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इस पाठ का सारांश बनाओ: अक्‍सर मां-बाप यह कोशिश करते हैं कि उनके बच्‍चे गंदी संगत से दूर रहें, गालियां न सीखें, गंदे शब्‍दों से बचें. लेकिन बॉलीवुड के 'बादशाह' शाहरुख खान काफी कूल डेड हैं और अपने बेटे से उसके करियर से लेकर गालियों, तक हर बात डिसकस करते हैं. फादर्स डे पर अपने बच्‍चों के बारे में बात करते हुए डीएनए को दिए अपने एक इंटरव्‍यू में शाहरुख खान से जब पूछा गया कि आर्यन अब 20 साल के हो गए हैं और आर्यन के साथ उनका रिश्‍ता कैसा है तो शाहरुख ने कहा कि वह काफी 'कूल फादर' हैं और आर्यन उन्‍हें काफी एक्‍साइटेड होकर उन गालियों के बारे में बताता है, जो उसने सीखीं हैं. शाहरुख इस बीच अपने छोटे बेटे के बारे में भी बताते हैं जो आजकल कई बार पापा की गोद में नजर आता है.डीएनए को दिए अपने इंटरव्‍यू में शाहरुख ने कहा, ' मैं काफी कूल पिता हूं. कई बार मैं और आर्यन अपने शॉर्ट्स पहन कर लेटते हैं और गंदे जोक्‍स करते हैं. वह काफी एक्‍साइटेड होकर मुझे उन गालियों के बारे में बताता है, जो उसने सीखी हैं. मैं दिल्‍ली से हूं और उसकी उम्र से गुजर चुका हूं, और इसलिए मुझे हिंदी की गालियां काफी अच्‍छे से आती हैं (हंसते हुए). तो जब वह मुझे उनके बारे में बताता है तो मैं उसे उसके दूसरे वर्जन के बारे में भी बताता हूं.'   बेटे आर्यन और सैफ अली खान की बेटी सारा खान के साथ शाहरुख खान. टिप्पणियां शाहरुख ने इस इंटरव्‍यू में कहा, 'हम थोड़ा बहुत फिल्‍ममेकिंग के बारे में भी बात करते हैं क्‍योंकि आर्यन यही पढ़ भी रहा है. हालांकि वह उसे अलग रखना चाहता है क्‍योंकि वह उसे खुद सीखना चाहता है. हम कई फिल्‍में देखते हैं और उन्‍हें देखते हुए ही फिल्‍ममेकिंग के बारे में बात करते हैं. हम मुसीबतों में फंसने की बात करते हैं, लड़ाई-झगड़े में फंसने की, किसी लड़के को कैसे मारना है या कोई तुम्‍हे परेशान करे तो उसका जवाब कैसे देना है.'   अपने छोटे बेटे अबराम के साथ शाहरुख खान. पिछले दिनों शाहरुख खान अपनी फिल्‍म 'रईस' के प्रमोशन से लेकर कई अलग-अलग मौकों पर अपने छोटे बेटे अबराम के साथ नजर आए हैं. अबराम के बारे में बात करते हुए शाहरुख ने कहा, 'अबराम मुझे लेकर काफी प्रोटेक्टिव है. जब वह स्‍क्रीन पर किसी को मुझे मारते हुए देखता है तो उसे लगता है यह सच में हो रहा है. अगली बार जब वह उस शख्‍स से मिलता है तो काफी घूर का देखता है.' शाहरुख ने कहा, ' अबराम और में दुबई में 'रावन' देखने गए तो वह नवाज भाई से थोड़ा नाराज हो गया था. बाकी वह काफी शांत है.' उन्‍होंने कहा, ' वह मेरे साथ रहना काफी पसंद करता है. वह मेरे बर्थडे पर घर के बाहर मेरे फैन्‍स को देखकर काफी खुश हो गया था. फैन्‍स मेरा नाम ले कर चिल्‍ला रहे थे और वह दौड़कर मेरे पास आता और कहता, ' पापा, लोग आ गए हैं. चलिए उनसे मिलिए.' वह मुझे खींच कर ले जाता क्‍योंकि उसे वहां मजा आ रहा था.' डीएनए को दिए अपने इंटरव्‍यू में शाहरुख ने कहा, ' मैं काफी कूल पिता हूं. कई बार मैं और आर्यन अपने शॉर्ट्स पहन कर लेटते हैं और गंदे जोक्‍स करते हैं. वह काफी एक्‍साइटेड होकर मुझे उन गालियों के बारे में बताता है, जो उसने सीखी हैं. मैं दिल्‍ली से हूं और उसकी उम्र से गुजर चुका हूं, और इसलिए मुझे हिंदी की गालियां काफी अच्‍छे से आती हैं (हंसते हुए). तो जब वह मुझे उनके बारे में बताता है तो मैं उसे उसके दूसरे वर्जन के बारे में भी बताता हूं.'   बेटे आर्यन और सैफ अली खान की बेटी सारा खान के साथ शाहरुख खान. टिप्पणियां शाहरुख ने इस इंटरव्‍यू में कहा, 'हम थोड़ा बहुत फिल्‍ममेकिंग के बारे में भी बात करते हैं क्‍योंकि आर्यन यही पढ़ भी रहा है. हालांकि वह उसे अलग रखना चाहता है क्‍योंकि वह उसे खुद सीखना चाहता है. हम कई फिल्‍में देखते हैं और उन्‍हें देखते हुए ही फिल्‍ममेकिंग के बारे में बात करते हैं. हम मुसीबतों में फंसने की बात करते हैं, लड़ाई-झगड़े में फंसने की, किसी लड़के को कैसे मारना है या कोई तुम्‍हे परेशान करे तो उसका जवाब कैसे देना है.'   अपने छोटे बेटे अबराम के साथ शाहरुख खान. पिछले दिनों शाहरुख खान अपनी फिल्‍म 'रईस' के प्रमोशन से लेकर कई अलग-अलग मौकों पर अपने छोटे बेटे अबराम के साथ नजर आए हैं. अबराम के बारे में बात करते हुए शाहरुख ने कहा, 'अबराम मुझे लेकर काफी प्रोटेक्टिव है. जब वह स्‍क्रीन पर किसी को मुझे मारते हुए देखता है तो उसे लगता है यह सच में हो रहा है. अगली बार जब वह उस शख्‍स से मिलता है तो काफी घूर का देखता है.' शाहरुख ने कहा, ' अबराम और में दुबई में 'रावन' देखने गए तो वह नवाज भाई से थोड़ा नाराज हो गया था. बाकी वह काफी शांत है.' उन्‍होंने कहा, ' वह मेरे साथ रहना काफी पसंद करता है. वह मेरे बर्थडे पर घर के बाहर मेरे फैन्‍स को देखकर काफी खुश हो गया था. फैन्‍स मेरा नाम ले कर चिल्‍ला रहे थे और वह दौड़कर मेरे पास आता और कहता, ' पापा, लोग आ गए हैं. चलिए उनसे मिलिए.' वह मुझे खींच कर ले जाता क्‍योंकि उसे वहां मजा आ रहा था.' शाहरुख ने इस इंटरव्‍यू में कहा, 'हम थोड़ा बहुत फिल्‍ममेकिंग के बारे में भी बात करते हैं क्‍योंकि आर्यन यही पढ़ भी रहा है. हालांकि वह उसे अलग रखना चाहता है क्‍योंकि वह उसे खुद सीखना चाहता है. हम कई फिल्‍में देखते हैं और उन्‍हें देखते हुए ही फिल्‍ममेकिंग के बारे में बात करते हैं. हम मुसीबतों में फंसने की बात करते हैं, लड़ाई-झगड़े में फंसने की, किसी लड़के को कैसे मारना है या कोई तुम्‍हे परेशान करे तो उसका जवाब कैसे देना है.'   अपने छोटे बेटे अबराम के साथ शाहरुख खान. पिछले दिनों शाहरुख खान अपनी फिल्‍म 'रईस' के प्रमोशन से लेकर कई अलग-अलग मौकों पर अपने छोटे बेटे अबराम के साथ नजर आए हैं. अबराम के बारे में बात करते हुए शाहरुख ने कहा, 'अबराम मुझे लेकर काफी प्रोटेक्टिव है. जब वह स्‍क्रीन पर किसी को मुझे मारते हुए देखता है तो उसे लगता है यह सच में हो रहा है. अगली बार जब वह उस शख्‍स से मिलता है तो काफी घूर का देखता है.' शाहरुख ने कहा, ' अबराम और में दुबई में 'रावन' देखने गए तो वह नवाज भाई से थोड़ा नाराज हो गया था. बाकी वह काफी शांत है.' उन्‍होंने कहा, ' वह मेरे साथ रहना काफी पसंद करता है. वह मेरे बर्थडे पर घर के बाहर मेरे फैन्‍स को देखकर काफी खुश हो गया था. फैन्‍स मेरा नाम ले कर चिल्‍ला रहे थे और वह दौड़कर मेरे पास आता और कहता, ' पापा, लोग आ गए हैं. चलिए उनसे मिलिए.' वह मुझे खींच कर ले जाता क्‍योंकि उसे वहां मजा आ रहा था.' पिछले दिनों शाहरुख खान अपनी फिल्‍म 'रईस' के प्रमोशन से लेकर कई अलग-अलग मौकों पर अपने छोटे बेटे अबराम के साथ नजर आए हैं. अबराम के बारे में बात करते हुए शाहरुख ने कहा, 'अबराम मुझे लेकर काफी प्रोटेक्टिव है. जब वह स्‍क्रीन पर किसी को मुझे मारते हुए देखता है तो उसे लगता है यह सच में हो रहा है. अगली बार जब वह उस शख्‍स से मिलता है तो काफी घूर का देखता है.' शाहरुख ने कहा, ' अबराम और में दुबई में 'रावन' देखने गए तो वह नवाज भाई से थोड़ा नाराज हो गया था. बाकी वह काफी शांत है.' उन्‍होंने कहा, ' वह मेरे साथ रहना काफी पसंद करता है. वह मेरे बर्थडे पर घर के बाहर मेरे फैन्‍स को देखकर काफी खुश हो गया था. फैन्‍स मेरा नाम ले कर चिल्‍ला रहे थे और वह दौड़कर मेरे पास आता और कहता, ' पापा, लोग आ गए हैं. चलिए उनसे मिलिए.' वह मुझे खींच कर ले जाता क्‍योंकि उसे वहां मजा आ रहा था.'
सारांश: शाहरुख ने कहा कि वह काफी 'कूल फादर' हैं शाहरुख खान का बेटा आर्यन फिल्‍ममेकिंग पढ़ रहा है शाहरुख खान ने कहा, 'अबराम मेरे साथ रहना काफी पसंद करता है'
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारतीय हॉकी टीम ने अपना दमखम दिखाते हुए बुधवार को सुल्तान अजलान शाह स्टेडियम में खेले गए नौवें एशिया कप के अपने अंतिम ग्रुप मैच में बांग्लादेश को 9-1 से हरा दिया। भारत की ओर से रुपिंदर पाल सिंह और वीआर रघुनाथ ने चार-चार गोल किए। इस प्रतियोगिता में भारत की यह लगातार तीसरी जीत है। भारत सोमवार को दक्षिण कोरिया पर मिली 2-0 की जीत के साथ ही सेमीफाइनल में पहुंच चुका है। भारत के खाते में नौ अंक हैं। रुपिंदर ने पहले हाफ के तीसरे, 19वें और 27 वें मिनट में गोल किए और फिर 61वें मिनट में भी एक गोल दागा। मध्यांतर से पहले नितिन थिमैया और रघुनाथ ने भी एक-एक गोल किया। थिमैया ने 24वें और रघुनाथ ने 29वें मिनट में गोल किया। भारत मध्यांतर तक 5-1 से बढ़त ले चुका था। भारत के खिलाफ एकमात्र गोल 34वें मिनट में हुआ। यह गोल मोहम्मद मामुनार ने किया। रघुनाथ ने दूसरे हाफ में 47वें, 52वें और 60वें मिनट में तीन और गोल किए। टिप्पणियां भारत ने ग्रुप-बी में शीर्ष पर रहते हुए सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई किया है। सेमीफाइनल में भारत का सामना शुक्रवार को मलेशिया के साथ होगा। दूसरे सेमीफाइनल में पाकिस्तान और कोरिया की टीमें भिड़ेंगी। भारत के लिए यह खिताब जीतना अनिवार्य है, क्योंकि इसी के माध्यम से वह विश्वकप-2014 के लिए क्वालीफाई कर सकता है। इस प्रतियोगिता में भारत की यह लगातार तीसरी जीत है। भारत सोमवार को दक्षिण कोरिया पर मिली 2-0 की जीत के साथ ही सेमीफाइनल में पहुंच चुका है। भारत के खाते में नौ अंक हैं। रुपिंदर ने पहले हाफ के तीसरे, 19वें और 27 वें मिनट में गोल किए और फिर 61वें मिनट में भी एक गोल दागा। मध्यांतर से पहले नितिन थिमैया और रघुनाथ ने भी एक-एक गोल किया। थिमैया ने 24वें और रघुनाथ ने 29वें मिनट में गोल किया। भारत मध्यांतर तक 5-1 से बढ़त ले चुका था। भारत के खिलाफ एकमात्र गोल 34वें मिनट में हुआ। यह गोल मोहम्मद मामुनार ने किया। रघुनाथ ने दूसरे हाफ में 47वें, 52वें और 60वें मिनट में तीन और गोल किए। टिप्पणियां भारत ने ग्रुप-बी में शीर्ष पर रहते हुए सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई किया है। सेमीफाइनल में भारत का सामना शुक्रवार को मलेशिया के साथ होगा। दूसरे सेमीफाइनल में पाकिस्तान और कोरिया की टीमें भिड़ेंगी। भारत के लिए यह खिताब जीतना अनिवार्य है, क्योंकि इसी के माध्यम से वह विश्वकप-2014 के लिए क्वालीफाई कर सकता है। रुपिंदर ने पहले हाफ के तीसरे, 19वें और 27 वें मिनट में गोल किए और फिर 61वें मिनट में भी एक गोल दागा। मध्यांतर से पहले नितिन थिमैया और रघुनाथ ने भी एक-एक गोल किया। थिमैया ने 24वें और रघुनाथ ने 29वें मिनट में गोल किया। भारत मध्यांतर तक 5-1 से बढ़त ले चुका था। भारत के खिलाफ एकमात्र गोल 34वें मिनट में हुआ। यह गोल मोहम्मद मामुनार ने किया। रघुनाथ ने दूसरे हाफ में 47वें, 52वें और 60वें मिनट में तीन और गोल किए। टिप्पणियां भारत ने ग्रुप-बी में शीर्ष पर रहते हुए सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई किया है। सेमीफाइनल में भारत का सामना शुक्रवार को मलेशिया के साथ होगा। दूसरे सेमीफाइनल में पाकिस्तान और कोरिया की टीमें भिड़ेंगी। भारत के लिए यह खिताब जीतना अनिवार्य है, क्योंकि इसी के माध्यम से वह विश्वकप-2014 के लिए क्वालीफाई कर सकता है। मध्यांतर से पहले नितिन थिमैया और रघुनाथ ने भी एक-एक गोल किया। थिमैया ने 24वें और रघुनाथ ने 29वें मिनट में गोल किया। भारत मध्यांतर तक 5-1 से बढ़त ले चुका था। भारत के खिलाफ एकमात्र गोल 34वें मिनट में हुआ। यह गोल मोहम्मद मामुनार ने किया। रघुनाथ ने दूसरे हाफ में 47वें, 52वें और 60वें मिनट में तीन और गोल किए। टिप्पणियां भारत ने ग्रुप-बी में शीर्ष पर रहते हुए सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई किया है। सेमीफाइनल में भारत का सामना शुक्रवार को मलेशिया के साथ होगा। दूसरे सेमीफाइनल में पाकिस्तान और कोरिया की टीमें भिड़ेंगी। भारत के लिए यह खिताब जीतना अनिवार्य है, क्योंकि इसी के माध्यम से वह विश्वकप-2014 के लिए क्वालीफाई कर सकता है। भारत के खिलाफ एकमात्र गोल 34वें मिनट में हुआ। यह गोल मोहम्मद मामुनार ने किया। रघुनाथ ने दूसरे हाफ में 47वें, 52वें और 60वें मिनट में तीन और गोल किए। टिप्पणियां भारत ने ग्रुप-बी में शीर्ष पर रहते हुए सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई किया है। सेमीफाइनल में भारत का सामना शुक्रवार को मलेशिया के साथ होगा। दूसरे सेमीफाइनल में पाकिस्तान और कोरिया की टीमें भिड़ेंगी। भारत के लिए यह खिताब जीतना अनिवार्य है, क्योंकि इसी के माध्यम से वह विश्वकप-2014 के लिए क्वालीफाई कर सकता है। भारत ने ग्रुप-बी में शीर्ष पर रहते हुए सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई किया है। सेमीफाइनल में भारत का सामना शुक्रवार को मलेशिया के साथ होगा। दूसरे सेमीफाइनल में पाकिस्तान और कोरिया की टीमें भिड़ेंगी। भारत के लिए यह खिताब जीतना अनिवार्य है, क्योंकि इसी के माध्यम से वह विश्वकप-2014 के लिए क्वालीफाई कर सकता है। दूसरे सेमीफाइनल में पाकिस्तान और कोरिया की टीमें भिड़ेंगी। भारत के लिए यह खिताब जीतना अनिवार्य है, क्योंकि इसी के माध्यम से वह विश्वकप-2014 के लिए क्वालीफाई कर सकता है।
सारांश: भारतीय हॉकी टीम ने अपना दमखम दिखाते हुए बुधवार को सुल्तान अजलान शाह स्टेडियम में खेले गए नौवें एशिया कप के अपने अंतिम ग्रुप मैच में बांग्लादेश को 9-1 से हरा दिया। भारत की ओर से रुपिंदर पाल सिंह और वीआर रघुनाथ ने चार-चार गोल किए।
33
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: ब्रिटेन में भारतीय छात्र अनुज बिदवे की हत्या के मामले में मैनचेस्टर की अदालत ने ‘साइको’ ब्रिटिश युवक किआरन स्टाप्लेटन को दोषी करार दिया है। पिछले वर्ष 26 दिसम्बर को स्टेपलेटन (21) ने बिदवे की गोली मारकर हत्या कर दी थी। अदालत में सुनवाई के दौरान इस ब्रिटिश युवक ने खुद को ‘साइको’ करार दिया था। गोली मारकर बिदवे की हत्या के बाद मानसिक तौर पर स्वस्थ नहीं होने के बारे में सबूत पेश करते हुए स्टाप्लेटन ने मारने के आरोप को स्वीकार किया लेकिन हत्या करने के नहीं। अदालत ने स्टाप्लेटन की याचिका को स्वीकार नहीं किया और उसके खिलाफ सुनवाई हुई जिसमें अदालत ने उसका साक्षात्कार करने और उसका विश्लेषण करने वाले मनोवैज्ञानिक के सबूतों को सुना। स्टाप्लेटन के खिलाफ चली सुनवाई में बिदवे के माता-पिता ने भी भाग लिया। दोनों पुणे से यहां आए हैं। इस मामले में स्टाप्लेटन को दोषी करार देने वाली ज्यूरी आज अवकाश ग्रहण कर रही है।टिप्पणियां भारतीय छात्र बिदवे यहां लैंसेस्टर विश्वविद्यालय में माइक्रो-इलेक्ट्रानिक्स का छात्र था। उसकी हत्या पिछले साल 26 दिसंबर को सैलफोर्ड के ओर्डसाल लेन में की गई थी। यह मामला ब्रिटेन और भारत में काफी सुखिर्यों में रहा था। इस घटना के बाद ब्रिटेन में विदेशी छात्रों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े होने लगे थे, हालांकि ब्रिटेन के शीर्ष अधिकारियों ने भरोसा दिलाया था कि यह देश सभी के लिए सुरक्षित है। मामले में ब्रिटिश युवक को दोषी करार दिए जाने के बाद यहां लेबर पार्टी के वरिष्ठ सांसद कीथ वैज ने कहा, ‘‘मामले में इंसाफ हुआ है। दुख की घड़ी में बिदवे परिवार ने बड़े स्वाभिमान का परिचय दिया। मैं उम्मीद करता हूं कि वे अपनी जिदंगी को फिर से संवारेंगे।’’ पिछले वर्ष 26 दिसम्बर को स्टेपलेटन (21) ने बिदवे की गोली मारकर हत्या कर दी थी। अदालत में सुनवाई के दौरान इस ब्रिटिश युवक ने खुद को ‘साइको’ करार दिया था। गोली मारकर बिदवे की हत्या के बाद मानसिक तौर पर स्वस्थ नहीं होने के बारे में सबूत पेश करते हुए स्टाप्लेटन ने मारने के आरोप को स्वीकार किया लेकिन हत्या करने के नहीं। अदालत ने स्टाप्लेटन की याचिका को स्वीकार नहीं किया और उसके खिलाफ सुनवाई हुई जिसमें अदालत ने उसका साक्षात्कार करने और उसका विश्लेषण करने वाले मनोवैज्ञानिक के सबूतों को सुना। स्टाप्लेटन के खिलाफ चली सुनवाई में बिदवे के माता-पिता ने भी भाग लिया। दोनों पुणे से यहां आए हैं। इस मामले में स्टाप्लेटन को दोषी करार देने वाली ज्यूरी आज अवकाश ग्रहण कर रही है।टिप्पणियां भारतीय छात्र बिदवे यहां लैंसेस्टर विश्वविद्यालय में माइक्रो-इलेक्ट्रानिक्स का छात्र था। उसकी हत्या पिछले साल 26 दिसंबर को सैलफोर्ड के ओर्डसाल लेन में की गई थी। यह मामला ब्रिटेन और भारत में काफी सुखिर्यों में रहा था। इस घटना के बाद ब्रिटेन में विदेशी छात्रों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े होने लगे थे, हालांकि ब्रिटेन के शीर्ष अधिकारियों ने भरोसा दिलाया था कि यह देश सभी के लिए सुरक्षित है। मामले में ब्रिटिश युवक को दोषी करार दिए जाने के बाद यहां लेबर पार्टी के वरिष्ठ सांसद कीथ वैज ने कहा, ‘‘मामले में इंसाफ हुआ है। दुख की घड़ी में बिदवे परिवार ने बड़े स्वाभिमान का परिचय दिया। मैं उम्मीद करता हूं कि वे अपनी जिदंगी को फिर से संवारेंगे।’’ अदालत ने स्टाप्लेटन की याचिका को स्वीकार नहीं किया और उसके खिलाफ सुनवाई हुई जिसमें अदालत ने उसका साक्षात्कार करने और उसका विश्लेषण करने वाले मनोवैज्ञानिक के सबूतों को सुना। स्टाप्लेटन के खिलाफ चली सुनवाई में बिदवे के माता-पिता ने भी भाग लिया। दोनों पुणे से यहां आए हैं। इस मामले में स्टाप्लेटन को दोषी करार देने वाली ज्यूरी आज अवकाश ग्रहण कर रही है।टिप्पणियां भारतीय छात्र बिदवे यहां लैंसेस्टर विश्वविद्यालय में माइक्रो-इलेक्ट्रानिक्स का छात्र था। उसकी हत्या पिछले साल 26 दिसंबर को सैलफोर्ड के ओर्डसाल लेन में की गई थी। यह मामला ब्रिटेन और भारत में काफी सुखिर्यों में रहा था। इस घटना के बाद ब्रिटेन में विदेशी छात्रों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े होने लगे थे, हालांकि ब्रिटेन के शीर्ष अधिकारियों ने भरोसा दिलाया था कि यह देश सभी के लिए सुरक्षित है। मामले में ब्रिटिश युवक को दोषी करार दिए जाने के बाद यहां लेबर पार्टी के वरिष्ठ सांसद कीथ वैज ने कहा, ‘‘मामले में इंसाफ हुआ है। दुख की घड़ी में बिदवे परिवार ने बड़े स्वाभिमान का परिचय दिया। मैं उम्मीद करता हूं कि वे अपनी जिदंगी को फिर से संवारेंगे।’’ भारतीय छात्र बिदवे यहां लैंसेस्टर विश्वविद्यालय में माइक्रो-इलेक्ट्रानिक्स का छात्र था। उसकी हत्या पिछले साल 26 दिसंबर को सैलफोर्ड के ओर्डसाल लेन में की गई थी। यह मामला ब्रिटेन और भारत में काफी सुखिर्यों में रहा था। इस घटना के बाद ब्रिटेन में विदेशी छात्रों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े होने लगे थे, हालांकि ब्रिटेन के शीर्ष अधिकारियों ने भरोसा दिलाया था कि यह देश सभी के लिए सुरक्षित है। मामले में ब्रिटिश युवक को दोषी करार दिए जाने के बाद यहां लेबर पार्टी के वरिष्ठ सांसद कीथ वैज ने कहा, ‘‘मामले में इंसाफ हुआ है। दुख की घड़ी में बिदवे परिवार ने बड़े स्वाभिमान का परिचय दिया। मैं उम्मीद करता हूं कि वे अपनी जिदंगी को फिर से संवारेंगे।’’ मामले में ब्रिटिश युवक को दोषी करार दिए जाने के बाद यहां लेबर पार्टी के वरिष्ठ सांसद कीथ वैज ने कहा, ‘‘मामले में इंसाफ हुआ है। दुख की घड़ी में बिदवे परिवार ने बड़े स्वाभिमान का परिचय दिया। मैं उम्मीद करता हूं कि वे अपनी जिदंगी को फिर से संवारेंगे।’’
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पुणे के रहने वाले इस छात्र की 26 दिसंबर 2011 को हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड को लेकर भारत और ब्रिटेन में काफी हंगामा हुआ।
25
['hin']
एक सारांश बनाओ: विश्व डाक दिवस या वर्ल्ड पोस्ट डे (World Post Day) दुनिया भर में मनाया जा रहा है. वर्ल्ड पोस्ट डे (World Post Office Day) हर साल 9 अक्टूबर को मनाया जाता है. इंटरनेट के इस जमाने में आज भी लोग डाक सेवा का प्रयोग कर रहे हैं. डाक पर लोगों का भरोसा आज भी उतना ही कायम है. पोस्ट (Post) एक शहर से दूसरे शहर तक सूचना पहुंचाने का सर्वाधिक विश्वसनीय, सुगम और सस्ता साधन रहा है. इतना ही नहीं दुनिया के किसी भी देश में आप अपना संदेश डाक की मदद से पहुंचा सकते हैं. आइये जानते हैं वर्ल्ड पोस्ट डे के इतिहास के बारें में.. Nobel Prize: क्यों दिया जाता है नोबेल पुरस्कार, जानिए इसके बारे में सबकुछ भविष्य में पोस्टल ई-सेवाओं की संख्या और अधिक बढ़ाई जाएगी. पोस्टल ऑपरेशंस काउंसिल (पीओसी) यूपीयू का तकनीकी और संचालन संबंधी निकाय है. इसमें 40 सदस्य देश शामिल हैं, जिनका चयन सम्मेलन के दौरान किया जाता है. यूपीयू के मुख्यालय बर्न में इसकी सालाना बैठक होती है. यह डाक व्यापार के संचालन, आर्थिक और व्यावसायिक मामलों को देखता है. जहां कहीं भी एकसमान कार्यप्रणाली या व्यवहार जरूरी हों, वहां अपनी क्षमता के मुताबिक यह तकनीकी और संचालन समेत अन्य प्रक्रियाओं के मानकों के लिए सदस्य देशों को अपनी अनुशंसा मुहैया कराता है. खुद भी पढ़‍िए और अपने बच्‍चों को भी पढ़ाएं मुंशी प्रेमचंद की ये 5 कहानियां
सारांश: विश्व डाक दिवस 9 अक्टूबर को मनाया जाता है. विश्व डाक दिवस मनाने का मकसद लोगों को डाक के बारे में जागरूक करना है. लोग आज भी डाक पर भरोसा करते हैं.
5
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: लेकिन मनोज सिन्हा का एक कमजोर पहलू यह है कि वह सवर्ण जाति से आते हैं. यूपी चुनावों में बीजेपी को दलितों और पिछड़ी जातियों का काफी समर्थन मिला, ऐसे में पार्टी उन्हें नाराज करने का जोखिम नहीं लेना चाहेगी. इस लिहाज से अति पिछड़ा वर्ग से आने वाले केशव प्रसाद मौर्य का चयन बीजेपी की समस्या का समाधान कर सकता है. मौर्य को पिछले साल इसी आधार पर बीजेपी का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था, जिसके बाद पार्टी ने दलितों और पिछड़ों के बीच पैठ बनाना शुरू किया. मौर्य के पक्ष में एक और बात जाती है और वह है राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से उनका पुराना नाता. हालांकि बीजेपी के लिए यह बात परेशानी की हो सकती है कि मौर्य के खिलाफ कई मामले दर्ज हैं और अगर उन्हें सीएम बनाया गया तो विपक्षी दल बीजेपी को निशाने पर लेगी. बीजेपी यूपी में चुनाव प्रचार के दौरान अखिलेश यादव और उनकी समाजवादी पार्टी के खिलाफ बार-बार कानून-व्यवस्था का मुद्दा और कथित 'गुंडाराज' को ही उछालती रही थी.टिप्पणियां विधानसभा चुनावों की जबर्दस्त जीत से आम जनता की उम्मीदें बहुत ज्यादा हैं, जिन्हें पूरा करना बीजेपी के लिए बड़ी चुनौती होगी.  2019 के लोकसभा चुनाव के मद्देनजर उत्तर प्रदेश के मामले में पार्टी कोई भी ऐसा फैसला नहीं लेना चाहती, जिससे आगे चलकर नुकसान हो.   हालांकि बीजेपी के लिए यह बात परेशानी की हो सकती है कि मौर्य के खिलाफ कई मामले दर्ज हैं और अगर उन्हें सीएम बनाया गया तो विपक्षी दल बीजेपी को निशाने पर लेगी. बीजेपी यूपी में चुनाव प्रचार के दौरान अखिलेश यादव और उनकी समाजवादी पार्टी के खिलाफ बार-बार कानून-व्यवस्था का मुद्दा और कथित 'गुंडाराज' को ही उछालती रही थी.टिप्पणियां विधानसभा चुनावों की जबर्दस्त जीत से आम जनता की उम्मीदें बहुत ज्यादा हैं, जिन्हें पूरा करना बीजेपी के लिए बड़ी चुनौती होगी.  2019 के लोकसभा चुनाव के मद्देनजर उत्तर प्रदेश के मामले में पार्टी कोई भी ऐसा फैसला नहीं लेना चाहती, जिससे आगे चलकर नुकसान हो.   विधानसभा चुनावों की जबर्दस्त जीत से आम जनता की उम्मीदें बहुत ज्यादा हैं, जिन्हें पूरा करना बीजेपी के लिए बड़ी चुनौती होगी.  2019 के लोकसभा चुनाव के मद्देनजर उत्तर प्रदेश के मामले में पार्टी कोई भी ऐसा फैसला नहीं लेना चाहती, जिससे आगे चलकर नुकसान हो.
सारांश: सीएम की रेस में मनोज सिन्हा और केशव प्रसाद मौर्य आगे राजनाथ सिंह के बारे में बीजेपी शीर्ष नेतृत्व ने नहीं लिया अभी तक फैसला शनिवार को बीजेपी विधायक दल की बैठक में तय होगा सीएम का नाम
20
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: आतंकवादी संगठन अलकायदा भारत में धन भेजने के लिये यूरोपीय देशों का इस्तेमाल कर रहा है। पेरू की वित्तीय खुफिया इकाई :एफआईयू: की एक रिपोर्ट में यह खुलासा किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक एफआईयू को इस प्रकार के संदिग्ध लेन-देन के हर महीने कम से कम एक मामला देखने को मिला है। इस बारे में खुफिया इकाई ने अमेरिकी जांचकर्ताओं को सूचना दी है। विकीलीक्स ने एफआईयू के प्रमुख इनरिक सालविदार के हवाले से यह रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अलकायदा लीमा के रास्ते यूरोप से भारत धन भेज रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, सालविदार ने कहा कि उन्हें इस प्रकार के संदिग्ध लेन-देन के हर माह कम से कम एक मामला देखने को मिला है। एफआईयू ने 2009 में संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े 7,710 मामलों की जांच की। इसमें 781 मामले आगे की जांच के लिये भेजे गये। इन 781 मामलों से संबद्ध खुफिया रिपोर्ट के आधार पर जांच एजेंसी ने यह निष्कर्ष निकाला कि 3 अरब अमेरिकी डालर पेरू के बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों से अवैध तरीके से भेजे गये। रिपोर्ट के मुताबिक, इसमें से 83 फीसद राशि नशीले पदार्थ की तस्करी से जुड़ी थी। जबकि अन्य 17 फीसद राशि राजकोषीय धोखाधड़ी, भ्रष्टाचार और हथियारों के अवैध कारोबार से जुड़ी थी। फिलहाल 308 मामलों पर आगे की जांच चल रही है।
यह एक सारांश है: रिपोर्ट के मुताबिक एफआईयू को इस प्रकार के संदिग्ध लेन-देन के हर महीने कम से कम एक मामला देखने को मिला है।
2
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली पुलिस ने कैलाश सत्यार्थी के चोरी हुए नोबेल पुरस्कार और दूसरे सम्मान बरामद कर लिए हैं. इस मामले में 3 सगे भाइयों को गिरफ्तार किया गया है. कैलाश सत्यार्थी को मिले नोबेल पुरस्कार की ये वही रेप्लिका है जिसे 7 फरवरी को कालका जी इलाके के अरावली अपार्टमेंट के कैलाश सत्यार्थी के घर से चोरी कर लिया गया था. इसके साथ ही चोरी हुए सभी अवार्ड और गहने भी बरामद कर लिए गए.टिप्पणियां गिरफ्तार हुए राजन, सुनील और विनोद सगे भाई हैं और संगम विहार के रहने वाले हैं. ये लोग पहले भी कई वारदात में शामिल रहे हैं. पुलिस इन तक सीसीटीवी और फिंगर प्रिंट के नमूनों के जरिये पहुँची. पुलिस के मुताबिक ये अवार्ड को सोना समझ कर ले गए लेकिन चोरी के बाद इन्हें अहसास हुआ की इन लोगों ने क्या चोरी कर लिया है. ज्‍वाइंट कमिश्‍नर आर पी उपाध्याय के मुताबिक चोरी के बाद जब इन लोगों ने टीवी पर देखा की उनसे नोबेल चोरी हो गया है तो इनकी बेचैनी बढ़ गयी और ये लोग पिछले 5 दिनों से लगातार ठिकाने बदलने रहे. दिल्ली पुलिस के मुताबिक कैलाश सत्यार्थी के घर के आसपास जिन 2 घरों में चोरी हुई थी, उनका सामान भी बरामद कर लिया गया है. उन घटनाओं को भी इन्‍होंने ही अंजाम दिया था.  गिरफ्तार हुए राजन, सुनील और विनोद सगे भाई हैं और संगम विहार के रहने वाले हैं. ये लोग पहले भी कई वारदात में शामिल रहे हैं. पुलिस इन तक सीसीटीवी और फिंगर प्रिंट के नमूनों के जरिये पहुँची. पुलिस के मुताबिक ये अवार्ड को सोना समझ कर ले गए लेकिन चोरी के बाद इन्हें अहसास हुआ की इन लोगों ने क्या चोरी कर लिया है. ज्‍वाइंट कमिश्‍नर आर पी उपाध्याय के मुताबिक चोरी के बाद जब इन लोगों ने टीवी पर देखा की उनसे नोबेल चोरी हो गया है तो इनकी बेचैनी बढ़ गयी और ये लोग पिछले 5 दिनों से लगातार ठिकाने बदलने रहे. दिल्ली पुलिस के मुताबिक कैलाश सत्यार्थी के घर के आसपास जिन 2 घरों में चोरी हुई थी, उनका सामान भी बरामद कर लिया गया है. उन घटनाओं को भी इन्‍होंने ही अंजाम दिया था.  दिल्ली पुलिस के मुताबिक कैलाश सत्यार्थी के घर के आसपास जिन 2 घरों में चोरी हुई थी, उनका सामान भी बरामद कर लिया गया है. उन घटनाओं को भी इन्‍होंने ही अंजाम दिया था.
संक्षिप्त पाठ: कैलाश सत्‍यार्थी के घर सात फरवरी को चोरी हुई थी चोर उनके नोबेल पुरस्‍कार के रेप्लिका को भी ले गए थे उस दौरान कैलाश सत्‍यार्थी विदेश गए थे
22
['hin']
एक सारांश बनाओ: कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी अगले महीने पूरे 30 दिन उत्तर-प्रदेश में होंगे. पार्टी सूत्रों के अनुसार अगले 10 दिन के भीतर वह यूपी के साउथ- ईस्ट हिस्से देवरिया से रोड शो शुरू करने जा रहे हैं. राज्य में करीब छह महीने बाद होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर पार्टी के जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं और वोटरों तक पहुंचने के लिए यह रणनीति अपनाई बताई जा रही है.टिप्पणियां यूपी में कांग्रेस ने करीब तीन दशक पहले सत्ता संभाली थी. अबकी बार पार्टी ने अपना चेहरा दिल्ली की पूर्व सीएम शीला दीक्षित को बनाया है. पिछले महीने ही कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का यूपी में एक रोड शो के दौरान अचानक तबीयत खराब होने के चलते दौरा बीच में ही रद्द हो गया था. सोनिया गांधी तब वाराणसी में रोड शो कर रही थीं. फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि राहुल गांधी टूर करेंगे या फिर यात्रा. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के वाराणसी रोड शो के बाद कांग्रेस का यह दूसरा बड़ा रोड शो होगा जिसमें कांग्रेस के उत्तर-प्रदेश विधानसभा चुनाव से जुड़े सभी नेता मौजूद रहेंगे. यूपी में कांग्रेस ने करीब तीन दशक पहले सत्ता संभाली थी. अबकी बार पार्टी ने अपना चेहरा दिल्ली की पूर्व सीएम शीला दीक्षित को बनाया है. पिछले महीने ही कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का यूपी में एक रोड शो के दौरान अचानक तबीयत खराब होने के चलते दौरा बीच में ही रद्द हो गया था. सोनिया गांधी तब वाराणसी में रोड शो कर रही थीं. फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि राहुल गांधी टूर करेंगे या फिर यात्रा. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के वाराणसी रोड शो के बाद कांग्रेस का यह दूसरा बड़ा रोड शो होगा जिसमें कांग्रेस के उत्तर-प्रदेश विधानसभा चुनाव से जुड़े सभी नेता मौजूद रहेंगे. फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि राहुल गांधी टूर करेंगे या फिर यात्रा. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के वाराणसी रोड शो के बाद कांग्रेस का यह दूसरा बड़ा रोड शो होगा जिसमें कांग्रेस के उत्तर-प्रदेश विधानसभा चुनाव से जुड़े सभी नेता मौजूद रहेंगे.
सोर्सेस के मुताबिक, राहुल गांधी अगला पूरा माह यूपी में गुजारेंगे उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के मद्देनजर देखा जा रहा यह कदम सोनिया गांधी तबीयत खराब होने के चलते दौरे से बीच में लौट आई थीं
26
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: 2-जी स्पेक्ट्रम सहित भ्रष्टाचार के कई मामलों की जेपीसी से जांच कराने के बारे में संसद के शीतकालीन सत्र से चल रहे गतिरोध को दूर करने के लिए सरकार की ओर से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में उम्मीद बनी है कि 21 फरवरी से शुरू हो रहे बजट सत्र में इसका समाधान निकल आएगा। गतिरोध दूर करने की पहल करने वाले लोकसभा में सदन के नेता प्रणव मुखर्जी ने बैठक के बाद प्रसन्न मुद्रा में कहा, बैठक बहुत अच्छी रही। लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने कहा, मुझे काफी से ज्यादा उम्मीद बंधी है कि सत्र शुरू होने पर सरकार जेपीसी को स्वीकृति दे देगी और संसद की कार्यवाही चलेगी। विपक्ष और सरकार दोनों की बराबर की ख्वाहिश है कि संसद चले। माकपा नेता सीताराम येचुरी ने कहा, सरकार अगर जेपीसी के बारे में सदन में प्रस्ताव लाना चाहती है तो हम उस पर चर्चा के लिए तैयार हैं। एक प्रस्ताव के जरिए ही जेपीसी का गठन संभव है। उन्होंने कहा, हम चाहते हैं संसद चले और जेपीसी भी हो। ये दोनों बातें कैसें हों, यह सरकार को तय करना है। सभी पक्षों ने बताया कि बजट सत्र शुरू होने से पहले एक और सर्वदलीय बैठक होगी जिसमें गतिरोध समाप्त करने के तरीके को अंतिम रूप दिया जाएगा।
यह एक सारांश है: गतिरोध दूर करने की पहल करने वाले लोकसभा में सदन के नेता प्रणव मुखर्जी ने बैठक के बाद प्रसन्न मुद्रा में कहा, बैठक बहुत अच्छी रही।
16
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: संसद में बजट सत्र के दौरान दोनों सदनों में हंगामा बदस्तूर जारी है. अब कहा जा रहा है कि अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा और मतदान के बिना ही बजट सत्र खत्म हो सकता है. बजट सत्र का दूसरा हिस्सा शुक्रवार को समाप्त हो रहा है. अगले तीन दिनों के लिए बीजेपी सांसदों को व्हिप जारी नहीं किया गया है. सत्र के दौरान हर मंगलवार होने वाली बीजेपी संसदीय दल की बैठक भी आज नहीं हो रही है.  बता दें कि 2013-14 में भी अविश्वास प्रस्ताव के साथ ऐसा ही हुआ था. सदन में हंगामा खत्म होने के आसार दिखाई नहीं दे रहे थे और ऐसा ही हुआ. बजट सत्र के दूसरे चरण में लोकसभा में सोमवार को लगातार 18वें दिन भी प्रश्नकाल नहीं चल सका और कावेरी प्रबंधन बोर्ड के गठन की मांग को लेकर अन्नाद्रमुक के सदस्यों के हंगामे के कारण सदन की बैठक शुरू होने के कुछ ही देर बाद दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी थी. सुबह सदन की बैठक शुरू होते ही अन्नाद्रमुक के सदस्य पिछले दिनों की तरह हाथों में तख्तियां लेकर आसन के समीप आकर कावेरी प्रबंधन बोर्ड के गठन की मांग करते हुए नारेबाजी करने लगे. अन्नाद्रमुक सांसद जोरदार तरीके से ‘वी वांट जस्टिस’ और ‘वी डिमांड कावेरी बोर्ड’ के नारे लगा रहे थे. लोकसभाध्यक्ष ने सदस्यों से अपनी सीटों पर जाने का आग्रह किया लेकिन हंगामा जारी रहा. टिप्पणियां उधर तेलुगूदेशम पार्टी के सदस्य अपने स्थानों पर खड़े होकर विरोध दर्ज करा रहे थे जो बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरूआत से ही आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा दिये जाने की मांग कर रहे हैं. वे हमेशा की तरह पीली पट्टिका डाले हुए थे और आज काली पट्टी भी पहने हुए थे. इस बीच कांग्रेस के कुछ सदस्यों को अपने स्थानों पर खड़े होकर कुछ कहते देखा गया. हंगामे में उनकी बात नहीं सुनी जा सकी. नारेबाजी थमते नहीं देख लोकसभाध्यक्ष ने कार्यवाही शुरू होने के कुछ मिनट बाद ही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी. बता दें कि 2013-14 में भी अविश्वास प्रस्ताव के साथ ऐसा ही हुआ था. सदन में हंगामा खत्म होने के आसार दिखाई नहीं दे रहे थे और ऐसा ही हुआ. बजट सत्र के दूसरे चरण में लोकसभा में सोमवार को लगातार 18वें दिन भी प्रश्नकाल नहीं चल सका और कावेरी प्रबंधन बोर्ड के गठन की मांग को लेकर अन्नाद्रमुक के सदस्यों के हंगामे के कारण सदन की बैठक शुरू होने के कुछ ही देर बाद दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी थी. सुबह सदन की बैठक शुरू होते ही अन्नाद्रमुक के सदस्य पिछले दिनों की तरह हाथों में तख्तियां लेकर आसन के समीप आकर कावेरी प्रबंधन बोर्ड के गठन की मांग करते हुए नारेबाजी करने लगे. अन्नाद्रमुक सांसद जोरदार तरीके से ‘वी वांट जस्टिस’ और ‘वी डिमांड कावेरी बोर्ड’ के नारे लगा रहे थे. लोकसभाध्यक्ष ने सदस्यों से अपनी सीटों पर जाने का आग्रह किया लेकिन हंगामा जारी रहा. टिप्पणियां उधर तेलुगूदेशम पार्टी के सदस्य अपने स्थानों पर खड़े होकर विरोध दर्ज करा रहे थे जो बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरूआत से ही आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा दिये जाने की मांग कर रहे हैं. वे हमेशा की तरह पीली पट्टिका डाले हुए थे और आज काली पट्टी भी पहने हुए थे. इस बीच कांग्रेस के कुछ सदस्यों को अपने स्थानों पर खड़े होकर कुछ कहते देखा गया. हंगामे में उनकी बात नहीं सुनी जा सकी. नारेबाजी थमते नहीं देख लोकसभाध्यक्ष ने कार्यवाही शुरू होने के कुछ मिनट बाद ही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी. बजट सत्र के दूसरे चरण में लोकसभा में सोमवार को लगातार 18वें दिन भी प्रश्नकाल नहीं चल सका और कावेरी प्रबंधन बोर्ड के गठन की मांग को लेकर अन्नाद्रमुक के सदस्यों के हंगामे के कारण सदन की बैठक शुरू होने के कुछ ही देर बाद दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी थी. सुबह सदन की बैठक शुरू होते ही अन्नाद्रमुक के सदस्य पिछले दिनों की तरह हाथों में तख्तियां लेकर आसन के समीप आकर कावेरी प्रबंधन बोर्ड के गठन की मांग करते हुए नारेबाजी करने लगे. अन्नाद्रमुक सांसद जोरदार तरीके से ‘वी वांट जस्टिस’ और ‘वी डिमांड कावेरी बोर्ड’ के नारे लगा रहे थे. लोकसभाध्यक्ष ने सदस्यों से अपनी सीटों पर जाने का आग्रह किया लेकिन हंगामा जारी रहा. टिप्पणियां उधर तेलुगूदेशम पार्टी के सदस्य अपने स्थानों पर खड़े होकर विरोध दर्ज करा रहे थे जो बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरूआत से ही आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा दिये जाने की मांग कर रहे हैं. वे हमेशा की तरह पीली पट्टिका डाले हुए थे और आज काली पट्टी भी पहने हुए थे. इस बीच कांग्रेस के कुछ सदस्यों को अपने स्थानों पर खड़े होकर कुछ कहते देखा गया. हंगामे में उनकी बात नहीं सुनी जा सकी. नारेबाजी थमते नहीं देख लोकसभाध्यक्ष ने कार्यवाही शुरू होने के कुछ मिनट बाद ही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी. अन्नाद्रमुक सांसद जोरदार तरीके से ‘वी वांट जस्टिस’ और ‘वी डिमांड कावेरी बोर्ड’ के नारे लगा रहे थे. लोकसभाध्यक्ष ने सदस्यों से अपनी सीटों पर जाने का आग्रह किया लेकिन हंगामा जारी रहा. टिप्पणियां उधर तेलुगूदेशम पार्टी के सदस्य अपने स्थानों पर खड़े होकर विरोध दर्ज करा रहे थे जो बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरूआत से ही आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा दिये जाने की मांग कर रहे हैं. वे हमेशा की तरह पीली पट्टिका डाले हुए थे और आज काली पट्टी भी पहने हुए थे. इस बीच कांग्रेस के कुछ सदस्यों को अपने स्थानों पर खड़े होकर कुछ कहते देखा गया. हंगामे में उनकी बात नहीं सुनी जा सकी. नारेबाजी थमते नहीं देख लोकसभाध्यक्ष ने कार्यवाही शुरू होने के कुछ मिनट बाद ही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी. उधर तेलुगूदेशम पार्टी के सदस्य अपने स्थानों पर खड़े होकर विरोध दर्ज करा रहे थे जो बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरूआत से ही आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा दिये जाने की मांग कर रहे हैं. वे हमेशा की तरह पीली पट्टिका डाले हुए थे और आज काली पट्टी भी पहने हुए थे. इस बीच कांग्रेस के कुछ सदस्यों को अपने स्थानों पर खड़े होकर कुछ कहते देखा गया. हंगामे में उनकी बात नहीं सुनी जा सकी. नारेबाजी थमते नहीं देख लोकसभाध्यक्ष ने कार्यवाही शुरू होने के कुछ मिनट बाद ही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी. इस बीच कांग्रेस के कुछ सदस्यों को अपने स्थानों पर खड़े होकर कुछ कहते देखा गया. हंगामे में उनकी बात नहीं सुनी जा सकी. नारेबाजी थमते नहीं देख लोकसभाध्यक्ष ने कार्यवाही शुरू होने के कुछ मिनट बाद ही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी.
यहाँ एक सारांश है:संसद का बजट सत्र हंगामे की भेंट चढ़ चुका है सोमवार तक हंगामा जारी रहा है अलग अलग मुद्दों को लेकर होता रहा हंगामा
12
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: चीन ने अपने सदाबहार साझेदार पाकिस्तान का मजबूती के साथ बचाव करते हुए बुधवार को कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में पाकिस्तान सबसे आगे खड़ा रहा है. चीन की ओर से यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच बातचीत के बाद जारी संयुक्त बयान की प्रतिक्रिया में आया है. साझा बयान में कहा गया था कि पाकिस्तान सीमापार आतंकवाद पर अंकुश लगाए. चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लु कांग ने बीजिंग में संवाददाताओं से कहा, 'चीन का मानना है कि आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ाना चाहिए. अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस संबंध में पाकिस्तान के प्रयासों को पूर्ण मान्यता और समर्थन देना चाहिए.' लु ने कहा, 'हमें कहना चाहिए कि पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे खड़ा रहा है और इस संबंध में प्रयास कर रहा है.' भारत और अमेरिका ने पाकिस्तान से कहा था कि वह यह सुनिश्चित करे कि उसकी सरजमीं का इस्तेमाल सीमा पार आतंकवाद के लिए ना किया जाए. पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात के बाद साझा बयान में पाकिस्तान का आह्वान किया गया था कि वह मुंबई, पठानकोट और दूसरे सीमा पार आतंकी हमलों के षडयंत्रकारियों को न्याय के जद में लाए.टिप्पणियां प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप ने आतंकवाद का मुकाबला करने और आतंकवादियों की पनाहगाहों को खत्म करने के लिए प्रयास तेज करने का संकल्प लिया. पीएम मोदी और ट्रंप की मुलाकात से पहले अमेरिकी विदेश विभाग ने हिज्बुल मुजाहिदीन के सरगना सैयद सलाहुद्दीन 'वैश्विक आतंकवादी' घोषित किया था.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लु कांग ने बीजिंग में संवाददाताओं से कहा, 'चीन का मानना है कि आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ाना चाहिए. अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस संबंध में पाकिस्तान के प्रयासों को पूर्ण मान्यता और समर्थन देना चाहिए.' लु ने कहा, 'हमें कहना चाहिए कि पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे खड़ा रहा है और इस संबंध में प्रयास कर रहा है.' भारत और अमेरिका ने पाकिस्तान से कहा था कि वह यह सुनिश्चित करे कि उसकी सरजमीं का इस्तेमाल सीमा पार आतंकवाद के लिए ना किया जाए. पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात के बाद साझा बयान में पाकिस्तान का आह्वान किया गया था कि वह मुंबई, पठानकोट और दूसरे सीमा पार आतंकी हमलों के षडयंत्रकारियों को न्याय के जद में लाए.टिप्पणियां प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप ने आतंकवाद का मुकाबला करने और आतंकवादियों की पनाहगाहों को खत्म करने के लिए प्रयास तेज करने का संकल्प लिया. पीएम मोदी और ट्रंप की मुलाकात से पहले अमेरिकी विदेश विभाग ने हिज्बुल मुजाहिदीन के सरगना सैयद सलाहुद्दीन 'वैश्विक आतंकवादी' घोषित किया था.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) लु ने कहा, 'हमें कहना चाहिए कि पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे खड़ा रहा है और इस संबंध में प्रयास कर रहा है.' भारत और अमेरिका ने पाकिस्तान से कहा था कि वह यह सुनिश्चित करे कि उसकी सरजमीं का इस्तेमाल सीमा पार आतंकवाद के लिए ना किया जाए. पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात के बाद साझा बयान में पाकिस्तान का आह्वान किया गया था कि वह मुंबई, पठानकोट और दूसरे सीमा पार आतंकी हमलों के षडयंत्रकारियों को न्याय के जद में लाए.टिप्पणियां प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप ने आतंकवाद का मुकाबला करने और आतंकवादियों की पनाहगाहों को खत्म करने के लिए प्रयास तेज करने का संकल्प लिया. पीएम मोदी और ट्रंप की मुलाकात से पहले अमेरिकी विदेश विभाग ने हिज्बुल मुजाहिदीन के सरगना सैयद सलाहुद्दीन 'वैश्विक आतंकवादी' घोषित किया था.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात के बाद साझा बयान में पाकिस्तान का आह्वान किया गया था कि वह मुंबई, पठानकोट और दूसरे सीमा पार आतंकी हमलों के षडयंत्रकारियों को न्याय के जद में लाए.टिप्पणियां प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप ने आतंकवाद का मुकाबला करने और आतंकवादियों की पनाहगाहों को खत्म करने के लिए प्रयास तेज करने का संकल्प लिया. पीएम मोदी और ट्रंप की मुलाकात से पहले अमेरिकी विदेश विभाग ने हिज्बुल मुजाहिदीन के सरगना सैयद सलाहुद्दीन 'वैश्विक आतंकवादी' घोषित किया था.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप ने आतंकवाद का मुकाबला करने और आतंकवादियों की पनाहगाहों को खत्म करने के लिए प्रयास तेज करने का संकल्प लिया. पीएम मोदी और ट्रंप की मुलाकात से पहले अमेरिकी विदेश विभाग ने हिज्बुल मुजाहिदीन के सरगना सैयद सलाहुद्दीन 'वैश्विक आतंकवादी' घोषित किया था.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यहाँ एक सारांश है:पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के साझा बयान पर चीन ने दी प्रतिक्रिया आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में पाकिस्तान आगे खड़ा रहा है- चीन 'अंतरराष्ट्रीय समुदाय को पाकिस्तान के प्रयासों को समर्थन देना चाहिए'
17
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पिछले साल आतंकी हमले से दहल चुके पंजाब के पठानकोट एयरबेस स्टेशन पर दोबारा से हमले की आशंका की खबर मिलते ही सघन तलाशी गई. खुफिया विभाग ने सूचना दी थी कि एयरबेस में संदिग्ध लोग घुस गए हैं. पठानकोट की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नीलांबरी विजयजगदाले ने कहा कि खुफिया जानकारी मिलने के बाद पंजाब पुलिस, सेना, वायुसेना और हिमाचल प्रदेश पुलिस का संयुक्त अभियान शुरू कर दिया गया है. उन्होंने ज्यादा जानकारी नहीं दी लेकिन कहा कि एहतियातन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है और इसमें 500 से ज्यादा सुरक्षाकर्मी लगे हैं. एसएसपी ने कहा कि एयरबेस स्टेशन के पास के गांवों और अन्य इलाकों में अभियान चलाया जा रहा है और हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल करते हुए हवाई निगरानी भी रखी जा रही है. पुलिस ने कहा कि सुरक्षाकर्मियों की गश्त के अलावा त्वरित प्रतिक्रिया दलों को भी तैनात किया गया है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को रोका जा सके. पिछले साल सीमापार से आतंकवादी एक-दो जनवरी की दरम्यिानी रात को एयरबेस में घुस गये थे और उन्होंने हमला कर दिया था. इससे पहले 27 जुलाई 2015 को गुरदासपुर के दीनानगर में हमला किया गया था.टिप्पणियां पठानकोट हमले में सात सुरक्षाकर्मियों की जान चली गयी थी वहीं चार आतंकवादी मारे गये थे. दीनानगर हमले में सेना की वर्दी पहने तीन भारी हथियारबंद आतंकियों ने एक थाने पर हमला कर दिया था जिसमें एक पुलिस अधीक्षक समेत सात पुलिसकर्मी मारे गये. बाद में दिनभर चले अभियान में सभी आतंकियों को ढेर कर दिया गया. इनपुट: भाषा एसएसपी ने कहा कि एयरबेस स्टेशन के पास के गांवों और अन्य इलाकों में अभियान चलाया जा रहा है और हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल करते हुए हवाई निगरानी भी रखी जा रही है. पुलिस ने कहा कि सुरक्षाकर्मियों की गश्त के अलावा त्वरित प्रतिक्रिया दलों को भी तैनात किया गया है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को रोका जा सके. पिछले साल सीमापार से आतंकवादी एक-दो जनवरी की दरम्यिानी रात को एयरबेस में घुस गये थे और उन्होंने हमला कर दिया था. इससे पहले 27 जुलाई 2015 को गुरदासपुर के दीनानगर में हमला किया गया था.टिप्पणियां पठानकोट हमले में सात सुरक्षाकर्मियों की जान चली गयी थी वहीं चार आतंकवादी मारे गये थे. दीनानगर हमले में सेना की वर्दी पहने तीन भारी हथियारबंद आतंकियों ने एक थाने पर हमला कर दिया था जिसमें एक पुलिस अधीक्षक समेत सात पुलिसकर्मी मारे गये. बाद में दिनभर चले अभियान में सभी आतंकियों को ढेर कर दिया गया. इनपुट: भाषा पुलिस ने कहा कि सुरक्षाकर्मियों की गश्त के अलावा त्वरित प्रतिक्रिया दलों को भी तैनात किया गया है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को रोका जा सके. पिछले साल सीमापार से आतंकवादी एक-दो जनवरी की दरम्यिानी रात को एयरबेस में घुस गये थे और उन्होंने हमला कर दिया था. इससे पहले 27 जुलाई 2015 को गुरदासपुर के दीनानगर में हमला किया गया था.टिप्पणियां पठानकोट हमले में सात सुरक्षाकर्मियों की जान चली गयी थी वहीं चार आतंकवादी मारे गये थे. दीनानगर हमले में सेना की वर्दी पहने तीन भारी हथियारबंद आतंकियों ने एक थाने पर हमला कर दिया था जिसमें एक पुलिस अधीक्षक समेत सात पुलिसकर्मी मारे गये. बाद में दिनभर चले अभियान में सभी आतंकियों को ढेर कर दिया गया. इनपुट: भाषा पिछले साल सीमापार से आतंकवादी एक-दो जनवरी की दरम्यिानी रात को एयरबेस में घुस गये थे और उन्होंने हमला कर दिया था. इससे पहले 27 जुलाई 2015 को गुरदासपुर के दीनानगर में हमला किया गया था.टिप्पणियां पठानकोट हमले में सात सुरक्षाकर्मियों की जान चली गयी थी वहीं चार आतंकवादी मारे गये थे. दीनानगर हमले में सेना की वर्दी पहने तीन भारी हथियारबंद आतंकियों ने एक थाने पर हमला कर दिया था जिसमें एक पुलिस अधीक्षक समेत सात पुलिसकर्मी मारे गये. बाद में दिनभर चले अभियान में सभी आतंकियों को ढेर कर दिया गया. इनपुट: भाषा पठानकोट हमले में सात सुरक्षाकर्मियों की जान चली गयी थी वहीं चार आतंकवादी मारे गये थे. दीनानगर हमले में सेना की वर्दी पहने तीन भारी हथियारबंद आतंकियों ने एक थाने पर हमला कर दिया था जिसमें एक पुलिस अधीक्षक समेत सात पुलिसकर्मी मारे गये. बाद में दिनभर चले अभियान में सभी आतंकियों को ढेर कर दिया गया. इनपुट: भाषा दीनानगर हमले में सेना की वर्दी पहने तीन भारी हथियारबंद आतंकियों ने एक थाने पर हमला कर दिया था जिसमें एक पुलिस अधीक्षक समेत सात पुलिसकर्मी मारे गये. बाद में दिनभर चले अभियान में सभी आतंकियों को ढेर कर दिया गया. इनपुट: भाषा
खुफिया जानकारी मिलने के बाद पठानकोट एयरबेस स्टेशन अभियान शुरू कर दिया गया सुरक्षाकर्मियों की गश्त के अलावा त्वरित प्रतिक्रिया दलों को भी तैनात किया 27 जुलाई 2015 को गुरदासपुर के दीनानगर में हमला किया गया था.
34
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: आंध्र प्रदेश की एक अदालत ने मंगलवार को मजलिए-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एमआईएम) नेता अकबरुद्दीन ओवैसी की न्यायिक हिरासत 5 फरवरी तक के लिए बढ़ा दी है। ओवैसी को घृणास्पद बयान देने के मामले में हिरासत में लिया गया है। ओवैसी की 14 दिन की हिरासत अवधि मंगलवार को समाप्त हो गई इसलिए पुलिस ने उन्हें यहां से करीब 200 किलोमीटर दूर निर्मल में मुंसिफ मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया था। अदालत ने दो और सप्ताह के लिए उनकी न्यायिक हिरासत बढ़ा दी है। इसके बाद ओवैसी को निर्मल से करीब 90 किलोमीटर दूर आदिलाबाद शहर की जिला जेल में भेज दिया गया। पुलिस ने किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना रोकने के लिए अदालत के आसपास विस्तृत सुरक्षा इंतजाम किए थे। शहर में निषेधाज्ञा लागू कर पांच या इससे अधिक संख्या में लोगों के इकट्ठे होने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया था। ओवैसी को निर्मल में एक आम सभा के दौरान बीते महीने 22 दिसम्बर को घृणास्पद बयान देने के बाद पुलिस ने 8 जनवरी को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने चार दिन तक ओवैसी से पूछताछ भी की। हैदराबाद के चंद्रयानगुट्टा निर्वाचन क्षेत्र से विधायक ओवैसी पर राजद्रोह, देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने व आपराधिक षडयंत्र के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने ओवैसी की हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर कुछ नागरिकों के हैदराबाद की अदालतों में पहुंचने के बाद 3 जनवरी को उनके खिलाफ मामला दर्ज किया था।टिप्पणियां उन पर 8 जनवरी को निजामाबाद में भड़काऊ भाषण देने का भी आरोप है। इस संदर्भ में भी उनके खिलाफ मामला दर्ज है। अलग-अलग लोगों की शिकायतों के आधार पर हैदराबाद, रांगा रेड्डी व अन्य जिलों के कई पुलिस थानों में ओवैसी के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं। ओवैसी की 14 दिन की हिरासत अवधि मंगलवार को समाप्त हो गई इसलिए पुलिस ने उन्हें यहां से करीब 200 किलोमीटर दूर निर्मल में मुंसिफ मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया था। अदालत ने दो और सप्ताह के लिए उनकी न्यायिक हिरासत बढ़ा दी है। इसके बाद ओवैसी को निर्मल से करीब 90 किलोमीटर दूर आदिलाबाद शहर की जिला जेल में भेज दिया गया। पुलिस ने किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना रोकने के लिए अदालत के आसपास विस्तृत सुरक्षा इंतजाम किए थे। शहर में निषेधाज्ञा लागू कर पांच या इससे अधिक संख्या में लोगों के इकट्ठे होने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया था। ओवैसी को निर्मल में एक आम सभा के दौरान बीते महीने 22 दिसम्बर को घृणास्पद बयान देने के बाद पुलिस ने 8 जनवरी को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने चार दिन तक ओवैसी से पूछताछ भी की। हैदराबाद के चंद्रयानगुट्टा निर्वाचन क्षेत्र से विधायक ओवैसी पर राजद्रोह, देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने व आपराधिक षडयंत्र के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने ओवैसी की हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर कुछ नागरिकों के हैदराबाद की अदालतों में पहुंचने के बाद 3 जनवरी को उनके खिलाफ मामला दर्ज किया था।टिप्पणियां उन पर 8 जनवरी को निजामाबाद में भड़काऊ भाषण देने का भी आरोप है। इस संदर्भ में भी उनके खिलाफ मामला दर्ज है। अलग-अलग लोगों की शिकायतों के आधार पर हैदराबाद, रांगा रेड्डी व अन्य जिलों के कई पुलिस थानों में ओवैसी के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं। इसके बाद ओवैसी को निर्मल से करीब 90 किलोमीटर दूर आदिलाबाद शहर की जिला जेल में भेज दिया गया। पुलिस ने किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना रोकने के लिए अदालत के आसपास विस्तृत सुरक्षा इंतजाम किए थे। शहर में निषेधाज्ञा लागू कर पांच या इससे अधिक संख्या में लोगों के इकट्ठे होने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया था। ओवैसी को निर्मल में एक आम सभा के दौरान बीते महीने 22 दिसम्बर को घृणास्पद बयान देने के बाद पुलिस ने 8 जनवरी को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने चार दिन तक ओवैसी से पूछताछ भी की। हैदराबाद के चंद्रयानगुट्टा निर्वाचन क्षेत्र से विधायक ओवैसी पर राजद्रोह, देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने व आपराधिक षडयंत्र के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने ओवैसी की हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर कुछ नागरिकों के हैदराबाद की अदालतों में पहुंचने के बाद 3 जनवरी को उनके खिलाफ मामला दर्ज किया था।टिप्पणियां उन पर 8 जनवरी को निजामाबाद में भड़काऊ भाषण देने का भी आरोप है। इस संदर्भ में भी उनके खिलाफ मामला दर्ज है। अलग-अलग लोगों की शिकायतों के आधार पर हैदराबाद, रांगा रेड्डी व अन्य जिलों के कई पुलिस थानों में ओवैसी के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं। ओवैसी को निर्मल में एक आम सभा के दौरान बीते महीने 22 दिसम्बर को घृणास्पद बयान देने के बाद पुलिस ने 8 जनवरी को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने चार दिन तक ओवैसी से पूछताछ भी की। हैदराबाद के चंद्रयानगुट्टा निर्वाचन क्षेत्र से विधायक ओवैसी पर राजद्रोह, देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने व आपराधिक षडयंत्र के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने ओवैसी की हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर कुछ नागरिकों के हैदराबाद की अदालतों में पहुंचने के बाद 3 जनवरी को उनके खिलाफ मामला दर्ज किया था।टिप्पणियां उन पर 8 जनवरी को निजामाबाद में भड़काऊ भाषण देने का भी आरोप है। इस संदर्भ में भी उनके खिलाफ मामला दर्ज है। अलग-अलग लोगों की शिकायतों के आधार पर हैदराबाद, रांगा रेड्डी व अन्य जिलों के कई पुलिस थानों में ओवैसी के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं। हैदराबाद के चंद्रयानगुट्टा निर्वाचन क्षेत्र से विधायक ओवैसी पर राजद्रोह, देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने व आपराधिक षडयंत्र के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने ओवैसी की हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर कुछ नागरिकों के हैदराबाद की अदालतों में पहुंचने के बाद 3 जनवरी को उनके खिलाफ मामला दर्ज किया था।टिप्पणियां उन पर 8 जनवरी को निजामाबाद में भड़काऊ भाषण देने का भी आरोप है। इस संदर्भ में भी उनके खिलाफ मामला दर्ज है। अलग-अलग लोगों की शिकायतों के आधार पर हैदराबाद, रांगा रेड्डी व अन्य जिलों के कई पुलिस थानों में ओवैसी के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस ने ओवैसी की हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर कुछ नागरिकों के हैदराबाद की अदालतों में पहुंचने के बाद 3 जनवरी को उनके खिलाफ मामला दर्ज किया था।टिप्पणियां उन पर 8 जनवरी को निजामाबाद में भड़काऊ भाषण देने का भी आरोप है। इस संदर्भ में भी उनके खिलाफ मामला दर्ज है। अलग-अलग लोगों की शिकायतों के आधार पर हैदराबाद, रांगा रेड्डी व अन्य जिलों के कई पुलिस थानों में ओवैसी के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं। उन पर 8 जनवरी को निजामाबाद में भड़काऊ भाषण देने का भी आरोप है। इस संदर्भ में भी उनके खिलाफ मामला दर्ज है। अलग-अलग लोगों की शिकायतों के आधार पर हैदराबाद, रांगा रेड्डी व अन्य जिलों के कई पुलिस थानों में ओवैसी के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं। अलग-अलग लोगों की शिकायतों के आधार पर हैदराबाद, रांगा रेड्डी व अन्य जिलों के कई पुलिस थानों में ओवैसी के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं।
संक्षिप्त पाठ: आंध्र प्रदेश की एक अदालत ने मंगलवार को मजलिए-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एमआईएम) नेता अकबरुद्दीन ओवैसी की न्यायिक हिरासत 5 फरवरी तक के लिए बढ़ा दी है।
14
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पंजाब एवं महाराष्ट्र सहकारी (पीएमसी) बैंक के विभिन्न खाताधारक मंगलवार को मुंबई में आरबीआई के कार्यालय के बाहर जमा होकर आश्वासन मांगा कि इस घोटाला ग्रस्त बैंक में जमा उनका पैसा सुरक्षित है. खाताधारकों ने पीएमसी बैंक को पुनर्जीवित करने की भी मांग की ताकि वे अपना पैसा निकाल सकें. भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने 4,355 करोड़ रुपये का कथित घोटाला सामने आने के बाद से पीएमसी बैंक पर पाबंदियां लगाई थीं. पाबंदियों के बाद शुरुआत में इस बैंक से 1000 रुपये निकालने अनुमति दी गई, जिसके चलते जमाकर्ताओं के बीच दहशत मच गई. आरबीआई ने इसके बाद पैसा निकालने की सीमा बढ़ाकर 40 हजार रुपये कर दी.  मंगलवार को बांद्रा के करीब 200 खाताधारक बांद्रा-कुर्ला परिसर में आरबीआई के कार्यालय के बाहर एकत्रित हुए और कहा कि वे चाहते हैं कि पीएमसी बैंक के उनके खाते का परिचालन बहाल किया जाए. इसके बाद जमाकर्ताओं के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने आरबीआई अधिकारियों से मुलाकात कर अपनी शिकायतें और मांगे उनके सामने रखीं.  ग्राहकों के सामने खड़े इस संकट की शुरुआत बैंक द्वारा निर्माण कंपनी एचडीआईएल को कर्ज देने के बाद शुरू हुई, जिसे वापस करने में कंपनी नाकाम रही.
RBI के बाहर लगा PMC बैंक के खाताधारकों का जमावड़ा खाताधारकों ने आरबीआई से मांगा आश्वासन कहा- इस घोटाला ग्रस्त बैंक में जमा हमारा पैसा सुरक्षित है, यह आश्वाशन दो
6
['hin']
एक सारांश बनाओ: स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद ने 31 मार्च, 2011 को समाप्त वित्तवर्ष में शुद्ध मुनाफे में 42 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की है। एसबीएच के प्रबंध निदेशक रेणु चल्लू ने बताया कि बैंक ने समाप्त हुए वित्तवर्ष में 1,166 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा अर्जित किया, जो पिछले वित्तवर्ष के 823 करोड़ रुपये से 42 प्रतिशत अधिक है। इस दौरान बैंक का परिचालन मुनाफा 35 प्रतिशत बढ़कर 2,319 करोड़ रुपये हो गया, जो वर्ष 2009-10 में 1,721 करोड़ रुपये था। उन्होंने कहा कि मुनाफे में वृद्धि का मुख्य कारण बैंक की ब्याज आय में वृद्धि का होना है, जो 53 प्रतिशत बढ़ी है। चल्लू ने कहा कि कुल व्यवसाय 31 मार्च, 2011 को समाप्त वित्तवर्ष में पिछले वित्तवर्ष की तुलना में 27,500 करोड़ रुपये बढ़कर 1,56,935 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। जबकि बैंक की कुल जमा पिछले वर्ष के 76,186 करोड़ रुपये से वर्ष दर वर्ष आधार पर 20 प्रतिशत बढ़कर 91,488 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। आलोच्य सालाना अवधि में बैंक की अग्रिम राशि में भी 23 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई। यह राशि 53,344 करोड़ रुपये से बढ़कर समाप्त वित्तवर्ष में 65,447 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। चल्लू ने कहा वित्तवर्ष 2010-11 के दौरान बैंक का ऋण-जमा अनुपात 154 आधार अंक बढ़कर 71.29 प्रतिशत से बढ़कर 72.83 प्रतिशत हो गया।
यह एक सारांश है: बैंक ने समाप्त हुए वित्तवर्ष में 1,166 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा अर्जित किया, जो पिछले वित्तवर्ष के 823 करोड़ रुपये से 42 प्रतिशत अधिक है।
21
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: 'चक्रव्यूह' फिल्म के गाने से अपना नाम हटवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंची बाटा कंपनी की याचिका ख़ारिज हो गई है। इस मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने कहा कि क्या इस गीत से आपके जूतों की बिक्री कम हो जाएगी। हालांकि अदालत ने प्रकाश झा की फिल्म को ‘टाटा, बिरला और बाटा’ शब्दों के साथ शामिल गाने के साथ सशर्त प्रदर्शन की अनुमति दी है। इस फिल्म में गाने के प्रदर्शन के दौरान डिस्क्लेमर भी दिखाना होगा। प्रधान न्यायाधीश अलतमस कबीर की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा कि रेडियो पर इस गाने के प्रसारण से पहले भी ऑडियो डिस्क्लेमर प्रसारित करना होगा। न्यायालय ने फिल्म निर्माता को आगाह किया कि वह भविष्य में यह ध्यान रखें कि इससे दूसरे लोगों की भावनाएं आहत न हों। न्यायालय ने प्रमुख जूता निर्माता कंपनी बाटा की याचिका पर यह आदेश दिया। बाटा ने आरोप लगाया था कि यह गाना अपमानजनक है और इसमें उसकी कंपनी को गलत तरीके से पेश किया गया है। इससे पहले कंपनी ने दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। उच्च न्यायालय से राहत नहीं मिलने पर बाटा कंपनी ने उच्चतम न्यायालय की शरण ली थी। टिप्पणियां बाटा कंपनी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रंजीत कुमार का कहना था कि गाने के बोल आहत करने वाले हैं और इससे कंपनी की प्रतिष्ठा और साख पर असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि गाने में कहा गया है कि कंपनी गरीब का शोषण करती है और लाभ कमाने के लिए उन्हें चूस लेती है। रंजीत कुमार का कहना था कि कंपनी 46 देशों में कारोबार करती है और यह गाना दुनियाभर में उसकी छवि को नुकसान पहुंचाएगा। हालांकि अदालत ने प्रकाश झा की फिल्म को ‘टाटा, बिरला और बाटा’ शब्दों के साथ शामिल गाने के साथ सशर्त प्रदर्शन की अनुमति दी है। इस फिल्म में गाने के प्रदर्शन के दौरान डिस्क्लेमर भी दिखाना होगा। प्रधान न्यायाधीश अलतमस कबीर की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा कि रेडियो पर इस गाने के प्रसारण से पहले भी ऑडियो डिस्क्लेमर प्रसारित करना होगा। न्यायालय ने फिल्म निर्माता को आगाह किया कि वह भविष्य में यह ध्यान रखें कि इससे दूसरे लोगों की भावनाएं आहत न हों। न्यायालय ने प्रमुख जूता निर्माता कंपनी बाटा की याचिका पर यह आदेश दिया। बाटा ने आरोप लगाया था कि यह गाना अपमानजनक है और इसमें उसकी कंपनी को गलत तरीके से पेश किया गया है। इससे पहले कंपनी ने दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। उच्च न्यायालय से राहत नहीं मिलने पर बाटा कंपनी ने उच्चतम न्यायालय की शरण ली थी। टिप्पणियां बाटा कंपनी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रंजीत कुमार का कहना था कि गाने के बोल आहत करने वाले हैं और इससे कंपनी की प्रतिष्ठा और साख पर असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि गाने में कहा गया है कि कंपनी गरीब का शोषण करती है और लाभ कमाने के लिए उन्हें चूस लेती है। रंजीत कुमार का कहना था कि कंपनी 46 देशों में कारोबार करती है और यह गाना दुनियाभर में उसकी छवि को नुकसान पहुंचाएगा। प्रधान न्यायाधीश अलतमस कबीर की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा कि रेडियो पर इस गाने के प्रसारण से पहले भी ऑडियो डिस्क्लेमर प्रसारित करना होगा। न्यायालय ने फिल्म निर्माता को आगाह किया कि वह भविष्य में यह ध्यान रखें कि इससे दूसरे लोगों की भावनाएं आहत न हों। न्यायालय ने प्रमुख जूता निर्माता कंपनी बाटा की याचिका पर यह आदेश दिया। बाटा ने आरोप लगाया था कि यह गाना अपमानजनक है और इसमें उसकी कंपनी को गलत तरीके से पेश किया गया है। इससे पहले कंपनी ने दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। उच्च न्यायालय से राहत नहीं मिलने पर बाटा कंपनी ने उच्चतम न्यायालय की शरण ली थी। टिप्पणियां बाटा कंपनी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रंजीत कुमार का कहना था कि गाने के बोल आहत करने वाले हैं और इससे कंपनी की प्रतिष्ठा और साख पर असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि गाने में कहा गया है कि कंपनी गरीब का शोषण करती है और लाभ कमाने के लिए उन्हें चूस लेती है। रंजीत कुमार का कहना था कि कंपनी 46 देशों में कारोबार करती है और यह गाना दुनियाभर में उसकी छवि को नुकसान पहुंचाएगा। न्यायालय ने प्रमुख जूता निर्माता कंपनी बाटा की याचिका पर यह आदेश दिया। बाटा ने आरोप लगाया था कि यह गाना अपमानजनक है और इसमें उसकी कंपनी को गलत तरीके से पेश किया गया है। इससे पहले कंपनी ने दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। उच्च न्यायालय से राहत नहीं मिलने पर बाटा कंपनी ने उच्चतम न्यायालय की शरण ली थी। टिप्पणियां बाटा कंपनी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रंजीत कुमार का कहना था कि गाने के बोल आहत करने वाले हैं और इससे कंपनी की प्रतिष्ठा और साख पर असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि गाने में कहा गया है कि कंपनी गरीब का शोषण करती है और लाभ कमाने के लिए उन्हें चूस लेती है। रंजीत कुमार का कहना था कि कंपनी 46 देशों में कारोबार करती है और यह गाना दुनियाभर में उसकी छवि को नुकसान पहुंचाएगा। बाटा कंपनी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रंजीत कुमार का कहना था कि गाने के बोल आहत करने वाले हैं और इससे कंपनी की प्रतिष्ठा और साख पर असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि गाने में कहा गया है कि कंपनी गरीब का शोषण करती है और लाभ कमाने के लिए उन्हें चूस लेती है। रंजीत कुमार का कहना था कि कंपनी 46 देशों में कारोबार करती है और यह गाना दुनियाभर में उसकी छवि को नुकसान पहुंचाएगा। रंजीत कुमार का कहना था कि कंपनी 46 देशों में कारोबार करती है और यह गाना दुनियाभर में उसकी छवि को नुकसान पहुंचाएगा।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: 'चक्रव्यूह' फिल्म के गाने से अपना नाम हटवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंची बाटा कंपनी की याचिका ख़ारिज हो गई है। इस मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने कहा कि क्या इस गीत से आपके जूतों की बिक्री कम हो जाएगी।
11
['hin']
एक सारांश बनाओ: स्थानीय व्यंजनों के स्वाद के बाद अब मशहूर प्रस्तोता रॉकी और मयूर 'हाइवे ऑन माय प्लेट-कोस्ट टू कोस्ट' कार्यक्रम के नए संस्करण में भारतीय तटों के लजीज व्यंजनों की खोज करते नजर आएंगे।टिप्पणियां रॉकी ने एक बयान में कहा, "यह संस्करण पिछले संस्करणों से अधिक रोमांचक होगा। इस बार हमें भारतीय समुद्र तटों की इस तरह से खोज करने का मौका मिला है, जैसी पहले कभी नहीं हुई।" उन्होंने कहा, "जहां मैंने अपनी यात्रा के दौरान समुद्री भोजन का मजा लिया वहीं मयूर को बहुत से शाकाहारी व्यंजनों का स्वाद चखने का मौका मिला।" दोनों सर्वश्रेष्ठ तटीय व्यंजनों की तलाश में मुम्बई, कोच्चि, पुड्ड़चेरी, चेन्नई, पुरी और कोलकता जैसे स्थानों की यात्रा पर हैं। कार्यक्रम 'एनडीटीवी गुड टाइम्स' चैनल पर रविवार से प्रसारित होगा। रॉकी ने एक बयान में कहा, "यह संस्करण पिछले संस्करणों से अधिक रोमांचक होगा। इस बार हमें भारतीय समुद्र तटों की इस तरह से खोज करने का मौका मिला है, जैसी पहले कभी नहीं हुई।" उन्होंने कहा, "जहां मैंने अपनी यात्रा के दौरान समुद्री भोजन का मजा लिया वहीं मयूर को बहुत से शाकाहारी व्यंजनों का स्वाद चखने का मौका मिला।" दोनों सर्वश्रेष्ठ तटीय व्यंजनों की तलाश में मुम्बई, कोच्चि, पुड्ड़चेरी, चेन्नई, पुरी और कोलकता जैसे स्थानों की यात्रा पर हैं। कार्यक्रम 'एनडीटीवी गुड टाइम्स' चैनल पर रविवार से प्रसारित होगा। दोनों सर्वश्रेष्ठ तटीय व्यंजनों की तलाश में मुम्बई, कोच्चि, पुड्ड़चेरी, चेन्नई, पुरी और कोलकता जैसे स्थानों की यात्रा पर हैं। कार्यक्रम 'एनडीटीवी गुड टाइम्स' चैनल पर रविवार से प्रसारित होगा।
सारांश: स्थानीय व्यंजनों के स्वाद के बाद अब मशहूर प्रस्तोता रॉकी और मयूर 'हाइवे ऑन माय प्लेट-कोस्ट टू कोस्ट' कार्यक्रम के नए संस्करण में भारतीय तटों के लजीज व्यंजनों की खोज करते नजर आएंगे।
5
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारतीय रुपये के वायदा कारोबार में बढ़ोतरी से दुबई गोल्ड एंड कमोडिटीज एक्सचेंज (डीजीसीएक्स) को भी फायदा हो रहा है। इस एक्सचेंज का कारोबार बढ़ता जा रहा है। देश के बाहर यह एकमात्र एक्सचेंज है, जहां रुपये का वायदा कारोबार हो सकता है। एक विशेषीकृत वित्तीय ब्रोकरेज फर्म ट्रस्ट सिक्योरिटीज डीएमसीसी ने कहा है कि निवेशकों में भारतीय रुपये के वायदा कारोबार में रुचि बढ़ती जा रही है। ऐसी विदेशी निवेशक जिनकी भारतीय एक्सचेंज तक पहुंच नहीं है, वे रुपये-डॉलर के वायदा अनुबंध के लिए डीजीसीएक्स का रुख कर रहे हैं।टिप्पणियां डीजीसीएक्स का कारोबार विश्व डेरिवेटिव एक्सचेंज की तुलना में दोगुना बढ़ा है। 2011 में इस एक्सचेंज के कारोबार में 2010 की तुलना में 110 फीसद का इजाफा हुआ। एक्सचेंज के नवंबर, 2005 में कारोबार शुरू किए जाने के बाद यह कारोबार का सबसे ऊंचा स्तर है। पश्चिम एशिया का यह प्रमुख डेरिवेटिव एक्सचेंज दुबई मल्टी कमोडिटीज सेंटर (डीएमसीसी), फाइनेंशियल टेक्नोलॉजीज (इंडिया) और भारत के मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) की पहल है। इस एक्सचेंज के कारोबार में बढ़ोतरी की मुख्य वजह रुपये-डॉलर का वायदा कारोबार है, जिसमें 2010 की तुलना में 2011 में 563 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। ट्रस्ट सिक्योरिटीज के शोध प्रमुख ब्रूस पावर्स ने कहा, ‘‘पिछले आठ में रुपये में उतार-चढ़ाव इतना अधिक बढ़ा है कि इससे ट्रेडरों और लघु अवधि के निवेशकों को इस कीमत रुख का फायदा उठाने का मौका मिला है। वायदा बाजार के साथ एक खास बात यह है कि बाजार का रुख कैसा भी हो, यह मुनाफा कमाने का मौका देता है।’’ डीजीसीएक्स का कारोबार विश्व डेरिवेटिव एक्सचेंज की तुलना में दोगुना बढ़ा है। 2011 में इस एक्सचेंज के कारोबार में 2010 की तुलना में 110 फीसद का इजाफा हुआ। एक्सचेंज के नवंबर, 2005 में कारोबार शुरू किए जाने के बाद यह कारोबार का सबसे ऊंचा स्तर है। पश्चिम एशिया का यह प्रमुख डेरिवेटिव एक्सचेंज दुबई मल्टी कमोडिटीज सेंटर (डीएमसीसी), फाइनेंशियल टेक्नोलॉजीज (इंडिया) और भारत के मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) की पहल है। इस एक्सचेंज के कारोबार में बढ़ोतरी की मुख्य वजह रुपये-डॉलर का वायदा कारोबार है, जिसमें 2010 की तुलना में 2011 में 563 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। ट्रस्ट सिक्योरिटीज के शोध प्रमुख ब्रूस पावर्स ने कहा, ‘‘पिछले आठ में रुपये में उतार-चढ़ाव इतना अधिक बढ़ा है कि इससे ट्रेडरों और लघु अवधि के निवेशकों को इस कीमत रुख का फायदा उठाने का मौका मिला है। वायदा बाजार के साथ एक खास बात यह है कि बाजार का रुख कैसा भी हो, यह मुनाफा कमाने का मौका देता है।’’ इस एक्सचेंज के कारोबार में बढ़ोतरी की मुख्य वजह रुपये-डॉलर का वायदा कारोबार है, जिसमें 2010 की तुलना में 2011 में 563 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। ट्रस्ट सिक्योरिटीज के शोध प्रमुख ब्रूस पावर्स ने कहा, ‘‘पिछले आठ में रुपये में उतार-चढ़ाव इतना अधिक बढ़ा है कि इससे ट्रेडरों और लघु अवधि के निवेशकों को इस कीमत रुख का फायदा उठाने का मौका मिला है। वायदा बाजार के साथ एक खास बात यह है कि बाजार का रुख कैसा भी हो, यह मुनाफा कमाने का मौका देता है।’’
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: भारतीय रुपये के वायदा कारोबार में बढ़ोतरी से दुबई गोल्ड एंड कमोडिटीज एक्सचेंज को भी फायदा हो रहा है। इस एक्सचेंज का कारोबार बढ़ता जा रहा है।
11
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: ओलिंपिक रजत पदक विजेता पीवी सिंधु का बीडब्ल्यूएफ विश्व सुपर सीरीज फाइनल्स में शानदार अभियान शनिवार को यहां विश्व की पांचवें नंबर की कोरियाई खिलाड़ी सुंग जी ह्यून के हाथों महिला एकल के करीबी सेमीफाइनल मुकाबले में हारने के साथ ही समाप्त हो गया. यह सिंधु की ताकत और सुंग के सटीक खेल के बीच का मुकाबला था, लेकिन दुर्भाग्य से भारतीय खिलाड़ी अपनी कोरियाई प्रतिद्वंद्वी से पार पाने में नाकाम रही और 76 मिनट तक चले मैच में 15-21 21-18 16-21 से हार गईं. चाइना ओपन में सुंग के खिलाफ पिछड़ने के बाद वापसी करके जीत दर्ज करने वाली सिंधु शनिवार को कोरियाई खिलाड़ी के कोर्ट कवरेज की बराबरी नहीं कर पाई. सुंग के खिलाफ उनका मैच से पहले 6-3 का रिकॉर्ड था. पिछले छह साल से शीर्ष दस में शामिल सुंग ने अपने शानदार रिटर्न से सिंधु को कोर्ट पर काफी दौड़ाया. उनकी यह रणनीति कारगर साबित हुई तथा शुरू में संघर्ष करने के बाद वह पहले गेम में इंटरवल तक 11-9 की बढ़त पर थी. सिंधु ने बीच में वापसी और वह 14-15 पर सुंग से केवल एक अंक पीछे थी, लेकिन कोरियाई खिलाड़ी ने यहां से उन्हें कोई मौका नहीं दिया और पहला गेम अपने नाम किया. दोनों ने ही एक-दूसरे की गलती का फायदा उठाने का इंतजार किया. सिंधु ने सटीक रिटर्न से बढ़त बनाई और फिर दूसरा गेम जीतकर मैच को बराबरी पर ला दिया. तीसरे और निर्णायक गेम में सुंग ने शुरू से ही सिंधु पर हावी होने की रणनीति अपनाई और उन्होंने 4-0 की बढ़त बनाई. कोरियाई खिलाड़ी ने 9-5 तक चार अंक की बढ़त बनाए रखी. इंटरवल पर कोरियाई खिलाड़ी 11-6 से आगे थी. टिप्पणियां सिंधु ने क्रास कोर्ट रिटर्न से कुछ अंक बनाए और दोनों के बीच 11-16 से अंतर कुछ कम किया, लेकिन एक और गलती से सुंग ने बढत मजबूत की और वह 19-13 से आगे हो गई. सिंधु ने दो शानदार स्मैश जमाए, लेकिन इसके बाद नेट पर गलती से सुंग को पांच मैच प्वाइंट मिले और उन्होंने पहले मौके पर ही मैच जीतकर फाइनल में जगह बनाई.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) चाइना ओपन में सुंग के खिलाफ पिछड़ने के बाद वापसी करके जीत दर्ज करने वाली सिंधु शनिवार को कोरियाई खिलाड़ी के कोर्ट कवरेज की बराबरी नहीं कर पाई. सुंग के खिलाफ उनका मैच से पहले 6-3 का रिकॉर्ड था. पिछले छह साल से शीर्ष दस में शामिल सुंग ने अपने शानदार रिटर्न से सिंधु को कोर्ट पर काफी दौड़ाया. उनकी यह रणनीति कारगर साबित हुई तथा शुरू में संघर्ष करने के बाद वह पहले गेम में इंटरवल तक 11-9 की बढ़त पर थी. सिंधु ने बीच में वापसी और वह 14-15 पर सुंग से केवल एक अंक पीछे थी, लेकिन कोरियाई खिलाड़ी ने यहां से उन्हें कोई मौका नहीं दिया और पहला गेम अपने नाम किया. दोनों ने ही एक-दूसरे की गलती का फायदा उठाने का इंतजार किया. सिंधु ने सटीक रिटर्न से बढ़त बनाई और फिर दूसरा गेम जीतकर मैच को बराबरी पर ला दिया. तीसरे और निर्णायक गेम में सुंग ने शुरू से ही सिंधु पर हावी होने की रणनीति अपनाई और उन्होंने 4-0 की बढ़त बनाई. कोरियाई खिलाड़ी ने 9-5 तक चार अंक की बढ़त बनाए रखी. इंटरवल पर कोरियाई खिलाड़ी 11-6 से आगे थी. टिप्पणियां सिंधु ने क्रास कोर्ट रिटर्न से कुछ अंक बनाए और दोनों के बीच 11-16 से अंतर कुछ कम किया, लेकिन एक और गलती से सुंग ने बढत मजबूत की और वह 19-13 से आगे हो गई. सिंधु ने दो शानदार स्मैश जमाए, लेकिन इसके बाद नेट पर गलती से सुंग को पांच मैच प्वाइंट मिले और उन्होंने पहले मौके पर ही मैच जीतकर फाइनल में जगह बनाई.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) दोनों ने ही एक-दूसरे की गलती का फायदा उठाने का इंतजार किया. सिंधु ने सटीक रिटर्न से बढ़त बनाई और फिर दूसरा गेम जीतकर मैच को बराबरी पर ला दिया. तीसरे और निर्णायक गेम में सुंग ने शुरू से ही सिंधु पर हावी होने की रणनीति अपनाई और उन्होंने 4-0 की बढ़त बनाई. कोरियाई खिलाड़ी ने 9-5 तक चार अंक की बढ़त बनाए रखी. इंटरवल पर कोरियाई खिलाड़ी 11-6 से आगे थी. टिप्पणियां सिंधु ने क्रास कोर्ट रिटर्न से कुछ अंक बनाए और दोनों के बीच 11-16 से अंतर कुछ कम किया, लेकिन एक और गलती से सुंग ने बढत मजबूत की और वह 19-13 से आगे हो गई. सिंधु ने दो शानदार स्मैश जमाए, लेकिन इसके बाद नेट पर गलती से सुंग को पांच मैच प्वाइंट मिले और उन्होंने पहले मौके पर ही मैच जीतकर फाइनल में जगह बनाई.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सिंधु ने क्रास कोर्ट रिटर्न से कुछ अंक बनाए और दोनों के बीच 11-16 से अंतर कुछ कम किया, लेकिन एक और गलती से सुंग ने बढत मजबूत की और वह 19-13 से आगे हो गई. सिंधु ने दो शानदार स्मैश जमाए, लेकिन इसके बाद नेट पर गलती से सुंग को पांच मैच प्वाइंट मिले और उन्होंने पहले मौके पर ही मैच जीतकर फाइनल में जगह बनाई.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सारांश: यह सिंधु की ताकत और सुंग के सटीक खेल के बीच का मुकाबला था. सिंधु 76 मिनट तक चले मैच में 15-21 21-18 16-21 से हार गईं. इंटरवल पर कोरियाई खिलाड़ी 11-6 से आगे थी.
33
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: अभिनेता रणबीर कपूर और उनकी पूर्व प्रेमिका दीपिका पादुकोण 'ये जवानी है दीवानी' में साथ नजर आएंगे। रणबीर का कहना है कि उन्हें दीपिका के साथ काम कर बिल्कुल अजीब महसूस नहीं हुआ और यह आम बात थी।टिप्पणियां रणबीर और दीपिका के बीच 2008 में फिल्म 'बचना ए हसीनों' के सेट पर शुरू हुआ प्रेम प्रसंग नवंबर, 2009 तक चला था। रणबीर ने फिल्म के लिए आयोजित प्रेस वार्ता में कहा, हमारी दोस्ती काफी पहले शुरू हुई थी, तो नई शुरुआत का सवाल ही नहीं उठता। हम दोनों के संबंध काफी गहरे थे, इसलिए लोग कहते हैं कि हम कैसे साथ काम कर सकते हैं, लेकिन मेरा कहना है कि यह मेरे लिए सामान्य बात है। इस मौके पर दीपिका ने दोस्ती की तुलना शराब से करते हुए कहा कि उम्र के साथ यह बेहतर होती जाती है। उन्होंने कहा, हमारी दोस्ती ऐसी है जो उम्र के साथ बेहतर होती जाती है। हमारी दोस्ती लंबे वक्त से है। अयान मुखर्जी निर्देशित 'ये जवानी है दीवानी' 31 मई को प्रदर्शित हो रही है। रणबीर और दीपिका के बीच 2008 में फिल्म 'बचना ए हसीनों' के सेट पर शुरू हुआ प्रेम प्रसंग नवंबर, 2009 तक चला था। रणबीर ने फिल्म के लिए आयोजित प्रेस वार्ता में कहा, हमारी दोस्ती काफी पहले शुरू हुई थी, तो नई शुरुआत का सवाल ही नहीं उठता। हम दोनों के संबंध काफी गहरे थे, इसलिए लोग कहते हैं कि हम कैसे साथ काम कर सकते हैं, लेकिन मेरा कहना है कि यह मेरे लिए सामान्य बात है। इस मौके पर दीपिका ने दोस्ती की तुलना शराब से करते हुए कहा कि उम्र के साथ यह बेहतर होती जाती है। उन्होंने कहा, हमारी दोस्ती ऐसी है जो उम्र के साथ बेहतर होती जाती है। हमारी दोस्ती लंबे वक्त से है। अयान मुखर्जी निर्देशित 'ये जवानी है दीवानी' 31 मई को प्रदर्शित हो रही है। इस मौके पर दीपिका ने दोस्ती की तुलना शराब से करते हुए कहा कि उम्र के साथ यह बेहतर होती जाती है। उन्होंने कहा, हमारी दोस्ती ऐसी है जो उम्र के साथ बेहतर होती जाती है। हमारी दोस्ती लंबे वक्त से है। अयान मुखर्जी निर्देशित 'ये जवानी है दीवानी' 31 मई को प्रदर्शित हो रही है।
सारांश: 'ये जवानी है दीवानी' में अपनी पूर्व प्रेमिका दीपिका पादुकोण के साथ काम कर रहे रणबीर ने कहा कि उन्हें दीपिका के साथ काम कर बिल्कुल अजीब महसूस नहीं हुआ और यह आम बात थी।
7
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: अमेरिका ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के इस आरोप से इनकार किया है कि वह तमिलनाडु में कुडनकुडलम परमाणु बिजली परियोजना का विरोध करने वाले गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) को सहयोग दे रहा है। मनमोहन सिंह के आरोप पर सफाई देते हुए अमेरिका ने कहा कि उसका सहयोग केवल उन्हीं एनजीओ को प्राप्त है, जो विकास और लोकतांत्रिक कार्यक्रमों के पक्षधर हैं। वह तो असैन्य परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में भारत के निवेश का पुरजोर समर्थक है। मनमोहन सिंह के आरोप के बारे में पूछे जाने पर विदेश विभाग की प्रवक्ता विक्टोरिया नूलैंड ने कहा, "मुझे इसकी जानकारी नहीं है।" प्रधानमंत्री ने पिछले दिनों अमेरिका के तीन गैर सरकारी संगठनों पर कुडनकुलम परमाणु बिजली परियोजना का विरोध करने वालों की मदद करने का आरोप लगाया था। लेकिन नूलैंड ने इससे इनकार करते हुए कहा, "हम असैन्य परमाणु ऊर्जा में भारत के निवेश के प्रबल समर्थक रहे हैं। एनजीओ को हमारा समर्थन विकास तथा लोकतांत्रिक कार्यक्रमों को लेकर है। भारत में हम जिन एनजीओ को अनुदान देते हैं, वे इसी तरह के कार्यक्रम में संलग्न हैं।" यह पूछे जाने पर कि क्या अमेरिका को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बयान से हैरानी हुई और क्या विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन को इस बारे में जानकारी है, नूलैंड ने कहा, "मैं इस पर कुछ नहीं कह सकती।" टिप्पणियां भारत और पाकिस्तान द्वारा द्विपक्षीय व्यापारिक तथा व्यावसायिक सम्बंध बढ़ाने की दिशा में हाल में उठाए गए कदमों पर उन्होंने कहा, "हम समझते हैं कि यह अच्छी खबर है तथा भविष्य में दोनों देशों के सम्बंध व्यापार, आर्थिक तथा निवेश क्षेत्र में और बेहतर होंगे।" यह पूछे जाने पर कि क्या अमेरिका इसमें किसी तरह की भूमिका निभा रहा है, नूलैंड ने कहा, "दोनों पक्षों को इसे जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करने के अतिरिक्त अमेरिका की कोई भूमिका नहीं है। वे अपने आप इसे कर रहे हैं।" मनमोहन सिंह के आरोप पर सफाई देते हुए अमेरिका ने कहा कि उसका सहयोग केवल उन्हीं एनजीओ को प्राप्त है, जो विकास और लोकतांत्रिक कार्यक्रमों के पक्षधर हैं। वह तो असैन्य परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में भारत के निवेश का पुरजोर समर्थक है। मनमोहन सिंह के आरोप के बारे में पूछे जाने पर विदेश विभाग की प्रवक्ता विक्टोरिया नूलैंड ने कहा, "मुझे इसकी जानकारी नहीं है।" प्रधानमंत्री ने पिछले दिनों अमेरिका के तीन गैर सरकारी संगठनों पर कुडनकुलम परमाणु बिजली परियोजना का विरोध करने वालों की मदद करने का आरोप लगाया था। लेकिन नूलैंड ने इससे इनकार करते हुए कहा, "हम असैन्य परमाणु ऊर्जा में भारत के निवेश के प्रबल समर्थक रहे हैं। एनजीओ को हमारा समर्थन विकास तथा लोकतांत्रिक कार्यक्रमों को लेकर है। भारत में हम जिन एनजीओ को अनुदान देते हैं, वे इसी तरह के कार्यक्रम में संलग्न हैं।" यह पूछे जाने पर कि क्या अमेरिका को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बयान से हैरानी हुई और क्या विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन को इस बारे में जानकारी है, नूलैंड ने कहा, "मैं इस पर कुछ नहीं कह सकती।" टिप्पणियां भारत और पाकिस्तान द्वारा द्विपक्षीय व्यापारिक तथा व्यावसायिक सम्बंध बढ़ाने की दिशा में हाल में उठाए गए कदमों पर उन्होंने कहा, "हम समझते हैं कि यह अच्छी खबर है तथा भविष्य में दोनों देशों के सम्बंध व्यापार, आर्थिक तथा निवेश क्षेत्र में और बेहतर होंगे।" यह पूछे जाने पर कि क्या अमेरिका इसमें किसी तरह की भूमिका निभा रहा है, नूलैंड ने कहा, "दोनों पक्षों को इसे जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करने के अतिरिक्त अमेरिका की कोई भूमिका नहीं है। वे अपने आप इसे कर रहे हैं।" मनमोहन सिंह के आरोप के बारे में पूछे जाने पर विदेश विभाग की प्रवक्ता विक्टोरिया नूलैंड ने कहा, "मुझे इसकी जानकारी नहीं है।" प्रधानमंत्री ने पिछले दिनों अमेरिका के तीन गैर सरकारी संगठनों पर कुडनकुलम परमाणु बिजली परियोजना का विरोध करने वालों की मदद करने का आरोप लगाया था। लेकिन नूलैंड ने इससे इनकार करते हुए कहा, "हम असैन्य परमाणु ऊर्जा में भारत के निवेश के प्रबल समर्थक रहे हैं। एनजीओ को हमारा समर्थन विकास तथा लोकतांत्रिक कार्यक्रमों को लेकर है। भारत में हम जिन एनजीओ को अनुदान देते हैं, वे इसी तरह के कार्यक्रम में संलग्न हैं।" यह पूछे जाने पर कि क्या अमेरिका को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बयान से हैरानी हुई और क्या विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन को इस बारे में जानकारी है, नूलैंड ने कहा, "मैं इस पर कुछ नहीं कह सकती।" टिप्पणियां भारत और पाकिस्तान द्वारा द्विपक्षीय व्यापारिक तथा व्यावसायिक सम्बंध बढ़ाने की दिशा में हाल में उठाए गए कदमों पर उन्होंने कहा, "हम समझते हैं कि यह अच्छी खबर है तथा भविष्य में दोनों देशों के सम्बंध व्यापार, आर्थिक तथा निवेश क्षेत्र में और बेहतर होंगे।" यह पूछे जाने पर कि क्या अमेरिका इसमें किसी तरह की भूमिका निभा रहा है, नूलैंड ने कहा, "दोनों पक्षों को इसे जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करने के अतिरिक्त अमेरिका की कोई भूमिका नहीं है। वे अपने आप इसे कर रहे हैं।" प्रधानमंत्री ने पिछले दिनों अमेरिका के तीन गैर सरकारी संगठनों पर कुडनकुलम परमाणु बिजली परियोजना का विरोध करने वालों की मदद करने का आरोप लगाया था। लेकिन नूलैंड ने इससे इनकार करते हुए कहा, "हम असैन्य परमाणु ऊर्जा में भारत के निवेश के प्रबल समर्थक रहे हैं। एनजीओ को हमारा समर्थन विकास तथा लोकतांत्रिक कार्यक्रमों को लेकर है। भारत में हम जिन एनजीओ को अनुदान देते हैं, वे इसी तरह के कार्यक्रम में संलग्न हैं।" यह पूछे जाने पर कि क्या अमेरिका को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बयान से हैरानी हुई और क्या विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन को इस बारे में जानकारी है, नूलैंड ने कहा, "मैं इस पर कुछ नहीं कह सकती।" टिप्पणियां भारत और पाकिस्तान द्वारा द्विपक्षीय व्यापारिक तथा व्यावसायिक सम्बंध बढ़ाने की दिशा में हाल में उठाए गए कदमों पर उन्होंने कहा, "हम समझते हैं कि यह अच्छी खबर है तथा भविष्य में दोनों देशों के सम्बंध व्यापार, आर्थिक तथा निवेश क्षेत्र में और बेहतर होंगे।" यह पूछे जाने पर कि क्या अमेरिका इसमें किसी तरह की भूमिका निभा रहा है, नूलैंड ने कहा, "दोनों पक्षों को इसे जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करने के अतिरिक्त अमेरिका की कोई भूमिका नहीं है। वे अपने आप इसे कर रहे हैं।" यह पूछे जाने पर कि क्या अमेरिका को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बयान से हैरानी हुई और क्या विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन को इस बारे में जानकारी है, नूलैंड ने कहा, "मैं इस पर कुछ नहीं कह सकती।" टिप्पणियां भारत और पाकिस्तान द्वारा द्विपक्षीय व्यापारिक तथा व्यावसायिक सम्बंध बढ़ाने की दिशा में हाल में उठाए गए कदमों पर उन्होंने कहा, "हम समझते हैं कि यह अच्छी खबर है तथा भविष्य में दोनों देशों के सम्बंध व्यापार, आर्थिक तथा निवेश क्षेत्र में और बेहतर होंगे।" यह पूछे जाने पर कि क्या अमेरिका इसमें किसी तरह की भूमिका निभा रहा है, नूलैंड ने कहा, "दोनों पक्षों को इसे जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करने के अतिरिक्त अमेरिका की कोई भूमिका नहीं है। वे अपने आप इसे कर रहे हैं।" भारत और पाकिस्तान द्वारा द्विपक्षीय व्यापारिक तथा व्यावसायिक सम्बंध बढ़ाने की दिशा में हाल में उठाए गए कदमों पर उन्होंने कहा, "हम समझते हैं कि यह अच्छी खबर है तथा भविष्य में दोनों देशों के सम्बंध व्यापार, आर्थिक तथा निवेश क्षेत्र में और बेहतर होंगे।" यह पूछे जाने पर कि क्या अमेरिका इसमें किसी तरह की भूमिका निभा रहा है, नूलैंड ने कहा, "दोनों पक्षों को इसे जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करने के अतिरिक्त अमेरिका की कोई भूमिका नहीं है। वे अपने आप इसे कर रहे हैं।" यह पूछे जाने पर कि क्या अमेरिका इसमें किसी तरह की भूमिका निभा रहा है, नूलैंड ने कहा, "दोनों पक्षों को इसे जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करने के अतिरिक्त अमेरिका की कोई भूमिका नहीं है। वे अपने आप इसे कर रहे हैं।"
सारांश: अमेरिका ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के इस आरोप से इनकार किया है कि वह तमिलनाडु में कुडनकुडलम परमाणु बिजली परियोजना का विरोध करने वाले गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) को सहयोग दे रहा है।
33
['hin']
एक सारांश बनाओ: हैदराबाद में बृहस्पतिवार देर शाम हुए दोहरे बम विस्फोट में शुक्रवार को पुलिस को कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं। दो सीसीटीवी कैमरों में कुछ चेहरे कैद हैं जिनसे पुलिस को दो सिनेमाघरों के सामने बम रखने वालों को तलाशने में मदद मिल सकती है। शुक्रवार को दो घायलों के दम तोड़ देने के बाद हमले में मरने वालों की संख्या 16 हो गई। विस्फोट के 24 घंटे बाद पुलिस दिलसुखनगर में शाम के व्यस्त समय में हुए धमाके वाली जगह के आसपास किस संदिग्ध व्यक्ति के देखे जाने की जानकारी देने वालों के लिए इनाम की घोषणा भी की। साइबराबाद पुलिस आयुक्त डी. तिरुमला राव ने शुक्रवार को लोगों से उस इलाके में संदिग्ध परिस्थिति में घूमने वाले युवक के बारे में सूचना मुहैया कराने की अपील की। विस्फोट स्थल पर उन्होंने संवाददाताओं से कहा, "यदि आपने एक युवक को कुछ सामान के साथ और संदिग्ध परिस्थिति में स्कूटर या साइकिल खड़ी करते हुए देखा हो तो पुलिस को इसकी सूचना मुहैया कराएं।" कई सुराग मिलने का दावा करते हुए पुलिस आयुक्त ने कहा कि उन्हें मामले की गुत्थी सुलझने का पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि जांचकर्ता तेज गति से काम में जुटे हैं। माना जा रहा है कि पुलिस सीसीटीवी फुटेज से सबूत निकालने में जुटी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद ने शुक्रवार की शाम घटनास्थल का दौरा करने के बाद कहा, "मुझे नहीं लगता कि सीसीटीवी नाकाम रहे। कुछ तस्वीरें कैद हुई हैं।" इलाके में लगे तीन सीसीटीवी कैमरे में से दो में माना जा रहा है कि कुछ चेहरे कैद हैं जिनसे पुलिस को दो सिनेमाघरों के सामने बम रखने वालों को तलाशने में मदद मिल सकती है। इस बीच, साइबराबाद पुलिस कमिश्नरी के सरूरनगर थाने में दो प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज कराने और मामला अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) को सौंपे जाने के बाद सीआईडी ने जांच शुरू कर दी है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और फोरेंसिक विशेषज्ञों ने विस्फोट स्थल से सबूत एकत्र किए हैं। इससे पहले, निजी अस्पतालों में भर्ती घायलों में से दो की मौत होने के बाद हमले में मरने वालों की संख्या शुक्रवार को 16 हो गई। घायलों में से कुछ की हालत नाजुक बनी हुई है जिससे मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका है। उधर, चहल-पहल से भरे रहने वाले दिलसुखनगर रोड पर शुक्रवार को वीरानी छाई रही, जबकि अस्पतालों का दृश्य दिल दहला देने वाला था। दिलसुखनगर साफ दिखाई दे रहे तनाव के बीच वीआईपी का आनाजाना लगा रहा। इससे पहले, केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने विस्फोट स्थलों का मुआयना करने के बाद संवाददाताओं से कहा, "किसी खास इलाके में ऐसी घटना होने के बारे में पुख्ता सूचना नहीं थी।" उन्होंने कहा, "दो-तीन दिन पहले एक सामान्य अलर्ट जारी किया गया था। हमने यह अलर्ट पूरे देश के लिए जारी किया था।" शिंदे और आजाद के अलावा केंद्रीय मंत्री एस. जयपाल रेड्डी, के. चिरंजीवी और सर्व सत्यनारायण, भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह, आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, मजलिस-ए-एत्तेहादुल मुस्लिमीन के नेता असादुद्दीन ओवैसी ने घटनास्थल और अस्पतालों का दौरा किया। उधर, पुलिस के लिए शुक्रवार को दिलसुखनगर में भीड़ को काबू करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) से जुड़े सैंकड़ों लोग विस्फोटस्थल पर जमा हो गए और पाकिस्तान व आतंकवाद के खिलाफ नारेबाजी की। अपने-अपने संगठनों के झंडे-बैनर के साथ लोग टुकड़ियों में वहां आते रहे।टिप्पणियां दिलसुखनगर रोड पर अधिकांश दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे। भाजपा के आह्वान पर बंद का शहर के अन्य हिस्सों में आंशिक असर देखा गया। अधिकांश स्कूल एवं कॉलेज बंद रहे, हालांकि दुकानें एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठान आम दिनों की तरह खुले थे। एबिड्स और कुछ अन्य इलाकों में भाजपा कार्यकर्ताओं को दुकानदारों को दुकान बंद करने के लिए कहते देखा गया। शुक्रवार को दो घायलों के दम तोड़ देने के बाद हमले में मरने वालों की संख्या 16 हो गई। विस्फोट के 24 घंटे बाद पुलिस दिलसुखनगर में शाम के व्यस्त समय में हुए धमाके वाली जगह के आसपास किस संदिग्ध व्यक्ति के देखे जाने की जानकारी देने वालों के लिए इनाम की घोषणा भी की। साइबराबाद पुलिस आयुक्त डी. तिरुमला राव ने शुक्रवार को लोगों से उस इलाके में संदिग्ध परिस्थिति में घूमने वाले युवक के बारे में सूचना मुहैया कराने की अपील की। विस्फोट स्थल पर उन्होंने संवाददाताओं से कहा, "यदि आपने एक युवक को कुछ सामान के साथ और संदिग्ध परिस्थिति में स्कूटर या साइकिल खड़ी करते हुए देखा हो तो पुलिस को इसकी सूचना मुहैया कराएं।" कई सुराग मिलने का दावा करते हुए पुलिस आयुक्त ने कहा कि उन्हें मामले की गुत्थी सुलझने का पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि जांचकर्ता तेज गति से काम में जुटे हैं। माना जा रहा है कि पुलिस सीसीटीवी फुटेज से सबूत निकालने में जुटी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद ने शुक्रवार की शाम घटनास्थल का दौरा करने के बाद कहा, "मुझे नहीं लगता कि सीसीटीवी नाकाम रहे। कुछ तस्वीरें कैद हुई हैं।" इलाके में लगे तीन सीसीटीवी कैमरे में से दो में माना जा रहा है कि कुछ चेहरे कैद हैं जिनसे पुलिस को दो सिनेमाघरों के सामने बम रखने वालों को तलाशने में मदद मिल सकती है। इस बीच, साइबराबाद पुलिस कमिश्नरी के सरूरनगर थाने में दो प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज कराने और मामला अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) को सौंपे जाने के बाद सीआईडी ने जांच शुरू कर दी है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और फोरेंसिक विशेषज्ञों ने विस्फोट स्थल से सबूत एकत्र किए हैं। इससे पहले, निजी अस्पतालों में भर्ती घायलों में से दो की मौत होने के बाद हमले में मरने वालों की संख्या शुक्रवार को 16 हो गई। घायलों में से कुछ की हालत नाजुक बनी हुई है जिससे मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका है। उधर, चहल-पहल से भरे रहने वाले दिलसुखनगर रोड पर शुक्रवार को वीरानी छाई रही, जबकि अस्पतालों का दृश्य दिल दहला देने वाला था। दिलसुखनगर साफ दिखाई दे रहे तनाव के बीच वीआईपी का आनाजाना लगा रहा। इससे पहले, केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने विस्फोट स्थलों का मुआयना करने के बाद संवाददाताओं से कहा, "किसी खास इलाके में ऐसी घटना होने के बारे में पुख्ता सूचना नहीं थी।" उन्होंने कहा, "दो-तीन दिन पहले एक सामान्य अलर्ट जारी किया गया था। हमने यह अलर्ट पूरे देश के लिए जारी किया था।" शिंदे और आजाद के अलावा केंद्रीय मंत्री एस. जयपाल रेड्डी, के. चिरंजीवी और सर्व सत्यनारायण, भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह, आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, मजलिस-ए-एत्तेहादुल मुस्लिमीन के नेता असादुद्दीन ओवैसी ने घटनास्थल और अस्पतालों का दौरा किया। उधर, पुलिस के लिए शुक्रवार को दिलसुखनगर में भीड़ को काबू करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) से जुड़े सैंकड़ों लोग विस्फोटस्थल पर जमा हो गए और पाकिस्तान व आतंकवाद के खिलाफ नारेबाजी की। अपने-अपने संगठनों के झंडे-बैनर के साथ लोग टुकड़ियों में वहां आते रहे।टिप्पणियां दिलसुखनगर रोड पर अधिकांश दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे। भाजपा के आह्वान पर बंद का शहर के अन्य हिस्सों में आंशिक असर देखा गया। अधिकांश स्कूल एवं कॉलेज बंद रहे, हालांकि दुकानें एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठान आम दिनों की तरह खुले थे। एबिड्स और कुछ अन्य इलाकों में भाजपा कार्यकर्ताओं को दुकानदारों को दुकान बंद करने के लिए कहते देखा गया। विस्फोट के 24 घंटे बाद पुलिस दिलसुखनगर में शाम के व्यस्त समय में हुए धमाके वाली जगह के आसपास किस संदिग्ध व्यक्ति के देखे जाने की जानकारी देने वालों के लिए इनाम की घोषणा भी की। साइबराबाद पुलिस आयुक्त डी. तिरुमला राव ने शुक्रवार को लोगों से उस इलाके में संदिग्ध परिस्थिति में घूमने वाले युवक के बारे में सूचना मुहैया कराने की अपील की। विस्फोट स्थल पर उन्होंने संवाददाताओं से कहा, "यदि आपने एक युवक को कुछ सामान के साथ और संदिग्ध परिस्थिति में स्कूटर या साइकिल खड़ी करते हुए देखा हो तो पुलिस को इसकी सूचना मुहैया कराएं।" कई सुराग मिलने का दावा करते हुए पुलिस आयुक्त ने कहा कि उन्हें मामले की गुत्थी सुलझने का पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि जांचकर्ता तेज गति से काम में जुटे हैं। माना जा रहा है कि पुलिस सीसीटीवी फुटेज से सबूत निकालने में जुटी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद ने शुक्रवार की शाम घटनास्थल का दौरा करने के बाद कहा, "मुझे नहीं लगता कि सीसीटीवी नाकाम रहे। कुछ तस्वीरें कैद हुई हैं।" इलाके में लगे तीन सीसीटीवी कैमरे में से दो में माना जा रहा है कि कुछ चेहरे कैद हैं जिनसे पुलिस को दो सिनेमाघरों के सामने बम रखने वालों को तलाशने में मदद मिल सकती है। इस बीच, साइबराबाद पुलिस कमिश्नरी के सरूरनगर थाने में दो प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज कराने और मामला अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) को सौंपे जाने के बाद सीआईडी ने जांच शुरू कर दी है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और फोरेंसिक विशेषज्ञों ने विस्फोट स्थल से सबूत एकत्र किए हैं। इससे पहले, निजी अस्पतालों में भर्ती घायलों में से दो की मौत होने के बाद हमले में मरने वालों की संख्या शुक्रवार को 16 हो गई। घायलों में से कुछ की हालत नाजुक बनी हुई है जिससे मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका है। उधर, चहल-पहल से भरे रहने वाले दिलसुखनगर रोड पर शुक्रवार को वीरानी छाई रही, जबकि अस्पतालों का दृश्य दिल दहला देने वाला था। दिलसुखनगर साफ दिखाई दे रहे तनाव के बीच वीआईपी का आनाजाना लगा रहा। इससे पहले, केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने विस्फोट स्थलों का मुआयना करने के बाद संवाददाताओं से कहा, "किसी खास इलाके में ऐसी घटना होने के बारे में पुख्ता सूचना नहीं थी।" उन्होंने कहा, "दो-तीन दिन पहले एक सामान्य अलर्ट जारी किया गया था। हमने यह अलर्ट पूरे देश के लिए जारी किया था।" शिंदे और आजाद के अलावा केंद्रीय मंत्री एस. जयपाल रेड्डी, के. चिरंजीवी और सर्व सत्यनारायण, भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह, आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, मजलिस-ए-एत्तेहादुल मुस्लिमीन के नेता असादुद्दीन ओवैसी ने घटनास्थल और अस्पतालों का दौरा किया। उधर, पुलिस के लिए शुक्रवार को दिलसुखनगर में भीड़ को काबू करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) से जुड़े सैंकड़ों लोग विस्फोटस्थल पर जमा हो गए और पाकिस्तान व आतंकवाद के खिलाफ नारेबाजी की। अपने-अपने संगठनों के झंडे-बैनर के साथ लोग टुकड़ियों में वहां आते रहे।टिप्पणियां दिलसुखनगर रोड पर अधिकांश दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे। भाजपा के आह्वान पर बंद का शहर के अन्य हिस्सों में आंशिक असर देखा गया। अधिकांश स्कूल एवं कॉलेज बंद रहे, हालांकि दुकानें एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठान आम दिनों की तरह खुले थे। एबिड्स और कुछ अन्य इलाकों में भाजपा कार्यकर्ताओं को दुकानदारों को दुकान बंद करने के लिए कहते देखा गया। साइबराबाद पुलिस आयुक्त डी. तिरुमला राव ने शुक्रवार को लोगों से उस इलाके में संदिग्ध परिस्थिति में घूमने वाले युवक के बारे में सूचना मुहैया कराने की अपील की। विस्फोट स्थल पर उन्होंने संवाददाताओं से कहा, "यदि आपने एक युवक को कुछ सामान के साथ और संदिग्ध परिस्थिति में स्कूटर या साइकिल खड़ी करते हुए देखा हो तो पुलिस को इसकी सूचना मुहैया कराएं।" कई सुराग मिलने का दावा करते हुए पुलिस आयुक्त ने कहा कि उन्हें मामले की गुत्थी सुलझने का पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि जांचकर्ता तेज गति से काम में जुटे हैं। माना जा रहा है कि पुलिस सीसीटीवी फुटेज से सबूत निकालने में जुटी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद ने शुक्रवार की शाम घटनास्थल का दौरा करने के बाद कहा, "मुझे नहीं लगता कि सीसीटीवी नाकाम रहे। कुछ तस्वीरें कैद हुई हैं।" इलाके में लगे तीन सीसीटीवी कैमरे में से दो में माना जा रहा है कि कुछ चेहरे कैद हैं जिनसे पुलिस को दो सिनेमाघरों के सामने बम रखने वालों को तलाशने में मदद मिल सकती है। इस बीच, साइबराबाद पुलिस कमिश्नरी के सरूरनगर थाने में दो प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज कराने और मामला अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) को सौंपे जाने के बाद सीआईडी ने जांच शुरू कर दी है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और फोरेंसिक विशेषज्ञों ने विस्फोट स्थल से सबूत एकत्र किए हैं। इससे पहले, निजी अस्पतालों में भर्ती घायलों में से दो की मौत होने के बाद हमले में मरने वालों की संख्या शुक्रवार को 16 हो गई। घायलों में से कुछ की हालत नाजुक बनी हुई है जिससे मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका है। उधर, चहल-पहल से भरे रहने वाले दिलसुखनगर रोड पर शुक्रवार को वीरानी छाई रही, जबकि अस्पतालों का दृश्य दिल दहला देने वाला था। दिलसुखनगर साफ दिखाई दे रहे तनाव के बीच वीआईपी का आनाजाना लगा रहा। इससे पहले, केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने विस्फोट स्थलों का मुआयना करने के बाद संवाददाताओं से कहा, "किसी खास इलाके में ऐसी घटना होने के बारे में पुख्ता सूचना नहीं थी।" उन्होंने कहा, "दो-तीन दिन पहले एक सामान्य अलर्ट जारी किया गया था। हमने यह अलर्ट पूरे देश के लिए जारी किया था।" शिंदे और आजाद के अलावा केंद्रीय मंत्री एस. जयपाल रेड्डी, के. चिरंजीवी और सर्व सत्यनारायण, भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह, आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, मजलिस-ए-एत्तेहादुल मुस्लिमीन के नेता असादुद्दीन ओवैसी ने घटनास्थल और अस्पतालों का दौरा किया। उधर, पुलिस के लिए शुक्रवार को दिलसुखनगर में भीड़ को काबू करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) से जुड़े सैंकड़ों लोग विस्फोटस्थल पर जमा हो गए और पाकिस्तान व आतंकवाद के खिलाफ नारेबाजी की। अपने-अपने संगठनों के झंडे-बैनर के साथ लोग टुकड़ियों में वहां आते रहे।टिप्पणियां दिलसुखनगर रोड पर अधिकांश दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे। भाजपा के आह्वान पर बंद का शहर के अन्य हिस्सों में आंशिक असर देखा गया। अधिकांश स्कूल एवं कॉलेज बंद रहे, हालांकि दुकानें एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठान आम दिनों की तरह खुले थे। एबिड्स और कुछ अन्य इलाकों में भाजपा कार्यकर्ताओं को दुकानदारों को दुकान बंद करने के लिए कहते देखा गया। विस्फोट स्थल पर उन्होंने संवाददाताओं से कहा, "यदि आपने एक युवक को कुछ सामान के साथ और संदिग्ध परिस्थिति में स्कूटर या साइकिल खड़ी करते हुए देखा हो तो पुलिस को इसकी सूचना मुहैया कराएं।" कई सुराग मिलने का दावा करते हुए पुलिस आयुक्त ने कहा कि उन्हें मामले की गुत्थी सुलझने का पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि जांचकर्ता तेज गति से काम में जुटे हैं। माना जा रहा है कि पुलिस सीसीटीवी फुटेज से सबूत निकालने में जुटी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद ने शुक्रवार की शाम घटनास्थल का दौरा करने के बाद कहा, "मुझे नहीं लगता कि सीसीटीवी नाकाम रहे। कुछ तस्वीरें कैद हुई हैं।" इलाके में लगे तीन सीसीटीवी कैमरे में से दो में माना जा रहा है कि कुछ चेहरे कैद हैं जिनसे पुलिस को दो सिनेमाघरों के सामने बम रखने वालों को तलाशने में मदद मिल सकती है। इस बीच, साइबराबाद पुलिस कमिश्नरी के सरूरनगर थाने में दो प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज कराने और मामला अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) को सौंपे जाने के बाद सीआईडी ने जांच शुरू कर दी है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और फोरेंसिक विशेषज्ञों ने विस्फोट स्थल से सबूत एकत्र किए हैं। इससे पहले, निजी अस्पतालों में भर्ती घायलों में से दो की मौत होने के बाद हमले में मरने वालों की संख्या शुक्रवार को 16 हो गई। घायलों में से कुछ की हालत नाजुक बनी हुई है जिससे मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका है। उधर, चहल-पहल से भरे रहने वाले दिलसुखनगर रोड पर शुक्रवार को वीरानी छाई रही, जबकि अस्पतालों का दृश्य दिल दहला देने वाला था। दिलसुखनगर साफ दिखाई दे रहे तनाव के बीच वीआईपी का आनाजाना लगा रहा। इससे पहले, केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने विस्फोट स्थलों का मुआयना करने के बाद संवाददाताओं से कहा, "किसी खास इलाके में ऐसी घटना होने के बारे में पुख्ता सूचना नहीं थी।" उन्होंने कहा, "दो-तीन दिन पहले एक सामान्य अलर्ट जारी किया गया था। हमने यह अलर्ट पूरे देश के लिए जारी किया था।" शिंदे और आजाद के अलावा केंद्रीय मंत्री एस. जयपाल रेड्डी, के. चिरंजीवी और सर्व सत्यनारायण, भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह, आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, मजलिस-ए-एत्तेहादुल मुस्लिमीन के नेता असादुद्दीन ओवैसी ने घटनास्थल और अस्पतालों का दौरा किया। उधर, पुलिस के लिए शुक्रवार को दिलसुखनगर में भीड़ को काबू करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) से जुड़े सैंकड़ों लोग विस्फोटस्थल पर जमा हो गए और पाकिस्तान व आतंकवाद के खिलाफ नारेबाजी की। अपने-अपने संगठनों के झंडे-बैनर के साथ लोग टुकड़ियों में वहां आते रहे।टिप्पणियां दिलसुखनगर रोड पर अधिकांश दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे। भाजपा के आह्वान पर बंद का शहर के अन्य हिस्सों में आंशिक असर देखा गया। अधिकांश स्कूल एवं कॉलेज बंद रहे, हालांकि दुकानें एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठान आम दिनों की तरह खुले थे। एबिड्स और कुछ अन्य इलाकों में भाजपा कार्यकर्ताओं को दुकानदारों को दुकान बंद करने के लिए कहते देखा गया। कई सुराग मिलने का दावा करते हुए पुलिस आयुक्त ने कहा कि उन्हें मामले की गुत्थी सुलझने का पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि जांचकर्ता तेज गति से काम में जुटे हैं। माना जा रहा है कि पुलिस सीसीटीवी फुटेज से सबूत निकालने में जुटी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद ने शुक्रवार की शाम घटनास्थल का दौरा करने के बाद कहा, "मुझे नहीं लगता कि सीसीटीवी नाकाम रहे। कुछ तस्वीरें कैद हुई हैं।" इलाके में लगे तीन सीसीटीवी कैमरे में से दो में माना जा रहा है कि कुछ चेहरे कैद हैं जिनसे पुलिस को दो सिनेमाघरों के सामने बम रखने वालों को तलाशने में मदद मिल सकती है। इस बीच, साइबराबाद पुलिस कमिश्नरी के सरूरनगर थाने में दो प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज कराने और मामला अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) को सौंपे जाने के बाद सीआईडी ने जांच शुरू कर दी है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और फोरेंसिक विशेषज्ञों ने विस्फोट स्थल से सबूत एकत्र किए हैं। इससे पहले, निजी अस्पतालों में भर्ती घायलों में से दो की मौत होने के बाद हमले में मरने वालों की संख्या शुक्रवार को 16 हो गई। घायलों में से कुछ की हालत नाजुक बनी हुई है जिससे मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका है। उधर, चहल-पहल से भरे रहने वाले दिलसुखनगर रोड पर शुक्रवार को वीरानी छाई रही, जबकि अस्पतालों का दृश्य दिल दहला देने वाला था। दिलसुखनगर साफ दिखाई दे रहे तनाव के बीच वीआईपी का आनाजाना लगा रहा। इससे पहले, केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने विस्फोट स्थलों का मुआयना करने के बाद संवाददाताओं से कहा, "किसी खास इलाके में ऐसी घटना होने के बारे में पुख्ता सूचना नहीं थी।" उन्होंने कहा, "दो-तीन दिन पहले एक सामान्य अलर्ट जारी किया गया था। हमने यह अलर्ट पूरे देश के लिए जारी किया था।" शिंदे और आजाद के अलावा केंद्रीय मंत्री एस. जयपाल रेड्डी, के. चिरंजीवी और सर्व सत्यनारायण, भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह, आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, मजलिस-ए-एत्तेहादुल मुस्लिमीन के नेता असादुद्दीन ओवैसी ने घटनास्थल और अस्पतालों का दौरा किया। उधर, पुलिस के लिए शुक्रवार को दिलसुखनगर में भीड़ को काबू करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) से जुड़े सैंकड़ों लोग विस्फोटस्थल पर जमा हो गए और पाकिस्तान व आतंकवाद के खिलाफ नारेबाजी की। अपने-अपने संगठनों के झंडे-बैनर के साथ लोग टुकड़ियों में वहां आते रहे।टिप्पणियां दिलसुखनगर रोड पर अधिकांश दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे। भाजपा के आह्वान पर बंद का शहर के अन्य हिस्सों में आंशिक असर देखा गया। अधिकांश स्कूल एवं कॉलेज बंद रहे, हालांकि दुकानें एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठान आम दिनों की तरह खुले थे। एबिड्स और कुछ अन्य इलाकों में भाजपा कार्यकर्ताओं को दुकानदारों को दुकान बंद करने के लिए कहते देखा गया। माना जा रहा है कि पुलिस सीसीटीवी फुटेज से सबूत निकालने में जुटी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद ने शुक्रवार की शाम घटनास्थल का दौरा करने के बाद कहा, "मुझे नहीं लगता कि सीसीटीवी नाकाम रहे। कुछ तस्वीरें कैद हुई हैं।" इलाके में लगे तीन सीसीटीवी कैमरे में से दो में माना जा रहा है कि कुछ चेहरे कैद हैं जिनसे पुलिस को दो सिनेमाघरों के सामने बम रखने वालों को तलाशने में मदद मिल सकती है। इस बीच, साइबराबाद पुलिस कमिश्नरी के सरूरनगर थाने में दो प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज कराने और मामला अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) को सौंपे जाने के बाद सीआईडी ने जांच शुरू कर दी है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और फोरेंसिक विशेषज्ञों ने विस्फोट स्थल से सबूत एकत्र किए हैं। इससे पहले, निजी अस्पतालों में भर्ती घायलों में से दो की मौत होने के बाद हमले में मरने वालों की संख्या शुक्रवार को 16 हो गई। घायलों में से कुछ की हालत नाजुक बनी हुई है जिससे मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका है। उधर, चहल-पहल से भरे रहने वाले दिलसुखनगर रोड पर शुक्रवार को वीरानी छाई रही, जबकि अस्पतालों का दृश्य दिल दहला देने वाला था। दिलसुखनगर साफ दिखाई दे रहे तनाव के बीच वीआईपी का आनाजाना लगा रहा। इससे पहले, केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने विस्फोट स्थलों का मुआयना करने के बाद संवाददाताओं से कहा, "किसी खास इलाके में ऐसी घटना होने के बारे में पुख्ता सूचना नहीं थी।" उन्होंने कहा, "दो-तीन दिन पहले एक सामान्य अलर्ट जारी किया गया था। हमने यह अलर्ट पूरे देश के लिए जारी किया था।" शिंदे और आजाद के अलावा केंद्रीय मंत्री एस. जयपाल रेड्डी, के. चिरंजीवी और सर्व सत्यनारायण, भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह, आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, मजलिस-ए-एत्तेहादुल मुस्लिमीन के नेता असादुद्दीन ओवैसी ने घटनास्थल और अस्पतालों का दौरा किया। उधर, पुलिस के लिए शुक्रवार को दिलसुखनगर में भीड़ को काबू करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) से जुड़े सैंकड़ों लोग विस्फोटस्थल पर जमा हो गए और पाकिस्तान व आतंकवाद के खिलाफ नारेबाजी की। अपने-अपने संगठनों के झंडे-बैनर के साथ लोग टुकड़ियों में वहां आते रहे।टिप्पणियां दिलसुखनगर रोड पर अधिकांश दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे। भाजपा के आह्वान पर बंद का शहर के अन्य हिस्सों में आंशिक असर देखा गया। अधिकांश स्कूल एवं कॉलेज बंद रहे, हालांकि दुकानें एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठान आम दिनों की तरह खुले थे। एबिड्स और कुछ अन्य इलाकों में भाजपा कार्यकर्ताओं को दुकानदारों को दुकान बंद करने के लिए कहते देखा गया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद ने शुक्रवार की शाम घटनास्थल का दौरा करने के बाद कहा, "मुझे नहीं लगता कि सीसीटीवी नाकाम रहे। कुछ तस्वीरें कैद हुई हैं।" इलाके में लगे तीन सीसीटीवी कैमरे में से दो में माना जा रहा है कि कुछ चेहरे कैद हैं जिनसे पुलिस को दो सिनेमाघरों के सामने बम रखने वालों को तलाशने में मदद मिल सकती है। इस बीच, साइबराबाद पुलिस कमिश्नरी के सरूरनगर थाने में दो प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज कराने और मामला अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) को सौंपे जाने के बाद सीआईडी ने जांच शुरू कर दी है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और फोरेंसिक विशेषज्ञों ने विस्फोट स्थल से सबूत एकत्र किए हैं। इससे पहले, निजी अस्पतालों में भर्ती घायलों में से दो की मौत होने के बाद हमले में मरने वालों की संख्या शुक्रवार को 16 हो गई। घायलों में से कुछ की हालत नाजुक बनी हुई है जिससे मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका है। उधर, चहल-पहल से भरे रहने वाले दिलसुखनगर रोड पर शुक्रवार को वीरानी छाई रही, जबकि अस्पतालों का दृश्य दिल दहला देने वाला था। दिलसुखनगर साफ दिखाई दे रहे तनाव के बीच वीआईपी का आनाजाना लगा रहा। इससे पहले, केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने विस्फोट स्थलों का मुआयना करने के बाद संवाददाताओं से कहा, "किसी खास इलाके में ऐसी घटना होने के बारे में पुख्ता सूचना नहीं थी।" उन्होंने कहा, "दो-तीन दिन पहले एक सामान्य अलर्ट जारी किया गया था। हमने यह अलर्ट पूरे देश के लिए जारी किया था।" शिंदे और आजाद के अलावा केंद्रीय मंत्री एस. जयपाल रेड्डी, के. चिरंजीवी और सर्व सत्यनारायण, भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह, आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, मजलिस-ए-एत्तेहादुल मुस्लिमीन के नेता असादुद्दीन ओवैसी ने घटनास्थल और अस्पतालों का दौरा किया। उधर, पुलिस के लिए शुक्रवार को दिलसुखनगर में भीड़ को काबू करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) से जुड़े सैंकड़ों लोग विस्फोटस्थल पर जमा हो गए और पाकिस्तान व आतंकवाद के खिलाफ नारेबाजी की। अपने-अपने संगठनों के झंडे-बैनर के साथ लोग टुकड़ियों में वहां आते रहे।टिप्पणियां दिलसुखनगर रोड पर अधिकांश दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे। भाजपा के आह्वान पर बंद का शहर के अन्य हिस्सों में आंशिक असर देखा गया। अधिकांश स्कूल एवं कॉलेज बंद रहे, हालांकि दुकानें एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठान आम दिनों की तरह खुले थे। एबिड्स और कुछ अन्य इलाकों में भाजपा कार्यकर्ताओं को दुकानदारों को दुकान बंद करने के लिए कहते देखा गया। इलाके में लगे तीन सीसीटीवी कैमरे में से दो में माना जा रहा है कि कुछ चेहरे कैद हैं जिनसे पुलिस को दो सिनेमाघरों के सामने बम रखने वालों को तलाशने में मदद मिल सकती है। इस बीच, साइबराबाद पुलिस कमिश्नरी के सरूरनगर थाने में दो प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज कराने और मामला अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) को सौंपे जाने के बाद सीआईडी ने जांच शुरू कर दी है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और फोरेंसिक विशेषज्ञों ने विस्फोट स्थल से सबूत एकत्र किए हैं। इससे पहले, निजी अस्पतालों में भर्ती घायलों में से दो की मौत होने के बाद हमले में मरने वालों की संख्या शुक्रवार को 16 हो गई। घायलों में से कुछ की हालत नाजुक बनी हुई है जिससे मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका है। उधर, चहल-पहल से भरे रहने वाले दिलसुखनगर रोड पर शुक्रवार को वीरानी छाई रही, जबकि अस्पतालों का दृश्य दिल दहला देने वाला था। दिलसुखनगर साफ दिखाई दे रहे तनाव के बीच वीआईपी का आनाजाना लगा रहा। इससे पहले, केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने विस्फोट स्थलों का मुआयना करने के बाद संवाददाताओं से कहा, "किसी खास इलाके में ऐसी घटना होने के बारे में पुख्ता सूचना नहीं थी।" उन्होंने कहा, "दो-तीन दिन पहले एक सामान्य अलर्ट जारी किया गया था। हमने यह अलर्ट पूरे देश के लिए जारी किया था।" शिंदे और आजाद के अलावा केंद्रीय मंत्री एस. जयपाल रेड्डी, के. चिरंजीवी और सर्व सत्यनारायण, भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह, आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, मजलिस-ए-एत्तेहादुल मुस्लिमीन के नेता असादुद्दीन ओवैसी ने घटनास्थल और अस्पतालों का दौरा किया। उधर, पुलिस के लिए शुक्रवार को दिलसुखनगर में भीड़ को काबू करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) से जुड़े सैंकड़ों लोग विस्फोटस्थल पर जमा हो गए और पाकिस्तान व आतंकवाद के खिलाफ नारेबाजी की। अपने-अपने संगठनों के झंडे-बैनर के साथ लोग टुकड़ियों में वहां आते रहे।टिप्पणियां दिलसुखनगर रोड पर अधिकांश दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे। भाजपा के आह्वान पर बंद का शहर के अन्य हिस्सों में आंशिक असर देखा गया। अधिकांश स्कूल एवं कॉलेज बंद रहे, हालांकि दुकानें एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठान आम दिनों की तरह खुले थे। एबिड्स और कुछ अन्य इलाकों में भाजपा कार्यकर्ताओं को दुकानदारों को दुकान बंद करने के लिए कहते देखा गया। इस बीच, साइबराबाद पुलिस कमिश्नरी के सरूरनगर थाने में दो प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज कराने और मामला अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) को सौंपे जाने के बाद सीआईडी ने जांच शुरू कर दी है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और फोरेंसिक विशेषज्ञों ने विस्फोट स्थल से सबूत एकत्र किए हैं। इससे पहले, निजी अस्पतालों में भर्ती घायलों में से दो की मौत होने के बाद हमले में मरने वालों की संख्या शुक्रवार को 16 हो गई। घायलों में से कुछ की हालत नाजुक बनी हुई है जिससे मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका है। उधर, चहल-पहल से भरे रहने वाले दिलसुखनगर रोड पर शुक्रवार को वीरानी छाई रही, जबकि अस्पतालों का दृश्य दिल दहला देने वाला था। दिलसुखनगर साफ दिखाई दे रहे तनाव के बीच वीआईपी का आनाजाना लगा रहा। इससे पहले, केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने विस्फोट स्थलों का मुआयना करने के बाद संवाददाताओं से कहा, "किसी खास इलाके में ऐसी घटना होने के बारे में पुख्ता सूचना नहीं थी।" उन्होंने कहा, "दो-तीन दिन पहले एक सामान्य अलर्ट जारी किया गया था। हमने यह अलर्ट पूरे देश के लिए जारी किया था।" शिंदे और आजाद के अलावा केंद्रीय मंत्री एस. जयपाल रेड्डी, के. चिरंजीवी और सर्व सत्यनारायण, भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह, आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, मजलिस-ए-एत्तेहादुल मुस्लिमीन के नेता असादुद्दीन ओवैसी ने घटनास्थल और अस्पतालों का दौरा किया। उधर, पुलिस के लिए शुक्रवार को दिलसुखनगर में भीड़ को काबू करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) से जुड़े सैंकड़ों लोग विस्फोटस्थल पर जमा हो गए और पाकिस्तान व आतंकवाद के खिलाफ नारेबाजी की। अपने-अपने संगठनों के झंडे-बैनर के साथ लोग टुकड़ियों में वहां आते रहे।टिप्पणियां दिलसुखनगर रोड पर अधिकांश दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे। भाजपा के आह्वान पर बंद का शहर के अन्य हिस्सों में आंशिक असर देखा गया। अधिकांश स्कूल एवं कॉलेज बंद रहे, हालांकि दुकानें एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठान आम दिनों की तरह खुले थे। एबिड्स और कुछ अन्य इलाकों में भाजपा कार्यकर्ताओं को दुकानदारों को दुकान बंद करने के लिए कहते देखा गया। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और फोरेंसिक विशेषज्ञों ने विस्फोट स्थल से सबूत एकत्र किए हैं। इससे पहले, निजी अस्पतालों में भर्ती घायलों में से दो की मौत होने के बाद हमले में मरने वालों की संख्या शुक्रवार को 16 हो गई। घायलों में से कुछ की हालत नाजुक बनी हुई है जिससे मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका है। उधर, चहल-पहल से भरे रहने वाले दिलसुखनगर रोड पर शुक्रवार को वीरानी छाई रही, जबकि अस्पतालों का दृश्य दिल दहला देने वाला था। दिलसुखनगर साफ दिखाई दे रहे तनाव के बीच वीआईपी का आनाजाना लगा रहा। इससे पहले, केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने विस्फोट स्थलों का मुआयना करने के बाद संवाददाताओं से कहा, "किसी खास इलाके में ऐसी घटना होने के बारे में पुख्ता सूचना नहीं थी।" उन्होंने कहा, "दो-तीन दिन पहले एक सामान्य अलर्ट जारी किया गया था। हमने यह अलर्ट पूरे देश के लिए जारी किया था।" शिंदे और आजाद के अलावा केंद्रीय मंत्री एस. जयपाल रेड्डी, के. चिरंजीवी और सर्व सत्यनारायण, भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह, आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, मजलिस-ए-एत्तेहादुल मुस्लिमीन के नेता असादुद्दीन ओवैसी ने घटनास्थल और अस्पतालों का दौरा किया। उधर, पुलिस के लिए शुक्रवार को दिलसुखनगर में भीड़ को काबू करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) से जुड़े सैंकड़ों लोग विस्फोटस्थल पर जमा हो गए और पाकिस्तान व आतंकवाद के खिलाफ नारेबाजी की। अपने-अपने संगठनों के झंडे-बैनर के साथ लोग टुकड़ियों में वहां आते रहे।टिप्पणियां दिलसुखनगर रोड पर अधिकांश दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे। भाजपा के आह्वान पर बंद का शहर के अन्य हिस्सों में आंशिक असर देखा गया। अधिकांश स्कूल एवं कॉलेज बंद रहे, हालांकि दुकानें एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठान आम दिनों की तरह खुले थे। एबिड्स और कुछ अन्य इलाकों में भाजपा कार्यकर्ताओं को दुकानदारों को दुकान बंद करने के लिए कहते देखा गया। इससे पहले, निजी अस्पतालों में भर्ती घायलों में से दो की मौत होने के बाद हमले में मरने वालों की संख्या शुक्रवार को 16 हो गई। घायलों में से कुछ की हालत नाजुक बनी हुई है जिससे मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका है। उधर, चहल-पहल से भरे रहने वाले दिलसुखनगर रोड पर शुक्रवार को वीरानी छाई रही, जबकि अस्पतालों का दृश्य दिल दहला देने वाला था। दिलसुखनगर साफ दिखाई दे रहे तनाव के बीच वीआईपी का आनाजाना लगा रहा। इससे पहले, केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने विस्फोट स्थलों का मुआयना करने के बाद संवाददाताओं से कहा, "किसी खास इलाके में ऐसी घटना होने के बारे में पुख्ता सूचना नहीं थी।" उन्होंने कहा, "दो-तीन दिन पहले एक सामान्य अलर्ट जारी किया गया था। हमने यह अलर्ट पूरे देश के लिए जारी किया था।" शिंदे और आजाद के अलावा केंद्रीय मंत्री एस. जयपाल रेड्डी, के. चिरंजीवी और सर्व सत्यनारायण, भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह, आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, मजलिस-ए-एत्तेहादुल मुस्लिमीन के नेता असादुद्दीन ओवैसी ने घटनास्थल और अस्पतालों का दौरा किया। उधर, पुलिस के लिए शुक्रवार को दिलसुखनगर में भीड़ को काबू करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) से जुड़े सैंकड़ों लोग विस्फोटस्थल पर जमा हो गए और पाकिस्तान व आतंकवाद के खिलाफ नारेबाजी की। अपने-अपने संगठनों के झंडे-बैनर के साथ लोग टुकड़ियों में वहां आते रहे।टिप्पणियां दिलसुखनगर रोड पर अधिकांश दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे। भाजपा के आह्वान पर बंद का शहर के अन्य हिस्सों में आंशिक असर देखा गया। अधिकांश स्कूल एवं कॉलेज बंद रहे, हालांकि दुकानें एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठान आम दिनों की तरह खुले थे। एबिड्स और कुछ अन्य इलाकों में भाजपा कार्यकर्ताओं को दुकानदारों को दुकान बंद करने के लिए कहते देखा गया। उधर, चहल-पहल से भरे रहने वाले दिलसुखनगर रोड पर शुक्रवार को वीरानी छाई रही, जबकि अस्पतालों का दृश्य दिल दहला देने वाला था। दिलसुखनगर साफ दिखाई दे रहे तनाव के बीच वीआईपी का आनाजाना लगा रहा। इससे पहले, केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने विस्फोट स्थलों का मुआयना करने के बाद संवाददाताओं से कहा, "किसी खास इलाके में ऐसी घटना होने के बारे में पुख्ता सूचना नहीं थी।" उन्होंने कहा, "दो-तीन दिन पहले एक सामान्य अलर्ट जारी किया गया था। हमने यह अलर्ट पूरे देश के लिए जारी किया था।" शिंदे और आजाद के अलावा केंद्रीय मंत्री एस. जयपाल रेड्डी, के. चिरंजीवी और सर्व सत्यनारायण, भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह, आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, मजलिस-ए-एत्तेहादुल मुस्लिमीन के नेता असादुद्दीन ओवैसी ने घटनास्थल और अस्पतालों का दौरा किया। उधर, पुलिस के लिए शुक्रवार को दिलसुखनगर में भीड़ को काबू करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) से जुड़े सैंकड़ों लोग विस्फोटस्थल पर जमा हो गए और पाकिस्तान व आतंकवाद के खिलाफ नारेबाजी की। अपने-अपने संगठनों के झंडे-बैनर के साथ लोग टुकड़ियों में वहां आते रहे।टिप्पणियां दिलसुखनगर रोड पर अधिकांश दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे। भाजपा के आह्वान पर बंद का शहर के अन्य हिस्सों में आंशिक असर देखा गया। अधिकांश स्कूल एवं कॉलेज बंद रहे, हालांकि दुकानें एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठान आम दिनों की तरह खुले थे। एबिड्स और कुछ अन्य इलाकों में भाजपा कार्यकर्ताओं को दुकानदारों को दुकान बंद करने के लिए कहते देखा गया। दिलसुखनगर साफ दिखाई दे रहे तनाव के बीच वीआईपी का आनाजाना लगा रहा। इससे पहले, केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने विस्फोट स्थलों का मुआयना करने के बाद संवाददाताओं से कहा, "किसी खास इलाके में ऐसी घटना होने के बारे में पुख्ता सूचना नहीं थी।" उन्होंने कहा, "दो-तीन दिन पहले एक सामान्य अलर्ट जारी किया गया था। हमने यह अलर्ट पूरे देश के लिए जारी किया था।" शिंदे और आजाद के अलावा केंद्रीय मंत्री एस. जयपाल रेड्डी, के. चिरंजीवी और सर्व सत्यनारायण, भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह, आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, मजलिस-ए-एत्तेहादुल मुस्लिमीन के नेता असादुद्दीन ओवैसी ने घटनास्थल और अस्पतालों का दौरा किया। उधर, पुलिस के लिए शुक्रवार को दिलसुखनगर में भीड़ को काबू करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) से जुड़े सैंकड़ों लोग विस्फोटस्थल पर जमा हो गए और पाकिस्तान व आतंकवाद के खिलाफ नारेबाजी की। अपने-अपने संगठनों के झंडे-बैनर के साथ लोग टुकड़ियों में वहां आते रहे।टिप्पणियां दिलसुखनगर रोड पर अधिकांश दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे। भाजपा के आह्वान पर बंद का शहर के अन्य हिस्सों में आंशिक असर देखा गया। अधिकांश स्कूल एवं कॉलेज बंद रहे, हालांकि दुकानें एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठान आम दिनों की तरह खुले थे। एबिड्स और कुछ अन्य इलाकों में भाजपा कार्यकर्ताओं को दुकानदारों को दुकान बंद करने के लिए कहते देखा गया। इससे पहले, केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने विस्फोट स्थलों का मुआयना करने के बाद संवाददाताओं से कहा, "किसी खास इलाके में ऐसी घटना होने के बारे में पुख्ता सूचना नहीं थी।" उन्होंने कहा, "दो-तीन दिन पहले एक सामान्य अलर्ट जारी किया गया था। हमने यह अलर्ट पूरे देश के लिए जारी किया था।" शिंदे और आजाद के अलावा केंद्रीय मंत्री एस. जयपाल रेड्डी, के. चिरंजीवी और सर्व सत्यनारायण, भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह, आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, मजलिस-ए-एत्तेहादुल मुस्लिमीन के नेता असादुद्दीन ओवैसी ने घटनास्थल और अस्पतालों का दौरा किया। उधर, पुलिस के लिए शुक्रवार को दिलसुखनगर में भीड़ को काबू करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) से जुड़े सैंकड़ों लोग विस्फोटस्थल पर जमा हो गए और पाकिस्तान व आतंकवाद के खिलाफ नारेबाजी की। अपने-अपने संगठनों के झंडे-बैनर के साथ लोग टुकड़ियों में वहां आते रहे।टिप्पणियां दिलसुखनगर रोड पर अधिकांश दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे। भाजपा के आह्वान पर बंद का शहर के अन्य हिस्सों में आंशिक असर देखा गया। अधिकांश स्कूल एवं कॉलेज बंद रहे, हालांकि दुकानें एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठान आम दिनों की तरह खुले थे। एबिड्स और कुछ अन्य इलाकों में भाजपा कार्यकर्ताओं को दुकानदारों को दुकान बंद करने के लिए कहते देखा गया। शिंदे और आजाद के अलावा केंद्रीय मंत्री एस. जयपाल रेड्डी, के. चिरंजीवी और सर्व सत्यनारायण, भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह, आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, मजलिस-ए-एत्तेहादुल मुस्लिमीन के नेता असादुद्दीन ओवैसी ने घटनास्थल और अस्पतालों का दौरा किया। उधर, पुलिस के लिए शुक्रवार को दिलसुखनगर में भीड़ को काबू करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) से जुड़े सैंकड़ों लोग विस्फोटस्थल पर जमा हो गए और पाकिस्तान व आतंकवाद के खिलाफ नारेबाजी की। अपने-अपने संगठनों के झंडे-बैनर के साथ लोग टुकड़ियों में वहां आते रहे।टिप्पणियां दिलसुखनगर रोड पर अधिकांश दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे। भाजपा के आह्वान पर बंद का शहर के अन्य हिस्सों में आंशिक असर देखा गया। अधिकांश स्कूल एवं कॉलेज बंद रहे, हालांकि दुकानें एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठान आम दिनों की तरह खुले थे। एबिड्स और कुछ अन्य इलाकों में भाजपा कार्यकर्ताओं को दुकानदारों को दुकान बंद करने के लिए कहते देखा गया। उधर, पुलिस के लिए शुक्रवार को दिलसुखनगर में भीड़ को काबू करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) से जुड़े सैंकड़ों लोग विस्फोटस्थल पर जमा हो गए और पाकिस्तान व आतंकवाद के खिलाफ नारेबाजी की। अपने-अपने संगठनों के झंडे-बैनर के साथ लोग टुकड़ियों में वहां आते रहे।टिप्पणियां दिलसुखनगर रोड पर अधिकांश दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे। भाजपा के आह्वान पर बंद का शहर के अन्य हिस्सों में आंशिक असर देखा गया। अधिकांश स्कूल एवं कॉलेज बंद रहे, हालांकि दुकानें एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठान आम दिनों की तरह खुले थे। एबिड्स और कुछ अन्य इलाकों में भाजपा कार्यकर्ताओं को दुकानदारों को दुकान बंद करने के लिए कहते देखा गया। दिलसुखनगर रोड पर अधिकांश दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे। भाजपा के आह्वान पर बंद का शहर के अन्य हिस्सों में आंशिक असर देखा गया। अधिकांश स्कूल एवं कॉलेज बंद रहे, हालांकि दुकानें एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठान आम दिनों की तरह खुले थे। एबिड्स और कुछ अन्य इलाकों में भाजपा कार्यकर्ताओं को दुकानदारों को दुकान बंद करने के लिए कहते देखा गया। अधिकांश स्कूल एवं कॉलेज बंद रहे, हालांकि दुकानें एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठान आम दिनों की तरह खुले थे। एबिड्स और कुछ अन्य इलाकों में भाजपा कार्यकर्ताओं को दुकानदारों को दुकान बंद करने के लिए कहते देखा गया।
यहाँ एक सारांश है:हैदराबाद में बृहस्पतिवार देर शाम हुए दोहरे बम विस्फोट में शुक्रवार को पुलिस को कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं। दो सीसीटीवी कैमरों में कुछ चेहरे कैद हैं जिनसे पुलिस को दो सिनेमाघरों के सामने बम रखने वालों को तलाशने में मदद मिल सकती है।
15
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) राजनीतिक दृष्टि से संवेदनशील अयोध्या विवाद (Ayodhya Case) मामले में आज फैसला सुनायेगा. चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया रंजन गोगोई (CJI Ranjan Gogoi), जस्टिस एस ए बोबडे, जस्टिस धनन्जय वाई चन्द्रचूड़ , जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस एस अब्दुल नजीर की 5 सदस्यीय बेंच शनिवार की सुबह साढ़े दस बजे यह फैसला सुनाएगी. बेंच ने 16 अक्ट्रबर को इस मामले की सुनवाई पूरी की थी. पीठ ने छह अगस्त से लगातार 40 दिन इस मामले में सुनवाई की थी. अयोध्या विवाद (Ayodhya Case) के फैसले के मद्देनज़र शुक्रवार को अयोध्या में सुरक्षा और कड़ी हो गई. राम जन्मभूमि मंदिर की तरफ जाने वाले सारे रास्ते बंद कर दिए गए हैं. अब वहां से सिर्फ़ पैदल गुज़रा जा सकेगा. सीएम योगी आदित्यनाथ ने हर जिले में एक कंट्रोल रूम बनाने और लखनऊ और अयोध्या में दो हेलीकॉप्टर तैयार रखने के आदेश दिए हैं. पूरे यूपी में पुलिस दंगों से निपटने के लिए रिहर्सल कर रही है. टेंपरेरी जेलें बना दी गई हैं. वहां जरूरत पड़ने पर गिरफ्तार लोगों को रखा जा सकेगा. अयोध्या में नाकेबंदी और सख़्त हो गई है. राम जन्मभूमि मंदिर जाने वाले सारे रास्ते आज गाड़ियों के लिए सील कर दिए गए. झगड़े वाली जगह के चारों तरफ 67 एकड़ जमीन पहले से केन्द्र सरकार के कब्ज़े और सेंट्रल फोर्सस की निगरानी में हैं. अब उसकी तरफ जाने वाले रास्तों को गाड़ियों के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है. इसके साथ पूरे अयोध्या में पुलिस जनता के बीच जाकर उन्हें समझाने और हिफ़ाज़त का भरोसा दिलाने की कोशिश कर रही है. अयोध्या के सारे प्रमुख मंदिरों के आसपास बड़े पैमाने पर सिक्‍योरिटी लगा दी गई. जिन जगहों पर सुरक्षा बढ़ाई गई है उनमें राम जन्मभूमि कॉम्प्लेक्स, हनुमानगढ़ी, दशरथ महल, कनक भवन, मंदिर निर्माण कार्यशाला राम की पैड़ी, कारसेवक पुरम, सरयू घाट वगैरह शामिल हैं. लेकिन प्रशासन का कहना है की वहां सुरक्षा पूरी रहेगी लेकिन ज़िंदगी अपनी रफ़्तार से चलेगी. स्कूल, कॉलेज, बाजार सब खुलेंगे और कोई पाबंदी नहीं रहेगी. अयोध्‍या के जिलाधिकारी अनुज झा ने कहा, 'शादी-ब्‍याह का सीजन है. जैसा तय किया है वैसा ही रहेगा. कहीं कोई समस्‍या आती है तो हम तुरंत समन्‍वय स्‍थापित करेंगे. सबके पास हमारे नंबर बंटे हैं. जो भी अप्रोच करेगा, उसकी समस्‍या का हम समाधान करेंगे. ऐसी व्‍यवस्‍था की जा रही है कि सारे कार्यक्रम सामन्‍य ढंग से चलते रहें.'
अयोध्या मामले पर आज आएगा फैसला फैसले से पहले यूपी में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम 5 जजों की बेंच सुनाएगी फैसला
28
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मेघालय, असम और पूर्वोत्तर के कुछ अन्य राज्यों में रविवार को भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए, लेकिन किसी तरह के जानमाल के नुकसान की कोई खबर नहीं है। भारतीय भूकंप सर्वेक्षण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 6 मापी गई है। भूकंप सुबह सात बजकर 51 मिनट पर आया।टिप्पणियां भूकंप का केंद्र म्यांमार में धरती की सतह से 70 किलोमीटर नीचे था। अधिकारियों ने कहा कि भूकंप हल्की तीव्रता का था और क्षेत्र के सभी प्रमुख कस्बों में इसके झटके महसूस किए गए। इससे पहले, इसी महीने क्षेत्र में रिक्टर पैमाने पर 5.4 और 5.5 की तीव्रता वाला भूकंप आया था, जिसका केंद्र क्रमश: फेक और नगालैंड क्षेत्र में था। आज के भूकंप के झटके ईटानगर, गुवाहाटी, अगरतला, कोहिमा और इंफाल में महसूस किए गए। भूकंप का केंद्र म्यांमार में धरती की सतह से 70 किलोमीटर नीचे था। अधिकारियों ने कहा कि भूकंप हल्की तीव्रता का था और क्षेत्र के सभी प्रमुख कस्बों में इसके झटके महसूस किए गए। इससे पहले, इसी महीने क्षेत्र में रिक्टर पैमाने पर 5.4 और 5.5 की तीव्रता वाला भूकंप आया था, जिसका केंद्र क्रमश: फेक और नगालैंड क्षेत्र में था। आज के भूकंप के झटके ईटानगर, गुवाहाटी, अगरतला, कोहिमा और इंफाल में महसूस किए गए। इससे पहले, इसी महीने क्षेत्र में रिक्टर पैमाने पर 5.4 और 5.5 की तीव्रता वाला भूकंप आया था, जिसका केंद्र क्रमश: फेक और नगालैंड क्षेत्र में था। आज के भूकंप के झटके ईटानगर, गुवाहाटी, अगरतला, कोहिमा और इंफाल में महसूस किए गए।
सारांश: मेघालय, असम और पूर्वोत्तर के कुछ अन्य राज्यों में रविवार को भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए, लेकिन किसी तरह के जानमाल के नुकसान की कोई खबर नहीं है।
20
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: मसालों, अनाज तथा इसके उत्पादों के दामों में गिरावट से जुलाई माह में खुदरा मुद्रास्फीति घटकर 9.86 प्रतिशत पर आ गई। हालांकि माह के दौरान सब्जियों के दाम ऊंचाई पर बने रहे। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित जून माह की मुद्रास्फीति को संशोधित कर 9.93 प्रतिशत कर दिया गया है। पहले इसका शुरुआती अनुमान 10.02 फीसदी का लगाया गया था। सालाना आधार पर जुलाई में सबसे ज्यादा 27.33 फीसदी की तेजी सब्जियों की कीमतों में रही। इसके अलावा खाद्य तेलों के दाम 17.37 प्रतिशत, दालों और इसके उत्पादों के दाम 12.49 फीसदी चढ़े। वहीं सालाना आधार पर अंडा, मछली तथा मांस 11.11 प्रतिशत महंगा हुआ। अन्य वस्तुओं में अनाज और उसके उत्पादों के दामों में जुलाई, 2011 के स्तर की तुलना में 6.45 प्रतिशत का इजाफा हुआ। जुलाई में चीनी की कीमतों में 9.06 फीसदी का इजाफा हुआ। खाद्य एवं बेवरेज, कपड़ा और फुटवियर वर्ग की महंगाई दो अंक में बनी रही। जुलाई में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की महंगाई की दर क्रमश: 9.76 प्रतिशत और 10.10 प्रतिशत रही।टिप्पणियां संशोधित आंकड़ों के अनुसार, जून माह की ग्रामीण और शहरी महंगाई की दर क्रमश: 9.65 प्रतिशत तथा 10.44 प्रतिशत रही है। जुलाई माह में थोक मूल्य सूचकांक आधारित महंगाई की दर भी घटकर 6.87 प्रतिशत पर आ गई, जो इससे पिछले महीने 7.25 प्रतिशत पर थी। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित जून माह की मुद्रास्फीति को संशोधित कर 9.93 प्रतिशत कर दिया गया है। पहले इसका शुरुआती अनुमान 10.02 फीसदी का लगाया गया था। सालाना आधार पर जुलाई में सबसे ज्यादा 27.33 फीसदी की तेजी सब्जियों की कीमतों में रही। इसके अलावा खाद्य तेलों के दाम 17.37 प्रतिशत, दालों और इसके उत्पादों के दाम 12.49 फीसदी चढ़े। वहीं सालाना आधार पर अंडा, मछली तथा मांस 11.11 प्रतिशत महंगा हुआ। अन्य वस्तुओं में अनाज और उसके उत्पादों के दामों में जुलाई, 2011 के स्तर की तुलना में 6.45 प्रतिशत का इजाफा हुआ। जुलाई में चीनी की कीमतों में 9.06 फीसदी का इजाफा हुआ। खाद्य एवं बेवरेज, कपड़ा और फुटवियर वर्ग की महंगाई दो अंक में बनी रही। जुलाई में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की महंगाई की दर क्रमश: 9.76 प्रतिशत और 10.10 प्रतिशत रही।टिप्पणियां संशोधित आंकड़ों के अनुसार, जून माह की ग्रामीण और शहरी महंगाई की दर क्रमश: 9.65 प्रतिशत तथा 10.44 प्रतिशत रही है। जुलाई माह में थोक मूल्य सूचकांक आधारित महंगाई की दर भी घटकर 6.87 प्रतिशत पर आ गई, जो इससे पिछले महीने 7.25 प्रतिशत पर थी। सालाना आधार पर जुलाई में सबसे ज्यादा 27.33 फीसदी की तेजी सब्जियों की कीमतों में रही। इसके अलावा खाद्य तेलों के दाम 17.37 प्रतिशत, दालों और इसके उत्पादों के दाम 12.49 फीसदी चढ़े। वहीं सालाना आधार पर अंडा, मछली तथा मांस 11.11 प्रतिशत महंगा हुआ। अन्य वस्तुओं में अनाज और उसके उत्पादों के दामों में जुलाई, 2011 के स्तर की तुलना में 6.45 प्रतिशत का इजाफा हुआ। जुलाई में चीनी की कीमतों में 9.06 फीसदी का इजाफा हुआ। खाद्य एवं बेवरेज, कपड़ा और फुटवियर वर्ग की महंगाई दो अंक में बनी रही। जुलाई में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की महंगाई की दर क्रमश: 9.76 प्रतिशत और 10.10 प्रतिशत रही।टिप्पणियां संशोधित आंकड़ों के अनुसार, जून माह की ग्रामीण और शहरी महंगाई की दर क्रमश: 9.65 प्रतिशत तथा 10.44 प्रतिशत रही है। जुलाई माह में थोक मूल्य सूचकांक आधारित महंगाई की दर भी घटकर 6.87 प्रतिशत पर आ गई, जो इससे पिछले महीने 7.25 प्रतिशत पर थी। वहीं सालाना आधार पर अंडा, मछली तथा मांस 11.11 प्रतिशत महंगा हुआ। अन्य वस्तुओं में अनाज और उसके उत्पादों के दामों में जुलाई, 2011 के स्तर की तुलना में 6.45 प्रतिशत का इजाफा हुआ। जुलाई में चीनी की कीमतों में 9.06 फीसदी का इजाफा हुआ। खाद्य एवं बेवरेज, कपड़ा और फुटवियर वर्ग की महंगाई दो अंक में बनी रही। जुलाई में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की महंगाई की दर क्रमश: 9.76 प्रतिशत और 10.10 प्रतिशत रही।टिप्पणियां संशोधित आंकड़ों के अनुसार, जून माह की ग्रामीण और शहरी महंगाई की दर क्रमश: 9.65 प्रतिशत तथा 10.44 प्रतिशत रही है। जुलाई माह में थोक मूल्य सूचकांक आधारित महंगाई की दर भी घटकर 6.87 प्रतिशत पर आ गई, जो इससे पिछले महीने 7.25 प्रतिशत पर थी। संशोधित आंकड़ों के अनुसार, जून माह की ग्रामीण और शहरी महंगाई की दर क्रमश: 9.65 प्रतिशत तथा 10.44 प्रतिशत रही है। जुलाई माह में थोक मूल्य सूचकांक आधारित महंगाई की दर भी घटकर 6.87 प्रतिशत पर आ गई, जो इससे पिछले महीने 7.25 प्रतिशत पर थी। जुलाई माह में थोक मूल्य सूचकांक आधारित महंगाई की दर भी घटकर 6.87 प्रतिशत पर आ गई, जो इससे पिछले महीने 7.25 प्रतिशत पर थी।
यहाँ एक सारांश है:मसालों, अनाज तथा इसके उत्पादों के दामों में गिरावट से जुलाई माह में खुदरा मुद्रास्फीति घटकर 9.86 प्रतिशत पर आ गई।
17
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंकों से कहा है कि वे अपने कर्जदारों से कर्ज की मासिक किस्तों या ईएमआई का भुगतान इलेक्ट्रॉनिक रूप में लें। इससे वाहन तथा आवास ऋण आदि लेने वालों को अब ईएमआई के लिए बाद की तारीख के चेक नहीं देने होंगे। रिजर्व बैंक ने इस बारे में अधिसूचना जारी की है। इसमें कहा गया है कि जहां इलेक्ट्रॉनिक क्लीयरेंस सर्विस (ईसीएस) उपलब्ध है वहां नये या अतिरिक्त बाद की तारीख के चेक (पीडीसी) तथा समान मासिक किस्त (ईएमआई) चेक नहीं लिए जायें।टिप्पणियां ऐसी जगहों पर मौजूदा चेकों को भी ईसीएस में बदला जा सकता है। केंद्रीय बैंक ने यह कदम इलेक्ट्रॉनिक स्थानांतरण को बढ़ावा देने तथा चेक का इस्तेमाल कम करने के लिए उठाया है। रिजर्व बैंक ने इस बारे में अधिसूचना जारी की है। इसमें कहा गया है कि जहां इलेक्ट्रॉनिक क्लीयरेंस सर्विस (ईसीएस) उपलब्ध है वहां नये या अतिरिक्त बाद की तारीख के चेक (पीडीसी) तथा समान मासिक किस्त (ईएमआई) चेक नहीं लिए जायें।टिप्पणियां ऐसी जगहों पर मौजूदा चेकों को भी ईसीएस में बदला जा सकता है। केंद्रीय बैंक ने यह कदम इलेक्ट्रॉनिक स्थानांतरण को बढ़ावा देने तथा चेक का इस्तेमाल कम करने के लिए उठाया है। ऐसी जगहों पर मौजूदा चेकों को भी ईसीएस में बदला जा सकता है। केंद्रीय बैंक ने यह कदम इलेक्ट्रॉनिक स्थानांतरण को बढ़ावा देने तथा चेक का इस्तेमाल कम करने के लिए उठाया है। केंद्रीय बैंक ने यह कदम इलेक्ट्रॉनिक स्थानांतरण को बढ़ावा देने तथा चेक का इस्तेमाल कम करने के लिए उठाया है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंकों से कहा है कि वे अपने कर्जदारों से कर्ज की मासिक किस्तों या ईएमआई का भुगतान इलेक्ट्रॉनिक रूप में लें। इससे वाहन तथा आवास ऋण आदि लेने वालों को अब ईएमआई के लिए बाद की तारीख के चेक नहीं देने होंगे।
3
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: वेस्टइंडीज के 180 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत की शुरुआत खराब रही। टीम इंडिया ने तीसरे और अंतिम क्रिकेट टेस्ट के अंतिम दिन चाय तक एक विकेट पर 19 रन बनाए। चाय के विश्राम के समय सलामी बल्लेबाजी मुरली विजय 14 जबकि राहुल द्रविड़ चार रन बनाकर खेल रहे थे। भारत को श्रृंखला 2-0 से जीतने के लिए अंतिम सत्र में 40 ओवर में 161 रन की दरकार है जबकि उसके नौ विकेट शेष हैं। लक्ष्य का पीछा करने उतरे भारत की शुरुआत काफी खराब रही और उसने पारी की पहली ही गेंद पर सलामी बल्लेबाज अभिनव मुकुंद का विकेट गंवा दिया जो फिडेल एडवर्डस की गेंद पर पगबाधा आउट हुए। इससे पहले वेस्टइंडीज ने अनुभवी शिवनरायण चंद्रपाल के जुझारू नाबाद शतक की मदद से दूसरी पारी में 322 रन बनाए। चंद्रपाल ने 343 गेंद में पांच चौकों की मदद से नाबाद 116 रन की पारी खेलने के अलावा फिडेल एडवर्डस (30) के साथ नौवें विकेट के लिए 37 ओवर में 65 रन की बेशकीमती साझेदारी की। चंद्रपाल ने इससे पहले किर्क एडवर्डस (110) के साथ चौथे विकेट के लिए भी 161 रन जोड़े थे। भारत की ओर से हरभजन सिंह ने 75 रन देकर चार विकेट चटकाए। सुरेश रैना (32 रन पर दो विकेट) ने लगातार ओवरों में फिडेल एडवर्डस और देवेंद्र बीशू (01) को आउट करके मेजबान टीम की पारी का अंत किया। वेस्टइंडीज ने 43.3 ओवर में 98 रन जोड़कर चार विकेट गंवाए। वेस्टइंडीज ने पहली पारी में 204 रन बनाए थे जिसके जवाब में भारत ने 347 रन का स्कोर खड़ा किया।
संक्षिप्त सारांश: टीम इंडिया ने सीरीज के तीसरे और अंतिम क्रिकेट टेस्ट के अंतिम दिन चाय तक एक विकेट पर 19 रन बनाए।
0
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कहा कि इस्लामाबाद स्थित भारतीय मिशन ने पाकिस्तान की सरकार को पत्र के जरिये अजमल कसाब को फांसी दिए जाने के बारे में सूचित किया।टिप्पणियां उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने पत्र लेने से मना कर दिया, जिसके बाद फैक्स से पत्र भेजा गया। शिंदे ने कहा कि कसाब को फांसी दिए जाने के साथ ही हमने 26/11 के मुंबई हमला मामले की न्यायिक प्रक्रिया पूरी कर ली है। शिंदे ने यह भी कहा कि पाकिस्तान ने कसाब का शव नहीं मांगा है। कसाब को फांसी से पहले नहलाया गया और जब उसकी आखिरी इच्छा पूछी गई, तो उसने कोई जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने पत्र लेने से मना कर दिया, जिसके बाद फैक्स से पत्र भेजा गया। शिंदे ने कहा कि कसाब को फांसी दिए जाने के साथ ही हमने 26/11 के मुंबई हमला मामले की न्यायिक प्रक्रिया पूरी कर ली है। शिंदे ने यह भी कहा कि पाकिस्तान ने कसाब का शव नहीं मांगा है। कसाब को फांसी से पहले नहलाया गया और जब उसकी आखिरी इच्छा पूछी गई, तो उसने कोई जवाब नहीं दिया। शिंदे ने यह भी कहा कि पाकिस्तान ने कसाब का शव नहीं मांगा है। कसाब को फांसी से पहले नहलाया गया और जब उसकी आखिरी इच्छा पूछी गई, तो उसने कोई जवाब नहीं दिया।
यहाँ एक सारांश है:केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कहा कि कसाब को फांसी दिए जाने के साथ ही हमने 26/11 के मुंबई हमला मामले की न्यायिक प्रक्रिया पूरी कर ली है। शिंदे ने यह भी कहा कि पाकिस्तान ने कसाब का शव नहीं मांगा है।
17
['hin']
एक सारांश बनाओ: समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने गुजरात के मुख्यमंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की चुनाव अभियान समिति के प्रमुख नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए बुधवार को कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में मोदी फैक्टर काम नहीं कर पाएगा। यादव बुधवार को रामपुर में कैबिनेट मंत्री आजम खान की मां के निधन पर शोक जताने गए थे।टिप्पणियां उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अलग मिजाज का प्रदेश है। यह गुजरात जैसा नहीं है। यहां पर नरेंद्र मोदी फैक्टर काम नहीं कर पाएगा। सपा प्रमुख ने कहा कि नरेंद्र मोदी उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव लड़कर देखें। यहां की जनता उन्हें सबक सिखा देगी। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी भी मोदी को सबक सिखाने में पीछे हटने वाले नहीं है। यादव बुधवार को रामपुर में कैबिनेट मंत्री आजम खान की मां के निधन पर शोक जताने गए थे।टिप्पणियां उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अलग मिजाज का प्रदेश है। यह गुजरात जैसा नहीं है। यहां पर नरेंद्र मोदी फैक्टर काम नहीं कर पाएगा। सपा प्रमुख ने कहा कि नरेंद्र मोदी उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव लड़कर देखें। यहां की जनता उन्हें सबक सिखा देगी। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी भी मोदी को सबक सिखाने में पीछे हटने वाले नहीं है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अलग मिजाज का प्रदेश है। यह गुजरात जैसा नहीं है। यहां पर नरेंद्र मोदी फैक्टर काम नहीं कर पाएगा। सपा प्रमुख ने कहा कि नरेंद्र मोदी उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव लड़कर देखें। यहां की जनता उन्हें सबक सिखा देगी। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी भी मोदी को सबक सिखाने में पीछे हटने वाले नहीं है। सपा प्रमुख ने कहा कि नरेंद्र मोदी उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव लड़कर देखें। यहां की जनता उन्हें सबक सिखा देगी। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी भी मोदी को सबक सिखाने में पीछे हटने वाले नहीं है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने गुजरात के मुख्यमंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की चुनाव अभियान समिति के प्रमुख नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए बुधवार को कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में मोदी फैक्टर काम नहीं कर पाएगा।
32
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पिछले कुछ महीनों के दौरान भारत-बांग्लादेश सीमा पर बांग्ला और उर्दू भाषा में कूट सिग्नल मिलने के बाद यह संदेह जताया जा रहा है कि क्या चरमपंथी अपने संवाद के लिए इस गैर परंपरागत तरीके का उपयोग कर रहे हैं. प्रशासन ने कूट भाषा वाले इन सिग्नलों के मद्देनजर हैम रेडियो ऑपरेटरों को चौबीसों घंटे ड्यूटी पर तैनात कर दिया है. ऐसे सिग्नलों के बारे में सबसे पहले जून में पता चला था. तब इन रेडियो सिग्नलों और अनाधिकृत रेडियो संवादों को शौकिया हैम रेडियो ऑपरेटरों ने बशीरहाट और सुंदरबन क्षेत्र में पकड़ा था. बांग्ला और उर्दू भाषा के इन कूट सिग्नलों के पकड़ में आने पर ऑपरेटरों ने केंद्र को सूचित किया. इसके बाद उन्हें एक अंतरराष्ट्रीय निगरानी केंद्र में बुलाया गया और सिग्नलों पर नजर रखने को कहा गया.टिप्पणियां अब 23 हैम रेडियो ऑपरेटरों का एक दल चौबीसों घंटे ड्यूटी पर तैनात है और इन रेडियो सिग्नलों की वास्तविक लोकेशन का पता लगाने की कोशिश कर रहा है. बंगाल एमेच्योर रेडियो क्लब के सचिव अंबरीश नाग विश्वास ने बताया ‘यह एक संदिग्ध घटना है और सुरक्षा के लिए भी खतरा है. ऐसा इसलिए क्योंकि जब भी हमने उनसे बात करने की कोशिश की, उन्होंने अपनी बातचीत रोक दी. कुछ समय के अंतराल के बाद वह फिर सांकेतिक बांग्ला और उर्दू भाषा में अपना संवाद शुरू कर देते हैं.’ (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) अब 23 हैम रेडियो ऑपरेटरों का एक दल चौबीसों घंटे ड्यूटी पर तैनात है और इन रेडियो सिग्नलों की वास्तविक लोकेशन का पता लगाने की कोशिश कर रहा है. बंगाल एमेच्योर रेडियो क्लब के सचिव अंबरीश नाग विश्वास ने बताया ‘यह एक संदिग्ध घटना है और सुरक्षा के लिए भी खतरा है. ऐसा इसलिए क्योंकि जब भी हमने उनसे बात करने की कोशिश की, उन्होंने अपनी बातचीत रोक दी. कुछ समय के अंतराल के बाद वह फिर सांकेतिक बांग्ला और उर्दू भाषा में अपना संवाद शुरू कर देते हैं.’ (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यहाँ एक सारांश है:भारत-बांग्लादेश सीमा पर कूट संदेश मिलने की आशंका इसके बाद हैम रेडियो ऑपरेटरों को 24 घंटे ड्यूटी पर तैनात कर दिया है रेडियो सिग्नलों की वास्तविक लोकेशन पता लगाने की कोशिश
17
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अनुसंधानकर्ताओं ने पाया है कि इंटेलिजेन्स ब्यूरो और रिसर्च एंड एनालिसिस विंग :रॉ: में नौकरी के लिए आकर्षित हो रहे अभ्यर्थियों में अपेक्षित बुद्धिमानी का अभाव है। इस चिंताजनक प्रवृत्ति से बचने के लिए अनुसंधानकर्ताओं ने चयन प्रक्रिया में परिवर्तन करने का सुझाव दिया है। दिल्ली स्थित विचार समूह ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन :ओआरएफ: और इंस्टीट्यूट फॉर डिफेन्स स्टडीज एंड एनालिसिस :आईडीएसए: ने अपनी रिपोर्ट रिफॉर्मिंग इंडियाज इंटेलिजेन्स स्ट्रक्चर में यह बात कही है। यह रिपोर्ट साक्षात्कारों पर आधारित है। जिन लोगों से रिपोर्ट के लिए सवाल पूछे गए, उनके बारे में सवालकर्ताओं का कहना है कि इन लोगों को न तो सामान्य ज्ञान था और न ही सामयिक विषयों की जानकारी थी। एक अनुसंधानकर्ता ने नाम जाहिर न करने के अनुरोध पर बताया कि एक अभ्यर्थी ने कर्नाटक की राजधानी बेंगलूर के बजाय हैदराबाद बताया। एक अन्य अभ्यर्थी से जब कश्मीर में हालात और सीमा पार से घुसपैठ के बारे में पूछा गया तो उसके लिए एक वाक्य बोलना भी मुश्किल हो रहा था। रिपोर्ट के अनुसार, यह विडंबना ही है कि देश की खुफिया एजेंसियों की ओर ऐसे अभ्यर्थी आकर्षित हो रहे हैं जिन्हें सिविल सेवा परीक्षाओं में कम अंक मिले हों। अनुसंधानकर्ताओं ने रिपोर्ट में व्यापक सुधारों, भर्ती प्रक्रिया में बदलाव, नयी भर्ती के लिए परिवीक्षा, पदोन्नति, प्रशिक्षण में सुधार, खुफिया एजेंसियों में अभियानों के दौरान स्तरीय निगरानी आदि की जरूरत पर जोर दिया है ताकि बेहतर परिणाम मिल सकें। रिपोर्ट में कहा गया है राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बढ़ते खतरे के साथ ही एक मजबूत और कारगर खुफिया ढांचे की जरूरत है जिसे तैयार किया जा सकता है। इसमें खुफिया सूचनाएं जुटाने के लिए विशेष कर्मचारियों का अभाव, विश्लेषण और आधुनिक उपकरणों का अभाव सहित कई खामियां भी हैं। रिपोर्ट पर हाल ही में आयोजित एक बहस में भाग लेने वाले एक पूर्व नौकरशाह ने कहा कि साक्षात्कार बोर्ड को अक्सर ऐसे अभ्यर्थियों की सूची मिलती है जो अन्य सेवाओं के लिए खारिज कर दिए गए हों या सिविल सेवा परीक्षाओं में जिन्हें कम अंक मिले हों। अनुसंधानकर्ताओं ने राजस्व खुफिया निदेशालय और राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान जैसी खुफिया यूनिटों में रिक्त पदों को लेकर भी चिंता जताई है। रिपोर्ट में, प्रधानमंत्री की निगरानी और नियंत्रण में गृह, रक्षा और विदेश मंत्रियों और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहाकर के साथ मामलों पर सीधे चर्चा करने के लिए केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय करने की खातिर एक राष्ट्रीय खुफिया समन्वयक :एनआईसी: की अवधारणा का प्रस्ताव दिया गया है। इसमें त्वरित और सुरक्षित संवाद के लिए नेशनल ग्रिड और एनआईसी की प्रस्तावित अवधारणा के अंतर्गत राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार की भूमिका को एक मुख्य कूटनीतिक सलाहाकर के तौर पर बताया गया है।
यह एक सारांश है: अनुसंधानकर्ताओं ने पाया है कि इंटेलिजेन्स ब्यूरो और रॉ में नौकरी के लिए आकर्षित हो रहे अभ्यर्थियों में अपेक्षित बुद्धिमानी का अभाव है।
9
['hin']
एक सारांश बनाओ: भारतीय कप्तान विराट कोहली ने कहा कि बीसीसीआई मुख्य कोच के पद के लिये आवेदन मंगवाकर उचित प्रक्रिया का पालन कर रहा है क्योंकि अनिल कुंबले का अनुबंध चैम्पियंस ट्राफी के खत्म होने के साथ ही समाप्त हो रहा है. कुंबले के मार्गदर्शन में भारत ने पिछले सत्र में 17 टेस्ट मैचों में से 12 में जीत दर्ज की है और बीसीसीआई के इस कदम से कईयों को लगता है कि पूर्व भारतीय कप्तान को संकेत मिल गया है कि उनके मौजूदा कार्यकाल का विस्तार नहीं होगा. कोहली से जब कुंबले के अनुबंध के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘‘जब से मैं जानता हूं, तब से पिछले कई सालों से हर बार इसी तरह की प्रक्रिया को अपनाया जा रहा है. पिछली बार भी इसी तरह की प्रक्रिया का पालन किया गया था. कार्यकाल एक साल का था निश्चित रूप से यह प्रक्रिया भी वैसी ही है. ’’टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘इसलिये मुझे इसमें कुछ भी चीज अलग नहीं लगी. बोर्ड ने भी निश्चित रूप से यही प्रकिया अपनायी है. इसलिये मुझे इसके बारे में ज्यादा सूचना नहीं है क्योंकि इसके लिये एक समिति है जो ये फैसले करती है और वे इस बार भी वही स्वरूप अपना रहे हैं जो बीते समय में अपनाया जाता था. ’’ (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) कुंबले के मार्गदर्शन में भारत ने पिछले सत्र में 17 टेस्ट मैचों में से 12 में जीत दर्ज की है और बीसीसीआई के इस कदम से कईयों को लगता है कि पूर्व भारतीय कप्तान को संकेत मिल गया है कि उनके मौजूदा कार्यकाल का विस्तार नहीं होगा. कोहली से जब कुंबले के अनुबंध के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘‘जब से मैं जानता हूं, तब से पिछले कई सालों से हर बार इसी तरह की प्रक्रिया को अपनाया जा रहा है. पिछली बार भी इसी तरह की प्रक्रिया का पालन किया गया था. कार्यकाल एक साल का था निश्चित रूप से यह प्रक्रिया भी वैसी ही है. ’’टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘इसलिये मुझे इसमें कुछ भी चीज अलग नहीं लगी. बोर्ड ने भी निश्चित रूप से यही प्रकिया अपनायी है. इसलिये मुझे इसके बारे में ज्यादा सूचना नहीं है क्योंकि इसके लिये एक समिति है जो ये फैसले करती है और वे इस बार भी वही स्वरूप अपना रहे हैं जो बीते समय में अपनाया जाता था. ’’ (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) कोहली से जब कुंबले के अनुबंध के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘‘जब से मैं जानता हूं, तब से पिछले कई सालों से हर बार इसी तरह की प्रक्रिया को अपनाया जा रहा है. पिछली बार भी इसी तरह की प्रक्रिया का पालन किया गया था. कार्यकाल एक साल का था निश्चित रूप से यह प्रक्रिया भी वैसी ही है. ’’टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘‘इसलिये मुझे इसमें कुछ भी चीज अलग नहीं लगी. बोर्ड ने भी निश्चित रूप से यही प्रकिया अपनायी है. इसलिये मुझे इसके बारे में ज्यादा सूचना नहीं है क्योंकि इसके लिये एक समिति है जो ये फैसले करती है और वे इस बार भी वही स्वरूप अपना रहे हैं जो बीते समय में अपनाया जाता था. ’’ (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा, ‘‘इसलिये मुझे इसमें कुछ भी चीज अलग नहीं लगी. बोर्ड ने भी निश्चित रूप से यही प्रकिया अपनायी है. इसलिये मुझे इसके बारे में ज्यादा सूचना नहीं है क्योंकि इसके लिये एक समिति है जो ये फैसले करती है और वे इस बार भी वही स्वरूप अपना रहे हैं जो बीते समय में अपनाया जाता था. ’’ (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यहाँ एक सारांश है:अनिल कुंबले पर किया गया था विराट कोहली से सवाल कोहली ने कहा कि बीसीसीआई सालों से ही यही प्रक्रिया अपना रहा है विराट ने कहा कि कुंबले का कार्यकाल एक साल का ही था
15
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: महाराष्ट्र में शिवसेना (Shiv Sena) के साथ सरकार बनाने में पेंच फंसने पर भी भाजपा (BJP) बैकफुट पर आने को तैयार नहीं है. सभी निर्दलीय विधायकों को अपने साथ खड़ा कर भाजपा शिवसेना पर दबाव बनाने में जुटी है. ठाकरे घराने से किसी सदस्य के तौर पर पहली बार चुनाव लड़कर आदित्य ठाकरे के जीतने के बाद मुख्यमंत्री पद पर शिवसेना की निगाह गड़ने पर भाजपा ने साफ कर दिया है कि यह पद उसे नहीं मिलने वाला. भाजपा का कहना है कि उसे 15 निर्दलीयों का भी समर्थन मिला है. छोटे दलों के कुछ और भी विधायक संपर्क में हैं. इस प्रकार वह 2014 की तरह ही संख्याबल के आधार पर मजबूत स्थिति में है. कुल मिलाकर भाजपा, शिवसेना को संदेश देने की कोशिश में है कि वह इस चुनाव में किसी तरह से कमजोर नहीं हुई है. भाजपा की महाराष्ट्र इकाई की प्रवक्ता श्वेता शालिनी ने सोमवार को 'आईएएनएस' से कहा, "भाजपा के साथ 15 निर्दलीय विधायक खड़े हैं. ये निर्दलीय भाजपा के ही नेता रहे हैं, जो गठबंधन आदि वजहों से टिकट न मिलने के कारण निर्दल लड़कर जीते हैं. 2014 की तरह ही पार्टी के पास अब भी 122 विधायकों का समर्थन है." बता दें कि मीरा भायंदर सीट से भाजपा का टिकट न मिलने पर निर्दल लड़कर जीतीं गीता जैन, बरसी सीट से राजेंद्र राउत, अमरावती जिले की बडनेरा सीट से जीतने वाले रवि राणा ने भाजपा को समर्थन देने की घोषणा कर दी है. भाजपा का कहना है कि इन तीनों की तरह अन्य निर्दल विधायकों ने खुद भाजपा से संपर्क कर समर्थन देने की बात कही है, क्योंकि उनका नाता भाजपा से ही रहा है. नतीजे आने के दिन 24 अक्टूबर को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी 15 निर्दलीयों के संपर्क में होने की बात कही थी. शिवसेना के मुख्यमंत्री पद को लेकर अड़ जाने के सवाल पर भाजपा प्रवक्ता श्वेता शालिनी ने कहा, "मुख्यमंत्री भाजपा का था, है और आगे भी रहेगा. मुख्यमंत्री पद को लेकर भाजपा का रुख साफ है. शिवसेना भी इसे जानती है." दरअसल, राजग को बहुमत मिलने के बाद भी सरकार बनाने का पेंच तब फंस गया, जब 24 अक्टूबर को चुनाव नतीजे आने के दिन प्रेस कांफ्रेंस कर शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने लोकसभा चुनाव के दौरान तय हुए 50-50 फॉर्मूले की बात उठा दी थी. उन्होंने संकेत दिए कि शिवसेना ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री पद चाहती है. सीएम कौन होगा? प्रेस कांफ्रेंस में इस सवाल पर उन्होंने कहा था, "यह बेहद अहम सवाल है." चुनाव से पूर्व शिवसेना के मुखपत्र सामना में छपे उद्धव ठाकरे ने अपने इंटरव्यू में भी कहा था कि वह शिवसैनिक को मुख्यमंत्री बनते देखना चाहते हैं. जिसके बाद से भाजपा-शिवसेना में सरकार बनाने को लेकर अबतक पेंच फंसा हुआ है. सोमवार को दोनों दलों के नेताओं ने राज्यपाल से अलग-अलग भेंट भी की. इससे माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री और सरकार में पदों को लेकर बातचीत सुलझ नहीं सकी है. भाजपा प्रवक्ता श्वेता शालिनी ने कहा, "लोकसभा चुनाव के दौरान जिस 50-50 फॉर्मूले की बात शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे कह रहे हैं, उसमें बहुत-सी बातें हो सकतीं हैं. चुनाव के दौरान 50-50 प्रतिशत सीटों पर लड़ने की बात भी तो हो सकती है. इसका मतलब ढाई-ढाई साल मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठने से नहीं लगाया जा सकता."
सारांश: महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री पद को लेकर बीजेपी का बड़ा बयान कहा- हमारे पास लगभग 122 विधायक, CM हमारा था और रहेगा शिवसेना को संदेश देने की कोशिश में है भाजपा कि वो कमजोर नहीं
7
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: उस रात इन बदमाशों को कोई भी पुरुष मिलता तो उसे वे किडनैप करते क्योंकि उन्हें लगता था कि वे इस तरीके से कंपनी से पांच करोड़ की फिरौती वसूल सकते हैं. अपहरण करने के बाद बदमाशों ने डॉक्टर श्रीकांत के मोबाइल से ओला कंपनी को फोन करके पांच करोड़ की फिरौती मांगी. लेकिन जब पुलिस ने उस गाड़ी के रिकॉर्ड की छानबीन की तो वे सारे फर्जी निकले. मोबाइल की लोकेशन के आधार पर पुलिस ने मेरठ, हरिद्वार, गाजियाबाद में कई टीमें लगाईं. इस मामले में चार बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है जबकि चार अन्य फरार हैं. उधर ओला कंपनी का कहना है कि वह अब ड्राइवर को रखने में और सतर्कता बरतेगी. पढ़ें- दलित युवती का अपहरण करने के बाद 8 लोगों ने किया गैंगरेप गौरतलब है कि प्रीत विहार इलाके के मेट्रो अस्पताल के डॉक्टर श्रीकांत गौड़ का 6 जुलाई को दिल्ली में ओला कैब में अपहरण किया गया था. उसे दिल्ली पुलिस ने मेरठ में बदमाशों के चंगुल के आजाद करवा लिया गया. डॉक्टर श्रीकांत मेरठ के शताब्दी नगर के पास मिले. पुलिस ने चार किडनैपरों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया. उनमें से एक बदमाश को गोली भी लगी. इस ऑपरेशन में दिल्ली पुलिस के दर्जनों अधिकारी शामिल हुए थे. यह भी पढ़ें- अस्पताल से घर लौट रही महिला का अपहरण कर रेप, पुलिस पड़ताल में जुटी अपहरण करने के बाद बदमाश हर रोज़ डॉक्टर के घरवालों को वीडियो भेजते और 5 करोड़ की फिरौती मांगते. पुलिस ने अपहरण के कुछ दिन बाद ही सर्विलांस के आधार पर बदमाशों की पहचान कर ली थी. सभी अपहर्ता मेरठ के पास दौराला के रहने वाले हैं. रविवार को दिल्ली पुलिस ने यूपी एसटीएफ के साथ अपहर्ताओं को मेरठ के पास सकौती इलाके में घेरा, लेकिन वे पुलिस को चकमा देकर भाग गए. तब डॉक्टर को तो मुक्त नहीं कराया जा सका, लेकिन पुलिस ने उनकी वैगन-आर कार बरामद कर ली थी. इसके बाद पुलिस ने जंगलों में भी लगातार कॉम्बिंग की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिला सकी.टिप्पणियां यह भी पढ़ें- नाबालिग का अपहरण कर शादी करने के मामले में 3 गिरफ्तार, पीड़िता गर्भवती बुधवार को दिल्ली पुलिस को फिर जानकारी मिली की अपहर्ता मेरठ के पास ही हैं. इस पर जाल बिछाकर उन्हें पकड़ने की कोशिश की गई तो बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी. जबाब में पुलिस ने भी फायरिंग की, जिसमें एक आरोपी को गोली लगी. मुठभेड़ के बाद डॉक्टर श्रीकांत गौड़ को अपहर्ताओं के चंगुल से छुड़ा लिया गया और चार अपहर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस कुछ और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार कोशिश कर रही है. इसमें दो मुख्य आरोपी  दौराला के दो सगे भाई अनुज और सुशील हैं. डॉक्टर श्रीकांत गौड़ मूल रूप से तेलंगाना के रहने वाले हैं. उस रात इन बदमाशों को कोई भी पुरुष मिलता तो उसे वे किडनैप करते क्योंकि उन्हें लगता था कि वे इस तरीके से कंपनी से पांच करोड़ की फिरौती वसूल सकते हैं. अपहरण करने के बाद बदमाशों ने डॉक्टर श्रीकांत के मोबाइल से ओला कंपनी को फोन करके पांच करोड़ की फिरौती मांगी. लेकिन जब पुलिस ने उस गाड़ी के रिकॉर्ड की छानबीन की तो वे सारे फर्जी निकले. मोबाइल की लोकेशन के आधार पर पुलिस ने मेरठ, हरिद्वार, गाजियाबाद में कई टीमें लगाईं. इस मामले में चार बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है जबकि चार अन्य फरार हैं. उधर ओला कंपनी का कहना है कि वह अब ड्राइवर को रखने में और सतर्कता बरतेगी. पढ़ें- दलित युवती का अपहरण करने के बाद 8 लोगों ने किया गैंगरेप गौरतलब है कि प्रीत विहार इलाके के मेट्रो अस्पताल के डॉक्टर श्रीकांत गौड़ का 6 जुलाई को दिल्ली में ओला कैब में अपहरण किया गया था. उसे दिल्ली पुलिस ने मेरठ में बदमाशों के चंगुल के आजाद करवा लिया गया. डॉक्टर श्रीकांत मेरठ के शताब्दी नगर के पास मिले. पुलिस ने चार किडनैपरों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया. उनमें से एक बदमाश को गोली भी लगी. इस ऑपरेशन में दिल्ली पुलिस के दर्जनों अधिकारी शामिल हुए थे. यह भी पढ़ें- अस्पताल से घर लौट रही महिला का अपहरण कर रेप, पुलिस पड़ताल में जुटी अपहरण करने के बाद बदमाश हर रोज़ डॉक्टर के घरवालों को वीडियो भेजते और 5 करोड़ की फिरौती मांगते. पुलिस ने अपहरण के कुछ दिन बाद ही सर्विलांस के आधार पर बदमाशों की पहचान कर ली थी. सभी अपहर्ता मेरठ के पास दौराला के रहने वाले हैं. रविवार को दिल्ली पुलिस ने यूपी एसटीएफ के साथ अपहर्ताओं को मेरठ के पास सकौती इलाके में घेरा, लेकिन वे पुलिस को चकमा देकर भाग गए. तब डॉक्टर को तो मुक्त नहीं कराया जा सका, लेकिन पुलिस ने उनकी वैगन-आर कार बरामद कर ली थी. इसके बाद पुलिस ने जंगलों में भी लगातार कॉम्बिंग की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिला सकी.टिप्पणियां यह भी पढ़ें- नाबालिग का अपहरण कर शादी करने के मामले में 3 गिरफ्तार, पीड़िता गर्भवती बुधवार को दिल्ली पुलिस को फिर जानकारी मिली की अपहर्ता मेरठ के पास ही हैं. इस पर जाल बिछाकर उन्हें पकड़ने की कोशिश की गई तो बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी. जबाब में पुलिस ने भी फायरिंग की, जिसमें एक आरोपी को गोली लगी. मुठभेड़ के बाद डॉक्टर श्रीकांत गौड़ को अपहर्ताओं के चंगुल से छुड़ा लिया गया और चार अपहर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस कुछ और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार कोशिश कर रही है. इसमें दो मुख्य आरोपी  दौराला के दो सगे भाई अनुज और सुशील हैं. डॉक्टर श्रीकांत गौड़ मूल रूप से तेलंगाना के रहने वाले हैं. इस मामले में चार बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है जबकि चार अन्य फरार हैं. उधर ओला कंपनी का कहना है कि वह अब ड्राइवर को रखने में और सतर्कता बरतेगी. पढ़ें- दलित युवती का अपहरण करने के बाद 8 लोगों ने किया गैंगरेप गौरतलब है कि प्रीत विहार इलाके के मेट्रो अस्पताल के डॉक्टर श्रीकांत गौड़ का 6 जुलाई को दिल्ली में ओला कैब में अपहरण किया गया था. उसे दिल्ली पुलिस ने मेरठ में बदमाशों के चंगुल के आजाद करवा लिया गया. डॉक्टर श्रीकांत मेरठ के शताब्दी नगर के पास मिले. पुलिस ने चार किडनैपरों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया. उनमें से एक बदमाश को गोली भी लगी. इस ऑपरेशन में दिल्ली पुलिस के दर्जनों अधिकारी शामिल हुए थे. यह भी पढ़ें- अस्पताल से घर लौट रही महिला का अपहरण कर रेप, पुलिस पड़ताल में जुटी अपहरण करने के बाद बदमाश हर रोज़ डॉक्टर के घरवालों को वीडियो भेजते और 5 करोड़ की फिरौती मांगते. पुलिस ने अपहरण के कुछ दिन बाद ही सर्विलांस के आधार पर बदमाशों की पहचान कर ली थी. सभी अपहर्ता मेरठ के पास दौराला के रहने वाले हैं. रविवार को दिल्ली पुलिस ने यूपी एसटीएफ के साथ अपहर्ताओं को मेरठ के पास सकौती इलाके में घेरा, लेकिन वे पुलिस को चकमा देकर भाग गए. तब डॉक्टर को तो मुक्त नहीं कराया जा सका, लेकिन पुलिस ने उनकी वैगन-आर कार बरामद कर ली थी. इसके बाद पुलिस ने जंगलों में भी लगातार कॉम्बिंग की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिला सकी.टिप्पणियां यह भी पढ़ें- नाबालिग का अपहरण कर शादी करने के मामले में 3 गिरफ्तार, पीड़िता गर्भवती बुधवार को दिल्ली पुलिस को फिर जानकारी मिली की अपहर्ता मेरठ के पास ही हैं. इस पर जाल बिछाकर उन्हें पकड़ने की कोशिश की गई तो बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी. जबाब में पुलिस ने भी फायरिंग की, जिसमें एक आरोपी को गोली लगी. मुठभेड़ के बाद डॉक्टर श्रीकांत गौड़ को अपहर्ताओं के चंगुल से छुड़ा लिया गया और चार अपहर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस कुछ और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार कोशिश कर रही है. इसमें दो मुख्य आरोपी  दौराला के दो सगे भाई अनुज और सुशील हैं. डॉक्टर श्रीकांत गौड़ मूल रूप से तेलंगाना के रहने वाले हैं. पढ़ें- दलित युवती का अपहरण करने के बाद 8 लोगों ने किया गैंगरेप गौरतलब है कि प्रीत विहार इलाके के मेट्रो अस्पताल के डॉक्टर श्रीकांत गौड़ का 6 जुलाई को दिल्ली में ओला कैब में अपहरण किया गया था. उसे दिल्ली पुलिस ने मेरठ में बदमाशों के चंगुल के आजाद करवा लिया गया. डॉक्टर श्रीकांत मेरठ के शताब्दी नगर के पास मिले. पुलिस ने चार किडनैपरों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया. उनमें से एक बदमाश को गोली भी लगी. इस ऑपरेशन में दिल्ली पुलिस के दर्जनों अधिकारी शामिल हुए थे. यह भी पढ़ें- अस्पताल से घर लौट रही महिला का अपहरण कर रेप, पुलिस पड़ताल में जुटी अपहरण करने के बाद बदमाश हर रोज़ डॉक्टर के घरवालों को वीडियो भेजते और 5 करोड़ की फिरौती मांगते. पुलिस ने अपहरण के कुछ दिन बाद ही सर्विलांस के आधार पर बदमाशों की पहचान कर ली थी. सभी अपहर्ता मेरठ के पास दौराला के रहने वाले हैं. रविवार को दिल्ली पुलिस ने यूपी एसटीएफ के साथ अपहर्ताओं को मेरठ के पास सकौती इलाके में घेरा, लेकिन वे पुलिस को चकमा देकर भाग गए. तब डॉक्टर को तो मुक्त नहीं कराया जा सका, लेकिन पुलिस ने उनकी वैगन-आर कार बरामद कर ली थी. इसके बाद पुलिस ने जंगलों में भी लगातार कॉम्बिंग की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिला सकी.टिप्पणियां यह भी पढ़ें- नाबालिग का अपहरण कर शादी करने के मामले में 3 गिरफ्तार, पीड़िता गर्भवती बुधवार को दिल्ली पुलिस को फिर जानकारी मिली की अपहर्ता मेरठ के पास ही हैं. इस पर जाल बिछाकर उन्हें पकड़ने की कोशिश की गई तो बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी. जबाब में पुलिस ने भी फायरिंग की, जिसमें एक आरोपी को गोली लगी. मुठभेड़ के बाद डॉक्टर श्रीकांत गौड़ को अपहर्ताओं के चंगुल से छुड़ा लिया गया और चार अपहर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस कुछ और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार कोशिश कर रही है. इसमें दो मुख्य आरोपी  दौराला के दो सगे भाई अनुज और सुशील हैं. डॉक्टर श्रीकांत गौड़ मूल रूप से तेलंगाना के रहने वाले हैं. गौरतलब है कि प्रीत विहार इलाके के मेट्रो अस्पताल के डॉक्टर श्रीकांत गौड़ का 6 जुलाई को दिल्ली में ओला कैब में अपहरण किया गया था. उसे दिल्ली पुलिस ने मेरठ में बदमाशों के चंगुल के आजाद करवा लिया गया. डॉक्टर श्रीकांत मेरठ के शताब्दी नगर के पास मिले. पुलिस ने चार किडनैपरों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया. उनमें से एक बदमाश को गोली भी लगी. इस ऑपरेशन में दिल्ली पुलिस के दर्जनों अधिकारी शामिल हुए थे. यह भी पढ़ें- अस्पताल से घर लौट रही महिला का अपहरण कर रेप, पुलिस पड़ताल में जुटी अपहरण करने के बाद बदमाश हर रोज़ डॉक्टर के घरवालों को वीडियो भेजते और 5 करोड़ की फिरौती मांगते. पुलिस ने अपहरण के कुछ दिन बाद ही सर्विलांस के आधार पर बदमाशों की पहचान कर ली थी. सभी अपहर्ता मेरठ के पास दौराला के रहने वाले हैं. रविवार को दिल्ली पुलिस ने यूपी एसटीएफ के साथ अपहर्ताओं को मेरठ के पास सकौती इलाके में घेरा, लेकिन वे पुलिस को चकमा देकर भाग गए. तब डॉक्टर को तो मुक्त नहीं कराया जा सका, लेकिन पुलिस ने उनकी वैगन-आर कार बरामद कर ली थी. इसके बाद पुलिस ने जंगलों में भी लगातार कॉम्बिंग की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिला सकी.टिप्पणियां यह भी पढ़ें- नाबालिग का अपहरण कर शादी करने के मामले में 3 गिरफ्तार, पीड़िता गर्भवती बुधवार को दिल्ली पुलिस को फिर जानकारी मिली की अपहर्ता मेरठ के पास ही हैं. इस पर जाल बिछाकर उन्हें पकड़ने की कोशिश की गई तो बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी. जबाब में पुलिस ने भी फायरिंग की, जिसमें एक आरोपी को गोली लगी. मुठभेड़ के बाद डॉक्टर श्रीकांत गौड़ को अपहर्ताओं के चंगुल से छुड़ा लिया गया और चार अपहर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस कुछ और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार कोशिश कर रही है. इसमें दो मुख्य आरोपी  दौराला के दो सगे भाई अनुज और सुशील हैं. डॉक्टर श्रीकांत गौड़ मूल रूप से तेलंगाना के रहने वाले हैं. यह भी पढ़ें- अस्पताल से घर लौट रही महिला का अपहरण कर रेप, पुलिस पड़ताल में जुटी अपहरण करने के बाद बदमाश हर रोज़ डॉक्टर के घरवालों को वीडियो भेजते और 5 करोड़ की फिरौती मांगते. पुलिस ने अपहरण के कुछ दिन बाद ही सर्विलांस के आधार पर बदमाशों की पहचान कर ली थी. सभी अपहर्ता मेरठ के पास दौराला के रहने वाले हैं. रविवार को दिल्ली पुलिस ने यूपी एसटीएफ के साथ अपहर्ताओं को मेरठ के पास सकौती इलाके में घेरा, लेकिन वे पुलिस को चकमा देकर भाग गए. तब डॉक्टर को तो मुक्त नहीं कराया जा सका, लेकिन पुलिस ने उनकी वैगन-आर कार बरामद कर ली थी. इसके बाद पुलिस ने जंगलों में भी लगातार कॉम्बिंग की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिला सकी.टिप्पणियां यह भी पढ़ें- नाबालिग का अपहरण कर शादी करने के मामले में 3 गिरफ्तार, पीड़िता गर्भवती बुधवार को दिल्ली पुलिस को फिर जानकारी मिली की अपहर्ता मेरठ के पास ही हैं. इस पर जाल बिछाकर उन्हें पकड़ने की कोशिश की गई तो बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी. जबाब में पुलिस ने भी फायरिंग की, जिसमें एक आरोपी को गोली लगी. मुठभेड़ के बाद डॉक्टर श्रीकांत गौड़ को अपहर्ताओं के चंगुल से छुड़ा लिया गया और चार अपहर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस कुछ और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार कोशिश कर रही है. इसमें दो मुख्य आरोपी  दौराला के दो सगे भाई अनुज और सुशील हैं. डॉक्टर श्रीकांत गौड़ मूल रूप से तेलंगाना के रहने वाले हैं. अपहरण करने के बाद बदमाश हर रोज़ डॉक्टर के घरवालों को वीडियो भेजते और 5 करोड़ की फिरौती मांगते. पुलिस ने अपहरण के कुछ दिन बाद ही सर्विलांस के आधार पर बदमाशों की पहचान कर ली थी. सभी अपहर्ता मेरठ के पास दौराला के रहने वाले हैं. रविवार को दिल्ली पुलिस ने यूपी एसटीएफ के साथ अपहर्ताओं को मेरठ के पास सकौती इलाके में घेरा, लेकिन वे पुलिस को चकमा देकर भाग गए. तब डॉक्टर को तो मुक्त नहीं कराया जा सका, लेकिन पुलिस ने उनकी वैगन-आर कार बरामद कर ली थी. इसके बाद पुलिस ने जंगलों में भी लगातार कॉम्बिंग की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिला सकी.टिप्पणियां यह भी पढ़ें- नाबालिग का अपहरण कर शादी करने के मामले में 3 गिरफ्तार, पीड़िता गर्भवती बुधवार को दिल्ली पुलिस को फिर जानकारी मिली की अपहर्ता मेरठ के पास ही हैं. इस पर जाल बिछाकर उन्हें पकड़ने की कोशिश की गई तो बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी. जबाब में पुलिस ने भी फायरिंग की, जिसमें एक आरोपी को गोली लगी. मुठभेड़ के बाद डॉक्टर श्रीकांत गौड़ को अपहर्ताओं के चंगुल से छुड़ा लिया गया और चार अपहर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस कुछ और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार कोशिश कर रही है. इसमें दो मुख्य आरोपी  दौराला के दो सगे भाई अनुज और सुशील हैं. डॉक्टर श्रीकांत गौड़ मूल रूप से तेलंगाना के रहने वाले हैं. यह भी पढ़ें- नाबालिग का अपहरण कर शादी करने के मामले में 3 गिरफ्तार, पीड़िता गर्भवती बुधवार को दिल्ली पुलिस को फिर जानकारी मिली की अपहर्ता मेरठ के पास ही हैं. इस पर जाल बिछाकर उन्हें पकड़ने की कोशिश की गई तो बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी. जबाब में पुलिस ने भी फायरिंग की, जिसमें एक आरोपी को गोली लगी. मुठभेड़ के बाद डॉक्टर श्रीकांत गौड़ को अपहर्ताओं के चंगुल से छुड़ा लिया गया और चार अपहर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस कुछ और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार कोशिश कर रही है. इसमें दो मुख्य आरोपी  दौराला के दो सगे भाई अनुज और सुशील हैं. डॉक्टर श्रीकांत गौड़ मूल रूप से तेलंगाना के रहने वाले हैं. बुधवार को दिल्ली पुलिस को फिर जानकारी मिली की अपहर्ता मेरठ के पास ही हैं. इस पर जाल बिछाकर उन्हें पकड़ने की कोशिश की गई तो बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी. जबाब में पुलिस ने भी फायरिंग की, जिसमें एक आरोपी को गोली लगी. मुठभेड़ के बाद डॉक्टर श्रीकांत गौड़ को अपहर्ताओं के चंगुल से छुड़ा लिया गया और चार अपहर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस कुछ और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार कोशिश कर रही है. इसमें दो मुख्य आरोपी  दौराला के दो सगे भाई अनुज और सुशील हैं. डॉक्टर श्रीकांत गौड़ मूल रूप से तेलंगाना के रहने वाले हैं.
संक्षिप्त पाठ: चौदह दिन तक अपहर्ताओं के चंगुल में रहने के कारण घबराए हुए हैं डॉ गौड़ उस रात इन बदमाशों जो भी पुरुष मिलता, वे तो उसे किडनैप करते अब ड्राइवरों को रखने में और सतर्कता बरतेगी ओला कंपनी
14
['hin']
एक सारांश बनाओ: सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव द्वारा दखल दिए जाने बाद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव नरम नजर आए. शाम को उन्होंने एक ट्वीट करते हुए चाचा शिवपाल यादव को तीन महत्वपूर्ण मंत्रालय देने की बात कही जो उनसे पिछले हफ्ते छीन लिए थे. इतना ही नहीं, गायत्री प्रजापति की भी वापसी हो गई है. पिछले हफ्ते भ्रष्टाचार के आरोप में उनसे छीना गया मंत्रालय वापस लौटा दिया जाएगा. प्रजापति को मुलायम सिंह और शिवपाल यादव का करीबी माना जाता है. इससे पहले, दोपहर को मुलायम सिंह, शिवपाल यादव और अखिलेश यादव ने 30 मिनट तक मुलाकात की थी. इसके बाद सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह ने कहा था कि पार्टी में मतभेद नहीं हैं, हम सब साथ हैं. मेरे रहते पार्टी में फूट नहीं हो सकती, हालांकि परिवार में कभी-कभी मतभेद हो जाता है.टिप्पणियां मुलायम ने आगे यह भी कहा था कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव मेरी बात कभी नहीं टालेंगे. अखिलेश-शिवपाल-रामगोपाल में कोई झगड़ा नहीं है. उन्होंने यह भी साफ किया था कि गायत्री प्रजापति फिर मंत्री बनेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई रद्द कर दी गई है. वहीं, एनडीटीवी से अखिलेश यादव ने कहा कि पिता को खुश रखने के लिए सब कुछ करूंगा. बतौर सीएम, बतौर पुत्र मुझ पर जिम्मेदारी है. मैं पार्टी अध्यक्ष की बात का सम्मान करूंगा.  इससे पूर्व मुलायम सिंह यादव ने आज शिवपाल यादव का यूपी अध्यक्ष पद से इस्तीफा नामंजूर कर दिया था. मुलायम सिंह यादव ने आज अखिलेश यादव और शिवपाल से मुलाकात भी थी. इतना ही नहीं, गायत्री प्रजापति की भी वापसी हो गई है. पिछले हफ्ते भ्रष्टाचार के आरोप में उनसे छीना गया मंत्रालय वापस लौटा दिया जाएगा. प्रजापति को मुलायम सिंह और शिवपाल यादव का करीबी माना जाता है. इससे पहले, दोपहर को मुलायम सिंह, शिवपाल यादव और अखिलेश यादव ने 30 मिनट तक मुलाकात की थी. इसके बाद सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह ने कहा था कि पार्टी में मतभेद नहीं हैं, हम सब साथ हैं. मेरे रहते पार्टी में फूट नहीं हो सकती, हालांकि परिवार में कभी-कभी मतभेद हो जाता है.टिप्पणियां मुलायम ने आगे यह भी कहा था कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव मेरी बात कभी नहीं टालेंगे. अखिलेश-शिवपाल-रामगोपाल में कोई झगड़ा नहीं है. उन्होंने यह भी साफ किया था कि गायत्री प्रजापति फिर मंत्री बनेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई रद्द कर दी गई है. वहीं, एनडीटीवी से अखिलेश यादव ने कहा कि पिता को खुश रखने के लिए सब कुछ करूंगा. बतौर सीएम, बतौर पुत्र मुझ पर जिम्मेदारी है. मैं पार्टी अध्यक्ष की बात का सम्मान करूंगा.  इससे पूर्व मुलायम सिंह यादव ने आज शिवपाल यादव का यूपी अध्यक्ष पद से इस्तीफा नामंजूर कर दिया था. मुलायम सिंह यादव ने आज अखिलेश यादव और शिवपाल से मुलाकात भी थी. इससे पहले, दोपहर को मुलायम सिंह, शिवपाल यादव और अखिलेश यादव ने 30 मिनट तक मुलाकात की थी. इसके बाद सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह ने कहा था कि पार्टी में मतभेद नहीं हैं, हम सब साथ हैं. मेरे रहते पार्टी में फूट नहीं हो सकती, हालांकि परिवार में कभी-कभी मतभेद हो जाता है.टिप्पणियां मुलायम ने आगे यह भी कहा था कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव मेरी बात कभी नहीं टालेंगे. अखिलेश-शिवपाल-रामगोपाल में कोई झगड़ा नहीं है. उन्होंने यह भी साफ किया था कि गायत्री प्रजापति फिर मंत्री बनेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई रद्द कर दी गई है. वहीं, एनडीटीवी से अखिलेश यादव ने कहा कि पिता को खुश रखने के लिए सब कुछ करूंगा. बतौर सीएम, बतौर पुत्र मुझ पर जिम्मेदारी है. मैं पार्टी अध्यक्ष की बात का सम्मान करूंगा.  इससे पूर्व मुलायम सिंह यादव ने आज शिवपाल यादव का यूपी अध्यक्ष पद से इस्तीफा नामंजूर कर दिया था. मुलायम सिंह यादव ने आज अखिलेश यादव और शिवपाल से मुलाकात भी थी. मुलायम ने आगे यह भी कहा था कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव मेरी बात कभी नहीं टालेंगे. अखिलेश-शिवपाल-रामगोपाल में कोई झगड़ा नहीं है. उन्होंने यह भी साफ किया था कि गायत्री प्रजापति फिर मंत्री बनेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई रद्द कर दी गई है. वहीं, एनडीटीवी से अखिलेश यादव ने कहा कि पिता को खुश रखने के लिए सब कुछ करूंगा. बतौर सीएम, बतौर पुत्र मुझ पर जिम्मेदारी है. मैं पार्टी अध्यक्ष की बात का सम्मान करूंगा.  इससे पूर्व मुलायम सिंह यादव ने आज शिवपाल यादव का यूपी अध्यक्ष पद से इस्तीफा नामंजूर कर दिया था. मुलायम सिंह यादव ने आज अखिलेश यादव और शिवपाल से मुलाकात भी थी. वहीं, एनडीटीवी से अखिलेश यादव ने कहा कि पिता को खुश रखने के लिए सब कुछ करूंगा. बतौर सीएम, बतौर पुत्र मुझ पर जिम्मेदारी है. मैं पार्टी अध्यक्ष की बात का सम्मान करूंगा.  इससे पूर्व मुलायम सिंह यादव ने आज शिवपाल यादव का यूपी अध्यक्ष पद से इस्तीफा नामंजूर कर दिया था. मुलायम सिंह यादव ने आज अखिलेश यादव और शिवपाल से मुलाकात भी थी.
यहाँ एक सारांश है:गायत्री प्रजापति को वापस मिली कुर्सी प्रजापति हैं मुलायम सिंह और शिवपाल यादव की करीबी सपा परिवार की कलह थमी
15
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सपा और कांग्रेस के बीच गांधी परिवार के गढ़ माने जाने वाली अमेठी और रायबरेली की सीटों पर चल रही रस्‍साकशी पर विराम लगता दिख रहा है. सूत्रों के मुताबिक 10 में से आठ सीटें कांग्रेस को देने पर सपा सहमत हो गई है. उल्‍लेखनीय है कि पिछले बार यहां की 10 में से आठ सीटें यहां से सपा ने जीती थी. इस बार भी सपा इन्‍हीं सीटों पर लड़ने पर अड़ी थी लेकिन गठबंधन होने के बाद कांग्रेस इनमें से अधिकांश सीटों पर लड़ने की इच्‍छा जता चुकी थी. हालांकि इस मसले पर लगातार जारी गतिरोध के बाद दोनों पक्षों ने उस वक्‍त नरमी के संकेत दिए थे जब पिछले रविवार को संयुक्‍त प्रेस कांफ्रेंस में राहुल गांधी ने अखिलेश यादव की उपस्थिति में कहा था कि ये कोई मसला नहीं है. इसको आसानी से सुलझा लिया जाएगा.   हालांकि अभी भी प्रतिष्ठित अमेठी विधानसभा सीट पर तस्‍वीर साफ नहीं है. दरअसल पिछली बार इस सीट से सपा के उम्‍मीदवार गायत्री प्रसाद प्रजापति ने जीत हासिल की थी. उसके बाद उनका सरकार में इतना रुतबा बढ़ा कि वह एक साल के भीतर ही तीन प्रमोशन पाकर कैबिनेट मंत्री बन गए. हालांकि यह भी माना जाता है कि अखिलेश यादव उनको पसंद नहीं करते लेकिन प्रजापति को मुलायम का बेहद करीबी माना जाता है. इसलिए अखिलेश द्वारा कैबिनेट से बर्खास्‍त होने के बाद भी उनकी वापसी हो गई. सपा में मचे घमासान के बावजूद उनको कैबिनेट से नहीं हटाया गया. मुलायम सिंह और शिवपाल यादव की पहली सूची में अमेठी से गायत्री प्रसाद प्रजापति का ही नाम था. बाद में सपा में सुलह होने के बाद मुलायम ने जो अपने 38 समर्थकों की सूची अखिलेश को दी, उसमें भी गायत्री प्रसाद प्रजापति का नाम था. कहा जाता है कि मुलायम यह मानते हैं कि गांधी परिवार के गढ़ अमेठी से प्रजापति ने जीत हासिल कर बड़ा काम किया. इसलिए उनको सम्‍मान दिया गया.टिप्पणियां दूसरी तरफ कांग्रेस इस सीट पर अमेठी के राजा संजय सिंह की पत्‍नी अमिता सिंह को उतारना चाहती है. इस क्षेत्र की सीटों पर चौथे और पांचवें चरण में मतदान होगा.   हालांकि अभी भी प्रतिष्ठित अमेठी विधानसभा सीट पर तस्‍वीर साफ नहीं है. दरअसल पिछली बार इस सीट से सपा के उम्‍मीदवार गायत्री प्रसाद प्रजापति ने जीत हासिल की थी. उसके बाद उनका सरकार में इतना रुतबा बढ़ा कि वह एक साल के भीतर ही तीन प्रमोशन पाकर कैबिनेट मंत्री बन गए. हालांकि यह भी माना जाता है कि अखिलेश यादव उनको पसंद नहीं करते लेकिन प्रजापति को मुलायम का बेहद करीबी माना जाता है. इसलिए अखिलेश द्वारा कैबिनेट से बर्खास्‍त होने के बाद भी उनकी वापसी हो गई. सपा में मचे घमासान के बावजूद उनको कैबिनेट से नहीं हटाया गया. मुलायम सिंह और शिवपाल यादव की पहली सूची में अमेठी से गायत्री प्रसाद प्रजापति का ही नाम था. बाद में सपा में सुलह होने के बाद मुलायम ने जो अपने 38 समर्थकों की सूची अखिलेश को दी, उसमें भी गायत्री प्रसाद प्रजापति का नाम था. कहा जाता है कि मुलायम यह मानते हैं कि गांधी परिवार के गढ़ अमेठी से प्रजापति ने जीत हासिल कर बड़ा काम किया. इसलिए उनको सम्‍मान दिया गया.टिप्पणियां दूसरी तरफ कांग्रेस इस सीट पर अमेठी के राजा संजय सिंह की पत्‍नी अमिता सिंह को उतारना चाहती है. इस क्षेत्र की सीटों पर चौथे और पांचवें चरण में मतदान होगा.   सपा में मचे घमासान के बावजूद उनको कैबिनेट से नहीं हटाया गया. मुलायम सिंह और शिवपाल यादव की पहली सूची में अमेठी से गायत्री प्रसाद प्रजापति का ही नाम था. बाद में सपा में सुलह होने के बाद मुलायम ने जो अपने 38 समर्थकों की सूची अखिलेश को दी, उसमें भी गायत्री प्रसाद प्रजापति का नाम था. कहा जाता है कि मुलायम यह मानते हैं कि गांधी परिवार के गढ़ अमेठी से प्रजापति ने जीत हासिल कर बड़ा काम किया. इसलिए उनको सम्‍मान दिया गया.टिप्पणियां दूसरी तरफ कांग्रेस इस सीट पर अमेठी के राजा संजय सिंह की पत्‍नी अमिता सिंह को उतारना चाहती है. इस क्षेत्र की सीटों पर चौथे और पांचवें चरण में मतदान होगा.   दूसरी तरफ कांग्रेस इस सीट पर अमेठी के राजा संजय सिंह की पत्‍नी अमिता सिंह को उतारना चाहती है. इस क्षेत्र की सीटों पर चौथे और पांचवें चरण में मतदान होगा.
सारांश: पिछली बार यहां से आठ सीटें सपा ने जीती थी प्रतिष्ठित अमेठी सीट को लेकर तस्‍वीर स्‍पष्‍ट नहीं पिछली बार यहां से सपा नेता गायत्री प्रसाद प्रजापति जीते थे
31
['hin']
एक सारांश बनाओ: चीन द्वारा दिए गए आश्वासन और स्वयं की गई पुष्टि की ओर ध्यान दिलाते हुए सरकार ने गुरुवार को कहा कि ब्रह्मपुत्र नदी के जलमार्ग की दिशा को बदला नहीं जा रहा है। इस नदी के जलमार्ग की दिशा बदले जाने के बारे में आशंकाएं जताई जा रही थी। सरकार ने यह भी कहा कि सीमा पार की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने यह आश्वासन उस समय दिया जब असम के मुख्यमंत्री तरूण गोगोई ने उनसे मुलाकात की। गोगोई ने उनसे अनुरोध किया कि वह चीन की कथित योजना के बारे में उनके राज्य की चिंताओं से पड़ोसी देश को अवगत कराएँ। कृष्णा ने कहा, मैं पहले भी कह चुका हूं और अब फिर दोहराना चाहता हूं कि हम अपने उपग्रह चित्रों तथा चीनी अधिकारियों के साथ हुई बातचीत के जरिए घटनाक्रम पर निगरानी रख रहे हैं। उन्होंने कहा, चीनी अधिकारियों ने हमें सूचित किया है कि यह नदी जल पर आधारित पन बिजली परियोजना है। उसमें कोई जलाशय नहीं होगा। परिणामस्वरूप जलमार्ग परिवर्तन या जल के संचयन का कोई सवाल हीं नहीं उठता। विदेश मंत्री ने कहा कि सरकार ने परियोजना के बारे में अपने स्तर पर भी पुष्टि की है। ब्रह्मपुत्र नदी तिब्बत के जरिए भारत में प्रवेश करती है। इसे असम की जीवनरेखा माना जाता है।
संक्षिप्त पाठ: कृष्णा ने यह आश्वासन उस समय दिया जब असम के मुख्यमंत्री तरूण गोगोई ने उनसे मुलाकात की।
30
['hin']
एक सारांश बनाओ: दुनिया विशेषकर विकसित पश्चिमी देश, भारत और चीन को नजरंदाज नहीं कर सकते। अनिल धीरूभाई अंबानी समूह (एडीएजी) के अध्यक्ष अनिल अंबानी ने यह बात कही। अमेरिकी एग्जिम बैंक के वार्षिक कांफ्रेस से अलग वैश्विक अर्थव्यवस्था की बदलती धुरी और इसके व्यापार के लिए निहितार्थ विषयक परिचर्चा में अंबानी ने कहा कि लंबे समय तक 8 से 9 प्रतिशत सालाना जीडीपी वृद्धि हासिल करने की पूरी संभावना है। अंबानी ने कहा कि इस तरह की वृद्धि भारत और चीन में वास्तविकता है जबकि अमेरिका और दूसरे विकसित देशों के लिए असंभव। लेकिन भारत के समक्ष अनेक चुनौतियां भी हैं जिसे प्राथमिकता के स्तर पर हल करना होगा। भारत में बौद्धिक, भौतिक और सामाजिक बुनियादी ढांचा विकसित करने की जरूरत है। यही भारत में वृद्धि को आगे बढ़ाने वाले कारक होंगे। अंबानी ने कहा कि अमेरिकी कंपनियों के लिए भारत में विशाल अवसर हैं। प्रत्येक वर्ष करीब एक लाख भारतीय छात्र अमेरिका आते हैं। आने वाले समय में भारतीयों का एक बड़ा समूह अमेरिका के लोगों की तरह सोचना और रहना पसंद करेगा। उन्होंने कहा, भारत के लोगों की बचत में गिरावट आएगी और क्रेडिट कार्ड अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। अंबानी से सहमति जताते हुए पीटरसन इंस्टीच्युट फॉर इंटरनेशनल इकोनॉमिक्स के सीनियर फेलो अरविंद सुब्रहम्णयन ने कहा 2030 तक विश्व की तीन शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने जा रहे भारत और चीन की विश्व अनदेखी नहीं कर सकता।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: दुनिया विशेषकर विकसित पश्चिमी देश, भारत और चीन को नजरंदाज नहीं कर सकते। एडीएजी के अध्यक्ष अनिल अंबानी ने यह बात कही।
32
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारत के साथ सहयोगात्मक सम्बंध की इच्छा जताते हुए चीन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को कहा कि उनका देश संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थाई सदस्यता के लिए भारत के प्रयास का विरोध नहीं करेगा। चीन की ऐसी कोई नीति नहीं है। कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना के अंतरराष्ट्रीय विभाग में रिसर्च कार्यालय के महानिदेशक हुआंग हुआगुआंग ने थिंक टैंक ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन में एक परिचर्चा में कहा, "हम संयुक्त राष्ट्र में भारत की अधिक सकारात्मक और महत्वपूर्ण भूमिका का स्वागत करते हैं।" हुआंग ने कहा, "हमारी नीति संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थाई सदस्यता के लिए भारत के प्रयासों का विरोध करने की नहीं है।"टिप्पणियां उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार के लिए जारी वार्ता अराजकतापूर्ण है और इसका समन्वय बेहतर तरीके से किया जाना चाहिए। हुआंग चीन के उस प्रतिनिधिमंडल में शामिल हैं, जो इन दिनों भारत के दौरे पर है। उनका उद्देश्य चीन में अगले साल होने वाले सत्ता परिवर्तन के बाद देश की अर्थव्यवस्था तथा विदेश नीति के रुझानों के बारे में भारतीय नेतृत्व और नीति-निर्माताओं को जानकारी देना है। कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना के अंतरराष्ट्रीय विभाग में रिसर्च कार्यालय के महानिदेशक हुआंग हुआगुआंग ने थिंक टैंक ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन में एक परिचर्चा में कहा, "हम संयुक्त राष्ट्र में भारत की अधिक सकारात्मक और महत्वपूर्ण भूमिका का स्वागत करते हैं।" हुआंग ने कहा, "हमारी नीति संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थाई सदस्यता के लिए भारत के प्रयासों का विरोध करने की नहीं है।"टिप्पणियां उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार के लिए जारी वार्ता अराजकतापूर्ण है और इसका समन्वय बेहतर तरीके से किया जाना चाहिए। हुआंग चीन के उस प्रतिनिधिमंडल में शामिल हैं, जो इन दिनों भारत के दौरे पर है। उनका उद्देश्य चीन में अगले साल होने वाले सत्ता परिवर्तन के बाद देश की अर्थव्यवस्था तथा विदेश नीति के रुझानों के बारे में भारतीय नेतृत्व और नीति-निर्माताओं को जानकारी देना है। हुआंग ने कहा, "हमारी नीति संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थाई सदस्यता के लिए भारत के प्रयासों का विरोध करने की नहीं है।"टिप्पणियां उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार के लिए जारी वार्ता अराजकतापूर्ण है और इसका समन्वय बेहतर तरीके से किया जाना चाहिए। हुआंग चीन के उस प्रतिनिधिमंडल में शामिल हैं, जो इन दिनों भारत के दौरे पर है। उनका उद्देश्य चीन में अगले साल होने वाले सत्ता परिवर्तन के बाद देश की अर्थव्यवस्था तथा विदेश नीति के रुझानों के बारे में भारतीय नेतृत्व और नीति-निर्माताओं को जानकारी देना है। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार के लिए जारी वार्ता अराजकतापूर्ण है और इसका समन्वय बेहतर तरीके से किया जाना चाहिए। हुआंग चीन के उस प्रतिनिधिमंडल में शामिल हैं, जो इन दिनों भारत के दौरे पर है। उनका उद्देश्य चीन में अगले साल होने वाले सत्ता परिवर्तन के बाद देश की अर्थव्यवस्था तथा विदेश नीति के रुझानों के बारे में भारतीय नेतृत्व और नीति-निर्माताओं को जानकारी देना है। हुआंग चीन के उस प्रतिनिधिमंडल में शामिल हैं, जो इन दिनों भारत के दौरे पर है। उनका उद्देश्य चीन में अगले साल होने वाले सत्ता परिवर्तन के बाद देश की अर्थव्यवस्था तथा विदेश नीति के रुझानों के बारे में भारतीय नेतृत्व और नीति-निर्माताओं को जानकारी देना है।
यह एक सारांश है: भारत के साथ सहयोगात्मक सम्बंध की इच्छा जताते हुए चीन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को कहा कि उनका देश संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थाई सदस्यता के लिए भारत के प्रयास का विरोध नहीं करेगा।
16
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर शिकंजा कसने के उद्देश्य से पश्चिमी देशों के कदमों को लेकर चिंता के बीच एशियाई कारोबार में तेल की कीमत में आज तेजी दर्ज की गई। न्यूयॉर्क का मुख्य अनुबंध वेस्ट टेक्सॉस इंटरमीडिएट क्रूड की कीमत अप्रैल डिलीवरी के लिए 40 सेंट्स बढ़कर 105.10 डॉलर प्रति बैरल रही। इसी प्रकार, ब्रेंट नार्थ-सी कच्चे तेल की कीमत अप्रैल डिलीवरी के लिए 50 सेंट्स बढ़कर 122.48 डॉलर प्रति बैरल दर्ज की गयी।टिप्पणियां एएनजेड रिसर्च के वरिष्ठ जिंस विश्लेषक निक ट्रेवेथान ने कहा कि कीमत में वृद्धि का कारण ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर चिंता है। इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू मंगलवार को अमेरिकी की यात्रा समाप्त हो गई। उन्हें यह आश्वासन मिला है कि अमेरिका ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर अंकुश लगाने के लिए बल प्रयोग करने को तैयार है। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा तथा विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन से मुलाकात करने वाले नेतन्याहू ने कहा है कि उनका धैर्य जवाब दे रहा है और अगर जरूरत हुई तो इस्राइल एकतरफा हमला करेगा। उधर, ईरान ने परमाणु बम बनाने से इनकार किया है और कहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्य के लिए है। न्यूयॉर्क का मुख्य अनुबंध वेस्ट टेक्सॉस इंटरमीडिएट क्रूड की कीमत अप्रैल डिलीवरी के लिए 40 सेंट्स बढ़कर 105.10 डॉलर प्रति बैरल रही। इसी प्रकार, ब्रेंट नार्थ-सी कच्चे तेल की कीमत अप्रैल डिलीवरी के लिए 50 सेंट्स बढ़कर 122.48 डॉलर प्रति बैरल दर्ज की गयी।टिप्पणियां एएनजेड रिसर्च के वरिष्ठ जिंस विश्लेषक निक ट्रेवेथान ने कहा कि कीमत में वृद्धि का कारण ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर चिंता है। इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू मंगलवार को अमेरिकी की यात्रा समाप्त हो गई। उन्हें यह आश्वासन मिला है कि अमेरिका ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर अंकुश लगाने के लिए बल प्रयोग करने को तैयार है। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा तथा विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन से मुलाकात करने वाले नेतन्याहू ने कहा है कि उनका धैर्य जवाब दे रहा है और अगर जरूरत हुई तो इस्राइल एकतरफा हमला करेगा। उधर, ईरान ने परमाणु बम बनाने से इनकार किया है और कहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्य के लिए है। एएनजेड रिसर्च के वरिष्ठ जिंस विश्लेषक निक ट्रेवेथान ने कहा कि कीमत में वृद्धि का कारण ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर चिंता है। इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू मंगलवार को अमेरिकी की यात्रा समाप्त हो गई। उन्हें यह आश्वासन मिला है कि अमेरिका ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर अंकुश लगाने के लिए बल प्रयोग करने को तैयार है। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा तथा विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन से मुलाकात करने वाले नेतन्याहू ने कहा है कि उनका धैर्य जवाब दे रहा है और अगर जरूरत हुई तो इस्राइल एकतरफा हमला करेगा। उधर, ईरान ने परमाणु बम बनाने से इनकार किया है और कहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्य के लिए है। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा तथा विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन से मुलाकात करने वाले नेतन्याहू ने कहा है कि उनका धैर्य जवाब दे रहा है और अगर जरूरत हुई तो इस्राइल एकतरफा हमला करेगा। उधर, ईरान ने परमाणु बम बनाने से इनकार किया है और कहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्य के लिए है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर शिकंजा कसने के उद्देश्य से पश्चिमी देशों के कदमों को लेकर चिंता के बीच एशियाई कारोबार में तेल की कीमत में आज तेजी दर्ज की गई।
3
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: बीजेपी के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने संसद की स्थायी समिति की ओर से सौंपी गई लोकपाल रिपोर्ट पर संसद की भावना को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है। अन्ना हजारे के एकदिवसीय सांकेतिक अनशन के मौके पर पहुंचे जेटली ने कहा, अन्ना जी ने जब अपना पिछला अनशन तोड़ा था, तो उस समय संसद के दोनों सदनों ने अपनी भावना प्रदर्शित की थी। जिसमें राज्यों के अंदर लोकायुक्त की नियुक्ति, सिटिजन चार्टर, निचले स्तर की अफसरशाही को लोकपाल के दायरे में लाने की बात कही गई थी। लेकिन स्थायी समिति की रिपोर्ट संसद की भावना के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा, यह देश से किया वादा तोड़ने वाली बात है। पूरी संसद ने जो वादा किया, उसे कैसे तोड़ा जा सकता है। जेटली ने कहा, संसदीय लोकतंत्र में जनता की भी आवाज है। कानून बेशक संसद में बनता है, लेकिन जनमत भी एक चीज होती है। उन्होंने कहा कि हर कोई मतबूत और प्रभावी लोकपाल की बात कर रहा है। इससे जुड़े कुछ विषयों पर चर्चा हो सकती है, लेकिन लोकपाल की जो आत्मा है, उसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। जेटली ने कहा, स्थायी समिति में हमारे दल के जो सदस्य थे, उन्होंने असहमति के नोट के साथ अपने विचार रखे हैं। हमारी राय स्पष्ट है कि प्रधानमंत्री लोकपाल के दायरे में होने चाहिए और केवल ग्रुप 'ए' और 'बी' के अधिकारी इसके दायरे में हों और 'सी' और 'डी' ग्रपु के अधिकारियों को इससे बाहर रखा जाएगा, इसे हम स्वीकार करने वाले नहीं हैं। जेटली ने स्वीकार किया कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) का दुरूपयोग होता रहा है, इसलिए इस संस्था को निष्पक्ष बनाया जाना चाहिए, ताकि वह सरकारों के हाथों का खिलौना ना रहे। सीबीआई को भी लोकपाल के दायरे में रख जाना चाहिए।
बीजेपी के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने स्थायी समिति की ओर से सौंपी गई लोकपाल रिपोर्ट पर संसद की भावना को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है।
34
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: केन्द्रीय कपड़ा मंत्री दयानिधि मारन भी 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले की जांच के संदर्भ में उच्चतम न्यायालय की निगाह में आ गए हैं। न्यायाल की निगरानी में मामले की जांच कर रही एजेंसी, केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) मारन पर चेन्नई की दूरसंचार कंपनी एयरसेल के मालिक पर कंपनी की हिस्सेदारी एक मलेशियाई कंपनी को बेचने के आरोप को पूरी गंभीरता से ले रही है। सीबीआई ने 2जी घोटाले की जांच के संबंध की स्थिति के संबंध में 71 पृष्ट की एक नयी रपट न्यायालय में पेश किया है। इसमें कहा गया है कि वर्ष 2004 से 2007 के दौरान जब मारन दूरसंचार मंत्री थे, उस समय एयरसेल के प्रवर्तक सी शिवशंकरन पर कंपनी में अपनी हिस्सेदारी एक मलेशियाई फर्म मैक्सिस समूह को बेचने के लिए दबाव डाला गया। वरिष्ठ अधिवक्ता केके वेणुगोपाल ने न्यायालय में जीएस सिंघवी और एके गांगुली की पीठ के समक्ष स्थिति रिपोर्ट को पढा। हालांकि, उन्होंने मारन का नाम नहीं लिया लेकिन कहा कि चेन्नई के इस व्यावसायी को दो साल तक मोबाइल सेवा शुरू करने का लाईसेंस नहीं दिया गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि मारन ने मलेशियाई कंपनी का पक्ष लिया। दिसंबर 2006 में जब मलेशियाई कंपनी ने एयरसेल का अधिग्रहण कर लिया उसके बाद मलेशियाई कंपनी को मात्र छह महीने के भीतर 2जी सेवा लाईसेंस दे दिए गए। उल्लेखनीय है कि फरवरी 2004 से लेकर मई 2007 तक मारन दूरसंचार मंत्री के पद पर थे। सीबीआई के वकील वेणुगोपाल ने स्थिति रिपोर्ट को पढ़ते हुये कहा एयरसेल का प्रवर्तक लाईसेंस के लिये दर दर भटकता रहा लेकिन उन्हें अपने शेयर मलेशियाई कंपनी को बेचने पर मजबूर कर दिया गया। इससे पहले एक गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) सेंटर फॉर पब्लिक इंटरेस्ट लिटीगेशन, ने शीर्ष अदालत के समक्ष ऐसे दस्तावेज पेश किए थे जिनमें मारन पर मलेशिया की दूरसंचार कंपनी मैक्सिस समूह का पक्ष लेने के आरोपों को साबित किया गया था। इसी मलेशियाई कंपनी ने चेन्नई स्थिति एयरसेल को खरीदा था। एनजीओ के अनुसार मारन ने एयरसेल को यूनीफाइड एक्सेस सविर्सेज (यूएएस) लाइसेंस जारी करने में लगातार देरी की। कंपनी वर्ष 2004 से ही दूरसंचार विभाग में इसके लिये लगातार आवेदन कर रही थी, लेकिन समय समय पर बेवजह तरह तरह के मुद्दे उठाकर लाईसेंस जारी करने से इनकार किया जाता रहा। इसके बाद कंपनी के मालिक सी. शिवशंकर को आखिरकार एयरसेल को मलेशिया की मेक्सिस समूह को बेचना पड़ा। मेक्सिस समूह के मालिक प्रमुख कारोबारी टी आनंद कृष्णन हैं। एयरसेल के प्रवर्तक शिवशंकरन पिछले महीने ही सीबीआई के समक्ष पेश हुए थे और उन्होंने अपना वक्तव्य रिकार्ड कराया। एनजीओ का दावा है कि एयरसेल का अधिग्रहण जब मलेशियाई कंपनी मेक्सिस ने कर लिया उसके बाद मारन परिवार द्वारा चलाए जाने वाले सनटीवी में मैक्सिस समूह (एयरसेल) ने सन डायरेक्ट में 20 प्रतिशत इक्विटी हासिल कर भारी निवेश किया। एनजीओ के अनुसार परेशान शिवशंकरन को आखिर एयरसेल बेचना पड़ा। मार्च 2006 में मेक्सिस ने एयरसेल में 74 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीद ली। कंपनी को 2006 में ही एफआईपीबी मंजूरी प्राप्त हुई। 3 मार्च 2006 को एयरसेल के 14 आवेदन दूरसंचार विभाग के समक्ष लंबित थे। शीर्ष अदालत की पीठ के समक्ष सुनवाई में सीबीआई के वकील वेणुगोपाल ने न्यायालय से कहा कि 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले में धन प्रवाह और स्रोत के मामले में सीबीआई अपनी जांच 31 अगस्त तक पूरी कर लेगी। उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2001 से लेकर 2008 के बीच स्पेकट्रम आवंटन मामले में बरती गई तमाम अनियमितताओं की जांच भी सीबीआई तीन महीने के भीतर सितंबर 2011 तक पूरी कर लेगी। न्यायालय ने 11 जुलाई को अगले सुनवाई तय की है।
सारांश: केन्द्रीय कपड़ा मंत्री दयानिधि मारन भी 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले की जांच के संदर्भ में उच्चतम न्यायालय की निगाह में आ गए हैं।
7
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: गोलकीपर : पीआर श्रीजेश, पीटी राव, श्रीनिवास राव काथरू, नानक सिंह, नवीन कुमार, जयदीप दयाल, अभिनय कुमार पांडेय। डिफेंडर : वीआर रघुनाथ, रुपिंदर पाल सिंह, हरवीर सिंह संधू, अमित रोहिदास, सम्पथ कुमार, गगनदीप सिंह, डी. चानामाथाबाम, नरेंद्र सिंह, गुरमेल सिंह।टिप्पणियां मिडफील्डर : सरदार सिंह, मंदीप सिंह, एमबी अयप्पा, कोथाजीत सिंह, प्रदीप मोर, विवेद धर, बीरेद्र लाकरा, जसप्रीत सिंह, सिमरनजीत सिंह, मंजीत कुल्लू, विकास पिल्लई, सुमित। फारवर्ड : एसवी सुनील, गुरविंदर सिंह चांडी, चिंगलेनसाना सिंह, दानिश मुज्तबा, एसके उथप्पा, प्रधान सोमन्ना, निथिन थिमैय्या, धर्मवीर सिंह, आकाशदीप सिंह, एमजी पोनच्चा, प्रभदीप सिंह, पीएल थिमैय्या, सुखदेव सिंह, गुरकीरत सिंह, जसजीत सिंह, निकिन थिमैय्या, हरमन प्रीत सिंह, मनजिंदर सिह, एमके मुडप्पा और गगनदीप सिंह। डिफेंडर : वीआर रघुनाथ, रुपिंदर पाल सिंह, हरवीर सिंह संधू, अमित रोहिदास, सम्पथ कुमार, गगनदीप सिंह, डी. चानामाथाबाम, नरेंद्र सिंह, गुरमेल सिंह।टिप्पणियां मिडफील्डर : सरदार सिंह, मंदीप सिंह, एमबी अयप्पा, कोथाजीत सिंह, प्रदीप मोर, विवेद धर, बीरेद्र लाकरा, जसप्रीत सिंह, सिमरनजीत सिंह, मंजीत कुल्लू, विकास पिल्लई, सुमित। फारवर्ड : एसवी सुनील, गुरविंदर सिंह चांडी, चिंगलेनसाना सिंह, दानिश मुज्तबा, एसके उथप्पा, प्रधान सोमन्ना, निथिन थिमैय्या, धर्मवीर सिंह, आकाशदीप सिंह, एमजी पोनच्चा, प्रभदीप सिंह, पीएल थिमैय्या, सुखदेव सिंह, गुरकीरत सिंह, जसजीत सिंह, निकिन थिमैय्या, हरमन प्रीत सिंह, मनजिंदर सिह, एमके मुडप्पा और गगनदीप सिंह। मिडफील्डर : सरदार सिंह, मंदीप सिंह, एमबी अयप्पा, कोथाजीत सिंह, प्रदीप मोर, विवेद धर, बीरेद्र लाकरा, जसप्रीत सिंह, सिमरनजीत सिंह, मंजीत कुल्लू, विकास पिल्लई, सुमित। फारवर्ड : एसवी सुनील, गुरविंदर सिंह चांडी, चिंगलेनसाना सिंह, दानिश मुज्तबा, एसके उथप्पा, प्रधान सोमन्ना, निथिन थिमैय्या, धर्मवीर सिंह, आकाशदीप सिंह, एमजी पोनच्चा, प्रभदीप सिंह, पीएल थिमैय्या, सुखदेव सिंह, गुरकीरत सिंह, जसजीत सिंह, निकिन थिमैय्या, हरमन प्रीत सिंह, मनजिंदर सिह, एमके मुडप्पा और गगनदीप सिंह। फारवर्ड : एसवी सुनील, गुरविंदर सिंह चांडी, चिंगलेनसाना सिंह, दानिश मुज्तबा, एसके उथप्पा, प्रधान सोमन्ना, निथिन थिमैय्या, धर्मवीर सिंह, आकाशदीप सिंह, एमजी पोनच्चा, प्रभदीप सिंह, पीएल थिमैय्या, सुखदेव सिंह, गुरकीरत सिंह, जसजीत सिंह, निकिन थिमैय्या, हरमन प्रीत सिंह, मनजिंदर सिह, एमके मुडप्पा और गगनदीप सिंह।
सारांश: भारतीय हॉकी चयनकर्ताओं ने 24 अगस्त से 1 सितम्बर के बीच मलेशिया के शहर इपोह में होने वाले एशिया कप के लिए जारी सम्भावितों की सूची में स्टार ड्रैग फ्लिकर संदीप सिंह और फारवर्ड शिवेंद्र सिंह को शामिल नहीं किया है।
33
['hin']
एक सारांश बनाओ: राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन में वित्तीय अनियमितताओं की गड़बड़ी के मामले में आयोजन समिति के अध्यक्ष पद से बर्खास्त किए गए सुरेश कलमाड़ी ने सोमवार को कहा कि वह किसी भी जांच के लिए तैयार हैं और वह भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के अध्यक्ष पद पर बने रहेंगे। कलमाड़ी ने बर्खास्तगी के बारे में टिप्पणी करने से इनकार कर दिया और कहा कि वह जांच एजेंसियों के साथ सहयोग कर रहे हैं। 12 फरवरी से आयोजित होने वाले 34वें राष्ट्रीय खेलों की तैयारियों का जायजा लेने रांची पहुंचे कलमाड़ी ने कहा, "मुझे बर्खास्तगी के बारे में पता नहीं है। मैं जांच का सामना करने को तैयार हूं और मैं जांच एजेंसियों का सहयोग कर रहा हूं।" कलमाड़ी ने कहा, "आईओए एक स्वायत्त संस्था है और मैं अध्यक्ष पद नहीं छोड़ रहा हूं।" इससे पहले, कलमाड़ी राष्ट्रीय खेलों की तैयारियों का जायजा लेने रांची पहुंचे। कलमाडी ने पर्यटन मंत्री सुबोध कांत सहाय और अधिकारियों के साथ सोमवार को होटवार में बनाए गए खेल गांव का दौरा किया। राष्ट्रीय खेल का आयोजन 12 से 26 फरवरी तक आयोजित किया जाएगा। कलमाड़ी ने खेलों की तैयारियों के बारे में मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा से भी चर्चा की। आईओए अध्यक्ष ने बुनियादी ढांचा और तैयारियों  की सराहना की। बुनियादी ढांचें को पूरा करने के लिए समय सीमा 31 जनवरी से बढ़ाकर छह फरवरी कर दी गई है। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय खेल एवं युवा मामलों के मंत्री अजय माकन ने कलमाड़ी और आयोजन समिति के महासचिव ललित भनोट को उनके पद से बर्खास्त कर दिया।
यह एक सारांश है: सुरेश कलमाड़ी ने कहा कि वह किसी भी जांच के लिए तैयार हैं और वह भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के अध्यक्ष पद पर बने रहेंगे।
21
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से गुजरने वाले चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे में करीब 50 अरब डॉलर के निवेश के कारण कश्मीर मुद्दे को हल करने में भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता करने में अब चीन के 'निहित स्वार्थ' हैं. सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना के अखबार 'ग्लोबल टाइम्स' में प्रकाशित एक लेख में यह संकेत दिया गया है कि क्षेत्र में बड़ी भूमिका निभाने में चीन के अप्रत्यक्ष हित हैं. लेख में दावा किया गया है कि रोहिंग्या शरणार्थी मुद्दे पर चीन ने म्यांमार और बांग्लादेश के बीच मध्यस्थता की. इसमें कहा गया है, 'चीन ने अन्य देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप ना करने के सिद्धांत का हमेशा पालन किया है, लेकिन इसका यह कतई मतलब नहीं है कि बीजिंग विदेशों में अपने निवेश की रक्षा में चीनी उद्यमों की मांगों पर ध्यान नहीं देगा.' इसमें कहा गया है, 'वन बेल्ट, वन रोड' पर आने वाले देशों में चीन ने भारी निवेश किया है, इसलिए अब भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर विवाद समेत क्षेत्रीय विवाद हल करने में मदद के लिए चीन के निहित स्वार्थ हैं.' लेख में कहा गया है कि रोहिंग्या मुद्दे को लेकर म्यांमार और बांग्लादेश के बीच हाल ही में चीन की मध्यस्थता क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने में अपनी सीमाओं से बाहर संघर्षों को हल करने में चीन की बढ़ती क्षमता को दर्शाता है. इसमें कहा गया है, 'चीन के पास मध्यस्थता के जरिए विवाद सुलझाने की क्षमता है, देश को इस क्षेत्र में भारत समेत अन्य बड़ी शक्तियों से निपटने में बहुत विवेकशील होने की जरूरत है. असल में, कश्मीर मुद्दे पर भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता करना शायद चीन के लिए विदेशों में अपने हितों की रक्षा करने के लिए क्षेत्रीय मामलों से निपटने में सामने आ रही सबसे मुश्किल चुनौती होगी.' संभवत: यह पहली बार है कि चीन की आधिकारिक मीडिया ने कश्मीर मुद्दे को हल करने में मध्यस्थता की भूमिका निभाने में बीजिंग के हितों पर बात की है. चीन, पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में निवेश बढ़ा रहा है ऐसे में उसका आधिकारिक रुख यह है कि भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर मुद्दा सुलझना चाहिए. चीन ने पीओके में अपने सैनिकों की मौजूदगी की रिपोर्टों को खारिज करते हुए कहा कि उसके सैनिक वहां मानवीय सहायता देने के लिए है. हालांकि विवादास्पद गिलगित और बाल्टिस्तान क्षेत्र से गुजरने वाले उसके 46 अरब डॉलर की लागत वाले चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपेक) ने विवादित इलाकों में चीन के दखल को बढ़ा दिया है.टिप्पणियां भारत ने सीपेक को लेकर चीन का विरोध किया है और बेल्ट एंड रोड पहल के एक सम्मेलन में भाग लेने के लिए अभी तक अपने आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल का नाम नहीं बताया है. यह सम्मेलन 14-15 मई को होना है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) लेख में दावा किया गया है कि रोहिंग्या शरणार्थी मुद्दे पर चीन ने म्यांमार और बांग्लादेश के बीच मध्यस्थता की. इसमें कहा गया है, 'चीन ने अन्य देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप ना करने के सिद्धांत का हमेशा पालन किया है, लेकिन इसका यह कतई मतलब नहीं है कि बीजिंग विदेशों में अपने निवेश की रक्षा में चीनी उद्यमों की मांगों पर ध्यान नहीं देगा.' इसमें कहा गया है, 'वन बेल्ट, वन रोड' पर आने वाले देशों में चीन ने भारी निवेश किया है, इसलिए अब भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर विवाद समेत क्षेत्रीय विवाद हल करने में मदद के लिए चीन के निहित स्वार्थ हैं.' लेख में कहा गया है कि रोहिंग्या मुद्दे को लेकर म्यांमार और बांग्लादेश के बीच हाल ही में चीन की मध्यस्थता क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने में अपनी सीमाओं से बाहर संघर्षों को हल करने में चीन की बढ़ती क्षमता को दर्शाता है. इसमें कहा गया है, 'चीन के पास मध्यस्थता के जरिए विवाद सुलझाने की क्षमता है, देश को इस क्षेत्र में भारत समेत अन्य बड़ी शक्तियों से निपटने में बहुत विवेकशील होने की जरूरत है. असल में, कश्मीर मुद्दे पर भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता करना शायद चीन के लिए विदेशों में अपने हितों की रक्षा करने के लिए क्षेत्रीय मामलों से निपटने में सामने आ रही सबसे मुश्किल चुनौती होगी.' संभवत: यह पहली बार है कि चीन की आधिकारिक मीडिया ने कश्मीर मुद्दे को हल करने में मध्यस्थता की भूमिका निभाने में बीजिंग के हितों पर बात की है. चीन, पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में निवेश बढ़ा रहा है ऐसे में उसका आधिकारिक रुख यह है कि भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर मुद्दा सुलझना चाहिए. चीन ने पीओके में अपने सैनिकों की मौजूदगी की रिपोर्टों को खारिज करते हुए कहा कि उसके सैनिक वहां मानवीय सहायता देने के लिए है. हालांकि विवादास्पद गिलगित और बाल्टिस्तान क्षेत्र से गुजरने वाले उसके 46 अरब डॉलर की लागत वाले चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपेक) ने विवादित इलाकों में चीन के दखल को बढ़ा दिया है.टिप्पणियां भारत ने सीपेक को लेकर चीन का विरोध किया है और बेल्ट एंड रोड पहल के एक सम्मेलन में भाग लेने के लिए अभी तक अपने आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल का नाम नहीं बताया है. यह सम्मेलन 14-15 मई को होना है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) लेख में कहा गया है कि रोहिंग्या मुद्दे को लेकर म्यांमार और बांग्लादेश के बीच हाल ही में चीन की मध्यस्थता क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने में अपनी सीमाओं से बाहर संघर्षों को हल करने में चीन की बढ़ती क्षमता को दर्शाता है. इसमें कहा गया है, 'चीन के पास मध्यस्थता के जरिए विवाद सुलझाने की क्षमता है, देश को इस क्षेत्र में भारत समेत अन्य बड़ी शक्तियों से निपटने में बहुत विवेकशील होने की जरूरत है. असल में, कश्मीर मुद्दे पर भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता करना शायद चीन के लिए विदेशों में अपने हितों की रक्षा करने के लिए क्षेत्रीय मामलों से निपटने में सामने आ रही सबसे मुश्किल चुनौती होगी.' संभवत: यह पहली बार है कि चीन की आधिकारिक मीडिया ने कश्मीर मुद्दे को हल करने में मध्यस्थता की भूमिका निभाने में बीजिंग के हितों पर बात की है. चीन, पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में निवेश बढ़ा रहा है ऐसे में उसका आधिकारिक रुख यह है कि भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर मुद्दा सुलझना चाहिए. चीन ने पीओके में अपने सैनिकों की मौजूदगी की रिपोर्टों को खारिज करते हुए कहा कि उसके सैनिक वहां मानवीय सहायता देने के लिए है. हालांकि विवादास्पद गिलगित और बाल्टिस्तान क्षेत्र से गुजरने वाले उसके 46 अरब डॉलर की लागत वाले चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपेक) ने विवादित इलाकों में चीन के दखल को बढ़ा दिया है.टिप्पणियां भारत ने सीपेक को लेकर चीन का विरोध किया है और बेल्ट एंड रोड पहल के एक सम्मेलन में भाग लेने के लिए अभी तक अपने आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल का नाम नहीं बताया है. यह सम्मेलन 14-15 मई को होना है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) चीन, पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में निवेश बढ़ा रहा है ऐसे में उसका आधिकारिक रुख यह है कि भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर मुद्दा सुलझना चाहिए. चीन ने पीओके में अपने सैनिकों की मौजूदगी की रिपोर्टों को खारिज करते हुए कहा कि उसके सैनिक वहां मानवीय सहायता देने के लिए है. हालांकि विवादास्पद गिलगित और बाल्टिस्तान क्षेत्र से गुजरने वाले उसके 46 अरब डॉलर की लागत वाले चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपेक) ने विवादित इलाकों में चीन के दखल को बढ़ा दिया है.टिप्पणियां भारत ने सीपेक को लेकर चीन का विरोध किया है और बेल्ट एंड रोड पहल के एक सम्मेलन में भाग लेने के लिए अभी तक अपने आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल का नाम नहीं बताया है. यह सम्मेलन 14-15 मई को होना है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) भारत ने सीपेक को लेकर चीन का विरोध किया है और बेल्ट एंड रोड पहल के एक सम्मेलन में भाग लेने के लिए अभी तक अपने आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल का नाम नहीं बताया है. यह सम्मेलन 14-15 मई को होना है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे में चीन का 50 अरब डॉलर का निवेश है 'चीन विदेशों में निवेश की रक्षा में चीनी उद्यमों की मांगों पर ध्यान देगा' 'चीन के पास मध्यस्थता के जरिए विवाद सुलझाने की क्षमता'
3
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: वैसे तो स्‍टंटबाज अपने करतब से लोगों का मनोरंजन करते हैं लेकिन इसमें शामिल जोखिम कभी-कभी उनके लिए भारी पड़ता है। ऐसे ही एक मामले में अमेरिका में एक रिएलिटी शो के लाइव प्रसारण में स्‍टंट के दौरान एक कलाकार घायल हो गया। यह वाकया मंगलवार को एनबीसी के 'अमेरिका गॉट टैलेंट' में घटित हुआ। इसमें जब जलता हुआ तीर स्‍टंटबाज रयान स्‍टॉक की तरफ गया तो गलती से लक्ष्‍य की जगह स्‍टंटबाज के गले में लग गया। रयान की साथी एंबरलिन वाकर ने उस तीर को छोड़ा था। इस लाइव प्रसारण के दौरान जज और ऑडियंस यह घटना देखकर स्‍तब्‍ध रह गए। हालांकि जब शो के होस्‍ट निक केनन ने स्‍टॉक का हाल पूछा तो उसने कहा कि वह ठीक है। एक दूसरे जज सिमोन कोवेल ने साथी जज हेडी क्‍लम को टोकते हुए स्‍टॉक को मेडिकल सहायता लेने की सलाह दी।टिप्पणियां हालांकि शो के होस्‍ट केनन ने बाद में बताया कि स्‍टॉक का मेडिकल परीक्षण किया गया। बाद में स्‍टॉक ने इस घटना के लिए 'मैकेनिकल गड़बड़ी' को जिम्‍मेदार ठहराया। उसने ट्विटर पर कहा कि वह भाग्‍यशाली रहा और ज्‍यादा चोट नहीं आई।  (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इसमें जब जलता हुआ तीर स्‍टंटबाज रयान स्‍टॉक की तरफ गया तो गलती से लक्ष्‍य की जगह स्‍टंटबाज के गले में लग गया। रयान की साथी एंबरलिन वाकर ने उस तीर को छोड़ा था। इस लाइव प्रसारण के दौरान जज और ऑडियंस यह घटना देखकर स्‍तब्‍ध रह गए। हालांकि जब शो के होस्‍ट निक केनन ने स्‍टॉक का हाल पूछा तो उसने कहा कि वह ठीक है। एक दूसरे जज सिमोन कोवेल ने साथी जज हेडी क्‍लम को टोकते हुए स्‍टॉक को मेडिकल सहायता लेने की सलाह दी।टिप्पणियां हालांकि शो के होस्‍ट केनन ने बाद में बताया कि स्‍टॉक का मेडिकल परीक्षण किया गया। बाद में स्‍टॉक ने इस घटना के लिए 'मैकेनिकल गड़बड़ी' को जिम्‍मेदार ठहराया। उसने ट्विटर पर कहा कि वह भाग्‍यशाली रहा और ज्‍यादा चोट नहीं आई।  (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) हालांकि जब शो के होस्‍ट निक केनन ने स्‍टॉक का हाल पूछा तो उसने कहा कि वह ठीक है। एक दूसरे जज सिमोन कोवेल ने साथी जज हेडी क्‍लम को टोकते हुए स्‍टॉक को मेडिकल सहायता लेने की सलाह दी।टिप्पणियां हालांकि शो के होस्‍ट केनन ने बाद में बताया कि स्‍टॉक का मेडिकल परीक्षण किया गया। बाद में स्‍टॉक ने इस घटना के लिए 'मैकेनिकल गड़बड़ी' को जिम्‍मेदार ठहराया। उसने ट्विटर पर कहा कि वह भाग्‍यशाली रहा और ज्‍यादा चोट नहीं आई।  (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) हालांकि शो के होस्‍ट केनन ने बाद में बताया कि स्‍टॉक का मेडिकल परीक्षण किया गया। बाद में स्‍टॉक ने इस घटना के लिए 'मैकेनिकल गड़बड़ी' को जिम्‍मेदार ठहराया। उसने ट्विटर पर कहा कि वह भाग्‍यशाली रहा और ज्‍यादा चोट नहीं आई।  (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह वाकया एनबीसी के 'अमेरिका गॉट टैलेंट' में घटित हुआ जलता हुआ तीर गलती से स्‍टंटबाज के गले में लग गया स्‍टंटबाज ने इसके लिए 'मैकेनिकल गड़बड़ी' को जिम्‍मेदार ठहराया
6
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) को संबोधित किया. इस दौरान पीएम मोदी (Narendra Modi) ने कई मुद्दे उठाए. पीएम मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए कहा कि यह अवसर इसलिये भी महत्वपूर्ण है कि इस वर्ष हम महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मना रहे हैं. इस वर्ष दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का चुनाव हुआ और मुझे जनादेश मिला. इस जनादेश की वजह से ही मैं आपके बीच हूं. इस जनादेश से निकला संदेश प्रेरक है. पीएम मोदी ने कहा कि मुझे मिले जनादेश का काफी व्यापक संदेश है. नए भारत में तेजी से बदलाव हो रहा है. पीएम मोदी ने अपने संबोधन में आयुष्मान भारत समेत तमाम योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि हमारी व्यवस्था से विश्वास पैदा हुआ है. पीएम मोदी (PM Modi) ने कहा कि हमने दुनिया का सबसे बड़ा स्‍वच्‍छता अभियान सफलता पूर्वक संपन्‍न कराया. सिर्फ 5 साल में 11 करोड़ से ज्‍यादा शौचालय बनाकर अपने देशवासियों को दिया. दुनिया का सबसे बड़ा Financial Inclusion कार्यक्रम सफलतापूर्वक चलाया. सिर्फ 5 साल में 37 करोड़ से ज्‍यादा गरीबों के बैंक खाते खोले गए. इसके साथ बनी व्‍यवस्‍थाएं पूरी दुनिया के गरीबों में एक विश्‍वास पैदा करता है. आज हम पूरे भारत को सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्त करने के लिए अभियान चला रहे हैं. अगले 5 वर्षों में 15 करोड़ घरों को पानी की सप्लाई से जोड़ने जा रहे हैं. साथ ही सवा लाख किमी से ज्यादा सड़कें बनाने जा रहे हैं. पीएम ने कहा कि हम गरीबों के लिए 2 करोड़ और घरों का निर्माण करने जा रहे हैं.  2025 तक भारत को टीबी से मुक्त करने के लिए काम कर रहे हैं. भारत हजारों वर्ष पुरानी महान संस्कृति है, जो वैश्विक सपनों को समेटे हुए है. हमारी संस्कृति जीव में शिव को देखती है. पीएम ने कहा कि हमारा मंत्र है जन भागीदारी से जन कल्याण और जन कल्याण से जग कल्याण. हमारा प्रयास सारे संसार के लिए है. जब मैं उन देशों के बारे में सोचता हूं कि जो भारत की तरह ही प्रयास कर रहे हैं, तो हमारा विश्वास और दृढ़ हो जाता है.  आज से तीन हजार वर्ष पूर्व भारत के महान कवि ने विश्व की प्राचीनतम भाषा तमिल में कहा था कि हम सभी स्थानों के लिए अपनेपन का भाव रखते हैं. सभी लोग हमारे अपने हैं. अपनत्व की यही भावना भारत की विशेषता है. पीएम ने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग में भारत का योगदान बहुत कम है, लेकिन इससे निपटने में भारत आगे रहा है. भारत ने विश्व सोलर एलायंस स्थापित करने की पहल की है. भारत ने युद्ध नहीं बुद्ध दिया. पूरी दुनिया को शांति का संदेश दिया है. पीएम ने कहा कि हमारी आवाज में आतंक के खिलाफ दुनिया को सतर्क करने की गंभीरता भी है और आक्रोश भी. आतंकवाद किसी एक देश की नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की चुनौती है.  आतंक के खिलाफ पूरे विश्व का एकमत होना अनिवार्य है. पीएम ने कहा कि आज विश्व का स्वरूप बदल रहा है. हम सभी के पास अपना विकल्प है. नए दौर में संयुक्त राष्ट्र को नई शक्ति और नई दिशा देनी ही होगी.
पीएम मोदी ने यूएन को किया संबोधित कहा, हमारा मंत्र जन भागीदारी से जन कल्याण है आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया
34
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अगले लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की चुनौती की कमान नरेंद्र मोदी को देने की पार्टी में बढ़ती मांग के बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार ने गुजरात के इस कद्दावर नेता की तुलना उस ‘फूले हुए गुब्बारे’ से की जो ‘शीघ्र ही फट जाएगा’।टिप्पणियां पवार ने कहा, ‘40-50 साल के अपने राजनीतिक करियर के दौरान मैंने पाया कि कोई गुब्बारा जितना ही फूलता है, उतना ही जल्दी वह फट भी जाता है।’ केंद्रीय मंत्री पवार से भाजपा में मोदी को आम चुनाव के लिए पार्टी की प्रचार अभियान समिति का अध्यक्ष बनाने की बढ़ती मांग के संबंध में सवाल पूछा गया था। समझा जाता कि भाजपा की प्रचार अभियान समिति के अध्यक्ष बनाए जाने से मोदी लोगों के सामने पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में पेश होंगे। जब पवार से पूछा गया कि क्या वह गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पार्रिकर के इस दृष्टिकोण से सहमत है कि नेताओं के लिए सेवानिवृति की उम्र 65 तय कर दी जानी चाहिए, उन्होंने कहा, ‘राजनीति में, जनता ही है जो यह तय करती है कि कब किसी नेता को सेवानिवृत हो जाना चाहिए।’ हालांकि वह चुनाव नहीं लड़ने के अपने फैसले पर अडिग नजर आए। उन्होंने कहा, ‘मैं चुनाव नहीं लड़ने जा रहा लेकिन मैं राजनीति से संन्यास भी नहीं लेने जा रहा।’ पवार ने कहा, ‘40-50 साल के अपने राजनीतिक करियर के दौरान मैंने पाया कि कोई गुब्बारा जितना ही फूलता है, उतना ही जल्दी वह फट भी जाता है।’ केंद्रीय मंत्री पवार से भाजपा में मोदी को आम चुनाव के लिए पार्टी की प्रचार अभियान समिति का अध्यक्ष बनाने की बढ़ती मांग के संबंध में सवाल पूछा गया था। समझा जाता कि भाजपा की प्रचार अभियान समिति के अध्यक्ष बनाए जाने से मोदी लोगों के सामने पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में पेश होंगे। जब पवार से पूछा गया कि क्या वह गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पार्रिकर के इस दृष्टिकोण से सहमत है कि नेताओं के लिए सेवानिवृति की उम्र 65 तय कर दी जानी चाहिए, उन्होंने कहा, ‘राजनीति में, जनता ही है जो यह तय करती है कि कब किसी नेता को सेवानिवृत हो जाना चाहिए।’ हालांकि वह चुनाव नहीं लड़ने के अपने फैसले पर अडिग नजर आए। उन्होंने कहा, ‘मैं चुनाव नहीं लड़ने जा रहा लेकिन मैं राजनीति से संन्यास भी नहीं लेने जा रहा।’ जब पवार से पूछा गया कि क्या वह गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पार्रिकर के इस दृष्टिकोण से सहमत है कि नेताओं के लिए सेवानिवृति की उम्र 65 तय कर दी जानी चाहिए, उन्होंने कहा, ‘राजनीति में, जनता ही है जो यह तय करती है कि कब किसी नेता को सेवानिवृत हो जाना चाहिए।’ हालांकि वह चुनाव नहीं लड़ने के अपने फैसले पर अडिग नजर आए। उन्होंने कहा, ‘मैं चुनाव नहीं लड़ने जा रहा लेकिन मैं राजनीति से संन्यास भी नहीं लेने जा रहा।’
यहाँ एक सारांश है:अगले लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की चुनौती की कमान नरेंद्र मोदी को देने की पार्टी में बढ़ती मांग के बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार ने गुजरात के इस कद्दावर नेता की तुलना उस ‘फूले हुए गुब्बारे’ से की जो ‘शीघ्र ही फट जाएगा’।
17
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: राष्ट्रपति पद के प्रतिद्वंदी उम्मीदवार मिट रोमनी पर आउटसोर्सिंग करने वाली कंपनियों से सटने का आरोप लगाते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि वह देश में रोजगार के अवसर पैदा करने के पक्ष में हैं न कि चीन जैसे देशों को नौकरी स्थानांतरित करने के पक्ष में। कोलोरैडो प्रांत में लगातार दूसरे दिन प्रचार अभियान के दौरान ओबामा ने रोमनी पर मैसेच्यूट्स में गवर्नर रहते हुए और निजी क्षेत्र में काम करने के दौरान नौकरियों की आउटसोर्सिंग करने का आरोप लगाया।टिप्पणियां ओबामा ने अपने भाषण में कहा,  गवर्नर रोमनी अपने निजी क्षेत्र के अनुभव के बारे में शेखी बघारते हैं, लेकिन उन्होंने ऐसी कंपनियों में निवेश किया जिनमें से कुछ आउटसोर्सिंग की दिग्गज कंपनियां हैं। मैं आउटसोर्सिंग में अग्रणी नहीं होना चाहता बल्कि देश में ही रोजगार के अवसर पैदा करना चाहता हूं। उन्होंने कहा, मैं ऐसी कंपनियों को कर रियायतें रोकना चाहता हूं जो नौकरियां देश से बाहर भेज रही हैं। हम ऐसी कंपनियों को कर रियायतें दें जो अमेरिका में निवेश कर रही हैं, अमेरिकी कर्मचारियों के साथ अमेरिकी उत्पाद बना रही हैं और दुनियाभर में उन्हें बेच रही हैं। कोलोरैडो प्रांत में लगातार दूसरे दिन प्रचार अभियान के दौरान ओबामा ने रोमनी पर मैसेच्यूट्स में गवर्नर रहते हुए और निजी क्षेत्र में काम करने के दौरान नौकरियों की आउटसोर्सिंग करने का आरोप लगाया।टिप्पणियां ओबामा ने अपने भाषण में कहा,  गवर्नर रोमनी अपने निजी क्षेत्र के अनुभव के बारे में शेखी बघारते हैं, लेकिन उन्होंने ऐसी कंपनियों में निवेश किया जिनमें से कुछ आउटसोर्सिंग की दिग्गज कंपनियां हैं। मैं आउटसोर्सिंग में अग्रणी नहीं होना चाहता बल्कि देश में ही रोजगार के अवसर पैदा करना चाहता हूं। उन्होंने कहा, मैं ऐसी कंपनियों को कर रियायतें रोकना चाहता हूं जो नौकरियां देश से बाहर भेज रही हैं। हम ऐसी कंपनियों को कर रियायतें दें जो अमेरिका में निवेश कर रही हैं, अमेरिकी कर्मचारियों के साथ अमेरिकी उत्पाद बना रही हैं और दुनियाभर में उन्हें बेच रही हैं। ओबामा ने अपने भाषण में कहा,  गवर्नर रोमनी अपने निजी क्षेत्र के अनुभव के बारे में शेखी बघारते हैं, लेकिन उन्होंने ऐसी कंपनियों में निवेश किया जिनमें से कुछ आउटसोर्सिंग की दिग्गज कंपनियां हैं। मैं आउटसोर्सिंग में अग्रणी नहीं होना चाहता बल्कि देश में ही रोजगार के अवसर पैदा करना चाहता हूं। उन्होंने कहा, मैं ऐसी कंपनियों को कर रियायतें रोकना चाहता हूं जो नौकरियां देश से बाहर भेज रही हैं। हम ऐसी कंपनियों को कर रियायतें दें जो अमेरिका में निवेश कर रही हैं, अमेरिकी कर्मचारियों के साथ अमेरिकी उत्पाद बना रही हैं और दुनियाभर में उन्हें बेच रही हैं। उन्होंने कहा, मैं ऐसी कंपनियों को कर रियायतें रोकना चाहता हूं जो नौकरियां देश से बाहर भेज रही हैं। हम ऐसी कंपनियों को कर रियायतें दें जो अमेरिका में निवेश कर रही हैं, अमेरिकी कर्मचारियों के साथ अमेरिकी उत्पाद बना रही हैं और दुनियाभर में उन्हें बेच रही हैं।
यह एक सारांश है: राष्ट्रपति पद के प्रतिद्वंदी उम्मीदवार मिट रोमनी पर आउटसोर्सिंग कंपनियों से सटने का आरोप लगाते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि वह चीन जैसे देशों को नौकरियां स्थानांतरित करने के पक्ष में नहीं है।
24
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: नागरिकता संशोधन कानून (Citizenship Amendment Act) के विरोध में दिल्ली एक बार फिर जल उठी. राजधानी के दरियागंज (Daryaganj CAA Protest) इलाके में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस स्टेशन के बाहर खड़ी कार को आग के हवाले कर दिया. शुक्रवार देर शाम लोग यहां जमा हुए थे. जिसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए लाठीचार्ज और वॉटर कैनन का इ्स्तेमाल किया. पुलिस ने 40 लोगों को हिरासत में लिया है, जिसमें 8 नाबालिग शामिल हैं. दूसरी ओर शनिवार सुबह भीम आर्मी (Bhim Army) के मुखिया चंद्रशेखर आजाद (Chandrashekhar Azad) को पुलिस ने एक बार फिर हिरासत में ले लिया है. चंद्रशेखर आजाद अपनी भीम आर्मी के सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ शुक्रवार को जामा मस्जिद इलाके में पहुंचे थे. वहां धारा 144 लगाई गई थी. कई मुस्लिम संगठनों से जुड़े लोग भी वहां पहुंचे. वह लोग जामा मस्जिद से जंतर-मंतर तक मार्च निकालने की तैयारी कर रहे थे. दिल्ली पुलिस ने मार्च की इजाजत नहीं दी. तनाव की आशंका के मद्देनजर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी. लोगों का हुजूम बढ़ता देख पुलिस ने आजाद को हिरासत में ले लिया था. कुछ देर बाद खबर आई कि आजाद पुलिस हिरासत से गायब हो गए और शनिवार सुबह एक बार फिर उन्हें हिरासत में लिए जाने की जानकारी मिल रही है. बताते चलें कि दरियागंज मामले में पुलिस ने जिन 40 लोगों को हिरासत में लिया गया है, उनमें 8 लोग 14-15 साल के हैं. लाठीचार्ज में घायलों का लोकनायक जयप्रकाश नारायण अस्पताल में इलाज चल रहा है. डॉक्टर ने NDTV को बताया कि अधिकतर लोगों के हाथों में सूजन है. एक बच्चे के सिर में चोट आई है. इस घटना में कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं. हिरासत में लिए गए लोगों की रिहाई को एक बार फिर लोग शुक्रवार रात दिल्ली पुलिस के मुख्यालय पहुंचे. इससे पहले जामिया मिल्लिया इस्लामिया मामले में भी पुलिस ने 50 लोगों से ज्यादा छात्रों को हिरासत में लिया था, जिसके बाद छात्रों ने देर रात तक पुलिस हेडक्वार्टर के बाहर प्रदर्शन किया था. उनकी मांग के बाद हिरासत में लिए गए छात्रों को रिहा कर दिया गया था. गौरतलब है कि नागरिकता संशोधन बिल के संसद में पेश किए जाने के बाद से ही पूर्वोत्तर सहित पूरे देश में इसे वापस लिए जाने की मांग ने जोर पकड़ा था. लोकसभा और राज्यसभा से पारित होने और राष्ट्रपति के दस्तखत के बाद यह कानून बन गया. इस संशोधित कानून के तहत पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आने वाले गैर-मुस्लिमों को भारतीय नागरिकता देने का प्रावधान है. इसमें 6 समुदाय - हिंदू, सिख, ईसाई, जैन, बौद्ध और पारसियों को रखा गया है. मुस्लिमों को इससे बाहर रखे जाने का विरोध हो रहा है. केंद्र सरकार का तर्क है कि इस कानून को इन तीन देशों में धार्मिक आधार पर सताए जा रहे अल्पसंख्यकों को भारतीय नागरिकता देने के लिए संशोधित किया गया है और इन तीनों ही देशों में मुस्लिम अल्पसंख्यक नहीं हैं.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: नागरिकता कानून के विरोध में देशभर में प्रदर्शन पुलिस हिरासत में लिए गए भीम आर्मी प्रमुख दिल्ली के संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल तैनात
3
['hin']
एक सारांश बनाओ: भाजपा ने वृद्धि दर गिरने के लिए संप्रग के कथित ‘कुप्रबंधन’ को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि यह एक अर्थशास्त्री प्रधानमंत्री की ‘सबसे बड़ी असफलता’ है। पार्टी के प्रवक्ता प्रकाश जावडेकर ने कहा, कुप्रबंधन, कुशासन और शासन की कमी के परिणाम निराशाजनक वृद्धि दर के रूप में हमारे सामने आ चुके हैं। अर्थव्यवस्था का प्रबंधन करने में अर्थशास्त्री प्रधानमंत्री की यह सबसे बड़ी असफलता है। कृषि, विनिर्माण और खनन क्षेत्रों में खराब प्रदर्शन के कारण आर्थिक विकास जनवरी से मार्च की तिमाही में 4.8 प्रतिशत तक धीमा हो गया और 2012-13 के पूरे वर्ष के लिए एक दशक में सबसे कम पांच प्रतिशत पर आ पहुंचा है।टिप्पणियां जावडेकर ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने 1998 में 4.5 प्रतिशत की वृद्धि दर से शुरुआत की और 2004 में उसने इसे 8.5 प्रतिशत तक पहुंचा दिया था। उनके अनुसार, दूसरी ओर संप्रग सरकार ने आठ प्रतिशत से अधिक की विकास दर के ठोस आधार से शुरुआत की, लेकिन आज इसे पांच प्रतिशत तक गिरा दिया। उन्होंने कहा कि अगले वित्त वर्ष में यह 4.5 प्रतिशत तक गिर सकती है। पार्टी के प्रवक्ता प्रकाश जावडेकर ने कहा, कुप्रबंधन, कुशासन और शासन की कमी के परिणाम निराशाजनक वृद्धि दर के रूप में हमारे सामने आ चुके हैं। अर्थव्यवस्था का प्रबंधन करने में अर्थशास्त्री प्रधानमंत्री की यह सबसे बड़ी असफलता है। कृषि, विनिर्माण और खनन क्षेत्रों में खराब प्रदर्शन के कारण आर्थिक विकास जनवरी से मार्च की तिमाही में 4.8 प्रतिशत तक धीमा हो गया और 2012-13 के पूरे वर्ष के लिए एक दशक में सबसे कम पांच प्रतिशत पर आ पहुंचा है।टिप्पणियां जावडेकर ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने 1998 में 4.5 प्रतिशत की वृद्धि दर से शुरुआत की और 2004 में उसने इसे 8.5 प्रतिशत तक पहुंचा दिया था। उनके अनुसार, दूसरी ओर संप्रग सरकार ने आठ प्रतिशत से अधिक की विकास दर के ठोस आधार से शुरुआत की, लेकिन आज इसे पांच प्रतिशत तक गिरा दिया। उन्होंने कहा कि अगले वित्त वर्ष में यह 4.5 प्रतिशत तक गिर सकती है। जावडेकर ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने 1998 में 4.5 प्रतिशत की वृद्धि दर से शुरुआत की और 2004 में उसने इसे 8.5 प्रतिशत तक पहुंचा दिया था। उनके अनुसार, दूसरी ओर संप्रग सरकार ने आठ प्रतिशत से अधिक की विकास दर के ठोस आधार से शुरुआत की, लेकिन आज इसे पांच प्रतिशत तक गिरा दिया। उन्होंने कहा कि अगले वित्त वर्ष में यह 4.5 प्रतिशत तक गिर सकती है। उनके अनुसार, दूसरी ओर संप्रग सरकार ने आठ प्रतिशत से अधिक की विकास दर के ठोस आधार से शुरुआत की, लेकिन आज इसे पांच प्रतिशत तक गिरा दिया। उन्होंने कहा कि अगले वित्त वर्ष में यह 4.5 प्रतिशत तक गिर सकती है।
यह एक सारांश है: पार्टी के प्रवक्ता प्रकाश जावडेकर ने कहा, कुप्रबंधन, कुशासन और शासन की कमी के परिणाम निराशाजनक वृद्धि दर के रूप में हमारे सामने आ चुके हैं।
21
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: सरकार ने शुक्रवार को कहा कि डायरेक्ट कैश ट्रांस्फर योजना के तहत 1 जुलाई से 78 और जिले जोड़ दिएए जाएंगे। इस जिलों में भी एलपीजी के सिलेंडर को देने में डायरेक्ट कैश ट्रांस्फर योजना लागू होगी। नए जिले जिन्हें इस योजना के तहद जोड़ा जा रहा है वे बिहार, गुजरात और उत्तर प्रदेश के होंगे। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली एक समिति ने आज इस आशय का निर्णय लिया। समिति ने कहा कि घरेलू सिलेंडरों से सब्सिडी हटाई जाएगी और अब यह डायरेक्ट कैश ट्रांस्फर योजना के तहत सीधा जरूरतमंदों को दी जाएगी। इस डायरेक्ट कैश ट्रांस्फर योजना के तहत और भी योजनाओं को जोड़ा जाएगा। पीएमओ के एक बयान में कहा गया है कि देश में कुल घरेलू सिलेंडरों के उपभोक्ताओं की संख्या 14 करोड़ के करीब है। अब इस डायरेक्ट कैश ट्रांस्फर योजना के तहत सीधा सब्सिडी दी जाएगी।टिप्पणियां इसके बाद अब डीलरों से सिलेंडर एक ही दाम पर मिलेंगे। इसी के साथ अब इस पूरे काम से दलाली का रास्ता समाप्त हो जाएगा इस समिति में यह बात भी सामने आई कि डायरेक्ट कैश ट्रांस्फर योजना के तहत जो पैसा भेजा रहा है उसकी सही इस्तेमाल नहीं हो रहा है। नए जिले जिन्हें इस योजना के तहद जोड़ा जा रहा है वे बिहार, गुजरात और उत्तर प्रदेश के होंगे। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली एक समिति ने आज इस आशय का निर्णय लिया। समिति ने कहा कि घरेलू सिलेंडरों से सब्सिडी हटाई जाएगी और अब यह डायरेक्ट कैश ट्रांस्फर योजना के तहत सीधा जरूरतमंदों को दी जाएगी। इस डायरेक्ट कैश ट्रांस्फर योजना के तहत और भी योजनाओं को जोड़ा जाएगा। पीएमओ के एक बयान में कहा गया है कि देश में कुल घरेलू सिलेंडरों के उपभोक्ताओं की संख्या 14 करोड़ के करीब है। अब इस डायरेक्ट कैश ट्रांस्फर योजना के तहत सीधा सब्सिडी दी जाएगी।टिप्पणियां इसके बाद अब डीलरों से सिलेंडर एक ही दाम पर मिलेंगे। इसी के साथ अब इस पूरे काम से दलाली का रास्ता समाप्त हो जाएगा इस समिति में यह बात भी सामने आई कि डायरेक्ट कैश ट्रांस्फर योजना के तहत जो पैसा भेजा रहा है उसकी सही इस्तेमाल नहीं हो रहा है। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली एक समिति ने आज इस आशय का निर्णय लिया। समिति ने कहा कि घरेलू सिलेंडरों से सब्सिडी हटाई जाएगी और अब यह डायरेक्ट कैश ट्रांस्फर योजना के तहत सीधा जरूरतमंदों को दी जाएगी। इस डायरेक्ट कैश ट्रांस्फर योजना के तहत और भी योजनाओं को जोड़ा जाएगा। पीएमओ के एक बयान में कहा गया है कि देश में कुल घरेलू सिलेंडरों के उपभोक्ताओं की संख्या 14 करोड़ के करीब है। अब इस डायरेक्ट कैश ट्रांस्फर योजना के तहत सीधा सब्सिडी दी जाएगी।टिप्पणियां इसके बाद अब डीलरों से सिलेंडर एक ही दाम पर मिलेंगे। इसी के साथ अब इस पूरे काम से दलाली का रास्ता समाप्त हो जाएगा इस समिति में यह बात भी सामने आई कि डायरेक्ट कैश ट्रांस्फर योजना के तहत जो पैसा भेजा रहा है उसकी सही इस्तेमाल नहीं हो रहा है। इस डायरेक्ट कैश ट्रांस्फर योजना के तहत और भी योजनाओं को जोड़ा जाएगा। पीएमओ के एक बयान में कहा गया है कि देश में कुल घरेलू सिलेंडरों के उपभोक्ताओं की संख्या 14 करोड़ के करीब है। अब इस डायरेक्ट कैश ट्रांस्फर योजना के तहत सीधा सब्सिडी दी जाएगी।टिप्पणियां इसके बाद अब डीलरों से सिलेंडर एक ही दाम पर मिलेंगे। इसी के साथ अब इस पूरे काम से दलाली का रास्ता समाप्त हो जाएगा इस समिति में यह बात भी सामने आई कि डायरेक्ट कैश ट्रांस्फर योजना के तहत जो पैसा भेजा रहा है उसकी सही इस्तेमाल नहीं हो रहा है। इसके बाद अब डीलरों से सिलेंडर एक ही दाम पर मिलेंगे। इसी के साथ अब इस पूरे काम से दलाली का रास्ता समाप्त हो जाएगा इस समिति में यह बात भी सामने आई कि डायरेक्ट कैश ट्रांस्फर योजना के तहत जो पैसा भेजा रहा है उसकी सही इस्तेमाल नहीं हो रहा है। इस समिति में यह बात भी सामने आई कि डायरेक्ट कैश ट्रांस्फर योजना के तहत जो पैसा भेजा रहा है उसकी सही इस्तेमाल नहीं हो रहा है।
संक्षिप्त सारांश: सरकार ने शुक्रवार को कहा कि डायरेक्ट कैश ट्रांस्फर योजना के तहत 1 जुलाई से 78 और जिले जोड़ दिएए जाएंगे। इस जिलों में भी एलपीजी के सिलेंडर को देने में डायरेक्ट कैश ट्रांस्फर योजना लागू होगी।
29
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मैसेंजिंग सेवा व्हाट्सएप ने अपनी वैश्विक निजता नीति में बदलाव किया है जिसके तहत वह अब अपने उपयोगकर्ताओं के फोन नंबर अपनी पैतृक कंपनी फेसबुक को उपलब्ध कराएगी. व्हाट्सएप के प्रवक्ता ने यह जानकारी दी. प्रवक्ता ने कहा कि इस कदम से जहां फेसबुक को अपने मंच पर और लक्षित विज्ञापन देने में मदद मिलेगी वहीं व्हाट्सएप 'विज्ञापन रहित' बना रहेगा. उन्होंने कहा कि फेसबुक ने 2014 में व्हाट्सएप का अधिग्रहण कर लिया था. उसके बाद से उसने अपनी निजता नीति में पहली बार बदलाव किया है.टिप्पणियां निजता अधिकार की वकालत करने वाले कार्यकर्ताओं ने इस बात पर चिंता जताई है कि फेसबुक डेटा के लिए व्हाट्सएप उपयोगकर्ताओं के एकाउंट में तांकझांक करेगी. हालांकि दोनों कंपनियों का कहना है कि व्हाट्सएप एक अलग यानी स्वतंत्र कंपनी के रूप में परिचालन करेगी और उसके उपयोगकर्ताओं के डेटा, उनकी सहमति के बिना आपस में साझा नहीं किए जाएंगे. व्हाट्सएप के दुनिया भर में एक अरब से अधिक उपयोक्ता हैं जिनमें से एक बड़ा हिस्सा भारत से आता है. प्रवक्ता ने कहा कि व्हाट्सएप अपने उपयोक्ताओं के मोबाइल नंबर व डिवाइस यानी मोबाइल आदि की जानकारी फेसबुक के साथ साझी करेगी. प्रवक्ता ने कहा कि इस कदम से जहां फेसबुक को अपने मंच पर और लक्षित विज्ञापन देने में मदद मिलेगी वहीं व्हाट्सएप 'विज्ञापन रहित' बना रहेगा. उन्होंने कहा कि फेसबुक ने 2014 में व्हाट्सएप का अधिग्रहण कर लिया था. उसके बाद से उसने अपनी निजता नीति में पहली बार बदलाव किया है.टिप्पणियां निजता अधिकार की वकालत करने वाले कार्यकर्ताओं ने इस बात पर चिंता जताई है कि फेसबुक डेटा के लिए व्हाट्सएप उपयोगकर्ताओं के एकाउंट में तांकझांक करेगी. हालांकि दोनों कंपनियों का कहना है कि व्हाट्सएप एक अलग यानी स्वतंत्र कंपनी के रूप में परिचालन करेगी और उसके उपयोगकर्ताओं के डेटा, उनकी सहमति के बिना आपस में साझा नहीं किए जाएंगे. व्हाट्सएप के दुनिया भर में एक अरब से अधिक उपयोक्ता हैं जिनमें से एक बड़ा हिस्सा भारत से आता है. प्रवक्ता ने कहा कि व्हाट्सएप अपने उपयोक्ताओं के मोबाइल नंबर व डिवाइस यानी मोबाइल आदि की जानकारी फेसबुक के साथ साझी करेगी. निजता अधिकार की वकालत करने वाले कार्यकर्ताओं ने इस बात पर चिंता जताई है कि फेसबुक डेटा के लिए व्हाट्सएप उपयोगकर्ताओं के एकाउंट में तांकझांक करेगी. हालांकि दोनों कंपनियों का कहना है कि व्हाट्सएप एक अलग यानी स्वतंत्र कंपनी के रूप में परिचालन करेगी और उसके उपयोगकर्ताओं के डेटा, उनकी सहमति के बिना आपस में साझा नहीं किए जाएंगे. व्हाट्सएप के दुनिया भर में एक अरब से अधिक उपयोक्ता हैं जिनमें से एक बड़ा हिस्सा भारत से आता है. प्रवक्ता ने कहा कि व्हाट्सएप अपने उपयोक्ताओं के मोबाइल नंबर व डिवाइस यानी मोबाइल आदि की जानकारी फेसबुक के साथ साझी करेगी. व्हाट्सएप के दुनिया भर में एक अरब से अधिक उपयोक्ता हैं जिनमें से एक बड़ा हिस्सा भारत से आता है. प्रवक्ता ने कहा कि व्हाट्सएप अपने उपयोक्ताओं के मोबाइल नंबर व डिवाइस यानी मोबाइल आदि की जानकारी फेसबुक के साथ साझी करेगी.
इस कदम से व्हाट्सएप 'विज्ञापन रहित' बना रहेगा फेसबुक ने 2014 में व्हाट्सएप का किया था अधिग्रहण अपनी निजता नीति में पहली बार किया बदलाव
6
['hin']
एक सारांश बनाओ: वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को 2-जी स्पेक्ट्रम मामले की जांच कर रही संयुक्त संसदीय समिति को बताया कि इस मामले पर 25 मार्च का विवादास्पद नोट विभिन्न मंत्रालयों का ‘मिलाजुला प्रयास’ था ताकि उपलब्ध तथ्यों में एकरूपता रहे। विवादास्पद नोट में कहा गया है कि तत्तकालीन वित्त मंत्री पी चिदंबरम स्पेक्ट्रम की नीलामी के लिए जोर दे सकते थे। आर्थिक मामलों के सचिव आर गोपालन और वित्त सचिव आर एस गुजराल पिछले सात महीने में दूसरी बार संयुक्त संसदीय समिति के सामने पेश हुए। समझा जाता है कि उन्होंने समिति को बताया कि विवादित नोट उपलब्ध तथ्यों पर आधारित था और उसे विभिन्न मंत्रालयों के पास उपलब्ध तथ्यों में समरूपता लाने के लिए तैयार किया गया था। उन्होंने कहा कि आंतरिक नोट यह सुनिश्चित करने के लिए जरूरी था कि सभी संबंधित विभागों के पास एक समान तथ्य हों और यह टू जी मुद्दे पर पृष्ठभूमि के रूप में कार्य करे। सू़त्रों ने बताया कि गोपालन ने स्वीकार किया कि वह वित्त मंत्रालय के वरिष्ठतम अधिकारी होने के नाते इस नोट की समान जिम्मेदारी स्वीकार करते हैं। गोपालन ने समिति को बताया कि यह चूंकि एक मिलाजुला प्रयास था इसलिए वह इसे बनाए जाने के लिए खुद भी जिम्मेदार हैं क्योंकि प्रक्रिया में शामिल वित्त मंत्रालय में वह वरिष्ठतम अधिकारी हैं। आज की बैठक के ज्यादातर सवाल विपक्षी पार्टियों ने ही पूछे और समिति में मौजूद संप्रग सदस्यों की बाद में बारी आएगी। कांग्रेस के एक सदस्य ने दावा किया कि वित्त मंत्रालय का अधिकारी गवाही देने के लिए पूरी तैयारी से नहीं आया था। सूत्रों ने बताया कि जब गुरूदास दासगुप्ता ने गोपालन से पूछा कि क्या नोट तत्कालीन वित्त मंत्री पी चिदंबरम को नीलामी पर नहीं जोर देने के लिए आरोपी ठहराती है। समझा जाता है कि अधिकारी ने सिर्फ यह कहा कि दस्तावेज तथ्यों पर आधारित बयान है। उन्होंने आगे कुछ भी कहने से मना कर दिया। इस विषय में भाजपा के जसवंत सिंह ने जब यह पूछा कि क्या इसे वित्त मंत्री ने देखा था और क्या इसका मतलब यह निकाला जाए कि इसे प्रणव मुखर्जी की मंजूरी थी तो समझा जाता है कि गोपालन ने कहा कि वह इस पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकते।टिप्पणियां विपक्ष के एक वरिष्ठ नेता ने दावा किया कि जब गोपालन से पूछा गया कि क्या ‘देखा गया’ शब्द से उनका मतलब यह है कि वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने प्रपत्र को मंजूरी दी, मंत्रालय के अधिकारी ने कहा कि वह इस मामले पर टिप्पणी नहीं कर सकते। कुछ सदस्यों ने आरोप लगाया कि वित्त मंत्रालय यह पता लगाने में असफल रहा है कि उनके द्वारा उठाई गई आपत्तियों पर दूरसंचार मंत्रालय द्वारा ध्यान दिया गया या नहीं और इस पूरी प्रक्रिया को ‘नूरा कुश्ती’ करार दिया। वर्ष 2003 के एक कैबिनेट के फैसले में कहा गया था कि वित्त मंत्रालय और दूरसंचार मंत्रालय विचार विमर्श कर स्पेक्ट्रम के दामों का निर्धारण करेंगे। गौरतलब है कि 25 मार्च के नोट में कहा गया था कि तत्कालीन वित्त मंत्री पी चिदंबरम टू जी स्पेक्ट्रम की नीलामी पर जोर दे सकते थे। विवादास्पद नोट में कहा गया है कि तत्तकालीन वित्त मंत्री पी चिदंबरम स्पेक्ट्रम की नीलामी के लिए जोर दे सकते थे। आर्थिक मामलों के सचिव आर गोपालन और वित्त सचिव आर एस गुजराल पिछले सात महीने में दूसरी बार संयुक्त संसदीय समिति के सामने पेश हुए। समझा जाता है कि उन्होंने समिति को बताया कि विवादित नोट उपलब्ध तथ्यों पर आधारित था और उसे विभिन्न मंत्रालयों के पास उपलब्ध तथ्यों में समरूपता लाने के लिए तैयार किया गया था। उन्होंने कहा कि आंतरिक नोट यह सुनिश्चित करने के लिए जरूरी था कि सभी संबंधित विभागों के पास एक समान तथ्य हों और यह टू जी मुद्दे पर पृष्ठभूमि के रूप में कार्य करे। सू़त्रों ने बताया कि गोपालन ने स्वीकार किया कि वह वित्त मंत्रालय के वरिष्ठतम अधिकारी होने के नाते इस नोट की समान जिम्मेदारी स्वीकार करते हैं। गोपालन ने समिति को बताया कि यह चूंकि एक मिलाजुला प्रयास था इसलिए वह इसे बनाए जाने के लिए खुद भी जिम्मेदार हैं क्योंकि प्रक्रिया में शामिल वित्त मंत्रालय में वह वरिष्ठतम अधिकारी हैं। आज की बैठक के ज्यादातर सवाल विपक्षी पार्टियों ने ही पूछे और समिति में मौजूद संप्रग सदस्यों की बाद में बारी आएगी। कांग्रेस के एक सदस्य ने दावा किया कि वित्त मंत्रालय का अधिकारी गवाही देने के लिए पूरी तैयारी से नहीं आया था। सूत्रों ने बताया कि जब गुरूदास दासगुप्ता ने गोपालन से पूछा कि क्या नोट तत्कालीन वित्त मंत्री पी चिदंबरम को नीलामी पर नहीं जोर देने के लिए आरोपी ठहराती है। समझा जाता है कि अधिकारी ने सिर्फ यह कहा कि दस्तावेज तथ्यों पर आधारित बयान है। उन्होंने आगे कुछ भी कहने से मना कर दिया। इस विषय में भाजपा के जसवंत सिंह ने जब यह पूछा कि क्या इसे वित्त मंत्री ने देखा था और क्या इसका मतलब यह निकाला जाए कि इसे प्रणव मुखर्जी की मंजूरी थी तो समझा जाता है कि गोपालन ने कहा कि वह इस पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकते।टिप्पणियां विपक्ष के एक वरिष्ठ नेता ने दावा किया कि जब गोपालन से पूछा गया कि क्या ‘देखा गया’ शब्द से उनका मतलब यह है कि वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने प्रपत्र को मंजूरी दी, मंत्रालय के अधिकारी ने कहा कि वह इस मामले पर टिप्पणी नहीं कर सकते। कुछ सदस्यों ने आरोप लगाया कि वित्त मंत्रालय यह पता लगाने में असफल रहा है कि उनके द्वारा उठाई गई आपत्तियों पर दूरसंचार मंत्रालय द्वारा ध्यान दिया गया या नहीं और इस पूरी प्रक्रिया को ‘नूरा कुश्ती’ करार दिया। वर्ष 2003 के एक कैबिनेट के फैसले में कहा गया था कि वित्त मंत्रालय और दूरसंचार मंत्रालय विचार विमर्श कर स्पेक्ट्रम के दामों का निर्धारण करेंगे। गौरतलब है कि 25 मार्च के नोट में कहा गया था कि तत्कालीन वित्त मंत्री पी चिदंबरम टू जी स्पेक्ट्रम की नीलामी पर जोर दे सकते थे। समझा जाता है कि उन्होंने समिति को बताया कि विवादित नोट उपलब्ध तथ्यों पर आधारित था और उसे विभिन्न मंत्रालयों के पास उपलब्ध तथ्यों में समरूपता लाने के लिए तैयार किया गया था। उन्होंने कहा कि आंतरिक नोट यह सुनिश्चित करने के लिए जरूरी था कि सभी संबंधित विभागों के पास एक समान तथ्य हों और यह टू जी मुद्दे पर पृष्ठभूमि के रूप में कार्य करे। सू़त्रों ने बताया कि गोपालन ने स्वीकार किया कि वह वित्त मंत्रालय के वरिष्ठतम अधिकारी होने के नाते इस नोट की समान जिम्मेदारी स्वीकार करते हैं। गोपालन ने समिति को बताया कि यह चूंकि एक मिलाजुला प्रयास था इसलिए वह इसे बनाए जाने के लिए खुद भी जिम्मेदार हैं क्योंकि प्रक्रिया में शामिल वित्त मंत्रालय में वह वरिष्ठतम अधिकारी हैं। आज की बैठक के ज्यादातर सवाल विपक्षी पार्टियों ने ही पूछे और समिति में मौजूद संप्रग सदस्यों की बाद में बारी आएगी। कांग्रेस के एक सदस्य ने दावा किया कि वित्त मंत्रालय का अधिकारी गवाही देने के लिए पूरी तैयारी से नहीं आया था। सूत्रों ने बताया कि जब गुरूदास दासगुप्ता ने गोपालन से पूछा कि क्या नोट तत्कालीन वित्त मंत्री पी चिदंबरम को नीलामी पर नहीं जोर देने के लिए आरोपी ठहराती है। समझा जाता है कि अधिकारी ने सिर्फ यह कहा कि दस्तावेज तथ्यों पर आधारित बयान है। उन्होंने आगे कुछ भी कहने से मना कर दिया। इस विषय में भाजपा के जसवंत सिंह ने जब यह पूछा कि क्या इसे वित्त मंत्री ने देखा था और क्या इसका मतलब यह निकाला जाए कि इसे प्रणव मुखर्जी की मंजूरी थी तो समझा जाता है कि गोपालन ने कहा कि वह इस पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकते।टिप्पणियां विपक्ष के एक वरिष्ठ नेता ने दावा किया कि जब गोपालन से पूछा गया कि क्या ‘देखा गया’ शब्द से उनका मतलब यह है कि वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने प्रपत्र को मंजूरी दी, मंत्रालय के अधिकारी ने कहा कि वह इस मामले पर टिप्पणी नहीं कर सकते। कुछ सदस्यों ने आरोप लगाया कि वित्त मंत्रालय यह पता लगाने में असफल रहा है कि उनके द्वारा उठाई गई आपत्तियों पर दूरसंचार मंत्रालय द्वारा ध्यान दिया गया या नहीं और इस पूरी प्रक्रिया को ‘नूरा कुश्ती’ करार दिया। वर्ष 2003 के एक कैबिनेट के फैसले में कहा गया था कि वित्त मंत्रालय और दूरसंचार मंत्रालय विचार विमर्श कर स्पेक्ट्रम के दामों का निर्धारण करेंगे। गौरतलब है कि 25 मार्च के नोट में कहा गया था कि तत्कालीन वित्त मंत्री पी चिदंबरम टू जी स्पेक्ट्रम की नीलामी पर जोर दे सकते थे। सू़त्रों ने बताया कि गोपालन ने स्वीकार किया कि वह वित्त मंत्रालय के वरिष्ठतम अधिकारी होने के नाते इस नोट की समान जिम्मेदारी स्वीकार करते हैं। गोपालन ने समिति को बताया कि यह चूंकि एक मिलाजुला प्रयास था इसलिए वह इसे बनाए जाने के लिए खुद भी जिम्मेदार हैं क्योंकि प्रक्रिया में शामिल वित्त मंत्रालय में वह वरिष्ठतम अधिकारी हैं। आज की बैठक के ज्यादातर सवाल विपक्षी पार्टियों ने ही पूछे और समिति में मौजूद संप्रग सदस्यों की बाद में बारी आएगी। कांग्रेस के एक सदस्य ने दावा किया कि वित्त मंत्रालय का अधिकारी गवाही देने के लिए पूरी तैयारी से नहीं आया था। सूत्रों ने बताया कि जब गुरूदास दासगुप्ता ने गोपालन से पूछा कि क्या नोट तत्कालीन वित्त मंत्री पी चिदंबरम को नीलामी पर नहीं जोर देने के लिए आरोपी ठहराती है। समझा जाता है कि अधिकारी ने सिर्फ यह कहा कि दस्तावेज तथ्यों पर आधारित बयान है। उन्होंने आगे कुछ भी कहने से मना कर दिया। इस विषय में भाजपा के जसवंत सिंह ने जब यह पूछा कि क्या इसे वित्त मंत्री ने देखा था और क्या इसका मतलब यह निकाला जाए कि इसे प्रणव मुखर्जी की मंजूरी थी तो समझा जाता है कि गोपालन ने कहा कि वह इस पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकते।टिप्पणियां विपक्ष के एक वरिष्ठ नेता ने दावा किया कि जब गोपालन से पूछा गया कि क्या ‘देखा गया’ शब्द से उनका मतलब यह है कि वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने प्रपत्र को मंजूरी दी, मंत्रालय के अधिकारी ने कहा कि वह इस मामले पर टिप्पणी नहीं कर सकते। कुछ सदस्यों ने आरोप लगाया कि वित्त मंत्रालय यह पता लगाने में असफल रहा है कि उनके द्वारा उठाई गई आपत्तियों पर दूरसंचार मंत्रालय द्वारा ध्यान दिया गया या नहीं और इस पूरी प्रक्रिया को ‘नूरा कुश्ती’ करार दिया। वर्ष 2003 के एक कैबिनेट के फैसले में कहा गया था कि वित्त मंत्रालय और दूरसंचार मंत्रालय विचार विमर्श कर स्पेक्ट्रम के दामों का निर्धारण करेंगे। गौरतलब है कि 25 मार्च के नोट में कहा गया था कि तत्कालीन वित्त मंत्री पी चिदंबरम टू जी स्पेक्ट्रम की नीलामी पर जोर दे सकते थे। आज की बैठक के ज्यादातर सवाल विपक्षी पार्टियों ने ही पूछे और समिति में मौजूद संप्रग सदस्यों की बाद में बारी आएगी। कांग्रेस के एक सदस्य ने दावा किया कि वित्त मंत्रालय का अधिकारी गवाही देने के लिए पूरी तैयारी से नहीं आया था। सूत्रों ने बताया कि जब गुरूदास दासगुप्ता ने गोपालन से पूछा कि क्या नोट तत्कालीन वित्त मंत्री पी चिदंबरम को नीलामी पर नहीं जोर देने के लिए आरोपी ठहराती है। समझा जाता है कि अधिकारी ने सिर्फ यह कहा कि दस्तावेज तथ्यों पर आधारित बयान है। उन्होंने आगे कुछ भी कहने से मना कर दिया। इस विषय में भाजपा के जसवंत सिंह ने जब यह पूछा कि क्या इसे वित्त मंत्री ने देखा था और क्या इसका मतलब यह निकाला जाए कि इसे प्रणव मुखर्जी की मंजूरी थी तो समझा जाता है कि गोपालन ने कहा कि वह इस पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकते।टिप्पणियां विपक्ष के एक वरिष्ठ नेता ने दावा किया कि जब गोपालन से पूछा गया कि क्या ‘देखा गया’ शब्द से उनका मतलब यह है कि वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने प्रपत्र को मंजूरी दी, मंत्रालय के अधिकारी ने कहा कि वह इस मामले पर टिप्पणी नहीं कर सकते। कुछ सदस्यों ने आरोप लगाया कि वित्त मंत्रालय यह पता लगाने में असफल रहा है कि उनके द्वारा उठाई गई आपत्तियों पर दूरसंचार मंत्रालय द्वारा ध्यान दिया गया या नहीं और इस पूरी प्रक्रिया को ‘नूरा कुश्ती’ करार दिया। वर्ष 2003 के एक कैबिनेट के फैसले में कहा गया था कि वित्त मंत्रालय और दूरसंचार मंत्रालय विचार विमर्श कर स्पेक्ट्रम के दामों का निर्धारण करेंगे। गौरतलब है कि 25 मार्च के नोट में कहा गया था कि तत्कालीन वित्त मंत्री पी चिदंबरम टू जी स्पेक्ट्रम की नीलामी पर जोर दे सकते थे। सूत्रों ने बताया कि जब गुरूदास दासगुप्ता ने गोपालन से पूछा कि क्या नोट तत्कालीन वित्त मंत्री पी चिदंबरम को नीलामी पर नहीं जोर देने के लिए आरोपी ठहराती है। समझा जाता है कि अधिकारी ने सिर्फ यह कहा कि दस्तावेज तथ्यों पर आधारित बयान है। उन्होंने आगे कुछ भी कहने से मना कर दिया। इस विषय में भाजपा के जसवंत सिंह ने जब यह पूछा कि क्या इसे वित्त मंत्री ने देखा था और क्या इसका मतलब यह निकाला जाए कि इसे प्रणव मुखर्जी की मंजूरी थी तो समझा जाता है कि गोपालन ने कहा कि वह इस पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकते।टिप्पणियां विपक्ष के एक वरिष्ठ नेता ने दावा किया कि जब गोपालन से पूछा गया कि क्या ‘देखा गया’ शब्द से उनका मतलब यह है कि वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने प्रपत्र को मंजूरी दी, मंत्रालय के अधिकारी ने कहा कि वह इस मामले पर टिप्पणी नहीं कर सकते। कुछ सदस्यों ने आरोप लगाया कि वित्त मंत्रालय यह पता लगाने में असफल रहा है कि उनके द्वारा उठाई गई आपत्तियों पर दूरसंचार मंत्रालय द्वारा ध्यान दिया गया या नहीं और इस पूरी प्रक्रिया को ‘नूरा कुश्ती’ करार दिया। वर्ष 2003 के एक कैबिनेट के फैसले में कहा गया था कि वित्त मंत्रालय और दूरसंचार मंत्रालय विचार विमर्श कर स्पेक्ट्रम के दामों का निर्धारण करेंगे। गौरतलब है कि 25 मार्च के नोट में कहा गया था कि तत्कालीन वित्त मंत्री पी चिदंबरम टू जी स्पेक्ट्रम की नीलामी पर जोर दे सकते थे। विपक्ष के एक वरिष्ठ नेता ने दावा किया कि जब गोपालन से पूछा गया कि क्या ‘देखा गया’ शब्द से उनका मतलब यह है कि वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने प्रपत्र को मंजूरी दी, मंत्रालय के अधिकारी ने कहा कि वह इस मामले पर टिप्पणी नहीं कर सकते। कुछ सदस्यों ने आरोप लगाया कि वित्त मंत्रालय यह पता लगाने में असफल रहा है कि उनके द्वारा उठाई गई आपत्तियों पर दूरसंचार मंत्रालय द्वारा ध्यान दिया गया या नहीं और इस पूरी प्रक्रिया को ‘नूरा कुश्ती’ करार दिया। वर्ष 2003 के एक कैबिनेट के फैसले में कहा गया था कि वित्त मंत्रालय और दूरसंचार मंत्रालय विचार विमर्श कर स्पेक्ट्रम के दामों का निर्धारण करेंगे। गौरतलब है कि 25 मार्च के नोट में कहा गया था कि तत्कालीन वित्त मंत्री पी चिदंबरम टू जी स्पेक्ट्रम की नीलामी पर जोर दे सकते थे। कुछ सदस्यों ने आरोप लगाया कि वित्त मंत्रालय यह पता लगाने में असफल रहा है कि उनके द्वारा उठाई गई आपत्तियों पर दूरसंचार मंत्रालय द्वारा ध्यान दिया गया या नहीं और इस पूरी प्रक्रिया को ‘नूरा कुश्ती’ करार दिया। वर्ष 2003 के एक कैबिनेट के फैसले में कहा गया था कि वित्त मंत्रालय और दूरसंचार मंत्रालय विचार विमर्श कर स्पेक्ट्रम के दामों का निर्धारण करेंगे। गौरतलब है कि 25 मार्च के नोट में कहा गया था कि तत्कालीन वित्त मंत्री पी चिदंबरम टू जी स्पेक्ट्रम की नीलामी पर जोर दे सकते थे।
संक्षिप्त सारांश: वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को 2-जी स्पेक्ट्रम मामले की जांच कर रही संयुक्त संसदीय समिति को बताया कि इस मामले पर 25 मार्च का विवादास्पद नोट विभिन्न मंत्रालयों का ‘मिलाजुला प्रयास’ था ताकि उपलब्ध तथ्यों में एकरूपता रहे।
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अर्धसैनिक बलों के हजारों रिटायर्ड जवान रविवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध दिवस मनाने पहुंचेंगे. ये सेना की जवानों की तरह सुविधायें देने की मांग को लेकर रविवार को दिल्ली आयेंगे. जवानों ने भी कहा कि अगर सरकार अर्धसैनिक बलों के जवानों की ओआरओपी और पुरानी पेंशन बहाल नहीं की तो मौजूदा बीजेपी सरकार को आम चुनाव में सबक सिखायेंगे. अर्धसैनिक बलों में सीआरपीएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी, सीआईएसफ एसएसबी और असम राइफल्स के जवान शामिल हैं.14 फरवरी को  पुलवामा में हुए आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हुए थे और एक मार्च को भी कुपवाड़ा में आतंकियों से लड़ते हुए दो सीआरपीएफ के जवान शहीद हो गये. इनकी मांग है कि जब वे काम सेना के जवानों की तरह करते हैं तो फिर उन्हें सैलरी, सम्मान और सुविधायें सेना के जवानों की तरह क्यों ना मिले.  चीन और पाकिस्तान की सरहद से लेकर  देश के भीतर आतंकी और नक्सली से अर्धसैनिक बलों के जवान ही लड़ते हैं. इनकी मांग है कि सेना की तरह उन्हें भी वन रैंक वन पेंशन दी जाए. 2004 से बंद की गई पेंशन नीति को फिर से बहाल किया जाए. कठिन हालात में तैनात जवानों को पैरामिलेट्री स्पेशल पे दी जाए. एक्स सर्विसमेन का स्टेट्स दिया जाए. सीजीएचएस डिस्पेंनसरी की सुविधा हर जिले में दी जाए और सेना की तरह कैंटिन में रियायत दी जाए. अर्धसैनिक बलों के इन जवानों की शिकायत है कि सरकार उनके साथ लगातार भेदभाव कर रही है. जवानों को शहीद का दर्जा भी नहीं दिया जाता है.  कॉन्फेडरेशन ऑफ एक्स पैरामिलेट्री फोर्स वेलफेयर एसोसियेसन के महासचिव रणवीर सिंह का कहना है कि क्या हम मरेंगे तभी सरकार हमें पेंशन देगी. जिंदा जवानों को भी पेंशन दो. रणवीर ने कहा कि हमनें तो सारे राजनीतिक दलों को कह दिया है कि आप अपने घोषणा पत्र में अर्धसैनिक बलों की मांगों को  शामिल करो तो तब ही हम आपको समर्थन देंगे नहीं तो हम विरोध करेंगे. अर्धसैनिक बलों की खराब हालत किसी से छिपी नहीं है. इनके जवान रेगिस्तान में 50 डिग्री तापमान में तो तैनात होते ही है साथ में 15 हजार फीट की ऊंचाई पर 20 डिग्री से नीचे तापमान में ड्यूटी निभाते हैं.
र्धसैनिक बलों के हजारों रिटायर्ड जवान केंद्र सरकार से नाराज मांगों को लेकर आज जंतर-मंतर पर विरोध दिवस मनाएंगे इनकी मांग है कि सेना की तरह उन्हें भी वन रैंक वन पेंशन दी जाए
6
['hin']
एक सारांश बनाओ: बीसीसीआई अध्यक्ष अनुराग ठाकुर ने आज कहा कि इस घरेलू सत्र में गुलाबी गेंद टेस्ट क्रिकेट में इस्तेमाल नहीं की जाएगी. इस बयान से ठाकुर ने भारत के इस लंबे घरेलू सत्र में पहले दिन-रात्रि टेस्ट की मेजबानी की अटकलों पर भी विराम लगा दिया. भारतीय टीम इस घरेलू सत्र में 13 टेस्ट मैच खेलेगी जो फरवरी-मार्च तक चलेंगे. उन्हें लगता है कि बीसीसीआई को टेस्ट में गुलाबी गेंद का इस्तेमाल करने पर फैसला करने से पहले दलीप ट्रॉफी की तरह और प्रयोगों की जरूरत है. ऑस्ट्रेलियाई टीम पहले ही यह शुरू कर चुकी है. ठाकुर ने कहा, "गुलाबी गेंद के बारे में कुछ भी कहना बहुत जल्दबाजी होगी. जहां तक दलीप ट्रॉफी में दूधिया रोशनी में इसके आयोजन का संबंध है तो यह काफी सफल रहा. लेकिन आपको फैसला करने से पहले पूर्ण परिदृश्य में देखना होगा." उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि हमें अंतिम निर्णय लेने से पहले कई क्षेत्रों को देखना होगा. मैं फैसला करने से पहले वैज्ञानिक तरीके से विस्तृत जानकारी लेना चाहूंगा. लेकिन अभी हम इस सत्र में गुलाबी गेंद को लागू करने के लिए तैयार नहीं हैं." टिप्पणियां गुलाबी गेंद का इस्तेमाल न्यूजीलैंड के खिलाफ मौजूदा टेस्ट सीरीज में होना था लेकिन इस फैसले ने उन अटकलों को समाप्त कर दिया जिसमें कहा जा रहा था कि इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आगामी घरेलू सीरीज में ऐसा हो सकता था. घरेलू टीम बांग्लादेश के खिलाफ भी एक टेस्ट मैच खेलेगी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) भारतीय टीम इस घरेलू सत्र में 13 टेस्ट मैच खेलेगी जो फरवरी-मार्च तक चलेंगे. उन्हें लगता है कि बीसीसीआई को टेस्ट में गुलाबी गेंद का इस्तेमाल करने पर फैसला करने से पहले दलीप ट्रॉफी की तरह और प्रयोगों की जरूरत है. ऑस्ट्रेलियाई टीम पहले ही यह शुरू कर चुकी है. ठाकुर ने कहा, "गुलाबी गेंद के बारे में कुछ भी कहना बहुत जल्दबाजी होगी. जहां तक दलीप ट्रॉफी में दूधिया रोशनी में इसके आयोजन का संबंध है तो यह काफी सफल रहा. लेकिन आपको फैसला करने से पहले पूर्ण परिदृश्य में देखना होगा." उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि हमें अंतिम निर्णय लेने से पहले कई क्षेत्रों को देखना होगा. मैं फैसला करने से पहले वैज्ञानिक तरीके से विस्तृत जानकारी लेना चाहूंगा. लेकिन अभी हम इस सत्र में गुलाबी गेंद को लागू करने के लिए तैयार नहीं हैं." टिप्पणियां गुलाबी गेंद का इस्तेमाल न्यूजीलैंड के खिलाफ मौजूदा टेस्ट सीरीज में होना था लेकिन इस फैसले ने उन अटकलों को समाप्त कर दिया जिसमें कहा जा रहा था कि इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आगामी घरेलू सीरीज में ऐसा हो सकता था. घरेलू टीम बांग्लादेश के खिलाफ भी एक टेस्ट मैच खेलेगी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) ठाकुर ने कहा, "गुलाबी गेंद के बारे में कुछ भी कहना बहुत जल्दबाजी होगी. जहां तक दलीप ट्रॉफी में दूधिया रोशनी में इसके आयोजन का संबंध है तो यह काफी सफल रहा. लेकिन आपको फैसला करने से पहले पूर्ण परिदृश्य में देखना होगा." उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि हमें अंतिम निर्णय लेने से पहले कई क्षेत्रों को देखना होगा. मैं फैसला करने से पहले वैज्ञानिक तरीके से विस्तृत जानकारी लेना चाहूंगा. लेकिन अभी हम इस सत्र में गुलाबी गेंद को लागू करने के लिए तैयार नहीं हैं." टिप्पणियां गुलाबी गेंद का इस्तेमाल न्यूजीलैंड के खिलाफ मौजूदा टेस्ट सीरीज में होना था लेकिन इस फैसले ने उन अटकलों को समाप्त कर दिया जिसमें कहा जा रहा था कि इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आगामी घरेलू सीरीज में ऐसा हो सकता था. घरेलू टीम बांग्लादेश के खिलाफ भी एक टेस्ट मैच खेलेगी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि हमें अंतिम निर्णय लेने से पहले कई क्षेत्रों को देखना होगा. मैं फैसला करने से पहले वैज्ञानिक तरीके से विस्तृत जानकारी लेना चाहूंगा. लेकिन अभी हम इस सत्र में गुलाबी गेंद को लागू करने के लिए तैयार नहीं हैं." टिप्पणियां गुलाबी गेंद का इस्तेमाल न्यूजीलैंड के खिलाफ मौजूदा टेस्ट सीरीज में होना था लेकिन इस फैसले ने उन अटकलों को समाप्त कर दिया जिसमें कहा जा रहा था कि इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आगामी घरेलू सीरीज में ऐसा हो सकता था. घरेलू टीम बांग्लादेश के खिलाफ भी एक टेस्ट मैच खेलेगी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) गुलाबी गेंद का इस्तेमाल न्यूजीलैंड के खिलाफ मौजूदा टेस्ट सीरीज में होना था लेकिन इस फैसले ने उन अटकलों को समाप्त कर दिया जिसमें कहा जा रहा था कि इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आगामी घरेलू सीरीज में ऐसा हो सकता था. घरेलू टीम बांग्लादेश के खिलाफ भी एक टेस्ट मैच खेलेगी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सारांश: घरेलू सत्र में पहले दिन-रात्रि टेस्ट की मेजबानी की अटकलों पर भी विराम भारतीय टीम फरवरी-मार्च तक 13 टेस्ट मैच खेलेगी घरेलू टीम बांग्लादेश के खिलाफ भी एक टेस्ट मैच खेलेगी
5
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: इराक में तैनात अमेरिका के आखिरी सैनिक ने रविवार तड़के इराकी सीमा पार करके कुवैत में प्रवेश किया। इस दौरान अमेरिकी सैनिक खुशी से हल्ला करने के साथ ही एक-दूसरे को गले लगा रहे थे। इन सैनिकों की इराक से वापसी इराक में गत नौ वर्षों से जारी युद्ध के अंत की प्रतीक थी, जबकि यह प्रश्न अभी भी विद्यमान है कि क्या यह अरब देश अमेरिका का पक्का सहयोगी बना रहेगा। इस अभियान में करीब साढ़े चार हजार अमेरिकी और एक लाख इराकी लोगों की जानें गईं, इसके साथ ही अमेरिकी खजाने से 800 अरब डॉलर खर्च हुए। 28 वर्षीय कैप्टन मार्क एस्क्यू इराक से रवाना होने वाले आखिरी अमेरिकी सैनिक थे। वह अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित टंपा के रहने वाले हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रश्न कि क्या इराक अमेरिका का सहयोगी देश रहेगा या नहीं का उत्तर इस बात पर निर्भर करेगा कि कि देश में कैसी सरकार बनती है और देश किस रूप में सामने आता है।
सारांश: 28 वर्षीय कैप्टन मार्क एस्क्यू इराक से रवाना होने वाले आखिरी अमेरिकी सैनिक थे। वह अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित टंपा के रहने वाले हैं।
7
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कांग्रेस पार्टी में कभी इंदिरा गांधी के करीबी रहे माखन लाल फोतेदार ने कांग्रेस की रणनीतियों पर सवाल उठाए हैं। फोतेदार का कहना है कि सोनिया गांधी की कांग्रेस और इंदिरा गांधी की कांग्रेस में जमीन-आसमान का फर्क है।टिप्पणियां उनके मुताबिक इन दिनों कांग्रेस में नेता ज्यादा हैं और कार्यकर्ता कम। फोतेदार का मानना है कि आने वाले समय में कांग्रेस में फेरबदल देखे जा सकते हैं। इनकी माने तो कांग्रेस न सोनिया गांधी की है और न ही राहुल गांधी की। फोतेदार का कहना है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की साफ छवि की वजह से कांग्रेस सरकार आज राज कर रही है वरना कब की गिर जाती। उनके मुताबिक इन दिनों कांग्रेस में नेता ज्यादा हैं और कार्यकर्ता कम। फोतेदार का मानना है कि आने वाले समय में कांग्रेस में फेरबदल देखे जा सकते हैं। इनकी माने तो कांग्रेस न सोनिया गांधी की है और न ही राहुल गांधी की। फोतेदार का कहना है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की साफ छवि की वजह से कांग्रेस सरकार आज राज कर रही है वरना कब की गिर जाती। फोतेदार का कहना है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की साफ छवि की वजह से कांग्रेस सरकार आज राज कर रही है वरना कब की गिर जाती।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: कांग्रेस पार्टी में कभी इंदिरा गांधी के करीबी रहे माखन लाल फोतेदार ने कहा है कि सोनिया गांधी की कांग्रेस और इंदिरा गांधी की कांग्रेस में जमीन-आसमान का फर्क है।
19
['hin']
एक सारांश बनाओ: आईएनएक्स मीडिया मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय से अग्रिम जमानत की याचिका खारिज होने के बाद सीबीआई अधिकारी पूर्व वित्तमंत्री पी.चिदंबरम (P Chidambaram) के दिल्ली स्थित आवास पहुंचे, लेकिन वहां उनसे मुलाकात नहीं होने पर अधिकारियों ने नोटिस जारी कर उन्हें दो घंटे में पेश होने का निर्देश दिया. इस पर चिदंबरम के वकील ने सीबीआई से पूछा है कि किस कानून के तहत उन्हें दो घंटे में पेश होने के लिए कहा गया है.  अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार शाम साढ़े छह बजे सीबीआई अधिकारी चिदंबरम के दिल्ली में जोर बाग स्थित आवास पहुंचे, पर वह वहां नहीं मिले. सीबीआई अधिकारियों का नेतृत्व पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी कर रहे थे. हालांकि, अभी स्पष्ट नहीं है कि अधिकारी चिदंबरम के आवास पर उन्हें गिरफ्तार करने गए थे या पूछताछ के लिए. अधिकारियों ने बताया कि चिदंबरम के आवास पर गई टीम के सदस्यों ने सीबीआई मुख्यालय आकर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की और भविष्य की रणनीति पर चर्चा की. टीम के सदस्यों ने चिदंबरम के आवास पर नोटिस चस्पा किया जिसमें सीबीआई के उपाधीक्षक आर पार्थसारर्थी के समक्ष पेश होकर सीआरपीसी की धारा 161 के तहत बयान दर्ज कराने को कहा गया. सूत्रों ने बताया कि समन चिदंबरम को ई-मेल के जरिये भी भेजा गया है. न्यूज एजेंसी एएनआई ने चिदंबरम के वकील अरशदीप सिंह खुराना के हवाले से लिखा है, 'मैं बताना चाहता हूं कि आपका नोटिस कानून के प्रावधान का उल्लेख करने में विफल रहता है जिसके तहत मेरे मुवक्किल को दो घंटे के भीतर हाजिर होने का नोटिस जारी किया गया है.'  साथ ही उन्होंने कहा है, 'उन्हें (चिदंबरम) को सुप्रीम कोर्ट ने आज सुबह 10:30 बजे कोर्ट के सामने आदेश के खिलाफ तत्काल विशेष अवकाश याचिका का उल्लेख करने की अनुमति दी है. इसलिए, मेरा अनुरोध है कि आप तब तक मेरे मुवक्किल के खिलाफ कोई भी कठोर कार्रवाई न करें. और सुबह 10:30 बजे सुनवाई का इंतजार करें.' बता दें, दिल्ली उच्च न्यायालय ने आईएनएक्स मीडिया मामले में मंगलवार को कांग्रेस नेता पी चिदंबरम को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया और इसके साथ ही पूर्व केंद्रीय मंत्री गहरे कानूनी संकट में घिरते दिखे और उन पर गिरफ्तारी का खतरा मंडराने लगा. अदालत ने अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि आईएनएक्स मीडिया से जुड़े धनशोधन मामले में वह ‘सरगना और प्रमुख षड्यंत्रकारी' प्रतीत हो रहे हैं. कोर्ट ने कहा कि प्रभावी जांच के लिए उनसे हिरासत में पूछताछ करने की आवश्यकता है. अदालत ने कहा कि आईएनएक्स मीडिया घोटाला ‘धनशोधन का बेहतरीन उदाहरण' है. साथ ही कहा कि अपराध की गंभीरता और अदालत से मिली राहत के दौरान पूछताछ में स्पष्ट जवाब नहीं दिया जाना दो आधार हैं जिनके कारण उन्हें अग्रिम जमानत नहीं दी जा रही. पूर्व वित्त और गृह मंत्री चिदंबरम को उच्चतम न्यायालय से भी तत्काल राहत नहीं मिली. इससे सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को उन्हें गिरफ्तार करने का रास्ता साफ हो गया. न्यायमूर्ति सुनील गौड़ ने कहा कि ऐसे मामले में जमानत देने से समाज में गलत संदेश जाएगा. न्यायमूर्ति गौड़ बृहस्पतिवार को अवकाशग्रहण करने वाले हैं. इस मामले में भ्रष्टाचार के आरोप भी शामिल हैं. उच्च न्यायालय ने 25 जुलाई, 2018 को चिदंबरम को गिरफ्तारी से अंतरिम राहत प्रदान की थी जिसे समय-समय पर बढ़ाया गया था.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सीबीआई ने घर के बाहर लगाया था नोटिस दो घंटे में पेश होने के लिए कहा था वकील ने सीबीआई से पूछे सवाल
32
['hin']
एक सारांश बनाओ: फिल्मकार किरण राव का कहना है कि उन्हें उनके पति आमिर खान और निर्देशक आनंद गांधी जैसे इंसान से मिलने की खुशी है, जिन्होंने उनकी यात्रा को समृद्ध बना दिया और अधिक सहज कर दिया। किरण ने हालिया प्रदर्शित 'शिप ऑफ थिसस' की प्रेस वार्ता में कहा, मैं खुद को भाग्यशाली मानती हूं कि मैं आनंद गांधी, आमिर और अलग-अलग तरह के तकनीशियन से मिली। इसकी वजह से मेरी यात्रा और अधिक समृद्ध और सहज हो गई। उन्होंने कहा, इसलिए, बेशक मैं खुद को भाग्यशाली मानती हूं।टिप्पणियां किरन 2001 में 'लगान' के सेट पर आमिर से मिली थी और दोनों ने 2005 में विवाह किया था। किरन ने 'लगान : वंस अपॉन ए टाइम इन इंडिया', 'मानसून वेडिंग', 'साथिया' और 'स्वदेश' में बतौर सह-निर्देशक काम किया है, जबकि 2011 की फिल्म 'धोबी घाट' से वह पूरी तरह से निर्देशन में उतर गईं। फिलहाल वह गांधी की फिल्म 'शिप ऑफ थिसस' की सफलता का आनंद ले रही है, जिसे यूटीवी मोशन पिक्चर्स के सहयोग से बनाया गया है। किरण ने हालिया प्रदर्शित 'शिप ऑफ थिसस' की प्रेस वार्ता में कहा, मैं खुद को भाग्यशाली मानती हूं कि मैं आनंद गांधी, आमिर और अलग-अलग तरह के तकनीशियन से मिली। इसकी वजह से मेरी यात्रा और अधिक समृद्ध और सहज हो गई। उन्होंने कहा, इसलिए, बेशक मैं खुद को भाग्यशाली मानती हूं।टिप्पणियां किरन 2001 में 'लगान' के सेट पर आमिर से मिली थी और दोनों ने 2005 में विवाह किया था। किरन ने 'लगान : वंस अपॉन ए टाइम इन इंडिया', 'मानसून वेडिंग', 'साथिया' और 'स्वदेश' में बतौर सह-निर्देशक काम किया है, जबकि 2011 की फिल्म 'धोबी घाट' से वह पूरी तरह से निर्देशन में उतर गईं। फिलहाल वह गांधी की फिल्म 'शिप ऑफ थिसस' की सफलता का आनंद ले रही है, जिसे यूटीवी मोशन पिक्चर्स के सहयोग से बनाया गया है। उन्होंने कहा, इसलिए, बेशक मैं खुद को भाग्यशाली मानती हूं।टिप्पणियां किरन 2001 में 'लगान' के सेट पर आमिर से मिली थी और दोनों ने 2005 में विवाह किया था। किरन ने 'लगान : वंस अपॉन ए टाइम इन इंडिया', 'मानसून वेडिंग', 'साथिया' और 'स्वदेश' में बतौर सह-निर्देशक काम किया है, जबकि 2011 की फिल्म 'धोबी घाट' से वह पूरी तरह से निर्देशन में उतर गईं। फिलहाल वह गांधी की फिल्म 'शिप ऑफ थिसस' की सफलता का आनंद ले रही है, जिसे यूटीवी मोशन पिक्चर्स के सहयोग से बनाया गया है। किरन 2001 में 'लगान' के सेट पर आमिर से मिली थी और दोनों ने 2005 में विवाह किया था। किरन ने 'लगान : वंस अपॉन ए टाइम इन इंडिया', 'मानसून वेडिंग', 'साथिया' और 'स्वदेश' में बतौर सह-निर्देशक काम किया है, जबकि 2011 की फिल्म 'धोबी घाट' से वह पूरी तरह से निर्देशन में उतर गईं। फिलहाल वह गांधी की फिल्म 'शिप ऑफ थिसस' की सफलता का आनंद ले रही है, जिसे यूटीवी मोशन पिक्चर्स के सहयोग से बनाया गया है। फिलहाल वह गांधी की फिल्म 'शिप ऑफ थिसस' की सफलता का आनंद ले रही है, जिसे यूटीवी मोशन पिक्चर्स के सहयोग से बनाया गया है।
यह एक सारांश है: फिल्मकार किरण राव का कहना है कि उन्हें उनके पति आमिर खान और निर्देशक आनंद गांधी जैसे इंसान से मिलने की खुशी है, जिन्होंने उनकी यात्रा को समृद्ध बना दिया और अधिक सहज कर दिया।
21
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: चीन के एक विशेषज्ञ ने बुधवार को एक सम्मेलन में कहा कि भारत और चीन को नए सिरे से अपने अंतरराष्ट्रीय सम्बंध बनाने चाहिए। कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना (सीपीसी) के अंतरराष्ट्रीय विभाग के शोध कार्यालय के महानिदेशक हुआंग हुआगुआंग ने कहा, "हम दो सर्वाधिक जनसंख्या वाले देश और तेजी से विकसित होती अर्थव्यवस्थाएं हैं।" ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन की ओर से आयोजित सम्मेलन में हुआंग ने कहा, "हम भारत के साथ बेहतर सम्बंध स्थापित करना चाहते हैं।" उन्होंने कहा कि दोनों देशों को बेहतर रणनीतिक संवाद व समन्वय स्थापित करने चाहिए।टिप्पणियां उन्होंने कहा, "दुनिया में कई जटिल परिवर्तन हो रहे हैं। दुनिया स्थिर नहीं है, जैसा कि हम चाहते हैं.. बहुत से मुद्दे हैं। ऐसे में हमें नए सिरे से अंतरराष्ट्रीय सम्बंध स्थापित करने चाहिए।" वैश्विक आर्थिक सुस्ती का जिक्र करते हुए हुआंग ने कहा, "कुछ क्षेत्रों में हम वर्चस्व तथा दूसरे देशों के मामले में हस्तक्षेप देखते हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि चीन भारत के साथ सभी विवादित मुद्दों का शांतिपूर्ण समाधान चाहता है। कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना (सीपीसी) के अंतरराष्ट्रीय विभाग के शोध कार्यालय के महानिदेशक हुआंग हुआगुआंग ने कहा, "हम दो सर्वाधिक जनसंख्या वाले देश और तेजी से विकसित होती अर्थव्यवस्थाएं हैं।" ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन की ओर से आयोजित सम्मेलन में हुआंग ने कहा, "हम भारत के साथ बेहतर सम्बंध स्थापित करना चाहते हैं।" उन्होंने कहा कि दोनों देशों को बेहतर रणनीतिक संवाद व समन्वय स्थापित करने चाहिए।टिप्पणियां उन्होंने कहा, "दुनिया में कई जटिल परिवर्तन हो रहे हैं। दुनिया स्थिर नहीं है, जैसा कि हम चाहते हैं.. बहुत से मुद्दे हैं। ऐसे में हमें नए सिरे से अंतरराष्ट्रीय सम्बंध स्थापित करने चाहिए।" वैश्विक आर्थिक सुस्ती का जिक्र करते हुए हुआंग ने कहा, "कुछ क्षेत्रों में हम वर्चस्व तथा दूसरे देशों के मामले में हस्तक्षेप देखते हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि चीन भारत के साथ सभी विवादित मुद्दों का शांतिपूर्ण समाधान चाहता है। ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन की ओर से आयोजित सम्मेलन में हुआंग ने कहा, "हम भारत के साथ बेहतर सम्बंध स्थापित करना चाहते हैं।" उन्होंने कहा कि दोनों देशों को बेहतर रणनीतिक संवाद व समन्वय स्थापित करने चाहिए।टिप्पणियां उन्होंने कहा, "दुनिया में कई जटिल परिवर्तन हो रहे हैं। दुनिया स्थिर नहीं है, जैसा कि हम चाहते हैं.. बहुत से मुद्दे हैं। ऐसे में हमें नए सिरे से अंतरराष्ट्रीय सम्बंध स्थापित करने चाहिए।" वैश्विक आर्थिक सुस्ती का जिक्र करते हुए हुआंग ने कहा, "कुछ क्षेत्रों में हम वर्चस्व तथा दूसरे देशों के मामले में हस्तक्षेप देखते हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि चीन भारत के साथ सभी विवादित मुद्दों का शांतिपूर्ण समाधान चाहता है। उन्होंने कहा, "दुनिया में कई जटिल परिवर्तन हो रहे हैं। दुनिया स्थिर नहीं है, जैसा कि हम चाहते हैं.. बहुत से मुद्दे हैं। ऐसे में हमें नए सिरे से अंतरराष्ट्रीय सम्बंध स्थापित करने चाहिए।" वैश्विक आर्थिक सुस्ती का जिक्र करते हुए हुआंग ने कहा, "कुछ क्षेत्रों में हम वर्चस्व तथा दूसरे देशों के मामले में हस्तक्षेप देखते हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि चीन भारत के साथ सभी विवादित मुद्दों का शांतिपूर्ण समाधान चाहता है। वैश्विक आर्थिक सुस्ती का जिक्र करते हुए हुआंग ने कहा, "कुछ क्षेत्रों में हम वर्चस्व तथा दूसरे देशों के मामले में हस्तक्षेप देखते हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि चीन भारत के साथ सभी विवादित मुद्दों का शांतिपूर्ण समाधान चाहता है।
यह एक सारांश है: चीन के एक विशेषज्ञ ने बुधवार को एक सम्मेलन में कहा कि भारत और चीन को नए सिरे से अपने अंतरराष्ट्रीय सम्बंध बनाने चाहिए।
16
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: टीम अन्ना के प्रमुख सदस्य अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि उनके समूह की रणनीति का खुलासा नहीं किया जा सकता क्योंकि यह पारदर्शिता आत्मघाती हो सकती है। वह शमीम काजमी को टीम अन्ना से बाहर का रास्ता दिखाए जाने पर टिप्पणी दे रहे थे। काजमी ने कथिततौर पर समूह की कोर समिति की बैठक की गुपचुप तरीके से रिकॉर्डिग कर ली थी। केजरीवाल ने यहां अरुणोदय प्रकाश द्वारा संग्रहित निबंध संग्रह 'आंदोलन' के लोकार्पण के अवसर पर बुधवार को कहा, "हमारे खिलाफ षड्यंत्र रचा जा रहा है और हम अपनी रणनीतियों का पहले से खुलासा नहीं कर सकते क्योंकि पारदर्शिता हमारे लिए आत्मघाती साबित हो सकती है।" टीम अन्ना विरोधियों द्वारा काजमी के कृत्य को स्टिंग ऑपरेशन करार देने पर केजरीवाल ने कहा, "यह सब कुछ पूर्वनियोजित था। काजमी को कार्यवाही रिकॉर्ड करनी थी और यह बात मीडिया में लानी थी और मेरे व मनीष सिसोदिया (टीम अन्ना के एक और सदस्य) के खिलाफ बोलना था जबकि हमारा उनके निष्कासन से कोई लेना-देना नहीं है।"टिप्पणियां उन्होंने बताया कि काजमी के मोबाइल में रिकॉर्डिग्स पाए जाने के बाद उन्हें कुछ दिनों के लिए इंडिया अगेंस्ट करप्शन छोड़ देने के लिए कहा गया लेकिन उन्होंने मीडिया में कहा कि उन्हें निष्कासित किया गया है। काजमी ने मीडिया से कहा था कि वह यह समूह इसलिए छोड़ रहे हैं क्योंकि पूरे आंदोलन का राजनीतिकरण हो चुका है। केजरीवाल ने मीडिया से कहा कि वह जनलोकपाल विधेयक को अपना विधेयक माने और उसकी सकारात्मक आलोचना करे। इस अवसर पर मौजूद उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री बी.सी. खंडूरी ने कहा कि देश को भ्रष्टाचार की बीमारी से जरूर लड़ना चाहिए। वह शमीम काजमी को टीम अन्ना से बाहर का रास्ता दिखाए जाने पर टिप्पणी दे रहे थे। काजमी ने कथिततौर पर समूह की कोर समिति की बैठक की गुपचुप तरीके से रिकॉर्डिग कर ली थी। केजरीवाल ने यहां अरुणोदय प्रकाश द्वारा संग्रहित निबंध संग्रह 'आंदोलन' के लोकार्पण के अवसर पर बुधवार को कहा, "हमारे खिलाफ षड्यंत्र रचा जा रहा है और हम अपनी रणनीतियों का पहले से खुलासा नहीं कर सकते क्योंकि पारदर्शिता हमारे लिए आत्मघाती साबित हो सकती है।" टीम अन्ना विरोधियों द्वारा काजमी के कृत्य को स्टिंग ऑपरेशन करार देने पर केजरीवाल ने कहा, "यह सब कुछ पूर्वनियोजित था। काजमी को कार्यवाही रिकॉर्ड करनी थी और यह बात मीडिया में लानी थी और मेरे व मनीष सिसोदिया (टीम अन्ना के एक और सदस्य) के खिलाफ बोलना था जबकि हमारा उनके निष्कासन से कोई लेना-देना नहीं है।"टिप्पणियां उन्होंने बताया कि काजमी के मोबाइल में रिकॉर्डिग्स पाए जाने के बाद उन्हें कुछ दिनों के लिए इंडिया अगेंस्ट करप्शन छोड़ देने के लिए कहा गया लेकिन उन्होंने मीडिया में कहा कि उन्हें निष्कासित किया गया है। काजमी ने मीडिया से कहा था कि वह यह समूह इसलिए छोड़ रहे हैं क्योंकि पूरे आंदोलन का राजनीतिकरण हो चुका है। केजरीवाल ने मीडिया से कहा कि वह जनलोकपाल विधेयक को अपना विधेयक माने और उसकी सकारात्मक आलोचना करे। इस अवसर पर मौजूद उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री बी.सी. खंडूरी ने कहा कि देश को भ्रष्टाचार की बीमारी से जरूर लड़ना चाहिए। केजरीवाल ने यहां अरुणोदय प्रकाश द्वारा संग्रहित निबंध संग्रह 'आंदोलन' के लोकार्पण के अवसर पर बुधवार को कहा, "हमारे खिलाफ षड्यंत्र रचा जा रहा है और हम अपनी रणनीतियों का पहले से खुलासा नहीं कर सकते क्योंकि पारदर्शिता हमारे लिए आत्मघाती साबित हो सकती है।" टीम अन्ना विरोधियों द्वारा काजमी के कृत्य को स्टिंग ऑपरेशन करार देने पर केजरीवाल ने कहा, "यह सब कुछ पूर्वनियोजित था। काजमी को कार्यवाही रिकॉर्ड करनी थी और यह बात मीडिया में लानी थी और मेरे व मनीष सिसोदिया (टीम अन्ना के एक और सदस्य) के खिलाफ बोलना था जबकि हमारा उनके निष्कासन से कोई लेना-देना नहीं है।"टिप्पणियां उन्होंने बताया कि काजमी के मोबाइल में रिकॉर्डिग्स पाए जाने के बाद उन्हें कुछ दिनों के लिए इंडिया अगेंस्ट करप्शन छोड़ देने के लिए कहा गया लेकिन उन्होंने मीडिया में कहा कि उन्हें निष्कासित किया गया है। काजमी ने मीडिया से कहा था कि वह यह समूह इसलिए छोड़ रहे हैं क्योंकि पूरे आंदोलन का राजनीतिकरण हो चुका है। केजरीवाल ने मीडिया से कहा कि वह जनलोकपाल विधेयक को अपना विधेयक माने और उसकी सकारात्मक आलोचना करे। इस अवसर पर मौजूद उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री बी.सी. खंडूरी ने कहा कि देश को भ्रष्टाचार की बीमारी से जरूर लड़ना चाहिए। टीम अन्ना विरोधियों द्वारा काजमी के कृत्य को स्टिंग ऑपरेशन करार देने पर केजरीवाल ने कहा, "यह सब कुछ पूर्वनियोजित था। काजमी को कार्यवाही रिकॉर्ड करनी थी और यह बात मीडिया में लानी थी और मेरे व मनीष सिसोदिया (टीम अन्ना के एक और सदस्य) के खिलाफ बोलना था जबकि हमारा उनके निष्कासन से कोई लेना-देना नहीं है।"टिप्पणियां उन्होंने बताया कि काजमी के मोबाइल में रिकॉर्डिग्स पाए जाने के बाद उन्हें कुछ दिनों के लिए इंडिया अगेंस्ट करप्शन छोड़ देने के लिए कहा गया लेकिन उन्होंने मीडिया में कहा कि उन्हें निष्कासित किया गया है। काजमी ने मीडिया से कहा था कि वह यह समूह इसलिए छोड़ रहे हैं क्योंकि पूरे आंदोलन का राजनीतिकरण हो चुका है। केजरीवाल ने मीडिया से कहा कि वह जनलोकपाल विधेयक को अपना विधेयक माने और उसकी सकारात्मक आलोचना करे। इस अवसर पर मौजूद उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री बी.सी. खंडूरी ने कहा कि देश को भ्रष्टाचार की बीमारी से जरूर लड़ना चाहिए। उन्होंने बताया कि काजमी के मोबाइल में रिकॉर्डिग्स पाए जाने के बाद उन्हें कुछ दिनों के लिए इंडिया अगेंस्ट करप्शन छोड़ देने के लिए कहा गया लेकिन उन्होंने मीडिया में कहा कि उन्हें निष्कासित किया गया है। काजमी ने मीडिया से कहा था कि वह यह समूह इसलिए छोड़ रहे हैं क्योंकि पूरे आंदोलन का राजनीतिकरण हो चुका है। केजरीवाल ने मीडिया से कहा कि वह जनलोकपाल विधेयक को अपना विधेयक माने और उसकी सकारात्मक आलोचना करे। इस अवसर पर मौजूद उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री बी.सी. खंडूरी ने कहा कि देश को भ्रष्टाचार की बीमारी से जरूर लड़ना चाहिए। केजरीवाल ने मीडिया से कहा कि वह जनलोकपाल विधेयक को अपना विधेयक माने और उसकी सकारात्मक आलोचना करे। इस अवसर पर मौजूद उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री बी.सी. खंडूरी ने कहा कि देश को भ्रष्टाचार की बीमारी से जरूर लड़ना चाहिए।
टीम अन्ना के प्रमुख सदस्य अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि उनके समूह की रणनीति का खुलासा नहीं किया जा सकता क्योंकि यह पारदर्शिता आत्मघाती हो सकती है।
34
['hin']
एक सारांश बनाओ: राजस्‍थान में पुलिस ने 11वीं कक्षा की छात्रा द्वारा रैगिंग का आरोप लगाए जाने के बाद एक केस दर्ज किया है। छात्रा का आरोप है कि जोधपुर में पिछले हफ्ते स्‍कूल के पहले ही दिन उसकी कक्षा की ही छात्राओं ने न सिर्फ उसके कपड़े उतरवाए बल्कि उसका यौन शोषण भी किया। छात्रा ने 8 जुलाई को सोहनलाल मनिहार गर्ल्‍स सीनियर सेकेंडरी स्‍कूल में एडमिशन लिया है। छात्रा ने पुलिस को बताया कि उसी की कक्षा की कुछ छात्राओं ने उसे बाथरूम में बंद करके न सिर्फ कपड़े उतारने को मजबूर किया, बल्कि पीटा भी और गलत तरीके से छुआ। पुलिस ने 11वीं कक्षा में पढ़ने वाली सभी आरोपी छात्राओं और स्‍कूल प्रशासन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। स्कूल प्रशासन पर इस मामले की जानकारी पुलिस को नहीं देने का आरोप है। मुख्‍यमंत्री वसुंधरा राजे और राजस्‍थान के पुलिस प्रमुख को लिखे भावुक पत्र में छात्रा ने न्‍याय की गुहार लगाई है और लिखा है कि इस घटना ने उसके जेहन पर गहरे जख्‍म छोड़े हैं। छात्रा ने लिखा, 'इस घटना ने मुझे तोड़ कर रख दिया है और अब मैं जीना नहीं चाहती। रैगिंग का वायरस अब स्‍कूलों में भी पहुंच गया है और इसे खत्‍म करने के लिए सख्‍त से सख्‍त कदम उठाए जाने चाहिए।' पुलिस ने बताया कि एक आरोपी छात्रा को सुधार गृह भेज दिया गया है और मामले की जांच की जा रही है। पीड़ित की मेडिकल जांच हो गई है और वह जज के सामने अपना बयान दर्ज कराएगी। एक पुलिस अधिकारी मनीष देव ने बताया, 'छात्रा द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर के अनुसार, आरोपी छात्राओं ने पीड़ित छात्रा का बाथरूम तक पीछा किया और उसे वहां बंद कर दिया। जिस लड़की ने ये किया वो उसकी ही क्‍लास की थी। उसने पीड़ित को डराया, उसे धक्‍का दिया और कपड़े उतारने को कहा। आरोपी ने अपनी कुछ और सहेलियों को बुला लिया। उन लोगों ने भी पीड़ित को पीटा और अभद्र व्‍यवहार किया।'टिप्पणियां स्‍कूल प्रशासन ने बताया कि उन्‍होंने घटना के तीन दिन बाद मामले की जांच कराई थी, लेकिन ऐसा कोई सबूत नहीं मिला जिससे साबित होता हो कि ऐसा कुछ हुआ है। पुलिस केस के बाद अब स्‍कूल प्रशासन का कहना है कि वह मामले की जांच कर रहे हैं और 5 छात्राओं को निलंबित कर दिया गया है। स्‍कूल का संचालन करने वाले महेश शिक्षण संस्‍थान के सेक्रेटरी हरि गोपाल राठी ने बताया, 'हम दूसरी बार मामले की जांच कर रहे हैं और जांच पूरी होने तक आरोपियों को निलंबित कर दिया गया है।' छात्रा ने 8 जुलाई को सोहनलाल मनिहार गर्ल्‍स सीनियर सेकेंडरी स्‍कूल में एडमिशन लिया है। छात्रा ने पुलिस को बताया कि उसी की कक्षा की कुछ छात्राओं ने उसे बाथरूम में बंद करके न सिर्फ कपड़े उतारने को मजबूर किया, बल्कि पीटा भी और गलत तरीके से छुआ। पुलिस ने 11वीं कक्षा में पढ़ने वाली सभी आरोपी छात्राओं और स्‍कूल प्रशासन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। स्कूल प्रशासन पर इस मामले की जानकारी पुलिस को नहीं देने का आरोप है। मुख्‍यमंत्री वसुंधरा राजे और राजस्‍थान के पुलिस प्रमुख को लिखे भावुक पत्र में छात्रा ने न्‍याय की गुहार लगाई है और लिखा है कि इस घटना ने उसके जेहन पर गहरे जख्‍म छोड़े हैं। छात्रा ने लिखा, 'इस घटना ने मुझे तोड़ कर रख दिया है और अब मैं जीना नहीं चाहती। रैगिंग का वायरस अब स्‍कूलों में भी पहुंच गया है और इसे खत्‍म करने के लिए सख्‍त से सख्‍त कदम उठाए जाने चाहिए।' पुलिस ने बताया कि एक आरोपी छात्रा को सुधार गृह भेज दिया गया है और मामले की जांच की जा रही है। पीड़ित की मेडिकल जांच हो गई है और वह जज के सामने अपना बयान दर्ज कराएगी। एक पुलिस अधिकारी मनीष देव ने बताया, 'छात्रा द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर के अनुसार, आरोपी छात्राओं ने पीड़ित छात्रा का बाथरूम तक पीछा किया और उसे वहां बंद कर दिया। जिस लड़की ने ये किया वो उसकी ही क्‍लास की थी। उसने पीड़ित को डराया, उसे धक्‍का दिया और कपड़े उतारने को कहा। आरोपी ने अपनी कुछ और सहेलियों को बुला लिया। उन लोगों ने भी पीड़ित को पीटा और अभद्र व्‍यवहार किया।'टिप्पणियां स्‍कूल प्रशासन ने बताया कि उन्‍होंने घटना के तीन दिन बाद मामले की जांच कराई थी, लेकिन ऐसा कोई सबूत नहीं मिला जिससे साबित होता हो कि ऐसा कुछ हुआ है। पुलिस केस के बाद अब स्‍कूल प्रशासन का कहना है कि वह मामले की जांच कर रहे हैं और 5 छात्राओं को निलंबित कर दिया गया है। स्‍कूल का संचालन करने वाले महेश शिक्षण संस्‍थान के सेक्रेटरी हरि गोपाल राठी ने बताया, 'हम दूसरी बार मामले की जांच कर रहे हैं और जांच पूरी होने तक आरोपियों को निलंबित कर दिया गया है।' पुलिस ने 11वीं कक्षा में पढ़ने वाली सभी आरोपी छात्राओं और स्‍कूल प्रशासन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। स्कूल प्रशासन पर इस मामले की जानकारी पुलिस को नहीं देने का आरोप है। मुख्‍यमंत्री वसुंधरा राजे और राजस्‍थान के पुलिस प्रमुख को लिखे भावुक पत्र में छात्रा ने न्‍याय की गुहार लगाई है और लिखा है कि इस घटना ने उसके जेहन पर गहरे जख्‍म छोड़े हैं। छात्रा ने लिखा, 'इस घटना ने मुझे तोड़ कर रख दिया है और अब मैं जीना नहीं चाहती। रैगिंग का वायरस अब स्‍कूलों में भी पहुंच गया है और इसे खत्‍म करने के लिए सख्‍त से सख्‍त कदम उठाए जाने चाहिए।' पुलिस ने बताया कि एक आरोपी छात्रा को सुधार गृह भेज दिया गया है और मामले की जांच की जा रही है। पीड़ित की मेडिकल जांच हो गई है और वह जज के सामने अपना बयान दर्ज कराएगी। एक पुलिस अधिकारी मनीष देव ने बताया, 'छात्रा द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर के अनुसार, आरोपी छात्राओं ने पीड़ित छात्रा का बाथरूम तक पीछा किया और उसे वहां बंद कर दिया। जिस लड़की ने ये किया वो उसकी ही क्‍लास की थी। उसने पीड़ित को डराया, उसे धक्‍का दिया और कपड़े उतारने को कहा। आरोपी ने अपनी कुछ और सहेलियों को बुला लिया। उन लोगों ने भी पीड़ित को पीटा और अभद्र व्‍यवहार किया।'टिप्पणियां स्‍कूल प्रशासन ने बताया कि उन्‍होंने घटना के तीन दिन बाद मामले की जांच कराई थी, लेकिन ऐसा कोई सबूत नहीं मिला जिससे साबित होता हो कि ऐसा कुछ हुआ है। पुलिस केस के बाद अब स्‍कूल प्रशासन का कहना है कि वह मामले की जांच कर रहे हैं और 5 छात्राओं को निलंबित कर दिया गया है। स्‍कूल का संचालन करने वाले महेश शिक्षण संस्‍थान के सेक्रेटरी हरि गोपाल राठी ने बताया, 'हम दूसरी बार मामले की जांच कर रहे हैं और जांच पूरी होने तक आरोपियों को निलंबित कर दिया गया है।' मुख्‍यमंत्री वसुंधरा राजे और राजस्‍थान के पुलिस प्रमुख को लिखे भावुक पत्र में छात्रा ने न्‍याय की गुहार लगाई है और लिखा है कि इस घटना ने उसके जेहन पर गहरे जख्‍म छोड़े हैं। छात्रा ने लिखा, 'इस घटना ने मुझे तोड़ कर रख दिया है और अब मैं जीना नहीं चाहती। रैगिंग का वायरस अब स्‍कूलों में भी पहुंच गया है और इसे खत्‍म करने के लिए सख्‍त से सख्‍त कदम उठाए जाने चाहिए।' पुलिस ने बताया कि एक आरोपी छात्रा को सुधार गृह भेज दिया गया है और मामले की जांच की जा रही है। पीड़ित की मेडिकल जांच हो गई है और वह जज के सामने अपना बयान दर्ज कराएगी। एक पुलिस अधिकारी मनीष देव ने बताया, 'छात्रा द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर के अनुसार, आरोपी छात्राओं ने पीड़ित छात्रा का बाथरूम तक पीछा किया और उसे वहां बंद कर दिया। जिस लड़की ने ये किया वो उसकी ही क्‍लास की थी। उसने पीड़ित को डराया, उसे धक्‍का दिया और कपड़े उतारने को कहा। आरोपी ने अपनी कुछ और सहेलियों को बुला लिया। उन लोगों ने भी पीड़ित को पीटा और अभद्र व्‍यवहार किया।'टिप्पणियां स्‍कूल प्रशासन ने बताया कि उन्‍होंने घटना के तीन दिन बाद मामले की जांच कराई थी, लेकिन ऐसा कोई सबूत नहीं मिला जिससे साबित होता हो कि ऐसा कुछ हुआ है। पुलिस केस के बाद अब स्‍कूल प्रशासन का कहना है कि वह मामले की जांच कर रहे हैं और 5 छात्राओं को निलंबित कर दिया गया है। स्‍कूल का संचालन करने वाले महेश शिक्षण संस्‍थान के सेक्रेटरी हरि गोपाल राठी ने बताया, 'हम दूसरी बार मामले की जांच कर रहे हैं और जांच पूरी होने तक आरोपियों को निलंबित कर दिया गया है।' छात्रा ने लिखा, 'इस घटना ने मुझे तोड़ कर रख दिया है और अब मैं जीना नहीं चाहती। रैगिंग का वायरस अब स्‍कूलों में भी पहुंच गया है और इसे खत्‍म करने के लिए सख्‍त से सख्‍त कदम उठाए जाने चाहिए।' पुलिस ने बताया कि एक आरोपी छात्रा को सुधार गृह भेज दिया गया है और मामले की जांच की जा रही है। पीड़ित की मेडिकल जांच हो गई है और वह जज के सामने अपना बयान दर्ज कराएगी। एक पुलिस अधिकारी मनीष देव ने बताया, 'छात्रा द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर के अनुसार, आरोपी छात्राओं ने पीड़ित छात्रा का बाथरूम तक पीछा किया और उसे वहां बंद कर दिया। जिस लड़की ने ये किया वो उसकी ही क्‍लास की थी। उसने पीड़ित को डराया, उसे धक्‍का दिया और कपड़े उतारने को कहा। आरोपी ने अपनी कुछ और सहेलियों को बुला लिया। उन लोगों ने भी पीड़ित को पीटा और अभद्र व्‍यवहार किया।'टिप्पणियां स्‍कूल प्रशासन ने बताया कि उन्‍होंने घटना के तीन दिन बाद मामले की जांच कराई थी, लेकिन ऐसा कोई सबूत नहीं मिला जिससे साबित होता हो कि ऐसा कुछ हुआ है। पुलिस केस के बाद अब स्‍कूल प्रशासन का कहना है कि वह मामले की जांच कर रहे हैं और 5 छात्राओं को निलंबित कर दिया गया है। स्‍कूल का संचालन करने वाले महेश शिक्षण संस्‍थान के सेक्रेटरी हरि गोपाल राठी ने बताया, 'हम दूसरी बार मामले की जांच कर रहे हैं और जांच पूरी होने तक आरोपियों को निलंबित कर दिया गया है।' पुलिस ने बताया कि एक आरोपी छात्रा को सुधार गृह भेज दिया गया है और मामले की जांच की जा रही है। पीड़ित की मेडिकल जांच हो गई है और वह जज के सामने अपना बयान दर्ज कराएगी। एक पुलिस अधिकारी मनीष देव ने बताया, 'छात्रा द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर के अनुसार, आरोपी छात्राओं ने पीड़ित छात्रा का बाथरूम तक पीछा किया और उसे वहां बंद कर दिया। जिस लड़की ने ये किया वो उसकी ही क्‍लास की थी। उसने पीड़ित को डराया, उसे धक्‍का दिया और कपड़े उतारने को कहा। आरोपी ने अपनी कुछ और सहेलियों को बुला लिया। उन लोगों ने भी पीड़ित को पीटा और अभद्र व्‍यवहार किया।'टिप्पणियां स्‍कूल प्रशासन ने बताया कि उन्‍होंने घटना के तीन दिन बाद मामले की जांच कराई थी, लेकिन ऐसा कोई सबूत नहीं मिला जिससे साबित होता हो कि ऐसा कुछ हुआ है। पुलिस केस के बाद अब स्‍कूल प्रशासन का कहना है कि वह मामले की जांच कर रहे हैं और 5 छात्राओं को निलंबित कर दिया गया है। स्‍कूल का संचालन करने वाले महेश शिक्षण संस्‍थान के सेक्रेटरी हरि गोपाल राठी ने बताया, 'हम दूसरी बार मामले की जांच कर रहे हैं और जांच पूरी होने तक आरोपियों को निलंबित कर दिया गया है।' एक पुलिस अधिकारी मनीष देव ने बताया, 'छात्रा द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर के अनुसार, आरोपी छात्राओं ने पीड़ित छात्रा का बाथरूम तक पीछा किया और उसे वहां बंद कर दिया। जिस लड़की ने ये किया वो उसकी ही क्‍लास की थी। उसने पीड़ित को डराया, उसे धक्‍का दिया और कपड़े उतारने को कहा। आरोपी ने अपनी कुछ और सहेलियों को बुला लिया। उन लोगों ने भी पीड़ित को पीटा और अभद्र व्‍यवहार किया।'टिप्पणियां स्‍कूल प्रशासन ने बताया कि उन्‍होंने घटना के तीन दिन बाद मामले की जांच कराई थी, लेकिन ऐसा कोई सबूत नहीं मिला जिससे साबित होता हो कि ऐसा कुछ हुआ है। पुलिस केस के बाद अब स्‍कूल प्रशासन का कहना है कि वह मामले की जांच कर रहे हैं और 5 छात्राओं को निलंबित कर दिया गया है। स्‍कूल का संचालन करने वाले महेश शिक्षण संस्‍थान के सेक्रेटरी हरि गोपाल राठी ने बताया, 'हम दूसरी बार मामले की जांच कर रहे हैं और जांच पूरी होने तक आरोपियों को निलंबित कर दिया गया है।' स्‍कूल प्रशासन ने बताया कि उन्‍होंने घटना के तीन दिन बाद मामले की जांच कराई थी, लेकिन ऐसा कोई सबूत नहीं मिला जिससे साबित होता हो कि ऐसा कुछ हुआ है। पुलिस केस के बाद अब स्‍कूल प्रशासन का कहना है कि वह मामले की जांच कर रहे हैं और 5 छात्राओं को निलंबित कर दिया गया है। स्‍कूल का संचालन करने वाले महेश शिक्षण संस्‍थान के सेक्रेटरी हरि गोपाल राठी ने बताया, 'हम दूसरी बार मामले की जांच कर रहे हैं और जांच पूरी होने तक आरोपियों को निलंबित कर दिया गया है।' स्‍कूल का संचालन करने वाले महेश शिक्षण संस्‍थान के सेक्रेटरी हरि गोपाल राठी ने बताया, 'हम दूसरी बार मामले की जांच कर रहे हैं और जांच पूरी होने तक आरोपियों को निलंबित कर दिया गया है।'
सारांश: कुछ छात्राओं ने उसे बाथरूम में बंद करके कपड़े उतारने को मजबूर किया CM और पुलिस प्रमुख को लिखे पत्र में छात्रा ने न्‍याय की गुहार लगाई मामले में 5 छात्राओं को निलंबित कर दिया गया है
5
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सऊदी अरब ने सीरिया में अपने दूतावास बंद कर दिए हैं और अपने कर्मचारियों व राजनयिकों को वहां से वापस बुला लिए हैं। यह जानकारी अल-अरबिया ने सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के हवाले से दी है। समाचार एजेंसी आरआईए नोवोस्ती के अनुसार, बयान में कहा गया है कि यह निर्णय सीरिया में जारी घटनाक्रम के कारण लिया गया है। यह बयान सऊदी प्रेस एजेंसी द्वारा सार्वजनिक किया गया है। अमेरिका और ब्रिटेन सहित अरब व पश्चिम के कई देश सीरिया में पहले ही अपने राजनयिक मिशन बंद कर चुके हैं। संयुक्त राष्ट्र के अनुमान के मुताबिक राष्ट्रपति बशर अल-असद प्रशासन के खिलाफ एक वर्ष पहले भड़के विद्रोह में अब तक 7,500 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। अमेरिका और ब्रिटेन सहित अरब व पश्चिम के कई देश सीरिया में पहले ही अपने राजनयिक मिशन बंद कर चुके हैं। संयुक्त राष्ट्र के अनुमान के मुताबिक राष्ट्रपति बशर अल-असद प्रशासन के खिलाफ एक वर्ष पहले भड़के विद्रोह में अब तक 7,500 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं।
यह एक सारांश है: सऊदी अरब ने सीरिया में अपने दूतावास बंद कर दिए हैं और अपने कर्मचारियों व राजनयिकों को वहां से वापस बुला लिए हैं।
16
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: अभिजीत बनर्जी (Abhijit Banerjee) को अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार (Economics Nobel Prize 2019) मिलने पर कोलकाता में जश्न का माहौल है. उनकी एक सहपाठी और एक स्कूल शिक्षक ने कहा कि बनर्जी स्कूल में अध्ययन के समय अंतर्मुखी और विनम्र थे. वह बचपन से ही उत्कृष्ट विद्यार्थी थे. साउथ प्वाइंट स्कूल में बनर्जी की सहपाठी रहीं शर्मिला डे कहा कि उन्हें इस बात पर गर्व है कि 1971 से 78 तक वह और बनर्जी एक ही कमरे में पढ़े. उन्होंने कहा, ‘जिस तरह वह (बनर्जी) कक्षा में गणित के सवालों का हल निकालते थे, हम उससे हमेशा प्रभावित रहते थे. पढ़ाई के अतिरिक्त वह खेल, खासकर फुटबाल में भी रुचि लेते थे.' बता दें, भारतीय-अमेरिकी अभिजीत बनर्जी, उनकी पत्नी एस्थर डुफ्लो और एक अन्य अर्थशास्त्री माइकल क्रेमर को संयुक्त रूप से 2019 के लिए अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार देने की घोषणा की गई है. बनर्जी की गणित की शिक्षक दीपाली सेनगुप्ता ने याद करते हुए कहा कि कक्षा आठ में किस तरह एक ‘अंतर्मुखी और विनम्र लड़का' पलभर में सवाल को हल कर देता था. उन्होंने कहा कि बनर्जी में उत्कृष्टता के गुण बचपन से ही दिखने लगे थे. यह पूछे जाने पर कि क्या स्कूल के बाद वह नोबेल विजेता के संपर्क में थीं, उन्होंने इसका जवाब ‘न' में दिया. सेनगुप्ता ने कहा, ‘मुझे उम्मीद है कि उन्हें अब भी गणित की अपनी स्कूल अध्यापिका याद होगी.'
बनर्जी को अर्थशास्त्र का नोबेल मिलने पर कोलकाता में जश्न का माहौल एक स्कूल शिक्षक ने कहा कि बनर्जी स्कूल में अध्ययन के समय अंतर्मुखी थे पढ़ाई के अतिरिक्त वह खेल, खासकर फुटबाल में भी रुचि लेते थे
34
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: ग्रेटर नोएडा में सुरक्षाकर्मियों और आंदोलनकारी किसानों के बीच हुई हिंसक झड़प में दो पुलिसकर्मी सहित तीन लोगों की मौत हो गई जबकि जिलाधिकारी दीपक अग्रवाल गोली लगने से घायल हो गए। भूमि के लिए बेहतर मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे किसानों और पुलिस के बीच हुई भड़प में जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) सहित दर्जनों लोग घायल हो गए। एसएसपी पथराव में घायल हुए। जमीन के बेहतर मुआवजे की मांग को लेकर उग्र हुए किसानों द्वारा रोडवेज (यूपीएसआरटीसी) के तीन कर्मचारियों को बंधक बना लेने के बाद पुलिस जब इन्हें मुक्त कराने के लिए गौतमबुद्ध नगर जिले के परसौल गांव पहुंची, तब यह भड़प हुई। बंधक बनाए गए रोडवेज के तीन कर्मचारियों को छुड़ाने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल, पीएसी और दंगा विरोधी दस्ते के साथ जिले के अधिकारी परसौल गांव में पहुंचे थे। राज्य के पुलिस महानिदेशक कर्मवीर सिंह ने लखनउ में संवाददाताओं को बताया कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस दल पर गोलीबारी की जिसमें दो कांस्टेबलों की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि हालात अब नियंत्रण में है और 15 से 20 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गौरतलब है कि बस यातायात के लिए नए रास्ते का सर्वेक्षण करने के दौरान किसानों ने रोडवेज के तीन कर्मचारियों को कल बंधक बना लिया था। पुलिस ने बताया कि जैसे ही प्रशासन पुलिस एवं पीएसी बल के साथ गांव में पहुंचा, सशस्त्र किसानों ने इन पर हमला बोल दिया और गोलियां चलाई, जिससे दो पुलिसकर्मियों की मौत हो गई। किसानों के इस हमले में गोली लगने से जिलाधिकारी दीपक अग्रवाल भी घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल ले जाया गया। अधिकारियों ने बताया कि जिलाधिकारी दीपक अग्रवाल बंधकों को मुक्त कराने की उम्मीद के साथ किसानों से बातचीत करने गए थे। अधिकारियों के अनुसार अग्रवाल की स्थिति स्थिर बताई जा रही है। किसानों के हमले के जवाब में सुरक्षा बलों ने भी कार्रवाई करते हुए भीड़ को तितर बितर करने के लिए गोलियां चलाई और आंसू गैस के गोले छोड़े। सुरक्षा बलों ने आखिरकार बंधक बनाए गए रोडवेज के कर्मचारियों को किसानों के कब्जे से मुक्त करा लिया।
संक्षिप्त पाठ: जमीन अधिग्रहण को लेकर ग्रेटर नोएडा में पुलिस और गांव वालों में भिड़ंत हो गई है। इस झड़प में दो पीएसी जवानों की मौत हो गई है।
27
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: पूरा ओडिशा इन दिनों भीषण गरमी की चपेट में है. भवानीपटना और बालनगिर में तापमान 45.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, तीतलागढ़ में तापमान 46 का आंकड़ा पार कर गया. भीषण गरमी से यहां अब तक नौ लोगों की मौत हो चुकी है.  विशेष राहत आयुक्त कार्यालय के मुताबिक भद्रक जिले में लू लगने से 80 वर्षीय एक वृद्ध व्यक्ति की मौत हो गई. एसआरसी दफ्तर ने बताया कि राज्य में इस साल गरमी से जु़ड़ी घटनाओं में पहले से ही आठ लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें से अंगुल जिले से तीन, संबलपुर और बारगढ़ से दो-दो और बालनगिर से एक मौत हुई है. मौसम विभाग ने कहा कि राज्य के अधिकांश हिस्सों में भीषण गर्मी में काफी उछाल आया है, जिसके साथ ही राज्य के कम-से-कम नौ स्थानों पर पारा 43 डिग्री सेल्सियस और 13 स्थानों पर 40 डिग्री सेल्सियस पार कर गया है. राजधानी भुवनेश्वर का अधिकतम तापमान 38.4 डिग्री सेल्सियस रहा जबकि कटक शहर में अधिकतम तापमान 37.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. हालांकि ओडिशा मानसून के लिए तैयार है. शुरुआती मानसून के आगमन की संभावनाओं के बीच ओडिशा सरकार ने अधिकारियों से जुलाई तक प्रारंभिक चेतावनी प्रसार प्रणाली (ईडब्ल्यूडीएस) की स्थापना करने के लिए कहा है और इसके साथ ही साथ ही बाढ़ और चक्रवात जैसी संभावित आपदाओं से निपटने के लिए तैयारियों की समीक्षा की है. इस संबंध में फैसला राज्य के मुख्य सचिव एपी पाधि की अध्यक्षता में हुई राज्य स्तरीय मानसून पूर्व तैयारियों हेतु हुई बैठक में लिया गया है.टिप्पणियां देश के विभिन्न राज्य महाराष्ट्र, तेलंगाना, कर्नाटक, गुजरात और झारखण्ड के साथ ही पूर्वोत्तर राज्य नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में तापमान सामान्य स्तर से उपर ही रहा.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) विशेष राहत आयुक्त कार्यालय के मुताबिक भद्रक जिले में लू लगने से 80 वर्षीय एक वृद्ध व्यक्ति की मौत हो गई. एसआरसी दफ्तर ने बताया कि राज्य में इस साल गरमी से जु़ड़ी घटनाओं में पहले से ही आठ लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें से अंगुल जिले से तीन, संबलपुर और बारगढ़ से दो-दो और बालनगिर से एक मौत हुई है. मौसम विभाग ने कहा कि राज्य के अधिकांश हिस्सों में भीषण गर्मी में काफी उछाल आया है, जिसके साथ ही राज्य के कम-से-कम नौ स्थानों पर पारा 43 डिग्री सेल्सियस और 13 स्थानों पर 40 डिग्री सेल्सियस पार कर गया है. राजधानी भुवनेश्वर का अधिकतम तापमान 38.4 डिग्री सेल्सियस रहा जबकि कटक शहर में अधिकतम तापमान 37.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. हालांकि ओडिशा मानसून के लिए तैयार है. शुरुआती मानसून के आगमन की संभावनाओं के बीच ओडिशा सरकार ने अधिकारियों से जुलाई तक प्रारंभिक चेतावनी प्रसार प्रणाली (ईडब्ल्यूडीएस) की स्थापना करने के लिए कहा है और इसके साथ ही साथ ही बाढ़ और चक्रवात जैसी संभावित आपदाओं से निपटने के लिए तैयारियों की समीक्षा की है. इस संबंध में फैसला राज्य के मुख्य सचिव एपी पाधि की अध्यक्षता में हुई राज्य स्तरीय मानसून पूर्व तैयारियों हेतु हुई बैठक में लिया गया है.टिप्पणियां देश के विभिन्न राज्य महाराष्ट्र, तेलंगाना, कर्नाटक, गुजरात और झारखण्ड के साथ ही पूर्वोत्तर राज्य नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में तापमान सामान्य स्तर से उपर ही रहा.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) मौसम विभाग ने कहा कि राज्य के अधिकांश हिस्सों में भीषण गर्मी में काफी उछाल आया है, जिसके साथ ही राज्य के कम-से-कम नौ स्थानों पर पारा 43 डिग्री सेल्सियस और 13 स्थानों पर 40 डिग्री सेल्सियस पार कर गया है. राजधानी भुवनेश्वर का अधिकतम तापमान 38.4 डिग्री सेल्सियस रहा जबकि कटक शहर में अधिकतम तापमान 37.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. हालांकि ओडिशा मानसून के लिए तैयार है. शुरुआती मानसून के आगमन की संभावनाओं के बीच ओडिशा सरकार ने अधिकारियों से जुलाई तक प्रारंभिक चेतावनी प्रसार प्रणाली (ईडब्ल्यूडीएस) की स्थापना करने के लिए कहा है और इसके साथ ही साथ ही बाढ़ और चक्रवात जैसी संभावित आपदाओं से निपटने के लिए तैयारियों की समीक्षा की है. इस संबंध में फैसला राज्य के मुख्य सचिव एपी पाधि की अध्यक्षता में हुई राज्य स्तरीय मानसून पूर्व तैयारियों हेतु हुई बैठक में लिया गया है.टिप्पणियां देश के विभिन्न राज्य महाराष्ट्र, तेलंगाना, कर्नाटक, गुजरात और झारखण्ड के साथ ही पूर्वोत्तर राज्य नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में तापमान सामान्य स्तर से उपर ही रहा.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) हालांकि ओडिशा मानसून के लिए तैयार है. शुरुआती मानसून के आगमन की संभावनाओं के बीच ओडिशा सरकार ने अधिकारियों से जुलाई तक प्रारंभिक चेतावनी प्रसार प्रणाली (ईडब्ल्यूडीएस) की स्थापना करने के लिए कहा है और इसके साथ ही साथ ही बाढ़ और चक्रवात जैसी संभावित आपदाओं से निपटने के लिए तैयारियों की समीक्षा की है. इस संबंध में फैसला राज्य के मुख्य सचिव एपी पाधि की अध्यक्षता में हुई राज्य स्तरीय मानसून पूर्व तैयारियों हेतु हुई बैठक में लिया गया है.टिप्पणियां देश के विभिन्न राज्य महाराष्ट्र, तेलंगाना, कर्नाटक, गुजरात और झारखण्ड के साथ ही पूर्वोत्तर राज्य नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में तापमान सामान्य स्तर से उपर ही रहा.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इस संबंध में फैसला राज्य के मुख्य सचिव एपी पाधि की अध्यक्षता में हुई राज्य स्तरीय मानसून पूर्व तैयारियों हेतु हुई बैठक में लिया गया है.टिप्पणियां देश के विभिन्न राज्य महाराष्ट्र, तेलंगाना, कर्नाटक, गुजरात और झारखण्ड के साथ ही पूर्वोत्तर राज्य नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में तापमान सामान्य स्तर से उपर ही रहा.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) देश के विभिन्न राज्य महाराष्ट्र, तेलंगाना, कर्नाटक, गुजरात और झारखण्ड के साथ ही पूर्वोत्तर राज्य नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में तापमान सामान्य स्तर से उपर ही रहा.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
तीतलागढ़ में तापमान 46 का आंकड़ा पार कर गया है भद्रक में लू लगने से 80 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो गई राज्य स्तरीय मानसून पूर्व तैयारियों हेतु हुई बैठक
1
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सुपरस्टार सलमान खान का मानना है कि उनका जीवन उबाऊ है और उस पर कोई भी बायोपिक नहीं बनाना चाहेगा। सलमान से जब उनके जीवन पर बायोपिक बनाने के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने यह बयान दिया।   अभिनेता ने कहा, "मेरा जीवन काफी उबाऊ है। कोई भी इस पर बायोपिक नहीं बनाना चाहेगा। कई लोग इसे देख के मर जाएंगे।" सलमान से जब पूछा गया कि क्या वह किसी फिल्मकार को उनके जीवन पर फिल्म बनाने देंगे? उन्होंने कहा, "कभी नहीं, क्योंकि किसी को इसे लिखना होगा और इसे केवल मैं और मेरे भाई या बहन लिख सकते हैं और इसमें भी कुछ चीजें ऐसी हैं, जिसे वे अनजान हैं।"   'सुल्तान' के अभिनेता ने यह भी कहा कि उनके असल जीवन के किरदार को पर्दे पर कोई भी नहीं निभा सकता। हाल ही में रिलीज फिल्म 'सुल्तान' के लिए मिली सबसे अच्छी प्रतिक्रिया के बारे में पूछे जाने पर सलमान ने कहा, "मुझे सबसे अच्छी प्रतिक्रिया यह मिली है कि लोग इस फिल्म को बार-बार देख रहे हैं। इससे ज्यादा क्या चाहिए?"(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यहाँ एक सारांश है:अपने जीवन पर कभी किसी को फिल्‍म बनाने नहीं देंगे सलमान मेरे असल जीवन के किरदार को पर्दे पर कोई भी नहीं निभा सकता केवल मैं और मेरे भाई या बहन ही लिख सकते हैं मेरी कहानी
17
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: घरेलू हिंसा के आरोपों के चलते हाल ही में मंत्री पद से इस्तीफा देने वाले केरल के पूर्व मंत्री केबी गणेश कुमार तथा उनकी पत्नी ने अंतत: तलाक की अर्जी दाखिल कर दी। दोनों व्यक्तियों ने एक-दूसरे के खिलाफ दायर मामले वापस ले लिए हैं। केरल के एक परिवार न्यायालय ने इस मामले की सुनवाई 21 अक्टूबर तक के लिए स्थगित कर दी। एक रपट में फिल्म अभिनेता रहे कुमार को अपनी प्रेमिका के पति द्वारा पीटे जाने की खबर आने के बाद उन्हें वन एवं पर्यावरण मंत्री के पद से इस्तीफा देने के लिए बाध्य किया गया था। कुमार की पत्नी यामिनी थानकाची पेशे से चिकित्सक हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री ओमन चांडी से मुलाकात की थी और शिकायत की थी कि उन्हें घरेलू हिंसा का शिकार बनाया जा रहा है। इससे पहले कुमार और यामिनी 5 अप्रैल को एक दंडाधिकारी के समक्ष पेश हुए थे और समझौते की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया था। इस दौरान चार घंटे चले विचार-विमर्श के बाद दोनों व्यक्तियों को दंडाधिकारी के कमरे में हुई कार्यवाही को सार्वजनिक नहीं करने के लिए कहा गया। दंडाधिकारी द्वारा समझौते का प्रयास रंग लाता दिखा और कुमार ने दो दिन पहले ही सार्वजनिक रूप से माफी मांगी तथा एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान रो पड़े।टिप्पणियां यामिनी ने गुरुवार को मीडिया को बताया कि वह कुमार के खिलाफ दायर सभी मामले वापस ले रही हैं तथा उन्होंने मध्यस्थता करने वाले लोगों का आभार प्रकट किया। आपसी सहमति के बाद तलाक की अर्जी दाखिल करने के अलावा कुमार ने कथित तौर पर यामिनी और अपने दो बच्चों को राजधानी स्थित अपना पारिवारिक घर दे दिया। दोनों व्यक्तियों ने एक-दूसरे के खिलाफ दायर मामले वापस ले लिए हैं। केरल के एक परिवार न्यायालय ने इस मामले की सुनवाई 21 अक्टूबर तक के लिए स्थगित कर दी। एक रपट में फिल्म अभिनेता रहे कुमार को अपनी प्रेमिका के पति द्वारा पीटे जाने की खबर आने के बाद उन्हें वन एवं पर्यावरण मंत्री के पद से इस्तीफा देने के लिए बाध्य किया गया था। कुमार की पत्नी यामिनी थानकाची पेशे से चिकित्सक हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री ओमन चांडी से मुलाकात की थी और शिकायत की थी कि उन्हें घरेलू हिंसा का शिकार बनाया जा रहा है। इससे पहले कुमार और यामिनी 5 अप्रैल को एक दंडाधिकारी के समक्ष पेश हुए थे और समझौते की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया था। इस दौरान चार घंटे चले विचार-विमर्श के बाद दोनों व्यक्तियों को दंडाधिकारी के कमरे में हुई कार्यवाही को सार्वजनिक नहीं करने के लिए कहा गया। दंडाधिकारी द्वारा समझौते का प्रयास रंग लाता दिखा और कुमार ने दो दिन पहले ही सार्वजनिक रूप से माफी मांगी तथा एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान रो पड़े।टिप्पणियां यामिनी ने गुरुवार को मीडिया को बताया कि वह कुमार के खिलाफ दायर सभी मामले वापस ले रही हैं तथा उन्होंने मध्यस्थता करने वाले लोगों का आभार प्रकट किया। आपसी सहमति के बाद तलाक की अर्जी दाखिल करने के अलावा कुमार ने कथित तौर पर यामिनी और अपने दो बच्चों को राजधानी स्थित अपना पारिवारिक घर दे दिया। एक रपट में फिल्म अभिनेता रहे कुमार को अपनी प्रेमिका के पति द्वारा पीटे जाने की खबर आने के बाद उन्हें वन एवं पर्यावरण मंत्री के पद से इस्तीफा देने के लिए बाध्य किया गया था। कुमार की पत्नी यामिनी थानकाची पेशे से चिकित्सक हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री ओमन चांडी से मुलाकात की थी और शिकायत की थी कि उन्हें घरेलू हिंसा का शिकार बनाया जा रहा है। इससे पहले कुमार और यामिनी 5 अप्रैल को एक दंडाधिकारी के समक्ष पेश हुए थे और समझौते की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया था। इस दौरान चार घंटे चले विचार-विमर्श के बाद दोनों व्यक्तियों को दंडाधिकारी के कमरे में हुई कार्यवाही को सार्वजनिक नहीं करने के लिए कहा गया। दंडाधिकारी द्वारा समझौते का प्रयास रंग लाता दिखा और कुमार ने दो दिन पहले ही सार्वजनिक रूप से माफी मांगी तथा एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान रो पड़े।टिप्पणियां यामिनी ने गुरुवार को मीडिया को बताया कि वह कुमार के खिलाफ दायर सभी मामले वापस ले रही हैं तथा उन्होंने मध्यस्थता करने वाले लोगों का आभार प्रकट किया। आपसी सहमति के बाद तलाक की अर्जी दाखिल करने के अलावा कुमार ने कथित तौर पर यामिनी और अपने दो बच्चों को राजधानी स्थित अपना पारिवारिक घर दे दिया। कुमार की पत्नी यामिनी थानकाची पेशे से चिकित्सक हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री ओमन चांडी से मुलाकात की थी और शिकायत की थी कि उन्हें घरेलू हिंसा का शिकार बनाया जा रहा है। इससे पहले कुमार और यामिनी 5 अप्रैल को एक दंडाधिकारी के समक्ष पेश हुए थे और समझौते की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया था। इस दौरान चार घंटे चले विचार-विमर्श के बाद दोनों व्यक्तियों को दंडाधिकारी के कमरे में हुई कार्यवाही को सार्वजनिक नहीं करने के लिए कहा गया। दंडाधिकारी द्वारा समझौते का प्रयास रंग लाता दिखा और कुमार ने दो दिन पहले ही सार्वजनिक रूप से माफी मांगी तथा एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान रो पड़े।टिप्पणियां यामिनी ने गुरुवार को मीडिया को बताया कि वह कुमार के खिलाफ दायर सभी मामले वापस ले रही हैं तथा उन्होंने मध्यस्थता करने वाले लोगों का आभार प्रकट किया। आपसी सहमति के बाद तलाक की अर्जी दाखिल करने के अलावा कुमार ने कथित तौर पर यामिनी और अपने दो बच्चों को राजधानी स्थित अपना पारिवारिक घर दे दिया। इससे पहले कुमार और यामिनी 5 अप्रैल को एक दंडाधिकारी के समक्ष पेश हुए थे और समझौते की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया था। इस दौरान चार घंटे चले विचार-विमर्श के बाद दोनों व्यक्तियों को दंडाधिकारी के कमरे में हुई कार्यवाही को सार्वजनिक नहीं करने के लिए कहा गया। दंडाधिकारी द्वारा समझौते का प्रयास रंग लाता दिखा और कुमार ने दो दिन पहले ही सार्वजनिक रूप से माफी मांगी तथा एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान रो पड़े।टिप्पणियां यामिनी ने गुरुवार को मीडिया को बताया कि वह कुमार के खिलाफ दायर सभी मामले वापस ले रही हैं तथा उन्होंने मध्यस्थता करने वाले लोगों का आभार प्रकट किया। आपसी सहमति के बाद तलाक की अर्जी दाखिल करने के अलावा कुमार ने कथित तौर पर यामिनी और अपने दो बच्चों को राजधानी स्थित अपना पारिवारिक घर दे दिया। इस दौरान चार घंटे चले विचार-विमर्श के बाद दोनों व्यक्तियों को दंडाधिकारी के कमरे में हुई कार्यवाही को सार्वजनिक नहीं करने के लिए कहा गया। दंडाधिकारी द्वारा समझौते का प्रयास रंग लाता दिखा और कुमार ने दो दिन पहले ही सार्वजनिक रूप से माफी मांगी तथा एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान रो पड़े।टिप्पणियां यामिनी ने गुरुवार को मीडिया को बताया कि वह कुमार के खिलाफ दायर सभी मामले वापस ले रही हैं तथा उन्होंने मध्यस्थता करने वाले लोगों का आभार प्रकट किया। आपसी सहमति के बाद तलाक की अर्जी दाखिल करने के अलावा कुमार ने कथित तौर पर यामिनी और अपने दो बच्चों को राजधानी स्थित अपना पारिवारिक घर दे दिया। दंडाधिकारी द्वारा समझौते का प्रयास रंग लाता दिखा और कुमार ने दो दिन पहले ही सार्वजनिक रूप से माफी मांगी तथा एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान रो पड़े।टिप्पणियां यामिनी ने गुरुवार को मीडिया को बताया कि वह कुमार के खिलाफ दायर सभी मामले वापस ले रही हैं तथा उन्होंने मध्यस्थता करने वाले लोगों का आभार प्रकट किया। आपसी सहमति के बाद तलाक की अर्जी दाखिल करने के अलावा कुमार ने कथित तौर पर यामिनी और अपने दो बच्चों को राजधानी स्थित अपना पारिवारिक घर दे दिया। यामिनी ने गुरुवार को मीडिया को बताया कि वह कुमार के खिलाफ दायर सभी मामले वापस ले रही हैं तथा उन्होंने मध्यस्थता करने वाले लोगों का आभार प्रकट किया। आपसी सहमति के बाद तलाक की अर्जी दाखिल करने के अलावा कुमार ने कथित तौर पर यामिनी और अपने दो बच्चों को राजधानी स्थित अपना पारिवारिक घर दे दिया। आपसी सहमति के बाद तलाक की अर्जी दाखिल करने के अलावा कुमार ने कथित तौर पर यामिनी और अपने दो बच्चों को राजधानी स्थित अपना पारिवारिक घर दे दिया।
संक्षिप्त पाठ: घरेलू हिंसा के आरोपों के चलते हाल ही में मंत्री पद से इस्तीफा देने वाले केरल के पूर्व मंत्री केबी गणेश कुमार तथा उनकी पत्नी ने अंतत: तलाक की अर्जी दाखिल कर दी।
27
['hin']
एक सारांश बनाओ: पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने देश में 11 मई को चुनाव कराने का ऐलान किया है। बीते 16 मार्च को पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार ने पांच साल का अपना कार्यकाल पूरा किया था। यहां के संसदीय इतिहास में यह पहला मौका होगा जब चुनाव के माध्यम से सत्ता का हस्तांतरण एक निर्वाचित सरकार से दूसरी निर्वाचित सरकार को होगा। प्रधानमंत्री राजा परवेज अशरफ की ओर से चुनाव तिथि तय करने का औपचारिक प्रस्ताव मिलने के बाद राष्ट्रपति जरदारी ने दोपहर में ऐलान किया कि 11 मई को संसदीय चुनाव के लिए मतदान होगा। राष्ट्रपति के प्रवक्ता फरहतुल्ला बाबर ने बताया, ‘प्रधानमंत्री की ओर से प्रस्ताव मिलने के कुछ समय बाद ही राष्ट्रपति ने चुनाव तिथि का ऐलान किया।’ अधिकारियों का कहना है कि निर्वाचन आयोग अगले दो दिन के भीतर औपचारिक रूप से चुनाव कार्यक्रम का ऐलान करेगा।टिप्पणियां पाकिस्तानी संसद के निचले सदन नेशनल एसंबली को 16 मार्च को पांच साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद भंग कर दिया गया था। नियमों के अनुसार एसेंबली भंग होने के 60 दिन के भीतर चुनाव कराना अनिवार्य है। नेशनल एसेंबली में 342 सदस्य होते हैं। पाकिस्तान में पीपीपी के नेतृत्व वाली निवर्तमान सरकार देश की पहली असैन्य सरकार रही, जिसने अपना कार्यकाल पूरा किया। यहां के संसदीय इतिहास में यह पहला मौका होगा जब चुनाव के माध्यम से सत्ता का हस्तांतरण एक निर्वाचित सरकार से दूसरी निर्वाचित सरकार को होगा। प्रधानमंत्री राजा परवेज अशरफ की ओर से चुनाव तिथि तय करने का औपचारिक प्रस्ताव मिलने के बाद राष्ट्रपति जरदारी ने दोपहर में ऐलान किया कि 11 मई को संसदीय चुनाव के लिए मतदान होगा। राष्ट्रपति के प्रवक्ता फरहतुल्ला बाबर ने बताया, ‘प्रधानमंत्री की ओर से प्रस्ताव मिलने के कुछ समय बाद ही राष्ट्रपति ने चुनाव तिथि का ऐलान किया।’ अधिकारियों का कहना है कि निर्वाचन आयोग अगले दो दिन के भीतर औपचारिक रूप से चुनाव कार्यक्रम का ऐलान करेगा।टिप्पणियां पाकिस्तानी संसद के निचले सदन नेशनल एसंबली को 16 मार्च को पांच साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद भंग कर दिया गया था। नियमों के अनुसार एसेंबली भंग होने के 60 दिन के भीतर चुनाव कराना अनिवार्य है। नेशनल एसेंबली में 342 सदस्य होते हैं। पाकिस्तान में पीपीपी के नेतृत्व वाली निवर्तमान सरकार देश की पहली असैन्य सरकार रही, जिसने अपना कार्यकाल पूरा किया। प्रधानमंत्री राजा परवेज अशरफ की ओर से चुनाव तिथि तय करने का औपचारिक प्रस्ताव मिलने के बाद राष्ट्रपति जरदारी ने दोपहर में ऐलान किया कि 11 मई को संसदीय चुनाव के लिए मतदान होगा। राष्ट्रपति के प्रवक्ता फरहतुल्ला बाबर ने बताया, ‘प्रधानमंत्री की ओर से प्रस्ताव मिलने के कुछ समय बाद ही राष्ट्रपति ने चुनाव तिथि का ऐलान किया।’ अधिकारियों का कहना है कि निर्वाचन आयोग अगले दो दिन के भीतर औपचारिक रूप से चुनाव कार्यक्रम का ऐलान करेगा।टिप्पणियां पाकिस्तानी संसद के निचले सदन नेशनल एसंबली को 16 मार्च को पांच साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद भंग कर दिया गया था। नियमों के अनुसार एसेंबली भंग होने के 60 दिन के भीतर चुनाव कराना अनिवार्य है। नेशनल एसेंबली में 342 सदस्य होते हैं। पाकिस्तान में पीपीपी के नेतृत्व वाली निवर्तमान सरकार देश की पहली असैन्य सरकार रही, जिसने अपना कार्यकाल पूरा किया। राष्ट्रपति के प्रवक्ता फरहतुल्ला बाबर ने बताया, ‘प्रधानमंत्री की ओर से प्रस्ताव मिलने के कुछ समय बाद ही राष्ट्रपति ने चुनाव तिथि का ऐलान किया।’ अधिकारियों का कहना है कि निर्वाचन आयोग अगले दो दिन के भीतर औपचारिक रूप से चुनाव कार्यक्रम का ऐलान करेगा।टिप्पणियां पाकिस्तानी संसद के निचले सदन नेशनल एसंबली को 16 मार्च को पांच साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद भंग कर दिया गया था। नियमों के अनुसार एसेंबली भंग होने के 60 दिन के भीतर चुनाव कराना अनिवार्य है। नेशनल एसेंबली में 342 सदस्य होते हैं। पाकिस्तान में पीपीपी के नेतृत्व वाली निवर्तमान सरकार देश की पहली असैन्य सरकार रही, जिसने अपना कार्यकाल पूरा किया। पाकिस्तानी संसद के निचले सदन नेशनल एसंबली को 16 मार्च को पांच साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद भंग कर दिया गया था। नियमों के अनुसार एसेंबली भंग होने के 60 दिन के भीतर चुनाव कराना अनिवार्य है। नेशनल एसेंबली में 342 सदस्य होते हैं। पाकिस्तान में पीपीपी के नेतृत्व वाली निवर्तमान सरकार देश की पहली असैन्य सरकार रही, जिसने अपना कार्यकाल पूरा किया। पाकिस्तान में पीपीपी के नेतृत्व वाली निवर्तमान सरकार देश की पहली असैन्य सरकार रही, जिसने अपना कार्यकाल पूरा किया।
संक्षिप्त पाठ: पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने देश में 11 मई को चुनाव कराने का ऐलान किया है। बीते 16 मार्च को पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार ने पांच साल का अपना कार्यकाल पूरा किया था।
30
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: बाबा रामदेव के भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन को लेकर बॉलीवुड भले ही बंटा रहा हो लेकिन योग गुरु के खिलाफ मध्यरात्रि में हुई कार्रवाई की पूरे फिल्म उद्योग ने एक सुर में निंदा की है। बालीवुड के तमाम सदस्यों ने कहा कि हर किसी को प्रदर्शन करने का अधिकार है। अभिनेत्री रवीना टंडन ने ट्विटर पर लिखा, यह देश हर किसी को प्रदर्शन करने का अधिकार देता है। याद है? अगर हत्यारों, आतंकवादियों को राजनीति में शामिल होने का निमंत्रण होता है तो बाबा को क्यों नहीं। दिग्गज कलाकार अनुपम खेर ने ट्विटर पर कहा, यह देखना हैरान करने वाला है कि रामलीला मैदान पर पुलिस और अधिकारियों ने किस तरह भीड़ के साथ दुर्व्‍यवहार किया। यह गलत और अलोकतांत्रिक है। शर्मनाक फिल्म निर्माता प्रीतिश नंदी ने कहा, मैं रामदेव का समर्थक नहीं हूं। लेकिन यह गलत है। दरअसल यह सरकारी असहिष्णुता का खतरनाक संकेत है। निर्देशक अनुभव सिन्हा ने कहा, अगर कोई व्यक्ति हजारों लोगों को प्रेरित करता है तो उसे सवाल उठाने का अधिकार है, खासकर तब जबकि सवाल काफी प्रासंगिक हो।
आंदोलन पर बॉलीवुड भले ही बंटा रहा हो लेकिन योग गुरु के खिलाफ मध्यरात्रि में हुई कार्रवाई की पूरे फिल्म उद्योग ने एक सुर में निंदा की है।
34
['hin']
एक सारांश बनाओ: देश की 10 प्रमुख कंपनियों में से 6 के बाजार पूंजीकरण में पिछले सप्ताह संयुक्त रूप से 16,103.97 करोड़ रुपये की वृद्धि दर्ज की गई है। इसमें सर्वाधिक लाभ में रहने वाली कंपनी सार्वजनिक क्षेत्र की कोल इंडिया रही। आलोच्य सप्ताह के दौरान कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) का बाजार पूंजीकरण 5,211 करोड़ रुपये बढ़कर 2,24,609.76 करोड़ रुपये रहा। सीआईएल के बाद देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक का बाजार पूंजीकरण 3,778.19 करोड़ रुपये बढ़कर 1,76,463.72 करोड़ रुपये रहा। दो प्रमुख आईटी कंपनियों टीसीएस और इंफोसिस टेक्नोलॉजीज का बाजार पूंजीकरण संयुक्त रूप से 3,487.11 करोड़ रुपये रहा। इसी प्रकार, निजी क्षेत्र की दूरसंचार कंपनी भारती एयरटेल का बाजार पूंजीकरण 2,544.34 करोड़ रुपये बढ़कर 1,37,489.21 करोड़ रुपये रहा। जबकि एफएमसीजी कंपनी आईटीसी का बाजार पूंजीकरण 1,083.33 करोड़ रुपये बढ़कर 1,42,458.42 करोड़ रुपये रहा। दूसरी ओर, रिलायंस इंडस्ट्रीज, ओएनजीसी और एनटीपीसी जैसी कंपनियों के बाजार पूंजीकरण में गिरावट दर्ज की गई है।
देश की 10 प्रमुख कंपनियों में से 6 के बाजार पूंजीकरण में पिछले सप्ताह संयुक्त रूप से 16,103.97 करोड़ रुपये की वृद्धि दर्ज की गई है।
26
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: मुंबई के एक रेस्तरां को कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर इसलिए बंद करवा दिया, क्योंकि उस रेस्तरां के बिल पर एक संदेश लिखा था, जो यूपीए सरकार के खिलाफ था। इस मुद्दे पर गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ट्वीट कर कहा कि 'असहिष्णुता की हद' (हाइट ऑफ इनटॉलरेंस)। मुंबई के परेल इलाके में अदिति प्योर वेज नाम के इस रेस्तरां के बिल में एक संदेश लिखा है, यूपीए सरकार के अनुसार, पैसा खाना (2जी, कोल, सीडब्ल्यूजी)' जरूरी है और एसी रेस्तरां में खाना खाना एक विलासिता है। कहा जा रहा है कि जिस प्रकार से सेवाकर एसी रेस्तरां पर लगाए गए हैं, उससे रेस्तरां का मालिक नाराज था। इस कर के कारण ऐसे रेस्तरां मालिका का व्यापार काफी प्रभावित हुआ है। लेकिन, कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने इस संदेश के पीछे के व्यंग्य को नहीं समझा और सोमवार को करीब 30-35 कांग्रेस के युवा कार्यकर्ताओं ने इस रेस्तरां में हंगामा किया। इस भीड़ का नेतृत्व युवा कांग्रेस के शहर अध्यक्ष गणेश कुमार यादव और पार्टी विधायक कालीदास कोलंबकर कर रहे थे। हंगामे के बाद रेस्तरां को बंद करना पड़ा। बताया जा रहा है कि पार्टी नेताओं ने रेस्तरां मालिक से अपनी दुकान बंद करने के लिए कहा और यह भी कहा कि यह आदेश पार्टी के दिल्ली कार्यालय से आया है। बताया जा रहा है कि पार्टी नेताओं ने स्थानीय थाने में इस संबंध में एक मानहानि का केस दर्ज कराया है।टिप्पणियां पुलिस ने रेस्तरां मालिक श्रीनिवास शेट्टी को एक नोटिस भेजा था। पुलिस के अनुसार, रेस्तरां मालिक ने आगे से ऐसा न करने का आश्वासन दिया है और मामला शांत हो गया है। रेस्तरां अब फिर चालू हो गया है। युवा कांग्रेस के महासचिव संदीप पानसाडे ने कहा कि यदि आपको किसी बात पर आपत्ति है तो आपके पास कानूनी विकल्प हैं, लेकिन कुछ आदमियों की गलती के लिए आप पूरी पार्टी को बदनाम नहीं कर सकते। मुंबई के परेल इलाके में अदिति प्योर वेज नाम के इस रेस्तरां के बिल में एक संदेश लिखा है, यूपीए सरकार के अनुसार, पैसा खाना (2जी, कोल, सीडब्ल्यूजी)' जरूरी है और एसी रेस्तरां में खाना खाना एक विलासिता है। कहा जा रहा है कि जिस प्रकार से सेवाकर एसी रेस्तरां पर लगाए गए हैं, उससे रेस्तरां का मालिक नाराज था। इस कर के कारण ऐसे रेस्तरां मालिका का व्यापार काफी प्रभावित हुआ है। लेकिन, कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने इस संदेश के पीछे के व्यंग्य को नहीं समझा और सोमवार को करीब 30-35 कांग्रेस के युवा कार्यकर्ताओं ने इस रेस्तरां में हंगामा किया। इस भीड़ का नेतृत्व युवा कांग्रेस के शहर अध्यक्ष गणेश कुमार यादव और पार्टी विधायक कालीदास कोलंबकर कर रहे थे। हंगामे के बाद रेस्तरां को बंद करना पड़ा। बताया जा रहा है कि पार्टी नेताओं ने रेस्तरां मालिक से अपनी दुकान बंद करने के लिए कहा और यह भी कहा कि यह आदेश पार्टी के दिल्ली कार्यालय से आया है। बताया जा रहा है कि पार्टी नेताओं ने स्थानीय थाने में इस संबंध में एक मानहानि का केस दर्ज कराया है।टिप्पणियां पुलिस ने रेस्तरां मालिक श्रीनिवास शेट्टी को एक नोटिस भेजा था। पुलिस के अनुसार, रेस्तरां मालिक ने आगे से ऐसा न करने का आश्वासन दिया है और मामला शांत हो गया है। रेस्तरां अब फिर चालू हो गया है। युवा कांग्रेस के महासचिव संदीप पानसाडे ने कहा कि यदि आपको किसी बात पर आपत्ति है तो आपके पास कानूनी विकल्प हैं, लेकिन कुछ आदमियों की गलती के लिए आप पूरी पार्टी को बदनाम नहीं कर सकते। लेकिन, कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने इस संदेश के पीछे के व्यंग्य को नहीं समझा और सोमवार को करीब 30-35 कांग्रेस के युवा कार्यकर्ताओं ने इस रेस्तरां में हंगामा किया। इस भीड़ का नेतृत्व युवा कांग्रेस के शहर अध्यक्ष गणेश कुमार यादव और पार्टी विधायक कालीदास कोलंबकर कर रहे थे। हंगामे के बाद रेस्तरां को बंद करना पड़ा। बताया जा रहा है कि पार्टी नेताओं ने रेस्तरां मालिक से अपनी दुकान बंद करने के लिए कहा और यह भी कहा कि यह आदेश पार्टी के दिल्ली कार्यालय से आया है। बताया जा रहा है कि पार्टी नेताओं ने स्थानीय थाने में इस संबंध में एक मानहानि का केस दर्ज कराया है।टिप्पणियां पुलिस ने रेस्तरां मालिक श्रीनिवास शेट्टी को एक नोटिस भेजा था। पुलिस के अनुसार, रेस्तरां मालिक ने आगे से ऐसा न करने का आश्वासन दिया है और मामला शांत हो गया है। रेस्तरां अब फिर चालू हो गया है। युवा कांग्रेस के महासचिव संदीप पानसाडे ने कहा कि यदि आपको किसी बात पर आपत्ति है तो आपके पास कानूनी विकल्प हैं, लेकिन कुछ आदमियों की गलती के लिए आप पूरी पार्टी को बदनाम नहीं कर सकते। बताया जा रहा है कि पार्टी नेताओं ने रेस्तरां मालिक से अपनी दुकान बंद करने के लिए कहा और यह भी कहा कि यह आदेश पार्टी के दिल्ली कार्यालय से आया है। बताया जा रहा है कि पार्टी नेताओं ने स्थानीय थाने में इस संबंध में एक मानहानि का केस दर्ज कराया है।टिप्पणियां पुलिस ने रेस्तरां मालिक श्रीनिवास शेट्टी को एक नोटिस भेजा था। पुलिस के अनुसार, रेस्तरां मालिक ने आगे से ऐसा न करने का आश्वासन दिया है और मामला शांत हो गया है। रेस्तरां अब फिर चालू हो गया है। युवा कांग्रेस के महासचिव संदीप पानसाडे ने कहा कि यदि आपको किसी बात पर आपत्ति है तो आपके पास कानूनी विकल्प हैं, लेकिन कुछ आदमियों की गलती के लिए आप पूरी पार्टी को बदनाम नहीं कर सकते। पुलिस ने रेस्तरां मालिक श्रीनिवास शेट्टी को एक नोटिस भेजा था। पुलिस के अनुसार, रेस्तरां मालिक ने आगे से ऐसा न करने का आश्वासन दिया है और मामला शांत हो गया है। रेस्तरां अब फिर चालू हो गया है। युवा कांग्रेस के महासचिव संदीप पानसाडे ने कहा कि यदि आपको किसी बात पर आपत्ति है तो आपके पास कानूनी विकल्प हैं, लेकिन कुछ आदमियों की गलती के लिए आप पूरी पार्टी को बदनाम नहीं कर सकते। युवा कांग्रेस के महासचिव संदीप पानसाडे ने कहा कि यदि आपको किसी बात पर आपत्ति है तो आपके पास कानूनी विकल्प हैं, लेकिन कुछ आदमियों की गलती के लिए आप पूरी पार्टी को बदनाम नहीं कर सकते।
सारांश: मुंबई के एक रेस्तरां को कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर इसलिए बंद करवा दिया, क्योंकि उस रेस्तरां के बिल पर एक संदेश लिखा था, जो यूपीए सरकार के खिलाफ था। इस मुद्दे पर गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ट्वीट कर कहा कि 'असहिष्णुता की हद' (हाइट
33
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: पहलवान से अभिनेता बने दारा सिंह के बीमार होने के बाद उनके पैतृक गांव में लोग भगवान से उनके बेहतर स्वास्थ की दुआ मांग रहे हैं। पंजाब के अमृतसर जिले के धरमूचक में लोग हनुमान मंदिर में रामायण सीरियल में हनुमान की भूमिका निभा चुके दारा सिंह के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।टिप्पणियां गांव वालों को उनकी सभी भूमिकाओं में हनुमान की भूमिका सबसे ज्यादा पंसद है और ऐसे में वह भगवान हुनमान के मंदिर में मत्था टेकने पहुंच गए हैं। दारा सिंह को अपने गांव से बेहद लगाव है जब वह राज्यसभा सांसद बने तो उन्होंने अपने गांव में एक स्टेडियम भी बनवाया था। उन्हें दिल का दौरा पड़ने के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों के मुताबिक उनकी हालत बेहद नाजुक है। उन्हें अभी भी जीवनरक्षक उपकरणों पर रखा गया है और उन्हें बहुत अधिक ऑक्सीजन की जरूरत पड़ रही है। उनके गुर्दे भी ठीक से काम नहीं कर रहे हैं। गांव वालों को उनकी सभी भूमिकाओं में हनुमान की भूमिका सबसे ज्यादा पंसद है और ऐसे में वह भगवान हुनमान के मंदिर में मत्था टेकने पहुंच गए हैं। दारा सिंह को अपने गांव से बेहद लगाव है जब वह राज्यसभा सांसद बने तो उन्होंने अपने गांव में एक स्टेडियम भी बनवाया था। उन्हें दिल का दौरा पड़ने के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों के मुताबिक उनकी हालत बेहद नाजुक है। उन्हें अभी भी जीवनरक्षक उपकरणों पर रखा गया है और उन्हें बहुत अधिक ऑक्सीजन की जरूरत पड़ रही है। उनके गुर्दे भी ठीक से काम नहीं कर रहे हैं। उन्हें दिल का दौरा पड़ने के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों के मुताबिक उनकी हालत बेहद नाजुक है। उन्हें अभी भी जीवनरक्षक उपकरणों पर रखा गया है और उन्हें बहुत अधिक ऑक्सीजन की जरूरत पड़ रही है। उनके गुर्दे भी ठीक से काम नहीं कर रहे हैं।
यहाँ एक सारांश है:पहलवान से अभिनेता बने दारा सिंह के बीमार होने के बाद उनके पैतृक गांव में लोग भगवान से उनके बेहतर स्वास्थ की दुआ मांग रहे हैं।
18
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय ओलिंपिक संघ (आईओए) ने केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी को पत्र लिखकर गुजारिश की है कि आगामी आम बजट में खेल के क्षेत्र को प्राथमिकता के साथ तरजीह दिया जाए। आईओए के कार्यकारी अध्यक्ष विजय कुमार मल्होत्रा ने मुखर्जी को लिखे पत्र में कहा, "पूरा विश्व खेल व खेल से जुड़े संसाधनों के विकास पर बड़ी राशि खर्च कर रहा है जबकि भारत में अभी भी इस क्षेत्र में ध्यान नहीं दिया जाता है। बजट में खेल के क्षेत्र में जो राशि आवंटित की जाती है वह अक्सर बहुत कम होता है और उससे खेल क्षेत्र से जुड़े लोगों के साथ अन्याय होता है।"टिप्पणियां मल्होत्रा ने कहा, "मैं आपसे आग्रह करूंगा कि खेल को प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में शुमार करें ताकि खेल संघों को प्रशिक्षण, मुकाबलों और टीमों को बाहर भेजने में कोष की कमी न झेलनी पड़े।" मल्होत्रा ने हालांकि यह स्वीकार किया कि सरकार की तरफ से ओलिंपिक की तैयारी के लिए मदद मिल रही है लेकिन उन्होंने कहा कि यही नीति हमें दीर्घावधि के लिए भी रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास मंत्रालय को खेलों के प्रोत्साहन पर राशि खर्च करनी चाहिए। उन्होंने आशा जताई कि सरकार अगले वित्त वर्ष के लिए बजट में खेलों के लिए 4000 करोड़ रुपये का प्रावधान करेगी। आईओए के कार्यकारी अध्यक्ष विजय कुमार मल्होत्रा ने मुखर्जी को लिखे पत्र में कहा, "पूरा विश्व खेल व खेल से जुड़े संसाधनों के विकास पर बड़ी राशि खर्च कर रहा है जबकि भारत में अभी भी इस क्षेत्र में ध्यान नहीं दिया जाता है। बजट में खेल के क्षेत्र में जो राशि आवंटित की जाती है वह अक्सर बहुत कम होता है और उससे खेल क्षेत्र से जुड़े लोगों के साथ अन्याय होता है।"टिप्पणियां मल्होत्रा ने कहा, "मैं आपसे आग्रह करूंगा कि खेल को प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में शुमार करें ताकि खेल संघों को प्रशिक्षण, मुकाबलों और टीमों को बाहर भेजने में कोष की कमी न झेलनी पड़े।" मल्होत्रा ने हालांकि यह स्वीकार किया कि सरकार की तरफ से ओलिंपिक की तैयारी के लिए मदद मिल रही है लेकिन उन्होंने कहा कि यही नीति हमें दीर्घावधि के लिए भी रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास मंत्रालय को खेलों के प्रोत्साहन पर राशि खर्च करनी चाहिए। उन्होंने आशा जताई कि सरकार अगले वित्त वर्ष के लिए बजट में खेलों के लिए 4000 करोड़ रुपये का प्रावधान करेगी। मल्होत्रा ने कहा, "मैं आपसे आग्रह करूंगा कि खेल को प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में शुमार करें ताकि खेल संघों को प्रशिक्षण, मुकाबलों और टीमों को बाहर भेजने में कोष की कमी न झेलनी पड़े।" मल्होत्रा ने हालांकि यह स्वीकार किया कि सरकार की तरफ से ओलिंपिक की तैयारी के लिए मदद मिल रही है लेकिन उन्होंने कहा कि यही नीति हमें दीर्घावधि के लिए भी रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास मंत्रालय को खेलों के प्रोत्साहन पर राशि खर्च करनी चाहिए। उन्होंने आशा जताई कि सरकार अगले वित्त वर्ष के लिए बजट में खेलों के लिए 4000 करोड़ रुपये का प्रावधान करेगी। मल्होत्रा ने हालांकि यह स्वीकार किया कि सरकार की तरफ से ओलिंपिक की तैयारी के लिए मदद मिल रही है लेकिन उन्होंने कहा कि यही नीति हमें दीर्घावधि के लिए भी रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास मंत्रालय को खेलों के प्रोत्साहन पर राशि खर्च करनी चाहिए। उन्होंने आशा जताई कि सरकार अगले वित्त वर्ष के लिए बजट में खेलों के लिए 4000 करोड़ रुपये का प्रावधान करेगी।
सारांश: भारतीय ओलिंपिक संघ (आईओए) ने केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी को पत्र लिखकर गुजारिश की है कि आगामी आम बजट में खेल के क्षेत्र को प्राथमिकता के साथ तरजीह दिया जाए।
20
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: तुर्की में सेना द्वारा सत्ता पर कब्ज़ा कर मार्शल लॉ और कर्फ्यू लगा देने के बाद राजधानी अंकारा में शुक्रवार को एक ज़ोरदार धमाका सुना गया है। यह ख़बर समाचार एजेंसी एएफपी के पत्रकारों ने दी है। धमाके की वजह के बारे में तत्काल कोई जानकारी नहीं मिल पाई है, परंतु शाम से ही अंकारा के ऊपर उड़ान भर रहे जेट विमान अब भी आकाश में चक्कर लगा रहे हैं।टिप्पणियां दरअसल, तुर्की में सेना ने मार्शल लॉ लागू कर कर्फ्यू लगा दिया है, और सत्ता पर कब्ज़ा कर लिया है, जबकि राष्ट्रपति तय्यिप एरडोगन ने तख्तापलट की कोशिश की निंदा करते हुए तुर्की के नागरिकों से सरकार के प्रति समर्थन ज़ाहिर करने के लिए सड़कों पर उतर आने का आग्रह किया है। इस बीच, तुर्की में सोशल मीडिया सेवाओं को भी निलंबित कर दिया गया है। धमाके की वजह के बारे में तत्काल कोई जानकारी नहीं मिल पाई है, परंतु शाम से ही अंकारा के ऊपर उड़ान भर रहे जेट विमान अब भी आकाश में चक्कर लगा रहे हैं।टिप्पणियां दरअसल, तुर्की में सेना ने मार्शल लॉ लागू कर कर्फ्यू लगा दिया है, और सत्ता पर कब्ज़ा कर लिया है, जबकि राष्ट्रपति तय्यिप एरडोगन ने तख्तापलट की कोशिश की निंदा करते हुए तुर्की के नागरिकों से सरकार के प्रति समर्थन ज़ाहिर करने के लिए सड़कों पर उतर आने का आग्रह किया है। इस बीच, तुर्की में सोशल मीडिया सेवाओं को भी निलंबित कर दिया गया है। दरअसल, तुर्की में सेना ने मार्शल लॉ लागू कर कर्फ्यू लगा दिया है, और सत्ता पर कब्ज़ा कर लिया है, जबकि राष्ट्रपति तय्यिप एरडोगन ने तख्तापलट की कोशिश की निंदा करते हुए तुर्की के नागरिकों से सरकार के प्रति समर्थन ज़ाहिर करने के लिए सड़कों पर उतर आने का आग्रह किया है। इस बीच, तुर्की में सोशल मीडिया सेवाओं को भी निलंबित कर दिया गया है। इस बीच, तुर्की में सोशल मीडिया सेवाओं को भी निलंबित कर दिया गया है।
संक्षिप्त सारांश: धमाके की वजह के बारे में तत्काल कोई जानकारी नहीं मिल पाई है शाम से ही अंकारा के ऊपर जेट विमान उड़ान भर रहे हैं तुर्की में सोशल मीडिया सेवाओं को भी निलंबित कर दिया गया है
29
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: नई दिल्ली के पॉश मानसिंह रोड पर बने ताज होटल की नीलामी के मामले टाटा ग्रुप को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. कोर्ट ने NDMC को टाटा ग्रुप की लीज ना बढ़ाने के फैसले पर फिर से विचार करने को कहा है. कोर्ट ने कहा कि इस मामले में NDMC ने सही से कारवाई नहीं की और कानूनी अधिकारियों की राय को दबाया, जिसमें टाटा ग्रुप को लीज बढ़ाने को कहा गया था.   NDMC छह हफ्ते में फैसला ले और कोर्ट में रिपोर्ट दाखिल करे. अब होटल की नीलामी के लिए टाटा ग्रुप को पहले मौका दिया जाए. अगर वह लाइसेंस के लिए नीलामी में तय रकम नहीं दे पाए तो इसके बाद ही जो बड़ी बोली लगाए, उसे लीज दी जाए. गौरतलब है कि मानसिंह रोड पर बने ताज होटल की नीलामी के मामले में सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रहा है. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने यथास्थिति बरकरार रखने के आदेश दिए थे जिससे नीलामी रुक गई थी. सुप्रीम कोर्ट के आदेश से टाटा ग्रुप की इंडियन होटल कंपनी को राहत मिली थी और कोर्ट ने NDMC की मांग को दरकिनार कर दिया था जिसमें उन्होंने 31 मार्च से बाद होटल में कंपनी कोई बुकिंग ना ले. कोर्ट ने कहा था कि चलते हुए बिजनेस पर रोक नहीं लगा सकते. टिप्पणियां दिल्ली हाईकोर्ट मे टाटा ग्रुप की इंडियन होटल्स कंपनी (IHCL) ने इस नीलामी के खिलाफ याचिका दायर की थी जिसे 27 अक्तूबर को दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया था और न्यू दिल्ली म्यूनिसिपल कोरपोरेशन NDMC को होटल की नीलामी करने को हरी झंडी दे दी थी. कंपनी ने सुप्रीम कोर्ट में हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी है. टाटा ग्रुप की IHCL ही ताज मानसिंह होटल चलाती है. दिल्ली हाईकोर्ट ने ये भी आदेश दिया था कि कंपनी को लाइसेंस में एक्सटेंशन पाने का कोई अधिकार नहीं है बल्कि ये अधिकार NDMC के पास है. दरअसल एनडीएमसी के स्वामित्व वाली इस संपत्ति को 1976 में आईएचसीएल को 33 साल के पट्टे पर दिया गया था और एग्रीमेंट के तहत 11 मंजिला होटल तैयार कर चलाया जा रहा था. यह पट्टा 2011 में समाप्त हो गया. इसके बाद विभिन्न आधार पर कंपनी को इसका नौ बार अस्थायी विस्तार दिया गया. इसमें से तीन विस्तार तो अकेले पिछले साल दिए गए. एनडीएमसी ने इस साल जनवरी में कहा था कि वह होटल की नीलामी के लिए संपत्तियों का आकलन कर रही है. इस संपत्ति की नीलामी में पहले ही काफी देरी हो चुकी है. गौरतलब है कि मानसिंह रोड पर बने ताज होटल की नीलामी के मामले में सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रहा है. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने यथास्थिति बरकरार रखने के आदेश दिए थे जिससे नीलामी रुक गई थी. सुप्रीम कोर्ट के आदेश से टाटा ग्रुप की इंडियन होटल कंपनी को राहत मिली थी और कोर्ट ने NDMC की मांग को दरकिनार कर दिया था जिसमें उन्होंने 31 मार्च से बाद होटल में कंपनी कोई बुकिंग ना ले. कोर्ट ने कहा था कि चलते हुए बिजनेस पर रोक नहीं लगा सकते. टिप्पणियां दिल्ली हाईकोर्ट मे टाटा ग्रुप की इंडियन होटल्स कंपनी (IHCL) ने इस नीलामी के खिलाफ याचिका दायर की थी जिसे 27 अक्तूबर को दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया था और न्यू दिल्ली म्यूनिसिपल कोरपोरेशन NDMC को होटल की नीलामी करने को हरी झंडी दे दी थी. कंपनी ने सुप्रीम कोर्ट में हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी है. टाटा ग्रुप की IHCL ही ताज मानसिंह होटल चलाती है. दिल्ली हाईकोर्ट ने ये भी आदेश दिया था कि कंपनी को लाइसेंस में एक्सटेंशन पाने का कोई अधिकार नहीं है बल्कि ये अधिकार NDMC के पास है. दरअसल एनडीएमसी के स्वामित्व वाली इस संपत्ति को 1976 में आईएचसीएल को 33 साल के पट्टे पर दिया गया था और एग्रीमेंट के तहत 11 मंजिला होटल तैयार कर चलाया जा रहा था. यह पट्टा 2011 में समाप्त हो गया. इसके बाद विभिन्न आधार पर कंपनी को इसका नौ बार अस्थायी विस्तार दिया गया. इसमें से तीन विस्तार तो अकेले पिछले साल दिए गए. एनडीएमसी ने इस साल जनवरी में कहा था कि वह होटल की नीलामी के लिए संपत्तियों का आकलन कर रही है. इस संपत्ति की नीलामी में पहले ही काफी देरी हो चुकी है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश से टाटा ग्रुप की इंडियन होटल कंपनी को राहत मिली थी और कोर्ट ने NDMC की मांग को दरकिनार कर दिया था जिसमें उन्होंने 31 मार्च से बाद होटल में कंपनी कोई बुकिंग ना ले. कोर्ट ने कहा था कि चलते हुए बिजनेस पर रोक नहीं लगा सकते. टिप्पणियां दिल्ली हाईकोर्ट मे टाटा ग्रुप की इंडियन होटल्स कंपनी (IHCL) ने इस नीलामी के खिलाफ याचिका दायर की थी जिसे 27 अक्तूबर को दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया था और न्यू दिल्ली म्यूनिसिपल कोरपोरेशन NDMC को होटल की नीलामी करने को हरी झंडी दे दी थी. कंपनी ने सुप्रीम कोर्ट में हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी है. टाटा ग्रुप की IHCL ही ताज मानसिंह होटल चलाती है. दिल्ली हाईकोर्ट ने ये भी आदेश दिया था कि कंपनी को लाइसेंस में एक्सटेंशन पाने का कोई अधिकार नहीं है बल्कि ये अधिकार NDMC के पास है. दरअसल एनडीएमसी के स्वामित्व वाली इस संपत्ति को 1976 में आईएचसीएल को 33 साल के पट्टे पर दिया गया था और एग्रीमेंट के तहत 11 मंजिला होटल तैयार कर चलाया जा रहा था. यह पट्टा 2011 में समाप्त हो गया. इसके बाद विभिन्न आधार पर कंपनी को इसका नौ बार अस्थायी विस्तार दिया गया. इसमें से तीन विस्तार तो अकेले पिछले साल दिए गए. एनडीएमसी ने इस साल जनवरी में कहा था कि वह होटल की नीलामी के लिए संपत्तियों का आकलन कर रही है. इस संपत्ति की नीलामी में पहले ही काफी देरी हो चुकी है. दिल्ली हाईकोर्ट मे टाटा ग्रुप की इंडियन होटल्स कंपनी (IHCL) ने इस नीलामी के खिलाफ याचिका दायर की थी जिसे 27 अक्तूबर को दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया था और न्यू दिल्ली म्यूनिसिपल कोरपोरेशन NDMC को होटल की नीलामी करने को हरी झंडी दे दी थी. कंपनी ने सुप्रीम कोर्ट में हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी है. टाटा ग्रुप की IHCL ही ताज मानसिंह होटल चलाती है. दिल्ली हाईकोर्ट ने ये भी आदेश दिया था कि कंपनी को लाइसेंस में एक्सटेंशन पाने का कोई अधिकार नहीं है बल्कि ये अधिकार NDMC के पास है. दरअसल एनडीएमसी के स्वामित्व वाली इस संपत्ति को 1976 में आईएचसीएल को 33 साल के पट्टे पर दिया गया था और एग्रीमेंट के तहत 11 मंजिला होटल तैयार कर चलाया जा रहा था. यह पट्टा 2011 में समाप्त हो गया. इसके बाद विभिन्न आधार पर कंपनी को इसका नौ बार अस्थायी विस्तार दिया गया. इसमें से तीन विस्तार तो अकेले पिछले साल दिए गए. एनडीएमसी ने इस साल जनवरी में कहा था कि वह होटल की नीलामी के लिए संपत्तियों का आकलन कर रही है. इस संपत्ति की नीलामी में पहले ही काफी देरी हो चुकी है. दिल्ली हाईकोर्ट ने ये भी आदेश दिया था कि कंपनी को लाइसेंस में एक्सटेंशन पाने का कोई अधिकार नहीं है बल्कि ये अधिकार NDMC के पास है. दरअसल एनडीएमसी के स्वामित्व वाली इस संपत्ति को 1976 में आईएचसीएल को 33 साल के पट्टे पर दिया गया था और एग्रीमेंट के तहत 11 मंजिला होटल तैयार कर चलाया जा रहा था. यह पट्टा 2011 में समाप्त हो गया. इसके बाद विभिन्न आधार पर कंपनी को इसका नौ बार अस्थायी विस्तार दिया गया. इसमें से तीन विस्तार तो अकेले पिछले साल दिए गए. एनडीएमसी ने इस साल जनवरी में कहा था कि वह होटल की नीलामी के लिए संपत्तियों का आकलन कर रही है. इस संपत्ति की नीलामी में पहले ही काफी देरी हो चुकी है.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: NDMC को टाटा ग्रुप की लीज न बढ़ाने के फैसले पर पुन: विचार करने को कहा गया कोर्ट ने कहा कि इस मामले में NDMC ने सही से कारवाई नहीं की. NDMC छह हफ्ते में फैसला ले और कोर्ट में रिपोर्ट दाखिल करे.
19
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आम जनता से सीधा संवाद स्थापित कर उसकी समस्याएं सुनने के लिए बुधवार से जनता दरबार की शुरुआत की। यह जनता दरबार मुख्यमंत्री के सरकारी आवास 5-कालीदास मार्ग पर शुरू हो गया है। जनता दरबार में अलग-अलग जिलों से सैकड़ों लोग अपनी-अपनी फरियाद लेकर पहुंचे हैं। जनता दरबार हर बुधवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास पर लगा करेगा, जिसमें मुख्यमंत्री आम लोगों की समस्याओं पर गौर करेंगे।टिप्पणियां उत्तर प्रदेश में चुनाव प्रचार के दौरान समाजवादी पार्टी (सपा) ने वादा किया था कि उसकी सरकार बनने पर राज्य में जनता दरबार का सिलसिला फिर से शुरू किया जाएगा। मुलायम सिंह के मुख्यमंत्रित्व काल में जनता दरबार लगा करता था लेकिन मायावती के मुख्यमंत्री बनने के बाद यह बंद हो गया था। यह जनता दरबार मुख्यमंत्री के सरकारी आवास 5-कालीदास मार्ग पर शुरू हो गया है। जनता दरबार में अलग-अलग जिलों से सैकड़ों लोग अपनी-अपनी फरियाद लेकर पहुंचे हैं। जनता दरबार हर बुधवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास पर लगा करेगा, जिसमें मुख्यमंत्री आम लोगों की समस्याओं पर गौर करेंगे।टिप्पणियां उत्तर प्रदेश में चुनाव प्रचार के दौरान समाजवादी पार्टी (सपा) ने वादा किया था कि उसकी सरकार बनने पर राज्य में जनता दरबार का सिलसिला फिर से शुरू किया जाएगा। मुलायम सिंह के मुख्यमंत्रित्व काल में जनता दरबार लगा करता था लेकिन मायावती के मुख्यमंत्री बनने के बाद यह बंद हो गया था। जनता दरबार हर बुधवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास पर लगा करेगा, जिसमें मुख्यमंत्री आम लोगों की समस्याओं पर गौर करेंगे।टिप्पणियां उत्तर प्रदेश में चुनाव प्रचार के दौरान समाजवादी पार्टी (सपा) ने वादा किया था कि उसकी सरकार बनने पर राज्य में जनता दरबार का सिलसिला फिर से शुरू किया जाएगा। मुलायम सिंह के मुख्यमंत्रित्व काल में जनता दरबार लगा करता था लेकिन मायावती के मुख्यमंत्री बनने के बाद यह बंद हो गया था। उत्तर प्रदेश में चुनाव प्रचार के दौरान समाजवादी पार्टी (सपा) ने वादा किया था कि उसकी सरकार बनने पर राज्य में जनता दरबार का सिलसिला फिर से शुरू किया जाएगा। मुलायम सिंह के मुख्यमंत्रित्व काल में जनता दरबार लगा करता था लेकिन मायावती के मुख्यमंत्री बनने के बाद यह बंद हो गया था। मुलायम सिंह के मुख्यमंत्रित्व काल में जनता दरबार लगा करता था लेकिन मायावती के मुख्यमंत्री बनने के बाद यह बंद हो गया था।
यह एक सारांश है: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आम जनता से सीधा संवाद स्थापित कर उसकी समस्याएं सुनने के लिए बुधवार से जनता दरबार की शुरुआत की।
2
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कर्नाटक में मंत्रालय के बंटवारे पर तीन दिन तक बातचीत के बाद नए मुख्यमंत्री डीवी सदानंद गौडा ने 21 काबीना मंत्रियों को शामिल कर अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया। बहुचर्चित माइनिंग मैगनेट रेड्डी बंधु और उनके निकट सहयोगी श्रीरामुलू उसमें जगह नहीं पा सके। मंत्रिमंडल में जगह पाए सभी मंत्री बीएस येदियुरप्पा के मंत्रिमंडल में भी शामिल थे। येदियुरप्पा को अवैध उत्खनन पर कर्नाटक लोकायुक्त की रिपोर्ट में आरोपित होने के चलते मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा। करुणाकर रेड्डी और जनार्दन रेड्डी और खदानों से मालामाल बेलारी जिले के उनके निकट सहयोगी बी. श्रीरामुलू भी अवैध उत्खनन पर कर्नाटक लोकायुक्त की रिपोर्ट में आरोपित हुए हैं। तीनों दक्षिण में येदियुरप्पा के नेतृत्व में गठित भाजपा की पहली सरकार में शामिल थे, लेकिन नए मंत्रिमंडल में उन्हें जगह नहीं मिल पाई। पहले कयासों का बाजार गरम था कि मुख्यमंत्री पद के लिए गुप्त मतदान में येदियुरप्पा खेमे के गौड़ा के हाथों शिकस्त खाए जगदीश शेट्टर को उप मुख्यमंत्री बनाया जाएगा। लेकिन नए मंत्रिमंडल में उप मुख्यमंत्री का कोई पद नहीं है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: नए मुख्यमंत्री डीवी सदानंद गौडा ने 21 काबीना मंत्रियों को शामिल कर अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया।
19
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने रविवार को चेन्नई सुपर किंग्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गुरुनाथ मय्यप्पन को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में स्पॉट फिक्सिंग के मामले में कथित संलिप्तता को लेकर निलंबित कर दिया। बोर्ड के अध्यक्ष एन. श्रीनिवासन ने पद छोड़ने से इनकार करते हुए घोषणा की कि एक आयोग उनके दामाद की घोटाले में भूमिका की जांच करेगा। बोर्ड प्रमुख एन. श्रीनिवासन ने रविवार को कहा कि बीते कुछ दिन बीसीसीआई के लिए काफी कठिन रहे हैं। इस दौरान एक पिता और एक ससुर होने के नाते वह काफी परेशान रहे हैं। श्रीनिवासन के मुताबिक वह अपनी जिम्मेदारियों से कभी पीछे नहीं हटेंगे और बीसीसीआई स्पॉट फिक्सिंग से जुड़े मामले में बिना किसी भय और हस्तक्षेप के कदम उठाएगी। मुंबई पुलिस की एक टीम ने मय्यप्पन के चेन्नई स्थित आवास पर छापामारी की, जबकि बीसीसीआई ने घोटाले की जांच में पुलिस और नियामक अधिकारियों की मदद का वादा किया है। दिल्ली में एक अदालत ने भारतीय गेंदबाज एस. श्रीसंत और क्रिकेट खिलाड़ी अजित चंडेला को और दो दिनों की पुलिस हिरासत मंजूर कर ली। दोनों 28 मई तक पुलिस हिरासत में रहेंगे, जबकि तीसरे खिलाड़ी अंकित चव्हाण को अदालत ने 4 जून तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया। बीसीसीआई के सचिव संजय जगदाले ने कोलकाता में मय्यप्पन के निलंबन की घोषणा की। मयप्पन बीसीसीआई के अध्यक्ष एन. श्रीनिवासन के दामाद हैं। उन्होंने शुक्रवार रात खुद को मुंबई पुलिस के हवाले कर दिया था। तीन घंटे की पूछताछ के बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था।टिप्पणियां स्पॉट फिक्सिंग में मय्यप्पन का नाम तब आया, जब पुलिस ने इस मामले में बॉलीवुड अभिनेता विंदू दारा सिंह को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ की। विंदू चेन्नई सुपर किंग्स के मैच के दौरान वीआईपी बॉक्स में देखे गए थे। जगदाले ने एक बयान जारी कर कहा है, "मय्यप्पन को क्रिकेट, विशेषकर चेन्नई सुपर किंग्स टीम के साथ किसी भी तरह की भागीदारी से निलंबित किया जाता है। बीसीसीआई की अनुशासनात्मक समिति या आईपीएल की व्यवहार संहिता समिति द्वारा इस मामले की जांच तथा सुनवाई लंबित है।" उन्होंने कहा कि बीसीसीआई के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी रत्नाकर शेट्टी तथा आईपीएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुंदर रमन सहित बीसीसीआई के कई अधिकारियों ने गुरुवार को मुंबई पुलिस के अधिकारियों से मुलाकात की। वे पुलिस अधिकारियों तथा अन्य जांच एजेंसियों के साथ सहयोग जारी रखेंगे। बोर्ड प्रमुख एन. श्रीनिवासन ने रविवार को कहा कि बीते कुछ दिन बीसीसीआई के लिए काफी कठिन रहे हैं। इस दौरान एक पिता और एक ससुर होने के नाते वह काफी परेशान रहे हैं। श्रीनिवासन के मुताबिक वह अपनी जिम्मेदारियों से कभी पीछे नहीं हटेंगे और बीसीसीआई स्पॉट फिक्सिंग से जुड़े मामले में बिना किसी भय और हस्तक्षेप के कदम उठाएगी। मुंबई पुलिस की एक टीम ने मय्यप्पन के चेन्नई स्थित आवास पर छापामारी की, जबकि बीसीसीआई ने घोटाले की जांच में पुलिस और नियामक अधिकारियों की मदद का वादा किया है। दिल्ली में एक अदालत ने भारतीय गेंदबाज एस. श्रीसंत और क्रिकेट खिलाड़ी अजित चंडेला को और दो दिनों की पुलिस हिरासत मंजूर कर ली। दोनों 28 मई तक पुलिस हिरासत में रहेंगे, जबकि तीसरे खिलाड़ी अंकित चव्हाण को अदालत ने 4 जून तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया। बीसीसीआई के सचिव संजय जगदाले ने कोलकाता में मय्यप्पन के निलंबन की घोषणा की। मयप्पन बीसीसीआई के अध्यक्ष एन. श्रीनिवासन के दामाद हैं। उन्होंने शुक्रवार रात खुद को मुंबई पुलिस के हवाले कर दिया था। तीन घंटे की पूछताछ के बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था।टिप्पणियां स्पॉट फिक्सिंग में मय्यप्पन का नाम तब आया, जब पुलिस ने इस मामले में बॉलीवुड अभिनेता विंदू दारा सिंह को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ की। विंदू चेन्नई सुपर किंग्स के मैच के दौरान वीआईपी बॉक्स में देखे गए थे। जगदाले ने एक बयान जारी कर कहा है, "मय्यप्पन को क्रिकेट, विशेषकर चेन्नई सुपर किंग्स टीम के साथ किसी भी तरह की भागीदारी से निलंबित किया जाता है। बीसीसीआई की अनुशासनात्मक समिति या आईपीएल की व्यवहार संहिता समिति द्वारा इस मामले की जांच तथा सुनवाई लंबित है।" उन्होंने कहा कि बीसीसीआई के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी रत्नाकर शेट्टी तथा आईपीएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुंदर रमन सहित बीसीसीआई के कई अधिकारियों ने गुरुवार को मुंबई पुलिस के अधिकारियों से मुलाकात की। वे पुलिस अधिकारियों तथा अन्य जांच एजेंसियों के साथ सहयोग जारी रखेंगे। मुंबई पुलिस की एक टीम ने मय्यप्पन के चेन्नई स्थित आवास पर छापामारी की, जबकि बीसीसीआई ने घोटाले की जांच में पुलिस और नियामक अधिकारियों की मदद का वादा किया है। दिल्ली में एक अदालत ने भारतीय गेंदबाज एस. श्रीसंत और क्रिकेट खिलाड़ी अजित चंडेला को और दो दिनों की पुलिस हिरासत मंजूर कर ली। दोनों 28 मई तक पुलिस हिरासत में रहेंगे, जबकि तीसरे खिलाड़ी अंकित चव्हाण को अदालत ने 4 जून तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया। बीसीसीआई के सचिव संजय जगदाले ने कोलकाता में मय्यप्पन के निलंबन की घोषणा की। मयप्पन बीसीसीआई के अध्यक्ष एन. श्रीनिवासन के दामाद हैं। उन्होंने शुक्रवार रात खुद को मुंबई पुलिस के हवाले कर दिया था। तीन घंटे की पूछताछ के बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था।टिप्पणियां स्पॉट फिक्सिंग में मय्यप्पन का नाम तब आया, जब पुलिस ने इस मामले में बॉलीवुड अभिनेता विंदू दारा सिंह को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ की। विंदू चेन्नई सुपर किंग्स के मैच के दौरान वीआईपी बॉक्स में देखे गए थे। जगदाले ने एक बयान जारी कर कहा है, "मय्यप्पन को क्रिकेट, विशेषकर चेन्नई सुपर किंग्स टीम के साथ किसी भी तरह की भागीदारी से निलंबित किया जाता है। बीसीसीआई की अनुशासनात्मक समिति या आईपीएल की व्यवहार संहिता समिति द्वारा इस मामले की जांच तथा सुनवाई लंबित है।" उन्होंने कहा कि बीसीसीआई के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी रत्नाकर शेट्टी तथा आईपीएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुंदर रमन सहित बीसीसीआई के कई अधिकारियों ने गुरुवार को मुंबई पुलिस के अधिकारियों से मुलाकात की। वे पुलिस अधिकारियों तथा अन्य जांच एजेंसियों के साथ सहयोग जारी रखेंगे। दिल्ली में एक अदालत ने भारतीय गेंदबाज एस. श्रीसंत और क्रिकेट खिलाड़ी अजित चंडेला को और दो दिनों की पुलिस हिरासत मंजूर कर ली। दोनों 28 मई तक पुलिस हिरासत में रहेंगे, जबकि तीसरे खिलाड़ी अंकित चव्हाण को अदालत ने 4 जून तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया। बीसीसीआई के सचिव संजय जगदाले ने कोलकाता में मय्यप्पन के निलंबन की घोषणा की। मयप्पन बीसीसीआई के अध्यक्ष एन. श्रीनिवासन के दामाद हैं। उन्होंने शुक्रवार रात खुद को मुंबई पुलिस के हवाले कर दिया था। तीन घंटे की पूछताछ के बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था।टिप्पणियां स्पॉट फिक्सिंग में मय्यप्पन का नाम तब आया, जब पुलिस ने इस मामले में बॉलीवुड अभिनेता विंदू दारा सिंह को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ की। विंदू चेन्नई सुपर किंग्स के मैच के दौरान वीआईपी बॉक्स में देखे गए थे। जगदाले ने एक बयान जारी कर कहा है, "मय्यप्पन को क्रिकेट, विशेषकर चेन्नई सुपर किंग्स टीम के साथ किसी भी तरह की भागीदारी से निलंबित किया जाता है। बीसीसीआई की अनुशासनात्मक समिति या आईपीएल की व्यवहार संहिता समिति द्वारा इस मामले की जांच तथा सुनवाई लंबित है।" उन्होंने कहा कि बीसीसीआई के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी रत्नाकर शेट्टी तथा आईपीएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुंदर रमन सहित बीसीसीआई के कई अधिकारियों ने गुरुवार को मुंबई पुलिस के अधिकारियों से मुलाकात की। वे पुलिस अधिकारियों तथा अन्य जांच एजेंसियों के साथ सहयोग जारी रखेंगे। मयप्पन बीसीसीआई के अध्यक्ष एन. श्रीनिवासन के दामाद हैं। उन्होंने शुक्रवार रात खुद को मुंबई पुलिस के हवाले कर दिया था। तीन घंटे की पूछताछ के बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था।टिप्पणियां स्पॉट फिक्सिंग में मय्यप्पन का नाम तब आया, जब पुलिस ने इस मामले में बॉलीवुड अभिनेता विंदू दारा सिंह को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ की। विंदू चेन्नई सुपर किंग्स के मैच के दौरान वीआईपी बॉक्स में देखे गए थे। जगदाले ने एक बयान जारी कर कहा है, "मय्यप्पन को क्रिकेट, विशेषकर चेन्नई सुपर किंग्स टीम के साथ किसी भी तरह की भागीदारी से निलंबित किया जाता है। बीसीसीआई की अनुशासनात्मक समिति या आईपीएल की व्यवहार संहिता समिति द्वारा इस मामले की जांच तथा सुनवाई लंबित है।" उन्होंने कहा कि बीसीसीआई के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी रत्नाकर शेट्टी तथा आईपीएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुंदर रमन सहित बीसीसीआई के कई अधिकारियों ने गुरुवार को मुंबई पुलिस के अधिकारियों से मुलाकात की। वे पुलिस अधिकारियों तथा अन्य जांच एजेंसियों के साथ सहयोग जारी रखेंगे। स्पॉट फिक्सिंग में मय्यप्पन का नाम तब आया, जब पुलिस ने इस मामले में बॉलीवुड अभिनेता विंदू दारा सिंह को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ की। विंदू चेन्नई सुपर किंग्स के मैच के दौरान वीआईपी बॉक्स में देखे गए थे। जगदाले ने एक बयान जारी कर कहा है, "मय्यप्पन को क्रिकेट, विशेषकर चेन्नई सुपर किंग्स टीम के साथ किसी भी तरह की भागीदारी से निलंबित किया जाता है। बीसीसीआई की अनुशासनात्मक समिति या आईपीएल की व्यवहार संहिता समिति द्वारा इस मामले की जांच तथा सुनवाई लंबित है।" उन्होंने कहा कि बीसीसीआई के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी रत्नाकर शेट्टी तथा आईपीएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुंदर रमन सहित बीसीसीआई के कई अधिकारियों ने गुरुवार को मुंबई पुलिस के अधिकारियों से मुलाकात की। वे पुलिस अधिकारियों तथा अन्य जांच एजेंसियों के साथ सहयोग जारी रखेंगे। जगदाले ने एक बयान जारी कर कहा है, "मय्यप्पन को क्रिकेट, विशेषकर चेन्नई सुपर किंग्स टीम के साथ किसी भी तरह की भागीदारी से निलंबित किया जाता है। बीसीसीआई की अनुशासनात्मक समिति या आईपीएल की व्यवहार संहिता समिति द्वारा इस मामले की जांच तथा सुनवाई लंबित है।" उन्होंने कहा कि बीसीसीआई के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी रत्नाकर शेट्टी तथा आईपीएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुंदर रमन सहित बीसीसीआई के कई अधिकारियों ने गुरुवार को मुंबई पुलिस के अधिकारियों से मुलाकात की। वे पुलिस अधिकारियों तथा अन्य जांच एजेंसियों के साथ सहयोग जारी रखेंगे।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने रविवार को चेन्नई सुपर किंग्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गुरुनाथ मय्यप्पन को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में स्पॉट फिक्सिंग के मामले में कथित संलिप्तता को लेकर निलंबित कर दिया।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: लोकसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही सभी गठबंधनों में सीटों के बंटवारें को अंतिम रूप दिया जा रहा है. इसी कड़ी में बिहार के महागठबंधन में सीटों का फार्मूला अपने आखिरी पड़ाव पर है. आरजेडी के प्रवक्ता मनोज झा ने बताया कि इस हफ्ते के आखिर तक तय हो जाएगा कि गठबंधन में किसके हिस्से में कितनी सीटें आएंगी. आरजेडी को सबसे ज्यादा सीटें मिलने की वकालत करते हुए उन्होंने कहा कि बिहार महागठबंधन में आरजेडी न्यूक्लियस है. इसलिए आरजेडी को सबसे ज्यादा सीटें मिलनी चाहिए.  मनोज झा ने कहा कि बिहार में महागठबंधन की बुनियाद आजेडी है. अगर बुनियाद मजबूत होगी तो बिल्डिंग भी अच्छी बनेगी. लिहाजा आरजेडी के हिस्से में ज्यादा से ज्यादा सीटें आनी चाहिए. उन्होंने बताया कि नेताओं के बीच चर्चा चल रही है. इस हफ्ते के आखिरी तक सीटों का भी ऐलान कर दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि हम चाहेंगे कि लेफ्ट भी बिहार महागठबंधन में शामिल हो जाए. अगर ऐसा होता है तो महागठबंधन को मजबूती मिलेगी. बिहार के बेगूसराय में कन्हैया कुमार को समर्थन देने के सवाल पर मनोज झा ने कहा कि इस मामले पर किसी व्यक्ति विशेष की राय पर न जाएं. जानकारी के मुताबिक आज शाम सीट बंटवारे को लेकर एक अहम बैठक होनी लेकिन यह बैठक कहां होगी फाइनल नहीं हो पाया है. बिहार महागठबंधन में आरजेडी 19 से 20 सीटों की उम्मीद कर रही है. सूत्रों के अनुसार आरजेडी, तंवर हुसैन को बेगूसराय से उतारने की तैयारी में है और वह इस सीट पर किसी भी समझौते के लिए तैयार नहीं है. जबकि कन्हैया कुमार बेगूसराय से चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं. बता दें कि बिहार में लोकसभा चुनाव के लिए विपक्षी महागठबंधन में शामिल प्रमुख दल राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कांग्रेस सम्मानजनक सीट बंटवारे के करीब पहुंच चुके हैं,लेकिन कम से कम दो-तीन सीटों पर पेंच फंसा हुआ है. माना जा रहा है कि इन दो-तीन सीटों पर मामला सुलझा लेने के बाद जल्द ही सीट बंटवारे की घोषणा कर दी जाएगी.राजद के एक नेता का दावा है कि राजद और कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के बीच कम से कम दो दौर की बातचीत हो चुकी है और दोनों दल सम्मानजनक सीट बंटवारे के करीब हैं. पिछले दिनों कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और राजद के वरिष्ठ नेता तेजस्वी यादव के बीच बातचीत हुई थी.
बिहार महागठबंधन में अंतिम चरण में है सीटों का बंटवारा इस हफ्ते के आखिरी तक हो जाएगा सीटों का ऐलान आरजेडी का दावा, मिलनी चाहिए सबसे ज्यादा सीटें
34
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन (BPSC) ने 64वीं प्री परीक्षा का रिजल्ट (BPSC Result) जारी कर दिया है. बीपीएससी परीक्षा का रिजल्ट (BPSC 64 Result) ऑफिशियल वेबसाइट bpsc.bih.nic.in पर जारी किया गया है. उम्मीदवार अपना रिजल्ट (BPSC Pre Result) इस वेबसाइट पर जाकर ही चेक कर सकते हैं. प्री परीक्षा के रिजल्ट के साथ ही फाइनल आंसर-की जारी की गई है. ये आंसर-की बुकलेट सीरीज A,B,C और D की है. प्रारंभिक परीक्षा में 19,109 अभ्यर्थी सफल हुए हैं. 1465 पदों पर अब मेन परीक्षा आयोजित की जाएगी. प्री परीक्षा में पास होने वाले उम्मीदवारों को मेन परीक्षा देनी होगी. बता दें कि प्री परीक्षा में 2 लाख 95 हजार 444 अभ्यर्थी शामिल हुए थे. इस परीक्षा के लिए राज्य भर में 808 केंद्र बनाए गए थे. उम्मीदवारों नीचे दिए गए डायरेक्ट लिंक पर क्लिक कर अपना रिजल्ट (BPSC Result) चेक कर सकते हैं.   - आंसर-की चेक करने के लिए डायरेक्ट लिंक पर क्लिक करें- BPSC Final Answer Key - आंसर-की आपकी स्क्रीन पर आ जाएगी. - अब आप डाउनलोड के ऑप्शन पर क्लिक कर आंसर-की डाउनलोड कर सकते हैं.
सारांश: रिजल्ट जारी कर दिया गया है. प्रारंभिक परीक्षा में 19,109 अभ्यर्थी सफल हुए हैं. परीक्षा 1465 पदों के लिए हुई थी.
31
['hin']
एक सारांश बनाओ: कुमारमंगलम ने कहा, 'राष्ट्रीय महिला आयोग पहले से ही इस मुकदमे का हिस्सा है। हम इस महीने सुप्रीम कोर्ट में अपना जवाब दाखिल करेंगे। हम इस मांग का 200 फीसदी समर्थन करते हैं। जो भी बन पड़ेगा, हम करेंगे।' वह बीएमएमए की मांग पर प्रतिक्रिया जाहिर कर रही थीं। बीएमएमए का कहना है कि 'तीन बार तलाक' की यह प्रथा 'गैर-कुरानी' है।टिप्पणियां सुप्रीम कोर्ट हाल ही में 35 साल की सायरा की उस याचिका पर सुनवाई के लिए तैयार हुआ है, जिसमें मुस्लिम पर्सनल कानून में मौखिक तौर पर और एकतरफा तरीके से तलाक की प्रथा खत्म करने की मांग की गई है।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है) सुप्रीम कोर्ट हाल ही में 35 साल की सायरा की उस याचिका पर सुनवाई के लिए तैयार हुआ है, जिसमें मुस्लिम पर्सनल कानून में मौखिक तौर पर और एकतरफा तरीके से तलाक की प्रथा खत्म करने की मांग की गई है।(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है)
संक्षिप्त पाठ: बीएमएमए का कहना है कि 'तीन बार तलाक' की यह प्रथा 'गैर-कुरानी' है 92% मुस्लिम महिलाएं तलाक की इस व्यवस्था पर पाबंदी चाहती है : अध्ययन राष्ट्रीय महिला आयोग इस व्यवस्था के खिलाफ याचिका का समर्थन करेगा
30
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: राकेश नायक पूर्वी दिल्ली में ऑटो पार्ट्स का कारोबार करते हैं. हालांकि कारोबार बढ़िया होने के बावजूद भी वे टैक्स नहीं भरते. गनीमत है कि अभी तक कर अधिकारियों की नज़र में उन पर नहीं पड़ी है. लेकिन ऐसा अब नहीं चल पाएगा. जीएसटी लागू होने के बाद राकेश जैसे अन्य लोगों को अपने कर का ब्योरा देना होगा. वह न तो बिल के बगैर थोक व्यापारी से पार्ट्स खरीद पाएंगे और न ही फुटकर वाले व्यापारी को बेच सकेंगे. वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) शनिवार से लागू हो रहा है. हालांकि इसकी जटिल संरचना को लेकर कई व्यापारिक संगठन इसका विरोध कर रहे हैं. लेकिन स्वतंत्रता के बाद इसे देश का सबसे बड़ा कर सुधार माना जा रहा है. जीएसटी के लागू होने के बाद वैट, सेवा कर और केंद्रीय उत्पाद शुल्क जैसे केंद्र व राज्यों के दर्जन भर से अधिक टैक्स समाप्त हो जाएंगे.  दरअसल, इस नए कर ढांचे में फर्म को अपने खरीद-बिक्री का ब्योरा इनवॉइस के रूप में जीएसटी पोर्टल पर अपलोड करने होंगे. इसके बाद इन बिलों का मिलान किया जाएगा जिसके बाद ही व्यापारियों को इनपुट क्रेडिट मिल पाएगा. इस सबके लिए जरूरी होगा कि सामान बेचने वाला और खरीदने वाला दोनों व्यापारी रजिस्टर्ड हो. अगर कोई व्यापारी रजिस्टर नहीं होगा तो उसको बड़ी फर्म से माल प्राप्त होगा क्योंकि बड़ी फर्म को उसे बेचे गए माल पर इनपुट क्रेडिट नहीं मिलेगा. नायक ने कहा कि ऐसी स्थिति में जीएसटी में पंजीकरण कराने के अलावा उनके पास कोई अन्य विकल्प नहीं बचेगा.  राकेश नायक जैसे लाखों जो अब तक टैक्स देने से बचते रहे हैं उन्हें जीएसटी लागू होने के बाद टैक्स का भुगतान करना होगा नहीं तो उनका कारोबार ठप पड़ने की पूरी संभावना है. ऐसा होने पर सरकार के राजस्व में भी खासी वृद्धि होगी. देश की अर्थव्यवस्था रफ्तार पकड़ेगी.  टिप्पणियां विश्व की मुख्य अर्थव्यवस्थाओं के मुकाबले भारत का टैक्स -जीडीपी अनुपात काफी कम है इसलिए सरकार को राजस्व बढ़ाने की जरूरत है. भारत में टैक्स-जीडीपी अनुपात मात्र 16.6 प्रतिशत है जो विकसित देशों के समूह ओईसीडी के 34 प्रतिशत के मुकाबले लगभग आधा ही है. इसलिए विशेषज्ञों का अनुमान है कि जीएसटी लागू होने के बाद भारत के टैक्स-जीडीपी अनुपात में चार प्रतिशत तक बढ़ सकता है.  वहीं, सरकार का मानना है कि जीएसटी से कंपनियों को लगभग 14 बिलियन डॉलर की बचत होगी क्योंकि इससे उन्हें अपने वेयरहाउस और आपूर्ति श्रृंखला को और दक्ष बनाने की जरूरत होगी. कंपनियां अब राज्य दर राज्य परिचालन करने के बजाय केंद्रीय रूप से काम कर सकेंगे.  जानकारों की मानें तो जीएसटी का असंगठित क्षेत्र पर विपरीत असर पड़ सकता है क्योंकि ज्यादातर असंगठित क्षेत्र की ज्यादातर इकाइयां टैक्स सिस्टम में रजिस्टर नहीं हैं.   वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) शनिवार से लागू हो रहा है. हालांकि इसकी जटिल संरचना को लेकर कई व्यापारिक संगठन इसका विरोध कर रहे हैं. लेकिन स्वतंत्रता के बाद इसे देश का सबसे बड़ा कर सुधार माना जा रहा है. जीएसटी के लागू होने के बाद वैट, सेवा कर और केंद्रीय उत्पाद शुल्क जैसे केंद्र व राज्यों के दर्जन भर से अधिक टैक्स समाप्त हो जाएंगे.  दरअसल, इस नए कर ढांचे में फर्म को अपने खरीद-बिक्री का ब्योरा इनवॉइस के रूप में जीएसटी पोर्टल पर अपलोड करने होंगे. इसके बाद इन बिलों का मिलान किया जाएगा जिसके बाद ही व्यापारियों को इनपुट क्रेडिट मिल पाएगा. इस सबके लिए जरूरी होगा कि सामान बेचने वाला और खरीदने वाला दोनों व्यापारी रजिस्टर्ड हो. अगर कोई व्यापारी रजिस्टर नहीं होगा तो उसको बड़ी फर्म से माल प्राप्त होगा क्योंकि बड़ी फर्म को उसे बेचे गए माल पर इनपुट क्रेडिट नहीं मिलेगा. नायक ने कहा कि ऐसी स्थिति में जीएसटी में पंजीकरण कराने के अलावा उनके पास कोई अन्य विकल्प नहीं बचेगा.  राकेश नायक जैसे लाखों जो अब तक टैक्स देने से बचते रहे हैं उन्हें जीएसटी लागू होने के बाद टैक्स का भुगतान करना होगा नहीं तो उनका कारोबार ठप पड़ने की पूरी संभावना है. ऐसा होने पर सरकार के राजस्व में भी खासी वृद्धि होगी. देश की अर्थव्यवस्था रफ्तार पकड़ेगी.  टिप्पणियां विश्व की मुख्य अर्थव्यवस्थाओं के मुकाबले भारत का टैक्स -जीडीपी अनुपात काफी कम है इसलिए सरकार को राजस्व बढ़ाने की जरूरत है. भारत में टैक्स-जीडीपी अनुपात मात्र 16.6 प्रतिशत है जो विकसित देशों के समूह ओईसीडी के 34 प्रतिशत के मुकाबले लगभग आधा ही है. इसलिए विशेषज्ञों का अनुमान है कि जीएसटी लागू होने के बाद भारत के टैक्स-जीडीपी अनुपात में चार प्रतिशत तक बढ़ सकता है.  वहीं, सरकार का मानना है कि जीएसटी से कंपनियों को लगभग 14 बिलियन डॉलर की बचत होगी क्योंकि इससे उन्हें अपने वेयरहाउस और आपूर्ति श्रृंखला को और दक्ष बनाने की जरूरत होगी. कंपनियां अब राज्य दर राज्य परिचालन करने के बजाय केंद्रीय रूप से काम कर सकेंगे.  जानकारों की मानें तो जीएसटी का असंगठित क्षेत्र पर विपरीत असर पड़ सकता है क्योंकि ज्यादातर असंगठित क्षेत्र की ज्यादातर इकाइयां टैक्स सिस्टम में रजिस्टर नहीं हैं.   दरअसल, इस नए कर ढांचे में फर्म को अपने खरीद-बिक्री का ब्योरा इनवॉइस के रूप में जीएसटी पोर्टल पर अपलोड करने होंगे. इसके बाद इन बिलों का मिलान किया जाएगा जिसके बाद ही व्यापारियों को इनपुट क्रेडिट मिल पाएगा. इस सबके लिए जरूरी होगा कि सामान बेचने वाला और खरीदने वाला दोनों व्यापारी रजिस्टर्ड हो. अगर कोई व्यापारी रजिस्टर नहीं होगा तो उसको बड़ी फर्म से माल प्राप्त होगा क्योंकि बड़ी फर्म को उसे बेचे गए माल पर इनपुट क्रेडिट नहीं मिलेगा. नायक ने कहा कि ऐसी स्थिति में जीएसटी में पंजीकरण कराने के अलावा उनके पास कोई अन्य विकल्प नहीं बचेगा.  राकेश नायक जैसे लाखों जो अब तक टैक्स देने से बचते रहे हैं उन्हें जीएसटी लागू होने के बाद टैक्स का भुगतान करना होगा नहीं तो उनका कारोबार ठप पड़ने की पूरी संभावना है. ऐसा होने पर सरकार के राजस्व में भी खासी वृद्धि होगी. देश की अर्थव्यवस्था रफ्तार पकड़ेगी.  टिप्पणियां विश्व की मुख्य अर्थव्यवस्थाओं के मुकाबले भारत का टैक्स -जीडीपी अनुपात काफी कम है इसलिए सरकार को राजस्व बढ़ाने की जरूरत है. भारत में टैक्स-जीडीपी अनुपात मात्र 16.6 प्रतिशत है जो विकसित देशों के समूह ओईसीडी के 34 प्रतिशत के मुकाबले लगभग आधा ही है. इसलिए विशेषज्ञों का अनुमान है कि जीएसटी लागू होने के बाद भारत के टैक्स-जीडीपी अनुपात में चार प्रतिशत तक बढ़ सकता है.  वहीं, सरकार का मानना है कि जीएसटी से कंपनियों को लगभग 14 बिलियन डॉलर की बचत होगी क्योंकि इससे उन्हें अपने वेयरहाउस और आपूर्ति श्रृंखला को और दक्ष बनाने की जरूरत होगी. कंपनियां अब राज्य दर राज्य परिचालन करने के बजाय केंद्रीय रूप से काम कर सकेंगे.  जानकारों की मानें तो जीएसटी का असंगठित क्षेत्र पर विपरीत असर पड़ सकता है क्योंकि ज्यादातर असंगठित क्षेत्र की ज्यादातर इकाइयां टैक्स सिस्टम में रजिस्टर नहीं हैं.   राकेश नायक जैसे लाखों जो अब तक टैक्स देने से बचते रहे हैं उन्हें जीएसटी लागू होने के बाद टैक्स का भुगतान करना होगा नहीं तो उनका कारोबार ठप पड़ने की पूरी संभावना है. ऐसा होने पर सरकार के राजस्व में भी खासी वृद्धि होगी. देश की अर्थव्यवस्था रफ्तार पकड़ेगी.  टिप्पणियां विश्व की मुख्य अर्थव्यवस्थाओं के मुकाबले भारत का टैक्स -जीडीपी अनुपात काफी कम है इसलिए सरकार को राजस्व बढ़ाने की जरूरत है. भारत में टैक्स-जीडीपी अनुपात मात्र 16.6 प्रतिशत है जो विकसित देशों के समूह ओईसीडी के 34 प्रतिशत के मुकाबले लगभग आधा ही है. इसलिए विशेषज्ञों का अनुमान है कि जीएसटी लागू होने के बाद भारत के टैक्स-जीडीपी अनुपात में चार प्रतिशत तक बढ़ सकता है.  वहीं, सरकार का मानना है कि जीएसटी से कंपनियों को लगभग 14 बिलियन डॉलर की बचत होगी क्योंकि इससे उन्हें अपने वेयरहाउस और आपूर्ति श्रृंखला को और दक्ष बनाने की जरूरत होगी. कंपनियां अब राज्य दर राज्य परिचालन करने के बजाय केंद्रीय रूप से काम कर सकेंगे.  जानकारों की मानें तो जीएसटी का असंगठित क्षेत्र पर विपरीत असर पड़ सकता है क्योंकि ज्यादातर असंगठित क्षेत्र की ज्यादातर इकाइयां टैक्स सिस्टम में रजिस्टर नहीं हैं.   विश्व की मुख्य अर्थव्यवस्थाओं के मुकाबले भारत का टैक्स -जीडीपी अनुपात काफी कम है इसलिए सरकार को राजस्व बढ़ाने की जरूरत है. भारत में टैक्स-जीडीपी अनुपात मात्र 16.6 प्रतिशत है जो विकसित देशों के समूह ओईसीडी के 34 प्रतिशत के मुकाबले लगभग आधा ही है. इसलिए विशेषज्ञों का अनुमान है कि जीएसटी लागू होने के बाद भारत के टैक्स-जीडीपी अनुपात में चार प्रतिशत तक बढ़ सकता है.  वहीं, सरकार का मानना है कि जीएसटी से कंपनियों को लगभग 14 बिलियन डॉलर की बचत होगी क्योंकि इससे उन्हें अपने वेयरहाउस और आपूर्ति श्रृंखला को और दक्ष बनाने की जरूरत होगी. कंपनियां अब राज्य दर राज्य परिचालन करने के बजाय केंद्रीय रूप से काम कर सकेंगे.  जानकारों की मानें तो जीएसटी का असंगठित क्षेत्र पर विपरीत असर पड़ सकता है क्योंकि ज्यादातर असंगठित क्षेत्र की ज्यादातर इकाइयां टैक्स सिस्टम में रजिस्टर नहीं हैं.   वहीं, सरकार का मानना है कि जीएसटी से कंपनियों को लगभग 14 बिलियन डॉलर की बचत होगी क्योंकि इससे उन्हें अपने वेयरहाउस और आपूर्ति श्रृंखला को और दक्ष बनाने की जरूरत होगी. कंपनियां अब राज्य दर राज्य परिचालन करने के बजाय केंद्रीय रूप से काम कर सकेंगे.  जानकारों की मानें तो जीएसटी का असंगठित क्षेत्र पर विपरीत असर पड़ सकता है क्योंकि ज्यादातर असंगठित क्षेत्र की ज्यादातर इकाइयां टैक्स सिस्टम में रजिस्टर नहीं हैं.
यहाँ एक सारांश है:वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) शनिवार से लागू हो रहा है जटिल संरचना को लेकर कई व्यापारिक संगठन विरोध में सरकार का दावा कि जीएसटी आने से कर चोरी पर लगाम लगेगी
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['hin']
एक सारांश बनाओ: द्रमुक द्वारा संप्रग सरकार से समर्थन वापस लिए जाने के दो दिन बाद सीबीआई ने आज पार्टी प्रमुख एम करुणानिधि के पुत्र एमके स्टालिन के आवास समेत 19 स्थानों पर छापेमारी की। इस पर करुणानिधि ने कहा है कि उनकी पार्टी को अक्सर झूठे आरोपों में फंसाया जाता रहा है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यह कदम राजनीति से प्रेरित हो भी सकता है और नहीं भी। कई केन्द्रीय मंत्रियों ने स्पष्ट किया है कि वे सीबीआई की छापेमारी को सख्ती से खारिज करते हैं। गौरतलब है कि डीएमके नेता करुणानिधि के बेटे स्टालिन के घर सीबीआई छापे पर सरकार घिरती नजर आ रही है और सरकार के मंत्री सफाई देते नजर आ रहे हैं। डीएमके नेता समेत पूरे विपक्ष ने छापे की टाइमिंग पर सवाल उठाए हैं। खुद सरकार के मंत्री कमलनाथ और चिदंबरम ने भी छापे की निंदा की है। चिदंबरम ने कहा कि मुझे अभी−अभी सीबीआई के छापों की जानकारी मिली है। मैं इन छापों से जुड़े और तथ्यों का पता लगाने की कोशिश कर रहा हूं।  आमतौर पर मैं किसी दूसरे विभाग की कार्रवाई पर टिप्पणी नहीं करता हूं, लेकिन इस मामले में सीबीआई की कार्रवाई को मैं सिरे से खारिज करता हूं। कमलनाथ ने कहा है कि यह छापेमारी कोई दबाव का प्रश्न नहीं है। मैं इसकी निंदा करता हूं। मैं सोचता हूं कि यह मजाक है, जिसकी जितनी निंदा की जाए कम है। इस पर स्टालिन ने कहा कि सीबीआई की कार्रवाई राजनीतिक प्रतिशोध है। हम मामले का कानूनी ढंग से सामना करेंगे। सीबीआई छापे की वजहों की मुझे जानकारी नहीं है। गौरतलब है कि यह छापा ऐसे वक्त में पड़ा है जब सरकार से समर्थन लिए डीएमके के दो दिन ही बीते हैं। सीबीआई स्टालिन के सेक्रेटरी राजा शंकर के घर पर भी छापेमारी की है।टिप्पणियां डीएमके नेता टी आर बालू ने कहा है कि स्टालिन पर छापा बदले की कार्रवाई है। हम इस मामले को संसद में उठाएंगे। उधर, बीजेपी और एसपी ने भी छापे के समय पर सवाल उठाए हैं। कई केन्द्रीय मंत्रियों ने स्पष्ट किया है कि वे सीबीआई की छापेमारी को सख्ती से खारिज करते हैं। गौरतलब है कि डीएमके नेता करुणानिधि के बेटे स्टालिन के घर सीबीआई छापे पर सरकार घिरती नजर आ रही है और सरकार के मंत्री सफाई देते नजर आ रहे हैं। डीएमके नेता समेत पूरे विपक्ष ने छापे की टाइमिंग पर सवाल उठाए हैं। खुद सरकार के मंत्री कमलनाथ और चिदंबरम ने भी छापे की निंदा की है। चिदंबरम ने कहा कि मुझे अभी−अभी सीबीआई के छापों की जानकारी मिली है। मैं इन छापों से जुड़े और तथ्यों का पता लगाने की कोशिश कर रहा हूं।  आमतौर पर मैं किसी दूसरे विभाग की कार्रवाई पर टिप्पणी नहीं करता हूं, लेकिन इस मामले में सीबीआई की कार्रवाई को मैं सिरे से खारिज करता हूं। कमलनाथ ने कहा है कि यह छापेमारी कोई दबाव का प्रश्न नहीं है। मैं इसकी निंदा करता हूं। मैं सोचता हूं कि यह मजाक है, जिसकी जितनी निंदा की जाए कम है। इस पर स्टालिन ने कहा कि सीबीआई की कार्रवाई राजनीतिक प्रतिशोध है। हम मामले का कानूनी ढंग से सामना करेंगे। सीबीआई छापे की वजहों की मुझे जानकारी नहीं है। गौरतलब है कि यह छापा ऐसे वक्त में पड़ा है जब सरकार से समर्थन लिए डीएमके के दो दिन ही बीते हैं। सीबीआई स्टालिन के सेक्रेटरी राजा शंकर के घर पर भी छापेमारी की है।टिप्पणियां डीएमके नेता टी आर बालू ने कहा है कि स्टालिन पर छापा बदले की कार्रवाई है। हम इस मामले को संसद में उठाएंगे। उधर, बीजेपी और एसपी ने भी छापे के समय पर सवाल उठाए हैं। गौरतलब है कि डीएमके नेता करुणानिधि के बेटे स्टालिन के घर सीबीआई छापे पर सरकार घिरती नजर आ रही है और सरकार के मंत्री सफाई देते नजर आ रहे हैं। डीएमके नेता समेत पूरे विपक्ष ने छापे की टाइमिंग पर सवाल उठाए हैं। खुद सरकार के मंत्री कमलनाथ और चिदंबरम ने भी छापे की निंदा की है। चिदंबरम ने कहा कि मुझे अभी−अभी सीबीआई के छापों की जानकारी मिली है। मैं इन छापों से जुड़े और तथ्यों का पता लगाने की कोशिश कर रहा हूं।  आमतौर पर मैं किसी दूसरे विभाग की कार्रवाई पर टिप्पणी नहीं करता हूं, लेकिन इस मामले में सीबीआई की कार्रवाई को मैं सिरे से खारिज करता हूं। कमलनाथ ने कहा है कि यह छापेमारी कोई दबाव का प्रश्न नहीं है। मैं इसकी निंदा करता हूं। मैं सोचता हूं कि यह मजाक है, जिसकी जितनी निंदा की जाए कम है। इस पर स्टालिन ने कहा कि सीबीआई की कार्रवाई राजनीतिक प्रतिशोध है। हम मामले का कानूनी ढंग से सामना करेंगे। सीबीआई छापे की वजहों की मुझे जानकारी नहीं है। गौरतलब है कि यह छापा ऐसे वक्त में पड़ा है जब सरकार से समर्थन लिए डीएमके के दो दिन ही बीते हैं। सीबीआई स्टालिन के सेक्रेटरी राजा शंकर के घर पर भी छापेमारी की है।टिप्पणियां डीएमके नेता टी आर बालू ने कहा है कि स्टालिन पर छापा बदले की कार्रवाई है। हम इस मामले को संसद में उठाएंगे। उधर, बीजेपी और एसपी ने भी छापे के समय पर सवाल उठाए हैं। कमलनाथ ने कहा है कि यह छापेमारी कोई दबाव का प्रश्न नहीं है। मैं इसकी निंदा करता हूं। मैं सोचता हूं कि यह मजाक है, जिसकी जितनी निंदा की जाए कम है। इस पर स्टालिन ने कहा कि सीबीआई की कार्रवाई राजनीतिक प्रतिशोध है। हम मामले का कानूनी ढंग से सामना करेंगे। सीबीआई छापे की वजहों की मुझे जानकारी नहीं है। गौरतलब है कि यह छापा ऐसे वक्त में पड़ा है जब सरकार से समर्थन लिए डीएमके के दो दिन ही बीते हैं। सीबीआई स्टालिन के सेक्रेटरी राजा शंकर के घर पर भी छापेमारी की है।टिप्पणियां डीएमके नेता टी आर बालू ने कहा है कि स्टालिन पर छापा बदले की कार्रवाई है। हम इस मामले को संसद में उठाएंगे। उधर, बीजेपी और एसपी ने भी छापे के समय पर सवाल उठाए हैं। इस पर स्टालिन ने कहा कि सीबीआई की कार्रवाई राजनीतिक प्रतिशोध है। हम मामले का कानूनी ढंग से सामना करेंगे। सीबीआई छापे की वजहों की मुझे जानकारी नहीं है। गौरतलब है कि यह छापा ऐसे वक्त में पड़ा है जब सरकार से समर्थन लिए डीएमके के दो दिन ही बीते हैं। सीबीआई स्टालिन के सेक्रेटरी राजा शंकर के घर पर भी छापेमारी की है।टिप्पणियां डीएमके नेता टी आर बालू ने कहा है कि स्टालिन पर छापा बदले की कार्रवाई है। हम इस मामले को संसद में उठाएंगे। उधर, बीजेपी और एसपी ने भी छापे के समय पर सवाल उठाए हैं। गौरतलब है कि यह छापा ऐसे वक्त में पड़ा है जब सरकार से समर्थन लिए डीएमके के दो दिन ही बीते हैं। सीबीआई स्टालिन के सेक्रेटरी राजा शंकर के घर पर भी छापेमारी की है।टिप्पणियां डीएमके नेता टी आर बालू ने कहा है कि स्टालिन पर छापा बदले की कार्रवाई है। हम इस मामले को संसद में उठाएंगे। उधर, बीजेपी और एसपी ने भी छापे के समय पर सवाल उठाए हैं। डीएमके नेता टी आर बालू ने कहा है कि स्टालिन पर छापा बदले की कार्रवाई है। हम इस मामले को संसद में उठाएंगे। उधर, बीजेपी और एसपी ने भी छापे के समय पर सवाल उठाए हैं। उधर, बीजेपी और एसपी ने भी छापे के समय पर सवाल उठाए हैं।
सारांश: द्रमुक द्वारा संप्रग सरकार से समर्थन वापस लिए जाने के दो दिन बाद सीबीआई ने आज पार्टी प्रमुख एम करुणानिधि के पुत्र एमके स्टालिन के आवास समेत 19 स्थानों पर छापेमारी की।
5
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: फेसबुक पर गुजरात की मुख्‍यमंत्री आनंदीबेन पटेल के इस्‍तीफे के एक दिन बाद अब लोगों का ध्‍यान इसी बात पर केंद्रित है कि राज्‍य में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव के पहले उनके विकल्‍प के रूप में बीजेपी किसे चुनती है. राज्‍य के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री नितिन पटेल और गुजरात के बीजेपी प्रमुख फिलहाल दौड़ में सबसे आगे चल रहे हैं. बीजेपी अध्‍यक्ष अमित शाह ने कहा कि पार्टी की सर्वोच्‍च बॉडी, संसदीय बोर्ड यह फैसला करेगा कि आनंदीबेन पटेल की जगह कौन लेगा. उन्‍होंने कहा कि आनंदीबेन ने सीएम पद इसलिए छोड़ा है क्‍योंकि वे जल्‍द ही 75 वर्ष की हो जाएंगी और उन्‍होंने युवाओं को प्रोत्‍साहित करने के लिए बुजुर्ग नेताओं के रिटायर करने के पार्टी के सिद्धांत का सम्‍मान किया है. आनंदीबेन पर गुजरात के दो महत्‍वपूर्ण घटनाक्रम, पटेल आंदोलन और गो रक्षकों द्वारा चार युवाओं को निर्दयतापूर्वक पीटने के कारण उभरे दलितों के गुस्‍से के मामले को ठीक तरह से 'हेंडल' नहीं कर पाने का आरोप लगा है. ऐसे में उनके उत्‍तराधिकारी के सामने 2017 के विधानसभा चुनावों के पहले चीजों को प्राथमिकता के आधार पर ठीक करने की कठिन चुनौती होगी. स्‍थानीय बीजेपी नेताओं की शिकायत है कि पार्टी ने लगभग 25 वर्ष के शासनकाल में जो लोकप्रियता हासिल की थी उसे आनंदीबेन ने नुकसान पहुंचाया है, लेकिन 'सीएम' के नजदीकी सूत्रों के अनुसार, आनंदीबेन का मानना है कि आंदोलनों को पार्टी में मौजूद उनके विरोधियों ने ही हवा दी. टिप्पणियां गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव में बीजेपी की बंपर जीत और पीएम मोदी के दिल्‍ली जाने के बाद, नरेंद्र मोदी ने आनंदीबेन को गुजरात के मुख्‍यमंत्री के रूप में चुना था. सूत्र बताते हैं कि आनंदीबेन पटेल राज्‍य के प्रशासन में अमित शाह के कथित हस्‍तक्षेप से परेशान थीं. बताया जाता है कि शाह के साथ उनके संबंध बहुत अच्‍छे नहीं है. इन सूत्रों ने यह आरोप तक लगाया कि राज्‍य के अधिकारी मुख्‍यमंत्री की अनदेखी करते हुए सीधे शाह के पास 'अप्रोच' करते थे. उन्‍होंने कहा कि दबाव नहीं होता तो वे नवंबर में अपने 75वें बर्थडे के पहले पद नहीं छोड़तीं.   गुजरात के अगले सीएम पद की होड़ वाले नेताओं में विजय रुपानी भी हैं. जैन नेता रूपानी को अमित शाह और पीएम मोदी, दोनों का करीबी माना जाता है. राज्‍य के प्रशासन पर भी रूपानी की अच्‍छी पकड़ बताई जाती है. सीएम पद के एक और दावेदार नितिन पटेल हैं जो गुजरात सरकार में कई मंत्रालय संभाल चुके हैं. आनंदीबेन की ही तरह वे उत्‍तरी गुजरात से पटेल नेता हैं. वे उस समिति के प्रमुख थे जिसने पाटीदार आंदोलन के बाद सरकारी नौकरियों और कॉलेजों में आरक्षण के मसले पर पाटीदार नेताओं से बातचीत की थी. हालांकि पटेल आंदोलन के नेता 23 वर्षीय हार्दिक पटेल की राजद्रोह के आरोप में गिरफ्तारी की उनकी सलाह को अविवेकपूर्ण सलाह के रूप में देखा जा रहा है. मंत्रीजी ने जब भी अपने गृह जिले मेहसाणा का दौरा किया, पटेल आंदोलन से जुड़े नेताओं ने हर बार उनका विरोध किया. बीजेपी अध्‍यक्ष अमित शाह ने कहा कि पार्टी की सर्वोच्‍च बॉडी, संसदीय बोर्ड यह फैसला करेगा कि आनंदीबेन पटेल की जगह कौन लेगा. उन्‍होंने कहा कि आनंदीबेन ने सीएम पद इसलिए छोड़ा है क्‍योंकि वे जल्‍द ही 75 वर्ष की हो जाएंगी और उन्‍होंने युवाओं को प्रोत्‍साहित करने के लिए बुजुर्ग नेताओं के रिटायर करने के पार्टी के सिद्धांत का सम्‍मान किया है. आनंदीबेन पर गुजरात के दो महत्‍वपूर्ण घटनाक्रम, पटेल आंदोलन और गो रक्षकों द्वारा चार युवाओं को निर्दयतापूर्वक पीटने के कारण उभरे दलितों के गुस्‍से के मामले को ठीक तरह से 'हेंडल' नहीं कर पाने का आरोप लगा है. ऐसे में उनके उत्‍तराधिकारी के सामने 2017 के विधानसभा चुनावों के पहले चीजों को प्राथमिकता के आधार पर ठीक करने की कठिन चुनौती होगी. स्‍थानीय बीजेपी नेताओं की शिकायत है कि पार्टी ने लगभग 25 वर्ष के शासनकाल में जो लोकप्रियता हासिल की थी उसे आनंदीबेन ने नुकसान पहुंचाया है, लेकिन 'सीएम' के नजदीकी सूत्रों के अनुसार, आनंदीबेन का मानना है कि आंदोलनों को पार्टी में मौजूद उनके विरोधियों ने ही हवा दी. टिप्पणियां गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव में बीजेपी की बंपर जीत और पीएम मोदी के दिल्‍ली जाने के बाद, नरेंद्र मोदी ने आनंदीबेन को गुजरात के मुख्‍यमंत्री के रूप में चुना था. सूत्र बताते हैं कि आनंदीबेन पटेल राज्‍य के प्रशासन में अमित शाह के कथित हस्‍तक्षेप से परेशान थीं. बताया जाता है कि शाह के साथ उनके संबंध बहुत अच्‍छे नहीं है. इन सूत्रों ने यह आरोप तक लगाया कि राज्‍य के अधिकारी मुख्‍यमंत्री की अनदेखी करते हुए सीधे शाह के पास 'अप्रोच' करते थे. उन्‍होंने कहा कि दबाव नहीं होता तो वे नवंबर में अपने 75वें बर्थडे के पहले पद नहीं छोड़तीं.   गुजरात के अगले सीएम पद की होड़ वाले नेताओं में विजय रुपानी भी हैं. जैन नेता रूपानी को अमित शाह और पीएम मोदी, दोनों का करीबी माना जाता है. राज्‍य के प्रशासन पर भी रूपानी की अच्‍छी पकड़ बताई जाती है. सीएम पद के एक और दावेदार नितिन पटेल हैं जो गुजरात सरकार में कई मंत्रालय संभाल चुके हैं. आनंदीबेन की ही तरह वे उत्‍तरी गुजरात से पटेल नेता हैं. वे उस समिति के प्रमुख थे जिसने पाटीदार आंदोलन के बाद सरकारी नौकरियों और कॉलेजों में आरक्षण के मसले पर पाटीदार नेताओं से बातचीत की थी. हालांकि पटेल आंदोलन के नेता 23 वर्षीय हार्दिक पटेल की राजद्रोह के आरोप में गिरफ्तारी की उनकी सलाह को अविवेकपूर्ण सलाह के रूप में देखा जा रहा है. मंत्रीजी ने जब भी अपने गृह जिले मेहसाणा का दौरा किया, पटेल आंदोलन से जुड़े नेताओं ने हर बार उनका विरोध किया. आनंदीबेन पर गुजरात के दो महत्‍वपूर्ण घटनाक्रम, पटेल आंदोलन और गो रक्षकों द्वारा चार युवाओं को निर्दयतापूर्वक पीटने के कारण उभरे दलितों के गुस्‍से के मामले को ठीक तरह से 'हेंडल' नहीं कर पाने का आरोप लगा है. ऐसे में उनके उत्‍तराधिकारी के सामने 2017 के विधानसभा चुनावों के पहले चीजों को प्राथमिकता के आधार पर ठीक करने की कठिन चुनौती होगी. स्‍थानीय बीजेपी नेताओं की शिकायत है कि पार्टी ने लगभग 25 वर्ष के शासनकाल में जो लोकप्रियता हासिल की थी उसे आनंदीबेन ने नुकसान पहुंचाया है, लेकिन 'सीएम' के नजदीकी सूत्रों के अनुसार, आनंदीबेन का मानना है कि आंदोलनों को पार्टी में मौजूद उनके विरोधियों ने ही हवा दी. टिप्पणियां गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव में बीजेपी की बंपर जीत और पीएम मोदी के दिल्‍ली जाने के बाद, नरेंद्र मोदी ने आनंदीबेन को गुजरात के मुख्‍यमंत्री के रूप में चुना था. सूत्र बताते हैं कि आनंदीबेन पटेल राज्‍य के प्रशासन में अमित शाह के कथित हस्‍तक्षेप से परेशान थीं. बताया जाता है कि शाह के साथ उनके संबंध बहुत अच्‍छे नहीं है. इन सूत्रों ने यह आरोप तक लगाया कि राज्‍य के अधिकारी मुख्‍यमंत्री की अनदेखी करते हुए सीधे शाह के पास 'अप्रोच' करते थे. उन्‍होंने कहा कि दबाव नहीं होता तो वे नवंबर में अपने 75वें बर्थडे के पहले पद नहीं छोड़तीं.   गुजरात के अगले सीएम पद की होड़ वाले नेताओं में विजय रुपानी भी हैं. जैन नेता रूपानी को अमित शाह और पीएम मोदी, दोनों का करीबी माना जाता है. राज्‍य के प्रशासन पर भी रूपानी की अच्‍छी पकड़ बताई जाती है. सीएम पद के एक और दावेदार नितिन पटेल हैं जो गुजरात सरकार में कई मंत्रालय संभाल चुके हैं. आनंदीबेन की ही तरह वे उत्‍तरी गुजरात से पटेल नेता हैं. वे उस समिति के प्रमुख थे जिसने पाटीदार आंदोलन के बाद सरकारी नौकरियों और कॉलेजों में आरक्षण के मसले पर पाटीदार नेताओं से बातचीत की थी. हालांकि पटेल आंदोलन के नेता 23 वर्षीय हार्दिक पटेल की राजद्रोह के आरोप में गिरफ्तारी की उनकी सलाह को अविवेकपूर्ण सलाह के रूप में देखा जा रहा है. मंत्रीजी ने जब भी अपने गृह जिले मेहसाणा का दौरा किया, पटेल आंदोलन से जुड़े नेताओं ने हर बार उनका विरोध किया. गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव में बीजेपी की बंपर जीत और पीएम मोदी के दिल्‍ली जाने के बाद, नरेंद्र मोदी ने आनंदीबेन को गुजरात के मुख्‍यमंत्री के रूप में चुना था. सूत्र बताते हैं कि आनंदीबेन पटेल राज्‍य के प्रशासन में अमित शाह के कथित हस्‍तक्षेप से परेशान थीं. बताया जाता है कि शाह के साथ उनके संबंध बहुत अच्‍छे नहीं है. इन सूत्रों ने यह आरोप तक लगाया कि राज्‍य के अधिकारी मुख्‍यमंत्री की अनदेखी करते हुए सीधे शाह के पास 'अप्रोच' करते थे. उन्‍होंने कहा कि दबाव नहीं होता तो वे नवंबर में अपने 75वें बर्थडे के पहले पद नहीं छोड़तीं.   गुजरात के अगले सीएम पद की होड़ वाले नेताओं में विजय रुपानी भी हैं. जैन नेता रूपानी को अमित शाह और पीएम मोदी, दोनों का करीबी माना जाता है. राज्‍य के प्रशासन पर भी रूपानी की अच्‍छी पकड़ बताई जाती है. सीएम पद के एक और दावेदार नितिन पटेल हैं जो गुजरात सरकार में कई मंत्रालय संभाल चुके हैं. आनंदीबेन की ही तरह वे उत्‍तरी गुजरात से पटेल नेता हैं. वे उस समिति के प्रमुख थे जिसने पाटीदार आंदोलन के बाद सरकारी नौकरियों और कॉलेजों में आरक्षण के मसले पर पाटीदार नेताओं से बातचीत की थी. हालांकि पटेल आंदोलन के नेता 23 वर्षीय हार्दिक पटेल की राजद्रोह के आरोप में गिरफ्तारी की उनकी सलाह को अविवेकपूर्ण सलाह के रूप में देखा जा रहा है. मंत्रीजी ने जब भी अपने गृह जिले मेहसाणा का दौरा किया, पटेल आंदोलन से जुड़े नेताओं ने हर बार उनका विरोध किया. गुजरात के अगले सीएम पद की होड़ वाले नेताओं में विजय रुपानी भी हैं. जैन नेता रूपानी को अमित शाह और पीएम मोदी, दोनों का करीबी माना जाता है. राज्‍य के प्रशासन पर भी रूपानी की अच्‍छी पकड़ बताई जाती है. सीएम पद के एक और दावेदार नितिन पटेल हैं जो गुजरात सरकार में कई मंत्रालय संभाल चुके हैं. आनंदीबेन की ही तरह वे उत्‍तरी गुजरात से पटेल नेता हैं. वे उस समिति के प्रमुख थे जिसने पाटीदार आंदोलन के बाद सरकारी नौकरियों और कॉलेजों में आरक्षण के मसले पर पाटीदार नेताओं से बातचीत की थी. हालांकि पटेल आंदोलन के नेता 23 वर्षीय हार्दिक पटेल की राजद्रोह के आरोप में गिरफ्तारी की उनकी सलाह को अविवेकपूर्ण सलाह के रूप में देखा जा रहा है. मंत्रीजी ने जब भी अपने गृह जिले मेहसाणा का दौरा किया, पटेल आंदोलन से जुड़े नेताओं ने हर बार उनका विरोध किया.
सारांश: बीजेपी संसदीय बोर्ड करेगा आनंदी बेन के उत्तराधिकारी के बारे में फैसला पटेल आंदोलन, दलित उत्‍पीड़न मामले में उचित कदम न उठाने का आरोप समर्थकों का आरोप, अमित शाह के कथित हस्‍तक्षेप से परेशान थीं सीएम
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: अमेरिका के बोस्टन शहर में एक भारतीय छात्र की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। छात्र की हत्या गुरुवार को हुई। हालांकि यह साफ नहीं है कि हत्या की वजह क्या है। जिस भारतीय छात्र की हत्या हुई है, वह ओडिशा के कोरापुट जिले का रहनेवाला था और ग्रेजुएशन की पढ़ाई करने अमेरिका गया था। 24 साल का शेषाद्री राव उड़ीसा के कोरापुट का रहनेवाला था। शेषाद्री ने एनआईटी कर्नाटक से बीटेक किया था और बोस्टन यूनिवर्सिटी से एमबीए कर रहा था। अगले महीने ही शेषाद्री का 18 महीने का कोर्स पूरा होनेवाला था और उसे नौकरी का ऑफर भी दिया गया था। उम्मीद है कि सोमवार को शेषाद्री का शव मुंबई के रास्ते भुवनेश्वर पहुंचेगा। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 19 अप्रैल की अहले सुबह लगभग तीन बजे उन्हें फोन पर ब्रिगटन स्थित विश्वविद्यालय परिसर से लगभग एक मील दूर एक घर के सामने लाश पड़ी होने की सूचना दी गई। मौके पर पुलिस के पहुंचने के समय बोस्टन अग्निशमन विभाग के लोग युवक का प्राथमिक उपचार कर रहे थे। गोली मारने वाले के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं मिली है और मामले की जांच चल रही है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 19 अप्रैल की अहले सुबह लगभग तीन बजे उन्हें फोन पर ब्रिगटन स्थित विश्वविद्यालय परिसर से लगभग एक मील दूर एक घर के सामने लाश पड़ी होने की सूचना दी गई। मौके पर पुलिस के पहुंचने के समय बोस्टन अग्निशमन विभाग के लोग युवक का प्राथमिक उपचार कर रहे थे। गोली मारने वाले के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं मिली है और मामले की जांच चल रही है।
सारांश: जिस भारतीय छात्र की हत्या हुई है, वह ओडिशा के कोरापुट जिले का रहनेवाला था और ग्रेजुएशन की पढ़ाई करने अमेरिका गया था।
33
['hin']
एक सारांश बनाओ: गृह मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि उन्हें बीसीसीआई या किसी अन्य पक्ष से स्पॉट फिक्सिंग और सट्टेबाजी के आरोपों के संदर्भ में आईपीएल के सभी 75 आईपीएल मैचों की जांच करने का आग्रह नहीं मिला है।टिप्पणियां केन्द्रीय गृहसचिव आरके सिंह ने पत्रकारों से कहा, ‘‘हमें अभी बीसीसीआई या अन्य संबंधित पक्षों से आईपीएल मामलों पर जांच के लिये आग्रह नहीं मिला है।’’ उन्होंने कृषिमंत्री और पूर्व बीसीसीआई अध्यक्ष शरद पवार की गृह मंत्रालय से आईपीएल के सभी 75 मैचों की जांच की मांग के सम्बंध में पूछे गये सवाल के जवाब में यह टिप्पणी की। सिंह ने कहा, ‘‘हमारे पास आग्रह आने दीजिए, हम इस पर विचार करेंगे। तब तक यह पूरी तरह से काल्पनिक है।’’ पवार ने पूर्व बीसीसीआई प्रमुख शंशाक मनोहर द्वारा सुझायी गयी सरकारी जांच का समर्थन करते हुए कहा था, ‘‘अगर बीसीसीआई गृह मंत्रालय को लिखित में सभी मैचों की जांच का आग्रह करता है तो सरकार सभी मैचों की जांच कर सकती है। वे किसी से भी पूछताछ कर सकते हैं। मनोहर का सुझाव इसलिये उपयोगी और प्रभावी है और बोर्ड को इसे स्वीकार करना चाहिए।’’ केन्द्रीय गृहसचिव आरके सिंह ने पत्रकारों से कहा, ‘‘हमें अभी बीसीसीआई या अन्य संबंधित पक्षों से आईपीएल मामलों पर जांच के लिये आग्रह नहीं मिला है।’’ उन्होंने कृषिमंत्री और पूर्व बीसीसीआई अध्यक्ष शरद पवार की गृह मंत्रालय से आईपीएल के सभी 75 मैचों की जांच की मांग के सम्बंध में पूछे गये सवाल के जवाब में यह टिप्पणी की। सिंह ने कहा, ‘‘हमारे पास आग्रह आने दीजिए, हम इस पर विचार करेंगे। तब तक यह पूरी तरह से काल्पनिक है।’’ पवार ने पूर्व बीसीसीआई प्रमुख शंशाक मनोहर द्वारा सुझायी गयी सरकारी जांच का समर्थन करते हुए कहा था, ‘‘अगर बीसीसीआई गृह मंत्रालय को लिखित में सभी मैचों की जांच का आग्रह करता है तो सरकार सभी मैचों की जांच कर सकती है। वे किसी से भी पूछताछ कर सकते हैं। मनोहर का सुझाव इसलिये उपयोगी और प्रभावी है और बोर्ड को इसे स्वीकार करना चाहिए।’’ सिंह ने कहा, ‘‘हमारे पास आग्रह आने दीजिए, हम इस पर विचार करेंगे। तब तक यह पूरी तरह से काल्पनिक है।’’ पवार ने पूर्व बीसीसीआई प्रमुख शंशाक मनोहर द्वारा सुझायी गयी सरकारी जांच का समर्थन करते हुए कहा था, ‘‘अगर बीसीसीआई गृह मंत्रालय को लिखित में सभी मैचों की जांच का आग्रह करता है तो सरकार सभी मैचों की जांच कर सकती है। वे किसी से भी पूछताछ कर सकते हैं। मनोहर का सुझाव इसलिये उपयोगी और प्रभावी है और बोर्ड को इसे स्वीकार करना चाहिए।’’
संक्षिप्त सारांश: गृह मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि उन्हें बीसीसीआई या किसी अन्य पक्ष से स्पॉट फिक्सिंग और सट्टेबाजी के आरोपों के संदर्भ में आईपीएल के सभी 75 आईपीएल मैचों की जांच करने का आग्रह नहीं मिला है।
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सुरक्षा जवानों के साथ झगड़े के बाद बेंगलुरू मेट्रो रेल निगम लिमिटेड के दो अधिकारियों की गिरफ्तारी और कथित हाथापाई के विरोध में कर्मचारियों ने आज प्रदर्शन किया जिसके चलते शहर की मेट्रो सेवाएं आज अस्थायी रूप से ठप रहीं. पुलिस ने बताया कि सभी मेट्रो स्टेशनों के बंद मिलने पर लगभग चार लाख यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा. बंगलुरू मेट्रो के ट्विटर हैंडल पर लिखा गया, 'ट्रेन सेवाएं अस्थायी तौर पर रूकी हुई हैं.' हालांकि बाद में पुलिस और बीएमआरसीएल अधिकारियों के साथ बातचीत के बाद सेवाएं बहाल कर दी गईं.टिप्पणियां बीएमआरसीएल के कर्मचारी कल गिरफ्तार किए गए अपने दो अधिकारियों को रिहा करने की मांग कर रहे थे. यहां स्टेशन पर तैनात कर्नाटक राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल (केएसआईएसएफ) के जवानों के साथ झगड़े के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) बंगलुरू मेट्रो के ट्विटर हैंडल पर लिखा गया, 'ट्रेन सेवाएं अस्थायी तौर पर रूकी हुई हैं.' हालांकि बाद में पुलिस और बीएमआरसीएल अधिकारियों के साथ बातचीत के बाद सेवाएं बहाल कर दी गईं.टिप्पणियां बीएमआरसीएल के कर्मचारी कल गिरफ्तार किए गए अपने दो अधिकारियों को रिहा करने की मांग कर रहे थे. यहां स्टेशन पर तैनात कर्नाटक राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल (केएसआईएसएफ) के जवानों के साथ झगड़े के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) बीएमआरसीएल के कर्मचारी कल गिरफ्तार किए गए अपने दो अधिकारियों को रिहा करने की मांग कर रहे थे. यहां स्टेशन पर तैनात कर्नाटक राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल (केएसआईएसएफ) के जवानों के साथ झगड़े के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त सारांश: सुरक्षा में लगे जवानों के साथ हुई थी मारपीट दो अधिकारियों को किया गया था गिरफ्तार मेट्रो कर्मचारियों ने किया गिरफ्तारी का विरोध
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: अमेरिकी नागरिकों के एक बड़े हिस्से का मानना है कि मध्य पूर्व को लेकर अमेरिका की नीतियों के कारण ही न्यूयार्क और पेंटागन में 11 सितम्बर, 2001 को हमले हुए थे। यह जानकारी एक सर्वेक्षण में सामने आई है। 'पेव रिसर्च सेंटर' द्वारा किए गए सर्वेक्षण में एक सवाल 'वे हमसे नफरत क्यों करते है?' पर पाया गया है कि वर्तमान में जनता के एक बड़े समूह का विचार एक समान हैं। आज 43 प्रतिशत लोग इस बात पर सहमत हैं कि ये हमले अन्य देशों के साथ अमेरिका के गलत आचरणों के प्रतिक्रियास्वरूप हुए होंगे। जबकि 45 प्रतिशत इस बात से सहमत नहीं हैं। हमले के तत्काल बाद बहुसंख्यक (55 प्रतिशत) लोगों ने इस तर्क को खारिज कर दिया था, जबकि मात्र एक तिहाई लोग ही इससे सहमत थे। यह बदलाव हालांकि मुख्य रूप से स्वघोषित डेमोक्रेट्स और निर्दलीयों तक सीमित है। इनमें से आधे अब मानते हैं कि अमेरिकी नीतियों ने अलकायदा को उकसाया होगा। दूसरी ओर रिपब्लिकन अन्य कई प्रमुख मुद्दों के साथ ही इस मुद्दे पर भी अपने पूर्व रुख पर कायम हैं। उनका मानना है कि हमले अमेरिका के किसी कदम की प्रतिक्रिया में नहीं हुए थे। सर्वेक्षण में इस प्रश्न पर विभिन्न आयु वर्ग में भी काफी मतभेद पाए गए हैं। 30 वर्ष की आयु के आधे से अधिक (52 प्रतिशत) प्रतिभागियों ने कहा कि अमेरिकी कार्रवाइयों के कारण हमले हुए होंगे, जबकि 65 वर्ष व इससे अधिक आयु वर्ग के मात्र 20 प्रतिशत लोगों ने इस विचार से सहमति जताई है। सर्वेक्षण के अनुसार, पिछले दशक के दौरान जनता के इस विश्वास में भी इसी तरह के बदलाव आए है कि आतंकवाद पर लगाम लगाने के लिए नागरिक आजादी देना आवश्यक हो सकता है। इस सर्वेक्षण में 17-21 अगस्त के बीच 1,500 से अधिक वयस्कों से बातचीत की गई। इस दौरान पाया गया कि 9/11 के हमले ने जनता की सामूहिक चेतना में जिस तरीके से बदलाव किए हैं, उस तरीके से अबतक की किसी भी घटना ने नहीं किए है। 10 में से छह प्रतिभागियों ने कहा है कि वे मानते हैं कि 9/11 की घटना ने अमेरिकी जीवन में व्यापक तरीके से बदलाव लाया है, जबकि 10 में से मात्र एक प्रतिभागी ने कहा है कि उनका मानना है कि अमेरिकी जीवन मूलरूप से उसी तरह बना हुआ है, जिस तरह एक दशक पहले था।
यह एक सारांश है: मध्य पूर्व को लेकर अमेरिका की नीतियों के कारण ही न्यूयार्क और पेंटागन में 11 सितम्बर, 2001 को हमले हुए थे।
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: विश्व बैंक ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में भारत अग्रणी देश बनकर उभर रहा है. उसने कहा कि एशियाई देशों में उर्जा के स्रोत के तौर पर सौर उर्जा धीरे-धीरे कोयले का स्थान ले रही है. विश्व बैंक ने कल प्रकाशित एक समाचार रिपोर्ट में कहा, अपने लोगों को 2030 तक चौबीसों घंटे बिजली उपलब्ध कराने के लिए सौर उर्जा की ओर प्रतिबद्धता, नवोन्मेषी समाधान और उर्जा दक्षता पहलों के साथ भारत जलवायु परिवर्तन के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में अग्रणी बनकर उभर रहा है. विश्व बैंक के अनुसार, अपनी वृद्धि को बढ़ाने के लिए और अधिक स्वच्छ उर्जा का इस्तेमाल करने की सचेत पसंद के साथ ही भारत जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से धरती को बचाने के वैश्विक प्रयासों में योगदान दे रहा है. रिपोर्ट में कहा गया है कि कुछ सप्ताह पहले देश ने कोयले से चलने वाले 14 गीगावॉट क्षमता वाले बिजली संयंत्र स्थापित करने की योजना से कदम पीछे खींच लिए क्योंकि अब सौर उर्जा से बिजली पैदा करने में वहन करने योग्य लागत आती है. रिपोर्ट में इस संबंध में भारत के कदमों की तारीफ की गई है. बैंक ने कहा, भारत और उसके अलावा ऊर्जा के स्रोत के रूप में सौर ऊर्जा कोयले की जगह ले रही है. उसने कहा कि सौर फोटोवॉल्टेक (पीवी) से बिजली पैदा करने की लागत वर्ष 2009 के मुकाबले एक चौथाई कम है और वर्ष 2040 तक इसके 66 फीसदी तक और कम होने की संभावना है.टिप्पणियां रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में साल में करीब 300 दिन धूप निकलती है इसलिए भारत में सौर उर्जा का फायदा उठाने और इसका इस्तेमाल करने के लिए दुनिया में सबसे अच्छी परिस्थितियां हैं. विश्व बैंक ने कहा कि भारत सरकार ने महत्वाकांक्षी परियोजनाएं बनाई हैं जिसमें वर्ष 2022 तक पवन चक्की और सौर उर्जा से 160 गीगावॉट तक बिजली पैदा करने का लक्ष्य शामिल है. इससे ना केवल लाखों लोगों के घरों में रोशनी होगी बल्कि बच्चे रात को पढ़ाई भी कर पाएंगे, लोग अपने खाने को रेफ्रिजिरेटर में संरक्षित कर पाएंगे या टीवी पर अपना मनोरंजन कर पाएंगे. बैंक ने कहा, यह अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के लिए भारत के सौर बाजार में निवेश करने का भी अच्छा मौका है. विश्व बैंक ने कल प्रकाशित एक समाचार रिपोर्ट में कहा, अपने लोगों को 2030 तक चौबीसों घंटे बिजली उपलब्ध कराने के लिए सौर उर्जा की ओर प्रतिबद्धता, नवोन्मेषी समाधान और उर्जा दक्षता पहलों के साथ भारत जलवायु परिवर्तन के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में अग्रणी बनकर उभर रहा है. विश्व बैंक के अनुसार, अपनी वृद्धि को बढ़ाने के लिए और अधिक स्वच्छ उर्जा का इस्तेमाल करने की सचेत पसंद के साथ ही भारत जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से धरती को बचाने के वैश्विक प्रयासों में योगदान दे रहा है. रिपोर्ट में कहा गया है कि कुछ सप्ताह पहले देश ने कोयले से चलने वाले 14 गीगावॉट क्षमता वाले बिजली संयंत्र स्थापित करने की योजना से कदम पीछे खींच लिए क्योंकि अब सौर उर्जा से बिजली पैदा करने में वहन करने योग्य लागत आती है. रिपोर्ट में इस संबंध में भारत के कदमों की तारीफ की गई है. बैंक ने कहा, भारत और उसके अलावा ऊर्जा के स्रोत के रूप में सौर ऊर्जा कोयले की जगह ले रही है. उसने कहा कि सौर फोटोवॉल्टेक (पीवी) से बिजली पैदा करने की लागत वर्ष 2009 के मुकाबले एक चौथाई कम है और वर्ष 2040 तक इसके 66 फीसदी तक और कम होने की संभावना है.टिप्पणियां रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में साल में करीब 300 दिन धूप निकलती है इसलिए भारत में सौर उर्जा का फायदा उठाने और इसका इस्तेमाल करने के लिए दुनिया में सबसे अच्छी परिस्थितियां हैं. विश्व बैंक ने कहा कि भारत सरकार ने महत्वाकांक्षी परियोजनाएं बनाई हैं जिसमें वर्ष 2022 तक पवन चक्की और सौर उर्जा से 160 गीगावॉट तक बिजली पैदा करने का लक्ष्य शामिल है. इससे ना केवल लाखों लोगों के घरों में रोशनी होगी बल्कि बच्चे रात को पढ़ाई भी कर पाएंगे, लोग अपने खाने को रेफ्रिजिरेटर में संरक्षित कर पाएंगे या टीवी पर अपना मनोरंजन कर पाएंगे. बैंक ने कहा, यह अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के लिए भारत के सौर बाजार में निवेश करने का भी अच्छा मौका है. रिपोर्ट में कहा गया है कि कुछ सप्ताह पहले देश ने कोयले से चलने वाले 14 गीगावॉट क्षमता वाले बिजली संयंत्र स्थापित करने की योजना से कदम पीछे खींच लिए क्योंकि अब सौर उर्जा से बिजली पैदा करने में वहन करने योग्य लागत आती है. रिपोर्ट में इस संबंध में भारत के कदमों की तारीफ की गई है. बैंक ने कहा, भारत और उसके अलावा ऊर्जा के स्रोत के रूप में सौर ऊर्जा कोयले की जगह ले रही है. उसने कहा कि सौर फोटोवॉल्टेक (पीवी) से बिजली पैदा करने की लागत वर्ष 2009 के मुकाबले एक चौथाई कम है और वर्ष 2040 तक इसके 66 फीसदी तक और कम होने की संभावना है.टिप्पणियां रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में साल में करीब 300 दिन धूप निकलती है इसलिए भारत में सौर उर्जा का फायदा उठाने और इसका इस्तेमाल करने के लिए दुनिया में सबसे अच्छी परिस्थितियां हैं. विश्व बैंक ने कहा कि भारत सरकार ने महत्वाकांक्षी परियोजनाएं बनाई हैं जिसमें वर्ष 2022 तक पवन चक्की और सौर उर्जा से 160 गीगावॉट तक बिजली पैदा करने का लक्ष्य शामिल है. इससे ना केवल लाखों लोगों के घरों में रोशनी होगी बल्कि बच्चे रात को पढ़ाई भी कर पाएंगे, लोग अपने खाने को रेफ्रिजिरेटर में संरक्षित कर पाएंगे या टीवी पर अपना मनोरंजन कर पाएंगे. बैंक ने कहा, यह अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के लिए भारत के सौर बाजार में निवेश करने का भी अच्छा मौका है. बैंक ने कहा, भारत और उसके अलावा ऊर्जा के स्रोत के रूप में सौर ऊर्जा कोयले की जगह ले रही है. उसने कहा कि सौर फोटोवॉल्टेक (पीवी) से बिजली पैदा करने की लागत वर्ष 2009 के मुकाबले एक चौथाई कम है और वर्ष 2040 तक इसके 66 फीसदी तक और कम होने की संभावना है.टिप्पणियां रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में साल में करीब 300 दिन धूप निकलती है इसलिए भारत में सौर उर्जा का फायदा उठाने और इसका इस्तेमाल करने के लिए दुनिया में सबसे अच्छी परिस्थितियां हैं. विश्व बैंक ने कहा कि भारत सरकार ने महत्वाकांक्षी परियोजनाएं बनाई हैं जिसमें वर्ष 2022 तक पवन चक्की और सौर उर्जा से 160 गीगावॉट तक बिजली पैदा करने का लक्ष्य शामिल है. इससे ना केवल लाखों लोगों के घरों में रोशनी होगी बल्कि बच्चे रात को पढ़ाई भी कर पाएंगे, लोग अपने खाने को रेफ्रिजिरेटर में संरक्षित कर पाएंगे या टीवी पर अपना मनोरंजन कर पाएंगे. बैंक ने कहा, यह अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के लिए भारत के सौर बाजार में निवेश करने का भी अच्छा मौका है. रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में साल में करीब 300 दिन धूप निकलती है इसलिए भारत में सौर उर्जा का फायदा उठाने और इसका इस्तेमाल करने के लिए दुनिया में सबसे अच्छी परिस्थितियां हैं. विश्व बैंक ने कहा कि भारत सरकार ने महत्वाकांक्षी परियोजनाएं बनाई हैं जिसमें वर्ष 2022 तक पवन चक्की और सौर उर्जा से 160 गीगावॉट तक बिजली पैदा करने का लक्ष्य शामिल है. इससे ना केवल लाखों लोगों के घरों में रोशनी होगी बल्कि बच्चे रात को पढ़ाई भी कर पाएंगे, लोग अपने खाने को रेफ्रिजिरेटर में संरक्षित कर पाएंगे या टीवी पर अपना मनोरंजन कर पाएंगे. बैंक ने कहा, यह अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के लिए भारत के सौर बाजार में निवेश करने का भी अच्छा मौका है. विश्व बैंक ने कहा कि भारत सरकार ने महत्वाकांक्षी परियोजनाएं बनाई हैं जिसमें वर्ष 2022 तक पवन चक्की और सौर उर्जा से 160 गीगावॉट तक बिजली पैदा करने का लक्ष्य शामिल है. इससे ना केवल लाखों लोगों के घरों में रोशनी होगी बल्कि बच्चे रात को पढ़ाई भी कर पाएंगे, लोग अपने खाने को रेफ्रिजिरेटर में संरक्षित कर पाएंगे या टीवी पर अपना मनोरंजन कर पाएंगे. बैंक ने कहा, यह अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के लिए भारत के सौर बाजार में निवेश करने का भी अच्छा मौका है.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: विश्व बैंक ने प्रकाशित एक समाचार रिपोर्ट में कहा चौबीसों घंटे बिजली उपलब्ध कराने के लिए सौर ऊर्जा की ओर प्रतिबद्धता सौर ऊर्जा से बिजली पैदा करने में वहन करने योग्य लागत आती है
19
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पुलिस ने शहर के बागमुगालिया इलाके में अपने घर के सामने खेल रही ढाई साल की बच्ची का अपहरण कर उसके साथ बलात्कार का प्रयास करने के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस उप महानिरीक्षक डी श्रीनिवास वर्मा ने शनिवार रात संवाददाताओं को बताया कि आरोपी का नाम मोहन उर्फ गेंदालाल है। बागमुगालिया एक्सटेंशन के निकट स्थित रुचि लाइफ स्केप कॉलोनी के सीसीटीवी कैमरा फुटेज में साइकिल पर बच्ची के साथ एक सफेद शर्ट पहने एवं सफेद टोपी लगाए एक व्यक्ति गेट से अंदर जाता हुआ दिख रहा था। उसकी पहचान मोहन उर्फ गेंदालाल के रूप में हुई थी। पूछताछ में उसने बालिका का अपहरण कर बलात्कार का प्रयास करने की बात मंजूर की है।टिप्पणियां उन्होंने बताया कि गत गुरुवार शाम यह बच्ची अपने घर के सामने खेलते-खेलते अचानक गायब हो गई थी। परिवार ने देर शाम तक उसके नहीं मिलने पर गुमशुदगी की रिपोर्ट पुलिस में दर्ज कराई थी। शुक्रवार रात बालिका के बागमुगालिया एक्सटेंशन स्थित मकान से तीन-चार किलोमीटर दूर मिसरोद स्थित रुचि लाइफ स्केप कॉलोनी कैंपस के चौकीदार ने सूचना दी कि एक बच्ची वहां खड़ी रो रही है। पुलिस मौके पर पहुंची। बच्ची के शरीर पर खरोंच के निशान थे और उसे जेपी अस्पताल लाया गया, जहां जांच के बाद चिकित्सकों ने बताया कि बच्ची से बलात्कार का प्रयास किया गया था। इलाज के बाद बच्ची को परिवार को सौंप दिया गया है। मामले की विवेचना के दौरान रुचि लाइफ स्केप कॉलोनी के सीसीटीवी कैमरा फुटेज के आधार पर पुलिस ने मोहन उर्फ गेंदालाल की पहचान की तथा उसे धर-दबोचा। उसके खिलाफ विभिन्न आपराधिक धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस उप महानिरीक्षक डी श्रीनिवास वर्मा ने शनिवार रात संवाददाताओं को बताया कि आरोपी का नाम मोहन उर्फ गेंदालाल है। बागमुगालिया एक्सटेंशन के निकट स्थित रुचि लाइफ स्केप कॉलोनी के सीसीटीवी कैमरा फुटेज में साइकिल पर बच्ची के साथ एक सफेद शर्ट पहने एवं सफेद टोपी लगाए एक व्यक्ति गेट से अंदर जाता हुआ दिख रहा था। उसकी पहचान मोहन उर्फ गेंदालाल के रूप में हुई थी। पूछताछ में उसने बालिका का अपहरण कर बलात्कार का प्रयास करने की बात मंजूर की है।टिप्पणियां उन्होंने बताया कि गत गुरुवार शाम यह बच्ची अपने घर के सामने खेलते-खेलते अचानक गायब हो गई थी। परिवार ने देर शाम तक उसके नहीं मिलने पर गुमशुदगी की रिपोर्ट पुलिस में दर्ज कराई थी। शुक्रवार रात बालिका के बागमुगालिया एक्सटेंशन स्थित मकान से तीन-चार किलोमीटर दूर मिसरोद स्थित रुचि लाइफ स्केप कॉलोनी कैंपस के चौकीदार ने सूचना दी कि एक बच्ची वहां खड़ी रो रही है। पुलिस मौके पर पहुंची। बच्ची के शरीर पर खरोंच के निशान थे और उसे जेपी अस्पताल लाया गया, जहां जांच के बाद चिकित्सकों ने बताया कि बच्ची से बलात्कार का प्रयास किया गया था। इलाज के बाद बच्ची को परिवार को सौंप दिया गया है। मामले की विवेचना के दौरान रुचि लाइफ स्केप कॉलोनी के सीसीटीवी कैमरा फुटेज के आधार पर पुलिस ने मोहन उर्फ गेंदालाल की पहचान की तथा उसे धर-दबोचा। उसके खिलाफ विभिन्न आपराधिक धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि गत गुरुवार शाम यह बच्ची अपने घर के सामने खेलते-खेलते अचानक गायब हो गई थी। परिवार ने देर शाम तक उसके नहीं मिलने पर गुमशुदगी की रिपोर्ट पुलिस में दर्ज कराई थी। शुक्रवार रात बालिका के बागमुगालिया एक्सटेंशन स्थित मकान से तीन-चार किलोमीटर दूर मिसरोद स्थित रुचि लाइफ स्केप कॉलोनी कैंपस के चौकीदार ने सूचना दी कि एक बच्ची वहां खड़ी रो रही है। पुलिस मौके पर पहुंची। बच्ची के शरीर पर खरोंच के निशान थे और उसे जेपी अस्पताल लाया गया, जहां जांच के बाद चिकित्सकों ने बताया कि बच्ची से बलात्कार का प्रयास किया गया था। इलाज के बाद बच्ची को परिवार को सौंप दिया गया है। मामले की विवेचना के दौरान रुचि लाइफ स्केप कॉलोनी के सीसीटीवी कैमरा फुटेज के आधार पर पुलिस ने मोहन उर्फ गेंदालाल की पहचान की तथा उसे धर-दबोचा। उसके खिलाफ विभिन्न आपराधिक धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस मौके पर पहुंची। बच्ची के शरीर पर खरोंच के निशान थे और उसे जेपी अस्पताल लाया गया, जहां जांच के बाद चिकित्सकों ने बताया कि बच्ची से बलात्कार का प्रयास किया गया था। इलाज के बाद बच्ची को परिवार को सौंप दिया गया है। मामले की विवेचना के दौरान रुचि लाइफ स्केप कॉलोनी के सीसीटीवी कैमरा फुटेज के आधार पर पुलिस ने मोहन उर्फ गेंदालाल की पहचान की तथा उसे धर-दबोचा। उसके खिलाफ विभिन्न आपराधिक धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पुलिस ने अपने घर के सामने खेल रही ढाई साल की बच्ची का अपहरण कर उसके साथ बलात्कार का प्रयास करने के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बीएसएफ के एडीजी अरुण कुमार ने NDTV से बात करते हुए बताया कि पिछले एक हफ़्ते में 15 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए हैं. सीमा पर पाकिस्तान की ओर से की गई गोलीबारी के चलते भारत की जवाबी कार्रवाई में ये पाकिस्तानी सैनिक मारे गए हैं. ये पाकिस्तानी सैनिक बीएसएफ द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई में पिछले एक हफ्ते में मारे गए हैं. कुमार का दावा है कि पिछले हफ्ते जम्मू में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तानी गोलीबारी का मुंहतोड़ जवाब दिया गया था जिसमें सात पाकिस्तानी जवान मारे गए थे.बता दे ंकि पिछले 24 घंटो में जम्मू इलाके में इंटरनेशनल बार्डर से लेकर लाइन ऑफ कंट्रोल पर पाकिस्तान की ओर से कई इलाकों में गोलाबारी की जा रही है. पाक गोलाबारी में आरएसपुरा सेक्टर में एक जवान शहीद हो गया वहीं कश्मीर में एलओसी पर तंगघार में घुसपैठ की कोशिश को सेना ने नाकाम कर दिया. सेना की इस कार्रवाई में उसका एक जवान शहीद हो गया वहीं एक जवान गंभीर रूप से घायल हो गया. इंटरनेशनल बार्डर यानी आईबी पर 2014 के बाद से फायरिंग लगभग बंद थी, लेकिन अचानक 19-20 की रात से पाक की ओर से गोलाबारी की शुरुआत होती है जो अब तक जारी है. इसके बाद से आईबी पर लगातार फायरिंग जारी है.टिप्पणियांइंटरनेशनल बॉर्डर की बात करें तो कठुआ, हीरानगर, आरएस पुरा और अरनिया सेक्टर में ज्यादा पाक की ओर से गोलाबारी हो रही है. पाक की ओर से छोटे हथियार, मशीनगन, 82 एमएम मोर्टार तक इस्तेमाल किया जा रहा है.   ये पाकिस्तानी सैनिक बीएसएफ द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई में पिछले एक हफ्ते में मारे गए हैं. कुमार का दावा है कि पिछले हफ्ते जम्मू में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तानी गोलीबारी का मुंहतोड़ जवाब दिया गया था जिसमें सात पाकिस्तानी जवान मारे गए थे.बता दे ंकि पिछले 24 घंटो में जम्मू इलाके में इंटरनेशनल बार्डर से लेकर लाइन ऑफ कंट्रोल पर पाकिस्तान की ओर से कई इलाकों में गोलाबारी की जा रही है. पाक गोलाबारी में आरएसपुरा सेक्टर में एक जवान शहीद हो गया वहीं कश्मीर में एलओसी पर तंगघार में घुसपैठ की कोशिश को सेना ने नाकाम कर दिया. सेना की इस कार्रवाई में उसका एक जवान शहीद हो गया वहीं एक जवान गंभीर रूप से घायल हो गया. इंटरनेशनल बार्डर यानी आईबी पर 2014 के बाद से फायरिंग लगभग बंद थी, लेकिन अचानक 19-20 की रात से पाक की ओर से गोलाबारी की शुरुआत होती है जो अब तक जारी है. इसके बाद से आईबी पर लगातार फायरिंग जारी है.टिप्पणियांइंटरनेशनल बॉर्डर की बात करें तो कठुआ, हीरानगर, आरएस पुरा और अरनिया सेक्टर में ज्यादा पाक की ओर से गोलाबारी हो रही है. पाक की ओर से छोटे हथियार, मशीनगन, 82 एमएम मोर्टार तक इस्तेमाल किया जा रहा है.   बता दे ंकि पिछले 24 घंटो में जम्मू इलाके में इंटरनेशनल बार्डर से लेकर लाइन ऑफ कंट्रोल पर पाकिस्तान की ओर से कई इलाकों में गोलाबारी की जा रही है. पाक गोलाबारी में आरएसपुरा सेक्टर में एक जवान शहीद हो गया वहीं कश्मीर में एलओसी पर तंगघार में घुसपैठ की कोशिश को सेना ने नाकाम कर दिया. सेना की इस कार्रवाई में उसका एक जवान शहीद हो गया वहीं एक जवान गंभीर रूप से घायल हो गया. इंटरनेशनल बार्डर यानी आईबी पर 2014 के बाद से फायरिंग लगभग बंद थी, लेकिन अचानक 19-20 की रात से पाक की ओर से गोलाबारी की शुरुआत होती है जो अब तक जारी है. इसके बाद से आईबी पर लगातार फायरिंग जारी है.टिप्पणियांइंटरनेशनल बॉर्डर की बात करें तो कठुआ, हीरानगर, आरएस पुरा और अरनिया सेक्टर में ज्यादा पाक की ओर से गोलाबारी हो रही है. पाक की ओर से छोटे हथियार, मशीनगन, 82 एमएम मोर्टार तक इस्तेमाल किया जा रहा है.   इंटरनेशनल बार्डर यानी आईबी पर 2014 के बाद से फायरिंग लगभग बंद थी, लेकिन अचानक 19-20 की रात से पाक की ओर से गोलाबारी की शुरुआत होती है जो अब तक जारी है. इसके बाद से आईबी पर लगातार फायरिंग जारी है. इंटरनेशनल बॉर्डर की बात करें तो कठुआ, हीरानगर, आरएस पुरा और अरनिया सेक्टर में ज्यादा पाक की ओर से गोलाबारी हो रही है. पाक की ओर से छोटे हथियार, मशीनगन, 82 एमएम मोर्टार तक इस्तेमाल किया जा रहा है.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सीमा पर पाकिस्तान की ओर से की गई गोलीबारी का जवाब LoC पर पाकिस्तान की ओर से कई इलाकों में गोलाबारी की जा रही है तंगघार में घुसपैठ की कोशिश को सेना ने नाकाम कर दिया.
19
['hin']
एक सारांश बनाओ: केरल में एक पादरी का डांस वीडियो जमकर वायरल हो रहा है. लाखों लोग इसे पसंद कर रहे हैं. 27 जून को शाइन एंटॉनी द्वारा फेसबुक पर पोस्ट किए गए इस करीब एक मिनट लंबे वीडियो में पादरी के डांसिंग हुनर को देखा जा सकता है. वह इस वीडियो में युवा बच्चों के साथ बड़ी ही तेजी से कदम से कदम मिला कर चर्च के बाहर डांस करते दिख रहे हैं. इस क्ल‍िप को तकरीबन ढ़ाई लाख बार देखा जा चुका है. वीडियो को देखने वाले लोग पादरी के डांस को खूब पसंद कर रहे हैं और सराह रहे हैं. चर्च के पादरी बड़ी ही फुर्ती और तेजी से युवा छात्रों के साथ डांस स्टेप मिला कर डांस करते दिख रहे हैं. टिप्पणियां इस क्ल‍िप की शुरुआत होती है कुछ युवा बच्चों के चर्च के सामने डांस करने से. कुछ ही देर में संगीत की धुनों पर थ‍िरकते पादरी भी इन युवा डांसर्स को ज्वॉइन कर लेते हैं. इस वीडियो में डांस कर रहे फादर मैरटोन डी-सिल्वा केरल के चर्च में पादरी हैं. एक नजर इस वीडियो पर-       googletag.cmd.push(function() { googletag.display('adslotNativeVideo'); }); पढ़ें और जरा हटके खबरें.    इस क्ल‍िप की शुरुआत होती है कुछ युवा बच्चों के चर्च के सामने डांस करने से. कुछ ही देर में संगीत की धुनों पर थ‍िरकते पादरी भी इन युवा डांसर्स को ज्वॉइन कर लेते हैं. इस वीडियो में डांस कर रहे फादर मैरटोन डी-सिल्वा केरल के चर्च में पादरी हैं. एक नजर इस वीडियो पर-       पढ़ें और जरा हटके खबरें.    पढ़ें और जरा हटके खबरें.
सारांश: इस क्ल‍िप को तकरीबन ढ़ाई लाख बार देखा जा चुका है. पादरी छात्रों के साथ डांस स्टेप मिला कर डांस करते दिख रहे हैं. फादर मैरटोन डी-सिल्वा केरल के चर्च में पादरी हैं.
5
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: यूरोपीय संघ ने अमेरिका की प्रौद्योगिकी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी गूगल पर 2.4 अरब यूरो का रिकॉर्ड जुर्माना लगाया है. गूगल के लिए यह एक और झटका है. कंपनी पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नाराजगी झेल रही है. कंपनी पर 'भरोसे के हनन' के लिए यह जुर्माना लगाया गया है. यूरोपीय प्रतिस्पर्धा आयोग की सख्त फैसले लेने वाली प्रमुख मार्गेट वेस्टेगर ने कहा कि गूगल ने दुनिया के सबसे लोकप्रिय सर्च इंजन के रूप में अपनी प्रभावशाली स्थिति का दुरुपयोग किया और अपनी ही शॉपिंग सेवा को गैरकानूनी तरीके से लाभ पहुंचाया. वेस्टेगर ने बयान में कहा, गूगल ने जो किया है वह ईयू के एंटीट्रस्ट नियमों के खिलाफ है. इसने अन्य कंपनियों को पात्रता के आधार पर प्रतिस्पर्धा और नवोन्मेषण से रोका. इससे भी महत्वपूर्ण यह है कि कंपनी ने यूरोप के उपभोक्ताओं को सेवाओं के उचित विकल्प और नवोन्मेषण के पूर्ण लाभ से वंचित किया. इस तरह के मामलों में यह जुर्माना एक रिकॉर्ड है. इससे पहले अमेरिकी चिप कंपनी इन्टेल पर 1.06 अरब यूरो का जुर्माना लगाया गया था. टिप्पणियां करीब एक साल पहले वेस्टेगर ने दुनिया और अमेरिका को झटका देते हुए आईफोन कंपनी एपल को आयरलैंड में 13 अरब यूरो के टैक्स के पुनर्भुगतान का आदेश दिया था.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) यूरोपीय प्रतिस्पर्धा आयोग की सख्त फैसले लेने वाली प्रमुख मार्गेट वेस्टेगर ने कहा कि गूगल ने दुनिया के सबसे लोकप्रिय सर्च इंजन के रूप में अपनी प्रभावशाली स्थिति का दुरुपयोग किया और अपनी ही शॉपिंग सेवा को गैरकानूनी तरीके से लाभ पहुंचाया. वेस्टेगर ने बयान में कहा, गूगल ने जो किया है वह ईयू के एंटीट्रस्ट नियमों के खिलाफ है. इसने अन्य कंपनियों को पात्रता के आधार पर प्रतिस्पर्धा और नवोन्मेषण से रोका. इससे भी महत्वपूर्ण यह है कि कंपनी ने यूरोप के उपभोक्ताओं को सेवाओं के उचित विकल्प और नवोन्मेषण के पूर्ण लाभ से वंचित किया. इस तरह के मामलों में यह जुर्माना एक रिकॉर्ड है. इससे पहले अमेरिकी चिप कंपनी इन्टेल पर 1.06 अरब यूरो का जुर्माना लगाया गया था. टिप्पणियां करीब एक साल पहले वेस्टेगर ने दुनिया और अमेरिका को झटका देते हुए आईफोन कंपनी एपल को आयरलैंड में 13 अरब यूरो के टैक्स के पुनर्भुगतान का आदेश दिया था.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) वेस्टेगर ने बयान में कहा, गूगल ने जो किया है वह ईयू के एंटीट्रस्ट नियमों के खिलाफ है. इसने अन्य कंपनियों को पात्रता के आधार पर प्रतिस्पर्धा और नवोन्मेषण से रोका. इससे भी महत्वपूर्ण यह है कि कंपनी ने यूरोप के उपभोक्ताओं को सेवाओं के उचित विकल्प और नवोन्मेषण के पूर्ण लाभ से वंचित किया. इस तरह के मामलों में यह जुर्माना एक रिकॉर्ड है. इससे पहले अमेरिकी चिप कंपनी इन्टेल पर 1.06 अरब यूरो का जुर्माना लगाया गया था. टिप्पणियां करीब एक साल पहले वेस्टेगर ने दुनिया और अमेरिका को झटका देते हुए आईफोन कंपनी एपल को आयरलैंड में 13 अरब यूरो के टैक्स के पुनर्भुगतान का आदेश दिया था.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इस तरह के मामलों में यह जुर्माना एक रिकॉर्ड है. इससे पहले अमेरिकी चिप कंपनी इन्टेल पर 1.06 अरब यूरो का जुर्माना लगाया गया था. टिप्पणियां करीब एक साल पहले वेस्टेगर ने दुनिया और अमेरिका को झटका देते हुए आईफोन कंपनी एपल को आयरलैंड में 13 अरब यूरो के टैक्स के पुनर्भुगतान का आदेश दिया था.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) करीब एक साल पहले वेस्टेगर ने दुनिया और अमेरिका को झटका देते हुए आईफोन कंपनी एपल को आयरलैंड में 13 अरब यूरो के टैक्स के पुनर्भुगतान का आदेश दिया था.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: गूगल पर अपनी प्रभावशाली स्थिति का दुरुपयोग करने का आरोप कंपनी पर 'भरोसे के हनन' के लिए यह जुर्माना लगाया गया है इस तरह के मामलों में यह जुर्माना एक रिकॉर्ड है
19
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन (BPSC) ने सिविल जज प्री परीक्षा का रिजल्ट (BPSC 30th Judicial Services Prelims Exam Results) जारी कर दिया है. प्री परीक्षा का रिजल्ट Bihar Public Service Commission की ऑफिशियल वेबसाइट bpsc.bih.nic.in पर जारी किया गया है. उम्मीदवार इस वेबसाइट पर जाकर ही अपना रिजल्ट (BPSC Result) चेक कर सकते हैं. जिन उम्मीदवारों को प्री परीक्षा में सफलता हासिल हुई है उनके रोल नंबर एक लिस्ट में जारी किए गए हैं. सिविल जज प्री परीक्षा 27 और 28 नवंबर 2018 को आयोजित की गई थी. इस परीक्षा में 1100 उम्मीदवार पास हुए हैं, जिन्हें अब मेन परीक्षा में बैठने का मौका मिलेगा.  30वीं बिहार जुडिशियल सर्विसेज मेन परीक्षा (BPSC 30th Judicial Services Main Examination) की तारीख जल्द ही जारी कर दी जाएगी. मेन परीक्षा की तारीख और अन्य जानकारी के लिए उम्मीदवार bpsc.bih.nic.in पर रेगुलर विजिट करते रहें. उम्मीदवार नीचे दिए गए डायरेक्ट लिंक पर क्लिक कर अपना रिजल्ट (BPSC Judicial Services Prelims Results) चेक कर सकते हैं.BPSC Civil Judge Pre Exam Result साथ ही उम्मीदवार नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलों कर भी अपना रिजल्ट (BPSC Prelims Results) चेक कर सकते हैं.
यहाँ एक सारांश है:सिविल जज प्री परीक्षा का रिजल्ट जारी हो गया है. रिजल्ट bpsc.bih.nic.in पर जारी किया गया है. सिविल जज प्री परीक्षा 27 और 28 नवंबर 2018 को हुई थी.
17
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हेलीकॉप्टर हादसे के बाद घटनास्थल पर जो सबसे पहले पहुंचा, वह न पुलिस थी, न कोई प्रशासनिक अधिकारी... वहां सबसे पहले पहुंचा था इरफान, जिसने बेहद चतुराई से ज़मीन में धंस चुके हेलीकॉप्टर से मुख्यमंत्री को बाहर आने में मदद की... निलंगा में कबाड़ का कारोबार करने वाले इरफान शेख की दुकान के पास ही हेलीपैड बना था... गुरुवार को स्थानीय दौरा खत्म कर जब मुख्यमंत्री ने निलंगा से लातूर के लिए उड़ान भरी, तो इरफान अपनी दुकान के पास से ही उत्सुकतावश उनके उड़ते हेलीकॉप्टर को निहार रहा था, क्योंकि निलंगा जैसे छोटे-से गांव में किसी हेलीकॉप्टर का आना आकर्षण का विषय होगा ही... लेकिन, अचानक ही माहौल बदल गया... इरफान ने अपनी आंखों के सामने हेलीकॉप्टर को ज़मीन की तरफ आते देखा और बाद में बेहद ऊंची आवाज़ भी सुनी, जिसके बाद वह उसी दिशा में दौड़ पड़ा, जबकि बाकी लोग घूमते पंखे और उड़ती धूल से बचने के लिए उलट दिशा में भाग रहे थे... मौका-ए-वारदात पर पहुंचकर इरफान ने तपाक से हेलीकॉप्टर का दरवाजा खोलने की कोशिश की... मुख्यमंत्री फडणवीस ने भीतर से इरफान को इशारा किया और फिर वह अंदर से लॉक खोलकर दरवाज़े से निकले... दरअसल, ज़मीन की तरफ आते हुए हेलीकॉप्टर के बिजली की तारों से छू गया था, और फिर धड़ाम से ज़मीन पर गिरकर धंस गया था, सो, ऐसे में दरवाज़ा खोलने में चुनौती महसूस हो रही थी... इरफान की मदद से मुख्यमंत्री बाहर निकल सके, और उन्होंने बाहर आते ही इरफान से कहा कि वह सुरक्षित हैं, और इरफान बाकी फंसे हुए लोगों को निकालें...टिप्पणियां NDTV इंडिया से बातचीत में इरफान ने बताया कि इसके बाद वह अंदर फंसे लोगों को निकालने में जुट गए... मुख्यमंत्री भी बाहर आकर इरफान से बात करने के बाद हेलीकॉप्टर से चंद फुट दूरी पर जाकर रुक गए और बाकी यात्रियों, पायलट को बाहर निकाले जाना देखने लगे... कुछ ही पल के बाद प्रशासनिक अमला मुख्यमंत्री की मदद के लिए पहुंच गया था, और उन्हें घेरकर हादसे की जगह से दूर ले गया... जब NDTV इंडिया ने इरफान से सवाल किया कि वह बाकियों से उलट दिशा में हेलीकॉप्टर की ओर क्यों दौड़े थे, तो उनका जवाब था, "हमारा राजा अंदर फंसा था..." यह पूछे जाने पर कि क्या वह अब CM से मिलना चाहते हैं, इरफान ने कहा, " नहीं जी, हमारा राजा बच गया, यही मेरे लिए काफी है..." इस इस घटना की मुख्यमंत्री कार्यालय से भी पुष्टि की गई है... निलंगा में कबाड़ का कारोबार करने वाले इरफान शेख की दुकान के पास ही हेलीपैड बना था... गुरुवार को स्थानीय दौरा खत्म कर जब मुख्यमंत्री ने निलंगा से लातूर के लिए उड़ान भरी, तो इरफान अपनी दुकान के पास से ही उत्सुकतावश उनके उड़ते हेलीकॉप्टर को निहार रहा था, क्योंकि निलंगा जैसे छोटे-से गांव में किसी हेलीकॉप्टर का आना आकर्षण का विषय होगा ही... लेकिन, अचानक ही माहौल बदल गया... इरफान ने अपनी आंखों के सामने हेलीकॉप्टर को ज़मीन की तरफ आते देखा और बाद में बेहद ऊंची आवाज़ भी सुनी, जिसके बाद वह उसी दिशा में दौड़ पड़ा, जबकि बाकी लोग घूमते पंखे और उड़ती धूल से बचने के लिए उलट दिशा में भाग रहे थे... मौका-ए-वारदात पर पहुंचकर इरफान ने तपाक से हेलीकॉप्टर का दरवाजा खोलने की कोशिश की... मुख्यमंत्री फडणवीस ने भीतर से इरफान को इशारा किया और फिर वह अंदर से लॉक खोलकर दरवाज़े से निकले... दरअसल, ज़मीन की तरफ आते हुए हेलीकॉप्टर के बिजली की तारों से छू गया था, और फिर धड़ाम से ज़मीन पर गिरकर धंस गया था, सो, ऐसे में दरवाज़ा खोलने में चुनौती महसूस हो रही थी... इरफान की मदद से मुख्यमंत्री बाहर निकल सके, और उन्होंने बाहर आते ही इरफान से कहा कि वह सुरक्षित हैं, और इरफान बाकी फंसे हुए लोगों को निकालें...टिप्पणियां NDTV इंडिया से बातचीत में इरफान ने बताया कि इसके बाद वह अंदर फंसे लोगों को निकालने में जुट गए... मुख्यमंत्री भी बाहर आकर इरफान से बात करने के बाद हेलीकॉप्टर से चंद फुट दूरी पर जाकर रुक गए और बाकी यात्रियों, पायलट को बाहर निकाले जाना देखने लगे... कुछ ही पल के बाद प्रशासनिक अमला मुख्यमंत्री की मदद के लिए पहुंच गया था, और उन्हें घेरकर हादसे की जगह से दूर ले गया... जब NDTV इंडिया ने इरफान से सवाल किया कि वह बाकियों से उलट दिशा में हेलीकॉप्टर की ओर क्यों दौड़े थे, तो उनका जवाब था, "हमारा राजा अंदर फंसा था..." यह पूछे जाने पर कि क्या वह अब CM से मिलना चाहते हैं, इरफान ने कहा, " नहीं जी, हमारा राजा बच गया, यही मेरे लिए काफी है..." इस इस घटना की मुख्यमंत्री कार्यालय से भी पुष्टि की गई है... लेकिन, अचानक ही माहौल बदल गया... इरफान ने अपनी आंखों के सामने हेलीकॉप्टर को ज़मीन की तरफ आते देखा और बाद में बेहद ऊंची आवाज़ भी सुनी, जिसके बाद वह उसी दिशा में दौड़ पड़ा, जबकि बाकी लोग घूमते पंखे और उड़ती धूल से बचने के लिए उलट दिशा में भाग रहे थे... मौका-ए-वारदात पर पहुंचकर इरफान ने तपाक से हेलीकॉप्टर का दरवाजा खोलने की कोशिश की... मुख्यमंत्री फडणवीस ने भीतर से इरफान को इशारा किया और फिर वह अंदर से लॉक खोलकर दरवाज़े से निकले... दरअसल, ज़मीन की तरफ आते हुए हेलीकॉप्टर के बिजली की तारों से छू गया था, और फिर धड़ाम से ज़मीन पर गिरकर धंस गया था, सो, ऐसे में दरवाज़ा खोलने में चुनौती महसूस हो रही थी... इरफान की मदद से मुख्यमंत्री बाहर निकल सके, और उन्होंने बाहर आते ही इरफान से कहा कि वह सुरक्षित हैं, और इरफान बाकी फंसे हुए लोगों को निकालें...टिप्पणियां NDTV इंडिया से बातचीत में इरफान ने बताया कि इसके बाद वह अंदर फंसे लोगों को निकालने में जुट गए... मुख्यमंत्री भी बाहर आकर इरफान से बात करने के बाद हेलीकॉप्टर से चंद फुट दूरी पर जाकर रुक गए और बाकी यात्रियों, पायलट को बाहर निकाले जाना देखने लगे... कुछ ही पल के बाद प्रशासनिक अमला मुख्यमंत्री की मदद के लिए पहुंच गया था, और उन्हें घेरकर हादसे की जगह से दूर ले गया... जब NDTV इंडिया ने इरफान से सवाल किया कि वह बाकियों से उलट दिशा में हेलीकॉप्टर की ओर क्यों दौड़े थे, तो उनका जवाब था, "हमारा राजा अंदर फंसा था..." यह पूछे जाने पर कि क्या वह अब CM से मिलना चाहते हैं, इरफान ने कहा, " नहीं जी, हमारा राजा बच गया, यही मेरे लिए काफी है..." इस इस घटना की मुख्यमंत्री कार्यालय से भी पुष्टि की गई है... दरअसल, ज़मीन की तरफ आते हुए हेलीकॉप्टर के बिजली की तारों से छू गया था, और फिर धड़ाम से ज़मीन पर गिरकर धंस गया था, सो, ऐसे में दरवाज़ा खोलने में चुनौती महसूस हो रही थी... इरफान की मदद से मुख्यमंत्री बाहर निकल सके, और उन्होंने बाहर आते ही इरफान से कहा कि वह सुरक्षित हैं, और इरफान बाकी फंसे हुए लोगों को निकालें...टिप्पणियां NDTV इंडिया से बातचीत में इरफान ने बताया कि इसके बाद वह अंदर फंसे लोगों को निकालने में जुट गए... मुख्यमंत्री भी बाहर आकर इरफान से बात करने के बाद हेलीकॉप्टर से चंद फुट दूरी पर जाकर रुक गए और बाकी यात्रियों, पायलट को बाहर निकाले जाना देखने लगे... कुछ ही पल के बाद प्रशासनिक अमला मुख्यमंत्री की मदद के लिए पहुंच गया था, और उन्हें घेरकर हादसे की जगह से दूर ले गया... जब NDTV इंडिया ने इरफान से सवाल किया कि वह बाकियों से उलट दिशा में हेलीकॉप्टर की ओर क्यों दौड़े थे, तो उनका जवाब था, "हमारा राजा अंदर फंसा था..." यह पूछे जाने पर कि क्या वह अब CM से मिलना चाहते हैं, इरफान ने कहा, " नहीं जी, हमारा राजा बच गया, यही मेरे लिए काफी है..." इस इस घटना की मुख्यमंत्री कार्यालय से भी पुष्टि की गई है... NDTV इंडिया से बातचीत में इरफान ने बताया कि इसके बाद वह अंदर फंसे लोगों को निकालने में जुट गए... मुख्यमंत्री भी बाहर आकर इरफान से बात करने के बाद हेलीकॉप्टर से चंद फुट दूरी पर जाकर रुक गए और बाकी यात्रियों, पायलट को बाहर निकाले जाना देखने लगे... कुछ ही पल के बाद प्रशासनिक अमला मुख्यमंत्री की मदद के लिए पहुंच गया था, और उन्हें घेरकर हादसे की जगह से दूर ले गया... जब NDTV इंडिया ने इरफान से सवाल किया कि वह बाकियों से उलट दिशा में हेलीकॉप्टर की ओर क्यों दौड़े थे, तो उनका जवाब था, "हमारा राजा अंदर फंसा था..." यह पूछे जाने पर कि क्या वह अब CM से मिलना चाहते हैं, इरफान ने कहा, " नहीं जी, हमारा राजा बच गया, यही मेरे लिए काफी है..." इस इस घटना की मुख्यमंत्री कार्यालय से भी पुष्टि की गई है... जब NDTV इंडिया ने इरफान से सवाल किया कि वह बाकियों से उलट दिशा में हेलीकॉप्टर की ओर क्यों दौड़े थे, तो उनका जवाब था, "हमारा राजा अंदर फंसा था..." यह पूछे जाने पर कि क्या वह अब CM से मिलना चाहते हैं, इरफान ने कहा, " नहीं जी, हमारा राजा बच गया, यही मेरे लिए काफी है..." इस इस घटना की मुख्यमंत्री कार्यालय से भी पुष्टि की गई है...
संक्षिप्त सारांश: इरफान ने अपनी आंखों के सामने हेलीकॉप्टर को ज़मीन की तरफ आते देखा ज़मीन की तरफ आते हुए हेलीकॉप्टर के बिजली की तारों से छू गया था इरफान की मदद से मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस हेलीकॉप्‍टर से बाहर निकल सके
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: राष्ट्रपति बराक ओबामा प्रशासन का मत है कि अमेरिका से नौकरियां भारत भेजे जाने की बात को बेहद बढ़ा-चढ़ाकर प्रचारित किया गया है। दरअसल, भारत-अमेरिका व्यापार तथा आर्थिक संबंध एक ऐसी दोतरफा प्रक्रिया है जिसका किसी एक के पक्ष में झुकाव नहीं है। अमेरिकी विदेश विभाग में आर्थिक, ऊर्जा और कृषि मामलों के उपमंत्री डी हारमैट्स ने चैनल सीबीएस न्यूज से कहा, मुझे लगता है कि नौकरियों की आउटसोर्सिंग किए जाने की बात को बेहद बढ़ा-चढ़कार प्रस्तुत किया गया है। उनसे अमेरिकी नौकरियों के आउटसोर्स किए जाने के संबंध में भारत के प्रति धारणा के बारे में पूछा गया था। उन्होंने कहा कि लोग आउटसोर्सिंग पर चर्चा करते हैं लेकिन वे इस तथ्य को स्वीकार नहीं करते कि हम भारत को कितना अधिक निर्यात करते हैं। पिछले 12 महीने में भारत ने अमेरिका से किए जाने वाले आयात में 17 फीसद वृद्धि की है। होरमैट्स ने कहा कि भारतीय निवेश यहां हो रहा है और इसमें धीरे-धीरे तेजी आ रही है। कई बड़ी भारतीय कंपनियां यहां निवेश कर रही हैं। इससे देश में बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा होंगे। भारत के विकास को संतुलित बताते हुए उन्होंने कहा, भारत की आर्थिक वृद्धि का जो मॉडल है, वह कई देशों के मुकाबले काफी संतुलित है। भारत ऐसा देश नहीं है जिसका विकास मॉडल निर्यातोन्मुख वृद्धि पर आधारित है जैसा कि हम कछ देशों के मामले में देखते हैं।
सारांश: राष्ट्रपति बराक ओबामा प्रशासन का मत है कि अमेरिका से नौकरियां भारत भेजे जाने की बात को बेहद बढ़ा-चढ़ाकर प्रचारित किया गया है।
20
['hin']
एक सारांश बनाओ: अफगानिस्तान के सासंदों ने 16 नागरिकों की हत्या के आरोपी अमेरिकी सैनिक को हटाकर कुवैत ले जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि जब तक उस सैनिक के खिलाफ न्यायिक कार्यवाही अफगानिस्तान में नहीं होती तब तक देश को अमेरिका के साथ किसी भी सहयोग के समझौते पर हस्ताक्षर नहीं करने चाहिए। दक्षिणी कांधार प्रांत में रविवार को एक अमेरिकी सैनिक द्वारा गोली मारकर नौ बच्चों समेत 16 लोगों की हत्या करने के बाद वर्ष 2014 के बाद अफगानिस्तान में अमेरिकी सैनिकों की वापसी को लेकर चल रही वार्ता में तनाव की स्थिति पैदा हो गई है। पिछले महीने अमेरिकी शिविर में अमेरिकी सैनिकों के हाथों पवित्र कुरान जलाने की खबर आने के बाद हुई हिंसा के बाद ही सैनिक द्वारा यह हत्याएं की गई हैं। कुरान जलाने के बाद हुए हिंसक प्रदर्शनों में 30 से ज्यादा लोग मारे गए थे और अफगान सेना ने अपनी बंदूकों का निशाना अपने सहयोगियों को बनाया जिसमें छह अमेरिकी सैनिक मारे गए।टिप्पणियां गोलीबारी पर लोगों की प्रतिक्रिया बहुत हल्की रही क्योंकि वरिष्ठ अफगान अधिकारियों ने अपनी लोकप्रियता का उपयोग कर लोगों को प्रदर्शन नहीं करने के लिए मना लिया। अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि अमेरिका बुधवार को गोलीबारी मामले के संदिग्ध को देश से बाहर ले गया। अमेरिकी सेना का कहना है कि सैनिक को देश के बाहर लाने से उसपर अफगानिस्तान में मुकदमा चलाने की संभावनाएं समाप्त नहीं हुई हैं। दक्षिणी कांधार प्रांत में रविवार को एक अमेरिकी सैनिक द्वारा गोली मारकर नौ बच्चों समेत 16 लोगों की हत्या करने के बाद वर्ष 2014 के बाद अफगानिस्तान में अमेरिकी सैनिकों की वापसी को लेकर चल रही वार्ता में तनाव की स्थिति पैदा हो गई है। पिछले महीने अमेरिकी शिविर में अमेरिकी सैनिकों के हाथों पवित्र कुरान जलाने की खबर आने के बाद हुई हिंसा के बाद ही सैनिक द्वारा यह हत्याएं की गई हैं। कुरान जलाने के बाद हुए हिंसक प्रदर्शनों में 30 से ज्यादा लोग मारे गए थे और अफगान सेना ने अपनी बंदूकों का निशाना अपने सहयोगियों को बनाया जिसमें छह अमेरिकी सैनिक मारे गए।टिप्पणियां गोलीबारी पर लोगों की प्रतिक्रिया बहुत हल्की रही क्योंकि वरिष्ठ अफगान अधिकारियों ने अपनी लोकप्रियता का उपयोग कर लोगों को प्रदर्शन नहीं करने के लिए मना लिया। अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि अमेरिका बुधवार को गोलीबारी मामले के संदिग्ध को देश से बाहर ले गया। अमेरिकी सेना का कहना है कि सैनिक को देश के बाहर लाने से उसपर अफगानिस्तान में मुकदमा चलाने की संभावनाएं समाप्त नहीं हुई हैं। पिछले महीने अमेरिकी शिविर में अमेरिकी सैनिकों के हाथों पवित्र कुरान जलाने की खबर आने के बाद हुई हिंसा के बाद ही सैनिक द्वारा यह हत्याएं की गई हैं। कुरान जलाने के बाद हुए हिंसक प्रदर्शनों में 30 से ज्यादा लोग मारे गए थे और अफगान सेना ने अपनी बंदूकों का निशाना अपने सहयोगियों को बनाया जिसमें छह अमेरिकी सैनिक मारे गए।टिप्पणियां गोलीबारी पर लोगों की प्रतिक्रिया बहुत हल्की रही क्योंकि वरिष्ठ अफगान अधिकारियों ने अपनी लोकप्रियता का उपयोग कर लोगों को प्रदर्शन नहीं करने के लिए मना लिया। अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि अमेरिका बुधवार को गोलीबारी मामले के संदिग्ध को देश से बाहर ले गया। अमेरिकी सेना का कहना है कि सैनिक को देश के बाहर लाने से उसपर अफगानिस्तान में मुकदमा चलाने की संभावनाएं समाप्त नहीं हुई हैं। गोलीबारी पर लोगों की प्रतिक्रिया बहुत हल्की रही क्योंकि वरिष्ठ अफगान अधिकारियों ने अपनी लोकप्रियता का उपयोग कर लोगों को प्रदर्शन नहीं करने के लिए मना लिया। अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि अमेरिका बुधवार को गोलीबारी मामले के संदिग्ध को देश से बाहर ले गया। अमेरिकी सेना का कहना है कि सैनिक को देश के बाहर लाने से उसपर अफगानिस्तान में मुकदमा चलाने की संभावनाएं समाप्त नहीं हुई हैं। अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि अमेरिका बुधवार को गोलीबारी मामले के संदिग्ध को देश से बाहर ले गया। अमेरिकी सेना का कहना है कि सैनिक को देश के बाहर लाने से उसपर अफगानिस्तान में मुकदमा चलाने की संभावनाएं समाप्त नहीं हुई हैं।
यह एक सारांश है: अफगानिस्तान के सासंदों ने 16 नागरिकों की हत्या के आरोपी अमेरिकी सैनिक को हटाकर कुवैत ले जाने पर नाराजगी व्यक्त की है।
21
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश मार्कंडेय काटजू ने अमिताभ बच्चन के लिए लिखा है कि - उनका दिमाग खाली है. फेसबुक पर लिखी इस पोस्ट पर काटजू ने बच्चन के लिए लिखा कि 'अमिताभ बच्चन एक ऐसे शख्स हैं जिनका दिमाग खाली है और क्योंकि ज्यादातर मीडिया वाले उनकी तारीफ करते हैं, मैं समझता हूं उन सभी के दिमाग भी खाली ही हैं.' उनके इस पोस्ट पर काफी प्रतिक्रियाएं मिलने के बाद काटजू ने अगले पोस्ट में साफ किया कि उन्होंने बच्चन के लिए ऐसा क्यों लिखा था. काटजू लिखते हैं  'जब मैंने लिखा कि अमिताभ बच्चन के दिमाग में कुछ नहीं है, तो कई लोगों ने मुझसे कहा कि मैं अपनी बात ज़रा विस्तार में लिखूं. कार्ल मार्क्स ने कहा था कि धर्म, जनता के लिए एक अफीम है जिसे अक्सर राजा अपने जन समुदाय को शांत रखने के लिए ड्रग की तरह इस्तेमाल करता है, ताकि लोग विरोध न करें. लेकिन भारतीय जनता को शांत रखने के लिए सिर्फ एक ड्रग काफी नहीं है, उन्हें कई तरह के नशे की जरूरत होती है. धर्म उन्हीं में से एक नशा है. दूसरे तरह के नशे जैसे फिल्में, मीडिया, क्रिकेट, ज्योतिष, बाबा, वगैरह वगैरह. जनता को शांत करने के लिए इन सभी नशों को उसी तरह मिलाकर हमारे शासक परोसते हैं जैसे किसी बीमारी को दूर करने के लिए अलग अलग दवाइयों को मिलाकर दिया जाता है. ऐसा ही एक तगड़ा नशा फिल्मों का भी है. रोमन शासक कहते थे 'अगर आप जनता को रोटी नहीं दे सकते तो उन्हें सर्कस दीजिए.' तो हमारी ज्यादातर फिल्में किसी सर्कस से कम नहीं हैं जो हमारे शासक लोगों को इसलिए परोसते हैं क्योंकि वह उन्हें रोटी तो दे नहीं सकते (जैसे रोज़गार, स्वास्थ्य सेवाएं, अच्छा खाना, अच्छी पढ़ाई, वगैरह) अमिताभ बच्चन की फिल्में, देव आनंद, शम्मी कपूर, राजेश खन्ना की फिल्मों की तरह ही एक नशा है, ये लोगों को एक काल्पनिक दुनिया में ले जाते हैं और इसलिए जनता को शांत रखने के लिए ये सभी हमारे शासकों के लिए बहुत काम के लोग हैं.टिप्पणियां एक अच्छे अभिनेता होने के अलावा अमिताभ बच्चन में और क्या है? क्या देश की बड़ी बड़ी समस्याओं को सुलझाने के लिए उनके पास कोई वैज्ञानिक सुझाव है? नहीं है. समय-समय पर वह मीडिया चैनलों पर संदेश देते दिख जाते हैं और वक्त-वक्त पर उन्हें भला काम करते हुए देखा जा सकता है, लेकिन फिर जब ये सब करने के लिए आपको अच्छी खासी रकम मिले तो यह कौन नहीं करना चाहेगा?' हर बार की तरह काटजू की यह पोस्ट भी बहस का मुद्दा बन गई. उनके इस पोस्ट पर कई लोगों ने बच्चन की प्रशंसा करते हुए लिखा कि अमिताभ बच्चन अपने क्षेत्र में बेहतरीन काम करते आए हैं और उन्हें उसी से आंका जाना चाहिए. वही दूसरे खेमे ने काटजू का समर्थन करते हुए लिखा कि बच्चन जैसे 'महान' अभिनेता को किसी राजनेता के राजनीतिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए खुद को आगे नहीं करना चाहिए. इन सबके बीच काटजू का बच्चन से 'वैज्ञानिक सुझाव' की अपेक्षा करना कई लोगों को हज़म नहीं हो पाया. उनके इस पोस्ट पर काफी प्रतिक्रियाएं मिलने के बाद काटजू ने अगले पोस्ट में साफ किया कि उन्होंने बच्चन के लिए ऐसा क्यों लिखा था. काटजू लिखते हैं  'जब मैंने लिखा कि अमिताभ बच्चन के दिमाग में कुछ नहीं है, तो कई लोगों ने मुझसे कहा कि मैं अपनी बात ज़रा विस्तार में लिखूं. कार्ल मार्क्स ने कहा था कि धर्म, जनता के लिए एक अफीम है जिसे अक्सर राजा अपने जन समुदाय को शांत रखने के लिए ड्रग की तरह इस्तेमाल करता है, ताकि लोग विरोध न करें. लेकिन भारतीय जनता को शांत रखने के लिए सिर्फ एक ड्रग काफी नहीं है, उन्हें कई तरह के नशे की जरूरत होती है. धर्म उन्हीं में से एक नशा है. दूसरे तरह के नशे जैसे फिल्में, मीडिया, क्रिकेट, ज्योतिष, बाबा, वगैरह वगैरह. जनता को शांत करने के लिए इन सभी नशों को उसी तरह मिलाकर हमारे शासक परोसते हैं जैसे किसी बीमारी को दूर करने के लिए अलग अलग दवाइयों को मिलाकर दिया जाता है. ऐसा ही एक तगड़ा नशा फिल्मों का भी है. रोमन शासक कहते थे 'अगर आप जनता को रोटी नहीं दे सकते तो उन्हें सर्कस दीजिए.' तो हमारी ज्यादातर फिल्में किसी सर्कस से कम नहीं हैं जो हमारे शासक लोगों को इसलिए परोसते हैं क्योंकि वह उन्हें रोटी तो दे नहीं सकते (जैसे रोज़गार, स्वास्थ्य सेवाएं, अच्छा खाना, अच्छी पढ़ाई, वगैरह) अमिताभ बच्चन की फिल्में, देव आनंद, शम्मी कपूर, राजेश खन्ना की फिल्मों की तरह ही एक नशा है, ये लोगों को एक काल्पनिक दुनिया में ले जाते हैं और इसलिए जनता को शांत रखने के लिए ये सभी हमारे शासकों के लिए बहुत काम के लोग हैं.टिप्पणियां एक अच्छे अभिनेता होने के अलावा अमिताभ बच्चन में और क्या है? क्या देश की बड़ी बड़ी समस्याओं को सुलझाने के लिए उनके पास कोई वैज्ञानिक सुझाव है? नहीं है. समय-समय पर वह मीडिया चैनलों पर संदेश देते दिख जाते हैं और वक्त-वक्त पर उन्हें भला काम करते हुए देखा जा सकता है, लेकिन फिर जब ये सब करने के लिए आपको अच्छी खासी रकम मिले तो यह कौन नहीं करना चाहेगा?' हर बार की तरह काटजू की यह पोस्ट भी बहस का मुद्दा बन गई. उनके इस पोस्ट पर कई लोगों ने बच्चन की प्रशंसा करते हुए लिखा कि अमिताभ बच्चन अपने क्षेत्र में बेहतरीन काम करते आए हैं और उन्हें उसी से आंका जाना चाहिए. वही दूसरे खेमे ने काटजू का समर्थन करते हुए लिखा कि बच्चन जैसे 'महान' अभिनेता को किसी राजनेता के राजनीतिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए खुद को आगे नहीं करना चाहिए. इन सबके बीच काटजू का बच्चन से 'वैज्ञानिक सुझाव' की अपेक्षा करना कई लोगों को हज़म नहीं हो पाया. लेकिन भारतीय जनता को शांत रखने के लिए सिर्फ एक ड्रग काफी नहीं है, उन्हें कई तरह के नशे की जरूरत होती है. धर्म उन्हीं में से एक नशा है. दूसरे तरह के नशे जैसे फिल्में, मीडिया, क्रिकेट, ज्योतिष, बाबा, वगैरह वगैरह. जनता को शांत करने के लिए इन सभी नशों को उसी तरह मिलाकर हमारे शासक परोसते हैं जैसे किसी बीमारी को दूर करने के लिए अलग अलग दवाइयों को मिलाकर दिया जाता है. ऐसा ही एक तगड़ा नशा फिल्मों का भी है. रोमन शासक कहते थे 'अगर आप जनता को रोटी नहीं दे सकते तो उन्हें सर्कस दीजिए.' तो हमारी ज्यादातर फिल्में किसी सर्कस से कम नहीं हैं जो हमारे शासक लोगों को इसलिए परोसते हैं क्योंकि वह उन्हें रोटी तो दे नहीं सकते (जैसे रोज़गार, स्वास्थ्य सेवाएं, अच्छा खाना, अच्छी पढ़ाई, वगैरह) अमिताभ बच्चन की फिल्में, देव आनंद, शम्मी कपूर, राजेश खन्ना की फिल्मों की तरह ही एक नशा है, ये लोगों को एक काल्पनिक दुनिया में ले जाते हैं और इसलिए जनता को शांत रखने के लिए ये सभी हमारे शासकों के लिए बहुत काम के लोग हैं.टिप्पणियां एक अच्छे अभिनेता होने के अलावा अमिताभ बच्चन में और क्या है? क्या देश की बड़ी बड़ी समस्याओं को सुलझाने के लिए उनके पास कोई वैज्ञानिक सुझाव है? नहीं है. समय-समय पर वह मीडिया चैनलों पर संदेश देते दिख जाते हैं और वक्त-वक्त पर उन्हें भला काम करते हुए देखा जा सकता है, लेकिन फिर जब ये सब करने के लिए आपको अच्छी खासी रकम मिले तो यह कौन नहीं करना चाहेगा?' हर बार की तरह काटजू की यह पोस्ट भी बहस का मुद्दा बन गई. उनके इस पोस्ट पर कई लोगों ने बच्चन की प्रशंसा करते हुए लिखा कि अमिताभ बच्चन अपने क्षेत्र में बेहतरीन काम करते आए हैं और उन्हें उसी से आंका जाना चाहिए. वही दूसरे खेमे ने काटजू का समर्थन करते हुए लिखा कि बच्चन जैसे 'महान' अभिनेता को किसी राजनेता के राजनीतिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए खुद को आगे नहीं करना चाहिए. इन सबके बीच काटजू का बच्चन से 'वैज्ञानिक सुझाव' की अपेक्षा करना कई लोगों को हज़म नहीं हो पाया. ऐसा ही एक तगड़ा नशा फिल्मों का भी है. रोमन शासक कहते थे 'अगर आप जनता को रोटी नहीं दे सकते तो उन्हें सर्कस दीजिए.' तो हमारी ज्यादातर फिल्में किसी सर्कस से कम नहीं हैं जो हमारे शासक लोगों को इसलिए परोसते हैं क्योंकि वह उन्हें रोटी तो दे नहीं सकते (जैसे रोज़गार, स्वास्थ्य सेवाएं, अच्छा खाना, अच्छी पढ़ाई, वगैरह) अमिताभ बच्चन की फिल्में, देव आनंद, शम्मी कपूर, राजेश खन्ना की फिल्मों की तरह ही एक नशा है, ये लोगों को एक काल्पनिक दुनिया में ले जाते हैं और इसलिए जनता को शांत रखने के लिए ये सभी हमारे शासकों के लिए बहुत काम के लोग हैं.टिप्पणियां एक अच्छे अभिनेता होने के अलावा अमिताभ बच्चन में और क्या है? क्या देश की बड़ी बड़ी समस्याओं को सुलझाने के लिए उनके पास कोई वैज्ञानिक सुझाव है? नहीं है. समय-समय पर वह मीडिया चैनलों पर संदेश देते दिख जाते हैं और वक्त-वक्त पर उन्हें भला काम करते हुए देखा जा सकता है, लेकिन फिर जब ये सब करने के लिए आपको अच्छी खासी रकम मिले तो यह कौन नहीं करना चाहेगा?' हर बार की तरह काटजू की यह पोस्ट भी बहस का मुद्दा बन गई. उनके इस पोस्ट पर कई लोगों ने बच्चन की प्रशंसा करते हुए लिखा कि अमिताभ बच्चन अपने क्षेत्र में बेहतरीन काम करते आए हैं और उन्हें उसी से आंका जाना चाहिए. वही दूसरे खेमे ने काटजू का समर्थन करते हुए लिखा कि बच्चन जैसे 'महान' अभिनेता को किसी राजनेता के राजनीतिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए खुद को आगे नहीं करना चाहिए. इन सबके बीच काटजू का बच्चन से 'वैज्ञानिक सुझाव' की अपेक्षा करना कई लोगों को हज़म नहीं हो पाया. ऐसा ही एक तगड़ा नशा फिल्मों का भी है. रोमन शासक कहते थे 'अगर आप जनता को रोटी नहीं दे सकते तो उन्हें सर्कस दीजिए.' तो हमारी ज्यादातर फिल्में किसी सर्कस से कम नहीं हैं जो हमारे शासक लोगों को इसलिए परोसते हैं क्योंकि वह उन्हें रोटी तो दे नहीं सकते (जैसे रोज़गार, स्वास्थ्य सेवाएं, अच्छा खाना, अच्छी पढ़ाई, वगैरह) अमिताभ बच्चन की फिल्में, देव आनंद, शम्मी कपूर, राजेश खन्ना की फिल्मों की तरह ही एक नशा है, ये लोगों को एक काल्पनिक दुनिया में ले जाते हैं और इसलिए जनता को शांत रखने के लिए ये सभी हमारे शासकों के लिए बहुत काम के लोग हैं.टिप्पणियां एक अच्छे अभिनेता होने के अलावा अमिताभ बच्चन में और क्या है? क्या देश की बड़ी बड़ी समस्याओं को सुलझाने के लिए उनके पास कोई वैज्ञानिक सुझाव है? नहीं है. समय-समय पर वह मीडिया चैनलों पर संदेश देते दिख जाते हैं और वक्त-वक्त पर उन्हें भला काम करते हुए देखा जा सकता है, लेकिन फिर जब ये सब करने के लिए आपको अच्छी खासी रकम मिले तो यह कौन नहीं करना चाहेगा?' हर बार की तरह काटजू की यह पोस्ट भी बहस का मुद्दा बन गई. उनके इस पोस्ट पर कई लोगों ने बच्चन की प्रशंसा करते हुए लिखा कि अमिताभ बच्चन अपने क्षेत्र में बेहतरीन काम करते आए हैं और उन्हें उसी से आंका जाना चाहिए. वही दूसरे खेमे ने काटजू का समर्थन करते हुए लिखा कि बच्चन जैसे 'महान' अभिनेता को किसी राजनेता के राजनीतिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए खुद को आगे नहीं करना चाहिए. इन सबके बीच काटजू का बच्चन से 'वैज्ञानिक सुझाव' की अपेक्षा करना कई लोगों को हज़म नहीं हो पाया. अमिताभ बच्चन की फिल्में, देव आनंद, शम्मी कपूर, राजेश खन्ना की फिल्मों की तरह ही एक नशा है, ये लोगों को एक काल्पनिक दुनिया में ले जाते हैं और इसलिए जनता को शांत रखने के लिए ये सभी हमारे शासकों के लिए बहुत काम के लोग हैं.टिप्पणियां एक अच्छे अभिनेता होने के अलावा अमिताभ बच्चन में और क्या है? क्या देश की बड़ी बड़ी समस्याओं को सुलझाने के लिए उनके पास कोई वैज्ञानिक सुझाव है? नहीं है. समय-समय पर वह मीडिया चैनलों पर संदेश देते दिख जाते हैं और वक्त-वक्त पर उन्हें भला काम करते हुए देखा जा सकता है, लेकिन फिर जब ये सब करने के लिए आपको अच्छी खासी रकम मिले तो यह कौन नहीं करना चाहेगा?' हर बार की तरह काटजू की यह पोस्ट भी बहस का मुद्दा बन गई. उनके इस पोस्ट पर कई लोगों ने बच्चन की प्रशंसा करते हुए लिखा कि अमिताभ बच्चन अपने क्षेत्र में बेहतरीन काम करते आए हैं और उन्हें उसी से आंका जाना चाहिए. वही दूसरे खेमे ने काटजू का समर्थन करते हुए लिखा कि बच्चन जैसे 'महान' अभिनेता को किसी राजनेता के राजनीतिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए खुद को आगे नहीं करना चाहिए. इन सबके बीच काटजू का बच्चन से 'वैज्ञानिक सुझाव' की अपेक्षा करना कई लोगों को हज़म नहीं हो पाया. एक अच्छे अभिनेता होने के अलावा अमिताभ बच्चन में और क्या है? क्या देश की बड़ी बड़ी समस्याओं को सुलझाने के लिए उनके पास कोई वैज्ञानिक सुझाव है? नहीं है. समय-समय पर वह मीडिया चैनलों पर संदेश देते दिख जाते हैं और वक्त-वक्त पर उन्हें भला काम करते हुए देखा जा सकता है, लेकिन फिर जब ये सब करने के लिए आपको अच्छी खासी रकम मिले तो यह कौन नहीं करना चाहेगा?' हर बार की तरह काटजू की यह पोस्ट भी बहस का मुद्दा बन गई. उनके इस पोस्ट पर कई लोगों ने बच्चन की प्रशंसा करते हुए लिखा कि अमिताभ बच्चन अपने क्षेत्र में बेहतरीन काम करते आए हैं और उन्हें उसी से आंका जाना चाहिए. वही दूसरे खेमे ने काटजू का समर्थन करते हुए लिखा कि बच्चन जैसे 'महान' अभिनेता को किसी राजनेता के राजनीतिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए खुद को आगे नहीं करना चाहिए. इन सबके बीच काटजू का बच्चन से 'वैज्ञानिक सुझाव' की अपेक्षा करना कई लोगों को हज़म नहीं हो पाया. हर बार की तरह काटजू की यह पोस्ट भी बहस का मुद्दा बन गई. उनके इस पोस्ट पर कई लोगों ने बच्चन की प्रशंसा करते हुए लिखा कि अमिताभ बच्चन अपने क्षेत्र में बेहतरीन काम करते आए हैं और उन्हें उसी से आंका जाना चाहिए. वही दूसरे खेमे ने काटजू का समर्थन करते हुए लिखा कि बच्चन जैसे 'महान' अभिनेता को किसी राजनेता के राजनीतिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए खुद को आगे नहीं करना चाहिए. इन सबके बीच काटजू का बच्चन से 'वैज्ञानिक सुझाव' की अपेक्षा करना कई लोगों को हज़म नहीं हो पाया.
संक्षिप्त पाठ: पूर्व न्यायाधीश मार्कंडेय काटजू ने अमिताभ बच्चन के बारे में एक पोस्ट लिखी अपनी पोस्ट में उन्होंने लिखा कि 'बच्चन का दिमाग खाली है' उन्होंने लिखा कि वह देश की समस्याओं का कभी कोई वैज्ञानिक सुझाव नहीं देते
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['hin']