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एक सारांश बनाओ: ऋषि कुमार शुक्ला (Rishi Kumar Shukla) को सीबीआई का नया निदेशक (New CBI Chief) तो नियुक्त कर दिया गया है, लेकिन उनका चयन करने वाली तीन सदस्यीय हाई पावर कमेटी में सर्वसम्मति से फैसला नहीं हुआ. जानकारी के मुताबिक नेता विपक्ष और कमेटी के सदस्य मल्लिकार्जुन खड़गे ऋषि कुमार शुक्ला (Rishi Kumar Shukla) के नाम से सहमत नहीं थे. उन्होंने ने असंतुष्टि का पत्र भी दिया था. मल्लिकार्जुन खड़गे ने ऋषि कुमार शुक्ला की सीनियॉरिटी और इंटेग्रिटी पर सवाल उठाये थे. खड़गे का तर्क था कि शुक्ला को एंटी करप्शन मामलों में अनुभव की कमी है. उन्होंने सीबीआई निदेशक की नियुक्ति को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले का हवाला भी दिया. जिसमें कहा गया है कि इस पद पर किसी IPS की नियुक्त Seniority, Integrity और करप्शन के मामलों की जांच के अनुभव के आधार पर होगी. आपको बता दें कि हाई पावर कमेटी की अगुवाई पीएम मोदी कर रहे थे. इसमें मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई, पीएम मोदी और नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे शामिल थे.
गौरतलब है कि ऋषि कुमार शुक्ला (Rishi Kumar Shukla की नियुक्ति दो सालों के लिए की गई है. उन्हें काफी तेज-तर्रार अधिकारी माना जाता है. इससे पहले वे मध्य प्रदेश के डीजीपी समेत अन्य पदों पर भी रह चुके हैं. आपको बता दें कि सीबीआई प्रमुख का पद 10 जनवरी को आलोक वर्मा को इस पद से हटाये जाने के बाद से ही खाली पड़ा था. वर्मा का गुजरात कैडर के आईपीएस अधिकारी राकेश अस्थाना से भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर झगड़ा चल रहा था. वर्मा और अस्थाना दोनों ने एक-दूसरे पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाये थे. वर्मा को सीबीआई निदेशक के पद से हटाए जाने के बाद उन्हें दमकल सेवा, नागरिक रक्षा और होम गार्ड्स का महानिदेशक बनाया गया था. यह सीबीआई प्रमुख की तुलना में कम महत्वपूर्ण पद था. | यहाँ एक सारांश है:नियुक्ति पर सर्वसम्मति से नहीं हुआ फैसला
नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे नहीं थे सहमत
उन्होंने जताई थी कई आपत्तियां | 15 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: देश में किए गए एक सर्वे में एक चौथाई कंपनियों का मानना है कि पिछले पांच साल में प्रबंधकीय स्तर के उनके कर्मचारियों के वेतन या तो स्थिर रहे हैं या फिर इसमें गिरावट दर्ज की गई है। टावर्स वाटसन के ग्लोबल टैलेंट मैनेजमेंट एंड रिवार्डस स्टडी, 2010 के अनुसार लिपिक, प्रशासनिक और अन्य छोटे कर्मचारी (घंटे के आधार पर भुगतान पाने वाले) सबसे अधिक प्रभावित हुए। सर्वे में 25 फीसद कंपनियों ने कहा कि वास्तविक वेतन या तो स्थिर रहा या फिर इसमें गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि पिछले पांच साल में प्रबंधकीय स्तर के कर्मचारियों के वास्तविक वेतन में कमी या स्थिरता का प्रभाव जापानी, अमेरिकी और चीनी कंपनियों में ज्यादा रही। जहां जापानी कंपनियों के मामले में यह 71 फीसद रही वहीं अमेरिकी चीनी कंपनियों के संदर्भ में क्रमश: 59 फीसद और 47 फीसद रहा। अध्ययन में कहा गया है, हालांकि भारत तीव्र आर्थिक वृद्धि दर हासिल करने के मामले में चीन के बाद दूसरा प्रमुख देश लेकिन उच्च मुद्रास्फीति के कारण वास्तविक मजदूरी स्थिर रही या इसमें गिरावट दर्ज की गई। | यहाँ एक सारांश है:एक चौथाई कंपनियों का मानना है कि पिछले पांच साल में प्रबंधकीय स्तर के उनके कर्मचारियों के वेतन या तो स्थिर रहे हैं या फिर इसमें गिरावट आई। | 18 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: उत्तरी जापान में भूकम्प से हुई तबाही के बाद फुकुशिमा दायची परमाणु संयंत्र में परमाणु विकिरण सामान्य से 1,000 गुना ज्यादा दर्ज किया गया है। आशंकाओं के चलते इलाके से 3000 लोगों को हटा लिया गया है। जापान की समाचार एजेंसी 'क्योडो' ने शनिवार सुबह जापान की परमाणु सुरक्षा एजेंसी के हवाले से यह बात कही। समाचार एजेंसी डीपीए के मुताबिक इस बात की आशंका व्यक्त की जा रही है कि अत्यधिक गर्म हो रहे संयंत्र में भारी दबाव की वजह से रेडियोधर्मी विकिरण बाहर फैल सकता है। भूकम्प के कारण संयंत्र को मिलने वाली बिजली और जल आपूर्ति बाधित हो गई है जिससे संयंत्र को ठंडा करने के उपकरण बंद हो गए हैं। जापान के प्रधानमंत्री नाओतो कान ने शनिवार को संयंत्र के आसपास के खाली कराए जाने वाले इलाके का दायरा बढ़ाकर 10 किलोमीटर करने की घोषणा की है। भूकम्प के बाद प्रशासन ने संयंत्र के आस-पास के दो किलोमीटर के दायरे को खाली कराने की घोषणा की थी। अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने कहा है कि अमेरिकी वायुसेना ने जापान के संकटग्रस्त परमाणु संयंत्र के लिए शीत उपकरण भेजे हैं। नाओतो ने हेलीकॉप्टर से आपदाग्रस्त इलाके का दौरा किया। शुक्रवार को उत्तरी जापान में आए 8.9 रिएक्टर तीव्रता के भूकम्प के बाद समुद्र में 10 मीटर ऊंची सुनामी लहरें उठीं जिससे तटीय इलाकों के शहरों में भारी तबाही हुई। जापान में यह अब तक का सबसे तीव्र भूकम्प है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: उत्तरी जापान में भूकम्प से हुई तबाही के बाद फुकुशिमा दायची परमाणु संयंत्र में परमाणु विकिरण सामान्य से 1,000 गुना ज्यादा दर्ज किया गया है। | 32 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: मुंबई के कफ़ परेड इलाक़े में मेकर टावर की 20वीं मंज़िल पर आग लग गई. इस हादसे में दो लोगों की मौत की खबर भी है. बताया जा रहा है कि यह आग बजाज इलेक्ट्रिकल्स के मैनेजिंग डायरेक्टर शेखर बजाज के घर में लगी और फिर पड़ोस का घर भी चपेट में आ गया.
फ़ायर ब्रिगेड की 10 गाड़ियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया. इन फ्लैटों के निवासी ने बताया कि अब वहां पूरी तरह शांति है, लेकि हादसे में दो घर पूरी तरह जलकर तबाह हो गए. उसका कहना है कि उसने दो लोगों की जान बचाई और एक बच्चे को भी वहां से निकाला.टिप्पणियां
फ़िलहाल आग लगने की वजह अभी साफ़ नहीं है. दमकल विभाग के कर्मियों के अनुसार अब तक 11 लोगों को बचा लिया गया है.
इसी बिल्डिंग के एक फ्लैट में रहने वाली लेखिका शोभा डे ने कहा कि हमें सुबह 6.30 बजे घटना के बारे में पता चला, पुलिस और दमकल विभाग ने पूरी स्थिति पर अच्छी तरह से काबू पाया.
फ़ायर ब्रिगेड की 10 गाड़ियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया. इन फ्लैटों के निवासी ने बताया कि अब वहां पूरी तरह शांति है, लेकि हादसे में दो घर पूरी तरह जलकर तबाह हो गए. उसका कहना है कि उसने दो लोगों की जान बचाई और एक बच्चे को भी वहां से निकाला.टिप्पणियां
फ़िलहाल आग लगने की वजह अभी साफ़ नहीं है. दमकल विभाग के कर्मियों के अनुसार अब तक 11 लोगों को बचा लिया गया है.
इसी बिल्डिंग के एक फ्लैट में रहने वाली लेखिका शोभा डे ने कहा कि हमें सुबह 6.30 बजे घटना के बारे में पता चला, पुलिस और दमकल विभाग ने पूरी स्थिति पर अच्छी तरह से काबू पाया.
फ़िलहाल आग लगने की वजह अभी साफ़ नहीं है. दमकल विभाग के कर्मियों के अनुसार अब तक 11 लोगों को बचा लिया गया है.
इसी बिल्डिंग के एक फ्लैट में रहने वाली लेखिका शोभा डे ने कहा कि हमें सुबह 6.30 बजे घटना के बारे में पता चला, पुलिस और दमकल विभाग ने पूरी स्थिति पर अच्छी तरह से काबू पाया.
इसी बिल्डिंग के एक फ्लैट में रहने वाली लेखिका शोभा डे ने कहा कि हमें सुबह 6.30 बजे घटना के बारे में पता चला, पुलिस और दमकल विभाग ने पूरी स्थिति पर अच्छी तरह से काबू पाया. | संक्षिप्त सारांश: टावर की 20वीं मंज़िल पर आग लगी थी
फ़ायर ब्रिगेड की 10 गाड़ियों ने आग पर काबू पाया
फ़िलहाल आग लगने की वजह अभी साफ़ नहीं है | 29 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: मुसलमानों को गुजरात दंगा भूल जाने की सलाह देने वाले पाकिस्तानी इस्लामिक विद्वान ताहिर-उल-कादरी के कथित बयान को लेकर विवाद छिड़ गया है। मुस्लिम संगठनों ने इस पर नाराजगी जताते हुए कादरी की भारत यात्रा का विरोध किया है।
जमीयत-उल-उलेमा तथा अन्य मुस्लिम संगठनों के विरोध को देखते हुए पुलिस ने मंगलवार को यहां के पांच दिवसीय दौरे पर पहुंचे कादरी की सुरक्षा बढ़ा दी।
पाकिस्तान के विवादास्पद विद्वान ने पिछले सप्ताह गुजरात के वडोदरा में 25 फरवरी को एक सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कथित तौर पर भारतीय मुसलमानों को सलाह दी थी कि वे गोधरा के बाद हुए दंगों को भूलकर आगे बढ़ें। उन्होंने खुद को सुरक्षा मुहैया कराने के लिए गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद भी दिया।
पाकिस्तान में कादरी को जान का खतरा है, जिसके कारण वे अधिकतर पश्चिमी देशों में रहते हैं। वह मार्च तक भारत के दौरे पर हैं। इस दौरान वह अजमेर, मुम्बई, रायपुर तथा बेंगलुरू में कई धार्मिक सम्मेलनों को भी सम्बोधित करेंगे। टिप्पणियां
कादरी की भारत यात्रा को लेकर उर्दू के समाचार पत्रों के विचार बंटे हुए हैं। उर्दू समाचार-पत्रों के एक समूह ने जहां कादरी के बयान की निंदा करने वाले मौलाना नसीरुद्दीन और जमीयत-उल-उलेमा के कई नेताओं के बयान प्रकाशित किए हैं, वहीं कुछ ने कादरी की यात्रा का स्वागत किया है।
समाचार पत्र 'मजलिस इत्तेहादुल मुस्लिमीन' में कादरी का स्वागत करने वाले कई विज्ञापन एवं बयान हैं। जमीयत-उल-उलेमा के नेताओं ने कादरी पर पश्चिम की भाषा बोलने का आरोप लगाया है।
जमीयत-उल-उलेमा तथा अन्य मुस्लिम संगठनों के विरोध को देखते हुए पुलिस ने मंगलवार को यहां के पांच दिवसीय दौरे पर पहुंचे कादरी की सुरक्षा बढ़ा दी।
पाकिस्तान के विवादास्पद विद्वान ने पिछले सप्ताह गुजरात के वडोदरा में 25 फरवरी को एक सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कथित तौर पर भारतीय मुसलमानों को सलाह दी थी कि वे गोधरा के बाद हुए दंगों को भूलकर आगे बढ़ें। उन्होंने खुद को सुरक्षा मुहैया कराने के लिए गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद भी दिया।
पाकिस्तान में कादरी को जान का खतरा है, जिसके कारण वे अधिकतर पश्चिमी देशों में रहते हैं। वह मार्च तक भारत के दौरे पर हैं। इस दौरान वह अजमेर, मुम्बई, रायपुर तथा बेंगलुरू में कई धार्मिक सम्मेलनों को भी सम्बोधित करेंगे। टिप्पणियां
कादरी की भारत यात्रा को लेकर उर्दू के समाचार पत्रों के विचार बंटे हुए हैं। उर्दू समाचार-पत्रों के एक समूह ने जहां कादरी के बयान की निंदा करने वाले मौलाना नसीरुद्दीन और जमीयत-उल-उलेमा के कई नेताओं के बयान प्रकाशित किए हैं, वहीं कुछ ने कादरी की यात्रा का स्वागत किया है।
समाचार पत्र 'मजलिस इत्तेहादुल मुस्लिमीन' में कादरी का स्वागत करने वाले कई विज्ञापन एवं बयान हैं। जमीयत-उल-उलेमा के नेताओं ने कादरी पर पश्चिम की भाषा बोलने का आरोप लगाया है।
पाकिस्तान के विवादास्पद विद्वान ने पिछले सप्ताह गुजरात के वडोदरा में 25 फरवरी को एक सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कथित तौर पर भारतीय मुसलमानों को सलाह दी थी कि वे गोधरा के बाद हुए दंगों को भूलकर आगे बढ़ें। उन्होंने खुद को सुरक्षा मुहैया कराने के लिए गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद भी दिया।
पाकिस्तान में कादरी को जान का खतरा है, जिसके कारण वे अधिकतर पश्चिमी देशों में रहते हैं। वह मार्च तक भारत के दौरे पर हैं। इस दौरान वह अजमेर, मुम्बई, रायपुर तथा बेंगलुरू में कई धार्मिक सम्मेलनों को भी सम्बोधित करेंगे। टिप्पणियां
कादरी की भारत यात्रा को लेकर उर्दू के समाचार पत्रों के विचार बंटे हुए हैं। उर्दू समाचार-पत्रों के एक समूह ने जहां कादरी के बयान की निंदा करने वाले मौलाना नसीरुद्दीन और जमीयत-उल-उलेमा के कई नेताओं के बयान प्रकाशित किए हैं, वहीं कुछ ने कादरी की यात्रा का स्वागत किया है।
समाचार पत्र 'मजलिस इत्तेहादुल मुस्लिमीन' में कादरी का स्वागत करने वाले कई विज्ञापन एवं बयान हैं। जमीयत-उल-उलेमा के नेताओं ने कादरी पर पश्चिम की भाषा बोलने का आरोप लगाया है।
पाकिस्तान में कादरी को जान का खतरा है, जिसके कारण वे अधिकतर पश्चिमी देशों में रहते हैं। वह मार्च तक भारत के दौरे पर हैं। इस दौरान वह अजमेर, मुम्बई, रायपुर तथा बेंगलुरू में कई धार्मिक सम्मेलनों को भी सम्बोधित करेंगे। टिप्पणियां
कादरी की भारत यात्रा को लेकर उर्दू के समाचार पत्रों के विचार बंटे हुए हैं। उर्दू समाचार-पत्रों के एक समूह ने जहां कादरी के बयान की निंदा करने वाले मौलाना नसीरुद्दीन और जमीयत-उल-उलेमा के कई नेताओं के बयान प्रकाशित किए हैं, वहीं कुछ ने कादरी की यात्रा का स्वागत किया है।
समाचार पत्र 'मजलिस इत्तेहादुल मुस्लिमीन' में कादरी का स्वागत करने वाले कई विज्ञापन एवं बयान हैं। जमीयत-उल-उलेमा के नेताओं ने कादरी पर पश्चिम की भाषा बोलने का आरोप लगाया है।
कादरी की भारत यात्रा को लेकर उर्दू के समाचार पत्रों के विचार बंटे हुए हैं। उर्दू समाचार-पत्रों के एक समूह ने जहां कादरी के बयान की निंदा करने वाले मौलाना नसीरुद्दीन और जमीयत-उल-उलेमा के कई नेताओं के बयान प्रकाशित किए हैं, वहीं कुछ ने कादरी की यात्रा का स्वागत किया है।
समाचार पत्र 'मजलिस इत्तेहादुल मुस्लिमीन' में कादरी का स्वागत करने वाले कई विज्ञापन एवं बयान हैं। जमीयत-उल-उलेमा के नेताओं ने कादरी पर पश्चिम की भाषा बोलने का आरोप लगाया है।
समाचार पत्र 'मजलिस इत्तेहादुल मुस्लिमीन' में कादरी का स्वागत करने वाले कई विज्ञापन एवं बयान हैं। जमीयत-उल-उलेमा के नेताओं ने कादरी पर पश्चिम की भाषा बोलने का आरोप लगाया है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: मुसलमानों को गुजरात दंगा भूल जाने की सलाह देने वाले पाकिस्तानी इस्लामिक विद्वान ताहिर-उल-कादरी के कथित बयान को लेकर विवाद छिड़ गया है। | 25 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: असम में तैयार हो रहे नागरिकता रजिस्टर पर अब बीजेपी को ही भरोसा नहीं है. केंद्र और राज्य सरकारें चाहती थीं कि एनआरसी अपनी ड्राफ़्ट लिस्ट में कम के कम 20 फ़ीसदी नामों की फिर से जांच करे. सुप्रीम कोर्ट ने इसे ख़ारिज कर दिया है. उसने एनआरसी पर भरोसा किया है जिसका दावा है कि 27 फ़ीसदी नामों की फिर से जांच की गई है. बीजेपी कहती है, बिना पूरी जांच के एनआरसी बांग्लादेशी मुक्त नहीं होगी.
असम में सचेतन नागरिक मंच के अध्यक्ष चंदन भट्टाचार्जी असम में तैयार किए जा रहे नागरिकता रजिस्टर को लेकर चिंतित हैं. 31 अगस्त तक ये लिस्ट पूरी हो जानी है. चंदन के संगठन ने पिछले साल 25 लाख लोगों के दस्तख़त के साथ ये शिकायत राष्ट्रपति से की कि ड्राफ्ट में बांग्लादेशियों को शामिल किया जा रहा है. सूत्रों के मुताबिक इसी मेमोरंडम के आधार पर सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अर्ज़ी दी थी कि सूची के 20% नामों की फिर से जांच हो. लेकिन ऑल असम माइनॉरिटी यूनियन इसे एनआरसी को और लटकाने के बहाने के तौर पर देख रही है. वो भी सुप्रीम कोर्ट में इस केस में पक्षकार है.
वहीं, बीजेपी ने इसको लेकर सीधे एनआरसी संयोजक प्रतीक हजेला पर हमला बोला है. उनकी नीयत पर संदेह किया है. उसके मुताबिक 20 फ़ीसदी जांच की मांग जायज़ है. इसके बिना लिस्ट बांग्लादेशी मुक्त नहीं हो पाएगी. अदालत ने एनआरसी के अधिकारियों की रिपोर्ट को माना है कि ड्राफ्ट लिस्ट में आए 2.89 करोड़ लोगों में 27 फ़ीसदी लोगों को फिर से जांच हो चुकी है.
बता दें, जो 40 लाख लोग एनआरसी के पहले ड्राफ्ट से बाहर रह गए, वो 16.2 लाख परिवारों से आते हैं. इनमें 36 लाख लोगों की भी फिर से जांच की गई जो 15 लाख परिवारों से आते हैं, और उन्होंने ड्राफ्ट में शामिल होने की दावेदारी की थी. 2 लाख परिवारों को शामिल किए जाने पर की जाने वाली आपत्ति की भी जांच कर ली गई है. इसके लिए फैमिली ट्री का सहारा लिया गया है जिसमें कई परिवारों की जांच हुई है. इस तरह 17 लाख परिवारों की फिर से जांच हो गई है जो एनआरसी के मुताबिक 35 लाख लोग हैं.
बता दें, बीते साल सुप्रीम कोर्ट ने 10 फ़ीसदी की जांच अनिवार्य की थी और यही वजह है कि एनआरसी ने जब कहा कि 27 फ़ीसदी की फिर से जांच हो चुकी है तो सुप्रीम कोर्ट ने सरकार की अर्ज़ी नहीं मानी. वैसे भी कई तरह की अफ़वाहें चल रही हैं जिनमें ये भी कहा जा रहा है कि सरकार एनआरसी पूरा करना ही नहीं चाहती.
जहां एनआरसी के अधिकारियों को आखिरी लिस्ट के क्वालिटी चेक के लिए और समय मिल गया है, यह देखने वाली बात होगी कि बीजेपी नेतृत्व वाली राज्य और केंद्र सरकार आगे क्या करती है? | यहाँ एक सारांश है:एनआरसी पर राजनीति
31 अगस्त तक ये लिस्ट पूरी हो जानी है
बीजेपी ने बोला एनआरसी संयोजक पर हमला | 12 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: रायसीना डायलॉग में बोलते हुए विदेश सचिव एस जयशंकर ने कहा है कि अपनी संप्रभुता के मामले में चीन बहुत संवेदनशील रहता है, लेकिन दूसरे देशों की चिंताओं पर ध्यान नहीं देता. एक सवाल का जवाब देते हुए जयशंकर ने कहा कि चीन पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर की योजना और निर्माण बिना भारत की सहमति के उस भारतीय ज़मीन पर किया गया, जो अवैध तरीके से पाकिस्तान के कब्ज़े में है. चीन को दूसरे देशों की चिंताओं के लिए भी संवेदनशील होना चाहिए.टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि कि भविष्य में भारत और चीन की कई साझा ज़रूरतें होंगी और खासकर एशिया में सबको साथ लेकर चलना ज़रूरी होगा. विदेश सचिव जयशंकर ने कहा कि आतंक दुनिया के लिए सबसे बड़े खतरों में से एक है और बहुत ज़रूरी है कि ताकतवर और प्रभावशाली इससे लड़ने को सबसे अहम ज़रूरत समझें. उन्होंने कहा कि दुनिया के हालात बहुत उलझे हुए हैं और इससे निबटने के लिए पारदर्शिता और खुले दिमाग की ज़रूरत होगी. उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में तत्काल सुधार की वकालत की.
सार्क की असफलता पर बिना नाम लिए जयशंकर ने पाकिस्तान पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि सिर्फ एक देश की असुरक्षा की भावना के कारण सार्क की ये हालत हुई और इसलिए भारत अब बाकी गुटों ( groupings) के ज़रिए काम करने की कोशिश कर रहा है.
उन्होंने कहा कि कि भविष्य में भारत और चीन की कई साझा ज़रूरतें होंगी और खासकर एशिया में सबको साथ लेकर चलना ज़रूरी होगा. विदेश सचिव जयशंकर ने कहा कि आतंक दुनिया के लिए सबसे बड़े खतरों में से एक है और बहुत ज़रूरी है कि ताकतवर और प्रभावशाली इससे लड़ने को सबसे अहम ज़रूरत समझें. उन्होंने कहा कि दुनिया के हालात बहुत उलझे हुए हैं और इससे निबटने के लिए पारदर्शिता और खुले दिमाग की ज़रूरत होगी. उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में तत्काल सुधार की वकालत की.
सार्क की असफलता पर बिना नाम लिए जयशंकर ने पाकिस्तान पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि सिर्फ एक देश की असुरक्षा की भावना के कारण सार्क की ये हालत हुई और इसलिए भारत अब बाकी गुटों ( groupings) के ज़रिए काम करने की कोशिश कर रहा है.
सार्क की असफलता पर बिना नाम लिए जयशंकर ने पाकिस्तान पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि सिर्फ एक देश की असुरक्षा की भावना के कारण सार्क की ये हालत हुई और इसलिए भारत अब बाकी गुटों ( groupings) के ज़रिए काम करने की कोशिश कर रहा है. | यह एक सारांश है: अपनी संप्रभुता के मामले में चीन बहुत संवेदनशील रहता है : विदेश सचिव
चीन को दूसरे देशों की चिंताओं के लिए भी संवेदनशील होना चाहिए : एस जयशंकर
उन्होंने कहा कि कि भविष्य में भारत और चीन की कई साझा ज़रूरतें होंगी. | 21 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: इराक में विभिन्न शहरों में करीब एक दर्जन हमलों में कम से कम 32 लोगों की मौत हो गई और दर्जनों लोग घायल हो गए।
हाल के महीनों में इराक में हिंसा की घटनाओं में तेजी से वद्धि हुई है। अप्रैल से करीब 2000 लोग मारे गए हैं।
ज्यादातर कार बमों का हमला शिया बहुसंख्यक इलाकों में हुआ जिनमें 26 लोगों की मौत हो गई। देश के दक्षिण और मध्य हिस्से में आधे दर्जन शहरों में विस्फोट हुए। बहरहाल, किसी भी हमले की जिम्मेदारी किसी संगठन ने नहीं ली है।
पुलिस के मुताबिक कुत में एक औद्योगिक इलाके में सुबह हुए कार बम हमले में एक कार को विस्फोट कर उड़ा दिया गया जिसमें तीन लोग मारे गए और 14 अन्य घायल हो गए। इसके बाद शहर में एक निर्माण स्थल पर एक अन्य कार बम विस्फोट हुआ जिसमें दो लोग मारे गए और 12 अन्य घायल हो गए। पुलिस ने बताया कि तेल बहुल क्षेत्र बसरा में भी एक कार बम विस्फोट हुआ। इस घटना में कुल छह लोगों की मौत हो गई।टिप्पणियां
इसके दो घंटे बाद नासीरया शहर में दो कार को विस्फोट कर उड़ा दिया गया जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और 17 अन्य घायल हो गए। महमूदिया और नजफ शहर में भी विस्फोट हुए जहां क्रमश दो तथा आठ लोग मारे गए।
मादैन में एक कार बम विस्फोट में तीन लोगों की मौत हो गई जबकि हिल्ला के पास विस्फोट में एक व्यक्ति की मौत हो गई।
हाल के महीनों में इराक में हिंसा की घटनाओं में तेजी से वद्धि हुई है। अप्रैल से करीब 2000 लोग मारे गए हैं।
ज्यादातर कार बमों का हमला शिया बहुसंख्यक इलाकों में हुआ जिनमें 26 लोगों की मौत हो गई। देश के दक्षिण और मध्य हिस्से में आधे दर्जन शहरों में विस्फोट हुए। बहरहाल, किसी भी हमले की जिम्मेदारी किसी संगठन ने नहीं ली है।
पुलिस के मुताबिक कुत में एक औद्योगिक इलाके में सुबह हुए कार बम हमले में एक कार को विस्फोट कर उड़ा दिया गया जिसमें तीन लोग मारे गए और 14 अन्य घायल हो गए। इसके बाद शहर में एक निर्माण स्थल पर एक अन्य कार बम विस्फोट हुआ जिसमें दो लोग मारे गए और 12 अन्य घायल हो गए। पुलिस ने बताया कि तेल बहुल क्षेत्र बसरा में भी एक कार बम विस्फोट हुआ। इस घटना में कुल छह लोगों की मौत हो गई।टिप्पणियां
इसके दो घंटे बाद नासीरया शहर में दो कार को विस्फोट कर उड़ा दिया गया जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और 17 अन्य घायल हो गए। महमूदिया और नजफ शहर में भी विस्फोट हुए जहां क्रमश दो तथा आठ लोग मारे गए।
मादैन में एक कार बम विस्फोट में तीन लोगों की मौत हो गई जबकि हिल्ला के पास विस्फोट में एक व्यक्ति की मौत हो गई।
ज्यादातर कार बमों का हमला शिया बहुसंख्यक इलाकों में हुआ जिनमें 26 लोगों की मौत हो गई। देश के दक्षिण और मध्य हिस्से में आधे दर्जन शहरों में विस्फोट हुए। बहरहाल, किसी भी हमले की जिम्मेदारी किसी संगठन ने नहीं ली है।
पुलिस के मुताबिक कुत में एक औद्योगिक इलाके में सुबह हुए कार बम हमले में एक कार को विस्फोट कर उड़ा दिया गया जिसमें तीन लोग मारे गए और 14 अन्य घायल हो गए। इसके बाद शहर में एक निर्माण स्थल पर एक अन्य कार बम विस्फोट हुआ जिसमें दो लोग मारे गए और 12 अन्य घायल हो गए। पुलिस ने बताया कि तेल बहुल क्षेत्र बसरा में भी एक कार बम विस्फोट हुआ। इस घटना में कुल छह लोगों की मौत हो गई।टिप्पणियां
इसके दो घंटे बाद नासीरया शहर में दो कार को विस्फोट कर उड़ा दिया गया जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और 17 अन्य घायल हो गए। महमूदिया और नजफ शहर में भी विस्फोट हुए जहां क्रमश दो तथा आठ लोग मारे गए।
मादैन में एक कार बम विस्फोट में तीन लोगों की मौत हो गई जबकि हिल्ला के पास विस्फोट में एक व्यक्ति की मौत हो गई।
पुलिस के मुताबिक कुत में एक औद्योगिक इलाके में सुबह हुए कार बम हमले में एक कार को विस्फोट कर उड़ा दिया गया जिसमें तीन लोग मारे गए और 14 अन्य घायल हो गए। इसके बाद शहर में एक निर्माण स्थल पर एक अन्य कार बम विस्फोट हुआ जिसमें दो लोग मारे गए और 12 अन्य घायल हो गए। पुलिस ने बताया कि तेल बहुल क्षेत्र बसरा में भी एक कार बम विस्फोट हुआ। इस घटना में कुल छह लोगों की मौत हो गई।टिप्पणियां
इसके दो घंटे बाद नासीरया शहर में दो कार को विस्फोट कर उड़ा दिया गया जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और 17 अन्य घायल हो गए। महमूदिया और नजफ शहर में भी विस्फोट हुए जहां क्रमश दो तथा आठ लोग मारे गए।
मादैन में एक कार बम विस्फोट में तीन लोगों की मौत हो गई जबकि हिल्ला के पास विस्फोट में एक व्यक्ति की मौत हो गई।
इसके दो घंटे बाद नासीरया शहर में दो कार को विस्फोट कर उड़ा दिया गया जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और 17 अन्य घायल हो गए। महमूदिया और नजफ शहर में भी विस्फोट हुए जहां क्रमश दो तथा आठ लोग मारे गए।
मादैन में एक कार बम विस्फोट में तीन लोगों की मौत हो गई जबकि हिल्ला के पास विस्फोट में एक व्यक्ति की मौत हो गई।
मादैन में एक कार बम विस्फोट में तीन लोगों की मौत हो गई जबकि हिल्ला के पास विस्फोट में एक व्यक्ति की मौत हो गई। | यहाँ एक सारांश है:इराक में विभिन्न शहरों में करीब एक दर्जन हमलों में कम से कम 32 लोगों की मौत हो गई और दर्जनों लोग घायल हो गए। | 4 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: स्पेन के राफेल नडाल ने हमवतन खिलाड़ी निकोलस अलमार्गो को फ्रेंच ओपन प्रतियोगिता के पुरुषों के एकल स्पर्धा के क्वार्टर फाइनल मुकाबले में पराजित कर सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है वहीं महिलाओं के एकल स्पर्धा में रूस की मारिया शरापोवा ने एस्टोनिया की केया कानेपी को और चेक गणराज्य की पेट्रा क्वि तोवा ने कजाकिस्तान की यारोस्लावा श्वेदोवा को पराजित कर सेमीफाइनल में जगह बना ली है।
फ्रेंच ओपन का खिताब सातवीं बार जीतने का प्रयास कर रहे विश्व के नम्बर दो खिलाड़ी नडाल ने क्वोर्टर फाइनल मुकाबले में अलमार्गो को 7-6 (7-4), 6-2, 6-3 से पराजित किया। पहला सेट ट्राइब्रेकर रहा जिसे नडाल जितने में सफल रहे। उसके बाद उन्होंने आसानी से अलमार्गो को पराजित किया।
महिलाओं की एकल स्पर्धा में शारापोवा ने कानेपी को आसानी से सीधे सेटों में 6-2, 6-3 से पराजित किया और सेमीफाइनल में जगह बनाई। वह इस प्रतियोगिता में तीसरी बार सेमीफाइनल में जगह बनाने में कामयाब हुई है।
दूसरे क्वोर्टर फाइनल मुकाबले में क्वि तोवा ने श्वेदोवा को 3-6, 6-2, 6-4 से पराजित किया। पहला सेट हारने के बाद क्वि तोवा ने शानदार वापसी की और फिर उन्होंने लगातार सेटों में श्वेदोवा को पराजित कर सेमीफाइनल का टिकट पक्का किया।टिप्पणियां
सेमीफाइल में क्वि तोवा और शरापोवा आमने-सामने होंगी।
पुरुषों के युगल मुकाबले में ब्रायन बंधुओं ने जीत दर्ज कर सेमीफाइनल में जगह बनाई तो दूसरे मुकाबले में पाकिस्तान के ऐसाम उल हक कुरैशी ने नीदरलैंड के अपने जोड़ीदार ज्यां जुलियन रोजर के साथ मिलकर माइकल लोड्रा और हरासिओ जेबालोस की जोड़ी को 6-1, 4-6, 6-4 से पराजित किया।
फ्रेंच ओपन का खिताब सातवीं बार जीतने का प्रयास कर रहे विश्व के नम्बर दो खिलाड़ी नडाल ने क्वोर्टर फाइनल मुकाबले में अलमार्गो को 7-6 (7-4), 6-2, 6-3 से पराजित किया। पहला सेट ट्राइब्रेकर रहा जिसे नडाल जितने में सफल रहे। उसके बाद उन्होंने आसानी से अलमार्गो को पराजित किया।
महिलाओं की एकल स्पर्धा में शारापोवा ने कानेपी को आसानी से सीधे सेटों में 6-2, 6-3 से पराजित किया और सेमीफाइनल में जगह बनाई। वह इस प्रतियोगिता में तीसरी बार सेमीफाइनल में जगह बनाने में कामयाब हुई है।
दूसरे क्वोर्टर फाइनल मुकाबले में क्वि तोवा ने श्वेदोवा को 3-6, 6-2, 6-4 से पराजित किया। पहला सेट हारने के बाद क्वि तोवा ने शानदार वापसी की और फिर उन्होंने लगातार सेटों में श्वेदोवा को पराजित कर सेमीफाइनल का टिकट पक्का किया।टिप्पणियां
सेमीफाइल में क्वि तोवा और शरापोवा आमने-सामने होंगी।
पुरुषों के युगल मुकाबले में ब्रायन बंधुओं ने जीत दर्ज कर सेमीफाइनल में जगह बनाई तो दूसरे मुकाबले में पाकिस्तान के ऐसाम उल हक कुरैशी ने नीदरलैंड के अपने जोड़ीदार ज्यां जुलियन रोजर के साथ मिलकर माइकल लोड्रा और हरासिओ जेबालोस की जोड़ी को 6-1, 4-6, 6-4 से पराजित किया।
महिलाओं की एकल स्पर्धा में शारापोवा ने कानेपी को आसानी से सीधे सेटों में 6-2, 6-3 से पराजित किया और सेमीफाइनल में जगह बनाई। वह इस प्रतियोगिता में तीसरी बार सेमीफाइनल में जगह बनाने में कामयाब हुई है।
दूसरे क्वोर्टर फाइनल मुकाबले में क्वि तोवा ने श्वेदोवा को 3-6, 6-2, 6-4 से पराजित किया। पहला सेट हारने के बाद क्वि तोवा ने शानदार वापसी की और फिर उन्होंने लगातार सेटों में श्वेदोवा को पराजित कर सेमीफाइनल का टिकट पक्का किया।टिप्पणियां
सेमीफाइल में क्वि तोवा और शरापोवा आमने-सामने होंगी।
पुरुषों के युगल मुकाबले में ब्रायन बंधुओं ने जीत दर्ज कर सेमीफाइनल में जगह बनाई तो दूसरे मुकाबले में पाकिस्तान के ऐसाम उल हक कुरैशी ने नीदरलैंड के अपने जोड़ीदार ज्यां जुलियन रोजर के साथ मिलकर माइकल लोड्रा और हरासिओ जेबालोस की जोड़ी को 6-1, 4-6, 6-4 से पराजित किया।
दूसरे क्वोर्टर फाइनल मुकाबले में क्वि तोवा ने श्वेदोवा को 3-6, 6-2, 6-4 से पराजित किया। पहला सेट हारने के बाद क्वि तोवा ने शानदार वापसी की और फिर उन्होंने लगातार सेटों में श्वेदोवा को पराजित कर सेमीफाइनल का टिकट पक्का किया।टिप्पणियां
सेमीफाइल में क्वि तोवा और शरापोवा आमने-सामने होंगी।
पुरुषों के युगल मुकाबले में ब्रायन बंधुओं ने जीत दर्ज कर सेमीफाइनल में जगह बनाई तो दूसरे मुकाबले में पाकिस्तान के ऐसाम उल हक कुरैशी ने नीदरलैंड के अपने जोड़ीदार ज्यां जुलियन रोजर के साथ मिलकर माइकल लोड्रा और हरासिओ जेबालोस की जोड़ी को 6-1, 4-6, 6-4 से पराजित किया।
सेमीफाइल में क्वि तोवा और शरापोवा आमने-सामने होंगी।
पुरुषों के युगल मुकाबले में ब्रायन बंधुओं ने जीत दर्ज कर सेमीफाइनल में जगह बनाई तो दूसरे मुकाबले में पाकिस्तान के ऐसाम उल हक कुरैशी ने नीदरलैंड के अपने जोड़ीदार ज्यां जुलियन रोजर के साथ मिलकर माइकल लोड्रा और हरासिओ जेबालोस की जोड़ी को 6-1, 4-6, 6-4 से पराजित किया।
पुरुषों के युगल मुकाबले में ब्रायन बंधुओं ने जीत दर्ज कर सेमीफाइनल में जगह बनाई तो दूसरे मुकाबले में पाकिस्तान के ऐसाम उल हक कुरैशी ने नीदरलैंड के अपने जोड़ीदार ज्यां जुलियन रोजर के साथ मिलकर माइकल लोड्रा और हरासिओ जेबालोस की जोड़ी को 6-1, 4-6, 6-4 से पराजित किया। | स्पेन के राफेल नडाल ने हमवतन निकोलस अलमार्गो को फ्रेंच ओपन के पुरुषों के एकल स्पर्धा के क्वार्टर फाइनल मुकाबले में पराजित कर सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। | 26 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम ने शनिवार को कहा कि राष्ट्रीय आतंकवाद निरोधक केंद्र (एनसीटीसी) के गठन के सिलसिले में अभी कोई फैसला नहीं हो पाया है।
विपक्षी दलों के साथ सरकार के कुछ सहयोगी दलों के मुख्यमंत्रियों द्वारा भी इसके विरोध में मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन में आवाज बुलंद करने के बाद चिदम्बरम का यह बयान आया।
दिनभर चले मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन में सहमति बनाने में असफल रहने के बाद चिदम्बरम ने कहा, "एनसीटीसी पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है। अंतिम फैसला अभी नहीं हुआ है।" उन्होंने कहा कि सभी मुख्यमंत्रियों ने आतंकवाद निरोधक केंद्र की आवश्यकता जताई लेकिन साथ ही प्रस्तावित केंद्र की शक्तियों और उसकी कार्यप्रणाली पर उन्होंने सवाल उठाए।
चिदम्बरम ने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह द्वारा बुलाई गई इस बैठक में सवाल उठाए गए कि राज्य पुलिस को पूर्व सूचना दिए बगैर एनसीटीसी कैसे असाधारण मामलों में भी अभियान चला सकता है। साथ ही यह सवाल भी उठाए गए कि क्यों इस केंद्र को खुफिया ब्यूरो (आईबी) के अधीन रखा जाए। उन्होंने कहा, "हम इसकी समीक्षा करेंगे और फिर सरकार अंतिम निर्णय लेगी।" उन्होंने कहा कि एनएसीटी का विरोध करने वाले मुख्यमंत्रियों से उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में कमियों को सामान्य पुलिस अधिकारियों द्वारा नहीं भरा जा सकता। टिप्पणियां
चिदम्बरम ने कहा, "हम मानते हैं कि एनसीटीसी इस कमी को पूरा कर सकता है। एनसीटीसी नहीं तो कोई दूसरा संस्थान, जिसे शक्तियां प्रदान हों।" उन्होंने कहा, "उनके सभी सुझावों का अध्ययन किया जाएगा। मैं खुले दिमाग से इस सम्मेलन में आया था और खुले दिमाग से यहां से जा रहा हूं।"
यह पूछे जाने पर कि सम्मेलन में कांग्रेसी मुख्यमंत्रियों ने क्या सवाल उठाए, इसके जवाब में उन्होंने कहा कि कांग्रेसी मुख्यमंत्रियों ने सवाल उठाया कि एनसीटीसी आईबी के अधीन क्यों होना चाहिए।
विपक्षी दलों के साथ सरकार के कुछ सहयोगी दलों के मुख्यमंत्रियों द्वारा भी इसके विरोध में मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन में आवाज बुलंद करने के बाद चिदम्बरम का यह बयान आया।
दिनभर चले मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन में सहमति बनाने में असफल रहने के बाद चिदम्बरम ने कहा, "एनसीटीसी पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है। अंतिम फैसला अभी नहीं हुआ है।" उन्होंने कहा कि सभी मुख्यमंत्रियों ने आतंकवाद निरोधक केंद्र की आवश्यकता जताई लेकिन साथ ही प्रस्तावित केंद्र की शक्तियों और उसकी कार्यप्रणाली पर उन्होंने सवाल उठाए।
चिदम्बरम ने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह द्वारा बुलाई गई इस बैठक में सवाल उठाए गए कि राज्य पुलिस को पूर्व सूचना दिए बगैर एनसीटीसी कैसे असाधारण मामलों में भी अभियान चला सकता है। साथ ही यह सवाल भी उठाए गए कि क्यों इस केंद्र को खुफिया ब्यूरो (आईबी) के अधीन रखा जाए। उन्होंने कहा, "हम इसकी समीक्षा करेंगे और फिर सरकार अंतिम निर्णय लेगी।" उन्होंने कहा कि एनएसीटी का विरोध करने वाले मुख्यमंत्रियों से उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में कमियों को सामान्य पुलिस अधिकारियों द्वारा नहीं भरा जा सकता। टिप्पणियां
चिदम्बरम ने कहा, "हम मानते हैं कि एनसीटीसी इस कमी को पूरा कर सकता है। एनसीटीसी नहीं तो कोई दूसरा संस्थान, जिसे शक्तियां प्रदान हों।" उन्होंने कहा, "उनके सभी सुझावों का अध्ययन किया जाएगा। मैं खुले दिमाग से इस सम्मेलन में आया था और खुले दिमाग से यहां से जा रहा हूं।"
यह पूछे जाने पर कि सम्मेलन में कांग्रेसी मुख्यमंत्रियों ने क्या सवाल उठाए, इसके जवाब में उन्होंने कहा कि कांग्रेसी मुख्यमंत्रियों ने सवाल उठाया कि एनसीटीसी आईबी के अधीन क्यों होना चाहिए।
दिनभर चले मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन में सहमति बनाने में असफल रहने के बाद चिदम्बरम ने कहा, "एनसीटीसी पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है। अंतिम फैसला अभी नहीं हुआ है।" उन्होंने कहा कि सभी मुख्यमंत्रियों ने आतंकवाद निरोधक केंद्र की आवश्यकता जताई लेकिन साथ ही प्रस्तावित केंद्र की शक्तियों और उसकी कार्यप्रणाली पर उन्होंने सवाल उठाए।
चिदम्बरम ने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह द्वारा बुलाई गई इस बैठक में सवाल उठाए गए कि राज्य पुलिस को पूर्व सूचना दिए बगैर एनसीटीसी कैसे असाधारण मामलों में भी अभियान चला सकता है। साथ ही यह सवाल भी उठाए गए कि क्यों इस केंद्र को खुफिया ब्यूरो (आईबी) के अधीन रखा जाए। उन्होंने कहा, "हम इसकी समीक्षा करेंगे और फिर सरकार अंतिम निर्णय लेगी।" उन्होंने कहा कि एनएसीटी का विरोध करने वाले मुख्यमंत्रियों से उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में कमियों को सामान्य पुलिस अधिकारियों द्वारा नहीं भरा जा सकता। टिप्पणियां
चिदम्बरम ने कहा, "हम मानते हैं कि एनसीटीसी इस कमी को पूरा कर सकता है। एनसीटीसी नहीं तो कोई दूसरा संस्थान, जिसे शक्तियां प्रदान हों।" उन्होंने कहा, "उनके सभी सुझावों का अध्ययन किया जाएगा। मैं खुले दिमाग से इस सम्मेलन में आया था और खुले दिमाग से यहां से जा रहा हूं।"
यह पूछे जाने पर कि सम्मेलन में कांग्रेसी मुख्यमंत्रियों ने क्या सवाल उठाए, इसके जवाब में उन्होंने कहा कि कांग्रेसी मुख्यमंत्रियों ने सवाल उठाया कि एनसीटीसी आईबी के अधीन क्यों होना चाहिए।
चिदम्बरम ने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह द्वारा बुलाई गई इस बैठक में सवाल उठाए गए कि राज्य पुलिस को पूर्व सूचना दिए बगैर एनसीटीसी कैसे असाधारण मामलों में भी अभियान चला सकता है। साथ ही यह सवाल भी उठाए गए कि क्यों इस केंद्र को खुफिया ब्यूरो (आईबी) के अधीन रखा जाए। उन्होंने कहा, "हम इसकी समीक्षा करेंगे और फिर सरकार अंतिम निर्णय लेगी।" उन्होंने कहा कि एनएसीटी का विरोध करने वाले मुख्यमंत्रियों से उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में कमियों को सामान्य पुलिस अधिकारियों द्वारा नहीं भरा जा सकता। टिप्पणियां
चिदम्बरम ने कहा, "हम मानते हैं कि एनसीटीसी इस कमी को पूरा कर सकता है। एनसीटीसी नहीं तो कोई दूसरा संस्थान, जिसे शक्तियां प्रदान हों।" उन्होंने कहा, "उनके सभी सुझावों का अध्ययन किया जाएगा। मैं खुले दिमाग से इस सम्मेलन में आया था और खुले दिमाग से यहां से जा रहा हूं।"
यह पूछे जाने पर कि सम्मेलन में कांग्रेसी मुख्यमंत्रियों ने क्या सवाल उठाए, इसके जवाब में उन्होंने कहा कि कांग्रेसी मुख्यमंत्रियों ने सवाल उठाया कि एनसीटीसी आईबी के अधीन क्यों होना चाहिए।
चिदम्बरम ने कहा, "हम मानते हैं कि एनसीटीसी इस कमी को पूरा कर सकता है। एनसीटीसी नहीं तो कोई दूसरा संस्थान, जिसे शक्तियां प्रदान हों।" उन्होंने कहा, "उनके सभी सुझावों का अध्ययन किया जाएगा। मैं खुले दिमाग से इस सम्मेलन में आया था और खुले दिमाग से यहां से जा रहा हूं।"
यह पूछे जाने पर कि सम्मेलन में कांग्रेसी मुख्यमंत्रियों ने क्या सवाल उठाए, इसके जवाब में उन्होंने कहा कि कांग्रेसी मुख्यमंत्रियों ने सवाल उठाया कि एनसीटीसी आईबी के अधीन क्यों होना चाहिए।
यह पूछे जाने पर कि सम्मेलन में कांग्रेसी मुख्यमंत्रियों ने क्या सवाल उठाए, इसके जवाब में उन्होंने कहा कि कांग्रेसी मुख्यमंत्रियों ने सवाल उठाया कि एनसीटीसी आईबी के अधीन क्यों होना चाहिए। | केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम ने शनिवार को कहा कि राष्ट्रीय आतंकवाद निरोधक केंद्र (एनसीटीसी) के गठन के सिलसिले में अभी कोई फैसला नहीं हो पाया है। | 6 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: रविवार को यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बंगाल के बालुरघाट में 'गणतंत्र बचाओ रैली' को संबोधित करने वाले थे. लेकिन वह रैली करने के लिए वहां नहीं जाए, क्योंकि रैली स्थल के पास उनके हेलीकॉप्टर को लैंड करने की मंजूरी नहीं दी गई. इसलिए आदित्यनाथ को टेलीफोन के माध्यम से रायगंज और बालुरघाटी की रैलियों को संबोधित करना पड़ा था. उन्होंने राज्य की तृणमूल सरकार को जनविरोधी करार दिया था और कहा था कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के दिन गिनती के रह गये हैं.
इसके साथ ही भाजपा ने बांकुरा में मंगलवार को निर्धारित उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जनसभा सोमवार को यह दावा करते हुए रद्द कर दी कि जिला प्रशासन उनके हेलीकॉप्टर को उतरने के लिए अनुमति देने में टाल-मटोल कर रहा है. प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा, ‘हमने मंगलवार की योगी आदित्यनाथ की बांकुरा रैली रद्द करने का निर्णय लिया है क्योंकि जिला प्रशासन उनके हेलीकॉप्टर को उतरने की अनुमति देने में टाल-मटोल कर रहा है. हम कोई जोखिम नहीं लेना चाहते हैं, इसलिए हमने रद्द कर दिया है.' घोष ने कहा कि लेकिन मंगलवार की आदित्यनाथ की पुरुलिया रैली फिलहाल निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही होगी.
भाजपा ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस पर रविवार को यह कहते हुए प्रहार किया था कि राज्य में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हेलीकॉप्टर को उतरने की अनुमति नहीं देना ‘अलोकतांत्रिक और फासीवादी आचरण' का स्पष्ट उदाहरण है. वरिष्ठ भाजपा नेता और केंद्रीय विधि मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा, ‘यह बहुत ही अफसोसजनक और निंदनीय है तथा ममता जी एवं तृणमूल कांग्रेस के अलोकतांत्रिक रिकार्ड के अनुसार है. यह अलोकतांत्रिक और फासीवादी आचरण का स्पष्ट उदाहरण है. योगी आदित्यनाथ के हेलीकॉप्टर को उतरने से रोकने का एकमात्र कारण (उनकी) घबराहट और भयबोध है क्योंकि बंगालियों के अंदर बदलाव की एक तड़प है.'
उन्होंने कहा, ‘हम चुनाव आयोग से इसका संज्ञान लेने की अपील करेंगे क्योंकि देश के सबसे राज्य (जनसंख्या की लिहाज से) के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ को (पश्चिम बंगाल में) को जनसभाएं नहीं करने दिया गया है.' प्रसाद ने यह भी कहा कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को भी पश्चिम बंगाल में रैली नहीं करने दिया गया और प्रधानमंत्री की रैली में बाधा पहुंचाने की कोशिश की गयी. भाजपा सूत्रों ने बताया कि पार्टी अपने लोकतांत्रिक अधिकारों पर पश्चिम बंगाल सरकार के हमले को एक बड़ा मुद्दा बनाएगी और विभिन्न संस्थानों से संपर्क करेगी. | सारांश: हेलीकॉप्टर लैंडिंग को नहीं मिली थी मंजूरी
भाजपा ने साधा था ममता सरकार पर निशाना
अब भाजपा ने कसा ममता बनर्जी पर तंज | 31 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ आज संयुक्त राष्ट्र जनरल असंबेली में बोलेंगे. नवाज़ शरीफ़ को यूएन में ऐसे वक़्त में बोलना है जब जम्मू कश्मीर के उड़ी में आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान की चौतरफ़ा आलोचना हो रही है और दोनों देशों के बीच तल्ख़ी बढ़ गई है.
नवाज़ शरीफ़ के भाषण में कश्मीर का मुद्दा छाए रहने की उम्मीद है. पाकिस्तान की कोशिश हाल के दिनों में कश्मीर के हालात के लिए भारत को ज़िम्मेदार ठहराने की होगी. पिछले कुछ समय में पाकिस्तान ने यूएन प्लेटफ़ॉर्म पर ज़ोर-शोर से कश्मीर का मुद्दा उठाया है.टिप्पणियां
26 सितंबर को भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज यूएन जनरल असंबेली में बोलेंगी. माना जा रहा है कि नवाज़ के कश्मीर राग का भारत मुंहतोड़ जवाब देगा. पिछले साल यूएन जनरल असेंबली में नवाज़ शरीफ़ ने कश्मीर मुद्दे पर चार सूत्रीय शांति पहल का प्रस्ताव रखा था जिसके जवाब में सुषमा स्वराज ने कहा था कि भारत को चार नहीं सिर्फ़ एक सूत्र चाहिए. पाकिस्तान आतंकवाद छोड़े और बैठकर बात करे.
नवाज़ शरीफ़ के भाषण में कश्मीर का मुद्दा छाए रहने की उम्मीद है. पाकिस्तान की कोशिश हाल के दिनों में कश्मीर के हालात के लिए भारत को ज़िम्मेदार ठहराने की होगी. पिछले कुछ समय में पाकिस्तान ने यूएन प्लेटफ़ॉर्म पर ज़ोर-शोर से कश्मीर का मुद्दा उठाया है.टिप्पणियां
26 सितंबर को भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज यूएन जनरल असंबेली में बोलेंगी. माना जा रहा है कि नवाज़ के कश्मीर राग का भारत मुंहतोड़ जवाब देगा. पिछले साल यूएन जनरल असेंबली में नवाज़ शरीफ़ ने कश्मीर मुद्दे पर चार सूत्रीय शांति पहल का प्रस्ताव रखा था जिसके जवाब में सुषमा स्वराज ने कहा था कि भारत को चार नहीं सिर्फ़ एक सूत्र चाहिए. पाकिस्तान आतंकवाद छोड़े और बैठकर बात करे.
26 सितंबर को भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज यूएन जनरल असंबेली में बोलेंगी. माना जा रहा है कि नवाज़ के कश्मीर राग का भारत मुंहतोड़ जवाब देगा. पिछले साल यूएन जनरल असेंबली में नवाज़ शरीफ़ ने कश्मीर मुद्दे पर चार सूत्रीय शांति पहल का प्रस्ताव रखा था जिसके जवाब में सुषमा स्वराज ने कहा था कि भारत को चार नहीं सिर्फ़ एक सूत्र चाहिए. पाकिस्तान आतंकवाद छोड़े और बैठकर बात करे. | यहाँ एक सारांश है:नवाज़ शरीफ़ आज संयुक्त राष्ट्र जनरल असंबेली में बोलेंगे
भाषण में कश्मीर का मुद्दा छाए रहने की उम्मीद
26 सितंबर को सुषमा स्वराज संयुक्त राष्ट्र जनरल असंबेली में बोलेंगी | 12 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: आरआरबी एनटीपीसी परीक्षा की तारीख (RRB NTPC Exam Date) आने वाले कुछ दिनों में जारी होने की उम्मीद है. रेलवे भर्ती बोर्ड (Railway Recruitment Board) के अनुसार एनटीपीसी भर्ती (RRB NTPC) परीक्षा जून से सिंतबर के बीच आयोजित की जा सकती है. ऐसे में परीक्षा का शेड्यूल जल्द आरआरबी की सभी वेबसाइट्स पर जारी किया जा सकता है. परीक्षा की तारीख आने के बाद एडमिट कार्ड (RRB NTPC Admit Card) जारी किया जाएगा. एडमिट कार्ड (RRB Admit Card 2019) परीक्षा से 4 दिन पहले जारी होगा. रेलवे भर्ती बोर्ड आरआरबी की सभी रीजनल वेबसाइट्स पर एनटीपीसी सीबीटी 1 परीक्षा का एडमिट कार्ड (RRB NTPC Admit Card 2019) जारी करेगा. उम्मीदवार अपने रीजन की वेबसाइट पर जाकर लॉग इन कर अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर पाएंगे. आइये जानते हैं एडमिट कार्ड जारी होने के बाद उसे कैसे डाउनलोड करना है.
-उम्मीदवार अपने रीजन की आरआरबी वेबसाइट ओपन करें. (जैसे rrbcdg.gov.in)
- वेबसाइट पर दिए गए एडमिट कार्ड के लिंक पर क्लिक करें.
- अपना रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्मतिथि भरकर लॉग इन करें.
- एडमिट कार्ड आपकी स्क्रीन पर आ जाएगा.
- एडमिट कार्ड को डाउनलोड कर लें.
- भविष्य के लिए ए़डमिट कार्ड का प्रिंट ऑउट ले लें. | सारांश: सीबीटी 1 परीक्षा की तारीख जल्द जारी होगी.
एडमिट कार्ड परीक्षा से 4 दिन पहले जारी होगा.
एडमिट कार्ड आरआरबी वेबसाइट्स पर जारी होगा. | 33 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: नीतीश ने नोटबंदी की भी चर्चा करते हुए कहा कि उन्होंने इसका समर्थन किया था, लेकिन कोई बता नहीं रहा कि आखिर कितना काला धन आया. इसके अलावा बेनामी संपत्ति जब्त करने की उन्होंने मांग की थी, लेकिन केंद्र इस पर मौन साधे हुए है और जब तक बेनामी संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया शुरू नहीं होती काले धन के खिलाफ अभियान अधूरा रहेगा.
उत्तर प्रदेश के चुनाव परिणाम के बारे में पूछे जाने पर नीतीश ने कहा कि अगर वहां महागठबंधन होता तो शायद परिणाम कुछ और होता. चुनाव परिणाम पर नीतीश ने कहा कि साफ़ है कि समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस का वोट प्रतिशत बीजेपी और उसके सहयोगियों से दस प्रतिशत ज्यादा है. जहां विपक्षी एकता होगी वहां बेहतर परिणाम आते हैं. विकल्प के रूप के रूप में कोई पार्टी उभरती है तो उसे सफलता मिलती है. एक व्यापक विपक्षी एकता होती तो परिणाम अलग आता, लेकिन नीतीश की मानें तो बीजेपी विरोधी दलों को अब जनहित और राष्ट्रहित के मुद्दे उठाने चाहिए. अपना एजेंडा सेट करना चाहिए, जैसे महागठबंधन बिहार में सफल हुआ है, देश में महासफल होगा. वामपंथी दलों से बातचीत हुई है.
उत्तर प्रदेश के चुनाव परिणाम के बारे में पूछे जाने पर नीतीश ने कहा कि अगर वहां महागठबंधन होता तो शायद परिणाम कुछ और होता. चुनाव परिणाम पर नीतीश ने कहा कि साफ़ है कि समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस का वोट प्रतिशत बीजेपी और उसके सहयोगियों से दस प्रतिशत ज्यादा है. जहां विपक्षी एकता होगी वहां बेहतर परिणाम आते हैं. विकल्प के रूप के रूप में कोई पार्टी उभरती है तो उसे सफलता मिलती है. एक व्यापक विपक्षी एकता होती तो परिणाम अलग आता, लेकिन नीतीश की मानें तो बीजेपी विरोधी दलों को अब जनहित और राष्ट्रहित के मुद्दे उठाने चाहिए. अपना एजेंडा सेट करना चाहिए, जैसे महागठबंधन बिहार में सफल हुआ है, देश में महासफल होगा. वामपंथी दलों से बातचीत हुई है. | यह एक सारांश है: नीतीश कुमार ने नोटबंदी पर पीएम मोदी का समर्थन किया था
नीतीश ने कहा- रोजगार और कृषि की समस्याएं क्यों नहीं उठ रहीं
जानबूझकर बूचड़खाने जैसे मुद्दे उठाए जाते हैं | 24 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: प्रतिष्ठित 'टाइम' पत्रिका ने देश की सुस्त आर्थिक विकास के लिए प्रधानमंत्री और उनकी सरकार की आलोचना की है। यह आलोचना कांग्रेस को रास नहीं आई वहीं इसने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को प्रधानमंत्री पर हमले का एक और मौका दे दिया जो उनके पहले कार्यकाल से ही उन्हें कमजोर साबित करने में लगी हुई है।
पत्रिका ने प्रधानमंत्री के रूप में मनमोहन सिंह की क्षमता पर सवाल उठाते हुए कहा है कि वह निर्णायक ढंग से काम करने में विफल रहे हैं।
पत्रिका ने 16 जुलाई, 2012 के अपने एशिया संस्करण के अंक में प्रधानमंत्री की तस्वीर प्रकाशित की है। 79 वर्षीय मनमोहन सिंह की तस्वीर के नीचे लिखा है, "अंडरअचीवर (फिसड्डी)। भारत को नए सिरे से शुरुआत करने की आवश्यकता है। क्या प्रधानमंत्री यह काम कर पाएंगे?"
'अ मैन इन शैडो' शीर्षक से प्रकाशित पत्रिका के आमुख लेख में कहा गया है कि प्रधानमंत्री सुधारों पर 'जोखिम लेने के इच्छुक नहीं' हैं, जिससे देश विकास के पथ पर अग्रसर होगा।
पत्रिका का यह अंक अगले सप्ताह बाजार में आएगा। इसमें कहा गया है, "घरेलू व अंतरराष्ट्रीय निवेशकों में निराशा पैदा हो रही है। महंगाई के कारण मतदाताओं का भी विश्वास डिग रहा है। एक के बाद एक सामने आ रहे घोटालों ने सरकार की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।"
पत्रिका में कहा गया है, "मनमोहन, जिस पर विपक्षी दल नीतिगत फैसलों में रुकावट डालने का आरोप लगाते हैं, अपने मंत्रियों पर नियंत्रण करने में विफल रहे। अब वित्त मंत्रालय का प्रभार अपने पास होने के बावजूद वह आर्थिक सुधारों पर जोखिम लेने के इच्छुक नजर नहीं आते।"
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ने के लिए प्रणब मुखर्जी ने वित्त मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया, जिसके बाद मंत्रालय का प्रभार प्रधानमंत्री के पास है।
पत्रिका ने लिखा है, "ऐसे में जबकि आर्थिक विकास में सुस्ती भारत के लिए ठीक नहीं है; वे कानून, जो नौकरियों का सृजन व विकास का मार्ग खोल सकते थे, संसद में अटके हैं। राजनेताओं ने चुनाव जिताऊ लघुकालिक तथा लोकप्रिय साधनों पर ध्यान केंद्रित कर रखा है, जो चिंता का कारण है।"
ज्ञात हो कि 31 मार्च, 2012 को समाप्त हुई तिमाही में देश की विकास दर नौ वर्षो के सबसे निचले स्तर 5.3 प्रतिशत पर पहुंच गई। सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वर्ष 2011-12 में गिरकर 6.5 प्रतिशत हो गया, जबकि इससे पहले के वर्ष में यह 8.4 प्रतिशत था।
भाजपा ने मनमोहन सिंह की आलोचना पर कहा कि इससे संप्रग सरकार को लेकर लोगों की भावनाएं पुष्ट हो गई हैं।
'टाइम' पत्रिका द्वारा प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के प्रदर्शन को उम्मीद से कम बताने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा के प्रवक्ता तरुण विजय ने कहा कि इससे आम भारतीयों की भावना पुष्ट हो गई है।
पार्टी उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने केवल भ्रष्टाचार, घोटाले तथा कुशासन के क्षेत्र में उपलब्धियां हासिल की है।
प्रधानमंत्री पर हमला करते हुए नकवी ने कहा, "पत्रिका को उन्हें (मनमोहन को) दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति के रूप में बताना चाहिए था, क्योंकि उनके जैसा प्रधानमंत्री कोई नहीं है, जो सर्वाधिक भ्रष्ट सरकार में सबसे अधिक विश्वासपात्र हैं। स्वयं को ईमानदार व विश्वासपात्र के रूप में पेश करने वाले प्रधानमंत्री भ्रष्ट तथा घोटालों से घिरी सरकार का नेतृत्व करते हैं। निश्चित रूप से उन्होंने भ्रष्टाचार, घोटाला तथा कुशासन के अतिरिक्त कुछ भी हासिल नहीं किया है।"टिप्पणियां
वहीं, भाजपा के सहयोगी जनता दल (युनाइटेड) के अध्यक्ष शरद यादव ने इस पर बिल्कुल अलग प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा, "टाइम पत्रिका क्या है? इसका हमसे क्या लेना-देना है? ईस्ट इंडिया कम्पनी की तरह उनका उद्देश्य भी हमें लूटना है।"
इस आलोचना से कांग्रेस भड़क गई है। कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा, "पिछले आठ साल में मनमोहन सिंह की अगुवाई में सरकार ने राजनीतिक स्थिरता सामाजिक सद्भाव और आर्थिक वृद्धि प्रदान की है और साथ ही अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश को मजबूती दिलाई है। इसे कल्पना के किसी भी पैमाने पर उम्मीद से कम उपलब्धि नहीं कहा जा सकता।"
पत्रिका ने प्रधानमंत्री के रूप में मनमोहन सिंह की क्षमता पर सवाल उठाते हुए कहा है कि वह निर्णायक ढंग से काम करने में विफल रहे हैं।
पत्रिका ने 16 जुलाई, 2012 के अपने एशिया संस्करण के अंक में प्रधानमंत्री की तस्वीर प्रकाशित की है। 79 वर्षीय मनमोहन सिंह की तस्वीर के नीचे लिखा है, "अंडरअचीवर (फिसड्डी)। भारत को नए सिरे से शुरुआत करने की आवश्यकता है। क्या प्रधानमंत्री यह काम कर पाएंगे?"
'अ मैन इन शैडो' शीर्षक से प्रकाशित पत्रिका के आमुख लेख में कहा गया है कि प्रधानमंत्री सुधारों पर 'जोखिम लेने के इच्छुक नहीं' हैं, जिससे देश विकास के पथ पर अग्रसर होगा।
पत्रिका का यह अंक अगले सप्ताह बाजार में आएगा। इसमें कहा गया है, "घरेलू व अंतरराष्ट्रीय निवेशकों में निराशा पैदा हो रही है। महंगाई के कारण मतदाताओं का भी विश्वास डिग रहा है। एक के बाद एक सामने आ रहे घोटालों ने सरकार की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।"
पत्रिका में कहा गया है, "मनमोहन, जिस पर विपक्षी दल नीतिगत फैसलों में रुकावट डालने का आरोप लगाते हैं, अपने मंत्रियों पर नियंत्रण करने में विफल रहे। अब वित्त मंत्रालय का प्रभार अपने पास होने के बावजूद वह आर्थिक सुधारों पर जोखिम लेने के इच्छुक नजर नहीं आते।"
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ने के लिए प्रणब मुखर्जी ने वित्त मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया, जिसके बाद मंत्रालय का प्रभार प्रधानमंत्री के पास है।
पत्रिका ने लिखा है, "ऐसे में जबकि आर्थिक विकास में सुस्ती भारत के लिए ठीक नहीं है; वे कानून, जो नौकरियों का सृजन व विकास का मार्ग खोल सकते थे, संसद में अटके हैं। राजनेताओं ने चुनाव जिताऊ लघुकालिक तथा लोकप्रिय साधनों पर ध्यान केंद्रित कर रखा है, जो चिंता का कारण है।"
ज्ञात हो कि 31 मार्च, 2012 को समाप्त हुई तिमाही में देश की विकास दर नौ वर्षो के सबसे निचले स्तर 5.3 प्रतिशत पर पहुंच गई। सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वर्ष 2011-12 में गिरकर 6.5 प्रतिशत हो गया, जबकि इससे पहले के वर्ष में यह 8.4 प्रतिशत था।
भाजपा ने मनमोहन सिंह की आलोचना पर कहा कि इससे संप्रग सरकार को लेकर लोगों की भावनाएं पुष्ट हो गई हैं।
'टाइम' पत्रिका द्वारा प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के प्रदर्शन को उम्मीद से कम बताने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा के प्रवक्ता तरुण विजय ने कहा कि इससे आम भारतीयों की भावना पुष्ट हो गई है।
पार्टी उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने केवल भ्रष्टाचार, घोटाले तथा कुशासन के क्षेत्र में उपलब्धियां हासिल की है।
प्रधानमंत्री पर हमला करते हुए नकवी ने कहा, "पत्रिका को उन्हें (मनमोहन को) दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति के रूप में बताना चाहिए था, क्योंकि उनके जैसा प्रधानमंत्री कोई नहीं है, जो सर्वाधिक भ्रष्ट सरकार में सबसे अधिक विश्वासपात्र हैं। स्वयं को ईमानदार व विश्वासपात्र के रूप में पेश करने वाले प्रधानमंत्री भ्रष्ट तथा घोटालों से घिरी सरकार का नेतृत्व करते हैं। निश्चित रूप से उन्होंने भ्रष्टाचार, घोटाला तथा कुशासन के अतिरिक्त कुछ भी हासिल नहीं किया है।"टिप्पणियां
वहीं, भाजपा के सहयोगी जनता दल (युनाइटेड) के अध्यक्ष शरद यादव ने इस पर बिल्कुल अलग प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा, "टाइम पत्रिका क्या है? इसका हमसे क्या लेना-देना है? ईस्ट इंडिया कम्पनी की तरह उनका उद्देश्य भी हमें लूटना है।"
इस आलोचना से कांग्रेस भड़क गई है। कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा, "पिछले आठ साल में मनमोहन सिंह की अगुवाई में सरकार ने राजनीतिक स्थिरता सामाजिक सद्भाव और आर्थिक वृद्धि प्रदान की है और साथ ही अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश को मजबूती दिलाई है। इसे कल्पना के किसी भी पैमाने पर उम्मीद से कम उपलब्धि नहीं कहा जा सकता।"
पत्रिका ने 16 जुलाई, 2012 के अपने एशिया संस्करण के अंक में प्रधानमंत्री की तस्वीर प्रकाशित की है। 79 वर्षीय मनमोहन सिंह की तस्वीर के नीचे लिखा है, "अंडरअचीवर (फिसड्डी)। भारत को नए सिरे से शुरुआत करने की आवश्यकता है। क्या प्रधानमंत्री यह काम कर पाएंगे?"
'अ मैन इन शैडो' शीर्षक से प्रकाशित पत्रिका के आमुख लेख में कहा गया है कि प्रधानमंत्री सुधारों पर 'जोखिम लेने के इच्छुक नहीं' हैं, जिससे देश विकास के पथ पर अग्रसर होगा।
पत्रिका का यह अंक अगले सप्ताह बाजार में आएगा। इसमें कहा गया है, "घरेलू व अंतरराष्ट्रीय निवेशकों में निराशा पैदा हो रही है। महंगाई के कारण मतदाताओं का भी विश्वास डिग रहा है। एक के बाद एक सामने आ रहे घोटालों ने सरकार की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।"
पत्रिका में कहा गया है, "मनमोहन, जिस पर विपक्षी दल नीतिगत फैसलों में रुकावट डालने का आरोप लगाते हैं, अपने मंत्रियों पर नियंत्रण करने में विफल रहे। अब वित्त मंत्रालय का प्रभार अपने पास होने के बावजूद वह आर्थिक सुधारों पर जोखिम लेने के इच्छुक नजर नहीं आते।"
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ने के लिए प्रणब मुखर्जी ने वित्त मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया, जिसके बाद मंत्रालय का प्रभार प्रधानमंत्री के पास है।
पत्रिका ने लिखा है, "ऐसे में जबकि आर्थिक विकास में सुस्ती भारत के लिए ठीक नहीं है; वे कानून, जो नौकरियों का सृजन व विकास का मार्ग खोल सकते थे, संसद में अटके हैं। राजनेताओं ने चुनाव जिताऊ लघुकालिक तथा लोकप्रिय साधनों पर ध्यान केंद्रित कर रखा है, जो चिंता का कारण है।"
ज्ञात हो कि 31 मार्च, 2012 को समाप्त हुई तिमाही में देश की विकास दर नौ वर्षो के सबसे निचले स्तर 5.3 प्रतिशत पर पहुंच गई। सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वर्ष 2011-12 में गिरकर 6.5 प्रतिशत हो गया, जबकि इससे पहले के वर्ष में यह 8.4 प्रतिशत था।
भाजपा ने मनमोहन सिंह की आलोचना पर कहा कि इससे संप्रग सरकार को लेकर लोगों की भावनाएं पुष्ट हो गई हैं।
'टाइम' पत्रिका द्वारा प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के प्रदर्शन को उम्मीद से कम बताने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा के प्रवक्ता तरुण विजय ने कहा कि इससे आम भारतीयों की भावना पुष्ट हो गई है।
पार्टी उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने केवल भ्रष्टाचार, घोटाले तथा कुशासन के क्षेत्र में उपलब्धियां हासिल की है।
प्रधानमंत्री पर हमला करते हुए नकवी ने कहा, "पत्रिका को उन्हें (मनमोहन को) दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति के रूप में बताना चाहिए था, क्योंकि उनके जैसा प्रधानमंत्री कोई नहीं है, जो सर्वाधिक भ्रष्ट सरकार में सबसे अधिक विश्वासपात्र हैं। स्वयं को ईमानदार व विश्वासपात्र के रूप में पेश करने वाले प्रधानमंत्री भ्रष्ट तथा घोटालों से घिरी सरकार का नेतृत्व करते हैं। निश्चित रूप से उन्होंने भ्रष्टाचार, घोटाला तथा कुशासन के अतिरिक्त कुछ भी हासिल नहीं किया है।"टिप्पणियां
वहीं, भाजपा के सहयोगी जनता दल (युनाइटेड) के अध्यक्ष शरद यादव ने इस पर बिल्कुल अलग प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा, "टाइम पत्रिका क्या है? इसका हमसे क्या लेना-देना है? ईस्ट इंडिया कम्पनी की तरह उनका उद्देश्य भी हमें लूटना है।"
इस आलोचना से कांग्रेस भड़क गई है। कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा, "पिछले आठ साल में मनमोहन सिंह की अगुवाई में सरकार ने राजनीतिक स्थिरता सामाजिक सद्भाव और आर्थिक वृद्धि प्रदान की है और साथ ही अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश को मजबूती दिलाई है। इसे कल्पना के किसी भी पैमाने पर उम्मीद से कम उपलब्धि नहीं कहा जा सकता।"
'अ मैन इन शैडो' शीर्षक से प्रकाशित पत्रिका के आमुख लेख में कहा गया है कि प्रधानमंत्री सुधारों पर 'जोखिम लेने के इच्छुक नहीं' हैं, जिससे देश विकास के पथ पर अग्रसर होगा।
पत्रिका का यह अंक अगले सप्ताह बाजार में आएगा। इसमें कहा गया है, "घरेलू व अंतरराष्ट्रीय निवेशकों में निराशा पैदा हो रही है। महंगाई के कारण मतदाताओं का भी विश्वास डिग रहा है। एक के बाद एक सामने आ रहे घोटालों ने सरकार की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।"
पत्रिका में कहा गया है, "मनमोहन, जिस पर विपक्षी दल नीतिगत फैसलों में रुकावट डालने का आरोप लगाते हैं, अपने मंत्रियों पर नियंत्रण करने में विफल रहे। अब वित्त मंत्रालय का प्रभार अपने पास होने के बावजूद वह आर्थिक सुधारों पर जोखिम लेने के इच्छुक नजर नहीं आते।"
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ने के लिए प्रणब मुखर्जी ने वित्त मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया, जिसके बाद मंत्रालय का प्रभार प्रधानमंत्री के पास है।
पत्रिका ने लिखा है, "ऐसे में जबकि आर्थिक विकास में सुस्ती भारत के लिए ठीक नहीं है; वे कानून, जो नौकरियों का सृजन व विकास का मार्ग खोल सकते थे, संसद में अटके हैं। राजनेताओं ने चुनाव जिताऊ लघुकालिक तथा लोकप्रिय साधनों पर ध्यान केंद्रित कर रखा है, जो चिंता का कारण है।"
ज्ञात हो कि 31 मार्च, 2012 को समाप्त हुई तिमाही में देश की विकास दर नौ वर्षो के सबसे निचले स्तर 5.3 प्रतिशत पर पहुंच गई। सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वर्ष 2011-12 में गिरकर 6.5 प्रतिशत हो गया, जबकि इससे पहले के वर्ष में यह 8.4 प्रतिशत था।
भाजपा ने मनमोहन सिंह की आलोचना पर कहा कि इससे संप्रग सरकार को लेकर लोगों की भावनाएं पुष्ट हो गई हैं।
'टाइम' पत्रिका द्वारा प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के प्रदर्शन को उम्मीद से कम बताने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा के प्रवक्ता तरुण विजय ने कहा कि इससे आम भारतीयों की भावना पुष्ट हो गई है।
पार्टी उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने केवल भ्रष्टाचार, घोटाले तथा कुशासन के क्षेत्र में उपलब्धियां हासिल की है।
प्रधानमंत्री पर हमला करते हुए नकवी ने कहा, "पत्रिका को उन्हें (मनमोहन को) दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति के रूप में बताना चाहिए था, क्योंकि उनके जैसा प्रधानमंत्री कोई नहीं है, जो सर्वाधिक भ्रष्ट सरकार में सबसे अधिक विश्वासपात्र हैं। स्वयं को ईमानदार व विश्वासपात्र के रूप में पेश करने वाले प्रधानमंत्री भ्रष्ट तथा घोटालों से घिरी सरकार का नेतृत्व करते हैं। निश्चित रूप से उन्होंने भ्रष्टाचार, घोटाला तथा कुशासन के अतिरिक्त कुछ भी हासिल नहीं किया है।"टिप्पणियां
वहीं, भाजपा के सहयोगी जनता दल (युनाइटेड) के अध्यक्ष शरद यादव ने इस पर बिल्कुल अलग प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा, "टाइम पत्रिका क्या है? इसका हमसे क्या लेना-देना है? ईस्ट इंडिया कम्पनी की तरह उनका उद्देश्य भी हमें लूटना है।"
इस आलोचना से कांग्रेस भड़क गई है। कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा, "पिछले आठ साल में मनमोहन सिंह की अगुवाई में सरकार ने राजनीतिक स्थिरता सामाजिक सद्भाव और आर्थिक वृद्धि प्रदान की है और साथ ही अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश को मजबूती दिलाई है। इसे कल्पना के किसी भी पैमाने पर उम्मीद से कम उपलब्धि नहीं कहा जा सकता।"
पत्रिका का यह अंक अगले सप्ताह बाजार में आएगा। इसमें कहा गया है, "घरेलू व अंतरराष्ट्रीय निवेशकों में निराशा पैदा हो रही है। महंगाई के कारण मतदाताओं का भी विश्वास डिग रहा है। एक के बाद एक सामने आ रहे घोटालों ने सरकार की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।"
पत्रिका में कहा गया है, "मनमोहन, जिस पर विपक्षी दल नीतिगत फैसलों में रुकावट डालने का आरोप लगाते हैं, अपने मंत्रियों पर नियंत्रण करने में विफल रहे। अब वित्त मंत्रालय का प्रभार अपने पास होने के बावजूद वह आर्थिक सुधारों पर जोखिम लेने के इच्छुक नजर नहीं आते।"
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ने के लिए प्रणब मुखर्जी ने वित्त मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया, जिसके बाद मंत्रालय का प्रभार प्रधानमंत्री के पास है।
पत्रिका ने लिखा है, "ऐसे में जबकि आर्थिक विकास में सुस्ती भारत के लिए ठीक नहीं है; वे कानून, जो नौकरियों का सृजन व विकास का मार्ग खोल सकते थे, संसद में अटके हैं। राजनेताओं ने चुनाव जिताऊ लघुकालिक तथा लोकप्रिय साधनों पर ध्यान केंद्रित कर रखा है, जो चिंता का कारण है।"
ज्ञात हो कि 31 मार्च, 2012 को समाप्त हुई तिमाही में देश की विकास दर नौ वर्षो के सबसे निचले स्तर 5.3 प्रतिशत पर पहुंच गई। सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वर्ष 2011-12 में गिरकर 6.5 प्रतिशत हो गया, जबकि इससे पहले के वर्ष में यह 8.4 प्रतिशत था।
भाजपा ने मनमोहन सिंह की आलोचना पर कहा कि इससे संप्रग सरकार को लेकर लोगों की भावनाएं पुष्ट हो गई हैं।
'टाइम' पत्रिका द्वारा प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के प्रदर्शन को उम्मीद से कम बताने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा के प्रवक्ता तरुण विजय ने कहा कि इससे आम भारतीयों की भावना पुष्ट हो गई है।
पार्टी उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने केवल भ्रष्टाचार, घोटाले तथा कुशासन के क्षेत्र में उपलब्धियां हासिल की है।
प्रधानमंत्री पर हमला करते हुए नकवी ने कहा, "पत्रिका को उन्हें (मनमोहन को) दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति के रूप में बताना चाहिए था, क्योंकि उनके जैसा प्रधानमंत्री कोई नहीं है, जो सर्वाधिक भ्रष्ट सरकार में सबसे अधिक विश्वासपात्र हैं। स्वयं को ईमानदार व विश्वासपात्र के रूप में पेश करने वाले प्रधानमंत्री भ्रष्ट तथा घोटालों से घिरी सरकार का नेतृत्व करते हैं। निश्चित रूप से उन्होंने भ्रष्टाचार, घोटाला तथा कुशासन के अतिरिक्त कुछ भी हासिल नहीं किया है।"टिप्पणियां
वहीं, भाजपा के सहयोगी जनता दल (युनाइटेड) के अध्यक्ष शरद यादव ने इस पर बिल्कुल अलग प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा, "टाइम पत्रिका क्या है? इसका हमसे क्या लेना-देना है? ईस्ट इंडिया कम्पनी की तरह उनका उद्देश्य भी हमें लूटना है।"
इस आलोचना से कांग्रेस भड़क गई है। कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा, "पिछले आठ साल में मनमोहन सिंह की अगुवाई में सरकार ने राजनीतिक स्थिरता सामाजिक सद्भाव और आर्थिक वृद्धि प्रदान की है और साथ ही अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश को मजबूती दिलाई है। इसे कल्पना के किसी भी पैमाने पर उम्मीद से कम उपलब्धि नहीं कहा जा सकता।"
पत्रिका में कहा गया है, "मनमोहन, जिस पर विपक्षी दल नीतिगत फैसलों में रुकावट डालने का आरोप लगाते हैं, अपने मंत्रियों पर नियंत्रण करने में विफल रहे। अब वित्त मंत्रालय का प्रभार अपने पास होने के बावजूद वह आर्थिक सुधारों पर जोखिम लेने के इच्छुक नजर नहीं आते।"
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ने के लिए प्रणब मुखर्जी ने वित्त मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया, जिसके बाद मंत्रालय का प्रभार प्रधानमंत्री के पास है।
पत्रिका ने लिखा है, "ऐसे में जबकि आर्थिक विकास में सुस्ती भारत के लिए ठीक नहीं है; वे कानून, जो नौकरियों का सृजन व विकास का मार्ग खोल सकते थे, संसद में अटके हैं। राजनेताओं ने चुनाव जिताऊ लघुकालिक तथा लोकप्रिय साधनों पर ध्यान केंद्रित कर रखा है, जो चिंता का कारण है।"
ज्ञात हो कि 31 मार्च, 2012 को समाप्त हुई तिमाही में देश की विकास दर नौ वर्षो के सबसे निचले स्तर 5.3 प्रतिशत पर पहुंच गई। सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वर्ष 2011-12 में गिरकर 6.5 प्रतिशत हो गया, जबकि इससे पहले के वर्ष में यह 8.4 प्रतिशत था।
भाजपा ने मनमोहन सिंह की आलोचना पर कहा कि इससे संप्रग सरकार को लेकर लोगों की भावनाएं पुष्ट हो गई हैं।
'टाइम' पत्रिका द्वारा प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के प्रदर्शन को उम्मीद से कम बताने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा के प्रवक्ता तरुण विजय ने कहा कि इससे आम भारतीयों की भावना पुष्ट हो गई है।
पार्टी उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने केवल भ्रष्टाचार, घोटाले तथा कुशासन के क्षेत्र में उपलब्धियां हासिल की है।
प्रधानमंत्री पर हमला करते हुए नकवी ने कहा, "पत्रिका को उन्हें (मनमोहन को) दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति के रूप में बताना चाहिए था, क्योंकि उनके जैसा प्रधानमंत्री कोई नहीं है, जो सर्वाधिक भ्रष्ट सरकार में सबसे अधिक विश्वासपात्र हैं। स्वयं को ईमानदार व विश्वासपात्र के रूप में पेश करने वाले प्रधानमंत्री भ्रष्ट तथा घोटालों से घिरी सरकार का नेतृत्व करते हैं। निश्चित रूप से उन्होंने भ्रष्टाचार, घोटाला तथा कुशासन के अतिरिक्त कुछ भी हासिल नहीं किया है।"टिप्पणियां
वहीं, भाजपा के सहयोगी जनता दल (युनाइटेड) के अध्यक्ष शरद यादव ने इस पर बिल्कुल अलग प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा, "टाइम पत्रिका क्या है? इसका हमसे क्या लेना-देना है? ईस्ट इंडिया कम्पनी की तरह उनका उद्देश्य भी हमें लूटना है।"
इस आलोचना से कांग्रेस भड़क गई है। कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा, "पिछले आठ साल में मनमोहन सिंह की अगुवाई में सरकार ने राजनीतिक स्थिरता सामाजिक सद्भाव और आर्थिक वृद्धि प्रदान की है और साथ ही अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश को मजबूती दिलाई है। इसे कल्पना के किसी भी पैमाने पर उम्मीद से कम उपलब्धि नहीं कहा जा सकता।"
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ने के लिए प्रणब मुखर्जी ने वित्त मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया, जिसके बाद मंत्रालय का प्रभार प्रधानमंत्री के पास है।
पत्रिका ने लिखा है, "ऐसे में जबकि आर्थिक विकास में सुस्ती भारत के लिए ठीक नहीं है; वे कानून, जो नौकरियों का सृजन व विकास का मार्ग खोल सकते थे, संसद में अटके हैं। राजनेताओं ने चुनाव जिताऊ लघुकालिक तथा लोकप्रिय साधनों पर ध्यान केंद्रित कर रखा है, जो चिंता का कारण है।"
ज्ञात हो कि 31 मार्च, 2012 को समाप्त हुई तिमाही में देश की विकास दर नौ वर्षो के सबसे निचले स्तर 5.3 प्रतिशत पर पहुंच गई। सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वर्ष 2011-12 में गिरकर 6.5 प्रतिशत हो गया, जबकि इससे पहले के वर्ष में यह 8.4 प्रतिशत था।
भाजपा ने मनमोहन सिंह की आलोचना पर कहा कि इससे संप्रग सरकार को लेकर लोगों की भावनाएं पुष्ट हो गई हैं।
'टाइम' पत्रिका द्वारा प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के प्रदर्शन को उम्मीद से कम बताने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा के प्रवक्ता तरुण विजय ने कहा कि इससे आम भारतीयों की भावना पुष्ट हो गई है।
पार्टी उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने केवल भ्रष्टाचार, घोटाले तथा कुशासन के क्षेत्र में उपलब्धियां हासिल की है।
प्रधानमंत्री पर हमला करते हुए नकवी ने कहा, "पत्रिका को उन्हें (मनमोहन को) दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति के रूप में बताना चाहिए था, क्योंकि उनके जैसा प्रधानमंत्री कोई नहीं है, जो सर्वाधिक भ्रष्ट सरकार में सबसे अधिक विश्वासपात्र हैं। स्वयं को ईमानदार व विश्वासपात्र के रूप में पेश करने वाले प्रधानमंत्री भ्रष्ट तथा घोटालों से घिरी सरकार का नेतृत्व करते हैं। निश्चित रूप से उन्होंने भ्रष्टाचार, घोटाला तथा कुशासन के अतिरिक्त कुछ भी हासिल नहीं किया है।"टिप्पणियां
वहीं, भाजपा के सहयोगी जनता दल (युनाइटेड) के अध्यक्ष शरद यादव ने इस पर बिल्कुल अलग प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा, "टाइम पत्रिका क्या है? इसका हमसे क्या लेना-देना है? ईस्ट इंडिया कम्पनी की तरह उनका उद्देश्य भी हमें लूटना है।"
इस आलोचना से कांग्रेस भड़क गई है। कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा, "पिछले आठ साल में मनमोहन सिंह की अगुवाई में सरकार ने राजनीतिक स्थिरता सामाजिक सद्भाव और आर्थिक वृद्धि प्रदान की है और साथ ही अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश को मजबूती दिलाई है। इसे कल्पना के किसी भी पैमाने पर उम्मीद से कम उपलब्धि नहीं कहा जा सकता।"
पत्रिका ने लिखा है, "ऐसे में जबकि आर्थिक विकास में सुस्ती भारत के लिए ठीक नहीं है; वे कानून, जो नौकरियों का सृजन व विकास का मार्ग खोल सकते थे, संसद में अटके हैं। राजनेताओं ने चुनाव जिताऊ लघुकालिक तथा लोकप्रिय साधनों पर ध्यान केंद्रित कर रखा है, जो चिंता का कारण है।"
ज्ञात हो कि 31 मार्च, 2012 को समाप्त हुई तिमाही में देश की विकास दर नौ वर्षो के सबसे निचले स्तर 5.3 प्रतिशत पर पहुंच गई। सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वर्ष 2011-12 में गिरकर 6.5 प्रतिशत हो गया, जबकि इससे पहले के वर्ष में यह 8.4 प्रतिशत था।
भाजपा ने मनमोहन सिंह की आलोचना पर कहा कि इससे संप्रग सरकार को लेकर लोगों की भावनाएं पुष्ट हो गई हैं।
'टाइम' पत्रिका द्वारा प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के प्रदर्शन को उम्मीद से कम बताने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा के प्रवक्ता तरुण विजय ने कहा कि इससे आम भारतीयों की भावना पुष्ट हो गई है।
पार्टी उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने केवल भ्रष्टाचार, घोटाले तथा कुशासन के क्षेत्र में उपलब्धियां हासिल की है।
प्रधानमंत्री पर हमला करते हुए नकवी ने कहा, "पत्रिका को उन्हें (मनमोहन को) दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति के रूप में बताना चाहिए था, क्योंकि उनके जैसा प्रधानमंत्री कोई नहीं है, जो सर्वाधिक भ्रष्ट सरकार में सबसे अधिक विश्वासपात्र हैं। स्वयं को ईमानदार व विश्वासपात्र के रूप में पेश करने वाले प्रधानमंत्री भ्रष्ट तथा घोटालों से घिरी सरकार का नेतृत्व करते हैं। निश्चित रूप से उन्होंने भ्रष्टाचार, घोटाला तथा कुशासन के अतिरिक्त कुछ भी हासिल नहीं किया है।"टिप्पणियां
वहीं, भाजपा के सहयोगी जनता दल (युनाइटेड) के अध्यक्ष शरद यादव ने इस पर बिल्कुल अलग प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा, "टाइम पत्रिका क्या है? इसका हमसे क्या लेना-देना है? ईस्ट इंडिया कम्पनी की तरह उनका उद्देश्य भी हमें लूटना है।"
इस आलोचना से कांग्रेस भड़क गई है। कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा, "पिछले आठ साल में मनमोहन सिंह की अगुवाई में सरकार ने राजनीतिक स्थिरता सामाजिक सद्भाव और आर्थिक वृद्धि प्रदान की है और साथ ही अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश को मजबूती दिलाई है। इसे कल्पना के किसी भी पैमाने पर उम्मीद से कम उपलब्धि नहीं कहा जा सकता।"
ज्ञात हो कि 31 मार्च, 2012 को समाप्त हुई तिमाही में देश की विकास दर नौ वर्षो के सबसे निचले स्तर 5.3 प्रतिशत पर पहुंच गई। सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वर्ष 2011-12 में गिरकर 6.5 प्रतिशत हो गया, जबकि इससे पहले के वर्ष में यह 8.4 प्रतिशत था।
भाजपा ने मनमोहन सिंह की आलोचना पर कहा कि इससे संप्रग सरकार को लेकर लोगों की भावनाएं पुष्ट हो गई हैं।
'टाइम' पत्रिका द्वारा प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के प्रदर्शन को उम्मीद से कम बताने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा के प्रवक्ता तरुण विजय ने कहा कि इससे आम भारतीयों की भावना पुष्ट हो गई है।
पार्टी उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने केवल भ्रष्टाचार, घोटाले तथा कुशासन के क्षेत्र में उपलब्धियां हासिल की है।
प्रधानमंत्री पर हमला करते हुए नकवी ने कहा, "पत्रिका को उन्हें (मनमोहन को) दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति के रूप में बताना चाहिए था, क्योंकि उनके जैसा प्रधानमंत्री कोई नहीं है, जो सर्वाधिक भ्रष्ट सरकार में सबसे अधिक विश्वासपात्र हैं। स्वयं को ईमानदार व विश्वासपात्र के रूप में पेश करने वाले प्रधानमंत्री भ्रष्ट तथा घोटालों से घिरी सरकार का नेतृत्व करते हैं। निश्चित रूप से उन्होंने भ्रष्टाचार, घोटाला तथा कुशासन के अतिरिक्त कुछ भी हासिल नहीं किया है।"टिप्पणियां
वहीं, भाजपा के सहयोगी जनता दल (युनाइटेड) के अध्यक्ष शरद यादव ने इस पर बिल्कुल अलग प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा, "टाइम पत्रिका क्या है? इसका हमसे क्या लेना-देना है? ईस्ट इंडिया कम्पनी की तरह उनका उद्देश्य भी हमें लूटना है।"
इस आलोचना से कांग्रेस भड़क गई है। कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा, "पिछले आठ साल में मनमोहन सिंह की अगुवाई में सरकार ने राजनीतिक स्थिरता सामाजिक सद्भाव और आर्थिक वृद्धि प्रदान की है और साथ ही अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश को मजबूती दिलाई है। इसे कल्पना के किसी भी पैमाने पर उम्मीद से कम उपलब्धि नहीं कहा जा सकता।"
भाजपा ने मनमोहन सिंह की आलोचना पर कहा कि इससे संप्रग सरकार को लेकर लोगों की भावनाएं पुष्ट हो गई हैं।
'टाइम' पत्रिका द्वारा प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के प्रदर्शन को उम्मीद से कम बताने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा के प्रवक्ता तरुण विजय ने कहा कि इससे आम भारतीयों की भावना पुष्ट हो गई है।
पार्टी उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने केवल भ्रष्टाचार, घोटाले तथा कुशासन के क्षेत्र में उपलब्धियां हासिल की है।
प्रधानमंत्री पर हमला करते हुए नकवी ने कहा, "पत्रिका को उन्हें (मनमोहन को) दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति के रूप में बताना चाहिए था, क्योंकि उनके जैसा प्रधानमंत्री कोई नहीं है, जो सर्वाधिक भ्रष्ट सरकार में सबसे अधिक विश्वासपात्र हैं। स्वयं को ईमानदार व विश्वासपात्र के रूप में पेश करने वाले प्रधानमंत्री भ्रष्ट तथा घोटालों से घिरी सरकार का नेतृत्व करते हैं। निश्चित रूप से उन्होंने भ्रष्टाचार, घोटाला तथा कुशासन के अतिरिक्त कुछ भी हासिल नहीं किया है।"टिप्पणियां
वहीं, भाजपा के सहयोगी जनता दल (युनाइटेड) के अध्यक्ष शरद यादव ने इस पर बिल्कुल अलग प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा, "टाइम पत्रिका क्या है? इसका हमसे क्या लेना-देना है? ईस्ट इंडिया कम्पनी की तरह उनका उद्देश्य भी हमें लूटना है।"
इस आलोचना से कांग्रेस भड़क गई है। कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा, "पिछले आठ साल में मनमोहन सिंह की अगुवाई में सरकार ने राजनीतिक स्थिरता सामाजिक सद्भाव और आर्थिक वृद्धि प्रदान की है और साथ ही अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश को मजबूती दिलाई है। इसे कल्पना के किसी भी पैमाने पर उम्मीद से कम उपलब्धि नहीं कहा जा सकता।"
'टाइम' पत्रिका द्वारा प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के प्रदर्शन को उम्मीद से कम बताने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा के प्रवक्ता तरुण विजय ने कहा कि इससे आम भारतीयों की भावना पुष्ट हो गई है।
पार्टी उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने केवल भ्रष्टाचार, घोटाले तथा कुशासन के क्षेत्र में उपलब्धियां हासिल की है।
प्रधानमंत्री पर हमला करते हुए नकवी ने कहा, "पत्रिका को उन्हें (मनमोहन को) दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति के रूप में बताना चाहिए था, क्योंकि उनके जैसा प्रधानमंत्री कोई नहीं है, जो सर्वाधिक भ्रष्ट सरकार में सबसे अधिक विश्वासपात्र हैं। स्वयं को ईमानदार व विश्वासपात्र के रूप में पेश करने वाले प्रधानमंत्री भ्रष्ट तथा घोटालों से घिरी सरकार का नेतृत्व करते हैं। निश्चित रूप से उन्होंने भ्रष्टाचार, घोटाला तथा कुशासन के अतिरिक्त कुछ भी हासिल नहीं किया है।"टिप्पणियां
वहीं, भाजपा के सहयोगी जनता दल (युनाइटेड) के अध्यक्ष शरद यादव ने इस पर बिल्कुल अलग प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा, "टाइम पत्रिका क्या है? इसका हमसे क्या लेना-देना है? ईस्ट इंडिया कम्पनी की तरह उनका उद्देश्य भी हमें लूटना है।"
इस आलोचना से कांग्रेस भड़क गई है। कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा, "पिछले आठ साल में मनमोहन सिंह की अगुवाई में सरकार ने राजनीतिक स्थिरता सामाजिक सद्भाव और आर्थिक वृद्धि प्रदान की है और साथ ही अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश को मजबूती दिलाई है। इसे कल्पना के किसी भी पैमाने पर उम्मीद से कम उपलब्धि नहीं कहा जा सकता।"
पार्टी उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने केवल भ्रष्टाचार, घोटाले तथा कुशासन के क्षेत्र में उपलब्धियां हासिल की है।
प्रधानमंत्री पर हमला करते हुए नकवी ने कहा, "पत्रिका को उन्हें (मनमोहन को) दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति के रूप में बताना चाहिए था, क्योंकि उनके जैसा प्रधानमंत्री कोई नहीं है, जो सर्वाधिक भ्रष्ट सरकार में सबसे अधिक विश्वासपात्र हैं। स्वयं को ईमानदार व विश्वासपात्र के रूप में पेश करने वाले प्रधानमंत्री भ्रष्ट तथा घोटालों से घिरी सरकार का नेतृत्व करते हैं। निश्चित रूप से उन्होंने भ्रष्टाचार, घोटाला तथा कुशासन के अतिरिक्त कुछ भी हासिल नहीं किया है।"टिप्पणियां
वहीं, भाजपा के सहयोगी जनता दल (युनाइटेड) के अध्यक्ष शरद यादव ने इस पर बिल्कुल अलग प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा, "टाइम पत्रिका क्या है? इसका हमसे क्या लेना-देना है? ईस्ट इंडिया कम्पनी की तरह उनका उद्देश्य भी हमें लूटना है।"
इस आलोचना से कांग्रेस भड़क गई है। कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा, "पिछले आठ साल में मनमोहन सिंह की अगुवाई में सरकार ने राजनीतिक स्थिरता सामाजिक सद्भाव और आर्थिक वृद्धि प्रदान की है और साथ ही अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश को मजबूती दिलाई है। इसे कल्पना के किसी भी पैमाने पर उम्मीद से कम उपलब्धि नहीं कहा जा सकता।"
प्रधानमंत्री पर हमला करते हुए नकवी ने कहा, "पत्रिका को उन्हें (मनमोहन को) दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति के रूप में बताना चाहिए था, क्योंकि उनके जैसा प्रधानमंत्री कोई नहीं है, जो सर्वाधिक भ्रष्ट सरकार में सबसे अधिक विश्वासपात्र हैं। स्वयं को ईमानदार व विश्वासपात्र के रूप में पेश करने वाले प्रधानमंत्री भ्रष्ट तथा घोटालों से घिरी सरकार का नेतृत्व करते हैं। निश्चित रूप से उन्होंने भ्रष्टाचार, घोटाला तथा कुशासन के अतिरिक्त कुछ भी हासिल नहीं किया है।"टिप्पणियां
वहीं, भाजपा के सहयोगी जनता दल (युनाइटेड) के अध्यक्ष शरद यादव ने इस पर बिल्कुल अलग प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा, "टाइम पत्रिका क्या है? इसका हमसे क्या लेना-देना है? ईस्ट इंडिया कम्पनी की तरह उनका उद्देश्य भी हमें लूटना है।"
इस आलोचना से कांग्रेस भड़क गई है। कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा, "पिछले आठ साल में मनमोहन सिंह की अगुवाई में सरकार ने राजनीतिक स्थिरता सामाजिक सद्भाव और आर्थिक वृद्धि प्रदान की है और साथ ही अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश को मजबूती दिलाई है। इसे कल्पना के किसी भी पैमाने पर उम्मीद से कम उपलब्धि नहीं कहा जा सकता।"
वहीं, भाजपा के सहयोगी जनता दल (युनाइटेड) के अध्यक्ष शरद यादव ने इस पर बिल्कुल अलग प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा, "टाइम पत्रिका क्या है? इसका हमसे क्या लेना-देना है? ईस्ट इंडिया कम्पनी की तरह उनका उद्देश्य भी हमें लूटना है।"
इस आलोचना से कांग्रेस भड़क गई है। कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा, "पिछले आठ साल में मनमोहन सिंह की अगुवाई में सरकार ने राजनीतिक स्थिरता सामाजिक सद्भाव और आर्थिक वृद्धि प्रदान की है और साथ ही अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश को मजबूती दिलाई है। इसे कल्पना के किसी भी पैमाने पर उम्मीद से कम उपलब्धि नहीं कहा जा सकता।"
इस आलोचना से कांग्रेस भड़क गई है। कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा, "पिछले आठ साल में मनमोहन सिंह की अगुवाई में सरकार ने राजनीतिक स्थिरता सामाजिक सद्भाव और आर्थिक वृद्धि प्रदान की है और साथ ही अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश को मजबूती दिलाई है। इसे कल्पना के किसी भी पैमाने पर उम्मीद से कम उपलब्धि नहीं कहा जा सकता।" | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: प्रतिष्ठित 'टाइम' पत्रिका ने देश की सुस्त आर्थिक विकास के लिए प्रधानमंत्री और उनकी सरकार की आलोचना की है। यह आलोचना कांग्रेस को रास नहीं आई वहीं इसने भाजपा को प्रधानमंत्री पर हमले का एक और मौका दे दिया जो उनके पहले कार्यकाल से ही उन्हें कमजोर साबित करने म | 25 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: केंद्र सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने पहली बार प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने (Rahul Gandhi) NDTV से कहा कि चूंकि वह अब पार्टी के अध्यक्ष नहीं है इसलिए वह इस मुद्दे पर बैठक नहीं बुला सकते. सूत्रों से मिला जानकारी के अनुसार धारा 370 हटाए जाने को लेकर पहले कांग्रेस पार्टी के अंदर स्थिति साफ नहीं थी लेकिन अब पार्टी में इस फैसले का विरोध करने पर सहमति बन गई है. कांग्रेस के अनुसार जिस तरह से इस धारा को हटाया गया है वह तरीका सही नहीं है.
गौरतलब है कि कांग्रेस के सीनियर नेता जनार्दन द्विवेदी ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने और राज्य को दो केंद्रशासित क्षेत्रों में बांटने के केंद्र सरकार के कदम का समर्थन किया और अपनी पार्टी के रुख के विपरीत राय रखते हुए कहा कि सरकार ने एक 'ऐतिहासिक गलती' सुधारी है. द्विवेदी ने कहा कि यह राष्ट्रीय संतोष की बात है कि स्वतंत्रता के समय की गई गलती को सुधारा गया है. उन्होंने कहा कि यह बहुत पुराना मुद्दा है. स्वतंत्रता के बाद कई स्वतंत्रता संग्राम सेनानी नहीं चाहते थे कि अनुच्छेद 370 रहे. मेरे राजनीतिक गुरु राम मनोहर लोहिया शुरू से ही अनुच्छेद 370 का विरोध करते थे. मेरे व्यक्तिगत विचार से तो यह एक राष्ट्रीय संतोष की बात है.
ध्यान हो कि सरकार ने जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा प्रदान करने संबंधी अनुच्छेद 370 समाप्त करने और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों...जम्मू कश्मीर और लद्दाख में विभाजित करने का फैसला किया है. इससे संबंधित दो संकल्पों एवं एक विधेयक को सोमवार को राज्यसभा की मंजूरी मिल गयी. विधेयक के पक्ष में 125 वोट और विपक्ष में 61 वोट पड़े. वहीं एक सदस्य गैर हाजिर रहा.
गृहमंत्री अमित शाह ने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर हमेशा के लिए केंद्र शासित प्रदेश नहीं रहेगा. गृहमंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में कहा कि जम्मू-कश्मीर की स्थिति सामान्य होते ही उसे पूर्ण राज्य का दर्जा दे दिया जाएगा. अमित शाह ने यह भी कहा कि 370 के रहते घाटी से आतंकवाद को मिटा पाना मुश्किल है. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: धारा 370 हटाए जाने पर कांग्रेस में दुविधा
राहुल गांधी ने कहा मैं अब पार्टी का अध्यक्ष नहीं
केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाया | 32 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: कैबिनेट की बैठक में सरकारी लेटरहेड पर से पंडित दीनदयाल की तस्वीर हटाने और उसकी जगह अशोक स्तंभ को ही केंद्र में रखने का भी फैसला किया गया. सूचना व जनसंपर्क मंत्री रघु शर्मा ने बताया, 'कांग्रेस सरकार ने पंचायती राज व स्थानीय निकायों में चुनाव लड़ने के लिए शैक्षणिक योग्यता की अर्हता समाप्त करने का फैसला किया है.' बता दें कि वसुंधरा राजे के नेतृत्व वाली तत्कालीन भाजपा सरकार ने 2015 में स्थानीय निकाय चुनावों में उम्मीदवारों के न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता संबंधी प्रावधान लागू किए गए थे. शर्मा ने कहा कि कांग्रेस का जन घोषणा पत्र, राजस्थान की मौजूदा सरकार का नीतिगत दस्तावेज होगा और इसे समयबद्ध तरीके से तत्परता से कार्यान्वित किया जाएगा. इसके प्रभावी कार्यान्वयन के लिए मंत्रिमंडल की समिति गठित करने का निर्णय किया गया है, जिसके लिए मंत्रिमंडल ने मुख्यमंत्री गहलोत को अधिकृत किया है.
इसके साथ ही पूर्ववर्ती सरकार द्वारा पिछले छह महीनों में लिए गए फैसलों की समीक्षा भी की जाएगी. उन्होंने कहा कि किसानों के अल्पकालीन फसली कर्ज की माफी के सवाल पर मंत्रिमंडल ने अंतर्विभागीय समिति गठित करने का फैसला किया है. मुख्यमंत्री गहलोत यह समिति गठित करेंगे. शर्मा ने कहा कि राष्ट्रीयकृत बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक व भूमि विकास बैंक से कर्जमाफी की पात्रता व मापदंड क्या होंगे, इसको लेकर भ्रांतियां फैलाने की कोशिश की गई हैं लेकिन जल्द ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी. उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर विधि विश्वविद्यालय व हरिदेव जोशी पत्रकारिता विश्वविद्यालय फिर शुरू किया जाएगा.
गहलोत ने अपने पिछले कार्यकाल में इन दोनों संस्थानों की शुरुआत की थी, जिसे वसुंधरा राजे सरकार ने बंद कर दिया. इसे तत्काल शुरू करने का फैसला किया गया है. वृद्धावस्था पेंशन के बारे में शर्मा ने कहा कि सरकार ने दो स्लैब में मिल रही 500 रुपये व 750 रुपये की पेंशन को बढ़ाकर क्रमश: 750 रुपये व 1000 रुपये प्रति माह करने का फैसला किया है. उन्होंने कहा कि एनआरएचएम, पैरा टीचर, उर्दू पैराटीचर, लोक जुंबिक कर्मी, आंगनबाड़ी कर्मी, विद्यार्थी मित्र व पंचायत सहायक जैसे संविदाकर्मियों की समस्या पर विचार करने के लिए समिति गठित की जाएगी. यह समिति इन सभी कर्मियों की बातों को सुनकर उनकी समस्याओं के समाधान फैसला करेगी. | सारांश: गहलोत सरकार ने वसुंधरा सरकार के कई फैसले पलटे
पंचायत चुनाव के लिए शैक्षणिक योग्यता की अनिवार्यता भी खत्म
शिक्षा विभाग के निर्णयों की भी दोबारा समीक्षा की जाएगी | 7 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: साल के सबसे बड़े त्योहार दीपावली की शुरुआत शुक्रवार को धनतेरस के साथ हो गई. धनतेरस के दिन सोना खरीदने की रस्म निभाने मुंबई वासी दुकानों पर पहुंचे. धनतेरस के मौके पर सजी दुकानें, दमकते गहने और लोगों का हुजूम- कहते हैं धनतेरस के दिन सोना-चांदी या धातु खरीदना साल भर के लिए शुभ होता है. तो मुंबई धनतेरस मनाती नजर आई.टिप्पणियां
सोने के बढ़े हुए दाम का भी मुंबई वासियों के उत्साह पर कुछ खास असर नहीं पड़ा. वैजयंती कायगाऊंकर, चिंतामणि ज्वेलर्स, का कहना है कि "सोने के दाम में बढ़त जरूर हुई लेकिन यह बढ़ोतरी एकदम से नहीं हुई है, इसलिए सोने के दाम का सोने की खरीददारी पर कोई असर नहीं पड़ेगा."
दिवाली की रौनक मुंबई के बाजारों में भी खूब देखने को मिल रही है. दीयों से लेकर कंदील, घर रोशन कर देने वाली हर चीज़ से बाजार भरे पड़े हैं. रंग-बिरंगे दिए, जगमगाती कंदीलें और रंगोली के रंग. मुम्बई के बाजार दिवाली में सज चुके हैं. मुंबई के बाजार और मुंबई वासी हर साल की तरह एक शानदार दिवाली मनाने को तैयार हैं.
सोने के बढ़े हुए दाम का भी मुंबई वासियों के उत्साह पर कुछ खास असर नहीं पड़ा. वैजयंती कायगाऊंकर, चिंतामणि ज्वेलर्स, का कहना है कि "सोने के दाम में बढ़त जरूर हुई लेकिन यह बढ़ोतरी एकदम से नहीं हुई है, इसलिए सोने के दाम का सोने की खरीददारी पर कोई असर नहीं पड़ेगा."
दिवाली की रौनक मुंबई के बाजारों में भी खूब देखने को मिल रही है. दीयों से लेकर कंदील, घर रोशन कर देने वाली हर चीज़ से बाजार भरे पड़े हैं. रंग-बिरंगे दिए, जगमगाती कंदीलें और रंगोली के रंग. मुम्बई के बाजार दिवाली में सज चुके हैं. मुंबई के बाजार और मुंबई वासी हर साल की तरह एक शानदार दिवाली मनाने को तैयार हैं.
दिवाली की रौनक मुंबई के बाजारों में भी खूब देखने को मिल रही है. दीयों से लेकर कंदील, घर रोशन कर देने वाली हर चीज़ से बाजार भरे पड़े हैं. रंग-बिरंगे दिए, जगमगाती कंदीलें और रंगोली के रंग. मुम्बई के बाजार दिवाली में सज चुके हैं. मुंबई के बाजार और मुंबई वासी हर साल की तरह एक शानदार दिवाली मनाने को तैयार हैं. | यह एक सारांश है: धनतेरस के साथ दीपावली उत्सव की शुरुआत
सोने के बढ़े हुए दाम का मुंबई वासियों पर खास असर नहीं
मुंबई के बाजारों में दिवाली की खास रौनक | 21 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: अब मांग इस बात की उठ रही है कि टीपू के साथ-साथ उनके पिता हैदर अली के बारे में जो इतिहास की किताबों में पढ़ाया जाता है उसको हटाकर नया इतिहास पढ़ाया जाए, जो कि टीपू की एक अलग तस्वीर पेश करता है.
कर्नाटक हाई कोर्ट ने राज्य के मुख्यमंत्री से पूछा है कि जब 28 जयंतियों को मनाने में हर्ज नहीं है तो टीपू से परहेज़ क्यों? जब येदियुरप्पा ने बीजेपी छोड़कर केजीपी का दामन थामा था तो टीपू के मामले में उनके तेवर अलग थे. टीपू के लिए उनमें प्रेम जगा था. लेकिन बीजेपी में आते ही येदियुरप्पा बदल गए, टीपू जयंती पर ही रोक लगा दी.
अब कर्नाटक बोर्ड के लिए सिलेबस तैयार करने वाली संस्था यह तय करने में लगी है कि टीपू और हैदर अली के बारे में जो अब तक पढ़ाया जा रहा है वही पढ़ाया जाए या इसमें बदलाव किए जाएं. संघ परिवार का आरोप है कि टीपू ने लोगों का धर्म परिवर्तन करवाया और कुदगु जिले में नरसंहार भी किया.
इतिहासकार प्रोफेसर के नरसीमैयाह कहते हैं कि टीपू ने कुदगु में हमला इसलिए किया क्योंकि वहां के लोगों ने सात बार अंग्रेज़ों से मिलकर टीपू के खिलाफ बगावत की. कोई भी राजा अपने क्षेत्र की बगावत बर्दाश्त नहीं कर सकता इसलिए उसने हमला किया. और दूसरे राजाओं ने भी यही किया.
टीपू सुल्तान यहां कई लोगों के लिए नायक हैं तो कई के लिए खलनायक. जिनके लिए वे नायक हैं उनमें से कई ऐसे हैं जो टीपू को वाली मानते हैं. जो उन्हें नापसंद करते हैं उनके लिए वे रावण से कम नहीं हैं. वोटों का ध्रुवीकरण यहीं से शुरू होता है. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: किताबों में टीपू और हैदर का जिक्र हटाकर नया इतिहास पढ़ाया जाए
संघ परिवार का आरोप है कि टीपू ने लोगों का धर्म परिवर्तन करवाया
टीपू कर्नाटक में कई लोगों के लिए नायक, तो कई के लिए खलनायक | 25 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि अमेरिका में जासूसी कार्यक्रम का खुलासा करने वाला एडवर्ड स्नोडेन मौका मिलते ही रूस से चला जाएगा।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, पुतिन ने कहा, वह हमारे क्षेत्र में बिना निमंत्रण के आया है। वह हमारे देश में नहीं आया है, वह अन्य दूसरे देश जाने के लिए यहां आया है।
राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका द्वारा उसका पासपोर्ट रद्द कर दिए जाने पर स्नोडेन के आगे की यात्रा पर रोक लगा गई है।
पुतिन ने कहा, अमेरिकी प्रशासन अन्य देशों से डरा हुआ है, इसलिए कोई स्नोडेन को शरण नहीं दे रहा। उन्होंने उसके हमारे देश में आने पर भी प्रतिबंध लगा दिया है।
उन्होंने स्नोडेन के भविष्य पर कुछ कहने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, मैं यह कैसे जान सकता हूं? यह उसकी जिंदगी और उसकी किस्मत है।
लेकिन उन्होंने आगे कहा, अंतत: , वह किसी अन्य देश में स्थाई निवास के लिए जाना चाहता है। जैसे ही उसे कहीं और जाने का अवसर मिलता है, वह चला जाएगा।टिप्पणियां
पुतिन ने यह भी स्पष्ट किया कि रूस, अमेरिका के साथ अपना रिश्ता प्रभावित नहीं होने देगा, और स्नोडेन यहां सिर्फ अपने मानवाधिकारों के तहत ही रह सकता है।
स्नोडेन ने मास्को स्थित शेरेमेतयेवो इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पिछले सप्ताह रूस के मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और वकीलों से मुलाकात की थी।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, पुतिन ने कहा, वह हमारे क्षेत्र में बिना निमंत्रण के आया है। वह हमारे देश में नहीं आया है, वह अन्य दूसरे देश जाने के लिए यहां आया है।
राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका द्वारा उसका पासपोर्ट रद्द कर दिए जाने पर स्नोडेन के आगे की यात्रा पर रोक लगा गई है।
पुतिन ने कहा, अमेरिकी प्रशासन अन्य देशों से डरा हुआ है, इसलिए कोई स्नोडेन को शरण नहीं दे रहा। उन्होंने उसके हमारे देश में आने पर भी प्रतिबंध लगा दिया है।
उन्होंने स्नोडेन के भविष्य पर कुछ कहने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, मैं यह कैसे जान सकता हूं? यह उसकी जिंदगी और उसकी किस्मत है।
लेकिन उन्होंने आगे कहा, अंतत: , वह किसी अन्य देश में स्थाई निवास के लिए जाना चाहता है। जैसे ही उसे कहीं और जाने का अवसर मिलता है, वह चला जाएगा।टिप्पणियां
पुतिन ने यह भी स्पष्ट किया कि रूस, अमेरिका के साथ अपना रिश्ता प्रभावित नहीं होने देगा, और स्नोडेन यहां सिर्फ अपने मानवाधिकारों के तहत ही रह सकता है।
स्नोडेन ने मास्को स्थित शेरेमेतयेवो इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पिछले सप्ताह रूस के मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और वकीलों से मुलाकात की थी।
राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका द्वारा उसका पासपोर्ट रद्द कर दिए जाने पर स्नोडेन के आगे की यात्रा पर रोक लगा गई है।
पुतिन ने कहा, अमेरिकी प्रशासन अन्य देशों से डरा हुआ है, इसलिए कोई स्नोडेन को शरण नहीं दे रहा। उन्होंने उसके हमारे देश में आने पर भी प्रतिबंध लगा दिया है।
उन्होंने स्नोडेन के भविष्य पर कुछ कहने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, मैं यह कैसे जान सकता हूं? यह उसकी जिंदगी और उसकी किस्मत है।
लेकिन उन्होंने आगे कहा, अंतत: , वह किसी अन्य देश में स्थाई निवास के लिए जाना चाहता है। जैसे ही उसे कहीं और जाने का अवसर मिलता है, वह चला जाएगा।टिप्पणियां
पुतिन ने यह भी स्पष्ट किया कि रूस, अमेरिका के साथ अपना रिश्ता प्रभावित नहीं होने देगा, और स्नोडेन यहां सिर्फ अपने मानवाधिकारों के तहत ही रह सकता है।
स्नोडेन ने मास्को स्थित शेरेमेतयेवो इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पिछले सप्ताह रूस के मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और वकीलों से मुलाकात की थी।
पुतिन ने कहा, अमेरिकी प्रशासन अन्य देशों से डरा हुआ है, इसलिए कोई स्नोडेन को शरण नहीं दे रहा। उन्होंने उसके हमारे देश में आने पर भी प्रतिबंध लगा दिया है।
उन्होंने स्नोडेन के भविष्य पर कुछ कहने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, मैं यह कैसे जान सकता हूं? यह उसकी जिंदगी और उसकी किस्मत है।
लेकिन उन्होंने आगे कहा, अंतत: , वह किसी अन्य देश में स्थाई निवास के लिए जाना चाहता है। जैसे ही उसे कहीं और जाने का अवसर मिलता है, वह चला जाएगा।टिप्पणियां
पुतिन ने यह भी स्पष्ट किया कि रूस, अमेरिका के साथ अपना रिश्ता प्रभावित नहीं होने देगा, और स्नोडेन यहां सिर्फ अपने मानवाधिकारों के तहत ही रह सकता है।
स्नोडेन ने मास्को स्थित शेरेमेतयेवो इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पिछले सप्ताह रूस के मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और वकीलों से मुलाकात की थी।
उन्होंने स्नोडेन के भविष्य पर कुछ कहने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, मैं यह कैसे जान सकता हूं? यह उसकी जिंदगी और उसकी किस्मत है।
लेकिन उन्होंने आगे कहा, अंतत: , वह किसी अन्य देश में स्थाई निवास के लिए जाना चाहता है। जैसे ही उसे कहीं और जाने का अवसर मिलता है, वह चला जाएगा।टिप्पणियां
पुतिन ने यह भी स्पष्ट किया कि रूस, अमेरिका के साथ अपना रिश्ता प्रभावित नहीं होने देगा, और स्नोडेन यहां सिर्फ अपने मानवाधिकारों के तहत ही रह सकता है।
स्नोडेन ने मास्को स्थित शेरेमेतयेवो इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पिछले सप्ताह रूस के मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और वकीलों से मुलाकात की थी।
लेकिन उन्होंने आगे कहा, अंतत: , वह किसी अन्य देश में स्थाई निवास के लिए जाना चाहता है। जैसे ही उसे कहीं और जाने का अवसर मिलता है, वह चला जाएगा।टिप्पणियां
पुतिन ने यह भी स्पष्ट किया कि रूस, अमेरिका के साथ अपना रिश्ता प्रभावित नहीं होने देगा, और स्नोडेन यहां सिर्फ अपने मानवाधिकारों के तहत ही रह सकता है।
स्नोडेन ने मास्को स्थित शेरेमेतयेवो इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पिछले सप्ताह रूस के मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और वकीलों से मुलाकात की थी।
पुतिन ने यह भी स्पष्ट किया कि रूस, अमेरिका के साथ अपना रिश्ता प्रभावित नहीं होने देगा, और स्नोडेन यहां सिर्फ अपने मानवाधिकारों के तहत ही रह सकता है।
स्नोडेन ने मास्को स्थित शेरेमेतयेवो इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पिछले सप्ताह रूस के मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और वकीलों से मुलाकात की थी।
स्नोडेन ने मास्को स्थित शेरेमेतयेवो इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पिछले सप्ताह रूस के मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और वकीलों से मुलाकात की थी। | यहाँ एक सारांश है:एक समाचार एजेंसी के मुताबिक, पुतिन ने कहा, वह हमारे क्षेत्र में बिना निमंत्रण के आया है। वह हमारे देश में नहीं आया है, वह अन्य दूसरे देश जाने के लिए यहां आया है। | 17 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारतीय टीम के मौजूदा कोच अनिल कुंबले ने कहा कि महेंद्र सिंह धोनी का बतौर कप्तान करियर शानदार रहा है लेकिन उनकी कप्तानी के दौरान सबसे अहम बातों में से एक यह रही कि उन्होंने टीम में सीनियर खिलाड़ियों को बखूबी संभाला.
विकेटकीपर बल्लेबाज धोनी तब कुंबले के बाद टेस्ट कप्तान बने थे जब इस महान लेग स्पिनर ने 2008 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू सीरीज के बीच में संन्यास लेने की घोषणा की थी. कुंबले ने उस दौर को याद किया जब धोनी को सभी तीनों प्रारूपों का कप्तान बनाया गया था.
रविवार को इंग्लैंड के खिलाफ होने वाले पहले वनडे से पहले कुंबले ने कहा, ‘‘पहला चरण शायद मेरे लिये आसान था क्योंकि मेरी उम्र हो गयी थी, मेरे लिये यह कहना आसान था कि ‘महेंद्र सिंह धोनी जिम्मेदारी संभाले’. उस समय मेरे लिये जारी रखना मुश्किल था, शरीर इच्छुक नहीं था लेकिन मैंने सोचा कि मेरे लिये छोड़ने का सही समय था. महेंद्र सिंह धोनी भी टेस्ट कप्तानी संभालने के लिये तैयार था.’’
धोनी का बतौर कप्तान शानदार कार्यकाल 2007 में विश्व टी20 जीत के साथ शुरू हुआ. कुंबले ने कहा, ‘‘वहां से 2007 तक, 2007 से 2017 तक, कप्तानी के 10 साल शानदार रहे. इससे महेंद्र सिंह धोनी की बतौर कप्तान काबिलियत दिखी और साथ ही वह उस बदलाव के दौर के दौरान क्या हासिल करने योग्य था और उस समय पर जब सीनियर खिलाड़ी जा चुके थे. ऐसे समय में कप्तान के तौर पर टीम में आना आसान नहीं था क्योंकि तब इतने सारे सीनियर खिलाड़ी टीम में थे. लेकिन उसने बहुत अच्छी तरह उनका इस्तेमाल किया.’’
कुंबले ने उस समय का जिक्र किया जब सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली, वीवीएस लक्ष्मण, वीरेंद्र सहवाग और राहुल द्रविड़ जैसे दिग्गज धोनी की कप्तानी में खेले थे. उन्होंने कहा, ‘‘उसने (धोनी ने) उनसे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन ही नहीं कराया बल्कि टीम के लिये भी यह सर्वश्रेष्ठ रहा. नंबर एक टेस्ट टीम के तौर पर ही नहीं बल्कि बाद में विश्व कप और चैम्पियंस ट्रॉफी जीतने के बाद भी और अन्य कई जीत के बाद भी यह अच्छा रहा जिसमें वह टीम का हिस्सा रहा था.’’ उन्होंने धोनी के कप्तानी से हटने के समय की भी प्रशंसा की.
कुंबले ने कहा, ‘‘इस टीम में युवी के अलावा हर किसी ने अपना करियर महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई में ही शुरू किया है. इसलिये उसने ऐसा बदलाव का दौर देखा है. उसने जो हासिल किया है, उसे हासिल करना शानदार है. हम सभी जानते हैं कि खिलाड़ी और बल्लेबाज और विकेटकीपर के तौर पर उसकी कितनी अहमियत है. निश्चित रूप से मैदान पर उसकी कितनी अहमियत है.’’टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘फैसला लेना आसान नहीं है. उसे सलाम. यह दिखाता है कि वह कितना निस्वार्थी है. उसने शायद सोचा हो कि विराट के लिये जिम्मेदारी संभालने के लिये यह सही समय होगा. जैसा कि मुझे तब महसूस हुआ था जब मैंने सोचा था कि महेंद्र सिंह धोनी के लिये जिम्मेदारी संभालने के लिये सही समय है.’’ कुंबले ने कहा, ‘‘जैसा कि मैंने कहा कि विराट जब टीम में आया था जब महेंद्र सिंह धोनी कप्तान था इसलिये दोनों के बीच तालमेल से विराट को बतौर कप्तान मदद ही मिलेगी.’’(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
विकेटकीपर बल्लेबाज धोनी तब कुंबले के बाद टेस्ट कप्तान बने थे जब इस महान लेग स्पिनर ने 2008 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू सीरीज के बीच में संन्यास लेने की घोषणा की थी. कुंबले ने उस दौर को याद किया जब धोनी को सभी तीनों प्रारूपों का कप्तान बनाया गया था.
रविवार को इंग्लैंड के खिलाफ होने वाले पहले वनडे से पहले कुंबले ने कहा, ‘‘पहला चरण शायद मेरे लिये आसान था क्योंकि मेरी उम्र हो गयी थी, मेरे लिये यह कहना आसान था कि ‘महेंद्र सिंह धोनी जिम्मेदारी संभाले’. उस समय मेरे लिये जारी रखना मुश्किल था, शरीर इच्छुक नहीं था लेकिन मैंने सोचा कि मेरे लिये छोड़ने का सही समय था. महेंद्र सिंह धोनी भी टेस्ट कप्तानी संभालने के लिये तैयार था.’’
धोनी का बतौर कप्तान शानदार कार्यकाल 2007 में विश्व टी20 जीत के साथ शुरू हुआ. कुंबले ने कहा, ‘‘वहां से 2007 तक, 2007 से 2017 तक, कप्तानी के 10 साल शानदार रहे. इससे महेंद्र सिंह धोनी की बतौर कप्तान काबिलियत दिखी और साथ ही वह उस बदलाव के दौर के दौरान क्या हासिल करने योग्य था और उस समय पर जब सीनियर खिलाड़ी जा चुके थे. ऐसे समय में कप्तान के तौर पर टीम में आना आसान नहीं था क्योंकि तब इतने सारे सीनियर खिलाड़ी टीम में थे. लेकिन उसने बहुत अच्छी तरह उनका इस्तेमाल किया.’’
कुंबले ने उस समय का जिक्र किया जब सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली, वीवीएस लक्ष्मण, वीरेंद्र सहवाग और राहुल द्रविड़ जैसे दिग्गज धोनी की कप्तानी में खेले थे. उन्होंने कहा, ‘‘उसने (धोनी ने) उनसे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन ही नहीं कराया बल्कि टीम के लिये भी यह सर्वश्रेष्ठ रहा. नंबर एक टेस्ट टीम के तौर पर ही नहीं बल्कि बाद में विश्व कप और चैम्पियंस ट्रॉफी जीतने के बाद भी और अन्य कई जीत के बाद भी यह अच्छा रहा जिसमें वह टीम का हिस्सा रहा था.’’ उन्होंने धोनी के कप्तानी से हटने के समय की भी प्रशंसा की.
कुंबले ने कहा, ‘‘इस टीम में युवी के अलावा हर किसी ने अपना करियर महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई में ही शुरू किया है. इसलिये उसने ऐसा बदलाव का दौर देखा है. उसने जो हासिल किया है, उसे हासिल करना शानदार है. हम सभी जानते हैं कि खिलाड़ी और बल्लेबाज और विकेटकीपर के तौर पर उसकी कितनी अहमियत है. निश्चित रूप से मैदान पर उसकी कितनी अहमियत है.’’टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘फैसला लेना आसान नहीं है. उसे सलाम. यह दिखाता है कि वह कितना निस्वार्थी है. उसने शायद सोचा हो कि विराट के लिये जिम्मेदारी संभालने के लिये यह सही समय होगा. जैसा कि मुझे तब महसूस हुआ था जब मैंने सोचा था कि महेंद्र सिंह धोनी के लिये जिम्मेदारी संभालने के लिये सही समय है.’’ कुंबले ने कहा, ‘‘जैसा कि मैंने कहा कि विराट जब टीम में आया था जब महेंद्र सिंह धोनी कप्तान था इसलिये दोनों के बीच तालमेल से विराट को बतौर कप्तान मदद ही मिलेगी.’’(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
रविवार को इंग्लैंड के खिलाफ होने वाले पहले वनडे से पहले कुंबले ने कहा, ‘‘पहला चरण शायद मेरे लिये आसान था क्योंकि मेरी उम्र हो गयी थी, मेरे लिये यह कहना आसान था कि ‘महेंद्र सिंह धोनी जिम्मेदारी संभाले’. उस समय मेरे लिये जारी रखना मुश्किल था, शरीर इच्छुक नहीं था लेकिन मैंने सोचा कि मेरे लिये छोड़ने का सही समय था. महेंद्र सिंह धोनी भी टेस्ट कप्तानी संभालने के लिये तैयार था.’’
धोनी का बतौर कप्तान शानदार कार्यकाल 2007 में विश्व टी20 जीत के साथ शुरू हुआ. कुंबले ने कहा, ‘‘वहां से 2007 तक, 2007 से 2017 तक, कप्तानी के 10 साल शानदार रहे. इससे महेंद्र सिंह धोनी की बतौर कप्तान काबिलियत दिखी और साथ ही वह उस बदलाव के दौर के दौरान क्या हासिल करने योग्य था और उस समय पर जब सीनियर खिलाड़ी जा चुके थे. ऐसे समय में कप्तान के तौर पर टीम में आना आसान नहीं था क्योंकि तब इतने सारे सीनियर खिलाड़ी टीम में थे. लेकिन उसने बहुत अच्छी तरह उनका इस्तेमाल किया.’’
कुंबले ने उस समय का जिक्र किया जब सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली, वीवीएस लक्ष्मण, वीरेंद्र सहवाग और राहुल द्रविड़ जैसे दिग्गज धोनी की कप्तानी में खेले थे. उन्होंने कहा, ‘‘उसने (धोनी ने) उनसे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन ही नहीं कराया बल्कि टीम के लिये भी यह सर्वश्रेष्ठ रहा. नंबर एक टेस्ट टीम के तौर पर ही नहीं बल्कि बाद में विश्व कप और चैम्पियंस ट्रॉफी जीतने के बाद भी और अन्य कई जीत के बाद भी यह अच्छा रहा जिसमें वह टीम का हिस्सा रहा था.’’ उन्होंने धोनी के कप्तानी से हटने के समय की भी प्रशंसा की.
कुंबले ने कहा, ‘‘इस टीम में युवी के अलावा हर किसी ने अपना करियर महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई में ही शुरू किया है. इसलिये उसने ऐसा बदलाव का दौर देखा है. उसने जो हासिल किया है, उसे हासिल करना शानदार है. हम सभी जानते हैं कि खिलाड़ी और बल्लेबाज और विकेटकीपर के तौर पर उसकी कितनी अहमियत है. निश्चित रूप से मैदान पर उसकी कितनी अहमियत है.’’टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘फैसला लेना आसान नहीं है. उसे सलाम. यह दिखाता है कि वह कितना निस्वार्थी है. उसने शायद सोचा हो कि विराट के लिये जिम्मेदारी संभालने के लिये यह सही समय होगा. जैसा कि मुझे तब महसूस हुआ था जब मैंने सोचा था कि महेंद्र सिंह धोनी के लिये जिम्मेदारी संभालने के लिये सही समय है.’’ कुंबले ने कहा, ‘‘जैसा कि मैंने कहा कि विराट जब टीम में आया था जब महेंद्र सिंह धोनी कप्तान था इसलिये दोनों के बीच तालमेल से विराट को बतौर कप्तान मदद ही मिलेगी.’’(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
धोनी का बतौर कप्तान शानदार कार्यकाल 2007 में विश्व टी20 जीत के साथ शुरू हुआ. कुंबले ने कहा, ‘‘वहां से 2007 तक, 2007 से 2017 तक, कप्तानी के 10 साल शानदार रहे. इससे महेंद्र सिंह धोनी की बतौर कप्तान काबिलियत दिखी और साथ ही वह उस बदलाव के दौर के दौरान क्या हासिल करने योग्य था और उस समय पर जब सीनियर खिलाड़ी जा चुके थे. ऐसे समय में कप्तान के तौर पर टीम में आना आसान नहीं था क्योंकि तब इतने सारे सीनियर खिलाड़ी टीम में थे. लेकिन उसने बहुत अच्छी तरह उनका इस्तेमाल किया.’’
कुंबले ने उस समय का जिक्र किया जब सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली, वीवीएस लक्ष्मण, वीरेंद्र सहवाग और राहुल द्रविड़ जैसे दिग्गज धोनी की कप्तानी में खेले थे. उन्होंने कहा, ‘‘उसने (धोनी ने) उनसे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन ही नहीं कराया बल्कि टीम के लिये भी यह सर्वश्रेष्ठ रहा. नंबर एक टेस्ट टीम के तौर पर ही नहीं बल्कि बाद में विश्व कप और चैम्पियंस ट्रॉफी जीतने के बाद भी और अन्य कई जीत के बाद भी यह अच्छा रहा जिसमें वह टीम का हिस्सा रहा था.’’ उन्होंने धोनी के कप्तानी से हटने के समय की भी प्रशंसा की.
कुंबले ने कहा, ‘‘इस टीम में युवी के अलावा हर किसी ने अपना करियर महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई में ही शुरू किया है. इसलिये उसने ऐसा बदलाव का दौर देखा है. उसने जो हासिल किया है, उसे हासिल करना शानदार है. हम सभी जानते हैं कि खिलाड़ी और बल्लेबाज और विकेटकीपर के तौर पर उसकी कितनी अहमियत है. निश्चित रूप से मैदान पर उसकी कितनी अहमियत है.’’टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘फैसला लेना आसान नहीं है. उसे सलाम. यह दिखाता है कि वह कितना निस्वार्थी है. उसने शायद सोचा हो कि विराट के लिये जिम्मेदारी संभालने के लिये यह सही समय होगा. जैसा कि मुझे तब महसूस हुआ था जब मैंने सोचा था कि महेंद्र सिंह धोनी के लिये जिम्मेदारी संभालने के लिये सही समय है.’’ कुंबले ने कहा, ‘‘जैसा कि मैंने कहा कि विराट जब टीम में आया था जब महेंद्र सिंह धोनी कप्तान था इसलिये दोनों के बीच तालमेल से विराट को बतौर कप्तान मदद ही मिलेगी.’’(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
कुंबले ने उस समय का जिक्र किया जब सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली, वीवीएस लक्ष्मण, वीरेंद्र सहवाग और राहुल द्रविड़ जैसे दिग्गज धोनी की कप्तानी में खेले थे. उन्होंने कहा, ‘‘उसने (धोनी ने) उनसे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन ही नहीं कराया बल्कि टीम के लिये भी यह सर्वश्रेष्ठ रहा. नंबर एक टेस्ट टीम के तौर पर ही नहीं बल्कि बाद में विश्व कप और चैम्पियंस ट्रॉफी जीतने के बाद भी और अन्य कई जीत के बाद भी यह अच्छा रहा जिसमें वह टीम का हिस्सा रहा था.’’ उन्होंने धोनी के कप्तानी से हटने के समय की भी प्रशंसा की.
कुंबले ने कहा, ‘‘इस टीम में युवी के अलावा हर किसी ने अपना करियर महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई में ही शुरू किया है. इसलिये उसने ऐसा बदलाव का दौर देखा है. उसने जो हासिल किया है, उसे हासिल करना शानदार है. हम सभी जानते हैं कि खिलाड़ी और बल्लेबाज और विकेटकीपर के तौर पर उसकी कितनी अहमियत है. निश्चित रूप से मैदान पर उसकी कितनी अहमियत है.’’टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘फैसला लेना आसान नहीं है. उसे सलाम. यह दिखाता है कि वह कितना निस्वार्थी है. उसने शायद सोचा हो कि विराट के लिये जिम्मेदारी संभालने के लिये यह सही समय होगा. जैसा कि मुझे तब महसूस हुआ था जब मैंने सोचा था कि महेंद्र सिंह धोनी के लिये जिम्मेदारी संभालने के लिये सही समय है.’’ कुंबले ने कहा, ‘‘जैसा कि मैंने कहा कि विराट जब टीम में आया था जब महेंद्र सिंह धोनी कप्तान था इसलिये दोनों के बीच तालमेल से विराट को बतौर कप्तान मदद ही मिलेगी.’’(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
कुंबले ने कहा, ‘‘इस टीम में युवी के अलावा हर किसी ने अपना करियर महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई में ही शुरू किया है. इसलिये उसने ऐसा बदलाव का दौर देखा है. उसने जो हासिल किया है, उसे हासिल करना शानदार है. हम सभी जानते हैं कि खिलाड़ी और बल्लेबाज और विकेटकीपर के तौर पर उसकी कितनी अहमियत है. निश्चित रूप से मैदान पर उसकी कितनी अहमियत है.’’टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘फैसला लेना आसान नहीं है. उसे सलाम. यह दिखाता है कि वह कितना निस्वार्थी है. उसने शायद सोचा हो कि विराट के लिये जिम्मेदारी संभालने के लिये यह सही समय होगा. जैसा कि मुझे तब महसूस हुआ था जब मैंने सोचा था कि महेंद्र सिंह धोनी के लिये जिम्मेदारी संभालने के लिये सही समय है.’’ कुंबले ने कहा, ‘‘जैसा कि मैंने कहा कि विराट जब टीम में आया था जब महेंद्र सिंह धोनी कप्तान था इसलिये दोनों के बीच तालमेल से विराट को बतौर कप्तान मदद ही मिलेगी.’’(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा, ‘‘फैसला लेना आसान नहीं है. उसे सलाम. यह दिखाता है कि वह कितना निस्वार्थी है. उसने शायद सोचा हो कि विराट के लिये जिम्मेदारी संभालने के लिये यह सही समय होगा. जैसा कि मुझे तब महसूस हुआ था जब मैंने सोचा था कि महेंद्र सिंह धोनी के लिये जिम्मेदारी संभालने के लिये सही समय है.’’ कुंबले ने कहा, ‘‘जैसा कि मैंने कहा कि विराट जब टीम में आया था जब महेंद्र सिंह धोनी कप्तान था इसलिये दोनों के बीच तालमेल से विराट को बतौर कप्तान मदद ही मिलेगी.’’(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | धोनी का बतौर कप्तान कार्यकाल 2007 में विश्व टी20 जीत के साथ शुरू हुआ
मेरे लिये यह कहना आसान था कि ‘महेंद्र सिंह धोनी जिम्मेदारी संभाले
दोनों के बीच तालमेल से विराट कोहली को बतौर कप्तान मदद ही मिलेगी | 1 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय टेनिस के सभी टॉप खिलाड़ी अब विम्बल्डन में अपनी किस्मत आज़मा रहे हैं और इसे ओलिम्पिक की तैयारी के तौर पर भी देखा जा रहा है। इस बीच महेश भूपति ने सानिया के बेहद कड़े ख़त पर अपनी प्रतिक्रिया देकर पहले से चल रहे विवाद को और हवा दे दी है।
महेश भूपति ने यह भी इशारा किया कि वह सानिया के साथ ओलिंपिक्स में मिक्स्ड डबल्स खेल सकते हैं। सानिया को वाइल्ड कार्ड मिलते ही भारतीय टेनिस के अब तक के शायद सबसे बड़ा विवाद और गरमा गया। सानिया के बयान से पहले से ही बैकफुट पर चल रही टेनिस संघ की परेशानी और बढ़ती नज़र आ रही है।
ख़ास कर तब जब महेश भूपति इस मसले में ना सिर्फ़ सानिया के साथ खड़े हो गए हैं बल्कि उनका बयान अब लिएंडर पेस के कैंप को भड़का सकता हैं।
भूपति कहते हैं टेनिस में चीज़ें और ख़राब हो सकती थीं। उन्होंने हमें मुश्किल हालात में डाल दिया है। मुझे सानिया के साथ सहानुभूति है। टीम बनाते वक्त सानिया से नहीं पूछा गया। मैं अब भी सानिया के साथ ओलिंपिक्स में खेलने को तैयार हूं।
भूपति शायद सानिया को किए गए वादे का जवाब दे रहे हैं लेकिन, इससे मसला सुलझता नहीं दिख रहा है। ज़ाहिर है अब तक खामोश दिख रहे पेस की फ़ितरत चुप होकर सुनते रहने वाले खिलाड़ी की नहीं है।
ऐसे में अगर पेस ने मुंह खोला तो खिलाड़ियों का अहम चाहे जितना संतुष्ट हो जाए खेल का भला
होता नहीं दिखता।
टेनिस संघ के कुछ अधिकारी इन दिनों लंदन में विम्बल्डन के स्टैंड्स में देखे जा सकते हैं लेकिन, उन्होंने इस मसले को अब ओलिम्पिक्स से पहले एक बार फिर मीडिया और पब्लिक में आने दिया तो उनकी और फ़ज़ीहत ही होगी।
ज़ाहिर तौर पर टेनिस की जंग में लिएंडर फ़िलहाल खिलाड़ियों के बीच अकेले दिख रहे हैं। तो भूपति और बोपन्ना की जोड़ी बेहद खुश है। बोपन्ना पहली बार ओलिम्पिक में खेलने को लेकर बेहद उत्साहित हैं। उन्हें भरोसा है कि जोड़ी ओलिम्पिक में कमाल कर सकती है।
डबल्स में वर्ल्ड नंबर 13 रोहन बोपन्ना कहते हैं हम वाकई खुश हैं। हम उत्साहित हैं कि हम एक साथ लंदन ओलिम्पिक्स में हिस्सा ले रहे हैं। हमने इसके लिए लंदन 2012 के लिए 6 महीने कड़ी मेहनत की है।टिप्पणियां
इस बार टेनिस में आठ खिलाड़ी ओलिम्पिक में जा रहे हैं जो भारत की अब तक की सबसे बड़ी टेनिस टीम है।
लेकिन, भारत को टेनिस से अब तक 1996 में अटलांटा ओलिम्पिक्स में सिर्फ़ एक पदक हासिल हुआ है। इत्तिफ़ाकन वो कांस्य पदक लिएंडर पेस ने सिंगल्स मुक़ाबलों में जीता था।
उसके बाद सिडनी एथेंस और बीजिंग में टेनिस टीम कई बार पदक के पास पहुंच कर भी चूक गई। इस बार उम्मीद तो है लेकिन भारतीय खेल प्रेमियों की बड़ी फ़िक्र यह है कि यह झगड़ा और बढ़ा तो टेनिस से ओलिम्पिक में पदक की उम्मीद और फीकी पड़ जाएगी।
महेश भूपति ने यह भी इशारा किया कि वह सानिया के साथ ओलिंपिक्स में मिक्स्ड डबल्स खेल सकते हैं। सानिया को वाइल्ड कार्ड मिलते ही भारतीय टेनिस के अब तक के शायद सबसे बड़ा विवाद और गरमा गया। सानिया के बयान से पहले से ही बैकफुट पर चल रही टेनिस संघ की परेशानी और बढ़ती नज़र आ रही है।
ख़ास कर तब जब महेश भूपति इस मसले में ना सिर्फ़ सानिया के साथ खड़े हो गए हैं बल्कि उनका बयान अब लिएंडर पेस के कैंप को भड़का सकता हैं।
भूपति कहते हैं टेनिस में चीज़ें और ख़राब हो सकती थीं। उन्होंने हमें मुश्किल हालात में डाल दिया है। मुझे सानिया के साथ सहानुभूति है। टीम बनाते वक्त सानिया से नहीं पूछा गया। मैं अब भी सानिया के साथ ओलिंपिक्स में खेलने को तैयार हूं।
भूपति शायद सानिया को किए गए वादे का जवाब दे रहे हैं लेकिन, इससे मसला सुलझता नहीं दिख रहा है। ज़ाहिर है अब तक खामोश दिख रहे पेस की फ़ितरत चुप होकर सुनते रहने वाले खिलाड़ी की नहीं है।
ऐसे में अगर पेस ने मुंह खोला तो खिलाड़ियों का अहम चाहे जितना संतुष्ट हो जाए खेल का भला
होता नहीं दिखता।
टेनिस संघ के कुछ अधिकारी इन दिनों लंदन में विम्बल्डन के स्टैंड्स में देखे जा सकते हैं लेकिन, उन्होंने इस मसले को अब ओलिम्पिक्स से पहले एक बार फिर मीडिया और पब्लिक में आने दिया तो उनकी और फ़ज़ीहत ही होगी।
ज़ाहिर तौर पर टेनिस की जंग में लिएंडर फ़िलहाल खिलाड़ियों के बीच अकेले दिख रहे हैं। तो भूपति और बोपन्ना की जोड़ी बेहद खुश है। बोपन्ना पहली बार ओलिम्पिक में खेलने को लेकर बेहद उत्साहित हैं। उन्हें भरोसा है कि जोड़ी ओलिम्पिक में कमाल कर सकती है।
डबल्स में वर्ल्ड नंबर 13 रोहन बोपन्ना कहते हैं हम वाकई खुश हैं। हम उत्साहित हैं कि हम एक साथ लंदन ओलिम्पिक्स में हिस्सा ले रहे हैं। हमने इसके लिए लंदन 2012 के लिए 6 महीने कड़ी मेहनत की है।टिप्पणियां
इस बार टेनिस में आठ खिलाड़ी ओलिम्पिक में जा रहे हैं जो भारत की अब तक की सबसे बड़ी टेनिस टीम है।
लेकिन, भारत को टेनिस से अब तक 1996 में अटलांटा ओलिम्पिक्स में सिर्फ़ एक पदक हासिल हुआ है। इत्तिफ़ाकन वो कांस्य पदक लिएंडर पेस ने सिंगल्स मुक़ाबलों में जीता था।
उसके बाद सिडनी एथेंस और बीजिंग में टेनिस टीम कई बार पदक के पास पहुंच कर भी चूक गई। इस बार उम्मीद तो है लेकिन भारतीय खेल प्रेमियों की बड़ी फ़िक्र यह है कि यह झगड़ा और बढ़ा तो टेनिस से ओलिम्पिक में पदक की उम्मीद और फीकी पड़ जाएगी।
ख़ास कर तब जब महेश भूपति इस मसले में ना सिर्फ़ सानिया के साथ खड़े हो गए हैं बल्कि उनका बयान अब लिएंडर पेस के कैंप को भड़का सकता हैं।
भूपति कहते हैं टेनिस में चीज़ें और ख़राब हो सकती थीं। उन्होंने हमें मुश्किल हालात में डाल दिया है। मुझे सानिया के साथ सहानुभूति है। टीम बनाते वक्त सानिया से नहीं पूछा गया। मैं अब भी सानिया के साथ ओलिंपिक्स में खेलने को तैयार हूं।
भूपति शायद सानिया को किए गए वादे का जवाब दे रहे हैं लेकिन, इससे मसला सुलझता नहीं दिख रहा है। ज़ाहिर है अब तक खामोश दिख रहे पेस की फ़ितरत चुप होकर सुनते रहने वाले खिलाड़ी की नहीं है।
ऐसे में अगर पेस ने मुंह खोला तो खिलाड़ियों का अहम चाहे जितना संतुष्ट हो जाए खेल का भला
होता नहीं दिखता।
टेनिस संघ के कुछ अधिकारी इन दिनों लंदन में विम्बल्डन के स्टैंड्स में देखे जा सकते हैं लेकिन, उन्होंने इस मसले को अब ओलिम्पिक्स से पहले एक बार फिर मीडिया और पब्लिक में आने दिया तो उनकी और फ़ज़ीहत ही होगी।
ज़ाहिर तौर पर टेनिस की जंग में लिएंडर फ़िलहाल खिलाड़ियों के बीच अकेले दिख रहे हैं। तो भूपति और बोपन्ना की जोड़ी बेहद खुश है। बोपन्ना पहली बार ओलिम्पिक में खेलने को लेकर बेहद उत्साहित हैं। उन्हें भरोसा है कि जोड़ी ओलिम्पिक में कमाल कर सकती है।
डबल्स में वर्ल्ड नंबर 13 रोहन बोपन्ना कहते हैं हम वाकई खुश हैं। हम उत्साहित हैं कि हम एक साथ लंदन ओलिम्पिक्स में हिस्सा ले रहे हैं। हमने इसके लिए लंदन 2012 के लिए 6 महीने कड़ी मेहनत की है।टिप्पणियां
इस बार टेनिस में आठ खिलाड़ी ओलिम्पिक में जा रहे हैं जो भारत की अब तक की सबसे बड़ी टेनिस टीम है।
लेकिन, भारत को टेनिस से अब तक 1996 में अटलांटा ओलिम्पिक्स में सिर्फ़ एक पदक हासिल हुआ है। इत्तिफ़ाकन वो कांस्य पदक लिएंडर पेस ने सिंगल्स मुक़ाबलों में जीता था।
उसके बाद सिडनी एथेंस और बीजिंग में टेनिस टीम कई बार पदक के पास पहुंच कर भी चूक गई। इस बार उम्मीद तो है लेकिन भारतीय खेल प्रेमियों की बड़ी फ़िक्र यह है कि यह झगड़ा और बढ़ा तो टेनिस से ओलिम्पिक में पदक की उम्मीद और फीकी पड़ जाएगी।
भूपति कहते हैं टेनिस में चीज़ें और ख़राब हो सकती थीं। उन्होंने हमें मुश्किल हालात में डाल दिया है। मुझे सानिया के साथ सहानुभूति है। टीम बनाते वक्त सानिया से नहीं पूछा गया। मैं अब भी सानिया के साथ ओलिंपिक्स में खेलने को तैयार हूं।
भूपति शायद सानिया को किए गए वादे का जवाब दे रहे हैं लेकिन, इससे मसला सुलझता नहीं दिख रहा है। ज़ाहिर है अब तक खामोश दिख रहे पेस की फ़ितरत चुप होकर सुनते रहने वाले खिलाड़ी की नहीं है।
ऐसे में अगर पेस ने मुंह खोला तो खिलाड़ियों का अहम चाहे जितना संतुष्ट हो जाए खेल का भला
होता नहीं दिखता।
टेनिस संघ के कुछ अधिकारी इन दिनों लंदन में विम्बल्डन के स्टैंड्स में देखे जा सकते हैं लेकिन, उन्होंने इस मसले को अब ओलिम्पिक्स से पहले एक बार फिर मीडिया और पब्लिक में आने दिया तो उनकी और फ़ज़ीहत ही होगी।
ज़ाहिर तौर पर टेनिस की जंग में लिएंडर फ़िलहाल खिलाड़ियों के बीच अकेले दिख रहे हैं। तो भूपति और बोपन्ना की जोड़ी बेहद खुश है। बोपन्ना पहली बार ओलिम्पिक में खेलने को लेकर बेहद उत्साहित हैं। उन्हें भरोसा है कि जोड़ी ओलिम्पिक में कमाल कर सकती है।
डबल्स में वर्ल्ड नंबर 13 रोहन बोपन्ना कहते हैं हम वाकई खुश हैं। हम उत्साहित हैं कि हम एक साथ लंदन ओलिम्पिक्स में हिस्सा ले रहे हैं। हमने इसके लिए लंदन 2012 के लिए 6 महीने कड़ी मेहनत की है।टिप्पणियां
इस बार टेनिस में आठ खिलाड़ी ओलिम्पिक में जा रहे हैं जो भारत की अब तक की सबसे बड़ी टेनिस टीम है।
लेकिन, भारत को टेनिस से अब तक 1996 में अटलांटा ओलिम्पिक्स में सिर्फ़ एक पदक हासिल हुआ है। इत्तिफ़ाकन वो कांस्य पदक लिएंडर पेस ने सिंगल्स मुक़ाबलों में जीता था।
उसके बाद सिडनी एथेंस और बीजिंग में टेनिस टीम कई बार पदक के पास पहुंच कर भी चूक गई। इस बार उम्मीद तो है लेकिन भारतीय खेल प्रेमियों की बड़ी फ़िक्र यह है कि यह झगड़ा और बढ़ा तो टेनिस से ओलिम्पिक में पदक की उम्मीद और फीकी पड़ जाएगी।
भूपति शायद सानिया को किए गए वादे का जवाब दे रहे हैं लेकिन, इससे मसला सुलझता नहीं दिख रहा है। ज़ाहिर है अब तक खामोश दिख रहे पेस की फ़ितरत चुप होकर सुनते रहने वाले खिलाड़ी की नहीं है।
ऐसे में अगर पेस ने मुंह खोला तो खिलाड़ियों का अहम चाहे जितना संतुष्ट हो जाए खेल का भला
होता नहीं दिखता।
टेनिस संघ के कुछ अधिकारी इन दिनों लंदन में विम्बल्डन के स्टैंड्स में देखे जा सकते हैं लेकिन, उन्होंने इस मसले को अब ओलिम्पिक्स से पहले एक बार फिर मीडिया और पब्लिक में आने दिया तो उनकी और फ़ज़ीहत ही होगी।
ज़ाहिर तौर पर टेनिस की जंग में लिएंडर फ़िलहाल खिलाड़ियों के बीच अकेले दिख रहे हैं। तो भूपति और बोपन्ना की जोड़ी बेहद खुश है। बोपन्ना पहली बार ओलिम्पिक में खेलने को लेकर बेहद उत्साहित हैं। उन्हें भरोसा है कि जोड़ी ओलिम्पिक में कमाल कर सकती है।
डबल्स में वर्ल्ड नंबर 13 रोहन बोपन्ना कहते हैं हम वाकई खुश हैं। हम उत्साहित हैं कि हम एक साथ लंदन ओलिम्पिक्स में हिस्सा ले रहे हैं। हमने इसके लिए लंदन 2012 के लिए 6 महीने कड़ी मेहनत की है।टिप्पणियां
इस बार टेनिस में आठ खिलाड़ी ओलिम्पिक में जा रहे हैं जो भारत की अब तक की सबसे बड़ी टेनिस टीम है।
लेकिन, भारत को टेनिस से अब तक 1996 में अटलांटा ओलिम्पिक्स में सिर्फ़ एक पदक हासिल हुआ है। इत्तिफ़ाकन वो कांस्य पदक लिएंडर पेस ने सिंगल्स मुक़ाबलों में जीता था।
उसके बाद सिडनी एथेंस और बीजिंग में टेनिस टीम कई बार पदक के पास पहुंच कर भी चूक गई। इस बार उम्मीद तो है लेकिन भारतीय खेल प्रेमियों की बड़ी फ़िक्र यह है कि यह झगड़ा और बढ़ा तो टेनिस से ओलिम्पिक में पदक की उम्मीद और फीकी पड़ जाएगी।
टेनिस संघ के कुछ अधिकारी इन दिनों लंदन में विम्बल्डन के स्टैंड्स में देखे जा सकते हैं लेकिन, उन्होंने इस मसले को अब ओलिम्पिक्स से पहले एक बार फिर मीडिया और पब्लिक में आने दिया तो उनकी और फ़ज़ीहत ही होगी।
ज़ाहिर तौर पर टेनिस की जंग में लिएंडर फ़िलहाल खिलाड़ियों के बीच अकेले दिख रहे हैं। तो भूपति और बोपन्ना की जोड़ी बेहद खुश है। बोपन्ना पहली बार ओलिम्पिक में खेलने को लेकर बेहद उत्साहित हैं। उन्हें भरोसा है कि जोड़ी ओलिम्पिक में कमाल कर सकती है।
डबल्स में वर्ल्ड नंबर 13 रोहन बोपन्ना कहते हैं हम वाकई खुश हैं। हम उत्साहित हैं कि हम एक साथ लंदन ओलिम्पिक्स में हिस्सा ले रहे हैं। हमने इसके लिए लंदन 2012 के लिए 6 महीने कड़ी मेहनत की है।टिप्पणियां
इस बार टेनिस में आठ खिलाड़ी ओलिम्पिक में जा रहे हैं जो भारत की अब तक की सबसे बड़ी टेनिस टीम है।
लेकिन, भारत को टेनिस से अब तक 1996 में अटलांटा ओलिम्पिक्स में सिर्फ़ एक पदक हासिल हुआ है। इत्तिफ़ाकन वो कांस्य पदक लिएंडर पेस ने सिंगल्स मुक़ाबलों में जीता था।
उसके बाद सिडनी एथेंस और बीजिंग में टेनिस टीम कई बार पदक के पास पहुंच कर भी चूक गई। इस बार उम्मीद तो है लेकिन भारतीय खेल प्रेमियों की बड़ी फ़िक्र यह है कि यह झगड़ा और बढ़ा तो टेनिस से ओलिम्पिक में पदक की उम्मीद और फीकी पड़ जाएगी।
ज़ाहिर तौर पर टेनिस की जंग में लिएंडर फ़िलहाल खिलाड़ियों के बीच अकेले दिख रहे हैं। तो भूपति और बोपन्ना की जोड़ी बेहद खुश है। बोपन्ना पहली बार ओलिम्पिक में खेलने को लेकर बेहद उत्साहित हैं। उन्हें भरोसा है कि जोड़ी ओलिम्पिक में कमाल कर सकती है।
डबल्स में वर्ल्ड नंबर 13 रोहन बोपन्ना कहते हैं हम वाकई खुश हैं। हम उत्साहित हैं कि हम एक साथ लंदन ओलिम्पिक्स में हिस्सा ले रहे हैं। हमने इसके लिए लंदन 2012 के लिए 6 महीने कड़ी मेहनत की है।टिप्पणियां
इस बार टेनिस में आठ खिलाड़ी ओलिम्पिक में जा रहे हैं जो भारत की अब तक की सबसे बड़ी टेनिस टीम है।
लेकिन, भारत को टेनिस से अब तक 1996 में अटलांटा ओलिम्पिक्स में सिर्फ़ एक पदक हासिल हुआ है। इत्तिफ़ाकन वो कांस्य पदक लिएंडर पेस ने सिंगल्स मुक़ाबलों में जीता था।
उसके बाद सिडनी एथेंस और बीजिंग में टेनिस टीम कई बार पदक के पास पहुंच कर भी चूक गई। इस बार उम्मीद तो है लेकिन भारतीय खेल प्रेमियों की बड़ी फ़िक्र यह है कि यह झगड़ा और बढ़ा तो टेनिस से ओलिम्पिक में पदक की उम्मीद और फीकी पड़ जाएगी।
डबल्स में वर्ल्ड नंबर 13 रोहन बोपन्ना कहते हैं हम वाकई खुश हैं। हम उत्साहित हैं कि हम एक साथ लंदन ओलिम्पिक्स में हिस्सा ले रहे हैं। हमने इसके लिए लंदन 2012 के लिए 6 महीने कड़ी मेहनत की है।टिप्पणियां
इस बार टेनिस में आठ खिलाड़ी ओलिम्पिक में जा रहे हैं जो भारत की अब तक की सबसे बड़ी टेनिस टीम है।
लेकिन, भारत को टेनिस से अब तक 1996 में अटलांटा ओलिम्पिक्स में सिर्फ़ एक पदक हासिल हुआ है। इत्तिफ़ाकन वो कांस्य पदक लिएंडर पेस ने सिंगल्स मुक़ाबलों में जीता था।
उसके बाद सिडनी एथेंस और बीजिंग में टेनिस टीम कई बार पदक के पास पहुंच कर भी चूक गई। इस बार उम्मीद तो है लेकिन भारतीय खेल प्रेमियों की बड़ी फ़िक्र यह है कि यह झगड़ा और बढ़ा तो टेनिस से ओलिम्पिक में पदक की उम्मीद और फीकी पड़ जाएगी।
इस बार टेनिस में आठ खिलाड़ी ओलिम्पिक में जा रहे हैं जो भारत की अब तक की सबसे बड़ी टेनिस टीम है।
लेकिन, भारत को टेनिस से अब तक 1996 में अटलांटा ओलिम्पिक्स में सिर्फ़ एक पदक हासिल हुआ है। इत्तिफ़ाकन वो कांस्य पदक लिएंडर पेस ने सिंगल्स मुक़ाबलों में जीता था।
उसके बाद सिडनी एथेंस और बीजिंग में टेनिस टीम कई बार पदक के पास पहुंच कर भी चूक गई। इस बार उम्मीद तो है लेकिन भारतीय खेल प्रेमियों की बड़ी फ़िक्र यह है कि यह झगड़ा और बढ़ा तो टेनिस से ओलिम्पिक में पदक की उम्मीद और फीकी पड़ जाएगी।
उसके बाद सिडनी एथेंस और बीजिंग में टेनिस टीम कई बार पदक के पास पहुंच कर भी चूक गई। इस बार उम्मीद तो है लेकिन भारतीय खेल प्रेमियों की बड़ी फ़िक्र यह है कि यह झगड़ा और बढ़ा तो टेनिस से ओलिम्पिक में पदक की उम्मीद और फीकी पड़ जाएगी। | संक्षिप्त सारांश: महेश भूपति ने यह भी इशारा किया कि वह सानिया के साथ ओलिंपिक्स में मिक्स्ड डबल्स खेल सकते हैं। सानिया को वाइल्ड कार्ड मिलते ही भारतीय टेनिस के अब तक के शायद सबसे बड़ा विवाद और गरमा गया। | 10 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: सीरिया और ईरान पर अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की नीतियों के समर्थन में आते हुए भारत ने शुक्रवार को कहा कि कूटनीति को मौका दिया जाना चाहिए।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने ओबामा से एक घंटे तक चली मुलाकात के बाद व्हाइट हाउस स्थित ओवल ऑफिस में ओबामा के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में संवाददाताओं से कहा, ‘मैंने उनके दृष्टिकोण की और कूटनीति को एक और मौका देने में उनके हौसले की प्रशंसा की।’
उन्होंने कहा कि भारत इन पहल का पूरी तरह समर्थन करता है क्योंकि पश्चिम एशिया में 60 लाख भारतीय रहते हैं।
उन्होंने कहा, ‘वे वहां अपनी आजीविका अर्जित करते हैं जो हमारे स्वतंत्रता के मूल्यों को बनाये रखने के लिए महत्वपूर्ण है।’ सिंह ने कहा, ‘इसलिए पश्चिम एशिया में, ईरान में, सीरिया में शांति और स्थिरता के लिए जो भी महत्वपूर्ण है, वह वैश्विक अर्थव्यवस्था के हित में है। यह निश्चित तौर पर उस क्षेत्र की जनता के हित में है जहां मैं और भारत स्थित है।’
ओबामा ने सीरिया के रासायनिक हथियारों को समाप्त करने के संबंध में ‘सीरिया पर सुरक्षा परिषद’ के अन्य सदस्यों के साथ साझेदारी में अमेरिका और रूस के बीच हुए समझौते पर बयान देने के लिए मनमोहन सिंह से इजाजत मांगी। उन्होंने कहा, ‘हालांकि आगे चुनौतियां हैं लेकिन यह एक महत्वपूर्ण कदम को दर्शाता है।’
ओबामा ने उम्मीद जताई कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय न केवल बातचीत के लिए एकत्रित हो रहा है बल्कि प्रभावी अंतरराष्ट्रीय नियमों के लिहाज से तथा सभी की सुरक्षा के लिए समन्वित कार्रवाई में भी सक्षम है। इनमें क्षेत्र के लोग और जाहिर तौर पर सीरिया के भी लोग शामिल हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने आज सीरिया के रासायनिक हथियारों के भंडार को खत्म करने के लिए संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव पर समझौता होने की प्रशंसा की और इसे अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए बड़ी जीत बताया।
उन्होंने उस ढांचे की प्रशंसा की जो कानूनी रूप से बाध्य, सत्यापनयोग्य और लागू होने योग्य है। उन्होंने कहा कि सैन्य हमला करने की उनकी धमकी ने समझौते में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई लेकिन वह हमेशा कूटनीतिक समाधान को तरजीह देते हैं।टिप्पणियां
ओबामा ने कहा, ‘मैंने हमेशा कूटनीतिक तरीके से समाधान को तरजीह दी है।’ ओबामा ने प्रस्ताव और निरस्त्रीकरण की योजनाओं की प्रशंसा की।
कल हुए समझौते के अनुसार, प्रस्तावित संयुक्त राष्ट्र प्रस्ताव के तहत सीरिया को अपना रासायनिक हथियारों का भंडार खत्म करना होगा और निरीक्षकों को सभी स्थलों तक पहुंच देनी होगी। ओबामा ने कहा कि अभी इस संबंध में कई कार्य किये जाने हैं।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने ओबामा से एक घंटे तक चली मुलाकात के बाद व्हाइट हाउस स्थित ओवल ऑफिस में ओबामा के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में संवाददाताओं से कहा, ‘मैंने उनके दृष्टिकोण की और कूटनीति को एक और मौका देने में उनके हौसले की प्रशंसा की।’
उन्होंने कहा कि भारत इन पहल का पूरी तरह समर्थन करता है क्योंकि पश्चिम एशिया में 60 लाख भारतीय रहते हैं।
उन्होंने कहा, ‘वे वहां अपनी आजीविका अर्जित करते हैं जो हमारे स्वतंत्रता के मूल्यों को बनाये रखने के लिए महत्वपूर्ण है।’ सिंह ने कहा, ‘इसलिए पश्चिम एशिया में, ईरान में, सीरिया में शांति और स्थिरता के लिए जो भी महत्वपूर्ण है, वह वैश्विक अर्थव्यवस्था के हित में है। यह निश्चित तौर पर उस क्षेत्र की जनता के हित में है जहां मैं और भारत स्थित है।’
ओबामा ने सीरिया के रासायनिक हथियारों को समाप्त करने के संबंध में ‘सीरिया पर सुरक्षा परिषद’ के अन्य सदस्यों के साथ साझेदारी में अमेरिका और रूस के बीच हुए समझौते पर बयान देने के लिए मनमोहन सिंह से इजाजत मांगी। उन्होंने कहा, ‘हालांकि आगे चुनौतियां हैं लेकिन यह एक महत्वपूर्ण कदम को दर्शाता है।’
ओबामा ने उम्मीद जताई कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय न केवल बातचीत के लिए एकत्रित हो रहा है बल्कि प्रभावी अंतरराष्ट्रीय नियमों के लिहाज से तथा सभी की सुरक्षा के लिए समन्वित कार्रवाई में भी सक्षम है। इनमें क्षेत्र के लोग और जाहिर तौर पर सीरिया के भी लोग शामिल हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने आज सीरिया के रासायनिक हथियारों के भंडार को खत्म करने के लिए संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव पर समझौता होने की प्रशंसा की और इसे अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए बड़ी जीत बताया।
उन्होंने उस ढांचे की प्रशंसा की जो कानूनी रूप से बाध्य, सत्यापनयोग्य और लागू होने योग्य है। उन्होंने कहा कि सैन्य हमला करने की उनकी धमकी ने समझौते में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई लेकिन वह हमेशा कूटनीतिक समाधान को तरजीह देते हैं।टिप्पणियां
ओबामा ने कहा, ‘मैंने हमेशा कूटनीतिक तरीके से समाधान को तरजीह दी है।’ ओबामा ने प्रस्ताव और निरस्त्रीकरण की योजनाओं की प्रशंसा की।
कल हुए समझौते के अनुसार, प्रस्तावित संयुक्त राष्ट्र प्रस्ताव के तहत सीरिया को अपना रासायनिक हथियारों का भंडार खत्म करना होगा और निरीक्षकों को सभी स्थलों तक पहुंच देनी होगी। ओबामा ने कहा कि अभी इस संबंध में कई कार्य किये जाने हैं।
उन्होंने कहा कि भारत इन पहल का पूरी तरह समर्थन करता है क्योंकि पश्चिम एशिया में 60 लाख भारतीय रहते हैं।
उन्होंने कहा, ‘वे वहां अपनी आजीविका अर्जित करते हैं जो हमारे स्वतंत्रता के मूल्यों को बनाये रखने के लिए महत्वपूर्ण है।’ सिंह ने कहा, ‘इसलिए पश्चिम एशिया में, ईरान में, सीरिया में शांति और स्थिरता के लिए जो भी महत्वपूर्ण है, वह वैश्विक अर्थव्यवस्था के हित में है। यह निश्चित तौर पर उस क्षेत्र की जनता के हित में है जहां मैं और भारत स्थित है।’
ओबामा ने सीरिया के रासायनिक हथियारों को समाप्त करने के संबंध में ‘सीरिया पर सुरक्षा परिषद’ के अन्य सदस्यों के साथ साझेदारी में अमेरिका और रूस के बीच हुए समझौते पर बयान देने के लिए मनमोहन सिंह से इजाजत मांगी। उन्होंने कहा, ‘हालांकि आगे चुनौतियां हैं लेकिन यह एक महत्वपूर्ण कदम को दर्शाता है।’
ओबामा ने उम्मीद जताई कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय न केवल बातचीत के लिए एकत्रित हो रहा है बल्कि प्रभावी अंतरराष्ट्रीय नियमों के लिहाज से तथा सभी की सुरक्षा के लिए समन्वित कार्रवाई में भी सक्षम है। इनमें क्षेत्र के लोग और जाहिर तौर पर सीरिया के भी लोग शामिल हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने आज सीरिया के रासायनिक हथियारों के भंडार को खत्म करने के लिए संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव पर समझौता होने की प्रशंसा की और इसे अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए बड़ी जीत बताया।
उन्होंने उस ढांचे की प्रशंसा की जो कानूनी रूप से बाध्य, सत्यापनयोग्य और लागू होने योग्य है। उन्होंने कहा कि सैन्य हमला करने की उनकी धमकी ने समझौते में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई लेकिन वह हमेशा कूटनीतिक समाधान को तरजीह देते हैं।टिप्पणियां
ओबामा ने कहा, ‘मैंने हमेशा कूटनीतिक तरीके से समाधान को तरजीह दी है।’ ओबामा ने प्रस्ताव और निरस्त्रीकरण की योजनाओं की प्रशंसा की।
कल हुए समझौते के अनुसार, प्रस्तावित संयुक्त राष्ट्र प्रस्ताव के तहत सीरिया को अपना रासायनिक हथियारों का भंडार खत्म करना होगा और निरीक्षकों को सभी स्थलों तक पहुंच देनी होगी। ओबामा ने कहा कि अभी इस संबंध में कई कार्य किये जाने हैं।
उन्होंने कहा, ‘वे वहां अपनी आजीविका अर्जित करते हैं जो हमारे स्वतंत्रता के मूल्यों को बनाये रखने के लिए महत्वपूर्ण है।’ सिंह ने कहा, ‘इसलिए पश्चिम एशिया में, ईरान में, सीरिया में शांति और स्थिरता के लिए जो भी महत्वपूर्ण है, वह वैश्विक अर्थव्यवस्था के हित में है। यह निश्चित तौर पर उस क्षेत्र की जनता के हित में है जहां मैं और भारत स्थित है।’
ओबामा ने सीरिया के रासायनिक हथियारों को समाप्त करने के संबंध में ‘सीरिया पर सुरक्षा परिषद’ के अन्य सदस्यों के साथ साझेदारी में अमेरिका और रूस के बीच हुए समझौते पर बयान देने के लिए मनमोहन सिंह से इजाजत मांगी। उन्होंने कहा, ‘हालांकि आगे चुनौतियां हैं लेकिन यह एक महत्वपूर्ण कदम को दर्शाता है।’
ओबामा ने उम्मीद जताई कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय न केवल बातचीत के लिए एकत्रित हो रहा है बल्कि प्रभावी अंतरराष्ट्रीय नियमों के लिहाज से तथा सभी की सुरक्षा के लिए समन्वित कार्रवाई में भी सक्षम है। इनमें क्षेत्र के लोग और जाहिर तौर पर सीरिया के भी लोग शामिल हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने आज सीरिया के रासायनिक हथियारों के भंडार को खत्म करने के लिए संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव पर समझौता होने की प्रशंसा की और इसे अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए बड़ी जीत बताया।
उन्होंने उस ढांचे की प्रशंसा की जो कानूनी रूप से बाध्य, सत्यापनयोग्य और लागू होने योग्य है। उन्होंने कहा कि सैन्य हमला करने की उनकी धमकी ने समझौते में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई लेकिन वह हमेशा कूटनीतिक समाधान को तरजीह देते हैं।टिप्पणियां
ओबामा ने कहा, ‘मैंने हमेशा कूटनीतिक तरीके से समाधान को तरजीह दी है।’ ओबामा ने प्रस्ताव और निरस्त्रीकरण की योजनाओं की प्रशंसा की।
कल हुए समझौते के अनुसार, प्रस्तावित संयुक्त राष्ट्र प्रस्ताव के तहत सीरिया को अपना रासायनिक हथियारों का भंडार खत्म करना होगा और निरीक्षकों को सभी स्थलों तक पहुंच देनी होगी। ओबामा ने कहा कि अभी इस संबंध में कई कार्य किये जाने हैं।
ओबामा ने सीरिया के रासायनिक हथियारों को समाप्त करने के संबंध में ‘सीरिया पर सुरक्षा परिषद’ के अन्य सदस्यों के साथ साझेदारी में अमेरिका और रूस के बीच हुए समझौते पर बयान देने के लिए मनमोहन सिंह से इजाजत मांगी। उन्होंने कहा, ‘हालांकि आगे चुनौतियां हैं लेकिन यह एक महत्वपूर्ण कदम को दर्शाता है।’
ओबामा ने उम्मीद जताई कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय न केवल बातचीत के लिए एकत्रित हो रहा है बल्कि प्रभावी अंतरराष्ट्रीय नियमों के लिहाज से तथा सभी की सुरक्षा के लिए समन्वित कार्रवाई में भी सक्षम है। इनमें क्षेत्र के लोग और जाहिर तौर पर सीरिया के भी लोग शामिल हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने आज सीरिया के रासायनिक हथियारों के भंडार को खत्म करने के लिए संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव पर समझौता होने की प्रशंसा की और इसे अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए बड़ी जीत बताया।
उन्होंने उस ढांचे की प्रशंसा की जो कानूनी रूप से बाध्य, सत्यापनयोग्य और लागू होने योग्य है। उन्होंने कहा कि सैन्य हमला करने की उनकी धमकी ने समझौते में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई लेकिन वह हमेशा कूटनीतिक समाधान को तरजीह देते हैं।टिप्पणियां
ओबामा ने कहा, ‘मैंने हमेशा कूटनीतिक तरीके से समाधान को तरजीह दी है।’ ओबामा ने प्रस्ताव और निरस्त्रीकरण की योजनाओं की प्रशंसा की।
कल हुए समझौते के अनुसार, प्रस्तावित संयुक्त राष्ट्र प्रस्ताव के तहत सीरिया को अपना रासायनिक हथियारों का भंडार खत्म करना होगा और निरीक्षकों को सभी स्थलों तक पहुंच देनी होगी। ओबामा ने कहा कि अभी इस संबंध में कई कार्य किये जाने हैं।
ओबामा ने उम्मीद जताई कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय न केवल बातचीत के लिए एकत्रित हो रहा है बल्कि प्रभावी अंतरराष्ट्रीय नियमों के लिहाज से तथा सभी की सुरक्षा के लिए समन्वित कार्रवाई में भी सक्षम है। इनमें क्षेत्र के लोग और जाहिर तौर पर सीरिया के भी लोग शामिल हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने आज सीरिया के रासायनिक हथियारों के भंडार को खत्म करने के लिए संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव पर समझौता होने की प्रशंसा की और इसे अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए बड़ी जीत बताया।
उन्होंने उस ढांचे की प्रशंसा की जो कानूनी रूप से बाध्य, सत्यापनयोग्य और लागू होने योग्य है। उन्होंने कहा कि सैन्य हमला करने की उनकी धमकी ने समझौते में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई लेकिन वह हमेशा कूटनीतिक समाधान को तरजीह देते हैं।टिप्पणियां
ओबामा ने कहा, ‘मैंने हमेशा कूटनीतिक तरीके से समाधान को तरजीह दी है।’ ओबामा ने प्रस्ताव और निरस्त्रीकरण की योजनाओं की प्रशंसा की।
कल हुए समझौते के अनुसार, प्रस्तावित संयुक्त राष्ट्र प्रस्ताव के तहत सीरिया को अपना रासायनिक हथियारों का भंडार खत्म करना होगा और निरीक्षकों को सभी स्थलों तक पहुंच देनी होगी। ओबामा ने कहा कि अभी इस संबंध में कई कार्य किये जाने हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने आज सीरिया के रासायनिक हथियारों के भंडार को खत्म करने के लिए संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव पर समझौता होने की प्रशंसा की और इसे अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए बड़ी जीत बताया।
उन्होंने उस ढांचे की प्रशंसा की जो कानूनी रूप से बाध्य, सत्यापनयोग्य और लागू होने योग्य है। उन्होंने कहा कि सैन्य हमला करने की उनकी धमकी ने समझौते में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई लेकिन वह हमेशा कूटनीतिक समाधान को तरजीह देते हैं।टिप्पणियां
ओबामा ने कहा, ‘मैंने हमेशा कूटनीतिक तरीके से समाधान को तरजीह दी है।’ ओबामा ने प्रस्ताव और निरस्त्रीकरण की योजनाओं की प्रशंसा की।
कल हुए समझौते के अनुसार, प्रस्तावित संयुक्त राष्ट्र प्रस्ताव के तहत सीरिया को अपना रासायनिक हथियारों का भंडार खत्म करना होगा और निरीक्षकों को सभी स्थलों तक पहुंच देनी होगी। ओबामा ने कहा कि अभी इस संबंध में कई कार्य किये जाने हैं।
उन्होंने उस ढांचे की प्रशंसा की जो कानूनी रूप से बाध्य, सत्यापनयोग्य और लागू होने योग्य है। उन्होंने कहा कि सैन्य हमला करने की उनकी धमकी ने समझौते में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई लेकिन वह हमेशा कूटनीतिक समाधान को तरजीह देते हैं।टिप्पणियां
ओबामा ने कहा, ‘मैंने हमेशा कूटनीतिक तरीके से समाधान को तरजीह दी है।’ ओबामा ने प्रस्ताव और निरस्त्रीकरण की योजनाओं की प्रशंसा की।
कल हुए समझौते के अनुसार, प्रस्तावित संयुक्त राष्ट्र प्रस्ताव के तहत सीरिया को अपना रासायनिक हथियारों का भंडार खत्म करना होगा और निरीक्षकों को सभी स्थलों तक पहुंच देनी होगी। ओबामा ने कहा कि अभी इस संबंध में कई कार्य किये जाने हैं।
ओबामा ने कहा, ‘मैंने हमेशा कूटनीतिक तरीके से समाधान को तरजीह दी है।’ ओबामा ने प्रस्ताव और निरस्त्रीकरण की योजनाओं की प्रशंसा की।
कल हुए समझौते के अनुसार, प्रस्तावित संयुक्त राष्ट्र प्रस्ताव के तहत सीरिया को अपना रासायनिक हथियारों का भंडार खत्म करना होगा और निरीक्षकों को सभी स्थलों तक पहुंच देनी होगी। ओबामा ने कहा कि अभी इस संबंध में कई कार्य किये जाने हैं।
कल हुए समझौते के अनुसार, प्रस्तावित संयुक्त राष्ट्र प्रस्ताव के तहत सीरिया को अपना रासायनिक हथियारों का भंडार खत्म करना होगा और निरीक्षकों को सभी स्थलों तक पहुंच देनी होगी। ओबामा ने कहा कि अभी इस संबंध में कई कार्य किये जाने हैं। | संक्षिप्त सारांश: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने ओबामा से एक घंटे तक चली मुलाकात के बाद व्हाइट हाउस स्थित ओवल ऑफिस में ओबामा के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में संवाददाताओं से कहा, ‘मैंने उनके दृष्टिकोण की और कूटनीति को एक और मौका देने में उनके हौसले की प्रशंसा की।’ | 8 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: राज्य के शिक्षा विभाग की मासिक पत्रिका में ये सारी बातें कही गई हैं. राजस्थान सरकार की 'शिविरा' पत्रिका मुख्य रूप से स्कूल टीचर्स पर फोकस है. इसमें शिक्षा और व्यक्तित्व विकास से जुड़ी बातें प्रकाशित होती हैं. इसी क्रम में नवंबर के अंक में 'स्वस्थ रहने के सरल उपाय' शीर्षक के साथ एक लेख प्रकाशित किया गया है. इसमें महिलाओं को इन तरीकों का पालन करके स्वस्थ रहने की सलाह दी गई है. साथ ही उन्हें फिट और स्वस्थ रहने के 14 उपाय बताए गए हैं.
लेख में लिखा है, स्वस्थ रहना है तो सुबह-सुबह टहलना जरूरी है. टहलने के अलावा दौड़ना, साइकिल चलाना या कोई भी खेलकूद, व्यायाम के अच्छे उपाय हैं. महिलाएं चक्की पीसना, रस्सी कूदना, पानी भरना, झाड़ू पोछा लगाना आदि घर के कामों में भी अच्छा व्यायाम कर सकती हैं. रोज थोड़े समय छोटे बच्चों के साथ खेलना, 10-15 मिनट खुलकर हंसना भी अच्छा व्यायाम होता है. इस लेख के तहत फिट रहने के 14 सलाह दिए गए हैं. इसके बाद से इसकी हर तरफ आलोचना हो रही है. | राज्य के शिक्षा विभाग की मासिक पत्रिका में लिखीं हैं ये सारी बातें
14 प्वाइंट में महिलाओं को स्वस्थ रहने के उपाय बताए गए हैं
लेख छपने के बाद से इसकी हर तरफ आलोचना हो रही है | 6 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: आदर्श हाउसिंग सोसायटी की लापता फाइलों के मामले में एक स्थानीय अदालत ने महाराष्ट्र शहरी विकास विभाग के तीन अधिकारियों को शुक्रवार को 10 मई तक सीबीआई की हिरासत में भेज दिया। प्रदेश के शहरी विकास विभाग के अधिकारियों, डेस्क अधिकारी जी वाजपे, सहायक शहरी योजनाकार एनएन नरवेकर और वमन राउल को गुरुवार की शाम गिरफ्तार किया गया। इससे कुछ समय पहले बंबई उच्च न्यायालय ने आदर्श मामले में धीमी जांच के लिए सीबीआई को आड़े हाथों लिया था। विशेष मजिस्ट्रेट डीएच शर्मा ने सीबीआई हिरासत का निर्देश देते हुए कहा कि मामले की संवेदनशीलता और इसमें निहित जनहित को देखते हुए सीबीआई को आरोपियों से पूछताछ का एक मौका मिलना चाहिए। अदालत ने आदर्श घोटाले तथा इससे जुड़ी लापता फाइलों के सिलसिले में मामलों को शामिल नहीं करने पर भी सीबीआई से नाराजगी जताई। न्यायाधीश ने कहा, सभी अपराधों को एक जगह क्यों नहीं किया गया। क्या आप (सीबीआई) लोगों का ध्यान चोरी के एक छोटे मोटे मामले की ओर खींचना चाहते हो जिससे वे मुख्य घोटाले को भूल जाएंगे। उन्होंने कहा कि लापता फाइलों का पता लगाने के लिए तथा अन्य लोगों की संभावित संलिप्तता का पता लगाने के लिए आरोपियों की हिरासत भी जरूरी है। सीबीआई का आरोप था कि तीनों आरोपियों का लापता फाइलों से आखिरी बार काम पड़ा था और सवालों का जवाब नहीं देने पर उन्हें गिरफ्तार किया गया। पिछले साल सितंबर में आदर्श सोसायटी मामला सामने आने के बाद इमारत से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण फाइलें महाराष्ट्र शहरी विकास विभाग के दफ्तर से लापता मिलीं। बंबई उच्च न्यायालय ने कल घोटाले के संबंध में एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सीबीआई से लापता फाइलों के मामले पर ध्यान देने को कहा था। | संक्षिप्त पाठ: एक स्थानीय अदालत ने महाराष्ट्र शहरी विकास विभाग के तीन अधिकारियों को शुक्रवार को 10 मई तक सीबीआई की हिरासत में भेज दिया। | 30 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: भोजपुरी की पहली वेब सीरीज (Bhojpuri Web Series) 'हीरो वर्दीवाला' (Hero vardiWala) का पहला गाना 'फुर्र से चिरैया उड़ जाई' (यहां देखें इस गाने का वीडियो) आज मकर संक्रांति के मौके पर रिलीज हो गया. दिनेश लाल यादव (Dinesh Lal Yadav) उर्फ निरहुआ (Nirahua) और संभावना सेठ (Sambhavna Seth) ने अपने डांस से धमाल मचा दिया है. भोजपुरी की पहली वेब सीरीज में दिनेश लाल यादव (Dinesh Lal Yadav) के साथ आम्रपाली दुबे (Amrapali Dubey) भी नजर आएंगी. इस वेब सीरीज को महेश पांडे प्रोडक्शन एल एल पी द्वारा बालाजी टेलीफिल्म की सहयोगी कम्पनी ऑल्ट बालाजी के द्वारा प्रोड्यूस किया गया है. दिनेश लाल यादव (Dinesh Lal Yadav) उर्फ निरहुआ (Nirahua) और आम्रपाली दुबे (Amrapali Dubey) की जोड़ी हमेशा से धमाल मचाती आई हैं. इस बार भी उनसे धमाल की उम्मीद जताई जा रही है. (यहां देखें इस गाने का वीडियो)
दिनेश लाल यादव (Dinesh Lal Yadav) उर्फ निरहुआ (Nirahua) के इस गाने को निर्माता निर्देशक महेश पांडे ने बताया की इस गाने को मुंबई के चांदीवली स्टूडियो में भव्य तरीके से शूट किया गया था. गाने के संगीतकार हैं ओम झा जबकि गीतकार हैं प्यारेलाल यादव और इसे कोरियोग्राफ किया है रिकी गुप्ता ने. आपको बता दें गाने को ऑल्ट बालाजी के डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के अलावा निरहुआ म्यूज़िक वर्ल्ड के यू ट्यूब चैनल (Nirahua Music World You Tube Channel) और फन एंटरटेन्मेंट के यू ट्यूब चैनल पर भी रिलीज़ किया गया है.
'हीरो वर्दी वाला' (Hero VardiWala) में जुबली स्टार दिनेश लाल यादव (Dinesh Lal Yadav) उर्फ निरहुआ (Nirahua) तेजस्वी प्रताप नाम के पुलिस ऑफ़िसर की भूमिका में हैं. वहीं, यू ट्यूब क्वीन आम्रपाली दुबे (Amrapali Dubey) नैना मिश्रा के किरदार में हैं. भोजपुरी के कलाकारों से सजी इस वेब सीरीज़ में विक्रांत सिंह राजपूत , संजय पांडे , मनोज टाइगर , सुधांशु सरन , समर्थ चतुर्वेदी , करण पांडे , बिनोद मिश्रा , सूर्या दवेदी , श्वेता वर्मा , डिप्टी तिवारी , कनक पांडे , चाहत शेख़ , सोनू पांडे आदि मुख्य भूमिका में हैं. हीरो वर्दी वाला का निर्माण मधु पांडे और महेश पांडे ने किया है जबकि सहयोगी निर्माता हैं मुकेश पांडे. कहानी लिखी है ख़ुद महेश पांडे ने जबकि स्क्रीन्प्ले में विक्रम खुराना और संवाद में उन्हें साथ मिला है धर्मेन्द्र सिंह का. | संक्षिप्त सारांश: दिनेश लाल यादव और संभावना सेठ ने मचाया धमाल
'फुर्र से चिरैया उड़ जाई' गाने ने उड़ाया गरदा
भोजपुरी वेब सीरीज का पहला गाना हुआ रिलीज | 8 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की अगुवाई में पार्टी महासचिवों, प्रदेश अध्यक्षों, पार्टी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों एवं कई अन्य वरिष्ठ नेताओं की बैठक जारी है. लेकिन इस महत्वपूर्ण बैठक में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी मौजूद नहीं है. बताया जा रहा है कि राहुल गांधी इस बैठक में आने की पात्रता नहीं रखते हैं क्योंकि वह सिर्फ सांसद और कांग्रेस कार्यसमिति की सदस्य मात्र हैं. आपको बता दें कि बैठक में मौजूदा अध्यक्ष सोनिया गांधी की अध्यक्षता में हो रही है जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, पार्टी के वरिष्ठ नेता एके एंटनी, अहमद पटेल, गुलाम नबी आजाद, मल्लिकार्जुन खड़गे, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तथा पार्टी के कई महासचिव-प्रदेश प्रभारी, प्रदेश अध्यक्ष और विधायक दल के नेता शामिल हैं. इसमें मनमोहन सिंह और एके एंटनी विशेष आमंत्रित हैं. दूसरी ओर राहुल गांधी का कुछ देर पहले ही एक ट्वीट आया है जिसमें उन्होंने एक अंग्रेजी दैनिक में छपे पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साक्षात्कार का हवाला देते हुए गांधी ने यह भी कहा कि पहले सरकार को स्वीकार करना चाहिए कि अर्थव्यवस्था को लेकर समस्या है. उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘‘इस समय दुष्प्रचार, मनगढ़ंत खबरों और युवाओं के बारे में मूर्खतापूर्ण बातें करने की जरूरत नहीं है, बल्कि भारत को एक ठोस नीति की जरूरत है ताकि अर्थव्यवस्था की स्थिति को ठीक किया जा सके.'' गांधी ने कहा, ‘‘पहले स्वीकार करिये कि हमारे सामने समस्या है. यह स्वीकार करना ही अच्छी शुरुआत होगी.'' उन्होंने मनमोहन सिंह के जिस साक्षात्कार का हवाला दिया उसमें पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा है कि नोटबंदी और गलत ढंग से जीएसटी लागू करने के कारण अर्थव्यवस्था की स्थिति खराब हुई है.
गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव में पार्टी की करारी हार के बाद अध्यक्ष पद से राहुल गांधी ने इस्तीफा दे दिया था. उनके इस फैसले के बाद पार्टी के कई नेताओं ने उन्हें मनाने की कोशिश की लेकिन वह इस पर अडिग रहे. इस्तीफे के साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि गांधी परिवार का कोई सदस्य अध्यक्ष नहीं बनेगा. इसके बाद कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक हुई जिसमें एक बार फिर उन्हें फैसले पर विचार करने के लिए कहा गया लेकिन उन्होंने साफ मना कर दिया.
बाद में कोई और रास्ता न देख कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में सर्वसम्मति से सोनिया गांधी को अंतरिम अध्यक्ष चुना गया. लेकिन अभी पार्टी का संकट का दूर नहीं हुआ है. एक ओर जहां राष्ट्रीय स्तर पर मतभेद उभर रहे हैं तो दूसरी ओर राज्यों के संगठन में भी सिर फुटौवल वाले हालात हैं. | सारांश: कांग्रेस अहम बैठक जारी
राहुल गांधी के पास बैठक में जाने की पात्रता नहीं
सिर्फ सांसद और CWC के मेंबर हैं | 31 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: नागरिकता संशोधन कानून (Citizenship Amendment Act) पर देश में विभिन्न जगहों पर हो रहे प्रदर्शनों में जहां वसीम बरेलवी (Wasim Barelvi) के शेर की इस पंक्ति को नारे के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है कि ‘‘उसूलो पर जहां आंच आये, टकराना जरूरी है'', वहीं खुद मशहूर शायर का इस मौजूदा घटनाक्रम पर मानना है कि हमें ‘‘अपने बच्चों के लिए ऐसे ख्वाब देखने हैं जहां कांटे कम और गुलाब की गुंजाइश ज्यादा हो''. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) विधानपरिषद में गुरुवार को समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के सदस्य नागरिकता संशोधन कानून पर हंगामा कर रहे थे वहीं इसी सदन के सदस्य वसीम बरेलवी खामोश कर बैठे सदन को निहार रहे थे.
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देश में सीएए को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन पर बरेलवी ने कहा कि आजकल मीडिया हिन्दू मुस्लिम कर रहा है जबकि यह वास्तविक विषय नही है. उन्होंने कहा,‘‘हमें हिन्दुस्तान के बच्चों के लिये ऐसे ख्वाब देखना है जहां कांटे कम हों, गुलाब की गुंजाइश ज्यादा हो. जहां हम उनके लिये ऐसा रास्ता तैयार कर सकें कि अगली नस्ल चैन से रह सके.''
उन्होंने कहा,''हिन्दुस्तान सदियों से है, यह दो दिन का नहीं है . यह है तो सबके लिये है. यह जिद हमारी है. इस एक बात पर दुनिया से जंग जारी है'' बरेलवी नागरिकता संशोधन कानून पर सीधे कुछ भी बोलने से बच रहे थे. लेकिन उन्होंने यह अवश्य कहा कि आज हर विश्वविद्यालय, शिक्षण संस्थान में उनके इस शेर के नारे लगाये जा रहे है कि '' उसूलो पर जहां आंच आये टकराना जरूरी है, जो जिंदा हो तो फिर जिंदा नजर आना जरूरी है .''
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प्रदर्शनकारियों के बारे में उनका मानना है कि ''यह लोग औरों के दुख जीने निकल आये है सड़कों पर, अगर अपना ही गम होता तो यूं धरने नहीं देते .'' उन्होंने कहा कि ''मैं सदियों के बाद के हिंदुस्तान का ख्वाब देख रहा हूं मेरी शायरी अपना काम कर रही है,मेरी शायरी वक्त को आईना दिखायेगी, वक्त को दिशा देगी. मुझे ऐसे हिन्दुस्तान का ख्वाब देखना है जिसमें इन बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो सकें. उसके लिये मुझे वहीं रहना जरूरी है जहां मेरी कलम चल रही है. | वसीम बरेलवी ने कहा कि हिंदू-मुस्लिम असल मुद्दा नहीं है
सीएए के मुद्दे पर शायराना अंदाज में दिया जवाब
यूपी विधान परिषद के सदस्य हैं बरेलवी | 26 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: ऐसे समय में जब कई माता पिता अपने बच्चे को प्राइवेट स्कूल में पढ़वाना चाहते हैं तब तेलंगाना के विकाराबाद की कलेक्टर ने मिसाल कायम करते हुये अपनी बेटी का एडमिशन एक सरकारी स्कूल में करवाया है. कलेक्टर मसर्रत खानम आएशा ने विकाराबाद के सरकारी अल्पसंख्यक आवासीय स्कूल में पांचवी कक्षा में अपनी बेटी का दाखिला करवा कर मिसाल पेश की. वह अपनी बेटी के लिए सभी सुविधाओं वाले प्राइवेट स्कूल को भी चुन सकती थीं लेकिन उन्होंने इससे परहेज करते हुये उसे सरकारी स्कूल में भेजने का कठिन रास्ता चुना.
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कलेक्टर ने अपनी बेटी का हैदराबाद से 75 किलोमीटर दूर स्थित तेलंगाना माईनोरिटी रेजीडेंशियल स्कूल में दाखिला करवाया है. आएशा ने पीटीआई-भाषा को बताया कि शिक्षा का स्तर अच्छा है और वहां बच्चे का संपूर्ण विकास हो सकता है और यहां सुविधाएं भी पर्याप्त हैं. इस स्कूल में अधिकतर गरीब लोगों के बच्चे पढ़ते हैं. तेलंगाना माईनोरिटीज रेजीडेंशियल एजुकेशनल इंस्टीटयूशन सोसाइटी के सचिव बी शफीउल्ला ने कहा कि कलेक्टर का यह प्रयास सराहनीय है.
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उन्होंने पीटीआई-भाषा से कहा कि इससे अल्पसंख्यकों को प्रेरणा मिलेगी. इससे अल्पसंख्यकों में लड़कियों की शिक्षा को लेकर कई बदलाव आ सकते हैं. यह अच्छी खबर है. (इनपुट: भाषा) | यह एक सारांश है: कलेक्टर ने बेटी का एडमिशन एक सरकारी स्कूल में करवाया
हैदराबाद से 75 किलोमीटर दूर स्थित स्कूल में दाखिला करवाया
इस स्कूल में अधिकतर गरीब लोगों के बच्चे पढ़ते हैं | 9 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: हिन्दी भाषा के शब्द ‘छम्मकछल्लो’ का इस्तेमाल बॉलीवुड के गाने में तो आपको लुभावना लग सकता है, लेकिन असली जिंदगी में इस शब्द का इस्तेमाल करने पर आप कानूनी परेशानी में फंस सकते हैं. ठाणे की एक अदालत ने कहा है कि इस शब्द का इस्तेमाल करना ‘एक महिला का अपमान करने’ के बराबर है. शाहरुख खान अभिनीत फिल्म ‘रॉ वन’ के एक हिट गाने में इस शब्द का इस्तेमाल हो चुका है.
एक मजिस्ट्रेट ने पिछले सप्ताह शहर के एक निवासी को ‘अदालत के उठने तक’ साधारण कैद की सजा सुनाई थी और उस पर एक रुपए का जुर्माना लगाया था. आरोपी के एक पड़ोसी ने उसे अदालत में घसीटा था. पड़ोसी महिला की शिकायत के अनुसार, 9 जनवरी 2009 को जब वह अपने पति के साथ सैर से लौट रही थी, तब उसे एक कूड़ेदान से ठोकर लग गई. महिला ने कहा कि यह कूड़ेदान उक्त आरोपी ने सीढ़ियों पर रखा था.
आरोपी इस दंपति पर चिल्लाने लगा और उन्हें कई चीजें कहने के बीच उसने महिला को ‘छम्मकछल्लो’कहकर पुकारा. इस शब्द से गुस्साकर महिला ने पुलिस से संपर्क किया, लेकिन पुलिस ने शिकायत दर्ज करने से इनकार कर दिया. तब महिला ने अदालत का रुख किया. 8 साल बाद, न्यायिक मजिस्ट्रेट आर टी लंगाले ने उनके मामले को उचित ठहराते हुए कि आरोपी ने भारतीय दंड संहिता की धारा 509 (शब्द, इशारे या किसी गतिविधि से महिला का अपमान) के तहत अपराध किया है. टिप्पणियां
मजिस्ट्रेट ने अपने आदेश में कहा, यह एक हिंदी शब्द है. अंग्रेजी में इसके लिए कोई शब्द नहीं है. भारतीय समाज में इस शब्द का अर्थ इसके इस्तेमाल से समझा जाता है. आम तौर पर इसका इस्तेमाल किसी महिला का अपमान करने के लिए किया जाता है. यह किसी की तारीफ करने का शब्द नहीं है, इससे महिला को चिढ़ होती है और उसे गुस्सा आता है. (इनपुट्स भाषा)(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
एक मजिस्ट्रेट ने पिछले सप्ताह शहर के एक निवासी को ‘अदालत के उठने तक’ साधारण कैद की सजा सुनाई थी और उस पर एक रुपए का जुर्माना लगाया था. आरोपी के एक पड़ोसी ने उसे अदालत में घसीटा था. पड़ोसी महिला की शिकायत के अनुसार, 9 जनवरी 2009 को जब वह अपने पति के साथ सैर से लौट रही थी, तब उसे एक कूड़ेदान से ठोकर लग गई. महिला ने कहा कि यह कूड़ेदान उक्त आरोपी ने सीढ़ियों पर रखा था.
आरोपी इस दंपति पर चिल्लाने लगा और उन्हें कई चीजें कहने के बीच उसने महिला को ‘छम्मकछल्लो’कहकर पुकारा. इस शब्द से गुस्साकर महिला ने पुलिस से संपर्क किया, लेकिन पुलिस ने शिकायत दर्ज करने से इनकार कर दिया. तब महिला ने अदालत का रुख किया. 8 साल बाद, न्यायिक मजिस्ट्रेट आर टी लंगाले ने उनके मामले को उचित ठहराते हुए कि आरोपी ने भारतीय दंड संहिता की धारा 509 (शब्द, इशारे या किसी गतिविधि से महिला का अपमान) के तहत अपराध किया है. टिप्पणियां
मजिस्ट्रेट ने अपने आदेश में कहा, यह एक हिंदी शब्द है. अंग्रेजी में इसके लिए कोई शब्द नहीं है. भारतीय समाज में इस शब्द का अर्थ इसके इस्तेमाल से समझा जाता है. आम तौर पर इसका इस्तेमाल किसी महिला का अपमान करने के लिए किया जाता है. यह किसी की तारीफ करने का शब्द नहीं है, इससे महिला को चिढ़ होती है और उसे गुस्सा आता है. (इनपुट्स भाषा)(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
आरोपी इस दंपति पर चिल्लाने लगा और उन्हें कई चीजें कहने के बीच उसने महिला को ‘छम्मकछल्लो’कहकर पुकारा. इस शब्द से गुस्साकर महिला ने पुलिस से संपर्क किया, लेकिन पुलिस ने शिकायत दर्ज करने से इनकार कर दिया. तब महिला ने अदालत का रुख किया. 8 साल बाद, न्यायिक मजिस्ट्रेट आर टी लंगाले ने उनके मामले को उचित ठहराते हुए कि आरोपी ने भारतीय दंड संहिता की धारा 509 (शब्द, इशारे या किसी गतिविधि से महिला का अपमान) के तहत अपराध किया है. टिप्पणियां
मजिस्ट्रेट ने अपने आदेश में कहा, यह एक हिंदी शब्द है. अंग्रेजी में इसके लिए कोई शब्द नहीं है. भारतीय समाज में इस शब्द का अर्थ इसके इस्तेमाल से समझा जाता है. आम तौर पर इसका इस्तेमाल किसी महिला का अपमान करने के लिए किया जाता है. यह किसी की तारीफ करने का शब्द नहीं है, इससे महिला को चिढ़ होती है और उसे गुस्सा आता है. (इनपुट्स भाषा)(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मजिस्ट्रेट ने अपने आदेश में कहा, यह एक हिंदी शब्द है. अंग्रेजी में इसके लिए कोई शब्द नहीं है. भारतीय समाज में इस शब्द का अर्थ इसके इस्तेमाल से समझा जाता है. आम तौर पर इसका इस्तेमाल किसी महिला का अपमान करने के लिए किया जाता है. यह किसी की तारीफ करने का शब्द नहीं है, इससे महिला को चिढ़ होती है और उसे गुस्सा आता है. (इनपुट्स भाषा)(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यहाँ एक सारांश है:इस शब्द का इस्तेमाल महिला का अपमान करने के बराबर : अदालत
शाहरुख की रॉ में हो चुका है इस गाने का इस्तेमाल
यह एक हिन्दी शब्द, अंग्रेजी में यह कोई शब्द नहीं | 17 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली की भ्रष्टाचार रोधी शाखा (एसीबी) ने रविवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के राजनीतिक सलाहकार विभव पटेल को एक नोटिस भेजकर उन्हें 400 करोड़ रुपये के कथित टैंकर घोटाले की जांच के मामले में बुधवार को एजेंसी के समक्ष हाजिर होने को कहा है.
एसीबी के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा, "दिल्ली सरकार में मंत्री पद से बर्खास्त किए गए कपिल मिश्रा ने एसीबी को बताया कि केजरीवाल के दो करीबी व्यक्तियों विभव पटेल और आशीष तलवार टैंकर घोटाले में कार्रवाई में देर के लिए जिम्मेदार हैं, जिसके बाद एसीबी ने विभव पटेल को नोटिस भेजा."टिप्पणियां
कपिल मिश्रा ने गुरुवार को अपने इन आरोपों के समर्थन में सबूत दिया था कि मुख्यमंत्री केजरीवाल के दो करीबियों ने घोटाले की जांच को प्रभावित करने का प्रयास किया था. मिश्रा ने इसके बाद एसीबी के समक्ष अपना बयान भी दर्ज कराया था.
अधिकारी के मुताबिक, मामले में पटेल का बयान दर्ज करने के बाद आशीष तलवार को भी सम्मन किया जा सकता है.
एसीबी के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा, "दिल्ली सरकार में मंत्री पद से बर्खास्त किए गए कपिल मिश्रा ने एसीबी को बताया कि केजरीवाल के दो करीबी व्यक्तियों विभव पटेल और आशीष तलवार टैंकर घोटाले में कार्रवाई में देर के लिए जिम्मेदार हैं, जिसके बाद एसीबी ने विभव पटेल को नोटिस भेजा."टिप्पणियां
कपिल मिश्रा ने गुरुवार को अपने इन आरोपों के समर्थन में सबूत दिया था कि मुख्यमंत्री केजरीवाल के दो करीबियों ने घोटाले की जांच को प्रभावित करने का प्रयास किया था. मिश्रा ने इसके बाद एसीबी के समक्ष अपना बयान भी दर्ज कराया था.
अधिकारी के मुताबिक, मामले में पटेल का बयान दर्ज करने के बाद आशीष तलवार को भी सम्मन किया जा सकता है.
कपिल मिश्रा ने गुरुवार को अपने इन आरोपों के समर्थन में सबूत दिया था कि मुख्यमंत्री केजरीवाल के दो करीबियों ने घोटाले की जांच को प्रभावित करने का प्रयास किया था. मिश्रा ने इसके बाद एसीबी के समक्ष अपना बयान भी दर्ज कराया था.
अधिकारी के मुताबिक, मामले में पटेल का बयान दर्ज करने के बाद आशीष तलवार को भी सम्मन किया जा सकता है.
अधिकारी के मुताबिक, मामले में पटेल का बयान दर्ज करने के बाद आशीष तलवार को भी सम्मन किया जा सकता है. | सारांश: राजनीतिक सलाहकार विभव पटेल को एक नोटिस
400 करोड़ रुपये के कथित टैंकर घोटाले की जांच
एजेंसी के समक्ष हाजिर होने को कहा है. | 31 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: बीते रविवार को एकदिवसीय क्रिकेट से संन्यास लेने वाले सचिन तेंदुलकर ने मुम्बई के लिए रणजी ट्रॉफी में नॉकआउट दौर में खेलने का फैसला किया है। सचिन मुम्बई के लिए अंतिम दौर के लीग मैच में नहीं खेलेंगे।
मुम्बई क्रिकेट संघ के संयुक्त सचिव नितिन दलाल ने कहा कि अगर 39 बार की चैम्पियन मुम्बई की टीम नॉकआउट दौर में पहुंचने में सफल रहती है तो उसे महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का सहारा मिलेगा।
दलाल ने कहा, "मैंने सचिन से पूछा कि क्या वह गुजरात के साथ होने वाले अंतिम दौर के लीग मैच में खेलना पसंद करेंगे तो उन्होंने कहा कि वह इस मैच में नहीं खेल सकेंगे लेकिन वह नॉकआउट दौर में टीम के साथ जरूर होंगे।"टिप्पणियां
सचिन ने खराब फार्म से उबरने के लिए रणजी ट्रॉफी का सहारा लेते हुए सत्र के पहले ही मैच में रेलवे के खिलाफ शानदार शतक लगाया था लेकिन वह अपने इस फार्म को इंग्लैंड के साथ हुई टेस्ट शृंखला में बरकरार नहीं रख सके थे।
सचिन ने रेलवे के खिलाफ 137 रनों की शानदार पारी खेली थी लेकिन इंग्लैंड के साथ हुई चार मैचों की टेस्ट शृंखला में वह सिर्फ एक अर्द्धशतक लगा सके थे। सचिन ने कोलकाता टेस्ट की पहली पारी में 76 रन बनाए थे।
मुम्बई क्रिकेट संघ के संयुक्त सचिव नितिन दलाल ने कहा कि अगर 39 बार की चैम्पियन मुम्बई की टीम नॉकआउट दौर में पहुंचने में सफल रहती है तो उसे महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का सहारा मिलेगा।
दलाल ने कहा, "मैंने सचिन से पूछा कि क्या वह गुजरात के साथ होने वाले अंतिम दौर के लीग मैच में खेलना पसंद करेंगे तो उन्होंने कहा कि वह इस मैच में नहीं खेल सकेंगे लेकिन वह नॉकआउट दौर में टीम के साथ जरूर होंगे।"टिप्पणियां
सचिन ने खराब फार्म से उबरने के लिए रणजी ट्रॉफी का सहारा लेते हुए सत्र के पहले ही मैच में रेलवे के खिलाफ शानदार शतक लगाया था लेकिन वह अपने इस फार्म को इंग्लैंड के साथ हुई टेस्ट शृंखला में बरकरार नहीं रख सके थे।
सचिन ने रेलवे के खिलाफ 137 रनों की शानदार पारी खेली थी लेकिन इंग्लैंड के साथ हुई चार मैचों की टेस्ट शृंखला में वह सिर्फ एक अर्द्धशतक लगा सके थे। सचिन ने कोलकाता टेस्ट की पहली पारी में 76 रन बनाए थे।
दलाल ने कहा, "मैंने सचिन से पूछा कि क्या वह गुजरात के साथ होने वाले अंतिम दौर के लीग मैच में खेलना पसंद करेंगे तो उन्होंने कहा कि वह इस मैच में नहीं खेल सकेंगे लेकिन वह नॉकआउट दौर में टीम के साथ जरूर होंगे।"टिप्पणियां
सचिन ने खराब फार्म से उबरने के लिए रणजी ट्रॉफी का सहारा लेते हुए सत्र के पहले ही मैच में रेलवे के खिलाफ शानदार शतक लगाया था लेकिन वह अपने इस फार्म को इंग्लैंड के साथ हुई टेस्ट शृंखला में बरकरार नहीं रख सके थे।
सचिन ने रेलवे के खिलाफ 137 रनों की शानदार पारी खेली थी लेकिन इंग्लैंड के साथ हुई चार मैचों की टेस्ट शृंखला में वह सिर्फ एक अर्द्धशतक लगा सके थे। सचिन ने कोलकाता टेस्ट की पहली पारी में 76 रन बनाए थे।
सचिन ने खराब फार्म से उबरने के लिए रणजी ट्रॉफी का सहारा लेते हुए सत्र के पहले ही मैच में रेलवे के खिलाफ शानदार शतक लगाया था लेकिन वह अपने इस फार्म को इंग्लैंड के साथ हुई टेस्ट शृंखला में बरकरार नहीं रख सके थे।
सचिन ने रेलवे के खिलाफ 137 रनों की शानदार पारी खेली थी लेकिन इंग्लैंड के साथ हुई चार मैचों की टेस्ट शृंखला में वह सिर्फ एक अर्द्धशतक लगा सके थे। सचिन ने कोलकाता टेस्ट की पहली पारी में 76 रन बनाए थे।
सचिन ने रेलवे के खिलाफ 137 रनों की शानदार पारी खेली थी लेकिन इंग्लैंड के साथ हुई चार मैचों की टेस्ट शृंखला में वह सिर्फ एक अर्द्धशतक लगा सके थे। सचिन ने कोलकाता टेस्ट की पहली पारी में 76 रन बनाए थे। | यह एक सारांश है: बीते रविवार को एकदिवसीय क्रिकेट से संन्यास लेने वाले सचिन तेंदुलकर ने मुम्बई के लिए रणजी ट्रॉफी में नॉकआउट दौर में खेलने का फैसला किया है। सचिन मुम्बई के लिए अंतिम दौर के लीग मैच में नहीं खेलेंगे। | 21 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में 13 अप्रैल को होने वाले चुनाव के मद्देनजर चल रहा चुनाव प्रचार अभियान समाप्त हो गया। प्रचार खत्म होने के अंतिम समय तक कांग्रेस नेतृत्व वाले मोर्चे और अन्नाद्रमुक-एआईएनआरसी मोर्चे ने मतदाताओं को लुभाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। बुधवार को होनेवाले इस चुनाव में कुल आठ लाख से ज्यादा मतदाता 30 सदस्यीय विधानसभा के सदस्यों का चुनाव करेंगे। कांग्रेस नेतृत्व वाले खेमे से कांग्रेस ने जहां अपने 17 प्रत्याशियों को खड़ा किया है वहीं मुख्य सहयोगी दल द्रमुक 10 सदस्यों के साथ मैदान में हैं। इसके अलावा पीएमके दो और विदुथलाई चिरूथाइगल काची एक सीट पर लड़ रही है। विपक्षी खेमे से पूर्व मुख्यमंत्री एन रंगासामी के नेतृत्व वाली अखिल भारतीय एनआर कांग्रेस 17 सीटों के साथ मैदान में है जबकि अन्नाद्रमुक के 10 प्रत्याशी खड़े हैं। इसके अलावा भाकपा, माकपा और डीएमडीके ने एक-एक सीटों के लिए प्रत्याशियों को खड़ा किया है। | संक्षिप्त पाठ: कांग्रेस नेतृत्व वाले खेमे से कांग्रेस ने जहां अपने 17 प्रत्याशियों को खड़ा किया है वहीं मुख्य सहयोगी दल द्रमुक 10 सदस्यों के साथ मैदान में हैं। | 22 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कॉम्पैक्ट कार बाजार की प्रतिस्पर्धा गरमाती जा रही है। देश की प्रमुख कार कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया ने अपनी प्रतिद्वंद्वी ह्यूंडई की जल्द आने वाली कार ग्रैंड आई-10 के मुकाबले अगले साल पूरी तरह नया मॉडल पेश करने की घोषणा की है।
सूत्रों के मुताबिक उक्त मॉडल और वैगनआर स्टिंग्रे मारुति सुजुकी के नए उत्पाद होंगे, ताकि बढ़ती प्रतिस्पर्धा के दौर में अपनी बाजार हिस्सेदारी बढ़ाई जा सके। सूत्रों ने बताया, मारुति का नया कॉम्पैक्ट मॉडल वैगन आर और स्विफ्ट के बीच का होगा। इसे पहली बार अगले साल ऑटो एक्सपो (वाहन प्रदर्शनी) में पेश किया जाएगा।टिप्पणियां
मारुति सुजुकी के प्रवक्ता ने कहा, हम अपनी भावी कारों के बारे में टिप्पणी नहीं करते। ऑटो एक्सपो का आयोजन ग्रेटर नोएडा में 6 से 12 फरवरी, 2014 के दौरान किया जाएगा। इससे पहले ऑटो एक्सपो का आयोजन प्रगति मैदान में होता था।
ह्यूंडई मोटर इंडिया ग्रैंड आई-10 के जरिये मारुति की लोकप्रिय कार स्विफ्ट का मुकाबला करना चाहती है और इसे 3 सिंतबर को डीजल और पेट्रोल दोनों मॉडल में पेश किया जाएगा। इधर, मारुति स्विफ्ट से थोड़ी सस्ती कार के साथ ग्रैंड आई-10 का मुकाबला करना चाहती है।
सूत्रों के मुताबिक उक्त मॉडल और वैगनआर स्टिंग्रे मारुति सुजुकी के नए उत्पाद होंगे, ताकि बढ़ती प्रतिस्पर्धा के दौर में अपनी बाजार हिस्सेदारी बढ़ाई जा सके। सूत्रों ने बताया, मारुति का नया कॉम्पैक्ट मॉडल वैगन आर और स्विफ्ट के बीच का होगा। इसे पहली बार अगले साल ऑटो एक्सपो (वाहन प्रदर्शनी) में पेश किया जाएगा।टिप्पणियां
मारुति सुजुकी के प्रवक्ता ने कहा, हम अपनी भावी कारों के बारे में टिप्पणी नहीं करते। ऑटो एक्सपो का आयोजन ग्रेटर नोएडा में 6 से 12 फरवरी, 2014 के दौरान किया जाएगा। इससे पहले ऑटो एक्सपो का आयोजन प्रगति मैदान में होता था।
ह्यूंडई मोटर इंडिया ग्रैंड आई-10 के जरिये मारुति की लोकप्रिय कार स्विफ्ट का मुकाबला करना चाहती है और इसे 3 सिंतबर को डीजल और पेट्रोल दोनों मॉडल में पेश किया जाएगा। इधर, मारुति स्विफ्ट से थोड़ी सस्ती कार के साथ ग्रैंड आई-10 का मुकाबला करना चाहती है।
मारुति सुजुकी के प्रवक्ता ने कहा, हम अपनी भावी कारों के बारे में टिप्पणी नहीं करते। ऑटो एक्सपो का आयोजन ग्रेटर नोएडा में 6 से 12 फरवरी, 2014 के दौरान किया जाएगा। इससे पहले ऑटो एक्सपो का आयोजन प्रगति मैदान में होता था।
ह्यूंडई मोटर इंडिया ग्रैंड आई-10 के जरिये मारुति की लोकप्रिय कार स्विफ्ट का मुकाबला करना चाहती है और इसे 3 सिंतबर को डीजल और पेट्रोल दोनों मॉडल में पेश किया जाएगा। इधर, मारुति स्विफ्ट से थोड़ी सस्ती कार के साथ ग्रैंड आई-10 का मुकाबला करना चाहती है।
ह्यूंडई मोटर इंडिया ग्रैंड आई-10 के जरिये मारुति की लोकप्रिय कार स्विफ्ट का मुकाबला करना चाहती है और इसे 3 सिंतबर को डीजल और पेट्रोल दोनों मॉडल में पेश किया जाएगा। इधर, मारुति स्विफ्ट से थोड़ी सस्ती कार के साथ ग्रैंड आई-10 का मुकाबला करना चाहती है। | संक्षिप्त सारांश: कॉम्पैक्ट कार बाजार की प्रतिस्पर्धा गरमाती जा रही है। देश की प्रमुख कार कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया ने अपनी प्रतिद्वंद्वी ह्यूंडई की जल्द आने वाली कार ग्रैंड आई-10 के मुकाबले अगले साल पूरी तरह नया मॉडल पेश करने की घोषणा की है। | 10 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: मुम्बई में बुधवार को हुए बम विस्फोटों का स्पष्ट सुराग न मिलता देख भारत इसकी जांच में अमेरिका की मदद ले सकता है। अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन की विदेश मंत्री एसएम कृष्णा के साथ मंगलवार को होने वाले कूटनीतिक संवाद के समय भारत मदद की मांग कर सकता है। जानकार सूत्रों ने बताया कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई के अलावा दोनों नेता परमाणु करार को लेकर उपजीं चिंताओं पर चर्चा करने के साथ ही पाकिस्तान और अफगानिस्तान से सम्बंधित जानकारियों को साझा करेंगे। ज्ञात हो कि क्लिंटन अपनी तीन दिनों की यात्रा पर 18 जुलाई को भारत पहुंच रही हैं। वह अपनी यात्रा के दौरान अमेरिकी निवेश के केंद्र में उभर रहे चेन्नई भी जाएंगी। जानकार सूत्रों ने बताया कि भारत और अमेरिका खासकर 26/11 के आतंकवादी हमले के बाद आतंकवाद से निपटने और खुफिया जानकारियों के लिए सूचनाओं की साझेदारी करते आ रहे हैं। सूत्रों ने हालांकि विस्तार से यह नहीं बताया कि मुम्बई में 13 जुलाई को हुए आतंकवादी हमले के सिलसिले में भारत अमेरिका से किस प्रकार का सहयोग चाहता है। उल्लेखनीय है कि क्लिंटन की भारत यात्रा के दौरान उनके साथ राष्ट्रीय खुफिया विभाग के निदेशक जेम्स आर. क्लैपर और आंतरिक सुरक्षा विभाग में उप सचिव जेन हॉल लुटे सहित आतंकवाद निरोधी शीर्ष अमेरिकी अधिकारी होंगे। वहीं, भारतीय शिष्टमंडल में योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया, प्रधानमंत्री के सलाहकार सैम पित्रोदा, विदेश सचिव निरुपमा राव, विदेश सचिव मनोनीत रंजन मथाई, गृह, वाणिज्य एवं पर्यावरण मंत्रालयों के सचिव, खुफिया ब्यूरो के निदेशक नेहचल संधू शामिल होंगे। | संक्षिप्त पाठ: मुम्बई में बुधवार को हुए बम विस्फोटों का स्पष्ट सुराग न मिलता देख भारत इसकी जांच में अमेरिका की मदद ले सकता है। | 14 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: घरेलू बाजार में कारों की बिक्री फरवरी महीने में 25.71 प्रतिशत तक घटकर 1,58,513 कारों की रह गई, जबकि पिछले साल फरवरी में देश में 2,13,362 कारें बिकी थीं।
वाहन कंपनियों के संगठन सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चर्स (सियाम) द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले महीने मोटरसाइकिलों की बिक्री भी 4.48 प्रतिशत घटकर 8,00,185 इकाइयों की रही जो फरवरी, 2012 में 8,37,743 इकाइयों की थी।
फरवरी, 2013 में दोपहिया वाहनों की कुल बिक्री 2.77 प्रतिशत घटकर 11,12,289 इकाइयों की रही, जबकि बीते साल की इसी अवधि में यह बिक्री 11,43,982 इकाइयों की थी।टिप्पणियां
सियाम ने कहा कि समीक्षाधीन माह में वाणिज्यिक वाहनों की कुल बिक्री 11.06 प्रतिशत घटकर 68,388 इकाइयों की रही जो बीते साल फरवरी में 76,891 इकाइयों की थी।
सियाम के आंकड़ों के मुताबिक, सभी वर्गों में वाहनों की कुल बिक्री 5.45 प्रतिशत घटकर 14,51,278 इकाइयों की रही, जबकि फरवरी, 2012 में कुल 15,34,910 वाहनों की बिक्री दर्ज की गई थी।
वाहन कंपनियों के संगठन सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चर्स (सियाम) द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले महीने मोटरसाइकिलों की बिक्री भी 4.48 प्रतिशत घटकर 8,00,185 इकाइयों की रही जो फरवरी, 2012 में 8,37,743 इकाइयों की थी।
फरवरी, 2013 में दोपहिया वाहनों की कुल बिक्री 2.77 प्रतिशत घटकर 11,12,289 इकाइयों की रही, जबकि बीते साल की इसी अवधि में यह बिक्री 11,43,982 इकाइयों की थी।टिप्पणियां
सियाम ने कहा कि समीक्षाधीन माह में वाणिज्यिक वाहनों की कुल बिक्री 11.06 प्रतिशत घटकर 68,388 इकाइयों की रही जो बीते साल फरवरी में 76,891 इकाइयों की थी।
सियाम के आंकड़ों के मुताबिक, सभी वर्गों में वाहनों की कुल बिक्री 5.45 प्रतिशत घटकर 14,51,278 इकाइयों की रही, जबकि फरवरी, 2012 में कुल 15,34,910 वाहनों की बिक्री दर्ज की गई थी।
फरवरी, 2013 में दोपहिया वाहनों की कुल बिक्री 2.77 प्रतिशत घटकर 11,12,289 इकाइयों की रही, जबकि बीते साल की इसी अवधि में यह बिक्री 11,43,982 इकाइयों की थी।टिप्पणियां
सियाम ने कहा कि समीक्षाधीन माह में वाणिज्यिक वाहनों की कुल बिक्री 11.06 प्रतिशत घटकर 68,388 इकाइयों की रही जो बीते साल फरवरी में 76,891 इकाइयों की थी।
सियाम के आंकड़ों के मुताबिक, सभी वर्गों में वाहनों की कुल बिक्री 5.45 प्रतिशत घटकर 14,51,278 इकाइयों की रही, जबकि फरवरी, 2012 में कुल 15,34,910 वाहनों की बिक्री दर्ज की गई थी।
सियाम ने कहा कि समीक्षाधीन माह में वाणिज्यिक वाहनों की कुल बिक्री 11.06 प्रतिशत घटकर 68,388 इकाइयों की रही जो बीते साल फरवरी में 76,891 इकाइयों की थी।
सियाम के आंकड़ों के मुताबिक, सभी वर्गों में वाहनों की कुल बिक्री 5.45 प्रतिशत घटकर 14,51,278 इकाइयों की रही, जबकि फरवरी, 2012 में कुल 15,34,910 वाहनों की बिक्री दर्ज की गई थी।
सियाम के आंकड़ों के मुताबिक, सभी वर्गों में वाहनों की कुल बिक्री 5.45 प्रतिशत घटकर 14,51,278 इकाइयों की रही, जबकि फरवरी, 2012 में कुल 15,34,910 वाहनों की बिक्री दर्ज की गई थी। | यह एक सारांश है: घरेलू बाजार में कारों की बिक्री फरवरी महीने में 25.71 प्रतिशत तक घटकर 1,58,513 कारों की रह गई, जबकि पिछले साल फरवरी में देश में 2,13,362 कारें बिकी थीं। | 24 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: आम आदमी पार्टी (आप) ने पूछा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी.नड्डा तथा अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में सात हजार करोड़ रुपये के घोटाले के आरोपी भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के एक अधिकारी के बीच आखिर क्या संबंध हैं?
आप नेता आशुतोष ने कहा कि सीबीआई ने दिल्ली उच्च न्यायालय से कहा कि उसे उस अधिकारी के खिलाफ मामले से संबंधित दस्तावेज स्वास्थ्य मंत्रालय से नहीं मिल पा रहे हैं, जो कथित तौर पर नड्डा का नजदीकी है.
आशुतोष ने कहा कि वे दिल्ली के मुख्यमंत्री तथा उपमुख्यमंत्री के घरों पर छापेमारी कर सकते हैं, लेकिन भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के मामले में वे एक दस्तावेज तक प्राप्त नहीं कर सकते.
एम्स में यह घोटाला साल 2010-2012 के बीच संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की सरकार के कार्यकाल के दौरान हुआ. इस पर से पर्दा भारतीय वन सेवा के अधिकारी संजीव चतुर्वेदी ने हटाया, जब वह एम्स में मुख्य सतर्कता अधिकारी थे. टिप्पणियां
आशुतोष ने कहा कि नड्डा ने मामले में जांच अधिकारी बदलवाने के लिए दो पत्र लिखे. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी जानना चाहती है कि नड्डा तथा आरोपी अधिकारी के बीच क्या संबंध हैं?(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
आप नेता आशुतोष ने कहा कि सीबीआई ने दिल्ली उच्च न्यायालय से कहा कि उसे उस अधिकारी के खिलाफ मामले से संबंधित दस्तावेज स्वास्थ्य मंत्रालय से नहीं मिल पा रहे हैं, जो कथित तौर पर नड्डा का नजदीकी है.
आशुतोष ने कहा कि वे दिल्ली के मुख्यमंत्री तथा उपमुख्यमंत्री के घरों पर छापेमारी कर सकते हैं, लेकिन भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के मामले में वे एक दस्तावेज तक प्राप्त नहीं कर सकते.
एम्स में यह घोटाला साल 2010-2012 के बीच संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की सरकार के कार्यकाल के दौरान हुआ. इस पर से पर्दा भारतीय वन सेवा के अधिकारी संजीव चतुर्वेदी ने हटाया, जब वह एम्स में मुख्य सतर्कता अधिकारी थे. टिप्पणियां
आशुतोष ने कहा कि नड्डा ने मामले में जांच अधिकारी बदलवाने के लिए दो पत्र लिखे. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी जानना चाहती है कि नड्डा तथा आरोपी अधिकारी के बीच क्या संबंध हैं?(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
आशुतोष ने कहा कि वे दिल्ली के मुख्यमंत्री तथा उपमुख्यमंत्री के घरों पर छापेमारी कर सकते हैं, लेकिन भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के मामले में वे एक दस्तावेज तक प्राप्त नहीं कर सकते.
एम्स में यह घोटाला साल 2010-2012 के बीच संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की सरकार के कार्यकाल के दौरान हुआ. इस पर से पर्दा भारतीय वन सेवा के अधिकारी संजीव चतुर्वेदी ने हटाया, जब वह एम्स में मुख्य सतर्कता अधिकारी थे. टिप्पणियां
आशुतोष ने कहा कि नड्डा ने मामले में जांच अधिकारी बदलवाने के लिए दो पत्र लिखे. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी जानना चाहती है कि नड्डा तथा आरोपी अधिकारी के बीच क्या संबंध हैं?(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
एम्स में यह घोटाला साल 2010-2012 के बीच संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की सरकार के कार्यकाल के दौरान हुआ. इस पर से पर्दा भारतीय वन सेवा के अधिकारी संजीव चतुर्वेदी ने हटाया, जब वह एम्स में मुख्य सतर्कता अधिकारी थे. टिप्पणियां
आशुतोष ने कहा कि नड्डा ने मामले में जांच अधिकारी बदलवाने के लिए दो पत्र लिखे. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी जानना चाहती है कि नड्डा तथा आरोपी अधिकारी के बीच क्या संबंध हैं?(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
आशुतोष ने कहा कि नड्डा ने मामले में जांच अधिकारी बदलवाने के लिए दो पत्र लिखे. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी जानना चाहती है कि नड्डा तथा आरोपी अधिकारी के बीच क्या संबंध हैं?(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: संप्रग सरकार के कार्यकाल में AIIMS में घोटाला हुआ था
मुख्य सतर्कता अधिकारी संजीव चतुर्वेदी ने उजागर किया
नड्डा और घोटाले के आरोपी के बीच सांठगांठ होने के आरोप | 25 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: 'अग्निपथ' के रीमेक के नायक ऋतिक रोशन बहुत बेसब्री से ओरिजनल 'अग्निपथ' के नायक को अपनी फिल्म दिखाने का इंतज़ार कर रहे हैं। ऋतिक के मुताबिक जैसे ही उनकी फिल्म प्रिव्यू के लिए तैयार हो जाएगी, वह सबसे पहले 'बिग बी' को ही फोन करेंगे।
ओरिजनल 'अग्निपथ' में नायक विजय दीनानाथ चौहान का किरदार निभाने वाले अमिताभ बच्चन को इस फिल्म के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला था, जबकि 26 जनवरी को रिलीज़ होने जा रहे रीमेक में यह किरदार ऋतिक रोशन निभा रहे हैं।टिप्पणियां
'अग्निपथ' का यह रीमेक करण जौहर बना रहे हैं, और उन्होंने इसके निर्देशन की जिम्मेदारी करन मल्होत्रा को सौंपी है, जबकि वर्ष 1990 में आई ओरिजनल 'अग्निपथ' का निर्माण करण जौहर के पिता यश जौहर ने किया था, और मुकुल आनंद ने उसका निर्देशन किया था।
वर्ष 1990 की 'अग्निपथ' में अमिताभ के अलावा मिथुन चक्रवर्ती, माधवी, रोहिणी हट्टंगड़ी, नीलम, डैनी डैन्जोन्गपा, टीनू आनन्द और विक्रम गोखले ने महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई थीं, जबकि 'अग्निपथ' के रीमेक में अमिताभ की जगह लेने वाले ऋतिक के साथ माधवी के स्थान पर प्रियंका चोपड़ा दिखाई देंगी, जबकि डैनी के स्थान पर खलनायक होंगे संजय दत्त। इस रीमेक में मिथुन चक्रवर्ती वाला कृष्णन अय्यर का किरदार गायब कर दिया गया है, जबकि राउफ लाला की भूमिका में ऋषि कपूर एक नया किरदार फिल्म में जोड़ेंगे।
ओरिजनल 'अग्निपथ' में नायक विजय दीनानाथ चौहान का किरदार निभाने वाले अमिताभ बच्चन को इस फिल्म के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला था, जबकि 26 जनवरी को रिलीज़ होने जा रहे रीमेक में यह किरदार ऋतिक रोशन निभा रहे हैं।टिप्पणियां
'अग्निपथ' का यह रीमेक करण जौहर बना रहे हैं, और उन्होंने इसके निर्देशन की जिम्मेदारी करन मल्होत्रा को सौंपी है, जबकि वर्ष 1990 में आई ओरिजनल 'अग्निपथ' का निर्माण करण जौहर के पिता यश जौहर ने किया था, और मुकुल आनंद ने उसका निर्देशन किया था।
वर्ष 1990 की 'अग्निपथ' में अमिताभ के अलावा मिथुन चक्रवर्ती, माधवी, रोहिणी हट्टंगड़ी, नीलम, डैनी डैन्जोन्गपा, टीनू आनन्द और विक्रम गोखले ने महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई थीं, जबकि 'अग्निपथ' के रीमेक में अमिताभ की जगह लेने वाले ऋतिक के साथ माधवी के स्थान पर प्रियंका चोपड़ा दिखाई देंगी, जबकि डैनी के स्थान पर खलनायक होंगे संजय दत्त। इस रीमेक में मिथुन चक्रवर्ती वाला कृष्णन अय्यर का किरदार गायब कर दिया गया है, जबकि राउफ लाला की भूमिका में ऋषि कपूर एक नया किरदार फिल्म में जोड़ेंगे।
'अग्निपथ' का यह रीमेक करण जौहर बना रहे हैं, और उन्होंने इसके निर्देशन की जिम्मेदारी करन मल्होत्रा को सौंपी है, जबकि वर्ष 1990 में आई ओरिजनल 'अग्निपथ' का निर्माण करण जौहर के पिता यश जौहर ने किया था, और मुकुल आनंद ने उसका निर्देशन किया था।
वर्ष 1990 की 'अग्निपथ' में अमिताभ के अलावा मिथुन चक्रवर्ती, माधवी, रोहिणी हट्टंगड़ी, नीलम, डैनी डैन्जोन्गपा, टीनू आनन्द और विक्रम गोखले ने महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई थीं, जबकि 'अग्निपथ' के रीमेक में अमिताभ की जगह लेने वाले ऋतिक के साथ माधवी के स्थान पर प्रियंका चोपड़ा दिखाई देंगी, जबकि डैनी के स्थान पर खलनायक होंगे संजय दत्त। इस रीमेक में मिथुन चक्रवर्ती वाला कृष्णन अय्यर का किरदार गायब कर दिया गया है, जबकि राउफ लाला की भूमिका में ऋषि कपूर एक नया किरदार फिल्म में जोड़ेंगे।
वर्ष 1990 की 'अग्निपथ' में अमिताभ के अलावा मिथुन चक्रवर्ती, माधवी, रोहिणी हट्टंगड़ी, नीलम, डैनी डैन्जोन्गपा, टीनू आनन्द और विक्रम गोखले ने महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई थीं, जबकि 'अग्निपथ' के रीमेक में अमिताभ की जगह लेने वाले ऋतिक के साथ माधवी के स्थान पर प्रियंका चोपड़ा दिखाई देंगी, जबकि डैनी के स्थान पर खलनायक होंगे संजय दत्त। इस रीमेक में मिथुन चक्रवर्ती वाला कृष्णन अय्यर का किरदार गायब कर दिया गया है, जबकि राउफ लाला की भूमिका में ऋषि कपूर एक नया किरदार फिल्म में जोड़ेंगे। | संक्षिप्त पाठ: ऋतिक के मुताबिक जैसे ही उनकी फिल्म प्रिव्यू के लिए तैयार हो जाएगी, वह सबसे पहले 'बिग बी' को ही फोन करेंगे। | 14 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: क्या लोकपाल के दायरे में प्रधानमंत्री और जज होने चाहिए... केंद्र सरकार ने चिट्ठी लिखकर राज्य सरकारों और दलों से इस पर राय मांगी है। अण्णा हज़ारे की टीम की चिंताओं के जवाब में लोकपाल बिल पर वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने सभी मुख्यमंत्रियों और राजनीतिक पार्टियों को चिट्ठी लिखकर कुछ सवाल पूछे हैं। इससे यह बात साफ है कि सरकार पूरी तरह सिविल सोसाइटी के इशारों पर नहीं चलेगी लेकिन 30 जून की डेड लाइन को मानने की पूरी कोशिश करेगी। सरकार की इस चिट्ठी में लोकपाल बिल को लेकर कई सवाल हैं। इन सवालों का जवाब राज्य सरकारों और सियासी दलों से मांगा गया है। इन अहम सवालों में यह पूछा गया है कि क्या प्रधानमंत्री को लोकपाल के दायरे में रखा जाए… क्या हाइकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के जज लोकपाल की जांच के अधीन हों... और क्या संसद के भीतर सांसदों का आचरण यानी बहस और वोटिंग में उनकी शिरकत पर लोकपाल को कोई अधिकार हो। इस चिट्ठी के ज़रिए सरकार ने सामाजिक कायर्कर्ताओं को दबाव में लाने के लिए इशारा किया है। उधर, सामाजिक कायकर्ता अब भी कह रहे हैं कि लोकपाल के दायरे को लेकर सरकार को कंजूसी नहीं दिखानी चाहिए। सोमवार को हुई बैठक के बाद सामाजिक कायकर्ताओं ने बातचीत छोड़ने की धमकी दी थी। इसके जवाब में सरकार ने कहा कि ये पेचीदा मामला है। मामला उलझा हुआ है। अब देखना है कब तक सरकार को जवाब मिलते हैं और कब वह ड्राफ्टिंग कमेटी में किसी आम राय तक पहुंचती है। | सारांश: क्या लोकपाल के दायरे में प्रधानमंत्री और जज होने चाहिए... केंद्र सरकार ने चिट्ठी लिखकर राज्य सरकारों और दलों से इस पर राय मांगी है। | 33 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: एक विवादास्पद बयान देते हुए केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि केरल की पुलिस को इतालवी नाविकों द्वारा दो भारतीय मछुआरों की हत्या की जांच का अधिकार नहीं है। केंद्र सरकार की ओर से कोर्ट में कहा गया है कि यह घटना अंतरराष्ट्रीय जल में हुई थी। केंद्र की ओर से अतिरिक्त महान्यायवादी हरिन रावल ने कहा कि इतालवी जहाज एनरिका लेक्सी भारतीय समुद्री सीमा से 20.5 नॉटिकल माइल्स की दूरी पर था जबकि भारत की जलसीमा 12 नॉटिकल माइल्स पर समाप्त हो जाती है।
केंद्र के ऐसे रवैये से नाराज सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से कहा कि आप कह रहे हैं कि केरल की पुलिस को यह मामला जांचने का अधिकार नहीं है। यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है और यह स्वीकार नहीं किया जा सकता। आप ऐसा पक्ष कैसे रख सकते हैं। दो भारतीय लोगों की हत्या की गई है।
बावजूद इसके केंद्र अपने रवैये और बयान पर कायम रहा। सुप्रीम कोर्ट इटली के जहाज के मालिकों द्वारा अपना जहाज छोड़े जाने की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा। यह जहाज 15 फरवरी से भारतीय तट पर रोका गया है। कोच्चि पोर्ट पर खड़े इस जहाज के मालिकों की याचिका को केरल हाईकोर्ट द्वारा खारिज कर दिए जाने के बाद वह सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं। टिप्पणियां
वहीं, केरल के मुख्यमंत्री ओमन चांडी ने भी केंद्र के इस रवैये की भर्त्सना की है और कहा है कि उन्होंने केंद्र से बातचीत के बाद ही सुप्रीम कोर्ट में मामले की पैरवी करवाई थी। विदेश मंत्री एसएम कृष्णा से जब इस मामले पर संपर्क किया गया तब उनका कहना था कि केंद्र के इस पक्ष के बारे में उनसे कोई राय नहीं ली गई थी।
आज का केंद्र का सुप्रीम कोर्ट में दिया बयान इटली की सरकार द्वारा कहे गए बयान से मेल खाता है उसी बयान में इटली की सरकार ने एक करोड़ रुपये के मुआवजे की पेशकश की थी।
गौरतलब है कि इटली के नाविक लाटोर मैसिमिलानो और सल्वटोर गिरोन को दो भारतीय मछुआरों की गोली मारकर हत्या करने के आरोप में 20 फरवरी को गिरफ्तार किया गया। मारे गए भारतीय मछुआरों का नाम अजेश बिंकी (25) और जिलास्टिन (45) हैं। दोनों ही केरल के अलाप्पुझा के रहने वाले हैं। कहा जा रहा है कि इतालवी जहाज पर सवार दोनों नाविकों ने भारतीय मछुआरों को समुद्री लुटेरा समझा जिसके बाद उन्होंने गोली चलाई।
केंद्र के ऐसे रवैये से नाराज सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से कहा कि आप कह रहे हैं कि केरल की पुलिस को यह मामला जांचने का अधिकार नहीं है। यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है और यह स्वीकार नहीं किया जा सकता। आप ऐसा पक्ष कैसे रख सकते हैं। दो भारतीय लोगों की हत्या की गई है।
बावजूद इसके केंद्र अपने रवैये और बयान पर कायम रहा। सुप्रीम कोर्ट इटली के जहाज के मालिकों द्वारा अपना जहाज छोड़े जाने की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा। यह जहाज 15 फरवरी से भारतीय तट पर रोका गया है। कोच्चि पोर्ट पर खड़े इस जहाज के मालिकों की याचिका को केरल हाईकोर्ट द्वारा खारिज कर दिए जाने के बाद वह सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं। टिप्पणियां
वहीं, केरल के मुख्यमंत्री ओमन चांडी ने भी केंद्र के इस रवैये की भर्त्सना की है और कहा है कि उन्होंने केंद्र से बातचीत के बाद ही सुप्रीम कोर्ट में मामले की पैरवी करवाई थी। विदेश मंत्री एसएम कृष्णा से जब इस मामले पर संपर्क किया गया तब उनका कहना था कि केंद्र के इस पक्ष के बारे में उनसे कोई राय नहीं ली गई थी।
आज का केंद्र का सुप्रीम कोर्ट में दिया बयान इटली की सरकार द्वारा कहे गए बयान से मेल खाता है उसी बयान में इटली की सरकार ने एक करोड़ रुपये के मुआवजे की पेशकश की थी।
गौरतलब है कि इटली के नाविक लाटोर मैसिमिलानो और सल्वटोर गिरोन को दो भारतीय मछुआरों की गोली मारकर हत्या करने के आरोप में 20 फरवरी को गिरफ्तार किया गया। मारे गए भारतीय मछुआरों का नाम अजेश बिंकी (25) और जिलास्टिन (45) हैं। दोनों ही केरल के अलाप्पुझा के रहने वाले हैं। कहा जा रहा है कि इतालवी जहाज पर सवार दोनों नाविकों ने भारतीय मछुआरों को समुद्री लुटेरा समझा जिसके बाद उन्होंने गोली चलाई।
बावजूद इसके केंद्र अपने रवैये और बयान पर कायम रहा। सुप्रीम कोर्ट इटली के जहाज के मालिकों द्वारा अपना जहाज छोड़े जाने की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा। यह जहाज 15 फरवरी से भारतीय तट पर रोका गया है। कोच्चि पोर्ट पर खड़े इस जहाज के मालिकों की याचिका को केरल हाईकोर्ट द्वारा खारिज कर दिए जाने के बाद वह सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं। टिप्पणियां
वहीं, केरल के मुख्यमंत्री ओमन चांडी ने भी केंद्र के इस रवैये की भर्त्सना की है और कहा है कि उन्होंने केंद्र से बातचीत के बाद ही सुप्रीम कोर्ट में मामले की पैरवी करवाई थी। विदेश मंत्री एसएम कृष्णा से जब इस मामले पर संपर्क किया गया तब उनका कहना था कि केंद्र के इस पक्ष के बारे में उनसे कोई राय नहीं ली गई थी।
आज का केंद्र का सुप्रीम कोर्ट में दिया बयान इटली की सरकार द्वारा कहे गए बयान से मेल खाता है उसी बयान में इटली की सरकार ने एक करोड़ रुपये के मुआवजे की पेशकश की थी।
गौरतलब है कि इटली के नाविक लाटोर मैसिमिलानो और सल्वटोर गिरोन को दो भारतीय मछुआरों की गोली मारकर हत्या करने के आरोप में 20 फरवरी को गिरफ्तार किया गया। मारे गए भारतीय मछुआरों का नाम अजेश बिंकी (25) और जिलास्टिन (45) हैं। दोनों ही केरल के अलाप्पुझा के रहने वाले हैं। कहा जा रहा है कि इतालवी जहाज पर सवार दोनों नाविकों ने भारतीय मछुआरों को समुद्री लुटेरा समझा जिसके बाद उन्होंने गोली चलाई।
वहीं, केरल के मुख्यमंत्री ओमन चांडी ने भी केंद्र के इस रवैये की भर्त्सना की है और कहा है कि उन्होंने केंद्र से बातचीत के बाद ही सुप्रीम कोर्ट में मामले की पैरवी करवाई थी। विदेश मंत्री एसएम कृष्णा से जब इस मामले पर संपर्क किया गया तब उनका कहना था कि केंद्र के इस पक्ष के बारे में उनसे कोई राय नहीं ली गई थी।
आज का केंद्र का सुप्रीम कोर्ट में दिया बयान इटली की सरकार द्वारा कहे गए बयान से मेल खाता है उसी बयान में इटली की सरकार ने एक करोड़ रुपये के मुआवजे की पेशकश की थी।
गौरतलब है कि इटली के नाविक लाटोर मैसिमिलानो और सल्वटोर गिरोन को दो भारतीय मछुआरों की गोली मारकर हत्या करने के आरोप में 20 फरवरी को गिरफ्तार किया गया। मारे गए भारतीय मछुआरों का नाम अजेश बिंकी (25) और जिलास्टिन (45) हैं। दोनों ही केरल के अलाप्पुझा के रहने वाले हैं। कहा जा रहा है कि इतालवी जहाज पर सवार दोनों नाविकों ने भारतीय मछुआरों को समुद्री लुटेरा समझा जिसके बाद उन्होंने गोली चलाई।
गौरतलब है कि इटली के नाविक लाटोर मैसिमिलानो और सल्वटोर गिरोन को दो भारतीय मछुआरों की गोली मारकर हत्या करने के आरोप में 20 फरवरी को गिरफ्तार किया गया। मारे गए भारतीय मछुआरों का नाम अजेश बिंकी (25) और जिलास्टिन (45) हैं। दोनों ही केरल के अलाप्पुझा के रहने वाले हैं। कहा जा रहा है कि इतालवी जहाज पर सवार दोनों नाविकों ने भारतीय मछुआरों को समुद्री लुटेरा समझा जिसके बाद उन्होंने गोली चलाई। | संक्षिप्त सारांश: एक विवादास्पद बयान देते हुए केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि केरल की पुलिस को इतालवी नाविकों द्वारा दो भारतीय मछुआरों की हत्या की जांच का अधिकार नहीं है। केंद्र सरकार की ओर से कोर्ट में कहा गया है कि यह घटना अंतरराष्ट्रीय जल में हुई थी। | 29 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: गीता ने बताया, 'अल खर सोसायटी के संपर्क में आने के बाद मेरी जिंदगी बदल गई. इसने हमें सम्मान की जिंदगी जीने में मदद की. हमारे जैसे गरीब लोगों के लिए ब्याजमुक्त कर्ज भगवान का वरदान ही है. यहां बैंकों की तरह कर्ज मिलने की कोई अनिश्चिता नहीं होती है.'
मंजू देवी ने पिछले पांच साल में अपने बच्चों की सालाना फीस भरने के लिए अलखर से 20,000 रुपये कर्ज लिया. उसके पति सड़क किनारे दुकान चलाते हैं.
कमला ने कहा कि वह अपनी कमाई में से कुछ पैसे किस्त के रूप में अल खर सोसायटी को भुगतान करती है जिससे कर्ज उतर जाए.
संजय सिंह ने कहा कि छोटी दुकान करने वालों को कर्ज देने में बैंकों की कोई दिलचस्पी नहीं होती है. उन्होंने कहा, 'बैंक कर्ज पर ब्याज तो लेता ही है. साथ ही, कर्ज लेने के लिए इतने सारे दस्तावेज भरने की जरूरत होती है कि गरीब आदमी परेशान हो जाता है.' संजय के पास कपड़े की छोटी सी दुकान है, जो उनकी पत्नी चलाती है और वह साइकिल पर घूम-घूम कर कपड़े बेचते हैं.
अलखर सोसायटी से करीब एक दशक से जुड़े अवकाश प्राप्त बैंक अधिकारी शमीम रिजवी ने बताया, 'ब्याजमुक्त कर्ज भले ही मुस्लिम परंपरा हो क्योंकि इस्लाम में ब्याज को अनुचित माना जाता है. मगर यह (अलखर) न सिर्फ मुस्लिम बल्कि सबको ब्याजमुक्त कर्ज देता है.'
अलखर सोसायटी के प्रबंध निदेशक नैयर फातमी ने बताया कि ब्याजमुक्त कर्ज की आमपसंदी बढ़ रही है.
उन्होंने कहा, 'जिनकी पहुंच बैंक तक नहीं हो पाती है उनके लिए पांच से 10,000 रुपये की छोटी रकम भी काफी अहम होती है. ब्याजमुक्त कर्ज पाने वाले लोगों में करीब 50 फीसदी हिंदू हैं. ज्यादातर लोग अपनी रोजी-रोटी चलाने के लिए कर्ज लेते हैं जिससे उनका सशक्तीकरण हो रहा है.'
अलखर सोसायटी ब्याजमुक्त कर्ज प्रदान करने वाली एक सफल माइक्रोफायनेंस संस्था की मिसाल है, जो हजारों लोगों के चेहरों पर मुस्कान लेकर आई है. सोसायटी ने छोटी सी निधि से काम शुरू किया था और इसके पास शुरुआत में पटना स्थित एक छोटे से दफ्तर में सिर्फ दो कर्मचारी थे. मगर आज संस्था में 100 कर्मचारी काम करते हैं.
इन कर्मचारियों के वेतन, दफ्तर का किराया और अन्य खर्च के लिए यह कर्ज लेने वालों से नाममात्र का सेवा प्रभार लेता है. टिप्पणियां
मुस्लिम समुदाय के कुछ पढ़े-लिखे लोगों के साथ वर्ष 2000 के आरंभ में इस संगठन की नींव पड़ी थी. संगठन का मकसद धर्म, जाति और वर्ग की परवाह किए बगैर जरूरतमंद लोगों की आर्थिक मदद करना था.Video: हिन्दू-मुस्लिम रहेंगे एक साथInput: IANS
मंजू देवी ने पिछले पांच साल में अपने बच्चों की सालाना फीस भरने के लिए अलखर से 20,000 रुपये कर्ज लिया. उसके पति सड़क किनारे दुकान चलाते हैं.
कमला ने कहा कि वह अपनी कमाई में से कुछ पैसे किस्त के रूप में अल खर सोसायटी को भुगतान करती है जिससे कर्ज उतर जाए.
संजय सिंह ने कहा कि छोटी दुकान करने वालों को कर्ज देने में बैंकों की कोई दिलचस्पी नहीं होती है. उन्होंने कहा, 'बैंक कर्ज पर ब्याज तो लेता ही है. साथ ही, कर्ज लेने के लिए इतने सारे दस्तावेज भरने की जरूरत होती है कि गरीब आदमी परेशान हो जाता है.' संजय के पास कपड़े की छोटी सी दुकान है, जो उनकी पत्नी चलाती है और वह साइकिल पर घूम-घूम कर कपड़े बेचते हैं.
अलखर सोसायटी से करीब एक दशक से जुड़े अवकाश प्राप्त बैंक अधिकारी शमीम रिजवी ने बताया, 'ब्याजमुक्त कर्ज भले ही मुस्लिम परंपरा हो क्योंकि इस्लाम में ब्याज को अनुचित माना जाता है. मगर यह (अलखर) न सिर्फ मुस्लिम बल्कि सबको ब्याजमुक्त कर्ज देता है.'
अलखर सोसायटी के प्रबंध निदेशक नैयर फातमी ने बताया कि ब्याजमुक्त कर्ज की आमपसंदी बढ़ रही है.
उन्होंने कहा, 'जिनकी पहुंच बैंक तक नहीं हो पाती है उनके लिए पांच से 10,000 रुपये की छोटी रकम भी काफी अहम होती है. ब्याजमुक्त कर्ज पाने वाले लोगों में करीब 50 फीसदी हिंदू हैं. ज्यादातर लोग अपनी रोजी-रोटी चलाने के लिए कर्ज लेते हैं जिससे उनका सशक्तीकरण हो रहा है.'
अलखर सोसायटी ब्याजमुक्त कर्ज प्रदान करने वाली एक सफल माइक्रोफायनेंस संस्था की मिसाल है, जो हजारों लोगों के चेहरों पर मुस्कान लेकर आई है. सोसायटी ने छोटी सी निधि से काम शुरू किया था और इसके पास शुरुआत में पटना स्थित एक छोटे से दफ्तर में सिर्फ दो कर्मचारी थे. मगर आज संस्था में 100 कर्मचारी काम करते हैं.
इन कर्मचारियों के वेतन, दफ्तर का किराया और अन्य खर्च के लिए यह कर्ज लेने वालों से नाममात्र का सेवा प्रभार लेता है. टिप्पणियां
मुस्लिम समुदाय के कुछ पढ़े-लिखे लोगों के साथ वर्ष 2000 के आरंभ में इस संगठन की नींव पड़ी थी. संगठन का मकसद धर्म, जाति और वर्ग की परवाह किए बगैर जरूरतमंद लोगों की आर्थिक मदद करना था.Video: हिन्दू-मुस्लिम रहेंगे एक साथInput: IANS
कमला ने कहा कि वह अपनी कमाई में से कुछ पैसे किस्त के रूप में अल खर सोसायटी को भुगतान करती है जिससे कर्ज उतर जाए.
संजय सिंह ने कहा कि छोटी दुकान करने वालों को कर्ज देने में बैंकों की कोई दिलचस्पी नहीं होती है. उन्होंने कहा, 'बैंक कर्ज पर ब्याज तो लेता ही है. साथ ही, कर्ज लेने के लिए इतने सारे दस्तावेज भरने की जरूरत होती है कि गरीब आदमी परेशान हो जाता है.' संजय के पास कपड़े की छोटी सी दुकान है, जो उनकी पत्नी चलाती है और वह साइकिल पर घूम-घूम कर कपड़े बेचते हैं.
अलखर सोसायटी से करीब एक दशक से जुड़े अवकाश प्राप्त बैंक अधिकारी शमीम रिजवी ने बताया, 'ब्याजमुक्त कर्ज भले ही मुस्लिम परंपरा हो क्योंकि इस्लाम में ब्याज को अनुचित माना जाता है. मगर यह (अलखर) न सिर्फ मुस्लिम बल्कि सबको ब्याजमुक्त कर्ज देता है.'
अलखर सोसायटी के प्रबंध निदेशक नैयर फातमी ने बताया कि ब्याजमुक्त कर्ज की आमपसंदी बढ़ रही है.
उन्होंने कहा, 'जिनकी पहुंच बैंक तक नहीं हो पाती है उनके लिए पांच से 10,000 रुपये की छोटी रकम भी काफी अहम होती है. ब्याजमुक्त कर्ज पाने वाले लोगों में करीब 50 फीसदी हिंदू हैं. ज्यादातर लोग अपनी रोजी-रोटी चलाने के लिए कर्ज लेते हैं जिससे उनका सशक्तीकरण हो रहा है.'
अलखर सोसायटी ब्याजमुक्त कर्ज प्रदान करने वाली एक सफल माइक्रोफायनेंस संस्था की मिसाल है, जो हजारों लोगों के चेहरों पर मुस्कान लेकर आई है. सोसायटी ने छोटी सी निधि से काम शुरू किया था और इसके पास शुरुआत में पटना स्थित एक छोटे से दफ्तर में सिर्फ दो कर्मचारी थे. मगर आज संस्था में 100 कर्मचारी काम करते हैं.
इन कर्मचारियों के वेतन, दफ्तर का किराया और अन्य खर्च के लिए यह कर्ज लेने वालों से नाममात्र का सेवा प्रभार लेता है. टिप्पणियां
मुस्लिम समुदाय के कुछ पढ़े-लिखे लोगों के साथ वर्ष 2000 के आरंभ में इस संगठन की नींव पड़ी थी. संगठन का मकसद धर्म, जाति और वर्ग की परवाह किए बगैर जरूरतमंद लोगों की आर्थिक मदद करना था.Video: हिन्दू-मुस्लिम रहेंगे एक साथInput: IANS
संजय सिंह ने कहा कि छोटी दुकान करने वालों को कर्ज देने में बैंकों की कोई दिलचस्पी नहीं होती है. उन्होंने कहा, 'बैंक कर्ज पर ब्याज तो लेता ही है. साथ ही, कर्ज लेने के लिए इतने सारे दस्तावेज भरने की जरूरत होती है कि गरीब आदमी परेशान हो जाता है.' संजय के पास कपड़े की छोटी सी दुकान है, जो उनकी पत्नी चलाती है और वह साइकिल पर घूम-घूम कर कपड़े बेचते हैं.
अलखर सोसायटी से करीब एक दशक से जुड़े अवकाश प्राप्त बैंक अधिकारी शमीम रिजवी ने बताया, 'ब्याजमुक्त कर्ज भले ही मुस्लिम परंपरा हो क्योंकि इस्लाम में ब्याज को अनुचित माना जाता है. मगर यह (अलखर) न सिर्फ मुस्लिम बल्कि सबको ब्याजमुक्त कर्ज देता है.'
अलखर सोसायटी के प्रबंध निदेशक नैयर फातमी ने बताया कि ब्याजमुक्त कर्ज की आमपसंदी बढ़ रही है.
उन्होंने कहा, 'जिनकी पहुंच बैंक तक नहीं हो पाती है उनके लिए पांच से 10,000 रुपये की छोटी रकम भी काफी अहम होती है. ब्याजमुक्त कर्ज पाने वाले लोगों में करीब 50 फीसदी हिंदू हैं. ज्यादातर लोग अपनी रोजी-रोटी चलाने के लिए कर्ज लेते हैं जिससे उनका सशक्तीकरण हो रहा है.'
अलखर सोसायटी ब्याजमुक्त कर्ज प्रदान करने वाली एक सफल माइक्रोफायनेंस संस्था की मिसाल है, जो हजारों लोगों के चेहरों पर मुस्कान लेकर आई है. सोसायटी ने छोटी सी निधि से काम शुरू किया था और इसके पास शुरुआत में पटना स्थित एक छोटे से दफ्तर में सिर्फ दो कर्मचारी थे. मगर आज संस्था में 100 कर्मचारी काम करते हैं.
इन कर्मचारियों के वेतन, दफ्तर का किराया और अन्य खर्च के लिए यह कर्ज लेने वालों से नाममात्र का सेवा प्रभार लेता है. टिप्पणियां
मुस्लिम समुदाय के कुछ पढ़े-लिखे लोगों के साथ वर्ष 2000 के आरंभ में इस संगठन की नींव पड़ी थी. संगठन का मकसद धर्म, जाति और वर्ग की परवाह किए बगैर जरूरतमंद लोगों की आर्थिक मदद करना था.Video: हिन्दू-मुस्लिम रहेंगे एक साथInput: IANS
अलखर सोसायटी से करीब एक दशक से जुड़े अवकाश प्राप्त बैंक अधिकारी शमीम रिजवी ने बताया, 'ब्याजमुक्त कर्ज भले ही मुस्लिम परंपरा हो क्योंकि इस्लाम में ब्याज को अनुचित माना जाता है. मगर यह (अलखर) न सिर्फ मुस्लिम बल्कि सबको ब्याजमुक्त कर्ज देता है.'
अलखर सोसायटी के प्रबंध निदेशक नैयर फातमी ने बताया कि ब्याजमुक्त कर्ज की आमपसंदी बढ़ रही है.
उन्होंने कहा, 'जिनकी पहुंच बैंक तक नहीं हो पाती है उनके लिए पांच से 10,000 रुपये की छोटी रकम भी काफी अहम होती है. ब्याजमुक्त कर्ज पाने वाले लोगों में करीब 50 फीसदी हिंदू हैं. ज्यादातर लोग अपनी रोजी-रोटी चलाने के लिए कर्ज लेते हैं जिससे उनका सशक्तीकरण हो रहा है.'
अलखर सोसायटी ब्याजमुक्त कर्ज प्रदान करने वाली एक सफल माइक्रोफायनेंस संस्था की मिसाल है, जो हजारों लोगों के चेहरों पर मुस्कान लेकर आई है. सोसायटी ने छोटी सी निधि से काम शुरू किया था और इसके पास शुरुआत में पटना स्थित एक छोटे से दफ्तर में सिर्फ दो कर्मचारी थे. मगर आज संस्था में 100 कर्मचारी काम करते हैं.
इन कर्मचारियों के वेतन, दफ्तर का किराया और अन्य खर्च के लिए यह कर्ज लेने वालों से नाममात्र का सेवा प्रभार लेता है. टिप्पणियां
मुस्लिम समुदाय के कुछ पढ़े-लिखे लोगों के साथ वर्ष 2000 के आरंभ में इस संगठन की नींव पड़ी थी. संगठन का मकसद धर्म, जाति और वर्ग की परवाह किए बगैर जरूरतमंद लोगों की आर्थिक मदद करना था.Video: हिन्दू-मुस्लिम रहेंगे एक साथInput: IANS
अलखर सोसायटी के प्रबंध निदेशक नैयर फातमी ने बताया कि ब्याजमुक्त कर्ज की आमपसंदी बढ़ रही है.
उन्होंने कहा, 'जिनकी पहुंच बैंक तक नहीं हो पाती है उनके लिए पांच से 10,000 रुपये की छोटी रकम भी काफी अहम होती है. ब्याजमुक्त कर्ज पाने वाले लोगों में करीब 50 फीसदी हिंदू हैं. ज्यादातर लोग अपनी रोजी-रोटी चलाने के लिए कर्ज लेते हैं जिससे उनका सशक्तीकरण हो रहा है.'
अलखर सोसायटी ब्याजमुक्त कर्ज प्रदान करने वाली एक सफल माइक्रोफायनेंस संस्था की मिसाल है, जो हजारों लोगों के चेहरों पर मुस्कान लेकर आई है. सोसायटी ने छोटी सी निधि से काम शुरू किया था और इसके पास शुरुआत में पटना स्थित एक छोटे से दफ्तर में सिर्फ दो कर्मचारी थे. मगर आज संस्था में 100 कर्मचारी काम करते हैं.
इन कर्मचारियों के वेतन, दफ्तर का किराया और अन्य खर्च के लिए यह कर्ज लेने वालों से नाममात्र का सेवा प्रभार लेता है. टिप्पणियां
मुस्लिम समुदाय के कुछ पढ़े-लिखे लोगों के साथ वर्ष 2000 के आरंभ में इस संगठन की नींव पड़ी थी. संगठन का मकसद धर्म, जाति और वर्ग की परवाह किए बगैर जरूरतमंद लोगों की आर्थिक मदद करना था.Video: हिन्दू-मुस्लिम रहेंगे एक साथInput: IANS
उन्होंने कहा, 'जिनकी पहुंच बैंक तक नहीं हो पाती है उनके लिए पांच से 10,000 रुपये की छोटी रकम भी काफी अहम होती है. ब्याजमुक्त कर्ज पाने वाले लोगों में करीब 50 फीसदी हिंदू हैं. ज्यादातर लोग अपनी रोजी-रोटी चलाने के लिए कर्ज लेते हैं जिससे उनका सशक्तीकरण हो रहा है.'
अलखर सोसायटी ब्याजमुक्त कर्ज प्रदान करने वाली एक सफल माइक्रोफायनेंस संस्था की मिसाल है, जो हजारों लोगों के चेहरों पर मुस्कान लेकर आई है. सोसायटी ने छोटी सी निधि से काम शुरू किया था और इसके पास शुरुआत में पटना स्थित एक छोटे से दफ्तर में सिर्फ दो कर्मचारी थे. मगर आज संस्था में 100 कर्मचारी काम करते हैं.
इन कर्मचारियों के वेतन, दफ्तर का किराया और अन्य खर्च के लिए यह कर्ज लेने वालों से नाममात्र का सेवा प्रभार लेता है. टिप्पणियां
मुस्लिम समुदाय के कुछ पढ़े-लिखे लोगों के साथ वर्ष 2000 के आरंभ में इस संगठन की नींव पड़ी थी. संगठन का मकसद धर्म, जाति और वर्ग की परवाह किए बगैर जरूरतमंद लोगों की आर्थिक मदद करना था.Video: हिन्दू-मुस्लिम रहेंगे एक साथInput: IANS
अलखर सोसायटी ब्याजमुक्त कर्ज प्रदान करने वाली एक सफल माइक्रोफायनेंस संस्था की मिसाल है, जो हजारों लोगों के चेहरों पर मुस्कान लेकर आई है. सोसायटी ने छोटी सी निधि से काम शुरू किया था और इसके पास शुरुआत में पटना स्थित एक छोटे से दफ्तर में सिर्फ दो कर्मचारी थे. मगर आज संस्था में 100 कर्मचारी काम करते हैं.
इन कर्मचारियों के वेतन, दफ्तर का किराया और अन्य खर्च के लिए यह कर्ज लेने वालों से नाममात्र का सेवा प्रभार लेता है. टिप्पणियां
मुस्लिम समुदाय के कुछ पढ़े-लिखे लोगों के साथ वर्ष 2000 के आरंभ में इस संगठन की नींव पड़ी थी. संगठन का मकसद धर्म, जाति और वर्ग की परवाह किए बगैर जरूरतमंद लोगों की आर्थिक मदद करना था.Video: हिन्दू-मुस्लिम रहेंगे एक साथInput: IANS
इन कर्मचारियों के वेतन, दफ्तर का किराया और अन्य खर्च के लिए यह कर्ज लेने वालों से नाममात्र का सेवा प्रभार लेता है. टिप्पणियां
मुस्लिम समुदाय के कुछ पढ़े-लिखे लोगों के साथ वर्ष 2000 के आरंभ में इस संगठन की नींव पड़ी थी. संगठन का मकसद धर्म, जाति और वर्ग की परवाह किए बगैर जरूरतमंद लोगों की आर्थिक मदद करना था.Video: हिन्दू-मुस्लिम रहेंगे एक साथInput: IANS
मुस्लिम समुदाय के कुछ पढ़े-लिखे लोगों के साथ वर्ष 2000 के आरंभ में इस संगठन की नींव पड़ी थी. संगठन का मकसद धर्म, जाति और वर्ग की परवाह किए बगैर जरूरतमंद लोगों की आर्थिक मदद करना था.Video: हिन्दू-मुस्लिम रहेंगे एक साथInput: IANS
Video: हिन्दू-मुस्लिम रहेंगे एक साथInput: IANS | संक्षिप्त सारांश: इस मुस्लिम क्रेडिट सोसायटी ने हजारों हिन्दुओं का भला किया है
सोसायटी ने ऐसे लोगों को कर्ज दिया जो परेशान थे
यही नहीं कर्ज बिना ब्याज के दिया | 0 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा कि उसकी मुद्रास्फीति-सूचकांक आधारित बॉन्ड लाने की योजना है। इससे खुदरा निवेशकों को मुद्रास्फीति जोखिम से स्वयं की रक्षा करने में मदद मिलेगी।
उद्योग मंडल फिक्की के पूंजी बाजार पर आयोजित एक कार्यक्रम में रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर एचआर खान ने कहा, ‘हम मुद्रास्फीति-सूचकांक आधारित बॉन्ड लाने को लेकर काम कर रहे हैं। इसे जल्दी ही पेश करने की उम्मीद है।’टिप्पणियां
खान ने कहा कि संयुक्त समूह इसपर काम कर रहा है। समूह में रिजर्व बैंक तथा सरकार के प्रतिनिधि शामिल हैं।
इसके लाने के औचित्य के बारे में पूछे जाने उन्होंने कहा कि यह मुद्रास्फीति जोखिम से बचाने में मदद करेगा और लोग सोने में निवेश से बचेंगे।
उद्योग मंडल फिक्की के पूंजी बाजार पर आयोजित एक कार्यक्रम में रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर एचआर खान ने कहा, ‘हम मुद्रास्फीति-सूचकांक आधारित बॉन्ड लाने को लेकर काम कर रहे हैं। इसे जल्दी ही पेश करने की उम्मीद है।’टिप्पणियां
खान ने कहा कि संयुक्त समूह इसपर काम कर रहा है। समूह में रिजर्व बैंक तथा सरकार के प्रतिनिधि शामिल हैं।
इसके लाने के औचित्य के बारे में पूछे जाने उन्होंने कहा कि यह मुद्रास्फीति जोखिम से बचाने में मदद करेगा और लोग सोने में निवेश से बचेंगे।
खान ने कहा कि संयुक्त समूह इसपर काम कर रहा है। समूह में रिजर्व बैंक तथा सरकार के प्रतिनिधि शामिल हैं।
इसके लाने के औचित्य के बारे में पूछे जाने उन्होंने कहा कि यह मुद्रास्फीति जोखिम से बचाने में मदद करेगा और लोग सोने में निवेश से बचेंगे।
इसके लाने के औचित्य के बारे में पूछे जाने उन्होंने कहा कि यह मुद्रास्फीति जोखिम से बचाने में मदद करेगा और लोग सोने में निवेश से बचेंगे। | यहाँ एक सारांश है:भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा कि उसकी मुद्रास्फीति-सूचकांक आधारित बॉन्ड लाने की योजना है। इससे खुदरा निवेशकों को मुद्रास्फीति जोखिम से स्वयं की रक्षा करने में मदद मिलेगी। | 17 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: दिल्ली से सटे ग्रेटर नोएडा से महिला के साथ चलती कथित गैंगरेप की वारदात सामने आई है. महिला को हरियाणा के सोहना से अगवा किया गया. इसके बाद वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने महिला को ग्रेटर नोएडा के कासना के पास फेंक दिया. 3 लड़कों पर अगवा कर गैंगरेप का आरोप है. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. दरअसल, 30 साल की महिला जो सोहना की रहने वाली है का कहना है कि बीती रात करीब 8.30 बजे स्विफ्ट डिजायर कार में लड़कों ने उसे सोहना से अगवा कर लिया. उसके साथ चलती कार में गैंगरेप किया और इसके बाद सुबह करीब 4 बजे ग्रेटर नोएडा के कासना इलाके में उसे फेंक दिया .
इसके बाद राहगीर ने पुलिस को महिला के खराब हालत में पड़े होने की जानकारी दी. पुलिस ने महिला को ग्रेटर नोएडा के एक अस्पताल में भर्ती करवा दिया है. पुलिस ने महिला के बयान के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है और एक टीम हरियाणा भेज दी है. पुलिस ने मौके से कई शराब की बोतलें भी बरामद की है, जिससे साफ होता है कि आरोपी शराब के नशे में थे. लेकिन क्या आरोपी महिला के जानकार थे या नहीं, इसके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी है.टिप्पणियां
बता दें कि यूपी में गैंगरेप की वारदातें थमने का नाम नहीं ले रही हैं. ग्रेटर नोएडा में ही बुलंदशहर जा रहे एक परिवार को बंधक बनाकर गैंगरेप की वारदात सामने आई थी. हाल ही में सहारनपुर में एक नाबालिग लड़की से गैंगरेप का मामला सामने आया था. पुलिस के मुताबिक 17 साल की पीड़ित लड़की पंजाब से अपने नाना-नानी केस साथ रेल से धामपुर जा रही थी. जब ट्रेन सहारनपुर स्टेशन पर रुकी तो पीड़ित लड़की पानी लेने उतरी फिर भीड़ की वजह से ट्रेन पर चढ़ नहीं पाई. इन तीन लड़कों ने उसे अगली ट्रेन पकड़ाने का भरोसा दिया और अपने साथ ले जा कर वारदात को अंजाम दिया था.
इसके बाद राहगीर ने पुलिस को महिला के खराब हालत में पड़े होने की जानकारी दी. पुलिस ने महिला को ग्रेटर नोएडा के एक अस्पताल में भर्ती करवा दिया है. पुलिस ने महिला के बयान के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है और एक टीम हरियाणा भेज दी है. पुलिस ने मौके से कई शराब की बोतलें भी बरामद की है, जिससे साफ होता है कि आरोपी शराब के नशे में थे. लेकिन क्या आरोपी महिला के जानकार थे या नहीं, इसके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी है.टिप्पणियां
बता दें कि यूपी में गैंगरेप की वारदातें थमने का नाम नहीं ले रही हैं. ग्रेटर नोएडा में ही बुलंदशहर जा रहे एक परिवार को बंधक बनाकर गैंगरेप की वारदात सामने आई थी. हाल ही में सहारनपुर में एक नाबालिग लड़की से गैंगरेप का मामला सामने आया था. पुलिस के मुताबिक 17 साल की पीड़ित लड़की पंजाब से अपने नाना-नानी केस साथ रेल से धामपुर जा रही थी. जब ट्रेन सहारनपुर स्टेशन पर रुकी तो पीड़ित लड़की पानी लेने उतरी फिर भीड़ की वजह से ट्रेन पर चढ़ नहीं पाई. इन तीन लड़कों ने उसे अगली ट्रेन पकड़ाने का भरोसा दिया और अपने साथ ले जा कर वारदात को अंजाम दिया था.
बता दें कि यूपी में गैंगरेप की वारदातें थमने का नाम नहीं ले रही हैं. ग्रेटर नोएडा में ही बुलंदशहर जा रहे एक परिवार को बंधक बनाकर गैंगरेप की वारदात सामने आई थी. हाल ही में सहारनपुर में एक नाबालिग लड़की से गैंगरेप का मामला सामने आया था. पुलिस के मुताबिक 17 साल की पीड़ित लड़की पंजाब से अपने नाना-नानी केस साथ रेल से धामपुर जा रही थी. जब ट्रेन सहारनपुर स्टेशन पर रुकी तो पीड़ित लड़की पानी लेने उतरी फिर भीड़ की वजह से ट्रेन पर चढ़ नहीं पाई. इन तीन लड़कों ने उसे अगली ट्रेन पकड़ाने का भरोसा दिया और अपने साथ ले जा कर वारदात को अंजाम दिया था. | संक्षिप्त सारांश: आरोपियों ने रातभर चलती कार में किया गैंगरेप
घटनास्थल से शराब की बोतलें बरामद
अंदाजा लगाया जा रहा है कि आरोपियों ने शराब भी पी थी | 29 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: करीब दो साल पहले आपने एक एथलीट को चलती ट्रेन से बाहर फ़ेंके जाने की ख़बर सुनी होगी। उस हादसे में अरुणिमा को अपना पांव भी गंवाना पड़ा… लेकिन अब वह दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर पांव जमाने से बस कुछ दूर है…।टिप्पणियां
सब कुछ सही रहा तो वह मंगलवार को ही माउंट एवरेस्ट पर पहुंच जाएंगी…। हादसे में उसे एक पैर गंवाना पड़ा था लेकिन बाद में कृत्रिम पांव के सहारे वह अपना हर कदम जमाकर रखती गईं और वह करने जा रही है जो ऐसी हालत में शायद ही काई सोच भी पाता।
अरुणिमा पहले ही लद्दाख में 21000 फ़ीट की ऊंचाई तय कर चुकी है। बस अब 8000 फ़ीट और ऊंची चढ़ाई चढ़ कर वह एवरेस्ट पर जाना चाहती हैं और इतिहास बनाना चाहती हैं। अरुणिमा हौसलों की उड़ान भर रही हैं। बिना एक पांव के अब वह एवरेस्ट पर चढ़कर विकलांग शब्द की परिभाषा बदलना चाहती हैं।
सब कुछ सही रहा तो वह मंगलवार को ही माउंट एवरेस्ट पर पहुंच जाएंगी…। हादसे में उसे एक पैर गंवाना पड़ा था लेकिन बाद में कृत्रिम पांव के सहारे वह अपना हर कदम जमाकर रखती गईं और वह करने जा रही है जो ऐसी हालत में शायद ही काई सोच भी पाता।
अरुणिमा पहले ही लद्दाख में 21000 फ़ीट की ऊंचाई तय कर चुकी है। बस अब 8000 फ़ीट और ऊंची चढ़ाई चढ़ कर वह एवरेस्ट पर जाना चाहती हैं और इतिहास बनाना चाहती हैं। अरुणिमा हौसलों की उड़ान भर रही हैं। बिना एक पांव के अब वह एवरेस्ट पर चढ़कर विकलांग शब्द की परिभाषा बदलना चाहती हैं।
अरुणिमा पहले ही लद्दाख में 21000 फ़ीट की ऊंचाई तय कर चुकी है। बस अब 8000 फ़ीट और ऊंची चढ़ाई चढ़ कर वह एवरेस्ट पर जाना चाहती हैं और इतिहास बनाना चाहती हैं। अरुणिमा हौसलों की उड़ान भर रही हैं। बिना एक पांव के अब वह एवरेस्ट पर चढ़कर विकलांग शब्द की परिभाषा बदलना चाहती हैं। | सारांश: करीब दो साल पहले आपने एक एथलीट को चलती ट्रेन से बाहर फ़ेंके जाने की ख़बर सुनी होगी। उस हादसे में अरुणिमा को अपना पांव भी गंवाना पड़ा… लेकिन अब वह दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर पांव जमाने से बस कुछ दूर है…। | 7 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: Panipat Box Office Collection Day 1: बॉलीवुड एक्टर अर्जुन कपूर (Arjun Kapoor) और कृति सेनन (Kriti Sanon) की फिल्म 'पानीपत' (Panipat) आज सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है. इस फिल्म को क्रिटिक्स ने भी अच्छा रिस्पॉन्स दिया है. फिल्म को लेकर दर्शकों में भी उत्साह है. इस हिसाब से फिल्म बॉक्स ऑफिस (Panipat Box Office Collection) पर पहले दिन 6-8 करोड़ रुपये का बिजनेस कर सकती है ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है. फिल्म में सभी कलाकारों की एक्टिंग काफी शानदार है.
अर्जुन कपूर (Arjun Kapoor) और संजय दत्त (Sanjay Dutt) ने इस फिल्म में कमाल का अभिनय किया है. यह पहला मौका है जब दोनों कलाकार एक साथ किसी फिल्म में हों. आशुतोष गोवारीकर (Ashutosh Gowariker) ने भी लंबे समय बाद इस फिल्म के साथ वापसी की है. इस फिल्म की कमाई के आधिकारिक आंकड़े शनिवार सुबह तक आ जाएंगे. इससे पहले आशुतोष गोवारीकर ने लोगों से उनकी आगामी फिल्म 'पानीपत' (Panipat) के बारे में कोई भी अवधारणा बनाने से पहले इसे देखने का आग्रह किया था.
'पानीपत' का ट्रेलर (Panipat Trailer) होते ही विवाद हो गया था. इस पर आशुतोष ने कहा था, "मुझे लगता है कि लोगों को फिल्म देखने की जरूरत है. फिल्म को देखने के बाद उन्हें उनके सारे सवालों के जवाब मिल जाएंगे. जब वे फिल्म देखेंगे, तब वे महसूस कर पाएंगे कि इसे नेक इरादे से बनाया गया है और फिल्म में सारी अच्छी बातें ही हैं." इस फिल्म में अर्जुन कपूर मराठी योद्धा बने हैं. फिल्म में जहां कृति सेनन अर्जुन कपूर की पत्नी बनेंगी तो वहीं संजय दत्त 'अहमद शाह अब्दाली' के किरदार में अर्जुन कपूर के दुश्मन बने नजर आ रहे हैं. | अर्जुन कपूर की फिल्म कर सकती है अच्छी कमाई
अर्जुन कपूर और संजय दत्त का दमदार अभिनय
दर्शकों में फिल्म को लेकर उत्साह | 1 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: पाकिस्तान के एक निजी समाचर चैनल में काम करने वाले एक पत्रकार की मंगलवार शाम को एक निजी विवाद को लेकर हत्या कर दी गई. पुलिस ने जानकारी दी कि चैनल बोल में एंकर मुरीद अब्बास की हत्या शहर के ख्याबन-ए-बुखारी इलाके में एक स्थानीय कैफे के बाहर उन्हें गोली मार दी गई. डीआईजी (दक्षिण) शरजील खराल ने बताया कि अब्बास के दोस्तों ने उन्हें घटना की सूचना दी. एंकर का किसी व्यक्ति के साथ पैसों को लेकर कुछ विवाद था, हालांकि पुलिस ने उस व्यक्ति की पहचान जाहिर नहीं की है. उन्होंने बताया कि इसी घटना में अब्बास के दोस्त खिजर हयात को भी दो गोलियां लगीं. खिजर को अस्पताल ले जाया गया जहां उनकी मौत हो गई.
जिन्ना पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल सेंटर (जेपीएमसी) के कार्यकारी निदेशक सीमिन जमाली ने कहा कि अब्बास को अस्पताल में यह कहते हुए मृत घोषित कर दिया गया था कि उसके सीने और पेट पर कई गोली के घाव थे.
द डॉन की रिपोर्ट के अनुसार बाद में, पुलिस अधिकारी ने कहा कि सुरक्षा बलों ने एक संदिग्ध बंदूकधारी को पकड़ा है जो अपने निवास पर आत्महत्या करने का प्रयास कर रहा था. खराल ने बताया कि संदिग्ध ने खुद को सीने में गोली मार ली और उसे गंभीर हालत में स्थानीय अस्पताल में भर्ती करवाया गया है.
घटना पर संज्ञान लेते हुए, सिंध के पुलिस महानिरीक्षक (IGP) कलीम इमाम ने संबंधित उप महानिरीक्षक (DIG) को मामले में एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है. साथ ही आईजीपी ने घटना स्थल की फॉरेंसिक जांच कर मामले में कार्रवाई का निर्देश दिया है. | संक्षिप्त सारांश: पैसों को लेकर निजी विवाद के चलते मारी गोली
पेशे से न्यूज चैनल में एंकर थे अब्बास
साथ में मौजूद दोस्त भी गोलीबारी में हुआ घायल | 29 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: दूसरी इंडियन ग्रां प्री में रफ्तार और रोमांच का मुकाबला देखने रविवार को बॉलीवुड और खेल जगत की कई नामचीन हस्तियां भी बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट पर नजर आई। इनमें अजय देवगन और सोनाक्षी सिन्हा से लेकर क्रिकेटर युवराज सिंह शामिल थे।
अजय देवगन और सोनाक्षी सिन्हा अपनी आने वाली फिल्म ‘सन ऑफ सरदार’ के प्रमोशन के लिए यहां पहुंचे। उन्होंने रेस शुरू होने से पहले राष्ट्रगीत गाया। अजय ने इस मौके पर कहा, ‘मैं पहली बार रेस देखने आया हूं और बहुत अच्छा लग रहा है। भारत में इतना बड़ा आयोजन हो रहा है जो हमारे लिए फख्र की बात है।’ वहीं सोनाक्षी ने कहा, ‘मुझे एफ-वन के बारे में कुछ नहीं पता लेकिन यहां आकर अच्छा लगा।’
फेरारी टीम के प्रशंसक ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह अपनी गर्लफ्रेंड गीता बसरा के साथ आए थे। वह फेरारी टीम लाउंज और गैराज में भी गए। वहीं, अभिनेत्री गुल पनाग भी फेरारी के समर्थन में लाल रंग की ड्रेस पहनकर आई थी।
कैंसर से उबरकर भारतीय टीम में वापसी करने वाले क्रिकेटर युवराज सिंह लगातार दूसरे साल इंडियन ग्रां प्री देखने पहुंचे तो उनके साथ तस्वीरें खिंचाने के लिए लोगों में होड़ लग गई।टिप्पणियां
लंदन ओलिंपिक कांस्य पदक विजेता निशानेबाज गगन नारंग रेस फ्लैग ऑफ करने पहुंचे थे। पहले अभिनेता ऋतिक रोशन ऐसा करने वाले थे लेकिन ऐन मौके पर बदलाव किया गया। ओलिंपिक रजत पदक विजेता पहलवान सुशील कुमार, निशानेबाज विजय कुमार के अलावा तीरंदाज दीपिका कुमारी और शतरंज खिलाड़ी तान्या सचदेव भी बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट पर नजर आए। पूर्व क्रिकेट कप्तान मोहम्मद अजहरूद्दीन अपने प्रशंसकों को ऑटोग्राफ देते और उनके साथ तस्वीरें खिचाते नजर आए।
फोर्स इंडिया टीम के मालिक सहारा समूह के प्रमुख सुब्रत राय, उनकी पत्नी स्वप्ना राय और बेटे सुशांतो राय भी रेस देखने पहुंचे थे। वे फोर्स इंडिया के ड्राइवरों से बात करते दिखे। इनके अलावा अभिनेत्री नेहा धूपिया, पूर्व एफ-वन चैम्पियन डेविड कुल्थार्ड भी रेस देखने पहुंचे।
अजय देवगन और सोनाक्षी सिन्हा अपनी आने वाली फिल्म ‘सन ऑफ सरदार’ के प्रमोशन के लिए यहां पहुंचे। उन्होंने रेस शुरू होने से पहले राष्ट्रगीत गाया। अजय ने इस मौके पर कहा, ‘मैं पहली बार रेस देखने आया हूं और बहुत अच्छा लग रहा है। भारत में इतना बड़ा आयोजन हो रहा है जो हमारे लिए फख्र की बात है।’ वहीं सोनाक्षी ने कहा, ‘मुझे एफ-वन के बारे में कुछ नहीं पता लेकिन यहां आकर अच्छा लगा।’
फेरारी टीम के प्रशंसक ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह अपनी गर्लफ्रेंड गीता बसरा के साथ आए थे। वह फेरारी टीम लाउंज और गैराज में भी गए। वहीं, अभिनेत्री गुल पनाग भी फेरारी के समर्थन में लाल रंग की ड्रेस पहनकर आई थी।
कैंसर से उबरकर भारतीय टीम में वापसी करने वाले क्रिकेटर युवराज सिंह लगातार दूसरे साल इंडियन ग्रां प्री देखने पहुंचे तो उनके साथ तस्वीरें खिंचाने के लिए लोगों में होड़ लग गई।टिप्पणियां
लंदन ओलिंपिक कांस्य पदक विजेता निशानेबाज गगन नारंग रेस फ्लैग ऑफ करने पहुंचे थे। पहले अभिनेता ऋतिक रोशन ऐसा करने वाले थे लेकिन ऐन मौके पर बदलाव किया गया। ओलिंपिक रजत पदक विजेता पहलवान सुशील कुमार, निशानेबाज विजय कुमार के अलावा तीरंदाज दीपिका कुमारी और शतरंज खिलाड़ी तान्या सचदेव भी बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट पर नजर आए। पूर्व क्रिकेट कप्तान मोहम्मद अजहरूद्दीन अपने प्रशंसकों को ऑटोग्राफ देते और उनके साथ तस्वीरें खिचाते नजर आए।
फोर्स इंडिया टीम के मालिक सहारा समूह के प्रमुख सुब्रत राय, उनकी पत्नी स्वप्ना राय और बेटे सुशांतो राय भी रेस देखने पहुंचे थे। वे फोर्स इंडिया के ड्राइवरों से बात करते दिखे। इनके अलावा अभिनेत्री नेहा धूपिया, पूर्व एफ-वन चैम्पियन डेविड कुल्थार्ड भी रेस देखने पहुंचे।
फेरारी टीम के प्रशंसक ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह अपनी गर्लफ्रेंड गीता बसरा के साथ आए थे। वह फेरारी टीम लाउंज और गैराज में भी गए। वहीं, अभिनेत्री गुल पनाग भी फेरारी के समर्थन में लाल रंग की ड्रेस पहनकर आई थी।
कैंसर से उबरकर भारतीय टीम में वापसी करने वाले क्रिकेटर युवराज सिंह लगातार दूसरे साल इंडियन ग्रां प्री देखने पहुंचे तो उनके साथ तस्वीरें खिंचाने के लिए लोगों में होड़ लग गई।टिप्पणियां
लंदन ओलिंपिक कांस्य पदक विजेता निशानेबाज गगन नारंग रेस फ्लैग ऑफ करने पहुंचे थे। पहले अभिनेता ऋतिक रोशन ऐसा करने वाले थे लेकिन ऐन मौके पर बदलाव किया गया। ओलिंपिक रजत पदक विजेता पहलवान सुशील कुमार, निशानेबाज विजय कुमार के अलावा तीरंदाज दीपिका कुमारी और शतरंज खिलाड़ी तान्या सचदेव भी बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट पर नजर आए। पूर्व क्रिकेट कप्तान मोहम्मद अजहरूद्दीन अपने प्रशंसकों को ऑटोग्राफ देते और उनके साथ तस्वीरें खिचाते नजर आए।
फोर्स इंडिया टीम के मालिक सहारा समूह के प्रमुख सुब्रत राय, उनकी पत्नी स्वप्ना राय और बेटे सुशांतो राय भी रेस देखने पहुंचे थे। वे फोर्स इंडिया के ड्राइवरों से बात करते दिखे। इनके अलावा अभिनेत्री नेहा धूपिया, पूर्व एफ-वन चैम्पियन डेविड कुल्थार्ड भी रेस देखने पहुंचे।
कैंसर से उबरकर भारतीय टीम में वापसी करने वाले क्रिकेटर युवराज सिंह लगातार दूसरे साल इंडियन ग्रां प्री देखने पहुंचे तो उनके साथ तस्वीरें खिंचाने के लिए लोगों में होड़ लग गई।टिप्पणियां
लंदन ओलिंपिक कांस्य पदक विजेता निशानेबाज गगन नारंग रेस फ्लैग ऑफ करने पहुंचे थे। पहले अभिनेता ऋतिक रोशन ऐसा करने वाले थे लेकिन ऐन मौके पर बदलाव किया गया। ओलिंपिक रजत पदक विजेता पहलवान सुशील कुमार, निशानेबाज विजय कुमार के अलावा तीरंदाज दीपिका कुमारी और शतरंज खिलाड़ी तान्या सचदेव भी बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट पर नजर आए। पूर्व क्रिकेट कप्तान मोहम्मद अजहरूद्दीन अपने प्रशंसकों को ऑटोग्राफ देते और उनके साथ तस्वीरें खिचाते नजर आए।
फोर्स इंडिया टीम के मालिक सहारा समूह के प्रमुख सुब्रत राय, उनकी पत्नी स्वप्ना राय और बेटे सुशांतो राय भी रेस देखने पहुंचे थे। वे फोर्स इंडिया के ड्राइवरों से बात करते दिखे। इनके अलावा अभिनेत्री नेहा धूपिया, पूर्व एफ-वन चैम्पियन डेविड कुल्थार्ड भी रेस देखने पहुंचे।
लंदन ओलिंपिक कांस्य पदक विजेता निशानेबाज गगन नारंग रेस फ्लैग ऑफ करने पहुंचे थे। पहले अभिनेता ऋतिक रोशन ऐसा करने वाले थे लेकिन ऐन मौके पर बदलाव किया गया। ओलिंपिक रजत पदक विजेता पहलवान सुशील कुमार, निशानेबाज विजय कुमार के अलावा तीरंदाज दीपिका कुमारी और शतरंज खिलाड़ी तान्या सचदेव भी बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट पर नजर आए। पूर्व क्रिकेट कप्तान मोहम्मद अजहरूद्दीन अपने प्रशंसकों को ऑटोग्राफ देते और उनके साथ तस्वीरें खिचाते नजर आए।
फोर्स इंडिया टीम के मालिक सहारा समूह के प्रमुख सुब्रत राय, उनकी पत्नी स्वप्ना राय और बेटे सुशांतो राय भी रेस देखने पहुंचे थे। वे फोर्स इंडिया के ड्राइवरों से बात करते दिखे। इनके अलावा अभिनेत्री नेहा धूपिया, पूर्व एफ-वन चैम्पियन डेविड कुल्थार्ड भी रेस देखने पहुंचे।
फोर्स इंडिया टीम के मालिक सहारा समूह के प्रमुख सुब्रत राय, उनकी पत्नी स्वप्ना राय और बेटे सुशांतो राय भी रेस देखने पहुंचे थे। वे फोर्स इंडिया के ड्राइवरों से बात करते दिखे। इनके अलावा अभिनेत्री नेहा धूपिया, पूर्व एफ-वन चैम्पियन डेविड कुल्थार्ड भी रेस देखने पहुंचे। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: दूसरी इंडियन ग्रां प्री में रफ्तार और रोमांच का मुकाबला देखने रविवार को बॉलीवुड और खेल जगत की कई नामचीन हस्तियां भी बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट पर नजर आई। | 32 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: असम की गुवाहाटी विश्वविद्यालय की एक स्कॉलर को एक दो साल पुरानी फेसबुक पोस्ट ने परेशानी में डाल दिया. उस पोस्ट में पाकिस्तान का समर्थन और बीफ खाने की बात कही गई थी. असम पुलिस ने उस स्कॉलर के खिलाफ मामला दर्ज किया है. आरोपी रेहाना सुल्ताना (Rehna Sultana) का दावा है कि पोस्ट के गलत मायने निकाले गए और जून 2017 में इसे पोस्ट किए जाने के कुछ मिनट बाद ही हटा दिया था.
पुलिस का कहना है कि एक स्थानीय न्यूज वेबसाइट की रिपोर्ट के बाद उन्हें रेहना सुल्ताना की पोस्ट के बारे में जानकारी मिली. इसके बाद उसके खिलाफ आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया. वेबसाइट ने दावा किया है कि उसने बकरीद के मौके पर यह पोस्ट की थी. पोस्ट में सुल्ताना ने लिखा था, 'पाकिस्तान के जश्न का समर्थन करने के लिए आज बीफ का सेवन किया. मैं जो खाती हूं, वह मेरी टेस्टीबुड्स पर निर्भर करता है.'
रेहाना सुल्ताना (Rehna Sultana) ने कबूल किया कि यह पोस्ट उसकी ही थी, लेकिन उसने उस दावे का खंडन कर दिया कि यह हालही की है. सुल्ताना ने एनडीटीवी को बताया, 'यह पोस्ट जून 2017 में भारत-पाकिस्तान मैच के दौरान की गई थी. उस दिन विराट कोहली शून्य पर आउट हो गए थे, और एक क्रिकेट प्रशंसक होने के नाते मैंने उस पोस्ट को हताशा के चलते किया था.'
उसने साथ ही बताया कि उसे अपनी गलती का तुरंत एहसास हो गया था. उसने बताया, 'मैंने कबूल किया कि मुझे ऐसा नहीं करना चाहिए था और मेरी पोस्ट के गलत मायने निकाले जा सकते हैं. इसलिए उसे पोस्ट करने के कुछ देर बाद ही हटा दिया था.'
बता दें, एनआरसी की आलोचना करने वाली एक कविता को शेयर करने के आरोप में पिछले महीने ही रेहाना सुल्ताना और नौ अन्य के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया था. अब वह दावा करती है कि इस पोस्ट को इसलिए सामने लाया गया है, ताकि उसने द्वारा किए जा रहे सामाजिक कार्यों को दबाया जा सके. उसने बताया, 'मैं एनआरसी सूची में वास्तविक नागरिकों को शामिल करने के लिए काम करती हूं, और मैं अक्सर सुनवाई में उनकी मदद भी करती हूं. मुझे लगता है कि इस मुद्दे को इसलिए लाया गया है, ताकि मुझे दबाया जा सके.'
डीजीपी कुलधर साकिया ने बताया कि गुवाहाटी पुलिस कमिश्नर इस मामले को देख रहे हैं. उन्होंने बताया, 'हम पूरी कोशिश यह सुनिश्चित करने में कर रहे हैं कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल फेक न्यूज और नफरत भरे मैसेज फैलाने में ना इस्तेमाल हों. स्थानीय पुलिस को भी इस बारे में कहा गया है कि ऐसे मामलों पर नजर रखें.' | संक्षिप्त सारांश: बीफ को लेकर लिखी थी पोस्ट
पोस्ट दो साल पुरानी होने का किया दावा
पुलिस ने दर्ज किया मामला | 10 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: एक लड़की का दिल जीतने के लिए दो जिगरी दोस्तों के बीच कॉम्पिटिशन पर कई कॉमेडी फिल्में बनी हैं, और इसी फेहरिस्त में जुड़ गई है - 'विल यू मैरी मी'...
राजीव खंडेलवाल बने हैं राजवीर, जो अय्याशी के लिए हमेशा तैयार है, पर शादी के लिए कभी नहीं... और दूसरी ओर श्रेयस तलपदे, यानि आरव सीधे शादी करना चाहते हैं, लेकिन स्नेहा, यानि मुग्धा गोडसे का खुला मिजाज़ दोनों को कन्फ्यूज़ कर देता है...
स्नेहा को इम्प्रेस करने के लिए अय्याश राजवीर भोला-भाला लड़का होने का ढोंग करता है, और आरव चालू और तेज़तर्रार लड़का होने का नाटक... लड़ते-झगड़ते राजीव और श्रेयस की कॉमेडी रंग लाने लगती है...टिप्पणियां
राजीव ने खुलकर एडल्ट डायलॉग्स बोले हैं, लेकिन सेकंड हाफ में फिल्म ऊबाऊ हो जाती है, जब गुटखा किंग का पैसा लौटाकर जान बचाने के लिए राजवीर सट्टा खेलने का चलताऊ फॉर्मूला अपनाता है... फिर आ जाते हैं, वही घिसे-पिटे मसाले - दुश्मनी में बदलती दोस्ती, एक-दूसरे को बचाने के लिए जान लड़ाते दोस्त... मुग्धा गोडसे का किरदार बहुत कन्फ्यूज़्ड और अजीबोगरीब है...
बहरहाल, डायरेक्टर आदित्य दत्ता की 'विल यू मैरी मी' एवरेज है, और इसके लिए हमारी रेटिंग है - 2.5 स्टार...
राजीव खंडेलवाल बने हैं राजवीर, जो अय्याशी के लिए हमेशा तैयार है, पर शादी के लिए कभी नहीं... और दूसरी ओर श्रेयस तलपदे, यानि आरव सीधे शादी करना चाहते हैं, लेकिन स्नेहा, यानि मुग्धा गोडसे का खुला मिजाज़ दोनों को कन्फ्यूज़ कर देता है...
स्नेहा को इम्प्रेस करने के लिए अय्याश राजवीर भोला-भाला लड़का होने का ढोंग करता है, और आरव चालू और तेज़तर्रार लड़का होने का नाटक... लड़ते-झगड़ते राजीव और श्रेयस की कॉमेडी रंग लाने लगती है...टिप्पणियां
राजीव ने खुलकर एडल्ट डायलॉग्स बोले हैं, लेकिन सेकंड हाफ में फिल्म ऊबाऊ हो जाती है, जब गुटखा किंग का पैसा लौटाकर जान बचाने के लिए राजवीर सट्टा खेलने का चलताऊ फॉर्मूला अपनाता है... फिर आ जाते हैं, वही घिसे-पिटे मसाले - दुश्मनी में बदलती दोस्ती, एक-दूसरे को बचाने के लिए जान लड़ाते दोस्त... मुग्धा गोडसे का किरदार बहुत कन्फ्यूज़्ड और अजीबोगरीब है...
बहरहाल, डायरेक्टर आदित्य दत्ता की 'विल यू मैरी मी' एवरेज है, और इसके लिए हमारी रेटिंग है - 2.5 स्टार...
स्नेहा को इम्प्रेस करने के लिए अय्याश राजवीर भोला-भाला लड़का होने का ढोंग करता है, और आरव चालू और तेज़तर्रार लड़का होने का नाटक... लड़ते-झगड़ते राजीव और श्रेयस की कॉमेडी रंग लाने लगती है...टिप्पणियां
राजीव ने खुलकर एडल्ट डायलॉग्स बोले हैं, लेकिन सेकंड हाफ में फिल्म ऊबाऊ हो जाती है, जब गुटखा किंग का पैसा लौटाकर जान बचाने के लिए राजवीर सट्टा खेलने का चलताऊ फॉर्मूला अपनाता है... फिर आ जाते हैं, वही घिसे-पिटे मसाले - दुश्मनी में बदलती दोस्ती, एक-दूसरे को बचाने के लिए जान लड़ाते दोस्त... मुग्धा गोडसे का किरदार बहुत कन्फ्यूज़्ड और अजीबोगरीब है...
बहरहाल, डायरेक्टर आदित्य दत्ता की 'विल यू मैरी मी' एवरेज है, और इसके लिए हमारी रेटिंग है - 2.5 स्टार...
राजीव ने खुलकर एडल्ट डायलॉग्स बोले हैं, लेकिन सेकंड हाफ में फिल्म ऊबाऊ हो जाती है, जब गुटखा किंग का पैसा लौटाकर जान बचाने के लिए राजवीर सट्टा खेलने का चलताऊ फॉर्मूला अपनाता है... फिर आ जाते हैं, वही घिसे-पिटे मसाले - दुश्मनी में बदलती दोस्ती, एक-दूसरे को बचाने के लिए जान लड़ाते दोस्त... मुग्धा गोडसे का किरदार बहुत कन्फ्यूज़्ड और अजीबोगरीब है...
बहरहाल, डायरेक्टर आदित्य दत्ता की 'विल यू मैरी मी' एवरेज है, और इसके लिए हमारी रेटिंग है - 2.5 स्टार...
बहरहाल, डायरेक्टर आदित्य दत्ता की 'विल यू मैरी मी' एवरेज है, और इसके लिए हमारी रेटिंग है - 2.5 स्टार... | संक्षिप्त सारांश: खुलकर एडल्ट डायलॉग्स बोले गए हैं, लेकिन सेकंड हाफ में फिल्म ऊबाऊ हो जाती है... घिसे-पिटे मसाले - दुश्मनी में बदलती दोस्ती, और एक-दूसरे को बचाते दोस्त - फिल्म में आ जाते हैं... | 8 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: प्रथम विश्व युद्ध के समय एडोल्फ हिटलर को 16 साल की अपनी एक फ्रेंच महिला प्रेमिका से एक बेटा हुआ था। हाल ही में पाई गई सैनिक की एक डायरी के सनसनीखेज खुलासे से इस दावे को मजबूती मिली है। दशकों तक पूर्व रॉयल इंजीनियर लियोनार्ड विल्स की पॉकेट डायरी धूल खाती रही और उनके बेटों एलन और गोर्डन ने 10 साल पहले अपनी मां की मौत के बाद इसे पाया।
लियोनार्ड जून 1944 में नारमैंडी तटों में पहुंचने वाले पहले सैनिकों में से थे। जब फ्रांस की मुक्ति के लिए मित्र राष्ट्र लड़ रहे थे, लियोनार्ड अपने पास एक डायरी रखते और उसे लिखते।टिप्पणियां
डेली मेल की खबर में बताया गया कि डायरी के उन पन्नों में हिटलर और चारलोट लोबजोई के बीच 1917 के ग्रीष्म के दौरान कथित संबंधों का सनसनीखेज जिक्र था। लियोनार्ड ने 30 सितंबर 1944 को अपनी डायरी में लिखा, ‘‘आज का दिन रोचक था। उस घर का दौरा किया जहां पिछले युद्ध में हिटलर ने अपने दिन गुजारे थे। उस महिला को देखा जिसका हिटलर से एक बेटा हुआ था।’’ डायरी में उन्होंने लिखा, ‘‘महिला ने कहा कि उनका बेटा अब फ्रांसिसी सेना की ओर से जर्मनों के खिलाफ लड़ रहा है।’’ पांच बच्चों के दादा और 18 के परदादा लियोनार्ड की 1991 में 76 साल की उम्र में मौत हो गई। उनके पुत्र एलन ने कहा, ‘‘यह (डायरी) एक बक्से में रखी थी। मैंने जब यह पढ़ा तो मैं चौंक गया। मेरे पिता ने कभी भी युद्ध के बारे में मुझसे बातचीत नहीं की थी। मुझे डायरी के बारे में मालूम भी नहीं था।’’ भाइयों को लगा कि उनके परिवार के बाहर यह डायरी किसी के काम की नहीं होगी लेकिन पिछले महीने फ्रांसिसी मैग्जीन ‘ले प्वायंट’ ने नए दावों को प्रकाशित किया कि हिटलर को फ्रांस में तैनाती के दौरान ज्यां मैरी लॉरेट नाम का एक बेटा था।
मैग्जीन ने अपनी खबर में लॉरेट के वकील के हवाले से बताया कि लॉरेट का जन्म मार्च 1918 को हुआ था और उसकी मां ने उसे अपनी मौत से कुछ समय पहले ही उसके पिता के बारे में जानकारी दी। लॉरेट की मौत 67 साल की उम्र में 1985 में हो गई । वकील फ्रांकोइस गिबॉल्त ने अपने दावों के समर्थन में मैग्जीन को दस्तावेज भी मुहैया कराए।
डेली मेल की खबर में बताया गया कि डायरी के उन पन्नों में हिटलर और चारलोट लोबजोई के बीच 1917 के ग्रीष्म के दौरान कथित संबंधों का सनसनीखेज जिक्र था। लियोनार्ड ने 30 सितंबर 1944 को अपनी डायरी में लिखा, ‘‘आज का दिन रोचक था। उस घर का दौरा किया जहां पिछले युद्ध में हिटलर ने अपने दिन गुजारे थे। उस महिला को देखा जिसका हिटलर से एक बेटा हुआ था।’’ डायरी में उन्होंने लिखा, ‘‘महिला ने कहा कि उनका बेटा अब फ्रांसिसी सेना की ओर से जर्मनों के खिलाफ लड़ रहा है।’’ पांच बच्चों के दादा और 18 के परदादा लियोनार्ड की 1991 में 76 साल की उम्र में मौत हो गई। उनके पुत्र एलन ने कहा, ‘‘यह (डायरी) एक बक्से में रखी थी। मैंने जब यह पढ़ा तो मैं चौंक गया। मेरे पिता ने कभी भी युद्ध के बारे में मुझसे बातचीत नहीं की थी। मुझे डायरी के बारे में मालूम भी नहीं था।’’ भाइयों को लगा कि उनके परिवार के बाहर यह डायरी किसी के काम की नहीं होगी लेकिन पिछले महीने फ्रांसिसी मैग्जीन ‘ले प्वायंट’ ने नए दावों को प्रकाशित किया कि हिटलर को फ्रांस में तैनाती के दौरान ज्यां मैरी लॉरेट नाम का एक बेटा था।
मैग्जीन ने अपनी खबर में लॉरेट के वकील के हवाले से बताया कि लॉरेट का जन्म मार्च 1918 को हुआ था और उसकी मां ने उसे अपनी मौत से कुछ समय पहले ही उसके पिता के बारे में जानकारी दी। लॉरेट की मौत 67 साल की उम्र में 1985 में हो गई । वकील फ्रांकोइस गिबॉल्त ने अपने दावों के समर्थन में मैग्जीन को दस्तावेज भी मुहैया कराए।
मैग्जीन ने अपनी खबर में लॉरेट के वकील के हवाले से बताया कि लॉरेट का जन्म मार्च 1918 को हुआ था और उसकी मां ने उसे अपनी मौत से कुछ समय पहले ही उसके पिता के बारे में जानकारी दी। लॉरेट की मौत 67 साल की उम्र में 1985 में हो गई । वकील फ्रांकोइस गिबॉल्त ने अपने दावों के समर्थन में मैग्जीन को दस्तावेज भी मुहैया कराए। | संक्षिप्त सारांश: प्रथम विश्व युद्ध के समय एडोल्फ हिटलर को 16 साल की अपनी एक फ्रेंच महिला प्रेमिका से एक बेटा हुआ था। हाल ही में पाई गई सैनिक की एक डायरी के सनसनीखेज खुलासे से इस दावे को मजबूती मिली है। | 29 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के पति और व्यवसायी राज कुंद्रा ने बुधवार को भिवंडी के कोनगांव पुलिस थाने में जाकर अपना बयान दर्ज करवाया. तकरीबन 3 घंटे पुलिस थाने में रहने के बाद बाहर मीडिया से बात करते हुए राज कुंद्रा ने इसे एक दीवानी मसला बताया. व्यापारी के 25 लाख रुपये नहीं देने के आरोप पर कुंद्रा ने कहा कि जब हम एक से डेढ़ करोड़ रुपये दे सकते हैं तो 25 लाख क्यों नही देंगे? कुंद्रा ने दावा किया कि कॉन्ट्रैक्ट के हिसाब से व्यापारी पर उल्टे हमारे ही 8 लाख रुपये निकलते हैं.
बता दें कि भिवंडी के कोनगांव पुलिस स्टेशन में भलोदया एक्सपोर्ट के मालिक रवि भलोदया ने अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी और उनके पति राज कुंद्रा सहित कंपनी के अन्य तीन लोगों के खिलाफ 25 लाख रुपयों की धोखाधड़ी, जालसाजी का मामला दर्ज करवाया है.
आरोप है कि शिल्पा शेट्टी और राज कुंद्रा की कंपनी ने उनसे 24 लाख 92 हजार रुपयों के करीब के रुपयों की चादर ली, लेकिन उसके रुपये अभी तक नही चुकाये हैं और मांगने पर आनाकानी कर रहे हैं. टिप्पणियां
मामले में आरोपी राज कुंद्रा और शिल्पा शेट्टी अग्रिम जमानत पर हैं. भलोदया के मुताबिक, बुधवार को पुलिस थाने में कुंद्रा से उनका सामना हुआ तो कुंद्रा ने उनसे हाथ मिलाया और कहा कि आजकल बहुत फेमस हो गए हो. रवि भलोदया ने कुंद्रा पर गलत बयानी का आरोप लगाया. भलोदया ने पूछा कि पैसे अगर उनके बाकी हैं तो एफआईआर मेरी कैसे दर्ज होती?
मामले में अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी भी एक आरोपी हैं. पुलिस जल्द ही उनका बयान भी दर्ज कर सकती है.
बता दें कि भिवंडी के कोनगांव पुलिस स्टेशन में भलोदया एक्सपोर्ट के मालिक रवि भलोदया ने अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी और उनके पति राज कुंद्रा सहित कंपनी के अन्य तीन लोगों के खिलाफ 25 लाख रुपयों की धोखाधड़ी, जालसाजी का मामला दर्ज करवाया है.
आरोप है कि शिल्पा शेट्टी और राज कुंद्रा की कंपनी ने उनसे 24 लाख 92 हजार रुपयों के करीब के रुपयों की चादर ली, लेकिन उसके रुपये अभी तक नही चुकाये हैं और मांगने पर आनाकानी कर रहे हैं. टिप्पणियां
मामले में आरोपी राज कुंद्रा और शिल्पा शेट्टी अग्रिम जमानत पर हैं. भलोदया के मुताबिक, बुधवार को पुलिस थाने में कुंद्रा से उनका सामना हुआ तो कुंद्रा ने उनसे हाथ मिलाया और कहा कि आजकल बहुत फेमस हो गए हो. रवि भलोदया ने कुंद्रा पर गलत बयानी का आरोप लगाया. भलोदया ने पूछा कि पैसे अगर उनके बाकी हैं तो एफआईआर मेरी कैसे दर्ज होती?
मामले में अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी भी एक आरोपी हैं. पुलिस जल्द ही उनका बयान भी दर्ज कर सकती है.
आरोप है कि शिल्पा शेट्टी और राज कुंद्रा की कंपनी ने उनसे 24 लाख 92 हजार रुपयों के करीब के रुपयों की चादर ली, लेकिन उसके रुपये अभी तक नही चुकाये हैं और मांगने पर आनाकानी कर रहे हैं. टिप्पणियां
मामले में आरोपी राज कुंद्रा और शिल्पा शेट्टी अग्रिम जमानत पर हैं. भलोदया के मुताबिक, बुधवार को पुलिस थाने में कुंद्रा से उनका सामना हुआ तो कुंद्रा ने उनसे हाथ मिलाया और कहा कि आजकल बहुत फेमस हो गए हो. रवि भलोदया ने कुंद्रा पर गलत बयानी का आरोप लगाया. भलोदया ने पूछा कि पैसे अगर उनके बाकी हैं तो एफआईआर मेरी कैसे दर्ज होती?
मामले में अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी भी एक आरोपी हैं. पुलिस जल्द ही उनका बयान भी दर्ज कर सकती है.
मामले में आरोपी राज कुंद्रा और शिल्पा शेट्टी अग्रिम जमानत पर हैं. भलोदया के मुताबिक, बुधवार को पुलिस थाने में कुंद्रा से उनका सामना हुआ तो कुंद्रा ने उनसे हाथ मिलाया और कहा कि आजकल बहुत फेमस हो गए हो. रवि भलोदया ने कुंद्रा पर गलत बयानी का आरोप लगाया. भलोदया ने पूछा कि पैसे अगर उनके बाकी हैं तो एफआईआर मेरी कैसे दर्ज होती?
मामले में अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी भी एक आरोपी हैं. पुलिस जल्द ही उनका बयान भी दर्ज कर सकती है.
मामले में अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी भी एक आरोपी हैं. पुलिस जल्द ही उनका बयान भी दर्ज कर सकती है. | मीडिया से बात करते हुए राज कुंद्रा ने इसे एक दीवानी मसला बताया.
मामले में आरोपी राज कुंद्रा और शिल्पा शेट्टी अग्रिम जमानत पर हैं.
मामले में अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी भी एक आरोपी हैं. | 6 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: ब्रिटेन की राजधानी लंदन में लूटपाट और आगजनी की घटनाओं ने मंगलवार को बर्मिघम और मैंचेस्टर सहित अन्य शहरों को भी अपनी चपेट में ले लिया। बीते तीन दिनों से जारी दंगों में अब तक 450 लोग गिरफ्तार किए गए हैं। दंगों के मद्देनजर प्रधानमंत्री डेविड कैमरन अपनी छुट्टियां बीच में ही रद्द कर लंदन पहुंच गए हैं। लंदन में अगले साल ओलम्पिक खेलों का आयोजन होना है। यहां लगातार तीसरी रात भी दंगों की स्थिति रही जबकि अन्य शहर भी अशांत रहे। प्रदर्शनकारियों ने दुकानों में तोड़-फोड़ और लूटपाट की व कारों और इमारतों को आग के हवाले किया। कुछ स्थानों पर प्रदर्शनकारियों व पुलिस के बीच झड़पें भी हुईं। बर्मिघन में भी दंगों की स्थिति है। बुधवार से ब्रिटेन व भारतीय क्रिकेट टीम के बीच शुरू होने जा रहे टेस्ट मैच के लिए ये दोनों ही टीमें इसी शहर के एक होटल में ठहरी हुई हैं। लिवरपूल, नॉटिंघम, ब्रिस्टल और मैंचेस्टर में भी अशांति की स्थिति है। बीबीसी के हवाले से कहा गया है कि बीते तीन दिनों से जारी हिंसा में अब तक पूरे लंदन से कम से कम 450 लोग गिरफ्तार किए गए हैं। शनिवार की रात टोटेनहेम में करीब 300 लोग एक थाने के बाहर जमा हो गए थे। वे गुरुवार को हुई पुलिस गोलीबारी में मारे गए एक 29 साल के कैब चालक और कथित ड्रग माफिया मार्क डुग्गन के लिए न्याय की मांग कर रहे थे। अधिकारियों ने बताया कि सोमवार रात राजधानी में 1,700 अतिरिक्त अधिकारी तैनात किए गए। हिंसक स्थितियों को देखते हुए प्रधानमंत्री डेविड कैमरन अपनी छुट्टियां बीच में ही रद्द कर ब्रिटेन लौट आए हैं। वह दंगों पर चर्चा के लिए सरकार की आपातकालीन समिति की अध्यक्षता करेंगे। | सारांश: लंदन में लूटपाट और आगजनी की घटनाओं ने बर्मिघम और मैंचेस्टर सहित अन्य शहरों को भी अपनी चपेट में ले लिया। | 20 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली और उसके आसपास के इलाके में आज सुबह से ही घना कोहरा छाया है। कोहरे की वजह से सड़क, ट्रेन और हवाई तीनों ट्रैफिक बुरी तरह प्रभावित हुआ है। आज सुबह दिल्ली में विजिबलिटी 50 मीटर से भी कम है।टिप्पणियां
कोहरे की वजह से दिल्ली आने और दिल्ली से जाने वाली ट्रेनों में काफी देरी हो रही है। आज सुबह दिल्ली आने वाली करीब 30 ट्रेनों के आने में 3 से 40 घंटे तक की देरी हो रही है।
वहीं, रविवार से ही उड़ानों के आगमन और प्रस्थान में भी देरी हो रही है। कल 20 से ज़्यादा उड़ानें प्रभावित हुई थीं। वहीं, आज सुबह से भी करीब 20 उड़ानों की आवाजाही में देरी हो चुकी है।
कोहरे की वजह से दिल्ली आने और दिल्ली से जाने वाली ट्रेनों में काफी देरी हो रही है। आज सुबह दिल्ली आने वाली करीब 30 ट्रेनों के आने में 3 से 40 घंटे तक की देरी हो रही है।
वहीं, रविवार से ही उड़ानों के आगमन और प्रस्थान में भी देरी हो रही है। कल 20 से ज़्यादा उड़ानें प्रभावित हुई थीं। वहीं, आज सुबह से भी करीब 20 उड़ानों की आवाजाही में देरी हो चुकी है।
वहीं, रविवार से ही उड़ानों के आगमन और प्रस्थान में भी देरी हो रही है। कल 20 से ज़्यादा उड़ानें प्रभावित हुई थीं। वहीं, आज सुबह से भी करीब 20 उड़ानों की आवाजाही में देरी हो चुकी है। | संक्षिप्त सारांश: दिल्ली और उसके आसपास के इलाके में आज सुबह से ही घना कोहरा छाया है। कोहरे की वजह से सड़क, ट्रेन और हवाई तीनों ट्रैफिक बुरी तरह प्रभावित हुआ है। आज सुबह दिल्ली में विजिबलिटी 50 मीटर से भी कम है। | 10 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: पाकिस्तान ने मंगलवार को कहा कि अमेरिकी अधिकारियों के ये नए आरोप देश के सुरक्षाबलों की छवि को खराब करने के लिए हैं कि पत्रकार सैयद सलीम शहजाद की हत्या का आदेश पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई ने दिया था। पाकिस्तान की सूचना मंत्री फिरदौस आशिक अवान ने दक्षेस सेमिनार से इतर संवाददाताओं से कहा कानून प्रवर्तन एजेंसियों और सुरक्षाबलों की छवि को खराब करने के लिए अंतरराष्ट्रीय साजिश रची जा रही है। ये आरोप साजिश का हिस्सा हैं। वह अज्ञात अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से न्यूयार्क टाइम्स में छपी इस रिपोर्ट के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब दे रही थीं कि नई खुफिया सूचनाओं से पता चला है कि आईएसआई के वरिष्ठ अधिकारियों ने आलोचना की आवाज खामोश करने के मकसद से शहजाद पर हमले का निर्देश दिया। अवान ने अपने द्वारा कही गई अंतरराष्ट्रीय साजिश की बात को लेकर कोई विवरण नहीं दिया। पाकिस्तान-अमेरिका के बीच संबंधों में वर्तमान गतिरोध को लेकर उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच मित्रता एक द्विपक्षीय मामला है और इसमें प्रत्येक के अपने हित हैं। इस बारे में पूछे जाने पर कि दक्षिण पश्चिमी पाकिस्तान के शमसी हवाई अड्डे से अमेरिकी ड्रोन उड़ान भरते हैं अवान ने कहा कि पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी नीत सरकार ने हवाई अड्डा किसी को नहीं दिया है और इस प्रतिष्ठान के इस्तेमाल को लेकर किसी भी पक्ष ने लिखित समझौता नहीं किया है। पाकिस्तानी सूचना मंत्री ने कहा हमने किसी को भी हवाई प्रतिष्ठान नहीं दिया है और न ही हम इसे वापस ले रहे हैं। इस संबंध में (कोई समझौता) मौजूद नहीं है। हाल में पाकिस्तान के रक्षामंत्री चौधरी अहमद मुख्तार ने कहा था कि पाकिस्तान ने अमेरिका से शमसी हवाई अड्डा खाली करने को कहा है। अमेरिकी मीडिया में अज्ञात अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से कहा गया कि अप्रैल से इस हवाई प्रतिष्ठान से ड्रोन की उड़ानें स्थगित हैं। अवान ने कहा कि किसी के द्वारा शमसी हवाई प्रतिष्ठान के इस्तेमाल को लेकर सरकारी फाइलों में कोई समझौता नहीं है। उन्होंने कहा यदि हवाई प्रतिष्ठान के इस्तेमाल के लिए मूंजरी दिए जाने के बारे में किसी फाइल में या लिखित में कुछ हो हम इसे बदल सकते हैं। | सारांश: पाकिस्तान ने कहा कि अमेरिकी अधिकारियों के ये नए आरोप देश के सुरक्षाबलों की छवि को खराब करने के लिए हैं। | 33 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: विकीलीक्स ने भारत के संदर्भ में एक बड़ा खुलासा किया है। समाचारपत्र 'द हिन्दू' की वेबसाइट में प्रकाशित आलेख के मुताबिक राजीव गांधी प्रधानमंत्री बनने से पहले स्वीडिश कंपनी साब स्कैनिया से जुड़े हुए थे और कंपनी में उद्यमी की तरह काम कर रहे थे। ये कंपनी भारत को युद्धक विमान बेचने की कोशिश कर रही थी।
हालांकि, भारत से स्वीडिश कंपनी की यह डील फाइनल नहीं हो पाई थी और भारत ने ब्रिटिश फाइटर प्लेन जगुआर को खरीदने का फैसला किया था, उस वक्त राजीव गांधी इंडियन एयरलाइंस में पायलट थे। विकीलीक्स ने ये ख़बर किसिंजर केबल के हवाले से दी है।
विकीलीक्स के इस खुलासे पर कांग्रेसी नेता जनार्दन द्विवेदी ने कहा है कि मुझे सबसे ज्यादा यह अफसोस है कि मीडिया के वे अंग जिनके विवेक पर देश का एक बहुत बड़ा हिस्सा भरोसा करता रहा है, वह भी सनसनीखेज खबरों पर भरोसा करने लगे हैं। अगर यह मान लिया जाए कि इस संदेह में कोई सच्चाई है तो उसके नीचे एक और खबर है, जिसमें एनडीए के एक बड़े नेता का नाम है। टिप्पणियां
गौरतलब है कि विकीलीक्स ने 1974 से लेकर 1976 के बीच के 41 केबल का हवाला दिया है। विकीलीक्स के मुताबिक, इस तरह के सौदे में गांधी परिवार की अहमियत को स्वीडिश कंपनी के साथ-साथ फ्रेंच कंपनी ने भी भांप लिया था और इसका इस्तेमाल करने की कोशिश की जा रही थी।
खुलासे के मुताबिक, उस वक्त एयरक्राफ्ट सौदे के लिए फ्रांस के मिराज की तरफ से उस वक्त के एयर चीफ मार्शल ओपी मेहरा के दामाद मिडिलमैन की भूमिका निभा रहे थे। जबकि राजीव गांधी स्वीडिश कंपनी के लिए काम कर रहे थे। इस सौदे के दौरान स्वीडिश राजदूत द्वारा अपने देश लिखे गए गोपनीय केबल में कई बार राजीव गांधी और उनके परिवार की अहमियत के बारे में चर्चा की गई है।
हालांकि, भारत से स्वीडिश कंपनी की यह डील फाइनल नहीं हो पाई थी और भारत ने ब्रिटिश फाइटर प्लेन जगुआर को खरीदने का फैसला किया था, उस वक्त राजीव गांधी इंडियन एयरलाइंस में पायलट थे। विकीलीक्स ने ये ख़बर किसिंजर केबल के हवाले से दी है।
विकीलीक्स के इस खुलासे पर कांग्रेसी नेता जनार्दन द्विवेदी ने कहा है कि मुझे सबसे ज्यादा यह अफसोस है कि मीडिया के वे अंग जिनके विवेक पर देश का एक बहुत बड़ा हिस्सा भरोसा करता रहा है, वह भी सनसनीखेज खबरों पर भरोसा करने लगे हैं। अगर यह मान लिया जाए कि इस संदेह में कोई सच्चाई है तो उसके नीचे एक और खबर है, जिसमें एनडीए के एक बड़े नेता का नाम है। टिप्पणियां
गौरतलब है कि विकीलीक्स ने 1974 से लेकर 1976 के बीच के 41 केबल का हवाला दिया है। विकीलीक्स के मुताबिक, इस तरह के सौदे में गांधी परिवार की अहमियत को स्वीडिश कंपनी के साथ-साथ फ्रेंच कंपनी ने भी भांप लिया था और इसका इस्तेमाल करने की कोशिश की जा रही थी।
खुलासे के मुताबिक, उस वक्त एयरक्राफ्ट सौदे के लिए फ्रांस के मिराज की तरफ से उस वक्त के एयर चीफ मार्शल ओपी मेहरा के दामाद मिडिलमैन की भूमिका निभा रहे थे। जबकि राजीव गांधी स्वीडिश कंपनी के लिए काम कर रहे थे। इस सौदे के दौरान स्वीडिश राजदूत द्वारा अपने देश लिखे गए गोपनीय केबल में कई बार राजीव गांधी और उनके परिवार की अहमियत के बारे में चर्चा की गई है।
विकीलीक्स के इस खुलासे पर कांग्रेसी नेता जनार्दन द्विवेदी ने कहा है कि मुझे सबसे ज्यादा यह अफसोस है कि मीडिया के वे अंग जिनके विवेक पर देश का एक बहुत बड़ा हिस्सा भरोसा करता रहा है, वह भी सनसनीखेज खबरों पर भरोसा करने लगे हैं। अगर यह मान लिया जाए कि इस संदेह में कोई सच्चाई है तो उसके नीचे एक और खबर है, जिसमें एनडीए के एक बड़े नेता का नाम है। टिप्पणियां
गौरतलब है कि विकीलीक्स ने 1974 से लेकर 1976 के बीच के 41 केबल का हवाला दिया है। विकीलीक्स के मुताबिक, इस तरह के सौदे में गांधी परिवार की अहमियत को स्वीडिश कंपनी के साथ-साथ फ्रेंच कंपनी ने भी भांप लिया था और इसका इस्तेमाल करने की कोशिश की जा रही थी।
खुलासे के मुताबिक, उस वक्त एयरक्राफ्ट सौदे के लिए फ्रांस के मिराज की तरफ से उस वक्त के एयर चीफ मार्शल ओपी मेहरा के दामाद मिडिलमैन की भूमिका निभा रहे थे। जबकि राजीव गांधी स्वीडिश कंपनी के लिए काम कर रहे थे। इस सौदे के दौरान स्वीडिश राजदूत द्वारा अपने देश लिखे गए गोपनीय केबल में कई बार राजीव गांधी और उनके परिवार की अहमियत के बारे में चर्चा की गई है।
गौरतलब है कि विकीलीक्स ने 1974 से लेकर 1976 के बीच के 41 केबल का हवाला दिया है। विकीलीक्स के मुताबिक, इस तरह के सौदे में गांधी परिवार की अहमियत को स्वीडिश कंपनी के साथ-साथ फ्रेंच कंपनी ने भी भांप लिया था और इसका इस्तेमाल करने की कोशिश की जा रही थी।
खुलासे के मुताबिक, उस वक्त एयरक्राफ्ट सौदे के लिए फ्रांस के मिराज की तरफ से उस वक्त के एयर चीफ मार्शल ओपी मेहरा के दामाद मिडिलमैन की भूमिका निभा रहे थे। जबकि राजीव गांधी स्वीडिश कंपनी के लिए काम कर रहे थे। इस सौदे के दौरान स्वीडिश राजदूत द्वारा अपने देश लिखे गए गोपनीय केबल में कई बार राजीव गांधी और उनके परिवार की अहमियत के बारे में चर्चा की गई है।
खुलासे के मुताबिक, उस वक्त एयरक्राफ्ट सौदे के लिए फ्रांस के मिराज की तरफ से उस वक्त के एयर चीफ मार्शल ओपी मेहरा के दामाद मिडिलमैन की भूमिका निभा रहे थे। जबकि राजीव गांधी स्वीडिश कंपनी के लिए काम कर रहे थे। इस सौदे के दौरान स्वीडिश राजदूत द्वारा अपने देश लिखे गए गोपनीय केबल में कई बार राजीव गांधी और उनके परिवार की अहमियत के बारे में चर्चा की गई है। | संक्षिप्त सारांश: विकीलीक्स के हवाले से 'द हिन्दू' ने कहा है कि राजीव गांधी प्रधानमंत्री बनने से पहले स्वीडिश कंपनी साब स्कैनिया से जुड़े हुए थे और कंपनी में उद्यमी की तरह काम कर रहे थे। | 10 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: चुनाव प्रचार के दौरान धन-बल और नशे से वोटरों को लुभाने की तरकीब पर लगाम लगाने की चुनाव आयोग की कोशिशों का असर नज़र आने लगा है. 4 जनवरी को चुनाव अचार संहिता लागू होने के बाद पंजाब में भारी मात्रा में शराब, नशीले पदार्थ और करीब 8 करोड़ रुपये बरामद हुए हैं.
पंजाब में चुनाव आते ही शराब की मांग बढ़ गई है. राज्य में बड़ी मात्रा में कच्ची शराब भी बनाई जा रही है. कच्ची शराब की भट्ठियों को नेस्तनाबूद करने के लिए पुलिस खेतों और नदी-नहर के किनारे जंगल-झाड़ियों की ख़ाक छान रही है. पुलिस की मुस्तैदी के चलते बड़ी तादाद में शराब और नशे का अन्य सामान बरामद किया जा रहा है. अब तक करीब 18 लाख रुपये कीमत की 10 हज़ार, 646 लीटर शराब बरामद हुई है .
चिट्टा यानी हेरोइन की सप्लाई चेन तोड़ने के लिए चुनाव आयोग के निर्देश पर 19 खोजी कुत्ते किराये पर लाए गए हैं जो नशीला पदार्थ सूंघने में माहिर हैं. इनकी मदद से पुलिस ने अब तक दो करोड़ रुपये की हेरोइन और अन्य नशीले पदार्थ बरामद किए हैं.
मुख्य निर्वाचन अधिकारी वीके सिंह बताते हैं कि नशे के कारोबार को पूरी तरह ख़त्म करने के लिए लंबा वक़्त लगेगा, लेकिन जो कोशिशें चल रही हैं उनसे चुनाव के दौरान नशे के इस्तेमाल पर कुछ हद तक जरुर काबू पाया जा सकता है.
नशे के सामान के अलावा राज्य में बड़ी मात्रा में नकदी भी बरामद की गई है. वाहनों की जांच के दौरान और छापेमारी में अब तक सवा आठ करोड़ रुपये बरामद किए जा चुके हैं. सड़कों के साथ-साथ हवाई रास्ते से अवैध रकम ट्रांसफर करने वालों पर ख़ास निगाह रखी जा रही है. अमृतसर, मोहाली और लुधियाना हवाई अड्डों पर खुफिया विभाग की टीमें तैनात की गई हैं. टिप्पणियां
उत्तर पश्चिम क्षेत्र के लिए आयकर विभाग की महानिदेशक (जांच) मधु महाजन ने बताया कि उन्होंने एयर इंटेलिजेंस की मदद से हवाई यात्रा के ज़रिये अवैध रकम ट्रांसफर करने वालों को पकड़ने की योजना बनाई है. इसके लिए हवाई अड्डे पर तैनात सुरक्षा बलों की भी मदद ली जा रही है.
इस समय उत्तर प्रेदश, पंजाब समेत 5 राज्यों में विधान सभा चुनाव हो रहे हैं, लेकिन नशीले पदार्थों की बरामदगी में पंजाब सबसे आगे है. 2014 में लोक सभा चुनाव के दौरान पंजाब में कुल 13 करोड़ रुपये और 9.28 लाख लीटर शराब पकड़ी गई थी.
पंजाब में चुनाव आते ही शराब की मांग बढ़ गई है. राज्य में बड़ी मात्रा में कच्ची शराब भी बनाई जा रही है. कच्ची शराब की भट्ठियों को नेस्तनाबूद करने के लिए पुलिस खेतों और नदी-नहर के किनारे जंगल-झाड़ियों की ख़ाक छान रही है. पुलिस की मुस्तैदी के चलते बड़ी तादाद में शराब और नशे का अन्य सामान बरामद किया जा रहा है. अब तक करीब 18 लाख रुपये कीमत की 10 हज़ार, 646 लीटर शराब बरामद हुई है .
चिट्टा यानी हेरोइन की सप्लाई चेन तोड़ने के लिए चुनाव आयोग के निर्देश पर 19 खोजी कुत्ते किराये पर लाए गए हैं जो नशीला पदार्थ सूंघने में माहिर हैं. इनकी मदद से पुलिस ने अब तक दो करोड़ रुपये की हेरोइन और अन्य नशीले पदार्थ बरामद किए हैं.
मुख्य निर्वाचन अधिकारी वीके सिंह बताते हैं कि नशे के कारोबार को पूरी तरह ख़त्म करने के लिए लंबा वक़्त लगेगा, लेकिन जो कोशिशें चल रही हैं उनसे चुनाव के दौरान नशे के इस्तेमाल पर कुछ हद तक जरुर काबू पाया जा सकता है.
नशे के सामान के अलावा राज्य में बड़ी मात्रा में नकदी भी बरामद की गई है. वाहनों की जांच के दौरान और छापेमारी में अब तक सवा आठ करोड़ रुपये बरामद किए जा चुके हैं. सड़कों के साथ-साथ हवाई रास्ते से अवैध रकम ट्रांसफर करने वालों पर ख़ास निगाह रखी जा रही है. अमृतसर, मोहाली और लुधियाना हवाई अड्डों पर खुफिया विभाग की टीमें तैनात की गई हैं. टिप्पणियां
उत्तर पश्चिम क्षेत्र के लिए आयकर विभाग की महानिदेशक (जांच) मधु महाजन ने बताया कि उन्होंने एयर इंटेलिजेंस की मदद से हवाई यात्रा के ज़रिये अवैध रकम ट्रांसफर करने वालों को पकड़ने की योजना बनाई है. इसके लिए हवाई अड्डे पर तैनात सुरक्षा बलों की भी मदद ली जा रही है.
इस समय उत्तर प्रेदश, पंजाब समेत 5 राज्यों में विधान सभा चुनाव हो रहे हैं, लेकिन नशीले पदार्थों की बरामदगी में पंजाब सबसे आगे है. 2014 में लोक सभा चुनाव के दौरान पंजाब में कुल 13 करोड़ रुपये और 9.28 लाख लीटर शराब पकड़ी गई थी.
चिट्टा यानी हेरोइन की सप्लाई चेन तोड़ने के लिए चुनाव आयोग के निर्देश पर 19 खोजी कुत्ते किराये पर लाए गए हैं जो नशीला पदार्थ सूंघने में माहिर हैं. इनकी मदद से पुलिस ने अब तक दो करोड़ रुपये की हेरोइन और अन्य नशीले पदार्थ बरामद किए हैं.
मुख्य निर्वाचन अधिकारी वीके सिंह बताते हैं कि नशे के कारोबार को पूरी तरह ख़त्म करने के लिए लंबा वक़्त लगेगा, लेकिन जो कोशिशें चल रही हैं उनसे चुनाव के दौरान नशे के इस्तेमाल पर कुछ हद तक जरुर काबू पाया जा सकता है.
नशे के सामान के अलावा राज्य में बड़ी मात्रा में नकदी भी बरामद की गई है. वाहनों की जांच के दौरान और छापेमारी में अब तक सवा आठ करोड़ रुपये बरामद किए जा चुके हैं. सड़कों के साथ-साथ हवाई रास्ते से अवैध रकम ट्रांसफर करने वालों पर ख़ास निगाह रखी जा रही है. अमृतसर, मोहाली और लुधियाना हवाई अड्डों पर खुफिया विभाग की टीमें तैनात की गई हैं. टिप्पणियां
उत्तर पश्चिम क्षेत्र के लिए आयकर विभाग की महानिदेशक (जांच) मधु महाजन ने बताया कि उन्होंने एयर इंटेलिजेंस की मदद से हवाई यात्रा के ज़रिये अवैध रकम ट्रांसफर करने वालों को पकड़ने की योजना बनाई है. इसके लिए हवाई अड्डे पर तैनात सुरक्षा बलों की भी मदद ली जा रही है.
इस समय उत्तर प्रेदश, पंजाब समेत 5 राज्यों में विधान सभा चुनाव हो रहे हैं, लेकिन नशीले पदार्थों की बरामदगी में पंजाब सबसे आगे है. 2014 में लोक सभा चुनाव के दौरान पंजाब में कुल 13 करोड़ रुपये और 9.28 लाख लीटर शराब पकड़ी गई थी.
मुख्य निर्वाचन अधिकारी वीके सिंह बताते हैं कि नशे के कारोबार को पूरी तरह ख़त्म करने के लिए लंबा वक़्त लगेगा, लेकिन जो कोशिशें चल रही हैं उनसे चुनाव के दौरान नशे के इस्तेमाल पर कुछ हद तक जरुर काबू पाया जा सकता है.
नशे के सामान के अलावा राज्य में बड़ी मात्रा में नकदी भी बरामद की गई है. वाहनों की जांच के दौरान और छापेमारी में अब तक सवा आठ करोड़ रुपये बरामद किए जा चुके हैं. सड़कों के साथ-साथ हवाई रास्ते से अवैध रकम ट्रांसफर करने वालों पर ख़ास निगाह रखी जा रही है. अमृतसर, मोहाली और लुधियाना हवाई अड्डों पर खुफिया विभाग की टीमें तैनात की गई हैं. टिप्पणियां
उत्तर पश्चिम क्षेत्र के लिए आयकर विभाग की महानिदेशक (जांच) मधु महाजन ने बताया कि उन्होंने एयर इंटेलिजेंस की मदद से हवाई यात्रा के ज़रिये अवैध रकम ट्रांसफर करने वालों को पकड़ने की योजना बनाई है. इसके लिए हवाई अड्डे पर तैनात सुरक्षा बलों की भी मदद ली जा रही है.
इस समय उत्तर प्रेदश, पंजाब समेत 5 राज्यों में विधान सभा चुनाव हो रहे हैं, लेकिन नशीले पदार्थों की बरामदगी में पंजाब सबसे आगे है. 2014 में लोक सभा चुनाव के दौरान पंजाब में कुल 13 करोड़ रुपये और 9.28 लाख लीटर शराब पकड़ी गई थी.
नशे के सामान के अलावा राज्य में बड़ी मात्रा में नकदी भी बरामद की गई है. वाहनों की जांच के दौरान और छापेमारी में अब तक सवा आठ करोड़ रुपये बरामद किए जा चुके हैं. सड़कों के साथ-साथ हवाई रास्ते से अवैध रकम ट्रांसफर करने वालों पर ख़ास निगाह रखी जा रही है. अमृतसर, मोहाली और लुधियाना हवाई अड्डों पर खुफिया विभाग की टीमें तैनात की गई हैं. टिप्पणियां
उत्तर पश्चिम क्षेत्र के लिए आयकर विभाग की महानिदेशक (जांच) मधु महाजन ने बताया कि उन्होंने एयर इंटेलिजेंस की मदद से हवाई यात्रा के ज़रिये अवैध रकम ट्रांसफर करने वालों को पकड़ने की योजना बनाई है. इसके लिए हवाई अड्डे पर तैनात सुरक्षा बलों की भी मदद ली जा रही है.
इस समय उत्तर प्रेदश, पंजाब समेत 5 राज्यों में विधान सभा चुनाव हो रहे हैं, लेकिन नशीले पदार्थों की बरामदगी में पंजाब सबसे आगे है. 2014 में लोक सभा चुनाव के दौरान पंजाब में कुल 13 करोड़ रुपये और 9.28 लाख लीटर शराब पकड़ी गई थी.
उत्तर पश्चिम क्षेत्र के लिए आयकर विभाग की महानिदेशक (जांच) मधु महाजन ने बताया कि उन्होंने एयर इंटेलिजेंस की मदद से हवाई यात्रा के ज़रिये अवैध रकम ट्रांसफर करने वालों को पकड़ने की योजना बनाई है. इसके लिए हवाई अड्डे पर तैनात सुरक्षा बलों की भी मदद ली जा रही है.
इस समय उत्तर प्रेदश, पंजाब समेत 5 राज्यों में विधान सभा चुनाव हो रहे हैं, लेकिन नशीले पदार्थों की बरामदगी में पंजाब सबसे आगे है. 2014 में लोक सभा चुनाव के दौरान पंजाब में कुल 13 करोड़ रुपये और 9.28 लाख लीटर शराब पकड़ी गई थी.
इस समय उत्तर प्रेदश, पंजाब समेत 5 राज्यों में विधान सभा चुनाव हो रहे हैं, लेकिन नशीले पदार्थों की बरामदगी में पंजाब सबसे आगे है. 2014 में लोक सभा चुनाव के दौरान पंजाब में कुल 13 करोड़ रुपये और 9.28 लाख लीटर शराब पकड़ी गई थी. | यह एक सारांश है: अब तक 18 लाख रुपये की 10 हज़ार, 646 लीटर शराब बरामद की गई है
लोकसभा चुनावों में 13 करोड़ की नकदी और 9 लाख लीटर शराब पकड़ी गई
नशीला पदार्थ सूंघने वाले 19 खोजी कुत्ते किराए पर लेकर की जा रही है खोजबीन | 16 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पटना शहर के अगमकुआं थाना के अंतर्गत कुम्हरार इलाके में बीती देर रात एक अनियंत्रित एसयूवी ने फुटपाथ पर सो रहे चार बच्चों को कुचल दिया जिसमें तीन बच्चों की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी जबकि एक बच्चे का पांव टूट गया है. अपर पुलिस अधीक्षक बलिराम चौधरी ने बताया कि इस हादसे में एसयूवी चालक की भी मौत हो गयी है जबकि एसयूवी में सवार गंभीर रूप से घायल एक अन्य व्यक्ति और घायल बच्चे को इलाज के लिए नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इस हादसे के बाद आक्रोशित लोगों ने टायर जलाकर सड़क को जाम कर दिया. चौधरी ने चालक की आक्रोशित लोगों द्वारा की गयी पिटाई से मौत होने से इंकार करते हुए कहा कि हादसे में बुरी तरह जख्मी होने के कारण उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई. उन्होंने आक्रोशित लोगों द्वारा घटनास्थल पहुंची पुलिस पर पथराव किए जाने से भी इंकार किया है.
जुलाई की डेडलाइन से पहले असम की NRC से एक लाख नाम और हटाए गए
इसके अलावा बिहार में अलग-अलग सड़क हादसों में सात लोगों की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए. बिहार के समस्तीपुर और नालंदा जिले में मंगलवार-बुधवार की रात अलग-अलग सड़क हादसों में सात लोगों की मौत हो गयी जबकि चार अन्य व्यक्ति घायल हो गए. समस्तीपुर जिले के बगड़ा थाना अंतर्गत मुर्गियाचक रहीमाबाद गांव के पास राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-28 पर कल देर रात एक मारुति कार असंतुलित होकर सड़क किनारे खड़े ट्रक में जा टकराई. हादसे में कार में सवार सभी चार लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी. पुलिस अधीक्षक विकास वर्मन ने बुधवार को बताया कि कार पर सवार लोग देवघर से मुजफ्फरपुर की ओर जा रहे थे.
वर्मन स्वयं बीती देर रात पुलिस गतिविधियों का जायजा लेने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 28 पर निकले हुए थे. उन्होंने अपनी मौजूदगी में अन्य पुलिसकर्मियों की मदद से दुर्घटनाग्रस्त कार को काफी मशक्कत के बाद ट्रक के नीचे से निकलवाया और शवों को पोस्टमार्टम के लिए समस्तीपुर सदर अस्पताल भेजा.
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उन्होंने बताया कि मृतकों की तत्काल पहचान नहीं हो पायी है और वाहन के कागजात के आधार पर जानकारी प्राप्त की जा रही है. वहीं एक अन्य घटना में नालंदा जिले के चंडी थाना अंतर्गत चंडी माधोपुर गांव के समीप बीती रात एक पिकअप वाहन के अनियंत्रित होकर सड़क डिवाइडर से टकरा गया. वाहन में सवार तीन लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, वहीं चार अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए. हिलसा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी मुत्तफिक अहमद ने बुधवार को बताया कि विशेश्वर यादव (45), गौरी मांझी (35) एवं संजय (36) शामिल हैं.
पिकअप वाहन पर सवार ये लोग नवादा जिले से पटना जा रहे थे. अहमद ने बताया कि इस हादसे में घायल लोगों की चिंताजनक हालत को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए उन्हें पटना रेफर किया गया है जबकि शवों का जिला मुख्यालय बिहारशरीफ स्थित सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम कराए जाने के बाद अंतिम संस्कार के लिए उनके परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया है. (इनपुट: भाषा) | सारांश: बेकाबू हुई कार ने छीनी 4 लोगों की जिंदगी
3 बच्चों की मौत, एक बच्चे का पांव टूटा
हादसे में एसयूवी चालक की भी मौत | 20 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के पांचवें संस्करण के तहत सोमवार रात लीग मुकाबले में मौजूदा चैम्पियन चेन्नई सुपरकिंग्स टीम के खिलाफ जीत दर्ज करने के बाद कोलकाता नाइटराइडर्स के कप्तान गौतम गम्भीर ने गेंदबाजों की प्रशंसा की है।
एमए चिदम्बरम स्टेडियम में खेले गए लीग मुकाबले में नाइटराइडर्स के गेंदबाजों ने अच्छी गेंदबाजी करते हुए सुपरकिंग्स को 139 रन के कुल योग पर रोक दिया। इसके बाद नाइटराइडर्स ने 140 रन का लक्ष्य दो गेंद शेष रहते पांच विकेट खोकर हासिल कर लिया।टिप्पणियां
जीत के बाद गम्भीर ने कहा, "चेन्नई ने अच्छा संघर्ष किया। हमारे गेंदबाजों ने अच्छी गेंदबाजी कर विपक्षी टीम को 139 रन के कुल योग पर रोक दिया। हम जानते हैं कि हमारी टीम में बेहतरीन क्षमता और अच्छी गुणवत्ता के खिलाड़ी मौजूद हैं।"
उल्लेखनीय है कि इस जीत से नाइटराइडर्स के 10 मैचों से 13 अंक हो गए हैं और वह अंक तालिका में दूसरे स्थान पर है।
एमए चिदम्बरम स्टेडियम में खेले गए लीग मुकाबले में नाइटराइडर्स के गेंदबाजों ने अच्छी गेंदबाजी करते हुए सुपरकिंग्स को 139 रन के कुल योग पर रोक दिया। इसके बाद नाइटराइडर्स ने 140 रन का लक्ष्य दो गेंद शेष रहते पांच विकेट खोकर हासिल कर लिया।टिप्पणियां
जीत के बाद गम्भीर ने कहा, "चेन्नई ने अच्छा संघर्ष किया। हमारे गेंदबाजों ने अच्छी गेंदबाजी कर विपक्षी टीम को 139 रन के कुल योग पर रोक दिया। हम जानते हैं कि हमारी टीम में बेहतरीन क्षमता और अच्छी गुणवत्ता के खिलाड़ी मौजूद हैं।"
उल्लेखनीय है कि इस जीत से नाइटराइडर्स के 10 मैचों से 13 अंक हो गए हैं और वह अंक तालिका में दूसरे स्थान पर है।
जीत के बाद गम्भीर ने कहा, "चेन्नई ने अच्छा संघर्ष किया। हमारे गेंदबाजों ने अच्छी गेंदबाजी कर विपक्षी टीम को 139 रन के कुल योग पर रोक दिया। हम जानते हैं कि हमारी टीम में बेहतरीन क्षमता और अच्छी गुणवत्ता के खिलाड़ी मौजूद हैं।"
उल्लेखनीय है कि इस जीत से नाइटराइडर्स के 10 मैचों से 13 अंक हो गए हैं और वह अंक तालिका में दूसरे स्थान पर है।
उल्लेखनीय है कि इस जीत से नाइटराइडर्स के 10 मैचों से 13 अंक हो गए हैं और वह अंक तालिका में दूसरे स्थान पर है। | संक्षिप्त पाठ: आईपीएल के पांचवें संस्करण के तहत सोमवार रात लीग मुकाबले में मौजूदा चैम्पियन चेन्नई सुपरकिंग्स टीम के खिलाफ जीत दर्ज करने के बाद कोलकाता नाइटराइडर्स के कप्तान गौतम गम्भीर ने गेंदबाजों की प्रशंसा की है। | 27 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: हाल ही में सोशल मीडिया पर यह खबरें आई कि अनुष्का शर्मा की आने वाली फिल्म 'फिलौरी' में उनके बॉयफ्रेंड विराट कोहली ने पैसा लगाया है. इन अफवाहों के विरोध में अनुष्का ने अपना बयान जारी कर ऐसी अफवाह फैलाने वालों को करारा जवाब दिया.टिप्पणियां
बता दें कि बुधवार को विराट कोहली ने अनुष्का शर्मा के साथ अपना वैलेंटाइन्स डे सेलेब्रेट किया और इसका एक फोटो भी सोशल मीडिया पर शेयर किया. हालांकि यह फोटो पोस्ट करने के बाद विराट ने ट्विटर से इसे हटा लिया, लेकिन इंस्टाग्राम अकाउंट पर यह फोटो अभी भी है.
हाल ही में सोशल मीडिया पर यह खबरें आई कि अनुष्का शर्मा की आने वाली फिल्म 'फिलौरी' में उनके बॉयफ्रेंड विराट कोहली ने पैसा लगाया है. इन अफवाहों के विरोध में अनुष्का ने अपना बयान जारी कर ऐसी अफवाह फैलाने वालों को करारा जवाब दिया.टिप्पणियां
बता दें कि बुधवार को विराट कोहली ने अनुष्का शर्मा के साथ अपना वैलेंटाइन्स डे सेलेब्रेट किया और इसका एक फोटो भी सोशल मीडिया पर शेयर किया. हालांकि यह फोटो पोस्ट करने के बाद विराट ने ट्विटर से इसे हटा लिया, लेकिन इंस्टाग्राम अकाउंट पर यह फोटो अभी भी है.
बता दें कि बुधवार को विराट कोहली ने अनुष्का शर्मा के साथ अपना वैलेंटाइन्स डे सेलेब्रेट किया और इसका एक फोटो भी सोशल मीडिया पर शेयर किया. हालांकि यह फोटो पोस्ट करने के बाद विराट ने ट्विटर से इसे हटा लिया, लेकिन इंस्टाग्राम अकाउंट पर यह फोटो अभी भी है. | 'फिलौरी' का यह पहला गाना है सूफी
रोमी, विवेक और हरिहरन ने मिलकर गाया है यह गाना
इस फिल्म में भूत बनी नजर आएंगी अनुष्का शर्मा | 1 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: लोग कहते हैं कि प्रेम की कोई सीमा नहीं होती, लेकिन भारत के समलैंगिक जोड़ों को इस कहावत पर अफसोस है। उनका कहना है कि समलैंगिकता को अपराध की श्रेणी से बाहर रखे जाने के बावजूद वे सार्वजनिक रूप से अपने प्रेम का इजहार नहीं कर सकते। शौचालयों और एकांत स्थानों में ही वे अपनी भावनाओं को मूर्त रूप दे पाते हैं। गौरव नाम के युवक के साथ समलैंगिक सम्बंध रखने वाले दिल्ली निवासी अक्षय गुप्ता (25) ने बताया, "हमें भारतीय कानून के तहत लिखित में अधिकार मिल गया है लेकिन समाज अभी भी हमारे व्यवहार को समझने के लिए तैयार नहीं है। लोगों की नजर में समलैंगिकता अभी भी सामाजिक प्रतिबंध है।" मुम्बई स्थित 'द हमसफर ट्रस्ट' के संस्थापक, फिल्म निर्माता और समलैंगिक कार्यकर्ता श्रीधर रंगायन ने बताया, "एक मेट्रो में जब दो युवा एक दूसरे का आलिंगन करते हैं तो इसे नापसंद किया जाता है। शहरों में प्रेम जाहिर करने के लिए जगह ढूंढ़ना और मुश्किल है।" उन्होंने बताया, "यही कारण है कि समलैंगिक और लिंग का परिवर्तन करा चुके लोग अपना प्रेम और यौन उत्कंठा शांत करने के लिए ऐसे स्थानों और स्थितियों में चले जाते हैं जो असुविधाजनक हो जाती है।" ज्ञात हो कि वर्ष 2007 में उच्च न्यायालय ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 377 को निरस्त करते हुए समलैंगिक लोगों के बीच सहमति से बनाए गए शारीरिक सम्बंध को अपराध की श्रेणी में नहीं रखा। सूचना प्रौद्योगिकी पेशे से जुड़े अक्षय ने कहा, "प्रेम का इजहार करना हमारे लिए चिंता का विषय है। जबकि विपरीत लिंग वाले जोड़े आसानी से अपने प्रेम का इजहार कर लेते हैं लेकिन हम जैसे लोग जहां भी जाते हैं लोगों की नजरें हमारी पीछा करती हैं। हमारे ऊपर पाबंदिया लगा दी जाती हैं।" एक कॉल सेंटर कर्मी अदिति खुराना (22) जिसका प्रिया नाम की लड़की के साथ शारीरिक सम्बंध है, ने बताया, "चूंकि हम दोनों लड़कियां हैं इसलिए हमें शौचालयों अथवा दुकानों के कपड़े बदलने वाले कमरे में एक साथ जाने में मुश्किल नहीं आती।" अदिति ने कहा, "इन सीमित स्थानों में मैं और प्रिया अंतरंग क्षणों को गुजारते हैं।" | यहाँ एक सारांश है:लोग कहते हैं कि प्रेम की कोई सीमा नहीं होती, लेकिन भारत के समलैंगिक जोड़ों को इस कहावत पर अफसोस है। | 12 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: टीवी पर विज्ञापन के जरिए विदेशी उत्पादों के बहिष्कार के लिए भारतीयों का आह्वान करने के क्रम में 'पवित्र क्रॉस' के इस्तेमाल पर इंडियन क्रिश्चियन वायस (आईसीवी) ने मंगलवार को योग गुरु बाबा रामदेव की निंदा की. बाबा रामदेव के बहिष्कार के आह्वान पर ईसाई समुदाय को आपत्ति नहीं है, लेकिन भारत में ब्रिटिश शासन को दर्शाने के लिए 'पवित्र क्रॉस' के इस्तेमाल से समुदाय नाखुश है.
आईसीवी के अध्यक्ष अब्राहम मथाई ने कहा, "ईसाई धर्म के प्रतीक पवित्र क्रॉस के इस तरह के चित्रण पर हम कड़ी आपत्ति जताते हैं. हम महसूस करते हैं कि एक खास अल्पसंख्यक समुदाय को निशाना बनाने के लिए यह बाबा रामदेव का कार्यक्रम है. हम मांग करते हैं कि यह व्यावसायिक विज्ञापन सभी सार्वजनिक प्रक्षेत्र से तुरंत वापस लिया जाए."
मथाई ने कहा कि भावनाओं को भड़काने वाली इस तरह की बातों से निश्चित रूप से चर्चो और ईसाई संस्थानों पर हमले बढ़ेंगे.
उन्होंने कहा कि इस आपत्तिजनक व्यावसयिक विज्ञापन को लेकर आईसीवी राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य संबद्ध अधिकारियों को पत्र लिख रहा है. विज्ञापन में आजादी से पहले स्वदेशी आन्दोलन की एक श्वेत और श्याम कतरन दिखाई जाती है और अचानक भारत के मानचित्र के साथ तीन दिशाओं की ओर इंगित तीन क्रॉस को बड़ा कर दिखाया जाता है.टिप्पणियां
तीनों क्रास के बीच में ई, आई और सीओ शब्द दिखाए जाते हैं जो ईस्ट इंडिया कंपनी का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिसने भारत में धीरे-धीरे ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन का मार्ग प्रशस्त किया था. आईसीवी के अध्यक्ष ने कहा कि एक खास अल्पसंख्यक समुदाय को खास रूप से चुनने पर वह नफरत भरे हमलों और उग्रवाद के लिए अघात योग्य बन जाएगा.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
आईसीवी के अध्यक्ष अब्राहम मथाई ने कहा, "ईसाई धर्म के प्रतीक पवित्र क्रॉस के इस तरह के चित्रण पर हम कड़ी आपत्ति जताते हैं. हम महसूस करते हैं कि एक खास अल्पसंख्यक समुदाय को निशाना बनाने के लिए यह बाबा रामदेव का कार्यक्रम है. हम मांग करते हैं कि यह व्यावसायिक विज्ञापन सभी सार्वजनिक प्रक्षेत्र से तुरंत वापस लिया जाए."
मथाई ने कहा कि भावनाओं को भड़काने वाली इस तरह की बातों से निश्चित रूप से चर्चो और ईसाई संस्थानों पर हमले बढ़ेंगे.
उन्होंने कहा कि इस आपत्तिजनक व्यावसयिक विज्ञापन को लेकर आईसीवी राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य संबद्ध अधिकारियों को पत्र लिख रहा है. विज्ञापन में आजादी से पहले स्वदेशी आन्दोलन की एक श्वेत और श्याम कतरन दिखाई जाती है और अचानक भारत के मानचित्र के साथ तीन दिशाओं की ओर इंगित तीन क्रॉस को बड़ा कर दिखाया जाता है.टिप्पणियां
तीनों क्रास के बीच में ई, आई और सीओ शब्द दिखाए जाते हैं जो ईस्ट इंडिया कंपनी का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिसने भारत में धीरे-धीरे ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन का मार्ग प्रशस्त किया था. आईसीवी के अध्यक्ष ने कहा कि एक खास अल्पसंख्यक समुदाय को खास रूप से चुनने पर वह नफरत भरे हमलों और उग्रवाद के लिए अघात योग्य बन जाएगा.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मथाई ने कहा कि भावनाओं को भड़काने वाली इस तरह की बातों से निश्चित रूप से चर्चो और ईसाई संस्थानों पर हमले बढ़ेंगे.
उन्होंने कहा कि इस आपत्तिजनक व्यावसयिक विज्ञापन को लेकर आईसीवी राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य संबद्ध अधिकारियों को पत्र लिख रहा है. विज्ञापन में आजादी से पहले स्वदेशी आन्दोलन की एक श्वेत और श्याम कतरन दिखाई जाती है और अचानक भारत के मानचित्र के साथ तीन दिशाओं की ओर इंगित तीन क्रॉस को बड़ा कर दिखाया जाता है.टिप्पणियां
तीनों क्रास के बीच में ई, आई और सीओ शब्द दिखाए जाते हैं जो ईस्ट इंडिया कंपनी का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिसने भारत में धीरे-धीरे ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन का मार्ग प्रशस्त किया था. आईसीवी के अध्यक्ष ने कहा कि एक खास अल्पसंख्यक समुदाय को खास रूप से चुनने पर वह नफरत भरे हमलों और उग्रवाद के लिए अघात योग्य बन जाएगा.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा कि इस आपत्तिजनक व्यावसयिक विज्ञापन को लेकर आईसीवी राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य संबद्ध अधिकारियों को पत्र लिख रहा है. विज्ञापन में आजादी से पहले स्वदेशी आन्दोलन की एक श्वेत और श्याम कतरन दिखाई जाती है और अचानक भारत के मानचित्र के साथ तीन दिशाओं की ओर इंगित तीन क्रॉस को बड़ा कर दिखाया जाता है.टिप्पणियां
तीनों क्रास के बीच में ई, आई और सीओ शब्द दिखाए जाते हैं जो ईस्ट इंडिया कंपनी का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिसने भारत में धीरे-धीरे ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन का मार्ग प्रशस्त किया था. आईसीवी के अध्यक्ष ने कहा कि एक खास अल्पसंख्यक समुदाय को खास रूप से चुनने पर वह नफरत भरे हमलों और उग्रवाद के लिए अघात योग्य बन जाएगा.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
तीनों क्रास के बीच में ई, आई और सीओ शब्द दिखाए जाते हैं जो ईस्ट इंडिया कंपनी का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिसने भारत में धीरे-धीरे ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन का मार्ग प्रशस्त किया था. आईसीवी के अध्यक्ष ने कहा कि एक खास अल्पसंख्यक समुदाय को खास रूप से चुनने पर वह नफरत भरे हमलों और उग्रवाद के लिए अघात योग्य बन जाएगा.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | सारांश: बाबा रामदेव के बहिष्कार के आह्वान पर ईसाई समुदाय को आपत्ति नहीं है
भारत में ब्रिटिश शासन को दर्शाने के लिए 'पवित्र क्रॉस' के इस्तेमाल गलत
अल्पसंख्यक समुदाय को निशाना बनाने के लिए बाबा रामदेव का कार्यक्रम | 20 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारत जाने वाली समझौता एक्सप्रेस ट्रेन के इंजन में पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में आग लग गई। इस घटना के चलते ट्रेन के परिचालन में कुछ घंटों की देरी हुई है। रेलवे पुलिस अधिकारी जावेद अनवर ने बताया कि आज सुबह मुगलपुरा स्टेशन के समीप ट्रेन के इंजन से लपटें उठने लगीं।टिप्पणियां
उन्होंने बताया कि ट्रेन में सवार सभी 312 यात्री सुरक्षित हैं। दमकलकर्मियों ने घटनास्थल पर पहुंच कर इंजन को रेलगाड़ी से अलग किया।
अधिकारियों ने बताया कि गाड़ी में दूसरा इंजन लगाने के लिए लाहौर से एक अन्य इंजन को रवाना किया गया तथा कुछ घंटों की देरी के बाद ट्रेन आगे की यात्रा पर रवाना हो गई।
उन्होंने बताया कि ट्रेन में सवार सभी 312 यात्री सुरक्षित हैं। दमकलकर्मियों ने घटनास्थल पर पहुंच कर इंजन को रेलगाड़ी से अलग किया।
अधिकारियों ने बताया कि गाड़ी में दूसरा इंजन लगाने के लिए लाहौर से एक अन्य इंजन को रवाना किया गया तथा कुछ घंटों की देरी के बाद ट्रेन आगे की यात्रा पर रवाना हो गई।
अधिकारियों ने बताया कि गाड़ी में दूसरा इंजन लगाने के लिए लाहौर से एक अन्य इंजन को रवाना किया गया तथा कुछ घंटों की देरी के बाद ट्रेन आगे की यात्रा पर रवाना हो गई। | यहाँ एक सारांश है:भारत जाने वाली समझौता एक्सप्रेस ट्रेन के इंजन में पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में आग लग गई। इस घटना के चलते ट्रेन के परिचालन में कुछ घंटों की देरी हुई है। | 17 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: जयपुर पुलिस ने जवाहर सर्किल थाना इलाके में एक गेस्ट हाउस प्रबंधक को अश्लील विडियो क्लिप बनाने के आरोप में गिरफ्तार किया है।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त गगनदीप सिंगला ने बताया कि गेस्ट हाउस प्रबंधक दिलीप चौधरी को रुकने वाले ग्राहकों की अश्लील विडियो क्लिप बनाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि आरोपी को संबंधित अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे पांच दिन के लिए पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।टिप्पणियां
सिंगला के अनुसार गेस्ट हाउस के एक कमरे से टीवी के सेटटॉप बॉक्स में गुप्त रूप से खुफिया कैमरा लगाया हुआ था। गेस्ट हाउस के कमरे में जब कोई दंपति रुकने आता, तो प्रबंधक पानी, सामान देने के बहाने कमरे में जाकर कैमरे को रिमोट से चालू कर देता था। कमरे में रुका जोड़ा इससे अनभिज्ञ रहता था। कमरे में रुकने वाले जोड़े के नितांत निजी पल कैमरे में रिकॉर्ड हो जाते थे।
पुलिस ने उत्तर प्रदेश के रहने वाले आरोपी दिलीप चौधरी को गिरफ्तार कर टीवी के सेटटॉप बॉक्स, खुफिया कैमरा, 16 जीबी के दो मैमोरी कार्ड व अन्य सामान जब्त किया। जांच में मैमोरी कार्ड में अश्लील वीडियो क्लिप होने की पुष्टि हुई है।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त गगनदीप सिंगला ने बताया कि गेस्ट हाउस प्रबंधक दिलीप चौधरी को रुकने वाले ग्राहकों की अश्लील विडियो क्लिप बनाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि आरोपी को संबंधित अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे पांच दिन के लिए पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।टिप्पणियां
सिंगला के अनुसार गेस्ट हाउस के एक कमरे से टीवी के सेटटॉप बॉक्स में गुप्त रूप से खुफिया कैमरा लगाया हुआ था। गेस्ट हाउस के कमरे में जब कोई दंपति रुकने आता, तो प्रबंधक पानी, सामान देने के बहाने कमरे में जाकर कैमरे को रिमोट से चालू कर देता था। कमरे में रुका जोड़ा इससे अनभिज्ञ रहता था। कमरे में रुकने वाले जोड़े के नितांत निजी पल कैमरे में रिकॉर्ड हो जाते थे।
पुलिस ने उत्तर प्रदेश के रहने वाले आरोपी दिलीप चौधरी को गिरफ्तार कर टीवी के सेटटॉप बॉक्स, खुफिया कैमरा, 16 जीबी के दो मैमोरी कार्ड व अन्य सामान जब्त किया। जांच में मैमोरी कार्ड में अश्लील वीडियो क्लिप होने की पुष्टि हुई है।
सिंगला के अनुसार गेस्ट हाउस के एक कमरे से टीवी के सेटटॉप बॉक्स में गुप्त रूप से खुफिया कैमरा लगाया हुआ था। गेस्ट हाउस के कमरे में जब कोई दंपति रुकने आता, तो प्रबंधक पानी, सामान देने के बहाने कमरे में जाकर कैमरे को रिमोट से चालू कर देता था। कमरे में रुका जोड़ा इससे अनभिज्ञ रहता था। कमरे में रुकने वाले जोड़े के नितांत निजी पल कैमरे में रिकॉर्ड हो जाते थे।
पुलिस ने उत्तर प्रदेश के रहने वाले आरोपी दिलीप चौधरी को गिरफ्तार कर टीवी के सेटटॉप बॉक्स, खुफिया कैमरा, 16 जीबी के दो मैमोरी कार्ड व अन्य सामान जब्त किया। जांच में मैमोरी कार्ड में अश्लील वीडियो क्लिप होने की पुष्टि हुई है।
पुलिस ने उत्तर प्रदेश के रहने वाले आरोपी दिलीप चौधरी को गिरफ्तार कर टीवी के सेटटॉप बॉक्स, खुफिया कैमरा, 16 जीबी के दो मैमोरी कार्ड व अन्य सामान जब्त किया। जांच में मैमोरी कार्ड में अश्लील वीडियो क्लिप होने की पुष्टि हुई है। | संक्षिप्त पाठ: जयपुर के एक गेस्ट हाउस के कमरे से टीवी के सेटटॉप बॉक्स में लगा खुफिया कैमरा बरामद किया गया। कमरे में जब कोई दंपति रुकने आता, तो प्रबंधक पानी, सामान देने के बहाने जाकर कैमरे को रिमोट से चालू कर देता था। | 27 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: देश के शेयर बाजारों में सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को शुरुआती कारोबार में तेजी का रुख देखा गया। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 25.76 अंक की मामूली बढ़त के साथ 17429.96 पर जबकि निफ्टी 0.80 की मामूली बढ़त के साथ 5296.35 पर खुला।
सुबह करीब 10.00 बजे बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 52.86 अंकों के उछाल के साथ 17457.06 पर जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 9.35 अंक की बढ़त के साथ 5304.90 पर कारोबार कर रहा था। बीएसई के मिडकैप एवं स्मॉलकैप में भी तेजी का रुख देखा गया।
सुबह करीब 10.00 बजे बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 52.86 अंकों के उछाल के साथ 17457.06 पर जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 9.35 अंक की बढ़त के साथ 5304.90 पर कारोबार कर रहा था। बीएसई के मिडकैप एवं स्मॉलकैप में भी तेजी का रुख देखा गया। | यह एक सारांश है: सेंसेक्स 25.76 अंक की मामूली बढ़त के साथ 17429.96 पर जबकि निफ्टी 0.80 की मामूली बढ़त के साथ 5296.35 पर खुला। | 9 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को बीजेपी की प्रचार समिति का अध्यक्ष बनाए जाने के बाद आज सबकी निगाहें मोदी के करीबी और पार्टी के महासचिव अमित शाह की लखनऊ यात्रा पर हैं। शाह की इस यात्रा का मकसद पार्टी को मजबूत करते हुए मोदी के लिए उत्तर प्रदेश में जमीन तैयार करना है।
अमित शाह को करीब एक महीने पहले यूपी का प्रभारी बनाया गया था। यह उनका पहला यूपी दौरा है। अमित शाह लखनऊ में राज्य के नेताओं से मुलाकात करेंगे।
यही नहीं आने वाले लोकसभा चुनाव के लिए रणनीति भी तैयार की जाएगी। इसके अलावा शाह यहां पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह से भी मिलेंगे।
अमित शाह दो दिन तक लखनऊ में रुकेंगे और इस दौरान वह पार्टी के सभी प्रकोष्ठों और पदाधिकारियों से अलग-अलग मुलाकात करेंगे। बुधवार शाम को आयोजित पदाधिकारियों की बैठक में भी वह शामिल होंगे।टिप्पणियां
ऐसा माना जा रहा है कि उप्र के पहले दौरे के दौरान वह सूबे के सभी शीर्ष नेताओं से उनके घर जाकर अलग-अलग मुलाकात करेंगे। सूत्रों के मुताबिक शाह वरिष्ठ नेता कलराज मिश्र, सांसद लालजी टंडन और उप्र के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह से मिलने जाएंगे।
2009 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी 80 में से महज 10 सीटें ही जीत सकी थीं। राजनीतिक जानकारों का मामना है कि मोदी को गुजरात से बाहर निकलकर यह साबित करना है कि वह राष्ट्रीय स्तर के नेता हैं और उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय राजनीति में उनका लॉन्च पैड हो सकता है।
अमित शाह को करीब एक महीने पहले यूपी का प्रभारी बनाया गया था। यह उनका पहला यूपी दौरा है। अमित शाह लखनऊ में राज्य के नेताओं से मुलाकात करेंगे।
यही नहीं आने वाले लोकसभा चुनाव के लिए रणनीति भी तैयार की जाएगी। इसके अलावा शाह यहां पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह से भी मिलेंगे।
अमित शाह दो दिन तक लखनऊ में रुकेंगे और इस दौरान वह पार्टी के सभी प्रकोष्ठों और पदाधिकारियों से अलग-अलग मुलाकात करेंगे। बुधवार शाम को आयोजित पदाधिकारियों की बैठक में भी वह शामिल होंगे।टिप्पणियां
ऐसा माना जा रहा है कि उप्र के पहले दौरे के दौरान वह सूबे के सभी शीर्ष नेताओं से उनके घर जाकर अलग-अलग मुलाकात करेंगे। सूत्रों के मुताबिक शाह वरिष्ठ नेता कलराज मिश्र, सांसद लालजी टंडन और उप्र के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह से मिलने जाएंगे।
2009 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी 80 में से महज 10 सीटें ही जीत सकी थीं। राजनीतिक जानकारों का मामना है कि मोदी को गुजरात से बाहर निकलकर यह साबित करना है कि वह राष्ट्रीय स्तर के नेता हैं और उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय राजनीति में उनका लॉन्च पैड हो सकता है।
यही नहीं आने वाले लोकसभा चुनाव के लिए रणनीति भी तैयार की जाएगी। इसके अलावा शाह यहां पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह से भी मिलेंगे।
अमित शाह दो दिन तक लखनऊ में रुकेंगे और इस दौरान वह पार्टी के सभी प्रकोष्ठों और पदाधिकारियों से अलग-अलग मुलाकात करेंगे। बुधवार शाम को आयोजित पदाधिकारियों की बैठक में भी वह शामिल होंगे।टिप्पणियां
ऐसा माना जा रहा है कि उप्र के पहले दौरे के दौरान वह सूबे के सभी शीर्ष नेताओं से उनके घर जाकर अलग-अलग मुलाकात करेंगे। सूत्रों के मुताबिक शाह वरिष्ठ नेता कलराज मिश्र, सांसद लालजी टंडन और उप्र के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह से मिलने जाएंगे।
2009 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी 80 में से महज 10 सीटें ही जीत सकी थीं। राजनीतिक जानकारों का मामना है कि मोदी को गुजरात से बाहर निकलकर यह साबित करना है कि वह राष्ट्रीय स्तर के नेता हैं और उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय राजनीति में उनका लॉन्च पैड हो सकता है।
अमित शाह दो दिन तक लखनऊ में रुकेंगे और इस दौरान वह पार्टी के सभी प्रकोष्ठों और पदाधिकारियों से अलग-अलग मुलाकात करेंगे। बुधवार शाम को आयोजित पदाधिकारियों की बैठक में भी वह शामिल होंगे।टिप्पणियां
ऐसा माना जा रहा है कि उप्र के पहले दौरे के दौरान वह सूबे के सभी शीर्ष नेताओं से उनके घर जाकर अलग-अलग मुलाकात करेंगे। सूत्रों के मुताबिक शाह वरिष्ठ नेता कलराज मिश्र, सांसद लालजी टंडन और उप्र के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह से मिलने जाएंगे।
2009 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी 80 में से महज 10 सीटें ही जीत सकी थीं। राजनीतिक जानकारों का मामना है कि मोदी को गुजरात से बाहर निकलकर यह साबित करना है कि वह राष्ट्रीय स्तर के नेता हैं और उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय राजनीति में उनका लॉन्च पैड हो सकता है।
ऐसा माना जा रहा है कि उप्र के पहले दौरे के दौरान वह सूबे के सभी शीर्ष नेताओं से उनके घर जाकर अलग-अलग मुलाकात करेंगे। सूत्रों के मुताबिक शाह वरिष्ठ नेता कलराज मिश्र, सांसद लालजी टंडन और उप्र के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह से मिलने जाएंगे।
2009 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी 80 में से महज 10 सीटें ही जीत सकी थीं। राजनीतिक जानकारों का मामना है कि मोदी को गुजरात से बाहर निकलकर यह साबित करना है कि वह राष्ट्रीय स्तर के नेता हैं और उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय राजनीति में उनका लॉन्च पैड हो सकता है।
2009 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी 80 में से महज 10 सीटें ही जीत सकी थीं। राजनीतिक जानकारों का मामना है कि मोदी को गुजरात से बाहर निकलकर यह साबित करना है कि वह राष्ट्रीय स्तर के नेता हैं और उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय राजनीति में उनका लॉन्च पैड हो सकता है। | संक्षिप्त सारांश: नरेंद्र मोदी के सिपहसालार अमित शाह पार्टी के अहम नेताओं के साथ आम चुनाव की रणनीति पर चर्चा करने के अलावा राज्य में मोदी के लिए जमीन तैयार करने की जिम्मेदारी भी निभाएंगे। | 10 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: अखिल भारतीय शतरंज महासंघ (एआईसीएफ) ने बुधवार को विश्वनाथन आनंद को भारत रत्न देने की अपनी मांग दोहराई जिन्होंने आज मास्को में अपना पांचवां विश्व शतरंज खिताब जीता।
एआईसीएफ अध्यक्ष जेसीडी प्रभाकर ने कहा, ‘‘इस शानदार मौके पर, हम भारत सरकार से आग्रह करते हैं कि विश्वनाथन आनंद को भारत रत्न देकर सम्मानित करें। हमारा आग्रह केंद्र सरकार के पास लंबित है और आनंद के एक बार फिर खुद को निर्विवाद विश्व चैम्पियन के रूप में स्थापित करने के बाद वह इस प्रतिष्ठित पुरस्कार का हकदार है।’’टिप्पणियां
प्रभाकर ने कहा, ‘‘हम उम्मीद करते हैं कि आनंद को इस बार भारत रत्न से सम्मानित किया जाएगा। इस मौके पर हम तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे जयललिता का भी धन्यवाद करते हैं जिन्होंने विश्व चैम्पियनशिप की चेन्नई में मेजबानी की पेशकश की थी।’’
आनंद ने आज इस्राइल के चैलेंजर बोरिस गेलफेंड को रेपिड शतरंज टाईब्रेकर में 2.5-1.5 से हराकर लगातार चौथी और कुल पांचवीं बार विश्व खिताब जीता। इससे पहले 12 क्लासिकल बाजियों की चैम्पियनशिप 6-6 से बराबर रही थी जिसके कारण नतीजे के लिए टाईब्रेकर का सहारा लिया गया।
एआईसीएफ अध्यक्ष जेसीडी प्रभाकर ने कहा, ‘‘इस शानदार मौके पर, हम भारत सरकार से आग्रह करते हैं कि विश्वनाथन आनंद को भारत रत्न देकर सम्मानित करें। हमारा आग्रह केंद्र सरकार के पास लंबित है और आनंद के एक बार फिर खुद को निर्विवाद विश्व चैम्पियन के रूप में स्थापित करने के बाद वह इस प्रतिष्ठित पुरस्कार का हकदार है।’’टिप्पणियां
प्रभाकर ने कहा, ‘‘हम उम्मीद करते हैं कि आनंद को इस बार भारत रत्न से सम्मानित किया जाएगा। इस मौके पर हम तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे जयललिता का भी धन्यवाद करते हैं जिन्होंने विश्व चैम्पियनशिप की चेन्नई में मेजबानी की पेशकश की थी।’’
आनंद ने आज इस्राइल के चैलेंजर बोरिस गेलफेंड को रेपिड शतरंज टाईब्रेकर में 2.5-1.5 से हराकर लगातार चौथी और कुल पांचवीं बार विश्व खिताब जीता। इससे पहले 12 क्लासिकल बाजियों की चैम्पियनशिप 6-6 से बराबर रही थी जिसके कारण नतीजे के लिए टाईब्रेकर का सहारा लिया गया।
प्रभाकर ने कहा, ‘‘हम उम्मीद करते हैं कि आनंद को इस बार भारत रत्न से सम्मानित किया जाएगा। इस मौके पर हम तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे जयललिता का भी धन्यवाद करते हैं जिन्होंने विश्व चैम्पियनशिप की चेन्नई में मेजबानी की पेशकश की थी।’’
आनंद ने आज इस्राइल के चैलेंजर बोरिस गेलफेंड को रेपिड शतरंज टाईब्रेकर में 2.5-1.5 से हराकर लगातार चौथी और कुल पांचवीं बार विश्व खिताब जीता। इससे पहले 12 क्लासिकल बाजियों की चैम्पियनशिप 6-6 से बराबर रही थी जिसके कारण नतीजे के लिए टाईब्रेकर का सहारा लिया गया।
आनंद ने आज इस्राइल के चैलेंजर बोरिस गेलफेंड को रेपिड शतरंज टाईब्रेकर में 2.5-1.5 से हराकर लगातार चौथी और कुल पांचवीं बार विश्व खिताब जीता। इससे पहले 12 क्लासिकल बाजियों की चैम्पियनशिप 6-6 से बराबर रही थी जिसके कारण नतीजे के लिए टाईब्रेकर का सहारा लिया गया। | अखिल भारतीय शतरंज महासंघ (एआईसीएफ) ने बुधवार को विश्वनाथन आनंद को भारत रत्न देने की अपनी मांग दोहराई जिन्होंने आज मास्को में अपना पांचवां विश्व शतरंज खिताब जीता। | 26 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: विश्व डोपिंग निरोधी एजेंसी (वाडा) ने लांस आर्म्सट्रांग से जुड़े मामले की जांच कर रही स्वतंत्र जांच समिति को यूनियन साइक्लिस्ट इंटरनेशोनेल (यूसीआई) द्वारा भंग किए जाने की आलोचना की है और इसे यूसीआई का 'चालाकी भरा' कदम करार दिया है।
वाडा ने बुधवार को कहा कि यूसीआई ने एक बार फिर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन नहीं किया है और लांस से जुड़े मामले की जांच कर रही समिति को भंग करके बहुत गलत काम किया है।टिप्पणियां
यूसीआई ने मंगलवार को कहा था कि वह समिति को इसलिए भंग कर रही है क्योंकि उसे वाडा और लांस को प्रतिबंधित दवाओं के सेवन का दोषी करार देने वाली अमेरिकी डोपिंग निरोधी एजेंसी (यूएसएडीए) से किसी प्रकार का सहयोग नहीं मिल रहा है।
इसकी जगह यूसीआई ने 'ट्रुथ एंड रीकंशीलिएशन कमिशन (टीआरसी)' गठित करने का मन बनाया है। यूसीआई ने दावा किया है कि उसके इस नए कमिशन का वाडा प्रमुख जॉन फाहे का समर्थन मिला हुआ है।
वाडा ने बुधवार को कहा कि यूसीआई ने एक बार फिर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन नहीं किया है और लांस से जुड़े मामले की जांच कर रही समिति को भंग करके बहुत गलत काम किया है।टिप्पणियां
यूसीआई ने मंगलवार को कहा था कि वह समिति को इसलिए भंग कर रही है क्योंकि उसे वाडा और लांस को प्रतिबंधित दवाओं के सेवन का दोषी करार देने वाली अमेरिकी डोपिंग निरोधी एजेंसी (यूएसएडीए) से किसी प्रकार का सहयोग नहीं मिल रहा है।
इसकी जगह यूसीआई ने 'ट्रुथ एंड रीकंशीलिएशन कमिशन (टीआरसी)' गठित करने का मन बनाया है। यूसीआई ने दावा किया है कि उसके इस नए कमिशन का वाडा प्रमुख जॉन फाहे का समर्थन मिला हुआ है।
यूसीआई ने मंगलवार को कहा था कि वह समिति को इसलिए भंग कर रही है क्योंकि उसे वाडा और लांस को प्रतिबंधित दवाओं के सेवन का दोषी करार देने वाली अमेरिकी डोपिंग निरोधी एजेंसी (यूएसएडीए) से किसी प्रकार का सहयोग नहीं मिल रहा है।
इसकी जगह यूसीआई ने 'ट्रुथ एंड रीकंशीलिएशन कमिशन (टीआरसी)' गठित करने का मन बनाया है। यूसीआई ने दावा किया है कि उसके इस नए कमिशन का वाडा प्रमुख जॉन फाहे का समर्थन मिला हुआ है।
इसकी जगह यूसीआई ने 'ट्रुथ एंड रीकंशीलिएशन कमिशन (टीआरसी)' गठित करने का मन बनाया है। यूसीआई ने दावा किया है कि उसके इस नए कमिशन का वाडा प्रमुख जॉन फाहे का समर्थन मिला हुआ है। | यह एक सारांश है: वाडा ने लांस आर्म्सट्रांग से जुड़े मामले की जांच कर रही स्वतंत्र जांच समिति को यूसीआई द्वारा भंग किए जाने की आलोचना की है और इसे यूसीआई का 'चालाकी भरा' कदम करार दिया है। | 24 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: सपना चौधरी (Sapna Choudhary) की डेब्यू फिल्म 'दोस्ती के साइड इफेक्ट्स (Dosti Ke Side Effects)' का ट्रेलर रिलीज हो गया है. सपना चौधरी भोजपुरी (Bhojpuri)-पंजाबी (Punjabi)-हरियाणवी (Haryanvi) सिनेमा में धमाल मचाने के बाद अब बॉलीवुड में अपनी एक्टिंग के जौहर दिखा रही हैं. सपना चौधरी (Sapna Choudh की फिल्म 'दोस्ती के साइड इफेक्ट्स' का धांसू ट्रेलर रिलीज हो गया है, और फिल्म में सपना चौधरी आईपीएस (IPS) अफसर का रोल कर रही हैं. सपना चौधरी (Sapna Choudhary) गोलियां बरसाते और गंडों की अक्ल ठिकाने लगाती नजर आएंगी. 'दोस्ती के साइड इफेक्ट्स (Dosti Ke Side Effects)' के ट्रेलर का काफी समय से इंतजार किया जा रहा है.
सपना चौधरी (Sapna Choudhary) की डेब्यू फिल्म 'दोस्ती के साइड इफेक्ट्स (Dosti Ke Side Effects)' को हादी अली अबरार ने डायरेक्ट किया है. सपना चौधरी की फिल्म में चार दोस्तों की कहानी है और चारों को अपने-अपने सपनें हैं. जिन्हें पूरा करने के लिए वे किसी भी हद पर गुजरने को तैयार हैं. 'दोस्ती के साइड इफेक्ट्स' में सपना चौधरी के अलावा विक्रांत आनंद, जुबेर खान, अरुण जाधव, नील मोटवाणी और साई भल्लाल भी हैंं. फिल्म को जॉयल डेनियल ने प्रोड्यूसर किया है. फिल्म की कहानी रीना डेनियल की है. सपना चौधरी की फिल्म का म्यूजिक अल्ताफ सईद और मन्नी वर्मा ने दिया है.
सपना चौधरी (Sapna Choudhary) इससे पहले बॉलीवुड में दो स्पेशल सॉन्ग कर चुकी हैं. सपना चौधरी ने 'वीरे की वेडिंग' और 'नानू की जानू' में स्पेशल नंबर किए थे. फिल्में बेशक नहीं चल सकीं, लेकिन उनके स्पेशल सॉन्ग खूब पसंद किए गए. यही नहीं, सपना चौधरी सपना चौधरी (Sapna Choudhary) का लोकप्रियता दिलाने का काम 'बिग बॉस 11' ने किया. बिग बॉस में सफल पारी ने उन्हें देश भर में पॉपुलर बनाने का काम किया. सपना चौधरी इन दिनों बिहार से लेकर कोलकाता तक खूब स्टेज शो कर रही हैं. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सपना की फिल्म का ट्रेलर रिलीज
बॉलीवुड में कर रही हैं डेब्यू
धमाकेदार अंदाज में आएंगी नजर | 32 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) पर आधारित देश की औद्योगिक उत्पादन दर फरवरी 2013 में 0.6 फीसदी रही, जो वित्त वर्ष 2011-12 की समान अवधि में 4.30 फीसदी थी। यह जानकारी शुक्रवार को जारी केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) के आंकड़ों से सामने आई है।
उपभोक्ता वस्तु को छोड़कर औद्योगिक उत्पादन सूचकांक में समाहित अन्य सभी क्षेत्रों को गिरावट का सामना करना पड़ा। खनन, बिजली और उपभोक्ता गैर टिकाऊ वस्तु क्षेत्र का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। इससे पता चलता है कि एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में औद्योगिक सुस्ती जारी है। आईआईपी में जनवरी में 2.4 फीसदी तेजी आई थी।
आलोच्य अवधि में खनन उत्पादन में 8.1 फीसदी की गिरावट रही, जिसमें पिछले साल की समान अवधि में 2.3 फीसदी तेजी थी। जनवरी 2013 में इसमें 2.9 फीसदी गिरावट रही।
आलोच्य अवधि में बिजली उत्पादन में 3.2 फीसदी गिरावट रही, जिसमें पिछले वर्ष की समान अवधि में आठ फीसदी तेजी थी।
इसी अवधि में हालांकि विनिर्माण उत्पादन में 2.2 फीसदी तेजी रही, जिसमें पिछले वर्ष की समान अवधि में 4.1 फीसदी तेजी थी।
उपभोक्ता वस्तु में 0.5 फीसदी तेजी रही, जिसमें एक साल पहले 0.4 फीसदी गिरावट थी।
अप्रैल 2012 से फरवरी 2013 तक की कुल अवधि में औद्योगिक उत्पादन वृद्धि दर एक साल पहले की समान अवधि के मुकाबले 0.9 फीसदी रही।टिप्पणियां
कारेाबारी क्षेत्र की दृष्टि से सर्वाधिक गिरावट वाले क्षेत्र रहे बिस्किट (-26.8 फीसदी), ग्राइंडिंग व्हील (-34.2 फीसदी), स्टाम्पिंग एंड फोर्जिग (-24.4 फीसदी), मशीन टूल्स (-51.9 फीसदी), अर्थ मूविंग मशीनरी (-20 फीसदी) और वाणिज्यिक वाहन (-23.6 फीसदी)।
सर्वाधिक तेजी वाले क्षेत्रों में रहे काजू की गरी (83.4 फीसदी), परिधान (16.00 फीसदी), चमड़े के परिधान (39.6 फीसदी), पानी का जहाज, निर्माण और मरम्मत (105.4 फीसदी), कंडक्टर, एल्यूमीनियम (66.00 फीसदी), केबल, रबर इंसुलेटेड (188.5 फीसदी)।
उपभोक्ता वस्तु को छोड़कर औद्योगिक उत्पादन सूचकांक में समाहित अन्य सभी क्षेत्रों को गिरावट का सामना करना पड़ा। खनन, बिजली और उपभोक्ता गैर टिकाऊ वस्तु क्षेत्र का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। इससे पता चलता है कि एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में औद्योगिक सुस्ती जारी है। आईआईपी में जनवरी में 2.4 फीसदी तेजी आई थी।
आलोच्य अवधि में खनन उत्पादन में 8.1 फीसदी की गिरावट रही, जिसमें पिछले साल की समान अवधि में 2.3 फीसदी तेजी थी। जनवरी 2013 में इसमें 2.9 फीसदी गिरावट रही।
आलोच्य अवधि में बिजली उत्पादन में 3.2 फीसदी गिरावट रही, जिसमें पिछले वर्ष की समान अवधि में आठ फीसदी तेजी थी।
इसी अवधि में हालांकि विनिर्माण उत्पादन में 2.2 फीसदी तेजी रही, जिसमें पिछले वर्ष की समान अवधि में 4.1 फीसदी तेजी थी।
उपभोक्ता वस्तु में 0.5 फीसदी तेजी रही, जिसमें एक साल पहले 0.4 फीसदी गिरावट थी।
अप्रैल 2012 से फरवरी 2013 तक की कुल अवधि में औद्योगिक उत्पादन वृद्धि दर एक साल पहले की समान अवधि के मुकाबले 0.9 फीसदी रही।टिप्पणियां
कारेाबारी क्षेत्र की दृष्टि से सर्वाधिक गिरावट वाले क्षेत्र रहे बिस्किट (-26.8 फीसदी), ग्राइंडिंग व्हील (-34.2 फीसदी), स्टाम्पिंग एंड फोर्जिग (-24.4 फीसदी), मशीन टूल्स (-51.9 फीसदी), अर्थ मूविंग मशीनरी (-20 फीसदी) और वाणिज्यिक वाहन (-23.6 फीसदी)।
सर्वाधिक तेजी वाले क्षेत्रों में रहे काजू की गरी (83.4 फीसदी), परिधान (16.00 फीसदी), चमड़े के परिधान (39.6 फीसदी), पानी का जहाज, निर्माण और मरम्मत (105.4 फीसदी), कंडक्टर, एल्यूमीनियम (66.00 फीसदी), केबल, रबर इंसुलेटेड (188.5 फीसदी)।
आलोच्य अवधि में खनन उत्पादन में 8.1 फीसदी की गिरावट रही, जिसमें पिछले साल की समान अवधि में 2.3 फीसदी तेजी थी। जनवरी 2013 में इसमें 2.9 फीसदी गिरावट रही।
आलोच्य अवधि में बिजली उत्पादन में 3.2 फीसदी गिरावट रही, जिसमें पिछले वर्ष की समान अवधि में आठ फीसदी तेजी थी।
इसी अवधि में हालांकि विनिर्माण उत्पादन में 2.2 फीसदी तेजी रही, जिसमें पिछले वर्ष की समान अवधि में 4.1 फीसदी तेजी थी।
उपभोक्ता वस्तु में 0.5 फीसदी तेजी रही, जिसमें एक साल पहले 0.4 फीसदी गिरावट थी।
अप्रैल 2012 से फरवरी 2013 तक की कुल अवधि में औद्योगिक उत्पादन वृद्धि दर एक साल पहले की समान अवधि के मुकाबले 0.9 फीसदी रही।टिप्पणियां
कारेाबारी क्षेत्र की दृष्टि से सर्वाधिक गिरावट वाले क्षेत्र रहे बिस्किट (-26.8 फीसदी), ग्राइंडिंग व्हील (-34.2 फीसदी), स्टाम्पिंग एंड फोर्जिग (-24.4 फीसदी), मशीन टूल्स (-51.9 फीसदी), अर्थ मूविंग मशीनरी (-20 फीसदी) और वाणिज्यिक वाहन (-23.6 फीसदी)।
सर्वाधिक तेजी वाले क्षेत्रों में रहे काजू की गरी (83.4 फीसदी), परिधान (16.00 फीसदी), चमड़े के परिधान (39.6 फीसदी), पानी का जहाज, निर्माण और मरम्मत (105.4 फीसदी), कंडक्टर, एल्यूमीनियम (66.00 फीसदी), केबल, रबर इंसुलेटेड (188.5 फीसदी)।
आलोच्य अवधि में बिजली उत्पादन में 3.2 फीसदी गिरावट रही, जिसमें पिछले वर्ष की समान अवधि में आठ फीसदी तेजी थी।
इसी अवधि में हालांकि विनिर्माण उत्पादन में 2.2 फीसदी तेजी रही, जिसमें पिछले वर्ष की समान अवधि में 4.1 फीसदी तेजी थी।
उपभोक्ता वस्तु में 0.5 फीसदी तेजी रही, जिसमें एक साल पहले 0.4 फीसदी गिरावट थी।
अप्रैल 2012 से फरवरी 2013 तक की कुल अवधि में औद्योगिक उत्पादन वृद्धि दर एक साल पहले की समान अवधि के मुकाबले 0.9 फीसदी रही।टिप्पणियां
कारेाबारी क्षेत्र की दृष्टि से सर्वाधिक गिरावट वाले क्षेत्र रहे बिस्किट (-26.8 फीसदी), ग्राइंडिंग व्हील (-34.2 फीसदी), स्टाम्पिंग एंड फोर्जिग (-24.4 फीसदी), मशीन टूल्स (-51.9 फीसदी), अर्थ मूविंग मशीनरी (-20 फीसदी) और वाणिज्यिक वाहन (-23.6 फीसदी)।
सर्वाधिक तेजी वाले क्षेत्रों में रहे काजू की गरी (83.4 फीसदी), परिधान (16.00 फीसदी), चमड़े के परिधान (39.6 फीसदी), पानी का जहाज, निर्माण और मरम्मत (105.4 फीसदी), कंडक्टर, एल्यूमीनियम (66.00 फीसदी), केबल, रबर इंसुलेटेड (188.5 फीसदी)।
इसी अवधि में हालांकि विनिर्माण उत्पादन में 2.2 फीसदी तेजी रही, जिसमें पिछले वर्ष की समान अवधि में 4.1 फीसदी तेजी थी।
उपभोक्ता वस्तु में 0.5 फीसदी तेजी रही, जिसमें एक साल पहले 0.4 फीसदी गिरावट थी।
अप्रैल 2012 से फरवरी 2013 तक की कुल अवधि में औद्योगिक उत्पादन वृद्धि दर एक साल पहले की समान अवधि के मुकाबले 0.9 फीसदी रही।टिप्पणियां
कारेाबारी क्षेत्र की दृष्टि से सर्वाधिक गिरावट वाले क्षेत्र रहे बिस्किट (-26.8 फीसदी), ग्राइंडिंग व्हील (-34.2 फीसदी), स्टाम्पिंग एंड फोर्जिग (-24.4 फीसदी), मशीन टूल्स (-51.9 फीसदी), अर्थ मूविंग मशीनरी (-20 फीसदी) और वाणिज्यिक वाहन (-23.6 फीसदी)।
सर्वाधिक तेजी वाले क्षेत्रों में रहे काजू की गरी (83.4 फीसदी), परिधान (16.00 फीसदी), चमड़े के परिधान (39.6 फीसदी), पानी का जहाज, निर्माण और मरम्मत (105.4 फीसदी), कंडक्टर, एल्यूमीनियम (66.00 फीसदी), केबल, रबर इंसुलेटेड (188.5 फीसदी)।
उपभोक्ता वस्तु में 0.5 फीसदी तेजी रही, जिसमें एक साल पहले 0.4 फीसदी गिरावट थी।
अप्रैल 2012 से फरवरी 2013 तक की कुल अवधि में औद्योगिक उत्पादन वृद्धि दर एक साल पहले की समान अवधि के मुकाबले 0.9 फीसदी रही।टिप्पणियां
कारेाबारी क्षेत्र की दृष्टि से सर्वाधिक गिरावट वाले क्षेत्र रहे बिस्किट (-26.8 फीसदी), ग्राइंडिंग व्हील (-34.2 फीसदी), स्टाम्पिंग एंड फोर्जिग (-24.4 फीसदी), मशीन टूल्स (-51.9 फीसदी), अर्थ मूविंग मशीनरी (-20 फीसदी) और वाणिज्यिक वाहन (-23.6 फीसदी)।
सर्वाधिक तेजी वाले क्षेत्रों में रहे काजू की गरी (83.4 फीसदी), परिधान (16.00 फीसदी), चमड़े के परिधान (39.6 फीसदी), पानी का जहाज, निर्माण और मरम्मत (105.4 फीसदी), कंडक्टर, एल्यूमीनियम (66.00 फीसदी), केबल, रबर इंसुलेटेड (188.5 फीसदी)।
अप्रैल 2012 से फरवरी 2013 तक की कुल अवधि में औद्योगिक उत्पादन वृद्धि दर एक साल पहले की समान अवधि के मुकाबले 0.9 फीसदी रही।टिप्पणियां
कारेाबारी क्षेत्र की दृष्टि से सर्वाधिक गिरावट वाले क्षेत्र रहे बिस्किट (-26.8 फीसदी), ग्राइंडिंग व्हील (-34.2 फीसदी), स्टाम्पिंग एंड फोर्जिग (-24.4 फीसदी), मशीन टूल्स (-51.9 फीसदी), अर्थ मूविंग मशीनरी (-20 फीसदी) और वाणिज्यिक वाहन (-23.6 फीसदी)।
सर्वाधिक तेजी वाले क्षेत्रों में रहे काजू की गरी (83.4 फीसदी), परिधान (16.00 फीसदी), चमड़े के परिधान (39.6 फीसदी), पानी का जहाज, निर्माण और मरम्मत (105.4 फीसदी), कंडक्टर, एल्यूमीनियम (66.00 फीसदी), केबल, रबर इंसुलेटेड (188.5 फीसदी)।
कारेाबारी क्षेत्र की दृष्टि से सर्वाधिक गिरावट वाले क्षेत्र रहे बिस्किट (-26.8 फीसदी), ग्राइंडिंग व्हील (-34.2 फीसदी), स्टाम्पिंग एंड फोर्जिग (-24.4 फीसदी), मशीन टूल्स (-51.9 फीसदी), अर्थ मूविंग मशीनरी (-20 फीसदी) और वाणिज्यिक वाहन (-23.6 फीसदी)।
सर्वाधिक तेजी वाले क्षेत्रों में रहे काजू की गरी (83.4 फीसदी), परिधान (16.00 फीसदी), चमड़े के परिधान (39.6 फीसदी), पानी का जहाज, निर्माण और मरम्मत (105.4 फीसदी), कंडक्टर, एल्यूमीनियम (66.00 फीसदी), केबल, रबर इंसुलेटेड (188.5 फीसदी)।
सर्वाधिक तेजी वाले क्षेत्रों में रहे काजू की गरी (83.4 फीसदी), परिधान (16.00 फीसदी), चमड़े के परिधान (39.6 फीसदी), पानी का जहाज, निर्माण और मरम्मत (105.4 फीसदी), कंडक्टर, एल्यूमीनियम (66.00 फीसदी), केबल, रबर इंसुलेटेड (188.5 फीसदी)। | औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) पर आधारित देश की औद्योगिक उत्पादन दर फरवरी 2013 में 0.6 फीसदी रही, जो वित्त वर्ष 2011-12 की समान अवधि में 4.30 फीसदी थी। यह जानकारी शुक्रवार को जारी केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) के आंकड़ों से सामने आई है। | 26 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: शिवसेना के मुखपत्र सामना में एक बार फिर इशारों में बीजेपी पर हमला बोला गया है. उसमें लिखा गया है कि किस आधार पर, किसकी अनुमति से NDA में शिवसेना के नहीं होने की घोषणा की गई. हमें 'एनडीए' से निकालने वाले तुम कौन? घोषणा करने वाले को शिवसेना का 'मर्म' और NDA का कर्म-धर्म नहीं पता. NDA के जन्म और प्रसव पीड़ा को शिवसेना ने अनुभव किया है. भारतीय जनता पार्टी के बगल में भी कोई खड़ा नहीं होना चाहता था. जब NDA की नीव रखी गई तब आज के 'दिल्लीश्वर' गुदड़ी में भी नहीं रहे होंगे. जिसने NDA की स्थापना की, उसे ही बाहर निकालने की नीच घोषणा की गई.
साथ ही लिखा है, शिवसेना प्रमुख की पुण्यतिथि पर उनके ही संगठन को बाहर करने का ऐलान किया गया. पिछले साढ़े सात सालों में एनडीए के अस्तित्व को नष्ट कर दिया. छत्रपति शिवराय के महाराष्ट्र से लिया गया पंगा तुम्हारा तंबू उखाड़ कर रहेगा. हमने महाराष्ट्र में कृतघ्न और विश्वासघाती प्रवृत्ति को कई बार जीवनदान दिया. आज यही प्रवृत्ति शिवसेना की पीठ पर वार करने का प्रयास कर रही है. अगर हमने कांग्रेस से हाथ मिलाया तो हम पर आरोप पत्र क्यों नहीं लाए?
वहीं, महाराष्ट्र की सियासत पर सस्पेंस अब भी बना हुआ है. एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार सोमवार को दिल्ली में सोनिया गांधी से क़रीब एक घंटे मिले. शिवसेना के साथ मिलकर सरकार बनाने के सवाल पर पवार ने साफ़ तौर पर कुछ भी नहीं कहा. पवार ने ये भी कह दिया कि वो तो अभी सबके साथ हैं. महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजों के 25 दिन बाद भी राज्य में जहां कोई सरकार नहीं बन पाई है तो वहीं उम्मीद की जा रही थी कि सोमवार शाम एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के बीच हुई मुलाकात के बाद तस्वीर साफ होगी. बैठक के बाद शरद पवार ने आने के बाद घर पर पत्रकारों से बात की लेकिन शिवसेना को समर्थन देने के मुद्दे पर अपने पत्तों को नहीं खोला.
बैठक से पहले राज्यसभा में प्रधानमंत्री मोदी ने सदन में एनसीपी की तारीफ की जिसके बाद एनसीपी और बीजेपी के बीच बढ़ती नजदीकियों पर चर्चा होने लगी. पत्रकारों से बात करते समय शरद पवार ने सबको तब चौंका दिया जब उन्होंने कहा कि शिवसेना के साथ कॉमन मिनिमम प्रोग्राम को लेकर कोई बैठक नहीं हुई है. | संक्षिप्त सारांश: शिवसेना का भाजपा पर निशाना
सामना के संपादकीय के जरिए हमला
कहा- कोई BJP के बगल में नहीं खड़ा था | 29 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: दिल्ली में एक नाबालिग लड़की का बुधवार सुबह अपहरण करने के बाद चलती कार में गैंगरेप किया गया। कहा जा रहा है कि लड़की उस समय स्कूल जा रही थी।टिप्पणियां
पुलिस का कहना है कि लड़की के मुताबिक तीन आरोपियों में एक को वह जानती है। लड़की ने पुलिस को बताया कि सरोजिनी नगर में सड़क किनारे धकेले जाने से पहले उसे कथित तौर पर तीनों ने धमकी दी कि इस घटना के संबंध में रिपोर्ट न लिखाई जाए।
लड़की का चिकित्सकीय परीक्षण करा लिया गया है, जिसके बाद पुलिस ने मामले में गैंगरेप और आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है। साथ ही एक आरोपी को गिरफ्तार भी कर लिया गया है। दो अन्य की तलाश जारी है।
पुलिस का कहना है कि लड़की के मुताबिक तीन आरोपियों में एक को वह जानती है। लड़की ने पुलिस को बताया कि सरोजिनी नगर में सड़क किनारे धकेले जाने से पहले उसे कथित तौर पर तीनों ने धमकी दी कि इस घटना के संबंध में रिपोर्ट न लिखाई जाए।
लड़की का चिकित्सकीय परीक्षण करा लिया गया है, जिसके बाद पुलिस ने मामले में गैंगरेप और आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है। साथ ही एक आरोपी को गिरफ्तार भी कर लिया गया है। दो अन्य की तलाश जारी है।
लड़की का चिकित्सकीय परीक्षण करा लिया गया है, जिसके बाद पुलिस ने मामले में गैंगरेप और आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है। साथ ही एक आरोपी को गिरफ्तार भी कर लिया गया है। दो अन्य की तलाश जारी है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: दिल्ली में एक नाबालिग लड़की का बुधवार सुबह अपहरण करने के बाद चलती कार में गैंगरेप किया गया। मामले के तीन में से एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। | 32 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मुंबई में एक महिला फोटो पत्रकार के साथ गैंगरेप के पांच आरोपियों में से एक के बारे में बताया गया कि वह 'लापता' है, लेकिन बाद में ठाणे के अतिरिक्त महानिदेशक (कारागार) ने बताया कि वह जेल में है।
सिराज रहमान खान नामक इस आरोपी को आज कोर्ट में पेश किया जाना था, लेकिन उसे पेश नहीं किया जा सका और मामला शुक्रवार तक के लिए टल गया।
क्राइम ब्रांच ने कहा कि उसे ठाणे जेल ले जाया गया था, लेकिन जेल प्रशासन ने कहा कि वह क्राइम ब्रांच की कस्टडी में ही है।टिप्पणियां
खबरों के मुताबिक ऐसा संभव है कि यह किसी कागजी कार्रवाई में गड़बड़ी के चलते हुआ हो। उल्लेखनीय है कि पिछले हफ्ते ही मुंबई पुलिस ने गैंगरेप के पांच आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी।
सलीम अंसारी, विजय जाधव, सिराज रहमान खान, कासिम बंगाली और एक नाबालिग आरोपी ने 22 अगस्त को शक्ति मिल्स परिसर में महिला फोटो पत्रकार के साथ उस वक्त गैंगरेप किया था, जब वह अपने ऑफिस द्वारा सौंपे गए काम के सिलसिले में अपने एक मित्र के साथ वहां गई थी।
सिराज रहमान खान नामक इस आरोपी को आज कोर्ट में पेश किया जाना था, लेकिन उसे पेश नहीं किया जा सका और मामला शुक्रवार तक के लिए टल गया।
क्राइम ब्रांच ने कहा कि उसे ठाणे जेल ले जाया गया था, लेकिन जेल प्रशासन ने कहा कि वह क्राइम ब्रांच की कस्टडी में ही है।टिप्पणियां
खबरों के मुताबिक ऐसा संभव है कि यह किसी कागजी कार्रवाई में गड़बड़ी के चलते हुआ हो। उल्लेखनीय है कि पिछले हफ्ते ही मुंबई पुलिस ने गैंगरेप के पांच आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी।
सलीम अंसारी, विजय जाधव, सिराज रहमान खान, कासिम बंगाली और एक नाबालिग आरोपी ने 22 अगस्त को शक्ति मिल्स परिसर में महिला फोटो पत्रकार के साथ उस वक्त गैंगरेप किया था, जब वह अपने ऑफिस द्वारा सौंपे गए काम के सिलसिले में अपने एक मित्र के साथ वहां गई थी।
क्राइम ब्रांच ने कहा कि उसे ठाणे जेल ले जाया गया था, लेकिन जेल प्रशासन ने कहा कि वह क्राइम ब्रांच की कस्टडी में ही है।टिप्पणियां
खबरों के मुताबिक ऐसा संभव है कि यह किसी कागजी कार्रवाई में गड़बड़ी के चलते हुआ हो। उल्लेखनीय है कि पिछले हफ्ते ही मुंबई पुलिस ने गैंगरेप के पांच आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी।
सलीम अंसारी, विजय जाधव, सिराज रहमान खान, कासिम बंगाली और एक नाबालिग आरोपी ने 22 अगस्त को शक्ति मिल्स परिसर में महिला फोटो पत्रकार के साथ उस वक्त गैंगरेप किया था, जब वह अपने ऑफिस द्वारा सौंपे गए काम के सिलसिले में अपने एक मित्र के साथ वहां गई थी।
खबरों के मुताबिक ऐसा संभव है कि यह किसी कागजी कार्रवाई में गड़बड़ी के चलते हुआ हो। उल्लेखनीय है कि पिछले हफ्ते ही मुंबई पुलिस ने गैंगरेप के पांच आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी।
सलीम अंसारी, विजय जाधव, सिराज रहमान खान, कासिम बंगाली और एक नाबालिग आरोपी ने 22 अगस्त को शक्ति मिल्स परिसर में महिला फोटो पत्रकार के साथ उस वक्त गैंगरेप किया था, जब वह अपने ऑफिस द्वारा सौंपे गए काम के सिलसिले में अपने एक मित्र के साथ वहां गई थी।
सलीम अंसारी, विजय जाधव, सिराज रहमान खान, कासिम बंगाली और एक नाबालिग आरोपी ने 22 अगस्त को शक्ति मिल्स परिसर में महिला फोटो पत्रकार के साथ उस वक्त गैंगरेप किया था, जब वह अपने ऑफिस द्वारा सौंपे गए काम के सिलसिले में अपने एक मित्र के साथ वहां गई थी। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सिराज रहमान खान नामक इस आरोपी को आज कोर्ट में पेश किया जाना था, लेकिन उसे पेश नहीं किया जा सका। | 19 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: टिप्पणियां
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘आजकल टीवी चैनलों की कोई कमी नहीं है. मेरे कहने का अभिप्राय यह है कि संदेश लोगों तक पहुंच रहा है. ...लोग हमें (मीडिया के माध्यम से) देख रहे हैं. इसलिए हमें अपनी छवि के साथ-साथ संस्था की छवि को लेकर भी अधिक सजग रहने की जरूरत है.’’
महाराष्ट्र के मीडिया घराने की ओर से आयोजित लोकमत संसदीय पुरस्कार 2017 के दौरान उन्होंने नायडू ने उक्त बात कही. वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी और जदयू नेता शरद यादव को कार्यक्रम के दौरान सम्मानित किया गया.
(इनपुट भाषा से)
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘आजकल टीवी चैनलों की कोई कमी नहीं है. मेरे कहने का अभिप्राय यह है कि संदेश लोगों तक पहुंच रहा है. ...लोग हमें (मीडिया के माध्यम से) देख रहे हैं. इसलिए हमें अपनी छवि के साथ-साथ संस्था की छवि को लेकर भी अधिक सजग रहने की जरूरत है.’’
महाराष्ट्र के मीडिया घराने की ओर से आयोजित लोकमत संसदीय पुरस्कार 2017 के दौरान उन्होंने नायडू ने उक्त बात कही. वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी और जदयू नेता शरद यादव को कार्यक्रम के दौरान सम्मानित किया गया.
(इनपुट भाषा से)
महाराष्ट्र के मीडिया घराने की ओर से आयोजित लोकमत संसदीय पुरस्कार 2017 के दौरान उन्होंने नायडू ने उक्त बात कही. वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी और जदयू नेता शरद यादव को कार्यक्रम के दौरान सम्मानित किया गया.
(इनपुट भाषा से) | संक्षिप्त पाठ: आंबेडकर, नेहरू और वल्लभभाई पटेल जैसे सांसदों के योगदान से प्रेरणा लें
कहा- टीवी चैनलों की कोई कमी नहीं, अब लोग सब देख रहे हैं
बीजेपी नेता लालकृष्ण आडवाणी और जेडीयू नेता शरद यादव सम्मानित | 14 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे के सहयोगी अरविंद केजरीवाल ने प्रभावी जन लोकपाल की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के समर्थकों से प्रधानमंत्री आवास के बाहर एकत्रित होने को कहा है। उन्होंने गुरुवार को मीडिया के जरिए अन्ना समर्थकों से शाम पांच बजे प्रधानमंत्री के सात रेस कोर्स स्थित आवास के बाहर शांतिपूर्ण ढंग से एकत्रित होने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि यदि मामले में कोई सहमति नहीं बनती है तो वह देशभर के अन्ना समर्थकों से शनिवार से 'दिल्ली चलो' अभियान में शामिल होने का आह्वान करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार से अन्ना समर्थकों की चौथे दौर की बातचीत के लिए कोई समय निर्धारित नहीं हुआ था। सरकार की ओर से कहा गया था कि वे बातचीत का समय बताएंगे। इससे पहले केजरीवाल ने संवाददाताओं से कहा था, "यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार के कुछ लोग वार्ता को विफल करने की कोशिश कर रहे हैं। हम एक सहमति पर पहुंच गए थे।" केजरीवाल ने वर्तमान स्थिति के लिए केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल व केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, "सिब्बल और चिदम्बरम ने बातचीत की प्रक्रिया का सख्त विरोध किया है। शायद इसीलिए सरकार ने उन मुद्दों पर यू-टर्न लिया है जिन पर पहले वह सहमत थी।" केजरीवाल ने कहा, "हम कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति के शिकार हुए हैं। हमने चिदम्बरम और सिब्बल जैसे वरिष्ठ नेताओं के साथ कई दौर की बातचीत की लेकिन इसका अब तक कोई नतीजा नहीं निकला। हम किससे बात करेंगे।" उन्होंने कहा कि यह आंदोलन शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा है इसलिए पुलिस को कोई कार्रवाई करने का अधिकार नहीं है। यदि इसके बाद भी पुलिस कोई कार्रवाई करती है तो हम गिरफ्तारी देने के लिए तैयार हैं। प्रभावी जन लोकपाल विधेयक की मांग को लेकर गुरुवार को अन्ना के अनशन का दसवां दिन है। | यहाँ एक सारांश है:केजरीवाल ने प्रभावी जन लोकपाल की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के समर्थकों से प्रधानमंत्री आवास के बाहर एकत्रित होने को कहा है। | 15 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: चाको को नवंबर, 2014 में दिल्ली का प्रभारी बनाया गया था. दिल्ली कांग्रेस के नेता रोहित मनचंदा ने कहा, 'चाको के नेतृत्व में पार्टी सभी चुनाव हारी है. चाहें लोकसभा चुनाव हो, चाहे विधानसभा चुनाव हो या फिर एमसीडी चुनाव. अगर नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए राहुल गांधी इस्तीफा देने के बारे में सोच सकते हैं तो फिर चाको को इस्तीफा क्यों नहीं देना चाहिए?' दिल्ली कांग्रेस के कई अन्य नेताओं ने भी मनचंदा की राय का समर्थन किया है.
वर्ष 2004 में साकेत विधानसभा सीट से विधानसभा चुनाव लड़ चुके मनचंदा ने यह भी आरोप लगाया कि चाको ने दिल्ली कांग्रेस के कार्यालय में उनके साथ दुर्व्यवहार किया. चाको ने मनचंदा के आरोप से इनकार करते हुए कहा, 'ऐसा कुछ नहीं हुआ. मैं उन्हें बहुत अच्छी तरह नहीं जानता.' दिल्ली कांग्रेस के एक अन्य नेता ने कहा, 'लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार से पार्टी से जुड़ा हर व्यक्ति चिंतित है इसलिए यह स्वाभाविक है कि जो लोग हार के लिए जिम्मेदार हैं, उन्हें हटना चाहिए. चाको के नेतृत्व में पार्टी के नेता और कार्यकर्ता आत्मविश्वास खो रहे हैं.' (इनपुट:भाषा) | यहाँ एक सारांश है:दिल्ली कांग्रेस के नेताओं का एक धड़ा पीसी चाको के विरोध में
चाको को नवंबर, 2014 में दिल्ली का प्रभारी बनाया गया था
रोहित मनचंदा ने कहा, 'चाको के नेतृत्व में पार्टी सभी चुनाव हारी है. | 4 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: दिल्ली गैंगरेप के छठे आरोपी को नाबालिग बताए जाने को लेकर विरोध बढ़ता जा रहा है। अब इस आरोपी की उम्र का पता करने के लिए उसका बोनमैरो टेस्ट करवाया जाएगा।टिप्पणियां
इस बीच, उत्तर प्रदेश सरकार ने यह प्रस्ताव रखा है कि आपराधिक मामलों में 16 साल से ऊपर के आरोपियों को बालिग माना जाना जाए। वहीं दिल्ली में हुई बैठक में महिला और बाल विकास मंत्री ने कहा कि जघन्य अपराधों के लिए फांसी की सजा दी जानी चाहिए।
दिल्ली के उप राज्यपाल तेजिंदर खन्ना ने भी केंद्र को खत लिखकर कहा है कि संगीन अपराधों में शामिल नाबालिग आरोपियों पर बालिगों की तरह ही मुकदमा चलना चाहिए। इससे पहले दिल्ली पुलिस भी इस बात की अपील कर चुकी है और इस मामले में हाइकोर्ट में अपील की बात चल रही है।
इस बीच, उत्तर प्रदेश सरकार ने यह प्रस्ताव रखा है कि आपराधिक मामलों में 16 साल से ऊपर के आरोपियों को बालिग माना जाना जाए। वहीं दिल्ली में हुई बैठक में महिला और बाल विकास मंत्री ने कहा कि जघन्य अपराधों के लिए फांसी की सजा दी जानी चाहिए।
दिल्ली के उप राज्यपाल तेजिंदर खन्ना ने भी केंद्र को खत लिखकर कहा है कि संगीन अपराधों में शामिल नाबालिग आरोपियों पर बालिगों की तरह ही मुकदमा चलना चाहिए। इससे पहले दिल्ली पुलिस भी इस बात की अपील कर चुकी है और इस मामले में हाइकोर्ट में अपील की बात चल रही है।
दिल्ली के उप राज्यपाल तेजिंदर खन्ना ने भी केंद्र को खत लिखकर कहा है कि संगीन अपराधों में शामिल नाबालिग आरोपियों पर बालिगों की तरह ही मुकदमा चलना चाहिए। इससे पहले दिल्ली पुलिस भी इस बात की अपील कर चुकी है और इस मामले में हाइकोर्ट में अपील की बात चल रही है। | संक्षिप्त पाठ: दिल्ली गैंगरेप के छठे आरोपी को नाबालिग बताए जाने को लेकर विरोध बढ़ता जा रहा है। अब इस आरोपी की उम्र का पता करने के लिए उसका बोनमैरो टेस्ट करवाया जाएगा। | 27 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: उत्तर प्रदेश में औरैया ज़िले के समाजवादी पार्टी के विधायक मदन गौतम पर एक 19 साल की लड़की के साथ बलात्कार का आरोप लगा है।टिप्पणियां
आरोप यह भी है कि विधायक ने चार महीने तक लड़की को बंधक रखा। यह आरोप पीड़ित लड़की ने खुद लगाए हैं। वहीं, लड़की के पिता का कहना है कि लड़की के अगवा होने के बाद उन्होंने पुलिस से लेकर मंत्रियों तक सबसे गुहार लगाई लेकिन किसी ने एक न सुनी।
पुलिस का कहना है कि लड़की ने पहले ही विधायक के विरोधियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी लेकिन, लड़की का कहना है उसने ऐसा दबाव में किया। मीडिया में मामले के आने के बाद अब पुलिस एक बार फिर तफ्तीश में जुट गई है।
आरोप यह भी है कि विधायक ने चार महीने तक लड़की को बंधक रखा। यह आरोप पीड़ित लड़की ने खुद लगाए हैं। वहीं, लड़की के पिता का कहना है कि लड़की के अगवा होने के बाद उन्होंने पुलिस से लेकर मंत्रियों तक सबसे गुहार लगाई लेकिन किसी ने एक न सुनी।
पुलिस का कहना है कि लड़की ने पहले ही विधायक के विरोधियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी लेकिन, लड़की का कहना है उसने ऐसा दबाव में किया। मीडिया में मामले के आने के बाद अब पुलिस एक बार फिर तफ्तीश में जुट गई है।
पुलिस का कहना है कि लड़की ने पहले ही विधायक के विरोधियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी लेकिन, लड़की का कहना है उसने ऐसा दबाव में किया। मीडिया में मामले के आने के बाद अब पुलिस एक बार फिर तफ्तीश में जुट गई है। | लड़की के पिता का कहना है कि लड़की के अगवा होने के बाद उन्होंने पुलिस से लेकर मंत्रियों तक सबसे गुहार लगाई लेकिन किसी ने एक न सुनी। | 26 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: गो रक्षकों पर पीएम नरेंद्र मोदी के बयान से नाराज़ शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती ने उन पर निशाना साधा है. स्वरूपानंद ने कहा कि गो रक्षा के नाम पर मोदी सत्ता में आए थे, लेकिन अब गो रक्षकों के लिए गोरखधंधे की बात कर रहे हैं.
पीएम मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद गोमांस का निर्यात बंद होने की उम्मीद थी, लेकिन आज बीजेपी शासित राज्यों से ही सबसे ज्यादा गोमांस का निर्यात हो रहा है, साथ ही सब्सिडी भी दी जा रही है.टिप्पणियां
स्वरूपानंद ने देश में दलितों के साथ हो रही घटनाओं के लिए केंद्र सरकार को दोषी ठहराया है. दलितों के उत्पीड़न और शोषण की घटनाओं पर बयान देने की बजाय मामले को गंभीरता से लेने की पीएम मोदी को नसीहत दी. साथ ही पीएम मोदी को बीजेपी से इस्तीफ़ा देकर विकास के नाम पर चुनाव जीतकर आने की चुनौती दी.
शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा, हमारा यह कहना है कि उससे ज्यादा लाभ तो आप ले रहे हैं, गो रक्षा के नाम पर आप जीत कर आए, आपसे आशा यह थी कि आप गो हत्या बंद कराने के लिए कुछ कार्य करेंगे, आप तो पहले से भी अधिक गो मांस का निर्यात कर रहे हैं, गोरखधंधा तो आपका है, अपनी तरफ देखिए आप, दो-चार लोग अगर ऐसा कुछ करते हैं तो वह नगण्य है, पर सबसे बड़े तो आप हैं, ये सब बयानबाज़ी बंद करके गो हत्या रोकने के लिए काम कीजिए और अगर आपको यह लगता है कि मैं विकास करने के लिए जीता हूं तो अलग से विकास के नाम पर चुनाव जीतकर दिखाएं.
पीएम मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद गोमांस का निर्यात बंद होने की उम्मीद थी, लेकिन आज बीजेपी शासित राज्यों से ही सबसे ज्यादा गोमांस का निर्यात हो रहा है, साथ ही सब्सिडी भी दी जा रही है.टिप्पणियां
स्वरूपानंद ने देश में दलितों के साथ हो रही घटनाओं के लिए केंद्र सरकार को दोषी ठहराया है. दलितों के उत्पीड़न और शोषण की घटनाओं पर बयान देने की बजाय मामले को गंभीरता से लेने की पीएम मोदी को नसीहत दी. साथ ही पीएम मोदी को बीजेपी से इस्तीफ़ा देकर विकास के नाम पर चुनाव जीतकर आने की चुनौती दी.
शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा, हमारा यह कहना है कि उससे ज्यादा लाभ तो आप ले रहे हैं, गो रक्षा के नाम पर आप जीत कर आए, आपसे आशा यह थी कि आप गो हत्या बंद कराने के लिए कुछ कार्य करेंगे, आप तो पहले से भी अधिक गो मांस का निर्यात कर रहे हैं, गोरखधंधा तो आपका है, अपनी तरफ देखिए आप, दो-चार लोग अगर ऐसा कुछ करते हैं तो वह नगण्य है, पर सबसे बड़े तो आप हैं, ये सब बयानबाज़ी बंद करके गो हत्या रोकने के लिए काम कीजिए और अगर आपको यह लगता है कि मैं विकास करने के लिए जीता हूं तो अलग से विकास के नाम पर चुनाव जीतकर दिखाएं.
स्वरूपानंद ने देश में दलितों के साथ हो रही घटनाओं के लिए केंद्र सरकार को दोषी ठहराया है. दलितों के उत्पीड़न और शोषण की घटनाओं पर बयान देने की बजाय मामले को गंभीरता से लेने की पीएम मोदी को नसीहत दी. साथ ही पीएम मोदी को बीजेपी से इस्तीफ़ा देकर विकास के नाम पर चुनाव जीतकर आने की चुनौती दी.
शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा, हमारा यह कहना है कि उससे ज्यादा लाभ तो आप ले रहे हैं, गो रक्षा के नाम पर आप जीत कर आए, आपसे आशा यह थी कि आप गो हत्या बंद कराने के लिए कुछ कार्य करेंगे, आप तो पहले से भी अधिक गो मांस का निर्यात कर रहे हैं, गोरखधंधा तो आपका है, अपनी तरफ देखिए आप, दो-चार लोग अगर ऐसा कुछ करते हैं तो वह नगण्य है, पर सबसे बड़े तो आप हैं, ये सब बयानबाज़ी बंद करके गो हत्या रोकने के लिए काम कीजिए और अगर आपको यह लगता है कि मैं विकास करने के लिए जीता हूं तो अलग से विकास के नाम पर चुनाव जीतकर दिखाएं.
शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा, हमारा यह कहना है कि उससे ज्यादा लाभ तो आप ले रहे हैं, गो रक्षा के नाम पर आप जीत कर आए, आपसे आशा यह थी कि आप गो हत्या बंद कराने के लिए कुछ कार्य करेंगे, आप तो पहले से भी अधिक गो मांस का निर्यात कर रहे हैं, गोरखधंधा तो आपका है, अपनी तरफ देखिए आप, दो-चार लोग अगर ऐसा कुछ करते हैं तो वह नगण्य है, पर सबसे बड़े तो आप हैं, ये सब बयानबाज़ी बंद करके गो हत्या रोकने के लिए काम कीजिए और अगर आपको यह लगता है कि मैं विकास करने के लिए जीता हूं तो अलग से विकास के नाम पर चुनाव जीतकर दिखाएं. | गो रक्षा के नाम पर मोदी सत्ता में आए थे
बीजेपी शासित राज्यों से ही सबसे ज्यादा गोमांस का निर्यात
दलितों के साथ हो रही घटनाओं के लिए केंद्र सरकार दोषी | 1 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के नौशेरा सेक्टर में पाकिस्तान की फायरिंग में सेना का एक जवान शहीद हो गया है. पाकिस्तानी सैनिकों ने नियंत्रण रेखा पर स्थित भारतीय चौकियों पर निशाना साधते हुए अंधाधुंध गोलीबारी की और मोर्टार से गोले दागे.
भारतीय सैनिकों ने भी इसके बाद जवाबी कार्रवाई की. सेना की इस कार्रवाई में पाकिस्तान की कई चौकियों को भारी नुकसान पहुंचा है. खबर लिखे जाने तक नौशेरा सेक्टर में दोनों तरफ से गोलाबारी जारी थी. पाकिस्तान की फायरिंग में पिछले दो दिनों में तीसरा जवान शहीद हुआ है.टिप्पणियां
सेना के मुताबिक पाकिस्तानी सैनिकों ने सुबह आठ बजकर 45 मिनट से नियंत्रण रेखा पर नौशेरा सेक्टर में 82 एमएम मोर्टार से गोलीबारी शुरू कर दी थी. इसका सेना ने करारा जबाब दिया. पुंछ के कृष्णा घाटी सेक्टर में दोपहर पौने दो बजे ऑटोमेटिक हथियार और 120 एमएम मोर्टार से गोलाबारी की गई. इस फायरिंग का सेना ने माकूल जवाब दिया. पाक की ओर से एक बार फिर एलओसी के पास के रिहाइशी इलाकों में गोले दागे जाने की खबर है.
पाकिस्तानी सेना ने 6 नवंबर को पुंछ सेक्टर और नियंत्रण रेखा के कृष्ण घाटी के जरिए घुसपैठ की दो कोशिशों को अंजाम देने के लिए गोलीबारी की थी. इसमें सेना के दो जवान शहीद हो गए थे और पांच अन्य घायल हो गए थे. सर्जिकल स्ट्राइक के बाद से जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर संघर्षविराम उल्लंघन की लगभग 100 घटनाएं हो चुकी हैं.
भारतीय सैनिकों ने भी इसके बाद जवाबी कार्रवाई की. सेना की इस कार्रवाई में पाकिस्तान की कई चौकियों को भारी नुकसान पहुंचा है. खबर लिखे जाने तक नौशेरा सेक्टर में दोनों तरफ से गोलाबारी जारी थी. पाकिस्तान की फायरिंग में पिछले दो दिनों में तीसरा जवान शहीद हुआ है.टिप्पणियां
सेना के मुताबिक पाकिस्तानी सैनिकों ने सुबह आठ बजकर 45 मिनट से नियंत्रण रेखा पर नौशेरा सेक्टर में 82 एमएम मोर्टार से गोलीबारी शुरू कर दी थी. इसका सेना ने करारा जबाब दिया. पुंछ के कृष्णा घाटी सेक्टर में दोपहर पौने दो बजे ऑटोमेटिक हथियार और 120 एमएम मोर्टार से गोलाबारी की गई. इस फायरिंग का सेना ने माकूल जवाब दिया. पाक की ओर से एक बार फिर एलओसी के पास के रिहाइशी इलाकों में गोले दागे जाने की खबर है.
पाकिस्तानी सेना ने 6 नवंबर को पुंछ सेक्टर और नियंत्रण रेखा के कृष्ण घाटी के जरिए घुसपैठ की दो कोशिशों को अंजाम देने के लिए गोलीबारी की थी. इसमें सेना के दो जवान शहीद हो गए थे और पांच अन्य घायल हो गए थे. सर्जिकल स्ट्राइक के बाद से जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर संघर्षविराम उल्लंघन की लगभग 100 घटनाएं हो चुकी हैं.
सेना के मुताबिक पाकिस्तानी सैनिकों ने सुबह आठ बजकर 45 मिनट से नियंत्रण रेखा पर नौशेरा सेक्टर में 82 एमएम मोर्टार से गोलीबारी शुरू कर दी थी. इसका सेना ने करारा जबाब दिया. पुंछ के कृष्णा घाटी सेक्टर में दोपहर पौने दो बजे ऑटोमेटिक हथियार और 120 एमएम मोर्टार से गोलाबारी की गई. इस फायरिंग का सेना ने माकूल जवाब दिया. पाक की ओर से एक बार फिर एलओसी के पास के रिहाइशी इलाकों में गोले दागे जाने की खबर है.
पाकिस्तानी सेना ने 6 नवंबर को पुंछ सेक्टर और नियंत्रण रेखा के कृष्ण घाटी के जरिए घुसपैठ की दो कोशिशों को अंजाम देने के लिए गोलीबारी की थी. इसमें सेना के दो जवान शहीद हो गए थे और पांच अन्य घायल हो गए थे. सर्जिकल स्ट्राइक के बाद से जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर संघर्षविराम उल्लंघन की लगभग 100 घटनाएं हो चुकी हैं.
पाकिस्तानी सेना ने 6 नवंबर को पुंछ सेक्टर और नियंत्रण रेखा के कृष्ण घाटी के जरिए घुसपैठ की दो कोशिशों को अंजाम देने के लिए गोलीबारी की थी. इसमें सेना के दो जवान शहीद हो गए थे और पांच अन्य घायल हो गए थे. सर्जिकल स्ट्राइक के बाद से जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर संघर्षविराम उल्लंघन की लगभग 100 घटनाएं हो चुकी हैं. | यह एक सारांश है: पाकिस्तानी सैनिकों ने भारतीय चौकियों पर मोर्टार से गोले दागे
6 नवंबर को भी पाकिस्तानी फायरिंग में दो भारतीय जवान शहीद हो गए थे
सोमवार को भी मेंढर सेक्टर में पाकिस्तानी सैनिकों ने की थी फायरिंग | 2 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: थलसेना अध्यक्ष जनरल वीके सिंह की उम्र को लेकर उठे विवाद के अब थमने के आसार दिख रहे हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इस मामले में एक समझौते की तरफ़ सरकार बढ़ रही है।
जानकारी मिली है कि सरकार जनरल वीके सिंह की जन्मतिथि 10 मई 1951 की मान लेगी, बदले में थलसेना अध्यक्ष इसी साल रिटायर हो जाएंगे। उनका रिटायरमेंट सेना के रिकॉर्ड में दर्ज उनकी जन्मतिथि 10 मई 1950 के मुताबिक ही होगा।टिप्पणियां
सूत्रों के मुताबिक इससे सेना के मनोबल पर असर डालने वाले इस मुद्दे के तूल पकड़ने से बचा जा सकेगा और यह सरकार के लिए भी राहत की बात होगी।
उधर, जनरल वीके सिंह इस मसले को अपने सम्मान से जोड़कर देख रहे हैं तो उनके लिए भी यह सम्मान को बचाने वाला कदम साबित होगा।
जानकारी मिली है कि सरकार जनरल वीके सिंह की जन्मतिथि 10 मई 1951 की मान लेगी, बदले में थलसेना अध्यक्ष इसी साल रिटायर हो जाएंगे। उनका रिटायरमेंट सेना के रिकॉर्ड में दर्ज उनकी जन्मतिथि 10 मई 1950 के मुताबिक ही होगा।टिप्पणियां
सूत्रों के मुताबिक इससे सेना के मनोबल पर असर डालने वाले इस मुद्दे के तूल पकड़ने से बचा जा सकेगा और यह सरकार के लिए भी राहत की बात होगी।
उधर, जनरल वीके सिंह इस मसले को अपने सम्मान से जोड़कर देख रहे हैं तो उनके लिए भी यह सम्मान को बचाने वाला कदम साबित होगा।
सूत्रों के मुताबिक इससे सेना के मनोबल पर असर डालने वाले इस मुद्दे के तूल पकड़ने से बचा जा सकेगा और यह सरकार के लिए भी राहत की बात होगी।
उधर, जनरल वीके सिंह इस मसले को अपने सम्मान से जोड़कर देख रहे हैं तो उनके लिए भी यह सम्मान को बचाने वाला कदम साबित होगा।
उधर, जनरल वीके सिंह इस मसले को अपने सम्मान से जोड़कर देख रहे हैं तो उनके लिए भी यह सम्मान को बचाने वाला कदम साबित होगा। | संक्षिप्त पाठ: थलसेना अध्यक्ष जनरल वीके सिंह की उम्र को लेकर उठे विवाद के अब थमने के आसार दिख रहे हैं। | 30 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारत एवं पाकिस्तान के मध्य सर क्रीक समुद्री सीमा विवाद पर दो दिवसीय वार्ता बिना किसी महत्वपूर्ण प्रगति के मंगलवार को समाप्त हो गई। यद्यपि दोनों पक्षों ने विवादित क्षेत्र में भूमि एवं समुद्री सीमा के लिए 'एक सौहार्दपूर्ण समाधान' तलाशने के मुद्दे पर सहमति जताई।
वार्ता के बाद जारी संयुक्त बयान में कहा गया, "दोनों पक्षों ने सर क्रीक इलाके में भूमि सीमा और भारत एवं पाकिस्तान के मध्य अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा के सीमांकन पर चर्चा की।"
बयान में कहा गया, "दोनों पक्षों ने सतत एवं सकारात्मक वार्ता के जरिए सर क्रीक मुद्दे का सौहार्दपूर्ण समाधान तलाशने के लिए प्रतिबद्धता व्यक्त की।"
वार्ता में भारतीय पक्ष का नेतृत्व महासर्वेक्षक स्वर्ण सुब्बा राव, जबकि पाकिस्तानी पक्ष का नेतृत्व रक्षा मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव रियर एडमिरल फारुख अहमद ने किया।
पाकिस्तान के प्रतिनिधमंडल ने भारतीय रक्षा मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव शेखर अग्रवाल से भी मुलाकात की।
सर क्रीक मुद्दे पर अगले दौर की वार्ता पाकिस्तान में आयोजित की जाएगी।
सर क्रीक कच्छ के रन में 96 किमी लम्बा भूभाग है, जो भारत के गुजरात एवं पाकिस्तान के सिंध प्रांत को अलग करता है।टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि सर क्रीक मसले पर चर्चा सियाचिन ग्लेशियर पर पिछले सप्ताह हुई वार्ता के बाद हुई है।
ये वार्ताएं दोनों देशों द्वारा वार्ता प्रक्रिया शुरू करने पर बनी सहमति का हिस्सा हैं। पिछले साल फरवरी में दोनों देशों ने वार्ता प्रक्रिया शुरू करने पर सहमति जताई थी।
वार्ता के बाद जारी संयुक्त बयान में कहा गया, "दोनों पक्षों ने सर क्रीक इलाके में भूमि सीमा और भारत एवं पाकिस्तान के मध्य अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा के सीमांकन पर चर्चा की।"
बयान में कहा गया, "दोनों पक्षों ने सतत एवं सकारात्मक वार्ता के जरिए सर क्रीक मुद्दे का सौहार्दपूर्ण समाधान तलाशने के लिए प्रतिबद्धता व्यक्त की।"
वार्ता में भारतीय पक्ष का नेतृत्व महासर्वेक्षक स्वर्ण सुब्बा राव, जबकि पाकिस्तानी पक्ष का नेतृत्व रक्षा मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव रियर एडमिरल फारुख अहमद ने किया।
पाकिस्तान के प्रतिनिधमंडल ने भारतीय रक्षा मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव शेखर अग्रवाल से भी मुलाकात की।
सर क्रीक मुद्दे पर अगले दौर की वार्ता पाकिस्तान में आयोजित की जाएगी।
सर क्रीक कच्छ के रन में 96 किमी लम्बा भूभाग है, जो भारत के गुजरात एवं पाकिस्तान के सिंध प्रांत को अलग करता है।टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि सर क्रीक मसले पर चर्चा सियाचिन ग्लेशियर पर पिछले सप्ताह हुई वार्ता के बाद हुई है।
ये वार्ताएं दोनों देशों द्वारा वार्ता प्रक्रिया शुरू करने पर बनी सहमति का हिस्सा हैं। पिछले साल फरवरी में दोनों देशों ने वार्ता प्रक्रिया शुरू करने पर सहमति जताई थी।
बयान में कहा गया, "दोनों पक्षों ने सतत एवं सकारात्मक वार्ता के जरिए सर क्रीक मुद्दे का सौहार्दपूर्ण समाधान तलाशने के लिए प्रतिबद्धता व्यक्त की।"
वार्ता में भारतीय पक्ष का नेतृत्व महासर्वेक्षक स्वर्ण सुब्बा राव, जबकि पाकिस्तानी पक्ष का नेतृत्व रक्षा मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव रियर एडमिरल फारुख अहमद ने किया।
पाकिस्तान के प्रतिनिधमंडल ने भारतीय रक्षा मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव शेखर अग्रवाल से भी मुलाकात की।
सर क्रीक मुद्दे पर अगले दौर की वार्ता पाकिस्तान में आयोजित की जाएगी।
सर क्रीक कच्छ के रन में 96 किमी लम्बा भूभाग है, जो भारत के गुजरात एवं पाकिस्तान के सिंध प्रांत को अलग करता है।टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि सर क्रीक मसले पर चर्चा सियाचिन ग्लेशियर पर पिछले सप्ताह हुई वार्ता के बाद हुई है।
ये वार्ताएं दोनों देशों द्वारा वार्ता प्रक्रिया शुरू करने पर बनी सहमति का हिस्सा हैं। पिछले साल फरवरी में दोनों देशों ने वार्ता प्रक्रिया शुरू करने पर सहमति जताई थी।
वार्ता में भारतीय पक्ष का नेतृत्व महासर्वेक्षक स्वर्ण सुब्बा राव, जबकि पाकिस्तानी पक्ष का नेतृत्व रक्षा मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव रियर एडमिरल फारुख अहमद ने किया।
पाकिस्तान के प्रतिनिधमंडल ने भारतीय रक्षा मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव शेखर अग्रवाल से भी मुलाकात की।
सर क्रीक मुद्दे पर अगले दौर की वार्ता पाकिस्तान में आयोजित की जाएगी।
सर क्रीक कच्छ के रन में 96 किमी लम्बा भूभाग है, जो भारत के गुजरात एवं पाकिस्तान के सिंध प्रांत को अलग करता है।टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि सर क्रीक मसले पर चर्चा सियाचिन ग्लेशियर पर पिछले सप्ताह हुई वार्ता के बाद हुई है।
ये वार्ताएं दोनों देशों द्वारा वार्ता प्रक्रिया शुरू करने पर बनी सहमति का हिस्सा हैं। पिछले साल फरवरी में दोनों देशों ने वार्ता प्रक्रिया शुरू करने पर सहमति जताई थी।
पाकिस्तान के प्रतिनिधमंडल ने भारतीय रक्षा मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव शेखर अग्रवाल से भी मुलाकात की।
सर क्रीक मुद्दे पर अगले दौर की वार्ता पाकिस्तान में आयोजित की जाएगी।
सर क्रीक कच्छ के रन में 96 किमी लम्बा भूभाग है, जो भारत के गुजरात एवं पाकिस्तान के सिंध प्रांत को अलग करता है।टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि सर क्रीक मसले पर चर्चा सियाचिन ग्लेशियर पर पिछले सप्ताह हुई वार्ता के बाद हुई है।
ये वार्ताएं दोनों देशों द्वारा वार्ता प्रक्रिया शुरू करने पर बनी सहमति का हिस्सा हैं। पिछले साल फरवरी में दोनों देशों ने वार्ता प्रक्रिया शुरू करने पर सहमति जताई थी।
सर क्रीक मुद्दे पर अगले दौर की वार्ता पाकिस्तान में आयोजित की जाएगी।
सर क्रीक कच्छ के रन में 96 किमी लम्बा भूभाग है, जो भारत के गुजरात एवं पाकिस्तान के सिंध प्रांत को अलग करता है।टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि सर क्रीक मसले पर चर्चा सियाचिन ग्लेशियर पर पिछले सप्ताह हुई वार्ता के बाद हुई है।
ये वार्ताएं दोनों देशों द्वारा वार्ता प्रक्रिया शुरू करने पर बनी सहमति का हिस्सा हैं। पिछले साल फरवरी में दोनों देशों ने वार्ता प्रक्रिया शुरू करने पर सहमति जताई थी।
सर क्रीक कच्छ के रन में 96 किमी लम्बा भूभाग है, जो भारत के गुजरात एवं पाकिस्तान के सिंध प्रांत को अलग करता है।टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि सर क्रीक मसले पर चर्चा सियाचिन ग्लेशियर पर पिछले सप्ताह हुई वार्ता के बाद हुई है।
ये वार्ताएं दोनों देशों द्वारा वार्ता प्रक्रिया शुरू करने पर बनी सहमति का हिस्सा हैं। पिछले साल फरवरी में दोनों देशों ने वार्ता प्रक्रिया शुरू करने पर सहमति जताई थी।
उल्लेखनीय है कि सर क्रीक मसले पर चर्चा सियाचिन ग्लेशियर पर पिछले सप्ताह हुई वार्ता के बाद हुई है।
ये वार्ताएं दोनों देशों द्वारा वार्ता प्रक्रिया शुरू करने पर बनी सहमति का हिस्सा हैं। पिछले साल फरवरी में दोनों देशों ने वार्ता प्रक्रिया शुरू करने पर सहमति जताई थी।
ये वार्ताएं दोनों देशों द्वारा वार्ता प्रक्रिया शुरू करने पर बनी सहमति का हिस्सा हैं। पिछले साल फरवरी में दोनों देशों ने वार्ता प्रक्रिया शुरू करने पर सहमति जताई थी। | यहाँ एक सारांश है:भारत एवं पाकिस्तान के मध्य सर क्रीक समुद्री सीमा विवाद पर दो दिवसीय वार्ता बिना किसी महत्वपूर्ण प्रगति के मंगलवार को समाप्त हो गई। | 17 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: पाकिस्तान में रावलपिंडी के पास शुक्रवार शाम को हादसे का शिकार हुए विमान का ब्लैक बॉक्स मिल गया है। यह विमान कराची से इस्लामाबाद जा रहा था और इसमें 121 यात्री और 6 क्रू मेंबर्स थे और सभी के मारे जाने की आशंका जताई जा रही है। माना जा रहा है कि यह हादसा खराब मौसम की वजह से हुआ।
यह विमान भोजा एयरलाइंस का बोइंग 737 विमान था, जो कराची के जिन्ना एयरपोर्ट से उड़ा था और इसे इस्लामाबाद के बेनजीर भुट्टो इंटरनशनल एयरपोर्ट पर उतरना था, लेकिन इससे पहले ही यह चकलाला एयरबेस के पास क्रैश हो गया और इस हादसे में किसी के भी बचने की खबर नहीं है। अब ब्लैक बॉक्स की जांच के बाद ही पता चलेगा कि हादसे के ठीक पहले विमान चालक से क्या बातचीत हुई थी।टिप्पणियां
विमान पाकिस्तान के समय के मुताबिक शुक्रवार शाम पांच बजे कराची से उड़ा था और इसे शाम छह बजकर 50 मिनट पर इस्लामाबाद पहुंचना था। पाकिस्तान के रक्षामंत्री चौधरी अहमद मुख्तार ने बताया कि जमीन पर गिरने से पहले विमान में आग लग गई थी।
भोजा एयरलाइंस 10 साल पहले शुरू हुआ था, लेकिन वित्तीय समस्याओं के कारण इसे बंद कर दिया गया था। हाल ही में इसे दोबारा शुरू किया गया था। इस एयरलाइंस के दोबारा शुरू होने के बाद कराची से इस्लामाबाद की यह पहली उड़ान थी। पाकिस्तानी मीडिया में आ रही खबरों के मुताबिक भोजा एयरलाइंस ने यह एयरक्राफ्ट हाल ही में शाहिन एयरलाइंस से खरीदा था। साथ ही शाहिन एयरलाइंस ने इस विमान में आ रही गड़बड़ियों की वजह से इसे उड़ाना बंद कर दिया था।
यह विमान भोजा एयरलाइंस का बोइंग 737 विमान था, जो कराची के जिन्ना एयरपोर्ट से उड़ा था और इसे इस्लामाबाद के बेनजीर भुट्टो इंटरनशनल एयरपोर्ट पर उतरना था, लेकिन इससे पहले ही यह चकलाला एयरबेस के पास क्रैश हो गया और इस हादसे में किसी के भी बचने की खबर नहीं है। अब ब्लैक बॉक्स की जांच के बाद ही पता चलेगा कि हादसे के ठीक पहले विमान चालक से क्या बातचीत हुई थी।टिप्पणियां
विमान पाकिस्तान के समय के मुताबिक शुक्रवार शाम पांच बजे कराची से उड़ा था और इसे शाम छह बजकर 50 मिनट पर इस्लामाबाद पहुंचना था। पाकिस्तान के रक्षामंत्री चौधरी अहमद मुख्तार ने बताया कि जमीन पर गिरने से पहले विमान में आग लग गई थी।
भोजा एयरलाइंस 10 साल पहले शुरू हुआ था, लेकिन वित्तीय समस्याओं के कारण इसे बंद कर दिया गया था। हाल ही में इसे दोबारा शुरू किया गया था। इस एयरलाइंस के दोबारा शुरू होने के बाद कराची से इस्लामाबाद की यह पहली उड़ान थी। पाकिस्तानी मीडिया में आ रही खबरों के मुताबिक भोजा एयरलाइंस ने यह एयरक्राफ्ट हाल ही में शाहिन एयरलाइंस से खरीदा था। साथ ही शाहिन एयरलाइंस ने इस विमान में आ रही गड़बड़ियों की वजह से इसे उड़ाना बंद कर दिया था।
विमान पाकिस्तान के समय के मुताबिक शुक्रवार शाम पांच बजे कराची से उड़ा था और इसे शाम छह बजकर 50 मिनट पर इस्लामाबाद पहुंचना था। पाकिस्तान के रक्षामंत्री चौधरी अहमद मुख्तार ने बताया कि जमीन पर गिरने से पहले विमान में आग लग गई थी।
भोजा एयरलाइंस 10 साल पहले शुरू हुआ था, लेकिन वित्तीय समस्याओं के कारण इसे बंद कर दिया गया था। हाल ही में इसे दोबारा शुरू किया गया था। इस एयरलाइंस के दोबारा शुरू होने के बाद कराची से इस्लामाबाद की यह पहली उड़ान थी। पाकिस्तानी मीडिया में आ रही खबरों के मुताबिक भोजा एयरलाइंस ने यह एयरक्राफ्ट हाल ही में शाहिन एयरलाइंस से खरीदा था। साथ ही शाहिन एयरलाइंस ने इस विमान में आ रही गड़बड़ियों की वजह से इसे उड़ाना बंद कर दिया था।
भोजा एयरलाइंस 10 साल पहले शुरू हुआ था, लेकिन वित्तीय समस्याओं के कारण इसे बंद कर दिया गया था। हाल ही में इसे दोबारा शुरू किया गया था। इस एयरलाइंस के दोबारा शुरू होने के बाद कराची से इस्लामाबाद की यह पहली उड़ान थी। पाकिस्तानी मीडिया में आ रही खबरों के मुताबिक भोजा एयरलाइंस ने यह एयरक्राफ्ट हाल ही में शाहिन एयरलाइंस से खरीदा था। साथ ही शाहिन एयरलाइंस ने इस विमान में आ रही गड़बड़ियों की वजह से इसे उड़ाना बंद कर दिया था। | पाकिस्तान में रावलपिंडी के पास शुक्रवार शाम को हादसे का शिकार हुए विमान का ब्लैक बॉक्स मिल गया है। इस हादसे में विमान में सवार सभी 121 यात्री और 6 क्रू मेंबर्स मारे गए हैं। | 26 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारत को इंग्लैंड के खिलाफ 21 जुलाई से लॉर्ड्स में होने वाले टेस्ट मैच में बेहद सतर्क रहने की जरूरत है। यह 2000वां टेस्ट मैच होगा और यदि अब तक के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो पहले से लेकर 100, 200, 1000 यानी लगभग हर सौवें टेस्ट मैच में मेजबान टीम का दबदबा रहा है। भारत अभी दुनिया की नंबर एक टेस्ट टीम है, लेकिन इंग्लैंड ने भी लंबी अवधि के प्रारूप में पिछले दो साल में शानदार प्रदर्शन किया है। भारत के लिए वहां की तेज और स्विंग लेती पिचों पर उसके तेज गेंदबाजों का सामना करना आसान नहीं होगा। इसके अलावा 2000वां टेस्ट होने के कारण आंकड़े भी भारत के खिलाफ ही हैं। अब तक यदि पहले, 100वें, 200वें और इसी तरह से आगे के हर सौवें टेस्ट मैच के परिणाम पर गौर किया जाए, तो मेजबान टीम अधिकतर मैच में जीत दर्ज करने में सफल रही है। इसमें पहला टेस्ट मैच भी शामिल किया जाता है, तो अब तक ऐसे 20 मैच में से 14 का परिणाम निकला है, जिनमें से 10 मैच में मेजबान टीम विजयी रही है। भारत को यदि इस मिथक को तोड़ना है, तो उसे ऑस्ट्रेलिया या वेस्टइंडीज जैसा प्रदर्शन करना होगा। ऑस्ट्रेलिया ने एक जबकि वेस्टइंडीज ने तीन अवसरों पर विदेशी सरजमीं पर इस तरह के टेस्ट मैचों में जीत दर्ज की। भारत के लिए अच्छी खबर यह है कि इन चारों अवसरों पर हारने वाली मेजबान टीम इंग्लैंड की थी। मेलबर्न में खेला गया पहला टेस्ट मैच मेजबान ऑस्ट्रेलिया ने 45 रन से जीता था। इसके बाद 100वां टेस्ट मैच सिडनी में खेला गया, जिसमें फिर से ऑस्ट्रेलिया जीतने में सफल रहा। इंग्लैंड ने 1948 में 300वें टेस्ट मैच की मेजबानी की थी, लेकिन तब मेहमान ऑस्ट्रेलिया जीत गया था। भारत और पाकिस्तान के बीच कराची में 1955 में खेला गया शृंखला का पांचवां मैच 400वां टेस्ट था। यह मैच अनिर्णीत समाप्त हुआ था। इसके अलावा भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच डरबन में 1992 में खेले गए टेस्ट संख्या 1200वें का परिणाम भी नहीं निकल पाया था। ऑस्ट्रेलिया ने 600वें और 800वें टेस्ट मैच में भी अपने चिर प्रतिद्वंद्वी इंग्लैंड को अपनी सरजमीं पर मात दी थी। वेस्टइंडीज ने इस तरह के मैचों में इंग्लैंड को उसकी धरती पर हराने के अलावा 1981 में कैरेबियाई सरजमी (ब्रिजटाउन) पर खेला गया 900वां टेस्ट मैच भी जीता था। पाकिस्तान और न्यूजीलैंड के बीच हैदराबाद में 1984 में खेला गया मैच 1000वां टेस्ट था। इसमें मेजबान पाकिस्तान ने सात विकेट से जीत दर्ज की थी। इन दोनों टीमों के बीच ही लाहौर में 2002 में 1600वां टेस्ट मैच खेला गया था, जिसमें पाकिस्तान ने पारी और 324 रन से बड़ी जीत दर्ज की थी। इंग्लैंड को इस तरह के मैचों में अधिकतर हार का सामना करना पड़ा, लेकिन लॉर्ड्स में 2004 में खेले गये 1700वें मैच में वह पहली बार हर 100वें टेस्ट से जुड़े मिथक को तोड़ने में सफल रहा। वह इंग्लैंड के वर्तमान कप्तान एंड्रयू स्ट्रास का पहला टेस्ट मैच था। स्ट्रास ने शतक जड़कर इंग्लैंड की न्यूजीलैंड पर जीत में अहम भूमिका निभाई थी। | संक्षिप्त सारांश: भारत को इंग्लैंड के खिलाफ 21 जुलाई से होने वाले टेस्ट में सतर्क रहने की जरूरत है। आंकड़ों पर गौर करें तो हर सौवें टेस्ट में मेजबान टीम का दबदबा रहा है। | 0 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से एक हैरान कर देने वाली खबर मिली है. यहां पर एक कचौड़ी वाला करोड़पति है और उसका सालाना टर्नओवर 60 लाख रुपये का है. वाणिज्य कर विभाग ने मुकेश कचौड़ी वाले को नोटिस जारी किया है. मुकेश नाम का ये व्यापारी पिछले 10-12 साल से कचौड़ी और समोसे बेचता है. उसे लेकर बीते दिनों स्टेट इंटेलीजेंस ब्यूरो को शिकायत मिली थी, इसी के बाद अधिकारी जांच में जुट गए. वाणिज्य कर अधिकारियों ने दो दिन तक आस-पास बैठकर होने वाली बिक्री का जायजा लिया. इसके बाद विभाग की टीम 21 जून को सर्वे करने पहुंची. अधिकारियों ने प्राथमिक जांच में पाया कि कचौड़ी व्यापारी का सालाना टर्न ओवर 60 लाख रुपये से अधिक है. पिछले 10 सालों से व्यापारी कचौड़ी व समोसे का काम कर रहा है. जांच में व्यापार GST में पंजीकृत नहीं मिला. जबकि सालाना 40 लाख रुपये का टर्न ओवर करने वालों को जीएसटी में पंजीयन कराना होता है. जांच अफसरों का दावा है कि प्राथमिक जांच में ही 60 लाख टर्न ओवर सामने आया है, लेकिन विस्तृत जांच में सालाना टर्न ओवर एक से डेढ़ करोड़ रुपये तक पहुंचने की संभावना है.
सेल्स टैक्स अफसर अनूप माहेश्वरी का कहना है कि कुछ व्यापारियों के बारे में इस तरह की शिकायतें की जा रही हैं कि उनको जीएसटी में रजिस्ट्रेशन होना चाहिए. लेकिन वह ऐसा नहीं कर रहे हैं. इसी कड़ी में एक कचौरी वाले की जांच की गई थी जिसका टर्न ओवर 60 लाख से ज्यादा आंका गया है सबूत के आधार पर भी कार्रवाई की जाएगी. वहीं मुकेश पकोड़ी वाले के पड़ोसी अकबर ने कहा है कि 20 जून को यहां टीम आई थी और जो उन्होंने सर्वे किया है वह गलत है. इतनी इनकम तो उन बेचारों की है नहीं. पूरा परिवार लगा रहता है सुबह चार बजे से.
इस बारे में मुकेश का कहना है, मैं इस सब के बारे में नहीं जानता हूं. मैं 12 से इस दुकान को चला रहा हूं और किसी ने भी इस इस प्रक्रिया के बारे में नहीं बताया है. हम सामान्य लोग हैं जो जिंदगी चलाने के लिए कचौरी और समोसा बेचते हैं'. वहीं स्टेट इंटलीजेंस ब्यूरो के एक अधिकारी जो इस मामले की जांच में शामिल हैं, बताते हैं कि मुकेश बहुत ही आसानी से अपनी इनकम का ब्यौरा देने के लिए राजी हो गया और खर्चे, तेल और एलपीजी सिलेंडर की सारी जानकारी दी है. | सारांश: मुकेश कचौड़ी वाले को टैक्स विभाग का नोटिस
'सालाना टर्न ओवर 60 लाख रुपये से अधिक'
टैक्स अधिकारियों ने बगल की दुकान से रखा था नजर | 20 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष नितिन गडकरी ने सोमवार को सोनिया गांधी से मुलाक़ात की। करीब 6 से 7 मिनट चली इस बैठक में गडकरी ने अपनी बेटे की शादी का निमंत्रण सोनिया गांधी को दिया।टिप्पणियां
इस निमंत्रण के अलावा राष्ट्रपति के प्रत्याशी पर भी दोनों नेताओं ने चर्चा की। इस बारे में भी अपुष्ट खबरें आ रही हैं।
गौरतलब है कि सोनिया गांधी और प्रधानमंत्री के कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में दिए भाषण के बाद आज ही गडकरी ने पार्टी पर कालेधन और भ्रष्टाचार पर नीयत साफ नहीं होने का आरोप लगाया था।
इस निमंत्रण के अलावा राष्ट्रपति के प्रत्याशी पर भी दोनों नेताओं ने चर्चा की। इस बारे में भी अपुष्ट खबरें आ रही हैं।
गौरतलब है कि सोनिया गांधी और प्रधानमंत्री के कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में दिए भाषण के बाद आज ही गडकरी ने पार्टी पर कालेधन और भ्रष्टाचार पर नीयत साफ नहीं होने का आरोप लगाया था।
गौरतलब है कि सोनिया गांधी और प्रधानमंत्री के कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में दिए भाषण के बाद आज ही गडकरी ने पार्टी पर कालेधन और भ्रष्टाचार पर नीयत साफ नहीं होने का आरोप लगाया था। | भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष नितिन गडकरी ने सोमवार को सोनिया गांधी से मुलाक़ात की। करीब 6 से 7 मिनट चली इस बैठक में गडकरी ने अपनी बेटे की शादी का निमंत्रण सोनिया गांधी को दिया। | 26 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम 13 में से आठ मैच हारकर प्ले ऑफ की दौड़ से लगभग बाहर हो गई है, लेकिन कप्तान गौतम गंभीर ने कहा कि उनकी टीम के पास अब भी मौजूदा इंडियन प्रीमियर लीग में शीर्ष चार में जगह बनाने का मौका है।
गंभीर ने रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के खिलाफ होने वाले मैच की पूर्व संध्या पर कहा, फिलहाल टूर्नामेंट खुला हुआ है। हमारे पास अब भी प्ले ऑफ में जगह बनाने का मौका है।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, मेरे लिए यह मायने रखता है कि तीन मैच बचे हैं और हमें रविवार को आरसीबी का सामना करना है और यह मैच हर हाल में जीतना है। उम्मीद करते हैं कि हम अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करते हुए वांछित नतीजा हासिल कर पाएंगे। विराट कोहली की अगुआई वाली आरसीबी ने अपने पिछले मैच में दिल्ली डेयरडेविल्स को हराया।
यह पूछने पर कि क्रिस गेल, कोहली और एबी डिविलियर्स जैसे खिलाड़ियों को रोकने के लिए केकेआर ने क्या रणनीति अपनाई है, गंभीर ने कहा, हम व्यक्तिगत खिलाड़ियों के खिलाफ रणनीति नहीं बनाते। हम व्यक्तिगत खिलाड़ियों के बारे में बात नहीं करते, हम सिर्फ इस पर ध्यान देते हैं कि अपना सर्वश्रेष्ठ संभव प्रयास करें और अपने मजबूत पक्ष के मुताबिक खेलें।
गंभीर ने रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के खिलाफ होने वाले मैच की पूर्व संध्या पर कहा, फिलहाल टूर्नामेंट खुला हुआ है। हमारे पास अब भी प्ले ऑफ में जगह बनाने का मौका है।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, मेरे लिए यह मायने रखता है कि तीन मैच बचे हैं और हमें रविवार को आरसीबी का सामना करना है और यह मैच हर हाल में जीतना है। उम्मीद करते हैं कि हम अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करते हुए वांछित नतीजा हासिल कर पाएंगे। विराट कोहली की अगुआई वाली आरसीबी ने अपने पिछले मैच में दिल्ली डेयरडेविल्स को हराया।
यह पूछने पर कि क्रिस गेल, कोहली और एबी डिविलियर्स जैसे खिलाड़ियों को रोकने के लिए केकेआर ने क्या रणनीति अपनाई है, गंभीर ने कहा, हम व्यक्तिगत खिलाड़ियों के खिलाफ रणनीति नहीं बनाते। हम व्यक्तिगत खिलाड़ियों के बारे में बात नहीं करते, हम सिर्फ इस पर ध्यान देते हैं कि अपना सर्वश्रेष्ठ संभव प्रयास करें और अपने मजबूत पक्ष के मुताबिक खेलें।
उन्होंने कहा, मेरे लिए यह मायने रखता है कि तीन मैच बचे हैं और हमें रविवार को आरसीबी का सामना करना है और यह मैच हर हाल में जीतना है। उम्मीद करते हैं कि हम अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करते हुए वांछित नतीजा हासिल कर पाएंगे। विराट कोहली की अगुआई वाली आरसीबी ने अपने पिछले मैच में दिल्ली डेयरडेविल्स को हराया।
यह पूछने पर कि क्रिस गेल, कोहली और एबी डिविलियर्स जैसे खिलाड़ियों को रोकने के लिए केकेआर ने क्या रणनीति अपनाई है, गंभीर ने कहा, हम व्यक्तिगत खिलाड़ियों के खिलाफ रणनीति नहीं बनाते। हम व्यक्तिगत खिलाड़ियों के बारे में बात नहीं करते, हम सिर्फ इस पर ध्यान देते हैं कि अपना सर्वश्रेष्ठ संभव प्रयास करें और अपने मजबूत पक्ष के मुताबिक खेलें।
यह पूछने पर कि क्रिस गेल, कोहली और एबी डिविलियर्स जैसे खिलाड़ियों को रोकने के लिए केकेआर ने क्या रणनीति अपनाई है, गंभीर ने कहा, हम व्यक्तिगत खिलाड़ियों के खिलाफ रणनीति नहीं बनाते। हम व्यक्तिगत खिलाड़ियों के बारे में बात नहीं करते, हम सिर्फ इस पर ध्यान देते हैं कि अपना सर्वश्रेष्ठ संभव प्रयास करें और अपने मजबूत पक्ष के मुताबिक खेलें। | यह एक सारांश है: कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम 13 में से आठ मैच हारकर प्ले ऑफ की दौड़ से लगभग बाहर हो गई है, लेकिन कप्तान गौतम गंभीर ने कहा कि उनकी टीम के पास अब भी मौजूदा इंडियन प्रीमियर लीग में शीर्ष चार में जगह बनाने का मौका है। | 9 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारत के खिलाफ अपने व्यवहार को और उदार बनाते हुए पाकिस्तान ने अगले महीने अंकारा में अफगानिस्तान की सुरक्षा और पुनर्निर्माण पर होने वाली शुरुआती वार्ता में नई दिल्ली की भागीदारी के विरोध को वापस ले लिया है। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून अखबार ने एक आधिकारिक सूत्र के हवाले से कहा, प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने विदेश मंत्रालय को सलाह दी है कि सम्मेलन में भारत की भागीदारी का विरोध नहीं किया जाए। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने पहले तुर्की से कहा था कि अगर भारत को आमंत्रित किया जाता है तो इस्लामाबाद इसमें भाग नहीं लेगा। एक उच्चपदस्थ सूत्र ने बताया, हमारा नागरिक प्रतिष्ठान क्षेत्रीय मुद्दों पर भारत से सलाह करने पर विचार कर रहा है। बॉन में दिसम्बर में अफगानिस्तान पर विदेश मंत्रियों के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के बारे में अंकारा सम्मेलन में रूपरेखा तय की जाएगी। सम्मेलन में भारत और पाकिस्तान सहित 90 देशों के एक हजार से ज्यादा प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है। जो लोग भाग लेने वाले हैं उनमें अफगानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करजई, जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल और संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की-मून शामिल हैं। विदेश नीति विशेषज्ञों ने पुष्टि की है कि सरकारी की नीति में बदलाव भारत के प्रति सरकारी नीति का हिस्सा है। | भारत के खिलाफ अपने व्यवहार को उदार बनाते हुए पाक ने अंकारा में होने वाली शुरुआती वार्ता में नई दिल्ली की भागीदारी के विरोध को वापस ले लिया। | 6 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट में शिवराज सिंह चौहान के राज के वक्त कई विभागों में कथित तौर पर घोटाले और अनियमितता की तरफ इशारा किया गया है. कैग के मुताबिक वाहन कर, स्टॉम्प पंजीकरण शुल्क, खनन, जल कर, वाणिज्यिक कर विभागों से सरकारी खजाने को कुल मिलाकर 6270.37 करोड़ का नुकसान हुआ.
कैग रिपोर्ट में बताया गया है कि पेंच परियोजना में 376 करोड़ की अनियमितता की गई.सार्वजनिक उपक्रमों में 1224 करोड़ का नुकसान, छात्रावास संचालन में 147 करोड़ की अनियमितता हुई है. मार्च 2017 को खत्म हुए वित्तीय वर्ष की कैग रिपोर्ट में कहा गया कि शिवराज सरकार के दौरान 2016-17 के वित्तीय वर्ष में भारी अनियमितताएं हुईं.
रिपोर्ट के अनुसार सरकार निगम-मंडलों में निवेश करती रही लेकिन नुकसान बढ़ता रहा. 2012 से 2017 के दौरान राज्य के निगम-मंडल लगातार घाटे में रहे. इसमें सरकार को 4 हजार 857 करोड़ का नुकसान हुआ. वहीं 2017 में एक हजार 224 करोड़ का नुकसान हुआ था.
यही नहीं सरकारी विभागों ने 18 हजार करोड़ रुपये का हिसाब नहीं दिया. छत्तीसगढ़ में भी कैग रिपोर्ट के मुताबिक 4601 करोड़ के टेंडर में गड़बड़ी की गई है. रिपोर्ट के मुताबिक 17 विभागों के अधिकारियों ने 4601 करोड़ के टेंडर में 74 ऐसे कंप्यूटर का इस्तेमाल निविदा अपलोड करने के लिए किया गया था जिनका इस्तेमाल वापस उन्हीं टेंडरों को भरने के लिए किया गया. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सरकारी खजाने को कुल मिलाकर 6270.37 करोड़ का नुकसान हुआ
2016-17 के वित्तीय वर्ष में भारी अनियमितताएं हुईं
छत्तीसगढ़ में 4601 करोड़ के टेंडर में गड़बड़ी की गई | 32 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है. सुरक्षाबलों ने कश्मीर में इस्लामिक स्टेट के आतंकी को ढेर कर दिया. बताया जा रहा है कि सुरक्षाबलों ने कश्मीर में तीन साल से सक्रिय इस्लामिक स्टेट के आतंकी कमांडर अब्दुल्ला भाई को आज सोपोर में मार गिराया. सुरक्षा बलों से मिली जानकारी के मुताबिक 2015 में हरकत उल मुजाहिदीन में शामिल होने वाले सोपोर के अब्दुल्ला भाई ने 2016 में इस्लामिक स्टेट जम्मू कश्मीर का दामन थाम लिया था. तब उसको जम्मू कश्मीर में इस्लामिक स्टेट का कमांडर बना दिया गया था.
सूत्रों का दावा है कि अब्दुल्ला भाई इस्लामिक स्टेट का कश्मीर में ये बचा हुआ आतंकी था. इसके साथ ही उन्होंने कश्मीर में इस्लामिक स्टेट के खात्मे की बात कही है. गौरतलब है कि पिछले साल भी इस्लामिक स्टेट के दो आतंकियों को मार गिराने और चार को गिरफ्तार करने के बाद भी ऐसा ही दावा किया गया था. आपको बता दें कि आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट का सरगना अबू बक्र अल-बगदादी जिहादी संगठन द्वारा पिछले महीने के आखिरी सप्ताह में जारी एक वीडियो में पांच साल में पहली बार दिखाई दिया था. हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह वीडियो कब फिल्माया गया, लेकिन बगदादी ने पूर्वी सीरिया में आईएस के अंतिम गढ़ बागूज के लिए महीनों चली लड़ाई का जिक्र किया. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सुरक्षाबलों को मिली बड़ी कामयाबी
आतंकी कमांडर को मार गिराया
इस्लामिक स्टेट से जुड़ा था आतंकी | 3 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: मुम्बई पुलिस वर्षा भोंसले आत्महत्या मामले में उनकी मां एवं प्रसिद्ध गायिका आशा भोंसले एवं मौसी लता मंगेशकर के बयान दर्ज करेगी। फिलहाल पुलिस आत्महत्या के एक दिन बाद भी आत्महत्या के कारणों को जानने के लिए हाथ-पांव मार रही है।
मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि आशा एवं लता मंगेशकर के बयानों को दर्ज किया जाएगा ताकि वर्षा के आत्महत्या के पीछे कारण का पता चल सके।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि आशा की बहन उषा मंगेशकर, नौकरानी दीपाली माने एवं चालक विजय के बयान दर्ज हो चुके हैं।
पुलिस अधिकारी के अनुसार, "सदमे में होने के कारण नजदीकी परिजनों से पूछताछ नहीं हो सकी है।"
पुलिस ने बताया कि जल्द ही आशा, उनकी बड़ी बहन लता एवं वर्षा के पूर्व पति हेमंत केंकरे के बयान दर्ज किए जाएंगे। टिप्पणियां
पुलिस के अनुसार बेल्जियम की जिस पिस्टल से वर्षा ने आत्महत्या की थी वह उनके छोटे बेटे आनंद के नाम पर दर्ज है।
वर्षा सोमवार को अपने घर में मृत पाई गई थीं। उनके सिर में दो गोलिया लगी थीं।
मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि आशा एवं लता मंगेशकर के बयानों को दर्ज किया जाएगा ताकि वर्षा के आत्महत्या के पीछे कारण का पता चल सके।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि आशा की बहन उषा मंगेशकर, नौकरानी दीपाली माने एवं चालक विजय के बयान दर्ज हो चुके हैं।
पुलिस अधिकारी के अनुसार, "सदमे में होने के कारण नजदीकी परिजनों से पूछताछ नहीं हो सकी है।"
पुलिस ने बताया कि जल्द ही आशा, उनकी बड़ी बहन लता एवं वर्षा के पूर्व पति हेमंत केंकरे के बयान दर्ज किए जाएंगे। टिप्पणियां
पुलिस के अनुसार बेल्जियम की जिस पिस्टल से वर्षा ने आत्महत्या की थी वह उनके छोटे बेटे आनंद के नाम पर दर्ज है।
वर्षा सोमवार को अपने घर में मृत पाई गई थीं। उनके सिर में दो गोलिया लगी थीं।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि आशा की बहन उषा मंगेशकर, नौकरानी दीपाली माने एवं चालक विजय के बयान दर्ज हो चुके हैं।
पुलिस अधिकारी के अनुसार, "सदमे में होने के कारण नजदीकी परिजनों से पूछताछ नहीं हो सकी है।"
पुलिस ने बताया कि जल्द ही आशा, उनकी बड़ी बहन लता एवं वर्षा के पूर्व पति हेमंत केंकरे के बयान दर्ज किए जाएंगे। टिप्पणियां
पुलिस के अनुसार बेल्जियम की जिस पिस्टल से वर्षा ने आत्महत्या की थी वह उनके छोटे बेटे आनंद के नाम पर दर्ज है।
वर्षा सोमवार को अपने घर में मृत पाई गई थीं। उनके सिर में दो गोलिया लगी थीं।
पुलिस ने बताया कि जल्द ही आशा, उनकी बड़ी बहन लता एवं वर्षा के पूर्व पति हेमंत केंकरे के बयान दर्ज किए जाएंगे। टिप्पणियां
पुलिस के अनुसार बेल्जियम की जिस पिस्टल से वर्षा ने आत्महत्या की थी वह उनके छोटे बेटे आनंद के नाम पर दर्ज है।
वर्षा सोमवार को अपने घर में मृत पाई गई थीं। उनके सिर में दो गोलिया लगी थीं।
पुलिस के अनुसार बेल्जियम की जिस पिस्टल से वर्षा ने आत्महत्या की थी वह उनके छोटे बेटे आनंद के नाम पर दर्ज है।
वर्षा सोमवार को अपने घर में मृत पाई गई थीं। उनके सिर में दो गोलिया लगी थीं।
वर्षा सोमवार को अपने घर में मृत पाई गई थीं। उनके सिर में दो गोलिया लगी थीं। | संक्षिप्त पाठ: मुम्बई पुलिस वर्षा भोंसले आत्महत्या मामले में उनकी मां एवं प्रसिद्ध गायिका आशा भोंसले एवं मौसी लता मंगेशकर के बयान दर्ज करेगी। | 30 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारतीय सेना के एक मेजर को हैदराबाद पुलिस ने पत्नी की मौत के मामले में गिरफ्तार किया है. 13 दिन पहले यहां के बोलाराम क्षेत्र में पत्नी संध्या सिंह ने आर्मी क्वार्टर में कथित रूप से फांसी लगा ली थी. संध्या हैदराबाद के रेडियो चारमीनार में रेडियो जॉकी थीं. इस मामले में गाजियाबाद में स्टेशन मास्टर के रूप में कार्यरत संध्या की बहन उमा सिंह ने मेजर और उसके परिजनों पर दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाया है. उल्लेखनीय है कि मेजर वैभव विशाल (30) सिकंदराबाद में आर्मी की 54वीं इंफैंट्री डिवीजन में पोस्टेड हैं.
पत्नी संध्या की मौत के बाद नार्थ जोन की पुलिस विशाल से इसलिए पूछताछ नहीं कर पाई या गिरफ्तार नहीं कर पाई क्योंकि सेना ने सूचित किया कि वह आर्मी अस्पतला के आईसीयू में भर्ती है. बुधवार को मेजर वैभव विशाल को स्थानीय पुलिस को सौंप दिया गया, जहां बाद में उनको गिरफ्तार कर लिया गया. उनको 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. टिप्पणियां
गौरतलब है कि नवंबर 2016 में यह दंपति हैदराबाद में शिफ्ट हुए थे. संध्या ने कोई सुसाइड नोट नहीं छोड़ा है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक उसकी मौत फांसी लगाने के चलते दम घुटने से हुई. पुलिस को दहेज उत्पीड़न के सबूत मिले हैं और अब विशाल की मां आशा सिंह और बहन खुशी की तलाश कर रही है.
उल्लेखनीय है कि मूल रूप से यूपी से ताल्लुक रखने वाले इस दंपति ने दो साल पहले प्रेम विवाह किया था. रेडियो चारमीनार में रेडियो जॉकी संध्या ने मौत से एक दिन पहले 'म्यूजिकल नाईट' प्रोग्राम पेश किया था. संध्या के सहकर्मियों ने इस मामले में पुलिस को बताया कि उसने अपनी समस्याएं उनसे साझा की थीं लेकिन वह अवसादग्रस्त नहीं लगती थी.
पत्नी संध्या की मौत के बाद नार्थ जोन की पुलिस विशाल से इसलिए पूछताछ नहीं कर पाई या गिरफ्तार नहीं कर पाई क्योंकि सेना ने सूचित किया कि वह आर्मी अस्पतला के आईसीयू में भर्ती है. बुधवार को मेजर वैभव विशाल को स्थानीय पुलिस को सौंप दिया गया, जहां बाद में उनको गिरफ्तार कर लिया गया. उनको 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. टिप्पणियां
गौरतलब है कि नवंबर 2016 में यह दंपति हैदराबाद में शिफ्ट हुए थे. संध्या ने कोई सुसाइड नोट नहीं छोड़ा है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक उसकी मौत फांसी लगाने के चलते दम घुटने से हुई. पुलिस को दहेज उत्पीड़न के सबूत मिले हैं और अब विशाल की मां आशा सिंह और बहन खुशी की तलाश कर रही है.
उल्लेखनीय है कि मूल रूप से यूपी से ताल्लुक रखने वाले इस दंपति ने दो साल पहले प्रेम विवाह किया था. रेडियो चारमीनार में रेडियो जॉकी संध्या ने मौत से एक दिन पहले 'म्यूजिकल नाईट' प्रोग्राम पेश किया था. संध्या के सहकर्मियों ने इस मामले में पुलिस को बताया कि उसने अपनी समस्याएं उनसे साझा की थीं लेकिन वह अवसादग्रस्त नहीं लगती थी.
गौरतलब है कि नवंबर 2016 में यह दंपति हैदराबाद में शिफ्ट हुए थे. संध्या ने कोई सुसाइड नोट नहीं छोड़ा है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक उसकी मौत फांसी लगाने के चलते दम घुटने से हुई. पुलिस को दहेज उत्पीड़न के सबूत मिले हैं और अब विशाल की मां आशा सिंह और बहन खुशी की तलाश कर रही है.
उल्लेखनीय है कि मूल रूप से यूपी से ताल्लुक रखने वाले इस दंपति ने दो साल पहले प्रेम विवाह किया था. रेडियो चारमीनार में रेडियो जॉकी संध्या ने मौत से एक दिन पहले 'म्यूजिकल नाईट' प्रोग्राम पेश किया था. संध्या के सहकर्मियों ने इस मामले में पुलिस को बताया कि उसने अपनी समस्याएं उनसे साझा की थीं लेकिन वह अवसादग्रस्त नहीं लगती थी.
उल्लेखनीय है कि मूल रूप से यूपी से ताल्लुक रखने वाले इस दंपति ने दो साल पहले प्रेम विवाह किया था. रेडियो चारमीनार में रेडियो जॉकी संध्या ने मौत से एक दिन पहले 'म्यूजिकल नाईट' प्रोग्राम पेश किया था. संध्या के सहकर्मियों ने इस मामले में पुलिस को बताया कि उसने अपनी समस्याएं उनसे साझा की थीं लेकिन वह अवसादग्रस्त नहीं लगती थी. | संक्षिप्त पाठ: संध्या सिंह रेडियो चारमीनार में रेडियो जॉकी थीं
दो साल पहले दंपति ने प्रेम विवाह किया था
संध्या के परिजनों ने दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाया | 13 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: हम सभी अपना जन्मदिन मनाते हैं. सबके लिए अपना बर्थडे होता है एक स्पेशल डे. कुछ बर्थडे तो होते हैं बहुत ही खास, जिनमें हमें मिलते हैं कुछ यादगार तोहफे. कुछ ऐसा ही हुआ है दुनिया की पहली एटीएम मशीन के साथ भी. जी हां, दुनिया की इस पहली एटीएम मशीन ने हाल ही में मनाया है अपना 50वां बर्थडे. साल पहले 27 जून 1967 में दुनिया की पहली एटीएम मशीन लंदन के एन्फ़ील्ड में बार्क्लेज़ बैंक की शाखा में स्थापित की गई थी. इस मशीन के 50वें जन्मदिन के मौके पर बैंक ने इसे सोने का एटीएम बना दिया है...
खबरों के अनुसार दुनिया का पहला एटीएम बनाने का विचार जॉन शेफर्ड बैरन की सोच का नतीजा था. और यह विचार उनके मन में तब आया, जब एक बार बहुत जरूरी काम से उन्हें पैसे निकालने थे, लेकिन बैंक बंद होने के चलते वे ऐसा नहीं कर पाए थे.
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अपने एक साक्षात्कार में बैरन ने बताया था कि एक चॉकलेट बार डिस्पेंसर को देखकर ही उनके दिमाग में एटीएम का विचार आया. बैरन साल 1925 में भारत के शिलांग में पैदा हुए थे.
बैरन के विचार के अनुसार जापान में 1966 में पहली मशीन बनी. लेकिन यह असल में एटीएम नहीं बन पाई. इसे एक कंप्यूटर लोन मशीन कहा जा सकता है, क्योंकि यह कार्ड के इस्तेमाल से लोन देती थी. इसके बाद बार्कलेज बैंक ने लोगों को पिन या खास चैक से पैसे नकद देने वाली पहली एटीएम मशीन बनाई.
लंदन के एनफील्ड में लगाई गई दुनिया की पहली एटीएम मशीन से सबसे पहले ब्रिटिश अभिनेता रेग वर्णय ने पैसों की निकासी की थी. इस मशीन में एक खास चेक का इस्तेमाल किया जाता था, जिसका मिलान पिन नंबर के तौर पर इस्तेमाल किया गया. आज यह मशीन काफी बदल चुकी है.
अपने एक साक्षात्कार में बैरन ने बताया था कि एक चॉकलेट बार डिस्पेंसर को देखकर ही उनके दिमाग में एटीएम का विचार आया. बैरन साल 1925 में भारत के शिलांग में पैदा हुए थे.
बैरन के विचार के अनुसार जापान में 1966 में पहली मशीन बनी. लेकिन यह असल में एटीएम नहीं बन पाई. इसे एक कंप्यूटर लोन मशीन कहा जा सकता है, क्योंकि यह कार्ड के इस्तेमाल से लोन देती थी. इसके बाद बार्कलेज बैंक ने लोगों को पिन या खास चैक से पैसे नकद देने वाली पहली एटीएम मशीन बनाई.
लंदन के एनफील्ड में लगाई गई दुनिया की पहली एटीएम मशीन से सबसे पहले ब्रिटिश अभिनेता रेग वर्णय ने पैसों की निकासी की थी. इस मशीन में एक खास चेक का इस्तेमाल किया जाता था, जिसका मिलान पिन नंबर के तौर पर इस्तेमाल किया गया. आज यह मशीन काफी बदल चुकी है.
लंदन के एनफील्ड में लगाई गई दुनिया की पहली एटीएम मशीन से सबसे पहले ब्रिटिश अभिनेता रेग वर्णय ने पैसों की निकासी की थी. इस मशीन में एक खास चेक का इस्तेमाल किया जाता था, जिसका मिलान पिन नंबर के तौर पर इस्तेमाल किया गया. आज यह मशीन काफी बदल चुकी है. | यह एक सारांश है: 27 जून 1967 में दुनिया की पहली एटीएम मशीन स्थापित की गई थी.
50वें जन्मदिन के मौके पर बैंक ने इसे सोने का एटीएम बना दिया है.
पहला एटीएम बनाने का विचार जॉन शेफर्ड बैरन की सोच का नतीजा था | 16 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: शाहरुख खान और माहिरा खान की फिल्म 'रईस' की अब तक की कमाई, बॉक्स ऑफिस इंडिया के अनुसार 114.50 करोड़ पहुंच गई है. वहीं इसी रिपोर्ट के अनुसार, ऋतिक रोशन की फिल्म 'काबिल' ने अब तक 69.50 करोड़ रुपए कमाए हैं. बॉक्स ऑफिस इंडिया के अनुसार 'काबिल' ने शुक्रवार को 2.50 करोड़ की कमाई की है जबकि शाहरुख की 'रईस' ने शुक्रवार को 2.75 करोड़ की कमाई की है. बॉक्स ऑफिस पर शाहरुख खान की 'रईस' और ऋतिक रोशन की फिल्म 'काबिल' एक साथ रिलीज हुई थी. शाहरुख खान की फिल्म रईस 2700 स्क्रीन्स पर शेयर की गई थी. इस रिपोर्ट के अनुसार शुक्रवार को 'रईस' के कलेक्शन में लगभग 35 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है. इस रिपोर्ट के अनुसार इस फिल्म के स्क्रीन्स में कमी आने से कलेक्शन में यह गिरावट आई है.टिप्पणियां
शाहरुख खान अभिनीत फिल्म रईस बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन कर रही है. 25 जनवरी को रिलीज हुई फिल्म ने बुधवार को 20.25 करोड़, दूसरे दिन 26.25 करोड़, शुक्रवार को 13 करोड़, शनिवार को 15.50 करोड़ और रविवार को इस फिल्म ने 17.25 करोड़ की कमाई की थी. बॉक्स ऑफिस इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक शाहरुख की यह फिल्म विदेशों में काफी अच्छा बिजनेज कर रही है. इसने अपने रिलीज के पहले हफ्ते 226 करोड़ की कमाई की थी. यह फिल्म शाहरुख की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में 'दिलवाले' के बाद दूसरे नंबर पर हो सकती है.
इस फिल्म में पाकिस्तानी एक्ट्रेस माहिरा खान ने अपनी बॉलीवुड शुरुआत की है. हाल ही में माहिरा खान वीडियो कॉन्फरेंसिंग के जरिए भारत में एक प्रेस कॉन्फरेंस का हिस्सा बनीं. इस कॉन्फरेंस में शाहरुख खान और नवाजुद्दीन सिद्दीकी भी शामिल थे. इस वीडियो कॉन्फरेंस में माहिरा ने कहा, 'रईस' जल्द ही पाकिस्तान में रिलीज होने जा रही है और मेरा यकीन कीजिए, जैसे दुनिया भर में लोगों ने इस फिल्म का इंतजार किया वैसे ही पाकिस्तान के लोग भी बेसब्री से इस फिल्म का इंतजार कर रहे हैं. मुझे पूरा यकीन है कि यह यहां (पाकिस्तान) अच्छा व्यवसाय करेगी.'
शाहरुख खान की फिल्म रईस की कहानी 1980 के दौर में गुजरात के इर्द गिर्द घूमती है. यह फिल्म रईस नाम के एक शख्स के बारे में बताती है जो जिंदगी में कुछ बड़ा करना चाहता है.
शाहरुख खान अभिनीत फिल्म रईस बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन कर रही है. 25 जनवरी को रिलीज हुई फिल्म ने बुधवार को 20.25 करोड़, दूसरे दिन 26.25 करोड़, शुक्रवार को 13 करोड़, शनिवार को 15.50 करोड़ और रविवार को इस फिल्म ने 17.25 करोड़ की कमाई की थी. बॉक्स ऑफिस इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक शाहरुख की यह फिल्म विदेशों में काफी अच्छा बिजनेज कर रही है. इसने अपने रिलीज के पहले हफ्ते 226 करोड़ की कमाई की थी. यह फिल्म शाहरुख की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में 'दिलवाले' के बाद दूसरे नंबर पर हो सकती है.
इस फिल्म में पाकिस्तानी एक्ट्रेस माहिरा खान ने अपनी बॉलीवुड शुरुआत की है. हाल ही में माहिरा खान वीडियो कॉन्फरेंसिंग के जरिए भारत में एक प्रेस कॉन्फरेंस का हिस्सा बनीं. इस कॉन्फरेंस में शाहरुख खान और नवाजुद्दीन सिद्दीकी भी शामिल थे. इस वीडियो कॉन्फरेंस में माहिरा ने कहा, 'रईस' जल्द ही पाकिस्तान में रिलीज होने जा रही है और मेरा यकीन कीजिए, जैसे दुनिया भर में लोगों ने इस फिल्म का इंतजार किया वैसे ही पाकिस्तान के लोग भी बेसब्री से इस फिल्म का इंतजार कर रहे हैं. मुझे पूरा यकीन है कि यह यहां (पाकिस्तान) अच्छा व्यवसाय करेगी.'
शाहरुख खान की फिल्म रईस की कहानी 1980 के दौर में गुजरात के इर्द गिर्द घूमती है. यह फिल्म रईस नाम के एक शख्स के बारे में बताती है जो जिंदगी में कुछ बड़ा करना चाहता है.
शाहरुख खान की फिल्म रईस की कहानी 1980 के दौर में गुजरात के इर्द गिर्द घूमती है. यह फिल्म रईस नाम के एक शख्स के बारे में बताती है जो जिंदगी में कुछ बड़ा करना चाहता है. | यह एक सारांश है: 'रईस' ने शुक्रवार को 2.75 करोड़ की कमाई की है
शाहरुख खान की फिल्म रईस 2700 स्क्रीन्स पर शेयर की गई थी
'रईस' ने रिलीज के पहले हफ्ते 226 करोड़ की कमाई की थी | 16 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मिस्र के पूर्व राष्ट्रपति होस्नी मुबारक को दिल का दौरा पड़ा है और उनकी हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है। खबरों के मुताबिक होस्नी मुबारक को जेल में ही दिल का दौरा पड़ा है।
गौरतलब है कि उनके दिल ने काम करना बंद कर दिया था जिसे लाइफ सपोर्ट सिस्टम की वजह से दोबारा शुरू किया गया है। 84 साल के मुबारक इस वक्त सेना के अस्पताल में भर्ती हैं हालांकि बीबीसी की खबर के मुताबिक मिस्र के लोग मुबारक की बिगड़ती सेहत की खबर को संदेह के तौर पर देख रहे हैं क्योंकि इससे पहले भी ऐसी खबरें आ चुकी हैं और यह गलत साबित हुईं थीं।
गौरतलब है कि उनके दिल ने काम करना बंद कर दिया था जिसे लाइफ सपोर्ट सिस्टम की वजह से दोबारा शुरू किया गया है। 84 साल के मुबारक इस वक्त सेना के अस्पताल में भर्ती हैं हालांकि बीबीसी की खबर के मुताबिक मिस्र के लोग मुबारक की बिगड़ती सेहत की खबर को संदेह के तौर पर देख रहे हैं क्योंकि इससे पहले भी ऐसी खबरें आ चुकी हैं और यह गलत साबित हुईं थीं। | यह एक सारांश है: 84 साल के मुबारक इस वक्त सेना के अस्पताल में भर्ती हैं हालांकि खबरों के मुताबिक मिस्र के लोग होस्नी की बिगड़ती सेहत की खबर को संदेह के तौर पर देख रहे हैं। | 9 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: गिरफ्तारी की आशंका की खबरों के बीच कडप्पा से सांसद वाईएस जगनमोहन रेड्डी अपने खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में सीबीआई के सामने पेश हुए। इस दौरान किसी अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए हैदराबाद पुलिस ने शहर में धारा-144 लगा दी और दिलखुश गेस्ट हाउस के अंदर तथा बाहर सुरक्षा कड़ी कर दी, जहां बड़ी संख्या में पुलिस और आरएएफ के कर्मी तैनात किए गए हैं।टिप्पणियां
जांच एजेंसी जगन से वाडरेवू एवं निजामपटनम बंदरगाह तथा औद्योगिक कॉरिडोर करार (वैनपिक) के बारे में उद्योगपति निम्मगड्डा प्रसाद और वरिष्ठ नौकरशाह केवी ब्रह्मानंद रेड्डी की मौजूदगी में पूछताछ करना चाहती है। ये दोनों पहले से ही हिरासत में हैं। प्रसाद वैनपिक करार में प्रमोटर हैं। उन्होंने तत्कालीन वाईएसआर सरकार द्वारा वैनपिक परियोजना को भूमि आवंटन के लिए जगन के व्यवसाय में कथित तौर पर 850 करोड़ रुपये का निवेश किया था।
सीबीआई ने गुरुवार को आबकारी मंत्री मोपिदेवी वेंकटरमन को वैनपिक परियोजना के सिलसिले में गिरफ्तार किया था। आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने बुधवार को जगन से सीबीआई के निर्देशों का पालन करने और 25 मई को जांच एजेंसी के समक्ष पेश होने को कहा था। यहां की सीबीआई अदालत ने उन्हें अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया था, जबकि जगन ने कहा था कि वह अपने उम्मीदवारों के लिए आंध्र प्रदेश में होने वाले आगामी उपचुनावों के लिए प्रचार अभियान की अगुआई कर रहे हैं।
जांच एजेंसी जगन से वाडरेवू एवं निजामपटनम बंदरगाह तथा औद्योगिक कॉरिडोर करार (वैनपिक) के बारे में उद्योगपति निम्मगड्डा प्रसाद और वरिष्ठ नौकरशाह केवी ब्रह्मानंद रेड्डी की मौजूदगी में पूछताछ करना चाहती है। ये दोनों पहले से ही हिरासत में हैं। प्रसाद वैनपिक करार में प्रमोटर हैं। उन्होंने तत्कालीन वाईएसआर सरकार द्वारा वैनपिक परियोजना को भूमि आवंटन के लिए जगन के व्यवसाय में कथित तौर पर 850 करोड़ रुपये का निवेश किया था।
सीबीआई ने गुरुवार को आबकारी मंत्री मोपिदेवी वेंकटरमन को वैनपिक परियोजना के सिलसिले में गिरफ्तार किया था। आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने बुधवार को जगन से सीबीआई के निर्देशों का पालन करने और 25 मई को जांच एजेंसी के समक्ष पेश होने को कहा था। यहां की सीबीआई अदालत ने उन्हें अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया था, जबकि जगन ने कहा था कि वह अपने उम्मीदवारों के लिए आंध्र प्रदेश में होने वाले आगामी उपचुनावों के लिए प्रचार अभियान की अगुआई कर रहे हैं।
सीबीआई ने गुरुवार को आबकारी मंत्री मोपिदेवी वेंकटरमन को वैनपिक परियोजना के सिलसिले में गिरफ्तार किया था। आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने बुधवार को जगन से सीबीआई के निर्देशों का पालन करने और 25 मई को जांच एजेंसी के समक्ष पेश होने को कहा था। यहां की सीबीआई अदालत ने उन्हें अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया था, जबकि जगन ने कहा था कि वह अपने उम्मीदवारों के लिए आंध्र प्रदेश में होने वाले आगामी उपचुनावों के लिए प्रचार अभियान की अगुआई कर रहे हैं। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: गिरफ्तारी की आशंका की खबरों के बीच कडप्पा से सांसद वाईएस जगनमोहन रेड्डी अपने खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में सीबीआई के सामने पेश हुए। | 19 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पदक के प्रबल दावेदार माने जा रहे भारतीय निशानेबाज रंजन सोढ़ी गुरुवार को लंदन में पुरुष डबल ट्रैप स्पर्धा के फाइनल्स के लिये भी क्वालीफाई नहीं कर पाये जिससे ओलिंपिक खेलों में भारतीय उम्मीदों को करारा झटका लगा है।
दुनिया के इस पूर्व नंबर एक निशानेबाज ने क्वालीफाईंग राउंड में 150 में से 134 अंक बनाये और वह 24 प्रतिभागियों में 11वें स्थान पर रहे। केवल चोटी के छह निशानेबाजों को ही फाइनल्स में जगह मिलती है और इस तरह से सोढ़ी को बाहर का रास्ता देखना पड़ा।टिप्पणियां
ग्वांग्झू एशियाई खेल 2010 में स्वर्ण पदक जीतने वाले सोढ़ी ने अच्छी शुरुआत की तथा पहले दौर में 50 में से 48 अंक बनाये लेकिन अगले दो दौर में उनके निशाने चूकते रहे और वह क्रमश: 44 और 42 का स्कोर ही बना पाये और इस तरह से क्वालीफाई करने से चूक गये। इस बीच पिस्टल निशानेबाज विजय कुमार पुरुषों की 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल में क्वालीफायर के पहले चरण के बाद पांचवें स्थान पर हैं और वह अब भी फाइनल में जगह बनाने की दौड़ में बने हुए हैं।
विजय ने क्वालीफाईंग के पहले चरण में कुल 293 अंक बनाये जिसमें दस-दस के सात इनर शाट भी शामिल हैं। उनका औसत स्कोर 9.767 रहा। क्वालीफाईंग का दूसरा चरण कल होगा।
दुनिया के इस पूर्व नंबर एक निशानेबाज ने क्वालीफाईंग राउंड में 150 में से 134 अंक बनाये और वह 24 प्रतिभागियों में 11वें स्थान पर रहे। केवल चोटी के छह निशानेबाजों को ही फाइनल्स में जगह मिलती है और इस तरह से सोढ़ी को बाहर का रास्ता देखना पड़ा।टिप्पणियां
ग्वांग्झू एशियाई खेल 2010 में स्वर्ण पदक जीतने वाले सोढ़ी ने अच्छी शुरुआत की तथा पहले दौर में 50 में से 48 अंक बनाये लेकिन अगले दो दौर में उनके निशाने चूकते रहे और वह क्रमश: 44 और 42 का स्कोर ही बना पाये और इस तरह से क्वालीफाई करने से चूक गये। इस बीच पिस्टल निशानेबाज विजय कुमार पुरुषों की 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल में क्वालीफायर के पहले चरण के बाद पांचवें स्थान पर हैं और वह अब भी फाइनल में जगह बनाने की दौड़ में बने हुए हैं।
विजय ने क्वालीफाईंग के पहले चरण में कुल 293 अंक बनाये जिसमें दस-दस के सात इनर शाट भी शामिल हैं। उनका औसत स्कोर 9.767 रहा। क्वालीफाईंग का दूसरा चरण कल होगा।
ग्वांग्झू एशियाई खेल 2010 में स्वर्ण पदक जीतने वाले सोढ़ी ने अच्छी शुरुआत की तथा पहले दौर में 50 में से 48 अंक बनाये लेकिन अगले दो दौर में उनके निशाने चूकते रहे और वह क्रमश: 44 और 42 का स्कोर ही बना पाये और इस तरह से क्वालीफाई करने से चूक गये। इस बीच पिस्टल निशानेबाज विजय कुमार पुरुषों की 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल में क्वालीफायर के पहले चरण के बाद पांचवें स्थान पर हैं और वह अब भी फाइनल में जगह बनाने की दौड़ में बने हुए हैं।
विजय ने क्वालीफाईंग के पहले चरण में कुल 293 अंक बनाये जिसमें दस-दस के सात इनर शाट भी शामिल हैं। उनका औसत स्कोर 9.767 रहा। क्वालीफाईंग का दूसरा चरण कल होगा।
विजय ने क्वालीफाईंग के पहले चरण में कुल 293 अंक बनाये जिसमें दस-दस के सात इनर शाट भी शामिल हैं। उनका औसत स्कोर 9.767 रहा। क्वालीफाईंग का दूसरा चरण कल होगा। | पदक के प्रबल दावेदार माने जा रहे भारतीय निशानेबाज रंजन सोढ़ी गुरुवार को लंदन में पुरुष डबल ट्रैप स्पर्धा के फाइनल्स के लिये भी क्वालीफाई नहीं कर पाये जिससे ओलिंपिक खेलों में भारतीय उम्मीदों को करारा झटका लगा है। | 28 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने उम्मीद जताई कि मालदीव में सभी राजनीतिक विचारधाराएं आगे का रास्ता तलाशने के लिए एकजुट होंगी, वहीं मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद वहीद ने चुनावों और लोकतंत्र के प्रति अपनी गहरी प्रतिबद्धता जताई।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि फरवरी में बदलते राजनीतिक हालात में सत्ता पर काबिज होने के बाद से पहली विदेश यात्रा पर निकले वहीद ने सिंह के साथ व्यापक विचार-विमर्श किया। इस दौरान उन्होंने अपने देश के मौजूदा राजनीतिक हालात पर प्रधानमंत्री को जानकारी दी।
राष्ट्रपति वहीद ने मालदीव सरकार द्वारा गठित राष्ट्रीय जांच आयोग (एनसीआई) से जुड़े मुद्दों पर भी सिंह को जानकारी दी जिसका गठन सात फरवरी, 2012 के घटनाक्रम की जांच के लिए किया गया था, जिस दिन वहीद ने मोहम्मद नशीद के इस्तीफे के बाद पद संभाला। सिंह ने मुलाकात के दौरान वहीद को आश्वासन दिया कि मालदीव के विकास के लिए भारत मदद करता रहेगा। सूत्रों के अनुसार उन्होंने कहा कि मालदीव में शांति और स्थिरता भारत के लिए अहम है।
भारत के साथ दीर्घकालिक मित्रता के लिए प्रतिबद्धता दोहराते हुए वहीद ने सभी सहमतियों का पालन करते रहने पर जोर दिया।
सूत्रों ने बताया कि उन्होंने भारत के समर्थन के लिए उसका आभार भी अदा किया।
वहीद ने कहा कि मालदीव ने लोकतांत्रिक शासन को सीखने में भारत के अनुभवों और उदाहरण पर गौर किया है।टिप्पणियां
वह अपने पांच दिवसीय दौरे में उद्यमियों से भी मुलाकात कर सकते हैं और मालदीव में भारतीय निवेश का प्रस्ताव रख सकते हैं।
इससे पहले, विदेश मंत्री एसएम कृष्णा से भी मुलाकात कर वहीद ने द्विपक्षीय रिश्तों के अनेक पहलुओं पर चर्चा की।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि फरवरी में बदलते राजनीतिक हालात में सत्ता पर काबिज होने के बाद से पहली विदेश यात्रा पर निकले वहीद ने सिंह के साथ व्यापक विचार-विमर्श किया। इस दौरान उन्होंने अपने देश के मौजूदा राजनीतिक हालात पर प्रधानमंत्री को जानकारी दी।
राष्ट्रपति वहीद ने मालदीव सरकार द्वारा गठित राष्ट्रीय जांच आयोग (एनसीआई) से जुड़े मुद्दों पर भी सिंह को जानकारी दी जिसका गठन सात फरवरी, 2012 के घटनाक्रम की जांच के लिए किया गया था, जिस दिन वहीद ने मोहम्मद नशीद के इस्तीफे के बाद पद संभाला। सिंह ने मुलाकात के दौरान वहीद को आश्वासन दिया कि मालदीव के विकास के लिए भारत मदद करता रहेगा। सूत्रों के अनुसार उन्होंने कहा कि मालदीव में शांति और स्थिरता भारत के लिए अहम है।
भारत के साथ दीर्घकालिक मित्रता के लिए प्रतिबद्धता दोहराते हुए वहीद ने सभी सहमतियों का पालन करते रहने पर जोर दिया।
सूत्रों ने बताया कि उन्होंने भारत के समर्थन के लिए उसका आभार भी अदा किया।
वहीद ने कहा कि मालदीव ने लोकतांत्रिक शासन को सीखने में भारत के अनुभवों और उदाहरण पर गौर किया है।टिप्पणियां
वह अपने पांच दिवसीय दौरे में उद्यमियों से भी मुलाकात कर सकते हैं और मालदीव में भारतीय निवेश का प्रस्ताव रख सकते हैं।
इससे पहले, विदेश मंत्री एसएम कृष्णा से भी मुलाकात कर वहीद ने द्विपक्षीय रिश्तों के अनेक पहलुओं पर चर्चा की।
राष्ट्रपति वहीद ने मालदीव सरकार द्वारा गठित राष्ट्रीय जांच आयोग (एनसीआई) से जुड़े मुद्दों पर भी सिंह को जानकारी दी जिसका गठन सात फरवरी, 2012 के घटनाक्रम की जांच के लिए किया गया था, जिस दिन वहीद ने मोहम्मद नशीद के इस्तीफे के बाद पद संभाला। सिंह ने मुलाकात के दौरान वहीद को आश्वासन दिया कि मालदीव के विकास के लिए भारत मदद करता रहेगा। सूत्रों के अनुसार उन्होंने कहा कि मालदीव में शांति और स्थिरता भारत के लिए अहम है।
भारत के साथ दीर्घकालिक मित्रता के लिए प्रतिबद्धता दोहराते हुए वहीद ने सभी सहमतियों का पालन करते रहने पर जोर दिया।
सूत्रों ने बताया कि उन्होंने भारत के समर्थन के लिए उसका आभार भी अदा किया।
वहीद ने कहा कि मालदीव ने लोकतांत्रिक शासन को सीखने में भारत के अनुभवों और उदाहरण पर गौर किया है।टिप्पणियां
वह अपने पांच दिवसीय दौरे में उद्यमियों से भी मुलाकात कर सकते हैं और मालदीव में भारतीय निवेश का प्रस्ताव रख सकते हैं।
इससे पहले, विदेश मंत्री एसएम कृष्णा से भी मुलाकात कर वहीद ने द्विपक्षीय रिश्तों के अनेक पहलुओं पर चर्चा की।
भारत के साथ दीर्घकालिक मित्रता के लिए प्रतिबद्धता दोहराते हुए वहीद ने सभी सहमतियों का पालन करते रहने पर जोर दिया।
सूत्रों ने बताया कि उन्होंने भारत के समर्थन के लिए उसका आभार भी अदा किया।
वहीद ने कहा कि मालदीव ने लोकतांत्रिक शासन को सीखने में भारत के अनुभवों और उदाहरण पर गौर किया है।टिप्पणियां
वह अपने पांच दिवसीय दौरे में उद्यमियों से भी मुलाकात कर सकते हैं और मालदीव में भारतीय निवेश का प्रस्ताव रख सकते हैं।
इससे पहले, विदेश मंत्री एसएम कृष्णा से भी मुलाकात कर वहीद ने द्विपक्षीय रिश्तों के अनेक पहलुओं पर चर्चा की।
वहीद ने कहा कि मालदीव ने लोकतांत्रिक शासन को सीखने में भारत के अनुभवों और उदाहरण पर गौर किया है।टिप्पणियां
वह अपने पांच दिवसीय दौरे में उद्यमियों से भी मुलाकात कर सकते हैं और मालदीव में भारतीय निवेश का प्रस्ताव रख सकते हैं।
इससे पहले, विदेश मंत्री एसएम कृष्णा से भी मुलाकात कर वहीद ने द्विपक्षीय रिश्तों के अनेक पहलुओं पर चर्चा की।
वह अपने पांच दिवसीय दौरे में उद्यमियों से भी मुलाकात कर सकते हैं और मालदीव में भारतीय निवेश का प्रस्ताव रख सकते हैं।
इससे पहले, विदेश मंत्री एसएम कृष्णा से भी मुलाकात कर वहीद ने द्विपक्षीय रिश्तों के अनेक पहलुओं पर चर्चा की।
इससे पहले, विदेश मंत्री एसएम कृष्णा से भी मुलाकात कर वहीद ने द्विपक्षीय रिश्तों के अनेक पहलुओं पर चर्चा की। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने उम्मीद जताई कि मालदीव में सभी राजनीतिक विचारधाराएं आगे का रास्ता तलाशने के लिए एकजुट होंगी, वहीं मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद वहीद ने चुनावों और लोकतंत्र के प्रति अपनी गहरी प्रतिबद्धता जताई। | 11 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पश्चिमी मध्यप्रदेश के शाजापुर जिले में एक मोबाइल फोन अचानक उस समय फट गया, जब 10 वर्षीय एक लड़के ने इस दूरसंचार उपकरण को खेल-खेल में अपने मुंह के भीतर डाला हुआ था।टिप्पणियां
सूत्रों ने बताया कि इस विस्फोट से बुरी तरह घायल चेतन सिंह (10) को इंदौर के महाराजा यशवंतराव अस्पताल में भर्ती कराया गया।
सूत्रों के मुताबिक पांचवीं के छात्र के मुंह में मोबाइल फटने से उसके कुछ ऊपरी दांत टूट गए। इसके साथ ही, लड़के के होठों और जबड़े को भी गंभीर चोट पहुंची। उन्होंने बताया कि अस्पताल में इलाज के बाद चेतन की हालत फिलहाल स्थिर है। उसकी स्थिति पर बराबर नजर रखी जा रही है।
सूत्रों ने बताया कि इस विस्फोट से बुरी तरह घायल चेतन सिंह (10) को इंदौर के महाराजा यशवंतराव अस्पताल में भर्ती कराया गया।
सूत्रों के मुताबिक पांचवीं के छात्र के मुंह में मोबाइल फटने से उसके कुछ ऊपरी दांत टूट गए। इसके साथ ही, लड़के के होठों और जबड़े को भी गंभीर चोट पहुंची। उन्होंने बताया कि अस्पताल में इलाज के बाद चेतन की हालत फिलहाल स्थिर है। उसकी स्थिति पर बराबर नजर रखी जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक पांचवीं के छात्र के मुंह में मोबाइल फटने से उसके कुछ ऊपरी दांत टूट गए। इसके साथ ही, लड़के के होठों और जबड़े को भी गंभीर चोट पहुंची। उन्होंने बताया कि अस्पताल में इलाज के बाद चेतन की हालत फिलहाल स्थिर है। उसकी स्थिति पर बराबर नजर रखी जा रही है। | यह एक सारांश है: पश्चिमी मध्यप्रदेश के शाजापुर जिले में एक मोबाइल फोन अचानक उस समय फट गया, जब 10 वर्षीय एक लड़के ने इस दूरसंचार उपकरण को खेल-खेल में अपने मुंह के भीतर डाला हुआ था। | 9 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दक्षिण अफ्रीका के पूर्व तेज गेंदबाज हेनरी विलियम्स ने खुलासा किया है कि एक दशक पहले मैच फिक्सिंग मामले में उन्होंने किंग कमीशन के सामने हैन्सी क्रोन्ये के खिलाफ गलत बयान दिया था।
विलियम्स ने शनिवार को स्वीकार किया कि उन्होंने और उनके साथी गिब्स ने वर्ष 2000 में किंग कमीशन के सामने झूठ बोला था कि क्रोन्ये ने भारत के खिलाफ नागपुर वन-डे मैच में खराब प्रदर्शन करने के लिए उन्हें 15 हजार डॉलर देने की पेशकश की थी।
विलियम्स ने ‘संडे टाइम्स’ से कहा कि उन्होंने अपने वकील की सलाह पर ऐसा किया था। उन्होंने समाचार पत्र से कहा, ‘‘जब हमने अपने वकीलों को बताया कि असल मामला क्या है तो उन्होंने हमें चेतावनी दी कि ऐसा करने पर उन्हें सजा हो सकती है।’’टिप्पणियां
विलियम्स और गिब्स दोनों पर छह महीने का प्रतिबंध लगा था। क्रोन्ये ने मैच फिक्सिंग की बात स्वीकार की थी। आईसीसी ने उन पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया था। क्रोन्ये की बाद में 2002 में विमान दुर्घटना में मौत हो गई थी।
विलियम्स ने कहा कि उन पर इस तरह का बयान देने के लिए दबाव बनाया गया था। लेकिन उनके संबंधित वकीलों माइक फिट्जगेराल्ड और पीटर वीलन ने विलियम्स के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह खिलाड़ी पहले झूठ बोलने की कोशिश कर रहा था लेकिन गिब्स के सच बोलने के बाद उसे भी सचाई उगलनी पड़ी थी।
विलियम्स ने शनिवार को स्वीकार किया कि उन्होंने और उनके साथी गिब्स ने वर्ष 2000 में किंग कमीशन के सामने झूठ बोला था कि क्रोन्ये ने भारत के खिलाफ नागपुर वन-डे मैच में खराब प्रदर्शन करने के लिए उन्हें 15 हजार डॉलर देने की पेशकश की थी।
विलियम्स ने ‘संडे टाइम्स’ से कहा कि उन्होंने अपने वकील की सलाह पर ऐसा किया था। उन्होंने समाचार पत्र से कहा, ‘‘जब हमने अपने वकीलों को बताया कि असल मामला क्या है तो उन्होंने हमें चेतावनी दी कि ऐसा करने पर उन्हें सजा हो सकती है।’’टिप्पणियां
विलियम्स और गिब्स दोनों पर छह महीने का प्रतिबंध लगा था। क्रोन्ये ने मैच फिक्सिंग की बात स्वीकार की थी। आईसीसी ने उन पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया था। क्रोन्ये की बाद में 2002 में विमान दुर्घटना में मौत हो गई थी।
विलियम्स ने कहा कि उन पर इस तरह का बयान देने के लिए दबाव बनाया गया था। लेकिन उनके संबंधित वकीलों माइक फिट्जगेराल्ड और पीटर वीलन ने विलियम्स के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह खिलाड़ी पहले झूठ बोलने की कोशिश कर रहा था लेकिन गिब्स के सच बोलने के बाद उसे भी सचाई उगलनी पड़ी थी।
विलियम्स ने ‘संडे टाइम्स’ से कहा कि उन्होंने अपने वकील की सलाह पर ऐसा किया था। उन्होंने समाचार पत्र से कहा, ‘‘जब हमने अपने वकीलों को बताया कि असल मामला क्या है तो उन्होंने हमें चेतावनी दी कि ऐसा करने पर उन्हें सजा हो सकती है।’’टिप्पणियां
विलियम्स और गिब्स दोनों पर छह महीने का प्रतिबंध लगा था। क्रोन्ये ने मैच फिक्सिंग की बात स्वीकार की थी। आईसीसी ने उन पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया था। क्रोन्ये की बाद में 2002 में विमान दुर्घटना में मौत हो गई थी।
विलियम्स ने कहा कि उन पर इस तरह का बयान देने के लिए दबाव बनाया गया था। लेकिन उनके संबंधित वकीलों माइक फिट्जगेराल्ड और पीटर वीलन ने विलियम्स के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह खिलाड़ी पहले झूठ बोलने की कोशिश कर रहा था लेकिन गिब्स के सच बोलने के बाद उसे भी सचाई उगलनी पड़ी थी।
विलियम्स और गिब्स दोनों पर छह महीने का प्रतिबंध लगा था। क्रोन्ये ने मैच फिक्सिंग की बात स्वीकार की थी। आईसीसी ने उन पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया था। क्रोन्ये की बाद में 2002 में विमान दुर्घटना में मौत हो गई थी।
विलियम्स ने कहा कि उन पर इस तरह का बयान देने के लिए दबाव बनाया गया था। लेकिन उनके संबंधित वकीलों माइक फिट्जगेराल्ड और पीटर वीलन ने विलियम्स के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह खिलाड़ी पहले झूठ बोलने की कोशिश कर रहा था लेकिन गिब्स के सच बोलने के बाद उसे भी सचाई उगलनी पड़ी थी।
विलियम्स ने कहा कि उन पर इस तरह का बयान देने के लिए दबाव बनाया गया था। लेकिन उनके संबंधित वकीलों माइक फिट्जगेराल्ड और पीटर वीलन ने विलियम्स के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह खिलाड़ी पहले झूठ बोलने की कोशिश कर रहा था लेकिन गिब्स के सच बोलने के बाद उसे भी सचाई उगलनी पड़ी थी। | संक्षिप्त पाठ: दक्षिण अफ्रीका के पूर्व तेज गेंदबाज हेनरी विलियम्स ने खुलासा किया है कि एक दशक पहले मैच फिक्सिंग मामले में उन्होंने किंग कमीशन के सामने हैन्सी क्रोन्ये के खिलाफ गलत बयान दिया था। | 22 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: उन्होंने कहा कि कोई भी गरीब अपने बच्चे को गरीबी की जिंदगी नहीं देना चाहता. पीएम ने कहा कि मैंने गरीबी देखी है, मैं नहीं चाहता देश की आने वाली पीढ़ी गरीबी देखे. कोई गरीब अपनी संतानों को विरासत में गरीबी नहीं देना चाहता है. वह सम्मान के साथ जिंदगी देना चाहते है. हर गरीब का सपना है. भारत सरकार का भी देश की भावी पीढ़ी के लिए ऐसा ही सोचती है. पीएम मोदी ने कहा कि काशी में जलतप वाहिनी का भी उद्घाटन हुआ है. इससे लोगों को फायदा होगा. उन्होंने कहा कि काशी की ट्रैफिक की समस्या दूर करने के लिए जलमार्ग का उपयोग करना चाहिए. इसे आर्थिक विकास से जोड़ा जा सकता है.
पीएम ने कहा कि दो जगहों से चुने जाने के बाद मैंने काशी के विकास को चुना. वहां पर मेरे अन्य साथी हैं. आज वडोदरा और काशी को जोड़ा जा रहा है. गुजरात में से टेक्सटाइल चलता हुआ बनारस आया था. आज फिर से वडोदरा जो कि एक विद्या का धाम है, संस्कृति की नगरी है काशी से जुड़ रही है.
पीएम ने कहा कि दो जगहों से चुने जाने के बाद मैंने काशी के विकास को चुना. वहां पर मेरे अन्य साथी हैं. आज वडोदरा और काशी को जोड़ा जा रहा है. गुजरात में से टेक्सटाइल चलता हुआ बनारस आया था. आज फिर से वडोदरा जो कि एक विद्या का धाम है, संस्कृति की नगरी है काशी से जुड़ रही है. | सारांश: वाराणसी के दो दिन के दौरे पर हैं पीएम मोदी
बुनकरों की सभा को संबोधित किया पीएम मोदी ने
कई योजनाओं का उद्घाटन करेंगे पीएम मोदी | 33 | ['hin'] |
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