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इस के लिए एक सारांश बनाएं: कार बनाने वाली देश की प्रमुख कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया (एमएसआई) छोटे कार खंड में अपनी उपस्थिति फिर से मजबूत बनाने को इच्छुक है और इसी को ध्यान में रखकर कंपनी सबसे ज्यादा बिकने वाली गाड़ी आल्टो का नया संस्करण ला रही है। कंपनी नई आल्टो-800 अगले महीने पेश करेगी, जो मौजूदा आल्टो का स्थान लेगी। कंपनी को इस समय पेट्रोल की ऊंची कीमत तथा उच्च ब्याज दर जैसी चुनौतियों से जूझना पड़ रहा है। इससे कंपनी की बिक्री प्रभावित हुई है। इससे पार पाने के लिए कंपनी ऑल्टो का नया मॉडल ला रही है, जिसमें सीएनजी का भी विकल्प होगा।टिप्पणियां मारुति सुजुकी इंडिया के उपाध्यक्ष मनोहर भट्ट ने कहा, हम पूर्व में जिस तरह प्रदर्शन कर रहे थे, उससे बेहतर करना चाहते हैं। आल्टो-800 उसी दिशा में पहल है। इस साल अप्रैल-अगस्त अवधि में आल्टो की बिक्री 34.83 प्रतिशत घटकर 89,000 इकाई रही, जो एक वर्ष पूर्व इसी अवधि में 1.22 लाख इकाई थी। यह कंपनी का सबसे ज्यादा बिकने वाला मॉडल रहा है। पिछले वर्ष इसका स्थान स्विफ्ट ने ले लिया। पिछले वर्ष कंपनी ने 3.08 लाख इकाई आल्टो बेची थी, जबकि इससे पूर्व 3.4 लाख इकाई थी। कंपनी नई आल्टो-800 अगले महीने पेश करेगी, जो मौजूदा आल्टो का स्थान लेगी। कंपनी को इस समय पेट्रोल की ऊंची कीमत तथा उच्च ब्याज दर जैसी चुनौतियों से जूझना पड़ रहा है। इससे कंपनी की बिक्री प्रभावित हुई है। इससे पार पाने के लिए कंपनी ऑल्टो का नया मॉडल ला रही है, जिसमें सीएनजी का भी विकल्प होगा।टिप्पणियां मारुति सुजुकी इंडिया के उपाध्यक्ष मनोहर भट्ट ने कहा, हम पूर्व में जिस तरह प्रदर्शन कर रहे थे, उससे बेहतर करना चाहते हैं। आल्टो-800 उसी दिशा में पहल है। इस साल अप्रैल-अगस्त अवधि में आल्टो की बिक्री 34.83 प्रतिशत घटकर 89,000 इकाई रही, जो एक वर्ष पूर्व इसी अवधि में 1.22 लाख इकाई थी। यह कंपनी का सबसे ज्यादा बिकने वाला मॉडल रहा है। पिछले वर्ष इसका स्थान स्विफ्ट ने ले लिया। पिछले वर्ष कंपनी ने 3.08 लाख इकाई आल्टो बेची थी, जबकि इससे पूर्व 3.4 लाख इकाई थी। मारुति सुजुकी इंडिया के उपाध्यक्ष मनोहर भट्ट ने कहा, हम पूर्व में जिस तरह प्रदर्शन कर रहे थे, उससे बेहतर करना चाहते हैं। आल्टो-800 उसी दिशा में पहल है। इस साल अप्रैल-अगस्त अवधि में आल्टो की बिक्री 34.83 प्रतिशत घटकर 89,000 इकाई रही, जो एक वर्ष पूर्व इसी अवधि में 1.22 लाख इकाई थी। यह कंपनी का सबसे ज्यादा बिकने वाला मॉडल रहा है। पिछले वर्ष इसका स्थान स्विफ्ट ने ले लिया। पिछले वर्ष कंपनी ने 3.08 लाख इकाई आल्टो बेची थी, जबकि इससे पूर्व 3.4 लाख इकाई थी। यह कंपनी का सबसे ज्यादा बिकने वाला मॉडल रहा है। पिछले वर्ष इसका स्थान स्विफ्ट ने ले लिया। पिछले वर्ष कंपनी ने 3.08 लाख इकाई आल्टो बेची थी, जबकि इससे पूर्व 3.4 लाख इकाई थी।
संक्षिप्त सारांश: मारुति सुजुकी इंडिया छोटे कार खंड में अपनी उपस्थिति फिर से मजबूत बनाने को इच्छुक है और इसी को ध्यान में रखकर कंपनी सबसे ज्यादा बिकने वाली गाड़ी आल्टो का नया संस्करण ला रही है।
23
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: जानकारी के लिए बता दें कि कर्मचारियों की मांग है कि एचआरए को पुराने फॉर्मूले के आधार पर तय किया जाए या फिर इसकी दर बढ़ाई जाए. केंद्रीय कर्मचारियों का कहना है कि वर्तमान में तय फॉर्मूला के हिसाब से एचआरए कर्मचारियों को पहले की तुलना में कम मिलने लगा है. बता दें कि सातवें वेतन आयोग (Seventh Pay Commission) द्वारा केन्द्रीय कर्मचारियों को दिए जाने वाले कई भत्तों को लेकर असमंजस की स्थिति है. नरेंद्र मोदी सरकार ने 2016 में सातवें वेतन आयोग (7th Pay Commission) की सिफारिशों को मंजूरी दी थी और 1 जनवरी 2016 से 7वें वेतन आयोग की रिपोर्ट को लागू किया था. लेकिन, भत्तों के साथ कई मुद्दों पर असहमति होने की वजह से इन सिफारिशें पूरी तरह से लागू नहीं हो पाईं. अब जब अशोक लवासा समिति ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है और जल्द ही वित्तमंत्री अरुण जेटली इस रिपोर्ट पर कोई अंतिम फैसला सरकार की ओर से ले लेंगे. कहा जा रहा है कि सरकार की ओर से बातचीत के लिए अधिकृत अधिकारी एचआरए को 1 स्तर ऊपर करने को तैयार हुए हैं अब एचआरए 30%, 20% और 10% तक हो सकता है. वहीं, विश्वसनीय सूत्रों के हवाले से खबर मिल रही है कि बड़े शहरों में इसे 30 प्रतिशत किया जा सकता है, लेकिन यह अभी तय नहीं है. कर्मचारी संगठन का कहना रहा है कि अगर सरकार ने एचआरए बढ़ाया नहीं है तो घटा कैसे सकती हैं. अपने तर्क के समर्थन में कर्मचारियं की दलील है कि क्या शहरों में मकान का किराया कम हुआ है. क्या मकान सस्ते हो गए हैं. जब यह नहीं हुआ है तो सरकार अपने कर्मचारियों के साथ अन्याय कैसे कर सकती है. बता दें कि वेतन आयोग (पे कमीशन) ने अपनी रिपोर्ट में एचआरए को आरंभ में 24%, 16% और 8% तय किया था और कहा गया था कि जब डीए 50 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा तो यह 27%, 18% और 9% क्रमश: हो जाएगा. इतना ही नहीं वेतन आयोग (पे कमिशन) ने यह भी कहा था कि जब डीए 100% हो जाएगा तब यह दर 30%, 20% और 10% क्रमश : एक्स, वाई और जेड शहरों के लिए हो जाएगी. उल्लेखनीय है कि कर्मचारियों के संयुक्त संगठन एनजेसीए ने गठित वेतन आयोग के समक्ष अपनी मांग से संबंधित ज्ञापन में इस दर को क्रमश: 60%, 40% और 20% करने के लिए कहा था. संगठन का आरोप है कि आयोग ने कर्मचारियों की मांग को पूरी तरह से ठुकरा दिया था. उनका कहना है कि वेतन आयोग ने इस रेट को छठे वेतन आयोग से भी कम कर दिया है. इनका कहना है कि क्योंकि इसे डीए के साथ जोड़ा गया है तो यह तभी बढ़ेगा जब डीए की दर तय प्रतिशत तक बढ़ जाएगी.टिप्पणियां जानकारी के लिए बता दें कि सातवां वेतन आयोग से पहले केंद्रीय कर्मचारी 196 किस्म के अलाउंसेस के हकदार थे. लेकिन सातवें वेतन आयोग ने कई अलाउंसेस को समाप्त कर दिया या फिर उन्हें मिला दिया जिसके बाद केवल 55 अलाउंस बाकी रह गए. तमाम कर्मचारियों को कई अलाउंस समाप्त होने का मलाल है. क्योंकि कई अलाउंस अभी तक लागू नहीं हुए और कर्मचारियों को उसका सीधा लाभ नहीं मिला है तो कर्मचारियों को लग रहा है कि वेतन आयोग की रिपोर्ट अभी लागू नहीं हुई. बता दें कि सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट से कर्मचारियों की कई शिकायतें रही हैं और ऐसे में केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने अपने कर्मचारियों की शिकायतों को दूर करने के लिए संबंधित मंत्रालय और वित्तमंत्रालय के अधीन समितियों का गठन किया है. ये समितियां कर्मचारी नेताओं से बात कर रही हैं और इस समितियों को अपना फैसला चार महीने में सरकार को देना था लेकिन अभी तक सात महीने से ज्यादा समय बीत चुका है और अभी तक किसी भी समिति ने अपनी रिपोर्ट नहीं सौंपी है. बता दें कि सातवें वेतन आयोग (Seventh Pay Commission) द्वारा केन्द्रीय कर्मचारियों को दिए जाने वाले कई भत्तों को लेकर असमंजस की स्थिति है. नरेंद्र मोदी सरकार ने 2016 में सातवें वेतन आयोग (7th Pay Commission) की सिफारिशों को मंजूरी दी थी और 1 जनवरी 2016 से 7वें वेतन आयोग की रिपोर्ट को लागू किया था. लेकिन, भत्तों के साथ कई मुद्दों पर असहमति होने की वजह से इन सिफारिशें पूरी तरह से लागू नहीं हो पाईं. अब जब अशोक लवासा समिति ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है और जल्द ही वित्तमंत्री अरुण जेटली इस रिपोर्ट पर कोई अंतिम फैसला सरकार की ओर से ले लेंगे. कहा जा रहा है कि सरकार की ओर से बातचीत के लिए अधिकृत अधिकारी एचआरए को 1 स्तर ऊपर करने को तैयार हुए हैं अब एचआरए 30%, 20% और 10% तक हो सकता है. वहीं, विश्वसनीय सूत्रों के हवाले से खबर मिल रही है कि बड़े शहरों में इसे 30 प्रतिशत किया जा सकता है, लेकिन यह अभी तय नहीं है. कर्मचारी संगठन का कहना रहा है कि अगर सरकार ने एचआरए बढ़ाया नहीं है तो घटा कैसे सकती हैं. अपने तर्क के समर्थन में कर्मचारियं की दलील है कि क्या शहरों में मकान का किराया कम हुआ है. क्या मकान सस्ते हो गए हैं. जब यह नहीं हुआ है तो सरकार अपने कर्मचारियों के साथ अन्याय कैसे कर सकती है. बता दें कि वेतन आयोग (पे कमीशन) ने अपनी रिपोर्ट में एचआरए को आरंभ में 24%, 16% और 8% तय किया था और कहा गया था कि जब डीए 50 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा तो यह 27%, 18% और 9% क्रमश: हो जाएगा. इतना ही नहीं वेतन आयोग (पे कमिशन) ने यह भी कहा था कि जब डीए 100% हो जाएगा तब यह दर 30%, 20% और 10% क्रमश : एक्स, वाई और जेड शहरों के लिए हो जाएगी. उल्लेखनीय है कि कर्मचारियों के संयुक्त संगठन एनजेसीए ने गठित वेतन आयोग के समक्ष अपनी मांग से संबंधित ज्ञापन में इस दर को क्रमश: 60%, 40% और 20% करने के लिए कहा था. संगठन का आरोप है कि आयोग ने कर्मचारियों की मांग को पूरी तरह से ठुकरा दिया था. उनका कहना है कि वेतन आयोग ने इस रेट को छठे वेतन आयोग से भी कम कर दिया है. इनका कहना है कि क्योंकि इसे डीए के साथ जोड़ा गया है तो यह तभी बढ़ेगा जब डीए की दर तय प्रतिशत तक बढ़ जाएगी.टिप्पणियां जानकारी के लिए बता दें कि सातवां वेतन आयोग से पहले केंद्रीय कर्मचारी 196 किस्म के अलाउंसेस के हकदार थे. लेकिन सातवें वेतन आयोग ने कई अलाउंसेस को समाप्त कर दिया या फिर उन्हें मिला दिया जिसके बाद केवल 55 अलाउंस बाकी रह गए. तमाम कर्मचारियों को कई अलाउंस समाप्त होने का मलाल है. क्योंकि कई अलाउंस अभी तक लागू नहीं हुए और कर्मचारियों को उसका सीधा लाभ नहीं मिला है तो कर्मचारियों को लग रहा है कि वेतन आयोग की रिपोर्ट अभी लागू नहीं हुई. बता दें कि सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट से कर्मचारियों की कई शिकायतें रही हैं और ऐसे में केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने अपने कर्मचारियों की शिकायतों को दूर करने के लिए संबंधित मंत्रालय और वित्तमंत्रालय के अधीन समितियों का गठन किया है. ये समितियां कर्मचारी नेताओं से बात कर रही हैं और इस समितियों को अपना फैसला चार महीने में सरकार को देना था लेकिन अभी तक सात महीने से ज्यादा समय बीत चुका है और अभी तक किसी भी समिति ने अपनी रिपोर्ट नहीं सौंपी है. कहा जा रहा है कि सरकार की ओर से बातचीत के लिए अधिकृत अधिकारी एचआरए को 1 स्तर ऊपर करने को तैयार हुए हैं अब एचआरए 30%, 20% और 10% तक हो सकता है. वहीं, विश्वसनीय सूत्रों के हवाले से खबर मिल रही है कि बड़े शहरों में इसे 30 प्रतिशत किया जा सकता है, लेकिन यह अभी तय नहीं है. कर्मचारी संगठन का कहना रहा है कि अगर सरकार ने एचआरए बढ़ाया नहीं है तो घटा कैसे सकती हैं. अपने तर्क के समर्थन में कर्मचारियं की दलील है कि क्या शहरों में मकान का किराया कम हुआ है. क्या मकान सस्ते हो गए हैं. जब यह नहीं हुआ है तो सरकार अपने कर्मचारियों के साथ अन्याय कैसे कर सकती है. बता दें कि वेतन आयोग (पे कमीशन) ने अपनी रिपोर्ट में एचआरए को आरंभ में 24%, 16% और 8% तय किया था और कहा गया था कि जब डीए 50 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा तो यह 27%, 18% और 9% क्रमश: हो जाएगा. इतना ही नहीं वेतन आयोग (पे कमिशन) ने यह भी कहा था कि जब डीए 100% हो जाएगा तब यह दर 30%, 20% और 10% क्रमश : एक्स, वाई और जेड शहरों के लिए हो जाएगी. उल्लेखनीय है कि कर्मचारियों के संयुक्त संगठन एनजेसीए ने गठित वेतन आयोग के समक्ष अपनी मांग से संबंधित ज्ञापन में इस दर को क्रमश: 60%, 40% और 20% करने के लिए कहा था. संगठन का आरोप है कि आयोग ने कर्मचारियों की मांग को पूरी तरह से ठुकरा दिया था. उनका कहना है कि वेतन आयोग ने इस रेट को छठे वेतन आयोग से भी कम कर दिया है. इनका कहना है कि क्योंकि इसे डीए के साथ जोड़ा गया है तो यह तभी बढ़ेगा जब डीए की दर तय प्रतिशत तक बढ़ जाएगी.टिप्पणियां जानकारी के लिए बता दें कि सातवां वेतन आयोग से पहले केंद्रीय कर्मचारी 196 किस्म के अलाउंसेस के हकदार थे. लेकिन सातवें वेतन आयोग ने कई अलाउंसेस को समाप्त कर दिया या फिर उन्हें मिला दिया जिसके बाद केवल 55 अलाउंस बाकी रह गए. तमाम कर्मचारियों को कई अलाउंस समाप्त होने का मलाल है. क्योंकि कई अलाउंस अभी तक लागू नहीं हुए और कर्मचारियों को उसका सीधा लाभ नहीं मिला है तो कर्मचारियों को लग रहा है कि वेतन आयोग की रिपोर्ट अभी लागू नहीं हुई. बता दें कि सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट से कर्मचारियों की कई शिकायतें रही हैं और ऐसे में केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने अपने कर्मचारियों की शिकायतों को दूर करने के लिए संबंधित मंत्रालय और वित्तमंत्रालय के अधीन समितियों का गठन किया है. ये समितियां कर्मचारी नेताओं से बात कर रही हैं और इस समितियों को अपना फैसला चार महीने में सरकार को देना था लेकिन अभी तक सात महीने से ज्यादा समय बीत चुका है और अभी तक किसी भी समिति ने अपनी रिपोर्ट नहीं सौंपी है. कर्मचारी संगठन का कहना रहा है कि अगर सरकार ने एचआरए बढ़ाया नहीं है तो घटा कैसे सकती हैं. अपने तर्क के समर्थन में कर्मचारियं की दलील है कि क्या शहरों में मकान का किराया कम हुआ है. क्या मकान सस्ते हो गए हैं. जब यह नहीं हुआ है तो सरकार अपने कर्मचारियों के साथ अन्याय कैसे कर सकती है. बता दें कि वेतन आयोग (पे कमीशन) ने अपनी रिपोर्ट में एचआरए को आरंभ में 24%, 16% और 8% तय किया था और कहा गया था कि जब डीए 50 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा तो यह 27%, 18% और 9% क्रमश: हो जाएगा. इतना ही नहीं वेतन आयोग (पे कमिशन) ने यह भी कहा था कि जब डीए 100% हो जाएगा तब यह दर 30%, 20% और 10% क्रमश : एक्स, वाई और जेड शहरों के लिए हो जाएगी. उल्लेखनीय है कि कर्मचारियों के संयुक्त संगठन एनजेसीए ने गठित वेतन आयोग के समक्ष अपनी मांग से संबंधित ज्ञापन में इस दर को क्रमश: 60%, 40% और 20% करने के लिए कहा था. संगठन का आरोप है कि आयोग ने कर्मचारियों की मांग को पूरी तरह से ठुकरा दिया था. उनका कहना है कि वेतन आयोग ने इस रेट को छठे वेतन आयोग से भी कम कर दिया है. इनका कहना है कि क्योंकि इसे डीए के साथ जोड़ा गया है तो यह तभी बढ़ेगा जब डीए की दर तय प्रतिशत तक बढ़ जाएगी.टिप्पणियां जानकारी के लिए बता दें कि सातवां वेतन आयोग से पहले केंद्रीय कर्मचारी 196 किस्म के अलाउंसेस के हकदार थे. लेकिन सातवें वेतन आयोग ने कई अलाउंसेस को समाप्त कर दिया या फिर उन्हें मिला दिया जिसके बाद केवल 55 अलाउंस बाकी रह गए. तमाम कर्मचारियों को कई अलाउंस समाप्त होने का मलाल है. क्योंकि कई अलाउंस अभी तक लागू नहीं हुए और कर्मचारियों को उसका सीधा लाभ नहीं मिला है तो कर्मचारियों को लग रहा है कि वेतन आयोग की रिपोर्ट अभी लागू नहीं हुई. बता दें कि सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट से कर्मचारियों की कई शिकायतें रही हैं और ऐसे में केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने अपने कर्मचारियों की शिकायतों को दूर करने के लिए संबंधित मंत्रालय और वित्तमंत्रालय के अधीन समितियों का गठन किया है. ये समितियां कर्मचारी नेताओं से बात कर रही हैं और इस समितियों को अपना फैसला चार महीने में सरकार को देना था लेकिन अभी तक सात महीने से ज्यादा समय बीत चुका है और अभी तक किसी भी समिति ने अपनी रिपोर्ट नहीं सौंपी है. बता दें कि वेतन आयोग (पे कमीशन) ने अपनी रिपोर्ट में एचआरए को आरंभ में 24%, 16% और 8% तय किया था और कहा गया था कि जब डीए 50 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा तो यह 27%, 18% और 9% क्रमश: हो जाएगा. इतना ही नहीं वेतन आयोग (पे कमिशन) ने यह भी कहा था कि जब डीए 100% हो जाएगा तब यह दर 30%, 20% और 10% क्रमश : एक्स, वाई और जेड शहरों के लिए हो जाएगी. उल्लेखनीय है कि कर्मचारियों के संयुक्त संगठन एनजेसीए ने गठित वेतन आयोग के समक्ष अपनी मांग से संबंधित ज्ञापन में इस दर को क्रमश: 60%, 40% और 20% करने के लिए कहा था. संगठन का आरोप है कि आयोग ने कर्मचारियों की मांग को पूरी तरह से ठुकरा दिया था. उनका कहना है कि वेतन आयोग ने इस रेट को छठे वेतन आयोग से भी कम कर दिया है. इनका कहना है कि क्योंकि इसे डीए के साथ जोड़ा गया है तो यह तभी बढ़ेगा जब डीए की दर तय प्रतिशत तक बढ़ जाएगी.टिप्पणियां जानकारी के लिए बता दें कि सातवां वेतन आयोग से पहले केंद्रीय कर्मचारी 196 किस्म के अलाउंसेस के हकदार थे. लेकिन सातवें वेतन आयोग ने कई अलाउंसेस को समाप्त कर दिया या फिर उन्हें मिला दिया जिसके बाद केवल 55 अलाउंस बाकी रह गए. तमाम कर्मचारियों को कई अलाउंस समाप्त होने का मलाल है. क्योंकि कई अलाउंस अभी तक लागू नहीं हुए और कर्मचारियों को उसका सीधा लाभ नहीं मिला है तो कर्मचारियों को लग रहा है कि वेतन आयोग की रिपोर्ट अभी लागू नहीं हुई. बता दें कि सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट से कर्मचारियों की कई शिकायतें रही हैं और ऐसे में केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने अपने कर्मचारियों की शिकायतों को दूर करने के लिए संबंधित मंत्रालय और वित्तमंत्रालय के अधीन समितियों का गठन किया है. ये समितियां कर्मचारी नेताओं से बात कर रही हैं और इस समितियों को अपना फैसला चार महीने में सरकार को देना था लेकिन अभी तक सात महीने से ज्यादा समय बीत चुका है और अभी तक किसी भी समिति ने अपनी रिपोर्ट नहीं सौंपी है. उल्लेखनीय है कि कर्मचारियों के संयुक्त संगठन एनजेसीए ने गठित वेतन आयोग के समक्ष अपनी मांग से संबंधित ज्ञापन में इस दर को क्रमश: 60%, 40% और 20% करने के लिए कहा था. संगठन का आरोप है कि आयोग ने कर्मचारियों की मांग को पूरी तरह से ठुकरा दिया था. उनका कहना है कि वेतन आयोग ने इस रेट को छठे वेतन आयोग से भी कम कर दिया है. इनका कहना है कि क्योंकि इसे डीए के साथ जोड़ा गया है तो यह तभी बढ़ेगा जब डीए की दर तय प्रतिशत तक बढ़ जाएगी.टिप्पणियां जानकारी के लिए बता दें कि सातवां वेतन आयोग से पहले केंद्रीय कर्मचारी 196 किस्म के अलाउंसेस के हकदार थे. लेकिन सातवें वेतन आयोग ने कई अलाउंसेस को समाप्त कर दिया या फिर उन्हें मिला दिया जिसके बाद केवल 55 अलाउंस बाकी रह गए. तमाम कर्मचारियों को कई अलाउंस समाप्त होने का मलाल है. क्योंकि कई अलाउंस अभी तक लागू नहीं हुए और कर्मचारियों को उसका सीधा लाभ नहीं मिला है तो कर्मचारियों को लग रहा है कि वेतन आयोग की रिपोर्ट अभी लागू नहीं हुई. बता दें कि सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट से कर्मचारियों की कई शिकायतें रही हैं और ऐसे में केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने अपने कर्मचारियों की शिकायतों को दूर करने के लिए संबंधित मंत्रालय और वित्तमंत्रालय के अधीन समितियों का गठन किया है. ये समितियां कर्मचारी नेताओं से बात कर रही हैं और इस समितियों को अपना फैसला चार महीने में सरकार को देना था लेकिन अभी तक सात महीने से ज्यादा समय बीत चुका है और अभी तक किसी भी समिति ने अपनी रिपोर्ट नहीं सौंपी है. जानकारी के लिए बता दें कि सातवां वेतन आयोग से पहले केंद्रीय कर्मचारी 196 किस्म के अलाउंसेस के हकदार थे. लेकिन सातवें वेतन आयोग ने कई अलाउंसेस को समाप्त कर दिया या फिर उन्हें मिला दिया जिसके बाद केवल 55 अलाउंस बाकी रह गए. तमाम कर्मचारियों को कई अलाउंस समाप्त होने का मलाल है. क्योंकि कई अलाउंस अभी तक लागू नहीं हुए और कर्मचारियों को उसका सीधा लाभ नहीं मिला है तो कर्मचारियों को लग रहा है कि वेतन आयोग की रिपोर्ट अभी लागू नहीं हुई. बता दें कि सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट से कर्मचारियों की कई शिकायतें रही हैं और ऐसे में केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने अपने कर्मचारियों की शिकायतों को दूर करने के लिए संबंधित मंत्रालय और वित्तमंत्रालय के अधीन समितियों का गठन किया है. ये समितियां कर्मचारी नेताओं से बात कर रही हैं और इस समितियों को अपना फैसला चार महीने में सरकार को देना था लेकिन अभी तक सात महीने से ज्यादा समय बीत चुका है और अभी तक किसी भी समिति ने अपनी रिपोर्ट नहीं सौंपी है. बता दें कि सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट से कर्मचारियों की कई शिकायतें रही हैं और ऐसे में केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने अपने कर्मचारियों की शिकायतों को दूर करने के लिए संबंधित मंत्रालय और वित्तमंत्रालय के अधीन समितियों का गठन किया है. ये समितियां कर्मचारी नेताओं से बात कर रही हैं और इस समितियों को अपना फैसला चार महीने में सरकार को देना था लेकिन अभी तक सात महीने से ज्यादा समय बीत चुका है और अभी तक किसी भी समिति ने अपनी रिपोर्ट नहीं सौंपी है.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: समितियों में एक समिति वित्त सचिव अशोक लवासा के नेतृत्व में बनाई गई थी. इसी समिति के पास अलाउंस का मुद्दा भी था. महीने की 22 तारीख को इस समिति की अंतिम बैठक हुई थी.
19
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर में इस साल अप्रैल महीने में तेज गिरावट दर्ज की गई है और यह एक साल पहले के 16.6 फीसदी की तुलना में 4.4 फीसदी रही। सरकार ने 2004-05 को आधार वर्ष मानते हुए अप्रैल, 2011 के आंकड़ों के साथ शुक्रवार को एक नई शृंखला जारी की, जिसके तहत औद्योगिक वृद्धि इस साल अप्रैल महीने में 6.3 फीसदी रही। विनिर्माण तथा खनन क्षेत्र में गिरावट के कारण औद्योगिक वृद्धि कम रही है। 1993-94 आधार वर्ष पर आधारित पुरानी शृंखला के तहत औद्योगिक वृद्धि पिछले साल के समान महीने में 16.6 प्रतिशत थी। इस बीच, मार्च महीने में औद्योगिक वृद्धि के आंकड़े को संशोधित किया गया है, जिसके तहत यह 7.8 प्रतिशत हो गई, जबकि पूर्व में इसके 7.3 फीसदी रहने की बात कही गई थी। पुरानी शृंखला के अनुसार औद्योगिक उत्पादन सूचकांक में करीब 80 प्रतिशत भारांश रखने वाला विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि दर अप्रैल महीने में 4.4 फीसदी रही जो एक वर्ष पूर्व इसी महीने में 18 प्रतिशत थी। खनन क्षेत्र की वृद्धि दर में भी गिरावट दर्ज की गई है। इस क्षेत्र की वृद्धि महज 2.1 प्रतिशत रही, जो 2010 के अप्रैल महीने में 12 प्रतिशत थी। बिजली उत्पादन की वृद्धि इस साल अप्रैल महीने में 6.4 प्रतिशत रही, जो पिछले साल के समान महीने में 6.9 प्रतिशत थी। पूंजीगत वस्तुओं के उठाव में कमी एक और चिंता का विषय है। इस क्षेत्र की वृद्धि आलोच्य महीने में केवल 2.5 फीसदी रही, जो पिछले साल अप्रैल महीने में 64.1 प्रतिशत थी। कुल मिलाकर उपभोक्ता वस्तु क्षेत्र की वृद्धि अप्रैल महीने में 5.9 फीसदी रही, जो इससे पूर्व साल के इसी महीने में 11.9 प्रतिशत थी।
संक्षिप्त पाठ: औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर में अप्रैल महीने में तेज गिरावट दर्ज की गई है और यह एक साल पहले के 16.6 फीसदी की तुलना में 4.4 फीसदी रही।
14
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: आईटी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी अजीम प्रेमजी के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक अजीम प्रेमजी के वेतन में पिछले वित्तवर्ष में करीब एक-तिहाई की कटौती हुई है और यह 1.9 करोड़ रुपये रहा। इसी दौरान समूह के आईटी कारोबार के मुख्य कार्यकारी अधिकारी टीके कुरियन का वेतन पैकेज पांच गुना बढ़कर 4.5 करोड़ रुपये हो गया। प्रेमजी का सालाना वेतन 2010-11 में 2.8 करोड़ रुपये था, जो पिछले वित्तवर्ष में घटकर 1.9 करोड़ रुपये रह गया। वहीं दूसरी ओर कुरियन का वेतन पैकेज इस दौरान 80 लाख रुपये से बढ़कर सालाना 4.5 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।टिप्पणियां हालांकि, कुरियन से पहले सीईओ रहे सुरेश वासवानी तथा गिरीश एस परांजपे, जो जनवरी, 2011 तक विप्रो के आईटी कारोबार के सीईओ थे, को कहीं अधिक वेतन पैकेज मिलता था। 2010-11 में वासवानी का वेतन पैकेज 10.2 करोड़ रुपये तथा परांजपे का 8.9 करोड़ रुपये रहा था। वित्तवर्ष 2011-12 में विप्रो के मुख्य वित्त अधिकारी सुरेश सेनापति के वेतन पैकेज में कमी आई। कंपनी के शेयरधारकों को भेजी गई सालाना रिपोर्ट के अनुसार सेनापति का वेतन पैकेज 2010-11 में 1.8 करोड़ रुपये रहा, जो इससे पिछले वित्तवर्ष में 4.3 करोड़ रुपये रहा था। कंपनी के प्रबंधन के मुख्य अधिकारियों का कुल वेतन पैकेज 2011-12 में घटकर 8.7 करोड़ रुपये रह गया, जो इससे पिछले वित्तवर्ष में 27.5 करोड़ रुपये रहा था। हालांकि विप्रो के कर्मचारियों का कुल वेतन बिल इस दौरान बढ़कर 15,400 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो इससे पिछले वित्तवर्ष में 12,700 करोड़ रुपये था। प्रेमजी का सालाना वेतन 2010-11 में 2.8 करोड़ रुपये था, जो पिछले वित्तवर्ष में घटकर 1.9 करोड़ रुपये रह गया। वहीं दूसरी ओर कुरियन का वेतन पैकेज इस दौरान 80 लाख रुपये से बढ़कर सालाना 4.5 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।टिप्पणियां हालांकि, कुरियन से पहले सीईओ रहे सुरेश वासवानी तथा गिरीश एस परांजपे, जो जनवरी, 2011 तक विप्रो के आईटी कारोबार के सीईओ थे, को कहीं अधिक वेतन पैकेज मिलता था। 2010-11 में वासवानी का वेतन पैकेज 10.2 करोड़ रुपये तथा परांजपे का 8.9 करोड़ रुपये रहा था। वित्तवर्ष 2011-12 में विप्रो के मुख्य वित्त अधिकारी सुरेश सेनापति के वेतन पैकेज में कमी आई। कंपनी के शेयरधारकों को भेजी गई सालाना रिपोर्ट के अनुसार सेनापति का वेतन पैकेज 2010-11 में 1.8 करोड़ रुपये रहा, जो इससे पिछले वित्तवर्ष में 4.3 करोड़ रुपये रहा था। कंपनी के प्रबंधन के मुख्य अधिकारियों का कुल वेतन पैकेज 2011-12 में घटकर 8.7 करोड़ रुपये रह गया, जो इससे पिछले वित्तवर्ष में 27.5 करोड़ रुपये रहा था। हालांकि विप्रो के कर्मचारियों का कुल वेतन बिल इस दौरान बढ़कर 15,400 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो इससे पिछले वित्तवर्ष में 12,700 करोड़ रुपये था। हालांकि, कुरियन से पहले सीईओ रहे सुरेश वासवानी तथा गिरीश एस परांजपे, जो जनवरी, 2011 तक विप्रो के आईटी कारोबार के सीईओ थे, को कहीं अधिक वेतन पैकेज मिलता था। 2010-11 में वासवानी का वेतन पैकेज 10.2 करोड़ रुपये तथा परांजपे का 8.9 करोड़ रुपये रहा था। वित्तवर्ष 2011-12 में विप्रो के मुख्य वित्त अधिकारी सुरेश सेनापति के वेतन पैकेज में कमी आई। कंपनी के शेयरधारकों को भेजी गई सालाना रिपोर्ट के अनुसार सेनापति का वेतन पैकेज 2010-11 में 1.8 करोड़ रुपये रहा, जो इससे पिछले वित्तवर्ष में 4.3 करोड़ रुपये रहा था। कंपनी के प्रबंधन के मुख्य अधिकारियों का कुल वेतन पैकेज 2011-12 में घटकर 8.7 करोड़ रुपये रह गया, जो इससे पिछले वित्तवर्ष में 27.5 करोड़ रुपये रहा था। हालांकि विप्रो के कर्मचारियों का कुल वेतन बिल इस दौरान बढ़कर 15,400 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो इससे पिछले वित्तवर्ष में 12,700 करोड़ रुपये था। कंपनी के शेयरधारकों को भेजी गई सालाना रिपोर्ट के अनुसार सेनापति का वेतन पैकेज 2010-11 में 1.8 करोड़ रुपये रहा, जो इससे पिछले वित्तवर्ष में 4.3 करोड़ रुपये रहा था। कंपनी के प्रबंधन के मुख्य अधिकारियों का कुल वेतन पैकेज 2011-12 में घटकर 8.7 करोड़ रुपये रह गया, जो इससे पिछले वित्तवर्ष में 27.5 करोड़ रुपये रहा था। हालांकि विप्रो के कर्मचारियों का कुल वेतन बिल इस दौरान बढ़कर 15,400 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो इससे पिछले वित्तवर्ष में 12,700 करोड़ रुपये था।
संक्षिप्त सारांश: प्रेमजी का सालाना वेतन 2010-11 में 2.8 करोड़ रुपये था, जो पिछले वित्तवर्ष में घटकर 1.9 करोड़ रुपये रह गया। वहीं दूसरी ओर कुरियन का वेतन पैकेज इस दौरान 80 लाख रुपये से बढ़कर सालाना 4.5 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
23
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: "एक दशक के युद्ध का अब अंत हो रहा है।" यह कहते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत की। बंदूक नियंत्रण और आव्रजन सुधार जैसी चुनौतियों का समाधान करने को उन्होंने अपनी प्रगतिशील कार्यसूची में शामिल किया और साथ ही अपने जोशीले भाषण से अमेरिकियों को झकझोरा। अपने दूसरे कार्यकाल के लिए शपथ लेने के बाद अपने संबोधन में ओबामा ने कहा, "प्रगति हमें सदियों से चली आ रही सरकार की भूमिका पर चर्चा का हमेशा के लिए समाधान करने पर मजबूर नहीं करती, बल्कि यह हमसे हमारे समय में काम करने की जरूरत बताती है।" राष्ट्रपति ने 18 मिनट में 2,100 से कुछ ज्यादा शब्दों में दिए गए भाषण में दूसरे कार्यकाल के लिए अपनी दृष्टि पेश करते हुए कहा, "मेरे अमेरिकी साथियों हम इस घड़ी के लिए बने हैं और हम इस पर काबू पाएंगे। हम तब तक इसे काबू में रखेंगे जब तक एक साथ रहेंगे।" दुनियाभर में लोकतंत्र की महिमा का बखान करते हुए ओबामा ने कहा, "अमेरिका दुनिया के हर कोने में मजबूत गठबंधन का सूत्रधार रहेगा।" उन्होंने कहा कि दुनिया की शांति की जितनी चिंता दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश को है, उतनी और किसी को नहीं है। अफगानिस्तान से अमेरिकी फौजों की अगले साल होने वाली वापसी का सीधा जिक्र किए बगैर उन्होंने कहा, "एक दशक पुराना युद्ध अब समाप्त हो रहा है।" जलवायु परिवर्तन की समस्या को सुलझाने की जरूरत पर उन्होंने कहा, "कुछ लोग अब भी विज्ञान के दुष्प्रभाव से इनकार कर सकते हैं, लेकिन कोई भी प्रचंड अग्नि, भयंकर सूखे और प्रलयंकारी तूफानों के प्रभाव से बच नहीं सकता है।"टिप्पणियां ओबामा ने कहा कि हम सब रचना से समान हैं यही सोच पीढ़ियों से पुरुषों और महिलाओं को प्रेरणा देती रही है। उन्होंने कहा, "लेकिन समानता की यह यात्रा तब तक पूरी नहीं होती है, जब तक कि हमारे समलैंगिक भाइयों और बहनों को कानून में वही सुविधा हासिल हो, जो अन्य को उपलब्ध है।" उन्होंने कहा कि सेनेका फॉल्स, सेल्मा और स्टोनवाल से जो क्रांति शुरू हुई, उसे आगे ले जाना हमारी पीढ़ी का काम है। सेनेका फॉल्स न्यूयार्क का एक शहर है। यहां 1848 में हुए एक सम्मेलन के बाद महिला अधिकार आंदोलन शुरू हुआ था। सेल्मा का मतलब अलाबामा में 1965 में शुरू हुए सामाजिक आंदोलन से है, जबकि न्यूयार्क शहर का स्टोनवाल धर्मशाला वह जगह है, जहां से एक पुलिस कार्रवाई के बाद 1969 में आधुनिक समलैंगिक अधिकार आंदोलन शुरू हुआ था। अपने दूसरे कार्यकाल के लिए शपथ लेने के बाद अपने संबोधन में ओबामा ने कहा, "प्रगति हमें सदियों से चली आ रही सरकार की भूमिका पर चर्चा का हमेशा के लिए समाधान करने पर मजबूर नहीं करती, बल्कि यह हमसे हमारे समय में काम करने की जरूरत बताती है।" राष्ट्रपति ने 18 मिनट में 2,100 से कुछ ज्यादा शब्दों में दिए गए भाषण में दूसरे कार्यकाल के लिए अपनी दृष्टि पेश करते हुए कहा, "मेरे अमेरिकी साथियों हम इस घड़ी के लिए बने हैं और हम इस पर काबू पाएंगे। हम तब तक इसे काबू में रखेंगे जब तक एक साथ रहेंगे।" दुनियाभर में लोकतंत्र की महिमा का बखान करते हुए ओबामा ने कहा, "अमेरिका दुनिया के हर कोने में मजबूत गठबंधन का सूत्रधार रहेगा।" उन्होंने कहा कि दुनिया की शांति की जितनी चिंता दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश को है, उतनी और किसी को नहीं है। अफगानिस्तान से अमेरिकी फौजों की अगले साल होने वाली वापसी का सीधा जिक्र किए बगैर उन्होंने कहा, "एक दशक पुराना युद्ध अब समाप्त हो रहा है।" जलवायु परिवर्तन की समस्या को सुलझाने की जरूरत पर उन्होंने कहा, "कुछ लोग अब भी विज्ञान के दुष्प्रभाव से इनकार कर सकते हैं, लेकिन कोई भी प्रचंड अग्नि, भयंकर सूखे और प्रलयंकारी तूफानों के प्रभाव से बच नहीं सकता है।"टिप्पणियां ओबामा ने कहा कि हम सब रचना से समान हैं यही सोच पीढ़ियों से पुरुषों और महिलाओं को प्रेरणा देती रही है। उन्होंने कहा, "लेकिन समानता की यह यात्रा तब तक पूरी नहीं होती है, जब तक कि हमारे समलैंगिक भाइयों और बहनों को कानून में वही सुविधा हासिल हो, जो अन्य को उपलब्ध है।" उन्होंने कहा कि सेनेका फॉल्स, सेल्मा और स्टोनवाल से जो क्रांति शुरू हुई, उसे आगे ले जाना हमारी पीढ़ी का काम है। सेनेका फॉल्स न्यूयार्क का एक शहर है। यहां 1848 में हुए एक सम्मेलन के बाद महिला अधिकार आंदोलन शुरू हुआ था। सेल्मा का मतलब अलाबामा में 1965 में शुरू हुए सामाजिक आंदोलन से है, जबकि न्यूयार्क शहर का स्टोनवाल धर्मशाला वह जगह है, जहां से एक पुलिस कार्रवाई के बाद 1969 में आधुनिक समलैंगिक अधिकार आंदोलन शुरू हुआ था। राष्ट्रपति ने 18 मिनट में 2,100 से कुछ ज्यादा शब्दों में दिए गए भाषण में दूसरे कार्यकाल के लिए अपनी दृष्टि पेश करते हुए कहा, "मेरे अमेरिकी साथियों हम इस घड़ी के लिए बने हैं और हम इस पर काबू पाएंगे। हम तब तक इसे काबू में रखेंगे जब तक एक साथ रहेंगे।" दुनियाभर में लोकतंत्र की महिमा का बखान करते हुए ओबामा ने कहा, "अमेरिका दुनिया के हर कोने में मजबूत गठबंधन का सूत्रधार रहेगा।" उन्होंने कहा कि दुनिया की शांति की जितनी चिंता दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश को है, उतनी और किसी को नहीं है। अफगानिस्तान से अमेरिकी फौजों की अगले साल होने वाली वापसी का सीधा जिक्र किए बगैर उन्होंने कहा, "एक दशक पुराना युद्ध अब समाप्त हो रहा है।" जलवायु परिवर्तन की समस्या को सुलझाने की जरूरत पर उन्होंने कहा, "कुछ लोग अब भी विज्ञान के दुष्प्रभाव से इनकार कर सकते हैं, लेकिन कोई भी प्रचंड अग्नि, भयंकर सूखे और प्रलयंकारी तूफानों के प्रभाव से बच नहीं सकता है।"टिप्पणियां ओबामा ने कहा कि हम सब रचना से समान हैं यही सोच पीढ़ियों से पुरुषों और महिलाओं को प्रेरणा देती रही है। उन्होंने कहा, "लेकिन समानता की यह यात्रा तब तक पूरी नहीं होती है, जब तक कि हमारे समलैंगिक भाइयों और बहनों को कानून में वही सुविधा हासिल हो, जो अन्य को उपलब्ध है।" उन्होंने कहा कि सेनेका फॉल्स, सेल्मा और स्टोनवाल से जो क्रांति शुरू हुई, उसे आगे ले जाना हमारी पीढ़ी का काम है। सेनेका फॉल्स न्यूयार्क का एक शहर है। यहां 1848 में हुए एक सम्मेलन के बाद महिला अधिकार आंदोलन शुरू हुआ था। सेल्मा का मतलब अलाबामा में 1965 में शुरू हुए सामाजिक आंदोलन से है, जबकि न्यूयार्क शहर का स्टोनवाल धर्मशाला वह जगह है, जहां से एक पुलिस कार्रवाई के बाद 1969 में आधुनिक समलैंगिक अधिकार आंदोलन शुरू हुआ था। दुनियाभर में लोकतंत्र की महिमा का बखान करते हुए ओबामा ने कहा, "अमेरिका दुनिया के हर कोने में मजबूत गठबंधन का सूत्रधार रहेगा।" उन्होंने कहा कि दुनिया की शांति की जितनी चिंता दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश को है, उतनी और किसी को नहीं है। अफगानिस्तान से अमेरिकी फौजों की अगले साल होने वाली वापसी का सीधा जिक्र किए बगैर उन्होंने कहा, "एक दशक पुराना युद्ध अब समाप्त हो रहा है।" जलवायु परिवर्तन की समस्या को सुलझाने की जरूरत पर उन्होंने कहा, "कुछ लोग अब भी विज्ञान के दुष्प्रभाव से इनकार कर सकते हैं, लेकिन कोई भी प्रचंड अग्नि, भयंकर सूखे और प्रलयंकारी तूफानों के प्रभाव से बच नहीं सकता है।"टिप्पणियां ओबामा ने कहा कि हम सब रचना से समान हैं यही सोच पीढ़ियों से पुरुषों और महिलाओं को प्रेरणा देती रही है। उन्होंने कहा, "लेकिन समानता की यह यात्रा तब तक पूरी नहीं होती है, जब तक कि हमारे समलैंगिक भाइयों और बहनों को कानून में वही सुविधा हासिल हो, जो अन्य को उपलब्ध है।" उन्होंने कहा कि सेनेका फॉल्स, सेल्मा और स्टोनवाल से जो क्रांति शुरू हुई, उसे आगे ले जाना हमारी पीढ़ी का काम है। सेनेका फॉल्स न्यूयार्क का एक शहर है। यहां 1848 में हुए एक सम्मेलन के बाद महिला अधिकार आंदोलन शुरू हुआ था। सेल्मा का मतलब अलाबामा में 1965 में शुरू हुए सामाजिक आंदोलन से है, जबकि न्यूयार्क शहर का स्टोनवाल धर्मशाला वह जगह है, जहां से एक पुलिस कार्रवाई के बाद 1969 में आधुनिक समलैंगिक अधिकार आंदोलन शुरू हुआ था। जलवायु परिवर्तन की समस्या को सुलझाने की जरूरत पर उन्होंने कहा, "कुछ लोग अब भी विज्ञान के दुष्प्रभाव से इनकार कर सकते हैं, लेकिन कोई भी प्रचंड अग्नि, भयंकर सूखे और प्रलयंकारी तूफानों के प्रभाव से बच नहीं सकता है।"टिप्पणियां ओबामा ने कहा कि हम सब रचना से समान हैं यही सोच पीढ़ियों से पुरुषों और महिलाओं को प्रेरणा देती रही है। उन्होंने कहा, "लेकिन समानता की यह यात्रा तब तक पूरी नहीं होती है, जब तक कि हमारे समलैंगिक भाइयों और बहनों को कानून में वही सुविधा हासिल हो, जो अन्य को उपलब्ध है।" उन्होंने कहा कि सेनेका फॉल्स, सेल्मा और स्टोनवाल से जो क्रांति शुरू हुई, उसे आगे ले जाना हमारी पीढ़ी का काम है। सेनेका फॉल्स न्यूयार्क का एक शहर है। यहां 1848 में हुए एक सम्मेलन के बाद महिला अधिकार आंदोलन शुरू हुआ था। सेल्मा का मतलब अलाबामा में 1965 में शुरू हुए सामाजिक आंदोलन से है, जबकि न्यूयार्क शहर का स्टोनवाल धर्मशाला वह जगह है, जहां से एक पुलिस कार्रवाई के बाद 1969 में आधुनिक समलैंगिक अधिकार आंदोलन शुरू हुआ था। ओबामा ने कहा कि हम सब रचना से समान हैं यही सोच पीढ़ियों से पुरुषों और महिलाओं को प्रेरणा देती रही है। उन्होंने कहा, "लेकिन समानता की यह यात्रा तब तक पूरी नहीं होती है, जब तक कि हमारे समलैंगिक भाइयों और बहनों को कानून में वही सुविधा हासिल हो, जो अन्य को उपलब्ध है।" उन्होंने कहा कि सेनेका फॉल्स, सेल्मा और स्टोनवाल से जो क्रांति शुरू हुई, उसे आगे ले जाना हमारी पीढ़ी का काम है। सेनेका फॉल्स न्यूयार्क का एक शहर है। यहां 1848 में हुए एक सम्मेलन के बाद महिला अधिकार आंदोलन शुरू हुआ था। सेल्मा का मतलब अलाबामा में 1965 में शुरू हुए सामाजिक आंदोलन से है, जबकि न्यूयार्क शहर का स्टोनवाल धर्मशाला वह जगह है, जहां से एक पुलिस कार्रवाई के बाद 1969 में आधुनिक समलैंगिक अधिकार आंदोलन शुरू हुआ था। सेनेका फॉल्स न्यूयार्क का एक शहर है। यहां 1848 में हुए एक सम्मेलन के बाद महिला अधिकार आंदोलन शुरू हुआ था। सेल्मा का मतलब अलाबामा में 1965 में शुरू हुए सामाजिक आंदोलन से है, जबकि न्यूयार्क शहर का स्टोनवाल धर्मशाला वह जगह है, जहां से एक पुलिस कार्रवाई के बाद 1969 में आधुनिक समलैंगिक अधिकार आंदोलन शुरू हुआ था।
संक्षिप्त सारांश: "एक दशक के युद्ध का अब अंत हो रहा है।" यह कहते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत की।
23
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पार्टी से मिली झिड़की की परवाह न करते हुए कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि वह तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी के बारे में दिए गए अपने बयान के ‘एक-एक शब्द’ पर कायम हैं। राष्ट्रपति चुनाव को लेकर ममता के व्यवहार को उन्होंने ‘अपरिपक्व’ और ‘अनिश्चित’ करार दिया था। उनसे पूछा गया कि क्या वह अपनी टिप्पणियों पर कायम हैं, दिग्विजय ने कहा, ‘मैंने जो कुछ भी कहा उसके एक-एक शब्द पर मैं कायम हूं।’ हालांकि, जब उनसे पूछा गया कि क्या कांग्रेस तृणमूल कांग्रेस के साथ सहनशीलता की सीमा पार कर चुकी है, उनका जवाब ना में था।टिप्पणियां कांग्रेस नेता ने एनडीटीवी को कहा कि बनर्जी का मनमोहन सिंह को राष्ट्रपति के अपने पसंद के तौर पर सूझाना निश्चय ही प्रधानमंत्री के लिए शर्मिंदगी की वजह थी... और बहुत हद तक यह पार्टी के लिए था। पार्टी के प. बंगाल के प्रभारी शकील अहमद ने दिग्विजय सिंह के ताजा बयान पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, ‘वह वरिष्ठ नेता हैं। मैं इस पर टिप्पणी करना नहीं चाहता।’ राष्ट्रपति चुनाव को लेकर ममता के व्यवहार को उन्होंने ‘अपरिपक्व’ और ‘अनिश्चित’ करार दिया था। उनसे पूछा गया कि क्या वह अपनी टिप्पणियों पर कायम हैं, दिग्विजय ने कहा, ‘मैंने जो कुछ भी कहा उसके एक-एक शब्द पर मैं कायम हूं।’ हालांकि, जब उनसे पूछा गया कि क्या कांग्रेस तृणमूल कांग्रेस के साथ सहनशीलता की सीमा पार कर चुकी है, उनका जवाब ना में था।टिप्पणियां कांग्रेस नेता ने एनडीटीवी को कहा कि बनर्जी का मनमोहन सिंह को राष्ट्रपति के अपने पसंद के तौर पर सूझाना निश्चय ही प्रधानमंत्री के लिए शर्मिंदगी की वजह थी... और बहुत हद तक यह पार्टी के लिए था। पार्टी के प. बंगाल के प्रभारी शकील अहमद ने दिग्विजय सिंह के ताजा बयान पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, ‘वह वरिष्ठ नेता हैं। मैं इस पर टिप्पणी करना नहीं चाहता।’ हालांकि, जब उनसे पूछा गया कि क्या कांग्रेस तृणमूल कांग्रेस के साथ सहनशीलता की सीमा पार कर चुकी है, उनका जवाब ना में था।टिप्पणियां कांग्रेस नेता ने एनडीटीवी को कहा कि बनर्जी का मनमोहन सिंह को राष्ट्रपति के अपने पसंद के तौर पर सूझाना निश्चय ही प्रधानमंत्री के लिए शर्मिंदगी की वजह थी... और बहुत हद तक यह पार्टी के लिए था। पार्टी के प. बंगाल के प्रभारी शकील अहमद ने दिग्विजय सिंह के ताजा बयान पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, ‘वह वरिष्ठ नेता हैं। मैं इस पर टिप्पणी करना नहीं चाहता।’ कांग्रेस नेता ने एनडीटीवी को कहा कि बनर्जी का मनमोहन सिंह को राष्ट्रपति के अपने पसंद के तौर पर सूझाना निश्चय ही प्रधानमंत्री के लिए शर्मिंदगी की वजह थी... और बहुत हद तक यह पार्टी के लिए था। पार्टी के प. बंगाल के प्रभारी शकील अहमद ने दिग्विजय सिंह के ताजा बयान पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, ‘वह वरिष्ठ नेता हैं। मैं इस पर टिप्पणी करना नहीं चाहता।’ पार्टी के प. बंगाल के प्रभारी शकील अहमद ने दिग्विजय सिंह के ताजा बयान पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, ‘वह वरिष्ठ नेता हैं। मैं इस पर टिप्पणी करना नहीं चाहता।’
यहाँ एक सारांश है:पार्टी से मिली झिड़की की परवाह न करते हुए कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि वह तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी के बारे में दिए गए अपने बयान के ‘एक-एक शब्द’ पर कायम हैं।
12
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय महिला रिकर्व टीम शंघाई में चल रही विश्व कप तीरदांजी प्रतियोगिता के फाइनल में पहुंच गई है। दीपिका कुमारी, एल बोम्बाल्या देवी और चेकरोवोलू स्वुरो की भारतीय टीम का खिताबी मुकाबले में सामना मजबूत मानी जाने वाली कोरिया की टीम से होगा। महिलाओं के कंपाउड मुकाबले में भारतीय टीम को सेमीफाइनल में इटली के खिलाफ हार झेलनी पड़ी। उसकी कांस्य पदक जीतने की उम्मीद अभी शेष है। प्राप्त जानकारी के अनुसार भारतीय रिकर्व टीम को दूसरी वरीयता दी गई है। भारतीय टीम ने 1965 अंक का क्वालीफाइंग स्कोर हासिल किया था। टीम ने उक्रेन को 221-213 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। इससे पहले उसने क्वार्टर फाइनल में पोलैंड को 224-216 से हराया।टिप्पणियां भारत का फाइनल में कोरिया से मुकाबला होगा। कोरिया ने चीन को 225-217 से हराया। मिश्रित युगल में दीपिका और राय की जोड़ी क्वार्टर फाइनल में अमेरिका से 140-148 से हार गई। महिलाओं के कंपाउड मुकाबले में भारतीय टीम को सेमीफाइनल में इटली के खिलाफ हार झेलनी पड़ी। उसकी कांस्य पदक जीतने की उम्मीद अभी शेष है। प्राप्त जानकारी के अनुसार भारतीय रिकर्व टीम को दूसरी वरीयता दी गई है। भारतीय टीम ने 1965 अंक का क्वालीफाइंग स्कोर हासिल किया था। टीम ने उक्रेन को 221-213 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। इससे पहले उसने क्वार्टर फाइनल में पोलैंड को 224-216 से हराया।टिप्पणियां भारत का फाइनल में कोरिया से मुकाबला होगा। कोरिया ने चीन को 225-217 से हराया। मिश्रित युगल में दीपिका और राय की जोड़ी क्वार्टर फाइनल में अमेरिका से 140-148 से हार गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार भारतीय रिकर्व टीम को दूसरी वरीयता दी गई है। भारतीय टीम ने 1965 अंक का क्वालीफाइंग स्कोर हासिल किया था। टीम ने उक्रेन को 221-213 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। इससे पहले उसने क्वार्टर फाइनल में पोलैंड को 224-216 से हराया।टिप्पणियां भारत का फाइनल में कोरिया से मुकाबला होगा। कोरिया ने चीन को 225-217 से हराया। मिश्रित युगल में दीपिका और राय की जोड़ी क्वार्टर फाइनल में अमेरिका से 140-148 से हार गई। भारत का फाइनल में कोरिया से मुकाबला होगा। कोरिया ने चीन को 225-217 से हराया। मिश्रित युगल में दीपिका और राय की जोड़ी क्वार्टर फाइनल में अमेरिका से 140-148 से हार गई। मिश्रित युगल में दीपिका और राय की जोड़ी क्वार्टर फाइनल में अमेरिका से 140-148 से हार गई।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: भारतीय महिला रिकर्व टीम शंघाई में चल रही विश्व कप तीरदांजी प्रतियोगिता के फाइनल में पहुंच गई है। दीपिका कुमारी, एल बोम्बाल्या देवी और चेकरोवोलू स्वुरो की भारतीय टीम का खिताबी मुकाबले में सामना मजबूत मानी जाने वाली कोरिया की टीम से होगा।
3
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा (Taarak Mehta Ka Ooltah Chashmah)' में जेठालाल (Jethalal) के साथ जब तक कोई मजेदार वाकया न हो, मजा ही नहीं आता है. ऐसा ही कुछ तारक मेहता का उल्टा चश्मा के आगामी एपिसोड में देखने को मिलेगा. 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा (Taarak Mehta Ka Ooltah Chashmah)' के आगामी एपिसोड में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिलेगा, जब गोकुलधाम के सबसे फेवरिट सदस्य जेठालाल के घर में एक अजीब और अनजान मेहमान की जोरदार एंट्री होगी. वैसे भी दयाबेन (Dayaben) इन दिनों शो में नहीं हैं, और जेठालाल को इस मुसीबत से निकालने के लिए बबीताजी आगे आती हैं.  'तारक मेहता का उल्टा चश्मा (Taarak Mehta Ka Ooltah Chashmah)' में जेठालाल (Jethalal) के ऊपर एक और मुसीबत आ पड़ी है. हुआ यह कि एक दिन सुबह सुबह जेठालाल को किसी का फोन आया कि वे लोग उसके घर पर डिनर करने के लिए आ रहे हैं. उनका कहना था कि वे जेठलाल और उसके परिवार को अच्छी तरह से जानते हैं लेकिन जेठालाल उनकी आवाज पहचान नहीं पाता. जेठालाल उनसे पूछ ही नहीं पाता  कि वे कौन लोग हैं. लेकिन वह अब इस परेशानी में है कि उनके लिए खाना कौन बनाएगा. सभी से रिक्वेस्ट करने के बाद बबिता आकर जेठालाल (Jethalal) के इन अनजान मेहमानों के लिए खाना बनाकर जाती है. लेकिन जेठालाल लगातार इस परेशानी में डूबा है कि कौन हैं ये लोग जो खुद को रात के खाने के लिए निमंत्रित करके आ रहे हैं?  'तारक मेहता का उल्टा चश्मा (Taarak Mehta Ka Ooltah Chashmah)' में जब ये मेहमान जेठालाल के घर पहुंचे तो इन्होने अपने चेहरे पर मास्क लगाया हुआ था. कौन हैं ये लोग? क्यों कर रहे हैं ये जेठालाल को परेशान? और या ये गोकुलधाम सोसाइटी के सदस्यों का कोई प्रैंक है ?  जेठालाल को इन सभी सवालों के जवाब के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: जेठालाल फिर फंसे मुसीबत में बबीता करेंगी उनकी मदद अजनबियों ने किया नाक में दम
11
['hin']
एक सारांश बनाओ: Kumkum Bhagya Written Update: जी टीवी के शो 'कुमकुम भाग्य (Kumkum Bhagya)' में इन दिनों काफी हंगामा देखने को मिल रहा है. सीरियल 'कुमकुम भाग्य' के पिछले एपिसोड में दिखाया गया कि आलिया, दिशा से प्रूफ मांगती है कि वो पूरब को उससे छीनने की कोशिश नहीं करेगी. वहीं आर्यन जब पार्टी में आता है तो आलिया, दिशा के सामने उसे ये कहकर मिलवाती है कि वो उसका बेटा है. ये जानने के बाद की पूरब के एक बेटा है, दिशा हैरान रह जाती है. हालांकि सीएम की टीम में होने के कारण उसे पार्टी में रहना पड़ता है. पार्टी में दिशा, पूरब और आलिया की एनिवर्सरी का केक काटते हुए देखती है. सीरियल 'कुमकुम भाग्य (Kumkum Bhagya)' के पिछले एपिसोड में दिखाया गया कि दिशा को फिर से पार्टी में देख पूरब का ध्यान पार्टी से भटक जाता है. वहीं विक्रम की पत्नी पल्लवी को पता चल जाता है कि विक्रम ने उसे उसकी पुरानी रिंग ही गिफ्ट की है. इस बात को जानकर पल्लवी को बहुत गुस्सा आता है. दूसरी ओर अभी (Shabir Ahluwalia) सीएम से अपना अवार्ड लेने के लिए जाता है और प्राची से उसकी मां की जगह अवार्ड लेने के लिए कहता है. सृति झा (Sriti Jha) और शब्बीर आहलुवालिया के शो 'कुमकुम भाग्य (Kumkum Bhagya)' के अपकमिंग एपिसोड में दिखाया जाएगा कि प्रज्ञा, विक्रम की किसी से फोन पर बात होते हुए सुन लेगी. विक्रम फोन पर कहेगा कि वो पल्लवी से तलाक लेना चाहता है क्योंकि अब उससे प्यार का दिखावा नहीं किया जा रहा. विक्रम की बात सुन प्रज्ञा गुस्से में भर जाएगी क्योंकि उसे लगता है कि विक्रम ही मिस्टर मेहरा है. प्रज्ञा, विक्रम के पास जाएगी और उसे डांटते हुए कहेगी कि प्राची (Mugdha Chapekar) और सरिता तुम्हारी इतनी इज्जत करते हैं और तुम ऐसे इंसान हो. अब देखना होगा कि क्या प्रज्ञा को पता चल जाएगा कि विक्रम मिस्टर मेहरा नहीं है.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सीरियल 'कुमकुम भाग्य' में होगा नया धमाका विक्रम देगा पल्लवी को तलाक जानिए शो के अपकमिंग एपिसोड में क्या होगा
32
['hin']
एक सारांश बनाओ: बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन ने बिहार में माओवादियों के खिलाफ पुलिस की लड़ाई में लोगों के बीच अपनी लोकप्रियता भुनाए जाने पर सख्त ऐतराज जताते हुए इसे गैरकानूनी, गलत और अपमानजनक बताया है। अमिताभ ने रविवार को अपने फेसबुक पेज पर लिखे पोस्ट में कहा, ‘‘बिहार पुलिस ने माओवादियों के खिलाफ अपनी लड़ाई के लिए पुलिसकर्मियों की भर्ती में मेरी तस्वीर का इस्तेमाल किया..यह पूरी तरह से गैरकानूनी, गलत और अपमानजनक है। उन्होंने कहा, ‘‘वे (बिहार पुलिस) मेरी या ‘सोनी’ के अनुमति के बगैर ऐसा नहीं कर सकते हैं..उन्होंने इजाजत नहीं ली और उन्हें इसका इस्तेमाल फौरन बंद कर देना चाहिए..हम अपने वकीलों से इस बारे में बात कर रहे हैं।’’ गौरतलब है कि बिहार पुलिस ने राज्य के माओवाद प्रभावित कैमूर जिले में अपनी ओर से एक पोस्टर जारी किया था जिसमें अमिताभ बच्चन की तस्वीर और एक कविता भी थी। टिप्पणियां जिला पुलिस ने माओवाद प्रभावित प्रखंड अधौरा, भगवानपुर और रामपुर में कई ऐसे पोस्टर लगाए हैं जिसमें अमिताभ बच्चन को दिखाया गया है। इस योजना का मकसद युवकों को राज्य पुलिस और केंद्रीय अर्ध सैनिक बलों में काम करने के लिए तैयार करना है। इस पोस्टर में कहा गया है, ‘‘मारने से अच्छा है कि सुरक्षा करें।’’ इसी तरह से एक अन्य नारे मे लिखा है, ‘‘आप सपने देखें हम उन्हें साकार करेंगे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘वे (बिहार पुलिस) मेरी या ‘सोनी’ के अनुमति के बगैर ऐसा नहीं कर सकते हैं..उन्होंने इजाजत नहीं ली और उन्हें इसका इस्तेमाल फौरन बंद कर देना चाहिए..हम अपने वकीलों से इस बारे में बात कर रहे हैं।’’ गौरतलब है कि बिहार पुलिस ने राज्य के माओवाद प्रभावित कैमूर जिले में अपनी ओर से एक पोस्टर जारी किया था जिसमें अमिताभ बच्चन की तस्वीर और एक कविता भी थी। टिप्पणियां जिला पुलिस ने माओवाद प्रभावित प्रखंड अधौरा, भगवानपुर और रामपुर में कई ऐसे पोस्टर लगाए हैं जिसमें अमिताभ बच्चन को दिखाया गया है। इस योजना का मकसद युवकों को राज्य पुलिस और केंद्रीय अर्ध सैनिक बलों में काम करने के लिए तैयार करना है। इस पोस्टर में कहा गया है, ‘‘मारने से अच्छा है कि सुरक्षा करें।’’ इसी तरह से एक अन्य नारे मे लिखा है, ‘‘आप सपने देखें हम उन्हें साकार करेंगे।’’ गौरतलब है कि बिहार पुलिस ने राज्य के माओवाद प्रभावित कैमूर जिले में अपनी ओर से एक पोस्टर जारी किया था जिसमें अमिताभ बच्चन की तस्वीर और एक कविता भी थी। टिप्पणियां जिला पुलिस ने माओवाद प्रभावित प्रखंड अधौरा, भगवानपुर और रामपुर में कई ऐसे पोस्टर लगाए हैं जिसमें अमिताभ बच्चन को दिखाया गया है। इस योजना का मकसद युवकों को राज्य पुलिस और केंद्रीय अर्ध सैनिक बलों में काम करने के लिए तैयार करना है। इस पोस्टर में कहा गया है, ‘‘मारने से अच्छा है कि सुरक्षा करें।’’ इसी तरह से एक अन्य नारे मे लिखा है, ‘‘आप सपने देखें हम उन्हें साकार करेंगे।’’ जिला पुलिस ने माओवाद प्रभावित प्रखंड अधौरा, भगवानपुर और रामपुर में कई ऐसे पोस्टर लगाए हैं जिसमें अमिताभ बच्चन को दिखाया गया है। इस योजना का मकसद युवकों को राज्य पुलिस और केंद्रीय अर्ध सैनिक बलों में काम करने के लिए तैयार करना है। इस पोस्टर में कहा गया है, ‘‘मारने से अच्छा है कि सुरक्षा करें।’’ इसी तरह से एक अन्य नारे मे लिखा है, ‘‘आप सपने देखें हम उन्हें साकार करेंगे।’’ इस पोस्टर में कहा गया है, ‘‘मारने से अच्छा है कि सुरक्षा करें।’’ इसी तरह से एक अन्य नारे मे लिखा है, ‘‘आप सपने देखें हम उन्हें साकार करेंगे।’’
यहाँ एक सारांश है:बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन ने बिहार में माओवादियों के खिलाफ पुलिस की लड़ाई में लोगों के बीच अपनी लोकप्रियता भुनाए जाने पर सख्त ऐतराज जताते हुए इसे गैरकानूनी, गलत और अपमानजनक बताया है।
15
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: आयोग के कार्यकारी चेयरपर्सन मोहनन ने एनडीटीवी से कहा, 'हमें लगा कि आयोग का जो काम है, वह उसका निर्वहन करने में बहुत प्रभावी नहीं रहा. पिछले कुछ समय से हमें महसूस हो रहा था कि हमें किनारे कर दिया गया और हमें गंभीरता से नहीं लिया गया. यह देश के सभी आंकड़ों के लिए एक शीर्ष संस्था है. लेकिन वह अपने उद्देश्य में कामयाब नहीं हो रही थी. ऐसा हमें महसूस हो रहा था.' इसके साथ ही उन्होंने पुष्टि की है कि नौकरियों के आंकड़ों की रिपोर्ट जारी न होना उनके इस्तीफे की वजहों में से एक है. राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण की 2017-18 की पीएलएफएस रिपोर्ट को सांख्यिकी आयोग ने दिसंबर महीने में ही मंजूरी दे दी गई थी, लेकिन उसे रिलीज नहीं किया गया. इस रिपोर्ट में रोजगार और बेरोजगारी के आंकड़ें होते हैं. मोहनन ने कहा, 'रिलीज करने के लिए इस रिपोर्ट को आयोग ने मंजूरी दे दी थी, क्योंकि राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण विभाग की सभी रिपोर्ट्स को सांख्यिकी आयोग ही मंजूरी देता है और हम हमने रिपोर्ट को रिलीज के लिए मंजूरी दे दी थी.
सारांश: सरकार से मतभेद के बाद दिया इस्तीफा आयोग में अब बचे केवल दो सदस्य 2020 तक था इनका कार्यकाल
20
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: एक साथ करीब 250 यात्रियों को 16,000 किमी तक बिना रुके हवाई यात्रा कराने में सक्षम बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान बुधवार को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर उतरा। हवाईअड्डा सूत्रों ने कहा कि बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान द्वारका की ओर से हवाईअड्डे पर उतरा और पार्किंग बे में खड़ा करने के बाद पानी के फव्वारे से उसे सलामी दी गई।एयर इंडिया ने बोइंग को इस श्रेणी के 27 विमानों के लिए आर्डर दिया है। निजी क्षेत्र की एयरलाइन जेट एयरवेज भी दस ड्रीमलाइनर विमान खरीद रही है। इन विमानों से ये एयरलाइनें भारत से उत्तरी अमेरिका या ऑस्ट्रेलिया के लिए सीधी उड़ान सेवाएं दे सकेंगी। वर्ष 2005 में ड्रीमलाइनर विमानों के लिए आर्डर देने वाली एयर इंडिया को इस साल अक्तूबर में पहले विमान की डिलीवरी मिलने की उम्मीद है जिसके बाद नवंबर में दो और दिसंबर में एक विमान की आपूर्ति किए जाने की संभावना है। हालांकि, बोइंग के अधिकारियों का कहना है कि एयर इंडिया को पहले विमान की डिलीवरी इस साल की चौथी तिमाही में की जाएगी। वास्तव में कंपनी को विमानों की डिलीवरी 2008 में शुरू होनी थी।
संक्षिप्त सारांश: बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान द्वारका की ओर से हवाईअड्डे पर उतरा और पार्किंग बे में खड़ा करने के बाद पानी के फव्वारे से उसे सलामी दी गई।
10
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: न्यूजीलैंड के अनुभवी तेज गेंदबाज टिम साउथी ट्रेनिंग के दौरान टखने में चोट के कारण भारत के खिलाफ तीन टेस्ट मैचों की सीरीज से बाहर हो गए हैं. ट्रेनिंग के दौरान गेंदबाजी करते हुए साउथी को पैर में दर्द महसूस हुआ और स्कैन कराने पर उनके बाएं पैर के टखने में ग्रेड दो की चोट का पता चला है. न्यूजीलैंड क्रिकेट ने अपनी वेबसाइट पर यह जानकारी दी. साउथी चोट से उबरने के लिए स्वदेश वापस लौटेंगे लेकिन उनके भारत के खिलाफ होने वाली पांच मैचों की वनडे सीरीज के लिए फिट होने की उम्मीद है. साउथी की चोट न्यूजीलैंड के लिए बड़ा झटका है क्योंकि वह उसके सबसे अनुभवी टेस्ट गेंदबाज हैं. उन्होंने 52 टेस्ट में 32 . 63 की औसत से 177 विकेट चटकाए हैं. चार टेस्ट खेलने वाले मैट हेनरी टीम में साउथी की जगह लेंगे. कोच माइक हेसन ने कहा, "टिम ने इस दौरे की तैयारी के लिए कड़ी मेहनत की थी इसलिए तीनों टेस्ट से बाहर होने से वह निराश है." उन्होंने कहा, "अब टिम को टखने को सात से 10 दिन का आराम देना होगा और फिर वनडे सीरीज से पहले धीरे-धीरे गेंदबाजी का भार लेना होगा." हेसन ने कहा, "उनके विकल्प के तौर पर मैट हेनरी तैयार हैं और वह पहले टेस्ट की शुरूआत से पहले टीम से जुड़ेंगे." न्यूजीलैंड की टीम फिलहाल फिरोजशाह कोटला पर अपना एकमात्र अभ्यास मैच खेल रही है. टिप्पणियां  (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) साउथी चोट से उबरने के लिए स्वदेश वापस लौटेंगे लेकिन उनके भारत के खिलाफ होने वाली पांच मैचों की वनडे सीरीज के लिए फिट होने की उम्मीद है. साउथी की चोट न्यूजीलैंड के लिए बड़ा झटका है क्योंकि वह उसके सबसे अनुभवी टेस्ट गेंदबाज हैं. उन्होंने 52 टेस्ट में 32 . 63 की औसत से 177 विकेट चटकाए हैं. चार टेस्ट खेलने वाले मैट हेनरी टीम में साउथी की जगह लेंगे. कोच माइक हेसन ने कहा, "टिम ने इस दौरे की तैयारी के लिए कड़ी मेहनत की थी इसलिए तीनों टेस्ट से बाहर होने से वह निराश है." उन्होंने कहा, "अब टिम को टखने को सात से 10 दिन का आराम देना होगा और फिर वनडे सीरीज से पहले धीरे-धीरे गेंदबाजी का भार लेना होगा." हेसन ने कहा, "उनके विकल्प के तौर पर मैट हेनरी तैयार हैं और वह पहले टेस्ट की शुरूआत से पहले टीम से जुड़ेंगे." न्यूजीलैंड की टीम फिलहाल फिरोजशाह कोटला पर अपना एकमात्र अभ्यास मैच खेल रही है. टिप्पणियां  (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) कोच माइक हेसन ने कहा, "टिम ने इस दौरे की तैयारी के लिए कड़ी मेहनत की थी इसलिए तीनों टेस्ट से बाहर होने से वह निराश है." उन्होंने कहा, "अब टिम को टखने को सात से 10 दिन का आराम देना होगा और फिर वनडे सीरीज से पहले धीरे-धीरे गेंदबाजी का भार लेना होगा." हेसन ने कहा, "उनके विकल्प के तौर पर मैट हेनरी तैयार हैं और वह पहले टेस्ट की शुरूआत से पहले टीम से जुड़ेंगे." न्यूजीलैंड की टीम फिलहाल फिरोजशाह कोटला पर अपना एकमात्र अभ्यास मैच खेल रही है. टिप्पणियां  (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)  (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
ट्रेनिंग के दौरान टखने में आई चोट, स्वदेश वापस लौटेंगे न्यूजीलैंड क्रिकेट ने अपनी वेबसाइट पर यह जानकारी दी पांच मैचों की वनडे सीरीज के लिए फिट होने की उम्मीद
6
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: विपक्षी दलों के चुनावों से पहले बजट पेश किये जाने के विरोध के बीच वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कदम का बचाव किया और कहा कि जब वे दावा कर रहे हैं कि नोटबंदी अलोकप्रिय फैसला है तो फिर वे डर क्यों रहे हैं. जेटली ने कहा, ‘ये वे राजनीतिक दल हैं जो कहते हैं कि नोटबंदी की लोकप्रियता काफी कम है. ऐसे में आखिर वे क्यों बजट से डर रहे हैं.’ उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा तथा मणिपुर में विधानसभा चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा करने के साथ ही केंद्रीय निर्वाचन आयोग अब इस बात की समीक्षा कर रहा है कि क्या केंद्र सरकार वार्षिक बजट 1 फरवरी को पेश कर सकती है या नहीं. मुख्य निर्वाचन आयुक्त डॉ नसीम ज़ैदी ने बताया कि 'एक राजनैतिक दल' ने कहा है कि केंद्र सरकार को चुनाव संपन्न होने से पहले आम बजट 2017-18 पेश करने से रोका जाना चाहिए.टिप्पणियां उत्तर प्रदेश समेत राज्यों में चुनावों के बाद मार्च 2012 में बजट पेश किये जाने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘यह कोई परंपरा नहीं है जिसका हर समय पालन किया जाए’ जेटली ने कहा, ‘‘लोकसभा चुनाव से ठीक पहले अंतरिम बजट पेश किया जाता है, किसी ने उसे नहीं रोका. यहां तक कि 2014 में बजट आम चुनाव से ठीक कुछ दिन पहले पेश किया गया. यह संवैधानिक आवश्यकता है.’ सरकार वित्त वर्ष के पहले दिन से कल्याणकारी तथा अन्य योजनाओं पर खर्च शुरू करने के इरादे से लंबे समय से फरवरी के अंत में बजट पेश किये जाने की परंपरा को बदली है. सरकार ने 31 जनवरी को संसद का बजट सत्र बुलाने का फैसला किया और अगले दिन एक फरवरी को आम बजट पेश किया जाएगा. वहीं पंजाब और गोवा में चुनाव चार फरवरी को जबकि उत्तर प्रदेश समेत तीन अन्य राज्यों में उसके बाद चुनाव होंगे. कुछ राजनीतिक दल राष्ट्रपति और चुनाव आयोग से मिलकर एक फरवरी को बजट पेश किये जाने के निर्णय पर विरोध जताया. जेटली ने कहा कि बजट पहले पेश करने के पीछे प्रमुख कारणों में खर्च पहले शुरू करना है क्योंकि अबतक की जो स्थिति थी, उसमें खर्च मानसून के बाद शुरू हो पाता था. उन्होंने कहा, ‘वास्तविक व्यय मानसून के बाद आधा वर्ष बीत जाने के बजाए अप्रैल से होना चाहिए. इसी कारण हमने बजट पहले पेश करने का फैसला किया है.’ उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा तथा मणिपुर में विधानसभा चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा करने के साथ ही केंद्रीय निर्वाचन आयोग अब इस बात की समीक्षा कर रहा है कि क्या केंद्र सरकार वार्षिक बजट 1 फरवरी को पेश कर सकती है या नहीं. मुख्य निर्वाचन आयुक्त डॉ नसीम ज़ैदी ने बताया कि 'एक राजनैतिक दल' ने कहा है कि केंद्र सरकार को चुनाव संपन्न होने से पहले आम बजट 2017-18 पेश करने से रोका जाना चाहिए.टिप्पणियां उत्तर प्रदेश समेत राज्यों में चुनावों के बाद मार्च 2012 में बजट पेश किये जाने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘यह कोई परंपरा नहीं है जिसका हर समय पालन किया जाए’ जेटली ने कहा, ‘‘लोकसभा चुनाव से ठीक पहले अंतरिम बजट पेश किया जाता है, किसी ने उसे नहीं रोका. यहां तक कि 2014 में बजट आम चुनाव से ठीक कुछ दिन पहले पेश किया गया. यह संवैधानिक आवश्यकता है.’ सरकार वित्त वर्ष के पहले दिन से कल्याणकारी तथा अन्य योजनाओं पर खर्च शुरू करने के इरादे से लंबे समय से फरवरी के अंत में बजट पेश किये जाने की परंपरा को बदली है. सरकार ने 31 जनवरी को संसद का बजट सत्र बुलाने का फैसला किया और अगले दिन एक फरवरी को आम बजट पेश किया जाएगा. वहीं पंजाब और गोवा में चुनाव चार फरवरी को जबकि उत्तर प्रदेश समेत तीन अन्य राज्यों में उसके बाद चुनाव होंगे. कुछ राजनीतिक दल राष्ट्रपति और चुनाव आयोग से मिलकर एक फरवरी को बजट पेश किये जाने के निर्णय पर विरोध जताया. जेटली ने कहा कि बजट पहले पेश करने के पीछे प्रमुख कारणों में खर्च पहले शुरू करना है क्योंकि अबतक की जो स्थिति थी, उसमें खर्च मानसून के बाद शुरू हो पाता था. उन्होंने कहा, ‘वास्तविक व्यय मानसून के बाद आधा वर्ष बीत जाने के बजाए अप्रैल से होना चाहिए. इसी कारण हमने बजट पहले पेश करने का फैसला किया है.’ उत्तर प्रदेश समेत राज्यों में चुनावों के बाद मार्च 2012 में बजट पेश किये जाने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘यह कोई परंपरा नहीं है जिसका हर समय पालन किया जाए’ जेटली ने कहा, ‘‘लोकसभा चुनाव से ठीक पहले अंतरिम बजट पेश किया जाता है, किसी ने उसे नहीं रोका. यहां तक कि 2014 में बजट आम चुनाव से ठीक कुछ दिन पहले पेश किया गया. यह संवैधानिक आवश्यकता है.’ सरकार वित्त वर्ष के पहले दिन से कल्याणकारी तथा अन्य योजनाओं पर खर्च शुरू करने के इरादे से लंबे समय से फरवरी के अंत में बजट पेश किये जाने की परंपरा को बदली है. सरकार ने 31 जनवरी को संसद का बजट सत्र बुलाने का फैसला किया और अगले दिन एक फरवरी को आम बजट पेश किया जाएगा. वहीं पंजाब और गोवा में चुनाव चार फरवरी को जबकि उत्तर प्रदेश समेत तीन अन्य राज्यों में उसके बाद चुनाव होंगे. कुछ राजनीतिक दल राष्ट्रपति और चुनाव आयोग से मिलकर एक फरवरी को बजट पेश किये जाने के निर्णय पर विरोध जताया. जेटली ने कहा कि बजट पहले पेश करने के पीछे प्रमुख कारणों में खर्च पहले शुरू करना है क्योंकि अबतक की जो स्थिति थी, उसमें खर्च मानसून के बाद शुरू हो पाता था. उन्होंने कहा, ‘वास्तविक व्यय मानसून के बाद आधा वर्ष बीत जाने के बजाए अप्रैल से होना चाहिए. इसी कारण हमने बजट पहले पेश करने का फैसला किया है.’ सरकार ने 31 जनवरी को संसद का बजट सत्र बुलाने का फैसला किया और अगले दिन एक फरवरी को आम बजट पेश किया जाएगा. वहीं पंजाब और गोवा में चुनाव चार फरवरी को जबकि उत्तर प्रदेश समेत तीन अन्य राज्यों में उसके बाद चुनाव होंगे. कुछ राजनीतिक दल राष्ट्रपति और चुनाव आयोग से मिलकर एक फरवरी को बजट पेश किये जाने के निर्णय पर विरोध जताया. जेटली ने कहा कि बजट पहले पेश करने के पीछे प्रमुख कारणों में खर्च पहले शुरू करना है क्योंकि अबतक की जो स्थिति थी, उसमें खर्च मानसून के बाद शुरू हो पाता था. उन्होंने कहा, ‘वास्तविक व्यय मानसून के बाद आधा वर्ष बीत जाने के बजाए अप्रैल से होना चाहिए. इसी कारण हमने बजट पहले पेश करने का फैसला किया है.’
पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव 4 फरवरी से शुरू हो रहे हैं राजनीतिक दल चाहते हैं कि बजट 1 फरवरी को पेश न किया जाए इस पर जेटली का कहना है कि आखिर आप डर क्यों रहे हैं...
6
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: चीन में 50 साल से अधिक की उम्र वाले लोगों में एचआईवी और एड्स के मामलों में भारी वृद्धि देखने को मिली है। चीनी स्वास्थ्य अधिकारियों को कहना है कि इस मामले में जरूरी हस्तक्षेप करने की जरूरत है।टिप्पणियां सरकार के महामारी निरीक्षण आंकड़ों के अनुसार, पिछले कुछ सालों में दक्षिणी चीन के ग्वांगझी जुआंग स्वायत्त क्षेत्र में दर्ज हुए एचआईवी के नए मामलों में लगभग 40 प्रतिशत ऐसे हैं, जिनमें पीड़ित पुरुषों की उम्र 50 साल या इससे अधिक है। बाकी देश में यह आंकड़ा 20 प्रतिशत का है। नेशनल सेंटर फॉर एड्स (एसटीडी कंट्रोल एंड प्रिवेंशन) के निदेशक वू जुन्यो ने बताया, दुनियाभर में यह चलन अब तक चीन में ही पहचाना गया है। बड़ी उम्र के इन लोगों में अधिकतर को यह संक्रमण वेश्यावृत्ति के जरिये मिला है। सरकार के महामारी निरीक्षण आंकड़ों के अनुसार, पिछले कुछ सालों में दक्षिणी चीन के ग्वांगझी जुआंग स्वायत्त क्षेत्र में दर्ज हुए एचआईवी के नए मामलों में लगभग 40 प्रतिशत ऐसे हैं, जिनमें पीड़ित पुरुषों की उम्र 50 साल या इससे अधिक है। बाकी देश में यह आंकड़ा 20 प्रतिशत का है। नेशनल सेंटर फॉर एड्स (एसटीडी कंट्रोल एंड प्रिवेंशन) के निदेशक वू जुन्यो ने बताया, दुनियाभर में यह चलन अब तक चीन में ही पहचाना गया है। बड़ी उम्र के इन लोगों में अधिकतर को यह संक्रमण वेश्यावृत्ति के जरिये मिला है। नेशनल सेंटर फॉर एड्स (एसटीडी कंट्रोल एंड प्रिवेंशन) के निदेशक वू जुन्यो ने बताया, दुनियाभर में यह चलन अब तक चीन में ही पहचाना गया है। बड़ी उम्र के इन लोगों में अधिकतर को यह संक्रमण वेश्यावृत्ति के जरिये मिला है।
यह एक सारांश है: चीन में 50 साल से अधिक की उम्र वाले लोगों में एचआईवी और एड्स के मामलों में भारी वृद्धि देखने को मिली है। स्वास्थ्य अधिकारियों को कहना है कि इस मामले में जरूरी हस्तक्षेप करने की जरूरत है।
16
['hin']
एक सारांश बनाओ: अक्षय कुमार, करीना कपूर (Kareena Kapoor), कियारा आडवाणी और दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'गुड न्यूज' का ट्रेलर सोमवार को रिलीज हुआ और रिलीज के तुरंत बाद इस फिल्म के मिम्स बनने लगे हैं. सोशल मीडिया पर इस फिल्म के ट्रेलर की खूब तारीफ होती है. 'गुड न्यूज' के ट्रेलर (Good Newwz Trailer) को देखकर एक बात जो समझ आती है कि यह फिल्म विट्रो फर्टिलाइजेशन (IVF) पर आधारित है. यह फिल्म करण जौहर के धर्मा प्रोडक्शन बैनर तले बन रही है. गुड़ न्यूज से राज मेहता बतौर डायरेक्टर डेब्यू करेंगे. अगर आप गुड न्यूज की रिलीज (Good Newwz Release Date) डेट जानना चाहते हैं तो हम आपको बता दें फिल्म 27 दिसंबर को रिलीज होगी. इस फिल्म में अक्षय और करीना के साथ ही साथ कियारा आडवाणी और दिलजीत दोसांझ (Diljit Dosanjh) की जोड़ी भी दिखेगी. बहरहाल, इस यह एक कॉमेडी फिल्म के तौर पर बनाई जा रही है. इस फिल्म में एक चीज का जिक्र है विट्रो फर्टिलाइजेशन यानी आईवीएफ (IVF). तो चलिए जानते हैं कि आईवीएफ (In Vitro Fertilisation) क्या होता है.  सिजेरियन से बचने के लिए गर्भावस्था में करें ये 5 काम, होगी नॉर्मल डिलीवरी... What Is PCOD, PCOS: क्या है पीसीओडी या पीसीओएस, प्रकार, लक्षण और कारण ऐसे जोड़े जो प्राकृतिक तरीके से गर्भधारण में समस्या का सामना कर रहे हों उन्हें अक्सर आईवीएफ की सलाह दी जाती है. आमतौर पर जब महिला और पुरुष संबंध बनाते हैं तो महिलाओं के एग और पुरुष स्पर्म से गर्भधारण की प्रक्रिया होती है. लेकिन जब ऐसा नहीं हो पाता तो महिला के एग और पुरुष स्पर्म को महिला के गर्भ में विकसित करने के बजाए लेबोरेटरी में विकसित किया जाता है. इसके बाद भ्रूण को फाइन प्लास्टिक ट्यूब से गर्भाशय में प्रतिरोपित कर दिया जाता है. इस प्रक्रिया में तकरीबन दो या तीन हफ्ते लग जाते हैं. इसी तकनीक को विट्रो फर्टिलाइजेशन (In vitro fertilisation) यानी आईवीएफ (IVF) कहते हैं. Stomach Pain: पेट से जुड़ी हर बीमारी को दूर करेंगे ये घरेलू नुस्खे, और भी हैं कई फायदे! 1. हालांकि यह बात पूरी तरह से आपके डॉक्टर की सलाह पर निर्भर करती है. लेकिन आईवीएफ के बाद कुछ समय तक शारीरिक संबंध न बनाने की सलाह दी जाती है.  2. हम आपको हमेशा एक्सरसाइज करने की सलाह देते हैं. लेकिन आईवीएफ के बाद कुछ समय तक व्यायाम से बचें.  3. अगर आप वजन कम करने के लिए किसी खास डाइट को फॉलो कर रहे हैं, तो अपने डॉक्टर से इस बारे में बात करें.  4. आईवीएफ करवाने के बाद वजनदार सामान उठाने से परहेज करना चाहिए. रोजाना इन 4 बातों को रखेंगे याद, तो बीमारियां रहेंगी दूर, जानें फिट और हेल्दी रहने का राज   5. अगर आपको बाथ टब में नहाना पसंद है, तो कुछ दिन के लिए इसे नजरअंदाज करें. आप अपने डॉक्टर से पूछ सकते हैं कि आईवीएफ ट्रीटमेंट के कितने समय बाद तक बाथ टब में नहीं नहाना चाहिए.  6. आईवीएफ तकनीक का इस्तेमाल करने के बाद एक्कोहल, ड्रग्स, स्मोकिंग जैसी चीजों से दूरी बनाने की सलाह दी जाती है. और खबरों के लिए क्लिक करें. Weight Loss: तेजी से वजन घटाने के साथ ही लंबी उम्र भी दे सकती है Intermittent Fasting, पढ़ें इंटरमिटेंट फास्टिंग के फायदे
संक्षिप्त सारांश: फिल्म 'गुड न्यूज' का ट्रेलर सोमवार को रिलीज हुआ. यह फिल्म विट्रो फर्टिलाइजेशन (IVF) पर आधारित है. फिल्म 27 दिसंबर को रिलीज होगी.
8
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: राजधानी में शुक्रवार सुबह भारी बारिश होने से शहर के कई इलाकों में पानी जमा हो गया, जिसके चलते यातायात प्रभावित हुआ है। सुबह शहर के कई हिस्सों में पानी जमा होने से लोगों को घरों से कार्यस्थल तक जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सुबह साढ़े आठ बजे तक पिछले 24 घंटे के दौरान 34.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। महत्वपूर्ण सड़कों पर जल जमाव के कारण अफरा-तफरी फैल गई। लक्ष्मी नगर, मॉडल टाउन, प्रीत विहार, आरके पुरम और जनकपुरी जैसे इलाकों में सड़कों और गलियों में पानी जमा हो गया है और वाहनों को पानी में चलाना पड़ा। यातायात से परेशान कुछ नियमित यात्रा करने वाले लोगों ने अपने वाहन मेट्रो स्टेशन के नजदीक खड़े कर दिए और मेट्रो से अपने गंतव्य तक पहुंचे। एक सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल अनुपम ने बताया कि सुबह नौ बजे मैं घर से ऑफिस के लिए रवाना हुआ और कनॉट प्लेस पहुंचने में मुझे एक घंटा लग गया। आमतौर पर मुझे वहां पहुंचने में 15 मिनट का समय लगता है। आज का न्यूनतम तापमान 25.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कल का अधिकतम तापपान 34.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।
संक्षिप्त पाठ: राजधानी में शुक्रवार सुबह भारी बारिश होने से शहर के कई इलाकों में पानी जमा हो गया, जिसके चलते यातायात प्रभावित हुआ है।
27
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: राजधानी दिल्ली के रोहिणी में कुछ बदमाश दिन दहाड़े एक बिल्डर के दफ्तर पर फायरिंग करके फरार हो गए। यह घटना सेक्टर 11 की है जहां बिल्डर राजू के दफ्तर पर कुछ युवक आए और राजू के बारे में पूछताछ करने लगे। वहां मौजूद मैनेजर ने जब उसके बारे में कोई जानकारी ना होने की बात कही तो युवकों ने पिस्तौल निकाल ली और गोलियां चलानी शुरू कर दी। हमले के समय दफ्तर में मैनेजर के अलावा कुछ और लोग भी मौजूद थे जो कि बाल-बाल बच गए। यह पूरी घटना बिल्डर के दफ्तर में लगे सीसीटीवी में कैद हो गई है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच शुरू कर दी है। वहां मौजूद मैनेजर ने जब उसके बारे में कोई जानकारी ना होने की बात कही तो युवकों ने पिस्तौल निकाल ली और गोलियां चलानी शुरू कर दी। हमले के समय दफ्तर में मैनेजर के अलावा कुछ और लोग भी मौजूद थे जो कि बाल-बाल बच गए। यह पूरी घटना बिल्डर के दफ्तर में लगे सीसीटीवी में कैद हो गई है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच शुरू कर दी है।
सारांश: राजधानी दिल्ली के रोहिणी में कुछ बदमाश दिन दहाड़े एक बिल्डर के दफ्तर पर फायरिंग करके फरार हो गए। यह घटना सेक्टर 11 की है।
7
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: पाकिस्तान ने शनिवार को पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के देश छोड़ने पर रोक लगा दी है। एक दिन पहले ही पाकिस्तान की एक अदालत ने मुशर्रफ को देश छोड़ने से प्रतिबंधित करने संबंधी आदेश जारी किए थे। समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने 'रेडिया पाकिस्तान' के हवाले से कहा है कि पाकिस्तान के आंतरिक मामलों के मंत्रालय ने एक निर्देश जारी कर आव्रजन अधिकारियों को एग्जिट कंट्रोल लिस्ट में मुशर्रफ का नाम शामिल करने के आदेश दिए। मंत्रालय ने हवाई अड्डों पर आव्रजन मामलों की देखरेख करने वाली संस्था, संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) को भी एक अधिसूचना जारी की। मुशर्रफ चार वर्ष के आत्म-निर्वासन के बाद पाकिस्तान लौटे हैं तथा अपने शासनकाल के दौरान सरकार की असफलताओं के आरोप में अनेक अदालती मामलों का सामना कर रहे हैं। उन पर लगे आरोपों में पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो को सरकारी सुरक्षा प्रदान न करने का मामला भी है, जिसके कारण आत्मघाती हमले में 2007 में भुट्टो की मौत हो गई थी।टिप्पणियां मुशर्रफ अपने राजनीतिक दल आल पाकिस्तान मुस्लिम लीग (एपीएमएल) का नेतृत्व कर रहे हैं तथा 11 मई को होने वाले आम चुनावों में खड़े होंगे।   पूर्व सैन्य तानाशाह मुशर्रफ करीब चार साल के स्वनिर्वासन के बाद रविवार को पाकिस्तान लौटे। इस दौरान वह लंदन व दुबई में रहे। उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को एक अदालत ने तीन लाख रुपये (3,000 डॉलर) के मुचलके पर मुशर्रफ को वर्ष 2007 में बेनजीर की हत्या, वर्ष 2007 में न्यायाधीशों को गैर-कानूनी ढंग से बर्खास्त करने और वर्ष 2006 में बलूचिस्तान में विद्रोही बलूच नेता अकबर बुग्ती की संदेहास्पद परिस्थितियों में मौत के मामले में जमानत दी है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने 'रेडिया पाकिस्तान' के हवाले से कहा है कि पाकिस्तान के आंतरिक मामलों के मंत्रालय ने एक निर्देश जारी कर आव्रजन अधिकारियों को एग्जिट कंट्रोल लिस्ट में मुशर्रफ का नाम शामिल करने के आदेश दिए। मंत्रालय ने हवाई अड्डों पर आव्रजन मामलों की देखरेख करने वाली संस्था, संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) को भी एक अधिसूचना जारी की। मुशर्रफ चार वर्ष के आत्म-निर्वासन के बाद पाकिस्तान लौटे हैं तथा अपने शासनकाल के दौरान सरकार की असफलताओं के आरोप में अनेक अदालती मामलों का सामना कर रहे हैं। उन पर लगे आरोपों में पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो को सरकारी सुरक्षा प्रदान न करने का मामला भी है, जिसके कारण आत्मघाती हमले में 2007 में भुट्टो की मौत हो गई थी।टिप्पणियां मुशर्रफ अपने राजनीतिक दल आल पाकिस्तान मुस्लिम लीग (एपीएमएल) का नेतृत्व कर रहे हैं तथा 11 मई को होने वाले आम चुनावों में खड़े होंगे।   पूर्व सैन्य तानाशाह मुशर्रफ करीब चार साल के स्वनिर्वासन के बाद रविवार को पाकिस्तान लौटे। इस दौरान वह लंदन व दुबई में रहे। उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को एक अदालत ने तीन लाख रुपये (3,000 डॉलर) के मुचलके पर मुशर्रफ को वर्ष 2007 में बेनजीर की हत्या, वर्ष 2007 में न्यायाधीशों को गैर-कानूनी ढंग से बर्खास्त करने और वर्ष 2006 में बलूचिस्तान में विद्रोही बलूच नेता अकबर बुग्ती की संदेहास्पद परिस्थितियों में मौत के मामले में जमानत दी है। मंत्रालय ने हवाई अड्डों पर आव्रजन मामलों की देखरेख करने वाली संस्था, संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) को भी एक अधिसूचना जारी की। मुशर्रफ चार वर्ष के आत्म-निर्वासन के बाद पाकिस्तान लौटे हैं तथा अपने शासनकाल के दौरान सरकार की असफलताओं के आरोप में अनेक अदालती मामलों का सामना कर रहे हैं। उन पर लगे आरोपों में पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो को सरकारी सुरक्षा प्रदान न करने का मामला भी है, जिसके कारण आत्मघाती हमले में 2007 में भुट्टो की मौत हो गई थी।टिप्पणियां मुशर्रफ अपने राजनीतिक दल आल पाकिस्तान मुस्लिम लीग (एपीएमएल) का नेतृत्व कर रहे हैं तथा 11 मई को होने वाले आम चुनावों में खड़े होंगे।   पूर्व सैन्य तानाशाह मुशर्रफ करीब चार साल के स्वनिर्वासन के बाद रविवार को पाकिस्तान लौटे। इस दौरान वह लंदन व दुबई में रहे। उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को एक अदालत ने तीन लाख रुपये (3,000 डॉलर) के मुचलके पर मुशर्रफ को वर्ष 2007 में बेनजीर की हत्या, वर्ष 2007 में न्यायाधीशों को गैर-कानूनी ढंग से बर्खास्त करने और वर्ष 2006 में बलूचिस्तान में विद्रोही बलूच नेता अकबर बुग्ती की संदेहास्पद परिस्थितियों में मौत के मामले में जमानत दी है। मुशर्रफ चार वर्ष के आत्म-निर्वासन के बाद पाकिस्तान लौटे हैं तथा अपने शासनकाल के दौरान सरकार की असफलताओं के आरोप में अनेक अदालती मामलों का सामना कर रहे हैं। उन पर लगे आरोपों में पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो को सरकारी सुरक्षा प्रदान न करने का मामला भी है, जिसके कारण आत्मघाती हमले में 2007 में भुट्टो की मौत हो गई थी।टिप्पणियां मुशर्रफ अपने राजनीतिक दल आल पाकिस्तान मुस्लिम लीग (एपीएमएल) का नेतृत्व कर रहे हैं तथा 11 मई को होने वाले आम चुनावों में खड़े होंगे।   पूर्व सैन्य तानाशाह मुशर्रफ करीब चार साल के स्वनिर्वासन के बाद रविवार को पाकिस्तान लौटे। इस दौरान वह लंदन व दुबई में रहे। उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को एक अदालत ने तीन लाख रुपये (3,000 डॉलर) के मुचलके पर मुशर्रफ को वर्ष 2007 में बेनजीर की हत्या, वर्ष 2007 में न्यायाधीशों को गैर-कानूनी ढंग से बर्खास्त करने और वर्ष 2006 में बलूचिस्तान में विद्रोही बलूच नेता अकबर बुग्ती की संदेहास्पद परिस्थितियों में मौत के मामले में जमानत दी है। मुशर्रफ अपने राजनीतिक दल आल पाकिस्तान मुस्लिम लीग (एपीएमएल) का नेतृत्व कर रहे हैं तथा 11 मई को होने वाले आम चुनावों में खड़े होंगे।   पूर्व सैन्य तानाशाह मुशर्रफ करीब चार साल के स्वनिर्वासन के बाद रविवार को पाकिस्तान लौटे। इस दौरान वह लंदन व दुबई में रहे। उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को एक अदालत ने तीन लाख रुपये (3,000 डॉलर) के मुचलके पर मुशर्रफ को वर्ष 2007 में बेनजीर की हत्या, वर्ष 2007 में न्यायाधीशों को गैर-कानूनी ढंग से बर्खास्त करने और वर्ष 2006 में बलूचिस्तान में विद्रोही बलूच नेता अकबर बुग्ती की संदेहास्पद परिस्थितियों में मौत के मामले में जमानत दी है। उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को एक अदालत ने तीन लाख रुपये (3,000 डॉलर) के मुचलके पर मुशर्रफ को वर्ष 2007 में बेनजीर की हत्या, वर्ष 2007 में न्यायाधीशों को गैर-कानूनी ढंग से बर्खास्त करने और वर्ष 2006 में बलूचिस्तान में विद्रोही बलूच नेता अकबर बुग्ती की संदेहास्पद परिस्थितियों में मौत के मामले में जमानत दी है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पाकिस्तान ने शनिवार को पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के देश छोड़ने पर रोक लगा दी है। एक दिन पहले ही पाकिस्तान की एक अदालत ने मुशर्रफ को देश छोड़ने से प्रतिबंधित करने संबंधी आदेश जारी किए थे।
11
['hin']
एक सारांश बनाओ: स्वामी असीमानंद ने बुधवार को कहा कि वह समझौता एक्सप्रेस में बम रखने के आरोप में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा गिरफ्तार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) कार्यकर्ता कमल चौहान को नहीं जानते। कमल पर 18 फरवरी 2007 को पानीपत के निकट समझौता एक्सप्रेस में बम रखने का आरोप है। असीमानंद ने पंचकूला स्थित अदालत में बुधवार को पेशी के बाद पत्रकारों से कहा कि वह कमल को नहीं जानते। उन्होंने कहा, "मैं नहीं जानता कि कमल चौहान कौन है। यह सब एनआईए की साजिश है।" कमल ने दावा किया था कि भारत-पाकिस्तान के बीच चलने वाली समझौता एक्सप्रेस में उसने बम रखा था। दो डिब्बों में हुए विस्फोट से 68 लोगों की मौत हो गई थी, जिसमें से अधिकतर पाकिस्तानी नागरिक थे।टिप्पणियां इससे पहले असीमानंद ने अदालत में समझौता विस्फोट में अपना हाथ होने से इंकार किया। उन्होंने एनआईए पर शारीरिक एवं मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया। एनआईए ने समझौता एक्सप्रेस बम विस्फोट मामले में असीमानंद से उनकी कथित भूमिका को लेकर पूछताछ कर चुकी है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने असीमानंद को हैदराबाद की मक्का मस्जिद विस्फोट में कथित संलिप्तता पर हरिद्वार से 19 नवम्बर 2009 को गिरफ्तार किया था। असीमानंद ने पंचकूला स्थित अदालत में बुधवार को पेशी के बाद पत्रकारों से कहा कि वह कमल को नहीं जानते। उन्होंने कहा, "मैं नहीं जानता कि कमल चौहान कौन है। यह सब एनआईए की साजिश है।" कमल ने दावा किया था कि भारत-पाकिस्तान के बीच चलने वाली समझौता एक्सप्रेस में उसने बम रखा था। दो डिब्बों में हुए विस्फोट से 68 लोगों की मौत हो गई थी, जिसमें से अधिकतर पाकिस्तानी नागरिक थे।टिप्पणियां इससे पहले असीमानंद ने अदालत में समझौता विस्फोट में अपना हाथ होने से इंकार किया। उन्होंने एनआईए पर शारीरिक एवं मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया। एनआईए ने समझौता एक्सप्रेस बम विस्फोट मामले में असीमानंद से उनकी कथित भूमिका को लेकर पूछताछ कर चुकी है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने असीमानंद को हैदराबाद की मक्का मस्जिद विस्फोट में कथित संलिप्तता पर हरिद्वार से 19 नवम्बर 2009 को गिरफ्तार किया था। कमल ने दावा किया था कि भारत-पाकिस्तान के बीच चलने वाली समझौता एक्सप्रेस में उसने बम रखा था। दो डिब्बों में हुए विस्फोट से 68 लोगों की मौत हो गई थी, जिसमें से अधिकतर पाकिस्तानी नागरिक थे।टिप्पणियां इससे पहले असीमानंद ने अदालत में समझौता विस्फोट में अपना हाथ होने से इंकार किया। उन्होंने एनआईए पर शारीरिक एवं मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया। एनआईए ने समझौता एक्सप्रेस बम विस्फोट मामले में असीमानंद से उनकी कथित भूमिका को लेकर पूछताछ कर चुकी है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने असीमानंद को हैदराबाद की मक्का मस्जिद विस्फोट में कथित संलिप्तता पर हरिद्वार से 19 नवम्बर 2009 को गिरफ्तार किया था। इससे पहले असीमानंद ने अदालत में समझौता विस्फोट में अपना हाथ होने से इंकार किया। उन्होंने एनआईए पर शारीरिक एवं मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया। एनआईए ने समझौता एक्सप्रेस बम विस्फोट मामले में असीमानंद से उनकी कथित भूमिका को लेकर पूछताछ कर चुकी है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने असीमानंद को हैदराबाद की मक्का मस्जिद विस्फोट में कथित संलिप्तता पर हरिद्वार से 19 नवम्बर 2009 को गिरफ्तार किया था। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने असीमानंद को हैदराबाद की मक्का मस्जिद विस्फोट में कथित संलिप्तता पर हरिद्वार से 19 नवम्बर 2009 को गिरफ्तार किया था।
यहाँ एक सारांश है:असीमानंद ने कोर्ट में पेशी के बाद कहा कि वह कमल को नहीं जानते। उन्होंने कहा, "मैं नहीं जानता कि कमल चौहान कौन है। यह सब एनआईए की साजिश है।"
15
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी का बुरा वक्त खत्म होने की बजाय बढ़ता जा रहा है। अदालती अवमानना का नोटिस मिलने के बाद मंगलवार को गिलानी को दोहरी मार लगी। पहली यह कि उनके एक करीबी वकील का लाइसेंस निलंबित हो गया और दूसरी यह कि पद के दुरुपयोग के एक मामले में उनके आरोपी बनने की नौबत आ गई है। शीर्ष न्यायालय ने गिलानी के करीबी वकील बाबर अवान का लाइसेंस अस्थायी तौर पर निलंबित कर दिया। कई बड़े मामलों में सरकारी वकील के तौर पर काम कर रहे अवान पूर्व में कानून मंत्री भी रहे हैं। मुख्य न्यायाधीश इफ्तिखार चौधरी की अध्यक्षता वाली 11 सदस्यीय न्यायाधीशों की खंडपीठ ने अवान का लाइसेंस तब रद्द कर दिया जब वह आज सुबह पूर्व प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो को दी गई मौत की सजा की समीक्षा के मामले में अदालत आए थे।टिप्पणियां खंडपीठ ने कहा कि शीर्ष न्यायालय के प्रति अवान का व्यवहार ‘अनुपयुक्त’ है। वह अदालत की अवमानना नोटिस का जवाब देने में असफल रहे जिसकी वजह से उनके खिलाफ यह कार्रवाई की जा रही है। पिछले साल अवान ने जुल्फिकार अली भुट्टो को दी गयी सजा की समीक्षा मामले में सरकार का प्रतिनिधित्व करने के लिए कानून मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था। शीर्ष न्यायालय ने गिलानी के करीबी वकील बाबर अवान का लाइसेंस अस्थायी तौर पर निलंबित कर दिया। कई बड़े मामलों में सरकारी वकील के तौर पर काम कर रहे अवान पूर्व में कानून मंत्री भी रहे हैं। मुख्य न्यायाधीश इफ्तिखार चौधरी की अध्यक्षता वाली 11 सदस्यीय न्यायाधीशों की खंडपीठ ने अवान का लाइसेंस तब रद्द कर दिया जब वह आज सुबह पूर्व प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो को दी गई मौत की सजा की समीक्षा के मामले में अदालत आए थे।टिप्पणियां खंडपीठ ने कहा कि शीर्ष न्यायालय के प्रति अवान का व्यवहार ‘अनुपयुक्त’ है। वह अदालत की अवमानना नोटिस का जवाब देने में असफल रहे जिसकी वजह से उनके खिलाफ यह कार्रवाई की जा रही है। पिछले साल अवान ने जुल्फिकार अली भुट्टो को दी गयी सजा की समीक्षा मामले में सरकार का प्रतिनिधित्व करने के लिए कानून मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था। मुख्य न्यायाधीश इफ्तिखार चौधरी की अध्यक्षता वाली 11 सदस्यीय न्यायाधीशों की खंडपीठ ने अवान का लाइसेंस तब रद्द कर दिया जब वह आज सुबह पूर्व प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो को दी गई मौत की सजा की समीक्षा के मामले में अदालत आए थे।टिप्पणियां खंडपीठ ने कहा कि शीर्ष न्यायालय के प्रति अवान का व्यवहार ‘अनुपयुक्त’ है। वह अदालत की अवमानना नोटिस का जवाब देने में असफल रहे जिसकी वजह से उनके खिलाफ यह कार्रवाई की जा रही है। पिछले साल अवान ने जुल्फिकार अली भुट्टो को दी गयी सजा की समीक्षा मामले में सरकार का प्रतिनिधित्व करने के लिए कानून मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था। खंडपीठ ने कहा कि शीर्ष न्यायालय के प्रति अवान का व्यवहार ‘अनुपयुक्त’ है। वह अदालत की अवमानना नोटिस का जवाब देने में असफल रहे जिसकी वजह से उनके खिलाफ यह कार्रवाई की जा रही है। पिछले साल अवान ने जुल्फिकार अली भुट्टो को दी गयी सजा की समीक्षा मामले में सरकार का प्रतिनिधित्व करने के लिए कानून मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था। पिछले साल अवान ने जुल्फिकार अली भुट्टो को दी गयी सजा की समीक्षा मामले में सरकार का प्रतिनिधित्व करने के लिए कानून मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था।
यहाँ एक सारांश है:पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी का बुरा वक्त खत्म होने की बजाय बढ़ता जा रहा है।
12
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कॉमेडियन कपिल शर्मा और पूर्व क्रिकेटर-नेता नवजोत सिंह सिद्धू की ट्यूनिंग किसी से छिपी नहीं है. नवजोत हमेशा से कपिल के साथ रहे हैं, और उन्होंने किसी भी तरह के हालात में कपिल का साथ निभाया है. हाल ही में कपिल शर्मा ने कुछ ऐसा कर दिया कि इसस नवजोत का दिल टूट गया और वे उनसे गुस्सा हो गए. वैसे भी इन दिनों कपिल शर्मा अपने काम कम और पंगों की वजह से ज्यादा सुर्खियों में रहते हैं. यह भी पढ़ेंः दबाव में हैं कपिल शर्मा, जानिए उनकी तबीयत के बारे में क्या बोलीं ऑनस्क्रीन 'पत्नी' सुमोना चक्रवर्तीटिप्पणियां अगर रिपोर्ट्स पर यकीन किया जाए तो हुआ यूं कि द कपिल शर्मा शो का एक एपिसोड शूट किया जाना था. लेकिन नवजोत की तबियत नासाज थी. इसलिए वे शूटिंग में नहीं पहुंच पाए और शूटिंग को रोकना पड़ा. कपिल शर्मा ने नवजोत की कुर्सी खाली न रहे यह सोचकर अर्चना पूरन सिंह को बुला लिया. जब सिद्धू को इस बारे में पता चला तो वे खफा हो गए. माहौल को शांत करने के लिए कपिल को अर्चना को शूटिंग पर आने से मना करना पड़ा. इतने समय में जो नुक्सान होना था वह हो चुका था.  आए दिन कपिल से जुड़े किस्सों से तो ऐसा लगता है कि वे अपने काम से कुछ ज्यादा ही थक गए हैं और कॉमेडी शो तथा फिल्म की शूटिंग की थकान उनके सिर चढ़कर बोलने लगी है. या फिर कामयाबी उनके सिर चढ़कर बोल रही है... यह भी पढ़ेंः दबाव में हैं कपिल शर्मा, जानिए उनकी तबीयत के बारे में क्या बोलीं ऑनस्क्रीन 'पत्नी' सुमोना चक्रवर्तीटिप्पणियां अगर रिपोर्ट्स पर यकीन किया जाए तो हुआ यूं कि द कपिल शर्मा शो का एक एपिसोड शूट किया जाना था. लेकिन नवजोत की तबियत नासाज थी. इसलिए वे शूटिंग में नहीं पहुंच पाए और शूटिंग को रोकना पड़ा. कपिल शर्मा ने नवजोत की कुर्सी खाली न रहे यह सोचकर अर्चना पूरन सिंह को बुला लिया. जब सिद्धू को इस बारे में पता चला तो वे खफा हो गए. माहौल को शांत करने के लिए कपिल को अर्चना को शूटिंग पर आने से मना करना पड़ा. इतने समय में जो नुक्सान होना था वह हो चुका था.  आए दिन कपिल से जुड़े किस्सों से तो ऐसा लगता है कि वे अपने काम से कुछ ज्यादा ही थक गए हैं और कॉमेडी शो तथा फिल्म की शूटिंग की थकान उनके सिर चढ़कर बोलने लगी है. या फिर कामयाबी उनके सिर चढ़कर बोल रही है... अगर रिपोर्ट्स पर यकीन किया जाए तो हुआ यूं कि द कपिल शर्मा शो का एक एपिसोड शूट किया जाना था. लेकिन नवजोत की तबियत नासाज थी. इसलिए वे शूटिंग में नहीं पहुंच पाए और शूटिंग को रोकना पड़ा. कपिल शर्मा ने नवजोत की कुर्सी खाली न रहे यह सोचकर अर्चना पूरन सिंह को बुला लिया. जब सिद्धू को इस बारे में पता चला तो वे खफा हो गए. माहौल को शांत करने के लिए कपिल को अर्चना को शूटिंग पर आने से मना करना पड़ा. इतने समय में जो नुक्सान होना था वह हो चुका था.  आए दिन कपिल से जुड़े किस्सों से तो ऐसा लगता है कि वे अपने काम से कुछ ज्यादा ही थक गए हैं और कॉमेडी शो तथा फिल्म की शूटिंग की थकान उनके सिर चढ़कर बोलने लगी है. या फिर कामयाबी उनके सिर चढ़कर बोल रही है... आए दिन कपिल से जुड़े किस्सों से तो ऐसा लगता है कि वे अपने काम से कुछ ज्यादा ही थक गए हैं और कॉमेडी शो तथा फिल्म की शूटिंग की थकान उनके सिर चढ़कर बोलने लगी है. या फिर कामयाबी उनके सिर चढ़कर बोल रही है...
संक्षिप्त पाठ: लंबे समय से कपिल के साथ हैं नवजोत विवादों की वजह से सुर्खियों में रहते हैं कपिल फिरंगी की शूटिंग भी कर रहे हैं
22
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: हरियाणा के वरिष्ठ मंत्री अनिल विज का कहना है कि हिन्दू कभी आतंकवादी नहीं हो सकता, और 'हिन्दू आतंकवाद' जैसी कोई संज्ञा हो ही नहीं सकती. अनिल विज ने केंद्र की पिछली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार पर वर्ष 2007 में समझौता एक्सप्रेस ट्रेन में ब्लास्ट करने वाले पाकिस्तानियों को इसीलिए रिहा करने का आरोप लगाया, ताकि ठीकरा उनके सिर फोड़ा जा सके, जिसे कांग्रेस ने कभी 'हिन्दू आतंकवाद' कहा था. कांग्रेस को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) द्वारा किए तीखे हमलों के बाद इस बयान से पीछे हटते हुए कहना पड़ा था कि आतंकवाद का कोई धर्म या रंग नहीं होता है. यही बात पिछले तीन सालों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा विदेशमंत्री सुषमा स्वराज भी देश-विदेश में कई-कई बार कह चुके हैं कि आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता. अनिल विज ने कहा कि स्वभाव से ही हिन्दू कभी आतंकवादी बन ही नहीं सकता, क्योंकि हिन्दुओं को आतंकवाद कभी नहीं सिखाया गया. उन्होंने कहा, "अगर हिन्दू भी आतंकवादी होते, तो क्षेत्र में कभी कोई अन्य आतंकवादी होता ही नहीं..." अपने बयानों की वजह से अक्सर विवादों में घिर जाने वाले हरियाणा के मंत्री अनिल विज पर पलटवार करते हुए कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा, "उन्होंने (अनिल विज ने) सही कहा है... एक हिन्दू कभी आतंकवादी नहीं हो सकता, एक संघी आतंकवादी हो सकता है..." गौरतलब है कि बीजेपी के वैचारिक संरक्षक कहे जाने वाले संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ या आरएसएस के सदस्यों को आमतौर पर संघी कहा जाता है. वर्ष 2015 में 63-वर्षीय मंत्री ने कहा था कि योग का विरोध करने वाले सभी लोग 'गद्दार' हैं. कुछ महीने बाद उन्होंने कांग्रेस को 'अंग्रेज़ों की औलाद' कहा था, क्योंकि इस पार्टी की स्थापना ब्रिटिश नागरिक एलन ऑक्टेवियन ह्यूम (सर एओ ह्यूम) ने की थी. इसी साल बीजेपी को भी उनके बयानों की सार्वजनिक निंदा करनी पड़ी थी, जब अनिल विज ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी पर निशाना साधते हुए कहा था कि बापू की छवि से खादी को कोई लाभ नहीं मिला, और नोटों का भी अवमूल्यन हो गया. समझौता एक्सप्रेस ब्लास्ट में शामिल संदिग्धों के कुछ साल पहले पाकिस्तान लौट जाने की रिपोर्टों के बारे में पूछे जाने पर बुधवार को अनिल विज ने कांग्रेस पर हमला बोला, और कहा कि यह बहुत गंभीर मामला है कि उन्हें पाकिस्तान लौटने दिया गया.टिप्पणियां 18 फरवरी, 2007 को हरियाणा के पानीपत से गुज़रते हुए पाकिस्तान और भारत के बीच चलने वाली समझौता एक्सप्रेस में विस्फोट हुआ था, जिसमें 68 लोगों की जान चली गई थी. मरने वालों में 42 पाकिस्तानी नागरिक थे. अनिल विज ने केंद्र सरकार से ट्रेन में हुए विस्फोट की फिर जांच करवाने की मांग भी की, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि इसका (दोबारा जांच का) कोई फायदा नहीं होगा, क्योंकि आरोपी पहले ही पाकिस्तान पहुंच चुके हैं. उन्होंने कहा, "वे आपके समन का जवाब नहीं दे रहे हैं... आप जांच को कैसे पूरा करेंगे..." कांग्रेस को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) द्वारा किए तीखे हमलों के बाद इस बयान से पीछे हटते हुए कहना पड़ा था कि आतंकवाद का कोई धर्म या रंग नहीं होता है. यही बात पिछले तीन सालों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा विदेशमंत्री सुषमा स्वराज भी देश-विदेश में कई-कई बार कह चुके हैं कि आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता. अनिल विज ने कहा कि स्वभाव से ही हिन्दू कभी आतंकवादी बन ही नहीं सकता, क्योंकि हिन्दुओं को आतंकवाद कभी नहीं सिखाया गया. उन्होंने कहा, "अगर हिन्दू भी आतंकवादी होते, तो क्षेत्र में कभी कोई अन्य आतंकवादी होता ही नहीं..." अपने बयानों की वजह से अक्सर विवादों में घिर जाने वाले हरियाणा के मंत्री अनिल विज पर पलटवार करते हुए कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा, "उन्होंने (अनिल विज ने) सही कहा है... एक हिन्दू कभी आतंकवादी नहीं हो सकता, एक संघी आतंकवादी हो सकता है..." गौरतलब है कि बीजेपी के वैचारिक संरक्षक कहे जाने वाले संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ या आरएसएस के सदस्यों को आमतौर पर संघी कहा जाता है. वर्ष 2015 में 63-वर्षीय मंत्री ने कहा था कि योग का विरोध करने वाले सभी लोग 'गद्दार' हैं. कुछ महीने बाद उन्होंने कांग्रेस को 'अंग्रेज़ों की औलाद' कहा था, क्योंकि इस पार्टी की स्थापना ब्रिटिश नागरिक एलन ऑक्टेवियन ह्यूम (सर एओ ह्यूम) ने की थी. इसी साल बीजेपी को भी उनके बयानों की सार्वजनिक निंदा करनी पड़ी थी, जब अनिल विज ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी पर निशाना साधते हुए कहा था कि बापू की छवि से खादी को कोई लाभ नहीं मिला, और नोटों का भी अवमूल्यन हो गया. समझौता एक्सप्रेस ब्लास्ट में शामिल संदिग्धों के कुछ साल पहले पाकिस्तान लौट जाने की रिपोर्टों के बारे में पूछे जाने पर बुधवार को अनिल विज ने कांग्रेस पर हमला बोला, और कहा कि यह बहुत गंभीर मामला है कि उन्हें पाकिस्तान लौटने दिया गया.टिप्पणियां 18 फरवरी, 2007 को हरियाणा के पानीपत से गुज़रते हुए पाकिस्तान और भारत के बीच चलने वाली समझौता एक्सप्रेस में विस्फोट हुआ था, जिसमें 68 लोगों की जान चली गई थी. मरने वालों में 42 पाकिस्तानी नागरिक थे. अनिल विज ने केंद्र सरकार से ट्रेन में हुए विस्फोट की फिर जांच करवाने की मांग भी की, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि इसका (दोबारा जांच का) कोई फायदा नहीं होगा, क्योंकि आरोपी पहले ही पाकिस्तान पहुंच चुके हैं. उन्होंने कहा, "वे आपके समन का जवाब नहीं दे रहे हैं... आप जांच को कैसे पूरा करेंगे..." अनिल विज ने कहा कि स्वभाव से ही हिन्दू कभी आतंकवादी बन ही नहीं सकता, क्योंकि हिन्दुओं को आतंकवाद कभी नहीं सिखाया गया. उन्होंने कहा, "अगर हिन्दू भी आतंकवादी होते, तो क्षेत्र में कभी कोई अन्य आतंकवादी होता ही नहीं..." अपने बयानों की वजह से अक्सर विवादों में घिर जाने वाले हरियाणा के मंत्री अनिल विज पर पलटवार करते हुए कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा, "उन्होंने (अनिल विज ने) सही कहा है... एक हिन्दू कभी आतंकवादी नहीं हो सकता, एक संघी आतंकवादी हो सकता है..." गौरतलब है कि बीजेपी के वैचारिक संरक्षक कहे जाने वाले संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ या आरएसएस के सदस्यों को आमतौर पर संघी कहा जाता है. वर्ष 2015 में 63-वर्षीय मंत्री ने कहा था कि योग का विरोध करने वाले सभी लोग 'गद्दार' हैं. कुछ महीने बाद उन्होंने कांग्रेस को 'अंग्रेज़ों की औलाद' कहा था, क्योंकि इस पार्टी की स्थापना ब्रिटिश नागरिक एलन ऑक्टेवियन ह्यूम (सर एओ ह्यूम) ने की थी. इसी साल बीजेपी को भी उनके बयानों की सार्वजनिक निंदा करनी पड़ी थी, जब अनिल विज ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी पर निशाना साधते हुए कहा था कि बापू की छवि से खादी को कोई लाभ नहीं मिला, और नोटों का भी अवमूल्यन हो गया. समझौता एक्सप्रेस ब्लास्ट में शामिल संदिग्धों के कुछ साल पहले पाकिस्तान लौट जाने की रिपोर्टों के बारे में पूछे जाने पर बुधवार को अनिल विज ने कांग्रेस पर हमला बोला, और कहा कि यह बहुत गंभीर मामला है कि उन्हें पाकिस्तान लौटने दिया गया.टिप्पणियां 18 फरवरी, 2007 को हरियाणा के पानीपत से गुज़रते हुए पाकिस्तान और भारत के बीच चलने वाली समझौता एक्सप्रेस में विस्फोट हुआ था, जिसमें 68 लोगों की जान चली गई थी. मरने वालों में 42 पाकिस्तानी नागरिक थे. अनिल विज ने केंद्र सरकार से ट्रेन में हुए विस्फोट की फिर जांच करवाने की मांग भी की, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि इसका (दोबारा जांच का) कोई फायदा नहीं होगा, क्योंकि आरोपी पहले ही पाकिस्तान पहुंच चुके हैं. उन्होंने कहा, "वे आपके समन का जवाब नहीं दे रहे हैं... आप जांच को कैसे पूरा करेंगे..." अपने बयानों की वजह से अक्सर विवादों में घिर जाने वाले हरियाणा के मंत्री अनिल विज पर पलटवार करते हुए कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा, "उन्होंने (अनिल विज ने) सही कहा है... एक हिन्दू कभी आतंकवादी नहीं हो सकता, एक संघी आतंकवादी हो सकता है..." गौरतलब है कि बीजेपी के वैचारिक संरक्षक कहे जाने वाले संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ या आरएसएस के सदस्यों को आमतौर पर संघी कहा जाता है. वर्ष 2015 में 63-वर्षीय मंत्री ने कहा था कि योग का विरोध करने वाले सभी लोग 'गद्दार' हैं. कुछ महीने बाद उन्होंने कांग्रेस को 'अंग्रेज़ों की औलाद' कहा था, क्योंकि इस पार्टी की स्थापना ब्रिटिश नागरिक एलन ऑक्टेवियन ह्यूम (सर एओ ह्यूम) ने की थी. इसी साल बीजेपी को भी उनके बयानों की सार्वजनिक निंदा करनी पड़ी थी, जब अनिल विज ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी पर निशाना साधते हुए कहा था कि बापू की छवि से खादी को कोई लाभ नहीं मिला, और नोटों का भी अवमूल्यन हो गया. समझौता एक्सप्रेस ब्लास्ट में शामिल संदिग्धों के कुछ साल पहले पाकिस्तान लौट जाने की रिपोर्टों के बारे में पूछे जाने पर बुधवार को अनिल विज ने कांग्रेस पर हमला बोला, और कहा कि यह बहुत गंभीर मामला है कि उन्हें पाकिस्तान लौटने दिया गया.टिप्पणियां 18 फरवरी, 2007 को हरियाणा के पानीपत से गुज़रते हुए पाकिस्तान और भारत के बीच चलने वाली समझौता एक्सप्रेस में विस्फोट हुआ था, जिसमें 68 लोगों की जान चली गई थी. मरने वालों में 42 पाकिस्तानी नागरिक थे. अनिल विज ने केंद्र सरकार से ट्रेन में हुए विस्फोट की फिर जांच करवाने की मांग भी की, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि इसका (दोबारा जांच का) कोई फायदा नहीं होगा, क्योंकि आरोपी पहले ही पाकिस्तान पहुंच चुके हैं. उन्होंने कहा, "वे आपके समन का जवाब नहीं दे रहे हैं... आप जांच को कैसे पूरा करेंगे..." वर्ष 2015 में 63-वर्षीय मंत्री ने कहा था कि योग का विरोध करने वाले सभी लोग 'गद्दार' हैं. कुछ महीने बाद उन्होंने कांग्रेस को 'अंग्रेज़ों की औलाद' कहा था, क्योंकि इस पार्टी की स्थापना ब्रिटिश नागरिक एलन ऑक्टेवियन ह्यूम (सर एओ ह्यूम) ने की थी. इसी साल बीजेपी को भी उनके बयानों की सार्वजनिक निंदा करनी पड़ी थी, जब अनिल विज ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी पर निशाना साधते हुए कहा था कि बापू की छवि से खादी को कोई लाभ नहीं मिला, और नोटों का भी अवमूल्यन हो गया. समझौता एक्सप्रेस ब्लास्ट में शामिल संदिग्धों के कुछ साल पहले पाकिस्तान लौट जाने की रिपोर्टों के बारे में पूछे जाने पर बुधवार को अनिल विज ने कांग्रेस पर हमला बोला, और कहा कि यह बहुत गंभीर मामला है कि उन्हें पाकिस्तान लौटने दिया गया.टिप्पणियां 18 फरवरी, 2007 को हरियाणा के पानीपत से गुज़रते हुए पाकिस्तान और भारत के बीच चलने वाली समझौता एक्सप्रेस में विस्फोट हुआ था, जिसमें 68 लोगों की जान चली गई थी. मरने वालों में 42 पाकिस्तानी नागरिक थे. अनिल विज ने केंद्र सरकार से ट्रेन में हुए विस्फोट की फिर जांच करवाने की मांग भी की, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि इसका (दोबारा जांच का) कोई फायदा नहीं होगा, क्योंकि आरोपी पहले ही पाकिस्तान पहुंच चुके हैं. उन्होंने कहा, "वे आपके समन का जवाब नहीं दे रहे हैं... आप जांच को कैसे पूरा करेंगे..." समझौता एक्सप्रेस ब्लास्ट में शामिल संदिग्धों के कुछ साल पहले पाकिस्तान लौट जाने की रिपोर्टों के बारे में पूछे जाने पर बुधवार को अनिल विज ने कांग्रेस पर हमला बोला, और कहा कि यह बहुत गंभीर मामला है कि उन्हें पाकिस्तान लौटने दिया गया.टिप्पणियां 18 फरवरी, 2007 को हरियाणा के पानीपत से गुज़रते हुए पाकिस्तान और भारत के बीच चलने वाली समझौता एक्सप्रेस में विस्फोट हुआ था, जिसमें 68 लोगों की जान चली गई थी. मरने वालों में 42 पाकिस्तानी नागरिक थे. अनिल विज ने केंद्र सरकार से ट्रेन में हुए विस्फोट की फिर जांच करवाने की मांग भी की, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि इसका (दोबारा जांच का) कोई फायदा नहीं होगा, क्योंकि आरोपी पहले ही पाकिस्तान पहुंच चुके हैं. उन्होंने कहा, "वे आपके समन का जवाब नहीं दे रहे हैं... आप जांच को कैसे पूरा करेंगे..." 18 फरवरी, 2007 को हरियाणा के पानीपत से गुज़रते हुए पाकिस्तान और भारत के बीच चलने वाली समझौता एक्सप्रेस में विस्फोट हुआ था, जिसमें 68 लोगों की जान चली गई थी. मरने वालों में 42 पाकिस्तानी नागरिक थे. अनिल विज ने केंद्र सरकार से ट्रेन में हुए विस्फोट की फिर जांच करवाने की मांग भी की, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि इसका (दोबारा जांच का) कोई फायदा नहीं होगा, क्योंकि आरोपी पहले ही पाकिस्तान पहुंच चुके हैं. उन्होंने कहा, "वे आपके समन का जवाब नहीं दे रहे हैं... आप जांच को कैसे पूरा करेंगे..." अनिल विज ने केंद्र सरकार से ट्रेन में हुए विस्फोट की फिर जांच करवाने की मांग भी की, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि इसका (दोबारा जांच का) कोई फायदा नहीं होगा, क्योंकि आरोपी पहले ही पाकिस्तान पहुंच चुके हैं. उन्होंने कहा, "वे आपके समन का जवाब नहीं दे रहे हैं... आप जांच को कैसे पूरा करेंगे..."
संक्षिप्त पाठ: हरियाणा के मंत्री अनिल विज ने कहा, हिन्दू कभी आतंकवादी नहीं हो सकता उनके मुताबिक 'हिन्दू आतंकवाद' जैसी कोई संज्ञा नहीं हो सकती दिग्विजय सिंह ने कहा, हिन्दू नहीं हो सकता, संघी आतंकवादी हो सकता है
27
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: ब्रितानी टैंकर को ईरान द्वारा जब्त किए जाने के चलते क्षेत्र में पहले से ही व्याप्त तनाव बढ़ जाने के बीच कुछ प्रभावित मीडिया संगठनों ने आशंका जताई है कि ये रोक जब्ती से जुड़ी खबरे देनें के कारण लगाई गई है. लेकिन सोशल नेटवर्किंग सेवा का कहना है कि यह बहाई धर्म से जुड़े लोगों को निशाना बनाकर उनके उत्पीड़न के खिलाफ की गई कार्रवाई है. बहाई अल्पसंख्यक समुदाय है जिसने लंबे से ईरान में दमन झेला है. ट्विटर ने बंद किए गए खातों का नाम नहीं बताया लेकिन कहा कि मामले की जांच जारी है. सभी ईरानी सरकारी मीडिया संगठनों के अकाउंट पर अंग्रेजी में लिखे संदेश में कहा गया है, 'अकाउंट बंद कर दिया गया है. ट्विटर नियमों का उल्लंघन करने वाले अकाउंट को ट्विटर ने बंद किया है.' उत्तर प्रदेश: बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही आई सामने, बुजुर्ग को धमाया 128 करोड़ रुपये का बिल ईरान की मेहर संवाद समिति ने कहा कि फारसी भाषा का उसका अकाउंट शुक्रवार देर रात से ही बंद कर दिया गया मालूम होता है. इससे पहले उसने होरमुज जलडमरुमध्य में टैंकर स्टेना इंपेरो की जब्ती को लेकर खबर दी थी. मेहर के फारसी भाषा वाले ट्विटर पेज के अलावा सरकारी संवाद समिति आईआरएनए और यंग जर्नलिस्ट्स क्लब की एजेंसी का पेज भी शनिवार को खुल नहीं रहा था. मेहर ने गौर किया कि विदेश नीति पर साक्षात्कार एवं विश्लेषणों को प्रकाशित करने वाले उसका 'मेहर डिप्लोमेसी' का अकाउंट भी ऑफलाइन है.  आजम खान के बयान पर भड़के ये बॉलीवुड एक्टर, कहा- अब जा सकते हो पाकिस्तान, मैं दिलवाता हूं टिकट बंद किए गए अकाउंट के किसी भी मालिक ने यह नहीं कहा कि ट्विटर के इस कदम के लिए उन्हें कोई कारण बताया गया हो। ट्विटर ईरान में प्रतिबंधित है लेकिन कई अधिकारियों के इस पर अकाउंट हैं और लोग वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (वीपीएन) का इस्तेमाल कर इन तक पहुंचते हैं. (इनपुट:भाषा)
संक्षिप्त सारांश: ईरान के सरकारी मीडिया संगठनों के अकाउंट ट्विटर ने किए बंद ट्विटर ने बंद किए गए खातों का नाम नहीं बताया कहा- मामले की जांच जारी है
29
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पेंटागन के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा है कि अमेरिका, चीन के साथ हथियारों की होड़ या किसी तरह के टकराव का इच्छुक नहीं है।टिप्पणियां ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल मार्टिन डेमप्से ने सीएनएन के फरीद जकारिया के साथ बातचीत में कहा, ‘‘मैं समझता हूं कि चीन के साथ अपने संबंधों को मजबूत करने के लिए उत्तरदायित्व से अधिक, सुनहरा अवसर है।’’ एक सवाल के जवाब में डेमप्से ने कहा,  ‘‘मैं व्यक्तिगत तौर पर, चीन के साथ हथियारों की होड़ या किसी तरह के टकराव के बजाय बेहतर परिणामों के लिए प्रतिबद्ध हूं।’’ एशिया प्रशांत क्षेत्र पर अधिक ध्यान केन्द्रित करने के ओबामा प्रशासन के फैसले को पेंटागन के शीर्ष जनरल ने उचित ठहराया। उन्होंने कहा,  ‘‘आप जानते हैं कि हमारी नई रणनीति यह है कि हम लोगों ने प्रशांत क्षेत्र में एक बार फिर से खुद को संतुलित करने का फैसला किया है। और ऐसा करते हुए हम कोई रुख नहीं बदल रहे हैं।’’ डेमप्से ने कहा, ‘‘वास्तव में हमने कभी भी प्रशांत क्षेत्र को नहीं छोड़ा लेकिन हम इस क्षेत्र पर और अधिक ध्यान देना चाहते हैं।’’ ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल मार्टिन डेमप्से ने सीएनएन के फरीद जकारिया के साथ बातचीत में कहा, ‘‘मैं समझता हूं कि चीन के साथ अपने संबंधों को मजबूत करने के लिए उत्तरदायित्व से अधिक, सुनहरा अवसर है।’’ एक सवाल के जवाब में डेमप्से ने कहा,  ‘‘मैं व्यक्तिगत तौर पर, चीन के साथ हथियारों की होड़ या किसी तरह के टकराव के बजाय बेहतर परिणामों के लिए प्रतिबद्ध हूं।’’ एशिया प्रशांत क्षेत्र पर अधिक ध्यान केन्द्रित करने के ओबामा प्रशासन के फैसले को पेंटागन के शीर्ष जनरल ने उचित ठहराया। उन्होंने कहा,  ‘‘आप जानते हैं कि हमारी नई रणनीति यह है कि हम लोगों ने प्रशांत क्षेत्र में एक बार फिर से खुद को संतुलित करने का फैसला किया है। और ऐसा करते हुए हम कोई रुख नहीं बदल रहे हैं।’’ डेमप्से ने कहा, ‘‘वास्तव में हमने कभी भी प्रशांत क्षेत्र को नहीं छोड़ा लेकिन हम इस क्षेत्र पर और अधिक ध्यान देना चाहते हैं।’’ उन्होंने कहा,  ‘‘आप जानते हैं कि हमारी नई रणनीति यह है कि हम लोगों ने प्रशांत क्षेत्र में एक बार फिर से खुद को संतुलित करने का फैसला किया है। और ऐसा करते हुए हम कोई रुख नहीं बदल रहे हैं।’’ डेमप्से ने कहा, ‘‘वास्तव में हमने कभी भी प्रशांत क्षेत्र को नहीं छोड़ा लेकिन हम इस क्षेत्र पर और अधिक ध्यान देना चाहते हैं।’’
संक्षिप्त पाठ: पेंटागन के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा है कि अमेरिका, चीन के साथ हथियारों की होड़ या किसी तरह के टकराव का इच्छुक नहीं है।
22
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: Bhojpuri Cinema: दिवाली के बाद से ही बिहार सहित पूरे देश में छठ पूजा की धूम शुरू हो जाती है. चारों तरफ छठ पूजा (Chhath Puja Geet) के गीत बजने शुरू हो जाते हैं. इस बार भी भोजपुरी के मशहूर कलाकारों जैसे पवन सिंह (Pawan Singh), खेसारी लाल यादव (Khesari Lal Yadav), निरहुआ (Nirahua) के छठ गीत धमाल मचा रहे हैं. बिहार और यूपी के कई इलाकों में छठ पूजा के सॉन्ग लोगों की जुबान पर चढ़ते जा रहे हैं. छठ पूजा के मौके पर पर इन भोजपुरी सॉन्ग (Bhojpuri Songs) ने धमाल मचा दिया है. देखें छठ पूजा के 5 धमाकेदार वीडियो... छठी मइया (Chhathi Maiya) के महापर्व छठ पूजा (Chhath Puja) के दौरान भक्तों में भोजपुरी गानों (Bhojpuri Songs) की बड़ी धूम रहती है. नहाए-खाय (Nahay Khay) या खरना प्रसाद (Kharna or lohanda) हो या फिर सूर्य देव को अर्घ्य देने की बात हो सभी भक्त भोजपुरी भक्ति गानों (Bhojpuri Bhakti Songs) की भक्ति में डूब जाते हैं. इस बार छठ पूजा (Chhath Puja) 31 अक्टूबर से शुरू हो रही है. जिसका समापन 03 नवंबर सुबह सूर्य देव को अर्घ्य देने के साथ होगा. इस दौरान पूरे बिहार में ही नहीं उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल और नेपाल में भी छठी मइया (Chhathi Maiya) की ही भक्ति दिखाई देगी.
सारांश: छठ पूजा के मौके पर भोजपुरी गानों की धूम खेसारी लाल यादव और पवन सिंह का धमाल निरहुआ का गाना भी खूब सुना जा रहा है
7
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि लेखक सलमान रुश्दी जयपुर साहित्य महोत्सव में भाग लेने के लिए भारत आ पाएंगे या नहीं। लेकिन राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि रुश्दी के दौरे से सुरक्षा व्यवस्था की समस्या आ सकती है। आयोजकों का कहना है कि उन्होंने ‘मिडनाइट्स चिल्ड्रन’ के लेखक रुश्दी को आमंत्रण भेजा है। लेकिन गहलोत ने गृह मंत्री पी चिदंबरम से साफ कहा है कि उनके दौरे को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है। गहलोत ने चिदंबरम से मुलाकात कर अन्य बातों के साथ साथ इस मुद्दे पर भी चर्चा की। उन्होंने गृह मंत्री से कहा कि राजस्थान के लोग नहीं चाहते कि रुश्दी आएं। उन्होंने राज्य सरकार को प्रतिनिधियों के माध्यम से अपनी भावनाओं से अवगत कराया है। चिदंबरम से मुलाकात के बाद गहलोत ने संवाददाताओं से कहा ‘‘मुझे यह आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है कि रुश्दी आ रहे हैं या नहीं। हमें कोई आधिकारिक सूचना नहीं दी गई है। स्थानीय लोगों ने प्रतिक्रिया जताई है और वह नहीं चाहते कि रूश्दी आएं।’’ मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्य सचिव साहित्य महोत्सव के आयोजकों के साथ संपर्क बनाए हुए हैं। यह महोत्सव 20 जनवरी से शुरू हो कर 25 जनवरी तक चलेगा। गहलोत ने चिदंबरम से मुलाकात कर अन्य बातों के साथ साथ इस मुद्दे पर भी चर्चा की। उन्होंने गृह मंत्री से कहा कि राजस्थान के लोग नहीं चाहते कि रुश्दी आएं। उन्होंने राज्य सरकार को प्रतिनिधियों के माध्यम से अपनी भावनाओं से अवगत कराया है। चिदंबरम से मुलाकात के बाद गहलोत ने संवाददाताओं से कहा ‘‘मुझे यह आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है कि रुश्दी आ रहे हैं या नहीं। हमें कोई आधिकारिक सूचना नहीं दी गई है। स्थानीय लोगों ने प्रतिक्रिया जताई है और वह नहीं चाहते कि रूश्दी आएं।’’ मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्य सचिव साहित्य महोत्सव के आयोजकों के साथ संपर्क बनाए हुए हैं। यह महोत्सव 20 जनवरी से शुरू हो कर 25 जनवरी तक चलेगा।
यह एक सारांश है: राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि रुश्दी के दौरे से सुरक्षा व्यवस्था की समस्या आ सकती है।
2
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: देश के शेयर बाजारों में सोमवार को तेजी का रुख रहा। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 28.98 अंकों की तेजी के साथ 18,864.75 पर और निफ्टी 21.85 अंकों की तेजी के साथ 5,704.40 पर बंद हुआ। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 55.04 अंकों की तेजी के साथ 18,890.81 पर खुला और 28.98 अंकों यानी 0.15 फीसदी की तेजी के साथ 18,864.75 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में सेंसेक्स ने 18,959.48 के ऊपरी और 18,796.60 के निचले स्तर को छुआ। सेंसेक्स के 30 में से 15 शेयरों में तेजी दर्ज की गई। डॉ रेड्डीज लैब (3.34 फीसदी), भेल (2.83 फीसदी) एलएंडटी (2.18 फीसदी), इंफोसिस (1.85 फीसदी) और सिप्ला (1.20 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे स्टरलाइट इंडस्ट्रीज (4.37 फीसदी), जिदल स्टील (1.51 फीसदी), टाटा मोटर्स (1.41 फीसदी), कोल इंडिया (1.33 फीसदी) और विप्रो (1.22 फीसदी)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 14.80 अंकों की तेजी के साथ 5,697.35 पर खुला और 21.85 अंकों यानी 0.38 फीसदी की तेजी के साथ 5,704.40 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी ने 5,720.95 के ऊपरी और 5,675.90 के निचले स्तर को छुआ।   बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 78.69 अंकों की तेजी के साथ 6,220.75 पर और स्मॉलकैप 133.52 अंकों की तेजी के साथ 5,938.17 पर बंद हुआ।   बीएसई के सभी 13 में से 10 सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। रियल्टी (5.37 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (1.68),बिजली (1.09 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (0.97 फीसदी) और बैंकिंग (0.63 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई। टिप्पणियां धातु (1.22 फीसदी), वाहन (0.75 फीसदी) और तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (0.04 फीसदी) में गिरावट दर्ज की गई। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1874 शेयरों में तेजी और 869 शेयरों में गिरावट रही जबकि 92 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 55.04 अंकों की तेजी के साथ 18,890.81 पर खुला और 28.98 अंकों यानी 0.15 फीसदी की तेजी के साथ 18,864.75 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में सेंसेक्स ने 18,959.48 के ऊपरी और 18,796.60 के निचले स्तर को छुआ। सेंसेक्स के 30 में से 15 शेयरों में तेजी दर्ज की गई। डॉ रेड्डीज लैब (3.34 फीसदी), भेल (2.83 फीसदी) एलएंडटी (2.18 फीसदी), इंफोसिस (1.85 फीसदी) और सिप्ला (1.20 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे स्टरलाइट इंडस्ट्रीज (4.37 फीसदी), जिदल स्टील (1.51 फीसदी), टाटा मोटर्स (1.41 फीसदी), कोल इंडिया (1.33 फीसदी) और विप्रो (1.22 फीसदी)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 14.80 अंकों की तेजी के साथ 5,697.35 पर खुला और 21.85 अंकों यानी 0.38 फीसदी की तेजी के साथ 5,704.40 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी ने 5,720.95 के ऊपरी और 5,675.90 के निचले स्तर को छुआ।   बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 78.69 अंकों की तेजी के साथ 6,220.75 पर और स्मॉलकैप 133.52 अंकों की तेजी के साथ 5,938.17 पर बंद हुआ।   बीएसई के सभी 13 में से 10 सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। रियल्टी (5.37 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (1.68),बिजली (1.09 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (0.97 फीसदी) और बैंकिंग (0.63 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई। टिप्पणियां धातु (1.22 फीसदी), वाहन (0.75 फीसदी) और तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (0.04 फीसदी) में गिरावट दर्ज की गई। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1874 शेयरों में तेजी और 869 शेयरों में गिरावट रही जबकि 92 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। सेंसेक्स के 30 में से 15 शेयरों में तेजी दर्ज की गई। डॉ रेड्डीज लैब (3.34 फीसदी), भेल (2.83 फीसदी) एलएंडटी (2.18 फीसदी), इंफोसिस (1.85 फीसदी) और सिप्ला (1.20 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे स्टरलाइट इंडस्ट्रीज (4.37 फीसदी), जिदल स्टील (1.51 फीसदी), टाटा मोटर्स (1.41 फीसदी), कोल इंडिया (1.33 फीसदी) और विप्रो (1.22 फीसदी)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 14.80 अंकों की तेजी के साथ 5,697.35 पर खुला और 21.85 अंकों यानी 0.38 फीसदी की तेजी के साथ 5,704.40 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी ने 5,720.95 के ऊपरी और 5,675.90 के निचले स्तर को छुआ।   बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 78.69 अंकों की तेजी के साथ 6,220.75 पर और स्मॉलकैप 133.52 अंकों की तेजी के साथ 5,938.17 पर बंद हुआ।   बीएसई के सभी 13 में से 10 सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। रियल्टी (5.37 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (1.68),बिजली (1.09 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (0.97 फीसदी) और बैंकिंग (0.63 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई। टिप्पणियां धातु (1.22 फीसदी), वाहन (0.75 फीसदी) और तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (0.04 फीसदी) में गिरावट दर्ज की गई। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1874 शेयरों में तेजी और 869 शेयरों में गिरावट रही जबकि 92 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे स्टरलाइट इंडस्ट्रीज (4.37 फीसदी), जिदल स्टील (1.51 फीसदी), टाटा मोटर्स (1.41 फीसदी), कोल इंडिया (1.33 फीसदी) और विप्रो (1.22 फीसदी)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 14.80 अंकों की तेजी के साथ 5,697.35 पर खुला और 21.85 अंकों यानी 0.38 फीसदी की तेजी के साथ 5,704.40 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी ने 5,720.95 के ऊपरी और 5,675.90 के निचले स्तर को छुआ।   बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 78.69 अंकों की तेजी के साथ 6,220.75 पर और स्मॉलकैप 133.52 अंकों की तेजी के साथ 5,938.17 पर बंद हुआ।   बीएसई के सभी 13 में से 10 सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। रियल्टी (5.37 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (1.68),बिजली (1.09 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (0.97 फीसदी) और बैंकिंग (0.63 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई। टिप्पणियां धातु (1.22 फीसदी), वाहन (0.75 फीसदी) और तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (0.04 फीसदी) में गिरावट दर्ज की गई। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1874 शेयरों में तेजी और 869 शेयरों में गिरावट रही जबकि 92 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 14.80 अंकों की तेजी के साथ 5,697.35 पर खुला और 21.85 अंकों यानी 0.38 फीसदी की तेजी के साथ 5,704.40 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी ने 5,720.95 के ऊपरी और 5,675.90 के निचले स्तर को छुआ।   बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 78.69 अंकों की तेजी के साथ 6,220.75 पर और स्मॉलकैप 133.52 अंकों की तेजी के साथ 5,938.17 पर बंद हुआ।   बीएसई के सभी 13 में से 10 सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। रियल्टी (5.37 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (1.68),बिजली (1.09 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (0.97 फीसदी) और बैंकिंग (0.63 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई। टिप्पणियां धातु (1.22 फीसदी), वाहन (0.75 फीसदी) और तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (0.04 फीसदी) में गिरावट दर्ज की गई। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1874 शेयरों में तेजी और 869 शेयरों में गिरावट रही जबकि 92 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। धातु (1.22 फीसदी), वाहन (0.75 फीसदी) और तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (0.04 फीसदी) में गिरावट दर्ज की गई। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1874 शेयरों में तेजी और 869 शेयरों में गिरावट रही जबकि 92 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1874 शेयरों में तेजी और 869 शेयरों में गिरावट रही जबकि 92 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: देश के शेयर बाजारों में सोमवार को तेजी का रुख रहा। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 28.98 अंकों की तेजी के साथ 18,864.75 पर और निफ्टी 21.85 अंकों की तेजी के साथ 5,704.40 पर बंद हुआ।
19
['hin']
एक सारांश बनाओ: ’बंदूक’ कहानी है भोला केवत की, जिसका किरदार निभाया है, आदित्य ओम ने, जिन्होंने फिल्म लिखी भी है और निर्देशित भी की है। फिल्म की कहानी शुरू होती है, भोला केवत पर अत्याचार से और फिर कहानी में दिखता है कि कैसे वह बहुत बड़ा अपराधी बनकर राजनीति के दिग्गजों के हाथ की कठपुतली बन जाता है।टिप्पणियां बिहार के पृष्ठभूमि पर बनी इस फिल्म के कलाकार ज्यादा जाने-पहचाने नहीं हैं, पर फिल्म की कहानी जरूर जानी-पहचानी है, इसलिए इसमें कोई नयापन नहीं दिखता। वैसे फिल्म के कुछ सीन्स आपको रोककर रख सकते हैं। यह एक कम बजट की फिल्म है और इसे फिल्माने में भी बजट की कमी नजर आती है। आदित्य ओम ने भी काम ठीक ही किया है, पर कहानी का पुरानापन फिल्म को कमजोर बनाता है। पूरी फिल्म आप सिर्फ खून-खराबे के लिए कैसे देख सकते हैं इसलिए इस फिल्म को डेढ़ स्टार्स। बिहार के पृष्ठभूमि पर बनी इस फिल्म के कलाकार ज्यादा जाने-पहचाने नहीं हैं, पर फिल्म की कहानी जरूर जानी-पहचानी है, इसलिए इसमें कोई नयापन नहीं दिखता। वैसे फिल्म के कुछ सीन्स आपको रोककर रख सकते हैं। यह एक कम बजट की फिल्म है और इसे फिल्माने में भी बजट की कमी नजर आती है। आदित्य ओम ने भी काम ठीक ही किया है, पर कहानी का पुरानापन फिल्म को कमजोर बनाता है। पूरी फिल्म आप सिर्फ खून-खराबे के लिए कैसे देख सकते हैं इसलिए इस फिल्म को डेढ़ स्टार्स। यह एक कम बजट की फिल्म है और इसे फिल्माने में भी बजट की कमी नजर आती है। आदित्य ओम ने भी काम ठीक ही किया है, पर कहानी का पुरानापन फिल्म को कमजोर बनाता है। पूरी फिल्म आप सिर्फ खून-खराबे के लिए कैसे देख सकते हैं इसलिए इस फिल्म को डेढ़ स्टार्स।
सारांश: बिहार के पृष्ठभूमि पर बनी इस फिल्म के कलाकार ज्यादा जाने-पहचाने नहीं हैं, पर फिल्म की कहानी जरूर जानी-पहचानी है, इसलिए इसमें कोई नयापन नहीं दिखता।
5
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: सार्वजनिक क्षेत्र की तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम :ओएनजीसी: के रुख का मजबूती से समर्थन करते हुए पेट्रोलियम मंत्रालय वेदांता रिसोर्सेज द्वारा केयर्न इंडिया के 9.6 अरब डॉलर के अधिग्रहण के सौदे को मंजूरी के लिए मंत्रिमंडल के पास भेजने का फैसला किया है। पेट्रोलियम मंत्री एस जयपाल रेड्डी ने मंगलवार को कहा कि केयर्न-वेदांता के सौदे को मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति :सीसीईए: के पास भेजा जा रहा है, क्योंकि राजस्थान में केयर्न इंडिया के क्षेत्र में ओएनजीसी द्वारा की जा रही अतिरिक्त रायल्टी के मसले को सुलझाया नहीं जा सका है। रेड्डी ने कहा, यह बड़ा मसला है, इसलिए हम इसे सीसीईए के पास भेजने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सीसीईए के लिए नोट तैयार किया जा रहा है और इसे मंत्रिमंडल के पास भेजने से पहले वित्त, विधि और कंपनी मामलों के मंत्रालय की राय ली जाएगी। रेड्डी ने कहा, हम किसी क्रेता या विक्रेता को बेलआउट नहीं दे सकते। हम तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम की चिंताओं से समझौता नहीं कर सकते। रेड्डी ने कहा कि उनका मंत्रालय ओएनजीसी के इस दावे का समर्थन करता है कि केयर्न इंडिया के प्रमुख राजस्थान ब्लॉक में रायल्टी को लागत में शामिल कर मुनाफे की गणना की जानी चाहिए। ओएनजीसी राजस्थान में न केवल अपने हिस्से के 30 प्रतिशत तेल पर रायल्टी देती है, बल्कि उसे केयर्न इंडिया के 70 फीसद हिस्से के लिए भी रायल्टी का भुगतान करना पड़ता है। इस वजह से ओएनजीसी के लिए यह क्षेत्र आर्थिक दृष्टि से व्यवहारिक नहीं रह गया है। मंत्री ने कहा, हम इस प्रक्रिया को तेज करने का प्रयास कर रहे हैं। हमें लगता है कि दो-तीन हफ्ते में यह मामला सीसीईए को भेजा जाएगा।
यहाँ एक सारांश है:रेड्डी ने मंगलवार को कहा कि केयर्न-वेदांता के सौदे को मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति के पास भेजा जा रहा है।
18
['hin']
एक सारांश बनाओ: देश के शेयर बाजारों में मंगलवार को तेजी रही। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 61.56 अंकों की तेजी के साथ 19,804.03 पर और निफ्टी 9.65 अंकों की तेजी के साथ 5,850.20 पर बंद हुआ। बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 20.57 अंकों की गिरावट के साथ 19,721.90 पर खुला और 61.56 अंकों या 0.31 फीसदी की तेजी के साथ 19,804.03 पर बंद हुआ। दिन भर के कारोबार में सेंसेक्स ने 19,819.10 के ऊपरी और 19,635.44 के निचले स्तर को छुआ। सेंसेक्स के 30 में से 19 शेयरों में तेजी दर्ज की गई। तेजी वाले शेयरों में प्रमुख रहे विप्रो (5.41 फीसदी), डॉ. रेड्डीज लैब (3.69 फीसदी), टीसीएस (2.38 फीसदी), जिंदल स्टील (1.94 फीसदी) और सेसा गोआ (1.89 फीसदी)। सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में सन फार्मा (3.22 फीसदी), ओएनजीसी (2.30 फीसदी), एनटीपीसी (1.75 फीसदी), हीरो मोटोकॉर्प (1.21 फीसदी) और टाटा स्टील (1.20 फीसदी) प्रमुख रहे। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 16.35 अंकों की गिरावट के साथ 5,824.20 पर खुला और 9.65 अंकों या 0.17 फीसदी की तेजी के साथ 5,850.20 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 5,857.80 के ऊपरी और 5,804.90 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में हालांकि गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप 22.70 अंकों की गिरावट के साथ 5,575.99 पर और स्मॉलकैप 4.51 अंकों की गिरावट के साथ 5,473.20 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से पांच सेक्टरों सूचना प्रौद्योगिकी (2.15 फीसदी), प्रौद्योगिकी (1.70 फीसदी), धातु (0.84 फीसदी), वाहन (0.73 फीसदी) और तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (0.68 फीसदी) में तेजी रही।टिप्पणियां बीएसई के गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे रियल्टी (0.87 फीसदी), बिजली (0.83 फीसदी), बैंकिंग (0.80 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.75 फीसदी) और पूंजीगत वस्तु (0.66 फीसदी)। बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 1,093 शेयरों में तेजी और 1,249 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 143 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 20.57 अंकों की गिरावट के साथ 19,721.90 पर खुला और 61.56 अंकों या 0.31 फीसदी की तेजी के साथ 19,804.03 पर बंद हुआ। दिन भर के कारोबार में सेंसेक्स ने 19,819.10 के ऊपरी और 19,635.44 के निचले स्तर को छुआ। सेंसेक्स के 30 में से 19 शेयरों में तेजी दर्ज की गई। तेजी वाले शेयरों में प्रमुख रहे विप्रो (5.41 फीसदी), डॉ. रेड्डीज लैब (3.69 फीसदी), टीसीएस (2.38 फीसदी), जिंदल स्टील (1.94 फीसदी) और सेसा गोआ (1.89 फीसदी)। सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में सन फार्मा (3.22 फीसदी), ओएनजीसी (2.30 फीसदी), एनटीपीसी (1.75 फीसदी), हीरो मोटोकॉर्प (1.21 फीसदी) और टाटा स्टील (1.20 फीसदी) प्रमुख रहे। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 16.35 अंकों की गिरावट के साथ 5,824.20 पर खुला और 9.65 अंकों या 0.17 फीसदी की तेजी के साथ 5,850.20 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 5,857.80 के ऊपरी और 5,804.90 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में हालांकि गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप 22.70 अंकों की गिरावट के साथ 5,575.99 पर और स्मॉलकैप 4.51 अंकों की गिरावट के साथ 5,473.20 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से पांच सेक्टरों सूचना प्रौद्योगिकी (2.15 फीसदी), प्रौद्योगिकी (1.70 फीसदी), धातु (0.84 फीसदी), वाहन (0.73 फीसदी) और तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (0.68 फीसदी) में तेजी रही।टिप्पणियां बीएसई के गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे रियल्टी (0.87 फीसदी), बिजली (0.83 फीसदी), बैंकिंग (0.80 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.75 फीसदी) और पूंजीगत वस्तु (0.66 फीसदी)। बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 1,093 शेयरों में तेजी और 1,249 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 143 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। सेंसेक्स के 30 में से 19 शेयरों में तेजी दर्ज की गई। तेजी वाले शेयरों में प्रमुख रहे विप्रो (5.41 फीसदी), डॉ. रेड्डीज लैब (3.69 फीसदी), टीसीएस (2.38 फीसदी), जिंदल स्टील (1.94 फीसदी) और सेसा गोआ (1.89 फीसदी)। सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में सन फार्मा (3.22 फीसदी), ओएनजीसी (2.30 फीसदी), एनटीपीसी (1.75 फीसदी), हीरो मोटोकॉर्प (1.21 फीसदी) और टाटा स्टील (1.20 फीसदी) प्रमुख रहे। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 16.35 अंकों की गिरावट के साथ 5,824.20 पर खुला और 9.65 अंकों या 0.17 फीसदी की तेजी के साथ 5,850.20 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 5,857.80 के ऊपरी और 5,804.90 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में हालांकि गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप 22.70 अंकों की गिरावट के साथ 5,575.99 पर और स्मॉलकैप 4.51 अंकों की गिरावट के साथ 5,473.20 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से पांच सेक्टरों सूचना प्रौद्योगिकी (2.15 फीसदी), प्रौद्योगिकी (1.70 फीसदी), धातु (0.84 फीसदी), वाहन (0.73 फीसदी) और तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (0.68 फीसदी) में तेजी रही।टिप्पणियां बीएसई के गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे रियल्टी (0.87 फीसदी), बिजली (0.83 फीसदी), बैंकिंग (0.80 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.75 फीसदी) और पूंजीगत वस्तु (0.66 फीसदी)। बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 1,093 शेयरों में तेजी और 1,249 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 143 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में सन फार्मा (3.22 फीसदी), ओएनजीसी (2.30 फीसदी), एनटीपीसी (1.75 फीसदी), हीरो मोटोकॉर्प (1.21 फीसदी) और टाटा स्टील (1.20 फीसदी) प्रमुख रहे। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 16.35 अंकों की गिरावट के साथ 5,824.20 पर खुला और 9.65 अंकों या 0.17 फीसदी की तेजी के साथ 5,850.20 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 5,857.80 के ऊपरी और 5,804.90 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में हालांकि गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप 22.70 अंकों की गिरावट के साथ 5,575.99 पर और स्मॉलकैप 4.51 अंकों की गिरावट के साथ 5,473.20 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से पांच सेक्टरों सूचना प्रौद्योगिकी (2.15 फीसदी), प्रौद्योगिकी (1.70 फीसदी), धातु (0.84 फीसदी), वाहन (0.73 फीसदी) और तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (0.68 फीसदी) में तेजी रही।टिप्पणियां बीएसई के गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे रियल्टी (0.87 फीसदी), बिजली (0.83 फीसदी), बैंकिंग (0.80 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.75 फीसदी) और पूंजीगत वस्तु (0.66 फीसदी)। बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 1,093 शेयरों में तेजी और 1,249 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 143 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 16.35 अंकों की गिरावट के साथ 5,824.20 पर खुला और 9.65 अंकों या 0.17 फीसदी की तेजी के साथ 5,850.20 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 5,857.80 के ऊपरी और 5,804.90 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में हालांकि गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप 22.70 अंकों की गिरावट के साथ 5,575.99 पर और स्मॉलकैप 4.51 अंकों की गिरावट के साथ 5,473.20 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से पांच सेक्टरों सूचना प्रौद्योगिकी (2.15 फीसदी), प्रौद्योगिकी (1.70 फीसदी), धातु (0.84 फीसदी), वाहन (0.73 फीसदी) और तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (0.68 फीसदी) में तेजी रही।टिप्पणियां बीएसई के गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे रियल्टी (0.87 फीसदी), बिजली (0.83 फीसदी), बैंकिंग (0.80 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.75 फीसदी) और पूंजीगत वस्तु (0.66 फीसदी)। बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 1,093 शेयरों में तेजी और 1,249 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 143 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में हालांकि गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप 22.70 अंकों की गिरावट के साथ 5,575.99 पर और स्मॉलकैप 4.51 अंकों की गिरावट के साथ 5,473.20 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से पांच सेक्टरों सूचना प्रौद्योगिकी (2.15 फीसदी), प्रौद्योगिकी (1.70 फीसदी), धातु (0.84 फीसदी), वाहन (0.73 फीसदी) और तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (0.68 फीसदी) में तेजी रही।टिप्पणियां बीएसई के गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे रियल्टी (0.87 फीसदी), बिजली (0.83 फीसदी), बैंकिंग (0.80 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.75 फीसदी) और पूंजीगत वस्तु (0.66 फीसदी)। बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 1,093 शेयरों में तेजी और 1,249 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 143 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। बीएसई के 13 में से पांच सेक्टरों सूचना प्रौद्योगिकी (2.15 फीसदी), प्रौद्योगिकी (1.70 फीसदी), धातु (0.84 फीसदी), वाहन (0.73 फीसदी) और तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (0.68 फीसदी) में तेजी रही।टिप्पणियां बीएसई के गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे रियल्टी (0.87 फीसदी), बिजली (0.83 फीसदी), बैंकिंग (0.80 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.75 फीसदी) और पूंजीगत वस्तु (0.66 फीसदी)। बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 1,093 शेयरों में तेजी और 1,249 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 143 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। बीएसई के गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे रियल्टी (0.87 फीसदी), बिजली (0.83 फीसदी), बैंकिंग (0.80 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.75 फीसदी) और पूंजीगत वस्तु (0.66 फीसदी)। बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 1,093 शेयरों में तेजी और 1,249 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 143 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 1,093 शेयरों में तेजी और 1,249 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 143 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ।
संक्षिप्त सारांश: देश के शेयर बाजारों में मंगलवार को तेजी रही। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 61.56 अंकों की तेजी के साथ 19,804.03 पर और निफ्टी 9.65 अंकों की तेजी के साथ 5,850.20 पर बंद हुआ।
8
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: लखनऊ की एक विशेष सीबीआई अदालत में चल रहे अयोध्या में बाबरी मस्जिद ढांचा गिराये जाने के आपराधिक मामले में फैसला अप्रैल 2020 तक आने की संभावना है. विशेष सीबीआई अदालत ने अभियोजन पक्ष द्वारा सबूत और गवाही पेश करने की आखिरी तारीख 24 दिसंबर तय की है. 29 सितंबर, 2019 को आरोप तय किये जाने के बाद अदालत द्वारा बार-बार आदेश जारी करने के बावजूद तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के खिलाफ गवाह नहीं लाने पर हाल ही में अभियोजन पक्ष को फटकार लगायी गयी थी.  पांच अक्टूबर को सत्र अदालत ने कहा था कि उच्चतम न्यायालय के आदेश के मुताबिक सभी गवाहों को 24 दिसंबर, 2019 तक प्रस्तुत करना होगा और यह तारीख (इस मामले में) आखिरी कार्य दिवस होगा. भाजपा नेताओं लाल कृष्ण आडवाणी, उमा भारती और मुरली मनोहर जोशी के खिलाफ सुनवाई 25 मई, 2017 को लखनऊ की इस विशेष अदालत में शुरू हुई थी क्योंकि उच्चतम न्यायालय ने उन्हें इस मामले में बरी करने के इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले को खारिज कर दिया था. सिंह पर राजस्थान के राज्यपाल के रूप में कार्यकाल समाप्त होने के बाद सितंबर, 2019 में सुनवाई शुरू हुई. राज्यपाल के रूप में उन्हें कानूनी प्रक्रिया से छूट प्राप्त थी. वर्ष 1992 में छह दिसंबर को जब बाबरी मस्जिद गिरायी गयी थी, तब सिंह उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री थे. उच्चतम न्यायालय ने 19 अप्रैल 2017 से निचली अदालत को दो साल में सुनवाई पूरी करने का आदेश दिया था. उच्चतम न्यायालय ने 19 जुलाई 2019 को फिर निर्देश दिया कि इस मामले में नौ महीने में फैसला सुना दिया जाए.
यह एक सारांश है: सबूत और गवाही पेश करने की आखिरी तारीख है 24 दिसंबर सीबीआई ने अपने हाथ में ली थी बाबरी मस्जिद गिराने की जांच अक्टूबर 1993 में सीबीआई ने 48 लोगों के खिलाफ दायर किया था समेकित आरोपपत्र
2
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: सरकार ने पात्र विदेशी निवेशक श्रेणी में म्यूचुअल फंड की इक्विटी और ऋण योजनाओं में 13 अरब डॉलर तक के निवेश को मंजूरी दे दी। जिससे पूंजी बाजार में और मजबूती आने की संभावना है। यह घोषणा उस वक्त की गई है जबकि अमेरिका की वित्तीय साख पर बट्टा लगाए जाने के बाद भारतीय बाजार से विदेशी संस्थागत निवेशों द्वारा पूंजी के बाहर निकले जाने की आशंका बन रही है। वित्त मंत्रालय के एक बयान में कहा गया फैसला किया गया है कि प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष जरिए से म्यूचुअल फंड की इक्विटी योजनाओं में पात्र विदेशी निवेशक :क्यूएफआई: 10 अरब डॉलर तक का निवेश कर सकेंगे। इसी तरह विदेशी निवेशक उन म्यूचुअल फंड योजनाओं में तीन अरब डॉलर का और निवेश कर सकेंगे जो बुनियादी ढांचा कंपनियों द्वारा जारी कॉपरेरेट बांड में पांच साल की निम्नतम परिपक्वता वाले बुनियादी ढांचा रिण में निवेश करते हैं। क्यूएफआई वह व्यक्ति, सूमह या संघ या फिर विदेशी में रहने वाला व्यक्ति हो सकता है जो फिनांशल एक्शन टास्क फोर्स मानक के अनुरूप है। रिजर्व बैंक और सेबी ने इस मामले में अधिसूचना जारी कर दी है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सरकार ने पात्र विदेशी निवेशक श्रेणी में म्यूचुअल फंड की इक्विटी और ऋण योजनाओं में 13 अरब डॉलर तक के निवेश को मंजूरी दे दी।
11
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारतीय जनता पार्टी को सांप्रदायिक पार्टी करार देते हुए समाजसेवी अन्ना हजारे ने कहा कि उन्होंने कभी भी गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को धर्मनिरपेक्ष नहीं कहा। अन्ना हजारे ने शनिवार को संवाददाताओं से कहा, वह (मोदी) ऐसी पार्टी से ताल्लुक रखते हैं, जिसे सिर्फ एक समुदाय से सहानुभूति है और जो बाकी समुदायों के खिलाफ है। यह भी हर किसी को पता है कि वह एक खास समुदाय के तो पूरी तरह खिलाफ है। उन्होंने कहा, मोदी भाजपा के विचारों का प्रतिनिधित्व करते हैं। अपने बयानों से वह सांप्रदायिक नजर आते हैं। मैं किसी खास व्यक्ति के बारे में बात नहीं करना चाहता, क्योंकि वह उसकी राजनीतिक पार्टी का मामला है। हजारे ने कहा कि बेहतर प्रशासन देने वाले गैर-सांप्रदायिक व्यक्ति को ही चुनावों के बाद सत्ता में आना चाहिए। उन्होंने कहा कि मीडिया के एक तबके ने उनके बयान को गलत तरीके से पेश करते हुए कहा कि वह मोदी को सांप्रदायिक नहीं मानते।टिप्पणियां अन्ना हजारे ने कहा, यह गलत है। पत्रकारों ने मुझसे पूछा कि मैं नरेंद्र मोदी को सांप्रदायिक मानता हूं कि नहीं। मैंने तुरंत कहा कि मेरे पास उनके खिलाफ कोई सबूत तो नहीं है, इसलिए मैं इस पर कुछ नहीं कह सकता। पर कुछ अखबारों ने लिखा दिया कि अन्ना हजारे ने कहा कि मोदी सांप्रदायिक नहीं हैं... इसका मतलब यह नहीं है कि वह धर्मनिरपेक्ष हैं या गैर-धर्मनिरपेक्ष। अन्ना ने कहा कि जहां तक उनके बयान की बात है, यह नहीं समझा जाना चाहिए कि उन्होंने किसी को सांप्रदायिक नहीं होने का सर्टिफिकेट दिया है। अन्ना हजारे ने शनिवार को संवाददाताओं से कहा, वह (मोदी) ऐसी पार्टी से ताल्लुक रखते हैं, जिसे सिर्फ एक समुदाय से सहानुभूति है और जो बाकी समुदायों के खिलाफ है। यह भी हर किसी को पता है कि वह एक खास समुदाय के तो पूरी तरह खिलाफ है। उन्होंने कहा, मोदी भाजपा के विचारों का प्रतिनिधित्व करते हैं। अपने बयानों से वह सांप्रदायिक नजर आते हैं। मैं किसी खास व्यक्ति के बारे में बात नहीं करना चाहता, क्योंकि वह उसकी राजनीतिक पार्टी का मामला है। हजारे ने कहा कि बेहतर प्रशासन देने वाले गैर-सांप्रदायिक व्यक्ति को ही चुनावों के बाद सत्ता में आना चाहिए। उन्होंने कहा कि मीडिया के एक तबके ने उनके बयान को गलत तरीके से पेश करते हुए कहा कि वह मोदी को सांप्रदायिक नहीं मानते।टिप्पणियां अन्ना हजारे ने कहा, यह गलत है। पत्रकारों ने मुझसे पूछा कि मैं नरेंद्र मोदी को सांप्रदायिक मानता हूं कि नहीं। मैंने तुरंत कहा कि मेरे पास उनके खिलाफ कोई सबूत तो नहीं है, इसलिए मैं इस पर कुछ नहीं कह सकता। पर कुछ अखबारों ने लिखा दिया कि अन्ना हजारे ने कहा कि मोदी सांप्रदायिक नहीं हैं... इसका मतलब यह नहीं है कि वह धर्मनिरपेक्ष हैं या गैर-धर्मनिरपेक्ष। अन्ना ने कहा कि जहां तक उनके बयान की बात है, यह नहीं समझा जाना चाहिए कि उन्होंने किसी को सांप्रदायिक नहीं होने का सर्टिफिकेट दिया है। उन्होंने कहा, मोदी भाजपा के विचारों का प्रतिनिधित्व करते हैं। अपने बयानों से वह सांप्रदायिक नजर आते हैं। मैं किसी खास व्यक्ति के बारे में बात नहीं करना चाहता, क्योंकि वह उसकी राजनीतिक पार्टी का मामला है। हजारे ने कहा कि बेहतर प्रशासन देने वाले गैर-सांप्रदायिक व्यक्ति को ही चुनावों के बाद सत्ता में आना चाहिए। उन्होंने कहा कि मीडिया के एक तबके ने उनके बयान को गलत तरीके से पेश करते हुए कहा कि वह मोदी को सांप्रदायिक नहीं मानते।टिप्पणियां अन्ना हजारे ने कहा, यह गलत है। पत्रकारों ने मुझसे पूछा कि मैं नरेंद्र मोदी को सांप्रदायिक मानता हूं कि नहीं। मैंने तुरंत कहा कि मेरे पास उनके खिलाफ कोई सबूत तो नहीं है, इसलिए मैं इस पर कुछ नहीं कह सकता। पर कुछ अखबारों ने लिखा दिया कि अन्ना हजारे ने कहा कि मोदी सांप्रदायिक नहीं हैं... इसका मतलब यह नहीं है कि वह धर्मनिरपेक्ष हैं या गैर-धर्मनिरपेक्ष। अन्ना ने कहा कि जहां तक उनके बयान की बात है, यह नहीं समझा जाना चाहिए कि उन्होंने किसी को सांप्रदायिक नहीं होने का सर्टिफिकेट दिया है। अन्ना हजारे ने कहा, यह गलत है। पत्रकारों ने मुझसे पूछा कि मैं नरेंद्र मोदी को सांप्रदायिक मानता हूं कि नहीं। मैंने तुरंत कहा कि मेरे पास उनके खिलाफ कोई सबूत तो नहीं है, इसलिए मैं इस पर कुछ नहीं कह सकता। पर कुछ अखबारों ने लिखा दिया कि अन्ना हजारे ने कहा कि मोदी सांप्रदायिक नहीं हैं... इसका मतलब यह नहीं है कि वह धर्मनिरपेक्ष हैं या गैर-धर्मनिरपेक्ष। अन्ना ने कहा कि जहां तक उनके बयान की बात है, यह नहीं समझा जाना चाहिए कि उन्होंने किसी को सांप्रदायिक नहीं होने का सर्टिफिकेट दिया है। अन्ना ने कहा कि जहां तक उनके बयान की बात है, यह नहीं समझा जाना चाहिए कि उन्होंने किसी को सांप्रदायिक नहीं होने का सर्टिफिकेट दिया है।
संक्षिप्त सारांश: अन्ना हजारे ने कहा, वह (नरेंद्र मोदी) ऐसी पार्टी से ताल्लुक रखते हैं, जिसे सिर्फ एक समुदाय से सहानुभूति है और जो बाकी समुदायों के खिलाफ है।
29
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: फीस बढ़ोतरी को लेकर विरोध जताने के लिए संसद तक मार्च कर रहे जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्रों को पुलिस ने कैंपस के पास ही रोक लिया है. वहीं, जवाहर  लाल नेहरू यूनिवर्सिटी छात्र संघ की अध्यक्ष ऐशी घोष को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. इससे पहले सोमवार को प्रशासन ने इलाके में धारा 144 लगा दी थी. दक्षिण-पश्चिम जिले के डीसीपी के आदेशानुसार विश्वविद्यालय के बाहर दिल्ली पुलिस की ओर से एक बैनर भी लगाया गया है जिसमें कहा गया है कि नियम का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्यवाही की जाएगी.  इससे पहले रविवार को जेएनयूएसयू ने अन्य विश्वविद्यालय के लोगों का मार्च के लिए आह्वान करते हुए कहा था,  ‘‘ऐसे समय में जब देश में शुल्क वृद्धि बहुत अधिक पैमाने पर हो रही है, तो समग्र शिक्षा के लिए छात्र आगे आए हैं. हम संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन जेएनयू से संसद तक निकाले जाने वाले मार्च में शामिल होने के लिए सभी छात्रों को आमंत्रित करते हैं.''  उधर जेएनयू के कुलपति जगदीश कुमार ने विरोध कर रहे छात्रों से रविवार को अपील की कि वे अपनी कक्षाओं में लौट आएं, क्योंकि परीक्षाएं नजदीक हैं. विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर जारी एक वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि उन्हें चिंतित अभिभावकों और छात्रों के ई-मेल आ रहे हैं. उन्होंने कहा, “यदि हम अभी भी हड़ताल पर अड़े रहे तो इससे हजारों छात्रों के भविष्य पर असर होगा.” उन्होंने कहा, “कल से एक नया हफ्ता शुरू होगा और मैं छात्रों से अनुरोध करता हूं कि आप कक्षाओं में वापस आइए और अपने शोध कार्यों को आगे बढ़ाइए. 12 दिसंबर से सेमेस्टर परीक्षाएं शुरू होंगी और अगर आप कक्षाओं में नहीं जाएंगे तो इससे आपके भविष्य के लक्ष्य प्रभावित होंगे.”
संक्षिप्त पाठ: जेएनयू के बाहर लगी धारा 144 जेएनयू के बाहर प्रशासन ने लगाया बैनर हॉस्टल की बढ़ी फीस को लेकर आज है JNU छात्र संघ का मार्च
13
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: बंगाली सिनेमा और बॉलीवुड को बेहतरीन फिल्में देने वाली फिल्ममेकर अपर्णा सेन (Aparna Sen) ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamta Banerjee) के रवैये को लेकर टिप्पणी की है. एनडीटीवी से बातचीत के दौरान अपर्णा सेन (Aparna Sen) ने ममता बनर्जी  (Mamta Banerjee) के जय श्री राम के नारे के सवाल पर कहा, 'सभी के पास अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार है और कोई जय श्री राम, अल्लाह-हू-अकबर या जय मां काली के नारे लगाता है तो आप उनको नहीं रोक सकते. अपर्णा सेन (Aparna Sen) ने  कहा कि आपके पास कोई रास्ता नहीं है उनको रोकने का. मुझे नहीं लगता कि ऐसा कोई रास्ता है कि हमारी सीएम (Mamta Banerjee) कार से बाहर निकलकर लोगों को रोकने की कोशिश करें. गंदी गालियों का इस्तेमाल करें. ये नहीं हो सकता.' अपर्णा सेन (Aparna Sen) ने कहा, 'वो  (Mamta Banerjee) बहुमत के साथ सत्ता में आई हैं. उन्होंने कई बहुत अच्छे काम भी किए हैं. मैं ये कहना चाहूंगी कि जब मैं पश्चिम बंगाल में लोकेशन ढूंढने गई थी तो मैंने पाया कि वहां की सारी सड़कें बेहतरीन थीं जो पहले नहीं हुआ करती थीं. फिल्ममेकर के मुताबिक ममता बनर्जी (Mamta Banerjee) ने माओवादी समस्या को भी संभाला. दार्जिलिंग और नॉर्थ बंगाल के इलाकों में उन्होंने माओवाद की समस्या को ठीक किया. अब हम वहां पर जा सकते हैं और छुट्टियां प्लान कर सकते हैं. अपर्णा सेन (Aparna Sen) ने कहा कि उन्होंने कुछ काम बेहतरीन किए. लेकिन उनके ये जो रिएक्शन आ रहे हैं वो बहुत आवेगशील हैं. वो कुछ करने से पहले नहीं सोचती.' अपर्णा सेन (Aparna Sen) ने ममता बनर्जी (Mamta banerjee) को बंगाल की मुख्यमंत्री बने रहने के लिए नसीहत देते हुए कहा, 'अगर वो लंबे समय तक बंगाल की मुख्यमंत्री बने रहना चाहती है तो उन्हें अपनी भाषा को कंट्रोल करने की प्रैक्टिस करनी पड़ेगी. जिस तरह से वो बात करती है उन्हें उसको कंट्रोल करना पड़ेगा. उन्हें अपने आसपास के लोगों की सलाह लेनी पड़ेगी उनके आसपास कई अच्छे लोग हैं जो उन्हें अच्छी सलाह दे सकते हैं.' अपर्णा सेन (Aparna Sen ने कहा, 'बंगाल के लोग उनसे बहुत नाराज हैं और वो अपने मुख्यमंत्री को इस तरह से नहीं देखना चाहते. ममता बनर्जी अपने वोटर्स को अपने ही खिलाफ कर रही हैं. वो अपनी कब्र खुद खोद रही हैं.'
यह एक सारांश है: फिल्म मेकर अपर्णा सेन ने ममता बनर्जी को दी नसीहत कहा-अपनी कब्र खुद ही खोद रही है ममता ममता बनर्जी अपने वोटर्स को कर रही हैं अपने ही खिलाफ
24
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री अजित सिंह ने शुक्रवार को कहा कि घरेलू विमानन कम्पनियों में विदेशी विमानन कम्पनियों को 49 फीसदी निवेश करने की अनुमति देने से उड्डयन कारोबार में आशा का संचार हुआ है, लेकिन यह अभी नहीं कहा जा सकता है कि क्षेत्र में कितना विदेशी निवेश होगा। सिंह ने यहां एसोचैम के एक कार्यक्रम के इतर मौके पर संवाददाताओं से कहा, "यह क्षेत्र कठिन दौर से गुजर रहा है और आर्थिक सुस्ती के कारण वित्तीय संकट में है। लेकिन 49 फीसदी एफडीआई को अनुमति देने के बाद आशा का संचार हुआ है।"टिप्पणियां विदेशी विमानन कम्पनियों को घरेलू यात्री विमानन कम्पनियों में 49 फीसदी एफडीआई की अनुमति की अधिसूचना जारी होने के एक दिन बाद सिंह ने कहा, "समय ही बताएगा कि विदेशी विमानन कम्पनियां कितना रुचि लेंगी।" अब तक विदेशी विमानन कम्पनियों को सुरक्षा कारणों से देश की विमानन कम्पनियों में निवेश करने की अनुमति नहीं थी, लेकिन अन्य कम्पनियां 49 फीसदी तक निवेश कर सकती थीं। विदेशी विमानन कम्पनियों ने सरकार के फैसले का स्वागत किया है। सिंह ने यहां एसोचैम के एक कार्यक्रम के इतर मौके पर संवाददाताओं से कहा, "यह क्षेत्र कठिन दौर से गुजर रहा है और आर्थिक सुस्ती के कारण वित्तीय संकट में है। लेकिन 49 फीसदी एफडीआई को अनुमति देने के बाद आशा का संचार हुआ है।"टिप्पणियां विदेशी विमानन कम्पनियों को घरेलू यात्री विमानन कम्पनियों में 49 फीसदी एफडीआई की अनुमति की अधिसूचना जारी होने के एक दिन बाद सिंह ने कहा, "समय ही बताएगा कि विदेशी विमानन कम्पनियां कितना रुचि लेंगी।" अब तक विदेशी विमानन कम्पनियों को सुरक्षा कारणों से देश की विमानन कम्पनियों में निवेश करने की अनुमति नहीं थी, लेकिन अन्य कम्पनियां 49 फीसदी तक निवेश कर सकती थीं। विदेशी विमानन कम्पनियों ने सरकार के फैसले का स्वागत किया है। विदेशी विमानन कम्पनियों को घरेलू यात्री विमानन कम्पनियों में 49 फीसदी एफडीआई की अनुमति की अधिसूचना जारी होने के एक दिन बाद सिंह ने कहा, "समय ही बताएगा कि विदेशी विमानन कम्पनियां कितना रुचि लेंगी।" अब तक विदेशी विमानन कम्पनियों को सुरक्षा कारणों से देश की विमानन कम्पनियों में निवेश करने की अनुमति नहीं थी, लेकिन अन्य कम्पनियां 49 फीसदी तक निवेश कर सकती थीं। विदेशी विमानन कम्पनियों ने सरकार के फैसले का स्वागत किया है। अब तक विदेशी विमानन कम्पनियों को सुरक्षा कारणों से देश की विमानन कम्पनियों में निवेश करने की अनुमति नहीं थी, लेकिन अन्य कम्पनियां 49 फीसदी तक निवेश कर सकती थीं। विदेशी विमानन कम्पनियों ने सरकार के फैसले का स्वागत किया है।
यह एक सारांश है: केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री अजित सिंह ने कहा कि घरेलू विमानन कम्पनियों में विदेशी विमानन कम्पनियों को 49 फीसदी निवेश करने की अनुमति देने से उड्डयन कारोबार में आशा का संचार हुआ है।
2
['hin']
एक सारांश बनाओ: सिक्किम के मुख्यमंत्री पवन चामलिंग ने चिसोपानी में राज्य के पहले सरकारी इंजिनियरिंग कॉलेज की आधारशिला रखते हुए कहा कि सरकार ने हमेशा से शिक्षा के महत्व पर जोर दिया है. सिक्किम इंस्टीट्यूट ऑफ सांइस एंड टेक्नालॉजी (एसआईएसटी) की स्थापना चिसोपानी स्थित सीसीसीटी के दक्षिण सिक्किम परिसर में की जा रही है. चामलिंग ने कहा कि सरकार राज्य में शिक्षा के प्राथमिक स्तर में बड़ा बदलाव लाने के प्रयास कर रही है. इसके लिए उन्होंने शिक्षकों और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों से छात्रों को आधुनिक प्रतिस्पर्धा और शिक्षा प्रणाली की मांग के हिसाब से तैयार करने का अनुरोध किया. उन्होंने कहा कि क्षेत्र में नये शैक्षणिक संस्थान की शुरूआत से युवाओं और आसपास के क्षेत्र के लोगों के लिए रोजगार अवसर खुलेंगे. उन्होंने देनतम में एक व्यावसायिक कॉलेज, मंगशीला में एक आर्ट्स कॉलेज और खामदोंग में एक गर्ल्स कॉलेज शुरू करने की भी घोषणा की. टिप्पणियां मानव संसाधन विकास मंत्रालय के प्रधान सचिव जी पी उपाध्याय ने कहा कि एसआईएसटी का निर्माण 18.2 करोड़ रूपये की लागत से किया जा रहा है. इसकी संबद्धता सिक्किम स्टेट यूनिवसर्टिी से होगी और यह राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के सहयोग से संचालित होगा. यह संस्थान सिविल इंजिनियरिंग और कंप्यूटर साइंस पाठ्यक्रमों की पेशकश करेगा और इनमें हर साल 60 छात्रों को प्रवेश दिया जाएगा.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा कि क्षेत्र में नये शैक्षणिक संस्थान की शुरूआत से युवाओं और आसपास के क्षेत्र के लोगों के लिए रोजगार अवसर खुलेंगे. उन्होंने देनतम में एक व्यावसायिक कॉलेज, मंगशीला में एक आर्ट्स कॉलेज और खामदोंग में एक गर्ल्स कॉलेज शुरू करने की भी घोषणा की. टिप्पणियां मानव संसाधन विकास मंत्रालय के प्रधान सचिव जी पी उपाध्याय ने कहा कि एसआईएसटी का निर्माण 18.2 करोड़ रूपये की लागत से किया जा रहा है. इसकी संबद्धता सिक्किम स्टेट यूनिवसर्टिी से होगी और यह राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के सहयोग से संचालित होगा. यह संस्थान सिविल इंजिनियरिंग और कंप्यूटर साइंस पाठ्यक्रमों की पेशकश करेगा और इनमें हर साल 60 छात्रों को प्रवेश दिया जाएगा.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने देनतम में एक व्यावसायिक कॉलेज, मंगशीला में एक आर्ट्स कॉलेज और खामदोंग में एक गर्ल्स कॉलेज शुरू करने की भी घोषणा की. टिप्पणियां मानव संसाधन विकास मंत्रालय के प्रधान सचिव जी पी उपाध्याय ने कहा कि एसआईएसटी का निर्माण 18.2 करोड़ रूपये की लागत से किया जा रहा है. इसकी संबद्धता सिक्किम स्टेट यूनिवसर्टिी से होगी और यह राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के सहयोग से संचालित होगा. यह संस्थान सिविल इंजिनियरिंग और कंप्यूटर साइंस पाठ्यक्रमों की पेशकश करेगा और इनमें हर साल 60 छात्रों को प्रवेश दिया जाएगा.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) मानव संसाधन विकास मंत्रालय के प्रधान सचिव जी पी उपाध्याय ने कहा कि एसआईएसटी का निर्माण 18.2 करोड़ रूपये की लागत से किया जा रहा है. इसकी संबद्धता सिक्किम स्टेट यूनिवसर्टिी से होगी और यह राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के सहयोग से संचालित होगा. यह संस्थान सिविल इंजिनियरिंग और कंप्यूटर साइंस पाठ्यक्रमों की पेशकश करेगा और इनमें हर साल 60 छात्रों को प्रवेश दिया जाएगा.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: मुख्यमंत्री ने चिसोपानी में सरकारी इंजिनियरिंग कॉलेज की आधारशिला रखी. चिसोपानी स्थित सीसीसीटी के दक्षिण सिक्किम परिसर में की जा रही है. खामदोंग में एक गर्ल्स कॉलेज शुरू करने की भी घोषणा.
32
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बता दें कि गृहमंत्री ने जम्मू कश्मीर में अशांति के चलते रूस और अमेरिका का अपना प्रस्तावित दौरा स्थगित कर दिया है. गृहमंत्री को आज रात चार दिवसीय रूस यात्रा पर रवाना होना था. इसके बाद भारत-अमेरिका आंतरिक सुरक्षा वार्ता के लिए 26 सितंबर से छह दिन के लिए अमेरिका जाने का कार्यक्रम था. राजनाथ सिंह ने जम्मू कश्मीर के राज्यपाल और मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती से उरी आतंकी हमले से पैदा हुई स्थितियों पर बातचीत भी की. सिंह ने यहां एक बयान में कहा, ‘‘जम्मू कश्मीर की स्थिति को ध्यान में रखते हुए और उरी में हुये आतंकी हमले के मद्देनजर मैंने अपना रूस और अमेरिका जाने का कार्यक्रम स्थगित कर दिया है.’’ गृह मंत्री ने बताया उन्होंने जम्मू कश्मीर के राज्यपाल एन एन वोहरा और मुख्यमंत्री से उरी में सेना ब्रिगेड मुख्यालय में हुये हमले से उत्पन्न स्थितियों पर बातचीत की है. दोनों लोगों ने जम्मू कश्मीर की ताजा स्थितियों पर सारी जानकारी दी है. उन्होंने कहा, ‘‘मैंने गृह सचिव राजीव महर्षि और मंत्रालय के अन्य अधिकारियों को जम्मू कश्मीर की स्थिति पर करीब से नजर रखने के निर्देश दिए हैं.’’ गृहमंत्री ने उरी के ब्रिगेड मुख्यालय में हमले के बाद उत्पन्न स्थिति का जायजा लेने के लिए एक आपात बैठक भी बुलाई है. इस बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल, केन्द्रीय गृह सचिव, सेना, अर्धसैनिक और गृह मंत्रालय के शीर्ष अधिकारी शामिल हो रहे हैं. टिप्पणियां आठ जुलाई को सुरक्षाबलों द्वारा एक मुठभेड़ में हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी बुरहान वानी को ढेर किए जाने के बाद से पिछले करीब दो माह से कश्मीर घाटी में अशांति बनी हुयी है. इस दौरान सुरक्षाबलों और नागरिकों के बीच हुये संघर्ष में अब तक करीब 80 लोगों की मौत हो चुकी है. उल्लेखनीय है कि कश्मीर घाटी में जारी हिंसा के कारण राजनाथ सिंह ने दूसरी बार अपना अमेरिका दौरा रद्द किया है. इससे पहले वह 17 जुलाई को एक सप्ताह के लिए अमेरिका जाने वाले थे लेकिन वानी के मारे जाने के बाद कश्मीर में हिंसा शुरू होने के कारण इसे अचानक रद्द कर दिया गया था. राजनाथ सिंह ने जम्मू कश्मीर के राज्यपाल और मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती से उरी आतंकी हमले से पैदा हुई स्थितियों पर बातचीत भी की. सिंह ने यहां एक बयान में कहा, ‘‘जम्मू कश्मीर की स्थिति को ध्यान में रखते हुए और उरी में हुये आतंकी हमले के मद्देनजर मैंने अपना रूस और अमेरिका जाने का कार्यक्रम स्थगित कर दिया है.’’ गृह मंत्री ने बताया उन्होंने जम्मू कश्मीर के राज्यपाल एन एन वोहरा और मुख्यमंत्री से उरी में सेना ब्रिगेड मुख्यालय में हुये हमले से उत्पन्न स्थितियों पर बातचीत की है. दोनों लोगों ने जम्मू कश्मीर की ताजा स्थितियों पर सारी जानकारी दी है. उन्होंने कहा, ‘‘मैंने गृह सचिव राजीव महर्षि और मंत्रालय के अन्य अधिकारियों को जम्मू कश्मीर की स्थिति पर करीब से नजर रखने के निर्देश दिए हैं.’’ गृहमंत्री ने उरी के ब्रिगेड मुख्यालय में हमले के बाद उत्पन्न स्थिति का जायजा लेने के लिए एक आपात बैठक भी बुलाई है. इस बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल, केन्द्रीय गृह सचिव, सेना, अर्धसैनिक और गृह मंत्रालय के शीर्ष अधिकारी शामिल हो रहे हैं. टिप्पणियां आठ जुलाई को सुरक्षाबलों द्वारा एक मुठभेड़ में हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी बुरहान वानी को ढेर किए जाने के बाद से पिछले करीब दो माह से कश्मीर घाटी में अशांति बनी हुयी है. इस दौरान सुरक्षाबलों और नागरिकों के बीच हुये संघर्ष में अब तक करीब 80 लोगों की मौत हो चुकी है. उल्लेखनीय है कि कश्मीर घाटी में जारी हिंसा के कारण राजनाथ सिंह ने दूसरी बार अपना अमेरिका दौरा रद्द किया है. इससे पहले वह 17 जुलाई को एक सप्ताह के लिए अमेरिका जाने वाले थे लेकिन वानी के मारे जाने के बाद कश्मीर में हिंसा शुरू होने के कारण इसे अचानक रद्द कर दिया गया था. उन्होंने कहा, ‘‘मैंने गृह सचिव राजीव महर्षि और मंत्रालय के अन्य अधिकारियों को जम्मू कश्मीर की स्थिति पर करीब से नजर रखने के निर्देश दिए हैं.’’ गृहमंत्री ने उरी के ब्रिगेड मुख्यालय में हमले के बाद उत्पन्न स्थिति का जायजा लेने के लिए एक आपात बैठक भी बुलाई है. इस बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल, केन्द्रीय गृह सचिव, सेना, अर्धसैनिक और गृह मंत्रालय के शीर्ष अधिकारी शामिल हो रहे हैं. टिप्पणियां आठ जुलाई को सुरक्षाबलों द्वारा एक मुठभेड़ में हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी बुरहान वानी को ढेर किए जाने के बाद से पिछले करीब दो माह से कश्मीर घाटी में अशांति बनी हुयी है. इस दौरान सुरक्षाबलों और नागरिकों के बीच हुये संघर्ष में अब तक करीब 80 लोगों की मौत हो चुकी है. उल्लेखनीय है कि कश्मीर घाटी में जारी हिंसा के कारण राजनाथ सिंह ने दूसरी बार अपना अमेरिका दौरा रद्द किया है. इससे पहले वह 17 जुलाई को एक सप्ताह के लिए अमेरिका जाने वाले थे लेकिन वानी के मारे जाने के बाद कश्मीर में हिंसा शुरू होने के कारण इसे अचानक रद्द कर दिया गया था. आठ जुलाई को सुरक्षाबलों द्वारा एक मुठभेड़ में हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी बुरहान वानी को ढेर किए जाने के बाद से पिछले करीब दो माह से कश्मीर घाटी में अशांति बनी हुयी है. इस दौरान सुरक्षाबलों और नागरिकों के बीच हुये संघर्ष में अब तक करीब 80 लोगों की मौत हो चुकी है. उल्लेखनीय है कि कश्मीर घाटी में जारी हिंसा के कारण राजनाथ सिंह ने दूसरी बार अपना अमेरिका दौरा रद्द किया है. इससे पहले वह 17 जुलाई को एक सप्ताह के लिए अमेरिका जाने वाले थे लेकिन वानी के मारे जाने के बाद कश्मीर में हिंसा शुरू होने के कारण इसे अचानक रद्द कर दिया गया था. उल्लेखनीय है कि कश्मीर घाटी में जारी हिंसा के कारण राजनाथ सिंह ने दूसरी बार अपना अमेरिका दौरा रद्द किया है. इससे पहले वह 17 जुलाई को एक सप्ताह के लिए अमेरिका जाने वाले थे लेकिन वानी के मारे जाने के बाद कश्मीर में हिंसा शुरू होने के कारण इसे अचानक रद्द कर दिया गया था.
यहाँ एक सारांश है:उरी में हमला करने वाले काफी प्रशिक्षित और खास हथियारों से लैस थे: राजनाथ आतंकवाद को पाकिस्तान के निरंतर समर्थन को लेकर मुझे गहरी निराशा है: राजनाथ गृहमंत्री ने इस बीच रूस और अमेरिका का अपना प्रस्तावित दौरा स्थगित कर दिया
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['hin']
एक सारांश बनाओ: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने सोमवार को कहा कि देश के नवीनतम संचार उपग्रह जीसैट-10 का फ्रेंच गुयाना स्थित काउरॉ अंतरिक्ष केंद्र से एरियान-5 राकेट के जरिये 29 सितम्बर को प्रक्षेपण किया जाएगा। इसरो ने एक बयान में कहा, "3.4 टन वजनी उपग्रह (जीसैट-10) को एरियान-5 राकेट पर एसईएस के अस्त्र-2एफ अंतरिक्ष विमान के साथ लगाया गया है, जिसक प्रक्षेपण 29 सितम्बर को होना है।" अस्त्र-2एफ लक्जमबर्ग के प्रमुख उपग्रह संचालक एसईएस से सम्बंधित है। इससे पहले 15 सितम्बर को कुछ खामी के कारण यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी ने प्रक्षेपण को 22 सितम्बर से सात दिनों के लिए आगे बढ़ा दिया था। जीसैट-10 के साथ 30 संचार ट्रांसपोंडर होंगे (संचार और ब्राडकास्ट सिग्नल के लिए स्वचालित रिसीवर और ट्रांसमीटर) और जीसैट-10 उसके द्वारा बनाया गया अब तक का सबसे भारी उपग्रह है।टिप्पणियां कई परीक्षणों के बाद जीसैट-10 इस साल नवम्बर से पूरी तरह कार्य करने लगेगा। इसका जीवनकाल 15 साल होगा। लांच और बीमा सहित इस उपग्रह की लागत 750 करोड़ बैठी है। जीसैट-10 अपने साथ प्लेलोड 'गगन' को भी साथ ले जाएगा। यह एयरपोर्ट्स अथोरिटी आफ इंडिया को उड्डयन संबंधी जरूरतों के लिए ग्लोबल पोजिशनिंग सेटेलाइट सिगनल मुहैया कराएगा। इसरो ने एक बयान में कहा, "3.4 टन वजनी उपग्रह (जीसैट-10) को एरियान-5 राकेट पर एसईएस के अस्त्र-2एफ अंतरिक्ष विमान के साथ लगाया गया है, जिसक प्रक्षेपण 29 सितम्बर को होना है।" अस्त्र-2एफ लक्जमबर्ग के प्रमुख उपग्रह संचालक एसईएस से सम्बंधित है। इससे पहले 15 सितम्बर को कुछ खामी के कारण यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी ने प्रक्षेपण को 22 सितम्बर से सात दिनों के लिए आगे बढ़ा दिया था। जीसैट-10 के साथ 30 संचार ट्रांसपोंडर होंगे (संचार और ब्राडकास्ट सिग्नल के लिए स्वचालित रिसीवर और ट्रांसमीटर) और जीसैट-10 उसके द्वारा बनाया गया अब तक का सबसे भारी उपग्रह है।टिप्पणियां कई परीक्षणों के बाद जीसैट-10 इस साल नवम्बर से पूरी तरह कार्य करने लगेगा। इसका जीवनकाल 15 साल होगा। लांच और बीमा सहित इस उपग्रह की लागत 750 करोड़ बैठी है। जीसैट-10 अपने साथ प्लेलोड 'गगन' को भी साथ ले जाएगा। यह एयरपोर्ट्स अथोरिटी आफ इंडिया को उड्डयन संबंधी जरूरतों के लिए ग्लोबल पोजिशनिंग सेटेलाइट सिगनल मुहैया कराएगा। अस्त्र-2एफ लक्जमबर्ग के प्रमुख उपग्रह संचालक एसईएस से सम्बंधित है। इससे पहले 15 सितम्बर को कुछ खामी के कारण यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी ने प्रक्षेपण को 22 सितम्बर से सात दिनों के लिए आगे बढ़ा दिया था। जीसैट-10 के साथ 30 संचार ट्रांसपोंडर होंगे (संचार और ब्राडकास्ट सिग्नल के लिए स्वचालित रिसीवर और ट्रांसमीटर) और जीसैट-10 उसके द्वारा बनाया गया अब तक का सबसे भारी उपग्रह है।टिप्पणियां कई परीक्षणों के बाद जीसैट-10 इस साल नवम्बर से पूरी तरह कार्य करने लगेगा। इसका जीवनकाल 15 साल होगा। लांच और बीमा सहित इस उपग्रह की लागत 750 करोड़ बैठी है। जीसैट-10 अपने साथ प्लेलोड 'गगन' को भी साथ ले जाएगा। यह एयरपोर्ट्स अथोरिटी आफ इंडिया को उड्डयन संबंधी जरूरतों के लिए ग्लोबल पोजिशनिंग सेटेलाइट सिगनल मुहैया कराएगा। जीसैट-10 के साथ 30 संचार ट्रांसपोंडर होंगे (संचार और ब्राडकास्ट सिग्नल के लिए स्वचालित रिसीवर और ट्रांसमीटर) और जीसैट-10 उसके द्वारा बनाया गया अब तक का सबसे भारी उपग्रह है।टिप्पणियां कई परीक्षणों के बाद जीसैट-10 इस साल नवम्बर से पूरी तरह कार्य करने लगेगा। इसका जीवनकाल 15 साल होगा। लांच और बीमा सहित इस उपग्रह की लागत 750 करोड़ बैठी है। जीसैट-10 अपने साथ प्लेलोड 'गगन' को भी साथ ले जाएगा। यह एयरपोर्ट्स अथोरिटी आफ इंडिया को उड्डयन संबंधी जरूरतों के लिए ग्लोबल पोजिशनिंग सेटेलाइट सिगनल मुहैया कराएगा। कई परीक्षणों के बाद जीसैट-10 इस साल नवम्बर से पूरी तरह कार्य करने लगेगा। इसका जीवनकाल 15 साल होगा। लांच और बीमा सहित इस उपग्रह की लागत 750 करोड़ बैठी है। जीसैट-10 अपने साथ प्लेलोड 'गगन' को भी साथ ले जाएगा। यह एयरपोर्ट्स अथोरिटी आफ इंडिया को उड्डयन संबंधी जरूरतों के लिए ग्लोबल पोजिशनिंग सेटेलाइट सिगनल मुहैया कराएगा। जीसैट-10 अपने साथ प्लेलोड 'गगन' को भी साथ ले जाएगा। यह एयरपोर्ट्स अथोरिटी आफ इंडिया को उड्डयन संबंधी जरूरतों के लिए ग्लोबल पोजिशनिंग सेटेलाइट सिगनल मुहैया कराएगा।
संक्षिप्त सारांश: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने सोमवार को कहा कि देश के नवीनतम संचार उपग्रह जीसैट-10 का फ्रेंच गुयाना स्थित काउरॉ अंतरिक्ष केंद्र से एरियान-5 राकेट के जरिये 29 सितम्बर को प्रक्षेपण किया जाएगा।
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: संसद ने गुरुवार को महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में कड़ी सजा के प्रावधान वाले विधेयक को मंजूरी दे दी जिसमें महिलाओं के खिलाफ तेजाब के हमले और उनका पीछा करने जैसे कृत्यों के लिए भी कड़े प्रावधान किए गए हैं। विधेयक में बलात्कार या सामूहिक दुष्कर्म के लिए अधिकतम आजीवन कारावास की सजा का प्रावधान है और दोबारा ऐसा अपराध करने वाले को अधिकतम सजा के रूप में मृत्युदंड का प्रावधान किया गया है। उच्च सदन ने दंड विधि (संशोधन) विधेयक, 2013 को चर्चा के बाद ध्वनिमत से पारित कर दिया। लोकसभा इसे पहले ही पारित कर चुकी है। इससे पहले सदन ने विधेयक पर विपक्षी सदस्यों की ओर से पेश किए गए सभी संशोधनों को नामंजूर कर दिया। विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कहा कि इस विधेयक में पुलिस अधिकारियों को भी जवाबदेह बनाया गया है और प्राथमिकी दर्ज नहीं करने पर छह महीने से दो साल तक की सजा का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि निजी और सरकारी दोनों अस्पतालों के लिए यह अनिवार्य किया गया है कि वे बलात्कार पीड़िता को तत्काल चिकित्सा उपलब्ध कराएं। ऐसा नहीं करने पर एक साल तक की सजा का प्रावधान किया गया है। सहमति से यौन संबंध स्थापित करने की उम्र से जुड़े विवाद का जिक्र करते हुए शिंदे ने कहा कि 1860 में बने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) में ही यह उम्र 16 की गई है। लेकिन इस विधेयक पर चर्चा के दौरान चर्चा उम्र सीमा को बढ़ाकर 18 साल किए जाने की मांग होने लगी है। उन्होंने कहा कि कानून में सुधार संभव है और सरकार इसके लिए खुले मन से तैयार है। चर्चा में विभिन्न सदस्यों द्वारा कई नेताओं और अन्य प्रभावशाली लोगों के खिलाफ ऐसे आरोप होने पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर चिंता जताए जाने पर शिंदे ने कहा कि ऐसे लोगों को भी नए कानून के दायरे में लाया गया है। इसके बाद उच्च सदन ने दंड विधि (संशोधन) विधेयक, 2013 को ध्वनिमत से पारित कर दिया और माकपा की टीएन सीमा और भाकपा के डी राजा द्वारा पेश संशोधनों को ध्वनिमत से अस्वीकार कर दिया। इसके साथ ही सदन ने डी राजा के एक संकल्प को ध्वनिमत से नामंजूर कर दिया। इस संकल्प में प्रस्ताव किया गया था कि यह सदन राष्ट्रपति तीन फरवरी 2013 को जारी दंड विधि (संशोधन) अध्यादेश को नामंजूर करती है। इससे पूर्व शिंदे ने कहा कि पहली बार तेजाब हमले जैसे अपराधों के लिए भी कानून बनाए गए हैं और ऐसे मामलों में 10 साल से आजीवन कैद तक की सजा का प्रावधान किया गया है। देहातों में महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाए जाने की घटनाओं का जिक्र करते हुए गृहमंत्री ने कहा कि सरकार ने इसे गंभीरता से लिया है और ऐसे मामलों में प्राथमिकी दर्ज करने के लिए पुलिस को जिम्मेदार बनाया गया है। मानव तस्करी खासकर नाबालिग लड़कियों के मामले में विधेयक में सख्त प्रावधान किए जाने का जिक्र करते हुए गृहमंत्री ने कहा कि ऐसे अपराधों के लिए सजा बढ़ाई गई है। उन्होंने कहा कि पहले अपराध के जहां सात से आठ साल तक की सजा का प्रावधान किया गया है वहीं अपराध की पुनरावृत्ति होने पर दस साल से आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान किया गया है। उन्होंने सदस्यों को भरोसा दिलाया कि यह विधेयक पुरुष विरोधी नहीं है। शिंदे ने कहा कि यह ‘‘कड़क’’ कानून है और शायद कई सालों में ऐसा कानून नहीं आया होगा। यह विधेयक दिल्ली में गत 16 दिसंबर को हुई सामूहिक बलात्कार की घटना के बाद देशभर में उठे आक्रोश की पृष्ठभूमि में राष्ट्रपति द्वारा फरवरी में जारी किए गए अध्यादेश की जगह लेने के लिए लाया गया है।टिप्पणियां बलात्कार और सामूहिक बलात्कार के मामलों में कठोर सजा के उद्देश्य वाले इस विधेयक में कहा गया है कि ऐसे मामलों में अपराधी को कठोर कारावास की सजा दी जा सकती है जिसकी अवधि 20 साल से कम नहीं होगी और इसे पूरी उम्र के लिए आजीवन कारावास तक बढ़ाया जा सकता है। इस तरह के अपराधों को एक से अधिक बार अंजाम देने वाले अपराधियों को मौत की सजा का भी प्रावधान है। विधेयक में बलात्कार या सामूहिक दुष्कर्म के लिए अधिकतम आजीवन कारावास की सजा का प्रावधान है और दोबारा ऐसा अपराध करने वाले को अधिकतम सजा के रूप में मृत्युदंड का प्रावधान किया गया है। उच्च सदन ने दंड विधि (संशोधन) विधेयक, 2013 को चर्चा के बाद ध्वनिमत से पारित कर दिया। लोकसभा इसे पहले ही पारित कर चुकी है। इससे पहले सदन ने विधेयक पर विपक्षी सदस्यों की ओर से पेश किए गए सभी संशोधनों को नामंजूर कर दिया। विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कहा कि इस विधेयक में पुलिस अधिकारियों को भी जवाबदेह बनाया गया है और प्राथमिकी दर्ज नहीं करने पर छह महीने से दो साल तक की सजा का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि निजी और सरकारी दोनों अस्पतालों के लिए यह अनिवार्य किया गया है कि वे बलात्कार पीड़िता को तत्काल चिकित्सा उपलब्ध कराएं। ऐसा नहीं करने पर एक साल तक की सजा का प्रावधान किया गया है। सहमति से यौन संबंध स्थापित करने की उम्र से जुड़े विवाद का जिक्र करते हुए शिंदे ने कहा कि 1860 में बने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) में ही यह उम्र 16 की गई है। लेकिन इस विधेयक पर चर्चा के दौरान चर्चा उम्र सीमा को बढ़ाकर 18 साल किए जाने की मांग होने लगी है। उन्होंने कहा कि कानून में सुधार संभव है और सरकार इसके लिए खुले मन से तैयार है। चर्चा में विभिन्न सदस्यों द्वारा कई नेताओं और अन्य प्रभावशाली लोगों के खिलाफ ऐसे आरोप होने पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर चिंता जताए जाने पर शिंदे ने कहा कि ऐसे लोगों को भी नए कानून के दायरे में लाया गया है। इसके बाद उच्च सदन ने दंड विधि (संशोधन) विधेयक, 2013 को ध्वनिमत से पारित कर दिया और माकपा की टीएन सीमा और भाकपा के डी राजा द्वारा पेश संशोधनों को ध्वनिमत से अस्वीकार कर दिया। इसके साथ ही सदन ने डी राजा के एक संकल्प को ध्वनिमत से नामंजूर कर दिया। इस संकल्प में प्रस्ताव किया गया था कि यह सदन राष्ट्रपति तीन फरवरी 2013 को जारी दंड विधि (संशोधन) अध्यादेश को नामंजूर करती है। इससे पूर्व शिंदे ने कहा कि पहली बार तेजाब हमले जैसे अपराधों के लिए भी कानून बनाए गए हैं और ऐसे मामलों में 10 साल से आजीवन कैद तक की सजा का प्रावधान किया गया है। देहातों में महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाए जाने की घटनाओं का जिक्र करते हुए गृहमंत्री ने कहा कि सरकार ने इसे गंभीरता से लिया है और ऐसे मामलों में प्राथमिकी दर्ज करने के लिए पुलिस को जिम्मेदार बनाया गया है। मानव तस्करी खासकर नाबालिग लड़कियों के मामले में विधेयक में सख्त प्रावधान किए जाने का जिक्र करते हुए गृहमंत्री ने कहा कि ऐसे अपराधों के लिए सजा बढ़ाई गई है। उन्होंने कहा कि पहले अपराध के जहां सात से आठ साल तक की सजा का प्रावधान किया गया है वहीं अपराध की पुनरावृत्ति होने पर दस साल से आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान किया गया है। उन्होंने सदस्यों को भरोसा दिलाया कि यह विधेयक पुरुष विरोधी नहीं है। शिंदे ने कहा कि यह ‘‘कड़क’’ कानून है और शायद कई सालों में ऐसा कानून नहीं आया होगा। यह विधेयक दिल्ली में गत 16 दिसंबर को हुई सामूहिक बलात्कार की घटना के बाद देशभर में उठे आक्रोश की पृष्ठभूमि में राष्ट्रपति द्वारा फरवरी में जारी किए गए अध्यादेश की जगह लेने के लिए लाया गया है।टिप्पणियां बलात्कार और सामूहिक बलात्कार के मामलों में कठोर सजा के उद्देश्य वाले इस विधेयक में कहा गया है कि ऐसे मामलों में अपराधी को कठोर कारावास की सजा दी जा सकती है जिसकी अवधि 20 साल से कम नहीं होगी और इसे पूरी उम्र के लिए आजीवन कारावास तक बढ़ाया जा सकता है। इस तरह के अपराधों को एक से अधिक बार अंजाम देने वाले अपराधियों को मौत की सजा का भी प्रावधान है। उच्च सदन ने दंड विधि (संशोधन) विधेयक, 2013 को चर्चा के बाद ध्वनिमत से पारित कर दिया। लोकसभा इसे पहले ही पारित कर चुकी है। इससे पहले सदन ने विधेयक पर विपक्षी सदस्यों की ओर से पेश किए गए सभी संशोधनों को नामंजूर कर दिया। विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कहा कि इस विधेयक में पुलिस अधिकारियों को भी जवाबदेह बनाया गया है और प्राथमिकी दर्ज नहीं करने पर छह महीने से दो साल तक की सजा का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि निजी और सरकारी दोनों अस्पतालों के लिए यह अनिवार्य किया गया है कि वे बलात्कार पीड़िता को तत्काल चिकित्सा उपलब्ध कराएं। ऐसा नहीं करने पर एक साल तक की सजा का प्रावधान किया गया है। सहमति से यौन संबंध स्थापित करने की उम्र से जुड़े विवाद का जिक्र करते हुए शिंदे ने कहा कि 1860 में बने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) में ही यह उम्र 16 की गई है। लेकिन इस विधेयक पर चर्चा के दौरान चर्चा उम्र सीमा को बढ़ाकर 18 साल किए जाने की मांग होने लगी है। उन्होंने कहा कि कानून में सुधार संभव है और सरकार इसके लिए खुले मन से तैयार है। चर्चा में विभिन्न सदस्यों द्वारा कई नेताओं और अन्य प्रभावशाली लोगों के खिलाफ ऐसे आरोप होने पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर चिंता जताए जाने पर शिंदे ने कहा कि ऐसे लोगों को भी नए कानून के दायरे में लाया गया है। इसके बाद उच्च सदन ने दंड विधि (संशोधन) विधेयक, 2013 को ध्वनिमत से पारित कर दिया और माकपा की टीएन सीमा और भाकपा के डी राजा द्वारा पेश संशोधनों को ध्वनिमत से अस्वीकार कर दिया। इसके साथ ही सदन ने डी राजा के एक संकल्प को ध्वनिमत से नामंजूर कर दिया। इस संकल्प में प्रस्ताव किया गया था कि यह सदन राष्ट्रपति तीन फरवरी 2013 को जारी दंड विधि (संशोधन) अध्यादेश को नामंजूर करती है। इससे पूर्व शिंदे ने कहा कि पहली बार तेजाब हमले जैसे अपराधों के लिए भी कानून बनाए गए हैं और ऐसे मामलों में 10 साल से आजीवन कैद तक की सजा का प्रावधान किया गया है। देहातों में महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाए जाने की घटनाओं का जिक्र करते हुए गृहमंत्री ने कहा कि सरकार ने इसे गंभीरता से लिया है और ऐसे मामलों में प्राथमिकी दर्ज करने के लिए पुलिस को जिम्मेदार बनाया गया है। मानव तस्करी खासकर नाबालिग लड़कियों के मामले में विधेयक में सख्त प्रावधान किए जाने का जिक्र करते हुए गृहमंत्री ने कहा कि ऐसे अपराधों के लिए सजा बढ़ाई गई है। उन्होंने कहा कि पहले अपराध के जहां सात से आठ साल तक की सजा का प्रावधान किया गया है वहीं अपराध की पुनरावृत्ति होने पर दस साल से आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान किया गया है। उन्होंने सदस्यों को भरोसा दिलाया कि यह विधेयक पुरुष विरोधी नहीं है। शिंदे ने कहा कि यह ‘‘कड़क’’ कानून है और शायद कई सालों में ऐसा कानून नहीं आया होगा। यह विधेयक दिल्ली में गत 16 दिसंबर को हुई सामूहिक बलात्कार की घटना के बाद देशभर में उठे आक्रोश की पृष्ठभूमि में राष्ट्रपति द्वारा फरवरी में जारी किए गए अध्यादेश की जगह लेने के लिए लाया गया है।टिप्पणियां बलात्कार और सामूहिक बलात्कार के मामलों में कठोर सजा के उद्देश्य वाले इस विधेयक में कहा गया है कि ऐसे मामलों में अपराधी को कठोर कारावास की सजा दी जा सकती है जिसकी अवधि 20 साल से कम नहीं होगी और इसे पूरी उम्र के लिए आजीवन कारावास तक बढ़ाया जा सकता है। इस तरह के अपराधों को एक से अधिक बार अंजाम देने वाले अपराधियों को मौत की सजा का भी प्रावधान है। इससे पहले सदन ने विधेयक पर विपक्षी सदस्यों की ओर से पेश किए गए सभी संशोधनों को नामंजूर कर दिया। विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कहा कि इस विधेयक में पुलिस अधिकारियों को भी जवाबदेह बनाया गया है और प्राथमिकी दर्ज नहीं करने पर छह महीने से दो साल तक की सजा का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि निजी और सरकारी दोनों अस्पतालों के लिए यह अनिवार्य किया गया है कि वे बलात्कार पीड़िता को तत्काल चिकित्सा उपलब्ध कराएं। ऐसा नहीं करने पर एक साल तक की सजा का प्रावधान किया गया है। सहमति से यौन संबंध स्थापित करने की उम्र से जुड़े विवाद का जिक्र करते हुए शिंदे ने कहा कि 1860 में बने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) में ही यह उम्र 16 की गई है। लेकिन इस विधेयक पर चर्चा के दौरान चर्चा उम्र सीमा को बढ़ाकर 18 साल किए जाने की मांग होने लगी है। उन्होंने कहा कि कानून में सुधार संभव है और सरकार इसके लिए खुले मन से तैयार है। चर्चा में विभिन्न सदस्यों द्वारा कई नेताओं और अन्य प्रभावशाली लोगों के खिलाफ ऐसे आरोप होने पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर चिंता जताए जाने पर शिंदे ने कहा कि ऐसे लोगों को भी नए कानून के दायरे में लाया गया है। इसके बाद उच्च सदन ने दंड विधि (संशोधन) विधेयक, 2013 को ध्वनिमत से पारित कर दिया और माकपा की टीएन सीमा और भाकपा के डी राजा द्वारा पेश संशोधनों को ध्वनिमत से अस्वीकार कर दिया। इसके साथ ही सदन ने डी राजा के एक संकल्प को ध्वनिमत से नामंजूर कर दिया। इस संकल्प में प्रस्ताव किया गया था कि यह सदन राष्ट्रपति तीन फरवरी 2013 को जारी दंड विधि (संशोधन) अध्यादेश को नामंजूर करती है। इससे पूर्व शिंदे ने कहा कि पहली बार तेजाब हमले जैसे अपराधों के लिए भी कानून बनाए गए हैं और ऐसे मामलों में 10 साल से आजीवन कैद तक की सजा का प्रावधान किया गया है। देहातों में महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाए जाने की घटनाओं का जिक्र करते हुए गृहमंत्री ने कहा कि सरकार ने इसे गंभीरता से लिया है और ऐसे मामलों में प्राथमिकी दर्ज करने के लिए पुलिस को जिम्मेदार बनाया गया है। मानव तस्करी खासकर नाबालिग लड़कियों के मामले में विधेयक में सख्त प्रावधान किए जाने का जिक्र करते हुए गृहमंत्री ने कहा कि ऐसे अपराधों के लिए सजा बढ़ाई गई है। उन्होंने कहा कि पहले अपराध के जहां सात से आठ साल तक की सजा का प्रावधान किया गया है वहीं अपराध की पुनरावृत्ति होने पर दस साल से आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान किया गया है। उन्होंने सदस्यों को भरोसा दिलाया कि यह विधेयक पुरुष विरोधी नहीं है। शिंदे ने कहा कि यह ‘‘कड़क’’ कानून है और शायद कई सालों में ऐसा कानून नहीं आया होगा। यह विधेयक दिल्ली में गत 16 दिसंबर को हुई सामूहिक बलात्कार की घटना के बाद देशभर में उठे आक्रोश की पृष्ठभूमि में राष्ट्रपति द्वारा फरवरी में जारी किए गए अध्यादेश की जगह लेने के लिए लाया गया है।टिप्पणियां बलात्कार और सामूहिक बलात्कार के मामलों में कठोर सजा के उद्देश्य वाले इस विधेयक में कहा गया है कि ऐसे मामलों में अपराधी को कठोर कारावास की सजा दी जा सकती है जिसकी अवधि 20 साल से कम नहीं होगी और इसे पूरी उम्र के लिए आजीवन कारावास तक बढ़ाया जा सकता है। इस तरह के अपराधों को एक से अधिक बार अंजाम देने वाले अपराधियों को मौत की सजा का भी प्रावधान है। विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कहा कि इस विधेयक में पुलिस अधिकारियों को भी जवाबदेह बनाया गया है और प्राथमिकी दर्ज नहीं करने पर छह महीने से दो साल तक की सजा का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि निजी और सरकारी दोनों अस्पतालों के लिए यह अनिवार्य किया गया है कि वे बलात्कार पीड़िता को तत्काल चिकित्सा उपलब्ध कराएं। ऐसा नहीं करने पर एक साल तक की सजा का प्रावधान किया गया है। सहमति से यौन संबंध स्थापित करने की उम्र से जुड़े विवाद का जिक्र करते हुए शिंदे ने कहा कि 1860 में बने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) में ही यह उम्र 16 की गई है। लेकिन इस विधेयक पर चर्चा के दौरान चर्चा उम्र सीमा को बढ़ाकर 18 साल किए जाने की मांग होने लगी है। उन्होंने कहा कि कानून में सुधार संभव है और सरकार इसके लिए खुले मन से तैयार है। चर्चा में विभिन्न सदस्यों द्वारा कई नेताओं और अन्य प्रभावशाली लोगों के खिलाफ ऐसे आरोप होने पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर चिंता जताए जाने पर शिंदे ने कहा कि ऐसे लोगों को भी नए कानून के दायरे में लाया गया है। इसके बाद उच्च सदन ने दंड विधि (संशोधन) विधेयक, 2013 को ध्वनिमत से पारित कर दिया और माकपा की टीएन सीमा और भाकपा के डी राजा द्वारा पेश संशोधनों को ध्वनिमत से अस्वीकार कर दिया। इसके साथ ही सदन ने डी राजा के एक संकल्प को ध्वनिमत से नामंजूर कर दिया। इस संकल्प में प्रस्ताव किया गया था कि यह सदन राष्ट्रपति तीन फरवरी 2013 को जारी दंड विधि (संशोधन) अध्यादेश को नामंजूर करती है। इससे पूर्व शिंदे ने कहा कि पहली बार तेजाब हमले जैसे अपराधों के लिए भी कानून बनाए गए हैं और ऐसे मामलों में 10 साल से आजीवन कैद तक की सजा का प्रावधान किया गया है। देहातों में महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाए जाने की घटनाओं का जिक्र करते हुए गृहमंत्री ने कहा कि सरकार ने इसे गंभीरता से लिया है और ऐसे मामलों में प्राथमिकी दर्ज करने के लिए पुलिस को जिम्मेदार बनाया गया है। मानव तस्करी खासकर नाबालिग लड़कियों के मामले में विधेयक में सख्त प्रावधान किए जाने का जिक्र करते हुए गृहमंत्री ने कहा कि ऐसे अपराधों के लिए सजा बढ़ाई गई है। उन्होंने कहा कि पहले अपराध के जहां सात से आठ साल तक की सजा का प्रावधान किया गया है वहीं अपराध की पुनरावृत्ति होने पर दस साल से आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान किया गया है। उन्होंने सदस्यों को भरोसा दिलाया कि यह विधेयक पुरुष विरोधी नहीं है। शिंदे ने कहा कि यह ‘‘कड़क’’ कानून है और शायद कई सालों में ऐसा कानून नहीं आया होगा। यह विधेयक दिल्ली में गत 16 दिसंबर को हुई सामूहिक बलात्कार की घटना के बाद देशभर में उठे आक्रोश की पृष्ठभूमि में राष्ट्रपति द्वारा फरवरी में जारी किए गए अध्यादेश की जगह लेने के लिए लाया गया है।टिप्पणियां बलात्कार और सामूहिक बलात्कार के मामलों में कठोर सजा के उद्देश्य वाले इस विधेयक में कहा गया है कि ऐसे मामलों में अपराधी को कठोर कारावास की सजा दी जा सकती है जिसकी अवधि 20 साल से कम नहीं होगी और इसे पूरी उम्र के लिए आजीवन कारावास तक बढ़ाया जा सकता है। इस तरह के अपराधों को एक से अधिक बार अंजाम देने वाले अपराधियों को मौत की सजा का भी प्रावधान है। उन्होंने कहा कि निजी और सरकारी दोनों अस्पतालों के लिए यह अनिवार्य किया गया है कि वे बलात्कार पीड़िता को तत्काल चिकित्सा उपलब्ध कराएं। ऐसा नहीं करने पर एक साल तक की सजा का प्रावधान किया गया है। सहमति से यौन संबंध स्थापित करने की उम्र से जुड़े विवाद का जिक्र करते हुए शिंदे ने कहा कि 1860 में बने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) में ही यह उम्र 16 की गई है। लेकिन इस विधेयक पर चर्चा के दौरान चर्चा उम्र सीमा को बढ़ाकर 18 साल किए जाने की मांग होने लगी है। उन्होंने कहा कि कानून में सुधार संभव है और सरकार इसके लिए खुले मन से तैयार है। चर्चा में विभिन्न सदस्यों द्वारा कई नेताओं और अन्य प्रभावशाली लोगों के खिलाफ ऐसे आरोप होने पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर चिंता जताए जाने पर शिंदे ने कहा कि ऐसे लोगों को भी नए कानून के दायरे में लाया गया है। इसके बाद उच्च सदन ने दंड विधि (संशोधन) विधेयक, 2013 को ध्वनिमत से पारित कर दिया और माकपा की टीएन सीमा और भाकपा के डी राजा द्वारा पेश संशोधनों को ध्वनिमत से अस्वीकार कर दिया। इसके साथ ही सदन ने डी राजा के एक संकल्प को ध्वनिमत से नामंजूर कर दिया। इस संकल्प में प्रस्ताव किया गया था कि यह सदन राष्ट्रपति तीन फरवरी 2013 को जारी दंड विधि (संशोधन) अध्यादेश को नामंजूर करती है। इससे पूर्व शिंदे ने कहा कि पहली बार तेजाब हमले जैसे अपराधों के लिए भी कानून बनाए गए हैं और ऐसे मामलों में 10 साल से आजीवन कैद तक की सजा का प्रावधान किया गया है। देहातों में महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाए जाने की घटनाओं का जिक्र करते हुए गृहमंत्री ने कहा कि सरकार ने इसे गंभीरता से लिया है और ऐसे मामलों में प्राथमिकी दर्ज करने के लिए पुलिस को जिम्मेदार बनाया गया है। मानव तस्करी खासकर नाबालिग लड़कियों के मामले में विधेयक में सख्त प्रावधान किए जाने का जिक्र करते हुए गृहमंत्री ने कहा कि ऐसे अपराधों के लिए सजा बढ़ाई गई है। उन्होंने कहा कि पहले अपराध के जहां सात से आठ साल तक की सजा का प्रावधान किया गया है वहीं अपराध की पुनरावृत्ति होने पर दस साल से आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान किया गया है। उन्होंने सदस्यों को भरोसा दिलाया कि यह विधेयक पुरुष विरोधी नहीं है। शिंदे ने कहा कि यह ‘‘कड़क’’ कानून है और शायद कई सालों में ऐसा कानून नहीं आया होगा। यह विधेयक दिल्ली में गत 16 दिसंबर को हुई सामूहिक बलात्कार की घटना के बाद देशभर में उठे आक्रोश की पृष्ठभूमि में राष्ट्रपति द्वारा फरवरी में जारी किए गए अध्यादेश की जगह लेने के लिए लाया गया है।टिप्पणियां बलात्कार और सामूहिक बलात्कार के मामलों में कठोर सजा के उद्देश्य वाले इस विधेयक में कहा गया है कि ऐसे मामलों में अपराधी को कठोर कारावास की सजा दी जा सकती है जिसकी अवधि 20 साल से कम नहीं होगी और इसे पूरी उम्र के लिए आजीवन कारावास तक बढ़ाया जा सकता है। इस तरह के अपराधों को एक से अधिक बार अंजाम देने वाले अपराधियों को मौत की सजा का भी प्रावधान है। सहमति से यौन संबंध स्थापित करने की उम्र से जुड़े विवाद का जिक्र करते हुए शिंदे ने कहा कि 1860 में बने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) में ही यह उम्र 16 की गई है। लेकिन इस विधेयक पर चर्चा के दौरान चर्चा उम्र सीमा को बढ़ाकर 18 साल किए जाने की मांग होने लगी है। उन्होंने कहा कि कानून में सुधार संभव है और सरकार इसके लिए खुले मन से तैयार है। चर्चा में विभिन्न सदस्यों द्वारा कई नेताओं और अन्य प्रभावशाली लोगों के खिलाफ ऐसे आरोप होने पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर चिंता जताए जाने पर शिंदे ने कहा कि ऐसे लोगों को भी नए कानून के दायरे में लाया गया है। इसके बाद उच्च सदन ने दंड विधि (संशोधन) विधेयक, 2013 को ध्वनिमत से पारित कर दिया और माकपा की टीएन सीमा और भाकपा के डी राजा द्वारा पेश संशोधनों को ध्वनिमत से अस्वीकार कर दिया। इसके साथ ही सदन ने डी राजा के एक संकल्प को ध्वनिमत से नामंजूर कर दिया। इस संकल्प में प्रस्ताव किया गया था कि यह सदन राष्ट्रपति तीन फरवरी 2013 को जारी दंड विधि (संशोधन) अध्यादेश को नामंजूर करती है। इससे पूर्व शिंदे ने कहा कि पहली बार तेजाब हमले जैसे अपराधों के लिए भी कानून बनाए गए हैं और ऐसे मामलों में 10 साल से आजीवन कैद तक की सजा का प्रावधान किया गया है। देहातों में महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाए जाने की घटनाओं का जिक्र करते हुए गृहमंत्री ने कहा कि सरकार ने इसे गंभीरता से लिया है और ऐसे मामलों में प्राथमिकी दर्ज करने के लिए पुलिस को जिम्मेदार बनाया गया है। मानव तस्करी खासकर नाबालिग लड़कियों के मामले में विधेयक में सख्त प्रावधान किए जाने का जिक्र करते हुए गृहमंत्री ने कहा कि ऐसे अपराधों के लिए सजा बढ़ाई गई है। उन्होंने कहा कि पहले अपराध के जहां सात से आठ साल तक की सजा का प्रावधान किया गया है वहीं अपराध की पुनरावृत्ति होने पर दस साल से आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान किया गया है। उन्होंने सदस्यों को भरोसा दिलाया कि यह विधेयक पुरुष विरोधी नहीं है। शिंदे ने कहा कि यह ‘‘कड़क’’ कानून है और शायद कई सालों में ऐसा कानून नहीं आया होगा। यह विधेयक दिल्ली में गत 16 दिसंबर को हुई सामूहिक बलात्कार की घटना के बाद देशभर में उठे आक्रोश की पृष्ठभूमि में राष्ट्रपति द्वारा फरवरी में जारी किए गए अध्यादेश की जगह लेने के लिए लाया गया है।टिप्पणियां बलात्कार और सामूहिक बलात्कार के मामलों में कठोर सजा के उद्देश्य वाले इस विधेयक में कहा गया है कि ऐसे मामलों में अपराधी को कठोर कारावास की सजा दी जा सकती है जिसकी अवधि 20 साल से कम नहीं होगी और इसे पूरी उम्र के लिए आजीवन कारावास तक बढ़ाया जा सकता है। इस तरह के अपराधों को एक से अधिक बार अंजाम देने वाले अपराधियों को मौत की सजा का भी प्रावधान है। चर्चा में विभिन्न सदस्यों द्वारा कई नेताओं और अन्य प्रभावशाली लोगों के खिलाफ ऐसे आरोप होने पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर चिंता जताए जाने पर शिंदे ने कहा कि ऐसे लोगों को भी नए कानून के दायरे में लाया गया है। इसके बाद उच्च सदन ने दंड विधि (संशोधन) विधेयक, 2013 को ध्वनिमत से पारित कर दिया और माकपा की टीएन सीमा और भाकपा के डी राजा द्वारा पेश संशोधनों को ध्वनिमत से अस्वीकार कर दिया। इसके साथ ही सदन ने डी राजा के एक संकल्प को ध्वनिमत से नामंजूर कर दिया। इस संकल्प में प्रस्ताव किया गया था कि यह सदन राष्ट्रपति तीन फरवरी 2013 को जारी दंड विधि (संशोधन) अध्यादेश को नामंजूर करती है। इससे पूर्व शिंदे ने कहा कि पहली बार तेजाब हमले जैसे अपराधों के लिए भी कानून बनाए गए हैं और ऐसे मामलों में 10 साल से आजीवन कैद तक की सजा का प्रावधान किया गया है। देहातों में महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाए जाने की घटनाओं का जिक्र करते हुए गृहमंत्री ने कहा कि सरकार ने इसे गंभीरता से लिया है और ऐसे मामलों में प्राथमिकी दर्ज करने के लिए पुलिस को जिम्मेदार बनाया गया है। मानव तस्करी खासकर नाबालिग लड़कियों के मामले में विधेयक में सख्त प्रावधान किए जाने का जिक्र करते हुए गृहमंत्री ने कहा कि ऐसे अपराधों के लिए सजा बढ़ाई गई है। उन्होंने कहा कि पहले अपराध के जहां सात से आठ साल तक की सजा का प्रावधान किया गया है वहीं अपराध की पुनरावृत्ति होने पर दस साल से आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान किया गया है। उन्होंने सदस्यों को भरोसा दिलाया कि यह विधेयक पुरुष विरोधी नहीं है। शिंदे ने कहा कि यह ‘‘कड़क’’ कानून है और शायद कई सालों में ऐसा कानून नहीं आया होगा। यह विधेयक दिल्ली में गत 16 दिसंबर को हुई सामूहिक बलात्कार की घटना के बाद देशभर में उठे आक्रोश की पृष्ठभूमि में राष्ट्रपति द्वारा फरवरी में जारी किए गए अध्यादेश की जगह लेने के लिए लाया गया है।टिप्पणियां बलात्कार और सामूहिक बलात्कार के मामलों में कठोर सजा के उद्देश्य वाले इस विधेयक में कहा गया है कि ऐसे मामलों में अपराधी को कठोर कारावास की सजा दी जा सकती है जिसकी अवधि 20 साल से कम नहीं होगी और इसे पूरी उम्र के लिए आजीवन कारावास तक बढ़ाया जा सकता है। इस तरह के अपराधों को एक से अधिक बार अंजाम देने वाले अपराधियों को मौत की सजा का भी प्रावधान है। इसके बाद उच्च सदन ने दंड विधि (संशोधन) विधेयक, 2013 को ध्वनिमत से पारित कर दिया और माकपा की टीएन सीमा और भाकपा के डी राजा द्वारा पेश संशोधनों को ध्वनिमत से अस्वीकार कर दिया। इसके साथ ही सदन ने डी राजा के एक संकल्प को ध्वनिमत से नामंजूर कर दिया। इस संकल्प में प्रस्ताव किया गया था कि यह सदन राष्ट्रपति तीन फरवरी 2013 को जारी दंड विधि (संशोधन) अध्यादेश को नामंजूर करती है। इससे पूर्व शिंदे ने कहा कि पहली बार तेजाब हमले जैसे अपराधों के लिए भी कानून बनाए गए हैं और ऐसे मामलों में 10 साल से आजीवन कैद तक की सजा का प्रावधान किया गया है। देहातों में महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाए जाने की घटनाओं का जिक्र करते हुए गृहमंत्री ने कहा कि सरकार ने इसे गंभीरता से लिया है और ऐसे मामलों में प्राथमिकी दर्ज करने के लिए पुलिस को जिम्मेदार बनाया गया है। मानव तस्करी खासकर नाबालिग लड़कियों के मामले में विधेयक में सख्त प्रावधान किए जाने का जिक्र करते हुए गृहमंत्री ने कहा कि ऐसे अपराधों के लिए सजा बढ़ाई गई है। उन्होंने कहा कि पहले अपराध के जहां सात से आठ साल तक की सजा का प्रावधान किया गया है वहीं अपराध की पुनरावृत्ति होने पर दस साल से आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान किया गया है। उन्होंने सदस्यों को भरोसा दिलाया कि यह विधेयक पुरुष विरोधी नहीं है। शिंदे ने कहा कि यह ‘‘कड़क’’ कानून है और शायद कई सालों में ऐसा कानून नहीं आया होगा। यह विधेयक दिल्ली में गत 16 दिसंबर को हुई सामूहिक बलात्कार की घटना के बाद देशभर में उठे आक्रोश की पृष्ठभूमि में राष्ट्रपति द्वारा फरवरी में जारी किए गए अध्यादेश की जगह लेने के लिए लाया गया है।टिप्पणियां बलात्कार और सामूहिक बलात्कार के मामलों में कठोर सजा के उद्देश्य वाले इस विधेयक में कहा गया है कि ऐसे मामलों में अपराधी को कठोर कारावास की सजा दी जा सकती है जिसकी अवधि 20 साल से कम नहीं होगी और इसे पूरी उम्र के लिए आजीवन कारावास तक बढ़ाया जा सकता है। इस तरह के अपराधों को एक से अधिक बार अंजाम देने वाले अपराधियों को मौत की सजा का भी प्रावधान है। इसके साथ ही सदन ने डी राजा के एक संकल्प को ध्वनिमत से नामंजूर कर दिया। इस संकल्प में प्रस्ताव किया गया था कि यह सदन राष्ट्रपति तीन फरवरी 2013 को जारी दंड विधि (संशोधन) अध्यादेश को नामंजूर करती है। इससे पूर्व शिंदे ने कहा कि पहली बार तेजाब हमले जैसे अपराधों के लिए भी कानून बनाए गए हैं और ऐसे मामलों में 10 साल से आजीवन कैद तक की सजा का प्रावधान किया गया है। देहातों में महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाए जाने की घटनाओं का जिक्र करते हुए गृहमंत्री ने कहा कि सरकार ने इसे गंभीरता से लिया है और ऐसे मामलों में प्राथमिकी दर्ज करने के लिए पुलिस को जिम्मेदार बनाया गया है। मानव तस्करी खासकर नाबालिग लड़कियों के मामले में विधेयक में सख्त प्रावधान किए जाने का जिक्र करते हुए गृहमंत्री ने कहा कि ऐसे अपराधों के लिए सजा बढ़ाई गई है। उन्होंने कहा कि पहले अपराध के जहां सात से आठ साल तक की सजा का प्रावधान किया गया है वहीं अपराध की पुनरावृत्ति होने पर दस साल से आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान किया गया है। उन्होंने सदस्यों को भरोसा दिलाया कि यह विधेयक पुरुष विरोधी नहीं है। शिंदे ने कहा कि यह ‘‘कड़क’’ कानून है और शायद कई सालों में ऐसा कानून नहीं आया होगा। यह विधेयक दिल्ली में गत 16 दिसंबर को हुई सामूहिक बलात्कार की घटना के बाद देशभर में उठे आक्रोश की पृष्ठभूमि में राष्ट्रपति द्वारा फरवरी में जारी किए गए अध्यादेश की जगह लेने के लिए लाया गया है।टिप्पणियां बलात्कार और सामूहिक बलात्कार के मामलों में कठोर सजा के उद्देश्य वाले इस विधेयक में कहा गया है कि ऐसे मामलों में अपराधी को कठोर कारावास की सजा दी जा सकती है जिसकी अवधि 20 साल से कम नहीं होगी और इसे पूरी उम्र के लिए आजीवन कारावास तक बढ़ाया जा सकता है। इस तरह के अपराधों को एक से अधिक बार अंजाम देने वाले अपराधियों को मौत की सजा का भी प्रावधान है। इससे पूर्व शिंदे ने कहा कि पहली बार तेजाब हमले जैसे अपराधों के लिए भी कानून बनाए गए हैं और ऐसे मामलों में 10 साल से आजीवन कैद तक की सजा का प्रावधान किया गया है। देहातों में महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाए जाने की घटनाओं का जिक्र करते हुए गृहमंत्री ने कहा कि सरकार ने इसे गंभीरता से लिया है और ऐसे मामलों में प्राथमिकी दर्ज करने के लिए पुलिस को जिम्मेदार बनाया गया है। मानव तस्करी खासकर नाबालिग लड़कियों के मामले में विधेयक में सख्त प्रावधान किए जाने का जिक्र करते हुए गृहमंत्री ने कहा कि ऐसे अपराधों के लिए सजा बढ़ाई गई है। उन्होंने कहा कि पहले अपराध के जहां सात से आठ साल तक की सजा का प्रावधान किया गया है वहीं अपराध की पुनरावृत्ति होने पर दस साल से आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान किया गया है। उन्होंने सदस्यों को भरोसा दिलाया कि यह विधेयक पुरुष विरोधी नहीं है। शिंदे ने कहा कि यह ‘‘कड़क’’ कानून है और शायद कई सालों में ऐसा कानून नहीं आया होगा। यह विधेयक दिल्ली में गत 16 दिसंबर को हुई सामूहिक बलात्कार की घटना के बाद देशभर में उठे आक्रोश की पृष्ठभूमि में राष्ट्रपति द्वारा फरवरी में जारी किए गए अध्यादेश की जगह लेने के लिए लाया गया है।टिप्पणियां बलात्कार और सामूहिक बलात्कार के मामलों में कठोर सजा के उद्देश्य वाले इस विधेयक में कहा गया है कि ऐसे मामलों में अपराधी को कठोर कारावास की सजा दी जा सकती है जिसकी अवधि 20 साल से कम नहीं होगी और इसे पूरी उम्र के लिए आजीवन कारावास तक बढ़ाया जा सकता है। इस तरह के अपराधों को एक से अधिक बार अंजाम देने वाले अपराधियों को मौत की सजा का भी प्रावधान है। मानव तस्करी खासकर नाबालिग लड़कियों के मामले में विधेयक में सख्त प्रावधान किए जाने का जिक्र करते हुए गृहमंत्री ने कहा कि ऐसे अपराधों के लिए सजा बढ़ाई गई है। उन्होंने कहा कि पहले अपराध के जहां सात से आठ साल तक की सजा का प्रावधान किया गया है वहीं अपराध की पुनरावृत्ति होने पर दस साल से आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान किया गया है। उन्होंने सदस्यों को भरोसा दिलाया कि यह विधेयक पुरुष विरोधी नहीं है। शिंदे ने कहा कि यह ‘‘कड़क’’ कानून है और शायद कई सालों में ऐसा कानून नहीं आया होगा। यह विधेयक दिल्ली में गत 16 दिसंबर को हुई सामूहिक बलात्कार की घटना के बाद देशभर में उठे आक्रोश की पृष्ठभूमि में राष्ट्रपति द्वारा फरवरी में जारी किए गए अध्यादेश की जगह लेने के लिए लाया गया है।टिप्पणियां बलात्कार और सामूहिक बलात्कार के मामलों में कठोर सजा के उद्देश्य वाले इस विधेयक में कहा गया है कि ऐसे मामलों में अपराधी को कठोर कारावास की सजा दी जा सकती है जिसकी अवधि 20 साल से कम नहीं होगी और इसे पूरी उम्र के लिए आजीवन कारावास तक बढ़ाया जा सकता है। इस तरह के अपराधों को एक से अधिक बार अंजाम देने वाले अपराधियों को मौत की सजा का भी प्रावधान है। उन्होंने सदस्यों को भरोसा दिलाया कि यह विधेयक पुरुष विरोधी नहीं है। शिंदे ने कहा कि यह ‘‘कड़क’’ कानून है और शायद कई सालों में ऐसा कानून नहीं आया होगा। यह विधेयक दिल्ली में गत 16 दिसंबर को हुई सामूहिक बलात्कार की घटना के बाद देशभर में उठे आक्रोश की पृष्ठभूमि में राष्ट्रपति द्वारा फरवरी में जारी किए गए अध्यादेश की जगह लेने के लिए लाया गया है।टिप्पणियां बलात्कार और सामूहिक बलात्कार के मामलों में कठोर सजा के 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अवधि 20 साल से कम नहीं होगी और इसे पूरी उम्र के लिए आजीवन कारावास तक बढ़ाया जा सकता है। इस तरह के अपराधों को एक से अधिक बार अंजाम देने वाले अपराधियों को मौत की सजा का भी प्रावधान है। इस तरह के अपराधों को एक से अधिक बार अंजाम देने वाले अपराधियों को मौत की सजा का भी प्रावधान है।
यह एक सारांश है: संसद ने आज महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में कड़ी सजा के प्रावधान वाले विधेयक को मंजूरी दे दी, जिसमें महिलाओं के खिलाफ तेजाब के हमले और उनका पीछा करने जैसे कृत्यों के लिए भी कड़े प्रावधान किए गए हैं।
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['hin']
एक सारांश बनाओ: मेजबान बांग्लादेश से एशिया कप के अंतर्गत अप्रत्याशित हार झेल चुकी पांच बार की चैम्पियन भारतीय टीम अपने अंतिम लीग मुकाबले में रविवार को शेर-ए-बांग्ला नेशनल स्टेडियम में चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से भिड़ेगी। भारतीय टीम के लिए यह मुकाबला 'करो या मरो' का है। पाकिस्तानी टीम लगातार दो जीत दर्ज कर पहले ही फाइनल में पहुंच चुकी है और उसकी नजरें जीत की हैट्रिक पर होगी। शुक्रवार को खेले गए अपने दूसरे लीग मैच में भारत को बांग्लादेश ने पांच विकेट से पराजित किया था। भारतीय टीम अब तक दो मुकाबले खेल चुकी है जिनमें से उसे एक में जीत जबकि एक मैच में हार मिली है। पहले मुकाबले में भारत ने श्रीलंका को 50 रनों से मात दी थी। चार अंक लेकर भारत बेहतर नेट रनरेट के आधार पर तालिका में दूसरे स्थान पर है जबकि इतने ही अंकों के साथ बांग्लादेश तीसरे और पाकिस्तान नौ अंकों के साथ शीर्ष पर विराजमान है। भारतीय दृष्टिकोण से यह मैच सेमीफाइनल की तरह है क्योंकि यदि भारत इस मुकाबले को हार जाता है तो उसके टूर्नामेंट से बाहर होने की सम्भावनाएं प्रबल हो जाएंगी। भरत की हार की स्थिति में उसे बांग्लादेश और श्रीलंका के बीच खेले जाने वाले मैच के नतीजे पर निर्भर रहना पड़ेगा। यह मैच यदि बांग्लादेश जीत जाती है तो बांग्लादेश का फाइनल का टिकट तय हो जाएगा या श्रीलंकाई टीम बोनस अंकों से जीत दर्ज करती है तो भारत और बांग्लादेश दोनों का पत्ता कट जाएगा और श्रीलंका फाइनल में पहुंच जाएगी। लेकिन यदि श्रीलंका यह मैच बगैर बोनस अंक के जीतती है तो तीनों टीमों के चार-चार अंक रहेंगे। फिर नेट रन रेट के हिसाब से तय होगा कि कौन सी टीम फाइनल में पहुंचेगी। इससे पहले, भारत और पाकिस्तान की टीमें पिछले वर्ष विश्व कप के सेमीफाइनल में भिड़ीं थीं जिसमें बाजी भारत के हाथ लगी थी। अनुभवी बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने बांग्लादेश के खिलाफ शतक लगाकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपना सौंवा शतक पूरा किया वहीं विराट कोहली और गौतम गम्भीर ने श्रीलंका के खिलाफ शतक लगाकर बेहतरीन फॉर्म में होने के संकेत पहले ही दे दिए हैं। मध्यक्रम में कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और सुरेश रैना बढ़िया प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन रोहित शर्मा और हरफनमौला रवींद्र जडेजा ने अब तक मायूस किया है। भारतीय टीम ने इस दौरे पर मनोज तिवारी और हरफनमौला यूसुफ पठान को अब तक नहीं आजमाया है। भारत के लिए उसकी गेंदबाजी चिंता का विषय है। बांग्लादेश के खिलाफ प्रवीण कुमार को छोड़कर बाकी के गेंदबाजों ने निराश किया। घायल आर. विनय कुमार की जगह अंतिम एकादश टीम में शामिल किए गए अशोक डिंडा प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे। भारतीय गेंदबाजों के साथ उनके अंतिम ओवरों में रन लुटाने की कमजोरी अब तक बनी हुई है। इरफान पठान और ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन भी कोई कमाल नहीं दिखा सके। दूसरी ओर, अपने पहले मैच में मेजबान बांग्लादेश को 21 रन और फिर चार बार की चैम्पियन श्रीलंका को छह विकेट से हराने वाली पाकिस्तानी टीम के हौंसले बुलंद हैं।टिप्पणियां कप्तान मिस्बाह उल हक की कप्तानी वाली टीम के लिए बेशक इस मैच का परिणाम के लिहाज से कोई महत्व न हो लेकिन यह बात मिस्बाह अच्छी तरह जानते हैं कि यदि उन्हें इस मैच में जीत मिलती है तो यह उनके लिए 'टॉनिक' का काम कर सकती है। पाकिस्तानी टीम में मोहम्मद हफीज, अनुभवी यूनिस खान, कप्तान मिस्बाह उल हक, उमर अकमल और शाहिद अफरीदी जैसे बेहतरीन बल्लेबाज हैं वहीं उमर गुल और एजाज चीमा के रूप में दो मध्यम गति के शानदार गेंदबाज हैं। स्पिन की जिम्मेदारी सईद अजमल और शाहिद अफरीदी सहित हफीज निभाएंगे। शुक्रवार को खेले गए अपने दूसरे लीग मैच में भारत को बांग्लादेश ने पांच विकेट से पराजित किया था। भारतीय टीम अब तक दो मुकाबले खेल चुकी है जिनमें से उसे एक में जीत जबकि एक मैच में हार मिली है। पहले मुकाबले में भारत ने श्रीलंका को 50 रनों से मात दी थी। चार अंक लेकर भारत बेहतर नेट रनरेट के आधार पर तालिका में दूसरे स्थान पर है जबकि इतने ही अंकों के साथ बांग्लादेश तीसरे और पाकिस्तान नौ अंकों के साथ शीर्ष पर विराजमान है। भारतीय दृष्टिकोण से यह मैच सेमीफाइनल की तरह है क्योंकि यदि भारत इस मुकाबले को हार जाता है तो उसके टूर्नामेंट से बाहर होने की सम्भावनाएं प्रबल हो जाएंगी। भरत की हार की स्थिति में उसे बांग्लादेश और श्रीलंका के बीच खेले जाने वाले मैच के नतीजे पर निर्भर रहना पड़ेगा। यह मैच यदि बांग्लादेश जीत जाती है तो बांग्लादेश का फाइनल का टिकट तय हो जाएगा या श्रीलंकाई टीम बोनस अंकों से जीत दर्ज करती है तो भारत और बांग्लादेश दोनों का पत्ता कट जाएगा और श्रीलंका फाइनल में पहुंच जाएगी। लेकिन यदि श्रीलंका यह मैच बगैर बोनस अंक के जीतती है तो तीनों टीमों के चार-चार अंक रहेंगे। फिर नेट रन रेट के हिसाब से तय होगा कि कौन सी टीम फाइनल में पहुंचेगी। इससे पहले, भारत और पाकिस्तान की टीमें पिछले वर्ष विश्व कप के सेमीफाइनल में भिड़ीं थीं जिसमें बाजी भारत के हाथ लगी थी। अनुभवी बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने बांग्लादेश के खिलाफ शतक लगाकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपना सौंवा शतक पूरा किया वहीं विराट कोहली और गौतम गम्भीर ने श्रीलंका के खिलाफ शतक लगाकर बेहतरीन फॉर्म में होने के संकेत पहले ही दे दिए हैं। मध्यक्रम में कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और सुरेश रैना बढ़िया प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन रोहित शर्मा और हरफनमौला रवींद्र जडेजा ने अब तक मायूस किया है। भारतीय टीम ने इस दौरे पर मनोज तिवारी और हरफनमौला यूसुफ पठान को अब तक नहीं आजमाया है। भारत के लिए उसकी गेंदबाजी चिंता का विषय है। बांग्लादेश के खिलाफ प्रवीण कुमार को छोड़कर बाकी के गेंदबाजों ने निराश किया। घायल आर. विनय कुमार की जगह अंतिम एकादश टीम में शामिल किए गए अशोक डिंडा प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे। भारतीय गेंदबाजों के साथ उनके अंतिम ओवरों में रन लुटाने की कमजोरी अब तक बनी हुई है। इरफान पठान और ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन भी कोई कमाल नहीं दिखा सके। दूसरी ओर, अपने पहले मैच में मेजबान बांग्लादेश को 21 रन और फिर चार बार की चैम्पियन श्रीलंका को छह विकेट से हराने वाली पाकिस्तानी टीम के हौंसले बुलंद हैं।टिप्पणियां कप्तान मिस्बाह उल हक की कप्तानी वाली टीम के लिए बेशक इस मैच का परिणाम के लिहाज से कोई महत्व न हो लेकिन यह बात मिस्बाह अच्छी तरह जानते हैं कि यदि उन्हें इस मैच में जीत मिलती है तो यह उनके लिए 'टॉनिक' का काम कर सकती है। पाकिस्तानी टीम में मोहम्मद हफीज, अनुभवी यूनिस खान, कप्तान मिस्बाह उल हक, उमर अकमल और शाहिद अफरीदी जैसे बेहतरीन बल्लेबाज हैं वहीं उमर गुल और एजाज चीमा के रूप में दो मध्यम गति के शानदार गेंदबाज हैं। स्पिन की जिम्मेदारी सईद अजमल और शाहिद अफरीदी सहित हफीज निभाएंगे। पहले मुकाबले में भारत ने श्रीलंका को 50 रनों से मात दी थी। चार अंक लेकर भारत बेहतर नेट रनरेट के आधार पर तालिका में दूसरे स्थान पर है जबकि इतने ही अंकों के साथ बांग्लादेश तीसरे और पाकिस्तान नौ अंकों के साथ शीर्ष पर विराजमान है। भारतीय दृष्टिकोण से यह मैच सेमीफाइनल की तरह है क्योंकि यदि भारत इस मुकाबले को हार जाता है तो उसके टूर्नामेंट से बाहर होने की सम्भावनाएं प्रबल हो जाएंगी। भरत की हार की स्थिति में उसे बांग्लादेश और श्रीलंका के बीच खेले जाने वाले मैच के नतीजे पर निर्भर रहना पड़ेगा। यह मैच यदि बांग्लादेश जीत जाती है तो बांग्लादेश का फाइनल का टिकट तय हो जाएगा या श्रीलंकाई टीम बोनस अंकों से जीत दर्ज करती है तो भारत और बांग्लादेश दोनों का पत्ता कट जाएगा और श्रीलंका फाइनल में पहुंच जाएगी। लेकिन यदि श्रीलंका यह मैच बगैर बोनस अंक के जीतती है तो तीनों टीमों के चार-चार अंक रहेंगे। फिर नेट रन रेट के हिसाब से तय होगा कि कौन सी टीम फाइनल में पहुंचेगी। इससे पहले, भारत और पाकिस्तान की टीमें पिछले वर्ष विश्व कप के सेमीफाइनल में भिड़ीं थीं जिसमें बाजी भारत के हाथ लगी थी। अनुभवी बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने बांग्लादेश के खिलाफ शतक लगाकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपना सौंवा शतक पूरा किया वहीं विराट कोहली और गौतम गम्भीर ने श्रीलंका के खिलाफ शतक लगाकर बेहतरीन फॉर्म में होने के संकेत पहले ही दे दिए हैं। मध्यक्रम में कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और सुरेश रैना बढ़िया प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन रोहित शर्मा और हरफनमौला रवींद्र जडेजा ने अब तक मायूस किया है। भारतीय टीम ने इस दौरे पर मनोज तिवारी और हरफनमौला यूसुफ पठान को अब तक नहीं आजमाया है। भारत के लिए उसकी गेंदबाजी चिंता का विषय है। बांग्लादेश के खिलाफ प्रवीण कुमार को छोड़कर बाकी के गेंदबाजों ने निराश किया। घायल आर. विनय कुमार की जगह अंतिम एकादश टीम में शामिल किए गए अशोक डिंडा प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे। भारतीय गेंदबाजों के साथ उनके अंतिम ओवरों में रन लुटाने की कमजोरी अब तक बनी हुई है। इरफान पठान और ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन भी कोई कमाल नहीं दिखा सके। दूसरी ओर, अपने पहले मैच में मेजबान बांग्लादेश को 21 रन और फिर चार बार की चैम्पियन श्रीलंका को छह विकेट से हराने वाली पाकिस्तानी टीम के हौंसले बुलंद हैं।टिप्पणियां कप्तान मिस्बाह उल हक की कप्तानी वाली टीम के लिए बेशक इस मैच का परिणाम के लिहाज से कोई महत्व न हो लेकिन यह बात मिस्बाह अच्छी तरह जानते हैं कि यदि उन्हें इस मैच में जीत मिलती है तो यह उनके लिए 'टॉनिक' का काम कर सकती है। पाकिस्तानी टीम में मोहम्मद हफीज, अनुभवी यूनिस खान, कप्तान मिस्बाह उल हक, उमर अकमल और शाहिद अफरीदी जैसे बेहतरीन बल्लेबाज हैं वहीं उमर गुल और एजाज चीमा के रूप में दो मध्यम गति के शानदार गेंदबाज हैं। स्पिन की जिम्मेदारी सईद अजमल और शाहिद अफरीदी सहित हफीज निभाएंगे। भारतीय दृष्टिकोण से यह मैच सेमीफाइनल की तरह है क्योंकि यदि भारत इस मुकाबले को हार जाता है तो उसके टूर्नामेंट से बाहर होने की सम्भावनाएं प्रबल हो जाएंगी। भरत की हार की स्थिति में उसे बांग्लादेश और श्रीलंका के बीच खेले जाने वाले मैच के नतीजे पर निर्भर रहना पड़ेगा। यह मैच यदि बांग्लादेश जीत जाती है तो बांग्लादेश का फाइनल का टिकट तय हो जाएगा या श्रीलंकाई टीम बोनस अंकों से जीत दर्ज करती है तो भारत और बांग्लादेश दोनों का पत्ता कट जाएगा और श्रीलंका फाइनल में पहुंच जाएगी। लेकिन यदि श्रीलंका यह मैच बगैर बोनस अंक के जीतती है तो तीनों टीमों के चार-चार अंक रहेंगे। फिर नेट रन रेट के हिसाब से तय होगा कि कौन सी टीम फाइनल में पहुंचेगी। इससे पहले, भारत और पाकिस्तान की टीमें पिछले वर्ष विश्व कप के सेमीफाइनल में भिड़ीं थीं जिसमें बाजी भारत के हाथ लगी थी। अनुभवी बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने बांग्लादेश के खिलाफ शतक लगाकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपना सौंवा शतक पूरा किया वहीं विराट कोहली और गौतम गम्भीर ने श्रीलंका के खिलाफ शतक लगाकर बेहतरीन फॉर्म में होने के संकेत पहले ही दे दिए हैं। मध्यक्रम में कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और सुरेश रैना बढ़िया प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन रोहित शर्मा और हरफनमौला रवींद्र जडेजा ने अब तक मायूस किया है। भारतीय टीम ने इस दौरे पर मनोज तिवारी और हरफनमौला यूसुफ पठान को अब तक नहीं आजमाया है। भारत के लिए उसकी गेंदबाजी चिंता का विषय है। बांग्लादेश के खिलाफ प्रवीण कुमार को छोड़कर बाकी के गेंदबाजों ने निराश किया। घायल आर. विनय कुमार की जगह अंतिम एकादश टीम में शामिल किए गए अशोक डिंडा प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे। भारतीय गेंदबाजों के साथ उनके अंतिम ओवरों में रन लुटाने की कमजोरी अब तक बनी हुई है। इरफान पठान और ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन भी कोई कमाल नहीं दिखा सके। दूसरी ओर, अपने पहले मैच में मेजबान बांग्लादेश को 21 रन और फिर चार बार की चैम्पियन श्रीलंका को छह विकेट से हराने वाली पाकिस्तानी टीम के हौंसले बुलंद हैं।टिप्पणियां कप्तान मिस्बाह उल हक की कप्तानी वाली टीम के लिए बेशक इस मैच का परिणाम के लिहाज से कोई महत्व न हो लेकिन यह बात मिस्बाह अच्छी तरह जानते हैं कि यदि उन्हें इस मैच में जीत मिलती है तो यह उनके लिए 'टॉनिक' का काम कर सकती है। पाकिस्तानी टीम में मोहम्मद हफीज, अनुभवी यूनिस खान, कप्तान मिस्बाह उल हक, उमर अकमल और शाहिद अफरीदी जैसे बेहतरीन बल्लेबाज हैं वहीं उमर गुल और एजाज चीमा के रूप में दो मध्यम गति के शानदार गेंदबाज हैं। स्पिन की जिम्मेदारी सईद अजमल और शाहिद अफरीदी सहित हफीज निभाएंगे। इससे पहले, भारत और पाकिस्तान की टीमें पिछले वर्ष विश्व कप के सेमीफाइनल में भिड़ीं थीं जिसमें बाजी भारत के हाथ लगी थी। अनुभवी बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने बांग्लादेश के खिलाफ शतक लगाकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपना सौंवा शतक पूरा किया वहीं विराट कोहली और गौतम गम्भीर ने श्रीलंका के खिलाफ शतक लगाकर बेहतरीन फॉर्म में होने के संकेत पहले ही दे दिए हैं। मध्यक्रम में कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और सुरेश रैना बढ़िया प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन रोहित शर्मा और हरफनमौला रवींद्र जडेजा ने अब तक मायूस किया है। भारतीय टीम ने इस दौरे पर मनोज तिवारी और हरफनमौला यूसुफ पठान को अब तक नहीं आजमाया है। भारत के लिए उसकी गेंदबाजी चिंता का विषय है। बांग्लादेश के खिलाफ प्रवीण कुमार को छोड़कर बाकी के गेंदबाजों ने निराश किया। घायल आर. विनय कुमार की जगह अंतिम एकादश टीम में शामिल किए गए अशोक डिंडा प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे। भारतीय गेंदबाजों के साथ उनके अंतिम ओवरों में रन लुटाने की कमजोरी अब तक बनी हुई है। इरफान पठान और ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन भी कोई कमाल नहीं दिखा सके। दूसरी ओर, अपने पहले मैच में मेजबान बांग्लादेश को 21 रन और फिर चार बार की चैम्पियन श्रीलंका को छह विकेट से हराने वाली पाकिस्तानी टीम के हौंसले बुलंद हैं।टिप्पणियां कप्तान मिस्बाह उल हक की कप्तानी वाली टीम के लिए बेशक इस मैच का परिणाम के लिहाज से कोई महत्व न हो लेकिन यह बात मिस्बाह अच्छी तरह जानते हैं कि यदि उन्हें इस मैच में जीत मिलती है तो यह उनके लिए 'टॉनिक' का काम कर सकती है। पाकिस्तानी टीम में मोहम्मद हफीज, अनुभवी यूनिस खान, कप्तान मिस्बाह उल हक, उमर अकमल और शाहिद अफरीदी जैसे बेहतरीन बल्लेबाज हैं वहीं उमर गुल और एजाज चीमा के रूप में दो मध्यम गति के शानदार गेंदबाज हैं। स्पिन की जिम्मेदारी सईद अजमल और शाहिद अफरीदी सहित हफीज निभाएंगे। मध्यक्रम में कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और सुरेश रैना बढ़िया प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन रोहित शर्मा और हरफनमौला रवींद्र जडेजा ने अब तक मायूस किया है। भारतीय टीम ने इस दौरे पर मनोज तिवारी और हरफनमौला यूसुफ पठान को अब तक नहीं आजमाया है। भारत के लिए उसकी गेंदबाजी चिंता का विषय है। बांग्लादेश के खिलाफ प्रवीण कुमार को छोड़कर बाकी के गेंदबाजों ने निराश किया। घायल आर. विनय कुमार की जगह अंतिम एकादश टीम में शामिल किए गए अशोक डिंडा प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे। भारतीय गेंदबाजों के साथ उनके अंतिम ओवरों में रन लुटाने की कमजोरी अब तक बनी हुई है। इरफान पठान और ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन भी कोई कमाल नहीं दिखा सके। दूसरी ओर, अपने पहले मैच में मेजबान बांग्लादेश को 21 रन और फिर चार बार की चैम्पियन श्रीलंका को छह विकेट से हराने वाली पाकिस्तानी टीम के हौंसले बुलंद हैं।टिप्पणियां कप्तान मिस्बाह उल हक की कप्तानी वाली टीम के लिए बेशक इस मैच का परिणाम के लिहाज से कोई महत्व न हो लेकिन यह बात मिस्बाह अच्छी तरह जानते हैं कि यदि उन्हें इस मैच में जीत मिलती है तो यह उनके लिए 'टॉनिक' का काम कर सकती है। पाकिस्तानी टीम में मोहम्मद हफीज, अनुभवी यूनिस खान, कप्तान मिस्बाह उल हक, उमर अकमल और शाहिद अफरीदी जैसे बेहतरीन बल्लेबाज हैं वहीं उमर गुल और एजाज चीमा के रूप में दो मध्यम गति के शानदार गेंदबाज हैं। स्पिन की जिम्मेदारी सईद अजमल और शाहिद अफरीदी सहित हफीज निभाएंगे। भारत के लिए उसकी गेंदबाजी चिंता का विषय है। बांग्लादेश के खिलाफ प्रवीण कुमार को छोड़कर बाकी के गेंदबाजों ने निराश किया। घायल आर. विनय कुमार की जगह अंतिम एकादश टीम में शामिल किए गए अशोक डिंडा प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे। भारतीय गेंदबाजों के साथ उनके अंतिम ओवरों में रन लुटाने की कमजोरी अब तक बनी हुई है। इरफान पठान और ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन भी कोई कमाल नहीं दिखा सके। दूसरी ओर, अपने पहले मैच में मेजबान बांग्लादेश को 21 रन और फिर चार बार की चैम्पियन श्रीलंका को छह विकेट से हराने वाली पाकिस्तानी टीम के हौंसले बुलंद हैं।टिप्पणियां कप्तान मिस्बाह उल हक की कप्तानी वाली टीम के लिए बेशक इस मैच का परिणाम के लिहाज से कोई महत्व न हो लेकिन यह बात मिस्बाह अच्छी तरह जानते हैं कि यदि उन्हें इस मैच में जीत मिलती है तो यह उनके लिए 'टॉनिक' का काम कर सकती है। पाकिस्तानी टीम में मोहम्मद हफीज, अनुभवी यूनिस खान, कप्तान मिस्बाह उल हक, उमर अकमल और शाहिद अफरीदी जैसे बेहतरीन बल्लेबाज हैं वहीं उमर गुल और एजाज चीमा के रूप में दो मध्यम गति के शानदार गेंदबाज हैं। स्पिन की जिम्मेदारी सईद अजमल और शाहिद अफरीदी सहित हफीज निभाएंगे। भारतीय गेंदबाजों के साथ उनके अंतिम ओवरों में रन लुटाने की कमजोरी अब तक बनी हुई है। इरफान पठान और ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन भी कोई कमाल नहीं दिखा सके। दूसरी ओर, अपने पहले मैच में मेजबान बांग्लादेश को 21 रन और फिर चार बार की चैम्पियन श्रीलंका को छह विकेट से हराने वाली पाकिस्तानी टीम के हौंसले बुलंद हैं।टिप्पणियां कप्तान मिस्बाह उल हक की कप्तानी वाली टीम के लिए बेशक इस मैच का परिणाम के लिहाज से कोई महत्व न हो लेकिन यह बात मिस्बाह अच्छी तरह जानते हैं कि यदि उन्हें इस मैच में जीत मिलती है तो यह उनके लिए 'टॉनिक' का काम कर सकती है। पाकिस्तानी टीम में मोहम्मद हफीज, अनुभवी यूनिस खान, कप्तान मिस्बाह उल हक, उमर अकमल और शाहिद अफरीदी जैसे बेहतरीन बल्लेबाज हैं वहीं उमर गुल और एजाज चीमा के रूप में दो मध्यम गति के शानदार गेंदबाज हैं। स्पिन की जिम्मेदारी सईद अजमल और शाहिद अफरीदी सहित हफीज निभाएंगे। दूसरी ओर, अपने पहले मैच में मेजबान बांग्लादेश को 21 रन और फिर चार बार की चैम्पियन श्रीलंका को छह विकेट से हराने वाली पाकिस्तानी टीम के हौंसले बुलंद हैं।टिप्पणियां कप्तान मिस्बाह उल हक की कप्तानी वाली टीम के लिए बेशक इस मैच का परिणाम के लिहाज से कोई महत्व न हो लेकिन यह बात मिस्बाह अच्छी तरह जानते हैं कि यदि उन्हें इस मैच में जीत मिलती है तो यह उनके लिए 'टॉनिक' का काम कर सकती है। पाकिस्तानी टीम में मोहम्मद हफीज, अनुभवी यूनिस खान, कप्तान मिस्बाह उल हक, उमर अकमल और शाहिद अफरीदी जैसे बेहतरीन बल्लेबाज हैं वहीं उमर गुल और एजाज चीमा के रूप में दो मध्यम गति के शानदार गेंदबाज हैं। स्पिन की जिम्मेदारी सईद अजमल और शाहिद अफरीदी सहित हफीज निभाएंगे। कप्तान मिस्बाह उल हक की कप्तानी वाली टीम के लिए बेशक इस मैच का परिणाम के लिहाज से कोई महत्व न हो लेकिन यह बात मिस्बाह अच्छी तरह जानते हैं कि यदि उन्हें इस मैच में जीत मिलती है तो यह उनके लिए 'टॉनिक' का काम कर सकती है। पाकिस्तानी टीम में मोहम्मद हफीज, अनुभवी यूनिस खान, कप्तान मिस्बाह उल हक, उमर अकमल और शाहिद अफरीदी जैसे बेहतरीन बल्लेबाज हैं वहीं उमर गुल और एजाज चीमा के रूप में दो मध्यम गति के शानदार गेंदबाज हैं। स्पिन की जिम्मेदारी सईद अजमल और शाहिद अफरीदी सहित हफीज निभाएंगे। पाकिस्तानी टीम में मोहम्मद हफीज, अनुभवी यूनिस खान, कप्तान मिस्बाह उल हक, उमर अकमल और शाहिद अफरीदी जैसे बेहतरीन बल्लेबाज हैं वहीं उमर गुल और एजाज चीमा के रूप में दो मध्यम गति के शानदार गेंदबाज हैं। स्पिन की जिम्मेदारी सईद अजमल और शाहिद अफरीदी सहित हफीज निभाएंगे।
संक्षिप्त सारांश: मेजबान बांग्लादेश से एशिया कप के अंतर्गत अप्रत्याशित हार झेल चुकी पांच बार की चैम्पियन भारतीय टीम अपने अंतिम लीग मुकाबले में रविवार को शेर-ए-बांग्ला नेशनल स्टेडियम में चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से भिड़ेगी।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: आंध्र प्रदेश में सरकारी अस्पतालों के जूनियर डॉक्टरों द्वारा हड़ताल किए जाने और आपातकालीन सेवाओं के बहिष्कार के कारण शुक्रवार रात से अब तक कम से कम 10 मरीजों की मौत हो गई। उधर, राज्य सरकार का कहना है कि मरीजों की मौत का हड़ताल से कोई सम्बंध नहीं है। अस्पताल अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार रात से गांधी अस्पताल में आठ और एक-एक मरीज की मौत विशाखापट्टनम एवं कुर्नूल में हुई। पीड़ित परिजनों ने मौत का कारण पर्याप्त चिकित्सा सुविधाओं का अभाव बताया है। चिकित्सा शिक्षा मंत्री कोंडरू मुरली ने पत्रकारों को बताया कि मरीजों की मौत इसलिए हुई क्योंकि उन्हें अस्पताल लाने में काफी देरी हुई और भर्ती के वक्त उनकी हालत काफी नाजुक थी। उन्होंने कहा, "यह सामान्य मौतें हैं और इनका हड़ताल से कोई लेना देना नहीं है।" फिलहाल हड़ताल खत्म होने की उम्मीद शनिवार शाम को बढ़ गई जब राज्य सरकार ने हड़ताली जूनियर डॉक्टरों के साथ वार्ता शुरू की। मंत्रिमंडल की उपसमिति समस्या के समाधान के लिए डॉक्टरों की मांगों पर विचार कर रही है। राज्य में 10 मेडिकल कॉलेजों के लगभग 3000 जूनियर डॉक्टर मानदेय में 40 फीसदी की वृद्धि एवं गांवों में अनिवार्य नियुक्ति की अवधि तीन से घटाकर एक वर्ष करने की मांग को लेकर करीब एक महीने से हड़ताल पर हैं। हड़ताली जूनियर डॉक्टरों ने अपनी मांगों के समर्थन में शुक्रवार शाम से आपात सेवाओं का भी बहिष्कार कर दिया है। सरकार द्वारा हड़ताल खत्म करने के बाद वार्ता करने के निर्णय पर जूनियर डॉक्टरों ने शुक्रवार शाम से आपातकालीन सेवाओं के बहिष्कार का निर्णय लिया था। अस्पतालों में आपात सेवाओं की 90 फीसदी जिम्मेदारी जूनियर डॉक्टरों पर होती है। इस हड़ताल से हैदराबाद स्थित उस्मानिया एवं गांधी अस्पताल सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।टिप्पणियां आपात सेवाओं के बहिष्कार के कारण विशाखापट्टनम, विजयवाड़ा, गुंटूर, काकीनाड़ा, तिरुपति, अनंतपुर, कुर्नूल एवं वारंगल जिले के अस्पतालों की गहन चिकित्सा इकाइयों में अव्यवस्था फैल गई है। हड़ताल से सबसे ज्यादा प्रभावित गरीब तबके के लोग हुए हैं। अस्पताल अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार रात से गांधी अस्पताल में आठ और एक-एक मरीज की मौत विशाखापट्टनम एवं कुर्नूल में हुई। पीड़ित परिजनों ने मौत का कारण पर्याप्त चिकित्सा सुविधाओं का अभाव बताया है। चिकित्सा शिक्षा मंत्री कोंडरू मुरली ने पत्रकारों को बताया कि मरीजों की मौत इसलिए हुई क्योंकि उन्हें अस्पताल लाने में काफी देरी हुई और भर्ती के वक्त उनकी हालत काफी नाजुक थी। उन्होंने कहा, "यह सामान्य मौतें हैं और इनका हड़ताल से कोई लेना देना नहीं है।" फिलहाल हड़ताल खत्म होने की उम्मीद शनिवार शाम को बढ़ गई जब राज्य सरकार ने हड़ताली जूनियर डॉक्टरों के साथ वार्ता शुरू की। मंत्रिमंडल की उपसमिति समस्या के समाधान के लिए डॉक्टरों की मांगों पर विचार कर रही है। राज्य में 10 मेडिकल कॉलेजों के लगभग 3000 जूनियर डॉक्टर मानदेय में 40 फीसदी की वृद्धि एवं गांवों में अनिवार्य नियुक्ति की अवधि तीन से घटाकर एक वर्ष करने की मांग को लेकर करीब एक महीने से हड़ताल पर हैं। हड़ताली जूनियर डॉक्टरों ने अपनी मांगों के समर्थन में शुक्रवार शाम से आपात सेवाओं का भी बहिष्कार कर दिया है। सरकार द्वारा हड़ताल खत्म करने के बाद वार्ता करने के निर्णय पर जूनियर डॉक्टरों ने शुक्रवार शाम से आपातकालीन सेवाओं के बहिष्कार का निर्णय लिया था। अस्पतालों में आपात सेवाओं की 90 फीसदी जिम्मेदारी जूनियर डॉक्टरों पर होती है। इस हड़ताल से हैदराबाद स्थित उस्मानिया एवं गांधी अस्पताल सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।टिप्पणियां आपात सेवाओं के बहिष्कार के कारण विशाखापट्टनम, विजयवाड़ा, गुंटूर, काकीनाड़ा, तिरुपति, अनंतपुर, कुर्नूल एवं वारंगल जिले के अस्पतालों की गहन चिकित्सा इकाइयों में अव्यवस्था फैल गई है। हड़ताल से सबसे ज्यादा प्रभावित गरीब तबके के लोग हुए हैं। चिकित्सा शिक्षा मंत्री कोंडरू मुरली ने पत्रकारों को बताया कि मरीजों की मौत इसलिए हुई क्योंकि उन्हें अस्पताल लाने में काफी देरी हुई और भर्ती के वक्त उनकी हालत काफी नाजुक थी। उन्होंने कहा, "यह सामान्य मौतें हैं और इनका हड़ताल से कोई लेना देना नहीं है।" फिलहाल हड़ताल खत्म होने की उम्मीद शनिवार शाम को बढ़ गई जब राज्य सरकार ने हड़ताली जूनियर डॉक्टरों के साथ वार्ता शुरू की। मंत्रिमंडल की उपसमिति समस्या के समाधान के लिए डॉक्टरों की मांगों पर विचार कर रही है। राज्य में 10 मेडिकल कॉलेजों के लगभग 3000 जूनियर डॉक्टर मानदेय में 40 फीसदी की वृद्धि एवं गांवों में अनिवार्य नियुक्ति की अवधि तीन से घटाकर एक वर्ष करने की मांग को लेकर करीब एक महीने से हड़ताल पर हैं। हड़ताली जूनियर डॉक्टरों ने अपनी मांगों के समर्थन में शुक्रवार शाम से आपात सेवाओं का भी बहिष्कार कर दिया है। सरकार द्वारा हड़ताल खत्म करने के बाद वार्ता करने के निर्णय पर जूनियर डॉक्टरों ने शुक्रवार शाम से आपातकालीन सेवाओं के बहिष्कार का निर्णय लिया था। अस्पतालों में आपात सेवाओं की 90 फीसदी जिम्मेदारी जूनियर डॉक्टरों पर होती है। इस हड़ताल से हैदराबाद स्थित उस्मानिया एवं गांधी अस्पताल सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।टिप्पणियां आपात सेवाओं के बहिष्कार के कारण विशाखापट्टनम, विजयवाड़ा, गुंटूर, काकीनाड़ा, तिरुपति, अनंतपुर, कुर्नूल एवं वारंगल जिले के अस्पतालों की गहन चिकित्सा इकाइयों में अव्यवस्था फैल गई है। हड़ताल से सबसे ज्यादा प्रभावित गरीब तबके के लोग हुए हैं। फिलहाल हड़ताल खत्म होने की उम्मीद शनिवार शाम को बढ़ गई जब राज्य सरकार ने हड़ताली जूनियर डॉक्टरों के साथ वार्ता शुरू की। मंत्रिमंडल की उपसमिति समस्या के समाधान के लिए डॉक्टरों की मांगों पर विचार कर रही है। राज्य में 10 मेडिकल कॉलेजों के लगभग 3000 जूनियर डॉक्टर मानदेय में 40 फीसदी की वृद्धि एवं गांवों में अनिवार्य नियुक्ति की अवधि तीन से घटाकर एक वर्ष करने की मांग को लेकर करीब एक महीने से हड़ताल पर हैं। हड़ताली जूनियर डॉक्टरों ने अपनी मांगों के समर्थन में शुक्रवार शाम से आपात सेवाओं का भी बहिष्कार कर दिया है। सरकार द्वारा हड़ताल खत्म करने के बाद वार्ता करने के निर्णय पर जूनियर डॉक्टरों ने शुक्रवार शाम से आपातकालीन सेवाओं के बहिष्कार का निर्णय लिया था। अस्पतालों में आपात सेवाओं की 90 फीसदी जिम्मेदारी जूनियर डॉक्टरों पर होती है। इस हड़ताल से हैदराबाद स्थित उस्मानिया एवं गांधी अस्पताल सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।टिप्पणियां आपात सेवाओं के बहिष्कार के कारण विशाखापट्टनम, विजयवाड़ा, गुंटूर, काकीनाड़ा, तिरुपति, अनंतपुर, कुर्नूल एवं वारंगल जिले के अस्पतालों की गहन चिकित्सा इकाइयों में अव्यवस्था फैल गई है। हड़ताल से सबसे ज्यादा प्रभावित गरीब तबके के लोग हुए हैं। राज्य में 10 मेडिकल कॉलेजों के लगभग 3000 जूनियर डॉक्टर मानदेय में 40 फीसदी की वृद्धि एवं गांवों में अनिवार्य नियुक्ति की अवधि तीन से घटाकर एक वर्ष करने की मांग को लेकर करीब एक महीने से हड़ताल पर हैं। हड़ताली जूनियर डॉक्टरों ने अपनी मांगों के समर्थन में शुक्रवार शाम से आपात सेवाओं का भी बहिष्कार कर दिया है। सरकार द्वारा हड़ताल खत्म करने के बाद वार्ता करने के निर्णय पर जूनियर डॉक्टरों ने शुक्रवार शाम से आपातकालीन सेवाओं के बहिष्कार का निर्णय लिया था। अस्पतालों में आपात सेवाओं की 90 फीसदी जिम्मेदारी जूनियर डॉक्टरों पर होती है। इस हड़ताल से हैदराबाद स्थित उस्मानिया एवं गांधी अस्पताल सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।टिप्पणियां आपात सेवाओं के बहिष्कार के कारण विशाखापट्टनम, विजयवाड़ा, गुंटूर, काकीनाड़ा, तिरुपति, अनंतपुर, कुर्नूल एवं वारंगल जिले के अस्पतालों की गहन चिकित्सा इकाइयों में अव्यवस्था फैल गई है। हड़ताल से सबसे ज्यादा प्रभावित गरीब तबके के लोग हुए हैं। सरकार द्वारा हड़ताल खत्म करने के बाद वार्ता करने के निर्णय पर जूनियर डॉक्टरों ने शुक्रवार शाम से आपातकालीन सेवाओं के बहिष्कार का निर्णय लिया था। अस्पतालों में आपात सेवाओं की 90 फीसदी जिम्मेदारी जूनियर डॉक्टरों पर होती है। इस हड़ताल से हैदराबाद स्थित उस्मानिया एवं गांधी अस्पताल सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।टिप्पणियां आपात सेवाओं के बहिष्कार के कारण विशाखापट्टनम, विजयवाड़ा, गुंटूर, काकीनाड़ा, तिरुपति, अनंतपुर, कुर्नूल एवं वारंगल जिले के अस्पतालों की गहन चिकित्सा इकाइयों में अव्यवस्था फैल गई है। हड़ताल से सबसे ज्यादा प्रभावित गरीब तबके के लोग हुए हैं। अस्पतालों में आपात सेवाओं की 90 फीसदी जिम्मेदारी जूनियर डॉक्टरों पर होती है। इस हड़ताल से हैदराबाद स्थित उस्मानिया एवं गांधी अस्पताल सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।टिप्पणियां आपात सेवाओं के बहिष्कार के कारण विशाखापट्टनम, विजयवाड़ा, गुंटूर, काकीनाड़ा, तिरुपति, अनंतपुर, कुर्नूल एवं वारंगल जिले के अस्पतालों की गहन चिकित्सा इकाइयों में अव्यवस्था फैल गई है। हड़ताल से सबसे ज्यादा प्रभावित गरीब तबके के लोग हुए हैं। आपात सेवाओं के बहिष्कार के कारण विशाखापट्टनम, विजयवाड़ा, गुंटूर, काकीनाड़ा, तिरुपति, अनंतपुर, कुर्नूल एवं वारंगल जिले के अस्पतालों की गहन चिकित्सा इकाइयों में अव्यवस्था फैल गई है। हड़ताल से सबसे ज्यादा प्रभावित गरीब तबके के लोग हुए हैं। हड़ताल से सबसे ज्यादा प्रभावित गरीब तबके के लोग हुए हैं।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: आंध्र प्रदेश में सरकारी अस्पतालों के जूनियर डॉक्टरों द्वारा हड़ताल किए जाने और आपातकालीन सेवाओं के बहिष्कार के कारण शुक्रवार रात से अब तक कम से कम 10 मरीजों की मौत हो गई।
25
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: मध्यक्रम के बल्लेबाज केदार जाधव की 83 गेंद में 93 रन की नाबाद पारी से भारत 'ए' ने शुरुआती झटकों से उबरते हुए शनिवार को यहां चतुष्कोणीय 50 ओवर के टूर्नामेंट में ऑस्ट्रेलिया की नेशनल परफॉरमेंस टीम पर 6 विकेट से जीत दर्ज की.भारत 'ए' टीम के पांच मैचों में 16 अंक हो गए हैं, जिससे वह फाइनल में प्रवेश करने की प्रबल दावेदार है. बल्लेबाजी का न्‍योता मिलने के बाद नेशनल परफॉरमेंस की टीम निर्धारित 50 ओवर में आठ विकेट पर 207 रन का सम्मानजनक स्कोर ही खड़ा कर सकी. भारतीय गेंदबाज वरुण आरोन ने 58 रन देकर तीन विकेट चटकाए. ऑफ स्पिनर जयंत यादव ने 34 रन देकर एक जबकि बाएं हाथ के स्पिनर अक्षर पटेल ने 32 रन देकर एक विकेट प्राप्त लिए. ये दोनों स्पिनर गेंदबाजी के अपने पूर्ण कोटे में इकोनोमिकल रहे. भारत ने यह लक्ष्य 38.2 ओवर में हासिल कर लिया जिसमें जाधव ने श्रेयस अय्यर (62) के साथ मिलकर चौथे विकेट के लिये 135 रन की भागीदारी निभाई. ऑस्ट्रेलियाई पारी में सैम हार्पर 80 गेंद में 72 रन बनाकर शीर्ष स्कोरर रहे जिसमें छह बाउंड्री शामिल थीं, वहीं क्लिंट हिंचक्लिफ ने 43 रन का योगदान दिया जिसमें छह बाउंड्री लगी. भारत 'ए' की टीम ने 41 रन के अंदर तीन विकेट गंवा दिये थे. सलामी बल्लेबाज मंदीप सिंह (4), करुण नायर (14) और कप्तान मनीष पांडे (10) जल्दी विकेट गंवा बैठे. इसके बाद श्रेयस बल्लेबाजी के लिये उतरे. ऑस्ट्रेलिया के लिए नई गेंद के गेंदबाज टॉम ओ डोनेल ने 28 रन देकर चार विकेट हासिल किये, वह आस्ट्रेलिया के पूर्व आलराउंडर साइमन ओ'डोनेल के पुत्र हैं. टिप्पणियां जाधव ने जहां 10 चौके जमाये, वहीं श्रेयस ने ‘एंकर’ की भूमिका अदा की, वह एक छोर से स्ट्राइक रोटेट करते हुए बीच बीच में बाउंड्री लगाते रहे. भारत के पिछले घरेलू सत्र के दौरान सर्वाधिक रन जुटाने वाले इस खिलाड़ी ने अपने सीनियर जोड़ीदार को तेजी से बल्लेबाजी करने दी. आस्ट्रेलिया के लेग स्पिनर कायल गार्डिनर और आफ स्पिनर सैम किग्रवाडे को कोई विकेट नहीं मिला. श्रेयस ने 93 गेंद में चार चौके की मदद से 62 रन की पारी खेली, उनके आउट होने के बाद हार्दिक पांड्या क्रीज पर उतरे और उन्होंने जाधव के साथ मिलकर टीम को जीत दिलाई.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) बल्लेबाजी का न्‍योता मिलने के बाद नेशनल परफॉरमेंस की टीम निर्धारित 50 ओवर में आठ विकेट पर 207 रन का सम्मानजनक स्कोर ही खड़ा कर सकी. भारतीय गेंदबाज वरुण आरोन ने 58 रन देकर तीन विकेट चटकाए. ऑफ स्पिनर जयंत यादव ने 34 रन देकर एक जबकि बाएं हाथ के स्पिनर अक्षर पटेल ने 32 रन देकर एक विकेट प्राप्त लिए. ये दोनों स्पिनर गेंदबाजी के अपने पूर्ण कोटे में इकोनोमिकल रहे. भारत ने यह लक्ष्य 38.2 ओवर में हासिल कर लिया जिसमें जाधव ने श्रेयस अय्यर (62) के साथ मिलकर चौथे विकेट के लिये 135 रन की भागीदारी निभाई. ऑस्ट्रेलियाई पारी में सैम हार्पर 80 गेंद में 72 रन बनाकर शीर्ष स्कोरर रहे जिसमें छह बाउंड्री शामिल थीं, वहीं क्लिंट हिंचक्लिफ ने 43 रन का योगदान दिया जिसमें छह बाउंड्री लगी. भारत 'ए' की टीम ने 41 रन के अंदर तीन विकेट गंवा दिये थे. सलामी बल्लेबाज मंदीप सिंह (4), करुण नायर (14) और कप्तान मनीष पांडे (10) जल्दी विकेट गंवा बैठे. इसके बाद श्रेयस बल्लेबाजी के लिये उतरे. ऑस्ट्रेलिया के लिए नई गेंद के गेंदबाज टॉम ओ डोनेल ने 28 रन देकर चार विकेट हासिल किये, वह आस्ट्रेलिया के पूर्व आलराउंडर साइमन ओ'डोनेल के पुत्र हैं. टिप्पणियां जाधव ने जहां 10 चौके जमाये, वहीं श्रेयस ने ‘एंकर’ की भूमिका अदा की, वह एक छोर से स्ट्राइक रोटेट करते हुए बीच बीच में बाउंड्री लगाते रहे. भारत के पिछले घरेलू सत्र के दौरान सर्वाधिक रन जुटाने वाले इस खिलाड़ी ने अपने सीनियर जोड़ीदार को तेजी से बल्लेबाजी करने दी. आस्ट्रेलिया के लेग स्पिनर कायल गार्डिनर और आफ स्पिनर सैम किग्रवाडे को कोई विकेट नहीं मिला. श्रेयस ने 93 गेंद में चार चौके की मदद से 62 रन की पारी खेली, उनके आउट होने के बाद हार्दिक पांड्या क्रीज पर उतरे और उन्होंने जाधव के साथ मिलकर टीम को जीत दिलाई.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) ऑस्ट्रेलियाई पारी में सैम हार्पर 80 गेंद में 72 रन बनाकर शीर्ष स्कोरर रहे जिसमें छह बाउंड्री शामिल थीं, वहीं क्लिंट हिंचक्लिफ ने 43 रन का योगदान दिया जिसमें छह बाउंड्री लगी. भारत 'ए' की टीम ने 41 रन के अंदर तीन विकेट गंवा दिये थे. सलामी बल्लेबाज मंदीप सिंह (4), करुण नायर (14) और कप्तान मनीष पांडे (10) जल्दी विकेट गंवा बैठे. इसके बाद श्रेयस बल्लेबाजी के लिये उतरे. ऑस्ट्रेलिया के लिए नई गेंद के गेंदबाज टॉम ओ डोनेल ने 28 रन देकर चार विकेट हासिल किये, वह आस्ट्रेलिया के पूर्व आलराउंडर साइमन ओ'डोनेल के पुत्र हैं. टिप्पणियां जाधव ने जहां 10 चौके जमाये, वहीं श्रेयस ने ‘एंकर’ की भूमिका अदा की, वह एक छोर से स्ट्राइक रोटेट करते हुए बीच बीच में बाउंड्री लगाते रहे. भारत के पिछले घरेलू सत्र के दौरान सर्वाधिक रन जुटाने वाले इस खिलाड़ी ने अपने सीनियर जोड़ीदार को तेजी से बल्लेबाजी करने दी. आस्ट्रेलिया के लेग स्पिनर कायल गार्डिनर और आफ स्पिनर सैम किग्रवाडे को कोई विकेट नहीं मिला. श्रेयस ने 93 गेंद में चार चौके की मदद से 62 रन की पारी खेली, उनके आउट होने के बाद हार्दिक पांड्या क्रीज पर उतरे और उन्होंने जाधव के साथ मिलकर टीम को जीत दिलाई.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) जाधव ने जहां 10 चौके जमाये, वहीं श्रेयस ने ‘एंकर’ की भूमिका अदा की, वह एक छोर से स्ट्राइक रोटेट करते हुए बीच बीच में बाउंड्री लगाते रहे. भारत के पिछले घरेलू सत्र के दौरान सर्वाधिक रन जुटाने वाले इस खिलाड़ी ने अपने सीनियर जोड़ीदार को तेजी से बल्लेबाजी करने दी. आस्ट्रेलिया के लेग स्पिनर कायल गार्डिनर और आफ स्पिनर सैम किग्रवाडे को कोई विकेट नहीं मिला. श्रेयस ने 93 गेंद में चार चौके की मदद से 62 रन की पारी खेली, उनके आउट होने के बाद हार्दिक पांड्या क्रीज पर उतरे और उन्होंने जाधव के साथ मिलकर टीम को जीत दिलाई.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
फाइनल में प्रवेश की भारत 'ए' ने दावेदारी मजबूत की पांच मैचों में 16 अंक हो गए है भारत 'ए' टीम के नेशनल परफॉरमेंस की टीम ने बनाए थे 207 रन
34
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: रायबरेली से कांग्रेस की विधायक अदिति सिंह (Aditi Singh) पार्टी के ही एमएलए अंगद सिंह सैनी (Angad Singh) से शादी करने जा रही हैं. अंगद सिंह पंजाब के शहीद भगत सिंह नगर से कांग्रेस के विधायक हैं. दोनों नेताओं की शादी 21 नवंबर को दिल्ली के एक रिसॉर्ट में होगी. वहीं 23 नवंबर को रिसेप्शन रखा गया है. आपको बता दें कि अदिति सिंह और अंगद सिंह, दोनों 2017 में अपने पहले प्रयास में ही विधायक बने थे और दोनों राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखते हैं. अदिति सिंह, अखिलेश सिंह की बेटी हैं, जो रायबरेली सदर सीट से 5 बार विधायक रहे थे. वहीं, अंगद सिंह के पिता दिलबाग सिंह पंजाब के नवांशहर से 6 बार विधायक रहे हैं. बताया जा रहा है कि दोनों नेता हिंदू और सिख, दोनों धर्मों के रीति-रिवाज से शादी करेंगे. हिंदू रीति-रिवाज से शादी 21 नवंबर को दिल्ली में होगी. जबकि सिख रीति-रिवाज से शादी पंजाब के नवांशहर में होगी. कहा जा रहा है कि शादी में शामिल होने के लिए सिर्फ परिवार के करीब लोगों को आमंत्रित किया गया है.  जानकारी के मुताबिक अंगद सिंह का परिवार पंजाब के नवांशहर में एक ग्रैंड रिसेप्शन भी देगा, जिसमें स्थानीय कांग्रेस नेता और अन्य लोगों के शामिल होने की संभावना है. आपको बता दें कि हाल ही में पार्टी के दिशा-निर्देशों को दरकिनार कर विशेष विधानसभा सत्र में हिस्सा लेने के बाद अदिति सिंह चर्चा में थीं. कांग्रेस ने 2 अक्टूबर को बुलाई गई इस विशेष विधानसभा सत्र के बहिष्कार का ऐलान किया था.
यहाँ एक सारांश है:अंगद सिंह पंजाब के शहीद भगत सिंह नगर से विधायक हैं 21 नवंबर को दिल्ली के एक रिसॉर्ट में होगी शादी इसके बाद 23 नवंबर को रिसेप्शन रखा गया है
18
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: केन्द्रीय ट्रेड यूनियन संघों के आह्वान पर बुधवार से शुरू हुई दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल का मिलाजुला असर रहा। हड़ताल से देश के विभिन्न हिस्सों में बैंकिंग सेवाएं ठप रहीं और सार्वजनिक परिवहन सेवा बाधित हुईं। उधर, हिंसा में हरियाणा में एक यूनियन नेता की मौत हो गई जबकि दिल्ली से सटे नोएडा में छिटपुट हिंसा में अनेक कारखाना इकाइयां क्षतिग्रस्त हुईं। केरल, त्रिपुरा और बिहार हड़ताल से सबसे अधिक प्रभावित राज्यों में शामिल रहे जहां जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हुआ जबकि ओड़िशा और कर्नाटक में हिंसा की छिटपुट घटनाएं सामने आईं। कई शहरों में विरोध मार्च निकाले गए। संप्रग सरकार एवं कथित श्रमिक विरोधी नीतियों के खिलाफ 11 ट्रेड यूनियन संघों की ओर से आहूत हड़ताल का हवाई उड़ानों और रेल संचालन पर कोई असर नहीं पड़ा। राज्य की राजधानियों से प्राप्त खबरों में बताया गया है कि वित्तीय सेवाएं ठप रहीं और बस यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन के अंबाला जिला अध्यक्ष इंदर सिंह भडाना ने बताया कि हरियाणा में बस चालक एवं एटक के कोषाध्यक्ष नरेंद्र सिंह उस समय मारे गए जब उन्होंने उस बस को रोकने का प्रयास किया जो कि हड़ताल के बावजूद अंबाला डिपो से निकाली जा रही थी। बताया जा रहा है कि उनकी कुछ लोगों ने छूरा घोंपकर हत्या कर दी। नोएडा फेज दो क्षेत्र स्थित होजरी परिसर में श्रमिक कारखाना मालिकों से भिड़ गए और वाहनों को आग लगा दी। इसके मद्देनजर प्रशासन ने क्षेत्र में पीएसी की तैनाती कर दी। पुलिस ने बताया कि श्रमिक भड़क गए और औद्योगिक सम्पत्तियों को नुकसान पहुंचाया। पुलिस ने बताया कि नोएडा के औद्योगिकी क्षेत्र सेक्टर 82 से ग्रेटर नोएडा से सटे इलाकों तक में श्रमिकों ने एक कार, बस और एक दमकल गाड़ी को आग लगा दी। एक उद्योगपति ने कहा, ‘‘लोग अंदर घुस आये, लूटपाट की और यहां तक कि हमारे रजिस्टर भी फाड़ दिए।’’ एक अन्य उद्योगपति ने बताया कि होजरी परिसर में प्रत्येक इमारत की खिड़कियां तोड़ दी गईं और कई वाहनों को आग लगा दी गई। तृणमूल कांग्रेस शासित पश्चिम बंगाल में जनजीवन आंशिक रूप से प्रभावित हुआ। कोलकाता के कई इलाकों में दुकानें, बाजार और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे जबकि सरकार द्वारा संचालित बसें और ट्रॉमों का बड़ी संख्या में संचालन हुआ। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बंद के खिलाफ हैं। उन्होंने सरकारी कर्मचारियों को चेतावनी दी कि गैरहाजिर रहने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दावा किया राज्य सचिवालय, राइटर्स बिल्डिंग में 100 प्रतिशत उपस्थिति रही।टिप्पणियां राष्ट्रीय राजधानी में यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा क्योंकि ऑटो रिक्शा और टैक्सी चालकों के एक वर्ग ने हड़ताल के समर्थन में अपने वाहन सड़कों पर नहीं उतारे। बस सेवाएं आंशिक रूप से प्रभावित हुई क्योंकि दिल्ली परिवहन निगम सहित कई बस यूनियनों ने हड़ताल का समर्थन किया। देश के आर्थिक केंद्र मुम्बई में बैंकिंग और बीमा क्षेत्र के कर्मचारियों ने हड़ताल में शत-प्रतिशत हिस्सेदारी की जिससे दोनों क्षेत्रों में कामकाज ठप रहा। उधर, हिंसा में हरियाणा में एक यूनियन नेता की मौत हो गई जबकि दिल्ली से सटे नोएडा में छिटपुट हिंसा में अनेक कारखाना इकाइयां क्षतिग्रस्त हुईं। केरल, त्रिपुरा और बिहार हड़ताल से सबसे अधिक प्रभावित राज्यों में शामिल रहे जहां जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हुआ जबकि ओड़िशा और कर्नाटक में हिंसा की छिटपुट घटनाएं सामने आईं। कई शहरों में विरोध मार्च निकाले गए। संप्रग सरकार एवं कथित श्रमिक विरोधी नीतियों के खिलाफ 11 ट्रेड यूनियन संघों की ओर से आहूत हड़ताल का हवाई उड़ानों और रेल संचालन पर कोई असर नहीं पड़ा। राज्य की राजधानियों से प्राप्त खबरों में बताया गया है कि वित्तीय सेवाएं ठप रहीं और बस यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन के अंबाला जिला अध्यक्ष इंदर सिंह भडाना ने बताया कि हरियाणा में बस चालक एवं एटक के कोषाध्यक्ष नरेंद्र सिंह उस समय मारे गए जब उन्होंने उस बस को रोकने का प्रयास किया जो कि हड़ताल के बावजूद अंबाला डिपो से निकाली जा रही थी। बताया जा रहा है कि उनकी कुछ लोगों ने छूरा घोंपकर हत्या कर दी। नोएडा फेज दो क्षेत्र स्थित होजरी परिसर में श्रमिक कारखाना मालिकों से भिड़ गए और वाहनों को आग लगा दी। इसके मद्देनजर प्रशासन ने क्षेत्र में पीएसी की तैनाती कर दी। पुलिस ने बताया कि श्रमिक भड़क गए और औद्योगिक सम्पत्तियों को नुकसान पहुंचाया। पुलिस ने बताया कि नोएडा के औद्योगिकी क्षेत्र सेक्टर 82 से ग्रेटर नोएडा से सटे इलाकों तक में श्रमिकों ने एक कार, बस और एक दमकल गाड़ी को आग लगा दी। एक उद्योगपति ने कहा, ‘‘लोग अंदर घुस आये, लूटपाट की और यहां तक कि हमारे रजिस्टर भी फाड़ दिए।’’ एक अन्य उद्योगपति ने बताया कि होजरी परिसर में प्रत्येक इमारत की खिड़कियां तोड़ दी गईं और कई वाहनों को आग लगा दी गई। तृणमूल कांग्रेस शासित पश्चिम बंगाल में जनजीवन आंशिक रूप से प्रभावित हुआ। कोलकाता के कई इलाकों में दुकानें, बाजार और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे जबकि सरकार द्वारा संचालित बसें और ट्रॉमों का बड़ी संख्या में संचालन हुआ। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बंद के खिलाफ हैं। उन्होंने सरकारी कर्मचारियों को चेतावनी दी कि गैरहाजिर रहने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दावा किया राज्य सचिवालय, राइटर्स बिल्डिंग में 100 प्रतिशत उपस्थिति रही।टिप्पणियां राष्ट्रीय राजधानी में यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा क्योंकि ऑटो रिक्शा और टैक्सी चालकों के एक वर्ग ने हड़ताल के समर्थन में अपने वाहन सड़कों पर नहीं उतारे। बस सेवाएं आंशिक रूप से प्रभावित हुई क्योंकि दिल्ली परिवहन निगम सहित कई बस यूनियनों ने हड़ताल का समर्थन किया। देश के आर्थिक केंद्र मुम्बई में बैंकिंग और बीमा क्षेत्र के कर्मचारियों ने हड़ताल में शत-प्रतिशत हिस्सेदारी की जिससे दोनों क्षेत्रों में कामकाज ठप रहा। संप्रग सरकार एवं कथित श्रमिक विरोधी नीतियों के खिलाफ 11 ट्रेड यूनियन संघों की ओर से आहूत हड़ताल का हवाई उड़ानों और रेल संचालन पर कोई असर नहीं पड़ा। राज्य की राजधानियों से प्राप्त खबरों में बताया गया है कि वित्तीय सेवाएं ठप रहीं और बस यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन के अंबाला जिला अध्यक्ष इंदर सिंह भडाना ने बताया कि हरियाणा में बस चालक एवं एटक के कोषाध्यक्ष नरेंद्र सिंह उस समय मारे गए जब उन्होंने उस बस को रोकने का प्रयास किया जो कि हड़ताल के बावजूद अंबाला डिपो से निकाली जा रही थी। बताया जा रहा है कि उनकी कुछ लोगों ने छूरा घोंपकर हत्या कर दी। नोएडा फेज दो क्षेत्र स्थित होजरी परिसर में श्रमिक कारखाना मालिकों से भिड़ गए और वाहनों को आग लगा दी। इसके मद्देनजर प्रशासन ने क्षेत्र में पीएसी की तैनाती कर दी। पुलिस ने बताया कि श्रमिक भड़क गए और औद्योगिक सम्पत्तियों को नुकसान पहुंचाया। पुलिस ने बताया कि नोएडा के औद्योगिकी क्षेत्र सेक्टर 82 से ग्रेटर नोएडा से सटे इलाकों तक में श्रमिकों ने एक कार, बस और एक दमकल गाड़ी को आग लगा दी। एक उद्योगपति ने कहा, ‘‘लोग अंदर घुस आये, लूटपाट की और यहां तक कि हमारे रजिस्टर भी फाड़ दिए।’’ एक अन्य उद्योगपति ने बताया कि होजरी परिसर में प्रत्येक इमारत की खिड़कियां तोड़ दी गईं और कई वाहनों को आग लगा दी गई। तृणमूल कांग्रेस शासित पश्चिम बंगाल में जनजीवन आंशिक रूप से प्रभावित हुआ। कोलकाता के कई इलाकों में दुकानें, बाजार और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे जबकि सरकार द्वारा संचालित बसें और ट्रॉमों का बड़ी संख्या में संचालन हुआ। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बंद के खिलाफ हैं। उन्होंने सरकारी कर्मचारियों को चेतावनी दी कि गैरहाजिर रहने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दावा किया राज्य सचिवालय, राइटर्स बिल्डिंग में 100 प्रतिशत उपस्थिति रही।टिप्पणियां राष्ट्रीय राजधानी में यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा क्योंकि ऑटो रिक्शा और टैक्सी चालकों के एक वर्ग ने हड़ताल के समर्थन में अपने वाहन सड़कों पर नहीं उतारे। बस सेवाएं आंशिक रूप से प्रभावित हुई क्योंकि दिल्ली परिवहन निगम सहित कई बस यूनियनों ने हड़ताल का समर्थन किया। देश के आर्थिक केंद्र मुम्बई में बैंकिंग और बीमा क्षेत्र के कर्मचारियों ने हड़ताल में शत-प्रतिशत हिस्सेदारी की जिससे दोनों क्षेत्रों में कामकाज ठप रहा। राज्य की राजधानियों से प्राप्त खबरों में बताया गया है कि वित्तीय सेवाएं ठप रहीं और बस यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन के अंबाला जिला अध्यक्ष इंदर सिंह भडाना ने बताया कि हरियाणा में बस चालक एवं एटक के कोषाध्यक्ष नरेंद्र सिंह उस समय मारे गए जब उन्होंने उस बस को रोकने का प्रयास किया जो कि हड़ताल के बावजूद अंबाला डिपो से निकाली जा रही थी। बताया जा रहा है कि उनकी कुछ लोगों ने छूरा घोंपकर हत्या कर दी। नोएडा फेज दो क्षेत्र स्थित होजरी परिसर में श्रमिक कारखाना मालिकों से भिड़ गए और वाहनों को आग लगा दी। इसके मद्देनजर प्रशासन ने क्षेत्र में पीएसी की तैनाती कर दी। पुलिस ने बताया कि श्रमिक भड़क गए और औद्योगिक सम्पत्तियों को नुकसान पहुंचाया। पुलिस ने बताया कि नोएडा के औद्योगिकी क्षेत्र सेक्टर 82 से ग्रेटर नोएडा से सटे इलाकों तक में श्रमिकों ने एक कार, बस और एक दमकल गाड़ी को आग लगा दी। एक उद्योगपति ने कहा, ‘‘लोग अंदर घुस आये, लूटपाट की और यहां तक कि हमारे रजिस्टर भी फाड़ दिए।’’ एक अन्य उद्योगपति ने बताया कि होजरी परिसर में प्रत्येक इमारत की खिड़कियां तोड़ दी गईं और कई वाहनों को आग लगा दी गई। तृणमूल कांग्रेस शासित पश्चिम बंगाल में जनजीवन आंशिक रूप से प्रभावित हुआ। कोलकाता के कई इलाकों में दुकानें, बाजार और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे जबकि सरकार द्वारा संचालित बसें और ट्रॉमों का बड़ी संख्या में संचालन हुआ। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बंद के खिलाफ हैं। उन्होंने सरकारी कर्मचारियों को चेतावनी दी कि गैरहाजिर रहने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दावा किया राज्य सचिवालय, राइटर्स बिल्डिंग में 100 प्रतिशत उपस्थिति रही।टिप्पणियां राष्ट्रीय राजधानी में यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा क्योंकि ऑटो रिक्शा और टैक्सी चालकों के एक वर्ग ने हड़ताल के समर्थन में अपने वाहन सड़कों पर नहीं उतारे। बस सेवाएं आंशिक रूप से प्रभावित हुई क्योंकि दिल्ली परिवहन निगम सहित कई बस यूनियनों ने हड़ताल का समर्थन किया। देश के आर्थिक केंद्र मुम्बई में बैंकिंग और बीमा क्षेत्र के कर्मचारियों ने हड़ताल में शत-प्रतिशत हिस्सेदारी की जिससे दोनों क्षेत्रों में कामकाज ठप रहा। हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन के अंबाला जिला अध्यक्ष इंदर सिंह भडाना ने बताया कि हरियाणा में बस चालक एवं एटक के कोषाध्यक्ष नरेंद्र सिंह उस समय मारे गए जब उन्होंने उस बस को रोकने का प्रयास किया जो कि हड़ताल के बावजूद अंबाला डिपो से निकाली जा रही थी। बताया जा रहा है कि उनकी कुछ लोगों ने छूरा घोंपकर हत्या कर दी। नोएडा फेज दो क्षेत्र स्थित होजरी परिसर में श्रमिक कारखाना मालिकों से भिड़ गए और वाहनों को आग लगा दी। इसके मद्देनजर प्रशासन ने क्षेत्र में पीएसी की तैनाती कर दी। पुलिस ने बताया कि श्रमिक भड़क गए और औद्योगिक सम्पत्तियों को नुकसान पहुंचाया। पुलिस ने बताया कि नोएडा के औद्योगिकी क्षेत्र सेक्टर 82 से ग्रेटर नोएडा से सटे इलाकों तक में श्रमिकों ने एक कार, बस और एक दमकल गाड़ी को आग लगा दी। एक उद्योगपति ने कहा, ‘‘लोग अंदर घुस आये, लूटपाट की और यहां तक कि हमारे रजिस्टर भी फाड़ दिए।’’ एक अन्य उद्योगपति ने बताया कि होजरी परिसर में प्रत्येक इमारत की खिड़कियां तोड़ दी गईं और कई वाहनों को आग लगा दी गई। तृणमूल कांग्रेस शासित पश्चिम बंगाल में जनजीवन आंशिक रूप से प्रभावित हुआ। कोलकाता के कई इलाकों में दुकानें, बाजार और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे जबकि सरकार द्वारा संचालित बसें और ट्रॉमों का बड़ी संख्या में संचालन हुआ। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बंद के खिलाफ हैं। उन्होंने सरकारी कर्मचारियों को चेतावनी दी कि गैरहाजिर रहने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दावा किया राज्य सचिवालय, राइटर्स बिल्डिंग में 100 प्रतिशत उपस्थिति रही।टिप्पणियां राष्ट्रीय राजधानी में यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा क्योंकि ऑटो रिक्शा और टैक्सी चालकों के एक वर्ग ने हड़ताल के समर्थन में अपने वाहन सड़कों पर नहीं उतारे। बस सेवाएं आंशिक रूप से प्रभावित हुई क्योंकि दिल्ली परिवहन निगम सहित कई बस यूनियनों ने हड़ताल का समर्थन किया। देश के आर्थिक केंद्र मुम्बई में बैंकिंग और बीमा क्षेत्र के कर्मचारियों ने हड़ताल में शत-प्रतिशत हिस्सेदारी की जिससे दोनों क्षेत्रों में कामकाज ठप रहा। नोएडा फेज दो क्षेत्र स्थित होजरी परिसर में श्रमिक कारखाना मालिकों से भिड़ गए और वाहनों को आग लगा दी। इसके मद्देनजर प्रशासन ने क्षेत्र में पीएसी की तैनाती कर दी। पुलिस ने बताया कि श्रमिक भड़क गए और औद्योगिक सम्पत्तियों को नुकसान पहुंचाया। पुलिस ने बताया कि नोएडा के औद्योगिकी क्षेत्र सेक्टर 82 से ग्रेटर नोएडा से सटे इलाकों तक में श्रमिकों ने एक कार, बस और एक दमकल गाड़ी को आग लगा दी। एक उद्योगपति ने कहा, ‘‘लोग अंदर घुस आये, लूटपाट की और यहां तक कि हमारे रजिस्टर भी फाड़ दिए।’’ एक अन्य उद्योगपति ने बताया कि होजरी परिसर में प्रत्येक इमारत की खिड़कियां तोड़ दी गईं और कई वाहनों को आग लगा दी गई। तृणमूल कांग्रेस शासित पश्चिम बंगाल में जनजीवन आंशिक रूप से प्रभावित हुआ। कोलकाता के कई इलाकों में दुकानें, बाजार और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे जबकि सरकार द्वारा संचालित बसें और ट्रॉमों का बड़ी संख्या में संचालन हुआ। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बंद के खिलाफ हैं। उन्होंने सरकारी कर्मचारियों को चेतावनी दी कि गैरहाजिर रहने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दावा किया राज्य सचिवालय, राइटर्स बिल्डिंग में 100 प्रतिशत उपस्थिति रही।टिप्पणियां राष्ट्रीय राजधानी में यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा क्योंकि ऑटो रिक्शा और टैक्सी चालकों के एक वर्ग ने हड़ताल के समर्थन में अपने वाहन सड़कों पर नहीं उतारे। बस सेवाएं आंशिक रूप से प्रभावित हुई क्योंकि दिल्ली परिवहन निगम सहित कई बस यूनियनों ने हड़ताल का समर्थन किया। देश के आर्थिक केंद्र मुम्बई में बैंकिंग और बीमा क्षेत्र के कर्मचारियों ने हड़ताल में शत-प्रतिशत हिस्सेदारी की जिससे दोनों क्षेत्रों में कामकाज ठप रहा। पुलिस ने बताया कि नोएडा के औद्योगिकी क्षेत्र सेक्टर 82 से ग्रेटर नोएडा से सटे इलाकों तक में श्रमिकों ने एक कार, बस और एक दमकल गाड़ी को आग लगा दी। एक उद्योगपति ने कहा, ‘‘लोग अंदर घुस आये, लूटपाट की और यहां तक कि हमारे रजिस्टर भी फाड़ दिए।’’ एक अन्य उद्योगपति ने बताया कि होजरी परिसर में प्रत्येक इमारत की खिड़कियां तोड़ दी गईं और कई वाहनों को आग लगा दी गई। तृणमूल कांग्रेस शासित पश्चिम बंगाल में जनजीवन आंशिक रूप से प्रभावित हुआ। कोलकाता के कई इलाकों में दुकानें, बाजार और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे जबकि सरकार द्वारा संचालित बसें और ट्रॉमों का बड़ी संख्या में संचालन हुआ। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बंद के खिलाफ हैं। उन्होंने सरकारी कर्मचारियों को चेतावनी दी कि गैरहाजिर रहने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दावा किया राज्य सचिवालय, राइटर्स बिल्डिंग में 100 प्रतिशत उपस्थिति रही।टिप्पणियां राष्ट्रीय राजधानी में यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा क्योंकि ऑटो रिक्शा और टैक्सी चालकों के एक वर्ग ने हड़ताल के समर्थन में अपने वाहन सड़कों पर नहीं उतारे। बस सेवाएं आंशिक रूप से प्रभावित हुई क्योंकि दिल्ली परिवहन निगम सहित कई बस यूनियनों ने हड़ताल का समर्थन किया। देश के आर्थिक केंद्र मुम्बई में बैंकिंग और बीमा क्षेत्र के कर्मचारियों ने हड़ताल में शत-प्रतिशत हिस्सेदारी की जिससे दोनों क्षेत्रों में कामकाज ठप रहा। एक उद्योगपति ने कहा, ‘‘लोग अंदर घुस आये, लूटपाट की और यहां तक कि हमारे रजिस्टर भी फाड़ दिए।’’ एक अन्य उद्योगपति ने बताया कि होजरी परिसर में प्रत्येक इमारत की खिड़कियां तोड़ दी गईं और कई वाहनों को आग लगा दी गई। तृणमूल कांग्रेस शासित पश्चिम बंगाल में जनजीवन आंशिक रूप से प्रभावित हुआ। कोलकाता के कई इलाकों में दुकानें, बाजार और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे जबकि सरकार द्वारा संचालित बसें और ट्रॉमों का बड़ी संख्या में संचालन हुआ। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बंद के खिलाफ हैं। उन्होंने सरकारी कर्मचारियों को चेतावनी दी कि गैरहाजिर रहने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दावा किया राज्य सचिवालय, राइटर्स बिल्डिंग में 100 प्रतिशत उपस्थिति रही।टिप्पणियां राष्ट्रीय राजधानी में यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा क्योंकि ऑटो रिक्शा और टैक्सी चालकों के एक वर्ग ने हड़ताल के समर्थन में अपने वाहन सड़कों पर नहीं उतारे। बस सेवाएं आंशिक रूप से प्रभावित हुई क्योंकि दिल्ली परिवहन निगम सहित कई बस यूनियनों ने हड़ताल का समर्थन किया। देश के आर्थिक केंद्र मुम्बई में बैंकिंग और बीमा क्षेत्र के कर्मचारियों ने हड़ताल में शत-प्रतिशत हिस्सेदारी की जिससे दोनों क्षेत्रों में कामकाज ठप रहा। तृणमूल कांग्रेस शासित पश्चिम बंगाल में जनजीवन आंशिक रूप से प्रभावित हुआ। कोलकाता के कई इलाकों में दुकानें, बाजार और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे जबकि सरकार द्वारा संचालित बसें और ट्रॉमों का बड़ी संख्या में संचालन हुआ। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बंद के खिलाफ हैं। उन्होंने सरकारी कर्मचारियों को चेतावनी दी कि गैरहाजिर रहने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दावा किया राज्य सचिवालय, राइटर्स बिल्डिंग में 100 प्रतिशत उपस्थिति रही।टिप्पणियां राष्ट्रीय राजधानी में यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा क्योंकि ऑटो रिक्शा और टैक्सी चालकों के एक वर्ग ने हड़ताल के समर्थन में अपने वाहन सड़कों पर नहीं उतारे। बस सेवाएं आंशिक रूप से प्रभावित हुई क्योंकि दिल्ली परिवहन निगम सहित कई बस यूनियनों ने हड़ताल का समर्थन किया। देश के आर्थिक केंद्र मुम्बई में बैंकिंग और बीमा क्षेत्र के कर्मचारियों ने हड़ताल में शत-प्रतिशत हिस्सेदारी की जिससे दोनों क्षेत्रों में कामकाज ठप रहा। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बंद के खिलाफ हैं। उन्होंने सरकारी कर्मचारियों को चेतावनी दी कि गैरहाजिर रहने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दावा किया राज्य सचिवालय, राइटर्स बिल्डिंग में 100 प्रतिशत उपस्थिति रही।टिप्पणियां राष्ट्रीय राजधानी में यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा क्योंकि ऑटो रिक्शा और टैक्सी चालकों के एक वर्ग ने हड़ताल के समर्थन में अपने वाहन सड़कों पर नहीं उतारे। बस सेवाएं आंशिक रूप से प्रभावित हुई क्योंकि दिल्ली परिवहन निगम सहित कई बस यूनियनों ने हड़ताल का समर्थन किया। देश के आर्थिक केंद्र मुम्बई में बैंकिंग और बीमा क्षेत्र के कर्मचारियों ने हड़ताल में शत-प्रतिशत हिस्सेदारी की जिससे दोनों क्षेत्रों में कामकाज ठप रहा। राष्ट्रीय राजधानी में यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा क्योंकि ऑटो रिक्शा और टैक्सी चालकों के एक वर्ग ने हड़ताल के समर्थन में अपने वाहन सड़कों पर नहीं उतारे। बस सेवाएं आंशिक रूप से प्रभावित हुई क्योंकि दिल्ली परिवहन निगम सहित कई बस यूनियनों ने हड़ताल का समर्थन किया। देश के आर्थिक केंद्र मुम्बई में बैंकिंग और बीमा क्षेत्र के कर्मचारियों ने हड़ताल में शत-प्रतिशत हिस्सेदारी की जिससे दोनों क्षेत्रों में कामकाज ठप रहा। देश के आर्थिक केंद्र मुम्बई में बैंकिंग और बीमा क्षेत्र के कर्मचारियों ने हड़ताल में शत-प्रतिशत हिस्सेदारी की जिससे दोनों क्षेत्रों में कामकाज ठप रहा।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: केन्द्रीय ट्रेड यूनियन संघों के आह्वान पर बुधवार से शुरू हुई दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल का मिलाजुला असर रहा। हड़ताल से देश के विभिन्न हिस्सों में बैंकिंग सेवाएं ठप रहीं और सार्वजनिक परिवहन सेवा बाधित हुईं।
19
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: जांच एजेंसी सीबीआई ने पूर्व दूरसंचार मंत्री दयानिधि मारन के कार्यकाल के दौरान चेन्नई स्थिति मकान पर गैर कानूनी तरीके से 300 लाइनों का एक एक्सचेंज लगाने के आरोपों की जांच के सिलसिले में दूरसंचार विभाग से ब्यौरा मांगा है। आरोप है कि इस एक्सचेंज को मारन के भाई के टीवी चैनल सन टीवी के कार्यालय से जोड़ दिया गया था। एजेंसी ने प्राथमिक जांच की रपट दर्ज करने के बाद इस मामले की जांच पिछले सप्ताह ही शुरू की है। उसने दूरसंचार विभाग से आईएसडीएन लाइनों वाले इस एक्सचेंज की स्थापना से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहे हैं। एजेंसी ने उस कथित एक्सचेंज का तकनीकी ब्यौरा भी मांगा है। यह जांच शिकायत हासिल होने के चार वर्ष बाद शुरू की गयी है। सूत्रों के अनुसार ये 323 घरेलू लाइनें बीएसएनएल के स्थानीय महाप्रबंधक के नाम थी और ये मारन के बोट हाउस के घर और सन टीवी के कार्यालय से जोड़ी गयी थीं। इसके लिए दोनों जगहों के बीच में जमीन के अंदर से एक अलग केवल डाली गयी थी।
सारांश: सीबीआई ने दयानिधि मारन के कार्यकाल के दौरान चेन्नई स्थिति मकान पर गैर कानूनी तरीके से 300 लाइनों का एक एक्सचेंज लगाने के आरोपों की जांच के सिलसिले में दूरसंचार विभाग से ब्यौरा मांगा है।
31
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बसपा प्रमुख मायावती ने प्रधानमंत्री बनने की महत्वाकांक्षा का संकेत देते हुये बुधवार को कहा कि अगर अवसर मिलता है तो वह केंद्र में सबसे बढ़िया सरकार देने में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में मिले अनुभव का प्रयोग करेंगी. उन्होंने कहा कि वह चार बार उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री रह चुकी हैं. एक संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा, ‘‘मुझे बहुत अधिक अनुभव है. मैं इस तजुर्बे का इस्तेमाल केंद्र में और लोगों के कल्याण के लिए करूंगी.'' उन्होंने कहा, ‘‘अगर हमें केंद्र में अवसर मिलता है, हम उप्र के तरीके को अपनायेंगे और सभी दृष्टिकोणों से सबसे बढ़िया सरकार देंगें. सभी स्तरों पर एक अच्छी सरकार.'' जब उनसे पूछा गया कि वह प्रधानमंत्री बनना चाहेंगी तो उन्होंने कहा, चीजें तब स्पष्ट होंगी जब 23 मई को आम चुनावों के परिणाम आ जायेंगे.  बसपा, आंध्रप्रदेश में लोकसभा और राज्य विधानसभा चुनाव में जन सेना, माकपा और भाकपा के साथ गठबंधन करके चुनाव लड़ रही है. बसपा राज्य की 25 लोकसभा सीटों में से तीन एवं विधानसभा की 175 सीटों में से 21 सीटों पर चुनाव लड़ रही है. जन सेना पार्टी प्रमुख पवन कल्याण भी इस अवसर पर मौजूद थे. मायावती ने कहा कि लोग राष्ट्रीय स्तर पर ‘बदलाव चाहते' है. उन्होंने बताया कि साल 2014 के चुनावों में उनकी पार्टी वोट शेयर के मामले में भाजपा और कांग्रेस के बाद तीसरे स्थान पर थी. जब उनसे पूछा गया कि क्या एक ‘तीसरे मोर्चे' की जरूरत है, तो बसपा प्रमुख ने कहा कि चुनाव परिणाम आने के बाद यह स्पष्ट होगा.  उन्होंने आशा व्यक्त करते हुये कहा कि उनका राज्य में हुआ गठबंधन आंध्रप्रदेश में सरकार बनायेगा और पवन कल्याण उसके मुख्यमंत्री होंगे. बसपा प्रमुख मायावती ने बुधवार को यह भी कहा कि भाजपा नीत राजग केंद्र में सत्ता में नहीं लौटेगा क्योंकि नाटकबाजी और जुमलेबाजी आम चुनाव में काम नहीं करेगी. उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा और कंपनी सत्ता में नहीं लौट रही है.'' उन्होंने जन सेना की अगुवाई में बसपा, भाकपा और माकपा के गठबंधन की एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘इनका जुमला नहीं चलेगा. चौकीदारी की नयी नाटकबाजी भी इनको नहीं बचा पायेगी.''  दिन में प्रधानमंत्री पद की अपनी आकांक्षा का संकेत दे चुकीं मायावती ने आरोप लगाया कि भाजपा बदहवासी में राजनीतिक लाभ के लिए राष्ट्रवादी उन्माद पैदा करने की कोशिश कर रही है लेकिन यह सफल नहीं होगा. उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी की हार की मुख्य वजह 2014 के चुनाव से पहले किये गये वादों को पूरा करने की उनकी विफलता होगी। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार देश की सीमाएं भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं रख पायीं जिसकी वजह से आतंकवादी हमले होते रहे और कई जिंदगियां चली गयीं. बसपा जनसेना के साथ चुनावी गठबंधन के तहत आंध्रप्रदेश में तीन लोकसभा सीटों और 21 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ रही है.
मायावती ने एनडीए सरकार पर बोला धावा मायावती ने प्रधानमंत्री बनने की महत्वाकांक्षा का दिया संकेत बोलीं, अगर अवसर मिलता है तो
28
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पंजाब सरकार ने एक बड़ा खुलासा करते हुए कहा है कि पाकिस्तान ड्रोन की मदद से हथियार और विस्फोटक भेज रहा है. इससे सीमा सुरक्षा बलों की इस धारणा को झटका लगा है कि ऑपरेशन सुदर्शन के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय सीमा को मजबूत किया गया था. जुलाई में आयोजित मेगा-अभ्यास का उद्देश्य झरझरा सीमा के पास कड़ी निगरानी करना था. इसके अलावा पेट्रोलिंग के साथ ही सुरक्षाबलों को यह निर्देश दिया गया था कि वह अपने वॉचटावर और पहरेदारों को और अधिक कुशलता से मजबूत करें.  पंजाब पुलिस के सूत्रों ने एनडीटीवी को बताया, 'एके-47 राइफल्स और ग्रेनेड की भारी मात्रा को ड्रोन के जरिए अमृतसर भेजा गया. ये ड्रोन पाकिस्तान से आए थे. सूत्रों ने कहा कि इस महीने की शुरुआत में आठ उड़ानें हुईं और ये हथियार आतंकवादियों के लिए थे जो जम्मू-कश्मीर में परेशानी पैदा करने के लिए उनका इस्तेमाल कर सकते हैं. एक अधिकारी ने कहा, 'बीएसएफ दावा कर चुका है कि ऐसी छोटी उड़ानों को मॉनीटर करने की उनकी क्षमता नहीं है. ऐसी यूएवी का पता रडार के द्वारा ही लगता है, खुली आंखों से इन्हें नहीं देखा जा सकता. ऐसे ऑपरेशन रात में किए जाते हैं.'  सीनियर बीएसएफ अधिकारी विवेक जौहरी गुरुवार को पंजाब का दौरा करने जा रहे हैं जिससे स्थिति को मॉनीटर किया जा सके. एक सीनियर अधिकारी ने कहा, 'वह टेक्नालॉजी के जरिए इस मामले को देखेंगे, हम मौजूदा अंतराल को पाट सकते हैं.' जौहरी आगे के क्षेत्रों का दौरा करेंगे जहां हवाई उल्लंघन स्पष्ट रूप से हुए थे. अपनी वापसी पर, वह केंद्रीय गृह मंत्रालय को एक रिपोर्ट सौंपेंगे.  नेशनल टेक्निकल रिसर्च ऑर्गनाइजेशन यह जानने की कोशिश कर रहा है कि ड्रोन गतिविधि के समय अंतर्राष्ट्रीय सीमा में कितने फोन चालू थे. वे इस रिपोर्ट को एनएसए अजीत डोभाल को सौंपेंगे.  एक सीनियर इंटेजीलेंस अधिकारी ने एनडीटीवी से कहा, 'पंजाब के साथ अभेद्य अंतर्राष्ट्रीय सीमा को पाकिस्तान ने एक बार नहीं बल्कि ड्रोन द्वारा कई बार आधा दर्जन से अधिक बार तोड़ा है.' उन्होंने कहा, 'गृह मंत्रालय ने सभी एजेंसियों से जवाब मांगा है कि इस तरह के ड्रोन हमलों का पता क्यों नहीं लगा.'   अधिकारी ने कहा, 'यह बीएसएफ, इंटेलिजेंस ब्यूरो और (बाहरी खुफिया एजेंसी) रिसर्च एंड एनालिसिस विंग की सामूहिक विफलता है. सभी को कमियां दूर करने के लिए मिलकर काम करने की जरूरत है.'
सारांश: ड्रोन के जरिये भेजे जा रहे हथियारों के मुद्दे पर उठे सवाल IB अधिकारी ने कहा- पाक ने सीमा पर आधा दर्जन से ज्यादा बार ड्रोन भेजे गृह मंत्रालय ने सभी एजेंसियों से जवाब मांगा- IB अधिकारी
31
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह ने संसद में फिर कहा है कि यूपीए के कार्यकाल की तुलना में एनडीए के शासनकाल में विकास कम हुआ था, और हमारी सरकार ने विकास के लिए सही कदम उठाए। उन्होंने कहा कि देश को आर्थिक सुधारों की ज़रूरत है, क्योंकि गरीबी दूर करने के लिए आठ से नौ प्रतिशत विकास दर चाहिए। राष्ट्रीय आतंकवाद निरोधक केंद्र (एनसीटीसी) पर बने गतिरोध को दूर करने का प्रयास करते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आज राज्यों के साथ मिल कर काम करने की पेशकश की ताकि इस मुद्दे पर आम सहमति बनाई जा सके। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर पेश धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने विपक्ष के इस आरोप को खारिज कर दिया कि सरकार आंतरिक सुरक्षा से प्रभावी तरीके से नहीं निबट रही है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद से निबटने में कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आतंकवाद से निपटने के मुद्दे पर सभी राजनीतिक दलों को एकसुर में बात करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि एनसीटीसी स्थापित करने के प्रस्ताव के संबंध में व्यापक आम सहमति कायम करने के लिए हम राज्य सरकारों के साथ मिल कर काम करेंगे। उल्लेखनीय है कि कई राज्य एनसीटीसी की स्थापना का मुखर विरोध कर रहे हैं। ऐसे राज्यों की दलील है कि इसकी स्थापना से राज्यों के अधिकारों का अतिक्रमण होगा। सदन में नेता प्रतिपक्ष अरुण जेटली ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर हुई चर्चा में भाग लेते हुए एनसीटीसी सहित विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार पर तीखी टिप्पणी की थी। प्रधानमंत्री ने अपने करीब आधे घंटे के भाषण में देश की अर्थव्यवस्था, विकास, विदेश नीति, आंतरिक सुरक्षा सहित विपक्ष द्वारा उठाए गए विभिन्न मुद्दों का जिक्र करते हुए राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखने की प्रतिबद्धता जताई।टिप्पणियां सरकार की विदेश नीति का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने पाकिस्तान का उल्लेख किया और कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध तब तक सामान्य नहीं हो सकते जब तक कि वहां आतंकवाद के ढांचे को नष्ट नहीं कर दिया जाए। (इनपुट्स भाषा से भी) राष्ट्रीय आतंकवाद निरोधक केंद्र (एनसीटीसी) पर बने गतिरोध को दूर करने का प्रयास करते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आज राज्यों के साथ मिल कर काम करने की पेशकश की ताकि इस मुद्दे पर आम सहमति बनाई जा सके। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर पेश धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने विपक्ष के इस आरोप को खारिज कर दिया कि सरकार आंतरिक सुरक्षा से प्रभावी तरीके से नहीं निबट रही है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद से निबटने में कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आतंकवाद से निपटने के मुद्दे पर सभी राजनीतिक दलों को एकसुर में बात करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि एनसीटीसी स्थापित करने के प्रस्ताव के संबंध में व्यापक आम सहमति कायम करने के लिए हम राज्य सरकारों के साथ मिल कर काम करेंगे। उल्लेखनीय है कि कई राज्य एनसीटीसी की स्थापना का मुखर विरोध कर रहे हैं। ऐसे राज्यों की दलील है कि इसकी स्थापना से राज्यों के अधिकारों का अतिक्रमण होगा। सदन में नेता प्रतिपक्ष अरुण जेटली ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर हुई चर्चा में भाग लेते हुए एनसीटीसी सहित विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार पर तीखी टिप्पणी की थी। प्रधानमंत्री ने अपने करीब आधे घंटे के भाषण में देश की अर्थव्यवस्था, विकास, विदेश नीति, आंतरिक सुरक्षा सहित विपक्ष द्वारा उठाए गए विभिन्न मुद्दों का जिक्र करते हुए राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखने की प्रतिबद्धता जताई।टिप्पणियां सरकार की विदेश नीति का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने पाकिस्तान का उल्लेख किया और कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध तब तक सामान्य नहीं हो सकते जब तक कि वहां आतंकवाद के ढांचे को नष्ट नहीं कर दिया जाए। (इनपुट्स भाषा से भी) राष्ट्रपति के अभिभाषण पर पेश धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने विपक्ष के इस आरोप को खारिज कर दिया कि सरकार आंतरिक सुरक्षा से प्रभावी तरीके से नहीं निबट रही है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद से निबटने में कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आतंकवाद से निपटने के मुद्दे पर सभी राजनीतिक दलों को एकसुर में बात करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि एनसीटीसी स्थापित करने के प्रस्ताव के संबंध में व्यापक आम सहमति कायम करने के लिए हम राज्य सरकारों के साथ मिल कर काम करेंगे। उल्लेखनीय है कि कई राज्य एनसीटीसी की स्थापना का मुखर विरोध कर रहे हैं। ऐसे राज्यों की दलील है कि इसकी स्थापना से राज्यों के अधिकारों का अतिक्रमण होगा। सदन में नेता प्रतिपक्ष अरुण जेटली ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर हुई चर्चा में भाग लेते हुए एनसीटीसी सहित विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार पर तीखी टिप्पणी की थी। प्रधानमंत्री ने अपने करीब आधे घंटे के भाषण में देश की अर्थव्यवस्था, विकास, विदेश नीति, आंतरिक सुरक्षा सहित विपक्ष द्वारा उठाए गए विभिन्न मुद्दों का जिक्र करते हुए राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखने की प्रतिबद्धता जताई।टिप्पणियां सरकार की विदेश नीति का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने पाकिस्तान का उल्लेख किया और कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध तब तक सामान्य नहीं हो सकते जब तक कि वहां आतंकवाद के ढांचे को नष्ट नहीं कर दिया जाए। (इनपुट्स भाषा से भी) उन्होंने कहा कि आतंकवाद से निपटने के मुद्दे पर सभी राजनीतिक दलों को एकसुर में बात करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि एनसीटीसी स्थापित करने के प्रस्ताव के संबंध में व्यापक आम सहमति कायम करने के लिए हम राज्य सरकारों के साथ मिल कर काम करेंगे। उल्लेखनीय है कि कई राज्य एनसीटीसी की स्थापना का मुखर विरोध कर रहे हैं। ऐसे राज्यों की दलील है कि इसकी स्थापना से राज्यों के अधिकारों का अतिक्रमण होगा। सदन में नेता प्रतिपक्ष अरुण जेटली ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर हुई चर्चा में भाग लेते हुए एनसीटीसी सहित विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार पर तीखी टिप्पणी की थी। प्रधानमंत्री ने अपने करीब आधे घंटे के भाषण में देश की अर्थव्यवस्था, विकास, विदेश नीति, आंतरिक सुरक्षा सहित विपक्ष द्वारा उठाए गए विभिन्न मुद्दों का जिक्र करते हुए राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखने की प्रतिबद्धता जताई।टिप्पणियां सरकार की विदेश नीति का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने पाकिस्तान का उल्लेख किया और कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध तब तक सामान्य नहीं हो सकते जब तक कि वहां आतंकवाद के ढांचे को नष्ट नहीं कर दिया जाए। (इनपुट्स भाषा से भी) उल्लेखनीय है कि कई राज्य एनसीटीसी की स्थापना का मुखर विरोध कर रहे हैं। ऐसे राज्यों की दलील है कि इसकी स्थापना से राज्यों के अधिकारों का अतिक्रमण होगा। सदन में नेता प्रतिपक्ष अरुण जेटली ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर हुई चर्चा में भाग लेते हुए एनसीटीसी सहित विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार पर तीखी टिप्पणी की थी। प्रधानमंत्री ने अपने करीब आधे घंटे के भाषण में देश की अर्थव्यवस्था, विकास, विदेश नीति, आंतरिक सुरक्षा सहित विपक्ष द्वारा उठाए गए विभिन्न मुद्दों का जिक्र करते हुए राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखने की प्रतिबद्धता जताई।टिप्पणियां सरकार की विदेश नीति का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने पाकिस्तान का उल्लेख किया और कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध तब तक सामान्य नहीं हो सकते जब तक कि वहां आतंकवाद के ढांचे को नष्ट नहीं कर दिया जाए। (इनपुट्स भाषा से भी) सदन में नेता प्रतिपक्ष अरुण जेटली ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर हुई चर्चा में भाग लेते हुए एनसीटीसी सहित विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार पर तीखी टिप्पणी की थी। प्रधानमंत्री ने अपने करीब आधे घंटे के भाषण में देश की अर्थव्यवस्था, विकास, विदेश नीति, आंतरिक सुरक्षा सहित विपक्ष द्वारा उठाए गए विभिन्न मुद्दों का जिक्र करते हुए राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखने की प्रतिबद्धता जताई।टिप्पणियां सरकार की विदेश नीति का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने पाकिस्तान का उल्लेख किया और कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध तब तक सामान्य नहीं हो सकते जब तक कि वहां आतंकवाद के ढांचे को नष्ट नहीं कर दिया जाए। (इनपुट्स भाषा से भी) प्रधानमंत्री ने अपने करीब आधे घंटे के भाषण में देश की अर्थव्यवस्था, विकास, विदेश नीति, आंतरिक सुरक्षा सहित विपक्ष द्वारा उठाए गए विभिन्न मुद्दों का जिक्र करते हुए राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखने की प्रतिबद्धता जताई।टिप्पणियां सरकार की विदेश नीति का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने पाकिस्तान का उल्लेख किया और कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध तब तक सामान्य नहीं हो सकते जब तक कि वहां आतंकवाद के ढांचे को नष्ट नहीं कर दिया जाए। (इनपुट्स भाषा से भी) सरकार की विदेश नीति का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने पाकिस्तान का उल्लेख किया और कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध तब तक सामान्य नहीं हो सकते जब तक कि वहां आतंकवाद के ढांचे को नष्ट नहीं कर दिया जाए। (इनपुट्स भाषा से भी) (इनपुट्स भाषा से भी)
यह एक सारांश है: मनमोहन ने कहा कि देश को आर्थिक सुधारों की ज़रूरत है, क्योंकि गरीबी दूर करने के लिए आठ से नौ प्रतिशत विकास दर चाहिए।
24
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: एक दिल दहला देने वाली घटना में मैसूरू में एक पुलिस ऑफिसर दुर्घटना में बुरी तरह घायल हो गया. वह एक्‍सीडेंट उस वक्‍त हुआ जब उसकी जीप सामने से आ रही बस से टकरा गई. लेकिन दुख की बात यह है कि वहां पर एकत्र हुई भीड़ ने उस अधिकारी की मदद नहीं की. लोग बस माजरा देखने के लिए रुके. फोटो खींची और चलते बने. किसी ने उस अधिकारी की मदद नहीं की. उस पुलिस अधिकारी की बाद में अस्‍पताल में मौत हो गई.टिप्पणियां एक्‍सीडेंट इतना भीषण था कि उस जीप के ड्राइवर की मौके पर ही मौत हो गई. पुलिस इंस्‍पेक्‍टर महेश कुमार(38) गंभीर रूप से घायल हो गए और उनके शरीर से खून निकल रहा था. उस दौरान ही उनको सबसे ज्‍यादा मदद की जरूरत थी. लेकिन किसी ने उनकी कोई मदद नहीं की. बगल से गुजरने वाले लोग रुके लेकिन किसी ने संवेदना नहीं दिखाई. उनमें से कईयों ने फोटो खींचे लेकिन किसी ने मदद का हाथ नहीं बढ़ाया. बाद में किसी ने पुलिस को सूचना दी. स्‍थानीय पुलिस थोड़ी देर बाद आई. उनको अस्‍पताल पहुंचाया गया लेकिन वहां पर उन्‍होंने दम तोड़ दिया. तस्‍वीर का दुखद पहलू यह है कि पहली बार ऐसा नहीं हुआ है. इससे पहले भी इस तरह की घटनाएं घट चुकी हैं, जब लोग घायल की मदद करने के बजाय फोटो खींचकर चलते बने. इसी तरह के एक मामले में पिछले साल बाइक से जा रहे एक 24 साल युवक को एक ट्रक ने इतने जोर से टक्‍कर मारी कि वह बुरी तरह से घायल हो गया. उसके बाद तड़पता हुआ वह युवक करीब 20 मिनट तक लोगों से मदद के लिए गुहार लगाता रहा. लेकिन लोग इसी तरह वहां रुके, फोटो ली और चलते बने. एक्‍सीडेंट इतना भीषण था कि उस जीप के ड्राइवर की मौके पर ही मौत हो गई. पुलिस इंस्‍पेक्‍टर महेश कुमार(38) गंभीर रूप से घायल हो गए और उनके शरीर से खून निकल रहा था. उस दौरान ही उनको सबसे ज्‍यादा मदद की जरूरत थी. लेकिन किसी ने उनकी कोई मदद नहीं की. बगल से गुजरने वाले लोग रुके लेकिन किसी ने संवेदना नहीं दिखाई. उनमें से कईयों ने फोटो खींचे लेकिन किसी ने मदद का हाथ नहीं बढ़ाया. बाद में किसी ने पुलिस को सूचना दी. स्‍थानीय पुलिस थोड़ी देर बाद आई. उनको अस्‍पताल पहुंचाया गया लेकिन वहां पर उन्‍होंने दम तोड़ दिया. तस्‍वीर का दुखद पहलू यह है कि पहली बार ऐसा नहीं हुआ है. इससे पहले भी इस तरह की घटनाएं घट चुकी हैं, जब लोग घायल की मदद करने के बजाय फोटो खींचकर चलते बने. इसी तरह के एक मामले में पिछले साल बाइक से जा रहे एक 24 साल युवक को एक ट्रक ने इतने जोर से टक्‍कर मारी कि वह बुरी तरह से घायल हो गया. उसके बाद तड़पता हुआ वह युवक करीब 20 मिनट तक लोगों से मदद के लिए गुहार लगाता रहा. लेकिन लोग इसी तरह वहां रुके, फोटो ली और चलते बने. तस्‍वीर का दुखद पहलू यह है कि पहली बार ऐसा नहीं हुआ है. इससे पहले भी इस तरह की घटनाएं घट चुकी हैं, जब लोग घायल की मदद करने के बजाय फोटो खींचकर चलते बने. इसी तरह के एक मामले में पिछले साल बाइक से जा रहे एक 24 साल युवक को एक ट्रक ने इतने जोर से टक्‍कर मारी कि वह बुरी तरह से घायल हो गया. उसके बाद तड़पता हुआ वह युवक करीब 20 मिनट तक लोगों से मदद के लिए गुहार लगाता रहा. लेकिन लोग इसी तरह वहां रुके, फोटो ली और चलते बने.
एक पुलिस अधिकारी एक्‍सीडेंट में बुरी तरह जख्‍मी हो गया उसके ड्राइवर की घटनास्‍थल पर ही मौत हो गई लोगों ने उस अधिकारी की कोई मदद नहीं की
6
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: राष्ट्रपति पद के लिए आज वोट डाले भाजपानीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के प्रत्याशी रामनाथ कोविंद और विपक्ष की उम्मीदवार मीरा कुमार में से जीत किसी की भी हो, उत्तर प्रदेश का औद्योगिक शहर कानपुर चर्चा में रहेगा. कोविंद और मीरा कुमार से पहले वर्ष 2002 में कानपुर की ही लक्ष्मी सहगल भी राष्ट्रपति का चुनाव लड़ चुकी हैं. हालांकि वे चुनाव हार गई थी. हालांकि 71 वर्षीय कोविंद का जन्मस्थान कानपुर देहात का है, लेकिन अब कानपुर नगर ही उनका घर है. बेहद साधारण पृष्ठभूमि से आये कोविंद राजग की ओर से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बनाये जाने से पहले तक बिहार के राज्यपाल थे. दलीय स्थिति और कोविंद के लिए घोषित समर्थनों के हिसाब से देखें तो देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर उनके आसीन होने की पूर्ण संभावना लग रही है. कानपुर नगर के महर्षि दयानन्द विहार में कोविंद के पड़ोसी उन्हें ऐसे सौम्य और मृदुभाषी व्यक्ति के रूप में जानते हैं, जो सभी को साथ लेकर चलने में विश्वास करता है. वर्ष 2006 से 2008 तक राज्यसभा के सदस्य रहे कोविंद के जनसम्पर्क अधिकारी अशोक त्रिवेदी का कहना है, "कोविंद जी बहुत साधारण परिवार से हैं और कड़ी मेहनत एवं समर्पण के बल पर यहां तक पहुंचे हैं." त्रिवेदी के अनुसार, "कोविंद जमीन से जुड़े नेता होने की वजह से भोजन भी बहुत सादा ही पसन्द करते हैं. वह वर्ष 2012 में मेरी पत्नी के निधन पर संवेदना व्यक्त करने के लिये मेरे घर आये थे." दूसरी ओर, राष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष की उम्मीदवार मीरा कुमार का ननिहाल कानपुर में है. पिछले शुक्रवार को लखनऊ आयीं मीरा उत्तर प्रदेश के साथ अपने रिश्ते बताने के दौरान अपने ननिहाल का जिक्र करना नहीं भूलीं. इससे एक बात तो तय है कि दोनों उम्मीदवारों में से चाहे जो भी राष्ट्रपति बने, कानपुर का चर्चा में आना तय है. टिप्पणियां कोविंद और मीरा कुमार से पहले वर्ष 2002 में कानपुर की ही लक्ष्मी सहगल भी राष्ट्रपति का चुनाव लड़ चुकी हैं. लक्ष्मी नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की आजाद हिन्द फौज में थीं. उन्हें भाकपा, माकपा, रेवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी तथा ऑ इण्डिया फॉरवर्ड ब्लॉक ने मुख्य रूप से समर्थन दिया था. उस चुनाव में राजग के प्रत्याशी डाक्टर ए.पी.जे. अब्दुल कलाम को नौ लाख 22 हजार 884 जबकि लक्ष्मी को एक लाख सात हजार 366 वोट मिले थे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) हालांकि 71 वर्षीय कोविंद का जन्मस्थान कानपुर देहात का है, लेकिन अब कानपुर नगर ही उनका घर है. बेहद साधारण पृष्ठभूमि से आये कोविंद राजग की ओर से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बनाये जाने से पहले तक बिहार के राज्यपाल थे. दलीय स्थिति और कोविंद के लिए घोषित समर्थनों के हिसाब से देखें तो देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर उनके आसीन होने की पूर्ण संभावना लग रही है. कानपुर नगर के महर्षि दयानन्द विहार में कोविंद के पड़ोसी उन्हें ऐसे सौम्य और मृदुभाषी व्यक्ति के रूप में जानते हैं, जो सभी को साथ लेकर चलने में विश्वास करता है. वर्ष 2006 से 2008 तक राज्यसभा के सदस्य रहे कोविंद के जनसम्पर्क अधिकारी अशोक त्रिवेदी का कहना है, "कोविंद जी बहुत साधारण परिवार से हैं और कड़ी मेहनत एवं समर्पण के बल पर यहां तक पहुंचे हैं." त्रिवेदी के अनुसार, "कोविंद जमीन से जुड़े नेता होने की वजह से भोजन भी बहुत सादा ही पसन्द करते हैं. वह वर्ष 2012 में मेरी पत्नी के निधन पर संवेदना व्यक्त करने के लिये मेरे घर आये थे." दूसरी ओर, राष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष की उम्मीदवार मीरा कुमार का ननिहाल कानपुर में है. पिछले शुक्रवार को लखनऊ आयीं मीरा उत्तर प्रदेश के साथ अपने रिश्ते बताने के दौरान अपने ननिहाल का जिक्र करना नहीं भूलीं. इससे एक बात तो तय है कि दोनों उम्मीदवारों में से चाहे जो भी राष्ट्रपति बने, कानपुर का चर्चा में आना तय है. टिप्पणियां कोविंद और मीरा कुमार से पहले वर्ष 2002 में कानपुर की ही लक्ष्मी सहगल भी राष्ट्रपति का चुनाव लड़ चुकी हैं. लक्ष्मी नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की आजाद हिन्द फौज में थीं. उन्हें भाकपा, माकपा, रेवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी तथा ऑ इण्डिया फॉरवर्ड ब्लॉक ने मुख्य रूप से समर्थन दिया था. उस चुनाव में राजग के प्रत्याशी डाक्टर ए.पी.जे. अब्दुल कलाम को नौ लाख 22 हजार 884 जबकि लक्ष्मी को एक लाख सात हजार 366 वोट मिले थे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) वर्ष 2006 से 2008 तक राज्यसभा के सदस्य रहे कोविंद के जनसम्पर्क अधिकारी अशोक त्रिवेदी का कहना है, "कोविंद जी बहुत साधारण परिवार से हैं और कड़ी मेहनत एवं समर्पण के बल पर यहां तक पहुंचे हैं." त्रिवेदी के अनुसार, "कोविंद जमीन से जुड़े नेता होने की वजह से भोजन भी बहुत सादा ही पसन्द करते हैं. वह वर्ष 2012 में मेरी पत्नी के निधन पर संवेदना व्यक्त करने के लिये मेरे घर आये थे." दूसरी ओर, राष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष की उम्मीदवार मीरा कुमार का ननिहाल कानपुर में है. पिछले शुक्रवार को लखनऊ आयीं मीरा उत्तर प्रदेश के साथ अपने रिश्ते बताने के दौरान अपने ननिहाल का जिक्र करना नहीं भूलीं. इससे एक बात तो तय है कि दोनों उम्मीदवारों में से चाहे जो भी राष्ट्रपति बने, कानपुर का चर्चा में आना तय है. टिप्पणियां कोविंद और मीरा कुमार से पहले वर्ष 2002 में कानपुर की ही लक्ष्मी सहगल भी राष्ट्रपति का चुनाव लड़ चुकी हैं. लक्ष्मी नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की आजाद हिन्द फौज में थीं. उन्हें भाकपा, माकपा, रेवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी तथा ऑ इण्डिया फॉरवर्ड ब्लॉक ने मुख्य रूप से समर्थन दिया था. उस चुनाव में राजग के प्रत्याशी डाक्टर ए.पी.जे. अब्दुल कलाम को नौ लाख 22 हजार 884 जबकि लक्ष्मी को एक लाख सात हजार 366 वोट मिले थे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) कोविंद और मीरा कुमार से पहले वर्ष 2002 में कानपुर की ही लक्ष्मी सहगल भी राष्ट्रपति का चुनाव लड़ चुकी हैं. लक्ष्मी नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की आजाद हिन्द फौज में थीं. उन्हें भाकपा, माकपा, रेवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी तथा ऑ इण्डिया फॉरवर्ड ब्लॉक ने मुख्य रूप से समर्थन दिया था. उस चुनाव में राजग के प्रत्याशी डाक्टर ए.पी.जे. अब्दुल कलाम को नौ लाख 22 हजार 884 जबकि लक्ष्मी को एक लाख सात हजार 366 वोट मिले थे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह एक सारांश है: एनडीए प्रत्याशी रामनाथ कोविंद का जन्मस्थान कानपुर देहात का है विपक्ष की उम्मीदवार मीरा कुमार का भी कानपुर से है खास नाता 2002 में कानपुर की ही लक्ष्मी सहगल भी राष्ट्रपति का चुनाव लड़ चुकी हैं
9
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली की एक अदालत ने राष्ट्रमंडल खेल आयोजन समिति के बर्खास्त अध्यक्ष सुरेश कलमाडी तथा अन्य लोगों के खिलाफ खेल परियोजनाओं में कथित भ्रष्टाचार से राजकोष को 90 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान पहुंचाने, धोखाधड़ी करने और साजिश रचने के लिए आरोप तय करने की तिथि 4 फरवरी तय की है।टिप्पणियां सीबीआई की विशेष न्यायाधीश रविन्दर कौर ने आरोप तय करने की तारीख आगे बढ़ाते हुए कहा कि कोई भी आदेश देने से पहले उन्हें मामले के सभी दस्तावेजों का अध्ययन करने के लिए और समय चाहिए। विशेष न्यायाधीश ने इस अदालत का प्रभार 2 जनवरी को संभाला। उनके पूर्ववर्ती न्यायाधीश ने आरोप तय करने का आदेश दिया था, लेकिन उनका तबादला हो गया। सभी आरोपियों के खिलाफ आरोप औपचारिक रूप से तय करने के लिए आज की तारीख तय की गई थी। अदालत ने 21 दिसंबर, 2012 को कलमाडी, आयोजन समिति के महासचिव ललित भनोट सहित नौ अन्य के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के तहत आरोप तय करने के आदेश दिए थे। धोखाधड़ी और साजिश रचने के अलावा आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता के तहत जालसाजी तथा भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के तहत भी आरोप तय किए जाएंगे। सीबीआई की विशेष न्यायाधीश रविन्दर कौर ने आरोप तय करने की तारीख आगे बढ़ाते हुए कहा कि कोई भी आदेश देने से पहले उन्हें मामले के सभी दस्तावेजों का अध्ययन करने के लिए और समय चाहिए। विशेष न्यायाधीश ने इस अदालत का प्रभार 2 जनवरी को संभाला। उनके पूर्ववर्ती न्यायाधीश ने आरोप तय करने का आदेश दिया था, लेकिन उनका तबादला हो गया। सभी आरोपियों के खिलाफ आरोप औपचारिक रूप से तय करने के लिए आज की तारीख तय की गई थी। अदालत ने 21 दिसंबर, 2012 को कलमाडी, आयोजन समिति के महासचिव ललित भनोट सहित नौ अन्य के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के तहत आरोप तय करने के आदेश दिए थे। धोखाधड़ी और साजिश रचने के अलावा आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता के तहत जालसाजी तथा भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के तहत भी आरोप तय किए जाएंगे। उनके पूर्ववर्ती न्यायाधीश ने आरोप तय करने का आदेश दिया था, लेकिन उनका तबादला हो गया। सभी आरोपियों के खिलाफ आरोप औपचारिक रूप से तय करने के लिए आज की तारीख तय की गई थी। अदालत ने 21 दिसंबर, 2012 को कलमाडी, आयोजन समिति के महासचिव ललित भनोट सहित नौ अन्य के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के तहत आरोप तय करने के आदेश दिए थे। धोखाधड़ी और साजिश रचने के अलावा आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता के तहत जालसाजी तथा भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के तहत भी आरोप तय किए जाएंगे।
सारांश: दिल्ली की एक अदालत ने राष्ट्रमंडल खेल आयोजन समिति के बर्खास्त अध्यक्ष सुरेश कलमाडी तथा अन्य लोगों के खिलाफ खेल परियोजनाओं में भ्रष्टाचार, धोखाधड़ी करने और साजिश रचने के लिए आरोप तय करने की तिथि 4 फरवरी तय की है।
31
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में कथित रूप से बलात्कार का विरोध करने पर किशोरी को जलाकर मारने की कोशिश के आरोप में दो युवकों को गिरफ्तार किया गया है। करीब 70 फीसदी से ज्यादा जल चुकी किशोरी की हालत नाजुक बनी हुई है। घटना अगौता थाना क्षेत्र के ढ़कौली गांव की है। मशकूर और अशरफ को पड़ोसी गुलजार की 14 वर्षीय पुत्री को जलाकर मारने के प्रयास में गिरफ्तार किया गया। अगौता थाना प्रभारी परविंदर पाल सिंह ने सोमवार को संवाददाताओं को बताया, "किशोरी के पिता ने आरोप लगाया कि दोनों युवकों ने शनिवार रात को घर में घुसकर उनकी बेटी से बलात्कार करने की कोशिश की और विरोध करने पर मिट्टी का तेल छिड़ककर उसे आग लगाकर फरार हो गए।" सिंह ने कहा कि दर्ज कराई गई शिकायत के बाद रविवार देर रात दोनों फरार आरोपी युवकों-अशरफ और मशकूर को दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया गया। सिंह ने कहा कि गम्भीर रूप से झुलसी किशोरी को दिल्ली के इर्विन अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत अभी भी चिंताजनक बनी हुई है।
यह एक सारांश है: मशकूर और अशरफ को पड़ोसी गुलजार की 14 वर्षीय पुत्री को जलाकर मारने के प्रयास में गिरफ्तार किया गया।
2
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बॉलीवुड महानायक अमिताभ बच्चन का कहना है कि उन्होंने फिल्म निर्देशक बाज लुहरमैन की फिल्म 'द ग्रेट गैट्सबाय' में काम करने के लिए कोई पैसा नहीं लिया है। अमिताभ ने बुधवार को संवाददताओं को बताया, भूमिका बहुत छोटी है, मुश्किल से एक मिनट की है। बाज लुहरमैन कुछ वर्षों पहले भारत की यात्रा पर आए थे। वह पूरे देश में घूमे थे और अपने एक दोस्त के साथ मेरे दफ्तर आए थे। उनके दोस्त ने मेरे लिए एक पेंटिंग बनाई थी। हमारे बीच सामान्य बातचीत हुई और वह चले गए।टिप्पणियां फिल्म में मेयेर वुल्फशिम की भूमिका में नजर आने वाले अमिताभ ने बताया, करीब साल-डेढ़ साल बाद उन्होंने मुझे फोन किया और कहा कि उनके पास मेरे लिए एक भूमिका है, जो बुहत बड़ी नहीं है। उन्होंने मुझसे कहा कि क्या मैं इसे करूंगा और मैं सहमत हो गया। यह छोटी-सी भूमिका थी, इसीलिए मैंने पैसे नहीं लिए। यह फिल्म एफ. स्कॉट फिट्जगेराल्ड की 'द ग्रेट गैट्सबाय' नाम की ही किताब का स्क्रीन रूपांतर है। फिल्म में लियोनाडरे डिकैप्रियो, अभिनेत्री केरी मुलिगन और टॉबे मगुरे मुख्य भूमिका में हैं। यह दिसंबर में प्रदर्शित होगी। अमिताभ ने बुधवार को संवाददताओं को बताया, भूमिका बहुत छोटी है, मुश्किल से एक मिनट की है। बाज लुहरमैन कुछ वर्षों पहले भारत की यात्रा पर आए थे। वह पूरे देश में घूमे थे और अपने एक दोस्त के साथ मेरे दफ्तर आए थे। उनके दोस्त ने मेरे लिए एक पेंटिंग बनाई थी। हमारे बीच सामान्य बातचीत हुई और वह चले गए।टिप्पणियां फिल्म में मेयेर वुल्फशिम की भूमिका में नजर आने वाले अमिताभ ने बताया, करीब साल-डेढ़ साल बाद उन्होंने मुझे फोन किया और कहा कि उनके पास मेरे लिए एक भूमिका है, जो बुहत बड़ी नहीं है। उन्होंने मुझसे कहा कि क्या मैं इसे करूंगा और मैं सहमत हो गया। यह छोटी-सी भूमिका थी, इसीलिए मैंने पैसे नहीं लिए। यह फिल्म एफ. स्कॉट फिट्जगेराल्ड की 'द ग्रेट गैट्सबाय' नाम की ही किताब का स्क्रीन रूपांतर है। फिल्म में लियोनाडरे डिकैप्रियो, अभिनेत्री केरी मुलिगन और टॉबे मगुरे मुख्य भूमिका में हैं। यह दिसंबर में प्रदर्शित होगी। फिल्म में मेयेर वुल्फशिम की भूमिका में नजर आने वाले अमिताभ ने बताया, करीब साल-डेढ़ साल बाद उन्होंने मुझे फोन किया और कहा कि उनके पास मेरे लिए एक भूमिका है, जो बुहत बड़ी नहीं है। उन्होंने मुझसे कहा कि क्या मैं इसे करूंगा और मैं सहमत हो गया। यह छोटी-सी भूमिका थी, इसीलिए मैंने पैसे नहीं लिए। यह फिल्म एफ. स्कॉट फिट्जगेराल्ड की 'द ग्रेट गैट्सबाय' नाम की ही किताब का स्क्रीन रूपांतर है। फिल्म में लियोनाडरे डिकैप्रियो, अभिनेत्री केरी मुलिगन और टॉबे मगुरे मुख्य भूमिका में हैं। यह दिसंबर में प्रदर्शित होगी। यह फिल्म एफ. स्कॉट फिट्जगेराल्ड की 'द ग्रेट गैट्सबाय' नाम की ही किताब का स्क्रीन रूपांतर है। फिल्म में लियोनाडरे डिकैप्रियो, अभिनेत्री केरी मुलिगन और टॉबे मगुरे मुख्य भूमिका में हैं। यह दिसंबर में प्रदर्शित होगी।
संक्षिप्त सारांश: बॉलीवुड महानायक अमिताभ बच्चन का कहना है कि उन्होंने फिल्म निर्देशक बाज लुहरमैन की फिल्म 'द ग्रेट गैट्सबाय' में काम करने के लिए कोई पैसा नहीं लिया है।
10
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा है कि उनकी पार्टी खालिस्तान लिबरेशन फोर्स के आतंकवादी देविन्दर पाल सिंह भुल्लर की मौत की सजा को उम्रकैद में बदले जाने की पंजाब के सत्ताधारी अकाली दल की मांग से सहमत नहीं है। लखनऊ में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में नकवी ने कहा कि इस मुद्दे पर भाजपा का रुख साफ है। पार्टी अपने घटक दल अकाली दल की मांग से सहमत नहीं है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के विभिन्न मामलों में भेद नहीं किया जा सकता। कानून के जरिए भुल्लर को जो सजा मिली है उसका पालन होना चाहिए। नकवी ने कहा कि हम अफजल गुरु को फांसी देने के पक्ष में हैं और भुल्लर को फांसी देने के मामले में भी हमारा यही रुख है। भ्रष्टाचार के खिलाफ बाबा रामदेव के चार जून से शुरू होने जा रहे अनशन के प्रति भाजपा के समर्थन के विषय में पूछने पर उन्होंने कहा, "जो भी लोग भ्रष्टाचार के खिलाफ हैं हम उनके साथ हैं। भाजपा बिना किसी राजनीतिक लाभ की मंशा के भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन करने वालों का समर्थन करेगी।" कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, "हम कांग्रेस पार्टी की तरह नहीं हैं जो एक ओर बाबा रामदेव को दिल्ली हवाई अड्डे पर मंत्रियों से फूलों की माला पहनवाती है और दूसरी ओर संतरियों से हमला करवाती है।" उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ भाजपा की सोच कांग्रेस की तरह दोतरफा नहीं बल्कि स्पष्ट और साफ है। अन्ना हजारे व लोकपाल का मसौदा तैयार करने वाली समिति में सामाजिक संगठनों के अन्य प्रतिनिधियों की प्रधानमंत्री को लोकपाल के दायरे में लाने की मांग के विषय में पूछने पर उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री को लोकपाल के दायरे में लाना चाहिए। यह बात सबसे पहले अटल बिहारी वाजपेई ने प्रधानमंत्री रहते हुए कही थी। इसिलए इस सम्बंध में भाजपा का रुख पहले से ही साफ है।" नकवी ने कहा कि एक सशक्त लोकपाल विधेयक बनना चाहिए। इस पर कांग्रेसनीत केंद्र सरकार सभी राजनीतिक दलों को विश्वास में लेकर बिना ढुलमुल रवैया अपनाए सकारात्मक रुख अपनाए। अन्ना हजारे और उनकी टीम पर केंद्र के मंत्रियों और नेताओं द्वारा किए गए हमलों पर भाजपा नेता ने कहा कि केंद्र सरकार की भ्रष्टाचार से लड़ने की इच्छाशक्ति ईमानदार नहीं है, तभी उसने हमेशा यह साबित करने की कोशिश की कि उसके मंत्री पाक-साफ और भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन करने वाले गलत हैं।
संक्षिप्त सारांश: नकवी ने कहा कि इस मुद्दे पर भाजपा का रुख साफ है। पार्टी अपने घटक दल अकाली दल की मांग से सहमत नहीं है।
10
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सपा के वरिष्‍ठ नेता आजम खान ने अखिलेश यादव और रामगोपाल यादव के सपा से निष्‍कासन रद होने पर प्रसन्‍नता जाहिर करते हुए कहा कि आखिर उनकी कोशिश कामयाब रही. उन्‍होंने कहा कि सपा से अखिलेश को निष्‍कासित किया जाना उनको भी अच्‍छा नहीं लगा था. लिहाजा आज वह अखिलेश को लेकर मुलायम से मिले. उनकी मध्‍यस्‍थता में बातचीत हुई और अखिलेश और रामगोपाल को पार्टी में वापस ले लिया गया. आजम खान ने प्रेस कांफ्रेंस करते हुए कहा कि जब वह बातचीत के लिए पहुंचे तो बहुत ही सौहार्दपूर्ण माहौल में बातचीत हुई. सारे मतभेद दूर हुए और सपा में संकट खत्‍म हो गया. उन्‍होंने यह भी कहा कि उनका एकमात्र एजेंडा पार्टी में एकता को वापस लाना था. इसमें वह कामयाब रहे. वहीं दूसरी ओर अमर सिंह ने भी कहा है कि सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह ने एकदम सही निर्णय लिया है. उन्‍होंने यह भी कहा कि मेरे जीते जी सपा में विभाजन नहीं हो सकता. उन्‍होंने यह भी कहा कि मुलायम ने परिपक्‍व राजनीति दिखाई. उसकी का परिणाम है कि सपा से निष्‍कासित नेताओं की वापसी हुई. टिप्पणियांइससे पहले लालू प्रसाद यादव ने भी निष्‍कासन रद होने पर प्रसन्‍नता जाहिर की थी. हालांकि उन्‍होंने सुबह कहा था कि सपा में जो हो रहा है उससे मैं चिंतित हूं. उन्‍होंने यह भी कहा था कि मैंने आज सुबह मुलायम सिंह यादव से बात की और उन्हें कहा कि फालतू लोगों के चक्कर में न पड़ें. जग हंसाई होती है. मैंने अखिलेश यादव से भी बातचीत की है. मैंने अखिलेश से कहा है कि वे मुलायम सिंह यादव से जाकर मिलें. बाद में अखिलेश यादव और रामगोपाल यादव के निष्‍कासन वापस होने पर लालू प्रसाद ने प्रसन्‍नता जाहिर करते हुए कहा कि मैंने अपना फर्ज निभाया. चूंकि हमारा फर्ज था इसलिए फोन किया था. आजम खान ने प्रेस कांफ्रेंस करते हुए कहा कि जब वह बातचीत के लिए पहुंचे तो बहुत ही सौहार्दपूर्ण माहौल में बातचीत हुई. सारे मतभेद दूर हुए और सपा में संकट खत्‍म हो गया. उन्‍होंने यह भी कहा कि उनका एकमात्र एजेंडा पार्टी में एकता को वापस लाना था. इसमें वह कामयाब रहे. वहीं दूसरी ओर अमर सिंह ने भी कहा है कि सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह ने एकदम सही निर्णय लिया है. उन्‍होंने यह भी कहा कि मेरे जीते जी सपा में विभाजन नहीं हो सकता. उन्‍होंने यह भी कहा कि मुलायम ने परिपक्‍व राजनीति दिखाई. उसकी का परिणाम है कि सपा से निष्‍कासित नेताओं की वापसी हुई. टिप्पणियांइससे पहले लालू प्रसाद यादव ने भी निष्‍कासन रद होने पर प्रसन्‍नता जाहिर की थी. हालांकि उन्‍होंने सुबह कहा था कि सपा में जो हो रहा है उससे मैं चिंतित हूं. उन्‍होंने यह भी कहा था कि मैंने आज सुबह मुलायम सिंह यादव से बात की और उन्हें कहा कि फालतू लोगों के चक्कर में न पड़ें. जग हंसाई होती है. मैंने अखिलेश यादव से भी बातचीत की है. मैंने अखिलेश से कहा है कि वे मुलायम सिंह यादव से जाकर मिलें. बाद में अखिलेश यादव और रामगोपाल यादव के निष्‍कासन वापस होने पर लालू प्रसाद ने प्रसन्‍नता जाहिर करते हुए कहा कि मैंने अपना फर्ज निभाया. चूंकि हमारा फर्ज था इसलिए फोन किया था. वहीं दूसरी ओर अमर सिंह ने भी कहा है कि सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह ने एकदम सही निर्णय लिया है. उन्‍होंने यह भी कहा कि मेरे जीते जी सपा में विभाजन नहीं हो सकता. उन्‍होंने यह भी कहा कि मुलायम ने परिपक्‍व राजनीति दिखाई. उसकी का परिणाम है कि सपा से निष्‍कासित नेताओं की वापसी हुई. टिप्पणियांइससे पहले लालू प्रसाद यादव ने भी निष्‍कासन रद होने पर प्रसन्‍नता जाहिर की थी. हालांकि उन्‍होंने सुबह कहा था कि सपा में जो हो रहा है उससे मैं चिंतित हूं. उन्‍होंने यह भी कहा था कि मैंने आज सुबह मुलायम सिंह यादव से बात की और उन्हें कहा कि फालतू लोगों के चक्कर में न पड़ें. जग हंसाई होती है. मैंने अखिलेश यादव से भी बातचीत की है. मैंने अखिलेश से कहा है कि वे मुलायम सिंह यादव से जाकर मिलें. बाद में अखिलेश यादव और रामगोपाल यादव के निष्‍कासन वापस होने पर लालू प्रसाद ने प्रसन्‍नता जाहिर करते हुए कहा कि मैंने अपना फर्ज निभाया. चूंकि हमारा फर्ज था इसलिए फोन किया था. इससे पहले लालू प्रसाद यादव ने भी निष्‍कासन रद होने पर प्रसन्‍नता जाहिर की थी. हालांकि उन्‍होंने सुबह कहा था कि सपा में जो हो रहा है उससे मैं चिंतित हूं. उन्‍होंने यह भी कहा था कि मैंने आज सुबह मुलायम सिंह यादव से बात की और उन्हें कहा कि फालतू लोगों के चक्कर में न पड़ें. जग हंसाई होती है. मैंने अखिलेश यादव से भी बातचीत की है. मैंने अखिलेश से कहा है कि वे मुलायम सिंह यादव से जाकर मिलें. बाद में अखिलेश यादव और रामगोपाल यादव के निष्‍कासन वापस होने पर लालू प्रसाद ने प्रसन्‍नता जाहिर करते हुए कहा कि मैंने अपना फर्ज निभाया. चूंकि हमारा फर्ज था इसलिए फोन किया था. बाद में अखिलेश यादव और रामगोपाल यादव के निष्‍कासन वापस होने पर लालू प्रसाद ने प्रसन्‍नता जाहिर करते हुए कहा कि मैंने अपना फर्ज निभाया. चूंकि हमारा फर्ज था इसलिए फोन किया था.
आजम खान ने सपा कुनबे में सुलह के लिए मध्‍यस्‍थता कराई शुक्रवार को अखिलेश यादव और रामगोपाल यादव को पार्टी से निकाल दिया गया था टिकटों के बंटवारे को लेकर सपा में मचा है घमासान
28
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: देश की शीर्ष 10 प्रमुख कंपनियों में से सात के बाजार पूंजीकरण में पिछले सप्ताह 35,933 करोड़ रुपये की गिरावट दर्ज की गई जिसमें सबसे अधिक नुकसान टीसीएस को हुआ। समीक्षाधीन सप्ताह में टीसीएस का बाजार पूंजीकरण 16,881 करोड़ रुपये घटकर 2,05,165 करोड़ रुपये पर आ गया। इस दौरान कंपनी के शेयर में 7.6 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। सितंबर को समाप्त तिमाही में टीसीएस का शुद्ध लाभ 6.1 प्रतिशत की बढ़त के साथ 2,301 करोड़ रुपये रहा। यह लाभ बाजार के अनुमान से कम था। इस दौरान रिलायंस इंडस्ट्रीज का बाजार पूंजीकरण 10,281 करोड़ रुपये घटकर 2,73,529 करोड़ रुपये रहा, जबकि ओएनजीसी का बाजार पूंजीकरण 1,070 करोड़ रुपये घटकर 2,27,062 करोड़ रुपये पर आ गया। समीक्षाधीन सप्ताह में एनटीपीसी का बाजार पूंजीकरण 3,092 करोड़ रुपये घटकर 1,39,554 करोड़ रुपये रह गया, जबकि भारती एयरटेल के बाजार पूंजीकरण में 2,222 करोड़ रुपये की गिरावट आई और यह 1,43,508 करोड़ रुपये रह गया। इस दौरान, इनफोसिस के बाजार पूंजीकरण में 1,260 करोड़ रुपये की गिरावट दर्ज की गई जो 1,56,338 करोड़ रुपये रहा। वहीं, आईटीसी का बाजार पूंजीकरण 1,127 करोड़ रुपये घटकर 1,58,297 करोड़ रुपये रह गया। इसके उलट, कोल इंडिया ने बाजार पूंजीकरण में 4,137 करोड़ रुपये जोड़े और कंपनी का बाजार पूंजीकरण 2,07,713 करोड़ रुपये रहा।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: देश की शीर्ष 10 प्रमुख कंपनियों में से सात के बाजार पूंजीकरण में पिछले सप्ताह 35,933 करोड़ रुपये की गिरावट दर्ज की गई जिसमें सबसे अधिक नुकसान टीसीएस को हुआ।
25
['hin']
एक सारांश बनाओ: केरल में शिवगिरि के समीप श्री नारायण मठ की यात्रा को लेकर माकपा के प्रदर्शन एवं कांग्रेस के असंतोष की ओर संकेत करते हुए गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को इस बात पर अफसोस जताया कि राजनीति में ‘अस्पृश्यता’ बढ़ती जा रही है। तिरुवनंपुरम से करीब 30 किलोमीटर दूर वरकाला के शिवगिरि मठ में श्री नारायण धर्म मीमांसा परिषद के स्वर्ण जयंती समारोह का उद्घाटन करते हुए मोदी ने कहा, ‘‘समाज में राजनीतिक अस्पृश्यता बढ़ती ही जा रही है जबकि इस बहुत बड़ी बुराई को काफी हद तक आध्यात्मिक नेताओं और सुधारकों के प्रयास से सामाजिक जीवन से दूर किया जा चुका है।’’टिप्पणियां हालांकि उन्होंने किसी भी दल या नेता का नाम नहीं लिया लेकिन संभवत: उनका संकेत इस कार्यक्रम के लिए उन्हें न्यौता दिए जाने पर मठ प्रशासन की वामदलों द्वारा आलोचना तथा हाल ही में केरल श्रममंत्री शिबू बेबी जॉन के साथ उनकी भेंट पर कांग्रेस की आपत्ति की ओर था। जॉन की पार्टी आरएसपी (बी) केरल में कांग्रेस की अगुवाई वाली गठबंधन सरकार में घटक है। तिरुवनंपुरम से करीब 30 किलोमीटर दूर वरकाला के शिवगिरि मठ में श्री नारायण धर्म मीमांसा परिषद के स्वर्ण जयंती समारोह का उद्घाटन करते हुए मोदी ने कहा, ‘‘समाज में राजनीतिक अस्पृश्यता बढ़ती ही जा रही है जबकि इस बहुत बड़ी बुराई को काफी हद तक आध्यात्मिक नेताओं और सुधारकों के प्रयास से सामाजिक जीवन से दूर किया जा चुका है।’’टिप्पणियां हालांकि उन्होंने किसी भी दल या नेता का नाम नहीं लिया लेकिन संभवत: उनका संकेत इस कार्यक्रम के लिए उन्हें न्यौता दिए जाने पर मठ प्रशासन की वामदलों द्वारा आलोचना तथा हाल ही में केरल श्रममंत्री शिबू बेबी जॉन के साथ उनकी भेंट पर कांग्रेस की आपत्ति की ओर था। जॉन की पार्टी आरएसपी (बी) केरल में कांग्रेस की अगुवाई वाली गठबंधन सरकार में घटक है। हालांकि उन्होंने किसी भी दल या नेता का नाम नहीं लिया लेकिन संभवत: उनका संकेत इस कार्यक्रम के लिए उन्हें न्यौता दिए जाने पर मठ प्रशासन की वामदलों द्वारा आलोचना तथा हाल ही में केरल श्रममंत्री शिबू बेबी जॉन के साथ उनकी भेंट पर कांग्रेस की आपत्ति की ओर था। जॉन की पार्टी आरएसपी (बी) केरल में कांग्रेस की अगुवाई वाली गठबंधन सरकार में घटक है। जॉन की पार्टी आरएसपी (बी) केरल में कांग्रेस की अगुवाई वाली गठबंधन सरकार में घटक है।
संक्षिप्त सारांश: नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘समाज में राजनीतिक अस्पृश्यता बढ़ती ही जा रही है जबकि इस बहुत बड़ी बुराई को काफी हद तक आध्यात्मिक नेताओं और सुधारकों के प्रयास से सामाजिक जीवन से दूर किया जा चुका है।’
8
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ममता बनर्जी ने लोकसभा में बुधवार को एफडीआई के मुद्दे पर संप्रग सरकार की 35 मतों के अंतर से जीत पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यह अल्पमत सरकार है।टिप्पणियां फेसबुक पर टिप्पणी में ममता ने कहा, ‘‘यह शर्मनाक है। आज जनादेश साबित करता है कि संप्रग-2 सरकार अल्पमत सरकार है। सदन की कुल संख्या के आधार पर बहुमत के 271 के आंकड़े की बजाय स्वार्थी लोगों की सभी कोशिशों के बावजूद केवल 253 सदस्यों का ही समर्थन मिला।’’ उन्होंने कहा, ‘‘सरकार अपनी विश्वसनीयता खो चुकी है। उन्हें जनता से नए सिरे से जनादेश हासिल करना चाहिए।’’ फेसबुक पर टिप्पणी में ममता ने कहा, ‘‘यह शर्मनाक है। आज जनादेश साबित करता है कि संप्रग-2 सरकार अल्पमत सरकार है। सदन की कुल संख्या के आधार पर बहुमत के 271 के आंकड़े की बजाय स्वार्थी लोगों की सभी कोशिशों के बावजूद केवल 253 सदस्यों का ही समर्थन मिला।’’ उन्होंने कहा, ‘‘सरकार अपनी विश्वसनीयता खो चुकी है। उन्हें जनता से नए सिरे से जनादेश हासिल करना चाहिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘सरकार अपनी विश्वसनीयता खो चुकी है। उन्हें जनता से नए सिरे से जनादेश हासिल करना चाहिए।’’
संक्षिप्त पाठ: तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ममता बनर्जी ने लोकसभा में बुधवार को एफडीआई के मुद्दे पर संप्रग सरकार की 35 मतों के अंतर से जीत पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यह अल्पमत सरकार है।
14
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: समूचा देश इस समय ठंड से कांप रहा है. लद्दाख में तो तापमान शून्‍य से 20 डिग्री नीचे तक चल रहा है. ऐसे में यहां आइस हॉकी चैंपियनशिप का आयोजन किया है. इस आइस हॉकी प्रतियोगिता में भारत तिब्‍बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) ने टीम सकरा को 6-5 से हराकर टूर्नामेंट अपने नाम किया. समुद्र तल से लगभग 11000 फीट की ऊंचाई पर स्थापित आइस हॉकी रिंक में आयोजित इस विशेष प्रतियोगिता को आईटीबीपी की टीम ने तीसरी बार लगातार जीतने में सफलता प्राप्त की है. लद्दाख में हुई बर्फबारी के बीच ITBP जवानों ने दीये जलाकर मनाई दिवाली इस टूर्नामेंट में लद्दाख क्षेत्र की मजबूत आइस हॉकी टीमें हिस्सा ले रही थी. हर साल जनवरी माह में सर्दियों के चरम पर होने पर इस आइस हॉकी प्रतियोगिता का विशेष आयोजन स्थानीय प्रशासन द्वारा किया जाता है जो जनता के बीच काफी लोकप्रिय है. भारत में वैसे तो आइस हॉकी का प्रचलन बहुत कम है लेकिन लद्दाख क्षेत्र में इस खेल को लेकर बहुत उत्साह देखा जाता है. आइटीबीपी हिमालय क्षेत्रों की निगरानी करने के साथ-साथ एडवेंचर स्पोर्ट्स के क्षेत्र में भी बहुत उत्कृष्ट भूमिका निभाती रही है और इसकी आइस हॉकी की टीम देश की एक बेहतरीन टीम है.पिछले दिनों आइटीबीपी ने जापान की टीम को हराकर एक विशेष आइस हॉकी टूर्नामेंट जीतने में भी सफलता हासिल की थी. गौरतलब है कि आइटीबीपी के आइस हॉकी खिलाड़ी देश की राष्ट्रीय टीम का प्रतिनिधित्व भी करते रहे हैं.
फाइनल में टीम सकरा को पराजित किया आईटीबीपी ने 6-5 से जीता फाइनल मैच लगातार तीसरी बार यह प्रतियोगिता जीती
28
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: मध्य प्रदेश में उमरिया जिले के बांधवगढ़ विधानसभा क्षेत्र के लिए हुए उपचुनाव में बीजेपी ने बाजी मार ली है जबकि भिंड जिले के अटेर पर कांग्रेस ने कब्जा जमा लिया है. इस सीट पर बीजेपी से कांग्रेस को कड़ी टक्कर का सामना करना पड़ रहा है. शुरुआती दौर में बीजेपी प्रत्याशी यहां से आगे थे. अटेर विधानसभा सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार हेमंत कटारे ने बीजेपी उम्मीदवार अरविद सिंह भदौरिया को हरा दिया. हालांकि जीत का अंतर महज 858 वोट का रहा.टिप्पणियां उमरिया जिले के बांधवगढ़ विधानसभा सीट पर बीजेपी उम्मीदवार शिवनारायण सिंह ने कांग्रेस की उम्मीदवार सावित्री सिंह को हरा दिया. अटेर में कांग्रेस के उम्मीदवार सत्यदेव कटारे के निधन और बांधवगढ़ में भाजपा विधायक ज्ञान सिंह के लोकसभा सदस्य निर्वाचित होने के कारण चुनाव हुए. कांग्रेस उम्मीदवार हेमंत दिवंगत कांग्रेस नेता सत्यदेव कटारे और भाजपा प्रत्याशी शिवनारायण सांसद ज्ञान सिंह के पुत्र हैं. अटेर विधानसभा सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार हेमंत कटारे ने बीजेपी उम्मीदवार अरविद सिंह भदौरिया को हरा दिया. हालांकि जीत का अंतर महज 858 वोट का रहा.टिप्पणियां उमरिया जिले के बांधवगढ़ विधानसभा सीट पर बीजेपी उम्मीदवार शिवनारायण सिंह ने कांग्रेस की उम्मीदवार सावित्री सिंह को हरा दिया. अटेर में कांग्रेस के उम्मीदवार सत्यदेव कटारे के निधन और बांधवगढ़ में भाजपा विधायक ज्ञान सिंह के लोकसभा सदस्य निर्वाचित होने के कारण चुनाव हुए. कांग्रेस उम्मीदवार हेमंत दिवंगत कांग्रेस नेता सत्यदेव कटारे और भाजपा प्रत्याशी शिवनारायण सांसद ज्ञान सिंह के पुत्र हैं. उमरिया जिले के बांधवगढ़ विधानसभा सीट पर बीजेपी उम्मीदवार शिवनारायण सिंह ने कांग्रेस की उम्मीदवार सावित्री सिंह को हरा दिया. अटेर में कांग्रेस के उम्मीदवार सत्यदेव कटारे के निधन और बांधवगढ़ में भाजपा विधायक ज्ञान सिंह के लोकसभा सदस्य निर्वाचित होने के कारण चुनाव हुए. कांग्रेस उम्मीदवार हेमंत दिवंगत कांग्रेस नेता सत्यदेव कटारे और भाजपा प्रत्याशी शिवनारायण सांसद ज्ञान सिंह के पुत्र हैं. अटेर में कांग्रेस के उम्मीदवार सत्यदेव कटारे के निधन और बांधवगढ़ में भाजपा विधायक ज्ञान सिंह के लोकसभा सदस्य निर्वाचित होने के कारण चुनाव हुए. कांग्रेस उम्मीदवार हेमंत दिवंगत कांग्रेस नेता सत्यदेव कटारे और भाजपा प्रत्याशी शिवनारायण सांसद ज्ञान सिंह के पुत्र हैं.
बांधवगढ़ विधानसभा क्षेत्र के लिए हुए उपचुनाव में बीजेपी ने बाजी मार ली है भिंड जिले के अटेर पर कांग्रेस के प्रत्याशी आगे बताए जा रहे हैं दोनों ही सीटों पर पहले बीजेपी बढ़त बनाए हुए थी.
1
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: विशाल भारद्वाज की आने वाली फिल्‍म 'रंगून' के ट्रेलर ने आते ही धूम मचा दी है. इस फिल्‍म में पहली बार कंगना रनौत, सैफ अली खान और शाहिद कपूर की जोड़ी साथ दिखाई दे रही है जिसे लोग काफी पसंद कर रहे हैं. इसी कड़ी में इस फिल्‍म का पहला गाना रिलीज किया गया है. 'ब्‍लडी हैल' गाने में कंगना रनौत हंटर चलाते, डांस करते हुए नजर आ रही हैं. 'रंगून' विशाल भारद्वाज की एक पीरियड रोमांटिक ड्रामा है जो दूसरे विश्‍वयुद्ध की पृष्‍ठभूमि में बनाई गई है. 'रंगून' का पहला गाना 'ब्लडी हैल' एक ऐसा गाना है जिसमें सिर्फ नाच गाना ही नहीं है बल्कि फिल्‍म की कहानी की काफी झलक भी दिख रही है. बता दें कि कुछ समय पहले फिल्म का पोस्टर और ट्रेलर भी रिलीज किया गया था. सोशल मीडिया पर भी 'रंगून' का यह ट्रेलर खूब पसंद किया गया है. 'ब्लडी हेल' नाम के इस गाने में कंगना, सैफ और शाहिद तीनों के किरदारों की गुत्‍थी काफी सुलझती दिख रही है. यह फिल्‍म एक प्रेम त्रिकोण है और इस गाने में इस त्रिकोण का अच्‍छे से खुलासा हो रहा है. अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर में शूट हुई 'रंगून' 24 फरवरी को रिलीज होगी. जानकारी के अनुसार इस फिल्म की रिसर्च के लिए कंगना अमेरिका और मैक्सिको भी गई थीं. टिप्पणियां फिल्‍म में कंगना मिस जूलिया का किरदार निभा रही हैं जबक‍ि शाहिद एक आर्मी ऑफिसर बने हैं. सैफ एक अमीर आदमी की भूमिका में नजर आ रहे हैं. ट्रेलर में दिखाए गए संवाद भी काफी दिलचस्‍प हैं. 'रंगून' विशाल भारद्वाज की एक पीरियड रोमांटिक ड्रामा है जो दूसरे विश्‍वयुद्ध की पृष्‍ठभूमि में बनाई गई है. 'रंगून' का पहला गाना 'ब्लडी हैल' एक ऐसा गाना है जिसमें सिर्फ नाच गाना ही नहीं है बल्कि फिल्‍म की कहानी की काफी झलक भी दिख रही है. बता दें कि कुछ समय पहले फिल्म का पोस्टर और ट्रेलर भी रिलीज किया गया था. सोशल मीडिया पर भी 'रंगून' का यह ट्रेलर खूब पसंद किया गया है. 'ब्लडी हेल' नाम के इस गाने में कंगना, सैफ और शाहिद तीनों के किरदारों की गुत्‍थी काफी सुलझती दिख रही है. यह फिल्‍म एक प्रेम त्रिकोण है और इस गाने में इस त्रिकोण का अच्‍छे से खुलासा हो रहा है. अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर में शूट हुई 'रंगून' 24 फरवरी को रिलीज होगी. जानकारी के अनुसार इस फिल्म की रिसर्च के लिए कंगना अमेरिका और मैक्सिको भी गई थीं. टिप्पणियां फिल्‍म में कंगना मिस जूलिया का किरदार निभा रही हैं जबक‍ि शाहिद एक आर्मी ऑफिसर बने हैं. सैफ एक अमीर आदमी की भूमिका में नजर आ रहे हैं. ट्रेलर में दिखाए गए संवाद भी काफी दिलचस्‍प हैं. 'ब्लडी हेल' नाम के इस गाने में कंगना, सैफ और शाहिद तीनों के किरदारों की गुत्‍थी काफी सुलझती दिख रही है. यह फिल्‍म एक प्रेम त्रिकोण है और इस गाने में इस त्रिकोण का अच्‍छे से खुलासा हो रहा है. अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर में शूट हुई 'रंगून' 24 फरवरी को रिलीज होगी. जानकारी के अनुसार इस फिल्म की रिसर्च के लिए कंगना अमेरिका और मैक्सिको भी गई थीं. टिप्पणियां फिल्‍म में कंगना मिस जूलिया का किरदार निभा रही हैं जबक‍ि शाहिद एक आर्मी ऑफिसर बने हैं. सैफ एक अमीर आदमी की भूमिका में नजर आ रहे हैं. ट्रेलर में दिखाए गए संवाद भी काफी दिलचस्‍प हैं. फिल्‍म में कंगना मिस जूलिया का किरदार निभा रही हैं जबक‍ि शाहिद एक आर्मी ऑफिसर बने हैं. सैफ एक अमीर आदमी की भूमिका में नजर आ रहे हैं. ट्रेलर में दिखाए गए संवाद भी काफी दिलचस्‍प हैं. फिल्‍म में कंगना मिस जूलिया का किरदार निभा रही हैं जबक‍ि शाहिद एक आर्मी ऑफिसर बने हैं. सैफ एक अमीर आदमी की भूमिका में नजर आ रहे हैं. ट्रेलर में दिखाए गए संवाद भी काफी दिलचस्‍प हैं.
संक्षिप्त पाठ: 'रंगून' के गाने 'ब्‍लडी हैल' में बेहद अलग नजर आ रही हैं कंगना रनौत दूसरे विश्‍वयुद्ध में हुई प्रेम कहानी है यह फिल्‍म पहली बार दिखेगी कंगना, शाहिद और सैफ की जोड़ी
27
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: कारपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) को नए ढंग से देखने पर जोर देते हुए योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह आहलूवालिया ने सोमवार को कहा कि कंपनियों को अपने कर्मचारियों को समाज सेवा के लिए छुट्टियां देनी चाहिए। मध्य प्रदेश फाउंडेशन द्वारा आयोजित अजय मुशरान स्मृति व्याख्यान में आहलूवालिया ने कहा, हमें सीएसआर को नए ढंग से देखने की जरूरत है। सीएसआर कंपनियों द्वारा कमाए गए धन का हस्तांतरण मात्र नहीं है। कंपनियों को समाज सेवा के इच्छुक अपनी कर्मचारियों को एक निश्चित अवधि तक छुट्टियां देनी चाहिए और बाद में वापस आने पर उन्हें फिर से नौकरी पर रख लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सीएसआर को एक अलग तरह का कर नहीं समझा जाना चाहिए, बल्कि इसे कारपोरेट जगत के लिए समाज के प्रति उनके कर्तव्य का हिस्सा माना जाना चाहिए। आहलूवालिया ने कहा कि 15 से 30 वर्ष की आयुवर्ग देश के मूड को प्रतिबिंबित करता है। हमें इसपर भी पर्याप्त ध्यान देने की जरूरत है।
यहाँ एक सारांश है:योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह आहलूवालिया ने कहा कि कंपनियों को अपने कर्मचारियों को समाज सेवा के लिए छुट्टियां देनी चाहिए।
18
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: मुंबई हमलावरों के आका अबू जिंदाल को शनिवार तड़के मुंबई लाया गया, जिसके बाद उसे किला कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने 31 जुलाई तक उसे मुंबई क्राइम ब्रांच की हिरासत में भेज दिया। अबू जिंदाल की पेशी के लिए अदालत में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और लगभग 400 से ज्यादा पुलिस के जवानों के साथ ही QRT के कमांडोज को भी तैनात किया गया था। मामले की गंभीरता का इसी बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि क्राइम ब्रांच के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त निकेत कौशिक खुद अदालत में सुनवाई के दौरान आए हुए थे। जिंदाल को महाराष्ट्र एटीएस दिल्ली से दो दिनों की ट्रांजिट रिमांड पर मुंबई लाई थी। किस जांच एजेंसी को जिंदाल की हिरासत मिलेगी, इसके लिए अलग-अलग कयास लगाए जा रहे थे। लेकिन 26/11 के मुंबई हमलों की संगीनता को देखते हुए अदालत ने जिंदाल को मुंबई क्राइम ब्रांच की कस्टडी में भेजे जाने का आदेश दिया। विशेष सरकारी वकील उज्ज्वल निकम ने अदालत को बताया कि जिंदाल न सिर्फ 26/11 आतंकी हमलों के दौरान पाकिस्तान के कंट्रोल रूम में मौजूद था, बल्कि उसने आतंकियों को ट्रेनिंग भी दी थी। निकम ने अदालत को कहा कि जिंदाल को कसाब के साथ बैठाकर पूछताछ की जाएगी, ताकि 26/11 हमलों की सीमा पार आतंकी षडयंत्र का खुलासा हो सके। क्राइम ब्रांच ने जिंदाल को फिलहाल 26/11 हमलों के दौरान गिरगांव चौपाटी पर हुई वारदात के मामले में अपने कब्जे में लिया है। इस हमले में पुलिस हवालदार तुकाराम ओम्बले ने अदम्य सहस का परिचय देते हुए उस हालत में कसाब को जिंदा पकड़ा था, जब उनके पेट में गोलियां लग चुकी थीं। क्राइम ब्रांच की हिरासत में आए जिंदाल से इन खुलासों की उम्मीद की जा रही है कि 26/11 हमलों के वक्त किस तरह से पाकिस्तान का कॉल सेंटर काम कर रहा था? क्या आतंकी कॉल सेंटर में पाकिस्तानी खुफिया जांच एजेंसी के लोग भी थे? आतंकी हमलों में लोकल सपोर्ट के लिए क्या किसी भारतीय की मदद ली गई थी? आतंकी हमलों के टार्गेट किस आधार पर सेलेक्ट किए गए थे? मूल रूप से महाराष्ट्र के बीड जिले का रहने वाला जिंदाल औरंगाबाद में हथियारों के जखीरे की बरामदगी के बाद से ही फरार था। जिंदाल पर महाराष्ट्र एटीस ने चार मामले दर्ज कर रखे हैं, जिसमे फर्जी दस्तावेजों के जरिये सिम कार्ड मुहैया करवाने का भी मामला है। इससे पहले, शुक्रवार को जिंदाल की हिरासत महाराष्ट्र एटीएस को सौंपने के बाद मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट (सीएमएम) विनोद यादव ने कहा कि उससे पूछताछ के बाद वापस दिल्ली लाया जाए, क्योंकि एनआईए एवं अन्य एजेंसियों ने भी उसकी हिरासत की मांग की है।टिप्पणियां दिल्ली पुलिस के साथ 30 दिनों की उसकी हिरासत अवधि समाप्त होने के बाद जिंदाल को सीएमएम यादव के समक्ष पेश किया गया। दिल्ली पुलिस ने उससे 2010 में जामा मस्जिद विस्फोट और राजधानी में अन्य आतंकवादी हमले के सिलसिले में पूछताछ की थी। 30 वर्षीय जिंदाल लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा था और चार मामलों- औरंगाबाद हथियार बरामदगी मामला, 26/11 के मुंबई आतंकवादी हमला, जर्मन बेकरी विस्फोट और नासिक अकादमिक हमला मामलों में मुंबई एटीएस को उसकी तलाश है। अबू जिंदाल की पेशी के लिए अदालत में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और लगभग 400 से ज्यादा पुलिस के जवानों के साथ ही QRT के कमांडोज को भी तैनात किया गया था। मामले की गंभीरता का इसी बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि क्राइम ब्रांच के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त निकेत कौशिक खुद अदालत में सुनवाई के दौरान आए हुए थे। जिंदाल को महाराष्ट्र एटीएस दिल्ली से दो दिनों की ट्रांजिट रिमांड पर मुंबई लाई थी। किस जांच एजेंसी को जिंदाल की हिरासत मिलेगी, इसके लिए अलग-अलग कयास लगाए जा रहे थे। लेकिन 26/11 के मुंबई हमलों की संगीनता को देखते हुए अदालत ने जिंदाल को मुंबई क्राइम ब्रांच की कस्टडी में भेजे जाने का आदेश दिया। विशेष सरकारी वकील उज्ज्वल निकम ने अदालत को बताया कि जिंदाल न सिर्फ 26/11 आतंकी हमलों के दौरान पाकिस्तान के कंट्रोल रूम में मौजूद था, बल्कि उसने आतंकियों को ट्रेनिंग भी दी थी। निकम ने अदालत को कहा कि जिंदाल को कसाब के साथ बैठाकर पूछताछ की जाएगी, ताकि 26/11 हमलों की सीमा पार आतंकी षडयंत्र का खुलासा हो सके। क्राइम ब्रांच ने जिंदाल को फिलहाल 26/11 हमलों के दौरान गिरगांव चौपाटी पर हुई वारदात के मामले में अपने कब्जे में लिया है। इस हमले में पुलिस हवालदार तुकाराम ओम्बले ने अदम्य सहस का परिचय देते हुए उस हालत में कसाब को जिंदा पकड़ा था, जब उनके पेट में गोलियां लग चुकी थीं। क्राइम ब्रांच की हिरासत में आए जिंदाल से इन खुलासों की उम्मीद की जा रही है कि 26/11 हमलों के वक्त किस तरह से पाकिस्तान का कॉल सेंटर काम कर रहा था? क्या आतंकी कॉल सेंटर में पाकिस्तानी खुफिया जांच एजेंसी के लोग भी थे? आतंकी हमलों में लोकल सपोर्ट के लिए क्या किसी भारतीय की मदद ली गई थी? आतंकी हमलों के टार्गेट किस आधार पर सेलेक्ट किए गए थे? मूल रूप से महाराष्ट्र के बीड जिले का रहने वाला जिंदाल औरंगाबाद में हथियारों के जखीरे की बरामदगी के बाद से ही फरार था। जिंदाल पर महाराष्ट्र एटीस ने चार मामले दर्ज कर रखे हैं, जिसमे फर्जी दस्तावेजों के जरिये सिम कार्ड मुहैया करवाने का भी मामला है। इससे पहले, शुक्रवार को जिंदाल की हिरासत महाराष्ट्र एटीएस को सौंपने के बाद मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट (सीएमएम) विनोद यादव ने कहा कि उससे पूछताछ के बाद वापस दिल्ली लाया जाए, क्योंकि एनआईए एवं अन्य एजेंसियों ने भी उसकी हिरासत की मांग की है।टिप्पणियां दिल्ली पुलिस के साथ 30 दिनों की उसकी हिरासत अवधि समाप्त होने के बाद जिंदाल को सीएमएम यादव के समक्ष पेश किया गया। दिल्ली पुलिस ने उससे 2010 में जामा मस्जिद विस्फोट और राजधानी में अन्य आतंकवादी हमले के सिलसिले में पूछताछ की थी। 30 वर्षीय जिंदाल लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा था और चार मामलों- औरंगाबाद हथियार बरामदगी मामला, 26/11 के मुंबई आतंकवादी हमला, जर्मन बेकरी विस्फोट और नासिक अकादमिक हमला मामलों में मुंबई एटीएस को उसकी तलाश है। जिंदाल को महाराष्ट्र एटीएस दिल्ली से दो दिनों की ट्रांजिट रिमांड पर मुंबई लाई थी। किस जांच एजेंसी को जिंदाल की हिरासत मिलेगी, इसके लिए अलग-अलग कयास लगाए जा रहे थे। लेकिन 26/11 के मुंबई हमलों की संगीनता को देखते हुए अदालत ने जिंदाल को मुंबई क्राइम ब्रांच की कस्टडी में भेजे जाने का आदेश दिया। विशेष सरकारी वकील उज्ज्वल निकम ने अदालत को बताया कि जिंदाल न सिर्फ 26/11 आतंकी हमलों के दौरान पाकिस्तान के कंट्रोल रूम में मौजूद था, बल्कि उसने आतंकियों को ट्रेनिंग भी दी थी। निकम ने अदालत को कहा कि जिंदाल को कसाब के साथ बैठाकर पूछताछ की जाएगी, ताकि 26/11 हमलों की सीमा पार आतंकी षडयंत्र का खुलासा हो सके। क्राइम ब्रांच ने जिंदाल को फिलहाल 26/11 हमलों के दौरान गिरगांव चौपाटी पर हुई वारदात के मामले में अपने कब्जे में लिया है। इस हमले में पुलिस हवालदार तुकाराम ओम्बले ने अदम्य सहस का परिचय देते हुए उस हालत में कसाब को जिंदा पकड़ा था, जब उनके पेट में गोलियां लग चुकी थीं। क्राइम ब्रांच की हिरासत में आए जिंदाल से इन खुलासों की उम्मीद की जा रही है कि 26/11 हमलों के वक्त किस तरह से पाकिस्तान का कॉल सेंटर काम कर रहा था? क्या आतंकी कॉल सेंटर में पाकिस्तानी खुफिया जांच एजेंसी के लोग भी थे? आतंकी हमलों में लोकल सपोर्ट के लिए क्या किसी भारतीय की मदद ली गई थी? आतंकी हमलों के टार्गेट किस आधार पर सेलेक्ट किए गए थे? मूल रूप से महाराष्ट्र के बीड जिले का रहने वाला जिंदाल औरंगाबाद में हथियारों के जखीरे की बरामदगी के बाद से ही फरार था। जिंदाल पर महाराष्ट्र एटीस ने चार मामले दर्ज कर रखे हैं, जिसमे फर्जी दस्तावेजों के जरिये सिम कार्ड मुहैया करवाने का भी मामला है। इससे पहले, शुक्रवार को जिंदाल की हिरासत महाराष्ट्र एटीएस को सौंपने के बाद मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट (सीएमएम) विनोद यादव ने कहा कि उससे पूछताछ के बाद वापस दिल्ली लाया जाए, क्योंकि एनआईए एवं अन्य एजेंसियों ने भी उसकी हिरासत की मांग की है।टिप्पणियां दिल्ली पुलिस के साथ 30 दिनों की उसकी हिरासत अवधि समाप्त होने के बाद जिंदाल को सीएमएम यादव के समक्ष पेश किया गया। दिल्ली पुलिस ने उससे 2010 में जामा मस्जिद विस्फोट और राजधानी में अन्य आतंकवादी हमले के सिलसिले में पूछताछ की थी। 30 वर्षीय जिंदाल लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा था और चार मामलों- औरंगाबाद हथियार बरामदगी मामला, 26/11 के मुंबई आतंकवादी हमला, जर्मन बेकरी विस्फोट और नासिक अकादमिक हमला मामलों में मुंबई एटीएस को उसकी तलाश है। विशेष सरकारी वकील उज्ज्वल निकम ने अदालत को बताया कि जिंदाल न सिर्फ 26/11 आतंकी हमलों के दौरान पाकिस्तान के कंट्रोल रूम में मौजूद था, बल्कि उसने आतंकियों को ट्रेनिंग भी दी थी। निकम ने अदालत को कहा कि जिंदाल को कसाब के साथ बैठाकर पूछताछ की जाएगी, ताकि 26/11 हमलों की सीमा पार आतंकी षडयंत्र का खुलासा हो सके। क्राइम ब्रांच ने जिंदाल को फिलहाल 26/11 हमलों के दौरान गिरगांव चौपाटी पर हुई वारदात के मामले में अपने कब्जे में लिया है। इस हमले में पुलिस हवालदार तुकाराम ओम्बले ने अदम्य सहस का परिचय देते हुए उस हालत में कसाब को जिंदा पकड़ा था, जब उनके पेट में गोलियां लग चुकी थीं। क्राइम ब्रांच की हिरासत में आए जिंदाल से इन खुलासों की उम्मीद की जा रही है कि 26/11 हमलों के वक्त किस तरह से पाकिस्तान का कॉल सेंटर काम कर रहा था? क्या आतंकी कॉल सेंटर में पाकिस्तानी खुफिया जांच एजेंसी के लोग भी थे? आतंकी हमलों में लोकल सपोर्ट के लिए क्या किसी भारतीय की मदद ली गई थी? आतंकी हमलों के टार्गेट किस आधार पर सेलेक्ट किए गए थे? मूल रूप से महाराष्ट्र के बीड जिले का रहने वाला जिंदाल औरंगाबाद में हथियारों के जखीरे की बरामदगी के बाद से ही फरार था। जिंदाल पर महाराष्ट्र एटीस ने चार मामले दर्ज कर रखे हैं, जिसमे फर्जी दस्तावेजों के जरिये सिम कार्ड मुहैया करवाने का भी मामला है। इससे पहले, शुक्रवार को जिंदाल की हिरासत महाराष्ट्र एटीएस को सौंपने के बाद मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट (सीएमएम) विनोद यादव ने कहा कि उससे पूछताछ के बाद वापस दिल्ली लाया जाए, क्योंकि एनआईए एवं अन्य एजेंसियों ने भी उसकी हिरासत की मांग की है।टिप्पणियां दिल्ली पुलिस के साथ 30 दिनों की उसकी हिरासत अवधि समाप्त होने के बाद जिंदाल को सीएमएम यादव के समक्ष पेश किया गया। दिल्ली पुलिस ने उससे 2010 में जामा मस्जिद विस्फोट और राजधानी में अन्य आतंकवादी हमले के सिलसिले में पूछताछ की थी। 30 वर्षीय जिंदाल लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा था और चार मामलों- औरंगाबाद हथियार बरामदगी मामला, 26/11 के मुंबई आतंकवादी हमला, जर्मन बेकरी विस्फोट और नासिक अकादमिक हमला मामलों में मुंबई एटीएस को उसकी तलाश है। क्राइम ब्रांच ने जिंदाल को फिलहाल 26/11 हमलों के दौरान गिरगांव चौपाटी पर हुई वारदात के मामले में अपने कब्जे में लिया है। इस हमले में पुलिस हवालदार तुकाराम ओम्बले ने अदम्य सहस का परिचय देते हुए उस हालत में कसाब को जिंदा पकड़ा था, जब उनके पेट में गोलियां लग चुकी थीं। क्राइम ब्रांच की हिरासत में आए जिंदाल से इन खुलासों की उम्मीद की जा रही है कि 26/11 हमलों के वक्त किस तरह से पाकिस्तान का कॉल सेंटर काम कर रहा था? क्या आतंकी कॉल सेंटर में पाकिस्तानी खुफिया जांच एजेंसी के लोग भी थे? आतंकी हमलों में लोकल सपोर्ट के लिए क्या किसी भारतीय की मदद ली गई थी? आतंकी हमलों के टार्गेट किस आधार पर सेलेक्ट किए गए थे? मूल रूप से महाराष्ट्र के बीड जिले का रहने वाला जिंदाल औरंगाबाद में हथियारों के जखीरे की बरामदगी के बाद से ही फरार था। जिंदाल पर महाराष्ट्र एटीस ने चार मामले दर्ज कर रखे हैं, जिसमे फर्जी दस्तावेजों के जरिये सिम कार्ड मुहैया करवाने का भी मामला है। इससे पहले, शुक्रवार को जिंदाल की हिरासत महाराष्ट्र एटीएस को सौंपने के बाद मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट (सीएमएम) विनोद यादव ने कहा कि उससे पूछताछ के बाद वापस दिल्ली लाया जाए, क्योंकि एनआईए एवं अन्य एजेंसियों ने भी उसकी हिरासत की मांग की है।टिप्पणियां दिल्ली पुलिस के साथ 30 दिनों की उसकी हिरासत अवधि समाप्त होने के बाद जिंदाल को सीएमएम यादव के समक्ष पेश किया गया। दिल्ली पुलिस ने उससे 2010 में जामा मस्जिद विस्फोट और राजधानी में अन्य आतंकवादी हमले के सिलसिले में पूछताछ की थी। 30 वर्षीय जिंदाल लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा था और चार मामलों- औरंगाबाद हथियार बरामदगी मामला, 26/11 के मुंबई आतंकवादी हमला, जर्मन बेकरी विस्फोट और नासिक अकादमिक हमला मामलों में मुंबई एटीएस को उसकी तलाश है। क्राइम ब्रांच की हिरासत में आए जिंदाल से इन खुलासों की उम्मीद की जा रही है कि 26/11 हमलों के वक्त किस तरह से पाकिस्तान का कॉल सेंटर काम कर रहा था? क्या आतंकी कॉल सेंटर में पाकिस्तानी खुफिया जांच एजेंसी के लोग भी थे? आतंकी हमलों में लोकल सपोर्ट के लिए क्या किसी भारतीय की मदद ली गई थी? आतंकी हमलों के टार्गेट किस आधार पर सेलेक्ट किए गए थे? मूल रूप से महाराष्ट्र के बीड जिले का रहने वाला जिंदाल औरंगाबाद में हथियारों के जखीरे की बरामदगी के बाद से ही फरार था। जिंदाल पर महाराष्ट्र एटीस ने चार मामले दर्ज कर रखे हैं, जिसमे फर्जी दस्तावेजों के जरिये सिम कार्ड मुहैया करवाने का भी मामला है। इससे पहले, शुक्रवार को जिंदाल की हिरासत महाराष्ट्र एटीएस को सौंपने के बाद मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट (सीएमएम) विनोद यादव ने कहा कि उससे पूछताछ के बाद वापस दिल्ली लाया जाए, क्योंकि एनआईए एवं अन्य एजेंसियों ने भी उसकी हिरासत की मांग की है।टिप्पणियां दिल्ली पुलिस के साथ 30 दिनों की उसकी हिरासत अवधि समाप्त होने के बाद जिंदाल को सीएमएम यादव के समक्ष पेश किया गया। दिल्ली पुलिस ने उससे 2010 में जामा मस्जिद विस्फोट और राजधानी में अन्य आतंकवादी हमले के सिलसिले में पूछताछ की थी। 30 वर्षीय जिंदाल लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा था और चार मामलों- औरंगाबाद हथियार बरामदगी मामला, 26/11 के मुंबई आतंकवादी हमला, जर्मन बेकरी विस्फोट और नासिक अकादमिक हमला मामलों में मुंबई एटीएस को उसकी तलाश है। मूल रूप से महाराष्ट्र के बीड जिले का रहने वाला जिंदाल औरंगाबाद में हथियारों के जखीरे की बरामदगी के बाद से ही फरार था। जिंदाल पर महाराष्ट्र एटीस ने चार मामले दर्ज कर रखे हैं, जिसमे फर्जी दस्तावेजों के जरिये सिम कार्ड मुहैया करवाने का भी मामला है। इससे पहले, शुक्रवार को जिंदाल की हिरासत महाराष्ट्र एटीएस को सौंपने के बाद मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट (सीएमएम) विनोद यादव ने कहा कि उससे पूछताछ के बाद वापस दिल्ली लाया जाए, क्योंकि एनआईए एवं अन्य एजेंसियों ने भी उसकी हिरासत की मांग की है।टिप्पणियां दिल्ली पुलिस के साथ 30 दिनों की उसकी हिरासत अवधि समाप्त होने के बाद जिंदाल को सीएमएम यादव के समक्ष पेश किया गया। दिल्ली पुलिस ने उससे 2010 में जामा मस्जिद विस्फोट और राजधानी में अन्य आतंकवादी हमले के सिलसिले में पूछताछ की थी। 30 वर्षीय जिंदाल लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा था और चार मामलों- औरंगाबाद हथियार बरामदगी मामला, 26/11 के मुंबई आतंकवादी हमला, जर्मन बेकरी विस्फोट और नासिक अकादमिक हमला मामलों में मुंबई एटीएस को उसकी तलाश है। इससे पहले, शुक्रवार को जिंदाल की हिरासत महाराष्ट्र एटीएस को सौंपने के बाद मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट (सीएमएम) विनोद यादव ने कहा कि उससे पूछताछ के बाद वापस दिल्ली लाया जाए, क्योंकि एनआईए एवं अन्य एजेंसियों ने भी उसकी हिरासत की मांग की है।टिप्पणियां दिल्ली पुलिस के साथ 30 दिनों की उसकी हिरासत अवधि समाप्त होने के बाद जिंदाल को सीएमएम यादव के समक्ष पेश किया गया। दिल्ली पुलिस ने उससे 2010 में जामा मस्जिद विस्फोट और राजधानी में अन्य आतंकवादी हमले के सिलसिले में पूछताछ की थी। 30 वर्षीय जिंदाल लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा था और चार मामलों- औरंगाबाद हथियार बरामदगी मामला, 26/11 के मुंबई आतंकवादी हमला, जर्मन बेकरी विस्फोट और नासिक अकादमिक हमला मामलों में मुंबई एटीएस को उसकी तलाश है। दिल्ली पुलिस के साथ 30 दिनों की उसकी हिरासत अवधि समाप्त होने के बाद जिंदाल को सीएमएम यादव के समक्ष पेश किया गया। दिल्ली पुलिस ने उससे 2010 में जामा मस्जिद विस्फोट और राजधानी में अन्य आतंकवादी हमले के सिलसिले में पूछताछ की थी। 30 वर्षीय जिंदाल लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा था और चार मामलों- औरंगाबाद हथियार बरामदगी मामला, 26/11 के मुंबई आतंकवादी हमला, जर्मन बेकरी विस्फोट और नासिक अकादमिक हमला मामलों में मुंबई एटीएस को उसकी तलाश है। 30 वर्षीय जिंदाल लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा था और चार मामलों- औरंगाबाद हथियार बरामदगी मामला, 26/11 के मुंबई आतंकवादी हमला, जर्मन बेकरी विस्फोट और नासिक अकादमिक हमला मामलों में मुंबई एटीएस को उसकी तलाश है।
सारांश: मुंबई हमलावरों के आका अबू जिंदाल को शनिवार तड़के मुंबई लाया गया, जिसके बाद उसे किला कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने 31 जुलाई तक उसे मुंबई क्राइम ब्रांच की हिरासत में भेज दिया।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: संकटग्रस्त वाहन उद्योग ने त्योहारी मौसम में बिक्री बढ़ाने के वास्ते आने वाले दिनों में ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए कई नई गाड़ियां पेश करने की योजना बनाई है। इस सप्ताह घरेलू वाहन बाजार में छह नई गाड़ियां पेश होंगी, जिनमें मारुति की नई ऑल्टो, टाटा मोटर्स की टाटा इंडिगो मांजा क्लब क्लास और सफारी स्टॉर्म, महिंद्रा एंड महिंद्रा की कोरियाई शाखा सांग्योंग की ओर से रेक्सटोन, फोर्ड की नई फिगो शामिल हैं। होंडा कार्स इंडिया भी 18 अक्टूबर को कॉम्पैक्ट कार ब्रायो का नया मॉडल पेश करेगी। इधर, जनरल मोटर्स इंडिया अपनी छोटी कार स्पार्क का नया मॉडल और नई हैचबैक कार सेल यू-वीए नवंबर में पेश करेगी। मारुति सुजुकी इंडिया के मुख्य परिचालन अधिकारी (विपणन और बिक्री) मयंक पारीक ने कहा आम तौर पर त्योहारी मौसम में बिक्री बढ़ती है और हमें उम्मीद है कि इस बार भी हालात अलग नहीं होंगे और नए मॉडल के लॉन्च से मदद मिलेगी। पिछले सप्ताह तक कंपनी को नई ऑल्टो के लिए 6,500 बुकिंग मिली थी। उन्होंने कहा, रफ्तार यही रही तो हमें भरोसा है कि 16 अक्टूबर को जब हम कार पेश करेंगे, तो यह 10,000 का स्तर पार कर जाएगा। टिप्पणियां प्रतिद्वंद्वी कंपनी हुंदै मोटर इंडिया लिमिटेड भी बिक्री बढ़ाने के लिए त्योहारी मौसम पर भरोसा कर रही है। एचएमआईएल के उपाध्यक्ष राकेश श्रीवास्तव ने कहा, कार खरीदने का फैसला लोग सोच-समझकर करते हैं, जबकि त्योहार खरीद के लिए भावनात्मक मौका है। हमें ज्यादा बिक्री की उम्मीद है, क्योंकि फिलहाल हुंदै वाहनों पर उपभोक्ताओं को बेहतर पेशकश कर रही है। जनरल मोटर्स इंडिया के उपाध्यक्ष पी बालेंद्रन ने कहा कि बाजार का रुझान सकारात्मक है और इस महीने बिक्री पिछले महीने के मुकाबले 10 फीसदी अधिक रहेगी और नई गाड़ियों के लॉन्च के कारण ऐसा होगा। उन्होंने बताया कि बाजार की स्थिति मुश्किलदेह रहेगी और यह त्योहारी सत्र पिछले त्योहारी मौसम की तरह नहीं होगा, जब बिक्री 20-25 फीसदी बढ़ जाती थी। इस सप्ताह घरेलू वाहन बाजार में छह नई गाड़ियां पेश होंगी, जिनमें मारुति की नई ऑल्टो, टाटा मोटर्स की टाटा इंडिगो मांजा क्लब क्लास और सफारी स्टॉर्म, महिंद्रा एंड महिंद्रा की कोरियाई शाखा सांग्योंग की ओर से रेक्सटोन, फोर्ड की नई फिगो शामिल हैं। होंडा कार्स इंडिया भी 18 अक्टूबर को कॉम्पैक्ट कार ब्रायो का नया मॉडल पेश करेगी। इधर, जनरल मोटर्स इंडिया अपनी छोटी कार स्पार्क का नया मॉडल और नई हैचबैक कार सेल यू-वीए नवंबर में पेश करेगी। मारुति सुजुकी इंडिया के मुख्य परिचालन अधिकारी (विपणन और बिक्री) मयंक पारीक ने कहा आम तौर पर त्योहारी मौसम में बिक्री बढ़ती है और हमें उम्मीद है कि इस बार भी हालात अलग नहीं होंगे और नए मॉडल के लॉन्च से मदद मिलेगी। पिछले सप्ताह तक कंपनी को नई ऑल्टो के लिए 6,500 बुकिंग मिली थी। उन्होंने कहा, रफ्तार यही रही तो हमें भरोसा है कि 16 अक्टूबर को जब हम कार पेश करेंगे, तो यह 10,000 का स्तर पार कर जाएगा। टिप्पणियां प्रतिद्वंद्वी कंपनी हुंदै मोटर इंडिया लिमिटेड भी बिक्री बढ़ाने के लिए त्योहारी मौसम पर भरोसा कर रही है। एचएमआईएल के उपाध्यक्ष राकेश श्रीवास्तव ने कहा, कार खरीदने का फैसला लोग सोच-समझकर करते हैं, जबकि त्योहार खरीद के लिए भावनात्मक मौका है। हमें ज्यादा बिक्री की उम्मीद है, क्योंकि फिलहाल हुंदै वाहनों पर उपभोक्ताओं को बेहतर पेशकश कर रही है। जनरल मोटर्स इंडिया के उपाध्यक्ष पी बालेंद्रन ने कहा कि बाजार का रुझान सकारात्मक है और इस महीने बिक्री पिछले महीने के मुकाबले 10 फीसदी अधिक रहेगी और नई गाड़ियों के लॉन्च के कारण ऐसा होगा। उन्होंने बताया कि बाजार की स्थिति मुश्किलदेह रहेगी और यह त्योहारी सत्र पिछले त्योहारी मौसम की तरह नहीं होगा, जब बिक्री 20-25 फीसदी बढ़ जाती थी। मारुति सुजुकी इंडिया के मुख्य परिचालन अधिकारी (विपणन और बिक्री) मयंक पारीक ने कहा आम तौर पर त्योहारी मौसम में बिक्री बढ़ती है और हमें उम्मीद है कि इस बार भी हालात अलग नहीं होंगे और नए मॉडल के लॉन्च से मदद मिलेगी। पिछले सप्ताह तक कंपनी को नई ऑल्टो के लिए 6,500 बुकिंग मिली थी। उन्होंने कहा, रफ्तार यही रही तो हमें भरोसा है कि 16 अक्टूबर को जब हम कार पेश करेंगे, तो यह 10,000 का स्तर पार कर जाएगा। टिप्पणियां प्रतिद्वंद्वी कंपनी हुंदै मोटर इंडिया लिमिटेड भी बिक्री बढ़ाने के लिए त्योहारी मौसम पर भरोसा कर रही है। एचएमआईएल के उपाध्यक्ष राकेश श्रीवास्तव ने कहा, कार खरीदने का फैसला लोग सोच-समझकर करते हैं, जबकि त्योहार खरीद के लिए भावनात्मक मौका है। हमें ज्यादा बिक्री की उम्मीद है, क्योंकि फिलहाल हुंदै वाहनों पर उपभोक्ताओं को बेहतर पेशकश कर रही है। जनरल मोटर्स इंडिया के उपाध्यक्ष पी बालेंद्रन ने कहा कि बाजार का रुझान सकारात्मक है और इस महीने बिक्री पिछले महीने के मुकाबले 10 फीसदी अधिक रहेगी और नई गाड़ियों के लॉन्च के कारण ऐसा होगा। उन्होंने बताया कि बाजार की स्थिति मुश्किलदेह रहेगी और यह त्योहारी सत्र पिछले त्योहारी मौसम की तरह नहीं होगा, जब बिक्री 20-25 फीसदी बढ़ जाती थी। प्रतिद्वंद्वी कंपनी हुंदै मोटर इंडिया लिमिटेड भी बिक्री बढ़ाने के लिए त्योहारी मौसम पर भरोसा कर रही है। एचएमआईएल के उपाध्यक्ष राकेश श्रीवास्तव ने कहा, कार खरीदने का फैसला लोग सोच-समझकर करते हैं, जबकि त्योहार खरीद के लिए भावनात्मक मौका है। हमें ज्यादा बिक्री की उम्मीद है, क्योंकि फिलहाल हुंदै वाहनों पर उपभोक्ताओं को बेहतर पेशकश कर रही है। जनरल मोटर्स इंडिया के उपाध्यक्ष पी बालेंद्रन ने कहा कि बाजार का रुझान सकारात्मक है और इस महीने बिक्री पिछले महीने के मुकाबले 10 फीसदी अधिक रहेगी और नई गाड़ियों के लॉन्च के कारण ऐसा होगा। उन्होंने बताया कि बाजार की स्थिति मुश्किलदेह रहेगी और यह त्योहारी सत्र पिछले त्योहारी मौसम की तरह नहीं होगा, जब बिक्री 20-25 फीसदी बढ़ जाती थी। जनरल मोटर्स इंडिया के उपाध्यक्ष पी बालेंद्रन ने कहा कि बाजार का रुझान सकारात्मक है और इस महीने बिक्री पिछले महीने के मुकाबले 10 फीसदी अधिक रहेगी और नई गाड़ियों के लॉन्च के कारण ऐसा होगा। उन्होंने बताया कि बाजार की स्थिति मुश्किलदेह रहेगी और यह त्योहारी सत्र पिछले त्योहारी मौसम की तरह नहीं होगा, जब बिक्री 20-25 फीसदी बढ़ जाती थी।
संक्षिप्त सारांश: संकटग्रस्त वाहन उद्योग ने त्योहारी मौसम में बिक्री बढ़ाने के वास्ते आने वाले दिनों में ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए कई नई गाड़ियां पेश करने की योजना बनाई है।
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली से सटे गुड़गांव में दोस्ती को शर्मसार करते हुए दो दोस्तों ने अपनी ही महिला दोस्त के साथ कार में गैंगरेप किया। लड़की की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी देवेंदर को गिरफ्तार कर लिया है जबकि उसके दोस्त की तलाश की जा रही है। गौरतलब है कि दोनों युवक दिल्ली से युवती को गुडगांव के सहारा माल शॉपिंग के लिए लेकर आए थे। उसके बाद सोहना में अपनी बहन को कॉलेज में रुपये देने के बहाने एकांत इलाके में ले गए, जहां इस काली करतूत को अंजाम दिया गया।टिप्पणियां इसके बाद दोनों युवती को गाड़ी से फेंककर चले गए। युवती किसी तरह थाने पहुंची और पुलिस को इसकी जानकारी दी। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए 1 घंटे बाद ही एक आरोपी देवेंदर को गिरफ्तार कर लिया। दरअसल, देवेंदर और उसका दोस्त दिल्ली के साकेत में प्रोपर्टी का काम करते हैं और इस युवती के साथ काफी दिनों से दोस्ती थी, लेकिन आज इन दोनों ने दोस्ती के रिश्ते को तार-तार कर दिया। पुलिस ने देवेंदर के दोस्त को पकड़ने के लिए दो टीमों का गठित कर दिया है। पुलिस का मानना है की जल्द ही दूसरे आरोपी को गिरफ्तार का लिया जाएगा। लड़की की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी देवेंदर को गिरफ्तार कर लिया है जबकि उसके दोस्त की तलाश की जा रही है। गौरतलब है कि दोनों युवक दिल्ली से युवती को गुडगांव के सहारा माल शॉपिंग के लिए लेकर आए थे। उसके बाद सोहना में अपनी बहन को कॉलेज में रुपये देने के बहाने एकांत इलाके में ले गए, जहां इस काली करतूत को अंजाम दिया गया।टिप्पणियां इसके बाद दोनों युवती को गाड़ी से फेंककर चले गए। युवती किसी तरह थाने पहुंची और पुलिस को इसकी जानकारी दी। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए 1 घंटे बाद ही एक आरोपी देवेंदर को गिरफ्तार कर लिया। दरअसल, देवेंदर और उसका दोस्त दिल्ली के साकेत में प्रोपर्टी का काम करते हैं और इस युवती के साथ काफी दिनों से दोस्ती थी, लेकिन आज इन दोनों ने दोस्ती के रिश्ते को तार-तार कर दिया। पुलिस ने देवेंदर के दोस्त को पकड़ने के लिए दो टीमों का गठित कर दिया है। पुलिस का मानना है की जल्द ही दूसरे आरोपी को गिरफ्तार का लिया जाएगा। गौरतलब है कि दोनों युवक दिल्ली से युवती को गुडगांव के सहारा माल शॉपिंग के लिए लेकर आए थे। उसके बाद सोहना में अपनी बहन को कॉलेज में रुपये देने के बहाने एकांत इलाके में ले गए, जहां इस काली करतूत को अंजाम दिया गया।टिप्पणियां इसके बाद दोनों युवती को गाड़ी से फेंककर चले गए। युवती किसी तरह थाने पहुंची और पुलिस को इसकी जानकारी दी। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए 1 घंटे बाद ही एक आरोपी देवेंदर को गिरफ्तार कर लिया। दरअसल, देवेंदर और उसका दोस्त दिल्ली के साकेत में प्रोपर्टी का काम करते हैं और इस युवती के साथ काफी दिनों से दोस्ती थी, लेकिन आज इन दोनों ने दोस्ती के रिश्ते को तार-तार कर दिया। पुलिस ने देवेंदर के दोस्त को पकड़ने के लिए दो टीमों का गठित कर दिया है। पुलिस का मानना है की जल्द ही दूसरे आरोपी को गिरफ्तार का लिया जाएगा। इसके बाद दोनों युवती को गाड़ी से फेंककर चले गए। युवती किसी तरह थाने पहुंची और पुलिस को इसकी जानकारी दी। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए 1 घंटे बाद ही एक आरोपी देवेंदर को गिरफ्तार कर लिया। दरअसल, देवेंदर और उसका दोस्त दिल्ली के साकेत में प्रोपर्टी का काम करते हैं और इस युवती के साथ काफी दिनों से दोस्ती थी, लेकिन आज इन दोनों ने दोस्ती के रिश्ते को तार-तार कर दिया। पुलिस ने देवेंदर के दोस्त को पकड़ने के लिए दो टीमों का गठित कर दिया है। पुलिस का मानना है की जल्द ही दूसरे आरोपी को गिरफ्तार का लिया जाएगा। दरअसल, देवेंदर और उसका दोस्त दिल्ली के साकेत में प्रोपर्टी का काम करते हैं और इस युवती के साथ काफी दिनों से दोस्ती थी, लेकिन आज इन दोनों ने दोस्ती के रिश्ते को तार-तार कर दिया। पुलिस ने देवेंदर के दोस्त को पकड़ने के लिए दो टीमों का गठित कर दिया है। पुलिस का मानना है की जल्द ही दूसरे आरोपी को गिरफ्तार का लिया जाएगा।
संक्षिप्त सारांश: दोनों युवक दिल्ली से युवती को गुडगांव के सहारा माल शॉपिंग के लिए लेकर आए थे। उसके बाद सोहना में अपनी बहन को कॉलेज में रुपये देने के बहाने एकांत इलाके में ले गए, जहां इस काली करतूत को अंजाम दिया गया।
23
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: यमुना एक्सप्रेस वे पर गाड़ियों से फर्राटा भरने वालों के लिए अच्छी खबर है. अब यमुना एक्सप्रेस वे पर मुफ्त में चाय और कॉफी मिलेगी. यह सेवा रात 1:00 से सुबह 5:00 बजे तक के बीच होगी. बताया जा रहा है कि हादसों को रोकने के लिए यह सेवा शुरू की गई है. बताया जा रहा है कि वाहन चालक चाय और कॉफी पीकर ड्राइविंग करेंगे तो उन्हें नींद नहीं आएगी, जिससे कम हादसे होंगे. यमुना अथॉरिटी में पुलिस, अथॉरिटी अफसरों और कंपनी अधिकारियों की बैठक में यह फैसला लिया गया. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मुफ्त चाय-कॉफी सेवा पिलाने की सेवा शुरू करने के साथ आरटीओ विभाग ने तय सीमा से तेज गति से वाहन चलाने वालों के घर पर नोटिस भेजने का भी प्रावधान किया है. अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी अमरनाथ उपाध्याय ने बताया कि यमुना एक्सप्रेस वे पर लोगों का सफर सुरक्षित हो, इसको लेकर बुधवार को जेवर टोल प्लाजा पर बैठक की गई.  बैठक में बताया गया कि यमुना एक्सप्रेस वे पर ज्यादातर हादसे रात एक बजे से सवेरे पांच बजे के बीच होते हैं. इसकी मुख्य वजह चालक को नींद की झपकी आ जाना प्रकाश में आया है. इसको ध्यान में रखकर चालकों को चाय और कॉफी देने का फैसला लिया गया है. रात एक बजे से सवेरे पांच बजे तक केवल वाहन के चालक को चाय-कॉफी मिलेगी. एक्सप्रेस वे प्रबंधन समिति इसका खर्च उठाएगी.  टिप्पणियां एसीईओ ने बताया कि जेपी कंपनी को प्रत्येक टोल प्लाजा पर रात 1 बजे से सुबह 5 बजे तक फ्री में चाय और कॉफी देने के निर्देश दिए गए हैं. वहीं ओवर स्पीड के लिए चालान काटने के निर्देश भी ट्रैफिक पुलिस को दिए गए हैं. एसीईओ ने बताया कि कंपनी को एक्सप्रेस-वे पर खराब होने वाले वाहनों को भी तत्काल हटाने को कहा गया है. रोजाना ओवरस्पीड वाहनों का ब्योरा आरटीओ विभाग को भेजा जाएगा. वहां से वाहन मालिक के घर पर चालान भेजा जाएगा. 40 प्रतिशत हादसों का कारण नींद वर्ष 2012 से यमुना एक्सप्रेस वे पर वाहनों ने दौड़ना शुरू किया है. तब से अब तक एक्सप्रेस वे पर 1850 हादसे हो चुके हैं. इनमें 627 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि हजारों लोग घायल हुए हैं. विभाग की रिपोर्ट में कहा गया है कि यमुना एक्सप्रेस वे पर हर माह करीब डेढ़ लाख वाहन गति सीमा के नियम को तोड़ रहे हैं. अप्रैल में 1.56 लाख वाहनों ने गति सीमा का उल्लंघन किया था. इस अवधि में केवल 286 का चालान किया गया. बैठक में बताया गया कि यमुना एक्सप्रेस वे पर ज्यादातर हादसे रात एक बजे से सवेरे पांच बजे के बीच होते हैं. इसकी मुख्य वजह चालक को नींद की झपकी आ जाना प्रकाश में आया है. इसको ध्यान में रखकर चालकों को चाय और कॉफी देने का फैसला लिया गया है. रात एक बजे से सवेरे पांच बजे तक केवल वाहन के चालक को चाय-कॉफी मिलेगी. एक्सप्रेस वे प्रबंधन समिति इसका खर्च उठाएगी.  टिप्पणियां एसीईओ ने बताया कि जेपी कंपनी को प्रत्येक टोल प्लाजा पर रात 1 बजे से सुबह 5 बजे तक फ्री में चाय और कॉफी देने के निर्देश दिए गए हैं. वहीं ओवर स्पीड के लिए चालान काटने के निर्देश भी ट्रैफिक पुलिस को दिए गए हैं. एसीईओ ने बताया कि कंपनी को एक्सप्रेस-वे पर खराब होने वाले वाहनों को भी तत्काल हटाने को कहा गया है. रोजाना ओवरस्पीड वाहनों का ब्योरा आरटीओ विभाग को भेजा जाएगा. वहां से वाहन मालिक के घर पर चालान भेजा जाएगा. 40 प्रतिशत हादसों का कारण नींद वर्ष 2012 से यमुना एक्सप्रेस वे पर वाहनों ने दौड़ना शुरू किया है. तब से अब तक एक्सप्रेस वे पर 1850 हादसे हो चुके हैं. इनमें 627 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि हजारों लोग घायल हुए हैं. विभाग की रिपोर्ट में कहा गया है कि यमुना एक्सप्रेस वे पर हर माह करीब डेढ़ लाख वाहन गति सीमा के नियम को तोड़ रहे हैं. अप्रैल में 1.56 लाख वाहनों ने गति सीमा का उल्लंघन किया था. इस अवधि में केवल 286 का चालान किया गया. एसीईओ ने बताया कि जेपी कंपनी को प्रत्येक टोल प्लाजा पर रात 1 बजे से सुबह 5 बजे तक फ्री में चाय और कॉफी देने के निर्देश दिए गए हैं. वहीं ओवर स्पीड के लिए चालान काटने के निर्देश भी ट्रैफिक पुलिस को दिए गए हैं. एसीईओ ने बताया कि कंपनी को एक्सप्रेस-वे पर खराब होने वाले वाहनों को भी तत्काल हटाने को कहा गया है. रोजाना ओवरस्पीड वाहनों का ब्योरा आरटीओ विभाग को भेजा जाएगा. वहां से वाहन मालिक के घर पर चालान भेजा जाएगा. 40 प्रतिशत हादसों का कारण नींद वर्ष 2012 से यमुना एक्सप्रेस वे पर वाहनों ने दौड़ना शुरू किया है. तब से अब तक एक्सप्रेस वे पर 1850 हादसे हो चुके हैं. इनमें 627 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि हजारों लोग घायल हुए हैं. विभाग की रिपोर्ट में कहा गया है कि यमुना एक्सप्रेस वे पर हर माह करीब डेढ़ लाख वाहन गति सीमा के नियम को तोड़ रहे हैं. अप्रैल में 1.56 लाख वाहनों ने गति सीमा का उल्लंघन किया था. इस अवधि में केवल 286 का चालान किया गया. रोजाना ओवरस्पीड वाहनों का ब्योरा आरटीओ विभाग को भेजा जाएगा. वहां से वाहन मालिक के घर पर चालान भेजा जाएगा. 40 प्रतिशत हादसों का कारण नींद वर्ष 2012 से यमुना एक्सप्रेस वे पर वाहनों ने दौड़ना शुरू किया है. तब से अब तक एक्सप्रेस वे पर 1850 हादसे हो चुके हैं. इनमें 627 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि हजारों लोग घायल हुए हैं. विभाग की रिपोर्ट में कहा गया है कि यमुना एक्सप्रेस वे पर हर माह करीब डेढ़ लाख वाहन गति सीमा के नियम को तोड़ रहे हैं. अप्रैल में 1.56 लाख वाहनों ने गति सीमा का उल्लंघन किया था. इस अवधि में केवल 286 का चालान किया गया.
यहाँ एक सारांश है:यमुना एक्सप्रेस वे पर रात में होती हैं ज्यादा दुर्घटनाएं एक्सप्रेस वे रात 1:00 से सुबह 5:00 बजे तक मुफ्त में पिलाई जाएगी चाय बताया जा रहा, चाय पीने से चालकों को नहीं आएगी नींद
18
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारत भले ही त्रिकोणीय सीरीज के मैच में विवादास्पद ‘आब्स्ट्रक्टिंग ऑफ द फील्ड’ घटना को लेकर नाराज हो लेकिन ऑस्ट्रेलिया के कार्यवाहक कप्तान शेन वाटसन का मानना है कि दोनों अपांयरों ने सही फैसला किया। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच में दो विवादास्पद फैसले भारत के खिलाफ दिए गए। अंपायर साइमन टफेल और बिली बोडेन ने पहले डेविड हसी के खिलाफ ‘आब्स्ट्रक्टिंग ऑफ द फील्ड’ की अपील ठुकरा दी और बाद में सचिन तेंदुलकर को रन आउट दे दिया जबकि ब्रेट ली ने उन्हें बाधा पहुंचाई थी। वाटसन ने मैच के बाद कहा, ‘‘टफेल और बोडेन दुनिया के दो सर्वश्रेष्ठ अंपायर हैं। मुझे उन पर पूरा भरोसा है। उन्होंने काफी विचार करने के बाद ये फैसले दिए।’’ उन्होंने तेंदुलकर के रन आउट होने के संबंध में कहा, ‘‘मुझे लगता है कि वह गंभीर से खफा थे क्योंकि तब रन था ही नहीं। वह खुश नहीं थे और पवेलियन लौटते समय गंभीर को ही घूर रहे थे।’’ वाटसन ने कहा, ‘‘हसी से मेरी बात नहीं हुई। मैं आज रात उनसे बात करके जानना चाहूंगा कि वह फैसले के बारे में क्या सोचते हैं। हसी ने कुछ गलत नहीं किया। उसने सही खेल भावना से खेल खेला।’’ वाटसन ने कहा कि भारत की मजबूत बल्लेबाजी लाइनअप की लगातार असफलता से वह हैरान हैं। अंपायर साइमन टफेल और बिली बोडेन ने पहले डेविड हसी के खिलाफ ‘आब्स्ट्रक्टिंग ऑफ द फील्ड’ की अपील ठुकरा दी और बाद में सचिन तेंदुलकर को रन आउट दे दिया जबकि ब्रेट ली ने उन्हें बाधा पहुंचाई थी। वाटसन ने मैच के बाद कहा, ‘‘टफेल और बोडेन दुनिया के दो सर्वश्रेष्ठ अंपायर हैं। मुझे उन पर पूरा भरोसा है। उन्होंने काफी विचार करने के बाद ये फैसले दिए।’’ उन्होंने तेंदुलकर के रन आउट होने के संबंध में कहा, ‘‘मुझे लगता है कि वह गंभीर से खफा थे क्योंकि तब रन था ही नहीं। वह खुश नहीं थे और पवेलियन लौटते समय गंभीर को ही घूर रहे थे।’’ वाटसन ने कहा, ‘‘हसी से मेरी बात नहीं हुई। मैं आज रात उनसे बात करके जानना चाहूंगा कि वह फैसले के बारे में क्या सोचते हैं। हसी ने कुछ गलत नहीं किया। उसने सही खेल भावना से खेल खेला।’’ वाटसन ने कहा कि भारत की मजबूत बल्लेबाजी लाइनअप की लगातार असफलता से वह हैरान हैं।
यहाँ एक सारांश है:भारत भले ही त्रिकोणीय सीरीज के मैच में विवादास्पद ‘आब्स्ट्रक्टिंग ऑफ द फील्ड’ घटना को लेकर नाराज हो लेकिन ऑस्ट्रेलिया के कार्यवाहक कप्तान शेन वाटसन का मानना है कि दोनों अपांयरों ने सही फैसला किया।
12
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: पीएम मोदी की बादल वाली टिप्पणी पर निशाना साधते हुए प्रियंका ने कहा, 'मोदी का सच अब लोगों के रेडार पर है. गौरतलब है कि पीएम मोदी ने पिछले दिनों एक न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा था कि पाकिस्तान के बालाकोट में भारतीय वायुसेना के हवाई हमले के दौरान खराब मौसम के कारण आसमान में बादल होने की वजह से भारतीय विमानों को पाकिस्तान के रेडार से बचने में मदद मिली. पीएम मोदी ने कहा था कि उन्होंने ही रक्षा विशेषज्ञों को सलाह दी थी कि खराब मौसम के बावजूद वे हमले का दिन नहीं टालें, क्योंकि बादल घिरे होने की वजह से भारतीय विमानों को पाकिस्तान के रेडार से बच निकलने में मदद मिलेगी.' पीएम के इस बयान पर प्रियंका ने कहा, 'पीएम मोदी केवल प्रचार-दुष्प्रचार में लगे रहते हैं, बड़े-बड़े वादे करते हैं और दिखाते हैं कि पिछले 70 साल में कोई विकास ही नहीं हुआ. पीएम मोदी ने दो करोड़ नई नौकरियां देने का अपना वादा नहीं निभाया. पिछले पांच साल में 12,000 किसानों ने खुदकुशी कर ली, लेकिन पीएम मोदी किसानों की अनदेखी करते हैं.'
बठिंडा में पंजाबी में प्रियंका ने रैली को किया संबोधित कहा- मैं पंजाबियां दी धरती ते पंजाबी कौम नू सलाम करदी हां 'पंजाबी कौम हर मुश्किल दा सामना डटके करदी है'
1
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: ए दौर के भारतीय गेंदबाजों पर टिप्पणी करते हुए पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने कहा है कि इनमें तेज गेंदबाजी करने के दमखम की कमी है। गांगुली ने कहा, हमारे गेंदबाजों में दमखम नहीं है। जब मुनाफ पटेल, जहीर खान आए थे, उनकी गेंदबाजी काफी तेज थी, लेकिन धीरे-धीरे इसमें गिरावट हुई। तेज गेंदबाजी करना रवैये की बात होती है। लेकिन भारतीय गेंदबाज तेज गेंदबाजी करने की बजाय सोचते ज्यादा हैं। गांगुली ने कहा, उन्हें शोएब अख्तर की तरह होना चाहिए, जो तेज गेंदबाजी करने के अलावा कुछ नहीं सोचता। ग्लेन मैकग्रा ऑस्ट्रेलियाई परिस्थितियों में लाजवाब थे, जबकि उपमहाद्वीप की परिस्थितियों में वसीम अकरम का सामना करना मुश्किल था, खासकर पुरानी गेंद से। गांगुली ने कहा, उन्हें शोएब अख्तर की तरह होना चाहिए, जो तेज गेंदबाजी करने के अलावा कुछ नहीं सोचता। ग्लेन मैकग्रा ऑस्ट्रेलियाई परिस्थितियों में लाजवाब थे, जबकि उपमहाद्वीप की परिस्थितियों में वसीम अकरम का सामना करना मुश्किल था, खासकर पुरानी गेंद से।
यहाँ एक सारांश है:सौरव गांगुली ने कहा, जब मुनाफ पटेल, जहीर खान आए थे, उनकी गेंदबाजी काफी तेज थी, लेकिन धीरे-धीरे इसमें गिरावट हुई। तेज गेंदबाजी रवैये की बात होती है, लेकिन भारतीय गेंदबाज सोचते ज्यादा हैं।
17
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: उत्‍तरी जापान में स्‍थानीय समयानुसार मंगलवार सुबह छह बजकर 38 मिनट पर रिक्‍टर पैमाने पर 6.9 तीव्रता का जबर्दस्‍त भूकंप आया. जापान की मौसम एजेंसी ने इसकी पुष्टि की. इससे एक मीटर ऊंची सुनामी लहरें फुकुशीमा के तट पर उठती देखी गईं. यहीं पर फुकुशीमा परमाणु प्‍लांट भी स्थित है. प्‍लांट ऑपरेटर TEPCO ने टीवी प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि समुद्र की एक मीटर ऊंची लहरें तट के निकट इस प्‍लांट से टकराई हैं लेकिन इस कंपनी के प्रवक्‍ता ने कहा कि इससे अभी तक कोई नुकसान नहीं हुआ है. सरकारी मीडिया NHK ने स्‍थानीय लोगों को तत्‍काल वहां से भागकर ऊंचे स्‍थानों पर जाने के लिए कहा है. सरकारी मीडिया की स्‍क्रीन पर लाल अक्षरों में 'सुनामी', 'भागो' जैसे शब्‍दों वाली चेतावनी भी दर्ज की गई. इससे लोगों में 2011 में इसी क्षेत्र में आए भूकंप और सुनामी की यादें ताजा हो गई हैं. उस वक्‍त सर्वाधिक तबाही सुनामी की वजह से हुई थी और 18 हजार से अधिक लोगों की जानें चली गई थीं. NHK के मुताबिक उत्‍तरी-पूर्वी तटीय इलाकों में कई अन्‍य जगहों पर सुनामी लहरें टकराई हैं. इनमें सर्वाधिक ऊंचाई 1.4 मी तक थी. न्यूजीलैंड में आया तेज भूकंप, नुकसान की खबर नहीं इससे पहले यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (यूएसजीएस) ने भूकंप के केंद्र फुकुशीमा तट के पास 11.3 किमी गहराई पर इसकी तीव्रता 6.9 आंकी थी. शुरुआत में मौसम एजेंसी ने इसकी तीव्रता 7.3 आंकी लेकिन बाद में इसे अपग्रेड कर 7.4 कर दिया गया. भूकंप के झटके टोक्‍यो तक महसूस किए गए.टिप्पणियां गौरतलब है कि मार्च, 2011 में यहां आए भूकंप और सुनामी के चलते टेप्‍को का डायची परमाणु प्‍लांट बुरी तरह प्रभावित हुआ था. उल्‍लेखनीय है कि जापान दुनिया के सबसे सक्रिय सीस्मिक क्षेत्रों में शुमार है. इसलिए यहां पर अक्‍सर भूकंप आते रहते हैं. दुनिया में 6 या उससे अधिक तीव्रता के अब तक आए सभी भूकंपों में अकेले जापान की हिस्‍सेदारी इस मामले में तकरीबन 20 प्रतिशत है.   इससे पहले 11 मार्च, 2011 को जापान में रिक्‍टर पैमाने पर 9 तीव्रता का अब तक का सर्वाधिक शक्तिशाली भूकंप रिकॉर्ड किया गया. उससे उपजी सुनामी की लहरों ने चेर्नोबिल संकट के बाद दुनिया में सबसे बड़े परमाणु संकट को उत्‍पन्‍न कर दिया था. प्‍लांट ऑपरेटर TEPCO ने टीवी प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि समुद्र की एक मीटर ऊंची लहरें तट के निकट इस प्‍लांट से टकराई हैं लेकिन इस कंपनी के प्रवक्‍ता ने कहा कि इससे अभी तक कोई नुकसान नहीं हुआ है. सरकारी मीडिया NHK ने स्‍थानीय लोगों को तत्‍काल वहां से भागकर ऊंचे स्‍थानों पर जाने के लिए कहा है. सरकारी मीडिया की स्‍क्रीन पर लाल अक्षरों में 'सुनामी', 'भागो' जैसे शब्‍दों वाली चेतावनी भी दर्ज की गई. इससे लोगों में 2011 में इसी क्षेत्र में आए भूकंप और सुनामी की यादें ताजा हो गई हैं. उस वक्‍त सर्वाधिक तबाही सुनामी की वजह से हुई थी और 18 हजार से अधिक लोगों की जानें चली गई थीं. NHK के मुताबिक उत्‍तरी-पूर्वी तटीय इलाकों में कई अन्‍य जगहों पर सुनामी लहरें टकराई हैं. इनमें सर्वाधिक ऊंचाई 1.4 मी तक थी. न्यूजीलैंड में आया तेज भूकंप, नुकसान की खबर नहीं इससे पहले यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (यूएसजीएस) ने भूकंप के केंद्र फुकुशीमा तट के पास 11.3 किमी गहराई पर इसकी तीव्रता 6.9 आंकी थी. शुरुआत में मौसम एजेंसी ने इसकी तीव्रता 7.3 आंकी लेकिन बाद में इसे अपग्रेड कर 7.4 कर दिया गया. भूकंप के झटके टोक्‍यो तक महसूस किए गए.टिप्पणियां गौरतलब है कि मार्च, 2011 में यहां आए भूकंप और सुनामी के चलते टेप्‍को का डायची परमाणु प्‍लांट बुरी तरह प्रभावित हुआ था. उल्‍लेखनीय है कि जापान दुनिया के सबसे सक्रिय सीस्मिक क्षेत्रों में शुमार है. इसलिए यहां पर अक्‍सर भूकंप आते रहते हैं. दुनिया में 6 या उससे अधिक तीव्रता के अब तक आए सभी भूकंपों में अकेले जापान की हिस्‍सेदारी इस मामले में तकरीबन 20 प्रतिशत है.   इससे पहले 11 मार्च, 2011 को जापान में रिक्‍टर पैमाने पर 9 तीव्रता का अब तक का सर्वाधिक शक्तिशाली भूकंप रिकॉर्ड किया गया. उससे उपजी सुनामी की लहरों ने चेर्नोबिल संकट के बाद दुनिया में सबसे बड़े परमाणु संकट को उत्‍पन्‍न कर दिया था. सरकारी मीडिया NHK ने स्‍थानीय लोगों को तत्‍काल वहां से भागकर ऊंचे स्‍थानों पर जाने के लिए कहा है. सरकारी मीडिया की स्‍क्रीन पर लाल अक्षरों में 'सुनामी', 'भागो' जैसे शब्‍दों वाली चेतावनी भी दर्ज की गई. इससे लोगों में 2011 में इसी क्षेत्र में आए भूकंप और सुनामी की यादें ताजा हो गई हैं. उस वक्‍त सर्वाधिक तबाही सुनामी की वजह से हुई थी और 18 हजार से अधिक लोगों की जानें चली गई थीं. NHK के मुताबिक उत्‍तरी-पूर्वी तटीय इलाकों में कई अन्‍य जगहों पर सुनामी लहरें टकराई हैं. इनमें सर्वाधिक ऊंचाई 1.4 मी तक थी. न्यूजीलैंड में आया तेज भूकंप, नुकसान की खबर नहीं इससे पहले यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (यूएसजीएस) ने भूकंप के केंद्र फुकुशीमा तट के पास 11.3 किमी गहराई पर इसकी तीव्रता 6.9 आंकी थी. शुरुआत में मौसम एजेंसी ने इसकी तीव्रता 7.3 आंकी लेकिन बाद में इसे अपग्रेड कर 7.4 कर दिया गया. भूकंप के झटके टोक्‍यो तक महसूस किए गए.टिप्पणियां गौरतलब है कि मार्च, 2011 में यहां आए भूकंप और सुनामी के चलते टेप्‍को का डायची परमाणु प्‍लांट बुरी तरह प्रभावित हुआ था. उल्‍लेखनीय है कि जापान दुनिया के सबसे सक्रिय सीस्मिक क्षेत्रों में शुमार है. इसलिए यहां पर अक्‍सर भूकंप आते रहते हैं. दुनिया में 6 या उससे अधिक तीव्रता के अब तक आए सभी भूकंपों में अकेले जापान की हिस्‍सेदारी इस मामले में तकरीबन 20 प्रतिशत है.   इससे पहले 11 मार्च, 2011 को जापान में रिक्‍टर पैमाने पर 9 तीव्रता का अब तक का सर्वाधिक शक्तिशाली भूकंप रिकॉर्ड किया गया. उससे उपजी सुनामी की लहरों ने चेर्नोबिल संकट के बाद दुनिया में सबसे बड़े परमाणु संकट को उत्‍पन्‍न कर दिया था. NHK के मुताबिक उत्‍तरी-पूर्वी तटीय इलाकों में कई अन्‍य जगहों पर सुनामी लहरें टकराई हैं. इनमें सर्वाधिक ऊंचाई 1.4 मी तक थी. न्यूजीलैंड में आया तेज भूकंप, नुकसान की खबर नहीं इससे पहले यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (यूएसजीएस) ने भूकंप के केंद्र फुकुशीमा तट के पास 11.3 किमी गहराई पर इसकी तीव्रता 6.9 आंकी थी. शुरुआत में मौसम एजेंसी ने इसकी तीव्रता 7.3 आंकी लेकिन बाद में इसे अपग्रेड कर 7.4 कर दिया गया. भूकंप के झटके टोक्‍यो तक महसूस किए गए.टिप्पणियां गौरतलब है कि मार्च, 2011 में यहां आए भूकंप और सुनामी के चलते टेप्‍को का डायची परमाणु प्‍लांट बुरी तरह प्रभावित हुआ था. उल्‍लेखनीय है कि जापान दुनिया के सबसे सक्रिय सीस्मिक क्षेत्रों में शुमार है. इसलिए यहां पर अक्‍सर भूकंप आते रहते हैं. दुनिया में 6 या उससे अधिक तीव्रता के अब तक आए सभी भूकंपों में अकेले जापान की हिस्‍सेदारी इस मामले में तकरीबन 20 प्रतिशत है.   इससे पहले 11 मार्च, 2011 को जापान में रिक्‍टर पैमाने पर 9 तीव्रता का अब तक का सर्वाधिक शक्तिशाली भूकंप रिकॉर्ड किया गया. उससे उपजी सुनामी की लहरों ने चेर्नोबिल संकट के बाद दुनिया में सबसे बड़े परमाणु संकट को उत्‍पन्‍न कर दिया था. न्यूजीलैंड में आया तेज भूकंप, नुकसान की खबर नहीं इससे पहले यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (यूएसजीएस) ने भूकंप के केंद्र फुकुशीमा तट के पास 11.3 किमी गहराई पर इसकी तीव्रता 6.9 आंकी थी. शुरुआत में मौसम एजेंसी ने इसकी तीव्रता 7.3 आंकी लेकिन बाद में इसे अपग्रेड कर 7.4 कर दिया गया. भूकंप के झटके टोक्‍यो तक महसूस किए गए.टिप्पणियां गौरतलब है कि मार्च, 2011 में यहां आए भूकंप और सुनामी के चलते टेप्‍को का डायची परमाणु प्‍लांट बुरी तरह प्रभावित हुआ था. उल्‍लेखनीय है कि जापान दुनिया के सबसे सक्रिय सीस्मिक क्षेत्रों में शुमार है. इसलिए यहां पर अक्‍सर भूकंप आते रहते हैं. दुनिया में 6 या उससे अधिक तीव्रता के अब तक आए सभी भूकंपों में अकेले जापान की हिस्‍सेदारी इस मामले में तकरीबन 20 प्रतिशत है.   इससे पहले 11 मार्च, 2011 को जापान में रिक्‍टर पैमाने पर 9 तीव्रता का अब तक का सर्वाधिक शक्तिशाली भूकंप रिकॉर्ड किया गया. उससे उपजी सुनामी की लहरों ने चेर्नोबिल संकट के बाद दुनिया में सबसे बड़े परमाणु संकट को उत्‍पन्‍न कर दिया था. इससे पहले यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (यूएसजीएस) ने भूकंप के केंद्र फुकुशीमा तट के पास 11.3 किमी गहराई पर इसकी तीव्रता 6.9 आंकी थी. शुरुआत में मौसम एजेंसी ने इसकी तीव्रता 7.3 आंकी लेकिन बाद में इसे अपग्रेड कर 7.4 कर दिया गया. भूकंप के झटके टोक्‍यो तक महसूस किए गए.टिप्पणियां गौरतलब है कि मार्च, 2011 में यहां आए भूकंप और सुनामी के चलते टेप्‍को का डायची परमाणु प्‍लांट बुरी तरह प्रभावित हुआ था. उल्‍लेखनीय है कि जापान दुनिया के सबसे सक्रिय सीस्मिक क्षेत्रों में शुमार है. इसलिए यहां पर अक्‍सर भूकंप आते रहते हैं. दुनिया में 6 या उससे अधिक तीव्रता के अब तक आए सभी भूकंपों में अकेले जापान की हिस्‍सेदारी इस मामले में तकरीबन 20 प्रतिशत है.   इससे पहले 11 मार्च, 2011 को जापान में रिक्‍टर पैमाने पर 9 तीव्रता का अब तक का सर्वाधिक शक्तिशाली भूकंप रिकॉर्ड किया गया. उससे उपजी सुनामी की लहरों ने चेर्नोबिल संकट के बाद दुनिया में सबसे बड़े परमाणु संकट को उत्‍पन्‍न कर दिया था. गौरतलब है कि मार्च, 2011 में यहां आए भूकंप और सुनामी के चलते टेप्‍को का डायची परमाणु प्‍लांट बुरी तरह प्रभावित हुआ था. उल्‍लेखनीय है कि जापान दुनिया के सबसे सक्रिय सीस्मिक क्षेत्रों में शुमार है. इसलिए यहां पर अक्‍सर भूकंप आते रहते हैं. दुनिया में 6 या उससे अधिक तीव्रता के अब तक आए सभी भूकंपों में अकेले जापान की हिस्‍सेदारी इस मामले में तकरीबन 20 प्रतिशत है.   इससे पहले 11 मार्च, 2011 को जापान में रिक्‍टर पैमाने पर 9 तीव्रता का अब तक का सर्वाधिक शक्तिशाली भूकंप रिकॉर्ड किया गया. उससे उपजी सुनामी की लहरों ने चेर्नोबिल संकट के बाद दुनिया में सबसे बड़े परमाणु संकट को उत्‍पन्‍न कर दिया था. इससे पहले 11 मार्च, 2011 को जापान में रिक्‍टर पैमाने पर 9 तीव्रता का अब तक का सर्वाधिक शक्तिशाली भूकंप रिकॉर्ड किया गया. उससे उपजी सुनामी की लहरों ने चेर्नोबिल संकट के बाद दुनिया में सबसे बड़े परमाणु संकट को उत्‍पन्‍न कर दिया था.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: भूकंप का केंद्र फुकुशीमा तट के निकट 11 किमी गहराई में यूएसजीएस ने शुरू में भूकंप में तीव्रता 7.3 आंकी 2011 में जापान में अब तक का सबसे शक्तिशाली भूकंप आया
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: देश के शेयर बाजारों में बुधवार को गिरावट का रुख रहा। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 140.90 अंकों की गिरावट के साथ 17,490.81 पर और निफ्टी 46.80 अंकों की गिरावट के साथ 5,287.80 पर बंद हुआ। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 19.43 अंकों की तेजी के साथ 17,651.14 पर खुला और 140.90 अंकों यानी 0.80 फीसदी की गिरावट के साथ 17,490.81 बंद हुआ। दिन के कारोबार में सेंसेक्स 17653.90 के ऊपरी और 17471.13 के निचले स्तर तक पहुंचा। सेंसेक्स में शामिल 30 में से 22 शेयरों में गिरावट रही। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 9.25 अंकों की तेजी के साथ 5,343.85 पर खुला और 46.80 अंकों यानी 0.88 फीसदी की गिरावट के साथ 5,287.80 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी 5345.50 के ऊपरी और 5282.70 निचले स्तर तक पहुंचा। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट देखी गई। मिडकैप सूचकांक 32.22 अंकों की गिरावट के साथ 5,962.21 पर और स्मॉलकैप सूचकांक 54.74 अंकों की गिरावट के साथ 6,364.32 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 सेक्टरों में से 11 में गिरावट दर्ज की गई। जिन दो सेक्टरों में मामूली तेजी देखी गई उनमें तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु और स्वास्थ्य में क्रमश: 0.57 और 0.27 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। बीएसई में सेंसेक्स में शामिल गिरावट वाले शेयरों में स्टरलाइट इंडस्ट्रीज में सर्वाधिक 4.69 फीसदी की गिरावट रही। इसके अलावा बजाज ऑटो और हीरो मोटोकॉर्प के शेयरों में तीन फीसदी से अधिक गिरावट आई, वहीं भेल हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, भारती एयरटेल और ओएनजीसी में दो फीसदी से ज्यादा की गिरावट रही।टिप्पणियां तेजी दर्ज करने वाले शेयरों में टाटा पॉवर, आईटीसी, मारुति सुजुकी, जिंदल स्टील और विप्रो में एक फीसदी से कम की वृद्धि हुई। बीएसई में 1720 शेयरों में गिरावट और 1060 शेयरों में तेजी दर्ज की गई। 150 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 19.43 अंकों की तेजी के साथ 17,651.14 पर खुला और 140.90 अंकों यानी 0.80 फीसदी की गिरावट के साथ 17,490.81 बंद हुआ। दिन के कारोबार में सेंसेक्स 17653.90 के ऊपरी और 17471.13 के निचले स्तर तक पहुंचा। सेंसेक्स में शामिल 30 में से 22 शेयरों में गिरावट रही। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 9.25 अंकों की तेजी के साथ 5,343.85 पर खुला और 46.80 अंकों यानी 0.88 फीसदी की गिरावट के साथ 5,287.80 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी 5345.50 के ऊपरी और 5282.70 निचले स्तर तक पहुंचा। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट देखी गई। मिडकैप सूचकांक 32.22 अंकों की गिरावट के साथ 5,962.21 पर और स्मॉलकैप सूचकांक 54.74 अंकों की गिरावट के साथ 6,364.32 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 सेक्टरों में से 11 में गिरावट दर्ज की गई। जिन दो सेक्टरों में मामूली तेजी देखी गई उनमें तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु और स्वास्थ्य में क्रमश: 0.57 और 0.27 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। बीएसई में सेंसेक्स में शामिल गिरावट वाले शेयरों में स्टरलाइट इंडस्ट्रीज में सर्वाधिक 4.69 फीसदी की गिरावट रही। इसके अलावा बजाज ऑटो और हीरो मोटोकॉर्प के शेयरों में तीन फीसदी से अधिक गिरावट आई, वहीं भेल हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, भारती एयरटेल और ओएनजीसी में दो फीसदी से ज्यादा की गिरावट रही।टिप्पणियां तेजी दर्ज करने वाले शेयरों में टाटा पॉवर, आईटीसी, मारुति सुजुकी, जिंदल स्टील और विप्रो में एक फीसदी से कम की वृद्धि हुई। बीएसई में 1720 शेयरों में गिरावट और 1060 शेयरों में तेजी दर्ज की गई। 150 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 9.25 अंकों की तेजी के साथ 5,343.85 पर खुला और 46.80 अंकों यानी 0.88 फीसदी की गिरावट के साथ 5,287.80 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी 5345.50 के ऊपरी और 5282.70 निचले स्तर तक पहुंचा। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट देखी गई। मिडकैप सूचकांक 32.22 अंकों की गिरावट के साथ 5,962.21 पर और स्मॉलकैप सूचकांक 54.74 अंकों की गिरावट के साथ 6,364.32 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 सेक्टरों में से 11 में गिरावट दर्ज की गई। जिन दो सेक्टरों में मामूली तेजी देखी गई उनमें तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु और स्वास्थ्य में क्रमश: 0.57 और 0.27 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। बीएसई में सेंसेक्स में शामिल गिरावट वाले शेयरों में स्टरलाइट इंडस्ट्रीज में सर्वाधिक 4.69 फीसदी की गिरावट रही। इसके अलावा बजाज ऑटो और हीरो मोटोकॉर्प के शेयरों में तीन फीसदी से अधिक गिरावट आई, वहीं भेल हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, भारती एयरटेल और ओएनजीसी में दो फीसदी से ज्यादा की गिरावट रही।टिप्पणियां तेजी दर्ज करने वाले शेयरों में टाटा पॉवर, आईटीसी, मारुति सुजुकी, जिंदल स्टील और विप्रो में एक फीसदी से कम की वृद्धि हुई। बीएसई में 1720 शेयरों में गिरावट और 1060 शेयरों में तेजी दर्ज की गई। 150 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट देखी गई। मिडकैप सूचकांक 32.22 अंकों की गिरावट के साथ 5,962.21 पर और स्मॉलकैप सूचकांक 54.74 अंकों की गिरावट के साथ 6,364.32 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 सेक्टरों में से 11 में गिरावट दर्ज की गई। जिन दो सेक्टरों में मामूली तेजी देखी गई उनमें तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु और स्वास्थ्य में क्रमश: 0.57 और 0.27 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। बीएसई में सेंसेक्स में शामिल गिरावट वाले शेयरों में स्टरलाइट इंडस्ट्रीज में सर्वाधिक 4.69 फीसदी की गिरावट रही। इसके अलावा बजाज ऑटो और हीरो मोटोकॉर्प के शेयरों में तीन फीसदी से अधिक गिरावट आई, वहीं भेल हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, भारती एयरटेल और ओएनजीसी में दो फीसदी से ज्यादा की गिरावट रही।टिप्पणियां तेजी दर्ज करने वाले शेयरों में टाटा पॉवर, आईटीसी, मारुति सुजुकी, जिंदल स्टील और विप्रो में एक फीसदी से कम की वृद्धि हुई। बीएसई में 1720 शेयरों में गिरावट और 1060 शेयरों में तेजी दर्ज की गई। 150 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ। बीएसई के 13 सेक्टरों में से 11 में गिरावट दर्ज की गई। जिन दो सेक्टरों में मामूली तेजी देखी गई उनमें तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु और स्वास्थ्य में क्रमश: 0.57 और 0.27 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। बीएसई में सेंसेक्स में शामिल गिरावट वाले शेयरों में स्टरलाइट इंडस्ट्रीज में सर्वाधिक 4.69 फीसदी की गिरावट रही। इसके अलावा बजाज ऑटो और हीरो मोटोकॉर्प के शेयरों में तीन फीसदी से अधिक गिरावट आई, वहीं भेल हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, भारती एयरटेल और ओएनजीसी में दो फीसदी से ज्यादा की गिरावट रही।टिप्पणियां तेजी दर्ज करने वाले शेयरों में टाटा पॉवर, आईटीसी, मारुति सुजुकी, जिंदल स्टील और विप्रो में एक फीसदी से कम की वृद्धि हुई। बीएसई में 1720 शेयरों में गिरावट और 1060 शेयरों में तेजी दर्ज की गई। 150 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ। बीएसई में सेंसेक्स में शामिल गिरावट वाले शेयरों में स्टरलाइट इंडस्ट्रीज में सर्वाधिक 4.69 फीसदी की गिरावट रही। इसके अलावा बजाज ऑटो और हीरो मोटोकॉर्प के शेयरों में तीन फीसदी से अधिक गिरावट आई, वहीं भेल हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, भारती एयरटेल और ओएनजीसी में दो फीसदी से ज्यादा की गिरावट रही।टिप्पणियां तेजी दर्ज करने वाले शेयरों में टाटा पॉवर, आईटीसी, मारुति सुजुकी, जिंदल स्टील और विप्रो में एक फीसदी से कम की वृद्धि हुई। बीएसई में 1720 शेयरों में गिरावट और 1060 शेयरों में तेजी दर्ज की गई। 150 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ। तेजी दर्ज करने वाले शेयरों में टाटा पॉवर, आईटीसी, मारुति सुजुकी, जिंदल स्टील और विप्रो में एक फीसदी से कम की वृद्धि हुई। बीएसई में 1720 शेयरों में गिरावट और 1060 शेयरों में तेजी दर्ज की गई। 150 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ। बीएसई में 1720 शेयरों में गिरावट और 1060 शेयरों में तेजी दर्ज की गई। 150 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सेंसेक्स 140.90 अंकों की गिरावट के साथ 17,490.81 पर और निफ्टी 46.80 अंकों की गिरावट के साथ 5,287.80 पर बंद हुआ।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: एयरसेल-मैक्सिस डील मुद्दे पर लोकसभा में विपक्ष ने गृहमंत्री पी चिदंबरम को घेरने की कोशिश की। विपक्ष का आरोप है कि गृहमंत्री चिदंबरम के बेटे की एयरसेल-मैक्सिस कंपनी में 5 फीसदी हिस्सेदारी है और बेटे को फायदा पहुंचाने के लिए उन्होंने इस डील में देरी की।टिप्पणियां इसके बाद संसद में जमकर हंगामा हुआ। जब चिदंबरम सफाई देने उठे तो भी हंगामा जारी रहा। चिदंबरम ने अपने ऊपर लगे आरोपों पर सफाई देते हुए अपने बेटे का बयान पढ़ा जिसमें कहा गया है कि उनका और उनके परिवार के किसी सदस्य का एयरसेल-मैक्सिस में कोई हिस्सा नहीं नहीं है और न ही किसी टेलीकॉम कंपनी में कोई हिस्सा है। गौरतलब है कि एक अंग्रेजी अखबार पॉयनियर में छपी खबर के मुताबिक डील को अक्टूबर 2006 में मंजूरी मिली जबकि वित्तमंत्रालय ने जारी प्रेस रिलीज में चिदंबरम का बचाव करते हुए कहा गया था कि मार्च 2006 में ही डील को मंजूरी दे दी गई थी।  इसके बाद संसद में जमकर हंगामा हुआ। जब चिदंबरम सफाई देने उठे तो भी हंगामा जारी रहा। चिदंबरम ने अपने ऊपर लगे आरोपों पर सफाई देते हुए अपने बेटे का बयान पढ़ा जिसमें कहा गया है कि उनका और उनके परिवार के किसी सदस्य का एयरसेल-मैक्सिस में कोई हिस्सा नहीं नहीं है और न ही किसी टेलीकॉम कंपनी में कोई हिस्सा है। गौरतलब है कि एक अंग्रेजी अखबार पॉयनियर में छपी खबर के मुताबिक डील को अक्टूबर 2006 में मंजूरी मिली जबकि वित्तमंत्रालय ने जारी प्रेस रिलीज में चिदंबरम का बचाव करते हुए कहा गया था कि मार्च 2006 में ही डील को मंजूरी दे दी गई थी।  गौरतलब है कि एक अंग्रेजी अखबार पॉयनियर में छपी खबर के मुताबिक डील को अक्टूबर 2006 में मंजूरी मिली जबकि वित्तमंत्रालय ने जारी प्रेस रिलीज में चिदंबरम का बचाव करते हुए कहा गया था कि मार्च 2006 में ही डील को मंजूरी दे दी गई थी।
संक्षिप्त सारांश: विपक्ष का आरोप है कि चिदंबरम के बेटे की एयरसेल-मैक्सिस कंपनी में 5 फीसदी हिस्सेदारी है और बेटे को फायदा पहुंचाने के लिए उन्होंने डील में देरी की।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पूर्व टेस्ट सलामी बल्लेबाज आकाश चोपड़ा का मानना है कि 19 फरवरी से उपमहाद्वीप में शुरू हो रहे विश्व कप के दौरान भारत के पास अपना दूसरा क्रिकेट विश्व कप जीतने का बेहतरीन मौका होगा। अभिषेक दूबे की किताब द आईपीएल स्टोरी : क्रिकेट, ग्लैमर एंड बिग मनी के विमोचन के इतर चोपड़ा ने कहा, मैं आशावादी हूं और मेरा मानना है कि भारत में आईसीसी क्रिकेट विश्व कप 2011 जीतने की क्षमता है। इस बल्लेबाज ने हालांकि कहा कि पूरी टीम अंतर पैदा करेगी न कि कोई व्यक्तिगत खिलाड़ी। उन्होंने कहा, मुझे नहीं लगता कि खेल का रूख बदलने वाला कोई खिलाड़ी मौजूद है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि किसी निश्चित दिन पूरी टीम का प्रदर्शन कैसा रहा। टूर्नामेंट में अच्छी शुरूआत की अहमियत पर जोर देते हुए चोपड़ा ने कहा, शुरूआती मैच अहम होगा। बांग्लादेश के खिलाफ जीत बाकी टूर्नामेंट के लिए लय तय करेगी। विश्व कप के शुरूआती मैच में भारत सह मेजबान बांग्लादेश से ढाका में भिड़ेगा। एक अन्य सह मेजबान श्रीलंका को भी खिताब का संभावित दावेदार मानते हुए 33 वर्षीय चोपड़ा ने कहा कि उनके पास काफी अच्छा मौका है, क्योंकि वह अपनी सरजमीं पर खेल रहे हैं। उन्होंने कहा, श्रीलंका की टीम अच्छी है और वे अपनी घरेलू परिस्थितियों को किसी अन्य टीम से बेहतर जानते हैं। घरेलू सरजमीं पर उन्हें हराना मुश्किल होगा। आईपीएल के चौथे टूर्नामेंट के लिए राजस्थान रायल्स के साथ अनुबंध करने वाले चोपड़ा ने इंडियन प्रीमियर लीग के बारे में कहा, आईपीएल की धारणा ही अपने आप में बेजोड़ है। यह प्रारूप युवाओं को सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के साथ खेलने का मौका देता है।
यहाँ एक सारांश है:टूर्नामेंट में अच्छी शुरूआत पर जोर देते हुए आकाश ने कहा, "शुरूआती मैच अहम होगा। बांग्लादेश के खिलाफ जीत बाकी टूर्नामेंट के लिए लय तय करेगी।"
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: उत्तर प्रदेश के बलिया में हो रही तेज बारिश की वजह से जेल में पानी भरने लगा है. ऐसे में अब प्रशासन ने यहां कैद 500 कैदियों को दूसरे जेल में शिफ्ट करने की तैयारी में है. ये सभी जेल गंगा नदी से ज्यादा दूरी पर नहीं है. इस वजह से नदी के जलस्तर में हुई बढ़ोतरी के बाद यहां पानी घुस गया है. बता दें कि उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में बीते कुछ दिनों से लगातार बारिश हो रही है. इस वजह से हर तरफ जलजमाव की स्थिति है. बलिया के डीएम राम आश्रय ने कहा कि लगातार चार दिन की मुसलाधार बारिश के बाद जेल में पानी भर गया है. जेल के बाहर भी ऐसी ही हालात हैं. इस वजह से ही हम जेल से पानी बाहर नहीं निकाल पा रहे हैं. उन्होंने कहा कि जेल के तीन बैरक में पानी घुस गया है. इस वजह से हमनें 950 में से 500 कैदियों को राज्य के दूसरे जेल में भेजने का फैसला किया है. इन कैदियों में 45 महिलाएं हैं. इन सभी कैदियों को आजमगढ़ के जेल में भेजा गया है. गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश और बिहार में अगले 48 घंटे बेहद अहम बताए जा रहे हैं. मौसम विभाग ने रविवार को कहा था कि दोनों ही राज्यों के अगले दो से तीन दिन बेहद अहम होने वाले हैं. इस दौरान दोनों ही राज्यों में भारी से भारी बारिश का अनुमान जताया गया है. विभाग के इस अलर्ट ने राज्य सरकारों की मुश्किलें और बढ़ा दी है. बिहार में लगातार हो रही बारिश और मौसम विभाग के अलर्ट के बाद सीएम नीतीश कुमार ने भारतीय एयरफोर्स से मदद मांगी है. वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में सभी अधिकारियों की छुट्टी को रद्द कर दिया है. बता दें कि इन दोनों राज्यों में अभी तक बारिश की वजह से 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है. अकेले यूपी में कुल 93 लोगों की मौत हुई है. बिहार में शुक्रवार से हो रही लगातार बारिश की वजह से रेल यातायात और स्वास्थ्य सुविधाएं प्रभावित हुई हैं. मौसम विभाग के एक अधिकारी ने पूर्वानुमान जताया कि बिहार के अधिकतर इलाकों में अगले 48 घंटे तक मध्यम से भारी बारिश होगी और स्थिति तीन अक्टूबर के बाद सामान्य होगी. उधर, भारतीय मौसम विज्ञान के प्रतिनिधि ने अगले 48 घंटे के पूर्वानुमान में बताया कि मध्य बिहार, पूर्वी बिहार, उत्तर पूर्वी बिहार एवं दक्षिण पूर्वी बिहार में वर्षा की स्थिति बनी रहेगी.   गौरतलब है कि बिहार की राजधानी पटना में हो रही लगातार बारिश के बाद बने हालात को लेकर नेता विपक्ष तेजस्वी यादव ने सीएम नीतीश कुमार पर निशाना साधा है. तेजस्वी यादव ने पिछले कईं दिनों से राज्य में हो रही बारिश के चलते राजधानी और आसपास के इलाकों के जलमग्न हो जाने को लेकर राज्य सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा, 'कुछ घंटों की बारिश ने राज्य सरकार के सुशासन की पोल खोलकर कर दी है.' तेजस्वी यादव ने कहा कि कुछ घंटों की बारिश ने बिहार के लोगों का सामान्य जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है. उन्होंने, 'घरों, स्कूलों, अस्पतालों, कार्यालयों, बाजार आदि में नालियों से पानी बह रहा है.' उन्होंने नीतीश कुमार से सवाल करते हुए कहा, 'मुख्यमंत्री को बताना चाहिए कि क्या कुछ घंटों की बारिश को आपातकाल माना जा सकता है?' उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार सरकार को अपने प्रशासन की नाकामी के लिए विपक्ष और प्रकृति को दोष देने की आदत है.   वहीं इससे पहले बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करते हुए सीएम नीतीश कुमार ने कहा था कि इस तरह की स्थिति किसी के हाथ में नहीं है. यह प्राकृतिक है. लोगों को पीने का पानी मुहैया कराने के लिए इंतजाम किया गया है. खाने की कमी से परेशान लोगों के लिए कम्यूनिटी किचेन बनाए गए हैं. सीएम नीतीश कुमार ने मीडिया से बात करते हुए कहा था, 'कल से कुछ क्षेत्रों में भारी वर्षा हो रही है और गंगा नदी में पानी लगातार बढ़ रहा है, लेकिन उचित व्यवस्थाएं कर ली गई हैं. प्रशासन मौके पर मौजूद है और लोगों की मदद करने के लिए सभी प्रयास कर रहे हैं.' बता दें कि देश के कई हिस्सों में बारिश ने एकबार फिर से कहर बरपा दिया है. बारिश से संबंधित घटनाओं में उत्तर प्रदेश में अब तक करीब 73 लोगों की मौत हो चुकी है. जबकि बिहार में 70 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. लगातार बारिश से राज्य की राजधानी पटना की सड़कों और अन्य क्षेत्रों में जलभराव हो गया और दो मंत्रियों के घर पानी में घिर गए. सरकार की तरफ से जारी बयान के अनुसार बारिश के कारण घर गिरने, पेड़ गिरने तथा सांप के काटने के चलते लोगों की मौत हुई. कच्चे मकानों के गिरने के अलावा दीवार गिरने के कारण भी लोगों की मौत हुई है. सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि वर्षाजनित इन हादसों में कई लोग घायल भी हुए हैं.
यहाँ एक सारांश है:उत्तर प्रदेश के जेल में भरा पानी भारी बारिश की वजह से कैदी किए जाएंगे शिफ्ट आजमगढ़ की जेल में शिफ्ट किए जाएंगे कैदी
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: विश्व बैंक ने कहा है कि भारत में यदि नीतियों को लेकर जारी अनिश्चितता दूर हो जाती है और लंबे समय से लटके पड़े सुधारों को आगे बढ़ाया जाता है तो नौ फीसदी आर्थिक वृद्धि हासिल की जा सकती है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के अध्यक्ष विजय केलकर और पूर्व वित्त सचिव ने कम वृद्धि और इससे प्रभावित हो रहे रोजगार के अवसरों के लिए खराब नीतियों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि नीतियो में अनिश्चितता के कारण निवेशक भारत से दूर हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि अनुबंधों का अनुपालन न करने से भी निवेशकों की मुश्किलें बढ़ीं।टिप्पणियां केलकर ने कहा, ‘यह निवेश को प्रोत्साहित करने का तरीका नहीं हो सकता न ही वृद्धि को प्रोत्साहित करने का तरीका है क्योंकि आप जोखिम वाली पूंजी की लागत बढ़ा रहे हैं। निवशकों पर कर का बोझ कितना होगा इसकी जानकारी होने से ज्यादा और कोई चीज निवेशकों को प्रभावित नहीं करती।’ यूरोपीय क्षेत्र में नरमी जैसी वैश्विक समस्याओं और राजकोषीय घाटा बढने, रुपये में गिरावट, उच्च मुद्रास्फीति और रिजर्व बैंक द्वारा लगातार मुख्य दरों में बढ़ोतरी के कारण सरकार को वित्त वर्ष 2012 के वृद्धि अनुमान को घटाने पर मजबूर होना पड़ा। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के अध्यक्ष विजय केलकर और पूर्व वित्त सचिव ने कम वृद्धि और इससे प्रभावित हो रहे रोजगार के अवसरों के लिए खराब नीतियों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि नीतियो में अनिश्चितता के कारण निवेशक भारत से दूर हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि अनुबंधों का अनुपालन न करने से भी निवेशकों की मुश्किलें बढ़ीं।टिप्पणियां केलकर ने कहा, ‘यह निवेश को प्रोत्साहित करने का तरीका नहीं हो सकता न ही वृद्धि को प्रोत्साहित करने का तरीका है क्योंकि आप जोखिम वाली पूंजी की लागत बढ़ा रहे हैं। निवशकों पर कर का बोझ कितना होगा इसकी जानकारी होने से ज्यादा और कोई चीज निवेशकों को प्रभावित नहीं करती।’ यूरोपीय क्षेत्र में नरमी जैसी वैश्विक समस्याओं और राजकोषीय घाटा बढने, रुपये में गिरावट, उच्च मुद्रास्फीति और रिजर्व बैंक द्वारा लगातार मुख्य दरों में बढ़ोतरी के कारण सरकार को वित्त वर्ष 2012 के वृद्धि अनुमान को घटाने पर मजबूर होना पड़ा। केलकर ने कहा, ‘यह निवेश को प्रोत्साहित करने का तरीका नहीं हो सकता न ही वृद्धि को प्रोत्साहित करने का तरीका है क्योंकि आप जोखिम वाली पूंजी की लागत बढ़ा रहे हैं। निवशकों पर कर का बोझ कितना होगा इसकी जानकारी होने से ज्यादा और कोई चीज निवेशकों को प्रभावित नहीं करती।’ यूरोपीय क्षेत्र में नरमी जैसी वैश्विक समस्याओं और राजकोषीय घाटा बढने, रुपये में गिरावट, उच्च मुद्रास्फीति और रिजर्व बैंक द्वारा लगातार मुख्य दरों में बढ़ोतरी के कारण सरकार को वित्त वर्ष 2012 के वृद्धि अनुमान को घटाने पर मजबूर होना पड़ा। यूरोपीय क्षेत्र में नरमी जैसी वैश्विक समस्याओं और राजकोषीय घाटा बढने, रुपये में गिरावट, उच्च मुद्रास्फीति और रिजर्व बैंक द्वारा लगातार मुख्य दरों में बढ़ोतरी के कारण सरकार को वित्त वर्ष 2012 के वृद्धि अनुमान को घटाने पर मजबूर होना पड़ा।
संक्षिप्त सारांश: विश्व बैंक ने कहा है कि भारत में यदि नीतियों को लेकर जारी अनिश्चितता दूर हो जाती है और लंबे समय से लटके पड़े सुधारों को आगे बढ़ाया जाता है तो नौ फीसदी आर्थिक वृद्धि हासिल की जा सकती है।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: क्रिकेटर श्रीसंत के एक मित्र सहित चार और व्यक्तियों को दिल्ली में आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग प्रकरण में गिरफ्तार कर लिया गया जबकि जांचकर्ताओं ने इस मामले में शामिल और सट्टेबाजों को पकड़ने के लिए छापेमारी की। इसके साथ ही गत 16 मई को इस प्रकरण के प्रकाश में आने के बाद से इसमें गिरफ्तार हुए व्यक्तियों की संख्या 26 हो गई है जिसमें श्रीसंत, अजित चंदीला और अंकित चव्हाण शामिल हैं। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को बताया कि कथित रूप से क्रिकेटर श्रीसंत की गिरफ्तारी के बाद उसका पैसा और कुछ अन्य वस्तुएं छुपाने में मदद करने वाला उसका मित्र अभिषेक शुक्ला हाल में गिरफ्तार चार व्यक्तियों में शामिल है। सूत्रों ने बताया कि जांच में कल शामिल होने वाले शुक्ला पर धारा 201 के तहत आरोप लगाये गये हैं और उसे वे वस्तुएं और श्रीसंत का पैसा बरामद करने के लिए मुम्बई ले जाया गया है जो उसने छुपाये थे। अधिकारी ने कहा, ‘‘श्रीसंत को कथित स्पॉट फिक्सिंग के लिए जो 10 लाख रुपये मिले थे उसमें से हमें पांच लाख रुपये का हिसाब किताब मिल गया है। शुक्ला ने कथित रूप से श्रीसंत और क्रिकेटर के मित्र जीजू जनार्दन का बाकी का पैसा छुपा दिया था।’’ अधिकारी ने कहा, ‘‘श्रीसंत की गिरफ्तारी के तत्काल बाद जीजू ने शुक्ला को फोन करके उसे श्रीसंत का कमरा साफ करने के लिए कहा था।’’ तीन अन्य गिरफ्तारियां राजस्थान रॉयल के अन्य खिलाड़ी चांदीला से संबंधित हैं जो कि पहले से ही पुलिस की हिरासत में है। इनकी गिरफ्तारियां बाऊंसर भूपेंदर नागर के पुलिस के जाल में फंसने के बाद हुई हैं। तीनों की पहचान बाऊंसर विक्की चौधरी, दो कथित सट्टेबाज नितिन जैन और विनोद शर्मा के रूप में हुई है। विक्की चौधरी ने ही चांदीला का परिचय नितिन जैन और विनोद शर्मा से कराया था। शर्मा की प्रॉपटी डीलिंग कंपनी है जबकि जैन एक कारखाने का मालिक है जिसमें कंबल और तकिया बनाने में इस्तेमाल होने वाला सामान बनता है। पुलिस ने बताया कि विक्की राजधानी में दो नाइट क्लब के मुख्य सुरक्षा अधिकारी नागर का मित्र है। वह नागर ही था जो चंदीला को विक्की के पास लेकर गया था। विक्की ने दो सट्टेबाजों की तरफ से सम्पर्क की इच्छा जतायी थी। सट्टेबाजों ने नागर और विक्की के साथ चंदीला से जयपुर में मुलाकात की थी। यह मुलाकात मई के दूसरे सप्ताह में रांची में केकेआर और आरसीबी के बीच होने वाले एक मैच से पहले हुई थी। पुलिस ने कहा कि सट्टेबाजों ने उससे पूछा कि मैच कौन जीतेगा और चंदीला ने उन्हें बताया कि केकेआर जीतेगा और अंतत: ऐसा ही हुआ। इससे संदेह उत्पन्न हुआ कि हो सकता है कि मैच फिक्स हो लेकिन दिल्ली पुलिस का कहना है कि उसके पास इसे साबित करने का कोई सबूत नहीं है। सरकार, जिसका बीसीसीआई पर कोई नियंत्रण नहीं है, ने भी श्रीनिवासन के इस्तीफे की मांग की। खेल मंत्रालय ने बयान देते हुए नैतिकता के आधार पर श्रीनिवासन को इस्तीफे देने को कहा। खेल मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘बीसीसीआई मैच और स्पाट फिक्सिंग के आरोपों की जांच कर रहा है। जांच में हितों का टकराव है इसलिए बीसीसीआई अध्यक्ष को जांच का नतीजा सामने आने तक नैतिक कारणों से इस्तीफा देना चाहिए।’’ मंत्रालय ने कहा कि वे इस मामले पर नजर रखे हुए हैं और साथ ही खेलों के लिए मजबूत भ्रष्टाचार रोधी कानून लाने की प्रतिबद्धता भी दोहराई। इस बीच कर्नाटक और मद्रास उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायधीश न्यायमूर्ति टी जयराम चौटा, मद्रास उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायधीश न्यायमूर्ति आर बालासुब्रहमण्यम और बीसीसीआई सचिव संजय जगदाले को जांच आयोग के सदस्य नियुक्त किया गया। दोनों न्यायधीशों ने वादा किया कि मयप्पन और चेन्नई सुपरकिंग्स के मालिक इंडिया सीमेंट्स के खिलाफ जांच स्वतंत्र होगी और वे किसी भी दबाव में नहीं होंगे। इस प्रकरण का खुलासा होने के बाद से ही श्रीनिवासन ने अड़ियल रुख अपनाते हुए पद छोड़ने से इनकार कर दिया है और साथ ही जोर देकर कहा है कि उनका इस्तीफे की मांग सिर्फ उनके पीछे पड़ा मीडिया कर रहा है। आज की मांग से हालांकि संकेत जा रहे हैं कि बोर्ड के अहम सदस्यों ने अपना रुख कड़ा कर दिया है जिसमें कई सक्रिय राजनेता भी शामिल हैं और वे अन्य लोगों को भी इस तरह की मांग के लिए राजी कर सकते हैं। शुक्ला ने कहा, ‘‘हम सुझाव देना चाहते हैं कि इस आयोग की सिफारिशें लागू करने के लिए बीसीसीआई बाध्य होगा। ऐसा नहीं होगा कि यह रिपोर्ट बीसीसीआई को भेजी जाए और वे इस पर विचार करे, यह बाध्यकारी होगी। इस पर राजी होना होगा।’’ शुक्ला ने कहा, ‘‘वह निर्वाचित अध्यक्ष हैं। हमारा यह नजरिया है कि यह अच्छा होगा कि वह प्रक्रिया से दूर रहें। जेटली का भी यही मानना है। हमने यह सुझाव दिया है और इस मुद्दे पर फैसला उन्हें करना है। उन्होंने हमें कहा है कि उनकी कोई गलती नहीं है और उन्हें सजा क्यों दी जाए।’’टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘जांच समिति नियुक्त की गई है और हम चाहते थे कि इसमें बहुमत में लोग बाहर से हों। यही कारण है कि हमने दो न्यायाधीशों को इसमें शामिल किया। हमने सुझाव दिया है कि इसकी रिपोर्ट बीसीसीआई के पास नहीं जाए और इसके निष्कषरें की जैसे हैं वैसे ही सिफारिश की जाए। हम यही चाहते हैं।’’ इस बीच हैदराबाद क्रिकेट संघ के अध्यक्ष विनोद ने भी श्रीनिवासन के इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने कहा, ‘‘जब आप बहुमत पर ध्यान देते हैं तो यह स्पष्ट दिखता है कि उनके पद छोड़ने की जरूरत है। जहां तक उनके इस्तीफे का सवाल है, इस पर चर्चा होना लाजमी है।’’ इसके साथ ही गत 16 मई को इस प्रकरण के प्रकाश में आने के बाद से इसमें गिरफ्तार हुए व्यक्तियों की संख्या 26 हो गई है जिसमें श्रीसंत, अजित चंदीला और अंकित चव्हाण शामिल हैं। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को बताया कि कथित रूप से क्रिकेटर श्रीसंत की गिरफ्तारी के बाद उसका पैसा और कुछ अन्य वस्तुएं छुपाने में मदद करने वाला उसका मित्र अभिषेक शुक्ला हाल में गिरफ्तार चार व्यक्तियों में शामिल है। सूत्रों ने बताया कि जांच में कल शामिल होने वाले शुक्ला पर धारा 201 के तहत आरोप लगाये गये हैं और उसे वे वस्तुएं और श्रीसंत का पैसा बरामद करने के लिए मुम्बई ले जाया गया है जो उसने छुपाये थे। अधिकारी ने कहा, ‘‘श्रीसंत को कथित स्पॉट फिक्सिंग के लिए जो 10 लाख रुपये मिले थे उसमें से हमें पांच लाख रुपये का हिसाब किताब मिल गया है। शुक्ला ने कथित रूप से श्रीसंत और क्रिकेटर के मित्र जीजू जनार्दन का बाकी का पैसा छुपा दिया था।’’ अधिकारी ने कहा, ‘‘श्रीसंत की गिरफ्तारी के तत्काल बाद जीजू ने शुक्ला को फोन करके उसे श्रीसंत का कमरा साफ करने के लिए कहा था।’’ तीन अन्य गिरफ्तारियां राजस्थान रॉयल के अन्य खिलाड़ी चांदीला से संबंधित हैं जो कि पहले से ही पुलिस की हिरासत में है। इनकी गिरफ्तारियां बाऊंसर भूपेंदर नागर के पुलिस के जाल में फंसने के बाद हुई हैं। तीनों की पहचान बाऊंसर विक्की चौधरी, दो कथित सट्टेबाज नितिन जैन और विनोद शर्मा के रूप में हुई है। विक्की चौधरी ने ही चांदीला का परिचय नितिन जैन और विनोद शर्मा से कराया था। शर्मा की प्रॉपटी डीलिंग कंपनी है जबकि जैन एक कारखाने का मालिक है जिसमें कंबल और तकिया बनाने में इस्तेमाल होने वाला सामान बनता है। पुलिस ने बताया कि विक्की राजधानी में दो नाइट क्लब के मुख्य सुरक्षा अधिकारी नागर का मित्र है। वह नागर ही था जो चंदीला को विक्की के पास लेकर गया था। विक्की ने दो सट्टेबाजों की तरफ से सम्पर्क की इच्छा जतायी थी। सट्टेबाजों ने नागर और विक्की के साथ चंदीला से जयपुर में मुलाकात की थी। यह मुलाकात मई के दूसरे सप्ताह में रांची में केकेआर और आरसीबी के बीच होने वाले एक मैच से पहले हुई थी। पुलिस ने कहा कि सट्टेबाजों ने उससे पूछा कि मैच कौन जीतेगा और चंदीला ने उन्हें बताया कि केकेआर जीतेगा और अंतत: ऐसा ही हुआ। इससे संदेह उत्पन्न हुआ कि हो सकता है कि मैच फिक्स हो लेकिन दिल्ली पुलिस का कहना है कि उसके पास इसे साबित करने का कोई सबूत नहीं है। सरकार, जिसका बीसीसीआई पर कोई नियंत्रण नहीं है, ने भी श्रीनिवासन के इस्तीफे की मांग की। खेल मंत्रालय ने बयान देते हुए नैतिकता के आधार पर श्रीनिवासन को इस्तीफे देने को कहा। खेल मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘बीसीसीआई मैच और स्पाट फिक्सिंग के आरोपों की जांच कर रहा है। जांच में हितों का टकराव है इसलिए बीसीसीआई अध्यक्ष को जांच का नतीजा सामने आने तक नैतिक कारणों से इस्तीफा देना चाहिए।’’ मंत्रालय ने कहा कि वे इस मामले पर नजर रखे हुए हैं और साथ ही खेलों के लिए मजबूत भ्रष्टाचार रोधी कानून लाने की प्रतिबद्धता भी दोहराई। इस बीच कर्नाटक और मद्रास उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायधीश न्यायमूर्ति टी जयराम चौटा, मद्रास उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायधीश न्यायमूर्ति आर बालासुब्रहमण्यम और बीसीसीआई सचिव संजय जगदाले को जांच आयोग के सदस्य नियुक्त किया गया। दोनों न्यायधीशों ने वादा किया कि मयप्पन और चेन्नई सुपरकिंग्स के मालिक इंडिया सीमेंट्स के खिलाफ जांच स्वतंत्र होगी और वे किसी भी दबाव में नहीं होंगे। इस प्रकरण का खुलासा होने के बाद से ही श्रीनिवासन ने अड़ियल रुख अपनाते हुए पद छोड़ने से इनकार कर दिया है और साथ ही जोर देकर कहा है कि उनका इस्तीफे की मांग सिर्फ उनके पीछे पड़ा मीडिया कर रहा है। आज की मांग से हालांकि संकेत जा रहे हैं कि बोर्ड के अहम सदस्यों ने अपना रुख कड़ा कर दिया है जिसमें कई सक्रिय राजनेता भी शामिल हैं और वे अन्य लोगों को भी इस तरह की मांग के लिए राजी कर सकते हैं। शुक्ला ने कहा, ‘‘हम सुझाव देना चाहते हैं कि इस आयोग की सिफारिशें लागू करने के लिए बीसीसीआई बाध्य होगा। ऐसा नहीं होगा कि यह रिपोर्ट बीसीसीआई को भेजी जाए और वे इस पर विचार करे, यह बाध्यकारी होगी। इस पर राजी होना होगा।’’ शुक्ला ने कहा, ‘‘वह निर्वाचित अध्यक्ष हैं। हमारा यह नजरिया है कि यह अच्छा होगा कि वह प्रक्रिया से दूर रहें। जेटली का भी यही मानना है। हमने यह सुझाव दिया है और इस मुद्दे पर फैसला उन्हें करना है। उन्होंने हमें कहा है कि उनकी कोई गलती नहीं है और उन्हें सजा क्यों दी जाए।’’टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘जांच समिति नियुक्त की गई है और हम चाहते थे कि इसमें बहुमत में लोग बाहर से हों। यही कारण है कि हमने दो न्यायाधीशों को इसमें शामिल किया। हमने सुझाव दिया है कि इसकी रिपोर्ट बीसीसीआई के पास नहीं जाए और इसके निष्कषरें की जैसे हैं वैसे ही सिफारिश की जाए। हम यही चाहते हैं।’’ इस बीच हैदराबाद क्रिकेट संघ के अध्यक्ष विनोद ने भी श्रीनिवासन के इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने कहा, ‘‘जब आप बहुमत पर ध्यान देते हैं तो यह स्पष्ट दिखता है कि उनके पद छोड़ने की जरूरत है। जहां तक उनके इस्तीफे का सवाल है, इस पर चर्चा होना लाजमी है।’’ सूत्रों ने बताया कि जांच में कल शामिल होने वाले शुक्ला पर धारा 201 के तहत आरोप लगाये गये हैं और उसे वे वस्तुएं और श्रीसंत का पैसा बरामद करने के लिए मुम्बई ले जाया गया है जो उसने छुपाये थे। अधिकारी ने कहा, ‘‘श्रीसंत को कथित स्पॉट फिक्सिंग के लिए जो 10 लाख रुपये मिले थे उसमें से हमें पांच लाख रुपये का हिसाब किताब मिल गया है। शुक्ला ने कथित रूप से श्रीसंत और क्रिकेटर के मित्र जीजू जनार्दन का बाकी का पैसा छुपा दिया था।’’ अधिकारी ने कहा, ‘‘श्रीसंत की गिरफ्तारी के तत्काल बाद जीजू ने शुक्ला को फोन करके उसे श्रीसंत का कमरा साफ करने के लिए कहा था।’’ तीन अन्य गिरफ्तारियां राजस्थान रॉयल के अन्य खिलाड़ी चांदीला से संबंधित हैं जो कि पहले से ही पुलिस की हिरासत में है। इनकी गिरफ्तारियां बाऊंसर भूपेंदर नागर के पुलिस के जाल में फंसने के बाद हुई हैं। तीनों की पहचान बाऊंसर विक्की चौधरी, दो कथित सट्टेबाज नितिन जैन और विनोद शर्मा के रूप में हुई है। विक्की चौधरी ने ही चांदीला का परिचय नितिन जैन और विनोद शर्मा से कराया था। शर्मा की प्रॉपटी डीलिंग कंपनी है जबकि जैन एक कारखाने का मालिक है जिसमें कंबल और तकिया बनाने में इस्तेमाल होने वाला सामान बनता है। पुलिस ने बताया कि विक्की राजधानी में दो नाइट क्लब के मुख्य सुरक्षा अधिकारी नागर का मित्र है। वह नागर ही था जो चंदीला को विक्की के पास लेकर गया था। विक्की ने दो सट्टेबाजों की तरफ से सम्पर्क की इच्छा जतायी थी। सट्टेबाजों ने नागर और विक्की के साथ चंदीला से जयपुर में मुलाकात की थी। यह मुलाकात मई के दूसरे सप्ताह में रांची में केकेआर और आरसीबी के बीच होने वाले एक मैच से पहले हुई थी। पुलिस ने कहा कि सट्टेबाजों ने उससे पूछा कि मैच कौन जीतेगा और चंदीला ने उन्हें बताया कि केकेआर जीतेगा और अंतत: ऐसा ही हुआ। इससे संदेह उत्पन्न हुआ कि हो सकता है कि मैच फिक्स हो लेकिन दिल्ली पुलिस का कहना है कि उसके पास इसे साबित करने का कोई सबूत नहीं है। सरकार, जिसका बीसीसीआई पर कोई नियंत्रण नहीं है, ने भी श्रीनिवासन के इस्तीफे की मांग की। खेल मंत्रालय ने बयान देते हुए नैतिकता के आधार पर श्रीनिवासन को इस्तीफे देने को कहा। खेल मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘बीसीसीआई मैच और स्पाट फिक्सिंग के आरोपों की जांच कर रहा है। जांच में हितों का टकराव है इसलिए बीसीसीआई अध्यक्ष को जांच का नतीजा सामने आने तक नैतिक कारणों से इस्तीफा देना चाहिए।’’ मंत्रालय ने कहा कि वे इस मामले पर नजर रखे हुए हैं और साथ ही खेलों के लिए मजबूत भ्रष्टाचार रोधी कानून लाने की प्रतिबद्धता भी दोहराई। इस बीच कर्नाटक और मद्रास उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायधीश न्यायमूर्ति टी जयराम चौटा, मद्रास उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायधीश न्यायमूर्ति आर बालासुब्रहमण्यम और बीसीसीआई सचिव संजय जगदाले को जांच आयोग के सदस्य नियुक्त किया गया। दोनों न्यायधीशों ने वादा किया कि मयप्पन और चेन्नई सुपरकिंग्स के मालिक इंडिया सीमेंट्स के खिलाफ जांच स्वतंत्र होगी और वे किसी भी दबाव में नहीं होंगे। इस प्रकरण का खुलासा होने के बाद से ही श्रीनिवासन ने अड़ियल रुख अपनाते हुए पद छोड़ने से इनकार कर दिया है और साथ ही जोर देकर कहा है कि उनका इस्तीफे की मांग सिर्फ उनके पीछे पड़ा मीडिया कर रहा है। आज की मांग से हालांकि संकेत जा रहे हैं कि बोर्ड के अहम सदस्यों ने अपना रुख कड़ा कर दिया है जिसमें कई सक्रिय राजनेता भी शामिल हैं और वे अन्य लोगों को भी इस तरह की मांग के लिए राजी कर सकते हैं। शुक्ला ने कहा, ‘‘हम सुझाव देना चाहते हैं कि इस आयोग की सिफारिशें लागू करने के लिए बीसीसीआई बाध्य होगा। ऐसा नहीं होगा कि यह रिपोर्ट बीसीसीआई को भेजी जाए और वे इस पर विचार करे, यह बाध्यकारी होगी। इस पर राजी होना होगा।’’ शुक्ला ने कहा, ‘‘वह निर्वाचित अध्यक्ष हैं। हमारा यह नजरिया है कि यह अच्छा होगा कि वह प्रक्रिया से दूर रहें। जेटली का भी यही मानना है। हमने यह सुझाव दिया है और इस मुद्दे पर फैसला उन्हें करना है। उन्होंने हमें कहा है कि उनकी कोई गलती नहीं है और उन्हें सजा क्यों दी जाए।’’टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘जांच समिति नियुक्त की गई है और हम चाहते थे कि इसमें बहुमत में लोग बाहर से हों। यही कारण है कि हमने दो न्यायाधीशों को इसमें शामिल किया। हमने सुझाव दिया है कि इसकी रिपोर्ट बीसीसीआई के पास नहीं जाए और इसके निष्कषरें की जैसे हैं वैसे ही सिफारिश की जाए। हम यही चाहते हैं।’’ इस बीच हैदराबाद क्रिकेट संघ के अध्यक्ष विनोद ने भी श्रीनिवासन के इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने कहा, ‘‘जब आप बहुमत पर ध्यान देते हैं तो यह स्पष्ट दिखता है कि उनके पद छोड़ने की जरूरत है। जहां तक उनके इस्तीफे का सवाल है, इस पर चर्चा होना लाजमी है।’’ अधिकारी ने कहा, ‘‘श्रीसंत को कथित स्पॉट फिक्सिंग के लिए जो 10 लाख रुपये मिले थे उसमें से हमें पांच लाख रुपये का हिसाब किताब मिल गया है। शुक्ला ने कथित रूप से श्रीसंत और क्रिकेटर के मित्र जीजू जनार्दन का बाकी का पैसा छुपा दिया था।’’ अधिकारी ने कहा, ‘‘श्रीसंत की गिरफ्तारी के तत्काल बाद जीजू ने शुक्ला को फोन करके उसे श्रीसंत का कमरा साफ करने के लिए कहा था।’’ तीन अन्य गिरफ्तारियां राजस्थान रॉयल के अन्य खिलाड़ी चांदीला से संबंधित हैं जो कि पहले से ही पुलिस की हिरासत में है। इनकी गिरफ्तारियां बाऊंसर भूपेंदर नागर के पुलिस के जाल में फंसने के बाद हुई हैं। तीनों की पहचान बाऊंसर विक्की चौधरी, दो कथित सट्टेबाज नितिन जैन और विनोद शर्मा के रूप में हुई है। विक्की चौधरी ने ही चांदीला का परिचय नितिन जैन और विनोद शर्मा से कराया था। शर्मा की प्रॉपटी डीलिंग कंपनी है जबकि जैन एक कारखाने का मालिक है जिसमें कंबल और तकिया बनाने में इस्तेमाल होने वाला सामान बनता है। पुलिस ने बताया कि विक्की राजधानी में दो नाइट क्लब के मुख्य सुरक्षा अधिकारी नागर का मित्र है। वह नागर ही था जो चंदीला को विक्की के पास लेकर गया था। विक्की ने दो सट्टेबाजों की तरफ से सम्पर्क की इच्छा जतायी थी। सट्टेबाजों ने नागर और विक्की के साथ चंदीला से जयपुर में मुलाकात की थी। यह मुलाकात मई के दूसरे सप्ताह में रांची में केकेआर और आरसीबी के बीच होने वाले एक मैच से पहले हुई थी। पुलिस ने कहा कि सट्टेबाजों ने उससे पूछा कि मैच कौन जीतेगा और चंदीला ने उन्हें बताया कि केकेआर जीतेगा और अंतत: ऐसा ही हुआ। इससे संदेह उत्पन्न हुआ कि हो सकता है कि मैच फिक्स हो लेकिन दिल्ली पुलिस का कहना है कि उसके पास इसे साबित करने का कोई सबूत नहीं है। सरकार, जिसका बीसीसीआई पर कोई नियंत्रण नहीं है, ने भी श्रीनिवासन के इस्तीफे की मांग की। खेल मंत्रालय ने बयान देते हुए नैतिकता के आधार पर श्रीनिवासन को इस्तीफे देने को कहा। खेल मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘बीसीसीआई मैच और स्पाट फिक्सिंग के आरोपों की जांच कर रहा है। जांच में हितों का टकराव है इसलिए बीसीसीआई अध्यक्ष को जांच का नतीजा सामने आने तक नैतिक कारणों से इस्तीफा देना चाहिए।’’ मंत्रालय ने कहा कि वे इस मामले पर नजर रखे हुए हैं और साथ ही खेलों के लिए मजबूत भ्रष्टाचार रोधी कानून लाने की प्रतिबद्धता भी दोहराई। इस बीच कर्नाटक और मद्रास उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायधीश न्यायमूर्ति टी जयराम चौटा, मद्रास उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायधीश न्यायमूर्ति आर बालासुब्रहमण्यम और बीसीसीआई सचिव संजय जगदाले को जांच आयोग के सदस्य नियुक्त किया गया। दोनों न्यायधीशों ने वादा किया कि मयप्पन और चेन्नई सुपरकिंग्स के मालिक इंडिया सीमेंट्स के खिलाफ जांच स्वतंत्र होगी और वे किसी भी दबाव में नहीं होंगे। इस प्रकरण का खुलासा होने के बाद से ही श्रीनिवासन ने अड़ियल रुख अपनाते हुए पद छोड़ने से इनकार कर दिया है और साथ ही जोर देकर कहा है कि उनका इस्तीफे की मांग सिर्फ उनके पीछे पड़ा मीडिया कर रहा है। आज की मांग से हालांकि संकेत जा रहे हैं कि बोर्ड के अहम सदस्यों ने अपना रुख कड़ा कर दिया है जिसमें कई सक्रिय राजनेता भी शामिल हैं और वे अन्य लोगों को भी इस तरह की मांग के लिए राजी कर सकते हैं। शुक्ला ने कहा, ‘‘हम सुझाव देना चाहते हैं कि इस आयोग की सिफारिशें लागू करने के लिए बीसीसीआई बाध्य होगा। ऐसा नहीं होगा कि यह रिपोर्ट बीसीसीआई को भेजी जाए और वे इस पर विचार करे, यह बाध्यकारी होगी। इस पर राजी होना होगा।’’ शुक्ला ने कहा, ‘‘वह निर्वाचित अध्यक्ष हैं। हमारा यह नजरिया है कि यह अच्छा होगा कि वह प्रक्रिया से दूर रहें। जेटली का भी यही मानना है। हमने यह सुझाव दिया है और इस मुद्दे पर फैसला उन्हें करना है। उन्होंने हमें कहा है कि उनकी कोई गलती नहीं है और उन्हें सजा क्यों दी जाए।’’टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘जांच समिति नियुक्त की गई है और हम चाहते थे कि इसमें बहुमत में लोग बाहर से हों। यही कारण है कि हमने दो न्यायाधीशों को इसमें शामिल किया। हमने सुझाव दिया है कि इसकी रिपोर्ट बीसीसीआई के पास नहीं जाए और इसके निष्कषरें की जैसे हैं वैसे ही सिफारिश की जाए। हम यही चाहते हैं।’’ इस बीच हैदराबाद क्रिकेट संघ के अध्यक्ष विनोद ने भी श्रीनिवासन के इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने कहा, ‘‘जब आप बहुमत पर ध्यान देते हैं तो यह स्पष्ट दिखता है कि उनके पद छोड़ने की जरूरत है। जहां तक उनके इस्तीफे का सवाल है, इस पर चर्चा होना लाजमी है।’’ अधिकारी ने कहा, ‘‘श्रीसंत की गिरफ्तारी के तत्काल बाद जीजू ने शुक्ला को फोन करके उसे श्रीसंत का कमरा साफ करने के लिए कहा था।’’ तीन अन्य गिरफ्तारियां राजस्थान रॉयल के अन्य खिलाड़ी चांदीला से संबंधित हैं जो कि पहले से ही पुलिस की हिरासत में है। इनकी गिरफ्तारियां बाऊंसर भूपेंदर नागर के पुलिस के जाल में फंसने के बाद हुई हैं। तीनों की पहचान बाऊंसर विक्की चौधरी, दो कथित सट्टेबाज नितिन जैन और विनोद शर्मा के रूप में हुई है। विक्की चौधरी ने ही चांदीला का परिचय नितिन जैन और विनोद शर्मा से कराया था। शर्मा की प्रॉपटी डीलिंग कंपनी है जबकि जैन एक कारखाने का मालिक है जिसमें कंबल और तकिया बनाने में इस्तेमाल होने वाला सामान बनता है। पुलिस ने बताया कि विक्की राजधानी में दो नाइट क्लब के मुख्य सुरक्षा अधिकारी नागर का मित्र है। वह नागर ही था जो चंदीला को विक्की के पास लेकर गया था। विक्की ने दो सट्टेबाजों की तरफ से सम्पर्क की इच्छा जतायी थी। सट्टेबाजों ने नागर और विक्की के साथ चंदीला से जयपुर में मुलाकात की थी। यह मुलाकात मई के दूसरे सप्ताह में रांची में केकेआर और आरसीबी के बीच होने वाले एक मैच से पहले हुई थी। पुलिस ने कहा कि सट्टेबाजों ने उससे पूछा कि मैच कौन जीतेगा और चंदीला ने उन्हें बताया कि केकेआर जीतेगा और अंतत: ऐसा ही हुआ। इससे संदेह उत्पन्न हुआ कि हो सकता है कि मैच फिक्स हो लेकिन दिल्ली पुलिस का कहना है कि उसके पास इसे साबित करने का कोई सबूत नहीं है। सरकार, जिसका बीसीसीआई पर कोई नियंत्रण नहीं है, ने भी श्रीनिवासन के इस्तीफे की मांग की। खेल मंत्रालय ने बयान देते हुए नैतिकता के आधार पर श्रीनिवासन को इस्तीफे देने को कहा। खेल मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘बीसीसीआई मैच और स्पाट फिक्सिंग के आरोपों की जांच कर रहा है। जांच में हितों का टकराव है इसलिए बीसीसीआई अध्यक्ष को जांच का नतीजा सामने आने तक नैतिक कारणों से इस्तीफा देना चाहिए।’’ मंत्रालय ने कहा कि वे इस मामले पर नजर रखे हुए हैं और साथ ही खेलों के लिए मजबूत भ्रष्टाचार रोधी कानून लाने की प्रतिबद्धता भी दोहराई। इस बीच कर्नाटक और मद्रास उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायधीश न्यायमूर्ति टी जयराम चौटा, मद्रास उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायधीश न्यायमूर्ति आर बालासुब्रहमण्यम और बीसीसीआई सचिव संजय जगदाले को जांच आयोग के सदस्य नियुक्त किया गया। दोनों न्यायधीशों ने वादा किया कि मयप्पन और चेन्नई सुपरकिंग्स के मालिक इंडिया सीमेंट्स के खिलाफ जांच स्वतंत्र होगी और वे किसी भी दबाव में नहीं होंगे। इस प्रकरण का खुलासा होने के बाद से ही श्रीनिवासन ने अड़ियल रुख अपनाते हुए पद छोड़ने से इनकार कर दिया है और साथ ही जोर देकर कहा है कि उनका इस्तीफे की मांग सिर्फ उनके पीछे पड़ा मीडिया कर रहा है। आज की मांग से हालांकि संकेत जा रहे हैं कि बोर्ड के अहम सदस्यों ने अपना रुख कड़ा कर दिया है जिसमें कई सक्रिय राजनेता भी शामिल हैं और वे अन्य लोगों को भी इस तरह की मांग के लिए राजी कर सकते हैं। शुक्ला ने कहा, ‘‘हम सुझाव देना चाहते हैं कि इस आयोग की सिफारिशें लागू करने के लिए बीसीसीआई बाध्य होगा। ऐसा नहीं होगा कि यह रिपोर्ट बीसीसीआई को भेजी जाए और वे इस पर विचार करे, यह बाध्यकारी होगी। इस पर राजी होना होगा।’’ शुक्ला ने कहा, ‘‘वह निर्वाचित अध्यक्ष हैं। हमारा यह नजरिया है कि यह अच्छा होगा कि वह प्रक्रिया से दूर रहें। जेटली का भी यही मानना है। हमने यह सुझाव दिया है और इस मुद्दे पर फैसला उन्हें करना है। उन्होंने हमें कहा है कि उनकी कोई गलती नहीं है और उन्हें सजा क्यों दी जाए।’’टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘जांच समिति नियुक्त की गई है और हम चाहते थे कि इसमें बहुमत में लोग बाहर से हों। यही कारण है कि हमने दो न्यायाधीशों को इसमें शामिल किया। हमने सुझाव दिया है कि इसकी रिपोर्ट बीसीसीआई के पास नहीं जाए और इसके निष्कषरें की जैसे हैं वैसे ही सिफारिश की जाए। हम यही चाहते हैं।’’ इस बीच हैदराबाद क्रिकेट संघ के अध्यक्ष विनोद ने भी श्रीनिवासन के इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने कहा, ‘‘जब आप बहुमत पर ध्यान देते हैं तो यह स्पष्ट दिखता है कि उनके पद छोड़ने की जरूरत है। जहां तक उनके इस्तीफे का सवाल है, इस पर चर्चा होना लाजमी है।’’ तीनों की पहचान बाऊंसर विक्की चौधरी, दो कथित सट्टेबाज नितिन जैन और विनोद शर्मा के रूप में हुई है। विक्की चौधरी ने ही चांदीला का परिचय नितिन जैन और विनोद शर्मा से कराया था। शर्मा की प्रॉपटी डीलिंग कंपनी है जबकि जैन एक कारखाने का मालिक है जिसमें कंबल और तकिया बनाने में इस्तेमाल होने वाला सामान बनता है। पुलिस ने बताया कि विक्की राजधानी में दो नाइट क्लब के मुख्य सुरक्षा अधिकारी नागर का मित्र है। वह नागर ही था जो चंदीला को विक्की के पास लेकर गया था। विक्की ने दो सट्टेबाजों की तरफ से सम्पर्क की इच्छा जतायी थी। सट्टेबाजों ने नागर और विक्की के साथ चंदीला से जयपुर में मुलाकात की थी। यह मुलाकात मई के दूसरे सप्ताह में रांची में केकेआर और आरसीबी के बीच होने वाले एक मैच से पहले हुई थी। पुलिस ने कहा कि सट्टेबाजों ने उससे पूछा कि मैच कौन जीतेगा और चंदीला ने उन्हें बताया कि केकेआर जीतेगा और अंतत: ऐसा ही हुआ। इससे संदेह उत्पन्न हुआ कि हो सकता है कि मैच फिक्स हो लेकिन दिल्ली पुलिस का कहना है कि उसके पास इसे साबित करने का कोई सबूत नहीं है। सरकार, जिसका बीसीसीआई पर कोई नियंत्रण नहीं है, ने भी श्रीनिवासन के इस्तीफे की मांग की। खेल मंत्रालय ने बयान देते हुए नैतिकता के आधार पर श्रीनिवासन को इस्तीफे देने को कहा। खेल मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘बीसीसीआई मैच और स्पाट फिक्सिंग के आरोपों की जांच कर रहा है। जांच में हितों का टकराव है इसलिए बीसीसीआई अध्यक्ष को जांच का नतीजा सामने आने तक नैतिक कारणों से इस्तीफा देना चाहिए।’’ मंत्रालय ने कहा कि वे इस मामले पर नजर रखे हुए हैं और साथ ही खेलों के लिए मजबूत भ्रष्टाचार रोधी कानून लाने की प्रतिबद्धता भी दोहराई। इस बीच कर्नाटक और मद्रास उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायधीश न्यायमूर्ति टी जयराम चौटा, मद्रास उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायधीश न्यायमूर्ति आर बालासुब्रहमण्यम और बीसीसीआई सचिव संजय जगदाले को जांच आयोग के सदस्य नियुक्त किया गया। दोनों न्यायधीशों ने वादा किया कि मयप्पन और चेन्नई सुपरकिंग्स के मालिक इंडिया सीमेंट्स के खिलाफ जांच स्वतंत्र होगी और वे किसी भी दबाव में नहीं होंगे। इस प्रकरण का खुलासा होने के बाद से ही श्रीनिवासन ने अड़ियल रुख अपनाते हुए पद छोड़ने से इनकार कर दिया है और साथ ही जोर देकर कहा है कि उनका इस्तीफे की मांग सिर्फ उनके पीछे पड़ा मीडिया कर रहा है। आज की मांग से हालांकि संकेत जा रहे हैं कि बोर्ड के अहम सदस्यों ने अपना रुख कड़ा कर दिया है जिसमें कई सक्रिय राजनेता भी शामिल हैं और वे अन्य लोगों को भी इस तरह की मांग के लिए राजी कर सकते हैं। शुक्ला ने कहा, ‘‘हम सुझाव देना चाहते हैं कि इस आयोग की सिफारिशें लागू करने के लिए बीसीसीआई बाध्य होगा। ऐसा नहीं होगा कि यह रिपोर्ट बीसीसीआई को भेजी जाए और वे इस पर विचार करे, यह बाध्यकारी होगी। इस पर राजी होना होगा।’’ शुक्ला ने कहा, ‘‘वह निर्वाचित अध्यक्ष हैं। हमारा यह नजरिया है कि यह अच्छा होगा कि वह प्रक्रिया से दूर रहें। जेटली का भी यही मानना है। हमने यह सुझाव दिया है और इस मुद्दे पर फैसला उन्हें करना है। उन्होंने हमें कहा है कि उनकी कोई गलती नहीं है और उन्हें सजा क्यों दी जाए।’’टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘जांच समिति नियुक्त की गई है और हम चाहते थे कि इसमें बहुमत में लोग बाहर से हों। यही कारण है कि हमने दो न्यायाधीशों को इसमें शामिल किया। हमने सुझाव दिया है कि इसकी रिपोर्ट बीसीसीआई के पास नहीं जाए और इसके निष्कषरें की जैसे हैं वैसे ही सिफारिश की जाए। हम यही चाहते हैं।’’ इस बीच हैदराबाद क्रिकेट संघ के अध्यक्ष विनोद ने भी श्रीनिवासन के इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने कहा, ‘‘जब आप बहुमत पर ध्यान देते हैं तो यह स्पष्ट दिखता है कि उनके पद छोड़ने की जरूरत है। जहां तक उनके इस्तीफे का सवाल है, इस पर चर्चा होना लाजमी है।’’ पुलिस ने बताया कि विक्की राजधानी में दो नाइट क्लब के मुख्य सुरक्षा अधिकारी नागर का मित्र है। वह नागर ही था जो चंदीला को विक्की के पास लेकर गया था। विक्की ने दो सट्टेबाजों की तरफ से सम्पर्क की इच्छा जतायी थी। सट्टेबाजों ने नागर और विक्की के साथ चंदीला से जयपुर में मुलाकात की थी। यह मुलाकात मई के दूसरे सप्ताह में रांची में केकेआर और आरसीबी के बीच होने वाले एक मैच से पहले हुई थी। पुलिस ने कहा कि सट्टेबाजों ने उससे पूछा कि मैच कौन जीतेगा और चंदीला ने उन्हें बताया कि केकेआर जीतेगा और अंतत: ऐसा ही हुआ। इससे संदेह उत्पन्न हुआ कि हो सकता है कि मैच फिक्स हो लेकिन दिल्ली पुलिस का कहना है कि उसके पास इसे साबित करने का कोई सबूत नहीं है। सरकार, जिसका बीसीसीआई पर कोई नियंत्रण नहीं है, ने भी श्रीनिवासन के इस्तीफे की मांग की। खेल मंत्रालय ने बयान देते हुए नैतिकता के आधार पर श्रीनिवासन को इस्तीफे देने को कहा। खेल मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘बीसीसीआई मैच और स्पाट फिक्सिंग के आरोपों की जांच कर रहा है। जांच में हितों का टकराव है इसलिए बीसीसीआई अध्यक्ष को जांच का नतीजा सामने आने तक नैतिक कारणों से इस्तीफा देना चाहिए।’’ मंत्रालय ने कहा कि वे इस मामले पर नजर रखे हुए हैं और साथ ही खेलों के लिए मजबूत भ्रष्टाचार रोधी कानून लाने की प्रतिबद्धता भी दोहराई। इस बीच कर्नाटक और मद्रास उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायधीश न्यायमूर्ति टी जयराम चौटा, मद्रास उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायधीश न्यायमूर्ति आर बालासुब्रहमण्यम और बीसीसीआई सचिव संजय जगदाले को जांच आयोग के सदस्य नियुक्त किया गया। दोनों न्यायधीशों ने वादा किया कि मयप्पन और चेन्नई सुपरकिंग्स के मालिक इंडिया सीमेंट्स के खिलाफ जांच स्वतंत्र होगी और वे किसी भी दबाव में नहीं होंगे। इस प्रकरण का खुलासा होने के बाद से ही श्रीनिवासन ने अड़ियल रुख अपनाते हुए पद छोड़ने से इनकार कर दिया है और साथ ही जोर देकर कहा है कि उनका इस्तीफे की मांग सिर्फ उनके पीछे पड़ा मीडिया कर रहा है। आज की मांग से हालांकि संकेत जा रहे हैं कि बोर्ड के अहम सदस्यों ने अपना रुख कड़ा कर दिया है जिसमें कई सक्रिय राजनेता भी शामिल हैं और वे अन्य लोगों को भी इस तरह की मांग के लिए राजी कर सकते हैं। शुक्ला ने कहा, ‘‘हम सुझाव देना चाहते हैं कि इस आयोग की सिफारिशें लागू करने के लिए बीसीसीआई बाध्य होगा। ऐसा नहीं होगा कि यह रिपोर्ट बीसीसीआई को भेजी जाए और वे इस पर विचार करे, यह बाध्यकारी होगी। इस पर राजी होना होगा।’’ शुक्ला ने कहा, ‘‘वह निर्वाचित अध्यक्ष हैं। हमारा यह नजरिया है कि यह अच्छा होगा कि वह प्रक्रिया से दूर रहें। जेटली का भी यही मानना है। हमने यह सुझाव दिया है और इस मुद्दे पर फैसला उन्हें करना है। उन्होंने हमें कहा है कि उनकी कोई गलती नहीं है और उन्हें सजा क्यों दी जाए।’’टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘जांच समिति नियुक्त की गई है और हम चाहते थे कि इसमें बहुमत में लोग बाहर से हों। यही कारण है कि हमने दो न्यायाधीशों को इसमें शामिल किया। हमने सुझाव दिया है कि इसकी रिपोर्ट बीसीसीआई के पास नहीं जाए और इसके निष्कषरें की जैसे हैं वैसे ही सिफारिश की जाए। हम यही चाहते हैं।’’ इस बीच हैदराबाद क्रिकेट संघ के अध्यक्ष विनोद ने भी श्रीनिवासन के इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने कहा, ‘‘जब आप बहुमत पर ध्यान देते हैं तो यह स्पष्ट दिखता है कि उनके पद छोड़ने की जरूरत है। जहां तक उनके इस्तीफे का सवाल है, इस पर चर्चा होना लाजमी है।’’ सट्टेबाजों ने नागर और विक्की के साथ चंदीला से जयपुर में मुलाकात की थी। यह मुलाकात मई के दूसरे सप्ताह में रांची में केकेआर और आरसीबी के बीच होने वाले एक मैच से पहले हुई थी। पुलिस ने कहा कि सट्टेबाजों ने उससे पूछा कि मैच कौन जीतेगा और चंदीला ने उन्हें बताया कि केकेआर जीतेगा और अंतत: ऐसा ही हुआ। इससे संदेह उत्पन्न हुआ कि हो सकता है कि मैच फिक्स हो लेकिन दिल्ली पुलिस का कहना है कि उसके पास इसे साबित करने का कोई सबूत नहीं है। सरकार, जिसका बीसीसीआई पर कोई नियंत्रण नहीं है, ने भी श्रीनिवासन के इस्तीफे की मांग की। खेल मंत्रालय ने बयान देते हुए नैतिकता के आधार पर श्रीनिवासन को इस्तीफे देने को कहा। खेल मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘बीसीसीआई मैच और स्पाट फिक्सिंग के आरोपों की जांच कर रहा है। जांच में हितों का टकराव है इसलिए बीसीसीआई अध्यक्ष को जांच का नतीजा सामने आने तक नैतिक कारणों से इस्तीफा देना चाहिए।’’ मंत्रालय ने कहा कि वे इस मामले पर नजर रखे हुए हैं और साथ ही खेलों के लिए मजबूत भ्रष्टाचार रोधी कानून लाने की प्रतिबद्धता भी दोहराई। इस बीच कर्नाटक और मद्रास उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायधीश न्यायमूर्ति टी जयराम चौटा, मद्रास उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायधीश न्यायमूर्ति आर बालासुब्रहमण्यम और बीसीसीआई सचिव संजय जगदाले को जांच आयोग के सदस्य नियुक्त किया गया। दोनों न्यायधीशों ने वादा किया कि मयप्पन और चेन्नई सुपरकिंग्स के मालिक इंडिया सीमेंट्स के खिलाफ जांच स्वतंत्र होगी और वे किसी भी दबाव में नहीं होंगे। इस प्रकरण का खुलासा होने के बाद से ही श्रीनिवासन ने अड़ियल रुख अपनाते हुए पद छोड़ने से इनकार कर दिया है और साथ ही जोर देकर कहा है कि उनका इस्तीफे की मांग सिर्फ उनके पीछे पड़ा मीडिया कर रहा है। आज की मांग से हालांकि संकेत जा रहे हैं कि बोर्ड के अहम सदस्यों ने अपना रुख कड़ा कर दिया है जिसमें कई सक्रिय राजनेता भी शामिल हैं और वे अन्य लोगों को भी इस तरह की मांग के लिए राजी कर सकते हैं। शुक्ला ने कहा, ‘‘हम सुझाव देना चाहते हैं कि इस आयोग की सिफारिशें लागू करने के लिए बीसीसीआई बाध्य होगा। ऐसा नहीं होगा कि यह रिपोर्ट बीसीसीआई को भेजी जाए और वे इस पर विचार करे, यह बाध्यकारी होगी। इस पर राजी होना होगा।’’ शुक्ला ने कहा, ‘‘वह निर्वाचित अध्यक्ष हैं। हमारा यह नजरिया है कि यह अच्छा होगा कि वह प्रक्रिया से दूर रहें। जेटली का भी यही मानना है। हमने यह सुझाव दिया है और इस मुद्दे पर फैसला उन्हें करना है। उन्होंने हमें कहा है कि उनकी कोई गलती नहीं है और उन्हें सजा क्यों दी जाए।’’टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘जांच समिति नियुक्त की गई है और हम चाहते थे कि इसमें बहुमत में लोग बाहर से हों। यही कारण है कि हमने दो न्यायाधीशों को इसमें शामिल किया। हमने सुझाव दिया है कि इसकी रिपोर्ट बीसीसीआई के पास नहीं जाए और इसके निष्कषरें की जैसे हैं वैसे ही सिफारिश की जाए। हम यही चाहते हैं।’’ इस बीच हैदराबाद क्रिकेट संघ के अध्यक्ष विनोद ने भी श्रीनिवासन के इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने कहा, ‘‘जब आप बहुमत पर ध्यान देते हैं तो यह स्पष्ट दिखता है कि उनके पद छोड़ने की जरूरत है। जहां तक उनके इस्तीफे का सवाल है, इस पर चर्चा होना लाजमी है।’’ पुलिस ने कहा कि सट्टेबाजों ने उससे पूछा कि मैच कौन जीतेगा और चंदीला ने उन्हें बताया कि केकेआर जीतेगा और अंतत: ऐसा ही हुआ। इससे संदेह उत्पन्न हुआ कि हो सकता है कि मैच फिक्स हो लेकिन दिल्ली पुलिस का कहना है कि उसके पास इसे साबित करने का कोई सबूत नहीं है। सरकार, जिसका बीसीसीआई पर कोई नियंत्रण नहीं है, ने भी श्रीनिवासन के इस्तीफे की मांग की। खेल मंत्रालय ने बयान देते हुए नैतिकता के आधार पर श्रीनिवासन को इस्तीफे देने को कहा। खेल मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘बीसीसीआई मैच और स्पाट फिक्सिंग के आरोपों की जांच कर रहा है। जांच में हितों का टकराव है इसलिए बीसीसीआई अध्यक्ष को जांच का नतीजा सामने आने तक नैतिक कारणों से इस्तीफा देना चाहिए।’’ मंत्रालय ने कहा कि वे इस मामले पर नजर रखे हुए हैं और साथ ही खेलों के लिए मजबूत भ्रष्टाचार रोधी कानून लाने की प्रतिबद्धता भी दोहराई। इस बीच कर्नाटक और मद्रास उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायधीश न्यायमूर्ति टी जयराम चौटा, मद्रास उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायधीश न्यायमूर्ति आर बालासुब्रहमण्यम और बीसीसीआई सचिव संजय जगदाले को जांच आयोग के सदस्य नियुक्त किया गया। दोनों न्यायधीशों ने वादा किया कि मयप्पन और चेन्नई सुपरकिंग्स के मालिक इंडिया सीमेंट्स के खिलाफ जांच स्वतंत्र होगी और वे किसी भी दबाव में नहीं होंगे। इस प्रकरण का खुलासा होने के बाद से ही श्रीनिवासन ने अड़ियल रुख अपनाते हुए पद छोड़ने से इनकार कर दिया है और साथ ही जोर देकर कहा है कि उनका इस्तीफे की मांग सिर्फ उनके पीछे पड़ा मीडिया कर रहा है। आज की मांग से हालांकि संकेत जा रहे हैं कि बोर्ड के अहम सदस्यों ने अपना रुख कड़ा कर दिया है जिसमें कई सक्रिय राजनेता भी शामिल हैं और वे अन्य लोगों को भी इस तरह की मांग के लिए राजी कर सकते हैं। शुक्ला ने कहा, ‘‘हम सुझाव देना चाहते हैं कि इस आयोग की सिफारिशें लागू करने के लिए बीसीसीआई बाध्य होगा। ऐसा नहीं होगा कि यह रिपोर्ट बीसीसीआई को भेजी जाए और वे इस पर विचार करे, यह बाध्यकारी होगी। इस पर राजी होना होगा।’’ शुक्ला ने कहा, ‘‘वह निर्वाचित अध्यक्ष हैं। हमारा यह नजरिया है कि यह अच्छा होगा कि वह प्रक्रिया से दूर रहें। जेटली का भी यही मानना है। हमने यह सुझाव दिया है और इस मुद्दे पर फैसला उन्हें करना है। उन्होंने हमें कहा है कि उनकी कोई गलती नहीं है और उन्हें सजा क्यों दी जाए।’’टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘जांच समिति नियुक्त की गई है और हम चाहते थे कि इसमें बहुमत में लोग बाहर से हों। यही कारण है कि हमने दो न्यायाधीशों को इसमें शामिल किया। हमने सुझाव दिया है कि इसकी रिपोर्ट बीसीसीआई के पास नहीं जाए और इसके निष्कषरें की जैसे हैं वैसे ही सिफारिश की जाए। हम यही चाहते हैं।’’ इस बीच हैदराबाद क्रिकेट संघ के अध्यक्ष विनोद ने भी श्रीनिवासन के इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने कहा, ‘‘जब आप बहुमत पर ध्यान देते हैं तो यह स्पष्ट दिखता है कि उनके पद छोड़ने की जरूरत है। जहां तक उनके इस्तीफे का सवाल है, इस पर चर्चा होना लाजमी है।’’ सरकार, जिसका बीसीसीआई पर कोई नियंत्रण नहीं है, ने भी श्रीनिवासन के इस्तीफे की मांग की। खेल मंत्रालय ने बयान देते हुए नैतिकता के आधार पर श्रीनिवासन को इस्तीफे देने को कहा। खेल मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘बीसीसीआई मैच और स्पाट फिक्सिंग के आरोपों की जांच कर रहा है। जांच में हितों का टकराव है इसलिए बीसीसीआई अध्यक्ष को जांच का नतीजा सामने आने तक नैतिक कारणों से इस्तीफा देना चाहिए।’’ मंत्रालय ने कहा कि वे इस मामले पर नजर रखे हुए हैं और साथ ही खेलों के लिए मजबूत भ्रष्टाचार रोधी कानून लाने की प्रतिबद्धता भी दोहराई। इस बीच कर्नाटक और मद्रास उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायधीश न्यायमूर्ति टी जयराम चौटा, मद्रास उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायधीश न्यायमूर्ति आर बालासुब्रहमण्यम और बीसीसीआई सचिव संजय जगदाले को जांच आयोग के सदस्य नियुक्त किया गया। दोनों न्यायधीशों ने वादा किया कि मयप्पन और चेन्नई सुपरकिंग्स के मालिक इंडिया सीमेंट्स के खिलाफ जांच स्वतंत्र होगी और वे किसी भी दबाव में नहीं होंगे। इस प्रकरण का खुलासा होने के बाद से ही श्रीनिवासन ने अड़ियल रुख अपनाते हुए पद छोड़ने से इनकार कर दिया है और साथ ही जोर देकर कहा है कि उनका इस्तीफे की मांग सिर्फ उनके पीछे पड़ा मीडिया कर रहा है। आज की मांग से हालांकि संकेत जा रहे हैं कि बोर्ड के अहम सदस्यों ने अपना रुख कड़ा कर दिया है जिसमें कई सक्रिय राजनेता भी शामिल हैं और वे अन्य लोगों को भी इस तरह की मांग के लिए राजी कर सकते हैं। शुक्ला ने कहा, ‘‘हम सुझाव देना चाहते हैं कि इस आयोग की सिफारिशें लागू करने के लिए बीसीसीआई बाध्य होगा। ऐसा नहीं होगा कि यह रिपोर्ट बीसीसीआई को भेजी जाए और वे इस पर विचार करे, यह बाध्यकारी होगी। इस पर राजी होना होगा।’’ शुक्ला ने कहा, ‘‘वह निर्वाचित अध्यक्ष हैं। हमारा यह नजरिया है कि यह अच्छा होगा कि वह प्रक्रिया से दूर रहें। जेटली का भी यही मानना है। हमने यह सुझाव दिया है और इस मुद्दे पर फैसला उन्हें करना है। उन्होंने हमें कहा है कि उनकी कोई गलती नहीं है और उन्हें सजा क्यों दी जाए।’’टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘जांच समिति नियुक्त की गई है और हम चाहते थे कि इसमें बहुमत में लोग बाहर से हों। यही कारण है कि हमने दो न्यायाधीशों को इसमें शामिल किया। हमने सुझाव दिया है कि इसकी रिपोर्ट बीसीसीआई के पास नहीं जाए और इसके निष्कषरें की जैसे हैं वैसे ही सिफारिश की जाए। हम यही चाहते हैं।’’ इस बीच हैदराबाद क्रिकेट संघ के अध्यक्ष विनोद ने भी श्रीनिवासन के इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने कहा, ‘‘जब आप बहुमत पर ध्यान देते हैं तो यह स्पष्ट दिखता है कि उनके पद छोड़ने की जरूरत है। जहां तक उनके इस्तीफे का सवाल है, इस पर चर्चा होना लाजमी है।’’ मंत्रालय ने कहा कि वे इस मामले पर नजर रखे हुए हैं और साथ ही खेलों के लिए मजबूत भ्रष्टाचार रोधी कानून लाने की प्रतिबद्धता भी दोहराई। इस बीच कर्नाटक और मद्रास उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायधीश न्यायमूर्ति टी जयराम चौटा, मद्रास उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायधीश न्यायमूर्ति आर बालासुब्रहमण्यम और बीसीसीआई सचिव संजय जगदाले को जांच आयोग के सदस्य नियुक्त किया गया। दोनों न्यायधीशों ने वादा किया कि मयप्पन और चेन्नई सुपरकिंग्स के मालिक इंडिया सीमेंट्स के खिलाफ जांच स्वतंत्र होगी और वे किसी भी दबाव में नहीं होंगे। इस प्रकरण का खुलासा होने के बाद से ही श्रीनिवासन ने अड़ियल रुख अपनाते हुए पद छोड़ने से इनकार कर दिया है और साथ ही जोर देकर कहा है कि उनका इस्तीफे की मांग सिर्फ उनके पीछे पड़ा मीडिया कर रहा है। आज की मांग से हालांकि संकेत जा रहे हैं कि बोर्ड के अहम सदस्यों ने अपना रुख कड़ा कर दिया है जिसमें कई सक्रिय राजनेता भी शामिल हैं और वे अन्य लोगों को भी इस तरह की मांग के लिए राजी कर सकते हैं। शुक्ला ने कहा, ‘‘हम सुझाव देना चाहते हैं कि इस आयोग की सिफारिशें लागू करने के लिए बीसीसीआई बाध्य होगा। ऐसा नहीं होगा कि यह रिपोर्ट बीसीसीआई को भेजी जाए और वे इस पर विचार करे, यह बाध्यकारी होगी। इस पर राजी होना होगा।’’ शुक्ला ने कहा, ‘‘वह निर्वाचित अध्यक्ष हैं। हमारा यह नजरिया है कि यह अच्छा होगा कि वह प्रक्रिया से दूर रहें। जेटली का भी यही मानना है। हमने यह सुझाव दिया है और इस मुद्दे पर फैसला उन्हें करना है। उन्होंने हमें कहा है कि उनकी कोई गलती नहीं है और उन्हें सजा क्यों दी जाए।’’टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘जांच समिति नियुक्त की गई है और हम चाहते थे कि इसमें बहुमत में लोग बाहर से हों। यही कारण है कि हमने दो न्यायाधीशों को इसमें शामिल किया। हमने सुझाव दिया है कि इसकी रिपोर्ट बीसीसीआई के पास नहीं जाए और इसके निष्कषरें की जैसे हैं वैसे ही सिफारिश की जाए। हम यही चाहते हैं।’’ इस बीच हैदराबाद क्रिकेट संघ के अध्यक्ष विनोद ने भी श्रीनिवासन के इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने कहा, ‘‘जब आप बहुमत पर ध्यान देते हैं तो यह स्पष्ट दिखता है कि उनके पद छोड़ने की जरूरत है। जहां तक उनके इस्तीफे का सवाल है, इस पर चर्चा होना लाजमी है।’’ इस बीच कर्नाटक और मद्रास उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायधीश न्यायमूर्ति टी जयराम चौटा, मद्रास उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायधीश न्यायमूर्ति आर बालासुब्रहमण्यम और बीसीसीआई सचिव संजय जगदाले को जांच आयोग के सदस्य नियुक्त किया गया। दोनों न्यायधीशों ने वादा किया कि मयप्पन और चेन्नई सुपरकिंग्स के मालिक इंडिया सीमेंट्स के खिलाफ जांच स्वतंत्र होगी और वे किसी भी दबाव में नहीं होंगे। इस प्रकरण का खुलासा होने के बाद से ही श्रीनिवासन ने अड़ियल रुख अपनाते हुए पद छोड़ने से इनकार कर दिया है और साथ ही जोर देकर कहा है कि उनका इस्तीफे की मांग सिर्फ उनके पीछे पड़ा मीडिया कर रहा है। आज की मांग से हालांकि संकेत जा रहे हैं कि बोर्ड के अहम सदस्यों ने अपना रुख कड़ा कर दिया है जिसमें कई सक्रिय राजनेता भी शामिल हैं और वे अन्य लोगों को भी इस तरह की मांग के लिए राजी कर सकते हैं। शुक्ला ने कहा, ‘‘हम सुझाव देना चाहते हैं कि इस आयोग की सिफारिशें लागू करने के लिए बीसीसीआई बाध्य होगा। ऐसा नहीं होगा कि यह रिपोर्ट बीसीसीआई को भेजी जाए और वे इस पर विचार करे, यह बाध्यकारी होगी। इस पर राजी होना होगा।’’ शुक्ला ने कहा, ‘‘वह निर्वाचित अध्यक्ष हैं। हमारा यह नजरिया है कि यह अच्छा होगा कि वह प्रक्रिया से दूर रहें। जेटली का भी यही मानना है। हमने यह सुझाव दिया है और इस मुद्दे पर फैसला उन्हें करना है। उन्होंने हमें कहा है कि उनकी कोई गलती नहीं है और उन्हें सजा क्यों दी जाए।’’टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘जांच समिति नियुक्त की गई है और हम चाहते थे कि इसमें बहुमत में लोग बाहर से हों। यही कारण है कि हमने दो न्यायाधीशों को इसमें शामिल किया। हमने सुझाव दिया है कि इसकी रिपोर्ट बीसीसीआई के पास नहीं जाए और इसके निष्कषरें की जैसे हैं वैसे ही सिफारिश की जाए। हम यही चाहते हैं।’’ इस बीच हैदराबाद क्रिकेट संघ के अध्यक्ष विनोद ने भी श्रीनिवासन के इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने कहा, ‘‘जब आप बहुमत पर ध्यान देते हैं तो यह स्पष्ट दिखता है कि उनके पद छोड़ने की जरूरत है। जहां तक उनके इस्तीफे का सवाल है, इस पर चर्चा होना लाजमी है।’’ दोनों न्यायधीशों ने वादा किया कि मयप्पन और चेन्नई सुपरकिंग्स के मालिक इंडिया सीमेंट्स के खिलाफ जांच स्वतंत्र होगी और वे किसी भी दबाव में नहीं होंगे। इस प्रकरण का खुलासा होने के बाद से ही श्रीनिवासन ने अड़ियल रुख अपनाते हुए पद छोड़ने से इनकार कर दिया है और साथ ही जोर देकर कहा है कि उनका इस्तीफे की मांग सिर्फ उनके पीछे पड़ा मीडिया कर रहा है। आज की मांग से हालांकि संकेत जा रहे हैं कि बोर्ड के अहम सदस्यों ने अपना रुख कड़ा कर दिया है जिसमें कई सक्रिय राजनेता भी शामिल हैं और वे अन्य लोगों को भी इस तरह की मांग के लिए राजी कर सकते हैं। शुक्ला ने कहा, ‘‘हम सुझाव देना चाहते हैं कि इस आयोग की सिफारिशें लागू करने के लिए बीसीसीआई बाध्य होगा। ऐसा नहीं होगा कि यह रिपोर्ट बीसीसीआई को भेजी जाए और वे इस पर विचार करे, यह बाध्यकारी होगी। इस पर राजी होना होगा।’’ शुक्ला ने कहा, ‘‘वह निर्वाचित अध्यक्ष हैं। हमारा यह नजरिया है कि यह अच्छा होगा कि वह प्रक्रिया से दूर रहें। जेटली का भी यही मानना है। हमने यह सुझाव दिया है और इस मुद्दे पर फैसला उन्हें करना है। उन्होंने हमें कहा है कि उनकी कोई गलती नहीं है और उन्हें सजा क्यों दी जाए।’’टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘जांच समिति नियुक्त की गई है और हम चाहते थे कि इसमें बहुमत में लोग बाहर से हों। यही कारण है कि हमने दो न्यायाधीशों को इसमें शामिल किया। हमने सुझाव दिया है कि इसकी रिपोर्ट बीसीसीआई के पास नहीं जाए और इसके निष्कषरें की जैसे हैं वैसे ही सिफारिश की जाए। हम यही चाहते हैं।’’ इस बीच हैदराबाद क्रिकेट संघ के अध्यक्ष विनोद ने भी श्रीनिवासन के इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने कहा, ‘‘जब आप बहुमत पर ध्यान देते हैं तो यह स्पष्ट दिखता है कि उनके पद छोड़ने की जरूरत है। जहां तक उनके इस्तीफे का सवाल है, इस पर चर्चा होना लाजमी है।’’ इस प्रकरण का खुलासा होने के बाद से ही श्रीनिवासन ने अड़ियल रुख अपनाते हुए पद छोड़ने से इनकार कर दिया है और साथ ही जोर देकर कहा है कि उनका इस्तीफे की मांग सिर्फ उनके पीछे पड़ा मीडिया कर रहा है। आज की मांग से हालांकि संकेत जा रहे हैं कि बोर्ड के अहम सदस्यों ने अपना रुख कड़ा कर दिया है जिसमें कई सक्रिय राजनेता भी शामिल हैं और वे अन्य लोगों को भी इस तरह की मांग के लिए राजी कर सकते हैं। शुक्ला ने कहा, ‘‘हम सुझाव देना चाहते हैं कि इस आयोग की सिफारिशें लागू करने के लिए बीसीसीआई बाध्य होगा। ऐसा नहीं होगा कि यह रिपोर्ट बीसीसीआई को भेजी जाए और वे इस पर विचार करे, यह बाध्यकारी होगी। इस पर राजी होना होगा।’’ शुक्ला ने कहा, ‘‘वह निर्वाचित अध्यक्ष हैं। हमारा यह नजरिया है कि यह अच्छा होगा कि वह प्रक्रिया से दूर रहें। जेटली का भी यही मानना है। हमने यह सुझाव दिया है और इस मुद्दे पर फैसला उन्हें करना है। उन्होंने हमें कहा है कि उनकी कोई गलती नहीं है और उन्हें सजा क्यों दी जाए।’’टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘जांच समिति नियुक्त की गई है और हम चाहते थे कि इसमें बहुमत में लोग बाहर से हों। यही कारण है कि हमने दो न्यायाधीशों को इसमें शामिल किया। हमने सुझाव दिया है कि इसकी रिपोर्ट बीसीसीआई के पास नहीं जाए और इसके निष्कषरें की जैसे हैं वैसे ही सिफारिश की जाए। हम यही चाहते हैं।’’ इस बीच हैदराबाद क्रिकेट संघ के अध्यक्ष विनोद ने भी श्रीनिवासन के इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने कहा, ‘‘जब आप बहुमत पर ध्यान देते हैं तो यह स्पष्ट दिखता है कि उनके पद छोड़ने की जरूरत है। जहां तक उनके इस्तीफे का सवाल है, इस पर चर्चा होना लाजमी है।’’ आज की मांग से हालांकि संकेत जा रहे हैं कि बोर्ड के अहम सदस्यों ने अपना रुख कड़ा कर दिया है जिसमें कई सक्रिय राजनेता भी शामिल हैं और वे अन्य लोगों को भी इस तरह की मांग के लिए राजी कर सकते हैं। शुक्ला ने कहा, ‘‘हम सुझाव देना चाहते हैं कि इस आयोग की सिफारिशें लागू करने के लिए बीसीसीआई बाध्य होगा। ऐसा नहीं होगा कि यह रिपोर्ट बीसीसीआई को भेजी जाए और वे इस पर विचार करे, यह बाध्यकारी होगी। इस पर राजी होना होगा।’’ शुक्ला ने कहा, ‘‘वह निर्वाचित अध्यक्ष हैं। हमारा यह नजरिया है कि यह अच्छा होगा कि वह प्रक्रिया से दूर रहें। जेटली का भी यही मानना है। हमने यह सुझाव दिया है और इस मुद्दे पर फैसला उन्हें करना है। उन्होंने हमें कहा है कि उनकी कोई गलती नहीं है और उन्हें सजा क्यों दी जाए।’’टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘जांच समिति नियुक्त की गई है और हम चाहते थे कि इसमें बहुमत में लोग बाहर से हों। यही कारण है कि हमने दो न्यायाधीशों को इसमें शामिल किया। हमने सुझाव दिया है कि इसकी रिपोर्ट बीसीसीआई के पास नहीं जाए और इसके निष्कषरें की जैसे हैं वैसे ही सिफारिश की जाए। हम यही चाहते हैं।’’ इस बीच हैदराबाद क्रिकेट संघ के अध्यक्ष विनोद ने भी श्रीनिवासन के इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने कहा, ‘‘जब आप बहुमत पर ध्यान देते हैं तो यह स्पष्ट दिखता है कि उनके पद छोड़ने की जरूरत है। जहां तक उनके इस्तीफे का सवाल है, इस पर चर्चा होना लाजमी है।’’ शुक्ला ने कहा, ‘‘हम सुझाव देना चाहते हैं कि इस आयोग की सिफारिशें लागू करने के लिए बीसीसीआई बाध्य होगा। ऐसा नहीं होगा कि यह रिपोर्ट बीसीसीआई को भेजी जाए और वे इस पर विचार करे, यह बाध्यकारी होगी। इस पर राजी होना होगा।’’ शुक्ला ने कहा, ‘‘वह निर्वाचित अध्यक्ष हैं। हमारा यह नजरिया है कि यह अच्छा होगा कि वह प्रक्रिया से दूर रहें। जेटली का भी यही मानना है। हमने यह सुझाव दिया है और इस मुद्दे पर फैसला उन्हें करना है। उन्होंने हमें कहा है कि उनकी कोई गलती नहीं है और उन्हें सजा क्यों दी जाए।’’टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘जांच समिति नियुक्त की गई है और हम चाहते थे कि इसमें बहुमत में लोग बाहर से हों। यही कारण है कि हमने दो न्यायाधीशों को इसमें शामिल किया। हमने सुझाव दिया है कि इसकी रिपोर्ट बीसीसीआई के पास नहीं जाए और इसके निष्कषरें की जैसे हैं वैसे ही सिफारिश की जाए। हम यही चाहते हैं।’’ इस बीच हैदराबाद क्रिकेट संघ के अध्यक्ष विनोद ने भी श्रीनिवासन के इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने कहा, ‘‘जब आप बहुमत पर ध्यान देते हैं तो यह स्पष्ट दिखता है कि उनके पद छोड़ने की जरूरत है। जहां तक उनके इस्तीफे का सवाल है, इस पर चर्चा होना लाजमी है।’’ शुक्ला ने कहा, ‘‘वह निर्वाचित अध्यक्ष हैं। हमारा यह नजरिया है कि यह अच्छा होगा कि वह प्रक्रिया से दूर रहें। जेटली का भी यही मानना है। हमने यह सुझाव दिया है और इस मुद्दे पर फैसला उन्हें करना है। उन्होंने हमें कहा है कि उनकी कोई गलती नहीं है और उन्हें सजा क्यों दी जाए।’’टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘जांच समिति नियुक्त की गई है और हम चाहते थे कि इसमें बहुमत में लोग बाहर से हों। यही कारण है कि हमने दो न्यायाधीशों को इसमें शामिल किया। हमने सुझाव दिया है कि इसकी रिपोर्ट बीसीसीआई के पास नहीं जाए और इसके निष्कषरें की जैसे हैं वैसे ही सिफारिश की जाए। हम यही चाहते हैं।’’ इस बीच हैदराबाद क्रिकेट संघ के अध्यक्ष विनोद ने भी श्रीनिवासन के इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने कहा, ‘‘जब आप बहुमत पर ध्यान देते हैं तो यह स्पष्ट दिखता है कि उनके पद छोड़ने की जरूरत है। जहां तक उनके इस्तीफे का सवाल है, इस पर चर्चा होना लाजमी है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जांच समिति नियुक्त की गई है और हम चाहते थे कि इसमें बहुमत में लोग बाहर से हों। यही कारण है कि हमने दो न्यायाधीशों को इसमें शामिल किया। हमने सुझाव दिया है कि इसकी रिपोर्ट बीसीसीआई के पास नहीं जाए और इसके निष्कषरें की जैसे हैं वैसे ही सिफारिश की जाए। हम यही चाहते हैं।’’ इस बीच हैदराबाद क्रिकेट संघ के अध्यक्ष विनोद ने भी श्रीनिवासन के इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने कहा, ‘‘जब आप बहुमत पर ध्यान देते हैं तो यह स्पष्ट दिखता है कि उनके पद छोड़ने की जरूरत है। जहां तक उनके इस्तीफे का सवाल है, इस पर चर्चा होना लाजमी है।’’ इस बीच हैदराबाद क्रिकेट संघ के अध्यक्ष विनोद ने भी श्रीनिवासन के इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने कहा, ‘‘जब आप बहुमत पर ध्यान देते हैं तो यह स्पष्ट दिखता है कि उनके पद छोड़ने की जरूरत है। जहां तक उनके इस्तीफे का सवाल है, इस पर चर्चा होना लाजमी है।’’
यह एक सारांश है: पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को बताया कि कथित रूप से क्रिकेटर श्रीसंत की गिरफ्तारी के बाद उसका पैसा और कुछ अन्य वस्तुएं छुपाने में मदद करने वाला उसका मित्र अभिषेक शुक्ला हाल में गिरफ्तार चार व्यक्तियों में शामिल है।
2
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को चेताया कि अमान्य किए गए बड़े नोटों को जमा करने की सीमा 30 दिसंबर को समाप्त होने के बाद बेइमानों को बर्बादी का सामना करना पड़ेगा और कहा कि वे भ्रष्टाचार के खिलाफ देश के मिजाज को कमतर करके नहीं आंके. मोदी ने कहा, 'बेईमान लोगों, आपको सवा सौ करोड़ लोगों के मिजाज को कमतर करके नहीं आंका जाना चाहिए. आपको भयभीत होने की जरूरत है. बेईमान लोगों की बर्बादी का समय आ गया है. यह स्वच्छता अभियान है'. प्रधानमंत्री ने कहा, 'आठ नवंबर से 50 दिनों के बाद ईमानदार लोगों की परेशानियां कम होना शुरू होंगी और बेईमान लोगों की समस्याएं बढ़ने लगेंगी'. विभिन्न आधारभूत संरचना से जुड़ी परियोजनाओं का शिलान्यास करने के बाद बांद्रा कुर्ला परिसर में एमएमआरडीए मैदान में लोगों को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, 'हमने 8 नवंबर को कालाधन और भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ा निर्णय लिया था और 125 करोड़ भारतीयों ने पीड़ा को सहा, लेकिन मेरा समर्थन करना नहीं छोड़ा. मैं देश के लोगों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि जब तक हम जीत नहीं जाते तब तक यह लड़ाई खत्म नहीं होगी'. नोटबंदी का विरोध करने वाले दलों पर प्रहार करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, 'यह सामान्य लड़ाई नहीं है. जिन लोगों ने मलाई खाई है, वे इसे विफल बनाने के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ी'. पीएम मोदी ने कहा, 'भ्रष्ट लोगों ने नोटबंदी को विफल बनाने के लिए सभी तरह के प्रयास किए. उन्होंने यहां तक कि बैंक के अधिकारियों से मिलीभगत करके कालेधन को सफेद बनाने की सोची और इस कार्य में काफी लोग पकड़े गए'. प्रधानमंत्री ने कहा, 'मैंने कहा था कि 50 दिनों तक (नोटबंदी की घोषणा के बाद) परेशानी रहेगी'. उन्होंने कहा कि लोग देशहित में इस पीड़ा को सहने को तैयार हैं. लोग आगे भी ऐसा करने को तैयार हैं. मोदी ने आरोप लगाया कि पूर्व की सरकारों के दौरान पिछले 70 वर्षों में जिन लोगों ने भ्रष्टाचार से फायदा उठाया, वे लोग यह सुनिश्चित करने के लिए पूरा जोर लगा रहे है कि नोटबंदी को विफल बनाया जाए. जो लोग 70 वर्षों तक भ्रष्ट कार्यो में लिप्त रहे, उन्हें ऐसे कार्यों के लिए कीमत चुकानी पड़ेगी. उन्होंने कहा, 'समय बदल गया है और 30 वर्षों के अंतराल के बाद पूर्ण बहुमत की सरकार सत्ता में आई है. इसे नहीं भूला जाना चाहिए'. मोदी ने कहा कि देश बदलेगा, आगे बढ़ेगा और दुनिया में सिर ऊंचा करके आगे बढ़ेगा'. प्रधानमंत्री मोदी ने इससे पहले मुंबई तट पर शिवाजी महाराज स्मारक की आधारशिला रखी और कहा कि मराठा शासक के बहुआयामी व्यक्तित्व से हम सबको सुशासन की प्रेरणा मिलती है. मैं महाराष्ट्र सरकार का आभारी हूं कि मुझे शिवाजी महाराज का जलपूजन करने का मौका मिला. उन्होंने कहा कि अगर भारत को सही मायने में पेश किया जाता है, तब उसमें वैश्विक पर्यटन को आ‍कर्षित करने की क्षमता है. आजादी के बाद अगर हमने विकास के मार्ग को अपनाया होता, तब हमें उन परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता जैसा आज करना पड़ रहा है. मोदी ने कहा कि विकास सतत होना चाहिए और इसे गरीबों के सपनों को साकार बनाने में मददगार होना चाहिए. उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास गरीबों के लिए वहनीय दवा उपलब्ध कराना सुनिश्चित करना है. जब हम सत्ता में आए थे तब 18 हजार गांवों में बिजली नहीं थी, हमने 1000 दिनों में इन गांवों में बिजली पहुंचाने का निर्णय किया.टिप्पणियां इस अवसर पर शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे भी मौजूद थे और उन्होंने भी लोगों को संबोधित किया. जब उन्होंने बोलना शुरू किया तब भाजपा कार्यकर्ताओं ने मोदी, मोदी के नारे लगाए.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) मोदी ने कहा, 'बेईमान लोगों, आपको सवा सौ करोड़ लोगों के मिजाज को कमतर करके नहीं आंका जाना चाहिए. आपको भयभीत होने की जरूरत है. बेईमान लोगों की बर्बादी का समय आ गया है. यह स्वच्छता अभियान है'. प्रधानमंत्री ने कहा, 'आठ नवंबर से 50 दिनों के बाद ईमानदार लोगों की परेशानियां कम होना शुरू होंगी और बेईमान लोगों की समस्याएं बढ़ने लगेंगी'. विभिन्न आधारभूत संरचना से जुड़ी परियोजनाओं का शिलान्यास करने के बाद बांद्रा कुर्ला परिसर में एमएमआरडीए मैदान में लोगों को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, 'हमने 8 नवंबर को कालाधन और भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ा निर्णय लिया था और 125 करोड़ भारतीयों ने पीड़ा को सहा, लेकिन मेरा समर्थन करना नहीं छोड़ा. मैं देश के लोगों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि जब तक हम जीत नहीं जाते तब तक यह लड़ाई खत्म नहीं होगी'. नोटबंदी का विरोध करने वाले दलों पर प्रहार करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, 'यह सामान्य लड़ाई नहीं है. जिन लोगों ने मलाई खाई है, वे इसे विफल बनाने के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ी'. पीएम मोदी ने कहा, 'भ्रष्ट लोगों ने नोटबंदी को विफल बनाने के लिए सभी तरह के प्रयास किए. उन्होंने यहां तक कि बैंक के अधिकारियों से मिलीभगत करके कालेधन को सफेद बनाने की सोची और इस कार्य में काफी लोग पकड़े गए'. प्रधानमंत्री ने कहा, 'मैंने कहा था कि 50 दिनों तक (नोटबंदी की घोषणा के बाद) परेशानी रहेगी'. उन्होंने कहा कि लोग देशहित में इस पीड़ा को सहने को तैयार हैं. लोग आगे भी ऐसा करने को तैयार हैं. मोदी ने आरोप लगाया कि पूर्व की सरकारों के दौरान पिछले 70 वर्षों में जिन लोगों ने भ्रष्टाचार से फायदा उठाया, वे लोग यह सुनिश्चित करने के लिए पूरा जोर लगा रहे है कि नोटबंदी को विफल बनाया जाए. जो लोग 70 वर्षों तक भ्रष्ट कार्यो में लिप्त रहे, उन्हें ऐसे कार्यों के लिए कीमत चुकानी पड़ेगी. उन्होंने कहा, 'समय बदल गया है और 30 वर्षों के अंतराल के बाद पूर्ण बहुमत की सरकार सत्ता में आई है. इसे नहीं भूला जाना चाहिए'. मोदी ने कहा कि देश बदलेगा, आगे बढ़ेगा और दुनिया में सिर ऊंचा करके आगे बढ़ेगा'. प्रधानमंत्री मोदी ने इससे पहले मुंबई तट पर शिवाजी महाराज स्मारक की आधारशिला रखी और कहा कि मराठा शासक के बहुआयामी व्यक्तित्व से हम सबको सुशासन की प्रेरणा मिलती है. मैं महाराष्ट्र सरकार का आभारी हूं कि मुझे शिवाजी महाराज का जलपूजन करने का मौका मिला. उन्होंने कहा कि अगर भारत को सही मायने में पेश किया जाता है, तब उसमें वैश्विक पर्यटन को आ‍कर्षित करने की क्षमता है. आजादी के बाद अगर हमने विकास के मार्ग को अपनाया होता, तब हमें उन परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता जैसा आज करना पड़ रहा है. मोदी ने कहा कि विकास सतत होना चाहिए और इसे गरीबों के सपनों को साकार बनाने में मददगार होना चाहिए. उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास गरीबों के लिए वहनीय दवा उपलब्ध कराना सुनिश्चित करना है. जब हम सत्ता में आए थे तब 18 हजार गांवों में बिजली नहीं थी, हमने 1000 दिनों में इन गांवों में बिजली पहुंचाने का निर्णय किया.टिप्पणियां इस अवसर पर शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे भी मौजूद थे और उन्होंने भी लोगों को संबोधित किया. जब उन्होंने बोलना शुरू किया तब भाजपा कार्यकर्ताओं ने मोदी, मोदी के नारे लगाए.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) विभिन्न आधारभूत संरचना से जुड़ी परियोजनाओं का शिलान्यास करने के बाद बांद्रा कुर्ला परिसर में एमएमआरडीए मैदान में लोगों को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, 'हमने 8 नवंबर को कालाधन और भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ा निर्णय लिया था और 125 करोड़ भारतीयों ने पीड़ा को सहा, लेकिन मेरा समर्थन करना नहीं छोड़ा. मैं देश के लोगों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि जब तक हम जीत नहीं जाते तब तक यह लड़ाई खत्म नहीं होगी'. नोटबंदी का विरोध करने वाले दलों पर प्रहार करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, 'यह सामान्य लड़ाई नहीं है. जिन लोगों ने मलाई खाई है, वे इसे विफल बनाने के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ी'. पीएम मोदी ने कहा, 'भ्रष्ट लोगों ने नोटबंदी को विफल बनाने के लिए सभी तरह के प्रयास किए. उन्होंने यहां तक कि बैंक के अधिकारियों से मिलीभगत करके कालेधन को सफेद बनाने की सोची और इस कार्य में काफी लोग पकड़े गए'. प्रधानमंत्री ने कहा, 'मैंने कहा था कि 50 दिनों तक (नोटबंदी की घोषणा के बाद) परेशानी रहेगी'. उन्होंने कहा कि लोग देशहित में इस पीड़ा को सहने को तैयार हैं. लोग आगे भी ऐसा करने को तैयार हैं. मोदी ने आरोप लगाया कि पूर्व की सरकारों के दौरान पिछले 70 वर्षों में जिन लोगों ने भ्रष्टाचार से फायदा उठाया, वे लोग यह सुनिश्चित करने के लिए पूरा जोर लगा रहे है कि नोटबंदी को विफल बनाया जाए. जो लोग 70 वर्षों तक भ्रष्ट कार्यो में लिप्त रहे, उन्हें ऐसे कार्यों के लिए कीमत चुकानी पड़ेगी. उन्होंने कहा, 'समय बदल गया है और 30 वर्षों के अंतराल के बाद पूर्ण बहुमत की सरकार सत्ता में आई है. इसे नहीं भूला जाना चाहिए'. मोदी ने कहा कि देश बदलेगा, आगे बढ़ेगा और दुनिया में सिर ऊंचा करके आगे बढ़ेगा'. प्रधानमंत्री मोदी ने इससे पहले मुंबई तट पर शिवाजी महाराज स्मारक की आधारशिला रखी और कहा कि मराठा शासक के बहुआयामी व्यक्तित्व से हम सबको सुशासन की प्रेरणा मिलती है. मैं महाराष्ट्र सरकार का आभारी हूं कि मुझे शिवाजी महाराज का जलपूजन करने का मौका मिला. उन्होंने कहा कि अगर भारत को सही मायने में पेश किया जाता है, तब उसमें वैश्विक पर्यटन को आ‍कर्षित करने की क्षमता है. आजादी के बाद अगर हमने विकास के मार्ग को अपनाया होता, तब हमें उन परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता जैसा आज करना पड़ रहा है. मोदी ने कहा कि विकास सतत होना चाहिए और इसे गरीबों के सपनों को साकार बनाने में मददगार होना चाहिए. उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास गरीबों के लिए वहनीय दवा उपलब्ध कराना सुनिश्चित करना है. जब हम सत्ता में आए थे तब 18 हजार गांवों में बिजली नहीं थी, हमने 1000 दिनों में इन गांवों में बिजली पहुंचाने का निर्णय किया.टिप्पणियां इस अवसर पर शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे भी मौजूद थे और उन्होंने भी लोगों को संबोधित किया. जब उन्होंने बोलना शुरू किया तब भाजपा कार्यकर्ताओं ने मोदी, मोदी के नारे लगाए.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) नोटबंदी का विरोध करने वाले दलों पर प्रहार करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, 'यह सामान्य लड़ाई नहीं है. जिन लोगों ने मलाई खाई है, वे इसे विफल बनाने के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ी'. पीएम मोदी ने कहा, 'भ्रष्ट लोगों ने नोटबंदी को विफल बनाने के लिए सभी तरह के प्रयास किए. उन्होंने यहां तक कि बैंक के अधिकारियों से मिलीभगत करके कालेधन को सफेद बनाने की सोची और इस कार्य में काफी लोग पकड़े गए'. प्रधानमंत्री ने कहा, 'मैंने कहा था कि 50 दिनों तक (नोटबंदी की घोषणा के बाद) परेशानी रहेगी'. उन्होंने कहा कि लोग देशहित में इस पीड़ा को सहने को तैयार हैं. लोग आगे भी ऐसा करने को तैयार हैं. मोदी ने आरोप लगाया कि पूर्व की सरकारों के दौरान पिछले 70 वर्षों में जिन लोगों ने भ्रष्टाचार से फायदा उठाया, वे लोग यह सुनिश्चित करने के लिए पूरा जोर लगा रहे है कि नोटबंदी को विफल बनाया जाए. जो लोग 70 वर्षों तक भ्रष्ट कार्यो में लिप्त रहे, उन्हें ऐसे कार्यों के लिए कीमत चुकानी पड़ेगी. उन्होंने कहा, 'समय बदल गया है और 30 वर्षों के अंतराल के बाद पूर्ण बहुमत की सरकार सत्ता में आई है. इसे नहीं भूला जाना चाहिए'. मोदी ने कहा कि देश बदलेगा, आगे बढ़ेगा और दुनिया में सिर ऊंचा करके आगे बढ़ेगा'. प्रधानमंत्री मोदी ने इससे पहले मुंबई तट पर शिवाजी महाराज स्मारक की आधारशिला रखी और कहा कि मराठा शासक के बहुआयामी व्यक्तित्व से हम सबको सुशासन की प्रेरणा मिलती है. मैं महाराष्ट्र सरकार का आभारी हूं कि मुझे शिवाजी महाराज का जलपूजन करने का मौका मिला. उन्होंने कहा कि अगर भारत को सही मायने में पेश किया जाता है, तब उसमें वैश्विक पर्यटन को आ‍कर्षित करने की क्षमता है. आजादी के बाद अगर हमने विकास के मार्ग को अपनाया होता, तब हमें उन परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता जैसा आज करना पड़ रहा है. मोदी ने कहा कि विकास सतत होना चाहिए और इसे गरीबों के सपनों को साकार बनाने में मददगार होना चाहिए. उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास गरीबों के लिए वहनीय दवा उपलब्ध कराना सुनिश्चित करना है. जब हम सत्ता में आए थे तब 18 हजार गांवों में बिजली नहीं थी, हमने 1000 दिनों में इन गांवों में बिजली पहुंचाने का निर्णय किया.टिप्पणियां इस अवसर पर शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे भी मौजूद थे और उन्होंने भी लोगों को संबोधित किया. जब उन्होंने बोलना शुरू किया तब भाजपा कार्यकर्ताओं ने मोदी, मोदी के नारे लगाए.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) प्रधानमंत्री ने कहा, 'मैंने कहा था कि 50 दिनों तक (नोटबंदी की घोषणा के बाद) परेशानी रहेगी'. उन्होंने कहा कि लोग देशहित में इस पीड़ा को सहने को तैयार हैं. लोग आगे भी ऐसा करने को तैयार हैं. मोदी ने आरोप लगाया कि पूर्व की सरकारों के दौरान पिछले 70 वर्षों में जिन लोगों ने भ्रष्टाचार से फायदा उठाया, वे लोग यह सुनिश्चित करने के लिए पूरा जोर लगा रहे है कि नोटबंदी को विफल बनाया जाए. जो लोग 70 वर्षों तक भ्रष्ट कार्यो में लिप्त रहे, उन्हें ऐसे कार्यों के लिए कीमत चुकानी पड़ेगी. उन्होंने कहा, 'समय बदल गया है और 30 वर्षों के अंतराल के बाद पूर्ण बहुमत की सरकार सत्ता में आई है. इसे नहीं भूला जाना चाहिए'. मोदी ने कहा कि देश बदलेगा, आगे बढ़ेगा और दुनिया में सिर ऊंचा करके आगे बढ़ेगा'. प्रधानमंत्री मोदी ने इससे पहले मुंबई तट पर शिवाजी महाराज स्मारक की आधारशिला रखी और कहा कि मराठा शासक के बहुआयामी व्यक्तित्व से हम सबको सुशासन की प्रेरणा मिलती है. मैं महाराष्ट्र सरकार का आभारी हूं कि मुझे शिवाजी महाराज का जलपूजन करने का मौका मिला. उन्होंने कहा कि अगर भारत को सही मायने में पेश किया जाता है, तब उसमें वैश्विक पर्यटन को आ‍कर्षित करने की क्षमता है. आजादी के बाद अगर हमने विकास के मार्ग को अपनाया होता, तब हमें उन परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता जैसा आज करना पड़ रहा है. मोदी ने कहा कि विकास सतत होना चाहिए और इसे गरीबों के सपनों को साकार बनाने में मददगार होना चाहिए. उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास गरीबों के लिए वहनीय दवा उपलब्ध कराना सुनिश्चित करना है. जब हम सत्ता में आए थे तब 18 हजार गांवों में बिजली नहीं थी, हमने 1000 दिनों में इन गांवों में बिजली पहुंचाने का निर्णय किया.टिप्पणियां इस अवसर पर शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे भी मौजूद थे और उन्होंने भी लोगों को संबोधित किया. जब उन्होंने बोलना शुरू किया तब भाजपा कार्यकर्ताओं ने मोदी, मोदी के नारे लगाए.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा, 'समय बदल गया है और 30 वर्षों के अंतराल के बाद पूर्ण बहुमत की सरकार सत्ता में आई है. इसे नहीं भूला जाना चाहिए'. मोदी ने कहा कि देश बदलेगा, आगे बढ़ेगा और दुनिया में सिर ऊंचा करके आगे बढ़ेगा'. प्रधानमंत्री मोदी ने इससे पहले मुंबई तट पर शिवाजी महाराज स्मारक की आधारशिला रखी और कहा कि मराठा शासक के बहुआयामी व्यक्तित्व से हम सबको सुशासन की प्रेरणा मिलती है. मैं महाराष्ट्र सरकार का आभारी हूं कि मुझे शिवाजी महाराज का जलपूजन करने का मौका मिला. उन्होंने कहा कि अगर भारत को सही मायने में पेश किया जाता है, तब उसमें वैश्विक पर्यटन को आ‍कर्षित करने की क्षमता है. आजादी के बाद अगर हमने विकास के मार्ग को अपनाया होता, तब हमें उन परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता जैसा आज करना पड़ रहा है. मोदी ने कहा कि विकास सतत होना चाहिए और इसे गरीबों के सपनों को साकार बनाने में मददगार होना चाहिए. उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास गरीबों के लिए वहनीय दवा उपलब्ध कराना सुनिश्चित करना है. जब हम सत्ता में आए थे तब 18 हजार गांवों में बिजली नहीं थी, हमने 1000 दिनों में इन गांवों में बिजली पहुंचाने का निर्णय किया.टिप्पणियां इस अवसर पर शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे भी मौजूद थे और उन्होंने भी लोगों को संबोधित किया. जब उन्होंने बोलना शुरू किया तब भाजपा कार्यकर्ताओं ने मोदी, मोदी के नारे लगाए.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) प्रधानमंत्री मोदी ने इससे पहले मुंबई तट पर शिवाजी महाराज स्मारक की आधारशिला रखी और कहा कि मराठा शासक के बहुआयामी व्यक्तित्व से हम सबको सुशासन की प्रेरणा मिलती है. मैं महाराष्ट्र सरकार का आभारी हूं कि मुझे शिवाजी महाराज का जलपूजन करने का मौका मिला. उन्होंने कहा कि अगर भारत को सही मायने में पेश किया जाता है, तब उसमें वैश्विक पर्यटन को आ‍कर्षित करने की क्षमता है. आजादी के बाद अगर हमने विकास के मार्ग को अपनाया होता, तब हमें उन परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता जैसा आज करना पड़ रहा है. मोदी ने कहा कि विकास सतत होना चाहिए और इसे गरीबों के सपनों को साकार बनाने में मददगार होना चाहिए. उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास गरीबों के लिए वहनीय दवा उपलब्ध कराना सुनिश्चित करना है. जब हम सत्ता में आए थे तब 18 हजार गांवों में बिजली नहीं थी, हमने 1000 दिनों में इन गांवों में बिजली पहुंचाने का निर्णय किया.टिप्पणियां इस अवसर पर शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे भी मौजूद थे और उन्होंने भी लोगों को संबोधित किया. जब उन्होंने बोलना शुरू किया तब भाजपा कार्यकर्ताओं ने मोदी, मोदी के नारे लगाए.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) मोदी ने कहा कि विकास सतत होना चाहिए और इसे गरीबों के सपनों को साकार बनाने में मददगार होना चाहिए. उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास गरीबों के लिए वहनीय दवा उपलब्ध कराना सुनिश्चित करना है. जब हम सत्ता में आए थे तब 18 हजार गांवों में बिजली नहीं थी, हमने 1000 दिनों में इन गांवों में बिजली पहुंचाने का निर्णय किया.टिप्पणियां इस अवसर पर शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे भी मौजूद थे और उन्होंने भी लोगों को संबोधित किया. जब उन्होंने बोलना शुरू किया तब भाजपा कार्यकर्ताओं ने मोदी, मोदी के नारे लगाए.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास गरीबों के लिए वहनीय दवा उपलब्ध कराना सुनिश्चित करना है. जब हम सत्ता में आए थे तब 18 हजार गांवों में बिजली नहीं थी, हमने 1000 दिनों में इन गांवों में बिजली पहुंचाने का निर्णय किया.टिप्पणियां इस अवसर पर शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे भी मौजूद थे और उन्होंने भी लोगों को संबोधित किया. जब उन्होंने बोलना शुरू किया तब भाजपा कार्यकर्ताओं ने मोदी, मोदी के नारे लगाए.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इस अवसर पर शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे भी मौजूद थे और उन्होंने भी लोगों को संबोधित किया. जब उन्होंने बोलना शुरू किया तब भाजपा कार्यकर्ताओं ने मोदी, मोदी के नारे लगाए.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: भ्रष्टाचार के खिलाफ देश के मिजाज को कमतर करके नहीं आंके- पीएम मोदी बेईमान लोगों की बर्बादी का समय आ गया है. यह स्वच्छता अभियान- प्रधानमंत्री जब तक हम जीत नहीं जाते तब तक लड़ाई खत्म नहीं होगी- पीएम
3
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: विमानन नियामक डीजीसीए ने किंगफिशर एयरलाइंस के संकट के संबंध में अपनी अंतरिम रिपोर्ट मंगलवार को नागर विमानन मंत्रालय को सौंपी। रिपोर्ट में परिचालन सुरक्षा से लेकर वित्तीय संकट से संबद्ध मुद्दों का जिक्र है। ऐसा समझा जाता है कि नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने रिपोर्ट में वेतन नहीं मिलने के कारण इंजीनियरों तथा पायलटों की छह दिन से जारी हड़ताल मामले को प्रमुखता से उठाया है। इसके अलावा प्रबंधन द्वारा कल तक आशिंक तालाबंदी की घोषणा का भी जिक्र किया है। साथ ही परिचालन सुरक्षा की खामियों को उठाया है।टिप्पणियां नियामक ने संभवत: कहा है कि वेतन का भुगतान नहीं होना गंभीर चिंता का कारण है। यह न केवल कर्मचारियों के लिये चिंता का कारण है बल्कि इसका सुरक्षा पर भी असर पड़ रहा है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि डीजीसीए ने एयरलाइन अधिकारियों से यह स्पष्ट करने को कहा है कि वे जब उड़ान शुरू करेंगे तो परिचालन संबंधी तैयारी कैसे करेंगे। नियामक ने यह भी कहा कि विमानन कंपनी को परिचालन शुरू करने से पहले नियामक से मंजूरी लेनी चाहिए। ऐसा समझा जाता है कि नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने रिपोर्ट में वेतन नहीं मिलने के कारण इंजीनियरों तथा पायलटों की छह दिन से जारी हड़ताल मामले को प्रमुखता से उठाया है। इसके अलावा प्रबंधन द्वारा कल तक आशिंक तालाबंदी की घोषणा का भी जिक्र किया है। साथ ही परिचालन सुरक्षा की खामियों को उठाया है।टिप्पणियां नियामक ने संभवत: कहा है कि वेतन का भुगतान नहीं होना गंभीर चिंता का कारण है। यह न केवल कर्मचारियों के लिये चिंता का कारण है बल्कि इसका सुरक्षा पर भी असर पड़ रहा है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि डीजीसीए ने एयरलाइन अधिकारियों से यह स्पष्ट करने को कहा है कि वे जब उड़ान शुरू करेंगे तो परिचालन संबंधी तैयारी कैसे करेंगे। नियामक ने यह भी कहा कि विमानन कंपनी को परिचालन शुरू करने से पहले नियामक से मंजूरी लेनी चाहिए। नियामक ने संभवत: कहा है कि वेतन का भुगतान नहीं होना गंभीर चिंता का कारण है। यह न केवल कर्मचारियों के लिये चिंता का कारण है बल्कि इसका सुरक्षा पर भी असर पड़ रहा है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि डीजीसीए ने एयरलाइन अधिकारियों से यह स्पष्ट करने को कहा है कि वे जब उड़ान शुरू करेंगे तो परिचालन संबंधी तैयारी कैसे करेंगे। नियामक ने यह भी कहा कि विमानन कंपनी को परिचालन शुरू करने से पहले नियामक से मंजूरी लेनी चाहिए। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि डीजीसीए ने एयरलाइन अधिकारियों से यह स्पष्ट करने को कहा है कि वे जब उड़ान शुरू करेंगे तो परिचालन संबंधी तैयारी कैसे करेंगे। नियामक ने यह भी कहा कि विमानन कंपनी को परिचालन शुरू करने से पहले नियामक से मंजूरी लेनी चाहिए।
यह एक सारांश है: विमानन नियामक डीजीसीए ने किंगफिशर एयरलाइंस के संकट के संबंध में अपनी अंतरिम रिपोर्ट मंगलवार को नागर विमानन मंत्रालय को सौंपी। रिपोर्ट में परिचालन सुरक्षा से लेकर वित्तीय संकट से संबद्ध मुद्दों का जिक्र है।
2
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय टीम ने अपनी शानदार गेंदबाजी और विराट कोहली (नाबाद 77) की प्रशंसनीय बल्लेबाजी की मदद से रांची के जेएससीए अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में शनिवार को खेले गए तीसरे एकदिवसीय मैच में इंग्लैंड को सात विकेट से हराकर सीरीज में 2-1 से बढ़त हासिल कर ली। भारत ने टॉस जीतकर इंग्लैंड को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया था। इंग्लैंड के 156 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने 28.1 ओवरों में तीन विकेट खोकर मैच अपने नाम कर लिया। भारत के लिए विराट कोहली ने सबसे अधिक रनों का योगदान दिया। उन्होंने अपनी पारी में नौ चौके और दो छक्के लगाए। सलामी बल्लेबाज गौतम गम्भीर ने 39 रनों को योगदान दिया। उन्हें ट्रैडवेल की गेंद पर जोए रूट ने कैच किया। तीसरे विकेट के लिए बल्लेबाजी करने उतरे युवराज सिंह ने भी अपनी 30 रनों की आकर्षक पारी में छह चौके जमाए। उन्हें जेम्स ट्रैंडवेल ने बोल्ड किया। भारतीय टीम की ओर से कोहली और गम्भीर के बीच 67 रनों और कोहली और युवराज के बीच 66 रनों की साझेदारी हुई। चौथे विकेट के लिए बल्लेबाजी करने आए कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने मैच का विजयी शॉट लगाया।    भारतीय पारी की शुरुआत अच्छी नहीं रही और गम्भीर के साथ पारी की शुरुआत करने आए अजिंक्य रहाणे बिना कोई रन बनाए स्टीवन फिन की गेंद पर बोल्ड हो गए। इस वक्त टीम का कुल योग 11 रन था। इंग्लैंड की ओर से ट्रैडवेल ने दो और फिन ने एक विकेट हासिल किया। इससे पहले, इंग्लैंड की पूरी टीम 42.2 ओवरों में 155 रन बनाकर ऑल आउट हो गई। रूट ने सर्वाधिक 39, इयान बेल और टिम ब्रेसनन ने टीम के कुल योग में 25-25 रनों का योगदान दिया। रूट ने अपनी पारी में चार चौके लगाए। उनके अलावा कोई भी बल्लेबाज क्रीज पर अधिक समय नहीं बिता सका। रूट और ब्रेसनन के बीच सातवें विकेट के लिए 47 रनों की साझेदारी हुई। इंग्लैंड के तीन बल्लेबाज अपना खाता भी नहीं खोल सके। इंग्लैंड ने पारी की धीमी शुरुआत की और उसे 24 रनों के कुल योग पर कप्तान एलिस्टर कुक (17) के रूप में पहला झटका लगा। कुक को युवा गेंदबाज शमी अहमद ने पगबाधा आउट किया। उनके बाद खेलने आए केविन पीटरसन भी अधिक देर तक नहीं टिक सके और ईशांत शर्मा की गेंद पर विकेटों के पीछे कैच थमा बैठे। पीटरसन ने 17 रनों का योगदान दिया। पीटरसन और बेल के बीच दूसरे विकेट के लिए 44 रनों की साझेदारी हुई। इंग्लैंड को 68 रनों के कुल योग पर तीसरा झटका लगा। सलामी बल्लेबाज इयान बेल 25 रनों के निजी स्कोर पर भुवनेश्वर कुमार की गेंद पर कप्तान धोनी के हाथों कैच हो गए। बेल ने अपनी पारी में 43 गेंदों में तीन चौके लगाए। इंग्लैड का चौथा विकेट इयोन मोर्गन (10) के रूप में गिरा। उन्हें 97 रन के कुल योग पर रविचंद्रन अश्विन ने युवराज सिंह के हाथों कैच आउट कराया। उनके बाद क्रीज पर आए क्रेग कीसवेटर खाता भी नहीं खोल सके और रवीन्द्र जडेजा की गेंद पर क्लीन बोल्ड हो गए। जडेजा ने अपने इसी ओवर में समित पटेल को शून्य पर आउट कर इंग्लैंड को छठा झटका दिया। मेहमान टीम का सातवां विकेट 145 के कुल योग पर रूट के रूप में गिरा। वह ईशांत की गेंद पर विकेट के पीछे कैच थमा बैठे। उनके बाद कोई भी बल्लेबाज भारतीय गेंदबाजी का सामना नहीं कर सका और आखिरी तीन खिलाड़ी टीम के लिए महज 10 रन ही जुटा पाए।टिप्पणियां इंग्लैंड का नौवां विकेट फिन (3) के रूप में गिरा। अंतिम विकेट के लिए बल्लेबाजी करने आए जेड डेर्नबैक खाता खोले बिना ही जडेजा की गेंद पर बोल्ड हो गए। भारत की ओर से जडेजा ने तीन और ईशांत व अश्विन ने दो-दो विकेट झटके। शमी, भुवनेश्वर और सुरेश रैना ने भी एक-एक विकेट चटकाए। भारत ने टॉस जीतकर इंग्लैंड को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया था। इंग्लैंड के 156 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने 28.1 ओवरों में तीन विकेट खोकर मैच अपने नाम कर लिया। भारत के लिए विराट कोहली ने सबसे अधिक रनों का योगदान दिया। उन्होंने अपनी पारी में नौ चौके और दो छक्के लगाए। सलामी बल्लेबाज गौतम गम्भीर ने 39 रनों को योगदान दिया। उन्हें ट्रैडवेल की गेंद पर जोए रूट ने कैच किया। तीसरे विकेट के लिए बल्लेबाजी करने उतरे युवराज सिंह ने भी अपनी 30 रनों की आकर्षक पारी में छह चौके जमाए। उन्हें जेम्स ट्रैंडवेल ने बोल्ड किया। भारतीय टीम की ओर से कोहली और गम्भीर के बीच 67 रनों और कोहली और युवराज के बीच 66 रनों की साझेदारी हुई। चौथे विकेट के लिए बल्लेबाजी करने आए कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने मैच का विजयी शॉट लगाया।    भारतीय पारी की शुरुआत अच्छी नहीं रही और गम्भीर के साथ पारी की शुरुआत करने आए अजिंक्य रहाणे बिना कोई रन बनाए स्टीवन फिन की गेंद पर बोल्ड हो गए। इस वक्त टीम का कुल योग 11 रन था। इंग्लैंड की ओर से ट्रैडवेल ने दो और फिन ने एक विकेट हासिल किया। इससे पहले, इंग्लैंड की पूरी टीम 42.2 ओवरों में 155 रन बनाकर ऑल आउट हो गई। रूट ने सर्वाधिक 39, इयान बेल और टिम ब्रेसनन ने टीम के कुल योग में 25-25 रनों का योगदान दिया। रूट ने अपनी पारी में चार चौके लगाए। उनके अलावा कोई भी बल्लेबाज क्रीज पर अधिक समय नहीं बिता सका। रूट और ब्रेसनन के बीच सातवें विकेट के लिए 47 रनों की साझेदारी हुई। इंग्लैंड के तीन बल्लेबाज अपना खाता भी नहीं खोल सके। इंग्लैंड ने पारी की धीमी शुरुआत की और उसे 24 रनों के कुल योग पर कप्तान एलिस्टर कुक (17) के रूप में पहला झटका लगा। कुक को युवा गेंदबाज शमी अहमद ने पगबाधा आउट किया। उनके बाद खेलने आए केविन पीटरसन भी अधिक देर तक नहीं टिक सके और ईशांत शर्मा की गेंद पर विकेटों के पीछे कैच थमा बैठे। पीटरसन ने 17 रनों का योगदान दिया। पीटरसन और बेल के बीच दूसरे विकेट के लिए 44 रनों की साझेदारी हुई। इंग्लैंड को 68 रनों के कुल योग पर तीसरा झटका लगा। सलामी बल्लेबाज इयान बेल 25 रनों के निजी स्कोर पर भुवनेश्वर कुमार की गेंद पर कप्तान धोनी के हाथों कैच हो गए। बेल ने अपनी पारी में 43 गेंदों में तीन चौके लगाए। इंग्लैड का चौथा विकेट इयोन मोर्गन (10) के रूप में गिरा। उन्हें 97 रन के कुल योग पर रविचंद्रन अश्विन ने युवराज सिंह के हाथों कैच आउट कराया। उनके बाद क्रीज पर आए क्रेग कीसवेटर खाता भी नहीं खोल सके और रवीन्द्र जडेजा की गेंद पर क्लीन बोल्ड हो गए। जडेजा ने अपने इसी ओवर में समित पटेल को शून्य पर आउट कर इंग्लैंड को छठा झटका दिया। मेहमान टीम का सातवां विकेट 145 के कुल योग पर रूट के रूप में गिरा। वह ईशांत की गेंद पर विकेट के पीछे कैच थमा बैठे। उनके बाद कोई भी बल्लेबाज भारतीय गेंदबाजी का सामना नहीं कर सका और आखिरी तीन खिलाड़ी टीम के लिए महज 10 रन ही जुटा पाए।टिप्पणियां इंग्लैंड का नौवां विकेट फिन (3) के रूप में गिरा। अंतिम विकेट के लिए बल्लेबाजी करने आए जेड डेर्नबैक खाता खोले बिना ही जडेजा की गेंद पर बोल्ड हो गए। भारत की ओर से जडेजा ने तीन और ईशांत व अश्विन ने दो-दो विकेट झटके। शमी, भुवनेश्वर और सुरेश रैना ने भी एक-एक विकेट चटकाए। भारत के लिए विराट कोहली ने सबसे अधिक रनों का योगदान दिया। उन्होंने अपनी पारी में नौ चौके और दो छक्के लगाए। सलामी बल्लेबाज गौतम गम्भीर ने 39 रनों को योगदान दिया। उन्हें ट्रैडवेल की गेंद पर जोए रूट ने कैच किया। तीसरे विकेट के लिए बल्लेबाजी करने उतरे युवराज सिंह ने भी अपनी 30 रनों की आकर्षक पारी में छह चौके जमाए। उन्हें जेम्स ट्रैंडवेल ने बोल्ड किया। भारतीय टीम की ओर से कोहली और गम्भीर के बीच 67 रनों और कोहली और युवराज के बीच 66 रनों की साझेदारी हुई। चौथे विकेट के लिए बल्लेबाजी करने आए कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने मैच का विजयी शॉट लगाया।    भारतीय पारी की शुरुआत अच्छी नहीं रही और गम्भीर के साथ पारी की शुरुआत करने आए अजिंक्य रहाणे बिना कोई रन बनाए स्टीवन फिन की गेंद पर बोल्ड हो गए। इस वक्त टीम का कुल योग 11 रन था। इंग्लैंड की ओर से ट्रैडवेल ने दो और फिन ने एक विकेट हासिल किया। इससे पहले, इंग्लैंड की पूरी टीम 42.2 ओवरों में 155 रन बनाकर ऑल आउट हो गई। रूट ने सर्वाधिक 39, इयान बेल और टिम ब्रेसनन ने टीम के कुल योग में 25-25 रनों का योगदान दिया। रूट ने अपनी पारी में चार चौके लगाए। उनके अलावा कोई भी बल्लेबाज क्रीज पर अधिक समय नहीं बिता सका। रूट और ब्रेसनन के बीच सातवें विकेट के लिए 47 रनों की साझेदारी हुई। इंग्लैंड के तीन बल्लेबाज अपना खाता भी नहीं खोल सके। इंग्लैंड ने पारी की धीमी शुरुआत की और उसे 24 रनों के कुल योग पर कप्तान एलिस्टर कुक (17) के रूप में पहला झटका लगा। कुक को युवा गेंदबाज शमी अहमद ने पगबाधा आउट किया। उनके बाद खेलने आए केविन पीटरसन भी अधिक देर तक नहीं टिक सके और ईशांत शर्मा की गेंद पर विकेटों के पीछे कैच थमा बैठे। पीटरसन ने 17 रनों का योगदान दिया। पीटरसन और बेल के बीच दूसरे विकेट के लिए 44 रनों की साझेदारी हुई। इंग्लैंड को 68 रनों के कुल योग पर तीसरा झटका लगा। सलामी बल्लेबाज इयान बेल 25 रनों के निजी स्कोर पर भुवनेश्वर कुमार की गेंद पर कप्तान धोनी के हाथों कैच हो गए। बेल ने अपनी पारी में 43 गेंदों में तीन चौके लगाए। इंग्लैड का चौथा विकेट इयोन मोर्गन (10) के रूप में गिरा। उन्हें 97 रन के कुल योग पर रविचंद्रन अश्विन ने युवराज सिंह के हाथों कैच आउट कराया। उनके बाद क्रीज पर आए क्रेग कीसवेटर खाता भी नहीं खोल सके और रवीन्द्र जडेजा की गेंद पर क्लीन बोल्ड हो गए। जडेजा ने अपने इसी ओवर में समित पटेल को शून्य पर आउट कर इंग्लैंड को छठा झटका दिया। मेहमान टीम का सातवां विकेट 145 के कुल योग पर रूट के रूप में गिरा। वह ईशांत की गेंद पर विकेट के पीछे कैच थमा बैठे। उनके बाद कोई भी बल्लेबाज भारतीय गेंदबाजी का सामना नहीं कर सका और आखिरी तीन खिलाड़ी टीम के लिए महज 10 रन ही जुटा पाए।टिप्पणियां इंग्लैंड का नौवां विकेट फिन (3) के रूप में गिरा। अंतिम विकेट के लिए बल्लेबाजी करने आए जेड डेर्नबैक खाता खोले बिना ही जडेजा की गेंद पर बोल्ड हो गए। भारत की ओर से जडेजा ने तीन और ईशांत व अश्विन ने दो-दो विकेट झटके। शमी, भुवनेश्वर और सुरेश रैना ने भी एक-एक विकेट चटकाए। भारतीय टीम की ओर से कोहली और गम्भीर के बीच 67 रनों और कोहली और युवराज के बीच 66 रनों की साझेदारी हुई। चौथे विकेट के लिए बल्लेबाजी करने आए कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने मैच का विजयी शॉट लगाया।    भारतीय पारी की शुरुआत अच्छी नहीं रही और गम्भीर के साथ पारी की शुरुआत करने आए अजिंक्य रहाणे बिना कोई रन बनाए स्टीवन फिन की गेंद पर बोल्ड हो गए। इस वक्त टीम का कुल योग 11 रन था। इंग्लैंड की ओर से ट्रैडवेल ने दो और फिन ने एक विकेट हासिल किया। इससे पहले, इंग्लैंड की पूरी टीम 42.2 ओवरों में 155 रन बनाकर ऑल आउट हो गई। रूट ने सर्वाधिक 39, इयान बेल और टिम ब्रेसनन ने टीम के कुल योग में 25-25 रनों का योगदान दिया। रूट ने अपनी पारी में चार चौके लगाए। उनके अलावा कोई भी बल्लेबाज क्रीज पर अधिक समय नहीं बिता सका। रूट और ब्रेसनन के बीच सातवें विकेट के लिए 47 रनों की साझेदारी हुई। इंग्लैंड के तीन बल्लेबाज अपना खाता भी नहीं खोल सके। इंग्लैंड ने पारी की धीमी शुरुआत की और उसे 24 रनों के कुल योग पर कप्तान एलिस्टर कुक (17) के रूप में पहला झटका लगा। कुक को युवा गेंदबाज शमी अहमद ने पगबाधा आउट किया। उनके बाद खेलने आए केविन पीटरसन भी अधिक देर तक नहीं टिक सके और ईशांत शर्मा की गेंद पर विकेटों के पीछे कैच थमा बैठे। पीटरसन ने 17 रनों का योगदान दिया। पीटरसन और बेल के बीच दूसरे विकेट के लिए 44 रनों की साझेदारी हुई। इंग्लैंड को 68 रनों के कुल योग पर तीसरा झटका लगा। सलामी बल्लेबाज इयान बेल 25 रनों के निजी स्कोर पर भुवनेश्वर कुमार की गेंद पर कप्तान धोनी के हाथों कैच हो गए। बेल ने अपनी पारी में 43 गेंदों में तीन चौके लगाए। इंग्लैड का चौथा विकेट इयोन मोर्गन (10) के रूप में गिरा। उन्हें 97 रन के कुल योग पर रविचंद्रन अश्विन ने युवराज सिंह के हाथों कैच आउट कराया। उनके बाद क्रीज पर आए क्रेग कीसवेटर खाता भी नहीं खोल सके और रवीन्द्र जडेजा की गेंद पर क्लीन बोल्ड हो गए। जडेजा ने अपने इसी ओवर में समित पटेल को शून्य पर आउट कर इंग्लैंड को छठा झटका दिया। मेहमान टीम का सातवां विकेट 145 के कुल योग पर रूट के रूप में गिरा। वह ईशांत की गेंद पर विकेट के पीछे कैच थमा बैठे। उनके बाद कोई भी बल्लेबाज भारतीय गेंदबाजी का सामना नहीं कर सका और आखिरी तीन खिलाड़ी टीम के लिए महज 10 रन ही जुटा पाए।टिप्पणियां इंग्लैंड का नौवां विकेट फिन (3) के रूप में गिरा। अंतिम विकेट के लिए बल्लेबाजी करने आए जेड डेर्नबैक खाता खोले बिना ही जडेजा की गेंद पर बोल्ड हो गए। भारत की ओर से जडेजा ने तीन और ईशांत व अश्विन ने दो-दो विकेट झटके। शमी, भुवनेश्वर और सुरेश रैना ने भी एक-एक विकेट चटकाए। भारतीय पारी की शुरुआत अच्छी नहीं रही और गम्भीर के साथ पारी की शुरुआत करने आए अजिंक्य रहाणे बिना कोई रन बनाए स्टीवन फिन की गेंद पर बोल्ड हो गए। इस वक्त टीम का कुल योग 11 रन था। इंग्लैंड की ओर से ट्रैडवेल ने दो और फिन ने एक विकेट हासिल किया। इससे पहले, इंग्लैंड की पूरी टीम 42.2 ओवरों में 155 रन बनाकर ऑल आउट हो गई। रूट ने सर्वाधिक 39, इयान बेल और टिम ब्रेसनन ने टीम के कुल योग में 25-25 रनों का योगदान दिया। रूट ने अपनी पारी में चार चौके लगाए। उनके अलावा कोई भी बल्लेबाज क्रीज पर अधिक समय नहीं बिता सका। रूट और ब्रेसनन के बीच सातवें विकेट के लिए 47 रनों की साझेदारी हुई। इंग्लैंड के तीन बल्लेबाज अपना खाता भी नहीं खोल सके। इंग्लैंड ने पारी की धीमी शुरुआत की और उसे 24 रनों के कुल योग पर कप्तान एलिस्टर कुक (17) के रूप में पहला झटका लगा। कुक को युवा गेंदबाज शमी अहमद ने पगबाधा आउट किया। उनके बाद खेलने आए केविन पीटरसन भी अधिक देर तक नहीं टिक सके और ईशांत शर्मा की गेंद पर विकेटों के पीछे कैच थमा बैठे। पीटरसन ने 17 रनों का योगदान दिया। पीटरसन और बेल के बीच दूसरे विकेट के लिए 44 रनों की साझेदारी हुई। इंग्लैंड को 68 रनों के कुल योग पर तीसरा झटका लगा। सलामी बल्लेबाज इयान बेल 25 रनों के निजी स्कोर पर भुवनेश्वर कुमार की गेंद पर कप्तान धोनी के हाथों कैच हो गए। बेल ने अपनी पारी में 43 गेंदों में तीन चौके लगाए। इंग्लैड का चौथा विकेट इयोन मोर्गन (10) के रूप में गिरा। उन्हें 97 रन के कुल योग पर रविचंद्रन अश्विन ने युवराज सिंह के हाथों कैच आउट कराया। उनके बाद क्रीज पर आए क्रेग कीसवेटर खाता भी नहीं खोल सके और रवीन्द्र जडेजा की गेंद पर क्लीन बोल्ड हो गए। जडेजा ने अपने इसी ओवर में समित पटेल को शून्य पर आउट कर इंग्लैंड को छठा झटका दिया। मेहमान टीम का सातवां विकेट 145 के कुल योग पर रूट के रूप में गिरा। वह ईशांत की गेंद पर विकेट के पीछे कैच थमा बैठे। उनके बाद कोई भी बल्लेबाज भारतीय गेंदबाजी का सामना नहीं कर सका और आखिरी तीन खिलाड़ी टीम के लिए महज 10 रन ही जुटा पाए।टिप्पणियां इंग्लैंड का नौवां विकेट फिन (3) के रूप में गिरा। अंतिम विकेट के लिए बल्लेबाजी करने आए जेड डेर्नबैक खाता खोले बिना ही जडेजा की गेंद पर बोल्ड हो गए। भारत की ओर से जडेजा ने तीन और ईशांत व अश्विन ने दो-दो विकेट झटके। शमी, भुवनेश्वर और सुरेश रैना ने भी एक-एक विकेट चटकाए। इंग्लैंड की ओर से ट्रैडवेल ने दो और फिन ने एक विकेट हासिल किया। इससे पहले, इंग्लैंड की पूरी टीम 42.2 ओवरों में 155 रन बनाकर ऑल आउट हो गई। रूट ने सर्वाधिक 39, इयान बेल और टिम ब्रेसनन ने टीम के कुल योग में 25-25 रनों का योगदान दिया। रूट ने अपनी पारी में चार चौके लगाए। उनके अलावा कोई भी बल्लेबाज क्रीज पर अधिक समय नहीं बिता सका। रूट और ब्रेसनन के बीच सातवें विकेट के लिए 47 रनों की साझेदारी हुई। इंग्लैंड के तीन बल्लेबाज अपना खाता भी नहीं खोल सके। इंग्लैंड ने पारी की धीमी शुरुआत की और उसे 24 रनों के कुल योग पर कप्तान एलिस्टर कुक (17) के रूप में पहला झटका लगा। कुक को युवा गेंदबाज शमी अहमद ने पगबाधा आउट किया। उनके बाद खेलने आए केविन पीटरसन भी अधिक देर तक नहीं टिक सके और ईशांत शर्मा की गेंद पर विकेटों के पीछे कैच थमा बैठे। पीटरसन ने 17 रनों का योगदान दिया। पीटरसन और बेल के बीच दूसरे विकेट के लिए 44 रनों की साझेदारी हुई। इंग्लैंड को 68 रनों के कुल योग पर तीसरा झटका लगा। सलामी बल्लेबाज इयान बेल 25 रनों के निजी स्कोर पर भुवनेश्वर कुमार की गेंद पर कप्तान धोनी के हाथों कैच हो गए। बेल ने अपनी पारी में 43 गेंदों में तीन चौके लगाए। इंग्लैड का चौथा विकेट इयोन मोर्गन (10) के रूप में गिरा। उन्हें 97 रन के कुल योग पर रविचंद्रन अश्विन ने युवराज सिंह के हाथों कैच आउट कराया। उनके बाद क्रीज पर आए क्रेग कीसवेटर खाता भी नहीं खोल सके और रवीन्द्र जडेजा की गेंद पर क्लीन बोल्ड हो गए। जडेजा ने अपने इसी ओवर में समित पटेल को शून्य पर आउट कर इंग्लैंड को छठा झटका दिया। मेहमान टीम का सातवां विकेट 145 के कुल योग पर रूट के रूप में गिरा। वह ईशांत की गेंद पर विकेट के पीछे कैच थमा बैठे। उनके बाद कोई भी बल्लेबाज भारतीय गेंदबाजी का सामना नहीं कर सका और आखिरी तीन खिलाड़ी टीम के लिए महज 10 रन ही जुटा पाए।टिप्पणियां इंग्लैंड का नौवां विकेट फिन (3) के रूप में गिरा। अंतिम विकेट के लिए बल्लेबाजी करने आए जेड डेर्नबैक खाता खोले बिना ही जडेजा की गेंद पर बोल्ड हो गए। भारत की ओर से जडेजा ने तीन और ईशांत व अश्विन ने दो-दो विकेट झटके। शमी, भुवनेश्वर और सुरेश रैना ने भी एक-एक विकेट चटकाए। इससे पहले, इंग्लैंड की पूरी टीम 42.2 ओवरों में 155 रन बनाकर ऑल आउट हो गई। रूट ने सर्वाधिक 39, इयान बेल और टिम ब्रेसनन ने टीम के कुल योग में 25-25 रनों का योगदान दिया। रूट ने अपनी पारी में चार चौके लगाए। उनके अलावा कोई भी बल्लेबाज क्रीज पर अधिक समय नहीं बिता सका। रूट और ब्रेसनन के बीच सातवें विकेट के लिए 47 रनों की साझेदारी हुई। इंग्लैंड के तीन बल्लेबाज अपना खाता भी नहीं खोल सके। इंग्लैंड ने पारी की धीमी शुरुआत की और उसे 24 रनों के कुल योग पर कप्तान एलिस्टर कुक (17) के रूप में पहला झटका लगा। कुक को युवा गेंदबाज शमी अहमद ने पगबाधा आउट किया। उनके बाद खेलने आए केविन पीटरसन भी अधिक देर तक नहीं टिक सके और ईशांत शर्मा की गेंद पर विकेटों के पीछे कैच थमा बैठे। पीटरसन ने 17 रनों का योगदान दिया। पीटरसन और बेल के बीच दूसरे विकेट के लिए 44 रनों की साझेदारी हुई। इंग्लैंड को 68 रनों के कुल योग पर तीसरा झटका लगा। सलामी बल्लेबाज इयान बेल 25 रनों के निजी स्कोर पर भुवनेश्वर कुमार की गेंद पर कप्तान धोनी के हाथों कैच हो गए। बेल ने अपनी पारी में 43 गेंदों में तीन चौके लगाए। इंग्लैड का चौथा विकेट इयोन मोर्गन (10) के रूप में गिरा। उन्हें 97 रन के कुल योग पर रविचंद्रन अश्विन ने युवराज सिंह के हाथों कैच आउट कराया। उनके बाद क्रीज पर आए क्रेग कीसवेटर खाता भी नहीं खोल सके और रवीन्द्र जडेजा की गेंद पर क्लीन बोल्ड हो गए। जडेजा ने अपने इसी ओवर में समित पटेल को शून्य पर आउट कर इंग्लैंड को छठा झटका दिया। मेहमान टीम का सातवां विकेट 145 के कुल योग पर रूट के रूप में गिरा। वह ईशांत की गेंद पर विकेट के पीछे कैच थमा बैठे। उनके बाद कोई भी बल्लेबाज भारतीय गेंदबाजी का सामना नहीं कर सका और आखिरी तीन खिलाड़ी टीम के लिए महज 10 रन ही जुटा पाए।टिप्पणियां इंग्लैंड का नौवां विकेट फिन (3) के रूप में गिरा। अंतिम विकेट के लिए बल्लेबाजी करने आए जेड डेर्नबैक खाता खोले बिना ही जडेजा की गेंद पर बोल्ड हो गए। भारत की ओर से जडेजा ने तीन और ईशांत व अश्विन ने दो-दो विकेट झटके। शमी, भुवनेश्वर और सुरेश रैना ने भी एक-एक विकेट चटकाए। रूट ने अपनी पारी में चार चौके लगाए। उनके अलावा कोई भी बल्लेबाज क्रीज पर अधिक समय नहीं बिता सका। रूट और ब्रेसनन के बीच सातवें विकेट के लिए 47 रनों की साझेदारी हुई। इंग्लैंड के तीन बल्लेबाज अपना खाता भी नहीं खोल सके। इंग्लैंड ने पारी की धीमी शुरुआत की और उसे 24 रनों के कुल योग पर कप्तान एलिस्टर कुक (17) के रूप में पहला झटका लगा। कुक को युवा गेंदबाज शमी अहमद ने पगबाधा आउट किया। उनके बाद खेलने आए केविन पीटरसन भी अधिक देर तक नहीं टिक सके और ईशांत शर्मा की गेंद पर विकेटों के पीछे कैच थमा बैठे। पीटरसन ने 17 रनों का योगदान दिया। पीटरसन और बेल के बीच दूसरे विकेट के लिए 44 रनों की साझेदारी हुई। इंग्लैंड को 68 रनों के कुल योग पर तीसरा झटका लगा। सलामी बल्लेबाज इयान बेल 25 रनों के निजी स्कोर पर भुवनेश्वर कुमार की गेंद पर कप्तान धोनी के हाथों कैच हो गए। बेल ने अपनी पारी में 43 गेंदों में तीन चौके लगाए। इंग्लैड का चौथा विकेट इयोन मोर्गन (10) के रूप में गिरा। उन्हें 97 रन के कुल योग पर रविचंद्रन अश्विन ने युवराज सिंह के हाथों कैच आउट कराया। उनके बाद क्रीज पर आए क्रेग कीसवेटर खाता भी नहीं खोल सके और रवीन्द्र जडेजा की गेंद पर क्लीन बोल्ड हो गए। जडेजा ने अपने इसी ओवर में समित पटेल को शून्य पर आउट कर इंग्लैंड को छठा झटका दिया। मेहमान टीम का सातवां विकेट 145 के कुल योग पर रूट के रूप में गिरा। वह ईशांत की गेंद पर विकेट के पीछे कैच थमा बैठे। उनके बाद कोई भी बल्लेबाज भारतीय गेंदबाजी का सामना नहीं कर सका और आखिरी तीन खिलाड़ी टीम के लिए महज 10 रन ही जुटा पाए।टिप्पणियां इंग्लैंड का नौवां विकेट फिन (3) के रूप में गिरा। अंतिम विकेट के लिए बल्लेबाजी करने आए जेड डेर्नबैक खाता खोले बिना ही जडेजा की गेंद पर बोल्ड हो गए। भारत की ओर से जडेजा ने तीन और ईशांत व अश्विन ने दो-दो विकेट झटके। शमी, भुवनेश्वर और सुरेश रैना ने भी एक-एक विकेट चटकाए। इंग्लैंड ने 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कैच थमा बैठे। उनके बाद कोई भी बल्लेबाज भारतीय गेंदबाजी का सामना नहीं कर सका और आखिरी तीन खिलाड़ी टीम के लिए महज 10 रन ही जुटा पाए।टिप्पणियां इंग्लैंड का नौवां विकेट फिन (3) के रूप में गिरा। अंतिम विकेट के लिए बल्लेबाजी करने आए जेड डेर्नबैक खाता खोले बिना ही जडेजा की गेंद पर बोल्ड हो गए। भारत की ओर से जडेजा ने तीन और ईशांत व अश्विन ने दो-दो विकेट झटके। शमी, भुवनेश्वर और सुरेश रैना ने भी एक-एक विकेट चटकाए। उनके बाद खेलने आए केविन पीटरसन भी अधिक देर तक नहीं टिक सके और ईशांत शर्मा की गेंद पर विकेटों के पीछे कैच थमा बैठे। पीटरसन ने 17 रनों का योगदान दिया। पीटरसन और बेल के बीच दूसरे विकेट के लिए 44 रनों की साझेदारी हुई। इंग्लैंड को 68 रनों के कुल योग पर तीसरा झटका लगा। सलामी बल्लेबाज इयान बेल 25 रनों के निजी स्कोर पर भुवनेश्वर कुमार की गेंद पर कप्तान धोनी के हाथों कैच हो गए। बेल ने अपनी पारी में 43 गेंदों में तीन चौके लगाए। इंग्लैड का चौथा विकेट इयोन मोर्गन (10) के रूप में गिरा। उन्हें 97 रन के कुल योग पर रविचंद्रन अश्विन ने युवराज सिंह के हाथों कैच आउट कराया। उनके बाद क्रीज पर आए क्रेग कीसवेटर खाता भी नहीं खोल सके और रवीन्द्र जडेजा की गेंद पर क्लीन बोल्ड हो गए। जडेजा ने अपने इसी ओवर में समित पटेल को शून्य पर आउट कर इंग्लैंड को छठा झटका दिया। मेहमान टीम का सातवां विकेट 145 के कुल योग पर रूट के रूप में गिरा। वह ईशांत की गेंद पर विकेट के पीछे कैच थमा बैठे। उनके बाद कोई भी बल्लेबाज भारतीय गेंदबाजी का सामना नहीं कर सका और आखिरी तीन खिलाड़ी टीम के लिए महज 10 रन ही जुटा पाए।टिप्पणियां इंग्लैंड का नौवां विकेट फिन (3) के रूप में गिरा। अंतिम विकेट के लिए बल्लेबाजी करने आए जेड डेर्नबैक खाता खोले बिना ही जडेजा की गेंद पर बोल्ड हो गए। भारत की ओर से जडेजा ने तीन और ईशांत व अश्विन ने दो-दो विकेट झटके। शमी, भुवनेश्वर और सुरेश रैना ने भी एक-एक विकेट चटकाए। इंग्लैंड को 68 रनों के कुल योग पर तीसरा झटका लगा। सलामी बल्लेबाज इयान बेल 25 रनों के निजी स्कोर पर भुवनेश्वर कुमार की गेंद पर कप्तान धोनी के हाथों कैच हो गए। बेल ने अपनी पारी में 43 गेंदों में तीन चौके लगाए। इंग्लैड का चौथा विकेट इयोन मोर्गन (10) के रूप में गिरा। उन्हें 97 रन के कुल योग पर रविचंद्रन अश्विन ने युवराज सिंह के हाथों कैच आउट कराया। उनके बाद क्रीज पर आए क्रेग कीसवेटर खाता भी नहीं खोल सके और रवीन्द्र जडेजा की गेंद पर क्लीन बोल्ड हो गए। जडेजा ने अपने इसी ओवर में समित पटेल को शून्य पर आउट कर इंग्लैंड को छठा झटका दिया। मेहमान टीम का सातवां विकेट 145 के कुल योग पर रूट के रूप में गिरा। वह ईशांत की गेंद पर विकेट के पीछे कैच थमा बैठे। उनके बाद कोई भी बल्लेबाज भारतीय गेंदबाजी का सामना नहीं कर सका और आखिरी तीन खिलाड़ी टीम के लिए महज 10 रन ही जुटा पाए।टिप्पणियां इंग्लैंड का नौवां विकेट फिन (3) के रूप में गिरा। अंतिम विकेट के लिए बल्लेबाजी करने आए जेड डेर्नबैक खाता खोले बिना ही जडेजा की गेंद पर बोल्ड हो गए। भारत की ओर से जडेजा ने तीन और ईशांत व अश्विन ने दो-दो विकेट झटके। शमी, भुवनेश्वर और सुरेश रैना ने भी एक-एक विकेट चटकाए। इंग्लैड का चौथा विकेट इयोन मोर्गन (10) के रूप में गिरा। उन्हें 97 रन के कुल योग पर रविचंद्रन अश्विन ने युवराज सिंह के हाथों कैच आउट कराया। उनके बाद क्रीज पर आए क्रेग कीसवेटर खाता भी नहीं खोल सके और रवीन्द्र जडेजा की गेंद पर क्लीन बोल्ड हो गए। जडेजा ने अपने इसी ओवर में समित पटेल को शून्य पर आउट कर इंग्लैंड को छठा झटका दिया। मेहमान टीम का सातवां विकेट 145 के कुल योग पर रूट के रूप में गिरा। वह ईशांत की गेंद पर विकेट के पीछे कैच थमा बैठे। उनके बाद कोई भी बल्लेबाज भारतीय गेंदबाजी का सामना नहीं कर सका और आखिरी तीन खिलाड़ी टीम के लिए महज 10 रन ही जुटा पाए।टिप्पणियां इंग्लैंड का नौवां विकेट फिन (3) के रूप में गिरा। अंतिम विकेट के लिए बल्लेबाजी करने आए जेड डेर्नबैक खाता खोले बिना ही जडेजा की गेंद पर बोल्ड हो गए। भारत की ओर से जडेजा ने तीन और ईशांत व अश्विन ने दो-दो विकेट झटके। शमी, भुवनेश्वर और सुरेश रैना ने भी एक-एक विकेट चटकाए। मेहमान टीम का सातवां विकेट 145 के कुल योग पर रूट के रूप में गिरा। वह ईशांत की गेंद पर विकेट के पीछे कैच थमा बैठे। उनके बाद कोई भी बल्लेबाज भारतीय गेंदबाजी का सामना नहीं कर सका और आखिरी तीन खिलाड़ी टीम के लिए महज 10 रन ही जुटा पाए।टिप्पणियां इंग्लैंड का नौवां विकेट फिन (3) के रूप में गिरा। अंतिम विकेट के लिए बल्लेबाजी करने आए जेड डेर्नबैक खाता खोले बिना ही जडेजा की गेंद पर बोल्ड हो गए। भारत की ओर से जडेजा ने तीन और ईशांत व अश्विन ने दो-दो विकेट झटके। शमी, भुवनेश्वर और सुरेश रैना ने भी एक-एक विकेट चटकाए। इंग्लैंड का नौवां विकेट फिन (3) के रूप में गिरा। अंतिम विकेट के लिए बल्लेबाजी करने आए जेड डेर्नबैक खाता खोले बिना ही जडेजा की गेंद पर बोल्ड हो गए। भारत की ओर से जडेजा ने तीन और ईशांत व अश्विन ने दो-दो विकेट झटके। शमी, भुवनेश्वर और सुरेश रैना ने भी एक-एक विकेट चटकाए। भारत की ओर से जडेजा ने तीन और ईशांत व अश्विन ने दो-दो विकेट झटके। शमी, भुवनेश्वर और सुरेश रैना ने भी एक-एक विकेट चटकाए।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: भारतीय टीम ने अपनी शानदार गेंदबाजी और विराट कोहली (नाबाद 77) की प्रशंसनीय बल्लेबाजी की मदद से रांची के जेएससीए अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में शनिवार को खेले गए तीसरे एकदिवसीय मैच में इंग्लैंड को सात विकेट से हराकर सीरीज में 2-1 से बढ़त हासिल कर ली।
19
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: चीन का पहला विमानवाहक पोत बुधवार को समुद्री परीक्षण के लिए तैयार हो गया। परीक्षण चीन के उत्तरपूर्वी प्रांत लियाओनिंग स्थित शिपयार्ड से किया जाएगा। इस परीक्षण की सफलता के बाद चीन, अमेरिका, ब्रिटेन सहित विश्व के उन चुनिंदा देशों की श्रेणी में शामिल हो जाएगा जिनके पास विमानवाहक पोत बनाने की क्षमता है। अभी तक इस पोत का नाम नहीं रखा गया है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने रक्षा सूत्रों के हवाले से बताया कि यह परीक्षण कल-पुर्जो की दोबारा जांच कार्यक्रम के अनुसार चल रहा है और पोत के बंदरगाह में आने के बाद मरम्मत का कार्य शुरू हो जाएगा। इस पोत का निर्माण पूर्व सोवियत संघ द्वारा किया जा रहा था। लेकिन 1991 में संघ के विखंडन के कारण इसका निर्माण नहीं हो सका। बाद में युक्रेन ने इसे खरीद लिया। युक्रेन ने इसका इंजन और अन्य सैन्य साजोसमान निकाल कर इसे चीन को बेच दिया। यह पता नहीं चल पाया है कि इस पोत का परीक्षण कब तक चलेगा, लेकिन लियाओनिंग के अधिकारियों ने 10 अगस्त से 14 अगस्त तक डलियान तट पर नौवहन प्रतिंबधित कर दिया है। विमानवाहक पोत के परीक्षण की खबर से चीनी नागरिक काफी उत्साहित हैं। चीनी लोग इसे देखने के लिए तट पर उमड़ रहे हैं, हालांकि कोहरे की वजह से पोत दिखने में दिक्कत आ रही है। शिहुआ प्रांत से एक नागरिक ने कहा कि चीन के लिए विमानवाहक पोत रखना कोई बड़ी बात नहीं है। सैन्य मामलों में रुचि रखने वाले लु गंग का मानना है कि इस विमानवाहक पोत का सांकेतिक महत्व अन्य चीजों से और भी ज्यादा है। अवकाश प्राप्त नौसेनिक अधिकारी जू जियान ने कहा कि जब भारत और थाईलैण्ड जैसे देशों के पास विमानवाहक पोत हैं तो हमारे पास क्यों नहीं है?
यहाँ एक सारांश है:परीक्षण की सफलता के बाद चीन, अमेरिका, ब्रिटेन सहित उन चुनिंदा देशों की श्रेणी में शामिल हो जाएगा जिनके पास विमानवाहक पोत बनाने की क्षमता है।
17
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा है कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी और यूरोपीय पाबंदियों के बावजूद भारत ईरान से पेट्रोलियम आयात में कमी नहीं करेगा। भारत अपनी तेल जरूरतों का 12 प्रतिशत ईरान से आयात करता है।टिप्पणियां मुखर्जी ने कहा, ‘‘ ईरान से आयात में तेज कटौती करने पर किसी तरह का निर्णय करना भारत के लिए संभव नहीं है क्योंकि जो देश उभरती अर्थव्यवस्थाओं की जरूरत पूरी कर सकते हैं, ईरान उनमें एक महत्वपूर्ण देश है।’’ अमेरिकी निवेश आकर्षित करने के लिए अपनी दो दिवसीय यात्रा के अंतिम दिन मुखर्जी ने कहा, ‘‘ कुछ अन्य देश मसलन सउदी अरब, नाइजीरिया एवं अन्य खाड़ी देश भी योगदान करते हैं, लेकिन ईरान का योगदान उल्लेखनीय है।’’ वित्त मंत्री ने कहा, ‘‘ हम (भारत) हर साल 11 करोड़ टन कच्च तेल आयात करते हैं। हम ईरान से आयात नहीं घटाएंगे। ईरान पर अमेरिकी और यूरोपीय पाबंदियों के बावजूद भारत के लिए यह एक महत्वपूर्ण देश है।’’ विश्व का चौथा सबसे बड़ा तेल उपभोक्ता देश ईरान का दूसरा सबसे बड़ा तेल ग्राहक है, जबकि चीन उसका सबसे बड़ा तेल ग्राहक देश है। उल्लेखनीय है कि ईरान के विवादास्पद परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों ने उस पर कई तरह की पाबंदियां लगा रखी हैं। मुखर्जी ने कहा, ‘‘ ईरान से आयात में तेज कटौती करने पर किसी तरह का निर्णय करना भारत के लिए संभव नहीं है क्योंकि जो देश उभरती अर्थव्यवस्थाओं की जरूरत पूरी कर सकते हैं, ईरान उनमें एक महत्वपूर्ण देश है।’’ अमेरिकी निवेश आकर्षित करने के लिए अपनी दो दिवसीय यात्रा के अंतिम दिन मुखर्जी ने कहा, ‘‘ कुछ अन्य देश मसलन सउदी अरब, नाइजीरिया एवं अन्य खाड़ी देश भी योगदान करते हैं, लेकिन ईरान का योगदान उल्लेखनीय है।’’ वित्त मंत्री ने कहा, ‘‘ हम (भारत) हर साल 11 करोड़ टन कच्च तेल आयात करते हैं। हम ईरान से आयात नहीं घटाएंगे। ईरान पर अमेरिकी और यूरोपीय पाबंदियों के बावजूद भारत के लिए यह एक महत्वपूर्ण देश है।’’ विश्व का चौथा सबसे बड़ा तेल उपभोक्ता देश ईरान का दूसरा सबसे बड़ा तेल ग्राहक है, जबकि चीन उसका सबसे बड़ा तेल ग्राहक देश है। उल्लेखनीय है कि ईरान के विवादास्पद परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों ने उस पर कई तरह की पाबंदियां लगा रखी हैं। वित्त मंत्री ने कहा, ‘‘ हम (भारत) हर साल 11 करोड़ टन कच्च तेल आयात करते हैं। हम ईरान से आयात नहीं घटाएंगे। ईरान पर अमेरिकी और यूरोपीय पाबंदियों के बावजूद भारत के लिए यह एक महत्वपूर्ण देश है।’’ विश्व का चौथा सबसे बड़ा तेल उपभोक्ता देश ईरान का दूसरा सबसे बड़ा तेल ग्राहक है, जबकि चीन उसका सबसे बड़ा तेल ग्राहक देश है। उल्लेखनीय है कि ईरान के विवादास्पद परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों ने उस पर कई तरह की पाबंदियां लगा रखी हैं।
संक्षिप्त सारांश: वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा है कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी और यूरोपीय पाबंदियों के बावजूद भारत ईरान से पेट्रोलियम आयात में कमी नहीं करेगा।
23
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: सर्वोच्च न्यायालय ने शुक्रवार को भारती एयरटेल के सुनील मित्तल और एस्सार के रविकांत रुइया की याचिका पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को नोटिस जारी किया। मित्तल और रुइया ने विशेष अदालत से उन्हें सम्मन भेजे जाने को चुनौती दी थी। यह विशेष अदालत 2002 में 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन से सम्बंधिम मामलों की सुनवाई कर रही है।टिप्पणियां मुख्य न्यायाधीश अल्तमस कबीर की अध्यक्षता वाली पीठ ने सीबीआई से चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने का आदेश दिया। जबकि मित्तल और रुइया को अपने जवाब दाखिल करने के लिए और तीन सप्ताह मोहलत दी। अदालत ने तब तक के लिए सुनवाई प्रक्रिया को मुल्तवी कर दिया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ओपी सैनी की अध्यक्षता वाली 2जी विशेष अदालत ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के कार्यकाल में 2002 में स्पेक्ट्रम आवंटन से सम्बंधित मामले में मित्तल, रुइया और पांच अन्य को सम्मन भेजा है। यह विशेष अदालत 2002 में 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन से सम्बंधिम मामलों की सुनवाई कर रही है।टिप्पणियां मुख्य न्यायाधीश अल्तमस कबीर की अध्यक्षता वाली पीठ ने सीबीआई से चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने का आदेश दिया। जबकि मित्तल और रुइया को अपने जवाब दाखिल करने के लिए और तीन सप्ताह मोहलत दी। अदालत ने तब तक के लिए सुनवाई प्रक्रिया को मुल्तवी कर दिया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ओपी सैनी की अध्यक्षता वाली 2जी विशेष अदालत ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के कार्यकाल में 2002 में स्पेक्ट्रम आवंटन से सम्बंधित मामले में मित्तल, रुइया और पांच अन्य को सम्मन भेजा है। मुख्य न्यायाधीश अल्तमस कबीर की अध्यक्षता वाली पीठ ने सीबीआई से चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने का आदेश दिया। जबकि मित्तल और रुइया को अपने जवाब दाखिल करने के लिए और तीन सप्ताह मोहलत दी। अदालत ने तब तक के लिए सुनवाई प्रक्रिया को मुल्तवी कर दिया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ओपी सैनी की अध्यक्षता वाली 2जी विशेष अदालत ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के कार्यकाल में 2002 में स्पेक्ट्रम आवंटन से सम्बंधित मामले में मित्तल, रुइया और पांच अन्य को सम्मन भेजा है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ओपी सैनी की अध्यक्षता वाली 2जी विशेष अदालत ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के कार्यकाल में 2002 में स्पेक्ट्रम आवंटन से सम्बंधित मामले में मित्तल, रुइया और पांच अन्य को सम्मन भेजा है।
यहाँ एक सारांश है:सर्वोच्च न्यायालय ने शुक्रवार को भारती एयरटेल के सुनील मित्तल और एस्सार के रविकांत रुइया की याचिका पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को नोटिस जारी किया। मित्तल और रुइया ने विशेष अदालत से उन्हें सम्मन भेजे जाने को चुनौती दी थी।
4
['hin']
एक सारांश बनाओ: ऑस्‍ट्रेलियाई क्रिकेट टीम के कप्‍तान स्‍टीव स्मिथ ने कहा है कि पुणे टेस्‍ट की जीत को हमारे खिलाड़ी बीती बात समझकर भुला चुके हैं और हमारी टीम बेंगलुरू में कल से शुरू होने वाले दूसरे टेस्‍ट मैच में अच्‍छा प्रदर्शन करने के लिए कमर कस चुकी है. स्मिथ ने शुक्रवार को कहा कि उनकी टीम दूसरे टेस्ट क्रिकेट मैच नये सिरे से शुरुआत करेगी. ऑस्ट्रेलिया टीम ने सीरीज में अंडरडॉग के रूप में शुरुआत की और पुणे में 333 रन से जीत दर्ज करके चार टेस्‍ट की सीरीज में 1-0 से बढ़त हासिल की. इसके बावजूद स्मिथ ने कहा कि जो कुछ हुआ वे उस पर नहीं इतरा सकते हैं.बेंगलुरू टेस्‍ट नया मैच है और हम पुणे के प्रदर्शन को अब पीछे छोड़ चुके हैं.टिप्पणियां उन्‍होंने चिन्नास्वामी स्टेडियम में मैच की पूर्व संध्या पर संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘पिछले सप्ताह हमने जिस तरह का खेल दिखाया, उससे हमारा काफी मनोबल बढ़ा है. परिस्थितियां काफी मुश्किल थी और हमारे खिलाड़ियों ने जिस तरह से उन्हें अपनाया वह काबिलेतारीफ है. लेकिन यह नया मैच है और हमें नए सिरे से शुरूआत करनी होगी. हमें पहली गेंद से नई शुरुआत करनी पड़ेगी. ’ स्मिथ ने अपने खिलाड़ियों को आत्ममुग्धता से बचने की नसीहत दी. उन्होंने कहा,‘हम जानते हैं कि भारत दमदार वापसी करने की कोशिश करेगा. इसमें कोई संदेह नहीं है. वे अपनी सरजमीं पर अच्छा खेलते हैं. ’उन्‍होंने उम्मीद जताई कि बेंगलुरू की पिच पुणे की तुलना में भिन्न होगी और आगामी टेस्ट में पहली पारी में बल्लेबाजी प्रदर्शन से उनकी टीम की राह तय होगी. ऑस्ट्रेलियाई कप्तान ने कहा, ‘वह (पुणे) मुश्किल विकेट था और हमने उन्हें दिखाया कि हम इस तरह की परिस्थितियों में जीत सकते हैं और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हमने खुद को यह दिखाया.’स्मिथ ने कहा कि उनका रवैया सीध होगा- लंबे समय तक बल्लेबाजी करना और बड़ी साझेदारी करके पहली पारी में बड़ा स्कोर बनाना. उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि यहां का विकेट वैसा ही होगा जैसा कि इंग्लैंड मैच के लिये तैयार किया गया था. पहली पारी का स्कोर महत्वपूर्ण होगा. हमें लंबी पारियां खेलने और पहली पारी में बड़ा स्कोर करने की जरूरत होगी. ’ स्मिथ ने कहा, ‘पिछले मैच के विकेट पर हमने सोचा था कि 250 का स्कोर अच्छा होगा लेकिन यहां मेरा मानना है कि हमें पहली पारी उससे कहीं अधिक रन बनाने होंगे. विकेट को देखते हुए पहली पारी में बड़ा स्कोर अहम साबित होगा. ’ स्मिथ का मानना है कि चिन्नास्वामी स्‍टेडियम का विकेट खेल आगे बढ़ने के समय टूटने लगेगा और मैच में बाद में स्पिनर भी भूमिका निभाएंगे. उन्होंने कहा, ‘हमने इंग्लैंड के खिलाफ भारत की आखिरी सीरीज के मैच देखे थे. इन मैचों में पहली पारी में बड़े स्कोर बने लेकिन बाद में पिच टूट गई और स्पिनरों ने बाद में अहम भूमिका निभाई. ’ पुणे की पिच की आईसीसी सहित कई ने आलोचना की लेकिन स्मिथ को उससे कोई शिकायत नहीं है. उन्होंने कहा, ‘मेरा मानना है कि दुनियाभर में क्यूरेटर अपनी भूमिका निभाते हैं और मेरी विकेट को लेकर कोई शिकायत नहीं रहती क्योंकि दोनों टीमें उसी पर खेलती है. यह 22 गज की दुनिया है जिसमें दोनों टीमों को प्रदर्शन करना होगा. इसलिए मेरे लिए यह कोई मसला नहीं है.’ स्मिथ ने दूसरे टेस्ट मैच के लिए टीम में किसी तरह की बदलाव की संभावना से इनकार किया. उन्होंने कहा कि वह पहले बल्लेबाजी करना पसंद करेंगे. उन्होंने कहा, ‘हम उसी टीम के साथ उतरेंगे. यह दो तेज गेंदबाजों, एक आलराउंडर और दो अच्छे स्पिनरों का अच्छा मिश्रण है.’ (भाषा से इनपुट) उन्‍होंने चिन्नास्वामी स्टेडियम में मैच की पूर्व संध्या पर संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘पिछले सप्ताह हमने जिस तरह का खेल दिखाया, उससे हमारा काफी मनोबल बढ़ा है. परिस्थितियां काफी मुश्किल थी और हमारे खिलाड़ियों ने जिस तरह से उन्हें अपनाया वह काबिलेतारीफ है. लेकिन यह नया मैच है और हमें नए सिरे से शुरूआत करनी होगी. हमें पहली गेंद से नई शुरुआत करनी पड़ेगी. ’ स्मिथ ने अपने खिलाड़ियों को आत्ममुग्धता से बचने की नसीहत दी. उन्होंने कहा,‘हम जानते हैं कि भारत दमदार वापसी करने की कोशिश करेगा. इसमें कोई संदेह नहीं है. वे अपनी सरजमीं पर अच्छा खेलते हैं. ’उन्‍होंने उम्मीद जताई कि बेंगलुरू की पिच पुणे की तुलना में भिन्न होगी और आगामी टेस्ट में पहली पारी में बल्लेबाजी प्रदर्शन से उनकी टीम की राह तय होगी. ऑस्ट्रेलियाई कप्तान ने कहा, ‘वह (पुणे) मुश्किल विकेट था और हमने उन्हें दिखाया कि हम इस तरह की परिस्थितियों में जीत सकते हैं और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हमने खुद को यह दिखाया.’स्मिथ ने कहा कि उनका रवैया सीध होगा- लंबे समय तक बल्लेबाजी करना और बड़ी साझेदारी करके पहली पारी में बड़ा स्कोर बनाना. उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि यहां का विकेट वैसा ही होगा जैसा कि इंग्लैंड मैच के लिये तैयार किया गया था. पहली पारी का स्कोर महत्वपूर्ण होगा. हमें लंबी पारियां खेलने और पहली पारी में बड़ा स्कोर करने की जरूरत होगी. ’ स्मिथ ने कहा, ‘पिछले मैच के विकेट पर हमने सोचा था कि 250 का स्कोर अच्छा होगा लेकिन यहां मेरा मानना है कि हमें पहली पारी उससे कहीं अधिक रन बनाने होंगे. विकेट को देखते हुए पहली पारी में बड़ा स्कोर अहम साबित होगा. ’ स्मिथ का मानना है कि चिन्नास्वामी स्‍टेडियम का विकेट खेल आगे बढ़ने के समय टूटने लगेगा और मैच में बाद में स्पिनर भी भूमिका निभाएंगे. उन्होंने कहा, ‘हमने इंग्लैंड के खिलाफ भारत की आखिरी सीरीज के मैच देखे थे. इन मैचों में पहली पारी में बड़े स्कोर बने लेकिन बाद में पिच टूट गई और स्पिनरों ने बाद में अहम भूमिका निभाई. ’ पुणे की पिच की आईसीसी सहित कई ने आलोचना की लेकिन स्मिथ को उससे कोई शिकायत नहीं है. उन्होंने कहा, ‘मेरा मानना है कि दुनियाभर में क्यूरेटर अपनी भूमिका निभाते हैं और मेरी विकेट को लेकर कोई शिकायत नहीं रहती क्योंकि दोनों टीमें उसी पर खेलती है. यह 22 गज की दुनिया है जिसमें दोनों टीमों को प्रदर्शन करना होगा. इसलिए मेरे लिए यह कोई मसला नहीं है.’ स्मिथ ने दूसरे टेस्ट मैच के लिए टीम में किसी तरह की बदलाव की संभावना से इनकार किया. उन्होंने कहा कि वह पहले बल्लेबाजी करना पसंद करेंगे. उन्होंने कहा, ‘हम उसी टीम के साथ उतरेंगे. यह दो तेज गेंदबाजों, एक आलराउंडर और दो अच्छे स्पिनरों का अच्छा मिश्रण है.’ (भाषा से इनपुट) उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि यहां का विकेट वैसा ही होगा जैसा कि इंग्लैंड मैच के लिये तैयार किया गया था. पहली पारी का स्कोर महत्वपूर्ण होगा. हमें लंबी पारियां खेलने और पहली पारी में बड़ा स्कोर करने की जरूरत होगी. ’ स्मिथ ने कहा, ‘पिछले मैच के विकेट पर हमने सोचा था कि 250 का स्कोर अच्छा होगा लेकिन यहां मेरा मानना है कि हमें पहली पारी उससे कहीं अधिक रन बनाने होंगे. विकेट को देखते हुए पहली पारी में बड़ा स्कोर अहम साबित होगा. ’ स्मिथ का मानना है कि चिन्नास्वामी स्‍टेडियम का विकेट खेल आगे बढ़ने के समय टूटने लगेगा और मैच में बाद में स्पिनर भी भूमिका निभाएंगे. उन्होंने कहा, ‘हमने इंग्लैंड के खिलाफ भारत की आखिरी सीरीज के मैच देखे थे. इन मैचों में पहली पारी में बड़े स्कोर बने लेकिन बाद में पिच टूट गई और स्पिनरों ने बाद में अहम भूमिका निभाई. ’ पुणे की पिच की आईसीसी सहित कई ने आलोचना की लेकिन स्मिथ को उससे कोई शिकायत नहीं है. उन्होंने कहा, ‘मेरा मानना है कि दुनियाभर में क्यूरेटर अपनी भूमिका निभाते हैं और मेरी विकेट को लेकर कोई शिकायत नहीं रहती क्योंकि दोनों टीमें उसी पर खेलती है. यह 22 गज की दुनिया है जिसमें दोनों टीमों को प्रदर्शन करना होगा. इसलिए मेरे लिए यह कोई मसला नहीं है.’ स्मिथ ने दूसरे टेस्ट मैच के लिए टीम में किसी तरह की बदलाव की संभावना से इनकार किया. उन्होंने कहा कि वह पहले बल्लेबाजी करना पसंद करेंगे. उन्होंने कहा, ‘हम उसी टीम के साथ उतरेंगे. यह दो तेज गेंदबाजों, एक आलराउंडर और दो अच्छे स्पिनरों का अच्छा मिश्रण है.’ (भाषा से इनपुट)
संक्षिप्त सारांश: स्‍टीव स्मिथ ने माना, पुणे प्रदर्शन से टीम का मनोबल बढ़ा खिलाड़ि‍यों को अति आत्‍मविश्‍वास में न आने की सलाह दी कहा-पहली पारी में हमें पुणे से ज्‍यादा रन स्‍कोर करने होंगे
8
['hin']
एक सारांश बनाओ: क्या आधार राइट टू प्राइवेसी के अधिकार का उल्लंघन करता है? आधार के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की संविधान पीठ सुनवाई की. सुप्रीम कोर्ट ने आधार कार्ड के मामले की सुनवाई करते हुए आज इस  केस को 9 सदस्यीय संविधान पीठ के पास भेज दिया है. अब दो दिनों तक यह पीठ लगातार मामले से जुड़े सभी पक्षों की बात सुनेगी. पहले इस मामले को पांच जजों की बेंच को सुनवाई करनी थी, लेकिन आज कोर्ट ने सुनवाई के बाद इस मामले को 9 सदस्यीय बेंच के पास भेज दिया.  पांच जजों की बेंच ने आज सुनवाई करते हुए कहा कि जरूरी है यह तय हो कि क्या संविधान के तहत निजता का अधिकार है या नहीं, इसलिए इस मामले को नौ सदस्यों वाली पीठ के पास भेजा जाना चाहिए. यह इसलिए करना पड़ा क्योंकि 1954 में 8 जजों की बेंच ने और 1962 में 6 जजों की बेंच यह फैसला सुना चुकी है कि निजता का अधिकार नहीं होता. इसलिए इस मामले में अटॉर्नी जनरल ने कहा कि 9 जजों की बेंच का गठन होना चाहिए.ये पीठ दो दिनों तक सुनवाई करेगी. इस पीठ में CJI जे एस खेहर, जस्टिस जे चेलामेश्वर, जस्टिस AR बोबडे, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड और जस्टिस अब्दुल नजीर शामिल थे. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की बेंच ने कहा था कि आधार को लेकर निजता के हनन समेत जो मुद्दे आ रहे रहे हैं उनका हल 5 जजों ली संविधान पीठ ही कर सकती है. कोर्ट ने याचिकाकर्ता और केंद्र को कहा कि वो मामले को चीफ जस्टिस के पास जाएं और संविधान पीठ के गठन की गुहार लगाएं. सुप्रीम कोर्ट ने  आधार को लेकर अंतरिम रोक संबंधी आदेश जारी करने से इंकार कर दिया था.आधार को लेकर करीब 22 याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई हैं. उधर सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने कहा था कि सरकार आधार को कनसेंट्रेशन कैंप (Concentration camp) यानी एकाग्रता शिविर की तरह इस्तेमाल कर रही है ताकि वो एक जगह से ही सब नागरिकों की गतिविधियों पर नजर रख सके. वहीं AG ने इसका विरोध करते हुए कहा कि ये शब्द सही नहीं है. जन कल्याणकारी योजनाओं में आधार को अनिवार्य बनाने के खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रहा है.  पिछली सुनवाई में केंद्र सरकार ने कहा था कि जन कल्याणकारी योजनाओं को लाभ 30 सितंम्बर तक उन्हें भी मिलेगा जिनके पास आधार कार्ड नही है. केंद्र सरकार ने कहा था कि जिनके पास आधार नही है वो दस में से किसी भी दूसरे पहचान पत्र को दिखाकर जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ ले सकते है. जैसे राशन कार्ड, वोटर कार्ड आदि.टिप्पणियां दरअसल शांता सिंहा व अन्य लोगों द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि कल्याणकारी योजनाओं के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य बनाने से रोकने के लिए दिशानिर्देश जारी किए जाएं. याचिका में कहा गया है कि कल्याणकारी योजनाओं के लिए आधार कार्ड को जोड़ने के लिए सरकार ने तीस जून की डेडलाइन तय कर रखी है जो कि पूरी तरह अवैध है और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के खिलाफ है.   पांच जजों की बेंच ने आज सुनवाई करते हुए कहा कि जरूरी है यह तय हो कि क्या संविधान के तहत निजता का अधिकार है या नहीं, इसलिए इस मामले को नौ सदस्यों वाली पीठ के पास भेजा जाना चाहिए. यह इसलिए करना पड़ा क्योंकि 1954 में 8 जजों की बेंच ने और 1962 में 6 जजों की बेंच यह फैसला सुना चुकी है कि निजता का अधिकार नहीं होता. इसलिए इस मामले में अटॉर्नी जनरल ने कहा कि 9 जजों की बेंच का गठन होना चाहिए.ये पीठ दो दिनों तक सुनवाई करेगी. इस पीठ में CJI जे एस खेहर, जस्टिस जे चेलामेश्वर, जस्टिस AR बोबडे, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड और जस्टिस अब्दुल नजीर शामिल थे. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की बेंच ने कहा था कि आधार को लेकर निजता के हनन समेत जो मुद्दे आ रहे रहे हैं उनका हल 5 जजों ली संविधान पीठ ही कर सकती है. कोर्ट ने याचिकाकर्ता और केंद्र को कहा कि वो मामले को चीफ जस्टिस के पास जाएं और संविधान पीठ के गठन की गुहार लगाएं. सुप्रीम कोर्ट ने  आधार को लेकर अंतरिम रोक संबंधी आदेश जारी करने से इंकार कर दिया था.आधार को लेकर करीब 22 याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई हैं. उधर सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने कहा था कि सरकार आधार को कनसेंट्रेशन कैंप (Concentration camp) यानी एकाग्रता शिविर की तरह इस्तेमाल कर रही है ताकि वो एक जगह से ही सब नागरिकों की गतिविधियों पर नजर रख सके. वहीं AG ने इसका विरोध करते हुए कहा कि ये शब्द सही नहीं है. जन कल्याणकारी योजनाओं में आधार को अनिवार्य बनाने के खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रहा है.  पिछली सुनवाई में केंद्र सरकार ने कहा था कि जन कल्याणकारी योजनाओं को लाभ 30 सितंम्बर तक उन्हें भी मिलेगा जिनके पास आधार कार्ड नही है. केंद्र सरकार ने कहा था कि जिनके पास आधार नही है वो दस में से किसी भी दूसरे पहचान पत्र को दिखाकर जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ ले सकते है. जैसे राशन कार्ड, वोटर कार्ड आदि.टिप्पणियां दरअसल शांता सिंहा व अन्य लोगों द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि कल्याणकारी योजनाओं के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य बनाने से रोकने के लिए दिशानिर्देश जारी किए जाएं. याचिका में कहा गया है कि कल्याणकारी योजनाओं के लिए आधार कार्ड को जोड़ने के लिए सरकार ने तीस जून की डेडलाइन तय कर रखी है जो कि पूरी तरह अवैध है और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के खिलाफ है.   ये पीठ दो दिनों तक सुनवाई करेगी. इस पीठ में CJI जे एस खेहर, जस्टिस जे चेलामेश्वर, जस्टिस AR बोबडे, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड और जस्टिस अब्दुल नजीर शामिल थे. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की बेंच ने कहा था कि आधार को लेकर निजता के हनन समेत जो मुद्दे आ रहे रहे हैं उनका हल 5 जजों ली संविधान पीठ ही कर सकती है. कोर्ट ने याचिकाकर्ता और केंद्र को कहा कि वो मामले को चीफ जस्टिस के पास जाएं और संविधान पीठ के गठन की गुहार लगाएं. सुप्रीम कोर्ट ने  आधार को लेकर अंतरिम रोक संबंधी आदेश जारी करने से इंकार कर दिया था.आधार को लेकर करीब 22 याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई हैं. उधर सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने कहा था कि सरकार आधार को कनसेंट्रेशन कैंप (Concentration camp) यानी एकाग्रता शिविर की तरह इस्तेमाल कर रही है ताकि वो एक जगह से ही सब नागरिकों की गतिविधियों पर नजर रख सके. वहीं AG ने इसका विरोध करते हुए कहा कि ये शब्द सही नहीं है. जन कल्याणकारी योजनाओं में आधार को अनिवार्य बनाने के खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रहा है.  पिछली सुनवाई में केंद्र सरकार ने कहा था कि जन कल्याणकारी योजनाओं को लाभ 30 सितंम्बर तक उन्हें भी मिलेगा जिनके पास आधार कार्ड नही है. केंद्र सरकार ने कहा था कि जिनके पास आधार नही है वो दस में से किसी भी दूसरे पहचान पत्र को दिखाकर जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ ले सकते है. जैसे राशन कार्ड, वोटर कार्ड आदि.टिप्पणियां दरअसल शांता सिंहा व अन्य लोगों द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि कल्याणकारी योजनाओं के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य बनाने से रोकने के लिए दिशानिर्देश जारी किए जाएं. याचिका में कहा गया है कि कल्याणकारी योजनाओं के लिए आधार कार्ड को जोड़ने के लिए सरकार ने तीस जून की डेडलाइन तय कर रखी है जो कि पूरी तरह अवैध है और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के खिलाफ है.   इससे पहले सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की बेंच ने कहा था कि आधार को लेकर निजता के हनन समेत जो मुद्दे आ रहे रहे हैं उनका हल 5 जजों ली संविधान पीठ ही कर सकती है. कोर्ट ने याचिकाकर्ता और केंद्र को कहा कि वो मामले को चीफ जस्टिस के पास जाएं और संविधान पीठ के गठन की गुहार लगाएं. सुप्रीम कोर्ट ने  आधार को लेकर अंतरिम रोक संबंधी आदेश जारी करने से इंकार कर दिया था.आधार को लेकर करीब 22 याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई हैं. उधर सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने कहा था कि सरकार आधार को कनसेंट्रेशन कैंप (Concentration camp) यानी एकाग्रता शिविर की तरह इस्तेमाल कर रही है ताकि वो एक जगह से ही सब नागरिकों की गतिविधियों पर नजर रख सके. वहीं AG ने इसका विरोध करते हुए कहा कि ये शब्द सही नहीं है. जन कल्याणकारी योजनाओं में आधार को अनिवार्य बनाने के खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रहा है.  पिछली सुनवाई में केंद्र सरकार ने कहा था कि जन कल्याणकारी योजनाओं को लाभ 30 सितंम्बर तक उन्हें भी मिलेगा जिनके पास आधार कार्ड नही है. केंद्र सरकार ने कहा था कि जिनके पास आधार नही है वो दस में से किसी भी दूसरे पहचान पत्र को दिखाकर जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ ले सकते है. जैसे राशन कार्ड, वोटर कार्ड आदि.टिप्पणियां दरअसल शांता सिंहा व अन्य लोगों द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि कल्याणकारी योजनाओं के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य बनाने से रोकने के लिए दिशानिर्देश जारी किए जाएं. याचिका में कहा गया है कि कल्याणकारी योजनाओं के लिए आधार कार्ड को जोड़ने के लिए सरकार ने तीस जून की डेडलाइन तय कर रखी है जो कि पूरी तरह अवैध है और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के खिलाफ है.   आधार को लेकर करीब 22 याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई हैं. उधर सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने कहा था कि सरकार आधार को कनसेंट्रेशन कैंप (Concentration camp) यानी एकाग्रता शिविर की तरह इस्तेमाल कर रही है ताकि वो एक जगह से ही सब नागरिकों की गतिविधियों पर नजर रख सके. वहीं AG ने इसका विरोध करते हुए कहा कि ये शब्द सही नहीं है. जन कल्याणकारी योजनाओं में आधार को अनिवार्य बनाने के खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रहा है.  पिछली सुनवाई में केंद्र सरकार ने कहा था कि जन कल्याणकारी योजनाओं को लाभ 30 सितंम्बर तक उन्हें भी मिलेगा जिनके पास आधार कार्ड नही है. केंद्र सरकार ने कहा था कि जिनके पास आधार नही है वो दस में से किसी भी दूसरे पहचान पत्र को दिखाकर जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ ले सकते है. जैसे राशन कार्ड, वोटर कार्ड आदि.टिप्पणियां दरअसल शांता सिंहा व अन्य लोगों द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि कल्याणकारी योजनाओं के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य बनाने से रोकने के लिए दिशानिर्देश जारी किए जाएं. याचिका में कहा गया है कि कल्याणकारी योजनाओं के लिए आधार कार्ड को जोड़ने के लिए सरकार ने तीस जून की डेडलाइन तय कर रखी है जो कि पूरी तरह अवैध है और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के खिलाफ है.   जन कल्याणकारी योजनाओं में आधार को अनिवार्य बनाने के खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रहा है.  पिछली सुनवाई में केंद्र सरकार ने कहा था कि जन कल्याणकारी योजनाओं को लाभ 30 सितंम्बर तक उन्हें भी मिलेगा जिनके पास आधार कार्ड नही है. केंद्र सरकार ने कहा था कि जिनके पास आधार नही है वो दस में से किसी भी दूसरे पहचान पत्र को दिखाकर जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ ले सकते है. जैसे राशन कार्ड, वोटर कार्ड आदि.टिप्पणियां दरअसल शांता सिंहा व अन्य लोगों द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि कल्याणकारी योजनाओं के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य बनाने से रोकने के लिए दिशानिर्देश जारी किए जाएं. याचिका में कहा गया है कि कल्याणकारी योजनाओं के लिए आधार कार्ड को जोड़ने के लिए सरकार ने तीस जून की डेडलाइन तय कर रखी है जो कि पूरी तरह अवैध है और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के खिलाफ है.   दरअसल शांता सिंहा व अन्य लोगों द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि कल्याणकारी योजनाओं के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य बनाने से रोकने के लिए दिशानिर्देश जारी किए जाएं. याचिका में कहा गया है कि कल्याणकारी योजनाओं के लिए आधार कार्ड को जोड़ने के लिए सरकार ने तीस जून की डेडलाइन तय कर रखी है जो कि पूरी तरह अवैध है और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के खिलाफ है.
यहाँ एक सारांश है:सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की संविधान पीठ करेगी सुनवाई याचिकाकर्ता : सरकार आधार को एकाग्रता शिविर की तरह इस्तेमाल कर रही है वहीं AG ने इसका विरोध करते हुए कहा कि ये शब्द सही नहीं है
15
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: श्रीलंका ने उन 136 भारतीय मछुआरों को रिहा कर दिया जिन्हें कथित रूप से देश की समुद्री सीमा में प्रवेश करने के आरोप में पकड़ लिया गया था। मछुआरों की रिहायी भारत की ओर से उनकी हिरासत को लेकर गंभीर चिंता जताने और उन्हें तत्काल रिहा करने के लिए कहने के बाद की गई है। श्रीलंकाई प्रशासन ने एक अदालत के आदेश के बाद भारतीय मछुआरों को उनकी नावों के साथ रिहा कर दिया। सेना के एक अधिकारी ने कहा, भारतीय मछुआरों को श्रीलंकाई नौसेना भारतीय समुद्री सीमा पर छोड़कर आएगी। श्रीलंकाई नौसेना के प्रवक्ता कमांडर कोसाला वारनकुलसूर्या ने कहा, श्रीलंकाई नौसेना मछुआरों और उनकी नावों को भारतीय तटरक्षक बल के हवाले करेगी। भारतीय मछुआरों की रिहाई श्रीलंकाई सैन्य अधिकारियों और भारतीय राजनयिकों के बीच कोलंबो में उच्च स्तरीय बैठक के बाद संभव हो पाई। रिहा किए जाने वाले 136 मछुआरों में से 112 को गत मंगलवार को स्थानीय मछुआरों के एक समूह द्वारा पकड़ लिया गया था। समूह ने मछुआरों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया था। इस मामले पर भारत ने अपनी गहरी चिंता व्यक्त करते हुए श्रीलंका सरकार से उनकी रिहाई के लिए कदम उठाने को कहा था।
श्रीलंका ने उन 136 भारतीय मछुआरों को रिहा कर दिया जिन्हें कथित रूप से देश की समुद्री सीमा में प्रवेश करने के आरोप में पकड़ लिया गया था।
28
['hin']
एक सारांश बनाओ: सपा में संग्राम पर पहली बार अमर सिंह ने अपनी चुप्पी तोड़ी है. अखिलेश के 'औरंगजेब' वाली खबर छपवाने के आरोप पर उन्होंने कहा कि इससे मेरा कोई लेना-देना नहीं है. आशु मलिक को मैं नहीं जानता.टिप्पणियां उन्होंने आगे कहा कि मैंने किसी से नहीं कहा था कि मुझे सपा में ले लो. अगर मेरी बलि से सपा की कलह खत्म होती है तो ले लें. मैं बलिदान को तैयार हूं, लेकिन जब तक मुलायम नहीं कहेंगे मैं पार्टी नहीं छोड़ूंगा. अमर सिंह से बातचीत के मुख्य अंश- मैं अखिलेश के साथ हूं, लेकिन सबसे पहले मुलायम के साथ हूंअखिलेश को जब जरूरत होगी मैं उनके साथ हूंमेरी तारीफ करने वाले अखिलेश अचानक मेरे आलोचक कैसे हो गएपता नहीं अचानक बुराई कैसे करने लगेमेरी ऐसे घेराबंदी हो रही है जैसे मैं हत्या या बलात्कार का आरोपी हूंअखिलेश भले ही मुझे गाली देते रहें मैं उसका कोई जवाब नहीं दूंगामैं सीएम अखिलेश के साथ नहीं बल्कि मुलायम के बेटे अखिलेश के साथ हूंमुलायम मुझे भाई कहते हैं, अखिलेश मानें या न मानें मैं उनका अंकल हूंमैंने रामगोपाल को कभी नपुंसक नहीं कहादलाल शब्द से तकलीफ पहुंचीशादी में अखिलेश का साथ दियाशादी के हर फोटो में मेरी तस्वीरमैं उन्हें ऑस्ट्रेलिया लेकर गयाअगर मैं अपराध कर रहा हूं तो छोड़ना मतसमाजवादी पार्टी के समारोह में नहीं जाऊंगामुझे सपा के 25 साल पूरे होने के कार्यक्रम में बुलाया नहीं गया हैमैं रामगोपाल यादव की धमकी से नहीं डरा हूंमैं सपा में रहूं न रहूं, मेरा संबंध उनसे हमेशा रहेगाअगर कोई कह दे कि मैंने कोई फायदा लिया है तो मैं राजनीति से संन्यास ले लूंगा उन्होंने आगे कहा कि मैंने किसी से नहीं कहा था कि मुझे सपा में ले लो. अगर मेरी बलि से सपा की कलह खत्म होती है तो ले लें. मैं बलिदान को तैयार हूं, लेकिन जब तक मुलायम नहीं कहेंगे मैं पार्टी नहीं छोड़ूंगा. अमर सिंह से बातचीत के मुख्य अंश- मैं अखिलेश के साथ हूं, लेकिन सबसे पहले मुलायम के साथ हूंअखिलेश को जब जरूरत होगी मैं उनके साथ हूंमेरी तारीफ करने वाले अखिलेश अचानक मेरे आलोचक कैसे हो गएपता नहीं अचानक बुराई कैसे करने लगेमेरी ऐसे घेराबंदी हो रही है जैसे मैं हत्या या बलात्कार का आरोपी हूंअखिलेश भले ही मुझे गाली देते रहें मैं उसका कोई जवाब नहीं दूंगामैं सीएम अखिलेश के साथ नहीं बल्कि मुलायम के बेटे अखिलेश के साथ हूंमुलायम मुझे भाई कहते हैं, अखिलेश मानें या न मानें मैं उनका अंकल हूंमैंने रामगोपाल को कभी नपुंसक नहीं कहादलाल शब्द से तकलीफ पहुंचीशादी में अखिलेश का साथ दियाशादी के हर फोटो में मेरी तस्वीरमैं उन्हें ऑस्ट्रेलिया लेकर गयाअगर मैं अपराध कर रहा हूं तो छोड़ना मतसमाजवादी पार्टी के समारोह में नहीं जाऊंगामुझे सपा के 25 साल पूरे होने के कार्यक्रम में बुलाया नहीं गया हैमैं रामगोपाल यादव की धमकी से नहीं डरा हूंमैं सपा में रहूं न रहूं, मेरा संबंध उनसे हमेशा रहेगाअगर कोई कह दे कि मैंने कोई फायदा लिया है तो मैं राजनीति से संन्यास ले लूंगा अमर सिंह से बातचीत के मुख्य अंश- मैं अखिलेश के साथ हूं, लेकिन सबसे पहले मुलायम के साथ हूंअखिलेश को जब जरूरत होगी मैं उनके साथ हूंमेरी तारीफ करने वाले अखिलेश अचानक मेरे आलोचक कैसे हो गएपता नहीं अचानक बुराई कैसे करने लगेमेरी ऐसे घेराबंदी हो रही है जैसे मैं हत्या या बलात्कार का आरोपी हूंअखिलेश भले ही मुझे गाली देते रहें मैं उसका कोई जवाब नहीं दूंगामैं सीएम अखिलेश के साथ नहीं बल्कि मुलायम के बेटे अखिलेश के साथ हूंमुलायम मुझे भाई कहते हैं, अखिलेश मानें या न मानें मैं उनका अंकल हूंमैंने रामगोपाल को कभी नपुंसक नहीं कहादलाल शब्द से तकलीफ पहुंचीशादी में अखिलेश का साथ दियाशादी के हर फोटो में मेरी तस्वीरमैं उन्हें ऑस्ट्रेलिया लेकर गयाअगर मैं अपराध कर रहा हूं तो छोड़ना मतसमाजवादी पार्टी के समारोह में नहीं जाऊंगामुझे सपा के 25 साल पूरे होने के कार्यक्रम में बुलाया नहीं गया हैमैं रामगोपाल यादव की धमकी से नहीं डरा हूंमैं सपा में रहूं न रहूं, मेरा संबंध उनसे हमेशा रहेगाअगर कोई कह दे कि मैंने कोई फायदा लिया है तो मैं राजनीति से संन्यास ले लूंगा
यहाँ एक सारांश है:अमर सिंह ने सपा विवाद पर अपना पक्ष साफ किया कहा - अखिलेश के साथ हूं लेकिन उनसे पहले मुलायम के साथ हूं कहा - मेरी तारीफ करने वाले मुख्यमंत्री, आलोचक कैसे हो गए
15
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: सिंह और सोनिया ने एक दूसरे का हाथ जोड़कर अभिवादन किया । संसदीय कार्य मंत्री कमलनाथ और दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित उनके बीच में बैठे थे । राजघाट जाने वाली अन्य गणमान्य हस्तियों में महिला और बाल विकास मंत्री कृष्णा तीरथ, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता मणिशंकर अय्यर और माणिक राव गावित आदि थे ।टिप्पणियां इस दौरान राजघाट पर सर्वधर्म प्रार्थना का भी आयोजन किया गया । इस मौके पर बापू के प्रिय भजन भी बजाए गए। राष्ट्र ने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को भी उनकी 109वीं जयंती पर याद किया। राष्ट्रपति, उप राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, सोनिया गांधी और आडवाणी ने विजय घाट जाकर शास्त्री जी के समाधिस्थल पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की जिन्होंने जय जवान , जय किसान का नारा दिया था। इस मौके पर शास्त्री के पुत्र अनिल शास्त्री और सुनील शास्त्री भी मौजूद थे। राजघाट जाने वाली अन्य गणमान्य हस्तियों में महिला और बाल विकास मंत्री कृष्णा तीरथ, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता मणिशंकर अय्यर और माणिक राव गावित आदि थे ।टिप्पणियां इस दौरान राजघाट पर सर्वधर्म प्रार्थना का भी आयोजन किया गया । इस मौके पर बापू के प्रिय भजन भी बजाए गए। राष्ट्र ने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को भी उनकी 109वीं जयंती पर याद किया। राष्ट्रपति, उप राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, सोनिया गांधी और आडवाणी ने विजय घाट जाकर शास्त्री जी के समाधिस्थल पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की जिन्होंने जय जवान , जय किसान का नारा दिया था। इस मौके पर शास्त्री के पुत्र अनिल शास्त्री और सुनील शास्त्री भी मौजूद थे। इस दौरान राजघाट पर सर्वधर्म प्रार्थना का भी आयोजन किया गया । इस मौके पर बापू के प्रिय भजन भी बजाए गए। राष्ट्र ने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को भी उनकी 109वीं जयंती पर याद किया। राष्ट्रपति, उप राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, सोनिया गांधी और आडवाणी ने विजय घाट जाकर शास्त्री जी के समाधिस्थल पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की जिन्होंने जय जवान , जय किसान का नारा दिया था। इस मौके पर शास्त्री के पुत्र अनिल शास्त्री और सुनील शास्त्री भी मौजूद थे। राष्ट्रपति, उप राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, सोनिया गांधी और आडवाणी ने विजय घाट जाकर शास्त्री जी के समाधिस्थल पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की जिन्होंने जय जवान , जय किसान का नारा दिया था। इस मौके पर शास्त्री के पुत्र अनिल शास्त्री और सुनील शास्त्री भी मौजूद थे।
सारांश: राष्ट्र ने आज महात्मा गांधी की 144वीं जयंती के अवसर पर राष्ट्रपिता को याद किया और शीर्ष नेताओं ने यहां राजघाट पर उनकी समाधि पर जाकर पुष्पांजलि अर्पित की।
33
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: चेन्नई सुपरकिंग्स के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने कोच्चि टस्कर्स केरल पर मिली जीत के बाद कहा कि अब टीम बड़े मैचों के लिए तैयार है। धोनी ने बुधवार को मैच के बाद कहा, हम अपने घरेलू मैदान के रिकॉर्ड पर गर्व महसूस कर सकते हैं। यह हमारे लिए बड़ी उपलब्धि है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम थोड़े रिलैक्स हो जाएंगे। भारतीय कप्तान ने कहा, अगर आप सेमीफाइनल में पहुंचना चाहते हो, तो आप सारे मैच आसानी से नहीं जीतना चाहते। आप अपने मध्यक्रम, निचले क्रम और गेंदबाजों की परीक्षा लेना चाहते हो। मुझे लगता है कि अब हम बड़े मैचों के लिए तैयार हैं। चेन्नई ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी करते हुए पांच विकेट पर 152 रन का स्कोर खड़ा किया, जिसके जवाब में कोच्चि टस्कर्स केरल ब्रैड हॉज (नाबाद 51) के अर्द्धशतक के बावजूद निर्धारित ओवर में पांच विकेट पर 141 रन ही बना सकी। इस तरह चेन्नई सुपरकिंग्स ने अपने मैदान पर सभी सात मैचों में जीत के रिकॉर्ड को भी बरकरार रखा और साथ ही प्ले ऑफ में जगह सुनिश्चित करने के अलावा अंक तालिका में 18 अंक लेकर शीर्ष पर पहुंच गई। कोच्चि टस्कर्स केरल ने आईपीएल-4 में अपना अभियान छह जीत और आठ हार से पूरा किया। कप्तान पार्थिव पटेल ने निराशा व्यक्त करते हुए कहा, मुझे लगा था कि 150 रन का लक्ष्य हासिल किया जा सकता था। हमने विकेट नहीं गंवाने की योजना बनाई थी, लेकिन हमने काफी देर में आक्रामकता अख्तियार की। उन्होंने कहा, चेन्नई का विकेट हमेशा धीमा रहता है। हम 10वें ओवर तक मैच में बने हुए थे। हम 12वें ओवर में रन गति बढ़ाना चाहते थे, लेकिन ऐसा करने में एक-दो ओवर की देरी हो गई। रिद्धिमान साहा ने 33 गेंद में नाबाद 46 रन की पारी खेलकर चेन्नई को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया, जिसके लिए उन्हें मैन ऑफ द मैच से नवाजा गया। साहा ने कहा, मैं जब क्रीज पर उतरा, तो मैं सिर्फ स्ट्राइक रोटेट करने की कोशिश कर रहा था। हम सोच रहे थे कि 140-150 रन का स्कोर बढ़िया रहेगा। मैंने क्षेत्ररक्षण का भी लुत्फ उठाया।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: चेन्नई सुपरकिंग्स के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने कोच्चि टस्कर्स केरल पर मिली जीत के बाद कहा कि अब टीम बड़े मैचों के लिए तैयार है।
25
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में दो अलग अलग-अलग घटनाओं में एक कांवड़िये की मौत हो गयी और चार घायल हो गये. पुलिस ने बुधवार को बताया कि दिल्ली-हरिद्वार राजमार्ग पर भेनसी गांव के नजदीक मंगलवार को एक वाहन ने दिल्ली निवासी 27 वर्षीय रंजीत को कुचल दिया. उन्होंने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया है और वाहन के चालक के खिलाफ एक मामला दर्ज किया गया है. रंजीत अपने चार दोस्तों के साथ गंगा जल लेने के लिए हरिद्वार जा रहा था. एक अन्य घटना में गाजीपुर गांव के नजदीक राजमार्ग पर मंगलवार को दो मोटरसाइकिलों की टक्कर हो गयी जिसमें चार कांवड़िए गंभीर रूप से घायल हो गये.टिप्पणियां पुलिस ने बताया कि घायलों की पहचान नितिन, सोनम, नेहा और सोनिया के रूप में की गयी है. वे सभी दिल्ली के रहने वाले हैं. उन्हें गंभीर हालत में भरतपुर मेडिकल कॉलेज ले जाया गया. जिले में सुचारू कांवड़ यात्रा के लिए सुरक्षा के इंतजामात किये गये हैं. जिला मजिस्ट्रेट जी एस प्रियदर्शी ने बताया कि यहां 47 सेक्टर मजिस्ट्रेट को तैनात किया गया है और संवेदनशील स्थानों पर 214 सीसीटीवी कैमरा लगाया गया है. उन्होंने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया है और वाहन के चालक के खिलाफ एक मामला दर्ज किया गया है. रंजीत अपने चार दोस्तों के साथ गंगा जल लेने के लिए हरिद्वार जा रहा था. एक अन्य घटना में गाजीपुर गांव के नजदीक राजमार्ग पर मंगलवार को दो मोटरसाइकिलों की टक्कर हो गयी जिसमें चार कांवड़िए गंभीर रूप से घायल हो गये.टिप्पणियां पुलिस ने बताया कि घायलों की पहचान नितिन, सोनम, नेहा और सोनिया के रूप में की गयी है. वे सभी दिल्ली के रहने वाले हैं. उन्हें गंभीर हालत में भरतपुर मेडिकल कॉलेज ले जाया गया. जिले में सुचारू कांवड़ यात्रा के लिए सुरक्षा के इंतजामात किये गये हैं. जिला मजिस्ट्रेट जी एस प्रियदर्शी ने बताया कि यहां 47 सेक्टर मजिस्ट्रेट को तैनात किया गया है और संवेदनशील स्थानों पर 214 सीसीटीवी कैमरा लगाया गया है. एक अन्य घटना में गाजीपुर गांव के नजदीक राजमार्ग पर मंगलवार को दो मोटरसाइकिलों की टक्कर हो गयी जिसमें चार कांवड़िए गंभीर रूप से घायल हो गये.टिप्पणियां पुलिस ने बताया कि घायलों की पहचान नितिन, सोनम, नेहा और सोनिया के रूप में की गयी है. वे सभी दिल्ली के रहने वाले हैं. उन्हें गंभीर हालत में भरतपुर मेडिकल कॉलेज ले जाया गया. जिले में सुचारू कांवड़ यात्रा के लिए सुरक्षा के इंतजामात किये गये हैं. जिला मजिस्ट्रेट जी एस प्रियदर्शी ने बताया कि यहां 47 सेक्टर मजिस्ट्रेट को तैनात किया गया है और संवेदनशील स्थानों पर 214 सीसीटीवी कैमरा लगाया गया है. पुलिस ने बताया कि घायलों की पहचान नितिन, सोनम, नेहा और सोनिया के रूप में की गयी है. वे सभी दिल्ली के रहने वाले हैं. उन्हें गंभीर हालत में भरतपुर मेडिकल कॉलेज ले जाया गया. जिले में सुचारू कांवड़ यात्रा के लिए सुरक्षा के इंतजामात किये गये हैं. जिला मजिस्ट्रेट जी एस प्रियदर्शी ने बताया कि यहां 47 सेक्टर मजिस्ट्रेट को तैनात किया गया है और संवेदनशील स्थानों पर 214 सीसीटीवी कैमरा लगाया गया है. जिला मजिस्ट्रेट जी एस प्रियदर्शी ने बताया कि यहां 47 सेक्टर मजिस्ट्रेट को तैनात किया गया है और संवेदनशील स्थानों पर 214 सीसीटीवी कैमरा लगाया गया है.
यहाँ एक सारांश है:भेनसी गांव के नजदीक एक वाहन ने दिल्ली निवासी 27 वर्षीय रंजीत को कुचल दिया शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया है एक अन्य घटना में चार कांवड़िए गंभीर रूप से घायल हो गये
4
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: हाल ही में साहित्‍य में नोबेल पुरस्‍कार हासिल करने वाले अमेरिका के कवि और गायक बॉब डिलेन का कोलकाता से विशेष लगाव रहा है. नोबेल पुरस्कार जीतने से उनके प्रशंसकों में उत्साह है. लेकिन कई लोगों को यह पता नहीं है कि इस संगीतकार का कोलकाता से विशेष संबंध है. 1990 में, कोलकाता को उस समय डिलेन का स्वागत करने का मौका मिला था जब पूर्णदास बौल के बेटे के शादी-समारोह में शामिल हुए थे.   हालांकि डिलेन की यात्रा को सार्वजनिक नहीं किया गया था. अपनी यात्रा के दौरान वह दक्षिण कोलकाता के ढाकुरिया की तंग गलियों में बनी एक तीन मंजिला इमारत में ठहरे थे. यही एकमात्र वह समय है जब बॉब डिलेन भारत आए. लोकगायक दिबेंदु दास अपनी शादी में बॉब डिलेन के शामिल पर बहुत खुश हुए थे. उनके पिता पूर्णदास अमेरिका के प्रसिद्ध वुडस्टॉर्क उत्सव में डिलेन के साथ जोड़ी बनाकर शामिल हुए थे. अमेरिका में पूर्णदास, डिलेन के साथ वुडस्टॉक में बियर्जवेल ठहरे थे.     दास ने एनडीटीवी से बात करते हुए कहा, "आप बॉब डिलेन के बारे में एक वाक्य में नहीं बता सकते. वह महान हैं. वह सच्चे कलाकार हैं. मैं उनकी कोलकात यात्रा के बारे में बात नहीं करना चाहता क्योंकि वह यहां एक मित्र के रूप में आए थे. हमने इसे गुप्त बनाए रखा लेकिन जैसे ही लोगों को पता चला हमें अपना कार्यक्रम बंद करना पड़ा." पूर्णदास भारत के अपने संगीत की धुन कई देशों में पहुंचाई है. उन्होंने टीना टर्नर, माइक जैगर, बॉब मार्ले और बॉल डिलेन जैसे कई महान संगीतकारों के साथ काम किया है.  दास और बॉब डिलेन के रिश्ते संगीत तक ही सीमित नहीं थे. बॉब डिलेन के पूर्व मैनेजर अल्बर्ट ग्रॉसमैन ने उन्हें अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में होने वाले एक संगीत उत्सव में प्रदर्शन करने के लिए आमंत्रित किया था. अपनी यात्रा के दौरान दास वुडस्टॉक के बियर्जवेल भी गए थे जहां वह डिलेन के साथ रुके थे. उसके बाद से दोनों दोस्त बन गए. दास उन दिनों को याद करते हुए बताते हैं कि यह जानने के बाद कि वह और उनका परिवार केवल चावल खाता है, डिलेन ने एक बोरी चावल उनके लिए भेजा था. साथ ही यह हिदायत दी थी कि अमेरिका छोड़ने से पहले हम पूरे चावल खत्म कर दें. वह अक्सर दास की पत्नी मंजू दास बौल के हाथों की बनाई खिचड़ी खाते थे.   दास ने यह भी कहा, "जब वह यहां आए थे तो वह मेरे घर में दो घंटे तक रुके थे. उसके बाद अन्य शहरों से और न्यूजपेपर से कॉल आना शुरू हो गए. इसलिए हमने आगे बढ़ने का निर्णय लिया और वह तत्काल चले गए."  दास ने कहा कि डिलेन ने लोकसंगीत की असली ताकत को पहचाना और परंपरागत लोकसंगीत को पहचान दिलाई. दिबेंदु दास ने कहा, "लोकसंगीत की कोई भाषा नहीं होती क्योंकि यह नवजात बच्चे के स्वर जैसा होता है. इससे कोई मतलब नहीं है कि बच्चा कहां जन्म लेता है. जैसे ही वह पहली बार रोता है, वही लोकसंगीत होता है."टिप्पणियां पूर्णदास बौल ने कहा कि डिलेन, नोबेल जैसा सम्मान पाने के लायक हैं और उन्हें ये सम्मान पहले ही मिल जाना चाहिए था. उन्होंन कहा कि संगीत और कलाकार पूरी दुनिया को एक साथ ला सकते हैं. ऐसे समय जब पाकिस्तान के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम कम हो रहे हैं, पूर्णदास हाल ही में अध्यात्मक संगीत के लिए समा इंटरनेशनल उत्सव से वापस लौटे हैं जहां उन्होंने पाकिस्तान के कव्वाली गायकों बादर और बहादुर अली खान के साथ काम किया. हालांकि डिलेन की यात्रा को सार्वजनिक नहीं किया गया था. अपनी यात्रा के दौरान वह दक्षिण कोलकाता के ढाकुरिया की तंग गलियों में बनी एक तीन मंजिला इमारत में ठहरे थे. यही एकमात्र वह समय है जब बॉब डिलेन भारत आए. लोकगायक दिबेंदु दास अपनी शादी में बॉब डिलेन के शामिल पर बहुत खुश हुए थे. उनके पिता पूर्णदास अमेरिका के प्रसिद्ध वुडस्टॉर्क उत्सव में डिलेन के साथ जोड़ी बनाकर शामिल हुए थे. अमेरिका में पूर्णदास, डिलेन के साथ वुडस्टॉक में बियर्जवेल ठहरे थे.     दास ने एनडीटीवी से बात करते हुए कहा, "आप बॉब डिलेन के बारे में एक वाक्य में नहीं बता सकते. वह महान हैं. वह सच्चे कलाकार हैं. मैं उनकी कोलकात यात्रा के बारे में बात नहीं करना चाहता क्योंकि वह यहां एक मित्र के रूप में आए थे. हमने इसे गुप्त बनाए रखा लेकिन जैसे ही लोगों को पता चला हमें अपना कार्यक्रम बंद करना पड़ा." पूर्णदास भारत के अपने संगीत की धुन कई देशों में पहुंचाई है. उन्होंने टीना टर्नर, माइक जैगर, बॉब मार्ले और बॉल डिलेन जैसे कई महान संगीतकारों के साथ काम किया है.  दास और बॉब डिलेन के रिश्ते संगीत तक ही सीमित नहीं थे. बॉब डिलेन के पूर्व मैनेजर अल्बर्ट ग्रॉसमैन ने उन्हें अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में होने वाले एक संगीत उत्सव में प्रदर्शन करने के लिए आमंत्रित किया था. अपनी यात्रा के दौरान दास वुडस्टॉक के बियर्जवेल भी गए थे जहां वह डिलेन के साथ रुके थे. उसके बाद से दोनों दोस्त बन गए. दास उन दिनों को याद करते हुए बताते हैं कि यह जानने के बाद कि वह और उनका परिवार केवल चावल खाता है, डिलेन ने एक बोरी चावल उनके लिए भेजा था. साथ ही यह हिदायत दी थी कि अमेरिका छोड़ने से पहले हम पूरे चावल खत्म कर दें. वह अक्सर दास की पत्नी मंजू दास बौल के हाथों की बनाई खिचड़ी खाते थे.   दास ने यह भी कहा, "जब वह यहां आए थे तो वह मेरे घर में दो घंटे तक रुके थे. उसके बाद अन्य शहरों से और न्यूजपेपर से कॉल आना शुरू हो गए. इसलिए हमने आगे बढ़ने का निर्णय लिया और वह तत्काल चले गए."  दास ने कहा कि डिलेन ने लोकसंगीत की असली ताकत को पहचाना और परंपरागत लोकसंगीत को पहचान दिलाई. दिबेंदु दास ने कहा, "लोकसंगीत की कोई भाषा नहीं होती क्योंकि यह नवजात बच्चे के स्वर जैसा होता है. इससे कोई मतलब नहीं है कि बच्चा कहां जन्म लेता है. जैसे ही वह पहली बार रोता है, वही लोकसंगीत होता है."टिप्पणियां पूर्णदास बौल ने कहा कि डिलेन, नोबेल जैसा सम्मान पाने के लायक हैं और उन्हें ये सम्मान पहले ही मिल जाना चाहिए था. उन्होंन कहा कि संगीत और कलाकार पूरी दुनिया को एक साथ ला सकते हैं. ऐसे समय जब पाकिस्तान के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम कम हो रहे हैं, पूर्णदास हाल ही में अध्यात्मक संगीत के लिए समा इंटरनेशनल उत्सव से वापस लौटे हैं जहां उन्होंने पाकिस्तान के कव्वाली गायकों बादर और बहादुर अली खान के साथ काम किया. लोकगायक दिबेंदु दास अपनी शादी में बॉब डिलेन के शामिल पर बहुत खुश हुए थे. उनके पिता पूर्णदास अमेरिका के प्रसिद्ध वुडस्टॉर्क उत्सव में डिलेन के साथ जोड़ी बनाकर शामिल हुए थे. अमेरिका में पूर्णदास, डिलेन के साथ वुडस्टॉक में बियर्जवेल ठहरे थे.     दास ने एनडीटीवी से बात करते हुए कहा, "आप बॉब डिलेन के बारे में एक वाक्य में नहीं बता सकते. वह महान हैं. वह सच्चे कलाकार हैं. मैं उनकी कोलकात यात्रा के बारे में बात नहीं करना चाहता क्योंकि वह यहां एक मित्र के रूप में आए थे. हमने इसे गुप्त बनाए रखा लेकिन जैसे ही लोगों को पता चला हमें अपना कार्यक्रम बंद करना पड़ा." पूर्णदास भारत के अपने संगीत की धुन कई देशों में पहुंचाई है. उन्होंने टीना टर्नर, माइक जैगर, बॉब मार्ले और बॉल डिलेन जैसे कई महान संगीतकारों के साथ काम किया है.  दास और बॉब डिलेन के रिश्ते संगीत तक ही सीमित नहीं थे. बॉब डिलेन के पूर्व मैनेजर अल्बर्ट ग्रॉसमैन ने उन्हें अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में होने वाले एक संगीत उत्सव में प्रदर्शन करने के लिए आमंत्रित किया था. अपनी यात्रा के दौरान दास वुडस्टॉक के बियर्जवेल भी गए थे जहां वह डिलेन के साथ रुके थे. उसके बाद से दोनों दोस्त बन गए. दास उन दिनों को याद करते हुए बताते हैं कि यह जानने के बाद कि वह और उनका परिवार केवल चावल खाता है, डिलेन ने एक बोरी चावल उनके लिए भेजा था. साथ ही यह हिदायत दी थी कि अमेरिका छोड़ने से पहले हम पूरे चावल खत्म कर दें. वह अक्सर दास की पत्नी मंजू दास बौल के हाथों की बनाई खिचड़ी खाते थे.   दास ने यह भी कहा, "जब वह यहां आए थे तो वह मेरे घर में दो घंटे तक रुके थे. उसके बाद अन्य शहरों से और न्यूजपेपर से कॉल आना शुरू हो गए. इसलिए हमने आगे बढ़ने का निर्णय लिया और वह तत्काल चले गए."  दास ने कहा कि डिलेन ने लोकसंगीत की असली ताकत को पहचाना और परंपरागत लोकसंगीत को पहचान दिलाई. दिबेंदु दास ने कहा, "लोकसंगीत की कोई भाषा नहीं होती क्योंकि यह नवजात बच्चे के स्वर जैसा होता है. इससे कोई मतलब नहीं है कि बच्चा कहां जन्म लेता है. जैसे ही वह पहली बार रोता है, वही लोकसंगीत होता है."टिप्पणियां पूर्णदास बौल ने कहा कि डिलेन, नोबेल जैसा सम्मान पाने के लायक हैं और उन्हें ये सम्मान पहले ही मिल जाना चाहिए था. उन्होंन कहा कि संगीत और कलाकार पूरी दुनिया को एक साथ ला सकते हैं. ऐसे समय जब पाकिस्तान के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम कम हो रहे हैं, पूर्णदास हाल ही में अध्यात्मक संगीत के लिए समा इंटरनेशनल उत्सव से वापस लौटे हैं जहां उन्होंने पाकिस्तान के कव्वाली गायकों बादर और बहादुर अली खान के साथ काम किया. पूर्णदास भारत के अपने संगीत की धुन कई देशों में पहुंचाई है. उन्होंने टीना टर्नर, माइक जैगर, बॉब मार्ले और बॉल डिलेन जैसे कई महान संगीतकारों के साथ काम किया है.  दास और बॉब डिलेन के रिश्ते संगीत तक ही सीमित नहीं थे. बॉब डिलेन के पूर्व मैनेजर अल्बर्ट ग्रॉसमैन ने उन्हें अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में होने वाले एक संगीत उत्सव में प्रदर्शन करने के लिए आमंत्रित किया था. अपनी यात्रा के दौरान दास वुडस्टॉक के बियर्जवेल भी गए थे जहां वह डिलेन के साथ रुके थे. उसके बाद से दोनों दोस्त बन गए. दास उन दिनों को याद करते हुए बताते हैं कि यह जानने के बाद कि वह और उनका परिवार केवल चावल खाता है, डिलेन ने एक बोरी चावल उनके लिए भेजा था. साथ ही यह हिदायत दी थी कि अमेरिका छोड़ने से पहले हम पूरे चावल खत्म कर दें. वह अक्सर दास की पत्नी मंजू दास बौल के हाथों की बनाई खिचड़ी खाते थे.   दास ने यह भी कहा, "जब वह यहां आए थे तो वह मेरे घर में दो घंटे तक रुके थे. उसके बाद अन्य शहरों से और न्यूजपेपर से कॉल आना शुरू हो गए. इसलिए हमने आगे बढ़ने का निर्णय लिया और वह तत्काल चले गए."  दास ने कहा कि डिलेन ने लोकसंगीत की असली ताकत को पहचाना और परंपरागत लोकसंगीत को पहचान दिलाई. दिबेंदु दास ने कहा, "लोकसंगीत की कोई भाषा नहीं होती क्योंकि यह नवजात बच्चे के स्वर जैसा होता है. इससे कोई मतलब नहीं है कि बच्चा कहां जन्म लेता है. जैसे ही वह पहली बार रोता है, वही लोकसंगीत होता है."टिप्पणियां पूर्णदास बौल ने कहा कि डिलेन, नोबेल जैसा सम्मान पाने के लायक हैं और उन्हें ये सम्मान पहले ही मिल जाना चाहिए था. उन्होंन कहा कि संगीत और कलाकार पूरी दुनिया को एक साथ ला सकते हैं. ऐसे समय जब पाकिस्तान के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम कम हो रहे हैं, पूर्णदास हाल ही में अध्यात्मक संगीत के लिए समा इंटरनेशनल उत्सव से वापस लौटे हैं जहां उन्होंने पाकिस्तान के कव्वाली गायकों बादर और बहादुर अली खान के साथ काम किया. दास उन दिनों को याद करते हुए बताते हैं कि यह जानने के बाद कि वह और उनका परिवार केवल चावल खाता है, डिलेन ने एक बोरी चावल उनके लिए भेजा था. साथ ही यह हिदायत दी थी कि अमेरिका छोड़ने से पहले हम पूरे चावल खत्म कर दें. वह अक्सर दास की पत्नी मंजू दास बौल के हाथों की बनाई खिचड़ी खाते थे.   दास ने यह भी कहा, "जब वह यहां आए थे तो वह मेरे घर में दो घंटे तक रुके थे. उसके बाद अन्य शहरों से और न्यूजपेपर से कॉल आना शुरू हो गए. इसलिए हमने आगे बढ़ने का निर्णय लिया और वह तत्काल चले गए."  दास ने कहा कि डिलेन ने लोकसंगीत की असली ताकत को पहचाना और परंपरागत लोकसंगीत को पहचान दिलाई. दिबेंदु दास ने कहा, "लोकसंगीत की कोई भाषा नहीं होती क्योंकि यह नवजात बच्चे के स्वर जैसा होता है. इससे कोई मतलब नहीं है कि बच्चा कहां जन्म लेता है. जैसे ही वह पहली बार रोता है, वही लोकसंगीत होता है."टिप्पणियां पूर्णदास बौल ने कहा कि डिलेन, नोबेल जैसा सम्मान पाने के लायक हैं और उन्हें ये सम्मान पहले ही मिल जाना चाहिए था. उन्होंन कहा कि संगीत और कलाकार पूरी दुनिया को एक साथ ला सकते हैं. ऐसे समय जब पाकिस्तान के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम कम हो रहे हैं, पूर्णदास हाल ही में अध्यात्मक संगीत के लिए समा इंटरनेशनल उत्सव से वापस लौटे हैं जहां उन्होंने पाकिस्तान के कव्वाली गायकों बादर और बहादुर अली खान के साथ काम किया. दिबेंदु दास ने कहा, "लोकसंगीत की कोई भाषा नहीं होती क्योंकि यह नवजात बच्चे के स्वर जैसा होता है. इससे कोई मतलब नहीं है कि बच्चा कहां जन्म लेता है. जैसे ही वह पहली बार रोता है, वही लोकसंगीत होता है."टिप्पणियां पूर्णदास बौल ने कहा कि डिलेन, नोबेल जैसा सम्मान पाने के लायक हैं और उन्हें ये सम्मान पहले ही मिल जाना चाहिए था. उन्होंन कहा कि संगीत और कलाकार पूरी दुनिया को एक साथ ला सकते हैं. ऐसे समय जब पाकिस्तान के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम कम हो रहे हैं, पूर्णदास हाल ही में अध्यात्मक संगीत के लिए समा इंटरनेशनल उत्सव से वापस लौटे हैं जहां उन्होंने पाकिस्तान के कव्वाली गायकों बादर और बहादुर अली खान के साथ काम किया. पूर्णदास बौल ने कहा कि डिलेन, नोबेल जैसा सम्मान पाने के लायक हैं और उन्हें ये सम्मान पहले ही मिल जाना चाहिए था. उन्होंन कहा कि संगीत और कलाकार पूरी दुनिया को एक साथ ला सकते हैं. ऐसे समय जब पाकिस्तान के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम कम हो रहे हैं, पूर्णदास हाल ही में अध्यात्मक संगीत के लिए समा इंटरनेशनल उत्सव से वापस लौटे हैं जहां उन्होंने पाकिस्तान के कव्वाली गायकों बादर और बहादुर अली खान के साथ काम किया. ऐसे समय जब पाकिस्तान के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम कम हो रहे हैं, पूर्णदास हाल ही में अध्यात्मक संगीत के लिए समा इंटरनेशनल उत्सव से वापस लौटे हैं जहां उन्होंने पाकिस्तान के कव्वाली गायकों बादर और बहादुर अली खान के साथ काम किया.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: नोबेल पुरस्‍कार पाने वाले गायक बॉब डिलेन का रहा है कोलकाता से विशेष लगाव 1990 में कोलकाता में पूर्णदास बौल के बेटे के शादी-समारोह में शामिल हुए थे यही एकमात्र वह समय है जब बॉब डिलेन भारत आए
25
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: हाईकोर्ट ने पेपर में पूछे गए सवालों के गलत अनुवाद पर ये फैसला सुनाया है. पेपर में गलत सवालों के पूछ जाने पर स्टूडेंट्स ने मद्रास हाईकोर्ट में याचिका दायर कर शिकायत की थी.  NEET 2018 प्रवेश परीक्षा 6 मई को आयोजित की गई थी. NEET 2018 की परीक्षा में करीब 13 लाख छात्र शामिल हुए थे. टिप्पणियांNEET 2018: मद्रास हाईकोर्ट ने स्टूडेंट्स को दी बड़ी राहत, तमिल में परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों को मिलेंगे 196 ग्रेस मार्क्स तमिल भाषा में नीट का पेपर करीब 24,500 स्टूडेंट्स  ने दिया था. ये पेपर 720 अंकों का था. आपको बता दें कि याचिकाकर्ता और माकपा के राज्यसभा सांसद टी. के. रंगराजन ने दावा किया था कि नीट के पेपर में 49 सवालों का तमिल अनुवाद गलत किया गया है. NEET 2018: मद्रास हाईकोर्ट ने स्टूडेंट्स को दी बड़ी राहत, तमिल में परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों को मिलेंगे 196 ग्रेस मार्क्स तमिल भाषा में नीट का पेपर करीब 24,500 स्टूडेंट्स  ने दिया था. ये पेपर 720 अंकों का था. आपको बता दें कि याचिकाकर्ता और माकपा के राज्यसभा सांसद टी. के. रंगराजन ने दावा किया था कि नीट के पेपर में 49 सवालों का तमिल अनुवाद गलत किया गया है. तमिल भाषा में नीट का पेपर करीब 24,500 स्टूडेंट्स  ने दिया था. ये पेपर 720 अंकों का था. आपको बता दें कि याचिकाकर्ता और माकपा के राज्यसभा सांसद टी. के. रंगराजन ने दावा किया था कि नीट के पेपर में 49 सवालों का तमिल अनुवाद गलत किया गया है.
सारांश: दूसरे राउंड की काउंसलिंग का रिजल्ट आज जारी नहीं होगा. कोर्ट के आदेश के बाद ही काउंसलिंग प्रक्रिया फिर से शुरू हो सकेगी. मद्रास हाईकोर्ट ने स्टूडेंट्स को 96 अंक अतिरिक्त देने का आदेश दिया था.
20
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कावेरी मुद्दे पर तमिलनाडु सरकार ने भी सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल की है. तमिलनाडु सरकार ने कहा है कि कर्नाटक सरकार के कोर्ट के आदेशों में बदलाव की अर्जी पर सुनवाई न की जाए जब तक कि वह सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन न करे. कर्नाटक सरकार ने अपनी अर्जी में कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश को कर्नाटक सरकार ने नहीं माना है. पानी छोड़ने को लेकर वह आनाकानी कर रहा है. कोई भी राज्य सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन करने से इंकार कैसे कर सकता है? ये राज्य का संवैधानिक दायित्व है.टिप्पणियां दरअसल कर्नाटक सरकार ने अर्जी दाखिल कर कोर्ट के उस आदेश में संशोधन की मांग की है जिसमें कोर्ट ने कर्नाटक सरकार को 6000 क्यूसेक पानी प्रतिदिन 27 सितंबर तक तमिलनाडु को देने का आदेश दिया था. कर्नाटक सरकार ने कहा है कि वह इस स्थिति में नहीं है कि वह तमिलनाडु को पानी दे सके. कर्नाटक सरकार का कहना है कि कावेरी बेसिन में अब पानी नहीं बचा, बस पीने के लायक पानी बचा है. 20 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने 27 सितंबर तक तमिलनाडु को 6000 क्यूसेक पानी देने के आदेश दिए थे. कर्नाटक सरकार ने अपनी अर्जी में कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश को कर्नाटक सरकार ने नहीं माना है. पानी छोड़ने को लेकर वह आनाकानी कर रहा है. कोई भी राज्य सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन करने से इंकार कैसे कर सकता है? ये राज्य का संवैधानिक दायित्व है.टिप्पणियां दरअसल कर्नाटक सरकार ने अर्जी दाखिल कर कोर्ट के उस आदेश में संशोधन की मांग की है जिसमें कोर्ट ने कर्नाटक सरकार को 6000 क्यूसेक पानी प्रतिदिन 27 सितंबर तक तमिलनाडु को देने का आदेश दिया था. कर्नाटक सरकार ने कहा है कि वह इस स्थिति में नहीं है कि वह तमिलनाडु को पानी दे सके. कर्नाटक सरकार का कहना है कि कावेरी बेसिन में अब पानी नहीं बचा, बस पीने के लायक पानी बचा है. 20 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने 27 सितंबर तक तमिलनाडु को 6000 क्यूसेक पानी देने के आदेश दिए थे. दरअसल कर्नाटक सरकार ने अर्जी दाखिल कर कोर्ट के उस आदेश में संशोधन की मांग की है जिसमें कोर्ट ने कर्नाटक सरकार को 6000 क्यूसेक पानी प्रतिदिन 27 सितंबर तक तमिलनाडु को देने का आदेश दिया था. कर्नाटक सरकार ने कहा है कि वह इस स्थिति में नहीं है कि वह तमिलनाडु को पानी दे सके. कर्नाटक सरकार का कहना है कि कावेरी बेसिन में अब पानी नहीं बचा, बस पीने के लायक पानी बचा है. 20 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने 27 सितंबर तक तमिलनाडु को 6000 क्यूसेक पानी देने के आदेश दिए थे. कर्नाटक सरकार का कहना है कि कावेरी बेसिन में अब पानी नहीं बचा, बस पीने के लायक पानी बचा है. 20 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने 27 सितंबर तक तमिलनाडु को 6000 क्यूसेक पानी देने के आदेश दिए थे.
संक्षिप्त पाठ: कावेरी जल विवाद में तमिलनाडु सरकार ने भी अर्जी दाखिल की सुप्रीम कोर्ट में अर्जी देकर कहा- कर्नाटक की अर्जी पर सुनवाई न करें तब तक न करें जब तक वह कोर्ट के आदेश का पालन न करें
22
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कोल ब्लॉक्स आवंटन की समीक्षा कर रहे इंटरमिनिस्टीरियल ग्रुप की सोमवार को भी बैठक जारी रहेगी। इस बैठक में 11 कोल ब्लॉक्स की समीक्षा होनी है। आईएमजी पर कुल 58 कोल ब्लाक्स की समीक्षा की ज़िम्मेदारी है।टिप्पणियां इनमें से 29 ब्लॉक्स प्राइवेट कंपनियों को दिए गए थे और आईएमजी पहले इन्हीं 29 ब्लॉक्स की समीक्षा कर रहा है। इसके पहले यह ग्रुप 18 ब्लॉक की समीक्षा कर चुका है तमाम तथ्यों की पड़ताल कर इंटरमिनिस्ट्रीयल ग्रुप केस दर केस समीक्षा कर उसकी सिफारिश कोयला मंत्रालय को भेज रहा है जिस पर कोयला मंत्रालय को अंतिम फैसला लेना है। इनमें से 29 ब्लॉक्स प्राइवेट कंपनियों को दिए गए थे और आईएमजी पहले इन्हीं 29 ब्लॉक्स की समीक्षा कर रहा है। इसके पहले यह ग्रुप 18 ब्लॉक की समीक्षा कर चुका है तमाम तथ्यों की पड़ताल कर इंटरमिनिस्ट्रीयल ग्रुप केस दर केस समीक्षा कर उसकी सिफारिश कोयला मंत्रालय को भेज रहा है जिस पर कोयला मंत्रालय को अंतिम फैसला लेना है। इसके पहले यह ग्रुप 18 ब्लॉक की समीक्षा कर चुका है तमाम तथ्यों की पड़ताल कर इंटरमिनिस्ट्रीयल ग्रुप केस दर केस समीक्षा कर उसकी सिफारिश कोयला मंत्रालय को भेज रहा है जिस पर कोयला मंत्रालय को अंतिम फैसला लेना है।
सारांश: कोल ब्लॉक्स आवंटन की समीक्षा कर रहे इंटरमिनिस्टीरियल ग्रुप की सोमवार को भी बैठक जारी रहेगी। इस बैठक में 11 कोल ब्लॉक्स की समीक्षा होनी है।
31
['hin']
एक सारांश बनाओ: जापान सागर के ऊपर शुक्रवार को रूस के दो सुखोई एसयू-34 बमवर्षक युद्धाभ्यास करते समय गलती से आपस में टकरा गए. देश के रक्षा मंत्रालय ने यह जानकारी दी है. रूसी मंत्रालय के बयान के मुताबिक, विमानों ने बिना गोला-बारूद के उड़ानें भरी थी. चालक दल के सदस्य सुरक्षित रूप से बाहर निकलने में कामयाब रहे. समाचार एजेंसी तास ने बयान के हवाले से कहा है, "18 जनवरी को सुबह 8.07 बजे (मॉस्को समयानुसार), जापान सागर के ऊपर एक नियोजित प्रशिक्षण उड़ान का प्रदर्शन करते हुए, तट से 35 किलोमीटर दूर, सुदूर पूर्वी वायु रक्षा बलों के दो एसयू-34 विमान युद्धाभ्यास करते हुए आसमान में एक-दूसरे से टकरा गए." बयान में कहा गया है कि खोज और बचाव बलों के एक एएन-12 और दो एमआई-8 हेलीकॉप्टर उस क्षेत्र के पायलटों की तलाश कर रहे थे, जहां से वे निकले थे. एसयू-34 रूस का हर मौसम में संचालित हो सकने वाला सुपरसोनिक मीडियम रेंज लड़ाकू बमवर्षक विमान है. इसने पहली बार 1990 में उड़ान भरी थी और 2014 से रूसी वायुसेना का हिस्सा है.
यहाँ एक सारांश है:युद्धाभ्यास करते हुए आसमान में एक-दूसरे से टकरा गए जापान सागर के ऊपर एक नियोजित प्रशिक्षण उड़ान के दौरान हादसा एसयू-34 रूस का हर मौसम में संचालित हो सकने वाला बमवर्षक
15
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड ने भारतीय मूल के ब्रितानी नागरिक 100 वर्षीय फौजा सिंह के पास जन्म प्रमाणपत्र नहीं होने के कारण उन्हें दुनिया के सबसे उम्रदराज मैराथन धावक के तौर पर मान्यता देने से इनकार कर दिया है। सिंह ने आठ घंटे में यह मैराथन पूरी करके दुनिया भर का ध्यान अपनी ओर खींचा था। बीबीसी ने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्डस के प्रधान संपादक क्रेग ग्लेंडे के हवाले से कहा है, हमें यह बताने में खुशी होती कि यह वास्तव में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड है, पर परेशानी इस बात की है कि कोई साक्ष्य नहीं है.. हम केवल आधिकारिक जन्म प्रमाण पत्र स्वीकार करते हैं, जो जन्म के साल में बने हों। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, गिनीज बुक को सिंह का ब्रितानी पासपोर्ट दिखाया गया, जिसमें उनकी उम्र एक अप्रैल, 1911 बताई गई है। इसके अलावा ब्रिटेन की महारानी ने सिंह के 100वें जन्मदिवस पर उन्हें बधाई देते हुए एक पत्र लिखा था, जिसे भी संगठन के सामने पेश किया गया। भारत सरकार के अधिकारियों ने एक पत्र लिखा था, जिसमें कहा गया था कि 1911 में जन्म के रिकॉर्ड नहीं रखे जाते थे, यह पत्र और भारत में सिंह के एक पूर्व पड़ोसी की ओर से दी गई जानकारी को भी गिनीज बुक को दिखाया गया, लेकिन संगठन के मुताबिक, ये उम्र के पर्याप्त सबूत नहीं माने जाते।
फौजा सिंह के पास जन्म प्रमाणपत्र नहीं होने के कारण उन्हें दुनिया के सबसे उम्रदराज मैराथन धावक की मान्यता देने से इनकार कर दिया गया है।
28
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: नार्थम्पटन के युवा तेज गेंदबाज डेव बटरेन को भारतीय सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग के विकेट के रूप में मानों कोई नियामत मिल गई और उन्हें उम्मीद है कि अगले सप्ताह एजबस्टन में होने वाले तीसरे टेस्ट में इंग्लैंड को इससे मदद मिलेगी। बटरेन ने कहा, सहवाग को सस्ते में आउट करने का फायदा मिलेगा। इंग्लैंड को नए फुटेज देखने को मिलेंगे। उन्हें यह देखने को मिलेगा कि क्या स्विंग गेंदबाजी से उसे आउट किया जा सकता है। सहवाग (9) बटरेन की स्विंग लेती गेंद पर तीन बार बीट हुए। उन्होंने कहा, मैंने उन्हें कई बार देखा। सचिन तेंदुलकर, वीरेंद्र सहवाग, महेंद्र सिंह धोनी को खेलते देखकर मैं बड़ा हुआ हूं। उन तीन आउटस्विंगर को मैंने क्रीज से बाहर फेंका था। सहवाग ऑफस्टम्प से बाहर जाती गेंदों पर जगह छोड़कर खेलते हैं। बटरेन ने कहा, जिस गेंद पर मुझे विकेट मिला वह सीधी डाली थी। उनका फ्रंटफुट उसकी जद में आ गया। बटरेन ने पांच सत्र में सिर्फ पांच प्रथम श्रेणी मैच खेले हैं। ल्यूक इवांस के साथ उन्होंने नई गेंद संभाली। इवांस ने धोनी (2) और सुरेश रैना (33) को पैवेलियन भेजा। इवांस ने कहा, मैं अभी तक इन विकेटों की खुशी के खुमार में नहीं डूबा हूं। ये खिलाड़ी टेस्ट क्रिकेट खेलते हैं और अचानक सिर्फ 22 गज की दूरी पर हैं। मैं अपने जज्बात पर नियंत्रण रखकर गेंदबाजी कर रहा था। अच्छी गेंद पर किसी का भी विकेट मिल सकता है। उन्होंने कहा, धोनी जिस गेंद पर आउट हुए, वह उछाल ले रही थी। इस तरह की गेंदों के लिए आप काफी अभ्यास करते हैं। इवांस का हालांकि मानना है कि बाकी दो टेस्ट में भारत, इंग्लैंड को कड़ी चुनौती दे सकता है। उन्होंने कहा, एक टीम के रूप में भारत काफी संतुलित, दृढ और व्यवस्थित है।
नार्थम्पटन के युवा तेज गेंदबाज डेव बटरेन को भारतीय सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग के विकेट के रूप में मानों कोई नियामत मिल गई...
34
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: अमेरिकी एजेंसी ने कहा, घटना उत्तर कोरिया के पूर्व परमाणु परीक्षण स्थल पर हुई. घटना के लक्ष्ण भूकंप वाले हैं, हालांकि हम निर्णायक रूप से इसकी प्रकृति (प्राकृतिक या मानवीय गतिविधियां जनित) की पुष्टि नहीं कर सकते. बहरहाल, दक्षिण कोरिया के मौसम विज्ञान प्रशासन ने अपनी वेबसाइट पर कहा कि विश्लेषण से पता चलता है कि यह प्राकृतिक भूकंप था. उन्होंने कहा, ऐसा माना जा रहा है कि इससे कोई हताहत नहीं हुआ है. इसी इलाके में तीन सप्ताह पहले भी 3.5 की तीव्रता वाला भूकंप आया था. 23 सितंबर को आए इस भूकंप की 3.5 थी. तब भूकंप विशेषज्ञों और संयुक्त राष्ट्र की परमाणु परीक्षण प्रतिबंध निगरानी संस्था ने इसे उत्तर कोरिया के छठे एवं सबसे बड़े परमाणु परीक्षण के बाद आया झटका करार दिया था.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
भूकंप का केंद्र प्युंगये-री परीक्षण स्थल के उत्तर में था इस भूकंप में कोई हताहत नहीं हुआ 2.9 तीव्रता का भूकंप आया
34
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: देश के गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने गुरुवार को आश्वासन दिया कि पाकिस्तान क्रिकेट टीम के भारत दौरे के दौरान उसे भारत में बेहतरीन सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। पाकिस्तानी टीम 25 दिसम्बर से यहां शुरू होने जा रही पांच मैचों की शृंखला में हिस्सेदारी के लिए यहां आएगी। शिंदे ने यहां एक कार्यक्रम से इतर यह आश्वासन दिया। इससे पहले शिव सेना ने शृंखला में व्यवधान पहुंचाने की धमकी दी थी, जिसके बाद शिंदे का यह बयान आया। शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे की पड़ोसी देशों के साथ क्रिकेट शृंखला के खिलाफ धमकी के विषय में पूछे जाने पर शिंदे ने कहा, "जब पाकिस्तान सहित अन्य देशों से क्रिकेट खिलाड़ी भारत आते हैं तो उनको सुरक्षा मुहैया कराना हमारी जिम्मेदारी होती है। हम इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे और उन्हें सबसे अच्छी सम्भावित सुरक्षा उपलब्ध कराएंगे।" उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी क्रिकेट खिलाड़ियों व दर्शकों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमें बहुत सचेत रहने की जरूरत है। टिप्पणियां भारतीय विदेश मंत्रालय ने पिछले सप्ताह ही शृंखला को मंजूरी दी है। इसके बाद सोमवार को ठाकरे ने शृंखला में व्यवधान पहुंचाने की बात कही। शिंदे ने कहा कि खेल व राजनीति को आपस में नहीं मिलाना चाहिए क्योंकि क्रिकेट शृंखलाएं दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सम्बंध बेहतर बनाने का मार्ग प्रशस्त करेंगी। शिंदे ने यहां एक कार्यक्रम से इतर यह आश्वासन दिया। इससे पहले शिव सेना ने शृंखला में व्यवधान पहुंचाने की धमकी दी थी, जिसके बाद शिंदे का यह बयान आया। शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे की पड़ोसी देशों के साथ क्रिकेट शृंखला के खिलाफ धमकी के विषय में पूछे जाने पर शिंदे ने कहा, "जब पाकिस्तान सहित अन्य देशों से क्रिकेट खिलाड़ी भारत आते हैं तो उनको सुरक्षा मुहैया कराना हमारी जिम्मेदारी होती है। हम इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे और उन्हें सबसे अच्छी सम्भावित सुरक्षा उपलब्ध कराएंगे।" उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी क्रिकेट खिलाड़ियों व दर्शकों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमें बहुत सचेत रहने की जरूरत है। टिप्पणियां भारतीय विदेश मंत्रालय ने पिछले सप्ताह ही शृंखला को मंजूरी दी है। इसके बाद सोमवार को ठाकरे ने शृंखला में व्यवधान पहुंचाने की बात कही। शिंदे ने कहा कि खेल व राजनीति को आपस में नहीं मिलाना चाहिए क्योंकि क्रिकेट शृंखलाएं दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सम्बंध बेहतर बनाने का मार्ग प्रशस्त करेंगी। शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे की पड़ोसी देशों के साथ क्रिकेट शृंखला के खिलाफ धमकी के विषय में पूछे जाने पर शिंदे ने कहा, "जब पाकिस्तान सहित अन्य देशों से क्रिकेट खिलाड़ी भारत आते हैं तो उनको सुरक्षा मुहैया कराना हमारी जिम्मेदारी होती है। हम इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे और उन्हें सबसे अच्छी सम्भावित सुरक्षा उपलब्ध कराएंगे।" उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी क्रिकेट खिलाड़ियों व दर्शकों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमें बहुत सचेत रहने की जरूरत है। टिप्पणियां भारतीय विदेश मंत्रालय ने पिछले सप्ताह ही शृंखला को मंजूरी दी है। इसके बाद सोमवार को ठाकरे ने शृंखला में व्यवधान पहुंचाने की बात कही। शिंदे ने कहा कि खेल व राजनीति को आपस में नहीं मिलाना चाहिए क्योंकि क्रिकेट शृंखलाएं दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सम्बंध बेहतर बनाने का मार्ग प्रशस्त करेंगी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी क्रिकेट खिलाड़ियों व दर्शकों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमें बहुत सचेत रहने की जरूरत है। टिप्पणियां भारतीय विदेश मंत्रालय ने पिछले सप्ताह ही शृंखला को मंजूरी दी है। इसके बाद सोमवार को ठाकरे ने शृंखला में व्यवधान पहुंचाने की बात कही। शिंदे ने कहा कि खेल व राजनीति को आपस में नहीं मिलाना चाहिए क्योंकि क्रिकेट शृंखलाएं दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सम्बंध बेहतर बनाने का मार्ग प्रशस्त करेंगी। भारतीय विदेश मंत्रालय ने पिछले सप्ताह ही शृंखला को मंजूरी दी है। इसके बाद सोमवार को ठाकरे ने शृंखला में व्यवधान पहुंचाने की बात कही। शिंदे ने कहा कि खेल व राजनीति को आपस में नहीं मिलाना चाहिए क्योंकि क्रिकेट शृंखलाएं दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सम्बंध बेहतर बनाने का मार्ग प्रशस्त करेंगी। शिंदे ने कहा कि खेल व राजनीति को आपस में नहीं मिलाना चाहिए क्योंकि क्रिकेट शृंखलाएं दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सम्बंध बेहतर बनाने का मार्ग प्रशस्त करेंगी।
देश के गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने गुरुवार को आश्वासन दिया कि पाकिस्तान क्रिकेट टीम के भारत दौरे के दौरान उसे भारत में बेहतरीन सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी।
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['hin']