लगाने की उनकी याचिका खारिज कर दी. अदालत ने कहा कि 'इसमें दम नहीं है'. न्यायमूर्ति पीएस तेजी ने कहा, 'मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट के समक्ष अदालत की कार्यवाही स्थगित करने के याचिकाकर्ता के अनुरोध को खारिज किया जाता है, क्योंकि इसमें दम नहीं है और मौजूदा याचिका खारिज की जाती है'. अदालत ने कहा, 'इस अदालत के समक्ष कुछ भी ऐसा नहीं पेश किया गया, जिससे यह लगे कि सीएमएम के समक्ष फौजदारी कार्यवाही कानूनी प्रक्रिया का दुरूपयोग है और न्याय के लिए इस अदालत के आदेश की आवश्यकता है'. अदालत ने कहा कि 'इस अदालत की राय है कि सीएमएम का 19 मई 2016 का आदेश, जिसमें कार्यवाही जारी रखने की बात की गई थी, वह दुराग्रह, अनौचित्य, अवैधता और टिकने लायक नहीं होने की बातों से मुक्त है. इसलिए अदालत सीआरपीसी की धारा 482 के तहत अंतर्निहित अधिकार क्षेत्र का इस्तेमाल करने पर मजबूर नहीं है. टिप्पणियां उल्‍लेखनीय है कि केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के अन्‍य पांच नेताओं के खिलाफ जेटली ने यह केस दायर किया था. उन पर सार्वजनिक रूप से भ्रष्‍टाचार का आरोप लगाया था. केजरीवाल ने जेटली को डीडीसीए में कथित भ्रष्‍टाचार में शामिल होने का आरोप लगाया था. उच्च न्यायालय ने केजरीवाल के उस अनुरोध पर 25 जुलाई को अपना फैसला सुरक्षित रखा था जिसमें निचली अदालत के 19 मई के आदेश को चुनौती दी गई थी. न्यायमूर्ति पीएस तेजी ने कहा, 'मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट के समक्ष अदालत की कार्यवाही स्थगित करने के याचिकाकर्ता के अनुरोध को खारिज किया जाता है, क्योंकि इसमें दम नहीं है और मौजूदा याचिका खारिज की जाती है'. अदालत ने कहा, 'इस अदालत के समक्ष कुछ भी ऐसा नहीं पेश किया गया, जिससे यह लगे कि सीएमएम के समक्ष फौजदारी कार्यवाही कानूनी प्रक्रिया का दुरूपयोग है और न्याय के लिए इस अदालत के आदेश की आवश्यकता है'. अदालत ने कहा कि 'इस अदालत की राय है कि सीएमएम का 19 मई 2016 का आदेश, जिसमें कार्यवाही जारी रखने की बात की गई थी, वह दुराग्रह, अनौचित्य, अवैधता और टिकने लायक नहीं होने की बातों से मुक्त है. इसलिए अदालत सीआरपीसी की धारा 482 के तहत अंतर्निहित अधिकार क्षेत्र का इस्तेमाल करने पर मजबूर नहीं है. टिप्पणियां उल्‍लेखनीय है कि केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के अन्‍य पांच नेताओं के खिलाफ जेटली ने यह केस दायर किया था. उन पर सार्वजनिक रूप से भ्रष्‍टाचार का आरोप लगाया था. केजरीवाल ने जेटली को डीडीसीए में कथित भ्रष्‍टाचार में शामिल होने का आरोप लगाया था. उच्च न्यायालय ने केजरीवाल के उस अनुरोध पर 25 जुलाई को अपना फैसला सुरक्षित रखा था जिसमें निचली अदालत के 19 मई के आदेश को चुनौती दी गई थी. अदालत ने कहा कि 'इस अदालत की राय है कि सीएमएम का 19 मई 2016 का आदेश, जिसमें कार्यवाही जारी रखने की बात की गई थी, वह दुराग्रह, अनौचित्य, अवैधता और टिकने लायक नहीं होने की बातों से मुक्त है. इसलिए अदालत सीआरपीसी की धारा 482 के तहत अंतर्निहित अधिकार क्षेत्र का इस्तेमाल करने पर मजबूर नहीं है. टिप्पणियां उल्‍लेखनीय है कि केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के अन्‍य पांच नेताओं के खिलाफ जेटली ने यह केस दायर किया था. उन पर सार्वजनिक रूप से भ्रष्‍टाचार का आरोप लगाया था. केजरीवाल ने जेटली को डीडीसीए में कथित भ्रष्‍टाचार में शामिल होने का आरोप लगाया था. उच्च न्यायालय ने केजरीवाल के उस अनुरोध पर 25 जुलाई को अपना फैसला सुरक्षित रखा था जिसमें निचली अदालत के 19 मई के आदेश को चुनौती दी गई थी. उल्‍लेखनीय है कि केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के अन्‍य पांच नेताओं के खिलाफ जेटली ने यह केस दायर किया था. उन पर सार्वजनिक रूप से भ्रष्‍टाचार का आरोप लगाया था. केजरीवाल ने जेटली को डीडीसीए में कथित भ्रष्‍टाचार में शामिल होने का आरोप लगाया था. उच्च न्यायालय ने केजरीवाल के उस अनुरोध पर 25 जुलाई को अपना फैसला सुरक्षित रखा था जिसमें निचली अदालत के 19 मई के आदेश को चुनौती दी गई थी. उच्च न्यायालय ने केजरीवाल के उस अनुरोध पर 25 जुलाई को अपना फैसला सुरक्षित रखा था जिसमें निचली अदालत के 19 मई के आदेश को चुनौती दी गई थी.
यह एक सारांश है: आप के अन्‍य पांच नेताओं के खिलाफ भी जेटली ने यह केस दायर किया था याचिका में कोई दम नहीं है. यह खारिज की जाती है' : हाईकोर्ट न्याय के लिए इस अदालत के आदेश की आवश्यकता है : दिल्ली हाईकोर्ट
24
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: बिहार में राष्ट्रीय जनता दल में जब से तेजप्रताप यादव सक्रिय हुए हैं वे खुद और अपनी पार्टी को सुर्खियों में तो रखते ही हैं, निगेटिव खबरों के कारण भी चर्चा में बने रहते हैं. पटना की पाटलिपुत्र सीट पर उन्होंने अपनी बहन और राज्यसभा सदस्य मीसा भारती की दावेदारी का समर्थन कर दिया. अब तेजस्वी यादव को इस पर सफाई देनी पड़ रही है. शुक्रवार को तेजप्रताप यादव के बयान पर तेजस्वी से जब प्रतिक्रिया पूछी गई तो उनका कहना था कि क्या कैमरों पर ही बात होगी? और क्या पार्टी के संसदीय दल और लालूजी का कोई महत्व नहीं है? आखिर वे लोग क्या करेंगे. तेजस्वी के इस बयान से साफ है कि वे अपने बड़े भाई तेजप्रताप यादव के बयान से असहमत हैं और एक बार फिर सार्वजनिक रूप से बिना उनका नाम लिए उन्हें नसीहत दे दी है कि आखिरी फैसला या तो पार्टी का संसदीय बोर्ड करेगा या हर बार की तरह हर उम्मीदवार और सीट का चयन पार्टी सुप्रीमो लालू यादव करेंगे. तेजस्वी ने कहा कि अभी सीटों के बारे में ही सहयोगी दलों के बीच महागठबंधन में सामंजस्य नहीं बना है तो ये सवाल कहां से आता है कि कौन व्यक्ति कहां से लड़ेगा? तेजस्वी ने साफ कहा कि इसका कोई मतलब नहीं है. आपस में ही लोग ऐसी बातें कर लें, बांट लें और खेल लें. तेजस्वी ने साफ किया कि पहले महागठबंधन में सीटों की संख्या के ऊपर फैसला होगा और उसके बाद उम्मीदवारों के चयन पर. सब दल अपने-अपने हिसाब से फैसला लेंगे. लेकिन ये कब तक हो पाएगा, इस पर उन्होंने खुलकर कुछ भी नहीं कहा.
यहाँ एक सारांश है:तेजस्वी ने कहा- क्या पार्टी के संसदीय दल और लालूजी का कोई महत्व नहीं है? संसदीय बोर्ड या पार्टी सुप्रीमो लालू करेंगे हर उम्मीदवार और सीट का चयन महागठबंधन में सीटों की संख्या के बाद उम्मीदवारों के चयन पर बात होगी
4
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में मौदहा थाने के एक गांव में चुनावी रंजिश को लेकर बसपा समर्थक युवक की शनिवार को गोली मार कर हत्या कर दी गई। पुलिस ने सपा की झंडा लगी जीप में सवार होकर भाग रहे चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से हत्या में प्रयुक्त असलहे बरामद किए हैं।टिप्पणियां हमीरपुर जनपद के मौदहा कोतवाली के परछा गांव में शनिवार को विधानसभा चुनाव में हुए मामूली विवाद को लेकर सलमान खां (22) को गोली मार दी, अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। मौदहा से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) उम्मीदवार रहे फतेह खान ने बताया कि विधानसभा चुनाव में मृतक युवक उनका प्रचार करता रहा है, चुनाव प्रचार को लेकर मतदान के दिन भी आरोपियों से विवाद हुआ था। पुलिस क्षेत्राधिकारी मौदहा रमेश भारतीय ने बताया कि एक बुलेरो जीप से पौथिया की ओर जा रहे आरोपी रऊफ, जावेद, परवेज व बच्चा बाबू को छानी बुजुर्ग गांव के पास से बिवांर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, आरोपियों के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त लाइसेंसी रायफल व एक देशी तमंचा व जीप भी बरामद की गयी है। पुलिस आरोपियों से हत्या के कारणों की जानकारी ले रही है। हमीरपुर जनपद के मौदहा कोतवाली के परछा गांव में शनिवार को विधानसभा चुनाव में हुए मामूली विवाद को लेकर सलमान खां (22) को गोली मार दी, अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। मौदहा से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) उम्मीदवार रहे फतेह खान ने बताया कि विधानसभा चुनाव में मृतक युवक उनका प्रचार करता रहा है, चुनाव प्रचार को लेकर मतदान के दिन भी आरोपियों से विवाद हुआ था। पुलिस क्षेत्राधिकारी मौदहा रमेश भारतीय ने बताया कि एक बुलेरो जीप से पौथिया की ओर जा रहे आरोपी रऊफ, जावेद, परवेज व बच्चा बाबू को छानी बुजुर्ग गांव के पास से बिवांर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, आरोपियों के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त लाइसेंसी रायफल व एक देशी तमंचा व जीप भी बरामद की गयी है। पुलिस आरोपियों से हत्या के कारणों की जानकारी ले रही है। पुलिस क्षेत्राधिकारी मौदहा रमेश भारतीय ने बताया कि एक बुलेरो जीप से पौथिया की ओर जा रहे आरोपी रऊफ, जावेद, परवेज व बच्चा बाबू को छानी बुजुर्ग गांव के पास से बिवांर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, आरोपियों के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त लाइसेंसी रायफल व एक देशी तमंचा व जीप भी बरामद की गयी है। पुलिस आरोपियों से हत्या के कारणों की जानकारी ले रही है।
संक्षिप्त पाठ: उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में मौदहा थाने के एक गांव में चुनावी रंजिश को लेकर बसपा समर्थक युवक की शनिवार को गोली मार कर हत्या कर दी गई।
27
['hin']
एक सारांश बनाओ: रॉबर्ट वाड्रा से मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में ED ने चौथी बार बुधवार को फिर पूछताछ की. पूछताछ में लंदन समेत उनकी तमाम संपत्तियों की जानकारी ली गई. बुधवार को सुबह रॉबर्ट वाड्रा मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में पूछताछ के लिए ईडी के दफ्तर पहुंचे. वाड्रा से करीब साढ़े तीन घंटे पूछताछ चली. पूछताछ के बाद वाड्रा बाहर निकले तो उनके समर्थक ईडी दफ्तर के बाहर ही प्रियंका गांधी जिंदाबाद, रॉबर्ट वाड्रा जिंदाबाद और चौकीदार चोर है के नारे लगाने लगे. इस बात से नाराज ED के वकील ने पिछली सुनवाई में कोर्ट में कहा था कि रॉबर्ट वाड्रा भीड़ की शक्ल में बारात लेकर आते हैं. रॉबर्ट वाड्रा से उनकी लंदन से लेकर भारत में तमाम संपत्तियों में के बारे में पूछताछ हुई. इस बार की पूछताछ सीसी थंपू को लेकर हुई. थंपू दुबई में रहता है और आरोप है कि लंदन की बेनामी संपत्तियों की खरीद फरोख्त में उसने वाड्रा का न सिर्फ सहयोग किया बल्कि सेल कंपनी के जरिए संपत्ति भी खरीदी. हालांकि अब तक वाड्रा लंदन में अपनी किसी संपत्ति के होने से इनकार ही कर रहे हैं. उनका कहना कि थंपू या आर्म्स डीलर संजय भंडारी से उनके कोई कारोबारी रिश्ते नहीं हैं. आरोप है कि पेट्रोलियम और एक डिफेंस डील के एवज़ में संजय भंडारी के जरिए वाड्रा को लंदन में संपत्तियां दी गईं. संपत्तियों की यह खरीद फरोख्त सेल कंपनियों के जरिए हुई. ये काम वाड्रा का करीबी मनोज अरोड़ा देख रहा था. इसका खुलासा संजय भंडारी उसके रिश्तेदार सुमित चड्डा और रॉबर्ट वाड्रा के बीच हुए ईमेलों से हुआ. यह सभी संपत्तियां 2009 से 2010 के बीच खरीदी गईं. संजय भंडारी और सुमित चड्डा दोनों देश छोड़कर भाग गए हैं, इसलिए उनसे पूछताछ नहीं हो सकी है.
यहाँ एक सारांश है:थंपू ने कथित रूप से संपत्तियों की खरीद में वाड्रा की मदद की रॉबर्ट वाड्रा से ईडी ने करीब साढ़े तीन घंटे तक की पूछताछ मौजूद समर्थकों ने वाड्रा और प्रियंका के जिंदाबाद के नारे लगाए
15
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: दिल्ली दुष्कर्म पर मचे बवाल पर चीन के एक प्रभावशाली अखबार ने अपनी आलोचनात्मक टिप्पणी में कहा है कि भारत का "अक्षम और विषम लोकतंत्र" सामाजिक बुराइयों का हल मुहैया नहीं करा सकता। दिल्ली दुष्कर्म पीड़िता की मौत के बाद ग्लोबल टाइम्स ने लिखा है, "भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था जाहिर तौर पर इस प्रकार की समस्याओं का हल नहीं करती, बल्कि इन्हें वैधानिकता प्रदान करती है।" अखबार के लिए लिन सू ने अपने लेख में लिखा है, "भारतीय लोकतंत्र अब कुछ चुनिंदा कुलीनों और हितसाधक समूहों के हाथों की कठपुतली होकर रह गया है। इसी ने देश में मौजूदा विरोध प्रदर्शनों और अगस्त महीने में भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन को बल दिया।" सू ने नई दिल्ली की सड़कों पर चल रहे प्रदर्शन को चीन के लिए एक सबक बताया है। लेखक ने कहा है, "छह दशक पहले चीन और भारत समान विकास दर वाले देश थे, लेकिन चीन के सुधार कार्यक्रम शुरू करने और खुलापन लाने के बाद दोनों में भारी अंतर आ गया। विश्लेषण करने पर पता चलता है कि आर्थिक विकास के लिहाज से भारत, चीन से एक दशक पीछे और सामाजिक विकास के लिहाज से तीन दशक पीछे है।" लेख में यह भी कहा गया है कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश भारत को पश्चिम में इसकी व्यवस्था के कारण अत्यंत संभावनाशील की निगाह से देखा जाता है। लेकिन, एक अक्षम और विषम लोकतंत्र इस संभावना का दोहन करने में सक्षम नहीं होता। भारत सरकार की आलोचना धीमी प्रतिक्रिया के लिए की जाती है और देश की कानून लागू करने वाली पद्धति लापरवाह मानी जाती है।टिप्पणियां अखबार ने लिखा है कि भारत में अदालतों तक पहुंचे दुष्कर्म के मामलों में 26 प्रतिशत में ही सजा हो पाती है। इसके अलावा देश की महिलाओं को दोयम दर्जे का बनाने वाली परंपरागत समाजिक संस्कृति की निंदा की जानी चाहिए। लोकतंत्र राष्ट्रीय राजनीति और सरकार की निगरानी में लोगों की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करे। प्रभावी लोकतंत्र का दायरा चुनावी राजनीति से कहीं ज्यादा बड़ा होता है। अपने धुर विचारों के लिए माने जाने वाले ग्लोबल टाम्स ने नई दिल्ली में 2011 में 572 दुष्कर्म की घटनाओं का आंकड़ा पेश करते हुए कहा है कि बीते 40 सालों में देश में दुष्कर्म की घटनाओं में सातगुनी वृद्धि हुई है। दिल्ली दुष्कर्म पीड़िता की मौत के बाद ग्लोबल टाइम्स ने लिखा है, "भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था जाहिर तौर पर इस प्रकार की समस्याओं का हल नहीं करती, बल्कि इन्हें वैधानिकता प्रदान करती है।" अखबार के लिए लिन सू ने अपने लेख में लिखा है, "भारतीय लोकतंत्र अब कुछ चुनिंदा कुलीनों और हितसाधक समूहों के हाथों की कठपुतली होकर रह गया है। इसी ने देश में मौजूदा विरोध प्रदर्शनों और अगस्त महीने में भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन को बल दिया।" सू ने नई दिल्ली की सड़कों पर चल रहे प्रदर्शन को चीन के लिए एक सबक बताया है। लेखक ने कहा है, "छह दशक पहले चीन और भारत समान विकास दर वाले देश थे, लेकिन चीन के सुधार कार्यक्रम शुरू करने और खुलापन लाने के बाद दोनों में भारी अंतर आ गया। विश्लेषण करने पर पता चलता है कि आर्थिक विकास के लिहाज से भारत, चीन से एक दशक पीछे और सामाजिक विकास के लिहाज से तीन दशक पीछे है।" लेख में यह भी कहा गया है कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश भारत को पश्चिम में इसकी व्यवस्था के कारण अत्यंत संभावनाशील की निगाह से देखा जाता है। लेकिन, एक अक्षम और विषम लोकतंत्र इस संभावना का दोहन करने में सक्षम नहीं होता। भारत सरकार की आलोचना धीमी प्रतिक्रिया के लिए की जाती है और देश की कानून लागू करने वाली पद्धति लापरवाह मानी जाती है।टिप्पणियां अखबार ने लिखा है कि भारत में अदालतों तक पहुंचे दुष्कर्म के मामलों में 26 प्रतिशत में ही सजा हो पाती है। इसके अलावा देश की महिलाओं को दोयम दर्जे का बनाने वाली परंपरागत समाजिक संस्कृति की निंदा की जानी चाहिए। लोकतंत्र राष्ट्रीय राजनीति और सरकार की निगरानी में लोगों की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करे। प्रभावी लोकतंत्र का दायरा चुनावी राजनीति से कहीं ज्यादा बड़ा होता है। अपने धुर विचारों के लिए माने जाने वाले ग्लोबल टाम्स ने नई दिल्ली में 2011 में 572 दुष्कर्म की घटनाओं का आंकड़ा पेश करते हुए कहा है कि बीते 40 सालों में देश में दुष्कर्म की घटनाओं में सातगुनी वृद्धि हुई है। अखबार के लिए लिन सू ने अपने लेख में लिखा है, "भारतीय लोकतंत्र अब कुछ चुनिंदा कुलीनों और हितसाधक समूहों के हाथों की कठपुतली होकर रह गया है। इसी ने देश में मौजूदा विरोध प्रदर्शनों और अगस्त महीने में भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन को बल दिया।" सू ने नई दिल्ली की सड़कों पर चल रहे प्रदर्शन को चीन के लिए एक सबक बताया है। लेखक ने कहा है, "छह दशक पहले चीन और भारत समान विकास दर वाले देश थे, लेकिन चीन के सुधार कार्यक्रम शुरू करने और खुलापन लाने के बाद दोनों में भारी अंतर आ गया। विश्लेषण करने पर पता चलता है कि आर्थिक विकास के लिहाज से भारत, चीन से एक दशक पीछे और सामाजिक विकास के लिहाज से तीन दशक पीछे है।" लेख में यह भी कहा गया है कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश भारत को पश्चिम में इसकी व्यवस्था के कारण अत्यंत संभावनाशील की निगाह से देखा जाता है। लेकिन, एक अक्षम और विषम लोकतंत्र इस संभावना का दोहन करने में सक्षम नहीं होता। भारत सरकार की आलोचना धीमी प्रतिक्रिया के लिए की जाती है और देश की कानून लागू करने वाली पद्धति लापरवाह मानी जाती है।टिप्पणियां अखबार ने लिखा है कि भारत में अदालतों तक पहुंचे दुष्कर्म के मामलों में 26 प्रतिशत में ही सजा हो पाती है। इसके अलावा देश की महिलाओं को दोयम दर्जे का बनाने वाली परंपरागत समाजिक संस्कृति की निंदा की जानी चाहिए। लोकतंत्र राष्ट्रीय राजनीति और सरकार की निगरानी में लोगों की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करे। प्रभावी लोकतंत्र का दायरा चुनावी राजनीति से कहीं ज्यादा बड़ा होता है। अपने धुर विचारों के लिए माने जाने वाले ग्लोबल टाम्स ने नई दिल्ली में 2011 में 572 दुष्कर्म की घटनाओं का आंकड़ा पेश करते हुए कहा है कि बीते 40 सालों में देश में दुष्कर्म की घटनाओं में सातगुनी वृद्धि हुई है। लेखक ने कहा है, "छह दशक पहले चीन और भारत समान विकास दर वाले देश थे, लेकिन चीन के सुधार कार्यक्रम शुरू करने और खुलापन लाने के बाद दोनों में भारी अंतर आ गया। विश्लेषण करने पर पता चलता है कि आर्थिक विकास के लिहाज से भारत, चीन से एक दशक पीछे और सामाजिक विकास के लिहाज से तीन दशक पीछे है।" लेख में यह भी कहा गया है कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश भारत को पश्चिम में इसकी व्यवस्था के कारण अत्यंत संभावनाशील की निगाह से देखा जाता है। लेकिन, एक अक्षम और विषम लोकतंत्र इस संभावना का दोहन करने में सक्षम नहीं होता। भारत सरकार की आलोचना धीमी प्रतिक्रिया के लिए की जाती है और देश की कानून लागू करने वाली पद्धति लापरवाह मानी जाती है।टिप्पणियां अखबार ने लिखा है कि भारत में अदालतों तक पहुंचे दुष्कर्म के मामलों में 26 प्रतिशत में ही सजा हो पाती है। इसके अलावा देश की महिलाओं को दोयम दर्जे का बनाने वाली परंपरागत समाजिक संस्कृति की निंदा की जानी चाहिए। लोकतंत्र राष्ट्रीय राजनीति और सरकार की निगरानी में लोगों की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करे। प्रभावी लोकतंत्र का दायरा चुनावी राजनीति से कहीं ज्यादा बड़ा होता है। अपने धुर विचारों के लिए माने जाने वाले ग्लोबल टाम्स ने नई दिल्ली में 2011 में 572 दुष्कर्म की घटनाओं का आंकड़ा पेश करते हुए कहा है कि बीते 40 सालों में देश में दुष्कर्म की घटनाओं में सातगुनी वृद्धि हुई है। लेख में यह भी कहा गया है कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश भारत को पश्चिम में इसकी व्यवस्था के कारण अत्यंत संभावनाशील की निगाह से देखा जाता है। लेकिन, एक अक्षम और विषम लोकतंत्र इस संभावना का दोहन करने में सक्षम नहीं होता। भारत सरकार की आलोचना धीमी प्रतिक्रिया के लिए की जाती है और देश की कानून लागू करने वाली पद्धति लापरवाह मानी जाती है।टिप्पणियां अखबार ने लिखा है कि भारत में अदालतों तक पहुंचे दुष्कर्म के मामलों में 26 प्रतिशत में ही सजा हो पाती है। इसके अलावा देश की महिलाओं को दोयम दर्जे का बनाने वाली परंपरागत समाजिक संस्कृति की निंदा की जानी चाहिए। लोकतंत्र राष्ट्रीय राजनीति और सरकार की निगरानी में लोगों की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करे। प्रभावी लोकतंत्र का दायरा चुनावी राजनीति से कहीं ज्यादा बड़ा होता है। अपने धुर विचारों के लिए माने जाने वाले ग्लोबल टाम्स ने नई दिल्ली में 2011 में 572 दुष्कर्म की घटनाओं का आंकड़ा पेश करते हुए कहा है कि बीते 40 सालों में देश में दुष्कर्म की घटनाओं में सातगुनी वृद्धि हुई है। भारत सरकार की आलोचना धीमी प्रतिक्रिया के लिए की जाती है और देश की कानून लागू करने वाली पद्धति लापरवाह मानी जाती है।टिप्पणियां अखबार ने लिखा है कि भारत में अदालतों तक पहुंचे दुष्कर्म के मामलों में 26 प्रतिशत में ही सजा हो पाती है। इसके अलावा देश की महिलाओं को दोयम दर्जे का बनाने वाली परंपरागत समाजिक संस्कृति की निंदा की जानी चाहिए। लोकतंत्र राष्ट्रीय राजनीति और सरकार की निगरानी में लोगों की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करे। प्रभावी लोकतंत्र का दायरा चुनावी राजनीति से कहीं ज्यादा बड़ा होता है। अपने धुर विचारों के लिए माने जाने वाले ग्लोबल टाम्स ने नई दिल्ली में 2011 में 572 दुष्कर्म की घटनाओं का आंकड़ा पेश करते हुए कहा है कि बीते 40 सालों में देश में दुष्कर्म की घटनाओं में सातगुनी वृद्धि हुई है। अखबार ने लिखा है कि भारत में अदालतों तक पहुंचे दुष्कर्म के मामलों में 26 प्रतिशत में ही सजा हो पाती है। इसके अलावा देश की महिलाओं को दोयम दर्जे का बनाने वाली परंपरागत समाजिक संस्कृति की निंदा की जानी चाहिए। लोकतंत्र राष्ट्रीय राजनीति और सरकार की निगरानी में लोगों की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करे। प्रभावी लोकतंत्र का दायरा चुनावी राजनीति से कहीं ज्यादा बड़ा होता है। अपने धुर विचारों के लिए माने जाने वाले ग्लोबल टाम्स ने नई दिल्ली में 2011 में 572 दुष्कर्म की घटनाओं का आंकड़ा पेश करते हुए कहा है कि बीते 40 सालों में देश में दुष्कर्म की घटनाओं में सातगुनी वृद्धि हुई है। लोकतंत्र राष्ट्रीय राजनीति और सरकार की निगरानी में लोगों की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करे। प्रभावी लोकतंत्र का दायरा चुनावी राजनीति से कहीं ज्यादा बड़ा होता है। अपने धुर विचारों के लिए माने जाने वाले ग्लोबल टाम्स ने नई दिल्ली में 2011 में 572 दुष्कर्म की घटनाओं का आंकड़ा पेश करते हुए कहा है कि बीते 40 सालों में देश में दुष्कर्म की घटनाओं में सातगुनी वृद्धि हुई है।
संक्षिप्त पाठ: दिल्ली दुष्कर्म पर मचे बवाल पर चीन के एक प्रभावशाली अखबार ने अपनी आलोचनात्मक टिप्पणी में कहा है कि भारत का "अक्षम और विषम लोकतंत्र" सामाजिक बुराइयों का हल मुहैया नहीं करा सकती।
27
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पीड़ित महिला तिसा रोवे (Tisha Rowe) और उनका बेटा जमैका में एक हफ्ता बिताने के बाद यूएस वापस लौट रहे थे. जब रोवे किंग्सटन एयरपोर्ट पहुंची तो उन्होंने महसूस किया कि वह पसीने से भीग चुकी हैं. इसलिए वह बोर्डिंग से पहले खुद को सुखाने के लिए बाथरूम में चली गईं. उन्होंने बताया, 'मैंने खुद को देखा, मैं जानती थी कि मैं सामने से और पीछे से कैसी लग रही थी.' इसके बाद रोवे अपने बेटे के साथ प्लेन में चढ़ीं. लेकिन फ्लाइट की एक महिला अटेंडेंट उन्हें बात करने के बहाने बाहर ले गईं.  अटेंडेंट ने रोवे से पूछा कि क्या उनके पास जैकेट है. अगर नहीं है तो आप इस ड्रेस में प्लेन के अंदर नहीं जा सकतीं. रोवे ने बताया कि वह यात्रा के समय रिस्क नहीं लेना चाहती थीं इसलिए उन्होंने अटेंडेंट से कंबल मांगा. इस दौरान अटेंडेंट लगातार यह कहती रही कि आप खुद को ढके बिना प्लेन में नहीं जा सकती.  इसके बाद रोवे और उनका बेटा अपनी सीट पर आ गए. रोवे के बेटे ने अपना चेहरा कंबल से ढक लिया और रोने लगा. बच्चे ने अपनी मां रोवे से कहा कि वह नियमों का पालन करें. इसके बाद रोवे ने बताया कि वह अपने बेटे को समझाने की कोशिश कर रही हैं कि उन्होंने कोई नियम नहीं तोड़ा था.  रोवे ने अपने ट्विटर अकाउंट पर इस मामले से जुड़ी तस्वीर भी शेयर की है. उन्होंने लिखा, 'मैंने यात्रा के समय यही ड्रेस पहनी थी जब अमेरिकन एयरलाइन ने बात करने का हवाला देकर प्लेन से नीचे उतार गया. आखिर किस वजह से मुझे खुद को ढककर आने के लिए कहा गया. मुझे धमकाया गया कि खुद को ढककर आओ नहीं तो फ्लाइट में नहीं जाने दिया जाएगा. ऐसे में मुझे कंबल लपेटकर जाना पड़ा.'
यहाँ एक सारांश है:ह्यूस्टन की एक महिला के साथ प्लेन में अजीब घटना हुई महिला और उसके 8 साल के बेटे को प्लेन से नीचे उतारा कहा- खुद को ढककर आओ तभी प्लेन में अंदर आ सकती हो
12
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: शिवाजी पार्क से शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे का अस्थायी समाधि को आखिरकार हटा लिया गया है। बीती रात शिवसैनिकों ने बांस की बड़ी बल्लियां लगाकर चबूतरे को हटाने की प्रक्रिया शुरू की। वैसे, अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि बाल ठाकरे की समाधि कहां बनेगी। 18 नवंबर को उन्हें मुखाग्नि देने के बाद से ही शिवाजी पार्क में समाधि स्थल की मांग उठ रही थी। पहले शिवसेना नेताओें ने कहा कि किसी भी कीमत पर वह बाल ठाकरे की समाधि को नहीं हटाएंगे, लेकिन बाद में पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने सोमवार को अस्थायी समाधि को हटाने की बात कहकर स्टैंड में थोड़ी नरमी के संकेत दिए। सरकार ने भी साफ कर दिया था कि चूंकि शिवाजी पार्क धरोहर घोषित हो चुका है इसलिए वहां किसी भी तरह का निर्माण मुमकिन नहीं है। 18 नवंबर को उन्हें मुखाग्नि देने के बाद से ही शिवाजी पार्क में समाधि स्थल की मांग उठ रही थी। पहले शिवसेना नेताओें ने कहा कि किसी भी कीमत पर वह बाल ठाकरे की समाधि को नहीं हटाएंगे, लेकिन बाद में पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने सोमवार को अस्थायी समाधि को हटाने की बात कहकर स्टैंड में थोड़ी नरमी के संकेत दिए। सरकार ने भी साफ कर दिया था कि चूंकि शिवाजी पार्क धरोहर घोषित हो चुका है इसलिए वहां किसी भी तरह का निर्माण मुमकिन नहीं है।
शिवाजी पार्क से शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे की अस्थायी समाधि को आखिरकार हटा लिया गया है। वैसे, अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि बाल ठाकरे की समाधि कहां बनेगी।
6
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: फिल्म "जग्गा जासूस" के निर्माता ने आने वाले गीत 'मुसाफिर' के पर्दे के पीछे के दृश्यों का एक वीडियो जारी किया है. जग्गा जासूस के प्रमुख अभिनेता रणबीर कपूर उर्फ जग्गा और कटरीना कैफ उर्फ श्रुति फिल्म का एक ओर गीत "मुसाफिर" को अपने प्रसंशको के सामने पेश करने के लिए तैयार हैं. गीत के इस टीज़र में रणबीर कपूर और कैटरीना कैफ जग्गा के पिताजी को खोजते हुए नजर आ रहे हैं. पर्दे के पीछे के इस वीडियो में फिल्म के प्रमुख अभिनेता संगीत कलाकार प्रीतम के साथ अनौपचारिक बात करते हुए भी नजर आ रहे हैं. फिल्म के निर्माता अपने विभिन्न अनूठे तरीकों से दर्शकों के मनोरंजन में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं. फिल्म दुनिया भर के दर्शकों के लिए संगीतमय मनोरंजन का माध्यम बन रही है.टिप्पणियां जग्गा जासूस में प्रमुख रूप से जग्गा और श्रुति के कई उतार-चढ़ाव और साथ ही कई साहसी क्षणों को दिखाया जाएगा. फिल्म के ट्रेलर और गानों ने जग्गा की दुनिया को देखने के लिए दर्शकों को ओर भी ज्यादा उत्सुक कर दिया है. यह फिल्म एक साहसी नाटक है जिसमें रणबीर का किरदार उनके लापता पिता की तलाश में है. अनुराग बसु द्वारा निर्देशित, डिजनी और पिक्चर शुरू प्रोडक्शन की जग्गा जासूस 14 जुलाई 2017 को सिनेमाघरों में दस्तक देने के लिए तैयार है. फिल्म में रणबीर कपूर और कटरीना कैफ प्रमुख भूमिकाएं निभाएंगे. प्रीतम फिल्म के संगीत की रचना कर इसमें चार चांद लगाएंगे. गीत के इस टीज़र में रणबीर कपूर और कैटरीना कैफ जग्गा के पिताजी को खोजते हुए नजर आ रहे हैं. पर्दे के पीछे के इस वीडियो में फिल्म के प्रमुख अभिनेता संगीत कलाकार प्रीतम के साथ अनौपचारिक बात करते हुए भी नजर आ रहे हैं. फिल्म के निर्माता अपने विभिन्न अनूठे तरीकों से दर्शकों के मनोरंजन में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं. फिल्म दुनिया भर के दर्शकों के लिए संगीतमय मनोरंजन का माध्यम बन रही है.टिप्पणियां जग्गा जासूस में प्रमुख रूप से जग्गा और श्रुति के कई उतार-चढ़ाव और साथ ही कई साहसी क्षणों को दिखाया जाएगा. फिल्म के ट्रेलर और गानों ने जग्गा की दुनिया को देखने के लिए दर्शकों को ओर भी ज्यादा उत्सुक कर दिया है. यह फिल्म एक साहसी नाटक है जिसमें रणबीर का किरदार उनके लापता पिता की तलाश में है. अनुराग बसु द्वारा निर्देशित, डिजनी और पिक्चर शुरू प्रोडक्शन की जग्गा जासूस 14 जुलाई 2017 को सिनेमाघरों में दस्तक देने के लिए तैयार है. फिल्म में रणबीर कपूर और कटरीना कैफ प्रमुख भूमिकाएं निभाएंगे. प्रीतम फिल्म के संगीत की रचना कर इसमें चार चांद लगाएंगे. फिल्म के निर्माता अपने विभिन्न अनूठे तरीकों से दर्शकों के मनोरंजन में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं. फिल्म दुनिया भर के दर्शकों के लिए संगीतमय मनोरंजन का माध्यम बन रही है.टिप्पणियां जग्गा जासूस में प्रमुख रूप से जग्गा और श्रुति के कई उतार-चढ़ाव और साथ ही कई साहसी क्षणों को दिखाया जाएगा. फिल्म के ट्रेलर और गानों ने जग्गा की दुनिया को देखने के लिए दर्शकों को ओर भी ज्यादा उत्सुक कर दिया है. यह फिल्म एक साहसी नाटक है जिसमें रणबीर का किरदार उनके लापता पिता की तलाश में है. अनुराग बसु द्वारा निर्देशित, डिजनी और पिक्चर शुरू प्रोडक्शन की जग्गा जासूस 14 जुलाई 2017 को सिनेमाघरों में दस्तक देने के लिए तैयार है. फिल्म में रणबीर कपूर और कटरीना कैफ प्रमुख भूमिकाएं निभाएंगे. प्रीतम फिल्म के संगीत की रचना कर इसमें चार चांद लगाएंगे. जग्गा जासूस में प्रमुख रूप से जग्गा और श्रुति के कई उतार-चढ़ाव और साथ ही कई साहसी क्षणों को दिखाया जाएगा. फिल्म के ट्रेलर और गानों ने जग्गा की दुनिया को देखने के लिए दर्शकों को ओर भी ज्यादा उत्सुक कर दिया है. यह फिल्म एक साहसी नाटक है जिसमें रणबीर का किरदार उनके लापता पिता की तलाश में है. अनुराग बसु द्वारा निर्देशित, डिजनी और पिक्चर शुरू प्रोडक्शन की जग्गा जासूस 14 जुलाई 2017 को सिनेमाघरों में दस्तक देने के लिए तैयार है. फिल्म में रणबीर कपूर और कटरीना कैफ प्रमुख भूमिकाएं निभाएंगे. प्रीतम फिल्म के संगीत की रचना कर इसमें चार चांद लगाएंगे. यह फिल्म एक साहसी नाटक है जिसमें रणबीर का किरदार उनके लापता पिता की तलाश में है. अनुराग बसु द्वारा निर्देशित, डिजनी और पिक्चर शुरू प्रोडक्शन की जग्गा जासूस 14 जुलाई 2017 को सिनेमाघरों में दस्तक देने के लिए तैयार है. फिल्म में रणबीर कपूर और कटरीना कैफ प्रमुख भूमिकाएं निभाएंगे. प्रीतम फिल्म के संगीत की रचना कर इसमें चार चांद लगाएंगे.
यहाँ एक सारांश है:वीडियो में प्रमुख अभिनेता संगीतकार प्रीतम से बात करते हुए दिख रहे अनूठे तरीकों से दर्शकों के मनोरंजन के लिए तैयारी कर रहे निर्माता फिल्म के ट्रेलर और गानों ने दर्शकों में काफी उत्सुकता जगा दी
12
['hin']
एक सारांश बनाओ: केंद्रीय गृह मंत्री पी चिदंबरम ने सोमवार को पश्चिम बंगाल सरकार पर राज्य के मुसलमानों के खिलाफ उदासीन रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि इस समुदाय के लोगों की एक चौथाई आबादी होने के बावजूद केवल दो प्रतिशत को सरकारी नौकरी प्राप्त हुई है। दक्षिण 24 परगना जिले में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए चिदंबरम ने कहा, पिछले दो वर्षों में कोलकाता पुलिस ने 511 सर्जेट की नियुक्ति की जिसमें केवल 11 मुसलमान थे। अग्निशमन विभाग में 605 लोगों की नियुक्ति की जिसमें केवल 9 मुस्लिम थे। यह वाम मोर्चा सरकार के 34 वर्षों के शासन का परिणाम है। आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, राज्य में पिछले दो वर्षों में 1,607 होमगार्ड की नियुक्ति की गई जिसमें केवल 35 मुसलमान थे। यह सरकार अल्पसंख्यकों के साथ कभी न्याय नहीं कर सकती है। वाममोर्चा सरकार से कोई उम्मीद नहीं है। चिदंबरम ने कहा, मेरी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में काफी रुचि है। मेरी निगाह इस चुनाव के परिणाम पर है विशेष तौर पर कैनिंग (पूर्व) पर। चिदंबरम ने कहा कि वह चुनाव आयोग से 13 मई के बाद भी यहां अर्धसैनिक बलों को बनाए रखने का आग्रह करेंगे।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: चिदंबरम ने दावा किया कि इस समुदाय के लोगों की एक चौथाई आबादी होने के बावजूद केवल दो प्रतिशत को सरकारी नौकरी प्राप्त हुई है।
32
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दोस्ताना में बिंदास किरदार के साथ नजर आईं अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा ने कहा है कि वह 2008 में हिट हुई फिल्म के सीक्वल का हिस्सा नहीं हैं। प्रियंका ने माइक्रो ब्लॉगिंग वेबसाइट ट्वीटर पर लिखा, मैं दोस्ताना-2 का हिस्सा नहीं हूं। मैं कभी यह फिल्म नहीं कर रही थी, क्योंकि मेरी कहानी पहली फिल्म के साथ ही खत्म हो गई। लिहाजा, कोई सवाल ही नहीं उठता। यह बात कोई दो साल पहले ही साफ हो चुकी थी। निर्देशक तरुण मनसुखानी की फिल्म दोस्ताना एक रोमांटिक कॉमेडी थी, जिसमें प्रियंका, अभिषेक बच्चन और जॉन अब्राहम मुख्य किरदार में थे। यह बॉलीवुड की ऐसी पहली फिल्म थी जो पूरी तरह से अमेरिका के मियामी में फिल्माई गई। दोस्ताना ने भारत तथा विदेशों में अच्छा कारोबार किया। प्रियंका ने कहा कि अगर दोस्ताना 2 में अतिथि भूमिका की बात होगी, तो इस बारे में वह बाद में फैसला करेंगी। कहा जाता है कि दोस्ताना 2 में प्रियंका के स्थान पर कैटरीना कैफ को लिया गया। इसमें अभिषेक और जॉन भी नजर आएंगे।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: दोस्ताना में बिंदास किरदार के साथ नजर आईं प्रियंका चोपड़ा ने कहा है कि इस फिल्म के सीक्वल का हिस्सा नहीं हैं।
3
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय वायु सेना का एक मिराज 2000 लड़ाकू विमान आज मध्य प्रदेश में भिंड के समीप दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान ने ग्वालियर के वायु केन्द्र से उड़ान भरी थी। दोनों पायलट विमान से बाहर निकल आए थे। वायुसेना के प्रवक्ता ने दिल्ली में बताया कि मिराज 2000 विमान प्रशिक्षण उड़ान पर था इसी दौरान इसके इंजन में तकनीकी गड़बड़ी आ गई थी। इस वजह से यह भिंड जिले में दुर्घटनाग्रस्त हो गया।टिप्पणियां उन्होंने कहा कि विमान में मौजूद दोनों पायलट निकलने में कामयाब रहे। उनका पता लगाने के लिए तलाशी एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया गया है। वायुसेना ने विमान दुर्घटना का पता लगाने के लिए कोर्ट आफ इंक्वायी का आदेश दिया है। वायुसेना ग्वालियर के वायु केन्द्र से 5 मिराज विमानों के बेड़े का परिचालन करता है। प्रवक्ता ने कहा कि मिराज विमान वायुसेना में 1980 दशक के मध्य से शामिल किया गया था । उनका उड़ान सुरक्षा रिकार्ड काफी बेहतर है। वायुसेना ने हाल में मिराज 2000 के उन्नयन के लिए फ्रांसीसी कंपनियां डसॉल्ट, थेल्स और एमबीडीए के साथ 3.2 अरब अमेरिकी डॉलर के समझौते पर हस्ताक्षर किया था। इस साल भारतीय वायुसेना के विमान दुर्घटना की यह दूसरी घटना है। इससे पहले 30 जनवरी के चेन्नइ में एमके 2 प्रशिक्षण विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। मौजूदा वित्त वर्ष आठ लड़ाकू विमान दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं जिसमें से अधिकर मिग 21 सीरीज के हैं। उन्होंने कहा कि विमान में मौजूद दोनों पायलट निकलने में कामयाब रहे। उनका पता लगाने के लिए तलाशी एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया गया है। वायुसेना ने विमान दुर्घटना का पता लगाने के लिए कोर्ट आफ इंक्वायी का आदेश दिया है। वायुसेना ग्वालियर के वायु केन्द्र से 5 मिराज विमानों के बेड़े का परिचालन करता है। प्रवक्ता ने कहा कि मिराज विमान वायुसेना में 1980 दशक के मध्य से शामिल किया गया था । उनका उड़ान सुरक्षा रिकार्ड काफी बेहतर है। वायुसेना ने हाल में मिराज 2000 के उन्नयन के लिए फ्रांसीसी कंपनियां डसॉल्ट, थेल्स और एमबीडीए के साथ 3.2 अरब अमेरिकी डॉलर के समझौते पर हस्ताक्षर किया था। इस साल भारतीय वायुसेना के विमान दुर्घटना की यह दूसरी घटना है। इससे पहले 30 जनवरी के चेन्नइ में एमके 2 प्रशिक्षण विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। मौजूदा वित्त वर्ष आठ लड़ाकू विमान दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं जिसमें से अधिकर मिग 21 सीरीज के हैं। उनका उड़ान सुरक्षा रिकार्ड काफी बेहतर है। वायुसेना ने हाल में मिराज 2000 के उन्नयन के लिए फ्रांसीसी कंपनियां डसॉल्ट, थेल्स और एमबीडीए के साथ 3.2 अरब अमेरिकी डॉलर के समझौते पर हस्ताक्षर किया था। इस साल भारतीय वायुसेना के विमान दुर्घटना की यह दूसरी घटना है। इससे पहले 30 जनवरी के चेन्नइ में एमके 2 प्रशिक्षण विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। मौजूदा वित्त वर्ष आठ लड़ाकू विमान दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं जिसमें से अधिकर मिग 21 सीरीज के हैं।
यहाँ एक सारांश है:भारतीय वायु सेना का एक मिराज 2000 लड़ाकू विमान आज मध्य प्रदेश में भिंड के समीप दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान ने ग्वालियर के वायु केन्द्र से उड़ान भरी थी।
12
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पश्चिम बंगाल में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है और करीब 14 लाख लोग इससे प्रभावित हुए हैं। राज्य में इन दिनों भारी बारिश हो रही है। मुख्य सचिव समर घोष ने पत्रकारों से कहा, "15 जिलों के 71 ब्लॉक और 52 नगर निकाय क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। इसमें हावड़ा और हुगली भी शामिल हैं।" राज्य के सिचाईं मंत्री मानस भुईंया ने कहा कि दामोदर घाटी निगम द्वारा पानी छोड़े जाने के कारण कई जिलों को सतर्क कर दिया गया है। उन्होंने कहा, "भारी बारिश के कारण दामोदर घाटी निगम को 1.05 लाख क्युसेक और दुर्गापुर बैराज को 1.46 लाख क्युसेक पानी छोड़ना पड़ा। उम्मीद है कि अगले 18 घंटे में यह पानी हावड़ा और हुगली जिलों में पहुंच जाएगा।" भुईंया ने कहा कि मिदनापुर और बांकुड़ा जिले को भी सतर्क कर दिया गया है। मौसम विभाग के अलीपुर स्थित क्षेत्रीय केंद्र के एक अधिकारी ने कहा कि कम दबाव का क्षेत्र झारखण्ड की ओर स्थानान्तरित हो गया है। इसके बाद भी अगले 24 घंटे के दौरान राज्य के कुछ इलाकों में रुक-रुक कर भारी बारिश हो सकती है।
संक्षिप्त सारांश: पश्चिम बंगाल में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है और करीब 14 लाख लोग इससे प्रभावित हुए हैं।
29
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: गांधीवादी नेता अन्ना हजारे के रविवार को जंतर मंतर पर एकदिवसीय उपवास के दौरान उनकी टीम के कुछ सदस्यों द्वारा सांसदों के खिलाफ की गयी कथित अभद्र टिप्पणियों पर लोकसभा में सोमवार को विपक्ष की नेता सहित अनेक सदस्यों ने कड़ी आपत्ति जतायी और इसके खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित करने की पुरजोर मांग की। जनता दल यू के शरद यादव ने टीम अन्ना को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि ये लोग लोकतंत्र के खिलाफ काम कर रहे हैं और संसद के बाहर पूरे लोकतंत्र को गाली दे रहे हैं। उन्होंने उपाध्यक्ष से इस बारे में निंदा प्रस्ताव पारित कराए जाने की पुरजोर मांग की। उन्होंने कहा कि अन्ना के कल के कार्यक्रम में उनके उस भाषण को तोड़मरोड़ कर पेश किया गया जिसे उन्होंने लोकसभा में दिया था। उन्होंने कहा कि हमीं लोगों ने अन्ना हजारे को गिरफ्तारी से बचाने के लिए संसद में आवाज उठायी थी और सबसे पहले उनके मंच पर जाकर उनके आंदोलन का समर्थन किया था। शरद यादव ने आक्रोशित लहजे में कहा, ‘हम 30 साल से राजनीति में हैं, जिंदगीभर भ्रष्टाचार से लड़े हैं, ये क्या भ्रष्टाचार से लड़ेंगे’? उन्होंने कहा कि जब टीम अन्ना के सदस्य सांसदों के खिलाफ अनाप शनाप बोल रहे थे तो अन्ना हजारे वहीं बैठे थे और उन्होंने उन्हें रोका नहीं। शरद यादव ने आसन से सवाल किया कि सांसदों पर इस प्रकार हमला हो रहा है तो कौन उन्हें बचाएगा? कौन रक्षा करेगा? उन्होंने टीम अन्ना के आचरण को मर्यादाहीन बताया। जद यू नेता ने कहा कि टीम अन्ना सांसदों और संसद पर सवाल उठाती है लेकिन यही संसद है जिसने 27 लोगों को भ्रष्टाचार के मामलों में जेल भिजवाया। 2 जी स्पैक्ट्रम का मामला इसी संसद ने उठाया। उन्होंने कहा, ‘भ्रष्टाचार के खिलाफ सबसे अधिक यही लोकसभा लड़ी है। ये जो बाहर बैठे हैं इन्होंने किसको जेल भिजवाया है, बताएं? कांग्रेस के संजय निरूपम ने भी टीम अन्ना की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि शुरूआत में यह भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन लग रहा था लेकिन अब साफ हो गया है कि ये आंदोलन भ्रष्टाचार के खिलाफ नहीं बल्कि लोकतंत्र और संसद के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि तमाम तकलीफों के बावजूद हिंदुस्तान ने उल्लेखनीय तरक्की की है जिससे आज अंतरराष्ट्रीय जगत में ईर्ष्या की जा रही है। निरूपम ने कहा कि इस पूरे आंदोलन की जांच कराए जाने की जरूरत है कि कहीं यह देश के लोकतंत्र को ध्वस्त करने के लिए विदेशी ताकतों की साजिश तो नहीं है। उन्होंने साथ ही कहा कि इस आंदोलन में गैर सरकारी संगठनों की भूमिका की भी जांच करायी जानी चाहिए। निरूपम ने टीम अन्ना के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित करने और लोकपाल विधेयक पर सभी दलों के एक साथ बैठकर कोई रास्ता निकालने की मांग की।टिप्पणियां माकपा के वासुदेव आचार्य ने कहा कि यह संसद की मर्यादा का सवाल है। उन्होंने कहा कि टीम अन्ना तो आज लोकपाल की मांग कर रही है जबकि वामदल तो पिछले 30 सालों से मजबूत लोकपाल की मांग कर रहे हैं। सपा के शैलेन्द्र कुमार ने टीम अन्ना के व्यवहार की निंदा की और सभी सांसदों से संवैधानिक मंदिर की रक्षा के लिए एकजुटता के साथ आगे आने की अपील की। जनता दल यू के शरद यादव ने टीम अन्ना को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि ये लोग लोकतंत्र के खिलाफ काम कर रहे हैं और संसद के बाहर पूरे लोकतंत्र को गाली दे रहे हैं। उन्होंने उपाध्यक्ष से इस बारे में निंदा प्रस्ताव पारित कराए जाने की पुरजोर मांग की। उन्होंने कहा कि अन्ना के कल के कार्यक्रम में उनके उस भाषण को तोड़मरोड़ कर पेश किया गया जिसे उन्होंने लोकसभा में दिया था। उन्होंने कहा कि हमीं लोगों ने अन्ना हजारे को गिरफ्तारी से बचाने के लिए संसद में आवाज उठायी थी और सबसे पहले उनके मंच पर जाकर उनके आंदोलन का समर्थन किया था। शरद यादव ने आक्रोशित लहजे में कहा, ‘हम 30 साल से राजनीति में हैं, जिंदगीभर भ्रष्टाचार से लड़े हैं, ये क्या भ्रष्टाचार से लड़ेंगे’? उन्होंने कहा कि जब टीम अन्ना के सदस्य सांसदों के खिलाफ अनाप शनाप बोल रहे थे तो अन्ना हजारे वहीं बैठे थे और उन्होंने उन्हें रोका नहीं। शरद यादव ने आसन से सवाल किया कि सांसदों पर इस प्रकार हमला हो रहा है तो कौन उन्हें बचाएगा? कौन रक्षा करेगा? उन्होंने टीम अन्ना के आचरण को मर्यादाहीन बताया। जद यू नेता ने कहा कि टीम अन्ना सांसदों और संसद पर सवाल उठाती है लेकिन यही संसद है जिसने 27 लोगों को भ्रष्टाचार के मामलों में जेल भिजवाया। 2 जी स्पैक्ट्रम का मामला इसी संसद ने उठाया। उन्होंने कहा, ‘भ्रष्टाचार के खिलाफ सबसे अधिक यही लोकसभा लड़ी है। ये जो बाहर बैठे हैं इन्होंने किसको जेल भिजवाया है, बताएं? कांग्रेस के संजय निरूपम ने भी टीम अन्ना की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि शुरूआत में यह भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन लग रहा था लेकिन अब साफ हो गया है कि ये आंदोलन भ्रष्टाचार के खिलाफ नहीं बल्कि लोकतंत्र और संसद के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि तमाम तकलीफों के बावजूद हिंदुस्तान ने उल्लेखनीय तरक्की की है जिससे आज अंतरराष्ट्रीय जगत में ईर्ष्या की जा रही है। निरूपम ने कहा कि इस पूरे आंदोलन की जांच कराए जाने की जरूरत है कि कहीं यह देश के लोकतंत्र को ध्वस्त करने के लिए विदेशी ताकतों की साजिश तो नहीं है। उन्होंने साथ ही कहा कि इस आंदोलन में गैर सरकारी संगठनों की भूमिका की भी जांच करायी जानी चाहिए। निरूपम ने टीम अन्ना के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित करने और लोकपाल विधेयक पर सभी दलों के एक साथ बैठकर कोई रास्ता निकालने की मांग की।टिप्पणियां माकपा के वासुदेव आचार्य ने कहा कि यह संसद की मर्यादा का सवाल है। उन्होंने कहा कि टीम अन्ना तो आज लोकपाल की मांग कर रही है जबकि वामदल तो पिछले 30 सालों से मजबूत लोकपाल की मांग कर रहे हैं। सपा के शैलेन्द्र कुमार ने टीम अन्ना के व्यवहार की निंदा की और सभी सांसदों से संवैधानिक मंदिर की रक्षा के लिए एकजुटता के साथ आगे आने की अपील की। उन्होंने कहा कि अन्ना के कल के कार्यक्रम में उनके उस भाषण को तोड़मरोड़ कर पेश किया गया जिसे उन्होंने लोकसभा में दिया था। उन्होंने कहा कि हमीं लोगों ने अन्ना हजारे को गिरफ्तारी से बचाने के लिए संसद में आवाज उठायी थी और सबसे पहले उनके मंच पर जाकर उनके आंदोलन का समर्थन किया था। शरद यादव ने आक्रोशित लहजे में कहा, ‘हम 30 साल से राजनीति में हैं, जिंदगीभर भ्रष्टाचार से लड़े हैं, ये क्या भ्रष्टाचार से लड़ेंगे’? उन्होंने कहा कि जब टीम अन्ना के सदस्य सांसदों के खिलाफ अनाप शनाप बोल रहे थे तो अन्ना हजारे वहीं बैठे थे और उन्होंने उन्हें रोका नहीं। शरद यादव ने आसन से सवाल किया कि सांसदों पर इस प्रकार हमला हो रहा है तो कौन उन्हें बचाएगा? कौन रक्षा करेगा? उन्होंने टीम अन्ना के आचरण को मर्यादाहीन बताया। जद यू नेता ने कहा कि टीम अन्ना सांसदों और संसद पर सवाल उठाती है लेकिन यही संसद है जिसने 27 लोगों को भ्रष्टाचार के मामलों में जेल भिजवाया। 2 जी स्पैक्ट्रम का मामला इसी संसद ने उठाया। उन्होंने कहा, ‘भ्रष्टाचार के खिलाफ सबसे अधिक यही लोकसभा लड़ी है। ये जो बाहर बैठे हैं इन्होंने किसको जेल भिजवाया है, बताएं? कांग्रेस के संजय निरूपम ने भी टीम अन्ना की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि शुरूआत में यह भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन लग रहा था लेकिन अब साफ हो गया है कि ये आंदोलन भ्रष्टाचार के खिलाफ नहीं बल्कि लोकतंत्र और संसद के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि तमाम तकलीफों के बावजूद हिंदुस्तान ने उल्लेखनीय तरक्की की है जिससे आज अंतरराष्ट्रीय जगत में ईर्ष्या की जा रही है। निरूपम ने कहा कि इस पूरे आंदोलन की जांच कराए जाने की जरूरत है कि कहीं यह देश के लोकतंत्र को ध्वस्त करने के लिए विदेशी ताकतों की साजिश तो नहीं है। उन्होंने साथ ही कहा कि इस आंदोलन में गैर सरकारी संगठनों की भूमिका की भी जांच करायी जानी चाहिए। निरूपम ने टीम अन्ना के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित करने और लोकपाल विधेयक पर सभी दलों के एक साथ बैठकर कोई रास्ता निकालने की मांग की।टिप्पणियां माकपा के वासुदेव आचार्य ने कहा कि यह संसद की मर्यादा का सवाल है। उन्होंने कहा कि टीम अन्ना तो आज लोकपाल की मांग कर रही है जबकि वामदल तो पिछले 30 सालों से मजबूत लोकपाल की मांग कर रहे हैं। सपा के शैलेन्द्र कुमार ने टीम अन्ना के व्यवहार की निंदा की और सभी सांसदों से संवैधानिक मंदिर की रक्षा के लिए एकजुटता के साथ आगे आने की अपील की। शरद यादव ने आक्रोशित लहजे में कहा, ‘हम 30 साल से राजनीति में हैं, जिंदगीभर भ्रष्टाचार से लड़े हैं, ये क्या भ्रष्टाचार से लड़ेंगे’? उन्होंने कहा कि जब टीम अन्ना के सदस्य सांसदों के खिलाफ अनाप शनाप बोल रहे थे तो अन्ना हजारे वहीं बैठे थे और उन्होंने उन्हें रोका नहीं। शरद यादव ने आसन से सवाल किया कि सांसदों पर इस प्रकार हमला हो रहा है तो कौन उन्हें बचाएगा? कौन रक्षा करेगा? उन्होंने टीम अन्ना के आचरण को मर्यादाहीन बताया। जद यू नेता ने कहा कि टीम अन्ना सांसदों और संसद पर सवाल उठाती है लेकिन यही संसद है जिसने 27 लोगों को भ्रष्टाचार के मामलों में जेल भिजवाया। 2 जी स्पैक्ट्रम का मामला इसी संसद ने उठाया। उन्होंने कहा, ‘भ्रष्टाचार के खिलाफ सबसे अधिक यही लोकसभा लड़ी है। ये जो बाहर बैठे हैं इन्होंने किसको जेल भिजवाया है, बताएं? कांग्रेस के संजय निरूपम ने भी टीम अन्ना की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि शुरूआत में यह भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन लग रहा था लेकिन अब साफ हो गया है कि ये आंदोलन भ्रष्टाचार के खिलाफ नहीं बल्कि लोकतंत्र और संसद के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि तमाम तकलीफों के बावजूद हिंदुस्तान ने उल्लेखनीय तरक्की की है जिससे आज अंतरराष्ट्रीय जगत में ईर्ष्या की जा रही है। निरूपम ने कहा कि इस पूरे आंदोलन की जांच कराए जाने की जरूरत है कि कहीं यह देश के लोकतंत्र को ध्वस्त करने के लिए विदेशी ताकतों की साजिश तो नहीं है। उन्होंने साथ ही कहा कि इस आंदोलन में गैर सरकारी संगठनों की भूमिका की भी जांच करायी जानी चाहिए। निरूपम ने टीम अन्ना के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित करने और लोकपाल विधेयक पर सभी दलों के एक साथ बैठकर कोई रास्ता निकालने की मांग की।टिप्पणियां माकपा के वासुदेव आचार्य ने कहा कि यह संसद की मर्यादा का सवाल है। उन्होंने कहा कि टीम अन्ना तो आज लोकपाल की मांग कर रही है जबकि वामदल तो पिछले 30 सालों से मजबूत लोकपाल की मांग कर रहे हैं। सपा के शैलेन्द्र कुमार ने टीम अन्ना के व्यवहार की निंदा की और सभी सांसदों से संवैधानिक मंदिर की रक्षा के लिए एकजुटता के साथ आगे आने की अपील की। शरद यादव ने आसन से सवाल किया कि सांसदों पर इस प्रकार हमला हो रहा है तो कौन उन्हें बचाएगा? कौन रक्षा करेगा? उन्होंने टीम अन्ना के आचरण को मर्यादाहीन बताया। जद यू नेता ने कहा कि टीम अन्ना सांसदों और संसद पर सवाल उठाती है लेकिन यही संसद है जिसने 27 लोगों को भ्रष्टाचार के मामलों में जेल भिजवाया। 2 जी स्पैक्ट्रम का मामला इसी संसद ने उठाया। उन्होंने कहा, ‘भ्रष्टाचार के खिलाफ सबसे अधिक यही लोकसभा लड़ी है। ये जो बाहर बैठे हैं इन्होंने किसको जेल भिजवाया है, बताएं? कांग्रेस के संजय निरूपम ने भी टीम अन्ना की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि शुरूआत में यह भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन लग रहा था लेकिन अब साफ हो गया है कि ये आंदोलन भ्रष्टाचार के खिलाफ नहीं बल्कि लोकतंत्र और संसद के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि तमाम तकलीफों के बावजूद हिंदुस्तान ने उल्लेखनीय तरक्की की है जिससे आज अंतरराष्ट्रीय जगत में ईर्ष्या की जा रही है। निरूपम ने कहा कि इस पूरे आंदोलन की जांच कराए जाने की जरूरत है कि कहीं यह देश के लोकतंत्र को ध्वस्त करने के लिए विदेशी ताकतों की साजिश तो नहीं है। उन्होंने साथ ही कहा कि इस आंदोलन में गैर सरकारी संगठनों की भूमिका की भी जांच करायी जानी चाहिए। निरूपम ने टीम अन्ना के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित करने और लोकपाल विधेयक पर सभी दलों के एक साथ बैठकर कोई रास्ता निकालने की मांग की।टिप्पणियां माकपा के वासुदेव आचार्य ने कहा कि यह संसद की मर्यादा का सवाल है। उन्होंने कहा कि टीम अन्ना तो आज लोकपाल की मांग कर रही है जबकि वामदल तो पिछले 30 सालों से मजबूत लोकपाल की मांग कर रहे हैं। सपा के शैलेन्द्र कुमार ने टीम अन्ना के व्यवहार की निंदा की और सभी सांसदों से संवैधानिक मंदिर की रक्षा के लिए एकजुटता के साथ आगे आने की अपील की। जद यू नेता ने कहा कि टीम अन्ना सांसदों और संसद पर सवाल उठाती है लेकिन यही संसद है जिसने 27 लोगों को भ्रष्टाचार के मामलों में जेल भिजवाया। 2 जी स्पैक्ट्रम का मामला इसी संसद ने उठाया। उन्होंने कहा, ‘भ्रष्टाचार के खिलाफ सबसे अधिक यही लोकसभा लड़ी है। ये जो बाहर बैठे हैं इन्होंने किसको जेल भिजवाया है, बताएं? कांग्रेस के संजय निरूपम ने भी टीम अन्ना की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि शुरूआत में यह भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन लग रहा था लेकिन अब साफ हो गया है कि ये आंदोलन भ्रष्टाचार के खिलाफ नहीं बल्कि लोकतंत्र और संसद के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि तमाम तकलीफों के बावजूद हिंदुस्तान ने उल्लेखनीय तरक्की की है जिससे आज अंतरराष्ट्रीय जगत में ईर्ष्या की जा रही है। निरूपम ने कहा कि इस पूरे आंदोलन की जांच कराए जाने की जरूरत है कि कहीं यह देश के लोकतंत्र को ध्वस्त करने के लिए विदेशी ताकतों की साजिश तो नहीं है। उन्होंने साथ ही कहा कि इस आंदोलन में गैर सरकारी संगठनों की भूमिका की भी जांच करायी जानी चाहिए। निरूपम ने टीम अन्ना के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित करने और लोकपाल विधेयक पर सभी दलों के एक साथ बैठकर कोई रास्ता निकालने की मांग की।टिप्पणियां माकपा के वासुदेव आचार्य ने कहा कि यह संसद की मर्यादा का सवाल है। उन्होंने कहा कि टीम अन्ना तो आज लोकपाल की मांग कर रही है जबकि वामदल तो पिछले 30 सालों से मजबूत लोकपाल की मांग कर रहे हैं। सपा के शैलेन्द्र कुमार ने टीम अन्ना के व्यवहार की निंदा की और सभी सांसदों से संवैधानिक मंदिर की रक्षा के लिए एकजुटता के साथ आगे आने की अपील की। उन्होंने कहा, ‘भ्रष्टाचार के खिलाफ सबसे अधिक यही लोकसभा लड़ी है। ये जो बाहर बैठे हैं इन्होंने किसको जेल भिजवाया है, बताएं? कांग्रेस के संजय निरूपम ने भी टीम अन्ना की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि शुरूआत में यह भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन लग रहा था लेकिन अब साफ हो गया है कि ये आंदोलन भ्रष्टाचार के खिलाफ नहीं बल्कि लोकतंत्र और संसद के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि तमाम तकलीफों के बावजूद हिंदुस्तान ने उल्लेखनीय तरक्की की है जिससे आज अंतरराष्ट्रीय जगत में ईर्ष्या की जा रही है। निरूपम ने कहा कि इस पूरे आंदोलन की जांच कराए जाने की जरूरत है कि कहीं यह देश के लोकतंत्र को ध्वस्त करने के लिए विदेशी ताकतों की साजिश तो नहीं है। उन्होंने साथ ही कहा कि इस आंदोलन में गैर सरकारी संगठनों की भूमिका की भी जांच करायी जानी चाहिए। निरूपम ने टीम अन्ना के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित करने और लोकपाल विधेयक पर सभी दलों के एक साथ बैठकर कोई रास्ता निकालने की मांग की।टिप्पणियां माकपा के वासुदेव आचार्य ने कहा कि यह संसद की मर्यादा का सवाल है। उन्होंने कहा कि टीम अन्ना तो आज लोकपाल की मांग कर रही है जबकि वामदल तो पिछले 30 सालों से मजबूत लोकपाल की मांग कर रहे हैं। सपा के शैलेन्द्र कुमार ने टीम अन्ना के व्यवहार की निंदा की और सभी सांसदों से संवैधानिक मंदिर की रक्षा के लिए एकजुटता के साथ आगे आने की अपील की। कांग्रेस के संजय निरूपम ने भी टीम अन्ना की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि शुरूआत में यह भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन लग रहा था लेकिन अब साफ हो गया है कि ये आंदोलन भ्रष्टाचार के खिलाफ नहीं बल्कि लोकतंत्र और संसद के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि तमाम तकलीफों के बावजूद हिंदुस्तान ने उल्लेखनीय तरक्की की है जिससे आज अंतरराष्ट्रीय जगत में ईर्ष्या की जा रही है। निरूपम ने कहा कि इस पूरे आंदोलन की जांच कराए जाने की जरूरत है कि कहीं यह देश के लोकतंत्र को ध्वस्त करने के लिए विदेशी ताकतों की साजिश तो नहीं है। उन्होंने साथ ही कहा कि इस आंदोलन में गैर सरकारी संगठनों की भूमिका की भी जांच करायी जानी चाहिए। निरूपम ने टीम अन्ना के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित करने और लोकपाल विधेयक पर सभी दलों के एक साथ बैठकर कोई रास्ता निकालने की मांग की।टिप्पणियां माकपा के वासुदेव आचार्य ने कहा कि यह संसद की मर्यादा का सवाल है। उन्होंने कहा कि टीम अन्ना तो आज लोकपाल की मांग कर रही है जबकि वामदल तो पिछले 30 सालों से मजबूत लोकपाल की मांग कर रहे हैं। सपा के शैलेन्द्र कुमार ने टीम अन्ना के व्यवहार की निंदा की और सभी सांसदों से संवैधानिक मंदिर की रक्षा के लिए एकजुटता के साथ आगे आने की अपील की। निरूपम ने कहा कि इस पूरे आंदोलन की जांच कराए जाने की जरूरत है कि कहीं यह देश के लोकतंत्र को ध्वस्त करने के लिए विदेशी ताकतों की साजिश तो नहीं है। उन्होंने साथ ही कहा कि इस आंदोलन में गैर सरकारी संगठनों की भूमिका की भी जांच करायी जानी चाहिए। निरूपम ने टीम अन्ना के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित करने और लोकपाल विधेयक पर सभी दलों के एक साथ बैठकर कोई रास्ता निकालने की मांग की।टिप्पणियां माकपा के वासुदेव आचार्य ने कहा कि यह संसद की मर्यादा का सवाल है। उन्होंने कहा कि टीम अन्ना तो आज लोकपाल की मांग कर रही है जबकि वामदल तो पिछले 30 सालों से मजबूत लोकपाल की मांग कर रहे हैं। सपा के शैलेन्द्र कुमार ने टीम अन्ना के व्यवहार की निंदा की और सभी सांसदों से संवैधानिक मंदिर की रक्षा के लिए एकजुटता के साथ आगे आने की अपील की। उन्होंने साथ ही कहा कि इस आंदोलन में गैर सरकारी संगठनों की भूमिका की भी जांच करायी जानी चाहिए। निरूपम ने टीम अन्ना के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित करने और लोकपाल विधेयक पर सभी दलों के एक साथ बैठकर कोई रास्ता निकालने की मांग की।टिप्पणियां माकपा के वासुदेव आचार्य ने कहा कि यह संसद की मर्यादा का सवाल है। उन्होंने कहा कि टीम अन्ना तो आज लोकपाल की मांग कर रही है जबकि वामदल तो पिछले 30 सालों से मजबूत लोकपाल की मांग कर रहे हैं। सपा के शैलेन्द्र कुमार ने टीम अन्ना के व्यवहार की निंदा की और सभी सांसदों से संवैधानिक मंदिर की रक्षा के लिए एकजुटता के साथ आगे आने की अपील की। निरूपम ने टीम अन्ना के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित करने और लोकपाल विधेयक पर सभी दलों के एक साथ बैठकर कोई रास्ता निकालने की मांग की।टिप्पणियां माकपा के वासुदेव आचार्य ने कहा कि यह संसद की मर्यादा का सवाल है। उन्होंने कहा कि टीम अन्ना तो आज लोकपाल की मांग कर रही है जबकि वामदल तो पिछले 30 सालों से मजबूत लोकपाल की मांग कर रहे हैं। सपा के शैलेन्द्र कुमार ने टीम अन्ना के व्यवहार की निंदा की और सभी सांसदों से संवैधानिक मंदिर की रक्षा के लिए एकजुटता के साथ आगे आने की अपील की। माकपा के वासुदेव आचार्य ने कहा कि यह संसद की मर्यादा का सवाल है। उन्होंने कहा कि टीम अन्ना तो आज लोकपाल की मांग कर रही है जबकि वामदल तो पिछले 30 सालों से मजबूत लोकपाल की मांग कर रहे हैं। सपा के शैलेन्द्र कुमार ने टीम अन्ना के व्यवहार की निंदा की और सभी सांसदों से संवैधानिक मंदिर की रक्षा के लिए एकजुटता के साथ आगे आने की अपील की। सपा के शैलेन्द्र कुमार ने टीम अन्ना के व्यवहार की निंदा की और सभी सांसदों से संवैधानिक मंदिर की रक्षा के लिए एकजुटता के साथ आगे आने की अपील की।
संक्षिप्त पाठ: टीम के सदस्यों द्वारा सांसदों के खिलाफ की गई कथित अभद्र टिप्पणियों पर लोकसभा में विपक्ष की नेता सहित अनेक सदस्यों ने कड़ी आपत्ति जतायी और इसके खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित करने की पुरजोर मांग की।
14
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा की अगुवाई वाली पार्टी जनता दल (सेक्युलर) ने कहा है कि वह विपक्ष में बैठेगी। जेडीएस को उम्मीद थी कि वह कर्नाटक विधानसभा चुनावों में 'किंगमेकर' की भूमिका निभाएगी। पार्टी की राज्य इकाई के अध्यक्ष और देवेगौड़ा के पुत्र एचडी कुमारस्वामी ने संवाददाताओं से कहा, अगर जनता का आशीर्वाद हमें विपक्ष में बैठने के लिए है, तो हम विपक्ष में ही बैठेंगे। चुनाव नतीजों में जेडीएस ने न केवल अपना आधार बरकरार रखा, बल्कि सत्तारूढ़ बीजेपी के वोटों में भी सेंध लगा दी।टिप्पणियां कुमारस्वामी ने कहा, निश्चित रूप से हम विपक्ष में बैठेंगे और जनता के हितों की रक्षा करेंगे। उन्होंने कहा, हम पराजय स्वीकार करेंगे। जनता ने हमें विपक्ष में बैठने का आदेश दिया है। उन्होंने हालांकि इस बात को सिरे से खारिज कर दिया कि उनकी पार्टी का बीजेपी के साथ अंदरूनी समझौता था। नाराजगी जाहिर करते हुए कुमारस्वामी ने पलट कर सवाल किया, कहां हमने बीजेपी को समर्थन दिया? कहां हमने बीजेपी के साथ समझौता किया? मीडिया के एक वर्ग ने बार-बार कहा कि विधानसभा चुनावों में कांग्रेस विजेता होगी। इसके लिए नाराजगी जाहिर करते हुए कुमारस्वामी ने कहा, इसीलिए मैं कह रहा हूं कि यह मीडिया की जीत है, कांग्रेस की नहीं। जनता को सिर्फ मीडिया ने प्रभावित किया है। पार्टी की राज्य इकाई के अध्यक्ष और देवेगौड़ा के पुत्र एचडी कुमारस्वामी ने संवाददाताओं से कहा, अगर जनता का आशीर्वाद हमें विपक्ष में बैठने के लिए है, तो हम विपक्ष में ही बैठेंगे। चुनाव नतीजों में जेडीएस ने न केवल अपना आधार बरकरार रखा, बल्कि सत्तारूढ़ बीजेपी के वोटों में भी सेंध लगा दी।टिप्पणियां कुमारस्वामी ने कहा, निश्चित रूप से हम विपक्ष में बैठेंगे और जनता के हितों की रक्षा करेंगे। उन्होंने कहा, हम पराजय स्वीकार करेंगे। जनता ने हमें विपक्ष में बैठने का आदेश दिया है। उन्होंने हालांकि इस बात को सिरे से खारिज कर दिया कि उनकी पार्टी का बीजेपी के साथ अंदरूनी समझौता था। नाराजगी जाहिर करते हुए कुमारस्वामी ने पलट कर सवाल किया, कहां हमने बीजेपी को समर्थन दिया? कहां हमने बीजेपी के साथ समझौता किया? मीडिया के एक वर्ग ने बार-बार कहा कि विधानसभा चुनावों में कांग्रेस विजेता होगी। इसके लिए नाराजगी जाहिर करते हुए कुमारस्वामी ने कहा, इसीलिए मैं कह रहा हूं कि यह मीडिया की जीत है, कांग्रेस की नहीं। जनता को सिर्फ मीडिया ने प्रभावित किया है। कुमारस्वामी ने कहा, निश्चित रूप से हम विपक्ष में बैठेंगे और जनता के हितों की रक्षा करेंगे। उन्होंने कहा, हम पराजय स्वीकार करेंगे। जनता ने हमें विपक्ष में बैठने का आदेश दिया है। उन्होंने हालांकि इस बात को सिरे से खारिज कर दिया कि उनकी पार्टी का बीजेपी के साथ अंदरूनी समझौता था। नाराजगी जाहिर करते हुए कुमारस्वामी ने पलट कर सवाल किया, कहां हमने बीजेपी को समर्थन दिया? कहां हमने बीजेपी के साथ समझौता किया? मीडिया के एक वर्ग ने बार-बार कहा कि विधानसभा चुनावों में कांग्रेस विजेता होगी। इसके लिए नाराजगी जाहिर करते हुए कुमारस्वामी ने कहा, इसीलिए मैं कह रहा हूं कि यह मीडिया की जीत है, कांग्रेस की नहीं। जनता को सिर्फ मीडिया ने प्रभावित किया है। मीडिया के एक वर्ग ने बार-बार कहा कि विधानसभा चुनावों में कांग्रेस विजेता होगी। इसके लिए नाराजगी जाहिर करते हुए कुमारस्वामी ने कहा, इसीलिए मैं कह रहा हूं कि यह मीडिया की जीत है, कांग्रेस की नहीं। जनता को सिर्फ मीडिया ने प्रभावित किया है।
संक्षिप्त सारांश: पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा की अगुवाई वाली पार्टी जनता दल (सेक्युलर) ने कहा है कि वह विपक्ष में बैठेगी। जेडीएस को उम्मीद थी कि वह कर्नाटक विधानसभा चुनावों में 'किंगमेकर' की भूमिका निभाएगी।
10
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली के नेताजी सुभाष प्लेस इलाके में एक दर्दनाक हादसा हुआ. रात करीब 1 बजे अभिषेक नाम का 21 साल का शख्स बाइक से जा रहा था. नेताजी सुभाष प्लेस इलाके में पुलिस ने 4 बैरिकेड लगा रखे थे. दो बैरिकेड के बीच में तार लगा था ताकि दोनों को जोड़ा जा सके. बाइक से गुजरते हुए जब वह वहां से गुजरा तो तार के बीच आ गया और उसके गले में तार फंस गया और उसकी मौत हो गई.टिप्पणियां अभिषेक ओला कैब चलाता है और डीजे का भी काम करता है.  लिस ने केस दर्ज करते हुए नेताजी सुभाष प्लेस एसएचओ अरविन्द को लाइन हाजिर कर दिया है. पुलिस ने एक्शन लेते हुए 4 बीट कांस्टेबल्स और डिवीजन वालो को सस्पेंड कर दिया है.   बाइक से गुजरते हुए जब वह वहां से गुजरा तो तार के बीच आ गया और उसके गले में तार फंस गया और उसकी मौत हो गई.टिप्पणियां अभिषेक ओला कैब चलाता है और डीजे का भी काम करता है.  लिस ने केस दर्ज करते हुए नेताजी सुभाष प्लेस एसएचओ अरविन्द को लाइन हाजिर कर दिया है. पुलिस ने एक्शन लेते हुए 4 बीट कांस्टेबल्स और डिवीजन वालो को सस्पेंड कर दिया है.   अभिषेक ओला कैब चलाता है और डीजे का भी काम करता है.  लिस ने केस दर्ज करते हुए नेताजी सुभाष प्लेस एसएचओ अरविन्द को लाइन हाजिर कर दिया है. पुलिस ने एक्शन लेते हुए 4 बीट कांस्टेबल्स और डिवीजन वालो को सस्पेंड कर दिया है.
यहाँ एक सारांश है:दिल्ली के नेताजी सुभाष प्लेस इलाके में पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई रात करीब 1 बजे एक हादसे में युवक की जान चली गई युवक पुलिस के बैरिकेड के बीच लगे तार में फंस गया था
17
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: चालू वित्त वर्ष में पांच करोड़ से अधिक लोगों द्वारा आयकर का भुगतान किए जाने की संभावना है जिसमें से दो करोड़ लोग आयकर का भुगतान करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक माध्यम का उपयोग कर सकते हैं। ऑनलाइन कर सेवा उपलब्ध कराने वाले पोर्टल टैक्ससमडॉटकॉम के चेयरमैन संजय कपाड़िया ने बताया, हमारा अनुमान है कि चालू वित्त वर्ष में पांच करोड़ से अधिक लोग आयकर का भुगतान करेंगे जिसमें से दो करोड़ लोग इसके लिए ऑनलाइन माध्यम का इस्तेमाल कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि ये अनुमान पिछले कुछ वर्ष के दौरान दर्ज किए गए रुख पर आधारित है। कपाड़िया ने कहा कि बीते वित्त वर्ष में 4.1 करोड़ लोगों ने आयकर रिटर्न दाखिल किए जिसमें से 91.57 लाख लोगों ने ऑनलाइन रिटर्न दाखिल किए। उन्होंने अनुमान जताया कि 2015-16 में 10 करोड़ से अधिक लोग रिटर्न दाखिल करेंगे जिसमें से साढ़े सात से आठ करोड़ लोग ऑनलाइन रिटर्न दाखिल करेंगे। उन्होंने कहा कि देश में 120 करोड़ लोगों में से केवल 60 प्रतिशत लोग रोजगार प्राप्त हैं और इनमें से केवल 25 प्रतिशत लोगों की आय 1.8 लाख रुपये (1.8 लाख रुपये तक की आय करमुक्त है) से अधिक है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: बीते वित्त वर्ष में 4.1 करोड़ लोगों ने आयकर रिटर्न दाखिल किए जिसमें से 91.57 लाख लोगों ने ऑनलाइन रिटर्न दाखिल किए।
3
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: स्पॉट फिक्सिंग के पूरे मामले में अब यह सवाल खड़ा हो रहा है कि क्या राजस्थान रॉयल्स टीम मैनेजमेंट को पहले ही इस बात का शक हो गया था कि श्रीसंत ऐसे किसी मामले में शामिल हैं?टिप्पणियां श्रीसंत को दो करोड़ रुपये में खरीदे जाने के बावजूद टीम मैनेजमेंट ने उन्हें बाहर बिठाया। यही नहीं, 9 मई के जिस मैच में स्पॉट फिक्सिंग का आरोप है, उसमें कप्तान राहुल द्रविड़ टीम में श्रीसंत को रखने के हक में नहीं थे। सूत्र बता रहे हैं कि टीम मैनेजमेंट ने 12 मई को श्रीसंत को टीम से बाहर किए जाने की सूचना दे दी थी। सूत्रों के मुताबिक़ उनका ज्यादातर बकाया भी दे दिया गया था। हालांकि इनका दावा है कि यह कार्रवाई श्रीसंत के नखरों की वजह से की गई। टीम मैनेजमेंट ने श्रीसंत को जयपुर में ही होटल खाली करने को कहा था और वह मुंबई टीम के साथ नहीं, बल्कि अपने खर्चे पर गए थे, जहां 15 तारीख के मैच के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया। श्रीसंत को दो करोड़ रुपये में खरीदे जाने के बावजूद टीम मैनेजमेंट ने उन्हें बाहर बिठाया। यही नहीं, 9 मई के जिस मैच में स्पॉट फिक्सिंग का आरोप है, उसमें कप्तान राहुल द्रविड़ टीम में श्रीसंत को रखने के हक में नहीं थे। सूत्र बता रहे हैं कि टीम मैनेजमेंट ने 12 मई को श्रीसंत को टीम से बाहर किए जाने की सूचना दे दी थी। सूत्रों के मुताबिक़ उनका ज्यादातर बकाया भी दे दिया गया था। हालांकि इनका दावा है कि यह कार्रवाई श्रीसंत के नखरों की वजह से की गई। टीम मैनेजमेंट ने श्रीसंत को जयपुर में ही होटल खाली करने को कहा था और वह मुंबई टीम के साथ नहीं, बल्कि अपने खर्चे पर गए थे, जहां 15 तारीख के मैच के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया। सूत्र बता रहे हैं कि टीम मैनेजमेंट ने 12 मई को श्रीसंत को टीम से बाहर किए जाने की सूचना दे दी थी। सूत्रों के मुताबिक़ उनका ज्यादातर बकाया भी दे दिया गया था। हालांकि इनका दावा है कि यह कार्रवाई श्रीसंत के नखरों की वजह से की गई। टीम मैनेजमेंट ने श्रीसंत को जयपुर में ही होटल खाली करने को कहा था और वह मुंबई टीम के साथ नहीं, बल्कि अपने खर्चे पर गए थे, जहां 15 तारीख के मैच के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया।
संक्षिप्त पाठ: 9 मई के जिस मैच में स्पॉट फिक्सिंग का आरोप है, उसमें कप्तान राहुल द्रविड़ टीम में श्रीसंत को रखने के हक में नहीं थे। सूत्र बता रहे हैं कि टीम मैनेजमेंट ने 12 मई को श्रीसंत को टीम से बाहर किए जाने की सूचना दे दी थी।
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['hin']
एक सारांश बनाओ: भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा तरलता बढ़ाने के लिए नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) में 0.75 प्रतिशत की कटौती को उचित कदम ठहराते हुए प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद ने कहा है कि ब्याज दरों में कमी महंगाई की स्थिति पर निर्भर करेगी। पीएमईएसी के चेयरमैन सी रंगराजन ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि ब्याज दरों में कटौती बहुत हद तक इस बात पर निर्भर करेगी कि महंगाई का रुख क्या रहता है। सीआरआर में 0.75 फीसदी की कटौती का ताजा कदम निश्चित रूप से मौद्रिक नीति को नरम करने वाला है।’’टिप्पणियां केंद्रीय बैंक ने एक हैरान करने वाले कदम के तहत शुक्रवार को सीआरआर को 0.75 फीसदी घटाकर 4.75 प्रतिशत कर दिया है। इससे बैंकों के पास 48,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त नकदी उपलब्ध होगी। रंगराजन ने कहा, ‘‘बाजार की स्थिति अभी कड़ी है। माह के मध्य में यह और कड़ी हो सकती है, क्योंक अग्रिम कर का भुगतान होना है। ऐसे में सीआरआर में कटौती का रिजर्व बैंक का कदम पूरी तरह उचित है।’’ रिजर्व बैंक ने कहा है कि सीआरआर में कटौती का कदम नकदी की कमी को दूर करने के लिए उठाया गया है। मार्च के दूसरे सप्ताह में कंपनियों द्वारा कर के अग्रिम भुगतान के लिए धन की निकासी के कारण बैंकों के पास नकदी की तंगी बढ़ सकती है। अनुमान है कि कंपनियों 15 मार्च तक कॉरपोरेट कर के भुगतान के लिए बैंकों से 60,000 करोड़ रुपये की निकासी कर सकती हैं। पीएमईएसी के चेयरमैन सी रंगराजन ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि ब्याज दरों में कटौती बहुत हद तक इस बात पर निर्भर करेगी कि महंगाई का रुख क्या रहता है। सीआरआर में 0.75 फीसदी की कटौती का ताजा कदम निश्चित रूप से मौद्रिक नीति को नरम करने वाला है।’’टिप्पणियां केंद्रीय बैंक ने एक हैरान करने वाले कदम के तहत शुक्रवार को सीआरआर को 0.75 फीसदी घटाकर 4.75 प्रतिशत कर दिया है। इससे बैंकों के पास 48,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त नकदी उपलब्ध होगी। रंगराजन ने कहा, ‘‘बाजार की स्थिति अभी कड़ी है। माह के मध्य में यह और कड़ी हो सकती है, क्योंक अग्रिम कर का भुगतान होना है। ऐसे में सीआरआर में कटौती का रिजर्व बैंक का कदम पूरी तरह उचित है।’’ रिजर्व बैंक ने कहा है कि सीआरआर में कटौती का कदम नकदी की कमी को दूर करने के लिए उठाया गया है। मार्च के दूसरे सप्ताह में कंपनियों द्वारा कर के अग्रिम भुगतान के लिए धन की निकासी के कारण बैंकों के पास नकदी की तंगी बढ़ सकती है। अनुमान है कि कंपनियों 15 मार्च तक कॉरपोरेट कर के भुगतान के लिए बैंकों से 60,000 करोड़ रुपये की निकासी कर सकती हैं। केंद्रीय बैंक ने एक हैरान करने वाले कदम के तहत शुक्रवार को सीआरआर को 0.75 फीसदी घटाकर 4.75 प्रतिशत कर दिया है। इससे बैंकों के पास 48,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त नकदी उपलब्ध होगी। रंगराजन ने कहा, ‘‘बाजार की स्थिति अभी कड़ी है। माह के मध्य में यह और कड़ी हो सकती है, क्योंक अग्रिम कर का भुगतान होना है। ऐसे में सीआरआर में कटौती का रिजर्व बैंक का कदम पूरी तरह उचित है।’’ रिजर्व बैंक ने कहा है कि सीआरआर में कटौती का कदम नकदी की कमी को दूर करने के लिए उठाया गया है। मार्च के दूसरे सप्ताह में कंपनियों द्वारा कर के अग्रिम भुगतान के लिए धन की निकासी के कारण बैंकों के पास नकदी की तंगी बढ़ सकती है। अनुमान है कि कंपनियों 15 मार्च तक कॉरपोरेट कर के भुगतान के लिए बैंकों से 60,000 करोड़ रुपये की निकासी कर सकती हैं। रिजर्व बैंक ने कहा है कि सीआरआर में कटौती का कदम नकदी की कमी को दूर करने के लिए उठाया गया है। मार्च के दूसरे सप्ताह में कंपनियों द्वारा कर के अग्रिम भुगतान के लिए धन की निकासी के कारण बैंकों के पास नकदी की तंगी बढ़ सकती है। अनुमान है कि कंपनियों 15 मार्च तक कॉरपोरेट कर के भुगतान के लिए बैंकों से 60,000 करोड़ रुपये की निकासी कर सकती हैं।
यह एक सारांश है: रिजर्व बैंक द्वारा सीआरआर में 0.75 प्रतिशत की कटौती को उचित कदम ठहराते हुए प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद ने कहा है कि ब्याज दरों में कमी महंगाई की स्थिति पर निर्भर करेगी।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: आंध्र प्रदेश के कुरनूल स्थित एक गांव के लोग जब तहसीलदार से मिलने उनके कार्यालय पहुंचे तो वहां उन्हें कुछ अजीबोगरीब चीज देखने को मिला. तहसीलदार उमा माहेश्वरी ने अपने दफ्तर में सीट से कुछ फीट की दूरी पर रस्सी बांधकर रखा है, जिससे लोग उनके करीब न आ सके और दूर से ही बातचीत करें. उन्होंने अपने सीट के सामने एक बड़ा टेबल रखा है, जो लोग अपने पत्र या दस्तावेज देना चाहते हैं, उन्हें सुरक्षित दूरी से सौंपने के लिए कहा जाता है. अधिकारी का कहना है कि एक ग्रामीण द्वारा पड़ोसी राज्य तेलंगाना में राजस्व अधिकारी को जलाकर मारने की घटना के बाद इसके उपाय के लिए मजबूर होना पड़ा. तहसीलदार उमा माहेश्वरी ने कहा "मैं विजया रेड्डी की हत्या के बाद घबरा गई हूं." बता दें कि तेलंगाना में सोमवार को एक जघन्य घटना के तहत अब्दुल्लापुरमेट में एक महिला तहसीलदार को संदिग्ध भूमि विवाद के चलते उनके कार्यालय में दिनदहाड़े कथित रूप से एक व्यक्ति ने जिंदा जला दिया. अगले दिन उनके ड्राइवर की भी मौत हो गई. ड्राइवर उन्हें बचाने की कोशिश में जल गया था और गंभीर रूप से घायल था. राचकोंडा के पुलिस आयुक्त महेश एम भागवत ने संवाददाताओं को बताया कि शुरुआती जांच के आधार पर ऐसा लगता है कि किसी जमीन विवाद के चलते हमला हुआ है. उसने ऐसा क्यों किया या किसी ने उसे ऐसा करने के लिए उकसाया, ये जांच के दौरान पता चलेगा.  दिन दहाड़े हुई इस घटना से तहसीलदार कार्यालय में कोहराम मच गया था. घटना के समय विजया अपने कमरे में अकेली थीं. एक चश्मदीद ने बताया कि उनके कमरे से चीखने की आवाज आई और एक कर्मचारी दौड़कर तहसीलदार के कमरे में गया और उन्हें आग की लपटों से घिरा पाया. बाद में तहसील के कर्मचारियों ने घटना की जांच और न्याय के लिए विरोध प्रदर्शन किया जबकि तहसीलदार के शव को पोस्टमार्टन के लिए ले जाया गया. तेलंगाना शिक्षा मंत्री पी सविता इंद्रा रेड्डी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे थे.
यह एक सारांश है: तेलंगाना की घटना के बाद खौफ में अधिकारी दफ्तर में रस्सी लगाकर कर रहे काम सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
2
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: मोदी और उनके मंत्रिमंडल के सदस्यों का राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में शाम सात बजे शपथ लेने का कार्यक्रम है. समारोह से एक दिन पहले जारी एक यातायात परामर्श में कहा गया है कि गुरवार को शाम चार बजे से रात नौ बजे तक नई दिल्ली जिले में कई सड़कें बंद रहेंगी और मोटर वाहन चालक इन सड़कों पर आने से बचें. राजधानी में यातायात के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं और यातायात परामर्श जारी किया गया है. इसमें कहा गया है कि आमंत्रित लोगों और जनता के लिए निर्देश संकेतक लगाए गए हैं. सभी मोटर वाहन चालकों को ड्यूटी पर तैनात यातायात पुलिस के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जाती है.  बता दें मोदी को जब शाम करीब सात बजे शपथ दिलायी जाएगी तब यह दूसरी बार होगा जब वे राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में शपथ लेंगे. मोदी को तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने 2014 में दक्षेस देशों के प्रमुखों सहित 3500 से अधिक मेहमानों की मौजूदगी में शपथ दिलायी थी. इससे पहले 1990 में चंद्रशेखर और 1999 में अटल बिहारी वाजपेयी को राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में शपथ दिलायी गई थी. शपथ ग्रहण समारोह में बिम्सटेक देशों बांग्लादेश के राष्ट्रपति अब्दुल हामिद, श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रिपाला सिरिसेना, नेपाल के प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली, म्यामां के राष्ट्रपति यू विन मिंट और भूटान के प्रधानमंत्री लोताय शेरिंग ने कार्यक्रम में शामिल होने की पुष्टि पहले ही कर दी है.थाईलैंड से उसके विशेष दूत जी बूनराच देश का प्रतिनिधित्व करेंगे. भारत के अलावा बिम्सटेक में बांग्लादेश, म्यामां, श्रीलंका, थाईलैंड, नेपाल और भूटान शामिल हैं. सरकार ने इन नेताओं के साथ-साथ शंघाई सहयोग संगठन के वर्तमान अध्यक्ष और किर्गीस्तान के वर्तमान राष्ट्रपति जीनबेकोव और मॉरिशस के प्रधानमंत्री प्रविंद कुमार जगन्नाथ को भी शपथ ग्रहण के लिए आमंत्रित किया है.
सारांश: नई दिल्ली में कई सड़के रहेंगी बंद लोगों को यातायात पुलिस के निर्देशों का पालन करने की दी गई सलाह शपथ ग्रहण समारोह में मौजूद रहेंगे 3500 से ज्यादा मेहमान
31
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों ने गत सप्ताह प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स से बेहतर प्रदर्शन किया। मिडकैप और स्मॉलकैप में जहां दो फीसदी से अधिक तेजी रही, वहीं सेंसेक्स तथा निफ्टी ने आधे फीसदी से कम प्रगति की। बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स गत सप्ताह 0.44 फीसदी या 84.20 अंकों की तेजी के साथ 19,424.10 पर बंद हुआ, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी गत सप्ताह 0.47 फीसदी या 27.55 अंकों की तेजी के साथ 5,907.40 पर बंद हुआ। उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर सेंसेक्स में गत सप्ताह तेजी बनाने वाले शेयरों में प्रमुख रहे स्टरलाइट इंडस्ट्रीज (6.41 फीसदी), एसबीआई (6.32 फीसदी), रिलायंस इंडस्ट्रीज (6.01 फीसदी), हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (5.72 फीसदी) और टाटा स्टील (3.70 फीसदी)। गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे इंफोसिस लिमिटेड (4.03 फीसदी), भारती एयरटेल (3.66 फीसदी), विप्रो (3.36 फीसदी), टीसीएस (2.32 फीसदी) और महिंद्रा एंड महिंद्रा (1.57 फीसदी)। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में आलोच्य अवधि में दो फीसदी से अधिक की तेजी रही। मिडकैप 2.44 फीसदी या 168.38 अंकों की तेजी के साथ 7,070.37 पर और स्मॉलकैप इसी अवधि में 2.34 फीसदी या 170.33 अंकों की तेजी के साथ 7,445.98 पर बंद हुआ। गत सप्ताह बीएसई के 13 में से 11 शेयरों में तेजी रही। रियल्टी (5.18 फीसदी), तेल एवं गैस (3.13 फीसदी), धातु (2.07 फीसदी), बिजली (2.00 फीसदी) और बैंकिंग (1.66 फीसदी) में सबसे अधिक तेजी रही। सूचना प्रौद्योगिकी (4.14 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (3.31 फीसदी) में गिरावट रही।टिप्पणियां गत सप्ताह बहु ब्रांड खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) का मसला सुर्खियों में छाया रहा। लोकसभा में खुदरा में एफडीआई को अनुमति देने के सरकार के फैसले के विरोध में पेश प्रस्ताव पर मंगलवार और बुधवार को बहस हुई, जिसके आखिर में बुधवार को हुए मतदान में सरकार को जीत हासिल हो गई। इसके बाद गुरुवार और शुक्रवार को राज्य सभा में भी बहस हुई और यहां भी विपक्ष को मुंह की खानी पड़ी। इस तरह देश में खुदरा में एफडीआई का रास्ता साफ हो गया। इसी के साथ खुदरा क्षेत्र में एफडीआई को लागू करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम में किए गए संशोधन पर जारी अधिसूचना के खिलाफ एक प्रस्ताव में भी विपक्ष को लोक सभा में मुंह की खानी पड़ी। बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स गत सप्ताह 0.44 फीसदी या 84.20 अंकों की तेजी के साथ 19,424.10 पर बंद हुआ, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी गत सप्ताह 0.47 फीसदी या 27.55 अंकों की तेजी के साथ 5,907.40 पर बंद हुआ। उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर सेंसेक्स में गत सप्ताह तेजी बनाने वाले शेयरों में प्रमुख रहे स्टरलाइट इंडस्ट्रीज (6.41 फीसदी), एसबीआई (6.32 फीसदी), रिलायंस इंडस्ट्रीज (6.01 फीसदी), हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (5.72 फीसदी) और टाटा स्टील (3.70 फीसदी)। गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे इंफोसिस लिमिटेड (4.03 फीसदी), भारती एयरटेल (3.66 फीसदी), विप्रो (3.36 फीसदी), टीसीएस (2.32 फीसदी) और महिंद्रा एंड महिंद्रा (1.57 फीसदी)। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में आलोच्य अवधि में दो फीसदी से अधिक की तेजी रही। मिडकैप 2.44 फीसदी या 168.38 अंकों की तेजी के साथ 7,070.37 पर और स्मॉलकैप इसी अवधि में 2.34 फीसदी या 170.33 अंकों की तेजी के साथ 7,445.98 पर बंद हुआ। गत सप्ताह बीएसई के 13 में से 11 शेयरों में तेजी रही। रियल्टी (5.18 फीसदी), तेल एवं गैस (3.13 फीसदी), धातु (2.07 फीसदी), बिजली (2.00 फीसदी) और बैंकिंग (1.66 फीसदी) में सबसे अधिक तेजी रही। सूचना प्रौद्योगिकी (4.14 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (3.31 फीसदी) में गिरावट रही।टिप्पणियां गत सप्ताह बहु ब्रांड खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) का मसला सुर्खियों में छाया रहा। लोकसभा में खुदरा में एफडीआई को अनुमति देने के सरकार के फैसले के विरोध में पेश प्रस्ताव पर मंगलवार और बुधवार को बहस हुई, जिसके आखिर में बुधवार को हुए मतदान में सरकार को जीत हासिल हो गई। इसके बाद गुरुवार और शुक्रवार को राज्य सभा में भी बहस हुई और यहां भी विपक्ष को मुंह की खानी पड़ी। इस तरह देश में खुदरा में एफडीआई का रास्ता साफ हो गया। इसी के साथ खुदरा क्षेत्र में एफडीआई को लागू करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम में किए गए संशोधन पर जारी अधिसूचना के खिलाफ एक प्रस्ताव में भी विपक्ष को लोक सभा में मुंह की खानी पड़ी। उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर सेंसेक्स में गत सप्ताह तेजी बनाने वाले शेयरों में प्रमुख रहे स्टरलाइट इंडस्ट्रीज (6.41 फीसदी), एसबीआई (6.32 फीसदी), रिलायंस इंडस्ट्रीज (6.01 फीसदी), हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (5.72 फीसदी) और टाटा स्टील (3.70 फीसदी)। गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे इंफोसिस लिमिटेड (4.03 फीसदी), भारती एयरटेल (3.66 फीसदी), विप्रो (3.36 फीसदी), टीसीएस (2.32 फीसदी) और महिंद्रा एंड महिंद्रा (1.57 फीसदी)। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में आलोच्य अवधि में दो फीसदी से अधिक की तेजी रही। मिडकैप 2.44 फीसदी या 168.38 अंकों की तेजी के साथ 7,070.37 पर और स्मॉलकैप इसी अवधि में 2.34 फीसदी या 170.33 अंकों की तेजी के साथ 7,445.98 पर बंद हुआ। गत सप्ताह बीएसई के 13 में से 11 शेयरों में तेजी रही। रियल्टी (5.18 फीसदी), तेल एवं गैस (3.13 फीसदी), धातु (2.07 फीसदी), बिजली (2.00 फीसदी) और बैंकिंग (1.66 फीसदी) में सबसे अधिक तेजी रही। सूचना प्रौद्योगिकी (4.14 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (3.31 फीसदी) में गिरावट रही।टिप्पणियां गत सप्ताह बहु ब्रांड खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) का मसला सुर्खियों में छाया रहा। लोकसभा में खुदरा में एफडीआई को अनुमति देने के सरकार के फैसले के विरोध में पेश प्रस्ताव पर मंगलवार और बुधवार को बहस हुई, जिसके आखिर में बुधवार को हुए मतदान में सरकार को जीत हासिल हो गई। इसके बाद गुरुवार और शुक्रवार को राज्य सभा में भी बहस हुई और यहां भी विपक्ष को मुंह की खानी पड़ी। इस तरह देश में खुदरा में एफडीआई का रास्ता साफ हो गया। इसी के साथ खुदरा क्षेत्र में एफडीआई को लागू करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम में किए गए संशोधन पर जारी अधिसूचना के खिलाफ एक प्रस्ताव में भी विपक्ष को लोक सभा में मुंह की खानी पड़ी। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में आलोच्य अवधि में दो फीसदी से अधिक की तेजी रही। मिडकैप 2.44 फीसदी या 168.38 अंकों की तेजी के साथ 7,070.37 पर और स्मॉलकैप इसी अवधि में 2.34 फीसदी या 170.33 अंकों की तेजी के साथ 7,445.98 पर बंद हुआ। गत सप्ताह बीएसई के 13 में से 11 शेयरों में तेजी रही। रियल्टी (5.18 फीसदी), तेल एवं गैस (3.13 फीसदी), धातु (2.07 फीसदी), बिजली (2.00 फीसदी) और बैंकिंग (1.66 फीसदी) में सबसे अधिक तेजी रही। सूचना प्रौद्योगिकी (4.14 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (3.31 फीसदी) में गिरावट रही।टिप्पणियां गत सप्ताह बहु ब्रांड खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) का मसला सुर्खियों में छाया रहा। लोकसभा में खुदरा में एफडीआई को अनुमति देने के सरकार के फैसले के विरोध में पेश प्रस्ताव पर मंगलवार और बुधवार को बहस हुई, जिसके आखिर में बुधवार को हुए मतदान में सरकार को जीत हासिल हो गई। इसके बाद गुरुवार और शुक्रवार को राज्य सभा में भी बहस हुई और यहां भी विपक्ष को मुंह की खानी पड़ी। इस तरह देश में खुदरा में एफडीआई का रास्ता साफ हो गया। इसी के साथ खुदरा क्षेत्र में एफडीआई को लागू करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम में किए गए संशोधन पर जारी अधिसूचना के खिलाफ एक प्रस्ताव में भी विपक्ष को लोक सभा में मुंह की खानी पड़ी। गत सप्ताह बीएसई के 13 में से 11 शेयरों में तेजी रही। रियल्टी (5.18 फीसदी), तेल एवं गैस (3.13 फीसदी), धातु (2.07 फीसदी), बिजली (2.00 फीसदी) और बैंकिंग (1.66 फीसदी) में सबसे अधिक तेजी रही। सूचना प्रौद्योगिकी (4.14 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (3.31 फीसदी) में गिरावट रही।टिप्पणियां गत सप्ताह बहु ब्रांड खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) का मसला सुर्खियों में छाया रहा। लोकसभा में खुदरा में एफडीआई को अनुमति देने के सरकार के फैसले के विरोध में पेश प्रस्ताव पर मंगलवार और बुधवार को बहस हुई, जिसके आखिर में बुधवार को हुए मतदान में सरकार को जीत हासिल हो गई। इसके बाद गुरुवार और शुक्रवार को राज्य सभा में भी बहस हुई और यहां भी विपक्ष को मुंह की खानी पड़ी। इस तरह देश में खुदरा में एफडीआई का रास्ता साफ हो गया। इसी के साथ खुदरा क्षेत्र में एफडीआई को लागू करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम में किए गए संशोधन पर जारी अधिसूचना के खिलाफ एक प्रस्ताव में भी विपक्ष को लोक सभा में मुंह की खानी पड़ी। गत सप्ताह बहु ब्रांड खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) का मसला सुर्खियों में छाया रहा। लोकसभा में खुदरा में एफडीआई को अनुमति देने के सरकार के फैसले के विरोध में पेश प्रस्ताव पर मंगलवार और बुधवार को बहस हुई, जिसके आखिर में बुधवार को हुए मतदान में सरकार को जीत हासिल हो गई। इसके बाद गुरुवार और शुक्रवार को राज्य सभा में भी बहस हुई और यहां भी विपक्ष को मुंह की खानी पड़ी। इस तरह देश में खुदरा में एफडीआई का रास्ता साफ हो गया। इसी के साथ खुदरा क्षेत्र में एफडीआई को लागू करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम में किए गए संशोधन पर जारी अधिसूचना के खिलाफ एक प्रस्ताव में भी विपक्ष को लोक सभा में मुंह की खानी पड़ी। इसी के साथ खुदरा क्षेत्र में एफडीआई को लागू करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम में किए गए संशोधन पर जारी अधिसूचना के खिलाफ एक प्रस्ताव में भी विपक्ष को लोक सभा में मुंह की खानी पड़ी।
संक्षिप्त सारांश: बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों ने गत सप्ताह प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स से बेहतर प्रदर्शन किया। मिडकैप और स्मॉलकैप में जहां दो फीसदी से अधिक तेजी रही, वहीं सेंसेक्स तथा निफ्टी ने आधे फीसदी से कम प्रगति की।
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['hin']
एक सारांश बनाओ: बीजेपी को नीतीश के भाषण से भले ही परेशानी हो रही हो लेकिन ऐसा भी नहीं है कि बाकी पार्टियां उनके बयानों का स्वागत कर रही हैं। नीतीश कुमार ने अपने भाषण में एक तरफ़ जहां बिना नाम लिए नरेंद्र मोदी पर चोट की वहीं बीजेपी से रिश्ते क़ायम रखने और अटल बिहारी वाजपेयी जैसे नेताओं की तारीफ़ों के पुल भी बांधे। गठबंधन का धर्म निभाने के साथ-साथ मोदी से दूरी बनाने की इसी बात पर कांग्रेस ने चोट की। कांग्रेस के प्रवक्ता शकील अहमद ने कहा, 'मुझे नीतीश का यह तर्क समझ में नहीं आता कि आडवाणी किस तरह से सेक्युलर हैं… उनके मंत्रिमंडल में पांच आरएसएस वाले हैं तो वह सेक्युलर होने का दावा कैसे कर सकते हैं।टिप्पणियां नीतीश की सिर्फ़ एक शख़्स को निशाना बनाने की अदा सीपीएम को भी पसंद नहीं आई। सीपीएम नेता बृंदा करात ने कहा, 'सारी पार्टियों की तरह जेडीयू को भी अपना फ़ैसला करने का अधिकार है लेकिन धमर्निरपेक्षता का परचम बस एक शख़्स का विरोध करके नहीं किया जा सकता। नीतीश कुमार को बीजेपी के साथ मिलकर सरकार भी चलानी है और वोट पाने के लिए मोदी से दूरी भी बनाए रखनी है। इसलिए उनके बयानों में इस तरह का विरोधाभास झलक ही जाता है। नीतीश कुमार ने अपने भाषण में एक तरफ़ जहां बिना नाम लिए नरेंद्र मोदी पर चोट की वहीं बीजेपी से रिश्ते क़ायम रखने और अटल बिहारी वाजपेयी जैसे नेताओं की तारीफ़ों के पुल भी बांधे। गठबंधन का धर्म निभाने के साथ-साथ मोदी से दूरी बनाने की इसी बात पर कांग्रेस ने चोट की। कांग्रेस के प्रवक्ता शकील अहमद ने कहा, 'मुझे नीतीश का यह तर्क समझ में नहीं आता कि आडवाणी किस तरह से सेक्युलर हैं… उनके मंत्रिमंडल में पांच आरएसएस वाले हैं तो वह सेक्युलर होने का दावा कैसे कर सकते हैं।टिप्पणियां नीतीश की सिर्फ़ एक शख़्स को निशाना बनाने की अदा सीपीएम को भी पसंद नहीं आई। सीपीएम नेता बृंदा करात ने कहा, 'सारी पार्टियों की तरह जेडीयू को भी अपना फ़ैसला करने का अधिकार है लेकिन धमर्निरपेक्षता का परचम बस एक शख़्स का विरोध करके नहीं किया जा सकता। नीतीश कुमार को बीजेपी के साथ मिलकर सरकार भी चलानी है और वोट पाने के लिए मोदी से दूरी भी बनाए रखनी है। इसलिए उनके बयानों में इस तरह का विरोधाभास झलक ही जाता है। गठबंधन का धर्म निभाने के साथ-साथ मोदी से दूरी बनाने की इसी बात पर कांग्रेस ने चोट की। कांग्रेस के प्रवक्ता शकील अहमद ने कहा, 'मुझे नीतीश का यह तर्क समझ में नहीं आता कि आडवाणी किस तरह से सेक्युलर हैं… उनके मंत्रिमंडल में पांच आरएसएस वाले हैं तो वह सेक्युलर होने का दावा कैसे कर सकते हैं।टिप्पणियां नीतीश की सिर्फ़ एक शख़्स को निशाना बनाने की अदा सीपीएम को भी पसंद नहीं आई। सीपीएम नेता बृंदा करात ने कहा, 'सारी पार्टियों की तरह जेडीयू को भी अपना फ़ैसला करने का अधिकार है लेकिन धमर्निरपेक्षता का परचम बस एक शख़्स का विरोध करके नहीं किया जा सकता। नीतीश कुमार को बीजेपी के साथ मिलकर सरकार भी चलानी है और वोट पाने के लिए मोदी से दूरी भी बनाए रखनी है। इसलिए उनके बयानों में इस तरह का विरोधाभास झलक ही जाता है। कांग्रेस के प्रवक्ता शकील अहमद ने कहा, 'मुझे नीतीश का यह तर्क समझ में नहीं आता कि आडवाणी किस तरह से सेक्युलर हैं… उनके मंत्रिमंडल में पांच आरएसएस वाले हैं तो वह सेक्युलर होने का दावा कैसे कर सकते हैं।टिप्पणियां नीतीश की सिर्फ़ एक शख़्स को निशाना बनाने की अदा सीपीएम को भी पसंद नहीं आई। सीपीएम नेता बृंदा करात ने कहा, 'सारी पार्टियों की तरह जेडीयू को भी अपना फ़ैसला करने का अधिकार है लेकिन धमर्निरपेक्षता का परचम बस एक शख़्स का विरोध करके नहीं किया जा सकता। नीतीश कुमार को बीजेपी के साथ मिलकर सरकार भी चलानी है और वोट पाने के लिए मोदी से दूरी भी बनाए रखनी है। इसलिए उनके बयानों में इस तरह का विरोधाभास झलक ही जाता है। नीतीश की सिर्फ़ एक शख़्स को निशाना बनाने की अदा सीपीएम को भी पसंद नहीं आई। सीपीएम नेता बृंदा करात ने कहा, 'सारी पार्टियों की तरह जेडीयू को भी अपना फ़ैसला करने का अधिकार है लेकिन धमर्निरपेक्षता का परचम बस एक शख़्स का विरोध करके नहीं किया जा सकता। नीतीश कुमार को बीजेपी के साथ मिलकर सरकार भी चलानी है और वोट पाने के लिए मोदी से दूरी भी बनाए रखनी है। इसलिए उनके बयानों में इस तरह का विरोधाभास झलक ही जाता है। सीपीएम नेता बृंदा करात ने कहा, 'सारी पार्टियों की तरह जेडीयू को भी अपना फ़ैसला करने का अधिकार है लेकिन धमर्निरपेक्षता का परचम बस एक शख़्स का विरोध करके नहीं किया जा सकता। नीतीश कुमार को बीजेपी के साथ मिलकर सरकार भी चलानी है और वोट पाने के लिए मोदी से दूरी भी बनाए रखनी है। इसलिए उनके बयानों में इस तरह का विरोधाभास झलक ही जाता है।
यहाँ एक सारांश है:बीजेपी को नीतीश के भाषण से भले ही परेशानी हो रही हो लेकिन ऐसा भी नहीं है कि बाकी पार्टियां उनके बयानों का स्वागत कर रही हैं।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: अपने दो सैनिकों की हत्या और उनका शव क्षतविक्षत किए जाने की घटना पर सोमवार को भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा लहजा अपनाया और ब्रिगेडियर स्तर की फ्लैग मीटिंग में संघर्ष विराम समझौते के उल्लंघन पर पाकिस्तान के सामने मजबूत शब्दों में प्रतिवाद दर्ज कराया। भारत के सेनाध्यक्ष जनरल बिक्रम सिंह ने सोमवार को कड़े लहजे में कहा कि उनकी सेना को "प्रतिक्रिया जाहिर करने का अधिकार" हासिल है। फ्लैग मीटिंग में पाकिस्तान ने जम्मू एवं कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर लगातार संघर्ष विराम समझौते का उल्लंघन करने संबंधी भारतीय सेना के आरोपों को खारिज कर दिया और उल्टे भारतीय सेना पर समझौते का उल्लंघन करने का आरोप मढ़ दिया। पाकिस्तान ने भारत से कहा कि वह कश्मीर पर दोनों देशों के बीच हुए संघर्ष विराम समझौते से वचनबद्ध है। दोनों देशों के बीच ब्रिगेडियर स्तर की फ्लैग मीटिंग जम्मू एवं कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा पर स्थित चक्कां दा बाग में हुई जिसमें दोनों तरफ के सेनाधिकारियों ने हिस्सा लिया। इधर, दिल्ली में सेनाध्यक्ष जनरल बिक्रम सिंह ने शहीद लांस नायक हेमराज और शहीद सुधाकर सिंह की पुंछ जिले के मेंढर सेक्टर में 8 जनवरी को हुई हत्या को पाकिस्तानी सैनिकों का "जघन्य और अक्षम्य कृत्य" करार दिया। उन्होंने कहा, "मैं उम्मीद करता हूं कि नियंत्रण रेखा पर हमारे कमांडर आक्रामक और रक्षात्मक रहेंगे।" वायुसेना प्रमुख मार्शल एनएके ब्राउन की टिप्पणी कि यदि पाकिस्तान ने संघर्ष विराम का उल्लंघन जारी रखा तो भारत दूसरे उपाय आजमा सकता है, के बारे में पूछे जाने पर जनरल सिंह ने कहा कि ब्राउन का इशारा "कूटनीति और आर्थिक विकल्पों" की ओर था। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि सेना द्वारा अभियान एक युक्ति संगत स्तर पर अमल में लाया जाता है। फ्लैग मीटिंग के बाद उत्तरी कमान के प्रवक्ता ले. जनरल राजेश कालिया ने एक बयान में कहा, "हमारे प्रतिनिधि ने मेंढर सेक्टर में निगरानी दस्ते पर पाकिस्तानी सैनिकों के घात लगा कर किए गए हमले और बर्बर कारनामे पर गंभीर चिंता जाहिर की। अपने शहीद जवानों के शव को क्षत-विक्षत किए जाने के खिलाफ भारतीय सेना ने कड़ा प्रतिरोध दर्ज कराया। यह कृत्य जेनेवा घोषणा की मूल भावना के खिलाफ होने के साथ साथ सभी स्थापित सैन्य व्यवहार की नैतिकता के विरुद्ध है।" बयान में आगे कहा गया है, "इस तरह का विध्वंसक और क्रूरता भरा कारनामा पूरी तरह असहनीय है और 2003 से लागू संघर्ष विराम समझौते को नजरअंदाज करने की सोची समझी रणनीति है जो विकृत रूप अख्तियार कर सकती है। इस प्रकार के कारनामे की पुनरावृत्ति को कतई सहन नहीं किया जाएगा।" "पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल के नेता ने घटना में अपनी संलिप्तता से इन्कार किया और जवाब में आरोप लगाया कि हमारे (भारतीय) जवानों ने नियंत्रण रेखा को पार कर एक पाकिस्तानी सैनिक की हत्या कर दी और एक अन्य को घायल कर दिया।" इससे पहले, सोमवार को जनरल बिक्रम सिंह ने नियंत्रण रेखा के समीप पाकिस्तान के आक्रामक रवैए को "पूर्व नियोजित और सोच समझ कर किया जा रहा" बताया था। जनरल सिंह ने यह भी कहा कि संभव है कि पाकिस्तानी सेना ने पूर्व की भांति ही इस बार आतंकवादियों का इस्तेमाल किया हो। वे इसमें लश्कर-ए-तोयबा के संस्थापक हाफिज सईद का हाथ होने से इन्कार नहीं कर रहे। इस बात को मंजूर करते हुए कि हो सकता है कोई चूक हुई जिसने इस घटना को अंजाम दिया हो, जनरल सिंह ने कहा, "तुरंत जांच से जवनों के हौसले पर असर पड़ेगा और दुरुस्त करने के उपाय बाद में अमल में लाए जाएंगे।" उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की ओर से गोलीबारी उसकी हताशा का परिचय देता है। उनकी सेना आगे नहीं बढ़ रही, लेकिन हम नजर रख रहे हैं। सेना दिवस की पूर्व संध्या पर संवाददाताओं से उन्होंने कहा, "उन्होंने (पाकिस्तान) जो किया वह सैन्य नीतिशास्त्र के खिलाफ है। जिन सिपाहियों की हत्या हुई और जिनके शव को क्षत विक्षत कर दिया गया उनके परिवार के लिए मेरा दिल भर आता है। यह जघन्य और अक्षम्य कृत्य है।" "हम जहां तक संभव होगा संघर्ष विराम को बनाए रखेंगे। हम अपनी मर्जी की जगह और समय पर प्रतिक्रिया जाहिर करने का अधिकार रखते हैं।" उन्होंने कहा कि शहीद हेमराज का सिर वापस लाने के लिए पाकिस्तान पर दबाव बनाना जरूरी है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा "यह कूटनीतिक स्तर के जरिए होना चाहिए।" पाकिस्तानी सैनिकों ने 8 जनवरी को नियंत्रण रेखा के पास भारतीय क्षेत्र में घात लगा कर दो भारतीय जवानों की हत्या कर दी और उनके सिर काट दिए। एक जवान का सिर अभी तक नहीं मिला है। 13 सालों में इस तरह की यह तीसरी वारदात है। इससे पहले 2000 में नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तानी सैनिकों ने एक भारतीय जवान का सिर काट दिया था। पिछले साल जुलाई में दो भारतीय जवानों का पाकिस्तानी सैनिकों ने वध कर दिया था।टिप्पणियां उत्तर प्रदेश के मथुरा के अपने गांव में शहीद हेमराज कटा सिर परिवार को सौंपने की मांग करते हुए भूखहड़ताल पर बैठी उसकी पत्नी और परिवार के सदस्यों ने राज्य के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के गांव पहुंचने के बाद सोमवार को अनशन तोड़ दिया। पाकिस्तानी सेना ने नियंत्रण रेखा पर इस साल और 2012 में 117 और 2011 में 61 बार संघर्ष विराम समझौते का उल्लंघन किया। भारत का मानना है कि नियंत्रण रेखा के पार से पाकिस्तानी सेना की गोलीबारी का मुख्य उद्देश्य भारत में आतंकवादियों को घुसपैठ में मदद पहुंचाना होता है। भारत के सेनाध्यक्ष जनरल बिक्रम सिंह ने सोमवार को कड़े लहजे में कहा कि उनकी सेना को "प्रतिक्रिया जाहिर करने का अधिकार" हासिल है। फ्लैग मीटिंग में पाकिस्तान ने जम्मू एवं कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर लगातार संघर्ष विराम समझौते का उल्लंघन करने संबंधी भारतीय सेना के आरोपों को खारिज कर दिया और उल्टे भारतीय सेना पर समझौते का उल्लंघन करने का आरोप मढ़ दिया। पाकिस्तान ने भारत से कहा कि वह कश्मीर पर दोनों देशों के बीच हुए संघर्ष विराम समझौते से वचनबद्ध है। दोनों देशों के बीच ब्रिगेडियर स्तर की फ्लैग मीटिंग जम्मू एवं कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा पर स्थित चक्कां दा बाग में हुई जिसमें दोनों तरफ के सेनाधिकारियों ने हिस्सा लिया। इधर, दिल्ली में सेनाध्यक्ष जनरल बिक्रम सिंह ने शहीद लांस नायक हेमराज और शहीद सुधाकर सिंह की पुंछ जिले के मेंढर सेक्टर में 8 जनवरी को हुई हत्या को पाकिस्तानी सैनिकों का "जघन्य और अक्षम्य कृत्य" करार दिया। उन्होंने कहा, "मैं उम्मीद करता हूं कि नियंत्रण रेखा पर हमारे कमांडर आक्रामक और रक्षात्मक रहेंगे।" वायुसेना प्रमुख मार्शल एनएके ब्राउन की टिप्पणी कि यदि पाकिस्तान ने संघर्ष विराम का उल्लंघन जारी रखा तो भारत दूसरे उपाय आजमा सकता है, के बारे में पूछे जाने पर जनरल सिंह ने कहा कि ब्राउन का इशारा "कूटनीति और आर्थिक विकल्पों" की ओर था। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि सेना द्वारा अभियान एक युक्ति संगत स्तर पर अमल में लाया जाता है। फ्लैग मीटिंग के बाद उत्तरी कमान के प्रवक्ता ले. जनरल राजेश कालिया ने एक बयान में कहा, "हमारे प्रतिनिधि ने मेंढर सेक्टर में निगरानी दस्ते पर पाकिस्तानी सैनिकों के घात लगा कर किए गए हमले और बर्बर कारनामे पर गंभीर चिंता जाहिर की। अपने शहीद जवानों के शव को क्षत-विक्षत किए जाने के खिलाफ भारतीय सेना ने कड़ा प्रतिरोध दर्ज कराया। यह कृत्य जेनेवा घोषणा की मूल भावना के खिलाफ होने के साथ साथ सभी स्थापित सैन्य व्यवहार की नैतिकता के विरुद्ध है।" बयान में आगे कहा गया है, "इस तरह का विध्वंसक और क्रूरता भरा कारनामा पूरी तरह असहनीय है और 2003 से लागू संघर्ष विराम समझौते को नजरअंदाज करने की सोची समझी रणनीति है जो विकृत रूप अख्तियार कर सकती है। इस प्रकार के कारनामे की पुनरावृत्ति को कतई सहन नहीं किया जाएगा।" "पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल के नेता ने घटना में अपनी संलिप्तता से इन्कार किया और जवाब में आरोप लगाया कि हमारे (भारतीय) जवानों ने नियंत्रण रेखा को पार कर एक पाकिस्तानी सैनिक की हत्या कर दी और एक अन्य को घायल कर दिया।" इससे पहले, सोमवार को जनरल बिक्रम सिंह ने नियंत्रण रेखा के समीप पाकिस्तान के आक्रामक रवैए को "पूर्व नियोजित और सोच समझ कर किया जा रहा" बताया था। जनरल सिंह ने यह भी कहा कि संभव है कि पाकिस्तानी सेना ने पूर्व की भांति ही इस बार आतंकवादियों का इस्तेमाल किया हो। वे इसमें लश्कर-ए-तोयबा के संस्थापक हाफिज सईद का हाथ होने से इन्कार नहीं कर रहे। इस बात को मंजूर करते हुए कि हो सकता है कोई चूक हुई जिसने इस घटना को अंजाम दिया हो, जनरल सिंह ने कहा, "तुरंत जांच से जवनों के हौसले पर असर पड़ेगा और दुरुस्त करने के उपाय बाद में अमल में लाए जाएंगे।" उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की ओर से गोलीबारी उसकी हताशा का परिचय देता है। उनकी सेना आगे नहीं बढ़ रही, लेकिन हम नजर रख रहे हैं। सेना दिवस की पूर्व संध्या पर संवाददाताओं से उन्होंने कहा, "उन्होंने (पाकिस्तान) जो किया वह सैन्य नीतिशास्त्र के खिलाफ है। जिन सिपाहियों की हत्या हुई और जिनके शव को क्षत विक्षत कर दिया गया उनके परिवार के लिए मेरा दिल भर आता है। यह जघन्य और अक्षम्य कृत्य है।" "हम जहां तक संभव होगा संघर्ष विराम को बनाए रखेंगे। हम अपनी मर्जी की जगह और समय पर प्रतिक्रिया जाहिर करने का अधिकार रखते हैं।" उन्होंने कहा कि शहीद हेमराज का सिर वापस लाने के लिए पाकिस्तान पर दबाव बनाना जरूरी है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा "यह कूटनीतिक स्तर के जरिए होना चाहिए।" पाकिस्तानी सैनिकों ने 8 जनवरी को नियंत्रण रेखा के पास भारतीय क्षेत्र में घात लगा कर दो भारतीय जवानों की हत्या कर दी और उनके सिर काट दिए। एक जवान का सिर अभी तक नहीं मिला है। 13 सालों में इस तरह की यह तीसरी वारदात है। इससे पहले 2000 में नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तानी सैनिकों ने एक भारतीय जवान का सिर काट दिया था। पिछले साल जुलाई में दो भारतीय जवानों का पाकिस्तानी सैनिकों ने वध कर दिया था।टिप्पणियां उत्तर प्रदेश के मथुरा के अपने गांव में शहीद हेमराज कटा सिर परिवार को सौंपने की मांग करते हुए भूखहड़ताल पर बैठी उसकी पत्नी और परिवार के सदस्यों ने राज्य के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के गांव पहुंचने के बाद सोमवार को अनशन तोड़ दिया। पाकिस्तानी सेना ने नियंत्रण रेखा पर इस साल और 2012 में 117 और 2011 में 61 बार संघर्ष विराम समझौते का उल्लंघन किया। भारत का मानना है कि नियंत्रण रेखा के पार से पाकिस्तानी सेना की गोलीबारी का मुख्य उद्देश्य भारत में आतंकवादियों को घुसपैठ में मदद पहुंचाना होता है। फ्लैग मीटिंग में पाकिस्तान ने जम्मू एवं कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर लगातार संघर्ष विराम समझौते का उल्लंघन करने संबंधी भारतीय सेना के आरोपों को खारिज कर दिया और उल्टे भारतीय सेना पर समझौते का उल्लंघन करने का आरोप मढ़ दिया। पाकिस्तान ने भारत से कहा कि वह कश्मीर पर दोनों देशों के बीच हुए संघर्ष विराम समझौते से वचनबद्ध है। दोनों देशों के बीच ब्रिगेडियर स्तर की फ्लैग मीटिंग जम्मू एवं कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा पर स्थित चक्कां दा बाग में हुई जिसमें दोनों तरफ के सेनाधिकारियों ने हिस्सा लिया। इधर, दिल्ली में सेनाध्यक्ष जनरल बिक्रम सिंह ने शहीद लांस नायक हेमराज और शहीद सुधाकर सिंह की पुंछ जिले के मेंढर सेक्टर में 8 जनवरी को हुई हत्या को पाकिस्तानी सैनिकों का "जघन्य और अक्षम्य कृत्य" करार दिया। उन्होंने कहा, "मैं उम्मीद करता हूं कि नियंत्रण रेखा पर हमारे कमांडर आक्रामक और रक्षात्मक रहेंगे।" वायुसेना प्रमुख मार्शल एनएके ब्राउन की टिप्पणी कि यदि पाकिस्तान ने संघर्ष विराम का उल्लंघन जारी रखा तो भारत दूसरे उपाय आजमा सकता है, के बारे में पूछे जाने पर जनरल सिंह ने कहा कि ब्राउन का इशारा "कूटनीति और आर्थिक विकल्पों" की ओर था। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि सेना द्वारा अभियान एक युक्ति संगत स्तर पर अमल में लाया जाता है। फ्लैग मीटिंग के बाद उत्तरी कमान के प्रवक्ता ले. जनरल राजेश कालिया ने एक बयान में कहा, "हमारे प्रतिनिधि ने मेंढर सेक्टर में निगरानी दस्ते पर पाकिस्तानी सैनिकों के घात लगा कर किए गए हमले और बर्बर कारनामे पर गंभीर चिंता जाहिर की। अपने शहीद जवानों के शव को क्षत-विक्षत किए जाने के खिलाफ भारतीय सेना ने कड़ा प्रतिरोध दर्ज कराया। यह कृत्य जेनेवा घोषणा की मूल भावना के खिलाफ होने के साथ साथ सभी स्थापित सैन्य व्यवहार की नैतिकता के विरुद्ध है।" बयान में आगे कहा गया है, "इस तरह का विध्वंसक और क्रूरता भरा कारनामा पूरी तरह असहनीय है और 2003 से लागू संघर्ष विराम समझौते को नजरअंदाज करने की सोची समझी रणनीति है जो विकृत रूप अख्तियार कर सकती है। इस प्रकार के कारनामे की पुनरावृत्ति को कतई सहन नहीं किया जाएगा।" "पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल के नेता ने घटना में अपनी संलिप्तता से इन्कार किया और जवाब में आरोप लगाया कि हमारे (भारतीय) जवानों ने नियंत्रण रेखा को पार कर एक पाकिस्तानी सैनिक की हत्या कर दी और एक अन्य को घायल कर दिया।" इससे पहले, सोमवार को जनरल बिक्रम सिंह ने नियंत्रण रेखा के समीप पाकिस्तान के आक्रामक रवैए को "पूर्व नियोजित और सोच समझ कर किया जा रहा" बताया था। जनरल सिंह ने यह भी कहा कि संभव है कि पाकिस्तानी सेना ने पूर्व की भांति ही इस बार आतंकवादियों का इस्तेमाल किया हो। वे इसमें लश्कर-ए-तोयबा के संस्थापक हाफिज सईद का हाथ होने से इन्कार नहीं कर रहे। इस बात को मंजूर करते हुए कि हो सकता है कोई चूक हुई जिसने इस घटना को अंजाम दिया हो, जनरल सिंह ने कहा, "तुरंत जांच से जवनों के हौसले पर असर पड़ेगा और दुरुस्त करने के उपाय बाद में अमल में लाए जाएंगे।" उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की ओर से गोलीबारी उसकी हताशा का परिचय देता है। उनकी सेना आगे नहीं बढ़ रही, लेकिन हम नजर रख रहे हैं। सेना दिवस की पूर्व संध्या पर संवाददाताओं से उन्होंने कहा, "उन्होंने (पाकिस्तान) जो किया वह सैन्य नीतिशास्त्र के खिलाफ है। जिन सिपाहियों की हत्या हुई और जिनके शव को क्षत विक्षत कर दिया गया उनके परिवार के लिए मेरा दिल भर आता है। यह जघन्य और अक्षम्य कृत्य है।" "हम जहां तक संभव होगा संघर्ष विराम को बनाए रखेंगे। हम अपनी मर्जी की जगह और समय पर प्रतिक्रिया जाहिर करने का अधिकार रखते हैं।" उन्होंने कहा कि शहीद हेमराज का सिर वापस लाने के लिए पाकिस्तान पर दबाव बनाना जरूरी है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा "यह कूटनीतिक स्तर के जरिए होना चाहिए।" पाकिस्तानी सैनिकों ने 8 जनवरी को नियंत्रण रेखा के पास भारतीय क्षेत्र में घात लगा कर दो भारतीय जवानों की हत्या कर दी और उनके सिर काट दिए। एक जवान का सिर अभी तक नहीं मिला है। 13 सालों में इस तरह की यह तीसरी वारदात है। इससे पहले 2000 में नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तानी सैनिकों ने एक भारतीय जवान का सिर काट दिया था। पिछले साल जुलाई में दो भारतीय जवानों का पाकिस्तानी सैनिकों ने वध कर दिया था।टिप्पणियां उत्तर प्रदेश के मथुरा के अपने गांव में शहीद हेमराज कटा सिर परिवार को सौंपने की मांग करते हुए भूखहड़ताल पर बैठी उसकी पत्नी और परिवार के सदस्यों ने राज्य के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के गांव पहुंचने के बाद सोमवार को अनशन तोड़ दिया। पाकिस्तानी सेना ने नियंत्रण रेखा पर इस साल और 2012 में 117 और 2011 में 61 बार संघर्ष विराम समझौते का उल्लंघन किया। भारत का मानना है कि नियंत्रण रेखा के पार से पाकिस्तानी सेना की गोलीबारी का मुख्य उद्देश्य भारत में आतंकवादियों को घुसपैठ में मदद पहुंचाना होता है। दोनों देशों के बीच ब्रिगेडियर स्तर की फ्लैग मीटिंग जम्मू एवं कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा पर स्थित चक्कां दा बाग में हुई जिसमें दोनों तरफ के सेनाधिकारियों ने हिस्सा लिया। इधर, दिल्ली में सेनाध्यक्ष जनरल बिक्रम सिंह ने शहीद लांस नायक हेमराज और शहीद सुधाकर सिंह की पुंछ जिले के मेंढर सेक्टर में 8 जनवरी को हुई हत्या को पाकिस्तानी सैनिकों का "जघन्य और अक्षम्य कृत्य" करार दिया। उन्होंने कहा, "मैं उम्मीद करता हूं कि नियंत्रण रेखा पर हमारे कमांडर आक्रामक और रक्षात्मक रहेंगे।" वायुसेना प्रमुख मार्शल एनएके ब्राउन की टिप्पणी कि यदि पाकिस्तान ने संघर्ष विराम का उल्लंघन जारी रखा तो भारत दूसरे उपाय आजमा सकता है, के बारे में पूछे जाने पर जनरल सिंह ने कहा कि ब्राउन का इशारा "कूटनीति और आर्थिक विकल्पों" की ओर था। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि सेना द्वारा अभियान एक युक्ति संगत स्तर पर अमल में लाया जाता है। फ्लैग मीटिंग के बाद उत्तरी कमान के प्रवक्ता ले. जनरल राजेश कालिया ने एक बयान में कहा, "हमारे प्रतिनिधि ने मेंढर सेक्टर में निगरानी दस्ते पर पाकिस्तानी सैनिकों के घात लगा कर किए गए हमले और बर्बर कारनामे पर गंभीर चिंता जाहिर की। अपने शहीद जवानों के शव को क्षत-विक्षत किए जाने के खिलाफ भारतीय सेना ने कड़ा प्रतिरोध दर्ज कराया। यह कृत्य जेनेवा घोषणा की मूल भावना के खिलाफ होने के साथ साथ सभी स्थापित सैन्य व्यवहार की नैतिकता के विरुद्ध है।" बयान में आगे कहा गया है, "इस तरह का विध्वंसक और क्रूरता भरा कारनामा पूरी तरह असहनीय है और 2003 से लागू संघर्ष विराम समझौते को नजरअंदाज करने की सोची समझी रणनीति है जो विकृत रूप अख्तियार कर सकती है। इस प्रकार के कारनामे की पुनरावृत्ति को कतई सहन नहीं किया जाएगा।" "पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल के नेता ने घटना में अपनी संलिप्तता से इन्कार किया और जवाब में आरोप लगाया कि हमारे (भारतीय) जवानों ने नियंत्रण रेखा को पार कर एक पाकिस्तानी सैनिक की हत्या कर दी और एक अन्य को घायल कर दिया।" इससे पहले, सोमवार को जनरल बिक्रम सिंह ने नियंत्रण रेखा के समीप पाकिस्तान के आक्रामक रवैए को "पूर्व नियोजित और सोच समझ कर किया जा रहा" बताया था। जनरल सिंह ने यह भी कहा कि संभव है कि पाकिस्तानी सेना ने पूर्व की भांति ही इस बार आतंकवादियों का इस्तेमाल किया हो। वे इसमें लश्कर-ए-तोयबा के संस्थापक हाफिज सईद का हाथ होने से इन्कार नहीं कर रहे। इस बात को मंजूर करते हुए कि हो सकता है कोई चूक हुई जिसने इस घटना को अंजाम दिया हो, जनरल सिंह ने कहा, "तुरंत जांच से जवनों के हौसले पर असर पड़ेगा और दुरुस्त करने के उपाय बाद में अमल में लाए जाएंगे।" उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की ओर से गोलीबारी उसकी हताशा का परिचय देता है। उनकी सेना आगे नहीं बढ़ रही, लेकिन हम नजर रख रहे हैं। सेना दिवस की पूर्व संध्या पर संवाददाताओं से उन्होंने कहा, "उन्होंने (पाकिस्तान) जो किया वह सैन्य नीतिशास्त्र के खिलाफ है। जिन सिपाहियों की हत्या हुई और जिनके शव को क्षत विक्षत कर दिया गया उनके परिवार के लिए मेरा दिल भर आता है। यह जघन्य और अक्षम्य कृत्य है।" "हम जहां तक संभव होगा संघर्ष विराम को बनाए रखेंगे। हम अपनी मर्जी की जगह और समय पर प्रतिक्रिया जाहिर करने का अधिकार रखते हैं।" उन्होंने कहा कि शहीद हेमराज का सिर वापस लाने के लिए पाकिस्तान पर दबाव बनाना जरूरी है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा "यह कूटनीतिक स्तर के जरिए होना चाहिए।" पाकिस्तानी सैनिकों ने 8 जनवरी को नियंत्रण रेखा के पास भारतीय क्षेत्र में घात लगा कर दो भारतीय जवानों की हत्या कर दी और उनके सिर काट दिए। एक जवान का सिर अभी तक नहीं मिला है। 13 सालों में इस तरह की यह तीसरी वारदात है। इससे पहले 2000 में नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तानी सैनिकों ने एक भारतीय जवान का सिर काट दिया था। पिछले साल जुलाई में दो भारतीय जवानों का पाकिस्तानी सैनिकों ने वध कर दिया था।टिप्पणियां उत्तर प्रदेश के मथुरा के अपने गांव में शहीद हेमराज कटा सिर परिवार को सौंपने की मांग करते हुए भूखहड़ताल पर बैठी उसकी पत्नी और परिवार के सदस्यों ने राज्य के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के गांव पहुंचने के बाद सोमवार को अनशन तोड़ दिया। पाकिस्तानी सेना ने नियंत्रण रेखा पर इस साल और 2012 में 117 और 2011 में 61 बार संघर्ष विराम समझौते का उल्लंघन किया। भारत का मानना है कि नियंत्रण रेखा के पार से पाकिस्तानी सेना की गोलीबारी का मुख्य उद्देश्य भारत में आतंकवादियों को घुसपैठ में मदद पहुंचाना होता है। इधर, दिल्ली में सेनाध्यक्ष जनरल बिक्रम सिंह ने शहीद लांस नायक हेमराज और शहीद सुधाकर सिंह की पुंछ जिले के मेंढर सेक्टर में 8 जनवरी को हुई हत्या को पाकिस्तानी सैनिकों का "जघन्य और अक्षम्य कृत्य" करार दिया। उन्होंने कहा, "मैं उम्मीद करता हूं कि नियंत्रण रेखा पर हमारे कमांडर आक्रामक और रक्षात्मक रहेंगे।" वायुसेना प्रमुख मार्शल एनएके ब्राउन की टिप्पणी कि यदि पाकिस्तान ने संघर्ष विराम का उल्लंघन जारी रखा तो भारत दूसरे उपाय आजमा सकता है, के बारे में पूछे जाने पर जनरल सिंह ने कहा कि ब्राउन का इशारा "कूटनीति और आर्थिक विकल्पों" की ओर था। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि सेना द्वारा अभियान एक युक्ति संगत स्तर पर अमल में लाया जाता है। फ्लैग मीटिंग के बाद उत्तरी कमान के प्रवक्ता ले. जनरल राजेश कालिया ने एक बयान में कहा, "हमारे प्रतिनिधि ने मेंढर सेक्टर में निगरानी दस्ते पर पाकिस्तानी सैनिकों के घात लगा कर किए गए हमले और बर्बर कारनामे पर गंभीर चिंता जाहिर की। अपने शहीद जवानों के शव को क्षत-विक्षत किए जाने के खिलाफ भारतीय सेना ने कड़ा प्रतिरोध दर्ज कराया। यह कृत्य जेनेवा घोषणा की मूल भावना के खिलाफ होने के साथ साथ सभी स्थापित सैन्य व्यवहार की नैतिकता के विरुद्ध है।" बयान में आगे कहा गया है, "इस तरह का विध्वंसक और क्रूरता भरा कारनामा पूरी तरह असहनीय है और 2003 से लागू संघर्ष विराम समझौते को नजरअंदाज करने की सोची समझी रणनीति है जो विकृत रूप अख्तियार कर सकती है। इस प्रकार के कारनामे की पुनरावृत्ति को कतई सहन नहीं किया जाएगा।" "पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल के नेता ने घटना में अपनी संलिप्तता से इन्कार किया और जवाब में आरोप लगाया कि हमारे (भारतीय) जवानों ने नियंत्रण रेखा को पार कर एक पाकिस्तानी सैनिक की हत्या कर दी और एक अन्य को घायल कर दिया।" इससे पहले, सोमवार को जनरल बिक्रम सिंह ने नियंत्रण रेखा के समीप पाकिस्तान के आक्रामक रवैए को "पूर्व नियोजित और सोच समझ कर किया जा रहा" बताया था। जनरल सिंह ने यह भी कहा कि संभव है कि पाकिस्तानी सेना ने पूर्व की भांति ही इस बार आतंकवादियों का इस्तेमाल किया हो। वे इसमें लश्कर-ए-तोयबा के संस्थापक हाफिज सईद का हाथ होने से इन्कार नहीं कर रहे। इस बात को मंजूर करते हुए कि हो सकता है कोई चूक हुई जिसने इस घटना को अंजाम दिया हो, जनरल सिंह ने कहा, "तुरंत जांच से जवनों के हौसले पर असर पड़ेगा और दुरुस्त करने के उपाय बाद में अमल में लाए जाएंगे।" उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की ओर से गोलीबारी उसकी हताशा का परिचय देता है। उनकी सेना आगे नहीं बढ़ रही, लेकिन हम नजर रख रहे हैं। सेना दिवस की पूर्व संध्या पर संवाददाताओं से उन्होंने कहा, "उन्होंने (पाकिस्तान) जो किया वह सैन्य नीतिशास्त्र के खिलाफ है। जिन सिपाहियों की हत्या हुई और जिनके शव को क्षत विक्षत कर दिया गया उनके परिवार के लिए मेरा दिल भर आता है। यह जघन्य और अक्षम्य कृत्य है।" "हम जहां तक संभव होगा संघर्ष विराम को बनाए रखेंगे। हम अपनी मर्जी की जगह और समय पर प्रतिक्रिया जाहिर करने का अधिकार रखते हैं।" उन्होंने कहा कि शहीद हेमराज का सिर वापस लाने के लिए पाकिस्तान पर दबाव बनाना जरूरी है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा "यह कूटनीतिक स्तर के जरिए होना चाहिए।" पाकिस्तानी सैनिकों ने 8 जनवरी को नियंत्रण रेखा के पास भारतीय क्षेत्र में घात लगा कर दो भारतीय जवानों की हत्या कर दी और उनके सिर काट दिए। एक जवान का सिर अभी तक नहीं मिला है। 13 सालों में इस तरह की यह तीसरी वारदात है। इससे पहले 2000 में नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तानी सैनिकों ने एक भारतीय जवान का सिर काट दिया था। पिछले साल जुलाई में दो भारतीय जवानों का पाकिस्तानी सैनिकों ने वध कर दिया था।टिप्पणियां उत्तर प्रदेश के मथुरा के अपने गांव में शहीद हेमराज कटा सिर परिवार को सौंपने की मांग करते हुए भूखहड़ताल पर बैठी उसकी पत्नी और परिवार के सदस्यों ने राज्य के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के गांव पहुंचने के बाद सोमवार को अनशन तोड़ दिया। पाकिस्तानी सेना ने नियंत्रण रेखा पर इस साल और 2012 में 117 और 2011 में 61 बार संघर्ष विराम समझौते का उल्लंघन किया। भारत का मानना है कि नियंत्रण रेखा के पार से पाकिस्तानी सेना की गोलीबारी का मुख्य उद्देश्य भारत में आतंकवादियों को घुसपैठ में मदद पहुंचाना होता है। वायुसेना प्रमुख मार्शल एनएके ब्राउन की टिप्पणी कि यदि पाकिस्तान ने संघर्ष विराम का उल्लंघन जारी रखा तो भारत दूसरे उपाय आजमा सकता है, के बारे में पूछे जाने पर जनरल सिंह ने कहा कि ब्राउन का इशारा "कूटनीति और आर्थिक विकल्पों" की ओर था। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि सेना द्वारा अभियान एक युक्ति संगत स्तर पर अमल में लाया जाता है। फ्लैग मीटिंग के बाद उत्तरी कमान के प्रवक्ता ले. जनरल राजेश कालिया ने एक बयान में कहा, "हमारे प्रतिनिधि ने मेंढर सेक्टर में निगरानी दस्ते पर पाकिस्तानी सैनिकों के घात लगा कर किए गए हमले और बर्बर कारनामे पर गंभीर चिंता जाहिर की। अपने शहीद जवानों के शव को क्षत-विक्षत किए जाने के खिलाफ भारतीय सेना ने कड़ा प्रतिरोध दर्ज कराया। यह कृत्य जेनेवा घोषणा की मूल भावना के खिलाफ होने के साथ साथ सभी स्थापित सैन्य व्यवहार की नैतिकता के विरुद्ध है।" बयान में आगे कहा गया है, "इस तरह का विध्वंसक और क्रूरता भरा कारनामा पूरी तरह असहनीय है और 2003 से लागू संघर्ष विराम समझौते को नजरअंदाज करने की सोची समझी रणनीति है जो विकृत रूप अख्तियार कर सकती है। इस प्रकार के कारनामे की पुनरावृत्ति को कतई सहन नहीं किया जाएगा।" "पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल के नेता ने घटना में अपनी संलिप्तता से इन्कार किया और जवाब में आरोप लगाया कि हमारे (भारतीय) जवानों ने नियंत्रण रेखा को पार कर एक पाकिस्तानी सैनिक की हत्या कर दी और एक अन्य को घायल कर दिया।" इससे पहले, सोमवार को जनरल बिक्रम सिंह ने नियंत्रण रेखा के समीप पाकिस्तान के आक्रामक रवैए को "पूर्व नियोजित और सोच समझ कर किया जा रहा" बताया था। जनरल सिंह ने यह भी कहा कि संभव है कि पाकिस्तानी सेना ने पूर्व की भांति ही इस बार आतंकवादियों का इस्तेमाल किया हो। वे इसमें लश्कर-ए-तोयबा के संस्थापक हाफिज सईद का हाथ होने से इन्कार नहीं कर रहे। इस बात को मंजूर करते हुए कि हो सकता है कोई चूक हुई जिसने इस घटना को अंजाम दिया हो, जनरल सिंह ने कहा, "तुरंत जांच से जवनों के हौसले पर असर पड़ेगा और दुरुस्त करने के उपाय बाद में अमल में लाए जाएंगे।" उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की ओर से गोलीबारी उसकी हताशा का परिचय देता है। उनकी सेना आगे नहीं बढ़ रही, लेकिन हम नजर रख रहे हैं। सेना दिवस की पूर्व संध्या पर संवाददाताओं से उन्होंने कहा, "उन्होंने (पाकिस्तान) जो किया वह सैन्य नीतिशास्त्र के खिलाफ है। जिन सिपाहियों की हत्या हुई और जिनके शव को क्षत विक्षत कर दिया गया उनके परिवार के लिए मेरा दिल भर आता है। यह जघन्य और अक्षम्य कृत्य है।" "हम जहां तक संभव होगा संघर्ष विराम को बनाए रखेंगे। हम अपनी मर्जी की जगह और समय पर प्रतिक्रिया जाहिर करने का अधिकार रखते हैं।" उन्होंने कहा कि शहीद हेमराज का सिर वापस लाने के लिए पाकिस्तान पर दबाव बनाना जरूरी है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा "यह कूटनीतिक स्तर के जरिए होना चाहिए।" पाकिस्तानी सैनिकों ने 8 जनवरी को नियंत्रण रेखा के पास भारतीय क्षेत्र में घात लगा कर दो भारतीय जवानों की हत्या कर दी और उनके सिर काट दिए। एक जवान का सिर अभी तक नहीं मिला है। 13 सालों में इस तरह की यह तीसरी वारदात है। इससे पहले 2000 में नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तानी सैनिकों ने एक भारतीय जवान का सिर काट दिया था। पिछले साल जुलाई में दो भारतीय जवानों का पाकिस्तानी सैनिकों ने वध कर दिया था।टिप्पणियां उत्तर प्रदेश के मथुरा के अपने गांव में शहीद हेमराज कटा सिर परिवार को सौंपने की मांग करते हुए भूखहड़ताल पर बैठी उसकी पत्नी और परिवार के सदस्यों ने राज्य के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के गांव पहुंचने के बाद सोमवार को अनशन तोड़ दिया। पाकिस्तानी सेना ने नियंत्रण रेखा पर इस साल और 2012 में 117 और 2011 में 61 बार संघर्ष विराम समझौते का उल्लंघन किया। भारत का मानना है कि नियंत्रण रेखा के पार से पाकिस्तानी सेना की गोलीबारी का मुख्य उद्देश्य भारत में आतंकवादियों को घुसपैठ में मदद पहुंचाना होता है। फ्लैग मीटिंग के बाद उत्तरी कमान के प्रवक्ता ले. जनरल राजेश कालिया ने एक बयान में कहा, "हमारे प्रतिनिधि ने मेंढर सेक्टर में निगरानी दस्ते पर पाकिस्तानी सैनिकों के घात लगा कर किए गए हमले और बर्बर कारनामे पर गंभीर चिंता जाहिर की। अपने शहीद जवानों के शव को क्षत-विक्षत किए जाने के खिलाफ भारतीय सेना ने कड़ा प्रतिरोध दर्ज कराया। यह कृत्य जेनेवा घोषणा की मूल भावना के खिलाफ होने के साथ साथ सभी स्थापित सैन्य व्यवहार की नैतिकता के विरुद्ध है।" बयान में आगे कहा गया है, "इस तरह का विध्वंसक और क्रूरता भरा कारनामा पूरी तरह असहनीय है और 2003 से लागू संघर्ष विराम समझौते को नजरअंदाज करने की सोची समझी रणनीति है जो विकृत रूप अख्तियार कर सकती है। इस प्रकार के कारनामे की पुनरावृत्ति को कतई सहन नहीं किया जाएगा।" "पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल के नेता ने घटना में अपनी संलिप्तता से इन्कार किया और जवाब में आरोप लगाया कि हमारे (भारतीय) जवानों ने नियंत्रण रेखा को पार कर एक पाकिस्तानी सैनिक की हत्या कर दी और एक अन्य को घायल कर दिया।" इससे पहले, सोमवार को जनरल बिक्रम सिंह ने नियंत्रण रेखा के समीप पाकिस्तान के आक्रामक रवैए को "पूर्व नियोजित और सोच समझ कर किया जा रहा" बताया था। जनरल सिंह ने यह भी कहा कि संभव है कि पाकिस्तानी सेना ने पूर्व की भांति ही इस बार आतंकवादियों का इस्तेमाल किया हो। वे इसमें लश्कर-ए-तोयबा के संस्थापक हाफिज सईद का हाथ होने से इन्कार नहीं कर रहे। इस बात को मंजूर करते हुए कि हो सकता है कोई चूक हुई जिसने इस घटना को अंजाम दिया हो, जनरल सिंह ने कहा, "तुरंत जांच से जवनों के हौसले पर असर पड़ेगा और दुरुस्त करने के उपाय बाद में अमल में लाए जाएंगे।" उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की ओर से गोलीबारी उसकी हताशा का परिचय देता है। उनकी सेना आगे नहीं बढ़ रही, लेकिन हम नजर रख रहे हैं। सेना दिवस की पूर्व संध्या पर संवाददाताओं से उन्होंने कहा, "उन्होंने (पाकिस्तान) जो किया वह सैन्य नीतिशास्त्र के खिलाफ है। जिन सिपाहियों की हत्या हुई और जिनके शव को क्षत विक्षत कर दिया गया उनके परिवार के लिए मेरा दिल भर आता है। यह जघन्य और अक्षम्य कृत्य है।" "हम जहां तक संभव होगा संघर्ष विराम को बनाए रखेंगे। हम अपनी मर्जी की जगह और समय पर प्रतिक्रिया जाहिर करने का अधिकार रखते हैं।" उन्होंने कहा कि शहीद हेमराज का सिर वापस लाने के लिए पाकिस्तान पर दबाव बनाना जरूरी है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा "यह कूटनीतिक स्तर के जरिए होना चाहिए।" पाकिस्तानी सैनिकों ने 8 जनवरी को नियंत्रण रेखा के पास भारतीय क्षेत्र में घात लगा कर दो भारतीय जवानों की हत्या कर दी और उनके सिर काट दिए। एक जवान का सिर अभी तक नहीं मिला है। 13 सालों में इस तरह की यह तीसरी वारदात है। इससे पहले 2000 में नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तानी सैनिकों ने एक भारतीय जवान का सिर काट दिया था। पिछले साल जुलाई में दो भारतीय जवानों का पाकिस्तानी सैनिकों ने वध कर दिया था।टिप्पणियां उत्तर प्रदेश के मथुरा के अपने गांव में शहीद हेमराज कटा सिर परिवार को सौंपने की मांग करते हुए भूखहड़ताल पर बैठी उसकी पत्नी और परिवार के सदस्यों ने राज्य के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के गांव पहुंचने के बाद सोमवार को अनशन तोड़ दिया। पाकिस्तानी सेना ने नियंत्रण रेखा पर इस साल और 2012 में 117 और 2011 में 61 बार संघर्ष विराम समझौते का उल्लंघन किया। भारत का मानना है कि नियंत्रण रेखा के पार से पाकिस्तानी सेना की गोलीबारी का मुख्य उद्देश्य भारत में आतंकवादियों को घुसपैठ में मदद पहुंचाना होता है। बयान में आगे कहा गया है, "इस तरह का विध्वंसक और क्रूरता भरा कारनामा पूरी तरह असहनीय है और 2003 से लागू संघर्ष विराम समझौते को नजरअंदाज करने की सोची समझी रणनीति है जो विकृत रूप अख्तियार कर सकती है। इस प्रकार के कारनामे की पुनरावृत्ति को कतई सहन नहीं किया जाएगा।" "पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल के नेता ने घटना में अपनी संलिप्तता से इन्कार किया और जवाब में आरोप लगाया कि हमारे (भारतीय) जवानों ने नियंत्रण रेखा को पार कर एक पाकिस्तानी सैनिक की हत्या कर दी और एक अन्य को घायल कर दिया।" इससे पहले, सोमवार को जनरल बिक्रम सिंह ने नियंत्रण रेखा के समीप पाकिस्तान के आक्रामक रवैए को "पूर्व नियोजित और सोच समझ कर किया जा रहा" बताया था। जनरल सिंह ने यह भी कहा कि संभव है कि पाकिस्तानी सेना ने पूर्व की भांति ही इस बार आतंकवादियों का इस्तेमाल किया हो। वे इसमें लश्कर-ए-तोयबा के संस्थापक हाफिज सईद का हाथ होने से इन्कार नहीं कर रहे। इस बात को मंजूर करते हुए कि हो सकता है कोई चूक हुई जिसने इस घटना को अंजाम दिया हो, जनरल सिंह ने कहा, "तुरंत जांच से जवनों के हौसले पर असर पड़ेगा और दुरुस्त करने के उपाय बाद में अमल में लाए जाएंगे।" उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की ओर से गोलीबारी उसकी हताशा का परिचय देता है। उनकी सेना आगे नहीं बढ़ रही, लेकिन हम नजर रख रहे हैं। सेना दिवस की पूर्व संध्या पर संवाददाताओं से उन्होंने कहा, "उन्होंने (पाकिस्तान) जो किया वह सैन्य नीतिशास्त्र के खिलाफ है। जिन सिपाहियों की हत्या हुई और जिनके शव को क्षत विक्षत कर दिया गया उनके परिवार के लिए मेरा दिल भर आता है। यह जघन्य और अक्षम्य कृत्य है।" "हम जहां तक संभव होगा संघर्ष विराम को बनाए रखेंगे। हम अपनी मर्जी की जगह और समय पर प्रतिक्रिया जाहिर करने का अधिकार रखते हैं।" उन्होंने कहा कि शहीद हेमराज का सिर वापस लाने के लिए पाकिस्तान पर दबाव बनाना जरूरी है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा "यह कूटनीतिक स्तर के जरिए होना चाहिए।" पाकिस्तानी सैनिकों ने 8 जनवरी को नियंत्रण रेखा के पास भारतीय क्षेत्र में घात लगा कर दो भारतीय जवानों की हत्या कर दी और उनके सिर काट दिए। एक जवान का सिर अभी तक नहीं मिला है। 13 सालों में इस तरह की यह तीसरी वारदात है। इससे पहले 2000 में नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तानी सैनिकों ने एक भारतीय जवान का सिर काट दिया था। पिछले साल जुलाई में दो भारतीय जवानों का पाकिस्तानी सैनिकों ने वध कर दिया था।टिप्पणियां उत्तर प्रदेश के मथुरा के अपने गांव में शहीद हेमराज कटा सिर परिवार को सौंपने की मांग करते हुए भूखहड़ताल पर बैठी उसकी पत्नी और परिवार के सदस्यों ने राज्य के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के गांव पहुंचने के बाद सोमवार को अनशन तोड़ दिया। पाकिस्तानी सेना ने नियंत्रण रेखा पर इस साल और 2012 में 117 और 2011 में 61 बार संघर्ष विराम समझौते का उल्लंघन किया। भारत का मानना है कि नियंत्रण रेखा के पार से पाकिस्तानी सेना की गोलीबारी का मुख्य उद्देश्य भारत में आतंकवादियों को घुसपैठ में मदद पहुंचाना होता है। "पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल के नेता ने घटना में अपनी संलिप्तता से इन्कार किया और जवाब में आरोप लगाया कि हमारे (भारतीय) जवानों ने नियंत्रण रेखा को पार कर एक पाकिस्तानी सैनिक की हत्या कर दी और एक अन्य को घायल कर दिया।" इससे पहले, सोमवार को जनरल बिक्रम सिंह ने नियंत्रण रेखा के समीप पाकिस्तान के आक्रामक रवैए को "पूर्व नियोजित और सोच समझ कर किया जा रहा" बताया था। जनरल सिंह ने यह भी कहा कि संभव है कि पाकिस्तानी सेना ने पूर्व की भांति ही इस बार आतंकवादियों का इस्तेमाल किया हो। वे इसमें लश्कर-ए-तोयबा के संस्थापक हाफिज सईद का हाथ होने से इन्कार नहीं कर रहे। इस बात को मंजूर करते हुए कि हो सकता है कोई चूक हुई जिसने इस घटना को अंजाम दिया हो, जनरल सिंह ने कहा, "तुरंत जांच 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रेखा पर पाकिस्तानी सैनिकों ने एक भारतीय जवान का सिर काट दिया था। पिछले साल जुलाई में दो भारतीय जवानों का पाकिस्तानी सैनिकों ने वध कर दिया था।टिप्पणियां उत्तर प्रदेश के मथुरा के अपने गांव में शहीद हेमराज कटा सिर परिवार को सौंपने की मांग करते हुए भूखहड़ताल पर बैठी उसकी पत्नी और परिवार के सदस्यों ने राज्य के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के गांव पहुंचने के बाद सोमवार को अनशन तोड़ दिया। पाकिस्तानी सेना ने नियंत्रण रेखा पर इस साल और 2012 में 117 और 2011 में 61 बार संघर्ष विराम समझौते का उल्लंघन किया। भारत का मानना है कि नियंत्रण रेखा के पार से पाकिस्तानी सेना की गोलीबारी का मुख्य उद्देश्य भारत में आतंकवादियों को घुसपैठ में मदद पहुंचाना होता है। इससे पहले, सोमवार को जनरल बिक्रम सिंह ने नियंत्रण रेखा के समीप पाकिस्तान के आक्रामक रवैए को "पूर्व नियोजित और सोच समझ कर किया जा रहा" बताया था। जनरल सिंह ने यह भी कहा कि संभव है कि पाकिस्तानी सेना ने पूर्व की भांति ही इस बार आतंकवादियों का इस्तेमाल किया हो। वे इसमें लश्कर-ए-तोयबा के संस्थापक हाफिज सईद का हाथ होने से इन्कार नहीं कर रहे। इस बात को मंजूर करते 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तक नहीं मिला है। 13 सालों में इस तरह की यह तीसरी वारदात है। इससे पहले 2000 में नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तानी सैनिकों ने एक भारतीय जवान का सिर काट दिया था। पिछले साल जुलाई में दो भारतीय जवानों का पाकिस्तानी सैनिकों ने वध कर दिया था।टिप्पणियां उत्तर प्रदेश के मथुरा के अपने गांव में शहीद हेमराज कटा सिर परिवार को सौंपने की मांग करते हुए भूखहड़ताल पर बैठी उसकी पत्नी और परिवार के सदस्यों ने राज्य के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के गांव पहुंचने के बाद सोमवार को अनशन तोड़ दिया। पाकिस्तानी सेना ने नियंत्रण रेखा पर इस साल और 2012 में 117 और 2011 में 61 बार संघर्ष विराम समझौते का उल्लंघन किया। भारत का मानना है कि नियंत्रण रेखा के पार से पाकिस्तानी सेना की गोलीबारी का मुख्य उद्देश्य भारत में आतंकवादियों को घुसपैठ में मदद पहुंचाना होता है। इस बात को मंजूर करते हुए कि हो सकता है कोई चूक हुई जिसने इस घटना को अंजाम दिया हो, जनरल सिंह ने कहा, "तुरंत जांच से जवनों के हौसले पर असर पड़ेगा और दुरुस्त करने के उपाय बाद में अमल में लाए जाएंगे।" उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की ओर से गोलीबारी उसकी हताशा का परिचय देता है। 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प्रदेश के मथुरा के अपने गांव में शहीद हेमराज कटा सिर परिवार को सौंपने की मांग करते हुए भूखहड़ताल पर बैठी उसकी पत्नी और परिवार के सदस्यों ने राज्य के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के गांव पहुंचने के बाद सोमवार को अनशन तोड़ दिया। पाकिस्तानी सेना ने नियंत्रण रेखा पर इस साल और 2012 में 117 और 2011 में 61 बार संघर्ष विराम समझौते का उल्लंघन किया। भारत का मानना है कि नियंत्रण रेखा के पार से पाकिस्तानी सेना की गोलीबारी का मुख्य उद्देश्य भारत में आतंकवादियों को घुसपैठ में मदद पहुंचाना होता है। सेना दिवस की पूर्व संध्या पर संवाददाताओं से उन्होंने कहा, "उन्होंने (पाकिस्तान) जो किया वह सैन्य नीतिशास्त्र के खिलाफ है। जिन सिपाहियों की हत्या हुई और जिनके शव को क्षत विक्षत कर दिया गया उनके परिवार के लिए मेरा दिल भर आता है। यह जघन्य और अक्षम्य कृत्य है।" "हम जहां तक संभव होगा संघर्ष विराम को बनाए रखेंगे। हम अपनी मर्जी की जगह और समय पर प्रतिक्रिया जाहिर करने का अधिकार रखते हैं।" उन्होंने कहा कि शहीद हेमराज का सिर वापस लाने के लिए पाकिस्तान पर दबाव बनाना जरूरी है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा "यह कूटनीतिक स्तर के जरिए होना चाहिए।" पाकिस्तानी सैनिकों ने 8 जनवरी को नियंत्रण रेखा के पास भारतीय क्षेत्र में घात लगा कर दो भारतीय जवानों की हत्या कर दी और उनके सिर काट दिए। एक जवान का सिर अभी तक नहीं मिला है। 13 सालों में इस तरह की यह तीसरी वारदात है। इससे पहले 2000 में नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तानी सैनिकों ने एक भारतीय जवान का सिर काट दिया था। पिछले साल जुलाई में दो भारतीय जवानों का पाकिस्तानी सैनिकों ने वध कर दिया था।टिप्पणियां उत्तर प्रदेश के मथुरा के अपने गांव में शहीद हेमराज कटा सिर परिवार को सौंपने की मांग करते हुए भूखहड़ताल पर बैठी उसकी पत्नी और परिवार के सदस्यों ने राज्य के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के गांव पहुंचने के बाद सोमवार को अनशन तोड़ दिया। पाकिस्तानी सेना ने नियंत्रण रेखा पर इस साल और 2012 में 117 और 2011 में 61 बार संघर्ष विराम समझौते का उल्लंघन किया। भारत का मानना है कि नियंत्रण रेखा के पार से पाकिस्तानी सेना की गोलीबारी का मुख्य उद्देश्य भारत में आतंकवादियों को घुसपैठ में मदद पहुंचाना होता है। "हम जहां तक संभव होगा संघर्ष विराम को बनाए रखेंगे। हम अपनी मर्जी की जगह और समय पर प्रतिक्रिया जाहिर करने का अधिकार रखते हैं।" उन्होंने कहा कि शहीद हेमराज का सिर वापस लाने के लिए पाकिस्तान पर दबाव बनाना जरूरी है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा "यह कूटनीतिक स्तर के जरिए होना चाहिए।" पाकिस्तानी सैनिकों ने 8 जनवरी को नियंत्रण रेखा के पास भारतीय क्षेत्र में घात लगा कर दो भारतीय जवानों की हत्या कर दी और उनके सिर काट दिए। एक जवान का सिर अभी तक नहीं मिला है। 13 सालों में इस तरह की यह तीसरी वारदात है। इससे पहले 2000 में नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तानी सैनिकों ने एक भारतीय जवान का सिर काट दिया था। पिछले साल जुलाई में दो भारतीय जवानों का पाकिस्तानी सैनिकों ने वध कर दिया था।टिप्पणियां उत्तर प्रदेश के मथुरा के अपने गांव में शहीद हेमराज कटा सिर परिवार को सौंपने की मांग करते हुए भूखहड़ताल पर बैठी उसकी पत्नी और परिवार के सदस्यों ने राज्य के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के गांव पहुंचने के बाद सोमवार को अनशन तोड़ दिया। पाकिस्तानी सेना ने नियंत्रण रेखा पर इस साल और 2012 में 117 और 2011 में 61 बार संघर्ष विराम समझौते का उल्लंघन किया। भारत का मानना है कि नियंत्रण रेखा के पार से पाकिस्तानी सेना की गोलीबारी का मुख्य उद्देश्य भारत में आतंकवादियों को घुसपैठ में मदद पहुंचाना होता है। पाकिस्तानी सैनिकों ने 8 जनवरी को नियंत्रण रेखा के पास भारतीय क्षेत्र में घात लगा कर दो भारतीय जवानों की हत्या कर दी और उनके सिर काट दिए। एक जवान का सिर अभी तक नहीं मिला है। 13 सालों में इस तरह की यह तीसरी वारदात है। इससे पहले 2000 में नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तानी सैनिकों ने एक भारतीय जवान का सिर काट दिया था। पिछले साल जुलाई में दो भारतीय जवानों का पाकिस्तानी सैनिकों ने वध कर दिया था।टिप्पणियां उत्तर प्रदेश के मथुरा के अपने गांव में शहीद हेमराज कटा सिर परिवार को सौंपने की मांग करते हुए भूखहड़ताल पर बैठी उसकी पत्नी और परिवार के सदस्यों ने राज्य के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के गांव पहुंचने के बाद सोमवार को अनशन तोड़ दिया। पाकिस्तानी सेना ने नियंत्रण रेखा पर इस साल और 2012 में 117 और 2011 में 61 बार संघर्ष विराम समझौते का उल्लंघन किया। भारत का मानना है कि नियंत्रण रेखा के पार से पाकिस्तानी सेना की गोलीबारी का मुख्य उद्देश्य भारत में आतंकवादियों को घुसपैठ में मदद पहुंचाना होता है। उत्तर प्रदेश के मथुरा के अपने गांव में शहीद हेमराज कटा सिर परिवार को सौंपने की मांग करते हुए भूखहड़ताल पर बैठी उसकी पत्नी और परिवार के सदस्यों ने राज्य के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के गांव पहुंचने के बाद सोमवार को अनशन तोड़ दिया। पाकिस्तानी सेना ने नियंत्रण रेखा पर इस साल और 2012 में 117 और 2011 में 61 बार संघर्ष विराम समझौते का उल्लंघन किया। भारत का मानना है कि नियंत्रण रेखा के पार से पाकिस्तानी सेना की गोलीबारी का मुख्य उद्देश्य भारत में आतंकवादियों को घुसपैठ में मदद पहुंचाना होता है। पाकिस्तानी सेना ने नियंत्रण रेखा पर इस साल और 2012 में 117 और 2011 में 61 बार संघर्ष विराम समझौते का उल्लंघन किया। भारत का मानना है कि नियंत्रण रेखा के पार से पाकिस्तानी सेना की गोलीबारी का मुख्य उद्देश्य भारत में आतंकवादियों को घुसपैठ में मदद पहुंचाना होता है।
यहाँ एक सारांश है:अपने दो सैनिकों की हत्या और उनका शव क्षतविक्षत किए जाने की घटना पर सोमवार को भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा लहजा अपनाया और ब्रिगेडियर स्तर की फ्लैग मीटिंग में संघर्ष विराम समझौते के उल्लंघन पर पाकिस्तान के सामने मजबूत शब्दों में प्रतिवाद दर्ज कराया।
18
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: आरुषि−हेमराज हत्याकांड का गाजियाबाद कोर्ट में आज से ट्रायल शुरू हो जाएगा। सेशंस कोर्ट के सामने आज बचाव पक्ष की तरफ से दो गवाहों के बयान दर्ज होंगे। नोएडा बिजली विभाग से एक अधिकारी को हत्या की रात बिजली के बारे में कोर्ट को बयान देना है और सीएफएसएल के फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट को मौकाए वारदात ओर तमाम जब्त की गई चीजों के फिंगर प्रिंट के बारे में कोर्ट के सामने विस्तार से बयान देने हैं। गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने तलवार दंपति की ट्रायल रोकने के लिए दायर की गई रिव्यू याचिका खारिज कर दी थी। नोएडा बिजली विभाग से एक अधिकारी को हत्या की रात बिजली के बारे में कोर्ट को बयान देना है और सीएफएसएल के फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट को मौकाए वारदात ओर तमाम जब्त की गई चीजों के फिंगर प्रिंट के बारे में कोर्ट के सामने विस्तार से बयान देने हैं। गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने तलवार दंपति की ट्रायल रोकने के लिए दायर की गई रिव्यू याचिका खारिज कर दी थी।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: आरुषि−हेमराज हत्याकांड का गाजियाबाद कोर्ट में आज से ट्रायल शुरू हो जाएगा। सेशंस कोर्ट के सामने आज बचाव पक्ष की तरफ से दो गवाहों के बयान दर्ज होंगे।
19
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: अमेरिका ने ईरान के गुप्तचर एवं सुरक्षा मंत्रालय (एमओआईएस) पर पाबंदी लगा दी है। अमेरिका का इल्जाम है कि ईरान का यह मंत्रालय आतंकवाद को अपना समर्थन देता है, अपने ही लोगों के मानवाधिकारों का हनन करता है और इसने सीरिया में जारी दमन में भी हिस्सा लिया था। अमेरिका के राजकोष विभाग ने एक बयान जारी कर ऐलान किया कि ईरान के प्रमुख गुप्तचर संगठन ‘एमओआईएस’ को विशेष रूप से नामित वैश्विक आतंकवादियों में सूची में शामिल किया गया है। आतंकवाद एवं वित्तीय खुफिया विभाग के अवर मंत्री डेविड एस कोहेन ने कहा, ‘‘ईरानी नागरिकों के मानवाधिकार हनन और सीरिया की सरकार की ओर से अपने ही लोगों पर की जा रही दमनात्मक कार्रवाई को समर्थन देने की वजह से हमने आज ‘एमओआईएस’ को विशेष तौर पर नामित किया है।’’टिप्पणियां कोहेन ने कहा, ‘‘इसके अलावा, अल-कायदा, इराक में अल-कायदा, हिजबुल्ला और हमास जैसे दहशतगर्द संगठनों को समर्थन देने के कारण हमने ‘एमओआईएस’ को नामित किया है। देश की नीति के तहत ईरान की ओर से आतंकवाद को प्रायोजित किए जाने के कारण भी हमने इसे नामित किया है।’’ विभाग की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि ‘एमओआईएस’ पर लगाई गई पाबंदियों के नतीजतन अमेरिका में कोई संपत्ति या संपत्ति से जुड़े हित या अमेरिकी लोगों के नियंत्रण या कब्जे में जिसमें ‘एमओआईएस’ का कोई हित हो तो उसे प्रतिबंधित कर दिया गया है और अमेरिका के लोगों को इसके साथ किसी लेन-देन से भी रोका गया है। आज की कार्रवाई के बाद ‘एमओआईएस’ के सभी सदस्य अमेरिकी विदेश विभाग से वीजा लेने में भी कामयाब नहीं हो पाएंगे। अमेरिका के राजकोष विभाग ने एक बयान जारी कर ऐलान किया कि ईरान के प्रमुख गुप्तचर संगठन ‘एमओआईएस’ को विशेष रूप से नामित वैश्विक आतंकवादियों में सूची में शामिल किया गया है। आतंकवाद एवं वित्तीय खुफिया विभाग के अवर मंत्री डेविड एस कोहेन ने कहा, ‘‘ईरानी नागरिकों के मानवाधिकार हनन और सीरिया की सरकार की ओर से अपने ही लोगों पर की जा रही दमनात्मक कार्रवाई को समर्थन देने की वजह से हमने आज ‘एमओआईएस’ को विशेष तौर पर नामित किया है।’’टिप्पणियां कोहेन ने कहा, ‘‘इसके अलावा, अल-कायदा, इराक में अल-कायदा, हिजबुल्ला और हमास जैसे दहशतगर्द संगठनों को समर्थन देने के कारण हमने ‘एमओआईएस’ को नामित किया है। देश की नीति के तहत ईरान की ओर से आतंकवाद को प्रायोजित किए जाने के कारण भी हमने इसे नामित किया है।’’ विभाग की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि ‘एमओआईएस’ पर लगाई गई पाबंदियों के नतीजतन अमेरिका में कोई संपत्ति या संपत्ति से जुड़े हित या अमेरिकी लोगों के नियंत्रण या कब्जे में जिसमें ‘एमओआईएस’ का कोई हित हो तो उसे प्रतिबंधित कर दिया गया है और अमेरिका के लोगों को इसके साथ किसी लेन-देन से भी रोका गया है। आज की कार्रवाई के बाद ‘एमओआईएस’ के सभी सदस्य अमेरिकी विदेश विभाग से वीजा लेने में भी कामयाब नहीं हो पाएंगे। कोहेन ने कहा, ‘‘इसके अलावा, अल-कायदा, इराक में अल-कायदा, हिजबुल्ला और हमास जैसे दहशतगर्द संगठनों को समर्थन देने के कारण हमने ‘एमओआईएस’ को नामित किया है। देश की नीति के तहत ईरान की ओर से आतंकवाद को प्रायोजित किए जाने के कारण भी हमने इसे नामित किया है।’’ विभाग की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि ‘एमओआईएस’ पर लगाई गई पाबंदियों के नतीजतन अमेरिका में कोई संपत्ति या संपत्ति से जुड़े हित या अमेरिकी लोगों के नियंत्रण या कब्जे में जिसमें ‘एमओआईएस’ का कोई हित हो तो उसे प्रतिबंधित कर दिया गया है और अमेरिका के लोगों को इसके साथ किसी लेन-देन से भी रोका गया है। आज की कार्रवाई के बाद ‘एमओआईएस’ के सभी सदस्य अमेरिकी विदेश विभाग से वीजा लेने में भी कामयाब नहीं हो पाएंगे। विभाग की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि ‘एमओआईएस’ पर लगाई गई पाबंदियों के नतीजतन अमेरिका में कोई संपत्ति या संपत्ति से जुड़े हित या अमेरिकी लोगों के नियंत्रण या कब्जे में जिसमें ‘एमओआईएस’ का कोई हित हो तो उसे प्रतिबंधित कर दिया गया है और अमेरिका के लोगों को इसके साथ किसी लेन-देन से भी रोका गया है। आज की कार्रवाई के बाद ‘एमओआईएस’ के सभी सदस्य अमेरिकी विदेश विभाग से वीजा लेने में भी कामयाब नहीं हो पाएंगे।
यह एक सारांश है: अमेरिका का इल्जाम है कि ईरान का यह मंत्रालय आतंकवाद को अपना समर्थन देता है, अपने ही लोगों के मानवाधिकारों का हनन करता है।
2
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर 108 पद्म पुरस्कारों का अनुमोदन किया। इनमें चार पद्म विभूषण, 24 पद्म भूषण और 80 पद्मश्री पुरस्कारों को अनुमोदन मिला है। पुरस्कार पाने वालों में इस बार 24 महिलाएं शामिल हैं। जिन चार शख्सियतों का चयन पद्म विभूषण के लिए किया गया है उनमें कला क्षेत्र से ओडिशा के रघुनाथ महापात्रा, कला क्षेत्र से ही दिल्ली के एस. हैदर रजा, विज्ञान एवं अभियांत्रिकी क्षेत्र से उत्तर प्रदेश के प्रो. यशपाल और इसी क्षेत्र से कर्नाटक के प्रो. रोद्दाम नरसिम्हा शामिल हैं।टिप्पणियां पद्म भूषण के लिए चयनित शख्सियतों में कला क्षेत्र से आंध्र प्रदेश के डा. रामानायडू दग्गूबती, तमिलनाडु की श्रीरामामूर्ति जानकी, महाराष्ट्र की डा. कनक रेले, दिल्ली की शर्मिला टैगोर व सरोजा वैद्यनाथन, पश्चिम बंगाल के अब्दुल राशिद खान, महाराष्ट्र के स्व. राजेश खन्ना, पंजाब के स्व. जसपाल सिंह भट्टी, जनसेवा क्षेत्र में महाराष्ट्र के शिवाजीराव गिरधर पाटील, विज्ञान एवं अभियांत्रिकी क्षेत्र से दिल्ली के डा. एएस पिल्लै, डा. विजय कुमार सारस्वत, उत्तर प्रदेश से डॉ. अशोक सेन, कर्नाटक से डॉ. बीएन सुरेश, अमेरिका में रहने वाले प्रो. सत्य नारायण अटलूरी व प्रो. जोगेश चंद्र पाटील, व्यापार एवं उद्योग क्षेत्र से तमिलनाडु के श्रीरामामूर्ति त्यागराजन, महाराष्ट्र से आदि बरजोर गोदरेज, चिकित्सा क्षेत्र से महाराष्ट्र के डॉ. नंदकिशोर शमराव लाउद, साहित्य एवं शिक्षा क्षेत्र से महाराष्ट्र के मंगेश पडगांवकर, अमेरिका में रहने वाली प्रो. गायत्री चक्रवर्ती स्पिवाक, नागरिक सेवा क्षेत्र से मध्य प्रदेश के हेमेंद्र सिंह पवार, दिल्ली के महाराज कृष्ण भान, खेल क्षेत्र से कर्नाटक के राहुल द्रविड़ और मणिपुर की एच. मंगते चुंगनेइजांग मैरी कोम शामिल हैं। पद्मश्री पुरस्कारों के लिए जिन 80 शख्सियतों का चयन किया गया है उनमें कला क्षेत्र से छत्तीसगढ़ के स्वामी जीसीडी भारती उर्फ भारती बंधु, कर्नाटक की बी. जयश्री, महाराष्ट्र की श्रीदेवी कपूर, पश्चिम बंगाल के पूरन दास बाउल, मध्य प्रदेश के निदा फाजली और राजस्थान के एस. शकीर अली भी शामिल हैं। जिन चार शख्सियतों का चयन पद्म विभूषण के लिए किया गया है उनमें कला क्षेत्र से ओडिशा के रघुनाथ महापात्रा, कला क्षेत्र से ही दिल्ली के एस. हैदर रजा, विज्ञान एवं अभियांत्रिकी क्षेत्र से उत्तर प्रदेश के प्रो. यशपाल और इसी क्षेत्र से कर्नाटक के प्रो. रोद्दाम नरसिम्हा शामिल हैं।टिप्पणियां पद्म भूषण के लिए चयनित शख्सियतों में कला क्षेत्र से आंध्र प्रदेश के डा. रामानायडू दग्गूबती, तमिलनाडु की श्रीरामामूर्ति जानकी, महाराष्ट्र की डा. कनक रेले, दिल्ली की शर्मिला टैगोर व सरोजा वैद्यनाथन, पश्चिम बंगाल के अब्दुल राशिद खान, महाराष्ट्र के स्व. राजेश खन्ना, पंजाब के स्व. जसपाल सिंह भट्टी, जनसेवा क्षेत्र में महाराष्ट्र के शिवाजीराव गिरधर पाटील, विज्ञान एवं अभियांत्रिकी क्षेत्र से दिल्ली के डा. एएस पिल्लै, डा. विजय कुमार सारस्वत, उत्तर प्रदेश से डॉ. अशोक सेन, कर्नाटक से डॉ. बीएन सुरेश, अमेरिका में रहने वाले प्रो. सत्य नारायण अटलूरी व प्रो. जोगेश चंद्र पाटील, व्यापार एवं उद्योग क्षेत्र से तमिलनाडु के श्रीरामामूर्ति त्यागराजन, महाराष्ट्र से आदि बरजोर गोदरेज, चिकित्सा क्षेत्र से महाराष्ट्र के डॉ. नंदकिशोर शमराव लाउद, साहित्य एवं शिक्षा क्षेत्र से महाराष्ट्र के मंगेश पडगांवकर, अमेरिका में रहने वाली प्रो. गायत्री चक्रवर्ती स्पिवाक, नागरिक सेवा क्षेत्र से मध्य प्रदेश के हेमेंद्र सिंह पवार, दिल्ली के महाराज कृष्ण भान, खेल क्षेत्र से कर्नाटक के राहुल द्रविड़ और मणिपुर की एच. मंगते चुंगनेइजांग मैरी कोम शामिल हैं। पद्मश्री पुरस्कारों के लिए जिन 80 शख्सियतों का चयन किया गया है उनमें कला क्षेत्र से छत्तीसगढ़ के स्वामी जीसीडी भारती उर्फ भारती बंधु, कर्नाटक की बी. जयश्री, महाराष्ट्र की श्रीदेवी कपूर, पश्चिम बंगाल के पूरन दास बाउल, मध्य प्रदेश के निदा फाजली और राजस्थान के एस. शकीर अली भी शामिल हैं। पद्म भूषण के लिए चयनित शख्सियतों में कला क्षेत्र से आंध्र प्रदेश के डा. रामानायडू दग्गूबती, तमिलनाडु की श्रीरामामूर्ति जानकी, महाराष्ट्र की डा. कनक रेले, दिल्ली की शर्मिला टैगोर व सरोजा वैद्यनाथन, पश्चिम बंगाल के अब्दुल राशिद खान, महाराष्ट्र के स्व. राजेश खन्ना, पंजाब के स्व. जसपाल सिंह भट्टी, जनसेवा क्षेत्र में महाराष्ट्र के शिवाजीराव गिरधर पाटील, विज्ञान एवं अभियांत्रिकी क्षेत्र से दिल्ली के डा. एएस पिल्लै, डा. विजय कुमार सारस्वत, उत्तर प्रदेश से डॉ. अशोक सेन, कर्नाटक से डॉ. बीएन सुरेश, अमेरिका में रहने वाले प्रो. सत्य नारायण अटलूरी व प्रो. जोगेश चंद्र पाटील, व्यापार एवं उद्योग क्षेत्र से तमिलनाडु के श्रीरामामूर्ति त्यागराजन, महाराष्ट्र से आदि बरजोर गोदरेज, चिकित्सा क्षेत्र से महाराष्ट्र के डॉ. नंदकिशोर शमराव लाउद, साहित्य एवं शिक्षा क्षेत्र से महाराष्ट्र के मंगेश पडगांवकर, अमेरिका में रहने वाली प्रो. गायत्री चक्रवर्ती स्पिवाक, नागरिक सेवा क्षेत्र से मध्य प्रदेश के हेमेंद्र सिंह पवार, दिल्ली के महाराज कृष्ण भान, खेल क्षेत्र से कर्नाटक के राहुल द्रविड़ और मणिपुर की एच. मंगते चुंगनेइजांग मैरी कोम शामिल हैं। पद्मश्री पुरस्कारों के लिए जिन 80 शख्सियतों का चयन किया गया है उनमें कला क्षेत्र से छत्तीसगढ़ के स्वामी जीसीडी भारती उर्फ भारती बंधु, कर्नाटक की बी. जयश्री, महाराष्ट्र की श्रीदेवी कपूर, पश्चिम बंगाल के पूरन दास बाउल, मध्य प्रदेश के निदा फाजली और राजस्थान के एस. शकीर अली भी शामिल हैं। पद्मश्री पुरस्कारों के लिए जिन 80 शख्सियतों का चयन किया गया है उनमें कला क्षेत्र से छत्तीसगढ़ के स्वामी जीसीडी भारती उर्फ भारती बंधु, कर्नाटक की बी. जयश्री, महाराष्ट्र की श्रीदेवी कपूर, पश्चिम बंगाल के पूरन दास बाउल, मध्य प्रदेश के निदा फाजली और राजस्थान के एस. शकीर अली भी शामिल हैं।
सारांश: प्रोफेसर यशपाल, फिल्म जगत से शर्मिला टैगोर, राजेश खन्ना, श्रीदेवी और नाना पाटेकर, गीतकार निदा फाजली, जाने-माने कॉमेडियन रहे जसपाल भट्टी, फैशन डिजाइनर रितु कुमार तथा क्रिकेट जगत से राहुल द्रवड़ि सहित कुल 108 लोगों को पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: ओडिशा की सुंदरगढ़ लोकसभा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार जॉर्ज टिर्की ने बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर ईवीएम हैक करने और साथ ही अपनी पार्टी के कुछ नेताओं पर भीतरघात करने का भी आरोप लगाया है. टिर्की ने ईवीएम हैकिंग और भीतरघात को अपनी हार के लिए जिम्मेदार ठहराया है. भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों ने इन आरोपों को खारिज किया है. भाजपा के जुएल ओराम ने बीजू जनता दल (बीजद) की सुनिता बिस्वाल को 2 लाख से ज्यादा मतों से हराकर सुंदरगढ़ सीट पर जीत दर्ज की है जबकि टिर्की तीसरे स्थान पर रहे. टिर्की ने संवाददाताओं को बताया, "2014 में मोदी की लहर थी और भाजपा उम्मीदवार जुएल ओरम को सिर्फ 3.6 लाख मत मिले थे और इस बार कोई ऐसी लहर नहीं थी और राउरकेला के भाजपा विधायक दिलीप रे ने भी पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। फिर भी ओरम को पांच लाख से ज्यादा मत मिले". उन्होंने लोकसभा चुनाव में भाजपा पर ईवीएम मशीन हैक करने का आरोप लगाया. कांग्रेस नेता ने कहा, "यहां ईवीएम हैकिंग हुई और मैंने पार्टी को इसके बारे में जानकारी दी है. हम कलेक्टर कार्यालय का घेराव करेंगे." टिर्की ने अपनी हार के लिए अपनी पार्टी के नेताओं को दोषी ठहराया है. उन्होंने दावा किया, "मैं हारा, हमारे अन्य उम्मीदवार भी हार गए क्योंकि पार्टी के कुछ सदस्यों ने भीतरघात किया. ये सदस्य बूथ से लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के स्तर तक है. मैंने इस संबंध में पीसीसी को सूचित किया है." उन्होंने धमकी दी कि अगर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की तो मैं इन्हें सुंदरगढ़ जिले के अंदर नहीं घुसने दूंगा."
ओडिशा की सुंदरगढ़ लोकसभा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार थे जॉर्ज टिर्की भाजपा पर ईवीएम हैक करने का आरोप अपनी पार्टी के कुछ नेताओं पर भीतरघात करने का भी आरोप
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एकदिवसीय शृंखला में 4-0 से जीत दर्ज करने के दम पर इंग्लैंड आईसीसी एकदिवसीय टीम रैंकिंग में भारत को पीछे धकेलकर तीसरे नंबर पर काबिज हो गया है। भारत अब 117 रेटिंग अंक के साथ चौथे स्थान पर खिसक गया है। इंग्लैंड के क्लीन स्वीप करने से 118 अंक हो गए हैं जो दूसरे नंबर पर काबिज दक्षिण अफ्रीका के समान है। ग्रीम स्मिथ की अगुवाई वाली टीम हालांकि दशमलव में गणना पर एलिस्टेयर कुक की टीम से आगे है। ऑस्ट्रेलिया चार मैच गंवाने के बावजूद पहले स्थान पर बना हुआ है लेकिन उसके अंकों की संख्या अब केवल 119 रह गई है और उसके शीर्ष स्थान पर खतरा मंडराने लग गया है। श्रीलंका (112) पांचवें और पाकिस्तान (103) छठे स्थान पर हैं।टिप्पणियां इस बीच, बल्लेबाजी रैंकिंग में चोटी के 10 स्थानों पर भारत के दो खिलाड़ी बने हुए हैं। विराट कोहली पहले की तरह तीसरे स्थान पर बरकरार हैं जबकि कप्तान महेंद्र सिंह धोनी रैंकिंग में एक स्थान का सुधार हुआ है तथा वह पांचवें स्थान पर पहुंच गए हैं। गौतम गंभीर (16), वीरेंद्र सहवाग (28) और सचिन तेंदुलकर (29) की रैंकिंग में कोई बदलाव नहीं आया है। इंग्लैंड के इयोन मोर्गन, इयान बेल और रवि बोपारा की रैंकिंग में काफी फायदा हुआ है। मोर्गन 12 पायदान चढ़कर 18वें स्थान पर पहुंच गए हैं। वह पहली बार शीर्ष 20 में पहुंचे हैं। बेल 11 स्थान के फायदे के साथ 37वें और बोपारा नौ पायदान उपर 46वें स्थान पर पहुंच गए हैं। भारत अब 117 रेटिंग अंक के साथ चौथे स्थान पर खिसक गया है। इंग्लैंड के क्लीन स्वीप करने से 118 अंक हो गए हैं जो दूसरे नंबर पर काबिज दक्षिण अफ्रीका के समान है। ग्रीम स्मिथ की अगुवाई वाली टीम हालांकि दशमलव में गणना पर एलिस्टेयर कुक की टीम से आगे है। ऑस्ट्रेलिया चार मैच गंवाने के बावजूद पहले स्थान पर बना हुआ है लेकिन उसके अंकों की संख्या अब केवल 119 रह गई है और उसके शीर्ष स्थान पर खतरा मंडराने लग गया है। श्रीलंका (112) पांचवें और पाकिस्तान (103) छठे स्थान पर हैं।टिप्पणियां इस बीच, बल्लेबाजी रैंकिंग में चोटी के 10 स्थानों पर भारत के दो खिलाड़ी बने हुए हैं। विराट कोहली पहले की तरह तीसरे स्थान पर बरकरार हैं जबकि कप्तान महेंद्र सिंह धोनी रैंकिंग में एक स्थान का सुधार हुआ है तथा वह पांचवें स्थान पर पहुंच गए हैं। गौतम गंभीर (16), वीरेंद्र सहवाग (28) और सचिन तेंदुलकर (29) की रैंकिंग में कोई बदलाव नहीं आया है। इंग्लैंड के इयोन मोर्गन, इयान बेल और रवि बोपारा की रैंकिंग में काफी फायदा हुआ है। मोर्गन 12 पायदान चढ़कर 18वें स्थान पर पहुंच गए हैं। वह पहली बार शीर्ष 20 में पहुंचे हैं। बेल 11 स्थान के फायदे के साथ 37वें और बोपारा नौ पायदान उपर 46वें स्थान पर पहुंच गए हैं। ऑस्ट्रेलिया चार मैच गंवाने के बावजूद पहले स्थान पर बना हुआ है लेकिन उसके अंकों की संख्या अब केवल 119 रह गई है और उसके शीर्ष स्थान पर खतरा मंडराने लग गया है। श्रीलंका (112) पांचवें और पाकिस्तान (103) छठे स्थान पर हैं।टिप्पणियां इस बीच, बल्लेबाजी रैंकिंग में चोटी के 10 स्थानों पर भारत के दो खिलाड़ी बने हुए हैं। विराट कोहली पहले की तरह तीसरे स्थान पर बरकरार हैं जबकि कप्तान महेंद्र सिंह धोनी रैंकिंग में एक स्थान का सुधार हुआ है तथा वह पांचवें स्थान पर पहुंच गए हैं। गौतम गंभीर (16), वीरेंद्र सहवाग (28) और सचिन तेंदुलकर (29) की रैंकिंग में कोई बदलाव नहीं आया है। इंग्लैंड के इयोन मोर्गन, इयान बेल और रवि बोपारा की रैंकिंग में काफी फायदा हुआ है। मोर्गन 12 पायदान चढ़कर 18वें स्थान पर पहुंच गए हैं। वह पहली बार शीर्ष 20 में पहुंचे हैं। बेल 11 स्थान के फायदे के साथ 37वें और बोपारा नौ पायदान उपर 46वें स्थान पर पहुंच गए हैं। इस बीच, बल्लेबाजी रैंकिंग में चोटी के 10 स्थानों पर भारत के दो खिलाड़ी बने हुए हैं। विराट कोहली पहले की तरह तीसरे स्थान पर बरकरार हैं जबकि कप्तान महेंद्र सिंह धोनी रैंकिंग में एक स्थान का सुधार हुआ है तथा वह पांचवें स्थान पर पहुंच गए हैं। गौतम गंभीर (16), वीरेंद्र सहवाग (28) और सचिन तेंदुलकर (29) की रैंकिंग में कोई बदलाव नहीं आया है। इंग्लैंड के इयोन मोर्गन, इयान बेल और रवि बोपारा की रैंकिंग में काफी फायदा हुआ है। मोर्गन 12 पायदान चढ़कर 18वें स्थान पर पहुंच गए हैं। वह पहली बार शीर्ष 20 में पहुंचे हैं। बेल 11 स्थान के फायदे के साथ 37वें और बोपारा नौ पायदान उपर 46वें स्थान पर पहुंच गए हैं। इंग्लैंड के इयोन मोर्गन, इयान बेल और रवि बोपारा की रैंकिंग में काफी फायदा हुआ है। मोर्गन 12 पायदान चढ़कर 18वें स्थान पर पहुंच गए हैं। वह पहली बार शीर्ष 20 में पहुंचे हैं। बेल 11 स्थान के फायदे के साथ 37वें और बोपारा नौ पायदान उपर 46वें स्थान पर पहुंच गए हैं।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एकदिवसीय शृंखला में 4-0 से जीत दर्ज करने के दम पर इंग्लैंड आईसीसी एकदिवसीय टीम रैंकिंग में भारत को पीछे धकेलकर तीसरे नंबर पर काबिज हो गया है।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: रिटेल में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को लेकर गुरुवार को राज्यसभा में चर्चा के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता अरुण जेटली ने कहा कि केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के गिने-चुने दिन बचे हैं। लोकसभा में पर्याप्त संख्या बल जुटाने के लिए वह दूसरी पार्टियों पर निर्भर थी। सदन में उसने जिस तरह जीत हासिल की, उसकी बड़ी कीमत उसे चुकानी पड़ेगी। जेटली ने कहा, सरकार लोकसभा में 272 के आंकड़े तक पहुंच नहीं पाई। 254 के आंकड़े को सरकार जीत के रूप में नहीं देख सकती। जब आपके पास बहुमत से 18 कम संख्या है तो आप सरकार नहीं चला सकते। लोकसभा के आंकड़ों को देखते हुए लगता है कि सरकार के दिन लद गए हैं। वह जल्द ही जाने वाली है। उन्होंने कहा कि सरकार अन्य दलों पर निर्भर थी और इसकी उसे बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने कहा, यह महंगा समर्थन था। आपको (सरकार) हर दिन इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। हम देखेंगे कि आने वाले दिनों में यह समर्थन किस प्रकार देश के प्रशासन को प्रभावित करता है। जेटली ने कहा कि भाजपा एफडीआई के खिलाफ नहीं है। मुद्दा यह है कि इसकी अनुमति किस क्षेत्र में दी जाए। उन्होंने कहा, क्या कुछ पश्चिमी देश भारत में आर्थिक नीतियों का मानदंड तय करेंगे? हम एफडीआई के खिलाफ कभी नहीं रहे। लेकिन यह किस क्षेत्र में होना चाहिए, इसे सावधानीपूर्वक देखने की जरूरत है। देश को सभी क्षेत्रों में एफडीआई से होने वाले नुकसान एवं फायदे के आधार पर यह निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि 18 से 20 करोड़ लोग खुदरा कारोबार पर निर्भर हैं। सो, वालमार्ट कहीं से भी इन लोगों के लिए सही नहीं होगा। निर्माण क्षेत्र में इससे नौकरियों को नुकसान होगा। उन्होंने आगे कहा, हर बदलाव सुधार नहीं होता। अब दुनिया को सुधार की परिभाषा बतलाने का वक्त आ गया है। सरकार ने नीतियां बनाई हैं, लेकिन फिर भी सुधार नहीं हुए। उन्होंने कहा कि मैं कपिल सिब्बल को चुनौती देता हूं कि वह अपने संसदीय क्षेत्र चांदनी चौक में विदेशी रिटेल स्टोर खुलवाकर दिखाएं। अरुण ने कहा कि एफडीआई के सबसे बड़े पैरोकार शरद पवार की पार्टी एनसीपी ने महाराष्ट्र में कह दिया है कि वह अभी राज्य में इसे लागू नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि रिटेल में एफडीआई से विदेशी समान भारत के स्टोर में बिकेगा, जो कि देश के बिलकुल अच्छा नहीं है। उन्होंने उदाहरण दिया कि दो साल पहले वॉलमार्ट का टर्नओवर साढ़े 21 लाख करोड़ था और भारत का टोटल रिटेल बाजार साढ़े दस लाख करोड़ का है। यानी भारत के बाजार से उसका टर्नओवर दोगुना है। अरुण ने कहा कि हमेशा दलील दी जाती है कि इससे बिचौलिए खत्म हो जाएंगे, लेकिन इसके आने के बाद बड़े बिचौलिए पैदा हो जाएंगे। कहा जाता है कि इससे किसानों को फायदा होगा, तो बताना चाहता हूं कि अगर किसानों को मालामाल करना होता तो यूरोप और अमेरिका के किसान अब तक काफी अमीर हो चुके होते। हकीकत यह है कि वहां की सरकारें किसानों को भारी सब्सिडी देती हैं। वहां के स्थानीय लोगों के विरोध के ही चलते मैनहटन में भी वालमार्ट नहीं खुल पाया।टिप्पणियां जेटली ने सरकार को आगाह किया कि सरकार रिटेल में एफडीआई लाकर टिक नहीं पाएगी।(इनपुट्स एजेंसी से भी) जेटली ने कहा, सरकार लोकसभा में 272 के आंकड़े तक पहुंच नहीं पाई। 254 के आंकड़े को सरकार जीत के रूप में नहीं देख सकती। जब आपके पास बहुमत से 18 कम संख्या है तो आप सरकार नहीं चला सकते। लोकसभा के आंकड़ों को देखते हुए लगता है कि सरकार के दिन लद गए हैं। वह जल्द ही जाने वाली है। उन्होंने कहा कि सरकार अन्य दलों पर निर्भर थी और इसकी उसे बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने कहा, यह महंगा समर्थन था। आपको (सरकार) हर दिन इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। हम देखेंगे कि आने वाले दिनों में यह समर्थन किस प्रकार देश के प्रशासन को प्रभावित करता है। जेटली ने कहा कि भाजपा एफडीआई के खिलाफ नहीं है। मुद्दा यह है कि इसकी अनुमति किस क्षेत्र में दी जाए। उन्होंने कहा, क्या कुछ पश्चिमी देश भारत में आर्थिक नीतियों का मानदंड तय करेंगे? हम एफडीआई के खिलाफ कभी नहीं रहे। लेकिन यह किस क्षेत्र में होना चाहिए, इसे सावधानीपूर्वक देखने की जरूरत है। देश को सभी क्षेत्रों में एफडीआई से होने वाले नुकसान एवं फायदे के आधार पर यह निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि 18 से 20 करोड़ लोग खुदरा कारोबार पर निर्भर हैं। सो, वालमार्ट कहीं से भी इन लोगों के लिए सही नहीं होगा। निर्माण क्षेत्र में इससे नौकरियों को नुकसान होगा। उन्होंने आगे कहा, हर बदलाव सुधार नहीं होता। अब दुनिया को सुधार की परिभाषा बतलाने का वक्त आ गया है। सरकार ने नीतियां बनाई हैं, लेकिन फिर भी सुधार नहीं हुए। उन्होंने कहा कि मैं कपिल सिब्बल को चुनौती देता हूं कि वह अपने संसदीय क्षेत्र चांदनी चौक में विदेशी रिटेल स्टोर खुलवाकर दिखाएं। अरुण ने कहा कि एफडीआई के सबसे बड़े पैरोकार शरद पवार की पार्टी एनसीपी ने महाराष्ट्र में कह दिया है कि वह अभी राज्य में इसे लागू नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि रिटेल में एफडीआई से विदेशी समान भारत के स्टोर में बिकेगा, जो कि देश के बिलकुल अच्छा नहीं है। उन्होंने उदाहरण दिया कि दो साल पहले वॉलमार्ट का टर्नओवर साढ़े 21 लाख करोड़ था और भारत का टोटल रिटेल बाजार साढ़े दस लाख करोड़ का है। यानी भारत के बाजार से उसका टर्नओवर दोगुना है। अरुण ने कहा कि हमेशा दलील दी जाती है कि इससे बिचौलिए खत्म हो जाएंगे, लेकिन इसके आने के बाद बड़े बिचौलिए पैदा हो जाएंगे। कहा जाता है कि इससे किसानों को फायदा होगा, तो बताना चाहता हूं कि अगर किसानों को मालामाल करना होता तो यूरोप और अमेरिका के किसान अब तक काफी अमीर हो चुके होते। हकीकत यह है कि वहां की सरकारें किसानों को भारी सब्सिडी देती हैं। वहां के स्थानीय लोगों के विरोध के ही चलते मैनहटन में भी वालमार्ट नहीं खुल पाया।टिप्पणियां जेटली ने सरकार को आगाह किया कि सरकार रिटेल में एफडीआई लाकर टिक नहीं पाएगी।(इनपुट्स एजेंसी से भी) उन्होंने कहा कि सरकार अन्य दलों पर निर्भर थी और इसकी उसे बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने कहा, यह महंगा समर्थन था। आपको (सरकार) हर दिन इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। हम देखेंगे कि आने वाले दिनों में यह समर्थन किस प्रकार देश के प्रशासन को प्रभावित करता है। जेटली ने कहा कि भाजपा एफडीआई के खिलाफ नहीं है। मुद्दा यह है कि इसकी अनुमति किस क्षेत्र में दी जाए। उन्होंने कहा, क्या कुछ पश्चिमी देश भारत में आर्थिक नीतियों का मानदंड तय करेंगे? हम एफडीआई के खिलाफ कभी नहीं रहे। लेकिन यह किस क्षेत्र में होना चाहिए, इसे सावधानीपूर्वक देखने की जरूरत है। देश को सभी क्षेत्रों में एफडीआई से होने वाले नुकसान एवं फायदे के आधार पर यह निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि 18 से 20 करोड़ लोग खुदरा कारोबार पर निर्भर हैं। सो, वालमार्ट कहीं से भी इन लोगों के लिए सही नहीं होगा। निर्माण क्षेत्र में इससे नौकरियों को नुकसान होगा। उन्होंने आगे कहा, हर बदलाव सुधार नहीं होता। अब दुनिया को सुधार की परिभाषा बतलाने का वक्त आ गया है। सरकार ने नीतियां बनाई हैं, लेकिन फिर भी सुधार नहीं हुए। उन्होंने कहा कि मैं कपिल सिब्बल को चुनौती देता हूं कि वह अपने संसदीय क्षेत्र चांदनी चौक में विदेशी रिटेल स्टोर खुलवाकर दिखाएं। अरुण ने कहा कि एफडीआई के सबसे बड़े पैरोकार शरद पवार की पार्टी एनसीपी ने महाराष्ट्र में कह दिया है कि वह अभी राज्य में इसे लागू नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि रिटेल में एफडीआई से विदेशी समान भारत के स्टोर में बिकेगा, जो कि देश के बिलकुल अच्छा नहीं है। उन्होंने उदाहरण दिया कि दो साल पहले वॉलमार्ट का टर्नओवर साढ़े 21 लाख करोड़ था और भारत का टोटल रिटेल बाजार साढ़े दस लाख करोड़ का है। यानी भारत के बाजार से उसका टर्नओवर दोगुना है। अरुण ने कहा कि हमेशा दलील दी जाती है कि इससे बिचौलिए खत्म हो जाएंगे, लेकिन इसके आने के बाद बड़े बिचौलिए पैदा हो जाएंगे। कहा जाता है कि इससे किसानों को फायदा होगा, तो बताना चाहता हूं कि अगर किसानों को मालामाल करना होता तो यूरोप और अमेरिका के किसान अब तक काफी अमीर हो चुके होते। हकीकत यह है कि वहां की सरकारें किसानों को भारी सब्सिडी देती हैं। वहां के स्थानीय लोगों के विरोध के ही चलते मैनहटन में भी वालमार्ट नहीं खुल पाया।टिप्पणियां जेटली ने सरकार को आगाह किया कि सरकार रिटेल में एफडीआई लाकर टिक नहीं पाएगी।(इनपुट्स एजेंसी से भी) जेटली ने कहा कि भाजपा एफडीआई के खिलाफ नहीं है। मुद्दा यह है कि इसकी अनुमति किस क्षेत्र में दी जाए। उन्होंने कहा, क्या कुछ पश्चिमी देश भारत में आर्थिक नीतियों का मानदंड तय करेंगे? हम एफडीआई के खिलाफ कभी नहीं रहे। लेकिन यह किस क्षेत्र में होना चाहिए, इसे सावधानीपूर्वक देखने की जरूरत है। देश को सभी क्षेत्रों में एफडीआई से होने वाले नुकसान एवं फायदे के आधार पर यह निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि 18 से 20 करोड़ लोग खुदरा कारोबार पर निर्भर हैं। सो, वालमार्ट कहीं से भी इन लोगों के लिए सही नहीं होगा। निर्माण क्षेत्र में इससे नौकरियों को नुकसान होगा। उन्होंने आगे कहा, हर बदलाव सुधार नहीं होता। अब दुनिया को सुधार की परिभाषा बतलाने का वक्त आ गया है। सरकार ने नीतियां बनाई हैं, लेकिन फिर भी सुधार नहीं हुए। उन्होंने कहा कि मैं कपिल सिब्बल को चुनौती देता हूं कि वह अपने संसदीय क्षेत्र चांदनी चौक में विदेशी रिटेल स्टोर खुलवाकर दिखाएं। अरुण ने कहा कि एफडीआई के सबसे बड़े पैरोकार शरद पवार की पार्टी एनसीपी ने महाराष्ट्र में कह दिया है कि वह अभी राज्य में इसे लागू नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि रिटेल में एफडीआई से विदेशी समान भारत के स्टोर में बिकेगा, जो कि देश के बिलकुल अच्छा नहीं है। उन्होंने उदाहरण दिया कि दो साल पहले वॉलमार्ट का टर्नओवर साढ़े 21 लाख करोड़ था और भारत का टोटल रिटेल बाजार साढ़े दस लाख करोड़ का है। यानी भारत के बाजार से उसका टर्नओवर दोगुना है। अरुण ने कहा कि हमेशा दलील दी जाती है कि इससे बिचौलिए खत्म हो जाएंगे, लेकिन इसके आने के बाद बड़े बिचौलिए पैदा हो जाएंगे। कहा जाता है कि इससे किसानों को फायदा होगा, तो बताना चाहता हूं कि अगर किसानों को मालामाल करना होता तो यूरोप और अमेरिका के किसान अब तक काफी अमीर हो चुके होते। हकीकत यह है कि वहां की सरकारें किसानों को भारी सब्सिडी देती हैं। वहां के स्थानीय लोगों के विरोध के ही चलते मैनहटन में भी वालमार्ट नहीं खुल पाया।टिप्पणियां जेटली ने सरकार को आगाह किया कि सरकार रिटेल में एफडीआई लाकर टिक नहीं पाएगी।(इनपुट्स एजेंसी से भी) उन्होंने कहा कि 18 से 20 करोड़ लोग खुदरा कारोबार पर निर्भर हैं। सो, वालमार्ट कहीं से भी इन लोगों के लिए सही नहीं होगा। निर्माण क्षेत्र में इससे नौकरियों को नुकसान होगा। उन्होंने आगे कहा, हर बदलाव सुधार नहीं होता। अब दुनिया को सुधार की परिभाषा बतलाने का वक्त आ गया है। सरकार ने नीतियां बनाई हैं, लेकिन फिर भी सुधार नहीं हुए। उन्होंने कहा कि मैं कपिल सिब्बल को चुनौती देता हूं कि वह अपने संसदीय क्षेत्र चांदनी चौक में विदेशी रिटेल स्टोर खुलवाकर दिखाएं। अरुण ने कहा कि एफडीआई के सबसे बड़े पैरोकार शरद पवार की पार्टी एनसीपी ने महाराष्ट्र में कह दिया है कि वह अभी राज्य में इसे लागू नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि रिटेल में एफडीआई से विदेशी समान भारत के स्टोर में बिकेगा, जो कि देश के बिलकुल अच्छा नहीं है। उन्होंने उदाहरण दिया कि दो साल पहले वॉलमार्ट का टर्नओवर साढ़े 21 लाख करोड़ था और भारत का टोटल रिटेल बाजार साढ़े दस लाख करोड़ का है। यानी भारत के बाजार से उसका टर्नओवर दोगुना है। अरुण ने कहा कि हमेशा दलील दी जाती है कि इससे बिचौलिए खत्म हो जाएंगे, लेकिन इसके आने के बाद बड़े बिचौलिए पैदा हो जाएंगे। कहा जाता है कि इससे किसानों को फायदा होगा, तो बताना चाहता हूं कि अगर किसानों को मालामाल करना होता तो यूरोप और अमेरिका के किसान अब तक काफी अमीर हो चुके होते। हकीकत यह है कि वहां की सरकारें किसानों को भारी सब्सिडी देती हैं। वहां के स्थानीय लोगों के विरोध के ही चलते मैनहटन में भी वालमार्ट नहीं खुल पाया।टिप्पणियां जेटली ने सरकार को आगाह किया कि सरकार रिटेल में एफडीआई लाकर टिक नहीं पाएगी।(इनपुट्स एजेंसी से भी) उन्होंने आगे कहा, हर बदलाव सुधार नहीं होता। अब दुनिया को सुधार की परिभाषा बतलाने का वक्त आ गया है। सरकार ने नीतियां बनाई हैं, लेकिन फिर भी सुधार नहीं हुए। उन्होंने कहा कि मैं कपिल सिब्बल को चुनौती देता हूं कि वह अपने संसदीय क्षेत्र चांदनी चौक में विदेशी रिटेल स्टोर खुलवाकर दिखाएं। अरुण ने कहा कि एफडीआई के सबसे बड़े पैरोकार शरद पवार की पार्टी एनसीपी ने महाराष्ट्र में कह दिया है कि वह अभी राज्य में इसे लागू नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि रिटेल में एफडीआई से विदेशी समान भारत के स्टोर में बिकेगा, जो कि देश के बिलकुल अच्छा नहीं है। उन्होंने उदाहरण दिया कि दो साल पहले वॉलमार्ट का टर्नओवर साढ़े 21 लाख करोड़ था और भारत का टोटल रिटेल बाजार साढ़े दस लाख करोड़ का है। यानी भारत के बाजार से उसका टर्नओवर दोगुना है। अरुण ने कहा कि हमेशा दलील दी जाती है कि इससे बिचौलिए खत्म हो जाएंगे, लेकिन इसके आने के बाद बड़े बिचौलिए पैदा हो जाएंगे। कहा जाता है कि इससे किसानों को फायदा होगा, तो बताना चाहता हूं कि अगर किसानों को मालामाल करना होता तो यूरोप और अमेरिका के किसान अब तक काफी अमीर हो चुके होते। हकीकत यह है कि वहां की सरकारें किसानों को भारी सब्सिडी देती हैं। वहां के स्थानीय लोगों के विरोध के ही चलते मैनहटन में भी वालमार्ट नहीं खुल पाया।टिप्पणियां जेटली ने सरकार को आगाह किया कि सरकार रिटेल में एफडीआई लाकर टिक नहीं पाएगी।(इनपुट्स एजेंसी से भी) अरुण ने कहा कि एफडीआई के सबसे बड़े पैरोकार शरद पवार की पार्टी एनसीपी ने महाराष्ट्र में कह दिया है कि वह अभी राज्य में इसे लागू नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि रिटेल में एफडीआई से विदेशी समान भारत के स्टोर में बिकेगा, जो कि देश के बिलकुल अच्छा नहीं है। उन्होंने उदाहरण दिया कि दो साल पहले वॉलमार्ट का टर्नओवर साढ़े 21 लाख करोड़ था और भारत का टोटल रिटेल बाजार साढ़े दस लाख करोड़ का है। यानी भारत के बाजार से उसका टर्नओवर दोगुना है। अरुण ने कहा कि हमेशा दलील दी जाती है कि इससे बिचौलिए खत्म हो जाएंगे, लेकिन इसके आने के बाद बड़े बिचौलिए पैदा हो जाएंगे। कहा जाता है कि इससे किसानों को फायदा होगा, तो बताना चाहता हूं कि अगर किसानों को मालामाल करना होता तो यूरोप और अमेरिका के किसान अब तक काफी अमीर हो चुके होते। हकीकत यह है कि वहां की सरकारें किसानों को भारी सब्सिडी देती हैं। वहां के स्थानीय लोगों के विरोध के ही चलते मैनहटन में भी वालमार्ट नहीं खुल पाया।टिप्पणियां जेटली ने सरकार को आगाह किया कि सरकार रिटेल में एफडीआई लाकर टिक नहीं पाएगी।(इनपुट्स एजेंसी से भी) उन्होंने उदाहरण दिया कि दो साल पहले वॉलमार्ट का टर्नओवर साढ़े 21 लाख करोड़ था और भारत का टोटल रिटेल बाजार साढ़े दस लाख करोड़ का है। यानी भारत के बाजार से उसका टर्नओवर दोगुना है। अरुण ने कहा कि हमेशा दलील दी जाती है कि इससे बिचौलिए खत्म हो जाएंगे, लेकिन इसके आने के बाद बड़े बिचौलिए पैदा हो जाएंगे। कहा जाता है कि इससे किसानों को फायदा होगा, तो बताना चाहता हूं कि अगर किसानों को मालामाल करना होता तो यूरोप और अमेरिका के किसान अब तक काफी अमीर हो चुके होते। हकीकत यह है कि वहां की सरकारें किसानों को भारी सब्सिडी देती हैं। वहां के स्थानीय लोगों के विरोध के ही चलते मैनहटन में भी वालमार्ट नहीं खुल पाया।टिप्पणियां जेटली ने सरकार को आगाह किया कि सरकार रिटेल में एफडीआई लाकर टिक नहीं पाएगी।(इनपुट्स एजेंसी से भी) अरुण ने कहा कि हमेशा दलील दी जाती है कि इससे बिचौलिए खत्म हो जाएंगे, लेकिन इसके आने के बाद बड़े बिचौलिए पैदा हो जाएंगे। कहा जाता है कि इससे किसानों को फायदा होगा, तो बताना चाहता हूं कि अगर किसानों को मालामाल करना होता तो यूरोप और अमेरिका के किसान अब तक काफी अमीर हो चुके होते। हकीकत यह है कि वहां की सरकारें किसानों को भारी सब्सिडी देती हैं। वहां के स्थानीय लोगों के विरोध के ही चलते मैनहटन में भी वालमार्ट नहीं खुल पाया।टिप्पणियां जेटली ने सरकार को आगाह किया कि सरकार रिटेल में एफडीआई लाकर टिक नहीं पाएगी।(इनपुट्स एजेंसी से भी) जेटली ने सरकार को आगाह किया कि सरकार रिटेल में एफडीआई लाकर टिक नहीं पाएगी।(इनपुट्स एजेंसी से भी) (इनपुट्स एजेंसी से भी)
संक्षिप्त सारांश: अरुण जेटली ने कहा कि मैं कपिल सिब्बल को चुनौती देता हूं कि वह अपने संसदीय क्षेत्र चांदनी चौक में विदेशी रिटेल स्टोर खुलवाकर दिखाएं।
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['hin']
एक सारांश बनाओ: न्‍यूजीलैंड और ऑस्‍ट्रेलिया के बीच यहां खेला जाने वाला दूसरा वनडे मैच खराब मौसम और बारिश की भेंट चढ़ गया. खराब मौसम के कारण मैच में एक भी गेंद नहीं फेंकी जा सकी. सीरीज का पहला मैच जीतकर न्‍यूजीलैंड की टीम सीरीज में 1-0 की बढ़त बनाए हुए है. इस मैच के बारिश की भेंट चढ़ते ही यह तय हो गया है कि न्‍यूजीलैंड यह सीरीज नहीं हारेगा. तीसरे मैच में यदि मेजबान टीम हार भी गई तो सीरीज 1-1 की बराबरी पर समाप्‍त हो जाएगी. मैच के शुरू होने के निर्धारित समय में बारिश के कम होने के बाद अंपायरों ने इसे 37 ओवर का करने का फैसला किया था, लेकिन आउटफील्ड खेलने के लिए सूखी नहीं हुई जिससे पांच घंटे बाद मैच रद्द कर दिया गया. चैपल-हैडली ट्रॉफी का तीसरा और अंतिम मैच रविवार को खेला जाना है. गौरतलब है कि न्यूजीलैंड ने ऑकलैंड में इस सीरीज का पहला मैच छह रन से जीता था. अगर कीवी टीम अंतिम मैच में जीत दर्ज कर लेती है तो वह चैपल-हैडली ट्रॉफी दोबारा अपने नाम कर लेगी जो टीम ने ऑस्ट्रेलिया में दिसंबर के शुरू में 0-3 से वाइटवाश के बाद गंवा दी थी. न्‍यूजीलैंड और ऑस्‍ट्रेलिया के बीच पहला वनडे मैच इतना रोमांचक रहा था कि पूरे समय तक यह अंदाज लगाना मुश्किल था कि जीत का सेहरा किस टीम के सिर बंधेगा.  मैच में ऑस्‍ट्रेलिया के आमंत्रण पर पहले बल्‍लेबाजी करते हुए न्‍यूजीलैंड टीम ने निर्धारित 50 ओवर्स में 9 विकेट खोकर 286 रन का स्‍कोर बनाया. जवाब में बैटिंग करते हुए ऑस्‍ट्रेलिया के अन्‍य बल्‍लेबाज तो बड़ा स्‍कोर करने से पहले आउट होते गए लेकिन दूसरा वनडे खेल रहे मार्कस स्‍टोनिस ने अकेले संघर्ष करते हुए ऑस्‍ट्रेलिया को जीत के करीब पहुंचा दिया था. मैच में  117 गेंदों पर 9 चौकों और 11छक्‍कों से सजी पारी में स्‍टोनिस ने नाबाद 146 रन बनाए. आखिरी ओवर में ऑस्‍ट्रेलिया को जीत के लिए 19 रन की दरकार थी, लेकिन जुझारू क्षमता दिखाते हुए स्‍टोनिस ने टिम साउदी की तीसरी और चौथी गेंद पर छक्‍का जड़कर मैदान पर कीवी दर्शकों को सन्‍न कर दिया था. पारी की अंतिम गेंद पर कंगारू टीम को सात रन की जरूरत थी, लेकिन आखिरी पड़ाव पर ऑस्‍ट्रेलिया के संघर्ष ने दम तोड़ दिया. स्‍टोनिस के साथ क्रीज पर मौजूद जोश हेजलवुड के रन आउट होते ही मैच टाई करने की ऑस्‍ट्रेलिया की उम्‍मीद खत्‍म हो गई थी और मेजबान न्‍यूजीलैड के खिलाड़ी खुशी से झूम उठे थे. चैपल-हैडली ट्रॉफी का तीसरा और अंतिम मैच रविवार को खेला जाना है. गौरतलब है कि न्यूजीलैंड ने ऑकलैंड में इस सीरीज का पहला मैच छह रन से जीता था. अगर कीवी टीम अंतिम मैच में जीत दर्ज कर लेती है तो वह चैपल-हैडली ट्रॉफी दोबारा अपने नाम कर लेगी जो टीम ने ऑस्ट्रेलिया में दिसंबर के शुरू में 0-3 से वाइटवाश के बाद गंवा दी थी. न्‍यूजीलैंड और ऑस्‍ट्रेलिया के बीच पहला वनडे मैच इतना रोमांचक रहा था कि पूरे समय तक यह अंदाज लगाना मुश्किल था कि जीत का सेहरा किस टीम के सिर बंधेगा.  मैच में ऑस्‍ट्रेलिया के आमंत्रण पर पहले बल्‍लेबाजी करते हुए न्‍यूजीलैंड टीम ने निर्धारित 50 ओवर्स में 9 विकेट खोकर 286 रन का स्‍कोर बनाया. जवाब में बैटिंग करते हुए ऑस्‍ट्रेलिया के अन्‍य बल्‍लेबाज तो बड़ा स्‍कोर करने से पहले आउट होते गए लेकिन दूसरा वनडे खेल रहे मार्कस स्‍टोनिस ने अकेले संघर्ष करते हुए ऑस्‍ट्रेलिया को जीत के करीब पहुंचा दिया था. मैच में  117 गेंदों पर 9 चौकों और 11छक्‍कों से सजी पारी में स्‍टोनिस ने नाबाद 146 रन बनाए. आखिरी ओवर में ऑस्‍ट्रेलिया को जीत के लिए 19 रन की दरकार थी, लेकिन जुझारू क्षमता दिखाते हुए स्‍टोनिस ने टिम साउदी की तीसरी और चौथी गेंद पर छक्‍का जड़कर मैदान पर कीवी दर्शकों को सन्‍न कर दिया था. पारी की अंतिम गेंद पर कंगारू टीम को सात रन की जरूरत थी, लेकिन आखिरी पड़ाव पर ऑस्‍ट्रेलिया के संघर्ष ने दम तोड़ दिया. स्‍टोनिस के साथ क्रीज पर मौजूद जोश हेजलवुड के रन आउट होते ही मैच टाई करने की ऑस्‍ट्रेलिया की उम्‍मीद खत्‍म हो गई थी और मेजबान न्‍यूजीलैड के खिलाड़ी खुशी से झूम उठे थे.
यह एक सारांश है: बारिश के कारण मैच में एक भी गेंद नहीं फेंकी जा सकी सीरीज का पहला मैच जीतकर 1-0 की बढ़त पर है न्‍यूजीलैंड सीरीज का तीसरा और अंतिम मैच रविवार को होगा
21
['hin']
एक सारांश बनाओ: जयपुर के जंतर मंतर को यूनेस्को ने 2010 में विश्व धरोहर स्थल घोषित किया था. जंतर मंतर का निर्माण समय और अंतरिक्ष के अध्ययन के लिए करवाया गया था. यहां दुनिया की सबसे बड़ी पत्थर की सूर्यघड़ी है जिसे वृहत् सम्राट यंत्र कहते हैं. यह सूर्यघड़ी स्थानीय समय बताती है. ग्रहों की गति नापने के लिए यहां विभिन्न प्रकार के उपकरण लगे हुए हैं. प्रदर्शनकारियों का गढ़ है जंतर मंतर जंतर-मंतर में आए दिन प्रदर्शन होते रहते हैं. ऐसा कोई दिन नहीं जाता जब यहां कोई धरना-प्रदर्शन न हो रहा हो. छोटे-मोटे प्रदर्शनों के अलावा जंतर-मंतर कई बड़े और ऐतिहासिक विरोध-प्रदर्शनों का गवाह रहा है. साल 2011 में समाजसेवी अन्ना हजारे ने जंतर मंतर पर जनलोक पाल बिल को लाने के लिए आंदोलन किया था. अन्ना के इस आंदोलन ने यूपीए सरकार को हिला कर रख दिया था. साल 2013 में समाज सेवी मेधा पाटकर की अगुवाई में यहां नर्मदा बचाओ आंदोलन के समर्थन में प्रदर्शन हुआ. वहीं, साल 2017 में तमिलनाडु के किसानों ने जंतर मंतर पर जोरदार प्रदर्शन किया था. किसानों ने केंद्र सरकार से 40 हजार करोड़ रुपये का सूखा राहत पैकेज देने की मांग की थी.
संक्षिप्त पाठ: सुप्रीम कोर्ट ने जंतर मंतर पर धरना प्रदर्शन पर लगी रोक हटा दी है जंतर मंतर का निर्माण महाराजा जयसिंह द्वितीय ने 1724 में करवाया था जयपुर के जंतर मंतर को यूनेस्को ने 2010 में विश्व धरोहर स्थल घोषित किया था
30
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: नेपाल की सत्ताधारी माओवादी पार्टी अब विभाजन की कगार पर पहुंच गई नजर आ रही है। पार्टी के बागी धड़े के नेता मोहन वैद्य ने पार्टी के सर्वोच्च नेता प्रचंड के इस्तीफे की मांग करते हुए प्रधानमंत्री बाबूराम भट्टाराई पर ‘कम्युनिस्ट विचारों’ से दूर हो जाने का आरोप लगाया।टिप्पणियां यहां भंग हो चुकी संविधान सभा में यूएसपीएन-माओवादी सबसे बड़ा दल है। प्रचंड और भट्टाराई पार्टी में बागी धड़े को मनाने की पूरी कोशिश करते रहे हैं ताकि पार्टी में किसी तरह का विभाजन नहीं हो। माओवादी पार्टी के बागी धड़े की नुमाइंदगी वैद्य और महासचिव राम बहादुर थापा करते हैं। वैद्य के समर्थक माने जाने वाले पार्टी की केंद्रीय समिति के सदस्यों ने अलग से बैठक की और इसमें नई पार्टी के प्रस्ताव को लेकर चर्चा की। यहां भंग हो चुकी संविधान सभा में यूएसपीएन-माओवादी सबसे बड़ा दल है। प्रचंड और भट्टाराई पार्टी में बागी धड़े को मनाने की पूरी कोशिश करते रहे हैं ताकि पार्टी में किसी तरह का विभाजन नहीं हो। माओवादी पार्टी के बागी धड़े की नुमाइंदगी वैद्य और महासचिव राम बहादुर थापा करते हैं। वैद्य के समर्थक माने जाने वाले पार्टी की केंद्रीय समिति के सदस्यों ने अलग से बैठक की और इसमें नई पार्टी के प्रस्ताव को लेकर चर्चा की। माओवादी पार्टी के बागी धड़े की नुमाइंदगी वैद्य और महासचिव राम बहादुर थापा करते हैं। वैद्य के समर्थक माने जाने वाले पार्टी की केंद्रीय समिति के सदस्यों ने अलग से बैठक की और इसमें नई पार्टी के प्रस्ताव को लेकर चर्चा की।
संक्षिप्त पाठ: नेपाल की सत्ताधारी माओवादी पार्टी अब विभाजन की कगार पर पहुंच गई नजर आ रही है। पार्टी के बागी धड़े के नेता मोहन वैद्य ने पार्टी के सर्वोच्च नेता प्रचंड के इस्तीफे की मांग करते हुए प्रधानमंत्री बाबूराम भट्टाराई पर ‘कम्युनिस्ट विचारों’ से दूर हो जाने का आरोप
27
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: जम्मू एवं कश्मीर के पुंछ में पाकिस्तान की तरफ से हुई फायरिंग में शहीद हुए जावनों के गांव वाले पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इस बीच, शहीद विजय कुमार राय की पत्नी पुष्पा राय ने सरकार द्वारा घोषित सहायता राशि लेने से इनकार कर दिया है। बिहार की राजधानी पटना के बिहटा के आनंदपुर ठेकहा गांव निवासी शहीद विजय कुमार राय की पत्नी ने बुधवार को कहा कि क्या किसी व्यक्ति की कीमत दस लाख रुपये है। उन्होंने कहा कि वह कोई सहायता नहीं लेगी। वह कहती हैं कि पहले पाकिस्तान पर कार्रवाई हो फिर सहायता राशि की बात होगी। पुष्पा का रो-रोकर बुरा हाल है। विजय राय के चाचा रामजी सिंह कहते हैं कि आखिर पाकिस्तान बराबर भारत के सैनिकों को क्षति पहुंचाता है, परंतु सरकार कोई कदम नहीं उठाती है। इधर, छपरा में लोगों ने रेलवे स्टेशन पर घटना के विरोध में प्रदर्शन किया। पुलिस के अनुसार पूवरेत्तर रेलवे के छपरा-सीवान रेलखंड के कोता स्टेशन पर शहीद प्रेमनाथ सिंह के गांव समहौता के लोगों ने रेल पटरी जाम कर दी और हंगामा किया। रेलवे के अधिकारी और पुलिस के समझाने के बाद लोगों ने पटरी से जाम हटाया। ग्रामीणों द्वारा पटरी जाम कर देने से रेलों का परिचालन बाधित हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि पाकिस्तान बार-बार भारत के सैनिकों की जान ले रहा है, परंतु सरकार कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। इस बीच बिहार के विभिन्न इलाकों में भी इस घटना के विरोध में प्रदर्शन शुरू हो गया है। पटना के सुदर्शन पथ में लोगों ने जुलूस निकालकर पाकिस्तान विरोधी नारे लगाए और पाकिस्तान का पुतला दहन किया, जबकि बेगूसराय में लोगों ने प्रदर्शन किया। बेतिया में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने रैली निकाली और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और भारत के रक्षा मंत्री एके एंटनी का पुतला फूंका।टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि जम्मू-कश्मीर के पुंछ सेक्टर में घात लगा कर किए गए पांच भारतीय जवान शहीद हो गए। पांच में से चार जवान बिहार के रहने वाले थे। इनमें बिहार के बिहटा निवासी विजय कुमार राय, छपरा निवासी नायक प्रेमनाथ सिंह, आरा निवासी लांस नायक शंभुशरण राय और छपरा निवासी सिपाही रघुनंदन प्रसाद शामिल हैं। बिहार सरकार ने शहीदों के परिजनों को 10-10 लाख रुपए देने की घोषणा की है। साथ ही राजकीय सम्मान के साथ शहीदों का अंतिम संस्कार किया जाएगा। बिहार की राजधानी पटना के बिहटा के आनंदपुर ठेकहा गांव निवासी शहीद विजय कुमार राय की पत्नी ने बुधवार को कहा कि क्या किसी व्यक्ति की कीमत दस लाख रुपये है। उन्होंने कहा कि वह कोई सहायता नहीं लेगी। वह कहती हैं कि पहले पाकिस्तान पर कार्रवाई हो फिर सहायता राशि की बात होगी। पुष्पा का रो-रोकर बुरा हाल है। विजय राय के चाचा रामजी सिंह कहते हैं कि आखिर पाकिस्तान बराबर भारत के सैनिकों को क्षति पहुंचाता है, परंतु सरकार कोई कदम नहीं उठाती है। इधर, छपरा में लोगों ने रेलवे स्टेशन पर घटना के विरोध में प्रदर्शन किया। पुलिस के अनुसार पूवरेत्तर रेलवे के छपरा-सीवान रेलखंड के कोता स्टेशन पर शहीद प्रेमनाथ सिंह के गांव समहौता के लोगों ने रेल पटरी जाम कर दी और हंगामा किया। रेलवे के अधिकारी और पुलिस के समझाने के बाद लोगों ने पटरी से जाम हटाया। ग्रामीणों द्वारा पटरी जाम कर देने से रेलों का परिचालन बाधित हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि पाकिस्तान बार-बार भारत के सैनिकों की जान ले रहा है, परंतु सरकार कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। इस बीच बिहार के विभिन्न इलाकों में भी इस घटना के विरोध में प्रदर्शन शुरू हो गया है। पटना के सुदर्शन पथ में लोगों ने जुलूस निकालकर पाकिस्तान विरोधी नारे लगाए और पाकिस्तान का पुतला दहन किया, जबकि बेगूसराय में लोगों ने प्रदर्शन किया। बेतिया में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने रैली निकाली और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और भारत के रक्षा मंत्री एके एंटनी का पुतला फूंका।टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि जम्मू-कश्मीर के पुंछ सेक्टर में घात लगा कर किए गए पांच भारतीय जवान शहीद हो गए। पांच में से चार जवान बिहार के रहने वाले थे। इनमें बिहार के बिहटा निवासी विजय कुमार राय, छपरा निवासी नायक प्रेमनाथ सिंह, आरा निवासी लांस नायक शंभुशरण राय और छपरा निवासी सिपाही रघुनंदन प्रसाद शामिल हैं। बिहार सरकार ने शहीदों के परिजनों को 10-10 लाख रुपए देने की घोषणा की है। साथ ही राजकीय सम्मान के साथ शहीदों का अंतिम संस्कार किया जाएगा। विजय राय के चाचा रामजी सिंह कहते हैं कि आखिर पाकिस्तान बराबर भारत के सैनिकों को क्षति पहुंचाता है, परंतु सरकार कोई कदम नहीं उठाती है। इधर, छपरा में लोगों ने रेलवे स्टेशन पर घटना के विरोध में प्रदर्शन किया। पुलिस के अनुसार पूवरेत्तर रेलवे के छपरा-सीवान रेलखंड के कोता स्टेशन पर शहीद प्रेमनाथ सिंह के गांव समहौता के लोगों ने रेल पटरी जाम कर दी और हंगामा किया। रेलवे के अधिकारी और पुलिस के समझाने के बाद लोगों ने पटरी से जाम हटाया। ग्रामीणों द्वारा पटरी जाम कर देने से रेलों का परिचालन बाधित हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि पाकिस्तान बार-बार भारत के सैनिकों की जान ले रहा है, परंतु सरकार कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। इस बीच बिहार के विभिन्न इलाकों में भी इस घटना के विरोध में प्रदर्शन शुरू हो गया है। पटना के सुदर्शन पथ में लोगों ने जुलूस निकालकर पाकिस्तान विरोधी नारे लगाए और पाकिस्तान का पुतला दहन किया, जबकि बेगूसराय में लोगों ने प्रदर्शन किया। बेतिया में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने रैली निकाली और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और भारत के रक्षा मंत्री एके एंटनी का पुतला फूंका।टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि जम्मू-कश्मीर के पुंछ सेक्टर में घात लगा कर किए गए पांच भारतीय जवान शहीद हो गए। पांच में से चार जवान बिहार के रहने वाले थे। इनमें बिहार के बिहटा निवासी विजय कुमार राय, छपरा निवासी नायक प्रेमनाथ सिंह, आरा निवासी लांस नायक शंभुशरण राय और छपरा निवासी सिपाही रघुनंदन प्रसाद शामिल हैं। बिहार सरकार ने शहीदों के परिजनों को 10-10 लाख रुपए देने की घोषणा की है। साथ ही राजकीय सम्मान के साथ शहीदों का अंतिम संस्कार किया जाएगा। इधर, छपरा में लोगों ने रेलवे स्टेशन पर घटना के विरोध में प्रदर्शन किया। पुलिस के अनुसार पूवरेत्तर रेलवे के छपरा-सीवान रेलखंड के कोता स्टेशन पर शहीद प्रेमनाथ सिंह के गांव समहौता के लोगों ने रेल पटरी जाम कर दी और हंगामा किया। रेलवे के अधिकारी और पुलिस के समझाने के बाद लोगों ने पटरी से जाम हटाया। ग्रामीणों द्वारा पटरी जाम कर देने से रेलों का परिचालन बाधित हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि पाकिस्तान बार-बार भारत के सैनिकों की जान ले रहा है, परंतु सरकार कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। इस बीच बिहार के विभिन्न इलाकों में भी इस घटना के विरोध में प्रदर्शन शुरू हो गया है। पटना के सुदर्शन पथ में लोगों ने जुलूस निकालकर पाकिस्तान विरोधी नारे लगाए और पाकिस्तान का पुतला दहन किया, जबकि बेगूसराय में लोगों ने प्रदर्शन किया। बेतिया में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने रैली निकाली और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और भारत के रक्षा मंत्री एके एंटनी का पुतला फूंका।टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि जम्मू-कश्मीर के पुंछ सेक्टर में घात लगा कर किए गए पांच भारतीय जवान शहीद हो गए। पांच में से चार जवान बिहार के रहने वाले थे। इनमें बिहार के बिहटा निवासी विजय कुमार राय, छपरा निवासी नायक प्रेमनाथ सिंह, आरा निवासी लांस नायक शंभुशरण राय और छपरा निवासी सिपाही रघुनंदन प्रसाद शामिल हैं। बिहार सरकार ने शहीदों के परिजनों को 10-10 लाख रुपए देने की घोषणा की है। साथ ही राजकीय सम्मान के साथ शहीदों का अंतिम संस्कार किया जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि पाकिस्तान बार-बार भारत के सैनिकों की जान ले रहा है, परंतु सरकार कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। इस बीच बिहार के विभिन्न इलाकों में भी इस घटना के विरोध में प्रदर्शन शुरू हो गया है। पटना के सुदर्शन पथ में लोगों ने जुलूस निकालकर पाकिस्तान विरोधी नारे लगाए और पाकिस्तान का पुतला दहन किया, जबकि बेगूसराय में लोगों ने प्रदर्शन किया। बेतिया में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने रैली निकाली और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और भारत के रक्षा मंत्री एके एंटनी का पुतला फूंका।टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि जम्मू-कश्मीर के पुंछ सेक्टर में घात लगा कर किए गए पांच भारतीय जवान शहीद हो गए। पांच में से चार जवान बिहार के रहने वाले थे। इनमें बिहार के बिहटा निवासी विजय कुमार राय, छपरा निवासी नायक प्रेमनाथ सिंह, आरा निवासी लांस नायक शंभुशरण राय और छपरा निवासी सिपाही रघुनंदन प्रसाद शामिल हैं। बिहार सरकार ने शहीदों के परिजनों को 10-10 लाख रुपए देने की घोषणा की है। साथ ही राजकीय सम्मान के साथ शहीदों का अंतिम संस्कार किया जाएगा। इस बीच बिहार के विभिन्न इलाकों में भी इस घटना के विरोध में प्रदर्शन शुरू हो गया है। पटना के सुदर्शन पथ में लोगों ने जुलूस निकालकर पाकिस्तान विरोधी नारे लगाए और पाकिस्तान का पुतला दहन किया, जबकि बेगूसराय में लोगों ने प्रदर्शन किया। बेतिया में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने रैली निकाली और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और भारत के रक्षा मंत्री एके एंटनी का पुतला फूंका।टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि जम्मू-कश्मीर के पुंछ सेक्टर में घात लगा कर किए गए पांच भारतीय जवान शहीद हो गए। पांच में से चार जवान बिहार के रहने वाले थे। इनमें बिहार के बिहटा निवासी विजय कुमार राय, छपरा निवासी नायक प्रेमनाथ सिंह, आरा निवासी लांस नायक शंभुशरण राय और छपरा निवासी सिपाही रघुनंदन प्रसाद शामिल हैं। बिहार सरकार ने शहीदों के परिजनों को 10-10 लाख रुपए देने की घोषणा की है। साथ ही राजकीय सम्मान के साथ शहीदों का अंतिम संस्कार किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि जम्मू-कश्मीर के पुंछ सेक्टर में घात लगा कर किए गए पांच भारतीय जवान शहीद हो गए। पांच में से चार जवान बिहार के रहने वाले थे। इनमें बिहार के बिहटा निवासी विजय कुमार राय, छपरा निवासी नायक प्रेमनाथ सिंह, आरा निवासी लांस नायक शंभुशरण राय और छपरा निवासी सिपाही रघुनंदन प्रसाद शामिल हैं। बिहार सरकार ने शहीदों के परिजनों को 10-10 लाख रुपए देने की घोषणा की है। साथ ही राजकीय सम्मान के साथ शहीदों का अंतिम संस्कार किया जाएगा। बिहार सरकार ने शहीदों के परिजनों को 10-10 लाख रुपए देने की घोषणा की है। साथ ही राजकीय सम्मान के साथ शहीदों का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
यहाँ एक सारांश है:जम्मू एवं कश्मीर के पुंछ में पाकिस्तान की तरफ से हुई फायरिंग में शहीद हुए जावनों के गांव वाले पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
4
['hin']
एक सारांश बनाओ: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपनी कैबिनेट के दो नए मंत्रियों की नियुक्ति संबंधी फाइल दबाने को लेकर केंद्र सरकार को फटकारा है. उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार दिल्ली सरकार की गतिविधियों को रोक रही है. अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया है कि केंद्र पिछले 10 दिनों से फाइल दबाए हुए है. इस वजह से दिल्ली सरकार की कई गतिविधियां थम गई है. आपकी दुश्मनी हमारे साथ है, दिल्ली के लोगों के साथ बदला मत लीजिए. इस मामले पर मनीष सिसोदिया ने भी ट्वीट किया है-दिल्ली में 2 नए मंत्री की मंजूरी की फाइल 10 दिन से केंद्र सरकार लेकर बैठी है।अब तो कपिल का धरना और मीडिया की नौटंकी खत्म हो गई, अब तो कर दो. आप के नेता आशुतोष ने भी ट्वीट किया है कि केंद्र सरकार आप सरकार को मंत्री तक नियुक्त नहीं करने दे रही है. मंत्री नियुक्ति की फ़ाइल भेजे दस दिन हो गये, कोई जवाब नहीं. दो मंत्रियों की फ़ाइल पर केंद्र 10 दिनों से बैठा है। दिल्ली सरकार में कई काम रुके हैं। आपकी हमसे दुश्मनी है, दिल्ली की जनता से तो बदला मत लो — Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) May 16, 2017दिल्ली में 2 नए मंत्री की मंजूरी की फाइल 10 दिन से केंद्र सरकार लेकर बैठी है।अब तो कपिल का धरना और मीडिया की नौटंकी खत्म हो गई, अब तो कर दो। — Manish Sisodia (@msisodia) May 16, 2017केंद्र सरकार आप सरकार को मंत्री तक नियुक्त नहीं करने दे रही है । मंत्री नियुक्ति की फ़ाइल भेजे दस दिन हो गये, कोई जवाब नहीं । — ashutosh (@ashutosh83B) May 16, 2017 इससे पूर्व मंगलवार को पार्टी में दरार की अटकलों के बीच दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आप के सभी विधायकों और उनके परिवार के लोगों के लिए रात्रि भोज का आयोजन किया. पार्टी विधायकों ने रात्रि भोज को मुख्यमंत्री की तरफ से आयोजित सामान्य स्नेह मिलन समारोह बताया, लेकिन कहा कि नेतृत्व संदेश देना चाहता है कि सभी विधायकों से अच्छे संपर्क हैं. समझा जाता है कि विधायकों ने केजरीवाल को अपने समर्थन का संकल्प जताया. बर्खास्त मंत्री कपिल मिश्रा के आरोप के बाद यह रात्रि भोज दिया गया है. मिश्रा ने आरोप लगाए थे कि स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन ने मुख्यमंत्री को दो करोड़ रुपये दिए थे. हाल फिलहाल पिछले 15 दिन से आम आदमी पार्टी एक के बाद एक कई मामलों में उलझी हुई है. एमसीडी चुनाव में मिली पराजय के बाद तो पार्टी लगातार खबरों में है. शुरुआत कुमार विश्वास और  आप विधायक अमानतुल्‍ला खान के विवाद से हुई. अमानतुल्ला ने सार्वजनिक रूप से आरोप लगाया था कि विश्‍वास बीजेपी की शह पर पार्टी को तोड़ना चाहते हैं. विश्‍वास ने इसे अपनी छवि खराब करने का हथकंडा बताया और अमानतुल्‍ला के खिलाफ दंडात्‍मक कार्रवाई की मांग की. तब केजरीवाल के साथ हुए समझौते के अनुसार अमानतुल्‍ला खान को पार्टी के विभिन्‍न पदों से हटा दिया गया, लेकिन साथ ही केजरीवाल के प्रति वफादारी के एवज में क्षतिपूर्ति के रूप में उन्‍हें दिल्‍ली विधानसभा के कई कमेटियों में शामिल कर लिया गया. googletag.cmd.push(function() { googletag.display('adslotNativeVideo'); }); दो मंत्रियों की फ़ाइल पर केंद्र 10 दिनों से बैठा है। दिल्ली सरकार में कई काम रुके हैं। आपकी हमसे दुश्मनी है, दिल्ली की जनता से तो बदला मत लो दिल्ली में 2 नए मंत्री की मंजूरी की फाइल 10 दिन से केंद्र सरकार लेकर बैठी है।अब तो कपिल का धरना और मीडिया की नौटंकी खत्म हो गई, अब तो कर दो। केंद्र सरकार आप सरकार को मंत्री तक नियुक्त नहीं करने दे रही है । मंत्री नियुक्ति की फ़ाइल भेजे दस दिन हो गये, कोई जवाब नहीं । हाल फिलहाल पिछले 15 दिन से आम आदमी पार्टी एक के बाद एक कई मामलों में उलझी हुई है. एमसीडी चुनाव में मिली पराजय के बाद तो पार्टी लगातार खबरों में है. शुरुआत कुमार विश्वास और  आप विधायक अमानतुल्‍ला खान के विवाद से हुई. अमानतुल्ला ने सार्वजनिक रूप से आरोप लगाया था कि विश्‍वास बीजेपी की शह पर पार्टी को तोड़ना चाहते हैं. विश्‍वास ने इसे अपनी छवि खराब करने का हथकंडा बताया और अमानतुल्‍ला के खिलाफ दंडात्‍मक कार्रवाई की मांग की. तब केजरीवाल के साथ हुए समझौते के अनुसार अमानतुल्‍ला खान को पार्टी के विभिन्‍न पदों से हटा दिया गया, लेकिन साथ ही केजरीवाल के प्रति वफादारी के एवज में क्षतिपूर्ति के रूप में उन्‍हें दिल्‍ली विधानसभा के कई कमेटियों में शामिल कर लिया गया.
संक्षिप्त सारांश: अरविंद केजरीवाल ने रात में दिया विधायकों को भोज कपिल मिश्रा लगातार लगा रहे हैं अरविंद केजरीवाल पर आरोप नए मंत्रियों की नियुक्ति से जुड़ी फाइल को लेकर लगाया आरोप
8
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: विधानसभा चुनाव में हारे लिंगायत नेता लक्ष्मण सावदी, जो विधानसभा मे 'पोर्न गेट' की वजह से सुर्खियों में आए थे, अब उप मुख्यमंत्री बनाए गए हैं. उन्हें ट्रांसपोर्ट पोर्टफोलियो भी दिया गया है. दूसरे उप मुख्यमंत्री हैं डॉ अश्वत नारायण. कहा जाता है कि इस वोक्कालीग्गा नेता ने जेडीएस-कांग्रेस की बगावत में अहम भूमिका निभाई थी. इन्हें उच्च शिक्षा और सूचना तकनीक विभाग दिया गया है. कर्नाटक में सूचना तकनीक और बायोटेक्नालॉजी का पोर्टफोलियो महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि इस क्षेत्र में कर्नाटक देश में लीडर की भूमिका में है. तीसरे उप मुख्यमंत्री हैं दलित नेता गोविंद करजोल जिन्हें समाज कल्याण और पीडब्लूडी विभाग दिए गए हैं. गृह मंत्रालय येदियुरप्पा के भरोसेमंद लिंगायत नेता बसवराज भोमई को दिया गया है. पूर्व मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टर को उद्योग विभाग सौंपा गया है. राज्य के पूर्व कानून मंत्री सुरेश कुमार प्राध्यमिक और माध्यमिक शिक्षा की जिम्मेदारी दी गई है. सीटी रवि को पर्यटन, कन्नड़ और संस्कृति विभाग दिया गया है. जोले शशिकला अन्नासाहेब को महिला एवं बाल विकास मंत्री बनाया गया है. अन्य सभी वे विभाग जो किसी मंत्री को नहीं दिए गए हैं, मुख्यमंत्री येदियुरप्पा के पास रहेंगे. मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने सोमवार की सुबह ही साफ कर दिया था कि जल्द ही मंत्रियों को उनके विभाग दे दिए जाएंगे. मामला कई मुद्दों पर अटका था. पहले बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने की इजाज़त येदियुरप्पा को देने में देर की, फिर तीन हफ़्तों बाद मंत्रिमंडल का विस्तार और पोर्टफोलियो के बंटवारे में भी देर हुई. जाहिर है तीन सदस्यों के बहुमत पर टिकी येदियुरप्पा की सरकार में जातीय और क्षेत्रीय समीकरण बनाने की कोशिश की गई है. कांग्रेस अब इस पर चुटकी ली रही है. प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता रिज़वान अरशद ने कहा कि अब तो साफ हो गया कि येदियुरप्पा जी सिर्फ एक कठपुतली हैं संघ और दिल्ली के हाथों की. एक रबर स्टाम्प और कुछ नहीं. यह कर्नाटक जैसे वाइब्रेंट राज्य के लिए अच्छा नहीं है.
यहाँ एक सारांश है:करीब एक सप्ताह के इंतजार के बाद हुआ विभागों का बंटवारा गृह मंत्रालय येदियुरप्पा के भरोसेमंद बसवराज भोमई को दिया गया पूर्व मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टर को उद्योग विभाग सौंपा गया
17
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: इराक की राजधानी बगदाद के शिया बहुल इलाकों में पांच जगहों पर हुए कार बम विस्फोटों में कम से कम 32 लोगों की मौत हो गई और 102 लोग घायल हो गए।टिप्पणियां पूरे इराक में शनिवार से हिंसा हो रही है और अब तक 80 लोगों की मौत हो चुकी है। गृह मंत्रालय के एक अधिकारी और एक चिकित्सा सूत्र के अनुसार, उत्तर बगदाद कार बम विस्फोट से 13 लोगों की मौत हो गई और 32 घायल हो गए। वहीं, शुआला में हुए धमाके में पांच लोग मारे गए और 22 घायल हो गए। उर में हुए तीसरे धमाके में चार लोगों की मौत हो गई और 13 लोग जख्मी हुए। हुर्रिया में हुए चौथे धमाके में तीन लोगों की मौत हो गई और 14 घायल हो गए। अधिकारी और चिकित्सा सूत्र ने यह भी बताया कि शहर के पश्चिमी हिस्से में एक कार बम से वाशाश इलाके के बाजार को निशाना बनाया गया जिससे सात लोगों की मौत हो गई और 21 घायल हो गए। पूरे इराक में शनिवार से हिंसा हो रही है और अब तक 80 लोगों की मौत हो चुकी है। गृह मंत्रालय के एक अधिकारी और एक चिकित्सा सूत्र के अनुसार, उत्तर बगदाद कार बम विस्फोट से 13 लोगों की मौत हो गई और 32 घायल हो गए। वहीं, शुआला में हुए धमाके में पांच लोग मारे गए और 22 घायल हो गए। उर में हुए तीसरे धमाके में चार लोगों की मौत हो गई और 13 लोग जख्मी हुए। हुर्रिया में हुए चौथे धमाके में तीन लोगों की मौत हो गई और 14 घायल हो गए। अधिकारी और चिकित्सा सूत्र ने यह भी बताया कि शहर के पश्चिमी हिस्से में एक कार बम से वाशाश इलाके के बाजार को निशाना बनाया गया जिससे सात लोगों की मौत हो गई और 21 घायल हो गए। हुर्रिया में हुए चौथे धमाके में तीन लोगों की मौत हो गई और 14 घायल हो गए। अधिकारी और चिकित्सा सूत्र ने यह भी बताया कि शहर के पश्चिमी हिस्से में एक कार बम से वाशाश इलाके के बाजार को निशाना बनाया गया जिससे सात लोगों की मौत हो गई और 21 घायल हो गए।
सारांश: इराक की राजधानी बगदाद के शिया बहुल इलाकों में पांच जगहों पर हुए कार बम विस्फोटों में कम से कम 32 लोगों की मौत हो गई और 102 लोग घायल हो गए।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: एक अखबार में ‘भड़काउ लेख’ लिखने के मामले में दिल्ली पुलिस ने आज जनता पार्टी अध्यक्ष सुब्रमण्यण स्वामी से पूछताछ की। वकील के साथ स्वामी यहां दिल्ली पुलिस की आपराधिक शाखा के अंतरराज्यीय प्रकोष्ठ में सुबह 11 बजे पहुंचे।टिप्पणियां जनता पार्टी प्रमुख को इस मामले में संभावित गिरफ्तारी के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय ने 30 जनवरी तक अंतरिम सुरक्षा प्रदान की है। दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को स्वामी को अंतरिम सुरक्षा प्रदान करते हुए ये वचन देने के लिए कहा था कि वह भविष्य में इस तरह के लेख नहीं लिखेंगे। अदालत ने स्वामी की अंतरिम जमानत याचिका पर दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी करते हुए जवाब भी मांगा था। दिल्ली पुलिस ने तीन अक्टूबर को समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने के आरोप में स्वामी के खिलाफ एक मामला दर्ज किया था। मुस्लिमों को मताधिकार से वंचित करने के सुझाव के बारे में उनकी टिप्पणी पर मामला दर्ज किया गया था। अपराध शाखा ने जुलाई में एक अखबार में उनका लेख प्रकाशित होने के बाद भारतीय दंड संहिता की धारा 153 ए (समुदायों के बीच कटुता फैलाने) के तहत एक मामला दर्ज किया था। जनता पार्टी प्रमुख को इस मामले में संभावित गिरफ्तारी के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय ने 30 जनवरी तक अंतरिम सुरक्षा प्रदान की है। दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को स्वामी को अंतरिम सुरक्षा प्रदान करते हुए ये वचन देने के लिए कहा था कि वह भविष्य में इस तरह के लेख नहीं लिखेंगे। अदालत ने स्वामी की अंतरिम जमानत याचिका पर दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी करते हुए जवाब भी मांगा था। दिल्ली पुलिस ने तीन अक्टूबर को समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने के आरोप में स्वामी के खिलाफ एक मामला दर्ज किया था। मुस्लिमों को मताधिकार से वंचित करने के सुझाव के बारे में उनकी टिप्पणी पर मामला दर्ज किया गया था। अपराध शाखा ने जुलाई में एक अखबार में उनका लेख प्रकाशित होने के बाद भारतीय दंड संहिता की धारा 153 ए (समुदायों के बीच कटुता फैलाने) के तहत एक मामला दर्ज किया था। दिल्ली पुलिस ने तीन अक्टूबर को समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने के आरोप में स्वामी के खिलाफ एक मामला दर्ज किया था। मुस्लिमों को मताधिकार से वंचित करने के सुझाव के बारे में उनकी टिप्पणी पर मामला दर्ज किया गया था। अपराध शाखा ने जुलाई में एक अखबार में उनका लेख प्रकाशित होने के बाद भारतीय दंड संहिता की धारा 153 ए (समुदायों के बीच कटुता फैलाने) के तहत एक मामला दर्ज किया था।
एक अखबार में ‘भड़काउ लेख’ लिखने के मामले में दिल्ली पुलिस ने आज जनता पार्टी अध्यक्ष सुब्रमण्यण स्वामी से पूछताछ की।
1
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के कलेक्टर की रिहाई के लिए सरकार की ओर से मध्यस्थ बनाए गए निर्मला बुच और सुयोग्य कुमार मिश्रा ने कहा है कि कलेक्टर की सकुशल रिहाई उनकी पहली प्राथमिकता होगी। मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्य सचिव निर्मला बुच ने मंगलवार को कहा कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने उनसे इस मसले के हल के लिए बातचीत का अनुरोध किया, और उन्होंने हामी भर दी है। बुच के मुताबिक उनकी प्राथमिकता कलेक्टर एलेक्स पॉल मेनन की सकुशल रिहाई होगी और बातचीत के जरिये इस समस्या को सुलझाना होगा। उन्हें पूरी उम्मीद है कि समाधान जल्द हो जाएगा। उन्होंने बताया कि वह जल्द ही भोपाल से छत्तीसगढ़ रवाना होंगी, और उसके बाद राज्य सरकार से बातचीत के बाद आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा। दूसरी ओर, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्य सचिव सुयोग्य कुमार मिश्रा ने कहा कि राज्य सरकार ने उन पर भरोसा किया है और पूरी उम्मीद है कि इस समस्या का समाधान बातचीत के जरिये हो सकेगा। माओवादियों की मांगों के संबंध में मिश्रा ने कहा कि उन्हें मीडिया के माध्यम से ही माओवादियों की मांगों के बारे में जानकारी मिली है, लेकिन फिलहाल कोई अधिकृत जानकारी उनके पास नहीं है। टिप्पणियां मिश्रा के मुताबिक उनकी प्राथमिकता भी कलेक्टर की सुरक्षित रिहाई होगी, लेकिन माओवादियों द्वारा तय की गई समयसीमा के बारे में बोलते हुए उनका कहना था कि इस समस्या के समाधान के लिए बातचीत में वक्त लग सकता है। इस बीच, राज्य प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने जानकारी दी है कि समस्या के हल के लिए गठित मंत्रिमंडलीय उपसमिति की आज महत्वपूर्ण बैठक हो सकती है। मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्य सचिव निर्मला बुच ने मंगलवार को कहा कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने उनसे इस मसले के हल के लिए बातचीत का अनुरोध किया, और उन्होंने हामी भर दी है। बुच के मुताबिक उनकी प्राथमिकता कलेक्टर एलेक्स पॉल मेनन की सकुशल रिहाई होगी और बातचीत के जरिये इस समस्या को सुलझाना होगा। उन्हें पूरी उम्मीद है कि समाधान जल्द हो जाएगा। उन्होंने बताया कि वह जल्द ही भोपाल से छत्तीसगढ़ रवाना होंगी, और उसके बाद राज्य सरकार से बातचीत के बाद आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा। दूसरी ओर, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्य सचिव सुयोग्य कुमार मिश्रा ने कहा कि राज्य सरकार ने उन पर भरोसा किया है और पूरी उम्मीद है कि इस समस्या का समाधान बातचीत के जरिये हो सकेगा। माओवादियों की मांगों के संबंध में मिश्रा ने कहा कि उन्हें मीडिया के माध्यम से ही माओवादियों की मांगों के बारे में जानकारी मिली है, लेकिन फिलहाल कोई अधिकृत जानकारी उनके पास नहीं है। टिप्पणियां मिश्रा के मुताबिक उनकी प्राथमिकता भी कलेक्टर की सुरक्षित रिहाई होगी, लेकिन माओवादियों द्वारा तय की गई समयसीमा के बारे में बोलते हुए उनका कहना था कि इस समस्या के समाधान के लिए बातचीत में वक्त लग सकता है। इस बीच, राज्य प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने जानकारी दी है कि समस्या के हल के लिए गठित मंत्रिमंडलीय उपसमिति की आज महत्वपूर्ण बैठक हो सकती है। उन्होंने बताया कि वह जल्द ही भोपाल से छत्तीसगढ़ रवाना होंगी, और उसके बाद राज्य सरकार से बातचीत के बाद आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा। दूसरी ओर, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्य सचिव सुयोग्य कुमार मिश्रा ने कहा कि राज्य सरकार ने उन पर भरोसा किया है और पूरी उम्मीद है कि इस समस्या का समाधान बातचीत के जरिये हो सकेगा। माओवादियों की मांगों के संबंध में मिश्रा ने कहा कि उन्हें मीडिया के माध्यम से ही माओवादियों की मांगों के बारे में जानकारी मिली है, लेकिन फिलहाल कोई अधिकृत जानकारी उनके पास नहीं है। टिप्पणियां मिश्रा के मुताबिक उनकी प्राथमिकता भी कलेक्टर की सुरक्षित रिहाई होगी, लेकिन माओवादियों द्वारा तय की गई समयसीमा के बारे में बोलते हुए उनका कहना था कि इस समस्या के समाधान के लिए बातचीत में वक्त लग सकता है। इस बीच, राज्य प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने जानकारी दी है कि समस्या के हल के लिए गठित मंत्रिमंडलीय उपसमिति की आज महत्वपूर्ण बैठक हो सकती है। दूसरी ओर, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्य सचिव सुयोग्य कुमार मिश्रा ने कहा कि राज्य सरकार ने उन पर भरोसा किया है और पूरी उम्मीद है कि इस समस्या का समाधान बातचीत के जरिये हो सकेगा। माओवादियों की मांगों के संबंध में मिश्रा ने कहा कि उन्हें मीडिया के माध्यम से ही माओवादियों की मांगों के बारे में जानकारी मिली है, लेकिन फिलहाल कोई अधिकृत जानकारी उनके पास नहीं है। टिप्पणियां मिश्रा के मुताबिक उनकी प्राथमिकता भी कलेक्टर की सुरक्षित रिहाई होगी, लेकिन माओवादियों द्वारा तय की गई समयसीमा के बारे में बोलते हुए उनका कहना था कि इस समस्या के समाधान के लिए बातचीत में वक्त लग सकता है। इस बीच, राज्य प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने जानकारी दी है कि समस्या के हल के लिए गठित मंत्रिमंडलीय उपसमिति की आज महत्वपूर्ण बैठक हो सकती है। मिश्रा के मुताबिक उनकी प्राथमिकता भी कलेक्टर की सुरक्षित रिहाई होगी, लेकिन माओवादियों द्वारा तय की गई समयसीमा के बारे में बोलते हुए उनका कहना था कि इस समस्या के समाधान के लिए बातचीत में वक्त लग सकता है। इस बीच, राज्य प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने जानकारी दी है कि समस्या के हल के लिए गठित मंत्रिमंडलीय उपसमिति की आज महत्वपूर्ण बैठक हो सकती है। इस बीच, राज्य प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने जानकारी दी है कि समस्या के हल के लिए गठित मंत्रिमंडलीय उपसमिति की आज महत्वपूर्ण बैठक हो सकती है।
यहाँ एक सारांश है:छत्तीसगढ़ में नक्सलियों द्वारा अगवा किए गए कलेक्टर की रिहाई के लिए सरकार की ओर से मध्यस्थ बनाए गए निर्मला बुच और एसके मिश्रा को बातचीत से मामला हल हो जाने की उम्मीद है।
4
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: लुटियन दिल्ली स्थित सरकारी आवास में रहने की पात्रता गंवा चुके पूर्व सांसदों से बंगले खाली कराने के साथ आवास एवं शहरी मामलों का मंत्रालय सांसदों एवं मंत्रियों के उन अतिथियों से ज़बरन बंगले खाली कराने की मुहिम तेज करेगा जो लंबे समय से सरकारी बंगलों में जमे हुए हैं. मंत्रालय के संपदा निदेशालय ने ऐसे 45 सांसदों, पूर्व सांसदों की सूची तैयार की है जिनके अतिथि तमाम नोटिस के बावजूद बंगला खाली नहीं कर रहे हैं. सूत्रों के अनुसार सूची में केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी और महेन्द्र नाथ पांडे के अलावा पूर्व सांसद संजय सिंह, उदित राज, ओपी यादव और सी पी जोशी के अतिथि भी शामिल हैं.  उत्तर प्रदेश : संगठन में जान फूंकने के लिए अब स्थानीय चुनाव भी लड़ेगी कांग्रेस राजस्थान के भीलवाड़ा से पूर्व सांसद जोशी इस समय राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष हैं. ओपी यादव के अतिथि के रूप में पूर्व केन्द्रीय मंत्री शाहनवाज हुसैन पं. पंत मार्ग स्थित सरकारी बंगले में रह रहे हैं. इनके अलावा सांसद मीनाक्षी लेखी, रमेश बिधूड़ी और पूनमबेन मादम और अजय टम्टा के अतिथि भी इस सूची में शामिल हैं.  उल्लेखनीय है कि किसी सांसद के अनुरोध पर उसके अतिथि को इलाज या अन्य किसी विशिष्ट उद्देश्य से तीन महीने के लिये लुटियन दिल्ली स्थित सरकारी आवास आवंटित किया जा सकता है. विशेष परिस्थिति में इस अवधि को तर्कसंगत आधार बताये जाने पर बढ़ाया जा सकता है.  सरकारी संपत्ति से अनधिकृत कब्जों की बेदखली के लिये हाल ही में संसद द्वारा पारित कठोर प्रावधानों वाले सार्वजनिक परिसर (अनधिकृत कब्जाधारियों की बेदखली) अधिनियम 2019 को मंत्रालय द्वारा 12 सितंबर को लागू किये जाने के बाद संपदा निदेशालय ने लुटियन दिल्ली स्थित सरकारी बंगले में रहने की पात्रता गंवा चुके पूर्व सांसदों और सांसदों के अतिथियों से आवास खाली कराने की कार्रवाई तेज कर दी है.  निदेशालय के एक अधिकारी ने बताया कि बंगला खाली नहीं कर रहे लगभग 40 पूर्व सांसदों को आवास से पुलिस द्वारा बलपूर्वक बेदखल करने की कार्रवाई पूरी होने के बाद सांसदों के अतिथियों से आवास खाली कराने की प्रक्रिया को अंजाम दिया जायेगा. उन्होंने बताया कि 45 अतिथियों की सूची निदेशालय की अर्द्धन्यायिक इकाई के पास भेज दी गयी है. अधिकारी ने बताया कि पूर्व सांसदों के बंगले खाली नहीं हो पाने के कारण नवनिर्वाचित सांसदों को भी आवास आवंटन में विलंब हो रहा है. लोकसभा की आवास आवंटन समिति के अध्यक्ष सी आर पाटिल ने बताया कि सिर्फ़ आठ सांसदों को आवास आवंटित होना शेष है. जल्द ही इन्हें भी आवास मिल जायेंगे. हालांकि कुछ सांसद ऐसे भी हैं जिन्हें बंगला आवंटन होने के बावजूद आवास ख़ाली नहीं होने के कारण इनको अभी आवास सुविधा नहीं मिल सकी है. इस वजह से राज्यों के भवन और वेस्टर्न कोर्ट सहित अन्य अतिथि गृहों में अस्थायी इंतजाम में इन सांसदों को रहना पड़ रहा है.  पीएम मोदी को बीच की सफाई करता देख बॉलीवुड एक्टर को आया गुस्सा, बोले-तुमने उन्हें कैमरामैन संग अकेला क्यों छोड़ा उत्तर प्रदेश की लालगंज सीट से बसपा सांसद संगीता आजाद ने बताया कि उन्हें वेस्टर्न कोर्ट में अस्थायी इंतजाम के तहत रहना पड़ रहा है. आजाद ने कहा, ‘‘आवास आवंटन में देरी के लिये निदेशालय के अधिकारी पूर्व सांसदों द्वारा घर खाली नहीं करने को प्रमुख वजह बता रहे हैं. ऐसे में कानून को सख्त बनाने का प्रयोजन ही विफल साबित हो रहा हैं.'' सूत्रों के अनुसार विधि मंत्रालय द्वारा तैनात अर्द्धन्यायिक अधिकारी की अध्यक्षता वाली इस इकाई ने संबंधित सांसद और उसके अतिथि को नोटिस भेज कर सुनवाई के लिये तलब करना शुरु कर दिया है. इसके तहत भाजपा के राज्यसभा सदस्य रणविजय सिंह जूदेव के अतिथि के रूप में लंबे समय से साउथ एवेन्यू स्थित बंगले में रह रहे पूर्व सांसद कामेश्वर सिंह से पिछले सप्ताह बंगला खाली कराया गया.  जापान में 60 साल का सबसे प्रलयकारी तूफान, 70 लाख से ज्यादा लोगों को घर छोड़ने को कहा गया इस बीच निदेशालय ने तीन अन्य पूर्व सांसदों प्रियंका सिंह रावत, प्रसन्न कुमार पटसानी और पी श्रीनिवास रेड्डी के बंगले पुलिस की मदद से बलपूर्वक खाली कराने का आदेश जारी कर दिया है. भाजपा की पूर्व सांसद रावत को नॉर्थ एवेन्यू स्थित 185 नंबर बंगला, टीआरएस के पूर्व सांसद रेड्डी को महादेव रोड स्थित 11 नंबर बंगला और बीजद के पूर्व सांसद पटसानी को साउथ एवेन्यू स्थित 185 नंबर आवंटित था.  पिछले सप्ताह बिहार से भाजपा के पूर्व सांसद हरि मांझी के साउथ एवेन्यू स्थित बंगले सहित तीन बंगलों को बलपूर्वक खाली कराने के साथ ही यह कार्रवाई शुरु हुई है.
सारांश: सरकारी बंगलों में जमे सांसदों के मेहमान बंगला खाली कराने में सरकार के छूट रहे पसीने सूची में केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी समेत कई नेता शामिल: सूत्र
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['hin']
एक सारांश बनाओ: दीपिका पादुकोण ने हाल ही में अपने प्रसिद्ध डाइलॉग "थंगाबली" के नाम पर आधारित एक दक्षिण भारतीय होटल देखा. मुंबई के माहिम में हाल ही में एक दक्षिण भारतीय होटल खुला है, जिसका नामकरण दीपिका की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'चेन्नई एक्सप्रेस' से प्रेरणा लेकर किया गया है.टिप्पणियां होटल का नाम दीपिका के प्रसिद्ध संवाद "थंगाबली" के नाम पर रखा गया है. फिल्म चेन्नई एक्सप्रेस के इस संवाद ने होटल के मालिक को अपने भोजनालय का नाम रखने के लिए प्रेरित किया. दीपिका जब इस जगह से गुजर रही थीं तब उनकी नजर इस होटल पर पड़ी. होटल का नाम देख दीपिका को सुखद आश्चचर्य हुआ. अभिनेत्री ने कहा, "मैं एक दिन घर की ओर जा रही थी और अचानक "थंगाबली" नामक इस रेस्टोरेंट पर मेरी नज़र पड़ी... क्या आप कल्पना कर सकते हैं? मैं मुस्कराना नहीं रोक पाई! मुझे दक्षिण भारतीय भोजन पसंद है और मैं इस होटल को आजमाने के लिए प्रतीक्षा नहीं कर सकती.'' दीपिका की ख्वाहिश है कि वे इस होटल में जाएं और यहां के व्यंजनों का स्वाद लें. वे कभी भी इस होटल में जा सकती हैं.   अभिनेत्री ने बेहद लोकप्रियता हासिल की है और अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें प्रशंसकों से प्यार मिलता आया है. दीपिका पादुकोण ने बॉलीवुड में ऐसे किरदार निभाए हैं जो हमारे दिलों के बेहद करीब हैं. दीपिका फिलहाल सामयिक नाटक पर आधारित फिल्म "पद्मावती" के लिए काम कर रही हैं. होटल का नाम दीपिका के प्रसिद्ध संवाद "थंगाबली" के नाम पर रखा गया है. फिल्म चेन्नई एक्सप्रेस के इस संवाद ने होटल के मालिक को अपने भोजनालय का नाम रखने के लिए प्रेरित किया. दीपिका जब इस जगह से गुजर रही थीं तब उनकी नजर इस होटल पर पड़ी. होटल का नाम देख दीपिका को सुखद आश्चचर्य हुआ. अभिनेत्री ने कहा, "मैं एक दिन घर की ओर जा रही थी और अचानक "थंगाबली" नामक इस रेस्टोरेंट पर मेरी नज़र पड़ी... क्या आप कल्पना कर सकते हैं? मैं मुस्कराना नहीं रोक पाई! मुझे दक्षिण भारतीय भोजन पसंद है और मैं इस होटल को आजमाने के लिए प्रतीक्षा नहीं कर सकती.'' दीपिका की ख्वाहिश है कि वे इस होटल में जाएं और यहां के व्यंजनों का स्वाद लें. वे कभी भी इस होटल में जा सकती हैं.   अभिनेत्री ने बेहद लोकप्रियता हासिल की है और अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें प्रशंसकों से प्यार मिलता आया है. दीपिका पादुकोण ने बॉलीवुड में ऐसे किरदार निभाए हैं जो हमारे दिलों के बेहद करीब हैं. दीपिका फिलहाल सामयिक नाटक पर आधारित फिल्म "पद्मावती" के लिए काम कर रही हैं. दीपिका फिलहाल सामयिक नाटक पर आधारित फिल्म "पद्मावती" के लिए काम कर रही हैं.
संक्षिप्त सारांश: होटल का नाम देखकर आश्चर्य में पड़ गईं दीपिका होटल में जाकर वहां के व्यंजनों का आनंद लेने की इच्छा दक्षिण भारतीय भोजन पसंद है दीपिका पादुकोण को
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: फिल्म 'आई, मी और मैं' कहानी है ईशान, यानि जॉन अब्राहम की, जो एक म्यूज़िक कंपनी में काम करता है, और उसका मूलमंत्र है - 'आई एम द बेस्ट'... ईशान को बचपन से ही उसकी मां के लाड़-प्यार ने बिगाड़ रखा है... फिल्म में ईशान अपनी हर गलती को नकारता है... ईशान अपनी गर्लफ्रेन्ड अनुष्का, यानि चित्रांगदा सिंह, के साथ रहता है... अनुष्का उससे शादी करना चाहती है, लेकिन ईशान कमिटमेंट से डरता है, और एक ऐसा वक्त आता है, जब वह अनुष्का को छोड़ देता है... इसके बाद उसकी गलतियों का एहसास दिलाने की कोशिश करती है उसकी बहन, जिसका किरदार निभाया है मिनी माथुर ने... मिनी का किरदार फिल्म में अनुष्का की सहेली का भी है, लेकिन अपनी दुनिया में खोए ईशान को किसी की फिक्र नहीं...टिप्पणियां इसके बाद उसकी ज़िन्दगी में आती है गौरी, यानि प्राची देसाई... आगे क्या होता है, उसके लिए आपको फिल्म देखनी पड़ेगी... फिल्म की कहानी एक लाइन में तो समझ आती है, लेकिन यह आपको भावनात्मक सफर पर ले जा पाएगी, यह कहना मुश्किल है... यह एक 'लाइट हार्टेड' कहानी है, जो तेज़ गति से चलती है, और कब इंटरवल आ जाता है, पता ही नहीं चलता... जॉन के लिए यह किरदार एकदम फिट है, और लगता है, जैसे वह अपना ही किरदार निभा रहे हैं... इसके बावजूद फिल्म में उनकी एक्टिंग करने की कोशिश साफ नज़र आती है, यानि जॉन को अपनी एक्टिंग पर और काम करने की ज़रूरत है... चित्रांगदा और प्राची अपने−अपने किरदारों में अच्छी हैं... मिनी माथुर और जॉन की मां का किरदार भी अच्छा है... फिल्म का एक गाना 'दरारें...' मुझे भले ही अच्छा लगा, लेकिन यह फिल्म दर्शकों को लुभा पाएगी, कुछ मुश्किल लगता है... हां, फिल्म का क्लाइमेक्स थोड़ा दिलचस्प है, और मेरी तरफ से फिल्म को 2.5 स्टार... ईशान अपनी गर्लफ्रेन्ड अनुष्का, यानि चित्रांगदा सिंह, के साथ रहता है... अनुष्का उससे शादी करना चाहती है, लेकिन ईशान कमिटमेंट से डरता है, और एक ऐसा वक्त आता है, जब वह अनुष्का को छोड़ देता है... इसके बाद उसकी गलतियों का एहसास दिलाने की कोशिश करती है उसकी बहन, जिसका किरदार निभाया है मिनी माथुर ने... मिनी का किरदार फिल्म में अनुष्का की सहेली का भी है, लेकिन अपनी दुनिया में खोए ईशान को किसी की फिक्र नहीं...टिप्पणियां इसके बाद उसकी ज़िन्दगी में आती है गौरी, यानि प्राची देसाई... आगे क्या होता है, उसके लिए आपको फिल्म देखनी पड़ेगी... फिल्म की कहानी एक लाइन में तो समझ आती है, लेकिन यह आपको भावनात्मक सफर पर ले जा पाएगी, यह कहना मुश्किल है... यह एक 'लाइट हार्टेड' कहानी है, जो तेज़ गति से चलती है, और कब इंटरवल आ जाता है, पता ही नहीं चलता... जॉन के लिए यह किरदार एकदम फिट है, और लगता है, जैसे वह अपना ही किरदार निभा रहे हैं... इसके बावजूद फिल्म में उनकी एक्टिंग करने की कोशिश साफ नज़र आती है, यानि जॉन को अपनी एक्टिंग पर और काम करने की ज़रूरत है... चित्रांगदा और प्राची अपने−अपने किरदारों में अच्छी हैं... मिनी माथुर और जॉन की मां का किरदार भी अच्छा है... फिल्म का एक गाना 'दरारें...' मुझे भले ही अच्छा लगा, लेकिन यह फिल्म दर्शकों को लुभा पाएगी, कुछ मुश्किल लगता है... हां, फिल्म का क्लाइमेक्स थोड़ा दिलचस्प है, और मेरी तरफ से फिल्म को 2.5 स्टार... इसके बाद उसकी ज़िन्दगी में आती है गौरी, यानि प्राची देसाई... आगे क्या होता है, उसके लिए आपको फिल्म देखनी पड़ेगी... फिल्म की कहानी एक लाइन में तो समझ आती है, लेकिन यह आपको भावनात्मक सफर पर ले जा पाएगी, यह कहना मुश्किल है... यह एक 'लाइट हार्टेड' कहानी है, जो तेज़ गति से चलती है, और कब इंटरवल आ जाता है, पता ही नहीं चलता... जॉन के लिए यह किरदार एकदम फिट है, और लगता है, जैसे वह अपना ही किरदार निभा रहे हैं... इसके बावजूद फिल्म में उनकी एक्टिंग करने की कोशिश साफ नज़र आती है, यानि जॉन को अपनी एक्टिंग पर और काम करने की ज़रूरत है... चित्रांगदा और प्राची अपने−अपने किरदारों में अच्छी हैं... मिनी माथुर और जॉन की मां का किरदार भी अच्छा है... फिल्म का एक गाना 'दरारें...' मुझे भले ही अच्छा लगा, लेकिन यह फिल्म दर्शकों को लुभा पाएगी, कुछ मुश्किल लगता है... हां, फिल्म का क्लाइमेक्स थोड़ा दिलचस्प है, और मेरी तरफ से फिल्म को 2.5 स्टार... जॉन के लिए यह किरदार एकदम फिट है, और लगता है, जैसे वह अपना ही किरदार निभा रहे हैं... इसके बावजूद फिल्म में उनकी एक्टिंग करने की कोशिश साफ नज़र आती है, यानि जॉन को अपनी एक्टिंग पर और काम करने की ज़रूरत है... चित्रांगदा और प्राची अपने−अपने किरदारों में अच्छी हैं... मिनी माथुर और जॉन की मां का किरदार भी अच्छा है... फिल्म का एक गाना 'दरारें...' मुझे भले ही अच्छा लगा, लेकिन यह फिल्म दर्शकों को लुभा पाएगी, कुछ मुश्किल लगता है... हां, फिल्म का क्लाइमेक्स थोड़ा दिलचस्प है, और मेरी तरफ से फिल्म को 2.5 स्टार...
सारांश: फिल्म का एक गाना 'दरारें...' मुझे भले ही अच्छा लगा, लेकिन यह फिल्म दर्शकों को लुभा पाएगी, कुछ मुश्किल लगता है... हां, फिल्म का क्लाइमेक्स थोड़ा दिलचस्प है...
20
['hin']
एक सारांश बनाओ: पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में एक आदमी ने अपनी बेटी से बलात्कार करने के बाद उसे जहर देकर जान से मार दिया। इस घटना की जानकारी रविवार को पुलिस ने दी। यह घटना गुजरात जिले के नावन कोट गांव में कुछ दिन पहले हुई। यह गांव लाहौर से 125 किलोमीटर दूर है। लड़की के परिवार ने इस घटना की जानकारी पुलिस को नहीं दी और स्थानीय कब्रिस्तान में गुप्त रूप से उसे दफना दिया। यह मामला तब प्रकाश में आया, जब लड़की की सहेली सोबिया अमान ने लाहौर उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को इस घटना की सूचना देने के लिए पत्र लिखा। मुख्य न्यायाधीश उमर अता बांदियाल ने गुजरात के जिला और सत्रीय जजों को मामले की जांच करके पुलिस द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी और अपनी टिप्पणियों वाली एक रिपोर्ट 15 दिन के भीतर जमा कराने के निर्देश दिए।टिप्पणियां पत्र में अमान ने कहा था कि उसकी सहेली का पिता सफदार हुस्सैन अपनी बेटी का यौन उत्पीड़न करता था। पीड़िता ने अपनी मां, भाई और दादी को बलात्कार के बारे में बताया था, लेकिन उन्होंने उसकी बात मानने से इनकार कर दिया था। पत्र में कहा गया, आखिरकर वह अपना घर छोड़कर लाहौर के गुलशन-ए-रवि में रहने लगी। वहां उसके संबंधियों ने उससे संपर्क करके उसे आश्वासन दिया कि ऐसा दोबारा कभी नहीं होगा। अमान ने कहा कि 30 मई को पीड़िता घर वापस गई, लेकिन 2 जून को उसके पिता ने उसे जहर देकर मार डाला। यह घटना गुजरात जिले के नावन कोट गांव में कुछ दिन पहले हुई। यह गांव लाहौर से 125 किलोमीटर दूर है। लड़की के परिवार ने इस घटना की जानकारी पुलिस को नहीं दी और स्थानीय कब्रिस्तान में गुप्त रूप से उसे दफना दिया। यह मामला तब प्रकाश में आया, जब लड़की की सहेली सोबिया अमान ने लाहौर उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को इस घटना की सूचना देने के लिए पत्र लिखा। मुख्य न्यायाधीश उमर अता बांदियाल ने गुजरात के जिला और सत्रीय जजों को मामले की जांच करके पुलिस द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी और अपनी टिप्पणियों वाली एक रिपोर्ट 15 दिन के भीतर जमा कराने के निर्देश दिए।टिप्पणियां पत्र में अमान ने कहा था कि उसकी सहेली का पिता सफदार हुस्सैन अपनी बेटी का यौन उत्पीड़न करता था। पीड़िता ने अपनी मां, भाई और दादी को बलात्कार के बारे में बताया था, लेकिन उन्होंने उसकी बात मानने से इनकार कर दिया था। पत्र में कहा गया, आखिरकर वह अपना घर छोड़कर लाहौर के गुलशन-ए-रवि में रहने लगी। वहां उसके संबंधियों ने उससे संपर्क करके उसे आश्वासन दिया कि ऐसा दोबारा कभी नहीं होगा। अमान ने कहा कि 30 मई को पीड़िता घर वापस गई, लेकिन 2 जून को उसके पिता ने उसे जहर देकर मार डाला। यह मामला तब प्रकाश में आया, जब लड़की की सहेली सोबिया अमान ने लाहौर उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को इस घटना की सूचना देने के लिए पत्र लिखा। मुख्य न्यायाधीश उमर अता बांदियाल ने गुजरात के जिला और सत्रीय जजों को मामले की जांच करके पुलिस द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी और अपनी टिप्पणियों वाली एक रिपोर्ट 15 दिन के भीतर जमा कराने के निर्देश दिए।टिप्पणियां पत्र में अमान ने कहा था कि उसकी सहेली का पिता सफदार हुस्सैन अपनी बेटी का यौन उत्पीड़न करता था। पीड़िता ने अपनी मां, भाई और दादी को बलात्कार के बारे में बताया था, लेकिन उन्होंने उसकी बात मानने से इनकार कर दिया था। पत्र में कहा गया, आखिरकर वह अपना घर छोड़कर लाहौर के गुलशन-ए-रवि में रहने लगी। वहां उसके संबंधियों ने उससे संपर्क करके उसे आश्वासन दिया कि ऐसा दोबारा कभी नहीं होगा। अमान ने कहा कि 30 मई को पीड़िता घर वापस गई, लेकिन 2 जून को उसके पिता ने उसे जहर देकर मार डाला। पत्र में अमान ने कहा था कि उसकी सहेली का पिता सफदार हुस्सैन अपनी बेटी का यौन उत्पीड़न करता था। पीड़िता ने अपनी मां, भाई और दादी को बलात्कार के बारे में बताया था, लेकिन उन्होंने उसकी बात मानने से इनकार कर दिया था। पत्र में कहा गया, आखिरकर वह अपना घर छोड़कर लाहौर के गुलशन-ए-रवि में रहने लगी। वहां उसके संबंधियों ने उससे संपर्क करके उसे आश्वासन दिया कि ऐसा दोबारा कभी नहीं होगा। अमान ने कहा कि 30 मई को पीड़िता घर वापस गई, लेकिन 2 जून को उसके पिता ने उसे जहर देकर मार डाला। पत्र में कहा गया, आखिरकर वह अपना घर छोड़कर लाहौर के गुलशन-ए-रवि में रहने लगी। वहां उसके संबंधियों ने उससे संपर्क करके उसे आश्वासन दिया कि ऐसा दोबारा कभी नहीं होगा। अमान ने कहा कि 30 मई को पीड़िता घर वापस गई, लेकिन 2 जून को उसके पिता ने उसे जहर देकर मार डाला।
संक्षिप्त पाठ: पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में एक आदमी ने अपनी बेटी से बलात्कार करने के बाद उसे जहर देकर जान से मार दिया। लड़की के परिवार ने इस घटना की जानकारी पुलिस को नहीं दी और स्थानीय कब्रिस्तान में गुप्त रूप से उसे दफना दिया।
30
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: वित्त मंत्री ने कहा कि इनके लाभार्थियों में तेल कंपनियां, उपभोक्ता और आधारभूत ढांचे के विकास के माध्यम से देश की अर्थव्यवस्था है। जेटली ने कहा, ''इस लाभ को तीन हिस्सों में बांटा गया है। एक सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों को जाता है। ये तेल कंपनियां कच्चे तेल की भविष्य की खरीद करती हैं और वे घाटा उठाती हैं।'' वित्त मंत्री ने कहा कि कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में गिरावट आई है, स्वाभाविक है कि बाजार में दाम तय करने वाली तेल कंपनियां पहले अपने घाटे की भरपाई करेंगी। जेटली ने कहा, ''हमने उसका एक भाग बुनियादी संरचना पर खर्च किया है क्योंकि इससे अधिक रोजगार सृजन और विकास को बढ़ाने में मदद मिलती है।'' उन्होंने कहा कि जो लोग स्कूटर, कार या ट्रक चलाते हैं, वे सड़कों का इस्तेमाल भी करते हैं। इसलिए सड़कों के निर्माण में यह उनका योगदान है। जेटली ने कहा, ''सीधी सी व्याख्या यह है कि उपभोक्ता पेट्रोल के कम दाम देने का हक रखता है। साथ ही उसे अच्छी सड़क का भी हक है। इसलिए उपभोक्ताओं को अच्छी सड़क मिलनी चाहिए।'' पिछले कुछ महीनों से कच्चे तेल के वैश्विक दामों में तेजी से गिरावट दर्ज की गयी है लेकिन इस तरह की चिंताएं जताई जाती रहीं हैं कि सरकार इसका लाभ पूरी तरह उपभोक्ताओं को नहीं दे रही और इस तुलना में पेट्रोल, डीजल के दाम कम नहीं होते।टिप्पणियां राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फरवरी 2014 के भाषण में महंगाई कम करने के वादे पर चुटकी लिये जाने पर पलटवार करते हुए जेटली ने कहा कि यह विषय आंकड़ों का है, नारों का नहीं। पूर्ववर्ती संप्रग सरकार अर्थव्यवस्था को गंभीर स्थिति में छोड़ कर गई थी और ऐसे में कोई भी व्यक्ति जो चुनाव में जाता, वह महंगाई कम करने की बात ही करता।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) वित्त मंत्री ने कहा कि कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में गिरावट आई है, स्वाभाविक है कि बाजार में दाम तय करने वाली तेल कंपनियां पहले अपने घाटे की भरपाई करेंगी। जेटली ने कहा, ''हमने उसका एक भाग बुनियादी संरचना पर खर्च किया है क्योंकि इससे अधिक रोजगार सृजन और विकास को बढ़ाने में मदद मिलती है।'' उन्होंने कहा कि जो लोग स्कूटर, कार या ट्रक चलाते हैं, वे सड़कों का इस्तेमाल भी करते हैं। इसलिए सड़कों के निर्माण में यह उनका योगदान है। जेटली ने कहा, ''सीधी सी व्याख्या यह है कि उपभोक्ता पेट्रोल के कम दाम देने का हक रखता है। साथ ही उसे अच्छी सड़क का भी हक है। इसलिए उपभोक्ताओं को अच्छी सड़क मिलनी चाहिए।'' पिछले कुछ महीनों से कच्चे तेल के वैश्विक दामों में तेजी से गिरावट दर्ज की गयी है लेकिन इस तरह की चिंताएं जताई जाती रहीं हैं कि सरकार इसका लाभ पूरी तरह उपभोक्ताओं को नहीं दे रही और इस तुलना में पेट्रोल, डीजल के दाम कम नहीं होते।टिप्पणियां राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फरवरी 2014 के भाषण में महंगाई कम करने के वादे पर चुटकी लिये जाने पर पलटवार करते हुए जेटली ने कहा कि यह विषय आंकड़ों का है, नारों का नहीं। पूर्ववर्ती संप्रग सरकार अर्थव्यवस्था को गंभीर स्थिति में छोड़ कर गई थी और ऐसे में कोई भी व्यक्ति जो चुनाव में जाता, वह महंगाई कम करने की बात ही करता।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) जेटली ने कहा, ''सीधी सी व्याख्या यह है कि उपभोक्ता पेट्रोल के कम दाम देने का हक रखता है। साथ ही उसे अच्छी सड़क का भी हक है। इसलिए उपभोक्ताओं को अच्छी सड़क मिलनी चाहिए।'' पिछले कुछ महीनों से कच्चे तेल के वैश्विक दामों में तेजी से गिरावट दर्ज की गयी है लेकिन इस तरह की चिंताएं जताई जाती रहीं हैं कि सरकार इसका लाभ पूरी तरह उपभोक्ताओं को नहीं दे रही और इस तुलना में पेट्रोल, डीजल के दाम कम नहीं होते।टिप्पणियां राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फरवरी 2014 के भाषण में महंगाई कम करने के वादे पर चुटकी लिये जाने पर पलटवार करते हुए जेटली ने कहा कि यह विषय आंकड़ों का है, नारों का नहीं। पूर्ववर्ती संप्रग सरकार अर्थव्यवस्था को गंभीर स्थिति में छोड़ कर गई थी और ऐसे में कोई भी व्यक्ति जो चुनाव में जाता, वह महंगाई कम करने की बात ही करता।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फरवरी 2014 के भाषण में महंगाई कम करने के वादे पर चुटकी लिये जाने पर पलटवार करते हुए जेटली ने कहा कि यह विषय आंकड़ों का है, नारों का नहीं। पूर्ववर्ती संप्रग सरकार अर्थव्यवस्था को गंभीर स्थिति में छोड़ कर गई थी और ऐसे में कोई भी व्यक्ति जो चुनाव में जाता, वह महंगाई कम करने की बात ही करता।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त पाठ: राहुल गांधी के आरोपों का दिया जवाब कहा-आरोप, आंकड़ों का विकल्प नहीं हो सकते इस साल अच्छी बरसात होने से अर्थव्यवस्था मजबूत होने की जताई उम्‍मीद
14
['hin']
एक सारांश बनाओ: सीबीआई कारोबारी अभिषेक वर्मा और उसकी रोमानियाई पत्नी के खिलाफ सात अगस्त को आरोप पत्र दाखिल करेगी। एक स्विस हथियार कंपनी को काली सूची में डालने की भारत सरकार की कार्यवाही को रोकने के लिए पैसे लेने के आरोप में दोनों को गिरफ्तार किया गया है। सीबीआई अभियोजक ए के गाबा ने बुधवार को यहां विशेष न्यायाधीश संजीव जैन के समक्ष कहा कि मामले में उनकी जांच अब भी जारी है और वे सात अगस्त को आरोपपत्र दाखिल करेंगे। अदालत ने वर्मा और उसकी पत्नी अंका मारिया नीक्सू की न्यायिक हिरासत की अवधि आठ अगस्त तक बढ़ा दी है। उन्हें आठ जून को गिरफ्तार किया गया था। अदालत ने कहा कि जांच अधिकारी ने दलील दी है कि मामले में पड़ताल अब भी चल रही है। ऐसे में दोनों आरोपियों की न्यायिक हिरासत की अवधि आठ अगस्त तक बढ़ायी जाती है।टिप्पणियां वर्मा और अंका पर रेनमेटल एयर डिफेंस एजी (आरएडी) से 530,000 डॉलर लेने का आरोप है। भारत सरकार द्वारा कंपनी को कालीसूची में डालने के लिए शुरू की गयी कार्यवाही को रोकने के लिए उसने कथित तौर पर अपने प्रभाव का इस्तेमाल करने के लिए राशि ली थी। सीबीआई ने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण कानून की विभिन्न धाराओं के तहत मामले दर्ज किए हैं। अगर आरोप साबित होते हैं तो उन्हें छह माह से पांच साल तक की सजा हो सकती है। सीबीआई अभियोजक ए के गाबा ने बुधवार को यहां विशेष न्यायाधीश संजीव जैन के समक्ष कहा कि मामले में उनकी जांच अब भी जारी है और वे सात अगस्त को आरोपपत्र दाखिल करेंगे। अदालत ने वर्मा और उसकी पत्नी अंका मारिया नीक्सू की न्यायिक हिरासत की अवधि आठ अगस्त तक बढ़ा दी है। उन्हें आठ जून को गिरफ्तार किया गया था। अदालत ने कहा कि जांच अधिकारी ने दलील दी है कि मामले में पड़ताल अब भी चल रही है। ऐसे में दोनों आरोपियों की न्यायिक हिरासत की अवधि आठ अगस्त तक बढ़ायी जाती है।टिप्पणियां वर्मा और अंका पर रेनमेटल एयर डिफेंस एजी (आरएडी) से 530,000 डॉलर लेने का आरोप है। भारत सरकार द्वारा कंपनी को कालीसूची में डालने के लिए शुरू की गयी कार्यवाही को रोकने के लिए उसने कथित तौर पर अपने प्रभाव का इस्तेमाल करने के लिए राशि ली थी। सीबीआई ने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण कानून की विभिन्न धाराओं के तहत मामले दर्ज किए हैं। अगर आरोप साबित होते हैं तो उन्हें छह माह से पांच साल तक की सजा हो सकती है। अदालत ने वर्मा और उसकी पत्नी अंका मारिया नीक्सू की न्यायिक हिरासत की अवधि आठ अगस्त तक बढ़ा दी है। उन्हें आठ जून को गिरफ्तार किया गया था। अदालत ने कहा कि जांच अधिकारी ने दलील दी है कि मामले में पड़ताल अब भी चल रही है। ऐसे में दोनों आरोपियों की न्यायिक हिरासत की अवधि आठ अगस्त तक बढ़ायी जाती है।टिप्पणियां वर्मा और अंका पर रेनमेटल एयर डिफेंस एजी (आरएडी) से 530,000 डॉलर लेने का आरोप है। भारत सरकार द्वारा कंपनी को कालीसूची में डालने के लिए शुरू की गयी कार्यवाही को रोकने के लिए उसने कथित तौर पर अपने प्रभाव का इस्तेमाल करने के लिए राशि ली थी। सीबीआई ने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण कानून की विभिन्न धाराओं के तहत मामले दर्ज किए हैं। अगर आरोप साबित होते हैं तो उन्हें छह माह से पांच साल तक की सजा हो सकती है। अदालत ने कहा कि जांच अधिकारी ने दलील दी है कि मामले में पड़ताल अब भी चल रही है। ऐसे में दोनों आरोपियों की न्यायिक हिरासत की अवधि आठ अगस्त तक बढ़ायी जाती है।टिप्पणियां वर्मा और अंका पर रेनमेटल एयर डिफेंस एजी (आरएडी) से 530,000 डॉलर लेने का आरोप है। भारत सरकार द्वारा कंपनी को कालीसूची में डालने के लिए शुरू की गयी कार्यवाही को रोकने के लिए उसने कथित तौर पर अपने प्रभाव का इस्तेमाल करने के लिए राशि ली थी। सीबीआई ने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण कानून की विभिन्न धाराओं के तहत मामले दर्ज किए हैं। अगर आरोप साबित होते हैं तो उन्हें छह माह से पांच साल तक की सजा हो सकती है। वर्मा और अंका पर रेनमेटल एयर डिफेंस एजी (आरएडी) से 530,000 डॉलर लेने का आरोप है। भारत सरकार द्वारा कंपनी को कालीसूची में डालने के लिए शुरू की गयी कार्यवाही को रोकने के लिए उसने कथित तौर पर अपने प्रभाव का इस्तेमाल करने के लिए राशि ली थी। सीबीआई ने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण कानून की विभिन्न धाराओं के तहत मामले दर्ज किए हैं। अगर आरोप साबित होते हैं तो उन्हें छह माह से पांच साल तक की सजा हो सकती है। सीबीआई ने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण कानून की विभिन्न धाराओं के तहत मामले दर्ज किए हैं। अगर आरोप साबित होते हैं तो उन्हें छह माह से पांच साल तक की सजा हो सकती है।
संक्षिप्त पाठ: अदालत ने वर्मा और उसकी पत्नी अंका मारिया नीक्सू की न्यायिक हिरासत की अवधि आठ अगस्त तक बढ़ा दी है। उन्हें आठ जून को गिरफ्तार किया गया था।
30
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: जर्मनी में एक चर्च ने रोबोट पादरी लांच किया है. इसके हाथों से रोशनी की किरण निकलती है और लोगों को आशीर्वाद मिलता है. रोबोट को ब्लेस यू-2 नाम दिया गया है. इस खास रोबोट को ऐतिहासिक कस्बे विटेनबर्ग में लांच किया गया. यह लांचिंग जर्मन पादरी मार्टिन लूथर की 'द नाइंटी फाइव थीसिस' के प्रकाशन के 500 साल पूरे होने के मौके पर की गई. इसे इवांजेलिकल चर्च ने बनाया है. यह धातु के डिब्बे जैसा है, जिसकी दो बांहें हैं.  चर्च का कहना है कि उन्होंने इसे बिल्कुल मनुष्य जैसा दिखने वाला नहीं बनाया है. लोगों को आशीर्वाद देने से पहले रोबोट उनसे पूछता है कि वे पुरुष की आवाज में आशीर्वाद चाहते हैं या महिला की आवाज में. इसके बाद पूछता है कि उन्हें किस तरह का आशीर्वाद चाहिए. व्यक्ति की इच्छा जानने के बाद रोबोट मुस्कुराते हुए बांहें फैला लेता है और आशीर्वाद देता है. इसके बाद रोबोट के हाथों से प्रकाश निकलता है और यह बाइबिल की पंक्तियां पढ़ते हुए कहता है, 'ईश्वर तुम्हें आशीर्वाद दें और तुम्हारी रक्षा करें.'    चर्च का कहना है कि उन्होंने इसे बिल्कुल मनुष्य जैसा दिखने वाला नहीं बनाया है. लोगों को आशीर्वाद देने से पहले रोबोट उनसे पूछता है कि वे पुरुष की आवाज में आशीर्वाद चाहते हैं या महिला की आवाज में. इसके बाद पूछता है कि उन्हें किस तरह का आशीर्वाद चाहिए. व्यक्ति की इच्छा जानने के बाद रोबोट मुस्कुराते हुए बांहें फैला लेता है और आशीर्वाद देता है. इसके बाद रोबोट के हाथों से प्रकाश निकलता है और यह बाइबिल की पंक्तियां पढ़ते हुए कहता है, 'ईश्वर तुम्हें आशीर्वाद दें और तुम्हारी रक्षा करें.'
यह एक सारांश है: जापान के शख्स ने किया खास किस्म के रोबोट का आविष्कार दोनों रोबोट इंसानी पहलवानों की तरह करते हैं फाइटिंग रोबोट के झगड़े का वीडियो सोशल मीडिया पर हो रहा वायरल
2
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: अपने छोटे बच्चे से दूर राष्ट्रीय शिविर में ट्रेनिंग करना किसी भी मां के लिए मुश्किल होता है लेकिन गोला फेंक में एशियाई चैंपियन बनी मनप्रीत कौर पर अतिरिक्त दबाव था, क्योंकि उनकी पांच साल की बेटी ने उन्हें कहा था कि अब बहुत हो गया और मेरे पास वापस लौट आओ.गुरुवार को एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में महिला गोला फेंक में स्वर्ण पदक जीतने वाली मनप्रीत एनआईएस पटियाला में अपने पति-कोच करमजीत सिंह के साथ ट्रेनिंग करती हैं, जबकि उनकी बेटी जसनूर पिछले कुछ वर्षों से अपनी दादी के साथ है. जसनूर पटियाला में ही अपनी दादी के साथ रहती है लेकिन एनआईएस में व्यस्त और कड़ी ट्रेनिंग के कारण मनप्रीत बेहद कम बार उससे मिलने जा पाती हैं और अधिकांश समय उन्हें अपनी बेटी के बारे में अपनी सास से ही पता चलता है. अब यह जसनूर इतनी बड़ी हो गई है कि उसे अपनी मां की गैरमौजूदगी महसूस होने लगी है और वह मनप्रीत को उसके साथ अधिक समय बिताने के लिए कहने लगी है. मनप्रीत ने कहा,  'जसनूर कुछ महीनों में छह साल की हो जाएगी और जब वह 10 महीने की थी तो मैंने ट्रेनिंग शुरू की और तब से ही मेरी सास उसकी देखभाल कर रही हैं. जसनूर के बारे में पूछने के लिए मैं रोज अपनी सास को फोन करती हूं.'   उन्होंने कहा,  'वह अब चीजों को जानने लगी है, क्या हो रहा है आदि. उसे पता है कि मेरी प्रतियोगिता (एशियाई चैंपियनशिप में) खत्म हो गई है लेकिन मैं अब भी रुकी हुई हूं. उसने मुझसे पूछा कि मैं वापस क्यों नहीं आ रही. उसने फोन पर मुझे कहा कि अब बहुत हो गया वापस लौट आओ.'      मनप्रीत ने कहा, 'मैं और मेरे पति उसके साथ नहीं हैं इसलिए दादी के साथ होने के बावजूद वह इसे महसूस करती है, यह प्राकृतिक है. मैं क्या करूं, मुझे अपने देश के लिए भी करना है. मैं संतुष्ट महसूस करती हूं कि मैं अपने देश के लिए कुछ तो कर रही हूं.'   मनप्रीत ने एशियाई चैंपियनशिप में 18.28 मीटर के प्रयास के साथ स्वर्ण पदक जीता. दिल्ली राष्ट्रमंडल खेल 2010 में उन्होंने 18.86 मीटर के प्रयास से राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया और फिर अपनी शादी और बेटी के जन्म के बाद तीन साल का ब्रेक लिया. उन्होंने पिछले साल की शुरुआत में प्रतिस्पर्धाओं में वापसी की और रियो ओलिंपिक के लिए क्वालिफाई किया, लेकिन फाइनल के लिए क्वालिफाई करने में नाकाम रही.टिप्पणियां उन्होंने कहा,  'जसनूर के जन्म के बाद का समय काफी मुश्किल था. मुझे धीरे धीरे ट्रेनिंग शुरू करनी थी, कदम दर कदम, क्योंकि मुझे सतर्क रहना था कि मैं खुद को चोट नहीं पहुंचाऊं, जिसके कारण ट्रेनिंग पूरी तरह से कर सकती थी. अगर परिवार का समर्थन है तो आप कुछ भी कर सकते हो. मुझे मेरे परिवार का समर्थन मिला. यही कारण है कि मैं आज यहां हूं. अगर परिवार साथ है तो काफी अच्छा लगता है.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) जसनूर पटियाला में ही अपनी दादी के साथ रहती है लेकिन एनआईएस में व्यस्त और कड़ी ट्रेनिंग के कारण मनप्रीत बेहद कम बार उससे मिलने जा पाती हैं और अधिकांश समय उन्हें अपनी बेटी के बारे में अपनी सास से ही पता चलता है. अब यह जसनूर इतनी बड़ी हो गई है कि उसे अपनी मां की गैरमौजूदगी महसूस होने लगी है और वह मनप्रीत को उसके साथ अधिक समय बिताने के लिए कहने लगी है. मनप्रीत ने कहा,  'जसनूर कुछ महीनों में छह साल की हो जाएगी और जब वह 10 महीने की थी तो मैंने ट्रेनिंग शुरू की और तब से ही मेरी सास उसकी देखभाल कर रही हैं. जसनूर के बारे में पूछने के लिए मैं रोज अपनी सास को फोन करती हूं.'   उन्होंने कहा,  'वह अब चीजों को जानने लगी है, क्या हो रहा है आदि. उसे पता है कि मेरी प्रतियोगिता (एशियाई चैंपियनशिप में) खत्म हो गई है लेकिन मैं अब भी रुकी हुई हूं. उसने मुझसे पूछा कि मैं वापस क्यों नहीं आ रही. उसने फोन पर मुझे कहा कि अब बहुत हो गया वापस लौट आओ.'      मनप्रीत ने कहा, 'मैं और मेरे पति उसके साथ नहीं हैं इसलिए दादी के साथ होने के बावजूद वह इसे महसूस करती है, यह प्राकृतिक है. मैं क्या करूं, मुझे अपने देश के लिए भी करना है. मैं संतुष्ट महसूस करती हूं कि मैं अपने देश के लिए कुछ तो कर रही हूं.'   मनप्रीत ने एशियाई चैंपियनशिप में 18.28 मीटर के प्रयास के साथ स्वर्ण पदक जीता. दिल्ली राष्ट्रमंडल खेल 2010 में उन्होंने 18.86 मीटर के प्रयास से राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया और फिर अपनी शादी और बेटी के जन्म के बाद तीन साल का ब्रेक लिया. उन्होंने पिछले साल की शुरुआत में प्रतिस्पर्धाओं में वापसी की और रियो ओलिंपिक के लिए क्वालिफाई किया, लेकिन फाइनल के लिए क्वालिफाई करने में नाकाम रही.टिप्पणियां उन्होंने कहा,  'जसनूर के जन्म के बाद का समय काफी मुश्किल था. मुझे धीरे धीरे ट्रेनिंग शुरू करनी थी, कदम दर कदम, क्योंकि मुझे सतर्क रहना था कि मैं खुद को चोट नहीं पहुंचाऊं, जिसके कारण ट्रेनिंग पूरी तरह से कर सकती थी. अगर परिवार का समर्थन है तो आप कुछ भी कर सकते हो. मुझे मेरे परिवार का समर्थन मिला. यही कारण है कि मैं आज यहां हूं. अगर परिवार साथ है तो काफी अच्छा लगता है.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) मनप्रीत ने कहा,  'जसनूर कुछ महीनों में छह साल की हो जाएगी और जब वह 10 महीने की थी तो मैंने ट्रेनिंग शुरू की और तब से ही मेरी सास उसकी देखभाल कर रही हैं. जसनूर के बारे में पूछने के लिए मैं रोज अपनी सास को फोन करती हूं.'   उन्होंने कहा,  'वह अब चीजों को जानने लगी है, क्या हो रहा है आदि. उसे पता है कि मेरी प्रतियोगिता (एशियाई चैंपियनशिप में) खत्म हो गई है लेकिन मैं अब भी रुकी हुई हूं. उसने मुझसे पूछा कि मैं वापस क्यों नहीं आ रही. उसने फोन पर मुझे कहा कि अब बहुत हो गया वापस लौट आओ.'      मनप्रीत ने कहा, 'मैं और मेरे पति उसके साथ नहीं हैं इसलिए दादी के साथ होने के बावजूद वह इसे महसूस करती है, यह प्राकृतिक है. मैं क्या करूं, मुझे अपने देश के लिए भी करना है. मैं संतुष्ट महसूस करती हूं कि मैं अपने देश के लिए कुछ तो कर रही हूं.'   मनप्रीत ने एशियाई चैंपियनशिप में 18.28 मीटर के प्रयास के साथ स्वर्ण पदक जीता. दिल्ली राष्ट्रमंडल खेल 2010 में उन्होंने 18.86 मीटर के प्रयास से राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया और फिर अपनी शादी और बेटी के जन्म के बाद तीन साल का ब्रेक लिया. उन्होंने पिछले साल की शुरुआत में प्रतिस्पर्धाओं में वापसी की और रियो ओलिंपिक के लिए क्वालिफाई किया, लेकिन फाइनल के लिए क्वालिफाई करने में नाकाम रही.टिप्पणियां उन्होंने कहा,  'जसनूर के जन्म के बाद का समय काफी मुश्किल था. मुझे धीरे धीरे ट्रेनिंग शुरू करनी थी, कदम दर कदम, क्योंकि मुझे सतर्क रहना था कि मैं खुद को चोट नहीं पहुंचाऊं, जिसके कारण ट्रेनिंग पूरी तरह से कर सकती थी. अगर परिवार का समर्थन है तो आप कुछ भी कर सकते हो. मुझे मेरे परिवार का समर्थन मिला. यही कारण है कि मैं आज यहां हूं. अगर परिवार साथ है तो काफी अच्छा लगता है.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा,  'वह अब चीजों को जानने लगी है, क्या हो रहा है आदि. उसे पता है कि मेरी प्रतियोगिता (एशियाई चैंपियनशिप में) खत्म हो गई है लेकिन मैं अब भी रुकी हुई हूं. उसने मुझसे पूछा कि मैं वापस क्यों नहीं आ रही. उसने फोन पर मुझे कहा कि अब बहुत हो गया वापस लौट आओ.'      मनप्रीत ने कहा, 'मैं और मेरे पति उसके साथ नहीं हैं इसलिए दादी के साथ होने के बावजूद वह इसे महसूस करती है, यह प्राकृतिक है. मैं क्या करूं, मुझे अपने देश के लिए भी करना है. मैं संतुष्ट महसूस करती हूं कि मैं अपने देश के लिए कुछ तो कर रही हूं.'   मनप्रीत ने एशियाई चैंपियनशिप में 18.28 मीटर के प्रयास के साथ स्वर्ण पदक जीता. दिल्ली राष्ट्रमंडल खेल 2010 में उन्होंने 18.86 मीटर के प्रयास से राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया और फिर अपनी शादी और बेटी के जन्म के बाद तीन साल का ब्रेक लिया. उन्होंने पिछले साल की शुरुआत में प्रतिस्पर्धाओं में वापसी की और रियो ओलिंपिक के लिए क्वालिफाई किया, लेकिन फाइनल के लिए क्वालिफाई करने में नाकाम रही.टिप्पणियां उन्होंने कहा,  'जसनूर के जन्म के बाद का समय काफी मुश्किल था. मुझे धीरे धीरे ट्रेनिंग शुरू करनी थी, कदम दर कदम, क्योंकि मुझे सतर्क रहना था कि मैं खुद को चोट नहीं पहुंचाऊं, जिसके कारण ट्रेनिंग पूरी तरह से कर सकती थी. अगर परिवार का समर्थन है तो आप कुछ भी कर सकते हो. मुझे मेरे परिवार का समर्थन मिला. यही कारण है कि मैं आज यहां हूं. अगर परिवार साथ है तो काफी अच्छा लगता है.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) मनप्रीत ने एशियाई चैंपियनशिप में 18.28 मीटर के प्रयास के साथ स्वर्ण पदक जीता. दिल्ली राष्ट्रमंडल खेल 2010 में उन्होंने 18.86 मीटर के प्रयास से राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया और फिर अपनी शादी और बेटी के जन्म के बाद तीन साल का ब्रेक लिया. उन्होंने पिछले साल की शुरुआत में प्रतिस्पर्धाओं में वापसी की और रियो ओलिंपिक के लिए क्वालिफाई किया, लेकिन फाइनल के लिए क्वालिफाई करने में नाकाम रही.टिप्पणियां उन्होंने कहा,  'जसनूर के जन्म के बाद का समय काफी मुश्किल था. मुझे धीरे धीरे ट्रेनिंग शुरू करनी थी, कदम दर कदम, क्योंकि मुझे सतर्क रहना था कि मैं खुद को चोट नहीं पहुंचाऊं, जिसके कारण ट्रेनिंग पूरी तरह से कर सकती थी. अगर परिवार का समर्थन है तो आप कुछ भी कर सकते हो. मुझे मेरे परिवार का समर्थन मिला. यही कारण है कि मैं आज यहां हूं. अगर परिवार साथ है तो काफी अच्छा लगता है.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने पिछले साल की शुरुआत में प्रतिस्पर्धाओं में वापसी की और रियो ओलिंपिक के लिए क्वालिफाई किया, लेकिन फाइनल के लिए क्वालिफाई करने में नाकाम रही.टिप्पणियां उन्होंने कहा,  'जसनूर के जन्म के बाद का समय काफी मुश्किल था. मुझे धीरे धीरे ट्रेनिंग शुरू करनी थी, कदम दर कदम, क्योंकि मुझे सतर्क रहना था कि मैं खुद को चोट नहीं पहुंचाऊं, जिसके कारण ट्रेनिंग पूरी तरह से कर सकती थी. अगर परिवार का समर्थन है तो आप कुछ भी कर सकते हो. मुझे मेरे परिवार का समर्थन मिला. यही कारण है कि मैं आज यहां हूं. अगर परिवार साथ है तो काफी अच्छा लगता है.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा,  'जसनूर के जन्म के बाद का समय काफी मुश्किल था. मुझे धीरे धीरे ट्रेनिंग शुरू करनी थी, कदम दर कदम, क्योंकि मुझे सतर्क रहना था कि मैं खुद को चोट नहीं पहुंचाऊं, जिसके कारण ट्रेनिंग पूरी तरह से कर सकती थी. अगर परिवार का समर्थन है तो आप कुछ भी कर सकते हो. मुझे मेरे परिवार का समर्थन मिला. यही कारण है कि मैं आज यहां हूं. अगर परिवार साथ है तो काफी अच्छा लगता है.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: शॉटपटर मनप्रीत कौर की बेटी छह साल की होने वाली है जब वह 10 माह की थई, तो मनप्रीत ने ट्रेनिंग शुरू कर दी थी मनप्रीत ने राष्ट्रमंडल खेल 2010 में 18.86 मीटर से राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया
25
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: महाराष्ट्र के आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) ने सोमवार को इंडियन मुजाहिदीन के फरार प्रमुख यासीन भटकल और उसके तीन सहयोगियों की जानकारी देने वाले को 10-10 लाख रुपये इनाम देने की घोषणा की। एटीएस ने इन सभी के चित्र, पते और लंबाई, कदकाठी एवं उम्र संबंधी जानकारी वाले पोस्टर भी जारी किए।टिप्पणियां एटीएस प्रमुख राकेश मारिया ने कहा कि मुहम्मद सिद्धिबप्पा उर्फ यासीन भटकल (30 साल), दादर विस्फोट के साजिशकर्ता तहासिन अख्तर वासिम अख्तर शेख (23 साल), असादुल्ला अख्तर जावेद अख्तर (26 साल) और वकास उर्फ अहमद (26 साल) को गिरफ्तार करने के लिए जानकारी देने वाले व्यक्ति को 10-10 लाख रुपये इनाम दिए जाएंगे। ये चारों कथित तौर पर 13 जुलाई 2011 को मुंबई में विभिन्न स्थानों पर हुए बम विस्फोटों में शामिल थे। इन विस्फोटों में 27 लोगों की मौत हो गई और 130 लोग घायल हुए थे। एटीएस ने इन सभी के चित्र, पते और लंबाई, कदकाठी एवं उम्र संबंधी जानकारी वाले पोस्टर भी जारी किए।टिप्पणियां एटीएस प्रमुख राकेश मारिया ने कहा कि मुहम्मद सिद्धिबप्पा उर्फ यासीन भटकल (30 साल), दादर विस्फोट के साजिशकर्ता तहासिन अख्तर वासिम अख्तर शेख (23 साल), असादुल्ला अख्तर जावेद अख्तर (26 साल) और वकास उर्फ अहमद (26 साल) को गिरफ्तार करने के लिए जानकारी देने वाले व्यक्ति को 10-10 लाख रुपये इनाम दिए जाएंगे। ये चारों कथित तौर पर 13 जुलाई 2011 को मुंबई में विभिन्न स्थानों पर हुए बम विस्फोटों में शामिल थे। इन विस्फोटों में 27 लोगों की मौत हो गई और 130 लोग घायल हुए थे। एटीएस प्रमुख राकेश मारिया ने कहा कि मुहम्मद सिद्धिबप्पा उर्फ यासीन भटकल (30 साल), दादर विस्फोट के साजिशकर्ता तहासिन अख्तर वासिम अख्तर शेख (23 साल), असादुल्ला अख्तर जावेद अख्तर (26 साल) और वकास उर्फ अहमद (26 साल) को गिरफ्तार करने के लिए जानकारी देने वाले व्यक्ति को 10-10 लाख रुपये इनाम दिए जाएंगे। ये चारों कथित तौर पर 13 जुलाई 2011 को मुंबई में विभिन्न स्थानों पर हुए बम विस्फोटों में शामिल थे। इन विस्फोटों में 27 लोगों की मौत हो गई और 130 लोग घायल हुए थे। ये चारों कथित तौर पर 13 जुलाई 2011 को मुंबई में विभिन्न स्थानों पर हुए बम विस्फोटों में शामिल थे। इन विस्फोटों में 27 लोगों की मौत हो गई और 130 लोग घायल हुए थे।
महाराष्ट्र के आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) ने सोमवार को इंडियन मुजाहिदीन के फरार प्रमुख यासीन भटकल और उसके तीन सहयोगियों की जानकारी देने वाले को 10-10 लाख रुपये इनाम देने की घोषणा की।
1
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश में बीजेपी के जीत के बाद एक बार फिर एंटी रोमियो दस्ता एक्टिव हो गया है और ऐसे में कहा जाने लगा कि दिल्ली पुलिस भी उत्तर प्रदेश जैसा एंटी रोमियो दस्ता शुरू करने पर विचार कर रही है. लेकिन, दिल्ली पुलिस ने इन अटकलों को खारिज किया है. ऐसी खबरें थीं कि दिल्ली पुलिस ऐसे क्षेत्रों में गश्त के लिए महिला दस्ते लगाने पर विचार रही है जो महिला स्कूटर चालकों के लिए अनुकूल नहीं हैं. जहां पर महिलाओं और लड़कियों से ज्यादा छेड़खानी की खबरें आती हैं.टिप्पणियां दिल्ली पुलिस प्रवक्ता ने फिलहाल उत्तर प्रदेश जैसी किसी पहल से इनकार किया. विशेष पुलिस आयुक्त (अभियान) एवं दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता दीपेंद्र पाठक ने कहा, ‘‘फिलहाल ऐसे दस्ते का कोई प्रस्ताव नहीं है. दिल्ली पुलिस महिलाओं की सुरक्षा एवं पीछा करने के मुद्दे पर संवेदनशील है.’’ ऐसी खबरें थीं कि दिल्ली पुलिस ऐसे क्षेत्रों में गश्त के लिए महिला दस्ते लगाने पर विचार रही है जो महिला स्कूटर चालकों के लिए अनुकूल नहीं हैं. जहां पर महिलाओं और लड़कियों से ज्यादा छेड़खानी की खबरें आती हैं.टिप्पणियां दिल्ली पुलिस प्रवक्ता ने फिलहाल उत्तर प्रदेश जैसी किसी पहल से इनकार किया. विशेष पुलिस आयुक्त (अभियान) एवं दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता दीपेंद्र पाठक ने कहा, ‘‘फिलहाल ऐसे दस्ते का कोई प्रस्ताव नहीं है. दिल्ली पुलिस महिलाओं की सुरक्षा एवं पीछा करने के मुद्दे पर संवेदनशील है.’’ दिल्ली पुलिस प्रवक्ता ने फिलहाल उत्तर प्रदेश जैसी किसी पहल से इनकार किया. विशेष पुलिस आयुक्त (अभियान) एवं दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता दीपेंद्र पाठक ने कहा, ‘‘फिलहाल ऐसे दस्ते का कोई प्रस्ताव नहीं है. दिल्ली पुलिस महिलाओं की सुरक्षा एवं पीछा करने के मुद्दे पर संवेदनशील है.’’ विशेष पुलिस आयुक्त (अभियान) एवं दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता दीपेंद्र पाठक ने कहा, ‘‘फिलहाल ऐसे दस्ते का कोई प्रस्ताव नहीं है. दिल्ली पुलिस महिलाओं की सुरक्षा एवं पीछा करने के मुद्दे पर संवेदनशील है.’’
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: बीजेपी के जीत के बाद एक बार फिर एंटी रोमियो दस्ता एक्टिव हो गया है. दिल्ली पुलिस ने इन अटकलों को खारिज किया है. दिल्ली में नहीं बनेगा एंटी रोमियो दस्ता.
11
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे के प्रस्तावित अनशन से पहले ही दिल्ली पुलिस द्वारा मंगलवार को उन्हें हिरासत में ले लिए जाने के बाद संसद के दोनों सदनों में इस मुद्दे को लेकर जबरदस्त हंगामा हुआ और कार्यवाही बुधवार तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। मुद्दे पर गृहमंत्री पी चिदंबरम ने सरकार की ओर से बयान से बयान दिया परंतु विपक्ष संतुष्ट नहीं हुआ और लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने इस मुद्दे पर सीधे पीएम से बयान देने की मांग की है। लोकसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे जैसे ही शुरू हुई सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया। लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने सदस्यों को शांत कराने की पूरी कोशिश की लेकिन हंगामा नहीं थमा। इस कारण सदन की कार्यवाही पहले 11.30 बजे तक के लिए और फिर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। लेकिन 12 बजे जब सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई तो भी हंगामा नहीं थमा और कार्यवाही बुधवार 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। कुछ ऐसी ही स्थिति राज्यसभा की भी थी। सुबह 11 बजे कार्यवाही शुरू होने के बाद जबरदस्त हंगामा हुआ और कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। दोपहर 12 बजे दोबारा कार्यवाही शुरू होने के बाद भी हंगामा नहीं थमा और कार्यवाही बुधवार 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
संक्षिप्त पाठ: अन्ना हजारे की गिरफ्तारी के बाद संसद के दोनों सदनों में विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया और मुद्दे पर चिदंबरम के बयान से संतुष्ट नहीं हुआ।
27
['hin']
एक सारांश बनाओ: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम करुणानिधि ने सोमवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात की और कहा कि द्रमुक और कांग्रेस के बीच के संबंध बेहद प्रगाढ़ हैं। राजभवन में प्रधानमंत्री सिंह से आधे घंटे से अधिक समय तक मुलाकात के बाद उन्होंने संवाददाताओं से कहा, यह संबंध उतना ही मजबूत है जितना आपके (मीडिया) और मेरे बीच। यह पूछे जाने पर कि 2-जी स्पेक्ट्रम घोटाले का क्या दोनों पार्टियों के बीच संबंधों पर असर पड़ा है, उन्होंने इसका नकारात्मक उत्तर दिया। संप्रग सरकार में द्रमुक के प्रतिनिधि ए राजा के दूरसंचार मंत्री के पद से इस्तीफा देने के बाद दोनों नेताओं के बीच यह पहली मुलाकात है। करुणानिधि को रविवार रात ही सिंह से मुलाकात करनी थी, लेकिन अपने मित्र और जाने-माने तमिल गीतकार वैरामुथु की कविताओं के संग्रह को जारी करने के लिए आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेने के कारण वह ऐसा नहीं कर सके। उन्होंने कहा कि रविवार रात उनकी निर्धारित बैठक नहीं हो सकी, क्योंकि अनेक वक्ताओं ने कार्यक्रम को संबोधित किया। यह पूछे जाने पर कि क्या वह शहर में पर्यावरण पार्क स्थापित करने के राज्य सरकार के प्रस्ताव को पर्यावरण मंत्रालय से हरी झंडी नहीं मिलने के कारण नाराज हैं तो करुणानिधि ने कहा, नहीं। इस पार्क का उद्घाटन प्रधानमंत्री को करना था, लेकिन अंतिम क्षण में इसे रद्द कर दिया गया। बैठक के दौरान करुणानिधि ने पिछले महीने बारिश के कारण राज्य के कई जिलों में हुई क्षति के बारे में विस्तृत ब्योरा सौंपा। करुणानिधि ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया कि वह जल्द राहत और पुनर्वास कार्य के लिए धन की मंजूरी दें। सिंह उपनगरीय कट्टनकुलातूर स्थित एसआरएम विश्वविद्यालय में 98 वीं भारतीय विज्ञान कांग्रेस का उद्घाटन करेंगे। सिंह रात ही चेन्नई पहुंचे थे।
संक्षिप्त सारांश: प्रधानमंत्री से आधे घंटे से अधिक समय तक मुलाकात के बाद उन्होंने कहा, "यह संबंध उतना ही मजबूत है जितना आपके (मीडिया) और मेरे बीच।"
8
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण पदक विजेता भारत के सुरंजय सिंह और उदीयमान सुमित सांगवान ने एशियाई ओलिंपिक क्वालीफाइंग मुक्केबाजी प्रतियोगिता में शानदार शुरुआत की है। वर्ष 2010 में एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीतने वाले सुरंजय (52 किलोग्राम) ने गुरुवार को खेले गए अपने पहले दौर के मुकाबले में दक्षिण कोरिया के डोंग-मयुंग शिन को 16-14 से हरा दिया।टिप्पणियां अगले दौर में 26 वर्षीय सुरंजय का सामना वर्ष 2009 के वर्ल्ड  चैम्पियनशिप के रजत पदक विजेता मंगोलिया के तुगसतसोग्त नायाम्बायार से होगी। नायाम्बायार ने फिलीपिंस के रे सालुदार को एकतरफा मुकाबले में हराया। दूसरी ओर, लाइट हैवीवेट डिवीजन में सुमित ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया। उन्होंने वियतनाम के लुओंग वान तोआन को आसानी से 14-2 से पराजित किया। सुमित अगले दौर में एशियाई चैम्पियन दक्षिण कोरिया के हेयोंगकक्यू किम से भिड़ेंगे। वर्ष 2010 में एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीतने वाले सुरंजय (52 किलोग्राम) ने गुरुवार को खेले गए अपने पहले दौर के मुकाबले में दक्षिण कोरिया के डोंग-मयुंग शिन को 16-14 से हरा दिया।टिप्पणियां अगले दौर में 26 वर्षीय सुरंजय का सामना वर्ष 2009 के वर्ल्ड  चैम्पियनशिप के रजत पदक विजेता मंगोलिया के तुगसतसोग्त नायाम्बायार से होगी। नायाम्बायार ने फिलीपिंस के रे सालुदार को एकतरफा मुकाबले में हराया। दूसरी ओर, लाइट हैवीवेट डिवीजन में सुमित ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया। उन्होंने वियतनाम के लुओंग वान तोआन को आसानी से 14-2 से पराजित किया। सुमित अगले दौर में एशियाई चैम्पियन दक्षिण कोरिया के हेयोंगकक्यू किम से भिड़ेंगे। अगले दौर में 26 वर्षीय सुरंजय का सामना वर्ष 2009 के वर्ल्ड  चैम्पियनशिप के रजत पदक विजेता मंगोलिया के तुगसतसोग्त नायाम्बायार से होगी। नायाम्बायार ने फिलीपिंस के रे सालुदार को एकतरफा मुकाबले में हराया। दूसरी ओर, लाइट हैवीवेट डिवीजन में सुमित ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया। उन्होंने वियतनाम के लुओंग वान तोआन को आसानी से 14-2 से पराजित किया। सुमित अगले दौर में एशियाई चैम्पियन दक्षिण कोरिया के हेयोंगकक्यू किम से भिड़ेंगे। दूसरी ओर, लाइट हैवीवेट डिवीजन में सुमित ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया। उन्होंने वियतनाम के लुओंग वान तोआन को आसानी से 14-2 से पराजित किया। सुमित अगले दौर में एशियाई चैम्पियन दक्षिण कोरिया के हेयोंगकक्यू किम से भिड़ेंगे।
संक्षिप्त पाठ: राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण पदक विजेता भारत के सुरंजय सिंह और उदीयमान सुमित सांगवान ने एशियाई ओलिंपिक क्वालीफाइंग मुक्केबाजी प्रतियोगिता में शानदार शुरुआत की है।
27
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: एस राजामौली की फिल्‍म 'बाहुबली: द कन्‍क्‍लूजन' एक के बाद एक रिकॉर्ड तोड़ रही है. 800 करोड़ रुपये की कमाई के साथ आमिर की 'पीके' और 'दंगल' को पछाड़ने वाली बाहुबली के बारे क्या आप जानते हैं कि इसका बीमा भी काफी मंहगा हुआ है. बाहुबली 2 को जनराली इंश्योरेंस कंपनी ने 200 करोड़ रुपये का बीमा कवर दिया है. कंपनी ने फिल्म का बीमा अपने फिल्म पैकेज बीमा उत्पाद के तहत किया है. निजी बीमा कंपनी के हवाले से न्यूज एजेंसी भाषा के मुताबिक इस पॉलिसी में फिल्म निर्माण के दौरान, उसके पहले और बाद के जोखिमों को बीमा सुरक्षा प्रदान की जाती है.टिप्पणियां कंपनी ने एक स्टेटमेंट जारी करके कहा कि यह पॉलिसी फिल्म को कई ऐसी घटनाओं जैसे कि मौत, किसी कलाकार का बीमार होना, कोई प्राकृतिक आपदा या दुर्घटना जिससे कि फिल्म में देरी होती हो जैसे मामलों में बीमा सुरक्षा प्रदान करती है. इसके अलावा यह शूटिंग के दौरान यदि फिल्म में प्रयोग हुए उपकरणों को नुकसान पहुंचा हो तो इस पर भी बीमा सुरक्षा उपलब्ध कराती है.   (बाहुबली फिल्म को करते हुए प्रभास ने कोई दूसरी फिल्म साइन नहीं की) बता दें कि बाहुबली-2 को तेलगू समेत हिंदी, मलयालम, तमिल जैसी कई भाषाओं में भी रिलीज किया गया है और इसके सभी संस्करणों ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छी कमाई की है. इस फिल्म को एसएस राजामौली ने निर्देशित किया है. राजामौली ने अपनी सुपर-डुपरहिट फिल्म का तीसरा भाग बनाए जाने की संभावना से इंकार नहीं किया है, हालांकि दूसरे भाग को 'कहानी के अंत' के रूप में ही पेश किया गया था.'बाहुबली' सीरीज़ की दोनों फिल्मों की पटकथा राजामौली के पिता विजयेंद्र प्रसाद द्वारा लिखी कहानी पर आधारित है. कंपनी ने फिल्म का बीमा अपने फिल्म पैकेज बीमा उत्पाद के तहत किया है. निजी बीमा कंपनी के हवाले से न्यूज एजेंसी भाषा के मुताबिक इस पॉलिसी में फिल्म निर्माण के दौरान, उसके पहले और बाद के जोखिमों को बीमा सुरक्षा प्रदान की जाती है.टिप्पणियां कंपनी ने एक स्टेटमेंट जारी करके कहा कि यह पॉलिसी फिल्म को कई ऐसी घटनाओं जैसे कि मौत, किसी कलाकार का बीमार होना, कोई प्राकृतिक आपदा या दुर्घटना जिससे कि फिल्म में देरी होती हो जैसे मामलों में बीमा सुरक्षा प्रदान करती है. इसके अलावा यह शूटिंग के दौरान यदि फिल्म में प्रयोग हुए उपकरणों को नुकसान पहुंचा हो तो इस पर भी बीमा सुरक्षा उपलब्ध कराती है.   (बाहुबली फिल्म को करते हुए प्रभास ने कोई दूसरी फिल्म साइन नहीं की) बता दें कि बाहुबली-2 को तेलगू समेत हिंदी, मलयालम, तमिल जैसी कई भाषाओं में भी रिलीज किया गया है और इसके सभी संस्करणों ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छी कमाई की है. इस फिल्म को एसएस राजामौली ने निर्देशित किया है. राजामौली ने अपनी सुपर-डुपरहिट फिल्म का तीसरा भाग बनाए जाने की संभावना से इंकार नहीं किया है, हालांकि दूसरे भाग को 'कहानी के अंत' के रूप में ही पेश किया गया था.'बाहुबली' सीरीज़ की दोनों फिल्मों की पटकथा राजामौली के पिता विजयेंद्र प्रसाद द्वारा लिखी कहानी पर आधारित है. कंपनी ने एक स्टेटमेंट जारी करके कहा कि यह पॉलिसी फिल्म को कई ऐसी घटनाओं जैसे कि मौत, किसी कलाकार का बीमार होना, कोई प्राकृतिक आपदा या दुर्घटना जिससे कि फिल्म में देरी होती हो जैसे मामलों में बीमा सुरक्षा प्रदान करती है. इसके अलावा यह शूटिंग के दौरान यदि फिल्म में प्रयोग हुए उपकरणों को नुकसान पहुंचा हो तो इस पर भी बीमा सुरक्षा उपलब्ध कराती है.   (बाहुबली फिल्म को करते हुए प्रभास ने कोई दूसरी फिल्म साइन नहीं की) बता दें कि बाहुबली-2 को तेलगू समेत हिंदी, मलयालम, तमिल जैसी कई भाषाओं में भी रिलीज किया गया है और इसके सभी संस्करणों ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छी कमाई की है. इस फिल्म को एसएस राजामौली ने निर्देशित किया है. राजामौली ने अपनी सुपर-डुपरहिट फिल्म का तीसरा भाग बनाए जाने की संभावना से इंकार नहीं किया है, हालांकि दूसरे भाग को 'कहानी के अंत' के रूप में ही पेश किया गया था.'बाहुबली' सीरीज़ की दोनों फिल्मों की पटकथा राजामौली के पिता विजयेंद्र प्रसाद द्वारा लिखी कहानी पर आधारित है. बता दें कि बाहुबली-2 को तेलगू समेत हिंदी, मलयालम, तमिल जैसी कई भाषाओं में भी रिलीज किया गया है और इसके सभी संस्करणों ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छी कमाई की है. इस फिल्म को एसएस राजामौली ने निर्देशित किया है. राजामौली ने अपनी सुपर-डुपरहिट फिल्म का तीसरा भाग बनाए जाने की संभावना से इंकार नहीं किया है, हालांकि दूसरे भाग को 'कहानी के अंत' के रूप में ही पेश किया गया था.'बाहुबली' सीरीज़ की दोनों फिल्मों की पटकथा राजामौली के पिता विजयेंद्र प्रसाद द्वारा लिखी कहानी पर आधारित है.
यहाँ एक सारांश है:बाहुबली 2 को 00 करोड़ रुपये का बीमा कवर दिया गया है जनराली इंश्योरेंस कंपनी ने दिया है यह इंश्योरेंस कंपनी ने फिल्म का बीमा अपने फिल्म पैकेज बीमा उत्पाद के तहत किया है
18
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: अभिनेत्री हेजल कीच रियलिटी शो ‘बिग बॉस’ से बाहर होने वाली इस सत्र की पहली प्रतिभागी बन गई हैं। शो का यह सत्र एक सप्ताह पहले ही शुरू हुआ है।टिप्पणियां बिगबॉस के घर में सभी 14 प्रतिभागी तीन माह तक रहेंगे और इस दौरान उनका बाहरी दुनिया से कोई संपर्क नहीं होगा। इस बार बिगबॉस के घर को नए तरीके से तैयार किया गया है जिसमें दो भाग हैं। पहला स्वर्ग और दूसरा नरक। ब्रिटिश पृष्ठभूमि वाली कीच नरक में भेजी गई थी। ज्यादातर सदस्यों ने बाहर निकाले जाने के लिए उन्हें ही नामित किया। उन्होंने कहा कि इस दौरान उनका अनुभव मजेदार रहा। बिगबॉस के घर में सभी 14 प्रतिभागी तीन माह तक रहेंगे और इस दौरान उनका बाहरी दुनिया से कोई संपर्क नहीं होगा। इस बार बिगबॉस के घर को नए तरीके से तैयार किया गया है जिसमें दो भाग हैं। पहला स्वर्ग और दूसरा नरक। ब्रिटिश पृष्ठभूमि वाली कीच नरक में भेजी गई थी। ज्यादातर सदस्यों ने बाहर निकाले जाने के लिए उन्हें ही नामित किया। उन्होंने कहा कि इस दौरान उनका अनुभव मजेदार रहा। ब्रिटिश पृष्ठभूमि वाली कीच नरक में भेजी गई थी। ज्यादातर सदस्यों ने बाहर निकाले जाने के लिए उन्हें ही नामित किया। उन्होंने कहा कि इस दौरान उनका अनुभव मजेदार रहा।
सारांश: अभिनेत्री हेजल कीच रियलिटी शो ‘बिग बॉस’ से बाहर होने वाली इस सत्र की पहली प्रतिभागी बन गई हैं। शो का यह सत्र एक सप्ताह पहले ही शुरू हुआ है।
33
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: कार कंपनी फोर्ड इंडिया ने अपनी हैचबैक कार फिगो का एक विशेष सीमित संस्करण पेश किया। दिल्ली शोरूम में इसकी शुरुआती कीमत 4.15 लाख रुपये है।टिप्पणियां कंपनी ने कहा कि इस सीमित संस्करण के तहत पेट्रोल कार की कीमत 4.15 लाख रुपये से शुरू होती है, जबकि डीजल कार की कीमत 5.15 लाख रुपये से शुरू होती है। फोर्ड इंडिया ने भारत में फिगो कार पेश किए हुए तीन साल पूरे होने के मौके पर ये सीमित संस्करण उतारे हैं। तीन साल में कंपनी ने इस मॉडल की 2.7 लाख कारें बेची हैं। कंपनी ने भारत में मार्च, 2010 में फिगो को पेश किया था। कंपनी इस माडल का निर्यात 35 देशों को करती है। कंपनी ने कहा कि इस सीमित संस्करण के तहत पेट्रोल कार की कीमत 4.15 लाख रुपये से शुरू होती है, जबकि डीजल कार की कीमत 5.15 लाख रुपये से शुरू होती है। फोर्ड इंडिया ने भारत में फिगो कार पेश किए हुए तीन साल पूरे होने के मौके पर ये सीमित संस्करण उतारे हैं। तीन साल में कंपनी ने इस मॉडल की 2.7 लाख कारें बेची हैं। कंपनी ने भारत में मार्च, 2010 में फिगो को पेश किया था। कंपनी इस माडल का निर्यात 35 देशों को करती है। फोर्ड इंडिया ने भारत में फिगो कार पेश किए हुए तीन साल पूरे होने के मौके पर ये सीमित संस्करण उतारे हैं। तीन साल में कंपनी ने इस मॉडल की 2.7 लाख कारें बेची हैं। कंपनी ने भारत में मार्च, 2010 में फिगो को पेश किया था। कंपनी इस माडल का निर्यात 35 देशों को करती है।
कार कंपनी फोर्ड इंडिया ने अपनी हैचबैक कार फिगो का एक विशेष सीमित संस्करण पेश किया। दिल्ली शोरूम में इसकी शुरुआती कीमत 4.15 लाख रुपये है।
1
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: चेन्नई सुपरकिंग्स के कोच स्टीफन फ्लेमिंग ने चैम्पियंस लीग ट्वेंटी20 सेमीफाइनल में अपनी टीम को राजस्थान रॉयल्स से मिली 14 रन की हार के लिए बल्लेबाजी को जिम्मेदार ठहराया और स्वीकार किया कि लक्ष्य का पीछा करते हुए उनके बल्लेबाज थोड़े घबरा गए थे।टिप्पणियां फ्लेमिंग से जब पूछा गया कि क्या यह हार इससे पहले मैच में त्रिनिदाद एवं टोबैगो के खिलाफ मिली के कारण हुए दबाव से मिली। उन्होंने कहा, आमतौर पर हम काफी संयमित रहे हैं और ऐसा कम ही होता है कि हमारी बल्लेबाजी लगातार दो मैचों में विफल रही। उन्होंने बीती रात मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, हमारे बल्लेबाजों ने खराब शॉट खेले, वे विकेट के बीच दौड़ते हुए घबरा गए। फ्लेमिंग से जब पूछा गया कि क्या यह हार इससे पहले मैच में त्रिनिदाद एवं टोबैगो के खिलाफ मिली के कारण हुए दबाव से मिली। उन्होंने कहा, आमतौर पर हम काफी संयमित रहे हैं और ऐसा कम ही होता है कि हमारी बल्लेबाजी लगातार दो मैचों में विफल रही। उन्होंने बीती रात मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, हमारे बल्लेबाजों ने खराब शॉट खेले, वे विकेट के बीच दौड़ते हुए घबरा गए। उन्होंने बीती रात मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, हमारे बल्लेबाजों ने खराब शॉट खेले, वे विकेट के बीच दौड़ते हुए घबरा गए।
यह एक सारांश है: चेन्नई सुपरकिंग्स के कोच स्टीफन फ्लेमिंग ने चैम्पियंस लीग ट्वेंटी20 सेमीफाइनल में अपनी टीम को राजस्थान रॉयल्स से मिली 14 रन की हार के लिए बल्लेबाजी को जिम्मेदार ठहराया।
9
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: अमेरिकी धरती पर अब तक के सबसे भीषण आतंकवादी हमले का सूत्रधार और दुनिया का सर्वाधिक वांछित आतंकवादी ओसामा बिन लादेन सोमवार को एक अभियान में पाकिस्तान में मारा गया। ओसामा के जीवन से जुड़ी कुछ अहम घटनाएं इस प्रकार हैं।1957 : सउदी अरब में लादेन का जन्म। वह निर्माण उद्यमी मोहम्मद अवाद बिन लादेन के 52 बच्चों में से 17वां था। 1969 : मोहम्मद बिन लादेन की मौत। उस समय 11 साल के रहे लादेन को लगभग आठ करोड़ डॉलर की राशि विरासत में मिली। लादेन बाद में जेद्दा में सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए गया। 1973 : लादेन ने खुद को चरमपंथी मुस्लिम गुटों से जोड़ा। 1979 : युवा लादेन मुजाहिदीन नाम से पहचाने जाने वाले लड़ाकों की मदद के लिए अफगानिस्तान गया। लादेन एक गुट का मुख्य आर्थिक मददगार बन गया, जो बाद में अल कायदा कहलाया। 1989 : अफगानिस्तान में सोवियत संघ के हटने के बाद लादेन परिवार की निर्माण कंपनी के लिए काम करने के उद्देश्य से सउदी अरब लौट गया। यहां उसने अफगान युद्ध में मदद के उद्देश्य से कोष जुटाना शुरू कर दिया। अल कायदा वैश्विक गुट बना। मुख्यालय अफगानिस्तान रहा, जबकि उसके सदस्य 35 से 60 देशों में मौजूद थे। 1991 : अमेरिकी नीत गठबंधन ने कुवैत से इराकी बलों को खदेड़ने के लिए युद्ध शुरू किया। लादेन ने अमेरिकी बलों के खिलाफ जिहाद की शुरूआत की। सरकार विरोधी गतिविधियों के चलते उसे सउदी अरब से निष्कासित कर दिया गया। सउदी अरब ने उसकी और उसके परिवार की नागरिकता को वापस ले लिया। उसने सूडान में शरण ली। 1993 : वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर बम गिरा, छह की मौत, सैकड़ों घायल। इस संबंध में छह मुस्लिम कट्टरपंथी दोषी ठहराए गए। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, इनके संबंध लादेन से थे। नवंबर में रियाद में एक इमारत के सामने बम फटा। इस इमारत में अमेरिकी सैन्य परामर्शकार काम करते थे। अमेरिका के पांच और भारत के दो नागरिक मारे गए। हमले में 60 से भी ज्यादा लोग घायल। 1995 : नैरोबी और तंजानिया के दार-ए-सलाम में अमेरिकी दूतावासों के बाहर बम विस्फोट, 224 की मौत। 1996 : अमेरिकी दबाव के कारण सूडान ने लादेन को निष्कासित किया। लादेन अपने 10 बच्चों और तीन बीवियों को लेकर अफगानिस्तान पहुंचा। यहां उसने अमेरिकी बलों के खिलाफ जिहाद की घोषणा की। 20 अगस्त, 1998 : दूतावास पर हमलों के जवाब में अमेरिका ने अफगानिस्तान और सूडान में लादेन के प्रशिक्षण शिविरों पर हमले किए। कम से कम 20 लोग मारे गए। लादेन वहां मौजूद नहीं था। 1998 : अमेरिका की एक अदालत ने दूतावासों पर बमबारी के आरोप में लादेन को दोषी ठहराया। उसके सिर पर 50 लाख डॉलर का इनाम रखा गया। 1999 : एफबीआई ने लादेन को 10 सबसे वांछित आतंकवादियों की सूची में रखा। 2000 : यमन में एक आत्मघाती हमले में 17 अमेरिकी नाविकों की मौत। 2001 : अल-कायदा प्रमुख ने 11 सितंबर को वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के ट्विन टॉवर्स और पेंटागन पर हमला किया, 3,000 से ज्यादा लोगों की मौत। इस हमले के बाद अमेरिकी सरकार ने लादेन का नाम मुख्य संदिग्ध के तौर पर घोषित किया। अमेरिकी सुरक्षा बल अफगानिस्तान स्थित तोरा-बोरा की पहाड़ियों में छिपे लादेन को मारने में असफल रहे। खबरों के मुताबिक, लादेन पाकिस्तान भागा। 2002 : अमेरिका नीत सैन्य अभियान तेज हुआ। गठबंधन बलों ने मैदानी सुरक्षा बलों की संख्या बढ़ाई। लादेन पर्दे के पीछे रहा, लेकिन कुछ समय बाद अल-जजीरा ने उसकी आवाज वाले दो ऑडियो टेप प्रसारित किए। अमेरिकी खुफिया अधिकारियों के मुताबिक, ये रिकॉर्डिंग प्रामाणिक थी। 2003 : ओसामा की दुनिया भर के मुसलमानों से अपील, अपने मतभेद दूर करके जिहाद में भाग लें। पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के मुताबिक लादेन संभवत: जीवित और अफगानिस्तान में कहीं छिपा हुआ। हालांकि उन्होंने दावा किया कि अल-कायदा अब उतना प्रभावी आतंकवादी गुट नहीं रहा। 2004 : चार जनवरी को, अल-जजीरा ने दोबारा लादेन के टेप जारी किए। मार्च में अमेरिकी रक्षा अधिकारियों ने अफगान पाकिस्तान सीमा के पास लादेन के लिए खोज अभियान और तेज किया। 2009 : अमेरिकी रक्षा मंत्री रॉबर्ट गेट्स ने कहा कि अधिकारियों के पास कई सालों से लादेन के पते के बारे में कोई विश्वसनीय जानकारी नहीं है। 2 मई, 2011 : अमेरिका ने इस्लामाबाद के पास एक विशेष अभियान में लादेन को मार गिराया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि लादेन का एक वयस्क पुत्र भी हमले में मारा गया।
सारांश: दुनिया का सर्वाधिक वांछित आतंकवादी ओसामा बिन लादेन सोमवार को एक अभियान में पाकिस्तान में मारा गया। ओसामा के जीवन से जुड़ी कुछ अहम घटनाएं इस प्रकार हैं।
33
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तानी के खैबर पख्तूनख्वाह प्रांत की सरकार ने अलकायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन की जानकारी अमेरिकी सरकार को देने के आरोप में गिरफ्तार डॉ. शकील अहमद को नौकरी से निकाल दिया है। डॉ. आफरीदी ने ऐबटाबाद में एक फर्जी टीकाकरण अभियान चलाकर ओसामा बिन लादेन का पता लगाया था। राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी बयान में उन पर अनुशासन तोड़ने और देशद्रोह में शामिल होने का आरोप लगाया गया है। डॉ. आफरीदी के साथ-साथ 15 महिला कर्मचारियों को भी नौकरी से निकाल दिया गया है। ये सभी उस फर्जी टीकाकरण अभियान में शामिल थीं जिसमें लादेन के ऐबटाबाद में छिपे होने की जानकारी मिली थी। राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी बयान में उन पर अनुशासन तोड़ने और देशद्रोह में शामिल होने का आरोप लगाया गया है। डॉ. आफरीदी के साथ-साथ 15 महिला कर्मचारियों को भी नौकरी से निकाल दिया गया है। ये सभी उस फर्जी टीकाकरण अभियान में शामिल थीं जिसमें लादेन के ऐबटाबाद में छिपे होने की जानकारी मिली थी।
सारांश: सरकार ने अलकायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन की जानकारी अमेरिकी सरकार को देने के आरोप में गिरफ्तार डॉ. शकील अहमद को नौकरी से निकाल दिया है।
31
['hin']
एक सारांश बनाओ: स्वीडन के एक हवाईअड्डे पर विस्फोटकों से भरा एक बैग मिलने के बाद उसे खाली करा लिया गया. स्वीडन के सार्वजनिक प्रसारणकर्ता ' एसवीटी ' की रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिमी स्वीडन के गोथेनबर्ग के बाहर स्थित लैंडवेटर हवाईअड्डे पर सोमवार शाम को संदिग्ध वस्तु मिलने के बाद स्वीडन पुलिस के बम निष्क्रिय करने वाले दस्ते को सूचित किया गया. स्वीडेविया हवाईअड्डे के प्रेस अधिकारी एंडर्स पोरेलियस ने स्थानीय समाचार पत्र गोटबाग्र्स-पोस्टन को बताया कि विस्फोटक पदार्थ मिला. समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, पोरेलियस ने बताया कि प्रस्थान कक्ष में सूचना डेस्क द्वारा छोड़ा गया एक बैग मिला. हमने इसकी जांच की, जिसके बाद इसमें विस्फोटक सामग्री होने के निशान मिले. पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, प्रस्थान हॉल को खाली कराकर बंद कर दिया गया है. जांच जारी है. स्वीडेविया हवाईअड्डे के प्रेस अधिकारी एंडर्स पोरेलियस ने स्थानीय समाचार पत्र गोटबाग्र्स-पोस्टन को बताया कि विस्फोटक पदार्थ मिला. समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, पोरेलियस ने बताया कि प्रस्थान कक्ष में सूचना डेस्क द्वारा छोड़ा गया एक बैग मिला. हमने इसकी जांच की, जिसके बाद इसमें विस्फोटक सामग्री होने के निशान मिले. पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, प्रस्थान हॉल को खाली कराकर बंद कर दिया गया है. जांच जारी है.
संक्षिप्त सारांश: एक हवाईअड्डे पर विस्फोटकों से भरा एक बैग मिलने के बाद उसे खाली कराया पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, प्रस्थान हॉल को खाली कराकर बंद करया जांच की तो विस्फोटक सामग्री होने के निशान मिले
8
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र की प्रमुख कंपनी इंफोसिस का एकीकृत शुद्ध लाभ सितंबर की दूसरी तिमाही में 6.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 3,606 करोड़ रुपये पर पहुंच गया. कंपनी ने अपने हालिया प्रदर्शन तथा निकट भविष्य के अनिश्चित कारोबारी परिदृश्य के मद्देनजर चालू वित्त वर्ष के लिए अपनी आमदनी के अनुमान को दूसरी बार घटाया है. बेंगलुरू की इस कंपनी ने पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 3,398 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा कमाया था. बंबई शेयर बाजार को भेजी सूचना में कंपनी ने कहा कि जुलाई-सितंबर तिमाही में उसकी एकीकृत आय 10.7 प्रतिशत बढ़कर 17,310 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 15,635 करोड़ रुपये थी. ये आंकड़े भारतीय लेखा मानकों के आधार पर हैं. कंपनी का अनुमान है कि चालू वित्त वर्ष में उसकी आमदनी स्थिर मुद्रा में 8-9 प्रतिशत बढ़ेगी. रुपये में यह बढ़ोतरी अनुमानत: 9.2 से 10.2 प्रतिशत तथा डालर मूल्य में 8.2 से 9.2 प्रतिशत होगी. इस साल यह दूसरा अवसर है जबकि कंपनी ने चालू वित्त वर्ष के लिए अपनी आय के अनुमान को घटाया है. जुलाई में इन्फोसिस ने कहा था कि स्थिर मुद्रा में उसकी आमदनी 10.5 से 12 प्रतिशत तक बढ़ने का अनुमान है. वहीं इससे पहले कंपनी ने 2016-17 में अपनी आमदनी में 11.5 से 13.5 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान दिया था. इंफोसिस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विशाल सिक्का ने कहा, 'हमें अनिश्चित बाहरी वातावरण का सामना करना पड़ रहा है. इसके बावजूद हमारा ध्यान अपनी रणनीति के क्रियान्वयन तथा अपने सॉफ्टेवयर सेवा मॉडल की रफ्तार बढ़ाने पर है. चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही के अपने प्रदर्शन तथा निकट भविष्य के अनिश्चित कारोबारी परिदृश्य के मद्देनजर हम अपनी आमदनी के अनुमान में संशोधन कर रहे हैं.' इंफोसिस के मुख्य वित्त अधिकारी एम डी रंगनाथ ने कहा कि परिचालन दक्षता में और सुधार से तिमाही के दौरान हमारा मार्जिन बढ़ा है. 'परिचालन नकदी का प्रवाह मजबूत रहा है और हेजिंग के जरिये हमने प्रभावी तरीके से मुद्रा के उतार-चढ़ाव के असर को कम किया है.' बंबई शेयर बाजार में कंपनी का शेयर 2.27 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,028.20 रुपये प्रति शेयर पर कारोबार कर रहा था.टिप्पणियां सितंबर तिमाही में कंपनी ने सकल स्तर पर 12,717 लोगों को जोड़ा. शुद्ध स्तर पर कंपनी के कर्मचारियों की संख्या में 2,779 का इजाफा हुआ. इस तरह 30 सितंबर, 2016 तक कंपनी के कर्मचारियों की संख्या 1.99 लाख पर पहुंच गई. तिमाही के दौरान कंपनी छोड़ने वाले कर्मचारियों की दर 20 प्रतिशत रही. इंफोसिस ने 11 रुपये प्रति इक्विटी शेयर के अंतरिम लाभांश की भी घोषणा की है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) बेंगलुरू की इस कंपनी ने पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 3,398 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा कमाया था. बंबई शेयर बाजार को भेजी सूचना में कंपनी ने कहा कि जुलाई-सितंबर तिमाही में उसकी एकीकृत आय 10.7 प्रतिशत बढ़कर 17,310 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 15,635 करोड़ रुपये थी. ये आंकड़े भारतीय लेखा मानकों के आधार पर हैं. कंपनी का अनुमान है कि चालू वित्त वर्ष में उसकी आमदनी स्थिर मुद्रा में 8-9 प्रतिशत बढ़ेगी. रुपये में यह बढ़ोतरी अनुमानत: 9.2 से 10.2 प्रतिशत तथा डालर मूल्य में 8.2 से 9.2 प्रतिशत होगी. इस साल यह दूसरा अवसर है जबकि कंपनी ने चालू वित्त वर्ष के लिए अपनी आय के अनुमान को घटाया है. जुलाई में इन्फोसिस ने कहा था कि स्थिर मुद्रा में उसकी आमदनी 10.5 से 12 प्रतिशत तक बढ़ने का अनुमान है. वहीं इससे पहले कंपनी ने 2016-17 में अपनी आमदनी में 11.5 से 13.5 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान दिया था. इंफोसिस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विशाल सिक्का ने कहा, 'हमें अनिश्चित बाहरी वातावरण का सामना करना पड़ रहा है. इसके बावजूद हमारा ध्यान अपनी रणनीति के क्रियान्वयन तथा अपने सॉफ्टेवयर सेवा मॉडल की रफ्तार बढ़ाने पर है. चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही के अपने प्रदर्शन तथा निकट भविष्य के अनिश्चित कारोबारी परिदृश्य के मद्देनजर हम अपनी आमदनी के अनुमान में संशोधन कर रहे हैं.' इंफोसिस के मुख्य वित्त अधिकारी एम डी रंगनाथ ने कहा कि परिचालन दक्षता में और सुधार से तिमाही के दौरान हमारा मार्जिन बढ़ा है. 'परिचालन नकदी का प्रवाह मजबूत रहा है और हेजिंग के जरिये हमने प्रभावी तरीके से मुद्रा के उतार-चढ़ाव के असर को कम किया है.' बंबई शेयर बाजार में कंपनी का शेयर 2.27 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,028.20 रुपये प्रति शेयर पर कारोबार कर रहा था.टिप्पणियां सितंबर तिमाही में कंपनी ने सकल स्तर पर 12,717 लोगों को जोड़ा. शुद्ध स्तर पर कंपनी के कर्मचारियों की संख्या में 2,779 का इजाफा हुआ. इस तरह 30 सितंबर, 2016 तक कंपनी के कर्मचारियों की संख्या 1.99 लाख पर पहुंच गई. तिमाही के दौरान कंपनी छोड़ने वाले कर्मचारियों की दर 20 प्रतिशत रही. इंफोसिस ने 11 रुपये प्रति इक्विटी शेयर के अंतरिम लाभांश की भी घोषणा की है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) कंपनी का अनुमान है कि चालू वित्त वर्ष में उसकी आमदनी स्थिर मुद्रा में 8-9 प्रतिशत बढ़ेगी. रुपये में यह बढ़ोतरी अनुमानत: 9.2 से 10.2 प्रतिशत तथा डालर मूल्य में 8.2 से 9.2 प्रतिशत होगी. इस साल यह दूसरा अवसर है जबकि कंपनी ने चालू वित्त वर्ष के लिए अपनी आय के अनुमान को घटाया है. जुलाई में इन्फोसिस ने कहा था कि स्थिर मुद्रा में उसकी आमदनी 10.5 से 12 प्रतिशत तक बढ़ने का अनुमान है. वहीं इससे पहले कंपनी ने 2016-17 में अपनी आमदनी में 11.5 से 13.5 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान दिया था. इंफोसिस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विशाल सिक्का ने कहा, 'हमें अनिश्चित बाहरी वातावरण का सामना करना पड़ रहा है. इसके बावजूद हमारा ध्यान अपनी रणनीति के क्रियान्वयन तथा अपने सॉफ्टेवयर सेवा मॉडल की रफ्तार बढ़ाने पर है. चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही के अपने प्रदर्शन तथा निकट भविष्य के अनिश्चित कारोबारी परिदृश्य के मद्देनजर हम अपनी आमदनी के अनुमान में संशोधन कर रहे हैं.' इंफोसिस के मुख्य वित्त अधिकारी एम डी रंगनाथ ने कहा कि परिचालन दक्षता में और सुधार से तिमाही के दौरान हमारा मार्जिन बढ़ा है. 'परिचालन नकदी का प्रवाह मजबूत रहा है और हेजिंग के जरिये हमने प्रभावी तरीके से मुद्रा के उतार-चढ़ाव के असर को कम किया है.' बंबई शेयर बाजार में कंपनी का शेयर 2.27 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,028.20 रुपये प्रति शेयर पर कारोबार कर रहा था.टिप्पणियां सितंबर तिमाही में कंपनी ने सकल स्तर पर 12,717 लोगों को जोड़ा. शुद्ध स्तर पर कंपनी के कर्मचारियों की संख्या में 2,779 का इजाफा हुआ. इस तरह 30 सितंबर, 2016 तक कंपनी के कर्मचारियों की संख्या 1.99 लाख पर पहुंच गई. तिमाही के दौरान कंपनी छोड़ने वाले कर्मचारियों की दर 20 प्रतिशत रही. इंफोसिस ने 11 रुपये प्रति इक्विटी शेयर के अंतरिम लाभांश की भी घोषणा की है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इस साल यह दूसरा अवसर है जबकि कंपनी ने चालू वित्त वर्ष के लिए अपनी आय के अनुमान को घटाया है. जुलाई में इन्फोसिस ने कहा था कि स्थिर मुद्रा में उसकी आमदनी 10.5 से 12 प्रतिशत तक बढ़ने का अनुमान है. वहीं इससे पहले कंपनी ने 2016-17 में अपनी आमदनी में 11.5 से 13.5 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान दिया था. इंफोसिस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विशाल सिक्का ने कहा, 'हमें अनिश्चित बाहरी वातावरण का सामना करना पड़ रहा है. इसके बावजूद हमारा ध्यान अपनी रणनीति के क्रियान्वयन तथा अपने सॉफ्टेवयर सेवा मॉडल की रफ्तार बढ़ाने पर है. चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही के अपने प्रदर्शन तथा निकट भविष्य के अनिश्चित कारोबारी परिदृश्य के मद्देनजर हम अपनी आमदनी के अनुमान में संशोधन कर रहे हैं.' इंफोसिस के मुख्य वित्त अधिकारी एम डी रंगनाथ ने कहा कि परिचालन दक्षता में और सुधार से तिमाही के दौरान हमारा मार्जिन बढ़ा है. 'परिचालन नकदी का प्रवाह मजबूत रहा है और हेजिंग के जरिये हमने प्रभावी तरीके से मुद्रा के उतार-चढ़ाव के असर को कम किया है.' बंबई शेयर बाजार में कंपनी का शेयर 2.27 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,028.20 रुपये प्रति शेयर पर कारोबार कर रहा था.टिप्पणियां सितंबर तिमाही में कंपनी ने सकल स्तर पर 12,717 लोगों को जोड़ा. शुद्ध स्तर पर कंपनी के कर्मचारियों की संख्या में 2,779 का इजाफा हुआ. इस तरह 30 सितंबर, 2016 तक कंपनी के कर्मचारियों की संख्या 1.99 लाख पर पहुंच गई. तिमाही के दौरान कंपनी छोड़ने वाले कर्मचारियों की दर 20 प्रतिशत रही. इंफोसिस ने 11 रुपये प्रति इक्विटी शेयर के अंतरिम लाभांश की भी घोषणा की है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इंफोसिस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विशाल सिक्का ने कहा, 'हमें अनिश्चित बाहरी वातावरण का सामना करना पड़ रहा है. इसके बावजूद हमारा ध्यान अपनी रणनीति के क्रियान्वयन तथा अपने सॉफ्टेवयर सेवा मॉडल की रफ्तार बढ़ाने पर है. चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही के अपने प्रदर्शन तथा निकट भविष्य के अनिश्चित कारोबारी परिदृश्य के मद्देनजर हम अपनी आमदनी के अनुमान में संशोधन कर रहे हैं.' इंफोसिस के मुख्य वित्त अधिकारी एम डी रंगनाथ ने कहा कि परिचालन दक्षता में और सुधार से तिमाही के दौरान हमारा मार्जिन बढ़ा है. 'परिचालन नकदी का प्रवाह मजबूत रहा है और हेजिंग के जरिये हमने प्रभावी तरीके से मुद्रा के उतार-चढ़ाव के असर को कम किया है.' बंबई शेयर बाजार में कंपनी का शेयर 2.27 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,028.20 रुपये प्रति शेयर पर कारोबार कर रहा था.टिप्पणियां सितंबर तिमाही में कंपनी ने सकल स्तर पर 12,717 लोगों को जोड़ा. शुद्ध स्तर पर कंपनी के कर्मचारियों की संख्या में 2,779 का इजाफा हुआ. इस तरह 30 सितंबर, 2016 तक कंपनी के कर्मचारियों की संख्या 1.99 लाख पर पहुंच गई. तिमाही के दौरान कंपनी छोड़ने वाले कर्मचारियों की दर 20 प्रतिशत रही. इंफोसिस ने 11 रुपये प्रति इक्विटी शेयर के अंतरिम लाभांश की भी घोषणा की है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इंफोसिस के मुख्य वित्त अधिकारी एम डी रंगनाथ ने कहा कि परिचालन दक्षता में और सुधार से तिमाही के दौरान हमारा मार्जिन बढ़ा है. 'परिचालन नकदी का प्रवाह मजबूत रहा है और हेजिंग के जरिये हमने प्रभावी तरीके से मुद्रा के उतार-चढ़ाव के असर को कम किया है.' बंबई शेयर बाजार में कंपनी का शेयर 2.27 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,028.20 रुपये प्रति शेयर पर कारोबार कर रहा था.टिप्पणियां सितंबर तिमाही में कंपनी ने सकल स्तर पर 12,717 लोगों को जोड़ा. शुद्ध स्तर पर कंपनी के कर्मचारियों की संख्या में 2,779 का इजाफा हुआ. इस तरह 30 सितंबर, 2016 तक कंपनी के कर्मचारियों की संख्या 1.99 लाख पर पहुंच गई. तिमाही के दौरान कंपनी छोड़ने वाले कर्मचारियों की दर 20 प्रतिशत रही. इंफोसिस ने 11 रुपये प्रति इक्विटी शेयर के अंतरिम लाभांश की भी घोषणा की है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सितंबर तिमाही में कंपनी ने सकल स्तर पर 12,717 लोगों को जोड़ा. शुद्ध स्तर पर कंपनी के कर्मचारियों की संख्या में 2,779 का इजाफा हुआ. इस तरह 30 सितंबर, 2016 तक कंपनी के कर्मचारियों की संख्या 1.99 लाख पर पहुंच गई. तिमाही के दौरान कंपनी छोड़ने वाले कर्मचारियों की दर 20 प्रतिशत रही. इंफोसिस ने 11 रुपये प्रति इक्विटी शेयर के अंतरिम लाभांश की भी घोषणा की है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: इंफोसिस ने पिछले अनुमान से बेहतर प्रदर्शन कर 3,606 करोड़ का लाभ कमाया कंपनी ने मौजूदा वित्त वर्ष में 8-9% की दर से राजस्व बढ़ने का अनुमान लगाया कंपनी के शेयर 5 फीसदी गिर कर साल के न्यूनतम मूल्य पर पहुंचे
25
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारत के आधुनिक मौसम उपग्रह इनसैट-3डी का फ्रेंच गुयाना के कोउरू स्थित स्पेसपोर्ट से शुक्रवार को एक यूरोपीय रॉकेट के जरिये सफल प्रक्षेपण किया गया। इससे मौसम की भविष्यवाणी करने और आपदा की चेतावनी देने वाली सेवाओं को नया आयाम मिलेगा।टिप्पणियां यूरोपीय अंतरिक्ष संघ एरियनस्पेस के एरियन-5 नामक रॉकेट ने इनसैट-3डी और एल्फासैट उपग्रहों को प्रक्षेपित किया। एल्फासैट, यूरोप का अब तक का सबसे बड़ा दूरसंचार उपग्रह है। इसका निर्माण यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी और इन्मारसैट के बीच बड़े स्तर की सार्वजनिक तथा निजी भागीदारी के तहत किया गया है। उपग्रह ले जाने वाले वाहन ने स्पेसपोर्ट के ईएलए-3 प्रक्षेपण क्षेत्र से भारतीय समयानुसार रात 1 बजकर 23 मिनट पर उड़ान भरी। यह उड़ान लगभग 33 मिनट की थी। यूरोपीय अंतरिक्ष संघ एरियनस्पेस के एरियन-5 नामक रॉकेट ने इनसैट-3डी और एल्फासैट उपग्रहों को प्रक्षेपित किया। एल्फासैट, यूरोप का अब तक का सबसे बड़ा दूरसंचार उपग्रह है। इसका निर्माण यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी और इन्मारसैट के बीच बड़े स्तर की सार्वजनिक तथा निजी भागीदारी के तहत किया गया है। उपग्रह ले जाने वाले वाहन ने स्पेसपोर्ट के ईएलए-3 प्रक्षेपण क्षेत्र से भारतीय समयानुसार रात 1 बजकर 23 मिनट पर उड़ान भरी। यह उड़ान लगभग 33 मिनट की थी। इसका निर्माण यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी और इन्मारसैट के बीच बड़े स्तर की सार्वजनिक तथा निजी भागीदारी के तहत किया गया है। उपग्रह ले जाने वाले वाहन ने स्पेसपोर्ट के ईएलए-3 प्रक्षेपण क्षेत्र से भारतीय समयानुसार रात 1 बजकर 23 मिनट पर उड़ान भरी। यह उड़ान लगभग 33 मिनट की थी।
भारत के आधुनिक मौसम उपग्रह इनसैट-3डी का फ्रेंच गुयाना के कोउरू स्थित स्पेसपोर्ट से शुक्रवार को एक यूरोपीय रॉकेट के जरिये सफल प्रक्षेपण किया गया। इससे मौसम की भविष्यवाणी करने और आपदा की चेतावनी देने वाली सेवाओं को नया आयाम मिलेगा।
34
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा है कि बीजेपी राम मंदिर को बनाने के लिए सालों से आम लोगों से जो चंदा लेती आ रही है, उसका हिसाब वह देश को दे। साथ ही उन्होंने कहा कि बीजेपी हर बार चुनाव के वक्त राम मंदिर का मसला उठाती है, लेकिन इस मामले को लेकर वह बिल्कुल ईमानदार नहीं है। वहीं उत्तर प्रदेश के बीजेपी नेताओं पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि बीजेपी अध्यक्ष नितिन गडकरी की निगाह में राजनाथ सिंह, लालजी टंडन के साथ कई नेता योग्य नहीं हैं, इसलिए बीजेपी को मध्य प्रदेश से उमा भारती का उत्तर प्रदेश के चुनावों में आयात करना पड़ा है। वहीं उत्तर प्रदेश के बीजेपी नेताओं पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि बीजेपी अध्यक्ष नितिन गडकरी की निगाह में राजनाथ सिंह, लालजी टंडन के साथ कई नेता योग्य नहीं हैं, इसलिए बीजेपी को मध्य प्रदेश से उमा भारती का उत्तर प्रदेश के चुनावों में आयात करना पड़ा है।
यह एक सारांश है: कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा है कि बीजेपी राम मंदिर को बनाने के लिए सालों से आम लोगों से जो चंदा लेती आ रही है, उसका हिसाब वह देश को दे।
2
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारतीय स्टेट बैंक ने तीन से पांच साल की जमा पर ब्याज दरों में चौथाई फीसदी की बढ़ोतरी करने का ऐलान किया है। स्टेट बैंक ने रविवार को जारी एक बयान में कहा कि 15 लाख तक की जमा पर तीन से लेकर पांच साल तक की अवधि पर अब 8.75 प्रतिशत की बजाय नौ प्रतिशत ब्याज दिया जाएगा। ब्याज की नई दरें 1 जुलाई से प्रभावी होंगी। बैंक के इस कदम को अचम्भे में डालने वाला माना जा रहा है, क्योंकि बैंक ने इस महीने के शुरू में ही जमा दरों में 0.25 प्रतिशत कटौती की थी। दूसरी तरफ निजी क्षेत्र के एचडीएफसी बैंक ने शनिवार को ही अपनी आधार दर में 0.20 प्रतिशत कटौती की है।टिप्पणियां बैंकरों का मानना है कि कर्ज पर ब्याज दरों में तभी कमी आ सकेगी, जब जमा राशि पर ब्याज दरों में कटौती होगी। अर्थव्यवस्था में तेजी लाने और बैंकों से कर्ज उठाव बढ़ाने के लिये ब्याज दरों में नरमी जरूरी है, लेकिन जमा में धीमी वृद्धि और जमा पूंजी आकर्षित करने के लिए प्रतिस्पर्धा के चलते जमा पर बयाज दर लगातार ऊंची बनी हुई हैं। इस बीच यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के लिए कर्ज पर ब्याज दर में एक प्रतिशत तक की कटौती की है। लक्ष्मी विलास बैंक सहित कुछ छोटे बैंकों ने पिछले सप्ताह जमा पर ब्याज दर में मामूली वृद्धि की है। ब्याज की नई दरें 1 जुलाई से प्रभावी होंगी। बैंक के इस कदम को अचम्भे में डालने वाला माना जा रहा है, क्योंकि बैंक ने इस महीने के शुरू में ही जमा दरों में 0.25 प्रतिशत कटौती की थी। दूसरी तरफ निजी क्षेत्र के एचडीएफसी बैंक ने शनिवार को ही अपनी आधार दर में 0.20 प्रतिशत कटौती की है।टिप्पणियां बैंकरों का मानना है कि कर्ज पर ब्याज दरों में तभी कमी आ सकेगी, जब जमा राशि पर ब्याज दरों में कटौती होगी। अर्थव्यवस्था में तेजी लाने और बैंकों से कर्ज उठाव बढ़ाने के लिये ब्याज दरों में नरमी जरूरी है, लेकिन जमा में धीमी वृद्धि और जमा पूंजी आकर्षित करने के लिए प्रतिस्पर्धा के चलते जमा पर बयाज दर लगातार ऊंची बनी हुई हैं। इस बीच यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के लिए कर्ज पर ब्याज दर में एक प्रतिशत तक की कटौती की है। लक्ष्मी विलास बैंक सहित कुछ छोटे बैंकों ने पिछले सप्ताह जमा पर ब्याज दर में मामूली वृद्धि की है। बैंकरों का मानना है कि कर्ज पर ब्याज दरों में तभी कमी आ सकेगी, जब जमा राशि पर ब्याज दरों में कटौती होगी। अर्थव्यवस्था में तेजी लाने और बैंकों से कर्ज उठाव बढ़ाने के लिये ब्याज दरों में नरमी जरूरी है, लेकिन जमा में धीमी वृद्धि और जमा पूंजी आकर्षित करने के लिए प्रतिस्पर्धा के चलते जमा पर बयाज दर लगातार ऊंची बनी हुई हैं। इस बीच यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के लिए कर्ज पर ब्याज दर में एक प्रतिशत तक की कटौती की है। लक्ष्मी विलास बैंक सहित कुछ छोटे बैंकों ने पिछले सप्ताह जमा पर ब्याज दर में मामूली वृद्धि की है। इस बीच यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के लिए कर्ज पर ब्याज दर में एक प्रतिशत तक की कटौती की है। लक्ष्मी विलास बैंक सहित कुछ छोटे बैंकों ने पिछले सप्ताह जमा पर ब्याज दर में मामूली वृद्धि की है।
यह एक सारांश है: भारतीय स्टेट बैंक ने 15 लाख तक की जमा पर तीन से लेकर पांच साल तक की अवधि पर अब 8.75 प्रतिशत की बजाय नौ प्रतिशत ब्याज देने का फैसला किया है।
2
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) ने अपने ब्लॉग में मनाली तक जाने के 12 घंटे के अपने सफर के बारे में लिखा है और हसीन नजारों को भी बयान किया है. अमिताभ बच्चन ने ब्लॉग के अंत में जरूर चौंकाने वाली बात कही है. अमिताभ बच्चन ने लिखा हैः 'मुझे रिटायर हो जाना चाहिए...दिमाग कुछ और सोच रहा है और उंगलियां कुछ और...यह इशारा है....'  इस तरह अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) ने अपने थका देने वाले सफर के बारे में बयान किया है. बेशक मनाली के लिए 12 घंटे का सफर और वह भी कार से काफी थका देने वाला है. अमिताभ बच्चन का 'बह्मास्त्र' में काफी अहम रोल बताया जा रहा है. वैसे भी अमिताभ बच्चन एक्टिंग के अलावा भी कई मोर्चों पर एक्टिव रहते हैं, और जल्द ही उनके शो कौन बनेगा करोड़पति के इस सीजन का अंत होने वाला है. हालांकि उनके पास फिल्मों की लंबी कतार है, जिसके लिए वह पूरी मेहनत के साथ काम कर रहे हैं.
संक्षिप्त सारांश: अमिताभ बच्चन ने लिखा ब्लॉग रिटायरमेंट को लेकर कही यह बात कार से किया मनाली तक का सफर
23
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: ओडिशा के जगतसिंहपुर जिले में पॉस्को की 12 अरब डॉलर की इस्पात परियोजना का स्थानीय लोगों द्वारा विरोध किए जाने के चलते राज्य सरकार ने तात्कालिक रूप से परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण का काम स्थगित कर दिया है। एक वरिष्ठ जिला प्रशासनिक अधिकारी ने कहा, परियोजना स्थल पर और समस्या पैदा होने से रोकने के लिए हमने काम स्थगित करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि पुलिस हालांकि परियोजना स्थल पर तैनात रहेगी। 1.2 करोड़ टन सलाना इस्पात क्षमता वाला पॉस्को का प्रस्तावित संयंत्र, बंदरगाह शहर पारादीप के निकट बनने वाला है और यह देश में सबसे बड़ा विदेशी निवेश होगा। स्थानीय विरोध के कारण हालांकि कार्य में कोई प्रगति नहीं हो पाई है। परियोजना को लेकर सरकार का दावा है कि इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार में वृद्धि होगी, जबकि स्थानीय लोगों को कहना है कि इससे उनकी वन आधारित जीविका चौपट हो जाएगी। टिप्पणियां प्रशासन पहले परियोजना के लिए 2,000 एकड़ भूमि का अधिग्रहण कर चुका है और अब गोबिंदपुर गांव में 700 एकड़ और भूमि अधिग्रहण करना चाहता है। प्रशासन इस सप्ताह 200 एकड़ भूमि का अधिग्रहण कर चुकी थी, लेकिन बुधवार को महिलाओं और बच्चों सहित सैकड़ों ग्रामीणों ने अधिकारियों को आगे काम करने से रोक दिया। एक वरिष्ठ जिला प्रशासनिक अधिकारी ने कहा, परियोजना स्थल पर और समस्या पैदा होने से रोकने के लिए हमने काम स्थगित करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि पुलिस हालांकि परियोजना स्थल पर तैनात रहेगी। 1.2 करोड़ टन सलाना इस्पात क्षमता वाला पॉस्को का प्रस्तावित संयंत्र, बंदरगाह शहर पारादीप के निकट बनने वाला है और यह देश में सबसे बड़ा विदेशी निवेश होगा। स्थानीय विरोध के कारण हालांकि कार्य में कोई प्रगति नहीं हो पाई है। परियोजना को लेकर सरकार का दावा है कि इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार में वृद्धि होगी, जबकि स्थानीय लोगों को कहना है कि इससे उनकी वन आधारित जीविका चौपट हो जाएगी। टिप्पणियां प्रशासन पहले परियोजना के लिए 2,000 एकड़ भूमि का अधिग्रहण कर चुका है और अब गोबिंदपुर गांव में 700 एकड़ और भूमि अधिग्रहण करना चाहता है। प्रशासन इस सप्ताह 200 एकड़ भूमि का अधिग्रहण कर चुकी थी, लेकिन बुधवार को महिलाओं और बच्चों सहित सैकड़ों ग्रामीणों ने अधिकारियों को आगे काम करने से रोक दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस हालांकि परियोजना स्थल पर तैनात रहेगी। 1.2 करोड़ टन सलाना इस्पात क्षमता वाला पॉस्को का प्रस्तावित संयंत्र, बंदरगाह शहर पारादीप के निकट बनने वाला है और यह देश में सबसे बड़ा विदेशी निवेश होगा। स्थानीय विरोध के कारण हालांकि कार्य में कोई प्रगति नहीं हो पाई है। परियोजना को लेकर सरकार का दावा है कि इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार में वृद्धि होगी, जबकि स्थानीय लोगों को कहना है कि इससे उनकी वन आधारित जीविका चौपट हो जाएगी। टिप्पणियां प्रशासन पहले परियोजना के लिए 2,000 एकड़ भूमि का अधिग्रहण कर चुका है और अब गोबिंदपुर गांव में 700 एकड़ और भूमि अधिग्रहण करना चाहता है। प्रशासन इस सप्ताह 200 एकड़ भूमि का अधिग्रहण कर चुकी थी, लेकिन बुधवार को महिलाओं और बच्चों सहित सैकड़ों ग्रामीणों ने अधिकारियों को आगे काम करने से रोक दिया। 1.2 करोड़ टन सलाना इस्पात क्षमता वाला पॉस्को का प्रस्तावित संयंत्र, बंदरगाह शहर पारादीप के निकट बनने वाला है और यह देश में सबसे बड़ा विदेशी निवेश होगा। स्थानीय विरोध के कारण हालांकि कार्य में कोई प्रगति नहीं हो पाई है। परियोजना को लेकर सरकार का दावा है कि इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार में वृद्धि होगी, जबकि स्थानीय लोगों को कहना है कि इससे उनकी वन आधारित जीविका चौपट हो जाएगी। टिप्पणियां प्रशासन पहले परियोजना के लिए 2,000 एकड़ भूमि का अधिग्रहण कर चुका है और अब गोबिंदपुर गांव में 700 एकड़ और भूमि अधिग्रहण करना चाहता है। प्रशासन इस सप्ताह 200 एकड़ भूमि का अधिग्रहण कर चुकी थी, लेकिन बुधवार को महिलाओं और बच्चों सहित सैकड़ों ग्रामीणों ने अधिकारियों को आगे काम करने से रोक दिया। परियोजना को लेकर सरकार का दावा है कि इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार में वृद्धि होगी, जबकि स्थानीय लोगों को कहना है कि इससे उनकी वन आधारित जीविका चौपट हो जाएगी। टिप्पणियां प्रशासन पहले परियोजना के लिए 2,000 एकड़ भूमि का अधिग्रहण कर चुका है और अब गोबिंदपुर गांव में 700 एकड़ और भूमि अधिग्रहण करना चाहता है। प्रशासन इस सप्ताह 200 एकड़ भूमि का अधिग्रहण कर चुकी थी, लेकिन बुधवार को महिलाओं और बच्चों सहित सैकड़ों ग्रामीणों ने अधिकारियों को आगे काम करने से रोक दिया। प्रशासन पहले परियोजना के लिए 2,000 एकड़ भूमि का अधिग्रहण कर चुका है और अब गोबिंदपुर गांव में 700 एकड़ और भूमि अधिग्रहण करना चाहता है। प्रशासन इस सप्ताह 200 एकड़ भूमि का अधिग्रहण कर चुकी थी, लेकिन बुधवार को महिलाओं और बच्चों सहित सैकड़ों ग्रामीणों ने अधिकारियों को आगे काम करने से रोक दिया। प्रशासन इस सप्ताह 200 एकड़ भूमि का अधिग्रहण कर चुकी थी, लेकिन बुधवार को महिलाओं और बच्चों सहित सैकड़ों ग्रामीणों ने अधिकारियों को आगे काम करने से रोक दिया।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: ओडिशा के जगतसिंहपुर जिले में पॉस्को की 12 अरब डॉलर की इस्पात परियोजना का स्थानीय लोगों द्वारा विरोध किए जाने के चलते राज्य सरकार ने तात्कालिक रूप से परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण का काम स्थगित कर दिया है।
3
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: 'कुंडली भाग्य' (Kundali Bhagya) में चल रहे इस हंगामे के बीच सृष्टि किडनैपर से कहती है कि वो शर्लिन का राज लुथरा परिवार के सामने खोल दे. उधर, संजना पृथ्वी और शर्लिन को एक साथ देख लेती है, जिस पर वो बहुत गुस्सा होती है. लेकिन पृथ्वी शर्लिन के सामने संजना को धमकाता है और ऐसा दिखाता है कि वो शर्लिन से बहुत प्यार करता है. वहीं, ऋषभ शर्लिन से अपनी शादी को लेकर असमंजस में है. ऋषभ को इस तरह परेशान देख करण उससे कहता है कि वो शर्लिन को तलाक दे दे. 'कुंडली भाग्य' (Kundali Bhagya) में आज के एपिसोड में आप देखेंगे कि प्रीता और सृष्टि किडनैपर के साथ लुथरा हाउस पहुंचेंगे. शर्लिन किडनैपर को देखकर घबरा जाएगी, लेकिन खुद को ऐसा दिखाती है कि वो किडनैपर को जानती तक नहीं. वहीं, प्रीता सबको बतागी कि ये वही किडनैपर है जिसने सरला को किडनैप कर लिया था क्योंकि उन्होंने शर्लिन को किसी दूसरे आदमी के साथ शादी करते देख लिया था. अब देखना होगा कि क्या प्रीता की बातों पर करण विश्वास करता है या नहीं.
यहाँ एक सारांश है:सीरियल 'कुंडली भाग्य' में आज किडनैपर खोल सकता है शर्लिन का राज प्रीता और सृष्टि किडनैपर को लेकर पहुंचेंगे लुथरा हाउस क्या करण प्रीता की बात पर करेगा भरोसा?
12
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: पाकिस्तान और अमेरिका नाटो के आपूर्ति मार्ग को फिर से खोलने के मुद्दे सहित द्विपक्षीय संबंधों में आ रहे सभी गतिरोधों को दूर करने के लिए एक समझौते पर काम कर रहे हैं। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि दोनों पक्ष एक नई व्यवस्था पर काम कर रहे हैं जिसके जरिए अफगानिस्तान की सीमा से लगे पाकिस्तान के कबायली इलाकों में ड्रोन हमले बंद किए जाएंगे।टिप्पणियां एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘दोनों पक्षों ने सीआईए की ओर से किए जाने वाले ड्रोन हमलों का विकल्प की दिशा में कुछ प्रगति की है।’ उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की ओर से ड्रोन हमलों को अस्वीकार्य करार दिए जाने के बाद अमेरिका ने अन्य विकल्पों पर विचार करने के लिए सहमति जताई है। बीते साल नाटो के हमले में पाकिस्तान के 24 सैनिकों के मारे जाने के बाद से दोनों देशों के रिश्तों में खासी कड़वाहट आ गई थी। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि दोनों पक्ष एक नई व्यवस्था पर काम कर रहे हैं जिसके जरिए अफगानिस्तान की सीमा से लगे पाकिस्तान के कबायली इलाकों में ड्रोन हमले बंद किए जाएंगे।टिप्पणियां एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘दोनों पक्षों ने सीआईए की ओर से किए जाने वाले ड्रोन हमलों का विकल्प की दिशा में कुछ प्रगति की है।’ उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की ओर से ड्रोन हमलों को अस्वीकार्य करार दिए जाने के बाद अमेरिका ने अन्य विकल्पों पर विचार करने के लिए सहमति जताई है। बीते साल नाटो के हमले में पाकिस्तान के 24 सैनिकों के मारे जाने के बाद से दोनों देशों के रिश्तों में खासी कड़वाहट आ गई थी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘दोनों पक्षों ने सीआईए की ओर से किए जाने वाले ड्रोन हमलों का विकल्प की दिशा में कुछ प्रगति की है।’ उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की ओर से ड्रोन हमलों को अस्वीकार्य करार दिए जाने के बाद अमेरिका ने अन्य विकल्पों पर विचार करने के लिए सहमति जताई है। बीते साल नाटो के हमले में पाकिस्तान के 24 सैनिकों के मारे जाने के बाद से दोनों देशों के रिश्तों में खासी कड़वाहट आ गई थी। बीते साल नाटो के हमले में पाकिस्तान के 24 सैनिकों के मारे जाने के बाद से दोनों देशों के रिश्तों में खासी कड़वाहट आ गई थी।
यहाँ एक सारांश है:पाकिस्तान और अमेरिका नाटो के आपूर्ति मार्ग को फिर से खोलने के मुद्दे सहित द्विपक्षीय संबंधों में आ रहे सभी गतिरोधों को दूर करने के लिए एक समझौते पर काम कर रहे हैं।
18
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान के ''आतंकवाद की जननी'' होने संबंधी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अजीज ने आरोप लगाया कि भारतीय नेता इस मुद्दे पर ब्रिक्स देशों को ''गुमराह'' कर रहे हैं. अजीज ने कहा, ''मोदी अपने ब्रिक्स और बिम्सटेक सहयोगियों को गुमराह कर रहे हैं.'' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भारतीय नेतृत्व जम्मू-कश्मीर में ''अपनी निर्ममता को छिपाने के लिए व्यग्रता से प्रयास कर रहा है.''टिप्पणियां अजीज ने कहा कि आतंकवाद की निंदा करने में पाकिस्तान, ब्रिक्स और बिम्सटेक के सभी सदस्यों के साथ है तथा वह ''पाकिस्तान की धरती पर भारतीय राज्य द्वारा प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ सहित'' बिना किसी भेदभाव के आतंकवाद की समस्या से मुकाबला करने के लिए अपनी पूरी प्रतिबद्धता जताता है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) अजीज ने कहा, ''मोदी अपने ब्रिक्स और बिम्सटेक सहयोगियों को गुमराह कर रहे हैं.'' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भारतीय नेतृत्व जम्मू-कश्मीर में ''अपनी निर्ममता को छिपाने के लिए व्यग्रता से प्रयास कर रहा है.''टिप्पणियां अजीज ने कहा कि आतंकवाद की निंदा करने में पाकिस्तान, ब्रिक्स और बिम्सटेक के सभी सदस्यों के साथ है तथा वह ''पाकिस्तान की धरती पर भारतीय राज्य द्वारा प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ सहित'' बिना किसी भेदभाव के आतंकवाद की समस्या से मुकाबला करने के लिए अपनी पूरी प्रतिबद्धता जताता है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) अजीज ने कहा कि आतंकवाद की निंदा करने में पाकिस्तान, ब्रिक्स और बिम्सटेक के सभी सदस्यों के साथ है तथा वह ''पाकिस्तान की धरती पर भारतीय राज्य द्वारा प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ सहित'' बिना किसी भेदभाव के आतंकवाद की समस्या से मुकाबला करने के लिए अपनी पूरी प्रतिबद्धता जताता है. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: गोवा में आयोजित हुआ ब्रिक्‍स शिखर सम्‍मेलन पीएम मोदी ने पाक को 'आतंकवाद की जननी' कहा जम्‍मू-कश्‍मीर का मुद्दा उछालने का किया प्रयास
19
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सांसदों और संसद पर टिप्पणी करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे के प्रमुख सहयोगी अरविंद केजरीवाल को लोकसभा द्वारा विशेषाधिकार हनन का नोटिस जारी किए जाने पर इंदौर में अन्ना समर्थकों ने लोकसभा सदस्य सज्जन सिंह वर्मा के आवास के बाहर रविवार को प्रदर्शन किया। वर्मा ने फोन पर धमकियां मिलने का आरोप लगाया है। पिछले दिनों अन्ना टीम के सदस्य केजरीवाल ने संसद सदस्यों व संसद पर टिप्पणी की थी। देवास से कांग्रेस सांसद वर्मा ने इस टिप्पणी को संसद की अवमानना मानते हुए लोकसभाध्यक्ष से इस बयान को विशेषाधिकार हनन की श्रेणी में रखने और केजरीवाल पर कार्रवाई करने की मांग की। वर्मा की मांग पर लोकसभाध्यक्ष मीरा कुमार ने केजरीवाल को नोटिस जारी किया है। सांसद द्वारा विशेषाधिकार हनन की कार्रवाई करने की मांग को लेकर अन्ना समर्थक गुस्से में है। इसी के चलते अन्ना टीम के सदस्य मयंक गांधी के नेतृत्व में अन्ना समर्थकों ने सांसद वर्मा के आवास के सामने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान वर्मा व गांधी के बीच बहस भी हुई। दोनों ने अपनी-अपनी बात रखी। वर्मा ने जहां केजरीवाल के बयान पर गांधी से सवाल किए तो गांधी ने संसद में अपराधी प्रवृत्ति के लोगों के पहुंचने का मुद्दा उठाया। इस मौके पर वर्मा ने अपने आवास के बाहर अन्ना समर्थकों के लिए पहले से ही पंडाल लगा रखा था और चाय-पानी का इंतजाम कर रखा था। उनका कहना है कि मालवा की संस्कृति है कि अगर दुश्मन भी घर आए तो उसका स्वागत करें। वहीं अन्ना समर्थकों ने वर्मा को फूल भेंट किए।टिप्पणियां वर्मा का कहना है कि शनिवार शाम से उन्हें धमकी भरे फोन आ रहे हैं। उनका कहना है कि फोन करने वाले अपने को इंडिया अगेंस्ट करप्शन का सदस्य बताते हैं। धमकी देने वालों का कहना है कि वे लोकसभा में दिया गया विशेषाधिकार हनन का अपना नोटिस वापस ले लें। दूसरी ओर मयंक गांधी का कहना है कि वर्मा द्वारा उठाए गए कदम से लोगों में गुस्सा है, वे किसी को धमकाने के पक्ष में नहीं है। पिछले दिनों अन्ना टीम के सदस्य केजरीवाल ने संसद सदस्यों व संसद पर टिप्पणी की थी। देवास से कांग्रेस सांसद वर्मा ने इस टिप्पणी को संसद की अवमानना मानते हुए लोकसभाध्यक्ष से इस बयान को विशेषाधिकार हनन की श्रेणी में रखने और केजरीवाल पर कार्रवाई करने की मांग की। वर्मा की मांग पर लोकसभाध्यक्ष मीरा कुमार ने केजरीवाल को नोटिस जारी किया है। सांसद द्वारा विशेषाधिकार हनन की कार्रवाई करने की मांग को लेकर अन्ना समर्थक गुस्से में है। इसी के चलते अन्ना टीम के सदस्य मयंक गांधी के नेतृत्व में अन्ना समर्थकों ने सांसद वर्मा के आवास के सामने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान वर्मा व गांधी के बीच बहस भी हुई। दोनों ने अपनी-अपनी बात रखी। वर्मा ने जहां केजरीवाल के बयान पर गांधी से सवाल किए तो गांधी ने संसद में अपराधी प्रवृत्ति के लोगों के पहुंचने का मुद्दा उठाया। इस मौके पर वर्मा ने अपने आवास के बाहर अन्ना समर्थकों के लिए पहले से ही पंडाल लगा रखा था और चाय-पानी का इंतजाम कर रखा था। उनका कहना है कि मालवा की संस्कृति है कि अगर दुश्मन भी घर आए तो उसका स्वागत करें। वहीं अन्ना समर्थकों ने वर्मा को फूल भेंट किए।टिप्पणियां वर्मा का कहना है कि शनिवार शाम से उन्हें धमकी भरे फोन आ रहे हैं। उनका कहना है कि फोन करने वाले अपने को इंडिया अगेंस्ट करप्शन का सदस्य बताते हैं। धमकी देने वालों का कहना है कि वे लोकसभा में दिया गया विशेषाधिकार हनन का अपना नोटिस वापस ले लें। दूसरी ओर मयंक गांधी का कहना है कि वर्मा द्वारा उठाए गए कदम से लोगों में गुस्सा है, वे किसी को धमकाने के पक्ष में नहीं है। सांसद द्वारा विशेषाधिकार हनन की कार्रवाई करने की मांग को लेकर अन्ना समर्थक गुस्से में है। इसी के चलते अन्ना टीम के सदस्य मयंक गांधी के नेतृत्व में अन्ना समर्थकों ने सांसद वर्मा के आवास के सामने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान वर्मा व गांधी के बीच बहस भी हुई। दोनों ने अपनी-अपनी बात रखी। वर्मा ने जहां केजरीवाल के बयान पर गांधी से सवाल किए तो गांधी ने संसद में अपराधी प्रवृत्ति के लोगों के पहुंचने का मुद्दा उठाया। इस मौके पर वर्मा ने अपने आवास के बाहर अन्ना समर्थकों के लिए पहले से ही पंडाल लगा रखा था और चाय-पानी का इंतजाम कर रखा था। उनका कहना है कि मालवा की संस्कृति है कि अगर दुश्मन भी घर आए तो उसका स्वागत करें। वहीं अन्ना समर्थकों ने वर्मा को फूल भेंट किए।टिप्पणियां वर्मा का कहना है कि शनिवार शाम से उन्हें धमकी भरे फोन आ रहे हैं। उनका कहना है कि फोन करने वाले अपने को इंडिया अगेंस्ट करप्शन का सदस्य बताते हैं। धमकी देने वालों का कहना है कि वे लोकसभा में दिया गया विशेषाधिकार हनन का अपना नोटिस वापस ले लें। दूसरी ओर मयंक गांधी का कहना है कि वर्मा द्वारा उठाए गए कदम से लोगों में गुस्सा है, वे किसी को धमकाने के पक्ष में नहीं है। प्रदर्शन के दौरान वर्मा व गांधी के बीच बहस भी हुई। दोनों ने अपनी-अपनी बात रखी। वर्मा ने जहां केजरीवाल के बयान पर गांधी से सवाल किए तो गांधी ने संसद में अपराधी प्रवृत्ति के लोगों के पहुंचने का मुद्दा उठाया। इस मौके पर वर्मा ने अपने आवास के बाहर अन्ना समर्थकों के लिए पहले से ही पंडाल लगा रखा था और चाय-पानी का इंतजाम कर रखा था। उनका कहना है कि मालवा की संस्कृति है कि अगर दुश्मन भी घर आए तो उसका स्वागत करें। वहीं अन्ना समर्थकों ने वर्मा को फूल भेंट किए।टिप्पणियां वर्मा का कहना है कि शनिवार शाम से उन्हें धमकी भरे फोन आ रहे हैं। उनका कहना है कि फोन करने वाले अपने को इंडिया अगेंस्ट करप्शन का सदस्य बताते हैं। धमकी देने वालों का कहना है कि वे लोकसभा में दिया गया विशेषाधिकार हनन का अपना नोटिस वापस ले लें। दूसरी ओर मयंक गांधी का कहना है कि वर्मा द्वारा उठाए गए कदम से लोगों में गुस्सा है, वे किसी को धमकाने के पक्ष में नहीं है। इस मौके पर वर्मा ने अपने आवास के बाहर अन्ना समर्थकों के लिए पहले से ही पंडाल लगा रखा था और चाय-पानी का इंतजाम कर रखा था। उनका कहना है कि मालवा की संस्कृति है कि अगर दुश्मन भी घर आए तो उसका स्वागत करें। वहीं अन्ना समर्थकों ने वर्मा को फूल भेंट किए।टिप्पणियां वर्मा का कहना है कि शनिवार शाम से उन्हें धमकी भरे फोन आ रहे हैं। उनका कहना है कि फोन करने वाले अपने को इंडिया अगेंस्ट करप्शन का सदस्य बताते हैं। धमकी देने वालों का कहना है कि वे लोकसभा में दिया गया विशेषाधिकार हनन का अपना नोटिस वापस ले लें। दूसरी ओर मयंक गांधी का कहना है कि वर्मा द्वारा उठाए गए कदम से लोगों में गुस्सा है, वे किसी को धमकाने के पक्ष में नहीं है। वर्मा का कहना है कि शनिवार शाम से उन्हें धमकी भरे फोन आ रहे हैं। उनका कहना है कि फोन करने वाले अपने को इंडिया अगेंस्ट करप्शन का सदस्य बताते हैं। धमकी देने वालों का कहना है कि वे लोकसभा में दिया गया विशेषाधिकार हनन का अपना नोटिस वापस ले लें। दूसरी ओर मयंक गांधी का कहना है कि वर्मा द्वारा उठाए गए कदम से लोगों में गुस्सा है, वे किसी को धमकाने के पक्ष में नहीं है। दूसरी ओर मयंक गांधी का कहना है कि वर्मा द्वारा उठाए गए कदम से लोगों में गुस्सा है, वे किसी को धमकाने के पक्ष में नहीं है।
सारांश: सांसदों और संसद पर टिप्पणी करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे के प्रमुख सहयोगी अरविंद केजरीवाल को लोकसभा द्वारा विशेषाधिकार हनन का नोटिस जारी किए जाने पर इंदौर में अन्ना समर्थकों ने लोकसभा सदस्य सज्जन सिंह वर्मा के आवास के बाहर रविवार को प्रदर्शन कि
31
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: शेयर बाजार में लगातार तीन दिनों से जारी गिरावट आज थम गई। आरआईएल, ओएनजीसी और सन फार्मा के शेयरों में लिवाली समर्थन से बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 22.44 अंक मजबूत हुआ। पिछले तीन कारोबारी सत्रों में 670 अंक गंवाने वाला सेंसेक्स आज 22.44 अंक ऊपर 19,568.22 अंक पर बंद हुआ। इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 4.40 अंक ऊपर 5,923.85 अंक पर बंद हुआ। वहीं, एमसीएक्स.एसएक्स का एसएक्स.40 सूचकांक 5.77 अंक के सुधार के साथ 11,615.84 अंक पर बंद हुआ।टिप्पणियां ब्रोकरों ने कहा कि निवेशकों ने रिलायंस इंडस्ट्रीज, सन फार्मा और एलएंडटी जैसे दिग्गज शेयरों में लिवाली की जिससे बाजार में तेजी का रुख बना। इस बीच, जस्ट डायल ने आज शेयर बाजार में दस्तक दी और उसका शेयर 12.61 प्रतिशत की बढ़त के साथ 611.45 रुपये पर सूचीबद्ध हुआ और कारोबार के दौरान 19 प्रतिशत तक चढ़ गया। कंपनी के शेयरों का निर्गम मूल्य 530 रुपये था। पिछले तीन कारोबारी सत्रों में 670 अंक गंवाने वाला सेंसेक्स आज 22.44 अंक ऊपर 19,568.22 अंक पर बंद हुआ। इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 4.40 अंक ऊपर 5,923.85 अंक पर बंद हुआ। वहीं, एमसीएक्स.एसएक्स का एसएक्स.40 सूचकांक 5.77 अंक के सुधार के साथ 11,615.84 अंक पर बंद हुआ।टिप्पणियां ब्रोकरों ने कहा कि निवेशकों ने रिलायंस इंडस्ट्रीज, सन फार्मा और एलएंडटी जैसे दिग्गज शेयरों में लिवाली की जिससे बाजार में तेजी का रुख बना। इस बीच, जस्ट डायल ने आज शेयर बाजार में दस्तक दी और उसका शेयर 12.61 प्रतिशत की बढ़त के साथ 611.45 रुपये पर सूचीबद्ध हुआ और कारोबार के दौरान 19 प्रतिशत तक चढ़ गया। कंपनी के शेयरों का निर्गम मूल्य 530 रुपये था। इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 4.40 अंक ऊपर 5,923.85 अंक पर बंद हुआ। वहीं, एमसीएक्स.एसएक्स का एसएक्स.40 सूचकांक 5.77 अंक के सुधार के साथ 11,615.84 अंक पर बंद हुआ।टिप्पणियां ब्रोकरों ने कहा कि निवेशकों ने रिलायंस इंडस्ट्रीज, सन फार्मा और एलएंडटी जैसे दिग्गज शेयरों में लिवाली की जिससे बाजार में तेजी का रुख बना। इस बीच, जस्ट डायल ने आज शेयर बाजार में दस्तक दी और उसका शेयर 12.61 प्रतिशत की बढ़त के साथ 611.45 रुपये पर सूचीबद्ध हुआ और कारोबार के दौरान 19 प्रतिशत तक चढ़ गया। कंपनी के शेयरों का निर्गम मूल्य 530 रुपये था। ब्रोकरों ने कहा कि निवेशकों ने रिलायंस इंडस्ट्रीज, सन फार्मा और एलएंडटी जैसे दिग्गज शेयरों में लिवाली की जिससे बाजार में तेजी का रुख बना। इस बीच, जस्ट डायल ने आज शेयर बाजार में दस्तक दी और उसका शेयर 12.61 प्रतिशत की बढ़त के साथ 611.45 रुपये पर सूचीबद्ध हुआ और कारोबार के दौरान 19 प्रतिशत तक चढ़ गया। कंपनी के शेयरों का निर्गम मूल्य 530 रुपये था। इस बीच, जस्ट डायल ने आज शेयर बाजार में दस्तक दी और उसका शेयर 12.61 प्रतिशत की बढ़त के साथ 611.45 रुपये पर सूचीबद्ध हुआ और कारोबार के दौरान 19 प्रतिशत तक चढ़ गया। कंपनी के शेयरों का निर्गम मूल्य 530 रुपये था।
यहाँ एक सारांश है:शेयर बाजार में लगातार तीन दिनों से जारी गिरावट आज थम गई। आरआईएल, ओएनजीसी और सन फार्मा के शेयरों में लिवाली समर्थन से बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 22.44 अंक मजबूत हुआ।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारत की सरकार जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के प्रमुख यासिन मलिक द्वारा मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के मंच साझा करने वाली खबरों से सख्त नाराज है। रविवार को इस्लामाबाद में भारतीय संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरु (एक कश्मीरी) को फांसी दिए जाने का विरोध करते हुए यासिन मलिक धरने पर बैठे थे।टिप्पणियां सईद पर अमेरिकी की सरकार ने सूचना मुहैया कराने के लिए एक करोड़ डॉलर का इनाम घोषित किया है। एनडीटीवी से बात करते हुए मलिक ने कहा कि लश्कर का प्रमुख हाफिज सईद उनसे मिलने आया था और भारत विरोधी वक्तव्य भी नहीं दिया। नई दिल्ली में मीडिया के इस प्रश्न के सवालों पर केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कोई जवाब भी नहीं दिया। रविवार को इस्लामाबाद में भारतीय संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरु (एक कश्मीरी) को फांसी दिए जाने का विरोध करते हुए यासिन मलिक धरने पर बैठे थे।टिप्पणियां सईद पर अमेरिकी की सरकार ने सूचना मुहैया कराने के लिए एक करोड़ डॉलर का इनाम घोषित किया है। एनडीटीवी से बात करते हुए मलिक ने कहा कि लश्कर का प्रमुख हाफिज सईद उनसे मिलने आया था और भारत विरोधी वक्तव्य भी नहीं दिया। नई दिल्ली में मीडिया के इस प्रश्न के सवालों पर केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कोई जवाब भी नहीं दिया। सईद पर अमेरिकी की सरकार ने सूचना मुहैया कराने के लिए एक करोड़ डॉलर का इनाम घोषित किया है। एनडीटीवी से बात करते हुए मलिक ने कहा कि लश्कर का प्रमुख हाफिज सईद उनसे मिलने आया था और भारत विरोधी वक्तव्य भी नहीं दिया। नई दिल्ली में मीडिया के इस प्रश्न के सवालों पर केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कोई जवाब भी नहीं दिया। नई दिल्ली में मीडिया के इस प्रश्न के सवालों पर केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कोई जवाब भी नहीं दिया।
संक्षिप्त सारांश: भारत की सरकार जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के प्रमुख यासिन मलिक द्वारा मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के मंच साझा करने वाली खबरों से सख्त नाराज है।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में सोशल इंजीनियर के दम पर ओबीसी और गैर जाटव के समीकरण के साथ प्रचंड बहुमत से जीती बीजेपी अब लगता है फिर से अपने पुराने 'कोर वोट बैंक' की ओर लौटना शुरू हो गई है. मोदी मंत्रिमंडल से हटाकर महेंद्र पांडेय को प्रदेश का अध्यक्ष बनाए जाने के पीछे अब कई कारण साफ नजर आ रहे हैं.. दरअसल योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री बनाए जाने के बाद से ही बड़ी मात्रा में ब्राह्णण नाराज हो गए. इसकी बड़ी वजह यह है कि गोरखपुर में योगी और हरीश शंकर तिवारी के बीच अदावत को ब्राह्णण बनाम ठाकुर के नजरिए से देखा जाता रहा है. दूसरी ओर लोकसभा चुनाव से ही इस बात का संकेत मिलने शुरू हो गए थे कि बीजेपी अब अगड़ों को छोड़कर ओबीसी को अपना आधार वोट बैंक बनाना चाहती है. इसकी एक वजह पीएम मोदी का ओबीसी समुदाय से होना भी माना गया. वहीं इस बात को उस समय भी बल मिला जब उत्तर प्रदेश चुनाव से ठीक पहले लक्ष्मीशंकर बाजपेई हटाकर ओबीसी से ताल्लुक रखने वाले केपी मौर्या को प्रदेश बीजेपी का अध्यक्ष बना दिया गया. लेकिन अब बीजेपी की नजर 2019 के लोकसभा चुनाव पर है. पार्टी ने ओबीसी और गैर जाटव वोटबैंक पर अच्छी-खासी घुसपैठ कर ली है. अब वह प्रदेश की अगड़ी जातियों जो कि 22 फीसदी हैं जिसमें से सबसे ज्यादा ब्राह्णण हैं, उनकी ओर ध्यान देना चाहती है. पढ़ें :  राजीव प्रताप रूडी बोले, मंत्री पद छोड़ने का फैसला मेरा नहीं है...टिप्पणियां दूसरा सबसे बड़ा कारण महेंद्र नाथ पांडेय का राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से करीबी रिश्ता रहा है. महेंद्र पांडेय गाजीपुर के रहने वाले हैं और उनका पैतृक गांव पखनपुर है. वह आपातकाल में जेल भी जा चुके हैं और अयोध्या आंदोलन से भी जुड़े रहे हैं.   पढ़ें :  किन चेहरों को मिल सकती है मोदी मंत्रिमंडल में जगह योगी सरकार बनने के बाद से ही ब्राह्णण समाज में एक संदेश गया कि सभी ऊंचे पदों पर ठाकुरों का ही कब्जा हो गया है. एक ओर तो सूबे सहित कई जिलों के कलेक्टर और पुलिस अधिकारी क्षत्रिय समाज से ही नियुक्त किए गए. इसके बाद रायबरेली में ब्राह्णण समाज के 5 लोगों की हत्या के बाद भी योगी सरकार को लेकर गुस्सा बढ़ा है. बीजेपी आलाकमान को साफ लग गया है कि अगर ब्राह्णण समाज यूपी में नाराज हो गया तो लोकसभा चुनाव में नुकसान उठाना पड़ सकता है.  वीडियो : 'जो जिम्मेदारी मिलेगी, उसे निभाउंगा' इन सबके बीच महेंद्र नाथ पांडेय पीएम मोदी और अमित शाह के करीबी रहे हैं. यही वजह है चंदौली से लोकसभा चुनाव जीतने के बाद उनको मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री बनाया गया. वह यहां तक काफी संघर्ष करके आए हैं. महेंद्र नाथ पांडेय बीएचयू में छात्रसंघ के महामंत्री भी चुने जा चुके हैं और कल्याण सिंह सरकार में मंत्री भी बनाए जा चुके हैं.   पढ़ें :  राजीव प्रताप रूडी बोले, मंत्री पद छोड़ने का फैसला मेरा नहीं है...टिप्पणियां दूसरा सबसे बड़ा कारण महेंद्र नाथ पांडेय का राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से करीबी रिश्ता रहा है. महेंद्र पांडेय गाजीपुर के रहने वाले हैं और उनका पैतृक गांव पखनपुर है. वह आपातकाल में जेल भी जा चुके हैं और अयोध्या आंदोलन से भी जुड़े रहे हैं.   पढ़ें :  किन चेहरों को मिल सकती है मोदी मंत्रिमंडल में जगह योगी सरकार बनने के बाद से ही ब्राह्णण समाज में एक संदेश गया कि सभी ऊंचे पदों पर ठाकुरों का ही कब्जा हो गया है. एक ओर तो सूबे सहित कई जिलों के कलेक्टर और पुलिस अधिकारी क्षत्रिय समाज से ही नियुक्त किए गए. इसके बाद रायबरेली में ब्राह्णण समाज के 5 लोगों की हत्या के बाद भी योगी सरकार को लेकर गुस्सा बढ़ा है. बीजेपी आलाकमान को साफ लग गया है कि अगर ब्राह्णण समाज यूपी में नाराज हो गया तो लोकसभा चुनाव में नुकसान उठाना पड़ सकता है.  वीडियो : 'जो जिम्मेदारी मिलेगी, उसे निभाउंगा' इन सबके बीच महेंद्र नाथ पांडेय पीएम मोदी और अमित शाह के करीबी रहे हैं. यही वजह है चंदौली से लोकसभा चुनाव जीतने के बाद उनको मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री बनाया गया. वह यहां तक काफी संघर्ष करके आए हैं. महेंद्र नाथ पांडेय बीएचयू में छात्रसंघ के महामंत्री भी चुने जा चुके हैं और कल्याण सिंह सरकार में मंत्री भी बनाए जा चुके हैं.   दूसरा सबसे बड़ा कारण महेंद्र नाथ पांडेय का राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से करीबी रिश्ता रहा है. महेंद्र पांडेय गाजीपुर के रहने वाले हैं और उनका पैतृक गांव पखनपुर है. वह आपातकाल में जेल भी जा चुके हैं और अयोध्या आंदोलन से भी जुड़े रहे हैं.   पढ़ें :  किन चेहरों को मिल सकती है मोदी मंत्रिमंडल में जगह योगी सरकार बनने के बाद से ही ब्राह्णण समाज में एक संदेश गया कि सभी ऊंचे पदों पर ठाकुरों का ही कब्जा हो गया है. एक ओर तो सूबे सहित कई जिलों के कलेक्टर और पुलिस अधिकारी क्षत्रिय समाज से ही नियुक्त किए गए. इसके बाद रायबरेली में ब्राह्णण समाज के 5 लोगों की हत्या के बाद भी योगी सरकार को लेकर गुस्सा बढ़ा है. बीजेपी आलाकमान को साफ लग गया है कि अगर ब्राह्णण समाज यूपी में नाराज हो गया तो लोकसभा चुनाव में नुकसान उठाना पड़ सकता है.  वीडियो : 'जो जिम्मेदारी मिलेगी, उसे निभाउंगा' इन सबके बीच महेंद्र नाथ पांडेय पीएम मोदी और अमित शाह के करीबी रहे हैं. यही वजह है चंदौली से लोकसभा चुनाव जीतने के बाद उनको मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री बनाया गया. वह यहां तक काफी संघर्ष करके आए हैं. महेंद्र नाथ पांडेय बीएचयू में छात्रसंघ के महामंत्री भी चुने जा चुके हैं और कल्याण सिंह सरकार में मंत्री भी बनाए जा चुके हैं.    पढ़ें :  किन चेहरों को मिल सकती है मोदी मंत्रिमंडल में जगह वीडियो : 'जो जिम्मेदारी मिलेगी, उसे निभाउंगा' इन सबके बीच महेंद्र नाथ पांडेय पीएम मोदी और अमित शाह के करीबी रहे हैं. यही वजह है चंदौली से लोकसभा चुनाव जीतने के बाद उनको मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री बनाया गया. वह यहां तक काफी संघर्ष करके आए हैं. महेंद्र नाथ पांडेय बीएचयू में छात्रसंघ के महामंत्री भी चुने जा चुके हैं और कल्याण सिंह सरकार में मंत्री भी बनाए जा चुके हैं.
सारांश: महेंद्र पांडेय हैं मोदी-शाह के करीबी आरएसएस से जुड़े हैं पांडेय इमरजेंसी में जा चुके हैं जेल
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['hin']
एक सारांश बनाओ: पश्चिमोत्तर स्पेन में एक ट्रेन के पटरी से उतर जाने के कारण हुए हादसे में 77 लोगों की मौत हो गई और 140 से अधिक घायल हो गए। यह घटना स्थानीय समयानुसार रात आठ बजकर 42 मिनट (भारतीय समयानुसार रात 12 बजकर 12 मिनट) पर हुई। ट्रेन में 218 यात्री और चार कर्मचारी थे। घटना उस वक्त हुई, जब ट्रेन पश्चिमोत्तर गैलिसिया क्षेत्र स्थित सेंटियागो डि कंपोस्टेला स्टेशन में प्रवेश करने वाली थी। चार डिब्बे पटरी से उतर गए। डिब्बों में आग लग जाने की वजह से धुआं निकल रहा था। ट्रेन के डिब्बे एक के ऊपर एक करके चढ़ गए हैं। यह दुर्घटना सेंटियागो डि कंपोस्टेला के मुख्य रेलवे स्टेशन से तकरीबन चार किलोमीटर दूर तेज गति वाले ट्रैक पर हुई। सेंटियागो डि कंपोस्टेला प्रसिद्ध अल केमिनो डि सेंटियागो तीर्थस्थल के लिए प्रसिद्ध है। गैलिसिया हाई कोर्ट के प्रवक्ता ने बताया कि बचावकर्मियों ने ट्रेन के मलबे से 73 शव निकाले, जबकि चार और पीड़ितों की बाद में अस्पताल में मौत हो गई। कुल 143 लोगों के घायल होने की बात कही जा रही है। कई प्रत्यक्षदर्शियों ने भारी विस्फोट होने की बात कही। दुर्घटनास्थल से चंद मीटर की दूरी पर रहने वाली 62-वर्षीय मारिया टेरेसा रामोस ने कहा, मैं घर में थी। तभी मैंने जोरदार आवाज सुनी। यह बहुत जोरदार आवाज थी। काफी धुआं निकल रहा था। उन्होंने कहा, यह दुर्घटना है। लोग चीख रहे थे। किसी ने भी इससे पहले ऐसा नहीं देखा। दुर्घटना जिस स्थान पर हुई उसके पास ही अपने माता-पिता के घर में मौजूद फ्रांसिस्को ओटेरो ने बताया, जोरदार धमाके की आवाज सुनाई पड़ी। ऐसा लगा जैसे भूकंप आया हो। टिप्पणियां ओटेरो ने कहा, पहली चीज जो मैंने देखी, वह एक महिला का शव था। इससे पहले मैंने कभी शव नहीं देखा था, लेकिन उन सबसे इतर मेरा ध्यान काफी सन्नाटे, कुछ धुएं और आग पर गया। उन्होंने कहा, मेरे पड़ोसियों ने डिब्बों के नीचे दबे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया। ट्रेन मेड्रिड से रवाना हुई थी और पश्चिमोत्तर शहर फेरोल के लिए जा रही थी। उधर, गैलिसिया क्षेत्र अपने संरक्षक संत जेम्स के सम्मान में जश्न की तैयारी में था। एक प्रत्यक्षदर्शी ने रेडियो सेडेना सेर को बताया कि डिब्बे कई बार एक मोड़ पर पलटे और रुककर एक-दूसरे पर चढ़ गए। रेनफे के एक प्रवक्ता ने कहा, जांच चल रही है और हमें प्रतीक्षा करनी होगी। जब हम ट्रेन के ब्लैक बॉक्स को देखेंगे, तब बहुत शीघ्र पता चल जाएगा कि ट्रेन किस गति से जा रही थी। प्रधानमंत्री आज दुर्घटनास्थल का दौरा करेंगे। ट्रेन में 218 यात्री और चार कर्मचारी थे। घटना उस वक्त हुई, जब ट्रेन पश्चिमोत्तर गैलिसिया क्षेत्र स्थित सेंटियागो डि कंपोस्टेला स्टेशन में प्रवेश करने वाली थी। चार डिब्बे पटरी से उतर गए। डिब्बों में आग लग जाने की वजह से धुआं निकल रहा था। ट्रेन के डिब्बे एक के ऊपर एक करके चढ़ गए हैं। यह दुर्घटना सेंटियागो डि कंपोस्टेला के मुख्य रेलवे स्टेशन से तकरीबन चार किलोमीटर दूर तेज गति वाले ट्रैक पर हुई। सेंटियागो डि कंपोस्टेला प्रसिद्ध अल केमिनो डि सेंटियागो तीर्थस्थल के लिए प्रसिद्ध है। गैलिसिया हाई कोर्ट के प्रवक्ता ने बताया कि बचावकर्मियों ने ट्रेन के मलबे से 73 शव निकाले, जबकि चार और पीड़ितों की बाद में अस्पताल में मौत हो गई। कुल 143 लोगों के घायल होने की बात कही जा रही है। कई प्रत्यक्षदर्शियों ने भारी विस्फोट होने की बात कही। दुर्घटनास्थल से चंद मीटर की दूरी पर रहने वाली 62-वर्षीय मारिया टेरेसा रामोस ने कहा, मैं घर में थी। तभी मैंने जोरदार आवाज सुनी। यह बहुत जोरदार आवाज थी। काफी धुआं निकल रहा था। उन्होंने कहा, यह दुर्घटना है। लोग चीख रहे थे। किसी ने भी इससे पहले ऐसा नहीं देखा। दुर्घटना जिस स्थान पर हुई उसके पास ही अपने माता-पिता के घर में मौजूद फ्रांसिस्को ओटेरो ने बताया, जोरदार धमाके की आवाज सुनाई पड़ी। ऐसा लगा जैसे भूकंप आया हो। टिप्पणियां ओटेरो ने कहा, पहली चीज जो मैंने देखी, वह एक महिला का शव था। इससे पहले मैंने कभी शव नहीं देखा था, लेकिन उन सबसे इतर मेरा ध्यान काफी सन्नाटे, कुछ धुएं और आग पर गया। उन्होंने कहा, मेरे पड़ोसियों ने डिब्बों के नीचे दबे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया। ट्रेन मेड्रिड से रवाना हुई थी और पश्चिमोत्तर शहर फेरोल के लिए जा रही थी। उधर, गैलिसिया क्षेत्र अपने संरक्षक संत जेम्स के सम्मान में जश्न की तैयारी में था। एक प्रत्यक्षदर्शी ने रेडियो सेडेना सेर को बताया कि डिब्बे कई बार एक मोड़ पर पलटे और रुककर एक-दूसरे पर चढ़ गए। रेनफे के एक प्रवक्ता ने कहा, जांच चल रही है और हमें प्रतीक्षा करनी होगी। जब हम ट्रेन के ब्लैक बॉक्स को देखेंगे, तब बहुत शीघ्र पता चल जाएगा कि ट्रेन किस गति से जा रही थी। प्रधानमंत्री आज दुर्घटनास्थल का दौरा करेंगे। यह दुर्घटना सेंटियागो डि कंपोस्टेला के मुख्य रेलवे स्टेशन से तकरीबन चार किलोमीटर दूर तेज गति वाले ट्रैक पर हुई। सेंटियागो डि कंपोस्टेला प्रसिद्ध अल केमिनो डि सेंटियागो तीर्थस्थल के लिए प्रसिद्ध है। गैलिसिया हाई कोर्ट के प्रवक्ता ने बताया कि बचावकर्मियों ने ट्रेन के मलबे से 73 शव निकाले, जबकि चार और पीड़ितों की बाद में अस्पताल में मौत हो गई। कुल 143 लोगों के घायल होने की बात कही जा रही है। कई प्रत्यक्षदर्शियों ने भारी विस्फोट होने की बात कही। दुर्घटनास्थल से चंद मीटर की दूरी पर रहने वाली 62-वर्षीय मारिया टेरेसा रामोस ने कहा, मैं घर में थी। तभी मैंने जोरदार आवाज सुनी। यह बहुत जोरदार आवाज थी। काफी धुआं निकल रहा था। उन्होंने कहा, यह दुर्घटना है। लोग चीख रहे थे। किसी ने भी इससे पहले ऐसा नहीं देखा। दुर्घटना जिस स्थान पर हुई उसके पास ही अपने माता-पिता के घर में मौजूद फ्रांसिस्को ओटेरो ने बताया, जोरदार धमाके की आवाज सुनाई पड़ी। ऐसा लगा जैसे भूकंप आया हो। टिप्पणियां ओटेरो ने कहा, पहली चीज जो मैंने देखी, वह एक महिला का शव था। इससे पहले मैंने कभी शव नहीं देखा था, लेकिन उन सबसे इतर मेरा ध्यान काफी सन्नाटे, कुछ धुएं और आग पर गया। उन्होंने कहा, मेरे पड़ोसियों ने डिब्बों के नीचे दबे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया। ट्रेन मेड्रिड से रवाना हुई थी और पश्चिमोत्तर शहर फेरोल के लिए जा रही थी। उधर, गैलिसिया क्षेत्र अपने संरक्षक संत जेम्स के सम्मान में जश्न की तैयारी में था। एक प्रत्यक्षदर्शी ने रेडियो सेडेना सेर को बताया कि डिब्बे कई बार एक मोड़ पर पलटे और रुककर एक-दूसरे पर चढ़ गए। रेनफे के एक प्रवक्ता ने कहा, जांच चल रही है और हमें प्रतीक्षा करनी होगी। जब हम ट्रेन के ब्लैक बॉक्स को देखेंगे, तब बहुत शीघ्र पता चल जाएगा कि ट्रेन किस गति से जा रही थी। प्रधानमंत्री आज दुर्घटनास्थल का दौरा करेंगे। कई प्रत्यक्षदर्शियों ने भारी विस्फोट होने की बात कही। दुर्घटनास्थल से चंद मीटर की दूरी पर रहने वाली 62-वर्षीय मारिया टेरेसा रामोस ने कहा, मैं घर में थी। तभी मैंने जोरदार आवाज सुनी। यह बहुत जोरदार आवाज थी। काफी धुआं निकल रहा था। उन्होंने कहा, यह दुर्घटना है। लोग चीख रहे थे। किसी ने भी इससे पहले ऐसा नहीं देखा। दुर्घटना जिस स्थान पर हुई उसके पास ही अपने माता-पिता के घर में मौजूद फ्रांसिस्को ओटेरो ने बताया, जोरदार धमाके की आवाज सुनाई पड़ी। ऐसा लगा जैसे भूकंप आया हो। टिप्पणियां ओटेरो ने कहा, पहली चीज जो मैंने देखी, वह एक महिला का शव था। इससे पहले मैंने कभी शव नहीं देखा था, लेकिन उन सबसे इतर मेरा ध्यान काफी सन्नाटे, कुछ धुएं और आग पर गया। उन्होंने कहा, मेरे पड़ोसियों ने डिब्बों के नीचे दबे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया। ट्रेन मेड्रिड से रवाना हुई थी और पश्चिमोत्तर शहर फेरोल के लिए जा रही थी। उधर, गैलिसिया क्षेत्र अपने संरक्षक संत जेम्स के सम्मान में जश्न की तैयारी में था। एक प्रत्यक्षदर्शी ने रेडियो सेडेना सेर को बताया कि डिब्बे कई बार एक मोड़ पर पलटे और रुककर एक-दूसरे पर चढ़ गए। रेनफे के एक प्रवक्ता ने कहा, जांच चल रही है और हमें प्रतीक्षा करनी होगी। जब हम ट्रेन के ब्लैक बॉक्स को देखेंगे, तब बहुत शीघ्र पता चल जाएगा कि ट्रेन किस गति से जा रही थी। प्रधानमंत्री आज दुर्घटनास्थल का दौरा करेंगे। ओटेरो ने कहा, पहली चीज जो मैंने देखी, वह एक महिला का शव था। इससे पहले मैंने कभी शव नहीं देखा था, लेकिन उन सबसे इतर मेरा ध्यान काफी सन्नाटे, कुछ धुएं और आग पर गया। उन्होंने कहा, मेरे पड़ोसियों ने डिब्बों के नीचे दबे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया। ट्रेन मेड्रिड से रवाना हुई थी और पश्चिमोत्तर शहर फेरोल के लिए जा रही थी। उधर, गैलिसिया क्षेत्र अपने संरक्षक संत जेम्स के सम्मान में जश्न की तैयारी में था। एक प्रत्यक्षदर्शी ने रेडियो सेडेना सेर को बताया कि डिब्बे कई बार एक मोड़ पर पलटे और रुककर एक-दूसरे पर चढ़ गए। रेनफे के एक प्रवक्ता ने कहा, जांच चल रही है और हमें प्रतीक्षा करनी होगी। जब हम ट्रेन के ब्लैक बॉक्स को देखेंगे, तब बहुत शीघ्र पता चल जाएगा कि ट्रेन किस गति से जा रही थी। प्रधानमंत्री आज दुर्घटनास्थल का दौरा करेंगे। उधर, गैलिसिया क्षेत्र अपने संरक्षक संत जेम्स के सम्मान में जश्न की तैयारी में था। एक प्रत्यक्षदर्शी ने रेडियो सेडेना सेर को बताया कि डिब्बे कई बार एक मोड़ पर पलटे और रुककर एक-दूसरे पर चढ़ गए। रेनफे के एक प्रवक्ता ने कहा, जांच चल रही है और हमें प्रतीक्षा करनी होगी। जब हम ट्रेन के ब्लैक बॉक्स को देखेंगे, तब बहुत शीघ्र पता चल जाएगा कि ट्रेन किस गति से जा रही थी। प्रधानमंत्री आज दुर्घटनास्थल का दौरा करेंगे।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: घटना उस वक्त हुई, जब ट्रेन पश्चिमोत्तर गैलिसिया क्षेत्र स्थित सेंटियागो डि कंपोस्टेला स्टेशन में प्रवेश करने वाली थी। ट्रेन के डिब्बे कई बार एक मोड़ पर पलटे और एक-दूसरे पर चढ़ गए।
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: आईसीसी विश्व कप-2011 के अंतर्गत पालेकेले अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में सोमवार को खेले गए ग्रुप 'ए' एक मुकाबले में पाकिस्तान ने जिम्बाब्वे को सात विकेट से पराजित कर दिया। उमर गुल को शानदार गेंदबाजी 36 रन देकर तीन विकेट हासिल करने के लिए मैन आफ द मैच चुना गया। इस जीत के साथ ही पाकिस्तान क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर गया। मैच के बाद पाकिस्तान के कप्तान शाहिद अफरीदी ने कहा कि गेंदबाजी में हमारी शुरुआत अच्छी रही। उमर गुल और रज्जाक के बाद स्पिनर्स ने भी अच्छी गेंदबाजी की। शफीक ने जबरदस्त बल्लेबाजी की, हफीज का फार्म में लौटना भी अच्छा रहा। जिम्बाब्वे के कप्तान एल्टन चिगुम्बुरा ने कहा कि हमने शुरुआत में ज्यादा विकेट गंवा दिए। इसके बाद मैच में वापसी करना मुश्किल था। बारिश ने भी हमारा लय बिगाड़ दिया। बारिश से बाधित मैच में जिम्बाव्बे की पारी को 39.4 ओवरों में सात विकेट पर 151 रनों पर समाप्त घोषित कर दिया गया और पाकिस्तान को 38 ओवरों में 162 रन बनाने का संशोधित लक्ष्य मिला। पाकिस्तान ने 34.1 ओवर में तीन विकेट के नुकसान पर 164 रन बना लिए। पाकिस्तान की ओर से असद शफीक ने शानदार 78 रन बनाए। उन्होंने 97 गेंदों में सात चौके लगाए। इसके अलावा मोहम्मद हफीज ने 49 रनों की उपयोगी पारी खेली। पाकिस्तान की शुरुआत हालांकि खराब रही और चौथे ही ओवर में 17 रन के कुल योग पर उसे पहला झटका लगा जब अहमद शहजाद 8 रन बनाकर पेवेलियन लौट गए। इसके बाद दूसरे विकेट के लिए मोहम्मद हफीज और असद शफीक ने 82 रनों की साझेदारी कर अपनी टीम को मजबूत स्थिति में ला दिया। हफीज ने 65 गेंदों में छह चौके की मदद से 49 रन बनाए। इसके बाद शाहिद अफरीदी सस्ते में निपट गए। वह तीन रन बनाकर पेवेलियन लौट गए। यूनिस खान 13 रन बनाकर नाबाद रहे। जिम्बाब्वे की ओर से रे प्राइस को दो विकेट मिला जबकि उत्सेया को एक विकेट हासिल हुआ। पाकिस्तानी टीम को जीत के लिए 38 ओवरों में 162 रनों का संशोधित लक्ष्य दिया गया। दो बार बारिश के कारण बाधा आने के बाद यह लक्ष्य डकवर्थ-लेविस नियम के आधार पर तय किया गया। पालेकेले में भारी बारिश के कारण दो बार खेल में व्यवधान उत्पन्न हुआ। जिम्बाब्वे की पारी के दौरान पहली बार बारिश 28वें ओवर में आई थी। खेल शुरू होने पर मैच को 43-43 ओवरों का कर दिया गया था लेकिन दूसरी बार 40वें ओवर के दौरान आई बारिश के बाद जिम्बाव्बे की पारी को 39.4 ओवरों में सात विकेट पर 151 रनों पर समाप्त घोषित कर दिया गया और पाकिस्तान को 38 ओवरों में 162 रन बनाने का संशोधित लक्ष्य मिला। पहली बार खेल रोके जाने तक जिम्बाब्वे ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 27.2 ओवरों में छह विकेट पर 96 रन बनाए थे। क्रेग एर्विन 74 गेंदों पर पांच चौकों की मदद से 48 रन बनाकर नाबाद थे जबकि कप्तान एल्टन चिगुम्बुरा तीन रन बनाकर उनका साथ दे रहे थे। दोबारा खेल शुरू होने के बाद एर्विन 52 रन बनाने के बाद पेवेलियन लौट गए। उन्होंने कप्तान के साथ छठे विकेट के लिए 19 रन जोड़े। इसके बाद कप्तान और प्रॉस्पर उत्सेया (18) ने सातवें विकेट के लिए 61 गेंदों पर 48 रन जोड़े। उत्सेया ने 32 गेंदों का सामना किया। उनका विकेट 151 रन पर गिरा। दूसरी ओर कप्तान चिगुम्बुरा 46 गेंदों पर दो चौकों की मदद से 32 रन बनाने के बाद नाबाद लौटे। पाकिस्तान की ओर से उमर गुल ने तीन विकेट झटके जबकि शाहिद अफरीदी, अब्दुल रज्जाक, वहाब रियाज और मोहम्मद हफीज को एक-एक सफलता मिली। पाकिस्तान ने 43 रन के कुल योग पर ही जिम्बाब्वे के चार बल्लेबाजों को पेवेलियन लौटा दिया था। इसके बाद एर्विन और ग्रेग लैम्ब ने पांचवें विकेट के लिए 41 रन जोड़कर स्थिति को सम्भालने का प्रयास किया लेकिन कप्तान शाहिद अफरीदी ने 84 रन के कुल योग पर इस साझेदारी को तोड़ दिया। म्ब ने 28 गेंदों पर एक चौके की सहायता से 16 रन बनाए। जिम्बाब्वे ने लैम्ब से पहले ब्रेंडन टेलर (4), रेगिस चाकाब्वा (0), तातेंदा ताएबू (19) और विशू सिबांडा (5) के विकेट गंवाए थे। ताएबू ने अपनी 29 गेंदों की में दो चौके लगाए। जिम्बाब्वे ने अब तक चार मुकाबले खेले हैं जिनमें एक में उसे जीत मिली है जबकि तीन मैचों में उसे हार का सामना करना पड़ा है। जिम्बाब्वे दो अंक लेकर अपने ग्रुप में पांचवें स्थान पर है। पाकिस्तान ने अब तक चार मुकाबले खेले हैं जिसमें तीन में उसे जीत मिली है जबकि एक मैच में उसे हार का सामना करना पड़ा है। छह अंकों के साथ पाकिस्तान अपने ग्रुप में चौथे स्थान पर है और उसका नेट रनरेट +0.760 है। इस मुकाबले को जीतकर पाकिस्तान ने क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह सुनिश्चत कर ली है।
उमर को शानदार गेंदबाजी के लिए मैन आफ द मैच चुना गया। इस जीत के साथ ही पाकिस्तान क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर गया।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद को ब्रिक्स सम्मेलन के गोवा घोषणापत्र में शामिल करने पर कोई आम सहमति नहीं बन पाई क्योंकि समूह के अन्य देश पाकिस्तान स्थित आतंकवाद से प्रभावित नहीं हैं. घोषणापत्र में आतंकवाद से मुकाबले का आह्वान किया गया. भारत के एक शीर्ष राजनयिक ने यद्यपि कहा कि भारत दस्तावेज से ''काफी खुश'' है. विदेश मंत्रालय के सचिव (आर्थिक संबंध) अमर सिन्हा ने कहा, ''मुझे लगता है कि इससे वे चिंतित नहीं हैं, मुख्य तौर पर ब्रिक्स. यह हमें प्रभावित करता है. ऐसा इसलिए कि पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठनों का ध्यान गतिविधियों के मामले में भारत पर है.'' यह पूछे जाने पर कि घोषणापत्र जिसमें आईएसआईएस का नाम लिया गया है उसमें पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूहों विशेष तौर पर जैश-ए-मोहम्मद का उल्लेख नहीं है जिसे संयुक्त राष्ट्र ने प्रतिबंधित किया है, उन्होंने कहा, ''इसलिए चूंकि...(यह उन्हें प्रभावित नहीं करता), मेरा मानना है कि हम दोनों को शामिल करने को लेकर वास्तव में आम सहमति नहीं बना पाये.'' उन्होंने कहा कि बयान में आईएसआईएस और अन्य संबद्ध संगठनों का उल्लेख है. उन्होंने कहा, ''मैं समझता हूं कि उन आतंकवादी संगठनों का उल्लेख है जिसे संयुक्त राष्ट्र ने प्रतिबंधित किया है.'' विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा कि गोवा घोषणापत्र को पूर्व के सम्मेलनों के घोषणापत्रों के अगले क्रम के रूप में देखा जाना चाहिए. उन्होंने कहा, ''कृपया पूर्व में हुए सम्मेलन की भाषा देखिये. आतंकवाद पर उस भाषा को देखिये जो अब की है तब आप देखेंगे कि वह निश्चित तौर पर आतंकवाद पर अधिक कड़ी भाषा है.'' सिन्हा ने आतंकवाद के मुद्दे पर विभिन्न सवालों के जवाब में कहा कि बहुपक्षीय शिखर सम्मेलन को मात्र आतंकवाद के मुद्दे तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए. उन्होंने गोवा घोषणापत्र में शब्द ''सीमापार आतंकवाद'' शामिल नहीं करने का बचाव किया और कहा कि जोर विचार पर होना चाहिए कि आतंकवाद का कोई भी राजनीतिक तर्क नहीं हो सकता. उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि भारत अपने विचारों से सभी को साथ लाने पर सफल रहा है. सिन्हा ने कहा कि घोषणापत्र में सभी देशों से आतंकवाद के खिलाफ व्यापक कदम उठाने के लिए कहा गया है. उन्होंने कहा, ''मेरा मानना है कि संदेश बिल्कुल स्पष्ट है और सब कुछ व्याख्या करने की जरूरत नहीं है. आपको देखना होगा कि जोर में अंतर्निहित क्या है.'' चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के उस भाषण के बारे में पूछे जाने पर जिसमें उन्होंने मूल कारणों पर जोर देने के लिए कहा, सिन्हा ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि ''मूल कारणों'' से उनका क्या तात्पर्य था. उन्होंने कहा कि यदि ऐसा होता कि तो वे सीसीआईटी का समर्थन नहीं करते. वरिष्ठ राजनयिक ने रेखांकित किया कि भारत, गोवा घोषणापत्र से ''संतुष्ट'' है.टिप्पणियां उन्होंने कहा, ''ऐसी चर्चाओं में प्रत्येक देश अपने राष्ट्रीय रुख से शुरुआत करता है जैसा कि हमने किया और उसके बाद उस पर लंबे सत्र के दौरान तब तक चर्चा होती है जब तक कि आप एक ऐसे निष्कर्ष पर नहीं पहुंच जाते जो कि सभी को स्वीकार हो.'' उन्होंने कहा कि घोषणापत्र में आतंकवाद को शांति एवं सुरक्षा के लिए अभूतपूर्व वैश्विक खतरे के तौर पर उल्लेख किया गया है. उन्होंने कहा, ''ये कड़े शब्द हैं. मैं नहीं मानता कि उन्होंने इसे कम करके आंका है.''(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) विदेश मंत्रालय के सचिव (आर्थिक संबंध) अमर सिन्हा ने कहा, ''मुझे लगता है कि इससे वे चिंतित नहीं हैं, मुख्य तौर पर ब्रिक्स. यह हमें प्रभावित करता है. ऐसा इसलिए कि पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठनों का ध्यान गतिविधियों के मामले में भारत पर है.'' यह पूछे जाने पर कि घोषणापत्र जिसमें आईएसआईएस का नाम लिया गया है उसमें पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूहों विशेष तौर पर जैश-ए-मोहम्मद का उल्लेख नहीं है जिसे संयुक्त राष्ट्र ने प्रतिबंधित किया है, उन्होंने कहा, ''इसलिए चूंकि...(यह उन्हें प्रभावित नहीं करता), मेरा मानना है कि हम दोनों को शामिल करने को लेकर वास्तव में आम सहमति नहीं बना पाये.'' उन्होंने कहा कि बयान में आईएसआईएस और अन्य संबद्ध संगठनों का उल्लेख है. उन्होंने कहा, ''मैं समझता हूं कि उन आतंकवादी संगठनों का उल्लेख है जिसे संयुक्त राष्ट्र ने प्रतिबंधित किया है.'' विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा कि गोवा घोषणापत्र को पूर्व के सम्मेलनों के घोषणापत्रों के अगले क्रम के रूप में देखा जाना चाहिए. उन्होंने कहा, ''कृपया पूर्व में हुए सम्मेलन की भाषा देखिये. आतंकवाद पर उस भाषा को देखिये जो अब की है तब आप देखेंगे कि वह निश्चित तौर पर आतंकवाद पर अधिक कड़ी भाषा है.'' सिन्हा ने आतंकवाद के मुद्दे पर विभिन्न सवालों के जवाब में कहा कि बहुपक्षीय शिखर सम्मेलन को मात्र आतंकवाद के मुद्दे तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए. उन्होंने गोवा घोषणापत्र में शब्द ''सीमापार आतंकवाद'' शामिल नहीं करने का बचाव किया और कहा कि जोर विचार पर होना चाहिए कि आतंकवाद का कोई भी राजनीतिक तर्क नहीं हो सकता. उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि भारत अपने विचारों से सभी को साथ लाने पर सफल रहा है. सिन्हा ने कहा कि घोषणापत्र में सभी देशों से आतंकवाद के खिलाफ व्यापक कदम उठाने के लिए कहा गया है. उन्होंने कहा, ''मेरा मानना है कि संदेश बिल्कुल स्पष्ट है और सब कुछ व्याख्या करने की जरूरत नहीं है. आपको देखना होगा कि जोर में अंतर्निहित क्या है.'' चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के उस भाषण के बारे में पूछे जाने पर जिसमें उन्होंने मूल कारणों पर जोर देने के लिए कहा, सिन्हा ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि ''मूल कारणों'' से उनका क्या तात्पर्य था. उन्होंने कहा कि यदि ऐसा होता कि तो वे सीसीआईटी का समर्थन नहीं करते. वरिष्ठ राजनयिक ने रेखांकित किया कि भारत, गोवा घोषणापत्र से ''संतुष्ट'' है.टिप्पणियां उन्होंने कहा, ''ऐसी चर्चाओं में प्रत्येक देश अपने राष्ट्रीय रुख से शुरुआत करता है जैसा कि हमने किया और उसके बाद उस पर लंबे सत्र के दौरान तब तक चर्चा होती है जब तक कि आप एक ऐसे निष्कर्ष पर नहीं पहुंच जाते जो कि सभी को स्वीकार हो.'' उन्होंने कहा कि घोषणापत्र में आतंकवाद को शांति एवं सुरक्षा के लिए अभूतपूर्व वैश्विक खतरे के तौर पर उल्लेख किया गया है. उन्होंने कहा, ''ये कड़े शब्द हैं. मैं नहीं मानता कि उन्होंने इसे कम करके आंका है.''(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा कि गोवा घोषणापत्र को पूर्व के सम्मेलनों के घोषणापत्रों के अगले क्रम के रूप में देखा जाना चाहिए. उन्होंने कहा, ''कृपया पूर्व में हुए सम्मेलन की भाषा देखिये. आतंकवाद पर उस भाषा को देखिये जो अब की है तब आप देखेंगे कि वह निश्चित तौर पर आतंकवाद पर अधिक कड़ी भाषा है.'' सिन्हा ने आतंकवाद के मुद्दे पर विभिन्न सवालों के जवाब में कहा कि बहुपक्षीय शिखर सम्मेलन को मात्र आतंकवाद के मुद्दे तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए. उन्होंने गोवा घोषणापत्र में शब्द ''सीमापार आतंकवाद'' शामिल नहीं करने का बचाव किया और कहा कि जोर विचार पर होना चाहिए कि आतंकवाद का कोई भी राजनीतिक तर्क नहीं हो सकता. उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि भारत अपने विचारों से सभी को साथ लाने पर सफल रहा है. सिन्हा ने कहा कि घोषणापत्र में सभी देशों से आतंकवाद के खिलाफ व्यापक कदम उठाने के लिए कहा गया है. उन्होंने कहा, ''मेरा मानना है कि संदेश बिल्कुल स्पष्ट है और सब कुछ व्याख्या करने की जरूरत नहीं है. आपको देखना होगा कि जोर में अंतर्निहित क्या है.'' चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के उस भाषण के बारे में पूछे जाने पर जिसमें उन्होंने मूल कारणों पर जोर देने के लिए कहा, सिन्हा ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि ''मूल कारणों'' से उनका क्या तात्पर्य था. उन्होंने कहा कि यदि ऐसा होता कि तो वे सीसीआईटी का समर्थन नहीं करते. वरिष्ठ राजनयिक ने रेखांकित किया कि भारत, गोवा घोषणापत्र से ''संतुष्ट'' है.टिप्पणियां उन्होंने कहा, ''ऐसी चर्चाओं में प्रत्येक देश अपने राष्ट्रीय रुख से शुरुआत करता है जैसा कि हमने किया और उसके बाद उस पर लंबे सत्र के दौरान तब तक चर्चा होती है जब तक कि आप एक ऐसे निष्कर्ष पर नहीं पहुंच जाते जो कि सभी को स्वीकार हो.'' उन्होंने कहा कि घोषणापत्र में आतंकवाद को शांति एवं सुरक्षा के लिए अभूतपूर्व वैश्विक खतरे के तौर पर उल्लेख किया गया है. उन्होंने कहा, ''ये कड़े शब्द हैं. मैं नहीं मानता कि उन्होंने इसे कम करके आंका है.''(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सिन्हा ने आतंकवाद के मुद्दे पर विभिन्न सवालों के जवाब में कहा कि बहुपक्षीय शिखर सम्मेलन को मात्र आतंकवाद के मुद्दे तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए. उन्होंने गोवा घोषणापत्र में शब्द ''सीमापार आतंकवाद'' शामिल नहीं करने का बचाव किया और कहा कि जोर विचार पर होना चाहिए कि आतंकवाद का कोई भी राजनीतिक तर्क नहीं हो सकता. उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि भारत अपने विचारों से सभी को साथ लाने पर सफल रहा है. सिन्हा ने कहा कि घोषणापत्र में सभी देशों से आतंकवाद के खिलाफ व्यापक कदम उठाने के लिए कहा गया है. उन्होंने कहा, ''मेरा मानना है कि संदेश बिल्कुल स्पष्ट है और सब कुछ व्याख्या करने की जरूरत नहीं है. आपको देखना होगा कि जोर में अंतर्निहित क्या है.'' चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के उस भाषण के बारे में पूछे जाने पर जिसमें उन्होंने मूल कारणों पर जोर देने के लिए कहा, सिन्हा ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि ''मूल कारणों'' से उनका क्या तात्पर्य था. उन्होंने कहा कि यदि ऐसा होता कि तो वे सीसीआईटी का समर्थन नहीं करते. वरिष्ठ राजनयिक ने रेखांकित किया कि भारत, गोवा घोषणापत्र से ''संतुष्ट'' है.टिप्पणियां उन्होंने कहा, ''ऐसी चर्चाओं में प्रत्येक देश अपने राष्ट्रीय रुख से शुरुआत करता है जैसा कि हमने किया और उसके बाद उस पर लंबे सत्र के दौरान तब तक चर्चा होती है जब तक कि आप एक ऐसे निष्कर्ष पर नहीं पहुंच जाते जो कि सभी को स्वीकार हो.'' उन्होंने कहा कि घोषणापत्र में आतंकवाद को शांति एवं सुरक्षा के लिए अभूतपूर्व वैश्विक खतरे के तौर पर उल्लेख किया गया है. उन्होंने कहा, ''ये कड़े शब्द हैं. मैं नहीं मानता कि उन्होंने इसे कम करके आंका है.''(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा, ''मेरा मानना है कि संदेश बिल्कुल स्पष्ट है और सब कुछ व्याख्या करने की जरूरत नहीं है. आपको देखना होगा कि जोर में अंतर्निहित क्या है.'' चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के उस भाषण के बारे में पूछे जाने पर जिसमें उन्होंने मूल कारणों पर जोर देने के लिए कहा, सिन्हा ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि ''मूल कारणों'' से उनका क्या तात्पर्य था. उन्होंने कहा कि यदि ऐसा होता कि तो वे सीसीआईटी का समर्थन नहीं करते. वरिष्ठ राजनयिक ने रेखांकित किया कि भारत, गोवा घोषणापत्र से ''संतुष्ट'' है.टिप्पणियां उन्होंने कहा, ''ऐसी चर्चाओं में प्रत्येक देश अपने राष्ट्रीय रुख से शुरुआत करता है जैसा कि हमने किया और उसके बाद उस पर लंबे सत्र के दौरान तब तक चर्चा होती है जब तक कि आप एक ऐसे निष्कर्ष पर नहीं पहुंच जाते जो कि सभी को स्वीकार हो.'' उन्होंने कहा कि घोषणापत्र में आतंकवाद को शांति एवं सुरक्षा के लिए अभूतपूर्व वैश्विक खतरे के तौर पर उल्लेख किया गया है. उन्होंने कहा, ''ये कड़े शब्द हैं. मैं नहीं मानता कि उन्होंने इसे कम करके आंका है.''(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा, ''ऐसी चर्चाओं में प्रत्येक देश अपने राष्ट्रीय रुख से शुरुआत करता है जैसा कि हमने किया और उसके बाद उस पर लंबे सत्र के दौरान तब तक चर्चा होती है जब तक कि आप एक ऐसे निष्कर्ष पर नहीं पहुंच जाते जो कि सभी को स्वीकार हो.'' उन्होंने कहा कि घोषणापत्र में आतंकवाद को शांति एवं सुरक्षा के लिए अभूतपूर्व वैश्विक खतरे के तौर पर उल्लेख किया गया है. उन्होंने कहा, ''ये कड़े शब्द हैं. मैं नहीं मानता कि उन्होंने इसे कम करके आंका है.''(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त सारांश: घोषणापत्र में आईएसआईएस का जिक्र किया गया आतंकी बेसों के खात्‍मे और समग्र दृष्टिकोण विकसित करने पर जोर जैश-ए-मोहम्‍मद को संयुक्‍त राष्‍ट्र ने प्रतिबंधित कर रखा है
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: केरल में सीपीएम और बीजेपी के बीच रह रहकर सिर उठाने वाली राजनीतिक हिंसा के बीच कोझिकोड के नदापुरम इलाके में आरएसएस के दफ्तर के पास गुरुवार को देसी बम से हमला हुआ है. इसमें बीजेपी के चार कार्यकर्ता घायल हुए हैं. धमाके के बाद पुलिस ने पूरे इलाक़े में नाकाबंदी कर दी है. यह हमला आरएसएस के सह प्रचार प्रमुख कुंदन चंद्रावत के उस बयान के कुछ घंटों बाद हुआ है, जिसमें उन्होनें केरल के मुख्यमंत्री का सिर लाने की बात कही गई थी. बता दें कि कुंदन चंद्रावत ने केरल में स्वयं सेवकों की कथित तौर पर माकपा कार्यकर्ताओं द्वारा की गई हत्या का बदला लेने पर इनाम देने की घोषणा की थी. उन्होंने केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन का सिर कलम करने पर एक करोड़ रुपए के इनाम की घोषणा की थी. उन्होंने कहा था कि 300 बेकसूर लोग (आरएसएस से जुड़े) मार दिए गए लेकिन केरल के मुख्यमंत्री ने इसके प्रति आंखें मूंद लीं. चंद्रावत की इस टिप्पणी से राजनीति में भूचाल आ गया था. हालांकि, आरएसएस ने चंद्रावत की टिप्पणी से अपनी दूरी बना ली. संघ के राष्ट्रीय सह प्रचार प्रमुख जे. नंद कुमार ने कहा कि आरएसएस ऐसी टिप्पणियों की सख्त निंदा करता है. संघ हिंसा में यकीन नहीं रखता. माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा कि चंद्रावत की टिप्पणी से आतंकी संगठन के रूप में आरएसएस का असली रंग सामने आया है. येचुरी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राजग सरकार की चुप्पी पर भी सवाल किया. माकपा पोलित ब्यूरो ने एक बयान में कहा कि सरकार की चुप्पी आरएसएस को इस तरह की निंदा योग्य धमकियों के लिए प्रोत्साहित करता है.टिप्पणियां इसने कहा कि इसके जरिए संघ ने इस बात की फिर से पुष्टि की है कि यह हिंसा और आतंक की राजनीति को फैलाता है जैसा कि हाल के महीनों में केरल में भी स्पष्ट दिखा है. पार्टी ने राज्य और केंद्र सरकार से चंद्रावत के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की मांग की. इसने कहा कि इसके जरिए संघ ने इस बात की फिर से पुष्टि की है कि यह हिंसा और आतंक की राजनीति को फैलाता है जैसा कि हाल के महीनों में केरल में भी स्पष्ट दिखा है. पार्टी ने राज्य और केंद्र सरकार से चंद्रावत के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की मांग की. बता दें कि कुंदन चंद्रावत ने केरल में स्वयं सेवकों की कथित तौर पर माकपा कार्यकर्ताओं द्वारा की गई हत्या का बदला लेने पर इनाम देने की घोषणा की थी. उन्होंने केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन का सिर कलम करने पर एक करोड़ रुपए के इनाम की घोषणा की थी. उन्होंने कहा था कि 300 बेकसूर लोग (आरएसएस से जुड़े) मार दिए गए लेकिन केरल के मुख्यमंत्री ने इसके प्रति आंखें मूंद लीं. चंद्रावत की इस टिप्पणी से राजनीति में भूचाल आ गया था. हालांकि, आरएसएस ने चंद्रावत की टिप्पणी से अपनी दूरी बना ली. संघ के राष्ट्रीय सह प्रचार प्रमुख जे. नंद कुमार ने कहा कि आरएसएस ऐसी टिप्पणियों की सख्त निंदा करता है. संघ हिंसा में यकीन नहीं रखता. माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा कि चंद्रावत की टिप्पणी से आतंकी संगठन के रूप में आरएसएस का असली रंग सामने आया है. येचुरी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राजग सरकार की चुप्पी पर भी सवाल किया. माकपा पोलित ब्यूरो ने एक बयान में कहा कि सरकार की चुप्पी आरएसएस को इस तरह की निंदा योग्य धमकियों के लिए प्रोत्साहित करता है.टिप्पणियां इसने कहा कि इसके जरिए संघ ने इस बात की फिर से पुष्टि की है कि यह हिंसा और आतंक की राजनीति को फैलाता है जैसा कि हाल के महीनों में केरल में भी स्पष्ट दिखा है. पार्टी ने राज्य और केंद्र सरकार से चंद्रावत के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की मांग की. इसने कहा कि इसके जरिए संघ ने इस बात की फिर से पुष्टि की है कि यह हिंसा और आतंक की राजनीति को फैलाता है जैसा कि हाल के महीनों में केरल में भी स्पष्ट दिखा है. पार्टी ने राज्य और केंद्र सरकार से चंद्रावत के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की मांग की. चंद्रावत की इस टिप्पणी से राजनीति में भूचाल आ गया था. हालांकि, आरएसएस ने चंद्रावत की टिप्पणी से अपनी दूरी बना ली. संघ के राष्ट्रीय सह प्रचार प्रमुख जे. नंद कुमार ने कहा कि आरएसएस ऐसी टिप्पणियों की सख्त निंदा करता है. संघ हिंसा में यकीन नहीं रखता. माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा कि चंद्रावत की टिप्पणी से आतंकी संगठन के रूप में आरएसएस का असली रंग सामने आया है. येचुरी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राजग सरकार की चुप्पी पर भी सवाल किया. माकपा पोलित ब्यूरो ने एक बयान में कहा कि सरकार की चुप्पी आरएसएस को इस तरह की निंदा योग्य धमकियों के लिए प्रोत्साहित करता है.टिप्पणियां इसने कहा कि इसके जरिए संघ ने इस बात की फिर से पुष्टि की है कि यह हिंसा और आतंक की राजनीति को फैलाता है जैसा कि हाल के महीनों में केरल में भी स्पष्ट दिखा है. पार्टी ने राज्य और केंद्र सरकार से चंद्रावत के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की मांग की. इसने कहा कि इसके जरिए संघ ने इस बात की फिर से पुष्टि की है कि यह हिंसा और आतंक की राजनीति को फैलाता है जैसा कि हाल के महीनों में केरल में भी स्पष्ट दिखा है. पार्टी ने राज्य और केंद्र सरकार से चंद्रावत के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की मांग की. माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा कि चंद्रावत की टिप्पणी से आतंकी संगठन के रूप में आरएसएस का असली रंग सामने आया है. येचुरी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राजग सरकार की चुप्पी पर भी सवाल किया. माकपा पोलित ब्यूरो ने एक बयान में कहा कि सरकार की चुप्पी आरएसएस को इस तरह की निंदा योग्य धमकियों के लिए प्रोत्साहित करता है.टिप्पणियां इसने कहा कि इसके जरिए संघ ने इस बात की फिर से पुष्टि की है कि यह हिंसा और आतंक की राजनीति को फैलाता है जैसा कि हाल के महीनों में केरल में भी स्पष्ट दिखा है. पार्टी ने राज्य और केंद्र सरकार से चंद्रावत के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की मांग की. इसने कहा कि इसके जरिए संघ ने इस बात की फिर से पुष्टि की है कि यह हिंसा और आतंक की राजनीति को फैलाता है जैसा कि हाल के महीनों में केरल में भी स्पष्ट दिखा है. पार्टी ने राज्य और केंद्र सरकार से चंद्रावत के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की मांग की. इसने कहा कि इसके जरिए संघ ने इस बात की फिर से पुष्टि की है कि यह हिंसा और आतंक की राजनीति को फैलाता है जैसा कि हाल के महीनों में केरल में भी स्पष्ट दिखा है. पार्टी ने राज्य और केंद्र सरकार से चंद्रावत के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की मांग की. इसने कहा कि इसके जरिए संघ ने इस बात की फिर से पुष्टि की है कि यह हिंसा और आतंक की राजनीति को फैलाता है जैसा कि हाल के महीनों में केरल में भी स्पष्ट दिखा है. पार्टी ने राज्य और केंद्र सरकार से चंद्रावत के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की मांग की. इसने कहा कि इसके जरिए संघ ने इस बात की फिर से पुष्टि की है कि यह हिंसा और आतंक की राजनीति को फैलाता है जैसा कि हाल के महीनों में केरल में भी स्पष्ट दिखा है. पार्टी ने राज्य और केंद्र सरकार से चंद्रावत के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की मांग की.
यहाँ एक सारांश है:सीएम विजयन को लेकर दिया था विवादित बयान आरएसएस ने चंद्रवत की टिप्पणी से किया था किनारा येचुरी ने कहा- RSS का सही चेहरा सामने आया
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: 'स्टूडेंट ऑफ द ईयर' कहानी है, एक स्कूल की, जहां तीन दोस्त हैं - सिद्धार्थ मल्होत्रा, आलिया भट्ट और वरुण धवन - जो एक-दूसरे से बेहद अलग हैं, और तीनों की अपनी-अपनी बैकग्राउंड स्टोरी है... स्कूल के डीन हैं ऋषि कपूर और स्पोर्ट्स टीचर हैं रोनित रॉय... 'स्टूडेंट ऑफ द ईयर' की ट्रॉफी जीतने के लिए तीनो स्टूडेंट के बीच चल रही है रेस, और इसी की कहानी है 'स्टूडेंट ऑफ द ईयर'... एक ग्लॉसी और लाइट-हार्टेड फिल्म है, जहां डिज़ाइन किए हुए कपड़े, रंगीन सेट्स और एक ऐसा काल्पनिक स्कूल है, जिसे हम शायद सिर्फ ख्वाबों में ही देखते हैं... वैसे फिल्म की कहानी बहुत आम है, लेकिन स्क्रीनप्ले और सिनेमेटोग्राफी देखने वालों को बांधे रखते हैं... अभिनय की ट्रॉफी एक बार फिर ऋषि कपूर ही ले गए, हालांकि रोनित रॉय भी अपने किरदार में बिल्कुल फिट दिखाई दिए...टिप्पणियां इस फिल्म से इंडस्ट्री में दाखिल हुए सिद्धार्थ मल्होत्रा, निर्देशक महेश भट्ट की छोटी बेटी आलिया भट्ट और निर्देशक डेविड धवन के बेटे वरुण धवन को एक्टिंग में फुल मार्क्स मिलेंगे, जिन्होंने पूरी फिल्म एक बार भी खुद के नए होने का एहसास कतई नहीं होने दिया... हां, तीनों को अपने डांस पर कुछ और मेहनत करने की ज़रूरत है... फिल्म के डायलॉग अच्छे हैं, जो आज की युवा पीढ़ी को पर्दे पर दर्शाते हैं... कुल मिलाकर मैं कहूंगा, एक बार इसे ज़रूर देखिए, क्या पता आपको भी अपने स्कूल या कॉलेज का कोई लम्हा याद आ जाए, हालांकि इतना ज़रूर कहना चाहूंगा, कि फिल्म में इस तरह का स्कूल के होने के पीछे कुछ लॉजिक भी करण जौहर डाल देते तो बेहतर होता... इस फिल्म के लिए मेरी रेटिंग है - 3 स्टार... एक ग्लॉसी और लाइट-हार्टेड फिल्म है, जहां डिज़ाइन किए हुए कपड़े, रंगीन सेट्स और एक ऐसा काल्पनिक स्कूल है, जिसे हम शायद सिर्फ ख्वाबों में ही देखते हैं... वैसे फिल्म की कहानी बहुत आम है, लेकिन स्क्रीनप्ले और सिनेमेटोग्राफी देखने वालों को बांधे रखते हैं... अभिनय की ट्रॉफी एक बार फिर ऋषि कपूर ही ले गए, हालांकि रोनित रॉय भी अपने किरदार में बिल्कुल फिट दिखाई दिए...टिप्पणियां इस फिल्म से इंडस्ट्री में दाखिल हुए सिद्धार्थ मल्होत्रा, निर्देशक महेश भट्ट की छोटी बेटी आलिया भट्ट और निर्देशक डेविड धवन के बेटे वरुण धवन को एक्टिंग में फुल मार्क्स मिलेंगे, जिन्होंने पूरी फिल्म एक बार भी खुद के नए होने का एहसास कतई नहीं होने दिया... हां, तीनों को अपने डांस पर कुछ और मेहनत करने की ज़रूरत है... फिल्म के डायलॉग अच्छे हैं, जो आज की युवा पीढ़ी को पर्दे पर दर्शाते हैं... कुल मिलाकर मैं कहूंगा, एक बार इसे ज़रूर देखिए, क्या पता आपको भी अपने स्कूल या कॉलेज का कोई लम्हा याद आ जाए, हालांकि इतना ज़रूर कहना चाहूंगा, कि फिल्म में इस तरह का स्कूल के होने के पीछे कुछ लॉजिक भी करण जौहर डाल देते तो बेहतर होता... इस फिल्म के लिए मेरी रेटिंग है - 3 स्टार... इस फिल्म से इंडस्ट्री में दाखिल हुए सिद्धार्थ मल्होत्रा, निर्देशक महेश भट्ट की छोटी बेटी आलिया भट्ट और निर्देशक डेविड धवन के बेटे वरुण धवन को एक्टिंग में फुल मार्क्स मिलेंगे, जिन्होंने पूरी फिल्म एक बार भी खुद के नए होने का एहसास कतई नहीं होने दिया... हां, तीनों को अपने डांस पर कुछ और मेहनत करने की ज़रूरत है... फिल्म के डायलॉग अच्छे हैं, जो आज की युवा पीढ़ी को पर्दे पर दर्शाते हैं... कुल मिलाकर मैं कहूंगा, एक बार इसे ज़रूर देखिए, क्या पता आपको भी अपने स्कूल या कॉलेज का कोई लम्हा याद आ जाए, हालांकि इतना ज़रूर कहना चाहूंगा, कि फिल्म में इस तरह का स्कूल के होने के पीछे कुछ लॉजिक भी करण जौहर डाल देते तो बेहतर होता... इस फिल्म के लिए मेरी रेटिंग है - 3 स्टार... फिल्म के डायलॉग अच्छे हैं, जो आज की युवा पीढ़ी को पर्दे पर दर्शाते हैं... कुल मिलाकर मैं कहूंगा, एक बार इसे ज़रूर देखिए, क्या पता आपको भी अपने स्कूल या कॉलेज का कोई लम्हा याद आ जाए, हालांकि इतना ज़रूर कहना चाहूंगा, कि फिल्म में इस तरह का स्कूल के होने के पीछे कुछ लॉजिक भी करण जौहर डाल देते तो बेहतर होता... इस फिल्म के लिए मेरी रेटिंग है - 3 स्टार...
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: एक्टिंग के अलावा फिल्म के डायलॉग भी अच्छे हैं, जो आज की युवा पीढ़ी को पर्दे पर दर्शाते हैं... कुल मिलाकर इस फिल्म के लिए मेरी रेटिंग है - 3 स्टार...
3
['hin']
एक सारांश बनाओ: स्पिन गेंदबाजी को कभी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत की सबसे बड़ी ताकत मानी जाती थी, लेकिन अनिल कुंबले के संन्यास लेने के बाद यह उसकी कमजोरी बनती जा रही है। इंग्लैंड के हाथों टेस्ट शृंखला में 0-4 की हार के दौरान भारतीय स्पिनरों का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा और इसीलिए कई पूर्व क्रिकेटरों ने इसके भारत का सबसे कमजोर पक्ष करार दिया। वेस्टइंडीज के पूर्व कप्तान क्लाइव लायड के शब्दों में, स्पिन के लिहाज से यह सबसे कमजोर टीम थी, जबकि भारत के पास हमेशा अच्छे स्पिनर रहे हैं। यह सिर्फ इंग्लैंड के इस दौरे में नहीं, बल्कि कुंबले के संन्यास लेने के बाद से ही स्पिन गेंदबाजी में भारत कमजोर होता जा रहा है। आंकड़े इसके गवाह हैं। कुंबले के संन्यास के बाद भारत ने जो 31 टेस्ट मैच खेले, उनमें तेज गेंदबाजों ने 254 विकेट लिए, जबकि हरभजन सिंह की मौजूदगी के बावजूद स्पिनरों के नाम पर 214 विकेट ही दर्ज रहे। यह नहीं भूलना चाहिए कि इस दौरान भारत ने 18 मैच भारतीय उपमहाद्वीप में खेले जहां की पिचों को स्पिनरों के अनुकूल माना जाता है। कुंबले के संन्यास लेने के बाद हरभजन ने सर्वाधिक 107 विकेट लिए, लेकिन उनका औसत 35.73 रहा, जो उनके ओवरऑल औसत से अधिक है। भारत ने इस बीच केवल तीन मुख्य स्पिनर आजमाए, लेकिन प्रज्ञान ओझा (42 विकेट) और मिश्रा (34 विकेट) कुंबले की कमी पूरी नहीं कर पाए। इस बीच, केवल हरभजन तीन बार पारी में पांच या इससे अधिक विकेट ले पाए। भारत ने पिछले दो साल में 63 वनडे मैच खेले, जिनमें स्पिनरों ने 200, जबकि तेज गेंदबाजों ने 230 विकेट लिए। स्पिनरों के खाते में 70 से अधिक विकेट का योगदान तो उन खिलाड़ियों का रहा, जिनकी मुख्य भूमिका बल्लेबाज की है और उन्हें केवल पांचवें गेंदबाज के तौर पर गेंद सौंपी जाती रही। इंग्लैंड में टेस्ट शृंखला में भारतीय स्पिनरों के नाम पर केवल 10 विकेट दर्ज रहे। इनमें से सर्वाधिक चार विकेट सुरेश रैना ने लिए, जिनकी मुख्य भूमिका स्पिनर की नहीं है। मुख्य स्पिनर हरभजन और अमित मिश्रा दो-दो मैच में क्रमश: तीन और दो विकेट ही ले पाए। दूसरी तरफ स्वान 13 विकेट लेने में सफल रहे। ऐसा नहीं है कि इंग्लैंड की धरती पर भारतीय स्पिनर सफल नहीं रहे। कुंबले ने वहां 10 टेस्ट में 36 विकेट लिए हैं। उनके अलावा बिशन सिंह बेदी ने 12 मैच में 35, भागवत चंद्रशेखर ने नौ मैच में 31, वीनू मांकड़ ने छह मैच में 20, एस वेंकटराघवन ने 10 मैच में 20, सुभाष गुप्ते ने पांच मैच में 17 और गुलाम अहमद ने चार मैच में 15 विकेट लिए। स्वयं हरभजन ने इस शृंखला से पहले इंग्लैंड में जो दो मैच खेले थे, उनमें उन्होंने 13 विकेट लिए थे।
स्पिन गेंदबाजी को कभी क्रिकेट में भारत की सबसे बड़ी ताकत मानी जाती थी, लेकिन कुंबले के संन्यास लेने के बाद यह उसकी कमजोरी बनती जा रही है।
26
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: नोएडा पुलिस ने लोन देने के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाली एक फर्जी कंपनी का पर्दाफाश किया है. साइबर सेल टीम और सेक्टर-20 कोतवाली पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 33 आरोपियों को गिरफ्तार किया. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) वैभव कृष्ण ने बताया कि विगत कुछ समय से लोन के नाम पर ठगी की शिकायतें लगातार मिल रही थीं. साइबर सेल द्वारा की गई जांच में पता चला कि लोन दिलवाने के नाम पर देश के विभिन्न राज्यों के लोगों से ठगी करने वाली कंपनी का कार्यालय नोएडा के सेक्टर-तीन में स्थित है. एसएसपी ने बताया कि साइबर सेल टीम के प्रभारी बलजीत सिंह के नेतृत्व में सेक्टर-20 कोतवाली पुलिस के साथ फर्जी कंपनी के कार्यालय पर छापेमारी की गई. वहां से 33 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया.  एसएसपी ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त देश के विभिन्न राज्यों के लोगों को लोन देने के नाम पर फोन करते थे. लोन देने के नाम पर फाइल चार्ज और अन्य खर्चा बताकर लोगों से कंपनी के खाते में पैसा डलवाकर ठग लिया करते थे. उन्होंने कहा कि आरोपियों के खिलाफ भादंसं की धारा 420, 406, 467, 468 और आईटी कानून सहित विभिन्न प्रावधानों में मामला दर्ज किया गया है.  गिरफ्तार अभियुक्तों में अभिषेक, अनस, ईर कुमार, विवेक सिंह, मनोरंजन त्रिपाठी, अदनान अहमद, रंजन कुमार, दीपक, कुनाल, योगेश, दुर्गादत्त सिंह, सुधांशु सिह, दीपक शर्मा, अरुण कुमार, गगन त्यागी, डेविड, सीमा, नेहा, उजाला, कल्पना कुमारी, कंचन, सुमोई, मुस्कान आदि शामिल हैं। उन्होंने कहा कि जांच में पता चला है कि गिरफ्तार अभियुक्त छह माह में देश के विभिन्न राज्यों के हजारों लोगों से एक करोड़ रूपये से अधिक की ठगी कर चुके हैं.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: लोन देने के नाम पर ठगी करने वाली कंपनी का पर्दाफाश 33 लोग गिरफ्तार नोएडा पुलिस ने किया गिरफ्तार
11
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल के डॉक्टरों की लापरवाही ने 16 साल की लड़की दीक्षा शर्मा की जान ले ली।टिप्पणियां रविवार को दीक्षा को निमोनिया की शिकायत के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सोमवार सुबह जब डॉक्टर राउंड पर आया तो दीक्षा की तबीयक बिगड़ने लगी और डॉक्टर ने उसे आईसीयू में शिफ्ट करने को कहा। लेकिन सुपरीटेंडेंट डॉक्टर एलसी शर्मा ने दीक्षा के घरवालों को इसके लिए डॉक्टर से फोन कराने को कहा। इसके बाद डॉक्टर के फोन करने के बावजूद दीक्षा को आईसीयू में नहीं शिफ्ट किया गया। अस्पताल के डॉक्टर मानवाधिकार आयोग की बैठक में चले गए और 2 घंटे बाद इलाज के इंतजार में दीक्षा ने दम तोड़ दिया।   रविवार को दीक्षा को निमोनिया की शिकायत के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सोमवार सुबह जब डॉक्टर राउंड पर आया तो दीक्षा की तबीयक बिगड़ने लगी और डॉक्टर ने उसे आईसीयू में शिफ्ट करने को कहा। लेकिन सुपरीटेंडेंट डॉक्टर एलसी शर्मा ने दीक्षा के घरवालों को इसके लिए डॉक्टर से फोन कराने को कहा। इसके बाद डॉक्टर के फोन करने के बावजूद दीक्षा को आईसीयू में नहीं शिफ्ट किया गया। अस्पताल के डॉक्टर मानवाधिकार आयोग की बैठक में चले गए और 2 घंटे बाद इलाज के इंतजार में दीक्षा ने दम तोड़ दिया।   इसके बाद डॉक्टर के फोन करने के बावजूद दीक्षा को आईसीयू में नहीं शिफ्ट किया गया। अस्पताल के डॉक्टर मानवाधिकार आयोग की बैठक में चले गए और 2 घंटे बाद इलाज के इंतजार में दीक्षा ने दम तोड़ दिया।
संक्षिप्त सारांश: जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल के डॉक्टरों की लापरवाही ने 16 साल की लड़की दीक्षा शर्मा की जान ले ली।
29
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के समर्थन वापस लेने के बाद राज्य के मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनके मंत्रिमंडल ने राज्यपाल से विधानसभा भंग करने की सिफारिश की है। झामुमो ने सोमवार को मुंडा सरकार से समर्थन वापस लेने का निर्णय लिया था। पार्टी ने राज्यपाल सैयद अहमद को औपचारिक तौर पर पत्र सौंपकर अवगत कराया कि उसने राज्य की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार से समर्थन वापस ले लिया है। इस बीच, झारखंड मंत्रिमंडल ने विधानसभा भंग करने की सिफारिश कर दी। झामुमो के समर्थन वापस ले लेने से 82 सदस्यीय झारखंड विधानसभा में मुंडा सरकार अल्पमत में आ गई। लेकिन झामुमो ने विधानसभा भंग करने की कैबिनेट की सिफारिश पर सवाल उठाया है। मुंडा सरकार में उपमुख्यमंत्री रहे हेमंत सोरेन ने कहा, "जब हमने समर्थन वापस ले लिया तो अल्पमत की सरकार ऐसा निर्णय कैसे ले सकती है?" मुंडा ने संवाददाताओं से कहा कि मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में 12 मंत्रियों में से सात ने हिस्सा लिया। बैठक में फैसला लिया गया कि विधानसभा भंग करने की सिफारिश की जाए। बैठक में भाजपा, ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (आजसू) तथा जनता दल (युनाइटेड) के मंत्रियों ने हिस्सा लिया, जबकि झामुमो के मंत्रियों ने इसमें हिस्सा नहीं लिया। झामुमो के औपचारिक रूप से समर्थन वापस लेने के तुरंत बाद पार्टी प्रमुख शिबू सोरेन, उनके बेटे हेमंत सोरेन तथा अन्य नेता राज्यपाल से मिले। उधर, मुंडा ने कहा, "मैंने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया और उन्हें कैबिनेट के फैसले से अवगत कराया। स्थायी सरकार के गठन के लिए नया जनादेश प्राप्त करना एकमात्र उपाय है।" गौरतलब है कि झामुमो और भाजपा के बीच दरार उस वक्त पड़ गई जब मुंडा ने इस बात से इनकार कर दिया कि सरकार गठन के समय समझौता हुआ था कि दोनों पार्टियों को बारी-बारी से मुख्यमंत्री का पद दिया जाएगा। झामुमो चाहता था कि उसे मुख्यमंत्री का पद दे दिया जाए और मौजूदा विधानसभा पांच साल का कार्यकाल पूरा करे। आजसू के प्रमुख सुदेश महतो और झारखंड विकास मोर्चा-प्रजातांत्रिक (जेवीएम-पी) के प्रमुख बाबू लाल मरांडी ने नया चुनाव कराने की मांग की। राज्य के 82 विधायकों में से 37 नया जनादेश प्राप्त किए जाने के पक्ष में है। 37 विधायकों में से 18 भाजपा के, छह आजसू के, दो जद-यु के और 11 जेवीएम-पी के हैं। झामुमो ने कांग्रेस के समर्थन से सरकार गठन की संभावना से इनकार कर दिया है। वहीं, झारखंड कांग्रेस के अध्यक्ष प्रदीप बालमुचू ने कहा कि यदि झामुमो नई सरकार के गठन का प्रयास करे तो कांग्रेस उसे समर्थन देने पर विचार करेगी।टिप्पणियां झारखंड कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कुछ निर्दलीय विधायक नए सरकार के गठन के पक्ष में हैं। यदि झारखंड कांग्रेस, (राजद) और निर्दलीय विधायक झामुमो को समर्थन देते हैं तो कुल 41 विधायक एक नई गठबंधन सरकार गठित करने की स्थिति में होंगे। झामुमो ने सोमवार को मुंडा सरकार से समर्थन वापस लेने का निर्णय लिया था। पार्टी ने राज्यपाल सैयद अहमद को औपचारिक तौर पर पत्र सौंपकर अवगत कराया कि उसने राज्य की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार से समर्थन वापस ले लिया है। इस बीच, झारखंड मंत्रिमंडल ने विधानसभा भंग करने की सिफारिश कर दी। झामुमो के समर्थन वापस ले लेने से 82 सदस्यीय झारखंड विधानसभा में मुंडा सरकार अल्पमत में आ गई। लेकिन झामुमो ने विधानसभा भंग करने की कैबिनेट की सिफारिश पर सवाल उठाया है। मुंडा सरकार में उपमुख्यमंत्री रहे हेमंत सोरेन ने कहा, "जब हमने समर्थन वापस ले लिया तो अल्पमत की सरकार ऐसा निर्णय कैसे ले सकती है?" मुंडा ने संवाददाताओं से कहा कि मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में 12 मंत्रियों में से सात ने हिस्सा लिया। बैठक में फैसला लिया गया कि विधानसभा भंग करने की सिफारिश की जाए। बैठक में भाजपा, ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (आजसू) तथा जनता दल (युनाइटेड) के मंत्रियों ने हिस्सा लिया, जबकि झामुमो के मंत्रियों ने इसमें हिस्सा नहीं लिया। झामुमो के औपचारिक रूप से समर्थन वापस लेने के तुरंत बाद पार्टी प्रमुख शिबू सोरेन, उनके बेटे हेमंत सोरेन तथा अन्य नेता राज्यपाल से मिले। उधर, मुंडा ने कहा, "मैंने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया और उन्हें कैबिनेट के फैसले से अवगत कराया। स्थायी सरकार के गठन के लिए नया जनादेश प्राप्त करना एकमात्र उपाय है।" गौरतलब है कि झामुमो और भाजपा के बीच दरार उस वक्त पड़ गई जब मुंडा ने इस बात से इनकार कर दिया कि सरकार गठन के समय समझौता हुआ था कि दोनों पार्टियों को बारी-बारी से मुख्यमंत्री का पद दिया जाएगा। झामुमो चाहता था कि उसे मुख्यमंत्री का पद दे दिया जाए और मौजूदा विधानसभा पांच साल का कार्यकाल पूरा करे। आजसू के प्रमुख सुदेश महतो और झारखंड विकास मोर्चा-प्रजातांत्रिक (जेवीएम-पी) के प्रमुख बाबू लाल मरांडी ने नया चुनाव कराने की मांग की। राज्य के 82 विधायकों में से 37 नया जनादेश प्राप्त किए जाने के पक्ष में है। 37 विधायकों में से 18 भाजपा के, छह आजसू के, दो जद-यु के और 11 जेवीएम-पी के हैं। झामुमो ने कांग्रेस के समर्थन से सरकार गठन की संभावना से इनकार कर दिया है। वहीं, झारखंड कांग्रेस के अध्यक्ष प्रदीप बालमुचू ने कहा कि यदि झामुमो नई सरकार के गठन का प्रयास करे तो कांग्रेस उसे समर्थन देने पर विचार करेगी।टिप्पणियां झारखंड कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कुछ निर्दलीय विधायक नए सरकार के गठन के पक्ष में हैं। यदि झारखंड कांग्रेस, (राजद) और निर्दलीय विधायक झामुमो को समर्थन देते हैं तो कुल 41 विधायक एक नई गठबंधन सरकार गठित करने की स्थिति में होंगे। इस बीच, झारखंड मंत्रिमंडल ने विधानसभा भंग करने की सिफारिश कर दी। झामुमो के समर्थन वापस ले लेने से 82 सदस्यीय झारखंड विधानसभा में मुंडा सरकार अल्पमत में आ गई। लेकिन झामुमो ने विधानसभा भंग करने की कैबिनेट की सिफारिश पर सवाल उठाया है। मुंडा सरकार में उपमुख्यमंत्री रहे हेमंत सोरेन ने कहा, "जब हमने समर्थन वापस ले लिया तो अल्पमत की सरकार ऐसा निर्णय कैसे ले सकती है?" मुंडा ने संवाददाताओं से कहा कि मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में 12 मंत्रियों में से सात ने हिस्सा लिया। बैठक में फैसला लिया गया कि विधानसभा भंग करने की सिफारिश की जाए। बैठक में भाजपा, ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (आजसू) तथा जनता दल (युनाइटेड) के मंत्रियों ने हिस्सा लिया, जबकि झामुमो के मंत्रियों ने इसमें हिस्सा नहीं लिया। झामुमो के औपचारिक रूप से समर्थन वापस लेने के तुरंत बाद पार्टी प्रमुख शिबू सोरेन, उनके बेटे हेमंत सोरेन तथा अन्य नेता राज्यपाल से मिले। उधर, मुंडा ने कहा, "मैंने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया और उन्हें कैबिनेट के फैसले से अवगत कराया। स्थायी सरकार के गठन के लिए नया जनादेश प्राप्त करना एकमात्र उपाय है।" गौरतलब है कि झामुमो और भाजपा के बीच दरार उस वक्त पड़ गई जब मुंडा ने इस बात से इनकार कर दिया कि सरकार गठन के समय समझौता हुआ था कि दोनों पार्टियों को बारी-बारी से मुख्यमंत्री का पद दिया जाएगा। झामुमो चाहता था कि उसे मुख्यमंत्री का पद दे दिया जाए और मौजूदा विधानसभा पांच साल का कार्यकाल पूरा करे। आजसू के प्रमुख सुदेश महतो और झारखंड विकास मोर्चा-प्रजातांत्रिक (जेवीएम-पी) के प्रमुख बाबू लाल मरांडी ने नया चुनाव कराने की मांग की। राज्य के 82 विधायकों में से 37 नया जनादेश प्राप्त किए जाने के पक्ष में है। 37 विधायकों में से 18 भाजपा के, छह आजसू के, दो जद-यु के और 11 जेवीएम-पी के हैं। झामुमो ने कांग्रेस के समर्थन से सरकार गठन की संभावना से इनकार कर दिया है। वहीं, झारखंड कांग्रेस के अध्यक्ष प्रदीप बालमुचू ने कहा कि यदि झामुमो नई सरकार के गठन का प्रयास करे तो कांग्रेस उसे समर्थन देने पर विचार करेगी।टिप्पणियां झारखंड कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कुछ निर्दलीय विधायक नए सरकार के गठन के पक्ष में हैं। यदि झारखंड कांग्रेस, (राजद) और निर्दलीय विधायक झामुमो को समर्थन देते हैं तो कुल 41 विधायक एक नई गठबंधन सरकार गठित करने की स्थिति में होंगे। झामुमो के समर्थन वापस ले लेने से 82 सदस्यीय झारखंड विधानसभा में मुंडा सरकार अल्पमत में आ गई। लेकिन झामुमो ने विधानसभा भंग करने की कैबिनेट की सिफारिश पर सवाल उठाया है। मुंडा सरकार में उपमुख्यमंत्री रहे हेमंत सोरेन ने कहा, "जब हमने समर्थन वापस ले लिया तो अल्पमत की सरकार ऐसा निर्णय कैसे ले सकती है?" मुंडा ने संवाददाताओं से कहा कि मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में 12 मंत्रियों में से सात ने हिस्सा लिया। बैठक में फैसला लिया गया कि विधानसभा भंग करने की सिफारिश की जाए। बैठक में भाजपा, ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (आजसू) तथा जनता दल (युनाइटेड) के मंत्रियों ने हिस्सा लिया, जबकि झामुमो के मंत्रियों ने इसमें हिस्सा नहीं लिया। झामुमो के औपचारिक रूप से समर्थन वापस लेने के तुरंत बाद पार्टी प्रमुख शिबू सोरेन, उनके बेटे हेमंत सोरेन तथा अन्य नेता राज्यपाल से मिले। उधर, मुंडा ने कहा, "मैंने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया और उन्हें कैबिनेट के फैसले से अवगत कराया। स्थायी सरकार के गठन के लिए नया जनादेश प्राप्त करना एकमात्र उपाय है।" गौरतलब है कि झामुमो और भाजपा के बीच दरार उस वक्त पड़ गई जब मुंडा ने इस बात से इनकार कर दिया कि सरकार गठन के समय समझौता हुआ था कि दोनों पार्टियों को बारी-बारी से मुख्यमंत्री का पद दिया जाएगा। झामुमो चाहता था कि उसे मुख्यमंत्री का पद दे दिया जाए और मौजूदा विधानसभा पांच साल का कार्यकाल पूरा करे। आजसू के प्रमुख सुदेश महतो और झारखंड विकास मोर्चा-प्रजातांत्रिक (जेवीएम-पी) के प्रमुख बाबू लाल मरांडी ने नया चुनाव कराने की मांग की। राज्य के 82 विधायकों में से 37 नया जनादेश प्राप्त किए जाने के पक्ष में है। 37 विधायकों में से 18 भाजपा के, छह आजसू के, दो जद-यु के और 11 जेवीएम-पी के हैं। झामुमो ने कांग्रेस के समर्थन से सरकार गठन की संभावना से इनकार कर दिया है। वहीं, झारखंड कांग्रेस के अध्यक्ष प्रदीप बालमुचू ने कहा कि यदि झामुमो नई सरकार के गठन का प्रयास करे तो कांग्रेस उसे समर्थन देने पर विचार करेगी।टिप्पणियां झारखंड कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कुछ निर्दलीय विधायक नए सरकार के गठन के पक्ष में हैं। यदि झारखंड कांग्रेस, (राजद) और निर्दलीय विधायक झामुमो को समर्थन देते हैं तो कुल 41 विधायक एक नई गठबंधन सरकार गठित करने की स्थिति में होंगे। मुंडा सरकार में उपमुख्यमंत्री रहे हेमंत सोरेन ने कहा, "जब हमने समर्थन वापस ले लिया तो अल्पमत की सरकार ऐसा निर्णय कैसे ले सकती है?" मुंडा ने संवाददाताओं से कहा कि मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में 12 मंत्रियों में से सात ने हिस्सा लिया। बैठक में फैसला लिया गया कि विधानसभा भंग करने की सिफारिश की जाए। बैठक में भाजपा, ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (आजसू) तथा जनता दल (युनाइटेड) के मंत्रियों ने हिस्सा लिया, जबकि झामुमो के मंत्रियों ने इसमें हिस्सा नहीं लिया। झामुमो के औपचारिक रूप से समर्थन वापस लेने के तुरंत बाद पार्टी प्रमुख शिबू सोरेन, उनके बेटे हेमंत सोरेन तथा अन्य नेता राज्यपाल से मिले। उधर, मुंडा ने कहा, "मैंने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया और उन्हें कैबिनेट के फैसले से अवगत कराया। स्थायी सरकार के गठन के लिए नया जनादेश प्राप्त करना एकमात्र उपाय है।" गौरतलब है कि झामुमो और भाजपा के बीच दरार उस वक्त पड़ गई जब मुंडा ने इस बात से इनकार कर दिया कि सरकार गठन के समय समझौता हुआ था कि दोनों पार्टियों को बारी-बारी से मुख्यमंत्री का पद दिया जाएगा। झामुमो चाहता था कि उसे मुख्यमंत्री का पद दे दिया जाए और मौजूदा विधानसभा पांच साल का कार्यकाल पूरा करे। आजसू के प्रमुख सुदेश महतो और झारखंड विकास मोर्चा-प्रजातांत्रिक (जेवीएम-पी) के प्रमुख बाबू लाल मरांडी ने नया चुनाव कराने की मांग की। राज्य के 82 विधायकों में से 37 नया जनादेश प्राप्त किए जाने के पक्ष में है। 37 विधायकों में से 18 भाजपा के, छह आजसू के, दो जद-यु के और 11 जेवीएम-पी के हैं। झामुमो ने कांग्रेस के समर्थन से सरकार गठन की संभावना से इनकार कर दिया है। वहीं, झारखंड कांग्रेस के अध्यक्ष प्रदीप बालमुचू ने कहा कि यदि झामुमो नई सरकार के गठन का प्रयास करे तो कांग्रेस उसे समर्थन देने पर विचार करेगी।टिप्पणियां झारखंड कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कुछ निर्दलीय विधायक नए सरकार के गठन के पक्ष में हैं। यदि झारखंड कांग्रेस, (राजद) और निर्दलीय विधायक झामुमो को समर्थन देते हैं तो कुल 41 विधायक एक नई गठबंधन सरकार गठित करने की स्थिति में होंगे। मुंडा ने संवाददाताओं से कहा कि मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में 12 मंत्रियों में से सात ने हिस्सा लिया। बैठक में फैसला लिया गया कि विधानसभा भंग करने की सिफारिश की जाए। बैठक में भाजपा, ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (आजसू) तथा जनता दल (युनाइटेड) के मंत्रियों ने हिस्सा लिया, जबकि झामुमो के मंत्रियों ने इसमें हिस्सा नहीं लिया। झामुमो के औपचारिक रूप से समर्थन वापस लेने के तुरंत बाद पार्टी प्रमुख शिबू सोरेन, उनके बेटे हेमंत सोरेन तथा अन्य नेता राज्यपाल से मिले। उधर, मुंडा ने कहा, "मैंने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया और उन्हें कैबिनेट के फैसले से अवगत कराया। स्थायी सरकार के गठन के लिए नया जनादेश प्राप्त करना एकमात्र उपाय है।" गौरतलब है कि झामुमो और भाजपा के बीच दरार उस वक्त पड़ गई जब मुंडा ने इस बात से इनकार कर दिया कि सरकार गठन के समय समझौता हुआ था कि दोनों पार्टियों को बारी-बारी से मुख्यमंत्री का पद दिया जाएगा। झामुमो चाहता था कि उसे मुख्यमंत्री का पद दे दिया जाए और मौजूदा विधानसभा पांच साल का कार्यकाल पूरा करे। आजसू के प्रमुख सुदेश महतो और झारखंड विकास मोर्चा-प्रजातांत्रिक (जेवीएम-पी) के प्रमुख बाबू लाल मरांडी ने नया चुनाव कराने की मांग की। राज्य के 82 विधायकों में से 37 नया जनादेश प्राप्त किए जाने के पक्ष में है। 37 विधायकों में से 18 भाजपा के, छह आजसू के, दो जद-यु के और 11 जेवीएम-पी के हैं। झामुमो ने कांग्रेस के समर्थन से सरकार गठन की संभावना से इनकार कर दिया है। वहीं, झारखंड कांग्रेस के अध्यक्ष प्रदीप बालमुचू ने कहा कि यदि झामुमो नई सरकार के गठन का प्रयास करे तो कांग्रेस उसे समर्थन देने पर विचार करेगी।टिप्पणियां झारखंड कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कुछ निर्दलीय विधायक नए सरकार के गठन के पक्ष में हैं। यदि झारखंड कांग्रेस, (राजद) और निर्दलीय विधायक झामुमो को समर्थन देते हैं तो कुल 41 विधायक एक नई गठबंधन सरकार गठित करने की स्थिति में होंगे। बैठक में भाजपा, ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (आजसू) तथा जनता दल (युनाइटेड) के मंत्रियों ने हिस्सा लिया, जबकि झामुमो के मंत्रियों ने इसमें हिस्सा नहीं लिया। झामुमो के औपचारिक रूप से समर्थन वापस लेने के तुरंत बाद पार्टी प्रमुख शिबू सोरेन, उनके बेटे हेमंत सोरेन तथा अन्य नेता राज्यपाल से मिले। उधर, मुंडा ने कहा, "मैंने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया और उन्हें कैबिनेट के फैसले से अवगत कराया। स्थायी सरकार के गठन के लिए नया जनादेश प्राप्त करना एकमात्र उपाय है।" गौरतलब है कि झामुमो और भाजपा के बीच दरार उस वक्त पड़ गई जब मुंडा ने इस बात से इनकार कर दिया कि सरकार गठन के समय समझौता हुआ था कि दोनों पार्टियों को बारी-बारी से मुख्यमंत्री का पद दिया जाएगा। झामुमो चाहता था कि उसे मुख्यमंत्री का पद दे दिया जाए और मौजूदा विधानसभा पांच साल का कार्यकाल पूरा करे। आजसू के प्रमुख सुदेश महतो और झारखंड विकास मोर्चा-प्रजातांत्रिक (जेवीएम-पी) के प्रमुख बाबू लाल मरांडी ने नया चुनाव कराने की मांग की। राज्य के 82 विधायकों में से 37 नया जनादेश प्राप्त किए जाने के पक्ष में है। 37 विधायकों में से 18 भाजपा के, छह आजसू के, दो जद-यु के और 11 जेवीएम-पी के हैं। झामुमो ने कांग्रेस के समर्थन से सरकार गठन की संभावना से इनकार कर दिया है। वहीं, झारखंड कांग्रेस के अध्यक्ष प्रदीप बालमुचू ने कहा कि यदि झामुमो नई सरकार के गठन का प्रयास करे तो कांग्रेस उसे समर्थन देने पर विचार करेगी।टिप्पणियां झारखंड कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कुछ निर्दलीय विधायक नए सरकार के गठन के पक्ष में हैं। यदि झारखंड कांग्रेस, (राजद) और निर्दलीय विधायक झामुमो को समर्थन देते हैं तो कुल 41 विधायक एक नई गठबंधन सरकार गठित करने की स्थिति में होंगे। झामुमो के औपचारिक रूप से समर्थन वापस लेने के तुरंत बाद पार्टी प्रमुख शिबू सोरेन, उनके बेटे हेमंत सोरेन तथा अन्य नेता राज्यपाल से मिले। उधर, मुंडा ने कहा, "मैंने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया और उन्हें कैबिनेट के फैसले से अवगत कराया। स्थायी सरकार के गठन के लिए नया जनादेश प्राप्त करना एकमात्र उपाय है।" गौरतलब है कि झामुमो और भाजपा के बीच दरार उस वक्त पड़ गई जब मुंडा ने इस बात से इनकार कर दिया कि सरकार गठन के समय समझौता हुआ था कि दोनों पार्टियों को बारी-बारी से मुख्यमंत्री का पद दिया जाएगा। झामुमो चाहता था कि उसे मुख्यमंत्री का पद दे दिया जाए और मौजूदा विधानसभा पांच साल का कार्यकाल पूरा करे। आजसू के प्रमुख सुदेश महतो और झारखंड विकास मोर्चा-प्रजातांत्रिक (जेवीएम-पी) के प्रमुख बाबू लाल मरांडी ने नया चुनाव कराने की मांग की। राज्य के 82 विधायकों में से 37 नया जनादेश प्राप्त किए जाने के पक्ष में है। 37 विधायकों में से 18 भाजपा के, छह आजसू के, दो जद-यु के और 11 जेवीएम-पी के हैं। झामुमो ने कांग्रेस के समर्थन से सरकार गठन की संभावना से इनकार कर दिया है। वहीं, झारखंड कांग्रेस के अध्यक्ष प्रदीप बालमुचू ने कहा कि यदि झामुमो नई सरकार के गठन का प्रयास करे तो कांग्रेस उसे समर्थन देने पर विचार करेगी।टिप्पणियां झारखंड कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कुछ निर्दलीय विधायक नए सरकार के गठन के पक्ष में हैं। यदि झारखंड कांग्रेस, (राजद) और निर्दलीय विधायक झामुमो को समर्थन देते हैं तो कुल 41 विधायक एक नई गठबंधन सरकार गठित करने की स्थिति में होंगे। उधर, मुंडा ने कहा, "मैंने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया और उन्हें कैबिनेट के फैसले से अवगत कराया। स्थायी सरकार के गठन के लिए नया जनादेश प्राप्त करना एकमात्र उपाय है।" गौरतलब है कि झामुमो और भाजपा के बीच दरार उस वक्त पड़ गई जब मुंडा ने इस बात से इनकार कर दिया कि सरकार गठन के समय समझौता हुआ था कि दोनों पार्टियों को बारी-बारी से मुख्यमंत्री का पद दिया जाएगा। झामुमो चाहता था कि उसे मुख्यमंत्री का पद दे दिया जाए और मौजूदा विधानसभा पांच साल का कार्यकाल पूरा करे। आजसू के प्रमुख सुदेश महतो और झारखंड विकास मोर्चा-प्रजातांत्रिक (जेवीएम-पी) के प्रमुख बाबू लाल मरांडी ने नया चुनाव कराने की मांग की। राज्य के 82 विधायकों में से 37 नया जनादेश प्राप्त किए जाने के पक्ष में है। 37 विधायकों में से 18 भाजपा के, छह आजसू के, दो जद-यु के और 11 जेवीएम-पी के हैं। झामुमो ने कांग्रेस के समर्थन से सरकार गठन की संभावना से इनकार कर दिया है। वहीं, झारखंड कांग्रेस के अध्यक्ष प्रदीप बालमुचू ने कहा कि यदि झामुमो नई सरकार के गठन का प्रयास करे तो कांग्रेस उसे समर्थन देने पर विचार करेगी।टिप्पणियां झारखंड कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कुछ निर्दलीय विधायक नए सरकार के गठन के पक्ष में हैं। यदि झारखंड कांग्रेस, (राजद) और निर्दलीय विधायक झामुमो को समर्थन देते हैं तो कुल 41 विधायक एक नई गठबंधन सरकार गठित करने की स्थिति में होंगे। गौरतलब है कि झामुमो और भाजपा के बीच दरार उस वक्त पड़ गई जब मुंडा ने इस बात से इनकार कर दिया कि सरकार गठन के समय समझौता हुआ था कि दोनों पार्टियों को बारी-बारी से मुख्यमंत्री का पद दिया जाएगा। झामुमो चाहता था कि उसे मुख्यमंत्री का पद दे दिया जाए और मौजूदा विधानसभा पांच साल का कार्यकाल पूरा करे। आजसू के प्रमुख सुदेश महतो और झारखंड विकास मोर्चा-प्रजातांत्रिक (जेवीएम-पी) के प्रमुख बाबू लाल मरांडी ने नया चुनाव कराने की मांग की। राज्य के 82 विधायकों में से 37 नया जनादेश प्राप्त किए जाने के पक्ष में है। 37 विधायकों में से 18 भाजपा के, छह आजसू के, दो जद-यु के और 11 जेवीएम-पी के हैं। झामुमो ने कांग्रेस के समर्थन से सरकार गठन की संभावना से इनकार कर दिया है। वहीं, झारखंड कांग्रेस के अध्यक्ष प्रदीप बालमुचू ने कहा कि यदि झामुमो नई सरकार के गठन का प्रयास करे तो कांग्रेस उसे समर्थन देने पर विचार करेगी।टिप्पणियां झारखंड कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कुछ निर्दलीय विधायक नए सरकार के गठन के पक्ष में हैं। यदि झारखंड कांग्रेस, (राजद) और निर्दलीय विधायक झामुमो को समर्थन देते हैं तो कुल 41 विधायक एक नई गठबंधन सरकार गठित करने की स्थिति में होंगे। झामुमो चाहता था कि उसे मुख्यमंत्री का पद दे दिया जाए और मौजूदा विधानसभा पांच साल का कार्यकाल पूरा करे। आजसू के प्रमुख सुदेश महतो और झारखंड विकास मोर्चा-प्रजातांत्रिक (जेवीएम-पी) के प्रमुख बाबू लाल मरांडी ने नया चुनाव कराने की मांग की। राज्य के 82 विधायकों में से 37 नया जनादेश प्राप्त किए जाने के पक्ष में है। 37 विधायकों में से 18 भाजपा के, छह आजसू के, दो जद-यु के और 11 जेवीएम-पी के हैं। झामुमो ने कांग्रेस के समर्थन से सरकार गठन की संभावना से इनकार कर दिया है। वहीं, झारखंड कांग्रेस के अध्यक्ष प्रदीप बालमुचू ने कहा कि यदि झामुमो नई सरकार के गठन का प्रयास करे तो कांग्रेस उसे समर्थन देने पर विचार करेगी।टिप्पणियां झारखंड कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कुछ निर्दलीय विधायक नए सरकार के गठन के पक्ष में हैं। यदि झारखंड कांग्रेस, (राजद) और निर्दलीय विधायक झामुमो को समर्थन देते हैं तो कुल 41 विधायक एक नई गठबंधन सरकार गठित करने की स्थिति में होंगे। आजसू के प्रमुख सुदेश महतो और झारखंड विकास मोर्चा-प्रजातांत्रिक (जेवीएम-पी) के प्रमुख बाबू लाल मरांडी ने नया चुनाव कराने की मांग की। राज्य के 82 विधायकों में से 37 नया जनादेश प्राप्त किए जाने के पक्ष में है। 37 विधायकों में से 18 भाजपा के, छह आजसू के, दो जद-यु के और 11 जेवीएम-पी के हैं। झामुमो ने कांग्रेस के समर्थन से सरकार गठन की संभावना से इनकार कर दिया है। वहीं, झारखंड कांग्रेस के अध्यक्ष प्रदीप बालमुचू ने कहा कि यदि झामुमो नई सरकार के गठन का प्रयास करे तो कांग्रेस उसे समर्थन देने पर विचार करेगी।टिप्पणियां झारखंड कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कुछ निर्दलीय विधायक नए सरकार के गठन के पक्ष में हैं। यदि झारखंड कांग्रेस, (राजद) और निर्दलीय विधायक झामुमो को समर्थन देते हैं तो कुल 41 विधायक एक नई गठबंधन सरकार गठित करने की स्थिति में होंगे। राज्य के 82 विधायकों में से 37 नया जनादेश प्राप्त किए जाने के पक्ष में है। 37 विधायकों में से 18 भाजपा के, छह आजसू के, दो जद-यु के और 11 जेवीएम-पी के हैं। झामुमो ने कांग्रेस के समर्थन से सरकार गठन की संभावना से इनकार कर दिया है। वहीं, झारखंड कांग्रेस के अध्यक्ष प्रदीप बालमुचू ने कहा कि यदि झामुमो नई सरकार के गठन का प्रयास करे तो कांग्रेस उसे समर्थन देने पर विचार करेगी।टिप्पणियां झारखंड कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कुछ निर्दलीय विधायक नए सरकार के गठन के पक्ष में हैं। यदि झारखंड कांग्रेस, (राजद) और निर्दलीय विधायक झामुमो को समर्थन देते हैं तो कुल 41 विधायक एक नई गठबंधन सरकार गठित करने की स्थिति में होंगे। झामुमो ने कांग्रेस के समर्थन से सरकार गठन की संभावना से इनकार कर दिया है। वहीं, झारखंड कांग्रेस के अध्यक्ष प्रदीप बालमुचू ने कहा कि यदि झामुमो नई सरकार के गठन का प्रयास करे तो कांग्रेस उसे समर्थन देने पर विचार करेगी।टिप्पणियां झारखंड कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कुछ निर्दलीय विधायक नए सरकार के गठन के पक्ष में हैं। यदि झारखंड कांग्रेस, (राजद) और निर्दलीय विधायक झामुमो को समर्थन देते हैं तो कुल 41 विधायक एक नई गठबंधन सरकार गठित करने की स्थिति में होंगे। वहीं, झारखंड कांग्रेस के अध्यक्ष प्रदीप बालमुचू ने कहा कि यदि झामुमो नई सरकार के गठन का प्रयास करे तो कांग्रेस उसे समर्थन देने पर विचार करेगी।टिप्पणियां झारखंड कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कुछ निर्दलीय विधायक नए सरकार के गठन के पक्ष में हैं। यदि झारखंड कांग्रेस, (राजद) और निर्दलीय विधायक झामुमो को समर्थन देते हैं तो कुल 41 विधायक एक नई गठबंधन सरकार गठित करने की स्थिति में होंगे। झारखंड कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कुछ निर्दलीय विधायक नए सरकार के गठन के पक्ष में हैं। यदि झारखंड कांग्रेस, (राजद) और निर्दलीय विधायक झामुमो को समर्थन देते हैं तो कुल 41 विधायक एक नई गठबंधन सरकार गठित करने की स्थिति में होंगे। यदि झारखंड कांग्रेस, (राजद) और निर्दलीय विधायक झामुमो को समर्थन देते हैं तो कुल 41 विधायक एक नई गठबंधन सरकार गठित करने की स्थिति में होंगे।
यह एक सारांश है: झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के समर्थन वापस लेने के बाद राज्य के मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनके मंत्रिमंडल ने राज्यपाल से विधानसभा भंग करने की सिफारिश की है।
16
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन ने कहा कि केंद्रीय बैंक ब्रिटेन के जनमत संग्रह में यूरोपीय संघ से बाहर निकलने (ब्रेक्जिट) के पक्ष में फैसला आने के मद्देनजर बाजार पर निगाह रखे हुए है और किसी भी तरह की अस्त-व्यवस्तता की स्थिति में पहल करने के लिए तैयार है। राजन ने एक बयान में कहा कि धीरे-धीरे स्पष्ट हो रहा है कि ब्रिटेन यूरोपीय संघ से बाहर हो गया है। उन्होंने कहा, ‘‘आरबीआई सभी बाजारों पर निगाह रखे हुए है। हम बाजार में अस्त-व्यस्तता और अफरा-तफरी की स्थिति में पहल करने के लिए तैयार हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘बाजार ब्रेक्जिट के परिणाम को जज्ब करने की कोशिश कर रहा है जिससे विश्वभर के वित्तीय बाजारों में भारी गिरावट आई है।’’ राजन ने कहा, ‘‘आवश्यकता पड़ने पर पहल करने के लिए तैयार हैं।’’ भारतीय अर्थव्यवस्था के बुनियादी तत्व मजबूत हैं, अल्पकालिक वाह्य ऋण कम है और विदेशी मुद्रा भंडार विशाल हैं और इससे देश को आने वाले दिनों में मजबूती से खड़े रहने में मदद मिलनी चाहिए। टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘रिजर्व बैंक घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों स्तर पर बाजारों के घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है और वह नकदी समर्थन (डॉलर और रुपया दोनों में) समेत सभी आवश्यक कदम उठाएगी ताकि वित्त बाजारों में व्यवस्था कायम रहे।’’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा, ‘‘आरबीआई सभी बाजारों पर निगाह रखे हुए है। हम बाजार में अस्त-व्यस्तता और अफरा-तफरी की स्थिति में पहल करने के लिए तैयार हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘बाजार ब्रेक्जिट के परिणाम को जज्ब करने की कोशिश कर रहा है जिससे विश्वभर के वित्तीय बाजारों में भारी गिरावट आई है।’’ राजन ने कहा, ‘‘आवश्यकता पड़ने पर पहल करने के लिए तैयार हैं।’’ भारतीय अर्थव्यवस्था के बुनियादी तत्व मजबूत हैं, अल्पकालिक वाह्य ऋण कम है और विदेशी मुद्रा भंडार विशाल हैं और इससे देश को आने वाले दिनों में मजबूती से खड़े रहने में मदद मिलनी चाहिए। टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘रिजर्व बैंक घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों स्तर पर बाजारों के घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है और वह नकदी समर्थन (डॉलर और रुपया दोनों में) समेत सभी आवश्यक कदम उठाएगी ताकि वित्त बाजारों में व्यवस्था कायम रहे।’’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) राजन ने कहा, ‘‘आवश्यकता पड़ने पर पहल करने के लिए तैयार हैं।’’ भारतीय अर्थव्यवस्था के बुनियादी तत्व मजबूत हैं, अल्पकालिक वाह्य ऋण कम है और विदेशी मुद्रा भंडार विशाल हैं और इससे देश को आने वाले दिनों में मजबूती से खड़े रहने में मदद मिलनी चाहिए। टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘रिजर्व बैंक घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों स्तर पर बाजारों के घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है और वह नकदी समर्थन (डॉलर और रुपया दोनों में) समेत सभी आवश्यक कदम उठाएगी ताकि वित्त बाजारों में व्यवस्था कायम रहे।’’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा, ‘‘रिजर्व बैंक घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों स्तर पर बाजारों के घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है और वह नकदी समर्थन (डॉलर और रुपया दोनों में) समेत सभी आवश्यक कदम उठाएगी ताकि वित्त बाजारों में व्यवस्था कायम रहे।’’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
आरबीआई की निगाह मुद्राओं समेत सभी बाजारों पर हैं जहां जरूरत होगी वहां नकद मुहैया कराई जाएगी आवश्यकता पड़ने पर मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप करेगा
28
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपराधियों के खिलाफ चल रही कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा है कि यह ‘गलत लोगों’ को अमेरिका में आने देने से रोकने और देश को सुरक्षित बनाकर रखने के लिए है. इस कार्रवाई के तहत 680 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. ट्रंप ने कहा कि वह अपना चुनावी वादा निभा रहे हैं और अमेरिकी लोग इस अभियान से खुश हैं. अमेरिका के दौरे पर आए कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन त्रुदू के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में ट्रंप ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमने वाकई एक बढ़िया काम किया है. हम असल में उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं, जो अपराधी हैं. इनमें से कुछ लोग तो इतने कुख्यात अपराधी हैं कि जिनका रिकॉर्ड बहुत से आपराधिक मामलों का रहा है. हम उन्हें ही बाहर निकाल रहे हैं. मैंने यही करने के लिए कहा था. उन्होंने कहा कि प्रशासन अमेरिका को उन समस्याओं से सुरक्षित रखने की नीति का ‘जोरदार तरीके’ के साथ पालन करेगा, जिनसे दूसरे देश जूझ रहे हैं. ट्रंप ने सोमवार को कहा, हम एक बड़ा और खूबसूरत खुला दरवाजा चाहते हैं और हम चाहते हैं कि लोग इसके अंदर, हमारे देश में आएं, लेकिन हम गलत लोगों को अंदर आने नहीं दे सकते और मैं इस प्रशासन के दौरान ऐसा नहीं होने दूंगा. हमारे देश के लोग यही चाहते हैं और यही उनका रुख है. उन्होंने कहा, हमारे इस रुख की सराहना की जा रही है और यह स्वाभाविक समझ वाला रुख है. हो सकता है कि इसमें कुछ सख्ती हो, यह वाकई सख्ती से कहीं ज्यादा है. यह स्वाभाविक समझ से जुड़ा हुआ रुख है और हम इसे बरकरार रखने वाले हैं. हम नहीं चाहते कि हमारे देश में भी वैसी ही समस्याएं पेश आएं, जो आप सिर्फ यहीं नहीं बल्कि पूरी दुनिया में देख रहे हैं. ट्रंप ने कहा, ‘‘हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे. हम ऐसा नहीं होने देंगे. हम अपने आपको हर वह संभव मौका देंगे, जिससे अमेरिका के लिए चीजें अच्छी हों. वे अच्छी होंगी. अमेरिकी गृह सुरक्षा मंत्री जनरल :सेवानिवृत्त: जॉन कैली ने कहा कि लॉस एंजिलिस, शिकागो, अटलांटा, सेन एंटोनियो और न्यूयार्क सिटी के आव्रजन एवं आबकारी प्रवर्तन :आईसीई: अधिकारियों ने जन सुरक्षा, सीमा सुरक्षा या देश की आव्रजन प्रणाली को खतरे में डालने वाले 680 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया है.टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘गिरफ्तार किए गए लोगों में से लगभग 75 प्रतिशत लोग बाहरी देशों से आए अपराधी हैं। इन लोगों पर जनसंहार, यौन उत्पीड़न, नाबालिग के यौन उत्पीड़न, बच्चे के साथ भद्दी और अश्लील हरकतों, नशीले पदाथरें की तस्करी, हमला और हथियार संबंधी आरोप हैं. उन्होंने कहा कि आईसीई इस तरह के अभियानों को नियमित रूप से अंजाम देता है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) अमेरिका के दौरे पर आए कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन त्रुदू के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में ट्रंप ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमने वाकई एक बढ़िया काम किया है. हम असल में उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं, जो अपराधी हैं. इनमें से कुछ लोग तो इतने कुख्यात अपराधी हैं कि जिनका रिकॉर्ड बहुत से आपराधिक मामलों का रहा है. हम उन्हें ही बाहर निकाल रहे हैं. मैंने यही करने के लिए कहा था. उन्होंने कहा कि प्रशासन अमेरिका को उन समस्याओं से सुरक्षित रखने की नीति का ‘जोरदार तरीके’ के साथ पालन करेगा, जिनसे दूसरे देश जूझ रहे हैं. ट्रंप ने सोमवार को कहा, हम एक बड़ा और खूबसूरत खुला दरवाजा चाहते हैं और हम चाहते हैं कि लोग इसके अंदर, हमारे देश में आएं, लेकिन हम गलत लोगों को अंदर आने नहीं दे सकते और मैं इस प्रशासन के दौरान ऐसा नहीं होने दूंगा. हमारे देश के लोग यही चाहते हैं और यही उनका रुख है. उन्होंने कहा, हमारे इस रुख की सराहना की जा रही है और यह स्वाभाविक समझ वाला रुख है. हो सकता है कि इसमें कुछ सख्ती हो, यह वाकई सख्ती से कहीं ज्यादा है. यह स्वाभाविक समझ से जुड़ा हुआ रुख है और हम इसे बरकरार रखने वाले हैं. हम नहीं चाहते कि हमारे देश में भी वैसी ही समस्याएं पेश आएं, जो आप सिर्फ यहीं नहीं बल्कि पूरी दुनिया में देख रहे हैं. ट्रंप ने कहा, ‘‘हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे. हम ऐसा नहीं होने देंगे. हम अपने आपको हर वह संभव मौका देंगे, जिससे अमेरिका के लिए चीजें अच्छी हों. वे अच्छी होंगी. अमेरिकी गृह सुरक्षा मंत्री जनरल :सेवानिवृत्त: जॉन कैली ने कहा कि लॉस एंजिलिस, शिकागो, अटलांटा, सेन एंटोनियो और न्यूयार्क सिटी के आव्रजन एवं आबकारी प्रवर्तन :आईसीई: अधिकारियों ने जन सुरक्षा, सीमा सुरक्षा या देश की आव्रजन प्रणाली को खतरे में डालने वाले 680 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया है.टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘गिरफ्तार किए गए लोगों में से लगभग 75 प्रतिशत लोग बाहरी देशों से आए अपराधी हैं। इन लोगों पर जनसंहार, यौन उत्पीड़न, नाबालिग के यौन उत्पीड़न, बच्चे के साथ भद्दी और अश्लील हरकतों, नशीले पदाथरें की तस्करी, हमला और हथियार संबंधी आरोप हैं. उन्होंने कहा कि आईसीई इस तरह के अभियानों को नियमित रूप से अंजाम देता है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) ट्रंप ने सोमवार को कहा, हम एक बड़ा और खूबसूरत खुला दरवाजा चाहते हैं और हम चाहते हैं कि लोग इसके अंदर, हमारे देश में आएं, लेकिन हम गलत लोगों को अंदर आने नहीं दे सकते और मैं इस प्रशासन के दौरान ऐसा नहीं होने दूंगा. हमारे देश के लोग यही चाहते हैं और यही उनका रुख है. उन्होंने कहा, हमारे इस रुख की सराहना की जा रही है और यह स्वाभाविक समझ वाला रुख है. हो सकता है कि इसमें कुछ सख्ती हो, यह वाकई सख्ती से कहीं ज्यादा है. यह स्वाभाविक समझ से जुड़ा हुआ रुख है और हम इसे बरकरार रखने वाले हैं. हम नहीं चाहते कि हमारे देश में भी वैसी ही समस्याएं पेश आएं, जो आप सिर्फ यहीं नहीं बल्कि पूरी दुनिया में देख रहे हैं. ट्रंप ने कहा, ‘‘हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे. हम ऐसा नहीं होने देंगे. हम अपने आपको हर वह संभव मौका देंगे, जिससे अमेरिका के लिए चीजें अच्छी हों. वे अच्छी होंगी. अमेरिकी गृह सुरक्षा मंत्री जनरल :सेवानिवृत्त: जॉन कैली ने कहा कि लॉस एंजिलिस, शिकागो, अटलांटा, सेन एंटोनियो और न्यूयार्क सिटी के आव्रजन एवं आबकारी प्रवर्तन :आईसीई: अधिकारियों ने जन सुरक्षा, सीमा सुरक्षा या देश की आव्रजन प्रणाली को खतरे में डालने वाले 680 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया है.टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘गिरफ्तार किए गए लोगों में से लगभग 75 प्रतिशत लोग बाहरी देशों से आए अपराधी हैं। इन लोगों पर जनसंहार, यौन उत्पीड़न, नाबालिग के यौन उत्पीड़न, बच्चे के साथ भद्दी और अश्लील हरकतों, नशीले पदाथरें की तस्करी, हमला और हथियार संबंधी आरोप हैं. उन्होंने कहा कि आईसीई इस तरह के अभियानों को नियमित रूप से अंजाम देता है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) ट्रंप ने कहा, ‘‘हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे. हम ऐसा नहीं होने देंगे. हम अपने आपको हर वह संभव मौका देंगे, जिससे अमेरिका के लिए चीजें अच्छी हों. वे अच्छी होंगी. अमेरिकी गृह सुरक्षा मंत्री जनरल :सेवानिवृत्त: जॉन कैली ने कहा कि लॉस एंजिलिस, शिकागो, अटलांटा, सेन एंटोनियो और न्यूयार्क सिटी के आव्रजन एवं आबकारी प्रवर्तन :आईसीई: अधिकारियों ने जन सुरक्षा, सीमा सुरक्षा या देश की आव्रजन प्रणाली को खतरे में डालने वाले 680 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया है.टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘गिरफ्तार किए गए लोगों में से लगभग 75 प्रतिशत लोग बाहरी देशों से आए अपराधी हैं। इन लोगों पर जनसंहार, यौन उत्पीड़न, नाबालिग के यौन उत्पीड़न, बच्चे के साथ भद्दी और अश्लील हरकतों, नशीले पदाथरें की तस्करी, हमला और हथियार संबंधी आरोप हैं. उन्होंने कहा कि आईसीई इस तरह के अभियानों को नियमित रूप से अंजाम देता है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा, ‘‘गिरफ्तार किए गए लोगों में से लगभग 75 प्रतिशत लोग बाहरी देशों से आए अपराधी हैं। इन लोगों पर जनसंहार, यौन उत्पीड़न, नाबालिग के यौन उत्पीड़न, बच्चे के साथ भद्दी और अश्लील हरकतों, नशीले पदाथरें की तस्करी, हमला और हथियार संबंधी आरोप हैं. उन्होंने कहा कि आईसीई इस तरह के अभियानों को नियमित रूप से अंजाम देता है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यहाँ एक सारांश है:21 साल पुराना 66 करोड़ की आय से अधिक संपत्ति का मामला कर्नाटक हाईकोर्ट कर चुकी है बरी कर्नाटक सरकार ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी
4
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: केंद्रीय मंत्री विलासराव देशमुख का पार्थिव शरीर लातूर पहुंचा तो उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए हजारों लोग सड़क के दोनों ओर खड़े नजर आए। देशमुख का मंगलवार को चेन्नई के ग्लोबल हॉस्पिटल में निधन हो गया था। उनका पार्थिव शरीर सुबह वायु सेना के एक विमान से लातूर लाया गया। उनके पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव बाभलगांव ले जा रहे वाहन को हजारों लोगों ने अपने नेता की अंतिम झलक पाने के लिए कई जगह पर रोका। देशमुख के निधन की खबर पहुंचने के साथ ही लातूर में दुकानें एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद हैं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि देशमुख के अंतिम संस्कार में सात लाख लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। सूत्रों ने कहा कि अंतिम दर्शन के लिए देशमुख का पार्थिव शरीर सुबह 10 बजे से अपराह्न दो बजे तक गांव के दयानंद विद्यालय परिसर में बनाए गए विशेष मंच पर रखा जाएगा। अपराह्न 2 से 3 बजे के बीच उनका शरीर धार्मिक रस्म के लिए उनके पैतृक घर ले जाया जाएगा। शाम को करीब 4 बजे बाभलगांव में देशमुख को उनके खेत में उस स्थान के नजदीक मुखाग्नि दी जाएगी, जहां उनके पिता का अंतिम संस्कार हुआ था। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पार्टी के वरिष्ठ नेता को श्रद्धांजलि देने के लिए दोपहर के करीब लातूर पहुंचेंगे। यहां केंद्रीय मंत्री शरद पवार और सुशील कुमार शिन्दे, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण, भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे, महाराष्ट्र के वरिष्ठ मंत्रियों और कुछ अन्य मुख्यमंत्रियों तथा राज्यपालों के शामिल होने की उम्मीद है।टिप्पणियां केंद्रीय मंत्री प्रफुल्ल पटेल, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण, महाराष्ट्र नव निर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे और उनके विधायकों, फिल्म निर्माताओं करण जौहर और साजिद खान, कांग्रेसी नेताओं कृपाशंकर सिंह और मोहम्मद आरिफ नसीम खान उन प्रमुख लोगों में शामिल थे, जिन्होंने देशमुख को श्रद्धांजलि अर्पित की। फिल्म निर्माता वाशु भगनानी भी अपने परिवार के साथ मौजूद थे। वाशु की पुत्री देशमुख की बहू है। दिवंगत देशमुख की पत्नी वैशाली, उनके बेटों अमित, रितेश और धीरज तथा उनकी पत्नियों ने अति विशिष्ट व्यक्तियों तथा ग्रामीणों की संवेदनाएं स्वीकार कीं। देशमुख के सबसे बड़े पुत्र अमित शांत नजर आ रहे थे, जबकि उनकी मां और छोटे भाई आंसू नहीं रोक सके। विलासराव के छोटे भाई दिलीप, उनकी पत्नी और पुत्री भी मौजूद थीं। शोक प्रकट करने आए लोगों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज किया। उनके पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव बाभलगांव ले जा रहे वाहन को हजारों लोगों ने अपने नेता की अंतिम झलक पाने के लिए कई जगह पर रोका। देशमुख के निधन की खबर पहुंचने के साथ ही लातूर में दुकानें एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद हैं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि देशमुख के अंतिम संस्कार में सात लाख लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। सूत्रों ने कहा कि अंतिम दर्शन के लिए देशमुख का पार्थिव शरीर सुबह 10 बजे से अपराह्न दो बजे तक गांव के दयानंद विद्यालय परिसर में बनाए गए विशेष मंच पर रखा जाएगा। अपराह्न 2 से 3 बजे के बीच उनका शरीर धार्मिक रस्म के लिए उनके पैतृक घर ले जाया जाएगा। शाम को करीब 4 बजे बाभलगांव में देशमुख को उनके खेत में उस स्थान के नजदीक मुखाग्नि दी जाएगी, जहां उनके पिता का अंतिम संस्कार हुआ था। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पार्टी के वरिष्ठ नेता को श्रद्धांजलि देने के लिए दोपहर के करीब लातूर पहुंचेंगे। यहां केंद्रीय मंत्री शरद पवार और सुशील कुमार शिन्दे, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण, भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे, महाराष्ट्र के वरिष्ठ मंत्रियों और कुछ अन्य मुख्यमंत्रियों तथा राज्यपालों के शामिल होने की उम्मीद है।टिप्पणियां केंद्रीय मंत्री प्रफुल्ल पटेल, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण, महाराष्ट्र नव निर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे और उनके विधायकों, फिल्म निर्माताओं करण जौहर और साजिद खान, कांग्रेसी नेताओं कृपाशंकर सिंह और मोहम्मद आरिफ नसीम खान उन प्रमुख लोगों में शामिल थे, जिन्होंने देशमुख को श्रद्धांजलि अर्पित की। फिल्म निर्माता वाशु भगनानी भी अपने परिवार के साथ मौजूद थे। वाशु की पुत्री देशमुख की बहू है। दिवंगत देशमुख की पत्नी वैशाली, उनके बेटों अमित, रितेश और धीरज तथा उनकी पत्नियों ने अति विशिष्ट व्यक्तियों तथा ग्रामीणों की संवेदनाएं स्वीकार कीं। देशमुख के सबसे बड़े पुत्र अमित शांत नजर आ रहे थे, जबकि उनकी मां और छोटे भाई आंसू नहीं रोक सके। विलासराव के छोटे भाई दिलीप, उनकी पत्नी और पुत्री भी मौजूद थीं। शोक प्रकट करने आए लोगों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज किया। देशमुख के निधन की खबर पहुंचने के साथ ही लातूर में दुकानें एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद हैं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि देशमुख के अंतिम संस्कार में सात लाख लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। सूत्रों ने कहा कि अंतिम दर्शन के लिए देशमुख का पार्थिव शरीर सुबह 10 बजे से अपराह्न दो बजे तक गांव के दयानंद विद्यालय परिसर में बनाए गए विशेष मंच पर रखा जाएगा। अपराह्न 2 से 3 बजे के बीच उनका शरीर धार्मिक रस्म के लिए उनके पैतृक घर ले जाया जाएगा। शाम को करीब 4 बजे बाभलगांव में देशमुख को उनके खेत में उस स्थान के नजदीक मुखाग्नि दी जाएगी, जहां उनके पिता का अंतिम संस्कार हुआ था। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पार्टी के वरिष्ठ नेता को श्रद्धांजलि देने के लिए दोपहर के करीब लातूर पहुंचेंगे। यहां केंद्रीय मंत्री शरद पवार और सुशील कुमार शिन्दे, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण, भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे, महाराष्ट्र के वरिष्ठ मंत्रियों और कुछ अन्य मुख्यमंत्रियों तथा राज्यपालों के शामिल होने की उम्मीद है।टिप्पणियां केंद्रीय मंत्री प्रफुल्ल पटेल, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण, महाराष्ट्र नव निर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे और उनके विधायकों, फिल्म निर्माताओं करण जौहर और साजिद खान, कांग्रेसी नेताओं कृपाशंकर सिंह और मोहम्मद आरिफ नसीम खान उन प्रमुख लोगों में शामिल थे, जिन्होंने देशमुख को श्रद्धांजलि अर्पित की। फिल्म निर्माता वाशु भगनानी भी अपने परिवार के साथ मौजूद थे। वाशु की पुत्री देशमुख की बहू है। दिवंगत देशमुख की पत्नी वैशाली, उनके बेटों अमित, रितेश और धीरज तथा उनकी पत्नियों ने अति विशिष्ट व्यक्तियों तथा ग्रामीणों की संवेदनाएं स्वीकार कीं। देशमुख के सबसे बड़े पुत्र अमित शांत नजर आ रहे थे, जबकि उनकी मां और छोटे भाई आंसू नहीं रोक सके। विलासराव के छोटे भाई दिलीप, उनकी पत्नी और पुत्री भी मौजूद थीं। शोक प्रकट करने आए लोगों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज किया। अपराह्न 2 से 3 बजे के बीच उनका शरीर धार्मिक रस्म के लिए उनके पैतृक घर ले जाया जाएगा। शाम को करीब 4 बजे बाभलगांव में देशमुख को उनके खेत में उस स्थान के नजदीक मुखाग्नि दी जाएगी, जहां उनके पिता का अंतिम संस्कार हुआ था। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पार्टी के वरिष्ठ नेता को श्रद्धांजलि देने के लिए दोपहर के करीब लातूर पहुंचेंगे। यहां केंद्रीय मंत्री शरद पवार और सुशील कुमार शिन्दे, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण, भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे, महाराष्ट्र के वरिष्ठ मंत्रियों और कुछ अन्य मुख्यमंत्रियों तथा राज्यपालों के शामिल होने की उम्मीद है।टिप्पणियां केंद्रीय मंत्री प्रफुल्ल पटेल, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण, महाराष्ट्र नव निर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे और उनके विधायकों, फिल्म निर्माताओं करण जौहर और साजिद खान, कांग्रेसी नेताओं कृपाशंकर सिंह और मोहम्मद आरिफ नसीम खान उन प्रमुख लोगों में शामिल थे, जिन्होंने देशमुख को श्रद्धांजलि अर्पित की। फिल्म निर्माता वाशु भगनानी भी अपने परिवार के साथ मौजूद थे। वाशु की पुत्री देशमुख की बहू है। दिवंगत देशमुख की पत्नी वैशाली, उनके बेटों अमित, रितेश और धीरज तथा उनकी पत्नियों ने अति विशिष्ट व्यक्तियों तथा ग्रामीणों की संवेदनाएं स्वीकार कीं। देशमुख के सबसे बड़े पुत्र अमित शांत नजर आ रहे थे, जबकि उनकी मां और छोटे भाई आंसू नहीं रोक सके। विलासराव के छोटे भाई दिलीप, उनकी पत्नी और पुत्री भी मौजूद थीं। शोक प्रकट करने आए लोगों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज किया। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पार्टी के वरिष्ठ नेता को श्रद्धांजलि देने के लिए दोपहर के करीब लातूर पहुंचेंगे। यहां केंद्रीय मंत्री शरद पवार और सुशील कुमार शिन्दे, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण, भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे, महाराष्ट्र के वरिष्ठ मंत्रियों और कुछ अन्य मुख्यमंत्रियों तथा राज्यपालों के शामिल होने की उम्मीद है।टिप्पणियां केंद्रीय मंत्री प्रफुल्ल पटेल, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण, महाराष्ट्र नव निर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे और उनके विधायकों, फिल्म निर्माताओं करण जौहर और साजिद खान, कांग्रेसी नेताओं कृपाशंकर सिंह और मोहम्मद आरिफ नसीम खान उन प्रमुख लोगों में शामिल थे, जिन्होंने देशमुख को श्रद्धांजलि अर्पित की। फिल्म निर्माता वाशु भगनानी भी अपने परिवार के साथ मौजूद थे। वाशु की पुत्री देशमुख की बहू है। दिवंगत देशमुख की पत्नी वैशाली, उनके बेटों अमित, रितेश और धीरज तथा उनकी पत्नियों ने अति विशिष्ट व्यक्तियों तथा ग्रामीणों की संवेदनाएं स्वीकार कीं। देशमुख के सबसे बड़े पुत्र अमित शांत नजर आ रहे थे, जबकि उनकी मां और छोटे भाई आंसू नहीं रोक सके। विलासराव के छोटे भाई दिलीप, उनकी पत्नी और पुत्री भी मौजूद थीं। शोक प्रकट करने आए लोगों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज किया। यहां केंद्रीय मंत्री शरद पवार और सुशील कुमार शिन्दे, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण, भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे, महाराष्ट्र के वरिष्ठ मंत्रियों और कुछ अन्य मुख्यमंत्रियों तथा राज्यपालों के शामिल होने की उम्मीद है।टिप्पणियां केंद्रीय मंत्री प्रफुल्ल पटेल, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण, महाराष्ट्र नव निर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे और उनके विधायकों, फिल्म निर्माताओं करण जौहर और साजिद खान, कांग्रेसी नेताओं कृपाशंकर सिंह और मोहम्मद आरिफ नसीम खान उन प्रमुख लोगों में शामिल थे, जिन्होंने देशमुख को श्रद्धांजलि अर्पित की। फिल्म निर्माता वाशु भगनानी भी अपने परिवार के साथ मौजूद थे। वाशु की पुत्री देशमुख की बहू है। दिवंगत देशमुख की पत्नी वैशाली, उनके बेटों अमित, रितेश और धीरज तथा उनकी पत्नियों ने अति विशिष्ट व्यक्तियों तथा ग्रामीणों की संवेदनाएं स्वीकार कीं। देशमुख के सबसे बड़े पुत्र अमित शांत नजर आ रहे थे, जबकि उनकी मां और छोटे भाई आंसू नहीं रोक सके। विलासराव के छोटे भाई दिलीप, उनकी पत्नी और पुत्री भी मौजूद थीं। शोक प्रकट करने आए लोगों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज किया। केंद्रीय मंत्री प्रफुल्ल पटेल, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण, महाराष्ट्र नव निर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे और उनके विधायकों, फिल्म निर्माताओं करण जौहर और साजिद खान, कांग्रेसी नेताओं कृपाशंकर सिंह और मोहम्मद आरिफ नसीम खान उन प्रमुख लोगों में शामिल थे, जिन्होंने देशमुख को श्रद्धांजलि अर्पित की। फिल्म निर्माता वाशु भगनानी भी अपने परिवार के साथ मौजूद थे। वाशु की पुत्री देशमुख की बहू है। दिवंगत देशमुख की पत्नी वैशाली, उनके बेटों अमित, रितेश और धीरज तथा उनकी पत्नियों ने अति विशिष्ट व्यक्तियों तथा ग्रामीणों की संवेदनाएं स्वीकार कीं। देशमुख के सबसे बड़े पुत्र अमित शांत नजर आ रहे थे, जबकि उनकी मां और छोटे भाई आंसू नहीं रोक सके। विलासराव के छोटे भाई दिलीप, उनकी पत्नी और पुत्री भी मौजूद थीं। शोक प्रकट करने आए लोगों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज किया। दिवंगत देशमुख की पत्नी वैशाली, उनके बेटों अमित, रितेश और धीरज तथा उनकी पत्नियों ने अति विशिष्ट व्यक्तियों तथा ग्रामीणों की संवेदनाएं स्वीकार कीं। देशमुख के सबसे बड़े पुत्र अमित शांत नजर आ रहे थे, जबकि उनकी मां और छोटे भाई आंसू नहीं रोक सके। विलासराव के छोटे भाई दिलीप, उनकी पत्नी और पुत्री भी मौजूद थीं। शोक प्रकट करने आए लोगों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज किया।
यहाँ एक सारांश है:केंद्रीय मंत्री विलासराव देशमुख का पार्थिव शरीर लातूर पहुंचा तो उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए हजारों लोग सड़क के दोनों ओर खड़े नजर आए।
12
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: जालंधर में कल (गुरुवार) की भारी बारिश के बाद शहर के गांधी कैंप इलाके में आज एक मकान की छत गिरने से घर में सो रही एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई, जबकि दो बच्चों समेत चार अन्य लोग घायल हो गए. जालंधर कमिश्नरेट पुलिस ने बताया कि शहर के गांधी कैंप इलाके में आज सुबह तकरीबन छह बजे घर में सो रहे परिवार पर एक छत गिर गई. इस हादसे में एक बुजर्ग महिला की मौत हो गई। मरने वाली महिला की पहचान राज रानी (60) के रूप में की गई है. वह गांधी कैंप इलाके की रहने वाली थीं. पुलिस ने शव को सदर अस्पताल भेज दिया है. उन्होंने बताया कि हादसे में दो बच्चे समेत चार अन्य लोग घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. घायलों में से एक को मामूली चोट लगी है, जबकि तीन अन्य सामान्य रूप से जख्मी हो गए. उनका इलाज अस्पताल में हो रहा है और आज ही उन्हें वहां से छुट्टी मिल सकती है. हादसे का कारण पूछे जाने पर पुलिस ने बताया कि मकान कच्चा था और थोड़ा कमजोर दिख रहा था. ऐसा लगता है कि कल रात हुई तेज बारिश के कारण यह घटना हुई है. टिप्पणियां गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से बारिश के दौरान शहर के विभिन्न इलाकों में छत गिरने की घटना लगातार हो रही है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) जालंधर कमिश्नरेट पुलिस ने बताया कि शहर के गांधी कैंप इलाके में आज सुबह तकरीबन छह बजे घर में सो रहे परिवार पर एक छत गिर गई. इस हादसे में एक बुजर्ग महिला की मौत हो गई। मरने वाली महिला की पहचान राज रानी (60) के रूप में की गई है. वह गांधी कैंप इलाके की रहने वाली थीं. पुलिस ने शव को सदर अस्पताल भेज दिया है. उन्होंने बताया कि हादसे में दो बच्चे समेत चार अन्य लोग घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. घायलों में से एक को मामूली चोट लगी है, जबकि तीन अन्य सामान्य रूप से जख्मी हो गए. उनका इलाज अस्पताल में हो रहा है और आज ही उन्हें वहां से छुट्टी मिल सकती है. हादसे का कारण पूछे जाने पर पुलिस ने बताया कि मकान कच्चा था और थोड़ा कमजोर दिख रहा था. ऐसा लगता है कि कल रात हुई तेज बारिश के कारण यह घटना हुई है. टिप्पणियां गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से बारिश के दौरान शहर के विभिन्न इलाकों में छत गिरने की घटना लगातार हो रही है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने बताया कि हादसे में दो बच्चे समेत चार अन्य लोग घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. घायलों में से एक को मामूली चोट लगी है, जबकि तीन अन्य सामान्य रूप से जख्मी हो गए. उनका इलाज अस्पताल में हो रहा है और आज ही उन्हें वहां से छुट्टी मिल सकती है. हादसे का कारण पूछे जाने पर पुलिस ने बताया कि मकान कच्चा था और थोड़ा कमजोर दिख रहा था. ऐसा लगता है कि कल रात हुई तेज बारिश के कारण यह घटना हुई है. टिप्पणियां गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से बारिश के दौरान शहर के विभिन्न इलाकों में छत गिरने की घटना लगातार हो रही है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) हादसे का कारण पूछे जाने पर पुलिस ने बताया कि मकान कच्चा था और थोड़ा कमजोर दिख रहा था. ऐसा लगता है कि कल रात हुई तेज बारिश के कारण यह घटना हुई है. टिप्पणियां गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से बारिश के दौरान शहर के विभिन्न इलाकों में छत गिरने की घटना लगातार हो रही है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से बारिश के दौरान शहर के विभिन्न इलाकों में छत गिरने की घटना लगातार हो रही है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त पाठ: शहर के गांधी कैंप इलाके में हुई घटना. घटना में दो बच्चों समेत चार अन्य लोग घायल हो गए. मरने वाली महिला की पहचान राज रानी (60) के रूप में की गई है.
27
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: नासा ने बताया कि ब्रह्माण्ड में ज्वारीय विघटन बहुत ही विरल है और प्रत्येक 10,000 से 1,00,000 वर्षों में हमारी खुद की आकाशगंगा के बराबर के तारक-पुंज या आकाशगंगा (गैलेक्सी) में एक बार यह घटना होती है. अब तक केवल 40 ऐसी घटना देखी गई हैं. अध्ययन के प्रमुख लेखक कैलिफोर्निया स्थित कार्नेजी वेधशाला के थॉमस होलोइन ने कहा, ‘‘टीईएसएस की मदद से यह देखने में मदद मिली कि एएसएएसएसन-19बीटी नामक घटना वास्तव में कब शुरू हुई जिसे हम पहले कभी नहीं देख सके थे.''  होलोइन ने कहा, ‘‘ज्वारीय विघटन की जल्द ही पहचान धरती पर स्थित ऑल स्काई ऑटोमेटेड सर्वे फॉर सुपरनोवा (एएसएएस-एसएन) से की गई और इस वजह से हम शुरूआती कुछ दिन में बहु-तरंगदैर्ध्य को सक्रिय करके अवलोकन में सफल हुए. इस भौतिक घटना के समझने के लिए शुरुआती आंकड़े बहुत महत्वपूर्ण होंगे.'' एस्ट्रोफिजिकल जर्नल में प्रकाशित शोध के मुताबिक यह ब्लैक होल ‘2एमएएसएक्स जे 07001137-6602251' आकाशगंगा के बीच में है. यह वोलन्स तारामंडल से करीब 37 करोड़ 50 लाख प्रकाश वर्ष दूर है. कटे हुए तारे का आकार हमारे सूर्य के बराबर हो सकता है.  नासा के मुताबिक इस ब्रह्माण्डीय घटना की खोज 29 जनवरी को विश्व भर में फैले 20 रोबोटिक दूरबीनों वाले एएसएएस-एसएन नेटवर्क की मदद से की गई जिसका मुख्यालय अमेरिका की ओहायो स्टेट यूनिवर्सिटी में है. नासा ने बताया कि जब होलोइन को नेटवर्क के दक्षिण अफ्रीका में स्थित उपकरण से घटना की जानकारी मिली तब उन्होंने तुरंत चिली के लास कैम्पनास स्थित दो रोबोटिक दूरबीनों को ब्रह्माण्ड में हो रही इस घटना की वास्तविक स्थान का पता लगाने के काम पर लगाया और सटीक नजर रखने के लिए अन्य एजेंसियों की भी मदद ली.
सारांश: 10 हजार से 1 लाख साल में एक बार होती है ऐसा घटना सटीक नजर रखने के लिए नासा ने ली अन्य एजेंसियों की मदद तेज चमक के कारण पता चल सकी ये ज्वारीय घटना
7
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बीजेपी के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बनी इलाहाबाद संसदीय सीट पर जीत हासिल करने के दिन में केशव प्रसाद मौर्य का भाषण इन्हीं बातों पर आधारित रहता है. तो शाम को फिल्म स्टार सनी देओल रीता बहुगुणा जोशी के लिए प्रचार करते दिख रहे हैं. यही नहीं खुद प्रधानमंत्री कौशांबी के बाद दूसरी बार इलाहाबाद रैली करने पहुंचे हैं. इसी के चलते इलाहाबाद की इस वीवीआईपी सीट पर कांग्रेस से बीजेपी में आई रीता बहुगुणा जोशी को चुनाव लड़ाने के लिए लखनऊ से इलाहाबाद बुलाया तो गया है, लेकिन इलाहाबाद से संसद भवन तक का रास्ता रीता बहुगुणा के लिए इतना आसान नहीं है. कचहरी चौराहे के पास उनकी पुश्तैनी कोठी में चहल पहल फिर से बढ़ गई है. कोठी के अंदर हेमवंती नंदन बहुगुणा की कई पुरानी फोटो के साथ अमित शाह और नरेंद्र मोदी की कई नई फोटो भी लग गई है. कोठी में विपक्षियों के बाहरी होने के आरोप से निपटने के लिए कार्यकर्ताओं को समझाती हैं कि मेरा घर कहां? इलाहाबाद...मैंने पढ़ाया कहां? इलाहाबाद विश्वविद्यालय... मैं मेयर कहां की? इलाहाबाद की तो जो मुझे बाहरी बता रहे हैं वो नालायक है. रीता बहुगुणा की कोठी पर मेरठ के पूर्व कांग्रेसी विधायक के बेटे मिले. वो कहते हैं कि व्यक्तिगत तौर पर रीता बहुगुणा जोशी के चुनाव प्रचार के लिए आए हैं, जबकि दिल से वो कांग्रेसी हैं. रीता बहुगुणा खुद 24 साल कांग्रेस में रही हैं...लेकिन अब बीजेपी उम्मीदवार बनकर इलाहाबाद लौटी हैं..बीजेपी की प्रत्याशी रीता बहुगुणा जोशी कहती हैं कि कांग्रेस क्षेत्रीय नेताओं को आगे बढ़ने नहीं देती है इसी वजह से उसका जनाधार लगातार कम हुआ है. अब कांग्रेस के पास केवल पांच फीसदी वोट है. उधर रीता बहुगुणा जोशी के हाई वोल्टेज चुनाव प्रचार के सामने कांग्रेस प्रत्याशी योगेश शुक्ला भी बाइक रैली करके अपने चुनावी प्रचार को रफ्तार देने की कोशिश कर रहे हैं. उनके साथ इलाहाबाद के बाबा अवस्थी जैसे तमाम वो कार्यकर्ता हैं जो कभी रीता बहुगुणा के साथ कांग्रेस में लंबे समय तक काम करते रहे हैं. अब बीजेपी में 25 साल से रहे योगेश शुक्ला कांग्रेस के टिकट से 24 साल कांग्रेस में रहने वाली बीजेपी उम्मीदवार रीता बहुगुणा को टक्कर दे रहे हैं. कांग्रेसी प्रत्याशी योगेश शुक्ला कहते हैं कि अगर हमारे पास पांच फीसदी वोट है तो बीजेपी घबराई क्यों है..प्रधानमंत्री को दोबारा इलाहाबाद में रैली क्यों करनी पड़ रही है? लंबे समय से इलाहाबाद में पत्रकारिता कर रहे प्रवीण सिंह कहते हैं कि आसान नहीं है रीता बहुगुणा के लिए ये सीट जीतना. इलाहाबाद ने देश को पांच प्रधानमंत्री दिए, लेकिन अब बीजेपी और गठबंधन के दिग्गजों के चुनावी मैदान में होने से मुकाबला दिलचस्प है. बीजेपी जहां कुंभ की उपलब्धि और चेहरे पर वोट देने की अपील कर रही है, वहीं विपक्षी कुंभ के बाद फैली गंदगी और भ्रष्टाचार पर सवाल उठाकर वोट मांग रही है. ऊपर से दलित और कुर्मी वोटरों कि खामोशी नेताओं के लिए परेशानी का बायस बनी हुई है.
संक्षिप्त सारांश: आसान नहीं रीता बहुगुणा जोशी की राह कांग्रेस के योगेश शुक्ल से मुकबला गठबंधन ने राजेंद्र पटेल को दिया टिकट
10
['hin']
एक सारांश बनाओ: विराट कोहली ने गुरुवार को कहा कि वह कभी भी ड्रेसिंग रूम की जानकारी का खुलासा नहीं करेंगे. उन्होंने इस्तीफा दे चुके कोच अनिल कुंबले के उस बयान का जिक्र करते हुए बात की जिसमें उन्होंने कहा था कि उनके बीच रिश्ते 'अस्थिर' हो गये थे. कोहली ने इस विवाद पर पहली बार खुलकर बोला है. भारतीय कप्तान के साथ मतभेदों के कारण दो दिन पहले कुंबले ने अपने पद से इस्तीफा देने का फैसला किया था. कोहली ने कहा, 'मैं कुंबले के इस्तीफा देने के फैसले का सम्मान करता हूं' और साथ ही कहा कि बतौर खिलाड़ी वह उनका काफी सम्मान करते हैं. कप्तान ने वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले वनडे की पूर्व संध्या पर कहा, 'निश्चित रूप से अनिल भाई ने अपने विचार व्यक्त किये हैं और उन्होंने पद से हटने का फैसला किया और हम उनके इस फैसले का सम्मान करेंगे. यह ऐसी चीज है जो टूर्नामेंट के बाद हुई है.' कोहली को हालांकि लगता है कि कुंबले की अपनी राय है और उन्होंने थोड़ा घुमाकर बात करते हुए कहा कि उनके लिए ड्रेसिंग रूम की जानकारी काफी अहम है जिसे वह किसी भी कीमत पर सार्वजनिक नहीं कर सकते. उन्होंने कहा, 'एक चीज तो निश्चित है कि मैंने चैम्पियंस ट्रॉफी के दौरान 11 प्रेस कांफ्रेंस की. हमने पिछले तीन-चार साल में ऐसी खेल संस्कृति बनायी है कि चेंजिंग रूम में जो कुछ भी होता है, हमने उन चीजों को कभी भी ड्रेसिंग रूम से बाहर नहीं किया है और इसकी पवित्रता को बरकरार रखा है. पूरी टीम इस पर विश्वास करती है. हमारे लिए यही सर्वोपरि है.' कोहली ने कहा कि उन्होंने और उनके खिलाड़ियों ने कुंबले की बतौर खिलाड़ी उपलब्धियों का हमेशा सम्मान किया है. कप्तान ने बहुत ही सतर्कता से स्पष्ट किया कि वह कोच कुंबले की भूमिका के बारे में बात नहीं करेंगे. उन्होंने कहा, 'बतौर क्रिकेटर और उन्होंने जो इतने वर्षों तक खेलकर देश के लिए उपलब्धि हासिल की है, मैं उनका पूरा सम्मान करता हूं. उनसे सम्मान वापस नहीं लिया जा सकता. हम सभी उनका पूरा सम्मान करते हैं.' टिप्पणियां जब उनसे कुंबले के कोचिंग के दौरान दृष्टिकोण के बारे में पूछा गया तो उन्होंने अपनी बात पर कायम रहते हुए कहा, 'जैसा कि मैंने कहा कि मेरे लिए सबसे अहम ड्रेसिंग रूम की गोपनीयता को बरकरार रखना है और जो कुछ भी चेंजिंग रूम में होता है, वो हम सभी के लिए काफी निजी और अहम होता है.' उन्होंने कहा, '...और यह ऐसी बात है जो मैं सार्वजनिक रूप से व्यक्त नहीं करूंगा. जैसा कि मैंने कहा है कि उनका अपना पक्ष था और हम सभी उनके फैसले का सम्मान करते हैं.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) कप्तान ने वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले वनडे की पूर्व संध्या पर कहा, 'निश्चित रूप से अनिल भाई ने अपने विचार व्यक्त किये हैं और उन्होंने पद से हटने का फैसला किया और हम उनके इस फैसले का सम्मान करेंगे. यह ऐसी चीज है जो टूर्नामेंट के बाद हुई है.' कोहली को हालांकि लगता है कि कुंबले की अपनी राय है और उन्होंने थोड़ा घुमाकर बात करते हुए कहा कि उनके लिए ड्रेसिंग रूम की जानकारी काफी अहम है जिसे वह किसी भी कीमत पर सार्वजनिक नहीं कर सकते. उन्होंने कहा, 'एक चीज तो निश्चित है कि मैंने चैम्पियंस ट्रॉफी के दौरान 11 प्रेस कांफ्रेंस की. हमने पिछले तीन-चार साल में ऐसी खेल संस्कृति बनायी है कि चेंजिंग रूम में जो कुछ भी होता है, हमने उन चीजों को कभी भी ड्रेसिंग रूम से बाहर नहीं किया है और इसकी पवित्रता को बरकरार रखा है. पूरी टीम इस पर विश्वास करती है. हमारे लिए यही सर्वोपरि है.' कोहली ने कहा कि उन्होंने और उनके खिलाड़ियों ने कुंबले की बतौर खिलाड़ी उपलब्धियों का हमेशा सम्मान किया है. कप्तान ने बहुत ही सतर्कता से स्पष्ट किया कि वह कोच कुंबले की भूमिका के बारे में बात नहीं करेंगे. उन्होंने कहा, 'बतौर क्रिकेटर और उन्होंने जो इतने वर्षों तक खेलकर देश के लिए उपलब्धि हासिल की है, मैं उनका पूरा सम्मान करता हूं. उनसे सम्मान वापस नहीं लिया जा सकता. हम सभी उनका पूरा सम्मान करते हैं.' टिप्पणियां जब उनसे कुंबले के कोचिंग के दौरान दृष्टिकोण के बारे में पूछा गया तो उन्होंने अपनी बात पर कायम रहते हुए कहा, 'जैसा कि मैंने कहा कि मेरे लिए सबसे अहम ड्रेसिंग रूम की गोपनीयता को बरकरार रखना है और जो कुछ भी चेंजिंग रूम में होता है, वो हम सभी के लिए काफी निजी और अहम होता है.' उन्होंने कहा, '...और यह ऐसी बात है जो मैं सार्वजनिक रूप से व्यक्त नहीं करूंगा. जैसा कि मैंने कहा है कि उनका अपना पक्ष था और हम सभी उनके फैसले का सम्मान करते हैं.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा, 'एक चीज तो निश्चित है कि मैंने चैम्पियंस ट्रॉफी के दौरान 11 प्रेस कांफ्रेंस की. हमने पिछले तीन-चार साल में ऐसी खेल संस्कृति बनायी है कि चेंजिंग रूम में जो कुछ भी होता है, हमने उन चीजों को कभी भी ड्रेसिंग रूम से बाहर नहीं किया है और इसकी पवित्रता को बरकरार रखा है. पूरी टीम इस पर विश्वास करती है. हमारे लिए यही सर्वोपरि है.' कोहली ने कहा कि उन्होंने और उनके खिलाड़ियों ने कुंबले की बतौर खिलाड़ी उपलब्धियों का हमेशा सम्मान किया है. कप्तान ने बहुत ही सतर्कता से स्पष्ट किया कि वह कोच कुंबले की भूमिका के बारे में बात नहीं करेंगे. उन्होंने कहा, 'बतौर क्रिकेटर और उन्होंने जो इतने वर्षों तक खेलकर देश के लिए उपलब्धि हासिल की है, मैं उनका पूरा सम्मान करता हूं. उनसे सम्मान वापस नहीं लिया जा सकता. हम सभी उनका पूरा सम्मान करते हैं.' टिप्पणियां जब उनसे कुंबले के कोचिंग के दौरान दृष्टिकोण के बारे में पूछा गया तो उन्होंने अपनी बात पर कायम रहते हुए कहा, 'जैसा कि मैंने कहा कि मेरे लिए सबसे अहम ड्रेसिंग रूम की गोपनीयता को बरकरार रखना है और जो कुछ भी चेंजिंग रूम में होता है, वो हम सभी के लिए काफी निजी और अहम होता है.' उन्होंने कहा, '...और यह ऐसी बात है जो मैं सार्वजनिक रूप से व्यक्त नहीं करूंगा. जैसा कि मैंने कहा है कि उनका अपना पक्ष था और हम सभी उनके फैसले का सम्मान करते हैं.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) जब उनसे कुंबले के कोचिंग के दौरान दृष्टिकोण के बारे में पूछा गया तो उन्होंने अपनी बात पर कायम रहते हुए कहा, 'जैसा कि मैंने कहा कि मेरे लिए सबसे अहम ड्रेसिंग रूम की गोपनीयता को बरकरार रखना है और जो कुछ भी चेंजिंग रूम में होता है, वो हम सभी के लिए काफी निजी और अहम होता है.' उन्होंने कहा, '...और यह ऐसी बात है जो मैं सार्वजनिक रूप से व्यक्त नहीं करूंगा. जैसा कि मैंने कहा है कि उनका अपना पक्ष था और हम सभी उनके फैसले का सम्मान करते हैं.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त पाठ: 'मेरे लिए सबसे अहम ड्रेसिंग रूम की गोपनीयता को बरकरार रखना है' कोहली को हालांकि लगता है कि कुंबले की अपनी राय है 'उनका अपना पक्ष था और हम सभी उनके फैसले का सम्मान करते हैं'
30
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पंजाब एंड सिंध बैंक (Punjab & Sind Bank) ने शनिवार को खुलासा किया कि भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी (Mehul Choksi) ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक से 44.1 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है. यह पहली बार है, जब 111 साल पुराने बैंक ने चोकसी द्वारा की गई धोखाधड़ी के बारे में खुलकर जानकारी दी है, जो अब एंटीगुआ और बारबाडोस, वेस्ट इंडीज का नागरिक है. नई दिल्ली स्थित पीएसबी (Punjab & Sind Bank) ने उसे 'विलफुल डिफॉल्टर' घोषित करने के लिए नोटिस जारी किया है. पीएसबी के अनुसार, चोकसी की कंपनी, गीतांजलि जेम्स लिमिटेड ने बैंक से कर्ज लिया था. यही नहीं गीतांजलि जेम्स लिमिटेड के साथ मर्ज की गई उसकी कंपनी गीतांजलि एक्सपोर्ट्स लिमिटेड ने भी बैंक से कर्ज लिया था. चोकसी कंपनी में एक निदेशक और गारंटर है और कानूनी तौर पर लोन अकाउंट की जिम्मेदारी गुनियाल चोकसी पर है.   हालांकि, चूंकि वह ऋण राशि को मंजूरी देने में विफल रहे, इसलिए पीएसबी ने इसे 31 मार्च, 2018 को गैर निष्पादित संपत्ति' (नॉन परफॉर्मिग असेट) घोषित कर दिया. बैंक ने चोकसी से 23 अक्टूबर, 2018 तक कर्ज की राशि, ब्याज और अन्य शुल्कों का भुगतान करने के लिए कहा था, लेकिन वह नहीं कर पाया और पीएसबी ने 17 सितंबर, 2019 को उसे 'विलफुल डिफाल्टर' घोषित कर दिया. इसके साथ, चोकसी विभिन्न क्षेत्रों के 27 अन्य डिफॉल्टरों की बैंक की सूची में शामिल हो गया.  नए घटनाक्रम के बाद पीएसबी सरकारी स्वामित्व वाला ऐसा तीसरा बैंक बन गया है, जिसने चोकसी और नीरव मोदी की धोखाधड़ी का खुलासा किया है. इसके पहले ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स ने चोकसी और उनके भतीजे नीरव मोदी पर लगभग 289 करोड़ रुपये का चूना लगाने का आरोप लगाया था.   हीरा कारोबारी 'मामा-भांजे' फरवरी 2018 में उस समय सुर्खियों में आए, जब पंजाब नेशनल बैंक ने दोनों पर 13,500 करोड़ रुपये से अधिक का धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया था. ट्रेड यूनियन्स जॉइंट एक्शन कमेटी (टीयूजेएसी), महाराष्ट्र के संयोजक विश्वास उटागी ने आईएएनएस को बताया, "लगातार घाटे में चल रही पीएसबी के अलावा कई अन्य बैंकों ने चोकसी-मोदी और उनके समूह की कंपनियों के बारे में खुलासा किया है. अपना बकाया वसूलने के लिए कानूनी कार्रवाई करने के लिए सभी सरकारी बैंक साथ क्यों नहीं आते हैं." उटागी ने कहा कि अन्य बड़े सवाल ये हैं कि भारतीय रिजर्व बैंक और अन्य प्रभावित बैंकों में विदेशी मुद्रा विनिमय में काम करने वाले विभागों और अधिकारियों के खिलाफ क्या कदम उठाए गए हैं. आरोपी (नीरव मोदी-चोकसी और अन्य) से कितनी बकाया राशि बरामद हुई है? और कहीं बैंकों के आगामी विलय से पहले क्या अभी तक हो रहे खुलासे दबाव में हो रहे हैं.   इस साल की शुरुआत में, भारतीय स्टेट बैंक(एसबीआई) ने पहली बार चोकसी और उसके परिवार के सदस्यों द्वारा 405 करोड़ रुपये का धोखाधड़ी करने का खुलासा किया था. एसबीआई का यह खुलासा यह बात सार्वजनिक होने के दो दिन बाद सामने आया था कि चोकसी ने अपनी भारतीय नागरिकता छोड़कर एंटीगुआ और बारबाडोस आइलैंड्स की नागरिकता ले ली है. इस साल मार्च में, भारत में लाखों लोग अच्छे कपड़े पहने लंदन की सड़कों पर बड़े आराम से चहलकदमी करते नीरव मोदी को देखकर हैरान रह गए थे. बाद में ब्रिटिश अधिकारियों द्वारा नीरव मोदी को गिरफ्तार कर लिया गया. फिलहाल, भारत मामा-भांजे को कानून के कठघरे में लाने के लिए एंटीगुआ और बारबाडोस और ब्रिटेन से दोनों के प्रत्यपर्ण के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है.
सारांश: Punjab & Sind Bank को भी चोकसी ने लगाया चूना बैंक से 44.1 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की चोकसी अब एंटीगुआ और बारबाडोस, वेस्ट इंडीज का नागरिक है
7
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: हॉकी इंडिया (एचआई) ने जर्मनी के शहर मोंचेनग्लादबाक में 27 जुलाई से चार अगस्त तक होने वाले एफआईएच हॉकी जूनियर वर्ल्ड कप वीमेन-2013 के लिए रविवार को भारतीय टीम की घोषणा कर दी। डिफेंडर सुशील चानू को टीम की कमान सौंपी गई है, जबकि फारवर्ड रानी को उपकप्तान बनाया गया है।टिप्पणियां भारत को इस टूर्नामेंट के लिए पूल-सी में न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया और रूस के साथ रखा गया है। भारत अपना पहला मैच 27 जुलाई को ऑस्ट्रेलिया के साथ खेलेगा। इसके बाद 28 जुलाई को उसका सामना न्यूजीलैंड के साथ होगा और फिर अंतिम पूल मैच में उसे 30 जुलाई को रूस के साथ भिड़ना है। इस टूर्नामेंट के लिए भारतीय खिलाड़ी पटियाला स्थित राष्ट्रीय खेल संस्थान में 22 मई से ही अभ्यासरत हैं। टीम इस प्रकार है - गोलकीपर - सानरिक चानू, बिगान सोय। डिफेंडर्स - पिंकी देवी, दीप ग्रेस एक्का, नमिता टोप्पो, मनजीत कौर, एमएन पूनम्मा, सुशीला चानू (कप्तान) और मोनिका। मिडफील्डर्स - लिली चानू, लिलिमा मिंज, नवजौत कौर, वंदना कटारिया और रितुषा आर्य। फारवर्ड - पूनम रानी, अनुपा बारला, रानी (उप कप्तान) और नवनीत कौर। स्टैंडबाई - सुखमणि विर्क (गोलकीपर), मनमीत कौर, किरण दहिया, सुशीला लाकड़ा (सभी डिफेंडर), रेणुका यादव, निकी प्रधान (दोनों मिडफील्डर), जसविंदर कौर, नेहा गोयल और पूनम बारला (सभी फारवर्ड)। डिफेंडर सुशील चानू को टीम की कमान सौंपी गई है, जबकि फारवर्ड रानी को उपकप्तान बनाया गया है।टिप्पणियां भारत को इस टूर्नामेंट के लिए पूल-सी में न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया और रूस के साथ रखा गया है। भारत अपना पहला मैच 27 जुलाई को ऑस्ट्रेलिया के साथ खेलेगा। इसके बाद 28 जुलाई को उसका सामना न्यूजीलैंड के साथ होगा और फिर अंतिम पूल मैच में उसे 30 जुलाई को रूस के साथ भिड़ना है। इस टूर्नामेंट के लिए भारतीय खिलाड़ी पटियाला स्थित राष्ट्रीय खेल संस्थान में 22 मई से ही अभ्यासरत हैं। टीम इस प्रकार है - गोलकीपर - सानरिक चानू, बिगान सोय। डिफेंडर्स - पिंकी देवी, दीप ग्रेस एक्का, नमिता टोप्पो, मनजीत कौर, एमएन पूनम्मा, सुशीला चानू (कप्तान) और मोनिका। मिडफील्डर्स - लिली चानू, लिलिमा मिंज, नवजौत कौर, वंदना कटारिया और रितुषा आर्य। फारवर्ड - पूनम रानी, अनुपा बारला, रानी (उप कप्तान) और नवनीत कौर। स्टैंडबाई - सुखमणि विर्क (गोलकीपर), मनमीत कौर, किरण दहिया, सुशीला लाकड़ा (सभी डिफेंडर), रेणुका यादव, निकी प्रधान (दोनों मिडफील्डर), जसविंदर कौर, नेहा गोयल और पूनम बारला (सभी फारवर्ड)। भारत को इस टूर्नामेंट के लिए पूल-सी में न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया और रूस के साथ रखा गया है। भारत अपना पहला मैच 27 जुलाई को ऑस्ट्रेलिया के साथ खेलेगा। इसके बाद 28 जुलाई को उसका सामना न्यूजीलैंड के साथ होगा और फिर अंतिम पूल मैच में उसे 30 जुलाई को रूस के साथ भिड़ना है। इस टूर्नामेंट के लिए भारतीय खिलाड़ी पटियाला स्थित राष्ट्रीय खेल संस्थान में 22 मई से ही अभ्यासरत हैं। टीम इस प्रकार है - गोलकीपर - सानरिक चानू, बिगान सोय। डिफेंडर्स - पिंकी देवी, दीप ग्रेस एक्का, नमिता टोप्पो, मनजीत कौर, एमएन पूनम्मा, सुशीला चानू (कप्तान) और मोनिका। मिडफील्डर्स - लिली चानू, लिलिमा मिंज, नवजौत कौर, वंदना कटारिया और रितुषा आर्य। फारवर्ड - पूनम रानी, अनुपा बारला, रानी (उप कप्तान) और नवनीत कौर। स्टैंडबाई - सुखमणि विर्क (गोलकीपर), मनमीत कौर, किरण दहिया, सुशीला लाकड़ा (सभी डिफेंडर), रेणुका यादव, निकी प्रधान (दोनों मिडफील्डर), जसविंदर कौर, नेहा गोयल और पूनम बारला (सभी फारवर्ड)। टीम इस प्रकार है - गोलकीपर - सानरिक चानू, बिगान सोय। डिफेंडर्स - पिंकी देवी, दीप ग्रेस एक्का, नमिता टोप्पो, मनजीत कौर, एमएन पूनम्मा, सुशीला चानू (कप्तान) और मोनिका। मिडफील्डर्स - लिली चानू, लिलिमा मिंज, नवजौत कौर, वंदना कटारिया और रितुषा आर्य। फारवर्ड - पूनम रानी, अनुपा बारला, रानी (उप कप्तान) और नवनीत कौर। स्टैंडबाई - सुखमणि विर्क (गोलकीपर), मनमीत कौर, किरण दहिया, सुशीला लाकड़ा (सभी डिफेंडर), रेणुका यादव, निकी प्रधान (दोनों मिडफील्डर), जसविंदर कौर, नेहा गोयल और पूनम बारला (सभी फारवर्ड)।
संक्षिप्त सारांश: भारत को इस टूर्नामेंट के लिए पूल-सी में न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया और रूस के साथ रखा गया है। भारत अपना पहला मैच 27 जुलाई को ऑस्ट्रेलिया के साथ खेलेगा।
10
['hin']
एक सारांश बनाओ: गृहमंत्री अमित शाह ने लोकसभा में आज जम्मू कश्मीर आरक्षण संशोधन विधेयक 2019 पेश किया और राज्य में राष्ट्रपति शासन 6 महीने के लिए बढ़ाने का प्रस्ताव दिया. लोकसभा में प्रस्ताव पेश करते हुए अमित शाह ने कहा कि इस साल के अंत तक राज्य में चुनाव संभव है. गृह मंत्री ने कहा कि रमजान का पवित्र महीना था, अब अमरनाथ यात्रा होनी है, इस वजह से चुनाव कराने इस दौरान मुमकिन नहीं था. इस साल के अंत में चुनाव कराने का फैसला लिया गया. अमित शाह ने इंटरनेशनल बॉर्डर पर रहने वाले लोगों को भी आरक्षण देने का प्रस्ताव लोकसभा में रखा. उन्होंने कहा कि ये विधेयक किसी को खुश करने के लिए नहीं है, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय सीमा के पास रहने वालों के लिए है. इस मौके पर उन्होंने कहा है कि कश्मीर में उनकी सरकार में पिछले एक साल में जीरो टोलेरेंस की नीति अपनाई गई है. उन्होंने कहा कि राज्य में चुनाव होता था तो बड़े पैमाने पर हिंसा होती थी. लेकिन इस बार पंचायत चुनाव में किसी का खून नहीं बहा है. आतंकवाद की घटनाएं भी कम हुई हैं. गृहमंत्री ने कहा कि सुरक्षा कारणों से अभी राज्य में चुनाव नहीं कराए जा सकते हैं. लेकिन उम्मीद है कि अगले 6 महीने में आयोग वहां चुनाव कराएगा. शाह ने कहा कि वह सदन में रिकॉर्ड पर तत्कालीन गृहमंत्री और रक्षा मंत्री को धन्यवाद देना चाहता हूं. उन्होंने कहा कि 15 हजार बंकर बनाने की जो समय सीमा राजनाथ सिंह ने जो तय की है बिना समय गंवाए इस इसका पालन किया जाएगा. 4400 बंकर तैयार कर दिए गए हैं.  उन्होंने कहा राज्य में जम्मू और लद्दाख की अनदेखी की गई है. गृह मंत्री ने कहा कि सरकारी ओर से जारी फंड को लाभार्थियों तक पहुंचाने काम सरकार सुनिश्चित करेगी. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर से आतंकवाद को जड़ से उखाड़ने की कोशिश है.  इसके साथ ही अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर आरक्षण संशोधन बिल को पेश किया है. कांग्रेस ने इसका समर्थन किया है, लेकिन राष्ट्रपति शासन की अवधि 6 महीने बढ़ाने के प्रस्ताव का विरोध किया है.  कांग्रेस की ओर से मनीष तिवारी ने कहा है कि जब देश का बंटावारा हुआ तो दो मुल्क निकले एक इस्लामिक पाकिस्तान और तो दूसरा धर्मनिरपेक्ष भारत. लेकिन जम्मू-कश्मीर के मुस्लिमों ने भारत की धर्मनिरपेक्ष सोच जाने का फैसला लिया. लेकिन आज जो परिस्थितियां और जिसकी वजह से राष्ट्रपति शासन बढ़ाने का फैसला लिया गया है. लेकिन 1990 में जब वीपी सिंह की सरकार थी जिसे बीजेपी और वामदलों  का समर्थन था. उसी समय से स्थितियां बिगड़ने की शुरू हुई हैं. उस  समय कांग्रेस के नेता राजीव गांधी ने सरकार को अगाह भी किया था. मनीष तिवारी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर की स्थितियां बिगड़ीं तो  उसके लिए जिम्मेदार पाकिस्तान था.  मनीष तिवारी ने कहा कि कांग्रेस की सरकार ने परिस्थिति को संभाला और 1996 में चुनाव हुए और वहां नेशनल कॉन्फ्रेंस की सरकार बनी और यह सरकार 6 साल चली. 2002 में फिर चुनाव हुए और वहां गठबंधन की सरकार बनी जिसमें कांग्रेस औ पीडीपी शामिल थी. मनीष तिवारी ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी का जिक्र करते हुए कहा कि जो पहल उन्होंने शुरू की उसे मनमोहन सिंह सरकार ने आगे बढ़ाया. 2008 में जरूर परिस्थियां बिगड़ीं लेकिन फिर कांग्रेस गठबंधन की सरकार बनीं. लेकिन जब 2014 में बीजेपी की सरकार तो वहां भी चुनाव हुए थे उसमें 65 फीसदी लोगों ने हिस्सा लिया था. हमने आपको एक विकासशील प्रदेश सौंपा था.  लेकिन किसी को बहुमत मिला. इसके बाद वहां पर बीजेपी और पीडीपी की सरकार बनी और वहां के हालात खराब होते चले गए. मनीष तिवारी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर एक संवेदनशील राज्य है अगर दलगत राजनीति से उठकर वहां काम करेगी तो एक बड़ा काम करेगी. मनीष ने कहा कि हम राष्ट्रपति शासन की अवधि बढ़ाने के प्रस्ताव का विरोध करते हैं.
जम्मू-कश्मीर को लेकर अमित शाह का प्रस्ताव 6 महीने और बढ़ी राष्ट्रपति शासन की अवधि इस साल चुनाव कराने की उम्मीद
26
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पूर्व मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल ने गुरुवार को राज्यसभा में कहा कि केंद्र सरकार को नई शिक्षा नीति पर टीएसआर सुब्रमण्यम कमेटी का ड्राफ्ट बिल्कुल बेकार है. सरकार को उसे कूड़ेदान में फेंक देना चाहिए.टिप्पणियां नई शिक्षा नीति के प्रस्तावित मसौदे पर चर्चा के दौरान सिब्बल ने कहा कि शिक्षा के लिए एक्सिस, क्वॉलिटी और इक्विटी होना जरूरी है. यानी सबको शिक्षा मिले, शिक्षा में गुणवत्ता हो और हर तबके के लोगों को पढ़ने का अधिकार मिले. लेकिन टीएसआर सुब्रमण्यम कमेटी ने जो ड्राफ्ट बनाया है उसने इन तीनों महत्वपूर्ण बिंदुओं पर कोई ध्यान नहीं दिया है. सिब्बल ने कहा कि "मेरा सुझाव है कि आप इस ड्राफ्ट को डस्टबिन में फेंक दें और नए सिरे से शुरुआत करें. समझदार और जानकार लोगों को इस नीति को तैयार करने में लगाएं."   मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने इससे पहले सदन को बताया कि यह कैबिनेट से पास किया गया मसौदा नहीं है बल्कि सभी लोगों के सुझाव लेकर बनी नीति है जिस पर अभी और सुझाव मांगे जा रहे हैं. जावड़ेकर ने कहा कि सरकार सांसदों के विचार जानने के लिए इस पर चर्चा कर रही है. नई शिक्षा नीति के प्रस्तावित मसौदे पर चर्चा के दौरान सिब्बल ने कहा कि शिक्षा के लिए एक्सिस, क्वॉलिटी और इक्विटी होना जरूरी है. यानी सबको शिक्षा मिले, शिक्षा में गुणवत्ता हो और हर तबके के लोगों को पढ़ने का अधिकार मिले. लेकिन टीएसआर सुब्रमण्यम कमेटी ने जो ड्राफ्ट बनाया है उसने इन तीनों महत्वपूर्ण बिंदुओं पर कोई ध्यान नहीं दिया है. सिब्बल ने कहा कि "मेरा सुझाव है कि आप इस ड्राफ्ट को डस्टबिन में फेंक दें और नए सिरे से शुरुआत करें. समझदार और जानकार लोगों को इस नीति को तैयार करने में लगाएं."   मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने इससे पहले सदन को बताया कि यह कैबिनेट से पास किया गया मसौदा नहीं है बल्कि सभी लोगों के सुझाव लेकर बनी नीति है जिस पर अभी और सुझाव मांगे जा रहे हैं. जावड़ेकर ने कहा कि सरकार सांसदों के विचार जानने के लिए इस पर चर्चा कर रही है. मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने इससे पहले सदन को बताया कि यह कैबिनेट से पास किया गया मसौदा नहीं है बल्कि सभी लोगों के सुझाव लेकर बनी नीति है जिस पर अभी और सुझाव मांगे जा रहे हैं. जावड़ेकर ने कहा कि सरकार सांसदों के विचार जानने के लिए इस पर चर्चा कर रही है.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: नई शिक्षा नीति पर टीएसआर सुब्रमण्यम कमेटी का ड्राफ्ट बेकार सबको शिक्षा, शिक्षा में गुणवत्ता और सभी को पढ़ने का अधिकार मिले जावड़ेकर ने कहा, सभी लोगों के सुझाव लेकर बनी नीति
25
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान ने जम्मू की जेल में घायल होने के बाद एक भारतीय अस्पताल में दम तोड़ने वाले पाक कैदी सनाउल्लाह रंजय की मौत के मामले की जांच की आज मांग की। विदेश कार्यालय के प्रवक्ता एजाज अहमद चौधरी ने कहा, जिस बर्बर तरीके से सनाउल्लाह पर जेल में हमला किया गया, वह सर्वाधिक दुर्भाग्यपूर्ण है और पाकिस्तान की सरकार के लिए यह गहरी चिंता का विषय है। चौधरी ने कहा, हमने इस संबंध में भारत सरकार को अपनी चिंताओं से अवगत करा दिया है और इस घटना की जांच की मांग करने के साथ ही दोषियों को न्याय के कठघरे में खड़ा किए जाने को कहा है। पंजाब प्रांत के सियालकोट के रहने वाले सनाउल्लाह 1999 की आतंकवादी गतिविधियों में संलिप्तता के दोषी ठहराए जाने के बाद आजीवन कारावास की सजा काट रहे थे।टिप्पणियां उन पर 3 मई को जम्मू की कोट भलवाल जेल में हत्या के दोषी एक साथी कैदी से झगड़ा होने के बाद हमला किया गया था। भारतीय कैदी सरबजीत सिंह की लाहौर की कोट लखपत जेल में हुए हमले में मौत के एक दिन बाद सनाउल्लाह पर हमला किया गया। 1990 में हुए बम धमाकों में संलिप्तता के दोषी ठहराए गए सरबजीत पर अन्य कैदियों ने इर्ंटों से हमला किया था। विदेश विभाग के प्रवक्ता चौधरी ने कहा कि पाकिस्तान सनाउल्लाह के शव को वापस लाने का इंतजाम कर रहा है। उन्होंने कहा, हमें उम्मीद है कि भारत सरकार इस काम को तेजी से करेगी। उन्होंने बताया कि कार्यवाहक प्रधानमंत्री मीर हजार खान खोसो ने भारत सरकार से बात कर ‘‘भारतीय जेलों में सभी पाकिस्तानी कैदियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा है। विदेश कार्यालय के प्रवक्ता एजाज अहमद चौधरी ने कहा, जिस बर्बर तरीके से सनाउल्लाह पर जेल में हमला किया गया, वह सर्वाधिक दुर्भाग्यपूर्ण है और पाकिस्तान की सरकार के लिए यह गहरी चिंता का विषय है। चौधरी ने कहा, हमने इस संबंध में भारत सरकार को अपनी चिंताओं से अवगत करा दिया है और इस घटना की जांच की मांग करने के साथ ही दोषियों को न्याय के कठघरे में खड़ा किए जाने को कहा है। पंजाब प्रांत के सियालकोट के रहने वाले सनाउल्लाह 1999 की आतंकवादी गतिविधियों में संलिप्तता के दोषी ठहराए जाने के बाद आजीवन कारावास की सजा काट रहे थे।टिप्पणियां उन पर 3 मई को जम्मू की कोट भलवाल जेल में हत्या के दोषी एक साथी कैदी से झगड़ा होने के बाद हमला किया गया था। भारतीय कैदी सरबजीत सिंह की लाहौर की कोट लखपत जेल में हुए हमले में मौत के एक दिन बाद सनाउल्लाह पर हमला किया गया। 1990 में हुए बम धमाकों में संलिप्तता के दोषी ठहराए गए सरबजीत पर अन्य कैदियों ने इर्ंटों से हमला किया था। विदेश विभाग के प्रवक्ता चौधरी ने कहा कि पाकिस्तान सनाउल्लाह के शव को वापस लाने का इंतजाम कर रहा है। उन्होंने कहा, हमें उम्मीद है कि भारत सरकार इस काम को तेजी से करेगी। उन्होंने बताया कि कार्यवाहक प्रधानमंत्री मीर हजार खान खोसो ने भारत सरकार से बात कर ‘‘भारतीय जेलों में सभी पाकिस्तानी कैदियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा है। उन पर 3 मई को जम्मू की कोट भलवाल जेल में हत्या के दोषी एक साथी कैदी से झगड़ा होने के बाद हमला किया गया था। भारतीय कैदी सरबजीत सिंह की लाहौर की कोट लखपत जेल में हुए हमले में मौत के एक दिन बाद सनाउल्लाह पर हमला किया गया। 1990 में हुए बम धमाकों में संलिप्तता के दोषी ठहराए गए सरबजीत पर अन्य कैदियों ने इर्ंटों से हमला किया था। विदेश विभाग के प्रवक्ता चौधरी ने कहा कि पाकिस्तान सनाउल्लाह के शव को वापस लाने का इंतजाम कर रहा है। उन्होंने कहा, हमें उम्मीद है कि भारत सरकार इस काम को तेजी से करेगी। उन्होंने बताया कि कार्यवाहक प्रधानमंत्री मीर हजार खान खोसो ने भारत सरकार से बात कर ‘‘भारतीय जेलों में सभी पाकिस्तानी कैदियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा है। उन्होंने कहा, हमें उम्मीद है कि भारत सरकार इस काम को तेजी से करेगी। उन्होंने बताया कि कार्यवाहक प्रधानमंत्री मीर हजार खान खोसो ने भारत सरकार से बात कर ‘‘भारतीय जेलों में सभी पाकिस्तानी कैदियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा है।
संक्षिप्त सारांश: पाकिस्तान ने जम्मू की जेल में घायल होने के बाद एक भारतीय अस्पताल में दम तोड़ने वाले पाक कैदी सनाउल्लाह रंजय की मौत के मामले की जांच की आज मांग की।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आखिरकार गुरुवार को विवादास्पद भूमि अधिग्रहण विधेयक को हरी झंडी दे दी। विधेयक में निजी क्षेत्र की परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण होने पर क्षेत्र के 80 प्रतिशत लोगों की सहमति लेने का अनिवार्य प्रावधान किया गया है। सार्वजनिक-निजी साझीदारी (पीपीपी) परियोजनाओं के मामले में क्षेत्र के 70 प्रतिशत लोगों की सहमति लेने का प्रावधान किया गया है। विधेयक के प्रारूप के अनुसार क्षेत्र के जिन लोगों की जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा, उनमें से 70 प्रतिशत की सहमति जरूरी होगी। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में भूमि अग्रिहण विधेयक के मसौदे को मंजूरी दे दी गई। विधेयक को ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा अंतिम रूप दिया गया, जिसमें यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी के सुझावों को शामिल किया गया है। सोनिया गांधी ने सरकार को उद्योगों और पीपीपी परियोजनाओं के लिए भूमि का अधिग्रहण करने से पहले क्षेत्र के 80 प्रतिशत भूमि मालिकों की सहमति लिए जाने का सुझाव दिया था। सूत्रों के अनुसार सोनिया गांधी मंत्रिसमूह के उस प्रस्ताव के पक्ष में नहीं थीं, जिसमें कहा गया था कि उद्योगों एवं पीपीपी परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण के वास्ते जिन लोगों की भूमि का अधिग्रहण होगा, उनमें से दो-तिहाई लोगों की सहमति पर्याप्त होगी। टिप्पणियां मंत्री समूह ने निजी परियोजनाओं और पीपीपी परियोजनाओं के लिए सहमति के नियम में 67 प्रतिशत लोगों की सहमति लिए जाने का सुझाव दिया था। सरकार ने मत्रिमंडल की बैठक में कुछ मंत्रियों द्वारा कड़ी आपत्ति किए जाने के बाद अलग मंत्री समूह का गठन किया था। ग्रामीण विकास राज्यमंत्री लालचंद कटारिया ने गुरुवार को राज्यसभा को बताया कि सरकार शीतकालीन सत्र में ही लोकसभा में भूमि अधिग्रहण व पुनर्वास एवं पुनर्स्थापना विधेयक, 2011 में आधिकारिक संशोधन पेश करना चाहती है। कटारिया ने संवाददाताओं को यह भी बताया था कि विधेयक में इस्तेमाल नहीं की गई जमीन लौटाने का भी प्रावधान है। भूमि अधिग्रहण कानून, 1894 में इस्तेमाल नहीं की गई जमीन लौटाने का कोई प्रावधान नहीं है। सार्वजनिक-निजी साझीदारी (पीपीपी) परियोजनाओं के मामले में क्षेत्र के 70 प्रतिशत लोगों की सहमति लेने का प्रावधान किया गया है। विधेयक के प्रारूप के अनुसार क्षेत्र के जिन लोगों की जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा, उनमें से 70 प्रतिशत की सहमति जरूरी होगी। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में भूमि अग्रिहण विधेयक के मसौदे को मंजूरी दे दी गई। विधेयक को ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा अंतिम रूप दिया गया, जिसमें यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी के सुझावों को शामिल किया गया है। सोनिया गांधी ने सरकार को उद्योगों और पीपीपी परियोजनाओं के लिए भूमि का अधिग्रहण करने से पहले क्षेत्र के 80 प्रतिशत भूमि मालिकों की सहमति लिए जाने का सुझाव दिया था। सूत्रों के अनुसार सोनिया गांधी मंत्रिसमूह के उस प्रस्ताव के पक्ष में नहीं थीं, जिसमें कहा गया था कि उद्योगों एवं पीपीपी परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण के वास्ते जिन लोगों की भूमि का अधिग्रहण होगा, उनमें से दो-तिहाई लोगों की सहमति पर्याप्त होगी। टिप्पणियां मंत्री समूह ने निजी परियोजनाओं और पीपीपी परियोजनाओं के लिए सहमति के नियम में 67 प्रतिशत लोगों की सहमति लिए जाने का सुझाव दिया था। सरकार ने मत्रिमंडल की बैठक में कुछ मंत्रियों द्वारा कड़ी आपत्ति किए जाने के बाद अलग मंत्री समूह का गठन किया था। ग्रामीण विकास राज्यमंत्री लालचंद कटारिया ने गुरुवार को राज्यसभा को बताया कि सरकार शीतकालीन सत्र में ही लोकसभा में भूमि अधिग्रहण व पुनर्वास एवं पुनर्स्थापना विधेयक, 2011 में आधिकारिक संशोधन पेश करना चाहती है। कटारिया ने संवाददाताओं को यह भी बताया था कि विधेयक में इस्तेमाल नहीं की गई जमीन लौटाने का भी प्रावधान है। भूमि अधिग्रहण कानून, 1894 में इस्तेमाल नहीं की गई जमीन लौटाने का कोई प्रावधान नहीं है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में भूमि अग्रिहण विधेयक के मसौदे को मंजूरी दे दी गई। विधेयक को ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा अंतिम रूप दिया गया, जिसमें यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी के सुझावों को शामिल किया गया है। सोनिया गांधी ने सरकार को उद्योगों और पीपीपी परियोजनाओं के लिए भूमि का अधिग्रहण करने से पहले क्षेत्र के 80 प्रतिशत भूमि मालिकों की सहमति लिए जाने का सुझाव दिया था। सूत्रों के अनुसार सोनिया गांधी मंत्रिसमूह के उस प्रस्ताव के पक्ष में नहीं थीं, जिसमें कहा गया था कि उद्योगों एवं पीपीपी परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण के वास्ते जिन लोगों की भूमि का अधिग्रहण होगा, उनमें से दो-तिहाई लोगों की सहमति पर्याप्त होगी। टिप्पणियां मंत्री समूह ने निजी परियोजनाओं और पीपीपी परियोजनाओं के लिए सहमति के नियम में 67 प्रतिशत लोगों की सहमति लिए जाने का सुझाव दिया था। सरकार ने मत्रिमंडल की बैठक में कुछ मंत्रियों द्वारा कड़ी आपत्ति किए जाने के बाद अलग मंत्री समूह का गठन किया था। ग्रामीण विकास राज्यमंत्री लालचंद कटारिया ने गुरुवार को राज्यसभा को बताया कि सरकार शीतकालीन सत्र में ही लोकसभा में भूमि अधिग्रहण व पुनर्वास एवं पुनर्स्थापना विधेयक, 2011 में आधिकारिक संशोधन पेश करना चाहती है। कटारिया ने संवाददाताओं को यह भी बताया था कि विधेयक में इस्तेमाल नहीं की गई जमीन लौटाने का भी प्रावधान है। भूमि अधिग्रहण कानून, 1894 में इस्तेमाल नहीं की गई जमीन लौटाने का कोई प्रावधान नहीं है। सोनिया गांधी ने सरकार को उद्योगों और पीपीपी परियोजनाओं के लिए भूमि का अधिग्रहण करने से पहले क्षेत्र के 80 प्रतिशत भूमि मालिकों की सहमति लिए जाने का सुझाव दिया था। सूत्रों के अनुसार सोनिया गांधी मंत्रिसमूह के उस प्रस्ताव के पक्ष में नहीं थीं, जिसमें कहा गया था कि उद्योगों एवं पीपीपी परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण के वास्ते जिन लोगों की भूमि का अधिग्रहण होगा, उनमें से दो-तिहाई लोगों की सहमति पर्याप्त होगी। टिप्पणियां मंत्री समूह ने निजी परियोजनाओं और पीपीपी परियोजनाओं के लिए सहमति के नियम में 67 प्रतिशत लोगों की सहमति लिए जाने का सुझाव दिया था। सरकार ने मत्रिमंडल की बैठक में कुछ मंत्रियों द्वारा कड़ी आपत्ति किए जाने के बाद अलग मंत्री समूह का गठन किया था। ग्रामीण विकास राज्यमंत्री लालचंद कटारिया ने गुरुवार को राज्यसभा को बताया कि सरकार शीतकालीन सत्र में ही लोकसभा में भूमि अधिग्रहण व पुनर्वास एवं पुनर्स्थापना विधेयक, 2011 में आधिकारिक संशोधन पेश करना चाहती है। कटारिया ने संवाददाताओं को यह भी बताया था कि विधेयक में इस्तेमाल नहीं की गई जमीन लौटाने का भी प्रावधान है। भूमि अधिग्रहण कानून, 1894 में इस्तेमाल नहीं की गई जमीन लौटाने का कोई प्रावधान नहीं है। मंत्री समूह ने निजी परियोजनाओं और पीपीपी परियोजनाओं के लिए सहमति के नियम में 67 प्रतिशत लोगों की सहमति लिए जाने का सुझाव दिया था। सरकार ने मत्रिमंडल की बैठक में कुछ मंत्रियों द्वारा कड़ी आपत्ति किए जाने के बाद अलग मंत्री समूह का गठन किया था। ग्रामीण विकास राज्यमंत्री लालचंद कटारिया ने गुरुवार को राज्यसभा को बताया कि सरकार शीतकालीन सत्र में ही लोकसभा में भूमि अधिग्रहण व पुनर्वास एवं पुनर्स्थापना विधेयक, 2011 में आधिकारिक संशोधन पेश करना चाहती है। कटारिया ने संवाददाताओं को यह भी बताया था कि विधेयक में इस्तेमाल नहीं की गई जमीन लौटाने का भी प्रावधान है। भूमि अधिग्रहण कानून, 1894 में इस्तेमाल नहीं की गई जमीन लौटाने का कोई प्रावधान नहीं है। ग्रामीण विकास राज्यमंत्री लालचंद कटारिया ने गुरुवार को राज्यसभा को बताया कि सरकार शीतकालीन सत्र में ही लोकसभा में भूमि अधिग्रहण व पुनर्वास एवं पुनर्स्थापना विधेयक, 2011 में आधिकारिक संशोधन पेश करना चाहती है। कटारिया ने संवाददाताओं को यह भी बताया था कि विधेयक में इस्तेमाल नहीं की गई जमीन लौटाने का भी प्रावधान है। भूमि अधिग्रहण कानून, 1894 में इस्तेमाल नहीं की गई जमीन लौटाने का कोई प्रावधान नहीं है।
यह एक सारांश है: विधेयक में निजी क्षेत्र की परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण होने पर क्षेत्र के 80 प्रतिशत लोगों की सहमति लेने का अनिवार्य प्रावधान किया गया है। सार्वजनिक-निजी साझीदारी (पीपीपी) परियोजनाओं के मामले में क्षेत्र के 70 प्रतिशत लोगों की सहमति लेने का प्रावधान ह
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: रक्षा मंत्रालय और खुफिया एजेंसियों को मिले इनपुट के मुताबिक, पाकिस्तान स्थित आतंकी समूह जैश-ए-मोहम्मद (Jaish E Mohammad) हवाई ठिकानों पर फिदायीन या आत्मघाती हमले की साजिश रच रहा है. इनपुट में 10 सितंबर को एक धमकी भरा पत्र शामिल है, जो नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो द्वारा प्राप्त किया गया है. कथित तौर पर हिंदी में लिखा हुआ यह पत्र जैश के शमशेर वानी का है और वह कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के फैसले का बदला लेने का दावा कर रहा है. सूत्रों का कहना है कि बीते 5 अगस्त को जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 खत्म करने और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटने के फैसले के बाद से ही पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन हवाई हमलों की योजना बना रहे हैं. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कश्मीर पर फैसले को लेकर सरकार पर बार-बार निशाना साधा है और वैश्विक मंच पर समर्थन हासिल करने की कोशिश की है. सूत्रों का कहना है कि इनपुट्स के मुताबिक, जैश जवाबी कार्रवाई में शीर्ष संस्थानों को निशाना बनाने के लिए तैयार है. उधर, पंजाब पुलिस ने दावा किया है कि पाकिस्तान ने ड्रोन की मदद से हथियारों का जखीरा अमृतसर के पास उतारा है. पंजाब पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार पाकिस्तान ने ड्रोन की मदद से आठ से ज्यादा बार हथियार भेजे गए हैं. उन्होंने बताया कि यह ड्रोन काफी कम ऊंचाई पर उड़ाए जाते थे इसलिए इनके बारे में किसी को पता नहीं चल सका. अधिकारी का दावा है कि आतंकी पहले इन हथियारों को ड्रोन की मदद से जम्मू-कश्मीर में उतारना चाहते थे लेकिन उन्होंने इस बार इसके लिए पंजाब को चुनाव. बता दें कि पंजाब पुलिस ने कुछ दिन पहले खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स के चार सदस्यों को भी गिरफ्तार किया था.
संक्षिप्त सारांश: पीएम मोदी, अमित शाह को निशाना बनाने की फिराक में आतंकी कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने से बौखलाए जैश के आतंकी खुफिया एजेंसियों की चेतावनी के बाद देश में हाई अलर्ट
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: यूपी की योगी सरकार का लक्ष्य 2019 का लोकसभा चुनाव है और वह उसमें बेहतर प्रदर्शन करना चाहती है. जनता तक अपनी उपलब्धियों और वादों को पूरा करने को गिनाना भी शुरू किया जा रहा है. योगी सरकार अपना रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने रखेगी. साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संगठन हिंदू युवा वाहिनी के कुछ कार्यकर्ताओं पर कानून अपने हाथ में लेने के आरोपों के बीच सरकार ने साफ कर दिया है कि किसी को भी ऐसा करने की इजाजत नहीं दी जाएगी. सरकार के आला सूत्रों ने योगी सरकार के कामकाज का खाका खींचा है. उनके मुताबिक- योगी सरकार का 100 दिनों का रिपोर्ट कार्ड पेश किया जाएगा. इसमें संकल्प पत्र में किए गए वादों को कहां तक पूरा किया गया इसका लेखा-जोखा होगा. इसके बाद सरकार छह महीने और फिर एक साल के काम का रिपोर्ट कार्ड जनता को देगी उल्लेखनीय है कि योगी सरकार 2019 के लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखकर काम कर रही है. वादों को जमीन पर उतारने के लिए महज दो साल का वक्त है. संकल्प पत्र के हर वादे को पूरा किया जाएगा. केंद्र सरकार के फैसलों को यूपी में लागू किया जाएगा. सरकार लोगों से आंख मिलाकर बात कर सके, इतना काम किया जाएगा. टिप्पणियां हालांकि कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर सवाल उठ रहे हैं. पिछले दिनों बीजेपी-संघ परिवार के कुछ कार्यकर्ताओं के साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संगठन हिंदू युवा वाहिनी के कुछ कार्यकर्ताओं पर भी आरोप लगे, लेकिन वरिष्ठ मंत्रियों का कहना है कि सरकार के लिए सब बराबर हैं. जो कानून अपने हाथ में लेंगे उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी. ऐसे लोग हमें फोन न करें. हम कोई मदद नहीं करेंगे. जमीन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी. योगी सरकार ने दिसंबर 2018 तक सबको बिजली देने के केंद्र सरकार के संकल्प को पूरा करने का भरोसा भी जताया है. सरकार का कहना है कि दूसरे राज्यों से बिजली ली जा रही है. मोबाइल कनेक्शन की ही तरह बिजली कनेक्शन लेना आसान बनाया जाएगा. बिजली चोरों पर सरकार सख्त है. पांच से सात साल की सजा होगी. 75 थाने बनाए जा रहे हैं. उल्लेखनीय है कि योगी सरकार 2019 के लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखकर काम कर रही है. वादों को जमीन पर उतारने के लिए महज दो साल का वक्त है. संकल्प पत्र के हर वादे को पूरा किया जाएगा. केंद्र सरकार के फैसलों को यूपी में लागू किया जाएगा. सरकार लोगों से आंख मिलाकर बात कर सके, इतना काम किया जाएगा. टिप्पणियां हालांकि कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर सवाल उठ रहे हैं. पिछले दिनों बीजेपी-संघ परिवार के कुछ कार्यकर्ताओं के साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संगठन हिंदू युवा वाहिनी के कुछ कार्यकर्ताओं पर भी आरोप लगे, लेकिन वरिष्ठ मंत्रियों का कहना है कि सरकार के लिए सब बराबर हैं. जो कानून अपने हाथ में लेंगे उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी. ऐसे लोग हमें फोन न करें. हम कोई मदद नहीं करेंगे. जमीन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी. योगी सरकार ने दिसंबर 2018 तक सबको बिजली देने के केंद्र सरकार के संकल्प को पूरा करने का भरोसा भी जताया है. सरकार का कहना है कि दूसरे राज्यों से बिजली ली जा रही है. मोबाइल कनेक्शन की ही तरह बिजली कनेक्शन लेना आसान बनाया जाएगा. बिजली चोरों पर सरकार सख्त है. पांच से सात साल की सजा होगी. 75 थाने बनाए जा रहे हैं. हालांकि कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर सवाल उठ रहे हैं. पिछले दिनों बीजेपी-संघ परिवार के कुछ कार्यकर्ताओं के साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संगठन हिंदू युवा वाहिनी के कुछ कार्यकर्ताओं पर भी आरोप लगे, लेकिन वरिष्ठ मंत्रियों का कहना है कि सरकार के लिए सब बराबर हैं. जो कानून अपने हाथ में लेंगे उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी. ऐसे लोग हमें फोन न करें. हम कोई मदद नहीं करेंगे. जमीन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी. योगी सरकार ने दिसंबर 2018 तक सबको बिजली देने के केंद्र सरकार के संकल्प को पूरा करने का भरोसा भी जताया है. सरकार का कहना है कि दूसरे राज्यों से बिजली ली जा रही है. मोबाइल कनेक्शन की ही तरह बिजली कनेक्शन लेना आसान बनाया जाएगा. बिजली चोरों पर सरकार सख्त है. पांच से सात साल की सजा होगी. 75 थाने बनाए जा रहे हैं. योगी सरकार ने दिसंबर 2018 तक सबको बिजली देने के केंद्र सरकार के संकल्प को पूरा करने का भरोसा भी जताया है. सरकार का कहना है कि दूसरे राज्यों से बिजली ली जा रही है. मोबाइल कनेक्शन की ही तरह बिजली कनेक्शन लेना आसान बनाया जाएगा. बिजली चोरों पर सरकार सख्त है. पांच से सात साल की सजा होगी. 75 थाने बनाए जा रहे हैं.
वादों को जमीन पर उतारने के लिए महज दो साल का वक्त है संकल्प पत्र के हर वादे को पूरा किया जाएगा केंद्र सरकार के फैसलों को यूपी में लागू किया जाएगा
28
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: Housefull 4 Box Office Collection Day 25: बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार (Akshay Kumar), रितेश देशमुख, बॉबी देओल (Bobby Deol) और कृति सेनन (Kriti Sanon) की फिल्म 'हाउसफुल 4 (Housefull 4)' को रिलीज हुए 25 दिन हो गए हैं, लेकिन फिल्म की कमाई अभी भी थमने का नाम नहीं ले रही. आलम यह है कि अक्षय कुमार की फिल्म ने अब 200 करोड़ रुपये का आंकड़ा भी पार कर लिया है. 'हाउसफुल 4' अपने चौथे हफ्ते में कदम रख चुकी है और फिल्म की कमाई में लगातार इजाफा हो रहा है. बॉक्स ऑफिस इंडिया डॉट कॉम के मुताबिक अक्षय कुमार की फिल्म ने चौथे वीकेंड पर 2.50 करोड़ रुपये की कमाई की है.  मेकअप को लेकर ट्रोल हुईं रानू मंडल तो सपोर्ट में उतरे फैन्स, लगा डाली ट्रोलर्स की क्लास... बताते चले कि फिल्म को लेकर अच्छे रिव्यू नहीं आए थे. हालांकि फिल्म ने 25 दिनों में 200.75 करोड़ रुपये का शानदार कलेक्शन कर लिया है. अक्षय कुमार (Akshay Kumar) की फिल्म हाउसफुल (Housefull 4) बॉलीवुड इतिहास की दूसरी ऐसी कॉमेडी फिल्म बन गई, जिसने 200 करोड़ का आंकड़ा छुआ. इससे पहले 2017 में आई फिल्म 'गोलमाल अगेन' थी. दोनों ही फिल्में दीवाली के मौके पर ही रिलीज हुई थीं. अक्षय कुमार, बॉबी देओल, रितेश देशमुख, कृति सेनन, कृति खरबंदा और पूजा हेगड़े की फिल्म का बजट लगभग 75 करोड़ रुपये बताया जाता है.  Marjaavaan Box Office Collection Day 4: सिद्धार्थ मल्होत्रा की फिल्म 'मरजावां' ने चौथे दिन भी किया धमाका, कमा डाले इतने करोड़ 'हाउसफुल 4' (Housefull 4 Box Office Collection Day 25) की कहानी 1419 के सितमगढ़ की है, जहां अक्षय कुमार (Akshay Kumar), बॉबी (Bobby Deol), रितेश, कृति, पूजा और कृति (Kriti Sanon) एक दूसरे से प्यार करते हैं, लेकिन कुछ वजहों से ये जुदा हो जाते हैं. छह सौ साल बाद तीनों जोड़े पुनर्जन्म लेते हैं, और इसके बाद फिर शुरू होती है हाउसफुल (Housefull 4) टाइप कन्फ्यूजन. कपल्स का मिस मैच और एक के बाद एक ढ़ेर सारे कैमियो. कुल मिलाकर हाउसफुल 4 को पहले तीन पार्ट की तर्ज पर ही गढ़ने की कोशिश की गई है. कहानी बेहद कमजोर है. जबरदस्ती के जोक्स ठूंसे गए हैं, और कई जगह तो हंसी भी नहीं आती है. डायलॉग्स बहुत ही फीके हैं.
यहाँ एक सारांश है:अक्षय कुमार की फिल्म का बॉक्स ऑफिस पर धमाका जारी फिल्म ने चौथे हफ्ते में रखा कदम वीकेंड पर किया इतना कलेक्शन
18
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के प्रमुख डोमिनिक स्ट्रॉस काह्न को मैनहाटन के एक होटल में कथित तौर पर एक नौकरानी की यौन प्रताड़ना करने के लिए गिरफ्तार कर लिया गया है। 62 वर्षीय स्ट्रॉस को उस समय गिरफ्तार किया गया, जब वह जॉन एफ कैनेडी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से पेरिस के लिए रवाना होने वाले थे। उन्हें विमान के प्रथम दर्जे के केबिन से गिरफ्तार किया गया। फ्रांस के सोशलिस्ट पार्टी के प्रमुख स्ट्रॉस 2012 के लिए राष्ट्रपति चुनाव के लिए भी उम्मीदवार हैं। 'न्यूयॉर्क पोस्ट' ने अधिकारियों के हवाले से लिखा है कि शनिवार दोपहर में जब नौकरानी ने कमरे में प्रवेश किया, तब आईएमएफ प्रमुख शावर में थे। वह कथित तौर पर शावर से नग्न अवस्था में ही बाहर आ गए और नौकरानी को अपनी बाहों में जकड़ लिया और उसे ओरल सेक्स करने के लिए बाध्य किया। स्ट्रॉस को न्यूयॉर्क पुलिस विभाग के अधिकारियों को सौंप दिया गया। इस मामले को विशेष पीड़ित इकाई देख रही है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले 2008 में काह्न विवादों में आए थे, जब उन पर आईएमएफ के अफ्रीका कार्यालय में अपने अधीनस्थ कर्मचारियों में से एक के साथ यौन संबंध बनाने के आरोप लगे थे। स्ट्रॉस 1997 से 1999 तक फ्रांस के वित्तमंत्री रह चुके हैं।
सारांश: अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के प्रमुख डोमिनिक स्ट्रॉस को मैनहाटन के होटल में कथित तौर पर नौकरानी की यौन प्रताड़ना करने के लिए गिरफ्तार कर लिया गया।
7
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बीजेपी नेता चिन्मयानंद  को लॉ की छात्रा से बलात्कार के आरोप में यूपी SIT ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया. चिन्मयानंद (Chinmayanand) को मेडिकल परीक्षण के लिए अस्पताल ले जाया गया था. उसे सुबह करीब 8.50 मिनट पर गिरफ्तार किया. उसके बाद चिन्मयानंद को कोर्ट में पेश किया गया और फिर कोर्ट ने 14 दिन के लिए जेल भेजा है. उधर, चिन्मयानंद की ओर से दायर जबरन वसूली के मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. गौरतलब है कि चिन्मयानंद (Chinmayanand) लॉ छात्रा ने 12 पन्नों की शिकायत और SIT को दिए बयान में कई चौंका देने वाली बातें सामने आई हैं. पीड़िता का कहना है कि चिन्मयानंद ने ब्लैकमेल कर रेप किया है. पीड़िता का हॉस्टल के बाथरूम में नहाने का वीडियो बनाया गया और उस वीडियो को वॉयरल करने की धमकी देकर एक साल तक रेप करता रहा. साथ ही पीड़िता ने बताया कि चिन्मयानंद ने शारीरिक शोषण का वीडियो भी बनाया है. चिन्मयानंद पीड़िता से मसाज करने का भी दबाव बनाता था और कई बार उसके साथ बंदूक के दम पर भी रेप हुआ है. लड़की ने भी अपने बचाव के लिए चिन्मयानंद का वीडियो बनाया है. लड़की ने इसके लिए अपनी चश्मे में खुफिया कैमरा लगाया और चिन्मयानंद का वीडियो बनाया है. वहीं, रेप का आरोप लगाने वाली लड़की ने घर पास में होने के बावजूद हॉस्टल में रहने के पीछे कारणों का खुलासा किया है. उसने बताया कि वह एलएलएम में एडमीशन लेने के लिए गई था लेकिन चिन्मयानंद ने उसे नौकरी दे दी. नौकरी में काम का ज्यादा बोझ होने के कारण उसे हॉस्टल में रहना पड़ा जहां उसके साथ गलत हुआ. मंगलवार को पुलिस की एसआईटी ने लड़की के शाहजहांपुर में स्थित हॉस्टल के कमरे में रेप के सबूत तलाशे. चिन्मयानंद मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) ने पीड़ित लड़की के हॉस्टल का कमरा देखा और साक्ष्य जुटाए. एसआईटी दोपहर में कॉलेज परिसर पहुंची. टीम ने करीब पांच घंटे तक छात्रा के कमरे का बारीकी से निरीक्षण किया. टीम के साथ फॉरेंसिक विशेषज्ञ भी मौजूद रहे.पीड़िता जिस कमरे में रहती थी, पुलिस ने उसे सील किया हुआ था. एसआईटी ने उसकी सील तोड़ कर मौका मुआयना किया.
संक्षिप्त पाठ: रेप के आरोप में चिन्मयानंद गिरफ्तार आज पेश किया जाएगा अदालत में पहले अस्पताल में हुई थी सेहत की जांच
14
['hin']