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एक सारांश बनाओ: उत्तराखंड में किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिलने से वहां सियासी जोड़तोड़ शुरू हो गई है। राज्य की 70 सीटों में से 32 कांग्रेस और 31 बीजेपी के खाते में गई हैं। दोनों ही पार्टियों ने आगे की रणनीति पर चर्चा के लिए आज अपने−अपने विधायक दल की बैठक बुला उत्तराखंड में कांग्रेस निर्दलीय विधायकों के समर्थन से सरकार बनाने का दावा कर रही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष यशपाल आर्ट का कहना है कि कांग्रेस के तीन बागी उम्मीदवार चुनाव जीत गए हैं और वह उन्हें साथ लाने में जुटी है। उत्तराखंड में बीजेपी भी आसानी से हथियार नहीं डालने वाली और वह सरकार बनाने की पूरी कोशिश करेगी। राज्यपाल के सामने दावा पेश करने को लेकर बीजेपी का कहना है कि सरकार बनाने की जल्दी नहीं मचानी चाहिए। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष यशपाल आर्ट का कहना है कि कांग्रेस के तीन बागी उम्मीदवार चुनाव जीत गए हैं और वह उन्हें साथ लाने में जुटी है। उत्तराखंड में बीजेपी भी आसानी से हथियार नहीं डालने वाली और वह सरकार बनाने की पूरी कोशिश करेगी। राज्यपाल के सामने दावा पेश करने को लेकर बीजेपी का कहना है कि सरकार बनाने की जल्दी नहीं मचानी चाहिए।
उत्तराखंड में किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिलने से वहां सियासी जोड़तोड़ शुरू हो गई है। राज्य की 70 सीटों में से 32 कांग्रेस और 31 बीजेपी के खाते में गई हैं।
26
['hin']
एक सारांश बनाओ: वर्ष 2018 से देश में वित्त वर्ष की शुरुआत अप्रैल के बजाय जनवरी से हो सकती है. सरकार इसकी तैयारी में लगी है. इसके साथ ही देश में 150 साल से चली आ रही अप्रैल-मार्च की वित्त वर्ष की परंपरा में बदलाव हो सकता है. यदि ऐसा होता है तो केंद्र का अगला बजट इस साल नवंबर में पेश हो सकता है. सूत्रों के मुताबिक, सरकार वित्त वर्ष को कैलेंडर वर्ष के अनुरूप बदलने पर काम कर रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बदलाव की वकालत की है. यह एक और ऐतिहासिक बदलाव होगा. सरकार इससे पहले बजट को फरवरी महीने की अंतिम तारीख को पेश करने की दशकों पुरानी परंपरा को बदल चुकी है. इस साल बजट एक फरवरी को पेश किया गया. ऐसे में वित्त वर्ष को बदलने के जिस प्रस्ताव पर विचार-विमर्श किया जा रहा है उसके मुताबिक संसद का बजट सत्र दिसंबर से काफी पहले हो सकता है ताकि बजट प्रक्रिया को साल के अंत से पहले पूरा किया जा सके. सूत्रों ने कहा कि बजट प्रक्रिया को पूरा करने में दो माह का समय लगता है. ऐसे में बजट सत्र की संभावित तारीख नवंबर का पहला सप्ताह हो सकती है. भारत में वित्त वर्ष एक अप्रैल से 31 मार्च तक होता है. इस व्यवस्था को 1867 में अपनाया गया था जिससे भारतीय वित्त वर्ष का ब्रिटिश सरकार के वित्त वर्ष से तालमेल किया जा सके. उससे पहले तक भारत में वित्त वर्ष की शुरआत एक मई को शुरू होकर 30 अप्रैल तक होती थी. प्रधानमंत्री मोदी के वित्त वर्ष का कैलेंडर वर्ष से मेल करने की इच्छा जताने के बाद सरकार ने पिछले साल एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया. समिति को वित्त वर्ष को एक जनवरी से शुरू करने की व्यवहारिता का अध्ययन करने को कहा गया. समिति ने दिसंबर में अपनी रिपोर्ट वित्त मंत्री को सौंप दी. उधर, नीति आयोग के एक नोट में भी कहा गया है कि वित्त वर्ष में बदलाव जरूरी है क्योंकि, मौजूदा प्रणाली में कामकाज के सत्र का उपयोग नहीं हो पाता. कुछ महीने पहले संसद की वित्त पर स्थायी समिति ने भी वित्त वर्ष को स्थानांतरित कर जनवरी-दिसंबर करने की सिफारिश की थी.टिप्पणियां मोदी ने वित्त वर्ष में बदलाव की वकालत करते हुए कहा था कि एक तेजर्तार व्यवस्था विकसित किए जाने की जरूरत है, जो विविधता के बीच काम कर सके. उन्होंने कहा था, समय के खराब प्रबंधन की वजह से कई अच्छी पहल और योजनाएं वांछित नतीजे देने में विफल रहती हैं. वित्त वर्ष को जनवरी-दिसंबर करने की घोषणा करने वाला मध्य प्रदेश पहला राज्य है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सूत्रों के मुताबिक, सरकार वित्त वर्ष को कैलेंडर वर्ष के अनुरूप बदलने पर काम कर रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बदलाव की वकालत की है. यह एक और ऐतिहासिक बदलाव होगा. सरकार इससे पहले बजट को फरवरी महीने की अंतिम तारीख को पेश करने की दशकों पुरानी परंपरा को बदल चुकी है. इस साल बजट एक फरवरी को पेश किया गया. ऐसे में वित्त वर्ष को बदलने के जिस प्रस्ताव पर विचार-विमर्श किया जा रहा है उसके मुताबिक संसद का बजट सत्र दिसंबर से काफी पहले हो सकता है ताकि बजट प्रक्रिया को साल के अंत से पहले पूरा किया जा सके. सूत्रों ने कहा कि बजट प्रक्रिया को पूरा करने में दो माह का समय लगता है. ऐसे में बजट सत्र की संभावित तारीख नवंबर का पहला सप्ताह हो सकती है. भारत में वित्त वर्ष एक अप्रैल से 31 मार्च तक होता है. इस व्यवस्था को 1867 में अपनाया गया था जिससे भारतीय वित्त वर्ष का ब्रिटिश सरकार के वित्त वर्ष से तालमेल किया जा सके. उससे पहले तक भारत में वित्त वर्ष की शुरआत एक मई को शुरू होकर 30 अप्रैल तक होती थी. प्रधानमंत्री मोदी के वित्त वर्ष का कैलेंडर वर्ष से मेल करने की इच्छा जताने के बाद सरकार ने पिछले साल एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया. समिति को वित्त वर्ष को एक जनवरी से शुरू करने की व्यवहारिता का अध्ययन करने को कहा गया. समिति ने दिसंबर में अपनी रिपोर्ट वित्त मंत्री को सौंप दी. उधर, नीति आयोग के एक नोट में भी कहा गया है कि वित्त वर्ष में बदलाव जरूरी है क्योंकि, मौजूदा प्रणाली में कामकाज के सत्र का उपयोग नहीं हो पाता. कुछ महीने पहले संसद की वित्त पर स्थायी समिति ने भी वित्त वर्ष को स्थानांतरित कर जनवरी-दिसंबर करने की सिफारिश की थी.टिप्पणियां मोदी ने वित्त वर्ष में बदलाव की वकालत करते हुए कहा था कि एक तेजर्तार व्यवस्था विकसित किए जाने की जरूरत है, जो विविधता के बीच काम कर सके. उन्होंने कहा था, समय के खराब प्रबंधन की वजह से कई अच्छी पहल और योजनाएं वांछित नतीजे देने में विफल रहती हैं. वित्त वर्ष को जनवरी-दिसंबर करने की घोषणा करने वाला मध्य प्रदेश पहला राज्य है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) ऐसे में वित्त वर्ष को बदलने के जिस प्रस्ताव पर विचार-विमर्श किया जा रहा है उसके मुताबिक संसद का बजट सत्र दिसंबर से काफी पहले हो सकता है ताकि बजट प्रक्रिया को साल के अंत से पहले पूरा किया जा सके. सूत्रों ने कहा कि बजट प्रक्रिया को पूरा करने में दो माह का समय लगता है. ऐसे में बजट सत्र की संभावित तारीख नवंबर का पहला सप्ताह हो सकती है. भारत में वित्त वर्ष एक अप्रैल से 31 मार्च तक होता है. इस व्यवस्था को 1867 में अपनाया गया था जिससे भारतीय वित्त वर्ष का ब्रिटिश सरकार के वित्त वर्ष से तालमेल किया जा सके. उससे पहले तक भारत में वित्त वर्ष की शुरआत एक मई को शुरू होकर 30 अप्रैल तक होती थी. प्रधानमंत्री मोदी के वित्त वर्ष का कैलेंडर वर्ष से मेल करने की इच्छा जताने के बाद सरकार ने पिछले साल एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया. समिति को वित्त वर्ष को एक जनवरी से शुरू करने की व्यवहारिता का अध्ययन करने को कहा गया. समिति ने दिसंबर में अपनी रिपोर्ट वित्त मंत्री को सौंप दी. उधर, नीति आयोग के एक नोट में भी कहा गया है कि वित्त वर्ष में बदलाव जरूरी है क्योंकि, मौजूदा प्रणाली में कामकाज के सत्र का उपयोग नहीं हो पाता. कुछ महीने पहले संसद की वित्त पर स्थायी समिति ने भी वित्त वर्ष को स्थानांतरित कर जनवरी-दिसंबर करने की सिफारिश की थी.टिप्पणियां मोदी ने वित्त वर्ष में बदलाव की वकालत करते हुए कहा था कि एक तेजर्तार व्यवस्था विकसित किए जाने की जरूरत है, जो विविधता के बीच काम कर सके. उन्होंने कहा था, समय के खराब प्रबंधन की वजह से कई अच्छी पहल और योजनाएं वांछित नतीजे देने में विफल रहती हैं. वित्त वर्ष को जनवरी-दिसंबर करने की घोषणा करने वाला मध्य प्रदेश पहला राज्य है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सूत्रों ने कहा कि बजट प्रक्रिया को पूरा करने में दो माह का समय लगता है. ऐसे में बजट सत्र की संभावित तारीख नवंबर का पहला सप्ताह हो सकती है. भारत में वित्त वर्ष एक अप्रैल से 31 मार्च तक होता है. इस व्यवस्था को 1867 में अपनाया गया था जिससे भारतीय वित्त वर्ष का ब्रिटिश सरकार के वित्त वर्ष से तालमेल किया जा सके. उससे पहले तक भारत में वित्त वर्ष की शुरआत एक मई को शुरू होकर 30 अप्रैल तक होती थी. प्रधानमंत्री मोदी के वित्त वर्ष का कैलेंडर वर्ष से मेल करने की इच्छा जताने के बाद सरकार ने पिछले साल एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया. समिति को वित्त वर्ष को एक जनवरी से शुरू करने की व्यवहारिता का अध्ययन करने को कहा गया. समिति ने दिसंबर में अपनी रिपोर्ट वित्त मंत्री को सौंप दी. उधर, नीति आयोग के एक नोट में भी कहा गया है कि वित्त वर्ष में बदलाव जरूरी है क्योंकि, मौजूदा प्रणाली में कामकाज के सत्र का उपयोग नहीं हो पाता. कुछ महीने पहले संसद की वित्त पर स्थायी समिति ने भी वित्त वर्ष को स्थानांतरित कर जनवरी-दिसंबर करने की सिफारिश की थी.टिप्पणियां मोदी ने वित्त वर्ष में बदलाव की वकालत करते हुए कहा था कि एक तेजर्तार व्यवस्था विकसित किए जाने की जरूरत है, जो विविधता के बीच काम कर सके. उन्होंने कहा था, समय के खराब प्रबंधन की वजह से कई अच्छी पहल और योजनाएं वांछित नतीजे देने में विफल रहती हैं. वित्त वर्ष को जनवरी-दिसंबर करने की घोषणा करने वाला मध्य प्रदेश पहला राज्य है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उससे पहले तक भारत में वित्त वर्ष की शुरआत एक मई को शुरू होकर 30 अप्रैल तक होती थी. प्रधानमंत्री मोदी के वित्त वर्ष का कैलेंडर वर्ष से मेल करने की इच्छा जताने के बाद सरकार ने पिछले साल एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया. समिति को वित्त वर्ष को एक जनवरी से शुरू करने की व्यवहारिता का अध्ययन करने को कहा गया. समिति ने दिसंबर में अपनी रिपोर्ट वित्त मंत्री को सौंप दी. उधर, नीति आयोग के एक नोट में भी कहा गया है कि वित्त वर्ष में बदलाव जरूरी है क्योंकि, मौजूदा प्रणाली में कामकाज के सत्र का उपयोग नहीं हो पाता. कुछ महीने पहले संसद की वित्त पर स्थायी समिति ने भी वित्त वर्ष को स्थानांतरित कर जनवरी-दिसंबर करने की सिफारिश की थी.टिप्पणियां मोदी ने वित्त वर्ष में बदलाव की वकालत करते हुए कहा था कि एक तेजर्तार व्यवस्था विकसित किए जाने की जरूरत है, जो विविधता के बीच काम कर सके. उन्होंने कहा था, समय के खराब प्रबंधन की वजह से कई अच्छी पहल और योजनाएं वांछित नतीजे देने में विफल रहती हैं. वित्त वर्ष को जनवरी-दिसंबर करने की घोषणा करने वाला मध्य प्रदेश पहला राज्य है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उधर, नीति आयोग के एक नोट में भी कहा गया है कि वित्त वर्ष में बदलाव जरूरी है क्योंकि, मौजूदा प्रणाली में कामकाज के सत्र का उपयोग नहीं हो पाता. कुछ महीने पहले संसद की वित्त पर स्थायी समिति ने भी वित्त वर्ष को स्थानांतरित कर जनवरी-दिसंबर करने की सिफारिश की थी.टिप्पणियां मोदी ने वित्त वर्ष में बदलाव की वकालत करते हुए कहा था कि एक तेजर्तार व्यवस्था विकसित किए जाने की जरूरत है, जो विविधता के बीच काम कर सके. उन्होंने कहा था, समय के खराब प्रबंधन की वजह से कई अच्छी पहल और योजनाएं वांछित नतीजे देने में विफल रहती हैं. वित्त वर्ष को जनवरी-दिसंबर करने की घोषणा करने वाला मध्य प्रदेश पहला राज्य है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) मोदी ने वित्त वर्ष में बदलाव की वकालत करते हुए कहा था कि एक तेजर्तार व्यवस्था विकसित किए जाने की जरूरत है, जो विविधता के बीच काम कर सके. उन्होंने कहा था, समय के खराब प्रबंधन की वजह से कई अच्छी पहल और योजनाएं वांछित नतीजे देने में विफल रहती हैं. वित्त वर्ष को जनवरी-दिसंबर करने की घोषणा करने वाला मध्य प्रदेश पहला राज्य है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यहाँ एक सारांश है:केंद्र का अगला बजट इस साल नवंबर में पेश हो सकता है 1 अप्रैल-31 मार्च वाले वित्त वर्ष व्यवस्था को 1867 में अपनाया गया सरकार वित्त वर्ष को कैलेंडर वर्ष के अनुरूप बदलने पर काम कर रही है
15
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: लीबिया में राष्ट्रपति मुअम्मर गद्दाफी की सेना पर अपने हवाई हमले तेज करते हुए नाटो ने शनिवार को पहला ड्रोन हमला किया और मिसुराता में लीबियाई सरकार का एक मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर नष्ट कर दिया। बीबीसी के अनुसार नाटो का यह हवाई हमला विद्रोहियों के लिए बड़ा प्रोत्साहन के रूप में सामने आया है, क्योंकि वे गद्दाफी के वफादार सैनिकों द्वारा लगातार निशाना बनाए जा रहे थे और उन्हें भारी गोलीबारी के कारण उन्हें पीछे हटने लिए मजबूर होना पड़ रहा था। पश्चिमी देशों ने 68 वर्षीय गद्दाफी के 41 वर्ष के शासन को समाप्त करने का प्रण लिया है। गद्दाफी के वफादार सैनिकों ने मिसुराता शहर से पीछे हटने का फैसला किया है, ताकि स्थानीय जनजातियों को गहराते गृहयुद्ध का हल खोजने का मौका मिल सके। लीबिया के उप विदेश मंत्री खालिद कैम ने संवाददाताओं से कहा, मिसुराता के हालात से वहां के कबीले तथा स्थानीय लोग ही निपटेंगे, लीबिया की सेना नहीं। उन्होंने कहा, हम हालात से बल प्रयोग या बातचीत के जरिये निपटने का जिम्मा मिसुराता के आसपास मौजूद कबीलों और स्थानीय लोगों पर छोड़ देंगे। कैम ने कहा कि राजधानी त्रिपोली से करीब 200 किमी पूर्व में स्थित मिसुराता में बगावत खत्म कराने के लिए सेना को अल्टीमेटम दे दिया गया है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: गद्दाफी की सेना पर हमले तेज करते हुए नाटो ने पहला ड्रोन हमला किया और मिसुराता में लीबियाई सरकार का एक मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर नष्ट कर दिया।
25
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सेरेना विलियम्स को बाहर का रास्ता दिखाने वाली जर्मनी की सेबिन लिसिस्की ने क्वार्टर फाइनल में एस्टोनिया की काइया केनेपी के खिलाफ 6-3, 6-3 की आसान जीत के साथ दूसरी बार विंबलडन टेनिस टूर्नामेंट के महिला एकल के सेमीफाइनल में प्रवेश किया। पिछले साल फाइनल में शिकस्त झेलने वाली पोलैंड की चौथी वरीय एग्निएज्का रदवांस्का भी दो घंटे और 43 मिनट चले कड़े मुकाबले में छठी वरीय चीन की ली ना को 7-6, 4-6, 6-2 से हराकर अंतिम चार का सफर तय करने में सफल रही। बारिश के कारण रदवांस्का और ली ना के बीच हुए मुकाबले को सेंटर कोर्ट की छत के नीचे पूरा करना पड़ा।टिप्पणियां सेबिन और रदवांस्का अब फाइनल में जगह बनाने की जंग में गुरुवार को आमने-सामने होंगी। इससे पहले ये दोनों खिलाड़ी डब्ल्यूटीए टूर पर दो बार एक दूसरे से भिड़ी हैं और दोनों ने एक-एक बार जीत दर्ज की है। रदवांस्का ने सेबिन के खिलाफ मुकाबले के बारे में कहा, ‘हम दोनों एक दूसरे को तब से जानती हैं जब जूनियर टेनिस में खेलना करती थी। ग्रास कोर्ट पर खेलना काफी कड़ी चुनौती होगी।’ रदवांस्का के खिलाफ ली ना ने 58 विनर दागे लेकिन उन्हें 40 सहज गलतियों का खामियाजा भुगतना पड़ा। गत चैम्पियन सेरेना, विक्टोरिया अजारेंका और मारिया शारापोवा की हार के बाद रदवांस्का अब टूर्नामेंट में सबसे बेहतर वरीयता वाली खिलाड़ी बची हैं। पिछले साल फाइनल में शिकस्त झेलने वाली पोलैंड की चौथी वरीय एग्निएज्का रदवांस्का भी दो घंटे और 43 मिनट चले कड़े मुकाबले में छठी वरीय चीन की ली ना को 7-6, 4-6, 6-2 से हराकर अंतिम चार का सफर तय करने में सफल रही। बारिश के कारण रदवांस्का और ली ना के बीच हुए मुकाबले को सेंटर कोर्ट की छत के नीचे पूरा करना पड़ा।टिप्पणियां सेबिन और रदवांस्का अब फाइनल में जगह बनाने की जंग में गुरुवार को आमने-सामने होंगी। इससे पहले ये दोनों खिलाड़ी डब्ल्यूटीए टूर पर दो बार एक दूसरे से भिड़ी हैं और दोनों ने एक-एक बार जीत दर्ज की है। रदवांस्का ने सेबिन के खिलाफ मुकाबले के बारे में कहा, ‘हम दोनों एक दूसरे को तब से जानती हैं जब जूनियर टेनिस में खेलना करती थी। ग्रास कोर्ट पर खेलना काफी कड़ी चुनौती होगी।’ रदवांस्का के खिलाफ ली ना ने 58 विनर दागे लेकिन उन्हें 40 सहज गलतियों का खामियाजा भुगतना पड़ा। गत चैम्पियन सेरेना, विक्टोरिया अजारेंका और मारिया शारापोवा की हार के बाद रदवांस्का अब टूर्नामेंट में सबसे बेहतर वरीयता वाली खिलाड़ी बची हैं। बारिश के कारण रदवांस्का और ली ना के बीच हुए मुकाबले को सेंटर कोर्ट की छत के नीचे पूरा करना पड़ा।टिप्पणियां सेबिन और रदवांस्का अब फाइनल में जगह बनाने की जंग में गुरुवार को आमने-सामने होंगी। इससे पहले ये दोनों खिलाड़ी डब्ल्यूटीए टूर पर दो बार एक दूसरे से भिड़ी हैं और दोनों ने एक-एक बार जीत दर्ज की है। रदवांस्का ने सेबिन के खिलाफ मुकाबले के बारे में कहा, ‘हम दोनों एक दूसरे को तब से जानती हैं जब जूनियर टेनिस में खेलना करती थी। ग्रास कोर्ट पर खेलना काफी कड़ी चुनौती होगी।’ रदवांस्का के खिलाफ ली ना ने 58 विनर दागे लेकिन उन्हें 40 सहज गलतियों का खामियाजा भुगतना पड़ा। गत चैम्पियन सेरेना, विक्टोरिया अजारेंका और मारिया शारापोवा की हार के बाद रदवांस्का अब टूर्नामेंट में सबसे बेहतर वरीयता वाली खिलाड़ी बची हैं। सेबिन और रदवांस्का अब फाइनल में जगह बनाने की जंग में गुरुवार को आमने-सामने होंगी। इससे पहले ये दोनों खिलाड़ी डब्ल्यूटीए टूर पर दो बार एक दूसरे से भिड़ी हैं और दोनों ने एक-एक बार जीत दर्ज की है। रदवांस्का ने सेबिन के खिलाफ मुकाबले के बारे में कहा, ‘हम दोनों एक दूसरे को तब से जानती हैं जब जूनियर टेनिस में खेलना करती थी। ग्रास कोर्ट पर खेलना काफी कड़ी चुनौती होगी।’ रदवांस्का के खिलाफ ली ना ने 58 विनर दागे लेकिन उन्हें 40 सहज गलतियों का खामियाजा भुगतना पड़ा। गत चैम्पियन सेरेना, विक्टोरिया अजारेंका और मारिया शारापोवा की हार के बाद रदवांस्का अब टूर्नामेंट में सबसे बेहतर वरीयता वाली खिलाड़ी बची हैं। रदवांस्का ने सेबिन के खिलाफ मुकाबले के बारे में कहा, ‘हम दोनों एक दूसरे को तब से जानती हैं जब जूनियर टेनिस में खेलना करती थी। ग्रास कोर्ट पर खेलना काफी कड़ी चुनौती होगी।’ रदवांस्का के खिलाफ ली ना ने 58 विनर दागे लेकिन उन्हें 40 सहज गलतियों का खामियाजा भुगतना पड़ा। गत चैम्पियन सेरेना, विक्टोरिया अजारेंका और मारिया शारापोवा की हार के बाद रदवांस्का अब टूर्नामेंट में सबसे बेहतर वरीयता वाली खिलाड़ी बची हैं।
यहाँ एक सारांश है:सेरेना विलियम्स को बाहर का रास्ता दिखाने वाली जर्मनी की सेबिन लिसिस्की ने क्वार्टर फाइनल में एस्टोनिया की काइया केनेपी के खिलाफ 6-3, 6-3 की आसान जीत के साथ दूसरी बार विंबलडन टेनिस टूर्नामेंट के महिला एकल के सेमीफाइनल में प्रवेश किया।
17
['hin']
एक सारांश बनाओ: केंद्रीय मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा के बयान पर सपा की नाराजगी के बाद आज मंत्री जी मीडिया के सामने आए और उन्होंने इसके लिए खेद व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अगर किसी को मेरे बयान से कष्ट हुआ है तो वह इस पर खेद व्यक्त करते हैं। इस मौके पर संसदीय कार्यमंत्री कमलनाथ भी मौजूद थे। इससे पहले सपा की नाराजगी के बाद पीएम कार्यालय में सोनिया गांधी और कुछ अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में बेनी प्रसाद वर्मा को बुलाया गया था। इस मुलाकात के बाद बेनी प्रसाद वर्मा मीडिया के सम्मुख आए और बयान पर खेद जताया। इसी के साथ वर्मा आज अपने बयान से मुकर गए कि उन्होंने कभी मुलायम सिंह पर कमीशन लेने का आरोप लगाया था। वहीं, बेनी प्रसाद के खेद पर संतुष्ट होने के प्रश्न के जवाब में मुलायम सिंह यादव ने कहा कि गुरुवार को होनी वाली पार्टी के संसदीय दल की बैठक के बाद इसका जवाब देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि मौका आने पर प्रतिक्रिया दूंगा। टिप्पणियां इससे पहले आज सुबह संसद में भी दोनों सदनों में हंगामा देखने को मिला। समाजवादी पार्टी के सांसदों ने केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस सांसद बेनी प्रसाद वर्मा के इस्तीफे की मांग की। हंगामें की वजह से दोनों सदन दोपहर तक के लिए स्थगित कर दिए गए। इतना ही नहीं खुद सपा प्रमुख मुलायम सिहं यादव ने वर्मा के बयान की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी बताए की समर्थन के लिए वह कितना कमीशन सपा को दे रही है। बता दें कि बेनी प्रसाद वर्मा ने कथित तौर पर मुलायम सिंह पर सरकार को समर्थन देने के लिए कमीशन लेने का आरोप लगाया था। वहीं, बेनी प्रसाद के खेद पर संतुष्ट होने के प्रश्न के जवाब में मुलायम सिंह यादव ने कहा कि गुरुवार को होनी वाली पार्टी के संसदीय दल की बैठक के बाद इसका जवाब देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि मौका आने पर प्रतिक्रिया दूंगा। टिप्पणियां इससे पहले आज सुबह संसद में भी दोनों सदनों में हंगामा देखने को मिला। समाजवादी पार्टी के सांसदों ने केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस सांसद बेनी प्रसाद वर्मा के इस्तीफे की मांग की। हंगामें की वजह से दोनों सदन दोपहर तक के लिए स्थगित कर दिए गए। इतना ही नहीं खुद सपा प्रमुख मुलायम सिहं यादव ने वर्मा के बयान की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी बताए की समर्थन के लिए वह कितना कमीशन सपा को दे रही है। बता दें कि बेनी प्रसाद वर्मा ने कथित तौर पर मुलायम सिंह पर सरकार को समर्थन देने के लिए कमीशन लेने का आरोप लगाया था। इससे पहले आज सुबह संसद में भी दोनों सदनों में हंगामा देखने को मिला। समाजवादी पार्टी के सांसदों ने केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस सांसद बेनी प्रसाद वर्मा के इस्तीफे की मांग की। हंगामें की वजह से दोनों सदन दोपहर तक के लिए स्थगित कर दिए गए। इतना ही नहीं खुद सपा प्रमुख मुलायम सिहं यादव ने वर्मा के बयान की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी बताए की समर्थन के लिए वह कितना कमीशन सपा को दे रही है। बता दें कि बेनी प्रसाद वर्मा ने कथित तौर पर मुलायम सिंह पर सरकार को समर्थन देने के लिए कमीशन लेने का आरोप लगाया था। इतना ही नहीं खुद सपा प्रमुख मुलायम सिहं यादव ने वर्मा के बयान की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी बताए की समर्थन के लिए वह कितना कमीशन सपा को दे रही है। बता दें कि बेनी प्रसाद वर्मा ने कथित तौर पर मुलायम सिंह पर सरकार को समर्थन देने के लिए कमीशन लेने का आरोप लगाया था।
संक्षिप्त पाठ: केंद्रीय मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा के बयान पर सपा की नाराजगी के बाद आज मंत्री जी मीडिया के सामने आए और उन्होंने इसके लिए खेद व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अगर किसी को मेरे बयान से कष्ट हुआ है तो वह इस पर खेद व्यक्त करते हैं।
30
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: नासा के कैसिनी अंतरिक्ष यान ने शनि के सबसे बड़े चंद्रमा टाइटन पर बर्फ का एक रहस्यमय बादल देखा है और यह घटना टाइटन के वातावरण के बारे अब तक ज्ञात सभी तथ्यों के लिए एक चुनौती पेश करती है. बर्फ का बादल नजर आने के बाद नासा के वैज्ञानिकों ने कहा कि शायद यह बादल पूर्व में सोची गई प्रक्रिया से बिल्कुल अलग प्रकिया से बना होगा और यह प्रक्रिया वैसी ही होगी जैसी पृथ्वी के ध्रुवों पर होती है. टाइटन के समतापीय मंडल में मौजूद यह बादल डी.साइनोएसिटिलीन (सी4एन2) गैस से बना है. सी4एन2 कार्बन और नाइट्रोजन का मिश्रण है जो विशाल टाइटन का अस्पष्ट भूरे, नारंगी रंग का वातावरण तैयार करता है. नासा ने कहा कि इस बादल को देखने के बाद वैज्ञानिक इस बात से परेशान हैं कि बादल को संघनित होने के लिए डी.साइनोएसिटिलीन गैस के एक फीसदी से भी कम हिस्से की जरूरत है. कैसिनी के कम्पोजिट इन्फ्रारेड स्पेक्ट्रोमीटर या सीआईआरएस का उपयोग कर अनुसंधानकर्ताओं ने पाया कि हिमीकृत हो चुके कुछ रसायन से एक विशाल बादल बना है.टिप्पणियां नासा के गोडार्ड स्पेस फ्लाइट सेंटर में सीआईआरएस के सह.जांचकर्ता और अध्ययन के लेखक कैरी एंडर्सन ने कहा "बर्फ के इस बादल का नजर आना हर उस बात के विपरीत है जो हम टाइटन पर बादल बनने के बारे में जानते हैं." (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) बर्फ का बादल नजर आने के बाद नासा के वैज्ञानिकों ने कहा कि शायद यह बादल पूर्व में सोची गई प्रक्रिया से बिल्कुल अलग प्रकिया से बना होगा और यह प्रक्रिया वैसी ही होगी जैसी पृथ्वी के ध्रुवों पर होती है. टाइटन के समतापीय मंडल में मौजूद यह बादल डी.साइनोएसिटिलीन (सी4एन2) गैस से बना है. सी4एन2 कार्बन और नाइट्रोजन का मिश्रण है जो विशाल टाइटन का अस्पष्ट भूरे, नारंगी रंग का वातावरण तैयार करता है. नासा ने कहा कि इस बादल को देखने के बाद वैज्ञानिक इस बात से परेशान हैं कि बादल को संघनित होने के लिए डी.साइनोएसिटिलीन गैस के एक फीसदी से भी कम हिस्से की जरूरत है. कैसिनी के कम्पोजिट इन्फ्रारेड स्पेक्ट्रोमीटर या सीआईआरएस का उपयोग कर अनुसंधानकर्ताओं ने पाया कि हिमीकृत हो चुके कुछ रसायन से एक विशाल बादल बना है.टिप्पणियां नासा के गोडार्ड स्पेस फ्लाइट सेंटर में सीआईआरएस के सह.जांचकर्ता और अध्ययन के लेखक कैरी एंडर्सन ने कहा "बर्फ के इस बादल का नजर आना हर उस बात के विपरीत है जो हम टाइटन पर बादल बनने के बारे में जानते हैं." (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) टाइटन के समतापीय मंडल में मौजूद यह बादल डी.साइनोएसिटिलीन (सी4एन2) गैस से बना है. सी4एन2 कार्बन और नाइट्रोजन का मिश्रण है जो विशाल टाइटन का अस्पष्ट भूरे, नारंगी रंग का वातावरण तैयार करता है. नासा ने कहा कि इस बादल को देखने के बाद वैज्ञानिक इस बात से परेशान हैं कि बादल को संघनित होने के लिए डी.साइनोएसिटिलीन गैस के एक फीसदी से भी कम हिस्से की जरूरत है. कैसिनी के कम्पोजिट इन्फ्रारेड स्पेक्ट्रोमीटर या सीआईआरएस का उपयोग कर अनुसंधानकर्ताओं ने पाया कि हिमीकृत हो चुके कुछ रसायन से एक विशाल बादल बना है.टिप्पणियां नासा के गोडार्ड स्पेस फ्लाइट सेंटर में सीआईआरएस के सह.जांचकर्ता और अध्ययन के लेखक कैरी एंडर्सन ने कहा "बर्फ के इस बादल का नजर आना हर उस बात के विपरीत है जो हम टाइटन पर बादल बनने के बारे में जानते हैं." (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) नासा ने कहा कि इस बादल को देखने के बाद वैज्ञानिक इस बात से परेशान हैं कि बादल को संघनित होने के लिए डी.साइनोएसिटिलीन गैस के एक फीसदी से भी कम हिस्से की जरूरत है. कैसिनी के कम्पोजिट इन्फ्रारेड स्पेक्ट्रोमीटर या सीआईआरएस का उपयोग कर अनुसंधानकर्ताओं ने पाया कि हिमीकृत हो चुके कुछ रसायन से एक विशाल बादल बना है.टिप्पणियां नासा के गोडार्ड स्पेस फ्लाइट सेंटर में सीआईआरएस के सह.जांचकर्ता और अध्ययन के लेखक कैरी एंडर्सन ने कहा "बर्फ के इस बादल का नजर आना हर उस बात के विपरीत है जो हम टाइटन पर बादल बनने के बारे में जानते हैं." (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) नासा के गोडार्ड स्पेस फ्लाइट सेंटर में सीआईआरएस के सह.जांचकर्ता और अध्ययन के लेखक कैरी एंडर्सन ने कहा "बर्फ के इस बादल का नजर आना हर उस बात के विपरीत है जो हम टाइटन पर बादल बनने के बारे में जानते हैं." (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह घटना टाइटन के वातावरण के बारे सभी ज्ञात तथ्यों के लिए चुनौती वैज्ञानिकों ने कहा कि शायद यह बिल्कुल अलग प्रकिया से बना होगा टाइटन के समतापीय मंडल में मौजूद बादल सी4एन2 गैस से बना है
1
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा कि उन्हें ऐसा लगता है कि अगर पीएम नरेंद्र मोदी की अगुआई वाली बीजेपी लोकसभा चुनाव में जीत हासिल करती है तो भारत के साथ शांति वार्ता के लिए बेहतर माहौल बन सकता है. इमरान खान ने यह भी कहा कि अगर भारत में अगर अगली सरकार विपक्षी पार्टी कांग्रेस की अगुवाई में बनती है तो वह राइट विंग वाली पार्टी बीजेपी से डर कर कश्मीर के मुद्दे को पाकिस्तान के साथ बातचीत के जरिए हल करने से पीछे हट सकती है.  विदेशी पत्रकारों के साथ बातचीत में इमरान खान ने कहा कि अगर भाजपा सत्ता में आई तो कश्मीर मुद्दे का कोई हल निकल सकता है. 2018 के अगस्त में प्रधानमंत्री बने इमरान खान ने कहा कि मोदी के शासन में कश्मीर ही नहीं, पूरे भारत में मुसलमान बड़े पैमाने पर अलगाव महसूस कर रहे हैं.  उन्होंने कहा कि मैं कभी सोच भी नहीं सकता जो इस समय भारत में हो रहा है. मुस्लिम होने की वजह से उन पर हमले हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की तरह पीएम मोदी 'भय और राष्ट्रवादी भावना' के आधार पर चुनावी प्रचार कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि इस सप्ताह भाजपा ने जम्मू-कश्मीर के लोगों से दशकों पुराने विशेष अधिकारों का प्रस्ताव को खत्म करने का संकल्प लिया है, जिसके तहत किसी बाहरी व्यक्ति के राज्य में संपत्ति खरीदने पर प्रतिबंध है, यह एक बड़ी चिंता है. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि यह सिर्फ चुनावी स्टंट हो सकता है.  इमरान खान ने भारत को एक जैतून शाखा देने की पेशकश करते हुए कहा कि इस्लामाबाद देश के सभी पाकिस्तान स्थित आतंकी समूहों को खत्म करने के लिए दृढ़ संकल्पित है और इस कार्यक्रम के लिए सरकार को पाकिस्तान की शक्तिशाली सेना का पूरा समर्थन था.  ध्वस्त किए जाने वालों में कश्मीर में शामिल समूह शामिल हैं.  इमरान खान ने कहा कि कश्मीर में एक राजनीतिक संघर्ष था. सैन्य ताकत से इस मुद्दे का हल नहीं निकाला जा सकता. अगर पाकिस्तान की तरफ से हथियारबंद आतंकी कश्मीर जाते हैं तो भारतीय सेना उन पर कार्रवाई करेगी.
सारांश: बीजेपी की जीत चाहते हैं इमरा खान कश्मीर के मुद्दे सुलझाने के लिए इमरान खान को बीजेपी से ज्यादा उम्मीद. इसलिए उन्होंने कहा कि पीएम मोदी की जीत की वह उम्मीद करते हैं.
20
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: उन्होंने कहा, 'कोई भी आदेश वैध नहीं है. लाल चौक पर अगर कोई छींकता भी है तो राज्यपाल भवन तक पहुंचते- पहुंचते इसे बम विस्फोट बता दिया जाता है.' घाटी में केंद्रीय सशस्त्र अर्द्धसैनिक बलों की सौ कंपनियां भेजे जाने के केंद्र सरकार के आदेश के बाद से घाटी में अफवाहों का बाजार गर्म है. इस तरह की अफवाह है कि भाजपा नीत केंद्र सरकार संविधान के अनुच्छेद 35-ए (Article 35-A) को वापस ले सकती है जो राज्य के लोगों के विशेष निवास और नौकरी के अधिकारों से जुड़ा हुआ है. पिछले तीन दिनों से राज्य सरकार के अधिकारियों और केंद्र सरकार के कुछ विभागों की तरफ से जारी कई आदेशों से आशंकाएं जताई जा रही हैं कि जम्मू-कश्मीर को लेकर कोई बड़ा निर्णय होने वाला है. रेलवे सुरक्षा बल के एक अधिकारी ने जहां अपने कर्मचारियों को आदेश दिया कि कानून-व्यवस्था खराब होने की आशंका के मद्देनजर चार महीने के लिए राशन जमा कर लें वहीं श्रीनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने पांच पुलिस अधीक्षकों को अपने क्षेत्रों में सभी मस्जिदों और उनकी प्रबंधन समितियों का ब्यौरा इकट्ठा करने और इसे तुरंत सौंपने का निर्देश दिया ताकि उसे उच्चाधिकारियों को भेजा जा सके. रेलवे सुरक्षा बल के अधिकारी का जहां सोमवार को तबादला कर दिया गया वहीं एसएसपी ने कहा कि मस्जिदों के बारे में सूचना इकट्ठा करना नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है.
यह एक सारांश है: राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने जनता से अपील कश्मीर पर चल रही अफवाहों पर नहीं दें ध्यान कहा- यहां सबकुछ ठीक है और सामान्य है
2
['hin']
एक सारांश बनाओ: टीम इंडिया के पूर्व कप्‍तान महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) को क्रिकेट के मैदान पर उनके शांतचित व्‍यवहार के लिए जाना जाता है. विकेट के आगे और पीछे उनकी चुस्‍ती-फुर्ती देखते ही बनती है. धोनी भले ही 37 वर्ष के हो चुके हैं लेकिन जब वे विकेट के पीछे होते हैं तो विपक्षी बल्‍लेबाजों को बेहद चौकन्‍ना रहना पड़ता है. कई बार वे अविश्‍वसनीय सा कैच लपककर मैच का परिणाम बदल देते हैं तो कई बार बिजली की गति से स्‍टंपिंग करते हैं कि विरोधी टीम के बल्‍लेबाज के पास पेवेलियन लौटने के अलावा कोई चारा नहीं होता. रनिंग बिटवीन द विकेट के मामले में भी माही बेजोड़ हैं. वे फील्‍ड के बीच से एक-दो रन इस तरह से चुराते हैं कि विपक्षी टीम भी हैरान रह जाती है. क्रिकेट से मिले ब्रेक का फायदा उठाकर धोनी इस समय अपने परिवार के साथ समय गुजार रहे हैं. हाल ही में उन्‍हें मुंबई में कबड्डी एरिना ( kabaddi arena) में देखा गया. संभवत: वे प्रो. कबड्डी लीग के लिए एक शूट के सिलसिले में यहां पहुंचे थे. कबड्डी एरिना में उनके फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं.विराट कोहली ने किया खुलासा, इस वजह से एमएस धोनी को टी-20 टीम में नहीं मिली जगहटिप्पणियां एक फेसबुक पेज पर धोनी की फोटो पोस्‍ट की गई है, इसमें लिखा है, 'एमधोनी मुंबई में! #shootday #mahi #dhoni #msd.'गौरतलब है कि धोनी को हाल ही में वेस्‍टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की टी20I की सीरीज की भारतीय टीम से बाहर रखा गया था. यही नहीं, ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ होने वाली टी20 सीरीज में भी 37 वर्षीय धोनी को जगह नहीं मिली है. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की चयनसमिति के अनुसार, धोनी को इसलिए आराम दिया गया है क्‍योंकि हम दूसरे विकेटकीपर के तौर पर उनके विकल्‍प को आजमाना चाहते हैं. मुख्‍य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद से जब पूछा गया कि क्‍या इसे धोनी के टी20I करियर का अंत समझा जाए तो उन्‍होंने कहा था-ऐसी बात नहीं है. हम दूसरे विकेटकीपर के तौर पर नए खिलाड़ि‍यों को आजमाना चाहते हैं. ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए घोषित टीम में ऋषभ पंत और दिनेश कार्तिक को विकेटकीपर के तौर पर स्‍थान दिया गया है. विराट कोहली ने किया खुलासा, इस वजह से एमएस धोनी को टी-20 टीम में नहीं मिली जगहटिप्पणियां एक फेसबुक पेज पर धोनी की फोटो पोस्‍ट की गई है, इसमें लिखा है, 'एमधोनी मुंबई में! #shootday #mahi #dhoni #msd.'गौरतलब है कि धोनी को हाल ही में वेस्‍टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की टी20I की सीरीज की भारतीय टीम से बाहर रखा गया था. यही नहीं, ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ होने वाली टी20 सीरीज में भी 37 वर्षीय धोनी को जगह नहीं मिली है. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की चयनसमिति के अनुसार, धोनी को इसलिए आराम दिया गया है क्‍योंकि हम दूसरे विकेटकीपर के तौर पर उनके विकल्‍प को आजमाना चाहते हैं. मुख्‍य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद से जब पूछा गया कि क्‍या इसे धोनी के टी20I करियर का अंत समझा जाए तो उन्‍होंने कहा था-ऐसी बात नहीं है. हम दूसरे विकेटकीपर के तौर पर नए खिलाड़ि‍यों को आजमाना चाहते हैं. ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए घोषित टीम में ऋषभ पंत और दिनेश कार्तिक को विकेटकीपर के तौर पर स्‍थान दिया गया है. टिप्पणियां एक फेसबुक पेज पर धोनी की फोटो पोस्‍ट की गई है, इसमें लिखा है, 'एमधोनी मुंबई में! #shootday #mahi #dhoni #msd.'गौरतलब है कि धोनी को हाल ही में वेस्‍टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की टी20I की सीरीज की भारतीय टीम से बाहर रखा गया था. यही नहीं, ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ होने वाली टी20 सीरीज में भी 37 वर्षीय धोनी को जगह नहीं मिली है. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की चयनसमिति के अनुसार, धोनी को इसलिए आराम दिया गया है क्‍योंकि हम दूसरे विकेटकीपर के तौर पर उनके विकल्‍प को आजमाना चाहते हैं. मुख्‍य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद से जब पूछा गया कि क्‍या इसे धोनी के टी20I करियर का अंत समझा जाए तो उन्‍होंने कहा था-ऐसी बात नहीं है. हम दूसरे विकेटकीपर के तौर पर नए खिलाड़ि‍यों को आजमाना चाहते हैं. ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए घोषित टीम में ऋषभ पंत और दिनेश कार्तिक को विकेटकीपर के तौर पर स्‍थान दिया गया है. एक फेसबुक पेज पर धोनी की फोटो पोस्‍ट की गई है, इसमें लिखा है, 'एमधोनी मुंबई में! #shootday #mahi #dhoni #msd.'गौरतलब है कि धोनी को हाल ही में वेस्‍टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की टी20I की सीरीज की भारतीय टीम से बाहर रखा गया था. यही नहीं, ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ होने वाली टी20 सीरीज में भी 37 वर्षीय धोनी को जगह नहीं मिली है. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की चयनसमिति के अनुसार, धोनी को इसलिए आराम दिया गया है क्‍योंकि हम दूसरे विकेटकीपर के तौर पर उनके विकल्‍प को आजमाना चाहते हैं. मुख्‍य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद से जब पूछा गया कि क्‍या इसे धोनी के टी20I करियर का अंत समझा जाए तो उन्‍होंने कहा था-ऐसी बात नहीं है. हम दूसरे विकेटकीपर के तौर पर नए खिलाड़ि‍यों को आजमाना चाहते हैं. ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए घोषित टीम में ऋषभ पंत और दिनेश कार्तिक को विकेटकीपर के तौर पर स्‍थान दिया गया है. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की चयनसमिति के अनुसार, धोनी को इसलिए आराम दिया गया है क्‍योंकि हम दूसरे विकेटकीपर के तौर पर उनके विकल्‍प को आजमाना चाहते हैं. मुख्‍य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद से जब पूछा गया कि क्‍या इसे धोनी के टी20I करियर का अंत समझा जाए तो उन्‍होंने कहा था-ऐसी बात नहीं है. हम दूसरे विकेटकीपर के तौर पर नए खिलाड़ि‍यों को आजमाना चाहते हैं. ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए घोषित टीम में ऋषभ पंत और दिनेश कार्तिक को विकेटकीपर के तौर पर स्‍थान दिया गया है.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ टी20 सीरीज की टीम में शामिल नहीं हैं क्रिकेट मैदान पर देखती ही बनती है धोनी की चुस्‍ती-फुर्ती मुंबई में कबड्डी एरिना में देखे गए एमएस धोनी
32
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय नौसेना में करीब तीन दशक तक सेवा के बाद विमानवाहक पोत आईएनएस विराट मुंबई से कोच्चि के आखिरी सफर के लिये निकल पड़ा है। ये अंतिम बार होगा कि वो अपने बलबूते समंदर से कहीं जा रहा है। उम्मीद है ये पोत बुधवार तक कोच्चि पहुंच जाएगा। कोच्ची बंदरगाह में इसके इंजन, रडार, बड़ी और छोटी बंदूकें और अन्य हथियारों और अन्य संवेदनशील उपकरणों को निकाल लिया जाएगा। इसके बाद इसे दूसरे युद्धपोतों की मदद से वापस खींचकर मुंबई लाया जाएगा। इसके बाद इस साल के अंत तक नौसेना से रिटायर कर दिया जाएगा। इस पोत में करीब 1500 नौसेनिक रहते थे और एक बार जब समंदर में निकलता था तो साथ में तीन महीने का राशन लेकर निकलता था।   बिल्कुल अपने नाम के मुताबिक ये करीब 24 हजार टन वजनी है। ये 743 फुट लंबा है,  चौड़ाई 160 फुट है। इसकी स्पीड करीब 28 knots यानी 52 किलोमीटर प्रतिघंटा है। नौसेना में इसे 12 मई 1987 को शामिल किया गया था। इस पोत पर सी हैरियर लड़ाकू विमान तैनात थे। साथ में इस पर सी-किंग हेलीकॉप्टर भी मौजूद थे। इन दोनों के रहने से करीब दो सौ किलोमीटर के इलाके में इसकी तूती बोलती थी। हालांकि नौसेना ने ना तो करगिल की जंग और ना ही श्रीलंका में ऑपरेशन विजय में सीधे तौर पर हिस्सा लिया था लेकिन इसके बावजूद विराट ने इस दौरान अहम भूमिका निभाई थी।   इस विमानवाहक पोत को  दिसंबर 2008 से अगस्त 2010 तक कमांड करने वाले वाइस एडमिरल अनिल कुमार चावला ने एनडीटीवी इंडिया से कहा कि विराट का नाम आते ही मेरे मन में आता है मजबूत, भरोसेमंद और वफादार। ये बहुत ही दुर्लभ है। ये जंग से निकला हुआ ऐसा विमानवाहक पोत है जिसने दो देशों की सेवा की है। जिसने भी एक बार इस पर सफर किया है वो उस सफऱ को कभी भूल नहीं सकता है। एक बार चल निकले तो रुकता नहीं है। अब जबकि ये नौसेना से विदा होने जा रहा है, हम इसको बहुत मिस करेंगे। ये दुनिया की रीत है कि हर किसी को एक दिन जाना होता है। उन्मीद करते हैं कि जो नया विमान वाहक पोत इसकी जगह पर आयेगा उसमें हम विराट की छवि देख सकेंगे।'   दुनिया के सबसे पुराने विमान वाहक पोत विराट ने विशाखापत्तनम में फरवरी में हुए अंतरराष्ट्रीय फ्लीट रिव्यू में हिस्सा लिया था। ये उसकी अंतिम ऑपरेशनल तैनाती थी। वहां पर ये सबके आकर्षण का केन्द्र था। इसके अलावा विमानवाहक पोत ने अमेरिकी नौसेना के साथ मालाबार अभ्यास, फ्रांसिसी नौसेना के साथ वरुण, ओमान नौसेना के साथ नसीम अल बहार जैसे कई अतंरराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास में हिस्सा लिया।   इस विमानवाहक पोत ने ब्रिटेन की रॉयल नेवी में 29 और भारतीय नौसेना में 27 साल बिताए हैं। सबसे ज्यादा समय तक सेवा में रहने की वजह से इसका नाम गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्डस में भी दर्ज हो चुका है। विराट के डेक से लड़ाकू विमानों ने करीब 22,034 उड़ानें भरी हैं। इसने करीब 2,250 दिन और करीब 10,94,215 किलोमीटर का सफर समुद्र में तय किया है। इसका मतलब ये है कि विराट ने समुद्र में छह साल से ज्यादा समय गुजारा जिसमें करीब दुनिया का 27 दफा चक्कर लगाया जा सकता है। कोच्ची बंदरगाह में इसके इंजन, रडार, बड़ी और छोटी बंदूकें और अन्य हथियारों और अन्य संवेदनशील उपकरणों को निकाल लिया जाएगा। इसके बाद इसे दूसरे युद्धपोतों की मदद से वापस खींचकर मुंबई लाया जाएगा। इसके बाद इस साल के अंत तक नौसेना से रिटायर कर दिया जाएगा। इस पोत में करीब 1500 नौसेनिक रहते थे और एक बार जब समंदर में निकलता था तो साथ में तीन महीने का राशन लेकर निकलता था।   बिल्कुल अपने नाम के मुताबिक ये करीब 24 हजार टन वजनी है। ये 743 फुट लंबा है,  चौड़ाई 160 फुट है। इसकी स्पीड करीब 28 knots यानी 52 किलोमीटर प्रतिघंटा है। नौसेना में इसे 12 मई 1987 को शामिल किया गया था। इस पोत पर सी हैरियर लड़ाकू विमान तैनात थे। साथ में इस पर सी-किंग हेलीकॉप्टर भी मौजूद थे। इन दोनों के रहने से करीब दो सौ किलोमीटर के इलाके में इसकी तूती बोलती थी। हालांकि नौसेना ने ना तो करगिल की जंग और ना ही श्रीलंका में ऑपरेशन विजय में सीधे तौर पर हिस्सा लिया था लेकिन इसके बावजूद विराट ने इस दौरान अहम भूमिका निभाई थी।   इस विमानवाहक पोत को  दिसंबर 2008 से अगस्त 2010 तक कमांड करने वाले वाइस एडमिरल अनिल कुमार चावला ने एनडीटीवी इंडिया से कहा कि विराट का नाम आते ही मेरे मन में आता है मजबूत, भरोसेमंद और वफादार। ये बहुत ही दुर्लभ है। ये जंग से निकला हुआ ऐसा विमानवाहक पोत है जिसने दो देशों की सेवा की है। जिसने भी एक बार इस पर सफर किया है वो उस सफऱ को कभी भूल नहीं सकता है। एक बार चल निकले तो रुकता नहीं है। अब जबकि ये नौसेना से विदा होने जा रहा है, हम इसको बहुत मिस करेंगे। ये दुनिया की रीत है कि हर किसी को एक दिन जाना होता है। उन्मीद करते हैं कि जो नया विमान वाहक पोत इसकी जगह पर आयेगा उसमें हम विराट की छवि देख सकेंगे।'   दुनिया के सबसे पुराने विमान वाहक पोत विराट ने विशाखापत्तनम में फरवरी में हुए अंतरराष्ट्रीय फ्लीट रिव्यू में हिस्सा लिया था। ये उसकी अंतिम ऑपरेशनल तैनाती थी। वहां पर ये सबके आकर्षण का केन्द्र था। इसके अलावा विमानवाहक पोत ने अमेरिकी नौसेना के साथ मालाबार अभ्यास, फ्रांसिसी नौसेना के साथ वरुण, ओमान नौसेना के साथ नसीम अल बहार जैसे कई अतंरराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास में हिस्सा लिया।   इस विमानवाहक पोत ने ब्रिटेन की रॉयल नेवी में 29 और भारतीय नौसेना में 27 साल बिताए हैं। सबसे ज्यादा समय तक सेवा में रहने की वजह से इसका नाम गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्डस में भी दर्ज हो चुका है। विराट के डेक से लड़ाकू विमानों ने करीब 22,034 उड़ानें भरी हैं। इसने करीब 2,250 दिन और करीब 10,94,215 किलोमीटर का सफर समुद्र में तय किया है। इसका मतलब ये है कि विराट ने समुद्र में छह साल से ज्यादा समय गुजारा जिसमें करीब दुनिया का 27 दफा चक्कर लगाया जा सकता है।
संक्षिप्त सारांश: समंदर में करीब दो सौ किलोमीटर के इलाके में विराट की तूती बोलती थी 12 मई 1987 को इसे भारतीय नौसेना में किया गया था शामिल साल के अंत तक नौसेना से रिटायर हो जाएगा आईएनएस विराट
23
['hin']
एक सारांश बनाओ: आईपीएल-10 के तहत रविवार को होने वाला गुजरात लायंस और किंग्‍स इलेवन पंजाब का मुकाबला एक तरह से दोनों टीमों के टी20 विशेषज्ञों के बीच की 'जंग' होगा. गुजरात लायंस की टीम में जहां सुरेश रैना, ब्रेंडन मैक्‍कुलम और एरोन फिंच जैसे शॉर्टर फॉर्मेट के धाकड़ खिलाड़ी है तो पंजाब टीम भी कम नहीं है. किंग्‍स इलेवन टीम में ग्लेन मैक्सवेल ऐसे बल्‍लेबाज है जो अपनी लय में होने पर किसी भी तरह के गेंदबाजी आक्रमण की धज्जियां बिखरे सकते हैं. पंजाब टीम में मनन वोहरा और मार्कस स्ट्राइनिस जैसे बल्लेबाज भी हैं. और तो और, पिछले मैच में तो शांत स्‍वभाव से खेलने वाले हाशिम अमला ने भी मुंबई इंडियंस के खिलाफ आक्रामक शतक जमाया था.टिप्पणियां यह बात अलग है कि आईपीएल-10 में इन दोनों टीमों को प्रदर्शन अब तक कुछ खास नहीं रहा है. लगातार हार के बावजूद पंजाब चार अंक लेकर पांचवें स्थान पर है जबकि गुजरात इतने ही अंक लेकर सातवें स्थान पर है. गुजरात ने पिछले मैच में ईडन गार्डन पर कोलकाता नाइट राइडर्स को हराया जिससे उसके हौसले बुलंद हैं. कप्तान रैना ने दिखा दिया कि उन्हें टी20 का धुरंधर क्‍यों माना जाता है. केकेआर के खिलाफ 46 गेंद में 84 रन बनाकर उसने अपनी प्रतिभा की बानगी पेश की. दूसरी ओर पंजाब ने मुंबई इंडियंस के खिलाफ 198 रन बनाए जिसमें अमला का शतक और कप्तान मैक्सवेल की आक्रामक पारी शामिल थी.गुजरात के लिये मैक्‍कुलम ने 258 और रैना ने 243 रन बनाए हैं. दोनों टीमों के लिये चिंता का सबब गेंदबाजी आक्रमण है जिसने निराश किया. दोनों टीमों में शामिल भारतीय गेंदबाज कोई कमाल नहीं कर सके. मोहित शर्मा और संदीप शर्मा ने पंजाब के लिये क्रमश: 9 . 39 और 9 . 18 की औसत से रन लुटाए. वरुण आरोन ने भी तीन मैचों में 8 . 90 की औसत से रन दिए. लेग स्पिनर अक्षर पटेल ही कुछ हद तक किफायती गेंदबाजी कर सके हैं गुजरात लायंस किसी तरह तेज गेंदबाज एंड्रयू टॉय को टीम में शामिल करना चाहेगा जिसने तीन मैचों में एक हैट्रिक समेत सात विकेट लिए हैं. रवींद्र जडेजा अभी तक चल नहीं सके हैं और चार मैचों में उन्हें सिर्फ एक विकेट मिला. प्रवीण कुमार का इकानामी रेट 10 . 32 रहा. बासिल थम्पी ने हालांकि 8 . 88 की औसत से रन दिये लेकिन अच्छे यॉर्कर डालने की उनकी क्षमता को सराहा गया. यह बात अलग है कि आईपीएल-10 में इन दोनों टीमों को प्रदर्शन अब तक कुछ खास नहीं रहा है. लगातार हार के बावजूद पंजाब चार अंक लेकर पांचवें स्थान पर है जबकि गुजरात इतने ही अंक लेकर सातवें स्थान पर है. गुजरात ने पिछले मैच में ईडन गार्डन पर कोलकाता नाइट राइडर्स को हराया जिससे उसके हौसले बुलंद हैं. कप्तान रैना ने दिखा दिया कि उन्हें टी20 का धुरंधर क्‍यों माना जाता है. केकेआर के खिलाफ 46 गेंद में 84 रन बनाकर उसने अपनी प्रतिभा की बानगी पेश की. दूसरी ओर पंजाब ने मुंबई इंडियंस के खिलाफ 198 रन बनाए जिसमें अमला का शतक और कप्तान मैक्सवेल की आक्रामक पारी शामिल थी.गुजरात के लिये मैक्‍कुलम ने 258 और रैना ने 243 रन बनाए हैं. दोनों टीमों के लिये चिंता का सबब गेंदबाजी आक्रमण है जिसने निराश किया. दोनों टीमों में शामिल भारतीय गेंदबाज कोई कमाल नहीं कर सके. मोहित शर्मा और संदीप शर्मा ने पंजाब के लिये क्रमश: 9 . 39 और 9 . 18 की औसत से रन लुटाए. वरुण आरोन ने भी तीन मैचों में 8 . 90 की औसत से रन दिए. लेग स्पिनर अक्षर पटेल ही कुछ हद तक किफायती गेंदबाजी कर सके हैं गुजरात लायंस किसी तरह तेज गेंदबाज एंड्रयू टॉय को टीम में शामिल करना चाहेगा जिसने तीन मैचों में एक हैट्रिक समेत सात विकेट लिए हैं. रवींद्र जडेजा अभी तक चल नहीं सके हैं और चार मैचों में उन्हें सिर्फ एक विकेट मिला. प्रवीण कुमार का इकानामी रेट 10 . 32 रहा. बासिल थम्पी ने हालांकि 8 . 88 की औसत से रन दिये लेकिन अच्छे यॉर्कर डालने की उनकी क्षमता को सराहा गया. दोनों टीमों के लिये चिंता का सबब गेंदबाजी आक्रमण है जिसने निराश किया. दोनों टीमों में शामिल भारतीय गेंदबाज कोई कमाल नहीं कर सके. मोहित शर्मा और संदीप शर्मा ने पंजाब के लिये क्रमश: 9 . 39 और 9 . 18 की औसत से रन लुटाए. वरुण आरोन ने भी तीन मैचों में 8 . 90 की औसत से रन दिए. लेग स्पिनर अक्षर पटेल ही कुछ हद तक किफायती गेंदबाजी कर सके हैं गुजरात लायंस किसी तरह तेज गेंदबाज एंड्रयू टॉय को टीम में शामिल करना चाहेगा जिसने तीन मैचों में एक हैट्रिक समेत सात विकेट लिए हैं. रवींद्र जडेजा अभी तक चल नहीं सके हैं और चार मैचों में उन्हें सिर्फ एक विकेट मिला. प्रवीण कुमार का इकानामी रेट 10 . 32 रहा. बासिल थम्पी ने हालांकि 8 . 88 की औसत से रन दिये लेकिन अच्छे यॉर्कर डालने की उनकी क्षमता को सराहा गया.
दोनों टीमों में टी20 के कई विशेषज्ञ बल्‍लेबाज हैं शामिल गेंदबाजी इन दोनों ही टीमों के लिए कमजोर कड़ी बनी इस दोनों ही टीमों का प्रदर्शन अब तक कुछ खास नहीं रहा
26
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: नीतीश कुमार ने बुधवार को जनता दल यूनाइटेड (JDU) के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में अपना दूसरा कार्यकाल शुरू किया. दूसरी पारी की शुरुआत के साथ ही पार्टी केंद्र सरकार में शामिल नहीं होने के अपने पुराने रुख से यूटर्न लेती दिख रही है. जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव केसी त्यागी (KC Tyagi) ने दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि अगर संख्या बल के आधार पर केंद्र सरकार में भागीदारी मिलती है और NDA के शीर्ष नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के द्वारा प्रयास किया जाता है तो वह इसका स्वागत करेगी. केसी त्यागी के बयान का सीधा अर्थ यह लगाया जा रहा है कि जनता दल यूनाइटेड केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल नहीं होने के अपने स्टैंड पर अडिग नहीं है. वह मंत्रिमंडल में शामिल होना चाहती है, लेकिन सांकेतिक प्रतिनिधियों के आधार पर नहीं, बल्कि अपनी राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार के पुराने आनुपातिक प्रतिनिधित्व की मांग के आधार पर. दरअसल पार्टी के नेताओं का कहना है कि शीर्ष नेतृत्व का आकलन है कि महाराष्ट्र में शिवसेना के साथ सरकार बनाने में जो गतिरोध चल रहा है उसका जब भी समाधान होगा तब शायद BJP की तरफ़ से सेना को यह प्रस्ताव दिया जाए कि केंद्रीय मंत्रिमंडल में वह अपना प्रतिनिधित्व बढ़ा ले और तब जनता दल यूनाइटेड पीछे नहीं रहना चाहती है. उसका आकलन है कि ऐसी परिस्थिति में शायद BJP भी चाहेगी कि जनता दल यूनाइटेड केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल हो. इसलिए अभी से जेडीयू ने अपनी बातों को सार्वजनिक कर एक तरह से गेंद BJP के पाले में डाल दिया है. जिससे अगर वह जनता दल यूनाइटेड के आनुपातिक प्रतिनिधित्व की मांग को माने भी तो उसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह को जाए. साथ-साथ जनता दल यूनाइटेड अपने कार्यकर्ताओं और नेताओं को संदेश देना चाहती है कि नीतीश कुमार की बात आखिरकार मानी गई. दूसरी तरफ जनता दल यूनाइटेड के नेताओं का भी कहना है यह सबकुछ महाराष्ट्र की राजनीति और BJP-शिवसेना के बीच आने वाले दिनों में सत्ता में भागीदारी के मुद्दे पर होने वाले समझौते के ऊपर निर्भर करता है.  भाजपा के नेताओं का कहना है कि निश्चित रूप से जनता दल यूनाइटेड के इस स्टैंड के बाद अब तक इस मुद्दे पर नीतीश कुमार के सार्वजनिक बयान के कारण जो गतिरोध था वो ख़त्म होगा. उनका कहना है कि जब से बिहार में भाजपा नीतीश सरकार में शामिल हुई है तब से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नीतीश कुमार को 2019 लोकसभा चुनाव के पूर्व भी 2017 में सरकार में शामिल होने का न्योता दे चुके हैं.
यहाँ एक सारांश है:केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने पर नीतीश की पार्टी का यू-टर्न 'भाजपा का शीर्ष नेतृत्व शामिल करने का प्रयास करे तो स्वागत है' पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर की घोषणा
12
['hin']
एक सारांश बनाओ: भारत ने भले ही सीरीज़ 2−0 से जीत ली लेकिन सीरीज़ में सचिन जिस तरह आउट हुए उसके बाद से यह सवाल उठने लगा है कि क्या सचिन तेंदुलकर के खेल पर अब उनकी उम्र का असर दिखने लगा है। न्यूज़ीलैंड सीरीज में उनके प्रदर्शन के बाद यह सवाल बड़ा हो रहा है कि आख़िर सचिन कब बल्ला टांगेंगे। सचिन ने जब अपना पहला टेस्ट खेला तो विराट कोहली एक साल के थे। चेतेश्वर पुजारा के भी दो साल के पूरे नहीं हुए थे। सुरेश रैना ज़रूर तीन साल पूरे करने वाले थे लेकिन इन नौजवान खिलाड़ियों ने जिस सीरीज़ में शतकों और अर्द्धशतकों की झड़ी लगा दी उसमें सचिन तेंदुलकर फ्लॉप रहे। हैदराबाद की इकलौती पारी मे वह 19 रन बना सके जबकि बेंगलुरू टेस्ट की पहली पारी में वह 17 रन बनाकर चल दिए। दूसरी पारी में जब भारत जीत के लिए खेल रहा था वह 27 पर आउट हो गए। इन तीनों मौकों पर तीन अलग−अलग गेंदबाज़ों ने उन्हें क्लीन बोल्ड किया। सुनील गावसकर जैसे मुरीद को भी कहना पड़ा कि सचिन अपनी उम्र के ख़िलाफ़ खेल रहे हैं और उनका फुटवर्क पहले जैसा नहीं रहा। टिप्पणियां 23 साल से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में धूम मचा रहे सचिन तेंदुलकर के आख़िरी छह टेस्ट कहीं इस बात की चुगली करते हैं कि पिछले साल तक गरज रहा उनका बल्ला अब नहीं चल रहा। न्यूजीलैंड से पहले ऑस्ट्रेलिया के साथ सीरीज़ में सचिन चार टेस्टों की आठ पारियों में कुल 288 रन बना सके। उनका बैटिंग औसत सिर्फ 36 रन रहा− यानी उनके करियर औसत से करीब 20 रन कम और इन टेस्टों में वह सिर्फ दो अर्द्धशतक लगा सके। सचिन ने जब अपना पहला टेस्ट खेला तो विराट कोहली एक साल के थे। चेतेश्वर पुजारा के भी दो साल के पूरे नहीं हुए थे। सुरेश रैना ज़रूर तीन साल पूरे करने वाले थे लेकिन इन नौजवान खिलाड़ियों ने जिस सीरीज़ में शतकों और अर्द्धशतकों की झड़ी लगा दी उसमें सचिन तेंदुलकर फ्लॉप रहे। हैदराबाद की इकलौती पारी मे वह 19 रन बना सके जबकि बेंगलुरू टेस्ट की पहली पारी में वह 17 रन बनाकर चल दिए। दूसरी पारी में जब भारत जीत के लिए खेल रहा था वह 27 पर आउट हो गए। इन तीनों मौकों पर तीन अलग−अलग गेंदबाज़ों ने उन्हें क्लीन बोल्ड किया। सुनील गावसकर जैसे मुरीद को भी कहना पड़ा कि सचिन अपनी उम्र के ख़िलाफ़ खेल रहे हैं और उनका फुटवर्क पहले जैसा नहीं रहा। टिप्पणियां 23 साल से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में धूम मचा रहे सचिन तेंदुलकर के आख़िरी छह टेस्ट कहीं इस बात की चुगली करते हैं कि पिछले साल तक गरज रहा उनका बल्ला अब नहीं चल रहा। न्यूजीलैंड से पहले ऑस्ट्रेलिया के साथ सीरीज़ में सचिन चार टेस्टों की आठ पारियों में कुल 288 रन बना सके। उनका बैटिंग औसत सिर्फ 36 रन रहा− यानी उनके करियर औसत से करीब 20 रन कम और इन टेस्टों में वह सिर्फ दो अर्द्धशतक लगा सके। हैदराबाद की इकलौती पारी मे वह 19 रन बना सके जबकि बेंगलुरू टेस्ट की पहली पारी में वह 17 रन बनाकर चल दिए। दूसरी पारी में जब भारत जीत के लिए खेल रहा था वह 27 पर आउट हो गए। इन तीनों मौकों पर तीन अलग−अलग गेंदबाज़ों ने उन्हें क्लीन बोल्ड किया। सुनील गावसकर जैसे मुरीद को भी कहना पड़ा कि सचिन अपनी उम्र के ख़िलाफ़ खेल रहे हैं और उनका फुटवर्क पहले जैसा नहीं रहा। टिप्पणियां 23 साल से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में धूम मचा रहे सचिन तेंदुलकर के आख़िरी छह टेस्ट कहीं इस बात की चुगली करते हैं कि पिछले साल तक गरज रहा उनका बल्ला अब नहीं चल रहा। न्यूजीलैंड से पहले ऑस्ट्रेलिया के साथ सीरीज़ में सचिन चार टेस्टों की आठ पारियों में कुल 288 रन बना सके। उनका बैटिंग औसत सिर्फ 36 रन रहा− यानी उनके करियर औसत से करीब 20 रन कम और इन टेस्टों में वह सिर्फ दो अर्द्धशतक लगा सके। सुनील गावसकर जैसे मुरीद को भी कहना पड़ा कि सचिन अपनी उम्र के ख़िलाफ़ खेल रहे हैं और उनका फुटवर्क पहले जैसा नहीं रहा। टिप्पणियां 23 साल से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में धूम मचा रहे सचिन तेंदुलकर के आख़िरी छह टेस्ट कहीं इस बात की चुगली करते हैं कि पिछले साल तक गरज रहा उनका बल्ला अब नहीं चल रहा। न्यूजीलैंड से पहले ऑस्ट्रेलिया के साथ सीरीज़ में सचिन चार टेस्टों की आठ पारियों में कुल 288 रन बना सके। उनका बैटिंग औसत सिर्फ 36 रन रहा− यानी उनके करियर औसत से करीब 20 रन कम और इन टेस्टों में वह सिर्फ दो अर्द्धशतक लगा सके। 23 साल से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में धूम मचा रहे सचिन तेंदुलकर के आख़िरी छह टेस्ट कहीं इस बात की चुगली करते हैं कि पिछले साल तक गरज रहा उनका बल्ला अब नहीं चल रहा। न्यूजीलैंड से पहले ऑस्ट्रेलिया के साथ सीरीज़ में सचिन चार टेस्टों की आठ पारियों में कुल 288 रन बना सके। उनका बैटिंग औसत सिर्फ 36 रन रहा− यानी उनके करियर औसत से करीब 20 रन कम और इन टेस्टों में वह सिर्फ दो अर्द्धशतक लगा सके। न्यूजीलैंड से पहले ऑस्ट्रेलिया के साथ सीरीज़ में सचिन चार टेस्टों की आठ पारियों में कुल 288 रन बना सके। उनका बैटिंग औसत सिर्फ 36 रन रहा− यानी उनके करियर औसत से करीब 20 रन कम और इन टेस्टों में वह सिर्फ दो अर्द्धशतक लगा सके।
यह एक सारांश है: भारत ने भले ही सीरीज़ 2−0 से जीत ली लेकिन सीरीज़ में सचिन जिस तरह आउट हुए उसके बाद से यह सवाल उठने लगा है कि क्या सचिन तेंदुलकर के खेल पर अब उनकी उम्र का असर दिखने लगा है।
21
['hin']
एक सारांश बनाओ: योग गुरु रामदेव ने आरोप लगाया कि बड़े पैमाने पर फैले भ्रष्टाचार के लिए कांग्रेस जिम्मेदार है और राष्ट्रहित में उसे देश से उखाड़ फेंका जाना चाहिए।टिप्पणियां कई क्षेत्रों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की मंजूरी देने के लिए उन्होंने कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि विदेशों में काले धन के रूप में जमा भारी धनराशि एफडीआई के रूप में देश में आ रही है। कांग्रेस को एक राष्ट्रीय आपदा बताते हुए रामदेव ने दावा किया कि आजादी के बाद अधिकांश समय कांग्रेस ने देश पर राज किया और भ्रष्टाचार को फैलाने में उसकी मुख्य भूमिका रही है। उत्तराखंड की त्रासदी से निपटने में विफल रहने के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार दोनों को आड़े हाथ लेते हुए रामदेव ने कहा कि संकट की घड़ी में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी कहीं पर जश्न मनाने में व्यस्त थे। कई क्षेत्रों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की मंजूरी देने के लिए उन्होंने कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि विदेशों में काले धन के रूप में जमा भारी धनराशि एफडीआई के रूप में देश में आ रही है। कांग्रेस को एक राष्ट्रीय आपदा बताते हुए रामदेव ने दावा किया कि आजादी के बाद अधिकांश समय कांग्रेस ने देश पर राज किया और भ्रष्टाचार को फैलाने में उसकी मुख्य भूमिका रही है। उत्तराखंड की त्रासदी से निपटने में विफल रहने के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार दोनों को आड़े हाथ लेते हुए रामदेव ने कहा कि संकट की घड़ी में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी कहीं पर जश्न मनाने में व्यस्त थे। कांग्रेस को एक राष्ट्रीय आपदा बताते हुए रामदेव ने दावा किया कि आजादी के बाद अधिकांश समय कांग्रेस ने देश पर राज किया और भ्रष्टाचार को फैलाने में उसकी मुख्य भूमिका रही है। उत्तराखंड की त्रासदी से निपटने में विफल रहने के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार दोनों को आड़े हाथ लेते हुए रामदेव ने कहा कि संकट की घड़ी में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी कहीं पर जश्न मनाने में व्यस्त थे।
यह एक सारांश है: रामदेव ने दावा किया कि आजादी के बाद अधिकांश समय कांग्रेस ने देश पर राज किया और भ्रष्टाचार को फैलाने में उसकी मुख्य भूमिका रही है।
21
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: संत आसाराम बापू एक बार फिर विवादों में आ गए हैं। इस बार विवाद की वजह एक श्रद्धालु को लात मारना है। श्रद्धालु ने बापू का आशीर्वाद पाने के लिए चरण स्पर्श किया था, मगर बापू ने उसे आशीर्वाद देने की बजाय लात लगा दी।टिप्पणियां आसाराम बापू सोमवार को सत्संग में हिस्सा लेने आए थे। प्रवचन के बाद बापू भक्तों के बीच थे, तभी बुजुर्ग अमन सिंह दांगी ने चरण स्पर्श करने की कोशिश की, तभी बापू ने दांगी को आशीर्वाद देने की बजाय लात मार दी। अमन का कहना है कि वह बापू का आशीर्वाद लेने गए थे, मगर उन्हें लात मारे जाने से वह आहत हैं। इस वजह से बीती रात उन्हें नींद नहीं आई। वह समझ नहीं पा रहे हैं कि बापू ने ऐसा क्यों किया, जबकि वह कई वर्षों से बापू के भक्त हैं। आसाराम बापू सोमवार को सत्संग में हिस्सा लेने आए थे। प्रवचन के बाद बापू भक्तों के बीच थे, तभी बुजुर्ग अमन सिंह दांगी ने चरण स्पर्श करने की कोशिश की, तभी बापू ने दांगी को आशीर्वाद देने की बजाय लात मार दी। अमन का कहना है कि वह बापू का आशीर्वाद लेने गए थे, मगर उन्हें लात मारे जाने से वह आहत हैं। इस वजह से बीती रात उन्हें नींद नहीं आई। वह समझ नहीं पा रहे हैं कि बापू ने ऐसा क्यों किया, जबकि वह कई वर्षों से बापू के भक्त हैं। अमन का कहना है कि वह बापू का आशीर्वाद लेने गए थे, मगर उन्हें लात मारे जाने से वह आहत हैं। इस वजह से बीती रात उन्हें नींद नहीं आई। वह समझ नहीं पा रहे हैं कि बापू ने ऐसा क्यों किया, जबकि वह कई वर्षों से बापू के भक्त हैं।
यहाँ एक सारांश है:संत आसाराम बापू एक बार फिर विवादों में आ गए हैं। इस बार विवाद की वजह एक श्रद्धालु को लात मारना है। श्रद्धालु ने बापू का आशीर्वाद पाने के लिए चरण स्पर्श किया था, मगर बापू ने उसे आशीर्वाद देने की बजाय लात लगा दी।
12
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: क्या आपने कभी सोचा है कि जलने के कारण उत्पन्न हुए जख्मों के इलाज के लिए अब आपको सर्जरी की जरूरत नहीं पड़ेगी और ये महज स्प्रे के छिड़काव से ठीक हो जाएंगे? जी हां, यह सच है और ऐसे स्प्रे का निर्माण किया गया है। एक ऑस्ट्रेलियाई चिकित्सक ने त्वचा पर छिड़के जाने वाले इस स्प्रे का विकास किया है। इसके छिड़काव से त्वचा की कोशिकाओं बहुत तेज गति से अपने आपको व्यवस्थित करती हैं, जिससे उपचार प्रक्रिया की गति तेज हो जाती है और जख्म फटाफट भर जाते हैं। इस समस्त प्रक्रिया को पूरा होने में बमुश्किल आधे घंटे का समय लगता है और इसके लिए अन्य तरह की चिकित्सकीय सुविधाओं की भी जरूरत नहीं होती है। वेस्ट ऑस्ट्रेलियन बर्न्‍स सर्विस और क्लिनिकल सेल कल्चर लिमिटेड की निदेशिका डॉक्टर फियोना वुड ने बताया कि पर्याप्त मात्रा में कोशिकाओं को पैदा करने, जलन के जख्मों को भरने और त्वचा को दुरुस्त करने की पहले की तकनीकों में जहां 21 दिनों की जरूरत होती थी, वहीं नई विधि द्वारा सिर्फ पांच दिनों में ऐसा हो सकता है।
संक्षिप्त पाठ: क्या आपने कभी सोचा है कि जलने के कारण उत्पन्न हुए जख्मों के इलाज के लिए अब आपको सर्जरी की जरूरत नहीं पड़ेगी और ये महज स्प्रे के छिड़काव से ठीक हो जाएंगे?
14
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: देश की 10 सबसे अधिक बाजार पूंजीकरण वाली कंपनियों में से आठ के संयुक्त बाजार पूंजीकरण में पिछले सप्ताह 47,292 करोड़ रुपए का इजाफा हुआ। हालांकि सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों टीसीएस और इन्फोसिस को भारी नुकसान हुआ। इन्फोसिस का मुनाफा गुरुवार को घोषित नतीजे में सालाना स्तर पर 33 फीसद बढ़ा लेकिन वैश्विक आर्थिक नरमी के कारण उसके आय का अनुमान घटाने के कारण निवेशकों को निराशा हुई। अनुमान में कमी के कारण जिस दिन नतीजे की घोषणा हुई उस दिन कंपनी के शेयर आठ फीसद से ज्यादा गिरे। इन्फोसिस का बाजार मूल्यांकन 13 जनवरी को 14,463 करोड़ रुपए घटकर 1,48,467 करोड़ रुपए हो गया।टिप्पणियां इसी तरह टीसीएस का बाजार पूंजीकरण :एमकैप: 16,588.08 करोड़ रुपए घटकर 2,12,671 करोड़ रुपए हो गया। हालांकि आरआईएल, ओएनजीसी, कोल इंडिया, आईटीसी, एनटीपीसी, भारती एयरटेल, एसबीर्आ और एचडीएफसी ने अपने बाजार मूल्यांकन में अच्छी-खासी बढ़ोतरी हुई। पिछले सप्ताह रिलायंस इंडस्ट्रीज का बाजार पूंजीकरण 2,34,025 करोड़ रुपये से बढ़कर 2,39,706 करोड़ रुपये रहा। वहीं ओएनजीसी का बाजार पूंजीकरण 2,651 करोड़ रुपये बढ़कर 2,22,228 करोड़ रुपये रहा। कोल इंडिया का बाजार पूंजीकरण 2,01997 करोड़ रुपये से बढ़कर 2,17,030 करोड़ रुपये रही जबकि आईटीसी का एमकैप 4,150 करोड़ रुपये बढ़कर 1,61,185 करोड़ रुपये रहा। इन्फोसिस का मुनाफा गुरुवार को घोषित नतीजे में सालाना स्तर पर 33 फीसद बढ़ा लेकिन वैश्विक आर्थिक नरमी के कारण उसके आय का अनुमान घटाने के कारण निवेशकों को निराशा हुई। अनुमान में कमी के कारण जिस दिन नतीजे की घोषणा हुई उस दिन कंपनी के शेयर आठ फीसद से ज्यादा गिरे। इन्फोसिस का बाजार मूल्यांकन 13 जनवरी को 14,463 करोड़ रुपए घटकर 1,48,467 करोड़ रुपए हो गया।टिप्पणियां इसी तरह टीसीएस का बाजार पूंजीकरण :एमकैप: 16,588.08 करोड़ रुपए घटकर 2,12,671 करोड़ रुपए हो गया। हालांकि आरआईएल, ओएनजीसी, कोल इंडिया, आईटीसी, एनटीपीसी, भारती एयरटेल, एसबीर्आ और एचडीएफसी ने अपने बाजार मूल्यांकन में अच्छी-खासी बढ़ोतरी हुई। पिछले सप्ताह रिलायंस इंडस्ट्रीज का बाजार पूंजीकरण 2,34,025 करोड़ रुपये से बढ़कर 2,39,706 करोड़ रुपये रहा। वहीं ओएनजीसी का बाजार पूंजीकरण 2,651 करोड़ रुपये बढ़कर 2,22,228 करोड़ रुपये रहा। कोल इंडिया का बाजार पूंजीकरण 2,01997 करोड़ रुपये से बढ़कर 2,17,030 करोड़ रुपये रही जबकि आईटीसी का एमकैप 4,150 करोड़ रुपये बढ़कर 1,61,185 करोड़ रुपये रहा। अनुमान में कमी के कारण जिस दिन नतीजे की घोषणा हुई उस दिन कंपनी के शेयर आठ फीसद से ज्यादा गिरे। इन्फोसिस का बाजार मूल्यांकन 13 जनवरी को 14,463 करोड़ रुपए घटकर 1,48,467 करोड़ रुपए हो गया।टिप्पणियां इसी तरह टीसीएस का बाजार पूंजीकरण :एमकैप: 16,588.08 करोड़ रुपए घटकर 2,12,671 करोड़ रुपए हो गया। हालांकि आरआईएल, ओएनजीसी, कोल इंडिया, आईटीसी, एनटीपीसी, भारती एयरटेल, एसबीर्आ और एचडीएफसी ने अपने बाजार मूल्यांकन में अच्छी-खासी बढ़ोतरी हुई। पिछले सप्ताह रिलायंस इंडस्ट्रीज का बाजार पूंजीकरण 2,34,025 करोड़ रुपये से बढ़कर 2,39,706 करोड़ रुपये रहा। वहीं ओएनजीसी का बाजार पूंजीकरण 2,651 करोड़ रुपये बढ़कर 2,22,228 करोड़ रुपये रहा। कोल इंडिया का बाजार पूंजीकरण 2,01997 करोड़ रुपये से बढ़कर 2,17,030 करोड़ रुपये रही जबकि आईटीसी का एमकैप 4,150 करोड़ रुपये बढ़कर 1,61,185 करोड़ रुपये रहा। इसी तरह टीसीएस का बाजार पूंजीकरण :एमकैप: 16,588.08 करोड़ रुपए घटकर 2,12,671 करोड़ रुपए हो गया। हालांकि आरआईएल, ओएनजीसी, कोल इंडिया, आईटीसी, एनटीपीसी, भारती एयरटेल, एसबीर्आ और एचडीएफसी ने अपने बाजार मूल्यांकन में अच्छी-खासी बढ़ोतरी हुई। पिछले सप्ताह रिलायंस इंडस्ट्रीज का बाजार पूंजीकरण 2,34,025 करोड़ रुपये से बढ़कर 2,39,706 करोड़ रुपये रहा। वहीं ओएनजीसी का बाजार पूंजीकरण 2,651 करोड़ रुपये बढ़कर 2,22,228 करोड़ रुपये रहा। कोल इंडिया का बाजार पूंजीकरण 2,01997 करोड़ रुपये से बढ़कर 2,17,030 करोड़ रुपये रही जबकि आईटीसी का एमकैप 4,150 करोड़ रुपये बढ़कर 1,61,185 करोड़ रुपये रहा। पिछले सप्ताह रिलायंस इंडस्ट्रीज का बाजार पूंजीकरण 2,34,025 करोड़ रुपये से बढ़कर 2,39,706 करोड़ रुपये रहा। वहीं ओएनजीसी का बाजार पूंजीकरण 2,651 करोड़ रुपये बढ़कर 2,22,228 करोड़ रुपये रहा। कोल इंडिया का बाजार पूंजीकरण 2,01997 करोड़ रुपये से बढ़कर 2,17,030 करोड़ रुपये रही जबकि आईटीसी का एमकैप 4,150 करोड़ रुपये बढ़कर 1,61,185 करोड़ रुपये रहा।
संक्षिप्त पाठ: देश की 10 सबसे अधिक बाजार पूंजीकरण वाली कंपनियों में से आठ के संयुक्त बाजार पूंजीकरण में पिछले सप्ताह 47,292 करोड़ रुपए का इजाफा हुआ।
27
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मुख्यमंत्री ने मुहर्रम के अवसर पर बिहार के लोगों से अपील कि है कि वे हजरत इमाम हुसैन की कुर्बानियों को याद करें और सच, इंसानियत, हक और भलाई के आदर्शों को अपनाते हुए बुराई, अहंकार और आतंक के विरुद्ध वातावरण बनाएं. उन्होंने मुहर्रम को पूरे मेल-जोल, भाईचारा और आपसी सौहार्द के साथ मनाए जाने की अपील की है. टिप्पणियां गौरतलब है कि इस्‍लामी मान्‍यताओं के अनुसार इराक में यजीद नाम का जालिम बादशाह इंसानियत का दुश्मन था. यजीद खुद को खलीफा मानता था, लेकिन अल्‍लाह पर उसका कोई विश्‍वास नहीं था. वह चाहता था कि हजरत इमाम हुसैन उसके खेमे में शामिल हो जाएं. लेकिन हुसैन को यह मंजूर नहीं था और उन्‍होंने यजीद के विरुद्ध जंग का ऐलान कर दिया था. पैगंबर-ए इस्‍लाम हजरत मोहम्‍मद के नवासे हजरत इमाम हुसैन को कर्बला में परिवार और दोस्तों के साथ शहीद कर दिया गया था. जिस महीने हुसैन और उनके परिवार को शहीद किया गया था वह मुहर्रम का ही महीना था.  मुहर्रम खुशियों का त्‍योहार नहीं बल्‍कि मातम और आंसू बहाने का महीना है. शिया समुदाय के लोग 10 मुहर्रम के दिन काले कपड़े पहनकर हुसैन और उनके परिवार की शहादत को याद करते हैं. हुसैन की शहादत को याद करते हुए सड़कों पर जुलूस निकाला जाता है और मातम मनाया जाता है. मुहर्रम की नौ और 10 तारीख को मुसलमान रोजे रखते हैं और मस्जिदों-घरों में इबादत की जाती है. वहीं सुन्‍नी समुदाय के लोग मुहर्रम के महीने में 10 दिन तक रोजे रखते हैं. कहा जाता है कि मुहर्रम के एक रोजे का सबाब 30 रोजों के बराबर मिलता है. गौरतलब है कि इस्‍लामी मान्‍यताओं के अनुसार इराक में यजीद नाम का जालिम बादशाह इंसानियत का दुश्मन था. यजीद खुद को खलीफा मानता था, लेकिन अल्‍लाह पर उसका कोई विश्‍वास नहीं था. वह चाहता था कि हजरत इमाम हुसैन उसके खेमे में शामिल हो जाएं. लेकिन हुसैन को यह मंजूर नहीं था और उन्‍होंने यजीद के विरुद्ध जंग का ऐलान कर दिया था. पैगंबर-ए इस्‍लाम हजरत मोहम्‍मद के नवासे हजरत इमाम हुसैन को कर्बला में परिवार और दोस्तों के साथ शहीद कर दिया गया था. जिस महीने हुसैन और उनके परिवार को शहीद किया गया था वह मुहर्रम का ही महीना था.  मुहर्रम खुशियों का त्‍योहार नहीं बल्‍कि मातम और आंसू बहाने का महीना है. शिया समुदाय के लोग 10 मुहर्रम के दिन काले कपड़े पहनकर हुसैन और उनके परिवार की शहादत को याद करते हैं. हुसैन की शहादत को याद करते हुए सड़कों पर जुलूस निकाला जाता है और मातम मनाया जाता है. मुहर्रम की नौ और 10 तारीख को मुसलमान रोजे रखते हैं और मस्जिदों-घरों में इबादत की जाती है. वहीं सुन्‍नी समुदाय के लोग मुहर्रम के महीने में 10 दिन तक रोजे रखते हैं. कहा जाता है कि मुहर्रम के एक रोजे का सबाब 30 रोजों के बराबर मिलता है. मुहर्रम खुशियों का त्‍योहार नहीं बल्‍कि मातम और आंसू बहाने का महीना है. शिया समुदाय के लोग 10 मुहर्रम के दिन काले कपड़े पहनकर हुसैन और उनके परिवार की शहादत को याद करते हैं. हुसैन की शहादत को याद करते हुए सड़कों पर जुलूस निकाला जाता है और मातम मनाया जाता है. मुहर्रम की नौ और 10 तारीख को मुसलमान रोजे रखते हैं और मस्जिदों-घरों में इबादत की जाती है. वहीं सुन्‍नी समुदाय के लोग मुहर्रम के महीने में 10 दिन तक रोजे रखते हैं. कहा जाता है कि मुहर्रम के एक रोजे का सबाब 30 रोजों के बराबर मिलता है.
संक्षिप्त सारांश: मुहर्रम के मौके पर नीतीश कुमार ने हुसैन की कुबानी को याद किया उन्‍होंने कहा जब तक दुनिया रहेगी हुसैन को याद रखेगी मुहर्रम हुसैन की शहादत का दिन है
10
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: यमन के सुरक्षाकर्मियों ने हजारों सरकार विरोधी प्रदर्शकारियों पर छतों और मकानों से गोलियां चलाई जिसमें कम से कम 31 व्यक्तियों की मौत हो गई। प्रदर्शनकारी निरंकुश शासक की बख्रास्तगी की मांग पर यहां के प्रसिद्ध चौराहे की ओर बढ रहे थे। यमन में पिछले 30 साल से शासन कर रहे राष्ट्रपति अली अब्दुल्ला सालेह की ओर से की गयी यह सबसे हिंसक कार्रवाई है। अरब जगत में विद्रोहों तथा मिस्र एवं ट्यूनीशिया में सत्ता परिवर्तन से प्रेरित प्रदर्शनकारियों ने तैज और अदन शहरों में भी प्रदर्शन किए। साना में आज गोलीबारी से पहले एक सैन्य हेलीकाप्टर चौराहे के उपर बहुत नीचे तक आकर मंडराने लगा। वहां नमाज अदा करने के बाद प्रदर्शनकारी पहुंचे थे। कुछ ही समय बाद चौराहे के मुख्य प्रवेश द्वारों में एक के पास स्थित मकानों की छतों से गोलियां चलने लगी। साना विश्वविद्यालय के निकट विरोध शिविर के पास अस्थायी फील्ड अस्पताल के डाक्टरों ने नाम जाहिर नहीं करने के आग्रह पर 31 व्यक्तियों के मारे जाने की पुष्टि की है।
संक्षिप्त पाठ: यमन के सुरक्षाकर्मियों ने हजारों सरकार विरोधी प्रदर्शकारियों पर छतों और मकानों से गोलियां चलाई जिसमें कम से कम 31 व्यक्तियों की मौत हो गई।
22
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: वार्नर ने कहा, "मुझे लगता है कि उसने (लियोन) बहुत अच्छी गेंदबाजी की. जब आपके सामने ऐसा खिलाड़ी (अय्यर) हो जो शतक पर हो तो छोटी बाउंड्री को रोकना बहुत मुश्किल हो जाता है. आपको कोशिश करनी होती है और थोड़ा फेरबदल करना होता है, थोड़ा ज्यादा सोचना होता है. और उसने ऐसा किया, उसने कुछ अन्य खिलाड़ियों से भी उनकी राय ली. " उन्होंने कहा, "मुझे भरोसा है कि उसे थोड़ी सी फुटेज देखनी होगी और देखना होगा कि उसने आज जिस तरह से गेंदबाजी की कि उसमें क्या बदलाव कर सकता है." अय्यर ने लियोन की गेंदबाजी में आठ छक्के जड़े थे. बायें हाथ के बल्लेबाज वार्नर ने कहा कि भारत में अच्छा करने के लिये मानसिक मजबूती अहम है. उन्होंने कहा, "हम यहां टेस्ट क्रिकेट खेले हुए काफी लंबा समय हो गया है. पिछली बार जब हम यहां खेले थे तो वह मेरे लिये पहली बार था, इसलिये यह कठिन था. यह चुनौतीपूर्ण था. बतौर खिलाड़ी मैंने सचमुच तब काफी कुछ सीखा था. मैं थोड़ा युवा था और थोड़ा बचपना भी था. इसलिये मैंने तब से चार वषरें में काफी कुछ सीखा है. "   बायें हाथ के बल्लेबाज वार्नर ने कहा कि भारत में अच्छा करने के लिये मानसिक मजबूती अहम है. उन्होंने कहा, "हम यहां टेस्ट क्रिकेट खेले हुए काफी लंबा समय हो गया है. पिछली बार जब हम यहां खेले थे तो वह मेरे लिये पहली बार था, इसलिये यह कठिन था. यह चुनौतीपूर्ण था. बतौर खिलाड़ी मैंने सचमुच तब काफी कुछ सीखा था. मैं थोड़ा युवा था और थोड़ा बचपना भी था. इसलिये मैंने तब से चार वषरें में काफी कुछ सीखा है. "
कहा - हमारे लिए, मैदान पर जाकर क्रिकेट खेलना अहम होगा विराट कोहली छेड़ने पर अत्यधिक खतरनाक हो जाते हैं विराट कोहली इस समय हमारे लिए विश्वस्तरीय खिलाड़ी हैं
6
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: ओलिंपिक चैंपियन और विश्व रिकॉर्ड धारक डेविड रूडीशा ने कहा कि सफलता को तरस रहे भारतीय एथलेटिक्स जगत को प्रेरणादायी व्यक्तित्व की जरूरत है, जैसे कि क्रिकेट में सचिन तेंदुलकर मौजूद हैं। रूडीशा ने कहा, भारत में कीनिया और जमैका जैसे एथलीट तैयार करने की क्षमता है, लेकिन समस्या यह है कि प्रेरणा की कमी है। जैसे कि क्रिकेट में आपके पास सचिन तेंदुलकर हैं, युवा पीढ़ी प्रेरणा के लिए उनकी तरफ देखती है।टिप्पणियां कीनिया के इस स्टार धावक ने कहा कि भारत को बुनियादी ढांचे और उचित ट्रेनिंग के साथ ही ऐसे व्यक्ति की जरूरत है, जिससे भारतीय एथलीट प्रेरणा ले सकें। रूडीशा ने कहा, भारतीय एथलीटों में प्रतिभा या क्षमता की कमी नहीं है। आपको विश्व स्तरीय एथलीट तैयार करने के लिए मजबूत खेल संस्कृति की जरूरत है। उन्होंने कहा कि क्रिकेट इस क्षेत्र में इतना लोकप्रिय इसलिए है, क्योंकि आपके पास प्रेरणादायी व्यक्तित्व मौजूद है। उन्होंने कहा, इसी तरह कीनिया में लोग हमारी तरह एथलेटिक्स से जुड़ते हैं। हमने एथलेटिक्स में इतने महान खिलाड़ी दिए हैं कि हम हमेशा उन्हीं की तरह बनना चाहते हैं। रूडीशा ने कहा, भारत में कीनिया और जमैका जैसे एथलीट तैयार करने की क्षमता है, लेकिन समस्या यह है कि प्रेरणा की कमी है। जैसे कि क्रिकेट में आपके पास सचिन तेंदुलकर हैं, युवा पीढ़ी प्रेरणा के लिए उनकी तरफ देखती है।टिप्पणियां कीनिया के इस स्टार धावक ने कहा कि भारत को बुनियादी ढांचे और उचित ट्रेनिंग के साथ ही ऐसे व्यक्ति की जरूरत है, जिससे भारतीय एथलीट प्रेरणा ले सकें। रूडीशा ने कहा, भारतीय एथलीटों में प्रतिभा या क्षमता की कमी नहीं है। आपको विश्व स्तरीय एथलीट तैयार करने के लिए मजबूत खेल संस्कृति की जरूरत है। उन्होंने कहा कि क्रिकेट इस क्षेत्र में इतना लोकप्रिय इसलिए है, क्योंकि आपके पास प्रेरणादायी व्यक्तित्व मौजूद है। उन्होंने कहा, इसी तरह कीनिया में लोग हमारी तरह एथलेटिक्स से जुड़ते हैं। हमने एथलेटिक्स में इतने महान खिलाड़ी दिए हैं कि हम हमेशा उन्हीं की तरह बनना चाहते हैं। कीनिया के इस स्टार धावक ने कहा कि भारत को बुनियादी ढांचे और उचित ट्रेनिंग के साथ ही ऐसे व्यक्ति की जरूरत है, जिससे भारतीय एथलीट प्रेरणा ले सकें। रूडीशा ने कहा, भारतीय एथलीटों में प्रतिभा या क्षमता की कमी नहीं है। आपको विश्व स्तरीय एथलीट तैयार करने के लिए मजबूत खेल संस्कृति की जरूरत है। उन्होंने कहा कि क्रिकेट इस क्षेत्र में इतना लोकप्रिय इसलिए है, क्योंकि आपके पास प्रेरणादायी व्यक्तित्व मौजूद है। उन्होंने कहा, इसी तरह कीनिया में लोग हमारी तरह एथलेटिक्स से जुड़ते हैं। हमने एथलेटिक्स में इतने महान खिलाड़ी दिए हैं कि हम हमेशा उन्हीं की तरह बनना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि क्रिकेट इस क्षेत्र में इतना लोकप्रिय इसलिए है, क्योंकि आपके पास प्रेरणादायी व्यक्तित्व मौजूद है। उन्होंने कहा, इसी तरह कीनिया में लोग हमारी तरह एथलेटिक्स से जुड़ते हैं। हमने एथलेटिक्स में इतने महान खिलाड़ी दिए हैं कि हम हमेशा उन्हीं की तरह बनना चाहते हैं।
ओलिंपिक चैंपियन और विश्व रिकॉर्ड धारक डेविड रूडीशा ने कहा कि सफलता को तरस रहे भारतीय एथलेटिक्स जगत को प्रेरणादायी व्यक्तित्व की जरूरत है, जैसे कि क्रिकेट में सचिन तेंदुलकर मौजूद हैं।
1
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापान और भारत के समर्थन से ‘‘एशिया- अफ्रीका विकास गलियारा’’ बनाये जाने पर जोर दिया. चीन की महत्वकांक्षी ‘वन बेल्ट, वन रोड’ पहल के कुछ ही दिन बाद प्रधानमंत्री की तरफ से यह आह्वान किया गया है. पीएम मोदी ने कहा, ‘‘भारत की अफ्रीका के साथ भागीदारी सहयोग के मॉडल पर आधारित है. यह अफ्रीकी देशों की जरूरतों के अनुरूप है.’’ प्रधानमंत्री ने यहां अफ्रीकी विकास बैंक समूह की 52वीं वाषिर्क आम बैठक का उद्घाटन करने के मौके पर यह बात कही. यह बैठक भारत में पहली बार हो रही है. अफ्रीका और एशियाई देशों के बीच आर्थिक वृद्धि का गलियारा बनाये जाने पर जोर देते हुये उन्होंने कहा कि उनकी हाल की जापान यात्रा के दौरान इस बारे में बातचीत हुई थी. भारत की तरफ से यह मुद्दा ऐसे समय उठाया गया है जब चीन ने अरबों डालर की वन बेल्ट वन रोड (ओबीओआर) योजना की पहल की है. यह परियोजना चीन के राष्ट्रपति शी चिनपिंग की पसंदीदा योजनाओं में है. इसके जरिये यूरोपएशिया भूभाग को हिन्द्र-प्रशांत समुद्री मार्ग से जोड़ने का कार्यक्रम है. पीएम मोदी ने कहा, ‘‘मेरी जापान यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री शिंजो अबे के साथ मेरी बैठक में, मैं प्रसन्नता के साथ यह कहना चाहूंगा कि हमारे संयुक्त घोषणापत्र में हमने एशिया-अफ्रीका विकास गलियारा को भी शामिल किया था और इसके लिये हमारे अफ्रीका के भाईयों एवं बहिनों के साथ आगे बातचीत का प्रस्ताव रखा गया था.’’ पीएम मोदी ने कहा कि इस विकास गलियारे को आगे कैसे बढ़ाया जायेगा इसके लिये ‘‘भारत और जापान के शोध संस्थानों ने अफ्रीकी शोध संस्थाओं के साथ विचार विमर्श कर इसके लिये दृष्टिकोण दस्तावेज तैयार किया है.’’’ उन्होंने कहा कि इस दृष्टिकोण पत्र को बाद में बोर्ड की बैठक में प्रस्तुत किया जायेगा. प्रधानमंत्री ने कहा कि इसके पीछे यही विचार है कि भारत, जापान और दूसरे भागीदारी कौशल, ढांचागत सुविधाओं, विनिर्माण और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में संयुक्त तौर पर की जाने वाली पहल के लिये आगे आयें. उन्होंने कहा कि आर्थिक वृद्धि के मामले में अफ्रीका को भारत की प्राथमिकता सूची में सबसे शीर्ष पर रखा गया है.टिप्पणियां पीएम मोदी ने 3,000 प्रतिनिधियों जिनमें ज्यादातर अफ्रीकी देशों से यहां पहुंचे हैं, की उपस्थिति में कहा, ‘‘वर्ष 2014 में सत्ता संभालने के बाद मैंने भारत की विदेश और आर्थिक नीतियों के मामले में अफ्रीका को शीर्ष प्राथमिकता दी है.’’ बैठक में कई अफ्रीकी देशों के वरिष्ठ अधिकारी और शीर्ष नेता भी पहुंचे हैं. उन्होंने कहा कि अफ्रीका में निवेश करने वाला भारत पांचवां बड़ा निवेशक है. भारत ने पिछले 20 साल के दौरान अफ्रीका में 54 अरब डालर का निवेश किया है. ‘‘पिछले 15 साल के दौरान अफ्रीका-भारत का व्यापार कई गुणा बढ़ गया है. पिछले पांच साल के दौरान यह दोगुना होकर 2014-15 में 72 अरब डालर पर पहुंच गया.’’ मोदी ने इस अवसर पर भारत और अफ्रीका के बीच सदियों पुराने सहयोग को भी याद किया. उन्होंने विशेषकर भारत के पश्चिमी राज्यों जैसे गुजरात का अफ्रीकी देशों के साथ व्यापारिक समुदायों के सहयोग का भी जिक्र किया.   पीएम मोदी ने कहा, ‘‘भारत की अफ्रीका के साथ भागीदारी सहयोग के मॉडल पर आधारित है. यह अफ्रीकी देशों की जरूरतों के अनुरूप है.’’ प्रधानमंत्री ने यहां अफ्रीकी विकास बैंक समूह की 52वीं वाषिर्क आम बैठक का उद्घाटन करने के मौके पर यह बात कही. यह बैठक भारत में पहली बार हो रही है. अफ्रीका और एशियाई देशों के बीच आर्थिक वृद्धि का गलियारा बनाये जाने पर जोर देते हुये उन्होंने कहा कि उनकी हाल की जापान यात्रा के दौरान इस बारे में बातचीत हुई थी. भारत की तरफ से यह मुद्दा ऐसे समय उठाया गया है जब चीन ने अरबों डालर की वन बेल्ट वन रोड (ओबीओआर) योजना की पहल की है. यह परियोजना चीन के राष्ट्रपति शी चिनपिंग की पसंदीदा योजनाओं में है. इसके जरिये यूरोपएशिया भूभाग को हिन्द्र-प्रशांत समुद्री मार्ग से जोड़ने का कार्यक्रम है. पीएम मोदी ने कहा, ‘‘मेरी जापान यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री शिंजो अबे के साथ मेरी बैठक में, मैं प्रसन्नता के साथ यह कहना चाहूंगा कि हमारे संयुक्त घोषणापत्र में हमने एशिया-अफ्रीका विकास गलियारा को भी शामिल किया था और इसके लिये हमारे अफ्रीका के भाईयों एवं बहिनों के साथ आगे बातचीत का प्रस्ताव रखा गया था.’’ पीएम मोदी ने कहा कि इस विकास गलियारे को आगे कैसे बढ़ाया जायेगा इसके लिये ‘‘भारत और जापान के शोध संस्थानों ने अफ्रीकी शोध संस्थाओं के साथ विचार विमर्श कर इसके लिये दृष्टिकोण दस्तावेज तैयार किया है.’’’ उन्होंने कहा कि इस दृष्टिकोण पत्र को बाद में बोर्ड की बैठक में प्रस्तुत किया जायेगा. प्रधानमंत्री ने कहा कि इसके पीछे यही विचार है कि भारत, जापान और दूसरे भागीदारी कौशल, ढांचागत सुविधाओं, विनिर्माण और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में संयुक्त तौर पर की जाने वाली पहल के लिये आगे आयें. उन्होंने कहा कि आर्थिक वृद्धि के मामले में अफ्रीका को भारत की प्राथमिकता सूची में सबसे शीर्ष पर रखा गया है.टिप्पणियां पीएम मोदी ने 3,000 प्रतिनिधियों जिनमें ज्यादातर अफ्रीकी देशों से यहां पहुंचे हैं, की उपस्थिति में कहा, ‘‘वर्ष 2014 में सत्ता संभालने के बाद मैंने भारत की विदेश और आर्थिक नीतियों के मामले में अफ्रीका को शीर्ष प्राथमिकता दी है.’’ बैठक में कई अफ्रीकी देशों के वरिष्ठ अधिकारी और शीर्ष नेता भी पहुंचे हैं. उन्होंने कहा कि अफ्रीका में निवेश करने वाला भारत पांचवां बड़ा निवेशक है. भारत ने पिछले 20 साल के दौरान अफ्रीका में 54 अरब डालर का निवेश किया है. ‘‘पिछले 15 साल के दौरान अफ्रीका-भारत का व्यापार कई गुणा बढ़ गया है. पिछले पांच साल के दौरान यह दोगुना होकर 2014-15 में 72 अरब डालर पर पहुंच गया.’’ मोदी ने इस अवसर पर भारत और अफ्रीका के बीच सदियों पुराने सहयोग को भी याद किया. उन्होंने विशेषकर भारत के पश्चिमी राज्यों जैसे गुजरात का अफ्रीकी देशों के साथ व्यापारिक समुदायों के सहयोग का भी जिक्र किया.   भारत की तरफ से यह मुद्दा ऐसे समय उठाया गया है जब चीन ने अरबों डालर की वन बेल्ट वन रोड (ओबीओआर) योजना की पहल की है. यह परियोजना चीन के राष्ट्रपति शी चिनपिंग की पसंदीदा योजनाओं में है. इसके जरिये यूरोपएशिया भूभाग को हिन्द्र-प्रशांत समुद्री मार्ग से जोड़ने का कार्यक्रम है. पीएम मोदी ने कहा, ‘‘मेरी जापान यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री शिंजो अबे के साथ मेरी बैठक में, मैं प्रसन्नता के साथ यह कहना चाहूंगा कि हमारे संयुक्त घोषणापत्र में हमने एशिया-अफ्रीका विकास गलियारा को भी शामिल किया था और इसके लिये हमारे अफ्रीका के भाईयों एवं बहिनों के साथ आगे बातचीत का प्रस्ताव रखा गया था.’’ पीएम मोदी ने कहा कि इस विकास गलियारे को आगे कैसे बढ़ाया जायेगा इसके लिये ‘‘भारत और जापान के शोध संस्थानों ने अफ्रीकी शोध संस्थाओं के साथ विचार विमर्श कर इसके लिये दृष्टिकोण दस्तावेज तैयार किया है.’’’ उन्होंने कहा कि इस दृष्टिकोण पत्र को बाद में बोर्ड की बैठक में प्रस्तुत किया जायेगा. प्रधानमंत्री ने कहा कि इसके पीछे यही विचार है कि भारत, जापान और दूसरे भागीदारी कौशल, ढांचागत सुविधाओं, विनिर्माण और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में संयुक्त तौर पर की जाने वाली पहल के लिये आगे आयें. उन्होंने कहा कि आर्थिक वृद्धि के मामले में अफ्रीका को भारत की प्राथमिकता सूची में सबसे शीर्ष पर रखा गया है.टिप्पणियां पीएम मोदी ने 3,000 प्रतिनिधियों जिनमें ज्यादातर अफ्रीकी देशों से यहां पहुंचे हैं, की उपस्थिति में कहा, ‘‘वर्ष 2014 में सत्ता संभालने के बाद मैंने भारत की विदेश और आर्थिक नीतियों के मामले में अफ्रीका को शीर्ष प्राथमिकता दी है.’’ बैठक में कई अफ्रीकी देशों के वरिष्ठ अधिकारी और शीर्ष नेता भी पहुंचे हैं. उन्होंने कहा कि अफ्रीका में निवेश करने वाला भारत पांचवां बड़ा निवेशक है. भारत ने पिछले 20 साल के दौरान अफ्रीका में 54 अरब डालर का निवेश किया है. ‘‘पिछले 15 साल के दौरान अफ्रीका-भारत का व्यापार कई गुणा बढ़ गया है. पिछले पांच साल के दौरान यह दोगुना होकर 2014-15 में 72 अरब डालर पर पहुंच गया.’’ मोदी ने इस अवसर पर भारत और अफ्रीका के बीच सदियों पुराने सहयोग को भी याद किया. उन्होंने विशेषकर भारत के पश्चिमी राज्यों जैसे गुजरात का अफ्रीकी देशों के साथ व्यापारिक समुदायों के सहयोग का भी जिक्र किया.   पीएम मोदी ने कहा, ‘‘मेरी जापान यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री शिंजो अबे के साथ मेरी बैठक में, मैं प्रसन्नता के साथ यह कहना चाहूंगा कि हमारे संयुक्त घोषणापत्र में हमने एशिया-अफ्रीका विकास गलियारा को भी शामिल किया था और इसके लिये हमारे अफ्रीका के भाईयों एवं बहिनों के साथ आगे बातचीत का प्रस्ताव रखा गया था.’’ पीएम मोदी ने कहा कि इस विकास गलियारे को आगे कैसे बढ़ाया जायेगा इसके लिये ‘‘भारत और जापान के शोध संस्थानों ने अफ्रीकी शोध संस्थाओं के साथ विचार विमर्श कर इसके लिये दृष्टिकोण दस्तावेज तैयार किया है.’’’ उन्होंने कहा कि इस दृष्टिकोण पत्र को बाद में बोर्ड की बैठक में प्रस्तुत किया जायेगा. प्रधानमंत्री ने कहा कि इसके पीछे यही विचार है कि भारत, जापान और दूसरे भागीदारी कौशल, ढांचागत सुविधाओं, विनिर्माण और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में संयुक्त तौर पर की जाने वाली पहल के लिये आगे आयें. उन्होंने कहा कि आर्थिक वृद्धि के मामले में अफ्रीका को भारत की प्राथमिकता सूची में सबसे शीर्ष पर रखा गया है.टिप्पणियां पीएम मोदी ने 3,000 प्रतिनिधियों जिनमें ज्यादातर अफ्रीकी देशों से यहां पहुंचे हैं, की उपस्थिति में कहा, ‘‘वर्ष 2014 में सत्ता संभालने के बाद मैंने भारत की विदेश और आर्थिक नीतियों के मामले में अफ्रीका को शीर्ष प्राथमिकता दी है.’’ बैठक में कई अफ्रीकी देशों के वरिष्ठ अधिकारी और शीर्ष नेता भी पहुंचे हैं. उन्होंने कहा कि अफ्रीका में निवेश करने वाला भारत पांचवां बड़ा निवेशक है. भारत ने पिछले 20 साल के दौरान अफ्रीका में 54 अरब डालर का निवेश किया है. ‘‘पिछले 15 साल के दौरान अफ्रीका-भारत का व्यापार कई गुणा बढ़ गया है. पिछले पांच साल के दौरान यह दोगुना होकर 2014-15 में 72 अरब डालर पर पहुंच गया.’’ मोदी ने इस अवसर पर भारत और अफ्रीका के बीच सदियों पुराने सहयोग को भी याद किया. उन्होंने विशेषकर भारत के पश्चिमी राज्यों जैसे गुजरात का अफ्रीकी देशों के साथ व्यापारिक समुदायों के सहयोग का भी जिक्र किया.   पीएम मोदी ने कहा कि इस विकास गलियारे को आगे कैसे बढ़ाया जायेगा इसके लिये ‘‘भारत और जापान के शोध संस्थानों ने अफ्रीकी शोध संस्थाओं के साथ विचार विमर्श कर इसके लिये दृष्टिकोण दस्तावेज तैयार किया है.’’’ उन्होंने कहा कि इस दृष्टिकोण पत्र को बाद में बोर्ड की बैठक में प्रस्तुत किया जायेगा. प्रधानमंत्री ने कहा कि इसके पीछे यही विचार है कि भारत, जापान और दूसरे भागीदारी कौशल, ढांचागत सुविधाओं, विनिर्माण और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में संयुक्त तौर पर की जाने वाली पहल के लिये आगे आयें. उन्होंने कहा कि आर्थिक वृद्धि के मामले में अफ्रीका को भारत की प्राथमिकता सूची में सबसे शीर्ष पर रखा गया है.टिप्पणियां पीएम मोदी ने 3,000 प्रतिनिधियों जिनमें ज्यादातर अफ्रीकी देशों से यहां पहुंचे हैं, की उपस्थिति में कहा, ‘‘वर्ष 2014 में सत्ता संभालने के बाद मैंने भारत की विदेश और आर्थिक नीतियों के मामले में अफ्रीका को शीर्ष प्राथमिकता दी है.’’ बैठक में कई अफ्रीकी देशों के वरिष्ठ अधिकारी और शीर्ष नेता भी पहुंचे हैं. उन्होंने कहा कि अफ्रीका में निवेश करने वाला भारत पांचवां बड़ा निवेशक है. भारत ने पिछले 20 साल के दौरान अफ्रीका में 54 अरब डालर का निवेश किया है. ‘‘पिछले 15 साल के दौरान अफ्रीका-भारत का व्यापार कई गुणा बढ़ गया है. पिछले पांच साल के दौरान यह दोगुना होकर 2014-15 में 72 अरब डालर पर पहुंच गया.’’ मोदी ने इस अवसर पर भारत और अफ्रीका के बीच सदियों पुराने सहयोग को भी याद किया. उन्होंने विशेषकर भारत के पश्चिमी राज्यों जैसे गुजरात का अफ्रीकी देशों के साथ व्यापारिक समुदायों के सहयोग का भी जिक्र किया.   पीएम मोदी ने 3,000 प्रतिनिधियों जिनमें ज्यादातर अफ्रीकी देशों से यहां पहुंचे हैं, की उपस्थिति में कहा, ‘‘वर्ष 2014 में सत्ता संभालने के बाद मैंने भारत की विदेश और आर्थिक नीतियों के मामले में अफ्रीका को शीर्ष प्राथमिकता दी है.’’ बैठक में कई अफ्रीकी देशों के वरिष्ठ अधिकारी और शीर्ष नेता भी पहुंचे हैं. उन्होंने कहा कि अफ्रीका में निवेश करने वाला भारत पांचवां बड़ा निवेशक है. भारत ने पिछले 20 साल के दौरान अफ्रीका में 54 अरब डालर का निवेश किया है. ‘‘पिछले 15 साल के दौरान अफ्रीका-भारत का व्यापार कई गुणा बढ़ गया है. पिछले पांच साल के दौरान यह दोगुना होकर 2014-15 में 72 अरब डालर पर पहुंच गया.’’ मोदी ने इस अवसर पर भारत और अफ्रीका के बीच सदियों पुराने सहयोग को भी याद किया. उन्होंने विशेषकर भारत के पश्चिमी राज्यों जैसे गुजरात का अफ्रीकी देशों के साथ व्यापारिक समुदायों के सहयोग का भी जिक्र किया.   उन्होंने कहा कि अफ्रीका में निवेश करने वाला भारत पांचवां बड़ा निवेशक है. भारत ने पिछले 20 साल के दौरान अफ्रीका में 54 अरब डालर का निवेश किया है. ‘‘पिछले 15 साल के दौरान अफ्रीका-भारत का व्यापार कई गुणा बढ़ गया है. पिछले पांच साल के दौरान यह दोगुना होकर 2014-15 में 72 अरब डालर पर पहुंच गया.’’ मोदी ने इस अवसर पर भारत और अफ्रीका के बीच सदियों पुराने सहयोग को भी याद किया. उन्होंने विशेषकर भारत के पश्चिमी राज्यों जैसे गुजरात का अफ्रीकी देशों के साथ व्यापारिक समुदायों के सहयोग का भी जिक्र किया.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: इस समारोह में वित्त मंत्री अरुण जेटली भी मौजूद रहें पीएम ने कहा कि दोनों देशों के बीच पिछले 15 वर्षों में व्यापार कई गुना हैं यूरोपएशिया भूभाग को हिन्द्र-प्रशांत समुद्री मार्ग से जोड़ने का कार्यक्रम
3
['hin']
एक सारांश बनाओ: चुनाव आयोग ने कथित लाभ के पद पर होने के लिए 21 आप विधायकों को अयोग्य ठहराने की मांग करने वाली याचिका में नए आरोपों पर ध्यान देने से शुक्रवार को इनकार कर दिया लेकिन साथ ही मामले में दायर तथाकथित दूसरी याचिका का संज्ञान न करने की विधायकों की अर्जी भी खारिज कर दी. आयोग ने 23 सितंबर को सुनवाई की अगली तारीख भी तय की. गत 29 अगस्त को उसने तथाकथित दूसरी याचिका खारिज करने की आप विधायकों की अर्जी पर अपना आदेश सुरक्षित रखा था. आयोग ने अपने आदेश में कहा, "पैरा में जो लिखा है, वह कुछ अतिरिक्त आरोप लगाते हैं एवं कटाक्ष करते हैं. तदनुसार पैराग्राफ को याचिकाकर्ता की 28 दिसंबर, 2015 की तारीख वाले (तथाकथित दूसरी याचिका) जवाब से हटाने का निर्देश दिया जाता है." दूसरे शब्दों में आयोग ने दूसरी याचिका के जरिये दायर किए गए "अतिरिक्त आरोप" शामिल करने से मना कर मूल याचिका के दायरे का विस्तार करने से इनकार कर दिया. वकील प्रशांत पटेल ने कथित लाभ के पद पर होने के लिए 21 आप विधायकों को अयोग्य ठहराने की मांग करते हुए 19 जून, 2015 को राष्ट्रपति के समक्ष पहली याचिका दायर की थी. उन्होंने चुनाव आयोग के मांगने पर अतिरिक्त दस्तावेज जमा किए थे. लेकिन आप ने दावा किया था कि संबंधित अतिरिक्त दस्तावेज दूसरी याचिका है जिन पर ध्यान नहीं दिया जाना चाहिए.   टिप्पणियां आयोग ने 18 पन्ने के अपने आदेश में कहा, "प्रतिवादियों के किसी भी ज्ञानी वकील ने ऐसी कोई खास आपत्ति नहीं जताई कि आयोग 28 दिसंबर, 2015 की तारीख वाले याचिकाकर्ता के जवाब के पैरा एक और दो पर भी ध्यान नहीं दे सकता. ये दोनों पैरा मूल याचिका में याचिकाकर्ता द्वारा उठाए गए सवालों को केवल दोहराते हैं." आयोग ने कहा, "आयोग का मानना है कि पैरा में लिखी गई बातों पर कोई वैध आपत्ति भी नहीं हो सकती क्योंकि ये सभी पैराग्राफ याचिकाकर्ता द्वारा अपनी मूल याचिका में उठाए गए सवालों से संबंधित हैं."(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) आयोग ने 23 सितंबर को सुनवाई की अगली तारीख भी तय की. गत 29 अगस्त को उसने तथाकथित दूसरी याचिका खारिज करने की आप विधायकों की अर्जी पर अपना आदेश सुरक्षित रखा था. आयोग ने अपने आदेश में कहा, "पैरा में जो लिखा है, वह कुछ अतिरिक्त आरोप लगाते हैं एवं कटाक्ष करते हैं. तदनुसार पैराग्राफ को याचिकाकर्ता की 28 दिसंबर, 2015 की तारीख वाले (तथाकथित दूसरी याचिका) जवाब से हटाने का निर्देश दिया जाता है." दूसरे शब्दों में आयोग ने दूसरी याचिका के जरिये दायर किए गए "अतिरिक्त आरोप" शामिल करने से मना कर मूल याचिका के दायरे का विस्तार करने से इनकार कर दिया. वकील प्रशांत पटेल ने कथित लाभ के पद पर होने के लिए 21 आप विधायकों को अयोग्य ठहराने की मांग करते हुए 19 जून, 2015 को राष्ट्रपति के समक्ष पहली याचिका दायर की थी. उन्होंने चुनाव आयोग के मांगने पर अतिरिक्त दस्तावेज जमा किए थे. लेकिन आप ने दावा किया था कि संबंधित अतिरिक्त दस्तावेज दूसरी याचिका है जिन पर ध्यान नहीं दिया जाना चाहिए.   टिप्पणियां आयोग ने 18 पन्ने के अपने आदेश में कहा, "प्रतिवादियों के किसी भी ज्ञानी वकील ने ऐसी कोई खास आपत्ति नहीं जताई कि आयोग 28 दिसंबर, 2015 की तारीख वाले याचिकाकर्ता के जवाब के पैरा एक और दो पर भी ध्यान नहीं दे सकता. ये दोनों पैरा मूल याचिका में याचिकाकर्ता द्वारा उठाए गए सवालों को केवल दोहराते हैं." आयोग ने कहा, "आयोग का मानना है कि पैरा में लिखी गई बातों पर कोई वैध आपत्ति भी नहीं हो सकती क्योंकि ये सभी पैराग्राफ याचिकाकर्ता द्वारा अपनी मूल याचिका में उठाए गए सवालों से संबंधित हैं."(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) आयोग ने अपने आदेश में कहा, "पैरा में जो लिखा है, वह कुछ अतिरिक्त आरोप लगाते हैं एवं कटाक्ष करते हैं. तदनुसार पैराग्राफ को याचिकाकर्ता की 28 दिसंबर, 2015 की तारीख वाले (तथाकथित दूसरी याचिका) जवाब से हटाने का निर्देश दिया जाता है." दूसरे शब्दों में आयोग ने दूसरी याचिका के जरिये दायर किए गए "अतिरिक्त आरोप" शामिल करने से मना कर मूल याचिका के दायरे का विस्तार करने से इनकार कर दिया. वकील प्रशांत पटेल ने कथित लाभ के पद पर होने के लिए 21 आप विधायकों को अयोग्य ठहराने की मांग करते हुए 19 जून, 2015 को राष्ट्रपति के समक्ष पहली याचिका दायर की थी. उन्होंने चुनाव आयोग के मांगने पर अतिरिक्त दस्तावेज जमा किए थे. लेकिन आप ने दावा किया था कि संबंधित अतिरिक्त दस्तावेज दूसरी याचिका है जिन पर ध्यान नहीं दिया जाना चाहिए.   टिप्पणियां आयोग ने 18 पन्ने के अपने आदेश में कहा, "प्रतिवादियों के किसी भी ज्ञानी वकील ने ऐसी कोई खास आपत्ति नहीं जताई कि आयोग 28 दिसंबर, 2015 की तारीख वाले याचिकाकर्ता के जवाब के पैरा एक और दो पर भी ध्यान नहीं दे सकता. ये दोनों पैरा मूल याचिका में याचिकाकर्ता द्वारा उठाए गए सवालों को केवल दोहराते हैं." आयोग ने कहा, "आयोग का मानना है कि पैरा में लिखी गई बातों पर कोई वैध आपत्ति भी नहीं हो सकती क्योंकि ये सभी पैराग्राफ याचिकाकर्ता द्वारा अपनी मूल याचिका में उठाए गए सवालों से संबंधित हैं."(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) वकील प्रशांत पटेल ने कथित लाभ के पद पर होने के लिए 21 आप विधायकों को अयोग्य ठहराने की मांग करते हुए 19 जून, 2015 को राष्ट्रपति के समक्ष पहली याचिका दायर की थी. उन्होंने चुनाव आयोग के मांगने पर अतिरिक्त दस्तावेज जमा किए थे. लेकिन आप ने दावा किया था कि संबंधित अतिरिक्त दस्तावेज दूसरी याचिका है जिन पर ध्यान नहीं दिया जाना चाहिए.   टिप्पणियां आयोग ने 18 पन्ने के अपने आदेश में कहा, "प्रतिवादियों के किसी भी ज्ञानी वकील ने ऐसी कोई खास आपत्ति नहीं जताई कि आयोग 28 दिसंबर, 2015 की तारीख वाले याचिकाकर्ता के जवाब के पैरा एक और दो पर भी ध्यान नहीं दे सकता. ये दोनों पैरा मूल याचिका में याचिकाकर्ता द्वारा उठाए गए सवालों को केवल दोहराते हैं." आयोग ने कहा, "आयोग का मानना है कि पैरा में लिखी गई बातों पर कोई वैध आपत्ति भी नहीं हो सकती क्योंकि ये सभी पैराग्राफ याचिकाकर्ता द्वारा अपनी मूल याचिका में उठाए गए सवालों से संबंधित हैं."(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) आयोग ने 18 पन्ने के अपने आदेश में कहा, "प्रतिवादियों के किसी भी ज्ञानी वकील ने ऐसी कोई खास आपत्ति नहीं जताई कि आयोग 28 दिसंबर, 2015 की तारीख वाले याचिकाकर्ता के जवाब के पैरा एक और दो पर भी ध्यान नहीं दे सकता. ये दोनों पैरा मूल याचिका में याचिकाकर्ता द्वारा उठाए गए सवालों को केवल दोहराते हैं." आयोग ने कहा, "आयोग का मानना है कि पैरा में लिखी गई बातों पर कोई वैध आपत्ति भी नहीं हो सकती क्योंकि ये सभी पैराग्राफ याचिकाकर्ता द्वारा अपनी मूल याचिका में उठाए गए सवालों से संबंधित हैं."(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह एक सारांश है: आयोग ने 23 सितंबर को सुनवाई की अगली तारीख भी तय की गत 29 अगस्त को याचिका खारिज करने का आदेश सुरक्षित रखा था वकील प्रशांत पटेल ने की थी आप विधायकों को अयोग्य ठहराने की मांग
21
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह ने बुधवार को कहा कि सचिन तेंदुलकर और वीरेंद्र सहवाग की सलामी जोड़ी द्वारा मजबूत शुरूआत देना आगामी विश्व कप में भारत की सफलता का मूल मंत्र होगा। हरभजन ने कहा कि कपिल देव की कप्तानी वाली टीम ने 1983 विश्व कप खिताब पर कब्जा किया था जिससे उन्हें बहुत प्रेरणा मिलती है। हरभजन ने कहा, मैं हमेशा 1983 विश्व कप को याद करता रहता हूं, कई बार इसकी क्लिपिंग देखा चुका हूं। इस बार अगर सचिन और सहवाग शुरूआती 15 ओवर में क्रीज पर एक साथ टिकते हैं तो इसके बाद विपक्षी टीम का मैच में वापसी करना काफी मुश्किल होगा। हरभजन का तेंदुलकर के साथ जुडाव जगजाहिर है और इस स्पिनर को आशा है कि मास्टर ब्लाटर विश्व कप में सहवाग के साथ मिलकर सफल जोड़ी बनायेंगे। उन्होंने कहा, सचिन और सहवाग दोनों महान खिलाड़ी हैं और मुझे आशा है कि वे हमें विश्व कप जिताने में मदद करेंगे। सभी भारतीयों की तरह मैं भी विश्व कप में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद कर रहा हूं। आईपीएल की मुंबई इंडियंस फ्रेंचाइजी में इस बार हरभजन और आस्ट्रेलियाई आलराउंडर एंड्रय साइमंड्स एक साथ खेलते दिखेंगे। उन्होंने कहा, मैं उनके :साइमंड्स: साथ मिलकर आईपीएल जीतने की उम्मीद कर रहा हूं।
संक्षिप्त पाठ: हरभजन ने कहा कि कपिल देव की कप्तानी वाली टीम ने 1983 विश्व कप खिताब पर कब्जा किया था जिससे उन्हें बहुत प्रेरणा मिलती है।
22
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: दिल्ली में महिलाओं पर यौन हमले जारी हैं। ताजा मामला कीर्ति नगर का है, जहां एक महिला और चार साल की बच्ची के साथ बलात्कार का मामला सामने आया है। इससे साथ ही आरके पुरम में भी नौ साल की बच्ची से बलात्कार हुआ है। कीर्ति नगर में रविवार रात चार साल की बच्ची को अगवा किया गया और बलात्कार करने के बाद झाड़ियों में फेंक दिया गया। सुबह जब घर वाले बच्ची को ढूंढ रहे थे तब वह उन्हें गंभीर हालात में मिली। फिलहाल अस्पताल में बच्ची का इलाज चल रहा है। वहीं रविवार रात अपने बेटे को ढूंढने निकली एक महिला के साथ बलात्कार किया गया। दोनों मामलों में पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।टिप्पणियां वहीं साउथ दिल्ली के आरके पुरम में नौ साल की बच्ची के साथ बलात्कार हुआ है। इस मामले का आरोपी खुद भी नाबालिग है और 11वीं का छात्र है। फिलहाल बच्ची का इलाज अस्पताल में चल रहा है। बताया जा रहा है कि आरोपी बच्ची के पड़ोस में रहता है। रविवार शाम को पीड़ित बच्ची का परिवार छत पर था। आरोपी ने बच्ची को घर में अकेले देखा और उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने बच्ची का मेडिकल कराने के बाद मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। कीर्ति नगर में रविवार रात चार साल की बच्ची को अगवा किया गया और बलात्कार करने के बाद झाड़ियों में फेंक दिया गया। सुबह जब घर वाले बच्ची को ढूंढ रहे थे तब वह उन्हें गंभीर हालात में मिली। फिलहाल अस्पताल में बच्ची का इलाज चल रहा है। वहीं रविवार रात अपने बेटे को ढूंढने निकली एक महिला के साथ बलात्कार किया गया। दोनों मामलों में पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।टिप्पणियां वहीं साउथ दिल्ली के आरके पुरम में नौ साल की बच्ची के साथ बलात्कार हुआ है। इस मामले का आरोपी खुद भी नाबालिग है और 11वीं का छात्र है। फिलहाल बच्ची का इलाज अस्पताल में चल रहा है। बताया जा रहा है कि आरोपी बच्ची के पड़ोस में रहता है। रविवार शाम को पीड़ित बच्ची का परिवार छत पर था। आरोपी ने बच्ची को घर में अकेले देखा और उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने बच्ची का मेडिकल कराने के बाद मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं रविवार रात अपने बेटे को ढूंढने निकली एक महिला के साथ बलात्कार किया गया। दोनों मामलों में पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।टिप्पणियां वहीं साउथ दिल्ली के आरके पुरम में नौ साल की बच्ची के साथ बलात्कार हुआ है। इस मामले का आरोपी खुद भी नाबालिग है और 11वीं का छात्र है। फिलहाल बच्ची का इलाज अस्पताल में चल रहा है। बताया जा रहा है कि आरोपी बच्ची के पड़ोस में रहता है। रविवार शाम को पीड़ित बच्ची का परिवार छत पर था। आरोपी ने बच्ची को घर में अकेले देखा और उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने बच्ची का मेडिकल कराने के बाद मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं साउथ दिल्ली के आरके पुरम में नौ साल की बच्ची के साथ बलात्कार हुआ है। इस मामले का आरोपी खुद भी नाबालिग है और 11वीं का छात्र है। फिलहाल बच्ची का इलाज अस्पताल में चल रहा है। बताया जा रहा है कि आरोपी बच्ची के पड़ोस में रहता है। रविवार शाम को पीड़ित बच्ची का परिवार छत पर था। आरोपी ने बच्ची को घर में अकेले देखा और उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने बच्ची का मेडिकल कराने के बाद मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि आरोपी बच्ची के पड़ोस में रहता है। रविवार शाम को पीड़ित बच्ची का परिवार छत पर था। आरोपी ने बच्ची को घर में अकेले देखा और उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने बच्ची का मेडिकल कराने के बाद मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
संक्षिप्त पाठ: दिल्ली एक बार फिर शर्मसार हुई है। कीर्ति नगर में चार साल तो आरके पुरम में नौ साल की बच्ची से बलात्कार हुआ। बेटे को ढूंढने निकली एक महिला से भी रेप हुआ है।
13
['hin']
एक सारांश बनाओ: महाराष्ट्र में सरकार गठन की कवायद ने अब एक नया मोड़ ले लिया है. बीजेपी की बैठक के बाद देवेंद्र फडणवीस राजभवन पहुंचे, जहां बीजेपी ने राज्यपाल को सरकार बनाने के बारे में असमर्थता के बारे में सूचित किया. महाराष्ट्र बीजेपी अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने प्रेस कांफ्रेस कर शिवसेना पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनावों में बीजेपी ने शिवसेना व अन्य दलों के साथ मिलकर महायुति बनाई थी. जनता ने महायुति को जनादेश देकर सरकार चलाने की जिम्मेदारी दी लेकिन शिवसेना ने जनादेश का अनादर किया है. लिहाजा हम राज्यपाल को जानकारी देने के लिए आए हैं कि हम सरकार नहीं बनाएंगे. उन्होंने कहा कि राज्यपाल ने हमे सरकार बनाने का आमंत्रण भेजा था लेकिन बहुमत की संख्या नहीं होने की वजह से हम सरकार नहीं बनाएंगे.  आपकी जानकारी के लिए बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में बीजेपी को 105 सीटों पर जीत मिली थी वहीं शिवसेना 56 सीटें जीतकर दूसरे नंबर की पार्टी बनी थी. महाराष्ट्र में बीजेपी-शिवसेना गठबंधन को स्पष्ट बहुमत मिला था लेकिन किन्हीं कारणों से दोनों दलों के मनमुटाव सामने आ गए, जिस कारण राज्य सरकार के गठन का मामला अधर में लटक गया. राज्यपाल की तरफ से सबसे बड़े दल को सरकार बनाने का न्योता दिया गया था, जिसके जवाब में बीजेपी ने सरकार बनाने पर अपनी असमर्थता जता दी है. लिहाजा अब राज्यपाल दूसरे सबसे बड़े दल को सरकार बनाने का आमंत्रण देंगे.
यहाँ एक सारांश है:महाराष्ट्र में सरकार गठन की कवायद में आया नया मोड़ राजभवन पहुंचे देवेंद्र फडणवीस ने सरकार बनाने से किया इनकार राज्यपाल ने बीजेपी को भेजा था सरकार बनाने का आमंत्रण
15
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: नागरिकता संशोधन विधेयक (CAB) के संसद के दोनों सदनों से पास होने के साथ ही केंद्र में सत्तारूढ़ बीजेपी के अगले कदम को लेकर कयास लगने शुरू हो गए हैं. दरअसल, बीजेपी ने अपने घोषणापत्र में अनुच्छेद-370 हटाने, एक बार में तीन तलाक की प्रथा को खत्म करने और नागरिकता संशोधन कानून लाने का वादा किया था. मोदी सरकार- 2 ने लोकसभा चुनाव में जीत के करीब 7 महीनों के अंदर ही इन तीनों वादों को पूरा कर दिया है. ऐसे में अब बीजेपी के अगले कदम को लेकर चर्चा जारी है. कहा जा रहा है कि पार्टी समान नागरिक संहिता (यूनिफॉर्म सिविल कोड) पर आगे बढ़ सकती है. हालांकि बीजेपी नेताओं का कहना है कि अभी पार्टी की प्राथमिकता देशभर में एनआरसी लागू करवाना है.   बीजेपी नेताओं का कहना है कि तीन तलाक कानून, समान नागरिक संहिता की दिशा में एक बड़ा कदम है. भविष्य में इस पर भी आगे बढ़ा जाएगा. फिलहाल पार्टी की प्राथमिकता देशव्यापी एनआरसी लागू कराना है. गृह मंत्री इसका ऐलान कर चुके हैं. बीजेपी नेताओं के मुताबिक इसके लिए कानून लाने की भी जरूरत नहीं है और यह शासनादेश के माध्यम से हो सकता है. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र यह बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. वहीं, दूसरी तरफ समान नागरिक संहिता एक ऐसा मुद्दा है जो बीजेपी की बुनियादी विचारधारा के बेहद करीब है और हमेशा से पार्टी के घोषणापत्र का हिस्सा रहा है. सुप्रीम कोर्ट भी समान नागरिक संहिता को लेकर टिप्पणी कर चुका है. हालांकि मोदी के पहले कार्यकाल में विधि आयोग ने इस बारे में प्रतिकूल टिप्पणी दी थी.   आपको बता दें कि नागरिकता संशोधन विधेयक (कैब) को लेकर असम समेत पूर्वोत्तर राज्यों में व्यापक विरोध के बीच संसद ने बुधवार को इस विधेयक को अपनी मंजूरी दे दी. राज्यसभा ने बुधवार को विस्तृत चर्चा के बाद इस विधेयक को पारित कर दिया. सदन ने विधेयक को प्रवर समिति में भेजे जाने के विपक्ष के प्रस्ताव और संशोधनों को खारिज कर दिया. राज्यसभा में नागरिकता संशोधन विधेयक के पक्ष में 125 मत पड़े जबकि 99 सदस्यों ने इसके खिलाफ मतदान किया. लोकसभा में बिल के समर्थन में वोट करने वाली शिवसेना ने राज्यसभा में वोट से बायकॉट किया. विधेयक के संसद में पारित होने के तुरंत बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे भारत और इसके करुणा तथा भाईचारे के मूल्यों के लिए ऐतिहासिक दिन करार दिया. उन्होंने ट्वीट किया कि विधेयक 'वर्षों तक पीड़ा झेलने वाले अनेक लोगों के कष्टों को दूर करेगा.'
संक्षिप्त सारांश: बीजेपी ने 7 महीने में पूरे किये 3 बड़े वादे अब भाजपा के अगले कदम को लेकर कयासबाजी शुरू पार्टी नेताओं के मुताबिक एनआरसी लागू करवाना प्राथमिकता
0
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: डीएमके प्रमुख एम करुणानिधि ने अपील की है कि मौत की सजा के कानून को समाप्त किया जाना चाहिए। करुणानिधि की पार्टी डीएमके केंद्र में यूपीए सरकार को समर्थन दे रही है। द्रमुक प्रमुख एम करुणानिधि ने एक बार फिर से मृत्युदंड खत्म करने की मांग दोहराते हुए एक तरह से 1993 बारूदी सुरंग विस्फोट मामले में सीबीआई जांच का समर्थन किया है। इस मामले में चंदन तस्कर वीरप्पन के चार सहयोगियों को फांसी की सजा सुनाई गई है। उन्होंने कहा कि फांसी की सजा प्राप्त चार दोषियों के परिजनों ने उनके बेकसूर होने का दावा किया था और इस लिहाज से मामले के लिए सीबीआई जांच की उनकी याचिका को ‘नजरंदाज नहीं किया जा सकता।’ उन्होंने कहा, ‘‘सत्ता के लोगों को इसका अहसास होना चाहिए कि दोषी भले ही बरी हो जाए किसी निर्दोष को सजा नहीं होनी चाहिए।’’ करुणानिधि ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश वीआर कृष्ण अय्यर ने भी भारत में मौत की सजा खत्म करने की वकालत की थी। दुनिया के 90 फीसदी देशों में इसे समाप्त किया जा चुका है। पार्टी कार्यकर्ताओं को एक पत्र में उन्होंने कहा है, ‘‘आज के हालात में केंद्र, कानूनी विशेषज्ञों और अदालतों को इस पर विचार करना चाहिए और मानवाधिकार तथा मानवीयता के हित में कानून की किताबों से फांसी को हटाने पर गंभीरतापूर्वक विचार करना चाहिए।’’ करुणानिधि की अपील ऐसे समय आई है जब कर्नाटक से चार लोगों को फांसी की सजा दी जानी है। सोमवार को ही उच्चतम न्यायालय ने चंदन तस्कर वीरप्पन के इन चार सहयोगियों की मौत की सजा पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। इन्हें वर्ष 2004 में मौत की सजा सुनाई गई थी। कर्नाटक में बारूदी सुरंग का विस्फोट करने के मामले में इन्हें दोषी पाया गया था। विस्फोट में 22 पुलिसकर्मी मारे गए थे। इन लोगों की दया याचिका राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा पिछले हफ्ते खारिज कर दी गई थी। पिछले नौ सालों से यह याचिका विचाराधीन थी। इन लोगों ने अपील की थी कि इनकी मौत की सजा को बदल दिया जाए। फांसी की सजा का विरोध कर रहे वकीलों ने कहा कि क्योंकि इस सजा के कार्यान्वयन में देरी हो चुकी है क्योंकि अब इससे संविधान के अनुच्छेद 21 का उल्लंघन होता है।टिप्पणियां इसी तरह पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के दोषी तीन लोगों को फांसी की सजा सुनाई गई है जिनका केस अभी सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। पिछले वर्ष तमिलनाडु की विधानसभा ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया था और राष्ट्रपति से अपील की थी कि इन लोगों की फांसी की सजा पर पुनर्विचार किया जाए। इस महीने के आरंभ में संसद हमले के दोषी अफजल गुरु को फांसी दे दी गई थी। पिछले वर्ष नवंबर में मुंबई हमले में शामिल पाकिस्तानी आतंकी अजमल कसाब को फांसी दे दी गई। इन फांसी के विरोध में देश के तमाम मानवाधिकार संगठनों ने अपनी आवाज उठाई है। द्रमुक प्रमुख एम करुणानिधि ने एक बार फिर से मृत्युदंड खत्म करने की मांग दोहराते हुए एक तरह से 1993 बारूदी सुरंग विस्फोट मामले में सीबीआई जांच का समर्थन किया है। इस मामले में चंदन तस्कर वीरप्पन के चार सहयोगियों को फांसी की सजा सुनाई गई है। उन्होंने कहा कि फांसी की सजा प्राप्त चार दोषियों के परिजनों ने उनके बेकसूर होने का दावा किया था और इस लिहाज से मामले के लिए सीबीआई जांच की उनकी याचिका को ‘नजरंदाज नहीं किया जा सकता।’ उन्होंने कहा, ‘‘सत्ता के लोगों को इसका अहसास होना चाहिए कि दोषी भले ही बरी हो जाए किसी निर्दोष को सजा नहीं होनी चाहिए।’’ करुणानिधि ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश वीआर कृष्ण अय्यर ने भी भारत में मौत की सजा खत्म करने की वकालत की थी। दुनिया के 90 फीसदी देशों में इसे समाप्त किया जा चुका है। पार्टी कार्यकर्ताओं को एक पत्र में उन्होंने कहा है, ‘‘आज के हालात में केंद्र, कानूनी विशेषज्ञों और अदालतों को इस पर विचार करना चाहिए और मानवाधिकार तथा मानवीयता के हित में कानून की किताबों से फांसी को हटाने पर गंभीरतापूर्वक विचार करना चाहिए।’’ करुणानिधि की अपील ऐसे समय आई है जब कर्नाटक से चार लोगों को फांसी की सजा दी जानी है। सोमवार को ही उच्चतम न्यायालय ने चंदन तस्कर वीरप्पन के इन चार सहयोगियों की मौत की सजा पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। इन्हें वर्ष 2004 में मौत की सजा सुनाई गई थी। कर्नाटक में बारूदी सुरंग का विस्फोट करने के मामले में इन्हें दोषी पाया गया था। विस्फोट में 22 पुलिसकर्मी मारे गए थे। इन लोगों की दया याचिका राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा पिछले हफ्ते खारिज कर दी गई थी। पिछले नौ सालों से यह याचिका विचाराधीन थी। इन लोगों ने अपील की थी कि इनकी मौत की सजा को बदल दिया जाए। फांसी की सजा का विरोध कर रहे वकीलों ने कहा कि क्योंकि इस सजा के कार्यान्वयन में देरी हो चुकी है क्योंकि अब इससे संविधान के अनुच्छेद 21 का उल्लंघन होता है।टिप्पणियां इसी तरह पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के दोषी तीन लोगों को फांसी की सजा सुनाई गई है जिनका केस अभी सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। पिछले वर्ष तमिलनाडु की विधानसभा ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया था और राष्ट्रपति से अपील की थी कि इन लोगों की फांसी की सजा पर पुनर्विचार किया जाए। इस महीने के आरंभ में संसद हमले के दोषी अफजल गुरु को फांसी दे दी गई थी। पिछले वर्ष नवंबर में मुंबई हमले में शामिल पाकिस्तानी आतंकी अजमल कसाब को फांसी दे दी गई। इन फांसी के विरोध में देश के तमाम मानवाधिकार संगठनों ने अपनी आवाज उठाई है। उन्होंने कहा कि फांसी की सजा प्राप्त चार दोषियों के परिजनों ने उनके बेकसूर होने का दावा किया था और इस लिहाज से मामले के लिए सीबीआई जांच की उनकी याचिका को ‘नजरंदाज नहीं किया जा सकता।’ उन्होंने कहा, ‘‘सत्ता के लोगों को इसका अहसास होना चाहिए कि दोषी भले ही बरी हो जाए किसी निर्दोष को सजा नहीं होनी चाहिए।’’ करुणानिधि ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश वीआर कृष्ण अय्यर ने भी भारत में मौत की सजा खत्म करने की वकालत की थी। दुनिया के 90 फीसदी देशों में इसे समाप्त किया जा चुका है। पार्टी कार्यकर्ताओं को एक पत्र में उन्होंने कहा है, ‘‘आज के हालात में केंद्र, कानूनी विशेषज्ञों और अदालतों को इस पर विचार करना चाहिए और मानवाधिकार तथा मानवीयता के हित में कानून की किताबों से फांसी को हटाने पर गंभीरतापूर्वक विचार करना चाहिए।’’ करुणानिधि की अपील ऐसे समय आई है जब कर्नाटक से चार लोगों को फांसी की सजा दी जानी है। सोमवार को ही उच्चतम न्यायालय ने चंदन तस्कर वीरप्पन के इन चार सहयोगियों की मौत की सजा पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। इन्हें वर्ष 2004 में मौत की सजा सुनाई गई थी। कर्नाटक में बारूदी सुरंग का विस्फोट करने के मामले में इन्हें दोषी पाया गया था। विस्फोट में 22 पुलिसकर्मी मारे गए थे। इन लोगों की दया याचिका राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा पिछले हफ्ते खारिज कर दी गई थी। पिछले नौ सालों से यह याचिका विचाराधीन थी। इन लोगों ने अपील की थी कि इनकी मौत की सजा को बदल दिया जाए। फांसी की सजा का विरोध कर रहे वकीलों ने कहा कि क्योंकि इस सजा के कार्यान्वयन में देरी हो चुकी है क्योंकि अब इससे संविधान के अनुच्छेद 21 का उल्लंघन होता है।टिप्पणियां इसी तरह पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के दोषी तीन लोगों को फांसी की सजा सुनाई गई है जिनका केस अभी सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। पिछले वर्ष तमिलनाडु की विधानसभा ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया था और राष्ट्रपति से अपील की थी कि इन लोगों की फांसी की सजा पर पुनर्विचार किया जाए। इस महीने के आरंभ में संसद हमले के दोषी अफजल गुरु को फांसी दे दी गई थी। पिछले वर्ष नवंबर में मुंबई हमले में शामिल पाकिस्तानी आतंकी अजमल कसाब को फांसी दे दी गई। इन फांसी के विरोध में देश के तमाम मानवाधिकार संगठनों ने अपनी आवाज उठाई है। करुणानिधि ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश वीआर कृष्ण अय्यर ने भी भारत में मौत की सजा खत्म करने की वकालत की थी। दुनिया के 90 फीसदी देशों में इसे समाप्त किया जा चुका है। पार्टी कार्यकर्ताओं को एक पत्र में उन्होंने कहा है, ‘‘आज के हालात में केंद्र, कानूनी विशेषज्ञों और अदालतों को इस पर विचार करना चाहिए और मानवाधिकार तथा मानवीयता के हित में कानून की किताबों से फांसी को हटाने पर गंभीरतापूर्वक विचार करना चाहिए।’’ करुणानिधि की अपील ऐसे समय आई है जब कर्नाटक से चार लोगों को फांसी की सजा दी जानी है। सोमवार को ही उच्चतम न्यायालय ने चंदन तस्कर वीरप्पन के इन चार सहयोगियों की मौत की सजा पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। इन्हें वर्ष 2004 में मौत की सजा सुनाई गई थी। कर्नाटक में बारूदी सुरंग का विस्फोट करने के मामले में इन्हें दोषी पाया गया था। विस्फोट में 22 पुलिसकर्मी मारे गए थे। इन लोगों की दया याचिका राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा पिछले हफ्ते खारिज कर दी गई थी। पिछले नौ सालों से यह याचिका विचाराधीन थी। इन लोगों ने अपील की थी कि इनकी मौत की सजा को बदल दिया जाए। फांसी की सजा का विरोध कर रहे वकीलों ने कहा कि क्योंकि इस सजा के कार्यान्वयन में देरी हो चुकी है क्योंकि अब इससे संविधान के अनुच्छेद 21 का उल्लंघन होता है।टिप्पणियां इसी तरह पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के दोषी तीन लोगों को फांसी की सजा सुनाई गई है जिनका केस अभी सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। पिछले वर्ष तमिलनाडु की विधानसभा ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया था और राष्ट्रपति से अपील की थी कि इन लोगों की फांसी की सजा पर पुनर्विचार किया जाए। इस महीने के आरंभ में संसद हमले के दोषी अफजल गुरु को फांसी दे दी गई थी। पिछले वर्ष नवंबर में मुंबई हमले में शामिल पाकिस्तानी आतंकी अजमल कसाब को फांसी दे दी गई। इन फांसी के विरोध में देश के तमाम मानवाधिकार संगठनों ने अपनी आवाज उठाई है। पार्टी कार्यकर्ताओं को एक पत्र में उन्होंने कहा है, ‘‘आज के हालात में केंद्र, कानूनी विशेषज्ञों और अदालतों को इस पर विचार करना चाहिए और मानवाधिकार तथा मानवीयता के हित में कानून की किताबों से फांसी को हटाने पर गंभीरतापूर्वक विचार करना चाहिए।’’ करुणानिधि की अपील ऐसे समय आई है जब कर्नाटक से चार लोगों को फांसी की सजा दी जानी है। सोमवार को ही उच्चतम न्यायालय ने चंदन तस्कर वीरप्पन के इन चार सहयोगियों की मौत की सजा पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। इन्हें वर्ष 2004 में मौत की सजा सुनाई गई थी। कर्नाटक में बारूदी सुरंग का विस्फोट करने के मामले में इन्हें दोषी पाया गया था। विस्फोट में 22 पुलिसकर्मी मारे गए थे। इन लोगों की दया याचिका राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा पिछले हफ्ते खारिज कर दी गई थी। पिछले नौ सालों से यह याचिका विचाराधीन थी। इन लोगों ने अपील की थी कि इनकी मौत की सजा को बदल दिया जाए। फांसी की सजा का विरोध कर रहे वकीलों ने कहा कि क्योंकि इस सजा के कार्यान्वयन में देरी हो चुकी है क्योंकि अब इससे संविधान के अनुच्छेद 21 का उल्लंघन होता है।टिप्पणियां इसी तरह पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के दोषी तीन लोगों को फांसी की सजा सुनाई गई है जिनका केस अभी सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। पिछले वर्ष तमिलनाडु की विधानसभा ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया था और राष्ट्रपति से अपील की थी कि इन लोगों की फांसी की सजा पर पुनर्विचार किया जाए। इस महीने के आरंभ में संसद हमले के दोषी अफजल गुरु को फांसी दे दी गई थी। पिछले वर्ष नवंबर में मुंबई हमले में शामिल पाकिस्तानी आतंकी अजमल कसाब को फांसी दे दी गई। इन फांसी के विरोध में देश के तमाम मानवाधिकार संगठनों ने अपनी आवाज उठाई है। करुणानिधि की अपील ऐसे समय आई है जब कर्नाटक से चार लोगों को फांसी की सजा दी जानी है। सोमवार को ही उच्चतम न्यायालय ने चंदन तस्कर वीरप्पन के इन चार सहयोगियों की मौत की सजा पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। इन्हें वर्ष 2004 में मौत की सजा सुनाई गई थी। कर्नाटक में बारूदी सुरंग का विस्फोट करने के मामले में इन्हें दोषी पाया गया था। विस्फोट में 22 पुलिसकर्मी मारे गए थे। इन लोगों की दया याचिका राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा पिछले हफ्ते खारिज कर दी गई थी। पिछले नौ सालों से यह याचिका विचाराधीन थी। इन लोगों ने अपील की थी कि इनकी मौत की सजा को बदल दिया जाए। फांसी की सजा का विरोध कर रहे वकीलों ने कहा कि क्योंकि इस सजा के कार्यान्वयन में देरी हो चुकी है क्योंकि अब इससे संविधान के अनुच्छेद 21 का उल्लंघन होता है।टिप्पणियां इसी तरह पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के दोषी तीन लोगों को फांसी की सजा सुनाई गई है जिनका केस अभी सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। पिछले वर्ष तमिलनाडु की विधानसभा ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया था और राष्ट्रपति से अपील की थी कि इन लोगों की फांसी की सजा पर पुनर्विचार किया जाए। इस महीने के आरंभ में संसद हमले के दोषी अफजल गुरु को फांसी दे दी गई थी। पिछले वर्ष नवंबर में मुंबई हमले में शामिल पाकिस्तानी आतंकी अजमल कसाब को फांसी दे दी गई। इन फांसी के विरोध में देश के तमाम मानवाधिकार संगठनों ने अपनी आवाज उठाई है। इन लोगों की दया याचिका राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा पिछले हफ्ते खारिज कर दी गई थी। पिछले नौ सालों से यह याचिका विचाराधीन थी। इन लोगों ने अपील की थी कि इनकी मौत की सजा को बदल दिया जाए। फांसी की सजा का विरोध कर रहे वकीलों ने कहा कि क्योंकि इस सजा के कार्यान्वयन में देरी हो चुकी है क्योंकि अब इससे संविधान के अनुच्छेद 21 का उल्लंघन होता है।टिप्पणियां इसी तरह पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के दोषी तीन लोगों को फांसी की सजा सुनाई गई है जिनका केस अभी सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। पिछले वर्ष तमिलनाडु की विधानसभा ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया था और राष्ट्रपति से अपील की थी कि इन लोगों की फांसी की सजा पर पुनर्विचार किया जाए। इस महीने के आरंभ में संसद हमले के दोषी अफजल गुरु को फांसी दे दी गई थी। पिछले वर्ष नवंबर में मुंबई हमले में शामिल पाकिस्तानी आतंकी अजमल कसाब को फांसी दे दी गई। इन फांसी के विरोध में देश के तमाम मानवाधिकार संगठनों ने अपनी आवाज उठाई है। इसी तरह पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के दोषी तीन लोगों को फांसी की सजा सुनाई गई है जिनका केस अभी सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। पिछले वर्ष तमिलनाडु की विधानसभा ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया था और राष्ट्रपति से अपील की थी कि इन लोगों की फांसी की सजा पर पुनर्विचार किया जाए। इस महीने के आरंभ में संसद हमले के दोषी अफजल गुरु को फांसी दे दी गई थी। पिछले वर्ष नवंबर में मुंबई हमले में शामिल पाकिस्तानी आतंकी अजमल कसाब को फांसी दे दी गई। इन फांसी के विरोध में देश के तमाम मानवाधिकार संगठनों ने अपनी आवाज उठाई है। इस महीने के आरंभ में संसद हमले के दोषी अफजल गुरु को फांसी दे दी गई थी। पिछले वर्ष नवंबर में मुंबई हमले में शामिल पाकिस्तानी आतंकी अजमल कसाब को फांसी दे दी गई। इन फांसी के विरोध में देश के तमाम मानवाधिकार संगठनों ने अपनी आवाज उठाई है।
यहाँ एक सारांश है:डीएमके प्रमुख एम करुणानिधि ने अपील की है कि मौत की सजा के कानून को समाप्त किया जाना चाहिए। करुणानिधि की पार्टी डीएमके केंद्र में यूपीए सरकार को समर्थन दे रही है।
12
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर देश की अलग-अलग जेलों में बंद आठ महिला कैदियों को ‘तिनका तिनका बंदिनी अवार्ड-2017’ दिए गए. वर्ष 2016 में शुरू किए गए इन पुरस्कारों का मकसद जेलों में सृजन और सकारात्मकता को बढ़ावा देना है. छत्तीसगढ़ की बिलासपुर जेल में बंद कमल रेखा पांडे को इस साल का पहला पुरस्कार दिया गया है. पिछले 12 साल से जेल में बंद कमल ने अपने कानूनी ज्ञान के आधार पर जेल की 14 महिलाओं की रिहाई में बड़ी भूमिका निभाई. अपनी बहनों के साथ जेल में बंद कमल रेखा पांडे ने जेल में आकर कानूनी शिक्षा प्राप्त की. अवार्ड जिन महिला कैदियों को अवॉर्ड दिए गए, वे अलग-अलग जुर्म में सजा काट रही हैं. इन महिलाओं में कोई उम्रकैद की सजा काट रही हैं तो किसी को मौत की सजा सुनाई गई है. विदेश मंत्रालय में सचिव ज्ञानेश्वर मुले की ओर से ये अवॉर्ड जारी किए गए. यह अवॉर्ड जानी-मानी जेल सुधार कार्यकर्ता डॉ. वर्तिका नंदा की ओर से संचालित संस्था ‘तिनका तिनका फाउंडेशन’ की ओर से दिए जाते हैं. छत्तीसगढ़ की बिलासपुर जेल में बंद कमला रेखा पांडे आईपीसी की धारा 302 के तहत हत्या के जुर्म में पिछले करीब 12 साल से जेल की सजा काट रही हैं. उनके साथ उनकी बहनें भी जेल में हैं. वह जेल में विधिक प्रकोष्ठ की सदस्य हैं. गुजरात की वड़ोदरा जेल में बंद 26 साल की परवीन बानो नियाज हुसैन मलिक को कैदियों को कंप्यूटर कौशल और सिलाई सिखाने के कारण इस अवॉर्ड के लिए चुना गया. परवीन को जेल में ‘मास्टर ट्रेनर’ के नाम से जाना जाता है. उन्हें दूसरे पुरस्कार के लिए चुना गया. वर्तिका नंदा ने बताया कि इस अवॉर्ड का मकसद कैदियों की जिंदगी में बदलाव लाना और मानवाधिकारों की तरफ ध्यान आकृष्ट करना है. उन्होंने कहा कि इन अवॉर्डों के जरिए जेल में महिला सशक्तिरण की कोशिश की जा रही है. जेल में महिलाओं और बच्चों के मेडिकल सहायक के तौर पर अहम योगदान के लिए अनिता बनर्जी, फमीदा, वंदना जैकब और सरिता को विशेष सेवा के लिए सम्मानित किया गया. जेल में कौशल सृजित करने को लेकर एक ट्रांसजेंडर को भी इस अवॉर्ड के लिए चुना गया. पश्चिम बंगाल की बहरमपुर सेंट्रल जेल में उम्रकैद की सजा काट रहीं 47 साल की अनिता को मेडिकल सहायिका के तौर पर योगदान देने पर इस पुरस्कार के लिए चुना गया. करीब 14 साल की सजा काट चुकीं अनिता भी कैदियों को कानूनी सहायता देती हैं. छत्तीसगढ़ की बिलासपुर जेल में बंद 33 साल की वंदना को नर्स के तौर पर सराहनीय सेवा के लिए इस पुरस्कार के लिए चुना गया. हिंदी साहित्य और समाजशास्त्र में स्नातकोत्तर वंदना अभी समाजशास्त्र में पीएचडी कर रही हैं. जेल में मरीजों के इलाज में भी उन्होंने अहम भूमिका निभाई है. उत्तर प्रदेश के फिरोजबाद की जिला जेल में बंद फमीदा को जेल अस्पताल में प्रशंसनीय सेवाएं देने के कारण इस पुरस्कार के लिए चुना गया. वह 2014 से ही जेल में बंद हैं. लखनऊ के नारी निकेतन में सजा काट रही 32 साल की सरिता को भी नर्स के तौर पर कैदियों की सराहनीय सेवा के लिए इस पुरस्कार के लिए चुना गया. एक किशोरी की मां सरिता अपनी बहन और मां के साथ छह साल से जेल में बंद हैं. बिलासपुर जेल में बंद शकीला नाम की एक ट्रांसजेंडर कैदी को विशेष पुरस्कार से सम्मानित किया गया. जेल में खिलौने बनाने और दूसरे कैदियों को यह हुनर सिखाने के लिए उन्हें इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया. जेल में रहते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना में पंजीकरण कराया और खिलौने बनाने में 80.5 फीसदी अंक प्राप्त किए.टिप्पणियां इंदौर की जिला जेल में बंद 28 साल की नेहा को कैदियों को ‘जरदोजी’ सिखाने और जेल में ही ब्यूटीशियन के तौर पर काम करने के लिए इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया. नेहा को हत्या के जुर्म में मौत की सजा सुनाई गई है. तिनका तिनका जेल सुधार विशेषज्ञ वर्तिका नन्दा की जेलों पर अपनी तरह की पहली श्रृंखला है. राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से स्त्री शक्ति पुरस्कार से सम्मानित वर्तिका की किताब और गाना – 'तिनका तिनका तिहाड़' और 'तिनका तिनका डासना' ने कई कीर्तिमान बनाए. उनकी किताब -तिनका तिनका तिहाड़, लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्डस में शामिल है. वर्तिका नन्दा दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्री राम कालेज में पत्रकारिता विभाग की अध्यक्ष हैं और अपराध बीट की देश की प्रमुख पत्रकारों में रही हैं. अवार्ड जिन महिला कैदियों को अवॉर्ड दिए गए, वे अलग-अलग जुर्म में सजा काट रही हैं. इन महिलाओं में कोई उम्रकैद की सजा काट रही हैं तो किसी को मौत की सजा सुनाई गई है. विदेश मंत्रालय में सचिव ज्ञानेश्वर मुले की ओर से ये अवॉर्ड जारी किए गए. यह अवॉर्ड जानी-मानी जेल सुधार कार्यकर्ता डॉ. वर्तिका नंदा की ओर से संचालित संस्था ‘तिनका तिनका फाउंडेशन’ की ओर से दिए जाते हैं. छत्तीसगढ़ की बिलासपुर जेल में बंद कमला रेखा पांडे आईपीसी की धारा 302 के तहत हत्या के जुर्म में पिछले करीब 12 साल से जेल की सजा काट रही हैं. उनके साथ उनकी बहनें भी जेल में हैं. वह जेल में विधिक प्रकोष्ठ की सदस्य हैं. गुजरात की वड़ोदरा जेल में बंद 26 साल की परवीन बानो नियाज हुसैन मलिक को कैदियों को कंप्यूटर कौशल और सिलाई सिखाने के कारण इस अवॉर्ड के लिए चुना गया. परवीन को जेल में ‘मास्टर ट्रेनर’ के नाम से जाना जाता है. उन्हें दूसरे पुरस्कार के लिए चुना गया. वर्तिका नंदा ने बताया कि इस अवॉर्ड का मकसद कैदियों की जिंदगी में बदलाव लाना और मानवाधिकारों की तरफ ध्यान आकृष्ट करना है. उन्होंने कहा कि इन अवॉर्डों के जरिए जेल में महिला सशक्तिरण की कोशिश की जा रही है. जेल में महिलाओं और बच्चों के मेडिकल सहायक के तौर पर अहम योगदान के लिए अनिता बनर्जी, फमीदा, वंदना जैकब और सरिता को विशेष सेवा के लिए सम्मानित किया गया. जेल में कौशल सृजित करने को लेकर एक ट्रांसजेंडर को भी इस अवॉर्ड के लिए चुना गया. पश्चिम बंगाल की बहरमपुर सेंट्रल जेल में उम्रकैद की सजा काट रहीं 47 साल की अनिता को मेडिकल सहायिका के तौर पर योगदान देने पर इस पुरस्कार के लिए चुना गया. करीब 14 साल की सजा काट चुकीं अनिता भी कैदियों को कानूनी सहायता देती हैं. छत्तीसगढ़ की बिलासपुर जेल में बंद 33 साल की वंदना को नर्स के तौर पर सराहनीय सेवा के लिए इस पुरस्कार के लिए चुना गया. हिंदी साहित्य और समाजशास्त्र में स्नातकोत्तर वंदना अभी समाजशास्त्र में पीएचडी कर रही हैं. जेल में मरीजों के इलाज में भी उन्होंने अहम भूमिका निभाई है. उत्तर प्रदेश के फिरोजबाद की जिला जेल में बंद फमीदा को जेल अस्पताल में प्रशंसनीय सेवाएं देने के कारण इस पुरस्कार के लिए चुना गया. वह 2014 से ही जेल में बंद हैं. लखनऊ के नारी निकेतन में सजा काट रही 32 साल की सरिता को भी नर्स के तौर पर कैदियों की सराहनीय सेवा के लिए इस पुरस्कार के लिए चुना गया. एक किशोरी की मां सरिता अपनी बहन और मां के साथ छह साल से जेल में बंद हैं. बिलासपुर जेल में बंद शकीला नाम की एक ट्रांसजेंडर कैदी को विशेष पुरस्कार से सम्मानित किया गया. जेल में खिलौने बनाने और दूसरे कैदियों को यह हुनर सिखाने के लिए उन्हें इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया. जेल में रहते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना में पंजीकरण कराया और खिलौने बनाने में 80.5 फीसदी अंक प्राप्त किए.टिप्पणियां इंदौर की जिला जेल में बंद 28 साल की नेहा को कैदियों को ‘जरदोजी’ सिखाने और जेल में ही ब्यूटीशियन के तौर पर काम करने के लिए इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया. नेहा को हत्या के जुर्म में मौत की सजा सुनाई गई है. तिनका तिनका जेल सुधार विशेषज्ञ वर्तिका नन्दा की जेलों पर अपनी तरह की पहली श्रृंखला है. राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से स्त्री शक्ति पुरस्कार से सम्मानित वर्तिका की किताब और गाना – 'तिनका तिनका तिहाड़' और 'तिनका तिनका डासना' ने कई कीर्तिमान बनाए. उनकी किताब -तिनका तिनका तिहाड़, लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्डस में शामिल है. वर्तिका नन्दा दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्री राम कालेज में पत्रकारिता विभाग की अध्यक्ष हैं और अपराध बीट की देश की प्रमुख पत्रकारों में रही हैं. छत्तीसगढ़ की बिलासपुर जेल में बंद कमला रेखा पांडे आईपीसी की धारा 302 के तहत हत्या के जुर्म में पिछले करीब 12 साल से जेल की सजा काट रही हैं. उनके साथ उनकी बहनें भी जेल में हैं. वह जेल में विधिक प्रकोष्ठ की सदस्य हैं. गुजरात की वड़ोदरा जेल में बंद 26 साल की परवीन बानो नियाज हुसैन मलिक को कैदियों को कंप्यूटर कौशल और सिलाई सिखाने के कारण इस अवॉर्ड के लिए चुना गया. परवीन को जेल में ‘मास्टर ट्रेनर’ के नाम से जाना जाता है. उन्हें दूसरे पुरस्कार के लिए चुना गया. वर्तिका नंदा ने बताया कि इस अवॉर्ड का मकसद कैदियों की जिंदगी में बदलाव लाना और मानवाधिकारों की तरफ ध्यान आकृष्ट करना है. उन्होंने कहा कि इन अवॉर्डों के जरिए जेल में महिला सशक्तिरण की कोशिश की जा रही है. जेल में महिलाओं और बच्चों के मेडिकल सहायक के तौर पर अहम योगदान के लिए अनिता बनर्जी, फमीदा, वंदना जैकब और सरिता को विशेष सेवा के लिए सम्मानित किया गया. जेल में कौशल सृजित करने को लेकर एक ट्रांसजेंडर को भी इस अवॉर्ड के लिए चुना गया. पश्चिम बंगाल की बहरमपुर सेंट्रल जेल में उम्रकैद की सजा काट रहीं 47 साल की अनिता को मेडिकल सहायिका के तौर पर योगदान देने पर इस पुरस्कार के लिए चुना गया. करीब 14 साल की सजा काट चुकीं अनिता भी कैदियों को कानूनी सहायता देती हैं. छत्तीसगढ़ की बिलासपुर जेल में बंद 33 साल की वंदना को नर्स के तौर पर सराहनीय सेवा के लिए इस पुरस्कार के लिए चुना गया. हिंदी साहित्य और समाजशास्त्र में स्नातकोत्तर वंदना अभी समाजशास्त्र में पीएचडी कर रही हैं. जेल में मरीजों के इलाज में भी उन्होंने अहम भूमिका निभाई है. उत्तर प्रदेश के फिरोजबाद की जिला जेल में बंद फमीदा को जेल अस्पताल में प्रशंसनीय सेवाएं देने के कारण इस पुरस्कार के लिए चुना गया. वह 2014 से ही जेल में बंद हैं. लखनऊ के नारी निकेतन में सजा काट रही 32 साल की सरिता को भी नर्स के तौर पर कैदियों की सराहनीय सेवा के लिए इस पुरस्कार के लिए चुना गया. एक किशोरी की मां सरिता अपनी बहन और मां के साथ छह साल से जेल में बंद हैं. बिलासपुर जेल में बंद शकीला नाम की एक ट्रांसजेंडर कैदी को विशेष पुरस्कार से सम्मानित किया गया. जेल में खिलौने बनाने और दूसरे कैदियों को यह हुनर सिखाने के लिए उन्हें इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया. जेल में रहते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना में पंजीकरण कराया और खिलौने बनाने में 80.5 फीसदी अंक प्राप्त किए.टिप्पणियां इंदौर की जिला जेल में बंद 28 साल की नेहा को कैदियों को ‘जरदोजी’ सिखाने और जेल में ही ब्यूटीशियन के तौर पर काम करने के लिए इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया. नेहा को हत्या के जुर्म में मौत की सजा सुनाई गई है. तिनका तिनका जेल सुधार विशेषज्ञ वर्तिका नन्दा की जेलों पर अपनी तरह की पहली श्रृंखला है. राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से स्त्री शक्ति पुरस्कार से सम्मानित वर्तिका की किताब और गाना – 'तिनका तिनका तिहाड़' और 'तिनका तिनका डासना' ने कई कीर्तिमान बनाए. उनकी किताब -तिनका तिनका तिहाड़, लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्डस में शामिल है. वर्तिका नन्दा दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्री राम कालेज में पत्रकारिता विभाग की अध्यक्ष हैं और अपराध बीट की देश की प्रमुख पत्रकारों में रही हैं. वर्तिका नंदा ने बताया कि इस अवॉर्ड का मकसद कैदियों की जिंदगी में बदलाव लाना और मानवाधिकारों की तरफ ध्यान आकृष्ट करना है. उन्होंने कहा कि इन अवॉर्डों के जरिए जेल में महिला सशक्तिरण की कोशिश की जा रही है. जेल में महिलाओं और बच्चों के मेडिकल सहायक के तौर पर अहम योगदान के लिए अनिता बनर्जी, फमीदा, वंदना जैकब और सरिता को विशेष सेवा के लिए सम्मानित किया गया. जेल में कौशल सृजित करने को लेकर एक ट्रांसजेंडर को भी इस अवॉर्ड के लिए चुना गया. पश्चिम बंगाल की बहरमपुर सेंट्रल जेल में उम्रकैद की सजा काट रहीं 47 साल की अनिता को मेडिकल सहायिका के तौर पर योगदान देने पर इस पुरस्कार के लिए चुना गया. करीब 14 साल की सजा काट चुकीं अनिता भी कैदियों को कानूनी सहायता देती हैं. छत्तीसगढ़ की बिलासपुर जेल में बंद 33 साल की वंदना को नर्स के तौर पर सराहनीय सेवा के लिए इस पुरस्कार के लिए चुना गया. हिंदी साहित्य और समाजशास्त्र में स्नातकोत्तर वंदना अभी समाजशास्त्र में पीएचडी कर रही हैं. जेल में मरीजों के इलाज में भी उन्होंने अहम भूमिका निभाई है. उत्तर प्रदेश के फिरोजबाद की जिला जेल में बंद फमीदा को जेल अस्पताल में प्रशंसनीय सेवाएं देने के कारण इस पुरस्कार के लिए चुना गया. वह 2014 से ही जेल में बंद हैं. लखनऊ के नारी निकेतन में सजा काट रही 32 साल की सरिता को भी नर्स के तौर पर कैदियों की सराहनीय सेवा के लिए इस पुरस्कार के लिए चुना गया. एक किशोरी की मां सरिता अपनी बहन और मां के साथ छह साल से जेल में बंद हैं. बिलासपुर जेल में बंद शकीला नाम की एक ट्रांसजेंडर कैदी को विशेष पुरस्कार से सम्मानित किया गया. जेल में खिलौने बनाने और दूसरे कैदियों को यह हुनर सिखाने के लिए उन्हें इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया. जेल में रहते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना में पंजीकरण कराया और खिलौने बनाने में 80.5 फीसदी अंक प्राप्त किए.टिप्पणियां इंदौर की जिला जेल में बंद 28 साल की नेहा को कैदियों को ‘जरदोजी’ सिखाने और जेल में ही ब्यूटीशियन के तौर पर काम करने के लिए इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया. नेहा को हत्या के जुर्म में मौत की सजा सुनाई गई है. तिनका तिनका जेल सुधार विशेषज्ञ वर्तिका नन्दा की जेलों पर अपनी तरह की पहली श्रृंखला है. राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से स्त्री शक्ति पुरस्कार से सम्मानित वर्तिका की किताब और गाना – 'तिनका तिनका तिहाड़' और 'तिनका तिनका डासना' ने कई कीर्तिमान बनाए. उनकी किताब -तिनका तिनका तिहाड़, लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्डस में शामिल है. वर्तिका नन्दा दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्री राम कालेज में पत्रकारिता विभाग की अध्यक्ष हैं और अपराध बीट की देश की प्रमुख पत्रकारों में रही हैं. जेल में महिलाओं और बच्चों के मेडिकल सहायक के तौर पर अहम योगदान के लिए अनिता बनर्जी, फमीदा, वंदना जैकब और सरिता को विशेष सेवा के लिए सम्मानित किया गया. जेल में कौशल सृजित करने को लेकर एक ट्रांसजेंडर को भी इस अवॉर्ड के लिए चुना गया. पश्चिम बंगाल की बहरमपुर सेंट्रल जेल में उम्रकैद की सजा काट रहीं 47 साल की अनिता को मेडिकल सहायिका के तौर पर योगदान देने पर इस पुरस्कार के लिए चुना गया. करीब 14 साल की सजा काट चुकीं अनिता भी कैदियों को कानूनी सहायता देती हैं. छत्तीसगढ़ की बिलासपुर जेल में बंद 33 साल की वंदना को नर्स के तौर पर सराहनीय सेवा के लिए इस पुरस्कार के लिए चुना गया. हिंदी साहित्य और समाजशास्त्र में स्नातकोत्तर वंदना अभी समाजशास्त्र में पीएचडी कर रही हैं. जेल में मरीजों के इलाज में भी उन्होंने अहम भूमिका निभाई है. उत्तर प्रदेश के फिरोजबाद की जिला जेल में बंद फमीदा को जेल अस्पताल में प्रशंसनीय सेवाएं देने के कारण इस पुरस्कार के लिए चुना गया. वह 2014 से ही जेल में बंद हैं. लखनऊ के नारी निकेतन में सजा काट रही 32 साल की सरिता को भी नर्स के तौर पर कैदियों की सराहनीय सेवा के लिए इस पुरस्कार के लिए चुना गया. एक किशोरी की मां सरिता अपनी बहन और मां के साथ छह साल से जेल में बंद हैं. बिलासपुर जेल में बंद शकीला नाम की एक ट्रांसजेंडर कैदी को विशेष पुरस्कार से सम्मानित किया गया. जेल में खिलौने बनाने और दूसरे कैदियों को यह हुनर सिखाने के लिए उन्हें इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया. जेल में रहते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना में पंजीकरण कराया और खिलौने बनाने में 80.5 फीसदी अंक प्राप्त किए.टिप्पणियां इंदौर की जिला जेल में बंद 28 साल की नेहा को कैदियों को ‘जरदोजी’ सिखाने और जेल में ही ब्यूटीशियन के तौर पर काम करने के लिए इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया. नेहा को हत्या के जुर्म में मौत की सजा सुनाई गई है. तिनका तिनका जेल सुधार विशेषज्ञ वर्तिका नन्दा की जेलों पर अपनी तरह की पहली श्रृंखला है. राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से स्त्री शक्ति पुरस्कार से सम्मानित वर्तिका की किताब और गाना – 'तिनका तिनका तिहाड़' और 'तिनका तिनका डासना' ने कई कीर्तिमान बनाए. उनकी किताब -तिनका तिनका तिहाड़, लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्डस में शामिल है. वर्तिका नन्दा दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्री राम कालेज में पत्रकारिता विभाग की अध्यक्ष हैं और अपराध बीट की देश की प्रमुख पत्रकारों में रही हैं. पश्चिम बंगाल की बहरमपुर सेंट्रल जेल में उम्रकैद की सजा काट रहीं 47 साल की अनिता को मेडिकल सहायिका के तौर पर योगदान देने पर इस पुरस्कार के लिए चुना गया. करीब 14 साल की सजा काट चुकीं अनिता भी कैदियों को कानूनी सहायता देती हैं. छत्तीसगढ़ की बिलासपुर जेल में बंद 33 साल की वंदना को नर्स के तौर पर सराहनीय सेवा के लिए इस पुरस्कार के लिए चुना गया. हिंदी साहित्य और समाजशास्त्र में स्नातकोत्तर वंदना अभी समाजशास्त्र में पीएचडी कर रही हैं. जेल में मरीजों के इलाज में भी उन्होंने अहम भूमिका निभाई है. उत्तर प्रदेश के फिरोजबाद की जिला जेल में बंद फमीदा को जेल अस्पताल में प्रशंसनीय सेवाएं देने के कारण इस पुरस्कार के लिए चुना गया. वह 2014 से ही जेल में बंद हैं. लखनऊ के नारी निकेतन में सजा काट रही 32 साल की सरिता को भी नर्स के तौर पर कैदियों की सराहनीय सेवा के लिए इस पुरस्कार के लिए चुना गया. एक किशोरी की मां सरिता अपनी बहन और मां के साथ छह साल से जेल में बंद हैं. बिलासपुर जेल में बंद शकीला नाम की एक ट्रांसजेंडर कैदी को विशेष पुरस्कार से सम्मानित किया गया. जेल में खिलौने बनाने और दूसरे कैदियों को यह हुनर सिखाने के लिए उन्हें इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया. जेल में रहते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना में पंजीकरण कराया और खिलौने बनाने में 80.5 फीसदी अंक प्राप्त किए.टिप्पणियां इंदौर की जिला जेल में बंद 28 साल की नेहा को कैदियों को ‘जरदोजी’ सिखाने और जेल में ही ब्यूटीशियन के तौर पर काम करने के लिए इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया. नेहा को हत्या के जुर्म में मौत की सजा सुनाई गई है. तिनका तिनका जेल सुधार विशेषज्ञ वर्तिका नन्दा की जेलों पर अपनी तरह की पहली श्रृंखला है. राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से स्त्री शक्ति पुरस्कार से सम्मानित वर्तिका की किताब और गाना – 'तिनका तिनका तिहाड़' और 'तिनका तिनका डासना' ने कई कीर्तिमान बनाए. उनकी किताब -तिनका तिनका तिहाड़, लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्डस में शामिल है. वर्तिका नन्दा दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्री राम कालेज में पत्रकारिता विभाग की अध्यक्ष हैं और अपराध बीट की देश की प्रमुख पत्रकारों में रही हैं. उत्तर प्रदेश के फिरोजबाद की जिला जेल में बंद फमीदा को जेल अस्पताल में प्रशंसनीय सेवाएं देने के कारण इस पुरस्कार के लिए चुना गया. वह 2014 से ही जेल में बंद हैं. लखनऊ के नारी निकेतन में सजा काट रही 32 साल की सरिता को भी नर्स के तौर पर कैदियों की सराहनीय सेवा के लिए इस पुरस्कार के लिए चुना गया. एक किशोरी की मां सरिता अपनी बहन और मां के साथ छह साल से जेल में बंद हैं. बिलासपुर जेल में बंद शकीला नाम की एक ट्रांसजेंडर कैदी को विशेष पुरस्कार से सम्मानित किया गया. जेल में खिलौने बनाने और दूसरे कैदियों को यह हुनर सिखाने के लिए उन्हें इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया. जेल में रहते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना में पंजीकरण कराया और खिलौने बनाने में 80.5 फीसदी अंक प्राप्त किए.टिप्पणियां इंदौर की जिला जेल में बंद 28 साल की नेहा को कैदियों को ‘जरदोजी’ सिखाने और जेल में ही ब्यूटीशियन के तौर पर काम करने के लिए इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया. नेहा को हत्या के जुर्म में मौत की सजा सुनाई गई है. तिनका तिनका जेल सुधार विशेषज्ञ वर्तिका नन्दा की जेलों पर अपनी तरह की पहली श्रृंखला है. राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से स्त्री शक्ति पुरस्कार से सम्मानित वर्तिका की किताब और गाना – 'तिनका तिनका तिहाड़' और 'तिनका तिनका डासना' ने कई कीर्तिमान बनाए. उनकी किताब -तिनका तिनका तिहाड़, लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्डस में शामिल है. वर्तिका नन्दा दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्री राम कालेज में पत्रकारिता विभाग की अध्यक्ष हैं और अपराध बीट की देश की प्रमुख पत्रकारों में रही हैं. बिलासपुर जेल में बंद शकीला नाम की एक ट्रांसजेंडर कैदी को विशेष पुरस्कार से सम्मानित किया गया. जेल में खिलौने बनाने और दूसरे कैदियों को यह हुनर सिखाने के लिए उन्हें इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया. जेल में रहते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना में पंजीकरण कराया और खिलौने बनाने में 80.5 फीसदी अंक प्राप्त किए.टिप्पणियां इंदौर की जिला जेल में बंद 28 साल की नेहा को कैदियों को ‘जरदोजी’ सिखाने और जेल में ही ब्यूटीशियन के तौर पर काम करने के लिए इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया. नेहा को हत्या के जुर्म में मौत की सजा सुनाई गई है. तिनका तिनका जेल सुधार विशेषज्ञ वर्तिका नन्दा की जेलों पर अपनी तरह की पहली श्रृंखला है. राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से स्त्री शक्ति पुरस्कार से सम्मानित वर्तिका की किताब और गाना – 'तिनका तिनका तिहाड़' और 'तिनका तिनका डासना' ने कई कीर्तिमान बनाए. उनकी किताब -तिनका तिनका तिहाड़, लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्डस में शामिल है. वर्तिका नन्दा दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्री राम कालेज में पत्रकारिता विभाग की अध्यक्ष हैं और अपराध बीट की देश की प्रमुख पत्रकारों में रही हैं. इंदौर की जिला जेल में बंद 28 साल की नेहा को कैदियों को ‘जरदोजी’ सिखाने और जेल में ही ब्यूटीशियन के तौर पर काम करने के लिए इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया. नेहा को हत्या के जुर्म में मौत की सजा सुनाई गई है. तिनका तिनका जेल सुधार विशेषज्ञ वर्तिका नन्दा की जेलों पर अपनी तरह की पहली श्रृंखला है. राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से स्त्री शक्ति पुरस्कार से सम्मानित वर्तिका की किताब और गाना – 'तिनका तिनका तिहाड़' और 'तिनका तिनका डासना' ने कई कीर्तिमान बनाए. उनकी किताब -तिनका तिनका तिहाड़, लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्डस में शामिल है. वर्तिका नन्दा दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्री राम कालेज में पत्रकारिता विभाग की अध्यक्ष हैं और अपराध बीट की देश की प्रमुख पत्रकारों में रही हैं. तिनका तिनका जेल सुधार विशेषज्ञ वर्तिका नन्दा की जेलों पर अपनी तरह की पहली श्रृंखला है. राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से स्त्री शक्ति पुरस्कार से सम्मानित वर्तिका की किताब और गाना – 'तिनका तिनका तिहाड़' और 'तिनका तिनका डासना' ने कई कीर्तिमान बनाए. उनकी किताब -तिनका तिनका तिहाड़, लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्डस में शामिल है. वर्तिका नन्दा दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्री राम कालेज में पत्रकारिता विभाग की अध्यक्ष हैं और अपराध बीट की देश की प्रमुख पत्रकारों में रही हैं.
चुनी गईं आठ महिला कैदियों को तिनका तिनका बंदिनी अवार्ड छत्तीसगढ़ की कमल रेखा पांडे को पहला पुरस्कार मौत की सजा पा चुकी नेहा और एक ट्रांसजेंडर भी सम्मानित
6
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह ने चेताया है कि जम्मू कश्मीर से अफस्पा को आंशिक रूप से हटाने से आतंकवादियों के ‘शरणस्थल’ तैयार हो जाएंगे। सिंह ने कहा कि विवादित कानून को कमजोर करना राष्ट्रीय हित के लिए ‘नुकसानदेह’ होगा। ‘सैनिक समाचार’ के आगामी अंक को दिये साक्षात्कार में सेना प्रमुख ने कहा कि केवल एक शांतिपूर्ण मौसम का मतलब सब कुछ सामान्य होना नहीं होता है..अफस्पा को किसी तरह से कमजोर करना राष्ट्रीय हित के लिए नुकसानदेह होगा। उन्होंने कहा कि सेना कश्मीर के कुछ हिस्सों में सैन्य कार्रवाई नहीं करती है लेकिन अगर अफस्पा हटाया जाता है तो सेना को स्थिति बिगड़ने पर कार्रवाई करने की कानूनी सुरक्षा नहीं होगी। सेना प्रमुख से पूछा गया था कि सेना राज्य से अफस्पा को आंशिक रूप से हटाने का विरोध क्यों कर रही है। उन्होंने कहा कि अफस्पा के आंशिक रूप से हटने से आतंकवादियों के लिए सुरक्षित ठिकाने और शरणस्थल पैदा हो जाएंगे। जनरल सिंह ने कहा कि राज्य में हिंसा का स्तर कम हुआ है लेकिन पाक अधिकृत कश्मीर में आतंकी ढांचा अब भी मौजूद है।
संक्षिप्त पाठ: जनरल वीके सिंह ने चेताया है कि जम्मू कश्मीर से अफस्पा को आंशिक रूप से हटाने से आतंकवादियों के ‘शरणस्थल’ तैयार हो जाएंगे।
27
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: बीएसई सेंसेक्स में 10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में से 8 का कुल बाजार पूंजीकरण पिछले सप्ताह 85,929 करोड़ रुपये बढ़ा, जिसमें बड़ा हिस्सा रिलायंस इंडस्ट्रीज तथा ओएनजीसी का है। बाजार पूंजीकरण के लिहाज से अगुवा कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज का बाजार पूंजीकरण शुक्रवार तक 20,496 करोड़ रुपये बढ़कर 2,94,025 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह, ओएनजीसी का बाजार पूंजीकरण 16,427 करोड़ रुपये बढ़कर 2,43,489 करोड़ रुपये हो गया। आलोच्य सप्ताह में बीएसई का सेंसेक्स छह प्रतिशत मजबूत हुआ। देश की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर सेवा निर्यातक टीसीएस का बाजार पूंजीकरण आलोच्य सप्ताह में 13,975 करोड़ रुपये बढ़कर 2,19,140 करोड़ रुपये तथा दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी इन्फोसिस का बाजार पूंजीकरण 7,863 करोड़ रुपये बढ़कर 1,64,201 करोड़ रु हो गया। इसी तरह कोल इंडिया का बाजार पूंजीकरण 5,811 करोड़ रुपये बढ़कर 2,13,524 करोड़ रुपये, एफएमसीजी कंपनी आईटीसी का बाजार पूंजीकरण 8,939 करोड़ रुपये बढ़कर 1,67,236 करोड़ रुपये, दूरसंचार कंपनी भारती एयरटेल का बाजार पूंजीकरण 4,709 करोड़ रुपये बढ़कर 1,48,217 करोड़ रु हो गया। बिजली कंपनी एनटीपीसी का बाजार पूंजीकरण इस दौरान 7,709 करोड़ रुपये बढ़कर 1,47,263 करोड़ रु हो गया। इसके विपरीत आलोच्य सप्ताह में एसबीआई तथा एचडीएफसी बैंक के बाजार पूंजीकरण में गिरावट देखने को मिली। एसबीआई का बाजार पूंजीकरण आलोच्य सप्ताह में 2,641 करोड़ रुपये घटकर 1,21,094 करोड़ रु, एचडीएफसी बैंक का बाजार पूंजीकरण 888 करोड़ रु घटकर 1,12,687 करोड़ रुपये रहा। बाजार पूंजीकरण के लिहाज से रिलायंस इंडस्ट्रीज देश में पहले नंबर पर बनी हुई है, जबकि ओएनजीसी दूसरे नंबर पर है। इसके अलावा टीसीएस तीसरे, कोल इंडिया चौथे स्थान पर है। इसके बाद क्रमश: आईटीसी, इन्फोसिस, भारती, एनटीपीसी, एसबीआई तथा एचडीएफसी का नंबर है। आलोच्य सप्ताह में बीएसई का 30 शेयर आधारित सेंसेक्स छह प्रतिशत मजबूती के साथ 17,804.80 पर बंद हुआ।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: बीएसई सेंसेक्स में 10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में से 8 का कुल बाजार पूंजीकरण पिछले सप्ताह 85,929 करोड़ रुपये बढ़ा।
25
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हैदराबाद केंद्रीय यूनिवर्सिटी के छात्र रोहित वेमुला की आत्महत्या के बजाय उसकी 'जाति' की जांच कराना 'दुखद' है. आप प्रमुख ने कहा कि रूपनवल आयोग की पड़ताल के उलट लोग इस बात को लेकर ''आश्वस्त'' हैं कि भाजपा ''दलित विरोधी'' है और ''मोदी का मानना है कि दलित और पिछड़े वर्ग के लोग राष्ट्रवादी नहीं हैं.'' केजरीवाल ने ट्विटर पर लिखा,''मोदी जी आयोग की रिपोर्ट कुछ भी हो, लोग मान चुके हैं कि भाजपा दलित विरोधी है. दुखद है कि आत्महत्या की बजाए आप उसकी जाति की जांच करा रहे हैं. प्रधानमंत्री के अनुसार सभी दलित और पिछड़े राष्ट्रवादी नहीं हैं.''टिप्पणियां आप, भाजपा को निशाने पर लेती रही है और गुजरात सहित अलग-अलग राज्यों में हाल में दलितों पर हुए हमले को लेकर उसे घेरने की कोशिश कर रही है. उसकी पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले दलितों के लिए एक अलग घोषणापत्र जारी करने की भी योजना है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) आप प्रमुख ने कहा कि रूपनवल आयोग की पड़ताल के उलट लोग इस बात को लेकर ''आश्वस्त'' हैं कि भाजपा ''दलित विरोधी'' है और ''मोदी का मानना है कि दलित और पिछड़े वर्ग के लोग राष्ट्रवादी नहीं हैं.'' केजरीवाल ने ट्विटर पर लिखा,''मोदी जी आयोग की रिपोर्ट कुछ भी हो, लोग मान चुके हैं कि भाजपा दलित विरोधी है. दुखद है कि आत्महत्या की बजाए आप उसकी जाति की जांच करा रहे हैं. प्रधानमंत्री के अनुसार सभी दलित और पिछड़े राष्ट्रवादी नहीं हैं.''टिप्पणियां आप, भाजपा को निशाने पर लेती रही है और गुजरात सहित अलग-अलग राज्यों में हाल में दलितों पर हुए हमले को लेकर उसे घेरने की कोशिश कर रही है. उसकी पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले दलितों के लिए एक अलग घोषणापत्र जारी करने की भी योजना है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) केजरीवाल ने ट्विटर पर लिखा,''मोदी जी आयोग की रिपोर्ट कुछ भी हो, लोग मान चुके हैं कि भाजपा दलित विरोधी है. दुखद है कि आत्महत्या की बजाए आप उसकी जाति की जांच करा रहे हैं. प्रधानमंत्री के अनुसार सभी दलित और पिछड़े राष्ट्रवादी नहीं हैं.''टिप्पणियां आप, भाजपा को निशाने पर लेती रही है और गुजरात सहित अलग-अलग राज्यों में हाल में दलितों पर हुए हमले को लेकर उसे घेरने की कोशिश कर रही है. उसकी पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले दलितों के लिए एक अलग घोषणापत्र जारी करने की भी योजना है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) आप, भाजपा को निशाने पर लेती रही है और गुजरात सहित अलग-अलग राज्यों में हाल में दलितों पर हुए हमले को लेकर उसे घेरने की कोशिश कर रही है. उसकी पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले दलितों के लिए एक अलग घोषणापत्र जारी करने की भी योजना है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
हैदराबाद यूनिवर्सिटी के छात्र रोहित वेमुला ने खुदकुशी कर ली थी उसकी जाति का मसला सुर्खियों में रहा सरकार ने जांच के लिए रूपनवल आयोग की पड़ताल की
34
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पाकिस्तान ने दावा किया है कि भारत ‘गुप्त परमाणु शहर’ का निर्माण कर रहा है और उसने परमाणु हथियरों का जखीरा एकत्र कर लिया है जो क्षेत्र के सामरिक संतुलन को कमजोर करने का खतरा पैदा करता है. भारत ने पाकिस्‍तान के इस आरोप को उसकी कोरी कल्‍पना करार दिया है और कहा है कि आतंकवाद को समर्थन देने के अपने रिकॉर्ड की तरफ से ध्‍यान हटाने के लिए वह ऐसे आरोप लगा रहा है. विदेश विभाग के प्रवक्ता नफीस जकरिया ने संवाददाताओं से बातचीत के दौरान ‘भारतीय रक्षा निर्माण’ को लेकर चिंता जताई. उन्होंने कहा, ‘भारत गुप्त परमाणु शहर का निर्माण कर रहा है. उसने परमाणु हथियारों का जखीरा एकत्र कर लिया है जो क्षेत्र में सामरिक संतुलन को कमजोर करने का खतरा पैदा करता है.’ जकरिया ने यह भी आरोप लगाया कि भारत अंतर-महाद्वीपीय मिसाइलों को लेकर परीक्षण करता रहा है जो ‘क्षेत्र में सामरिक संतुलन को बिगाड़ेंगी.’ उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक खतरनाक हथियार रखने के लिए चल रहे ‘भारतीय अभियान’ पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय को संज्ञान लेना चाहिए और उसके पारंपरिक और गैर पारंपरिक हथियारों के ‘तेजी से विस्तार’ पर अंकुश लगाना चाहिए. पाकिस्तान को अलग-थलग करने के प्रयासों में भारत के ‘बेनकाब’ होने का दावा करते हुए प्रवक्ता ने कहा कि भारत सरकार को पाकिस्तान की ओर से शांति के लिए उठाए कदमों की तरह कदम उठाने चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया, ‘बातचीत के जरिए मुद्दों को शांतिपूर्ण ढंग से हल करने की बजाय, भारत ने शत्रुतापूर्ण रवैया अपनाया है.’ जकरिया ने आरोप लगाया कि भारत नियंत्रण रेखा पर संघर्ष विराम का बार बार उल्लंघन कर रहा है और पाकिस्तान में आतंकी गतिविधियों के लिए धन मुहैया करा रहा है. भारत ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पाकिस्तान के इन दावों को कपोल कल्पना करार दिया. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा, ‘ये बिल्कुल निराधार आरोप हैं. यह कथित गुप्त शहर लगता है पाकिस्तान की कपोल कल्पना है. भारत हमेशा अपने अंतरराष्ट्रीय दायित्वों का पालन करता रहा है.’ उन्होंने कहा, ‘भारत का बेहद अलग परिचय है. इसलिए, यह साफ तौर पर समझ-बूझ के अभाव को दर्शाता है. साथ ही, इस बात में तनिक भी संदेह नहीं है कि यह पाकिस्तान द्वारा ध्यान भटकाने का हथकंडा है, जिसका लक्ष्य पाक प्रायोजित आतंकवाद और आतंकवादियों को उसके पनाह देने के असली मुद्दे से ध्यान भटकाना है.’टिप्पणियां पाकिस्तान के योजना एवं विकास मंत्री अहसान इकबाल के पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के बाद भारत के साथ शांति वार्ता के बारे में दिए गए बयान के संबंध में पूछे जाने पर स्वरूप ने कहा कि भारत में राज्यों के चुनाव नहीं, बल्कि पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित आतंकवाद शांतिपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता की राह में आड़े आ रहा है. स्वरूप ने कहा, ‘यह सही समय है कि पाकिस्तान समस्या का सही निदान करे. वह द्विपक्षीय संबंधों पर सीमा पार आतंकवाद के प्रभाव का खंडन नहीं करता रहे. समस्या और उसका समाधान दोनों पाकिस्तान की पहुंच के भीतर है.’(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) जकरिया ने यह भी आरोप लगाया कि भारत अंतर-महाद्वीपीय मिसाइलों को लेकर परीक्षण करता रहा है जो ‘क्षेत्र में सामरिक संतुलन को बिगाड़ेंगी.’ उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक खतरनाक हथियार रखने के लिए चल रहे ‘भारतीय अभियान’ पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय को संज्ञान लेना चाहिए और उसके पारंपरिक और गैर पारंपरिक हथियारों के ‘तेजी से विस्तार’ पर अंकुश लगाना चाहिए. पाकिस्तान को अलग-थलग करने के प्रयासों में भारत के ‘बेनकाब’ होने का दावा करते हुए प्रवक्ता ने कहा कि भारत सरकार को पाकिस्तान की ओर से शांति के लिए उठाए कदमों की तरह कदम उठाने चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया, ‘बातचीत के जरिए मुद्दों को शांतिपूर्ण ढंग से हल करने की बजाय, भारत ने शत्रुतापूर्ण रवैया अपनाया है.’ जकरिया ने आरोप लगाया कि भारत नियंत्रण रेखा पर संघर्ष विराम का बार बार उल्लंघन कर रहा है और पाकिस्तान में आतंकी गतिविधियों के लिए धन मुहैया करा रहा है. भारत ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पाकिस्तान के इन दावों को कपोल कल्पना करार दिया. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा, ‘ये बिल्कुल निराधार आरोप हैं. यह कथित गुप्त शहर लगता है पाकिस्तान की कपोल कल्पना है. भारत हमेशा अपने अंतरराष्ट्रीय दायित्वों का पालन करता रहा है.’ उन्होंने कहा, ‘भारत का बेहद अलग परिचय है. इसलिए, यह साफ तौर पर समझ-बूझ के अभाव को दर्शाता है. साथ ही, इस बात में तनिक भी संदेह नहीं है कि यह पाकिस्तान द्वारा ध्यान भटकाने का हथकंडा है, जिसका लक्ष्य पाक प्रायोजित आतंकवाद और आतंकवादियों को उसके पनाह देने के असली मुद्दे से ध्यान भटकाना है.’टिप्पणियां पाकिस्तान के योजना एवं विकास मंत्री अहसान इकबाल के पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के बाद भारत के साथ शांति वार्ता के बारे में दिए गए बयान के संबंध में पूछे जाने पर स्वरूप ने कहा कि भारत में राज्यों के चुनाव नहीं, बल्कि पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित आतंकवाद शांतिपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता की राह में आड़े आ रहा है. स्वरूप ने कहा, ‘यह सही समय है कि पाकिस्तान समस्या का सही निदान करे. वह द्विपक्षीय संबंधों पर सीमा पार आतंकवाद के प्रभाव का खंडन नहीं करता रहे. समस्या और उसका समाधान दोनों पाकिस्तान की पहुंच के भीतर है.’(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पाकिस्तान को अलग-थलग करने के प्रयासों में भारत के ‘बेनकाब’ होने का दावा करते हुए प्रवक्ता ने कहा कि भारत सरकार को पाकिस्तान की ओर से शांति के लिए उठाए कदमों की तरह कदम उठाने चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया, ‘बातचीत के जरिए मुद्दों को शांतिपूर्ण ढंग से हल करने की बजाय, भारत ने शत्रुतापूर्ण रवैया अपनाया है.’ जकरिया ने आरोप लगाया कि भारत नियंत्रण रेखा पर संघर्ष विराम का बार बार उल्लंघन कर रहा है और पाकिस्तान में आतंकी गतिविधियों के लिए धन मुहैया करा रहा है. भारत ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पाकिस्तान के इन दावों को कपोल कल्पना करार दिया. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा, ‘ये बिल्कुल निराधार आरोप हैं. यह कथित गुप्त शहर लगता है पाकिस्तान की कपोल कल्पना है. भारत हमेशा अपने अंतरराष्ट्रीय दायित्वों का पालन करता रहा है.’ उन्होंने कहा, ‘भारत का बेहद अलग परिचय है. इसलिए, यह साफ तौर पर समझ-बूझ के अभाव को दर्शाता है. साथ ही, इस बात में तनिक भी संदेह नहीं है कि यह पाकिस्तान द्वारा ध्यान भटकाने का हथकंडा है, जिसका लक्ष्य पाक प्रायोजित आतंकवाद और आतंकवादियों को उसके पनाह देने के असली मुद्दे से ध्यान भटकाना है.’टिप्पणियां पाकिस्तान के योजना एवं विकास मंत्री अहसान इकबाल के पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के बाद भारत के साथ शांति वार्ता के बारे में दिए गए बयान के संबंध में पूछे जाने पर स्वरूप ने कहा कि भारत में राज्यों के चुनाव नहीं, बल्कि पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित आतंकवाद शांतिपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता की राह में आड़े आ रहा है. स्वरूप ने कहा, ‘यह सही समय है कि पाकिस्तान समस्या का सही निदान करे. वह द्विपक्षीय संबंधों पर सीमा पार आतंकवाद के प्रभाव का खंडन नहीं करता रहे. समस्या और उसका समाधान दोनों पाकिस्तान की पहुंच के भीतर है.’(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) भारत ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पाकिस्तान के इन दावों को कपोल कल्पना करार दिया. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा, ‘ये बिल्कुल निराधार आरोप हैं. यह कथित गुप्त शहर लगता है पाकिस्तान की कपोल कल्पना है. भारत हमेशा अपने अंतरराष्ट्रीय दायित्वों का पालन करता रहा है.’ उन्होंने कहा, ‘भारत का बेहद अलग परिचय है. इसलिए, यह साफ तौर पर समझ-बूझ के अभाव को दर्शाता है. साथ ही, इस बात में तनिक भी संदेह नहीं है कि यह पाकिस्तान द्वारा ध्यान भटकाने का हथकंडा है, जिसका लक्ष्य पाक प्रायोजित आतंकवाद और आतंकवादियों को उसके पनाह देने के असली मुद्दे से ध्यान भटकाना है.’टिप्पणियां पाकिस्तान के योजना एवं विकास मंत्री अहसान इकबाल के पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के बाद भारत के साथ शांति वार्ता के बारे में दिए गए बयान के संबंध में पूछे जाने पर स्वरूप ने कहा कि भारत में राज्यों के चुनाव नहीं, बल्कि पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित आतंकवाद शांतिपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता की राह में आड़े आ रहा है. स्वरूप ने कहा, ‘यह सही समय है कि पाकिस्तान समस्या का सही निदान करे. वह द्विपक्षीय संबंधों पर सीमा पार आतंकवाद के प्रभाव का खंडन नहीं करता रहे. समस्या और उसका समाधान दोनों पाकिस्तान की पहुंच के भीतर है.’(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पाकिस्तान के योजना एवं विकास मंत्री अहसान इकबाल के पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के बाद भारत के साथ शांति वार्ता के बारे में दिए गए बयान के संबंध में पूछे जाने पर स्वरूप ने कहा कि भारत में राज्यों के चुनाव नहीं, बल्कि पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित आतंकवाद शांतिपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता की राह में आड़े आ रहा है. स्वरूप ने कहा, ‘यह सही समय है कि पाकिस्तान समस्या का सही निदान करे. वह द्विपक्षीय संबंधों पर सीमा पार आतंकवाद के प्रभाव का खंडन नहीं करता रहे. समस्या और उसका समाधान दोनों पाकिस्तान की पहुंच के भीतर है.’(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
‘भारतीय अभियान’ पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय को संज्ञान लेना चाहिए पाकिस्तान में आतंकी गतिविधियों के लिए धन मुहैया करा रहा है भारत भारत के हथियारों के ‘तेजी से विस्तार’ पर अंकुश लगाया जाना चाहिए
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: मशहूर एक्टर और कवि पीयूष मिश्रा (Piyush Mishra) का मानना है कि आज की पीढ़ी जीवन में तालमेल बैठाने के लिए तैयार नहीं है, जिससे टूटी हुई शादियों की संख्या बढ़ रही है. उन्होंने कहा, "आज की पीढ़ी तालमेल बैठाने के लिए तैयार नहीं है. उन्हें लगता है कि शादी सिर्फ एक सामान्य बात है. लेकिन शादी पूरी तरह से सामंजस्य पर आधारित है. शादी एक-दूसरे के लिए समझौता करने और एक-दूसरे के साथ बसने के बारे में है. आजकल शादी को महज प्रेम-प्रसंग के तौर पर माना जाता है, जहां शादी करना और तलाक लेना सभी के लिए आसान है. लेकिन एक शादी में यह समायोजित करना महत्वपूर्ण है कि आप एक-दूसरे से सहमत हैं या नहीं." पीयूष मिश्रा (Piyush Mishra) की नवीनतम लघु फिल्म 'कतरन' एक जोड़े के बिगड़ते वैवाहिक रिश्ते पर प्रकाश डालती है. यह कहानी एक बुजुर्ग दंपति के ढहते रिश्ते पर केंद्रित है. वे शादी के 36 साल बाद इस रिश्ते को खत्म करने का फैसला लेते हैं, लेकिन साथ ही यह भी महसूस करते हैं कि उनके घर में अभी भी प्यार के कुछ ऐसे छोटे पहलू हैं जो उन्हें एक साथ बांधकर रख सकते हैं. 'कतरन' की पटकथा प्रेम सिंह ने लिखी है और वही इसका निर्देशन भी कर रहे हैं. इसमें अलका अमीन भी हैं. इस लघु फिल्म का निर्माण शशि प्रकाश चोपड़ा द्वारा किया गया है. यह रॉयल स्टैग बैरल सेलेक्ट लार्ज शॉर्ट फिल्म्स द्वारा रिलीज की गई है और इनके यूट्यूब चैनल पर उपलब्ध है.
संक्षिप्त सारांश: पीयूष मिश्रा का बयान वायरल 'आज की पीढ़ी वैवाहिक जीवन में तालमेल को तैयार नहीं' शादियां टूटने की संख्या बढ़ने पर पीयूष मिश्रा ने कही यह बात
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: सजा-ए-मौत का अपना ही फैसला सुप्रीम कोर्ट ने 10 साल बाद पलट दिया. कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को जेल काट चुके लोगों को पांच लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश भी दिया. पुणे जिले में 2006 में हुए गैंगरेप और एक नाबालिग बच्चे सहित पांच लोगों की हत्या के मामले में ट्रायल कोर्ट ने सभी छह दोषियों को सजा-ए-मौत सुनाई थी. मुंबई हाईकोर्ट ने तीन को मौत की सजा बरकरार रखी और तीन को उम्रकैद दी. दोषियों में अंकुश मारुति शिंदे, राज्य अप्पा शिंदे, बापू अप्पा शिंदे, अंबादास लक्ष्मण शिंदे, राजू महासू शिंदे और सूर्या उर्फ सुरेश शामिल हैं. बाद में सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस अरिजीत पसायत और जस्टिस मुकुंदकम शर्मा की अगुआई वाली बेंच ने 2009 में सभी छह दोषियों की मौत की को मंजूरी दी थी. इसके बाद 2010 से रिव्यू याचिका पर कई बार अलग-अलग जजों की बेंच ने सुनवाई की. अपना सेवाकाल पूरा होने के दो दिन पहले जस्टिस एके सीकरी ने रिव्यू याचिका पर फैसला सुनाया. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की आगे जांच के आदेश भी दिए हैं. साथ ही महाराष्ट्र के चीफ सेक्रेट्री से कहा है कि उन दोषी अफसरों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करें जो अभी सेवा में हैं. कोर्ट ने कहा है कि एक गवाह ने चार अन्य लोगों को पहचाना था लेकिन उनकी कभी जांच नहीं हुई. यह एक गंभीर चूक है. कोर्ट ने कहा कि आरोपी गरीब और खानाबदोश जनजाति के हैं. उन्हें 16 साल यातना भुगतनी पड़ी और उनके बेशकीमती साल जेल में गुजरे.
एक गवाह ने चार अन्य लोगों को पहचाना था लेकिन उनकी जांच नहीं हुई जेल काट चुके लोगों को पांच लाख रुपये मुआवजा देने का भी आदेश सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की आगे जांच के आदेश दिए
1
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: दिल्ली पुलिस ने सोमवार को कहा कि शादी का झांसा देकर एक महिला के साथ कथित रूप से बलात्कार करने के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस के एक कर्मी को गिरफ्तार किया गया है. पुलिसकर्मी आदिल हसन को दिल्ली पुलिस ने रेप करने और ब्लैकमेल करने के आरोप में गिरफ्तार किया है. महिला ने दिल्ली के वसंतकुंज (उत्तर) पुलिस थाने में दर्ज कराई गई अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि आदिल हसन ने दो साल में कई बार उसके साथ बलात्कार किया.टिप्पणियां राजधानी दिल्ली के छतरपुर एक्सटेंशन में रहने वाली पीड़ित लड़की के मुताबिक आरोपी ने एक सोशल मीडिया ऐप के जरिए उससे संपर्क किया. पुलिस ने बताया कि महिला और आरोपी एक डेटिंग साइट के जरिए मिले थे. ऐप के जरिए ही दोस्ती हुई और फिर दिल्ली में दोनों की कई बार मुलाकात हुई. पीड़ित के मुताबिक आदिल उसे शादी के झांसे में फंसाकर उससे रेप करता रहा और उससे 14 लाख रुपये भी ऐंठ लिए. महिला ने आरोप लगाया कि आरोपी ने शादी का झांसा देकर उसके साथ बलात्कार किया लेकिन बाद में अपने वादे से वह मुकर गया. आदिल ने पीड़ित को बताया था कि उसका परिवार पश्मीना शॉल का बिजनेस करते है. पीड़ित ने करीब एक महीने पहले दिल्ली के वसंत कुंज नार्थ थाने में मामला दर्ज कराया था. पुलिस ने बताया कि आरोपी को रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया. महिला ने दिल्ली के वसंतकुंज (उत्तर) पुलिस थाने में दर्ज कराई गई अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि आदिल हसन ने दो साल में कई बार उसके साथ बलात्कार किया.टिप्पणियां राजधानी दिल्ली के छतरपुर एक्सटेंशन में रहने वाली पीड़ित लड़की के मुताबिक आरोपी ने एक सोशल मीडिया ऐप के जरिए उससे संपर्क किया. पुलिस ने बताया कि महिला और आरोपी एक डेटिंग साइट के जरिए मिले थे. ऐप के जरिए ही दोस्ती हुई और फिर दिल्ली में दोनों की कई बार मुलाकात हुई. पीड़ित के मुताबिक आदिल उसे शादी के झांसे में फंसाकर उससे रेप करता रहा और उससे 14 लाख रुपये भी ऐंठ लिए. महिला ने आरोप लगाया कि आरोपी ने शादी का झांसा देकर उसके साथ बलात्कार किया लेकिन बाद में अपने वादे से वह मुकर गया. आदिल ने पीड़ित को बताया था कि उसका परिवार पश्मीना शॉल का बिजनेस करते है. पीड़ित ने करीब एक महीने पहले दिल्ली के वसंत कुंज नार्थ थाने में मामला दर्ज कराया था. पुलिस ने बताया कि आरोपी को रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया. राजधानी दिल्ली के छतरपुर एक्सटेंशन में रहने वाली पीड़ित लड़की के मुताबिक आरोपी ने एक सोशल मीडिया ऐप के जरिए उससे संपर्क किया. पुलिस ने बताया कि महिला और आरोपी एक डेटिंग साइट के जरिए मिले थे. ऐप के जरिए ही दोस्ती हुई और फिर दिल्ली में दोनों की कई बार मुलाकात हुई. पीड़ित के मुताबिक आदिल उसे शादी के झांसे में फंसाकर उससे रेप करता रहा और उससे 14 लाख रुपये भी ऐंठ लिए. महिला ने आरोप लगाया कि आरोपी ने शादी का झांसा देकर उसके साथ बलात्कार किया लेकिन बाद में अपने वादे से वह मुकर गया. आदिल ने पीड़ित को बताया था कि उसका परिवार पश्मीना शॉल का बिजनेस करते है. पीड़ित ने करीब एक महीने पहले दिल्ली के वसंत कुंज नार्थ थाने में मामला दर्ज कराया था. पुलिस ने बताया कि आरोपी को रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया. महिला ने आरोप लगाया कि आरोपी ने शादी का झांसा देकर उसके साथ बलात्कार किया लेकिन बाद में अपने वादे से वह मुकर गया. आदिल ने पीड़ित को बताया था कि उसका परिवार पश्मीना शॉल का बिजनेस करते है. पीड़ित ने करीब एक महीने पहले दिल्ली के वसंत कुंज नार्थ थाने में मामला दर्ज कराया था. पुलिस ने बताया कि आरोपी को रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया.
सारांश: महिला और आरोपी एक डेटिंग साइट के जरिए मिले थे आरोपी शादी का झांसा देकर महिला से रेप करता रहा आरोपी ने महिला से 14 लाख रुपये भी ऐंठ लिए
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['hin']
एक सारांश बनाओ: केन्द्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल के बाद सभी मंत्री बुधवार को अपने−अपने मंत्रालय की जिम्मेदारी संभालेंगे। कैबिनेट में मंगलवार को फेरबदल करते हुए 11 मंत्रियों को शपथ दिलाई गई। इनमें आठ नए मंत्री हैं जबकि तीन मंत्रियों को कैबिनेट का दर्जा दिया गया है। साथ ही टॉप चार मंत्रियों को छोड़कर बाकी मंत्रियों के विभागों में भी फेरबदल किया गया है। वीरप्पा मोइली की जगह सलमान खुर्शीद को कानून मंत्री बनाया गया है। वीरप्पा मोइली कंपनी मामलों के मंत्री बनाए गए हैं। दिनेश त्रिवेदी को नया रेल मंत्री बनाया गया है जबकि जयराम रमेश की जगह जयंती नटराजन बनी हैं नई पर्यावरण मंत्री। वहीं ग्रामीण विकास मंत्रालय विलासराव से लेकर जयराम रमेश को दे दिया गया है जबकि विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय कपिल सिब्बल से लेकर विलासराव देशमुख को दे दिया गया है। यूपी चुनावों को ध्यान में रखते हुए स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा को कैबिनेट में जगह दी गई है।
संक्षिप्त सारांश: कैबिनेट में फेरबदल करते हुए 11 मंत्रियों को शपथ दिलाई गई। इनमें आठ नए मंत्री हैं जबकि तीन मंत्रियों को कैबिनेट का दर्जा दिया गया है।
8
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्वरोजगार की मदद के लिये की गयी सिफारिश भी लकड़ी की शीट पर गीता उकेरने वाले बेरोजगार कारपेंटर संदीप सोनी के काम न आयी और वह अपना रोजगार खड़ा करने के लिये आज चार महीने बाद भी सरकारी कार्यालयों और बैंको के चक्कर काट रहा है। संदीप को अभी तक प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमइजीपी) के तहत बैंक कोई मदद नहीं कर रहे हैं। कानपुर के कारपेंटर संदीप सोनी ने साढ़े तीन साल की मेहनत के बाद लकड़ी की शीट के 32 पन्नों पर श्रीमदभागवत गीता के 18 अध्याय और 706 श्लोक लिखे थे जिसे उसने दिल्ली में 8 मार्च 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिखाया था। प्रधानमंत्री मोदी ने संदीप की तारीफ तो की ही थी साथ ही उसके साथ अपना फोटो ट्विटर पर भी डाला था। प्रधानमंत्री से संदीप ने कहा था कि वह अपनी इस कारपेंटर के काम को कौशल विकास योजना के तहत बढ़ाना चाहता है और एक छोटा सा कारखाना खोलना चाहता है जिसमें वह बेरोजगार युवाओं का कौशल विकास करना चाहता है, जिस पर प्रधानमंत्री ने उसे मदद करने का पूरा आश्वासन दिया था। कानपुर के बर्रा इलाके में रहने वाले संदीप सोनी ने बताया कि प्रधानमंत्री ने उसे पीएमओ में एक अधिकारी से मिलने भेजा। उस अधिकारी ने उसकी सारी योजना को समझा तथा शीघ्र ही प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत उसकी मदद का आश्वासन दिया। उसके बाद वह कानपुर लौट आया। यहां उसे पांच दिन बाद कानपुर के राष्ट्रीय लघु उदयोग निगम (एनएसआईसी) के एक अधिकारी का फोन आया और उन्होंने उससे मिल कर उसकी पूरी योजना को समझा तथा उसकी योजना का एक पूरा प्रोजेक्ट उससे बनवाया। इस प्रोजेक्ट का खर्च करीब 25 लाख रुपये था। संदीप द्वारा प्रोजेक्ट की फाइल बनाये जाने के बाद एनसआईसी के अधिकारी राकेश केसरवानी ने इस प्रोजेक्ट को जिला उदयोग केंद्र कानपुर (डिस्ट्रिक्ट इंडस्ट्रीज सेंटर) को भेजा जहां उपायुक्त (असिस्टेंट कमिश्नर) अनिल कुमार ने इस प्रोजेक्ट को मई माह में बैंक ऑफ बड़ौदा को भेज दिया। संदीप ने बताया कि जब वह बैंक पहुंचा तो बैंक ने पहले उससे जहां उद्योग लगाना चाहता है उस स्थान का 11 महीने का किरायेदारी का एग्रीमेंट बनवा कर लाने को कहा, जो उसने बनावाकर बैंक को दे दिया। बैंक ने उसे 10 दिन बाद बुलाया। जब वह दस दिन बाद बैंक गया तो उससे किरायेदारी का पांच साल का एग्रीमेंट बनवाने और बिजली का पांच किलोवाट का कनेक्शन लेने को कहा गया। बेरोजगार संदीप ने किसी तरह से पांच साल का किरायेदारी का एग्रीमेंट बनवाकर बैंक को दे दिया तथा मई महीने से नौ हजार रुपये महीने किराया भी देने लगा। इसके बाद 14 जुलाई 2016 को बैंक ऑफ बड़ौदा ने उसे 25 लाख रुपये का सामान्य ऋण स्वीकृत कर दिया लेकिन इसमें प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम का कहीं नाम नहीं था। संदीप जब यह लोन सैंक्शन का कागज लेकर एनएसआईसी के अधिकारियों के पास गया तो उन्होंने कहा कि यह तो आम जनता को मिलने वाला सामान्य लोन है। इस पर प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत मिलने वाली सब्सिडी उसे नहीं मिलेगी। यह सुनकर संदीप के होश उड़ गये और वह फिर बैंक के चक्कर लगा रहा हैं लेकिन बैंक ऑफ बड़ौदा के अधिकारी बाद में आना कह कर उसे टरका रहे हैं। इस बारे में जब एनएसआईसी के मैनेजर राकेश केशरवानी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि उनके विभाग को प्रधानमंत्री कार्यालय से चिट्ठी आई थी जिसके बाद उन्होंने संदीप को प्रोजेक्ट बनवाने में मदद की थी तथा उसके बाद जिला उदयोग केंद्र को उसकी फाइल भेज दी थी। इस पर डिस्ट्रिक्ट इंडस्ट्रीज सेंटर कानपुर के असिस्टेंट कमिश्नर अनिल कुमार से बात की गई तो उन्होंने कहा कि उन्होंने तो संदीप के प्रोजेक्ट को मंजूरी देते हुये इसकी फाइल तैयार करके बैंक ऑफ बड़ौदा को भेज दी थी, अगर अभी तक कुछ नहीं हुआ है तो एक बार फिर बैंक के अधिकारियों से बात करेंगे। इस पर बैंक ऑफ बड़ौदा गोविंदनगर के रीजनल मैनजर संजय निगम से बात की तो उन्होंने कहा कि संदीप को लोन पास कर दिया गया है लेकिन जब उनसे कहा गया कि उसे तो सामान्य लोन दिया गया है न कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत, इससे संदीप को सब्सिडी नहीं मिलेंगी। इस पर उन्होंने कहा कि वह इस मामले को देखेंगे कि कहां गड़बड़ हुई है। उन्होंने कहा कि उनके पास बहुत से काम रहते हैं, फिर भी वह इस मामले को प्राथमिकता से देखेंगे।टिप्पणियां उधर बेरोजगार संदीप का कहना है कि ‘‘साहब प्रधानमंत्री मोदी ने तो मेरी मदद का आश्वासन दिया था और पीएमओ के अधिकारियों ने कानपुर के अधिकारियों को मेरे काम के लिये चिट्ठी भी लिखी थी लेकिन यहां बैंक और अन्य विभागों के अधिकारी पिछले चार माह से मुझे दौड़ा रहे है और मैं उधार पैसा लेकर उनके बताये हुये कागज बनवा रहा हूं लेकिन उसके बाद भी मुझे अभी तक एक भी पैसा नहीं दिया गया है।’’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) संदीप को अभी तक प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमइजीपी) के तहत बैंक कोई मदद नहीं कर रहे हैं। कानपुर के कारपेंटर संदीप सोनी ने साढ़े तीन साल की मेहनत के बाद लकड़ी की शीट के 32 पन्नों पर श्रीमदभागवत गीता के 18 अध्याय और 706 श्लोक लिखे थे जिसे उसने दिल्ली में 8 मार्च 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिखाया था। प्रधानमंत्री मोदी ने संदीप की तारीफ तो की ही थी साथ ही उसके साथ अपना फोटो ट्विटर पर भी डाला था। प्रधानमंत्री से संदीप ने कहा था कि वह अपनी इस कारपेंटर के काम को कौशल विकास योजना के तहत बढ़ाना चाहता है और एक छोटा सा कारखाना खोलना चाहता है जिसमें वह बेरोजगार युवाओं का कौशल विकास करना चाहता है, जिस पर प्रधानमंत्री ने उसे मदद करने का पूरा आश्वासन दिया था। कानपुर के बर्रा इलाके में रहने वाले संदीप सोनी ने बताया कि प्रधानमंत्री ने उसे पीएमओ में एक अधिकारी से मिलने भेजा। उस अधिकारी ने उसकी सारी योजना को समझा तथा शीघ्र ही प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत उसकी मदद का आश्वासन दिया। उसके बाद वह कानपुर लौट आया। यहां उसे पांच दिन बाद कानपुर के राष्ट्रीय लघु उदयोग निगम (एनएसआईसी) के एक अधिकारी का फोन आया और उन्होंने उससे मिल कर उसकी पूरी योजना को समझा तथा उसकी योजना का एक पूरा प्रोजेक्ट उससे बनवाया। इस प्रोजेक्ट का खर्च करीब 25 लाख रुपये था। संदीप द्वारा प्रोजेक्ट की फाइल बनाये जाने के बाद एनसआईसी के अधिकारी राकेश केसरवानी ने इस प्रोजेक्ट को जिला उदयोग केंद्र कानपुर (डिस्ट्रिक्ट इंडस्ट्रीज सेंटर) को भेजा जहां उपायुक्त (असिस्टेंट कमिश्नर) अनिल कुमार ने इस प्रोजेक्ट को मई माह में बैंक ऑफ बड़ौदा को भेज दिया। संदीप ने बताया कि जब वह बैंक पहुंचा तो बैंक ने पहले उससे जहां उद्योग लगाना चाहता है उस स्थान का 11 महीने का किरायेदारी का एग्रीमेंट बनवा कर लाने को कहा, जो उसने बनावाकर बैंक को दे दिया। बैंक ने उसे 10 दिन बाद बुलाया। जब वह दस दिन बाद बैंक गया तो उससे किरायेदारी का पांच साल का एग्रीमेंट बनवाने और बिजली का पांच किलोवाट का कनेक्शन लेने को कहा गया। बेरोजगार संदीप ने किसी तरह से पांच साल का किरायेदारी का एग्रीमेंट बनवाकर बैंक को दे दिया तथा मई महीने से नौ हजार रुपये महीने किराया भी देने लगा। इसके बाद 14 जुलाई 2016 को बैंक ऑफ बड़ौदा ने उसे 25 लाख रुपये का सामान्य ऋण स्वीकृत कर दिया लेकिन इसमें प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम का कहीं नाम नहीं था। संदीप जब यह लोन सैंक्शन का कागज लेकर एनएसआईसी के अधिकारियों के पास गया तो उन्होंने कहा कि यह तो आम जनता को मिलने वाला सामान्य लोन है। इस पर प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत मिलने वाली सब्सिडी उसे नहीं मिलेगी। यह सुनकर संदीप के होश उड़ गये और वह फिर बैंक के चक्कर लगा रहा हैं लेकिन बैंक ऑफ बड़ौदा के अधिकारी बाद में आना कह कर उसे टरका रहे हैं। इस बारे में जब एनएसआईसी के मैनेजर राकेश केशरवानी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि उनके विभाग को प्रधानमंत्री कार्यालय से चिट्ठी आई थी जिसके बाद उन्होंने संदीप को प्रोजेक्ट बनवाने में मदद की थी तथा उसके बाद जिला उदयोग केंद्र को उसकी फाइल भेज दी थी। इस पर डिस्ट्रिक्ट इंडस्ट्रीज सेंटर कानपुर के असिस्टेंट कमिश्नर अनिल कुमार से बात की गई तो उन्होंने कहा कि उन्होंने तो संदीप के प्रोजेक्ट को मंजूरी देते हुये इसकी फाइल तैयार करके बैंक ऑफ बड़ौदा को भेज दी थी, अगर अभी तक कुछ नहीं हुआ है तो एक बार फिर बैंक के अधिकारियों से बात करेंगे। इस पर बैंक ऑफ बड़ौदा गोविंदनगर के रीजनल मैनजर संजय निगम से बात की तो उन्होंने कहा कि संदीप को लोन पास कर दिया गया है लेकिन जब उनसे कहा गया कि उसे तो सामान्य लोन दिया गया है न कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत, इससे संदीप को सब्सिडी नहीं मिलेंगी। इस पर उन्होंने कहा कि वह इस मामले को देखेंगे कि कहां गड़बड़ हुई है। उन्होंने कहा कि उनके पास बहुत से काम रहते हैं, फिर भी वह इस मामले को प्राथमिकता से देखेंगे।टिप्पणियां उधर बेरोजगार संदीप का कहना है कि ‘‘साहब प्रधानमंत्री मोदी ने तो मेरी मदद का आश्वासन दिया था और पीएमओ के अधिकारियों ने कानपुर के अधिकारियों को मेरे काम के लिये चिट्ठी भी लिखी थी लेकिन यहां बैंक और अन्य विभागों के अधिकारी पिछले चार माह से मुझे दौड़ा रहे है और मैं उधार पैसा लेकर उनके बताये हुये कागज बनवा रहा हूं लेकिन उसके बाद भी मुझे अभी तक एक भी पैसा नहीं दिया गया है।’’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) कानपुर के बर्रा इलाके में रहने वाले संदीप सोनी ने बताया कि प्रधानमंत्री ने उसे पीएमओ में एक अधिकारी से मिलने भेजा। उस अधिकारी ने उसकी सारी योजना को समझा तथा शीघ्र ही प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत उसकी मदद का आश्वासन दिया। उसके बाद वह कानपुर लौट आया। यहां उसे पांच दिन बाद कानपुर के राष्ट्रीय लघु उदयोग निगम (एनएसआईसी) के एक अधिकारी का फोन आया और उन्होंने उससे मिल कर उसकी पूरी योजना को समझा तथा उसकी योजना का एक पूरा प्रोजेक्ट उससे बनवाया। इस प्रोजेक्ट का खर्च करीब 25 लाख रुपये था। संदीप द्वारा प्रोजेक्ट की फाइल बनाये जाने के बाद एनसआईसी के अधिकारी राकेश केसरवानी ने इस प्रोजेक्ट को जिला उदयोग केंद्र कानपुर (डिस्ट्रिक्ट इंडस्ट्रीज सेंटर) को भेजा जहां उपायुक्त (असिस्टेंट कमिश्नर) अनिल कुमार ने इस प्रोजेक्ट को मई माह में बैंक ऑफ बड़ौदा को भेज दिया। संदीप ने बताया कि जब वह बैंक पहुंचा तो बैंक ने पहले उससे जहां उद्योग लगाना चाहता है उस स्थान का 11 महीने का किरायेदारी का एग्रीमेंट बनवा कर लाने को कहा, जो उसने बनावाकर बैंक को दे दिया। बैंक ने उसे 10 दिन बाद बुलाया। जब वह दस दिन बाद बैंक गया तो उससे किरायेदारी का पांच साल का एग्रीमेंट बनवाने और बिजली का पांच किलोवाट का कनेक्शन लेने को कहा गया। बेरोजगार संदीप ने किसी तरह से पांच साल का किरायेदारी का एग्रीमेंट बनवाकर बैंक को दे दिया तथा मई महीने से नौ हजार रुपये महीने किराया भी देने लगा। इसके बाद 14 जुलाई 2016 को बैंक ऑफ बड़ौदा ने उसे 25 लाख रुपये का सामान्य ऋण स्वीकृत कर दिया लेकिन इसमें प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम का कहीं नाम नहीं था। संदीप जब यह लोन सैंक्शन का कागज लेकर एनएसआईसी के अधिकारियों के पास गया तो उन्होंने कहा कि यह तो आम जनता को मिलने वाला सामान्य लोन है। इस पर प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत मिलने वाली सब्सिडी उसे नहीं मिलेगी। यह सुनकर संदीप के होश उड़ गये और वह फिर बैंक के चक्कर लगा रहा हैं लेकिन बैंक ऑफ बड़ौदा के अधिकारी बाद में आना कह कर उसे टरका रहे हैं। इस बारे में जब एनएसआईसी के मैनेजर राकेश केशरवानी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि उनके विभाग को प्रधानमंत्री कार्यालय से चिट्ठी आई थी जिसके बाद उन्होंने संदीप को प्रोजेक्ट बनवाने में मदद की थी तथा उसके बाद जिला उदयोग केंद्र को उसकी फाइल भेज दी थी। इस पर डिस्ट्रिक्ट इंडस्ट्रीज सेंटर कानपुर के असिस्टेंट कमिश्नर अनिल कुमार से बात की गई तो उन्होंने कहा कि उन्होंने तो संदीप के प्रोजेक्ट को मंजूरी देते हुये इसकी फाइल तैयार करके बैंक ऑफ बड़ौदा को भेज दी थी, अगर अभी तक कुछ नहीं हुआ है तो एक बार फिर बैंक के अधिकारियों से बात करेंगे। इस पर बैंक ऑफ बड़ौदा गोविंदनगर के रीजनल मैनजर संजय निगम से बात की तो उन्होंने कहा कि संदीप को लोन पास कर दिया गया है लेकिन जब उनसे कहा गया कि उसे तो सामान्य लोन दिया गया है न कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत, इससे संदीप को सब्सिडी नहीं मिलेंगी। इस पर उन्होंने कहा कि वह इस मामले को देखेंगे कि कहां गड़बड़ हुई है। उन्होंने कहा कि उनके पास बहुत से काम रहते हैं, फिर भी वह इस मामले को प्राथमिकता से देखेंगे।टिप्पणियां उधर बेरोजगार संदीप का कहना है कि ‘‘साहब प्रधानमंत्री मोदी ने तो मेरी मदद का आश्वासन दिया था और पीएमओ के अधिकारियों ने कानपुर के अधिकारियों को मेरे काम के लिये चिट्ठी भी लिखी थी लेकिन यहां बैंक और अन्य विभागों के अधिकारी पिछले चार माह से मुझे दौड़ा रहे है और मैं उधार पैसा लेकर उनके बताये हुये कागज बनवा रहा हूं लेकिन उसके बाद भी मुझे अभी तक एक भी पैसा नहीं दिया गया है।’’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) संदीप ने बताया कि जब वह बैंक पहुंचा तो बैंक ने पहले उससे जहां उद्योग लगाना चाहता है उस स्थान का 11 महीने का किरायेदारी का एग्रीमेंट बनवा कर लाने को कहा, जो उसने बनावाकर बैंक को दे दिया। बैंक ने उसे 10 दिन बाद बुलाया। जब वह दस दिन बाद बैंक गया तो उससे किरायेदारी का पांच साल का एग्रीमेंट बनवाने और बिजली का पांच किलोवाट का कनेक्शन लेने को कहा गया। बेरोजगार संदीप ने किसी तरह से पांच साल का किरायेदारी का एग्रीमेंट बनवाकर बैंक को दे दिया तथा मई महीने से नौ हजार रुपये महीने किराया भी देने लगा। इसके बाद 14 जुलाई 2016 को बैंक ऑफ बड़ौदा ने उसे 25 लाख रुपये का सामान्य ऋण स्वीकृत कर दिया लेकिन इसमें प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम का कहीं नाम नहीं था। संदीप जब यह लोन सैंक्शन का कागज लेकर एनएसआईसी के अधिकारियों के पास गया तो उन्होंने कहा कि यह तो आम जनता को मिलने वाला सामान्य लोन है। इस पर प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत मिलने वाली सब्सिडी उसे नहीं मिलेगी। यह सुनकर संदीप के होश उड़ गये और वह फिर बैंक के चक्कर लगा रहा हैं लेकिन बैंक ऑफ बड़ौदा के अधिकारी बाद में आना कह कर उसे टरका रहे हैं। इस बारे में जब एनएसआईसी के मैनेजर राकेश केशरवानी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि उनके विभाग को प्रधानमंत्री कार्यालय से चिट्ठी आई थी जिसके बाद उन्होंने संदीप को प्रोजेक्ट बनवाने में मदद की थी तथा उसके बाद जिला उदयोग केंद्र को उसकी फाइल भेज दी थी। इस पर डिस्ट्रिक्ट इंडस्ट्रीज सेंटर कानपुर के असिस्टेंट कमिश्नर अनिल कुमार से बात की गई तो उन्होंने कहा कि उन्होंने तो संदीप के प्रोजेक्ट को मंजूरी देते हुये इसकी फाइल तैयार करके बैंक ऑफ बड़ौदा को भेज दी थी, अगर अभी तक कुछ नहीं हुआ है तो एक बार फिर बैंक के अधिकारियों से बात करेंगे। इस पर बैंक ऑफ बड़ौदा गोविंदनगर के रीजनल मैनजर संजय निगम से बात की तो उन्होंने कहा कि संदीप को लोन पास कर दिया गया है लेकिन जब उनसे कहा गया कि उसे तो सामान्य लोन दिया गया है न कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत, इससे संदीप को सब्सिडी नहीं मिलेंगी। इस पर उन्होंने कहा कि वह इस मामले को देखेंगे कि कहां गड़बड़ हुई है। उन्होंने कहा कि उनके पास बहुत से काम रहते हैं, फिर भी वह इस मामले को प्राथमिकता से देखेंगे।टिप्पणियां उधर बेरोजगार संदीप का कहना है कि ‘‘साहब प्रधानमंत्री मोदी ने तो मेरी मदद का आश्वासन दिया था और पीएमओ के अधिकारियों ने कानपुर के अधिकारियों को मेरे काम के लिये चिट्ठी भी लिखी थी लेकिन यहां बैंक और अन्य विभागों के अधिकारी पिछले चार माह से मुझे दौड़ा रहे है और मैं उधार पैसा लेकर उनके बताये हुये कागज बनवा रहा हूं लेकिन उसके बाद भी मुझे अभी तक एक भी पैसा नहीं दिया गया है।’’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इस बारे में जब एनएसआईसी के मैनेजर राकेश केशरवानी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि उनके विभाग को प्रधानमंत्री कार्यालय से चिट्ठी आई थी जिसके बाद उन्होंने संदीप को प्रोजेक्ट बनवाने में मदद की थी तथा उसके बाद जिला उदयोग केंद्र को उसकी फाइल भेज दी थी। इस पर डिस्ट्रिक्ट इंडस्ट्रीज सेंटर कानपुर के असिस्टेंट कमिश्नर अनिल कुमार से बात की गई तो उन्होंने कहा कि उन्होंने तो संदीप के प्रोजेक्ट को मंजूरी देते हुये इसकी फाइल तैयार करके बैंक ऑफ बड़ौदा को भेज दी थी, अगर अभी तक कुछ नहीं हुआ है तो एक बार फिर बैंक के अधिकारियों से बात करेंगे। इस पर बैंक ऑफ बड़ौदा गोविंदनगर के रीजनल मैनजर संजय निगम से बात की तो उन्होंने कहा कि संदीप को लोन पास कर दिया गया है लेकिन जब उनसे कहा गया कि उसे तो सामान्य लोन दिया गया है न कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत, इससे संदीप को सब्सिडी नहीं मिलेंगी। इस पर उन्होंने कहा कि वह इस मामले को देखेंगे कि कहां गड़बड़ हुई है। उन्होंने कहा कि उनके पास बहुत से काम रहते हैं, फिर भी वह इस मामले को प्राथमिकता से देखेंगे।टिप्पणियां उधर बेरोजगार संदीप का कहना है कि ‘‘साहब प्रधानमंत्री मोदी ने तो मेरी मदद का आश्वासन दिया था और पीएमओ के अधिकारियों ने कानपुर के अधिकारियों को मेरे काम के लिये चिट्ठी भी लिखी थी लेकिन यहां बैंक और अन्य विभागों के अधिकारी पिछले चार माह से मुझे दौड़ा रहे है और मैं उधार पैसा लेकर उनके बताये हुये कागज बनवा रहा हूं लेकिन उसके बाद भी मुझे अभी तक एक भी पैसा नहीं दिया गया है।’’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उधर बेरोजगार संदीप का कहना है कि ‘‘साहब प्रधानमंत्री मोदी ने तो मेरी मदद का आश्वासन दिया था और पीएमओ के अधिकारियों ने कानपुर के अधिकारियों को मेरे काम के लिये चिट्ठी भी लिखी थी लेकिन यहां बैंक और अन्य विभागों के अधिकारी पिछले चार माह से मुझे दौड़ा रहे है और मैं उधार पैसा लेकर उनके बताये हुये कागज बनवा रहा हूं लेकिन उसके बाद भी मुझे अभी तक एक भी पैसा नहीं दिया गया है।’’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सारांश: कारपेंटर संदीप ने लकड़ी की शीट पर उकेरी है श्रीमदभागवत गीता प्रधानमंत्री मोदी ने संदीप की के साथ अपनी फोटो ट्विटर पर शेयर की थी बैंक और अन्य विभागों के अधिकारी चार माह से युवक को दौड़ा रहे हैं
31
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: नक्सलियों ने एक चिट्ठी लिखकर निर्दोषों, जैसे काफिले में शामिल ड्राइवर, कंडक्टर, कांग्रेस के छोटे नेताओं की हत्या के लिए माफी मांगी है। यह चिट्ठी बीबीसी को भेजी गई है। चिट्ठी के साथ-साथ रिकॉर्ड कराए गए बयान में माओवादियों ने कहा है कि कांग्रेस के काफिले पर हुए हमले में वाहनों के ड्राइवर, खलासी और कांग्रेस के निचले स्तर के नेताओं की मौत हुई है। उसके लिए हमें खेद है। नक्सलियों ने कहा है कि उनका निशाना महेन्द्र कर्मा थे और यह हमला सलवा जुडूम चलाने की वजह से किया गया था। माओवादियों ने बयान में कहा गया है कि महेन्द्र कर्मा का परिवार भूस्वामी होने के साथ-साथ आदिवासियों का अमानवीय शोषक और उत्पीड़क रहा है। माओवादियों की चिट्ठी में आरोप लगाया गया है कि सलवा जुडूम के दौरान सैकड़ों महिलाओं के साथ सामूहिक बलात्कार किया गया। साथ ही उसमें दावा किया गया है कि सलवा जुडूम के गुंडों और सरकारी सशस्त्र बलों ने एक हजार से ज्यादा आदिवासियों की हत्या की। माओवादियों के बयान में कहा गया है कि रमन सिंह और महेन्द्र कर्मा के बीच कितना अच्छा तालमेल रहा, इसे समझने के लिए एक तथ्य काफी है कि मीडिया में कर्मा को रमन मंत्रिमंडल का सोलहवां मंत्री कहा जाने लगा था।टिप्पणियां नक्सलियों के जोनल कमेटी के प्रवक्ता गुड्सा उसेंडी ने कहा कि कि राज्य के पूर्व गृहराज्य मंत्री रह चुके छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नंदकुमार पटेल जनता पर दमनचक्र चलाने में आगे रहे थे। उसेंडी ने कहा कि पटेल के समय में ही बस्तर क्षेत्र में पहली बार अर्द्ध−सैनिक बलों की तैनाती की गई थी।   विद्याचरण शुक्ल पर हुए हमले के बारे में माओवादियों ने कहा कि केन्द्रीय मंत्रिमंडल में रहने वाले विद्याचरण ने साम्राज्यवादियों, पूंजीपतियों और ज़मीनदारों के वफादार प्रतिनिधि के रूप में शोषणकारी नीतियों को बनाने और लागू करने में सक्रिय भागीदारी निभाई। अपने इस बयान में माओवादियों ने कहा है कि दमन की नीतियों को लागू करने में कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी की समान भागीदारी है और इसलिए संगठन ने कांग्रेस के बड़े नेताओं को निशाने पर लिया है।   उसेंडी ने कहा कि 1996 में बस्तर में छठी अनुसूची में लागू करने की मांग से एक बड़ा आंदोलन चला था, हालांकि उस आंदोलन का नेतृत्व मुख्य रूप से भाकपा ने किया था लेकिन भाकपा−माले ने भी उसमें सक्रिय भूमिका निभाई थी। यह चिट्ठी बीबीसी को भेजी गई है। चिट्ठी के साथ-साथ रिकॉर्ड कराए गए बयान में माओवादियों ने कहा है कि कांग्रेस के काफिले पर हुए हमले में वाहनों के ड्राइवर, खलासी और कांग्रेस के निचले स्तर के नेताओं की मौत हुई है। उसके लिए हमें खेद है। नक्सलियों ने कहा है कि उनका निशाना महेन्द्र कर्मा थे और यह हमला सलवा जुडूम चलाने की वजह से किया गया था। माओवादियों ने बयान में कहा गया है कि महेन्द्र कर्मा का परिवार भूस्वामी होने के साथ-साथ आदिवासियों का अमानवीय शोषक और उत्पीड़क रहा है। माओवादियों की चिट्ठी में आरोप लगाया गया है कि सलवा जुडूम के दौरान सैकड़ों महिलाओं के साथ सामूहिक बलात्कार किया गया। साथ ही उसमें दावा किया गया है कि सलवा जुडूम के गुंडों और सरकारी सशस्त्र बलों ने एक हजार से ज्यादा आदिवासियों की हत्या की। माओवादियों के बयान में कहा गया है कि रमन सिंह और महेन्द्र कर्मा के बीच कितना अच्छा तालमेल रहा, इसे समझने के लिए एक तथ्य काफी है कि मीडिया में कर्मा को रमन मंत्रिमंडल का सोलहवां मंत्री कहा जाने लगा था।टिप्पणियां नक्सलियों के जोनल कमेटी के प्रवक्ता गुड्सा उसेंडी ने कहा कि कि राज्य के पूर्व गृहराज्य मंत्री रह चुके छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नंदकुमार पटेल जनता पर दमनचक्र चलाने में आगे रहे थे। उसेंडी ने कहा कि पटेल के समय में ही बस्तर क्षेत्र में पहली बार अर्द्ध−सैनिक बलों की तैनाती की गई थी।   विद्याचरण शुक्ल पर हुए हमले के बारे में माओवादियों ने कहा कि केन्द्रीय मंत्रिमंडल में रहने वाले विद्याचरण ने साम्राज्यवादियों, पूंजीपतियों और ज़मीनदारों के वफादार प्रतिनिधि के रूप में शोषणकारी नीतियों को बनाने और लागू करने में सक्रिय भागीदारी निभाई। अपने इस बयान में माओवादियों ने कहा है कि दमन की नीतियों को लागू करने में कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी की समान भागीदारी है और इसलिए संगठन ने कांग्रेस के बड़े नेताओं को निशाने पर लिया है।   उसेंडी ने कहा कि 1996 में बस्तर में छठी अनुसूची में लागू करने की मांग से एक बड़ा आंदोलन चला था, हालांकि उस आंदोलन का नेतृत्व मुख्य रूप से भाकपा ने किया था लेकिन भाकपा−माले ने भी उसमें सक्रिय भूमिका निभाई थी। नक्सलियों ने कहा है कि उनका निशाना महेन्द्र कर्मा थे और यह हमला सलवा जुडूम चलाने की वजह से किया गया था। माओवादियों ने बयान में कहा गया है कि महेन्द्र कर्मा का परिवार भूस्वामी होने के साथ-साथ आदिवासियों का अमानवीय शोषक और उत्पीड़क रहा है। माओवादियों की चिट्ठी में आरोप लगाया गया है कि सलवा जुडूम के दौरान सैकड़ों महिलाओं के साथ सामूहिक बलात्कार किया गया। साथ ही उसमें दावा किया गया है कि सलवा जुडूम के गुंडों और सरकारी सशस्त्र बलों ने एक हजार से ज्यादा आदिवासियों की हत्या की। माओवादियों के बयान में कहा गया है कि रमन सिंह और महेन्द्र कर्मा के बीच कितना अच्छा तालमेल रहा, इसे समझने के लिए एक तथ्य काफी है कि मीडिया में कर्मा को रमन मंत्रिमंडल का सोलहवां मंत्री कहा जाने लगा था।टिप्पणियां नक्सलियों के जोनल कमेटी के प्रवक्ता गुड्सा उसेंडी ने कहा कि कि राज्य के पूर्व गृहराज्य मंत्री रह चुके छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नंदकुमार पटेल जनता पर दमनचक्र चलाने में आगे रहे थे। उसेंडी ने कहा कि पटेल के समय में ही बस्तर क्षेत्र में पहली बार अर्द्ध−सैनिक बलों की तैनाती की गई थी।   विद्याचरण शुक्ल पर हुए हमले के बारे में माओवादियों ने कहा कि केन्द्रीय मंत्रिमंडल में रहने वाले विद्याचरण ने साम्राज्यवादियों, पूंजीपतियों और ज़मीनदारों के वफादार प्रतिनिधि के रूप में शोषणकारी नीतियों को बनाने और लागू करने में सक्रिय भागीदारी निभाई। अपने इस बयान में माओवादियों ने कहा है कि दमन की नीतियों को लागू करने में कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी की समान भागीदारी है और इसलिए संगठन ने कांग्रेस के बड़े नेताओं को निशाने पर लिया है।   उसेंडी ने कहा कि 1996 में बस्तर में छठी अनुसूची में लागू करने की मांग से एक बड़ा आंदोलन चला था, हालांकि उस आंदोलन का नेतृत्व मुख्य रूप से भाकपा ने किया था लेकिन भाकपा−माले ने भी उसमें सक्रिय भूमिका निभाई थी। माओवादियों की चिट्ठी में आरोप लगाया गया है कि सलवा जुडूम के दौरान सैकड़ों महिलाओं के साथ सामूहिक बलात्कार किया गया। साथ ही उसमें दावा किया गया है कि सलवा जुडूम के गुंडों और सरकारी सशस्त्र बलों ने एक हजार से ज्यादा आदिवासियों की हत्या की। माओवादियों के बयान में कहा गया है कि रमन सिंह और महेन्द्र कर्मा के बीच कितना अच्छा तालमेल रहा, इसे समझने के लिए एक तथ्य काफी है कि मीडिया में कर्मा को रमन मंत्रिमंडल का सोलहवां मंत्री कहा जाने लगा था।टिप्पणियां नक्सलियों के जोनल कमेटी के प्रवक्ता गुड्सा उसेंडी ने कहा कि कि राज्य के पूर्व गृहराज्य मंत्री रह चुके छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नंदकुमार पटेल जनता पर दमनचक्र चलाने में आगे रहे थे। उसेंडी ने कहा कि पटेल के समय में ही बस्तर क्षेत्र में पहली बार अर्द्ध−सैनिक बलों की तैनाती की गई थी।   विद्याचरण शुक्ल पर हुए हमले के बारे में माओवादियों ने कहा कि केन्द्रीय मंत्रिमंडल में रहने वाले विद्याचरण ने साम्राज्यवादियों, पूंजीपतियों और ज़मीनदारों के वफादार प्रतिनिधि के रूप में शोषणकारी नीतियों को बनाने और लागू करने में सक्रिय भागीदारी निभाई। अपने इस बयान में माओवादियों ने कहा है कि दमन की नीतियों को लागू करने में कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी की समान भागीदारी है और इसलिए संगठन ने कांग्रेस के बड़े नेताओं को निशाने पर लिया है।   उसेंडी ने कहा कि 1996 में बस्तर में छठी अनुसूची में लागू करने की मांग से एक बड़ा आंदोलन चला था, हालांकि उस आंदोलन का नेतृत्व मुख्य रूप से भाकपा ने किया था लेकिन भाकपा−माले ने भी उसमें सक्रिय भूमिका निभाई थी। माओवादियों के बयान में कहा गया है कि रमन सिंह और महेन्द्र कर्मा के बीच कितना अच्छा तालमेल रहा, इसे समझने के लिए एक तथ्य काफी है कि मीडिया में कर्मा को रमन मंत्रिमंडल का सोलहवां मंत्री कहा जाने लगा था।टिप्पणियां नक्सलियों के जोनल कमेटी के प्रवक्ता गुड्सा उसेंडी ने कहा कि कि राज्य के पूर्व गृहराज्य मंत्री रह चुके छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नंदकुमार पटेल जनता पर दमनचक्र चलाने में आगे रहे थे। उसेंडी ने कहा कि पटेल के समय में ही बस्तर क्षेत्र में पहली बार अर्द्ध−सैनिक बलों की तैनाती की गई थी।   विद्याचरण शुक्ल पर हुए हमले के बारे में माओवादियों ने कहा कि केन्द्रीय मंत्रिमंडल में रहने वाले विद्याचरण ने साम्राज्यवादियों, पूंजीपतियों और ज़मीनदारों के वफादार प्रतिनिधि के रूप में शोषणकारी नीतियों को बनाने और लागू करने में सक्रिय भागीदारी निभाई। अपने इस बयान में माओवादियों ने कहा है कि दमन की नीतियों को लागू करने में कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी की समान भागीदारी है और इसलिए संगठन ने कांग्रेस के बड़े नेताओं को निशाने पर लिया है।   उसेंडी ने कहा कि 1996 में बस्तर में छठी अनुसूची में लागू करने की मांग से एक बड़ा आंदोलन चला था, हालांकि उस आंदोलन का नेतृत्व मुख्य रूप से भाकपा ने किया था लेकिन भाकपा−माले ने भी उसमें सक्रिय भूमिका निभाई थी। नक्सलियों के जोनल कमेटी के प्रवक्ता गुड्सा उसेंडी ने कहा कि कि राज्य के पूर्व गृहराज्य मंत्री रह चुके छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नंदकुमार पटेल जनता पर दमनचक्र चलाने में आगे रहे थे। उसेंडी ने कहा कि पटेल के समय में ही बस्तर क्षेत्र में पहली बार अर्द्ध−सैनिक बलों की तैनाती की गई थी।   विद्याचरण शुक्ल पर हुए हमले के बारे में माओवादियों ने कहा कि केन्द्रीय मंत्रिमंडल में रहने वाले विद्याचरण ने साम्राज्यवादियों, पूंजीपतियों और ज़मीनदारों के वफादार प्रतिनिधि के रूप में शोषणकारी नीतियों को बनाने और लागू करने में सक्रिय भागीदारी निभाई। अपने इस बयान में माओवादियों ने कहा है कि दमन की नीतियों को लागू करने में कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी की समान भागीदारी है और इसलिए संगठन ने कांग्रेस के बड़े नेताओं को निशाने पर लिया है।   उसेंडी ने कहा कि 1996 में बस्तर में छठी अनुसूची में लागू करने की मांग से एक बड़ा आंदोलन चला था, हालांकि उस आंदोलन का नेतृत्व मुख्य रूप से भाकपा ने किया था लेकिन भाकपा−माले ने भी उसमें सक्रिय भूमिका निभाई थी। अपने इस बयान में माओवादियों ने कहा है कि दमन की नीतियों को लागू करने में कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी की समान भागीदारी है और इसलिए संगठन ने कांग्रेस के बड़े नेताओं को निशाने पर लिया है।   उसेंडी ने कहा कि 1996 में बस्तर में छठी अनुसूची में लागू करने की मांग से एक बड़ा आंदोलन चला था, हालांकि उस आंदोलन का नेतृत्व मुख्य रूप से भाकपा ने किया था लेकिन भाकपा−माले ने भी उसमें सक्रिय भूमिका निभाई थी।
यहाँ एक सारांश है:यह चिट्ठी बीबीसी को भेजी गई है। चिट्ठी के साथ-साथ रिकॉर्ड कराए गए बयान में माओवादियों ने कहा है कि कांग्रेस के काफिले पर हुए हमले में वाहनों के ड्राइवर, खलासी और कांग्रेस के निचले स्तर के नेताओं की मौत हुई है। उसके लिए हमें खेद है।
18
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: उड़ीसा सरकार ने नक्सलियों द्वारा अगवा मलकानगिरी के जिलाधिकारी आर. विनील कृष्णा और जूनियर इंजीनियर पवित्र मोहन माझी की सकुशल रिहाई के लिए शुक्रवार को नक्सलियों से अपने 48 घंटे के समय सीमा को बढ़ाने का अनुरोध किया। सरकार ने साथ ही नक्सलियों के साथ वार्ता शुरू करने के लिए दो शिक्षाविदों को मोर्चे पर लगाया है। उधर, नक्सलियों ने कृष्णा और माझी की रिहाई के लिए अपनी नई मांगें रखी हैं। जबकि इस मुद्दे को लेकर विपक्षी विधायकों ने उड़ीसा विधानसभा में हंगामा किया। मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने नक्सलियों से भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी को नुकसान न पहुंचाने की अपील की है। जिलाधिकारी को रखे गए स्थान के बारे में अभी कोई सुराग नहीं मिल सका है। पटनायक ने पत्रकारों से कहा, "हम नक्सलियों से सम्पर्क कायम करने की प्रक्रिया के प्रयास में हैं। मैं अगवा करने वाले लोगों से अपील करता हूं कि वे अपनी समय सीमा जो शाम को समाप्त हो रही है, उसे बढ़ाएं।" राज्य के मुख्य सचिव बीके पटनायक ने कहा कि सरकार बंधक संकट से निजात पाने के लिए संबलपुर विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र के प्रोफेसर (सेवानिवृत्त) आर. सोमेश्वर राव एवं केंद्रीय विश्वविद्यालय (हैदराबाद) में प्रोफेसर हरगोपाल से मध्यस्थता के लिए बातचीत कर रही है। उन्होंने कहा, "हमने उन्हें मध्यस्थता करने को कहा है।" सरकार ने मध्यस्थता करने वालों के नाम तब उजागर किए, जब मीडियाकर्मियों के एक गुट ने खबर दी कि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के आंध्र-उड़ीसा बॉर्डर स्टेट जोनल कमेटी (एओबीएसजेड) ने वार्ताकारों के नाम सुझाए हैं। नक्सलियों ने कृष्णा एवं माझी को बुधवार शाम को अगवा किया था और दोनों की सशर्त रिहाई के लिए 48 घंटे का समय दिया था, जो शुक्रवार शाम खत्म होने जा रहा है। प्रदेश के गृह सचिव यूएन बेहरा ने कहा कि उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ता स्वामी अग्निवेश से चर्चा की है और कुछ बातचीत हुई है। बेहरा ने कहा, "मैंने उनसे बात की है और वह मध्यस्थता करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने नक्सलियों के कुछ प्रमुख नेताओं से बातें की हैं।" इस बीच, नक्सलियों ने मलकानगिरी का सड़क मार्ग से सम्पर्क तोड़ दिया है और उन्होंने कृष्णा और माझी की रिहाई के लिए नई मांगें रखी हैं। नक्सलियों ने पहले अपने खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को रोकने और गिरफ्तार सभी नक्सलियों की रिहाई की मांग की थी। उनकी इस मांग के बाद सरकार ने राज्य भर में नक्सलियों के खिलाफ अभियान को रोक दिया। जिले के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि नक्सलियों ने मीडिया को बांटे गए पर्चो में अपनी नई मांगें रखी हैं। यह पर्चे तेलुगू भाषा में लिखे गए हैं। अपनी पांच मांगों में नक्सलियों ने नक्सल विरोधी अभियान ग्रीन हंट रोकने, सभी राजनीतिक कैदियों को रिहा करने, बहुराष्ट्रीय कम्पनियों से किए गए समझौते रद्द करने और पुलिस हिरासत में मारे गए नक्सल समर्थकों के परिवारों को मुआवजा देने की मांगें रखी हैं। कृष्णा की सकुशल रिहाई को लेकर उनके शुभचिन्तक और सामाजिक कार्यकर्ता सोशल नेटवर्किं ग वेबसाइट 'फेसबुक' पर सन्देश जारी कर रहे हैं। जबकि मलकानगिरी, कोरापुट, फूलबनी और बालीगुड़ा सहित राज्य के कई हिस्सों में लोगों ने कृष्णा और मांझी के समर्थन में शुक्रवार को रैलियां निकाली। वहीं जिलाधिकारी और जूनियर इंजीनियर को अगवा किए जाने की घटना का असर शुक्रवार को उड़ीसा विधानसभा में भी देखने को मिला। विपक्षी दलों ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह बंधकों को छुड़ाने के लिए कोई कदम नहीं उठा रही है। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस सदस्यों ने विधानसभा अध्यक्ष के आसन के समीप आकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। सत्ताधारी पार्टी के सदस्यों द्वारा हंगामा कर रहे विधायकों को अध्यक्ष के आसन तक पहुंचने से रोकने के समय दोनों पक्षों के बीच हल्की हाथापाई भी हुई। हंगामा जारी रहने से विधानसभा अध्यक्ष प्रदीप अमात ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी। जिलाधिकारी कृष्णा बुधवार को वह बडापडा गांव में एक बैठक के बाद विकास परियोजनाओं का निरीक्षण करने के लिए बिना सुरक्षाकर्मियों के जा रहे थे इसी दौरान करीब छह हथियारबंद नक्सलियों ने उन्हें अगवा कर लिया।
नक्सलियों ने कृष्णा और माझी की रिहाई के लिए अपनी नई मांगें रखी हैं। जबकि इस मुद्दे को लेकर विपक्षी विधायकों ने उड़ीसा विधानसभा में हंगामा किया।
28
['hin']
एक सारांश बनाओ: संसद की कैंटीन में सांसदों को मिलने सस्ते खाने का मसला अक्सर खबरों में बना रहता है. कई बार लोग सवाल उठाते रहे हैं कि सांसदों को खाने पर इतनी सब्सिडी क्यों दी जा रही है.  लेकिन अब इस मामले में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है. सभी सांसदों ने संसद की कैंटीन में खाद्य वस्तुओं पर मिलने वाली सब्सिडी को छोड़ने का सर्वानुमति से निर्णय किया है. सूत्रों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी है. सूत्रों के अनुसार यह निर्णय लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के सुझाव के बाद किया गया है.  संसद भवन में खाने का बिल सालाना 17 करोड़ रुपये आता है. अब सब्सिडी हटाए जाने के बाद कैंटीन में खाने के दाम लागत के हिसाब से तय होंगे. पिछली लोकसभा में कैंटीन के खाने के दाम बढ़ा कर सब्सिडी का बिल कम किया गया था.  बता दें संसद में एक कैंटीन मीडिया के लिए तो एक सिर्फ सांसदों के लिए आरक्षित है. एक आंकड़े के मुताबिक़ जब संसद चल रही होती है तो यहां खाने वालों में 9 फ़ीसदी तादाद सांसदों की होती है और तीन फ़ीसदी पत्रकारों की. संसद के भीतर कैटरिंग का ज़िम्मा रेलवे संभालती है.
यहाँ एक सारांश है:पिछली लोकसभा में कम किया गया था सब्सिडी बिल सत्रह करोड़ है संसद भवन के खाने का सालाना बिल अब खाने के दाम लागत के हिसाब से होंगे तय
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भारतीय समुदाय को दीपावली की शुभकामनाएं देने के साथ ही 'साल मुबारक' कहा और विस्कोंसिन गुरुद्वारा त्रासदी के बाद सिख समुदाय के संयम और हौसले की सराहना की। गुरुद्वारा गोलीबारी कांड में सिख समुदाय के छह लोग मारे गए थे। दीपावली के मौके पर हर किसी को शुभकामनाएं देते हुए ओबामा ने कहा, दिवाली मना रहे लोगों को मैं शुभकामनाएं देता हूं। आपको, आपके परिजनों और प्रिय लोगों को दिवाली की बधाई और साल मुबारक। उन्होंने कहा, इस वर्ष के शुरुआत में हमें दुनिया में मौजूद बुराई का तब अहसास कराया गया, जब एक बंदूकधारी ने ओक क्रीक में सिख गुरुद्वारे में घुसकर गोलीबारी की। ओबामा ने कहा, इस भयानक त्रासदी के मौके पर हमने उस समुदाय के संयम और हौसले को देखा, जो अपने धर्म से अपनी ताकत पाता है और अपने सिख तथा गैर-सिख पड़ोसियों के साथ भाईचारे की भावना से रहता है।टिप्पणियां उन्होंने कहा, हमने लगाव और प्यार को भी देखा। त्रासदीपूर्ण दिन के बाद हमें अपनी अमेरिकी विविधता और धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार की याद दिलाई गई। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, आज, घर में और पूरी दुनिया में हिन्दू, जैन, सिख तथा कुछ बौद्ध दिवाली का त्योहार मनाएंगे। प्रकाश का पर्व। दिवाली परिजनों और मित्रों के साथ खुशियां मनाने का वक्त है, जिसमें अच्छा भोजन और नाच गाना प्रमुख रहता है। गुरुद्वारा गोलीबारी कांड में सिख समुदाय के छह लोग मारे गए थे। दीपावली के मौके पर हर किसी को शुभकामनाएं देते हुए ओबामा ने कहा, दिवाली मना रहे लोगों को मैं शुभकामनाएं देता हूं। आपको, आपके परिजनों और प्रिय लोगों को दिवाली की बधाई और साल मुबारक। उन्होंने कहा, इस वर्ष के शुरुआत में हमें दुनिया में मौजूद बुराई का तब अहसास कराया गया, जब एक बंदूकधारी ने ओक क्रीक में सिख गुरुद्वारे में घुसकर गोलीबारी की। ओबामा ने कहा, इस भयानक त्रासदी के मौके पर हमने उस समुदाय के संयम और हौसले को देखा, जो अपने धर्म से अपनी ताकत पाता है और अपने सिख तथा गैर-सिख पड़ोसियों के साथ भाईचारे की भावना से रहता है।टिप्पणियां उन्होंने कहा, हमने लगाव और प्यार को भी देखा। त्रासदीपूर्ण दिन के बाद हमें अपनी अमेरिकी विविधता और धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार की याद दिलाई गई। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, आज, घर में और पूरी दुनिया में हिन्दू, जैन, सिख तथा कुछ बौद्ध दिवाली का त्योहार मनाएंगे। प्रकाश का पर्व। दिवाली परिजनों और मित्रों के साथ खुशियां मनाने का वक्त है, जिसमें अच्छा भोजन और नाच गाना प्रमुख रहता है। उन्होंने कहा, इस वर्ष के शुरुआत में हमें दुनिया में मौजूद बुराई का तब अहसास कराया गया, जब एक बंदूकधारी ने ओक क्रीक में सिख गुरुद्वारे में घुसकर गोलीबारी की। ओबामा ने कहा, इस भयानक त्रासदी के मौके पर हमने उस समुदाय के संयम और हौसले को देखा, जो अपने धर्म से अपनी ताकत पाता है और अपने सिख तथा गैर-सिख पड़ोसियों के साथ भाईचारे की भावना से रहता है।टिप्पणियां उन्होंने कहा, हमने लगाव और प्यार को भी देखा। त्रासदीपूर्ण दिन के बाद हमें अपनी अमेरिकी विविधता और धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार की याद दिलाई गई। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, आज, घर में और पूरी दुनिया में हिन्दू, जैन, सिख तथा कुछ बौद्ध दिवाली का त्योहार मनाएंगे। प्रकाश का पर्व। दिवाली परिजनों और मित्रों के साथ खुशियां मनाने का वक्त है, जिसमें अच्छा भोजन और नाच गाना प्रमुख रहता है। उन्होंने कहा, हमने लगाव और प्यार को भी देखा। त्रासदीपूर्ण दिन के बाद हमें अपनी अमेरिकी विविधता और धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार की याद दिलाई गई। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, आज, घर में और पूरी दुनिया में हिन्दू, जैन, सिख तथा कुछ बौद्ध दिवाली का त्योहार मनाएंगे। प्रकाश का पर्व। दिवाली परिजनों और मित्रों के साथ खुशियां मनाने का वक्त है, जिसमें अच्छा भोजन और नाच गाना प्रमुख रहता है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, आज, घर में और पूरी दुनिया में हिन्दू, जैन, सिख तथा कुछ बौद्ध दिवाली का त्योहार मनाएंगे। प्रकाश का पर्व। दिवाली परिजनों और मित्रों के साथ खुशियां मनाने का वक्त है, जिसमें अच्छा भोजन और नाच गाना प्रमुख रहता है।
यह एक सारांश है: अमेरिकी राष्ट्रपति ने भारतीय समुदाय को दीपावली की शुभकामनाएं देने के साथ ही 'साल मुबारक' कहा और विस्कोंसिन गुरुद्वारा त्रासदी के बाद सिख समुदाय के संयम और हौसले की सराहना की।
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: HPBOSE 12th Result आज जारी नहीं किया जाएगा. HP Board (HPBOSE) की अधिकारी अंजू पाठक ने NDTV से बातचीत में कहा,''12वीं का रिजल्ट (HPBOSE 12th Result 2019) आज जारी नहीं किया जाएगा. बोर्ड द्वारा अभी रिजल्ट की तारीख तय नहीं हुई है. फिलहाल अभी मूल्यांकन कार्य चल रहा है.'' बता दें कि कुछ अखबार और वेबसाइट्स ने आज रिजल्ट (HP Board 12th Result 2019) होने की खबरें प्रकाशित की थी. बोर्ड के अधिकारी भी हैरान हैं कि ये जानकारी कहां से आई. बता दें कि हिमाचल बोर्ड (HPBOSE, HP Board) की 12वीं कक्षा का रिजल्ट (HPBOSE Result) ऑफिशियल वेबसाइट hpbose.org पर जारी किया जाएगा. स्टूडेंट्स अपना रिजल्ट (HPBOSE Result 2019) इस वेबसाइट पर जाकर चेक कर पाएंगे. 12वीं की परीक्षा में 1 लाख स्टूडेंट्स ने भाग लिया था. परीक्षा  6 मार्च से  29 मार्च तक आयोजित की गई थी. बता दें कि पिछले साल HPBOSE 12th Result 24 अप्रैल को जारी किया गया था. पिछले साल 86 फीसदी स्टूडेंट्स 12वीं की परीक्षा में पास हुए थे. पिछले साल कुल 68,469 स्टूडेंट्स पास हुए थे. 2018 में 98,281 स्टूडेंट्स ने HPBOSE Class 12 परीक्षा में भाग लिया था.   - स्टूडेंट्स अपना रिजल्ट चेक करने के लिए ऑफिशियल वेबसाइट hpbose.org पर जाएं. - वेबसाइट पर दिए गए रिजल्ट के सेक्शन पर क्लिक करें. - अब 12वीं के रिजल्ट के लिंक पर क्लिक करें. - अपना नाम और रोल नंबर सबमिट करें. - आपका रिजल्ट आपकी स्क्रीन पर आ जाएगा. - आप भविष्य के लिए अपने रिजल्ट का प्रिंट ऑउट ले सकते हैं.
12वीं का रिजल्ट आज नहीं आएगा. बोर्ड ने अभी रिजल्ट जारी करने की तारीख तय नहीं की है. बोर्ड द्वारा अभी मूल्यांकन कार्य चल रहा है.
6
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: इंटरनेट के जरिये तमाम जानकारी उपलब्ध कराने वाली वैश्विक कंपनी गूगल ने बेंगलुरू में अपनी स्ट्रीट व्यू सेवा निलंबित कर दी है। इसे कंपनी की वैश्विक मैपिंग परियोजना के लिए एक झटका माना जा रहा है। पुलिस के आदेश के बाद कंपनी ने यह सेवा निलंबित की। गूगल के एक प्रवक्ता ने कहा, हम यह पुष्टि कर सकते हैं कि हमें स्ट्रीट व्यू के संबंध में पुलिस आयुक्त से एक पत्र मिला है। हम इस समय स्ट्रीट व्यू सेवा की समीक्षा कर रहे हैं। पुलिस की चिंताओं का निराकरण किए जाने तक हमने अपनी मैपिंग कारों का आवागमन रोक दिया है। उल्लेखनीय है कि गूगल ने पिछले महीने भारत में अपनी स्ट्रीट व्यू सेवा लांच की थी और विशेष ढंग से डिजाइन की गई कारों के जरिये शहर की सड़को, गलियों का दौरा कर तस्वीरों का संग्रह करने का काम शुरू किया था। इन तस्वीरों को बाद में गूगल के नक्शों में दिखाया जाना था। समझा जाता है कि बेंगलुरू पुलिस ने गूगल के सड़को और गलियों को नक्शे में कैद करने के काम पर एतराज किया था। पुलिस ने सुरक्षा कारणों से ऐसा किया। गूगल को कई यूरोपीय देशों में भी इस तरह के काम से रोका गया है।
सारांश: इसे कंपनी की वैश्विक मैपिंग परियोजना के लिए झटका माना जा रहा है। पुलिस के आदेश के बाद कंपनी ने यह सेवा निलंबित की।
31
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: द्वारका-शारदापीठ एवं ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानन्द सरस्वती ने फिर से नरेंद्र मोदी की सरकार बनने के बाद उसे पिछला वादा याद दिलाते हुए रविवार को यहां कहा कि अब इस सरकार को अयोध्या में भव्य एवं दिव्य राम मंदिर की स्थापना करने का वादा जरूर पूरा करना चाहिए. वह यहां वृन्दावन बीती शाम में एक दिन के प्रवास पर आए हुए थे. उन्होंने संवाददाताओं से वार्ता में कहा, ‘‘भारतीय जनता पार्टी बरसों से अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण की बात करती आई है किंतु उसने कभी इस मुद्दे को गम्भीरता से नहीं लिया. क्योंकि, भाजपा के राम और धर्माचार्यों के राम में बड़ा फर्क है.'' उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा के राम आदर्श महापुरुष हैं, जबकि हमारे राम आराध्य राम हैं. इसलिए संत चाहते हैं कि अयोध्या में आराध्य राम लला का मंदिर निर्माण होना चाहिए और भाजपा को इस बार अपना यह वादा पूरा करके दिखाना चाहिए.'' उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण पर यह तर्क भी दिया कि वहां राम जन्मभूमि पर मस्जिद नाम की कभी कोई इमारत या भूमि थी ही नहीं. न कभी वहां बाबर आया और न ही इतिहास में वहां मस्जिद को लेकर कोई उल्लेख है. उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा ने जम्मू-कश्मीर से संविधान में वर्णित अनुच्छेद 370 हटाने, विदेशों में गोमांस के निर्यात पर रोक लगाने, गोरक्षा के लिए कदम उठाने, देश की पवित्र नदियों को प्रदूषण मुक्त कराने जैसे कई वादे वर्षों से कर रखे हैं जिन्हें अब पूरा करने का वक्त आ गया है.''
यहाँ एक सारांश है:शंकराचार्य स्वरूपानंद ने मोदी सरकार को याद दिलाया अयोध्या में जल्द बने राम मंदिर इन मुद्दों पर भी की बात
4
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: ऑस्ट्रेलिया की टेस्ट टीम के कप्तान माइकल क्लार्क ने भारत के साथ खेली जाने वाली चार टेस्ट मैचों की श्रृंखला में अपने साथी खिलाड़ियों से साफ-सुथरी क्रिकेट खेलने को कहा है। क्लार्क ने साथी खिलाड़ियों को चेतावनी भी दी है कि यदि किसी की शिकायत आती है तो उसे दण्डित किया जाएगा। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच चार टेस्ट मैचों की श्रृंखला का पहला टेस्ट मैच सोमवार से मेलबर्न क्रिकेट मैदान पर खेला जाएगा। क्लार्क के मुताबिक वह बिना किसी विवाद के श्रृंखला खेलना चाहते हैं। क्लार्क ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, "दोनों टीमें समझती हैं कि हम कहां पर हैं। ऑस्ट्रेलियाई टीम और भारतीय टीम के बीच सम्बंध मजबूत नहीं हो सकते। हम यह बात अच्छी तरह समझते हैं कि दोनों टीमों के बीच एक सीमा रेखा है जिसे आप लांघ नहीं सकते।" बकौल क्लार्क, "मैं इस बात की गारंटी ले सकता हूं कि आस्ट्रेलियाई टीम इस सीमा रेखा को नहीं लांघेगी। बावजूद इसके यदि वह इसे लांघने की कोशिश करती है तो उसे आईसीसी और क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया द्वारा दण्डित किया जाएगा।" क्लार्क ने कहा, "हम बेहतर क्रिकेट खेलने की कोशिश करेंगे और सीमा रेखा लांघने से बचेंगे।" उल्लेखनीय है चार वर्ष पहले ऑस्ट्रेलिया में सिडनी टेस्ट के दौरान "मंकीगेट" विवाद प्रकरण सामने आया था। इसमें भारत के हरभजन सिंह और आस्ट्रेलिया के एंड्रयू सायमंड्स शामिल थे। बकौल क्लार्क, "ऑस्ट्रेलियाई और भारतीय खिलाड़ियों के बीच बहुत अच्छे सम्बंध हैं और हम इसे आगे भी जारी रखने की कोशिश करेंगे।" "दोनों टीमों ने आपस में बहुत क्रिकेट खेली है और मैदान पर प्रतिस्पर्धी रही हैं लेकिन मैदान के बाहर दोनों टीमों के बीच अच्छा सम्बंध रहा है।" सचिन तेंदुलकर के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 100वें शतक के बारे में क्लार्क ने कहा, "मैं चाहता हूं कि तेंदुलकर का यह शतक ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर पूरा न हो। मैं चाहूंगा कि वह किसी और श्रृंखला में इसे पूरा करें।"
सारांश: ऑस्ट्रेलियाई टेस्ट टीम कप्तान माइकल क्लार्क ने भारत के साथ खेले जाने वाली श्रृंखला में अपने साथी खिलाड़ियों से साफ-सुथरी क्रिकेट खेलने को कहा।
7
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: बॉलीवुड अभिनेत्री ईशा गुप्ता इस बात से काफी खुश हैं कि भारतीय मॉडलों के अनोखे लुक को दुनियाभर में सराहा जाता है। ईशा फेमिना मिस इंडिया 2007 प्रतियोगिता में तीसरे स्थान पर थीं। फिल्मों में आने से पहले वह मॉडल रह चुकी हैं। साल 2010 में किंगफिशर के स्विमसूट कैलेंडर में ईशा को स्थान मिला था।टिप्पणियां ईशा कहती हैं, भारत में कमल सिद्धू और लक्ष्मी जैसी खूबसूरत मॉडल हैं। विदेशी कार्यक्रमों में अक्सर भारतीय मॉडलों की मांग होती है। भारतीय मॉडल अपने वास्तविक और अलग लुक के लिए जानी जाती हैं। ईशा ने निर्माता महेश भट्ट की फिल्म 'जन्नत 2' से अपने अभिनय जीवन की शुरुआत की थी। ईशा फेमिना मिस इंडिया 2007 प्रतियोगिता में तीसरे स्थान पर थीं। फिल्मों में आने से पहले वह मॉडल रह चुकी हैं। साल 2010 में किंगफिशर के स्विमसूट कैलेंडर में ईशा को स्थान मिला था।टिप्पणियां ईशा कहती हैं, भारत में कमल सिद्धू और लक्ष्मी जैसी खूबसूरत मॉडल हैं। विदेशी कार्यक्रमों में अक्सर भारतीय मॉडलों की मांग होती है। भारतीय मॉडल अपने वास्तविक और अलग लुक के लिए जानी जाती हैं। ईशा ने निर्माता महेश भट्ट की फिल्म 'जन्नत 2' से अपने अभिनय जीवन की शुरुआत की थी। ईशा कहती हैं, भारत में कमल सिद्धू और लक्ष्मी जैसी खूबसूरत मॉडल हैं। विदेशी कार्यक्रमों में अक्सर भारतीय मॉडलों की मांग होती है। भारतीय मॉडल अपने वास्तविक और अलग लुक के लिए जानी जाती हैं। ईशा ने निर्माता महेश भट्ट की फिल्म 'जन्नत 2' से अपने अभिनय जीवन की शुरुआत की थी। ईशा ने निर्माता महेश भट्ट की फिल्म 'जन्नत 2' से अपने अभिनय जीवन की शुरुआत की थी।
यह एक सारांश है: बॉलीवुड अभिनेत्री ईशा गुप्ता इस बात से काफी खुश हैं कि भारतीय मॉडलों के अनोखे लुक को दुनियाभर में सराहा जाता है।
2
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: उच्चतम न्यायालय ने पुणे स्थित घोड़ा कारोबारी हसन अली खान के खिलाफ कथित तौर पर कालेधन को सफेद करने के मामले में आरोप पत्र दाखिल किए जाने के बारे में खुद को अंधेरे में रखे जाने पर प्रवर्तन निदेशालय को आड़े हाथों लिया और इस घटनाक्रम पर हैरानी जताई। न्यायालय ने इस संवेदनशील मामले की जांच की निगरानी के लिए सरकार की ओर से गठित उच्च स्तरीय समिति के कामकाज पर भी सवाल खड़ा किया। शीर्ष न्यायालय ने चार मई को इस मामले की सुनवाई के दौरान उस समय नाराजगी व्यक्त की थी, जब प्रवर्तन निदेशालय ने खान एवं अन्य से जुड़े कालाधन मामले की जांच से संबंधित स्थिति रिपोर्ट पेश की थी लेकिन उसमें यह जिक्र नहीं किया गया था कि मुम्बई की विशेष अदालत के समक्ष छह मई को आरोपपत्र दायर किया जायेगा। उच्चतम न्यायालय कालेधन से जुड़े मामलों की निगरानी कर रहा है। हसन अली के मामले में न्यायमूर्ति बी सुदर्शन रेड्डी और न्यायमूर्ति एसएस निज्जर की पीठ ने पूछा, आपने हमें इस बात की सूचना क्यों नहीं दी गई कि हसन अली के खिलाफ जांच पूरी हो गई है। आपने (प्रवर्तन निदेशालय) ने अपनी स्थिति रिपोर्ट में कहा है कि जांच चल रही है। इसके दो दिन बाद हमने अखबारों में पढ़ा कि आपने आरोप पत्र दायर कर दिया है। हमारे लिए आपत्ति जताना आवश्यक है। उच्चतम न्यायालय की पीठ ने इस बात पर भी आश्चर्य जताया कि आरोप पत्र को सरकार की ओर से गठित उच्च स्तरीय समिति के समक्ष प्रस्तुत क्यों नहीं किया गया। न्यायालय ने कहा, हमने सोचा था कि ऐसे सभी मामलों की निगरानी के लिए उच्चतम न्यायालय के किसी अवकाशप्राप्त न्यायाधीश की नियुक्ति की जाये, लेकिन आपने इसके लिए एक अलग तंत्र बनाया। हम देखना चाहते हैं कि आपके इस तंत्र में क्या कमी है और यह कैसे काम करता रहा है। न्यायालय ने कहा, आपने अपनी ओर से गठित समिति के समक्ष आरोप पत्र को प्रस्तुत किये बिना ही इसे दायर कर दिया। हमें आश्चर्य हुआ है। पीठ ने कहा, हमने चार मई को इस मामले की सुनवाई की थी लेकिन उस दिन स्थिति रिपोर्ट में इस बात का कोई जिक्र नहीं किया गया था कि छह मई को आरोप पत्र पेश किया जाएगा। आपने इस बात का स्थिति रिपोर्ट में कोई उल्लेख नहीं किया। आरोप पत्र के बारे में कोई जिक्र नहीं किया गया था। शीर्ष अदालत ने पूछा, इस बात का क्यों उल्लेख नहीं किया गया था कि आरोप पत्र पेश किया जाएगा। पीठ ने यह भी पूछा, इस बात का उल्लेख क्यों नहीं किया गया था कि जांच का काम पूरा हो गया था और आरोपपत्र दायर किया जायेगा। दो दिन बाद हम अखवार में पढ़ते हैं कि आरोपपत्र दायर कर दिया गया। उच्चतम न्यायालय ने कहा कि चार मई को पेश स्थिति रिपोर्ट में कहा गया था कि जांच का कार्य अभी भी जारी है। पीठ ने कहा कि यह आश्चर्यजनक है कि राजस्व सचिव के नेतृत्व वाली 10 सदस्यीय समिति के समक्ष आरोप पत्र को नहीं रखा गया। पीठ ने कहा, हम समझते थे कि किसी को आरोपपत्र को देखना चाहिए। इसे सरकार की ओर से गठित समिति के समक्ष रखा जाना चाहिए था। पीठ ने कहा कि प्रश्न जांच की निगरानी से जुड़ा हुआ है जिसके लिए सरकार की ओर से विशेष जांच दल के गठन का विरोध करते हुए एक तंत्र स्थापित किया गया था। शीर्ष न्यायालय की पीठ ने सालिसिटर जनरल गोपाल सुब्रमण्यम से कहा, हमें आश्चर्य है कि आपने एक तंत्र सुझाया और निगरानी के लिए तंत्र का गठन किया।। सुब्रमण्यम ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि आरोप पत्र को समिति के समक्ष रखा जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि सुधारात्मक उपाए किए जाएंगे। अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय से याचिकाकर्ताओं को 900 पन्नों के आरोप पत्र की प्रति देने का निर्देश दिया। अदालत जाने माने वकील राम जेठमलानी एवं अन्य की ओर से दायर मामले की सुनवाई कर रही थी जिसमें विदेशों में स्थित बैंकों में जमा भारतीयों के धन को स्वदेश लाने के लिए कार्रवाई किये जाने की मांग की गई थी।
संक्षिप्त सारांश: न्यायालय ने इस संवेदनशील मामले की जांच की निगरानी के लिए सरकार की ओर से गठित उच्च स्तरीय समिति के कामकाज पर भी सवाल खड़ा किया।
23
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दो हफ्ते से एम्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती दो साल की बच्ची की हालत अभी भी खतरे से बाहर नहीं है। डॉक्टर के मुताबिक बच्ची का ऑपरेशन करना पड़ सकता है। दूसरी ओर पुलिस इस पूरे मामले में दो लोगों की तलाश कर रही है। बच्ची की असली मां और नाबालिग लड़की को बच्ची सौंपने वाले शख्स दिलशाद उर्फ राजकुमार की। जिंदगी की जंग लड़ रही दो साल की मासूम एक बार फिर वेंटिलेटर के सहारे है। डॉक्टरों के मुताबिक बच्ची के सीने में इंपेक्शन है साथ ही दिमाग के हुए सीटी स्कैन में कुछ फ्लूएड देखा गया है। दो हफ्ते तक लगातार कड़ी कोशिश के बावजूद डॉक्टर यह कहने की हालत में नहीं हैं कि बच्ची को बचा पाएंगे या नहीं। दो साल की फलक को एम्स लेकर आने वाली भी 15−16 साल की नाबालिग लड़की थी जिसने खुद को बच्ची की मां बताया लेकिन अब पुलिस की जांच में यह बात सामने आई कि अपनी मां से बिछड़कर अस्पताल पहुंचने तक छोटी-सी बच्ची कई हालात और हाथ से होकर गुजरी है लेकिन चार-पांच दिनों बाद ही मुन्नी बच्ची को छोड़कर चली गईा लक्ष्मी के पास अपने चार बच्चे थे लिहाजा उसने अपने घर आने वाले मनोज को बच्ची दे दी। मनोज से यह बच्ची दिलशाद उर्फ राजकुमार के हाथ पहुंची जो शादीशुदा था और एक बेटे का बाप भी। राजकुमार का बेटा मानसिक तौर पर बीमार था और वह मुंबई में अपने ननिहाल में रहता था। राजकुमार ने पहले सोचा कि बच्ची की वजह से उसकी पत्नी तबस्सुम का मन लगेगा और वह उसे घर ले आया लेकिन पत्नी ने उसे रखने से इनकार कर दिया।टिप्पणियां इस पूरे मामले में पुलिस को जिस शख्स की बड़ी शिद्दत से तलाश है उसका नाम दिलशाद उर्फ राजकुमार है जिसने शादीशुदा होकर एक नाबालिक का शोषण किया फिर बेसहारा छोड़कर मुंबई चला गया। बच्ची को अस्पताल लाने वाली भी नाबालिग है जिसने पहले तो खुद को उसकी मां बताया फिर बाद में पता चला कि वह खुद ही फरेब का शिकार हुई। वह बीते डेढ़ महीने से अपना घर छोड़कर राजकुमार के साथ रह रही थी राजकुमार ने संगम विहार में एक कमरा ले रखा था जहां शरण देने के बहाने नाबालिक का शारीरिक शोषण कर रहा था जब राजकुमार की पत्नी ने बच्ची को रखने से मना किया कि तो उसे लाकर लड़की को थमा दिया। संयोग से तभी अपने बच्चे की तबीयत खराब होने से राजकुमार की पत्नी मुंबई चली गई और उसके पीछे 12 जनवरी को खुद राजकुमार भी चला गया और पीछे रह गई संगम विहार के एक कमरे में दो नाबालिग लड़कियां। उनके पास खाने तक को कुछ नहीं था। लिहाजा जब बच्ची भूख से रोने लगती तो लड़की का धीरज जवाब दे जाता और वह उसे पीटकर चुप कराने की कोशिश करती लेकिन 18 जनवरी को सिर में गंभीर चोट आने के बाद पड़ोसी उसे पहले प्राइवेट नर्सिंग होम ले गए लेकिन बच्ची की हालत नाजुक थी तो एम्स जाने को कहा गया। अब पुलिस को उस लड़की को लेकर जुवेनाइल कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट भी पेश करनी है साथ ही उसका शोषण करने वाले राजकुमार की तलाश भी। जिंदगी की जंग लड़ रही दो साल की मासूम एक बार फिर वेंटिलेटर के सहारे है। डॉक्टरों के मुताबिक बच्ची के सीने में इंपेक्शन है साथ ही दिमाग के हुए सीटी स्कैन में कुछ फ्लूएड देखा गया है। दो हफ्ते तक लगातार कड़ी कोशिश के बावजूद डॉक्टर यह कहने की हालत में नहीं हैं कि बच्ची को बचा पाएंगे या नहीं। दो साल की फलक को एम्स लेकर आने वाली भी 15−16 साल की नाबालिग लड़की थी जिसने खुद को बच्ची की मां बताया लेकिन अब पुलिस की जांच में यह बात सामने आई कि अपनी मां से बिछड़कर अस्पताल पहुंचने तक छोटी-सी बच्ची कई हालात और हाथ से होकर गुजरी है लेकिन चार-पांच दिनों बाद ही मुन्नी बच्ची को छोड़कर चली गईा लक्ष्मी के पास अपने चार बच्चे थे लिहाजा उसने अपने घर आने वाले मनोज को बच्ची दे दी। मनोज से यह बच्ची दिलशाद उर्फ राजकुमार के हाथ पहुंची जो शादीशुदा था और एक बेटे का बाप भी। राजकुमार का बेटा मानसिक तौर पर बीमार था और वह मुंबई में अपने ननिहाल में रहता था। राजकुमार ने पहले सोचा कि बच्ची की वजह से उसकी पत्नी तबस्सुम का मन लगेगा और वह उसे घर ले आया लेकिन पत्नी ने उसे रखने से इनकार कर दिया।टिप्पणियां इस पूरे मामले में पुलिस को जिस शख्स की बड़ी शिद्दत से तलाश है उसका नाम दिलशाद उर्फ राजकुमार है जिसने शादीशुदा होकर एक नाबालिक का शोषण किया फिर बेसहारा छोड़कर मुंबई चला गया। बच्ची को अस्पताल लाने वाली भी नाबालिग है जिसने पहले तो खुद को उसकी मां बताया फिर बाद में पता चला कि वह खुद ही फरेब का शिकार हुई। वह बीते डेढ़ महीने से अपना घर छोड़कर राजकुमार के साथ रह रही थी राजकुमार ने संगम विहार में एक कमरा ले रखा था जहां शरण देने के बहाने नाबालिक का शारीरिक शोषण कर रहा था जब राजकुमार की पत्नी ने बच्ची को रखने से मना किया कि तो उसे लाकर लड़की को थमा दिया। संयोग से तभी अपने बच्चे की तबीयत खराब होने से राजकुमार की पत्नी मुंबई चली गई और उसके पीछे 12 जनवरी को खुद राजकुमार भी चला गया और पीछे रह गई संगम विहार के एक कमरे में दो नाबालिग लड़कियां। उनके पास खाने तक को कुछ नहीं था। लिहाजा जब बच्ची भूख से रोने लगती तो लड़की का धीरज जवाब दे जाता और वह उसे पीटकर चुप कराने की कोशिश करती लेकिन 18 जनवरी को सिर में गंभीर चोट आने के बाद पड़ोसी उसे पहले प्राइवेट नर्सिंग होम ले गए लेकिन बच्ची की हालत नाजुक थी तो एम्स जाने को कहा गया। अब पुलिस को उस लड़की को लेकर जुवेनाइल कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट भी पेश करनी है साथ ही उसका शोषण करने वाले राजकुमार की तलाश भी। दो साल की फलक को एम्स लेकर आने वाली भी 15−16 साल की नाबालिग लड़की थी जिसने खुद को बच्ची की मां बताया लेकिन अब पुलिस की जांच में यह बात सामने आई कि अपनी मां से बिछड़कर अस्पताल पहुंचने तक छोटी-सी बच्ची कई हालात और हाथ से होकर गुजरी है लेकिन चार-पांच दिनों बाद ही मुन्नी बच्ची को छोड़कर चली गईा लक्ष्मी के पास अपने चार बच्चे थे लिहाजा उसने अपने घर आने वाले मनोज को बच्ची दे दी। मनोज से यह बच्ची दिलशाद उर्फ राजकुमार के हाथ पहुंची जो शादीशुदा था और एक बेटे का बाप भी। राजकुमार का बेटा मानसिक तौर पर बीमार था और वह मुंबई में अपने ननिहाल में रहता था। राजकुमार ने पहले सोचा कि बच्ची की वजह से उसकी पत्नी तबस्सुम का मन लगेगा और वह उसे घर ले आया लेकिन पत्नी ने उसे रखने से इनकार कर दिया।टिप्पणियां इस पूरे मामले में पुलिस को जिस शख्स की बड़ी शिद्दत से तलाश है उसका नाम दिलशाद उर्फ राजकुमार है जिसने शादीशुदा होकर एक नाबालिक का शोषण किया फिर बेसहारा छोड़कर मुंबई चला गया। बच्ची को अस्पताल लाने वाली भी नाबालिग है जिसने पहले तो खुद को उसकी मां बताया फिर बाद में पता चला कि वह खुद ही फरेब का शिकार हुई। वह बीते डेढ़ महीने से अपना घर छोड़कर राजकुमार के साथ रह रही थी राजकुमार ने संगम विहार में एक कमरा ले रखा था जहां शरण देने के बहाने नाबालिक का शारीरिक शोषण कर रहा था जब राजकुमार की पत्नी ने बच्ची को रखने से मना किया कि तो उसे लाकर लड़की को थमा दिया। संयोग से तभी अपने बच्चे की तबीयत खराब होने से राजकुमार की पत्नी मुंबई चली गई और उसके पीछे 12 जनवरी को खुद राजकुमार भी चला गया और पीछे रह गई संगम विहार के एक कमरे में दो नाबालिग लड़कियां। उनके पास खाने तक को कुछ नहीं था। लिहाजा जब बच्ची भूख से रोने लगती तो लड़की का धीरज जवाब दे जाता और वह उसे पीटकर चुप कराने की कोशिश करती लेकिन 18 जनवरी को सिर में गंभीर चोट आने के बाद पड़ोसी उसे पहले प्राइवेट नर्सिंग होम ले गए लेकिन बच्ची की हालत नाजुक थी तो एम्स जाने को कहा गया। अब पुलिस को उस लड़की को लेकर जुवेनाइल कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट भी पेश करनी है साथ ही उसका शोषण करने वाले राजकुमार की तलाश भी। इस पूरे मामले में पुलिस को जिस शख्स की बड़ी शिद्दत से तलाश है उसका नाम दिलशाद उर्फ राजकुमार है जिसने शादीशुदा होकर एक नाबालिक का शोषण किया फिर बेसहारा छोड़कर मुंबई चला गया। बच्ची को अस्पताल लाने वाली भी नाबालिग है जिसने पहले तो खुद को उसकी मां बताया फिर बाद में पता चला कि वह खुद ही फरेब का शिकार हुई। वह बीते डेढ़ महीने से अपना घर छोड़कर राजकुमार के साथ रह रही थी राजकुमार ने संगम विहार में एक कमरा ले रखा था जहां शरण देने के बहाने नाबालिक का शारीरिक शोषण कर रहा था जब राजकुमार की पत्नी ने बच्ची को रखने से मना किया कि तो उसे लाकर लड़की को थमा दिया। संयोग से तभी अपने बच्चे की तबीयत खराब होने से राजकुमार की पत्नी मुंबई चली गई और उसके पीछे 12 जनवरी को खुद राजकुमार भी चला गया और पीछे रह गई संगम विहार के एक कमरे में दो नाबालिग लड़कियां। उनके पास खाने तक को कुछ नहीं था। लिहाजा जब बच्ची भूख से रोने लगती तो लड़की का धीरज जवाब दे जाता और वह उसे पीटकर चुप कराने की कोशिश करती लेकिन 18 जनवरी को सिर में गंभीर चोट आने के बाद पड़ोसी उसे पहले प्राइवेट नर्सिंग होम ले गए लेकिन बच्ची की हालत नाजुक थी तो एम्स जाने को कहा गया। अब पुलिस को उस लड़की को लेकर जुवेनाइल कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट भी पेश करनी है साथ ही उसका शोषण करने वाले राजकुमार की तलाश भी। बच्ची को अस्पताल लाने वाली भी नाबालिग है जिसने पहले तो खुद को उसकी मां बताया फिर बाद में पता चला कि वह खुद ही फरेब का शिकार हुई। वह बीते डेढ़ महीने से अपना घर छोड़कर राजकुमार के साथ रह रही थी राजकुमार ने संगम विहार में एक कमरा ले रखा था जहां शरण देने के बहाने नाबालिक का शारीरिक शोषण कर रहा था जब राजकुमार की पत्नी ने बच्ची को रखने से मना किया कि तो उसे लाकर लड़की को थमा दिया। संयोग से तभी अपने बच्चे की तबीयत खराब होने से राजकुमार की पत्नी मुंबई चली गई और उसके पीछे 12 जनवरी को खुद राजकुमार भी चला गया और पीछे रह गई संगम विहार के एक कमरे में दो नाबालिग लड़कियां। उनके पास खाने तक को कुछ नहीं था। लिहाजा जब बच्ची भूख से रोने लगती तो लड़की का धीरज जवाब दे जाता और वह उसे पीटकर चुप कराने की कोशिश करती लेकिन 18 जनवरी को सिर में गंभीर चोट आने के बाद पड़ोसी उसे पहले प्राइवेट नर्सिंग होम ले गए लेकिन बच्ची की हालत नाजुक थी तो एम्स जाने को कहा गया। अब पुलिस को उस लड़की को लेकर जुवेनाइल कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट भी पेश करनी है साथ ही उसका शोषण करने वाले राजकुमार की तलाश भी।
यहाँ एक सारांश है:दो हफ्ते से एम्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती दो साल की बच्ची की हालत अभी भी खतरे से बाहर नहीं है। डॉक्टर के मुताबिक बच्ची का ऑपरेशन करना पड़ सकता है।
12
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: गुवाहाटी में नागरिकता संशोधन बिल (Citizenship Amendment Bill) के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन को देखते हुए कर्फ्यू लगा दिया गया है. इसके अलावा असम के 10 जिलों में 24 घंटे के लिए मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को सस्पेंड कर दिया गया है. यह प्रतिबंध आज शाम 7 बजे से शुरू होगा. बता दें कि नागरिकता संशोधन विधेयक (Citizen Amendment) के खिलाफ बुधवार को हजारों लोग असम में सड़कों पर उतरे. राज्य के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प से राज्य में अव्यवस्था की स्थिति पैदा हो गई है.  हालांकि, किसी भी पार्टी या छात्र संगठन ने बंद, प्रदर्शन का आह्वान नहीं किया है. सचिवालय के पास प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा बलों के साथ भिड़ंत हो गई. गुवाहाटी एयरपोर्ट के बाहर चल रहे उग्र प्रदर्शन के कारण मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल काफी देर तक वहां फंसे रहे. वहीं, दिल्ली में अधिकारियों ने बताया कि नागरिकता विधेयक को लेकर विरोध के मद्देनजर शांति का माहौल सुनिश्चित करने के लिए अर्द्धसैनिक बलों के पांच हजार जवानों को पूर्वोत्तर भेजा जा रहा है.  इस बीच अधिकारियों ने बताया कि विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए असम के 10 जिलों में बुधवार शाम सात बजे से इंटरनेट सेवा अगले 24 घंटे के लिए रोकी जाएगी. लखि‍मपुर, धेमाजी, ति‍नसुकिया, डिब्रुगढ़, शिवसागर, जोरहाट, कामरूप और गोलाघाट जिलों में 24 घंटे के लिए मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगा दी गई है. गुवाहाटी (Guwahati) में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए लाठियां चलाईं और आंसू गैस के गोले छोड़े. लोकसभा में विधेयक पारित होने वाले दिन से ही असम के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है. छात्र नेताओं के मुताबिक, सचिवालय के सामने पुलिस की कार्रवाई में कई प्रदर्शनकारी घायल हो गए. प्रशासन या पुलिस के अधिकारियों से पुष्टि नहीं हो सकी, लेकिन खबरें मिली हैं कि गुवाहाटी, डिब्रूगढ़ और जोरहाट जैसे स्थानों पर सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है.
यहाँ एक सारांश है:नागरिकता संशोधन बिल के विरोध में जोरदार प्रदर्शन गुवाहाटी में लगा कर्फ्यू, स्टैंड बाय पर सेना असम के 10 जिलों में 24 घंटे के लिए मोबाइल इंटरनेट सेवाएं सस्पेंड
4
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: कोल ब्लॉक आवंटन के मुद्दे पर संसद की कार्यवाही ठप पड़ी है। हर रोज की तरह आज भी बीजेपी के हंगामे के चलते संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही को स्थगित कर दिया गया है। उधर, मायावती ने प्रमोशन में रिजर्वेशन बिल को पास कराने के लिए संसद का सत्र को 10 से 12 दिन बढ़ाने की मांग की है।टिप्पणियां गौरतलब है कि बुधवार को भारी हंगामे के बीच राज्यसभा में प्रमोशन में रिजर्वेशन के लिए बिल को पेश कर दिया गया है। अब इस बिल को पास कराने के लिए सरकार को दो तिहाई बहुमत की जरूरत है। जहां मायावती इस बिल का पुरजोर समर्थन कर रही हैं वहीं समाजवादी पार्टी पूरी तरह से इसके विरोध में खड़ी है। अब बिल को पास कराने के लिए केन्द्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे विपक्ष के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी से मुलाकात की और इस बैठक में सुषमा स्वराज, राजनाथ सिंह और अरुण जेटली भी मौजूद थे। गौरतलब है कि बुधवार को भारी हंगामे के बीच राज्यसभा में प्रमोशन में रिजर्वेशन के लिए बिल को पेश कर दिया गया है। अब इस बिल को पास कराने के लिए सरकार को दो तिहाई बहुमत की जरूरत है। जहां मायावती इस बिल का पुरजोर समर्थन कर रही हैं वहीं समाजवादी पार्टी पूरी तरह से इसके विरोध में खड़ी है। अब बिल को पास कराने के लिए केन्द्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे विपक्ष के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी से मुलाकात की और इस बैठक में सुषमा स्वराज, राजनाथ सिंह और अरुण जेटली भी मौजूद थे। अब बिल को पास कराने के लिए केन्द्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे विपक्ष के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी से मुलाकात की और इस बैठक में सुषमा स्वराज, राजनाथ सिंह और अरुण जेटली भी मौजूद थे।
मायावती ने प्रमोशन में रिजर्वेशन बिल को पास कराने के लिए संसद का सत्र को 10 से 12 दिन बढ़ाने की मांग की है।
34
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने बड़ी संख्या में विदेश दौरों को लेकर हुई आलोचना को खारिज करते हुए कहा है कि वह अपनी मर्जी से बाहर नहीं गईं, बल्कि सरकार के आग्रह पर भारत के रिश्तों को बढ़ावा देने के लिए ये यात्राएं कीं। सेशल्स और दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर रवाना होने के बाद अपने साथ जा रहे संवाददाताओं से बातचीत करते हुए प्रतिभा ने यह बात कही। बतौर राष्ट्रपति यह उनका आखिरी विदेश दौरा है। वह 25 जुलाई को राष्ट्रपति पद से सेवानिवृत्त हो रही हैं। उन्होंने कहा, ‘सरकार चाहती थी कि मैं दो-तीन और देशों का दौरा करूं, लेकिन वक्त की कमी के कारण ऐसा संभव नहीं था।’ प्रतिभा ने कहा कि आज का दौर परस्पर निर्भरता का है और कोई भी देश अकेले नहीं चल सकता, बल्कि उसे दूसरों के साथ रिश्ते को बढ़ाना होगा।टिप्पणियां भारत के बड़े बहुमत से सुरक्षा परिषद के अस्थायी सदस्य चुने जाने का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि यही वजह है कि नए दोस्त बनाना और पुरानों के साथ रिश्तों को सुधारना बहुत जरूरी है। यह पूछे जाने पर कि अब तक के अपने 22 देशों के दौरे के बारे में क्या कहेंगी, तो उन्होंने कहा, ‘ये दौरे भारत की वैश्विक स्तर पर बढ़ती छवि को बढ़ावा देने और दूसरे देशों के साथ भारत के रिश्तों को मजबूत बनाने के लिए बेहद सफल रहे हैं।’ सेशल्स और दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर रवाना होने के बाद अपने साथ जा रहे संवाददाताओं से बातचीत करते हुए प्रतिभा ने यह बात कही। बतौर राष्ट्रपति यह उनका आखिरी विदेश दौरा है। वह 25 जुलाई को राष्ट्रपति पद से सेवानिवृत्त हो रही हैं। उन्होंने कहा, ‘सरकार चाहती थी कि मैं दो-तीन और देशों का दौरा करूं, लेकिन वक्त की कमी के कारण ऐसा संभव नहीं था।’ प्रतिभा ने कहा कि आज का दौर परस्पर निर्भरता का है और कोई भी देश अकेले नहीं चल सकता, बल्कि उसे दूसरों के साथ रिश्ते को बढ़ाना होगा।टिप्पणियां भारत के बड़े बहुमत से सुरक्षा परिषद के अस्थायी सदस्य चुने जाने का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि यही वजह है कि नए दोस्त बनाना और पुरानों के साथ रिश्तों को सुधारना बहुत जरूरी है। यह पूछे जाने पर कि अब तक के अपने 22 देशों के दौरे के बारे में क्या कहेंगी, तो उन्होंने कहा, ‘ये दौरे भारत की वैश्विक स्तर पर बढ़ती छवि को बढ़ावा देने और दूसरे देशों के साथ भारत के रिश्तों को मजबूत बनाने के लिए बेहद सफल रहे हैं।’ प्रतिभा ने कहा कि आज का दौर परस्पर निर्भरता का है और कोई भी देश अकेले नहीं चल सकता, बल्कि उसे दूसरों के साथ रिश्ते को बढ़ाना होगा।टिप्पणियां भारत के बड़े बहुमत से सुरक्षा परिषद के अस्थायी सदस्य चुने जाने का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि यही वजह है कि नए दोस्त बनाना और पुरानों के साथ रिश्तों को सुधारना बहुत जरूरी है। यह पूछे जाने पर कि अब तक के अपने 22 देशों के दौरे के बारे में क्या कहेंगी, तो उन्होंने कहा, ‘ये दौरे भारत की वैश्विक स्तर पर बढ़ती छवि को बढ़ावा देने और दूसरे देशों के साथ भारत के रिश्तों को मजबूत बनाने के लिए बेहद सफल रहे हैं।’ भारत के बड़े बहुमत से सुरक्षा परिषद के अस्थायी सदस्य चुने जाने का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि यही वजह है कि नए दोस्त बनाना और पुरानों के साथ रिश्तों को सुधारना बहुत जरूरी है। यह पूछे जाने पर कि अब तक के अपने 22 देशों के दौरे के बारे में क्या कहेंगी, तो उन्होंने कहा, ‘ये दौरे भारत की वैश्विक स्तर पर बढ़ती छवि को बढ़ावा देने और दूसरे देशों के साथ भारत के रिश्तों को मजबूत बनाने के लिए बेहद सफल रहे हैं।’ यह पूछे जाने पर कि अब तक के अपने 22 देशों के दौरे के बारे में क्या कहेंगी, तो उन्होंने कहा, ‘ये दौरे भारत की वैश्विक स्तर पर बढ़ती छवि को बढ़ावा देने और दूसरे देशों के साथ भारत के रिश्तों को मजबूत बनाने के लिए बेहद सफल रहे हैं।’
संक्षिप्त सारांश: राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने बड़ी संख्या में विदेश दौरों को लेकर हुई आलोचना को खारिज करते हुए कहा है कि वह अपनी मर्जी से बाहर नहीं गईं, बल्कि सरकार के आग्रह पर भारत के रिश्तों को बढ़ावा देने के लिए ये यात्राएं कीं।
0
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: तृणमूल कांग्रेस के एक सांसद ने पार्टी प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हमले की स्थिति में हिंसा की चेतावनी दी। विपक्षी पार्टियों ने उनके इस तेवर की कड़ी आलोचना की। सांसद कल्याण बंद्योपाध्याय ने रविवार को हुगली जिले में पार्टी की एक सभा में कहा, "यदि कोई हमारी माता व नेता ममता बनर्जी पर हाथ उठाता है, तो हम उसका हाथ तोड़ देंगे।" बंद्योपाध्याय अपने भड़काऊ भाषण के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने कांग्रेस और मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) को खूब खरी-खोटी सुनाई। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप भट्टाचार्य के खिलाफ अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया। पलटवार करते हुए माकपा के सुजॉन चक्रवर्ती ने कहा, "वे लोग कितना बदला निकालना चाहते हैं? पहले ही वे लोग सैकड़ों हाथ तोड़ चुके हैं। कई कार्यालयों को तहस-नहस कर चुके हैं। फिर भी धमकियां पर धमकियां पर दिए जा रहे हैं।" टिप्पणियां कांग्रेस के नेता अब्दुल मन्नान ने भी बंद्योपाध्याय की निंदा की। उन्होंने कहा, "आप ऐसे आदमी से और क्या उम्मीद कर सकते हैं?" पिछले सप्ताह नई दिल्ली में माकपा की छात्र इकाई एसएफआई के कार्यकर्ताओं ने ममता और उनके वित्तमंत्री अमित मित्रा के साथ धक्का-मुक्की की थी। सांसद कल्याण बंद्योपाध्याय ने रविवार को हुगली जिले में पार्टी की एक सभा में कहा, "यदि कोई हमारी माता व नेता ममता बनर्जी पर हाथ उठाता है, तो हम उसका हाथ तोड़ देंगे।" बंद्योपाध्याय अपने भड़काऊ भाषण के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने कांग्रेस और मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) को खूब खरी-खोटी सुनाई। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप भट्टाचार्य के खिलाफ अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया। पलटवार करते हुए माकपा के सुजॉन चक्रवर्ती ने कहा, "वे लोग कितना बदला निकालना चाहते हैं? पहले ही वे लोग सैकड़ों हाथ तोड़ चुके हैं। कई कार्यालयों को तहस-नहस कर चुके हैं। फिर भी धमकियां पर धमकियां पर दिए जा रहे हैं।" टिप्पणियां कांग्रेस के नेता अब्दुल मन्नान ने भी बंद्योपाध्याय की निंदा की। उन्होंने कहा, "आप ऐसे आदमी से और क्या उम्मीद कर सकते हैं?" पिछले सप्ताह नई दिल्ली में माकपा की छात्र इकाई एसएफआई के कार्यकर्ताओं ने ममता और उनके वित्तमंत्री अमित मित्रा के साथ धक्का-मुक्की की थी। बंद्योपाध्याय अपने भड़काऊ भाषण के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने कांग्रेस और मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) को खूब खरी-खोटी सुनाई। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप भट्टाचार्य के खिलाफ अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया। पलटवार करते हुए माकपा के सुजॉन चक्रवर्ती ने कहा, "वे लोग कितना बदला निकालना चाहते हैं? पहले ही वे लोग सैकड़ों हाथ तोड़ चुके हैं। कई कार्यालयों को तहस-नहस कर चुके हैं। फिर भी धमकियां पर धमकियां पर दिए जा रहे हैं।" टिप्पणियां कांग्रेस के नेता अब्दुल मन्नान ने भी बंद्योपाध्याय की निंदा की। उन्होंने कहा, "आप ऐसे आदमी से और क्या उम्मीद कर सकते हैं?" पिछले सप्ताह नई दिल्ली में माकपा की छात्र इकाई एसएफआई के कार्यकर्ताओं ने ममता और उनके वित्तमंत्री अमित मित्रा के साथ धक्का-मुक्की की थी। पलटवार करते हुए माकपा के सुजॉन चक्रवर्ती ने कहा, "वे लोग कितना बदला निकालना चाहते हैं? पहले ही वे लोग सैकड़ों हाथ तोड़ चुके हैं। कई कार्यालयों को तहस-नहस कर चुके हैं। फिर भी धमकियां पर धमकियां पर दिए जा रहे हैं।" टिप्पणियां कांग्रेस के नेता अब्दुल मन्नान ने भी बंद्योपाध्याय की निंदा की। उन्होंने कहा, "आप ऐसे आदमी से और क्या उम्मीद कर सकते हैं?" पिछले सप्ताह नई दिल्ली में माकपा की छात्र इकाई एसएफआई के कार्यकर्ताओं ने ममता और उनके वित्तमंत्री अमित मित्रा के साथ धक्का-मुक्की की थी। कांग्रेस के नेता अब्दुल मन्नान ने भी बंद्योपाध्याय की निंदा की। उन्होंने कहा, "आप ऐसे आदमी से और क्या उम्मीद कर सकते हैं?" पिछले सप्ताह नई दिल्ली में माकपा की छात्र इकाई एसएफआई के कार्यकर्ताओं ने ममता और उनके वित्तमंत्री अमित मित्रा के साथ धक्का-मुक्की की थी। पिछले सप्ताह नई दिल्ली में माकपा की छात्र इकाई एसएफआई के कार्यकर्ताओं ने ममता और उनके वित्तमंत्री अमित मित्रा के साथ धक्का-मुक्की की थी।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: तृणमूल कांग्रेस के एक सांसद ने पार्टी प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हमले की स्थिति में हिंसा की चेतावनी दी। विपक्षी पार्टियों ने उनके इस तेवर की कड़ी आलोचना की।
25
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: ऑस्ट्रेलिया के कोच मिकी अर्थर ने ट्वेंटी-20 और त्रिकोणीय एकदिवसीय श्रृंखला में अपनी टीम को भारत की एक अलग तरह की टीम से सामना होने की उम्मीद जताई है। अर्थर का कहना है कि टेस्ट मैचों की हार से आहत भारतीय टीम ट्वेंटी-20 और एकदिवसीय श्रृंखला में पलटवार को बेताब होगी। पिछले सप्ताह सम्पन्न हुए चार टेस्ट मैचों की श्रृंखला में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 4-0 से हराया था। अर्थर का कहना है कि भारतीय टीम टेस्ट मैचों में खराब प्रदर्शन को सीमित ओवरों के खेल में नहीं दोहराएगी और वह मजबूत वापसी करेगी। समाचार पत्र 'सिडनी मॉर्निग हेराल्ड' ने अर्थर के हवाले से लिखा है, "इसमें कोई संदेह नहीं कि ट्वेंटी-20 और एकदिवसीय मुकाबलों में हमें एक अलग तरह की भारतीय टीम देखने को मिलेगी।"टिप्पणियां ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच दो ट्वेंटी-20 मुकाबले खेले जाएंगे। पत्र के मुताबिक अर्थर ने कहा, "निश्चित तौर पर भारतीय टीम हार से निराश है। सुरेश रैना, रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे स्तरीय खिलाड़ियों के आने से टीम को नई ऊर्जा मिलेगी।"   उल्लेखनीय है कि ट्वेंटी-20 मैचों के बाद भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया में त्रिकोणीय श्रृंखला खेलेगी जिसमें तीसरी टीम श्रीलंका है। पिछले सप्ताह सम्पन्न हुए चार टेस्ट मैचों की श्रृंखला में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 4-0 से हराया था। अर्थर का कहना है कि भारतीय टीम टेस्ट मैचों में खराब प्रदर्शन को सीमित ओवरों के खेल में नहीं दोहराएगी और वह मजबूत वापसी करेगी। समाचार पत्र 'सिडनी मॉर्निग हेराल्ड' ने अर्थर के हवाले से लिखा है, "इसमें कोई संदेह नहीं कि ट्वेंटी-20 और एकदिवसीय मुकाबलों में हमें एक अलग तरह की भारतीय टीम देखने को मिलेगी।"टिप्पणियां ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच दो ट्वेंटी-20 मुकाबले खेले जाएंगे। पत्र के मुताबिक अर्थर ने कहा, "निश्चित तौर पर भारतीय टीम हार से निराश है। सुरेश रैना, रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे स्तरीय खिलाड़ियों के आने से टीम को नई ऊर्जा मिलेगी।"   उल्लेखनीय है कि ट्वेंटी-20 मैचों के बाद भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया में त्रिकोणीय श्रृंखला खेलेगी जिसमें तीसरी टीम श्रीलंका है। समाचार पत्र 'सिडनी मॉर्निग हेराल्ड' ने अर्थर के हवाले से लिखा है, "इसमें कोई संदेह नहीं कि ट्वेंटी-20 और एकदिवसीय मुकाबलों में हमें एक अलग तरह की भारतीय टीम देखने को मिलेगी।"टिप्पणियां ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच दो ट्वेंटी-20 मुकाबले खेले जाएंगे। पत्र के मुताबिक अर्थर ने कहा, "निश्चित तौर पर भारतीय टीम हार से निराश है। सुरेश रैना, रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे स्तरीय खिलाड़ियों के आने से टीम को नई ऊर्जा मिलेगी।"   उल्लेखनीय है कि ट्वेंटी-20 मैचों के बाद भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया में त्रिकोणीय श्रृंखला खेलेगी जिसमें तीसरी टीम श्रीलंका है। ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच दो ट्वेंटी-20 मुकाबले खेले जाएंगे। पत्र के मुताबिक अर्थर ने कहा, "निश्चित तौर पर भारतीय टीम हार से निराश है। सुरेश रैना, रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे स्तरीय खिलाड़ियों के आने से टीम को नई ऊर्जा मिलेगी।"   उल्लेखनीय है कि ट्वेंटी-20 मैचों के बाद भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया में त्रिकोणीय श्रृंखला खेलेगी जिसमें तीसरी टीम श्रीलंका है। उल्लेखनीय है कि ट्वेंटी-20 मैचों के बाद भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया में त्रिकोणीय श्रृंखला खेलेगी जिसमें तीसरी टीम श्रीलंका है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: ऑस्ट्रेलिया के कोच मिकी अर्थर ने ट्वेंटी-20 और त्रिकोणीय एकदिवसीय श्रृंखला में अपनी टीम को भारत की एक अलग तरह की टीम से सामना होने की उम्मीद जताई है।
11
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: आगामी सप्ताह शेयर बाजारों में निवेशकों की नजर विदेशी संस्थागत निवेश (एफआईआई) की दिशा और पिछले कारोबारी साल की अंतिम तिमाही में प्रमुख कम्पनियों के परिणामों पर रहेगी। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ब्याज दरों में पिछले कुछ समय में कटौती के कारण विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजारों में व्यापक खरीदारी की है। अगले सप्ताह कई प्रमुख कम्पनियां 31 मार्च को समाप्त हुई तिमाही और पूरे कारोबारी वर्ष के लिए परिणामों की घोषणा करेंगी। सोमवार, 20 मई 2013 को कोल इंडिया, मंगलवार को टेक महिंद्रा और बुधवार को एलएंडटी अपने कारोबारी परिणामों की घोषणा करेंगी। गुरुवार, 23 मई 2013 को टाटा स्टील, भारतीय स्टेट बैंक और भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स (भेल) तथा शुक्रवार को जेट एयरवेज, ऑयल इंडिया और स्पाइसजेट अपने कारोबारी परिणामों की घोषणा करेंगी। लोकल सर्च इंजन कम्पनी जस्ट डायल के प्रथम सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के लिए बोली लगाने की अवधि सोमवार, 20 मई से शुरू होगी। बोली लगाने के लिए प्रति शेयर मूल्य का दायरा 470 रुपये से 543 रुपये के बीच रखा गया है। जबकि खुदरा निवेशकों के लिए प्रति शेयर 47 रुपये की छूट रखी गई है। इस आईपीओ के तहत कम्पनी के कुछ शेयरधारक अपने 1.74 करोड़ शेयरों की नीलामी करेंगे, जिससे मिलने वाली राशि कम्पनी को नहीं मिलेगी। आरबीआई आगामी 17 जून को मौद्रिक नीति की मध्य-तिमाही समीक्षा पेश करेगा। आरबीआई के गवर्नर डी. सुब्बाराव ने गत 14 मई को कहा था कि आरबीआई ब्याज दरों में सम्भावित कटौती पर चर्चा करते हुए महंगाई दर में हो रही गिरावट को भी ध्यान में रखेगा। आरबीआई ने गत 3 मई 2013 को मौद्रिक नीति की समीक्षा में अपनी प्रमुख नीतिगत दर रेपो दर में कटौती करते हुए इसे 25 आधार अंक घटाकर 7.25 फीसदी कर दिया और बैंको के लिए नकद आरक्षी अनुपात (सीआरआर) को चार फीसदी पर ही बरकरार रखा। आरबीआई ने तब कहा था कि विकास दर और महंगाई दर के सम्बंधों के बीच संतुलन बिठाने की कोशिशों के तहत नीति में और अधिक सरलता लाने की कम ही गुंजाइश है। आरबीआई ने कहा था कि वह अपने वित्तीय उपकरणों से मार्च 2014 तक महंगाई दर को पांच फीसदी के दायरे में लाने की कोशिश करेगा। आने वाले कुछ महीनों में बाजार में शेयरों की व्यापक आपूर्ति के कारण शेयर बाजारों के सूचकांकों के ऊपर की ओर बढ़ने की उम्मीद कम है। शेयर बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के दिशानिर्देश के मुताबिक सूचीबद्ध निजी कम्पनियों में प्रमोटर की हिस्सेदारी घटानी होगी और आम निवेशकों को कम से कम 25 फीसदी हिस्सेदारी देनी होगी। इसी तरह सरकारी सूचीबद्ध कम्पनियों में आम निवेशकों को कम से कम 10 फीसदी हिस्सेदारी देनी होगी। सेबी के आदेश के मुताबिक निजी कम्पनियों के संस्थापकों को 30 जून 2013 तक अपनी हिस्सेदारी घटानी होगी, जबकि सरकारी कम्पनियों को 31 अगस्त तक सेबी के आदेश पालन करना होगा। वर्ष 2014 में सरकारी कम्पनियों के विनिवेश के सरकारी लक्ष्य से भी शेयरों की बिकवाली को हवा मिलेगी। सरकार ने सार्वजनिक कम्पनियों में अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से वर्तमान कारोबारी वर्ष में 40 हजार करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखा है। सरकार ने निजी कम्पनियों में भी अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से 14 हजार करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है।टिप्पणियां लोकसभा चुनाव से जुड़ी खबरों के चलते अगले साल मई तक शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने के आसार हैं। माना जा रहा है कि अगली सरकार कई पार्टियों की मिली जुली हो सकती है। सुधार की प्रक्रिया के अवरुद्ध होने की आशंका है। इसका असर वित्तीय घाटा प्रबंधन पर नकारात्मक रूप से पड़ सकता है और वैश्विक रेटिंग एजेंसियां भारत की रेटिंग घटा सकती हैं। बाजार में इस वक्त काफी गिरावट चल रहा है इसे देखते हुए निवेशक बॉटम अप की रणनीति अपना सकते हैं। यानी वे सस्ते शेयर खरीद सकते हैं। छोटे निवेशकों को इस दौरान सेक्टर कॉल लेने के बजाय खास-खास शेयरों पर ध्यान देना चाहिए। अगले सप्ताह कई प्रमुख कम्पनियां 31 मार्च को समाप्त हुई तिमाही और पूरे कारोबारी वर्ष के लिए परिणामों की घोषणा करेंगी। सोमवार, 20 मई 2013 को कोल इंडिया, मंगलवार को टेक महिंद्रा और बुधवार को एलएंडटी अपने कारोबारी परिणामों की घोषणा करेंगी। गुरुवार, 23 मई 2013 को टाटा स्टील, भारतीय स्टेट बैंक और भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स (भेल) तथा शुक्रवार को जेट एयरवेज, ऑयल इंडिया और स्पाइसजेट अपने कारोबारी परिणामों की घोषणा करेंगी। लोकल सर्च इंजन कम्पनी जस्ट डायल के प्रथम सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के लिए बोली लगाने की अवधि सोमवार, 20 मई से शुरू होगी। बोली लगाने के लिए प्रति शेयर मूल्य का दायरा 470 रुपये से 543 रुपये के बीच रखा गया है। जबकि खुदरा निवेशकों के लिए प्रति शेयर 47 रुपये की छूट रखी गई है। इस आईपीओ के तहत कम्पनी के कुछ शेयरधारक अपने 1.74 करोड़ शेयरों की नीलामी करेंगे, जिससे मिलने वाली राशि कम्पनी को नहीं मिलेगी। आरबीआई आगामी 17 जून को मौद्रिक नीति की मध्य-तिमाही समीक्षा पेश करेगा। आरबीआई के गवर्नर डी. सुब्बाराव ने गत 14 मई को कहा था कि आरबीआई ब्याज दरों में सम्भावित कटौती पर चर्चा करते हुए महंगाई दर में हो रही गिरावट को भी ध्यान में रखेगा। आरबीआई ने गत 3 मई 2013 को मौद्रिक नीति की समीक्षा में अपनी प्रमुख नीतिगत दर रेपो दर में कटौती करते हुए इसे 25 आधार अंक घटाकर 7.25 फीसदी कर दिया और बैंको के लिए नकद आरक्षी अनुपात (सीआरआर) को चार फीसदी पर ही बरकरार रखा। आरबीआई ने तब कहा था कि विकास दर और महंगाई दर के सम्बंधों के बीच संतुलन बिठाने की कोशिशों के तहत नीति में और अधिक सरलता लाने की कम ही गुंजाइश है। आरबीआई ने कहा था कि वह अपने वित्तीय उपकरणों से मार्च 2014 तक महंगाई दर को पांच फीसदी के दायरे में लाने की कोशिश करेगा। आने वाले कुछ महीनों में बाजार में शेयरों की व्यापक आपूर्ति के कारण शेयर बाजारों के सूचकांकों के ऊपर की ओर बढ़ने की उम्मीद कम है। शेयर बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के दिशानिर्देश के मुताबिक सूचीबद्ध निजी कम्पनियों में प्रमोटर की हिस्सेदारी घटानी होगी और आम निवेशकों को कम से कम 25 फीसदी हिस्सेदारी देनी होगी। इसी तरह सरकारी सूचीबद्ध कम्पनियों में आम निवेशकों को कम से कम 10 फीसदी हिस्सेदारी देनी होगी। सेबी के आदेश के मुताबिक निजी कम्पनियों के संस्थापकों को 30 जून 2013 तक अपनी हिस्सेदारी घटानी होगी, जबकि सरकारी कम्पनियों को 31 अगस्त तक सेबी के आदेश पालन करना होगा। वर्ष 2014 में सरकारी कम्पनियों के विनिवेश के सरकारी लक्ष्य से भी शेयरों की बिकवाली को हवा मिलेगी। सरकार ने सार्वजनिक कम्पनियों में अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से वर्तमान कारोबारी वर्ष में 40 हजार करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखा है। सरकार ने निजी कम्पनियों में भी अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से 14 हजार करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है।टिप्पणियां लोकसभा चुनाव से जुड़ी खबरों के चलते अगले साल मई तक शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने के आसार हैं। माना जा रहा है कि अगली सरकार कई पार्टियों की मिली जुली हो सकती है। सुधार की प्रक्रिया के अवरुद्ध होने की आशंका है। इसका असर वित्तीय घाटा प्रबंधन पर नकारात्मक रूप से पड़ सकता है और वैश्विक रेटिंग एजेंसियां भारत की रेटिंग घटा सकती हैं। बाजार में इस वक्त काफी गिरावट चल रहा है इसे देखते हुए निवेशक बॉटम अप की रणनीति अपना सकते हैं। यानी वे सस्ते शेयर खरीद सकते हैं। छोटे निवेशकों को इस दौरान सेक्टर कॉल लेने के बजाय खास-खास शेयरों पर ध्यान देना चाहिए। लोकल सर्च इंजन कम्पनी जस्ट डायल के प्रथम सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के लिए बोली लगाने की अवधि सोमवार, 20 मई से शुरू होगी। बोली लगाने के लिए प्रति शेयर मूल्य का दायरा 470 रुपये से 543 रुपये के बीच रखा गया है। जबकि खुदरा निवेशकों के लिए प्रति शेयर 47 रुपये की छूट रखी गई है। इस आईपीओ के तहत कम्पनी के कुछ शेयरधारक अपने 1.74 करोड़ शेयरों की नीलामी करेंगे, जिससे मिलने वाली राशि कम्पनी को नहीं मिलेगी। आरबीआई आगामी 17 जून को मौद्रिक नीति की मध्य-तिमाही समीक्षा पेश करेगा। आरबीआई के गवर्नर डी. सुब्बाराव ने गत 14 मई को कहा था कि आरबीआई ब्याज दरों में सम्भावित कटौती पर चर्चा करते हुए महंगाई दर में हो रही गिरावट को भी ध्यान में रखेगा। आरबीआई ने गत 3 मई 2013 को मौद्रिक नीति की समीक्षा में अपनी प्रमुख नीतिगत दर रेपो दर में कटौती करते हुए इसे 25 आधार अंक घटाकर 7.25 फीसदी कर दिया और बैंको के लिए नकद आरक्षी अनुपात (सीआरआर) को चार फीसदी पर ही बरकरार रखा। आरबीआई ने तब कहा था कि विकास दर और महंगाई दर के सम्बंधों के बीच संतुलन बिठाने की कोशिशों के तहत नीति में और अधिक सरलता लाने की कम ही गुंजाइश है। आरबीआई ने कहा था कि वह अपने वित्तीय उपकरणों से मार्च 2014 तक महंगाई दर को पांच फीसदी के दायरे में लाने की कोशिश करेगा। आने वाले कुछ महीनों में बाजार में शेयरों की व्यापक आपूर्ति के कारण शेयर बाजारों के सूचकांकों के ऊपर की ओर बढ़ने की उम्मीद कम है। शेयर बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के दिशानिर्देश के मुताबिक सूचीबद्ध निजी कम्पनियों में प्रमोटर की हिस्सेदारी घटानी होगी और आम निवेशकों को कम से कम 25 फीसदी हिस्सेदारी देनी होगी। इसी तरह सरकारी सूचीबद्ध कम्पनियों में आम निवेशकों को कम से कम 10 फीसदी हिस्सेदारी देनी होगी। सेबी के आदेश के मुताबिक निजी कम्पनियों के संस्थापकों को 30 जून 2013 तक अपनी हिस्सेदारी घटानी होगी, जबकि सरकारी कम्पनियों को 31 अगस्त तक सेबी के आदेश पालन करना होगा। वर्ष 2014 में सरकारी कम्पनियों के विनिवेश के सरकारी लक्ष्य से भी शेयरों की बिकवाली को हवा मिलेगी। सरकार ने सार्वजनिक कम्पनियों में अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से वर्तमान कारोबारी वर्ष में 40 हजार करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखा है। सरकार ने निजी कम्पनियों में भी अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से 14 हजार करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है।टिप्पणियां लोकसभा चुनाव से जुड़ी खबरों के चलते अगले साल मई तक शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने के आसार हैं। माना जा रहा है कि अगली सरकार कई पार्टियों की मिली जुली हो सकती है। सुधार की प्रक्रिया के अवरुद्ध होने की आशंका है। इसका असर वित्तीय घाटा प्रबंधन पर नकारात्मक रूप से पड़ सकता है और वैश्विक रेटिंग एजेंसियां भारत की रेटिंग घटा सकती हैं। बाजार में इस वक्त काफी गिरावट चल रहा है इसे देखते हुए निवेशक बॉटम अप की रणनीति अपना सकते हैं। यानी वे सस्ते शेयर खरीद सकते हैं। छोटे निवेशकों को इस दौरान सेक्टर कॉल लेने के बजाय खास-खास शेयरों पर ध्यान देना चाहिए। आरबीआई आगामी 17 जून को मौद्रिक नीति की मध्य-तिमाही समीक्षा पेश करेगा। आरबीआई के गवर्नर डी. सुब्बाराव ने गत 14 मई को कहा था कि आरबीआई ब्याज दरों में सम्भावित कटौती पर चर्चा करते हुए महंगाई दर में हो रही गिरावट को भी ध्यान में रखेगा। आरबीआई ने गत 3 मई 2013 को मौद्रिक नीति की समीक्षा में अपनी प्रमुख नीतिगत दर रेपो दर में कटौती करते हुए इसे 25 आधार अंक घटाकर 7.25 फीसदी कर दिया और बैंको के लिए नकद आरक्षी अनुपात (सीआरआर) को चार फीसदी पर ही बरकरार रखा। आरबीआई ने तब कहा था कि विकास दर और महंगाई दर के सम्बंधों के बीच संतुलन बिठाने की कोशिशों के तहत नीति में और अधिक सरलता लाने की कम ही गुंजाइश है। आरबीआई ने कहा था कि वह अपने वित्तीय उपकरणों से मार्च 2014 तक महंगाई दर को पांच फीसदी के दायरे में लाने की कोशिश करेगा। आने वाले कुछ महीनों में बाजार में शेयरों की व्यापक आपूर्ति के कारण शेयर बाजारों के सूचकांकों के ऊपर की ओर बढ़ने की उम्मीद कम है। शेयर बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के दिशानिर्देश के मुताबिक सूचीबद्ध निजी कम्पनियों में प्रमोटर की हिस्सेदारी घटानी होगी और आम निवेशकों को कम से कम 25 फीसदी हिस्सेदारी देनी होगी। इसी तरह सरकारी सूचीबद्ध कम्पनियों में आम निवेशकों को कम से कम 10 फीसदी हिस्सेदारी देनी होगी। सेबी के आदेश के मुताबिक निजी कम्पनियों के संस्थापकों को 30 जून 2013 तक अपनी हिस्सेदारी घटानी होगी, जबकि सरकारी कम्पनियों को 31 अगस्त तक सेबी के आदेश पालन करना होगा। वर्ष 2014 में सरकारी कम्पनियों के विनिवेश के सरकारी लक्ष्य से भी शेयरों की बिकवाली को हवा मिलेगी। सरकार ने सार्वजनिक कम्पनियों में अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से वर्तमान कारोबारी वर्ष में 40 हजार करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखा है। सरकार ने निजी कम्पनियों में भी अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से 14 हजार करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है।टिप्पणियां लोकसभा चुनाव से जुड़ी खबरों के चलते अगले साल मई तक शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने के आसार हैं। माना जा रहा है कि अगली सरकार कई पार्टियों की मिली जुली हो सकती है। सुधार की प्रक्रिया के अवरुद्ध होने की आशंका है। इसका असर वित्तीय घाटा प्रबंधन पर नकारात्मक रूप से पड़ सकता है और वैश्विक रेटिंग एजेंसियां भारत की रेटिंग घटा सकती हैं। बाजार में इस वक्त काफी गिरावट चल रहा है इसे देखते हुए निवेशक बॉटम अप की रणनीति अपना सकते हैं। यानी वे सस्ते शेयर खरीद सकते हैं। छोटे निवेशकों को इस दौरान सेक्टर कॉल लेने के बजाय खास-खास शेयरों पर ध्यान देना चाहिए। आरबीआई ने गत 3 मई 2013 को मौद्रिक नीति की समीक्षा में अपनी प्रमुख नीतिगत दर रेपो दर में कटौती करते हुए इसे 25 आधार अंक घटाकर 7.25 फीसदी कर दिया और बैंको के लिए नकद आरक्षी अनुपात (सीआरआर) को चार फीसदी पर ही बरकरार रखा। आरबीआई ने तब कहा था कि विकास दर और महंगाई दर के सम्बंधों के बीच संतुलन बिठाने की कोशिशों के तहत नीति में और अधिक सरलता लाने की कम ही गुंजाइश है। आरबीआई ने कहा था कि वह अपने वित्तीय उपकरणों से मार्च 2014 तक महंगाई दर को पांच फीसदी के दायरे में लाने की कोशिश करेगा। आने वाले कुछ महीनों में बाजार में शेयरों की व्यापक आपूर्ति के कारण शेयर बाजारों के सूचकांकों के ऊपर की ओर बढ़ने की उम्मीद कम है। शेयर बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के दिशानिर्देश के मुताबिक सूचीबद्ध निजी कम्पनियों में प्रमोटर की हिस्सेदारी घटानी होगी और आम निवेशकों को कम से कम 25 फीसदी हिस्सेदारी देनी होगी। इसी तरह सरकारी सूचीबद्ध कम्पनियों में आम निवेशकों को कम से कम 10 फीसदी हिस्सेदारी देनी होगी। सेबी के आदेश के मुताबिक निजी कम्पनियों के संस्थापकों को 30 जून 2013 तक अपनी हिस्सेदारी घटानी होगी, जबकि सरकारी कम्पनियों को 31 अगस्त तक सेबी के आदेश पालन करना होगा। वर्ष 2014 में सरकारी कम्पनियों के विनिवेश के सरकारी लक्ष्य से भी शेयरों की बिकवाली को हवा मिलेगी। सरकार ने सार्वजनिक कम्पनियों में अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से वर्तमान कारोबारी वर्ष में 40 हजार करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखा है। सरकार ने निजी कम्पनियों में भी अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से 14 हजार करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है।टिप्पणियां लोकसभा चुनाव से जुड़ी खबरों के चलते अगले साल मई तक शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने के आसार हैं। माना जा रहा है कि अगली सरकार कई पार्टियों की मिली जुली हो सकती है। सुधार की प्रक्रिया के अवरुद्ध होने की आशंका है। इसका असर वित्तीय घाटा प्रबंधन पर नकारात्मक रूप से पड़ सकता है और वैश्विक रेटिंग एजेंसियां भारत की रेटिंग घटा सकती हैं। बाजार में इस वक्त काफी गिरावट चल रहा है इसे देखते हुए निवेशक बॉटम अप की रणनीति अपना सकते हैं। यानी वे सस्ते शेयर खरीद सकते हैं। छोटे निवेशकों को इस दौरान सेक्टर कॉल लेने के बजाय खास-खास शेयरों पर ध्यान देना चाहिए। आने वाले कुछ महीनों में बाजार में शेयरों की व्यापक आपूर्ति के कारण शेयर बाजारों के सूचकांकों के ऊपर की ओर बढ़ने की उम्मीद कम है। शेयर बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के दिशानिर्देश के मुताबिक सूचीबद्ध निजी कम्पनियों में प्रमोटर की हिस्सेदारी घटानी होगी और आम निवेशकों को कम से कम 25 फीसदी हिस्सेदारी देनी होगी। इसी तरह सरकारी सूचीबद्ध कम्पनियों में आम निवेशकों को कम से कम 10 फीसदी हिस्सेदारी देनी होगी। सेबी के आदेश के मुताबिक निजी कम्पनियों के संस्थापकों को 30 जून 2013 तक अपनी हिस्सेदारी घटानी होगी, जबकि सरकारी कम्पनियों को 31 अगस्त तक सेबी के आदेश पालन करना होगा। वर्ष 2014 में सरकारी कम्पनियों के विनिवेश के सरकारी लक्ष्य से भी शेयरों की बिकवाली को हवा मिलेगी। सरकार ने सार्वजनिक कम्पनियों में अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से वर्तमान कारोबारी वर्ष में 40 हजार करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखा है। सरकार ने निजी कम्पनियों में भी अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से 14 हजार करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है।टिप्पणियां लोकसभा चुनाव से जुड़ी खबरों के चलते अगले साल मई तक शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने के आसार हैं। माना जा रहा है कि अगली सरकार कई पार्टियों की मिली जुली हो सकती है। सुधार की प्रक्रिया के अवरुद्ध होने की आशंका है। इसका असर वित्तीय घाटा प्रबंधन पर नकारात्मक रूप से पड़ सकता है और वैश्विक रेटिंग एजेंसियां भारत की रेटिंग घटा सकती हैं। बाजार में इस वक्त काफी गिरावट चल रहा है इसे देखते हुए निवेशक बॉटम अप की रणनीति अपना सकते हैं। यानी वे सस्ते शेयर खरीद सकते हैं। छोटे निवेशकों को इस दौरान सेक्टर कॉल लेने के बजाय खास-खास शेयरों पर ध्यान देना चाहिए। सेबी के आदेश के मुताबिक निजी कम्पनियों के संस्थापकों को 30 जून 2013 तक अपनी हिस्सेदारी घटानी होगी, जबकि सरकारी कम्पनियों को 31 अगस्त तक सेबी के आदेश पालन करना होगा। वर्ष 2014 में सरकारी कम्पनियों के विनिवेश के सरकारी लक्ष्य से भी शेयरों की बिकवाली को हवा मिलेगी। सरकार ने सार्वजनिक कम्पनियों में अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से वर्तमान कारोबारी वर्ष में 40 हजार करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखा है। सरकार ने निजी कम्पनियों में भी अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से 14 हजार करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है।टिप्पणियां लोकसभा चुनाव से जुड़ी खबरों के चलते अगले साल मई तक शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने के आसार हैं। माना जा रहा है कि अगली सरकार कई पार्टियों की मिली जुली हो सकती है। सुधार की प्रक्रिया के अवरुद्ध होने की आशंका है। इसका असर वित्तीय घाटा प्रबंधन पर नकारात्मक रूप से पड़ सकता है और वैश्विक रेटिंग एजेंसियां भारत की रेटिंग घटा सकती हैं। बाजार में इस वक्त काफी गिरावट चल रहा है इसे देखते हुए निवेशक बॉटम अप की रणनीति अपना सकते हैं। यानी वे सस्ते शेयर खरीद सकते हैं। छोटे निवेशकों को इस दौरान सेक्टर कॉल लेने के बजाय खास-खास शेयरों पर ध्यान देना चाहिए। वर्ष 2014 में सरकारी कम्पनियों के विनिवेश के सरकारी लक्ष्य से भी शेयरों की बिकवाली को हवा मिलेगी। सरकार ने सार्वजनिक कम्पनियों में अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से वर्तमान कारोबारी वर्ष में 40 हजार करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखा है। सरकार ने निजी कम्पनियों में भी अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश से 14 हजार करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है।टिप्पणियां लोकसभा चुनाव से जुड़ी खबरों के चलते अगले साल मई तक शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने के आसार हैं। माना जा रहा है कि अगली सरकार कई पार्टियों की मिली जुली हो सकती है। सुधार की प्रक्रिया के अवरुद्ध होने की आशंका है। इसका असर वित्तीय घाटा प्रबंधन पर नकारात्मक रूप से पड़ सकता है और वैश्विक रेटिंग एजेंसियां भारत की रेटिंग घटा सकती हैं। बाजार में इस वक्त काफी गिरावट चल रहा है इसे देखते हुए निवेशक बॉटम अप की रणनीति अपना सकते हैं। यानी वे सस्ते शेयर खरीद सकते हैं। छोटे निवेशकों को इस दौरान सेक्टर कॉल लेने के बजाय खास-खास शेयरों पर ध्यान देना चाहिए। लोकसभा चुनाव से जुड़ी खबरों के चलते अगले साल मई तक शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने के आसार हैं। माना जा रहा है कि अगली सरकार कई पार्टियों की मिली जुली हो सकती है। सुधार की प्रक्रिया के अवरुद्ध होने की आशंका है। इसका असर वित्तीय घाटा प्रबंधन पर नकारात्मक रूप से पड़ सकता है और वैश्विक रेटिंग एजेंसियां भारत की रेटिंग घटा सकती हैं। बाजार में इस वक्त काफी गिरावट चल रहा है इसे देखते हुए निवेशक बॉटम अप की रणनीति अपना सकते हैं। यानी वे सस्ते शेयर खरीद सकते हैं। छोटे निवेशकों को इस दौरान सेक्टर कॉल लेने के बजाय खास-खास शेयरों पर ध्यान देना चाहिए। बाजार में इस वक्त काफी गिरावट चल रहा है इसे देखते हुए निवेशक बॉटम अप की रणनीति अपना सकते हैं। यानी वे सस्ते शेयर खरीद सकते हैं। छोटे निवेशकों को इस दौरान सेक्टर कॉल लेने के बजाय खास-खास शेयरों पर ध्यान देना चाहिए।
संक्षिप्त सारांश: आगामी सप्ताह शेयर बाजारों में निवेशकों की नजर विदेशी संस्थागत निवेश (एफआईआई) की दिशा और पिछले कारोबारी साल की अंतिम तिमाही में प्रमुख कम्पनियों के परिणामों पर रहेगी।
23
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: म्यांमार की विपक्षी नेता आंग सान सू ची ने बुधवार को संसद सदस्य के रूप में शपथ ली। पिछले महीने के उपचुनाव में उनकी पार्टी ने भारी जीत दर्ज कराई थी। नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी (एलएलडी) की नेता सू ची नेपेडा स्थित संसद भवन में बुधवार सुबह पहुंचीं और संसद भवन में पहली बार अपनी सीट पर बैठीं। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, सू ची (66) ने अपनी पार्टी के निर्वाचित 42 सांसदों के साथ संसद भवन पहुंचने के लगभग आधा घंटे बाद शपथ ली। सू ची की पार्टी के तीन सांसद ऑस्ट्रेलिया के आधिकारिक दौरे पर हैं, लिहाजा वे इस शपथ ग्रहण में शामिल नहीं हो पाए। एनएलडी के निर्वाचित सदस्यों ने शुरू में शपथ की भाषा के कारण शपथ लेने से इनकार कर दिया था, लेकिन संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की-मून के म्यांमार दौरे के बाद वे उसके साथ समझौता करने पर तैयार हो गए।टिप्पणियां सू ची ने संवाददाताओं से कहा कि वह और उनकी पार्टी के सांसद, संसद के अंदर अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे, जिस तरह से हमने पिछले 20 वर्षो से संसद के बाहर अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया है। सू ची ने यह भी कहा कि सेना के साथ संसद में बैठने को लेकर उन्हें कोई हर्ज नहीं है। नोबेल पुरस्कार विजेता सू ची ने जब से अपना राजनीतिक करियर शुरू किया है, तब से उन्हें कई बार नजरबंद किया गया। पिछले 21 वर्षों के दौरान वह 15 वर्षों तक नजरबंद रहीं हैं। नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी (एलएलडी) की नेता सू ची नेपेडा स्थित संसद भवन में बुधवार सुबह पहुंचीं और संसद भवन में पहली बार अपनी सीट पर बैठीं। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, सू ची (66) ने अपनी पार्टी के निर्वाचित 42 सांसदों के साथ संसद भवन पहुंचने के लगभग आधा घंटे बाद शपथ ली। सू ची की पार्टी के तीन सांसद ऑस्ट्रेलिया के आधिकारिक दौरे पर हैं, लिहाजा वे इस शपथ ग्रहण में शामिल नहीं हो पाए। एनएलडी के निर्वाचित सदस्यों ने शुरू में शपथ की भाषा के कारण शपथ लेने से इनकार कर दिया था, लेकिन संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की-मून के म्यांमार दौरे के बाद वे उसके साथ समझौता करने पर तैयार हो गए।टिप्पणियां सू ची ने संवाददाताओं से कहा कि वह और उनकी पार्टी के सांसद, संसद के अंदर अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे, जिस तरह से हमने पिछले 20 वर्षो से संसद के बाहर अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया है। सू ची ने यह भी कहा कि सेना के साथ संसद में बैठने को लेकर उन्हें कोई हर्ज नहीं है। नोबेल पुरस्कार विजेता सू ची ने जब से अपना राजनीतिक करियर शुरू किया है, तब से उन्हें कई बार नजरबंद किया गया। पिछले 21 वर्षों के दौरान वह 15 वर्षों तक नजरबंद रहीं हैं। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, सू ची (66) ने अपनी पार्टी के निर्वाचित 42 सांसदों के साथ संसद भवन पहुंचने के लगभग आधा घंटे बाद शपथ ली। सू ची की पार्टी के तीन सांसद ऑस्ट्रेलिया के आधिकारिक दौरे पर हैं, लिहाजा वे इस शपथ ग्रहण में शामिल नहीं हो पाए। एनएलडी के निर्वाचित सदस्यों ने शुरू में शपथ की भाषा के कारण शपथ लेने से इनकार कर दिया था, लेकिन संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की-मून के म्यांमार दौरे के बाद वे उसके साथ समझौता करने पर तैयार हो गए।टिप्पणियां सू ची ने संवाददाताओं से कहा कि वह और उनकी पार्टी के सांसद, संसद के अंदर अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे, जिस तरह से हमने पिछले 20 वर्षो से संसद के बाहर अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया है। सू ची ने यह भी कहा कि सेना के साथ संसद में बैठने को लेकर उन्हें कोई हर्ज नहीं है। नोबेल पुरस्कार विजेता सू ची ने जब से अपना राजनीतिक करियर शुरू किया है, तब से उन्हें कई बार नजरबंद किया गया। पिछले 21 वर्षों के दौरान वह 15 वर्षों तक नजरबंद रहीं हैं। एनएलडी के निर्वाचित सदस्यों ने शुरू में शपथ की भाषा के कारण शपथ लेने से इनकार कर दिया था, लेकिन संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की-मून के म्यांमार दौरे के बाद वे उसके साथ समझौता करने पर तैयार हो गए।टिप्पणियां सू ची ने संवाददाताओं से कहा कि वह और उनकी पार्टी के सांसद, संसद के अंदर अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे, जिस तरह से हमने पिछले 20 वर्षो से संसद के बाहर अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया है। सू ची ने यह भी कहा कि सेना के साथ संसद में बैठने को लेकर उन्हें कोई हर्ज नहीं है। नोबेल पुरस्कार विजेता सू ची ने जब से अपना राजनीतिक करियर शुरू किया है, तब से उन्हें कई बार नजरबंद किया गया। पिछले 21 वर्षों के दौरान वह 15 वर्षों तक नजरबंद रहीं हैं। सू ची ने संवाददाताओं से कहा कि वह और उनकी पार्टी के सांसद, संसद के अंदर अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे, जिस तरह से हमने पिछले 20 वर्षो से संसद के बाहर अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया है। सू ची ने यह भी कहा कि सेना के साथ संसद में बैठने को लेकर उन्हें कोई हर्ज नहीं है। नोबेल पुरस्कार विजेता सू ची ने जब से अपना राजनीतिक करियर शुरू किया है, तब से उन्हें कई बार नजरबंद किया गया। पिछले 21 वर्षों के दौरान वह 15 वर्षों तक नजरबंद रहीं हैं। नोबेल पुरस्कार विजेता सू ची ने जब से अपना राजनीतिक करियर शुरू किया है, तब से उन्हें कई बार नजरबंद किया गया। पिछले 21 वर्षों के दौरान वह 15 वर्षों तक नजरबंद रहीं हैं।
संक्षिप्त सारांश: म्यांमार की विपक्षी नेता आंग सान सू ची ने बुधवार को संसद सदस्य के रूप में शपथ ली। पिछले महीने के उपचुनाव में उनकी पार्टी ने भारी जीत दर्ज कराई थी।
29
['hin']
एक सारांश बनाओ: अंतरिक्ष यान अटलांटिस चार अमेरिकी अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर सफलतापूर्वक रविवार को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र पर 12 दिन के मिशन पर पहुंच गया। इस मिशन के पूरा होने के बाद नासा के अंतरिक्ष कार्यक्रम के एक युग का अंत हो जाएगा। अंतरिक्ष यान, निर्धारित समय से एक मिनट बाद अंतरराष्ट्रीय समयानुसार अपराह्न् तीन बजकर सात मिनट पर अंतरिक्ष केंद्र से जुड़ा। इससे पहले यान ने एक संक्षिप्त पुन:स्थापना कौशल दिखाया। इस  दौरान उसकी गति तीन सेंटीमीटर प्रति सेकंड थी। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र के साथ अटलांटिस का 12वां मिलन न्यूजीलैंड के पूर्वी समुद्र तट से लगभग 386 किलोमीटर ऊपर दो यानों के परिभ्रमण के साथ पूरा हुआ। फ्लोरिडा के केप केनवरल स्थित केनेडी अंतरिक्ष केंद्र से उड़ान भरने के दो दिनों बाद अटलांटिस, अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र पहुंचने वाला 37वां अंतरिक्ष यान बन गया। चार अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर अंतरिक्ष यान, अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र में अपराह्न् चार बजकर 47 मिनट पर प्रवेश किया। वहां पहले से मौजूद तीन अंतरिक्ष यात्रियों ने यान की पारम्परिक रूप से अगवानी की। अटलांटिस द्वारा अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र तक की यात्रा साल्मोनेला बैक्टीरिया द्वारा पैदा होने वाले जठरांत्र रोगों के लिए टीके विकसित करने का एक प्रयोग है। अटलांटिस अपने साथ पर्याप्त मात्रा में कल-पुर्जे भी लेकर गया है, ताकि शटल कार्यक्रम बंद होने के बाद भी अंतरिक्ष केंद्र को सक्रिय रखा जा सके। इस ऐतिहासिक मिशन का नेतृत्व अमेरिकी नौसेना के सेवानिवृत्त कैप्टन क्रिस फग्र्यूसन कर रहे हैं। वह अंतरिक्ष में अपनी तीसरी उड़ान पर हैं। उनके अलावा पायलट डौग हर्ली अपने दूसरे अंतरिक्ष मिशन पर हैं। हर्ली नौसेना के कर्नल हैं।
यहाँ एक सारांश है:अंतरिक्ष यान अटलांटिस चार अमेरिकी अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर सफलतापूर्वक अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र पर 12 दिन के मिशन पर पहुंच गया।
15
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: एलडीएफ के हज़ारों कार्यकर्ताओं ने सौर पैनल घोटाला मामले में केरल के मुख्यमंत्री ओमन चांडी से इस्तीफे की मांग करते हुए अपनी अनिश्चितकालीन मुहिम के तहत सरकारी सचिवालय का घेराव किया जो राजनीतिक रूप से अतिसक्रिय केरल में हुए सबसे बड़े विरोध प्रदर्शनों में से एक रहा। पहले दिन विपक्ष की मुहिम शांतिपूर्ण रही और वामपंथी नेताओं ने बार-बार प्रयास किया कि कार्यकर्ता उग्र रूप धारण नहीं करें और सरकार आंदोलन को बाधित करने के लिए बल प्रयोग नहीं करे। हालांकि शहर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। पूरे प्रदेश से एकत्रित हुए एलडीएफ के कार्यकर्ताओं ने सचिवालय के तीन प्रवेश द्वारों को बंद कर दिया और मामले में न्यायिक जांच समेत अपनी मांगों पर जोर देते रहे। हालांकि पुलिस ने ‘छावनी’ द्वार पर स्थिति अपने नियंत्रण में कर ली जहां से चांडी, उनके कैबिनेट सहयोगी, अधिकारी और कर्मचारियों ने सचिवालय परिसर में प्रवेश किया। टिप्पणियां सचिवालय में आज उपस्थित कम ही रही लेकिन महिला कर्मचारियों समेत जो लोग भी दफ्तर आये थे, वे बिना किसी अड़चन के अंदर जा सके। शहर में बुधवार तक शिक्षण संस्थानों में अवकाश घोषित किया गया है और शराब की बिक्री पर रोक है। वाम दलों और उनके सहयोगी दलों के राष्ट्रीय नेताओं ने दो महीने से चल रहे अभियान को गति प्रदान करते हुए प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया। संबोधित करने वाले नेताओं में जेडीएस अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा, माकपा महासचिव प्रकाश करात, भाकपा के महासचिव सुधाकर रेड्डी के साथ विपक्ष के नेता वीएस अच्युतानंदन और माकपा के प्रदेश सचिव पिनारायी विजयन शामिल रहे। पहले दिन विपक्ष की मुहिम शांतिपूर्ण रही और वामपंथी नेताओं ने बार-बार प्रयास किया कि कार्यकर्ता उग्र रूप धारण नहीं करें और सरकार आंदोलन को बाधित करने के लिए बल प्रयोग नहीं करे। हालांकि शहर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। पूरे प्रदेश से एकत्रित हुए एलडीएफ के कार्यकर्ताओं ने सचिवालय के तीन प्रवेश द्वारों को बंद कर दिया और मामले में न्यायिक जांच समेत अपनी मांगों पर जोर देते रहे। हालांकि पुलिस ने ‘छावनी’ द्वार पर स्थिति अपने नियंत्रण में कर ली जहां से चांडी, उनके कैबिनेट सहयोगी, अधिकारी और कर्मचारियों ने सचिवालय परिसर में प्रवेश किया। टिप्पणियां सचिवालय में आज उपस्थित कम ही रही लेकिन महिला कर्मचारियों समेत जो लोग भी दफ्तर आये थे, वे बिना किसी अड़चन के अंदर जा सके। शहर में बुधवार तक शिक्षण संस्थानों में अवकाश घोषित किया गया है और शराब की बिक्री पर रोक है। वाम दलों और उनके सहयोगी दलों के राष्ट्रीय नेताओं ने दो महीने से चल रहे अभियान को गति प्रदान करते हुए प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया। संबोधित करने वाले नेताओं में जेडीएस अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा, माकपा महासचिव प्रकाश करात, भाकपा के महासचिव सुधाकर रेड्डी के साथ विपक्ष के नेता वीएस अच्युतानंदन और माकपा के प्रदेश सचिव पिनारायी विजयन शामिल रहे। पूरे प्रदेश से एकत्रित हुए एलडीएफ के कार्यकर्ताओं ने सचिवालय के तीन प्रवेश द्वारों को बंद कर दिया और मामले में न्यायिक जांच समेत अपनी मांगों पर जोर देते रहे। हालांकि पुलिस ने ‘छावनी’ द्वार पर स्थिति अपने नियंत्रण में कर ली जहां से चांडी, उनके कैबिनेट सहयोगी, अधिकारी और कर्मचारियों ने सचिवालय परिसर में प्रवेश किया। टिप्पणियां सचिवालय में आज उपस्थित कम ही रही लेकिन महिला कर्मचारियों समेत जो लोग भी दफ्तर आये थे, वे बिना किसी अड़चन के अंदर जा सके। शहर में बुधवार तक शिक्षण संस्थानों में अवकाश घोषित किया गया है और शराब की बिक्री पर रोक है। वाम दलों और उनके सहयोगी दलों के राष्ट्रीय नेताओं ने दो महीने से चल रहे अभियान को गति प्रदान करते हुए प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया। संबोधित करने वाले नेताओं में जेडीएस अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा, माकपा महासचिव प्रकाश करात, भाकपा के महासचिव सुधाकर रेड्डी के साथ विपक्ष के नेता वीएस अच्युतानंदन और माकपा के प्रदेश सचिव पिनारायी विजयन शामिल रहे। हालांकि पुलिस ने ‘छावनी’ द्वार पर स्थिति अपने नियंत्रण में कर ली जहां से चांडी, उनके कैबिनेट सहयोगी, अधिकारी और कर्मचारियों ने सचिवालय परिसर में प्रवेश किया। टिप्पणियां सचिवालय में आज उपस्थित कम ही रही लेकिन महिला कर्मचारियों समेत जो लोग भी दफ्तर आये थे, वे बिना किसी अड़चन के अंदर जा सके। शहर में बुधवार तक शिक्षण संस्थानों में अवकाश घोषित किया गया है और शराब की बिक्री पर रोक है। वाम दलों और उनके सहयोगी दलों के राष्ट्रीय नेताओं ने दो महीने से चल रहे अभियान को गति प्रदान करते हुए प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया। संबोधित करने वाले नेताओं में जेडीएस अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा, माकपा महासचिव प्रकाश करात, भाकपा के महासचिव सुधाकर रेड्डी के साथ विपक्ष के नेता वीएस अच्युतानंदन और माकपा के प्रदेश सचिव पिनारायी विजयन शामिल रहे। सचिवालय में आज उपस्थित कम ही रही लेकिन महिला कर्मचारियों समेत जो लोग भी दफ्तर आये थे, वे बिना किसी अड़चन के अंदर जा सके। शहर में बुधवार तक शिक्षण संस्थानों में अवकाश घोषित किया गया है और शराब की बिक्री पर रोक है। वाम दलों और उनके सहयोगी दलों के राष्ट्रीय नेताओं ने दो महीने से चल रहे अभियान को गति प्रदान करते हुए प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया। संबोधित करने वाले नेताओं में जेडीएस अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा, माकपा महासचिव प्रकाश करात, भाकपा के महासचिव सुधाकर रेड्डी के साथ विपक्ष के नेता वीएस अच्युतानंदन और माकपा के प्रदेश सचिव पिनारायी विजयन शामिल रहे। वाम दलों और उनके सहयोगी दलों के राष्ट्रीय नेताओं ने दो महीने से चल रहे अभियान को गति प्रदान करते हुए प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया। संबोधित करने वाले नेताओं में जेडीएस अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा, माकपा महासचिव प्रकाश करात, भाकपा के महासचिव सुधाकर रेड्डी के साथ विपक्ष के नेता वीएस अच्युतानंदन और माकपा के प्रदेश सचिव पिनारायी विजयन शामिल रहे।
एलडीएफ के हज़ारों कार्यकर्ताओं ने सौर पैनल घोटाला मामले में केरल के मुख्यमंत्री ओमन चांडी से इस्तीफे की मांग करते हुए अपनी अनिश्चितकालीन मुहिम के तहत सरकारी सचिवालय का घेराव किया जो राजनीतिक रूप से अतिसक्रिय केरल में हुए सबसे बड़े विरोध प्रदर्शनों में से
1
['hin']
एक सारांश बनाओ: हॉलीवुड अभिनेत्री केली ब्रुक का कहना है कि वह सुपरमॉडल केटी प्राइस द्वारा की गई टिप्पणी से नाराज़ नहीं हैं, बल्कि उन्हें केटी प्राइस की बात से निराशा हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि केटी प्राइस का यह आचरण किसी 'महिला जैसा नहीं' है। दरअसल, केटी प्राइस ने हाल ही में केली ब्रुक के बारे में एक आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिसमें उन्होंने केटी को 'एक ऐसी गाय जैसी दिखने वाली बताया था, जिसने अभी तक किसी बछड़े को जन्म नहीं दिया...'टिप्पणियां वेबसाइट मिरर.को.यूके के मुताबिक केली ब्रुक ने कहा, "उन्होंने जो कहा, वह सुनकर मुझे काफी निराशा हुई... जहां तक मेरी बात है, किसी महिला द्वारा किसी अन्य महिला के बारे में यह बात सार्वजनिक रूप से कहना भद्रता नहीं है।" वैसे अपने पूर्व पुरुष मित्र डैनी सिप्रियानी के साथ समय बिता रहीं केली ब्रुक इस बात को ज्यादा महत्व नहीं दे रही हैं, और उनके मुताबिक वह इस टिप्पणी से नाराज़ नहीं हैं, बस, निराश हैं। दरअसल, केटी प्राइस ने हाल ही में केली ब्रुक के बारे में एक आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिसमें उन्होंने केटी को 'एक ऐसी गाय जैसी दिखने वाली बताया था, जिसने अभी तक किसी बछड़े को जन्म नहीं दिया...'टिप्पणियां वेबसाइट मिरर.को.यूके के मुताबिक केली ब्रुक ने कहा, "उन्होंने जो कहा, वह सुनकर मुझे काफी निराशा हुई... जहां तक मेरी बात है, किसी महिला द्वारा किसी अन्य महिला के बारे में यह बात सार्वजनिक रूप से कहना भद्रता नहीं है।" वैसे अपने पूर्व पुरुष मित्र डैनी सिप्रियानी के साथ समय बिता रहीं केली ब्रुक इस बात को ज्यादा महत्व नहीं दे रही हैं, और उनके मुताबिक वह इस टिप्पणी से नाराज़ नहीं हैं, बस, निराश हैं। वेबसाइट मिरर.को.यूके के मुताबिक केली ब्रुक ने कहा, "उन्होंने जो कहा, वह सुनकर मुझे काफी निराशा हुई... जहां तक मेरी बात है, किसी महिला द्वारा किसी अन्य महिला के बारे में यह बात सार्वजनिक रूप से कहना भद्रता नहीं है।" वैसे अपने पूर्व पुरुष मित्र डैनी सिप्रियानी के साथ समय बिता रहीं केली ब्रुक इस बात को ज्यादा महत्व नहीं दे रही हैं, और उनके मुताबिक वह इस टिप्पणी से नाराज़ नहीं हैं, बस, निराश हैं। वैसे अपने पूर्व पुरुष मित्र डैनी सिप्रियानी के साथ समय बिता रहीं केली ब्रुक इस बात को ज्यादा महत्व नहीं दे रही हैं, और उनके मुताबिक वह इस टिप्पणी से नाराज़ नहीं हैं, बस, निराश हैं।
यहाँ एक सारांश है:केटी प्राइस की टिप्पणी पर केली ब्रुक ने कहा, "यह टिप्पणी सुनकर मैं निराश हूं... मेरे हिसाब से किसी महिला द्वारा किसी महिला के बारे में ऐसी बातें कहना भद्रता नहीं है।"
15
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: देश के शेयर बाजारों में बुधवार को गिरावट दर्ज की गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 211.45 अंकों की गिरावट के साथ 20,090.68 पर तथा निफ्टी 87.30 अंकों की गिरावट के साथ 5,990.50 पर बंद हुआ। बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 101.93 अंकों की गिरावट के साथ 20,200.20 पर खुला और 211.45 अंकों यानी 1.04 फीसदी की गिरावट के साथ 20,090.68 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में सेंसेक्स ने 20,252.70 के ऊपरी और 19,994.25 के निचले स्तर को छुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 45.60 अंकों की गिरावट के साथ 6,032.20 पर खुला और 87.30 अंकों यानी 1.44 फीसदी की गिरावट के साथ 5,990.50 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 6,047.25 के ऊपरी और 5,962.60 के निचले स्तर को छुआ।टिप्पणियां बीएसई के मिडकैप और स्मालकैप सूचकांकों में भी गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप 109.46 अंकों की गिरावट के साथ 5,889.83 पर और स्मॉलकैप 80.61 अंकों की गिरावट के साथ 5,601.87 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से दो सेक्टरों सूचना प्रौद्योगिकी (1.03 फीसदी) और प्रौद्योगिकी  (0.99 फीसदी) में तेजी दर्ज की गई। बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 101.93 अंकों की गिरावट के साथ 20,200.20 पर खुला और 211.45 अंकों यानी 1.04 फीसदी की गिरावट के साथ 20,090.68 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में सेंसेक्स ने 20,252.70 के ऊपरी और 19,994.25 के निचले स्तर को छुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 45.60 अंकों की गिरावट के साथ 6,032.20 पर खुला और 87.30 अंकों यानी 1.44 फीसदी की गिरावट के साथ 5,990.50 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 6,047.25 के ऊपरी और 5,962.60 के निचले स्तर को छुआ।टिप्पणियां बीएसई के मिडकैप और स्मालकैप सूचकांकों में भी गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप 109.46 अंकों की गिरावट के साथ 5,889.83 पर और स्मॉलकैप 80.61 अंकों की गिरावट के साथ 5,601.87 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से दो सेक्टरों सूचना प्रौद्योगिकी (1.03 फीसदी) और प्रौद्योगिकी  (0.99 फीसदी) में तेजी दर्ज की गई। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 45.60 अंकों की गिरावट के साथ 6,032.20 पर खुला और 87.30 अंकों यानी 1.44 फीसदी की गिरावट के साथ 5,990.50 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 6,047.25 के ऊपरी और 5,962.60 के निचले स्तर को छुआ।टिप्पणियां बीएसई के मिडकैप और स्मालकैप सूचकांकों में भी गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप 109.46 अंकों की गिरावट के साथ 5,889.83 पर और स्मॉलकैप 80.61 अंकों की गिरावट के साथ 5,601.87 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से दो सेक्टरों सूचना प्रौद्योगिकी (1.03 फीसदी) और प्रौद्योगिकी  (0.99 फीसदी) में तेजी दर्ज की गई। बीएसई के मिडकैप और स्मालकैप सूचकांकों में भी गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप 109.46 अंकों की गिरावट के साथ 5,889.83 पर और स्मॉलकैप 80.61 अंकों की गिरावट के साथ 5,601.87 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से दो सेक्टरों सूचना प्रौद्योगिकी (1.03 फीसदी) और प्रौद्योगिकी  (0.99 फीसदी) में तेजी दर्ज की गई। बीएसई के 13 में से दो सेक्टरों सूचना प्रौद्योगिकी (1.03 फीसदी) और प्रौद्योगिकी  (0.99 फीसदी) में तेजी दर्ज की गई।
सारांश: प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 211.45 अंकों की गिरावट के साथ 20,090.68 पर तथा निफ्टी 87.30 अंकों की गिरावट के साथ 5,990.50 पर बंद हुआ।
33
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: दिल्ली में अन्ना हजारे का भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन खत्म होने के बाद भी इंडिया अगेंस्ट करप्शन (आईएसी) के कार्यकर्ताओं ने झारखंड के धनबाद शहर में सरकारी अधिकारियों को फूल और सफेद टोपियां देना जारी रखा है। आईएसी के जिला संयोजक विजय झा ने बताया, सभी अधिकारियों से भ्रष्टाचार को खत्म करने में सहयोग करने के आग्रह के साथ मैं अन्ना हूं लिखी हुई गांधी टोपियां और गुलाबों के गुलदस्ते दिए जा रहे हैं। विजय ने कहा कि आईएसी की धनबाद इकाई के सदस्य लगभग रोज वाणिज्य कर, बिक्री कर, जिला परिवहन कार्यालय, सहायक रजिस्ट्रार कार्यालय, बीडीओ और सीओ समेत कई विभागों के चक्कर लगाते हैं। उन्होंने कहा, इसे गांधीगिरी कहिए या अन्नागिरी, हम इस तरीके में विश्वास करते हैं। अधिकारियों को दिए ज्ञापन में हम उनसे लंबित कार्यों को पूरा करने के लिए कार्यालय के निर्धारित समय से ज्यादा वक्त बिताने का आग्रह करते हैं।
संक्षिप्त पाठ: सभी अधिकारियों से भ्रष्टाचार को खत्म करने में सहयोग करने के आग्रह के साथ मैं अन्ना हूं लिखी हुई गांधी टोपियां और गुलाबों के गुलदस्ते दिए जा रहे हैं।
27
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: जम्मू एवं कश्मीर के उधमपुर जिले में शनिवार को एक बस दुर्घटनाग्रस्त होकर खाई में जा गिरी जिसमें 16 लोगों की मौत हो गई और वर-वधू सहित 44 घायल हो गए। बस में सवार लोग विवाह समारोह में हिस्सा लेने जा रहे थे। जम्मू से 110 किलोमीटर दूर दुदु बसंतगढ़ में बस फिसलकर गहरी खाई में जा गिरी। बस में करीब 60 लोग सवार थे। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, "बस फिसलकर 300 फुट गहरी खाई में जा गिरी।"टिप्पणियां दुर्घटना में 12 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि चार घायलों की बाद में मौत हो गई। इस हादसे में वर-वधू सहित 44 लोग घायल हो गए। दुर्घटना के तत्काल बाद पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बस (सीआरपीएफ) ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया। अधिकारी ने कहा, "मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।" जम्मू एवं कश्मीर के राज्यपाल एन.एन. वोहरा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने दुर्घटना पर गहरा दुख और शोक व्यक्त किया है। पहाड़ी राज्य जम्मू एवं कश्मीर में अक्सर सड़क दुर्घटनाएं होती रहती हैं। इसकी प्रमुख वजहों में क्षमता से अधिक यात्रियों का सवार होना, वाहनों का उचित रखरखाव न होना और सड़कों की खस्ताहालत शामिल हैं। जम्मू से 110 किलोमीटर दूर दुदु बसंतगढ़ में बस फिसलकर गहरी खाई में जा गिरी। बस में करीब 60 लोग सवार थे। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, "बस फिसलकर 300 फुट गहरी खाई में जा गिरी।"टिप्पणियां दुर्घटना में 12 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि चार घायलों की बाद में मौत हो गई। इस हादसे में वर-वधू सहित 44 लोग घायल हो गए। दुर्घटना के तत्काल बाद पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बस (सीआरपीएफ) ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया। अधिकारी ने कहा, "मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।" जम्मू एवं कश्मीर के राज्यपाल एन.एन. वोहरा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने दुर्घटना पर गहरा दुख और शोक व्यक्त किया है। पहाड़ी राज्य जम्मू एवं कश्मीर में अक्सर सड़क दुर्घटनाएं होती रहती हैं। इसकी प्रमुख वजहों में क्षमता से अधिक यात्रियों का सवार होना, वाहनों का उचित रखरखाव न होना और सड़कों की खस्ताहालत शामिल हैं। दुर्घटना में 12 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि चार घायलों की बाद में मौत हो गई। इस हादसे में वर-वधू सहित 44 लोग घायल हो गए। दुर्घटना के तत्काल बाद पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बस (सीआरपीएफ) ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया। अधिकारी ने कहा, "मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।" जम्मू एवं कश्मीर के राज्यपाल एन.एन. वोहरा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने दुर्घटना पर गहरा दुख और शोक व्यक्त किया है। पहाड़ी राज्य जम्मू एवं कश्मीर में अक्सर सड़क दुर्घटनाएं होती रहती हैं। इसकी प्रमुख वजहों में क्षमता से अधिक यात्रियों का सवार होना, वाहनों का उचित रखरखाव न होना और सड़कों की खस्ताहालत शामिल हैं। जम्मू एवं कश्मीर के राज्यपाल एन.एन. वोहरा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने दुर्घटना पर गहरा दुख और शोक व्यक्त किया है। पहाड़ी राज्य जम्मू एवं कश्मीर में अक्सर सड़क दुर्घटनाएं होती रहती हैं। इसकी प्रमुख वजहों में क्षमता से अधिक यात्रियों का सवार होना, वाहनों का उचित रखरखाव न होना और सड़कों की खस्ताहालत शामिल हैं।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: जम्मू एवं कश्मीर के उधमपुर जिले में शनिवार को एक बस दुर्घटनाग्रस्त होकर खाई में जा गिरी जिसमें 16 लोगों की मौत हो गई और वर-वधू सहित 44 घायल हो गए। बस में सवार लोग विवाह समारोह में हिस्सा लेने जा रहे थे।
3
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: केन्या के आंतरिक सुरक्षा मंत्री और उनके सहायक सहित छह लोगों की नैरोबी के समीप रविवार को हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई। यह जानकारी केन्याई मीडिया ने दी। समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने स्थानीय रेडियो स्टेशन कैपिटल एफएम के हवाले से खबर दी है कि अमेरिका से शिक्षा प्राप्त अर्थशास्त्री एवं गणितज्ञ तथा आंतरिक सुरक्षा मंत्री जार्ज सेटोटी और सहायक ओरवा ओजोडे की पुलिस का हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो जाने से मौत हो गई। यह हादसा नगोंग शहर के एक जंगल के समीप हुआ। मरने वालों में दो पायलट-ल्यूक ओयूगी और नेंसी गितुआंजा तथा मंत्रियों के दो सुरक्षाकर्मी इंस्पेक्टर जोशुआ तोंकोइ तथा सार्जेट थॉमस मुरिमी शामिल हैं। सेटोटी मार्च 2013 में होने वाले राष्ट्रपति पद के चुनाव में हिस्सा लेने वाले थे। टिप्पणियां केन्याई रेडक्रॉस ने कहा है कि चारों शव इतनी बुरी तरह जल चुके हैं कि उनकी पहचान नहीं की जा सकती। दुर्घटना के कारणों का पता नहीं चल सका है। केन्या के राष्ट्रपति मवई किबैकी ने इन मौतों को केन्या के लिए बड़ी क्षति बताया है। प्रधानमंत्री रलिया ओडिंगा ने भी इस घटना पर दुख व्यक्त किया है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने स्थानीय रेडियो स्टेशन कैपिटल एफएम के हवाले से खबर दी है कि अमेरिका से शिक्षा प्राप्त अर्थशास्त्री एवं गणितज्ञ तथा आंतरिक सुरक्षा मंत्री जार्ज सेटोटी और सहायक ओरवा ओजोडे की पुलिस का हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो जाने से मौत हो गई। यह हादसा नगोंग शहर के एक जंगल के समीप हुआ। मरने वालों में दो पायलट-ल्यूक ओयूगी और नेंसी गितुआंजा तथा मंत्रियों के दो सुरक्षाकर्मी इंस्पेक्टर जोशुआ तोंकोइ तथा सार्जेट थॉमस मुरिमी शामिल हैं। सेटोटी मार्च 2013 में होने वाले राष्ट्रपति पद के चुनाव में हिस्सा लेने वाले थे। टिप्पणियां केन्याई रेडक्रॉस ने कहा है कि चारों शव इतनी बुरी तरह जल चुके हैं कि उनकी पहचान नहीं की जा सकती। दुर्घटना के कारणों का पता नहीं चल सका है। केन्या के राष्ट्रपति मवई किबैकी ने इन मौतों को केन्या के लिए बड़ी क्षति बताया है। प्रधानमंत्री रलिया ओडिंगा ने भी इस घटना पर दुख व्यक्त किया है। मरने वालों में दो पायलट-ल्यूक ओयूगी और नेंसी गितुआंजा तथा मंत्रियों के दो सुरक्षाकर्मी इंस्पेक्टर जोशुआ तोंकोइ तथा सार्जेट थॉमस मुरिमी शामिल हैं। सेटोटी मार्च 2013 में होने वाले राष्ट्रपति पद के चुनाव में हिस्सा लेने वाले थे। टिप्पणियां केन्याई रेडक्रॉस ने कहा है कि चारों शव इतनी बुरी तरह जल चुके हैं कि उनकी पहचान नहीं की जा सकती। दुर्घटना के कारणों का पता नहीं चल सका है। केन्या के राष्ट्रपति मवई किबैकी ने इन मौतों को केन्या के लिए बड़ी क्षति बताया है। प्रधानमंत्री रलिया ओडिंगा ने भी इस घटना पर दुख व्यक्त किया है। सेटोटी मार्च 2013 में होने वाले राष्ट्रपति पद के चुनाव में हिस्सा लेने वाले थे। टिप्पणियां केन्याई रेडक्रॉस ने कहा है कि चारों शव इतनी बुरी तरह जल चुके हैं कि उनकी पहचान नहीं की जा सकती। दुर्घटना के कारणों का पता नहीं चल सका है। केन्या के राष्ट्रपति मवई किबैकी ने इन मौतों को केन्या के लिए बड़ी क्षति बताया है। प्रधानमंत्री रलिया ओडिंगा ने भी इस घटना पर दुख व्यक्त किया है। केन्याई रेडक्रॉस ने कहा है कि चारों शव इतनी बुरी तरह जल चुके हैं कि उनकी पहचान नहीं की जा सकती। दुर्घटना के कारणों का पता नहीं चल सका है। केन्या के राष्ट्रपति मवई किबैकी ने इन मौतों को केन्या के लिए बड़ी क्षति बताया है। प्रधानमंत्री रलिया ओडिंगा ने भी इस घटना पर दुख व्यक्त किया है। केन्या के राष्ट्रपति मवई किबैकी ने इन मौतों को केन्या के लिए बड़ी क्षति बताया है। प्रधानमंत्री रलिया ओडिंगा ने भी इस घटना पर दुख व्यक्त किया है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: केन्या के आंतरिक सुरक्षा मंत्री और उनके सहायक सहित छह लोगों की नैरोबी के समीप रविवार को हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई।
3
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: एसेक्‍स काउंटी क्रिकेट क्‍लब ने इस कैच के वीडियो को अपने फेसबुक पेज पर शेयर किया है. ये वीडियो लगभग 4000 बार शेयर किया जा चुका है. कुक इंग्‍लैंड की ओर से टेस्‍ट क्रिकेट में सबसे ज्‍यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं. उन्‍होंने 140 टेस्‍ट में 11057 रन बनाए हैं. 2016 के अंत में हुए भारत दौरे के बाद कुक ने टेस्ट टीम की कप्तानी त्याग दी थी. उन्होंने रिकॉर्ड 59 टेस्ट मैच में इंग्लैंड की कप्तानी करी. साथ ही एकदिवसीय क्रिकेट में भी कुक ने इंग्लैंड के लिए सबसे अधिक 69 मैचों में कप्तानी करी है. एसेक्‍स काउंटी क्रिकेट क्‍लब ने इस कैच के वीडियो को अपने फेसबुक पेज पर शेयर किया है. ये वीडियो लगभग 4000 बार शेयर किया जा चुका है. कुक इंग्‍लैंड की ओर से टेस्‍ट क्रिकेट में सबसे ज्‍यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं. उन्‍होंने 140 टेस्‍ट में 11057 रन बनाए हैं. 2016 के अंत में हुए भारत दौरे के बाद कुक ने टेस्ट टीम की कप्तानी त्याग दी थी. उन्होंने रिकॉर्ड 59 टेस्ट मैच में इंग्लैंड की कप्तानी करी. साथ ही एकदिवसीय क्रिकेट में भी कुक ने इंग्लैंड के लिए सबसे अधिक 69 मैचों में कप्तानी करी है.
संक्षिप्त सारांश: कुक के एक असाधारण कैच ने रिपोर्टर की जान बचा ली ये घटना एसेक्‍स क्रिकेट काउंटी क्‍लब में एक अभ्यास सत्र के दौरान घटी गेंद चेहरे पर लगती तो इस शख्स के लिए घातक साबित हो सकता था
0
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: रिजर्व बैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि कितने नए बैंक लाइसेंस जारी किए जाएंगे इस बारे में रिजर्व बैंक ने कोई संख्या तय नहीं की है। रिजर्व बैंक के कार्यकारी निदेशक आर गांधी ने यहां एक कार्यक्रम में कहा, फिलहाल हमें नए बैंक लाइसेंस के लिए 26 आवेदन प्राप्त हुए हैं। वित्तीय समावेश बैंकिंग क्षेत्र में उतरने के लिए पूर्व शर्त होगी। कितने बैंक आएंगे यह सब उनकी समूची योजना और प्रस्ताव के विश्लेषण पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा, कितने बैंकों को लाइसेंस दिया जाएगा इस बारे में किसी नतीजे पर पहुंचने के लिए हमें कुछ महीने और प्रतीक्षा करनी होगी। इसकी संख्या के बारे में कोई लक्ष्य तय नहीं किया गया है। गांधी ने कहा, यह संख्या आवेदकों के प्रस्ताव और कारोबारी योजना पर निर्भर करती है। वित्तीय समावेश पर उनके प्रयासों उनके प्रस्तावों और व्यावसायिक योजना पर निर्भर करता है। हम पहले से यह बताने की स्थिति में नहीं हैं कि कितने आवेदक इन आवश्यकताओं को पूरा करेंगे। इंडिया पोस्ट, एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड, रिलायंस कैपिटल, आदित्य बिरला नूवो और एल एण्ड टी फाइनेंस सहित 26 कंपनियों ने बैंक लाइसेंस के लिए आवेदन किया है।टिप्पणियां नए बैंक लाइसेंस के लिए रिजर्व बैंक ने वित्तीय समावेश के अपने एजेंडे को आगे बढ़ाते हुए कड़ी शर्त रखी है। प्रस्तावित बैंकों को 25 प्रतिशत शाखाएं बिना बैंक शाखाओं वाले क्षेत्र में खोलनी होंगी। सेंट्रल मुंबई कालेज के इस कार्यक्रम में रिजर्व बैंक गवर्नर डी सुब्बाराव को आना था, लेकिन आवश्यक कार्य से उन्हें नई दिल्ली जाना पड़ा, जिसकी वजह से अंतिम क्षण में गांधी कार्यक्रम में पहुंचे। सुब्बाराव नई दिल्ली में वित्तमंत्री पी चिदंबरम से मिलेंगे। रिजर्व बैंक के कार्यकारी निदेशक आर गांधी ने यहां एक कार्यक्रम में कहा, फिलहाल हमें नए बैंक लाइसेंस के लिए 26 आवेदन प्राप्त हुए हैं। वित्तीय समावेश बैंकिंग क्षेत्र में उतरने के लिए पूर्व शर्त होगी। कितने बैंक आएंगे यह सब उनकी समूची योजना और प्रस्ताव के विश्लेषण पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा, कितने बैंकों को लाइसेंस दिया जाएगा इस बारे में किसी नतीजे पर पहुंचने के लिए हमें कुछ महीने और प्रतीक्षा करनी होगी। इसकी संख्या के बारे में कोई लक्ष्य तय नहीं किया गया है। गांधी ने कहा, यह संख्या आवेदकों के प्रस्ताव और कारोबारी योजना पर निर्भर करती है। वित्तीय समावेश पर उनके प्रयासों उनके प्रस्तावों और व्यावसायिक योजना पर निर्भर करता है। हम पहले से यह बताने की स्थिति में नहीं हैं कि कितने आवेदक इन आवश्यकताओं को पूरा करेंगे। इंडिया पोस्ट, एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड, रिलायंस कैपिटल, आदित्य बिरला नूवो और एल एण्ड टी फाइनेंस सहित 26 कंपनियों ने बैंक लाइसेंस के लिए आवेदन किया है।टिप्पणियां नए बैंक लाइसेंस के लिए रिजर्व बैंक ने वित्तीय समावेश के अपने एजेंडे को आगे बढ़ाते हुए कड़ी शर्त रखी है। प्रस्तावित बैंकों को 25 प्रतिशत शाखाएं बिना बैंक शाखाओं वाले क्षेत्र में खोलनी होंगी। सेंट्रल मुंबई कालेज के इस कार्यक्रम में रिजर्व बैंक गवर्नर डी सुब्बाराव को आना था, लेकिन आवश्यक कार्य से उन्हें नई दिल्ली जाना पड़ा, जिसकी वजह से अंतिम क्षण में गांधी कार्यक्रम में पहुंचे। सुब्बाराव नई दिल्ली में वित्तमंत्री पी चिदंबरम से मिलेंगे। उन्होंने कहा, कितने बैंकों को लाइसेंस दिया जाएगा इस बारे में किसी नतीजे पर पहुंचने के लिए हमें कुछ महीने और प्रतीक्षा करनी होगी। इसकी संख्या के बारे में कोई लक्ष्य तय नहीं किया गया है। गांधी ने कहा, यह संख्या आवेदकों के प्रस्ताव और कारोबारी योजना पर निर्भर करती है। वित्तीय समावेश पर उनके प्रयासों उनके प्रस्तावों और व्यावसायिक योजना पर निर्भर करता है। हम पहले से यह बताने की स्थिति में नहीं हैं कि कितने आवेदक इन आवश्यकताओं को पूरा करेंगे। इंडिया पोस्ट, एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड, रिलायंस कैपिटल, आदित्य बिरला नूवो और एल एण्ड टी फाइनेंस सहित 26 कंपनियों ने बैंक लाइसेंस के लिए आवेदन किया है।टिप्पणियां नए बैंक लाइसेंस के लिए रिजर्व बैंक ने वित्तीय समावेश के अपने एजेंडे को आगे बढ़ाते हुए कड़ी शर्त रखी है। प्रस्तावित बैंकों को 25 प्रतिशत शाखाएं बिना बैंक शाखाओं वाले क्षेत्र में खोलनी होंगी। सेंट्रल मुंबई कालेज के इस कार्यक्रम में रिजर्व बैंक गवर्नर डी सुब्बाराव को आना था, लेकिन आवश्यक कार्य से उन्हें नई दिल्ली जाना पड़ा, जिसकी वजह से अंतिम क्षण में गांधी कार्यक्रम में पहुंचे। सुब्बाराव नई दिल्ली में वित्तमंत्री पी चिदंबरम से मिलेंगे। नए बैंक लाइसेंस के लिए रिजर्व बैंक ने वित्तीय समावेश के अपने एजेंडे को आगे बढ़ाते हुए कड़ी शर्त रखी है। प्रस्तावित बैंकों को 25 प्रतिशत शाखाएं बिना बैंक शाखाओं वाले क्षेत्र में खोलनी होंगी। सेंट्रल मुंबई कालेज के इस कार्यक्रम में रिजर्व बैंक गवर्नर डी सुब्बाराव को आना था, लेकिन आवश्यक कार्य से उन्हें नई दिल्ली जाना पड़ा, जिसकी वजह से अंतिम क्षण में गांधी कार्यक्रम में पहुंचे। सुब्बाराव नई दिल्ली में वित्तमंत्री पी चिदंबरम से मिलेंगे। सेंट्रल मुंबई कालेज के इस कार्यक्रम में रिजर्व बैंक गवर्नर डी सुब्बाराव को आना था, लेकिन आवश्यक कार्य से उन्हें नई दिल्ली जाना पड़ा, जिसकी वजह से अंतिम क्षण में गांधी कार्यक्रम में पहुंचे। सुब्बाराव नई दिल्ली में वित्तमंत्री पी चिदंबरम से मिलेंगे।
यह एक सारांश है: नए बैंक लाइसेंस के लिए रिजर्व बैंक ने वित्तीय समावेश के अपने एजेंडे को आगे बढ़ाते हुए कड़ी शर्त रखी है। प्रस्तावित बैंकों को 25 प्रतिशत शाखाएं बिना बैंक शाखाओं वाले क्षेत्र में खोलनी होंगी।
16
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश के पिछड़ा वर्ग एवं विकलांग कल्याण मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि राज्य की योगी आदित्यनाथ सरकार दिव्यांगों का एक लाख रुपये तक का कर्ज माफ करेगी. साथ ही पिछड़े वर्ग तथा दलित वर्ग में अति पिछड़ा एवं अति दलित की नई श्रेणी बनाने की कवायद की जा रही है. राजभर ने बातचीत में दिव्यांगों के प्रति सरकार की प्रतिबद्घता को दोहराते हुए कहा कि किसानों की तरह दिव्यांगों का भी एक लाख रुपये तक का कर्ज माफ किया जाएगा. उन्होंने कहा कि इसके साथ ही दिव्यांगों के हित में कदम उठाते हुए सरकार ऐसे इच्छुक लोगों को एक लाख रुपये तक का कर्ज दिलाएगी. राजभर ने कहा कि योगी सरकार दलित तथा पिछड़े वर्ग की उपेक्षित जातियों को न्याय दिलाने के लिये विशेष पहल करने जा रही है. पिछड़ा वर्ग में अति पिछड़ा वर्ग के नाम से एक नई श्रेणी बनायी जाएगी तथा अति पिछड़ा वर्ग को पिछड़े वर्ग के 27 फीसदी आरक्षण में से 18 फीसदी आरक्षण की सुविधा दी जाएगी. उन्होंने कहा कि इसी तरह दलित वर्ग में भी अति दलित वर्ग की नई श्रेणी बनेगी तथा अति दलित वर्ग को साढ़े 22 प्रतिशत आरक्षण में 15 फीसद आरक्षण का प्रबंध किया जाएगा. सरकार ये दोनों श्रेणियां बनाने की तैयारी कर रही है. टिप्पणियां राजभर ने बताया कि प्रदेश सरकार अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग को मिल रही सुविधा की तर्ज पर पिछड़े वर्ग के सभी छात्र-छात्राओ को छात्रवृत्ति का लाभ दिलाने की कवायद कर रही है. मंत्री ने जानकारी दी कि सरकार ने दिव्यांगों का पेंशन 300 से बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया है. इसके साथ ही दिव्यागों की समस्याओं के समाधान के लिये प्रत्येक माह के दूसरे बुधवार को समाधान दिवस आयोजित होगा. राजभर ने बातचीत में दिव्यांगों के प्रति सरकार की प्रतिबद्घता को दोहराते हुए कहा कि किसानों की तरह दिव्यांगों का भी एक लाख रुपये तक का कर्ज माफ किया जाएगा. उन्होंने कहा कि इसके साथ ही दिव्यांगों के हित में कदम उठाते हुए सरकार ऐसे इच्छुक लोगों को एक लाख रुपये तक का कर्ज दिलाएगी. राजभर ने कहा कि योगी सरकार दलित तथा पिछड़े वर्ग की उपेक्षित जातियों को न्याय दिलाने के लिये विशेष पहल करने जा रही है. पिछड़ा वर्ग में अति पिछड़ा वर्ग के नाम से एक नई श्रेणी बनायी जाएगी तथा अति पिछड़ा वर्ग को पिछड़े वर्ग के 27 फीसदी आरक्षण में से 18 फीसदी आरक्षण की सुविधा दी जाएगी. उन्होंने कहा कि इसी तरह दलित वर्ग में भी अति दलित वर्ग की नई श्रेणी बनेगी तथा अति दलित वर्ग को साढ़े 22 प्रतिशत आरक्षण में 15 फीसद आरक्षण का प्रबंध किया जाएगा. सरकार ये दोनों श्रेणियां बनाने की तैयारी कर रही है. टिप्पणियां राजभर ने बताया कि प्रदेश सरकार अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग को मिल रही सुविधा की तर्ज पर पिछड़े वर्ग के सभी छात्र-छात्राओ को छात्रवृत्ति का लाभ दिलाने की कवायद कर रही है. मंत्री ने जानकारी दी कि सरकार ने दिव्यांगों का पेंशन 300 से बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया है. इसके साथ ही दिव्यागों की समस्याओं के समाधान के लिये प्रत्येक माह के दूसरे बुधवार को समाधान दिवस आयोजित होगा. राजभर ने कहा कि योगी सरकार दलित तथा पिछड़े वर्ग की उपेक्षित जातियों को न्याय दिलाने के लिये विशेष पहल करने जा रही है. पिछड़ा वर्ग में अति पिछड़ा वर्ग के नाम से एक नई श्रेणी बनायी जाएगी तथा अति पिछड़ा वर्ग को पिछड़े वर्ग के 27 फीसदी आरक्षण में से 18 फीसदी आरक्षण की सुविधा दी जाएगी. उन्होंने कहा कि इसी तरह दलित वर्ग में भी अति दलित वर्ग की नई श्रेणी बनेगी तथा अति दलित वर्ग को साढ़े 22 प्रतिशत आरक्षण में 15 फीसद आरक्षण का प्रबंध किया जाएगा. सरकार ये दोनों श्रेणियां बनाने की तैयारी कर रही है. टिप्पणियां राजभर ने बताया कि प्रदेश सरकार अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग को मिल रही सुविधा की तर्ज पर पिछड़े वर्ग के सभी छात्र-छात्राओ को छात्रवृत्ति का लाभ दिलाने की कवायद कर रही है. मंत्री ने जानकारी दी कि सरकार ने दिव्यांगों का पेंशन 300 से बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया है. इसके साथ ही दिव्यागों की समस्याओं के समाधान के लिये प्रत्येक माह के दूसरे बुधवार को समाधान दिवस आयोजित होगा. उन्होंने कहा कि इसी तरह दलित वर्ग में भी अति दलित वर्ग की नई श्रेणी बनेगी तथा अति दलित वर्ग को साढ़े 22 प्रतिशत आरक्षण में 15 फीसद आरक्षण का प्रबंध किया जाएगा. सरकार ये दोनों श्रेणियां बनाने की तैयारी कर रही है. टिप्पणियां राजभर ने बताया कि प्रदेश सरकार अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग को मिल रही सुविधा की तर्ज पर पिछड़े वर्ग के सभी छात्र-छात्राओ को छात्रवृत्ति का लाभ दिलाने की कवायद कर रही है. मंत्री ने जानकारी दी कि सरकार ने दिव्यांगों का पेंशन 300 से बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया है. इसके साथ ही दिव्यागों की समस्याओं के समाधान के लिये प्रत्येक माह के दूसरे बुधवार को समाधान दिवस आयोजित होगा. राजभर ने बताया कि प्रदेश सरकार अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग को मिल रही सुविधा की तर्ज पर पिछड़े वर्ग के सभी छात्र-छात्राओ को छात्रवृत्ति का लाभ दिलाने की कवायद कर रही है. मंत्री ने जानकारी दी कि सरकार ने दिव्यांगों का पेंशन 300 से बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया है. इसके साथ ही दिव्यागों की समस्याओं के समाधान के लिये प्रत्येक माह के दूसरे बुधवार को समाधान दिवस आयोजित होगा. मंत्री ने जानकारी दी कि सरकार ने दिव्यांगों का पेंशन 300 से बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया है. इसके साथ ही दिव्यागों की समस्याओं के समाधान के लिये प्रत्येक माह के दूसरे बुधवार को समाधान दिवस आयोजित होगा.
संक्षिप्त पाठ: किसानों की तरह दिव्यांगों का भी एक लाख रुपये तक का कर्ज माफ इच्छुक लोगों को एक लाख रुपये तक का कर्ज दिलाएगी. उपेक्षित जातियों को न्याय दिलाने के लिये विशेष पहल करने जा रही है
13
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के बेटे आकाश विजयवर्गीय (Akash Vijayvargiya) द्वारा इंदौर नगर निगम के एक कर्मचारी की सरेआम बल्ले से पिटाई करने के मामले में बीजेपी नेता और पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने प्रतिक्रिया दी है. महाजन (Sumitra Mahajan) ने कहा कि वह आकाश विजयर्गीय के इस बर्ताव को अच्छा कैसे मान सकती हैं? यह पूछे जाने पर कि क्या भाजपा विधायक द्वारा इंदौर नगर निगम के एक भवन निरीक्षक को बल्ले से पीटने के बर्ताव को सही ठहराया जा सकता है, महाजन ने कहा, 'क्या आप (मीडिया) इस व्यवहार को अच्छा मानेंगे? जब आप (इस बर्ताव को) अच्छा नहीं मानेंगे, तो मैं इसे अच्छा कैसे मान सकती हूं?"   सुमित्रा महाजन (Sumitra Mahajan) ने बल्ला काण्ड से जुड़े अलग-अलग प्रश्नों पर आकाश का नाम लिये बगैर कहा, "अब ऐसा होता है न..एक मां के दो-तीन बच्चे रहते हैं. (इनमें से) कोई कैसा रहता है, तो कोई कैसा रहता है, लेकिन मां तो अपने सभी बच्चों को अच्छी शिक्षा ही देती है." भाजपा की वरिष्ठतम नेताओं में शामिल महाजन ने कहा, "ऐसा है कि जब बेटा कोई गलती करता है, तो पहले मां खुद सोचती है कि क्या उसके द्वारा बेटे को संस्कार देने में कोई गलती हो गयी? मां बेटे को सुधारती भी है. अगर उसे बेटे को डांटना है, तो वह उसे डांटती भी है. मगर जरूरी नहीं कि बेटे के गलती करने पर उसे सबके सामने ही डांटा जाये. मगर हां, जो गलत है, उसको गलत तो कहना पड़ेगा."
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: आकाश विजयवर्गीय ने निगम कर्मी की बल्ले से पिटाई की थी बीजेपी की वरिष्ठ नेता ने पहली बार दी प्रतिक्रिया कहा- इस तरह का बर्ताव ठीक नहीं है
19
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: जम्मू-कश्मीर के पुलवामा (Pulwama Terror Attack) में हुए आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवानों की शहादत के बाद देश में गुस्से का माहौल है. पुलवामा आतंकी हमले में 40 जवानों के शहीद होने के बाद से पूरे देश की आंखें नम हैं. इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने एक बार फिर से महाराष्ट्र में विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास के अवसर पर पाकिस्तान को चेताया है. पीएम मोदी ने एक बार फिर दोहराया है कि सरकार जवानों के खून का बदला जरूर लेगी. वहीं, पीएम मोदी ने सख्त लहजे में कहा कि भारत की अब नई नीति है और इसके अनुसार हम पहले किसी को छेड़ते नहीं और अगर कोई छेड़े तो हम उसे छोड़ते भी नहीं. महाराष्ट्र के धुले में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आज एक ऐसे समय पर मैं आप सभी के बीच में आया हूं जब पुलवामा में हमारे जवानों पर हमले को लेकर देश आक्रोशित है. एक तरफ देश गुस्से में है तो दूसरी तरफ हर आंख नम है. एक देश के नाते हमारा काम यहीं से शुरू होता है. जिन्होंने अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया, उनके परिवार के साथ हम हमेशा खड़े रहें. ये संयम का समय है, संवेदनशीलता का समय है, ये शोक का समय है. लेकिन हर परिवार को मैं ये भरोसा देता हूं कि हर आंसू का जवाब लिया जाएगा.  पीएम मोदी ने कहा कि भारत नई रीति और नई नीति का देश है, ये अब दुनिया भी अनुभव करेगी. भारत की ये नीति रही है कि हम किसी को छेड़ते नहीं हैं, लेकिन नए भारत को किसी ने छेड़ा तो वो छोड़ता भी नहीं है. पीएम मोदी ने इससे पहले भी कहा है कि वह खून की एक एक बूंद का हिसाब लेंगे. बता दें कि पुलवामा आतंकी हमले में 40 जवान शहीद हो चुके हैं, जबकि कई घायल हैं, जिनका इलाज चल रहा है.  पीएम मोदी ने धुले में कहा कि धुले शहर में औद्योगिक शहर बनने की पूरी संभावना है. ये ऐसी जगह स्थित है, जहां से देश के अलग-अलग शहरों में व्यापार की संभावना है. यहां से कई बड़े-बड़े नेशनल हाईवे गुजरते हैं. आज यहां की कनेक्टिविटी को और सशक्त करते हुए दो रेल लाइनों का शिलान्यास किया गया है. पीएम मोदी ने आगे कहा कि तापी नदी की जलधारा जिस धुले से होकर गुजरती है, वो लंबे समय से पानी के लिए तरसता रहा है. पीने के पानी और सिंचाई के लिए पानी, दोनों चुनौतियों को कम करने के लिए आज बड़ा प्रयास हुआ है. लगभग एक दशक पहले उधना-जलगांव रेल लाइन के चौड़ीकरण की फाइल शुरु हुई थी, जिसको अब जाकर पूरा किया जा सका है. इस लाइन के दोहरीकरण के साथ-साथ, इसका विद्युतीकरण भी पूरा हो चुका है. बता दें कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज महाराष्ट्र के यवतमाल और धुले जिले का दौरे पर हैं. जहां उन्होंने कई परियोजनाओं की शुरुआत की. विदर्भ के यवतमाल में प्रधानमंत्री, आदिवासी छात्रों के लिए एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय का उद्घाटन किया. इसके अलाव प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनाए गये घरों की चाभियां कुछ लाभार्थियों को सौंपी. इस दौरान उन्होंने एक जनसभा को भी संबोधित किया. पीएम मोदी ने कहा कि देश तरक्की के पीछे कई बलिदानों का योगदान है. उन्होंने कहा कि मैं जानता हूं कि हम सभी किस गहरी वेदना से गुजर रहे हैं. पुलवामा में जो हुआ, उसको लेकर आपके आक्रोश को मैं समझ रहा हूं. यहां महाराष्ट्र के 2 वीर सपूतों ने पुलवामा में अपने प्राणों की आहूति दी है. पीएम मोदी ने कहा कि इन शहीदों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा, आतंकी संगठनों ने, आतंक के सरपरस्तों ने जो गुनाह किया है, वो चाहे जितना छिपने की कोशिश करें, उन्हें सज़ा जरूर दी जाएगी. उन्होंने बताया कि सैनिकों में और विशेषकर CRPF में जो गुस्सा है, वो भी देश समझ रहा है, इसलिए सुरक्षाबलों को खूली छूट दी गई है.
यहाँ एक सारांश है:पुलवामा हमले पर फिर पीएम मोदी ने दिलाया भरोसा. पीएम मोदी ने कहा कि पुलवामा का बदला लिया जाएगा. महाराष्ट्र में एक कार्यक्रम के दौरान बोल रहे थे पीएम मोदी.
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को बाबरी मस्जिद मामले में सुनवाई 27 मार्च तक के लिए टाल दी है।टिप्पणियां विवादित ढांचा गिराए जाने के मामले में सीबीआई की अपील पर सुप्रीम कोर्ट ने बीजेपी नेता लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती और शिव सेना सुप्रीमो बाल ठाकरे समेत इस केस से जुड़े कई नेताओं से पूछा था कि उनपर आपराधिक षड्यंत्र का मामला क्यों ना चलाया जाए। सूत्रों के मुताबिक इन ज्यादातर नेताओं ने इस सवाल का जवाब कोर्ट को दे दिया है। विवादित ढांचा गिराए जाने के मामले में सीबीआई की अपील पर सुप्रीम कोर्ट ने बीजेपी नेता लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती और शिव सेना सुप्रीमो बाल ठाकरे समेत इस केस से जुड़े कई नेताओं से पूछा था कि उनपर आपराधिक षड्यंत्र का मामला क्यों ना चलाया जाए। सूत्रों के मुताबिक इन ज्यादातर नेताओं ने इस सवाल का जवाब कोर्ट को दे दिया है। सूत्रों के मुताबिक इन ज्यादातर नेताओं ने इस सवाल का जवाब कोर्ट को दे दिया है।
सारांश: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को बाबरी मस्जिद मामले में सुनवाई 27 मार्च तक के लिए टाल दी है।
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['hin']
एक सारांश बनाओ: Dance ‌India Dance 7: बॉलीवुड एक्ट्रेस करीना कपूर (Kareena Kapoor) इन दिनों फिल्मों के साथ-साथ रिएलिटी शो 'डांस इंडिया डांस 7 (Dance ‌India Dance 7)' में भी खूब धमाल मचा रही हैं. करीना कपूर (Kareena Kapoor) का वीडियो भी अकसर 'डांस इंडिया डांस 7 (Dance ‌India Dance 7)' के मंच से सोशल मीडिया पर वायरल होता रहता है. एक एक्ट्रेस और जज होने के साथ-साथ करीना कपूर (Kareena Kapoor) बेहतर मां होने का फर्ज भी बखूबी निभा रही हैं. दरअसल, हाल ही में करीना कपूर को डांस इंडिया डांस 7 के ब्रेक के दौरान तैमूर अली खान से वीडियो कॉल पर बात करते देखा गया. उनकी इस बात ने उनके फर्ज को बखूबी साबित कर दिया.  'डांस इंडिया डांस 7 (Dance India Dance 7)' की शूटिंग के दौरान मिले ब्रेक में करीना कपूर (Kareena Kapoor) ने तुरंत हाल-चाल जानने के लिए तैमूर अली खान से वीडियो कॉल पर बातचीत की. कॉल पर बात करते हुए वह काफी क्यूट और प्यारे एक्सप्रेशंस भी दे रही थीं. उन्हें देखकर लग रहा था कि वह समय-समय पर कॉल करके अपने नन्हे शहजादे तैमूर की जानकारी लेती रहती हैं. बता दें कि बॉलीवुड एक्ट्रेस करीना कपूर को मेकअप, लंच या शूटिंग के बीच जब कभी टाइम मिलता है, वह तैमूर अली खान के लिए जरूर समय निकालती हैं.  बॉलीवुड एक्ट्रेस करीना कपूर (Kareena Kapoor) जल्द ही फिल्म 'अंग्रेजी मीडियम' और 'गुड न्यूज' के जरिए पर्दे पर धमाल मचाने वाली हैं. जहां एक तरफ 'अंग्रेजी मीडियम' में वह बॉलीवुड एक्टर इरफान खान के साथ नजर आएंगी तो वहीं 'गुड न्यूज' में करीना कपूर दिग्गज एक्टर अक्षय कुमार के साथ मुख्य भूमिका निभाएंगी.
संक्षिप्त पाठ: फिल्मों के साथ-साथ रिएलिटी शो में भी छाया करीना कपूर का जादू करीना कपूर ने निभाया बेहतर मां होने का फर्ज शो के सेट से ही रख रही हैं तैमूर का ख्याल
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['hin']
एक सारांश बनाओ: जम्‍मू-कश्‍मीर के माछिल सेक्‍टर में पाकिस्‍तान की स्‍नाईपर फाइरिंग में एक जवान शहीद हो गया. इसके जवाब में सेना ने पाकिस्‍तानी पोस्‍टों पर भारी गोलाबारी की. वहीं एक दूसरी घटना में सोपोर में सेना ने दो आतंकियों को ढेर कर दिया और समाचार लिखे जाने तक मुठभेड़ जारी है. इससे पहले मंगलवार को राज्‍य के राजौरी जिले के नौशेरा सेक्टर में पाकिस्तान की फायरिंग में सेना का एक जवान शहीद हो गया. पाकिस्तानी सैनिकों ने नियंत्रण रेखा पर स्थित भारतीय चौकियों पर निशाना साधते हुए अंधाधुंध गोलीबारी की और मोर्टार से गोले दागे.टिप्पणियां भारतीय सैनिकों ने भी इसके बाद जवाबी कार्रवाई की. सेना की इस कार्रवाई में पाकिस्तान की कई चौकियों को भारी नुकसान पहुंचा. पाकिस्तानी सेना ने 6 नवंबर को भी पुंछ सेक्टर और नियंत्रण रेखा के कृष्ण घाटी के जरिए घुसपैठ की दो कोशिशों को अंजाम देने के लिए गोलीबारी की थी. इसमें सेना के दो जवान शहीद हो गए थे और पांच अन्य घायल हो गए थे. सर्जिकल स्ट्राइक के बाद से जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर संघर्षविराम उल्लंघन की लगभग 100 घटनाएं हो चुकी हैं. इससे पहले मंगलवार को राज्‍य के राजौरी जिले के नौशेरा सेक्टर में पाकिस्तान की फायरिंग में सेना का एक जवान शहीद हो गया. पाकिस्तानी सैनिकों ने नियंत्रण रेखा पर स्थित भारतीय चौकियों पर निशाना साधते हुए अंधाधुंध गोलीबारी की और मोर्टार से गोले दागे.टिप्पणियां भारतीय सैनिकों ने भी इसके बाद जवाबी कार्रवाई की. सेना की इस कार्रवाई में पाकिस्तान की कई चौकियों को भारी नुकसान पहुंचा. पाकिस्तानी सेना ने 6 नवंबर को भी पुंछ सेक्टर और नियंत्रण रेखा के कृष्ण घाटी के जरिए घुसपैठ की दो कोशिशों को अंजाम देने के लिए गोलीबारी की थी. इसमें सेना के दो जवान शहीद हो गए थे और पांच अन्य घायल हो गए थे. सर्जिकल स्ट्राइक के बाद से जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर संघर्षविराम उल्लंघन की लगभग 100 घटनाएं हो चुकी हैं. भारतीय सैनिकों ने भी इसके बाद जवाबी कार्रवाई की. सेना की इस कार्रवाई में पाकिस्तान की कई चौकियों को भारी नुकसान पहुंचा. पाकिस्तानी सेना ने 6 नवंबर को भी पुंछ सेक्टर और नियंत्रण रेखा के कृष्ण घाटी के जरिए घुसपैठ की दो कोशिशों को अंजाम देने के लिए गोलीबारी की थी. इसमें सेना के दो जवान शहीद हो गए थे और पांच अन्य घायल हो गए थे. सर्जिकल स्ट्राइक के बाद से जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर संघर्षविराम उल्लंघन की लगभग 100 घटनाएं हो चुकी हैं. पाकिस्तानी सेना ने 6 नवंबर को भी पुंछ सेक्टर और नियंत्रण रेखा के कृष्ण घाटी के जरिए घुसपैठ की दो कोशिशों को अंजाम देने के लिए गोलीबारी की थी. इसमें सेना के दो जवान शहीद हो गए थे और पांच अन्य घायल हो गए थे. सर्जिकल स्ट्राइक के बाद से जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर संघर्षविराम उल्लंघन की लगभग 100 घटनाएं हो चुकी हैं.
संक्षिप्त पाठ: कल भी नौशेरा सेक्‍टर में एक जवान शहीद हुआ छह नवंबर को भी पाक ने की भारी गोलाबारी एलओसी पर 100 से भी अधिक बार संघर्ष विराम का उल्‍लंघन
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भाजपा के धुआंधार चुनाव प्रचार का सामना कर रही कांग्रेस  अमेठी में पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की अच्छे अंतर से जीत सुनिश्चित करने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है. यहां समस्या 2014 आम चुनाव में तब शुरू हुई, जब भाजपा ने अमेठी में राहुल के विरुद्ध स्मृति ईरानी को उतारा. नई उम्मीदवार ने तत्कालीन कांग्रेस उपाध्यक्ष को अच्छी चुनौती दी और 2009 में उनके जीत के 3.7 लाख अंतर को घटाकर केवल एक लाख मतों तक ला दिया. यह कांग्रेस प्रबंधकों के लिए आंख खोल देने वाला था, जिसके बाद वे राहुल की जीत के अंतर को बरकरार रखने के लिए तेजी से काम में जुट गए. इसके बाद सूक्ष्म स्तरीय योजना के तहत 'पूर्वा' यानी गांवस्तर तक टीमों को भेजा गया और ऑनलाइन ऐप शक्ति के जरिए लगातार निगरानी रखी गई. शक्ति ऐसा ऑनलाइन मंच है जिसके जरिए देशभर में बूथ स्तरीय समूहों के प्रदर्शन को ट्रैक किया जाता है. अमेठी में पार्टी समन्वयकों ने एक विशेष प्रयास भी किया है, जहां राहुल को पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर पेश किया गया है. पार्टी की प्रणाली को दुरुस्त करने के अलावा, कार्यकर्ताओं से जीत का अंतर पांच लाख वोट सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है. सूत्रों का कहना है कि तथाकथित प्रतिद्वंद्वी समाजवादी पार्टी के प्रभावशाली नेताओं की भी इस कार्य में मदद ली जा रही है. सपा-बसपा गठबंधन ने आम चुनाव में कांग्रेस से किनारा कर लिया है, लेकिन अखिलेश यादव की पार्टी सपा का 2017 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के साथ चुनाव पूर्व गठबंधन था और दोनों पार्टियों में जुड़ाव पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है. सूत्रों का कहना है कि उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी की सपा व बसपा के स्थानीय नेताओं से राहुल को समर्थन देने के लिए कई बार बातचीत हुई है. उन्होनें साथ ही पार्टी कार्यकर्ताओं से लक्ष्य के लिए एकजुट होकर काम करने की अपील की. राहुल ने 2009 में बसपा के आशीष शुक्ला को 3.7 लाख मतों से हराया था. इसकी तुलना में 2014 में ईरानी को तीन लाख मत मिले थे. राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को 4.08 लाख मत मिले थे. सूत्रों ने कहा कि यह अंतर और कम हो सकता है, जो कांग्रेस पार्टी में चिंता का सबब बना हुआ है. 2014 में हार के बावजूद अपने प्रदर्शन से उत्साहित ईरानी तबसे लगातार अमेठी का दौरा कर रही हैं और इस प्रतिष्ठित सीट पर कब्जा जमाने के लिए काफी मेहनत कर रही हैं जहां कई उन्हें अभी भी 'बाहरी' की तरह मानते हैं.  कांग्रेस एमलीसी दीपक सिंह ने कहा, "अमेठी गांधी परिवार के लिए दूसरा घर जैसा है. हम राहुलजी के लिए जीत का बड़ा अंतर सुनिश्चित करेंगे."
संक्षिप्त पाठ: रायबरेली-अमेठी में नहीं सपा-बसपा ने नहीं उतारे प्रत्याशी स्थानीय नेताओं से कांग्रेस कर रही है संपर्क जीत का अंतर बढ़ाने का दावा
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने विदेशी निवेशकों को देश की राजकोषीय मजबूती के प्रति आश्वस्त करते हुए कहा कि कर दायरा बढ़ाने और राजस्व वृद्धि की उनकी कोशिशें जारी रहेंगी। चिदंबरम ने पूर्वी एशिया की यात्रा के दूसरे दौर में शहर के करीब 300 निवेशकों को भारत में निवेश संभावनाओं के बारे में बताते हुए कहा कि 2015-16 से भारत की वृद्धि दर करीब आठ फीसदी होगी।टिप्पणियां डीबीएस बैंक के महाप्रबंधक और मुख्य कार्यकारी संजीव भसीन ने चिदंबरम के हवाले से कहा, कर का दायरा बढ़ाने की कोशिश जारी रहेगी... ताकि सकल घरेलू उत्पाद के समक्ष कर संग्रह बढ़ाया जा सके। मंत्री ने कहा कि सरकार अगले तीन से चार साल में राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद के तीन फीसदी के बराबर लाने की पहल कर रही है। चिदंबरम ने हांगकांग में निवेशकों को कहा था कि वह चालू वित्तवर्ष में राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद के 5.3 फीसदी के दायरे में रखने और 2013-14 तक इसे घटाकर 4.8 फीसदी करने के लिए प्रतिबद्ध है। चिदंबरम ने कहा कि 2012-13 में वृद्धि 5.7 फीसदी से कम नहीं रहेगी और अगले वित्तवर्ष में यह करीब छह से सात फीसदी रहेगी। भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 2011-12 में 6.5 फीसदी रही थी। इस बैठक में भाग लेने वाले निवेशकों के मुताबिक मंत्री ने कहा कि भारत सरकार अर्थव्यवस्था को लीक पर लाने की कोशिश कर रही है। चिदंबरम ने पूर्वी एशिया की यात्रा के दूसरे दौर में शहर के करीब 300 निवेशकों को भारत में निवेश संभावनाओं के बारे में बताते हुए कहा कि 2015-16 से भारत की वृद्धि दर करीब आठ फीसदी होगी।टिप्पणियां डीबीएस बैंक के महाप्रबंधक और मुख्य कार्यकारी संजीव भसीन ने चिदंबरम के हवाले से कहा, कर का दायरा बढ़ाने की कोशिश जारी रहेगी... ताकि सकल घरेलू उत्पाद के समक्ष कर संग्रह बढ़ाया जा सके। मंत्री ने कहा कि सरकार अगले तीन से चार साल में राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद के तीन फीसदी के बराबर लाने की पहल कर रही है। चिदंबरम ने हांगकांग में निवेशकों को कहा था कि वह चालू वित्तवर्ष में राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद के 5.3 फीसदी के दायरे में रखने और 2013-14 तक इसे घटाकर 4.8 फीसदी करने के लिए प्रतिबद्ध है। चिदंबरम ने कहा कि 2012-13 में वृद्धि 5.7 फीसदी से कम नहीं रहेगी और अगले वित्तवर्ष में यह करीब छह से सात फीसदी रहेगी। भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 2011-12 में 6.5 फीसदी रही थी। इस बैठक में भाग लेने वाले निवेशकों के मुताबिक मंत्री ने कहा कि भारत सरकार अर्थव्यवस्था को लीक पर लाने की कोशिश कर रही है। डीबीएस बैंक के महाप्रबंधक और मुख्य कार्यकारी संजीव भसीन ने चिदंबरम के हवाले से कहा, कर का दायरा बढ़ाने की कोशिश जारी रहेगी... ताकि सकल घरेलू उत्पाद के समक्ष कर संग्रह बढ़ाया जा सके। मंत्री ने कहा कि सरकार अगले तीन से चार साल में राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद के तीन फीसदी के बराबर लाने की पहल कर रही है। चिदंबरम ने हांगकांग में निवेशकों को कहा था कि वह चालू वित्तवर्ष में राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद के 5.3 फीसदी के दायरे में रखने और 2013-14 तक इसे घटाकर 4.8 फीसदी करने के लिए प्रतिबद्ध है। चिदंबरम ने कहा कि 2012-13 में वृद्धि 5.7 फीसदी से कम नहीं रहेगी और अगले वित्तवर्ष में यह करीब छह से सात फीसदी रहेगी। भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 2011-12 में 6.5 फीसदी रही थी। इस बैठक में भाग लेने वाले निवेशकों के मुताबिक मंत्री ने कहा कि भारत सरकार अर्थव्यवस्था को लीक पर लाने की कोशिश कर रही है। चिदंबरम ने हांगकांग में निवेशकों को कहा था कि वह चालू वित्तवर्ष में राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद के 5.3 फीसदी के दायरे में रखने और 2013-14 तक इसे घटाकर 4.8 फीसदी करने के लिए प्रतिबद्ध है। चिदंबरम ने कहा कि 2012-13 में वृद्धि 5.7 फीसदी से कम नहीं रहेगी और अगले वित्तवर्ष में यह करीब छह से सात फीसदी रहेगी। भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 2011-12 में 6.5 फीसदी रही थी। इस बैठक में भाग लेने वाले निवेशकों के मुताबिक मंत्री ने कहा कि भारत सरकार अर्थव्यवस्था को लीक पर लाने की कोशिश कर रही है।
सारांश: वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने विदेशी निवेशकों को देश की राजकोषीय मजबूती के प्रति आश्वस्त करते हुए कहा कि कर दायरा बढ़ाने और राजस्व वृद्धि की उनकी कोशिशें जारी रहेंगी।
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बांग्लादेश में बीते तीन सप्ताह से हो रही मानसून की वर्षा से आई बाढ़ और भूस्खलन की वजह से करीब 130 लोगों की मौत हो गई है। सरकार ने गुरुवार को यह जानकारी दी। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक चटगांव के पहाड़ी जिलों कॉक्स बाजार और बंदरबान में जून के आखिरी सप्ताह में कम से कम 120 लोगों की मौत हुई। आपदा मंत्रालय के प्रवक्ता एस. एम. गुलाम किबरे ने एक आधिकारिक रपट का हवाला देते हुए बताया कि इस माह अब तक नौ लोगों की मौत हो चुकी है।टिप्पणियां प्राकृतिक आपदा की वजह से करीब 12 जिलों में 10 लाख से अधिक परिवार प्रभावित हुए हैं। लगातार हो रही बारिश के कारण बहुत से क्षेत्रों में बाढ़ आ गई है और संचार भी बाधित हुआ है। उन्होंने बताया कि स्थिति अब और अधिक खराब नहीं होगी क्योंकि नदियों में जलस्तर कम हो रहा है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में दस्त जैसी बीमारी भी अपने पैर पसार रही है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक चटगांव के पहाड़ी जिलों कॉक्स बाजार और बंदरबान में जून के आखिरी सप्ताह में कम से कम 120 लोगों की मौत हुई। आपदा मंत्रालय के प्रवक्ता एस. एम. गुलाम किबरे ने एक आधिकारिक रपट का हवाला देते हुए बताया कि इस माह अब तक नौ लोगों की मौत हो चुकी है।टिप्पणियां प्राकृतिक आपदा की वजह से करीब 12 जिलों में 10 लाख से अधिक परिवार प्रभावित हुए हैं। लगातार हो रही बारिश के कारण बहुत से क्षेत्रों में बाढ़ आ गई है और संचार भी बाधित हुआ है। उन्होंने बताया कि स्थिति अब और अधिक खराब नहीं होगी क्योंकि नदियों में जलस्तर कम हो रहा है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में दस्त जैसी बीमारी भी अपने पैर पसार रही है। आपदा मंत्रालय के प्रवक्ता एस. एम. गुलाम किबरे ने एक आधिकारिक रपट का हवाला देते हुए बताया कि इस माह अब तक नौ लोगों की मौत हो चुकी है।टिप्पणियां प्राकृतिक आपदा की वजह से करीब 12 जिलों में 10 लाख से अधिक परिवार प्रभावित हुए हैं। लगातार हो रही बारिश के कारण बहुत से क्षेत्रों में बाढ़ आ गई है और संचार भी बाधित हुआ है। उन्होंने बताया कि स्थिति अब और अधिक खराब नहीं होगी क्योंकि नदियों में जलस्तर कम हो रहा है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में दस्त जैसी बीमारी भी अपने पैर पसार रही है। प्राकृतिक आपदा की वजह से करीब 12 जिलों में 10 लाख से अधिक परिवार प्रभावित हुए हैं। लगातार हो रही बारिश के कारण बहुत से क्षेत्रों में बाढ़ आ गई है और संचार भी बाधित हुआ है। उन्होंने बताया कि स्थिति अब और अधिक खराब नहीं होगी क्योंकि नदियों में जलस्तर कम हो रहा है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में दस्त जैसी बीमारी भी अपने पैर पसार रही है। लगातार हो रही बारिश के कारण बहुत से क्षेत्रों में बाढ़ आ गई है और संचार भी बाधित हुआ है। उन्होंने बताया कि स्थिति अब और अधिक खराब नहीं होगी क्योंकि नदियों में जलस्तर कम हो रहा है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में दस्त जैसी बीमारी भी अपने पैर पसार रही है।
सारांश: बांग्लादेश में बीते तीन सप्ताह से हो रही मानसून की वर्षा से आई बाढ़ और भूस्खलन की वजह से करीब 130 लोगों की मौत हो गई है। सरकार ने गुरुवार को यह जानकारी दी।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: हरफनमौला जेम्स फ्रेंकलिन (41) की साहसिक पारी और कार्यवाहक कप्तान हरभजन सिंह (20/3) की कसी हुई गेंदबाजी की बदौलत मुम्बई इंडियंस ने कम स्कोर वाले मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर को 31 रनों से हराकर चैम्पियंस लीग ट्वेंटी-20 टूर्नामेंट का खिताब अपने नाम कर लिया। हरभजन को उनकी बेहतरीन गेंदबाजी के लिए 'मैन ऑफ द मैच' चुना गया जबकि लसिथ मलिंगा को 'मैन ऑफ द सीरीज' चुना गया। एमए चिदम्बरम स्टेडियम में रविवार को खेले गए इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के फाइनल मुकाबले में मुम्बई टीम द्वारा जीत के लिए रखे गए 140 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए रॉयल चैलेंजर्स टीम 19.2 ओवरों में 108 रन ही बना सकी। रॉयल चैलेंजर्स की ओर से तिलकरत्ने दिलशान ने सर्वाधिक 27 रन बनाए। रॉयल चैलेंजर्स टीम की शुरुआत अच्छी रही लेकिन उसके बल्लेबाज इसे जीत में नहीं बदल सके। तिलकरत्ने दिलशान और क्रिस गेल ने रॉयल चैलेंजर्स को शानदार शुरुआत दिलाई। दिलशान 20 गेंदों पर पांच चौकों की मदद से 27 रनों की पारी खेली। वह लसिथ मलिंगा की गेंद पर बोल्ड हुए। दिलशान के आउट होने के बाद रॉयल चैलेंजर्स के विकेट नियमित अंतराल पर गिरते रहे। गेल पांच रन बनाकर हरभजन सिंह की गेंद पर पगबाधा आउट हुए जबकि मयंक अग्रवाल 14 रन के निजी योग पर यजुवेंद्र चहल की गेंद पर केरोन पोलार्ड को कैच थमा बैठे। आउट होने से पहले अग्रवाल ने कोहली के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 25 रन जोड़े।  रॉयल चैलेंजर्स का चौथा विकेट विराट कोहली के रूप में गिरा। कोहली को 11 रन के निजी योग पर हरभजन ने आइडेन ब्लीजार्ड के हाथों कैच आउट कराया। मध्यक्रम के बल्लेबाज अरुण कार्तिक बिना कोई रन बनाए आउट हुए। अरुण को चहल ने पोलार्ड के हाथों कैच कराया। मोहम्मद कैफ को तीन रन के निजी योग पर पोलार्ड की गेंद पर सरुल कंवर ने कैच लपका। कप्तान डेनियल विटोरी को एक रन के निजी योग पर हरभजन ने अम्बाती रायडू के हाथों स्टम्प कराया। सौरव तिवारी के रूप में रॉयल चैलेंजर्स का आठवां विकेट गिरा। तिवारी को 17 रन के निजी योग पर अबू नेचिम अहमद ने हरभजन के हाथों कैच कराया। श्रीनाथ अरविंद को मलिंगा ने चार रन के निजी योग पर अपना दूसरा शिकार बनाया। रॉयल चैलेंजर्स टीम का अंतिम विकेट राजू भटकल के रूप में गिरा। भटकल को छह रन के निजी योग पर अबू नेचिम ने राजगोपाल सतीश के हाथों कैच कराया। डिर्क नैन्स बिना कोई रन बनाए नाबाद लौटे। मुम्बई इंडियंस की ओर से चहल, मलिंगा और अबू नेचिम ने दो-दो विकेट चटकाए वहीं पोलार्ड के खाते में एक विकेट गया। इससे पहले, मुम्बई इंडियंस ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में सभी विकेट खोकर 139 रन बनाए, जिसमें हरफनमौला जेम्स फ्रेंकलिन ने सर्वाधिक 41 रनों का योगदान दिया। मुम्बई टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही और उसके दो विकेट 24 रन के कुल योग पर गिर चुके थे। शुरुआती दो विकेट जल्दी गिर जाने के बाद अम्बाती रायडू ने फ्रेंकलिन के साथ मिलकर पारी को सम्भालने की कोशिश की। इन दोनों बल्लेबाजों ने तीसरे विकेट के लिए 41 रन जोड़े। रायडू को भटकल ने 22 रन के निजी योग पर क्रिस गेल के हाथों कैच कराया। आउट होने से पहले रायडू ने 21 गेंदों पर एक चौका और एक छक्का लगाया। हरफनमौला सूर्यकुमार यादव ने फ्रेंकलिन के साथ मिलकर चौथे विकेट के लिए 40 रनों की साझेदारी की। सूर्यकुमार को 24 रन के निजी योग पर विटोरी ने रन आउट किया। फ्रेंकलिन 29 गेंदों पर दो चौकों और इतने ही छक्कों की मदद से 41 रन बनाकर रन आउट हुए। पोलार्ड दो रन बनाकर आउट हुए जबकि हरभजन को विटोरी ने पगबाधा आउट किया। हरभजन खाता भी नहीं खोल सके। सतीश नौ रन बनाकर भटकल की गेंद पर अग्रवाल के हाथों कैच आउट हुए जबकि मलिंगा 16 रन बनाकर भटकल की गेंद पर अरविंद को कैच थमाकर चलते बने। चहल दो रन बनाकर अरविंद की गेंद पर गेल के हाथों कैच आउट हुए। अबू नेचिम दो रन पर नाबाद लौटे। बेंगलौर टीम की ओर से भटकल ने तीन विकेट झटके जबकि विटोरी ने दो विकेट चटकाए वहीं नैन्स और अरविंद के खाते में एक-एक विकेट गया। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2010 में दक्षिण अफ्रीका में आयोजित इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट का खिताब इंडियन प्रीमियर लीग की मौजूदा चैम्पियन (आईपीएल) चेन्नई सुपर किंग्स ने जीता था जबकि वर्ष 2009 में न्यू साउथ वेल्स ने इस टूर्नामेंट पर कब्जा जमाया था।
संक्षिप्त पाठ: मुम्बई इंडियंस ने कम स्कोर वाले मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर को 31 रन से हराकर चैम्पियंस लीग ट्वेंटी-20 टूर्नामेंट का खिताब अपने नाम कर लिया।
13
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: देविंदर सिंह कांग विश्‍व एथलेटिक्‍स चैंपियनशिप के अपने अपने ऐतिहासिक फाइनल राउंड में देश की उम्‍मीदों पर खरे नहीं उतर पाए हैं. पुरुष वर्ग की जैवलिन थ्रो इवेंट में वे निराशाजनक प्रदर्शन करते हुए 12वें स्थान पर रहे. इसके साथ ही भारत का यहां विश्व एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में निराशाजनक प्रदर्शन जारी रहा. विश्व चैम्पियनशिप की जैवलिन थ्रो इवेंट के फाइनल के लिये क्वालीफाई करने वाले पहले भारतीय ने काफी लचर प्रदर्शन किया और वह ओलिंपिक स्टेडियम में अपने तीसरे प्रयास में 80.02 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो फेंक सके. उन्होंने 75.40 मीटर से शुरुआत की और 13 एथलीटों में अपने दूसरे प्रयास में फाउल कर बैठे. तीन राउंड के बाद वह बाहर हो गये जबकि शीर्ष आठ एथलीटों ने स्पर्धा जारी रखी. कांग का सत्र और व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 84.57 मीटर का है. सत्र में शीर्ष पर रहने वाले जर्मनी के जोहानेस वेटर ने 89.89 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास से स्वर्ण पदक जीता जबकि चेक गणराज्य के दो एथलीट जाकुब वाडलेजिच (89.73 मीटर) और पेट्र फ्रिडिच (88.32 मीटर) ने क्रमश: रजत और कांस्य पदक अपने नाम किया. मौजूदा ओलंपिक चैम्पियन थामस रोहलर 88.26 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास से चौथे स्थान पर रहे. यह भी पढ़ें : अपनी आख़िरी रेस में घायल हुए उसेन बोल्‍ट, टूट गया गोल्‍ड का सपना 28 वर्षीय कांग को गांजा लेने का पॉजिटिव पाया गया था लेकिन फिर भी वह भारतीय टीम में जगह बनाने में सफल रहे थे क्योंकि इससे खिलाड़ी निलंबित नहीं होता. हालांकि उनके दायें कंधे चोटिल था, यह चोट उन्हें मई में लगी थी. दूसरे थ्रो के बाद वह अपने हाथ को दबाए हुए दिखे थे.टिप्पणियां कांग ने स्पर्धा के बाद कहा, ‘मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ करने की कोशिश की लेकिन दायें कंधे की चोट के कारण मुझे दर्द था, यह काफी तेज था और इसकी वजह से मैं अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सका. मैं कोई बहाना नहीं बनाना चाहता लेकिन अगर मैं चोटिल नहीं होता तो मैं इससे बेहतर कर सकता था. मैं निराश हूं, मैंने देश को निराश कर दिया. ’ हालांकि पंजाब का यह एथलीट फिर भी विश्व चैम्पियनशिप में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला भारतीय एथलीट रहा. कांग ने गुरुवार को इतिहास रच दिया था जबकि हमवतन नीरज चोपड़ा से काफी उम्मीदें की जा रही थीं लेकिन वह निराशाजनक प्रदर्शन से क्वालीफिकेशन राउंड में बाहर हो गये थे. उन्होंने 75.40 मीटर से शुरुआत की और 13 एथलीटों में अपने दूसरे प्रयास में फाउल कर बैठे. तीन राउंड के बाद वह बाहर हो गये जबकि शीर्ष आठ एथलीटों ने स्पर्धा जारी रखी. कांग का सत्र और व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 84.57 मीटर का है. सत्र में शीर्ष पर रहने वाले जर्मनी के जोहानेस वेटर ने 89.89 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास से स्वर्ण पदक जीता जबकि चेक गणराज्य के दो एथलीट जाकुब वाडलेजिच (89.73 मीटर) और पेट्र फ्रिडिच (88.32 मीटर) ने क्रमश: रजत और कांस्य पदक अपने नाम किया. मौजूदा ओलंपिक चैम्पियन थामस रोहलर 88.26 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास से चौथे स्थान पर रहे. यह भी पढ़ें : अपनी आख़िरी रेस में घायल हुए उसेन बोल्‍ट, टूट गया गोल्‍ड का सपना 28 वर्षीय कांग को गांजा लेने का पॉजिटिव पाया गया था लेकिन फिर भी वह भारतीय टीम में जगह बनाने में सफल रहे थे क्योंकि इससे खिलाड़ी निलंबित नहीं होता. हालांकि उनके दायें कंधे चोटिल था, यह चोट उन्हें मई में लगी थी. दूसरे थ्रो के बाद वह अपने हाथ को दबाए हुए दिखे थे.टिप्पणियां कांग ने स्पर्धा के बाद कहा, ‘मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ करने की कोशिश की लेकिन दायें कंधे की चोट के कारण मुझे दर्द था, यह काफी तेज था और इसकी वजह से मैं अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सका. मैं कोई बहाना नहीं बनाना चाहता लेकिन अगर मैं चोटिल नहीं होता तो मैं इससे बेहतर कर सकता था. मैं निराश हूं, मैंने देश को निराश कर दिया. ’ हालांकि पंजाब का यह एथलीट फिर भी विश्व चैम्पियनशिप में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला भारतीय एथलीट रहा. कांग ने गुरुवार को इतिहास रच दिया था जबकि हमवतन नीरज चोपड़ा से काफी उम्मीदें की जा रही थीं लेकिन वह निराशाजनक प्रदर्शन से क्वालीफिकेशन राउंड में बाहर हो गये थे. यह भी पढ़ें : अपनी आख़िरी रेस में घायल हुए उसेन बोल्‍ट, टूट गया गोल्‍ड का सपना 28 वर्षीय कांग को गांजा लेने का पॉजिटिव पाया गया था लेकिन फिर भी वह भारतीय टीम में जगह बनाने में सफल रहे थे क्योंकि इससे खिलाड़ी निलंबित नहीं होता. हालांकि उनके दायें कंधे चोटिल था, यह चोट उन्हें मई में लगी थी. दूसरे थ्रो के बाद वह अपने हाथ को दबाए हुए दिखे थे.टिप्पणियां कांग ने स्पर्धा के बाद कहा, ‘मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ करने की कोशिश की लेकिन दायें कंधे की चोट के कारण मुझे दर्द था, यह काफी तेज था और इसकी वजह से मैं अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सका. मैं कोई बहाना नहीं बनाना चाहता लेकिन अगर मैं चोटिल नहीं होता तो मैं इससे बेहतर कर सकता था. मैं निराश हूं, मैंने देश को निराश कर दिया. ’ हालांकि पंजाब का यह एथलीट फिर भी विश्व चैम्पियनशिप में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला भारतीय एथलीट रहा. कांग ने गुरुवार को इतिहास रच दिया था जबकि हमवतन नीरज चोपड़ा से काफी उम्मीदें की जा रही थीं लेकिन वह निराशाजनक प्रदर्शन से क्वालीफिकेशन राउंड में बाहर हो गये थे. 28 वर्षीय कांग को गांजा लेने का पॉजिटिव पाया गया था लेकिन फिर भी वह भारतीय टीम में जगह बनाने में सफल रहे थे क्योंकि इससे खिलाड़ी निलंबित नहीं होता. हालांकि उनके दायें कंधे चोटिल था, यह चोट उन्हें मई में लगी थी. दूसरे थ्रो के बाद वह अपने हाथ को दबाए हुए दिखे थे.टिप्पणियां कांग ने स्पर्धा के बाद कहा, ‘मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ करने की कोशिश की लेकिन दायें कंधे की चोट के कारण मुझे दर्द था, यह काफी तेज था और इसकी वजह से मैं अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सका. मैं कोई बहाना नहीं बनाना चाहता लेकिन अगर मैं चोटिल नहीं होता तो मैं इससे बेहतर कर सकता था. मैं निराश हूं, मैंने देश को निराश कर दिया. ’ हालांकि पंजाब का यह एथलीट फिर भी विश्व चैम्पियनशिप में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला भारतीय एथलीट रहा. कांग ने गुरुवार को इतिहास रच दिया था जबकि हमवतन नीरज चोपड़ा से काफी उम्मीदें की जा रही थीं लेकिन वह निराशाजनक प्रदर्शन से क्वालीफिकेशन राउंड में बाहर हो गये थे. कांग ने स्पर्धा के बाद कहा, ‘मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ करने की कोशिश की लेकिन दायें कंधे की चोट के कारण मुझे दर्द था, यह काफी तेज था और इसकी वजह से मैं अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सका. मैं कोई बहाना नहीं बनाना चाहता लेकिन अगर मैं चोटिल नहीं होता तो मैं इससे बेहतर कर सकता था. मैं निराश हूं, मैंने देश को निराश कर दिया. ’ हालांकि पंजाब का यह एथलीट फिर भी विश्व चैम्पियनशिप में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला भारतीय एथलीट रहा. कांग ने गुरुवार को इतिहास रच दिया था जबकि हमवतन नीरज चोपड़ा से काफी उम्मीदें की जा रही थीं लेकिन वह निराशाजनक प्रदर्शन से क्वालीफिकेशन राउंड में बाहर हो गये थे. कांग ने स्पर्धा के बाद कहा, ‘मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ करने की कोशिश की लेकिन दायें कंधे की चोट के कारण मुझे दर्द था, यह काफी तेज था और इसकी वजह से मैं अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सका. मैं कोई बहाना नहीं बनाना चाहता लेकिन अगर मैं चोटिल नहीं होता तो मैं इससे बेहतर कर सकता था. मैं निराश हूं, मैंने देश को निराश कर दिया. ’ हालांकि पंजाब का यह एथलीट फिर भी विश्व चैम्पियनशिप में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला भारतीय एथलीट रहा. कांग ने गुरुवार को इतिहास रच दिया था जबकि हमवतन नीरज चोपड़ा से काफी उम्मीदें की जा रही थीं लेकिन वह निराशाजनक प्रदर्शन से क्वालीफिकेशन राउंड में बाहर हो गये थे.
यहाँ एक सारांश है:तीसरे प्रयास में 80.02 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो फेंक सके प्रतियोगिता में भारत का निराशाजनक प्रदर्शन जारी जर्मनी के जोहानेस वेटर ने जीता स्‍वर्ण पदक
12
['hin']
एक सारांश बनाओ: पाकिस्तान के अशांत उत्तरी वजीरिस्तान कबायली क्षेत्र में एक आतंकी परिसर को निशाना बनाकर हुए हमले में कम से कम तीन आतंकवादी मारे गए।टिप्पणियां रविवार तड़के उत्तरी वजीरिस्तान के मुख्य शहर मिरानशाह से कुछ किलोमीटर दूर ताबी गांव में एक परिसर पर ड्रोन ने चार मिसाइलें दागीं। टीवी चैनलों ने सुरक्षा अधिकारियों के हवाले से बताया है कि यह परिसर आतंकियों का ठिकाना था। अधिकारियों ने बताया कि तीन आतंकी मारे गए और परिसर ध्वस्त हो गया। मारे जाने वालों की पहचान अभी स्पष्ट नहीं हो पाआ है। 'डॉन' न्यूज चैनल का कहना है कि संभवत: परिसर में आतंकियों का कोई बड़ा नेता था, लेकिन अभी और ज्यादा विवरण नहीं मिला है। रविवार तड़के उत्तरी वजीरिस्तान के मुख्य शहर मिरानशाह से कुछ किलोमीटर दूर ताबी गांव में एक परिसर पर ड्रोन ने चार मिसाइलें दागीं। टीवी चैनलों ने सुरक्षा अधिकारियों के हवाले से बताया है कि यह परिसर आतंकियों का ठिकाना था। अधिकारियों ने बताया कि तीन आतंकी मारे गए और परिसर ध्वस्त हो गया। मारे जाने वालों की पहचान अभी स्पष्ट नहीं हो पाआ है। 'डॉन' न्यूज चैनल का कहना है कि संभवत: परिसर में आतंकियों का कोई बड़ा नेता था, लेकिन अभी और ज्यादा विवरण नहीं मिला है। अधिकारियों ने बताया कि तीन आतंकी मारे गए और परिसर ध्वस्त हो गया। मारे जाने वालों की पहचान अभी स्पष्ट नहीं हो पाआ है। 'डॉन' न्यूज चैनल का कहना है कि संभवत: परिसर में आतंकियों का कोई बड़ा नेता था, लेकिन अभी और ज्यादा विवरण नहीं मिला है।
उत्तरी वजीरिस्तान के मुख्य शहर मिरानशाह से कुछ किलोमीटर दूर ताबी गांव में एक परिसर पर ड्रोन ने चार मिसाइलें दागीं। टीवी चैनलों ने सुरक्षा अधिकारियों के हवाले से बताया है कि यह परिसर आतंकियों का ठिकाना था।
26
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: सेना में में नाग-एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइलों को शामिल करने की दिशा में एक कदम बढ़ाते हुए रविवार को पोखरण फायरिंग रेंज में इन मिसाइलों के तीन सफल परीक्षण किए गए. सेना, रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) द्वारा किए गए ये तीनों ही परीक्षण सफल रहे. डीआरडीओ के अधिकारियों ने कहा, "रविवार को दिन और रात दोनों के दौरान मिसाइलों का परीक्षण किया गया.  सभी तीन परीक्षण सफल रहे. " सरकारी सूत्रों ने बताया कि मिसाइल सेना में शामिल किए जाने के अंतिम चरण में है, जिन्हें  मोडिफाइड बख्तरबंद वाहनों के ऊपर लगाया जाएगा.  रक्षा अधिग्रहण परिषद ने पिछले साल 524 करोड़ रुपये में डीआरडीओ द्वारा डिजाइन और विकसित की गई नाग मिसाइल सिस्टम (एनएएमआईएस) की खरीद को  मंजूरी दी थी. इस प्रणाली में मिसाइल वाहक वाहन (NAMICA) के साथ तीसरी पीढ़ी के एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल नाग शामिल हैं.  तीसरी पीढ़ी की एंटी-टैंक गाइडेड नाग मिसाइलों में शीर्ष हमले की क्षमता होती है जो दिन और रात के दौरान दुश्मन के सभी ज्ञात टैंकों को नष्ट कर सकती हैं. सेना में नाग मिसाइल के सफल रूप से शामिल होने से दुश्मन के खिलाफ सेना की क्षमता को काफी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.  फिलहाल मिसाइल की क्षमताओं को और अधिक परखने के लिए सोमवार को भी सेना और डीआरडीओ को मिसाइलों के और परीक्षण करने हैं.
संक्षिप्त पाठ: पोखरण में सफल रहे तीनों परीक्षण सोमवार को भी होगा परीक्षण जल्द सेना में हो सकती है शामिल
27
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अपने वरिष्ठ मंत्रिमंडल सहयोगी का समर्थन करते हुए केंद्रीय मंत्री वी नारायणसामी ने बुधवार को कहा कि विधिमंत्री सलमान खुर्शीद के खिलाफ केवल इन आरोपों के आधार पर कार्रवाई नहीं की जा सकती है कि उनकी अध्यक्षता वाले एनजीओ में कोष का दुरुपयोग किया गया। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से खुर्शीद और उनकी पत्नी द्वारा संचालित जाकिर हुसैन ट्रस्ट से जुड़े आरोपों की जांच किए जाने का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री ने कहा कि रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। नारायणसामी ने कहा कि ट्रस्ट की सीईओ लुई खुर्शीद स्वयं उत्तर प्रदेश सरकार से इन आरोपों की जांच करने को कह चुकी हैं। उन्होंने कहा, ‘‘उन्होंने स्वयं पहल की है। उत्तर प्रदेश सरकार ने जांच के आदेश दिए हैं। अब जांच चल रही है। जब तक जांच पूरी नहीं होती है तब तक कोई निष्कर्ष निकालना गलत होगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए हमें जांच रिपोर्ट का इंतजार करने की जरूरत है जिसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।’’ नारायणसामी ने एक सम्मेलन से इतर कहा, ‘‘सिर्फ आरोप लगाए गए हैं, इस आधार पर मंत्री (खुर्शीद) के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती है। यह पूरी तरह से गैरजरूरी है।’’ गौरतलब है कि इस मामले में खुर्शीद को अरविंद केजरीवाल के हमलों का सामना करना पड़ा जिसके बाद टीवी पर एक स्टिंग आपरेशन में उनसे जुड़े एनजीओ की ओर से असक्त लोगों को उपकरण प्रदान करने से संबंधित कोष के दुरुपयोग के आरोप लगाए गए थे।टिप्पणियां इन आरोपों के बारे में पूछे जाने पर नारायणसामी ने कहा, ‘‘जांच कार्य जारी है और मैं इस पर और कुछ नहीं कह सकता।’’ मंत्री ने राबर्ट वाड्रा और रियल इस्टेट कंपनी डीएलएफ के बीच हुए भूमि सौदों में कथित अनियमितता के बारे में कुछ भी कहने से इनकार किया। नारायणसामी ने कहा कि यह निजी विषय है। नारायणसामी तीन दिवसीय राष्ट्रमंडल लोक प्रशासन एवं प्रबंधन संघ (सीएपीएएम) के सम्मेलन का उद्घाटन करने के बाद बोल रहे थे। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से खुर्शीद और उनकी पत्नी द्वारा संचालित जाकिर हुसैन ट्रस्ट से जुड़े आरोपों की जांच किए जाने का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री ने कहा कि रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। नारायणसामी ने कहा कि ट्रस्ट की सीईओ लुई खुर्शीद स्वयं उत्तर प्रदेश सरकार से इन आरोपों की जांच करने को कह चुकी हैं। उन्होंने कहा, ‘‘उन्होंने स्वयं पहल की है। उत्तर प्रदेश सरकार ने जांच के आदेश दिए हैं। अब जांच चल रही है। जब तक जांच पूरी नहीं होती है तब तक कोई निष्कर्ष निकालना गलत होगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए हमें जांच रिपोर्ट का इंतजार करने की जरूरत है जिसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।’’ नारायणसामी ने एक सम्मेलन से इतर कहा, ‘‘सिर्फ आरोप लगाए गए हैं, इस आधार पर मंत्री (खुर्शीद) के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती है। यह पूरी तरह से गैरजरूरी है।’’ गौरतलब है कि इस मामले में खुर्शीद को अरविंद केजरीवाल के हमलों का सामना करना पड़ा जिसके बाद टीवी पर एक स्टिंग आपरेशन में उनसे जुड़े एनजीओ की ओर से असक्त लोगों को उपकरण प्रदान करने से संबंधित कोष के दुरुपयोग के आरोप लगाए गए थे।टिप्पणियां इन आरोपों के बारे में पूछे जाने पर नारायणसामी ने कहा, ‘‘जांच कार्य जारी है और मैं इस पर और कुछ नहीं कह सकता।’’ मंत्री ने राबर्ट वाड्रा और रियल इस्टेट कंपनी डीएलएफ के बीच हुए भूमि सौदों में कथित अनियमितता के बारे में कुछ भी कहने से इनकार किया। नारायणसामी ने कहा कि यह निजी विषय है। नारायणसामी तीन दिवसीय राष्ट्रमंडल लोक प्रशासन एवं प्रबंधन संघ (सीएपीएएम) के सम्मेलन का उद्घाटन करने के बाद बोल रहे थे। नारायणसामी ने कहा कि ट्रस्ट की सीईओ लुई खुर्शीद स्वयं उत्तर प्रदेश सरकार से इन आरोपों की जांच करने को कह चुकी हैं। उन्होंने कहा, ‘‘उन्होंने स्वयं पहल की है। उत्तर प्रदेश सरकार ने जांच के आदेश दिए हैं। अब जांच चल रही है। जब तक जांच पूरी नहीं होती है तब तक कोई निष्कर्ष निकालना गलत होगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए हमें जांच रिपोर्ट का इंतजार करने की जरूरत है जिसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।’’ नारायणसामी ने एक सम्मेलन से इतर कहा, ‘‘सिर्फ आरोप लगाए गए हैं, इस आधार पर मंत्री (खुर्शीद) के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती है। यह पूरी तरह से गैरजरूरी है।’’ गौरतलब है कि इस मामले में खुर्शीद को अरविंद केजरीवाल के हमलों का सामना करना पड़ा जिसके बाद टीवी पर एक स्टिंग आपरेशन में उनसे जुड़े एनजीओ की ओर से असक्त लोगों को उपकरण प्रदान करने से संबंधित कोष के दुरुपयोग के आरोप लगाए गए थे।टिप्पणियां इन आरोपों के बारे में पूछे जाने पर नारायणसामी ने कहा, ‘‘जांच कार्य जारी है और मैं इस पर और कुछ नहीं कह सकता।’’ मंत्री ने राबर्ट वाड्रा और रियल इस्टेट कंपनी डीएलएफ के बीच हुए भूमि सौदों में कथित अनियमितता के बारे में कुछ भी कहने से इनकार किया। नारायणसामी ने कहा कि यह निजी विषय है। नारायणसामी तीन दिवसीय राष्ट्रमंडल लोक प्रशासन एवं प्रबंधन संघ (सीएपीएएम) के सम्मेलन का उद्घाटन करने के बाद बोल रहे थे। उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए हमें जांच रिपोर्ट का इंतजार करने की जरूरत है जिसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।’’ नारायणसामी ने एक सम्मेलन से इतर कहा, ‘‘सिर्फ आरोप लगाए गए हैं, इस आधार पर मंत्री (खुर्शीद) के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती है। यह पूरी तरह से गैरजरूरी है।’’ गौरतलब है कि इस मामले में खुर्शीद को अरविंद केजरीवाल के हमलों का सामना करना पड़ा जिसके बाद टीवी पर एक स्टिंग आपरेशन में उनसे जुड़े एनजीओ की ओर से असक्त लोगों को उपकरण प्रदान करने से संबंधित कोष के दुरुपयोग के आरोप लगाए गए थे।टिप्पणियां इन आरोपों के बारे में पूछे जाने पर नारायणसामी ने कहा, ‘‘जांच कार्य जारी है और मैं इस पर और कुछ नहीं कह सकता।’’ मंत्री ने राबर्ट वाड्रा और रियल इस्टेट कंपनी डीएलएफ के बीच हुए भूमि सौदों में कथित अनियमितता के बारे में कुछ भी कहने से इनकार किया। नारायणसामी ने कहा कि यह निजी विषय है। नारायणसामी तीन दिवसीय राष्ट्रमंडल लोक प्रशासन एवं प्रबंधन संघ (सीएपीएएम) के सम्मेलन का उद्घाटन करने के बाद बोल रहे थे। गौरतलब है कि इस मामले में खुर्शीद को अरविंद केजरीवाल के हमलों का सामना करना पड़ा जिसके बाद टीवी पर एक स्टिंग आपरेशन में उनसे जुड़े एनजीओ की ओर से असक्त लोगों को उपकरण प्रदान करने से संबंधित कोष के दुरुपयोग के आरोप लगाए गए थे।टिप्पणियां इन आरोपों के बारे में पूछे जाने पर नारायणसामी ने कहा, ‘‘जांच कार्य जारी है और मैं इस पर और कुछ नहीं कह सकता।’’ मंत्री ने राबर्ट वाड्रा और रियल इस्टेट कंपनी डीएलएफ के बीच हुए भूमि सौदों में कथित अनियमितता के बारे में कुछ भी कहने से इनकार किया। नारायणसामी ने कहा कि यह निजी विषय है। नारायणसामी तीन दिवसीय राष्ट्रमंडल लोक प्रशासन एवं प्रबंधन संघ (सीएपीएएम) के सम्मेलन का उद्घाटन करने के बाद बोल रहे थे। इन आरोपों के बारे में पूछे जाने पर नारायणसामी ने कहा, ‘‘जांच कार्य जारी है और मैं इस पर और कुछ नहीं कह सकता।’’ मंत्री ने राबर्ट वाड्रा और रियल इस्टेट कंपनी डीएलएफ के बीच हुए भूमि सौदों में कथित अनियमितता के बारे में कुछ भी कहने से इनकार किया। नारायणसामी ने कहा कि यह निजी विषय है। नारायणसामी तीन दिवसीय राष्ट्रमंडल लोक प्रशासन एवं प्रबंधन संघ (सीएपीएएम) के सम्मेलन का उद्घाटन करने के बाद बोल रहे थे। नारायणसामी तीन दिवसीय राष्ट्रमंडल लोक प्रशासन एवं प्रबंधन संघ (सीएपीएएम) के सम्मेलन का उद्घाटन करने के बाद बोल रहे थे।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से खुर्शीद और उनकी पत्नी द्वारा संचालित जाकिर हुसैन ट्रस्ट से जुड़े आरोपों की जांच किए जाने का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री ने कहा कि रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
3
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: पेट्रोल पंपों पर कार्ड से भुगतान को लेकर उपजे विवाद के बाद आज सरकार ने साफ कर दिया है कि वह डिजिटल भुगतान को हर कीमत पर बढ़ावा देगी. सरकार ने पेट्रोल पंपों पर कार्ड से भुगतान पर लगने वाले शुल्क का बोझ बैंकों और तेल कंपनियों पर डाल दिया है. पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि पेट्रोल पंपों पर कार्ड के जरिए पेट्रोल डीजल खरीदे जाने पर सौदा शुल्क बैंक व तेल विपणन कंपनियां (ओएमसी) वहन करेंगी. केंद्रीय मंत्री ने साफ कहा कि मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) का बोझ ग्राहकों पर नहीं डाला जाएगा. पेट्रोल पंप इसके दायरे में नहीं आएंगे. अब यह बैंकों व ओएमसी पर है कि वे इसे किस तरह वहन करते हैं. वित्तीय सेवा विभाग की बैठक के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि यह एक वाणिज्यिक फैसला है और बैंकों व तेल कंपनियों को ही इसे निपटाना होगा. मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) एक शुल्क है जो कि बैंक क्रेडिट व डेबिट कार्ड से भुगतान पर मर्चेंट पर लगाते हैं. यह शुल्क ग्राहक से वसूला जाता है कि लेकिन नोटबंदी के बाद सरकार ने डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए इसे 30 दिसंबर, 2016 तक माफ कर दिया था.टिप्पणियां इसके बाद बैंकों ने एमडीआर का बोझ पेट्रोल पंप संचालकों पर डालने का फैसला किया क्योंकि सरकार के निर्देशों के चलते वे कार्ड के जरिए भुगतान करने वाले ग्राहकों पर कोई और बोझ नहीं डाल सकते. इस पर पेट्रोल पंप मालिकों ने धमकी दी थी कि वे कार्ड से भुगतान लेना बंद करेंगे. प्रधान ने कहा कि बैंक व तेल कंपनियां विचार विमर्श करती रहेंगी कि इस शुल्क को कौन व किस हिस्से में वहन करेगा. पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि पेट्रोल पंपों पर कार्ड के जरिए पेट्रोल डीजल खरीदे जाने पर सौदा शुल्क बैंक व तेल विपणन कंपनियां (ओएमसी) वहन करेंगी. केंद्रीय मंत्री ने साफ कहा कि मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) का बोझ ग्राहकों पर नहीं डाला जाएगा. पेट्रोल पंप इसके दायरे में नहीं आएंगे. अब यह बैंकों व ओएमसी पर है कि वे इसे किस तरह वहन करते हैं. वित्तीय सेवा विभाग की बैठक के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि यह एक वाणिज्यिक फैसला है और बैंकों व तेल कंपनियों को ही इसे निपटाना होगा. मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) एक शुल्क है जो कि बैंक क्रेडिट व डेबिट कार्ड से भुगतान पर मर्चेंट पर लगाते हैं. यह शुल्क ग्राहक से वसूला जाता है कि लेकिन नोटबंदी के बाद सरकार ने डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए इसे 30 दिसंबर, 2016 तक माफ कर दिया था.टिप्पणियां इसके बाद बैंकों ने एमडीआर का बोझ पेट्रोल पंप संचालकों पर डालने का फैसला किया क्योंकि सरकार के निर्देशों के चलते वे कार्ड के जरिए भुगतान करने वाले ग्राहकों पर कोई और बोझ नहीं डाल सकते. इस पर पेट्रोल पंप मालिकों ने धमकी दी थी कि वे कार्ड से भुगतान लेना बंद करेंगे. प्रधान ने कहा कि बैंक व तेल कंपनियां विचार विमर्श करती रहेंगी कि इस शुल्क को कौन व किस हिस्से में वहन करेगा. केंद्रीय मंत्री ने साफ कहा कि मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) का बोझ ग्राहकों पर नहीं डाला जाएगा. पेट्रोल पंप इसके दायरे में नहीं आएंगे. अब यह बैंकों व ओएमसी पर है कि वे इसे किस तरह वहन करते हैं. वित्तीय सेवा विभाग की बैठक के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि यह एक वाणिज्यिक फैसला है और बैंकों व तेल कंपनियों को ही इसे निपटाना होगा. मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) एक शुल्क है जो कि बैंक क्रेडिट व डेबिट कार्ड से भुगतान पर मर्चेंट पर लगाते हैं. यह शुल्क ग्राहक से वसूला जाता है कि लेकिन नोटबंदी के बाद सरकार ने डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए इसे 30 दिसंबर, 2016 तक माफ कर दिया था.टिप्पणियां इसके बाद बैंकों ने एमडीआर का बोझ पेट्रोल पंप संचालकों पर डालने का फैसला किया क्योंकि सरकार के निर्देशों के चलते वे कार्ड के जरिए भुगतान करने वाले ग्राहकों पर कोई और बोझ नहीं डाल सकते. इस पर पेट्रोल पंप मालिकों ने धमकी दी थी कि वे कार्ड से भुगतान लेना बंद करेंगे. प्रधान ने कहा कि बैंक व तेल कंपनियां विचार विमर्श करती रहेंगी कि इस शुल्क को कौन व किस हिस्से में वहन करेगा. वित्तीय सेवा विभाग की बैठक के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि यह एक वाणिज्यिक फैसला है और बैंकों व तेल कंपनियों को ही इसे निपटाना होगा. मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) एक शुल्क है जो कि बैंक क्रेडिट व डेबिट कार्ड से भुगतान पर मर्चेंट पर लगाते हैं. यह शुल्क ग्राहक से वसूला जाता है कि लेकिन नोटबंदी के बाद सरकार ने डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए इसे 30 दिसंबर, 2016 तक माफ कर दिया था.टिप्पणियां इसके बाद बैंकों ने एमडीआर का बोझ पेट्रोल पंप संचालकों पर डालने का फैसला किया क्योंकि सरकार के निर्देशों के चलते वे कार्ड के जरिए भुगतान करने वाले ग्राहकों पर कोई और बोझ नहीं डाल सकते. इस पर पेट्रोल पंप मालिकों ने धमकी दी थी कि वे कार्ड से भुगतान लेना बंद करेंगे. प्रधान ने कहा कि बैंक व तेल कंपनियां विचार विमर्श करती रहेंगी कि इस शुल्क को कौन व किस हिस्से में वहन करेगा. मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) एक शुल्क है जो कि बैंक क्रेडिट व डेबिट कार्ड से भुगतान पर मर्चेंट पर लगाते हैं. यह शुल्क ग्राहक से वसूला जाता है कि लेकिन नोटबंदी के बाद सरकार ने डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए इसे 30 दिसंबर, 2016 तक माफ कर दिया था.टिप्पणियां इसके बाद बैंकों ने एमडीआर का बोझ पेट्रोल पंप संचालकों पर डालने का फैसला किया क्योंकि सरकार के निर्देशों के चलते वे कार्ड के जरिए भुगतान करने वाले ग्राहकों पर कोई और बोझ नहीं डाल सकते. इस पर पेट्रोल पंप मालिकों ने धमकी दी थी कि वे कार्ड से भुगतान लेना बंद करेंगे. प्रधान ने कहा कि बैंक व तेल कंपनियां विचार विमर्श करती रहेंगी कि इस शुल्क को कौन व किस हिस्से में वहन करेगा. इसके बाद बैंकों ने एमडीआर का बोझ पेट्रोल पंप संचालकों पर डालने का फैसला किया क्योंकि सरकार के निर्देशों के चलते वे कार्ड के जरिए भुगतान करने वाले ग्राहकों पर कोई और बोझ नहीं डाल सकते. इस पर पेट्रोल पंप मालिकों ने धमकी दी थी कि वे कार्ड से भुगतान लेना बंद करेंगे. प्रधान ने कहा कि बैंक व तेल कंपनियां विचार विमर्श करती रहेंगी कि इस शुल्क को कौन व किस हिस्से में वहन करेगा. प्रधान ने कहा कि बैंक व तेल कंपनियां विचार विमर्श करती रहेंगी कि इस शुल्क को कौन व किस हिस्से में वहन करेगा.
कार्ड से भुगतान पर MDR शुल्क लगता है, जिसे ग्राहक से वसूला जाता है MDR का बोझ बैंकों ने पेट्रोल पंप संचालकों पर डालने का फैसला किया था सरकार ने अब इस शुल्क को बैंक और तेल कंपनियां पर डाल दिया है
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: अमेरिका में उच्च सुरक्षा वाले नौसेना के परिसर ‘वाशिंगटन नेवी यार्ड’ के भीतर तीन अज्ञात बंदूकधारियों द्वारा की गई गोलीबारी में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई और कई घायल हो गए। एक बंदूकधारी को मार गिराया गया है। पुलिस ने बताया कि फरार हो गए दो अन्य बंदूकधारियों की तलाश की जा रही है। पुलिस ने बताया कि सेना की वर्दी पहनकर आए बंदूकधारियों की गोलियों से 12 लोगों की मौत हो गई जबकि कई घायल हो गए। वाशिंगटन के पुलिस प्रमुख कैथी लानियर ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि एक बंदूकधारी मारा गया है जबकि एक श्वेत और एक अश्वेत व्यक्ति की तलाश जा रही है। उन्होंने कहा कि हमारे लिए इस समय चिंता का कारण दो अन्य संभावित बंदूकधारी हैं जिनको हम अभी पकड़ नहीं पाए हैं। एबीसी न्यूज ने खबर दी है कि एक बंदूकधारी की पहचान 50 वर्षीय नौसेना कर्मी के रूप में हुई जिसके रोजगार संबंधी श्रेणी हाल में बदली गई है। टिप्पणियां राष्ट्रपति बराक ओबामा ने व्हाइट हाउस ने कहा कि संघीय एवं स्थानीय अधिकारियों को मामले की त्रुटिहीन जांच करनी चाहिए। उन्होंने हमले के लिए जिम्मेदार लोगों को कानून के समक्ष लाने का दावा किया। पेंटागन के प्रवक्ता जॉर्ज लिटिल ने कहा, ‘हमारा मानना है कि कई लोगों की मौत हुई है और कई घायल हुए हैं।’ वाशिंगटन नेवी यार्ड व्हाइट हाउस से महज पांच किलोमीटर दूर है। एक बंदूकधारी को मार गिराया गया है। पुलिस ने बताया कि फरार हो गए दो अन्य बंदूकधारियों की तलाश की जा रही है। पुलिस ने बताया कि सेना की वर्दी पहनकर आए बंदूकधारियों की गोलियों से 12 लोगों की मौत हो गई जबकि कई घायल हो गए। वाशिंगटन के पुलिस प्रमुख कैथी लानियर ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि एक बंदूकधारी मारा गया है जबकि एक श्वेत और एक अश्वेत व्यक्ति की तलाश जा रही है। उन्होंने कहा कि हमारे लिए इस समय चिंता का कारण दो अन्य संभावित बंदूकधारी हैं जिनको हम अभी पकड़ नहीं पाए हैं। एबीसी न्यूज ने खबर दी है कि एक बंदूकधारी की पहचान 50 वर्षीय नौसेना कर्मी के रूप में हुई जिसके रोजगार संबंधी श्रेणी हाल में बदली गई है। टिप्पणियां राष्ट्रपति बराक ओबामा ने व्हाइट हाउस ने कहा कि संघीय एवं स्थानीय अधिकारियों को मामले की त्रुटिहीन जांच करनी चाहिए। उन्होंने हमले के लिए जिम्मेदार लोगों को कानून के समक्ष लाने का दावा किया। पेंटागन के प्रवक्ता जॉर्ज लिटिल ने कहा, ‘हमारा मानना है कि कई लोगों की मौत हुई है और कई घायल हुए हैं।’ वाशिंगटन नेवी यार्ड व्हाइट हाउस से महज पांच किलोमीटर दूर है। पुलिस ने बताया कि सेना की वर्दी पहनकर आए बंदूकधारियों की गोलियों से 12 लोगों की मौत हो गई जबकि कई घायल हो गए। वाशिंगटन के पुलिस प्रमुख कैथी लानियर ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि एक बंदूकधारी मारा गया है जबकि एक श्वेत और एक अश्वेत व्यक्ति की तलाश जा रही है। उन्होंने कहा कि हमारे लिए इस समय चिंता का कारण दो अन्य संभावित बंदूकधारी हैं जिनको हम अभी पकड़ नहीं पाए हैं। एबीसी न्यूज ने खबर दी है कि एक बंदूकधारी की पहचान 50 वर्षीय नौसेना कर्मी के रूप में हुई जिसके रोजगार संबंधी श्रेणी हाल में बदली गई है। टिप्पणियां राष्ट्रपति बराक ओबामा ने व्हाइट हाउस ने कहा कि संघीय एवं स्थानीय अधिकारियों को मामले की त्रुटिहीन जांच करनी चाहिए। उन्होंने हमले के लिए जिम्मेदार लोगों को कानून के समक्ष लाने का दावा किया। पेंटागन के प्रवक्ता जॉर्ज लिटिल ने कहा, ‘हमारा मानना है कि कई लोगों की मौत हुई है और कई घायल हुए हैं।’ वाशिंगटन नेवी यार्ड व्हाइट हाउस से महज पांच किलोमीटर दूर है। वाशिंगटन के पुलिस प्रमुख कैथी लानियर ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि एक बंदूकधारी मारा गया है जबकि एक श्वेत और एक अश्वेत व्यक्ति की तलाश जा रही है। उन्होंने कहा कि हमारे लिए इस समय चिंता का कारण दो अन्य संभावित बंदूकधारी हैं जिनको हम अभी पकड़ नहीं पाए हैं। एबीसी न्यूज ने खबर दी है कि एक बंदूकधारी की पहचान 50 वर्षीय नौसेना कर्मी के रूप में हुई जिसके रोजगार संबंधी श्रेणी हाल में बदली गई है। टिप्पणियां राष्ट्रपति बराक ओबामा ने व्हाइट हाउस ने कहा कि संघीय एवं स्थानीय अधिकारियों को मामले की त्रुटिहीन जांच करनी चाहिए। उन्होंने हमले के लिए जिम्मेदार लोगों को कानून के समक्ष लाने का दावा किया। पेंटागन के प्रवक्ता जॉर्ज लिटिल ने कहा, ‘हमारा मानना है कि कई लोगों की मौत हुई है और कई घायल हुए हैं।’ वाशिंगटन नेवी यार्ड व्हाइट हाउस से महज पांच किलोमीटर दूर है। एबीसी न्यूज ने खबर दी है कि एक बंदूकधारी की पहचान 50 वर्षीय नौसेना कर्मी के रूप में हुई जिसके रोजगार संबंधी श्रेणी हाल में बदली गई है। टिप्पणियां राष्ट्रपति बराक ओबामा ने व्हाइट हाउस ने कहा कि संघीय एवं स्थानीय अधिकारियों को मामले की त्रुटिहीन जांच करनी चाहिए। उन्होंने हमले के लिए जिम्मेदार लोगों को कानून के समक्ष लाने का दावा किया। पेंटागन के प्रवक्ता जॉर्ज लिटिल ने कहा, ‘हमारा मानना है कि कई लोगों की मौत हुई है और कई घायल हुए हैं।’ वाशिंगटन नेवी यार्ड व्हाइट हाउस से महज पांच किलोमीटर दूर है। राष्ट्रपति बराक ओबामा ने व्हाइट हाउस ने कहा कि संघीय एवं स्थानीय अधिकारियों को मामले की त्रुटिहीन जांच करनी चाहिए। उन्होंने हमले के लिए जिम्मेदार लोगों को कानून के समक्ष लाने का दावा किया। पेंटागन के प्रवक्ता जॉर्ज लिटिल ने कहा, ‘हमारा मानना है कि कई लोगों की मौत हुई है और कई घायल हुए हैं।’ वाशिंगटन नेवी यार्ड व्हाइट हाउस से महज पांच किलोमीटर दूर है। पेंटागन के प्रवक्ता जॉर्ज लिटिल ने कहा, ‘हमारा मानना है कि कई लोगों की मौत हुई है और कई घायल हुए हैं।’ वाशिंगटन नेवी यार्ड व्हाइट हाउस से महज पांच किलोमीटर दूर है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: अमेरिका में उच्च सुरक्षा वाले नौसेना के परिसर ‘वाशिंगटन नेवी यार्ड’ के भीतर तीन अज्ञात बंदूकधारियों द्वारा की गई गोलीबारी में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई और कई घायल हो गए।
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेताओं पर तीखी टिप्पणी के बाद उनके निशाने पर आए केंद्रीय इस्पात मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा ने सोमवार को सपा के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव पर जमकर हमला बोला और कहा कि गुंडा वह हैं या शिवपाल यह जनता जानती है। लखनऊ में एक संवाददाता सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए बेनी ने कहा, "गुंडा मैं हूं या शिवपाल यह सबको पता है और यह बात बताने की आवश्यकता नहीं है।" बेनी प्रसाद ने सपा के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा, "वह अभी बच्चा है उसके बारे में कुछ भी बोलना अच्छा नहीं है। छोटे से ही उसको देख रहा हूं।" बेनी ने साथ ही यह भी दावा किया कि कांग्रेस किसी भी हालत में सपा के साथ समझौता नहीं करेगी। क्योंकि सपा से गठबंधन के बाद उसे कुछ हासिल होने वाला नहीं है। लोग जितने चाहे दावे करें लेकिन सत्ता की चाबी कांग्रेस के पास ही रहेगी। उन्होंने कहा, "सत्ता की चाबी कांग्रेस के पास ही रहेगी और दिग्विजय सिंह का कहना सही है कि कांग्रेस का आंकड़ा 100 के ऊपर जा सकता है।" बेनी प्रसाद से जब यह सवाल किया गया कि आपने कांग्रेस को चौथे नम्बर की पार्टी बताया था, तो उन्होंने कहा, "जैसा लोग कह रहे थे मैंने भी कह दिया लेकिन दिग्विजय सिंह का आंकड़ा सही है।" एक सवाल के जवाब में बेनी प्रसाद ने बड़े ही मुखर अंदाज में कहा, "मैं कांग्रेस के नेताओं से पूछकर कोई बयान नहीं देता।" बेनी प्रसाद से जब यह पूछा गया कि पीएल पुनिया से इतना बैर क्यों है, तो उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि यह सवाल उन्हीं से पूछा जाए तो बेहतर रहेगा। गांधीवादी अन्ना हजारे के सहयोगी अरविंद केजरीवाल पर हमला करते हुए बेनी प्रसाद ने कहा, "कांग्रेस देश की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक पार्टी है और उसके पास इतना कोष है कि वह अपने महासचिव राहुल गांधी के दौरों का खर्च उठा सके।"टिप्पणियां बेनी प्रसाद ने उल्टे सवाल किया कि केजरीवाल बताएं कि रामलीला मैदान के दौरान लोगों को खिलाने पिलाने पर जो खर्च हुआ वह कहां से आया। आज तक उन्होंने इसका जवाब नहीं दिया। सच बात यह है कि ये सब पिटे हुए खिलाड़ी हैं। गौरतलब है कि केजरीवाल ने कहा था कि दिग्विजय सिंह को कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी की रैलियों पर हुए खर्च का ब्योरा देना चाहिए। लखनऊ में एक संवाददाता सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए बेनी ने कहा, "गुंडा मैं हूं या शिवपाल यह सबको पता है और यह बात बताने की आवश्यकता नहीं है।" बेनी प्रसाद ने सपा के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा, "वह अभी बच्चा है उसके बारे में कुछ भी बोलना अच्छा नहीं है। छोटे से ही उसको देख रहा हूं।" बेनी ने साथ ही यह भी दावा किया कि कांग्रेस किसी भी हालत में सपा के साथ समझौता नहीं करेगी। क्योंकि सपा से गठबंधन के बाद उसे कुछ हासिल होने वाला नहीं है। लोग जितने चाहे दावे करें लेकिन सत्ता की चाबी कांग्रेस के पास ही रहेगी। उन्होंने कहा, "सत्ता की चाबी कांग्रेस के पास ही रहेगी और दिग्विजय सिंह का कहना सही है कि कांग्रेस का आंकड़ा 100 के ऊपर जा सकता है।" बेनी प्रसाद से जब यह सवाल किया गया कि आपने कांग्रेस को चौथे नम्बर की पार्टी बताया था, तो उन्होंने कहा, "जैसा लोग कह रहे थे मैंने भी कह दिया लेकिन दिग्विजय सिंह का आंकड़ा सही है।" एक सवाल के जवाब में बेनी प्रसाद ने बड़े ही मुखर अंदाज में कहा, "मैं कांग्रेस के नेताओं से पूछकर कोई बयान नहीं देता।" बेनी प्रसाद से जब यह पूछा गया कि पीएल पुनिया से इतना बैर क्यों है, तो उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि यह सवाल उन्हीं से पूछा जाए तो बेहतर रहेगा। गांधीवादी अन्ना हजारे के सहयोगी अरविंद केजरीवाल पर हमला करते हुए बेनी प्रसाद ने कहा, "कांग्रेस देश की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक पार्टी है और उसके पास इतना कोष है कि वह अपने महासचिव राहुल गांधी के दौरों का खर्च उठा सके।"टिप्पणियां बेनी प्रसाद ने उल्टे सवाल किया कि केजरीवाल बताएं कि रामलीला मैदान के दौरान लोगों को खिलाने पिलाने पर जो खर्च हुआ वह कहां से आया। आज तक उन्होंने इसका जवाब नहीं दिया। सच बात यह है कि ये सब पिटे हुए खिलाड़ी हैं। गौरतलब है कि केजरीवाल ने कहा था कि दिग्विजय सिंह को कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी की रैलियों पर हुए खर्च का ब्योरा देना चाहिए। बेनी प्रसाद ने सपा के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा, "वह अभी बच्चा है उसके बारे में कुछ भी बोलना अच्छा नहीं है। छोटे से ही उसको देख रहा हूं।" बेनी ने साथ ही यह भी दावा किया कि कांग्रेस किसी भी हालत में सपा के साथ समझौता नहीं करेगी। क्योंकि सपा से गठबंधन के बाद उसे कुछ हासिल होने वाला नहीं है। लोग जितने चाहे दावे करें लेकिन सत्ता की चाबी कांग्रेस के पास ही रहेगी। उन्होंने कहा, "सत्ता की चाबी कांग्रेस के पास ही रहेगी और दिग्विजय सिंह का कहना सही है कि कांग्रेस का आंकड़ा 100 के ऊपर जा सकता है।" बेनी प्रसाद से जब यह सवाल किया गया कि आपने कांग्रेस को चौथे नम्बर की पार्टी बताया था, तो उन्होंने कहा, "जैसा लोग कह रहे थे मैंने भी कह दिया लेकिन दिग्विजय सिंह का आंकड़ा सही है।" एक सवाल के जवाब में बेनी प्रसाद ने बड़े ही मुखर अंदाज में कहा, "मैं कांग्रेस के नेताओं से पूछकर कोई बयान नहीं देता।" बेनी प्रसाद से जब यह पूछा गया कि पीएल पुनिया से इतना बैर क्यों है, तो उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि यह सवाल उन्हीं से पूछा जाए तो बेहतर रहेगा। गांधीवादी अन्ना हजारे के सहयोगी अरविंद केजरीवाल पर हमला करते हुए बेनी प्रसाद ने कहा, "कांग्रेस देश की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक पार्टी है और उसके पास इतना कोष है कि वह अपने महासचिव राहुल गांधी के दौरों का खर्च उठा सके।"टिप्पणियां बेनी प्रसाद ने उल्टे सवाल किया कि केजरीवाल बताएं कि रामलीला मैदान के दौरान लोगों को खिलाने पिलाने पर जो खर्च हुआ वह कहां से आया। आज तक उन्होंने इसका जवाब नहीं दिया। सच बात यह है कि ये सब पिटे हुए खिलाड़ी हैं। गौरतलब है कि केजरीवाल ने कहा था कि दिग्विजय सिंह को कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी की रैलियों पर हुए खर्च का ब्योरा देना चाहिए। बेनी ने साथ ही यह भी दावा किया कि कांग्रेस किसी भी हालत में सपा के साथ समझौता नहीं करेगी। क्योंकि सपा से गठबंधन के बाद उसे कुछ हासिल होने वाला नहीं है। लोग जितने चाहे दावे करें लेकिन सत्ता की चाबी कांग्रेस के पास ही रहेगी। उन्होंने कहा, "सत्ता की चाबी कांग्रेस के पास ही रहेगी और दिग्विजय सिंह का कहना सही है कि कांग्रेस का आंकड़ा 100 के ऊपर जा सकता है।" बेनी प्रसाद से जब यह सवाल किया गया कि आपने कांग्रेस को चौथे नम्बर की पार्टी बताया था, तो उन्होंने कहा, "जैसा लोग कह रहे थे मैंने भी कह दिया लेकिन दिग्विजय सिंह का आंकड़ा सही है।" एक सवाल के जवाब में बेनी प्रसाद ने बड़े ही मुखर अंदाज में कहा, "मैं कांग्रेस के नेताओं से पूछकर कोई बयान नहीं देता।" बेनी प्रसाद से जब यह पूछा गया कि पीएल पुनिया से इतना बैर क्यों है, तो उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि यह सवाल उन्हीं से पूछा जाए तो बेहतर रहेगा। गांधीवादी अन्ना हजारे के सहयोगी अरविंद केजरीवाल पर हमला करते हुए बेनी प्रसाद ने कहा, "कांग्रेस देश की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक पार्टी है और उसके पास इतना कोष है कि वह अपने महासचिव राहुल गांधी के दौरों का खर्च उठा सके।"टिप्पणियां बेनी प्रसाद ने उल्टे सवाल किया कि केजरीवाल बताएं कि रामलीला मैदान के दौरान लोगों को खिलाने पिलाने पर जो खर्च हुआ वह कहां से आया। आज तक उन्होंने इसका जवाब नहीं दिया। सच बात यह है कि ये सब पिटे हुए खिलाड़ी हैं। गौरतलब है कि केजरीवाल ने कहा था कि दिग्विजय सिंह को कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी की रैलियों पर हुए खर्च का ब्योरा देना चाहिए। बेनी प्रसाद से जब यह सवाल किया गया कि आपने कांग्रेस को चौथे नम्बर की पार्टी बताया था, तो उन्होंने कहा, "जैसा लोग कह रहे थे मैंने भी कह दिया लेकिन दिग्विजय सिंह का आंकड़ा सही है।" एक सवाल के जवाब में बेनी प्रसाद ने बड़े ही मुखर अंदाज में कहा, "मैं कांग्रेस के नेताओं से पूछकर कोई बयान नहीं देता।" बेनी प्रसाद से जब यह पूछा गया कि पीएल पुनिया से इतना बैर क्यों है, तो उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि यह सवाल उन्हीं से पूछा जाए तो बेहतर रहेगा। गांधीवादी अन्ना हजारे के सहयोगी अरविंद केजरीवाल पर हमला करते हुए बेनी प्रसाद ने कहा, "कांग्रेस देश की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक पार्टी है और उसके पास इतना कोष है कि वह अपने महासचिव राहुल गांधी के दौरों का खर्च उठा सके।"टिप्पणियां बेनी प्रसाद ने उल्टे सवाल किया कि केजरीवाल बताएं कि रामलीला मैदान के दौरान लोगों को खिलाने पिलाने पर जो खर्च हुआ वह कहां से आया। आज तक उन्होंने इसका जवाब नहीं दिया। सच बात यह है कि ये सब पिटे हुए खिलाड़ी हैं। गौरतलब है कि केजरीवाल ने कहा था कि दिग्विजय सिंह को कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी की रैलियों पर हुए खर्च का ब्योरा देना चाहिए। एक सवाल के जवाब में बेनी प्रसाद ने बड़े ही मुखर अंदाज में कहा, "मैं कांग्रेस के नेताओं से पूछकर कोई बयान नहीं देता।" बेनी प्रसाद से जब यह पूछा गया कि पीएल पुनिया से इतना बैर क्यों है, तो उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि यह सवाल उन्हीं से पूछा जाए तो बेहतर रहेगा। गांधीवादी अन्ना हजारे के सहयोगी अरविंद केजरीवाल पर हमला करते हुए बेनी प्रसाद ने कहा, "कांग्रेस देश की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक पार्टी है और उसके पास इतना कोष है कि वह अपने महासचिव राहुल गांधी के दौरों का खर्च उठा सके।"टिप्पणियां बेनी प्रसाद ने उल्टे सवाल किया कि केजरीवाल बताएं कि रामलीला मैदान के दौरान लोगों को खिलाने पिलाने पर जो खर्च हुआ वह कहां से आया। आज तक उन्होंने इसका जवाब नहीं दिया। सच बात यह है कि ये सब पिटे हुए खिलाड़ी हैं। गौरतलब है कि केजरीवाल ने कहा था कि दिग्विजय सिंह को कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी की रैलियों पर हुए खर्च का ब्योरा देना चाहिए। बेनी प्रसाद से जब यह पूछा गया कि पीएल पुनिया से इतना बैर क्यों है, तो उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि यह सवाल उन्हीं से पूछा जाए तो बेहतर रहेगा। गांधीवादी अन्ना हजारे के सहयोगी अरविंद केजरीवाल पर हमला करते हुए बेनी प्रसाद ने कहा, "कांग्रेस देश की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक पार्टी है और उसके पास इतना कोष है कि वह अपने महासचिव राहुल गांधी के दौरों का खर्च उठा सके।"टिप्पणियां बेनी प्रसाद ने उल्टे सवाल किया कि केजरीवाल बताएं कि रामलीला मैदान के दौरान लोगों को खिलाने पिलाने पर जो खर्च हुआ वह कहां से आया। आज तक उन्होंने इसका जवाब नहीं दिया। सच बात यह है कि ये सब पिटे हुए खिलाड़ी हैं। गौरतलब है कि केजरीवाल ने कहा था कि दिग्विजय सिंह को कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी की रैलियों पर हुए खर्च का ब्योरा देना चाहिए। गांधीवादी अन्ना हजारे के सहयोगी अरविंद केजरीवाल पर हमला करते हुए बेनी प्रसाद ने कहा, "कांग्रेस देश की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक पार्टी है और उसके पास इतना कोष है कि वह अपने महासचिव राहुल गांधी के दौरों का खर्च उठा सके।"टिप्पणियां बेनी प्रसाद ने उल्टे सवाल किया कि केजरीवाल बताएं कि रामलीला मैदान के दौरान लोगों को खिलाने पिलाने पर जो खर्च हुआ वह कहां से आया। आज तक उन्होंने इसका जवाब नहीं दिया। सच बात यह है कि ये सब पिटे हुए खिलाड़ी हैं। गौरतलब है कि केजरीवाल ने कहा था कि दिग्विजय सिंह को कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी की रैलियों पर हुए खर्च का ब्योरा देना चाहिए। बेनी प्रसाद ने उल्टे सवाल किया कि केजरीवाल बताएं कि रामलीला मैदान के दौरान लोगों को खिलाने पिलाने पर जो खर्च हुआ वह कहां से आया। आज तक उन्होंने इसका जवाब नहीं दिया। सच बात यह है कि ये सब पिटे हुए खिलाड़ी हैं। गौरतलब है कि केजरीवाल ने कहा था कि दिग्विजय सिंह को कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी की रैलियों पर हुए खर्च का ब्योरा देना चाहिए। गौरतलब है कि केजरीवाल ने कहा था कि दिग्विजय सिंह को कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी की रैलियों पर हुए खर्च का ब्योरा देना चाहिए।
संक्षिप्त पाठ: केंद्रीय इस्पात मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा ने सोमवार को सपा के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव पर जमकर हमला बोला और कहा कि गुंडा वह हैं या शिवपाल यह जनता जानती है।
14
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सोमवार को सेना की तीनों इकाइयों के प्रमुखों से मुलाकात कर सुरक्षा हालात का आकलन किया। इसके एक दिन पहले पाकिस्तानी खुफिया प्रमुख ने कथित तौर पर चेतावनी दी थी कि भारत में हमले के लक्ष्यों की पहचान कर ली गई है और उसका अभ्यास भी किया गया है। इस महत्वपूर्ण बैठक में रक्षा मंत्री एके एंटनी और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन ने भी हिस्सा लिया। सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह, नौसेना प्रमुख एडमिरल निर्मल वर्मा और वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल पीवी नाइक ने सशस्त्र बलों की तैयारियों के बारे में प्रधानमंत्री को जानकारी दी। सूत्रों ने कहा है कि यह बैठक पहले से ही तय थी, लेकिन इसमें पाकिस्तानी खतरे पर चर्चा की गई। प्रधानमंत्री ने सुरक्षा तैयारियों का जायजा ऐसे समय में लिया है, जब अलकायदा सरगना ओसामा बिन लादेन के एबटाबाद में मारे जाने के बाद पड़ोसी पाकिस्तान में परिदृश्य बदल रहा है। सोमवार की इस बैठक से एक दिन पूर्व पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी इंटर सर्विसिज इंटेलिजेंस (आईएसआई) के प्रमुख, अहमद शुजा पाशा ने भारत को चेतावनी दी थी कि यदि नई दिल्ली ने एबटाबाद जैसी कोई कार्रवाई की तो उसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा, क्योंकि भारत के अंदर लक्ष्यों की पहचान हो चुकी है और हमले के अभ्यास भी कर लिए गए हैं। प्रधानमंत्री की सैन्य प्रमुखों के साथ यह बैठक इसलिए भी महत्व रखती है, क्योंकि यह मनमोहन सिंह के दो दिवसीय अफगानिस्तान दौरे के बाद हुई है। भारतीय सेना ने उन खबरों के लिहाज से भी अपनी सतर्कता बढ़ा दी है, जिनमें कहा गया है कि पाकिस्तान जम्मू एवं कश्मीर में आतंकवादियों की घुसपैठ कराने की कोशिश कर सकता है।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सेना की तीनों इकाइयों के प्रमुखों से मुलाकात कर सुरक्षा हालात का आकलन किया।
28
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: दिल्ली में 16 दिसंबर की रात चलती बस में हुई सामूहिक बलात्कार की घिनौनी वारदात की पीड़िता की मदद करने में पीसीआर वाहनों की कथित कोताही की जांच के लिए गठित एक समिति ने पाया कि पुलिस की प्रतिक्रिया में खामी थी और कई बार जुर्माने के बाद भी संबंधित बस के परिचालन को रोकने में पुलिस नाकाम रही। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, गृह मंत्रालय की संयुक्त सचिव वीना कुमारी मीणा की जांच में कहा गया है कि मदद के लिए काल मिलने पर पीसीआर वैनों ने जवाब दिया, लेकिन वह कम समय में वहां पहुंच सकती थीं और पीड़ितों को लेकर शीघ्र अस्पताल पहुंच सकती थीं। जांच में पाया गया कि दिल्ली पुलिस और परिवहन विभाग बस का परमिट रद्द करने या बस को जब्त करने में नाकाम रहे, जबकि इस बस ने कई बार नियमों का उल्लंघन किया और इसका कई बार चालान हुआ था।टिप्पणियां यह जांच रिपोर्ट गुरुवार को केंद्रीय गृह सचिव आरके सिंह को सौंप दी गई। पिछले साल 16 दिसंबर को दिल्ली में चलती बस में 23 साल की लड़की के साथ सामूहिक बलात्कार किया गया था और अभियुक्तों ने उसके साथ हैवानियत का व्यवहार किया था। करीब एक पखवाड़े तक जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ने के बाद इस लड़की ने 29 दिसंबर को सिंगापुर के माउंट एलिजाबेथ अस्पताल में दम तोड़ दिया था। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, गृह मंत्रालय की संयुक्त सचिव वीना कुमारी मीणा की जांच में कहा गया है कि मदद के लिए काल मिलने पर पीसीआर वैनों ने जवाब दिया, लेकिन वह कम समय में वहां पहुंच सकती थीं और पीड़ितों को लेकर शीघ्र अस्पताल पहुंच सकती थीं। जांच में पाया गया कि दिल्ली पुलिस और परिवहन विभाग बस का परमिट रद्द करने या बस को जब्त करने में नाकाम रहे, जबकि इस बस ने कई बार नियमों का उल्लंघन किया और इसका कई बार चालान हुआ था।टिप्पणियां यह जांच रिपोर्ट गुरुवार को केंद्रीय गृह सचिव आरके सिंह को सौंप दी गई। पिछले साल 16 दिसंबर को दिल्ली में चलती बस में 23 साल की लड़की के साथ सामूहिक बलात्कार किया गया था और अभियुक्तों ने उसके साथ हैवानियत का व्यवहार किया था। करीब एक पखवाड़े तक जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ने के बाद इस लड़की ने 29 दिसंबर को सिंगापुर के माउंट एलिजाबेथ अस्पताल में दम तोड़ दिया था। जांच में पाया गया कि दिल्ली पुलिस और परिवहन विभाग बस का परमिट रद्द करने या बस को जब्त करने में नाकाम रहे, जबकि इस बस ने कई बार नियमों का उल्लंघन किया और इसका कई बार चालान हुआ था।टिप्पणियां यह जांच रिपोर्ट गुरुवार को केंद्रीय गृह सचिव आरके सिंह को सौंप दी गई। पिछले साल 16 दिसंबर को दिल्ली में चलती बस में 23 साल की लड़की के साथ सामूहिक बलात्कार किया गया था और अभियुक्तों ने उसके साथ हैवानियत का व्यवहार किया था। करीब एक पखवाड़े तक जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ने के बाद इस लड़की ने 29 दिसंबर को सिंगापुर के माउंट एलिजाबेथ अस्पताल में दम तोड़ दिया था। यह जांच रिपोर्ट गुरुवार को केंद्रीय गृह सचिव आरके सिंह को सौंप दी गई। पिछले साल 16 दिसंबर को दिल्ली में चलती बस में 23 साल की लड़की के साथ सामूहिक बलात्कार किया गया था और अभियुक्तों ने उसके साथ हैवानियत का व्यवहार किया था। करीब एक पखवाड़े तक जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ने के बाद इस लड़की ने 29 दिसंबर को सिंगापुर के माउंट एलिजाबेथ अस्पताल में दम तोड़ दिया था। पिछले साल 16 दिसंबर को दिल्ली में चलती बस में 23 साल की लड़की के साथ सामूहिक बलात्कार किया गया था और अभियुक्तों ने उसके साथ हैवानियत का व्यवहार किया था। करीब एक पखवाड़े तक जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ने के बाद इस लड़की ने 29 दिसंबर को सिंगापुर के माउंट एलिजाबेथ अस्पताल में दम तोड़ दिया था।
सारांश: गृह मंत्रालय की संयुक्त सचिव वीना कुमारी मीणा की जांच में कहा गया है कि मदद के लिए काल मिलने पर पीसीआर वैनों ने जवाब दिया, लेकिन वह कम समय में वहां पहुंच सकती थीं और पीड़ितों को लेकर शीघ्र अस्पताल पहुंच सकती थीं।
33
['hin']
एक सारांश बनाओ: समाजवादी पार्टी (सपा) मुखिया मुलायम सिंह यादव उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव के लिए अपनी रैलियों का आगाज आगामी 23 नवम्बर को गाजीपुर में आयोजित होने वाली रैली से करेंगे. सपा में विलीन हुए कौमी एकता दल के महासचिव रहे मिसबाहुद्दीन ने आज यहां ‘भाषा’ को बताया कि सपा मुखिया आगामी 23 नवम्बर को गाजीपुर के आरटीआई मैदान में एक विशाल रैली को सम्बोधित करेंगे. पहले यह रैली 11 नवम्बर को होनी थी लेकिन मुलायम के व्यस्त होने की वजह से वह नहीं हो सकी. उन्होंने दावा किया कि यह रैली अगली 14 नवम्बर को इसी मैदान पर होने वाली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की रैली से बड़ी होगी. इसमें पूर्वाचल के आठ जिलों गाजीपुर, मउ, आजमगढ़, बलिया, बनारस, सोनभद्र, भदोही, चन्दौली और जौनपुर से लाखों कार्यकर्ता पहुंचेंगे. मिसबाहुद्दीन ने बताया कि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने आज इस रैली की तैयारियों के सिलसिले में इन सभी जिलों के विधायकों, पार्टी जिलाध्यक्षों, जिला पंचायत अध्यक्षों तथा अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ बैठक की. उन्होंने बताया कि चूंकि यह आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर मुलायम की पहली रैली होगी, लिहाजा इसे भव्य और विशाल बनाने के लिए सभी पदाधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है.टिप्पणियां मालूम हो कि मुलायम को इससे पहले छह अक्तूबर को आजमगढ़ में रैली के साथ अपने चुनाव अभियान की शुरुआत करनी थी, लेकिन वह किन्हीं कारणों से नहीं हो सकी थी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सपा में विलीन हुए कौमी एकता दल के महासचिव रहे मिसबाहुद्दीन ने आज यहां ‘भाषा’ को बताया कि सपा मुखिया आगामी 23 नवम्बर को गाजीपुर के आरटीआई मैदान में एक विशाल रैली को सम्बोधित करेंगे. पहले यह रैली 11 नवम्बर को होनी थी लेकिन मुलायम के व्यस्त होने की वजह से वह नहीं हो सकी. उन्होंने दावा किया कि यह रैली अगली 14 नवम्बर को इसी मैदान पर होने वाली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की रैली से बड़ी होगी. इसमें पूर्वाचल के आठ जिलों गाजीपुर, मउ, आजमगढ़, बलिया, बनारस, सोनभद्र, भदोही, चन्दौली और जौनपुर से लाखों कार्यकर्ता पहुंचेंगे. मिसबाहुद्दीन ने बताया कि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने आज इस रैली की तैयारियों के सिलसिले में इन सभी जिलों के विधायकों, पार्टी जिलाध्यक्षों, जिला पंचायत अध्यक्षों तथा अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ बैठक की. उन्होंने बताया कि चूंकि यह आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर मुलायम की पहली रैली होगी, लिहाजा इसे भव्य और विशाल बनाने के लिए सभी पदाधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है.टिप्पणियां मालूम हो कि मुलायम को इससे पहले छह अक्तूबर को आजमगढ़ में रैली के साथ अपने चुनाव अभियान की शुरुआत करनी थी, लेकिन वह किन्हीं कारणों से नहीं हो सकी थी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने दावा किया कि यह रैली अगली 14 नवम्बर को इसी मैदान पर होने वाली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की रैली से बड़ी होगी. इसमें पूर्वाचल के आठ जिलों गाजीपुर, मउ, आजमगढ़, बलिया, बनारस, सोनभद्र, भदोही, चन्दौली और जौनपुर से लाखों कार्यकर्ता पहुंचेंगे. मिसबाहुद्दीन ने बताया कि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने आज इस रैली की तैयारियों के सिलसिले में इन सभी जिलों के विधायकों, पार्टी जिलाध्यक्षों, जिला पंचायत अध्यक्षों तथा अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ बैठक की. उन्होंने बताया कि चूंकि यह आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर मुलायम की पहली रैली होगी, लिहाजा इसे भव्य और विशाल बनाने के लिए सभी पदाधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है.टिप्पणियां मालूम हो कि मुलायम को इससे पहले छह अक्तूबर को आजमगढ़ में रैली के साथ अपने चुनाव अभियान की शुरुआत करनी थी, लेकिन वह किन्हीं कारणों से नहीं हो सकी थी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) मिसबाहुद्दीन ने बताया कि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने आज इस रैली की तैयारियों के सिलसिले में इन सभी जिलों के विधायकों, पार्टी जिलाध्यक्षों, जिला पंचायत अध्यक्षों तथा अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ बैठक की. उन्होंने बताया कि चूंकि यह आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर मुलायम की पहली रैली होगी, लिहाजा इसे भव्य और विशाल बनाने के लिए सभी पदाधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है.टिप्पणियां मालूम हो कि मुलायम को इससे पहले छह अक्तूबर को आजमगढ़ में रैली के साथ अपने चुनाव अभियान की शुरुआत करनी थी, लेकिन वह किन्हीं कारणों से नहीं हो सकी थी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने बताया कि चूंकि यह आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर मुलायम की पहली रैली होगी, लिहाजा इसे भव्य और विशाल बनाने के लिए सभी पदाधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है.टिप्पणियां मालूम हो कि मुलायम को इससे पहले छह अक्तूबर को आजमगढ़ में रैली के साथ अपने चुनाव अभियान की शुरुआत करनी थी, लेकिन वह किन्हीं कारणों से नहीं हो सकी थी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) मालूम हो कि मुलायम को इससे पहले छह अक्तूबर को आजमगढ़ में रैली के साथ अपने चुनाव अभियान की शुरुआत करनी थी, लेकिन वह किन्हीं कारणों से नहीं हो सकी थी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह एक सारांश है: 23 नवम्बर को गाजीपुर में आयोजित होगी रैली रैली में पूर्वांचल के आठ जिलों के कार्यकर्ता पहुंचेंगे शिवपाल सिंह यादव ने रैली की तैयारियों के लिए बैठक की
21
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: ओलिंपिक में दो बार स्वर्ण पदक जीतने वाले जूडो खिलाड़ी को एक छात्रा के बलात्कार के आरोप में जेल की सजा सुनाई गई है। इससे कुछ दिन पहले ही जापानी जूडो ओलिंपियनों ने मुख्य कोच पर लाठियों से पीटने का आरोप लगाया था।टिप्पणियां मसातो उशिबा को कॉलेज के जूडो क्लब की एक सदस्य के साथ बलात्कार के आरोप में पांच साल की सजा सुनाई गई है। मसातो उस क्लब का कोच था। एथेंस ओलिंपिक 2004 और बीजिंग ओलिंपिक 2008 में स्वर्ण पदक जीतने के बाद 34-वर्षीय मसातो जापान में स्टार बन गया था। अभियोजन पक्ष ने कहा कि उसने सितंबर, 2011 में उस लड़की से बलात्कार किया, जब क्यूशू यूनिवर्सिटी ऑफ नर्सिंग एंड सोशल वेलफेयर का महिला जूडो क्लब टोक्यो के दौरे पर था। मसातो उशिबा को कॉलेज के जूडो क्लब की एक सदस्य के साथ बलात्कार के आरोप में पांच साल की सजा सुनाई गई है। मसातो उस क्लब का कोच था। एथेंस ओलिंपिक 2004 और बीजिंग ओलिंपिक 2008 में स्वर्ण पदक जीतने के बाद 34-वर्षीय मसातो जापान में स्टार बन गया था। अभियोजन पक्ष ने कहा कि उसने सितंबर, 2011 में उस लड़की से बलात्कार किया, जब क्यूशू यूनिवर्सिटी ऑफ नर्सिंग एंड सोशल वेलफेयर का महिला जूडो क्लब टोक्यो के दौरे पर था। एथेंस ओलिंपिक 2004 और बीजिंग ओलिंपिक 2008 में स्वर्ण पदक जीतने के बाद 34-वर्षीय मसातो जापान में स्टार बन गया था। अभियोजन पक्ष ने कहा कि उसने सितंबर, 2011 में उस लड़की से बलात्कार किया, जब क्यूशू यूनिवर्सिटी ऑफ नर्सिंग एंड सोशल वेलफेयर का महिला जूडो क्लब टोक्यो के दौरे पर था।
संक्षिप्त सारांश: ओलिंपिक में दो बार स्वर्ण पदक जीतने वाले जूडो खिलाड़ी मसातो उशिबा को एक छात्रा के साथ बलात्कार के आरोप में पांच साल जेल की सजा सुनाई गई है।
0
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: देश और दुनिया के चिकित्सकों के चिकित्सकीय कौशल के जरिए एक साथ जुड़े शरीरों को अलग किए जाने के बाद स्तुति और आराधना सोमवार को अपना पहला जन्मदिन मनाएंगी। मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के पाढर अस्पताल में स्तुति, आराधना के पहले जन्मदिन को मनाने की तैयारियां जोरों से चल रही है। जन्मदिन समारोह में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी हिस्सा लेंगे। स्तुति, आराधना का जन्म दो जुलाई 2011 को हुआ था। जन्म के समय से ही उनके शरीर आपस में जुड़े हुए थे, तभी से पाढर अस्पताल उनका लालन-पालन कर रहा है। दोनों के शरीर अलग करने के लिए बीते माह एक ऑपरेशन हुआ था। लगभग 10 घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद स्तुति, आराधना के शरीरों को अलग किया गया था। स्तुति की हालत में तेजी से सुधार हुआ, पहले उसे वैंटिलेटर से हटाया गया, फिर आराधना वैंटिलेटर से हटाई गई, मगर इन दिनों आराधना एक बार फिर वैंटिलेटर पर है। पाढर अस्पताल में स्तुति, आराधना के जन्मदिन को धूमधाम से मनाने की तैयारियां चल रही हैं। साज-सज्जा का दौर जारी है। टिप्पणियां अस्पताल के प्रमुख डॉ. राजीव चौधरी ने बताया है कि स्तुति का स्वास्थ्य काफी अच्छा है, मगर आराधना वैंटिलेटर पर है इस बात से जन्मदिन मनाने का उत्साह कुछ कम है लेकिन फिर भी दोनों का जन्मदिन मनाने की तैयारियां जारी हैं। डॉ. चौधरी ने बताया है कि स्तुति, आराधना के जन्मदिन समारोह में मुख्यमंत्री चौहान भी हिस्सा लेंगे। जन्मदिन को लेकर सभी में उत्साह है, सभी कर्मचारी इस अवसर को यादगार बनाने में जुटे हुए हैं। मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के पाढर अस्पताल में स्तुति, आराधना के पहले जन्मदिन को मनाने की तैयारियां जोरों से चल रही है। जन्मदिन समारोह में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी हिस्सा लेंगे। स्तुति, आराधना का जन्म दो जुलाई 2011 को हुआ था। जन्म के समय से ही उनके शरीर आपस में जुड़े हुए थे, तभी से पाढर अस्पताल उनका लालन-पालन कर रहा है। दोनों के शरीर अलग करने के लिए बीते माह एक ऑपरेशन हुआ था। लगभग 10 घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद स्तुति, आराधना के शरीरों को अलग किया गया था। स्तुति की हालत में तेजी से सुधार हुआ, पहले उसे वैंटिलेटर से हटाया गया, फिर आराधना वैंटिलेटर से हटाई गई, मगर इन दिनों आराधना एक बार फिर वैंटिलेटर पर है। पाढर अस्पताल में स्तुति, आराधना के जन्मदिन को धूमधाम से मनाने की तैयारियां चल रही हैं। साज-सज्जा का दौर जारी है। टिप्पणियां अस्पताल के प्रमुख डॉ. राजीव चौधरी ने बताया है कि स्तुति का स्वास्थ्य काफी अच्छा है, मगर आराधना वैंटिलेटर पर है इस बात से जन्मदिन मनाने का उत्साह कुछ कम है लेकिन फिर भी दोनों का जन्मदिन मनाने की तैयारियां जारी हैं। डॉ. चौधरी ने बताया है कि स्तुति, आराधना के जन्मदिन समारोह में मुख्यमंत्री चौहान भी हिस्सा लेंगे। जन्मदिन को लेकर सभी में उत्साह है, सभी कर्मचारी इस अवसर को यादगार बनाने में जुटे हुए हैं। जन्मदिन समारोह में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी हिस्सा लेंगे। स्तुति, आराधना का जन्म दो जुलाई 2011 को हुआ था। जन्म के समय से ही उनके शरीर आपस में जुड़े हुए थे, तभी से पाढर अस्पताल उनका लालन-पालन कर रहा है। दोनों के शरीर अलग करने के लिए बीते माह एक ऑपरेशन हुआ था। लगभग 10 घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद स्तुति, आराधना के शरीरों को अलग किया गया था। स्तुति की हालत में तेजी से सुधार हुआ, पहले उसे वैंटिलेटर से हटाया गया, फिर आराधना वैंटिलेटर से हटाई गई, मगर इन दिनों आराधना एक बार फिर वैंटिलेटर पर है। पाढर अस्पताल में स्तुति, आराधना के जन्मदिन को धूमधाम से मनाने की तैयारियां चल रही हैं। साज-सज्जा का दौर जारी है। टिप्पणियां अस्पताल के प्रमुख डॉ. राजीव चौधरी ने बताया है कि स्तुति का स्वास्थ्य काफी अच्छा है, मगर आराधना वैंटिलेटर पर है इस बात से जन्मदिन मनाने का उत्साह कुछ कम है लेकिन फिर भी दोनों का जन्मदिन मनाने की तैयारियां जारी हैं। डॉ. चौधरी ने बताया है कि स्तुति, आराधना के जन्मदिन समारोह में मुख्यमंत्री चौहान भी हिस्सा लेंगे। जन्मदिन को लेकर सभी में उत्साह है, सभी कर्मचारी इस अवसर को यादगार बनाने में जुटे हुए हैं। स्तुति, आराधना का जन्म दो जुलाई 2011 को हुआ था। जन्म के समय से ही उनके शरीर आपस में जुड़े हुए थे, तभी से पाढर अस्पताल उनका लालन-पालन कर रहा है। दोनों के शरीर अलग करने के लिए बीते माह एक ऑपरेशन हुआ था। लगभग 10 घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद स्तुति, आराधना के शरीरों को अलग किया गया था। स्तुति की हालत में तेजी से सुधार हुआ, पहले उसे वैंटिलेटर से हटाया गया, फिर आराधना वैंटिलेटर से हटाई गई, मगर इन दिनों आराधना एक बार फिर वैंटिलेटर पर है। पाढर अस्पताल में स्तुति, आराधना के जन्मदिन को धूमधाम से मनाने की तैयारियां चल रही हैं। साज-सज्जा का दौर जारी है। टिप्पणियां अस्पताल के प्रमुख डॉ. राजीव चौधरी ने बताया है कि स्तुति का स्वास्थ्य काफी अच्छा है, मगर आराधना वैंटिलेटर पर है इस बात से जन्मदिन मनाने का उत्साह कुछ कम है लेकिन फिर भी दोनों का जन्मदिन मनाने की तैयारियां जारी हैं। डॉ. चौधरी ने बताया है कि स्तुति, आराधना के जन्मदिन समारोह में मुख्यमंत्री चौहान भी हिस्सा लेंगे। जन्मदिन को लेकर सभी में उत्साह है, सभी कर्मचारी इस अवसर को यादगार बनाने में जुटे हुए हैं। पाढर अस्पताल में स्तुति, आराधना के जन्मदिन को धूमधाम से मनाने की तैयारियां चल रही हैं। साज-सज्जा का दौर जारी है। टिप्पणियां अस्पताल के प्रमुख डॉ. राजीव चौधरी ने बताया है कि स्तुति का स्वास्थ्य काफी अच्छा है, मगर आराधना वैंटिलेटर पर है इस बात से जन्मदिन मनाने का उत्साह कुछ कम है लेकिन फिर भी दोनों का जन्मदिन मनाने की तैयारियां जारी हैं। डॉ. चौधरी ने बताया है कि स्तुति, आराधना के जन्मदिन समारोह में मुख्यमंत्री चौहान भी हिस्सा लेंगे। जन्मदिन को लेकर सभी में उत्साह है, सभी कर्मचारी इस अवसर को यादगार बनाने में जुटे हुए हैं। अस्पताल के प्रमुख डॉ. राजीव चौधरी ने बताया है कि स्तुति का स्वास्थ्य काफी अच्छा है, मगर आराधना वैंटिलेटर पर है इस बात से जन्मदिन मनाने का उत्साह कुछ कम है लेकिन फिर भी दोनों का जन्मदिन मनाने की तैयारियां जारी हैं। डॉ. चौधरी ने बताया है कि स्तुति, आराधना के जन्मदिन समारोह में मुख्यमंत्री चौहान भी हिस्सा लेंगे। जन्मदिन को लेकर सभी में उत्साह है, सभी कर्मचारी इस अवसर को यादगार बनाने में जुटे हुए हैं। डॉ. चौधरी ने बताया है कि स्तुति, आराधना के जन्मदिन समारोह में मुख्यमंत्री चौहान भी हिस्सा लेंगे। जन्मदिन को लेकर सभी में उत्साह है, सभी कर्मचारी इस अवसर को यादगार बनाने में जुटे हुए हैं।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: देश और दुनिया के चिकित्सकों के चिकित्सकीय कौशल के जरिए एक साथ जुड़े शरीरों को अलग किए जाने के बाद स्तुति और आराधना सोमवार को अपना पहला जन्मदिन मनाएंगी।
25
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: नौसेना के लिए 'मोरमुगाओ' नाम के निर्देशित मिसाइल विध्वंसक 'प्रोजेक्ट 15 बी' के दूसरे जहाज का 17 सितंबर को मुंबई में जलावतरण किया जाएगा. इस जहाज का निर्माण करने वाला मझगांव शिपयार्ड कार्यक्रम में निजी जहाज निर्माण यार्ड को शामिल करने के लिए 10 ब्लॉकों का काम आउटसोर्स करेगा. नौसेना का लक्ष्य इस परियोजना में स्वदेशीकरण का स्तर 68 फीसदी तक ले जाने का है. इसने बताया कि प्रथम स्वदेशी विमान वाहक पोत (आईएससी) के लिए साल 2018 का लक्ष्य रखा है, जबकि सरकार आईएसी 2 पर गंभीरता से विचार कर रही है और यह अपने योजना के स्तर पर है.   वाइस एडमिरल (जंगी जहाज उत्पादन एवं खरीद नियंत्रक) जीएस पाब्बी ने बताया कि नौसेना का लक्ष्य 2027 तक अपने बेड़े में 212 जहाज करने का है और यह एक असली चुनौती होगी तथा इसके लिए बहुत कड़ी मेहनत करने की जरूरत है.टिप्पणियां उन्होंने इस बात का जिक्र किया कि नौसेना ने पिछले एक साल में पांच जहाज शामिल किए हैं, जिनमें तीन जंगी जहाज हैं. उन्होंने कहा कि यह पहला मौका है जब नौसेना ने एक श्रेणी के इतने सारे जहाज बनाए हैं और इस प्रक्रिया ने स्वदेशीकरण में मदद की है. इस परियोजना के तहत प्रथम जहाज और निर्देशित मिसाइल विध्वंसक 'विशाखापत्तनम' का पिछले साल 20 अगस्त को जलावतरण किया गया था. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इसने बताया कि प्रथम स्वदेशी विमान वाहक पोत (आईएससी) के लिए साल 2018 का लक्ष्य रखा है, जबकि सरकार आईएसी 2 पर गंभीरता से विचार कर रही है और यह अपने योजना के स्तर पर है.   वाइस एडमिरल (जंगी जहाज उत्पादन एवं खरीद नियंत्रक) जीएस पाब्बी ने बताया कि नौसेना का लक्ष्य 2027 तक अपने बेड़े में 212 जहाज करने का है और यह एक असली चुनौती होगी तथा इसके लिए बहुत कड़ी मेहनत करने की जरूरत है.टिप्पणियां उन्होंने इस बात का जिक्र किया कि नौसेना ने पिछले एक साल में पांच जहाज शामिल किए हैं, जिनमें तीन जंगी जहाज हैं. उन्होंने कहा कि यह पहला मौका है जब नौसेना ने एक श्रेणी के इतने सारे जहाज बनाए हैं और इस प्रक्रिया ने स्वदेशीकरण में मदद की है. इस परियोजना के तहत प्रथम जहाज और निर्देशित मिसाइल विध्वंसक 'विशाखापत्तनम' का पिछले साल 20 अगस्त को जलावतरण किया गया था. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने इस बात का जिक्र किया कि नौसेना ने पिछले एक साल में पांच जहाज शामिल किए हैं, जिनमें तीन जंगी जहाज हैं. उन्होंने कहा कि यह पहला मौका है जब नौसेना ने एक श्रेणी के इतने सारे जहाज बनाए हैं और इस प्रक्रिया ने स्वदेशीकरण में मदद की है. इस परियोजना के तहत प्रथम जहाज और निर्देशित मिसाइल विध्वंसक 'विशाखापत्तनम' का पिछले साल 20 अगस्त को जलावतरण किया गया था. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यहाँ एक सारांश है:मिसाइल विध्वंसक 'प्रोजेक्ट 15 बी' का दूसरा जहाज है 'मोरमुगाओ' मुंबई के मझगांव में शनिवार को होगा इसका जलावतरण नौसेना ने पिछले एक साल में तीन जंगी जहाज शामिल किए हैं
18
['hin']
एक सारांश बनाओ: पाकिस्तान क्रिकेट स्पाट फिक्सिंग मामले की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश ने लंदन कोर्ट में ज्यूरी को यह स्वीकार करने का निर्देश दिया है कि युवा गेंदबाज मोहम्मद आमिर और एजेंट मजहर मजीद फिक्सिंग में लिप्त थे। पूर्व पाकिस्तानी टेस्ट कप्तान सलमान बट और तेज गेंदबाज मोहम्मद आसिफ पिछले साल अगस्त में लार्डस टेस्ट के दौरान धोखाधड़ी और धन राशि प्राप्त करने की साजिश के आरोपों का सामना कर रहे हैं। इन पर कथित रूप से मजीद, आमिर और अन्य लोगों के साथ नो बाल फेंकने का आरोप है। लेकिन बट और आसिफ ने इन आरोपों से इंकार किया है। न्यायाधीश ने कल साउथवार्क क्राउन कोर्ट में सुनवाई के दौरान यह बात कही। न्यायाधीश कूके ने ज्यूरी से कहा, आप इस आधार पर आगे बढ़ सकते हैं कि मजीद और आमिर लार्डस पर स्पाट फिक्सिंग में लिप्त थे क्योंकि सभी पक्ष इस बात पर सहमत हैं। उन्होंने कहा, लेकिन उनकी अनुपस्थिति की चिंता मत कीजिये।
यहाँ एक सारांश है:न्यायाधीश ने लंदन कोर्ट में ज्यूरी को यह स्वीकार करने का निर्देश दिया है कि युवा गेंदबाज मोहम्मद आमिर और एजेंट मजहर मजीद फिक्सिंग में लिप्त थे।
15
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: सोनिया गांधी ने कांग्रेस पार्टी की अध्यक्ष के तौर पर 15 साल पूरे कर लिए हैं। 66 वर्षीया सोनिया गांधी ने 1998 में 127 साल पुरानी इस पार्टी के अध्यक्ष पद को संभाला था और तब से वह लगातार इस पद पर बनी हुई हैं। लगातार सबसे अधिक वक्त तक पार्टी अध्यक्ष रहने का रिकॉर्ड उनके नाम के साथ जुड़ गया है।टिप्पणियां सोनिया ने जिस समय पार्टी की कमान अपने हाथ में ली थी, उस समय पार्टी के सामने कई समस्याएं खड़ी थीं। चुनावों में पार्टी की हार हो रही थी और कुछेक राज्यों में ही उसकी सरकारें थीं। सोनिया गांधी के अध्यक्ष बनने के बाद पार्टी में कई बदलाव किए गए और मई 2004 में कांग्रेस की अगुवाई वाले यूपीए ने केंद्र में सरकार बनाई। सरकार पूरे पांच साल चली और सोनिया गांधी ने बतौर यूपीए चेयरपर्सन कई अहम फैसले लिए। 2009 चुनावों में एक बार फिर कांग्रेस ने सोनिया गांधी की अध्यक्षता में जोरदार प्रदर्शन किया और पहले से ज्यादा सीटें जीतकर एक बार फिर केंद्र में यूपीए की सरकार बनाई। कांग्रेस के अध्यक्ष पद पर गांधी का यह चौथा कार्यकाल है। 2010 में उन्हें एक बार फिर सर्वसम्मति से इसके लिए चुना गया था और वह 2015 तक इस पद पर बनी रहेंगी। सोनिया ने जिस समय पार्टी की कमान अपने हाथ में ली थी, उस समय पार्टी के सामने कई समस्याएं खड़ी थीं। चुनावों में पार्टी की हार हो रही थी और कुछेक राज्यों में ही उसकी सरकारें थीं। सोनिया गांधी के अध्यक्ष बनने के बाद पार्टी में कई बदलाव किए गए और मई 2004 में कांग्रेस की अगुवाई वाले यूपीए ने केंद्र में सरकार बनाई। सरकार पूरे पांच साल चली और सोनिया गांधी ने बतौर यूपीए चेयरपर्सन कई अहम फैसले लिए। 2009 चुनावों में एक बार फिर कांग्रेस ने सोनिया गांधी की अध्यक्षता में जोरदार प्रदर्शन किया और पहले से ज्यादा सीटें जीतकर एक बार फिर केंद्र में यूपीए की सरकार बनाई। कांग्रेस के अध्यक्ष पद पर गांधी का यह चौथा कार्यकाल है। 2010 में उन्हें एक बार फिर सर्वसम्मति से इसके लिए चुना गया था और वह 2015 तक इस पद पर बनी रहेंगी। 2009 चुनावों में एक बार फिर कांग्रेस ने सोनिया गांधी की अध्यक्षता में जोरदार प्रदर्शन किया और पहले से ज्यादा सीटें जीतकर एक बार फिर केंद्र में यूपीए की सरकार बनाई। कांग्रेस के अध्यक्ष पद पर गांधी का यह चौथा कार्यकाल है। 2010 में उन्हें एक बार फिर सर्वसम्मति से इसके लिए चुना गया था और वह 2015 तक इस पद पर बनी रहेंगी।
यहाँ एक सारांश है:66 वर्षीया सोनिया गांधी ने 1998 में 127 साल पुरानी इस पार्टी के अध्यक्ष पद को संभाला था और तब से वह लगातार इस पद पर बनी हुई हैं।
18
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कांग्रेस पार्टी के नेता और प्रवक्ता ने बेंगलुरु में भाजपा दफ्तर के बाहर हुए धमाके के बाद एक बार फिर कहा, कर्नाटक के गृहमंत्री के बयान, कि भाजपा के नेताओं को केंद्रित कर यह धमाका किया गया, से यह साबित हो रहा है कि यह धमाका भाजपा को चुनाव में फायदा देगा। इससे पहले, बेंगलुरु में भाजपा दफ्तर के बाहर हुए धमाके के बाद कांग्रेस प्रवक्ता शकील अहमद ने ट्वीट पर पलटवार करते हुए भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कड़ी प्रतिक्रिया में कहा, हम देश की सबसे धर्मनिरपेक्ष पार्टी हैं और धमाकों की राजनीति नहीं करते। उल्लेखनीय है कि शकील अहमद ने सुबह पहले ट्वीट किया था, यदि बेंगलुरु में भाजपा दफ्तर के बाहर हुआ धमाका आतंकी हमला है, तो यह निश्चित रूप से चुनाव से पहले भाजपा को राजनीतिक फायदा पहुंचाएगा। इसके करीब 25 मिनट बाद कर्नाटक भाजपा के ट्विटर अकाउंट से भी पलटवार किया गया, बेंगलुरु धमाके को लेकर कांग्रेस प्रवक्ता शकील अहमद का ट्वीट असंवेदनशील और अमानवीय है।टिप्पणियां हालांकि शकील अहमद ने अपने ट्वीट पर टिप्पणी से इनकार किया, लेकिन केंद्रीय गृह राज्यमंत्री आरपीएन सिंह ने कहा, आतंकी हमलों से जुड़े मामलों में कोई राजनीतिक अर्थ नहीं निकाले जाने चाहिए। कांग्रेस पार्टी ने भी शकील अहमद के ट्वीट से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि धमाकों पर राजनीति ठीक नहीं है। उल्लेखनीय है कि बेंगलुरु के मल्लेश्वरम इलाके में भाजपा दफ्तर के बाहर एक मोटरसाइकिल में हुए धमाके में आठ पुलिसकर्मियों समेत 16 लोग घायल हो गए। इससे पहले, बेंगलुरु में भाजपा दफ्तर के बाहर हुए धमाके के बाद कांग्रेस प्रवक्ता शकील अहमद ने ट्वीट पर पलटवार करते हुए भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कड़ी प्रतिक्रिया में कहा, हम देश की सबसे धर्मनिरपेक्ष पार्टी हैं और धमाकों की राजनीति नहीं करते। उल्लेखनीय है कि शकील अहमद ने सुबह पहले ट्वीट किया था, यदि बेंगलुरु में भाजपा दफ्तर के बाहर हुआ धमाका आतंकी हमला है, तो यह निश्चित रूप से चुनाव से पहले भाजपा को राजनीतिक फायदा पहुंचाएगा। इसके करीब 25 मिनट बाद कर्नाटक भाजपा के ट्विटर अकाउंट से भी पलटवार किया गया, बेंगलुरु धमाके को लेकर कांग्रेस प्रवक्ता शकील अहमद का ट्वीट असंवेदनशील और अमानवीय है।टिप्पणियां हालांकि शकील अहमद ने अपने ट्वीट पर टिप्पणी से इनकार किया, लेकिन केंद्रीय गृह राज्यमंत्री आरपीएन सिंह ने कहा, आतंकी हमलों से जुड़े मामलों में कोई राजनीतिक अर्थ नहीं निकाले जाने चाहिए। कांग्रेस पार्टी ने भी शकील अहमद के ट्वीट से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि धमाकों पर राजनीति ठीक नहीं है। उल्लेखनीय है कि बेंगलुरु के मल्लेश्वरम इलाके में भाजपा दफ्तर के बाहर एक मोटरसाइकिल में हुए धमाके में आठ पुलिसकर्मियों समेत 16 लोग घायल हो गए। उल्लेखनीय है कि शकील अहमद ने सुबह पहले ट्वीट किया था, यदि बेंगलुरु में भाजपा दफ्तर के बाहर हुआ धमाका आतंकी हमला है, तो यह निश्चित रूप से चुनाव से पहले भाजपा को राजनीतिक फायदा पहुंचाएगा। इसके करीब 25 मिनट बाद कर्नाटक भाजपा के ट्विटर अकाउंट से भी पलटवार किया गया, बेंगलुरु धमाके को लेकर कांग्रेस प्रवक्ता शकील अहमद का ट्वीट असंवेदनशील और अमानवीय है।टिप्पणियां हालांकि शकील अहमद ने अपने ट्वीट पर टिप्पणी से इनकार किया, लेकिन केंद्रीय गृह राज्यमंत्री आरपीएन सिंह ने कहा, आतंकी हमलों से जुड़े मामलों में कोई राजनीतिक अर्थ नहीं निकाले जाने चाहिए। कांग्रेस पार्टी ने भी शकील अहमद के ट्वीट से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि धमाकों पर राजनीति ठीक नहीं है। उल्लेखनीय है कि बेंगलुरु के मल्लेश्वरम इलाके में भाजपा दफ्तर के बाहर एक मोटरसाइकिल में हुए धमाके में आठ पुलिसकर्मियों समेत 16 लोग घायल हो गए। हालांकि शकील अहमद ने अपने ट्वीट पर टिप्पणी से इनकार किया, लेकिन केंद्रीय गृह राज्यमंत्री आरपीएन सिंह ने कहा, आतंकी हमलों से जुड़े मामलों में कोई राजनीतिक अर्थ नहीं निकाले जाने चाहिए। कांग्रेस पार्टी ने भी शकील अहमद के ट्वीट से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि धमाकों पर राजनीति ठीक नहीं है। उल्लेखनीय है कि बेंगलुरु के मल्लेश्वरम इलाके में भाजपा दफ्तर के बाहर एक मोटरसाइकिल में हुए धमाके में आठ पुलिसकर्मियों समेत 16 लोग घायल हो गए। कांग्रेस पार्टी ने भी शकील अहमद के ट्वीट से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि धमाकों पर राजनीति ठीक नहीं है। उल्लेखनीय है कि बेंगलुरु के मल्लेश्वरम इलाके में भाजपा दफ्तर के बाहर एक मोटरसाइकिल में हुए धमाके में आठ पुलिसकर्मियों समेत 16 लोग घायल हो गए।
सारांश: कांग्रेस पार्टी के नेता और प्रवक्ता ने बेंगलुरु में भाजपा दफ्तर के बाहर हुए धमाके के बाद एक बार फिर ट्वीट कर कहा, कर्नाटक के गृहमंत्री के बयान, कि भाजपा के नेताओं को केंद्रित कर यह धमाका किया गया, से यह साबित हो रहा है कि यह धमाका भाजपा को चुनाव में फायदा
31
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने रुख को लेकर बिल्कुल साफ हैं कि वह नोटबंदी के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिए समर्थन को अचानक वापस नहीं लेंगे. इसी सप्ताह की शुरुआत में नीतीश कुमार ने कहा था कि वह 500 तथा 1,000 रुपये के नोटों को अचानक बंद कर काले धन को खत्म करने के लिए 'सिर्फ 50 दिन' तक सब्र करने के प्रधानमंत्री के आग्रह का सम्मान करेंगे. प्रधानमंत्री की इस पहल का उसके इरादे को लेकर चौतरफा स्वागत किया गया, लेकिन लागू किए जाने पर इसकी नाकामी भी सामने आई, क्योंकि एक महीना बीत जाने के बावजूद देशभर में अभी तक भारी नकदी संकट बरकरार है. नीतीश कुमार ने मंगलवार को कहा था, "मैं उस किस्म का शख्स नहीं हूं, जो जल्दबाज़ी में किसी का समर्थन करूं, और फिर वापस ले लूं... 30 दिसंबर तक इंतज़ार कीजिए, और फिर हम विश्लेषण करेंगे..." उनकी पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) का एक धड़ा इस बात से नाखुश है कि जिस वक्त संसद में 15 विपक्षी दल एकजुट होकर सरकार पर अर्थव्यवस्था को खतरे में डालने तथा गरीबों व ग्रामीण भारत को नकदी संकट में धकेलने के आरोप में कठघरे में खड़ा कर रहे हैं, उनकी पार्टी नोटबंदी का समर्थन कर रही है. गुरुवार को दिल्ली में केंद्र सरकार को सीमित समय की याद दिलाते हुए जेडीयू नेता पवन वर्मा ने कहा, "जिस लक्ष्य को सामने रखकर यह कदम उठाया गया था, क्या यह उसके काम आया...? इसलिए हम 30 दिसंबर तक इंतज़ार कर रहे हैं, क्योंकि प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कहा था, '50 दिन इंतज़ार कीजिए, सब कुछ सामान्य हो जाएगा...' सो, यही हमारा रुख है..." काले धन को बाहर निकालने और उसे रखने वालों को दंडित करने के इरादे से नोटबंदी की अचानक घोषणा करते हुए प्रधानमंत्री ने भावुक लहजे में देशवासियों से 50 दिन तक सब्र रखने का आग्रह किया था. तय किया गया था कि बंद किए गए नोटों को 30 दिसंबर तक बैंकों में जमा करवाना होगा. अब तक 80 फीसदी नोट अब तक जमा किए जा चुके हैं, जिससे संकेत मिलता है कि लगभग सारे ही नोट बैंकों में वापस आ जाएंगे. बंद किए गए नोट देशभर में प्रचलित सारी मुद्रा का 86 फीसदी हिस्सा थे, और उन्हें बंद किए जाने की वजह से जो भारी किल्लत पैदा हुई, नए नोटों से उसकी भरपाई बहुत कम हद तक की जा सकी. राजनैतिक अतीत में नीतीश कुमार के ताल्लुकात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अच्छे नहीं रहे हैं, सो, जिस समय उन्होंने ज़ोर देकर प्रधानमंत्री को समर्थन का ऐलान किया, और यहां तक कहा कि पीएम 'बहादुरी से शेरसवारी कर रहे हैं', सभा हैरान थे, लेकिन विश्लेषकों के अनुसार उसकी वजह कुछ हद तक यह मान्यता थी कि ढेरों परेशानियों और दिक्कतों के बावजूद जनता ने प्रधानमंत्री के उस वादे पर यकीन कर लिया है कि 'कुछ समय तकलीफ बर्दाश्त कर लेने से आगे चलकर फायदा होगा...' उनकी पार्टी के भीतर हो रहे नोटबंदी के विरोध से भी ज़्यादा परेशानी उनके लिए तब खड़ी हुई, जब राज्य सरकार में उनके सहयोगी लालू प्रसाद यादव ने अपने जाने-पहचाने तुनकमिजाज़ अंदाज़ में नोटबंदी की आलोचना की. नोटबंदी को लेकर उनके मतभेदों में उन दरारों को चौड़ा कर दिया, जो उनकी साझेदारी में पहले से बनी दिख रही थीं. यह दरार कितनी बड़ी हो गई, इसका अंदाज़ा इस बात से लगायया जा सकता है कि मुख्यमंत्री ने अपनी पार्टी के नहीं, लालू प्रसाद यादव की पार्टी के विधायकों को बंद दरवाज़े के पीछे संबोधित करते हुए आश्वस्त किया कि नोटबंदी को उनका समर्थन भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की तरफ लौटने के लिए उठाया गया कदम नहीं है, जिसके साथ वह लगभग दो दशक तक गठबंधन बनाए रहे थे.टिप्पणियां अब जब नीतीश की पार्टी ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रधानमंत्री को दिए गए समर्थन की 'एक्सपायरी डेट' भी है, लालू प्रसाद यादव ने शनिवार को अपनी पार्टी की बैठक बुलाई है, जहां वह नोटबंदी को लेकर पीएम के खिलाफ सड़क पर प्रदर्शनों की योजना को अंतिम रूप देंगे. इस बीच, बीजेपी ने लगभग साफ-साफ नीतीश के समर्थन को बनाए रखने की कोशिश की है. पार्टी के मंगल पांडेय ने कहा कि अगर नीतीश कुमार नोटबंदी पर रुख बदलते हैं, तो उसे 'लालू के सामने झुकना समझा जाएगा...' नीतीश कुमार ने मंगलवार को कहा था, "मैं उस किस्म का शख्स नहीं हूं, जो जल्दबाज़ी में किसी का समर्थन करूं, और फिर वापस ले लूं... 30 दिसंबर तक इंतज़ार कीजिए, और फिर हम विश्लेषण करेंगे..." उनकी पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) का एक धड़ा इस बात से नाखुश है कि जिस वक्त संसद में 15 विपक्षी दल एकजुट होकर सरकार पर अर्थव्यवस्था को खतरे में डालने तथा गरीबों व ग्रामीण भारत को नकदी संकट में धकेलने के आरोप में कठघरे में खड़ा कर रहे हैं, उनकी पार्टी नोटबंदी का समर्थन कर रही है. गुरुवार को दिल्ली में केंद्र सरकार को सीमित समय की याद दिलाते हुए जेडीयू नेता पवन वर्मा ने कहा, "जिस लक्ष्य को सामने रखकर यह कदम उठाया गया था, क्या यह उसके काम आया...? इसलिए हम 30 दिसंबर तक इंतज़ार कर रहे हैं, क्योंकि प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कहा था, '50 दिन इंतज़ार कीजिए, सब कुछ सामान्य हो जाएगा...' सो, यही हमारा रुख है..." काले धन को बाहर निकालने और उसे रखने वालों को दंडित करने के इरादे से नोटबंदी की अचानक घोषणा करते हुए प्रधानमंत्री ने भावुक लहजे में देशवासियों से 50 दिन तक सब्र रखने का आग्रह किया था. तय किया गया था कि बंद किए गए नोटों को 30 दिसंबर तक बैंकों में जमा करवाना होगा. अब तक 80 फीसदी नोट अब तक जमा किए जा चुके हैं, जिससे संकेत मिलता है कि लगभग सारे ही नोट बैंकों में वापस आ जाएंगे. बंद किए गए नोट देशभर में प्रचलित सारी मुद्रा का 86 फीसदी हिस्सा थे, और उन्हें बंद किए जाने की वजह से जो भारी किल्लत पैदा हुई, नए नोटों से उसकी भरपाई बहुत कम हद तक की जा सकी. राजनैतिक अतीत में नीतीश कुमार के ताल्लुकात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अच्छे नहीं रहे हैं, सो, जिस समय उन्होंने ज़ोर देकर प्रधानमंत्री को समर्थन का ऐलान किया, और यहां तक कहा कि पीएम 'बहादुरी से शेरसवारी कर रहे हैं', सभा हैरान थे, लेकिन विश्लेषकों के अनुसार उसकी वजह कुछ हद तक यह मान्यता थी कि ढेरों परेशानियों और दिक्कतों के बावजूद जनता ने प्रधानमंत्री के उस वादे पर यकीन कर लिया है कि 'कुछ समय तकलीफ बर्दाश्त कर लेने से आगे चलकर फायदा होगा...' उनकी पार्टी के भीतर हो रहे नोटबंदी के विरोध से भी ज़्यादा परेशानी उनके लिए तब खड़ी हुई, जब राज्य सरकार में उनके सहयोगी लालू प्रसाद यादव ने अपने जाने-पहचाने तुनकमिजाज़ अंदाज़ में नोटबंदी की आलोचना की. नोटबंदी को लेकर उनके मतभेदों में उन दरारों को चौड़ा कर दिया, जो उनकी साझेदारी में पहले से बनी दिख रही थीं. यह दरार कितनी बड़ी हो गई, इसका अंदाज़ा इस बात से लगायया जा सकता है कि मुख्यमंत्री ने अपनी पार्टी के नहीं, लालू प्रसाद यादव की पार्टी के विधायकों को बंद दरवाज़े के पीछे संबोधित करते हुए आश्वस्त किया कि नोटबंदी को उनका समर्थन भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की तरफ लौटने के लिए उठाया गया कदम नहीं है, जिसके साथ वह लगभग दो दशक तक गठबंधन बनाए रहे थे.टिप्पणियां अब जब नीतीश की पार्टी ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रधानमंत्री को दिए गए समर्थन की 'एक्सपायरी डेट' भी है, लालू प्रसाद यादव ने शनिवार को अपनी पार्टी की बैठक बुलाई है, जहां वह नोटबंदी को लेकर पीएम के खिलाफ सड़क पर प्रदर्शनों की योजना को अंतिम रूप देंगे. इस बीच, बीजेपी ने लगभग साफ-साफ नीतीश के समर्थन को बनाए रखने की कोशिश की है. पार्टी के मंगल पांडेय ने कहा कि अगर नीतीश कुमार नोटबंदी पर रुख बदलते हैं, तो उसे 'लालू के सामने झुकना समझा जाएगा...' उनकी पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) का एक धड़ा इस बात से नाखुश है कि जिस वक्त संसद में 15 विपक्षी दल एकजुट होकर सरकार पर अर्थव्यवस्था को खतरे में डालने तथा गरीबों व ग्रामीण भारत को नकदी संकट में धकेलने के आरोप में कठघरे में खड़ा कर रहे हैं, उनकी पार्टी नोटबंदी का समर्थन कर रही है. गुरुवार को दिल्ली में केंद्र सरकार को सीमित समय की याद दिलाते हुए जेडीयू नेता पवन वर्मा ने कहा, "जिस लक्ष्य को सामने रखकर यह कदम उठाया गया था, क्या यह उसके काम आया...? इसलिए हम 30 दिसंबर तक इंतज़ार कर रहे हैं, क्योंकि प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कहा था, '50 दिन इंतज़ार कीजिए, सब कुछ सामान्य हो जाएगा...' सो, यही हमारा रुख है..." काले धन को बाहर निकालने और उसे रखने वालों को दंडित करने के इरादे से नोटबंदी की अचानक घोषणा करते हुए प्रधानमंत्री ने भावुक लहजे में देशवासियों से 50 दिन तक सब्र रखने का आग्रह किया था. तय किया गया था कि बंद किए गए नोटों को 30 दिसंबर तक बैंकों में जमा करवाना होगा. अब तक 80 फीसदी नोट अब तक जमा किए जा चुके हैं, जिससे संकेत मिलता है कि लगभग सारे ही नोट बैंकों में वापस आ जाएंगे. बंद किए गए नोट देशभर में प्रचलित सारी मुद्रा का 86 फीसदी हिस्सा थे, और उन्हें बंद किए जाने की वजह से जो भारी किल्लत पैदा हुई, नए नोटों से उसकी भरपाई बहुत कम हद तक की जा सकी. राजनैतिक अतीत में नीतीश कुमार के ताल्लुकात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अच्छे नहीं रहे हैं, सो, जिस समय उन्होंने ज़ोर देकर प्रधानमंत्री को समर्थन का ऐलान किया, और यहां तक कहा कि पीएम 'बहादुरी से शेरसवारी कर रहे हैं', सभा हैरान थे, लेकिन विश्लेषकों के अनुसार उसकी वजह कुछ हद तक यह मान्यता थी कि ढेरों परेशानियों और दिक्कतों के बावजूद जनता ने प्रधानमंत्री के उस वादे पर यकीन कर लिया है कि 'कुछ समय तकलीफ बर्दाश्त कर लेने से आगे चलकर फायदा होगा...' उनकी पार्टी के भीतर हो रहे नोटबंदी के विरोध से भी ज़्यादा परेशानी उनके लिए तब खड़ी हुई, जब राज्य सरकार में उनके सहयोगी लालू प्रसाद यादव ने अपने जाने-पहचाने तुनकमिजाज़ अंदाज़ में नोटबंदी की आलोचना की. नोटबंदी को लेकर उनके मतभेदों में उन दरारों को चौड़ा कर दिया, जो उनकी साझेदारी में पहले से बनी दिख रही थीं. यह दरार कितनी बड़ी हो गई, इसका अंदाज़ा इस बात से लगायया जा सकता है कि मुख्यमंत्री ने अपनी पार्टी के नहीं, लालू प्रसाद यादव की पार्टी के विधायकों को बंद दरवाज़े के पीछे संबोधित करते हुए आश्वस्त किया कि नोटबंदी को उनका समर्थन भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की तरफ लौटने के लिए उठाया गया कदम नहीं है, जिसके साथ वह लगभग दो दशक तक गठबंधन बनाए रहे थे.टिप्पणियां अब जब नीतीश की पार्टी ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रधानमंत्री को दिए गए समर्थन की 'एक्सपायरी डेट' भी है, लालू प्रसाद यादव ने शनिवार को अपनी पार्टी की बैठक बुलाई है, जहां वह नोटबंदी को लेकर पीएम के खिलाफ सड़क पर प्रदर्शनों की योजना को अंतिम रूप देंगे. इस बीच, बीजेपी ने लगभग साफ-साफ नीतीश के समर्थन को बनाए रखने की कोशिश की है. पार्टी के मंगल पांडेय ने कहा कि अगर नीतीश कुमार नोटबंदी पर रुख बदलते हैं, तो उसे 'लालू के सामने झुकना समझा जाएगा...' गुरुवार को दिल्ली में केंद्र सरकार को सीमित समय की याद दिलाते हुए जेडीयू नेता पवन वर्मा ने कहा, "जिस लक्ष्य को सामने रखकर यह कदम उठाया गया था, क्या यह उसके काम आया...? इसलिए हम 30 दिसंबर तक इंतज़ार कर रहे हैं, क्योंकि प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कहा था, '50 दिन इंतज़ार कीजिए, सब कुछ सामान्य हो जाएगा...' सो, यही हमारा रुख है..." काले धन को बाहर निकालने और उसे रखने वालों को दंडित करने के इरादे से नोटबंदी की अचानक घोषणा करते हुए प्रधानमंत्री ने भावुक लहजे में देशवासियों से 50 दिन तक सब्र रखने का आग्रह किया था. तय किया गया था कि बंद किए गए नोटों को 30 दिसंबर तक बैंकों में जमा करवाना होगा. अब तक 80 फीसदी नोट अब तक जमा किए जा चुके हैं, जिससे संकेत मिलता है कि लगभग सारे ही नोट बैंकों में वापस आ जाएंगे. बंद किए गए नोट देशभर में प्रचलित सारी मुद्रा का 86 फीसदी हिस्सा थे, और उन्हें बंद किए जाने की वजह से जो भारी किल्लत पैदा हुई, नए नोटों से उसकी भरपाई बहुत कम हद तक की जा सकी. राजनैतिक अतीत में नीतीश कुमार के ताल्लुकात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अच्छे नहीं रहे हैं, सो, जिस समय उन्होंने ज़ोर देकर प्रधानमंत्री को समर्थन का ऐलान किया, और यहां तक कहा कि पीएम 'बहादुरी से शेरसवारी कर रहे हैं', सभा हैरान थे, लेकिन विश्लेषकों के अनुसार उसकी वजह कुछ हद तक यह मान्यता थी कि ढेरों परेशानियों और दिक्कतों के बावजूद जनता ने प्रधानमंत्री के उस वादे पर यकीन कर लिया है कि 'कुछ समय तकलीफ बर्दाश्त कर लेने से आगे चलकर फायदा होगा...' उनकी पार्टी के भीतर हो रहे नोटबंदी के विरोध से भी ज़्यादा परेशानी उनके लिए तब खड़ी हुई, जब राज्य सरकार में उनके सहयोगी लालू प्रसाद यादव ने अपने जाने-पहचाने तुनकमिजाज़ अंदाज़ में नोटबंदी की आलोचना की. नोटबंदी को लेकर उनके मतभेदों में उन दरारों को चौड़ा कर दिया, जो उनकी साझेदारी में पहले से बनी दिख रही थीं. यह दरार कितनी बड़ी हो गई, इसका अंदाज़ा इस बात से लगायया जा सकता है कि मुख्यमंत्री ने अपनी पार्टी के नहीं, लालू प्रसाद यादव की पार्टी के विधायकों को बंद दरवाज़े के पीछे संबोधित करते हुए आश्वस्त किया कि नोटबंदी को उनका समर्थन भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की तरफ लौटने के लिए उठाया गया कदम नहीं है, जिसके साथ वह लगभग दो दशक तक गठबंधन बनाए रहे थे.टिप्पणियां अब जब नीतीश की पार्टी ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रधानमंत्री को दिए गए समर्थन की 'एक्सपायरी डेट' भी है, लालू प्रसाद यादव ने शनिवार को अपनी पार्टी की बैठक बुलाई है, जहां वह नोटबंदी को लेकर पीएम के खिलाफ सड़क पर प्रदर्शनों की योजना को अंतिम रूप देंगे. इस बीच, बीजेपी ने लगभग साफ-साफ नीतीश के समर्थन को बनाए रखने की कोशिश की है. पार्टी के मंगल पांडेय ने कहा कि अगर नीतीश कुमार नोटबंदी पर रुख बदलते हैं, तो उसे 'लालू के सामने झुकना समझा जाएगा...' काले धन को बाहर निकालने और उसे रखने वालों को दंडित करने के इरादे से नोटबंदी की अचानक घोषणा करते हुए प्रधानमंत्री ने भावुक लहजे में देशवासियों से 50 दिन तक सब्र रखने का आग्रह किया था. तय किया गया था कि बंद किए गए नोटों को 30 दिसंबर तक बैंकों में जमा करवाना होगा. अब तक 80 फीसदी नोट अब तक जमा किए जा चुके हैं, जिससे संकेत मिलता है कि लगभग सारे ही नोट बैंकों में वापस आ जाएंगे. बंद किए गए नोट देशभर में प्रचलित सारी मुद्रा का 86 फीसदी हिस्सा थे, और उन्हें बंद किए जाने की वजह से जो भारी किल्लत पैदा हुई, नए नोटों से उसकी भरपाई बहुत कम हद तक की जा सकी. राजनैतिक अतीत में नीतीश कुमार के ताल्लुकात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अच्छे नहीं रहे हैं, सो, जिस समय उन्होंने ज़ोर देकर प्रधानमंत्री को समर्थन का ऐलान किया, और यहां तक कहा कि पीएम 'बहादुरी से शेरसवारी कर रहे हैं', सभा हैरान थे, लेकिन विश्लेषकों के अनुसार उसकी वजह कुछ हद तक यह मान्यता थी कि ढेरों परेशानियों और दिक्कतों के बावजूद जनता ने प्रधानमंत्री के उस वादे पर यकीन कर लिया है कि 'कुछ समय तकलीफ बर्दाश्त कर लेने से आगे चलकर फायदा होगा...' उनकी पार्टी के भीतर हो रहे नोटबंदी के विरोध से भी ज़्यादा परेशानी उनके लिए तब खड़ी हुई, जब राज्य सरकार में उनके सहयोगी लालू प्रसाद यादव ने अपने जाने-पहचाने तुनकमिजाज़ अंदाज़ में नोटबंदी की आलोचना की. नोटबंदी को लेकर उनके मतभेदों में उन दरारों को चौड़ा कर दिया, जो उनकी साझेदारी में पहले से बनी दिख रही थीं. यह दरार कितनी बड़ी हो गई, इसका अंदाज़ा इस बात से लगायया जा सकता है कि मुख्यमंत्री ने अपनी पार्टी के नहीं, लालू प्रसाद यादव की पार्टी के विधायकों को बंद दरवाज़े के पीछे संबोधित करते हुए आश्वस्त किया कि नोटबंदी को उनका समर्थन भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की तरफ लौटने के लिए उठाया गया कदम नहीं है, जिसके साथ वह लगभग दो दशक तक गठबंधन बनाए रहे थे.टिप्पणियां अब जब नीतीश की पार्टी ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रधानमंत्री को दिए गए समर्थन की 'एक्सपायरी डेट' भी है, लालू प्रसाद यादव ने शनिवार को अपनी पार्टी की बैठक बुलाई है, जहां वह नोटबंदी को लेकर पीएम के खिलाफ सड़क पर प्रदर्शनों की योजना को अंतिम रूप देंगे. इस बीच, बीजेपी ने लगभग साफ-साफ नीतीश के समर्थन को बनाए रखने की कोशिश की है. पार्टी के मंगल पांडेय ने कहा कि अगर नीतीश कुमार नोटबंदी पर रुख बदलते हैं, तो उसे 'लालू के सामने झुकना समझा जाएगा...' बंद किए गए नोट देशभर में प्रचलित सारी मुद्रा का 86 फीसदी हिस्सा थे, और उन्हें बंद किए जाने की वजह से जो भारी किल्लत पैदा हुई, नए नोटों से उसकी भरपाई बहुत कम हद तक की जा सकी. राजनैतिक अतीत में नीतीश कुमार के ताल्लुकात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अच्छे नहीं रहे हैं, सो, जिस समय उन्होंने ज़ोर देकर प्रधानमंत्री को समर्थन का ऐलान किया, और यहां तक कहा कि पीएम 'बहादुरी से शेरसवारी कर रहे हैं', सभा हैरान थे, लेकिन विश्लेषकों के अनुसार उसकी वजह कुछ हद तक यह मान्यता थी कि ढेरों परेशानियों और दिक्कतों के बावजूद जनता ने प्रधानमंत्री के उस वादे पर यकीन कर लिया है कि 'कुछ समय तकलीफ बर्दाश्त कर लेने से आगे चलकर फायदा होगा...' उनकी पार्टी के भीतर हो रहे नोटबंदी के विरोध से भी ज़्यादा परेशानी उनके लिए तब खड़ी हुई, जब राज्य सरकार में उनके सहयोगी लालू प्रसाद यादव ने अपने जाने-पहचाने तुनकमिजाज़ अंदाज़ में नोटबंदी की आलोचना की. नोटबंदी को लेकर उनके मतभेदों में उन दरारों को चौड़ा कर दिया, जो उनकी साझेदारी में पहले से बनी दिख रही थीं. यह दरार कितनी बड़ी हो गई, इसका अंदाज़ा इस बात से लगायया जा सकता है कि मुख्यमंत्री ने अपनी पार्टी के नहीं, लालू प्रसाद यादव की पार्टी के विधायकों को बंद दरवाज़े के पीछे संबोधित करते हुए आश्वस्त किया कि नोटबंदी को उनका समर्थन भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की तरफ लौटने के लिए उठाया गया कदम नहीं है, जिसके साथ वह लगभग दो दशक तक गठबंधन बनाए रहे थे.टिप्पणियां अब जब नीतीश की पार्टी ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रधानमंत्री को दिए गए समर्थन की 'एक्सपायरी डेट' भी है, लालू प्रसाद यादव ने शनिवार को अपनी पार्टी की बैठक बुलाई है, जहां वह नोटबंदी को लेकर पीएम के खिलाफ सड़क पर प्रदर्शनों की योजना को अंतिम रूप देंगे. इस बीच, बीजेपी ने लगभग साफ-साफ नीतीश के समर्थन को बनाए रखने की कोशिश की है. पार्टी के मंगल पांडेय ने कहा कि अगर नीतीश कुमार नोटबंदी पर रुख बदलते हैं, तो उसे 'लालू के सामने झुकना समझा जाएगा...' राजनैतिक अतीत में नीतीश कुमार के ताल्लुकात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अच्छे नहीं रहे हैं, सो, जिस समय उन्होंने ज़ोर देकर प्रधानमंत्री को समर्थन का ऐलान किया, और यहां तक कहा कि पीएम 'बहादुरी से शेरसवारी कर रहे हैं', सभा हैरान थे, लेकिन विश्लेषकों के अनुसार उसकी वजह कुछ हद तक यह मान्यता थी कि ढेरों परेशानियों और दिक्कतों के बावजूद जनता ने प्रधानमंत्री के उस वादे पर यकीन कर लिया है कि 'कुछ समय तकलीफ बर्दाश्त कर लेने से आगे चलकर फायदा होगा...' उनकी पार्टी के भीतर हो रहे नोटबंदी के विरोध से भी ज़्यादा परेशानी उनके लिए तब खड़ी हुई, जब राज्य सरकार में उनके सहयोगी लालू प्रसाद यादव ने अपने जाने-पहचाने तुनकमिजाज़ अंदाज़ में नोटबंदी की आलोचना की. नोटबंदी को लेकर उनके मतभेदों में उन दरारों को चौड़ा कर दिया, जो उनकी साझेदारी में पहले से बनी दिख रही थीं. यह दरार कितनी बड़ी हो गई, इसका अंदाज़ा इस बात से लगायया जा सकता है कि मुख्यमंत्री ने अपनी पार्टी के नहीं, लालू प्रसाद यादव की पार्टी के विधायकों को बंद दरवाज़े के पीछे संबोधित करते हुए आश्वस्त किया कि नोटबंदी को उनका समर्थन भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की तरफ लौटने के लिए उठाया गया कदम नहीं है, जिसके साथ वह लगभग दो दशक तक गठबंधन बनाए रहे थे.टिप्पणियां अब जब नीतीश की पार्टी ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रधानमंत्री को दिए गए समर्थन की 'एक्सपायरी डेट' भी है, लालू प्रसाद यादव ने शनिवार को अपनी पार्टी की बैठक बुलाई है, जहां वह नोटबंदी को लेकर पीएम के खिलाफ सड़क पर प्रदर्शनों की योजना को अंतिम रूप देंगे. इस बीच, बीजेपी ने लगभग साफ-साफ नीतीश के समर्थन को बनाए रखने की कोशिश की है. पार्टी के मंगल पांडेय ने कहा कि अगर नीतीश कुमार नोटबंदी पर रुख बदलते हैं, तो उसे 'लालू के सामने झुकना समझा जाएगा...' उनकी पार्टी के भीतर हो रहे नोटबंदी के विरोध से भी ज़्यादा परेशानी उनके लिए तब खड़ी हुई, जब राज्य सरकार में उनके सहयोगी लालू प्रसाद यादव ने अपने जाने-पहचाने तुनकमिजाज़ अंदाज़ में नोटबंदी की आलोचना की. नोटबंदी को लेकर उनके मतभेदों में उन दरारों को चौड़ा कर दिया, जो उनकी साझेदारी में पहले से बनी दिख रही थीं. यह दरार कितनी बड़ी हो गई, इसका अंदाज़ा इस बात से लगायया जा सकता है कि मुख्यमंत्री ने अपनी पार्टी के नहीं, लालू प्रसाद यादव की पार्टी के विधायकों को बंद दरवाज़े के पीछे संबोधित करते हुए आश्वस्त किया कि नोटबंदी को उनका समर्थन भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की तरफ लौटने के लिए उठाया गया कदम नहीं है, जिसके साथ वह लगभग दो दशक तक गठबंधन बनाए रहे थे.टिप्पणियां अब जब नीतीश की पार्टी ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रधानमंत्री को दिए गए समर्थन की 'एक्सपायरी डेट' भी है, लालू प्रसाद यादव ने शनिवार को अपनी पार्टी की बैठक बुलाई है, जहां वह नोटबंदी को लेकर पीएम के खिलाफ सड़क पर प्रदर्शनों की योजना को अंतिम रूप देंगे. इस बीच, बीजेपी ने लगभग साफ-साफ नीतीश के समर्थन को बनाए रखने की कोशिश की है. पार्टी के मंगल पांडेय ने कहा कि अगर नीतीश कुमार नोटबंदी पर रुख बदलते हैं, तो उसे 'लालू के सामने झुकना समझा जाएगा...' अब जब नीतीश की पार्टी ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रधानमंत्री को दिए गए समर्थन की 'एक्सपायरी डेट' भी है, लालू प्रसाद यादव ने शनिवार को अपनी पार्टी की बैठक बुलाई है, जहां वह नोटबंदी को लेकर पीएम के खिलाफ सड़क पर प्रदर्शनों की योजना को अंतिम रूप देंगे. इस बीच, बीजेपी ने लगभग साफ-साफ नीतीश के समर्थन को बनाए रखने की कोशिश की है. पार्टी के मंगल पांडेय ने कहा कि अगर नीतीश कुमार नोटबंदी पर रुख बदलते हैं, तो उसे 'लालू के सामने झुकना समझा जाएगा...' इस बीच, बीजेपी ने लगभग साफ-साफ नीतीश के समर्थन को बनाए रखने की कोशिश की है. पार्टी के मंगल पांडेय ने कहा कि अगर नीतीश कुमार नोटबंदी पर रुख बदलते हैं, तो उसे 'लालू के सामने झुकना समझा जाएगा...'
पीएम ने कहा था, नोटबंदी से हो रही दिक्कतें 30 दिसंबर तक खत्म हो जाएंगी बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने कहा, तभी तक हमारा समर्थन जारी रहेगा JDU ने पूछा, जो नकदी संकट है, क्या उससे ज़्यादा लाभ होगा नोटबंदी से...?
1
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: उरी, बारामूला और पंपोर. इन तीनों में एक बात समान्य है वह यह कि इन तीनों जगहों पर आतंकी हमला हुआ. बात इतनी ही नहीं है इन तीनों जगहों पर आतंकी पानी के रास्ते आए. झेलम के दरिया को हमलों के खातिर रास्ता बनाया. सुरक्षाबलों के लिए ये चिंता का विषय है कि आतंकी अब घुसपैठ के लिए नदी का सहारा लेने लगे हैं. यानि हमले की जगह पहुंचने के साथ-साथ घुसपैठ के लिए भी पानी का सहारा और इससे निपटना आसान नहीं है. साफ है जब जमीनी रास्ते पर चौकसी बढ़ी तो आतंकी विकल्प के तौर पर पानी का सहारा ले रहे हैं. खुफिया सूत्रों के मुताबिक  सरहद पार के आतंकी ट्रेनिंग कैंपों में आतंकियों को तैरने के लिए भी स्पेशल ट्रेनिंग दी जा रही है जिससे आतंकी घंटों तक गहरे पानी के भीतर रह सकते हैं.टिप्पणियां आपको ये बता दें कि बारामूला, उरी और पंपोर में जिन जिन जगहों पर आतंकियों ने हमला किया है वो सभी नदियों के आसपास ही हैं. ये भी पता चला है सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान ने सीमा के पास चल रहे अपने आतंकी कैंपों को शिफ्ट तो किया ही है साथ ही कश्मीर घाटी में हमले के लिए अपनी रणनीति में बदलाव किया है. पहले फिदायीन हमलावर घुसपैठ के तुंरत बाद हमले को अंजाम देते थे, लेकिन अब घुसपैठ के बाद स्लीपर सेल की मदद से पहले पनाह लेते हैं. इसके बाद सैन्य कैंपों या फिर सैन्य काफिला की सुरक्षा व्यवस्था की जांच पड़ताल के बाद हमले करते हैं. सुरक्षाबलों के लिए ये चिंता का विषय है कि आतंकी अब घुसपैठ के लिए नदी का सहारा लेने लगे हैं. यानि हमले की जगह पहुंचने के साथ-साथ घुसपैठ के लिए भी पानी का सहारा और इससे निपटना आसान नहीं है. साफ है जब जमीनी रास्ते पर चौकसी बढ़ी तो आतंकी विकल्प के तौर पर पानी का सहारा ले रहे हैं. खुफिया सूत्रों के मुताबिक  सरहद पार के आतंकी ट्रेनिंग कैंपों में आतंकियों को तैरने के लिए भी स्पेशल ट्रेनिंग दी जा रही है जिससे आतंकी घंटों तक गहरे पानी के भीतर रह सकते हैं.टिप्पणियां आपको ये बता दें कि बारामूला, उरी और पंपोर में जिन जिन जगहों पर आतंकियों ने हमला किया है वो सभी नदियों के आसपास ही हैं. ये भी पता चला है सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान ने सीमा के पास चल रहे अपने आतंकी कैंपों को शिफ्ट तो किया ही है साथ ही कश्मीर घाटी में हमले के लिए अपनी रणनीति में बदलाव किया है. पहले फिदायीन हमलावर घुसपैठ के तुंरत बाद हमले को अंजाम देते थे, लेकिन अब घुसपैठ के बाद स्लीपर सेल की मदद से पहले पनाह लेते हैं. इसके बाद सैन्य कैंपों या फिर सैन्य काफिला की सुरक्षा व्यवस्था की जांच पड़ताल के बाद हमले करते हैं. साफ है जब जमीनी रास्ते पर चौकसी बढ़ी तो आतंकी विकल्प के तौर पर पानी का सहारा ले रहे हैं. खुफिया सूत्रों के मुताबिक  सरहद पार के आतंकी ट्रेनिंग कैंपों में आतंकियों को तैरने के लिए भी स्पेशल ट्रेनिंग दी जा रही है जिससे आतंकी घंटों तक गहरे पानी के भीतर रह सकते हैं.टिप्पणियां आपको ये बता दें कि बारामूला, उरी और पंपोर में जिन जिन जगहों पर आतंकियों ने हमला किया है वो सभी नदियों के आसपास ही हैं. ये भी पता चला है सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान ने सीमा के पास चल रहे अपने आतंकी कैंपों को शिफ्ट तो किया ही है साथ ही कश्मीर घाटी में हमले के लिए अपनी रणनीति में बदलाव किया है. पहले फिदायीन हमलावर घुसपैठ के तुंरत बाद हमले को अंजाम देते थे, लेकिन अब घुसपैठ के बाद स्लीपर सेल की मदद से पहले पनाह लेते हैं. इसके बाद सैन्य कैंपों या फिर सैन्य काफिला की सुरक्षा व्यवस्था की जांच पड़ताल के बाद हमले करते हैं. आपको ये बता दें कि बारामूला, उरी और पंपोर में जिन जिन जगहों पर आतंकियों ने हमला किया है वो सभी नदियों के आसपास ही हैं. ये भी पता चला है सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान ने सीमा के पास चल रहे अपने आतंकी कैंपों को शिफ्ट तो किया ही है साथ ही कश्मीर घाटी में हमले के लिए अपनी रणनीति में बदलाव किया है. पहले फिदायीन हमलावर घुसपैठ के तुंरत बाद हमले को अंजाम देते थे, लेकिन अब घुसपैठ के बाद स्लीपर सेल की मदद से पहले पनाह लेते हैं. इसके बाद सैन्य कैंपों या फिर सैन्य काफिला की सुरक्षा व्यवस्था की जांच पड़ताल के बाद हमले करते हैं. पहले फिदायीन हमलावर घुसपैठ के तुंरत बाद हमले को अंजाम देते थे, लेकिन अब घुसपैठ के बाद स्लीपर सेल की मदद से पहले पनाह लेते हैं. इसके बाद सैन्य कैंपों या फिर सैन्य काफिला की सुरक्षा व्यवस्था की जांच पड़ताल के बाद हमले करते हैं.
आतंकी विकल्प के तौर पर पानी का सहारा ले रहे हैं आतंकियों को तैरने के लिए भी स्पेशल ट्रेनिंग दी जा रही है जिन जगहों पर हमला किया है वो सभी नदियों के आसपास ही हैं
1
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दालों, गेहूं और कुछ सब्जियों के दाम घटने से खाद्य वस्तुओं की महंगाई की दर 21 मई को समाप्त सप्ताह में घटकर 8.06 प्रतिशत पर आ गई है। इससे पिछले सप्ताह यह 8.55 प्रतिशत के स्तर पर थी। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में आर्थिक वृद्धि कम रहने के बीच सरकार को खाने-पीने की वस्तुओं की महंगाई घटने से कुछ राहत जरूर मिलेगी। पिछले साल पहले 3 मई, 2010 को खाद्य मुद्रास्फीति की दर 21.15 प्रतिशत के उच्च स्तर पर पहुंच गई थी। आज जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार, साल दर साल आधार पर दालों के दाम 9.22 प्रतिशत घटे हैं, वहीं गेहूं 0.77 प्रतिशत सस्ता हुआ है। इसकी वजह 2010-11 के फसल वर्ष :जुलाई-जून: के दौरान गेहूं और दालों का रिकॉर्ड उत्पादन है। समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान सब्जियों के दाम सालाना आधार पर 1.06 प्रतिशत घटे। आलू 2.15 प्रतिशत नीचे आया। हालांकि अन्य खाद्य वस्तुओं में महंगाई बनी हुई है। साल दर साल आधार पर फलों के दाम 30.51 प्रतिशत बढ़े हैं, जबकि प्याज 12.32 फीसद महंगा हुआ। प्रोटीनयुक्त खाद्य वस्तुओं के दामों में महंगाई अभी कायम है। दूध की कीमतों में जहां 7.04 प्रतिशत का इजाफा हुआ, वहीं अंडा, मीट और मछली के दाम 5.50 प्रतिशत बढ़े। अनाज के दाम 4.78 प्रतिशत बढ़े, जबकि चावल 2.51 प्रतिशत महंगा हुआ।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में आर्थिक वृद्धि कम रहने के बीच सरकार को खाने-पीने की वस्तुओं की महंगाई घटने से कुछ राहत जरूर मिलेगी।
3
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मीडिया जगत की दिग्गज हस्ती रूपर्ट मर्डोक को एक व्यक्ति के हमले से बचाने की कोशिश करने वाली उनकी पत्नी वेंडी डेंग दुनिया भर में रातोंरात मशहूर हो गई हैं। इंटरनेट की दुनिया में भी वह छा गई हैं। मर्डोक पर हमला मंगलवार को उस समय हुआ, जब वह फोन हैंकिंग मामले में ब्रिटिश सांसदों के सवालों का जवाब दे रहे थे। हालांकि कंपनी में मर्डोक की पत्नी की कोई भी औपचारिक भूमिका नहीं है। एक माइक्रो-ब्लॉगिंग वेबसाइट पर झांग जिन ने कहा, वेंडी की प्रतिक्रिया बहुत तेज थी। वह एक नायिका की तरह उठीं। ऐसे कई लोग इंटरनेट पर वेंडी का बखान कर रहे हैं। पूर्व वॉलीबॉल खिलाड़ी वेंडी अपने पति के पक्ष में मजबूती से खड़ी दिख रही हैं, जिससे कहा जा रहा है कि वह कारोबार में रुचि ले रही हैं। चीनी मूल की अमेरिकी नागरिक वेंडी को दुनिया के सबसे शक्तिशाली परिवारों में से एक मर्डोक परिवार की धूरी माना जाता है। इस जोड़ी की दो युवा बेटियां मर्डोक न्यूज कॉरपोरेशन की उत्तराधिकारी होंगी, जिसकी विश्व भर में समाचारपत्र और फॉक्स और स्काई टीवी सहित कई टेलीविजन कंपनियां हैं। वेंडी की मर्डोक से मुलाकात हांगकांग स्थित स्टार टेलीविजन कंपनी में काम करने के दौरान हुई थी। वर्ष 1968 में चीन के दक्षिणी शहर जूझाओ में जन्म लेने वाली वेंडी 19 वर्ष की उम्र में ही आगे की पढ़ाई के लिए चीन छोड़कर अमेरिका चली गई थीं। अमेरिका में उन्हें जेक और जोएस चैरी से काफी मदद मिली थी। वेंडी शुरुआत में इसी युगल के कैलीफोर्निया स्थित घर में रहने लगीं, लेकिन जोएस और वेंडी के बीच मोहब्बत की भनक लगने के बाद उन्हें यह घर छोड़ना पड़ा। इस जोड़ी ने शादी रचाई, लेकिन तीन साल तक साथ रहने के भीतर ही इनके रिश्तों में दरार उत्पन्न हो गई और उन्होंने तलाक ले लिया। इसी समय वेंडी ने अमेरिका की नागरिकता ली। वर्ष 1999 में वेंडी ने रूपर्ट से अमेरिका में विवाह कर लिया। दिलचस्प बात यह है कि इस जोड़े का विवाह उस निजी पाल नौका में हुआ, जिसके बारे में कहा जाता है कि मर्डोक ने इसे अपनी सेवानिवृत्ति के बाद उपयोग के लिए खरीदा था। वेंडी और मर्डोक अपनी दोनों बेटियों ग्रेस और क्लोए के साथ न्यूयॉर्क में रहते हैं।
यहाँ एक सारांश है:मीडिया जगत की दिग्गज हस्ती रूपर्ट मर्डोक को एक व्यक्ति के हमले से बचाने की कोशिश करने वाली उनकी पत्नी वेंडी डेंग दुनिया भर में रातोंरात मशहूर हो गई हैं।
12
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पिछले महीने उरी में सैन्य के कैंप पर जिन चार पाकिस्तानी आतंकवादियों ने हमला किया था उन्होंने नियंत्रण रेखा पर बिजली के करंट वाली बाड़ सीढ़ी के माध्यम से पार की थी. इस हमले में 19 सैनिक शहीद हो गए थे. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सेना ने इन चारों आतंकवादियों के घुसपैठ के रास्ते की पहचान के लिए जांच की और वह इस निष्कर्ष पर पहुंची कि सलामाबाद नाले के समीप सीढ़ियों का इस्तेमाल किया गया था. सैन्य अधिकारियों ने बताया कि इन चारों आतंकवादियों में से एक सलामाबाद नाले के समीप बाड़ में थोड़ी सी खाली जगह का इस्तेमाल कर इस पार आ गया और उसने इस तरफ से बाड़ पर एक सीढ़ी लगा दी जबकि दूसरी तरफ से उसके तीन साथियों ने दूसरी सीढ़ी लगा दी . दोनों सीढ़ियां उपरगामी पैदल पारपथ की तरह जोड़ दी गई थीं. श्रीनगर से करीब 102 किलोमीटर दूर उरी में इन चारों ने आर्मी कैंप पर दुर्दांत हमला किया था. सूत्रों के अनुसार बाड़ में जिस थोड़ी सी खुली जगह से पहला आतंकवादी इस तरफ आया, उससे सभी चारों के लिए घुसपैठ करना मुश्किल था क्योंकि हरेक के पास भारी मात्रा में गोला बारूद, हथियार एवं खाने पीने की चीजों वाले बड़े-बड़े बैग थे. उन्हें इस तरह बाड़ पार करने में काफी वक्त लगता और उनकी जान को बड़ा जोखिम भी था क्योंकि ऐसा करते वक्त इलाके में नियमित रूप से गश्त करने वाली सैन्य टीमों के उन्हें देख लेतीं. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि जब चारों आतंकवादी भारत में घुस आए तब उन्होंने पहले आतंकवादी द्वारा लाई गई सीढ़ी अपने दो गाइडों मोहम्मद कबीर अवान और बशारत को वापस सौंप दी जो उनके साथ नियंत्रण रेखा तक आए थे ताकि किसी को कुछ पता नहीं चले. सेना गोहलान और समीप के जबलाह गांव में जांच कर रही है क्योंकि उसे संदेह है कि आतंकवादियों ने 18 सितंबर को दुर्दांत हमला करने से एक दिन पहले इन्हीं गांवों में शरण ली होगी. इन आतंकवादियों के हमले में 19 सैनिक शहीद हो गए थे और सेना के भारी मात्रा में हथियार एवं गोलाबारूद नष्ट हो गए थे.  आतंकवादियों द्वारा सीढ़ी का इस्तेमाल कर बाड़ पार करने की पहली घटना इसी साल पहले उत्तरी कश्मीर के माछिल सेक्टर में सामने आई थी. उरी हमले के संदर्भ में सेना ने इस घटना की आतंरिक जांच की और उसने उरी के ब्रिगेड कमांडर के सोम शंकर को हटा दिया. प्राथमिक जांच से पता चला है कि आतंकवादी हमला करने से कम से कम एक दिन पहले इलाके में आ गए थे. समयबद्ध तरीके से सेना की यह जांच पूरी होगी और इसमें भविष्य में ऐसे हमलों को रोकने के उपाय भी सुझाए जाएंगे. पाकिस्तान स्थित आतंकवादी अब इस तरह घुसपैठ कर रहे हैं कि वे नियंत्रण रेखा को पार करने के बाद प्रथम उपलब्ध सैन्य शिविर या सुरक्षा प्रतिष्ठानों को निशाना बना सकें. जांच के दौरान यह बात सामने आई कि उच्च चौकसी वाले इस प्रतिष्ठान की बाड़ को एक जगह काटकर आतंकवादी शिविर के अंदर घुसे थे. सूत्रों के अनुसार इस बात के भी संकेत मिले हैं कि आतंकवादियों को नियंत्रण रेखा के समीप स्थित इस सैन्य शिविर का नक्शा अच्छी तरह मालूम था, शायद यही कारण है कि उन्होंने रसोईघर और भंडारगृह को बाहर से बंद कर दिया ताकि उनमें मौजूद सैनिक आग लगाए जाने से पहले वहां से निकल नहीं पाएं.टिप्पणियां जांचकर्ताओं ने यह भी बताया कि चारों आतंकवादी 16-17 सितंबर की दरम्यानी रात को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) से घुसे होंगे ओर वे सखदर गांव में ठहरे होंगे जहां से ब्रिगेड मुख्यालय नजर आता है. सुखदर गांव ऐसे स्थान पर स्थित है जहां से निर्बाध ढंग से न केवल सैन्य शिविर नजर आता है बल्कि उसके अंदर सैन्यकर्मियों की गतिविधियां भी दिखती हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सेना ने इन चारों आतंकवादियों के घुसपैठ के रास्ते की पहचान के लिए जांच की और वह इस निष्कर्ष पर पहुंची कि सलामाबाद नाले के समीप सीढ़ियों का इस्तेमाल किया गया था. सैन्य अधिकारियों ने बताया कि इन चारों आतंकवादियों में से एक सलामाबाद नाले के समीप बाड़ में थोड़ी सी खाली जगह का इस्तेमाल कर इस पार आ गया और उसने इस तरफ से बाड़ पर एक सीढ़ी लगा दी जबकि दूसरी तरफ से उसके तीन साथियों ने दूसरी सीढ़ी लगा दी . दोनों सीढ़ियां उपरगामी पैदल पारपथ की तरह जोड़ दी गई थीं. श्रीनगर से करीब 102 किलोमीटर दूर उरी में इन चारों ने आर्मी कैंप पर दुर्दांत हमला किया था. सूत्रों के अनुसार बाड़ में जिस थोड़ी सी खुली जगह से पहला आतंकवादी इस तरफ आया, उससे सभी चारों के लिए घुसपैठ करना मुश्किल था क्योंकि हरेक के पास भारी मात्रा में गोला बारूद, हथियार एवं खाने पीने की चीजों वाले बड़े-बड़े बैग थे. उन्हें इस तरह बाड़ पार करने में काफी वक्त लगता और उनकी जान को बड़ा जोखिम भी था क्योंकि ऐसा करते वक्त इलाके में नियमित रूप से गश्त करने वाली सैन्य टीमों के उन्हें देख लेतीं. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि जब चारों आतंकवादी भारत में घुस आए तब उन्होंने पहले आतंकवादी द्वारा लाई गई सीढ़ी अपने दो गाइडों मोहम्मद कबीर अवान और बशारत को वापस सौंप दी जो उनके साथ नियंत्रण रेखा तक आए थे ताकि किसी को कुछ पता नहीं चले. सेना गोहलान और समीप के जबलाह गांव में जांच कर रही है क्योंकि उसे संदेह है कि आतंकवादियों ने 18 सितंबर को दुर्दांत हमला करने से एक दिन पहले इन्हीं गांवों में शरण ली होगी. इन आतंकवादियों के हमले में 19 सैनिक शहीद हो गए थे और सेना के भारी मात्रा में हथियार एवं गोलाबारूद नष्ट हो गए थे.  आतंकवादियों द्वारा सीढ़ी का इस्तेमाल कर बाड़ पार करने की पहली घटना इसी साल पहले उत्तरी कश्मीर के माछिल सेक्टर में सामने आई थी. उरी हमले के संदर्भ में सेना ने इस घटना की आतंरिक जांच की और उसने उरी के ब्रिगेड कमांडर के सोम शंकर को हटा दिया. प्राथमिक जांच से पता चला है कि आतंकवादी हमला करने से कम से कम एक दिन पहले इलाके में आ गए थे. समयबद्ध तरीके से सेना की यह जांच पूरी होगी और इसमें भविष्य में ऐसे हमलों को रोकने के उपाय भी सुझाए जाएंगे. पाकिस्तान स्थित आतंकवादी अब इस तरह घुसपैठ कर रहे हैं कि वे नियंत्रण रेखा को पार करने के बाद प्रथम उपलब्ध सैन्य शिविर या सुरक्षा प्रतिष्ठानों को निशाना बना सकें. जांच के दौरान यह बात सामने आई कि उच्च चौकसी वाले इस प्रतिष्ठान की बाड़ को एक जगह काटकर आतंकवादी शिविर के अंदर घुसे थे. सूत्रों के अनुसार इस बात के भी संकेत मिले हैं कि आतंकवादियों को नियंत्रण रेखा के समीप स्थित इस सैन्य शिविर का नक्शा अच्छी तरह मालूम था, शायद यही कारण है कि उन्होंने रसोईघर और भंडारगृह को बाहर से बंद कर दिया ताकि उनमें मौजूद सैनिक आग लगाए जाने से पहले वहां से निकल नहीं पाएं.टिप्पणियां जांचकर्ताओं ने यह भी बताया कि चारों आतंकवादी 16-17 सितंबर की दरम्यानी रात को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) से घुसे होंगे ओर वे सखदर गांव में ठहरे होंगे जहां से ब्रिगेड मुख्यालय नजर आता है. सुखदर गांव ऐसे स्थान पर स्थित है जहां से निर्बाध ढंग से न केवल सैन्य शिविर नजर आता है बल्कि उसके अंदर सैन्यकर्मियों की गतिविधियां भी दिखती हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सैन्य अधिकारियों ने बताया कि इन चारों आतंकवादियों में से एक सलामाबाद नाले के समीप बाड़ में थोड़ी सी खाली जगह का इस्तेमाल कर इस पार आ गया और उसने इस तरफ से बाड़ पर एक सीढ़ी लगा दी जबकि दूसरी तरफ से उसके तीन साथियों ने दूसरी सीढ़ी लगा दी . दोनों सीढ़ियां उपरगामी पैदल पारपथ की तरह जोड़ दी गई थीं. श्रीनगर से करीब 102 किलोमीटर दूर उरी में इन चारों ने आर्मी कैंप पर दुर्दांत हमला किया था. सूत्रों के अनुसार बाड़ में जिस थोड़ी सी खुली जगह से पहला आतंकवादी इस तरफ आया, उससे सभी चारों के लिए घुसपैठ करना मुश्किल था क्योंकि हरेक के पास भारी मात्रा में गोला बारूद, हथियार एवं खाने पीने की चीजों वाले बड़े-बड़े बैग थे. उन्हें इस तरह बाड़ पार करने में काफी वक्त लगता और उनकी जान को बड़ा जोखिम भी था क्योंकि ऐसा करते वक्त इलाके में नियमित रूप से गश्त करने वाली सैन्य टीमों के उन्हें देख लेतीं. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि जब चारों आतंकवादी भारत में घुस आए तब उन्होंने पहले आतंकवादी द्वारा लाई गई सीढ़ी अपने दो गाइडों मोहम्मद कबीर अवान और बशारत को वापस सौंप दी जो उनके साथ नियंत्रण रेखा तक आए थे ताकि किसी को कुछ पता नहीं चले. सेना गोहलान और समीप के जबलाह गांव में जांच कर रही है क्योंकि उसे संदेह है कि आतंकवादियों ने 18 सितंबर को दुर्दांत हमला करने से एक दिन पहले इन्हीं गांवों में शरण ली होगी. इन आतंकवादियों के हमले में 19 सैनिक शहीद हो गए थे और सेना के भारी मात्रा में हथियार एवं गोलाबारूद नष्ट हो गए थे.  आतंकवादियों द्वारा सीढ़ी का इस्तेमाल कर बाड़ पार करने की पहली घटना इसी साल पहले उत्तरी कश्मीर के माछिल सेक्टर में सामने आई थी. उरी हमले के संदर्भ में सेना ने इस घटना की आतंरिक जांच की और उसने उरी के ब्रिगेड कमांडर के सोम शंकर को हटा दिया. प्राथमिक जांच से पता चला है कि आतंकवादी हमला करने से कम से कम एक दिन पहले इलाके में आ गए थे. समयबद्ध तरीके से सेना की यह जांच पूरी होगी और इसमें भविष्य में ऐसे हमलों को रोकने के उपाय भी सुझाए जाएंगे. पाकिस्तान स्थित आतंकवादी अब इस तरह घुसपैठ कर रहे हैं कि वे नियंत्रण रेखा को पार करने के बाद प्रथम उपलब्ध सैन्य शिविर या सुरक्षा प्रतिष्ठानों को निशाना बना सकें. जांच के दौरान यह बात सामने आई कि उच्च चौकसी वाले इस प्रतिष्ठान की बाड़ को एक जगह काटकर आतंकवादी शिविर के अंदर घुसे थे. सूत्रों के अनुसार इस बात के भी संकेत मिले हैं कि आतंकवादियों को नियंत्रण रेखा के समीप स्थित इस सैन्य शिविर का नक्शा अच्छी तरह मालूम था, शायद यही कारण है कि उन्होंने रसोईघर और भंडारगृह को बाहर से बंद कर दिया ताकि उनमें मौजूद सैनिक आग लगाए जाने से पहले वहां से निकल नहीं पाएं.टिप्पणियां जांचकर्ताओं ने यह भी बताया कि चारों आतंकवादी 16-17 सितंबर की दरम्यानी रात को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) से घुसे होंगे ओर वे सखदर गांव में ठहरे होंगे जहां से ब्रिगेड मुख्यालय नजर आता है. सुखदर गांव ऐसे स्थान पर स्थित है जहां से निर्बाध ढंग से न केवल सैन्य शिविर नजर आता है बल्कि उसके अंदर सैन्यकर्मियों की गतिविधियां भी दिखती हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सूत्रों के अनुसार बाड़ में जिस थोड़ी सी खुली जगह से पहला आतंकवादी इस तरफ आया, उससे सभी चारों के लिए घुसपैठ करना मुश्किल था क्योंकि हरेक के पास भारी मात्रा में गोला बारूद, हथियार एवं खाने पीने की चीजों वाले बड़े-बड़े बैग थे. उन्हें इस तरह बाड़ पार करने में काफी वक्त लगता और उनकी जान को बड़ा जोखिम भी था क्योंकि ऐसा करते वक्त इलाके में नियमित रूप से गश्त करने वाली सैन्य टीमों के उन्हें देख लेतीं. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि जब चारों आतंकवादी भारत में घुस आए तब उन्होंने पहले आतंकवादी द्वारा लाई गई सीढ़ी अपने दो गाइडों मोहम्मद कबीर अवान और बशारत को वापस सौंप दी जो उनके साथ नियंत्रण रेखा तक आए थे ताकि किसी को कुछ पता नहीं चले. सेना गोहलान और समीप के जबलाह गांव में जांच कर रही है क्योंकि उसे संदेह है कि आतंकवादियों ने 18 सितंबर को दुर्दांत हमला करने से एक दिन पहले इन्हीं गांवों में शरण ली होगी. इन आतंकवादियों के हमले में 19 सैनिक शहीद हो गए थे और सेना के भारी मात्रा में हथियार एवं गोलाबारूद नष्ट हो गए थे.  आतंकवादियों द्वारा सीढ़ी का इस्तेमाल कर बाड़ पार करने की पहली घटना इसी साल पहले उत्तरी कश्मीर के माछिल सेक्टर में सामने आई थी. उरी हमले के संदर्भ में सेना ने इस घटना की आतंरिक जांच की और उसने उरी के ब्रिगेड कमांडर के सोम शंकर को हटा दिया. प्राथमिक जांच से पता चला है कि आतंकवादी हमला करने से कम से कम एक दिन पहले इलाके में आ गए थे. समयबद्ध तरीके से सेना की यह जांच पूरी होगी और इसमें भविष्य में ऐसे हमलों को रोकने के उपाय भी सुझाए जाएंगे. पाकिस्तान स्थित आतंकवादी अब इस तरह घुसपैठ कर रहे हैं कि वे नियंत्रण रेखा को पार करने के बाद प्रथम उपलब्ध सैन्य शिविर या सुरक्षा प्रतिष्ठानों को निशाना बना सकें. जांच के दौरान यह बात सामने आई कि उच्च चौकसी वाले इस प्रतिष्ठान की बाड़ को एक जगह काटकर आतंकवादी शिविर के अंदर घुसे थे. सूत्रों के अनुसार इस बात के भी संकेत मिले हैं कि आतंकवादियों को नियंत्रण रेखा के समीप स्थित इस सैन्य शिविर का नक्शा अच्छी तरह मालूम था, शायद यही कारण है कि उन्होंने रसोईघर और भंडारगृह को बाहर से बंद कर दिया ताकि उनमें मौजूद सैनिक आग लगाए जाने से पहले वहां से निकल नहीं पाएं.टिप्पणियां जांचकर्ताओं ने यह भी बताया कि चारों आतंकवादी 16-17 सितंबर की दरम्यानी रात को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) से घुसे होंगे ओर वे सखदर गांव में ठहरे होंगे जहां से ब्रिगेड मुख्यालय नजर आता है. सुखदर गांव ऐसे स्थान पर स्थित है जहां से निर्बाध ढंग से न केवल सैन्य शिविर नजर आता है बल्कि उसके अंदर सैन्यकर्मियों की गतिविधियां भी दिखती हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि जब चारों आतंकवादी भारत में घुस आए तब उन्होंने पहले आतंकवादी द्वारा लाई गई सीढ़ी अपने दो गाइडों मोहम्मद कबीर अवान और बशारत को वापस सौंप दी जो उनके साथ नियंत्रण रेखा तक आए थे ताकि किसी को कुछ पता नहीं चले. सेना गोहलान और समीप के जबलाह गांव में जांच कर रही है क्योंकि उसे संदेह है कि आतंकवादियों ने 18 सितंबर को दुर्दांत हमला करने से एक दिन पहले इन्हीं गांवों में शरण ली होगी. इन आतंकवादियों के हमले में 19 सैनिक शहीद हो गए थे और सेना के भारी मात्रा में हथियार एवं गोलाबारूद नष्ट हो गए थे.  आतंकवादियों द्वारा सीढ़ी का इस्तेमाल कर बाड़ पार करने की पहली घटना इसी साल पहले उत्तरी कश्मीर के माछिल सेक्टर में सामने आई थी. उरी हमले के संदर्भ में सेना ने इस घटना की आतंरिक जांच की और उसने उरी के ब्रिगेड कमांडर के सोम शंकर को हटा दिया. प्राथमिक जांच से पता चला है कि आतंकवादी हमला करने से कम से कम एक दिन पहले इलाके में आ गए थे. समयबद्ध तरीके से सेना की यह जांच पूरी होगी और इसमें भविष्य में ऐसे हमलों को रोकने के उपाय भी सुझाए जाएंगे. पाकिस्तान स्थित आतंकवादी अब इस तरह घुसपैठ कर रहे हैं कि वे नियंत्रण रेखा को पार करने के बाद प्रथम उपलब्ध सैन्य शिविर या सुरक्षा प्रतिष्ठानों को निशाना बना सकें. जांच के दौरान यह बात सामने आई कि उच्च चौकसी वाले इस प्रतिष्ठान की बाड़ को एक जगह काटकर आतंकवादी शिविर के अंदर घुसे थे. सूत्रों के अनुसार इस बात के भी संकेत मिले हैं कि आतंकवादियों को नियंत्रण रेखा के समीप स्थित इस सैन्य शिविर का नक्शा अच्छी तरह मालूम था, शायद यही कारण है कि उन्होंने रसोईघर और भंडारगृह को बाहर से बंद कर दिया ताकि उनमें मौजूद सैनिक आग लगाए जाने से पहले वहां से निकल नहीं पाएं.टिप्पणियां जांचकर्ताओं ने यह भी बताया कि चारों आतंकवादी 16-17 सितंबर की दरम्यानी रात को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) से घुसे होंगे ओर वे सखदर गांव में ठहरे होंगे जहां से ब्रिगेड मुख्यालय नजर आता है. सुखदर गांव ऐसे स्थान पर स्थित है जहां से निर्बाध ढंग से न केवल सैन्य शिविर नजर आता है बल्कि उसके अंदर सैन्यकर्मियों की गतिविधियां भी दिखती हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) आतंकवादियों द्वारा सीढ़ी का इस्तेमाल कर बाड़ पार करने की पहली घटना इसी साल पहले उत्तरी कश्मीर के माछिल सेक्टर में सामने आई थी. उरी हमले के संदर्भ में सेना ने इस घटना की आतंरिक जांच की और उसने उरी के ब्रिगेड कमांडर के सोम शंकर को हटा दिया. प्राथमिक जांच से पता चला है कि आतंकवादी हमला करने से कम से कम एक दिन पहले इलाके में आ गए थे. समयबद्ध तरीके से सेना की यह जांच पूरी होगी और इसमें भविष्य में ऐसे हमलों को रोकने के उपाय भी सुझाए जाएंगे. पाकिस्तान स्थित आतंकवादी अब इस तरह घुसपैठ कर रहे हैं कि वे नियंत्रण रेखा को पार करने के बाद प्रथम उपलब्ध सैन्य शिविर या सुरक्षा प्रतिष्ठानों को निशाना बना सकें. जांच के दौरान यह बात सामने आई कि उच्च चौकसी वाले इस प्रतिष्ठान की बाड़ को एक जगह काटकर आतंकवादी शिविर के अंदर घुसे थे. सूत्रों के अनुसार इस बात के भी संकेत मिले हैं कि आतंकवादियों को नियंत्रण रेखा के समीप स्थित इस सैन्य शिविर का नक्शा अच्छी तरह मालूम था, शायद यही कारण है कि उन्होंने रसोईघर और भंडारगृह को बाहर से बंद कर दिया ताकि उनमें मौजूद सैनिक आग लगाए जाने से पहले वहां से निकल नहीं पाएं.टिप्पणियां जांचकर्ताओं ने यह भी बताया कि चारों आतंकवादी 16-17 सितंबर की दरम्यानी रात को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) से घुसे होंगे ओर वे सखदर गांव में ठहरे होंगे जहां से ब्रिगेड मुख्यालय नजर आता है. सुखदर गांव ऐसे स्थान पर स्थित है जहां से निर्बाध ढंग से न केवल सैन्य शिविर नजर आता है बल्कि उसके अंदर सैन्यकर्मियों की गतिविधियां भी दिखती हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) समयबद्ध तरीके से सेना की यह जांच पूरी होगी और इसमें भविष्य में ऐसे हमलों को रोकने के उपाय भी सुझाए जाएंगे. पाकिस्तान स्थित आतंकवादी अब इस तरह घुसपैठ कर रहे हैं कि वे नियंत्रण रेखा को पार करने के बाद प्रथम उपलब्ध सैन्य शिविर या सुरक्षा प्रतिष्ठानों को निशाना बना सकें. जांच के दौरान यह बात सामने आई कि उच्च चौकसी वाले इस प्रतिष्ठान की बाड़ को एक जगह काटकर आतंकवादी शिविर के अंदर घुसे थे. सूत्रों के अनुसार इस बात के भी संकेत मिले हैं कि आतंकवादियों को नियंत्रण रेखा के समीप स्थित इस सैन्य शिविर का नक्शा अच्छी तरह मालूम था, शायद यही कारण है कि उन्होंने रसोईघर और भंडारगृह को बाहर से बंद कर दिया ताकि उनमें मौजूद सैनिक आग लगाए जाने से पहले वहां से निकल नहीं पाएं.टिप्पणियां जांचकर्ताओं ने यह भी बताया कि चारों आतंकवादी 16-17 सितंबर की दरम्यानी रात को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) से घुसे होंगे ओर वे सखदर गांव में ठहरे होंगे जहां से ब्रिगेड मुख्यालय नजर आता है. सुखदर गांव ऐसे स्थान पर स्थित है जहां से निर्बाध ढंग से न केवल सैन्य शिविर नजर आता है बल्कि उसके अंदर सैन्यकर्मियों की गतिविधियां भी दिखती हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सूत्रों के अनुसार इस बात के भी संकेत मिले हैं कि आतंकवादियों को नियंत्रण रेखा के समीप स्थित इस सैन्य शिविर का नक्शा अच्छी तरह मालूम था, शायद यही कारण है कि उन्होंने रसोईघर और भंडारगृह को बाहर से बंद कर दिया ताकि उनमें मौजूद सैनिक आग लगाए जाने से पहले वहां से निकल नहीं पाएं.टिप्पणियां जांचकर्ताओं ने यह भी बताया कि चारों आतंकवादी 16-17 सितंबर की दरम्यानी रात को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) से घुसे होंगे ओर वे सखदर गांव में ठहरे होंगे जहां से ब्रिगेड मुख्यालय नजर आता है. सुखदर गांव ऐसे स्थान पर स्थित है जहां से निर्बाध ढंग से न केवल सैन्य शिविर नजर आता है बल्कि उसके अंदर सैन्यकर्मियों की गतिविधियां भी दिखती हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) जांचकर्ताओं ने यह भी बताया कि चारों आतंकवादी 16-17 सितंबर की दरम्यानी रात को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) से घुसे होंगे ओर वे सखदर गांव में ठहरे होंगे जहां से ब्रिगेड मुख्यालय नजर आता है. सुखदर गांव ऐसे स्थान पर स्थित है जहां से निर्बाध ढंग से न केवल सैन्य शिविर नजर आता है बल्कि उसके अंदर सैन्यकर्मियों की गतिविधियां भी दिखती हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह एक सारांश है: सेना ने चारों आतंकवादियों के घुसपैठ के रास्ते की पहचान के लिए जांच की सलामाबाद नाले के समीप सीढ़ियों का इस्तेमाल किया गया था दो सीढ़ियां ऊपरगामी पैदल पारपथ की तरह जोड़ दी गई थीं
16
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: Skin Care Tips: चेहरे पर हैं दाग या डार्क सर्कल तो आलू कर सकता है कमाल! जानें आलू के फायदे त्वचा को नई चमक दे सकता है संतरा, पढ़ें संतरे के फायदे, जानें फेसमास्क बनाने का तरीका Skin Care Tips: हल्दी से तैयार करें नैचुरल फेस मास्क और घर पर ही पाएं पॉर्लर जैसा निखार सामग्री - Ingredients नींबू का जूस एक चम्मच शहद Skin Care During Monsoon: मानसून में कैसे रखें त्वचा का ख्याल, जानें एक्सर्पट नम्रता सोनी से खजूर के 10 फायदे, हड्डियां होंगी मजबूत, त्वचा बनेगी खूबसूरत और उतरेगा हैंगओवर नोट: अपने आहार में किसी भी तरह का बदलाव बिना डॉक्टर की सलाह के न करें. और खबरों के लिए क्लिक करें इन्हें भी पढ़ें डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद है पपीता, जानें कैसे करता है मदद Skincare Tips: विटामिन सी वाले 5 ड्रिंक, जो देंगे ग्लोइंग स्किन Urad Dal For Skin: उड़द से बने ये 5 फेस पैक करेंगे जादू की तरह काम... हाई ब्लड प्रेशर को काबू में रखने में मदद करता है एवोकाडो, जानें इसके कई फायदें... Skin Care Tips In Hindi: इन 5 तरीकों से चेहरे पर गजब का निखार लाएगी मसूर दाल Skin Care Tips: रोज लें शहद और आंवला जूस, मिलेगी Flawless Skin Skincare Tips: त्वचा की देखभाल कैसे करें, स्किन केयर के 7 टिप्स और घरेलू उपाय क्या हैं नारियल पानी पीने के फायदे और नुकसान...
संक्षिप्त पाठ: ज्यादा तेलीय चीजों के सेवन हो सकते हैं पिम्पल. पिम्पल से बचने के जानिए घरेलू उपाय. क्या खाने से हो सकते हैं चेहरे पर पिम्पल.
22
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कृषि मंत्री शरद पवार ने आज कहा कि 2013-14 विपणन वर्ष में चीनी उत्पादन इस साल के 2.45 करोड़ टन के स्तर से अधिक रह सकता है। उन्होंने कहा कि बेहतर मानसून की वजह चीनी उत्पादन बढ़ेगा। विश्व के दूसरे सबसे बड़े चीनी उत्पादक भारत में 2012.13 विपणन वर्ष (अक्तूबर-सितंबर) में चीनी उत्पादन 2.45 करोड़ टन रहने का अनुमान है।टिप्पणियां यहां पूसा परिसर में हरित क्रांति के जनक नारमन बोरलाग की प्रतिमा का अनावरण करने के बाद संवाददाताओं से बातचीत में पवार ने कहा, गन्ने का उत्पादन लगभग पिछले साल के स्तर पर रहने की संभावना है, लेकिन बेहतर बारिश के चलते चीनी उत्पादन अधिक रहेगा। उन्होंने कहा कि गन्ना उत्पादक राज्यों में बेहतर बारिश से फसल अच्छी रहने की संभावना बढ़ गई है और फसल पिछले साल के मुकाबले बेहतर रह सकती है। पिछले सप्ताह तक, किसानों ने 48.5 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गन्ना लगाया है, जबकि बीते साल की इसी अवधि में 50 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गन्ना लगाया गया था। अन्य खरीफ फसलों पर पवार ने कहा कि दलहनों, तिलहनों, मोटे अनाज और कपास का रकबा अभी तक पिछले साल की तुलना में अधिक है। यह पूछे जाने पर कि क्या अत्यधिक बारिश से फसल खराब हुई है, उन्होंने कहा, यह उस स्थिति पर नहीं पहुंची है। विश्व के दूसरे सबसे बड़े चीनी उत्पादक भारत में 2012.13 विपणन वर्ष (अक्तूबर-सितंबर) में चीनी उत्पादन 2.45 करोड़ टन रहने का अनुमान है।टिप्पणियां यहां पूसा परिसर में हरित क्रांति के जनक नारमन बोरलाग की प्रतिमा का अनावरण करने के बाद संवाददाताओं से बातचीत में पवार ने कहा, गन्ने का उत्पादन लगभग पिछले साल के स्तर पर रहने की संभावना है, लेकिन बेहतर बारिश के चलते चीनी उत्पादन अधिक रहेगा। उन्होंने कहा कि गन्ना उत्पादक राज्यों में बेहतर बारिश से फसल अच्छी रहने की संभावना बढ़ गई है और फसल पिछले साल के मुकाबले बेहतर रह सकती है। पिछले सप्ताह तक, किसानों ने 48.5 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गन्ना लगाया है, जबकि बीते साल की इसी अवधि में 50 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गन्ना लगाया गया था। अन्य खरीफ फसलों पर पवार ने कहा कि दलहनों, तिलहनों, मोटे अनाज और कपास का रकबा अभी तक पिछले साल की तुलना में अधिक है। यह पूछे जाने पर कि क्या अत्यधिक बारिश से फसल खराब हुई है, उन्होंने कहा, यह उस स्थिति पर नहीं पहुंची है। यहां पूसा परिसर में हरित क्रांति के जनक नारमन बोरलाग की प्रतिमा का अनावरण करने के बाद संवाददाताओं से बातचीत में पवार ने कहा, गन्ने का उत्पादन लगभग पिछले साल के स्तर पर रहने की संभावना है, लेकिन बेहतर बारिश के चलते चीनी उत्पादन अधिक रहेगा। उन्होंने कहा कि गन्ना उत्पादक राज्यों में बेहतर बारिश से फसल अच्छी रहने की संभावना बढ़ गई है और फसल पिछले साल के मुकाबले बेहतर रह सकती है। पिछले सप्ताह तक, किसानों ने 48.5 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गन्ना लगाया है, जबकि बीते साल की इसी अवधि में 50 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गन्ना लगाया गया था। अन्य खरीफ फसलों पर पवार ने कहा कि दलहनों, तिलहनों, मोटे अनाज और कपास का रकबा अभी तक पिछले साल की तुलना में अधिक है। यह पूछे जाने पर कि क्या अत्यधिक बारिश से फसल खराब हुई है, उन्होंने कहा, यह उस स्थिति पर नहीं पहुंची है। अन्य खरीफ फसलों पर पवार ने कहा कि दलहनों, तिलहनों, मोटे अनाज और कपास का रकबा अभी तक पिछले साल की तुलना में अधिक है। यह पूछे जाने पर कि क्या अत्यधिक बारिश से फसल खराब हुई है, उन्होंने कहा, यह उस स्थिति पर नहीं पहुंची है।
संक्षिप्त सारांश: कृषि मंत्री शरद पवार ने आज कहा कि 2013-14 विपणन वर्ष में चीनी उत्पादन इस साल के 2.45 करोड़ टन के स्तर से अधिक रह सकता है। उन्होंने कहा कि बेहतर मानसून की वजह चीनी उत्पादन बढ़ेगा।
23
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: खाद्य सुरक्षा विधेयक के बाद संसद ने बुधवार को यूपीए सरकार के एक और महत्वाकांक्षी जमीन अधिग्रहण बिल को मंजूरी दे दी, जो 119 साल पुराने कानून की जगह लेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि अब किसानों की भूमि का जबरदस्ती अधिग्रहण नहीं किया जा सकेगा। विधेयक में ग्रामीण इलाकों में जमीन के बाजार मूल्य का चार गुणा और शहरी इलाकों में दो गुणा मुआवजा देने का प्रावधान है। राज्यसभा ने 'भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार विधेयक 2013' पर बुधवार देर रात अपनी मुहर लगा दी। सदन ने इसे 10 के मुकाबले 131 मतों से मंजूर कर लिया।टिप्पणियां इससे पहले, सदन ने विधेयक पर विपक्ष द्वारा लाए गए विभिन्न संशोधनों को नामंजूर कर दिया। लोकसभा इस विधेयक को पहले ही मंजूरी दे चुकी है। विधेयक पर उच्च सदन में हुई चर्चा का जवाब देते हुए ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने कहा, इस कानून के बन जाने के बाद भूमि का जबरदस्ती अधिग्रहण नहीं किया जा सकेगा और भू स्वामियों को उचित मुआवज़ा मिलेगा। रमेश ने कहा कि यह चुनावी नहीं, बल्कि जरूरी विधेयक है, जिसे तैयार करने में सात साल लगे हैं। उन्होंने कहा कि इसका मसौदा सितंबर, 2011 में तैयार किया गया था और इसे सितंबर, 2011 में ही लोकसभा में लाया गया था। उन्होंने कहा कि विधेयक का मूल सिद्धांत संतुलन है, जिसमें शहरीकरण और औद्योगिकीकरण पर भी विचार किया गया है। विधेयक में ग्रामीण इलाकों में जमीन के बाजार मूल्य का चार गुणा और शहरी इलाकों में दो गुणा मुआवजा देने का प्रावधान है। राज्यसभा ने 'भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार विधेयक 2013' पर बुधवार देर रात अपनी मुहर लगा दी। सदन ने इसे 10 के मुकाबले 131 मतों से मंजूर कर लिया।टिप्पणियां इससे पहले, सदन ने विधेयक पर विपक्ष द्वारा लाए गए विभिन्न संशोधनों को नामंजूर कर दिया। लोकसभा इस विधेयक को पहले ही मंजूरी दे चुकी है। विधेयक पर उच्च सदन में हुई चर्चा का जवाब देते हुए ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने कहा, इस कानून के बन जाने के बाद भूमि का जबरदस्ती अधिग्रहण नहीं किया जा सकेगा और भू स्वामियों को उचित मुआवज़ा मिलेगा। रमेश ने कहा कि यह चुनावी नहीं, बल्कि जरूरी विधेयक है, जिसे तैयार करने में सात साल लगे हैं। उन्होंने कहा कि इसका मसौदा सितंबर, 2011 में तैयार किया गया था और इसे सितंबर, 2011 में ही लोकसभा में लाया गया था। उन्होंने कहा कि विधेयक का मूल सिद्धांत संतुलन है, जिसमें शहरीकरण और औद्योगिकीकरण पर भी विचार किया गया है। इससे पहले, सदन ने विधेयक पर विपक्ष द्वारा लाए गए विभिन्न संशोधनों को नामंजूर कर दिया। लोकसभा इस विधेयक को पहले ही मंजूरी दे चुकी है। विधेयक पर उच्च सदन में हुई चर्चा का जवाब देते हुए ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने कहा, इस कानून के बन जाने के बाद भूमि का जबरदस्ती अधिग्रहण नहीं किया जा सकेगा और भू स्वामियों को उचित मुआवज़ा मिलेगा। रमेश ने कहा कि यह चुनावी नहीं, बल्कि जरूरी विधेयक है, जिसे तैयार करने में सात साल लगे हैं। उन्होंने कहा कि इसका मसौदा सितंबर, 2011 में तैयार किया गया था और इसे सितंबर, 2011 में ही लोकसभा में लाया गया था। उन्होंने कहा कि विधेयक का मूल सिद्धांत संतुलन है, जिसमें शहरीकरण और औद्योगिकीकरण पर भी विचार किया गया है। रमेश ने कहा कि यह चुनावी नहीं, बल्कि जरूरी विधेयक है, जिसे तैयार करने में सात साल लगे हैं। उन्होंने कहा कि इसका मसौदा सितंबर, 2011 में तैयार किया गया था और इसे सितंबर, 2011 में ही लोकसभा में लाया गया था। उन्होंने कहा कि विधेयक का मूल सिद्धांत संतुलन है, जिसमें शहरीकरण और औद्योगिकीकरण पर भी विचार किया गया है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: खाद्य सुरक्षा विधेयक के बाद संसद ने यूपीए सरकार के एक और महत्वाकांक्षी जमीन अधिग्रहण बिल को मंजूरी दे दी, जो 119 साल पुराने कानून की जगह लेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि अब किसानों की भूमि का जबरदस्ती अधिग्रहण नहीं किया जा सके।
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इस पाठ का सारांश बनाओ: केंद्रीय संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री कपिल सिब्बल ने बुधवार को कहा कि 1,700 रुपये वाला प्रतीक्षित टैबलेट स्कूली बच्चों के लिए अगले महीने तक उपलब्ध करा दिया जाएगा। टैबलेट एक तरह का छोटा कम्प्यूटर होता है, जो लैपटॉप से भी छोटा और सुविधाजनक होता है। सिब्बल ने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय खुला विश्वविद्यालय (इग्नू) के एक पुरस्कार वितरण समारोह में कहा कि टैबलेट अक्टूबर तक लांच कर दिया जाएगा, ताकि बच्चे कक्षा की सीमा से बाहर तक पहुंच सकें और शिक्षक सूचना प्रौद्योगिकी के सहारे अधिक ज्ञान हासिल कर सकें। सिब्बल ने यह भी कहा कि 12वीं पंचवर्षीय योजना में राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा अभियान भी शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस अभियान के शुरू करने के बाद ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षण मिलने को लेकर आश्वस्त हुआ जा सकेगा। सिब्बल ने कहा कि सरकार लोक सेवा की इलेक्ट्रॉनिक अदायगी से सम्बंधित एक विधेयक पर भी विचार कर रही है, ताकि उपभोक्ताओं को सभी तरह के बिल इंटरनेट माध्यम से ही भेजा जा सके।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: केंद्रीय संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा कि 1,700 रुपये वाला प्रतीक्षित टैबलेट स्कूली बच्चों के लिए अगले महीने तक उपलब्ध करा दिया जाएगा।
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