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इस पाठ का सारांश बनाएं: पाकिस्तान की अमानवीय करतूत से शहीद हुए लांसनायक सुधाकर सिंह और लांसनायक हेमराज के शव जम्मू लाए गए हैं। पोस्टमार्टम के बाद इन शहीदों के शवों को दिल्ली लाया जाएगा और यहीं से शवों को उनके पृतक निवास पर भेजा जाएगा।टिप्पणियां उधर, पाकिस्तान ने भारत के आरोपों को गलत बताया है। इस सिलसिले में भारत और पाकिस्तान के सैन्य ऑपरेशन्स के महानिदेशकों की बैठक हुई, जिसके बाद पाकिस्तान ने भारत के इन आरोपों को खारिज कर दिया कि पाकिस्तान के जवानों ने नियंत्रण रेखा को पार कर किसी भारतीय सैनिक को मारा है। पाकिस्तान ने कहा है कि जमीन पर हालात का जायजा लेने और जांच के बाद भारत के आरोप सही नहीं पाए गए हैं। पाकिस्तान ने इसे भारतीय फौज का दुष्प्रचार करार दिया है। उधर, पाकिस्तान ने भारत के आरोपों को गलत बताया है। इस सिलसिले में भारत और पाकिस्तान के सैन्य ऑपरेशन्स के महानिदेशकों की बैठक हुई, जिसके बाद पाकिस्तान ने भारत के इन आरोपों को खारिज कर दिया कि पाकिस्तान के जवानों ने नियंत्रण रेखा को पार कर किसी भारतीय सैनिक को मारा है। पाकिस्तान ने कहा है कि जमीन पर हालात का जायजा लेने और जांच के बाद भारत के आरोप सही नहीं पाए गए हैं। पाकिस्तान ने इसे भारतीय फौज का दुष्प्रचार करार दिया है। पाकिस्तान ने कहा है कि जमीन पर हालात का जायजा लेने और जांच के बाद भारत के आरोप सही नहीं पाए गए हैं। पाकिस्तान ने इसे भारतीय फौज का दुष्प्रचार करार दिया है।
संक्षिप्त सारांश: पाकिस्तान ने इस घटना पर कहा है कि जमीन पर हालात का जायजा लेने और जांच के बाद भारत के आरोप सही नहीं पाए गए हैं। उन्होंने इसे भारतीय फौज का दुष्प्रचार करार दिया है।
29
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारत पर टेस्ट सीरीज में एकतरफा जीत दर्ज करने के बाद ऑस्ट्रेलियाई कोच मिकी ऑर्थर ने कहा कि ऑलराउंडर शेन वाटसन की वापसी के बाद उनकी टीम अगले महीने शुरू होने वाली त्रिकोणीय एकदिवसीय सीरीज में भी भारतीय टीम को करारी मात देगी।टिप्पणियां ऑस्ट्रेलिया की वाका में जीत से चार टेस्ट मैचों की सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त लेने के बाद ऑर्थर ने कहा, ‘‘वह  (वाटसन) एडिलैंड टेस्ट में खेलेगा या नहीं मैं नहीं पक्के तौर पर कुछ नहीं कह सकता। लेकिन हम ट्वेंटी-20 और एकदिवसीय सीरीज के लिए उसे फिट चाहते हैं और मुझे पूरा विश्वास है कि इसके लिए टीम में रहेगा, जहां वह भारतीय टीम को ध्वस्त करेगा। ’’ त्रिकोणीय सीरीज पांच फरवरी से शुरू होगी जिसकी तीसरी टीम श्रीलंका की होगी। इसका पहला मैच भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर खेला जाएगा। वाटसन ने भारत के खिलाफ दस एकदिवसीय मैच खेले हैं जिनमें उन्होंने 41.00 की औसत से 410 रन बनाए हैं और 12 विकेट लिए हैं। वाटसन ने हालांकि अब तक भारत के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया में वनडे नहीं खेले हैं। ऑर्थर ने टेस्ट सीरीज में भारत के समर्पण पर हैरानी जताई और कहा कि अब समय आ गया है जबकि भारतीय टीम सीनियर खिलाड़ियों की जगह कुछ युवाओं को टीम में शामिल करें। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने कभी नहीं सोचा था कि परिणाम ऐसा आएगा। आपको कुछ युवा खिलाड़ियों की पहचान करने की जरूरत है। आपको उन खिलाड़ियों को व्यवस्था में लाने की जरूरत है। उन्हें मौके दिये जाने की जरूरत है।’’ ऑस्ट्रेलिया की वाका में जीत से चार टेस्ट मैचों की सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त लेने के बाद ऑर्थर ने कहा, ‘‘वह  (वाटसन) एडिलैंड टेस्ट में खेलेगा या नहीं मैं नहीं पक्के तौर पर कुछ नहीं कह सकता। लेकिन हम ट्वेंटी-20 और एकदिवसीय सीरीज के लिए उसे फिट चाहते हैं और मुझे पूरा विश्वास है कि इसके लिए टीम में रहेगा, जहां वह भारतीय टीम को ध्वस्त करेगा। ’’ त्रिकोणीय सीरीज पांच फरवरी से शुरू होगी जिसकी तीसरी टीम श्रीलंका की होगी। इसका पहला मैच भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर खेला जाएगा। वाटसन ने भारत के खिलाफ दस एकदिवसीय मैच खेले हैं जिनमें उन्होंने 41.00 की औसत से 410 रन बनाए हैं और 12 विकेट लिए हैं। वाटसन ने हालांकि अब तक भारत के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया में वनडे नहीं खेले हैं। ऑर्थर ने टेस्ट सीरीज में भारत के समर्पण पर हैरानी जताई और कहा कि अब समय आ गया है जबकि भारतीय टीम सीनियर खिलाड़ियों की जगह कुछ युवाओं को टीम में शामिल करें। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने कभी नहीं सोचा था कि परिणाम ऐसा आएगा। आपको कुछ युवा खिलाड़ियों की पहचान करने की जरूरत है। आपको उन खिलाड़ियों को व्यवस्था में लाने की जरूरत है। उन्हें मौके दिये जाने की जरूरत है।’’ त्रिकोणीय सीरीज पांच फरवरी से शुरू होगी जिसकी तीसरी टीम श्रीलंका की होगी। इसका पहला मैच भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर खेला जाएगा। वाटसन ने भारत के खिलाफ दस एकदिवसीय मैच खेले हैं जिनमें उन्होंने 41.00 की औसत से 410 रन बनाए हैं और 12 विकेट लिए हैं। वाटसन ने हालांकि अब तक भारत के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया में वनडे नहीं खेले हैं। ऑर्थर ने टेस्ट सीरीज में भारत के समर्पण पर हैरानी जताई और कहा कि अब समय आ गया है जबकि भारतीय टीम सीनियर खिलाड़ियों की जगह कुछ युवाओं को टीम में शामिल करें। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने कभी नहीं सोचा था कि परिणाम ऐसा आएगा। आपको कुछ युवा खिलाड़ियों की पहचान करने की जरूरत है। आपको उन खिलाड़ियों को व्यवस्था में लाने की जरूरत है। उन्हें मौके दिये जाने की जरूरत है।’’
मिकी ऑर्थर ने कहा कि ऑलराउंडर शेन वाटसन की वापसी के बाद उनकी टीम अगले महीने शुरू होने वाली त्रिकोणीय सीरीज में भी भारतीय टीम को करारी मात देगी।
6
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारत ने गुरुवार को चीन से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि ब्रह्मपुत्र नदी पर बांध बनाने की उसकी योजना से नदी के निचले हिस्से वाले देशों के हितों को आंच नहीं आए। ब्रह्मपुत्र नदी पर चीन द्वारा जलविद्युत के लिए तीन बांध बनाने की योजना के बारे में पूछे जाने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि नदी पर होने वाले विकास कार्यों पर भारत पूरी सतर्कता से निगाह रखे हुए है और अपने विचारों और अपनी चिंताओं से चीन को अवगत करा दिया है। प्रवक्ता ने कहा, "नदी के निचले इलाके के देश के रूप में नदी जल उपयोग के स्थापित महत्वपूर्ण अधिकार के तहत भारत अपने विचारों और चिंताओं से चीन के जनवादी गणराज्य के सर्वोच्च स्तर सहित चीनी अधिकारियों को अवगत करा चुका है।" प्रवक्ता ने आगे कहा, "भारत ने चीन से यह सुनिश्चत करने के लिए कहा है कि ऊपरी हिस्से की किसी गतिविधि के कारण नदी के निचले हिस्से के देशों का हित प्रभावित नहीं होने पाए।" ब्रह्मपुत्र का उद्गम तिब्बत स्वायत्तशासी क्षेत्र में है और यह नदी भारत से होकर बहती है। इससे पहले एक कार्यक्रम में पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में प्रवक्ता ने कहा था कि सरकार को अभी चीन की बांध बनाने की योजना के बारे में कोई ब्योरा नहीं मिला है और इस पर पूरी तरह से विचार करने के बाद ही कोई राय दी जाएगी।टिप्पणियां उन्होंने कहा था, "हम इस पर पूरी तरह विचार करने के बाद ही कोई राय बनाएंगे।" बुधवार को आई एक मीडिया रपट के मुताबिक चीन की सरकारी परिषद ने 2015 के ऊर्जा कार्यक्रम के तहत बांधों के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। ब्रह्मपुत्र नदी पर चीन द्वारा जलविद्युत के लिए तीन बांध बनाने की योजना के बारे में पूछे जाने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि नदी पर होने वाले विकास कार्यों पर भारत पूरी सतर्कता से निगाह रखे हुए है और अपने विचारों और अपनी चिंताओं से चीन को अवगत करा दिया है। प्रवक्ता ने कहा, "नदी के निचले इलाके के देश के रूप में नदी जल उपयोग के स्थापित महत्वपूर्ण अधिकार के तहत भारत अपने विचारों और चिंताओं से चीन के जनवादी गणराज्य के सर्वोच्च स्तर सहित चीनी अधिकारियों को अवगत करा चुका है।" प्रवक्ता ने आगे कहा, "भारत ने चीन से यह सुनिश्चत करने के लिए कहा है कि ऊपरी हिस्से की किसी गतिविधि के कारण नदी के निचले हिस्से के देशों का हित प्रभावित नहीं होने पाए।" ब्रह्मपुत्र का उद्गम तिब्बत स्वायत्तशासी क्षेत्र में है और यह नदी भारत से होकर बहती है। इससे पहले एक कार्यक्रम में पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में प्रवक्ता ने कहा था कि सरकार को अभी चीन की बांध बनाने की योजना के बारे में कोई ब्योरा नहीं मिला है और इस पर पूरी तरह से विचार करने के बाद ही कोई राय दी जाएगी।टिप्पणियां उन्होंने कहा था, "हम इस पर पूरी तरह विचार करने के बाद ही कोई राय बनाएंगे।" बुधवार को आई एक मीडिया रपट के मुताबिक चीन की सरकारी परिषद ने 2015 के ऊर्जा कार्यक्रम के तहत बांधों के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। प्रवक्ता ने कहा, "नदी के निचले इलाके के देश के रूप में नदी जल उपयोग के स्थापित महत्वपूर्ण अधिकार के तहत भारत अपने विचारों और चिंताओं से चीन के जनवादी गणराज्य के सर्वोच्च स्तर सहित चीनी अधिकारियों को अवगत करा चुका है।" प्रवक्ता ने आगे कहा, "भारत ने चीन से यह सुनिश्चत करने के लिए कहा है कि ऊपरी हिस्से की किसी गतिविधि के कारण नदी के निचले हिस्से के देशों का हित प्रभावित नहीं होने पाए।" ब्रह्मपुत्र का उद्गम तिब्बत स्वायत्तशासी क्षेत्र में है और यह नदी भारत से होकर बहती है। इससे पहले एक कार्यक्रम में पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में प्रवक्ता ने कहा था कि सरकार को अभी चीन की बांध बनाने की योजना के बारे में कोई ब्योरा नहीं मिला है और इस पर पूरी तरह से विचार करने के बाद ही कोई राय दी जाएगी।टिप्पणियां उन्होंने कहा था, "हम इस पर पूरी तरह विचार करने के बाद ही कोई राय बनाएंगे।" बुधवार को आई एक मीडिया रपट के मुताबिक चीन की सरकारी परिषद ने 2015 के ऊर्जा कार्यक्रम के तहत बांधों के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। प्रवक्ता ने आगे कहा, "भारत ने चीन से यह सुनिश्चत करने के लिए कहा है कि ऊपरी हिस्से की किसी गतिविधि के कारण नदी के निचले हिस्से के देशों का हित प्रभावित नहीं होने पाए।" ब्रह्मपुत्र का उद्गम तिब्बत स्वायत्तशासी क्षेत्र में है और यह नदी भारत से होकर बहती है। इससे पहले एक कार्यक्रम में पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में प्रवक्ता ने कहा था कि सरकार को अभी चीन की बांध बनाने की योजना के बारे में कोई ब्योरा नहीं मिला है और इस पर पूरी तरह से विचार करने के बाद ही कोई राय दी जाएगी।टिप्पणियां उन्होंने कहा था, "हम इस पर पूरी तरह विचार करने के बाद ही कोई राय बनाएंगे।" बुधवार को आई एक मीडिया रपट के मुताबिक चीन की सरकारी परिषद ने 2015 के ऊर्जा कार्यक्रम के तहत बांधों के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। ब्रह्मपुत्र का उद्गम तिब्बत स्वायत्तशासी क्षेत्र में है और यह नदी भारत से होकर बहती है। इससे पहले एक कार्यक्रम में पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में प्रवक्ता ने कहा था कि सरकार को अभी चीन की बांध बनाने की योजना के बारे में कोई ब्योरा नहीं मिला है और इस पर पूरी तरह से विचार करने के बाद ही कोई राय दी जाएगी।टिप्पणियां उन्होंने कहा था, "हम इस पर पूरी तरह विचार करने के बाद ही कोई राय बनाएंगे।" बुधवार को आई एक मीडिया रपट के मुताबिक चीन की सरकारी परिषद ने 2015 के ऊर्जा कार्यक्रम के तहत बांधों के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। इससे पहले एक कार्यक्रम में पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में प्रवक्ता ने कहा था कि सरकार को अभी चीन की बांध बनाने की योजना के बारे में कोई ब्योरा नहीं मिला है और इस पर पूरी तरह से विचार करने के बाद ही कोई राय दी जाएगी।टिप्पणियां उन्होंने कहा था, "हम इस पर पूरी तरह विचार करने के बाद ही कोई राय बनाएंगे।" बुधवार को आई एक मीडिया रपट के मुताबिक चीन की सरकारी परिषद ने 2015 के ऊर्जा कार्यक्रम के तहत बांधों के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। उन्होंने कहा था, "हम इस पर पूरी तरह विचार करने के बाद ही कोई राय बनाएंगे।" बुधवार को आई एक मीडिया रपट के मुताबिक चीन की सरकारी परिषद ने 2015 के ऊर्जा कार्यक्रम के तहत बांधों के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। बुधवार को आई एक मीडिया रपट के मुताबिक चीन की सरकारी परिषद ने 2015 के ऊर्जा कार्यक्रम के तहत बांधों के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है।
भारत ने गुरुवार को चीन से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि ब्रह्मपुत्र नदी पर बांध बनाने की उसकी योजना से नदी के निचले हिस्से वाले देशों के हितों को आंच नहीं आए।
34
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: कॉमिडी किंग कपिल शर्मा ने करण जौहर के चैट शो 'कॉफी विद करण' की शूटिंग नवंबर में ही कर ली थी, लेकिन तीन महीने बाद भी वह एपिसोड प्रसारित नहीं किया गया है ऐसे में खबरें आने लगी थीं कि कपिल और करण जौहर के बीच कुछ ठीक नहीं चल रहा है और इसलिए इस एपिसोड का प्रसारण नहीं किया जाएगा. लेकिन शो से जुड़े एक सूत्र ने अंग्रेजी वेबसाइट इंडियन एक्सप्रेस को बताया है कि एपिसोड ड्रॉप करने की खबरें गलत हैं. उन्होंने यह भी कहा कि कपिल वाले एपिसोड के साथ ही 'कॉफी विद करण' के पांचवे सीजन को समाप्त किया जाएगा. फिल्मकार और शो के होस्ट करण जौहर के एक करीबी सूत्र ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा, “ऐसा (एपिसोड ड्रॉप) बिल्कुल नहीं हो रहा है. असल में सीजन कपिल के एपिसोड के साथ समाप्त किया जाएगा. इस एपिसोड का प्रसारण पांच मार्च को होगा.” टिप्पणियां कपिल शर्मा ने करण जौहर के शो के लिए नवंबर में शूट किया था. खबरें थी कि शो के दौरान करण जौहर ने कपिल शर्मा के रिलेशनशिप से जुड़े कुछ सवाल पूछे थे जिनसे कपिल असहज हो गए थे और इसके बाद से कपिल और करण के बीच कुछ ठीक नहीं चल रहा है. वहीं यह भी कहा जा रहा था कि हाल ही में आयोजित फिल्मफेयर अवॉर्ड समारोह में कपिल द्वारा करण जौहर को अपना असिस्टेंट कहने की वजह से करण नाराज चल रहे हैं. हालांकि, करण और कपिल ने इस बारे में अब तक कुछ भी नहीं कहा है. करण जौहर की निर्देशक के तौर पर आखिरी फिल्म पिछले साल अक्टूबर में आई 'ऐ दिल है मुश्किल' थी, निर्माता के तौर पर उनकी अगली फिल्म 'बद्रीनाथ की दुल्हनिया' 10 मार्च को रिलीज हो रही है जिसमें आलिया भट्ट और वरुण धवन मुख्य भूमिकाएं निभा रहे हैं. वहीं कपिल शर्मा फिल्म 'फिरंगी' का निर्माण कर रहे हैं. इस फिल्म में कपिल मुख्य भूमिका निभा रहे हैं और इसके लिए उन्होंने अपना वजन भी काफी घटा लिया है. फिल्मकार और शो के होस्ट करण जौहर के एक करीबी सूत्र ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा, “ऐसा (एपिसोड ड्रॉप) बिल्कुल नहीं हो रहा है. असल में सीजन कपिल के एपिसोड के साथ समाप्त किया जाएगा. इस एपिसोड का प्रसारण पांच मार्च को होगा.” टिप्पणियां कपिल शर्मा ने करण जौहर के शो के लिए नवंबर में शूट किया था. खबरें थी कि शो के दौरान करण जौहर ने कपिल शर्मा के रिलेशनशिप से जुड़े कुछ सवाल पूछे थे जिनसे कपिल असहज हो गए थे और इसके बाद से कपिल और करण के बीच कुछ ठीक नहीं चल रहा है. वहीं यह भी कहा जा रहा था कि हाल ही में आयोजित फिल्मफेयर अवॉर्ड समारोह में कपिल द्वारा करण जौहर को अपना असिस्टेंट कहने की वजह से करण नाराज चल रहे हैं. हालांकि, करण और कपिल ने इस बारे में अब तक कुछ भी नहीं कहा है. करण जौहर की निर्देशक के तौर पर आखिरी फिल्म पिछले साल अक्टूबर में आई 'ऐ दिल है मुश्किल' थी, निर्माता के तौर पर उनकी अगली फिल्म 'बद्रीनाथ की दुल्हनिया' 10 मार्च को रिलीज हो रही है जिसमें आलिया भट्ट और वरुण धवन मुख्य भूमिकाएं निभा रहे हैं. वहीं कपिल शर्मा फिल्म 'फिरंगी' का निर्माण कर रहे हैं. इस फिल्म में कपिल मुख्य भूमिका निभा रहे हैं और इसके लिए उन्होंने अपना वजन भी काफी घटा लिया है. कपिल शर्मा ने करण जौहर के शो के लिए नवंबर में शूट किया था. खबरें थी कि शो के दौरान करण जौहर ने कपिल शर्मा के रिलेशनशिप से जुड़े कुछ सवाल पूछे थे जिनसे कपिल असहज हो गए थे और इसके बाद से कपिल और करण के बीच कुछ ठीक नहीं चल रहा है. वहीं यह भी कहा जा रहा था कि हाल ही में आयोजित फिल्मफेयर अवॉर्ड समारोह में कपिल द्वारा करण जौहर को अपना असिस्टेंट कहने की वजह से करण नाराज चल रहे हैं. हालांकि, करण और कपिल ने इस बारे में अब तक कुछ भी नहीं कहा है. करण जौहर की निर्देशक के तौर पर आखिरी फिल्म पिछले साल अक्टूबर में आई 'ऐ दिल है मुश्किल' थी, निर्माता के तौर पर उनकी अगली फिल्म 'बद्रीनाथ की दुल्हनिया' 10 मार्च को रिलीज हो रही है जिसमें आलिया भट्ट और वरुण धवन मुख्य भूमिकाएं निभा रहे हैं. वहीं कपिल शर्मा फिल्म 'फिरंगी' का निर्माण कर रहे हैं. इस फिल्म में कपिल मुख्य भूमिका निभा रहे हैं और इसके लिए उन्होंने अपना वजन भी काफी घटा लिया है. करण जौहर की निर्देशक के तौर पर आखिरी फिल्म पिछले साल अक्टूबर में आई 'ऐ दिल है मुश्किल' थी, निर्माता के तौर पर उनकी अगली फिल्म 'बद्रीनाथ की दुल्हनिया' 10 मार्च को रिलीज हो रही है जिसमें आलिया भट्ट और वरुण धवन मुख्य भूमिकाएं निभा रहे हैं. वहीं कपिल शर्मा फिल्म 'फिरंगी' का निर्माण कर रहे हैं. इस फिल्म में कपिल मुख्य भूमिका निभा रहे हैं और इसके लिए उन्होंने अपना वजन भी काफी घटा लिया है.
सारांश: कपिल शर्मा के एपिसोड के साथ समाप्त होगा 'कॉफी विद करण' का पांचवा सीजन. खबरें थी कि कपिल शर्मा वाले एपिसोड का प्रसारण नहीं किया जाएगा. कपिल शर्मा ने पिछले साल नवंबर में की थी करण जौहर के शो की शूटिंग.
7
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: यूपी के संभल ज़िले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक बीजेपी नेता एक दिव्यांग के मुंह में डंडा घुसेड़ने की कोशिश करता दिख रहा है. बीजेपी नेता ऐसा एक बार नहीं, बल्कि बार-बार करता हुआ दिखाई दे रहा है. बताया जा रहा है कि पीड़ित दिव्यांग बार-बार अखिलेश यादव को वोट देने की बात कर रहा था. वहीं, तमिलनाडु के एक सरकारी अस्पताल में 24-वर्षीय गर्भवती महिला को HIV संक्रमित खून चढ़ा दिए जाने का मामला सामने आया है. विरुधूनगर जिले के अस्पताल में ब्लड ट्रांसफ्यूज़न के दौरान हुए इस हादसे के बाद तीन लैब टेक्नीशियनों को पिछले दो साल में कथित रूप से लापरवाही करने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है. इस गर्भवती महिला को HIV-संक्रमित युवक से लिया गया खून 3 दिसंबर को चढ़ाया गया था. उधर, बिहार में एनडीए के बीच सीटों के बंटवारे की गुत्थी सुलझ गई है. बीजेपी-जदयू के बाद अब लोजपा भी सीटों से सहमत हो गई है और अब 17-17 और 6 के फॉर्मूले पर चुनाव लड़ेगी. हालांकि, एक बीजेपी सांसद ने जो बयान दिए हैं, उससे यह संकेत मिलते हैं कि अब भी भाजपा बिहार में नीतीश कुमार को अपना मुख्य चेहरा नहीं मान रही है. वहीं, मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (Melbourne Cricket Ground, Melbourne) (एमसीजी) पर भारत और ऑस्ट्रेलिया (India tour of Australia, 2018-19) के बीच तीसरा टेस्ट (AUS vs IND, 3rd Test) मैच खेला जा रहा है. भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला लिया है. चार मैचों की इस सीरीज में अभी दोनों टीमें 1-1 से बराबरी पर हैं. एडिलेड में खेले गए पहले टेस्ट मैच में जीत ने जहां भारत को बढ़त दिलाई थी, तो वहीं पर्थ में ऑस्ट्रेलिया ने वापसी कर बता दिया था कि उसे होम ग्राउंड पर हल्के में नहीं लिया जा सकता है. उधर, बॉलीवुड किंग शाहरुख खान (Shah Rukh Khan) की फिल्म 'जीरो' (Zero) को बॉक्स ऑफिस पर सोमवार के मुकाबले क्रिसमस (Christmas) के मौके पर करीब 30 प्रतिशत की ग्रोथ मिली हैं.    यूपी के संभल ज़िले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक बीजेपी नेता एक दिव्यांग के मुंह में डंडा घुसेड़ने की कोशिश करता दिख रहा है. बीजेपी नेता ऐसा एक बार नहीं, बल्कि बार-बार करता हुआ दिखाई दे रहा है. बताया जा रहा है कि पीड़ित दिव्यांग बार-बार अखिलेश यादव को वोट देने की बात कर रहा था, जिससे बीजेपी नेता का गुस्सा बढ़ता जा रहा था. हैरान करने वाली बात है कि ये सब एसडीएम के दफ्तर के बाहर हो रहा था. तमिलनाडु के एक सरकारी अस्पताल में 24-वर्षीय गर्भवती महिला को HIV संक्रमित खून चढ़ा दिए जाने का मामला सामने आया है. विरुधूनगर जिले के अस्पताल में ब्लड ट्रांसफ्यूज़न के दौरान हुए इस हादसे के बाद तीन लैब टेक्नीशियनों को पिछले दो साल में कथित रूप से लापरवाही करने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है. इस गर्भवती महिला को HIV-संक्रमित युवक से लिया गया खून 3 दिसंबर को चढ़ाया गया था. युवक को दो साल पहले एक सरकारी लैब द्वारा HIV तथा हेपाटाइटिस-बी पॉज़िटिव पाया गया था, जब उसने रक्तदान किया था. बहरहाल, उसे टेस्ट के नतीजों की जानकारी नहीं दी गई, और उसने पिछले महीने फिर सरकारी ब्लड बैंक के लिए रक्तदान किया. अधिकारियों के अनुसार, जब तक खून में HIV संक्रमण का पता चल पाता, उसका खून गर्भवती महिला को चढ़ाया जा चुका था. बिहार में एनडीए के बीच सीटों के बंटवारे की गुत्थी सुलझ गई है. बीजेपी-जदयू के बाद अब लोजपा भी सीटों से सहमत हो गई है और अब 17-17 और 6 के फॉर्मूले पर चुनाव लड़ेगी. हालांकि, एक बीजेपी सांसद ने जो बयान दिए हैं, उससे यह संकेत मिलते हैं कि अब भी भाजपा बिहार में नीतीश कुमार को अपना मुख्य चेहरा नहीं मान रही है. दरअसल, भारतीय जनता पार्टी के सांसद गोपाल नारायण सिंह का कहना है कि जिस तरह से पूरे देश में नरेंद्र मोदी मेन ब्रांड हैं, वैसे ही बिहार में भी वही हमारे मेन ब्रांड हैं. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, बिहार बीजेपी सांसद गोपाल नारायण ने कहा कि ' जदयू और बीजेपी दोनों बराबर-बराबर के पार्टनर हैं. दोनों में कोई तुलना नहीं, अगर बीजेपी को नीतीश की जरूरत है, तो नीतीश को भी बीजेपी की जरूरत है. पूरे देश की तरह, बिहार में भी नरेंद्र भाई मोदी जी मेन ब्रांड हैं.    मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (Melbourne Cricket Ground, Melbourne) (एमसीजी) पर भारत और ऑस्ट्रेलिया (India tour of Australia, 2018-19) के बीच आज तीसरा टेस्ट (AUS vs IND, 3rd Test) मैच खेला जा रहा है. भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला लिया है. चार मैचों की इस सीरीज में अभी दोनों टीमें 1-1 से बराबरी पर हैं. एडिलेड में खेले गए पहले टेस्ट मैच में जीत ने जहां भारत को बढ़त दिलाई थी, तो वहीं पर्थ में ऑस्ट्रेलिया ने वापसी कर बता दिया था कि उसे होम ग्राउंड पर हल्के में नहीं लिया जा सकता है. अब तीसरा टेस्ट टीम इंडिया (Team India) के लिए नई चुनौती लेकर आया है. आपको बता दें कि भारत ने नई प्रथा के तहत मैच से एक दिन पहले अंतिम एकादश का ऐलान कर दिया है. कप्तान विराट कोहली ने टीम में मयंक अग्रवाल को चुना है. कोहली ने इतना बड़ा जोखिम अपने दो शानदार सलामी बल्लेबाजों लोकेश राहुल और मुरली विजय की खराब फॉर्म को देखते हुए लिया है. इन दोनों को टीम से बाहर जाना पड़ा है. भारत ने अभी तक के खेल में दो विकेट खोकर 64 ओवर में 160 रनों का आंकड़ा छू लिया है. अभी विराट कोहली और चेतेश्वर पुजारा क्रीज पर बने हुए हैं. बॉलीवुड किंग शाहरुख खान (Shah Rukh Khan) की फिल्म 'जीरो' (Zero) को बॉक्स ऑफिस पर सोमवार के मुकाबले क्रिसमस (Christmas) के मौके पर करीब 30 प्रतिशत की ग्रोथ मिली हैं. बॉक्स ऑफिस इंडिया के मुताबिक 25 दिसंबर को शाहरुख की 'जीरो' फिल्म ने लगभग 12 से 12.50 करोड़ की कमाई कर डाली है. वीकेंड के बाद सोमवार को फिल्म की कमाई बेहद कम हो गई थी, फिलहाल क्रिसमस के मौके पर शाहरुख को ग्रोथ मिलना एक तोहफे जैसा रहा. हालांकि अब पहले सप्ताह के बाकी बचे हुए दिन में फिल्म 100 करोड़ के आस-पास कमा सकती है. बॉक्स ऑफिस कलेक्शन को देखा जाए तो जितनी उम्मीद इस फिल्म से शाहरुख, अनुष्का शर्मा (Anushka Sharma) और कैटरीना कैफ (Katrina Kaif) ने की होगी, उससे बेहद कम की कमाई कर पाई है.शाहरुख खान की फिल्म 'जीरो' (Zero) को यूपी और बिहार से अच्छा रिस्पॉन्स देखने को मिल रहा है. साल 2018 खान की तिकड़ी के लिए अच्छा नहीं रहा. शाहरुख खान (Shah Rukh Khan), कैटरीना कैफ (Katrina Kaif) और अनुष्का शर्मा (Anushka Sharma) की 'जीरो (Zero)' कोई भी रिकॉर्ड बनाने से चूक गई. दिलचस्प यह है कि पहले दिन की कमाई के मामले में शाहरुख खान की 'Zero' रजनीकांत (Rajinikanth) की '2.0 (Robot 2.0)' को भी पीछे नहीं छोड़ सकी है.
संभल में बीजेपी नेता के खिलाफ मामला दर्ज ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे टेस्ट मैच में भारत मजबूत स्थिति में 'जीरो' की कमाई में हुआ इजाफा
34
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: फ्रांस की बुजुर्ग महिला के साथ दुष्कर्म की घटना के बाद बृहस्पतिवार की देर रात चौकाघाट फ्लाईओवर के नीचे एक नाबालिग के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म की घटना सामने आई है. इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है जबकि दो की तलाश जारी है.टिप्पणियां पुलिस के अनुसार, शिवपुर थाना क्षेत्र के कांशीराम आवास कॉलोनी निवासी सोलह वर्षीय किशोरी अपनी बुआ के घर हुकुलगंज जाने के लिए निकली थी. रास्ते में निखिल यादव नाम के एक युवक ने उसे हुकुलगंज छोड़ने की बात कही और उसे देर रात तक इधर-उधर घुमाता रहा. फिर किशोरी को लेकर वह चौकाघाट फ्लाईओवर के पास पहुंचा जहां उसने अपने तीन अन्य दोस्तों पिंटू, राहुल और बच्चेलाल को बुला लिया. चारों युवकों ने पुल के नीचे ही उसके साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म किया और किशोरी को बेहोशी की हालत में छोड़कर फरार हो गए. देर रात किसी राहगीर द्वारा सूचना पर महिला पुलिस मौके पर पहुंची और पीड़िता को उसके घर पहुंचाया. पीड़िता ने अपनी बड़ी बहन को अपने साथ हुए दुष्कर्म के बारे में बताया जिसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई. पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल कराने के बाद तहरीर के आधार पर आरोपियों के खिलाफ धारा 376 डी, 363, 5 जी पाक्सो के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की जांच कर रही है. पुलिस के अनुसार, शिवपुर थाना क्षेत्र के कांशीराम आवास कॉलोनी निवासी सोलह वर्षीय किशोरी अपनी बुआ के घर हुकुलगंज जाने के लिए निकली थी. रास्ते में निखिल यादव नाम के एक युवक ने उसे हुकुलगंज छोड़ने की बात कही और उसे देर रात तक इधर-उधर घुमाता रहा. फिर किशोरी को लेकर वह चौकाघाट फ्लाईओवर के पास पहुंचा जहां उसने अपने तीन अन्य दोस्तों पिंटू, राहुल और बच्चेलाल को बुला लिया. चारों युवकों ने पुल के नीचे ही उसके साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म किया और किशोरी को बेहोशी की हालत में छोड़कर फरार हो गए. देर रात किसी राहगीर द्वारा सूचना पर महिला पुलिस मौके पर पहुंची और पीड़िता को उसके घर पहुंचाया. पीड़िता ने अपनी बड़ी बहन को अपने साथ हुए दुष्कर्म के बारे में बताया जिसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई. पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल कराने के बाद तहरीर के आधार पर आरोपियों के खिलाफ धारा 376 डी, 363, 5 जी पाक्सो के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की जांच कर रही है. देर रात किसी राहगीर द्वारा सूचना पर महिला पुलिस मौके पर पहुंची और पीड़िता को उसके घर पहुंचाया. पीड़िता ने अपनी बड़ी बहन को अपने साथ हुए दुष्कर्म के बारे में बताया जिसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई. पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल कराने के बाद तहरीर के आधार पर आरोपियों के खिलाफ धारा 376 डी, 363, 5 जी पाक्सो के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की जांच कर रही है.
सारांश: देर रात चौकाघाट फ्लाईओवर के नीचे एक नाबालिग के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है सोलह वर्षीय किशोरी अपनी बुआ के घर हुकुलगंज जाने के लिए निकली थी.
7
['hin']
एक सारांश बनाओ: कंपनियों के कमजोर नतीजों के बीच विदेशी संस्थागत निवेशकों की जोरदार बिकवाली से गुरुवार को बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 151 अंक लुढ़क गया। नकारात्मक वैश्विक संकेतों के बीच वाहन और बैंकिंग कंपनियों के शेयरों के खराब प्रदर्शन से बाजार धारणा पर असर पड़ा। पिछले सत्र में 17 अंक गंवाने वाला 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 150.72 अंक या 0.87 प्रतिशत और गिरकर 17,151.19 अंक पर आ गया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50.75 अंक या 0.97 फीसदी की गिरावट के साथ 5,188.40 अंक पर आ गया। ब्रोकरों ने कहा कि रुपये के गिरकर चार माह के निचले स्तर पर आने के बाद विदेशी संस्थागत निवेशक शुद्ध बिकवाल बने रहे। इससे सरकार की बढ़ते घाटे को पाटने की क्षमता पर आशंका बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि हीरो मोटो कार्प और एफएमसीजी कंपनी मैरिको के कमजोर नतीजों से भी बिकवाली दबाव बढ़ गया। विदेशी बाजारों में नकारात्मक संकतों से भी यहां धारणा प्रभावित हुई।टिप्पणियां वाहन वर्ग के सूचकांक में सबसे ज्यादा 2.43 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 10,209.04 अंक पर आ गया। इसी तरह, धातु वर्ग का सूचकांक 1.75 फीसदी की गिरावट के साथ 10,833.90 अंक पर आ गया। बैंकेक्स में 1.74 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई और यह 11,653.70 अंक रह गया। सेंसेक्स की कंपनियों में हीरो मोटो कार्प, मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स, बजाज ऑटो, महिंद्रा एंड महिंद्रा, आईसीआईसीआई बैंक, लार्सन एंड टूब्रो, जिंदल स्टील, भारतीय स्टेट बैंक, टाटा स्टील, कोल इंडिया, डीएलएफ, गेल इंडिया और ओएनजीसी के शेयरों में गिरावट रही। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50.75 अंक या 0.97 फीसदी की गिरावट के साथ 5,188.40 अंक पर आ गया। ब्रोकरों ने कहा कि रुपये के गिरकर चार माह के निचले स्तर पर आने के बाद विदेशी संस्थागत निवेशक शुद्ध बिकवाल बने रहे। इससे सरकार की बढ़ते घाटे को पाटने की क्षमता पर आशंका बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि हीरो मोटो कार्प और एफएमसीजी कंपनी मैरिको के कमजोर नतीजों से भी बिकवाली दबाव बढ़ गया। विदेशी बाजारों में नकारात्मक संकतों से भी यहां धारणा प्रभावित हुई।टिप्पणियां वाहन वर्ग के सूचकांक में सबसे ज्यादा 2.43 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 10,209.04 अंक पर आ गया। इसी तरह, धातु वर्ग का सूचकांक 1.75 फीसदी की गिरावट के साथ 10,833.90 अंक पर आ गया। बैंकेक्स में 1.74 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई और यह 11,653.70 अंक रह गया। सेंसेक्स की कंपनियों में हीरो मोटो कार्प, मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स, बजाज ऑटो, महिंद्रा एंड महिंद्रा, आईसीआईसीआई बैंक, लार्सन एंड टूब्रो, जिंदल स्टील, भारतीय स्टेट बैंक, टाटा स्टील, कोल इंडिया, डीएलएफ, गेल इंडिया और ओएनजीसी के शेयरों में गिरावट रही। वाहन वर्ग के सूचकांक में सबसे ज्यादा 2.43 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 10,209.04 अंक पर आ गया। इसी तरह, धातु वर्ग का सूचकांक 1.75 फीसदी की गिरावट के साथ 10,833.90 अंक पर आ गया। बैंकेक्स में 1.74 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई और यह 11,653.70 अंक रह गया। सेंसेक्स की कंपनियों में हीरो मोटो कार्प, मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स, बजाज ऑटो, महिंद्रा एंड महिंद्रा, आईसीआईसीआई बैंक, लार्सन एंड टूब्रो, जिंदल स्टील, भारतीय स्टेट बैंक, टाटा स्टील, कोल इंडिया, डीएलएफ, गेल इंडिया और ओएनजीसी के शेयरों में गिरावट रही। सेंसेक्स की कंपनियों में हीरो मोटो कार्प, मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स, बजाज ऑटो, महिंद्रा एंड महिंद्रा, आईसीआईसीआई बैंक, लार्सन एंड टूब्रो, जिंदल स्टील, भारतीय स्टेट बैंक, टाटा स्टील, कोल इंडिया, डीएलएफ, गेल इंडिया और ओएनजीसी के शेयरों में गिरावट रही।
सारांश: कंपनियों के कमजोर नतीजों के बीच विदेशी संस्थागत निवेशकों की जोरदार बिकवाली से गुरुवार को बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 151 अंक लुढ़क गया।
5
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: झारखंड विधानसभा चुनाव के लिए रविवार को पहले चरण में 13 सीटों पर मतदान हो रहा है. इस बार कुल 189 उम्मीदवार मैदान में हैं और ज्यादातर सीटों पर कड़ा मुकाबला बीजेपी और कांग्रेस की बीच में देखा जा रहा है. इस चरण में कई दिग्गजों की साख भी दांव पर लगी है. चतरा सीट पर आरजेडी से बीजेपी में आए आरजेडी के पूर्व राष्ट्रीय सचिव और विधायक जनार्दन पासवान और आरजेडी के ही सत्यानंद भोक्ता के बीच मुकाबला है. गुमला सीट पर भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष मिसिर कुजूर और जेएमएम के भूषण तिर्की के बीच कड़ी टक्कर है.  बिशुनपुर सीट पर मौजूदा विधायक जेएमएम के चमरा लिंडा की किस्मत दांव पर लगाी है. लोहादरगा में कांग्रेस से बीजेपी में आए मौजूदा विधायक सुखदेव भगत और प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष रामेश्वर उरांव के बीच मुकाबला है. मनिका से आरजेडी से कांग्रेस में आए रामचंद्र सिंह की साथ दाव पर है.  पांकी विधानसभा सीट पर मौजूदा विधायक कांग्रेस के देवेंद्र सिंह बिट्टू और जेएमएम से बीजेपी में आए शशिभूषण मेहता के बीच कड़ा मुकाबला है.  उधर डाल्टनगंज से पूर्व मंत्री और कांग्रेस ते कृष्णा नंद त्रिपाठी चुनाव लड़ रहे हैं.  बिश्रामपुर सीट पर बीजेपी के  रामचंद्रचंद्रवंशी और कांग्रेस के चंद्रशेखर दूबे के बीच कड़ी टक्कर है. हुसैनाबाद सीट पर आजसू के कुशवाहा शिवपूजन मेहता मुख्य उम्मीदवार हैं.  गढ़वा सीट पर मौजूदा विधायक बीजेपी प्रत्याशी सत्येन्द्रनाथ तिवारी और जेएमएम के उम्मीदवार मिथलेश ठाकुर के बीच कड़ा मुकाबला है.  भवनाथपुर सीट पर पूर्व मंत्री और अपनी पार्टी एनजेएसएम का बीजेपी में विलय करने वाले भानू प्रताप शाही  मुख्य उम्मीदवार हैं. वे इस सीट से मौजूदा विधायक भी हैं. उनका मुकाबला कांग्रेस के पूर्व विधायक और निर्दलीय उम्मीदवार अनंत प्रताप देव और जेवीएम के विजय कुमार केसरी से है.  बता दें भवनाथपुर सीट पर सबसे ज्यादा करीब 28 उम्मीदवार चुनावी मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. वहीं सबसे कम 9 प्रत्याशी चतरा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं. मुख्य निर्वाचन अधिकारी विनय कुमार चौबे ने बताया कि इनके अलावा गुमला(एससी) सीट से 12, बिशुनपुर (एसटी) सीट से 12, लोहरदगा (एसटी) सीट से 11,मनिका (एसटी) सीट के लिए 10, लातेहार (एससी) सीट के लिए 11, पांकी सीट केलिए 15, डाल्टेनगंज सीट के लिए 15, विश्रामपुर सीट के लिए 19, छतरपुर(एससी) सीट के लिए 12, हुसैनाबाद सीट के लिए 19 और गढ़वा सीट के लिए 16उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं.  झारखंड विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 13 सीटों के लिए रविवार को कुल 4,892 मतदान केन्द्रों पर मतदान होना है, जिनमें से1,262 मतदान केन्द्रों से वेबकास्टिंग की जाएगी.  13 सीटों पर शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से चुनाव कराने के लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. उन्होंने कहा कि इन 13 सीटों के लिए कुल 4,892 मतदान केंद्र बनाए गए हैं जिनमें शहरी क्षेत्र में सिर्फ 307 और ग्रामीण इलाके में शेष 4,585 मतदान केंद्र हैं.
यह एक सारांश है: भवनाथपुर विधानसभा सीट पर हैं सबसे ज्यादा उम्मीदवार ज्यादातर सीटों पर कांग्रेस और बीजेपी के बीच है टक्कर पहले चरण में 189 उम्मीदवार आजमा रहे हैं किस्मत
24
['hin']
एक सारांश बनाओ: रंगभेद विरोधी मुहिम के प्रणेता एवं दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला को शुक्रवार देर रात अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत गंभीर लेकिन स्थिर है। राष्ट्रपति जैकब जूमा के कार्यालय ने एक बयान जारी करके कहा, पूर्व राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला के फेफड़ों में पिछले कुछ दिनों में फिर से संक्रमण हो गया है। उनकी हालत कल देर रात करीब डढ़े बजे बिगड़ गई और उन्हें प्रिटोरिया के अस्पताल ले जाया गया।टिप्पणियां नोबेल पुरस्कार से सम्मानित 96-वर्षीय मंडेला को हालिया कुछ महीनों में कई बार अस्पताल में भर्ती होना पड़ा है। उनका स्वास्थ्य पिछले कुछ सालों से गिरता जा रहा है। राष्ट्रपति कार्यालय ने मीडिया और लोगों से मंडेला और उनके परिवार की निजता का सम्मान करने की अपील करते हुए कहा, राष्ट्रपति जूमा सरकार और राष्ट्र की ओर से मंडेला के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार की कामना करते हैं। इससे पहले, मार्च में मंडेला को फेफड़ों में संक्रमण के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मंडेला काफी समय से फेफड़ों में संक्रमण से पीड़ित हैं। वह रोबेन द्वीप पर जब राजनीतिक कैदी थे, तभी उन्हें यह समस्या हुई थी। मंडेला को कारावास में क्षय रोग हो गया था। मंडेला दक्षिण अफ्रीका के पहले अश्वेत राष्ट्रपति हैं। वह 1994 से 1999 तक देश के राष्ट्रपति रहे। उन्हें रंगभेद की नीति के खिलाफ और लोकतंत्र के लिए संघर्ष का नेतृत्व करने के कारण राष्ट्रपिता माना जाता है। राष्ट्रपति जैकब जूमा के कार्यालय ने एक बयान जारी करके कहा, पूर्व राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला के फेफड़ों में पिछले कुछ दिनों में फिर से संक्रमण हो गया है। उनकी हालत कल देर रात करीब डढ़े बजे बिगड़ गई और उन्हें प्रिटोरिया के अस्पताल ले जाया गया।टिप्पणियां नोबेल पुरस्कार से सम्मानित 96-वर्षीय मंडेला को हालिया कुछ महीनों में कई बार अस्पताल में भर्ती होना पड़ा है। उनका स्वास्थ्य पिछले कुछ सालों से गिरता जा रहा है। राष्ट्रपति कार्यालय ने मीडिया और लोगों से मंडेला और उनके परिवार की निजता का सम्मान करने की अपील करते हुए कहा, राष्ट्रपति जूमा सरकार और राष्ट्र की ओर से मंडेला के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार की कामना करते हैं। इससे पहले, मार्च में मंडेला को फेफड़ों में संक्रमण के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मंडेला काफी समय से फेफड़ों में संक्रमण से पीड़ित हैं। वह रोबेन द्वीप पर जब राजनीतिक कैदी थे, तभी उन्हें यह समस्या हुई थी। मंडेला को कारावास में क्षय रोग हो गया था। मंडेला दक्षिण अफ्रीका के पहले अश्वेत राष्ट्रपति हैं। वह 1994 से 1999 तक देश के राष्ट्रपति रहे। उन्हें रंगभेद की नीति के खिलाफ और लोकतंत्र के लिए संघर्ष का नेतृत्व करने के कारण राष्ट्रपिता माना जाता है। नोबेल पुरस्कार से सम्मानित 96-वर्षीय मंडेला को हालिया कुछ महीनों में कई बार अस्पताल में भर्ती होना पड़ा है। उनका स्वास्थ्य पिछले कुछ सालों से गिरता जा रहा है। राष्ट्रपति कार्यालय ने मीडिया और लोगों से मंडेला और उनके परिवार की निजता का सम्मान करने की अपील करते हुए कहा, राष्ट्रपति जूमा सरकार और राष्ट्र की ओर से मंडेला के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार की कामना करते हैं। इससे पहले, मार्च में मंडेला को फेफड़ों में संक्रमण के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मंडेला काफी समय से फेफड़ों में संक्रमण से पीड़ित हैं। वह रोबेन द्वीप पर जब राजनीतिक कैदी थे, तभी उन्हें यह समस्या हुई थी। मंडेला को कारावास में क्षय रोग हो गया था। मंडेला दक्षिण अफ्रीका के पहले अश्वेत राष्ट्रपति हैं। वह 1994 से 1999 तक देश के राष्ट्रपति रहे। उन्हें रंगभेद की नीति के खिलाफ और लोकतंत्र के लिए संघर्ष का नेतृत्व करने के कारण राष्ट्रपिता माना जाता है। इससे पहले, मार्च में मंडेला को फेफड़ों में संक्रमण के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मंडेला काफी समय से फेफड़ों में संक्रमण से पीड़ित हैं। वह रोबेन द्वीप पर जब राजनीतिक कैदी थे, तभी उन्हें यह समस्या हुई थी। मंडेला को कारावास में क्षय रोग हो गया था। मंडेला दक्षिण अफ्रीका के पहले अश्वेत राष्ट्रपति हैं। वह 1994 से 1999 तक देश के राष्ट्रपति रहे। उन्हें रंगभेद की नीति के खिलाफ और लोकतंत्र के लिए संघर्ष का नेतृत्व करने के कारण राष्ट्रपिता माना जाता है।
यहाँ एक सारांश है:नोबेल पुरस्कार से सम्मानित 96-वर्षीय नेल्सन मंडेला को हालिया कुछ महीनों में कई बार अस्पताल में भर्ती होना पड़ा है। मंडेला काफी समय से फेफड़ों में संक्रमण से पीड़ित हैं।
15
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: लोकसभा चुनावों में चुनाव आयोग ने सोशल मीडिया कंपनियों पर कड़ी नज़र रखने का फैसला किया है. फेसबुक, ट्विटर और यू -ट्यूब जैसी कंपनियों को निर्देश जारी किया गया है कि वे राजनीतिक विज्ञापन और राजनीतिक दलों की तरफ से रखे जा रहे कंटेट पर सख्ती से नज़र रखें. लोकसभा चुनाव को लेकर चुनावी अभियान तेज़ हो रहा है. सबसे ज़्यादा चुनावी सक्रियता सोशल मीडिया मंचों पर दिख रही है. अब इस मंच के दुरुपयोग को रोकने के लिए चुनाव आयोग ने कोड आफ कंडक्ट जारी कर दिया है. अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि सोशल मीडिया पर पॉलिटिकल एडवर्टाइजमेंट को रेगुलेट करने के लिए चुनाव आयोग ने जो दिशानिर्देश और आचार संहिता लागू की है उसको हम भी मानेंगे और सभी को मानना चाहिए. लोकसभा चुनाव में सोशल मीडिया का एंटी सोशल इस्तेमाल न हो, यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए.   कांग्रेस के प्रवक्ता प्रणव झा ने कहा है कि चुनाव आयोग को ये निर्दश काफी पहले जारी करने चाहिए थे. सिर्फ निगरानी से सोशल मीडिया का दुरुपयोग रोकना संभव नहीं होगा. इंडियन सोशल मीडिया कंपनी शेयरचैट को चुनाव आयोग ने निर्देश दिया है कि वह तीन घंटे के अंदर किसी भी आपत्तिजनक कन्टेंट को ऐप से निकाल दें. एनडीटीवी से बातचीत में शेयरचैट के पब्लिक पालिसी हेड बर्जेज़ मालू ने ये बात कही. शेयरचैट चुनावों के दौरान अपने ग्राहकों की गतिविधियों पर नज़र रखेगा. आपत्तिजनक कन्टेंट डालने के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी है. 300 से अधिक बीजेपी, कांग्रेस और आंध्र-तेलंगाना के नेता शेयरचैट पर सक्रिय हैं. शेयरचैट 24 घंटे ग्राहकों की गतिविधियों पर नज़र रख रहा है. महाराष्ट्र के सीएम फडनविस और बीजेपी नेता मनोज तिवारी के सबसे ज़्यादा फोलोअर्स हैं. अमेरिकी में राष्ट्रपति चुनावों के दौरान सोशल मीडिया डाटा के दुरुपयोग की बात cambridge analytica विवाद के दौरान खुलकर सामने आई. अब भारत में लोकसभा चुनावों के दौरान सोशल मीडिया के संभावित दुरुपयोग को रोकने की कवायद शुरू हो गई है.
यहाँ एक सारांश है:उम्मीदवार सोशल मीडिया खातों की जानकारी दें सियासी विज्ञापनों का प्री-सर्टिफिकेशन जरूरी गूगल, फ़ेसबुक आदि राजनीतिक विज्ञापनों को परखें
18
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: मध्य प्रदेश में लोकायुक्त व आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो द्वारा जारी छापामार कार्रवाई में कर्मचारियों व अफसरों के करोड़पति होने का खुलासा हो रहा है। इसी क्रम में रविवार को इंदौर में एक क्लर्क के 20 करोड़ रुपये का मालिक होने का खुलासा हुआ है। इंदौर के परिवहन कार्यालय में पदस्थ लिपिक रमन धुलधोए के यहां रविवार की सुबह आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो ने छापा मारा। इस छापामार कार्रवाई में धुलधोए के निवास से मिले दस्तावेजों से उसके 20 करोड़ रुपये का मालिक होने का पता चला है। अन्वेषण ब्यूरो के पुलिस अधीक्षक मनोज सिंह के अनुसार धुलधोए के रानीपुरा इलाके में मकान, खंडवा रोड पर लगभग 50 बीघे का फार्म हाउस, चार भूखंड व कई वाहन होने का पता चला है। यह संपत्ति लगभग 20 करोड़ रुपये की है। धुलधोए के आवास पर छापे की कार्रवाई देर रात तक जारी रही। बताया गया है कि धुलधोए लंबे समय से इंदौर में पदस्थ है और उनके पास आय से अधिक संपत्ति होने की शिकायत आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो से की गई थी, इसी शिकायत के आधार पर रविवार को छापा मारा गया। धुलधोए के एक अन्य साथी के यहां भी ब्यूरो ने दबिश दी है। इससे पहले उज्जैन में एक चपरासी के यहां लोकायुक्त के छापे में लगभग छह करोड़ रुपये की संपत्ति का पता चला था, इसी तरह मंदसौर में भी एक इंजीनियर के पास करोड़ों रुपये की संपत्ति मिली थी।
यह एक सारांश है: मध्य प्रदेश में लोकायुक्त व आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो द्वारा जारी छापामार कार्रवाई में कर्मचारियों व अफसरों के करोड़पति होने का खुलासा हो रहा है।
24
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: जापान में मौत की सजा का सामना कर रहे तीन कैदियों को गुरुवार को फांसी दे दी गई। प्रधानमंत्री शिंजो अबे द्वारा दिसम्बर में शपथ लेने के बाद यह पहली फांसी है। यह जानकारी न्याय मंत्री ने दी। समाचार एजेंसी के मुताबिक, 29, 44 और 62 वर्ष उम्र के इन तीनों कैदियों को हत्या के मामले में दोषी पाया गया था।टिप्पणियां अभी 133 कैदियों को फांसी दिया जाना बाकी है, जो कि 1949 में जारी किए गए आंकड़े के बाद सबसे ज्यादा है। पिछली सरकार के कार्यकाल में तीन साल के अंदर नौ लोगों को फांसी दी गई थी। इस एशियाई देश में फांसी के मामले पर राष्ट्रीय बहस होती रही है, लेकिन एक जनमत सर्वेक्षण के मुताबिक, ज्यादातर जापानी फांसी की सजा के पक्षधर हैं। समाचार एजेंसी के मुताबिक, 29, 44 और 62 वर्ष उम्र के इन तीनों कैदियों को हत्या के मामले में दोषी पाया गया था।टिप्पणियां अभी 133 कैदियों को फांसी दिया जाना बाकी है, जो कि 1949 में जारी किए गए आंकड़े के बाद सबसे ज्यादा है। पिछली सरकार के कार्यकाल में तीन साल के अंदर नौ लोगों को फांसी दी गई थी। इस एशियाई देश में फांसी के मामले पर राष्ट्रीय बहस होती रही है, लेकिन एक जनमत सर्वेक्षण के मुताबिक, ज्यादातर जापानी फांसी की सजा के पक्षधर हैं। अभी 133 कैदियों को फांसी दिया जाना बाकी है, जो कि 1949 में जारी किए गए आंकड़े के बाद सबसे ज्यादा है। पिछली सरकार के कार्यकाल में तीन साल के अंदर नौ लोगों को फांसी दी गई थी। इस एशियाई देश में फांसी के मामले पर राष्ट्रीय बहस होती रही है, लेकिन एक जनमत सर्वेक्षण के मुताबिक, ज्यादातर जापानी फांसी की सजा के पक्षधर हैं। इस एशियाई देश में फांसी के मामले पर राष्ट्रीय बहस होती रही है, लेकिन एक जनमत सर्वेक्षण के मुताबिक, ज्यादातर जापानी फांसी की सजा के पक्षधर हैं।
यहाँ एक सारांश है:जापान में मौत की सजा का सामना कर रहे तीन कैदियों को गुरुवार को फांसी दे दी गई। प्रधानमंत्री शिंजो अबे द्वारा दिसम्बर में शपथ लेने के बाद यह पहली फांसी है।
12
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी पारुपल्ली कश्यप ने बुधवार को चीन मास्टर्स टूर्नामेंट के पुरुष एकल वर्ग के तीसरे दौर में जगह बना ली है. दूसरे दौर में कश्यप ने थाईलैंड के सुप्पनयु अविहिंगसेनन को मात देते हुए तीसरे दौर में प्रवेश किया.कश्यप ने सुप्पनयु को 46 मिनट तक चले मुकाबले में 21-16, 21-17 से मात दी. कश्यप को पहले दौर में बाई मिला था.टिप्पणियां पुरुष एकल वर्ग के एक अन्य मुकाबले में हर्षिल दानी ने भी तीसरे दौर में जगह बना ली है. दानी ने दूसरे दौर में चीन के यान रुं जे को 21-16, 22-20 से मात दी. महिला एकल वर्ग में हालांकि भारत को निराशा हाथ लगी. साई उत्तेजिता राव चुक्का को चीन की ली वेनमेई ने कड़े मुकाबले में 21-4, 13-21, 21-12 से मात देते हुए बाहर का रास्ता दिखाया. इसी वर्ग में कृष्णप्रिया कुद्रावल्ली को भी चीन की ली युन के हाथों हार का सामना करना पड़ा. युन ने कृष्णा को 21-18, 21-11 से मात दी. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पुरुष एकल वर्ग के एक अन्य मुकाबले में हर्षिल दानी ने भी तीसरे दौर में जगह बना ली है. दानी ने दूसरे दौर में चीन के यान रुं जे को 21-16, 22-20 से मात दी. महिला एकल वर्ग में हालांकि भारत को निराशा हाथ लगी. साई उत्तेजिता राव चुक्का को चीन की ली वेनमेई ने कड़े मुकाबले में 21-4, 13-21, 21-12 से मात देते हुए बाहर का रास्ता दिखाया. इसी वर्ग में कृष्णप्रिया कुद्रावल्ली को भी चीन की ली युन के हाथों हार का सामना करना पड़ा. युन ने कृष्णा को 21-18, 21-11 से मात दी. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सारांश: दूसरे दौर में पी.कश्‍यप ने थाईलैंड के शटलर को हराया सुप्पनयु के खिलाफ मुकाबला 21-16, 21-17 से जीता पुरुष एकल वर्ग में हर्षिल दानी भी तीसरे दौर में पहुंचे
31
['hin']
एक सारांश बनाओ: लीबिया में जारी राजनीतिक संकट के बीच अमेरिकी समाचार पत्र 'द न्यूयॉर्क टाइम्स' के चार पत्रकार वहां लापता हो गए हैं। वे लीबिया के अजदाबिया शहर से रिपोर्टिंग कर रहे थे। समाचार पत्र ने बुधवार को सम्पादकों के हवाले से लिखा है कि मंगलवार सुबह तक वे पत्रकारों के सम्पर्क में थे। उसके बाद उनकी कोई सूचना नहीं है। लापता पत्रकारों में पुलित्जर पुरस्कार विजेता एंथनी शदीद, स्टीफन फेरेल (रिपोर्टर और वीडियोग्राफर) और दो फोटोग्राफर टेलर हिक्स तथा एडारियो शामिल हैं। 'द न्यूयॉर्क टाइम्स' के कार्यकारी सम्पादक बिल केलर ने कहा, "हमने त्रिपोली में लीबिया सरकार के अधिकारियों से बातचीत की है। उन्होंने हमें आश्वस्त किया है कि वे पत्रकारों के बारे में जानकारी जुटाने के लिए प्रयासरत हैं।"  केलर के अनुसार इस तरह के अनुमान भी लगाए जा रहे हैं कि लापता पत्रकारों को अजदाबिया और बेंगाजी के बीच नाके पर नजरबंद किया गया है। लेकिन इस बारे में अभी कोई पुष्ट सूचना नहीं है।
संक्षिप्त सारांश: लीबिया में जारी राजनीतिक संकट के बीच अमेरिकी समाचार पत्र 'द न्यूयॉर्क टाइम्स' के चार पत्रकार वहां लापता हो गए हैं।
8
['hin']
एक सारांश बनाओ: बीसीसीआई अध्यक्ष श्रीनिवासन को सीबीआई ने समन भेजा है। श्रीनिवासन को जगन मोहन रेड्डी के केस में समन भेजा गया है। जगनमोहन रेड्डी पर आय से अधिक संपत्ति का मामला है। श्रीनिवासन पर जगन की कंपनी में निवेश करने का आरोप है।टिप्पणियां इंडिया सीमेंट्स लिमिटेड का मैनेजिंग डायरेक्टर होने के नाते श्रीनिवासन को अगले हफ़्ते पूछताछ के लिए पेश होने को कहा गया है। सीबीआई के मुताबिक इंडिया सीमेंट्स ने जगन की दो कंपनियों जगाती पब्लिकेशंस और भारती सीमेंट्स में 135 करोड़ रुपये लगाए और इसके बदले वाईएसआर की सरकार से अपनी सीमेंट फैक्टरियों के लिए भारी मात्रा में अतिरिक्त पानी लिया। खबर है कि श्रीनिवासन को समन भेजे जाने के बाद उनकी कंपनी इंडिया सीमेंट के शेयरों के दाम 5 फीसदी गिर गये हैं। इस बीच इंडिया सीमेंट ने सफाई जारी कर कहा है कि उनके प्लांट को पानी दिए जाने को लेकर नोटिस मिला है जिसे लेकर उनके अधिकारी सरकारी अफसरों से मिल चुके हैं कंपनी ने यह भी दावा किया है कि उसके प्लांट को पानी सरकारी कायदे कानून के तहत ही मिला है। इस मामले में बीजेपी नेता कीर्ति आज़ाद ने श्रीनावसन के बीसीसीआई अध्यक्ष पद पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि वो पहले से ही पद के दुरुपयोग का ये मामला उठाते रहे हैं। इंडिया सीमेंट्स लिमिटेड का मैनेजिंग डायरेक्टर होने के नाते श्रीनिवासन को अगले हफ़्ते पूछताछ के लिए पेश होने को कहा गया है। सीबीआई के मुताबिक इंडिया सीमेंट्स ने जगन की दो कंपनियों जगाती पब्लिकेशंस और भारती सीमेंट्स में 135 करोड़ रुपये लगाए और इसके बदले वाईएसआर की सरकार से अपनी सीमेंट फैक्टरियों के लिए भारी मात्रा में अतिरिक्त पानी लिया। खबर है कि श्रीनिवासन को समन भेजे जाने के बाद उनकी कंपनी इंडिया सीमेंट के शेयरों के दाम 5 फीसदी गिर गये हैं। इस बीच इंडिया सीमेंट ने सफाई जारी कर कहा है कि उनके प्लांट को पानी दिए जाने को लेकर नोटिस मिला है जिसे लेकर उनके अधिकारी सरकारी अफसरों से मिल चुके हैं कंपनी ने यह भी दावा किया है कि उसके प्लांट को पानी सरकारी कायदे कानून के तहत ही मिला है। इस मामले में बीजेपी नेता कीर्ति आज़ाद ने श्रीनावसन के बीसीसीआई अध्यक्ष पद पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि वो पहले से ही पद के दुरुपयोग का ये मामला उठाते रहे हैं। खबर है कि श्रीनिवासन को समन भेजे जाने के बाद उनकी कंपनी इंडिया सीमेंट के शेयरों के दाम 5 फीसदी गिर गये हैं। इस बीच इंडिया सीमेंट ने सफाई जारी कर कहा है कि उनके प्लांट को पानी दिए जाने को लेकर नोटिस मिला है जिसे लेकर उनके अधिकारी सरकारी अफसरों से मिल चुके हैं कंपनी ने यह भी दावा किया है कि उसके प्लांट को पानी सरकारी कायदे कानून के तहत ही मिला है। इस मामले में बीजेपी नेता कीर्ति आज़ाद ने श्रीनावसन के बीसीसीआई अध्यक्ष पद पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि वो पहले से ही पद के दुरुपयोग का ये मामला उठाते रहे हैं।
सारांश: बीसीसीआई अध्यक्ष श्रीनिवासन को सीबीआई ने समन भेजा है। श्रीनिवासन को जगन मोहन रेड्डी के केस में समन भेजा गया है। जगनमोहन रेड्डी पर आय से अधिक संपत्ति का मामला है।
5
['hin']
एक सारांश बनाओ: Ayodhya Land Dispute Case: अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में फैसला सुरक्षित होने के साथ ही अयोध्या (Ayodhya) में सुरक्षा बढ़ा दी गई है. पुलिस ने शाम को पूरे अयोध्या में फ़्लैग मार्च किया. सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को अयोध्या (Ayodhya) राम जन्मभूमि और बाबरी मस्जिद ज़मीन विवाद पर सुनवाई पूरी कर ली थी. लगातार चालीस दिन तक चली देश के इतिहास की दूसरी सबसे लंबी सुनवाई के बाद फ़ैसला सुरक्षित रख लिया गया. फैसला 17 नवंबर तक आ सकता है. वहीं, अयोध्या पर मध्यस्थता पैनल ने सुप्रीम कोर्ट को रिपोर्ट सौंप दी. सूत्रों के मुताबिक़, सुन्नी वक्फ बोर्ड विवादित जमीन पर दावा छोड़ने को तैयार. सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड दूसरी जगह मस्जिद बनाने को राजी हो गया है.  फैसला सुरक्षित रखने जाने के बाद अयोध्या में जगह-जगह पुलिस ने बैरियर लगा दिए हैं. गाड़ियों को रोककर लोगों की तलाशी ली जा रही है. इसके अलावा यहां प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी दीवाली मनाने आने वाले हैं, ऐसे में भी सुरक्षा मजबूत की गई है. यूपी के डीजीपी ओपी सिंह का कहना है, 'सुरक्षा की व्यवस्था व्यापक होगी. पिछली बार भी हम लोगों ने किया था. क्योंकि इस साल विशाल स्तर पर किया जा रहा है. पूरी व्यवस्था होगी. पैरा मिलिट्री फोर्स, पीएसी, पुलिस सभी की व्यवस्था होगी.' अयोध्या में सुरक्षा का जायजा लेने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव, डीजीपी, एडिशनल चीफ सेक्रेट्री (लॉ एंड ऑर्डर) ने भी अयोध्या का दौरा किया है.  बता दें, सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के सितंबर 2010 के फैसले के खिलाफ दायर अपीलों पर छह अगस्त से रोजाना 40 दिन तक सुनवाई की. इस दौरान विभिन्न पक्षों ने अपनी अपनी दलीलें पेश कीं. संविधान पीठ ने इस मामले में सुनवाई पूरी करते हुये संबंधित पक्षों को ‘मोल्डिंग ऑफ रिलीफ' (राहत में बदलाव) के मुद्दे पर लिखित दलील दाखिल करने के लिये तीन दिन का समय दिया. इस मामले में दशहरा अवकाश के बाद 14 अक्टूबर से अंतिम चरण की सुनवाई शुरू हुयी.  न्यायालय के पहले के कार्यक्रम के तहत यह सुनवाई 18 अक्टूबर तक पूरी की जानी थी. हालांकि, 14 अक्टूबर को सुनवाई शुरू होने पर न्यायालय ने कहा कि यह 17 अक्ट्रबर तक पूरी की जायेगी. लेकिन 15 अक्टूबर को पीठ ने यह समय सीमा घटाकर 16 अक्टूबर कर दी थी. राजनीतिक दृष्टि से संवेदनशील इस मुद्दे पर 17 नवंबर से पहले ही फैसला आने की उम्मीद है क्योंकि प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई इस दिन सेवानिवृत्त हो रहे हैं.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: SC में पूरी हुई विवाद की सुनवाई अयोध्या में दीवाली मनाएंगे CM योगी 17 नवंबर को आ सकता है फैसला
32
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारत ने अंडर-21 द्वितीय सुल्तान जोहार कप हॉकी टूर्नामेंट के अपने पहले मुकाबले में रविवार को ऑस्ट्रेलिया को 2-0 से हराकर शानदार आगाज किया है। जानकारी के मुताबिक मलेशिया के शहर जोहार बारू में जारी इस टूर्नामेंट के अपने पहले मैच में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को पहले हाफ में गोलरहित बराबरी पर रोका और फिर दूसरे हाफ में दो गोल करके मैच अपने नाम किया। भारत के लिए पहला गोल पेनाल्टी कार्नर के जरिए हुआ और यह गोल करने का श्रेय हासिल किया सुखमनजीत सिंह ने। सुखमनजीत ने यह गोल 49वें मिनट में किया। ऑस्ट्रेलिया ने इसके बाद बराबरी करने का प्रयास किया लेकिन भारतीय गोलकीपर सुशांत टिर्की ने उसके प्रयासों को नाकाम कर दिया। टिर्की को मैन ऑफ द मैच चुना गया।टिप्पणियां भारत के दूसरा गोल फारवर्ड खिलाड़ी अमोन मिराश टिर्की ने किया। यह गोल खेल खत्म होने से एक मिनट पहले पेनाल्टी कार्नर के जरिए हुआ। भारत का अगला मैच सोमवार को जर्मनी के साथ होगा। जानकारी के मुताबिक मलेशिया के शहर जोहार बारू में जारी इस टूर्नामेंट के अपने पहले मैच में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को पहले हाफ में गोलरहित बराबरी पर रोका और फिर दूसरे हाफ में दो गोल करके मैच अपने नाम किया। भारत के लिए पहला गोल पेनाल्टी कार्नर के जरिए हुआ और यह गोल करने का श्रेय हासिल किया सुखमनजीत सिंह ने। सुखमनजीत ने यह गोल 49वें मिनट में किया। ऑस्ट्रेलिया ने इसके बाद बराबरी करने का प्रयास किया लेकिन भारतीय गोलकीपर सुशांत टिर्की ने उसके प्रयासों को नाकाम कर दिया। टिर्की को मैन ऑफ द मैच चुना गया।टिप्पणियां भारत के दूसरा गोल फारवर्ड खिलाड़ी अमोन मिराश टिर्की ने किया। यह गोल खेल खत्म होने से एक मिनट पहले पेनाल्टी कार्नर के जरिए हुआ। भारत का अगला मैच सोमवार को जर्मनी के साथ होगा। भारत के लिए पहला गोल पेनाल्टी कार्नर के जरिए हुआ और यह गोल करने का श्रेय हासिल किया सुखमनजीत सिंह ने। सुखमनजीत ने यह गोल 49वें मिनट में किया। ऑस्ट्रेलिया ने इसके बाद बराबरी करने का प्रयास किया लेकिन भारतीय गोलकीपर सुशांत टिर्की ने उसके प्रयासों को नाकाम कर दिया। टिर्की को मैन ऑफ द मैच चुना गया।टिप्पणियां भारत के दूसरा गोल फारवर्ड खिलाड़ी अमोन मिराश टिर्की ने किया। यह गोल खेल खत्म होने से एक मिनट पहले पेनाल्टी कार्नर के जरिए हुआ। भारत का अगला मैच सोमवार को जर्मनी के साथ होगा। ऑस्ट्रेलिया ने इसके बाद बराबरी करने का प्रयास किया लेकिन भारतीय गोलकीपर सुशांत टिर्की ने उसके प्रयासों को नाकाम कर दिया। टिर्की को मैन ऑफ द मैच चुना गया।टिप्पणियां भारत के दूसरा गोल फारवर्ड खिलाड़ी अमोन मिराश टिर्की ने किया। यह गोल खेल खत्म होने से एक मिनट पहले पेनाल्टी कार्नर के जरिए हुआ। भारत का अगला मैच सोमवार को जर्मनी के साथ होगा। भारत के दूसरा गोल फारवर्ड खिलाड़ी अमोन मिराश टिर्की ने किया। यह गोल खेल खत्म होने से एक मिनट पहले पेनाल्टी कार्नर के जरिए हुआ। भारत का अगला मैच सोमवार को जर्मनी के साथ होगा। भारत का अगला मैच सोमवार को जर्मनी के साथ होगा।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: भारत ने अंडर-21 द्वितीय सुल्तान जोहार कप हॉकी टूर्नामेंट के अपने पहले मुकाबले में रविवार को ऑस्ट्रेलिया को 2-0 से हराकर शानदार आगाज किया है।
11
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान के एक थिंक टैंक ने दावा किया है कि भारत के पास 356 से 492 परमाणु बम बनाने के लिए पर्याप्त सामग्री और तकनीकी क्षमता है. इंस्टीट्यूट ऑफ स्ट्रेटेजिक स्टडीज, इस्लामाबाद द्वारा 'भारतीय असुरक्षित परमाणु कार्यक्रम' शीर्षक से प्रकाशित अध्ययन को चार परमाणु विद्वानों ने लिखा है जिनमें ए. आजम, अहमद खान, मोहम्मद अली और समीर खान शामिल हैं. थिंक टैंक ने एक बयान में कहा कि इस अध्ययन से यह खुलासा हुआ है कि भारत के पास 356 से 492 परमाणु बम बनाने के लिए पर्याप्त सामग्री और तकनीकी क्षमता है. यह पहले के उन अध्ययनों के उलट है जिनमें परमाणु बम बनाने की भारत की क्षमता को कमतर आंका गया था. यह बताया गया है कि इस अध्ययन का उद्देश्य जटिल भारतीय परमाणु कार्यक्रम के सही इतिहास, आकार और क्षमता के बारे में विभिन्न पहलुओं की समझ मुहैया करना है जिन्हें नई दिल्ली ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु एजेंसी के मानदंडों के बाहर रखा हुआ है. अध्ययन में यह साक्ष्य दिया गया है कि विकासशील देशों और गैर एनपीटी देशों में भारत के पास सबसे बड़ा और सबसे पुराना असुरक्षित परमाणु कार्यक्रम है. टिप्पणियां पाकिस्तान परमाणु ऊर्जा आयोग के पूर्व अध्यक्ष अंसार परवेज ने कहा कि यह अध्ययन भारत के परमाणु हथियार बनाने की क्षमता पर नया प्रकाश डालता है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) थिंक टैंक ने एक बयान में कहा कि इस अध्ययन से यह खुलासा हुआ है कि भारत के पास 356 से 492 परमाणु बम बनाने के लिए पर्याप्त सामग्री और तकनीकी क्षमता है. यह पहले के उन अध्ययनों के उलट है जिनमें परमाणु बम बनाने की भारत की क्षमता को कमतर आंका गया था. यह बताया गया है कि इस अध्ययन का उद्देश्य जटिल भारतीय परमाणु कार्यक्रम के सही इतिहास, आकार और क्षमता के बारे में विभिन्न पहलुओं की समझ मुहैया करना है जिन्हें नई दिल्ली ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु एजेंसी के मानदंडों के बाहर रखा हुआ है. अध्ययन में यह साक्ष्य दिया गया है कि विकासशील देशों और गैर एनपीटी देशों में भारत के पास सबसे बड़ा और सबसे पुराना असुरक्षित परमाणु कार्यक्रम है. टिप्पणियां पाकिस्तान परमाणु ऊर्जा आयोग के पूर्व अध्यक्ष अंसार परवेज ने कहा कि यह अध्ययन भारत के परमाणु हथियार बनाने की क्षमता पर नया प्रकाश डालता है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) यह बताया गया है कि इस अध्ययन का उद्देश्य जटिल भारतीय परमाणु कार्यक्रम के सही इतिहास, आकार और क्षमता के बारे में विभिन्न पहलुओं की समझ मुहैया करना है जिन्हें नई दिल्ली ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु एजेंसी के मानदंडों के बाहर रखा हुआ है. अध्ययन में यह साक्ष्य दिया गया है कि विकासशील देशों और गैर एनपीटी देशों में भारत के पास सबसे बड़ा और सबसे पुराना असुरक्षित परमाणु कार्यक्रम है. टिप्पणियां पाकिस्तान परमाणु ऊर्जा आयोग के पूर्व अध्यक्ष अंसार परवेज ने कहा कि यह अध्ययन भारत के परमाणु हथियार बनाने की क्षमता पर नया प्रकाश डालता है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) अध्ययन में यह साक्ष्य दिया गया है कि विकासशील देशों और गैर एनपीटी देशों में भारत के पास सबसे बड़ा और सबसे पुराना असुरक्षित परमाणु कार्यक्रम है. टिप्पणियां पाकिस्तान परमाणु ऊर्जा आयोग के पूर्व अध्यक्ष अंसार परवेज ने कहा कि यह अध्ययन भारत के परमाणु हथियार बनाने की क्षमता पर नया प्रकाश डालता है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पाकिस्तान परमाणु ऊर्जा आयोग के पूर्व अध्यक्ष अंसार परवेज ने कहा कि यह अध्ययन भारत के परमाणु हथियार बनाने की क्षमता पर नया प्रकाश डालता है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त सारांश: इस्‍लामाबाद के इंस्टीट्यूट ऑफ स्ट्रेटेजिक स्टडीज ने किया दावा भारत के पास 356 से 492 परमाणु बम बनाने की क्षमता पूर्व में भारतीय क्षमताओं को कमतर आंका गया था
10
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: नागरिकता (संशोधन) बिल के सोमवार को लोकसभा में पारित हो जाने के बाद अमेरिकी संसद की विदेश मामलों की समिति ने कहा, "नागरिकता के लिए किसी भी तरह का धार्मिक परीक्षण किए जाने से किसी देश के 'लोकतांत्रिक मूल्यों के मूल सिद्धांतों का क्षरण हो सकता' है..." लोकसभा में विधेयक के पारित होने पर समिति ने कहा, "भारत तथा अमेरिका, दोनों के ही मूल में धार्मिक अनेकतावाद शामिल है, और यह हमारे साझे मूल्यों का बेहद अहम हिस्सा है... नागरिकता के लिए किसी भी तरह का धार्मिक परीक्षण इसी सर्वाधिक आधारभूत सिद्धांत का क्षरण करता है..." अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता पर अमेरिकी आयोग ने भी एक अन्य बयान बिल को लेकर मिलती-जुलती चिंता व्यक्त की, और कहा, "यह बिल प्रवासियों को नागरिकता देने का मार्ग खोलता है, जिसमें विशेष रूप से मुस्लिमों को निकाला गया है, जिससे धर्म के आधार पर नागरिकता के लिए कानूनी मार्ग खुल जाएगा..." बता दें, लोकसभा ने नागरिकता संशोधन विधेयक को मंजूरी दे दी जिसमें अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से धार्मिक प्रताड़ना के कारण भारत आए हिन्दू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों के लोगों को भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन करने का पात्र बनाने का प्रावधान है. निचले सदन में विधेयक पर सदन में सात घंटे से अधिक समय तक चली चर्चा का जवाब देते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि यह विधेयक लाखों करोड़ों शरणार्थियों के यातनापूर्ण नरक जैसे जीवन से मुक्ति दिलाने का साधन बनने जा रहा है. ये लोग भारत के प्रति श्रद्धा रखते हुए हमारे देश में आए, उन्हें नागरिकता मिलेगी. शाह ने कहा, ‘मैं सदन के माध्यम से पूरे देश को आश्वस्त करना चाहता हूं कि यह विधेयक कहीं से भी असंवैधानिक नहीं है और संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन नहीं करता. अगर इस देश का विभाजन धर्म के आधार पर नहीं होता तो मुझे विधेयक लाने की जरूरत ही नहीं पड़ती.'
संक्षिप्त पाठ: लोकसभा में पास हुआ नागरिकता बिल विपक्षी पार्टियां करती रहीं विरोध अमेरिकी संसद की समिति ने दिया बयान
14
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: आईपीएल (इंडियन प्रीमियर लीग) चैंपियन कोलकाता नाइट राइडर्स बदकिस्मती का शिकार होकर चैंपियंस लीग टी-20 क्रिकेट टूर्नामेंट से बाहर होने वाली पहली टीम बन गई। पर्थ स्कॉर्चर्स के खिलाफ उसका तीसरा मैच बारिश की भेंट चढ़ गया, जबकि पहली पारी के सिर्फ 14 ओवर फेंके जा सके थे। गौतम गंभीर की अगुवाई वाली कोलकाता नाइट राइडर्स टूर्नामेंट के पहले दो मैच हार गया था और उसे नॉकआउट चरण में प्रवेश की दौड़ में बने रहने के लिए हर हालत में जीत दर्ज करनी थी। टॉस से पहले भी कुछ देर बारिश हुई थी। मौसम के मिजाज को देखते हुए गंभीर ने टॉस जीतकर क्षेत्ररक्षण का फैसला लिया। केकेआर के गेंदबाजों ने अपने कप्तान के फैसले को सही साबित करते हुए पर्थ के बल्लेबाजों को बांधे रखा था।टिप्पणियां पिछले मैच में बाहर रहे ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज ब्रेट ली ने पर्थ को पहले ओवर की पांचवीं ही गेंद पर झटका दिया, जब हर्शल गिब्स खाता खोले बगैर पैवेलियन लौट गए। उनका कैच इकबाल अब्दुल्ला ने लपका। इसके बाद शान मार्श और साइमन कैटिच ने दूसरे विकेट के लिए 70 रन की साझेदारी की। मार्श ने 40 गेंद में तीन चौकों और एक छक्के की मदद से 38 रन बनाए। वहीं कैटिच 32 गेंद में 43 रन बनाकर नाबाद रहे। उन्होंने अपनी पारी में चार चौके जड़े। मार्श को जैक कैलिस ने 11वें ओवर में पगबाधा आउट किया। बारिश के कारण खेल रोके जाने के समय मिशेल मार्श पांच रन बनाकर कैटिच के साथ क्रीज पर थे। केकेआर को पहले मैच में दिल्ली डेयरडेविल्स ने और दूसरे में ऑकलैंड एसेस ने हराया था। पर्थ स्कॉर्चर्स के खिलाफ उसका तीसरा मैच बारिश की भेंट चढ़ गया, जबकि पहली पारी के सिर्फ 14 ओवर फेंके जा सके थे। गौतम गंभीर की अगुवाई वाली कोलकाता नाइट राइडर्स टूर्नामेंट के पहले दो मैच हार गया था और उसे नॉकआउट चरण में प्रवेश की दौड़ में बने रहने के लिए हर हालत में जीत दर्ज करनी थी। टॉस से पहले भी कुछ देर बारिश हुई थी। मौसम के मिजाज को देखते हुए गंभीर ने टॉस जीतकर क्षेत्ररक्षण का फैसला लिया। केकेआर के गेंदबाजों ने अपने कप्तान के फैसले को सही साबित करते हुए पर्थ के बल्लेबाजों को बांधे रखा था।टिप्पणियां पिछले मैच में बाहर रहे ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज ब्रेट ली ने पर्थ को पहले ओवर की पांचवीं ही गेंद पर झटका दिया, जब हर्शल गिब्स खाता खोले बगैर पैवेलियन लौट गए। उनका कैच इकबाल अब्दुल्ला ने लपका। इसके बाद शान मार्श और साइमन कैटिच ने दूसरे विकेट के लिए 70 रन की साझेदारी की। मार्श ने 40 गेंद में तीन चौकों और एक छक्के की मदद से 38 रन बनाए। वहीं कैटिच 32 गेंद में 43 रन बनाकर नाबाद रहे। उन्होंने अपनी पारी में चार चौके जड़े। मार्श को जैक कैलिस ने 11वें ओवर में पगबाधा आउट किया। बारिश के कारण खेल रोके जाने के समय मिशेल मार्श पांच रन बनाकर कैटिच के साथ क्रीज पर थे। केकेआर को पहले मैच में दिल्ली डेयरडेविल्स ने और दूसरे में ऑकलैंड एसेस ने हराया था। टॉस से पहले भी कुछ देर बारिश हुई थी। मौसम के मिजाज को देखते हुए गंभीर ने टॉस जीतकर क्षेत्ररक्षण का फैसला लिया। केकेआर के गेंदबाजों ने अपने कप्तान के फैसले को सही साबित करते हुए पर्थ के बल्लेबाजों को बांधे रखा था।टिप्पणियां पिछले मैच में बाहर रहे ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज ब्रेट ली ने पर्थ को पहले ओवर की पांचवीं ही गेंद पर झटका दिया, जब हर्शल गिब्स खाता खोले बगैर पैवेलियन लौट गए। उनका कैच इकबाल अब्दुल्ला ने लपका। इसके बाद शान मार्श और साइमन कैटिच ने दूसरे विकेट के लिए 70 रन की साझेदारी की। मार्श ने 40 गेंद में तीन चौकों और एक छक्के की मदद से 38 रन बनाए। वहीं कैटिच 32 गेंद में 43 रन बनाकर नाबाद रहे। उन्होंने अपनी पारी में चार चौके जड़े। मार्श को जैक कैलिस ने 11वें ओवर में पगबाधा आउट किया। बारिश के कारण खेल रोके जाने के समय मिशेल मार्श पांच रन बनाकर कैटिच के साथ क्रीज पर थे। केकेआर को पहले मैच में दिल्ली डेयरडेविल्स ने और दूसरे में ऑकलैंड एसेस ने हराया था। पिछले मैच में बाहर रहे ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज ब्रेट ली ने पर्थ को पहले ओवर की पांचवीं ही गेंद पर झटका दिया, जब हर्शल गिब्स खाता खोले बगैर पैवेलियन लौट गए। उनका कैच इकबाल अब्दुल्ला ने लपका। इसके बाद शान मार्श और साइमन कैटिच ने दूसरे विकेट के लिए 70 रन की साझेदारी की। मार्श ने 40 गेंद में तीन चौकों और एक छक्के की मदद से 38 रन बनाए। वहीं कैटिच 32 गेंद में 43 रन बनाकर नाबाद रहे। उन्होंने अपनी पारी में चार चौके जड़े। मार्श को जैक कैलिस ने 11वें ओवर में पगबाधा आउट किया। बारिश के कारण खेल रोके जाने के समय मिशेल मार्श पांच रन बनाकर कैटिच के साथ क्रीज पर थे। केकेआर को पहले मैच में दिल्ली डेयरडेविल्स ने और दूसरे में ऑकलैंड एसेस ने हराया था। वहीं कैटिच 32 गेंद में 43 रन बनाकर नाबाद रहे। उन्होंने अपनी पारी में चार चौके जड़े। मार्श को जैक कैलिस ने 11वें ओवर में पगबाधा आउट किया। बारिश के कारण खेल रोके जाने के समय मिशेल मार्श पांच रन बनाकर कैटिच के साथ क्रीज पर थे। केकेआर को पहले मैच में दिल्ली डेयरडेविल्स ने और दूसरे में ऑकलैंड एसेस ने हराया था।
यह एक सारांश है: पर्थ स्कॉर्चर्स के खिलाफ कोलकाता नाइट राइडर्स का मैच बारिश की भेंट चढ़ गया। गौतम गंभीर की अगुवाई वाली कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम टूर्नामेंट के पहले दो मैच हार गई थी।
2
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री रहमान मलिक का तीन दिवसीय भारत दौरा रविवार को एक नए विवाद के साथ सम्पन्न हुआ। मलिक ने 2008 के मुम्बई हमले के लिए अराजक तत्वों को जिम्मेदार ठहराया और कहा इस मामले का एक आरोपी अबु जुंदाल वास्तव में एक प्रमुख भारतीय खुफिया एजेंसी का एजेंट था। स्वदेश रवाना होने से पहले मलिक ने यह भी कहा कि पाकिस्तान मुम्बई हमले में किसी भी रूप में शामिल नहीं था, जिसमें 166 व्यक्ति मारे गए थे। मलिक ने यहां ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन द्वारा आयोजित एक चर्चा सत्र में कहा कि उनका देश लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक और मुम्बई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए भारत से ठोस सबूत चाहता है। मलिक ने स्वीकार किया कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पाकिस्तान का दौरा करने से पहले 26/11 की साजिश में शामिल लोगों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई चाहते हैं। मलिक ने कहा कि अबु जुंदाल एक अपराधी था, जिसने भारत की एक प्रमुख एजेंसी के एक स्रोत के रूप में काम किया। उन्होंने कहा कि वह एक दोहरा एजेंट बन सकता था। जुंदाल का असली नाम सैयद जबीउद्दीन अंसारी है और माना जाता है कि वह मुम्बई हमले के वक्त कराची स्थित आतंकवादी नियंत्रण कक्ष में मौजूद था। जुंदाल को सऊदी अरब से प्रत्यर्पण के बाद जून में दिल्ली में गिरफ्तार कर लिया गया था। लेकिन भारतीय गृह सचिव आरके सिंह ने मलिक के दावे को हास्यास्पद बताया है। मलिक ने डेविड कोलमैन हेडली, अबु जुंदाल, एसए अंसारी उर्फ इलियास कश्मीरी की मुम्बई हमले में भूमिका का जिक्र करते हुए कहा कि इसे अराजक तत्वों ने अंजाम दिया था। मलिक ने कहा, "हमारे यहां अराजक तत्व हैं, आपके यहां अराजक तत्व हैं। लिहाजा हमें इसी बीच में आगे का कोई रास्ता निकालना है।" मलिक ने कहा कि गवाहों से पूछताछ के लिए पाकिस्तानी न्यायिक आयोग का भारत का प्रस्तावित दौरा मुम्बई हमले के सम्बंध में पाकिस्तान में गिरफ्तार सात लोगों को दोषी ठहराने में मददगार होगा। पाक मंत्री ने कहा कि अधिकारियों ने पाकिस्तानी अदालत में आरोपियों के खिलाफ अकाट्य सबूत पेश किए हैं। मलिक ने कहा कि भारत दूसरे न्यायिक आयोग के दौरे की शर्तें तय कर सकता है, जो गवाहों से पूछताछ करेगा। मलिक ने कहा, "प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद हम दोषी ठहराने की कार्रवाई में सक्षम हो जाएंगे।" सईद के बारे में मलिक ने कहा कि उनके देश को सबूत की जरूरत है और भारत द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी को अदालत ने पर्याप्त नहीं पाया है, क्योंकि यह अजमल कसाब के एक बयान पर आधारित है। मुम्बई हमले के दौरान एक मात्र जीवित पकड़े गए आतंकवादी कसाब को 21 नवम्बर को फांसी दे दी गई। मलिक ने कहा, "हमें ठोस सबूत की जरूरत है... हम अभी भी उसका इंतजार कर रहे हैं।" मलिक ने कहा कि पाकिस्तान सईद के खिलाफ तभी कार्रवाई कर सकता है, जब भारत का सबूत न्यायालय में टिक सके। पाकिस्तान से जम्मू एवं कश्मीर में होने वाली घुसपैठ के बारे में मलिक ने कहा कि उनकी सरकार का इसमें कोई हाथ नहीं है। मलिक ने कहा कि उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की नेता सुषमा स्वराज को यह देखने के लिए पाकिस्तान आमंत्रित किया है कि वहां से हिंदुओं का कोई पलायन नहीं हो रहा है। मलिक ने स्वराज से शनिवार को मुलाकात की थी। मलिक ने इस बात से इनकार किया कि उन्होंने 1992 के बाबरी विध्वंस को मुम्बई हमले से जोड़ा था। उन्होंने कहा कि मीडिया ने उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया। मलिक ने कहा कि भारतीय नेताओं के साथ बहुत ही अच्छी बातचीत हुई और उन्होंने अपनी सरकार के संदेश को प्रभावी तरीके से अवगत कराया। उन्होंने कहा, "आइए हम सभी भाई-भाई बनें।" पाकिस्तान में चरमवाद के बारे में मलिक ने कहा कि इसकी जड़ें सोवियत संघ और अफगानिस्तान के बीच युद्ध के दौरान के जिहाद से जुड़ी हुई हैं। मलिक ने कहा कि सोवित संघ से लड़ने के लिए हजारों की संख्या में जिहादी पाकिस्तान आए और युद्ध के बाद उनके पास करने के लिए कुछ नहीं बचा। मलिक ने कहा, "इससे तालिबान का विकास हुआ। चरमवाद फैलता रहा।" उन्होंने कहा कि युद्ध की समाप्ति के समय क्षेत्र में 300 मदरसे थे। पाकिस्तान में जब मौजूदा सरकार सत्ता में आई थी, उस समय तक मदरसों की संख्या बढ़कर 23,000 हो गई थी। मलिक ने कहा कि सभी मदरसे आतंकवाद में लिप्त नहीं हैं, लेकिन मदरसों में पढ़ने वालों का मन बदलने की कोशिशें की जाती हैं। उन्होंने कहा कि धर्म और गरीबी दो प्रमुख बातें हैं, और जब ये दोनों मिलती हैं तो बहुत घातक हो सकती हैं। हम आज इसी का सामना कर रहे हैं। मलिक ने दौरे के अंतिम दिन 14वीं सदी के सूफी संत हजरत निजामुद्दीन औलिया की दरगाह पर जियारत भी की और भारत-पाकिस्तान के बीच सद्भावपूर्ण सम्बंधों के लिए दुआ मांगी। मलिक ने दरगाह पर जियारत करने के बाद संवाददाताओं से कहा, "मैंने अल्लाह से दोनों देशों के बीच सद्भावनापूर्ण व शांतिपूर्ण सम्बंधों के लिए और आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई में भारत सरकार से पाकिस्तान को सहायता के लिए प्रार्थना की है।"टिप्पणियां सुबह से ही दरगाह परिसर में मलिक के आगमन की सुबगुबाहट थी। मलिक पहले अमीर खुसरो की दरगाह गए और इसी परिसर में स्थित मस्जिद में नमाज अदा की। हजरत निजामुद्दीन औलिया के वंशज होने का दावा करने वाले नाजिम निजामी, दीवान ताहिर निजामी, दीवान मसूद निजामी और सैयद अजमल निजामी दरगाह दौरे के समय मलिक के साथ थे। स्वदेश रवाना होने से पहले मलिक ने यह भी कहा कि पाकिस्तान मुम्बई हमले में किसी भी रूप में शामिल नहीं था, जिसमें 166 व्यक्ति मारे गए थे। मलिक ने यहां ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन द्वारा आयोजित एक चर्चा सत्र में कहा कि उनका देश लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक और मुम्बई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए भारत से ठोस सबूत चाहता है। मलिक ने स्वीकार किया कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पाकिस्तान का दौरा करने से पहले 26/11 की साजिश में शामिल लोगों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई चाहते हैं। मलिक ने कहा कि अबु जुंदाल एक अपराधी था, जिसने भारत की एक प्रमुख एजेंसी के एक स्रोत के रूप में काम किया। उन्होंने कहा कि वह एक दोहरा एजेंट बन सकता था। जुंदाल का असली नाम सैयद जबीउद्दीन अंसारी है और माना जाता है कि वह मुम्बई हमले के वक्त कराची स्थित आतंकवादी नियंत्रण कक्ष में मौजूद था। जुंदाल को सऊदी अरब से प्रत्यर्पण के बाद जून में दिल्ली में गिरफ्तार कर लिया गया था। लेकिन भारतीय गृह सचिव आरके सिंह ने मलिक के दावे को हास्यास्पद बताया है। मलिक ने डेविड कोलमैन हेडली, अबु जुंदाल, एसए अंसारी उर्फ इलियास कश्मीरी की मुम्बई हमले में भूमिका का जिक्र करते हुए कहा कि इसे अराजक तत्वों ने अंजाम दिया था। मलिक ने कहा, "हमारे यहां अराजक तत्व हैं, आपके यहां अराजक तत्व हैं। लिहाजा हमें इसी बीच में आगे का कोई रास्ता निकालना है।" मलिक ने कहा कि गवाहों से पूछताछ के लिए पाकिस्तानी न्यायिक आयोग का भारत का प्रस्तावित दौरा मुम्बई हमले के सम्बंध में पाकिस्तान में गिरफ्तार सात लोगों को दोषी ठहराने में मददगार होगा। पाक मंत्री ने कहा कि अधिकारियों ने पाकिस्तानी अदालत में आरोपियों के खिलाफ अकाट्य सबूत पेश किए हैं। मलिक ने कहा कि भारत दूसरे न्यायिक आयोग के दौरे की शर्तें तय कर सकता है, जो गवाहों से पूछताछ करेगा। मलिक ने कहा, "प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद हम दोषी ठहराने की कार्रवाई में सक्षम हो जाएंगे।" सईद के बारे में मलिक ने कहा कि उनके देश को सबूत की जरूरत है और भारत द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी को अदालत ने पर्याप्त नहीं पाया है, क्योंकि यह अजमल कसाब के एक बयान पर आधारित है। मुम्बई हमले के दौरान एक मात्र जीवित पकड़े गए आतंकवादी कसाब को 21 नवम्बर को फांसी दे दी गई। मलिक ने कहा, "हमें ठोस सबूत की जरूरत है... हम अभी भी उसका इंतजार कर रहे हैं।" मलिक ने कहा कि पाकिस्तान सईद के खिलाफ तभी कार्रवाई कर सकता है, जब भारत का सबूत न्यायालय में टिक सके। पाकिस्तान से जम्मू एवं कश्मीर में होने वाली घुसपैठ के बारे में मलिक ने कहा कि उनकी सरकार का इसमें कोई हाथ नहीं है। मलिक ने कहा कि उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की नेता सुषमा स्वराज को यह देखने के लिए पाकिस्तान आमंत्रित किया है कि वहां से हिंदुओं का कोई पलायन नहीं हो रहा है। मलिक ने स्वराज से शनिवार को मुलाकात की थी। मलिक ने इस बात से इनकार किया कि उन्होंने 1992 के बाबरी विध्वंस को मुम्बई हमले से जोड़ा था। उन्होंने कहा कि मीडिया ने उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया। मलिक ने कहा कि भारतीय नेताओं के साथ बहुत ही अच्छी बातचीत हुई और उन्होंने अपनी सरकार के संदेश को प्रभावी तरीके से अवगत कराया। उन्होंने कहा, "आइए हम सभी भाई-भाई बनें।" पाकिस्तान में चरमवाद के बारे में मलिक ने कहा कि इसकी जड़ें सोवियत संघ और अफगानिस्तान के बीच युद्ध के दौरान के जिहाद से जुड़ी हुई हैं। मलिक ने कहा कि सोवित संघ से लड़ने के लिए हजारों की संख्या में जिहादी पाकिस्तान आए और युद्ध के बाद उनके पास करने के लिए कुछ नहीं बचा। मलिक ने कहा, "इससे तालिबान का विकास हुआ। चरमवाद फैलता रहा।" उन्होंने कहा कि युद्ध की समाप्ति के समय क्षेत्र में 300 मदरसे थे। पाकिस्तान में जब मौजूदा सरकार सत्ता में आई थी, उस समय तक मदरसों की संख्या बढ़कर 23,000 हो गई थी। मलिक ने कहा कि सभी मदरसे आतंकवाद में लिप्त नहीं हैं, लेकिन मदरसों में पढ़ने वालों का मन बदलने की कोशिशें की जाती हैं। उन्होंने कहा कि धर्म और गरीबी दो प्रमुख बातें हैं, और जब ये दोनों मिलती हैं तो बहुत घातक हो सकती हैं। हम आज इसी का सामना कर रहे हैं। मलिक ने दौरे के अंतिम दिन 14वीं सदी के सूफी संत हजरत निजामुद्दीन औलिया की दरगाह पर जियारत भी की और भारत-पाकिस्तान के बीच सद्भावपूर्ण सम्बंधों के लिए दुआ मांगी। मलिक ने दरगाह पर जियारत करने के बाद संवाददाताओं से कहा, "मैंने अल्लाह से दोनों देशों के बीच सद्भावनापूर्ण व शांतिपूर्ण सम्बंधों के लिए और आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई में भारत सरकार से पाकिस्तान को सहायता के लिए प्रार्थना की है।"टिप्पणियां सुबह से ही दरगाह परिसर में मलिक के आगमन की सुबगुबाहट थी। मलिक पहले अमीर खुसरो की दरगाह गए और इसी परिसर में स्थित मस्जिद में नमाज अदा की। हजरत निजामुद्दीन औलिया के वंशज होने का दावा करने वाले नाजिम निजामी, दीवान ताहिर निजामी, दीवान मसूद निजामी और सैयद अजमल निजामी दरगाह दौरे के समय मलिक के साथ थे। मलिक ने यहां ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन द्वारा आयोजित एक चर्चा सत्र में कहा कि उनका देश लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक और मुम्बई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए भारत से ठोस सबूत चाहता है। मलिक ने स्वीकार किया कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पाकिस्तान का दौरा करने से पहले 26/11 की साजिश में शामिल लोगों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई चाहते हैं। मलिक ने कहा कि अबु जुंदाल एक अपराधी था, जिसने भारत की एक प्रमुख एजेंसी के एक स्रोत के रूप में काम किया। उन्होंने कहा कि वह एक दोहरा एजेंट बन सकता था। जुंदाल का असली नाम सैयद जबीउद्दीन अंसारी है और माना जाता है कि वह मुम्बई हमले के वक्त कराची स्थित आतंकवादी नियंत्रण कक्ष में मौजूद था। जुंदाल को सऊदी अरब से प्रत्यर्पण के बाद जून में दिल्ली में गिरफ्तार कर लिया गया था। लेकिन भारतीय गृह सचिव आरके सिंह ने मलिक के दावे को हास्यास्पद बताया है। मलिक ने डेविड कोलमैन हेडली, अबु जुंदाल, एसए अंसारी उर्फ इलियास कश्मीरी की मुम्बई हमले में भूमिका का जिक्र करते हुए कहा कि इसे अराजक तत्वों ने अंजाम दिया था। मलिक ने कहा, "हमारे यहां अराजक तत्व हैं, आपके यहां अराजक तत्व हैं। लिहाजा हमें इसी बीच में आगे का कोई रास्ता निकालना है।" मलिक ने कहा कि गवाहों से पूछताछ के लिए पाकिस्तानी न्यायिक आयोग का भारत का प्रस्तावित दौरा मुम्बई हमले के सम्बंध में पाकिस्तान में गिरफ्तार सात लोगों को दोषी ठहराने में मददगार होगा। पाक मंत्री ने कहा कि अधिकारियों ने पाकिस्तानी अदालत में आरोपियों के खिलाफ अकाट्य सबूत पेश किए हैं। मलिक ने कहा कि भारत दूसरे न्यायिक आयोग के दौरे की शर्तें तय कर सकता है, जो गवाहों से पूछताछ करेगा। मलिक ने कहा, "प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद हम दोषी ठहराने की कार्रवाई में सक्षम हो जाएंगे।" सईद के बारे में मलिक ने कहा कि उनके देश को सबूत की जरूरत है और भारत द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी को अदालत ने पर्याप्त नहीं पाया है, क्योंकि यह अजमल कसाब के एक बयान पर आधारित है। मुम्बई हमले के दौरान एक मात्र जीवित पकड़े गए आतंकवादी कसाब को 21 नवम्बर को फांसी दे दी गई। मलिक ने कहा, "हमें ठोस सबूत की जरूरत है... हम अभी भी उसका इंतजार कर रहे हैं।" मलिक ने कहा कि पाकिस्तान सईद के खिलाफ तभी कार्रवाई कर सकता है, जब भारत का सबूत न्यायालय में टिक सके। पाकिस्तान से जम्मू एवं कश्मीर में होने वाली घुसपैठ के बारे में मलिक ने कहा कि उनकी सरकार का इसमें कोई हाथ नहीं है। मलिक ने कहा कि उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की नेता सुषमा स्वराज को यह देखने के लिए पाकिस्तान आमंत्रित किया है कि वहां से हिंदुओं का कोई पलायन नहीं हो रहा है। मलिक ने स्वराज से शनिवार को मुलाकात की थी। मलिक ने इस बात से इनकार किया कि उन्होंने 1992 के बाबरी विध्वंस को मुम्बई हमले से जोड़ा था। उन्होंने कहा कि मीडिया ने उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया। मलिक ने कहा कि भारतीय नेताओं के साथ बहुत ही अच्छी बातचीत हुई और उन्होंने अपनी सरकार के संदेश को प्रभावी तरीके से अवगत कराया। उन्होंने कहा, "आइए हम सभी भाई-भाई बनें।" पाकिस्तान में चरमवाद के बारे में मलिक ने कहा कि इसकी जड़ें सोवियत संघ और अफगानिस्तान के बीच युद्ध के दौरान के जिहाद से जुड़ी हुई हैं। मलिक ने कहा कि सोवित संघ से लड़ने के लिए हजारों की संख्या में जिहादी पाकिस्तान आए और युद्ध के बाद उनके पास करने के लिए कुछ नहीं बचा। मलिक ने कहा, "इससे तालिबान का विकास हुआ। चरमवाद फैलता रहा।" उन्होंने कहा कि युद्ध की समाप्ति के समय क्षेत्र में 300 मदरसे थे। पाकिस्तान में जब मौजूदा सरकार सत्ता में आई थी, उस समय तक मदरसों की संख्या बढ़कर 23,000 हो गई थी। मलिक ने कहा कि सभी मदरसे आतंकवाद में लिप्त नहीं हैं, लेकिन मदरसों में पढ़ने वालों का मन बदलने की कोशिशें की जाती हैं। उन्होंने कहा कि धर्म और गरीबी दो प्रमुख बातें हैं, और जब ये दोनों मिलती हैं तो बहुत घातक हो सकती हैं। हम आज इसी का सामना कर रहे हैं। मलिक ने दौरे के अंतिम दिन 14वीं सदी के सूफी संत हजरत निजामुद्दीन औलिया की दरगाह पर जियारत भी की और भारत-पाकिस्तान के बीच सद्भावपूर्ण सम्बंधों के लिए दुआ मांगी। मलिक ने दरगाह पर जियारत करने के बाद संवाददाताओं से कहा, "मैंने अल्लाह से दोनों देशों के बीच सद्भावनापूर्ण व शांतिपूर्ण सम्बंधों के लिए और आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई में भारत सरकार से पाकिस्तान को सहायता के लिए प्रार्थना की है।"टिप्पणियां सुबह से ही दरगाह परिसर में मलिक के आगमन की सुबगुबाहट थी। मलिक पहले अमीर खुसरो की दरगाह गए और इसी परिसर में स्थित मस्जिद में नमाज अदा की। हजरत निजामुद्दीन औलिया के वंशज होने का दावा करने वाले नाजिम निजामी, दीवान ताहिर निजामी, दीवान मसूद निजामी और सैयद अजमल निजामी दरगाह दौरे के समय मलिक के साथ थे। मलिक ने स्वीकार किया कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पाकिस्तान का दौरा करने से पहले 26/11 की साजिश में शामिल लोगों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई चाहते हैं। मलिक ने कहा कि अबु जुंदाल एक अपराधी था, जिसने भारत की एक प्रमुख एजेंसी के एक स्रोत के रूप में काम किया। उन्होंने कहा कि वह एक दोहरा एजेंट बन सकता था। जुंदाल का असली नाम सैयद जबीउद्दीन अंसारी है और माना जाता है कि वह मुम्बई हमले के वक्त कराची स्थित आतंकवादी नियंत्रण कक्ष में मौजूद था। जुंदाल को सऊदी अरब से प्रत्यर्पण के बाद जून में दिल्ली में गिरफ्तार कर लिया गया था। लेकिन भारतीय गृह सचिव आरके सिंह ने मलिक के दावे को हास्यास्पद बताया है। मलिक ने डेविड कोलमैन हेडली, अबु जुंदाल, एसए अंसारी उर्फ इलियास कश्मीरी की मुम्बई हमले में भूमिका का जिक्र करते हुए कहा कि इसे अराजक तत्वों ने अंजाम दिया था। मलिक ने कहा, "हमारे यहां अराजक तत्व हैं, आपके यहां अराजक तत्व हैं। लिहाजा हमें इसी बीच में आगे का कोई रास्ता निकालना है।" मलिक ने कहा कि गवाहों से पूछताछ के लिए पाकिस्तानी न्यायिक आयोग का भारत का प्रस्तावित दौरा मुम्बई हमले के सम्बंध में पाकिस्तान में गिरफ्तार सात लोगों को दोषी ठहराने में मददगार होगा। पाक मंत्री ने कहा कि अधिकारियों ने पाकिस्तानी अदालत में आरोपियों के खिलाफ अकाट्य सबूत पेश किए हैं। मलिक ने कहा कि भारत दूसरे न्यायिक आयोग के दौरे की शर्तें तय कर सकता है, जो गवाहों से पूछताछ करेगा। मलिक ने कहा, "प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद हम दोषी ठहराने की कार्रवाई में सक्षम हो जाएंगे।" सईद के बारे में मलिक ने कहा कि उनके देश को सबूत की जरूरत है और भारत द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी को अदालत ने पर्याप्त नहीं पाया है, क्योंकि यह अजमल कसाब के एक बयान पर आधारित है। मुम्बई हमले के दौरान एक मात्र जीवित पकड़े गए आतंकवादी कसाब को 21 नवम्बर को फांसी दे दी गई। मलिक ने कहा, "हमें ठोस सबूत की जरूरत है... हम अभी भी उसका इंतजार कर रहे हैं।" मलिक ने कहा कि पाकिस्तान सईद के खिलाफ तभी कार्रवाई कर सकता है, जब भारत का सबूत न्यायालय में टिक सके। पाकिस्तान से जम्मू एवं कश्मीर में होने वाली घुसपैठ के बारे में मलिक ने कहा कि उनकी सरकार का इसमें कोई हाथ नहीं है। मलिक ने कहा कि उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की नेता सुषमा स्वराज को यह देखने के लिए पाकिस्तान आमंत्रित किया है कि वहां से हिंदुओं का कोई पलायन नहीं हो रहा है। मलिक ने स्वराज से शनिवार को मुलाकात की थी। मलिक ने इस बात से इनकार किया कि उन्होंने 1992 के बाबरी विध्वंस को मुम्बई हमले से जोड़ा था। उन्होंने कहा कि मीडिया ने उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया। मलिक ने कहा कि भारतीय नेताओं के साथ बहुत ही अच्छी बातचीत हुई और उन्होंने अपनी सरकार के संदेश को प्रभावी तरीके से अवगत कराया। उन्होंने कहा, "आइए हम सभी भाई-भाई बनें।" पाकिस्तान में चरमवाद के बारे में मलिक ने कहा कि इसकी जड़ें सोवियत संघ और अफगानिस्तान के बीच युद्ध के दौरान के जिहाद से जुड़ी हुई हैं। मलिक ने कहा कि सोवित संघ से लड़ने के लिए हजारों की संख्या में जिहादी पाकिस्तान आए और युद्ध के बाद उनके पास करने के लिए कुछ नहीं बचा। मलिक ने कहा, "इससे तालिबान का विकास हुआ। चरमवाद फैलता रहा।" उन्होंने कहा कि युद्ध की समाप्ति के समय क्षेत्र में 300 मदरसे थे। पाकिस्तान में जब मौजूदा सरकार सत्ता में आई थी, उस समय तक मदरसों की संख्या बढ़कर 23,000 हो गई थी। मलिक ने कहा कि सभी मदरसे आतंकवाद में लिप्त नहीं हैं, लेकिन मदरसों में पढ़ने वालों का मन बदलने की कोशिशें की जाती हैं। उन्होंने कहा कि धर्म और गरीबी दो प्रमुख बातें हैं, और जब ये दोनों मिलती हैं तो बहुत घातक हो सकती हैं। हम आज इसी का सामना कर रहे हैं। मलिक ने दौरे के अंतिम दिन 14वीं सदी के सूफी संत हजरत निजामुद्दीन औलिया की दरगाह पर जियारत भी की और भारत-पाकिस्तान के बीच सद्भावपूर्ण सम्बंधों के लिए दुआ मांगी। मलिक ने दरगाह पर जियारत करने के बाद संवाददाताओं से कहा, "मैंने अल्लाह से दोनों देशों के बीच सद्भावनापूर्ण व शांतिपूर्ण सम्बंधों के लिए और आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई में भारत सरकार से पाकिस्तान को सहायता के लिए प्रार्थना की है।"टिप्पणियां सुबह से ही दरगाह परिसर में मलिक के आगमन की सुबगुबाहट थी। मलिक पहले अमीर खुसरो की दरगाह गए और इसी परिसर में स्थित मस्जिद में नमाज अदा की। हजरत निजामुद्दीन औलिया के वंशज होने का दावा करने वाले नाजिम निजामी, दीवान ताहिर निजामी, दीवान मसूद निजामी और सैयद अजमल निजामी दरगाह दौरे के समय मलिक के साथ थे। मलिक ने कहा कि अबु जुंदाल एक अपराधी था, जिसने भारत की एक प्रमुख एजेंसी के एक स्रोत के रूप में काम किया। उन्होंने कहा कि वह एक दोहरा एजेंट बन सकता था। जुंदाल का असली नाम सैयद जबीउद्दीन अंसारी है और माना जाता है कि वह मुम्बई हमले के वक्त कराची स्थित आतंकवादी नियंत्रण कक्ष में मौजूद था। जुंदाल को सऊदी अरब से प्रत्यर्पण के बाद जून में दिल्ली में गिरफ्तार कर लिया गया था। लेकिन भारतीय गृह सचिव आरके सिंह ने मलिक के दावे को हास्यास्पद बताया है। मलिक ने डेविड कोलमैन हेडली, अबु जुंदाल, एसए अंसारी उर्फ इलियास कश्मीरी की मुम्बई हमले में भूमिका का जिक्र करते हुए कहा कि इसे अराजक तत्वों ने अंजाम दिया था। मलिक ने कहा, "हमारे यहां अराजक तत्व हैं, आपके यहां अराजक तत्व हैं। लिहाजा हमें इसी बीच में आगे का कोई रास्ता निकालना है।" मलिक ने कहा कि गवाहों से पूछताछ के लिए पाकिस्तानी न्यायिक आयोग का भारत का प्रस्तावित दौरा मुम्बई हमले के सम्बंध में पाकिस्तान में गिरफ्तार सात लोगों को दोषी ठहराने में मददगार होगा। पाक मंत्री ने कहा कि अधिकारियों ने पाकिस्तानी अदालत में आरोपियों के खिलाफ अकाट्य सबूत पेश किए हैं। मलिक ने कहा कि भारत दूसरे न्यायिक आयोग के दौरे की शर्तें तय कर सकता है, जो गवाहों से पूछताछ करेगा। मलिक ने कहा, "प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद हम दोषी ठहराने की कार्रवाई में सक्षम हो जाएंगे।" सईद के बारे में मलिक ने कहा कि उनके देश को सबूत की जरूरत है और भारत द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी को अदालत ने पर्याप्त नहीं पाया है, क्योंकि यह अजमल कसाब के एक बयान पर आधारित है। मुम्बई हमले के दौरान एक मात्र जीवित पकड़े गए आतंकवादी कसाब को 21 नवम्बर को फांसी दे दी गई। मलिक ने कहा, "हमें ठोस सबूत की जरूरत है... हम अभी भी उसका इंतजार कर रहे हैं।" मलिक ने कहा कि पाकिस्तान सईद के खिलाफ तभी कार्रवाई कर सकता है, जब भारत का सबूत न्यायालय में टिक सके। पाकिस्तान से जम्मू एवं कश्मीर में होने वाली घुसपैठ के बारे में मलिक ने कहा कि उनकी सरकार का इसमें कोई हाथ नहीं है। मलिक ने कहा कि उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की नेता सुषमा स्वराज को यह देखने के लिए पाकिस्तान आमंत्रित किया है कि वहां से हिंदुओं का कोई पलायन नहीं हो रहा है। मलिक ने स्वराज से शनिवार को मुलाकात की थी। मलिक ने इस बात से इनकार किया कि उन्होंने 1992 के बाबरी विध्वंस को मुम्बई हमले से जोड़ा था। उन्होंने कहा कि मीडिया ने उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया। मलिक ने कहा कि भारतीय नेताओं के साथ बहुत ही अच्छी बातचीत हुई और उन्होंने अपनी सरकार के संदेश को प्रभावी तरीके से अवगत कराया। उन्होंने कहा, "आइए हम सभी भाई-भाई बनें।" पाकिस्तान में चरमवाद के बारे में मलिक ने कहा कि इसकी जड़ें सोवियत संघ और अफगानिस्तान के बीच युद्ध के दौरान के जिहाद से जुड़ी हुई हैं। मलिक ने कहा कि सोवित संघ से लड़ने के लिए हजारों की संख्या में जिहादी पाकिस्तान आए और युद्ध के बाद उनके पास करने के लिए कुछ नहीं बचा। मलिक ने कहा, "इससे तालिबान का विकास हुआ। चरमवाद फैलता रहा।" उन्होंने कहा कि युद्ध की समाप्ति के समय क्षेत्र में 300 मदरसे थे। पाकिस्तान में जब मौजूदा सरकार सत्ता में आई थी, उस समय तक मदरसों की संख्या बढ़कर 23,000 हो गई थी। मलिक ने कहा कि सभी मदरसे आतंकवाद में लिप्त नहीं हैं, लेकिन मदरसों में पढ़ने वालों का मन बदलने की कोशिशें की जाती हैं। उन्होंने कहा कि धर्म और गरीबी दो प्रमुख बातें हैं, और जब ये दोनों मिलती हैं तो बहुत घातक हो सकती हैं। हम आज इसी का सामना कर रहे हैं। मलिक ने दौरे के अंतिम दिन 14वीं सदी के सूफी संत हजरत निजामुद्दीन औलिया की दरगाह पर जियारत भी की और भारत-पाकिस्तान के बीच सद्भावपूर्ण सम्बंधों के लिए दुआ मांगी। मलिक ने दरगाह पर जियारत करने के बाद संवाददाताओं से कहा, "मैंने अल्लाह से दोनों देशों के बीच सद्भावनापूर्ण व शांतिपूर्ण सम्बंधों के लिए और आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई में भारत सरकार से पाकिस्तान को सहायता के लिए प्रार्थना की है।"टिप्पणियां सुबह से ही दरगाह परिसर में मलिक के आगमन की सुबगुबाहट थी। मलिक पहले अमीर खुसरो की दरगाह गए और इसी परिसर में स्थित मस्जिद में नमाज अदा की। हजरत निजामुद्दीन औलिया के वंशज होने का दावा करने वाले नाजिम निजामी, दीवान ताहिर निजामी, दीवान मसूद निजामी और सैयद अजमल निजामी दरगाह दौरे के समय मलिक के साथ थे। जुंदाल का असली नाम सैयद जबीउद्दीन अंसारी है और माना जाता है कि वह मुम्बई हमले के वक्त कराची स्थित आतंकवादी नियंत्रण कक्ष में मौजूद था। जुंदाल को सऊदी अरब से प्रत्यर्पण के बाद जून में दिल्ली में गिरफ्तार कर लिया गया था। लेकिन भारतीय गृह सचिव आरके सिंह ने मलिक के दावे को हास्यास्पद बताया है। मलिक ने डेविड कोलमैन हेडली, अबु जुंदाल, एसए अंसारी उर्फ इलियास कश्मीरी की मुम्बई हमले में भूमिका का जिक्र करते हुए कहा कि इसे अराजक तत्वों ने अंजाम दिया था। मलिक ने कहा, "हमारे यहां अराजक तत्व हैं, आपके यहां अराजक तत्व हैं। लिहाजा हमें इसी बीच में आगे का कोई रास्ता निकालना है।" मलिक ने कहा कि गवाहों से पूछताछ के लिए पाकिस्तानी न्यायिक आयोग का भारत का प्रस्तावित दौरा मुम्बई हमले के सम्बंध में पाकिस्तान में गिरफ्तार सात लोगों को दोषी ठहराने में मददगार होगा। पाक मंत्री ने कहा कि अधिकारियों ने पाकिस्तानी अदालत में आरोपियों के खिलाफ अकाट्य सबूत पेश किए हैं। मलिक ने कहा कि भारत दूसरे न्यायिक आयोग के दौरे की शर्तें तय कर सकता है, जो गवाहों से पूछताछ करेगा। मलिक ने कहा, "प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद हम दोषी ठहराने की कार्रवाई में सक्षम हो जाएंगे।" सईद के बारे में मलिक ने कहा कि उनके देश को सबूत की जरूरत है और भारत द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी को अदालत ने पर्याप्त नहीं पाया है, क्योंकि यह अजमल कसाब के एक बयान पर आधारित है। मुम्बई हमले के दौरान एक मात्र जीवित पकड़े गए आतंकवादी कसाब को 21 नवम्बर को फांसी दे दी गई। मलिक ने कहा, "हमें ठोस सबूत की जरूरत है... हम अभी भी उसका इंतजार कर रहे हैं।" मलिक ने कहा कि पाकिस्तान सईद के खिलाफ तभी कार्रवाई कर सकता है, जब भारत का सबूत न्यायालय में टिक सके। पाकिस्तान से जम्मू एवं कश्मीर में होने वाली घुसपैठ के बारे में मलिक ने कहा कि उनकी सरकार का इसमें कोई हाथ नहीं है। मलिक ने कहा कि उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की नेता सुषमा स्वराज को यह देखने के लिए पाकिस्तान आमंत्रित किया है कि वहां से हिंदुओं का कोई पलायन नहीं हो रहा है। मलिक ने स्वराज से शनिवार को मुलाकात की थी। मलिक ने इस बात से इनकार किया कि उन्होंने 1992 के बाबरी विध्वंस को मुम्बई हमले से जोड़ा था। उन्होंने कहा कि मीडिया ने उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया। मलिक ने कहा कि भारतीय नेताओं के साथ बहुत ही अच्छी बातचीत हुई और उन्होंने अपनी सरकार के संदेश को प्रभावी तरीके से अवगत कराया। उन्होंने कहा, "आइए हम सभी भाई-भाई बनें।" पाकिस्तान में चरमवाद के बारे में मलिक ने कहा कि इसकी जड़ें सोवियत संघ और अफगानिस्तान के बीच युद्ध के दौरान के जिहाद से जुड़ी हुई हैं। मलिक ने कहा कि सोवित संघ से लड़ने के लिए हजारों की संख्या में जिहादी पाकिस्तान आए और युद्ध के बाद उनके पास करने के लिए कुछ नहीं बचा। मलिक ने कहा, "इससे तालिबान का विकास हुआ। चरमवाद फैलता रहा।" उन्होंने कहा कि युद्ध की समाप्ति के समय क्षेत्र में 300 मदरसे थे। पाकिस्तान में जब मौजूदा सरकार सत्ता में आई थी, उस समय तक मदरसों की संख्या बढ़कर 23,000 हो गई थी। मलिक ने कहा कि सभी मदरसे आतंकवाद में लिप्त नहीं हैं, लेकिन मदरसों में पढ़ने वालों का मन बदलने की कोशिशें की जाती हैं। उन्होंने कहा कि धर्म और गरीबी दो प्रमुख बातें हैं, और जब ये दोनों मिलती हैं तो बहुत घातक हो सकती हैं। हम आज इसी का सामना कर रहे हैं। मलिक ने दौरे के अंतिम दिन 14वीं सदी के सूफी संत हजरत निजामुद्दीन औलिया की दरगाह पर जियारत भी की और भारत-पाकिस्तान के बीच सद्भावपूर्ण सम्बंधों के लिए दुआ मांगी। मलिक ने दरगाह पर जियारत करने के बाद संवाददाताओं से कहा, "मैंने अल्लाह से दोनों देशों के बीच सद्भावनापूर्ण व शांतिपूर्ण सम्बंधों के लिए और आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई में भारत सरकार से पाकिस्तान को सहायता के लिए प्रार्थना की है।"टिप्पणियां सुबह से ही दरगाह परिसर में मलिक के आगमन की सुबगुबाहट थी। मलिक पहले अमीर खुसरो की दरगाह गए और इसी परिसर में स्थित मस्जिद में नमाज अदा की। हजरत निजामुद्दीन औलिया के वंशज होने का दावा करने वाले नाजिम निजामी, दीवान ताहिर निजामी, दीवान मसूद निजामी और सैयद अजमल निजामी दरगाह दौरे के समय मलिक के साथ थे। मलिक ने डेविड कोलमैन हेडली, अबु जुंदाल, एसए अंसारी उर्फ इलियास कश्मीरी की मुम्बई हमले में भूमिका का जिक्र करते हुए कहा कि इसे अराजक तत्वों ने अंजाम दिया था। मलिक ने कहा, "हमारे यहां अराजक तत्व हैं, आपके यहां अराजक तत्व हैं। लिहाजा हमें इसी बीच में आगे का कोई रास्ता निकालना है।" मलिक ने कहा कि गवाहों से पूछताछ के लिए पाकिस्तानी न्यायिक आयोग का भारत का प्रस्तावित दौरा मुम्बई हमले के सम्बंध में पाकिस्तान में गिरफ्तार सात लोगों को दोषी ठहराने में मददगार होगा। पाक मंत्री ने कहा कि अधिकारियों ने पाकिस्तानी अदालत में आरोपियों के खिलाफ अकाट्य सबूत पेश किए हैं। मलिक ने कहा कि भारत दूसरे न्यायिक आयोग के दौरे की शर्तें तय कर सकता है, जो गवाहों से पूछताछ करेगा। मलिक ने कहा, "प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद हम दोषी ठहराने की कार्रवाई में सक्षम हो जाएंगे।" सईद के बारे में मलिक ने कहा कि उनके देश को सबूत की जरूरत है और भारत द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी को अदालत ने पर्याप्त नहीं पाया है, क्योंकि यह अजमल कसाब के एक बयान पर आधारित है। मुम्बई हमले के दौरान एक मात्र जीवित पकड़े गए आतंकवादी कसाब को 21 नवम्बर को फांसी दे दी गई। मलिक ने कहा, "हमें ठोस सबूत की जरूरत है... हम अभी भी उसका इंतजार कर रहे हैं।" मलिक ने कहा कि पाकिस्तान सईद के खिलाफ तभी कार्रवाई कर सकता है, जब भारत का सबूत न्यायालय में टिक सके। पाकिस्तान से जम्मू एवं कश्मीर में होने वाली घुसपैठ के बारे में मलिक ने कहा कि उनकी सरकार का इसमें कोई हाथ नहीं है। मलिक ने कहा कि उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की नेता सुषमा स्वराज को यह देखने के लिए पाकिस्तान आमंत्रित किया है कि वहां से हिंदुओं का कोई पलायन नहीं हो रहा है। मलिक ने स्वराज से शनिवार को मुलाकात की थी। मलिक ने इस बात से इनकार किया कि उन्होंने 1992 के बाबरी विध्वंस को मुम्बई हमले से जोड़ा था। उन्होंने कहा कि मीडिया ने उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया। मलिक ने कहा कि भारतीय नेताओं के साथ बहुत ही अच्छी बातचीत हुई और उन्होंने अपनी सरकार के संदेश को प्रभावी तरीके से अवगत कराया। उन्होंने कहा, "आइए हम सभी भाई-भाई बनें।" पाकिस्तान में चरमवाद के बारे में मलिक ने कहा कि इसकी जड़ें सोवियत संघ और अफगानिस्तान के बीच युद्ध के दौरान के जिहाद से जुड़ी हुई हैं। मलिक ने कहा कि सोवित संघ से लड़ने के लिए हजारों की संख्या में जिहादी पाकिस्तान आए और युद्ध के बाद उनके पास करने के लिए कुछ नहीं बचा। मलिक ने कहा, "इससे तालिबान का विकास हुआ। चरमवाद फैलता रहा।" उन्होंने कहा कि युद्ध की समाप्ति के समय क्षेत्र में 300 मदरसे थे। पाकिस्तान में जब मौजूदा सरकार सत्ता में आई थी, उस समय तक मदरसों की संख्या बढ़कर 23,000 हो गई थी। मलिक ने कहा कि सभी मदरसे आतंकवाद में लिप्त नहीं हैं, लेकिन मदरसों में पढ़ने वालों का मन बदलने की कोशिशें की जाती हैं। उन्होंने कहा कि धर्म और गरीबी दो प्रमुख बातें हैं, और जब ये दोनों मिलती हैं तो बहुत घातक हो सकती हैं। हम आज इसी का सामना कर रहे हैं। मलिक ने दौरे के अंतिम दिन 14वीं सदी के सूफी संत हजरत निजामुद्दीन औलिया की दरगाह पर जियारत भी की और भारत-पाकिस्तान के बीच सद्भावपूर्ण सम्बंधों के लिए दुआ मांगी। मलिक ने दरगाह पर जियारत करने के बाद संवाददाताओं से कहा, "मैंने अल्लाह से दोनों देशों के बीच सद्भावनापूर्ण व शांतिपूर्ण सम्बंधों के लिए और आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई में भारत सरकार से पाकिस्तान को सहायता के लिए प्रार्थना की है।"टिप्पणियां सुबह से ही दरगाह परिसर में मलिक के आगमन की सुबगुबाहट थी। मलिक पहले अमीर खुसरो की दरगाह गए और इसी परिसर में स्थित मस्जिद में नमाज अदा की। हजरत निजामुद्दीन औलिया के वंशज होने का दावा करने वाले नाजिम निजामी, दीवान ताहिर निजामी, दीवान मसूद निजामी और सैयद अजमल निजामी दरगाह दौरे के समय मलिक के साथ थे। मलिक ने कहा, "हमारे यहां अराजक तत्व हैं, आपके यहां अराजक तत्व हैं। लिहाजा हमें इसी बीच में आगे का कोई रास्ता निकालना है।" मलिक ने कहा कि गवाहों से पूछताछ के लिए पाकिस्तानी न्यायिक आयोग का भारत का प्रस्तावित दौरा मुम्बई हमले के सम्बंध में पाकिस्तान में गिरफ्तार सात लोगों को दोषी ठहराने में मददगार होगा। पाक मंत्री ने कहा कि अधिकारियों ने पाकिस्तानी अदालत में आरोपियों के खिलाफ अकाट्य सबूत पेश किए हैं। मलिक ने कहा कि भारत दूसरे न्यायिक आयोग के दौरे की शर्तें तय कर सकता है, जो गवाहों से पूछताछ करेगा। मलिक ने कहा, "प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद हम दोषी ठहराने की कार्रवाई में सक्षम हो जाएंगे।" सईद के बारे में मलिक ने कहा कि उनके देश को सबूत की जरूरत है और भारत द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी को अदालत ने पर्याप्त नहीं पाया है, क्योंकि यह अजमल कसाब के एक बयान पर आधारित है। मुम्बई हमले के दौरान एक मात्र जीवित पकड़े गए आतंकवादी कसाब को 21 नवम्बर को फांसी दे दी गई। मलिक ने कहा, "हमें ठोस सबूत की जरूरत है... हम अभी भी उसका इंतजार कर रहे हैं।" मलिक ने कहा कि पाकिस्तान सईद के खिलाफ तभी कार्रवाई कर सकता है, जब भारत का सबूत न्यायालय में टिक सके। पाकिस्तान से जम्मू एवं कश्मीर में होने वाली घुसपैठ के बारे में मलिक ने कहा कि उनकी सरकार का इसमें कोई हाथ नहीं है। मलिक ने कहा कि उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की नेता सुषमा स्वराज को यह देखने के लिए पाकिस्तान आमंत्रित किया है कि वहां से हिंदुओं का कोई पलायन नहीं हो रहा है। मलिक ने स्वराज से शनिवार को मुलाकात की थी। मलिक ने इस बात से इनकार किया कि उन्होंने 1992 के बाबरी विध्वंस को मुम्बई हमले से जोड़ा था। उन्होंने कहा कि मीडिया ने उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया। मलिक ने कहा कि भारतीय नेताओं के साथ बहुत ही अच्छी बातचीत हुई और उन्होंने अपनी सरकार के संदेश को प्रभावी तरीके से अवगत कराया। उन्होंने कहा, "आइए हम सभी भाई-भाई बनें।" पाकिस्तान में चरमवाद के बारे में मलिक ने कहा कि इसकी जड़ें सोवियत संघ और अफगानिस्तान के बीच युद्ध के दौरान के जिहाद से जुड़ी हुई हैं। मलिक ने कहा कि सोवित संघ से लड़ने के लिए हजारों की संख्या में जिहादी पाकिस्तान आए और युद्ध के बाद उनके पास करने के लिए कुछ नहीं बचा। मलिक ने कहा, "इससे तालिबान का विकास हुआ। चरमवाद फैलता रहा।" उन्होंने कहा कि युद्ध की समाप्ति के समय क्षेत्र में 300 मदरसे थे। पाकिस्तान में जब मौजूदा सरकार सत्ता में आई थी, उस समय तक मदरसों की संख्या बढ़कर 23,000 हो गई थी। मलिक ने कहा कि सभी मदरसे आतंकवाद में लिप्त नहीं हैं, लेकिन मदरसों में पढ़ने वालों का मन बदलने की कोशिशें की जाती हैं। उन्होंने कहा कि धर्म और गरीबी दो प्रमुख बातें हैं, और जब ये दोनों मिलती हैं तो बहुत घातक हो सकती हैं। हम आज इसी का सामना कर रहे हैं। मलिक ने दौरे के अंतिम दिन 14वीं सदी के सूफी संत हजरत निजामुद्दीन औलिया की दरगाह पर जियारत भी की और भारत-पाकिस्तान के बीच सद्भावपूर्ण सम्बंधों के लिए दुआ मांगी। मलिक ने दरगाह पर जियारत करने के बाद संवाददाताओं से कहा, "मैंने अल्लाह से दोनों देशों के बीच सद्भावनापूर्ण व शांतिपूर्ण सम्बंधों के लिए और आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई में भारत सरकार से पाकिस्तान को सहायता के लिए प्रार्थना की है।"टिप्पणियां सुबह से ही दरगाह परिसर में मलिक के आगमन की सुबगुबाहट थी। मलिक पहले अमीर खुसरो की दरगाह गए और इसी परिसर में स्थित मस्जिद में नमाज अदा की। हजरत निजामुद्दीन औलिया के वंशज होने का दावा करने वाले नाजिम निजामी, दीवान ताहिर निजामी, दीवान मसूद निजामी और सैयद अजमल निजामी दरगाह दौरे के समय मलिक के साथ थे। मलिक ने कहा कि गवाहों से पूछताछ के लिए पाकिस्तानी न्यायिक आयोग का भारत का प्रस्तावित दौरा मुम्बई हमले के सम्बंध में पाकिस्तान में गिरफ्तार सात लोगों को दोषी ठहराने में मददगार होगा। पाक मंत्री ने कहा कि अधिकारियों ने पाकिस्तानी अदालत में आरोपियों के खिलाफ अकाट्य सबूत पेश किए हैं। मलिक ने कहा कि भारत दूसरे न्यायिक आयोग के दौरे की शर्तें तय कर सकता है, जो गवाहों से पूछताछ करेगा। मलिक ने कहा, "प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद हम दोषी ठहराने की कार्रवाई में सक्षम हो जाएंगे।" सईद के बारे में मलिक ने कहा कि उनके देश को सबूत की जरूरत है और भारत द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी को अदालत ने पर्याप्त नहीं पाया है, क्योंकि यह अजमल कसाब के एक बयान पर आधारित है। मुम्बई हमले के दौरान एक मात्र जीवित पकड़े गए आतंकवादी कसाब को 21 नवम्बर को फांसी दे दी गई। मलिक ने कहा, "हमें ठोस सबूत की जरूरत है... हम अभी भी उसका इंतजार कर रहे हैं।" मलिक ने कहा कि पाकिस्तान सईद के खिलाफ तभी कार्रवाई कर सकता है, जब भारत का सबूत न्यायालय में टिक सके। पाकिस्तान से जम्मू एवं कश्मीर में होने वाली घुसपैठ के बारे में मलिक ने कहा कि उनकी सरकार का इसमें कोई हाथ नहीं है। मलिक ने कहा कि उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की नेता सुषमा स्वराज को यह देखने के लिए पाकिस्तान आमंत्रित किया है कि वहां से हिंदुओं का कोई पलायन नहीं हो रहा है। मलिक ने स्वराज से शनिवार को मुलाकात की थी। मलिक ने इस बात से इनकार किया कि उन्होंने 1992 के बाबरी विध्वंस को मुम्बई हमले से जोड़ा था। उन्होंने कहा कि मीडिया ने उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया। मलिक ने कहा कि भारतीय नेताओं के साथ बहुत ही अच्छी बातचीत हुई और उन्होंने अपनी सरकार के संदेश को प्रभावी तरीके से अवगत कराया। उन्होंने कहा, "आइए हम सभी भाई-भाई बनें।" पाकिस्तान में चरमवाद के बारे में मलिक ने कहा कि इसकी जड़ें सोवियत संघ और अफगानिस्तान के बीच युद्ध के दौरान के जिहाद से जुड़ी हुई हैं। मलिक ने कहा कि सोवित संघ से लड़ने के लिए हजारों की संख्या में जिहादी पाकिस्तान आए और युद्ध के बाद उनके पास करने के लिए कुछ नहीं बचा। मलिक ने कहा, "इससे तालिबान का विकास हुआ। चरमवाद फैलता रहा।" उन्होंने कहा कि युद्ध की समाप्ति के समय क्षेत्र में 300 मदरसे थे। पाकिस्तान में जब मौजूदा सरकार सत्ता में आई थी, उस समय तक मदरसों की संख्या बढ़कर 23,000 हो गई थी। मलिक ने कहा कि सभी मदरसे आतंकवाद में लिप्त नहीं हैं, लेकिन मदरसों में पढ़ने वालों का मन बदलने की कोशिशें की जाती हैं। उन्होंने कहा कि धर्म और गरीबी दो प्रमुख बातें हैं, और जब ये दोनों मिलती हैं तो बहुत घातक हो सकती हैं। हम आज इसी का सामना कर रहे हैं। मलिक ने दौरे के अंतिम दिन 14वीं सदी के सूफी संत हजरत निजामुद्दीन औलिया की दरगाह पर जियारत भी की और भारत-पाकिस्तान के बीच सद्भावपूर्ण सम्बंधों के लिए दुआ मांगी। मलिक ने दरगाह पर जियारत करने के बाद संवाददाताओं से कहा, "मैंने अल्लाह से दोनों देशों के बीच सद्भावनापूर्ण व शांतिपूर्ण सम्बंधों के लिए और आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई में भारत सरकार से पाकिस्तान को सहायता के लिए प्रार्थना की है।"टिप्पणियां सुबह से ही दरगाह परिसर में मलिक के आगमन की सुबगुबाहट थी। मलिक पहले अमीर खुसरो की दरगाह गए और इसी परिसर में स्थित मस्जिद में नमाज अदा की। हजरत निजामुद्दीन औलिया के वंशज होने का दावा करने वाले नाजिम निजामी, दीवान ताहिर निजामी, दीवान मसूद निजामी और सैयद अजमल निजामी दरगाह दौरे के समय मलिक के साथ थे। पाक मंत्री ने कहा कि अधिकारियों ने पाकिस्तानी अदालत में आरोपियों के खिलाफ अकाट्य सबूत पेश किए हैं। मलिक ने कहा कि भारत दूसरे न्यायिक आयोग के दौरे की शर्तें तय कर सकता है, जो गवाहों से पूछताछ करेगा। मलिक ने कहा, "प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद हम दोषी ठहराने की कार्रवाई में सक्षम हो जाएंगे।" सईद के बारे में मलिक ने कहा कि उनके देश को सबूत की जरूरत है और भारत द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी को अदालत ने पर्याप्त नहीं पाया है, क्योंकि यह अजमल कसाब के एक बयान पर आधारित है। मुम्बई हमले के दौरान एक मात्र जीवित पकड़े गए आतंकवादी कसाब को 21 नवम्बर को फांसी दे दी गई। मलिक ने कहा, "हमें ठोस सबूत की जरूरत है... हम अभी भी उसका इंतजार कर रहे हैं।" मलिक ने कहा कि पाकिस्तान सईद के खिलाफ तभी कार्रवाई कर सकता है, जब भारत का सबूत न्यायालय में टिक सके। पाकिस्तान से जम्मू एवं कश्मीर में होने वाली घुसपैठ के बारे में मलिक ने कहा कि उनकी सरकार का इसमें कोई हाथ नहीं है। मलिक ने कहा कि उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की नेता सुषमा स्वराज को यह देखने के लिए पाकिस्तान आमंत्रित किया है कि वहां से हिंदुओं का कोई पलायन नहीं हो रहा है। मलिक ने स्वराज से शनिवार को मुलाकात की थी। मलिक ने इस बात से इनकार किया कि उन्होंने 1992 के बाबरी विध्वंस को मुम्बई हमले से जोड़ा था। उन्होंने कहा कि मीडिया ने उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया। मलिक ने कहा कि भारतीय नेताओं के साथ बहुत ही अच्छी बातचीत हुई और उन्होंने अपनी सरकार के संदेश को प्रभावी तरीके से अवगत कराया। उन्होंने कहा, "आइए हम सभी भाई-भाई बनें।" पाकिस्तान में चरमवाद के बारे में मलिक ने कहा कि इसकी जड़ें सोवियत संघ और अफगानिस्तान के बीच युद्ध के दौरान के जिहाद से जुड़ी हुई हैं। मलिक ने कहा कि सोवित संघ से लड़ने के लिए हजारों की संख्या में जिहादी पाकिस्तान आए और युद्ध के बाद उनके पास करने के लिए कुछ नहीं बचा। मलिक ने कहा, "इससे तालिबान का विकास हुआ। चरमवाद फैलता रहा।" उन्होंने कहा कि युद्ध की समाप्ति के समय क्षेत्र में 300 मदरसे थे। पाकिस्तान में जब मौजूदा सरकार सत्ता में आई थी, उस समय तक मदरसों की संख्या बढ़कर 23,000 हो गई थी। मलिक ने कहा कि सभी मदरसे आतंकवाद में लिप्त नहीं हैं, लेकिन मदरसों में पढ़ने वालों का मन बदलने की कोशिशें की जाती हैं। उन्होंने कहा कि धर्म और गरीबी दो प्रमुख बातें हैं, और जब ये दोनों मिलती हैं तो बहुत घातक हो सकती हैं। हम आज इसी का सामना कर रहे हैं। मलिक ने दौरे के अंतिम दिन 14वीं सदी के सूफी संत हजरत निजामुद्दीन औलिया की दरगाह पर जियारत भी की और भारत-पाकिस्तान के बीच सद्भावपूर्ण सम्बंधों के लिए दुआ मांगी। मलिक ने दरगाह पर जियारत करने के बाद संवाददाताओं से कहा, "मैंने अल्लाह से दोनों देशों के बीच सद्भावनापूर्ण व शांतिपूर्ण सम्बंधों के लिए और आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई में भारत सरकार से पाकिस्तान को सहायता के लिए प्रार्थना की है।"टिप्पणियां सुबह से ही दरगाह परिसर में मलिक के आगमन की सुबगुबाहट थी। मलिक पहले अमीर खुसरो की दरगाह गए और इसी परिसर में स्थित मस्जिद में नमाज अदा की। हजरत निजामुद्दीन औलिया के वंशज होने का दावा करने वाले नाजिम निजामी, दीवान ताहिर निजामी, दीवान मसूद निजामी और सैयद अजमल निजामी दरगाह दौरे के समय मलिक के साथ थे। मलिक ने कहा कि भारत दूसरे न्यायिक आयोग के दौरे की शर्तें तय कर सकता है, जो गवाहों से पूछताछ करेगा। मलिक ने कहा, "प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद हम दोषी ठहराने की कार्रवाई में सक्षम हो जाएंगे।" सईद के बारे में मलिक ने कहा कि उनके देश को सबूत की जरूरत है और भारत द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी को अदालत ने पर्याप्त नहीं पाया है, क्योंकि यह अजमल कसाब के एक बयान पर आधारित है। मुम्बई हमले के दौरान एक मात्र जीवित पकड़े गए आतंकवादी कसाब को 21 नवम्बर को फांसी दे दी गई। मलिक ने कहा, "हमें ठोस सबूत की जरूरत है... हम अभी भी उसका इंतजार कर रहे हैं।" मलिक ने कहा कि पाकिस्तान सईद के खिलाफ तभी कार्रवाई कर सकता है, जब भारत का सबूत न्यायालय में टिक सके। पाकिस्तान से जम्मू एवं कश्मीर में होने वाली घुसपैठ के बारे में मलिक ने कहा कि उनकी सरकार का इसमें कोई हाथ नहीं है। मलिक ने कहा कि उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की नेता सुषमा स्वराज को यह देखने के लिए पाकिस्तान आमंत्रित किया है कि वहां से हिंदुओं का कोई पलायन नहीं हो रहा है। मलिक ने स्वराज से शनिवार को मुलाकात की थी। मलिक ने इस बात से इनकार किया कि उन्होंने 1992 के बाबरी विध्वंस को मुम्बई हमले से जोड़ा था। उन्होंने कहा कि मीडिया ने उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया। मलिक ने कहा कि भारतीय नेताओं के साथ बहुत ही अच्छी बातचीत हुई और उन्होंने अपनी सरकार के संदेश को प्रभावी तरीके से अवगत कराया। उन्होंने कहा, "आइए हम सभी भाई-भाई बनें।" पाकिस्तान में चरमवाद के बारे में मलिक ने कहा कि इसकी जड़ें सोवियत संघ और अफगानिस्तान के बीच युद्ध के दौरान के जिहाद से जुड़ी हुई हैं। मलिक ने कहा कि सोवित संघ से लड़ने के लिए हजारों की संख्या में जिहादी पाकिस्तान आए और युद्ध के बाद उनके पास करने के लिए कुछ नहीं बचा। मलिक ने कहा, "इससे तालिबान का विकास हुआ। चरमवाद फैलता रहा।" उन्होंने कहा कि युद्ध की समाप्ति के समय क्षेत्र में 300 मदरसे थे। पाकिस्तान में जब मौजूदा सरकार सत्ता में आई थी, उस समय तक मदरसों की संख्या बढ़कर 23,000 हो गई थी। मलिक ने कहा कि सभी मदरसे आतंकवाद में लिप्त नहीं हैं, लेकिन मदरसों में पढ़ने वालों का मन बदलने की कोशिशें की जाती हैं। उन्होंने कहा कि धर्म और गरीबी दो प्रमुख बातें हैं, और जब ये दोनों मिलती हैं तो बहुत घातक हो सकती हैं। हम आज इसी का सामना कर रहे हैं। मलिक ने दौरे के अंतिम दिन 14वीं सदी के सूफी संत हजरत निजामुद्दीन औलिया की दरगाह पर जियारत भी की और भारत-पाकिस्तान के बीच सद्भावपूर्ण सम्बंधों के लिए दुआ मांगी। मलिक ने दरगाह पर जियारत करने के बाद संवाददाताओं से कहा, "मैंने अल्लाह से दोनों देशों के बीच सद्भावनापूर्ण व शांतिपूर्ण सम्बंधों के लिए और आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई में भारत सरकार से पाकिस्तान को सहायता के लिए प्रार्थना की है।"टिप्पणियां सुबह से ही दरगाह परिसर में मलिक के आगमन की सुबगुबाहट थी। मलिक पहले अमीर खुसरो की दरगाह गए और इसी परिसर में स्थित मस्जिद में नमाज अदा की। हजरत निजामुद्दीन औलिया के वंशज होने का दावा करने वाले नाजिम निजामी, दीवान ताहिर निजामी, दीवान मसूद निजामी और सैयद अजमल निजामी दरगाह दौरे के समय मलिक के साथ थे। मलिक ने कहा, "प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद हम दोषी ठहराने की कार्रवाई में सक्षम हो जाएंगे।" सईद के बारे में मलिक ने कहा कि उनके देश को सबूत की जरूरत है और भारत द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी को अदालत ने पर्याप्त नहीं पाया है, क्योंकि यह अजमल कसाब के एक बयान पर आधारित है। मुम्बई हमले के दौरान एक मात्र जीवित पकड़े गए आतंकवादी कसाब को 21 नवम्बर को फांसी दे दी गई। मलिक ने कहा, "हमें ठोस सबूत की जरूरत है... हम अभी भी उसका इंतजार कर रहे हैं।" मलिक ने कहा कि पाकिस्तान सईद के खिलाफ तभी कार्रवाई कर सकता है, जब भारत का सबूत न्यायालय में टिक सके। पाकिस्तान से जम्मू एवं कश्मीर में होने वाली घुसपैठ के बारे में मलिक ने कहा कि उनकी सरकार का इसमें कोई हाथ नहीं है। मलिक ने कहा कि उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की नेता सुषमा स्वराज को यह देखने के लिए पाकिस्तान आमंत्रित किया है कि वहां से हिंदुओं का कोई पलायन नहीं हो रहा है। मलिक ने स्वराज से शनिवार को मुलाकात की थी। मलिक ने इस बात से इनकार किया कि उन्होंने 1992 के बाबरी विध्वंस को मुम्बई हमले से जोड़ा था। उन्होंने कहा कि मीडिया ने उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया। मलिक ने कहा कि भारतीय नेताओं के साथ बहुत ही अच्छी बातचीत हुई और उन्होंने अपनी सरकार के संदेश को प्रभावी तरीके से अवगत कराया। उन्होंने कहा, "आइए हम सभी भाई-भाई बनें।" पाकिस्तान में चरमवाद के बारे में मलिक ने कहा कि इसकी जड़ें सोवियत संघ और अफगानिस्तान के बीच युद्ध के दौरान के जिहाद से जुड़ी हुई हैं। मलिक ने कहा कि सोवित संघ से लड़ने के लिए हजारों की संख्या में जिहादी पाकिस्तान आए और युद्ध के बाद उनके पास करने के लिए कुछ नहीं बचा। मलिक ने कहा, "इससे तालिबान का विकास हुआ। चरमवाद फैलता रहा।" उन्होंने कहा कि युद्ध की समाप्ति के समय क्षेत्र में 300 मदरसे थे। पाकिस्तान में जब मौजूदा सरकार सत्ता में आई थी, उस समय तक मदरसों की संख्या बढ़कर 23,000 हो गई थी। मलिक ने कहा कि सभी मदरसे आतंकवाद में लिप्त नहीं हैं, लेकिन मदरसों में पढ़ने वालों का मन बदलने की कोशिशें की जाती हैं। उन्होंने कहा कि धर्म और गरीबी दो प्रमुख बातें हैं, और जब ये दोनों मिलती हैं तो बहुत घातक हो सकती हैं। हम आज इसी का सामना कर रहे हैं। मलिक ने दौरे के अंतिम दिन 14वीं सदी के सूफी संत हजरत निजामुद्दीन औलिया की दरगाह पर जियारत भी की और भारत-पाकिस्तान के बीच सद्भावपूर्ण सम्बंधों के लिए दुआ मांगी। मलिक ने दरगाह पर जियारत करने के बाद संवाददाताओं से कहा, "मैंने अल्लाह से दोनों देशों के बीच सद्भावनापूर्ण व शांतिपूर्ण सम्बंधों के लिए और आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई में भारत सरकार से पाकिस्तान को सहायता के लिए प्रार्थना की है।"टिप्पणियां सुबह से ही दरगाह परिसर में मलिक के आगमन की सुबगुबाहट थी। मलिक पहले अमीर खुसरो की दरगाह गए और इसी परिसर में स्थित मस्जिद में नमाज अदा की। हजरत निजामुद्दीन औलिया के वंशज होने का दावा करने वाले नाजिम निजामी, दीवान ताहिर निजामी, दीवान मसूद निजामी और सैयद अजमल निजामी दरगाह दौरे के समय मलिक के साथ थे। सईद के बारे में मलिक ने कहा कि उनके देश को सबूत की जरूरत है और भारत द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी को अदालत ने पर्याप्त नहीं पाया है, क्योंकि यह अजमल कसाब के एक बयान पर आधारित है। मुम्बई हमले के दौरान एक मात्र जीवित पकड़े गए आतंकवादी कसाब को 21 नवम्बर को फांसी दे दी गई। मलिक ने कहा, "हमें ठोस सबूत की जरूरत है... हम अभी भी उसका इंतजार कर रहे हैं।" मलिक ने कहा कि पाकिस्तान सईद के खिलाफ तभी कार्रवाई कर सकता है, जब भारत का सबूत न्यायालय में टिक सके। पाकिस्तान से जम्मू एवं कश्मीर में होने वाली घुसपैठ के बारे में मलिक ने कहा कि उनकी सरकार का इसमें कोई हाथ नहीं है। मलिक ने कहा कि उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की नेता सुषमा स्वराज को यह देखने के लिए पाकिस्तान आमंत्रित किया है कि वहां से हिंदुओं का कोई पलायन नहीं हो रहा है। मलिक ने स्वराज से शनिवार को मुलाकात की थी। मलिक ने इस बात से इनकार किया कि उन्होंने 1992 के बाबरी विध्वंस को मुम्बई हमले से जोड़ा था। उन्होंने कहा कि मीडिया ने उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया। मलिक ने कहा कि भारतीय नेताओं के साथ बहुत ही अच्छी बातचीत हुई और उन्होंने अपनी सरकार के संदेश को प्रभावी तरीके से अवगत कराया। उन्होंने कहा, "आइए हम सभी भाई-भाई बनें।" पाकिस्तान में चरमवाद के बारे में मलिक ने कहा कि इसकी जड़ें सोवियत संघ और अफगानिस्तान के बीच युद्ध के दौरान के जिहाद से जुड़ी हुई हैं। मलिक ने कहा कि सोवित संघ से लड़ने के लिए हजारों की संख्या में जिहादी पाकिस्तान आए और युद्ध के बाद उनके पास करने के लिए कुछ नहीं बचा। मलिक ने कहा, "इससे तालिबान का विकास हुआ। चरमवाद फैलता रहा।" उन्होंने कहा कि युद्ध की समाप्ति के समय क्षेत्र में 300 मदरसे थे। पाकिस्तान में जब मौजूदा सरकार सत्ता में आई थी, उस समय तक मदरसों की संख्या बढ़कर 23,000 हो गई थी। मलिक ने कहा कि सभी मदरसे आतंकवाद में लिप्त नहीं हैं, लेकिन मदरसों में पढ़ने वालों का मन बदलने की कोशिशें की जाती हैं। उन्होंने कहा कि धर्म और गरीबी दो प्रमुख बातें हैं, और जब ये दोनों मिलती हैं तो बहुत घातक हो सकती हैं। हम आज इसी का सामना कर रहे हैं। मलिक ने दौरे के अंतिम दिन 14वीं सदी के सूफी संत हजरत निजामुद्दीन औलिया की दरगाह पर जियारत भी की और भारत-पाकिस्तान के बीच सद्भावपूर्ण सम्बंधों के लिए दुआ मांगी। मलिक ने दरगाह पर जियारत करने के बाद संवाददाताओं से कहा, "मैंने अल्लाह से दोनों देशों के बीच सद्भावनापूर्ण व शांतिपूर्ण सम्बंधों के लिए और आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई में भारत सरकार से पाकिस्तान को सहायता के लिए प्रार्थना की है।"टिप्पणियां सुबह से ही दरगाह परिसर में मलिक के आगमन की सुबगुबाहट थी। मलिक पहले अमीर खुसरो की दरगाह गए और इसी परिसर में स्थित मस्जिद में नमाज अदा की। हजरत निजामुद्दीन औलिया के वंशज होने का दावा करने वाले नाजिम निजामी, दीवान ताहिर निजामी, दीवान मसूद निजामी और सैयद अजमल निजामी दरगाह दौरे के समय मलिक के साथ थे। मुम्बई हमले के दौरान एक मात्र जीवित पकड़े गए आतंकवादी कसाब को 21 नवम्बर को फांसी दे दी गई। मलिक ने कहा, "हमें ठोस सबूत की जरूरत है... हम अभी भी उसका इंतजार कर रहे हैं।" मलिक ने कहा कि पाकिस्तान सईद के खिलाफ तभी कार्रवाई कर सकता है, जब भारत का सबूत न्यायालय में टिक सके। पाकिस्तान से जम्मू एवं कश्मीर में होने वाली घुसपैठ के बारे में मलिक ने कहा कि उनकी सरकार का इसमें कोई हाथ नहीं है। मलिक ने कहा कि उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की नेता सुषमा स्वराज को यह देखने के लिए पाकिस्तान आमंत्रित किया है कि वहां से हिंदुओं का कोई पलायन नहीं हो रहा है। मलिक ने स्वराज से शनिवार को मुलाकात की थी। मलिक ने इस बात से इनकार किया कि उन्होंने 1992 के बाबरी विध्वंस को मुम्बई हमले से जोड़ा था। उन्होंने कहा कि मीडिया ने उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया। मलिक ने कहा कि भारतीय नेताओं के साथ बहुत ही अच्छी बातचीत हुई और उन्होंने अपनी सरकार के संदेश को प्रभावी तरीके से अवगत कराया। उन्होंने कहा, "आइए हम सभी भाई-भाई बनें।" पाकिस्तान में चरमवाद के बारे में मलिक ने कहा कि इसकी जड़ें सोवियत संघ और अफगानिस्तान के बीच युद्ध के दौरान के जिहाद से जुड़ी हुई हैं। मलिक ने कहा कि सोवित संघ से लड़ने के लिए हजारों की संख्या में जिहादी पाकिस्तान आए और युद्ध के बाद उनके पास करने के लिए कुछ नहीं बचा। मलिक ने कहा, "इससे तालिबान का विकास हुआ। चरमवाद फैलता रहा।" उन्होंने कहा कि युद्ध की समाप्ति के समय क्षेत्र में 300 मदरसे थे। पाकिस्तान में जब मौजूदा सरकार सत्ता में आई थी, उस समय तक मदरसों की संख्या बढ़कर 23,000 हो गई थी। मलिक ने कहा कि सभी मदरसे आतंकवाद में लिप्त नहीं हैं, लेकिन मदरसों में पढ़ने वालों का मन बदलने की कोशिशें की जाती हैं। उन्होंने कहा कि धर्म और गरीबी दो प्रमुख बातें हैं, और जब ये दोनों मिलती हैं तो बहुत घातक हो सकती हैं। हम आज इसी का सामना कर रहे हैं। मलिक ने दौरे के अंतिम दिन 14वीं सदी के सूफी संत हजरत निजामुद्दीन औलिया की दरगाह पर जियारत भी की और भारत-पाकिस्तान के बीच सद्भावपूर्ण सम्बंधों के लिए दुआ मांगी। मलिक ने दरगाह पर जियारत करने के बाद संवाददाताओं से कहा, "मैंने अल्लाह से दोनों देशों के बीच सद्भावनापूर्ण व शांतिपूर्ण सम्बंधों के लिए और आतंकवादियों के खिलाफ 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को तोड़-मरोड़कर पेश किया। मलिक ने कहा कि भारतीय नेताओं के साथ बहुत ही अच्छी बातचीत हुई और उन्होंने अपनी सरकार के संदेश को प्रभावी तरीके से अवगत कराया। उन्होंने कहा, "आइए हम सभी भाई-भाई बनें।" पाकिस्तान में चरमवाद के बारे में मलिक ने कहा कि इसकी जड़ें सोवियत संघ और अफगानिस्तान के बीच युद्ध के दौरान के जिहाद से जुड़ी हुई हैं। मलिक ने कहा कि सोवित संघ से लड़ने के लिए हजारों की संख्या में जिहादी पाकिस्तान आए और युद्ध के बाद उनके पास करने के लिए कुछ नहीं बचा। मलिक ने कहा, "इससे तालिबान का विकास हुआ। चरमवाद फैलता रहा।" उन्होंने कहा कि युद्ध की समाप्ति के समय क्षेत्र में 300 मदरसे थे। पाकिस्तान में जब मौजूदा सरकार सत्ता में आई थी, उस समय तक मदरसों की संख्या बढ़कर 23,000 हो गई थी। मलिक ने कहा कि सभी मदरसे आतंकवाद में लिप्त नहीं हैं, लेकिन मदरसों में पढ़ने वालों का मन बदलने की कोशिशें की जाती हैं। उन्होंने कहा कि धर्म और गरीबी दो प्रमुख बातें हैं, और जब ये दोनों मिलती हैं तो बहुत घातक हो सकती हैं। हम आज इसी का सामना कर रहे हैं। मलिक ने दौरे के अंतिम दिन 14वीं सदी के सूफी संत हजरत निजामुद्दीन औलिया की दरगाह पर जियारत भी की और भारत-पाकिस्तान के बीच सद्भावपूर्ण सम्बंधों के लिए दुआ मांगी। मलिक ने दरगाह पर जियारत करने के बाद संवाददाताओं से कहा, "मैंने अल्लाह से दोनों देशों के बीच सद्भावनापूर्ण व शांतिपूर्ण सम्बंधों के लिए और आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई में भारत सरकार से पाकिस्तान को सहायता के लिए प्रार्थना की है।"टिप्पणियां सुबह से ही दरगाह परिसर में मलिक के आगमन की सुबगुबाहट थी। मलिक पहले अमीर खुसरो की दरगाह गए और इसी परिसर में स्थित मस्जिद में नमाज अदा की। हजरत निजामुद्दीन औलिया के वंशज होने का दावा करने वाले नाजिम निजामी, दीवान ताहिर निजामी, दीवान मसूद निजामी और सैयद अजमल निजामी दरगाह दौरे के समय मलिक के साथ थे। मलिक ने कहा कि पाकिस्तान सईद के खिलाफ तभी कार्रवाई कर सकता है, जब भारत का सबूत न्यायालय में टिक सके। पाकिस्तान से जम्मू एवं कश्मीर में होने वाली घुसपैठ के बारे में मलिक ने कहा कि उनकी सरकार का इसमें कोई हाथ नहीं है। मलिक ने कहा कि उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की नेता सुषमा स्वराज को यह देखने के लिए पाकिस्तान आमंत्रित किया है कि वहां से हिंदुओं का कोई पलायन नहीं हो रहा है। मलिक ने स्वराज से शनिवार को मुलाकात की थी। मलिक ने इस बात से इनकार किया कि उन्होंने 1992 के बाबरी विध्वंस को मुम्बई हमले से जोड़ा था। उन्होंने कहा कि मीडिया ने उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया। मलिक ने कहा कि भारतीय नेताओं के साथ बहुत ही अच्छी बातचीत हुई और उन्होंने अपनी सरकार के संदेश को प्रभावी तरीके से अवगत कराया। उन्होंने कहा, "आइए हम सभी भाई-भाई बनें।" पाकिस्तान में चरमवाद के बारे में मलिक ने कहा कि इसकी जड़ें सोवियत संघ और अफगानिस्तान के बीच युद्ध के दौरान के जिहाद से जुड़ी हुई हैं। मलिक ने कहा कि सोवित संघ से लड़ने के लिए हजारों की संख्या में जिहादी पाकिस्तान आए और युद्ध के बाद उनके पास करने के लिए कुछ नहीं बचा। मलिक ने कहा, "इससे तालिबान का विकास हुआ। चरमवाद फैलता रहा।" उन्होंने कहा कि युद्ध की समाप्ति के समय क्षेत्र में 300 मदरसे थे। पाकिस्तान में जब मौजूदा सरकार सत्ता में आई थी, उस समय तक मदरसों की संख्या बढ़कर 23,000 हो गई थी। मलिक ने कहा कि सभी मदरसे आतंकवाद में लिप्त नहीं हैं, लेकिन मदरसों में पढ़ने वालों का मन बदलने की कोशिशें की जाती हैं। उन्होंने कहा कि धर्म और गरीबी दो प्रमुख बातें हैं, और जब ये दोनों मिलती हैं तो बहुत घातक हो सकती हैं। हम आज इसी का सामना कर रहे हैं। मलिक ने दौरे के अंतिम दिन 14वीं सदी के सूफी संत हजरत निजामुद्दीन औलिया की दरगाह पर जियारत भी की और भारत-पाकिस्तान के बीच सद्भावपूर्ण सम्बंधों के लिए दुआ मांगी। मलिक ने दरगाह पर जियारत करने के बाद संवाददाताओं से कहा, "मैंने अल्लाह से दोनों देशों के बीच सद्भावनापूर्ण व शांतिपूर्ण सम्बंधों के लिए और आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई में भारत सरकार से पाकिस्तान को सहायता के लिए प्रार्थना की है।"टिप्पणियां सुबह से ही दरगाह परिसर में मलिक के आगमन की सुबगुबाहट थी। मलिक पहले अमीर खुसरो की दरगाह गए और इसी परिसर में स्थित मस्जिद में नमाज अदा की। हजरत निजामुद्दीन औलिया के वंशज होने का दावा करने वाले नाजिम निजामी, दीवान ताहिर निजामी, दीवान मसूद निजामी और सैयद अजमल निजामी दरगाह दौरे के समय मलिक के साथ थे। पाकिस्तान से जम्मू एवं कश्मीर में होने वाली घुसपैठ के बारे में मलिक ने कहा कि उनकी सरकार का इसमें कोई हाथ नहीं है। मलिक ने कहा कि उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की नेता सुषमा स्वराज को यह देखने के लिए पाकिस्तान आमंत्रित किया है कि वहां से हिंदुओं का कोई पलायन नहीं हो रहा है। मलिक ने स्वराज से शनिवार को मुलाकात की थी। मलिक ने इस बात से इनकार किया कि उन्होंने 1992 के बाबरी विध्वंस को मुम्बई हमले से जोड़ा था। उन्होंने कहा कि मीडिया ने उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया। मलिक ने कहा कि भारतीय नेताओं के साथ बहुत ही अच्छी बातचीत हुई और उन्होंने अपनी सरकार के संदेश को प्रभावी तरीके से अवगत कराया। उन्होंने कहा, "आइए हम सभी भाई-भाई बनें।" पाकिस्तान में चरमवाद के बारे में मलिक ने कहा कि इसकी जड़ें सोवियत संघ और अफगानिस्तान के बीच युद्ध के दौरान के जिहाद से जुड़ी हुई हैं। मलिक ने कहा कि सोवित संघ से लड़ने के लिए हजारों की संख्या में जिहादी पाकिस्तान आए और युद्ध के बाद उनके पास करने के लिए कुछ नहीं बचा। मलिक ने कहा, "इससे तालिबान का विकास हुआ। चरमवाद फैलता रहा।" उन्होंने कहा कि युद्ध की समाप्ति के समय क्षेत्र में 300 मदरसे थे। पाकिस्तान में जब मौजूदा सरकार सत्ता में आई थी, उस समय तक मदरसों की संख्या बढ़कर 23,000 हो गई थी। मलिक ने कहा कि सभी मदरसे आतंकवाद में लिप्त नहीं हैं, लेकिन मदरसों में पढ़ने वालों का मन बदलने की कोशिशें की जाती हैं। उन्होंने कहा कि धर्म और गरीबी दो प्रमुख बातें हैं, और जब ये दोनों मिलती हैं तो बहुत घातक हो सकती हैं। हम आज इसी का सामना कर रहे हैं। मलिक ने दौरे के अंतिम दिन 14वीं सदी के सूफी संत हजरत निजामुद्दीन औलिया की दरगाह पर जियारत भी की और भारत-पाकिस्तान के बीच सद्भावपूर्ण सम्बंधों के लिए दुआ मांगी। मलिक ने दरगाह पर जियारत करने के बाद संवाददाताओं से कहा, "मैंने अल्लाह से दोनों देशों के बीच सद्भावनापूर्ण व शांतिपूर्ण सम्बंधों के लिए और आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई में भारत सरकार से पाकिस्तान को सहायता के लिए प्रार्थना की है।"टिप्पणियां सुबह से ही दरगाह परिसर में मलिक के आगमन की सुबगुबाहट थी। मलिक पहले अमीर खुसरो की दरगाह गए और इसी परिसर में स्थित मस्जिद में नमाज अदा की। हजरत निजामुद्दीन औलिया के वंशज होने का दावा करने वाले नाजिम निजामी, दीवान ताहिर निजामी, दीवान मसूद निजामी और सैयद अजमल निजामी दरगाह दौरे के समय मलिक के साथ थे। मलिक ने कहा कि उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की नेता सुषमा स्वराज को यह देखने के लिए पाकिस्तान आमंत्रित किया है कि वहां से हिंदुओं का कोई पलायन नहीं हो रहा है। मलिक ने स्वराज से शनिवार को मुलाकात की थी। मलिक ने इस बात से इनकार किया कि उन्होंने 1992 के बाबरी विध्वंस को मुम्बई हमले से जोड़ा था। उन्होंने कहा कि मीडिया ने उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया। मलिक ने कहा कि भारतीय नेताओं के साथ बहुत ही अच्छी बातचीत हुई और उन्होंने अपनी सरकार के संदेश को प्रभावी तरीके से अवगत कराया। उन्होंने कहा, "आइए हम सभी भाई-भाई बनें।" पाकिस्तान में चरमवाद के बारे में मलिक ने कहा कि इसकी जड़ें सोवियत संघ और अफगानिस्तान के बीच युद्ध के दौरान के जिहाद से जुड़ी हुई हैं। मलिक ने कहा कि सोवित संघ से लड़ने के लिए हजारों की संख्या में जिहादी पाकिस्तान आए और युद्ध के बाद उनके पास करने के लिए कुछ नहीं बचा। मलिक ने कहा, "इससे तालिबान का विकास हुआ। चरमवाद फैलता रहा।" उन्होंने कहा कि युद्ध की समाप्ति के समय क्षेत्र में 300 मदरसे थे। पाकिस्तान में जब मौजूदा सरकार सत्ता में आई थी, उस समय तक मदरसों की संख्या बढ़कर 23,000 हो गई थी। मलिक ने कहा कि सभी मदरसे आतंकवाद में लिप्त नहीं हैं, लेकिन मदरसों में पढ़ने वालों का मन बदलने की कोशिशें की जाती हैं। उन्होंने कहा कि धर्म और गरीबी दो प्रमुख बातें हैं, और जब ये दोनों मिलती हैं तो बहुत घातक हो सकती हैं। हम आज इसी का सामना कर रहे हैं। मलिक ने दौरे के अंतिम दिन 14वीं सदी के सूफी संत हजरत निजामुद्दीन औलिया की दरगाह पर जियारत भी की और भारत-पाकिस्तान के बीच सद्भावपूर्ण सम्बंधों के लिए दुआ मांगी। मलिक ने दरगाह पर जियारत करने के बाद संवाददाताओं से कहा, "मैंने अल्लाह से दोनों देशों के बीच सद्भावनापूर्ण व शांतिपूर्ण सम्बंधों के लिए और आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई में भारत सरकार से पाकिस्तान को सहायता के लिए प्रार्थना की है।"टिप्पणियां सुबह से ही दरगाह परिसर में मलिक के आगमन की सुबगुबाहट थी। मलिक पहले अमीर खुसरो की दरगाह गए और इसी परिसर में स्थित मस्जिद में नमाज अदा की। हजरत निजामुद्दीन औलिया के वंशज होने का दावा करने वाले नाजिम निजामी, दीवान ताहिर निजामी, दीवान मसूद निजामी और सैयद अजमल निजामी दरगाह दौरे के समय मलिक के साथ थे। मलिक ने इस बात से इनकार किया कि उन्होंने 1992 के बाबरी विध्वंस को मुम्बई हमले से जोड़ा था। उन्होंने कहा कि मीडिया ने उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया। मलिक ने कहा कि भारतीय नेताओं के साथ बहुत ही अच्छी बातचीत हुई और उन्होंने अपनी सरकार के संदेश को प्रभावी तरीके से अवगत कराया। उन्होंने कहा, "आइए हम सभी भाई-भाई बनें।" पाकिस्तान में चरमवाद के बारे में मलिक ने कहा कि इसकी जड़ें सोवियत संघ और अफगानिस्तान के बीच युद्ध के दौरान के जिहाद से जुड़ी हुई हैं। मलिक ने कहा कि सोवित संघ से लड़ने के लिए हजारों की संख्या में जिहादी पाकिस्तान आए और युद्ध के बाद उनके पास करने के लिए कुछ नहीं बचा। मलिक ने कहा, "इससे तालिबान का विकास हुआ। चरमवाद फैलता रहा।" उन्होंने कहा कि युद्ध की समाप्ति के समय क्षेत्र में 300 मदरसे थे। पाकिस्तान में जब मौजूदा सरकार सत्ता में आई थी, उस समय तक मदरसों की संख्या बढ़कर 23,000 हो गई थी। मलिक ने कहा कि सभी मदरसे आतंकवाद में लिप्त नहीं हैं, लेकिन मदरसों में पढ़ने वालों का मन बदलने की कोशिशें की जाती हैं। उन्होंने कहा कि धर्म और गरीबी दो प्रमुख बातें हैं, और जब ये दोनों मिलती हैं तो बहुत घातक हो सकती हैं। हम आज इसी का सामना कर रहे हैं। मलिक ने दौरे के अंतिम दिन 14वीं सदी के सूफी संत हजरत निजामुद्दीन औलिया की दरगाह पर जियारत भी की और भारत-पाकिस्तान के बीच सद्भावपूर्ण सम्बंधों के लिए दुआ मांगी। मलिक ने दरगाह पर जियारत करने के बाद संवाददाताओं से कहा, "मैंने अल्लाह से दोनों देशों के बीच सद्भावनापूर्ण व शांतिपूर्ण सम्बंधों के लिए और आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई में भारत सरकार से पाकिस्तान को सहायता के लिए प्रार्थना की है।"टिप्पणियां सुबह से ही दरगाह परिसर में मलिक के आगमन की सुबगुबाहट थी। मलिक पहले अमीर खुसरो की दरगाह गए और इसी परिसर में स्थित मस्जिद में नमाज अदा की। हजरत निजामुद्दीन औलिया के वंशज होने का दावा करने वाले नाजिम निजामी, दीवान ताहिर निजामी, दीवान मसूद निजामी और सैयद अजमल निजामी दरगाह दौरे के समय मलिक के साथ थे। मलिक ने कहा कि भारतीय नेताओं के साथ बहुत ही अच्छी बातचीत हुई और उन्होंने अपनी सरकार के संदेश को प्रभावी तरीके से अवगत कराया। उन्होंने कहा, "आइए हम सभी भाई-भाई बनें।" पाकिस्तान में चरमवाद के बारे में मलिक ने कहा कि इसकी जड़ें सोवियत संघ और अफगानिस्तान के बीच युद्ध के दौरान के जिहाद से जुड़ी हुई हैं। मलिक ने कहा कि सोवित संघ से लड़ने के लिए हजारों की संख्या में जिहादी पाकिस्तान आए और युद्ध के बाद उनके पास करने के लिए कुछ नहीं बचा। मलिक ने कहा, "इससे तालिबान का विकास हुआ। चरमवाद फैलता रहा।" उन्होंने कहा कि युद्ध की समाप्ति के समय क्षेत्र में 300 मदरसे थे। पाकिस्तान में जब मौजूदा सरकार सत्ता में आई थी, उस समय तक मदरसों की संख्या बढ़कर 23,000 हो गई थी। मलिक ने कहा कि सभी मदरसे आतंकवाद में लिप्त नहीं हैं, लेकिन मदरसों में पढ़ने वालों का मन बदलने की कोशिशें की जाती हैं। उन्होंने कहा कि धर्म और गरीबी दो प्रमुख बातें हैं, और जब ये दोनों मिलती हैं तो बहुत घातक हो सकती हैं। हम आज इसी का सामना कर रहे हैं। मलिक ने दौरे के अंतिम दिन 14वीं सदी के सूफी संत हजरत निजामुद्दीन औलिया की दरगाह पर जियारत भी की और भारत-पाकिस्तान के बीच सद्भावपूर्ण सम्बंधों के लिए दुआ मांगी। मलिक ने दरगाह पर जियारत करने के बाद संवाददाताओं से कहा, "मैंने अल्लाह से दोनों देशों के बीच सद्भावनापूर्ण व शांतिपूर्ण सम्बंधों के लिए और आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई में भारत सरकार से पाकिस्तान को सहायता के लिए प्रार्थना की है।"टिप्पणियां सुबह से ही दरगाह परिसर में मलिक के आगमन की सुबगुबाहट थी। मलिक पहले अमीर खुसरो की दरगाह गए और इसी परिसर में स्थित मस्जिद में नमाज अदा की। हजरत निजामुद्दीन औलिया के वंशज होने का दावा करने वाले नाजिम निजामी, दीवान ताहिर निजामी, दीवान मसूद निजामी और सैयद अजमल निजामी दरगाह दौरे के समय मलिक के साथ थे। पाकिस्तान में चरमवाद के बारे में मलिक ने कहा कि इसकी जड़ें सोवियत संघ और अफगानिस्तान के बीच युद्ध के दौरान के जिहाद से जुड़ी हुई हैं। मलिक ने कहा कि सोवित संघ से लड़ने के लिए हजारों की संख्या में जिहादी पाकिस्तान आए और युद्ध के बाद उनके पास करने के लिए कुछ नहीं बचा। मलिक ने कहा, "इससे तालिबान का विकास हुआ। चरमवाद फैलता रहा।" उन्होंने कहा कि युद्ध की समाप्ति के समय क्षेत्र में 300 मदरसे थे। पाकिस्तान में जब मौजूदा सरकार सत्ता में आई थी, उस समय तक मदरसों की संख्या बढ़कर 23,000 हो गई थी। मलिक ने कहा कि सभी मदरसे आतंकवाद में लिप्त नहीं हैं, लेकिन मदरसों में पढ़ने वालों का मन बदलने की कोशिशें की जाती हैं। उन्होंने कहा कि धर्म और गरीबी दो प्रमुख बातें हैं, और जब ये दोनों मिलती हैं तो बहुत घातक हो सकती हैं। हम आज इसी का सामना कर रहे हैं। मलिक ने दौरे के अंतिम दिन 14वीं सदी के सूफी संत हजरत निजामुद्दीन औलिया की दरगाह पर जियारत भी की और भारत-पाकिस्तान के बीच सद्भावपूर्ण सम्बंधों के लिए दुआ मांगी। मलिक ने दरगाह पर जियारत करने के बाद संवाददाताओं से कहा, "मैंने अल्लाह से दोनों देशों के बीच सद्भावनापूर्ण व शांतिपूर्ण सम्बंधों के लिए और आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई में भारत सरकार से पाकिस्तान को सहायता के लिए प्रार्थना की है।"टिप्पणियां सुबह से ही दरगाह परिसर में मलिक के आगमन की सुबगुबाहट थी। मलिक पहले अमीर खुसरो की दरगाह गए और इसी परिसर में स्थित मस्जिद में नमाज अदा की। हजरत निजामुद्दीन औलिया के वंशज होने का दावा करने वाले नाजिम निजामी, दीवान ताहिर निजामी, दीवान मसूद निजामी और सैयद अजमल निजामी दरगाह दौरे के समय मलिक के साथ थे। मलिक ने कहा कि सोवित संघ से लड़ने के लिए हजारों की संख्या में जिहादी पाकिस्तान आए और युद्ध के बाद उनके पास करने के लिए कुछ नहीं बचा। मलिक ने कहा, "इससे तालिबान का विकास हुआ। चरमवाद फैलता रहा।" उन्होंने कहा कि युद्ध की समाप्ति के समय क्षेत्र में 300 मदरसे थे। पाकिस्तान में जब मौजूदा सरकार सत्ता में आई थी, उस समय तक मदरसों की संख्या बढ़कर 23,000 हो गई थी। मलिक ने कहा कि सभी मदरसे आतंकवाद में लिप्त नहीं हैं, लेकिन मदरसों में पढ़ने वालों का मन बदलने की कोशिशें की जाती हैं। उन्होंने कहा कि धर्म और गरीबी दो प्रमुख बातें हैं, और जब ये दोनों मिलती हैं तो बहुत घातक हो सकती हैं। हम आज इसी का सामना कर रहे हैं। मलिक ने दौरे के अंतिम दिन 14वीं सदी के सूफी संत हजरत निजामुद्दीन औलिया की दरगाह पर जियारत भी की और भारत-पाकिस्तान के बीच सद्भावपूर्ण सम्बंधों के लिए दुआ मांगी। मलिक ने दरगाह पर जियारत करने के बाद संवाददाताओं से कहा, "मैंने अल्लाह से दोनों देशों के बीच सद्भावनापूर्ण व शांतिपूर्ण सम्बंधों के लिए और आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई में भारत सरकार से पाकिस्तान को सहायता के लिए प्रार्थना की है।"टिप्पणियां सुबह से ही दरगाह परिसर में मलिक के आगमन की सुबगुबाहट थी। मलिक पहले अमीर खुसरो की दरगाह गए और इसी परिसर में स्थित मस्जिद में नमाज अदा की। हजरत निजामुद्दीन औलिया के वंशज होने का दावा करने वाले नाजिम निजामी, दीवान ताहिर निजामी, दीवान मसूद निजामी और सैयद अजमल निजामी दरगाह दौरे के समय मलिक के साथ थे। मलिक ने कहा, "इससे तालिबान का विकास हुआ। चरमवाद फैलता रहा।" उन्होंने कहा कि युद्ध की समाप्ति के समय क्षेत्र में 300 मदरसे थे। पाकिस्तान में जब मौजूदा सरकार सत्ता में आई थी, उस समय तक मदरसों की संख्या बढ़कर 23,000 हो गई थी। मलिक ने कहा कि सभी मदरसे आतंकवाद में लिप्त नहीं हैं, लेकिन मदरसों में पढ़ने वालों का मन बदलने की कोशिशें की जाती हैं। उन्होंने कहा कि धर्म और गरीबी दो प्रमुख बातें हैं, और जब ये दोनों मिलती हैं तो बहुत घातक हो सकती हैं। हम आज इसी का सामना कर रहे हैं। मलिक ने दौरे के अंतिम दिन 14वीं सदी के सूफी संत हजरत निजामुद्दीन औलिया की दरगाह पर जियारत भी की और भारत-पाकिस्तान के बीच सद्भावपूर्ण सम्बंधों के लिए दुआ मांगी। मलिक ने दरगाह पर जियारत करने के बाद संवाददाताओं से कहा, "मैंने अल्लाह से दोनों देशों के बीच सद्भावनापूर्ण व शांतिपूर्ण सम्बंधों के लिए और आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई में भारत सरकार से पाकिस्तान को सहायता के लिए प्रार्थना की है।"टिप्पणियां सुबह से ही दरगाह परिसर में मलिक के आगमन की सुबगुबाहट थी। मलिक पहले अमीर खुसरो की दरगाह गए और इसी परिसर में स्थित मस्जिद में नमाज अदा की। हजरत निजामुद्दीन औलिया के वंशज होने का दावा करने वाले नाजिम निजामी, दीवान ताहिर निजामी, दीवान मसूद निजामी और सैयद अजमल निजामी दरगाह दौरे के समय मलिक के साथ थे। मलिक ने कहा कि सभी मदरसे आतंकवाद में लिप्त नहीं हैं, लेकिन मदरसों में पढ़ने वालों का मन बदलने की कोशिशें की जाती हैं। उन्होंने कहा कि धर्म और गरीबी दो प्रमुख बातें हैं, और जब ये दोनों मिलती हैं तो बहुत घातक हो सकती हैं। हम आज इसी का सामना कर रहे हैं। मलिक ने दौरे के अंतिम दिन 14वीं सदी के सूफी संत हजरत निजामुद्दीन औलिया की दरगाह पर जियारत भी की और भारत-पाकिस्तान के बीच सद्भावपूर्ण सम्बंधों के लिए दुआ मांगी। मलिक ने दरगाह पर जियारत करने के बाद संवाददाताओं से कहा, "मैंने अल्लाह से दोनों देशों के बीच सद्भावनापूर्ण व शांतिपूर्ण सम्बंधों के लिए और आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई में भारत सरकार से पाकिस्तान को सहायता के लिए प्रार्थना की है।"टिप्पणियां सुबह से ही दरगाह परिसर में मलिक के आगमन की सुबगुबाहट थी। मलिक पहले अमीर खुसरो की दरगाह गए और इसी परिसर में स्थित मस्जिद में नमाज अदा की। हजरत निजामुद्दीन औलिया के वंशज होने का दावा करने वाले नाजिम निजामी, दीवान ताहिर निजामी, दीवान मसूद निजामी और सैयद अजमल निजामी दरगाह दौरे के समय मलिक के साथ थे। मलिक ने दौरे के अंतिम दिन 14वीं सदी के सूफी संत हजरत निजामुद्दीन औलिया की दरगाह पर जियारत भी की और भारत-पाकिस्तान के बीच सद्भावपूर्ण सम्बंधों के लिए दुआ मांगी। मलिक ने दरगाह पर जियारत करने के बाद संवाददाताओं से कहा, "मैंने अल्लाह से दोनों देशों के बीच सद्भावनापूर्ण व शांतिपूर्ण सम्बंधों के लिए और आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई में भारत सरकार से पाकिस्तान को सहायता के लिए प्रार्थना की है।"टिप्पणियां सुबह से ही दरगाह परिसर में मलिक के आगमन की सुबगुबाहट थी। मलिक पहले अमीर खुसरो की दरगाह गए और इसी परिसर में स्थित मस्जिद में नमाज अदा की। हजरत निजामुद्दीन औलिया के वंशज होने का दावा करने वाले नाजिम निजामी, दीवान ताहिर निजामी, दीवान मसूद निजामी और सैयद अजमल निजामी दरगाह दौरे के समय मलिक के साथ थे। मलिक ने दरगाह पर जियारत करने के बाद संवाददाताओं से कहा, "मैंने अल्लाह से दोनों देशों के बीच सद्भावनापूर्ण व शांतिपूर्ण सम्बंधों के लिए और आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई में भारत सरकार से पाकिस्तान को सहायता के लिए प्रार्थना की है।"टिप्पणियां सुबह से ही दरगाह परिसर में मलिक के आगमन की सुबगुबाहट थी। मलिक पहले अमीर खुसरो की दरगाह गए और इसी परिसर में स्थित मस्जिद में नमाज अदा की। हजरत निजामुद्दीन औलिया के वंशज होने का दावा करने वाले नाजिम निजामी, दीवान ताहिर निजामी, दीवान मसूद निजामी और सैयद अजमल निजामी दरगाह दौरे के समय मलिक के साथ थे। सुबह से ही दरगाह परिसर में मलिक के आगमन की सुबगुबाहट थी। मलिक पहले अमीर खुसरो की दरगाह गए और इसी परिसर में स्थित मस्जिद में नमाज अदा की। हजरत निजामुद्दीन औलिया के वंशज होने का दावा करने वाले नाजिम निजामी, दीवान ताहिर निजामी, दीवान मसूद निजामी और सैयद अजमल निजामी दरगाह दौरे के समय मलिक के साथ थे। हजरत निजामुद्दीन औलिया के वंशज होने का दावा करने वाले नाजिम निजामी, दीवान ताहिर निजामी, दीवान मसूद निजामी और सैयद अजमल निजामी दरगाह दौरे के समय मलिक के साथ थे।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री रहमान मलिक का तीन दिवसीय भारत दौरा रविवार को एक नए विवाद के साथ सम्पन्न हुआ।
25
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मारुति सुजुकी इंडिया लि. ने इस मई में कुल 84,677 वाहनों की बिक्री की। यह जो पिछले साल इसी माह से 14.4 फीसद कम है। मई 2012 में कुल 98,884 वाहनों की बिक्री की थी।टिप्पणियां कंपनी ने शनिवार को एक विज्ञप्ति में बताया कि मई में घरेलू बाजार में उसकी बिक्री 13 फीसद घट कर 77,821 रही। पिछले साल इसी माह उसने कुल 89,478 वाहन बेचे थे। इस बार मई में उसका निर्यात भी 27.1 फीसद गिर कर 6,856 पर आ गया। एक साल पहले इसी माह बिक्री 9,406 थी। कंपनी ने शनिवार को एक विज्ञप्ति में बताया कि मई में घरेलू बाजार में उसकी बिक्री 13 फीसद घट कर 77,821 रही। पिछले साल इसी माह उसने कुल 89,478 वाहन बेचे थे। इस बार मई में उसका निर्यात भी 27.1 फीसद गिर कर 6,856 पर आ गया। एक साल पहले इसी माह बिक्री 9,406 थी। इस बार मई में उसका निर्यात भी 27.1 फीसद गिर कर 6,856 पर आ गया। एक साल पहले इसी माह बिक्री 9,406 थी।
मारुति सुजुकी इंडिया लि. ने इस मई में कुल 84,677 वाहनों की बिक्री की। यह जो पिछले साल इसी माह से 14.4 फीसद कम है। मई 2012 में कुल 98,884 वाहनों की बिक्री की थी।
6
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अफगानिस्तान की एक 13 वर्षीय लड़की ने अनजाने में पिन निगल लिया था. नई दिल्ली के एक अस्पताल में चिकित्सकों ने आपरेशन कर पेट से 6 सेमी का पिन निकाला और बच्ची की जान बचाई. वीपीएस रॉकलैंड हॉस्पिटल ने एक बयान में कहा कि लड़की ने सुबह कपड़ा पहनकर तैयार होते समय अनजाने में लोहे का नुकीला पिन निगल लिया था. उसे उपचार के लिए नई दिल्ली लाया गया. 24 घंटे के भीतर उसे आपात वीजा दिया गया. लगभग 72 घंटों तक यह पिन लड़की के भीतर रहा, उसके बाद उसकी सर्जरी की गई. अस्पताल के सर्जिकल अंकोलॉजी, कार्डियोथोरेसिक एवं एनेस्थेसियोलॉजी विभागों के डॉक्टरों की टीमों ने सामूहिक रूप से मिलकर अफगानी लड़की को नया जीवन दिया है.  जिस पिन को उसने अनजाने में निगल लिया था, वह श्वसनी में घुस गया, जिससे गंभीर रूप से खांसी एवं बेचैनी होने लगी. एक्स-रे और सीटी स्कैन की शुरुआती तस्वीरों में पता चला कि यह पिन बाए द्वितीयक कैरीना में धंस गया था और बाई मुख्य फुफ्फुसीय धमनी में फंस गया. वीपीएस रॉकलैंड हॉस्पिटल के वरिष्ठ थोरेसिक सर्जन एवं अंकोलॉजी सर्विसेज के निदेशक, डॉ. अरुण कुमार गिरि ने स्थिति के अनुरूप तुरंत कार्रवाई की. टिप्पणियां डॉ. गिरि ने कहा, "पिन को बाहर निकालने के लिए वीडियो असिस्टेड इंडोस्कोपिक सर्जरी सर्वोत्तम विकल्प था. कार्डियक इमर्जेसी यूनिट को भी सूचित किया गया, ताकि आंतरिक रक्तस्राव के चलते ओपन हार्ट सर्जरी की आवश्यकता पड़ने पर उनकी सहायता ली जा सके. मरीज को मॉनिटर्ड केयर एनस्थेसिया दी गई, और रक्तचाप की नियमित जांच की जाती रही, ताकि हृदय की क्रियाशीलता सामान्य बनी रहे. ऑपरेशन में लगभग एक घंटे का समय लगा, जिसके बाद पिन बाहर निकाला जा सका और वो भी बिना किसी आंतरिक रक्तस्राव के."(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) अस्पताल के सर्जिकल अंकोलॉजी, कार्डियोथोरेसिक एवं एनेस्थेसियोलॉजी विभागों के डॉक्टरों की टीमों ने सामूहिक रूप से मिलकर अफगानी लड़की को नया जीवन दिया है.  जिस पिन को उसने अनजाने में निगल लिया था, वह श्वसनी में घुस गया, जिससे गंभीर रूप से खांसी एवं बेचैनी होने लगी. एक्स-रे और सीटी स्कैन की शुरुआती तस्वीरों में पता चला कि यह पिन बाए द्वितीयक कैरीना में धंस गया था और बाई मुख्य फुफ्फुसीय धमनी में फंस गया. वीपीएस रॉकलैंड हॉस्पिटल के वरिष्ठ थोरेसिक सर्जन एवं अंकोलॉजी सर्विसेज के निदेशक, डॉ. अरुण कुमार गिरि ने स्थिति के अनुरूप तुरंत कार्रवाई की. टिप्पणियां डॉ. गिरि ने कहा, "पिन को बाहर निकालने के लिए वीडियो असिस्टेड इंडोस्कोपिक सर्जरी सर्वोत्तम विकल्प था. कार्डियक इमर्जेसी यूनिट को भी सूचित किया गया, ताकि आंतरिक रक्तस्राव के चलते ओपन हार्ट सर्जरी की आवश्यकता पड़ने पर उनकी सहायता ली जा सके. मरीज को मॉनिटर्ड केयर एनस्थेसिया दी गई, और रक्तचाप की नियमित जांच की जाती रही, ताकि हृदय की क्रियाशीलता सामान्य बनी रहे. ऑपरेशन में लगभग एक घंटे का समय लगा, जिसके बाद पिन बाहर निकाला जा सका और वो भी बिना किसी आंतरिक रक्तस्राव के."(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) जिस पिन को उसने अनजाने में निगल लिया था, वह श्वसनी में घुस गया, जिससे गंभीर रूप से खांसी एवं बेचैनी होने लगी. एक्स-रे और सीटी स्कैन की शुरुआती तस्वीरों में पता चला कि यह पिन बाए द्वितीयक कैरीना में धंस गया था और बाई मुख्य फुफ्फुसीय धमनी में फंस गया. वीपीएस रॉकलैंड हॉस्पिटल के वरिष्ठ थोरेसिक सर्जन एवं अंकोलॉजी सर्विसेज के निदेशक, डॉ. अरुण कुमार गिरि ने स्थिति के अनुरूप तुरंत कार्रवाई की. टिप्पणियां डॉ. गिरि ने कहा, "पिन को बाहर निकालने के लिए वीडियो असिस्टेड इंडोस्कोपिक सर्जरी सर्वोत्तम विकल्प था. कार्डियक इमर्जेसी यूनिट को भी सूचित किया गया, ताकि आंतरिक रक्तस्राव के चलते ओपन हार्ट सर्जरी की आवश्यकता पड़ने पर उनकी सहायता ली जा सके. मरीज को मॉनिटर्ड केयर एनस्थेसिया दी गई, और रक्तचाप की नियमित जांच की जाती रही, ताकि हृदय की क्रियाशीलता सामान्य बनी रहे. ऑपरेशन में लगभग एक घंटे का समय लगा, जिसके बाद पिन बाहर निकाला जा सका और वो भी बिना किसी आंतरिक रक्तस्राव के."(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) वीपीएस रॉकलैंड हॉस्पिटल के वरिष्ठ थोरेसिक सर्जन एवं अंकोलॉजी सर्विसेज के निदेशक, डॉ. अरुण कुमार गिरि ने स्थिति के अनुरूप तुरंत कार्रवाई की. टिप्पणियां डॉ. गिरि ने कहा, "पिन को बाहर निकालने के लिए वीडियो असिस्टेड इंडोस्कोपिक सर्जरी सर्वोत्तम विकल्प था. कार्डियक इमर्जेसी यूनिट को भी सूचित किया गया, ताकि आंतरिक रक्तस्राव के चलते ओपन हार्ट सर्जरी की आवश्यकता पड़ने पर उनकी सहायता ली जा सके. मरीज को मॉनिटर्ड केयर एनस्थेसिया दी गई, और रक्तचाप की नियमित जांच की जाती रही, ताकि हृदय की क्रियाशीलता सामान्य बनी रहे. ऑपरेशन में लगभग एक घंटे का समय लगा, जिसके बाद पिन बाहर निकाला जा सका और वो भी बिना किसी आंतरिक रक्तस्राव के."(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) डॉ. गिरि ने कहा, "पिन को बाहर निकालने के लिए वीडियो असिस्टेड इंडोस्कोपिक सर्जरी सर्वोत्तम विकल्प था. कार्डियक इमर्जेसी यूनिट को भी सूचित किया गया, ताकि आंतरिक रक्तस्राव के चलते ओपन हार्ट सर्जरी की आवश्यकता पड़ने पर उनकी सहायता ली जा सके. मरीज को मॉनिटर्ड केयर एनस्थेसिया दी गई, और रक्तचाप की नियमित जांच की जाती रही, ताकि हृदय की क्रियाशीलता सामान्य बनी रहे. ऑपरेशन में लगभग एक घंटे का समय लगा, जिसके बाद पिन बाहर निकाला जा सका और वो भी बिना किसी आंतरिक रक्तस्राव के."(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सारांश: अफगानिस्तान में लड़की निगल गई लोहे का पिन दिल्ली के हॉस्पिटल में किया गया भर्ती ऑपरेशन के बाद पेट से 6 सेमी का पिन निकाला गया
31
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: तेज गेंदबाज ब्रायन विटोरी के पांच विकेट के बाद वुसी सिबांडा और ततैंडा तायबू के अर्द्धशतकों से जिम्बाब्वे ने दूसरे एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में बांग्लादेश को सात विकेट से हराकर पांच मैचों की वनडे श्रृंखला में 2-0 से बढ़त बनाई। तेज गेंदबाज ब्रायन विटोरी के लगातार मैचों में पांच विकेट से बांग्लादेश की टीम महज 188 रन पर सिमट गई। इसके जवाब में जिम्बाब्वे ने 44.1 ओवर में तीन विकेट पर 191 रन बनाकर जीत दर्ज की। सिबांडा ने 67 और तायबू ने नाबाद 61 रन बनाकर टीम को आसान जीत दिलाई। हैमिल्टन मास्काद्जा ने 38 रन का योगदान दिया। इससे पहले विटोरी ने इमरूल कायेस को आठ और तमिम इकबाल को तीन रन पर समेटने के बाद शकिबुल हसन (26), नाजिर हुसैन और अब्दुल रज्जाक (35) को पवेलियन भेजा। जिम्बाब्वे ने छह साल बाद टेस्ट क्रिकेट में वापसी करते हुए बांग्लादेश के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मैच में आसान जीत दर्ज की थी जो विटोरी का पहला टेस्ट मैच था। अल हसन, हुसैन और रज्जाक ने हालांकि यह स्कोर बनाकर कुछ सम्मान बचाया क्योंकि एक समय टीम का स्कोर 61 रन पर छह विकेट था जिससे उनपर वनडे का न्यूनतम स्कोर बनाने का रिकार्ड बनाने का खतरा मंडरा रहा था जो 92 रन का था। हुसैन ने शकिबुल के साथ मिलकर सातवें विकेट के लिए 53 और आठवें विकेट के लिए रज्जाक के साथ 65 रन की भागीदारी निभाई।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: जिम्बाब्वे ने दूसरे एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में बांग्लादेश को सात विकेट से हराकर पांच मैचों की वनडे श्रृंखला में 2-0 से बढ़त बनाई।
25
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: कपिल शर्मा (Kapil Sharma) के शो में चाहे कोई भी सितारा आए, हंसी के फव्वारे छूटना तो तय है. 'द कपिल शर्मा शो कपिल शर्मा (The Kapil Sharma Show)' में जब 'स्टूडेंट ऑफ द ईय 2 (Student of The Year 2)' की टीम पहुंची तो खूब मस्ती हुई. कपिल शर्मा ने जहां टाइगर श्रॉफ (Tiger Shroff), अनन्या पांडेय (Ananya Panday) और तारा सूतारिया (Tara Sutaria) के साथ जमकर जोस्क क्रैक किए, वहीं इस टीम के सदस्यों ने भी अपना हुनर दिखाया. कपिल शर्मा और अनन्या पांडेय का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है, इस वीडियो में अनन्या पांडेय अपना ऐसा टैलेंट दिखा रही हैं कि हर कोई हैरान रह गया है.  कपिल शर्मा (Kapil Sharma) के शो 'द कपिल शर्मा शो' का टाइगर श्रॉफ (Tiger Shroff), अनन्या पांडेय (Ananya Panday) और तारा सूतारिया (Tara Sutaria) के साथ वाला एक वीडियो यूट्यूब पर ट्रेंड कर रहा है. इस वीडियो में कपिल शर्मा अनन्या पांडेय से एक्टिंग के अलावा किसी अन्य टैलेंट के बारे में पूछते हैं तो चंकी पांडेय की बिटिया बहुत ही दिलचस्प जवाब देती हैं. अनन्या पांडेय कहती हैं कि वे अपनी जीभ से अपने नाक को छू सकती हैं. इस कपिल शर्मा कहते हैं कि आप कितनी क्यूट हैं. इस तरह अनन्या पांडेय जीभ से नाक को छूकर दिखाती हैं. कपिल शर्मा (Kapil Sharma) के साथ कृष्णा अभिषेक और कीकू शारदा भी दिलचस्प जोक क्रैक कर रहे हैं और भारती सिंह का अंदाज भी कमाल का है. कृष्णा अभिषेक तो जैकी श्रॉफ के गेटअप में बहुत ही कमाल के लग रहे हैं. इसके अलावा बच्चा यादव तो अपने रंग में हैं ही. टाइगर श्रॉफ, तारा सूतारिया और अनन्या पांडेय की फिल्म 'स्टूडेंट ऑफ द ईयर' 10 मई को रिलीज हो रही है और इसका जोर-शोर से प्रचार किया जा रहा है.
यहाँ एक सारांश है:कपिल शर्मा के शो का वीडियो हुआ वायरल तारा, अनन्या और टाइगर आए थे शो में 'स्टूडेंट ऑफ द ईयर 2' का कर रहे थे प्रमोशन
18
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: केंद्र की उत्तराखंड में चार धाम राजमार्ग परियोजना पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है. सुप्रीम कोर्ट ने 26 सितंबर के एनजीटी के आदेश पर रोक लगाई है. जस्टिस आरएफ नरीमन और जस्टिस एस अब्दुल नजीर की बेंच ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. 15 नवंबर को मामले की अगली सुनवाई होगी. इस परियोजना के तहत 12 हजार करोड़ से अधिक की लागत के साथ 900 किमी सड़कों का निर्माण किया जाना है. एनजीटी में  ग्रीन दून और अन्य लोगों द्वारा इस परियोजना को चुनौती दी गई थी. याचिकाकर्ता के अनुसार परियोजना बिना किसी पर्यावरण मंजूरी के शुरू हुई है और उचित वन मंजूरी के बिना 25000 से अधिक पेड़ काटे गए हैं. इसके अलावा इससे पहाड़ों और गंगा की सहायक नदियों को व्यापक नुकसान होगा क्योंकि मलबे की डंपिंग के लिए भी कोई व्यवस्था नहीं की गई है.टिप्पणियां 26 सितंबर को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने एक विशेषज्ञ समिति, जो परियोजना से संबंधित पर्यावरणीय मामलों की देखरेख करेगी, का गठन करते हुए प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने की मंजूरी दे दी थी. NGT के फैसले के मुताबिक सात सदस्यीय समिति की अध्यक्षता केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय के एक विशेष सचिव करेंगे. याचिकाकर्ताओं ने NGT के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. जस्टिस आरएफ नरीमन और जस्टिस एस अब्दुल नजीर की बेंच ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. 15 नवंबर को मामले की अगली सुनवाई होगी. इस परियोजना के तहत 12 हजार करोड़ से अधिक की लागत के साथ 900 किमी सड़कों का निर्माण किया जाना है. एनजीटी में  ग्रीन दून और अन्य लोगों द्वारा इस परियोजना को चुनौती दी गई थी. याचिकाकर्ता के अनुसार परियोजना बिना किसी पर्यावरण मंजूरी के शुरू हुई है और उचित वन मंजूरी के बिना 25000 से अधिक पेड़ काटे गए हैं. इसके अलावा इससे पहाड़ों और गंगा की सहायक नदियों को व्यापक नुकसान होगा क्योंकि मलबे की डंपिंग के लिए भी कोई व्यवस्था नहीं की गई है.टिप्पणियां 26 सितंबर को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने एक विशेषज्ञ समिति, जो परियोजना से संबंधित पर्यावरणीय मामलों की देखरेख करेगी, का गठन करते हुए प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने की मंजूरी दे दी थी. NGT के फैसले के मुताबिक सात सदस्यीय समिति की अध्यक्षता केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय के एक विशेष सचिव करेंगे. याचिकाकर्ताओं ने NGT के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. इस परियोजना के तहत 12 हजार करोड़ से अधिक की लागत के साथ 900 किमी सड़कों का निर्माण किया जाना है. एनजीटी में  ग्रीन दून और अन्य लोगों द्वारा इस परियोजना को चुनौती दी गई थी. याचिकाकर्ता के अनुसार परियोजना बिना किसी पर्यावरण मंजूरी के शुरू हुई है और उचित वन मंजूरी के बिना 25000 से अधिक पेड़ काटे गए हैं. इसके अलावा इससे पहाड़ों और गंगा की सहायक नदियों को व्यापक नुकसान होगा क्योंकि मलबे की डंपिंग के लिए भी कोई व्यवस्था नहीं की गई है.टिप्पणियां 26 सितंबर को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने एक विशेषज्ञ समिति, जो परियोजना से संबंधित पर्यावरणीय मामलों की देखरेख करेगी, का गठन करते हुए प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने की मंजूरी दे दी थी. NGT के फैसले के मुताबिक सात सदस्यीय समिति की अध्यक्षता केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय के एक विशेष सचिव करेंगे. याचिकाकर्ताओं ने NGT के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. 26 सितंबर को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने एक विशेषज्ञ समिति, जो परियोजना से संबंधित पर्यावरणीय मामलों की देखरेख करेगी, का गठन करते हुए प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने की मंजूरी दे दी थी. NGT के फैसले के मुताबिक सात सदस्यीय समिति की अध्यक्षता केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय के एक विशेष सचिव करेंगे. याचिकाकर्ताओं ने NGT के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. NGT के फैसले के मुताबिक सात सदस्यीय समिति की अध्यक्षता केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय के एक विशेष सचिव करेंगे. याचिकाकर्ताओं ने NGT के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है.
सारांश: नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने परियोजना को मंजूरी दी है कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा याचिका में कहा गया- बिना किसी पर्यावरण मंजूरी के शुरू हुआ प्रोजेक्ट
33
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: उत्तर प्रदेश में पूरा पूर्वांचल इस समय बाढ़ की तबाही झेल रहा है, लेकिन जनता के नुमाइंदे गायब हैं। लोगों की अब यह खीझ बाहर भी निकल रही है। समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ताओं ने वाराणसी से भाजपा डॉ सांसद मुरली मनोहर जोशी की गुमशुदगी से संबंधित पोस्टर जिलेभर के प्रमुख चौराहों पर चस्पा कर दिया है। सपा कार्यकर्ताओं के अनुसार भाजपा के कद्दावर नेता और वाराणसी से सांसद डॉ जोशी द्वारा अब तक न तो अपने संसदीय क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ और प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया गया है और न ही बाढ़ पीड़ितों के लिए अपने आपदा कोश से कोई धनराशि ही उपलब्ध कराई गई है। सपा कार्यकर्ताओं द्वारा नगर की दुकानों पर भी सांसद की गुमशुदगी से संबंधित पैम्पलेट भी बांटे जा रहे हैं।टिप्पणियां सांसद द्वारा अपने संसदीय क्षेत्र का दौरा न किए जाने से लोगों में भी आक्रोश बढ़ता जा रहा है और इसी के फलस्वरूप लोगों ने कई जगहों पर उनके पोस्टर चिपकाए हैं। गौरतलब है कि इससे पूर्व भी वर्ष 2010 में वाराणसी में हुए आतंकी धमाके के लगभग 5 दिनों तक जोशी का कहीं अता पता न देख उनकी गुमशुदगी संबंधित तहरीर भी स्थानीय थाने में दी गई थी। सपा कार्यकर्ताओं के अनुसार भाजपा के कद्दावर नेता और वाराणसी से सांसद डॉ जोशी द्वारा अब तक न तो अपने संसदीय क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ और प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया गया है और न ही बाढ़ पीड़ितों के लिए अपने आपदा कोश से कोई धनराशि ही उपलब्ध कराई गई है। सपा कार्यकर्ताओं द्वारा नगर की दुकानों पर भी सांसद की गुमशुदगी से संबंधित पैम्पलेट भी बांटे जा रहे हैं।टिप्पणियां सांसद द्वारा अपने संसदीय क्षेत्र का दौरा न किए जाने से लोगों में भी आक्रोश बढ़ता जा रहा है और इसी के फलस्वरूप लोगों ने कई जगहों पर उनके पोस्टर चिपकाए हैं। गौरतलब है कि इससे पूर्व भी वर्ष 2010 में वाराणसी में हुए आतंकी धमाके के लगभग 5 दिनों तक जोशी का कहीं अता पता न देख उनकी गुमशुदगी संबंधित तहरीर भी स्थानीय थाने में दी गई थी। सपा कार्यकर्ताओं द्वारा नगर की दुकानों पर भी सांसद की गुमशुदगी से संबंधित पैम्पलेट भी बांटे जा रहे हैं।टिप्पणियां सांसद द्वारा अपने संसदीय क्षेत्र का दौरा न किए जाने से लोगों में भी आक्रोश बढ़ता जा रहा है और इसी के फलस्वरूप लोगों ने कई जगहों पर उनके पोस्टर चिपकाए हैं। गौरतलब है कि इससे पूर्व भी वर्ष 2010 में वाराणसी में हुए आतंकी धमाके के लगभग 5 दिनों तक जोशी का कहीं अता पता न देख उनकी गुमशुदगी संबंधित तहरीर भी स्थानीय थाने में दी गई थी। सांसद द्वारा अपने संसदीय क्षेत्र का दौरा न किए जाने से लोगों में भी आक्रोश बढ़ता जा रहा है और इसी के फलस्वरूप लोगों ने कई जगहों पर उनके पोस्टर चिपकाए हैं। गौरतलब है कि इससे पूर्व भी वर्ष 2010 में वाराणसी में हुए आतंकी धमाके के लगभग 5 दिनों तक जोशी का कहीं अता पता न देख उनकी गुमशुदगी संबंधित तहरीर भी स्थानीय थाने में दी गई थी। गौरतलब है कि इससे पूर्व भी वर्ष 2010 में वाराणसी में हुए आतंकी धमाके के लगभग 5 दिनों तक जोशी का कहीं अता पता न देख उनकी गुमशुदगी संबंधित तहरीर भी स्थानीय थाने में दी गई थी।
संक्षिप्त पाठ: उत्तर प्रदेश में पूरा पूर्वांचल इस समय बाढ़ की तबाही झेल रहा है, लेकिन जनता के नुमाइंदे गायब हैं। लोगों की अब यह खीझ बाहर भी निकल रही है। समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ताओं ने वाराणसी से भाजपा डॉ सांसद मुरली मनोहर जोशी की गुमशुदगी से संबंधित पोस्टर जिल
27
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: चीन इस साल लगातार छठी बार दुनिया का सबसे बड़ा सोना उत्पादक बना रहेगा। इस साल के पहले 10 माह में चीन में 323 टन सोने का उत्पादन हुआ है। एक उद्योग संगठन ने गुरुवार को यह अनुमान लगाया।टिप्पणियां चीन स्वर्ण संघ के आंकड़ों के अनुसार देश में जनवरी से अक्टूबर के दौरान 323 टन सोने का उत्पादन हुआ, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 11 फीसद अधिक है। चीन ने 2007 में दक्षिण अफ्रीका को पीछे छोड़ते हुए सबसे बड़े स्वर्ण उत्पादक का दर्जा हासिल किया था। भारत के बाद चीन सोने की खपत के मामले में दूसरे स्थान पर है। 2011 में चीन में सोने की खपत 761 टन से अधिक रही थी। चीन स्वर्ण संघ के आंकड़ों के अनुसार देश में जनवरी से अक्टूबर के दौरान 323 टन सोने का उत्पादन हुआ, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 11 फीसद अधिक है। चीन ने 2007 में दक्षिण अफ्रीका को पीछे छोड़ते हुए सबसे बड़े स्वर्ण उत्पादक का दर्जा हासिल किया था। भारत के बाद चीन सोने की खपत के मामले में दूसरे स्थान पर है। 2011 में चीन में सोने की खपत 761 टन से अधिक रही थी। भारत के बाद चीन सोने की खपत के मामले में दूसरे स्थान पर है। 2011 में चीन में सोने की खपत 761 टन से अधिक रही थी।
यहाँ एक सारांश है:चीन इस साल लगातार छठी बार दुनिया का सबसे बड़ा सोना उत्पादक बना रहेगा। इस साल के पहले 10 माह में चीन में 323 टन सोने का उत्पादन हुआ है। एक उद्योग संगठन ने गुरुवार को यह अनुमान लगाया।
17
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारत की सानिया मिर्जा और रूस की यारोस्लावा श्वेदोवा की शीर्ष वरीयता प्राप्त जोड़ी ने शानदार प्रदर्शन कर डब्ल्यूटीए हार्ड कोर्ट सिटी ओपन टूर्नामेंट का युगल खिताब जीत लिया है। सानिया और श्वेदोवा ने रविवार को खेले गए खिताबी मुकाबले में बेलारूस की ओल्गा गोवारत्सोवा और रूस की आला कुर्दियावत्सेवा की दूसरी वरीयता प्राप्त जोड़ी को 6-3, 6-3 से शिकस्त दी। सानिया और श्वेदोवा ने शनिवार को सेमीफाइनल में इजराइल की शहर पीर और अमेरिका की स्लोआन स्टीफंस की चौथी वरीयता प्राप्त जोड़ी को एकतरफा मुकाबले में 6-0, 6-1 से पराजित किया था। इस मुकाबले में पीर और स्टीफंस की जोड़ी केवल एक गेम ही जीत पाई थी। सानिया और श्वेदोवा की जोड़ी ने पहले दौर के मुकाबले में स्थानीय खिलाड़ी बी. कोपरा और ए. मोहम्मद की गैरवरीयता प्राप्त जोड़ी को 6-1, 6-2 से शिकस्त देकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई थी। क्वार्टर फाइनल मुकाबले में उन्होंने अमेरिका की ली-वाटर्स और मॉल्टन-लेवी की जोड़ी को एकतरफा मुकाबले में 6-3, 6-4 से मात देकर सेमीफाइनल में जगह बनाई थी। उल्लेखनीय है कि एकल स्पर्धा में सानिया की चुनौती पहले दौर में ही खत्म हो चुकी थी। सानिया ने इस वर्ष का तीसरा और कुल 12वां खिताब जीता है। सानिया ने अपनी नियमित जोड़ीदार एलेना वेस्नीना द्वारा आराम की मांग किए जाने के बाद श्वेदेवा को इस टूर्नामेंट के लिए जोड़ीदार बनाया। स्वेदेवा ने अमेरिका की वानिया किंग के साथ खेलते हुए 2010 में विम्बलडन और अमेरिकी ओपन का महिलाओं का युगल खिताब जीता था। सानिया इस टूर्नामेंट के बाद सैन डिएगो रवाना हो गई हैं, जहां वह वेस्नीना के साथ युगल मुकाबलों में अपनी चुनौती पेश करेंगी।
सानिया मिर्जा और यारोस्लावा श्वेदोवा की शीर्ष वरीय जोड़ी ने शानदार प्रदर्शन कर डब्ल्यूटीए हार्ड कोर्ट सिटी ओपन टूर्नामेंट का युगल खिताब जीत लिया है।
1
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: तिहाड़ जेल के अधिकारी अफजल गुरु का सामान जैसे किताबें, कपड़े, चश्मा और रेडियो उसके परिवार को लौटा देंगे। संसद पर हमले के आरोपी अफजल को शनिवार को बेहद गोपनीय तरीके से तिहाड़ जेल में फांसी दे दी गई। तिहाड़ जेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘हम इस संबंध में जेल के नियमों का पालन करेंगे।’ उन्होंने बताया कि जेल के नियमों के अनुसार मौत की सजा तामील होने के बाद मरने वाले का सामान उसके परिवार के हवाले कर दिया जाता है। 43 वर्षीय अफजल के पास किताबों का ‘अच्छा’ संग्रह था और वह अपना ज्यादातर समय या तो अकेले या फिर अपनी किताबों के साथ गुजारता था। जेल नंबर तीन की 16 फुट लंबी और 12 फुट चौड़ी कोठरी में अफजल के पास एक रेडियो भी था और उसपर वह नियमित रूप से एफएम के चैनल सुनता था। उत्तरी कश्मीर में सोपोर के रहने वाले अफजल ने मेडिकल की पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी थी। उसे शनिवार को तिहाड़ जेल में फांसी देने के बाद जेल परिसर में ही दफना दिया गया। इस पूरे घटनाक्रम को एकदम गुप्त रखा गया। टिप्पणियां अफजल को 13 दिसंबर 2001 को संसद पर हमला करने वाले आतंकवादियों को पनाह देने और हमले की साजिश रचने का दोषी पाया गया। हमले में नौ लोगों की मौत हुई थी। एक विशेष अदालत ने अफजल को दिसंबर 2002 में उसके इस अपराध के लिए मौत की सजा सुनाई, जिस पर चार अगस्त 2005 को उच्चतम न्यायालय ने भी मुहर लगा दी। अफजल की दया याचिका को तीन फरवरी को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने नामंजूर कर दिया था। तिहाड़ जेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘हम इस संबंध में जेल के नियमों का पालन करेंगे।’ उन्होंने बताया कि जेल के नियमों के अनुसार मौत की सजा तामील होने के बाद मरने वाले का सामान उसके परिवार के हवाले कर दिया जाता है। 43 वर्षीय अफजल के पास किताबों का ‘अच्छा’ संग्रह था और वह अपना ज्यादातर समय या तो अकेले या फिर अपनी किताबों के साथ गुजारता था। जेल नंबर तीन की 16 फुट लंबी और 12 फुट चौड़ी कोठरी में अफजल के पास एक रेडियो भी था और उसपर वह नियमित रूप से एफएम के चैनल सुनता था। उत्तरी कश्मीर में सोपोर के रहने वाले अफजल ने मेडिकल की पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी थी। उसे शनिवार को तिहाड़ जेल में फांसी देने के बाद जेल परिसर में ही दफना दिया गया। इस पूरे घटनाक्रम को एकदम गुप्त रखा गया। टिप्पणियां अफजल को 13 दिसंबर 2001 को संसद पर हमला करने वाले आतंकवादियों को पनाह देने और हमले की साजिश रचने का दोषी पाया गया। हमले में नौ लोगों की मौत हुई थी। एक विशेष अदालत ने अफजल को दिसंबर 2002 में उसके इस अपराध के लिए मौत की सजा सुनाई, जिस पर चार अगस्त 2005 को उच्चतम न्यायालय ने भी मुहर लगा दी। अफजल की दया याचिका को तीन फरवरी को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने नामंजूर कर दिया था। 43 वर्षीय अफजल के पास किताबों का ‘अच्छा’ संग्रह था और वह अपना ज्यादातर समय या तो अकेले या फिर अपनी किताबों के साथ गुजारता था। जेल नंबर तीन की 16 फुट लंबी और 12 फुट चौड़ी कोठरी में अफजल के पास एक रेडियो भी था और उसपर वह नियमित रूप से एफएम के चैनल सुनता था। उत्तरी कश्मीर में सोपोर के रहने वाले अफजल ने मेडिकल की पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी थी। उसे शनिवार को तिहाड़ जेल में फांसी देने के बाद जेल परिसर में ही दफना दिया गया। इस पूरे घटनाक्रम को एकदम गुप्त रखा गया। टिप्पणियां अफजल को 13 दिसंबर 2001 को संसद पर हमला करने वाले आतंकवादियों को पनाह देने और हमले की साजिश रचने का दोषी पाया गया। हमले में नौ लोगों की मौत हुई थी। एक विशेष अदालत ने अफजल को दिसंबर 2002 में उसके इस अपराध के लिए मौत की सजा सुनाई, जिस पर चार अगस्त 2005 को उच्चतम न्यायालय ने भी मुहर लगा दी। अफजल की दया याचिका को तीन फरवरी को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने नामंजूर कर दिया था। उत्तरी कश्मीर में सोपोर के रहने वाले अफजल ने मेडिकल की पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी थी। उसे शनिवार को तिहाड़ जेल में फांसी देने के बाद जेल परिसर में ही दफना दिया गया। इस पूरे घटनाक्रम को एकदम गुप्त रखा गया। टिप्पणियां अफजल को 13 दिसंबर 2001 को संसद पर हमला करने वाले आतंकवादियों को पनाह देने और हमले की साजिश रचने का दोषी पाया गया। हमले में नौ लोगों की मौत हुई थी। एक विशेष अदालत ने अफजल को दिसंबर 2002 में उसके इस अपराध के लिए मौत की सजा सुनाई, जिस पर चार अगस्त 2005 को उच्चतम न्यायालय ने भी मुहर लगा दी। अफजल की दया याचिका को तीन फरवरी को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने नामंजूर कर दिया था। अफजल को 13 दिसंबर 2001 को संसद पर हमला करने वाले आतंकवादियों को पनाह देने और हमले की साजिश रचने का दोषी पाया गया। हमले में नौ लोगों की मौत हुई थी। एक विशेष अदालत ने अफजल को दिसंबर 2002 में उसके इस अपराध के लिए मौत की सजा सुनाई, जिस पर चार अगस्त 2005 को उच्चतम न्यायालय ने भी मुहर लगा दी। अफजल की दया याचिका को तीन फरवरी को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने नामंजूर कर दिया था। अफजल की दया याचिका को तीन फरवरी को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने नामंजूर कर दिया था।
यहाँ एक सारांश है:तिहाड़ जेल के अधिकारी अफजल गुरु का सामान जैसे किताबें, कपड़े, चश्मा और रेडियो उसके परिवार को लौटा देंगे। संसद पर हमले के आरोपी अफजल को शनिवार को बेहद गोपनीय तरीके से तिहाड़ जेल में फांसी दे दी गई।
17
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश सरकार ने सूचना विभाग के प्रमुख सचिव विजय शंकर पाण्डे समेत दो अफसरों के कथित रूप से हसन अली से सम्बन्ध होने के मामले में खुद को पूरी तरह अलग करते हुए उनको उनके पद से हटा दिया। प्रदेश के कैबिनेट सचिव शशांक शेखर सिंह ने कहा कि कुछ समाचार पत्रों और चैनलों पर पाण्डेय तथा एक आईपीएस अधिकारी जसवीर सिंह के हसन अली के सहयोगी अमलेन्दु पाण्डेय से सम्बन्ध होने की खबरों से यह भ्रम होता है कि इसका मुख्यमंत्री कार्यालय से भी सम्बन्ध है। यह बिल्कुल गलत और बेबुनियाद है। उन्होंने बताया कि सरकार ने इस मामले को गम्भीरता से लेते हुए पाण्डे को सूचना विभाग, खाद्य एवं औषधि प्रशासन तथा सचिवालय प्रशासन के प्रमुख सचिव पद से हटाकर राजस्व परिषद लखनऊ में सदस्य के तौर पर तैनात कर दिया गया है। सिंह ने बताया कि यह मामला पाण्डे और सिंह का पूर्णतया निजी मामला है और प्रदेश सरकार को इस प्रकरण के सम्बन्ध में कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि मामले से सम्बन्धित खबरों को मुख्यमंत्री कार्यालय से जोड़ा गया है, जो बिल्कुल गलत है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: यूपी सरकार ने सूचना विभाग के प्रमुख सचिव विजय शंकर पाण्डे को कथित रूप से हसन अली से सम्बन्ध होने के मामले में उनके पद से हटा दिया।
19
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: वरिष्ठ बीजेपी नेता और केंद्रीय वित्तमंत्री  अरुण जेटली द्वारा आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर 10 रुपये के नए मानहानि के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने नोटिस जारी कर अरविंद केजरीवाल से 26 जुलाई तक जवाब मांगा है.  उल्लेखनीय है कि सोमवार को ही अरुण जेटली की ओर से यह केस दाखिल किया गया है. अरुण जेटली ने इस बार आपराधिक मानहानि नहीं, बल्कि सिविल मानहानि का केस किया है. यह मामला 17 मई को जिरह के दौरान अरविंद केजरीवाल के वकील राम जेठमलानी द्वारा अरुण जेटली को अपशब्द कहे जाने के बाद दायर किया गया है. टिप्पणियां बता दें कि केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बीच चल रहीं कानूनी जंग फिलहाल खत्म होती नहीं दिखाई दे रहीं. सोमवार को जेटली ने केजरीवाल के खिलाफ 10 करोड़ रुपए के मानहानि का नया दीवानी मुकदमा हाई कोर्ट में दायर किया है. जेटली के वकील माणिक डोगरा ने याचिका दायर कर अदालत को बताया है कि उनके मुवक्किल ने पहले ही दीवानी मानहानि का मामला दायर कर केजरीवाल व अन्य पांच आप नेताओं संजय सिंह, राघव चडढा, कुमार विश्वास, आशुतोष, व दीपक वाजपेयी से 10 करोड़ रूपये की क्षतिपूर्ति दिलवाने की मांग की हुई है. इन सभी लोगों ने जेटली पर दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) में वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाया था. वर्ष 2000 से 2013 तक जेटली डीडीसीए के अध्यक्ष थे. याचिका के अनुसार उक्त मामले की जिरह के दौरान विगत 17 मई को केजरीवाल के अधिवक्ता राम जेठमलानी ने जेटली के लिए एक शब्द का इस्तेमाल किया जो अपमानजनक है. उन्होंने कहा उनके पूछने पर जेठमलानी ने माना है कि उन्होंने इस शब्द का प्रयोग अपने मुवक्किल अरविंद केजरीवाल के कहने पर किया है. उन्होंने कहा अगले दिन सभी चैनलों व समाचार पत्रों में इस संबंध में विस्तृत खबरें चली थी. याची ने कहा इन खबरों को देखकर जेटली के परिवार, दोस्तों, रिस्तेदारों व शुभचिंतकों के आगे उनके मुवक्किल की प्रतिष्ठा खराब हुई है. वहीं जेटली ने हमेशा से ही ईमानदारी से काम किया है और उनकी अपनी प्रतिष्ठा  है. जिस प्रकार जेठमलानी ने माना उक्त शब्द का प्रयोग केजरीवाल के कहने पर किया है ऐसे में उनके मुवक्किल को केजरीवाल के 10 करोड़ रुपये अतिरिक्त क्षति पूर्ति दिलवाने का निर्देश दिया जाए. गौरतलब है कि दीवानी मानहानि मामले के अलावा जेटली ने आप नेताओं के खिलाफ निचली अदालत में आपराधिक मानहानि का मामला भी दायर किया हुआ है.   उल्लेखनीय है कि सोमवार को ही अरुण जेटली की ओर से यह केस दाखिल किया गया है. अरुण जेटली ने इस बार आपराधिक मानहानि नहीं, बल्कि सिविल मानहानि का केस किया है. यह मामला 17 मई को जिरह के दौरान अरविंद केजरीवाल के वकील राम जेठमलानी द्वारा अरुण जेटली को अपशब्द कहे जाने के बाद दायर किया गया है. टिप्पणियां बता दें कि केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बीच चल रहीं कानूनी जंग फिलहाल खत्म होती नहीं दिखाई दे रहीं. सोमवार को जेटली ने केजरीवाल के खिलाफ 10 करोड़ रुपए के मानहानि का नया दीवानी मुकदमा हाई कोर्ट में दायर किया है. जेटली के वकील माणिक डोगरा ने याचिका दायर कर अदालत को बताया है कि उनके मुवक्किल ने पहले ही दीवानी मानहानि का मामला दायर कर केजरीवाल व अन्य पांच आप नेताओं संजय सिंह, राघव चडढा, कुमार विश्वास, आशुतोष, व दीपक वाजपेयी से 10 करोड़ रूपये की क्षतिपूर्ति दिलवाने की मांग की हुई है. इन सभी लोगों ने जेटली पर दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) में वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाया था. वर्ष 2000 से 2013 तक जेटली डीडीसीए के अध्यक्ष थे. याचिका के अनुसार उक्त मामले की जिरह के दौरान विगत 17 मई को केजरीवाल के अधिवक्ता राम जेठमलानी ने जेटली के लिए एक शब्द का इस्तेमाल किया जो अपमानजनक है. उन्होंने कहा उनके पूछने पर जेठमलानी ने माना है कि उन्होंने इस शब्द का प्रयोग अपने मुवक्किल अरविंद केजरीवाल के कहने पर किया है. उन्होंने कहा अगले दिन सभी चैनलों व समाचार पत्रों में इस संबंध में विस्तृत खबरें चली थी. याची ने कहा इन खबरों को देखकर जेटली के परिवार, दोस्तों, रिस्तेदारों व शुभचिंतकों के आगे उनके मुवक्किल की प्रतिष्ठा खराब हुई है. वहीं जेटली ने हमेशा से ही ईमानदारी से काम किया है और उनकी अपनी प्रतिष्ठा  है. जिस प्रकार जेठमलानी ने माना उक्त शब्द का प्रयोग केजरीवाल के कहने पर किया है ऐसे में उनके मुवक्किल को केजरीवाल के 10 करोड़ रुपये अतिरिक्त क्षति पूर्ति दिलवाने का निर्देश दिया जाए. गौरतलब है कि दीवानी मानहानि मामले के अलावा जेटली ने आप नेताओं के खिलाफ निचली अदालत में आपराधिक मानहानि का मामला भी दायर किया हुआ है.   बता दें कि केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बीच चल रहीं कानूनी जंग फिलहाल खत्म होती नहीं दिखाई दे रहीं. सोमवार को जेटली ने केजरीवाल के खिलाफ 10 करोड़ रुपए के मानहानि का नया दीवानी मुकदमा हाई कोर्ट में दायर किया है. जेटली के वकील माणिक डोगरा ने याचिका दायर कर अदालत को बताया है कि उनके मुवक्किल ने पहले ही दीवानी मानहानि का मामला दायर कर केजरीवाल व अन्य पांच आप नेताओं संजय सिंह, राघव चडढा, कुमार विश्वास, आशुतोष, व दीपक वाजपेयी से 10 करोड़ रूपये की क्षतिपूर्ति दिलवाने की मांग की हुई है. इन सभी लोगों ने जेटली पर दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) में वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाया था. वर्ष 2000 से 2013 तक जेटली डीडीसीए के अध्यक्ष थे. याचिका के अनुसार उक्त मामले की जिरह के दौरान विगत 17 मई को केजरीवाल के अधिवक्ता राम जेठमलानी ने जेटली के लिए एक शब्द का इस्तेमाल किया जो अपमानजनक है. उन्होंने कहा उनके पूछने पर जेठमलानी ने माना है कि उन्होंने इस शब्द का प्रयोग अपने मुवक्किल अरविंद केजरीवाल के कहने पर किया है. उन्होंने कहा अगले दिन सभी चैनलों व समाचार पत्रों में इस संबंध में विस्तृत खबरें चली थी. याची ने कहा इन खबरों को देखकर जेटली के परिवार, दोस्तों, रिस्तेदारों व शुभचिंतकों के आगे उनके मुवक्किल की प्रतिष्ठा खराब हुई है. वहीं जेटली ने हमेशा से ही ईमानदारी से काम किया है और उनकी अपनी प्रतिष्ठा  है. जिस प्रकार जेठमलानी ने माना उक्त शब्द का प्रयोग केजरीवाल के कहने पर किया है ऐसे में उनके मुवक्किल को केजरीवाल के 10 करोड़ रुपये अतिरिक्त क्षति पूर्ति दिलवाने का निर्देश दिया जाए. गौरतलब है कि दीवानी मानहानि मामले के अलावा जेटली ने आप नेताओं के खिलाफ निचली अदालत में आपराधिक मानहानि का मामला भी दायर किया हुआ है.   याचिका के अनुसार उक्त मामले की जिरह के दौरान विगत 17 मई को केजरीवाल के अधिवक्ता राम जेठमलानी ने जेटली के लिए एक शब्द का इस्तेमाल किया जो अपमानजनक है. उन्होंने कहा उनके पूछने पर जेठमलानी ने माना है कि उन्होंने इस शब्द का प्रयोग अपने मुवक्किल अरविंद केजरीवाल के कहने पर किया है. उन्होंने कहा अगले दिन सभी चैनलों व समाचार पत्रों में इस संबंध में विस्तृत खबरें चली थी. याची ने कहा इन खबरों को देखकर जेटली के परिवार, दोस्तों, रिस्तेदारों व शुभचिंतकों के आगे उनके मुवक्किल की प्रतिष्ठा खराब हुई है. वहीं जेटली ने हमेशा से ही ईमानदारी से काम किया है और उनकी अपनी प्रतिष्ठा  है. जिस प्रकार जेठमलानी ने माना उक्त शब्द का प्रयोग केजरीवाल के कहने पर किया है ऐसे में उनके मुवक्किल को केजरीवाल के 10 करोड़ रुपये अतिरिक्त क्षति पूर्ति दिलवाने का निर्देश दिया जाए. गौरतलब है कि दीवानी मानहानि मामले के अलावा जेटली ने आप नेताओं के खिलाफ निचली अदालत में आपराधिक मानहानि का मामला भी दायर किया हुआ है.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: अरुण जेटली से जिरह के दौरान केजरीवाल के वकील ने कहे अपशब्द वकील राम जेठमलानी का दावा केजरीवाल से मिली ऐसा कहने की इजाजत अपशब्द के बाद जेटली की ओर से दायर किया गया दूसरा केस
19
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पूर्व एथलीट पिंकी प्रमाणिक का कहना है कि पुलिस जिस तरह की कार्रवाई कर रही है, उससे जी चाहता है कि आत्महत्या कर लूं। पिंकी ने कहा है कि अगर वह आत्महत्या करती हैं, तो इसके लिए पुलिस जिम्मेदार होगी।टिप्पणियां सोमवार को कोलकाता पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर पिंकी को रेप का आरोपी बताया था। सरकारी वकील का कहना है कि पुलिस की चार्जशीट मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर है और दावा किया कि रिपोर्ट के मुताबिक पिंकी पुरुष है। पिंकी का कहना है कि उसे मेडिकल रिपोर्ट नहीं मिली है। हालांकि कुछ डॉक्टर पिंकी की हालत को डिसऑर्डर ऑफ सेक्सुअल डेवलपमेंट कहते हैं, लेकिन इससे पीड़ित व्यक्ति को पुरुष नहीं कह सकते और वह बलात्कार करने में सक्षम नहीं होता। गौरतलब है कि पिंकी पर उनके साथ रही (लिव इन पार्टनर) अनामिका आचार्य ने आरोप लगाया था कि वह पुरुष है और उसने उसका बलात्कार किया है। इसके बाद पिंकी को 14 जून को गिरफ्तार किया गया था और उसके लिंग की पुष्टि करने के लिए चिकित्सीय जांच का आदेश दिया गया था। सोमवार को कोलकाता पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर पिंकी को रेप का आरोपी बताया था। सरकारी वकील का कहना है कि पुलिस की चार्जशीट मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर है और दावा किया कि रिपोर्ट के मुताबिक पिंकी पुरुष है। पिंकी का कहना है कि उसे मेडिकल रिपोर्ट नहीं मिली है। हालांकि कुछ डॉक्टर पिंकी की हालत को डिसऑर्डर ऑफ सेक्सुअल डेवलपमेंट कहते हैं, लेकिन इससे पीड़ित व्यक्ति को पुरुष नहीं कह सकते और वह बलात्कार करने में सक्षम नहीं होता। गौरतलब है कि पिंकी पर उनके साथ रही (लिव इन पार्टनर) अनामिका आचार्य ने आरोप लगाया था कि वह पुरुष है और उसने उसका बलात्कार किया है। इसके बाद पिंकी को 14 जून को गिरफ्तार किया गया था और उसके लिंग की पुष्टि करने के लिए चिकित्सीय जांच का आदेश दिया गया था। हालांकि कुछ डॉक्टर पिंकी की हालत को डिसऑर्डर ऑफ सेक्सुअल डेवलपमेंट कहते हैं, लेकिन इससे पीड़ित व्यक्ति को पुरुष नहीं कह सकते और वह बलात्कार करने में सक्षम नहीं होता। गौरतलब है कि पिंकी पर उनके साथ रही (लिव इन पार्टनर) अनामिका आचार्य ने आरोप लगाया था कि वह पुरुष है और उसने उसका बलात्कार किया है। इसके बाद पिंकी को 14 जून को गिरफ्तार किया गया था और उसके लिंग की पुष्टि करने के लिए चिकित्सीय जांच का आदेश दिया गया था।
यहाँ एक सारांश है:पूर्व एथलीट पिंकी प्रमाणिक का कहना है कि पुलिस जिस तरह की कार्रवाई कर रही है, उससे जी चाहता है कि आत्महत्या कर लूं। पिंकी ने कहा कि अगर वह आत्महत्या करती हैं, तो इसके लिए पुलिस जिम्मेदार होगी।
17
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सात बार के विश्व चैम्पियन पंकज आडवाणी, अनुभवी गीत सेठी और ध्रुव सितवाला ने विश्व बिलियर्ड्स चैम्पियनशिप में अपने-अपने प्रतिद्वंदियों को हराकर समय प्रारूप में अजेय अभियान जारी रखा है। आडवाणी ने इंग्लैंड के जान हार्टले को 630-294 से हराया जबकि सेठी ने इंग्लैंड के ही नलिन पटेल को 522-268 से मात दी। सितलावा ने एकतरफा मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया के नील बोल्टन को 572-156 से हराया। एक अन्य भारतीय कोलकाता के सौरव कोठारी ने भी चैम्पियनशिप की अच्छी शुरूआत करते हुए ग्रुप आई में वेन डायल, फिल डेविस और रोबिन विल्सन पर आसान जीत दर्ज की। मनीष जैन ने शनिवार को दूसरे मुकाबले में शिकस्त के बाद ग्रुप के में हमवतन रेवाना उमादेवी को 379-184 से शिकस्त दी। ग्रुप बी में बालचंद्र भास्कर ने कनाडा के रिक केंडाल को 581-142 से हराया और फिर इंग्लैंड के मैथ्यू सटन को भी 408-260 से मात दी। टिप्पणियां ग्रुप डी के कड़े मुकाबले के आलोक कुमार ने इंग्लैंड के डेविड कोजियर को 593-477 से हराया। देवेंद्र जोशी, रूपेश शाह और सिद्धार्थ पारिख भी समय प्रारूप में अपने अपने मैच जीतने में सफल रहे। आडवाणी ने इंग्लैंड के जान हार्टले को 630-294 से हराया जबकि सेठी ने इंग्लैंड के ही नलिन पटेल को 522-268 से मात दी। सितलावा ने एकतरफा मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया के नील बोल्टन को 572-156 से हराया। एक अन्य भारतीय कोलकाता के सौरव कोठारी ने भी चैम्पियनशिप की अच्छी शुरूआत करते हुए ग्रुप आई में वेन डायल, फिल डेविस और रोबिन विल्सन पर आसान जीत दर्ज की। मनीष जैन ने शनिवार को दूसरे मुकाबले में शिकस्त के बाद ग्रुप के में हमवतन रेवाना उमादेवी को 379-184 से शिकस्त दी। ग्रुप बी में बालचंद्र भास्कर ने कनाडा के रिक केंडाल को 581-142 से हराया और फिर इंग्लैंड के मैथ्यू सटन को भी 408-260 से मात दी। टिप्पणियां ग्रुप डी के कड़े मुकाबले के आलोक कुमार ने इंग्लैंड के डेविड कोजियर को 593-477 से हराया। देवेंद्र जोशी, रूपेश शाह और सिद्धार्थ पारिख भी समय प्रारूप में अपने अपने मैच जीतने में सफल रहे। एक अन्य भारतीय कोलकाता के सौरव कोठारी ने भी चैम्पियनशिप की अच्छी शुरूआत करते हुए ग्रुप आई में वेन डायल, फिल डेविस और रोबिन विल्सन पर आसान जीत दर्ज की। मनीष जैन ने शनिवार को दूसरे मुकाबले में शिकस्त के बाद ग्रुप के में हमवतन रेवाना उमादेवी को 379-184 से शिकस्त दी। ग्रुप बी में बालचंद्र भास्कर ने कनाडा के रिक केंडाल को 581-142 से हराया और फिर इंग्लैंड के मैथ्यू सटन को भी 408-260 से मात दी। टिप्पणियां ग्रुप डी के कड़े मुकाबले के आलोक कुमार ने इंग्लैंड के डेविड कोजियर को 593-477 से हराया। देवेंद्र जोशी, रूपेश शाह और सिद्धार्थ पारिख भी समय प्रारूप में अपने अपने मैच जीतने में सफल रहे। मनीष जैन ने शनिवार को दूसरे मुकाबले में शिकस्त के बाद ग्रुप के में हमवतन रेवाना उमादेवी को 379-184 से शिकस्त दी। ग्रुप बी में बालचंद्र भास्कर ने कनाडा के रिक केंडाल को 581-142 से हराया और फिर इंग्लैंड के मैथ्यू सटन को भी 408-260 से मात दी। टिप्पणियां ग्रुप डी के कड़े मुकाबले के आलोक कुमार ने इंग्लैंड के डेविड कोजियर को 593-477 से हराया। देवेंद्र जोशी, रूपेश शाह और सिद्धार्थ पारिख भी समय प्रारूप में अपने अपने मैच जीतने में सफल रहे। ग्रुप बी में बालचंद्र भास्कर ने कनाडा के रिक केंडाल को 581-142 से हराया और फिर इंग्लैंड के मैथ्यू सटन को भी 408-260 से मात दी। टिप्पणियां ग्रुप डी के कड़े मुकाबले के आलोक कुमार ने इंग्लैंड के डेविड कोजियर को 593-477 से हराया। देवेंद्र जोशी, रूपेश शाह और सिद्धार्थ पारिख भी समय प्रारूप में अपने अपने मैच जीतने में सफल रहे। ग्रुप डी के कड़े मुकाबले के आलोक कुमार ने इंग्लैंड के डेविड कोजियर को 593-477 से हराया। देवेंद्र जोशी, रूपेश शाह और सिद्धार्थ पारिख भी समय प्रारूप में अपने अपने मैच जीतने में सफल रहे। देवेंद्र जोशी, रूपेश शाह और सिद्धार्थ पारिख भी समय प्रारूप में अपने अपने मैच जीतने में सफल रहे।
संक्षिप्त सारांश: सात बार के विश्व चैम्पियन पंकज आडवाणी, अनुभवी गीत सेठी और ध्रुव सितवाला ने विश्व बिलियर्ड्स चैम्पियनशिप में अपने-अपने प्रतिद्वंदियों को हराकर समय प्रारूप में अजेय अभियान जारी रखा है।
10
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: हाजी अली की दरगाह मुंबई के वरली तट के पास टापू पर स्थित एक मस्जिद है, जिसमें दरगाह भी है. इसका निर्माण सैयद पीर हाजी अली शाह बुखारी की स्मृति में 1431 में बनाया गया था. यह दरगाह मुस्लिम एवं हिन्दू दोनों समुदायों के लिए विशेष धार्मिक महत्व रखती है. हाजी अली ट्रस्ट के अनुसार, हाजी अली उज़्बेकिस्तान के बुखारा प्रान्त से सारी दुनिया का भ्रमण करते हुए भारत पहुंचे थे. यह दरगाह मुख्य सड़क से लगभग 400 मीटर की दूरी पर एक छोटे से टापू पर बनी है, जो समुद्र से घिरी हुई है और लगभग 4500 वर्ग फीट में फैली हुई है. यहां तक पहुंचने के लिए मुख्य सड़क से एक पुल बना हुआ है. दरगाह तक केवल निम्न ज्वार के समय ही पहुंचा जा सकता है, क्योंकि पुल की ऊंचाई काफी कम है. यह दरगाह मुख्य सड़क से लगभग 400 मीटर की दूरी पर एक छोटे से टापू पर बनी है, जो समुद्र से घिरी हुई है और लगभग 4500 वर्ग फीट में फैली हुई है. यहां तक पहुंचने के लिए मुख्य सड़क से एक पुल बना हुआ है. दरगाह तक केवल निम्न ज्वार के समय ही पहुंचा जा सकता है, क्योंकि पुल की ऊंचाई काफी कम है.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: हाजी अली दरगाह के अंदरूनी हिस्से तक महिलाओं को जाने की अनुमति 2011 तक महिलाओं के प्रवेश पर यहां कोई पांबदी नहीं थी. पाबंदी को लेकर शरिया कानून का हवाला दिया गया
11
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: मौजूदा कारोबारी साल की तीसरी तिमाही में देश की विकास दर 4.5 फीसदी दर्ज की गई। गुरुवार को बजट प्रस्तुत होने के बाद केंद्रीय सांख्यिकी संगठन (सीएसओ) द्वारा जारी आंकड़े के मुताबिक तमाम सुधार के बाद भी देश की अर्थव्यवस्था दबाव में देखी गई। उल्लेखनीय है कि पहली छमाही में विकास दर 5.4 फीसदी रही है।टिप्पणियां आलोच्य अवधि में खनन उत्पादन 1.4 फीसदी कम रहा, कृषि क्षेत्र में 1.1 फीसदी विकास और विनिर्माण क्षेत्र में 2.5 फीसदी विकास दर्ज किया गया। वित्त, बीमा, रियल एस्टेट, व्यावसायिक सेवाओं में 7.9 फीसदी, निर्माण में 5.8 फीसदी, सामुदायिक, सामाजिक ओर व्यक्तिगत सेवा में 5.4 फीसदी, व्यापार, होटल, परिवहन और संचार में 5.1 फीसदी और बिजली, गैस और जलापुति में 4.5 फीसदी विकास दर्ज किया गया। गुरुवार को बजट प्रस्तुत होने के बाद केंद्रीय सांख्यिकी संगठन (सीएसओ) द्वारा जारी आंकड़े के मुताबिक तमाम सुधार के बाद भी देश की अर्थव्यवस्था दबाव में देखी गई। उल्लेखनीय है कि पहली छमाही में विकास दर 5.4 फीसदी रही है।टिप्पणियां आलोच्य अवधि में खनन उत्पादन 1.4 फीसदी कम रहा, कृषि क्षेत्र में 1.1 फीसदी विकास और विनिर्माण क्षेत्र में 2.5 फीसदी विकास दर्ज किया गया। वित्त, बीमा, रियल एस्टेट, व्यावसायिक सेवाओं में 7.9 फीसदी, निर्माण में 5.8 फीसदी, सामुदायिक, सामाजिक ओर व्यक्तिगत सेवा में 5.4 फीसदी, व्यापार, होटल, परिवहन और संचार में 5.1 फीसदी और बिजली, गैस और जलापुति में 4.5 फीसदी विकास दर्ज किया गया। उल्लेखनीय है कि पहली छमाही में विकास दर 5.4 फीसदी रही है।टिप्पणियां आलोच्य अवधि में खनन उत्पादन 1.4 फीसदी कम रहा, कृषि क्षेत्र में 1.1 फीसदी विकास और विनिर्माण क्षेत्र में 2.5 फीसदी विकास दर्ज किया गया। वित्त, बीमा, रियल एस्टेट, व्यावसायिक सेवाओं में 7.9 फीसदी, निर्माण में 5.8 फीसदी, सामुदायिक, सामाजिक ओर व्यक्तिगत सेवा में 5.4 फीसदी, व्यापार, होटल, परिवहन और संचार में 5.1 फीसदी और बिजली, गैस और जलापुति में 4.5 फीसदी विकास दर्ज किया गया। आलोच्य अवधि में खनन उत्पादन 1.4 फीसदी कम रहा, कृषि क्षेत्र में 1.1 फीसदी विकास और विनिर्माण क्षेत्र में 2.5 फीसदी विकास दर्ज किया गया। वित्त, बीमा, रियल एस्टेट, व्यावसायिक सेवाओं में 7.9 फीसदी, निर्माण में 5.8 फीसदी, सामुदायिक, सामाजिक ओर व्यक्तिगत सेवा में 5.4 फीसदी, व्यापार, होटल, परिवहन और संचार में 5.1 फीसदी और बिजली, गैस और जलापुति में 4.5 फीसदी विकास दर्ज किया गया। वित्त, बीमा, रियल एस्टेट, व्यावसायिक सेवाओं में 7.9 फीसदी, निर्माण में 5.8 फीसदी, सामुदायिक, सामाजिक ओर व्यक्तिगत सेवा में 5.4 फीसदी, व्यापार, होटल, परिवहन और संचार में 5.1 फीसदी और बिजली, गैस और जलापुति में 4.5 फीसदी विकास दर्ज किया गया।
संक्षिप्त पाठ: मौजूदा कारोबारी साल की तीसरी तिमाही में देश की विकास दर 4.5 फीसदी दर्ज की गई। गुरुवार को बजट प्रस्तुत होने के बाद केंद्रीय सांख्यिकी संगठन (सीएसओ) द्वारा जारी आंकड़े के मुताबिक तमाम सुधार के बाद भी देश की अर्थव्यवस्था दबाव में देखी गई।
14
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: सरकार ने पेट्रोल पंप डीलरों को दिए जाने वाला कमीशन बढ़ाने का फैसला किया है जिसके बाद पेट्रोल का दाम 30 पैसे प्रति लीटर और डीजल का दाम 18 पैसे प्रति लीटर बढ़ जाएगा। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि पेट्रोलियम मंत्रालय ने पेट्रोल पर डीलरों का कमीशन 1.499 रुपये से बढ़ाकर 1.799 रुपये प्रति लीटर करने का निर्णय किया है। इसी तरह डीजल पर कमीशन 91 पैसे से बढ़ाकर 1.09 रुपये प्रति लीटर किया गया है। सूत्रों ने बताया कि यह मूल्यवृद्धि या तो आज से या फिर गुरुवार से लागू होगी। यह पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा पेट्रोलियम कंपनियों को इस बारे में भेजे जाने वाले औपचारिक पत्र पर निर्भर करता है। दिल्ली में फिलहाल पेट्रोल का दाम 67.90 रुपये प्रति लीटर है और डीजल 46.95 रुपये प्रति लीटर है। मूल्यवृद्धि लागू होने के बाद दिल्ली में पेट्रोल 68.2 रुपये प्रति लीटर और डीजल 47.13 रुपये प्रति लीटर हो जाएगा।टिप्पणियां डीलरों के कमीशन में जुलाई, 2011 के बाद पहली बार वृद्धि की गई है। उस समय पेट्रोल पर कमीशन 28 पैसे और डीजल पर 15.5 पैसे प्रति लीटर बढ़ाया गया था। फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया पेट्रोलियम ट्रेडर्स के महासचिव अजय बंसल ने कहा कि यह वृद्धि उनकी मांग से कम है। डीलरों ने पेट्रोल पंप की ऊंची परिचालन लागत की वजह से पेट्रोल पर 67 पैसे प्रति लीटर और डीजल पर 42 पैसे प्रति लीटर कमीशन वृद्धि की मांग की थी। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि पेट्रोलियम मंत्रालय ने पेट्रोल पर डीलरों का कमीशन 1.499 रुपये से बढ़ाकर 1.799 रुपये प्रति लीटर करने का निर्णय किया है। इसी तरह डीजल पर कमीशन 91 पैसे से बढ़ाकर 1.09 रुपये प्रति लीटर किया गया है। सूत्रों ने बताया कि यह मूल्यवृद्धि या तो आज से या फिर गुरुवार से लागू होगी। यह पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा पेट्रोलियम कंपनियों को इस बारे में भेजे जाने वाले औपचारिक पत्र पर निर्भर करता है। दिल्ली में फिलहाल पेट्रोल का दाम 67.90 रुपये प्रति लीटर है और डीजल 46.95 रुपये प्रति लीटर है। मूल्यवृद्धि लागू होने के बाद दिल्ली में पेट्रोल 68.2 रुपये प्रति लीटर और डीजल 47.13 रुपये प्रति लीटर हो जाएगा।टिप्पणियां डीलरों के कमीशन में जुलाई, 2011 के बाद पहली बार वृद्धि की गई है। उस समय पेट्रोल पर कमीशन 28 पैसे और डीजल पर 15.5 पैसे प्रति लीटर बढ़ाया गया था। फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया पेट्रोलियम ट्रेडर्स के महासचिव अजय बंसल ने कहा कि यह वृद्धि उनकी मांग से कम है। डीलरों ने पेट्रोल पंप की ऊंची परिचालन लागत की वजह से पेट्रोल पर 67 पैसे प्रति लीटर और डीजल पर 42 पैसे प्रति लीटर कमीशन वृद्धि की मांग की थी। सूत्रों ने बताया कि यह मूल्यवृद्धि या तो आज से या फिर गुरुवार से लागू होगी। यह पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा पेट्रोलियम कंपनियों को इस बारे में भेजे जाने वाले औपचारिक पत्र पर निर्भर करता है। दिल्ली में फिलहाल पेट्रोल का दाम 67.90 रुपये प्रति लीटर है और डीजल 46.95 रुपये प्रति लीटर है। मूल्यवृद्धि लागू होने के बाद दिल्ली में पेट्रोल 68.2 रुपये प्रति लीटर और डीजल 47.13 रुपये प्रति लीटर हो जाएगा।टिप्पणियां डीलरों के कमीशन में जुलाई, 2011 के बाद पहली बार वृद्धि की गई है। उस समय पेट्रोल पर कमीशन 28 पैसे और डीजल पर 15.5 पैसे प्रति लीटर बढ़ाया गया था। फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया पेट्रोलियम ट्रेडर्स के महासचिव अजय बंसल ने कहा कि यह वृद्धि उनकी मांग से कम है। डीलरों ने पेट्रोल पंप की ऊंची परिचालन लागत की वजह से पेट्रोल पर 67 पैसे प्रति लीटर और डीजल पर 42 पैसे प्रति लीटर कमीशन वृद्धि की मांग की थी। डीलरों के कमीशन में जुलाई, 2011 के बाद पहली बार वृद्धि की गई है। उस समय पेट्रोल पर कमीशन 28 पैसे और डीजल पर 15.5 पैसे प्रति लीटर बढ़ाया गया था। फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया पेट्रोलियम ट्रेडर्स के महासचिव अजय बंसल ने कहा कि यह वृद्धि उनकी मांग से कम है। डीलरों ने पेट्रोल पंप की ऊंची परिचालन लागत की वजह से पेट्रोल पर 67 पैसे प्रति लीटर और डीजल पर 42 पैसे प्रति लीटर कमीशन वृद्धि की मांग की थी। फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया पेट्रोलियम ट्रेडर्स के महासचिव अजय बंसल ने कहा कि यह वृद्धि उनकी मांग से कम है। डीलरों ने पेट्रोल पंप की ऊंची परिचालन लागत की वजह से पेट्रोल पर 67 पैसे प्रति लीटर और डीजल पर 42 पैसे प्रति लीटर कमीशन वृद्धि की मांग की थी।
यहाँ एक सारांश है:सरकार ने पेट्रोल पंप डीलरों को दिए जाने वाला कमीशन बढ़ाने का फैसला किया है जिसके बाद पेट्रोल का दाम 30 पैसे प्रति लीटर और डीजल का दाम 18 पैसे प्रति लीटर बढ़ जाएगा।
4
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रविवार को मुजफ्फरनगर के हिंसाग्रस्त क्षेत्रों का दौरा किया और कहा कि वह दुख में सबसे साथ हैं। सरकार पीड़ितों को इंसाफ दिलाएगी और जो लोग हिंसा में शामिल थे उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी। अखिलेश ने मृतकों के आश्रितों को 10-10 लाख रुपये के साथ परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का ऐलान किया। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सोमवार को मुजफ्फरनगर पहुंच रहे हैं। पुलिस लाइन में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में अखिलेश ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा गठित सहाय आयोग घटना की जांच कर रहा है। जांच में जो लोग हिंसा के लिए दोषी पाए जाएंगे, उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा, चाहे वह जितने ही ताकतवर क्यों न हों। उन्होंने कहा कि हिंसा करने वालों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्रवाई होगी। सीबीआई जांच की मांग पर उन्होंने कहा कि आयोग की रिपोर्ट आने के बाद इस पर फैसला लिया जाएगा। प्रशासनिक अधिकारियों पर लग रहे लापरवाही के आरोपों पर उन्होंने कहा कि आयोग की जांच में सारा सच सामने आ जाएगा। खुफिया विभाग की नाकामी के साथ ही किन अधिकारियों ने ढिलाई बरती, यह पता चल जाएगा और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। राज्य सरकार ने रविवार को हिंसा रोकने में असफल मुजफ्फरनगर के तत्कालीन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुभाष चंद्र दुबे को निलंबित कर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए। सरकार इसी सिलसिले में पहले छह थाना प्रभारियों को निलंबित कर चुकी है। अखिलेश ने कहा कि हिंसा में लोगों का बहुत नुकसान हुआ है। सरकार सबकी मदद करेगी। जिन लोगों की जान गई, सरकार उनके परिजनों को 10-10 लाख रुपये देने के साथ एक सदस्य को सरकारी नौकरी देगी। जिन लोगों के घर क्षतिग्रस्त हुए, उनके घर की मरम्मत कराएगी। राज्य सरकार प्रभावित लोगों की मदद लाभकारी योजनाओं के जरिए भी करेगी। मुख्यमंत्री ने हिंसा के दौरान उपद्रवियों द्वारा मारे गए टीवी पत्रकार राजेश वर्मा के घर जाकर परिवार से मुलाकात की। अखिलेश ने कहा, "पत्रकारों के साथ मैं राजेश वर्मा के घर गया। उनके परिवार को अब तक 15 लाख रुपये की मदद दी गई है। परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी भी दी जाएगी। उनके परिवार के लिए और जो भी मदद जरूरी होगी, सरकार की तरफ से की जाएगी। मुजफ्फरनगर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री सबसे पहले हेलीकॉप्टर से कवाल गांव पहुंचे जहां उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। कवाल वही गांव है जहां छेड़खानी की घटना में तीन युवकों की मौत हो गई थी और बाद में महापंचायत का आयोजन होने के बाद पूरे मुजफ्फरनगर जिले और आस-पास के इलाकों में हिंसा भड़क गई थी तथा हालात पर काबू पाने के लिए सेना को तैनात करना पड़ा था। मुख्यमंत्री ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "मैं तीनों युवकों के परिवारों से मिला, जिनकी मौत हो गई थी। तीनों के परिजन अपने जवान बेटे को खोकर बहुत दुखी हैं।" उन्होंने कहा, "मैंने तीनों के परिजनों को न्याय और मदद का भरोसा दिलाया। मेरी अपील है कि इलाके के बुजुर्ग और संभ्रात लोग आगे आकर दोनों वर्गो के लोगों को समझाएं ताकि शांति फिर से बहाल हो सके।" कवाल के बाद अखिलेश मलिकपुरा, कांदला और शाहपुर इलाके के बसीगांव व कुडवा गांव गए, जहां उन्होंने राहत शिविरों में रह रहे लोगों से मुलाकात की और वादा किया कि सरकार उनकी मदद और सुरक्षा करेगी। उधर, पूरी घटना को लेकर प्रशासन की कार्रवाई से नाराज कवाल गांव के लोग मुख्यमंत्री से मिलकर ज्ञापन देना चाह रहे थे लेकिन अखिलेश केवल परिजनों से मिलकर चले गए। इससे गांव के लोगों में नाराजगी देखी गई। अखिलेश के साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश से संबंध रखने वाले कैबिनेट मंत्री एवं सपा के प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी भी मुजफ्फरनगर गए हैं।टिप्पणियां मुजफ्फरनगर हिंसा में अब तक 47 लोगों की जान चुकी है। हिंसा के बाद अब हालात तेजी से सामान्य हो रहे हैं। रविवार को मुजफ्फरनगर के तीन थाना क्षेत्रों में जारी कर्फ्यू में रविवार को दिनभर की ढील दी गई। कहीं से हिंसा की खबर नहीं आई। मुजफ्फरनगर और आस-पास के जिलों में सुरक्षा बलों के साथ सेना के जवानों की भारी संख्या में तैनाती रही। अखिलेश के दौरे के बाद अब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सोमवार को मुजफ्फरनगर का दौरा करेंगे। प्रधानमंत्री हिंसाग्रस्त इलाकों में जाकर प्रभावित लोगों से दुख दर्द सुनने के साथ राहत कार्यों का जायजा लेंगे। अटकलें हैं कि उनके साथ कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी मौजूद रह सकते हैं। पुलिस लाइन में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में अखिलेश ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा गठित सहाय आयोग घटना की जांच कर रहा है। जांच में जो लोग हिंसा के लिए दोषी पाए जाएंगे, उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा, चाहे वह जितने ही ताकतवर क्यों न हों। उन्होंने कहा कि हिंसा करने वालों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्रवाई होगी। सीबीआई जांच की मांग पर उन्होंने कहा कि आयोग की रिपोर्ट आने के बाद इस पर फैसला लिया जाएगा। प्रशासनिक अधिकारियों पर लग रहे लापरवाही के आरोपों पर उन्होंने कहा कि आयोग की जांच में सारा सच सामने आ जाएगा। खुफिया विभाग की नाकामी के साथ ही किन अधिकारियों ने ढिलाई बरती, यह पता चल जाएगा और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। राज्य सरकार ने रविवार को हिंसा रोकने में असफल मुजफ्फरनगर के तत्कालीन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुभाष चंद्र दुबे को निलंबित कर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए। सरकार इसी सिलसिले में पहले छह थाना प्रभारियों को निलंबित कर चुकी है। अखिलेश ने कहा कि हिंसा में लोगों का बहुत नुकसान हुआ है। सरकार सबकी मदद करेगी। जिन लोगों की जान गई, सरकार उनके परिजनों को 10-10 लाख रुपये देने के साथ एक सदस्य को सरकारी नौकरी देगी। जिन लोगों के घर क्षतिग्रस्त हुए, उनके घर की मरम्मत कराएगी। राज्य सरकार प्रभावित लोगों की मदद लाभकारी योजनाओं के जरिए भी करेगी। मुख्यमंत्री ने हिंसा के दौरान उपद्रवियों द्वारा मारे गए टीवी पत्रकार राजेश वर्मा के घर जाकर परिवार से मुलाकात की। अखिलेश ने कहा, "पत्रकारों के साथ मैं राजेश वर्मा के घर गया। उनके परिवार को अब तक 15 लाख रुपये की मदद दी गई है। परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी भी दी जाएगी। उनके परिवार के लिए और जो भी मदद जरूरी होगी, सरकार की तरफ से की जाएगी। मुजफ्फरनगर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री सबसे पहले हेलीकॉप्टर से कवाल गांव पहुंचे जहां उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। कवाल वही गांव है जहां छेड़खानी की घटना में तीन युवकों की मौत हो गई थी और बाद में महापंचायत का आयोजन होने के बाद पूरे मुजफ्फरनगर जिले और आस-पास के इलाकों में हिंसा भड़क गई थी तथा हालात पर काबू पाने के लिए सेना को तैनात करना पड़ा था। मुख्यमंत्री ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "मैं तीनों युवकों के परिवारों से मिला, जिनकी मौत हो गई थी। तीनों के परिजन अपने जवान बेटे को खोकर बहुत दुखी हैं।" उन्होंने कहा, "मैंने तीनों के परिजनों को न्याय और मदद का भरोसा दिलाया। मेरी अपील है कि इलाके के बुजुर्ग और संभ्रात लोग आगे आकर दोनों वर्गो के लोगों को समझाएं ताकि शांति फिर से बहाल हो सके।" कवाल के बाद अखिलेश मलिकपुरा, कांदला और शाहपुर इलाके के बसीगांव व कुडवा गांव गए, जहां उन्होंने राहत शिविरों में रह रहे लोगों से मुलाकात की और वादा किया कि सरकार उनकी मदद और सुरक्षा करेगी। उधर, पूरी घटना को लेकर प्रशासन की कार्रवाई से नाराज कवाल गांव के लोग मुख्यमंत्री से मिलकर ज्ञापन देना चाह रहे थे लेकिन अखिलेश केवल परिजनों से मिलकर चले गए। इससे गांव के लोगों में नाराजगी देखी गई। अखिलेश के साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश से संबंध रखने वाले कैबिनेट मंत्री एवं सपा के प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी भी मुजफ्फरनगर गए हैं।टिप्पणियां मुजफ्फरनगर हिंसा में अब तक 47 लोगों की जान चुकी है। हिंसा के बाद अब हालात तेजी से सामान्य हो रहे हैं। रविवार को मुजफ्फरनगर के तीन थाना क्षेत्रों में जारी कर्फ्यू में रविवार को दिनभर की ढील दी गई। कहीं से हिंसा की खबर नहीं आई। मुजफ्फरनगर और आस-पास के जिलों में सुरक्षा बलों के साथ सेना के जवानों की भारी संख्या में तैनाती रही। अखिलेश के दौरे के बाद अब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सोमवार को मुजफ्फरनगर का दौरा करेंगे। प्रधानमंत्री हिंसाग्रस्त इलाकों में जाकर प्रभावित लोगों से दुख दर्द सुनने के साथ राहत कार्यों का जायजा लेंगे। अटकलें हैं कि उनके साथ कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी मौजूद रह सकते हैं। प्रशासनिक अधिकारियों पर लग रहे लापरवाही के आरोपों पर उन्होंने कहा कि आयोग की जांच में सारा सच सामने आ जाएगा। खुफिया विभाग की नाकामी के साथ ही किन अधिकारियों ने ढिलाई बरती, यह पता चल जाएगा और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। राज्य सरकार ने रविवार को हिंसा रोकने में असफल मुजफ्फरनगर के तत्कालीन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुभाष चंद्र दुबे को निलंबित कर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए। सरकार इसी सिलसिले में पहले छह थाना प्रभारियों को निलंबित कर चुकी है। अखिलेश ने कहा कि हिंसा में लोगों का बहुत नुकसान हुआ है। सरकार सबकी मदद करेगी। जिन लोगों की जान गई, सरकार उनके परिजनों को 10-10 लाख रुपये देने के साथ एक सदस्य को सरकारी नौकरी देगी। जिन लोगों के घर क्षतिग्रस्त हुए, उनके घर की मरम्मत कराएगी। राज्य सरकार प्रभावित लोगों की मदद लाभकारी योजनाओं के जरिए भी करेगी। मुख्यमंत्री ने हिंसा के दौरान उपद्रवियों द्वारा मारे गए टीवी पत्रकार राजेश वर्मा के घर जाकर परिवार से मुलाकात की। अखिलेश ने कहा, "पत्रकारों के साथ मैं राजेश वर्मा के घर गया। उनके परिवार को अब तक 15 लाख रुपये की मदद दी गई है। परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी भी दी जाएगी। उनके परिवार के लिए और जो भी मदद जरूरी होगी, सरकार की तरफ से की जाएगी। मुजफ्फरनगर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री सबसे पहले हेलीकॉप्टर से कवाल गांव पहुंचे जहां उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। कवाल वही गांव है जहां छेड़खानी की घटना में तीन युवकों की मौत हो गई थी और बाद में महापंचायत का आयोजन होने के बाद पूरे मुजफ्फरनगर जिले और आस-पास के इलाकों में हिंसा भड़क गई थी तथा हालात पर काबू पाने के लिए सेना को तैनात करना पड़ा था। मुख्यमंत्री ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "मैं तीनों युवकों के परिवारों से मिला, जिनकी मौत हो गई थी। तीनों के परिजन अपने जवान बेटे को खोकर बहुत दुखी हैं।" उन्होंने कहा, "मैंने तीनों के परिजनों को न्याय और मदद का भरोसा दिलाया। मेरी अपील है कि इलाके के बुजुर्ग और संभ्रात लोग आगे आकर दोनों वर्गो के लोगों को समझाएं ताकि शांति फिर से बहाल हो सके।" कवाल के बाद अखिलेश मलिकपुरा, कांदला और शाहपुर इलाके के बसीगांव व कुडवा गांव गए, जहां उन्होंने राहत शिविरों में रह रहे लोगों से मुलाकात की और वादा किया कि सरकार उनकी मदद और सुरक्षा करेगी। उधर, पूरी घटना को लेकर प्रशासन की कार्रवाई से नाराज कवाल गांव के लोग मुख्यमंत्री से मिलकर ज्ञापन देना चाह रहे थे लेकिन अखिलेश केवल परिजनों से मिलकर चले गए। इससे गांव के लोगों में नाराजगी देखी गई। अखिलेश के साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश से संबंध रखने वाले कैबिनेट मंत्री एवं सपा के प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी भी मुजफ्फरनगर गए हैं।टिप्पणियां मुजफ्फरनगर हिंसा में अब तक 47 लोगों की जान चुकी है। हिंसा के बाद अब हालात तेजी से सामान्य हो रहे हैं। रविवार को मुजफ्फरनगर के तीन थाना क्षेत्रों में जारी कर्फ्यू में रविवार को दिनभर की ढील दी गई। कहीं से हिंसा की खबर नहीं आई। मुजफ्फरनगर और आस-पास के जिलों में सुरक्षा बलों के साथ सेना के जवानों की भारी संख्या में तैनाती रही। अखिलेश के दौरे के बाद अब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सोमवार को मुजफ्फरनगर का दौरा करेंगे। प्रधानमंत्री हिंसाग्रस्त इलाकों में जाकर प्रभावित लोगों से दुख दर्द सुनने के साथ राहत कार्यों का जायजा लेंगे। अटकलें हैं कि उनके साथ कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी मौजूद रह सकते हैं। राज्य सरकार ने रविवार को हिंसा रोकने में असफल मुजफ्फरनगर के तत्कालीन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुभाष चंद्र दुबे को निलंबित कर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए। सरकार इसी सिलसिले में पहले छह थाना प्रभारियों को निलंबित कर चुकी है। अखिलेश ने कहा कि हिंसा में लोगों का बहुत नुकसान हुआ है। सरकार सबकी मदद करेगी। जिन लोगों की जान गई, सरकार उनके परिजनों को 10-10 लाख रुपये देने के साथ एक सदस्य को सरकारी नौकरी देगी। जिन लोगों के घर क्षतिग्रस्त हुए, उनके घर की मरम्मत कराएगी। राज्य सरकार प्रभावित लोगों की मदद लाभकारी योजनाओं के जरिए भी करेगी। मुख्यमंत्री ने हिंसा के दौरान उपद्रवियों द्वारा मारे गए टीवी पत्रकार राजेश वर्मा के घर जाकर परिवार से मुलाकात की। अखिलेश ने कहा, "पत्रकारों के साथ मैं राजेश वर्मा के घर गया। उनके परिवार को अब तक 15 लाख रुपये की मदद दी गई है। परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी भी दी जाएगी। उनके परिवार के लिए और जो भी मदद जरूरी होगी, सरकार की तरफ से की जाएगी। मुजफ्फरनगर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री सबसे पहले हेलीकॉप्टर से कवाल गांव पहुंचे जहां उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। कवाल वही गांव है जहां छेड़खानी की घटना में तीन युवकों की मौत हो गई थी और बाद में महापंचायत का आयोजन होने के बाद पूरे मुजफ्फरनगर जिले और आस-पास के इलाकों में हिंसा भड़क गई थी तथा हालात पर काबू पाने के लिए सेना को तैनात करना पड़ा था। मुख्यमंत्री ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "मैं तीनों युवकों के परिवारों से मिला, जिनकी मौत हो गई थी। तीनों के परिजन अपने जवान बेटे को खोकर बहुत दुखी हैं।" उन्होंने कहा, "मैंने तीनों के परिजनों को न्याय और मदद का भरोसा दिलाया। मेरी अपील है कि इलाके के बुजुर्ग और संभ्रात लोग आगे आकर दोनों वर्गो के लोगों को समझाएं ताकि शांति फिर से बहाल हो सके।" कवाल के बाद अखिलेश मलिकपुरा, कांदला और शाहपुर इलाके के बसीगांव व कुडवा गांव गए, जहां उन्होंने राहत शिविरों में रह रहे लोगों से मुलाकात की और वादा किया कि सरकार उनकी मदद और सुरक्षा करेगी। उधर, पूरी घटना को लेकर प्रशासन की कार्रवाई से नाराज कवाल गांव के लोग मुख्यमंत्री से मिलकर ज्ञापन देना चाह रहे थे लेकिन अखिलेश केवल परिजनों से मिलकर चले गए। इससे गांव के लोगों में नाराजगी देखी गई। अखिलेश के साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश से संबंध रखने वाले कैबिनेट मंत्री एवं सपा के प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी भी मुजफ्फरनगर गए हैं।टिप्पणियां मुजफ्फरनगर हिंसा में अब तक 47 लोगों की जान चुकी है। हिंसा के बाद अब हालात तेजी से सामान्य हो रहे हैं। रविवार को मुजफ्फरनगर के तीन थाना क्षेत्रों में जारी कर्फ्यू में रविवार को दिनभर की ढील दी गई। कहीं से हिंसा की खबर नहीं आई। मुजफ्फरनगर और आस-पास के जिलों में सुरक्षा बलों के साथ सेना के जवानों की भारी संख्या में तैनाती रही। अखिलेश के दौरे के बाद अब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सोमवार को मुजफ्फरनगर का दौरा करेंगे। प्रधानमंत्री हिंसाग्रस्त इलाकों में जाकर प्रभावित लोगों से दुख दर्द सुनने के साथ राहत कार्यों का जायजा लेंगे। अटकलें हैं कि उनके साथ कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी मौजूद रह सकते हैं। अखिलेश ने कहा कि हिंसा में लोगों का बहुत नुकसान हुआ है। सरकार सबकी मदद करेगी। जिन लोगों की जान गई, सरकार उनके परिजनों को 10-10 लाख रुपये देने के साथ एक सदस्य को सरकारी नौकरी देगी। जिन लोगों के घर क्षतिग्रस्त हुए, उनके घर की मरम्मत कराएगी। राज्य सरकार प्रभावित लोगों की मदद लाभकारी योजनाओं के जरिए भी करेगी। मुख्यमंत्री ने हिंसा के दौरान उपद्रवियों द्वारा मारे गए टीवी पत्रकार राजेश वर्मा के घर जाकर परिवार से मुलाकात की। अखिलेश ने कहा, "पत्रकारों के साथ मैं राजेश वर्मा के घर गया। उनके परिवार को अब तक 15 लाख रुपये की मदद दी गई है। परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी भी दी जाएगी। उनके परिवार के लिए और जो भी मदद जरूरी होगी, सरकार की तरफ से की जाएगी। मुजफ्फरनगर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री सबसे पहले हेलीकॉप्टर से कवाल गांव पहुंचे जहां उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। कवाल वही गांव है जहां छेड़खानी की घटना में तीन युवकों की मौत हो गई थी और बाद में महापंचायत का आयोजन होने के बाद पूरे मुजफ्फरनगर जिले और आस-पास के इलाकों में हिंसा भड़क गई थी तथा हालात पर काबू पाने के लिए सेना को तैनात करना पड़ा था। मुख्यमंत्री ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "मैं तीनों युवकों के परिवारों से मिला, जिनकी मौत हो गई थी। तीनों के परिजन अपने जवान बेटे को खोकर बहुत दुखी हैं।" उन्होंने कहा, "मैंने तीनों के परिजनों को न्याय और मदद का भरोसा दिलाया। मेरी अपील है कि इलाके के बुजुर्ग और संभ्रात लोग आगे आकर दोनों वर्गो के लोगों को समझाएं ताकि शांति फिर से बहाल हो सके।" कवाल के बाद अखिलेश मलिकपुरा, कांदला और शाहपुर इलाके के बसीगांव व कुडवा गांव गए, जहां उन्होंने राहत शिविरों में रह रहे लोगों से मुलाकात की और वादा किया कि सरकार उनकी मदद और सुरक्षा करेगी। उधर, पूरी घटना को लेकर प्रशासन की कार्रवाई से नाराज कवाल गांव के लोग मुख्यमंत्री से मिलकर ज्ञापन देना चाह रहे थे लेकिन अखिलेश केवल परिजनों से मिलकर चले गए। इससे गांव के लोगों में नाराजगी देखी गई। अखिलेश के साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश से संबंध रखने वाले कैबिनेट मंत्री एवं सपा के प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी भी मुजफ्फरनगर गए हैं।टिप्पणियां मुजफ्फरनगर हिंसा में अब तक 47 लोगों की जान चुकी है। हिंसा के बाद अब हालात तेजी से सामान्य हो रहे हैं। रविवार को मुजफ्फरनगर के तीन थाना क्षेत्रों में जारी कर्फ्यू में रविवार को दिनभर की ढील दी गई। कहीं से हिंसा की खबर नहीं आई। मुजफ्फरनगर और आस-पास के जिलों में सुरक्षा बलों के साथ सेना के जवानों की भारी संख्या में तैनाती रही। अखिलेश के दौरे के बाद अब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सोमवार को मुजफ्फरनगर का दौरा करेंगे। प्रधानमंत्री हिंसाग्रस्त इलाकों में जाकर प्रभावित लोगों से दुख दर्द सुनने के साथ राहत कार्यों का जायजा लेंगे। अटकलें हैं कि उनके साथ कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी मौजूद रह सकते हैं। मुख्यमंत्री ने हिंसा के दौरान उपद्रवियों द्वारा मारे गए टीवी पत्रकार राजेश वर्मा के घर जाकर परिवार से मुलाकात की। अखिलेश ने कहा, "पत्रकारों के साथ मैं राजेश वर्मा के घर गया। उनके परिवार को अब तक 15 लाख रुपये की मदद दी गई है। परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी भी दी जाएगी। उनके परिवार के लिए और जो भी मदद जरूरी होगी, सरकार की तरफ से की जाएगी। मुजफ्फरनगर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री सबसे पहले हेलीकॉप्टर से कवाल गांव पहुंचे जहां उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। कवाल वही गांव है जहां छेड़खानी की घटना में तीन युवकों की मौत हो गई थी और बाद में महापंचायत का आयोजन होने के बाद पूरे मुजफ्फरनगर जिले और आस-पास के इलाकों में हिंसा भड़क गई थी तथा हालात पर काबू पाने के लिए सेना को तैनात करना पड़ा था। मुख्यमंत्री ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "मैं तीनों युवकों के परिवारों से मिला, जिनकी मौत हो गई थी। तीनों के परिजन अपने जवान बेटे को खोकर बहुत दुखी हैं।" उन्होंने कहा, "मैंने तीनों के परिजनों को न्याय और मदद का भरोसा दिलाया। मेरी अपील है कि इलाके के बुजुर्ग और संभ्रात लोग आगे आकर दोनों वर्गो के लोगों को समझाएं ताकि शांति फिर से बहाल हो सके।" कवाल के बाद अखिलेश मलिकपुरा, कांदला और शाहपुर इलाके के बसीगांव व कुडवा गांव गए, जहां उन्होंने राहत शिविरों में रह रहे लोगों से मुलाकात की और वादा किया कि सरकार उनकी मदद और सुरक्षा करेगी। उधर, पूरी घटना को लेकर प्रशासन की कार्रवाई से नाराज कवाल गांव के लोग मुख्यमंत्री से मिलकर ज्ञापन देना चाह रहे थे लेकिन अखिलेश केवल परिजनों से मिलकर चले गए। इससे गांव के लोगों में नाराजगी देखी गई। अखिलेश के साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश से संबंध रखने वाले कैबिनेट मंत्री एवं सपा के प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी भी मुजफ्फरनगर गए हैं।टिप्पणियां मुजफ्फरनगर हिंसा में अब तक 47 लोगों की जान चुकी है। हिंसा के बाद अब हालात तेजी से सामान्य हो रहे हैं। रविवार को मुजफ्फरनगर के तीन थाना क्षेत्रों में जारी कर्फ्यू में रविवार को दिनभर की ढील दी गई। कहीं से हिंसा की खबर नहीं आई। मुजफ्फरनगर और आस-पास के जिलों में सुरक्षा बलों के साथ सेना के जवानों की भारी संख्या में तैनाती रही। अखिलेश के दौरे के बाद अब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सोमवार को मुजफ्फरनगर का दौरा करेंगे। प्रधानमंत्री हिंसाग्रस्त इलाकों में जाकर प्रभावित लोगों से दुख दर्द सुनने के साथ राहत कार्यों का जायजा लेंगे। अटकलें हैं कि उनके साथ कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी मौजूद रह सकते हैं। अखिलेश ने कहा, "पत्रकारों के साथ मैं राजेश वर्मा के घर गया। उनके परिवार को अब तक 15 लाख रुपये की मदद दी गई है। परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी भी दी जाएगी। उनके परिवार के लिए और जो भी मदद जरूरी होगी, सरकार की तरफ से की जाएगी। मुजफ्फरनगर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री सबसे पहले हेलीकॉप्टर से कवाल गांव पहुंचे जहां उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। कवाल वही गांव है जहां छेड़खानी की घटना में तीन युवकों की मौत हो गई थी और बाद में महापंचायत का आयोजन होने के बाद पूरे मुजफ्फरनगर जिले और आस-पास के इलाकों में हिंसा भड़क गई थी तथा हालात पर काबू पाने के लिए सेना को तैनात करना पड़ा था। मुख्यमंत्री ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "मैं तीनों युवकों के परिवारों से मिला, जिनकी मौत हो गई थी। तीनों के परिजन अपने जवान बेटे को खोकर बहुत दुखी हैं।" उन्होंने कहा, "मैंने तीनों के परिजनों को न्याय और मदद का भरोसा दिलाया। मेरी अपील है कि इलाके के बुजुर्ग और संभ्रात लोग आगे आकर दोनों वर्गो के लोगों को समझाएं ताकि शांति फिर से बहाल हो सके।" कवाल के बाद अखिलेश मलिकपुरा, कांदला और शाहपुर इलाके के बसीगांव व कुडवा गांव गए, जहां उन्होंने राहत शिविरों में रह रहे लोगों से मुलाकात की और वादा किया कि सरकार उनकी मदद और सुरक्षा करेगी। उधर, पूरी घटना को लेकर प्रशासन की कार्रवाई से नाराज कवाल गांव के लोग मुख्यमंत्री से मिलकर ज्ञापन देना चाह रहे थे लेकिन अखिलेश केवल परिजनों से मिलकर चले गए। इससे गांव के लोगों में नाराजगी देखी गई। अखिलेश के साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश से संबंध रखने वाले कैबिनेट मंत्री एवं सपा के प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी भी मुजफ्फरनगर गए हैं।टिप्पणियां मुजफ्फरनगर हिंसा में अब तक 47 लोगों की जान चुकी है। हिंसा के बाद अब हालात तेजी से सामान्य हो रहे हैं। रविवार को मुजफ्फरनगर के तीन थाना क्षेत्रों में जारी कर्फ्यू में रविवार को दिनभर की ढील दी गई। कहीं से हिंसा की खबर नहीं आई। मुजफ्फरनगर और आस-पास के जिलों में सुरक्षा बलों के साथ सेना के जवानों की भारी संख्या में तैनाती रही। अखिलेश के दौरे के बाद अब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सोमवार को मुजफ्फरनगर का दौरा करेंगे। प्रधानमंत्री हिंसाग्रस्त इलाकों में जाकर प्रभावित लोगों से दुख दर्द सुनने के साथ राहत कार्यों का जायजा लेंगे। अटकलें हैं कि उनके साथ कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी मौजूद रह सकते हैं। मुजफ्फरनगर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री सबसे पहले हेलीकॉप्टर से कवाल गांव पहुंचे जहां उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। कवाल वही गांव है जहां छेड़खानी की घटना में तीन युवकों की मौत हो गई थी और बाद में महापंचायत का आयोजन होने के बाद पूरे मुजफ्फरनगर जिले और आस-पास के इलाकों में हिंसा भड़क गई थी तथा हालात पर काबू पाने के लिए सेना को तैनात करना पड़ा था। मुख्यमंत्री ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "मैं तीनों युवकों के परिवारों से मिला, जिनकी मौत हो गई थी। तीनों के परिजन अपने जवान बेटे को खोकर बहुत दुखी हैं।" उन्होंने कहा, "मैंने तीनों के परिजनों को न्याय और मदद का भरोसा दिलाया। मेरी अपील है कि इलाके के बुजुर्ग और संभ्रात लोग आगे आकर दोनों वर्गो के लोगों को समझाएं ताकि शांति फिर से बहाल हो सके।" कवाल के बाद अखिलेश मलिकपुरा, कांदला और शाहपुर इलाके के बसीगांव व कुडवा गांव गए, जहां उन्होंने राहत शिविरों में रह रहे लोगों से मुलाकात की और वादा किया कि सरकार उनकी मदद और सुरक्षा करेगी। उधर, पूरी घटना को लेकर प्रशासन की कार्रवाई से नाराज कवाल गांव के लोग मुख्यमंत्री से मिलकर ज्ञापन देना चाह रहे थे लेकिन अखिलेश केवल परिजनों से मिलकर चले गए। इससे गांव के लोगों में नाराजगी देखी गई। अखिलेश के साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश से संबंध रखने वाले कैबिनेट मंत्री एवं सपा के प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी भी मुजफ्फरनगर गए हैं।टिप्पणियां मुजफ्फरनगर हिंसा में अब तक 47 लोगों की जान चुकी है। हिंसा के बाद अब हालात तेजी से सामान्य हो रहे हैं। रविवार को मुजफ्फरनगर के तीन थाना क्षेत्रों में जारी कर्फ्यू में रविवार को दिनभर की ढील दी गई। कहीं से हिंसा की खबर नहीं आई। मुजफ्फरनगर और आस-पास के जिलों में सुरक्षा बलों के साथ सेना के जवानों की भारी संख्या में तैनाती रही। अखिलेश के दौरे के बाद अब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सोमवार को मुजफ्फरनगर का दौरा करेंगे। प्रधानमंत्री हिंसाग्रस्त इलाकों में जाकर प्रभावित लोगों से दुख दर्द सुनने के साथ राहत कार्यों का जायजा लेंगे। अटकलें हैं कि उनके साथ कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी मौजूद रह सकते हैं। मुख्यमंत्री ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "मैं तीनों युवकों के परिवारों से मिला, जिनकी मौत हो गई थी। तीनों के परिजन अपने जवान बेटे को खोकर बहुत दुखी हैं।" उन्होंने कहा, "मैंने तीनों के परिजनों को न्याय और मदद का भरोसा दिलाया। मेरी अपील है कि इलाके के बुजुर्ग और संभ्रात लोग आगे आकर दोनों वर्गो के लोगों को समझाएं ताकि शांति फिर से बहाल हो सके।" कवाल के बाद अखिलेश मलिकपुरा, कांदला और शाहपुर इलाके के बसीगांव व कुडवा गांव गए, जहां उन्होंने राहत शिविरों में रह रहे लोगों से मुलाकात की और वादा किया कि सरकार उनकी मदद और सुरक्षा करेगी। उधर, पूरी घटना को लेकर प्रशासन की कार्रवाई से नाराज कवाल गांव के लोग मुख्यमंत्री से मिलकर ज्ञापन देना चाह रहे थे लेकिन अखिलेश केवल परिजनों से मिलकर चले गए। इससे गांव के लोगों में नाराजगी देखी गई। अखिलेश के साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश से संबंध रखने वाले कैबिनेट मंत्री एवं सपा के प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी भी मुजफ्फरनगर गए हैं।टिप्पणियां मुजफ्फरनगर हिंसा में अब तक 47 लोगों की जान चुकी है। हिंसा के बाद अब हालात तेजी से सामान्य हो रहे हैं। रविवार को मुजफ्फरनगर के तीन थाना क्षेत्रों में जारी कर्फ्यू में रविवार को दिनभर की ढील दी गई। कहीं से हिंसा की खबर नहीं आई। मुजफ्फरनगर और आस-पास के जिलों में सुरक्षा बलों के साथ सेना के जवानों की भारी संख्या में तैनाती रही। अखिलेश के दौरे के बाद अब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सोमवार को मुजफ्फरनगर का दौरा करेंगे। प्रधानमंत्री हिंसाग्रस्त इलाकों में जाकर प्रभावित लोगों से दुख दर्द सुनने के साथ राहत कार्यों का जायजा लेंगे। अटकलें हैं कि उनके साथ कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी मौजूद रह सकते हैं। कवाल के बाद अखिलेश मलिकपुरा, कांदला और शाहपुर इलाके के बसीगांव व कुडवा गांव गए, जहां उन्होंने राहत शिविरों में रह रहे लोगों से मुलाकात की और वादा किया कि सरकार उनकी मदद और सुरक्षा करेगी। उधर, पूरी घटना को लेकर प्रशासन की कार्रवाई से नाराज कवाल गांव के लोग मुख्यमंत्री से मिलकर ज्ञापन देना चाह रहे थे लेकिन अखिलेश केवल परिजनों से मिलकर चले गए। इससे गांव के लोगों में नाराजगी देखी गई। अखिलेश के साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश से संबंध रखने वाले कैबिनेट मंत्री एवं सपा के प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी भी मुजफ्फरनगर गए हैं।टिप्पणियां मुजफ्फरनगर हिंसा में अब तक 47 लोगों की जान चुकी है। हिंसा के बाद अब हालात तेजी से सामान्य हो रहे हैं। रविवार को मुजफ्फरनगर के तीन थाना क्षेत्रों में जारी कर्फ्यू में रविवार को दिनभर की ढील दी गई। कहीं से हिंसा की खबर नहीं आई। मुजफ्फरनगर और आस-पास के जिलों में सुरक्षा बलों के साथ सेना के जवानों की भारी संख्या में तैनाती रही। अखिलेश के दौरे के बाद अब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सोमवार को मुजफ्फरनगर का दौरा करेंगे। प्रधानमंत्री हिंसाग्रस्त इलाकों में जाकर प्रभावित लोगों से दुख दर्द सुनने के साथ राहत कार्यों का जायजा लेंगे। अटकलें हैं कि उनके साथ कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी मौजूद रह सकते हैं। उधर, पूरी घटना को लेकर प्रशासन की कार्रवाई से नाराज कवाल गांव के लोग मुख्यमंत्री से मिलकर ज्ञापन देना चाह रहे थे लेकिन अखिलेश केवल परिजनों से मिलकर चले गए। इससे गांव के लोगों में नाराजगी देखी गई। अखिलेश के साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश से संबंध रखने वाले कैबिनेट मंत्री एवं सपा के प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी भी मुजफ्फरनगर गए हैं।टिप्पणियां मुजफ्फरनगर हिंसा में अब तक 47 लोगों की जान चुकी है। हिंसा के बाद अब हालात तेजी से सामान्य हो रहे हैं। रविवार को मुजफ्फरनगर के तीन थाना क्षेत्रों में जारी कर्फ्यू में रविवार को दिनभर की ढील दी गई। कहीं से हिंसा की खबर नहीं आई। मुजफ्फरनगर और आस-पास के जिलों में सुरक्षा बलों के साथ सेना के जवानों की भारी संख्या में तैनाती रही। अखिलेश के दौरे के बाद अब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सोमवार को मुजफ्फरनगर का दौरा करेंगे। प्रधानमंत्री हिंसाग्रस्त इलाकों में जाकर प्रभावित लोगों से दुख दर्द सुनने के साथ राहत कार्यों का जायजा लेंगे। अटकलें हैं कि उनके साथ कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी मौजूद रह सकते हैं। अखिलेश के साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश से संबंध रखने वाले कैबिनेट मंत्री एवं सपा के प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी भी मुजफ्फरनगर गए हैं।टिप्पणियां मुजफ्फरनगर हिंसा में अब तक 47 लोगों की जान चुकी है। हिंसा के बाद अब हालात तेजी से सामान्य हो रहे हैं। रविवार को मुजफ्फरनगर के तीन थाना क्षेत्रों में जारी कर्फ्यू में रविवार को दिनभर की ढील दी गई। कहीं से हिंसा की खबर नहीं आई। मुजफ्फरनगर और आस-पास के जिलों में सुरक्षा बलों के साथ सेना के जवानों की भारी संख्या में तैनाती रही। अखिलेश के दौरे के बाद अब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सोमवार को मुजफ्फरनगर का दौरा करेंगे। प्रधानमंत्री हिंसाग्रस्त इलाकों में जाकर प्रभावित लोगों से दुख दर्द सुनने के साथ राहत कार्यों का जायजा लेंगे। अटकलें हैं कि उनके साथ कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी मौजूद रह सकते हैं। मुजफ्फरनगर हिंसा में अब तक 47 लोगों की जान चुकी है। हिंसा के बाद अब हालात तेजी से सामान्य हो रहे हैं। रविवार को मुजफ्फरनगर के तीन थाना क्षेत्रों में जारी कर्फ्यू में रविवार को दिनभर की ढील दी गई। कहीं से हिंसा की खबर नहीं आई। मुजफ्फरनगर और आस-पास के जिलों में सुरक्षा बलों के साथ सेना के जवानों की भारी संख्या में तैनाती रही। अखिलेश के दौरे के बाद अब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सोमवार को मुजफ्फरनगर का दौरा करेंगे। प्रधानमंत्री हिंसाग्रस्त इलाकों में जाकर प्रभावित लोगों से दुख दर्द सुनने के साथ राहत कार्यों का जायजा लेंगे। अटकलें हैं कि उनके साथ कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी मौजूद रह सकते हैं। अखिलेश के दौरे के बाद अब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सोमवार को मुजफ्फरनगर का दौरा करेंगे। प्रधानमंत्री हिंसाग्रस्त इलाकों में जाकर प्रभावित लोगों से दुख दर्द सुनने के साथ राहत कार्यों का जायजा लेंगे। अटकलें हैं कि उनके साथ कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी मौजूद रह सकते हैं।
सारांश: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रविवार को मुजफ्फरनगर के हिंसाग्रस्त क्षेत्रों का दौरा किया और कहा कि वह दुख में सबसे साथ हैं। सरकार पीड़ितों को इंसाफ दिलाएगी और जो लोग हिंसा में शामिल थे उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी।
7
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारतीय महिला तीरंदाजी टीम रविवार को लार्ड्स क्रिकेट मैदान पर लंदन ओलिंपिक तीरंदाजी स्पर्धा के उतार चढ़ाव भरे प्री क्वार्टरफाइनल मुकाबले में महत्वपूर्ण क्षणों में चूक गयी और डेनमार्क से एक अंक से हारकर बाहर हो गई। दुनिया की नंबर एक दीपिका कुमारी, बोम्बाल्या देवी और चेक्रोवोलु स्वुरो की भारतीय तिकड़ी डेनमार्क की लुसे लौरसेन, माजा जागर और कैरिना क्रिस्टियनसन से 210-211 से हार गयी। भारतीय तीरंदाजों ने हालांकि अपनी प्रतिद्वंद्वी टीम से कहीं अधिक परफेक्ट 10 अंक जुटाये लेकिन डेनमार्क की तिकड़ी ने महत्वपूर्ण क्षणों में अपना सर्वश्रेष्ठ किया जिसमें भारतीय दबाव के आगे झुक गयीं।टिप्पणियां बोम्बाल्या हालांकि अच्छी फार्म में दिख रही थी और उसने अंत तक टीम को दौड़ में बनाये रखा। उसने लगातार तीन बार सबसे ज्यादा परफेक्ट 10 अंक जुटाये। लेकिन स्वुरो ने खराब पांच और फिर छह अंक बनाकर टीम को पीछे कर दिया। भारतीयों ने पहले और अंतिम सेट में जीत दर्ज की लेकिन डेनमार्क की टीम ने ओवरआल बढ़त बनायी। इससे पहले पुरूष टीम भी कल प्री क्वार्टरफाइनल चरण में जापान से हारकर बाहर हो गयी थी। तीरंदाज अब कल से शुरू होने वाली व्यक्तिगत स्पर्धाओं में भाग लेंगे। दुनिया की नंबर एक दीपिका कुमारी, बोम्बाल्या देवी और चेक्रोवोलु स्वुरो की भारतीय तिकड़ी डेनमार्क की लुसे लौरसेन, माजा जागर और कैरिना क्रिस्टियनसन से 210-211 से हार गयी। भारतीय तीरंदाजों ने हालांकि अपनी प्रतिद्वंद्वी टीम से कहीं अधिक परफेक्ट 10 अंक जुटाये लेकिन डेनमार्क की तिकड़ी ने महत्वपूर्ण क्षणों में अपना सर्वश्रेष्ठ किया जिसमें भारतीय दबाव के आगे झुक गयीं।टिप्पणियां बोम्बाल्या हालांकि अच्छी फार्म में दिख रही थी और उसने अंत तक टीम को दौड़ में बनाये रखा। उसने लगातार तीन बार सबसे ज्यादा परफेक्ट 10 अंक जुटाये। लेकिन स्वुरो ने खराब पांच और फिर छह अंक बनाकर टीम को पीछे कर दिया। भारतीयों ने पहले और अंतिम सेट में जीत दर्ज की लेकिन डेनमार्क की टीम ने ओवरआल बढ़त बनायी। इससे पहले पुरूष टीम भी कल प्री क्वार्टरफाइनल चरण में जापान से हारकर बाहर हो गयी थी। तीरंदाज अब कल से शुरू होने वाली व्यक्तिगत स्पर्धाओं में भाग लेंगे। भारतीय तीरंदाजों ने हालांकि अपनी प्रतिद्वंद्वी टीम से कहीं अधिक परफेक्ट 10 अंक जुटाये लेकिन डेनमार्क की तिकड़ी ने महत्वपूर्ण क्षणों में अपना सर्वश्रेष्ठ किया जिसमें भारतीय दबाव के आगे झुक गयीं।टिप्पणियां बोम्बाल्या हालांकि अच्छी फार्म में दिख रही थी और उसने अंत तक टीम को दौड़ में बनाये रखा। उसने लगातार तीन बार सबसे ज्यादा परफेक्ट 10 अंक जुटाये। लेकिन स्वुरो ने खराब पांच और फिर छह अंक बनाकर टीम को पीछे कर दिया। भारतीयों ने पहले और अंतिम सेट में जीत दर्ज की लेकिन डेनमार्क की टीम ने ओवरआल बढ़त बनायी। इससे पहले पुरूष टीम भी कल प्री क्वार्टरफाइनल चरण में जापान से हारकर बाहर हो गयी थी। तीरंदाज अब कल से शुरू होने वाली व्यक्तिगत स्पर्धाओं में भाग लेंगे। बोम्बाल्या हालांकि अच्छी फार्म में दिख रही थी और उसने अंत तक टीम को दौड़ में बनाये रखा। उसने लगातार तीन बार सबसे ज्यादा परफेक्ट 10 अंक जुटाये। लेकिन स्वुरो ने खराब पांच और फिर छह अंक बनाकर टीम को पीछे कर दिया। भारतीयों ने पहले और अंतिम सेट में जीत दर्ज की लेकिन डेनमार्क की टीम ने ओवरआल बढ़त बनायी। इससे पहले पुरूष टीम भी कल प्री क्वार्टरफाइनल चरण में जापान से हारकर बाहर हो गयी थी। तीरंदाज अब कल से शुरू होने वाली व्यक्तिगत स्पर्धाओं में भाग लेंगे। भारतीयों ने पहले और अंतिम सेट में जीत दर्ज की लेकिन डेनमार्क की टीम ने ओवरआल बढ़त बनायी। इससे पहले पुरूष टीम भी कल प्री क्वार्टरफाइनल चरण में जापान से हारकर बाहर हो गयी थी। तीरंदाज अब कल से शुरू होने वाली व्यक्तिगत स्पर्धाओं में भाग लेंगे।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: भारतीय महिला तीरंदाजी टीम रविवार को लार्ड्स क्रिकेट मैदान पर लंदन ओलिंपिक तीरंदाजी स्पर्धा के उतार चढ़ाव भरे प्री क्वार्टरफाइनल मुकाबले में महत्वपूर्ण क्षणों में चूक गयी और डेनमार्क से एक अंक से हारकर बाहर हो गई।
11
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election) के नतीजों से पहले आए एग्जिट पोल में चैनल्स के मुताबिक केंद्र में बीजेपी की सरकार वापस आ सकती है. मतगणना से पहले आंध्र प्रदेश मुख्यमंत्री व टीडीपी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू पिछले दो-तीन दिनों से विपक्ष नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं. इस पर तंज कसते हुए बीजेपी के साथ गठबंधन करने वाली महाराष्ट्र की शिवसेना पार्टी ने चंद्रबाबू पर निशाना साधा है. शिवसेना का मुखपत्र 'सामना' अखबार में 'चंद्रबाबू को शुभकामनाएं यह उत्साह बना रहे!' संपादकीय लेख प्रकाशित किया गया है.  सामना अखबार के संपादकीय में लिखा गया है कि ''मानसून के अंडमान में दाखिल होने की खबर आनंददायी है और चंद्रबाबू नायडू द्वारा सरकार स्थापना के लिए की जा रही जोड़-तोड़ के लिए दिल्ली में दाखिल होने की खबर भी मनोरंजक है. यह सच है कि महाराष्ट्र सहित पूरा देश सूखे से जूझ रहा है और मानसून की प्रतिक्षा कर रहा है, पर 23 तारीख को दिल्ली की हवा बदलेगी, क्या इस पर शर्त लगाई जा रही है'' संपादकीय के आखिर में चंद्रबाबू नायडू पर तंज कसते हुए खत्म किया गया है.  इसमें लिखा गया कि ''अमित शाह का आत्मविश्वास कह रहा है कि भाजपा अपने बलबूते 300 सीटें जीतेगी और वह चरण उसने चुनाव के पांचवें चरण में ही पार कर लिया है. अब योगी आदित्यनाथ ने 'अबकी बार 400 पार' का विश्वास जताया है. इस लिए चंद्रबाबू बेवजह स्वयं को क्यों थका रहे हैं? चंद्रबाबू का मौजूदा उत्साह गुरुवार की शाम तक टिका रहे! ऐसी ही हम उन्हें शुभकामनाएं दे रहे हैं.'' बता दें, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चन्द्रबाबू नायडू ने रविवार को संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, राकांपा प्रमुख शरद पवार और माकपा महासचिव सीताराम युचेरी से मुलाकात की. नायडू ने शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में लोकतांत्रिक जनता दल के नेता शरद यादव से जबकि लखनऊ में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और बसपा सुप्रीमो मायावती से भी मुलाकात की थी. नायडू यह प्रयास इसलिये कर रहे हैं ताकि राजग के बहुमत के आकंड़े तक नहीं पहुंचने की सूरत में गैर राजग दलों को एक मंच पर लाकर अगली सरकार के गठन का दावा पेश किया जा सके. तेदेपा प्रमुख नायडू इससे पहले भी विपक्ष के विभिन्न नेताओं के साथ कई दौर की बातचीत कर चुके हैं. इनमें तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और माकपा के महासचिव सीताराम येचुरी शामिल हैं.
संक्षिप्त सारांश: शिवसेना का तंज चंद्रबाबू पर ली चुटकी सामना अखबार का संपादकीय
29
['hin']
एक सारांश बनाओ: नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) और उनके मंत्रिपरिषद के भव्य शपथ ग्रहण (oath ceremony) की तैयारियां लगभग पूरी हो चकी हैं. इस समारोह के लिए करीब 7000 लोगों को न्योता भेजा गया है. समारोह में देश के दिग्गज नेताओं, कई मुख्यमंत्रियों के अलावा कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष शिरकत करेंगे, लेकिन पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने इस समारोह से किनारा कर लिया है. बीजेपी (BJP) और तृणमूल कांग्रेस (Trinmool Congress) के बीच इस मामले में विवाद शुरू हो गया है.   सभी मुख्यमंत्रियों और प्रमुख विपक्षी दलों के नेताओं को आमंत्रित किया गया है. कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी, दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल इसमें शामिल होंगे. एनडीए के सभी मुख्यमंत्री भी दिल्ली पहुंच रहे हैं. लेकिन बंगाल में बीजेपी के 54 राजनीतिक कार्यकर्ताओं की हत्या का आरोप लगाए जाने और सबके परिवारों को शपथ ग्रहण में बुलाने की बात पर ममता बनर्जी भड़क गईं और समारोह में जाने का इरादा बदल दिया. उनका कहना है कि बंगाल में कोई राजनीतिक हत्या नहीं हुई है. उन्होंने ट्वीट किया, "शपथ ग्रहण लोकतंत्र के समारोह का पवित्र अवसर होता है. ऐसा नहीं, जिसका कोई राजनीतिक दल अवमूल्यन करे और इसे अपने राजनीतिक बदले की तरह इस्तेमाल करे." जबकि बीजेपी आरोप लगा रही है कि ममता इसका राजनीतिकरण कर रही हैं. बीजेपी के पश्चिम बंगाल के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि ''पार्टी की बंगाल इकाई ने उन कार्यकर्ताओं को के परिवारों को भी आमंत्रित किया है जिनकी हत्या कर दी गई. मैं मानता हूं कि इसको लेकर राजनीति करने की कोई जरूरत नहीं है.'' इस राजनीतिक विवाद के बीच पीएम मोदी ने बिम्सटेक देशों के सभी राष्ट्राध्यक्षों और किर्ग़िस्तान और मॉरीशस के राष्ट्राध्यक्षों को आमंत्रित किया है. यह कदम भारत के पड़ोस में एक नई सामरिक रणनीति की तरफ इशारा करता है. ऐसी विदेश नीति जिसमें आर्थिक मुद्दों को ज्यादा महत्व दिया जाएगा. साल 2014 में पीएम मोदी ने पाकिस्तान के तत्कालीन पीएम नवाज़ शरीफ समेत सभी सार्क देशों के राष्ट्राध्यक्षों को आमंत्रित किया था.
यह एक सारांश है: बंगाल में बीजेपी कार्यकर्ताओं की हत्याओं के जिक्र पर हुआ विवाद ममता बनर्जी ने कहा कि बंगाल में कोई राजनीतिक हत्या नहीं हुई बीजेपी ने कहा कि इस मामले को लेकर राजनीति न की जाए
21
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सरकार भले ही पिछले लम्बे समय से राष्ट्रीय खेल संघों के कामकाज को लेकर नाखुश हो लेकिन उसने जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम के नवीनीकरण से पहले वहां अपने कार्यालय रखने वाले खेल संघों के प्रति दरियादिली दिखाते हुए उनका लगभग साढ़े तीन करोड़ रुपये का बकाया माफ कर दिया है। यह खुलासा भारतीय खेल प्राधिकरण ने सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के तहत मुहैया कराई गई जानकारी में किया है। साई ने इसके साथ ही कहा है कि राष्ट्रमंडल खेलों के लिए नवीनीकरण से पहले जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में भारतीय ओलिंपिक संघ  (आईओए) और भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) सहित 26 राष्ट्रीय खेल संघों के कार्यालय थे। वरिष्ठ खेल पत्रकार राजेंद्र सजवाण की सूचना के अधिकार के तहत दाखिल अर्जी के जवाब में साई ने खुलासा किया है कि विभिन्न खेल संघों पर 31 मार्च 2008 तक 3,51,97,959 रुपये का बकाया था जिसे साई की 14 अक्तूबर 2008 को हुई आम बैठक में माफ करने का फैसला किया गया था। जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम का राष्ट्रमंडल खेलों के लिए नवीनीकरण कराया गया था जिसके बाद वहां से खेल संघों के कार्यालय हटा दिए गए थे। साई ने बताया कि आईओए और बीसीसीआई के अलावा जिन खेलों से जुड़े महासंघों के इस स्टेडियम में कार्यालय थे उनमें मुक्केबाजी, तीरंदाजी, शतरंज, टेबल टेनिस, गोल्फ, जूडो, जिम्नास्टिक, निशानेबाजी, भारोत्तोलन, कुश्ती, बास्केटबॉल, वालीबाल आदि शामिल हैं। राष्ट्रमंडल खेलों का सचिवालय भी पहले इसी स्टेडियम में बनाया गया था।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सरकार ने नेहरू स्टेडियम के नवीनीकरण से पहले वहां अपने कार्यालय रखने वाले खेल संघों का साढ़े तीन करोड़ का बकाया माफ कर दिया है।
19
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: Vivo ने अब बेहतर और इनोवेटिव फीचर्स को हाइ-एंड स्मार्टफोन के बजाय मिड-रेंज़ सेगमेंट में भी देना शुरू कर दिया है। वीवो का लेटेस्ट स्मार्टफोन है Vivo V15। कम कीमत में कंपनी ने अपने वीवो वी15 में पॉप-अप सेल्फी कैमरे दिया है। यह एक मजबूत स्मार्टफोन है जो प्रभावशाली डिजाइन, तीन रियर कैमरे, बड़ी बैटरी, फास्ट चार्जिंग और हाई-रिजॉल्यूशन वाले 32 मेगापिक्सल सेल्फी कैमरे के साथ आता है। Vivo V15 को भारतीय मार्केट में शाओमी (Xiaomi), असूस (Asus) और सैमसंग (Samsung) ब्रांड के फोन से कड़ी चुनौती मिलेगी। क्या इस प्राइस सेगमेंट में वीवो वी15 (Vivo V15) एक बेहतरीन स्मार्टफोन साबित होगा? आइए वीवो वी15 (Vivo V15 Review) के बारे में विस्तार से जानते हैं। Vivo V15 Pro की तुलना में वीवो वी15 में बड़ा डिस्प्ले है लेकिन वीवो ब्रांड के दोनों ही हैंडसेट का डिजाइन एक समान है। इसकी लंबाई-चौड़ाई 161.97×75.93×8.54 मिलीमीटर और वज़न 189.5 ग्राम है। स्क्रीन के ऊपरी भाग में दिए टच कंट्रोल तक पहुंचने के लिए आपको हाथ थोड़ा स्ट्रैच करना पड़ सकता है। फोन के कर्व्ड एज़ की वजह से फोन हाथ में आसानी से फिट हो जाता है। रियर पैनल पर निशान भी आसानी से पड़ जाते हैं। फोन को कुछ दिनों तक इस्तेमाल करने के बाद हमने पाया कि रियर पैनल पर नीचे की ओर और एज़ पर छोटे स्क्रैच के निशान पड़ गए थे। फिनिश भी ग्लॉसी है जिस वज़ह से उंगलियों के निशान आसानी से पड़ जाते हैं। Vivo V15 के तीन कलर वेरिएंट हैं- फ्रोज़न ब्लैक, ग्लैमर रेड और रॉयल ब्लू रंग। हमारे पास रिव्यू के लिए इसका ग्लैमर रेड वेरिएंट उपलब्ध है, इसका ग्रेडिएंट पैटर्न मजेंटा और डीप मैरून शेड के साथ आता है। बता दें कि फ्रोज़न ब्लैक वेरिएंट में टॉप-टू-बॉटम कलर शिफ्ट इफेक्ट देखने को नहीं मिलेगा। Vivo V15 की बिल्ड क्वालिटी मजबूत है। वीवो वी15 के बैक पैनल पर ग्रेडिएंट फिनिश की झलक देखने को मिलेगी। बिल्ड क्वालिटी की बात करें तो Vivo V15 का बैक पैनल पॉलीकार्बोनेट का बना है और इसके किनारे भी घुमावदार हैं। Vivo V15 एक मजबूत फोन है। वीवो वी15 में फिंगरप्रिंट सेंसर तक हाथ आसानी से पहुंच जाता है। फोन का कैमरा थोड़ा उभरा हुआ है। Vivo V15 Pro की तरह वीवो वी15 में भी पॉप-अप सेल्फी कैमरे को जगह मिली है। मोटराइज्ड सेल्फी कैमरा मॉड्यूल एक सेकेंड में स्मूथली बाहर आता और अंदर जाता है। फोन के दाहिनी तरफ पावर बटन और वॉल्यूम बटन को जगह मिली है। इन्हें सही ढंग से प्लेस किया गया है, यही वज़ह कि बटन तक हाथ आसानी से पहुंच जाता है। स्मार्ट बटन को फोन के बायीं तरफ जगह मिली है, इसकी सहायता से आप गूगल असिस्टेंट को एक्टिवेट या फिर सिंगल प्रेस से गूगल सर्च को शुरू कर पाएंगे। डबल-प्रेस और लॉन्ग-प्रेस करने पर यह इमेज़ रिकग्निशन टूल और गूगल असिस्टेंट विजुअल स्नैपशॉट पेज़ को खोल देता है।   इसके ऊपर ट्रे दी गई है- दो नैनो सिम कार्ड और माइक्रोएसडी कार्ड को लगाया जा सकता है। शुक्र है कि Vivo V15 फोन हाइब्रिड ट्रे के साथ नहीं आता है, इसका मतलब आप एक साथ दो सिम और माइक्रोएसडी कार्ड को लगा पाएंगे। फोन के निचले हिस्से में माइक्रो-यूएसबी पोर्ट, 3.5 मिलीमीटर हेडफोन जैक, माइक्रोफोन और स्पीकर को जगह मिली है। फोन के ऊपरी हिस्से में दूसरा माइक्रोफोन और पॉप-अप कैमरा मॉड्यूल है। Vivo V15 फोन में 6.53 इंच का अल्ट्रा फुलव्यू फुल-एचडी+ (1080x2340 पिक्सल) इनसेल डिस्प्ले के साथ आता है, इसका आस्पेक्ट रेशियो 19.5:9 है। वीवो के मुताबिक, फोन का स्क्रीन-टू-बॉडी रेशियो 90.95 प्रतिशत है जो कॉर्निंग गोरिल्ला ग्लास 5 के साथ आता है। फोन के निचले हिस्से पर बॉर्डर थोड़ा ज्यादा है। ईयरपीस को स्क्रीन के ठीक ऊपर जगह मिली है। अब बात रिटेल बॉक्स में मिलने वाले सामान की। रिटेल बॉक्स में Vivo V15 के अलावा माइक्रो-यूएसबी कैबल, 18 वाट का चार्जर, हार्ड सिलिकॉन केस, एक हेडसेट, एक सिम इजेक्टर टूल है। जैसा कि हमने आपको ऊपर बताया कि वीवो वी15 फोन में 6.53 इंच का अल्ट्रा फुलव्यू फुल-एचडी+ (1080x2340 पिक्सल) इनसेल डिस्प्ले का इस्तेमाल हुआ है। Vivo V15 Pro की तरह इसमें भी सुपर एमोलेड पैनल है जो हमें पसंद आया। इससे कम कीमत में आने वाले सैमसंग ब्रांड के Galaxy A50 और Galaxy A30 (रिव्यू) दोनों ही हैंडसेट में सुपर एमोलेड पैनल दिया गया है। Vivo V15 में स्पीड और मल्टीटास्किंग के लिए 2.1 गीगाहर्ट्ज़ ऑक्टा-कोर मीडियाटेक हीलियो पी70 प्रोसेसर का इस्तेमाल हुआ है। यह एक उपयुक्त प्रोसेसर है। गौर करने वाली बात यह है कि रियलमी 3 (रिव्यू) में भी मीडियाटेक हीलियो पी70 चिपसेट का इस्तेमाल हुआ है लेकिन इसकी कीमत वीवो वी15 की तुलना में बेहद ही कम है। Vivo V15 को मीडियाटेक हीलियो पी70 प्रोसेसर के अलावा 6 जीबी रैम और 64 जीबी स्टोरेज वेरिएंट के साथ उतारा गया है, माइक्रोएसडी कार्ड की मदद से स्टोरेज को 256 जीबी तक बढ़ाना संभव है। वीवो वी15 (Vivo V15) के 6 जीबी रैम और 64 जीबी स्टोरेज वेरिएंट की कीमत 23,990 रुपये है। अब बात कैमरा सेटअप की। वीवो वी15 प्रो की तरह Vivo V15 में भी सेल्फी के लिए 32 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा दिया गया है जिसका अपर्चर एफ/2.0 है। फोन के पिछले हिस्से में तीन रियर कैमरे हैं, 12 मेगापिक्सल का प्राइमरी सेंसर है, जिसका अपर्चर एफ/1.78 है, 8 मेगापिक्सल का सेंसर है जिसका अपर्चर एफ/2.2 है और तीसरा सेंसर 5 मेगापिक्सल का है जिसका अपर्चर एफ/2.4 है। कनेक्टिविटी के लिए वीवो वी15 में 4 जी वीओएलटीई, ब्लूटूथ वर्जन 4.2, माइक्रो-यूएसबी (ओटीजी सपोर्ट के साथ), जीपीएस/ए-जीपीएस और 3.5 मिलीमीटर हेडफोन जैक है। फोन में जान फूंकने के लिए 4,000 एमएएच की बैटरी दी गई है, यह फोन वीवो डुअल-इंजन फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ आता है। Vivo V15 फोन में माइक्रो-यूएसबी पोर्ट का होना आश्चर्यजनक और निराश कर देने वाली बात है जबकि तब जब कम कीमत में आने वाले फोन यूएसबी टाइप-सी स्टैंडर्ड पोर्ट से लैस हैं। Vivo V15 Pro में इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर दिया गया है जबकि वीवो वी15 के पिछले हिस्से में फिंगरप्रिंट सेंसर को जगह मिली है। सॉफ्टवेयर की बात करें तो वीवो वी15 एंड्रॉयड 9 पाई (Android 9 Pie) पर आधारित फनटच ओएस 9 पर चलता है। हमारे पास मौजूद रिव्यू यूनिट जनवरी 2019 सिक्योरिटी पैच पर चलता है। फोन में ऐप ड्रावर नहीं है तो ऐसी स्थिति में आपको होम स्क्रीन पर स्वाइप करके ऐप्स को देखने पड़ेगा। फर्स्ट होम स्क्रीन पर दाहिनी तरफ स्वाइप करने पर स्मार्ट लॉन्चर खुल जाएगा, यहां आपको वेदर, टू-डू लिस्ट, ऐप शॉर्टकट और न्यूज़ हेडलाइन जैसे टास्क कार्ड्स मिलेंगे। इसके अलावा यूनिवर्सल सर्च बार भी है जिसकी मदद से ऐप को खोज सकते हैं, सिस्टम सेटिंग्स पर स्विच कर सकते हैं और क्विक वेब सर्च कर सकते हैं। Vivo V15 में कई ऐप्स पहले से ही प्री-इंस्टॉल हैं जैसे कि गाना (Gaana), फेसबुक (Facebook), पेटीएम (Paytm), न्यूज़प्वाइंट (Newspoint) यूसी ब्राउज़र (UC Browser) और फोन पे (PhonePe)। फनटच ओएस 9 के खुद के भी कुछ फीचर्स हैं। उदाहरण के लिए मैसेज़ स्क्रीन स्पिलिटिंग फीचर है जो इनकमिंग मैसेज़ के नोटिफिकेशन को फ्लोटिंग बबल के रूप में दिखाएगा। इसपर टैप करके आप स्प्लिट-स्क्रीन व्यू में आसानी से मैसेज को खोल सकते हैं। इसके अलावा स्मार्ट लॉक,स्मार्ट मिररिंग और स्मार्ट मोशन जैसे फीचर्स भी उपलब्ध हैं। फनटच ओएस 9 दो पावर सेविंग मोड्स के साथ आता है। 'लो पावर मोड' सीपीयू और जीपीयू की स्पीड को ऑप्टिमाइज़ कर देता है, ऑटोमेटिकली स्क्रीन ब्राइटनेस को कम कर देता है, वाई-फाई और ब्लूटूथ को डिसेबल कर देता है और अन्य उपाय करता है जो पावर की खपत को कम करने में मदद करते हैं। दूसरा मोड है 'एक्सट्रीम पावर-सेविंगस मोड'। यह फोन, मैसेज़, कॉन्टैक्ट और क्लॉक को छोड़कर सभी एक्टिविटी और ऐप्स को बंद कर देता है। परफॉर्मेंस की बात करने से पहले आइए वीवो वी15 के डिस्प्ले की बात करते हैं। वीवो वी15 प्रो की तरह इसमें भी सुपर एमोलेड पैनल है जो 6.53 इंच इन-सेल एलसीडी डिस्प्ले के साथ आता है जिसका रिजॉल्यूशन 1080×2340 पिक्सल है। कलर आउटपुट अच्छा है और टेक्स्ट क्रिस्प नज़र आते हैं। फोन के व्यूइंग एंगल भी अच्छे हैं। फुल-स्क्रीन डिजाइन होने की वज़ह से फोन पर गेम खेलने और फुल-एचडी 60 फ्रेम प्रति सेकेंड वाली वीडियो देखना अच्छा लगता है। वीवो वी15 का डिफॉल्ट कलर प्रोफाइल कोल्डर साइड पर है लेकिन अगर आप चाहें तो अपने पसंद के अनुसार इसे बदल भी सकते हैं। आंखों को थकने से बचाने के लिए कलर टोन को भी एडजस्ट किया जा सकता है। इसे मैनुअली एक्टिवेट या फिर इसे शेड्यूल भी कर सकते हैं। फुल-स्क्रीन डिजाइन काफी अच्छा लगता है लेकिन घुमावदार किनारे कुछ स्क्रीन कंटेंट को हाइड कर देते हैं खासतौर से उन ऐप्स के साथ जो स्केलिंग सपोर्ट नहीं करते। आप चाहें तो प्रति-ऐप के आधार पर फुल-स्क्रीन स्केलिंग को डिसेबल भी कर सकते हैं। ऐसा करने से लैंडस्केप मोड में गेमिंग और वीडियो देखते समय हर साइड पर ब्लैक बार एड हो जाएंगे जो देखने में बिल्कुल भी अच्छे नहीं लगते। ब्राइटनेस के आधार पर अगर बात की जाए तो वीवो वी15 (Vivo V15) का डिस्प्ले थोड़ा बेहतर हो सकता था। फोन को इनडोर में इस्तेमाल करने पर हमें कोई समस्या नहीं हुई लेकिन बाहर दिन की रोशनी में डिस्प्ले उतने अच्छे से नहीं दिखता। ब्राइटनेस को 100 प्रतिशत करने के बाद वीडियो और फोटो डिम लगते हैं। इसके अलावा एक और बात है जो आपको निराश कर सकती है और वो यह है कि वीवो वी15 को Widevine L1 सर्टिफिकेशन प्राप्त नहीं है। गौर करने वाली बात यह है वीवो वी15 प्रो (Vivo V15 Pro) को भी यह सर्टिफिकेशन नहीं मिला है। इसका मतलब आप नेटफ्लिक्स (Netflix) या अमेज़न पर एचडी वीडियो को स्ट्रीम नहीं कर पाएंगे। यह बात बेहद ही हैरान कर देने वाली है कि 20,000 रुपये से महंगा यह मोबाइल भी इस सुविधा से लैस नहीं है। मीडियाटेक हीलियो पी70 प्रोसेसर दिनभर के सभी टॉस्क को अच्छे से हैंडल कर लेता है। सोशल मीडिया और प्रोडक्टिविटी ऐप्स तेजी से खुलते हैं और इनके बीच स्विच करना भी काफी स्मूथ था। 6 जीबी रैम की मदद से बैंकग्राउंड में कई ऐप्स आसानी से चलते हैं। हालांकि, गेमिंग परफॉर्मेंस कुछ खास प्रभावशाली नहीं रही। हमने वीवो वी15 (Vivo V15) में PUBG Mobile, Asphalt 9: Legends और Modern Combat 5 को खेलकर देखा। PUBG Mobile बॉय डिफॉल्ट मीडियम सेटिंग, मीडियम फ्रेम रेट और बैलेंस ग्राफिक्स पर थी। गेमिंग के दौरान अनुभव अधिकतर स्मूथ रहा लेकिन बीच में कई बार ऐसा लगा कि फोन धीमा हो गया। Asphalt 9: Legends बिना किसी समस्या के चली। फनटच ओएस 9 की वज़ह से फोन में गेम क्यूब फीचर दिया गया है जो गेमिंग एक्सपीरियंस को बेहतर बनाता है लेकिन हमें गेम क्यूब लिस्ट से पहले और बाद में किसी तरह का कोई इंप्रूवमेंट नज़र नहीं आया। इसके अलावा इस फोन में ग्रेम-केंद्रित फीचर दिया गया है जिसका नाम है गेम असिस्टेंट। यह बेहतर एक्सपीरियंस के लिए सीपीयू और रैम को ऑप्टिमाइज़ कर देता है। गेमिंग के दौरान एस्पोर्ट्स मोड यूज़र के बैकग्राउंड ऐप्स और नोटिफिकेशन को ब्लॉक कर देता है। एक बात जो गौर करने वाली है वह यह है कि इसमें फेस रिकग्निशन सपोर्ट नहीं दिया गया है। Vivo V15 और Vivo V15 Pro स्मार्टफोन में 32 मेगापिक्सल का सेल्फी कैमरा है जो मोटराइज्ड पॉप-अप मॉड्यूल के साथ आता है। फिलहाल इस बात की जानकारी नहीं है कि भविष्य में सॉफ्टवेयर अपडेट के जरिए इसे यह सिक्योरिटी फीचर मिलेगा या नहीं। ्र वहीं, फिंगरप्रिंट सेंसर भी तेजी से काम करता है और एक सेकेंड से भी कम समय में फोन को अनलॉक कर देता है। वीवो वी15 की कैमरा परफॉर्मेंस की बात करें तो कैमरा यूआई वीवो वी15 प्रो की तरह ही है। नीचे की तरफ डॉक्यूमेंट स्कैनिंग मोड, प्रो मोड, एआई ब्यूटी और एआर स्टीकर्स शॉर्टकर्ट दिए गए हैं। शटर बटन के ऊपर वाइड-एंगल मोड, सीन सिलेक्शन और पोर्टेट मोड को जगह मिली है। ऊपर में आपको सेटिंग सेक्शन के कंट्रोल, पोर्टेट लाइटिंग इफेक्ट, लाइव फोटोज़ और एचडीआर मोड मिलेगा। 12 मेगापिक्सल का प्राइमरी सेंसर है, जिसका अपर्चर एफ/1.78 है, कंपनी का दावा है कि मेन कैमरा 24 मिलियन फोटो सेंसेटिव यूनिट से लैस है और यह डुअल पिक्सल फोकसिंग तकनीक के साथ आता है जो ब्राइट फोटो देता है। वीवो वी15 से ली गई तस्वीरों में डिटेल और कलर्स सही से कैप्चर हुए। मैक्रो शॉट्स में Vivo V15 से ली गई तस्वीरें काफी अच्छी आई। सब्जेक्ट के साथ कलर्स और डिटेल भी अच्छे से कैप्चर हुए। शेड वाइब्रेंट आए और ग्रेडिएंट भी अच्छे थे। वीवो वी15 की तुलना में रेडमी नोट 7 प्रो से लिए क्लॉज-अप शॉट बेहतर कैप्चर हुए थे। दिन की रोशनी में ली गई तस्वीरें क्रिस्प आईं, डायनामिक रेंज़ और फोटो में शॉर्पनेस भी अच्छी है। लो-लाइट में ली गई तस्वीरों में ग्रेनी टेक्चर और नॉयस की झलक देखने को मिली। तुलना की जाए तो Redmi Note 7 Pro (रिव्यू) इससे बेहतर साबित हुआ था। पोर्टेट शॉट्स में यह फोन अच्छी डेप्थ कैप्चर करता है। हमें यह बात अच्छी लगी कि तस्वीर लेने से पहले और बाद में ब्लर इफेक्ट को एडजस्ट किया जा सकता है। Vivo V15 के कैमरा फोकस को अच्छे से लॉक कर लेते हैं लेकिन एज डिटेक्शन बेहतर हो सकता था। वाइड-एंगल कैमरा यूज़र को वाइड पैनारोमा कैप्चर करने में मदद करता है। हमें किसी तरह का कोई बैरेल डिस्टॉर्शन देखने को नहीं मिला। वीडियो फुल-एचडी रिजॉल्यूशन के साथ 30 फ्रेम प्रति सेकेंड पर रिकॉर्ड होती है। यह बात आपको थोड़ी निराश कर सकती है कि वीवो वी15 (Vivo V15) 60 फ्रेम प्रति सेकेंड पर 4के या फुल-एचडी वीडियो रिकॉर्ड करने में सक्षम नहीं है। वीडियो रिकॉर्डिंग अच्छी आई लेकिन फोन में स्टेबलाइजेशन ना होने का मतलब है कि वीडियो में शेकिंग और कंपन का एहसास होगा। स्लो-मोशन में वीडियो 30 फ्रेम प्रति सेकेंड पर 1280 x 720 पिक्सल रिजॉल्यूशन के साथ रिकॉर्ड होती हैं। 32 मेगापिक्सल सेल्फी कैमरा से ली गई तस्वीरों में डिटेल बेहद ही अच्छे से कैप्चर हुई, इसमें कलर रीप्रोडक्शन और शॉर्पनेस भी अच्छी आई। एज डिटेक्शन भी सटीक है। स्टूडियो लाइटिंग इफेक्ट की मदद से आप फिल्टर्स और कलरफुल इफेक्ट्स को भी जोड़ सकते हैं। एआई ब्यूटी मोड कई विकल्प के साथ आता है जैसे कि स्किन स्मूथनिंग, स्किन लाइटनिंग, जॉलाइन स्लिमिंग और आई एनलार्जमेंट। इसके अलावा फुल-बॉडी ब्यूटीफिकेशन टूल भी हैं जो वेस्ट लाइन को कम कर देते हैं और लेग को पतला या बड़े बना देते हैं। फेस ब्यूटीफिकेशन फिल्टर पूरी तस्वीर में कलर प्रोफाइल को चेंज कर देता है। वीवो वी15 प्रो की तुलना में Vivo V15 की बैटरी परफॉर्मेंस बेहतर है। फोन में जान फूंकने के लिए 4,000 एमएएच की बैटरी दी गई है जो पूरा दिन चलती है। हमने फोन को रेगुलर यूज़ किया जैसे कि हमारा फोन पूरे दिन वाई-फाई से कनेक्ट था, सोशल मीडिया और प्रोडक्टिविटी ऐप्स का इस्तेमाल, वायरलेस हेडफोन के साथ घंटों तक म्यूज़िक सुनना, एक घंटे तक गेमिंग और कॉलिंग के बाद भी दिन के अंत में 30-35 प्रतिशत बैटरी शेष थी। हमारे एचडी वीडियो लूप टेस्ट में वीवो वी15 ने 15 घंटे और 22 मिनट तक साथ निभाया। ज्यादा ब्राइटनेस करने के बाद 30 मिनट तक PUBG Mobile खेलने पर 9 प्रतिशत बैटरी खपत हुई। फोन के साथ आपको 18 वाट का चार्जर मिलेगा जो 30 मिनट में फोन को 0 से 40 प्रतिशत तक चार्ज कर देता है एक घंटे में 75 प्रतिशत तक चार्ज कर देता है। फोन को फुल चार्ज होने में तकरीबन 1 घंटे 40 मिनट तक का समय लगता है। हमें वीवो वी15 की बैटरी लाइफ, सुंदर डिजाइन, मजबूत बिल्ड क्वालिटी और फ्रंट कैमरा ने इंप्रेस किया। फोन में हां कुछ खामियां भी हैं जैसे कि यह फोन माइक्रो-यूएसबी पोर्ट के साथ आता है और इसमें आप Netflix पर एचडी वीडियो को स्ट्रीम नहीं कर सकते है। इस कीमत में लो-लाइट कैमरा परफॉर्मेस औसत है। Vivo का मुकाबला मार्केट में कम कीमत वाले फोन Redmi Note 7 Pro से होगा जो पावरफुल प्रोसेसर, बेहतर रियर कैमरे, बड़ी बैटरी, यूएसबी टाइप-सी पोर्ट, प्रभावशाली बिल्ड क्वालिटी के साथ आता है। इसकी कीमत 13,999 रुपये है। Realme 3 में भी उसी प्रोसेसर का इस्तेमाल हुआ है जो वीवो वी15 में है। गौर करने वाली बात यह है कि रियलमी 3 की शुरुआती कीमत 8,999 रुपये है। Vivo V15 को Samsung Galaxy A50 (रिव्यू) से भी सीधी टक्कर मिलेगी। यह फोन सुपर एमोलेड डिस्प्ले, तीन रियर कैमरा और इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर से लैस है। इसके अलावा वीवो वी15 को Oppo F11 Pro (रिव्यू) से टक्कर मिलेगी जो पॉप-अप सेल्फी कैमरा, बेहतर कैमरा परफॉर्मेंस के साथ आता है। इस कीमत में Poco F1 और Asus ZenFone 5Z जैसे फ्लैगशिप-ग्रेड वाले फोन भी मौजूद हैं।
यह एक सारांश है: हीलियो पी70 प्रोसेसर का इस्तेमाल हुआ है वीवो वी15 में Vivo V15 में 32 मेगापिक्सल का पॉप-अप सेल्फी कैमरा है Vivo V15 में 6.53 इंच का फुल-एचडी+ इनसेल फुलव्यू डिस्प्ले है
9
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पुलिस ने यहां धर्मकोट गांव में जांच के दौरान दो कथित मादक पदार्थ तस्करों को गिरफ्तार किया और उनके पास से 1.86 लाख रुपये मूल्य के 2,000 रुपये के नकली नोट जब्त किए. मुखबिर से खबर मिलने पर आरोपियों को कल उस समय गिरफ्तार किया गया, जब वे कार में यात्रा कर रहे थे. इनकी पहचान जगदीश सिंह और बूटा सिंह के रूप में की गई है. इनके पास से दो ग्राम हेरोइन भी बरामद की गई है.टिप्पणियां पुलिस ने कहा कि ये आरोपी मोगा, फिरोजपुर और जगरोआं में नकली नोटों और मादक पदार्थों की आपूर्ति करने में सक्रिय थे और ये राजस्थान से मादक पदार्थ लाया करते थे. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) मुखबिर से खबर मिलने पर आरोपियों को कल उस समय गिरफ्तार किया गया, जब वे कार में यात्रा कर रहे थे. इनकी पहचान जगदीश सिंह और बूटा सिंह के रूप में की गई है. इनके पास से दो ग्राम हेरोइन भी बरामद की गई है.टिप्पणियां पुलिस ने कहा कि ये आरोपी मोगा, फिरोजपुर और जगरोआं में नकली नोटों और मादक पदार्थों की आपूर्ति करने में सक्रिय थे और ये राजस्थान से मादक पदार्थ लाया करते थे. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पुलिस ने कहा कि ये आरोपी मोगा, फिरोजपुर और जगरोआं में नकली नोटों और मादक पदार्थों की आपूर्ति करने में सक्रिय थे और ये राजस्थान से मादक पदार्थ लाया करते थे. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह एक सारांश है: धर्मकोट गांव में जांच के दौरान दो कथित मादक पदार्थ तस्करों को गिरफ्तार इनकी पहचान जगदीश सिंह और बूटा सिंह के रूप में की गई है आरोपी मोगा, फिरोजपुर, जगरोआं में नकली नोटों की आपूर्ति करने में सक्रिय थे
2
['hin']
एक सारांश बनाओ: केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने देश में असहिष्णुता को लेकर अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के बयान के बारे में जारी बहस के बीच रविवार को कहा कि हिन्दुस्तान जितना सहिष्णु मुल्क दुनिया में कोई और नहीं है. उन्होंने उत्तर प्रदेश को राज्य हिस्सों में बांटने की मांग को गैरजरूरी बताते हुए कहा कि आबादी बोझ नहीं बल्कि जनसांख्यिकी लाभांश है. सिंह ने किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के 114वें स्थापना दिवस समारोह से इतर संवाददाताओं से बातचीत में अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के हाल के बयान के बारे में सवाल पर कहा, ‘‘भारत में जितनी सहिष्णुता है, मैं समझता हूं कि दुनिया में ढूंढने से भी नहीं मिलेगी. भारत दुनिया का ऐसा इकलौता देश है जहां विश्व के सभी प्रमुख धर्म पाये जाते हैं. यानी सारे धर्मों के मानने वाले लोग अगर कहीं मिल जुलकर रह रहे हैं, तो वह भारत ही है.'' उन्होंने कहा,‘‘मैं दोहराना चाहूंगा कि इस्लामी देशों में भी इस्लाम के सभी 72 फिरके एक साथ नहीं मिलते. केवल भारत में ही मुसलमानों के ये सभी फिरके मौजूद हैं इसलिये यहां पर असहिष्णुता का कोई सवाल ही नहीं.'' गौरतलब है कि मशहूर अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने हाल में एक बयान में कहा था कि भारत में गाय की जान की कीमत आदमी की जान से ज्यादा हो गयी है. देश में ऐसा माहौल बन गया है कि उन्हें अपने बच्चों की चिंता होती है कि कहीं कोई भीड़ उन्हें घेरकर उनका मजहब ना पूछने लगे. केन्द्रीय गृह मंत्री ने एक अन्य कार्यक्रम में अपने सम्बोधन में उत्तर प्रदेश को चार हिस्सों में बांटने की मांग को अवांछित और गैरजरूरी बताते हुए कहा कि आबादी कोई बोझ नहीं बल्कि एक लाभांश है और उसका सही इस्तेमाल किया जाना चाहिये. सिंह ने ‘उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान‘ समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि लोग यह कहते हैं कि उत्तर प्रदेश का बंटवारा किये बगैर इसका विकास नहीं हो सकता. कल को कोई यह भी कहना शुरू करेगा कि आबादी के लिहाज से चीन के बाद भारत सबसे बड़ा देश है और यह मुल्क भी तब तक विकसित नहीं हो सकता, जब तक इसके टुकड़े ना किये जाएं. उन्होंने कहा, ‘‘जनसंख्या को कभी बोझ नहीं माना जाना चाहिये. यह एक डेमोग्रैफिक डिविडेंट (जनसांख्यिकीय लाभांश) है. जनसंख्या हमारी श्रमशक्ति है. इसका उपयोग कैसे किया जाए और हम देश के विकास में उसका अधिकतम योगदान कैसे सुनिश्चित कर सकते हैं, इसकी तकनीक खोजने की जरूरत है. अनावश्यक परेशान होने की जरूरत नहीं है.'' सिंह ने इस मौके पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान करने वाली 24 हस्तियों को ‘उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान' से नवाजा. गौरतलब है कि दिल्ली में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी विकास की दृष्टि से उत्तर प्रदेश को चार हिस्सों में बांटने की मांग कर रही है. इसके लिये वह हाल में हस्ताक्षर अभियान भी चला चुकी है. इसके अलावा खुद उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा की सहयोगी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी भी उत्तर प्रदेश को चार हिस्सों में बांटने की मांग कर रही है और आगामी लोकसभा चुनाव में वह इस मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाएगी. वैसे, उत्तर प्रदेश के बंटवारे की मांग पहले भी कई बार उठ चुकी है, मगर इस पर कोई ठोस कदम तत्कालीन मायावती सरकार ने उठाया था। नवम्बर 2011 में मायावती सरकार ने राज्य को चार हिस्सों पूर्वांचल, पश्चिम प्रदेश, बुंदेलखण्ड और अवध प्रदेश में बांटने का प्रस्ताव विधानसभा में पारित करवाकर केन्द्र के पास भेजा था.
यहाँ एक सारांश है:गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने नसीरुद्दीन शाह पर दिया बड़ा बयान कहा- भारत से ज्यादा कोई देश सहिष्णु नहीं राजनाथ सिंह ने और भी कई मसलों पर रखी बेबाक राय
15
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: सोमवार को प्रज्ञा ठाकुर ने बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा और संगठन महामंत्री बीएल संतोष से मुलाकात की. बताया जा रहा है कि इस पर बीजेपी अपना बयान जारी कर सकती है. वहीं पार्टी प्रज्ञा ठाकुर के बायन से खुद को अलग कर सकती है. प्रज्ञा ठाकुर का बयान इसलिए सवालों में है क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वच्छ भारत अभियान के तहत देश को स्वच्छ और खुले में शौच मुक्त बनाने के लिए एक मिशन मोड पर काम करने की बात करते रहे हैं. सीहोर के सरकारी गेस्ट हाउस में स्थानीय बीजेपी विधायक सुदेश राय की मौजूदगी में पार्टी के कार्यकर्ताओं से बातचीत में ठाकुर ने कहा ''हम आपके नाले और शौचालय को साफ करने के लिए नहीं चुने गए हैं, कृपया इसे समझें. जिन कार्यों के लिए हम चुने गए हैं, उन्हें ईमानदारी से किया जाएगा.” आगे उन्होंने यह भी जोड़ा कि निर्वाचन क्षेत्र के समग्र विकास के लिए स्थानीय विधायक और नगरपालिका पार्षदों सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ काम करना संसद के सदस्य का कर्तव्य है." ठाकुर ने कहा कि स्थानीय समस्याओं को हल करने के लिए, हमें अपने स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा ऐसे काम करवाने की जरूरत है. ठाकुर ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा, "मुझे हर वक्त फोन करने के बजाए, अपने स्थानीय मुद्दों के काम स्थानीय प्रतिनिधियों के माध्यम से करवाएं.''
संक्षिप्त पाठ: प्रज्ञा ने मध्यप्रदेश के सीहोर जिले में बीजपी कार्यकर्ताओं से कही थी बात प्रज्ञा ने जेपी नड्डा और संगठन महामंत्री बीएल संतोष से मुलाकात की नड्डा ने साध्वी प्रज्ञा ठाकुर से कहा है कि आगे से इस तरह के बयान न दें
13
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की ओर से नम हवाएं बढ़ गई हैं जिससे पर्यावरण में नमी बढ़ी है. इससे गुरुवार से एक या दो बार गर्जना के साथ हल्की बारिश हो सकती है. निजी मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट ने आईएएनएस को बताया कि 5 और 6 जुलाई को गरज बढ़ने की संभावना है. स्काईमेट के प्रमुख मौसम वैज्ञानिक महेश पलावत ने बताया कि मॉनसून की वास्तविक शुरुआत 6 जुलाई से होने की संभावना है. भारतीय मौसम विभाग की ओर से बुधवार को जारी एक बुलेटिन में बताया गया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून पूर्वी राज्यस्थान के कुछ हिस्सों समेत मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्से, छत्तीसगढ़ के शेष बचे हिस्से, उत्तर प्रदेश के कुछ और हिस्सों के अलावा उत्तराखंड के अधिकांश हिस्सों के साथ ही कुछ अन्य हिस्सों में आगे बढ़ा है. इसी तरह से हिमाचल प्रदेश व जम्मू एवं कश्मीर के कुछ हिस्सों में यह बढ़ा है. सामान्य तौर पर मानसून 29 जून को दिल्ली से टकराता है मगर इस बार इसमें एक सप्ताह की देरी हुई है।
यह एक सारांश है: दिल्ली-एनसीआर में मौसम हुआ सुहावना अगले कुछ घंटों में बारिश के आसार जानें आपके राज्य में कब होगी वर्षा
2
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मकर संक्रांति (Makar Sankranti) हिन्‍दुओं का प्रमुख त्‍योहार है. यह एक ऐसा त्‍योहार है जो किसी राज्‍य विशेष में नहीं बल्‍कि देश के कोने-कोने में मनाया जाता है. भारत के व‍िभिन्‍न राज्‍यों में मकर संक्रांति का पर्व अलग-अलग नामों से जाना जाता है और इसे मनाने का तरीका भी एक-दूसरे से अलग है. बंगाल में इस पर्व के द‍िन मिठाइयां बनाई जाती हैं तो पंजाब में नाच-गाने के साथ 'लोहड़ी' (Lohri) मनाई जाती है. उत्तर प्रदेश में इसे 'ख‍िचड़ी' (Khichdi) कहते हैं तो गुजरात में इस द‍िन पतंग उड़ाने का व‍िशेष महत्‍व है. सूर्य उपासना के साथ ही देश के तमाम राज्‍य अपने-अपने अंदाज में हर्षोल्‍लास के साथ इस त्‍योहार का स्‍वागत करते हैं. मकर संक्रांति के दिन सूर्य उत्तरायण होता है. पंरपराओं के मुताबिक इस दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है और इसी के साथ सभी शुभ काम शुरू हो जाते हैं. इस बार मकर संक्रांति 14 जनवरी के बजाए 15 जनवरी को है.
मकर संक्रांति का त्‍योहार पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाता है देश भर में इस कृषि पर्व को अलग-अलग नामों से मनाया जाता है सूर्य के दक्षिणायन से उत्तरायण होने पर यह पर्व मनाया जाता है
6
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: बता दें कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन की कशमकश के बाद कांग्रेस की तरफ से यह खबर आई है. एक दिन पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने  ट्वीट करके जानकारी दी थी कि वह दिल्ली में आम आदमी पार्टी (Aam Adami Party) संग गठबंधन करने को तैयार हैं. राहुल ने यह भी सुनिश्चित किया था कि वह दिल्ली की 4 सीटें देने को तैयार हैं. इस मसले में आप मुखिया व दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने भी अपनी प्रतिक्रिया ट्विटर के जरिए ही दे दी. दिल्ली में कुल 7 सीटों पर होने वाले लोकसभा चुनाव में 4 सीटें देने को तैयार होते हुए राहुल गांधी ने लिखा, ''कांग्रेस और AAP के गठबंधन का मतलब है बीजेपी का सफाया. यह सुनिश्चित करने के लिए कांग्रेस आम आदमी पार्टी को दिल्‍ली की 4 सीटें देने को तैयार है. लेकिन केजरीवाल ने फिर यू टर्न ले लिया. हमारे दरवाजे अब भी खुले हैं, लेकिन समय बीतता जा रहा है.''
सारांश: शीला दीक्षित पूर्वी दिल्ली से लड़ेंगी: सूत्र AAP की आतिशी से शीला का मुकाबला: सूत्र अजय माकन नई दिल्ली से लड़ेंगे: सूत्र
33
['hin']
एक सारांश बनाओ: रिकॉर्डों के बादशाह सचिन तेंदुलकर केवल 27 रन से अपने बहुप्रतीक्षित महाशतक से चूक गए, लेकिन इसके साथ ही वह टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक अर्धशतक बनाने वाले बल्लेबाज भी बन गए। अपना 185वां टेस्ट मैच खेल रहे तेंदुलकर ने ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान एलन बोर्डर को पीछे छोड़ा, जिन्होंने अपने 156 टेस्ट मैच के करियर में 63 अर्धशतक जमाए थे। राहुल द्रविड़ के नाम पर भी अब 63 अर्धशतक दर्ज हैं, लेकिन वह अभी 68 रन बनाकर खेल रहे हैं और उनके पास इसे शतक में तब्दील करने का मौका है। अब तक टेस्ट मैचों में 51 और वनडे में 48 शतक लगा चुके तेंदुलकर को पिछले 10 महीने से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 100वें शतक का इंतजार है। इसके बाद वह आठ टेस्ट मैच की 14 पारियां और चार एकदिवसीय मैच खेल चुके हैं, लेकिन उनमें तिहरे अंक में पहुंचने में नाकाम रहे। इस बीच तेंदुलकर ने सात अर्धशतक जमाए। वह दो बार 90 रन के पार भी पहुंचे, लेकिन शतक का इंतजार समाप्त नहीं कर पाए। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ ओवल में 91 और वेस्टइंडीज के खिलाफ मुंबई में 94 रन बनाए थे। मेलबर्न टेस्ट की पहली पारी में तेंदुलकर जिस तरह से बल्लेबाजी कर रहे थे, उससे लग रहा था कि वह शतक का इंतजार खत्म कर देंगे, लेकिन दिन के अंतिम ओवर में पीटर सिडल की अंदर आती गेंद पर उनका ऑफ स्टंप उखड़ गया। इसके साथ ही शतक के इंतजार में उनके नाम पर एक पारी और जुड़ गई। यह संख्या अब 18 पारियों पर पहुंच गई है।
अपना 185वां टेस्ट खेल रहे तेंदुलकर ने ऑस्ट्रेलिया के एलन बोर्डर को पीछे छोड़ा, जिन्होंने 156 टेस्ट मैच के करियर में 63 अर्धशतक जमाए थे।
26
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: डॉलर के मुकाबले रुपया में मजबूती के रुख के बीच पेट्रोलियम उत्पादों का खुदरा कारोबार करने वाली प्रमुख सरकारी कंपनी ने पेट्रोल के दाम में 56 पैसे प्रति लीटर की कटौती की। नई कीमतें मध्यरात्रि से प्रभावी होंगी। दिल्ली में इंडियन ऑयल के पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल के दाम को घटकर 67.90 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। यह फिलहाल 68.46 रुपये प्रति लीटर था। भारत पेट्रोलियम कारपोरेशन और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कारपोरेशन द्वारा भी इसी अनुरूप पेट्रोल की कीमतें घटाए जाने की परंपरा रही है। हालांकि, इनके पंपों पर कीमतों में इंडियन ऑयल की तुलना में एक या दो पैसे प्रति लीटर का अंतर हो सकता है। इंडियन ऑयल ने कहा, ‘पेट्रोल की कीमत 56 पैसे प्रति लीटर घटाने का निर्णय किया गया है जिसमें दिल्ली में राज्य कर शामिल नहीं हैं। नई कीमत 9 अक्टूबर से प्रभावी होगी।’ टिप्पणियां मुंबई में पेट्रोल 71 पैसे घटाकर 74.43 रुपये प्रति लीटर और कोलकाता में कीमत 70 पैसे घटाकर 75.44 रुपये प्रति लीटर किया जाएगा। वहीं चेन्नई में कीमत 71.48 रुपये प्रति लीटर हो जाएगी जो अभी 72.19 रुपये प्रति लीटर है। उल्लेखनीय है कि सरकार ने जून, 2010 में पेट्रोल को मूल्य निर्धारण से मुक्त कर दिया था जिससे तेल कंपनियों को लागत के मुताबिक कीमत तय करने की छूट मिल गई। इससे पहले पेट्रोल की कीमत 24 जून को 70 पैसे प्रति लीटर बढ़ाई गई थी। दिल्ली में इंडियन ऑयल के पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल के दाम को घटकर 67.90 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। यह फिलहाल 68.46 रुपये प्रति लीटर था। भारत पेट्रोलियम कारपोरेशन और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कारपोरेशन द्वारा भी इसी अनुरूप पेट्रोल की कीमतें घटाए जाने की परंपरा रही है। हालांकि, इनके पंपों पर कीमतों में इंडियन ऑयल की तुलना में एक या दो पैसे प्रति लीटर का अंतर हो सकता है। इंडियन ऑयल ने कहा, ‘पेट्रोल की कीमत 56 पैसे प्रति लीटर घटाने का निर्णय किया गया है जिसमें दिल्ली में राज्य कर शामिल नहीं हैं। नई कीमत 9 अक्टूबर से प्रभावी होगी।’ टिप्पणियां मुंबई में पेट्रोल 71 पैसे घटाकर 74.43 रुपये प्रति लीटर और कोलकाता में कीमत 70 पैसे घटाकर 75.44 रुपये प्रति लीटर किया जाएगा। वहीं चेन्नई में कीमत 71.48 रुपये प्रति लीटर हो जाएगी जो अभी 72.19 रुपये प्रति लीटर है। उल्लेखनीय है कि सरकार ने जून, 2010 में पेट्रोल को मूल्य निर्धारण से मुक्त कर दिया था जिससे तेल कंपनियों को लागत के मुताबिक कीमत तय करने की छूट मिल गई। इससे पहले पेट्रोल की कीमत 24 जून को 70 पैसे प्रति लीटर बढ़ाई गई थी। भारत पेट्रोलियम कारपोरेशन और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कारपोरेशन द्वारा भी इसी अनुरूप पेट्रोल की कीमतें घटाए जाने की परंपरा रही है। हालांकि, इनके पंपों पर कीमतों में इंडियन ऑयल की तुलना में एक या दो पैसे प्रति लीटर का अंतर हो सकता है। इंडियन ऑयल ने कहा, ‘पेट्रोल की कीमत 56 पैसे प्रति लीटर घटाने का निर्णय किया गया है जिसमें दिल्ली में राज्य कर शामिल नहीं हैं। नई कीमत 9 अक्टूबर से प्रभावी होगी।’ टिप्पणियां मुंबई में पेट्रोल 71 पैसे घटाकर 74.43 रुपये प्रति लीटर और कोलकाता में कीमत 70 पैसे घटाकर 75.44 रुपये प्रति लीटर किया जाएगा। वहीं चेन्नई में कीमत 71.48 रुपये प्रति लीटर हो जाएगी जो अभी 72.19 रुपये प्रति लीटर है। उल्लेखनीय है कि सरकार ने जून, 2010 में पेट्रोल को मूल्य निर्धारण से मुक्त कर दिया था जिससे तेल कंपनियों को लागत के मुताबिक कीमत तय करने की छूट मिल गई। इससे पहले पेट्रोल की कीमत 24 जून को 70 पैसे प्रति लीटर बढ़ाई गई थी। इंडियन ऑयल ने कहा, ‘पेट्रोल की कीमत 56 पैसे प्रति लीटर घटाने का निर्णय किया गया है जिसमें दिल्ली में राज्य कर शामिल नहीं हैं। नई कीमत 9 अक्टूबर से प्रभावी होगी।’ टिप्पणियां मुंबई में पेट्रोल 71 पैसे घटाकर 74.43 रुपये प्रति लीटर और कोलकाता में कीमत 70 पैसे घटाकर 75.44 रुपये प्रति लीटर किया जाएगा। वहीं चेन्नई में कीमत 71.48 रुपये प्रति लीटर हो जाएगी जो अभी 72.19 रुपये प्रति लीटर है। उल्लेखनीय है कि सरकार ने जून, 2010 में पेट्रोल को मूल्य निर्धारण से मुक्त कर दिया था जिससे तेल कंपनियों को लागत के मुताबिक कीमत तय करने की छूट मिल गई। इससे पहले पेट्रोल की कीमत 24 जून को 70 पैसे प्रति लीटर बढ़ाई गई थी। मुंबई में पेट्रोल 71 पैसे घटाकर 74.43 रुपये प्रति लीटर और कोलकाता में कीमत 70 पैसे घटाकर 75.44 रुपये प्रति लीटर किया जाएगा। वहीं चेन्नई में कीमत 71.48 रुपये प्रति लीटर हो जाएगी जो अभी 72.19 रुपये प्रति लीटर है। उल्लेखनीय है कि सरकार ने जून, 2010 में पेट्रोल को मूल्य निर्धारण से मुक्त कर दिया था जिससे तेल कंपनियों को लागत के मुताबिक कीमत तय करने की छूट मिल गई। इससे पहले पेट्रोल की कीमत 24 जून को 70 पैसे प्रति लीटर बढ़ाई गई थी। उल्लेखनीय है कि सरकार ने जून, 2010 में पेट्रोल को मूल्य निर्धारण से मुक्त कर दिया था जिससे तेल कंपनियों को लागत के मुताबिक कीमत तय करने की छूट मिल गई। इससे पहले पेट्रोल की कीमत 24 जून को 70 पैसे प्रति लीटर बढ़ाई गई थी।
यह एक सारांश है: डॉलर के मुकाबले रुपया में मजबूती के रुख के बीच पेट्रोलियम उत्पादों का खुदरा कारोबार करने वाली प्रमुख सरकारी कंपनी ने पेट्रोल के दाम में 56 पैसे प्रति लीटर की कटौती की। नई कीमतें मध्यरात्रि से प्रभावी होंगी।
24
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने सीरिया संकट के समाधान के लिए एक तरफा सैन्य कार्रवाई से इंकार किया है। समाचार एजेंसी 'सिन्हुआ' के अनुसार, ओबामा ने कहा कि यह सोचना गलत होगा कि अमेरिका सीरिया के खिलाफ एक तरफा सैन्य कार्रवाई कर सकता है और यही इस संकट का आसान समाधान है। ओबामा ने मंगलवार को व्हाइट हाऊस में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "कुछ लोगों ने हमें सीरिया के खिलाफ एक तरफा सैन्य कार्रवाई की सलाह दी है, कुछ इसे संकट का आसान समाधान मानते हैं, लेकिन मैं समझता हूं कि ऐसा गलत है।"टिप्पणियां सीरिया की तुलना लीबिया से किए जाने से इंकार करते हुए ओबामा ने कहा कि अमेरिका और इसके सहयोगियों ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को लीबिया के खिलाफ कार्रवाई के लिए लामबंद किया था, सुरक्षा परिषद से प्रस्ताव भी पारित किया गया था और इसके लिए अरब देशों का पूर्ण समर्थन भी हासिल था। उल्लेखनीय है कि लीबिया में नाटो के हवाई हमलों की मदद से विद्रोही मुअम्मार गद्दाफी की सरकार गिराने में कामयाब रहे थे। समाचार एजेंसी 'सिन्हुआ' के अनुसार, ओबामा ने कहा कि यह सोचना गलत होगा कि अमेरिका सीरिया के खिलाफ एक तरफा सैन्य कार्रवाई कर सकता है और यही इस संकट का आसान समाधान है। ओबामा ने मंगलवार को व्हाइट हाऊस में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "कुछ लोगों ने हमें सीरिया के खिलाफ एक तरफा सैन्य कार्रवाई की सलाह दी है, कुछ इसे संकट का आसान समाधान मानते हैं, लेकिन मैं समझता हूं कि ऐसा गलत है।"टिप्पणियां सीरिया की तुलना लीबिया से किए जाने से इंकार करते हुए ओबामा ने कहा कि अमेरिका और इसके सहयोगियों ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को लीबिया के खिलाफ कार्रवाई के लिए लामबंद किया था, सुरक्षा परिषद से प्रस्ताव भी पारित किया गया था और इसके लिए अरब देशों का पूर्ण समर्थन भी हासिल था। उल्लेखनीय है कि लीबिया में नाटो के हवाई हमलों की मदद से विद्रोही मुअम्मार गद्दाफी की सरकार गिराने में कामयाब रहे थे। ओबामा ने मंगलवार को व्हाइट हाऊस में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "कुछ लोगों ने हमें सीरिया के खिलाफ एक तरफा सैन्य कार्रवाई की सलाह दी है, कुछ इसे संकट का आसान समाधान मानते हैं, लेकिन मैं समझता हूं कि ऐसा गलत है।"टिप्पणियां सीरिया की तुलना लीबिया से किए जाने से इंकार करते हुए ओबामा ने कहा कि अमेरिका और इसके सहयोगियों ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को लीबिया के खिलाफ कार्रवाई के लिए लामबंद किया था, सुरक्षा परिषद से प्रस्ताव भी पारित किया गया था और इसके लिए अरब देशों का पूर्ण समर्थन भी हासिल था। उल्लेखनीय है कि लीबिया में नाटो के हवाई हमलों की मदद से विद्रोही मुअम्मार गद्दाफी की सरकार गिराने में कामयाब रहे थे। सीरिया की तुलना लीबिया से किए जाने से इंकार करते हुए ओबामा ने कहा कि अमेरिका और इसके सहयोगियों ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को लीबिया के खिलाफ कार्रवाई के लिए लामबंद किया था, सुरक्षा परिषद से प्रस्ताव भी पारित किया गया था और इसके लिए अरब देशों का पूर्ण समर्थन भी हासिल था। उल्लेखनीय है कि लीबिया में नाटो के हवाई हमलों की मदद से विद्रोही मुअम्मार गद्दाफी की सरकार गिराने में कामयाब रहे थे। उल्लेखनीय है कि लीबिया में नाटो के हवाई हमलों की मदद से विद्रोही मुअम्मार गद्दाफी की सरकार गिराने में कामयाब रहे थे।
संक्षिप्त पाठ: अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने सीरिया संकट के समाधान के लिए एक तरफा सैन्य कार्रवाई से इंकार किया है।
27
['hin']
एक सारांश बनाओ: बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने भी इस मुद्द को लेकर कांग्रेस पर हमला बोला, तमिलनाडु में एक रैली को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा, "मैं कांग्रेस प्रमुख से पूछना चाहता हूं. क्या वह सशस्त्र बलों को मजबूत करना चाहते हैं या क्या वह उनके मनोबल को गिराने की कोशिश कर रहे हैं? AFSPA पर वह क्या संदेश देना चाहते हैं?" वहीं कांग्रेस के इस फैसले का स्वागत करते हुए उमर अब्दुल्ला ने कहा, काश उन्होंने यह मुद्दा (अफस्पा हटाना) तब उठाया होता, जब मैं मुख्यमंत्री था. उस वक्त जब मैंने अफस्पा हटाने की मांग की तो कुछ कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने इसके खिलाफ साजिश रची. गौरतलब है कि कांग्रेस पार्टी ने अपने घोषणापत्र में वादा किया कि वह सशस्त्र बल (विशेष शक्तियां) अधिनियम (अफ्सपा) 1958 में 'सुरक्षा बलों के अधिकारों और नागरिकों के मानवाधिकारों में संतुलन बनाने के लिए संशोधन करेगी और जबरन लापता किए जाने, यौन हिंसा और यातना में मिली छूट (इम्युनिटी) को हटाएगी.' बता दें कि इस कानून के तहत सेना को कुछ विशेष अधिकार मिले हैं. सेना किसी की गिरफ्तारी कर सकती है और हिंसा की स्थिति में फायरिंग भी कर सकती है. कांग्रेस ने मंगलवार को जारी अपने घोषणा-पत्र में विधि एवं न्यायपालिका से जुड़े कई महत्वपूर्ण कदम उठाने का भी वादा किया. इनमें विवादास्पद राजद्रोह कानून रद्द करना भी शामिल है. पार्टी ने इसके साथ ही मानहानि को दीवानी मामले बनाने, न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए राष्ट्रीय विधि आयोग (एनजेसी) बनाने, यातना देने से रोकने के लिए नया कानून बनाने, कुछ छूटों को खत्म करने के लिए अफ्सपा में संशोधन करने और बिना मुकदमे हिरासत में रखने के कानून में बदलाव का वादा किया.
यह एक सारांश है: कांग्रेस ने घोषणापत्र में AFSPA में संसोधन की बात कही उमर अब्दुल्ला ने कांग्रेस के फैसले का किया स्वागत बीजेपी ने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला
21
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: किम ने एक सत्तारुढ़ पार्टी की बैढ़क में कहा कि चूंकि परमाणु हथियारों की पुष्टि हुई है. इसलिए अब हमारे लिए मध्य और लंबी दूरी की मिसाइलों या आईसीबीएम के परमाणु परीक्षण या परीक्षण लॉन्च करने की जरूरत नहीं है. आधिकारिक केसीएनए समाचार एजेंसी के अनुसार, उन्होंने वर्कर पार्टी की केंद्रीय समिति की सभा में कहा 'उत्तरी परमाणु परीक्षण स्थल ने अपना मिशन पूरा कर लिया है.'टिप्पणियां प्योंगयांग ने किम के तहत अपने हथियार कार्यक्रमों में तेजी से तकनीकी प्रगति की है, जिसने इसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद, अमेरिका, यूरोपीय संघ, दक्षिण कोरिया और अन्य लोगों द्वारा तेजी से सख्त प्रतिबंधों के अधीन देखा है. पिछले साल किम ने अपने छठे परमाणु परीक्षण में, अब तक के सबसे शक्तिशाली परीक्षण किए, इसमें किम जोंग उन ने संयुक्त राज्य अमेरिका की मुख्य भूमि तक पहुंचने में सक्षम मिसाइलों का भी परीक्षण किया था.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) प्योंगयांग ने किम के तहत अपने हथियार कार्यक्रमों में तेजी से तकनीकी प्रगति की है, जिसने इसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद, अमेरिका, यूरोपीय संघ, दक्षिण कोरिया और अन्य लोगों द्वारा तेजी से सख्त प्रतिबंधों के अधीन देखा है. पिछले साल किम ने अपने छठे परमाणु परीक्षण में, अब तक के सबसे शक्तिशाली परीक्षण किए, इसमें किम जोंग उन ने संयुक्त राज्य अमेरिका की मुख्य भूमि तक पहुंचने में सक्षम मिसाइलों का भी परीक्षण किया था.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उत्तर कोरिया के शक्तिशाली नेता किम जोंग उन ने की है घोषणा. कहा, अब परमाणु या अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण नही होंगे. कहा, अपनी परमाणु परीक्षण साइट भी बंद कर देगा.
28
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: भरतपुर जिले के बयाना की एक अदालत ने अपनी पांच बेटियों के साथ सालों से दुष्कर्म करने के आरोपी पिता और इसमें सहयोग देने वाली मां को बुधवार को जेल भेज दिया। बयाना थानाधिकारी अशोक चौहान ने बताया कि अदालत ने पांच बेटियों से दुष्कर्म करने के गिरफ्तार आरोपी पिता बाबू लाल धाकड (65) और इसमें सहयोग देने वाली उसकी पत्नी शकुंतला (61) को आगामी 31 जुलाई तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। उन्होंने बताया कि कृषि उपज मंडी से सेवानिवृत्त कर्मचारी बाबू लाल धाकड और उसकी पत्नी ने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया है। चौहान ने बताया कि आरोपी दम्पती की पांच बेटियों में से एक बेटी ने पिछले दिनों अपने पिता के खिलाफ पांच बहनों के साथ दुष्कर्म करने और मां के खिलाफ दुष्कर्म में सहयोग करने का मामला दर्ज करवाया था। पुलिस ने आरंभिक जांच के बाद आरोपियों को कल गिरफ्तार किया था।टिप्पणियां पुलिस अधीक्षक अंशुमन भौमिया के अनुसार पीड़िता ने रिपोर्ट में कहा है कि नौवीं कक्षा में पढ़ने से लेकर विवाह होने तक पिता उसके और उसकी चार बहनों के साथ दुष्कर्म करता रहा और इसमें मां सहयोग देती थी। उन्होंने बताया कि दो बेटियों की मां पीड़िता ने जब अपने पिता को अपनी तीन साल की बेटी के साथ अश्लील हरकते करते देखा तो थाने पर पहुंचकर मामला दर्ज करवाया। बयाना थानाधिकारी अशोक चौहान ने बताया कि अदालत ने पांच बेटियों से दुष्कर्म करने के गिरफ्तार आरोपी पिता बाबू लाल धाकड (65) और इसमें सहयोग देने वाली उसकी पत्नी शकुंतला (61) को आगामी 31 जुलाई तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। उन्होंने बताया कि कृषि उपज मंडी से सेवानिवृत्त कर्मचारी बाबू लाल धाकड और उसकी पत्नी ने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया है। चौहान ने बताया कि आरोपी दम्पती की पांच बेटियों में से एक बेटी ने पिछले दिनों अपने पिता के खिलाफ पांच बहनों के साथ दुष्कर्म करने और मां के खिलाफ दुष्कर्म में सहयोग करने का मामला दर्ज करवाया था। पुलिस ने आरंभिक जांच के बाद आरोपियों को कल गिरफ्तार किया था।टिप्पणियां पुलिस अधीक्षक अंशुमन भौमिया के अनुसार पीड़िता ने रिपोर्ट में कहा है कि नौवीं कक्षा में पढ़ने से लेकर विवाह होने तक पिता उसके और उसकी चार बहनों के साथ दुष्कर्म करता रहा और इसमें मां सहयोग देती थी। उन्होंने बताया कि दो बेटियों की मां पीड़िता ने जब अपने पिता को अपनी तीन साल की बेटी के साथ अश्लील हरकते करते देखा तो थाने पर पहुंचकर मामला दर्ज करवाया। उन्होंने बताया कि कृषि उपज मंडी से सेवानिवृत्त कर्मचारी बाबू लाल धाकड और उसकी पत्नी ने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया है। चौहान ने बताया कि आरोपी दम्पती की पांच बेटियों में से एक बेटी ने पिछले दिनों अपने पिता के खिलाफ पांच बहनों के साथ दुष्कर्म करने और मां के खिलाफ दुष्कर्म में सहयोग करने का मामला दर्ज करवाया था। पुलिस ने आरंभिक जांच के बाद आरोपियों को कल गिरफ्तार किया था।टिप्पणियां पुलिस अधीक्षक अंशुमन भौमिया के अनुसार पीड़िता ने रिपोर्ट में कहा है कि नौवीं कक्षा में पढ़ने से लेकर विवाह होने तक पिता उसके और उसकी चार बहनों के साथ दुष्कर्म करता रहा और इसमें मां सहयोग देती थी। उन्होंने बताया कि दो बेटियों की मां पीड़िता ने जब अपने पिता को अपनी तीन साल की बेटी के साथ अश्लील हरकते करते देखा तो थाने पर पहुंचकर मामला दर्ज करवाया। चौहान ने बताया कि आरोपी दम्पती की पांच बेटियों में से एक बेटी ने पिछले दिनों अपने पिता के खिलाफ पांच बहनों के साथ दुष्कर्म करने और मां के खिलाफ दुष्कर्म में सहयोग करने का मामला दर्ज करवाया था। पुलिस ने आरंभिक जांच के बाद आरोपियों को कल गिरफ्तार किया था।टिप्पणियां पुलिस अधीक्षक अंशुमन भौमिया के अनुसार पीड़िता ने रिपोर्ट में कहा है कि नौवीं कक्षा में पढ़ने से लेकर विवाह होने तक पिता उसके और उसकी चार बहनों के साथ दुष्कर्म करता रहा और इसमें मां सहयोग देती थी। उन्होंने बताया कि दो बेटियों की मां पीड़िता ने जब अपने पिता को अपनी तीन साल की बेटी के साथ अश्लील हरकते करते देखा तो थाने पर पहुंचकर मामला दर्ज करवाया। पुलिस अधीक्षक अंशुमन भौमिया के अनुसार पीड़िता ने रिपोर्ट में कहा है कि नौवीं कक्षा में पढ़ने से लेकर विवाह होने तक पिता उसके और उसकी चार बहनों के साथ दुष्कर्म करता रहा और इसमें मां सहयोग देती थी। उन्होंने बताया कि दो बेटियों की मां पीड़िता ने जब अपने पिता को अपनी तीन साल की बेटी के साथ अश्लील हरकते करते देखा तो थाने पर पहुंचकर मामला दर्ज करवाया। उन्होंने बताया कि दो बेटियों की मां पीड़िता ने जब अपने पिता को अपनी तीन साल की बेटी के साथ अश्लील हरकते करते देखा तो थाने पर पहुंचकर मामला दर्ज करवाया।
सारांश: बयाना थानाधिकारी अशोक चौहान ने बताया कि अदालत ने पांच बेटियों से दुष्कर्म करने के गिरफ्तार आरोपी पिता बाबू लाल धाकड (65) और इसमें सहयोग देने वाली उसकी पत्नी शकुंतला (61) को आगामी 31 जुलाई तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
33
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारत की आर्थिक राजधानी कही जाने वाली माया नगरी मुंबई में पिछले कई दशक से रह रहे हिन्दी फिल्म जगत के शहंशाह अमिताभ बच्चन का मानना है कि ऐसा लगता है कि मुंबई खुद ही इस तथ्य को समझ चुकी है कि जलभराव उसके नाम का पर्याय बन चुका है और वह कभी नहीं बदलेगा। अमिताभ ने अपने ब्लॉग पर लिखा, अल सुबह बारिश के कारण जहां मैं रहता हूं, वहां शहर की सड़कें पानी से भर गई हैं। मैं प्रतीक्षा (अमिताभ का घर) के पास खतरनाक तरीके से बढ़ रहे पानी को देख रहा हूं। प्रतीक्षा के बाहर की सड़क डूब गई हैं और आसानी से वहां से मुड़ा नहीं जा सकता है। इंटरनेट सेवायें बाधित हो रही हैं। बिग बी ने लिखा, सभी घरों के बाहर तैनात सुरक्षा गार्डों ने जलभराव को देखते हुए अपनी पैंट ऊपर चढ़ा ली है। आवारा कुत्ते और बिल्लियां अपने छिपने का स्थान ढूंढ रहे हैं। चूहों का खात्मा करने के लिए बिल्लियों का धन्यवाद। बिग बी ने कहा, मैं समझता हूं कि मुंबई खुद ही इस तथ्य को समझ चुकी है कि जलभराव उसके नाम का पर्याय बन चुका है और वह कभी नहीं बदलेगा। बॉलीवुड का यह महानायक बारिश के इस शानदार मौसम में नींबू, मक्खन और लाल मिर्च के साथ भुट्टे का मजा लूट रहे हैं।
यह एक सारांश है: अमिताभ का मानना है कि ऐसा लगता है कि मुंबई खुद इस तथ्य को समझ चुकी है कि जलभराव उसके नाम का पर्याय बन चुका है और वह कभी नहीं बदलेगा।
24
['hin']
एक सारांश बनाओ: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने आज कहा कि पाकिस्तान ने सालों से अमेरिका का ‘‘जबरदस्त फायदा’’ उठाया है, लेकिन अब पाकिस्तान के साथ उनके देश के ‘‘वास्तविक संबंधों की शुरूआत हुई है.’’ गौरतलब है कि कल पाकिस्तान ने हक्कानी आतंकी नेटवर्क के कब्जे से एक अमेरिकी-कनाडाई परिवार को रिहा कराया था. उन्हें पांच साल पहले अपहृत किया गया था. ट्रम्प की टिप्पणी इसी आलोक में आयी है.   यह भी पढ़ें: सौतन की इस बात पर बिफर पड़ीं डोनाल्ड ट्रंप की पत्नी, बोलीं- इससे अच्छा मैं बच्चों की मदद करूंगी ट्रम्प ने घटना को लेकर कहा, ‘‘कल पाकिस्तान के साथ कुछ चीजें हुईं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैंने खुलेआम कहा है कि पाकिस्तान ने इतने सालों से हमारे देश का जबरदस्त फायदा उठाया है, लेकिन अब पाकिस्तान के साथ हमारे वास्तविक संबंधों की शुरूआत हुई है और उन्हें तथा दूसरे देशों को एक राष्ट्र के तौर पर दोबारा हमारा सम्मान करना होगा.’’टिप्पणियां   ट्रम्प ने घटना को लेकर कहा, ‘‘कल पाकिस्तान के साथ कुछ चीजें हुईं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैंने खुलेआम कहा है कि पाकिस्तान ने इतने सालों से हमारे देश का जबरदस्त फायदा उठाया है, लेकिन अब पाकिस्तान के साथ हमारे वास्तविक संबंधों की शुरूआत हुई है और उन्हें तथा दूसरे देशों को एक राष्ट्र के तौर पर दोबारा हमारा सम्मान करना होगा.’’टिप्पणियां
यह एक सारांश है: डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा, पाकिस्तान ने सालों से अमेरिका का खूब फायदा उठाया उन्होंने कहा कि पाक के साथ वास्तविक रिश्तों की शरुआत हो गई है ट्रंप ने कहा कि यह बात उन्होंने खुलेआम कही है
21
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सुपरस्टार सलमान खान की फिल्म ''सुल्तान''  की बुधवार को पहले दिन बॉक्‍स ऑफिस पर शानदार शुरुआत हुई। उद्योग विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह फिल्म इसी हफ्ते 150 करोड़ रुपये का कारोबार कर लेगी। ईद के मौके पर प्रदर्शित होने वाली इस फिल्म में सलमान ने हरियाणा के एक पहलवान की भूमिका निभाई है। वितरक अक्षय राठी ने कहा, ''फिल्म देशभर में बेहतरीन कारोबार कर रही है। शुरुआत आंधी की तरह है। हर कोई इसे पसंद कर रहा है, चाहे कहानी हो, या गाने।'' उन्होंने कहा कि फिल्म दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब सहित उत्तर भारत में बेहतरीन कारोबार कर रही है। उन्होंने कहा कि एक अनुमान के अनुसार यह फिल्म 35 करोड़ रुपये का कारोबार कर लेगी। गुरुवार को ईद है और फिर सप्ताहांत का भी समय है। ऐसे में इस हफ्ते इसके 130 से 150 करोड़ रुपये का कारोबार करने का अनुमान है।टिप्पणियां एक अन्य फिल्म वितरक राजेश थडानी ने कहा कि फिल्म ने उम्मीद के अनुसार बेहतरीन शुरुआत की है और इस हफ्ते इसका कारोबार करीब 150 करोड़ रुपये होने की संभावना है। राठी और थडानी दोनों का मानना है कि आनलाइन लीक हो जाने के बाद भी फिल्म के कारोबार पर प्रभाव पड़ने की उम्मीद नहीं है। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) वितरक अक्षय राठी ने कहा, ''फिल्म देशभर में बेहतरीन कारोबार कर रही है। शुरुआत आंधी की तरह है। हर कोई इसे पसंद कर रहा है, चाहे कहानी हो, या गाने।'' उन्होंने कहा कि फिल्म दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब सहित उत्तर भारत में बेहतरीन कारोबार कर रही है। उन्होंने कहा कि एक अनुमान के अनुसार यह फिल्म 35 करोड़ रुपये का कारोबार कर लेगी। गुरुवार को ईद है और फिर सप्ताहांत का भी समय है। ऐसे में इस हफ्ते इसके 130 से 150 करोड़ रुपये का कारोबार करने का अनुमान है।टिप्पणियां एक अन्य फिल्म वितरक राजेश थडानी ने कहा कि फिल्म ने उम्मीद के अनुसार बेहतरीन शुरुआत की है और इस हफ्ते इसका कारोबार करीब 150 करोड़ रुपये होने की संभावना है। राठी और थडानी दोनों का मानना है कि आनलाइन लीक हो जाने के बाद भी फिल्म के कारोबार पर प्रभाव पड़ने की उम्मीद नहीं है। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा कि एक अनुमान के अनुसार यह फिल्म 35 करोड़ रुपये का कारोबार कर लेगी। गुरुवार को ईद है और फिर सप्ताहांत का भी समय है। ऐसे में इस हफ्ते इसके 130 से 150 करोड़ रुपये का कारोबार करने का अनुमान है।टिप्पणियां एक अन्य फिल्म वितरक राजेश थडानी ने कहा कि फिल्म ने उम्मीद के अनुसार बेहतरीन शुरुआत की है और इस हफ्ते इसका कारोबार करीब 150 करोड़ रुपये होने की संभावना है। राठी और थडानी दोनों का मानना है कि आनलाइन लीक हो जाने के बाद भी फिल्म के कारोबार पर प्रभाव पड़ने की उम्मीद नहीं है। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) एक अन्य फिल्म वितरक राजेश थडानी ने कहा कि फिल्म ने उम्मीद के अनुसार बेहतरीन शुरुआत की है और इस हफ्ते इसका कारोबार करीब 150 करोड़ रुपये होने की संभावना है। राठी और थडानी दोनों का मानना है कि आनलाइन लीक हो जाने के बाद भी फिल्म के कारोबार पर प्रभाव पड़ने की उम्मीद नहीं है। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पहले दिन फिल्‍म की बॉक्‍स ऑफिस पर शानदार शुरुआत हुई फिल्‍म वितरकों के मुताबिक उम्‍मीद के अनुसार हुई ओपनिंग इसमें सलमान ने हरियाणा के एक पहलवान की भूमिका है
28
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: सैन्यकर्मियों की ओर से अधिवक्ता ऐश्वर्या भाटी ने पीठ से कहा कि इस याचिका पर मुख्य मामले के साथ सुनवाई की जानी चाहिए जो घुसपैठ से प्रभावित मणिपुर में सेना, असम राइफल्स और पुलिस द्वारा कथित न्यायेत्तर हत्याओं से संबंधित हैं. पीठ ने भाटी से कहा कि सैन्यकर्मियों की याचिका मुख्य मुद्दे से ‘पूरी तरह अलग' है ओर इसे लंबित मामले के साथ संलग्न नहीं किया जा सकता. भाटी ने जब आफ्सपा और सैन्य कानून के प्रावधानों का हवाला दिया तो पीठ ने टिप्पणी की, ‘‘पर्याप्त सुरक्षा उपाय उपलब्ध हैं.''टिप्पणियां भाटी ने दावा किया कि मणिपुर मुठभेड़ मामले में न्यायालय के पहले के फैसले के निर्देशों में से एक 1998 के संविधान पीठ के फैसले के अनूरूप नहीं है. हालांकि, न्यायालय ने कहा कि मणिपुर मामले में फैसला सुनाने से पहले जब उसने दलीलें सुनी थीं तो तत्कालीन अटार्नी जनरल से बार-बार पूछा था कि क्या सरकार सशस्त्र बल के उन सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई करेगी जिन पर आरोप लगे हैं. पीठ ने कहा, ‘‘यदि प्राधिकारी सैन्य कानून के तहत कोई कार्रवाई ही नहीं करेंगे तो आप यह नहीं कह सकते कि कोई जांच नहीं होनी चाहिए.'' पीठ ने स्पष्ट किया कि उसने सिर्फ मणिपुर मुठभेड़ मामलों में ही जांच के आदेश दिए हैं जिसमे उच्च न्यायालय, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, न्यायिक जांच और न्यायमूर्ति संतोष हेगड़े की अध्यक्षता वाली आयोग के आदेश थे. पीठ ने कहा, ‘‘आज हम किसी भी पक्ष को क्लीन चिट नहीं दे रहे हैं. यदि जांच एजेन्सी ने इनमें से कुछ मामलों में आरोप पत्र दाखिल किया है तो उस पर अदालत में विचार किया जाएगा.'' पीठ ने कहा कि इनमें से एक मामले में तो मणिपुर सरकार ने कथित मुठभेड़ में मारे गए एक व्यक्ति के परिवार को उच्च न्यायालय के निर्देश पर मुआवजा भी दिया है. (इनपुट भाषा से भी) भाटी ने दावा किया कि मणिपुर मुठभेड़ मामले में न्यायालय के पहले के फैसले के निर्देशों में से एक 1998 के संविधान पीठ के फैसले के अनूरूप नहीं है. हालांकि, न्यायालय ने कहा कि मणिपुर मामले में फैसला सुनाने से पहले जब उसने दलीलें सुनी थीं तो तत्कालीन अटार्नी जनरल से बार-बार पूछा था कि क्या सरकार सशस्त्र बल के उन सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई करेगी जिन पर आरोप लगे हैं. पीठ ने कहा, ‘‘यदि प्राधिकारी सैन्य कानून के तहत कोई कार्रवाई ही नहीं करेंगे तो आप यह नहीं कह सकते कि कोई जांच नहीं होनी चाहिए.'' पीठ ने स्पष्ट किया कि उसने सिर्फ मणिपुर मुठभेड़ मामलों में ही जांच के आदेश दिए हैं जिसमे उच्च न्यायालय, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, न्यायिक जांच और न्यायमूर्ति संतोष हेगड़े की अध्यक्षता वाली आयोग के आदेश थे. पीठ ने कहा, ‘‘आज हम किसी भी पक्ष को क्लीन चिट नहीं दे रहे हैं. यदि जांच एजेन्सी ने इनमें से कुछ मामलों में आरोप पत्र दाखिल किया है तो उस पर अदालत में विचार किया जाएगा.'' पीठ ने कहा कि इनमें से एक मामले में तो मणिपुर सरकार ने कथित मुठभेड़ में मारे गए एक व्यक्ति के परिवार को उच्च न्यायालय के निर्देश पर मुआवजा भी दिया है. (इनपुट भाषा से भी) पीठ ने कहा, ‘‘आज हम किसी भी पक्ष को क्लीन चिट नहीं दे रहे हैं. यदि जांच एजेन्सी ने इनमें से कुछ मामलों में आरोप पत्र दाखिल किया है तो उस पर अदालत में विचार किया जाएगा.'' पीठ ने कहा कि इनमें से एक मामले में तो मणिपुर सरकार ने कथित मुठभेड़ में मारे गए एक व्यक्ति के परिवार को उच्च न्यायालय के निर्देश पर मुआवजा भी दिया है. (इनपुट भाषा से भी)
सारांश: केंद्र ने कहा इससे सैनिकों पर हतोत्साहित करने वाला प्रभाव होगा कोर्ट ने कहा कि आंतरिक व्यवस्था बनाना कोर्ट का नहीं सरकार का काम कहा- इसका न्यायालय से सरोकार नहीं है, सरकार अपनी बहस कर सकती है
7
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: सचिन तेंदुलकर की मुम्बई इंडियंस टीम बुधवार को डीवाई पाटिल स्पोटर्स काम्पलेक्स मैदान पर युवराज सिंह की पुणे वॉरियर्स टीम से भिड़ेगी। सचिन की टीम की नजर जहां इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के मौजूदा सत्र में सातवीं जीत दर्ज करने पर होगी वहीं युवराज की टीम लगातार सातवीं हार बचाने के लिए संघर्ष करेगी। अपने पहले मैच में किंग्स इलेवन पंजाब और फिर दूसरे मैच में कोच्चि टस्कर्स केरल को हराकर आईपीएल-4 का शानदार आगाज करने वाली युवराज की टीम को अब तक लगातार छह मैचों में हार का मुंह देखना पड़ा है। हार के इस अनंत से दिख रहे सिलसिले ने इस टीम को 10 टीमों की तालिका में सबसे नीचे लाकर पटक दिया है। उसका आत्मबल इतना नीचे जा चुका है कि उसके लिए मुम्बई इंडियंस जैसी सशक्त टीम को हरा पाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। कोलकाता नाइट राइडर्स और भारतीय टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली की वापसी से पुणे को निश्चित तौर पर आत्मबल मिला है लेकिन गांगुली मुम्बई के खिलाफ नहीं खेल सकेंगे। ड्रेसिंग रूम में उनकी मौजूदगी भी फार्म वापस पाने के लिए संघर्ष कर रहे टीम के युवा खिलाड़ियों के लिए फायदेमंद साबित होगी। इसी के दम पर वे मुम्बई को सातवीं जीत हासिल कर तालिका के शीर्ष पर अपनी स्थिति और मजबूत करने से रोकना चाहेंगे। मुम्बई ने अब तक कुल आठ मैच खेले हैं। दो में उसकी हार हुई है जबकि छह मैचों में उसने जीत हासिल की है। वह 12 अंकों के साथ शीर्ष पर है जबकि उसे अब तक एक बार पटखनी दे चुकी राजस्थान रॉयल्स टीम 11 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर है। पुणे ने शुरुआती दो मैचों में जीत हासिल करने के बाद से दिल्ली डेयर डेविल्स, मुम्बई इंडियंस, चेन्नई सुपर किंग्स (दो बार), रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर और राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ हार का दंश झेला है।
संक्षिप्त सारांश: सचिन तेंदुलकर की मुम्बई इंडियंस टीम बुधवार को डीवाई पाटिल स्पोटर्स काम्पलेक्स मैदान पर युवराज सिंह की पुणे वॉरियर्स टीम से भिड़ेगी।
29
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: लोकसभा में पारित हो चुके लोकपाल विधेयक पर गुरुवार को राज्यसभा में जारी चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष व विपक्ष ने जमकर अपने-अपने तर्क पेश किए। विपक्ष ने विधेयक को 'संवैधानिक रूप से कमजोर' बताया। वहीं, सरकार ने मुख्य विपक्षी पार्टी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर आरोप लगाया कि वह विधेयक को पारित न कराने के लिए बहाने बना रही है। राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने चर्चा की शुरुआत करते हुए कहा कि विधेयक कमजोर है लेकिन सदन को एक प्रभावी लोकपाल विधेयक पारित किए बगैर अपने कदम पीछे नहीं खींचने चाहिए। वहीं, जेटली के सवालों का जवाब सत्ता पक्ष की ओर से कांग्रेस के अभिषेक मनु सिंघवी ने दिया। सिंघवी ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह विधेयक को पारित न कराने के लिए बहानेबाजी कर रही है। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के सतीश चंद्र मिश्रा ने कहा कि केंद्री जांच ब्यूरो (सीबीआई) सरकार के अधीन नहीं रहनी चाहिए। जबकि मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेता सीताराम येचुरी ने पेश विधेयक को कमजोर बताया। केंद्र में लोकपाल और राज्यों में लोकायुक्त संस्था के गठन का प्रारूप देने वाले विधेयक पर चर्चा के बाद मत विभाजन होगा। ज्ञात हो कि 243 सदस्यों वाले सदन में कांग्रेस और उसके सहयोगियों की संख्या 92 है, जबकि विधेयक पारित कराने के लिए सरकार को 122 सदस्यों का समर्थन चाहिए। सरकार को उम्मीद है कि विधेयक पारित करने में बसपा और सपा उसका सहयोग करेंगी। चर्चा के दौरान जेटली ने कहा कि यह विधेयक 'संवैधानिक तबाही' लाएगा। उन्होंने विधेयक में अल्पसंख्यक कोटे की व्यवस्था करने और लोकपाल के दायरे से केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को बाहर रखने पर आपत्ति उठाई। जेटली ने सरकार से कहा कि यदि वह विधेयक को उच्च सदन में पारित कराना चाहती है तो उसे भाजपा के संशोधनों को स्वीकार कर लेना चाहिए। जेटली ने विधेयक के प्रत्येक भाग पर सवाल किए और कहा कि सरकार ने ऐसा लोकपाल बनाया है जो संवैधानिक कसौटियों के लिहाज से कमजोर है। उन्होंने कहा कि विधेयक का वह प्रावधान जो राज्यों को केंद्र सरकार के आदर्श पर लोकायुक्तों की नियुक्ति अनिवार्य बनाता है, स्पष्ट नहीं है और इससे केंद्र और राज्य के अधिकार एक-दूसरे से टकराएंगे। वहीं, सिंघवी ने जेटली के आरोपों को खारिज किया और पूछा कि मूलभूत सवाल यह है कि आप लोकपाल विधेयक पास करवाना चाहते हैं या नहीं? सदन में सरकार का पक्ष रखते हुए सिंघवी ने भाजपा का इस मुद्दे पर रुख स्पष्ट नहीं होने का भी आरोप लगाया। सिंघवी ने कहा, "भाजपा नाजुक स्थिति में विधेयक में रोड़ा अटका रही है और वह कह रही है कि वह मजबूत और समग्र विधेयक चाहती है। वह इस स्थिति को विधेयक को पास नहीं कराने के लिए बहाने के रूप में इस्तेमाल कर रही है।" उन्होंने कहा, "यदि आप विधेयक पास नहीं करवाना चाहते हैं तो ऐसा कीजिए और बहाने छोड़ने का हिम्मत दिखाइए।" कांग्रेस नेता ने कहा, "सीबीआई 70 साल पुरानी संस्था है। क्या लोकपाल के आ जाने से प्रत्येक संस्था स्वत: नष्ट हो जाएगी?" सिंघवी ने कहा कि भाजपा अकल्पनीय अनुपात वाला एक विशालकाय सत्ता बनानी चाहती है जिसके सामने प्रधानमंत्री कार्यालय 'बौना' जैसा दिखे। उन्होंने कहा, "आप एक लोकपाल चाहते हैं और आप चाहते हैं कि उसके दायरे में सीवीसी, सीबीआई, सिटिजन चार्टर को लाया जाए। आप यह भी चाहते हैं कि लोकपाल के पास स्वत: संज्ञान लेने की शक्ति हो। प्राथमिक जांच लोकपाल करे, उसके बाद की जांच भी लोकपाल करे और मुकदमा चलाने की जिम्मेदारी भी उसी के पास हो। आपने यह नहीं कहा कि फैसला भी लोकपाल को सुनाना चाहिए।"
संक्षिप्त सारांश: लोकसभा में पारित हो चुके लोकपाल विधेयक पर गुरुवार को राज्यसभा में जारी चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष व विपक्ष ने जमकर अपने-अपने तर्क पेश किए।
23
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: आंध्र प्रदेश लोक सेवा आयोग ने रियो ओलंपिक-2016 में रजत पदक जीतने वाली महिला बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु के ग्रुप-1 अधिकारी के तौर पर नियुक्ति को हरी झंडी दे दी है. अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सिंधु को जल्द ही राजस्व प्रबंधन अधिकारी के पद का नियुक्ति पत्र मिलने वाला है. पिछले महीने विधायिका ने सिंघु को सरकार में ग्रुप-1 के अधिकारी के तौर पर नियुक्त करने के लिए एक बिल पास कर दिया था. लोक सेवा में किसी भी तरह की नियुक्ति के लिए व्यक्ति को एपीपीएससी, चयन समिति या रोजगार कार्यालय के माध्यम से जाना पड़ता है, लेकिन सिंधु की नियुक्ति के लिए सरकार ने अपने 1994 के नियम में बदलाव किया. राज्य के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने विधानसभा में कहा था कि उनकी सरकार सिंधु को राज्य की खेल दूत के तौर पर नियुक्त करना चाहती है. ओलंपिक में मिली सफलता के बाद नायडू ने सिंधु को तीन करोड़ रुपये, अमरावती में रहने के लिए प्लॉट तथा ग्रुप-1 अधिकारी की नौकरी देने का वादा किया था. सिंधु का जन्म हैदराबाद में हुआ था इसी कारण तेलंगाना सरकार ने भी उन्हें प्लॉट और पांच करोड़ रुपये देने की घोषणा की थी. तेलंगाना ने भी सिंधु को नौकरी देने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन सिंधु ने आंध्र प्रदेश सरकार का प्रस्ताव स्वीकार किया.  टिप्पणियां  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) राज्य के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने विधानसभा में कहा था कि उनकी सरकार सिंधु को राज्य की खेल दूत के तौर पर नियुक्त करना चाहती है. ओलंपिक में मिली सफलता के बाद नायडू ने सिंधु को तीन करोड़ रुपये, अमरावती में रहने के लिए प्लॉट तथा ग्रुप-1 अधिकारी की नौकरी देने का वादा किया था. सिंधु का जन्म हैदराबाद में हुआ था इसी कारण तेलंगाना सरकार ने भी उन्हें प्लॉट और पांच करोड़ रुपये देने की घोषणा की थी. तेलंगाना ने भी सिंधु को नौकरी देने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन सिंधु ने आंध्र प्रदेश सरकार का प्रस्ताव स्वीकार किया.  टिप्पणियां  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) टिप्पणियां  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यहाँ एक सारांश है:सिंधु की ग्रुप-1 अधिकारी बनाने के लिए एक बिल पास किया गया भारतीय बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु को जल्द मिलेगा नियुक्ति पत्र रियो ओलंपिक में रजत पदक जीतने के बाद मुख्यमंत्री ने की थी घोषणा
17
['hin']
एक सारांश बनाओ: बसपा सुप्रीमो मायावती के भाई आनंद कुमार और भाभी विचित्र लता के नोएडा स्थित 400 करोड़ रुपए कीमत के बेनामी' प्लाट को आयकर विभाग ने जब्त कर लिया है. यूपी के ही सोनभद्र जिले में ज़मीन से जुड़े विवाद को लेकर हुए नरसंहार में ग्राम प्रधान सहित 11 नामजद और 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है. इस मामले में ग्राम प्रधान के भतीजे समेत 24 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं. हालांकि, मुख्य आरोपी प्रधान अभी फरार है. बिहार के मुजफ्फरपुर के शिवाईपट्टी थाना के शीतलपट्टी गांव से नदी में डूबे एक बच्चे अर्जुन की तस्वीर वायरल हो रही है. एक ओर कहा जा रहा है कि बच्चे की मौत डूबने से हुई, वहीं इस मामले में ऐसी भी बात सामने आई है कि बच्चे की मां ने खुद उसे नदी में फेंक दिया था. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि अब दिल्ली की कच्ची बस्तियां वैध हो जाएंगी. उन्होंने कहा कि दिल्ली की कच्ची कॉलोनियों में रहने वाले लोगों के लिए जल्द रजिस्ट्री खुल जाएगी. मध्यप्रदेश में सीधी के जिला अस्पताल में ब्लड ट्रांसफ्यूजन के लिए आए करीब 500 एनीमिक बच्चों में से करीब 400 बच्चों को जिला अस्पताल और नर्सिंग होम में भर्ती कराया जा सका. इसके बाद बाकि बचे 100 बच्चों को इलाज के लिए बेड नहीं मिल पाने पर कलेक्टर अभिषेक सिंह ने मौके पर पहुंच कर सभी बच्चों को अपने बंगले में भेज दिया और उनके परिजनों के रहने और खाने पीने की व्यवस्था की. आयकर विभाग ने बसपा प्रमुख मायावती के भाई और भाभी का नोएडा स्थित 400 करोड़ रुपए कीमत का ‘बेनामी' प्लाट जब्त किया. आधिकारिक आदेश के अनुसार आनंद कुमार और उनकी पत्नी विचित्र लता के ‘लाभकारी मालिकाना हक' वाले सात एकड़ के भूखंड को जब्त करने का अस्थाई आदेश विभाग की दिल्ली स्थित बेनामी निषेध इकाई (बीपीयू) ने 16 जुलाई को जारी किया था. आदेश की प्रति के अनुसार बेनामी संपत्ति लेनदेन निषेध अधिनियम 1988 की धारा 24(3) के तहत आदेश जारी किया गया. आदेश के अनुसार जब्त की गई सम्पत्ति को कुमार और उनकी पत्नी की ‘बेनामी' समझा जाएगा जो कि 28,328.07 वर्ग मीटर या करीब सात एकड़ में फैली है. आदेश में जब्त की गई सम्पत्ति की कीमत 400 करोड़ रुपए है. कानून के अनुसार बेनामी अधिनियम का उल्लंघन करने वाले को सात साल कठोर कारावास और 'बेनामी' सम्पत्ति के बाजार में कीमत का 25 प्रतिशत जुर्माने के तौर पर भी देना पड़ सकता है.  उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में ज़मीन से जुड़े विवाद को लेकर हुए नरसंहार में ग्राम प्रधान सहित 11 नामजद और 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है, और नरसंहार में इस्तेमाल किए गए हथियारों को पुलिस ने बरामद कर लिया है. इस मामले में ग्राम प्रधान के भतीजे समेत 24 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं. हालांकि, मुख्य आरोपी प्रधान अभी फरार है. 16 जुलाई को 32 ट्रैक्टर-ट्रालियों में भरकर प्रधान समेत 300 लोग ज़मीन पर कब्ज़ा करने पहुंचे थे. स्थानीय ग्रामीणों ने इसका विरोध किया. इसके बाद ग्राम प्रधान पक्ष के लोगों ने स्‍थानीय ग्रामीणों पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं. इस नरसंहार में 10 लोगों की मौत हुई थी जबकि 23 लोग ज़ख्मी हुए थे.  मुजफ्फरपुर के शिवाईपट्टी थाना के शीतलपट्टी गांव से नदी में डूबे एक बच्चे की तस्वीर वायरल हो रही है. एक ओर कहा जा रहा है कि बच्चे की मौत डूबने से हुई, वहीं इस मामले में कुछ विरोधी बातें भी सामने आ रही हैं. मामला यह बताया जा रहा है कि शीतलपट्टी के शीतलपुर निवासी शत्रुघ्न राम की पत्नी रीना देवी बागमती नदी के किनारे कपड़े धोने और नहाने गई थीं. रीना देवी के साथ उनके 4 बच्चे भी गए थे जो नदी के किनारे खेल रहे थे. अचानक उनका एक बच्चा पानी में फिसल गया और उसकी मौत हो गई. हालांकि उसे बचाने पानी में उतरे तीन बच्चों में से दो और की मौत हो गई.  इस मामले में डीएम का कहना है, 'ग्रामीणों के द्वारा और रीना की 7 साल की बच्ची ने जो बताया उसके मुताबिक रीना देवी का अपने पति के साथ विवाद हुआ था. जिसके बाद रीना ने बच्चों को पानी में फेंक दिया था. गांव वालों ने जब देखा तो उन्होंने बच्चों और रीना देवी को पानी से बाहर निकाला. इस मामले में कोई मुआवजे का ऐलान नहीं किया गया है क्योंकि यह एक अपराध का मामला है. इसका बाढ़ से कोई लेना-देना नहीं है. इसे हत्या करने का प्रयास माना जा सकता है.'  मध्यप्रदेश में सीधी जिले के कलेक्टर अभिषेक सिंह ने बुधवार को जिला अस्पताल में ब्लड ट्रांसफ्यूजन के लिए जिले के करीब 500 एनीमिक बच्चों को लेकर उनके परिजन पहुंचे थे. इनमें से करीब 400 बच्चों को जिला अस्पताल और नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया. वहीं, 100 बच्चों को इलाज के लिए बेड नहीं मिल पाया. कई बच्चों की हालत बिगड़ने लगी जिसका जानकारी कलेक्टर अभिषेक सिंह को दी गई. मौके पर पहुंचे कलेक्टर ने सभी बच्चों को अपने बंगले में भेज दिया और उनके परिजनों के रहने और खाने पीने की व्यवस्था की. अस्पताल प्रबंधन के द्वारा कलेक्टर को बताया गया कि अस्पताल में विशेषक डॉक्टरों की कमी है जिसके बाद कलेक्टर ने संभागायुक्त से चर्चा करके रीवा से करीब 6 टेक्नीशियन को बुलाया.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: आयकर विभाग ने जब्त किया मायावती के भाई भाभी का घर सोनभद्र नरसंहार मामले में 24 गिरफ्तार केजरीवाल ने दिल्ली में कच्ची बस्तियों को वैध करने की की घोषणा
32
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: जानवरों में बिल्ली को सबसे चालाक जानवर समझा जाता है.  जो काम बिल्ली कर सकती है वह शायद ही कोई और जानवर कर पाए. लेकिन एक बिल्ली ने ज्यादा दिमाग लगा दिया और चक्कर में फंस गई.  लुका-छिपी के खेल में माहिर एक इस बिल्ली ने खुद को एक अलमारी की दराज बंद कर लिया. आप तस्वीरों में देख सकते हैं कि कैसे इसने पहले तो दो पैरों पर खड़े होकर अलमारी की बीच वाली दराज को खोला और बड़े में आराम से उसमें घुस गई और खुद को बंद कर लिया. मिली जानकारी के मुताबिक थोड़ी देर बाद उसे दिक्कत महसूस होने लगी तो उसने दराज को खोलने की कोशिश की लेकिन वह कामयाब नहीं हो पाई.  हालांकि बाद में घर के मालिक ने उसे निकाल लिया.  इस पूरी घटना का वीडियो खूब देखा जा रहा हैं. गौरतलब है कि भारत सहित पूरी दुनिया में लोग कुत्ते की तरह बिल्ली भी पालने का शौक रखते हैं और कई बार जानवरों की ऐसी हरकतें कैमरे में कैद हो जाती हैं जो हैरान करने वाली होती हैं. गौरतलब है कि भारत सहित पूरी दुनिया में लोग कुत्ते की तरह बिल्ली भी पालने का शौक रखते हैं और कई बार जानवरों की ऐसी हरकतें कैमरे में कैद हो जाती हैं जो हैरान करने वाली होती हैं.
सारांश: पालतू बिल्ली करतूत कैमरे में हुई कैद मालिक की गैरमौजूदगी में पानी बर्बाद करती थी बिल्ली पानी का बिल लगातार बढ़ने पर मालिक ने की छानबीन
20
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कहा जाता है कि बॉलीवुड में दोस्तियां हर शुक्रवार को बनती और बिगड़ती हैं, लेकिन इसके साथ ही इसी इंडस्‍ट्री में कई दोस्तियां ऐसी भी हैं जो सब के लिए मिसाल बन गई. ऐसे ही मिसाल जैसे दोस्‍ताने में दरार की खबर सामने आई है और यह खुलासा किया है करण जौहर ने.करण जौहर और काजोल की दोस्‍ती लंबे समय से बनी हुई है और कई मंचों पर यह दोनों साथ दिखे हैं. लेकिन हाल ही में करण जौहर ने अपनी ऑटोबायोग्राफी 'द अनसूटेबल बॉय' में न केवल काजोल से अपनी दोस्‍ती टूटने की बात कही है बल्कि इस दोस्‍ती के टूटने के पीछे की वजह का भी खुलासा किया है. करण जौहर ने अपने और काजोल के बीच की इस दूरी के लिए काजोल के पति और एक्‍टर अजय देवगन को जिम्‍मेदार ठहराया है. करण जौहर ने 'द अनसूटेबल बॉय' में लिखा है, 'दरअसल समस्‍या कभी मेरे और उसके बीच में थी ही नहीं. समस्या हमेशा उसके पति और मेरे बीच में थी और इसके बारे में सिर्फ वह, उसका पति और मैं जानते थे. मैं इसे सिर्फ वहीं तक रखना चाहता था. लेकिन मुझे लगता है कि उसे कुछ चीजों के लिए मुझसे माफी मांगनी चाहिए जो उसने नहीं मांगी.' करण सिर्फ यहीं नहीं रुके बल्कि उन्‍होंने पिछले साल अक्‍टूबर में रिलीज हुई अजय देवगन की फिल्‍म 'शिवाय' और अपनी फिल्‍म 'ए दिल है मुश्किल' के समय उड़ी अफवाहों पर अपने तरफ की कहानी बयां की है.   बता दें कि पिछले साल अक्‍टूबर में दीवाली के मौके पर करण जौहर की 'ए दिल है मुश्किल' और अजय देवगन के डायरेक्‍शन की पहली फिल्‍म 'शिवाय' रिलीज हुई थी. इस समय से ही काजोल के करण से नाराज होने की खबरें आ रही थीं. हालांकि इस विषय पर दोनों ने ही कभी कोई बयान नहीं दिया था. लेकिन करण जौहर ने इस पर अपनी ऑटोबायोग्राफी में खुलकर लिखा है. टिप्पणियां करण ने लिखा, 'ए दिल है मुश्‍किल' की रिलीज से पहले बहुत कुछ हो चुका था. मुझपर कई बेतुके इल्‍जाम लगाए गए, जैसे कि मैंने किसी को उनके पति की फिल्‍म का बुरा रिव्‍यू करने के लिए पैसे दिए हैं. मैं तो यह कह भी नहीं सकता कि मैं इस इल्‍जाम से दुखी था. मैं इसे सिर्फ ऐसे ही जाने देना चाहता था. लेकिन उसने इस पूरी स्थित पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए ट्वीट किया 'हैरान'.   करण आगे लिखते हैं, 'तब मैं समझ गया कि अब यह मेरे लिए पूरी तरह से खत्‍म हो गया है. उसके इस ट्वीट ने यह साबित कर दिया कि वह इस पूरे पागलपन पर भरोसा करती हैं. मैंने महसूस किया कि अब सब खत्‍म हो गया. और इसके बाद वह कभी मेरी जिंदगी में नहीं आई और मुझे लगता है कि वह चाहती भी नहीं थीं.' करण के इस खुलासे से साफ हो गया है कि वह काफी दुखी हैं और अब काजोल और उनकी दोस्‍ती नहीं बची. लेकिन काजोल इस पूरे मामले पर क्‍या कहती हैं या क्‍या कहना चाहती हैं, यह अभी बाकी है. बता दें कि करण जौहर और काजोल 'दिलवाले दुल्‍हनियां ले जाएंगे', 'कभी खुशी कभी गम' जैसी कई फिल्‍मों में साथ काम कर चुके हैं. करण जौहर ने अपने और काजोल के बीच की इस दूरी के लिए काजोल के पति और एक्‍टर अजय देवगन को जिम्‍मेदार ठहराया है. करण जौहर ने 'द अनसूटेबल बॉय' में लिखा है, 'दरअसल समस्‍या कभी मेरे और उसके बीच में थी ही नहीं. समस्या हमेशा उसके पति और मेरे बीच में थी और इसके बारे में सिर्फ वह, उसका पति और मैं जानते थे. मैं इसे सिर्फ वहीं तक रखना चाहता था. लेकिन मुझे लगता है कि उसे कुछ चीजों के लिए मुझसे माफी मांगनी चाहिए जो उसने नहीं मांगी.' करण सिर्फ यहीं नहीं रुके बल्कि उन्‍होंने पिछले साल अक्‍टूबर में रिलीज हुई अजय देवगन की फिल्‍म 'शिवाय' और अपनी फिल्‍म 'ए दिल है मुश्किल' के समय उड़ी अफवाहों पर अपने तरफ की कहानी बयां की है.   बता दें कि पिछले साल अक्‍टूबर में दीवाली के मौके पर करण जौहर की 'ए दिल है मुश्किल' और अजय देवगन के डायरेक्‍शन की पहली फिल्‍म 'शिवाय' रिलीज हुई थी. इस समय से ही काजोल के करण से नाराज होने की खबरें आ रही थीं. हालांकि इस विषय पर दोनों ने ही कभी कोई बयान नहीं दिया था. लेकिन करण जौहर ने इस पर अपनी ऑटोबायोग्राफी में खुलकर लिखा है. टिप्पणियां करण ने लिखा, 'ए दिल है मुश्‍किल' की रिलीज से पहले बहुत कुछ हो चुका था. मुझपर कई बेतुके इल्‍जाम लगाए गए, जैसे कि मैंने किसी को उनके पति की फिल्‍म का बुरा रिव्‍यू करने के लिए पैसे दिए हैं. मैं तो यह कह भी नहीं सकता कि मैं इस इल्‍जाम से दुखी था. मैं इसे सिर्फ ऐसे ही जाने देना चाहता था. लेकिन उसने इस पूरी स्थित पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए ट्वीट किया 'हैरान'.   करण आगे लिखते हैं, 'तब मैं समझ गया कि अब यह मेरे लिए पूरी तरह से खत्‍म हो गया है. उसके इस ट्वीट ने यह साबित कर दिया कि वह इस पूरे पागलपन पर भरोसा करती हैं. मैंने महसूस किया कि अब सब खत्‍म हो गया. और इसके बाद वह कभी मेरी जिंदगी में नहीं आई और मुझे लगता है कि वह चाहती भी नहीं थीं.' करण के इस खुलासे से साफ हो गया है कि वह काफी दुखी हैं और अब काजोल और उनकी दोस्‍ती नहीं बची. लेकिन काजोल इस पूरे मामले पर क्‍या कहती हैं या क्‍या कहना चाहती हैं, यह अभी बाकी है. बता दें कि करण जौहर और काजोल 'दिलवाले दुल्‍हनियां ले जाएंगे', 'कभी खुशी कभी गम' जैसी कई फिल्‍मों में साथ काम कर चुके हैं. करण सिर्फ यहीं नहीं रुके बल्कि उन्‍होंने पिछले साल अक्‍टूबर में रिलीज हुई अजय देवगन की फिल्‍म 'शिवाय' और अपनी फिल्‍म 'ए दिल है मुश्किल' के समय उड़ी अफवाहों पर अपने तरफ की कहानी बयां की है.   बता दें कि पिछले साल अक्‍टूबर में दीवाली के मौके पर करण जौहर की 'ए दिल है मुश्किल' और अजय देवगन के डायरेक्‍शन की पहली फिल्‍म 'शिवाय' रिलीज हुई थी. इस समय से ही काजोल के करण से नाराज होने की खबरें आ रही थीं. हालांकि इस विषय पर दोनों ने ही कभी कोई बयान नहीं दिया था. लेकिन करण जौहर ने इस पर अपनी ऑटोबायोग्राफी में खुलकर लिखा है. टिप्पणियां करण ने लिखा, 'ए दिल है मुश्‍किल' की रिलीज से पहले बहुत कुछ हो चुका था. मुझपर कई बेतुके इल्‍जाम लगाए गए, जैसे कि मैंने किसी को उनके पति की फिल्‍म का बुरा रिव्‍यू करने के लिए पैसे दिए हैं. मैं तो यह कह भी नहीं सकता कि मैं इस इल्‍जाम से दुखी था. मैं इसे सिर्फ ऐसे ही जाने देना चाहता था. लेकिन उसने इस पूरी स्थित पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए ट्वीट किया 'हैरान'.   करण आगे लिखते हैं, 'तब मैं समझ गया कि अब यह मेरे लिए पूरी तरह से खत्‍म हो गया है. उसके इस ट्वीट ने यह साबित कर दिया कि वह इस पूरे पागलपन पर भरोसा करती हैं. मैंने महसूस किया कि अब सब खत्‍म हो गया. और इसके बाद वह कभी मेरी जिंदगी में नहीं आई और मुझे लगता है कि वह चाहती भी नहीं थीं.' करण के इस खुलासे से साफ हो गया है कि वह काफी दुखी हैं और अब काजोल और उनकी दोस्‍ती नहीं बची. लेकिन काजोल इस पूरे मामले पर क्‍या कहती हैं या क्‍या कहना चाहती हैं, यह अभी बाकी है. बता दें कि करण जौहर और काजोल 'दिलवाले दुल्‍हनियां ले जाएंगे', 'कभी खुशी कभी गम' जैसी कई फिल्‍मों में साथ काम कर चुके हैं. करण ने लिखा, 'ए दिल है मुश्‍किल' की रिलीज से पहले बहुत कुछ हो चुका था. मुझपर कई बेतुके इल्‍जाम लगाए गए, जैसे कि मैंने किसी को उनके पति की फिल्‍म का बुरा रिव्‍यू करने के लिए पैसे दिए हैं. मैं तो यह कह भी नहीं सकता कि मैं इस इल्‍जाम से दुखी था. मैं इसे सिर्फ ऐसे ही जाने देना चाहता था. लेकिन उसने इस पूरी स्थित पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए ट्वीट किया 'हैरान'.   करण आगे लिखते हैं, 'तब मैं समझ गया कि अब यह मेरे लिए पूरी तरह से खत्‍म हो गया है. उसके इस ट्वीट ने यह साबित कर दिया कि वह इस पूरे पागलपन पर भरोसा करती हैं. मैंने महसूस किया कि अब सब खत्‍म हो गया. और इसके बाद वह कभी मेरी जिंदगी में नहीं आई और मुझे लगता है कि वह चाहती भी नहीं थीं.' करण के इस खुलासे से साफ हो गया है कि वह काफी दुखी हैं और अब काजोल और उनकी दोस्‍ती नहीं बची. लेकिन काजोल इस पूरे मामले पर क्‍या कहती हैं या क्‍या कहना चाहती हैं, यह अभी बाकी है. बता दें कि करण जौहर और काजोल 'दिलवाले दुल्‍हनियां ले जाएंगे', 'कभी खुशी कभी गम' जैसी कई फिल्‍मों में साथ काम कर चुके हैं. करण के इस खुलासे से साफ हो गया है कि वह काफी दुखी हैं और अब काजोल और उनकी दोस्‍ती नहीं बची. लेकिन काजोल इस पूरे मामले पर क्‍या कहती हैं या क्‍या कहना चाहती हैं, यह अभी बाकी है. बता दें कि करण जौहर और काजोल 'दिलवाले दुल्‍हनियां ले जाएंगे', 'कभी खुशी कभी गम' जैसी कई फिल्‍मों में साथ काम कर चुके हैं.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: करण जौहर ने पहली बार मानी अपनी और काजोल की दोस्‍ती की दरार करण जौहर ने अपनी जीवनी 'द अनसूटेबल बॉय' में लिखा इस बारे में करण जौहर और काजोल में भी सालों पुरानी दोस्‍ती
19
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दो दिन पहले पुणे एक्सप्रेसवे पर किसानों पर गोली चलाने के मामले पर अब राजनीति तेज हो गई है। बीजेपी ने आरोप लगाया है कि महाराष्ट्र सरकार के किसी बड़े मंत्री के इशारे पर पुलिस ने फायरिंग की। महाराष्ट्र बीजेपी के अध्यक्ष धीर मुनघंटीवार ने कहा है कि पुणे ग्रामीण के एसपी संदीप कार्णिक ने गोली चलाने से पहले इसी मंत्री से फोन पर बात की थी। इसके बाद पुलिस ने सारे नियम तोड़ते हुए विरोध कर रहे किसानों की पीठ के पीछे से फायरिंग की। हालांकि राज्य बीजेपी अध्यक्ष ने इस मंत्री के नाम का खुलासा नहीं किया है। बीजेपी ने मांग की है कि एसपी कार्णिक के कॉल रिकॉर्ड्स की जांच हो, ताकी सच्चाई सामने आ सके। बीजेपी ने एसपी संदीप कार्णिक को बर्खास्त करने की भी मांग की है। क्या मुंबई पुणे एक्सप्रेसवे पर आंदोलन कर रहे किसानों में से एक मोरेश्वर साठे को पुलिस ने एनकाउंटर में मार डाला? शिवसेना ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने पहले मोरेश्वर को पकड़ा, फिर उसे गोली मार दी। लेकिन पुलिस मामले को झूठा बता रही है। उसका कहना है कि उन्होंने मोरेश्वर को पकड़ा जरूर था, लेकिन हंगामे के बीच वह उनकी गिरफ्त से छूटकर भाग खड़ा हुआ और बाद में फायरिंग के दौरान उसकी मौत हुई। इस आंदोलन में जिन किसानों की मौत हुई है, सरकार ने उनके परिजनों को एक लाख रुपये का मुआवजा और सरकारी नौकरी देने का ऐलान किया है। लेकिन पावना डैम के आसपास रहने वाले किसानों ने साफ कर दिया है कि उन्हें मुआवजा नहीं चाहिए। वैसे मुआवजे के मुद्दे पर राजनीति भी शुरु हो गई है। बीजेपी ने भी मारे गए किसानों के परिजनों को 5 लाख रुपये मुआवजा देने का ऐलान किया है। लेकिन आंदोलनकारी किसानों ने साफ किया है कि उनकी लड़ाई पैसों के लिए नहीं बल्कि पानी के लिए है और वे किसी भी कीमत पर पावना का पानी पिंपरी-चिंचवाड़ नहीं जाने देंगे। किसान लंबे समय से इस प्रोजेक्ट का विरोध कर रहे हैं। आंदोलनकारियों को डर है कि इससे उनकी खेती प्रभावित होगी। 9 अगस्त को मुंबई पुणे एक्सप्रेसवे पर किसानों के आंदोलन के दौरान गाड़ियों पर गुस्सा निकालना छह पुलिस कांस्टेबलों को भारी पड़ा है। इन पुलिस कांस्टेबलों को पुणे रूरल एसपी के आदेश पर सस्पेंड कर दिया गया है, लेकिन सवाल है कि गाड़ी पर गुस्सा निकालने वाले कांस्टेबलों पर तो पुलिस ने कार्रवाई कर दी, लेकिन निहत्थे किसानों पर गोली चलाने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई कब होगी।
संक्षिप्त पाठ: पुणे एक्सप्रेसवे पर किसानों पर गोली चलाने के मामले में बीजेपी ने आरोप लगाया है कि महाराष्ट्र सरकार के किसी बड़े मंत्री के इशारे पर पुलिस ने फायरिंग की।
22
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: मेरे प्यारे देशवासियों, एक राष्ट्र के तौर पर, एक परिवार के तौर पर, आपने, हमने, पूरे देश ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया है. एक ऐसी व्यवस्था, जिसकी वजह से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के हमारे भाई-बहन अनेक अधिकारों से वंचित थे, जो उनके विकास में बड़ी बाधा थी, वो अब दूर हो गई है. जो सपना सरदार पटेल का था, बाबा साहेब अंबेडकर का था, डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी का था, अटल जी और करोड़ों देशभक्तों का था, वो अब पूरा हुआ है. जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में एक नए युग की शुरुआत हुई है. अब देश के सभी नागरिकों के हक भी समान हैं, दायित्व भी समान हैं. मैं जम्मू-कश्मीर के लोगों को, लद्दाख के लोगों को और प्रत्येक देशवासी को बहुत-बहुत बधाई देता हूं. साथियों, समाज जीवन में कुछ बातें, समय के साथ इतनी घुल-मिल जाती हैं कि कई बार उन चीजों को स्थाई मान लिया जाता है. ये भाव आ जाता है कि, कुछ बदलेगा नहीं, ऐसे ही चलेगा. अनुच्छेद 370 के साथ भी ऐसा ही भाव था. उससे जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के हमारे भाई-बहनों की, हमारे बच्चों की जो हानि हो रही थी, उसकी चर्चा ही नहीं होती थी. हैरानी की बात ये है कि आप किसी से भी बात करें, तो कोई ये भी नहीं बता पाता था कि अनुच्छेद 370 से जम्मू-कश्मीर के लोगों के जीवन में क्या लाभ हुआ. भाइयों और बहनों, अनुच्छेद 370 और 35-ए ने जम्मू-कश्मीर को अलगाववाद- आतंकवाद-परिवारवाद और व्यवस्थाओं में बड़े पैमाने पर फैले भ्रष्टाचार के अलावा कुछ नहीं दिया. इन दोनों अनुच्छेद का देश के खिलाफ, कुछ लोगों की भावनाएं भड़काने के लिए पाकिस्तान द्वारा एक शस्त्र के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा था. इसकी वजह से पिछले तीन दशक में लगभग 42 हजार निर्दोष लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का विकास उस गति से नहीं हो पाया, जिसका वो हकदार था. अब व्यवस्था की ये कमी दूर होने से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लोगों का वर्तमान तो सुधरेगा ही, उनका भविष्य भी सुरक्षित होगा. साथियों, हमारे देश में कोई भी सरकार हो, वो संसद में कानून बनाकर, देश की भलाई के लिए काम करती है. किसी भी दल की सरकार हो, किसी भी गठबंधन की सरकार हो, ये कार्य निरंतर चलता रहता है. कानून बनाते समय काफी बहस होती है, चिंतन-मनन होता है, उसकी आवश्यकता, उसके प्रभाव को लेकर गंभीर पक्ष रखे जाते हैं. इस प्रक्रिया से गुजरकर जो कानून बनता है, वो पूरे देश के लोगों का भला करता है. लेकिन कोई कल्पना नहीं कर सकता कि संसद इतनी बड़ी संख्या में कानून बनाए और वो देश के एक हिस्से में लागू ही नहीं हों. यहां तक कि, पहले की जो सरकारें, एक कानून बनाकर वाहवाही लूटती थीं, वो भी ये दावा नहीं कर पाती थीं कि उनका बनाया कानून जम्मू-कश्मीर में भी लागू होगा. जो कानून देश की पूरी आबादी के लिए बनता था, उसके लाभ से जम्मू-कश्मीर के डेढ़ करोड़ से ज्यादा लोग वंचित रह जाते थे. सोचिए, देश के अन्य राज्यों में बच्चों को शिक्षा का अधिकार है, लेकिन जम्मू-कश्मीर के बच्चे इससे वंचित थे. देश के अन्य राज्यों में बेटियों को जो सारे हक मिलते हैं, वो सारे हक जम्मू-कश्मीर की बेटियों को नहीं मिलते थे. देश के अन्य राज्यों में सफाई कर्मचारियों के लिए सफाई कर्मचारी एक्ट लागू है, लेकिन जम्मू-कश्मीर के सफाई कर्मचारी इससे वंचित थे. देश के अन्य राज्यों में दलितों पर अत्याचार रोकने के लिए सख्त कानून लागू है, लेकिन जम्मू-कश्मीर में ऐसा नहीं था. देश के अन्य राज्यों में अल्पसंख्यकों के हितों के संरक्षण के लिए माइनॉरिटी एक्ट लागू है, लेकिन जम्मू-कश्मीर में ऐसा नहीं था. देश के अन्य राज्यों में श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए Minimum Wages (वेजेस) Act लागू है, लेकिन जम्मू-कश्मीर में काम करने वाले श्रमिकों को ये सिर्फ कागजों पर ही मिलता था. देश के अन्य राज्यों में चुनाव लड़ते समय अनुसूचित जनजाति के भाई-बहनों को आरक्षण का लाभ मिलता था, लेकिन जम्मू-कश्मीर में ऐसा नहीं था. साथियों, अब आर्टिकल 370 और 35-ए, इतिहास की बात हो जाने के बाद, उसके नकारात्मक प्रभावों से भी जम्मू-कश्मीर जल्द बाहर निकलेगा, इसका मुझे पूरा विश्वास है. भाइयों और बहनों, नई व्यवस्था में केंद्र सरकार की ये प्राथमिकता रहेगी कि  राज्य के कर्मचारियों को, जम्मू-कश्मीर पुलिस को, दूसरे केंद्र शासित प्रदेश के कर्मचारियों और वहां की पुलिस के बराबर सुविधाएं मिलें. अभी केंद्र शासित प्रदेशों में, अनेक ऐसी वित्तीय सुविधाएं जैसे LTC, House Rent Allowance,बच्चों की शिक्षा के लिए Education Allowance, हेल्थ स्कीम, जैसी अनेक सुविधाएं दी जाती हैं, जिनमें से अधिकांश जम्मू-कश्मीर के कर्मचारियों को नहीं मिलती. ऐसी सुविधाओं का review कराकर, जल्द ही जम्मू-कश्मीर के कर्मचारियों और वहां की पुलिस को भी ये सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी. साथियों, बहुत जल्द ही जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में सभी केंद्रीय और राज्य के रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. इससे स्थानीय नौजवानों को रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध होंगे. साथ ही केंद्र सरकार की पब्लिक सेक्टर यूनिट्स और प्राइवेट सेक्टर की बड़ी कंपनियों को भी रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने के लिए, प्रोत्साहित किया जाएगा. इसके अलावा, सेना और अर्धसैनिक बलों द्वारा, स्थानीय युवाओं की भर्ती के लिए रैलियों का आयोजन किया जाएगा. सरकार द्वारा प्रधानमंत्री स्कॉलरशिप योजना का भी विस्तार किया जाएगा ताकि ज्यादा से ज्यादा विद्यार्थियों को इसका लाभ मिल सके. जम्मू-कश्मीर में राजस्व घाटा भी बहुत ज्यादा है. केंद्र सरकार ये भी सुनिश्चित करेगी की इसके प्रभाव को कम किया जाए. भाइयों और बहनों, केंद्र सरकार ने अनुच्छेद 370 हटाने के साथ ही, अभी कुछ कालखंड के लिए जम्मू-कश्मीर को सीधे केंद्र सरकार के शासन में रखने का फैसला बहुत सोच-समझकर लिया है. इसके पीछे की वजह समझना भी आपके लिए महत्वपूर्ण है. जब से वहां गवर्नर रूल लगा है, जम्मू-कश्मीर का प्रशासन, सीधे केंद्र सरकार के संपर्क में है. इसकी वजह से बीते कुछ महीनों में वहां Good Governance और Development का और बेहतर प्रभाव जमीन पर दिखाई देने लगा है. जो योजनाएं पहले सिर्फ कागजों में रह गई थीं, उन्हें अब जमीन पर उतारा जा रहा है. दशकों से लटके हुए प्रोजेक्ट्स को नई गति मिली है. हमने जम्मू-कश्मीर प्रशासन में एक नई कार्यसंस्कृति लाने, पारदर्शिता लाने का प्रयास किया है. इसी का नतीजा है कि IIT, IIM, एम्स, हों, तमाम इरिगेशन प्रोजेक्ट्स हो, पावर प्रोजेक्ट्स हों, या फिर एंटी करप्शन ब्यूरो, इन सबके काम में तेजी आई है. इसके अलावा वहां कनेक्टिविटी से जुड़े प्रोजेक्ट हों, सड़कों और नई रेल लाइनों का काम हो, एयरपोर्ट का आधुनिकीकरण हो, सभी को तेज गति से आगे बढ़ाया जा रहा है. साथियों, हमारे देश का लोकतंत्र इतना मजबूत है. लेकिन आप ये जानकर चौंक जाएंगे कि जम्मू-कश्मीर में दशकों से, हजारों की संख्या में ऐसे भाई-बहन रहते हैं, जिन्हें लोकसभा के चुनाव में तो वोट डालने का अधिकार था, लेकिन वो विधानसभा और स्थानीय निकाय के चुनाव में मतदान नहीं कर सकते थे. ये वो लोग हैं जो 1947 में बंटवारे के बाद पाकिस्तान से भारत आए थे. क्या इन लोगों के साथ अन्याय ऐसे ही चलता रहता? साथियों, जम्मू-कश्मीर के अपने भाई-बहनों को मैं एक महत्वपूर्ण बात और स्पष्ट करना चाहता हूं. आपका जनप्रतिनिधि आपके द्वारा ही चुना जाएगा, आपके बीच से ही आएगा. जैसे पहले MLA होते थे, वैसे ही MLA आगे भी होंगे. जैसे पहले मंत्रिपरिषद होती थी, वैसी ही मंत्रिपरिषद आगे भी होगी. जैसे पहले आपके सीएम होते थे, वैसे ही आगे भी आपके सीएम होंगे. साथियों, मुझे पूरा विश्वास है कि इस नई व्यवस्था के तहत हम सब मिलकर आतंकवाद-अलगाववाद से जम्मू-कश्मीर को मुक्त कराएंगे. जब धरती का स्वर्ग, हमारा जम्मू-कश्मीर फिर एक बार विकास की नई ऊंचाइयों को पार करके पूरे विश्व को आकर्षित करने लगेगा, नागरिकों के जीवन में Ease of Living बढ़ेगी, नागरिकों को जो उनके हक का मिलना चाहिए, वो बेरोक-टोक मिलने लगेगा, शासन-प्रशासन की सारी व्यवस्थाएं जनहित कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाएंगी, तो मैं नहीं मानता कि केंद्र शासित प्रदेश की व्यवस्था जम्मू कश्मीर के अंधर चलाए रखने की जरूरत पड़ेगी. भाइयों और बहनों, हम सभी चाहते हैं कि आने वाले समय में जम्मू-कश्मीर विधानसभा के चुनाव हों, नई सरकार बने, मुख्यमंत्री बनें. मैं जम्मू-कश्मीर के लोगों को भरोसा देता हूं कि आपको बहुत ईमानदारी के साथ, पूरे पारदर्शी वातावरण में अपने प्रतिनिधि चुनने का अवसर मिलेगा. जैसे बीते दिनों पंचायत के चुनाव पारदर्शिता के साथ संपन्न कराए गए, वैसे ही जम्मू-कश्मीर विधानसभा के भी चुनाव होंगे. मैं राज्य के गवर्नर से ये भी आग्रह करूंगा कि ब्लॉक डवलपमेंट काउंसिल का गठन, जो पिछले दो-तीन दशकों से लंबित है, उसे पूरा करने का काम भी जल्द से जल्द से जल्द  किया जाए. साथियों, ये मेरा खुद का अनुभव है कि चार-पाँच महीने पहले जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के पंचायत चुनावों में जो लोग चुनकर आए, वो बहुत बेहतरीन काम कर रहे हैं. कुछ महीनों पहले जब मैं श्रीनगर गया था, तो वहां मेरी उनसे लंबी मुलाकात भी हुई थी. जब वो यहां दिल्ली आए थे, तब भी मेरे घर पर, मैंने उनसे काफी देर तक बात की थी. पंचायत के इन साथियों की वजह से जम्मू-कश्मीर में बीते दिनों ग्रामीण स्तर पर बहुत तेजी से काम हुआ है. हर घर बिजली पहुंचाने का काम हो या फिर राज्य को ODF बनाना हो, इसमें पंचायत के प्रतिनिधियों की बहुत बड़ी भूमिका रही है. मुझे पूरा विश्वास है कि अब अनुच्छेद 370 हटने के बाद, जब इन पंचायत सदस्यों को नई व्यवस्था में काम करने का मौका मिलेगा तो वो कमाल कर देंगे. मुझे पूरा विश्वास है कि जम्मू-कश्मीर की जनता अलगाववाद को परास्त करके नई आशाओं के साथ आगे बढ़ेगी. मुझे पूरा विश्वास है कि जम्मू-कश्मीर की जनता, Good Governance और पारदर्शिता के वातावरण में, नए उत्साह के साथ अपने लक्ष्यों को प्राप्त करेगी. साथियों,  दशकों के परिवारवाद ने जम्मू-कश्मीर के मेरे युवाओं को नेतृत्व का अवसर ही नहीं दिया. अब मेरे ये युवा, जम्मू-कश्मीर के विकास का नेतृत्व करेंगे और उसे नई ऊंचाईयो पर ले जाएंगे. मैं जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के नौजवानों, वहां की बहनों-बेटियों से विशेष आग्रह करूंगा कि अपने क्षेत्र के विकास की कमान खुद संभालिए. साथियों, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में दुनिया का सबसे बड़ा टूरिस्ट डेस्टिनेशन बनने की क्षमता है. इसके लिए जो वातावरण चाहिए, शासन प्रशासन में जो बदलाव चाहिए, वो किए जा रहे हैं लेकिन मुझे इसमें हर देशवासी का साथ चाहिए. एक जमाना था, जब बॉलीवुड की फिल्मों की शूटिंग के लिए कश्मीर पसंदीदा जगह थी. उस दौरान शायद ही कोई फिल्म बनती हो, जिसकी कश्मीर में शूटिंग न होती हो. अब जम्मू-कश्मीर में स्थितियां सामान्य होंगी, तो देश ही नहीं, दुनिया भर के लोग वहां फिल्मों की शूटिंग करने आएंगे. हर फिल्म अपने साथ कश्मीर के लोगों के लिए रोजगार के अनेक अवसर भी लेकर आएगी. मैं हिंदी फिल्म इंडस्ट्री, तेलगू और तमिल फिल्म इंडस्ट्री और इससे जुड़े लोगों से आग्रह करूंगा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में निवेश के बारे में, फिल्म की शूटिंग से लेकर थिएटर और अन्य साधनों की स्थापना के बारे में जरूर सोचें जो टेक्नोलॉजी की दुनिया से जुड़े लोग हैं, चाहे वो प्रशासन में हों या फिर प्राइवेट सेक्टर में उनसे भी मेरा आग्रह है कि अपनी नीतियों में, अपने फैसलों में इस बात को प्राथमिकता दें कि जम्मू-कश्मीर में कैसे टेक्नोलॉजी का और विस्तार किया जाए. जब वहां डिजिटल कम्यूनिकेशन को ताकत मिलेगी, जब वहां BPO सेंटर, कॉमन सर्विस सेंटर बढ़ेंगे, जितना ज्यादा टेक्नोलॉजी का विस्तार होगा, उतना ही जम्मू-कश्मीर के हमारे भाई-बहनों का जीवन आसान होगा, उनकी आजीविका और रोजी-रोटी कमाने के अवसर बढ़ेंगे. साथियो, सरकार ने जो फैसला लिया है, वो जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के उन नौजवानों को भी मदद करेगा, जो स्पोर्ट्स की दुनिया में आगे बढ़ना चाहते हैं. नई स्पोर्ट्स एकैडमीज, नए स्पोर्ट्स स्टेडियम, साइंटिफिक इनवायर्नमेंट में ट्रेनिंग, उन्हें दुनिया में अपना टैलेंट दिखाने में मदद करेगी. साथियों, जम्मू-कश्मीर के केसर का रंग हो या कहवा का स्वाद सेब का मीठापन हो या खुबानी का रसीलापन, कश्मीरी शॉल हो या फिर कलाकृतियां, लद्दाख के ऑर्गैनिक प्रॉडक्ट्स हों या फिर हर्बल मेडिसिन इसका प्रसार दुनियाभर में किए जाने का जरूरत है. मैं आपको एक उदाहरण देता हूं. लद्दाख में सोलो नाम का एक पौधा पाया जाता है. जानकारों का कहना है कि ये पौधा, High Altitude पर रहने वाले लोगों के लिए, बर्फीली पहाड़ियों पर तैनात सुरक्षाबलों के लिए संजीवनी का काम करता है. कम ऑक्सीजन वाली जगह पर शरीर के इम्यून सिस्टम को संभाले रखने में इसकी बहुत बड़ी भूमिका है. सोचिए, ऐसी अद्भुत चीज, दुनिया भर में बिकनी चाहिए या नहीं? कौन हिन्दुस्तानी नहीं चाहता है और साथियों, मैंने सिर्फ एक का नाम लिया है. ऐसे अनगिनत पौधे, हर्बल प्रॉडक्ट जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बिखरे पड़े हैं. उनकी पहचान होगी, उनकी बिक्री होगी तो इसका बहुत बड़ा लाभ वहां के लोगों को मिलेगा, वहां के किसानों को मिलेगा. इसलिए मैं देश के उद्यमियों से, Export से जुड़े लोगों से,फूड प्रोसेसिंग सेक्टर से जुड़े लोगों से आग्रह करूंगा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के स्थानीय Products को दुनिया भर में पहुंचाने के लिए आगे आएं. साथियों, Union Territory बन जाने के बाद अब लद्दाख के लोगों का विकास, भारत सरकार की स्वाभाविक  जिम्मेदारी बनता  है. स्थानीय प्रतिनिधियों, लद्दाख और कारगिल की डवलपमेंट काउंसिल्स के सहयोग से केंद्र सरकार, विकास की तमाम योजनाओं का लाभ अब और तेजी से पहुंचाएगी. लद्दाख में स्पीरिचुअल टूरिज्म, एडवेंचर टूरिज्म और इकोटूरिज्म का,  सबसे बड़ा केंद्र बनने की क्षमता है. सोलर पावर जनरेशन का भी लद्दाख बहुत बड़ा केंद्र बन सकता है. अब वहां के सामर्थ्य का उचित इस्तेमाल होगा और बिना भेदभाव विकास के लिए नए अवसर बनेंगे. अब लद्दाख के नौजवानों की इनोवेटिव स्पिरिट को बढ़ावा मिलेगा, उन्हें अच्छी शिक्षा के लिए बेहतर संस्थान मिलेंगे, वहां के लोगों को अच्छे अस्पताल मिलेंगे, इंफ्रास्ट्रक्चर का और तेजी से आधुनिकीकरण होगा. साथियों, लोकतंत्र में ये भी बहुत स्वाभाविक है कि कुछ लोग इस फैसले के पक्ष में हैं और कुछ को इस पर मतभेद है. मैं उनके मतभेद का भी सम्मान करता हूं और उनकी आपत्तियों का भी. इस पर जो बहस हो रही है, उसका केंद्र सरकार जवाब भी दे रही है. समाधान करने का प्रयास भी कर रही है ये हमारा लोकतांत्रिक दायित्व है. लेकिन मेरा उनसे आग्रह है कि वो देशहित को सर्वोपरि रखते हुए व्यवहार करें और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख को नई दिशा देने में सरकार की मदद करें. देश कि मदद करें संसद में किसने मतदान किया, किसने नहीं किया,किसने समर्थन दिया, किसने नहीं दिया, इससे आगे बढ़कर अब हमें जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के हित में मिलकर, एकजुट होकर काम करना है. मैं हर देशवासी को ये भी कहना चाहता हूं कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लोगों की चिंता, हम सबकी चिंता है, 130 करोड़ नागरिकों का चिंता है. उनके सुख-दुःख, उनकी तकलीफ से हम अलग नहीं हैं. अनुच्छेद 370 से मुक्ति एक सच्चाई है, लेकिन सच्चाई ये भी है कि इस समय ऐतिहास  के तौर पर उठाए गए कदमों की वजह से जो भी परेशानी हो रही है, उसका मुकाबला भी वही लोग कर रहे हैं. कुछ मुट्ठी भर लोग, जो वहां हालात बिगाड़ना चाहते हैं, उन्हें धैर्यपूर्वक जवाब भी वहां के हमारे भाई बहन दे रहे हैं. हमें ये भी नहीं भूलना चाहिए कि आतंकवाद और अलगाववाद को बढ़ावा देने की पाकिस्तानी साजिशों के विरोध में जम्मू-कश्मीर के ही देशभक्त लोग डटकर खड़े हुए हैं. भारतीय संविधान पर विश्वास करने वाले हमारे ये सभी-भाई बहन अच्छा जीवन जीने के अधिकारी हैं. हमें उन सब पर गर्व है. मैं आज जम्मू-कश्मीर के इन साथियों को भरोसा देता हूं कि धीरे-धीरे हालात सामान्य हो जाएंगे और उनकी परेशानी भी कम होती चली जाएगी. साथियों, ईद का मुबारक त्योहार भी नजदीक ही है. ईद के लिए मेरी ओर से सभी को बहुत-बहुत शुभकामनाएं. सरकार इस बात का ध्यान रख रही है कि जम्मू-कश्मीर में ईद मनाने में लोगों को कोई परेशानी न हो. हमारे जो साथी जम्मू-कश्मीर से बाहर रहते हैं और ईद पर अपने घर वापस जाना चाहते हैं, उनको भी सरकार हर संभव मदद कर रही है. साथियों, आज इस अवसर पर, मैं  जम्मू-कश्मीर के लोगों की सुरक्षा में तैनात अपने सुरक्षा बलों के साथियों का भी आभार व्यक्त करता हूं. प्रशासन से जुड़े सभी लोग, राज्य के कर्मचारी और जम्मू-कश्मीर पुलिस जिस तरह से स्थितियों को सँभाल रही है, वो बहुत बहुत प्रशंसनीय है. आपके इस परिश्रम ने, मेरा ये विश्वास और बढ़ाया है , बदलाव हो सकता है. भाइयों और बहनों, जम्मू-कश्मीर हमारे देश का मुकुट है. गर्व करते है इसकी रक्षा के लिए जम्मू-कश्मीर के अनेकों वीर बेटे-बेटियों ने अपना बलिदान दिया है, अपना जीवन दांव पर लगाया है. पुंछ जिले के मौलवी गुलाम दीन, जिन्होंने 65 की लड़ाई में पाकिस्तानी घुसपैठियों के बारे में भारतीय सेना को बताया था, उन्हें अशोक चक्र से सम्मानित किया गया था, लद्दाख के कर्नल सोनम वानंचुग जिन्होंने कारगिल की लड़ाई में दुश्मन को धूल चटा दी थी, उन्हें महावीर चक्र दिया गया था, राजौरी की रुखसाना कौसर, जिन्होंने एक बड़े आतंकी को मार गिराया था, उन्हें कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया था, पुंछ के शहीद औरंगजेब, जिनकी पिछले वर्ष आतंकियों ने हत्या कर दी थी और जिनके दोनों भाई अब सेना में भर्ती होकर देश की सेवा कर रहे हैं, ऐसे वीर बेटे-बेटियों की ये लिस्ट बहुत लंबी है. आतंकियों से लड़ते हुए जम्मू-कश्मीर पुलिस के अनेक जवान और अफसर भी शहीद हुए हैं. देश के अन्य भू भाग से भी हज़ारों लोगों को हमने खोया है इन सभी का सपना रहा है- एक शांत, सुरक्षित, समृद्ध जम्मू-कश्मीर बनाने का. उनके सपने को हमें मिलकर पूरा करना है. साथियों, ये फैसला जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के साथ ही पूरे भारत की आर्थिक प्रगति में सहयोग करेगा. जब दुनिया के इस महत्वपूर्ण भूभाग में शांति और खुशहाली आएगी, तो स्वभाविक रूप से विश्व शांति के प्रयासों को मजबूती मिलेगी. मैं जम्मू-कश्मीर के अपने भाइयों और बहनों से, लद्दाख के अपने भाइयों और बहनों से, आह्वान करता हूं. आइए, हम सब मिलकर दुनिया को दिखा दें कि इस क्षेत्र के लोगों का सामर्थ्य कितना ज्यादा है, यहां के लोगों का हौसला, उनका जज्बा कितना ज्यादा है. आइए, हम सब मिलकर,नए भारत के साथ-साथ अब नए जम्मू-कश्मीर और नए लद्दाख का भी निर्माण करें. बहुत-बहुत धन्यवाद ! जय हिंद !!!
यहाँ एक सारांश है:कहा- सरदार पटेल, श्यामाप्रसाद मुखर्जी और करोड़ों देशभक्तों का सपना पूरा अनुच्छेद 370 का कुछ लोगों की भावनाएं भड़काने के लिए उपयोग किया गया 370 का शस्त्र के रूप में पाकिस्तान की ओर से इस्तेमाल किया जा रहा था
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['hin']
एक सारांश बनाओ: उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद बीसीसीआई अध्यक्ष के रूप में वापसी करने वाले आलोचनाओं में घिरे एन श्रीनिवासन ने कहा कि उनकी अंतरात्मा साफ थी और उन्होंने अपने पद से इस्तीफा इसलिए नहीं दिया क्योंकि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया था।टिप्पणियां यह पूछने पर कि क्या उनकी अंतरात्मा ने उन्हें बीसीसीआई अध्यक्ष पद पर बने रहने की अनुमति दी जबकि उनके दामाद और चेन्नई सुपरकिंग्स के प्रिंसिपल गुरुनाथ मय्यप्पन पर मुंबई पुलिस द्वारा आईपीएल छह स्पॉट फिक्सिंग और सट्टेबाजी प्रकरण के संबंध में आरोप पत्र दायर किया गया। श्रीनिवासन ने कहा कि नैतिकता का कोई मुद्दा नहीं था क्योंकि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया। श्रीनिवासन ने कहा, ‘निश्चित रूप से अगर मैं ऐसा महसूस नहीं करता तो मैं इस पद पर जारी नहीं रहता। जैसा कि मैंने शुरू में कहा है कि मैं जो करता हूं, उसपर बना रहता हूं। अगर मैंने कुछ गलत किया होता, तो हां, मेरी अंतरात्मा इसकी अनुमति नहीं देती। लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं था, यही मैंने शुरू से कहा है।’ यह पूछने पर कि क्या उनकी अंतरात्मा ने उन्हें बीसीसीआई अध्यक्ष पद पर बने रहने की अनुमति दी जबकि उनके दामाद और चेन्नई सुपरकिंग्स के प्रिंसिपल गुरुनाथ मय्यप्पन पर मुंबई पुलिस द्वारा आईपीएल छह स्पॉट फिक्सिंग और सट्टेबाजी प्रकरण के संबंध में आरोप पत्र दायर किया गया। श्रीनिवासन ने कहा कि नैतिकता का कोई मुद्दा नहीं था क्योंकि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया। श्रीनिवासन ने कहा, ‘निश्चित रूप से अगर मैं ऐसा महसूस नहीं करता तो मैं इस पद पर जारी नहीं रहता। जैसा कि मैंने शुरू में कहा है कि मैं जो करता हूं, उसपर बना रहता हूं। अगर मैंने कुछ गलत किया होता, तो हां, मेरी अंतरात्मा इसकी अनुमति नहीं देती। लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं था, यही मैंने शुरू से कहा है।’ श्रीनिवासन ने कहा, ‘निश्चित रूप से अगर मैं ऐसा महसूस नहीं करता तो मैं इस पद पर जारी नहीं रहता। जैसा कि मैंने शुरू में कहा है कि मैं जो करता हूं, उसपर बना रहता हूं। अगर मैंने कुछ गलत किया होता, तो हां, मेरी अंतरात्मा इसकी अनुमति नहीं देती। लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं था, यही मैंने शुरू से कहा है।’
संक्षिप्त सारांश: उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद बीसीसीआई अध्यक्ष के रूप में वापसी करने वाले आलोचनाओं में घिरे एन श्रीनिवासन ने कहा कि उनकी अंतरात्मा साफ थी और उन्होंने अपने पद से इस्तीफा इसलिए नहीं दिया क्योंकि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया था।
8
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि सरकार अर्थव्यवस्था को 8 से 9 प्रतिशत की ऊंची वृद्धि दर की राह पर लौटाने को प्रतिबद्ध है। उद्योग मंडल फिक्की की 85वीं आम बैठक को संबोधित करते हुए मनमोहन सिंह ने कहा कि हमने हाल में जो कदम उठाए हैं, वे अर्थव्यवस्था में गति लाने के प्रयासों की शुरुआत है। इससे अर्थव्यवस्था को एक बार फिर से 8-9 प्रतिशत की ऊंची वृद्धि दर पर पहुंचाया जा सकेगा।टिप्पणियां उन्होंने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था संकट के दौर से गुजर रही है और घरेलू मोर्चे पर अत्यधिक निराशावाद से देश की वृद्धि की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। प्रधानमंत्री ने उद्योग जगत के दिग्गजों को संबोधित करते हुए कहा, मैं आपके समक्ष खड़ा होकर भरोसा दिलाता हूं कि सरकार नीतिगत माहौल में बदलाव, आर्थिक वृद्धि को रफ्तार देने तथा वृद्धि की प्रक्रिया को अधिक सामाजिक एवं क्षेत्रीय बनाने के लिए हरसंभव उपाय करने को प्रतिबद्ध है। बीते वित्तवर्ष 2011-12 में आर्थिक वृद्धि दर घटकर 6.5 प्रतिशत पर आ गई, जो इसका नौ साल का निचला स्तर है। रिजर्व बैंक के अनुमान के अनुसार चालू वित्तवर्ष में आर्थिक वृद्धि दर 5.8 प्रतिशत रहेगी। 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट से तीन साल पहले तक भारतीय अर्थव्यवस्था लगातार 9 प्रतिशत से अधिक की दर से बढ़ रही थी। उद्योग मंडल फिक्की की 85वीं आम बैठक को संबोधित करते हुए मनमोहन सिंह ने कहा कि हमने हाल में जो कदम उठाए हैं, वे अर्थव्यवस्था में गति लाने के प्रयासों की शुरुआत है। इससे अर्थव्यवस्था को एक बार फिर से 8-9 प्रतिशत की ऊंची वृद्धि दर पर पहुंचाया जा सकेगा।टिप्पणियां उन्होंने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था संकट के दौर से गुजर रही है और घरेलू मोर्चे पर अत्यधिक निराशावाद से देश की वृद्धि की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। प्रधानमंत्री ने उद्योग जगत के दिग्गजों को संबोधित करते हुए कहा, मैं आपके समक्ष खड़ा होकर भरोसा दिलाता हूं कि सरकार नीतिगत माहौल में बदलाव, आर्थिक वृद्धि को रफ्तार देने तथा वृद्धि की प्रक्रिया को अधिक सामाजिक एवं क्षेत्रीय बनाने के लिए हरसंभव उपाय करने को प्रतिबद्ध है। बीते वित्तवर्ष 2011-12 में आर्थिक वृद्धि दर घटकर 6.5 प्रतिशत पर आ गई, जो इसका नौ साल का निचला स्तर है। रिजर्व बैंक के अनुमान के अनुसार चालू वित्तवर्ष में आर्थिक वृद्धि दर 5.8 प्रतिशत रहेगी। 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट से तीन साल पहले तक भारतीय अर्थव्यवस्था लगातार 9 प्रतिशत से अधिक की दर से बढ़ रही थी। उन्होंने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था संकट के दौर से गुजर रही है और घरेलू मोर्चे पर अत्यधिक निराशावाद से देश की वृद्धि की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। प्रधानमंत्री ने उद्योग जगत के दिग्गजों को संबोधित करते हुए कहा, मैं आपके समक्ष खड़ा होकर भरोसा दिलाता हूं कि सरकार नीतिगत माहौल में बदलाव, आर्थिक वृद्धि को रफ्तार देने तथा वृद्धि की प्रक्रिया को अधिक सामाजिक एवं क्षेत्रीय बनाने के लिए हरसंभव उपाय करने को प्रतिबद्ध है। बीते वित्तवर्ष 2011-12 में आर्थिक वृद्धि दर घटकर 6.5 प्रतिशत पर आ गई, जो इसका नौ साल का निचला स्तर है। रिजर्व बैंक के अनुमान के अनुसार चालू वित्तवर्ष में आर्थिक वृद्धि दर 5.8 प्रतिशत रहेगी। 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट से तीन साल पहले तक भारतीय अर्थव्यवस्था लगातार 9 प्रतिशत से अधिक की दर से बढ़ रही थी। बीते वित्तवर्ष 2011-12 में आर्थिक वृद्धि दर घटकर 6.5 प्रतिशत पर आ गई, जो इसका नौ साल का निचला स्तर है। रिजर्व बैंक के अनुमान के अनुसार चालू वित्तवर्ष में आर्थिक वृद्धि दर 5.8 प्रतिशत रहेगी। 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट से तीन साल पहले तक भारतीय अर्थव्यवस्था लगातार 9 प्रतिशत से अधिक की दर से बढ़ रही थी।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: फिक्की की 85वीं आम बैठक को संबोधित करते हुए मनमोहन सिंह ने कहा कि हमने हाल में जो कदम उठाए हैं, वे अर्थव्यवस्था में गति लाने के प्रयासों की शुरुआत है।
11
['hin']
एक सारांश बनाओ: भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान झूलन गोस्वामी को जब पदमश्री पुरस्कार दिए जाने की सूचना दी गई तो उन्हें अपने कानों पर भरोसा ही नहीं हुआ। बंगाल के नदिया जिले के छोटे से शहर से आयी झूलन बेंगलूर के एनसीए में गेंदबाजी कर रही थी जहां आगामी वेस्टइंडीज श्रृंखला के लिए भारत का अभ्यास शिविर चल रहा है और तब यह खबर आयी तो वह इस पर विश्वास ही नहीं कर सकी। झूलन ने कहा, ‘जब मुझे इस बारे में बताया गया तो मुझे कानों पर भरोसा नहीं हुआ। लेकिन इसके बाद मुझे बधाई देने के लिये फोन आने लगे और यह काफी अच्छा अहसास है।’ महिला टीम की मुख्य तेज गेंदबाज ने कहा कि उन्हें नहीं पता था कि खेल मंत्रालय ने उनका नाम पदम पुरस्कारों के लिये भेजा था। झूलन ने कहा, ‘मुझे जरा भी इल्म नहीं था कि मेरे नाम की सिफारिश खेल मंत्रालय से की गयी है। यह सचमुच बड़ा सम्मान है। सरकार से यह सम्मान मिलना सचमुच बड़ा है।’ वर्ष 2002 में अंतरराष्ट्रीय आगाज करने वाली झूलन 2007 में आईसीसी अंतरराष्ट्रीय महिला खिलाड़ी का पुरस्कार जीतने वाली दूसरी क्रिकेटर और पहली भारतीय हैं। इसके तीन साल बाद उन्हें अजरुन पुरस्कार दिया गया था। इसके दो साल बाद झूलन ने पदमश्री हासिल करके एक तरह से हैट्रिक बनायी है। उन्हें लगता है कि पदमश्री जैसा सम्मान मिलने से उन्हें देश के लिए और सफलतायें हासिल करने की प्रेरणा मिलेगी। डायना एडुल्जी के बाद पदम श्री जीतने वाली वह दूसरी महिला क्रिकेटर हैं। उन्होंने कहा, ‘यह सचमुच काफी बड़ा सम्मान है। इस पुरस्कार से हमें अच्छा करने की प्रेरणा मिलेगी। महिला क्रिकेट में चीजें अच्छे के लिये बदल रही हैं।’ झूलन ने कहा, ‘हमें पिछले पांच छह वर्षों में बीसीसीआई से अच्छा सहयोग मिल रहा है क्योंकि हमें अब बेहतर सुविधायें मिल रही हैं।’टिप्पणियां बोर्ड द्वारा ‘सर्वश्रेष्ठ महिला क्रिकेटर’ के लिये एम ए चिदम्बरम ट्राफी हासिल करने वाली झूलन ने आगामी 2013 विश्व कप, जिसमें वह टीम की अगुवाई करेंगी, के बारे में कहा, ‘हमारी तैयारियां वेस्टइंडीज दौरे के लिए सही दिशा में बढ़ रही हैं। आईसीसी विश्व टी20 इस साल हमारे लिये अहम चुनौती है। अगले साल हमें घरेलू सरजमीं पर 50 ओवर का विश्व कप खेलना है। हम इसमें सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहते हैं। अगर हम जीत जाते हैं तो यह यादगार होगा।’ झूलन ने आठ टेस्ट में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए 33 विकेट चटकाये हैं। उन्होंने 114 वनडे में 135 और 18 ट्वेंटी20 मैचों में 12 विकेट अपने नाम किये हैं। बंगाल के नदिया जिले के छोटे से शहर से आयी झूलन बेंगलूर के एनसीए में गेंदबाजी कर रही थी जहां आगामी वेस्टइंडीज श्रृंखला के लिए भारत का अभ्यास शिविर चल रहा है और तब यह खबर आयी तो वह इस पर विश्वास ही नहीं कर सकी। झूलन ने कहा, ‘जब मुझे इस बारे में बताया गया तो मुझे कानों पर भरोसा नहीं हुआ। लेकिन इसके बाद मुझे बधाई देने के लिये फोन आने लगे और यह काफी अच्छा अहसास है।’ महिला टीम की मुख्य तेज गेंदबाज ने कहा कि उन्हें नहीं पता था कि खेल मंत्रालय ने उनका नाम पदम पुरस्कारों के लिये भेजा था। झूलन ने कहा, ‘मुझे जरा भी इल्म नहीं था कि मेरे नाम की सिफारिश खेल मंत्रालय से की गयी है। यह सचमुच बड़ा सम्मान है। सरकार से यह सम्मान मिलना सचमुच बड़ा है।’ वर्ष 2002 में अंतरराष्ट्रीय आगाज करने वाली झूलन 2007 में आईसीसी अंतरराष्ट्रीय महिला खिलाड़ी का पुरस्कार जीतने वाली दूसरी क्रिकेटर और पहली भारतीय हैं। इसके तीन साल बाद उन्हें अजरुन पुरस्कार दिया गया था। इसके दो साल बाद झूलन ने पदमश्री हासिल करके एक तरह से हैट्रिक बनायी है। उन्हें लगता है कि पदमश्री जैसा सम्मान मिलने से उन्हें देश के लिए और सफलतायें हासिल करने की प्रेरणा मिलेगी। डायना एडुल्जी के बाद पदम श्री जीतने वाली वह दूसरी महिला क्रिकेटर हैं। उन्होंने कहा, ‘यह सचमुच काफी बड़ा सम्मान है। इस पुरस्कार से हमें अच्छा करने की प्रेरणा मिलेगी। महिला क्रिकेट में चीजें अच्छे के लिये बदल रही हैं।’ झूलन ने कहा, ‘हमें पिछले पांच छह वर्षों में बीसीसीआई से अच्छा सहयोग मिल रहा है क्योंकि हमें अब बेहतर सुविधायें मिल रही हैं।’टिप्पणियां बोर्ड द्वारा ‘सर्वश्रेष्ठ महिला क्रिकेटर’ के लिये एम ए चिदम्बरम ट्राफी हासिल करने वाली झूलन ने आगामी 2013 विश्व कप, जिसमें वह टीम की अगुवाई करेंगी, के बारे में कहा, ‘हमारी तैयारियां वेस्टइंडीज दौरे के लिए सही दिशा में बढ़ रही हैं। आईसीसी विश्व टी20 इस साल हमारे लिये अहम चुनौती है। अगले साल हमें घरेलू सरजमीं पर 50 ओवर का विश्व कप खेलना है। हम इसमें सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहते हैं। अगर हम जीत जाते हैं तो यह यादगार होगा।’ झूलन ने आठ टेस्ट में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए 33 विकेट चटकाये हैं। उन्होंने 114 वनडे में 135 और 18 ट्वेंटी20 मैचों में 12 विकेट अपने नाम किये हैं। झूलन ने कहा, ‘जब मुझे इस बारे में बताया गया तो मुझे कानों पर भरोसा नहीं हुआ। लेकिन इसके बाद मुझे बधाई देने के लिये फोन आने लगे और यह काफी अच्छा अहसास है।’ महिला टीम की मुख्य तेज गेंदबाज ने कहा कि उन्हें नहीं पता था कि खेल मंत्रालय ने उनका नाम पदम पुरस्कारों के लिये भेजा था। झूलन ने कहा, ‘मुझे जरा भी इल्म नहीं था कि मेरे नाम की सिफारिश खेल मंत्रालय से की गयी है। यह सचमुच बड़ा सम्मान है। सरकार से यह सम्मान मिलना सचमुच बड़ा है।’ वर्ष 2002 में अंतरराष्ट्रीय आगाज करने वाली झूलन 2007 में आईसीसी अंतरराष्ट्रीय महिला खिलाड़ी का पुरस्कार जीतने वाली दूसरी क्रिकेटर और पहली भारतीय हैं। इसके तीन साल बाद उन्हें अजरुन पुरस्कार दिया गया था। इसके दो साल बाद झूलन ने पदमश्री हासिल करके एक तरह से हैट्रिक बनायी है। उन्हें लगता है कि पदमश्री जैसा सम्मान मिलने से उन्हें देश के लिए और सफलतायें हासिल करने की प्रेरणा मिलेगी। डायना एडुल्जी के बाद पदम श्री जीतने वाली वह दूसरी महिला क्रिकेटर हैं। उन्होंने कहा, ‘यह सचमुच काफी बड़ा सम्मान है। इस पुरस्कार से हमें अच्छा करने की प्रेरणा मिलेगी। महिला क्रिकेट में चीजें अच्छे के लिये बदल रही हैं।’ झूलन ने कहा, ‘हमें पिछले पांच छह वर्षों में बीसीसीआई से अच्छा सहयोग मिल रहा है क्योंकि हमें अब बेहतर सुविधायें मिल रही हैं।’टिप्पणियां बोर्ड द्वारा ‘सर्वश्रेष्ठ महिला क्रिकेटर’ के लिये एम ए चिदम्बरम ट्राफी हासिल करने वाली झूलन ने आगामी 2013 विश्व कप, जिसमें वह टीम की अगुवाई करेंगी, के बारे में कहा, ‘हमारी तैयारियां वेस्टइंडीज दौरे के लिए सही दिशा में बढ़ रही हैं। आईसीसी विश्व टी20 इस साल हमारे लिये अहम चुनौती है। अगले साल हमें घरेलू सरजमीं पर 50 ओवर का विश्व कप खेलना है। हम इसमें सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहते हैं। अगर हम जीत जाते हैं तो यह यादगार होगा।’ झूलन ने आठ टेस्ट में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए 33 विकेट चटकाये हैं। उन्होंने 114 वनडे में 135 और 18 ट्वेंटी20 मैचों में 12 विकेट अपने नाम किये हैं। झूलन ने कहा, ‘मुझे जरा भी इल्म नहीं था कि मेरे नाम की सिफारिश खेल मंत्रालय से की गयी है। यह सचमुच बड़ा सम्मान है। सरकार से यह सम्मान मिलना सचमुच बड़ा है।’ वर्ष 2002 में अंतरराष्ट्रीय आगाज करने वाली झूलन 2007 में आईसीसी अंतरराष्ट्रीय महिला खिलाड़ी का पुरस्कार जीतने वाली दूसरी क्रिकेटर और पहली भारतीय हैं। इसके तीन साल बाद उन्हें अजरुन पुरस्कार दिया गया था। इसके दो साल बाद झूलन ने पदमश्री हासिल करके एक तरह से हैट्रिक बनायी है। उन्हें लगता है कि पदमश्री जैसा सम्मान मिलने से उन्हें देश के लिए और सफलतायें हासिल करने की प्रेरणा मिलेगी। डायना एडुल्जी के बाद पदम श्री जीतने वाली वह दूसरी महिला क्रिकेटर हैं। उन्होंने कहा, ‘यह सचमुच काफी बड़ा सम्मान है। इस पुरस्कार से हमें अच्छा करने की प्रेरणा मिलेगी। महिला क्रिकेट में चीजें अच्छे के लिये बदल रही हैं।’ झूलन ने कहा, ‘हमें पिछले पांच छह वर्षों में बीसीसीआई से अच्छा सहयोग मिल रहा है क्योंकि हमें अब बेहतर सुविधायें मिल रही हैं।’टिप्पणियां बोर्ड द्वारा ‘सर्वश्रेष्ठ महिला क्रिकेटर’ के लिये एम ए चिदम्बरम ट्राफी हासिल करने वाली झूलन ने आगामी 2013 विश्व कप, जिसमें वह टीम की अगुवाई करेंगी, के बारे में कहा, ‘हमारी तैयारियां वेस्टइंडीज दौरे के लिए सही दिशा में बढ़ रही हैं। आईसीसी विश्व टी20 इस साल हमारे लिये अहम चुनौती है। अगले साल हमें घरेलू सरजमीं पर 50 ओवर का विश्व कप खेलना है। हम इसमें सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहते हैं। अगर हम जीत जाते हैं तो यह यादगार होगा।’ झूलन ने आठ टेस्ट में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए 33 विकेट चटकाये हैं। उन्होंने 114 वनडे में 135 और 18 ट्वेंटी20 मैचों में 12 विकेट अपने नाम किये हैं। इसके दो साल बाद झूलन ने पदमश्री हासिल करके एक तरह से हैट्रिक बनायी है। उन्हें लगता है कि पदमश्री जैसा सम्मान मिलने से उन्हें देश के लिए और सफलतायें हासिल करने की प्रेरणा मिलेगी। डायना एडुल्जी के बाद पदम श्री जीतने वाली वह दूसरी महिला क्रिकेटर हैं। उन्होंने कहा, ‘यह सचमुच काफी बड़ा सम्मान है। इस पुरस्कार से हमें अच्छा करने की प्रेरणा मिलेगी। महिला क्रिकेट में चीजें अच्छे के लिये बदल रही हैं।’ झूलन ने कहा, ‘हमें पिछले पांच छह वर्षों में बीसीसीआई से अच्छा सहयोग मिल रहा है क्योंकि हमें अब बेहतर सुविधायें मिल रही हैं।’टिप्पणियां बोर्ड द्वारा ‘सर्वश्रेष्ठ महिला क्रिकेटर’ के लिये एम ए चिदम्बरम ट्राफी हासिल करने वाली झूलन ने आगामी 2013 विश्व कप, जिसमें वह टीम की अगुवाई करेंगी, के बारे में कहा, ‘हमारी तैयारियां वेस्टइंडीज दौरे के लिए सही दिशा में बढ़ रही हैं। आईसीसी विश्व टी20 इस साल हमारे लिये अहम चुनौती है। अगले साल हमें घरेलू सरजमीं पर 50 ओवर का विश्व कप खेलना है। हम इसमें सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहते हैं। अगर हम जीत जाते हैं तो यह यादगार होगा।’ झूलन ने आठ टेस्ट में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए 33 विकेट चटकाये हैं। उन्होंने 114 वनडे में 135 और 18 ट्वेंटी20 मैचों में 12 विकेट अपने नाम किये हैं। बोर्ड द्वारा ‘सर्वश्रेष्ठ महिला क्रिकेटर’ के लिये एम ए चिदम्बरम ट्राफी हासिल करने वाली झूलन ने आगामी 2013 विश्व कप, जिसमें वह टीम की अगुवाई करेंगी, के बारे में कहा, ‘हमारी तैयारियां वेस्टइंडीज दौरे के लिए सही दिशा में बढ़ रही हैं। आईसीसी विश्व टी20 इस साल हमारे लिये अहम चुनौती है। अगले साल हमें घरेलू सरजमीं पर 50 ओवर का विश्व कप खेलना है। हम इसमें सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहते हैं। अगर हम जीत जाते हैं तो यह यादगार होगा।’ झूलन ने आठ टेस्ट में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए 33 विकेट चटकाये हैं। उन्होंने 114 वनडे में 135 और 18 ट्वेंटी20 मैचों में 12 विकेट अपने नाम किये हैं। झूलन ने आठ टेस्ट में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए 33 विकेट चटकाये हैं। उन्होंने 114 वनडे में 135 और 18 ट्वेंटी20 मैचों में 12 विकेट अपने नाम किये हैं।
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान झूलन गोस्वामी को जब पदमश्री पुरस्कार दिए जाने की सूचना दी गई तो उन्हें अपने कानों पर भरोसा ही नहीं हुआ।
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मुंबई में कुछ दिनों पहले जीआरपी के जवानों पर पैसे न देने पर एक व्यक्ति को चलती ट्रेन से फेंकने का आरोप लगा। घटना में जीआरपी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरआर जेधे, वीपी ठाकुर, एसएस पाटिल, एसएम मानगांवकर को गिरफ्तार भी कर लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य के गृहमंत्री आरआर पाटिल ने चारों जवानों के निलंबन का आदेश दे दिया। निलंबन के साथ-साथ उन पर विभागीय कार्रवाई करने के भी आदेश दे दिए गए। मामले की जांच जीआरपी के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त रैंक के अधिकारी कर रहे हैं, लेकिन अब जांच में कुछ ऐसे तथ्य उभरकर सामने आ रहे हैं, जिसने न सिर्फ पीड़ित के बयान पर ही सवालिया निशान लगा दिए, बल्कि अब चारों जीआरपी के जवानों की बेगुनाही की बात भी सामने आ रही है। जांच में पता चला कि पीड़ित हबीबुल्ला खान पर मुंबई के एनटॉप हिल इलाके में एक जुआ घर चलाने का आरोप है और उस पर खुद कई सारे मामले दर्ज हैं। पुलिस को दिए बयान में खान ने आरोप लगाया था कि सबसे पहले 18 अगस्त को उसे दो कांस्टेबलों ने पहले जीटीबी स्टेशन बुलाया और उसे ट्रेन में सवार होने को कहा गया। अगले ही स्टेशन पर दो और जीआरपी के जवान भी ट्रेन में सवार हो गए और चारों जीआरपी के जवानों ने पहले तो खान से पैसे मांगे और पैसे न देने पर कुर्ला और तिलक नगर स्टेशन के बीच चलती ट्रेन से नीचे धकेल दिया, लेकिन एसीपी की जांच में कुछ नए तथ्य सामने आए हैं। टिप्पणियां पता चला है की खान ने 18 अगस्त की घटना के लिए जिस समय का जिक्र किया था उसके बारे में सबूत नहीं मिल पा रहे हैं। जीआरपी ने जीटीबी और कुर्ला स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज पूरी तरह चेक कर लिए हैं, लेकिन दोनों स्टेशनों के सीसीटीवी में आरोपी कांस्टेबलों का फुटेज नहीं मिल पाया है। आरोपी जवानों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड चेक करने पर पता चला है कि वे सभी अपराध वाली जगह खान के दिए वक्त पर मौजूद नहीं थे। चार में से दो कांस्टेबल खान के बताए गए वक्त के समय नवी मुंबई के किसी स्टेशन पर मौजूद थे। अब आरोप लगाए जा रहे हैं कि क्या चारों कांस्टेबलों की गिरफ्तारी में जल्दबाजी की गई। पूर्व आईपीएस वाईपी सिंह के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक फैसले में साफ किया था कि एफआईआर करने के बाद गिरफ्तारी उसी वक्त की जानी चाहिए जब अपराधी जांच में सहयोग न दे या फिर सबूत मिटने का शक हो। मामले की जांच कर रहे अधिकारी भी मान रहे हैं कि पुलिस चाहती तो पहले पीड़ित के आरोपों की जांच करती, लेकिन गिरफ्तारी में जरूरत से ज्यादा तेजी दिखाई गई। फिलहाल गिरफ्तार जीआरपी के जवानों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है जहां उन्हें उन लोगों के साथ अपना वक्त गुजरना होगा, जिन्हें उन्होंने कभी जेल में भेजा होगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य के गृहमंत्री आरआर पाटिल ने चारों जवानों के निलंबन का आदेश दे दिया। निलंबन के साथ-साथ उन पर विभागीय कार्रवाई करने के भी आदेश दे दिए गए। मामले की जांच जीआरपी के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त रैंक के अधिकारी कर रहे हैं, लेकिन अब जांच में कुछ ऐसे तथ्य उभरकर सामने आ रहे हैं, जिसने न सिर्फ पीड़ित के बयान पर ही सवालिया निशान लगा दिए, बल्कि अब चारों जीआरपी के जवानों की बेगुनाही की बात भी सामने आ रही है। जांच में पता चला कि पीड़ित हबीबुल्ला खान पर मुंबई के एनटॉप हिल इलाके में एक जुआ घर चलाने का आरोप है और उस पर खुद कई सारे मामले दर्ज हैं। पुलिस को दिए बयान में खान ने आरोप लगाया था कि सबसे पहले 18 अगस्त को उसे दो कांस्टेबलों ने पहले जीटीबी स्टेशन बुलाया और उसे ट्रेन में सवार होने को कहा गया। अगले ही स्टेशन पर दो और जीआरपी के जवान भी ट्रेन में सवार हो गए और चारों जीआरपी के जवानों ने पहले तो खान से पैसे मांगे और पैसे न देने पर कुर्ला और तिलक नगर स्टेशन के बीच चलती ट्रेन से नीचे धकेल दिया, लेकिन एसीपी की जांच में कुछ नए तथ्य सामने आए हैं। टिप्पणियां पता चला है की खान ने 18 अगस्त की घटना के लिए जिस समय का जिक्र किया था उसके बारे में सबूत नहीं मिल पा रहे हैं। जीआरपी ने जीटीबी और कुर्ला स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज पूरी तरह चेक कर लिए हैं, लेकिन दोनों स्टेशनों के सीसीटीवी में आरोपी कांस्टेबलों का फुटेज नहीं मिल पाया है। आरोपी जवानों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड चेक करने पर पता चला है कि वे सभी अपराध वाली जगह खान के दिए वक्त पर मौजूद नहीं थे। चार में से दो कांस्टेबल खान के बताए गए वक्त के समय नवी मुंबई के किसी स्टेशन पर मौजूद थे। अब आरोप लगाए जा रहे हैं कि क्या चारों कांस्टेबलों की गिरफ्तारी में जल्दबाजी की गई। पूर्व आईपीएस वाईपी सिंह के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक फैसले में साफ किया था कि एफआईआर करने के बाद गिरफ्तारी उसी वक्त की जानी चाहिए जब अपराधी जांच में सहयोग न दे या फिर सबूत मिटने का शक हो। मामले की जांच कर रहे अधिकारी भी मान रहे हैं कि पुलिस चाहती तो पहले पीड़ित के आरोपों की जांच करती, लेकिन गिरफ्तारी में जरूरत से ज्यादा तेजी दिखाई गई। फिलहाल गिरफ्तार जीआरपी के जवानों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है जहां उन्हें उन लोगों के साथ अपना वक्त गुजरना होगा, जिन्हें उन्होंने कभी जेल में भेजा होगा। जांच में पता चला कि पीड़ित हबीबुल्ला खान पर मुंबई के एनटॉप हिल इलाके में एक जुआ घर चलाने का आरोप है और उस पर खुद कई सारे मामले दर्ज हैं। पुलिस को दिए बयान में खान ने आरोप लगाया था कि सबसे पहले 18 अगस्त को उसे दो कांस्टेबलों ने पहले जीटीबी स्टेशन बुलाया और उसे ट्रेन में सवार होने को कहा गया। अगले ही स्टेशन पर दो और जीआरपी के जवान भी ट्रेन में सवार हो गए और चारों जीआरपी के जवानों ने पहले तो खान से पैसे मांगे और पैसे न देने पर कुर्ला और तिलक नगर स्टेशन के बीच चलती ट्रेन से नीचे धकेल दिया, लेकिन एसीपी की जांच में कुछ नए तथ्य सामने आए हैं। टिप्पणियां पता चला है की खान ने 18 अगस्त की घटना के लिए जिस समय का जिक्र किया था उसके बारे में सबूत नहीं मिल पा रहे हैं। जीआरपी ने जीटीबी और कुर्ला स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज पूरी तरह चेक कर लिए हैं, लेकिन दोनों स्टेशनों के सीसीटीवी में आरोपी कांस्टेबलों का फुटेज नहीं मिल पाया है। आरोपी जवानों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड चेक करने पर पता चला है कि वे सभी अपराध वाली जगह खान के दिए वक्त पर मौजूद नहीं थे। चार में से दो कांस्टेबल खान के बताए गए वक्त के समय नवी मुंबई के किसी स्टेशन पर मौजूद थे। अब आरोप लगाए जा रहे हैं कि क्या चारों कांस्टेबलों की गिरफ्तारी में जल्दबाजी की गई। पूर्व आईपीएस वाईपी सिंह के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक फैसले में साफ किया था कि एफआईआर करने के बाद गिरफ्तारी उसी वक्त की जानी चाहिए जब अपराधी जांच में सहयोग न दे या फिर सबूत मिटने का शक हो। मामले की जांच कर रहे अधिकारी भी मान रहे हैं कि पुलिस चाहती तो पहले पीड़ित के आरोपों की जांच करती, लेकिन गिरफ्तारी में जरूरत से ज्यादा तेजी दिखाई गई। फिलहाल गिरफ्तार जीआरपी के जवानों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है जहां उन्हें उन लोगों के साथ अपना वक्त गुजरना होगा, जिन्हें उन्होंने कभी जेल में भेजा होगा। पता चला है की खान ने 18 अगस्त की घटना के लिए जिस समय का जिक्र किया था उसके बारे में सबूत नहीं मिल पा रहे हैं। जीआरपी ने जीटीबी और कुर्ला स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज पूरी तरह चेक कर लिए हैं, लेकिन दोनों स्टेशनों के सीसीटीवी में आरोपी कांस्टेबलों का फुटेज नहीं मिल पाया है। आरोपी जवानों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड चेक करने पर पता चला है कि वे सभी अपराध वाली जगह खान के दिए वक्त पर मौजूद नहीं थे। चार में से दो कांस्टेबल खान के बताए गए वक्त के समय नवी मुंबई के किसी स्टेशन पर मौजूद थे। अब आरोप लगाए जा रहे हैं कि क्या चारों कांस्टेबलों की गिरफ्तारी में जल्दबाजी की गई। पूर्व आईपीएस वाईपी सिंह के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक फैसले में साफ किया था कि एफआईआर करने के बाद गिरफ्तारी उसी वक्त की जानी चाहिए जब अपराधी जांच में सहयोग न दे या फिर सबूत मिटने का शक हो। मामले की जांच कर रहे अधिकारी भी मान रहे हैं कि पुलिस चाहती तो पहले पीड़ित के आरोपों की जांच करती, लेकिन गिरफ्तारी में जरूरत से ज्यादा तेजी दिखाई गई। फिलहाल गिरफ्तार जीआरपी के जवानों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है जहां उन्हें उन लोगों के साथ अपना वक्त गुजरना होगा, जिन्हें उन्होंने कभी जेल में भेजा होगा। मामले की जांच कर रहे अधिकारी भी मान रहे हैं कि पुलिस चाहती तो पहले पीड़ित के आरोपों की जांच करती, लेकिन गिरफ्तारी में जरूरत से ज्यादा तेजी दिखाई गई। फिलहाल गिरफ्तार जीआरपी के जवानों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है जहां उन्हें उन लोगों के साथ अपना वक्त गुजरना होगा, जिन्हें उन्होंने कभी जेल में भेजा होगा।
मामले की जांच में कुछ ऐसे तथ्य उभरकर सामने आ रहे हैं, जिसने न सिर्फ पीड़ित के बयान पर ही सवालिया निशान लगा दिए, बल्कि अब चारों जीआरपी के जवानों की बेगुनाही की बात भी सामने आ रही है।
6
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बॉम्‍बे हाईकोर्ट ने दुष्‍कर्म पीड़ितों को लेकर महाराष्ट्र सरकार के रवैये को 'निष्ठुर' करार देते हुए कहा कि ऐसे लोग याचक नहीं हैं और महिला पीड़ितों को मुआवजा देना सरकार का दायित्व है, परोपकार नहीं. मुख्य न्यायाधीश मंजुला चेल्लूर और न्यायमूर्ति जी एस कुलकर्णी की खंडपीठ एक 14 वर्षीय रेप पीड़िता की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसने सरकार के 'मनोधर्य योजना' के तहत तीन लाख रुपये के मुआवजे की मांग की है. उपनगरीय बोरीवली की रहने वाली लड़की ने आरोप लगाया है कि एक व्यक्ति ने शादी का झांसा देकर उसके साथ बलात्कार किया. उच्च न्यायालय की पीठ को बताया गया कि लड़की के पिछले साल अक्तूबर में याचिका दायर करने के बाद उसे सरकार की ओर से एक लाख रुपये की मुआवजा राशि दी गई. अंतिम सुनवाई के दिन सरकार ने कहा कि वह लड़की को सिर्फ दो लाख रुपये का मुआवजा देगी, क्योंकि यह घटना 'सहमति' से जुड़ी प्रतीत हो रही है. इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए उच्च न्यायालय ने कहा कि 14 वर्षीय लड़की से इस तरह की समझदारी और परिपक्व निर्णय लेने की उम्मीद नहीं की जा सकती है. टिप्पणियां मुख्य न्यायाधीश चेल्लूर ने कहा, 'सरकार जिस तरह से इस मामले पर काम कर रही है, वह हमें पसंद नहीं है. यह बहुत ही निर्दयी और निष्ठुर रवैया है. ऐसे मामलों पर सरकार जब तक दिल से सोचना और निर्णय करना नहीं शुरू करेगी तब तक कुछ भी नहीं होगा'. अदालत में उपस्थित मुंबई के उपनगरीय उप समाहर्ता से उच्च न्यायालय ने कहा कि अगर इस तरह की चीज आपके परिजन के साथ हो, तो आपको कैसा महसूस होगा. न्यायाधीशों ने कहा, 'ऐसे मामलों में आपको (सरकार को) दिल से सोचने की जरूरत है. इस तरह का असंवेदनशील रवैया नहीं होना चाहिए. ऐसे पीड़ितों की मदद करना सरकार का दायित्व है. वे (पीड़ित) याचक नहीं हैं और यह परोपकार का काम नहीं है. ये उनका (पीड़ितों का) अधिकार है'. मुख्य न्यायाधीश मंजुला चेल्लूर और न्यायमूर्ति जी एस कुलकर्णी की खंडपीठ एक 14 वर्षीय रेप पीड़िता की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसने सरकार के 'मनोधर्य योजना' के तहत तीन लाख रुपये के मुआवजे की मांग की है. उपनगरीय बोरीवली की रहने वाली लड़की ने आरोप लगाया है कि एक व्यक्ति ने शादी का झांसा देकर उसके साथ बलात्कार किया. उच्च न्यायालय की पीठ को बताया गया कि लड़की के पिछले साल अक्तूबर में याचिका दायर करने के बाद उसे सरकार की ओर से एक लाख रुपये की मुआवजा राशि दी गई. अंतिम सुनवाई के दिन सरकार ने कहा कि वह लड़की को सिर्फ दो लाख रुपये का मुआवजा देगी, क्योंकि यह घटना 'सहमति' से जुड़ी प्रतीत हो रही है. इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए उच्च न्यायालय ने कहा कि 14 वर्षीय लड़की से इस तरह की समझदारी और परिपक्व निर्णय लेने की उम्मीद नहीं की जा सकती है. टिप्पणियां मुख्य न्यायाधीश चेल्लूर ने कहा, 'सरकार जिस तरह से इस मामले पर काम कर रही है, वह हमें पसंद नहीं है. यह बहुत ही निर्दयी और निष्ठुर रवैया है. ऐसे मामलों पर सरकार जब तक दिल से सोचना और निर्णय करना नहीं शुरू करेगी तब तक कुछ भी नहीं होगा'. अदालत में उपस्थित मुंबई के उपनगरीय उप समाहर्ता से उच्च न्यायालय ने कहा कि अगर इस तरह की चीज आपके परिजन के साथ हो, तो आपको कैसा महसूस होगा. न्यायाधीशों ने कहा, 'ऐसे मामलों में आपको (सरकार को) दिल से सोचने की जरूरत है. इस तरह का असंवेदनशील रवैया नहीं होना चाहिए. ऐसे पीड़ितों की मदद करना सरकार का दायित्व है. वे (पीड़ित) याचक नहीं हैं और यह परोपकार का काम नहीं है. ये उनका (पीड़ितों का) अधिकार है'. उपनगरीय बोरीवली की रहने वाली लड़की ने आरोप लगाया है कि एक व्यक्ति ने शादी का झांसा देकर उसके साथ बलात्कार किया. उच्च न्यायालय की पीठ को बताया गया कि लड़की के पिछले साल अक्तूबर में याचिका दायर करने के बाद उसे सरकार की ओर से एक लाख रुपये की मुआवजा राशि दी गई. अंतिम सुनवाई के दिन सरकार ने कहा कि वह लड़की को सिर्फ दो लाख रुपये का मुआवजा देगी, क्योंकि यह घटना 'सहमति' से जुड़ी प्रतीत हो रही है. इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए उच्च न्यायालय ने कहा कि 14 वर्षीय लड़की से इस तरह की समझदारी और परिपक्व निर्णय लेने की उम्मीद नहीं की जा सकती है. टिप्पणियां मुख्य न्यायाधीश चेल्लूर ने कहा, 'सरकार जिस तरह से इस मामले पर काम कर रही है, वह हमें पसंद नहीं है. यह बहुत ही निर्दयी और निष्ठुर रवैया है. ऐसे मामलों पर सरकार जब तक दिल से सोचना और निर्णय करना नहीं शुरू करेगी तब तक कुछ भी नहीं होगा'. अदालत में उपस्थित मुंबई के उपनगरीय उप समाहर्ता से उच्च न्यायालय ने कहा कि अगर इस तरह की चीज आपके परिजन के साथ हो, तो आपको कैसा महसूस होगा. न्यायाधीशों ने कहा, 'ऐसे मामलों में आपको (सरकार को) दिल से सोचने की जरूरत है. इस तरह का असंवेदनशील रवैया नहीं होना चाहिए. ऐसे पीड़ितों की मदद करना सरकार का दायित्व है. वे (पीड़ित) याचक नहीं हैं और यह परोपकार का काम नहीं है. ये उनका (पीड़ितों का) अधिकार है'. अंतिम सुनवाई के दिन सरकार ने कहा कि वह लड़की को सिर्फ दो लाख रुपये का मुआवजा देगी, क्योंकि यह घटना 'सहमति' से जुड़ी प्रतीत हो रही है. इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए उच्च न्यायालय ने कहा कि 14 वर्षीय लड़की से इस तरह की समझदारी और परिपक्व निर्णय लेने की उम्मीद नहीं की जा सकती है. टिप्पणियां मुख्य न्यायाधीश चेल्लूर ने कहा, 'सरकार जिस तरह से इस मामले पर काम कर रही है, वह हमें पसंद नहीं है. यह बहुत ही निर्दयी और निष्ठुर रवैया है. ऐसे मामलों पर सरकार जब तक दिल से सोचना और निर्णय करना नहीं शुरू करेगी तब तक कुछ भी नहीं होगा'. अदालत में उपस्थित मुंबई के उपनगरीय उप समाहर्ता से उच्च न्यायालय ने कहा कि अगर इस तरह की चीज आपके परिजन के साथ हो, तो आपको कैसा महसूस होगा. न्यायाधीशों ने कहा, 'ऐसे मामलों में आपको (सरकार को) दिल से सोचने की जरूरत है. इस तरह का असंवेदनशील रवैया नहीं होना चाहिए. ऐसे पीड़ितों की मदद करना सरकार का दायित्व है. वे (पीड़ित) याचक नहीं हैं और यह परोपकार का काम नहीं है. ये उनका (पीड़ितों का) अधिकार है'. मुख्य न्यायाधीश चेल्लूर ने कहा, 'सरकार जिस तरह से इस मामले पर काम कर रही है, वह हमें पसंद नहीं है. यह बहुत ही निर्दयी और निष्ठुर रवैया है. ऐसे मामलों पर सरकार जब तक दिल से सोचना और निर्णय करना नहीं शुरू करेगी तब तक कुछ भी नहीं होगा'. अदालत में उपस्थित मुंबई के उपनगरीय उप समाहर्ता से उच्च न्यायालय ने कहा कि अगर इस तरह की चीज आपके परिजन के साथ हो, तो आपको कैसा महसूस होगा. न्यायाधीशों ने कहा, 'ऐसे मामलों में आपको (सरकार को) दिल से सोचने की जरूरत है. इस तरह का असंवेदनशील रवैया नहीं होना चाहिए. ऐसे पीड़ितों की मदद करना सरकार का दायित्व है. वे (पीड़ित) याचक नहीं हैं और यह परोपकार का काम नहीं है. ये उनका (पीड़ितों का) अधिकार है'. न्यायाधीशों ने कहा, 'ऐसे मामलों में आपको (सरकार को) दिल से सोचने की जरूरत है. इस तरह का असंवेदनशील रवैया नहीं होना चाहिए. ऐसे पीड़ितों की मदद करना सरकार का दायित्व है. वे (पीड़ित) याचक नहीं हैं और यह परोपकार का काम नहीं है. ये उनका (पीड़ितों का) अधिकार है'.
खंडपीठ एक 14 वर्षीय रेप पीड़िता की याचिका पर सुनवाई कर रही थी. सरकार जिस तरह से इस मामले पर काम कर रही है, वह हमे पसंद नहीं : न्यायाधीश ऐसे मामलों में आपको (सरकार को) दिल से सोचने की जरूरत है- न्‍यायालय
28
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पुलवामा आतंकवादी हमले के ठीक एक महीने बाद भारत और पाकिस्तान के अधिकारियों के बीच बैठक हुई. यह बैठक भारतीय सीमा के अंतर्गत अटारी के इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट (आईसीपी) पर आयोजित हुई. इस बैठक में भारत की तरफ से गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, भारतीय राष्ट्रीय उच्च प्राधिकरण व अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल हुए. वहीं पाकिस्तान की तरफ से विदेश कार्यालय के दक्षिण एशिया महानिदेशक मोहम्मद फैसल की अगुवाई में 18 सदस्यीय दलों ने हिस्सा लिया. इस बैठक में करतारपुर गलियारे पर दोनों देशों के अधिकारियों के बीच रचनात्मक वार्ता हुई, दोनों देशों ने करतारपुर गलियारा शीघ्र चालू करने की दिशा में काम करने पर सहमति जताई. इन सब पर केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल एनडीटीवी इंडिया से खास बातचीत की. उन्‍होंने कहा, 'आज हमारे सिख कैलेंडर के हिसाब से नया साल शुरू होता है. इस नए साल के मुबारक दिन पर दोनों देशों की सरकारों के बीच बात हो रही है. गुरु साहब की कृपा से 70 साल बाद वे इसे हकीकत में तब्‍दील होते देख रहे हैं और गुरु साहब कृपा करें कि जैसे कॉरिडोर इधर बन रहा है वैसे उधर भी बने जिससे मेरे जैसे करोड़ों सिखों को वहां नतमस्तक गुरु साहब कराएं.' जब उनसे पूछा गया कि क्या करतारपुर से दोनों देशों के रिश्ते सुधरेंगे?  उन्‍होंने कहा, 'मुझे पूरा भरोसा है कि जब 550 साल पहले गुरु नानक साहब ने इस धरती पर प्रकाश किया था उस समय में वह जगत गुरु के रूप में उभर कर आए. दुनिया के, देश के कोने कोने में जाकर धर्मों को देशों को जोड़ने का उन्होंने काम किया और यही आज के दिन इस चीज की ही जरूरत है. करतारपुर का श्रेय किसको, मोदी सरकार या सिद्धू को के सवाल पर केंद्रीय मंत्री ने कहा, 'क्रेडिट सिर्फ गुरु नानक साहब को जाता है जिनकी रजा के बिना 70 साल तक यह कोई नहीं कर सका.
संक्षिप्त पाठ: करतारपुर गलियारे पर दोनों देशों के अधिकारियों के बीच रचनात्मक वार्ता हुई गलियारा शीघ्र चालू करने की दिशा में काम करने पर सहमति हरसिमरत कौर ने कहा- क्रेडिट सिर्फ गुरु नानक साहब को जाता है
14
['hin']
एक सारांश बनाओ: पाकिस्तान ने इस बात से साफ इनकार किया है कि अंडरवर्ल्ड सरगना दाऊद इब्राहिम पाकिस्तान में है। ये बात पाक गृह मंत्री रहमान मलिक ने एनडीटीवी इंडिया से कही। ये पूछे जाने पर कि भारत के विदेशमंत्री ने पाकिस्तान से दाऊद को सौंपने की अपील की है इस बारे में क्या कार्रवाई हुई है। मलिक ने कहा कि अगर हमारे पास दाऊद होगा तो हम उसे भारत को ज़रूर सौंप देंगे लेकिन अभी हम इसकी पुष्टि करते हैं कि दाऊद पाकिस्तान में नहीं है। मलिक ने बताया कि दाऊद के मिडिल ईस्ट में होने की ख़बर आती रहती हैं।मुंबई हमले के आरोपियों के आवाज़ के नमूने भारत को देने में पाकिस्तान की तरफ हो रही देरी पर गृहमंत्री रहमान मलिक ने सफाई दी है। मलिक ने कहा कि ऐसा अदालत से मंज़ूरी मिलने के बाद ही मुमकिन हो पाएगा। मलिक ने ये भी माना के जजों के तबादले की वजह से ही मुंबई हमले के आरोपियों के ट्रायल में देरी हो रही है। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि मामले से जुड़े ट्रांसलेशन की कॉपी मिल गई है और लिहाज़ा अब कार्रवाई तेज़ होगी। मलिक ने कहा कि जो नए जज हैं वो जैसे ही इस मामले को समझेंगे मामले को फास्ट ट्रैक ट्रायल में डालेंगे। फिलहाल पाकिस्तान की जेल में मुंबई हमले के सात आरोपी बंद हैं।
यहाँ एक सारांश है:पाक ने इस बात से साफ इनकार किया है कि दाऊद इब्राहिम पाकिस्तान में है। ये बात गृह मंत्री रहमान मलिक ने एनडीटीवी इंडिया से कही।
15
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: टिप्पणियां जालौर के सायला गांव में राहत एवं बचाव कार्य के दौरान एक वृद्ध महिला के बाढ़ में एक पेड़ के ऊपर फंसे होने की सूचना आई. सेना ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अतिरिक्त बचाव दल को वहां भेजा और वृद्ध महिला को वहां से सुरक्षित निकाला. इसके अलावा सेना ने आहोर और धन साना के बीच में फंसे हुए वाहन को भी सुरक्षित निकाला.   सेना का एक अन्य दल बाड़मेर जिले में कार्यरत था और जहां उसने एनडीआरएफ के साथ मिलकर 21 लोगों का सुरक्षित रूप से बचाव किया. सेना ने  बाढ़ से फंसे हुए लोगों को प्राथमिक चिकित्सा एवं पेय जल भी पहुंचाया. मौसम के हालात देखते हुए सेना ने और भी टुकड़ियों को तैयारी की हालत में रखा हुआ है. जालौर के सायला गांव में राहत एवं बचाव कार्य के दौरान एक वृद्ध महिला के बाढ़ में एक पेड़ के ऊपर फंसे होने की सूचना आई. सेना ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अतिरिक्त बचाव दल को वहां भेजा और वृद्ध महिला को वहां से सुरक्षित निकाला. इसके अलावा सेना ने आहोर और धन साना के बीच में फंसे हुए वाहन को भी सुरक्षित निकाला.   सेना का एक अन्य दल बाड़मेर जिले में कार्यरत था और जहां उसने एनडीआरएफ के साथ मिलकर 21 लोगों का सुरक्षित रूप से बचाव किया. सेना ने  बाढ़ से फंसे हुए लोगों को प्राथमिक चिकित्सा एवं पेय जल भी पहुंचाया. मौसम के हालात देखते हुए सेना ने और भी टुकड़ियों को तैयारी की हालत में रखा हुआ है. मौसम के हालात देखते हुए सेना ने और भी टुकड़ियों को तैयारी की हालत में रखा हुआ है.
सारांश: सेना का राजस्थान में बाढ़ में राहत एवं बचाव कार्य जारी एनडीआरएफ के साथ मिलकर 21 लोगों को बचाया आहोर और धन साना के बीच में फंसे वाहन निकाले
31
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: रोजाना गर्मागर्म चाय की प्याली, हाई स्पीड इंटरनेट कनेक्शन, एक भरोसेमंद दोस्त और प्यार की झप्पी.... ब्रिटिश लोगों की नजर में आधुनिक जिंदगी की ये कुछ ‘न्यूनतम आवश्यकताएं’ हैं, जिनके बिना आज के दौर में जिंदगी जीना मुहाल है। शोधकर्ताओं द्वारा किए गए एक सर्वेक्षण में 20 ऐसी शीर्ष चीजों को शामिल किया गया, जो ब्रिटेनवासियों की आज की आधुनिक जीवनशैली के लिए जरूरी हैं और इसमें 18 से 65 साल के दो हजार वयस्कों ने भाग लिया। इस सूची में प्रतिभागियों ने जिन 20 चीजों को शीर्ष वरीयता दी उनमें इंटरनेट कनेक्शन, टेलीविजन और प्यार भरी जादू की झप्पी को चुना गया है। महिलाओं ने शीर्ष वरीयता जादू की झप्पी को दी है, जिसके बारे में उनका कहना है कि यह जिंदगी जीने की सबसे पहली जरूरत है, लेकिन दूसरी ओर पुरुषों ने टेलीविजन को सबसे बड़ी जरूरत बताया है। मेट्रो डॉट सीओ डॉट यूके में यह रिपोर्ट प्रकाशित हुई है। इस सूची में एक भरोसेमंद दोस्त, रोजाना शॉवर और सेंट्रल हीटिंग को भी शामिल किया गया है । कुछ लोगों ने कहा है कि उनका चाय के बिना गुजारा नहीं हो सकता। इसके अलावा कुछ लोगों को लगता है कि उन्हें हर समय यह सुनने की आदत है ‘आई लव यू।’ इसके अलावा ब्रिटेनवासी जिन चीजों के बिना जिंदगी को अधूरा पाते हैं उनमें एक मजबूत वैवाहिक संबंध, कार, चश्मा, कॉफी, चॉकलेट तथा वाइन को भी प्रमुख स्थान दिया गया है।टिप्पणियां सर्वे में पाया गया है कि ब्रिटिश लोगों को भरपूर अंग्रेजी नाश्ता, साल में एक विदेशी टूर तथा बीयर और आईफोन जिंदगी की सबसे बड़ी जरूरत लगते हैं। डिज्नी ने यह सर्वेक्षण ‘दी जंगल बुक’ के ब्लू रे संस्करण को रिलीज किए जाने से पूर्व करवाया। शोधकर्ताओं द्वारा किए गए एक सर्वेक्षण में 20 ऐसी शीर्ष चीजों को शामिल किया गया, जो ब्रिटेनवासियों की आज की आधुनिक जीवनशैली के लिए जरूरी हैं और इसमें 18 से 65 साल के दो हजार वयस्कों ने भाग लिया। इस सूची में प्रतिभागियों ने जिन 20 चीजों को शीर्ष वरीयता दी उनमें इंटरनेट कनेक्शन, टेलीविजन और प्यार भरी जादू की झप्पी को चुना गया है। महिलाओं ने शीर्ष वरीयता जादू की झप्पी को दी है, जिसके बारे में उनका कहना है कि यह जिंदगी जीने की सबसे पहली जरूरत है, लेकिन दूसरी ओर पुरुषों ने टेलीविजन को सबसे बड़ी जरूरत बताया है। मेट्रो डॉट सीओ डॉट यूके में यह रिपोर्ट प्रकाशित हुई है। इस सूची में एक भरोसेमंद दोस्त, रोजाना शॉवर और सेंट्रल हीटिंग को भी शामिल किया गया है । कुछ लोगों ने कहा है कि उनका चाय के बिना गुजारा नहीं हो सकता। इसके अलावा कुछ लोगों को लगता है कि उन्हें हर समय यह सुनने की आदत है ‘आई लव यू।’ इसके अलावा ब्रिटेनवासी जिन चीजों के बिना जिंदगी को अधूरा पाते हैं उनमें एक मजबूत वैवाहिक संबंध, कार, चश्मा, कॉफी, चॉकलेट तथा वाइन को भी प्रमुख स्थान दिया गया है।टिप्पणियां सर्वे में पाया गया है कि ब्रिटिश लोगों को भरपूर अंग्रेजी नाश्ता, साल में एक विदेशी टूर तथा बीयर और आईफोन जिंदगी की सबसे बड़ी जरूरत लगते हैं। डिज्नी ने यह सर्वेक्षण ‘दी जंगल बुक’ के ब्लू रे संस्करण को रिलीज किए जाने से पूर्व करवाया। इस सूची में प्रतिभागियों ने जिन 20 चीजों को शीर्ष वरीयता दी उनमें इंटरनेट कनेक्शन, टेलीविजन और प्यार भरी जादू की झप्पी को चुना गया है। महिलाओं ने शीर्ष वरीयता जादू की झप्पी को दी है, जिसके बारे में उनका कहना है कि यह जिंदगी जीने की सबसे पहली जरूरत है, लेकिन दूसरी ओर पुरुषों ने टेलीविजन को सबसे बड़ी जरूरत बताया है। मेट्रो डॉट सीओ डॉट यूके में यह रिपोर्ट प्रकाशित हुई है। इस सूची में एक भरोसेमंद दोस्त, रोजाना शॉवर और सेंट्रल हीटिंग को भी शामिल किया गया है । कुछ लोगों ने कहा है कि उनका चाय के बिना गुजारा नहीं हो सकता। इसके अलावा कुछ लोगों को लगता है कि उन्हें हर समय यह सुनने की आदत है ‘आई लव यू।’ इसके अलावा ब्रिटेनवासी जिन चीजों के बिना जिंदगी को अधूरा पाते हैं उनमें एक मजबूत वैवाहिक संबंध, कार, चश्मा, कॉफी, चॉकलेट तथा वाइन को भी प्रमुख स्थान दिया गया है।टिप्पणियां सर्वे में पाया गया है कि ब्रिटिश लोगों को भरपूर अंग्रेजी नाश्ता, साल में एक विदेशी टूर तथा बीयर और आईफोन जिंदगी की सबसे बड़ी जरूरत लगते हैं। डिज्नी ने यह सर्वेक्षण ‘दी जंगल बुक’ के ब्लू रे संस्करण को रिलीज किए जाने से पूर्व करवाया। इस सूची में एक भरोसेमंद दोस्त, रोजाना शॉवर और सेंट्रल हीटिंग को भी शामिल किया गया है । कुछ लोगों ने कहा है कि उनका चाय के बिना गुजारा नहीं हो सकता। इसके अलावा कुछ लोगों को लगता है कि उन्हें हर समय यह सुनने की आदत है ‘आई लव यू।’ इसके अलावा ब्रिटेनवासी जिन चीजों के बिना जिंदगी को अधूरा पाते हैं उनमें एक मजबूत वैवाहिक संबंध, कार, चश्मा, कॉफी, चॉकलेट तथा वाइन को भी प्रमुख स्थान दिया गया है।टिप्पणियां सर्वे में पाया गया है कि ब्रिटिश लोगों को भरपूर अंग्रेजी नाश्ता, साल में एक विदेशी टूर तथा बीयर और आईफोन जिंदगी की सबसे बड़ी जरूरत लगते हैं। डिज्नी ने यह सर्वेक्षण ‘दी जंगल बुक’ के ब्लू रे संस्करण को रिलीज किए जाने से पूर्व करवाया। कुछ लोगों ने कहा है कि उनका चाय के बिना गुजारा नहीं हो सकता। इसके अलावा कुछ लोगों को लगता है कि उन्हें हर समय यह सुनने की आदत है ‘आई लव यू।’ इसके अलावा ब्रिटेनवासी जिन चीजों के बिना जिंदगी को अधूरा पाते हैं उनमें एक मजबूत वैवाहिक संबंध, कार, चश्मा, कॉफी, चॉकलेट तथा वाइन को भी प्रमुख स्थान दिया गया है।टिप्पणियां सर्वे में पाया गया है कि ब्रिटिश लोगों को भरपूर अंग्रेजी नाश्ता, साल में एक विदेशी टूर तथा बीयर और आईफोन जिंदगी की सबसे बड़ी जरूरत लगते हैं। डिज्नी ने यह सर्वेक्षण ‘दी जंगल बुक’ के ब्लू रे संस्करण को रिलीज किए जाने से पूर्व करवाया। सर्वे में पाया गया है कि ब्रिटिश लोगों को भरपूर अंग्रेजी नाश्ता, साल में एक विदेशी टूर तथा बीयर और आईफोन जिंदगी की सबसे बड़ी जरूरत लगते हैं। डिज्नी ने यह सर्वेक्षण ‘दी जंगल बुक’ के ब्लू रे संस्करण को रिलीज किए जाने से पूर्व करवाया। डिज्नी ने यह सर्वेक्षण ‘दी जंगल बुक’ के ब्लू रे संस्करण को रिलीज किए जाने से पूर्व करवाया।
सारांश: रोजाना गर्मागर्म चाय की प्याली, हाई स्पीड इंटरनेट कनेक्शन, एक भरोसेमंद दोस्त और प्यार की झप्पी.... ब्रिटिश लोगों की नजर में आधुनिक जिंदगी की ये कुछ ‘न्यूनतम आवश्यकताएं’ हैं, जिनके बिना आज के दौर में जिंदगी जीना मुहाल है।
33
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने ठगी के आरोप में 51 साल के मंजीत सांगवान को गुरुग्राम से गिरफ्तार किया है. मंजीत के पिता 1965 में पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध लड़ते हुए शहीद हो गए थे. मंजीत खुद कभी दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल रहा है.टिप्पणियां क्राइम ब्रांच के ज्वाइंट सीपी रवीन्द्र यादव के मुताबिक मूल रूप से झज्जर का रहने वाला मंजीत 1989 में दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल के रूप में भर्ती हुआ. उसने सन 1996 में निजी कारणों से नौकरी छोड़ दी. इसके बाद उसने दिल्ली के उत्तम नगर इलाके में एक गारमेंट कंपनी खोली. मंजीत ने गारमेंट शोरूम खुलवाने के नाम पर करीब 600 लोगों को नौ करोड़ रुपये का चूना लगा दिया. इसके अलावा फ्रांस की एक गारमेंट कंपनी ने उस पर कॉपीराइट एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया है. वह 2011 से भगोड़ा था. इस दौरान वह अपने गांव का सरपंच भी रहा. क्राइम ब्रांच के ज्वाइंट सीपी रवीन्द्र यादव के मुताबिक मूल रूप से झज्जर का रहने वाला मंजीत 1989 में दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल के रूप में भर्ती हुआ. उसने सन 1996 में निजी कारणों से नौकरी छोड़ दी. इसके बाद उसने दिल्ली के उत्तम नगर इलाके में एक गारमेंट कंपनी खोली. मंजीत ने गारमेंट शोरूम खुलवाने के नाम पर करीब 600 लोगों को नौ करोड़ रुपये का चूना लगा दिया. इसके अलावा फ्रांस की एक गारमेंट कंपनी ने उस पर कॉपीराइट एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया है. वह 2011 से भगोड़ा था. इस दौरान वह अपने गांव का सरपंच भी रहा. मंजीत ने गारमेंट शोरूम खुलवाने के नाम पर करीब 600 लोगों को नौ करोड़ रुपये का चूना लगा दिया. इसके अलावा फ्रांस की एक गारमेंट कंपनी ने उस पर कॉपीराइट एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया है. वह 2011 से भगोड़ा था. इस दौरान वह अपने गांव का सरपंच भी रहा.
संक्षिप्त सारांश: दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल की नौकरी छोड़कर बन गया ठग शोरूम खुलवाने के नाम पर 600 लोगों को नौ करोड़ का चूना लगाया 2011 से फरार आरोपी मंजीत सांगवान गांव का सरपंच भी रहा
23
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: मुम्बई के दहिसर उपनगरीय इलाके में एक इमारत के धराशायी होने से सात व्यक्तियों की मौत हो गई और छह अन्य घायल हो गए। इस घटना से मुम्बई और आसपास के क्षेत्रों में खराब आवासीय स्थिति एक बार फिर सामने आई है। इस वर्ष अप्रैल के बाद से यह चौथी ऐसी घटना है। अधिकारियों ने बताया कि इमारत ‘पीयूष’ सुबह साढ़े छह बजे धराशायी हुई। मलबे में फंसे अधिकतर स्थानीय सब्जी विक्रेता हैं। स्थानीय निकाय के अधिकारियों ने इमारत को दो वर्ष पहले ही खाली करा दिया था क्योंकि उसकी हालत बेहद जर्जर थी।टिप्पणियां दहिसर से शिवसेना विधायक विनोद घोसालकर और स्थानीय कांग्रेस सांसद संजय निरुपम ने घटनास्थल का दौरा किया। घोसालकर ने कहा कि इमारत को दो वर्ष पहले ही खाली करा लिया गया था क्योंकि नगर निगम अधिकारियों ने उसे ‘जर्जर’ घोषित कर दिया था। उसका फिर से पुनर्निर्माण किया जाना था लेकिन बिल्डर और फ्लैट मालिकों के बीच मुकदमेबाजी के चलते उसका निर्माण बीच में अटक गया। इसी बीच स्थानीय श्रमिकों और विक्रेताओं ने उसमें शरण ले ली।’ इस घटना से मुम्बई और आसपास के क्षेत्रों में खराब आवासीय स्थिति एक बार फिर सामने आई है। इस वर्ष अप्रैल के बाद से यह चौथी ऐसी घटना है। अधिकारियों ने बताया कि इमारत ‘पीयूष’ सुबह साढ़े छह बजे धराशायी हुई। मलबे में फंसे अधिकतर स्थानीय सब्जी विक्रेता हैं। स्थानीय निकाय के अधिकारियों ने इमारत को दो वर्ष पहले ही खाली करा दिया था क्योंकि उसकी हालत बेहद जर्जर थी।टिप्पणियां दहिसर से शिवसेना विधायक विनोद घोसालकर और स्थानीय कांग्रेस सांसद संजय निरुपम ने घटनास्थल का दौरा किया। घोसालकर ने कहा कि इमारत को दो वर्ष पहले ही खाली करा लिया गया था क्योंकि नगर निगम अधिकारियों ने उसे ‘जर्जर’ घोषित कर दिया था। उसका फिर से पुनर्निर्माण किया जाना था लेकिन बिल्डर और फ्लैट मालिकों के बीच मुकदमेबाजी के चलते उसका निर्माण बीच में अटक गया। इसी बीच स्थानीय श्रमिकों और विक्रेताओं ने उसमें शरण ले ली।’ अधिकारियों ने बताया कि इमारत ‘पीयूष’ सुबह साढ़े छह बजे धराशायी हुई। मलबे में फंसे अधिकतर स्थानीय सब्जी विक्रेता हैं। स्थानीय निकाय के अधिकारियों ने इमारत को दो वर्ष पहले ही खाली करा दिया था क्योंकि उसकी हालत बेहद जर्जर थी।टिप्पणियां दहिसर से शिवसेना विधायक विनोद घोसालकर और स्थानीय कांग्रेस सांसद संजय निरुपम ने घटनास्थल का दौरा किया। घोसालकर ने कहा कि इमारत को दो वर्ष पहले ही खाली करा लिया गया था क्योंकि नगर निगम अधिकारियों ने उसे ‘जर्जर’ घोषित कर दिया था। उसका फिर से पुनर्निर्माण किया जाना था लेकिन बिल्डर और फ्लैट मालिकों के बीच मुकदमेबाजी के चलते उसका निर्माण बीच में अटक गया। इसी बीच स्थानीय श्रमिकों और विक्रेताओं ने उसमें शरण ले ली।’ दहिसर से शिवसेना विधायक विनोद घोसालकर और स्थानीय कांग्रेस सांसद संजय निरुपम ने घटनास्थल का दौरा किया। घोसालकर ने कहा कि इमारत को दो वर्ष पहले ही खाली करा लिया गया था क्योंकि नगर निगम अधिकारियों ने उसे ‘जर्जर’ घोषित कर दिया था। उसका फिर से पुनर्निर्माण किया जाना था लेकिन बिल्डर और फ्लैट मालिकों के बीच मुकदमेबाजी के चलते उसका निर्माण बीच में अटक गया। इसी बीच स्थानीय श्रमिकों और विक्रेताओं ने उसमें शरण ले ली।’ घोसालकर ने कहा कि इमारत को दो वर्ष पहले ही खाली करा लिया गया था क्योंकि नगर निगम अधिकारियों ने उसे ‘जर्जर’ घोषित कर दिया था। उसका फिर से पुनर्निर्माण किया जाना था लेकिन बिल्डर और फ्लैट मालिकों के बीच मुकदमेबाजी के चलते उसका निर्माण बीच में अटक गया। इसी बीच स्थानीय श्रमिकों और विक्रेताओं ने उसमें शरण ले ली।’
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: मुम्बई के दहिसर उपनगरीय इलाके में एक इमारत के धराशायी होने से सात व्यक्तियों की मौत हो गई और छह अन्य घायल हो गए।
3
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिका में भारत की राजदूत निरुपमा राव की यहां विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन के साथ हुई पहली बैठक के दौरान असैनिक परमाणु सहयोग समेत द्विपक्षीय और क्षेत्रीय महत्व के मुद्दों पर चर्चा हुई। विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता विक्टोरिया नूलैंड ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘उन्होंने हमारे द्विपक्षीय संबंध और हमारी सामरिक वार्ता में गति कायम रखने के बारे में बातचीत की।’’ नूलैंड ने कहा, ‘‘उन्होंने हमारे असैनिक परमाणु सहयोग और लगातार प्रयासों समेत समूचे द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की ताकि आगे का रास्ता तैयार किया जा सके जो भारत को अमेरिकी परमाणु प्रौद्योगिकी का लाभ देगा।’’ पिछले साल अमेरिका में भारत का राजदूत बनने के बाद राव की हिलेरी के साथ यह पहली बैठक है।टिप्पणियां नूलैंड ने कहा, ‘‘उन्होंने अफगानिस्तान और नए सिल्क मार्ग पहल का समर्थन देने में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका और अफगानिस्तान में निजी क्षेत्र के क्षमता निर्माण के मुद्दे पर चर्चा की।’’ नूलैंड ने बताया कि उन्होंने बर्मा पर भी चर्चा की। सवालों का जवाब देते हुए नूलैंड ने कहा कि अमेरिका के भारत के साथ जो मुद्दे हैं उस पर दोनों देश कानूनी और नियामक के जरिए अब भी काम कर रहे हैं। हिलेरी और राव ने ईरान के बारे में और तेहरान के खिलाफ अमेरिका और यूरोपीय संघ द्वारा प्रतिबंध लगाए जाने के मुद्दे पर कैसे नयी दिल्ली और वाशिंगटन साथ मिलकर काम कर सकते हैं इस पर भी चर्चा की। अमेरिका भारत से अनुरोध कर रहा है कि वह ईरानी तेल पर अपनी निर्भरता कम करे। इसके बारे में नई दिल्ली का जोर है कि ऐसा करना बेहद कठिन है। नूलैंड ने कहा, ‘‘जैसा हमने विगत डेढ़ हफ्तों में कई बार कहा है कि हमारी इस कानून के बारे में नई दिल्ली में सरकार के साथ सघन चर्चा हुई है और हम इस पर लगातार चर्चा कर रहे हैं कि कैसे हम चरणबद्ध और व्यवस्थित तरीके से इसे लागू कर सकते हैं।’’ नूलैंड ने कहा, ‘‘उन्होंने अफगानिस्तान और नए सिल्क मार्ग पहल का समर्थन देने में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका और अफगानिस्तान में निजी क्षेत्र के क्षमता निर्माण के मुद्दे पर चर्चा की।’’ नूलैंड ने बताया कि उन्होंने बर्मा पर भी चर्चा की। सवालों का जवाब देते हुए नूलैंड ने कहा कि अमेरिका के भारत के साथ जो मुद्दे हैं उस पर दोनों देश कानूनी और नियामक के जरिए अब भी काम कर रहे हैं। हिलेरी और राव ने ईरान के बारे में और तेहरान के खिलाफ अमेरिका और यूरोपीय संघ द्वारा प्रतिबंध लगाए जाने के मुद्दे पर कैसे नयी दिल्ली और वाशिंगटन साथ मिलकर काम कर सकते हैं इस पर भी चर्चा की। अमेरिका भारत से अनुरोध कर रहा है कि वह ईरानी तेल पर अपनी निर्भरता कम करे। इसके बारे में नई दिल्ली का जोर है कि ऐसा करना बेहद कठिन है। नूलैंड ने कहा, ‘‘जैसा हमने विगत डेढ़ हफ्तों में कई बार कहा है कि हमारी इस कानून के बारे में नई दिल्ली में सरकार के साथ सघन चर्चा हुई है और हम इस पर लगातार चर्चा कर रहे हैं कि कैसे हम चरणबद्ध और व्यवस्थित तरीके से इसे लागू कर सकते हैं।’’ नूलैंड ने कहा, ‘‘जैसा हमने विगत डेढ़ हफ्तों में कई बार कहा है कि हमारी इस कानून के बारे में नई दिल्ली में सरकार के साथ सघन चर्चा हुई है और हम इस पर लगातार चर्चा कर रहे हैं कि कैसे हम चरणबद्ध और व्यवस्थित तरीके से इसे लागू कर सकते हैं।’’
संक्षिप्त पाठ: अमेरिका में भारत की राजदूत निरुपमा राव की विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन के साथ हुई पहली बैठक के दौरान द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा हुई।
14
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: बांग्लादेश को आईसीसी विश्व कप-2011 के उद्घाटन मुकाबले में 87 रनों से हराने के बाद छह दिनों से आराम करने वाली टीम इंडिया रविवार को इंग्लैंड के साथ होने वाले ग्रुप-बी के अहम मुकाबले के लिए चिन्नास्वामी स्टेडियम में उतरेगी। उद्घाटन मुकाबले के लिए भारत को स्पष्ट विजेता माना जा रहा था लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ महेंद्र सिंह धोनी के साथियों को जीत के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाना होगा। इंग्लैंड बेशक एकदिवसीय क्रिकेट में ताकत का दर्जा नहीं रखता लेकिन उसमें किसी भी टीम को हराने की क्षमता है। इस लिहाज से भारत को अपना दूसरा मैच जीतकर खिताब के दावेदार के तौर पर स्थिति मजबूत करने के लिए कई मुश्किलों का सामना करना होगा। उसके सामने सबसे बड़ी चुनौती इंग्लिश गेंदबाजों की ऊंची उठती गेंदें होंगी, जो हाल के दिनों में कई भारतीय बल्लेबाजों की कमजोरी के तौर पर सामने आई हैं। इंग्लैंड के तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड कह चुके हैं कि उनकी टीम भारतीय बल्लेबाजों की इस कमजोरी का फायदा उठाने का प्रयास करेगी। ब्रॉड के अलावा जेम्स एंडरसन भारत के लिए मुश्किलें खड़ी करेंगे। वैसे भी टीम इंडिया पहले से ही कई मुश्किलों से घिरी पड़ी है। शुक्रवार को अभ्यास करते वक्त वीरेंद्र सहवाग की पसली में चोट लगी थी जबकि एक दिन पहले युवराज सिंह अभ्यास करते वक्त चोटिल हो गए थे। इसी सोमवार को सचिन तेंदुलकर को अपनी कोहनी का एमआरआई स्कैन कराना पड़ा था। अच्छी बात यह है कि छोटी-मोटी परेशानियों के अलावा भारत के पास किसी खिलाड़ी के गम्भीर रूप से चोटिल होने की कोई बुरी खबर नहीं है। टीम प्रबंधन ने साफ कर दिया है कि सहवाग रविवार को खेलेंगे। इसी तरह युवराज और सचिन को भी खेलने के लिए हरी झंडी मिल गई है। छह दिनों के वक्त ने टीम इंडिया के कई प्रमुख खिलाड़ियों को पूरी तरह फिट होने में मदद की है। इनमें जहीर खान प्रमुख हैं। जहीर विश्व कप से पहले खेले गए दोनों अभ्यास मैचों में नहीं खेल सके थे। वह बेशक बांग्लादेश के खिलाफ खेले थे लेकिन अपनी पूरी लय में नहीं दिखे थे। आराम के इस क्षण ने शांताकुमारन श्रीसंत को कोच गैरी कर्स्टन से कुछ गुर सीखने का समय दे दिया है। श्रीसंत ने बांग्लादेश के खिलाफ पांच ओवरों में 53 रन लुटाए थे। बेंगलुरू में बीते तीन दिनों से कभी-कभार बारिश हो रही है और इस कारण पिच को अंतिम रूप देने में दिक्कत आ रही है। शनिवार को अच्छी धूप खिली और इससे पिच पर मौजूद नमी को हटने की उम्मीद की जा रही है। इसके बावजूद पिच में अपेक्षाकृत अधिक नमी रहेगी और यही बात कप्तानों को टीम संयोजन तैयार करने को लेकर परेशान करेगी। भारत चार विशेषज्ञ गेंदबाजों के साथ खेलना चाहेगा लेकिन इंग्लैंड पांच गेंदबाजों को मैदान में उतारने के पक्ष में दिखाई दे रहा है। भारत को किसी भी हाल में दो स्पिनर खिलाने होंगे क्योंकि आस्ट्रेलिया के खिलाफ यहां खेले गए अभ्यास मैच में स्पिनरों ने ही उसकी नैया पार लगाई थी। उस मैच के शुरुआती क्षणों में पिच ने तेज गेंदबाजों को मदद पहुंचाया था लेकिन बाद में वह स्पिनरों की दोस्त बनकर सामने आई थी। बेंगलुरू में बड़ा स्कोर बनने की उम्मीद नहीं दिखाई दे रही है लेकिन दोनों टीमों के बीच मुकाबला कांटे का होगा, इसकी पूरी सम्भावना है। इंग्लैंड बेशक ऑस्ट्रेलिया से 1-6 से एकदिवसीय श्रृंखला हारकर विश्व कप के लिए भारत पहुंचा है लेकिन उसमें दिग्गजों को हराने की क्षमता है। एशेज जीतने के बाद वैसे ही इंग्लैंड के हौसले बुलंद हैं। इसके अलावा उसके पास कप्तान एंड्रयू स्ट्रास, जोनाथन ट्रॉट, केविन पीटरसन, रवि बोपारा, इयान बेल, पॉल कोलिगवुड और मैट प्रायर जैसे बल्लेबाज हैं। प्रयार को छोड़कर बाकी सभी खिलाड़ियों ने हाल के दिनों में अपना फार्म वापस पा लिया है। गेंदबाजी में इंग्लैंड के पास ग्रीम स्वान जैसा विशेषज्ञ स्पिनर है जो हालात मुताबिक होने पर किसी भी बल्लेबाजी क्रम को नेस्तनाबूत कर सकता है। साथ ही साथ इंग्लैंड को अपने सबसे भरोसेमंद तेज गेंदबाज ब्रॉड से सबसे अधिक उम्मीद रहेगी। एंडरसन के रूप में ब्रॉड के पास अच्छा साथी है जबकि टिम ब्रेस्नन  इस तिकड़ी का अहम हिस्सा हैं। बेंगलुरू में बीते दिनों टिकटों के लिए जिस स्तर का संघर्ष देखने को मिला, उससे तो यही लगता है कि इस मुकाबले को देखने के लिए 40,000 से अधिक लोग चिन्नास्वामी स्टेडियम का रुख करेंगे। टीमें इस प्रकार हैं : भारत : महेंद्र सिंह धोनी, वीरेंद्र सहवाग, रविचंद्रन अश्विन, पीयूष चावला, गौतम गम्भीर, हरभजन सिंह, जहीर खान, विराट कोहली, प्रवीण कुमार, आशीष नेहरा, मुनाफ पटेल, यूसुफ पठान, सुरेश रैना, सचिन तेंदुलकर और युवराज सिंह। इंग्लैंड : एंड्रयू स्ट्रॉस, जेम्स एंडरसन, इयान बेल, टिम ब्रेस्नन, स्टुअर्ट ब्रॉड, पॉल कोलिंगवुड, केविन पीटरसन, मैट प्रायर, अजमल शहजाद, ग्रीम स्वान, जेम्स ट्रेडवेल, जोनाथन ट्रॉट, ल्यूक राइट, माइकल यार्डी, रवि बोपारा।
संक्षिप्त सारांश: छह दिन से आराम करने वाली टीम इंडिया रविवार को इंग्लैंड के साथ होने वाले ग्रुप-बी के अहम मुकाबले के लिए चिन्नास्वामी स्टेडियम में उतरेगी।
0
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: 43वें भारत अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का पणजी में रंगारंग शुभारंभ हो गया। सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों को आश्वस्त किया कि सरकार भारतीय फिल्म उद्योग के विकास के लिए और भारत को फिल्म शूटिंग स्थान के रूप में प्रस्तुत करने के लिए अनेक कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि भारत और अन्य देशों के बीच संयुक्त फिल्म निर्माण को प्रोत्साहन देने के लिए सरकार ने विभिन्न देशों के साथ समझौते किए हैं।टिप्पणियां गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर र्पीकर ने कहा कि जिस सफर की शुरूआत आठ साल पहले हुई थी उसके अब सकारात्मक नतीजे सामने आ रहे हैं, और गोवा सर्वश्रेष्ठ फिल्म गंतव्य के रूप में विकसित हो चुका है। उन्होंने कहा कि संयुक्त प्रयासों से इस महोत्सव को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई उंचाईयां मिलेंगी। सूचना एवं प्रसारण सचिव उदय कुमार वर्मा ने कहा कि भारत अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव नई विषयवस्तुओं को शामिल करके बहुत विकसित हो रहा है। उन्होंने कहा कि महोत्सव के माध्यम से वसुधैव कुटुम्बकम की भावना के प्रसार का पूरा प्रयास किया जाएगा। गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर र्पीकर ने कहा कि जिस सफर की शुरूआत आठ साल पहले हुई थी उसके अब सकारात्मक नतीजे सामने आ रहे हैं, और गोवा सर्वश्रेष्ठ फिल्म गंतव्य के रूप में विकसित हो चुका है। उन्होंने कहा कि संयुक्त प्रयासों से इस महोत्सव को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई उंचाईयां मिलेंगी। सूचना एवं प्रसारण सचिव उदय कुमार वर्मा ने कहा कि भारत अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव नई विषयवस्तुओं को शामिल करके बहुत विकसित हो रहा है। उन्होंने कहा कि महोत्सव के माध्यम से वसुधैव कुटुम्बकम की भावना के प्रसार का पूरा प्रयास किया जाएगा। सूचना एवं प्रसारण सचिव उदय कुमार वर्मा ने कहा कि भारत अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव नई विषयवस्तुओं को शामिल करके बहुत विकसित हो रहा है। उन्होंने कहा कि महोत्सव के माध्यम से वसुधैव कुटुम्बकम की भावना के प्रसार का पूरा प्रयास किया जाएगा।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: 43वें भारत अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का पणजी में रंगारंग शुभारंभ हो गया। सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों को आश्वस्त किया कि सरकार भारतीय फिल्म उद्योग के विकास के लिए और भारत को फिल्म शूटिंग स्थान के रूप में प्रस्तुत कर
3
['hin']
एक सारांश बनाओ: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी द्वारा गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की तुलना किए जाने पर उपजे विवाद के बाद आडवाणी ने भले ही सफाई न दी हो, मगर चौहान ने सफाई देना बेहतर समझा है। उन्होंने कहा है कि मोदी व छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह उनसे वरिष्ठ हैं। भोपाल में संवाददाताओं से चर्चा करते हुए चौहान ने सोमवार को कहा कि आडवाणी ने ग्वालियर के कार्यक्रम में सिर्फ उनकी ही सराहना नहीं की थी, उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री मोदी की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा था कि उन्होंने गुजरात को उत्कृष्ट प्रदेश बनाया है। इतना ही नहीं उन्होंने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह व गोवा के मुख्यमंत्री के साथ उनकी भी सराहना की थी।टिप्पणियां चौहान ने आगे कहा कि मोदी व रमन सिंह उनसे वरिष्ठ हैं और वे तो उनके बाद तीसरे नंबर पर आते हैं। आडवाणी ने भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की कार्यशैली की सराहना की थी, उसमें उनका भी नाम था। उल्लेखनीय है कि ग्वालियर में आयोजित समारोह में आडवाणी ने चौहान को अहंकार से परे बताते हुए अटल बिहारी वाजपेयी से उनकी तुलना की थी। साथ ही कहा था कि गुजरात तो पहले से स्वस्थ था और मोदी ने उसे उत्कृष्ट बनाया है, मगर चौहान ने बीमारू राज्य को स्वस्थ बना दिया है। आडवाणी के इस बयान के बाद से ही भाजपा के अंदर तनातनी का दौर तेज हो गया है। भोपाल में संवाददाताओं से चर्चा करते हुए चौहान ने सोमवार को कहा कि आडवाणी ने ग्वालियर के कार्यक्रम में सिर्फ उनकी ही सराहना नहीं की थी, उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री मोदी की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा था कि उन्होंने गुजरात को उत्कृष्ट प्रदेश बनाया है। इतना ही नहीं उन्होंने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह व गोवा के मुख्यमंत्री के साथ उनकी भी सराहना की थी।टिप्पणियां चौहान ने आगे कहा कि मोदी व रमन सिंह उनसे वरिष्ठ हैं और वे तो उनके बाद तीसरे नंबर पर आते हैं। आडवाणी ने भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की कार्यशैली की सराहना की थी, उसमें उनका भी नाम था। उल्लेखनीय है कि ग्वालियर में आयोजित समारोह में आडवाणी ने चौहान को अहंकार से परे बताते हुए अटल बिहारी वाजपेयी से उनकी तुलना की थी। साथ ही कहा था कि गुजरात तो पहले से स्वस्थ था और मोदी ने उसे उत्कृष्ट बनाया है, मगर चौहान ने बीमारू राज्य को स्वस्थ बना दिया है। आडवाणी के इस बयान के बाद से ही भाजपा के अंदर तनातनी का दौर तेज हो गया है। चौहान ने आगे कहा कि मोदी व रमन सिंह उनसे वरिष्ठ हैं और वे तो उनके बाद तीसरे नंबर पर आते हैं। आडवाणी ने भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की कार्यशैली की सराहना की थी, उसमें उनका भी नाम था। उल्लेखनीय है कि ग्वालियर में आयोजित समारोह में आडवाणी ने चौहान को अहंकार से परे बताते हुए अटल बिहारी वाजपेयी से उनकी तुलना की थी। साथ ही कहा था कि गुजरात तो पहले से स्वस्थ था और मोदी ने उसे उत्कृष्ट बनाया है, मगर चौहान ने बीमारू राज्य को स्वस्थ बना दिया है। आडवाणी के इस बयान के बाद से ही भाजपा के अंदर तनातनी का दौर तेज हो गया है। उल्लेखनीय है कि ग्वालियर में आयोजित समारोह में आडवाणी ने चौहान को अहंकार से परे बताते हुए अटल बिहारी वाजपेयी से उनकी तुलना की थी। साथ ही कहा था कि गुजरात तो पहले से स्वस्थ था और मोदी ने उसे उत्कृष्ट बनाया है, मगर चौहान ने बीमारू राज्य को स्वस्थ बना दिया है। आडवाणी के इस बयान के बाद से ही भाजपा के अंदर तनातनी का दौर तेज हो गया है।
सारांश: भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी द्वारा गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की तुलना किए जाने पर उपजे विवाद के बाद आडवाणी ने भले ही सफाई न दी हो, मगर चौहान ने सफाई देन
5
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: राष्ट्रीय राजधानी में रविवार को सुबह की शुरुआत घने कोहरे के साथ हुई। दृश्यता गिरने के कारण वाहनों को फॉग लाइट जलानी पड़ी। न्यूनतम तापमान 5.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।टिप्पणियां शनिवार को न्यूनतम तापमान 6.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। पिछले कुछ दिनों से अपेक्षाकृत मौसम में इतनी सर्दी नहीं थी। सुबह में सात बजे अचानक घना कोहरे छाने के कारण करीब 20 विमानों के उड़ान में देरी हुई, जबकि दो विमानों की उड़ान को रद्द कर दिया गया। सुबह में परिचालन सामान्य था और रनवे दृश्यता 200 मीटर से ऊपर थी, लेकिन सात बचे अचानक ही कोहरा बढने से एक रनवे के एक अंतिम छोर पर दृश्यता गिरकर शून्य पर पहुंच गई। सुबह आठ बजे के बाद स्थिति में सुधार होना शुरू हुआ, जब दृश्यता बढ़कर 300 मीटर हो गई। शनिवार को न्यूनतम तापमान 6.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। पिछले कुछ दिनों से अपेक्षाकृत मौसम में इतनी सर्दी नहीं थी। सुबह में सात बजे अचानक घना कोहरे छाने के कारण करीब 20 विमानों के उड़ान में देरी हुई, जबकि दो विमानों की उड़ान को रद्द कर दिया गया। सुबह में परिचालन सामान्य था और रनवे दृश्यता 200 मीटर से ऊपर थी, लेकिन सात बचे अचानक ही कोहरा बढने से एक रनवे के एक अंतिम छोर पर दृश्यता गिरकर शून्य पर पहुंच गई। सुबह आठ बजे के बाद स्थिति में सुधार होना शुरू हुआ, जब दृश्यता बढ़कर 300 मीटर हो गई। सुबह में परिचालन सामान्य था और रनवे दृश्यता 200 मीटर से ऊपर थी, लेकिन सात बचे अचानक ही कोहरा बढने से एक रनवे के एक अंतिम छोर पर दृश्यता गिरकर शून्य पर पहुंच गई। सुबह आठ बजे के बाद स्थिति में सुधार होना शुरू हुआ, जब दृश्यता बढ़कर 300 मीटर हो गई।
यह एक सारांश है: राष्ट्रीय राजधानी में रविवार को सुबह की शुरुआत घने कोहरे के साथ हुई। दृश्यता गिरने के कारण वाहनों को फॉग लाइट जलानी पड़ी। न्यूनतम तापमान 5.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
2
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: हॉलीवुड की 43-वर्षीय अभिनेत्री हीदर ग्राहम कहना है कि उन्हें घर बसाने की कोई जल्दी नहीं है, क्योंकि वह अपने जीवनसाथी के चुनाव में पर्याप्त समय देना चाहती हैं। वेबसाइट दसन.को.यूके के मुताबिक, पहली बार वर्ष 1988 में 'लाइसेंस टु ड्राइव' से प्रसिद्धि पाने वाली हीदर ग्राहम ने एडम एंट, जेम्स वुड और स्टीफन हॉपकिन्स जैसी हस्तियों को डेट किया है तथा वह शादी के लिए कोई जल्दबाजी नहीं करना चाहतीं।टिप्पणियां हीदर ग्राहम ने कहा, "मैं सही व्यक्ति का चुनाव करना चाहती हूं। मैं मानती हूं कि मैं एक आनंददायक और अच्छी जिंदगी जी रही हूं, और इसलिए चाहती हूं कि मेरा जीवनसाथी मेरे जीवन को बेहतर बनाए।" अपने करियर में 'द हैंगओवर' और 'द गुरु' जैसी फिल्मों के लिए भी चर्चित रही हीदर ग्राहम के लिए उनकी आजादी सबसे बड़ी पूंजी है। वेबसाइट दसन.को.यूके के मुताबिक, पहली बार वर्ष 1988 में 'लाइसेंस टु ड्राइव' से प्रसिद्धि पाने वाली हीदर ग्राहम ने एडम एंट, जेम्स वुड और स्टीफन हॉपकिन्स जैसी हस्तियों को डेट किया है तथा वह शादी के लिए कोई जल्दबाजी नहीं करना चाहतीं।टिप्पणियां हीदर ग्राहम ने कहा, "मैं सही व्यक्ति का चुनाव करना चाहती हूं। मैं मानती हूं कि मैं एक आनंददायक और अच्छी जिंदगी जी रही हूं, और इसलिए चाहती हूं कि मेरा जीवनसाथी मेरे जीवन को बेहतर बनाए।" अपने करियर में 'द हैंगओवर' और 'द गुरु' जैसी फिल्मों के लिए भी चर्चित रही हीदर ग्राहम के लिए उनकी आजादी सबसे बड़ी पूंजी है। हीदर ग्राहम ने कहा, "मैं सही व्यक्ति का चुनाव करना चाहती हूं। मैं मानती हूं कि मैं एक आनंददायक और अच्छी जिंदगी जी रही हूं, और इसलिए चाहती हूं कि मेरा जीवनसाथी मेरे जीवन को बेहतर बनाए।" अपने करियर में 'द हैंगओवर' और 'द गुरु' जैसी फिल्मों के लिए भी चर्चित रही हीदर ग्राहम के लिए उनकी आजादी सबसे बड़ी पूंजी है। अपने करियर में 'द हैंगओवर' और 'द गुरु' जैसी फिल्मों के लिए भी चर्चित रही हीदर ग्राहम के लिए उनकी आजादी सबसे बड़ी पूंजी है।
हॉलीवुड की 43-वर्षीय अभिनेत्री हीदर ग्राहम कहना है कि उन्हें घर बसाने की कोई जल्दी नहीं है, क्योंकि वह अपने जीवनसाथी के चुनाव में पर्याप्त समय देना चाहती हैं।
28
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: डीएमके अध्यक्ष एम करुणानिधि को चेन्‍नई के कावेरी अस्‍पताल में भर्ती कराया गया है. 93 वर्षीय करुणानिधि करीब महीने भर से एलर्जी के कारण बीमार थे. पार्टी सूत्रों के अनुसार, करुणानिधि को कुछ टेस्‍ट कराने के लिए अस्‍पताल में भर्ती कराया गया है. वे कुछ दिन में घर वापस आ जाएंगे. वहीं कावेरी अस्पताल ने एक बयान जारी कर बताया, 'करुणानिधि को पोषक तत्वों एवं पानी की कमी के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया. उनकी हालत स्थिर है... डॉक्टरों की एक टीम उनका इलाज कर रही है. वह कुछ दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहेंगे.'टिप्पणियां गौरतलब है कि करुणानिधि पिछले एक महीने से ज्यादा वक्त से सार्वजनिक रूप से नहीं दिखे थे और पिछले महीने तमिलनाडु विधानसभा की तीन सीटों में उपचुनाव के लिए प्रचार कार्यक्रम में भी उन्होंने हिस्सा नहीं लिया था. अक्टूबर में पार्टी द्वारा जारी एक बयान में कहा गया- डीएमके प्रमुख दवा से हुई एलर्जी के कारण बीमार हैं. डॉक्टरों ने उन्हें आराम की सलाह दी है.' डीएमके प्रमुख की बीमारी की खबर ऐसे वक्त आई है, जब उनकी विरोधी व तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे. जयललिता फेंफड़ों में संक्रमण की वजह से दो महीनों से ज्यादा वक्त तक अस्पताल में भर्ती थी. पार्टी सूत्रों के अनुसार, करुणानिधि को कुछ टेस्‍ट कराने के लिए अस्‍पताल में भर्ती कराया गया है. वे कुछ दिन में घर वापस आ जाएंगे. वहीं कावेरी अस्पताल ने एक बयान जारी कर बताया, 'करुणानिधि को पोषक तत्वों एवं पानी की कमी के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया. उनकी हालत स्थिर है... डॉक्टरों की एक टीम उनका इलाज कर रही है. वह कुछ दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहेंगे.'टिप्पणियां गौरतलब है कि करुणानिधि पिछले एक महीने से ज्यादा वक्त से सार्वजनिक रूप से नहीं दिखे थे और पिछले महीने तमिलनाडु विधानसभा की तीन सीटों में उपचुनाव के लिए प्रचार कार्यक्रम में भी उन्होंने हिस्सा नहीं लिया था. अक्टूबर में पार्टी द्वारा जारी एक बयान में कहा गया- डीएमके प्रमुख दवा से हुई एलर्जी के कारण बीमार हैं. डॉक्टरों ने उन्हें आराम की सलाह दी है.' डीएमके प्रमुख की बीमारी की खबर ऐसे वक्त आई है, जब उनकी विरोधी व तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे. जयललिता फेंफड़ों में संक्रमण की वजह से दो महीनों से ज्यादा वक्त तक अस्पताल में भर्ती थी. गौरतलब है कि करुणानिधि पिछले एक महीने से ज्यादा वक्त से सार्वजनिक रूप से नहीं दिखे थे और पिछले महीने तमिलनाडु विधानसभा की तीन सीटों में उपचुनाव के लिए प्रचार कार्यक्रम में भी उन्होंने हिस्सा नहीं लिया था. अक्टूबर में पार्टी द्वारा जारी एक बयान में कहा गया- डीएमके प्रमुख दवा से हुई एलर्जी के कारण बीमार हैं. डॉक्टरों ने उन्हें आराम की सलाह दी है.' डीएमके प्रमुख की बीमारी की खबर ऐसे वक्त आई है, जब उनकी विरोधी व तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे. जयललिता फेंफड़ों में संक्रमण की वजह से दो महीनों से ज्यादा वक्त तक अस्पताल में भर्ती थी. डीएमके प्रमुख की बीमारी की खबर ऐसे वक्त आई है, जब उनकी विरोधी व तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे. जयललिता फेंफड़ों में संक्रमण की वजह से दो महीनों से ज्यादा वक्त तक अस्पताल में भर्ती थी.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: 93 वर्षीय करुणानिधि करीब महीने भर से एलर्जी के कारण बीमार थे पोषक तत्वों और पानी की कमी के कारण उन्हें भर्ती किया गया : अस्पताल उनकी हालत स्थिर है, लेकिन कुछ दिनों तक अस्पताल में ही रहेंगे : अस्पताल
11
['hin']
एक सारांश बनाओ: पिछले एक दशक में पड़ोसी पाकिस्‍तान के साथ सबसे खराब रिश्‍तों के मौजूदा दौर के बीच रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने गुरुवार को कहा कि वह निजी तौर पर मानते हैं कि भारत को परमाणु हथियारों के पहले इस्‍तेमाल नहीं करने संबंधी नीति से अपने को नहीं 'बांधना' चाहिए. बाद में इस संबंध में रक्षा मंत्रालय के प्रवक्‍ता ने कहा कि इसको रक्षा मंत्री की आधिकारिक पोजीशन के बजाय निजी राय के रूप में देखा जाना चाहिए. उल्‍लेखनीय है कि रक्षा मंत्री ने एक बुक रिलीज कार्यक्रम के दौरान यह बात कही. दरअसल सैद्धांतिक रूप से भारत संघर्ष होने की स्थिति में पहले परमाणु हथियारों के इस्‍तेमाल नहीं करने की बात कहता रहा है. पाकिस्‍तान ने इस तरह की कोई बात नहीं कही है. भारत की परमाणु नीति पर बोलते हुए रक्षा मंत्री ने कहा, ''यदि कोई मौजूदा लिखित रणनीति है या आपने इस तरह का कोई स्‍टैंड ले रखा है तो मैं समझता हूं कि आप वास्‍तव में इस मामले में अपनी क्षमताओं से दूर हट रहे हैं...देश में बहुत सारे लोग पहले परमाणु हथियार इस्‍तेमाल नहीं करने संबंधी नीति के बारे में कहते हैं लेकिन मुझे इस मामले में अपने आपको क्‍यों बांधना चाहिए? मैं तो कहता हूं कि हम एक जिम्‍मेदार परमाणु शक्ति संपन्‍न राष्‍ट्र हैं और मैं इसका गैर जिम्‍मेदाराना ढंग से इस्‍तेमाल नहीं करुंगा. ये मेरी सोच है.'' हालांकि इसके साथ ही उन्‍होंने जोर देकर कहा, ''उनके इस बयान को इस संदर्भ में नहीं देखना चाहिए कि सरकार ने अपनी परमाणु नीति बदल दी है. उन्‍होंने कहा हो सकता है कि कुछ (चैनल) कल यह फ्लैश चलाने लगें कि परमाणु नीति बदल गई लेकिन ऐसा नहीं है.'' गौरतलब है कि 1998 में कई परमाणु परीक्षण करने के बाद भारत ने मौजूदा परमाणु नीति को अपनाया. जवाब देते हुए उसके कुछ ही हफ्तों के भीतर पाकिस्‍तान ने भी कई परमाणु परीक्षण किए. 2014 के चुनावी घोषणापत्र में इस संबंध में कहा था कि मौजूदा समय की चुनौतियों के मद्देनजर इस नीति की समीक्षा करेगी और इसे अपडेट करेगी.टिप्पणियां पर्रिकर ने साथ ही कहा, ''पहले हर चार-पांच दिन में उनको पड़ोसी देश के रक्षा मंत्री धमकी देते थे कि यदि उनको धमकाया जाएगा तो वह टैक्टिकल परमाणु हथियारों का इस्‍तेमाल करेंगे लेकिन जिस दिन सर्जिकल स्‍ट्राइक हुई, उसके बाद से फिर कोई धमकी नहीं आई.''     उल्‍लेखनीय है कि कश्‍मीर के उरी में एक आर्मी कैंप में पाकिस्‍तानी आतंकियों के हमले में 19 जवान शहीद हुए थे. उसके बाद भारत ने एलओसी के पार जाकर सर्जिकल स्‍ट्राइक किया. पाकिस्‍ता ने इस तरह की घटना होने से इनकार कर दिया.  उल्‍लेखनीय है कि रक्षा मंत्री ने एक बुक रिलीज कार्यक्रम के दौरान यह बात कही. दरअसल सैद्धांतिक रूप से भारत संघर्ष होने की स्थिति में पहले परमाणु हथियारों के इस्‍तेमाल नहीं करने की बात कहता रहा है. पाकिस्‍तान ने इस तरह की कोई बात नहीं कही है. भारत की परमाणु नीति पर बोलते हुए रक्षा मंत्री ने कहा, ''यदि कोई मौजूदा लिखित रणनीति है या आपने इस तरह का कोई स्‍टैंड ले रखा है तो मैं समझता हूं कि आप वास्‍तव में इस मामले में अपनी क्षमताओं से दूर हट रहे हैं...देश में बहुत सारे लोग पहले परमाणु हथियार इस्‍तेमाल नहीं करने संबंधी नीति के बारे में कहते हैं लेकिन मुझे इस मामले में अपने आपको क्‍यों बांधना चाहिए? मैं तो कहता हूं कि हम एक जिम्‍मेदार परमाणु शक्ति संपन्‍न राष्‍ट्र हैं और मैं इसका गैर जिम्‍मेदाराना ढंग से इस्‍तेमाल नहीं करुंगा. ये मेरी सोच है.'' हालांकि इसके साथ ही उन्‍होंने जोर देकर कहा, ''उनके इस बयान को इस संदर्भ में नहीं देखना चाहिए कि सरकार ने अपनी परमाणु नीति बदल दी है. उन्‍होंने कहा हो सकता है कि कुछ (चैनल) कल यह फ्लैश चलाने लगें कि परमाणु नीति बदल गई लेकिन ऐसा नहीं है.'' गौरतलब है कि 1998 में कई परमाणु परीक्षण करने के बाद भारत ने मौजूदा परमाणु नीति को अपनाया. जवाब देते हुए उसके कुछ ही हफ्तों के भीतर पाकिस्‍तान ने भी कई परमाणु परीक्षण किए. 2014 के चुनावी घोषणापत्र में इस संबंध में कहा था कि मौजूदा समय की चुनौतियों के मद्देनजर इस नीति की समीक्षा करेगी और इसे अपडेट करेगी.टिप्पणियां पर्रिकर ने साथ ही कहा, ''पहले हर चार-पांच दिन में उनको पड़ोसी देश के रक्षा मंत्री धमकी देते थे कि यदि उनको धमकाया जाएगा तो वह टैक्टिकल परमाणु हथियारों का इस्‍तेमाल करेंगे लेकिन जिस दिन सर्जिकल स्‍ट्राइक हुई, उसके बाद से फिर कोई धमकी नहीं आई.''     उल्‍लेखनीय है कि कश्‍मीर के उरी में एक आर्मी कैंप में पाकिस्‍तानी आतंकियों के हमले में 19 जवान शहीद हुए थे. उसके बाद भारत ने एलओसी के पार जाकर सर्जिकल स्‍ट्राइक किया. पाकिस्‍ता ने इस तरह की घटना होने से इनकार कर दिया.  भारत की परमाणु नीति पर बोलते हुए रक्षा मंत्री ने कहा, ''यदि कोई मौजूदा लिखित रणनीति है या आपने इस तरह का कोई स्‍टैंड ले रखा है तो मैं समझता हूं कि आप वास्‍तव में इस मामले में अपनी क्षमताओं से दूर हट रहे हैं...देश में बहुत सारे लोग पहले परमाणु हथियार इस्‍तेमाल नहीं करने संबंधी नीति के बारे में कहते हैं लेकिन मुझे इस मामले में अपने आपको क्‍यों बांधना चाहिए? मैं तो कहता हूं कि हम एक जिम्‍मेदार परमाणु शक्ति संपन्‍न राष्‍ट्र हैं और मैं इसका गैर जिम्‍मेदाराना ढंग से इस्‍तेमाल नहीं करुंगा. ये मेरी सोच है.'' हालांकि इसके साथ ही उन्‍होंने जोर देकर कहा, ''उनके इस बयान को इस संदर्भ में नहीं देखना चाहिए कि सरकार ने अपनी परमाणु नीति बदल दी है. उन्‍होंने कहा हो सकता है कि कुछ (चैनल) कल यह फ्लैश चलाने लगें कि परमाणु नीति बदल गई लेकिन ऐसा नहीं है.'' गौरतलब है कि 1998 में कई परमाणु परीक्षण करने के बाद भारत ने मौजूदा परमाणु नीति को अपनाया. जवाब देते हुए उसके कुछ ही हफ्तों के भीतर पाकिस्‍तान ने भी कई परमाणु परीक्षण किए. 2014 के चुनावी घोषणापत्र में इस संबंध में कहा था कि मौजूदा समय की चुनौतियों के मद्देनजर इस नीति की समीक्षा करेगी और इसे अपडेट करेगी.टिप्पणियां पर्रिकर ने साथ ही कहा, ''पहले हर चार-पांच दिन में उनको पड़ोसी देश के रक्षा मंत्री धमकी देते थे कि यदि उनको धमकाया जाएगा तो वह टैक्टिकल परमाणु हथियारों का इस्‍तेमाल करेंगे लेकिन जिस दिन सर्जिकल स्‍ट्राइक हुई, उसके बाद से फिर कोई धमकी नहीं आई.''     उल्‍लेखनीय है कि कश्‍मीर के उरी में एक आर्मी कैंप में पाकिस्‍तानी आतंकियों के हमले में 19 जवान शहीद हुए थे. उसके बाद भारत ने एलओसी के पार जाकर सर्जिकल स्‍ट्राइक किया. पाकिस्‍ता ने इस तरह की घटना होने से इनकार कर दिया.  हालांकि इसके साथ ही उन्‍होंने जोर देकर कहा, ''उनके इस बयान को इस संदर्भ में नहीं देखना चाहिए कि सरकार ने अपनी परमाणु नीति बदल दी है. उन्‍होंने कहा हो सकता है कि कुछ (चैनल) कल यह फ्लैश चलाने लगें कि परमाणु नीति बदल गई लेकिन ऐसा नहीं है.'' गौरतलब है कि 1998 में कई परमाणु परीक्षण करने के बाद भारत ने मौजूदा परमाणु नीति को अपनाया. जवाब देते हुए उसके कुछ ही हफ्तों के भीतर पाकिस्‍तान ने भी कई परमाणु परीक्षण किए. 2014 के चुनावी घोषणापत्र में इस संबंध में कहा था कि मौजूदा समय की चुनौतियों के मद्देनजर इस नीति की समीक्षा करेगी और इसे अपडेट करेगी.टिप्पणियां पर्रिकर ने साथ ही कहा, ''पहले हर चार-पांच दिन में उनको पड़ोसी देश के रक्षा मंत्री धमकी देते थे कि यदि उनको धमकाया जाएगा तो वह टैक्टिकल परमाणु हथियारों का इस्‍तेमाल करेंगे लेकिन जिस दिन सर्जिकल स्‍ट्राइक हुई, उसके बाद से फिर कोई धमकी नहीं आई.''     उल्‍लेखनीय है कि कश्‍मीर के उरी में एक आर्मी कैंप में पाकिस्‍तानी आतंकियों के हमले में 19 जवान शहीद हुए थे. उसके बाद भारत ने एलओसी के पार जाकर सर्जिकल स्‍ट्राइक किया. पाकिस्‍ता ने इस तरह की घटना होने से इनकार कर दिया.  गौरतलब है कि 1998 में कई परमाणु परीक्षण करने के बाद भारत ने मौजूदा परमाणु नीति को अपनाया. जवाब देते हुए उसके कुछ ही हफ्तों के भीतर पाकिस्‍तान ने भी कई परमाणु परीक्षण किए. 2014 के चुनावी घोषणापत्र में इस संबंध में कहा था कि मौजूदा समय की चुनौतियों के मद्देनजर इस नीति की समीक्षा करेगी और इसे अपडेट करेगी.टिप्पणियां पर्रिकर ने साथ ही कहा, ''पहले हर चार-पांच दिन में उनको पड़ोसी देश के रक्षा मंत्री धमकी देते थे कि यदि उनको धमकाया जाएगा तो वह टैक्टिकल परमाणु हथियारों का इस्‍तेमाल करेंगे लेकिन जिस दिन सर्जिकल स्‍ट्राइक हुई, उसके बाद से फिर कोई धमकी नहीं आई.''     उल्‍लेखनीय है कि कश्‍मीर के उरी में एक आर्मी कैंप में पाकिस्‍तानी आतंकियों के हमले में 19 जवान शहीद हुए थे. उसके बाद भारत ने एलओसी के पार जाकर सर्जिकल स्‍ट्राइक किया. पाकिस्‍ता ने इस तरह की घटना होने से इनकार कर दिया.  पर्रिकर ने साथ ही कहा, ''पहले हर चार-पांच दिन में उनको पड़ोसी देश के रक्षा मंत्री धमकी देते थे कि यदि उनको धमकाया जाएगा तो वह टैक्टिकल परमाणु हथियारों का इस्‍तेमाल करेंगे लेकिन जिस दिन सर्जिकल स्‍ट्राइक हुई, उसके बाद से फिर कोई धमकी नहीं आई.''     उल्‍लेखनीय है कि कश्‍मीर के उरी में एक आर्मी कैंप में पाकिस्‍तानी आतंकियों के हमले में 19 जवान शहीद हुए थे. उसके बाद भारत ने एलओसी के पार जाकर सर्जिकल स्‍ट्राइक किया. पाकिस्‍ता ने इस तरह की घटना होने से इनकार कर दिया.  उल्‍लेखनीय है कि कश्‍मीर के उरी में एक आर्मी कैंप में पाकिस्‍तानी आतंकियों के हमले में 19 जवान शहीद हुए थे. उसके बाद भारत ने एलओसी के पार जाकर सर्जिकल स्‍ट्राइक किया. पाकिस्‍ता ने इस तरह की घटना होने से इनकार कर दिया.
संक्षिप्त सारांश: कहा- आधिकारिक पोजीशन के बजाय निजी राय मौजूदा परमाणु नीति 1998 में सरकार ने बनाई 2014 के चुनावी घोषणापत्र में बीजेपी ने समीक्षा की बात कही
8
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान के बंगले की देखभाल करने वाले 62 वर्षीय एक व्यक्ति को तीन दशक पुराने चोरी के एक मामले में गिरफ्तार किया गया है. एक पुलिस अधिकारी ने इस मामले की जानकारी देते हुए कहा कि शहर पुलिस की अपराध शाखा की ‘यूनिट-4' ने खान के गोराई स्थित बंगले से शक्ति सिद्देश्वर राणा को गिरफ्तार किया. वहीं वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक निनाद सावंत ने बताया कि राणा और कुछ अन्य लोग चोरी के मामले में कथित रूप में संलिप्त हैं और उन्हें 1990 में अपराध शाखा ने गिरफ्तार किया था. पुलिस अधिकारी ने बताया कि राणा को जमानत पर रिहा किया गया था और तब से वह फरार था. तब अदालत ने उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था. हाल ही में अपराध शाखा के अधिकारियों को सूचना मिली कि राणा पिछले 20 साल से गोराई बीच इलाके के एक मकान में रह रहा है. जांच में पता चला कि राणा सलमान खान के बंगले की देखभाल का काम कर रहा. इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया. मामले की जांच जारी है.
यहाँ एक सारांश है:तीन दशक पुराने चोरी के एक मामले में किया गया गिरफ्तार खान के गोराई स्थित बंगले से शक्ति सिद्देश्वर राणा को गिरफ्तार किया राणा को जमानत पर रिहा किया गया था और तब से वह फरार था
4
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: सीबीआई ने 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन मामले में द्रमुक के प्रथम परिवार द्वारा संचालित कलैगर टीवी के शीर्ष अधिकारियों के दफ्तरों और आवासों पर छापे मारे। इससे पहले चैनल ने मामले से कोई नाता नहीं होने का दावा किया था। आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि तड़के छापेमारी शुरू हुई। इस मामले में द्रमुक नेता और पूर्व संचार मंत्री ए राजा को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। आरोप हैं कि चैनल के तार इस मामले के एक और आरोपी शाहिद उस्मान बलवा के स्वान टेलीकॉम से जुड़े हुए हैं। राजा ने लाइसेंस दिलाने में कथित तौर पर बलवा का पक्ष लिया था। अधिकारियों ने कहा कि जांच का केंद्रबिंदु 200 करोड़ रुपये से अधिक के लोन से जुड़ा होगा, जिसका बंदोबस्त बलवा के डीबी रियलिटी समूह ने कलैगर टीवी के लिए किया था। द्रमुक अध्यक्ष करुणानिधि की पत्नी एमके दयालु की चैनल में 60 प्रतिशत हिस्सेदारी है, वहीं पार्टी सांसद और करुणानिधि की पुत्री कनिमोझि की 20 प्रतिशत हिस्सेदारी है। सीबीआई ने हाल ही में एक अदालत में कहा था, यह बात भी प्रकाश में आई है कि 2009 में मैसर्स सिनेयुग फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड से कलैगर टीवी में 214 करोड़ रुपये हस्तांतरण किया गया था। सीबीआई ने अदालत के समक्ष अपने आवेदन में कहा था, मैसर्स सिनेयुग फिल्म्स ने डीबी समूह की कंपनियों से धन की व्यवस्था की थी, जिसमें बलवा के परिजन निदेशक और हिस्सेदार हैं। मामले से किसी तरह का संबंध नहीं होने के कलैगर टीवी के दावे के बाद सीबीआई ने आरोप लगाया था कि 2जी घोटाले के आरोपी बलवा की स्वान टेलीकॉम और चैनल के तार जुड़े हुए हैं। कलैगर टीवी के प्रबंध निदेशक शरद कुमार ने डीबी रियलिटी से भुगतान नहीं लेने की बात कही थी, जिसका कर्ताधर्ता बलवा भी राजा के साथ सीबीआई की गिरफ्त में है। कुमार ने यह भी कहा था कि सिनेयुग फिल्म्स से मिला धन शेयरों के लेनदेन से जुड़ी अग्रिम राशि थी और जब दोनों पक्षों में शेयरों के मूल्यों को लेकर मतभेद हुए, तो उसे ब्याज समेत लौटा दिया गया। उन्होंने कहा कि सिनेयुग से ऋण के तौर पर धन लिया गया था, जिसे ब्याज के साथ लौटाया गया और आयकर विभाग को लेनेदेन के बारे में जानकारी थी।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सीबीआई ने टीवी चैनल कलैगर के दफ्तर पर छापा मारा है, जो ए राजा के करीबी लोगों का है। इसमें करुणानिधि की बेटी कनिमोझी के भी 20% शेयर हैं।
11
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: दिल्ली पुलिस की भर्ती परीक्षा में फेल होने के बावजूद उसने पुलिस की वर्दी पहन ली लेकिन अपराध के खात्मे के लिए नहीं बल्कि पुलिस की वर्दी पहनकर वह खुद अपराधी बन बैठा। लोगों को अपनी ऊंची पहुंच और रुतबे का धौंस जमाकर उनसे ठगी भी करने लगा। रॉबिन नाम के इस ठग ने अपने बचपन के दोस्त को भी नहीं छोड़ा। उसने अपने दोस्त को यह भरोसा दिलाया कि वह दिल्ली पुलिस में एसआई के पद पर कार्यरत है और वह उसके भाई की रेलवे में नौकरी लगवा देगा। इस काम के लिए इसने उस शख्स से सवा दो लाख रुपये भी लिए। रॉबिन की वर्दी देखकर और बातें सुनकर उसका दोस्त उसके झांसे में आ गया और बगैर कुछ सोचे-समझे पैसे दे भी दिए। लेकिन, जल्द ही उस पर रॉबिन की असलियत जाहिर हो गई जब उसने अपना एटीएम कार्ड गायब पाया। टिप्पणियां खाते में से पैसे निकले देखकर उसने इसकी खबर फौरन पुलिस को दी। इससे सीसीटीवी फुटेज को देखने के बाद पुलिस इस बात को लेकर पुख्ता हो गई कि यह काम किसी पुलिसकर्मी का नहीं बल्कि किसी ठग का है। काफी मशक्कत के बाद पुलिस की टीम ने आखिरकार रॉबिन को पंजाब के जालंधर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब इस जालसाज से इस बात की पड़ताल करने में जुटी है कि इस ठग ने इस तरीके से और कितने लोगों को चूना लगाया है। लोगों को अपनी ऊंची पहुंच और रुतबे का धौंस जमाकर उनसे ठगी भी करने लगा। रॉबिन नाम के इस ठग ने अपने बचपन के दोस्त को भी नहीं छोड़ा। उसने अपने दोस्त को यह भरोसा दिलाया कि वह दिल्ली पुलिस में एसआई के पद पर कार्यरत है और वह उसके भाई की रेलवे में नौकरी लगवा देगा। इस काम के लिए इसने उस शख्स से सवा दो लाख रुपये भी लिए। रॉबिन की वर्दी देखकर और बातें सुनकर उसका दोस्त उसके झांसे में आ गया और बगैर कुछ सोचे-समझे पैसे दे भी दिए। लेकिन, जल्द ही उस पर रॉबिन की असलियत जाहिर हो गई जब उसने अपना एटीएम कार्ड गायब पाया। टिप्पणियां खाते में से पैसे निकले देखकर उसने इसकी खबर फौरन पुलिस को दी। इससे सीसीटीवी फुटेज को देखने के बाद पुलिस इस बात को लेकर पुख्ता हो गई कि यह काम किसी पुलिसकर्मी का नहीं बल्कि किसी ठग का है। काफी मशक्कत के बाद पुलिस की टीम ने आखिरकार रॉबिन को पंजाब के जालंधर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब इस जालसाज से इस बात की पड़ताल करने में जुटी है कि इस ठग ने इस तरीके से और कितने लोगों को चूना लगाया है। रॉबिन नाम के इस ठग ने अपने बचपन के दोस्त को भी नहीं छोड़ा। उसने अपने दोस्त को यह भरोसा दिलाया कि वह दिल्ली पुलिस में एसआई के पद पर कार्यरत है और वह उसके भाई की रेलवे में नौकरी लगवा देगा। इस काम के लिए इसने उस शख्स से सवा दो लाख रुपये भी लिए। रॉबिन की वर्दी देखकर और बातें सुनकर उसका दोस्त उसके झांसे में आ गया और बगैर कुछ सोचे-समझे पैसे दे भी दिए। लेकिन, जल्द ही उस पर रॉबिन की असलियत जाहिर हो गई जब उसने अपना एटीएम कार्ड गायब पाया। टिप्पणियां खाते में से पैसे निकले देखकर उसने इसकी खबर फौरन पुलिस को दी। इससे सीसीटीवी फुटेज को देखने के बाद पुलिस इस बात को लेकर पुख्ता हो गई कि यह काम किसी पुलिसकर्मी का नहीं बल्कि किसी ठग का है। काफी मशक्कत के बाद पुलिस की टीम ने आखिरकार रॉबिन को पंजाब के जालंधर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब इस जालसाज से इस बात की पड़ताल करने में जुटी है कि इस ठग ने इस तरीके से और कितने लोगों को चूना लगाया है। इस काम के लिए इसने उस शख्स से सवा दो लाख रुपये भी लिए। रॉबिन की वर्दी देखकर और बातें सुनकर उसका दोस्त उसके झांसे में आ गया और बगैर कुछ सोचे-समझे पैसे दे भी दिए। लेकिन, जल्द ही उस पर रॉबिन की असलियत जाहिर हो गई जब उसने अपना एटीएम कार्ड गायब पाया। टिप्पणियां खाते में से पैसे निकले देखकर उसने इसकी खबर फौरन पुलिस को दी। इससे सीसीटीवी फुटेज को देखने के बाद पुलिस इस बात को लेकर पुख्ता हो गई कि यह काम किसी पुलिसकर्मी का नहीं बल्कि किसी ठग का है। काफी मशक्कत के बाद पुलिस की टीम ने आखिरकार रॉबिन को पंजाब के जालंधर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब इस जालसाज से इस बात की पड़ताल करने में जुटी है कि इस ठग ने इस तरीके से और कितने लोगों को चूना लगाया है। रॉबिन की वर्दी देखकर और बातें सुनकर उसका दोस्त उसके झांसे में आ गया और बगैर कुछ सोचे-समझे पैसे दे भी दिए। लेकिन, जल्द ही उस पर रॉबिन की असलियत जाहिर हो गई जब उसने अपना एटीएम कार्ड गायब पाया। टिप्पणियां खाते में से पैसे निकले देखकर उसने इसकी खबर फौरन पुलिस को दी। इससे सीसीटीवी फुटेज को देखने के बाद पुलिस इस बात को लेकर पुख्ता हो गई कि यह काम किसी पुलिसकर्मी का नहीं बल्कि किसी ठग का है। काफी मशक्कत के बाद पुलिस की टीम ने आखिरकार रॉबिन को पंजाब के जालंधर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब इस जालसाज से इस बात की पड़ताल करने में जुटी है कि इस ठग ने इस तरीके से और कितने लोगों को चूना लगाया है। लेकिन, जल्द ही उस पर रॉबिन की असलियत जाहिर हो गई जब उसने अपना एटीएम कार्ड गायब पाया। टिप्पणियां खाते में से पैसे निकले देखकर उसने इसकी खबर फौरन पुलिस को दी। इससे सीसीटीवी फुटेज को देखने के बाद पुलिस इस बात को लेकर पुख्ता हो गई कि यह काम किसी पुलिसकर्मी का नहीं बल्कि किसी ठग का है। काफी मशक्कत के बाद पुलिस की टीम ने आखिरकार रॉबिन को पंजाब के जालंधर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब इस जालसाज से इस बात की पड़ताल करने में जुटी है कि इस ठग ने इस तरीके से और कितने लोगों को चूना लगाया है। खाते में से पैसे निकले देखकर उसने इसकी खबर फौरन पुलिस को दी। इससे सीसीटीवी फुटेज को देखने के बाद पुलिस इस बात को लेकर पुख्ता हो गई कि यह काम किसी पुलिसकर्मी का नहीं बल्कि किसी ठग का है। काफी मशक्कत के बाद पुलिस की टीम ने आखिरकार रॉबिन को पंजाब के जालंधर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब इस जालसाज से इस बात की पड़ताल करने में जुटी है कि इस ठग ने इस तरीके से और कितने लोगों को चूना लगाया है। काफी मशक्कत के बाद पुलिस की टीम ने आखिरकार रॉबिन को पंजाब के जालंधर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब इस जालसाज से इस बात की पड़ताल करने में जुटी है कि इस ठग ने इस तरीके से और कितने लोगों को चूना लगाया है।
यह एक सारांश है: दिल्ली पुलिस की भर्ती परीक्षा में फेल होने के बावजूद उसने पुलिस की वर्दी पहन ली लेकिन अपराध के खात्मे के लिए नहीं बल्कि पुलिस की वर्दी पहनकर वह खुद अपराधी बन बैठा।
24
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: जेल में बंद आरजेडी के बहाबुली नेता मोहम्मद शहाबुद्दीन ने अपना बदला हुआ स्वरूप दिखाते हुए एक कथित सेल्फी ली है, जिसको लेकर विवाद खड़ा हो गया है. उनकी यह कथित सेल्फी सोशल मीडिया में वायरल हो गई है. सेल्फी पर विवाद खड़ा होने के बाद सीवान के जिला प्रशासन ने जेल के भीतर छापेमारी की. मुफस्सिल थाना के प्रभारी अधिकारी विनय प्रताप सिंह ने सीवान जेल के भीतर छापेमारी की पुष्टि की और कहा कि तीन मोबाइल फोन, चार सिम कार्ड और दो मोबाइल बैटरियां बरामद की गईं. बहरहाल, उन्होंने यह नहीं बताया कि क्या शहाबुद्दीन की कोठरी से कुछ मिला है. सीवान जेल के अधिकारियों ने इससे इनकार किया कि यह सेल्फी शहाबुद्दीन ने ली है और कहा कि उनसे मिलने के लिए आने वाले कुछ 'शुभचिंतकों' ने यह तस्वीर ली होगी और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया होगा. सुप्रीम कोर्ट द्वारा जमानत रद्द किए जाने के बाद शहाबुद्दीन सीवान की जेल में बंद हैं. इससे पहले पटना हाईकोर्ट ने दो भाइयों की तेजाब डालकर हत्या के मामले के मुख्य गवाह की हत्या के संदर्भ में पूर्व सांसद शहाबुद्दीन को जमानत दे दी थी. चार बार सांसद रहे शहाबुद्दीन पर हत्या और अपहरण सहित 36 मामले चल रहे हैं. टिप्पणियां उधर, आरजेडी प्रवक्ता अशोक सिन्हा ने कहा कि वह इस सूचना की पुष्टि नहीं कर सकते. उन्होंने कहा कि बिहार की महागठबंधन सरकार कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं करेगी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) मुफस्सिल थाना के प्रभारी अधिकारी विनय प्रताप सिंह ने सीवान जेल के भीतर छापेमारी की पुष्टि की और कहा कि तीन मोबाइल फोन, चार सिम कार्ड और दो मोबाइल बैटरियां बरामद की गईं. बहरहाल, उन्होंने यह नहीं बताया कि क्या शहाबुद्दीन की कोठरी से कुछ मिला है. सीवान जेल के अधिकारियों ने इससे इनकार किया कि यह सेल्फी शहाबुद्दीन ने ली है और कहा कि उनसे मिलने के लिए आने वाले कुछ 'शुभचिंतकों' ने यह तस्वीर ली होगी और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया होगा. सुप्रीम कोर्ट द्वारा जमानत रद्द किए जाने के बाद शहाबुद्दीन सीवान की जेल में बंद हैं. इससे पहले पटना हाईकोर्ट ने दो भाइयों की तेजाब डालकर हत्या के मामले के मुख्य गवाह की हत्या के संदर्भ में पूर्व सांसद शहाबुद्दीन को जमानत दे दी थी. चार बार सांसद रहे शहाबुद्दीन पर हत्या और अपहरण सहित 36 मामले चल रहे हैं. टिप्पणियां उधर, आरजेडी प्रवक्ता अशोक सिन्हा ने कहा कि वह इस सूचना की पुष्टि नहीं कर सकते. उन्होंने कहा कि बिहार की महागठबंधन सरकार कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं करेगी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सीवान जेल के अधिकारियों ने इससे इनकार किया कि यह सेल्फी शहाबुद्दीन ने ली है और कहा कि उनसे मिलने के लिए आने वाले कुछ 'शुभचिंतकों' ने यह तस्वीर ली होगी और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया होगा. सुप्रीम कोर्ट द्वारा जमानत रद्द किए जाने के बाद शहाबुद्दीन सीवान की जेल में बंद हैं. इससे पहले पटना हाईकोर्ट ने दो भाइयों की तेजाब डालकर हत्या के मामले के मुख्य गवाह की हत्या के संदर्भ में पूर्व सांसद शहाबुद्दीन को जमानत दे दी थी. चार बार सांसद रहे शहाबुद्दीन पर हत्या और अपहरण सहित 36 मामले चल रहे हैं. टिप्पणियां उधर, आरजेडी प्रवक्ता अशोक सिन्हा ने कहा कि वह इस सूचना की पुष्टि नहीं कर सकते. उन्होंने कहा कि बिहार की महागठबंधन सरकार कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं करेगी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सुप्रीम कोर्ट द्वारा जमानत रद्द किए जाने के बाद शहाबुद्दीन सीवान की जेल में बंद हैं. इससे पहले पटना हाईकोर्ट ने दो भाइयों की तेजाब डालकर हत्या के मामले के मुख्य गवाह की हत्या के संदर्भ में पूर्व सांसद शहाबुद्दीन को जमानत दे दी थी. चार बार सांसद रहे शहाबुद्दीन पर हत्या और अपहरण सहित 36 मामले चल रहे हैं. टिप्पणियां उधर, आरजेडी प्रवक्ता अशोक सिन्हा ने कहा कि वह इस सूचना की पुष्टि नहीं कर सकते. उन्होंने कहा कि बिहार की महागठबंधन सरकार कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं करेगी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उधर, आरजेडी प्रवक्ता अशोक सिन्हा ने कहा कि वह इस सूचना की पुष्टि नहीं कर सकते. उन्होंने कहा कि बिहार की महागठबंधन सरकार कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं करेगी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह एक सारांश है: सुप्रीम कोर्ट से जमानत रद्द होने के बाद शहाबुद्दीन सीवान की जेल में हैं जेल में छापेमारी में तीन मोबाइल फोन, चार सिम कार्ड और दो बैटरियां बरामद जेल अधिकारियों ने कहा- यह सेल्फी शहाबुद्दीन के 'शुभचिंतकों' ने ली होगी
2
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश के फूलपुर लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में सपा के प्रत्याशी नागेंद्र प्रताप सिंह ने जीत दर्ज की है. एएनआई के अनुसार नागेंद्र प्रताप सिंह ने कुल 59,613 मतों के अंतर से बीजेपी कौशलेंद्र सिंह पटेल को हराया है. यह सीट यूपी के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की वजह से सीट खाली हुई थी. इस सीट पर 11 मार्च को उपचुनाव हुए थे. फूलपुर में 37.39 फीसदी वोटिंग हुई थी. भाजपा के लिहाज से यह सीट भी काफी अहम मानी जाती थी.   उत्तर प्रदेश के फूलपुर में हुए उपचुनाव 2018 मतगणना की लाइव अपडेट्स 5.15 बजे - फूलपुर में सपा के प्रत्याशी नागेंद्र प्रताप सिंह ने दर्ज की जीत. 4.00 बजे - फूलपुर में सपा 51 हजार मतों से आगे हो गई है 3.30 बजे - सपा के नागेंद्र प्रताप सिंह 47 हजार वोटों से आगे चल रहे हैं. 2.45 बजे - फूलपुर में 16वें राउंड की गिनती के बाद भी सपा प्रत्याशी नागेंद्र प्रताप सिंह पटेल आगे चल रहे हैं. करीब 32 हजार मतों की लीड ले ली है.  2.20 बजे - 15वें राउंड की गिनती के बाद फूलपुर में सपा प्रत्याशी 30 हजारे मतों से आगे. 2.00 बजे - यूपी की फूलपुर सीट पर सपा प्रत्याशी ने 27 हजार मतों से ज्यादा की बढ़त बनाई है. 1.45 बजे- फूलपुर में सपा प्रत्याशी ने 22842 मतों की बढ़त बनाई. यह काफी बड़ा अंतर है. 1.15 बजे - सपा ने बनाई अच्छी लीड. अभी तक की जानकारी के अनुसार 20 से ज्यादा मतों की बढ़त बनी. 1.00 बजे - 14वें राउंड के बाद सपा आगे निकली. 12.50 बजे - यूपी की फूलपुर लोकसभा सीट पर सपा 20495 वोटों से आगे निकली.  12.35 बजे - फूलपुर सीट पर अतीक अहमद को 15 हजार के करीब वोट मिले है.  12.27 बजे - फूलपुर सीट पर सपा प्रत्याशी ने बीजेपी प्रत्याशी 14299 वोटों की बढ़त बना ली है. 12.05 बजे - 2014 में बीजेपी के बड़ी जीत के बाद सीएम की सीट पर ऐसे रुझानों से बीजेपी की चिंता बढ़ी. 12.00 बजे - सपा ने कड़ी टक्कर के  बाद बढ़त बना ली है. बीजेपी के प्रत्याशी कौशलेंद्र पीछे हो गए हैं.  11.50 बजे - यूपी की फूलपुर सीट पर सपा प्रत्याशी नागेंद्र प्रताप सिंह पटेल ने बीजेपी के प्रत्याशी कौशलेंद्र सिंह पटेल को अभी पछाड़ दिया है. 11.45 बजे - आठवें राउंड के बाद सपा आगे. करीब 9000 वोटों से सपा प्रत्याशी आगे है. 11.15 बजे - यूपी में सीएम की सीट गोरखपुर पर बीजेपी को कड़ी टक्कर मिल रही है. कुछ ही वोटों से बीजेपी आगे हैं. 11.00 बजे - नए आंकड़ों के मुताबिक फूलपुर सीट पर सपा प्रत्याशी नागेंद्र प्रताप सिंह पटेल आगे चल रहे हैं. वह बीजेपी के कौशलेंद्र सिंह पटेल से आगे हैं. 10.15 बजे - आरजेडी के कुमार कृष्ण मोहन यादव ने जेडीयू के अभिराम शर्मा को पछाड़ दिया है.   10.00 बजे - अभी तक की जानकारी के मुताबिक मुकाबला करीबी चल रहा है. कभी सपा प्रत्याशी तो कभी बीजेपी प्रत्याशी आगे हो रहे हैं. 9.30 बजे - सपा प्रत्याशी नागेंद्र प्रताप सिंह पटेल आगे हो गए हैं. 9.00 बजे - बीजेपी प्रत्याशी कोशलेंद्र सिंह पटेल आगे चल रहे हैं. 8.30 बजे- शुरुआती रुझानों में यहां से बीजेपी उम्मीदवार आगे चल रहे हैं. 8.00 बजे से मतों गिनती शुरू हो गई है. सुबह से ही मतगणना कर्मियों स्थल पर पहुंच गए हैं.
सारांश: फूलपुर सीट पर बीजेपी के केशव प्रसाद मौर्या जीते थे जीत के बाद डिप्टी सीएम बनाए गए मौर्या तब बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष थे.
20
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारत और ऑस्‍ट्रेलिया (India vs Australia) के बीच चार टेस्‍ट मैच की सीरीज का तीसरा मैच 26 दिसंबर से मेलबर्न (Melbourne) में खेला जाएगा. बॉक्सिंग डे (Boxing Day Test) के अवसर पर खेले जाने वाले इस टेस्‍ट में टीम इंडिया के कप्‍तान विराट कोहली (Virat Kohli) के पास मास्‍टर ब्‍लास्‍टर सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) के इस महत्‍वपूर्ण रिकॉर्ड की बराबरी करने का मौका है. किंग कोहली इस कैलेंडर ईयर में अब तक 11 शतक लगा चुके हैं. पर्थ में हुए सीरीज के दूसरे टेस्‍ट में उन्‍होंने शतकीय पारी खेली थी. विराट यदि मेलबर्न टेस्‍ट में भी शतक बनाने में सफल रहे तो क्रिकेट के सभी फॉर्मेट में एक कैलेंडर ईयर में 12 शतक बनाने के सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड को बराबर कर लेंगे. विराट ने तेंदुलकर को इस मामले में पछाड़ा, वॉन ने कहा- इससे बेहतर बल्लेबाज नहीं देखा सचिन ने वर्ष 1998 में एक कैलेंडर ईयर में 12 शतक लगाने का कारनामा किया था. उन्‍होंने इस वर्ष इंटरनेशनल क्रिकेट के सभी फॉर्मेटों में मिलाकर 39 मैच की 42 पारियों (पांच बार नाबाद) में 2541 रन (औसत 68.67) बनाए थे जिसमें 12 शतक और आठ अर्धशतक थे. विराट की बात करें तो कैलेंडर ईयर 2018 में उन्‍होंने अब तक 36 मैचों की 45 पारियों में सात बार नाबाद रहते हुए 2653 रन बनाए हैं, इस दौरान नाबाद 160 रन उनका सर्वोच्‍च स्‍कोर (औसत 69.81) रहा है. कोहली इस वर्ष क्रिकेट के सभी फॉर्मेट में मिलाकर 11 शतक और आठ अर्धशतक बना चुके हैं. बॉक्सिंग डे टेस्‍ट में विराट कोहली के पास एक और रिकॉर्ड की बराबरी का मौका है. ऑस्‍ट्रेलिया के पूर्व कप्‍तान रिकी पोंटिंग (Ricky Ponting) ने कैलेंडर ईयर 2005 में 2833 रन बनाए थे. विराट यदि मेलबर्न टेस्‍ट में 181 रन बनाने में कामयाब हुए तो पोंटिंग के इस रिकॉर्ड को तोड़ सकते हैं. ऑस्‍ट्रेलिया के पूर्व कप्‍तान स्‍टीव वॉ ने विराट कोहली की इन दो महान क्रिकेटरों से की तुलना... वैसे, एक कैलेंडर ईयर में सर्वाधिक रन बनाने का रिकॉर्ड (सभी फॉर्मेट में) श्रीलंका के कुमार संगकारा के नाम पर है. संगकारा ने वर्ष 2014 में 2868 रन बनाए थे जिसमें आठ शतक और 18 अर्धशतक शामिल थे. वर्ष 2005 में बनाए गए 2833 रन के साथ रिकी पोंटिंग इस सूची में दूसरे स्‍थान पर हैं. गौरतलब है कि विराट कोहली इससे पहले वर्ष 2017 में भी 46 मैचों में 2818 रन बना चुके हैं. उस समय वे 51 रन के अंतर से संगकारा और 16 रन के अंतर से रिकी पोंटिंग के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ने से चूक गए थे. सौरव गांगुली बोले, 'वनडे क्रिकेट में सचिन तेंदुलकर के स्‍तर के हैं विराट कोहली'
यह एक सारांश है: एक कैलेंडर ईयर में 12 शतक लगा चुके हैं सचिन उन्‍होंने वर्ष 1998 में किया था यह कारनामा मेलबर्न में शतक बनाया तो सचिन की बराबरी कर लेंगे विराट
16
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: ढाका के एक कैफे के अंदर लोगों को बंधक बनाने वाले बंदूकधारियों ने उनके धर्म का पता लगाने के लिए उनसे कुरान की आयतें पढ़ने को कहा और ऐसा नहीं कर सकने वालों को प्रताड़ित किया। एक प्रत्यक्षदर्शी के परिवार ने यह बताया है। हसनत करीम की पत्नी शरमीन करीम और बेटी सफा (13) और रयान (8) गुलशन राजनयिक क्षेत्र के होली आर्टिसन बेकरी में उस वक्त सफा का जन्म दिन मना रहे थे, जब बंदूकधारी कैफे में घुसे।टिप्पणियां करीम ने बताया कि बंदूकधारियों ने बांग्लादेशी नागरिकों से क्रूर व्यवहार नहीं किया। इसके बजाय उन्होंने सभी बांग्लादेशियों को रात का भोजन दिया। वे हर किसी से कुरान की आयतें पढ़ाकर उनकी धार्मिक पृष्ठभूमि की जांच कर रहे थे। जिन्होंने एक दो आयतें सुना दी, उन्हें बख्श दिया। अन्य को प्रताड़ित किया गया। आतंकवादियों ने 20 बंधकों की हत्या कर दी। मारे गए लोगों का गला रेता गया है। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) हसनत करीम की पत्नी शरमीन करीम और बेटी सफा (13) और रयान (8) गुलशन राजनयिक क्षेत्र के होली आर्टिसन बेकरी में उस वक्त सफा का जन्म दिन मना रहे थे, जब बंदूकधारी कैफे में घुसे।टिप्पणियां करीम ने बताया कि बंदूकधारियों ने बांग्लादेशी नागरिकों से क्रूर व्यवहार नहीं किया। इसके बजाय उन्होंने सभी बांग्लादेशियों को रात का भोजन दिया। वे हर किसी से कुरान की आयतें पढ़ाकर उनकी धार्मिक पृष्ठभूमि की जांच कर रहे थे। जिन्होंने एक दो आयतें सुना दी, उन्हें बख्श दिया। अन्य को प्रताड़ित किया गया। आतंकवादियों ने 20 बंधकों की हत्या कर दी। मारे गए लोगों का गला रेता गया है। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) करीम ने बताया कि बंदूकधारियों ने बांग्लादेशी नागरिकों से क्रूर व्यवहार नहीं किया। इसके बजाय उन्होंने सभी बांग्लादेशियों को रात का भोजन दिया। वे हर किसी से कुरान की आयतें पढ़ाकर उनकी धार्मिक पृष्ठभूमि की जांच कर रहे थे। जिन्होंने एक दो आयतें सुना दी, उन्हें बख्श दिया। अन्य को प्रताड़ित किया गया। आतंकवादियों ने 20 बंधकों की हत्या कर दी। मारे गए लोगों का गला रेता गया है। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह एक सारांश है: आतंकियों ने 20 बंधकों की हत्या की हमलावरों ने बांग्लादेशी नागरिकों से क्रूर व्यवहार नहीं किया मारे गए लोगों का गला रेता गया
2
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिका ने अपने विवादास्पद इंटरनेट और टेलीफोन जासूसी कार्यक्रम का बचाव करते हुए कहा है कि राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (एनएसए) ने दुनियाभर के संचार के बहुत कम प्रतिशत की ही छानबीन की और उसने विदेशी आतंकवादी खतरों पर अपना ध्यान केंद्रित रखा। व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव जे कार्नी ने कहा, ‘‘अपने मिशन को अंजाम देने के लिए एनएसए ने वही सूचनाएं एकत्र की जिसके लिए वह स्पष्ट रूप से अधिकृत था।’’ कार्नी ने कहा कि दुनिया में हुए संचार के बहुत कम प्रतिशत का एनएसए के विशेषज्ञों ने छानबीन की और यदि अमेरिकी नागरिकों के संचार संग्रहित हुए भी तो एजेंसी ने अमेरिकी अटार्नी जनरल से मंजूरी प्राप्त प्रक्रिया का पालन किया, जो अमेरिकी नागरिकों की निजता के संरक्षण के लिए बनाया गया था।टिप्पणियां कार्नी ने कहा कि एक अमेरिकी नागरिक द्वारा विदेश भेजे गए ई-मेल को नहीं पढ़ा गया। उन्होंने कहा कि इसे नहीं पढ़ा गया। वैसी सूचनाएं जिन्हें निशाना बनाया गया वे आतंकवादी खतरों या संभावित आतंकवादी खतरों से जुड़ी हैं, जो विदेशी सरजमीं से विदेशी नागरिकों से मिलते हैं। उन्होंने कहा कि एनएसए कार्यक्रम पूरी तरह से विदेशी आतंकवादी खतरों को लक्षित है और जिन सूचनाओं की छानबीन की गई वे केवल उन्हीं से जुड़ी हुई हैं। व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव जे कार्नी ने कहा, ‘‘अपने मिशन को अंजाम देने के लिए एनएसए ने वही सूचनाएं एकत्र की जिसके लिए वह स्पष्ट रूप से अधिकृत था।’’ कार्नी ने कहा कि दुनिया में हुए संचार के बहुत कम प्रतिशत का एनएसए के विशेषज्ञों ने छानबीन की और यदि अमेरिकी नागरिकों के संचार संग्रहित हुए भी तो एजेंसी ने अमेरिकी अटार्नी जनरल से मंजूरी प्राप्त प्रक्रिया का पालन किया, जो अमेरिकी नागरिकों की निजता के संरक्षण के लिए बनाया गया था।टिप्पणियां कार्नी ने कहा कि एक अमेरिकी नागरिक द्वारा विदेश भेजे गए ई-मेल को नहीं पढ़ा गया। उन्होंने कहा कि इसे नहीं पढ़ा गया। वैसी सूचनाएं जिन्हें निशाना बनाया गया वे आतंकवादी खतरों या संभावित आतंकवादी खतरों से जुड़ी हैं, जो विदेशी सरजमीं से विदेशी नागरिकों से मिलते हैं। उन्होंने कहा कि एनएसए कार्यक्रम पूरी तरह से विदेशी आतंकवादी खतरों को लक्षित है और जिन सूचनाओं की छानबीन की गई वे केवल उन्हीं से जुड़ी हुई हैं। कार्नी ने कहा कि दुनिया में हुए संचार के बहुत कम प्रतिशत का एनएसए के विशेषज्ञों ने छानबीन की और यदि अमेरिकी नागरिकों के संचार संग्रहित हुए भी तो एजेंसी ने अमेरिकी अटार्नी जनरल से मंजूरी प्राप्त प्रक्रिया का पालन किया, जो अमेरिकी नागरिकों की निजता के संरक्षण के लिए बनाया गया था।टिप्पणियां कार्नी ने कहा कि एक अमेरिकी नागरिक द्वारा विदेश भेजे गए ई-मेल को नहीं पढ़ा गया। उन्होंने कहा कि इसे नहीं पढ़ा गया। वैसी सूचनाएं जिन्हें निशाना बनाया गया वे आतंकवादी खतरों या संभावित आतंकवादी खतरों से जुड़ी हैं, जो विदेशी सरजमीं से विदेशी नागरिकों से मिलते हैं। उन्होंने कहा कि एनएसए कार्यक्रम पूरी तरह से विदेशी आतंकवादी खतरों को लक्षित है और जिन सूचनाओं की छानबीन की गई वे केवल उन्हीं से जुड़ी हुई हैं। कार्नी ने कहा कि एक अमेरिकी नागरिक द्वारा विदेश भेजे गए ई-मेल को नहीं पढ़ा गया। उन्होंने कहा कि इसे नहीं पढ़ा गया। वैसी सूचनाएं जिन्हें निशाना बनाया गया वे आतंकवादी खतरों या संभावित आतंकवादी खतरों से जुड़ी हैं, जो विदेशी सरजमीं से विदेशी नागरिकों से मिलते हैं। उन्होंने कहा कि एनएसए कार्यक्रम पूरी तरह से विदेशी आतंकवादी खतरों को लक्षित है और जिन सूचनाओं की छानबीन की गई वे केवल उन्हीं से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने कहा कि एनएसए कार्यक्रम पूरी तरह से विदेशी आतंकवादी खतरों को लक्षित है और जिन सूचनाओं की छानबीन की गई वे केवल उन्हीं से जुड़ी हुई हैं।
अमेरिका ने अपने विवादास्पद इंटरनेट और टेलीफोन जासूसी कार्यक्रम का बचाव करते हुए कहा है कि राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (एनएसए) ने दुनियाभर के संचार के बहुत कम प्रतिशत की ही छानबीन की और उसने विदेशी आतंकवादी खतरों पर अपना ध्यान केंद्रित रखा।
6
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: कैरेबियाई देश हैती में भारी तबाही मचाने के बाद चक्रवाती तूफ़ान 'मैथ्यू' अमेरिका पहुंच गया है. इसके चलते अमेरिका में 3800 से ज़्यादा उड़ानों को रद्द करना पड़ा है. अमेरिका के फ्लोरिडा प्रांत के पॉम बीच और केप केनवेरेल के बीच विनाशकारी तूफ़ान के टकराने की आशंका से एहतियात बरतते हुए तटीय इलाके पहले ही खाली करा लिए गए थे. तूफ़ान के कारण फ्लोरिडा में 195 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं और भारी बारिश हो रही है. अमेरिका के जॉर्जिया और साउथ कैरोलिना प्रांत में भी तूफ़ानी हवाएं चल रही हैं. इसकी वजह से फोर्ट लाइड र्डेल हॉलीवुड एयरपोर्ट को 2005 के बाद पहली बार बंद किया गया है. फ्लोरिडा से पहले 'मैथ्यू' तूफ़ान ने सबसे ज़्यादा नुकसान हैती के ग्रामीण इलाकों में पहुंचाया. तूफ़ान की वजह से हैती में 900 से ज़्यादा लोगों ने अपनी जान गंवाई है. तूफान की वजह से फ्लोरिडा के तटीय इलाकों को भारी बारिश और तेज हवाओं ने बेहाल कर दिया. इसकी वजह से करीब 3 लाख से ज्यादा घरों और व्यवसायों को बिजली नहीं मिली. तूफान से अटलांटिक तट पर एक दशक में सबसे ज्यादा शक्तिशाली खतरे की आशंका है.टिप्पणियां राष्ट्रीय मौसम सेवा के अनुसार, तूफान आईवाल के पश्चिमी किनारे से करीब 170 मील दूर जैकसोनविली के दक्षिणी-दक्षिणपूर्व में था. इसके उत्तर-पश्चिम में शुक्रवार को आगे बढ़ने और शुक्रवार की रात उत्तर में जाने की उम्मीद है. यह तट के समानांतर चल रहा है. राष्ट्रीय मौसम सेवा की भविष्यवाणी के अनुसार, भारी खतरनाक इस तूफान से तटीय इलाकों में करीब 8 से 12 इंच बारिश होने संभावना है. तूफान से हैती में बुरी तरह से बुनियादी ढांचा क्षतिग्रस्त हो गया है और हजारों की संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं. संयुक्त राष्ट्र के उप महासचिव और हैती के प्रमुख प्रतिनिधि मोराड वहबा ने इसे साल 2010 के भूकंप के बाद सबसे बड़ी आपदा बताया. फ्लोरिडा से पहले 'मैथ्यू' तूफ़ान ने सबसे ज़्यादा नुकसान हैती के ग्रामीण इलाकों में पहुंचाया. तूफ़ान की वजह से हैती में 900 से ज़्यादा लोगों ने अपनी जान गंवाई है. तूफान की वजह से फ्लोरिडा के तटीय इलाकों को भारी बारिश और तेज हवाओं ने बेहाल कर दिया. इसकी वजह से करीब 3 लाख से ज्यादा घरों और व्यवसायों को बिजली नहीं मिली. तूफान से अटलांटिक तट पर एक दशक में सबसे ज्यादा शक्तिशाली खतरे की आशंका है.टिप्पणियां राष्ट्रीय मौसम सेवा के अनुसार, तूफान आईवाल के पश्चिमी किनारे से करीब 170 मील दूर जैकसोनविली के दक्षिणी-दक्षिणपूर्व में था. इसके उत्तर-पश्चिम में शुक्रवार को आगे बढ़ने और शुक्रवार की रात उत्तर में जाने की उम्मीद है. यह तट के समानांतर चल रहा है. राष्ट्रीय मौसम सेवा की भविष्यवाणी के अनुसार, भारी खतरनाक इस तूफान से तटीय इलाकों में करीब 8 से 12 इंच बारिश होने संभावना है. तूफान से हैती में बुरी तरह से बुनियादी ढांचा क्षतिग्रस्त हो गया है और हजारों की संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं. संयुक्त राष्ट्र के उप महासचिव और हैती के प्रमुख प्रतिनिधि मोराड वहबा ने इसे साल 2010 के भूकंप के बाद सबसे बड़ी आपदा बताया. राष्ट्रीय मौसम सेवा के अनुसार, तूफान आईवाल के पश्चिमी किनारे से करीब 170 मील दूर जैकसोनविली के दक्षिणी-दक्षिणपूर्व में था. इसके उत्तर-पश्चिम में शुक्रवार को आगे बढ़ने और शुक्रवार की रात उत्तर में जाने की उम्मीद है. यह तट के समानांतर चल रहा है. राष्ट्रीय मौसम सेवा की भविष्यवाणी के अनुसार, भारी खतरनाक इस तूफान से तटीय इलाकों में करीब 8 से 12 इंच बारिश होने संभावना है. तूफान से हैती में बुरी तरह से बुनियादी ढांचा क्षतिग्रस्त हो गया है और हजारों की संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं. संयुक्त राष्ट्र के उप महासचिव और हैती के प्रमुख प्रतिनिधि मोराड वहबा ने इसे साल 2010 के भूकंप के बाद सबसे बड़ी आपदा बताया. तूफान से हैती में बुरी तरह से बुनियादी ढांचा क्षतिग्रस्त हो गया है और हजारों की संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं. संयुक्त राष्ट्र के उप महासचिव और हैती के प्रमुख प्रतिनिधि मोराड वहबा ने इसे साल 2010 के भूकंप के बाद सबसे बड़ी आपदा बताया.
यहाँ एक सारांश है:हैती में तबाही मचाने के बाद अमेरिका पहुंचा मैथ्यू तूफान. तूफान की वजह से हैती में 800 से ज्यादा लोगों की मौत. अमेरिका में 2010 के भूकंप के बाद सबसे बड़ी आपदा.
4
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: माना जाता है कि गिफ्ट सरकारी कर्माचारियों को घूस देने का अच्छा साधन होता है. इसी को देखते हुए योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) सरकार ने यह आदेश दिया है. इस आदेश पर क्लास 3 लेवल के सरकारी कर्मचारियों का रिएक्शन भी आया है. उन्होंने कहा है कि यह आदेश सही नहीं है. उन्होंने आगे कहा, "आईएएस ऑफिसर का गिफ्ट उनके घरों तक पहुंचता है, जबकि हमें गिफ्ट में मिठाई मिलती है. मुख्यमंत्री अगर इस दिशा में कदम उठा रहे हैं तो उन्हें अफसरों के घर पहुंचने वाले गिफ्टों की भी जांच करनी चाहिए, जहां उनके लिए महंगे गिफ्ट पहुंचते हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसके अलावा सरकारी इमारतों में आग्नेयास्त्रों  की भी एंट्री को बैन कर दिया है. कई विधायक और ठेकेदार अपने व्यक्तिगत सुरक्षाकर्मियों के साथ सरकारी इमारतों में अक्सर देखे जाते हैं. इन सुरक्षाकर्मियों को राइफल और पिस्तौल के साथ देखा जाता है जो एक डराने वाला दृश्य हो सकता है. आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि सुरक्षाकर्मियों को अब गेट पर अपने आग्नेयास्त्रों को जमा करने के लिए कहा जाएगा. मुख्यमंत्री ने सरकारी कार्यालयों में 'गुटखा' और 'पान' चबाने पर भी प्रतिबंध लगा दिया है. जो लोग इसे चबाते हुए पाए जाएंगे उन्हें 500 रुपये का जुर्माना देना होगा. बता दें कि इससे पहले बैठकों में अधिकारियों के मोबाइल फोन पर भी बैन लगाया गया था और सरकारी  कर्मचारियों को 9 बजे कार्यालय पहुंचने को कहा गया था.
सारांश: योगी आदित्यनाथ का नया फरमान यूपी सरकार के कर्मचारी बिना परमिशन के गिफ्ट नहीं ले सकते ऑफिस में गुटखा खाने पर भी बैन
33
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: कर्नाटक में भाजपा के स्तंभ बीएस येदियुरप्पा ने 10 दिसंबर से पहले किसी भी समय पार्टी छोड़ने का ऐलान करते हुए कहा कि नई पार्टी शुरू करने की प्रक्रिया बुधवार से शुरू होगी। येदियुरप्पा ने अपने कार्यालय में आयुध पूजा करने के बाद कहा, ‘‘मैं भाजपा से सुलह नहीं करूंगा। मैं येदियुरप्पा हूं। मैं जो कहता हूं, वही करता हूं और मैं बरसों से ऐसा कर रहा हूं। मैं 10 दिसंबर से पहले कभी भी राज्य विधानसभा और भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दूंगा।’’ येदियुरप्पा ने पिछले वर्ष कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। उसके बाद से भाजपा नेतृत्व उन्हें किनारे किए हुए है। उन्होंने बताया कि वह हवेरी में एक जनसभा में अपनी पार्टी की घोषणा करेंगे। इस बारे में विस्तार से कुछ कहे बिना येदियुरप्पा ने कहा, ‘‘नई पार्टी बनाने की प्रक्रिया कल से शुरू होगी।’’ येदियुरप्पा ने कहा कि कर्नाटक विधानसभा से इस्तीफा देने के बावजूद वह भाजपा सरकार नहीं गिराएंगे। टिप्पणियां भाजपा की राज्य शाखा के महासचिव प्रह्लाद जोशी की इस टिप्पणी पर कि पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी, येदियुरप्पा को पार्टी न छोड़ने के लिए मनाने की कोशिश कर रहे हैं, येदियुरप्पा ने कहा कि यह बात सच्चाई से परे है और इस संबंध में किसी नेता की तरफ से कोई प्रयास नहीं किया गया। येदियुरप्पा ने कहा कि उनकी प्रस्तावित पार्टी ‘धर्मनिरपेक्ष विचारधारा’ का पालन करेगी। येदियुरप्पा ने अपने कार्यालय में आयुध पूजा करने के बाद कहा, ‘‘मैं भाजपा से सुलह नहीं करूंगा। मैं येदियुरप्पा हूं। मैं जो कहता हूं, वही करता हूं और मैं बरसों से ऐसा कर रहा हूं। मैं 10 दिसंबर से पहले कभी भी राज्य विधानसभा और भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दूंगा।’’ येदियुरप्पा ने पिछले वर्ष कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। उसके बाद से भाजपा नेतृत्व उन्हें किनारे किए हुए है। उन्होंने बताया कि वह हवेरी में एक जनसभा में अपनी पार्टी की घोषणा करेंगे। इस बारे में विस्तार से कुछ कहे बिना येदियुरप्पा ने कहा, ‘‘नई पार्टी बनाने की प्रक्रिया कल से शुरू होगी।’’ येदियुरप्पा ने कहा कि कर्नाटक विधानसभा से इस्तीफा देने के बावजूद वह भाजपा सरकार नहीं गिराएंगे। टिप्पणियां भाजपा की राज्य शाखा के महासचिव प्रह्लाद जोशी की इस टिप्पणी पर कि पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी, येदियुरप्पा को पार्टी न छोड़ने के लिए मनाने की कोशिश कर रहे हैं, येदियुरप्पा ने कहा कि यह बात सच्चाई से परे है और इस संबंध में किसी नेता की तरफ से कोई प्रयास नहीं किया गया। येदियुरप्पा ने कहा कि उनकी प्रस्तावित पार्टी ‘धर्मनिरपेक्ष विचारधारा’ का पालन करेगी। इस बारे में विस्तार से कुछ कहे बिना येदियुरप्पा ने कहा, ‘‘नई पार्टी बनाने की प्रक्रिया कल से शुरू होगी।’’ येदियुरप्पा ने कहा कि कर्नाटक विधानसभा से इस्तीफा देने के बावजूद वह भाजपा सरकार नहीं गिराएंगे। टिप्पणियां भाजपा की राज्य शाखा के महासचिव प्रह्लाद जोशी की इस टिप्पणी पर कि पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी, येदियुरप्पा को पार्टी न छोड़ने के लिए मनाने की कोशिश कर रहे हैं, येदियुरप्पा ने कहा कि यह बात सच्चाई से परे है और इस संबंध में किसी नेता की तरफ से कोई प्रयास नहीं किया गया। येदियुरप्पा ने कहा कि उनकी प्रस्तावित पार्टी ‘धर्मनिरपेक्ष विचारधारा’ का पालन करेगी। भाजपा की राज्य शाखा के महासचिव प्रह्लाद जोशी की इस टिप्पणी पर कि पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी, येदियुरप्पा को पार्टी न छोड़ने के लिए मनाने की कोशिश कर रहे हैं, येदियुरप्पा ने कहा कि यह बात सच्चाई से परे है और इस संबंध में किसी नेता की तरफ से कोई प्रयास नहीं किया गया। येदियुरप्पा ने कहा कि उनकी प्रस्तावित पार्टी ‘धर्मनिरपेक्ष विचारधारा’ का पालन करेगी। येदियुरप्पा ने कहा कि उनकी प्रस्तावित पार्टी ‘धर्मनिरपेक्ष विचारधारा’ का पालन करेगी।
यहाँ एक सारांश है:कर्नाटक में भाजपा के स्तंभ बीएस येदियुरप्पा ने 10 दिसंबर से पहले किसी भी समय पार्टी छोड़ने का ऐलान करते हुए कहा कि नई पार्टी शुरू करने की प्रक्रिया बुधवार से शुरू होगी।
18
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: पाकिस्तान ने कहा कि उसने अफगानिस्तान में पाकिस्तान विरोधी गतिविधियों में लगे सभी लोगों को पाकिस्तान को सौंपने के लिए कहा था।टिप्पणियां इन लोगों में इस सप्ताह ही अफगान सेना द्वारा पकड़ा गया शीर्ष तालिबानी कमांडर मौलवी फकीर मोहम्मद का नाम भी शामिल था। विदेश विभाग के प्रवक्ता मुअज्ज़म खान ने बताया कि दूरभाष पर अफगानी विदेशमंत्री जलमाई रसूल ने पाकिस्तानी विदेशमंत्री हिना रब्बानी खार को इस संबंध में जानकारी दी थी। इन लोगों में इस सप्ताह ही अफगान सेना द्वारा पकड़ा गया शीर्ष तालिबानी कमांडर मौलवी फकीर मोहम्मद का नाम भी शामिल था। विदेश विभाग के प्रवक्ता मुअज्ज़म खान ने बताया कि दूरभाष पर अफगानी विदेशमंत्री जलमाई रसूल ने पाकिस्तानी विदेशमंत्री हिना रब्बानी खार को इस संबंध में जानकारी दी थी। विदेश विभाग के प्रवक्ता मुअज्ज़म खान ने बताया कि दूरभाष पर अफगानी विदेशमंत्री जलमाई रसूल ने पाकिस्तानी विदेशमंत्री हिना रब्बानी खार को इस संबंध में जानकारी दी थी।
यह एक सारांश है: पाकिस्तान ने कहा कि उसने अफगानिस्तान में पाकिस्तान विरोधी गतिविधियों में लगे सभी लोगों को पाकिस्तान को सौंपने के लिए कहा था।
24
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा (Taarak Mehta Ka Ooltah Chashmah)' में इन दिनों गोकुलधाम सोसाइटी के वासी जल संकट का सामना कर रहे हैं. जल संकट की वजह से गोकुलधाम सोसाइटी में इन दिनों हड़कंप मचा हुआ है और नौबत सोसाइटी के वासियों की अपना घर छोड़ने तक की आ गई है. वैसे भी 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा (Taarak Mehta Ka Ooltah Chashmah)' में जब भी कोई संकट आता है तो सभी गोकुलधाम वासी मिलकर इसका सामना करते हैं लेकिन इस बार पानी को लेकर पैदा हुआ संकट इतना गहरा गया है कि सभी लोगों ने अपना घर ही छोड़ने का फैसला ले लिया है.  'तारक मेहता का उल्टा चश्मा (Taarak Mehta Ka Ooltah Chashmah)' के आने वाले एपिसोड्स में जल संकट को लेकर पैदा हुई परेशानी देखने को मिलेगी. पानी अभी तक गोकुलधाम सोसाइटी में नही आया है. सभी तंग हो गए हैं और अंत में सब मिल कर निर्णय लेते हैं कि जब तक पानी नहीं आता तब तक सभी अपने अपने दोस्तों, रिश्तेदारों या होटल में रहने के लिए जाएंगे. जेठालाल का परिवार उसके पिताजी के एक मित्र के यहां जाने का फैसला करता है, वहीं  बबीता और अय्यर होटल का प्लान बनाते हैं.  'तारक मेहता का उल्टा चश्मा (Taarak Mehta Ka Ooltah Chashmah)' के सभी गोकुलधाम वासी इस तरह सोसाइटी छोड़ने का फैसला लेते हैं. लेकिन तभी भगवान इंद्र की कृपा होती है और बारिश होने लगती है. बारिश भी उस समय होती है जब सब अपना सामान पैक करके घर छोड़ने लगते हैं. बारिश यानी मस्ती का टाइम, सभी गोकुलधाम वासी बारिश में नाचने लगते हैं. लेकिन परेशानी तो अब भी खत्म नहीं हुई है. क्या होगा अब? बारिश का मतलब ये तो नहीं है कि पाइपलाइन में पानी आ जाएगा?  कब आएंगे गोकुलधाम के निवासी वापिस? क्या पाइपलाइन इस बारिश में ठीक हो पाएगी?
तारक मेहता में मचा हड़कंप गोकुलधाम सोसाइटी छोड़ने को तैयार सभी लोग अब क्या होगा सोसाइटी का
28
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के पांचवें संस्करण के अंतर्गत सोमवार को फिरोजशाह कोटला स्टेडियम में एक आसान मुकाबले में कोलकाता नाइटराइडर्स टीम ने दिल्ली डेयरडेविल्स को छह विकेट से पराजित कर अंक तालिका से शीर्ष स्थान हासिल कर लिया। यह मुकाबला एक दूसरे के विजय रथ को रोक कर शीर्ष स्थान पर कब्जा जमाने के लिए था, जिसमें बाजी नाइटराइडर्स के धुरंधरों के हाथ लगी। यह नाइटराइडर्स की लगातार छठी जीत है जबकि डेयरडेविल्स लगातार पांचवीं जीत हासिल करने से चूक गई। दिल्ली डेयरडेविल्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए नाइटराइडर्स के समक्ष जीत के लिए 154 रनों का लक्ष्य रखा था, जिसे उसके बल्लेबाजों ने आठ गेंदें शेष रहते चार विकेट के नुकसान पर हासिल कर लिया। नाइटराइडर्स की ओर से ब्रेंडन मैक्लम ने सबसे अधिक 56 रन बनाए जबकि कप्तान गौतम गम्भीर ने 36 और हरफनमौला जैक्स कैलिस ने 30 रनों का योगदान दिया। कैलिस ने गेंदबाजी में भी अपना जलवा दिखाया और डेयरडेविल्स के दोनों सलामी बल्लेबाजों को पवेलियन की राह दिखाई। कैलिस को उनके इस शानदार प्रदर्शन के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया। गम्भीर ने ब्रेंडन मैक्लम के साथ पारी की शुरुआत की थी। दोनों ने पहले विकेट के लिए सम्भलकर खेलते हुए 68 रन जोड़े। इसी योग पर गम्भीर 36 रन बनाकर आउट हो गए। गम्भीर ने 21 गेंदों का सामना करते हुए चार चौके और एक छक्के  लगाए। गम्भीर के आउट होने के बाद बल्लेबाजी करने आए कैलिस ने सम्भलकर बल्लेबाजी की और मैक्लम का अच्छा साथ निभाया। मैक्लम के साथ उन्होंने दूसरे विकेट के लिए 60 रन जोड़े और टीम की जीत आसान कर दी। कैलिस 128 के कुल योग पर आउट हुए। इसके बाद नाइटराइडर्स की जीत महज औपचारिकता रह गई थी। हालांकि अगली ही गेंद पर मैक्लम भी आउट हो गए। ये दोनों विकेट उमेश यादव ने लिए लेकिन डेयरडेविल्स के लिए दिल्ली तब तक दूर जा चुकी थी। कैलिस ने 27 गेंदों पर तीन चौकों की मदद से 30 रन बनाए जबकि मैक्लम ने 44 गेंदों का सामना किया और सात चौके लगाए। आईपीएल के इस सत्र में मैक्लम का यह पहला अर्द्धशतक है। डेयरडेविल्स की ओर से उमेश यादव ने सबसे अधिक दो विकेट हासिल किए जबकि मोर्ने मोर्कल और वरूण एरॉन के खाते में एक-एक विकेट गया। इससे पहले टॉस जीतकर बल्लेबाजी करते हुए डेयरडेविल्स टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में नौ विकेट गंवाकर 153 रन बनाए थे। डेयरडेविल्स की ओर से इरफान पठान ने सबसे अधिक 36 रन बनाए जबकि माहेला जयवर्धने ने 30, कप्तान वीरेंद्र सहवाग ने 23 और डेविड वार्नर ने 21 रनों का योगदान दिया। रॉस टेलर ने 16 रन बनाए। सहवाग के साथ वार्नर ने डेयरडेविल्स के लिए पारी की शुरुआत की। दोनों ने तेज शुरुआत की और सिर्फ 3.3 ओवरों में ही 40 रन बना डाले। सहवाग अपने रंग में दिख रहे थे लेकिन इसी स्कोर पर वह जैक्स कैलिस की एक गेंद पर चकमा खा गए और विकेट के सामने पकड़े गए। अम्पायर ने उन्हें पगबाधा करार दिया। सहवाग ने नौ गेंदों पर 23 रन बनाए। उन्होंने इस दौरान तीन चौके और एक छक्का लगाया। छठे ओवर में वार्नर भी चलते बने। उन्हें भी कैलिस ने ही चलता किया। उनका कैच विकेटकीपर ब्रेंडन मैक्लम ने लपका। वार्नर ने 19 गेंदों पर 21 रन बनाए। वार्नर ने एक चौका और एक छक्का लगाया। इसके बाद टेलर के साथ मिलकर जयवर्धने ने पारी को आगे बढ़ाया और तीसरे विकेट के लिए 46 रनों की साझेदारी की। कप्तान गौतम गम्भीर ने जयवर्धने को शानदार क्षेत्ररक्षण के दम पर रन आउट कर इस साझेदारी को तोड़ी। जयवर्धने ने 27 गेंदों पर तीन चौके और एक छक्के की मदद से 30 रन बनाए। जयवर्धने के आउट होने के 10 गेंद के भीतर ठीक 100 के कुल योग पर टेलर भी चलते बने। जोरदार शॉट लगाने के प्रयास में वह वह प्रदीप सांगवान की गेंद पर रजत भाटिया द्वारा लपके गए। टेलर ने 27 गेंदों का सामना किया और 16 रन बनाए। वह न तो कोई चौका और न ही कोई छक्का लगा सके। टेलर के बाद योगेश नागर और नमन ओझा सस्ते में आउट होकर पवेलियन लौटे लेकिन दूसरी छोर पर मौजूद पठान ने शानदार हाथ दिखाए। पठान ने 22 गेंदों पर 36 रन बनाए। उन्होंने इस दौरान चार चौके और एक छक्का लगाया। नाइटराइडर्स की ओर से कैलिस और सुनील नरीन ने दो-दो विकेट हासिल किए जबकि ब्रेट ली और प्रदीप सांगवान के खाते में एक-एक विकेट गया। डेयरडेविल्स के तीन बल्लेबाज रन आउट होकर पवेलियन लौटे। दोनों टीमें मौजूदा संस्करण में एक बार आमने-सामने हो चुकी हैं। पांच अप्रैल को खेले गए मुकाबले में डेयरडेविल्स ने नाइटराइडर्स को उसी के घर में उसे आठ विकेट से पराजित किया था।टिप्पणियां नाइटराइडर्स ने 12 मैचों में से आठ में जीत दर्ज किए हैं जबकि तीन मैचों में उसे शिकस्त झेलनी पड़ी है वहीं एक मुकाबला बारिश के कारण रद्द हो गया था। 17 अंकों के साथ नाइटराइडर्स तालिका में पहले स्थान पर पहुंच गई है। डेयरडेविल्स ने अब तक 11 मैच खेले हैं जिनमें से उसे आठ में जीत जबकि तीन मैचों में हार मिली है। 16 अंकों के साथ डेयरडेविल्स अंक तालिका में दूसरे स्थान पर खिसक गई है। यह मुकाबला एक दूसरे के विजय रथ को रोक कर शीर्ष स्थान पर कब्जा जमाने के लिए था, जिसमें बाजी नाइटराइडर्स के धुरंधरों के हाथ लगी। यह नाइटराइडर्स की लगातार छठी जीत है जबकि डेयरडेविल्स लगातार पांचवीं जीत हासिल करने से चूक गई। दिल्ली डेयरडेविल्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए नाइटराइडर्स के समक्ष जीत के लिए 154 रनों का लक्ष्य रखा था, जिसे उसके बल्लेबाजों ने आठ गेंदें शेष रहते चार विकेट के नुकसान पर हासिल कर लिया। नाइटराइडर्स की ओर से ब्रेंडन मैक्लम ने सबसे अधिक 56 रन बनाए जबकि कप्तान गौतम गम्भीर ने 36 और हरफनमौला जैक्स कैलिस ने 30 रनों का योगदान दिया। कैलिस ने गेंदबाजी में भी अपना जलवा दिखाया और डेयरडेविल्स के दोनों सलामी बल्लेबाजों को पवेलियन की राह दिखाई। कैलिस को उनके इस शानदार प्रदर्शन के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया। गम्भीर ने ब्रेंडन मैक्लम के साथ पारी की शुरुआत की थी। दोनों ने पहले विकेट के लिए सम्भलकर खेलते हुए 68 रन जोड़े। इसी योग पर गम्भीर 36 रन बनाकर आउट हो गए। गम्भीर ने 21 गेंदों का सामना करते हुए चार चौके और एक छक्के  लगाए। गम्भीर के आउट होने के बाद बल्लेबाजी करने आए कैलिस ने सम्भलकर बल्लेबाजी की और मैक्लम का अच्छा साथ निभाया। मैक्लम के साथ उन्होंने दूसरे विकेट के लिए 60 रन जोड़े और टीम की जीत आसान कर दी। कैलिस 128 के कुल योग पर आउट हुए। इसके बाद नाइटराइडर्स की जीत महज औपचारिकता रह गई थी। हालांकि अगली ही गेंद पर मैक्लम भी आउट हो गए। ये दोनों विकेट उमेश यादव ने लिए लेकिन डेयरडेविल्स के लिए दिल्ली तब तक दूर जा चुकी थी। कैलिस ने 27 गेंदों पर तीन चौकों की मदद से 30 रन बनाए जबकि मैक्लम ने 44 गेंदों का सामना किया और सात चौके लगाए। आईपीएल के इस सत्र में मैक्लम का यह पहला अर्द्धशतक है। डेयरडेविल्स की ओर से उमेश यादव ने सबसे अधिक दो विकेट हासिल किए जबकि मोर्ने मोर्कल और वरूण एरॉन के खाते में एक-एक विकेट गया। इससे पहले टॉस जीतकर बल्लेबाजी करते हुए डेयरडेविल्स टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में नौ विकेट गंवाकर 153 रन बनाए थे। डेयरडेविल्स की ओर से इरफान पठान ने सबसे अधिक 36 रन बनाए जबकि माहेला जयवर्धने ने 30, कप्तान वीरेंद्र सहवाग ने 23 और डेविड वार्नर ने 21 रनों का योगदान दिया। रॉस टेलर ने 16 रन बनाए। सहवाग के साथ वार्नर ने डेयरडेविल्स के लिए पारी की शुरुआत की। दोनों ने तेज शुरुआत की और सिर्फ 3.3 ओवरों में ही 40 रन बना डाले। सहवाग अपने रंग में दिख रहे थे लेकिन इसी स्कोर पर वह जैक्स कैलिस की एक गेंद पर चकमा खा गए और विकेट के सामने पकड़े गए। अम्पायर ने उन्हें पगबाधा करार दिया। सहवाग ने नौ गेंदों पर 23 रन बनाए। उन्होंने इस दौरान तीन चौके और एक छक्का लगाया। छठे ओवर में वार्नर भी चलते बने। उन्हें भी कैलिस ने ही चलता किया। उनका कैच विकेटकीपर ब्रेंडन मैक्लम ने लपका। वार्नर ने 19 गेंदों पर 21 रन बनाए। वार्नर ने एक चौका और एक छक्का लगाया। इसके बाद टेलर के साथ मिलकर जयवर्धने ने पारी को आगे बढ़ाया और तीसरे विकेट के लिए 46 रनों की साझेदारी की। कप्तान गौतम गम्भीर ने जयवर्धने को शानदार क्षेत्ररक्षण के दम पर रन आउट कर इस साझेदारी को तोड़ी। जयवर्धने ने 27 गेंदों पर तीन चौके और एक छक्के की मदद से 30 रन बनाए। जयवर्धने के आउट होने के 10 गेंद के भीतर ठीक 100 के कुल योग पर टेलर भी चलते बने। जोरदार शॉट लगाने के प्रयास में वह वह प्रदीप सांगवान की गेंद पर रजत भाटिया द्वारा लपके गए। टेलर ने 27 गेंदों का सामना किया और 16 रन बनाए। वह न तो कोई चौका और न ही कोई छक्का लगा सके। टेलर के बाद योगेश नागर और नमन ओझा सस्ते में आउट होकर पवेलियन लौटे लेकिन दूसरी छोर पर मौजूद पठान ने शानदार हाथ दिखाए। पठान ने 22 गेंदों पर 36 रन बनाए। उन्होंने इस दौरान चार चौके और एक छक्का लगाया। नाइटराइडर्स की ओर से कैलिस और सुनील नरीन ने दो-दो विकेट हासिल किए जबकि ब्रेट ली और प्रदीप सांगवान के खाते में एक-एक विकेट गया। डेयरडेविल्स के तीन बल्लेबाज रन आउट होकर पवेलियन लौटे। दोनों टीमें मौजूदा संस्करण में एक बार आमने-सामने हो चुकी हैं। पांच अप्रैल को खेले गए मुकाबले में डेयरडेविल्स ने नाइटराइडर्स को उसी के घर में उसे आठ विकेट से पराजित किया था।टिप्पणियां नाइटराइडर्स ने 12 मैचों में से आठ में जीत दर्ज किए हैं जबकि तीन मैचों में उसे शिकस्त झेलनी पड़ी है वहीं एक मुकाबला बारिश के कारण रद्द हो गया था। 17 अंकों के साथ नाइटराइडर्स तालिका में पहले स्थान पर पहुंच गई है। डेयरडेविल्स ने अब तक 11 मैच खेले हैं जिनमें से उसे आठ में जीत जबकि तीन मैचों में हार मिली है। 16 अंकों के साथ डेयरडेविल्स अंक तालिका में दूसरे स्थान पर खिसक गई है। दिल्ली डेयरडेविल्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए नाइटराइडर्स के समक्ष जीत के लिए 154 रनों का लक्ष्य रखा था, जिसे उसके बल्लेबाजों ने आठ गेंदें शेष रहते चार विकेट के नुकसान पर हासिल कर लिया। नाइटराइडर्स की ओर से ब्रेंडन मैक्लम ने सबसे अधिक 56 रन बनाए जबकि कप्तान गौतम गम्भीर ने 36 और हरफनमौला जैक्स कैलिस ने 30 रनों का योगदान दिया। कैलिस ने गेंदबाजी में भी अपना जलवा दिखाया और डेयरडेविल्स के दोनों सलामी बल्लेबाजों को पवेलियन की राह दिखाई। कैलिस को उनके इस शानदार प्रदर्शन के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया। गम्भीर ने ब्रेंडन मैक्लम के साथ पारी की शुरुआत की थी। दोनों ने पहले विकेट के लिए सम्भलकर खेलते हुए 68 रन जोड़े। इसी योग पर गम्भीर 36 रन बनाकर आउट हो गए। गम्भीर ने 21 गेंदों का सामना करते हुए चार चौके और एक छक्के  लगाए। गम्भीर के आउट होने के बाद बल्लेबाजी करने आए कैलिस ने सम्भलकर बल्लेबाजी की और मैक्लम का अच्छा साथ निभाया। मैक्लम के साथ उन्होंने दूसरे विकेट के लिए 60 रन जोड़े और टीम की जीत आसान कर दी। कैलिस 128 के कुल योग पर आउट हुए। इसके बाद नाइटराइडर्स की जीत महज औपचारिकता रह गई थी। हालांकि अगली ही गेंद पर मैक्लम भी आउट हो गए। ये दोनों विकेट उमेश यादव ने लिए लेकिन डेयरडेविल्स के लिए दिल्ली तब तक दूर जा चुकी थी। कैलिस ने 27 गेंदों पर तीन चौकों की मदद से 30 रन बनाए जबकि मैक्लम ने 44 गेंदों का सामना किया और सात चौके लगाए। आईपीएल के इस सत्र में मैक्लम का यह पहला अर्द्धशतक है। डेयरडेविल्स की ओर से उमेश यादव ने सबसे अधिक दो विकेट हासिल किए जबकि मोर्ने मोर्कल और वरूण एरॉन के खाते में एक-एक विकेट गया। इससे पहले टॉस जीतकर बल्लेबाजी करते हुए डेयरडेविल्स टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में नौ विकेट गंवाकर 153 रन बनाए थे। डेयरडेविल्स की ओर से इरफान पठान ने सबसे अधिक 36 रन बनाए जबकि माहेला जयवर्धने ने 30, कप्तान वीरेंद्र सहवाग ने 23 और डेविड वार्नर ने 21 रनों का योगदान दिया। रॉस टेलर ने 16 रन बनाए। सहवाग के साथ वार्नर ने डेयरडेविल्स के लिए पारी की शुरुआत की। दोनों ने तेज शुरुआत की और सिर्फ 3.3 ओवरों में ही 40 रन बना डाले। सहवाग अपने रंग में दिख रहे थे लेकिन इसी स्कोर पर वह जैक्स कैलिस की एक गेंद पर चकमा खा गए और विकेट के सामने पकड़े गए। अम्पायर ने उन्हें पगबाधा करार दिया। सहवाग ने नौ गेंदों पर 23 रन बनाए। उन्होंने इस दौरान तीन चौके और एक छक्का लगाया। छठे ओवर में वार्नर भी चलते बने। उन्हें भी कैलिस ने ही चलता किया। उनका कैच विकेटकीपर ब्रेंडन मैक्लम ने लपका। वार्नर ने 19 गेंदों पर 21 रन बनाए। वार्नर ने एक चौका और एक छक्का लगाया। इसके बाद टेलर के साथ मिलकर जयवर्धने ने पारी को आगे बढ़ाया और तीसरे विकेट के लिए 46 रनों की साझेदारी की। कप्तान गौतम गम्भीर ने जयवर्धने को शानदार क्षेत्ररक्षण के दम पर रन आउट कर इस साझेदारी को तोड़ी। जयवर्धने ने 27 गेंदों पर तीन चौके और एक छक्के की मदद से 30 रन बनाए। जयवर्धने के आउट होने के 10 गेंद के भीतर ठीक 100 के कुल योग पर टेलर भी चलते बने। जोरदार शॉट लगाने के प्रयास में वह वह प्रदीप सांगवान की गेंद पर रजत भाटिया द्वारा लपके गए। टेलर ने 27 गेंदों का सामना किया और 16 रन बनाए। वह न तो कोई चौका और न ही कोई छक्का लगा सके। टेलर के बाद योगेश नागर और नमन ओझा सस्ते में आउट होकर पवेलियन लौटे लेकिन दूसरी छोर पर मौजूद पठान ने शानदार हाथ दिखाए। पठान ने 22 गेंदों पर 36 रन बनाए। उन्होंने इस दौरान चार चौके और एक छक्का लगाया। नाइटराइडर्स की ओर से कैलिस और सुनील नरीन ने दो-दो विकेट हासिल किए जबकि ब्रेट ली और प्रदीप सांगवान के खाते में एक-एक विकेट गया। डेयरडेविल्स के तीन बल्लेबाज रन आउट होकर पवेलियन लौटे। दोनों टीमें मौजूदा संस्करण में एक बार आमने-सामने हो चुकी हैं। पांच अप्रैल को खेले गए मुकाबले में डेयरडेविल्स ने नाइटराइडर्स को उसी के घर में उसे आठ विकेट से पराजित किया था।टिप्पणियां नाइटराइडर्स ने 12 मैचों में से आठ में जीत दर्ज किए हैं जबकि तीन मैचों में उसे शिकस्त झेलनी पड़ी है वहीं एक मुकाबला बारिश के कारण रद्द हो गया था। 17 अंकों के साथ नाइटराइडर्स तालिका में पहले स्थान पर पहुंच गई है। डेयरडेविल्स ने अब तक 11 मैच खेले हैं जिनमें से उसे आठ में जीत जबकि तीन मैचों में हार मिली है। 16 अंकों के साथ डेयरडेविल्स अंक तालिका में दूसरे स्थान पर खिसक गई है। नाइटराइडर्स की ओर से ब्रेंडन मैक्लम ने सबसे अधिक 56 रन बनाए जबकि कप्तान गौतम गम्भीर ने 36 और हरफनमौला जैक्स कैलिस ने 30 रनों का योगदान दिया। कैलिस ने गेंदबाजी में भी अपना जलवा दिखाया और डेयरडेविल्स के दोनों सलामी बल्लेबाजों को पवेलियन की राह दिखाई। कैलिस को उनके इस शानदार प्रदर्शन के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया। गम्भीर ने ब्रेंडन मैक्लम के साथ पारी की शुरुआत की थी। दोनों ने पहले विकेट के लिए सम्भलकर खेलते हुए 68 रन जोड़े। इसी योग पर गम्भीर 36 रन बनाकर आउट हो गए। गम्भीर ने 21 गेंदों का सामना करते हुए चार चौके और एक छक्के  लगाए। गम्भीर के आउट होने के बाद बल्लेबाजी करने आए कैलिस ने सम्भलकर बल्लेबाजी की और मैक्लम का अच्छा साथ निभाया। मैक्लम के साथ उन्होंने दूसरे विकेट के लिए 60 रन जोड़े और टीम की जीत आसान कर दी। कैलिस 128 के कुल योग पर आउट हुए। इसके बाद नाइटराइडर्स की जीत महज औपचारिकता रह गई थी। हालांकि अगली ही गेंद पर मैक्लम भी आउट हो गए। ये दोनों विकेट उमेश यादव ने लिए लेकिन डेयरडेविल्स के लिए दिल्ली तब तक दूर जा चुकी थी। कैलिस ने 27 गेंदों पर तीन चौकों की मदद से 30 रन बनाए जबकि मैक्लम ने 44 गेंदों का सामना किया और सात चौके लगाए। आईपीएल के इस सत्र में मैक्लम का यह पहला अर्द्धशतक है। डेयरडेविल्स की ओर से उमेश यादव ने सबसे अधिक दो विकेट हासिल किए जबकि मोर्ने मोर्कल और वरूण एरॉन के खाते में एक-एक विकेट गया। इससे पहले टॉस जीतकर बल्लेबाजी करते हुए डेयरडेविल्स टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में नौ विकेट गंवाकर 153 रन बनाए थे। डेयरडेविल्स की ओर से इरफान पठान ने सबसे अधिक 36 रन बनाए जबकि माहेला जयवर्धने ने 30, कप्तान वीरेंद्र सहवाग ने 23 और डेविड वार्नर ने 21 रनों का योगदान दिया। रॉस टेलर ने 16 रन बनाए। सहवाग के साथ वार्नर ने डेयरडेविल्स के लिए पारी की शुरुआत की। दोनों ने तेज शुरुआत की और सिर्फ 3.3 ओवरों में ही 40 रन बना डाले। सहवाग अपने रंग में दिख रहे थे लेकिन इसी स्कोर पर वह जैक्स कैलिस की एक गेंद पर चकमा खा गए और विकेट के सामने पकड़े गए। अम्पायर ने उन्हें पगबाधा करार दिया। सहवाग ने नौ गेंदों पर 23 रन बनाए। उन्होंने इस दौरान तीन चौके और एक छक्का लगाया। छठे ओवर में वार्नर भी चलते बने। उन्हें भी कैलिस ने ही चलता किया। उनका कैच विकेटकीपर ब्रेंडन मैक्लम ने लपका। वार्नर ने 19 गेंदों पर 21 रन बनाए। वार्नर ने एक चौका और एक छक्का लगाया। इसके बाद टेलर के साथ मिलकर जयवर्धने ने पारी को आगे बढ़ाया और तीसरे विकेट के लिए 46 रनों की साझेदारी की। कप्तान गौतम गम्भीर ने जयवर्धने को शानदार क्षेत्ररक्षण के दम पर रन आउट कर इस साझेदारी को तोड़ी। जयवर्धने ने 27 गेंदों पर तीन चौके और एक छक्के की मदद से 30 रन बनाए। जयवर्धने के आउट होने के 10 गेंद के भीतर ठीक 100 के कुल योग पर टेलर भी चलते बने। जोरदार शॉट लगाने के प्रयास में वह वह प्रदीप सांगवान की गेंद पर रजत भाटिया द्वारा लपके गए। टेलर ने 27 गेंदों का सामना किया और 16 रन बनाए। वह न तो कोई चौका और न ही कोई छक्का लगा सके। टेलर के बाद योगेश नागर और नमन ओझा सस्ते में आउट होकर पवेलियन लौटे लेकिन दूसरी छोर पर मौजूद पठान ने शानदार हाथ दिखाए। पठान ने 22 गेंदों पर 36 रन बनाए। उन्होंने इस दौरान चार चौके और एक छक्का लगाया। नाइटराइडर्स की ओर से कैलिस और सुनील नरीन ने दो-दो विकेट हासिल किए जबकि ब्रेट ली और प्रदीप सांगवान के खाते में एक-एक विकेट गया। डेयरडेविल्स के तीन बल्लेबाज रन आउट होकर पवेलियन लौटे। दोनों टीमें मौजूदा संस्करण में एक बार आमने-सामने हो चुकी हैं। पांच अप्रैल को खेले गए मुकाबले में डेयरडेविल्स ने नाइटराइडर्स को उसी के घर में उसे आठ विकेट से पराजित किया था।टिप्पणियां नाइटराइडर्स ने 12 मैचों में से आठ में जीत दर्ज किए हैं जबकि तीन मैचों में उसे शिकस्त झेलनी पड़ी है वहीं एक मुकाबला बारिश के कारण रद्द हो गया था। 17 अंकों के साथ नाइटराइडर्स तालिका में पहले स्थान पर पहुंच गई है। डेयरडेविल्स ने अब तक 11 मैच खेले हैं जिनमें से उसे आठ में जीत जबकि तीन मैचों में हार मिली है। 16 अंकों के साथ डेयरडेविल्स अंक तालिका में दूसरे स्थान पर खिसक गई है। गम्भीर ने ब्रेंडन मैक्लम के साथ पारी की शुरुआत की थी। दोनों ने पहले विकेट के लिए सम्भलकर खेलते हुए 68 रन जोड़े। इसी योग पर गम्भीर 36 रन बनाकर आउट हो गए। गम्भीर ने 21 गेंदों का सामना करते हुए चार चौके और एक छक्के  लगाए। गम्भीर के आउट होने के बाद बल्लेबाजी करने आए कैलिस ने सम्भलकर बल्लेबाजी की और मैक्लम का अच्छा साथ निभाया। मैक्लम के साथ उन्होंने दूसरे विकेट के लिए 60 रन जोड़े और टीम की जीत आसान कर दी। कैलिस 128 के कुल योग पर आउट हुए। इसके बाद नाइटराइडर्स की जीत महज औपचारिकता रह गई थी। हालांकि अगली ही गेंद पर मैक्लम भी आउट हो गए। ये दोनों विकेट उमेश यादव ने लिए लेकिन डेयरडेविल्स के लिए दिल्ली तब तक दूर जा चुकी थी। कैलिस ने 27 गेंदों पर तीन चौकों की मदद से 30 रन बनाए जबकि मैक्लम ने 44 गेंदों का सामना किया और सात चौके लगाए। आईपीएल के इस सत्र में मैक्लम का यह पहला अर्द्धशतक है। डेयरडेविल्स की ओर से उमेश यादव ने सबसे अधिक दो विकेट हासिल किए जबकि मोर्ने मोर्कल और वरूण एरॉन के खाते में एक-एक विकेट गया। इससे पहले टॉस जीतकर बल्लेबाजी करते हुए डेयरडेविल्स टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में नौ विकेट गंवाकर 153 रन बनाए थे। डेयरडेविल्स की ओर से इरफान पठान ने सबसे अधिक 36 रन बनाए जबकि माहेला जयवर्धने ने 30, कप्तान वीरेंद्र सहवाग ने 23 और डेविड वार्नर ने 21 रनों का योगदान दिया। रॉस टेलर ने 16 रन बनाए। सहवाग के साथ वार्नर ने डेयरडेविल्स के लिए पारी की शुरुआत की। दोनों ने तेज शुरुआत की और सिर्फ 3.3 ओवरों में ही 40 रन बना डाले। सहवाग अपने रंग में दिख रहे थे लेकिन इसी स्कोर पर वह जैक्स कैलिस की एक गेंद पर चकमा खा गए और विकेट के सामने पकड़े गए। अम्पायर ने उन्हें पगबाधा करार दिया। सहवाग ने नौ गेंदों पर 23 रन बनाए। उन्होंने इस दौरान तीन चौके और एक छक्का लगाया। छठे ओवर में वार्नर भी चलते बने। उन्हें भी कैलिस ने ही चलता किया। उनका कैच विकेटकीपर ब्रेंडन मैक्लम ने लपका। वार्नर ने 19 गेंदों पर 21 रन बनाए। वार्नर ने एक चौका और एक छक्का लगाया। इसके बाद टेलर के साथ मिलकर जयवर्धने ने पारी को आगे बढ़ाया और तीसरे विकेट के लिए 46 रनों की साझेदारी की। कप्तान गौतम गम्भीर ने जयवर्धने को शानदार क्षेत्ररक्षण के दम पर रन आउट कर इस साझेदारी को तोड़ी। जयवर्धने ने 27 गेंदों पर तीन चौके और एक छक्के की मदद से 30 रन बनाए। जयवर्धने के आउट होने के 10 गेंद के भीतर ठीक 100 के कुल योग पर टेलर भी चलते बने। जोरदार शॉट लगाने के प्रयास में वह वह प्रदीप सांगवान की गेंद पर रजत भाटिया द्वारा लपके गए। टेलर ने 27 गेंदों का सामना किया और 16 रन बनाए। वह न तो कोई चौका और न ही कोई छक्का लगा सके। टेलर के बाद योगेश नागर और नमन ओझा सस्ते में आउट होकर पवेलियन लौटे लेकिन दूसरी छोर पर मौजूद पठान ने शानदार हाथ दिखाए। पठान ने 22 गेंदों पर 36 रन बनाए। उन्होंने इस दौरान चार चौके और एक छक्का लगाया। नाइटराइडर्स की ओर से कैलिस और सुनील नरीन ने दो-दो विकेट हासिल किए जबकि ब्रेट ली और प्रदीप सांगवान के खाते में एक-एक विकेट गया। डेयरडेविल्स के तीन बल्लेबाज रन आउट होकर पवेलियन लौटे। दोनों टीमें मौजूदा संस्करण में एक बार आमने-सामने हो चुकी हैं। पांच अप्रैल को खेले गए मुकाबले में डेयरडेविल्स ने नाइटराइडर्स को उसी के घर में उसे आठ विकेट से पराजित किया था।टिप्पणियां नाइटराइडर्स ने 12 मैचों में से आठ में जीत दर्ज किए हैं जबकि तीन मैचों में उसे शिकस्त झेलनी पड़ी है वहीं एक मुकाबला बारिश के कारण रद्द हो गया था। 17 अंकों के साथ नाइटराइडर्स तालिका में पहले स्थान पर पहुंच गई है। डेयरडेविल्स ने अब तक 11 मैच खेले हैं जिनमें से उसे आठ में जीत जबकि तीन मैचों में हार मिली है। 16 अंकों के साथ डेयरडेविल्स अंक तालिका में दूसरे स्थान पर खिसक गई है। गम्भीर के आउट होने के बाद बल्लेबाजी करने आए कैलिस ने सम्भलकर बल्लेबाजी की और मैक्लम का अच्छा साथ निभाया। मैक्लम के साथ उन्होंने दूसरे विकेट के लिए 60 रन जोड़े और टीम की जीत आसान कर दी। कैलिस 128 के कुल योग पर आउट हुए। इसके बाद नाइटराइडर्स की जीत महज औपचारिकता रह गई थी। हालांकि अगली ही गेंद पर मैक्लम भी आउट हो गए। ये दोनों विकेट उमेश यादव ने लिए लेकिन डेयरडेविल्स के लिए दिल्ली तब तक दूर जा चुकी थी। कैलिस ने 27 गेंदों पर तीन चौकों की मदद से 30 रन बनाए जबकि मैक्लम ने 44 गेंदों का सामना किया और सात चौके लगाए। आईपीएल के इस सत्र में मैक्लम का यह पहला अर्द्धशतक है। डेयरडेविल्स की ओर से उमेश यादव ने सबसे अधिक दो विकेट हासिल किए जबकि मोर्ने मोर्कल और वरूण एरॉन के खाते में एक-एक विकेट गया। इससे पहले टॉस जीतकर बल्लेबाजी करते हुए डेयरडेविल्स टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में नौ विकेट गंवाकर 153 रन बनाए थे। डेयरडेविल्स की ओर से इरफान पठान ने सबसे अधिक 36 रन बनाए जबकि माहेला जयवर्धने ने 30, कप्तान वीरेंद्र सहवाग ने 23 और डेविड वार्नर ने 21 रनों का योगदान दिया। रॉस टेलर ने 16 रन बनाए। सहवाग के साथ वार्नर ने डेयरडेविल्स के लिए पारी की शुरुआत की। दोनों ने तेज शुरुआत की और सिर्फ 3.3 ओवरों में ही 40 रन बना डाले। सहवाग अपने रंग में दिख रहे थे लेकिन इसी स्कोर पर वह जैक्स कैलिस की एक गेंद पर चकमा खा गए और विकेट के सामने पकड़े गए। अम्पायर ने उन्हें पगबाधा करार दिया। सहवाग ने नौ गेंदों पर 23 रन बनाए। उन्होंने इस दौरान तीन चौके और एक छक्का लगाया। छठे ओवर में वार्नर भी चलते बने। उन्हें भी कैलिस ने ही चलता किया। उनका कैच विकेटकीपर ब्रेंडन मैक्लम ने लपका। वार्नर ने 19 गेंदों पर 21 रन बनाए। वार्नर ने एक चौका और एक छक्का लगाया। इसके बाद टेलर के साथ मिलकर जयवर्धने ने पारी को आगे बढ़ाया और तीसरे विकेट के लिए 46 रनों की साझेदारी की। कप्तान गौतम गम्भीर ने जयवर्धने को शानदार क्षेत्ररक्षण के दम पर रन आउट कर इस साझेदारी को तोड़ी। जयवर्धने ने 27 गेंदों पर तीन चौके और एक छक्के की मदद से 30 रन बनाए। जयवर्धने के आउट होने के 10 गेंद के भीतर ठीक 100 के कुल योग पर टेलर भी चलते बने। जोरदार शॉट लगाने के प्रयास में वह वह प्रदीप सांगवान की गेंद पर रजत भाटिया द्वारा लपके गए। टेलर ने 27 गेंदों का सामना किया और 16 रन बनाए। वह न तो कोई चौका और न ही कोई छक्का लगा सके। टेलर के बाद योगेश नागर और नमन ओझा सस्ते में आउट होकर पवेलियन लौटे लेकिन दूसरी छोर पर मौजूद पठान ने शानदार हाथ दिखाए। पठान ने 22 गेंदों पर 36 रन बनाए। उन्होंने इस दौरान चार चौके और एक छक्का लगाया। नाइटराइडर्स की ओर से कैलिस और सुनील नरीन ने दो-दो विकेट हासिल किए जबकि ब्रेट ली और प्रदीप सांगवान के खाते में एक-एक विकेट गया। डेयरडेविल्स के तीन बल्लेबाज रन आउट होकर पवेलियन लौटे। दोनों टीमें मौजूदा संस्करण में एक बार आमने-सामने हो चुकी हैं। पांच अप्रैल को खेले गए मुकाबले में डेयरडेविल्स ने नाइटराइडर्स को उसी के घर में उसे आठ विकेट से पराजित किया था।टिप्पणियां नाइटराइडर्स ने 12 मैचों में से आठ में जीत दर्ज किए हैं जबकि तीन मैचों में उसे शिकस्त झेलनी पड़ी है वहीं एक मुकाबला बारिश के कारण रद्द हो गया था। 17 अंकों के साथ नाइटराइडर्स तालिका में पहले स्थान पर पहुंच गई है। डेयरडेविल्स ने अब तक 11 मैच खेले हैं जिनमें से उसे आठ में जीत जबकि तीन मैचों में हार मिली है। 16 अंकों के साथ डेयरडेविल्स अंक तालिका में दूसरे स्थान पर खिसक गई है। कैलिस ने 27 गेंदों पर तीन चौकों की मदद से 30 रन बनाए जबकि मैक्लम ने 44 गेंदों का सामना किया और सात चौके लगाए। आईपीएल के इस सत्र में मैक्लम का यह पहला अर्द्धशतक है। डेयरडेविल्स की ओर से उमेश यादव ने सबसे अधिक दो विकेट हासिल किए जबकि मोर्ने मोर्कल और वरूण एरॉन के खाते में एक-एक विकेट गया। इससे पहले टॉस जीतकर बल्लेबाजी करते हुए डेयरडेविल्स टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में नौ विकेट गंवाकर 153 रन बनाए थे। डेयरडेविल्स की ओर से इरफान पठान ने सबसे अधिक 36 रन बनाए जबकि माहेला जयवर्धने ने 30, कप्तान वीरेंद्र सहवाग ने 23 और डेविड वार्नर ने 21 रनों का योगदान दिया। रॉस टेलर ने 16 रन बनाए। सहवाग के साथ वार्नर ने डेयरडेविल्स के लिए पारी की शुरुआत की। दोनों ने तेज शुरुआत की और सिर्फ 3.3 ओवरों में ही 40 रन बना डाले। सहवाग अपने रंग में दिख रहे थे लेकिन इसी स्कोर पर वह जैक्स कैलिस की एक गेंद पर चकमा खा गए और विकेट के सामने पकड़े गए। अम्पायर ने उन्हें पगबाधा करार दिया। सहवाग ने नौ गेंदों पर 23 रन बनाए। उन्होंने इस दौरान तीन चौके और एक छक्का लगाया। छठे ओवर में वार्नर भी चलते बने। उन्हें भी कैलिस ने ही चलता किया। उनका कैच विकेटकीपर ब्रेंडन मैक्लम ने लपका। वार्नर ने 19 गेंदों पर 21 रन बनाए। वार्नर ने एक चौका और एक छक्का लगाया। इसके बाद टेलर के साथ मिलकर जयवर्धने ने पारी को आगे बढ़ाया और तीसरे विकेट के लिए 46 रनों की साझेदारी की। कप्तान गौतम गम्भीर ने जयवर्धने को शानदार क्षेत्ररक्षण के दम पर रन आउट कर इस साझेदारी को तोड़ी। जयवर्धने ने 27 गेंदों पर तीन चौके और एक छक्के की मदद से 30 रन बनाए। जयवर्धने के आउट होने के 10 गेंद के भीतर ठीक 100 के कुल योग पर टेलर भी चलते बने। जोरदार शॉट लगाने के प्रयास में वह वह प्रदीप सांगवान की गेंद पर रजत भाटिया द्वारा लपके गए। टेलर ने 27 गेंदों का सामना किया और 16 रन बनाए। वह न तो कोई चौका और न ही कोई छक्का लगा सके। टेलर के बाद योगेश नागर और नमन ओझा सस्ते में आउट होकर पवेलियन लौटे लेकिन दूसरी छोर पर मौजूद पठान ने शानदार हाथ दिखाए। पठान ने 22 गेंदों पर 36 रन बनाए। उन्होंने इस दौरान चार चौके और एक छक्का लगाया। नाइटराइडर्स की ओर से कैलिस और सुनील नरीन ने दो-दो विकेट हासिल किए जबकि ब्रेट ली और प्रदीप सांगवान के खाते में एक-एक विकेट गया। डेयरडेविल्स के तीन बल्लेबाज रन आउट होकर पवेलियन लौटे। दोनों टीमें मौजूदा संस्करण में एक बार आमने-सामने हो चुकी हैं। पांच अप्रैल को खेले गए मुकाबले में डेयरडेविल्स ने नाइटराइडर्स को उसी के घर में उसे आठ विकेट से पराजित किया था।टिप्पणियां नाइटराइडर्स ने 12 मैचों में से आठ में जीत दर्ज किए हैं जबकि तीन मैचों में उसे शिकस्त झेलनी पड़ी है वहीं एक मुकाबला बारिश के कारण रद्द हो गया था। 17 अंकों के साथ नाइटराइडर्स तालिका में पहले स्थान पर पहुंच गई है। डेयरडेविल्स ने अब तक 11 मैच खेले हैं जिनमें से उसे आठ में जीत जबकि तीन मैचों में हार मिली है। 16 अंकों के साथ डेयरडेविल्स अंक तालिका में दूसरे स्थान पर खिसक गई है। डेयरडेविल्स की ओर से उमेश यादव ने सबसे अधिक दो विकेट हासिल किए जबकि मोर्ने मोर्कल और वरूण एरॉन के खाते में एक-एक विकेट गया। इससे पहले टॉस जीतकर बल्लेबाजी करते हुए डेयरडेविल्स टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में नौ विकेट गंवाकर 153 रन बनाए थे। डेयरडेविल्स की ओर से इरफान पठान ने सबसे अधिक 36 रन बनाए जबकि माहेला जयवर्धने ने 30, कप्तान वीरेंद्र सहवाग ने 23 और डेविड वार्नर ने 21 रनों का योगदान दिया। रॉस टेलर ने 16 रन बनाए। सहवाग के साथ वार्नर ने डेयरडेविल्स के लिए पारी की शुरुआत की। दोनों ने तेज शुरुआत की और सिर्फ 3.3 ओवरों में ही 40 रन बना डाले। सहवाग अपने रंग में दिख रहे थे लेकिन इसी स्कोर पर वह जैक्स कैलिस की एक गेंद पर चकमा खा गए और विकेट के सामने पकड़े गए। अम्पायर ने उन्हें पगबाधा करार दिया। सहवाग ने नौ गेंदों पर 23 रन बनाए। उन्होंने इस दौरान तीन चौके और एक छक्का लगाया। छठे ओवर में वार्नर भी चलते बने। उन्हें भी कैलिस ने ही चलता किया। उनका कैच विकेटकीपर ब्रेंडन मैक्लम ने लपका। वार्नर ने 19 गेंदों पर 21 रन बनाए। वार्नर ने एक चौका और एक छक्का लगाया। इसके बाद टेलर के साथ मिलकर जयवर्धने ने पारी को आगे बढ़ाया और तीसरे विकेट के लिए 46 रनों की साझेदारी की। कप्तान गौतम गम्भीर ने जयवर्धने को शानदार क्षेत्ररक्षण के दम पर रन आउट कर इस साझेदारी को तोड़ी। जयवर्धने ने 27 गेंदों पर तीन चौके और एक छक्के की मदद से 30 रन बनाए। जयवर्धने के आउट होने के 10 गेंद के भीतर ठीक 100 के कुल योग पर टेलर भी चलते बने। जोरदार शॉट लगाने के प्रयास में वह वह प्रदीप सांगवान की गेंद पर रजत भाटिया द्वारा लपके गए। टेलर ने 27 गेंदों का सामना किया और 16 रन बनाए। वह न तो कोई चौका और न ही कोई छक्का लगा सके। टेलर के बाद योगेश नागर और नमन ओझा सस्ते में आउट होकर पवेलियन लौटे लेकिन दूसरी छोर पर मौजूद पठान ने शानदार हाथ दिखाए। पठान ने 22 गेंदों पर 36 रन बनाए। उन्होंने इस दौरान चार चौके और एक छक्का लगाया। नाइटराइडर्स की ओर से कैलिस और सुनील नरीन ने दो-दो विकेट हासिल किए जबकि ब्रेट ली और प्रदीप सांगवान के खाते में एक-एक विकेट गया। डेयरडेविल्स के तीन बल्लेबाज रन आउट होकर पवेलियन लौटे। दोनों टीमें मौजूदा संस्करण में एक बार आमने-सामने हो चुकी हैं। पांच अप्रैल को खेले गए मुकाबले में डेयरडेविल्स ने नाइटराइडर्स को उसी के घर में उसे आठ विकेट से पराजित किया था।टिप्पणियां नाइटराइडर्स ने 12 मैचों में से आठ में जीत दर्ज किए हैं जबकि तीन मैचों में उसे शिकस्त झेलनी पड़ी है वहीं एक मुकाबला बारिश के कारण रद्द हो गया था। 17 अंकों के साथ नाइटराइडर्स तालिका में पहले स्थान पर पहुंच गई है। डेयरडेविल्स ने अब तक 11 मैच खेले हैं जिनमें से उसे आठ में जीत जबकि तीन मैचों में हार मिली है। 16 अंकों के साथ डेयरडेविल्स अंक तालिका में दूसरे स्थान पर खिसक गई है। इससे पहले टॉस जीतकर बल्लेबाजी करते हुए डेयरडेविल्स टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में नौ विकेट गंवाकर 153 रन बनाए थे। डेयरडेविल्स की ओर से इरफान पठान ने सबसे अधिक 36 रन बनाए जबकि माहेला जयवर्धने ने 30, कप्तान वीरेंद्र सहवाग ने 23 और डेविड वार्नर ने 21 रनों का योगदान दिया। रॉस टेलर ने 16 रन बनाए। सहवाग के साथ वार्नर ने डेयरडेविल्स के लिए पारी की शुरुआत की। दोनों ने तेज शुरुआत की और सिर्फ 3.3 ओवरों में ही 40 रन बना डाले। सहवाग अपने रंग में दिख रहे थे लेकिन इसी स्कोर पर वह जैक्स कैलिस की एक गेंद पर चकमा खा गए और विकेट के सामने पकड़े गए। अम्पायर ने उन्हें पगबाधा करार दिया। सहवाग ने नौ गेंदों पर 23 रन बनाए। उन्होंने इस दौरान तीन चौके और एक छक्का लगाया। छठे ओवर में वार्नर भी चलते बने। उन्हें भी कैलिस ने ही चलता किया। उनका कैच विकेटकीपर ब्रेंडन मैक्लम ने लपका। वार्नर ने 19 गेंदों पर 21 रन बनाए। वार्नर ने एक चौका और एक छक्का लगाया। इसके बाद टेलर के साथ मिलकर जयवर्धने ने पारी को आगे बढ़ाया और तीसरे विकेट के लिए 46 रनों की साझेदारी की। कप्तान गौतम गम्भीर ने जयवर्धने को शानदार क्षेत्ररक्षण के दम पर रन आउट कर इस साझेदारी को तोड़ी। जयवर्धने ने 27 गेंदों पर तीन चौके और एक छक्के की मदद से 30 रन बनाए। जयवर्धने के आउट होने के 10 गेंद के भीतर ठीक 100 के कुल योग पर टेलर भी चलते बने। जोरदार शॉट लगाने के प्रयास में वह वह प्रदीप सांगवान की गेंद पर रजत भाटिया द्वारा लपके गए। टेलर ने 27 गेंदों का सामना किया और 16 रन बनाए। वह न तो कोई चौका और न ही कोई छक्का लगा सके। टेलर के बाद योगेश नागर और नमन ओझा सस्ते में आउट होकर पवेलियन लौटे लेकिन दूसरी छोर पर मौजूद पठान ने शानदार हाथ दिखाए। पठान ने 22 गेंदों पर 36 रन बनाए। उन्होंने इस दौरान चार चौके और एक छक्का लगाया। नाइटराइडर्स की ओर से कैलिस और सुनील नरीन ने दो-दो विकेट हासिल किए जबकि ब्रेट ली और प्रदीप सांगवान के खाते में एक-एक विकेट गया। डेयरडेविल्स के तीन बल्लेबाज रन आउट होकर पवेलियन लौटे। दोनों टीमें मौजूदा संस्करण में एक बार आमने-सामने हो चुकी हैं। पांच अप्रैल को खेले गए मुकाबले में डेयरडेविल्स ने नाइटराइडर्स को उसी के घर में उसे आठ विकेट से पराजित किया था।टिप्पणियां नाइटराइडर्स ने 12 मैचों में से आठ में जीत दर्ज किए हैं जबकि तीन मैचों में उसे शिकस्त झेलनी पड़ी है वहीं एक मुकाबला बारिश के कारण रद्द हो गया था। 17 अंकों के साथ नाइटराइडर्स तालिका में पहले स्थान पर पहुंच गई है। डेयरडेविल्स ने अब तक 11 मैच खेले हैं जिनमें से उसे आठ में जीत जबकि तीन मैचों में हार मिली है। 16 अंकों के साथ डेयरडेविल्स अंक तालिका में दूसरे स्थान पर खिसक गई है। सहवाग के साथ वार्नर ने डेयरडेविल्स के लिए पारी की शुरुआत की। दोनों ने तेज शुरुआत की और सिर्फ 3.3 ओवरों में ही 40 रन बना डाले। सहवाग अपने रंग में दिख रहे थे लेकिन इसी स्कोर पर वह जैक्स कैलिस की एक गेंद पर चकमा खा गए और विकेट के सामने पकड़े गए। अम्पायर ने उन्हें पगबाधा करार दिया। सहवाग ने नौ गेंदों पर 23 रन बनाए। उन्होंने इस दौरान तीन चौके और एक छक्का लगाया। छठे ओवर में वार्नर भी चलते बने। उन्हें भी कैलिस ने ही चलता किया। उनका कैच विकेटकीपर ब्रेंडन मैक्लम ने लपका। वार्नर ने 19 गेंदों पर 21 रन बनाए। वार्नर ने एक चौका और एक छक्का लगाया। इसके बाद टेलर के साथ मिलकर जयवर्धने ने पारी को आगे बढ़ाया और तीसरे विकेट के लिए 46 रनों की साझेदारी की। कप्तान गौतम गम्भीर ने जयवर्धने को शानदार क्षेत्ररक्षण के दम पर रन आउट कर इस साझेदारी को तोड़ी। जयवर्धने ने 27 गेंदों पर तीन चौके और एक छक्के की मदद से 30 रन बनाए। जयवर्धने के आउट होने के 10 गेंद के भीतर ठीक 100 के कुल योग पर टेलर भी चलते बने। जोरदार शॉट लगाने के प्रयास में वह वह प्रदीप सांगवान की गेंद पर रजत भाटिया द्वारा लपके गए। टेलर ने 27 गेंदों का सामना किया और 16 रन बनाए। वह न तो कोई चौका और न ही कोई छक्का लगा सके। टेलर के बाद योगेश नागर और नमन ओझा सस्ते में आउट होकर पवेलियन लौटे लेकिन दूसरी छोर पर मौजूद पठान ने शानदार हाथ दिखाए। पठान ने 22 गेंदों पर 36 रन बनाए। उन्होंने इस दौरान चार चौके और एक छक्का लगाया। नाइटराइडर्स की ओर से कैलिस और सुनील नरीन ने दो-दो विकेट हासिल किए जबकि ब्रेट ली और प्रदीप सांगवान के खाते में एक-एक विकेट गया। डेयरडेविल्स के तीन बल्लेबाज रन आउट होकर पवेलियन लौटे। दोनों टीमें मौजूदा संस्करण में एक बार आमने-सामने हो चुकी हैं। पांच अप्रैल को खेले गए मुकाबले में डेयरडेविल्स ने नाइटराइडर्स को उसी के घर में उसे आठ विकेट से पराजित किया था।टिप्पणियां नाइटराइडर्स ने 12 मैचों में से आठ में जीत दर्ज किए हैं जबकि तीन मैचों में उसे शिकस्त झेलनी पड़ी है वहीं एक मुकाबला बारिश के कारण रद्द हो गया था। 17 अंकों के साथ नाइटराइडर्स तालिका में पहले स्थान पर पहुंच गई है। डेयरडेविल्स ने अब तक 11 मैच खेले हैं जिनमें से उसे आठ में जीत जबकि तीन मैचों में हार मिली है। 16 अंकों के साथ डेयरडेविल्स अंक तालिका में दूसरे स्थान पर खिसक गई है। छठे ओवर में वार्नर भी चलते बने। उन्हें भी कैलिस ने ही चलता किया। उनका कैच विकेटकीपर ब्रेंडन मैक्लम ने लपका। वार्नर ने 19 गेंदों पर 21 रन बनाए। वार्नर ने एक चौका और एक छक्का लगाया। इसके बाद टेलर के साथ मिलकर जयवर्धने ने पारी को आगे बढ़ाया और तीसरे विकेट के लिए 46 रनों की साझेदारी की। कप्तान गौतम गम्भीर ने जयवर्धने को शानदार क्षेत्ररक्षण के दम पर रन आउट कर इस साझेदारी को तोड़ी। जयवर्धने ने 27 गेंदों पर तीन चौके और एक छक्के की मदद से 30 रन बनाए। जयवर्धने के आउट होने के 10 गेंद के भीतर ठीक 100 के कुल योग पर टेलर भी चलते बने। जोरदार शॉट लगाने के प्रयास में वह वह प्रदीप सांगवान की गेंद पर रजत भाटिया द्वारा लपके गए। टेलर ने 27 गेंदों का सामना किया और 16 रन बनाए। वह न तो कोई चौका और न ही कोई छक्का लगा सके। टेलर के बाद योगेश नागर और नमन ओझा सस्ते में आउट होकर पवेलियन लौटे लेकिन दूसरी छोर पर मौजूद पठान ने शानदार हाथ दिखाए। पठान ने 22 गेंदों पर 36 रन बनाए। उन्होंने इस दौरान चार चौके और एक छक्का लगाया। नाइटराइडर्स की ओर से कैलिस और सुनील नरीन ने दो-दो विकेट हासिल किए जबकि ब्रेट ली और प्रदीप सांगवान के खाते में एक-एक विकेट गया। डेयरडेविल्स के तीन बल्लेबाज रन आउट होकर पवेलियन लौटे। दोनों टीमें मौजूदा संस्करण में एक बार आमने-सामने हो चुकी हैं। पांच अप्रैल को खेले गए मुकाबले में डेयरडेविल्स ने नाइटराइडर्स को उसी के घर में उसे आठ विकेट से पराजित किया था।टिप्पणियां नाइटराइडर्स ने 12 मैचों में से आठ में जीत दर्ज किए हैं जबकि तीन मैचों में उसे शिकस्त झेलनी पड़ी है वहीं एक मुकाबला बारिश के कारण रद्द हो गया था। 17 अंकों के साथ नाइटराइडर्स तालिका में पहले स्थान पर पहुंच गई है। डेयरडेविल्स ने अब तक 11 मैच खेले हैं जिनमें से उसे आठ में जीत जबकि तीन मैचों में हार मिली है। 16 अंकों के साथ डेयरडेविल्स अंक तालिका में दूसरे स्थान पर खिसक गई है। इसके बाद टेलर के साथ मिलकर जयवर्धने ने पारी को आगे बढ़ाया और तीसरे विकेट के लिए 46 रनों की साझेदारी की। कप्तान गौतम गम्भीर ने जयवर्धने को शानदार क्षेत्ररक्षण के दम पर रन आउट कर इस साझेदारी को तोड़ी। जयवर्धने ने 27 गेंदों पर तीन चौके और एक छक्के की मदद से 30 रन बनाए। जयवर्धने के आउट होने के 10 गेंद के भीतर ठीक 100 के कुल योग पर टेलर भी चलते बने। जोरदार शॉट लगाने के प्रयास में वह वह प्रदीप सांगवान की गेंद पर रजत भाटिया द्वारा लपके गए। टेलर ने 27 गेंदों का सामना किया और 16 रन बनाए। वह न तो कोई चौका और न ही कोई छक्का लगा सके। टेलर के बाद योगेश नागर और नमन ओझा सस्ते में आउट होकर पवेलियन लौटे लेकिन दूसरी छोर पर मौजूद पठान ने शानदार हाथ दिखाए। पठान ने 22 गेंदों पर 36 रन बनाए। उन्होंने इस दौरान चार चौके और एक छक्का लगाया। नाइटराइडर्स की ओर से कैलिस और सुनील नरीन ने दो-दो विकेट हासिल किए जबकि ब्रेट ली और प्रदीप सांगवान के खाते में एक-एक विकेट गया। डेयरडेविल्स के तीन बल्लेबाज रन आउट होकर पवेलियन लौटे। दोनों टीमें मौजूदा संस्करण में एक बार आमने-सामने हो चुकी हैं। पांच अप्रैल को खेले गए मुकाबले में डेयरडेविल्स ने नाइटराइडर्स को उसी के घर में उसे आठ विकेट से पराजित किया था।टिप्पणियां नाइटराइडर्स ने 12 मैचों में से आठ में जीत दर्ज किए हैं जबकि तीन मैचों में उसे शिकस्त झेलनी पड़ी है वहीं एक मुकाबला बारिश के कारण रद्द हो गया था। 17 अंकों के साथ नाइटराइडर्स तालिका में पहले स्थान पर पहुंच गई है। डेयरडेविल्स ने अब तक 11 मैच खेले हैं जिनमें से उसे आठ में जीत जबकि तीन मैचों में हार मिली है। 16 अंकों के साथ डेयरडेविल्स अंक तालिका में दूसरे स्थान पर खिसक गई है। जयवर्धने के आउट होने के 10 गेंद के भीतर ठीक 100 के कुल योग पर टेलर भी चलते बने। जोरदार शॉट लगाने के प्रयास में वह वह प्रदीप सांगवान की गेंद पर रजत भाटिया द्वारा लपके गए। टेलर ने 27 गेंदों का सामना किया और 16 रन बनाए। वह न तो कोई चौका और न ही कोई छक्का लगा सके। टेलर के बाद योगेश नागर और नमन ओझा सस्ते में आउट होकर पवेलियन लौटे लेकिन दूसरी छोर पर मौजूद पठान ने शानदार हाथ दिखाए। पठान ने 22 गेंदों पर 36 रन बनाए। उन्होंने इस दौरान चार चौके और एक छक्का लगाया। नाइटराइडर्स की ओर से कैलिस और सुनील नरीन ने दो-दो विकेट हासिल किए जबकि ब्रेट ली और प्रदीप सांगवान के खाते में एक-एक विकेट गया। डेयरडेविल्स के तीन बल्लेबाज रन आउट होकर पवेलियन लौटे। दोनों टीमें मौजूदा संस्करण में एक बार आमने-सामने हो चुकी हैं। पांच अप्रैल को खेले गए मुकाबले में डेयरडेविल्स ने नाइटराइडर्स को उसी के घर में उसे आठ विकेट से पराजित किया था।टिप्पणियां नाइटराइडर्स ने 12 मैचों में से आठ में जीत दर्ज किए हैं जबकि तीन मैचों में उसे शिकस्त झेलनी पड़ी है वहीं एक मुकाबला बारिश के कारण रद्द हो गया था। 17 अंकों के साथ नाइटराइडर्स तालिका में पहले स्थान पर पहुंच गई है। डेयरडेविल्स ने अब तक 11 मैच खेले हैं जिनमें से उसे आठ में जीत जबकि तीन मैचों में हार मिली है। 16 अंकों के साथ डेयरडेविल्स अंक तालिका में दूसरे स्थान पर खिसक गई है। टेलर के बाद योगेश नागर और नमन ओझा सस्ते में आउट होकर पवेलियन लौटे लेकिन दूसरी छोर पर मौजूद पठान ने शानदार हाथ दिखाए। पठान ने 22 गेंदों पर 36 रन बनाए। उन्होंने इस दौरान चार चौके और एक छक्का लगाया। नाइटराइडर्स की ओर से कैलिस और सुनील नरीन ने दो-दो विकेट हासिल किए जबकि ब्रेट ली और प्रदीप सांगवान के खाते में एक-एक विकेट गया। डेयरडेविल्स के तीन बल्लेबाज रन आउट होकर पवेलियन लौटे। दोनों टीमें मौजूदा संस्करण में एक बार आमने-सामने हो चुकी हैं। पांच अप्रैल को खेले गए मुकाबले में डेयरडेविल्स ने नाइटराइडर्स को उसी के घर में उसे आठ विकेट से पराजित किया था।टिप्पणियां नाइटराइडर्स ने 12 मैचों में से आठ में जीत दर्ज किए हैं जबकि तीन मैचों में उसे शिकस्त झेलनी पड़ी है वहीं एक मुकाबला बारिश के कारण रद्द हो गया था। 17 अंकों के साथ नाइटराइडर्स तालिका में पहले स्थान पर पहुंच गई है। डेयरडेविल्स ने अब तक 11 मैच खेले हैं जिनमें से उसे आठ में जीत जबकि तीन मैचों में हार मिली है। 16 अंकों के साथ डेयरडेविल्स अंक तालिका में दूसरे स्थान पर खिसक गई है। नाइटराइडर्स की ओर से कैलिस और सुनील नरीन ने दो-दो विकेट हासिल किए जबकि ब्रेट ली और प्रदीप सांगवान के खाते में एक-एक विकेट गया। डेयरडेविल्स के तीन बल्लेबाज रन आउट होकर पवेलियन लौटे। दोनों टीमें मौजूदा संस्करण में एक बार आमने-सामने हो चुकी हैं। पांच अप्रैल को खेले गए मुकाबले में डेयरडेविल्स ने नाइटराइडर्स को उसी के घर में उसे आठ विकेट से पराजित किया था।टिप्पणियां नाइटराइडर्स ने 12 मैचों में से आठ में जीत दर्ज किए हैं जबकि तीन मैचों में उसे शिकस्त झेलनी पड़ी है वहीं एक मुकाबला बारिश के कारण रद्द हो गया था। 17 अंकों के साथ नाइटराइडर्स तालिका में पहले स्थान पर पहुंच गई है। डेयरडेविल्स ने अब तक 11 मैच खेले हैं जिनमें से उसे आठ में जीत जबकि तीन मैचों में हार मिली है। 16 अंकों के साथ डेयरडेविल्स अंक तालिका में दूसरे स्थान पर खिसक गई है। दोनों टीमें मौजूदा संस्करण में एक बार आमने-सामने हो चुकी हैं। पांच अप्रैल को खेले गए मुकाबले में डेयरडेविल्स ने नाइटराइडर्स को उसी के घर में उसे आठ विकेट से पराजित किया था।टिप्पणियां नाइटराइडर्स ने 12 मैचों में से आठ में जीत दर्ज किए हैं जबकि तीन मैचों में उसे शिकस्त झेलनी पड़ी है वहीं एक मुकाबला बारिश के कारण रद्द हो गया था। 17 अंकों के साथ नाइटराइडर्स तालिका में पहले स्थान पर पहुंच गई है। डेयरडेविल्स ने अब तक 11 मैच खेले हैं जिनमें से उसे आठ में जीत जबकि तीन मैचों में हार मिली है। 16 अंकों के साथ डेयरडेविल्स अंक तालिका में दूसरे स्थान पर खिसक गई है। नाइटराइडर्स ने 12 मैचों में से आठ में जीत दर्ज किए हैं जबकि तीन मैचों में उसे शिकस्त झेलनी पड़ी है वहीं एक मुकाबला बारिश के कारण रद्द हो गया था। 17 अंकों के साथ नाइटराइडर्स तालिका में पहले स्थान पर पहुंच गई है। डेयरडेविल्स ने अब तक 11 मैच खेले हैं जिनमें से उसे आठ में जीत जबकि तीन मैचों में हार मिली है। 16 अंकों के साथ डेयरडेविल्स अंक तालिका में दूसरे स्थान पर खिसक गई है। डेयरडेविल्स ने अब तक 11 मैच खेले हैं जिनमें से उसे आठ में जीत जबकि तीन मैचों में हार मिली है। 16 अंकों के साथ डेयरडेविल्स अंक तालिका में दूसरे स्थान पर खिसक गई है।
सारांश: इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के पांचवें संस्करण के अंतर्गत सोमवार को फिरोजशाह कोटला स्टेडियम में एक आसान मुकाबले में कोलकाता नाइटराइडर्स टीम ने दिल्ली डेयरडेविल्स को छह विकेट से पराजित कर अंक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल कर लिया।
20
['hin']