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इस पाठ का सारांश बनाओ: सांसदों को ‘डकैत और हत्यारे’ करार देने वाले बाबा रामदेव पर पलटवार करते हुए राजद प्रमुख लालू प्रसाद ने बुधवार को ‘पगलेट’ घोषित कर दिया।टिप्पणियां लालू ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं के सवाल करने पर कहा, ‘बाबा रामदेव पगला गये हैं। जो भी इस प्रकार की बातें करता है वह पगलेट है।’ उन्होंने रामदेव द्वारा सांसदों को ‘डकैत और हत्यारे’ करार दिए जाने पर यह टिप्पणी की। रामदेव ने कल छत्तीसढ़ के दुर्ग में अपनी माह भर चलने वाली यात्रा की शुरूआत के समय मीडिया को संबोधित करते हुए कहा था, ‘ये वो लोग हैं जिन्हें कोई परवाह नहीं है। किसानों की परवाह नहीं है, मजदूरों की या देश की जनता की परवाह नहीं है।’ रामदेव ने कहा, ‘वे धन के दोस्त और दास हैं। वे अनपढ़, डकैत और हत्यारे हैं। वे इंसानों के वेश में शैतान हैं जिन्हें हम लोगों ने इन पदों पर चुना है।’ उन्होंने कहा कि सांसदों में अच्छे लोग भी हैं और वह उनका सम्मान करते हैं। ‘लेकिन उनमें डकैत, अनपढ़ और हत्यारे भी हैं। हमें संसद को बचाना होगा। हमें भ्रष्ट लोगों को हटाना होगा।’ लालू ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं के सवाल करने पर कहा, ‘बाबा रामदेव पगला गये हैं। जो भी इस प्रकार की बातें करता है वह पगलेट है।’ उन्होंने रामदेव द्वारा सांसदों को ‘डकैत और हत्यारे’ करार दिए जाने पर यह टिप्पणी की। रामदेव ने कल छत्तीसढ़ के दुर्ग में अपनी माह भर चलने वाली यात्रा की शुरूआत के समय मीडिया को संबोधित करते हुए कहा था, ‘ये वो लोग हैं जिन्हें कोई परवाह नहीं है। किसानों की परवाह नहीं है, मजदूरों की या देश की जनता की परवाह नहीं है।’ रामदेव ने कहा, ‘वे धन के दोस्त और दास हैं। वे अनपढ़, डकैत और हत्यारे हैं। वे इंसानों के वेश में शैतान हैं जिन्हें हम लोगों ने इन पदों पर चुना है।’ उन्होंने कहा कि सांसदों में अच्छे लोग भी हैं और वह उनका सम्मान करते हैं। ‘लेकिन उनमें डकैत, अनपढ़ और हत्यारे भी हैं। हमें संसद को बचाना होगा। हमें भ्रष्ट लोगों को हटाना होगा।’ रामदेव ने कल छत्तीसढ़ के दुर्ग में अपनी माह भर चलने वाली यात्रा की शुरूआत के समय मीडिया को संबोधित करते हुए कहा था, ‘ये वो लोग हैं जिन्हें कोई परवाह नहीं है। किसानों की परवाह नहीं है, मजदूरों की या देश की जनता की परवाह नहीं है।’ रामदेव ने कहा, ‘वे धन के दोस्त और दास हैं। वे अनपढ़, डकैत और हत्यारे हैं। वे इंसानों के वेश में शैतान हैं जिन्हें हम लोगों ने इन पदों पर चुना है।’ उन्होंने कहा कि सांसदों में अच्छे लोग भी हैं और वह उनका सम्मान करते हैं। ‘लेकिन उनमें डकैत, अनपढ़ और हत्यारे भी हैं। हमें संसद को बचाना होगा। हमें भ्रष्ट लोगों को हटाना होगा।’
सांसदों को ‘डकैत और हत्यारे’ करार देने वाले बाबा रामदेव पर पलटवार करते हुए राजद प्रमुख लालू प्रसाद ने बुधवार को ‘पगलेट’ घोषित कर दिया।
1
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: हर्षवर्धन कपूर और सयामी खेर अभिनीत फिल्म 'मिर्ज़िया' का दूसरा ट्रेलर जारी कर दिया गया गया है. यह ट्रेलर इतना जबरदस्त है कि तीन मिनट तक स्क्रीन से आपकी नज़र ही नहीं हटेगी. फिल्म पंजाबी लोककथा के नायक मिर्ज़ा साहिबान पर बनी है, जो दो कालों को जोड़ती सी लगती है. दूसरे ट्रेलर में वर्तमान की कहानी दिखाई गई है और बीच-बीच में मिर्ज़ा साहिबान के जीवन का फ्लैशबैक भी दिखाती है.टिप्पणियां फिल्म के इस ट्रेलर में हर्षवर्धन और सयामी रोमांस करते नजर आ रहे हैं. ट्रेलर से लग रहा है कि 'मिर्ज़िया' बेइंतेहां मोहब्बत और उस मोहब्बत के दुश्मनों के बीच की लड़ाई की कहानी है. हर्षवर्धन कपूर बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता अनिल कपूर के बेटे और अभिनेत्री सोनम कपूर के भाई हैं. अभिनेता के रूप में यह उनकी पहली फिल्म है. राकेश ओम प्रकाश मेहरा द्वारा निर्देशित 'मिर्ज़िया' सात अक्टूबर को रिलीज़ होगी. फिल्म के इस ट्रेलर में हर्षवर्धन और सयामी रोमांस करते नजर आ रहे हैं. ट्रेलर से लग रहा है कि 'मिर्ज़िया' बेइंतेहां मोहब्बत और उस मोहब्बत के दुश्मनों के बीच की लड़ाई की कहानी है. हर्षवर्धन कपूर बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता अनिल कपूर के बेटे और अभिनेत्री सोनम कपूर के भाई हैं. अभिनेता के रूप में यह उनकी पहली फिल्म है. राकेश ओम प्रकाश मेहरा द्वारा निर्देशित 'मिर्ज़िया' सात अक्टूबर को रिलीज़ होगी. हर्षवर्धन कपूर बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता अनिल कपूर के बेटे और अभिनेत्री सोनम कपूर के भाई हैं. अभिनेता के रूप में यह उनकी पहली फिल्म है. राकेश ओम प्रकाश मेहरा द्वारा निर्देशित 'मिर्ज़िया' सात अक्टूबर को रिलीज़ होगी.
संक्षिप्त पाठ: राकेश ओमप्रकाश मेहरा की फिल्म 'मिर्ज़िया' का दूसरा ट्रेलर जारी. फिल्म में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं हर्षवर्धन कपूर और सयामी खेर. सिनेमाघरों में सात अक्टूबर को रिलीज़ होगी मिर्ज़िया.
14
['hin']
एक सारांश बनाओ: मधुर भंडारकर की फिल्म ‘हीरोइन’ की शूटिंग में व्यस्त बॉलीवुड अभिनेत्री करीना कपूर का कहना है कि वह इस साल के अंत में सैफ अली खान के साथ विवाह बंधन में बंध जाएंगी। कहा जा रहा था कि बॉलीवुड की यह जोड़ी सैफ की होम प्रोडक्शन ‘एजेंट विनोद’ के बाद मार्च में शादी कर लेगी लेकिन करीना ने कहा कि उन्हें कोई जल्दी नहीं है।टिप्पणियां एक कनक्लेव में भाग लेने दिल्ली आईं करीना ने कहा, ‘‘उम्मीद है मैं इस साल के अंत तक शादी कर लूंगी क्योंकि मैं ‘हीरोइन’ की शूटिंग में व्यस्त हूं और मुझे फिल्म पूरी करनी होगी। हम अभी तारीख की घोषणा नहीं कर रहे हैं। हमें कोई जल्दी नहीं है लेकिन यह इस साल होगी।’’ सैफ के साथ वर्ष 2007 से डेटिंग कर रहीं 31 वर्षीय करीना ने कहा कि वह खुद को सितारा नहीं बल्कि एक ‘प्यार में पड़ी एक साधारण लड़की’ मानती हैं। उन्होंने कहा, ‘‘वास्तव में मैं प्यार में पड़ी एक साधारण लड़की हूं जिसके सपने सच हुए। नौ साल की उम्र से मैं करिश्मा (बहन) को रिहर्सल करते हुए देखती और स्टेज के पीछे जाकर उसे दोहराती। मैं हमेशा से अभिनय करना चाहती थी और मुझे अभिनय के अलावा कुछ नहीं पता था। ’’ 'हीरोइन' के बारे में करीना ने कहा कि इसमें कई अच्छे मोड़ हैं। यह एक अभिनेत्री की रोमांचक यात्रा है। एक कनक्लेव में भाग लेने दिल्ली आईं करीना ने कहा, ‘‘उम्मीद है मैं इस साल के अंत तक शादी कर लूंगी क्योंकि मैं ‘हीरोइन’ की शूटिंग में व्यस्त हूं और मुझे फिल्म पूरी करनी होगी। हम अभी तारीख की घोषणा नहीं कर रहे हैं। हमें कोई जल्दी नहीं है लेकिन यह इस साल होगी।’’ सैफ के साथ वर्ष 2007 से डेटिंग कर रहीं 31 वर्षीय करीना ने कहा कि वह खुद को सितारा नहीं बल्कि एक ‘प्यार में पड़ी एक साधारण लड़की’ मानती हैं। उन्होंने कहा, ‘‘वास्तव में मैं प्यार में पड़ी एक साधारण लड़की हूं जिसके सपने सच हुए। नौ साल की उम्र से मैं करिश्मा (बहन) को रिहर्सल करते हुए देखती और स्टेज के पीछे जाकर उसे दोहराती। मैं हमेशा से अभिनय करना चाहती थी और मुझे अभिनय के अलावा कुछ नहीं पता था। ’’ 'हीरोइन' के बारे में करीना ने कहा कि इसमें कई अच्छे मोड़ हैं। यह एक अभिनेत्री की रोमांचक यात्रा है। उन्होंने कहा, ‘‘वास्तव में मैं प्यार में पड़ी एक साधारण लड़की हूं जिसके सपने सच हुए। नौ साल की उम्र से मैं करिश्मा (बहन) को रिहर्सल करते हुए देखती और स्टेज के पीछे जाकर उसे दोहराती। मैं हमेशा से अभिनय करना चाहती थी और मुझे अभिनय के अलावा कुछ नहीं पता था। ’’ 'हीरोइन' के बारे में करीना ने कहा कि इसमें कई अच्छे मोड़ हैं। यह एक अभिनेत्री की रोमांचक यात्रा है।
यहाँ एक सारांश है:मधुर भंडारकर की फिल्म ‘हीरोइन’ की शूटिंग में व्यस्त बॉलीवुड अभिनेत्री करीना कपूर का कहना है कि वह इस साल के अंत में सैफ अली खान के साथ विवाह बंधन में बंध जाएंगी।
15
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पूंजी प्रवाह जारी रहने के बीच उपभोक्ता टिकाऊ तथा पूंजीगत सामान बनाने वाली कंपनियों के शेयरों की लिवाली से बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स बुधवार को 133 अंक की तेजी के साथ दो साल के उच्च स्तर पर पहुंच गया। राजकोषीय संकट टाले जाने के लिए अमेरिकी संसद द्वारा समझौते को मंजूरी दिए जाने के बाद पूंजी प्रवाह बढ़ा है। तीस प्रमुख शेयरों पर आधारित बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स मजबूती के साथ 19,693.30 अंक पर खुला और एक समय 19,756.68 पर चला गया। बहरहाल, अंत में यह 133.43 अंक या 0.68 प्रतिशत की तेजी के साथ 19,714.24 अंक पर बंद हुआ। 50 शेयरों पर आधारित नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 42.40 अंक या 0.71 प्रतिशत की तेजी के साथ 5,993.25 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 6,000 अंक को पार करते हुए 6,006.05 अंक तक चला गया था। जनवरी 2011 के बाद यह पहला मौका है जब निफ्टी 6,000 अंक के ऊपर गया।टिप्पणियां अमेरिकी प्रतिनिधि सभा द्वारा मंगलवार को राजकोषीय संकट टाले जाने के लिए विधेयक पारित किए जाने का निवेशकों की धारणा पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा। यूरोपीय बाजारों में मजबूत रुख से भी बाजार धारणा पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा। यूरोपीय बाजार 19 माह के उच्च स्तर पर पहुंच गया। ब्रोकर दीपका पहवा ने कहा, ‘‘रिजर्व बैंक द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद से बाजार में तेजी को बल मिला। कुल मिलाकर सेंसेक्स में शामिल 30 शेयरों में से 23 लाभ में जबकि सात नुकसान में रहे। तीस प्रमुख शेयरों पर आधारित बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स मजबूती के साथ 19,693.30 अंक पर खुला और एक समय 19,756.68 पर चला गया। बहरहाल, अंत में यह 133.43 अंक या 0.68 प्रतिशत की तेजी के साथ 19,714.24 अंक पर बंद हुआ। 50 शेयरों पर आधारित नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 42.40 अंक या 0.71 प्रतिशत की तेजी के साथ 5,993.25 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 6,000 अंक को पार करते हुए 6,006.05 अंक तक चला गया था। जनवरी 2011 के बाद यह पहला मौका है जब निफ्टी 6,000 अंक के ऊपर गया।टिप्पणियां अमेरिकी प्रतिनिधि सभा द्वारा मंगलवार को राजकोषीय संकट टाले जाने के लिए विधेयक पारित किए जाने का निवेशकों की धारणा पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा। यूरोपीय बाजारों में मजबूत रुख से भी बाजार धारणा पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा। यूरोपीय बाजार 19 माह के उच्च स्तर पर पहुंच गया। ब्रोकर दीपका पहवा ने कहा, ‘‘रिजर्व बैंक द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद से बाजार में तेजी को बल मिला। कुल मिलाकर सेंसेक्स में शामिल 30 शेयरों में से 23 लाभ में जबकि सात नुकसान में रहे। 50 शेयरों पर आधारित नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 42.40 अंक या 0.71 प्रतिशत की तेजी के साथ 5,993.25 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 6,000 अंक को पार करते हुए 6,006.05 अंक तक चला गया था। जनवरी 2011 के बाद यह पहला मौका है जब निफ्टी 6,000 अंक के ऊपर गया।टिप्पणियां अमेरिकी प्रतिनिधि सभा द्वारा मंगलवार को राजकोषीय संकट टाले जाने के लिए विधेयक पारित किए जाने का निवेशकों की धारणा पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा। यूरोपीय बाजारों में मजबूत रुख से भी बाजार धारणा पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा। यूरोपीय बाजार 19 माह के उच्च स्तर पर पहुंच गया। ब्रोकर दीपका पहवा ने कहा, ‘‘रिजर्व बैंक द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद से बाजार में तेजी को बल मिला। कुल मिलाकर सेंसेक्स में शामिल 30 शेयरों में से 23 लाभ में जबकि सात नुकसान में रहे। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा द्वारा मंगलवार को राजकोषीय संकट टाले जाने के लिए विधेयक पारित किए जाने का निवेशकों की धारणा पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा। यूरोपीय बाजारों में मजबूत रुख से भी बाजार धारणा पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा। यूरोपीय बाजार 19 माह के उच्च स्तर पर पहुंच गया। ब्रोकर दीपका पहवा ने कहा, ‘‘रिजर्व बैंक द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद से बाजार में तेजी को बल मिला। कुल मिलाकर सेंसेक्स में शामिल 30 शेयरों में से 23 लाभ में जबकि सात नुकसान में रहे। ब्रोकर दीपका पहवा ने कहा, ‘‘रिजर्व बैंक द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद से बाजार में तेजी को बल मिला। कुल मिलाकर सेंसेक्स में शामिल 30 शेयरों में से 23 लाभ में जबकि सात नुकसान में रहे।
पूंजी प्रवाह जारी रहने के बीच उपभोक्ता टिकाऊ तथा पूंजीगत सामान बनाने वाली कंपनियों के शेयरों की लिवाली से बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स बुधवार को 133 अंक की तेजी के साथ दो साल के उच्च स्तर पर पहुंच गया।
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: 2जी स्पेक्ट्रम और राष्ट्रमंडल खेल घोटाले को उजागर करने के बाद अब भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (कैग) ने मुंबई की विवादास्पद आदर्श हाउसिंग सोसायटी को कर्तव्य में लापरवाही का ज्वलंत उदाहरण बताया है। कैग ने कहा है कि इसमें ईमानदारी तथा जवाबदेही की घोर उपेक्षा हुई है। आदर्श को-आपरेटिव हाउसिंग सोसायटी पर कैग की आज संसद में पेश की गई रपट में विभिन्न स्तरों पर हुई लापरवाही, गड़बड़ी और यहां तक कि धमकानेवाली कारवाई का भी उल्लेख किया गया है। रक्षा विभाग संबंधी मामलों पर यह रिपोर्ट कहती है कि यदि इस मामले में आगे सुधारात्मक और दंडात्मक कारवाई नहीं की गई तो गलत काम करने वालों को बड़ा सहारा मिलेगा और इससे सरकार की साख बुरी तरह प्रभावित होगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि महाराष्ट्र सरकार के पर्यावरण विभाग, महाराष्ट्र तटीय क्षेत्र प्रबंधन प्राधिकरण, भारत सरकार के पर्यावरण एवं वन मंत्रालय सहित विभिन्न एजेंसियों की मौजूदगी के बावजूद मुंबई में मंत्रालय से कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर बिना आवश्यक मंजूरियों के 100 मीटर उंची इमारत खड़ी हो जाती है और उसे स्थानीय निकायों से कब्जा प्रमाणपत्र भी मिल जाता है। रिपोर्ट में केन्द्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्रालय को जवाबदेही निभाने में असफल बताया गया है। इसमें कहा गया है कि तटीय नियमन क्षेत्र अधिसूचना के प्रावधानों के तहत वह राज्य सरकार का ध्यान आकृष्ट नहीं कर सका। उसने जो संदेश भेजा उसमें महाराष्ट्र सरकार को परियोजना को जारी रखने और अनापत्ति देने में कोई परेशानी नहीं हुई। कैग की रिपोर्ट के अनुसार, आदर्श सोसायटी की सदस्यता को विस्तार देना जारी रखा गया। इस तरह कनिष्ठ सैन्य तथा असैन्य अधिकारी सोसायटी से बाहर हो गये और कई वरिष्ठ रक्षा अधिकारी तथा नौकरशाह इसके सदस्य बन गये। रिपोर्ट के मुताबिक, बाद की तारीखों में सोसायटी के सदस्य बने प्रमुख सैन्य अधिकारियों में दो पूर्व थलसेनाध्यक्ष जनरल एन सी विज और दीपक कपूर शामिल हैं। कैग के अनुसार, लिहाजा, सैनिकों तथा भूतपूर्व सैनिकों के कल्याण के नाम पर सशस्त्र बलों और असैन्य प्रशासन, नेताओं तथा उनसे जुड़े लोगों के एक विशिष्ट चयनित वर्ग को लोक संपत्ति के गलत विनियोजन से लाभ मिला। नियंत्रक और महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट कहती है कि वर्ष 2000 में सोसायटी के सदस्यों की संख्या 40 थी जो वर्ष 2010 में बढ़कर 102 हो गयी। जो अफसर सदस्य के रूप में शामिल किये गये उनमें एडमिरल माधवेंद्र सिंह, लेफ्टिनेंट जनरल जी एस सिहोता और रियर एडमिरल आर पी सूतन प्रमुख हैं। इस मामले में महाराष्ट्र सरकार और पर्यावरण तथा वन मंत्रालय की भूमिका के बारे में कैग ने कहा कि उन्होंने नियमों में ढील देकर और मुंबई के मध्य में स्थित राज्य सरकार के परिसर मंत्रालय से नजदीक 31 मंजिला इमारत के निर्माण के प्रति आंखें मूंद लीं। कैग के अनुसार, पर्यावरण मंत्रालय तटीय नियम क्षेत्र अधिसूचना के प्रावधानों के बारे में राज्य सरकार को अवगत कराने में या तो निश्चित तौर पर विफल रहा या फिर उसने जानबूझकर राज्य सरकार को इस बारे में सूचित नहीं करने का फैसला किया। रिपोर्ट में कहा गया, राज्य सरकार तथा केंद्र सरकार की अंदरूनी एजेंसियों को पत्र जारी किये जाने का सिलसिला शुरू हुआ जिनमें रियायतें मांगी गयीं और सदस्य जो सशस्त्र बलों से हैं तथा मातृभूमि की सेवा कर रहे हैं.. अपना जीवन हमने मातृभूमि की रक्षा के लिये समर्पित कर दिया है.. कारगिल ऑपरेशन के नायकों को पुरस्कार, जो कारगिल में बहादुरी से लड़े और अपनी मातृभूमि की रक्षा की जैसे वाक्यों का उदारता से इस्तेमाल किया गया। कैग की रिपोर्ट कहती है, जो जिम्मेदारी वाले पदों पर थे, उन्हें यह एहसास होना चाहिये था कि सोसायटी की परिकल्पना में शुरू से ही खामी थी क्योंकि कुछ ही भूतपूर्व सैनिकों और शहीदों की कुछ ही विधवाओं की आर्थिक स्थिति ऐसी हो सकती थी जो ऐसी मुख्य जगह में अपार्टमेंट खरीद सकें।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: कैग ने मुंबई की विवादास्पद आदर्श हाउसिंग सोसायटी को कर्तव्य में लापरवाही का ज्वलंत उदाहरण बताया है।
3
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारत की आबादी में 18 करोड़ का इज़ाफ़ा हुआ है और यह बढ़कर एक अरब 21 करोड़ हो गई है। पुरुषों की संख्या 62 करोड़ और महिलाओं की संख्या 58 करोड़ है। देश में प्रति एक हज़ार पुरुषों की तुलना में महिलाओं की संख्या 940 है। उत्तर प्रदेश में सबसे तेज़ी से जनसंख्या बढ़ी है। महाराष्ट्र भी पीछे नहीं है। उसकी आबादी अमेरिका की आबादी से भी ज्यादा हो गई है हालांकि जनसंख्या वृद्धि दर में कमी आई है।  2001 के 21 फीसदी की दर के मुकाबले इस बार जनसंख्या वृद्धि दर करीब साढ़े 17 फीसदी वृद्धि दर्ज की गई है। साथ ही महिलाओं की साक्षरता दर में 18 फ़ीसदी और पुरुषों की साक्षरता दर में सात फ़ीसदी की वृद्धि हुई है। जनसंख्या के मामले में हम कितने बड़े देश हो गए हैं इसका अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि अगर अमेरिका,  इंडोनेशिया,  ब्राजील,  पाकिस्तान और बांग्लादेश की आबादी को मिला दें तो भारत की आबादी उससे भी ज्यादा है।
संक्षिप्त सारांश: भारत की आबादी बढ़कर एक अरब 21 करोड़ हो गई है। इसमें पुरुषों की संख्या 62 करोड़ और महिलाओं की संख्या 58 करोड़ है।
0
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: CAG के पूर्व डीजी ऑडिट आरपी सिंह ने कहा है कि 2जी मामले में पौने दो लाख के नुकसान का जो आंकड़ा बताया जा रहा है उससे वह सहमत नहीं है लेकिन इसके बाद भी उन्होने रिपोर्ट पर दस्तखत किए थे। उनका कहना है कि नुकसान सिर्फ ढाई हज़ार करोड़ के आसपास रहा होगा। CAG की जिस रिपोर्ट ने सरकार पर सवाल खड़े किए अब उसपर दस्तखत करने वाले एक बड़े अफसर उस रिपोर्ट पर ही सवाल खड़े कर रहे हैं। CAG के DG audit रहे आरपी सिंह का कहना है कि 2जी की नीलामी में सरकार को एक लाख 76 हज़ार करोड़ तक के नुकसान की बात से सहमत नहीं थे। उनके मुताबिक नुकसान सिर्फ 2 हज़ार 645 करोड़ का ही था। संसद चल रही है और ऐसे में आरपी सिंह का बयान कांग्रेस के लिए बड़ी राहत लेकर आया। विपक्ष के हमले झेल रही कांग्रेस के नेता अचानक हमलावर हो गए। बहुत कम बोलने वाली सोनिया गांधी भी इस मुद्दे पर बोलने से अपने आपको नहीं रोक सकीं। जब उनसे पूछा गया कि क्या आरपी सिंह के बयान से बीजेपी की पोल खुल गई है तो सोनिया गांधी ने कहा... 'हां, मुझे ऐसा ही लगता है।'टिप्पणियां इन बयानों पर बीजेपी ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी… बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष वैंकया नायडू ने आरोप लगाया कि आरपी सिंह के आरोपों के पीछे सरकार की साज़िश है… बाद में सीएजी रिपोर्ट की समीक्षा कर चुके पब्लिक एकाउंट्स कमेटी यानी पीएसी के चेयरमैन मुरली मनोहर जोशी खुद सामने आए और आरपी सिंह के आरोपों का जवाब सवालों से दिया, कहा कि जब वह पीएसी के सामने सीएजी की रिपोर्ट पर पॉवर प्वाइंट प्रेसेन्टेशन करने पहुंचे थे… तब उन्होंने ये सवाल पीएसी के सामने क्यों नहीं उठाए थे...। 2जी मामले में आरोपों से घिरी यूपीए सरकार को आरपी सिंह के खुलासे के बाद बीजेपी और सीएजी पर पलटवार करने का नया मौका मिल गया है… अब देखना होगा कि 2जी पर राजनीति आगे क्या करवट लेती है…। CAG की जिस रिपोर्ट ने सरकार पर सवाल खड़े किए अब उसपर दस्तखत करने वाले एक बड़े अफसर उस रिपोर्ट पर ही सवाल खड़े कर रहे हैं। CAG के DG audit रहे आरपी सिंह का कहना है कि 2जी की नीलामी में सरकार को एक लाख 76 हज़ार करोड़ तक के नुकसान की बात से सहमत नहीं थे। उनके मुताबिक नुकसान सिर्फ 2 हज़ार 645 करोड़ का ही था। संसद चल रही है और ऐसे में आरपी सिंह का बयान कांग्रेस के लिए बड़ी राहत लेकर आया। विपक्ष के हमले झेल रही कांग्रेस के नेता अचानक हमलावर हो गए। बहुत कम बोलने वाली सोनिया गांधी भी इस मुद्दे पर बोलने से अपने आपको नहीं रोक सकीं। जब उनसे पूछा गया कि क्या आरपी सिंह के बयान से बीजेपी की पोल खुल गई है तो सोनिया गांधी ने कहा... 'हां, मुझे ऐसा ही लगता है।'टिप्पणियां इन बयानों पर बीजेपी ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी… बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष वैंकया नायडू ने आरोप लगाया कि आरपी सिंह के आरोपों के पीछे सरकार की साज़िश है… बाद में सीएजी रिपोर्ट की समीक्षा कर चुके पब्लिक एकाउंट्स कमेटी यानी पीएसी के चेयरमैन मुरली मनोहर जोशी खुद सामने आए और आरपी सिंह के आरोपों का जवाब सवालों से दिया, कहा कि जब वह पीएसी के सामने सीएजी की रिपोर्ट पर पॉवर प्वाइंट प्रेसेन्टेशन करने पहुंचे थे… तब उन्होंने ये सवाल पीएसी के सामने क्यों नहीं उठाए थे...। 2जी मामले में आरोपों से घिरी यूपीए सरकार को आरपी सिंह के खुलासे के बाद बीजेपी और सीएजी पर पलटवार करने का नया मौका मिल गया है… अब देखना होगा कि 2जी पर राजनीति आगे क्या करवट लेती है…। संसद चल रही है और ऐसे में आरपी सिंह का बयान कांग्रेस के लिए बड़ी राहत लेकर आया। विपक्ष के हमले झेल रही कांग्रेस के नेता अचानक हमलावर हो गए। बहुत कम बोलने वाली सोनिया गांधी भी इस मुद्दे पर बोलने से अपने आपको नहीं रोक सकीं। जब उनसे पूछा गया कि क्या आरपी सिंह के बयान से बीजेपी की पोल खुल गई है तो सोनिया गांधी ने कहा... 'हां, मुझे ऐसा ही लगता है।'टिप्पणियां इन बयानों पर बीजेपी ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी… बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष वैंकया नायडू ने आरोप लगाया कि आरपी सिंह के आरोपों के पीछे सरकार की साज़िश है… बाद में सीएजी रिपोर्ट की समीक्षा कर चुके पब्लिक एकाउंट्स कमेटी यानी पीएसी के चेयरमैन मुरली मनोहर जोशी खुद सामने आए और आरपी सिंह के आरोपों का जवाब सवालों से दिया, कहा कि जब वह पीएसी के सामने सीएजी की रिपोर्ट पर पॉवर प्वाइंट प्रेसेन्टेशन करने पहुंचे थे… तब उन्होंने ये सवाल पीएसी के सामने क्यों नहीं उठाए थे...। 2जी मामले में आरोपों से घिरी यूपीए सरकार को आरपी सिंह के खुलासे के बाद बीजेपी और सीएजी पर पलटवार करने का नया मौका मिल गया है… अब देखना होगा कि 2जी पर राजनीति आगे क्या करवट लेती है…। इन बयानों पर बीजेपी ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी… बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष वैंकया नायडू ने आरोप लगाया कि आरपी सिंह के आरोपों के पीछे सरकार की साज़िश है… बाद में सीएजी रिपोर्ट की समीक्षा कर चुके पब्लिक एकाउंट्स कमेटी यानी पीएसी के चेयरमैन मुरली मनोहर जोशी खुद सामने आए और आरपी सिंह के आरोपों का जवाब सवालों से दिया, कहा कि जब वह पीएसी के सामने सीएजी की रिपोर्ट पर पॉवर प्वाइंट प्रेसेन्टेशन करने पहुंचे थे… तब उन्होंने ये सवाल पीएसी के सामने क्यों नहीं उठाए थे...। 2जी मामले में आरोपों से घिरी यूपीए सरकार को आरपी सिंह के खुलासे के बाद बीजेपी और सीएजी पर पलटवार करने का नया मौका मिल गया है… अब देखना होगा कि 2जी पर राजनीति आगे क्या करवट लेती है…। 2जी मामले में आरोपों से घिरी यूपीए सरकार को आरपी सिंह के खुलासे के बाद बीजेपी और सीएजी पर पलटवार करने का नया मौका मिल गया है… अब देखना होगा कि 2जी पर राजनीति आगे क्या करवट लेती है…।
यहाँ एक सारांश है:CAG के पूर्व डीजी ऑडिट आरपी सिंह ने कहा है कि 2जी मामले में पौने दो लाख के नुकसान का जो आंकड़ा बताया जा रहा है उससे वह सहमत नहीं है लेकिन इसके बाद भी उन्होने रिपोर्ट पर दस्तखत किए थे। उनका कहना है कि नुकसान सिर्फ ढाई हज़ार करोड़ के आसपास रहा होगा।
18
['hin']
एक सारांश बनाओ: दक्षिण-पश्चिमी मानसून पंजाब और हरियाणा के कई हिस्सों में अपेक्षित समय से एक सप्ताह की देरी से पहुंच गया है. यहां भारी बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई है. पंजाब के अमृतसर में 153 मिमी बारिश के बाद अधिकतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री कम 30.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. लुधियाना में 48 मिमी बारिश के बाद तापमान सामान्य से चार डिग्री कम 30.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. हरियाणा के करनाल में अधिकतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री कम 28.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. अंबाला में भी भारी बारिश के बाद तापमान सामान्य से सात डिग्री कम 27.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. हरियाणा के यमुनानगर, पानीपत, झज्जर, फरीदाबाद, रेवाड़ी, रोहतक, पंचकूला, भिवानी, गुरुग्राम और कुरुक्षेत्र में भी बुधवार को बारिश हुई. उधर पूर्वोत्तर में बुधवार को भी मानसून की मार जारी रही. असम में बाढ़ संबंधी घटनाओं में पांच और लोगों की मौत हो गई. वहीं अरुणाचल प्रदेश में राजधानी ईटानगर सहित कई इलाकों का बाढ़ एवं भूस्खलन के कारण अन्य स्थानों से संपर्क टूट गया. असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के अधिकारी ने बताया कि असम में 2,500 गांव ब्रह्मपुत्र और इसकी सहायक नदियों की चपेट में आए. मणिपुर के सभी जिलों में बारिश एवं बाढ़ का कहर जारी रहा. वहां क्षेत्र में बचाव एवं राहत अभियानों पर नजर रखने के लिए बुधवार को केंद्र ने केंद्रीय मंत्री किरण रिजीजू के नेतृत्व में एक दल रवाना किया. विश्व धरोहर काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान (केएनपी) का करीब 80 प्रतिशत हिस्सा बाढ़ की चपेट में आ गया है. वहां दो मादा हॉग हिरण, एक एक नर स्वैम्प हिरण बह गए. पढ़ें- असम में 10 नदियों में भीषण बाढ़; 45 की मौत, 31 हजार लोग राहत शिविरों मेटिप्पणियां इम्फाल के पांच जिलों में 20 प्रतिशत से अधिक धान की खेती अभी तक बर्बाद हो चुकी है. अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने प्रशासन को ईटानगर के बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों से लोगों को वहां से बाहर निकालकर सुरक्षित स्थानों एवं राहत शिवरों तक पहुंचाने का आदेश दिया है. बिहार में बुधवार को कई स्थानों पर तापमान में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई लेकिन राज्य के मुख्य शहरों में जलभराव की स्थिति कायम रही. उत्तर प्रदेश में भी बुधवार को बारिश हुई. वहीं, इलाहाबाद के कई इलाकों में बारिश के बाद बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई. राजस्थान में उदयपुर , जयपुर, भरतपुर, जोधपुर और बीकानेर के कुछ इलाकों में पिछले 24 घंटे में हल्की बारिश हुई. (इनपुट एजेंसियों से) पंजाब के अमृतसर में 153 मिमी बारिश के बाद अधिकतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री कम 30.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. लुधियाना में 48 मिमी बारिश के बाद तापमान सामान्य से चार डिग्री कम 30.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. हरियाणा के करनाल में अधिकतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री कम 28.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. अंबाला में भी भारी बारिश के बाद तापमान सामान्य से सात डिग्री कम 27.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. हरियाणा के यमुनानगर, पानीपत, झज्जर, फरीदाबाद, रेवाड़ी, रोहतक, पंचकूला, भिवानी, गुरुग्राम और कुरुक्षेत्र में भी बुधवार को बारिश हुई. उधर पूर्वोत्तर में बुधवार को भी मानसून की मार जारी रही. असम में बाढ़ संबंधी घटनाओं में पांच और लोगों की मौत हो गई. वहीं अरुणाचल प्रदेश में राजधानी ईटानगर सहित कई इलाकों का बाढ़ एवं भूस्खलन के कारण अन्य स्थानों से संपर्क टूट गया. असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के अधिकारी ने बताया कि असम में 2,500 गांव ब्रह्मपुत्र और इसकी सहायक नदियों की चपेट में आए. मणिपुर के सभी जिलों में बारिश एवं बाढ़ का कहर जारी रहा. वहां क्षेत्र में बचाव एवं राहत अभियानों पर नजर रखने के लिए बुधवार को केंद्र ने केंद्रीय मंत्री किरण रिजीजू के नेतृत्व में एक दल रवाना किया. विश्व धरोहर काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान (केएनपी) का करीब 80 प्रतिशत हिस्सा बाढ़ की चपेट में आ गया है. वहां दो मादा हॉग हिरण, एक एक नर स्वैम्प हिरण बह गए. पढ़ें- असम में 10 नदियों में भीषण बाढ़; 45 की मौत, 31 हजार लोग राहत शिविरों मेटिप्पणियां इम्फाल के पांच जिलों में 20 प्रतिशत से अधिक धान की खेती अभी तक बर्बाद हो चुकी है. अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने प्रशासन को ईटानगर के बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों से लोगों को वहां से बाहर निकालकर सुरक्षित स्थानों एवं राहत शिवरों तक पहुंचाने का आदेश दिया है. बिहार में बुधवार को कई स्थानों पर तापमान में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई लेकिन राज्य के मुख्य शहरों में जलभराव की स्थिति कायम रही. उत्तर प्रदेश में भी बुधवार को बारिश हुई. वहीं, इलाहाबाद के कई इलाकों में बारिश के बाद बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई. राजस्थान में उदयपुर , जयपुर, भरतपुर, जोधपुर और बीकानेर के कुछ इलाकों में पिछले 24 घंटे में हल्की बारिश हुई. (इनपुट एजेंसियों से) हरियाणा के करनाल में अधिकतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री कम 28.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. अंबाला में भी भारी बारिश के बाद तापमान सामान्य से सात डिग्री कम 27.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. हरियाणा के यमुनानगर, पानीपत, झज्जर, फरीदाबाद, रेवाड़ी, रोहतक, पंचकूला, भिवानी, गुरुग्राम और कुरुक्षेत्र में भी बुधवार को बारिश हुई. उधर पूर्वोत्तर में बुधवार को भी मानसून की मार जारी रही. असम में बाढ़ संबंधी घटनाओं में पांच और लोगों की मौत हो गई. वहीं अरुणाचल प्रदेश में राजधानी ईटानगर सहित कई इलाकों का बाढ़ एवं भूस्खलन के कारण अन्य स्थानों से संपर्क टूट गया. असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के अधिकारी ने बताया कि असम में 2,500 गांव ब्रह्मपुत्र और इसकी सहायक नदियों की चपेट में आए. मणिपुर के सभी जिलों में बारिश एवं बाढ़ का कहर जारी रहा. वहां क्षेत्र में बचाव एवं राहत अभियानों पर नजर रखने के लिए बुधवार को केंद्र ने केंद्रीय मंत्री किरण रिजीजू के नेतृत्व में एक दल रवाना किया. विश्व धरोहर काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान (केएनपी) का करीब 80 प्रतिशत हिस्सा बाढ़ की चपेट में आ गया है. वहां दो मादा हॉग हिरण, एक एक नर स्वैम्प हिरण बह गए. पढ़ें- असम में 10 नदियों में भीषण बाढ़; 45 की मौत, 31 हजार लोग राहत शिविरों मेटिप्पणियां इम्फाल के पांच जिलों में 20 प्रतिशत से अधिक धान की खेती अभी तक बर्बाद हो चुकी है. अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने प्रशासन को ईटानगर के बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों से लोगों को वहां से बाहर निकालकर सुरक्षित स्थानों एवं राहत शिवरों तक पहुंचाने का आदेश दिया है. बिहार में बुधवार को कई स्थानों पर तापमान में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई लेकिन राज्य के मुख्य शहरों में जलभराव की स्थिति कायम रही. उत्तर प्रदेश में भी बुधवार को बारिश हुई. वहीं, इलाहाबाद के कई इलाकों में बारिश के बाद बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई. राजस्थान में उदयपुर , जयपुर, भरतपुर, जोधपुर और बीकानेर के कुछ इलाकों में पिछले 24 घंटे में हल्की बारिश हुई. (इनपुट एजेंसियों से) उधर पूर्वोत्तर में बुधवार को भी मानसून की मार जारी रही. असम में बाढ़ संबंधी घटनाओं में पांच और लोगों की मौत हो गई. वहीं अरुणाचल प्रदेश में राजधानी ईटानगर सहित कई इलाकों का बाढ़ एवं भूस्खलन के कारण अन्य स्थानों से संपर्क टूट गया. असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के अधिकारी ने बताया कि असम में 2,500 गांव ब्रह्मपुत्र और इसकी सहायक नदियों की चपेट में आए. मणिपुर के सभी जिलों में बारिश एवं बाढ़ का कहर जारी रहा. वहां क्षेत्र में बचाव एवं राहत अभियानों पर नजर रखने के लिए बुधवार को केंद्र ने केंद्रीय मंत्री किरण रिजीजू के नेतृत्व में एक दल रवाना किया. विश्व धरोहर काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान (केएनपी) का करीब 80 प्रतिशत हिस्सा बाढ़ की चपेट में आ गया है. वहां दो मादा हॉग हिरण, एक एक नर स्वैम्प हिरण बह गए. पढ़ें- असम में 10 नदियों में भीषण बाढ़; 45 की मौत, 31 हजार लोग राहत शिविरों मेटिप्पणियां इम्फाल के पांच जिलों में 20 प्रतिशत से अधिक धान की खेती अभी तक बर्बाद हो चुकी है. अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने प्रशासन को ईटानगर के बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों से लोगों को वहां से बाहर निकालकर सुरक्षित स्थानों एवं राहत शिवरों तक पहुंचाने का आदेश दिया है. बिहार में बुधवार को कई स्थानों पर तापमान में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई लेकिन राज्य के मुख्य शहरों में जलभराव की स्थिति कायम रही. उत्तर प्रदेश में भी बुधवार को बारिश हुई. वहीं, इलाहाबाद के कई इलाकों में बारिश के बाद बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई. राजस्थान में उदयपुर , जयपुर, भरतपुर, जोधपुर और बीकानेर के कुछ इलाकों में पिछले 24 घंटे में हल्की बारिश हुई. (इनपुट एजेंसियों से) असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के अधिकारी ने बताया कि असम में 2,500 गांव ब्रह्मपुत्र और इसकी सहायक नदियों की चपेट में आए. मणिपुर के सभी जिलों में बारिश एवं बाढ़ का कहर जारी रहा. वहां क्षेत्र में बचाव एवं राहत अभियानों पर नजर रखने के लिए बुधवार को केंद्र ने केंद्रीय मंत्री किरण रिजीजू के नेतृत्व में एक दल रवाना किया. विश्व धरोहर काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान (केएनपी) का करीब 80 प्रतिशत हिस्सा बाढ़ की चपेट में आ गया है. वहां दो मादा हॉग हिरण, एक एक नर स्वैम्प हिरण बह गए. पढ़ें- असम में 10 नदियों में भीषण बाढ़; 45 की मौत, 31 हजार लोग राहत शिविरों मेटिप्पणियां इम्फाल के पांच जिलों में 20 प्रतिशत से अधिक धान की खेती अभी तक बर्बाद हो चुकी है. अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने प्रशासन को ईटानगर के बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों से लोगों को वहां से बाहर निकालकर सुरक्षित स्थानों एवं राहत शिवरों तक पहुंचाने का आदेश दिया है. बिहार में बुधवार को कई स्थानों पर तापमान में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई लेकिन राज्य के मुख्य शहरों में जलभराव की स्थिति कायम रही. उत्तर प्रदेश में भी बुधवार को बारिश हुई. वहीं, इलाहाबाद के कई इलाकों में बारिश के बाद बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई. राजस्थान में उदयपुर , जयपुर, भरतपुर, जोधपुर और बीकानेर के कुछ इलाकों में पिछले 24 घंटे में हल्की बारिश हुई. (इनपुट एजेंसियों से) विश्व धरोहर काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान (केएनपी) का करीब 80 प्रतिशत हिस्सा बाढ़ की चपेट में आ गया है. वहां दो मादा हॉग हिरण, एक एक नर स्वैम्प हिरण बह गए. पढ़ें- असम में 10 नदियों में भीषण बाढ़; 45 की मौत, 31 हजार लोग राहत शिविरों मेटिप्पणियां इम्फाल के पांच जिलों में 20 प्रतिशत से अधिक धान की खेती अभी तक बर्बाद हो चुकी है. अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने प्रशासन को ईटानगर के बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों से लोगों को वहां से बाहर निकालकर सुरक्षित स्थानों एवं राहत शिवरों तक पहुंचाने का आदेश दिया है. बिहार में बुधवार को कई स्थानों पर तापमान में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई लेकिन राज्य के मुख्य शहरों में जलभराव की स्थिति कायम रही. उत्तर प्रदेश में भी बुधवार को बारिश हुई. वहीं, इलाहाबाद के कई इलाकों में बारिश के बाद बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई. राजस्थान में उदयपुर , जयपुर, भरतपुर, जोधपुर और बीकानेर के कुछ इलाकों में पिछले 24 घंटे में हल्की बारिश हुई. (इनपुट एजेंसियों से) पढ़ें- असम में 10 नदियों में भीषण बाढ़; 45 की मौत, 31 हजार लोग राहत शिविरों मेटिप्पणियां इम्फाल के पांच जिलों में 20 प्रतिशत से अधिक धान की खेती अभी तक बर्बाद हो चुकी है. अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने प्रशासन को ईटानगर के बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों से लोगों को वहां से बाहर निकालकर सुरक्षित स्थानों एवं राहत शिवरों तक पहुंचाने का आदेश दिया है. बिहार में बुधवार को कई स्थानों पर तापमान में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई लेकिन राज्य के मुख्य शहरों में जलभराव की स्थिति कायम रही. उत्तर प्रदेश में भी बुधवार को बारिश हुई. वहीं, इलाहाबाद के कई इलाकों में बारिश के बाद बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई. राजस्थान में उदयपुर , जयपुर, भरतपुर, जोधपुर और बीकानेर के कुछ इलाकों में पिछले 24 घंटे में हल्की बारिश हुई. (इनपुट एजेंसियों से) इम्फाल के पांच जिलों में 20 प्रतिशत से अधिक धान की खेती अभी तक बर्बाद हो चुकी है. अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने प्रशासन को ईटानगर के बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों से लोगों को वहां से बाहर निकालकर सुरक्षित स्थानों एवं राहत शिवरों तक पहुंचाने का आदेश दिया है. बिहार में बुधवार को कई स्थानों पर तापमान में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई लेकिन राज्य के मुख्य शहरों में जलभराव की स्थिति कायम रही. उत्तर प्रदेश में भी बुधवार को बारिश हुई. वहीं, इलाहाबाद के कई इलाकों में बारिश के बाद बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई. राजस्थान में उदयपुर , जयपुर, भरतपुर, जोधपुर और बीकानेर के कुछ इलाकों में पिछले 24 घंटे में हल्की बारिश हुई. (इनपुट एजेंसियों से) बिहार में बुधवार को कई स्थानों पर तापमान में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई लेकिन राज्य के मुख्य शहरों में जलभराव की स्थिति कायम रही. उत्तर प्रदेश में भी बुधवार को बारिश हुई. वहीं, इलाहाबाद के कई इलाकों में बारिश के बाद बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई. राजस्थान में उदयपुर , जयपुर, भरतपुर, जोधपुर और बीकानेर के कुछ इलाकों में पिछले 24 घंटे में हल्की बारिश हुई. (इनपुट एजेंसियों से)
यह एक सारांश है: अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ एवं भूस्खलन से कई स्थानों का संपर्क टूटा केंद्रीय मंत्री किरण रिजीजू के नेतृत्व में एक दल मणिपुर रवाना असम में बाढ़ से पांच और लोगों की मौत हो गई
21
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: गुजरात में स्‍कूलों में बच्चों को प्रवेश देने की प्रक्रिया जारी है. स्‍कूलों में प्रवेश को प्रोत्साहित करने के लिए प्रवेशोत्सव मनाया जा रहा है. इस सरकारी योजना के तहत स्कूलों में बच्चों को स्कूल बैग वितरित किए जा रहे हैं. छोटा उदेपुर जिले की सांखेड़ा तहसील में स्‍कूल प्रवेशोत्सव के दौरान जो स्कूल बैग बांटे जा रहे हैं, उन पर यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का फोटो है.टिप्पणियां बताया जाता है कि स्कूलों में वितरित किए गए बैगों में अखिलेश यादव के चित्र वाले स्टीकर के ऊपर अन्य स्टीकर लगाया गया है. अखिलेश के फोटो वाले स्टीकर पर छोटा उदेपुर जिला पंचायत का स्टीकर लगाया गया है. जब यह स्टीकर हटाया गया तो हकीकत सामने आ गई. अखिलेश यादव के फोटो वाले स्टीकर के बैग देखकर लोग हैरत में पड़ गए.   स्कूल बैग पर अखिलेश के फोटो वाले स्टीकर के ऊपर छोटा उदेपुर जिला पंचायत का स्टीकर लगाया गया है. स्कूलों में यह बैग सरकार द्वारा वितरित किए जा रहे हैं. बताया जा रहा है कि ऐसे 12 हजार बैग पूरे जिले में वितरित किए गए हैं. सवाल यह है कि यूपी सरकार के बैग गुजरात कैसे पहुंचे और इसके बाद गुजरात सरकार इन्हें कैसे वितरित कर रही है? यह जांच का विषय है. बहरहाल इस गड़बड़ी के बाद राज्य के शिक्षा विभाग ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं. बताया जाता है कि स्कूलों में वितरित किए गए बैगों में अखिलेश यादव के चित्र वाले स्टीकर के ऊपर अन्य स्टीकर लगाया गया है. अखिलेश के फोटो वाले स्टीकर पर छोटा उदेपुर जिला पंचायत का स्टीकर लगाया गया है. जब यह स्टीकर हटाया गया तो हकीकत सामने आ गई. अखिलेश यादव के फोटो वाले स्टीकर के बैग देखकर लोग हैरत में पड़ गए.   स्कूल बैग पर अखिलेश के फोटो वाले स्टीकर के ऊपर छोटा उदेपुर जिला पंचायत का स्टीकर लगाया गया है. स्कूलों में यह बैग सरकार द्वारा वितरित किए जा रहे हैं. बताया जा रहा है कि ऐसे 12 हजार बैग पूरे जिले में वितरित किए गए हैं. सवाल यह है कि यूपी सरकार के बैग गुजरात कैसे पहुंचे और इसके बाद गुजरात सरकार इन्हें कैसे वितरित कर रही है? यह जांच का विषय है. बहरहाल इस गड़बड़ी के बाद राज्य के शिक्षा विभाग ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं. स्कूलों में यह बैग सरकार द्वारा वितरित किए जा रहे हैं. बताया जा रहा है कि ऐसे 12 हजार बैग पूरे जिले में वितरित किए गए हैं. सवाल यह है कि यूपी सरकार के बैग गुजरात कैसे पहुंचे और इसके बाद गुजरात सरकार इन्हें कैसे वितरित कर रही है? यह जांच का विषय है. बहरहाल इस गड़बड़ी के बाद राज्य के शिक्षा विभाग ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं.
सारांश: छोटा उदेपुर जिले की सांखेड़ा तहसील में बांटे गए अखिलेश के फोटो वाले बैग छोटा उदेपुर जिला पंचायत के स्टीकर के नीचे अखिलेश की फोटो का स्टीकर हैरत में पड़े लोग, यूपी सरकार के बैग गुजरात कैसे पहुंचे?
20
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: नौकरी दिलाने का झांसा देकर 17 वर्षीय एक लड़की के साथ कथित तौर पर बलात्कार करने के मामले में यहां एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बताया कि पीड़िता द्वारा एक शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद नबिन सोहनलाल बेदी (24) पुलिस के जाल में फंस गया। यह घटना 28 जुलाई को हुई थी। ठाणे (पूर्व) में कोपड़ी थाना के इंस्पेक्टर एसडी कोरडे ने बताया, ''पीड़िता ने पुलिस को बताया कि आरोपी ने उसे 27 जुलाई को फोन किया और उसे एक नौकरी के बारे में बताया। अगले दिन उसने कोपड़ी में एक जगह पर नौकरी के अवसर पर बातचीत के लिए मुलाकात की।''टिप्पणियां उन्होंने बताया, ''मुलाकात के बाद, उसने मादक पदार्थ वाले एक पेय उसे पिलाया और एक रिक्शा में उसे दिवा पूर्व के सेवागांव ले गया और उसके साथ बलात्कार किया। अपराध को अंजाम देने के बाद व्यक्ति ने उसके मोबाइल से सिम कार्ड निकाल लिया और फरार हो गया।'' (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पुलिस ने बताया कि पीड़िता द्वारा एक शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद नबिन सोहनलाल बेदी (24) पुलिस के जाल में फंस गया। यह घटना 28 जुलाई को हुई थी। ठाणे (पूर्व) में कोपड़ी थाना के इंस्पेक्टर एसडी कोरडे ने बताया, ''पीड़िता ने पुलिस को बताया कि आरोपी ने उसे 27 जुलाई को फोन किया और उसे एक नौकरी के बारे में बताया। अगले दिन उसने कोपड़ी में एक जगह पर नौकरी के अवसर पर बातचीत के लिए मुलाकात की।''टिप्पणियां उन्होंने बताया, ''मुलाकात के बाद, उसने मादक पदार्थ वाले एक पेय उसे पिलाया और एक रिक्शा में उसे दिवा पूर्व के सेवागांव ले गया और उसके साथ बलात्कार किया। अपराध को अंजाम देने के बाद व्यक्ति ने उसके मोबाइल से सिम कार्ड निकाल लिया और फरार हो गया।'' (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) ठाणे (पूर्व) में कोपड़ी थाना के इंस्पेक्टर एसडी कोरडे ने बताया, ''पीड़िता ने पुलिस को बताया कि आरोपी ने उसे 27 जुलाई को फोन किया और उसे एक नौकरी के बारे में बताया। अगले दिन उसने कोपड़ी में एक जगह पर नौकरी के अवसर पर बातचीत के लिए मुलाकात की।''टिप्पणियां उन्होंने बताया, ''मुलाकात के बाद, उसने मादक पदार्थ वाले एक पेय उसे पिलाया और एक रिक्शा में उसे दिवा पूर्व के सेवागांव ले गया और उसके साथ बलात्कार किया। अपराध को अंजाम देने के बाद व्यक्ति ने उसके मोबाइल से सिम कार्ड निकाल लिया और फरार हो गया।'' (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने बताया, ''मुलाकात के बाद, उसने मादक पदार्थ वाले एक पेय उसे पिलाया और एक रिक्शा में उसे दिवा पूर्व के सेवागांव ले गया और उसके साथ बलात्कार किया। अपराध को अंजाम देने के बाद व्यक्ति ने उसके मोबाइल से सिम कार्ड निकाल लिया और फरार हो गया।'' (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यहाँ एक सारांश है:किशोरी को नौकरी का दिया था झांसा उसको बातचीत के बहाने धोखे से बुलाया नशीला पेय पदार्थ मिलाकर किया दुष्‍कर्म
12
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारत के युवा मुक्केबाज शिवा थापा कजाकिस्तान के शहर अस्ताना में जारी एशियाई मुक्केबाजी ओलिंपिक क्वालीफिकेशन टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में पहुंच गए हैं। 56 किलोग्राम वर्ग के क्वार्टर फाइनल में जीत हासिल कर थापा ओलिंपिक के लिए क्वालीफाई करने से एक कदम दूर रह गए हैं। 18 साल के थापा ने क्वार्टर फाइनल मे एथेंस ओलिंपिक में रजत और 2010 एशियाई खेलों के विजेता थाईलैंड के वोरापोज पेचकून को 16-10 के अंतर से हराया।टिप्पणियां थापा ने सेमीफाइनल में जगह बनाने के साथ अपने लिए कांस्य पदक सुरक्षित कर लिया है लेकिन ओलिंपिक की योग्यता हासिल करने के लिए उन्हें फाइनल में जगह बनानी होगी। सेमीफाइनल में उनका सामना 2009 एशियाई चैम्पियनशिप में कांस्य जीतने वाले जापान के सातोसी सिमिजू से होगा। इस भार वर्ग से तीन मुक्केबाज लंदन का टिकट कटा सकेंगे। इनमें फाइनल में पहुंचने वाले दो मुक्केबाज और फाइनल जीतने वाले मुक्केबाज के हाथों सेमीफाइनल में हारने वाला मुक्केबाज शामिल होगा। 56 किलोग्राम वर्ग के क्वार्टर फाइनल में जीत हासिल कर थापा ओलिंपिक के लिए क्वालीफाई करने से एक कदम दूर रह गए हैं। 18 साल के थापा ने क्वार्टर फाइनल मे एथेंस ओलिंपिक में रजत और 2010 एशियाई खेलों के विजेता थाईलैंड के वोरापोज पेचकून को 16-10 के अंतर से हराया।टिप्पणियां थापा ने सेमीफाइनल में जगह बनाने के साथ अपने लिए कांस्य पदक सुरक्षित कर लिया है लेकिन ओलिंपिक की योग्यता हासिल करने के लिए उन्हें फाइनल में जगह बनानी होगी। सेमीफाइनल में उनका सामना 2009 एशियाई चैम्पियनशिप में कांस्य जीतने वाले जापान के सातोसी सिमिजू से होगा। इस भार वर्ग से तीन मुक्केबाज लंदन का टिकट कटा सकेंगे। इनमें फाइनल में पहुंचने वाले दो मुक्केबाज और फाइनल जीतने वाले मुक्केबाज के हाथों सेमीफाइनल में हारने वाला मुक्केबाज शामिल होगा। थापा ने सेमीफाइनल में जगह बनाने के साथ अपने लिए कांस्य पदक सुरक्षित कर लिया है लेकिन ओलिंपिक की योग्यता हासिल करने के लिए उन्हें फाइनल में जगह बनानी होगी। सेमीफाइनल में उनका सामना 2009 एशियाई चैम्पियनशिप में कांस्य जीतने वाले जापान के सातोसी सिमिजू से होगा। इस भार वर्ग से तीन मुक्केबाज लंदन का टिकट कटा सकेंगे। इनमें फाइनल में पहुंचने वाले दो मुक्केबाज और फाइनल जीतने वाले मुक्केबाज के हाथों सेमीफाइनल में हारने वाला मुक्केबाज शामिल होगा। इस भार वर्ग से तीन मुक्केबाज लंदन का टिकट कटा सकेंगे। इनमें फाइनल में पहुंचने वाले दो मुक्केबाज और फाइनल जीतने वाले मुक्केबाज के हाथों सेमीफाइनल में हारने वाला मुक्केबाज शामिल होगा।
सारांश: भारत के युवा मुक्केबाज शिवा थापा कजाकिस्तान के शहर अस्ताना में जारी एशियाई मुक्केबाजी ओलिंपिक क्वालीफिकेशन टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में पहुंच गए हैं।
31
['hin']
एक सारांश बनाओ: मौसम कार्यालय ने रविवार को हल्की बारिश, गरज के साथ छींटे और आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है. मौसम अधिकारी ने बताया, ‘ अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमश: 21 से नौ डिग्री सेल्सियस तक रहने की संभावना है.' सीपीसीबी के मुताबिक, हवा में अतिसूक्ष्म कणों पीएम 2.5 का स्तर 287 जबकि पीएम 10 का स्तर 443 दर्ज किया गया. केंद्र संचालित वायु गुणवत्ता एवं मौसम पूर्वानुमान प्रणाली (सफर) ने कहा कि अगले दो दिनों में हल्की बारिश होने की संभावना है जिससे वायु गुणवत्ता सुधर सकती है. सफर ने कहा, अगर बारिश नहीं होती है तो अगले तीन दिनों में छोटे-मोटे उतार-चढ़ाव के साथ कुल वायु गुणवत्ता और खराब हो सकती है. अन्य मौसमी स्थितियां भी अनुकूल नहीं हैं. हालांकि कोहरे की स्थितियों के अब छंटने की संभावना है.' ‘गंभीर' श्रेणी में पहुंचने से पहले शुक्रवार को हवा की गुणवत्ता ‘बेहद खराब' रही. हवा की तेज गति की वजह से हवा कुछ साफ हुई थी और बुधवार एवं गुरुवार को वायु गुणवत्ता ‘खराब' श्रेणी में थी. हवाईअड्डा अधिकारियों ने बताया, ‘लगातार बर्फबारी के कारण कम दृश्यता होने से श्रीनगर हवाईअड्डा की ओर आने और वहां से जाने वाला हवाई यातायात प्रभावित हुआ.' उन्होंने कहा कि अब तक तीन विमानों की उड़ानों को रद्द किया जा चुका है जबकि कुछ अन्य के परिचालन में देरी हुई. यातायात नियंत्रण कक्ष में एक अधिकारी ने बताया कि श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग एक ओर से यातायात के लिये खुला रहा. मौसम विभाग ने बताया है कि शनिवार को राज्य में हल्की बारिश और अधिकतर जगहों पर बर्फबारी होने की संभावना है. उसने बताया कि रविवार को मौसम में थोड़ा सुधार होने की संभावना है. मौसम विभाग ने बताया कि श्रीनगर में शुक्रवार रात न्यूनतम तापमान शून्य से 0.8 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया. शुक्रवार रात दक्षिण कश्मीर के काजीगुंड में भी न्यूनतम तापमान शून्य से 0.8 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया और पास के कोकेरनाग में यह शून्य से 2.4 डिग्री सेल्सियस नीचे था. अधिकारी ने बताया कि उत्तर कश्मीर के कुपवाड़ा में पारा 0.2 डिग्री सेल्सियस रहा. कश्मीर में कुपवाड़ा एकमात्र ऐसा स्थान रहा जहां पारा जमाव बिंदु के ऊपर रहा, जबकि गुलमर्ग में यह शून्य से छह डिग्री सेल्सियस नीचे और पहलगाम में शून्य से 4.5 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया. अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार रात लेह में न्यूनतम तापमान शून्य से 11.9 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया जबकि द्रास में यह शून्य से 10.3 डिग्री सेल्सियस नीचे रहा तथा करगिल में यह शून्य से 16.8 डिग्री सेल्सियस नीचे रहा. जम्मू कश्मीर में करगिल सबसे सर्द स्थान रहा. कश्मीर इस वक्त 40 दिवसीय सबसे भीषण सर्दी ‘चिल्लई-कलां' के दौर की गिरफ्त में है. इस दौरान लगातार और अधिकतम बर्फबारी की संभावना बढ़ जाती है और तापमान में भी गिरावट होती है. ‘चिल्लई-कलां' की अवधि 31 जनवरी को खत्म होगी, हालांकि इसके बाद भी कश्मीर में शीतलहर जारी रहती है. 40 दिन की इस शीत अवधि के बाद 20 दिन ‘चिल्लई-खुर्द' और 10 दिन ‘चिल्लई-बच्चा' का दौर रहता है.
यह एक सारांश है: हल्की बारिश और बादल छाए रहने की संभावना ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंची दिल्ली की हवा दमघोंटू हवा से मिल सकता है राहत
21
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: महाराष्ट्र के राज्य अल्पसंख्यक आयोग ने शनिवार को कहा कि जनता पार्टी के नेता सुब्रमण्यम स्वामी को उनके चरम दक्षिणपंथी विचारों के लिए गिरफ्तार किया जाए। स्वामी ने एक समाचार पत्र में प्रकाशित लेख में अपने विवादास्पद विचार प्रस्तुत किए थे। आयोग के उपाध्यक्ष अब्राहम मथाई ने मुम्बई पुलिस प्रमुख अरूप पटनायक को पत्र लिखकर कहा कि भारतीय दंड संहिता की धारा 153(ए) के तहत स्वामी पर आपराधिक मामला दर्ज किया जाए। पत्र में लिखा गया है, डॉ सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा 16 जुलाई, 2011 के 'हाउ टू वाइप आउट इस्लामिक टेरर' शीर्षक से लिखे गए लेख से अल्पसंख्यक समुदाय में पैदा हुई असुरक्षा की भावना और हंगामे के बाद मैं आपको यह पत्र लिख रहा हूं। हार्वर्ड विश्वविद्यालय से डॉक्ट्रेट स्वामी ने अपने लेख में भारत में होने वाले आतंकवादी हमलों से निपटने के लिए गैर-हिंदुओं को मताधिकार न देने की वकालत की थी। मथाई ने कहा, इसमें प्रदर्शित चरम दक्षिणपंथी विचार परेशान करने वाले हैं और यह लेख सामाजिक रूप से गैर जिम्मेदार और इस्लाम विरोधी है। यह भी चिंताजनक है कि डॉ स्वामी अपने अभिव्यक्ति के अधिकार का पूर्वाग्रहों के जरिए नफरत फैलाने और इस्लाम के प्रति डर पैदा करने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। मथाई ने यह भी कहा है कि जेलों में हिंदू आतंकवादी भी हैं और उन्होंने भी समान रूप से जघन्य कृत्य किए हैं। उन्होंने कहा, यह एक तथ्य है कि एक राष्ट्र के रूप में भारत की खुशहाली, प्रगति और सुरक्षा में मुस्लिम समुदाय का भी बहुत योगदान है। डॉ स्वामी का विचित्र समाधान यह है कि वह संविधान के अनुच्छेद 25 के मुताबिक प्रत्येक व्यक्ति को अपनी इच्छानुसार रहने की स्वतंत्रता देने की बजाए मुसलमानों को हिंदुत्व अपनाने के लिए कह रहे हैं।
सारांश: महाराष्ट्र के राज्य अल्पसंख्यक आयोग ने कहा कि जनता पार्टी के नेता सुब्रमण्यम स्वामी को उनके चरम दक्षिणपंथी विचारों के लिए गिरफ्तार किया जाए।
33
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार राज्य की महिलाओं ने रानी मिस्त्री बनकर पूरे देश का मान बढ़ाया और झारखंड को खुले में शौच से मुक्त किया. उसी तरह डॉक्टर दीदियां भी किसानों की मिट्टी को सेहतमंद बनाकर किसानों की आर्थिक समृद्धि और अधिक उत्पादन की वाहक बनेंगी. सरकार की मंशा भी यही है कि किसान समृद्धशाली बनें, उनकी आय दोगुनी हो. राज्य सरकार कृषि वैज्ञानिक एमएस स्वामीनाथन के कथन अनुसार कृषि के क्षेत्र में कार्य कर रही है. पांच समस्याओं - मिट्टी, पानी, कर्ज या बीमा, फलोपरांत और तकनीक का जिक्र उन्होंने किया था. उन समस्याओं को दूर करने की दिशा में हम आगे बढ़ रहें हैं. ताकि किसानों की आमदनी बढ़ा कर कृषि को लाभदायक बनाया जा सके. दास ने कहा कि 2014 से पूर्व राज्य की कृषि विकास दर 4 प्रतिशत थी. लेकिन विगत साढ़े चार वर्ष में यह बढ़कर प्लस 14 प्रतिशत हो गई. आज बिहार की कृषि विकास दर 6.62 प्रतिशत, उड़ीसा की 10.7 प्रतिशत, बंगाल की 5.5 प्रतिशत और आंध्रप्रदेश की 11.39  प्रतिशत है और हमारी 14.5 प्रतिशत. इस दर को और बढ़ाने में मिट्टी की डॉक्टर की भूमिका मायने रखेगी. आने वाले दिनों में राज्य के 100 किसानों को फिर इजरायल भेजा जाएगा. इनमें 50 पुरुष किसान, 25 सखी मंडल की बहनें और 25 महिला किसान शामिल होंगी. मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ सुनील कुमार वर्णवाल ने कहा कि यह कार्यक्रम उन महिला उद्यमियों को समर्पित है, जिन्होंने मिट्टी के डॉक्टर के रूप में खुद को स्थापित करने का प्रयास किया. सचिव कृषि व पशुपालन पूजा सिंघल ने कहा कि डॉक्टर दीदियों के लिए प्रशिक्षण का कार्यक्रम रखा गया है जो 8 दिनों तक आयोजित होगा. प्रथम चरण में 3000 महिलाओं को प्रशिक्षण मिलेगा. गांव के स्तर पर मिट्टी की जांच होगी. सभी पंचायत में यह व्यवस्था करने की योजना है.
संक्षिप्त पाठ: मिट्टी को नव जीवन देंगी झारखंड की डॉक्टर दीदियां 3000 महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा प्रदेश के सौ किसान जाएंगे इजरायल
13
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: गुवाहाटी के 21 वर्षीय एक छात्र का मानना है कि वह लड़की है और उसने बंबई उच्च न्यायालय में याचिका देकर मांग की है कि लिंग बदलाव के लिए होने वाले ऑपरेशन में उसके माता-पिता को दखल देने से रोका जाए। बिधान बरुआ खुद को स्वाति कहलाना चाहता है और उसने आरोप लगाया कि उसके अभिभावकों ने 17 अप्रैल को सैफई अस्पताल में होने वाले प्रस्तावित लिंग बदलाव सर्जरी को रुकवा दिया था। उसने दावा किया कि उसके अभिभावकों ने चिकित्सकों को धमकी दी जिन्होंने उच्च न्यायालय की अनुमति के बगैर ऑपरेशन करने से मना कर दिया। बरुआ ने अपने आवेदन में कहा है कि वह महिला है जिसका शरीर पुरुष का है और वह भारतीय वायु सेना के एक फ्लाईट लेफ्टिनेंट से शादी करना चाहता है। याचिका को बरुआ के वकील एजाज नकवी ने पेश किया और उन्होंने मुख्य न्यायाधीश मोहित शाह की अध्यक्षता वाली पीठ से कहा कि उसके अभिभावकों ने उसके बैंक अकाउंट को जब्त कर दिया है और उसके मूलभूत अधिकारों का हनन कर रहे हैं। उसके वकील ने कहा कि वयस्क होने के नाते याचिकाकर्ता लिंग बदलाव ऑपरेशन जैसे निर्णय करने में सक्षम है। टिप्पणियां मुख्य न्यायाधीश मोहित शाह और न्यायमूर्ति एनएम नामदार की पीठ ने मामले को न्यायमूर्ति एसएफ वाजीफदार और एआर जोशी की पीठ को भेज दिया जो मामले की सुनवाई 30 अप्रैल को करेंगे। बरुआ ने अपनी याचिका में कहा है कि उसे महसूस होता है कि उसका गलत लिंग में जन्म हो गया और वह लड़कियों की तरह कपड़े पहनना पसंद करता है। इससे उसके माता-पिता क्रुद्ध हो गए और उसके साथ दुर्व्‍यवहार करने लगे। बिधान बरुआ खुद को स्वाति कहलाना चाहता है और उसने आरोप लगाया कि उसके अभिभावकों ने 17 अप्रैल को सैफई अस्पताल में होने वाले प्रस्तावित लिंग बदलाव सर्जरी को रुकवा दिया था। उसने दावा किया कि उसके अभिभावकों ने चिकित्सकों को धमकी दी जिन्होंने उच्च न्यायालय की अनुमति के बगैर ऑपरेशन करने से मना कर दिया। बरुआ ने अपने आवेदन में कहा है कि वह महिला है जिसका शरीर पुरुष का है और वह भारतीय वायु सेना के एक फ्लाईट लेफ्टिनेंट से शादी करना चाहता है। याचिका को बरुआ के वकील एजाज नकवी ने पेश किया और उन्होंने मुख्य न्यायाधीश मोहित शाह की अध्यक्षता वाली पीठ से कहा कि उसके अभिभावकों ने उसके बैंक अकाउंट को जब्त कर दिया है और उसके मूलभूत अधिकारों का हनन कर रहे हैं। उसके वकील ने कहा कि वयस्क होने के नाते याचिकाकर्ता लिंग बदलाव ऑपरेशन जैसे निर्णय करने में सक्षम है। टिप्पणियां मुख्य न्यायाधीश मोहित शाह और न्यायमूर्ति एनएम नामदार की पीठ ने मामले को न्यायमूर्ति एसएफ वाजीफदार और एआर जोशी की पीठ को भेज दिया जो मामले की सुनवाई 30 अप्रैल को करेंगे। बरुआ ने अपनी याचिका में कहा है कि उसे महसूस होता है कि उसका गलत लिंग में जन्म हो गया और वह लड़कियों की तरह कपड़े पहनना पसंद करता है। इससे उसके माता-पिता क्रुद्ध हो गए और उसके साथ दुर्व्‍यवहार करने लगे। बरुआ ने अपने आवेदन में कहा है कि वह महिला है जिसका शरीर पुरुष का है और वह भारतीय वायु सेना के एक फ्लाईट लेफ्टिनेंट से शादी करना चाहता है। याचिका को बरुआ के वकील एजाज नकवी ने पेश किया और उन्होंने मुख्य न्यायाधीश मोहित शाह की अध्यक्षता वाली पीठ से कहा कि उसके अभिभावकों ने उसके बैंक अकाउंट को जब्त कर दिया है और उसके मूलभूत अधिकारों का हनन कर रहे हैं। उसके वकील ने कहा कि वयस्क होने के नाते याचिकाकर्ता लिंग बदलाव ऑपरेशन जैसे निर्णय करने में सक्षम है। टिप्पणियां मुख्य न्यायाधीश मोहित शाह और न्यायमूर्ति एनएम नामदार की पीठ ने मामले को न्यायमूर्ति एसएफ वाजीफदार और एआर जोशी की पीठ को भेज दिया जो मामले की सुनवाई 30 अप्रैल को करेंगे। बरुआ ने अपनी याचिका में कहा है कि उसे महसूस होता है कि उसका गलत लिंग में जन्म हो गया और वह लड़कियों की तरह कपड़े पहनना पसंद करता है। इससे उसके माता-पिता क्रुद्ध हो गए और उसके साथ दुर्व्‍यवहार करने लगे। याचिका को बरुआ के वकील एजाज नकवी ने पेश किया और उन्होंने मुख्य न्यायाधीश मोहित शाह की अध्यक्षता वाली पीठ से कहा कि उसके अभिभावकों ने उसके बैंक अकाउंट को जब्त कर दिया है और उसके मूलभूत अधिकारों का हनन कर रहे हैं। उसके वकील ने कहा कि वयस्क होने के नाते याचिकाकर्ता लिंग बदलाव ऑपरेशन जैसे निर्णय करने में सक्षम है। टिप्पणियां मुख्य न्यायाधीश मोहित शाह और न्यायमूर्ति एनएम नामदार की पीठ ने मामले को न्यायमूर्ति एसएफ वाजीफदार और एआर जोशी की पीठ को भेज दिया जो मामले की सुनवाई 30 अप्रैल को करेंगे। बरुआ ने अपनी याचिका में कहा है कि उसे महसूस होता है कि उसका गलत लिंग में जन्म हो गया और वह लड़कियों की तरह कपड़े पहनना पसंद करता है। इससे उसके माता-पिता क्रुद्ध हो गए और उसके साथ दुर्व्‍यवहार करने लगे। मुख्य न्यायाधीश मोहित शाह और न्यायमूर्ति एनएम नामदार की पीठ ने मामले को न्यायमूर्ति एसएफ वाजीफदार और एआर जोशी की पीठ को भेज दिया जो मामले की सुनवाई 30 अप्रैल को करेंगे। बरुआ ने अपनी याचिका में कहा है कि उसे महसूस होता है कि उसका गलत लिंग में जन्म हो गया और वह लड़कियों की तरह कपड़े पहनना पसंद करता है। इससे उसके माता-पिता क्रुद्ध हो गए और उसके साथ दुर्व्‍यवहार करने लगे। बरुआ ने अपनी याचिका में कहा है कि उसे महसूस होता है कि उसका गलत लिंग में जन्म हो गया और वह लड़कियों की तरह कपड़े पहनना पसंद करता है। इससे उसके माता-पिता क्रुद्ध हो गए और उसके साथ दुर्व्‍यवहार करने लगे।
संक्षिप्त पाठ: गुवाहाटी के 21 वर्षीय एक छात्र का मानना है कि वह लड़की है और उसने बंबई उच्च न्यायालय में याचिका देकर मांग की है कि लिंग बदलाव के लिए होने वाले ऑपरेशन में उसके माता-पिता को दखल देने से रोका जाए।
27
['hin']
एक सारांश बनाओ: चीन की वेन जिया यू शनिवार को मिस वर्ल्ड 2012 चुनी गईं जबकि वान्या मिश्रा प्रतियोगिता के फाइनल से बाहर हो गईं। पिछले वर्ष की मिस वर्ल्ड वेनेजुएला की इवियन सरकोस ने वेन को ताज पहनाया। वेल्स की सोफी मोल्ड्स को प्रथम उप विजेता एवं ऑस्ट्रेलिया की जेसिका केहवाटी को द्वितीय उप विजेता चुना गया। चण्डीगढ़ की 20 वर्षीय वान्या ने इस प्रतियोगिता के शीर्ष सात में स्थान बना लिया था लेकिन चीनी प्रतियोगी से वह हार गईं। उन्हें मिस सोशल मीडिया एवं मिस ब्यूटी विद ए परपज चुना गया।टिप्पणियां प्रतियोगिता के सेमीफाइनल राउंड में प्रतियोगियों को अपने देश के संगीत पर नृत्य करने के लिए कहा गया और वान्या ने 'उमराव जान' के गाने 'दिल चीज क्या है' पर नृत्य किया और शीर्ष सात में स्थान बनाने में कामयाब रहीं। प्रतियोगिता में 116 देशों की प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। वेल्स की सोफी मोल्ड्स को प्रथम उप विजेता एवं ऑस्ट्रेलिया की जेसिका केहवाटी को द्वितीय उप विजेता चुना गया। चण्डीगढ़ की 20 वर्षीय वान्या ने इस प्रतियोगिता के शीर्ष सात में स्थान बना लिया था लेकिन चीनी प्रतियोगी से वह हार गईं। उन्हें मिस सोशल मीडिया एवं मिस ब्यूटी विद ए परपज चुना गया।टिप्पणियां प्रतियोगिता के सेमीफाइनल राउंड में प्रतियोगियों को अपने देश के संगीत पर नृत्य करने के लिए कहा गया और वान्या ने 'उमराव जान' के गाने 'दिल चीज क्या है' पर नृत्य किया और शीर्ष सात में स्थान बनाने में कामयाब रहीं। प्रतियोगिता में 116 देशों की प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। चण्डीगढ़ की 20 वर्षीय वान्या ने इस प्रतियोगिता के शीर्ष सात में स्थान बना लिया था लेकिन चीनी प्रतियोगी से वह हार गईं। उन्हें मिस सोशल मीडिया एवं मिस ब्यूटी विद ए परपज चुना गया।टिप्पणियां प्रतियोगिता के सेमीफाइनल राउंड में प्रतियोगियों को अपने देश के संगीत पर नृत्य करने के लिए कहा गया और वान्या ने 'उमराव जान' के गाने 'दिल चीज क्या है' पर नृत्य किया और शीर्ष सात में स्थान बनाने में कामयाब रहीं। प्रतियोगिता में 116 देशों की प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता के सेमीफाइनल राउंड में प्रतियोगियों को अपने देश के संगीत पर नृत्य करने के लिए कहा गया और वान्या ने 'उमराव जान' के गाने 'दिल चीज क्या है' पर नृत्य किया और शीर्ष सात में स्थान बनाने में कामयाब रहीं। प्रतियोगिता में 116 देशों की प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में 116 देशों की प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
यहाँ एक सारांश है:चीन की वेन जिया यू शनिवार को मिस वर्ल्ड 2012 चुनी गईं जबकि वान्या मिश्रा प्रतियोगिता के फाइनल से बाहर हो गईं। पिछले वर्ष की मिस वर्ल्ड वेनेजुएला की इवियन सरकोस ने वेन को ताज पहनाया।
15
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: Food Poisoning: फूड पॉइजनिंग एक ऐसी समस्या है जिससे दुनियाभर में लाखों लोग प्रभावित होते हैं. फूड पॉइजनिंग की सबसे बड़ी वजह होती है अस्वस्थ खाना या साफ-सफाई का ध्यान न देकर तैयार खाना ग्रहण करना. खाद्य जनित बीमारियां या फूड पॉइजनिंग आम तौर पर उन खाद्य पदार्थो को खाने से होती है, जो दूषित बैक्टीरिया या उनके विषाक्त पदार्थो से होती है. चिकित्सकों का कहना है कि वायरस और परजीवी भी फूड पॉइजनिंग (Food Poisoning) का कारण बन सकते हैं. हार्ट केयर फाउंडेशन (एचसीएफआई) के अध्यक्ष डॉ. के.के. अग्रवाल ने कहा, "लोग लंबे समय से जानते हैं कि कच्चे मांस, मुर्गी और अंडे भी रोगाणुओं का कारण बन सकते हैं. हाल के वर्षो में ताजे फल और सब्जियों के कारण खाद्य जनित बीमारियों का सबसे ज्यादा प्रकोप रहा है." फूड पॉइज़निंग से बचना चाहते हैं, तो इन बातों पर दें ख़ास ध्यान...   - फलों और सब्जियों की पूरी तरह से धुलाई और उचित तरीके से खाना पकाने से, खाद्य विषाक्तता का कारण बनने वाले अधिकांश बैक्टीरिया समाप्त हो सकते हैं, लेकिन कुछ स्ट्रेन हैं, जो प्रतिरोधी के रूप में उभर रहे हैं. - इस प्रकार यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि स्रोत पर ही नुकसान को कम किया जाए. खाद्य जनित बीमारियां या फूड पॉइजनिंग आम तौर पर उन खाद्य पदार्थो को खाने से होती है, जो दूषित बैक्टीरिया या उनके विषाक्त पदार्थो से होते हैं. वायरस और परजीवी भी फूड पॉइजनिंग का कारण बन सकते हैं. फास्ट फूड खाने के बाद 90 मिनट की एक्सरसाइज़ करना है ज़रूरी   फूड पॉइजनिंग के कुछ लक्षणों में  - पेट में दर्द,  - मतली,  - सिरदर्द,  - थकान,  - उल्टी,  - दस्त और निर्जलीकरण शामिल हैं.  ये खराब भोजन लेने के बाद कई घंटों से लेकर कुछ दिन तक दिखाई दे सकते हैं. उदाहरण के लिए, साल्मोनेला बैक्टीरिया 4-7 दिनों के बाद, 12 घंटे से 3 दिन तक बीमारी का कारण बन सकता है. फूड प्वॉइजनिंग के लक्षण लगभग 48 घंटों में गायब हो जाते हैं, लेकिन फिर भी निम्न युक्तियां स्थिति से मुकाबला करने में मदद कर सकती हैं.     Food Poisoning: फूड प्वॉइजनिंग के लक्षण लगभग 48 घंटों में गायब हो जाते हैं.  फूड पॉइजनिंग का इलाज करने का सबसे आम तरीका है कि आप बहुत सारे तरल पदार्थ पीएं. बीमारी आमतौर पर कुछ दिनों में कम हो जाती है. हालांकि, कुछ बुनियादी कदमों के साथ स्वच्छता बनाए रखना भी जरूरी है. सबसे महत्वपूर्ण है हाथ धोना. खुले में शौच से बचना चाहिए और उपभोग से पहले फलों और सब्जियों को साफ पानी से धोया जाना चाहिए.   - अपने पेट को व्यवस्थित होने दें. कुछ घंटों के लिए खाना-पीना बंद कर दें.  - बर्फ के चिप्स चूसने या पानी के छोटे घूंट लेने की कोशिश करें.  - जब आप सामान्य रूप से मूत्र त्याग कर रहे होते हैं और आपका मूत्र स्पष्ट और डार्क नहीं होता है, तो इसका मतलब है कि शरीर पर्याप्त हाइड्रेटेड है. - धीरे-धीरे खाना शुरू करें.  - कम वसा वाले, आसानी से पचने वाले खाद्य पदार्थ, जैसे कि टोस्ट, केला और चावल खाना शुरू करें.  - अगर आपको फिर से मतली होने लगे तो खाना बंद कर दें.  - जब तक आप बेहतर महसूस नहीं करते, तब तक कुछ पेय और खाद्य पदार्थो से बचें. इनमें डेयरी उत्पाद, कैफीन, शराब, निकोटीन, और वसायुक्त या अत्यधिक तले हुए खाद्य पदार्थ शामिल हैं. (इनपुट-आईएएनएस) और खबरों के लिए क्लिक करें.
यह एक सारांश है: बैक्टीरिया 4-7 दिनों के बाद, 12 घंटे से 3 दिन तक बीमारी का कारण बनता है. फूड प्वॉइजनिंग के लक्षण लगभग 48 घंटों में गायब हो जाते हैं वायरस और परजीवी भी फूड पॉइजनिंग का कारण बन सकते हैं.
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: नोटबंदी समेत विभिन्न मुद्दों को लेकर मोदी सरकार पर राहुल गांधी के लगातार प्रहार पर पलटवार करते हुए भाजपा ने आज कहा कि कांग्रेस उपाध्यक्ष ‘अटेंशन सीकिंग डिसॉर्डर’ से ग्रस्त हो गए और टीआरपी के लिए निम्न स्तर का बयान देने लगे हैं, ऐसे में उन्हें स्वास्थ्य लाभ करना चाहिए. भाजपा नेता श्रीकांत शर्मा ने कहा कि 2014 के लोकसभा चुनाव में भ्रष्टाचार एक बड़ा मुद्दा था और मोदी सरकार देश से भ्रष्टाचार को समूल नष्ट करने के लिए कृतसंकल्प हैं. शर्मा ने कहा, देश और गांव गरीब के विकास में भ्रष्टाचार सबसे बड़ा बाधक है. भ्रष्टाचार को समूल नष्ट करने के लिए जो भी प्रभावी कदम उठाने होंगे, मोदी सरकार उन कदमों को उठाएगी, चाहे कोई कितनी भी आलोचना क्यों न करे. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को समझना चाहिए कि भ्रष्टाचार देश के विकास में बड़ी बाधा है. राहुल के पिता और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने भी जिक्र किया था कि विकास के लिए जारी किए गए एक रुपये में से केवल 10 पैसा ही लोगों तक पहुंचता है.टिप्पणियां भाजपा के राष्ट्रीय सचिव श्रीकांत शर्मा ने आरोप लगाया कि टीआरपी के लिए आजकल राहुल गांधी बेहद निम्न स्तर के बयान देने लगे हैं, उनकी यह मनोदशा दर्शाती है कि वे ‘अटेंशन सीकिंग डिसॉर्डर’ से ग्रस्त हो गए हैं, जो आम तौर पर कम उम्र में होता है, लेकिन अगर 48 वर्ष की आयु में भी राहुल इस डिसॉर्डर से ग्रस्त हैं तो उन्हें निश्चित रूप से स्वास्थ्य लाभ करना चाहिए. उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उसके उपाध्यक्ष को यह समझ लेना चाहिए कि मोदी सरकार देश में लंबे समय तक शासन करने वाली हैं. नरेन्द्र मोदी आम लोगों के प्रधानमंत्री हैं और आम लोगों से जुड़े रहते हैं.   भाजपा नेता श्रीकांत शर्मा ने कहा कि 2014 के लोकसभा चुनाव में भ्रष्टाचार एक बड़ा मुद्दा था और मोदी सरकार देश से भ्रष्टाचार को समूल नष्ट करने के लिए कृतसंकल्प हैं. शर्मा ने कहा, देश और गांव गरीब के विकास में भ्रष्टाचार सबसे बड़ा बाधक है. भ्रष्टाचार को समूल नष्ट करने के लिए जो भी प्रभावी कदम उठाने होंगे, मोदी सरकार उन कदमों को उठाएगी, चाहे कोई कितनी भी आलोचना क्यों न करे. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को समझना चाहिए कि भ्रष्टाचार देश के विकास में बड़ी बाधा है. राहुल के पिता और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने भी जिक्र किया था कि विकास के लिए जारी किए गए एक रुपये में से केवल 10 पैसा ही लोगों तक पहुंचता है.टिप्पणियां भाजपा के राष्ट्रीय सचिव श्रीकांत शर्मा ने आरोप लगाया कि टीआरपी के लिए आजकल राहुल गांधी बेहद निम्न स्तर के बयान देने लगे हैं, उनकी यह मनोदशा दर्शाती है कि वे ‘अटेंशन सीकिंग डिसॉर्डर’ से ग्रस्त हो गए हैं, जो आम तौर पर कम उम्र में होता है, लेकिन अगर 48 वर्ष की आयु में भी राहुल इस डिसॉर्डर से ग्रस्त हैं तो उन्हें निश्चित रूप से स्वास्थ्य लाभ करना चाहिए. उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उसके उपाध्यक्ष को यह समझ लेना चाहिए कि मोदी सरकार देश में लंबे समय तक शासन करने वाली हैं. नरेन्द्र मोदी आम लोगों के प्रधानमंत्री हैं और आम लोगों से जुड़े रहते हैं.   शर्मा ने कहा, देश और गांव गरीब के विकास में भ्रष्टाचार सबसे बड़ा बाधक है. भ्रष्टाचार को समूल नष्ट करने के लिए जो भी प्रभावी कदम उठाने होंगे, मोदी सरकार उन कदमों को उठाएगी, चाहे कोई कितनी भी आलोचना क्यों न करे. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को समझना चाहिए कि भ्रष्टाचार देश के विकास में बड़ी बाधा है. राहुल के पिता और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने भी जिक्र किया था कि विकास के लिए जारी किए गए एक रुपये में से केवल 10 पैसा ही लोगों तक पहुंचता है.टिप्पणियां भाजपा के राष्ट्रीय सचिव श्रीकांत शर्मा ने आरोप लगाया कि टीआरपी के लिए आजकल राहुल गांधी बेहद निम्न स्तर के बयान देने लगे हैं, उनकी यह मनोदशा दर्शाती है कि वे ‘अटेंशन सीकिंग डिसॉर्डर’ से ग्रस्त हो गए हैं, जो आम तौर पर कम उम्र में होता है, लेकिन अगर 48 वर्ष की आयु में भी राहुल इस डिसॉर्डर से ग्रस्त हैं तो उन्हें निश्चित रूप से स्वास्थ्य लाभ करना चाहिए. उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उसके उपाध्यक्ष को यह समझ लेना चाहिए कि मोदी सरकार देश में लंबे समय तक शासन करने वाली हैं. नरेन्द्र मोदी आम लोगों के प्रधानमंत्री हैं और आम लोगों से जुड़े रहते हैं.   भाजपा के राष्ट्रीय सचिव श्रीकांत शर्मा ने आरोप लगाया कि टीआरपी के लिए आजकल राहुल गांधी बेहद निम्न स्तर के बयान देने लगे हैं, उनकी यह मनोदशा दर्शाती है कि वे ‘अटेंशन सीकिंग डिसॉर्डर’ से ग्रस्त हो गए हैं, जो आम तौर पर कम उम्र में होता है, लेकिन अगर 48 वर्ष की आयु में भी राहुल इस डिसॉर्डर से ग्रस्त हैं तो उन्हें निश्चित रूप से स्वास्थ्य लाभ करना चाहिए. उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उसके उपाध्यक्ष को यह समझ लेना चाहिए कि मोदी सरकार देश में लंबे समय तक शासन करने वाली हैं. नरेन्द्र मोदी आम लोगों के प्रधानमंत्री हैं और आम लोगों से जुड़े रहते हैं.   उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उसके उपाध्यक्ष को यह समझ लेना चाहिए कि मोदी सरकार देश में लंबे समय तक शासन करने वाली हैं. नरेन्द्र मोदी आम लोगों के प्रधानमंत्री हैं और आम लोगों से जुड़े रहते हैं.
राहुल पर लगाया निम्न स्तर के बयान का आरोप बीजेपी नेता ने किया राजीव गांधी के बयान का जिक्र पीएम मोदी को बताया आम लोगों का प्रधानमंत्री
34
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: 'भिंडी बाजार इन्कॉरपोरेशन' साऊथ मुंबई के मुस्लिम बहुल और घनी आबादी वाले इलाके में पलने वाले जेबकतरों के गैंग पर है। गैंग के मुखिया मामू यानी पवन मल्होत्रा, जिनके अंडर में फतेह (प्रशांत नारायणन) और दर्जी (गौतम शर्मा) जैसे गहरे दोस्त काम करते हैं। दोनों दोस्तों की एक ही ख्वाहिश है मामू की पोजिशन हासिल करना। एक तरफ इनके ऊंचे सपने हैं, तो दूसरी तरफ कट्टर दुश्मन पांडे यानी पियूष मिश्रा की गैंग। डायरेक्टर अंकुश भट्ट की यह फिल्म पॉकेटमारों की बुलंदियों को छूने की चाहत और इस रास्ते में होने वाले धोखे, साजि़श और दूसरे गिरोहों से खूनी रंजिशों पर है। जहां ऊंचे मकसद हर चीज को कुचलते हैं, चाहे वह दोस्ती हो या रिश्ते। ज्यादातर चालों-कुचालों को शतरंज खेल रहे दो खिलाड़ी केके मेनन और गौतम शर्मा फ्लैशबैक में जाकर देखते हैं और अच्छी-भली कहानी में बार-बार टपक कर यही दोनों खिलाड़ी सबसे ज्यादा रोड़े अटकाते हैं। शुरुआत में पॉकेटमारी के सीन्स कुछ ज्यादा ही खींचे गए हैं, लेकिन फिर कहानी आगे बढ़ जाती है।कुछ बोल्ड सीन्स, बोल्ड डायलॉग्स और गालियां हैं, जो क्रिमिनल वर्ल्ड में आम बात हैं। अच्छा कैमरावर्क और रियलिस्टिक लोकेशन्स हैं। कहानी में ढेरों मोड़ हैं। कटरीना लोपेज समेत बाकी कलाकारों के डांस नंबर्स ग्लैमर एलिमेंट में इजाफा करते हैं। फिल्म में प्रशांत नारायणन, पवन मल्होत्रा, पियूष मिश्रा, दीप्ति नवल जैसे बेहतरीन परफॉमर्र हैं। कुछ हटकर बनी ;भिंडी बाजार' कोई ग्रेट फिल्म नहीं है, लेकिन सबसे अच्छी बात है कि यह लगातार इंगेज रखती है। गर्दन घुमाने का मौका नहीं देती। फिल्म के लिए मेरी रेटिंग है- 3 स्टार।
यहाँ एक सारांश है:फिल्म में न सिर्फ कुछ बेहतरीन परफॉमर्र हैं, बल्कि पॉप सिंगर जेनिफर लोपेज की बहन कटरीना ने आइटम नंबर भी किया है।
17
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: रामगोपाल ने अमर सिंह पर भी चोट की है और उनका नाम लिए बिना कहा है कि जो आजकल आपको सलाह दे रहे हैं, जनता की निगाह में उनकी हैसियत शून्य हो गई है. इस बीच यूपी के कबीना मंत्री आज़म ख़ान ने अखिलेश को सीएम के तौर पर दोबारा प्रोजेक्ट ना करने के मुलायम सिंह के फ़ैसले को पार्टी के लिए फ़ायदेमंद बताया है. आज़म ने इसे पार्टी की राजनैतिक रणनीति का एक हिस्सा बताया है. आज़म ने कहा कि हम साइकिल को जानते हैं, हमारा चुनाव तो साइकिल का चेहरा लड़ेगा. आज़म ने यह भी कहा कि कोई इस ख़ुशफ़हमी में ना रहे कि इससे पार्टी को कोई नुकसान होने जा रहा है. इस बीच यूपी के कबीना मंत्री आज़म ख़ान ने अखिलेश को सीएम के तौर पर दोबारा प्रोजेक्ट ना करने के मुलायम सिंह के फ़ैसले को पार्टी के लिए फ़ायदेमंद बताया है. आज़म ने इसे पार्टी की राजनैतिक रणनीति का एक हिस्सा बताया है. आज़म ने कहा कि हम साइकिल को जानते हैं, हमारा चुनाव तो साइकिल का चेहरा लड़ेगा. आज़म ने यह भी कहा कि कोई इस ख़ुशफ़हमी में ना रहे कि इससे पार्टी को कोई नुकसान होने जा रहा है.
यह एक सारांश है: रामगोपाल यादव ने अखिलेश की वकालत करते हुए लिखा मुलायम को खत शिवपाल यादव ने बिना नाम लिए साधा अखिलेश पर निशाना आजम खान ने दिया मुलायम के फैसले का साथ
24
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: लोकपाल बिल पर अन्ना हजारे ने कहा है कि सरकार ने कैबिनेट के सामने जो ड्राफ्ट रखा है, वह हमारा नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार ने जनलोकपाल पर जो भी आश्वासन दिए, वे पूरे नहीं किए। सरकार ने हमें धोखा दिया है।टिप्पणियां अन्ना ने कहा कि सीबीआई और सीवीसी को लोकपाल के दायरे में लाना चाहिए। उन्होंने पूछा है कि लोकपाल के लिए ज्वाइंट कमेटी बनाई गई थी, उसका क्या हुआ। अन्ना ने सोनिया पर निशाना साधते हुए कहा कि सोनिया ने अपने बेटे से कहा था कि सत्ता ए जहर है, तो मैं उनसे पूछता हूं कि अगर ऐसा है तो हर कोई इसके पीछे क्यों भाग रहा है। सत्ता जहर नहीं नशा है। उन्होंने अपनी मांग दोबारा दोहराई कि सरकार को सशक्त लोकपाल लेकर आना चाहिए। अन्ना ने कहा कि सीबीआई और सीवीसी को लोकपाल के दायरे में लाना चाहिए। उन्होंने पूछा है कि लोकपाल के लिए ज्वाइंट कमेटी बनाई गई थी, उसका क्या हुआ। अन्ना ने सोनिया पर निशाना साधते हुए कहा कि सोनिया ने अपने बेटे से कहा था कि सत्ता ए जहर है, तो मैं उनसे पूछता हूं कि अगर ऐसा है तो हर कोई इसके पीछे क्यों भाग रहा है। सत्ता जहर नहीं नशा है। उन्होंने अपनी मांग दोबारा दोहराई कि सरकार को सशक्त लोकपाल लेकर आना चाहिए। अन्ना ने सोनिया पर निशाना साधते हुए कहा कि सोनिया ने अपने बेटे से कहा था कि सत्ता ए जहर है, तो मैं उनसे पूछता हूं कि अगर ऐसा है तो हर कोई इसके पीछे क्यों भाग रहा है। सत्ता जहर नहीं नशा है। उन्होंने अपनी मांग दोबारा दोहराई कि सरकार को सशक्त लोकपाल लेकर आना चाहिए।
यह एक सारांश है: लोकपाल बिल पर अन्ना हजारे ने कहा है कि सरकार ने कैबिनेट के सामने जो ड्राफ्ट रखा है, वह हमारा नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार ने जनलोकपाल पर जो भी आश्वासन दिए, वे पूरे नहीं किए।
24
['hin']
एक सारांश बनाओ: टिकटॉक ऐप (TikTok App) के बारे में तो आप जानते ही होंगे, यहां (TikTok) पर अक्सर एक से बढ़कर एक वीडियो वायरल होते हैं. टिकटॉक पर लोग 15 सेकंड का वीडियो बनाकर शेयर करते हैं. इस प्लेटफॉर्म पर आप दुनिया भर के लोगों के वीडियो देख सकते हैं. इस ऐप पर कई सेलिब्रिटीज अपने वीडियो शेयर करते रहते हैं. सपना चौधरी टिकटॉक (TikTok) पर अक्सर अपने वीडियो शेयर करती हैं और उनके वीडियो को लोग काफी पसंद करते हैं. सपना चौधरी (Sapna Choudhary) का नया टिकटॉक वीडियो वायरल हो रहा है. इसके अलावा और भी कई वीडियो हैं जिन्हें लोग काफी पसंद कर रहे हैं. ऐसे में एक बार फिर हम आपके लिए टॉप 10 टिकटॉक वीडियो लेकर आए हैं.    इस वीडियो में नोज पेंटिंग को दिखाया गया है. इसमें एक लड़का अपनी नाम से 'मां' लिखता है. इस वीडियो पंजाबी सिंगर सुनंदा शर्मा अपने कुत्ते के साथ अपने ही गाने पर परफॉर्म करती नजर आ रही हैं. बता दें कि उनके फैंस उनके साथ ही उनके Pet के भी काफी दीवाने हैं और यही वजह है कि उनका यह वीडियो टिकटॉक पर काफी पसंद किया जा रहा है.
यहाँ एक सारांश है:सपना चौधरी का नया टिकटॉक वीडियो वायरल हो रहा है. इसमें सपना दबंग अंदाज में नजर आ रही हैं. इस वीडियो को काफी लाइक्स मिले हैं.
15
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिकी अर्थशास्त्री थॉमस सार्जेंट और क्रिस्टोफर सिम्स को 2011 का अर्थशास्त्र का नोबेल सम्मान देने की घोषणा की गई। उन्हें व्यापक आर्थिक कारकों और सरकार की आर्थिक नीतियों के बीच संबधों पर उत्कृष्ट अनुसंधान के लिए इस पुरस्कार का संयुक्त विजेता घोषित किया गया है। नोबेल चयन समिति ने कहा कि इस साल के इन पुरस्कार विजेताओं ने आर्थिक नीति और सकल घरेलू उत्पाद, मुद्रास्फीति, रोजगार और निवेश जैसे विभिन्न वृहत् आर्थिक कारकों के बीच प्रेरणार्थक संबंधों से जुड़े सवालों का हल ढूंढने तरीके विकसित किए हैं। सार्जेंट ने ढांचागत वृहत्-अर्थव्यवस्था पर काम किया जिसका उपयोग आर्थिक नीति में स्थायी बदलाव के विश्लेषण के लिए किया जा सकता है। पुरस्कार समिति ने कहा है कि इस पद्धति का उपयोग वृहद आर्थिक घटकनाक्रम के संदर्भ में अलग-अलग परिवारों और कंपनियां द्वारा सामंजस्य बिठाने के प्रयासों के अध्यन के लिए भी किया जा सकता है। सिम्स की पद्धति किसी नीति के प्रभाव की परिणामी दिशा जाने के लिए वेक्टर मॉडल पर आधारित है। इससे पता चलता है कि आर्थिक नीतियों में अस्थायी बदलावों और केंद्रीय बैंकों द्वारा नीतिगत ब्याज दरों आदि जैसे अन्य कारकों से अर्थव्यवस्था कैसे प्रभावित होती है। समिति ने कहा कि इन्होंने हालांकि अलग-अलग काम किया है लेकिन इनका काम एक दूसरे का पूरक है और दुनियाभर में अनुसंधानकर्ताओं और नीति निर्माताओं ने अपनाया है। इनकी पद्धति वृहत्-आर्थिक विश्लेषण का आवश्यक जरिया है।
यह एक सारांश है: अमेरिकी अर्थशास्त्री थॉमस सार्जेंट और क्रिस्टोफर सिम्स को 2011 का अर्थशास्त्र का नोबेल सम्मान देने की घोषणा की गई।
9
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: मध्य प्रदेश के आदिमजाति कल्याण मंत्री विजय शाह ने तीन दिन पहले झाबुआ में महिलाओं, विशेषकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की पत्नी साधना सिंह के खिलाफ की गई अपनी कथित द्विअर्थी अभद्र टिप्पणी को लेकर इस्तीफा दे दिया, जिसे राज्यपाल ने स्वीकर कर लिया है। चौहान के करीब सूत्रों ने बताया कि विजय शाह ने बुधवार तड़के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को अपना इस्तीफा सौंपा, जिसे उन्होंने राज्यपाल रामनरेश यादव को भेज दिया। राज्यपाल ने इसे स्वीकार कर लिया। प्रदेश के आदिवासी बहुल झाबुआ जिला मुख्यालय में तीन दिन पहले स्कूली ग्रीष्मकालीन शिविर में छात्राओं को संबोधित करते हुए मंत्री विजय शाह ने महिलाओं विशेषकर मुख्यमंत्री की पत्नी साधना सिंह को लेकर कथित अभद्र द्विअर्थी टिप्पणी की थी।टिप्पणियां मुख्यमंत्री निवास के सूत्रों ने बताया कि मंत्री शाह ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सांसद नरेंद्र सिंह तोमर एवं संगठन महामंत्री अरविन्द मेनन के साथ मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर चौहान को अपना इस्तीफा सौंप दिया। पार्टी सूत्रों के अनुसार मंत्री शाह मंगलवार रात लगभग 12 बजे अध्यक्ष तोमर के निवास पर पहुंचे और वहां उन्होंने तोमर एवं संगठन महामंत्री मेनन को अपने बयान को लेकर सफाई दी। उन्होंने बताया कि तीनों के बीच लगभग दो घंटे चली मंत्रणा के बाद तोमर एवं मेनन के साथ मंत्री शाह रात 2 बजे के आसपास मुख्यमंत्री निवास पहुंचे और चौहान के सामने भी अपने बयान को लेकर सफाई पेश की, लेकिन मुख्यमंत्री ने उनके बयान के लिए उनसे तत्काल इस्तीफा मांग लिया। प्रदेश महिला कांग्रेस ने इसे लेकर मंगलवार को कई स्थानों पर शाह का पुतला दहन कर उनका इस्तीफा मांगा था। चौहान के करीब सूत्रों ने बताया कि विजय शाह ने बुधवार तड़के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को अपना इस्तीफा सौंपा, जिसे उन्होंने राज्यपाल रामनरेश यादव को भेज दिया। राज्यपाल ने इसे स्वीकार कर लिया। प्रदेश के आदिवासी बहुल झाबुआ जिला मुख्यालय में तीन दिन पहले स्कूली ग्रीष्मकालीन शिविर में छात्राओं को संबोधित करते हुए मंत्री विजय शाह ने महिलाओं विशेषकर मुख्यमंत्री की पत्नी साधना सिंह को लेकर कथित अभद्र द्विअर्थी टिप्पणी की थी।टिप्पणियां मुख्यमंत्री निवास के सूत्रों ने बताया कि मंत्री शाह ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सांसद नरेंद्र सिंह तोमर एवं संगठन महामंत्री अरविन्द मेनन के साथ मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर चौहान को अपना इस्तीफा सौंप दिया। पार्टी सूत्रों के अनुसार मंत्री शाह मंगलवार रात लगभग 12 बजे अध्यक्ष तोमर के निवास पर पहुंचे और वहां उन्होंने तोमर एवं संगठन महामंत्री मेनन को अपने बयान को लेकर सफाई दी। उन्होंने बताया कि तीनों के बीच लगभग दो घंटे चली मंत्रणा के बाद तोमर एवं मेनन के साथ मंत्री शाह रात 2 बजे के आसपास मुख्यमंत्री निवास पहुंचे और चौहान के सामने भी अपने बयान को लेकर सफाई पेश की, लेकिन मुख्यमंत्री ने उनके बयान के लिए उनसे तत्काल इस्तीफा मांग लिया। प्रदेश महिला कांग्रेस ने इसे लेकर मंगलवार को कई स्थानों पर शाह का पुतला दहन कर उनका इस्तीफा मांगा था। प्रदेश के आदिवासी बहुल झाबुआ जिला मुख्यालय में तीन दिन पहले स्कूली ग्रीष्मकालीन शिविर में छात्राओं को संबोधित करते हुए मंत्री विजय शाह ने महिलाओं विशेषकर मुख्यमंत्री की पत्नी साधना सिंह को लेकर कथित अभद्र द्विअर्थी टिप्पणी की थी।टिप्पणियां मुख्यमंत्री निवास के सूत्रों ने बताया कि मंत्री शाह ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सांसद नरेंद्र सिंह तोमर एवं संगठन महामंत्री अरविन्द मेनन के साथ मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर चौहान को अपना इस्तीफा सौंप दिया। पार्टी सूत्रों के अनुसार मंत्री शाह मंगलवार रात लगभग 12 बजे अध्यक्ष तोमर के निवास पर पहुंचे और वहां उन्होंने तोमर एवं संगठन महामंत्री मेनन को अपने बयान को लेकर सफाई दी। उन्होंने बताया कि तीनों के बीच लगभग दो घंटे चली मंत्रणा के बाद तोमर एवं मेनन के साथ मंत्री शाह रात 2 बजे के आसपास मुख्यमंत्री निवास पहुंचे और चौहान के सामने भी अपने बयान को लेकर सफाई पेश की, लेकिन मुख्यमंत्री ने उनके बयान के लिए उनसे तत्काल इस्तीफा मांग लिया। प्रदेश महिला कांग्रेस ने इसे लेकर मंगलवार को कई स्थानों पर शाह का पुतला दहन कर उनका इस्तीफा मांगा था। मुख्यमंत्री निवास के सूत्रों ने बताया कि मंत्री शाह ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सांसद नरेंद्र सिंह तोमर एवं संगठन महामंत्री अरविन्द मेनन के साथ मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर चौहान को अपना इस्तीफा सौंप दिया। पार्टी सूत्रों के अनुसार मंत्री शाह मंगलवार रात लगभग 12 बजे अध्यक्ष तोमर के निवास पर पहुंचे और वहां उन्होंने तोमर एवं संगठन महामंत्री मेनन को अपने बयान को लेकर सफाई दी। उन्होंने बताया कि तीनों के बीच लगभग दो घंटे चली मंत्रणा के बाद तोमर एवं मेनन के साथ मंत्री शाह रात 2 बजे के आसपास मुख्यमंत्री निवास पहुंचे और चौहान के सामने भी अपने बयान को लेकर सफाई पेश की, लेकिन मुख्यमंत्री ने उनके बयान के लिए उनसे तत्काल इस्तीफा मांग लिया। प्रदेश महिला कांग्रेस ने इसे लेकर मंगलवार को कई स्थानों पर शाह का पुतला दहन कर उनका इस्तीफा मांगा था। उन्होंने बताया कि तीनों के बीच लगभग दो घंटे चली मंत्रणा के बाद तोमर एवं मेनन के साथ मंत्री शाह रात 2 बजे के आसपास मुख्यमंत्री निवास पहुंचे और चौहान के सामने भी अपने बयान को लेकर सफाई पेश की, लेकिन मुख्यमंत्री ने उनके बयान के लिए उनसे तत्काल इस्तीफा मांग लिया। प्रदेश महिला कांग्रेस ने इसे लेकर मंगलवार को कई स्थानों पर शाह का पुतला दहन कर उनका इस्तीफा मांगा था।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: आदिमजाति कल्याण मंत्री विजय शाह ने झाबुआ में महिलाओं, विशेषकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की पत्नी साधना सिंह के खिलाफ की गई कथित अभद्र टिप्पणी को लेकर इस्तीफा दे दिया है।
11
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: मुंबई से सटे ठाणे की क्राइम ब्रांच ने सेना की भर्ती के परीक्षा पेपर लीक करने के मामले में 18 लोगों को गिरफ़्तार किया है. ठाणे क्राइम ब्रांच को मिली एक गुप्त सूचना के ज़रिये इस रैकेट का पर्दाफ़ाश हुआ. रविवार सुबह वेस्टर्न ज़ोन में भारतीय सेना की भर्ती की परीक्षा होनी वाली थी, लेकिन पेपर लीक होने की वजह से परीक्षा रद्द कर दी गई. शुक्रवार को ठाणे क्राइम ब्रांच को पेपर लीक होने की सूचना मिली थी. शनिवार रात को क्राइम ब्रांच की 80 लोगों की टीम ने पुणे, नागपुर और गोवा में छापे मारकर 18 एजेंट को हिरासत में ले लिया. मामले में 350 परीक्षार्थियों को भी हिरासत में लिया गया, लेकिन पूछताछ के बाद उन्हें जाने दिया गया.टिप्पणियां ठाणे पुलिस के ज्वाइंट कमिश्नर आशुतोष धुम्बरे ने कहा, 'हमें सूचना मिली कि ठाणे के कुछ कैंडिडेट्स को फेक डोमिसाइल सर्टिफिकेट और परीक्षा पेपर दिए जाने वाले हैं. हर पेपर के लिए 4-5 लाख़ रुपये लिए गए हैं. हमने टिप ऑफ़ पर काम करते हुए 18 एजेंट्स को पकड़ा.' 18 आरोपियों में से 2 सेना और पैरामिलिटरी फ़ोर्स से जुड़े हैं. एक आरोपी आर्मी से रिटायर्ड है. ये एजेंट ज़्यादातर कोचिंग क्लास में आने वाले उम्मीदवारों को अपना शिकार बनाते थे. ऐसे में कोचिंग संस्थानों की भूमिका की भी जांच की जा रही है. ये परीक्षा पेपर व्हाट्सऐप के ज़रिये लीक किए जाते थे. इस मामले में इनफार्मेशन टेक्नोलोजी एक्ट और प्रिवेंशन ऑफ़ करप्शन एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है. इस रैकेट में और कितने लोग शामिल हैं और ये आरोपी इससे पहले भी इस तरह की साज़िश में शामिल हैं या नहीं इसकी जांच की जा रही है. ठाणे क्राइम ब्रांच लगातार भरतीय सेना से संपर्क बनाए हुए है. ठाणे पुलिस के ज्वाइंट कमिश्नर आशुतोष धुम्बरे ने कहा, 'हमें सूचना मिली कि ठाणे के कुछ कैंडिडेट्स को फेक डोमिसाइल सर्टिफिकेट और परीक्षा पेपर दिए जाने वाले हैं. हर पेपर के लिए 4-5 लाख़ रुपये लिए गए हैं. हमने टिप ऑफ़ पर काम करते हुए 18 एजेंट्स को पकड़ा.' 18 आरोपियों में से 2 सेना और पैरामिलिटरी फ़ोर्स से जुड़े हैं. एक आरोपी आर्मी से रिटायर्ड है. ये एजेंट ज़्यादातर कोचिंग क्लास में आने वाले उम्मीदवारों को अपना शिकार बनाते थे. ऐसे में कोचिंग संस्थानों की भूमिका की भी जांच की जा रही है. ये परीक्षा पेपर व्हाट्सऐप के ज़रिये लीक किए जाते थे. इस मामले में इनफार्मेशन टेक्नोलोजी एक्ट और प्रिवेंशन ऑफ़ करप्शन एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है. इस रैकेट में और कितने लोग शामिल हैं और ये आरोपी इससे पहले भी इस तरह की साज़िश में शामिल हैं या नहीं इसकी जांच की जा रही है. ठाणे क्राइम ब्रांच लगातार भरतीय सेना से संपर्क बनाए हुए है. इस मामले में इनफार्मेशन टेक्नोलोजी एक्ट और प्रिवेंशन ऑफ़ करप्शन एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है. इस रैकेट में और कितने लोग शामिल हैं और ये आरोपी इससे पहले भी इस तरह की साज़िश में शामिल हैं या नहीं इसकी जांच की जा रही है. ठाणे क्राइम ब्रांच लगातार भरतीय सेना से संपर्क बनाए हुए है.
सारांश: पुलिस लीक हुए पर्चे के स्रोत का पता लगा रही है कोचिंग चलाने वाले कुछ लोगों एवं सेना के कुछ कर्मियों पर आरोप ठाणे क्राइम ब्रांच लगातार भरतीय सेना से संपर्क बनाए हुए है
33
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: इसमें कोई शक नहीं है कि फिल्मकार एसएस राजामौली की फिल्म बाहुबली 2 इस साल की वह फिल्म है जिसका दर्शक सबसे ज्यादा इंतजार कर रहे हैं. फिल्म बहुत बड़ी ब्लॉकबस्टर साबित होने वाली है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि फिल्म का ट्रेलर अब तक 10 करोड़ बार देखा जा चुका है. फिल्म के निर्माता एसएस राजामौली ने वादा किया है कि बाहुबली 2 पहली फिल्म से कहीं ज्यादा जबरदस्त और मनोरंजक होगी. बाहुबली द बिगनिंग की रिलीज के बाद पिछले दो सालों से प्रशंसक एक ही सवाल का जवाब ढूंढ रहे हैं कि 'कटप्पा ने बाहुबली को क्यों मारा?' उम्मीद है कि इस फिल्म से उस सवाल का जवाब मिल जाएगा. हैदराबाद में फिल्म के प्री-रिलीज इवेंट का आयोजन किया गया था. यहां पत्रकारों से बात करते हुए कटप्पा का किरदार निभाने वाले तमिल अभिनेता सत्यराज ने कहा, "निर्माता शोभु ने मुझे प्रभास (बाहुबली) को मारने के लिए अच्छी खासी रकम दी थी. राजामौली ने मुझे बाहुबली को मारने के लिए कहा और मैंने उनकी बात मान ली. वरना मैं बाहुबली को क्यों मारता?" इस इवेंट में फिल्म के निर्देशक एसएस राजामौली, निर्माता शोभु, अभिनेता प्रभास, राणा दग्गुबाती, अनुष्का शेट्टी, तमन्ना भाटिया जैसे सितारे शामिल हुए थे. इस ईवेंट के लिए करण जौहर को भी आमंत्रित किया गया था, बताते चलें कि करण जौहर की धर्मा प्रोडक्शन फिल्म के हिंदी वर्जन का प्रचार कर रही है. करण जौहर ने कहा कि बाहुबली 2 अब तक की सबसे शानदार फिल्म है. फिल्मकार राजामौली की तारीफ करते हुए करण जौहर ने कहा, "बाहुबली ने 67 साल बाद मुगल-ए-आजम के जादू को पछाड़ दिया है. राजामौली की सिनेमा में एक अलग प्रकार का आकर्षण है और उनके व्यक्तित्व में व्यावहारिक तर्कशीलता है, मुझमें उसका दस प्रतिशत भी नहीं है."टिप्पणियां 'बाहुबली 2 : द कॉल्क्लूजन' 28 अप्रैल को हिंदी, तेलुगु और तमिल भाषाओं में एक साथ रिलीज की जाएगी. यह एसएस राजामौली की बाहुबली सीरीज की दूसरी और आखिरी फिल्म है. (इनपुट आईएएनएस से) हैदराबाद में फिल्म के प्री-रिलीज इवेंट का आयोजन किया गया था. यहां पत्रकारों से बात करते हुए कटप्पा का किरदार निभाने वाले तमिल अभिनेता सत्यराज ने कहा, "निर्माता शोभु ने मुझे प्रभास (बाहुबली) को मारने के लिए अच्छी खासी रकम दी थी. राजामौली ने मुझे बाहुबली को मारने के लिए कहा और मैंने उनकी बात मान ली. वरना मैं बाहुबली को क्यों मारता?" इस इवेंट में फिल्म के निर्देशक एसएस राजामौली, निर्माता शोभु, अभिनेता प्रभास, राणा दग्गुबाती, अनुष्का शेट्टी, तमन्ना भाटिया जैसे सितारे शामिल हुए थे. इस ईवेंट के लिए करण जौहर को भी आमंत्रित किया गया था, बताते चलें कि करण जौहर की धर्मा प्रोडक्शन फिल्म के हिंदी वर्जन का प्रचार कर रही है. करण जौहर ने कहा कि बाहुबली 2 अब तक की सबसे शानदार फिल्म है. फिल्मकार राजामौली की तारीफ करते हुए करण जौहर ने कहा, "बाहुबली ने 67 साल बाद मुगल-ए-आजम के जादू को पछाड़ दिया है. राजामौली की सिनेमा में एक अलग प्रकार का आकर्षण है और उनके व्यक्तित्व में व्यावहारिक तर्कशीलता है, मुझमें उसका दस प्रतिशत भी नहीं है."टिप्पणियां 'बाहुबली 2 : द कॉल्क्लूजन' 28 अप्रैल को हिंदी, तेलुगु और तमिल भाषाओं में एक साथ रिलीज की जाएगी. यह एसएस राजामौली की बाहुबली सीरीज की दूसरी और आखिरी फिल्म है. (इनपुट आईएएनएस से) इस इवेंट में फिल्म के निर्देशक एसएस राजामौली, निर्माता शोभु, अभिनेता प्रभास, राणा दग्गुबाती, अनुष्का शेट्टी, तमन्ना भाटिया जैसे सितारे शामिल हुए थे. इस ईवेंट के लिए करण जौहर को भी आमंत्रित किया गया था, बताते चलें कि करण जौहर की धर्मा प्रोडक्शन फिल्म के हिंदी वर्जन का प्रचार कर रही है. करण जौहर ने कहा कि बाहुबली 2 अब तक की सबसे शानदार फिल्म है. फिल्मकार राजामौली की तारीफ करते हुए करण जौहर ने कहा, "बाहुबली ने 67 साल बाद मुगल-ए-आजम के जादू को पछाड़ दिया है. राजामौली की सिनेमा में एक अलग प्रकार का आकर्षण है और उनके व्यक्तित्व में व्यावहारिक तर्कशीलता है, मुझमें उसका दस प्रतिशत भी नहीं है."टिप्पणियां 'बाहुबली 2 : द कॉल्क्लूजन' 28 अप्रैल को हिंदी, तेलुगु और तमिल भाषाओं में एक साथ रिलीज की जाएगी. यह एसएस राजामौली की बाहुबली सीरीज की दूसरी और आखिरी फिल्म है. (इनपुट आईएएनएस से) फिल्मकार राजामौली की तारीफ करते हुए करण जौहर ने कहा, "बाहुबली ने 67 साल बाद मुगल-ए-आजम के जादू को पछाड़ दिया है. राजामौली की सिनेमा में एक अलग प्रकार का आकर्षण है और उनके व्यक्तित्व में व्यावहारिक तर्कशीलता है, मुझमें उसका दस प्रतिशत भी नहीं है."टिप्पणियां 'बाहुबली 2 : द कॉल्क्लूजन' 28 अप्रैल को हिंदी, तेलुगु और तमिल भाषाओं में एक साथ रिलीज की जाएगी. यह एसएस राजामौली की बाहुबली सीरीज की दूसरी और आखिरी फिल्म है. (इनपुट आईएएनएस से) 'बाहुबली 2 : द कॉल्क्लूजन' 28 अप्रैल को हिंदी, तेलुगु और तमिल भाषाओं में एक साथ रिलीज की जाएगी. यह एसएस राजामौली की बाहुबली सीरीज की दूसरी और आखिरी फिल्म है. (इनपुट आईएएनएस से) (इनपुट आईएएनएस से)
सारांश: हैदराबाद में बाहुबली 2 के प्री-रिलीज ईवेंट का आयोजन किया गया था हिंदी, तेलुगु और तमिल में 28 अप्रैल को एक साथ रिलीज होगी फिल्म फिल्म में मिलेगा जवाब कि आखिर 'कटप्पा ने बाहुबली को क्यों मारा'
31
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: गोलकीपर-पीआर श्रीजेश तथा पीटी रावटिप्पणियां वीआर रघुनाथ, रुपिंदरपाल सिंह, हरबीर सिंह, बिरेंदर लाकड़ा, मनप्रीत सिंह, कोथाजीत सिंह खदंगबम, सरदार सिंह (कप्तान), गुरजिंदर सिंह, दानिश मुज्तबा, नीतीन थिमैया, मंदीप सिह, मलिक सिंह, एवी सुनील, चींगलेनसाना सिंह कंगुजम, धरमवीर सिह, गुरविंदर सिंह चांडी। अतिरिक्त खिलाड़ी : सुशांत टिर्की (गोलकीपर), संदीप सिंह, एमबी अयप्पा, गुरमेल सिंह, आकाशदीप सिंह, इमरान खान। वीआर रघुनाथ, रुपिंदरपाल सिंह, हरबीर सिंह, बिरेंदर लाकड़ा, मनप्रीत सिंह, कोथाजीत सिंह खदंगबम, सरदार सिंह (कप्तान), गुरजिंदर सिंह, दानिश मुज्तबा, नीतीन थिमैया, मंदीप सिह, मलिक सिंह, एवी सुनील, चींगलेनसाना सिंह कंगुजम, धरमवीर सिह, गुरविंदर सिंह चांडी। अतिरिक्त खिलाड़ी : सुशांत टिर्की (गोलकीपर), संदीप सिंह, एमबी अयप्पा, गुरमेल सिंह, आकाशदीप सिंह, इमरान खान। अतिरिक्त खिलाड़ी : सुशांत टिर्की (गोलकीपर), संदीप सिंह, एमबी अयप्पा, गुरमेल सिंह, आकाशदीप सिंह, इमरान खान।
सारांश: हीरो हॉकी विश्व लीग के दूसरे चरण में 18 सदस्यीय भारतीय हॉकी टीम का नेतृत्व सरदार सिंह करेंगे। यह मैच 18 से 24 फरवरी के बीच यहां के मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में खेले जाएंगे।
20
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: केंद्रीय दूरसंचार मंत्री और बीजेपी के वरिष्‍ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने शुक्रवार को एक कार्यक्रम में कहा कि वह जानते हैं कि मुसलमान बीजेपी को वोट नहीं देते. इसके बावजूद बीजेपी उनका पूरा सम्‍मान करती है और पार्टी ने कभी उनको परेशान नहीं किया है या सताया नहीं है. मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक रविशंकर प्रसाद ने एक कार्यक्रम में बहुसांस्‍कृतिक समाज के संबंध में किए गए सवाल का जवाब देते हुए कहा,''हम लोग भारत की विविधता का सम्‍मान करते हैं...पिछले काफी वक्‍त से हमारे खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है. लेकिन आज लोगों के आर्शीवाद से हम लोग यहां हैं. 25 राज्‍यों में हमारा शासन है. 13 राज्‍यों में हमारे सीएम हैं. हम लोग देश पर शासन कर रहे हैं. लेकिन क्‍या हम लोगों ने किसी भी तरह का काम कर रहे किसी भी मुसलमान शख्‍स को परेशान किया? क्‍या हमने किसी भी मुसलमान को नौकरी से निकाला? हमें अच्‍छे से पता है कि हम लोगों को मुसलमान वोट नहीं देते लेकिन क्‍या हम उनको उचित सुविधा नहीं दे रहे हैं?टिप्पणियां अपने पक्ष में तर्क देते हुए रविशंकर प्रसाद ने इस बार पद्म श्री से नवाजे गए अनवर उल हक का उल्‍लेख किया. रविशंकर प्रसाद ने कहा कि अनवर पश्चिम बंगाल में चाय बागान मजदूर हैं. वह बीमार लोगों को अपनी बाइक पर बैठाकर अस्‍पताल तक पहुंचाते हैं. इसके पीछे भी एक कहानी है. उनकी मां की सही इलाज नहीं मिलने से मौत हो गई थी. तब से उन्‍होंने अपनी मोटरसाइकिल को ही अपनी एंबुलेंस बनाने का फैसला किया. उसके बाद से आज तक वह 2000 से भी अधिक लोगों को इसके माध्‍यम से अस्‍पताल पहुंचाकर लोगों की जिंदगियां बचा चुके हैं. जनता की भलाई के इस काम के लिए सरकार ने उनके काम को सराहते हुए उनको सम्‍मानित किया है. रविशंकर प्रसाद ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने खुद अनवर उल हक को फोन करते हुए कहा कि हम आपके काम की सराहना करते हैं. लिहाजा आपको सम्‍मानित करना चाहते हैं. इसके बाद प्रसाद ने कहा, 'हम लोगों ने अनवर का धर्म नहीं देखा और ना ही पूछा कि उन्‍होंने हमें वोट किया था या फिर नहीं.' अपने पक्ष में तर्क देते हुए रविशंकर प्रसाद ने इस बार पद्म श्री से नवाजे गए अनवर उल हक का उल्‍लेख किया. रविशंकर प्रसाद ने कहा कि अनवर पश्चिम बंगाल में चाय बागान मजदूर हैं. वह बीमार लोगों को अपनी बाइक पर बैठाकर अस्‍पताल तक पहुंचाते हैं. इसके पीछे भी एक कहानी है. उनकी मां की सही इलाज नहीं मिलने से मौत हो गई थी. तब से उन्‍होंने अपनी मोटरसाइकिल को ही अपनी एंबुलेंस बनाने का फैसला किया. उसके बाद से आज तक वह 2000 से भी अधिक लोगों को इसके माध्‍यम से अस्‍पताल पहुंचाकर लोगों की जिंदगियां बचा चुके हैं. जनता की भलाई के इस काम के लिए सरकार ने उनके काम को सराहते हुए उनको सम्‍मानित किया है. रविशंकर प्रसाद ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने खुद अनवर उल हक को फोन करते हुए कहा कि हम आपके काम की सराहना करते हैं. लिहाजा आपको सम्‍मानित करना चाहते हैं. इसके बाद प्रसाद ने कहा, 'हम लोगों ने अनवर का धर्म नहीं देखा और ना ही पूछा कि उन्‍होंने हमें वोट किया था या फिर नहीं.' जनता की भलाई के इस काम के लिए सरकार ने उनके काम को सराहते हुए उनको सम्‍मानित किया है. रविशंकर प्रसाद ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने खुद अनवर उल हक को फोन करते हुए कहा कि हम आपके काम की सराहना करते हैं. लिहाजा आपको सम्‍मानित करना चाहते हैं. इसके बाद प्रसाद ने कहा, 'हम लोगों ने अनवर का धर्म नहीं देखा और ना ही पूछा कि उन्‍होंने हमें वोट किया था या फिर नहीं.'
यहाँ एक सारांश है:रविशंकर प्रसाद ने कहा कि बीजेपी किसी के साथ भेदभाव नहीं करती पद्म श्री से सम्‍मानित अनवर उल हक का दिया उदाहरण बीजेपी मुसलमानों का करती है सम्‍मान
18
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: माइक्रोफाइनेंस संस्थाओं के नियमन तथा महिला स्वयंसेवी समूहों को शोषण से बचाने के लिए आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा लागू किया गया कानून प्रभावी हो गया। प्रदेश के राज्यपाल ईएसएल नरसिम्हन ने आंध्र प्रदेश माइक्रो फाइनेंस संस्थान (मुद्रा उधारी कानून) विधेयक 2010 को अपनी मंजूरी प्रदान की जिसे विधानसभा ने 14 दिसंबर को और विधान परिषद ने उसके अगले दिन पारित कर दिया था। इसी के अनुरूप, सरकार ने आंध्र प्रदेश माइक्रो फाइनेंस संस्थान (मुद्रा उधारी) कानून 2011 के प्रभावी होने के बारे में अधिसूचना जारी की। महिला कल्याण मंत्री वी सुनीता लक्ष्मा रेड्डी ने विधानसभा में 14 दिसंबर को कहा था कि इन माइक्रोफाइनेंस संस्थाओं द्वारा दिए गए ऋण की वसूली के लिए अपनाए जाने वाले कठोर उपायों के कारण हाल के महीनों में प्रदेश में 75 महिलाओं ने आत्महत्या की। इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए यह कानून बनाया गया।
सारांश: माइक्रोफाइनेंस संस्थाओं के नियमन तथा महिला स्वयंसेवी समूहों को शोषण से बचाने के लिए आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा लागू किया गया कानून प्रभावी हो गया।
20
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने शनिवार को कहा कि उनका संगठन हिंदू समुदाय को एकजुट और मजबूत बनाने के लिए काम कर रहा है और यह किसी के खिलाफ नहीं है. भागवत ने यह भी कहा कि सिर्फ हिंदुओं की कमजोरी ही पड़ोसी देश बांग्लादेश में उनके दमन के लिए जिम्मेदार बताई जाती हैं. उन्होंने कोलकाता में आरएसएस की एक रैली में यह कहा. इस रैली के लिए नगर पुलिस ने इससे पहले इजाजत देने से इनकार कर दिया था, लेकिन कलकत्ता हाईकोर्ट ने आरएसएस को कार्यक्रम की इजाजत दे दी थी. भागवत ने कहा, 'हमने यह संगठन किसी का विरोध करने के लिए नहीं बनाया, बल्कि खुद को मजबूत करने के लिए बनाया. हिंदू समाज का इस देश में एक गौरवशाली इतिहास रहा है.' उन्होंने पूछा, 'ऐसे गौरवशाली इतिहास के बावजूद क्या हिंदू समाज की स्थिति वैसी ही है, जैसा इसे होना चाहिए था.' भागवत ने कहा, 'क्या हिंदू पूरे भारत में अपनी धार्मिक रस्मों और गतिविधियों को मुक्त रूप से अदा करने में सक्षम हैं? क्या इस देश में हिंदुओं का मानवाधिकार बखूबी स्थापित है? उन्होंने कहा, 'यदि जवाब न में है तो फिर आप क्यों आश्चर्यचकित होते हैं, जब बांग्लादेश में हिंदुओं का दमन होता है? अपनी हालत के लिए हिंदू ही जिम्मेदार हैं. हिंदू इस स्थिति का सामना कर रहे हैं, क्योंकि वे एकजुट और मजबूत नहीं हैं. हमें किसी का विरोध किए बगैर हिंदू समाज को एकजुट करने में काम करना चाहिए.' टिप्पणियां  (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कोलकाता में आरएसएस की एक रैली में यह कहा. इस रैली के लिए नगर पुलिस ने इससे पहले इजाजत देने से इनकार कर दिया था, लेकिन कलकत्ता हाईकोर्ट ने आरएसएस को कार्यक्रम की इजाजत दे दी थी. भागवत ने कहा, 'हमने यह संगठन किसी का विरोध करने के लिए नहीं बनाया, बल्कि खुद को मजबूत करने के लिए बनाया. हिंदू समाज का इस देश में एक गौरवशाली इतिहास रहा है.' उन्होंने पूछा, 'ऐसे गौरवशाली इतिहास के बावजूद क्या हिंदू समाज की स्थिति वैसी ही है, जैसा इसे होना चाहिए था.' भागवत ने कहा, 'क्या हिंदू पूरे भारत में अपनी धार्मिक रस्मों और गतिविधियों को मुक्त रूप से अदा करने में सक्षम हैं? क्या इस देश में हिंदुओं का मानवाधिकार बखूबी स्थापित है? उन्होंने कहा, 'यदि जवाब न में है तो फिर आप क्यों आश्चर्यचकित होते हैं, जब बांग्लादेश में हिंदुओं का दमन होता है? अपनी हालत के लिए हिंदू ही जिम्मेदार हैं. हिंदू इस स्थिति का सामना कर रहे हैं, क्योंकि वे एकजुट और मजबूत नहीं हैं. हमें किसी का विरोध किए बगैर हिंदू समाज को एकजुट करने में काम करना चाहिए.' टिप्पणियां  (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) भागवत ने कहा, 'हमने यह संगठन किसी का विरोध करने के लिए नहीं बनाया, बल्कि खुद को मजबूत करने के लिए बनाया. हिंदू समाज का इस देश में एक गौरवशाली इतिहास रहा है.' उन्होंने पूछा, 'ऐसे गौरवशाली इतिहास के बावजूद क्या हिंदू समाज की स्थिति वैसी ही है, जैसा इसे होना चाहिए था.' भागवत ने कहा, 'क्या हिंदू पूरे भारत में अपनी धार्मिक रस्मों और गतिविधियों को मुक्त रूप से अदा करने में सक्षम हैं? क्या इस देश में हिंदुओं का मानवाधिकार बखूबी स्थापित है? उन्होंने कहा, 'यदि जवाब न में है तो फिर आप क्यों आश्चर्यचकित होते हैं, जब बांग्लादेश में हिंदुओं का दमन होता है? अपनी हालत के लिए हिंदू ही जिम्मेदार हैं. हिंदू इस स्थिति का सामना कर रहे हैं, क्योंकि वे एकजुट और मजबूत नहीं हैं. हमें किसी का विरोध किए बगैर हिंदू समाज को एकजुट करने में काम करना चाहिए.' टिप्पणियां  (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) भागवत ने कहा, 'क्या हिंदू पूरे भारत में अपनी धार्मिक रस्मों और गतिविधियों को मुक्त रूप से अदा करने में सक्षम हैं? क्या इस देश में हिंदुओं का मानवाधिकार बखूबी स्थापित है? उन्होंने कहा, 'यदि जवाब न में है तो फिर आप क्यों आश्चर्यचकित होते हैं, जब बांग्लादेश में हिंदुओं का दमन होता है? अपनी हालत के लिए हिंदू ही जिम्मेदार हैं. हिंदू इस स्थिति का सामना कर रहे हैं, क्योंकि वे एकजुट और मजबूत नहीं हैं. हमें किसी का विरोध किए बगैर हिंदू समाज को एकजुट करने में काम करना चाहिए.' टिप्पणियां  (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)  (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
हिंदू एकजुट और मजबूत नहीं हैं- भागवत 'हमने यह संगठन खुद को मजबूत करने के लिए बनाया' 'हिंदुओं की कमजोरी ही बांग्लादेश में उनके दमन के लिए जिम्मेदार है'
34
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: वरिष्ठ आईएएस अधिकारी और मौजूदा व्यय सचिव गिरीश चंद्र मुर्मू को जम्मू-कश्मीर को पहला उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है. गुजरात में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ काम कर चुके मुर्मू की नियुक्ति जम्मू-कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश बनने से छह दिन पहले शुक्रवार को की गई. बता दें, वर्ष 1985 बैच के आईएएस अधिकारी 59 वर्षीय मुर्मू ने मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्री रहने के दौरान उनके अतिरिक्त प्रधान सचिव की जिम्मेदारी निभाई थी. वह 30 नवंबर को सेवानिवृत्त होने वाले थे. मुर्मू 31 अक्टूबर को श्रीनगर में उप राज्यपाल पद की शपथ लेंगे और जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासन का नेतृत्व करेंगे. वहीं मौजूदा जम्मू-कश्मीर राज्य से अलग कर बनाए जा रहे केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के पहले उपराज्यपाल के रूप में पूर्व रक्षा सचिव आरके माथुर को नियुक्त किया गया है. बता दें, 65 वर्षीय पूर्व नौकरशाह माथुर 1977 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और पिछले साल मुख्य सूचना आयुक्त पद से सेवानिवृत्त हुए थे. वह भी 31 अक्टूबर को लेह में उपराज्यपाल पद की शपथ लेंगे. जम्मू-कश्मीर के मौजूदा राज्यपाल सत्यपाल मलिक को बाकी बचे कार्यकाल के लिए गोवा का राज्यपाल बनाया गया है. वर्ष 2017 में उन्हें पहली बार बिहार का राज्यपाल नियुक्त किया था और पिछले साल अगस्त में उनका स्थनांतरण जम्मू-कश्मीर किया गया था. मलिक मृदुला सिन्हा का स्थान लेंगे जो इस साल अगस्त में पांच साल का अपना कार्यकाल पूरा कर चुकी हैं और 23 अक्टूबर तक पद संभाला रही थीं. गौरतलब है कि दो केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख 31 अक्टूबर को अस्तित्व में आएंगे. मुर्मू की नियुक्ति के साथ ही जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल के सलाहकार पद पर नियुक्त वरिष्ठ अधिकारियों के विजय कुमार, खुर्शीद गनी, के. सिकंदन और केके शर्मा का कार्यकाल भी समाप्त हो गया है, क्योंकि वे नवनियुक्त राज्यपाल से वरिष्ठ हैं. राष्ट्रपति की ओर से एक अन्य आदेश के मुताबिक खुफिया ब्यूरो के पूर्व प्रमुख और जम्मू-कश्मीर में केंद्र सरकार की ओर से नियुक्त वार्ताकार दिनेश्वर शर्मा को लक्षद्वीप का प्रशासक नियुक्त किया गया है. राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी बयान के मुताबिक केरल के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पीएस श्रीधरन को मिजोरम का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है. बता दें, अभी असम के राज्यपाल जगदीश मुखी मिजोरम का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे.
संक्षिप्त पाठ: गिरीश चंद्र मुर्मू को जम्मू-कश्मीर को पहला उपराज्यपाल नियुक्त किया गया मुर्मू मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्री रहने के दौरान उनके प्रधान सचिव थे पूर्व रक्षा सचिव आरके माथुर को नियुक्त किया गया लद्दाख का उपराज्यपाल
22
['hin']
एक सारांश बनाओ: तीन बार की चैम्पियन सेरेना विलियम्स ने दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी कैरोलीन वोजनियाकी को हराकर अमेरिकी ओपन टेनिस टूर्नामेंट के महिला एकल के फाइनल में जगह बनाई जहां उनका सामना समंथा स्टोसुर से होगा। सेरेना ने शीर्ष वरीय वोजनियाकी को कल सेमीफाइनल में एकतरफा मुकाबले में सीधे सेटों में 6-2, 6-4 से हराया। तेरह बार की ग्रैंडस्लैम चैम्पियन सेरेना ने कहा कि देश पर 11 सितंबर 2001 को हुए आतंकी हमले की 10वीं बरसी के दिन अमेरिका का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिलने से वह रोमांचित हैं। सेरेना ने कहा, मैं फाइनल में जगह बनाना चाहती थी। न्यूयार्क और अमेरिका को जिस चीज से गुजरना पड़ा, यह मानना मुश्किल है कि उसे 10 बरस हो गये। फाइनल से पहले एक समारोह होगा जिसमें पीड़ितों को याद किया जाएगा और इस हमले में राहत कार्य में जुटे कर्मचारियों के प्रयासों का सम्मान होगा। दूसरी तरफ 2010 फ्रेंच ओपन उपविजेता स्टोसुर ने गैरवरीय जर्मनी की एंजेलीक कर्बर को उतार चढ़ाव भरे सेमीफाइनल में 6-3, 2-6, 6-2 से हराकर अपने कैरियर में दूसरी बार ग्रैंडस्लैम टूर्नामेंट के खिताबी मुकाबले में जगह बनाई। वोजनियाकी के खिलाफ सेरेना शुरू से ही हावी रही और उन्होंने मैच के दौरान 34 विनर लगाये जिसमें 11 ऐस भी शामिल हैं। दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी होने के बावजूद वोजनियाकी कभी ग्रैंड स्लैम खिताब नहीं जीत पाई है। ग्रैंडस्लैम में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2009 में अमेरिकी ओपन उप विजेता रहना था। सेरेना की नजरें अब 14वें ग्रैंडस्लैम खिताब पर है जो विम्बलडन 2010 के बाद उनका पहला मेजर खिताब होगा। इस अमेरिकी खिलाड़ी की राह आसान नहंी होगी क्योंकि स्टोसुर उन्हें दो बार हरा चुकी हैं। वोजनियाकी हालांकि सेरेना को ही खिताब की प्रबल दावेदार मान रही हैं। उन्होंने अपनी हार के बाद कहा, मुझे अब भी लगता है कि सेरेना का पलड़ा भारी है और मुझे अब भी लगता है कि वह आज खिताब जीतेगी।
सारांश: सेरेना ने कैरोलीन वोजनियाकी को हराकर अमेरिकी ओपन टेनिस टूर्नामेंट के महिला एकल के फाइनल में जगह बनाई जहां उनका सामना समंथा से होगा।
5
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली हाईकोर्ट परिसर में हुए बम विस्फोट में घायल 34 साल के एक व्यक्ति की गुरुवार सुबह अस्पताल में मौत हो गई, जिससे 7 सितंबर को हुए आतंकी हमलों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है। राम मनोहर लोहिया अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि विस्फोट में बुरी तरह जख्मी मृदुल बख्शी की सुबह करीब चार बजे मौत हो गई। उन्होंने बताया कि बख्शी को सिर, छाती, हाथ और पैरों में चोटें आई थीं। दक्षिण दिल्ली के ओखला निवासी बख्शी के परिवार में पत्नी और छह महीने का एक बेटा है। उनके भाई विनोद बख्शी ने बताया कि मृदुल मार्केंटिंग के क्षेत्र में काम करते थे। विस्फोट वाले दिन आधिकारिक काम से वह अदालत गए थे। शादी के छह साल बाद उन्हें बेटा हुआ था। धमाके में घायल 13 पीड़ितों को राम मनोहर लोहिया अस्पताल से छुट्टी मिल गई है, जबकि अभी भी 25 अन्य घायलों का शहर के विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। इनमें से पांच एम्स में, चार सफरदरजंग अस्पताल में, दो मैक्स हॉस्पिटल में और मूलचंद तथा एलएनजेपी अस्पतालों में एक-एक मरीज हैं।
संक्षिप्त सारांश: विस्फोट में घायल 34 साल के एक व्यक्ति की गुरुवार सुबह अस्पताल में मौत हो गई, जिससे इस धमाके में मरने वालों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है।
23
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी एवं उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली सामूहिक बलात्कार पीड़िता के परिजनों से शनिवार की शाम मुलाकात की। यह मुलाकात सरकार द्वारा बलात्कारियों को कठोर दंड के प्रावधान वाला अध्यादेश जारी किए जाने के एक दिन बाद हुई है। सोनिया गांधी एवं राहुल पीड़िता के परिवार से मिलने गए और परिजनों के साथ उन्होंने एक घंटे से अधिक समय तक समय बिताया। पिछले साल दिसंबर में 23 वर्षीय पैरामेडिकल छात्रा के साथ सामूहिक बलात्कार करने के बाद उस पर नृशंसता से हमला किया गया। कुछ दिनों बाद सिंगापुर के एक अस्पताल में उसकी मौत हो गई। लड़की के अभिभावकों ने कांग्रेस नेताओं से कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध से निपटने के लिए प्रस्तावित कानून ऐसे होने चाहिए ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं हो। लड़की के दोनों भाई भी इस मुलाकात के दौरान मौजूद थे। कांग्रेस अध्यक्ष लड़की की मां से गले मिली। अभिभावक जब लड़की सहित अपने बच्चों को शिक्षा दिलाने के लिए किए जाने वाले अपने संघर्ष को बयान कर रहे थे उस समय दोनों कांग्रेस नेता काफी ध्यान से उनकी बात सुन रहे थे। राहुल गांधी ने दोनों भाइयों से बात की जिनमें से एक बारहवीं और दूसरा दसवीं पास है। इस बातचीत के दौरान राहुल ने उन्हें अपना फोन नंबर भी दिया। सोनिया एवं राहुल के उनके आवास पर जाने से पहले लड़की के पिता ने दो दिन पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया ने मुलाकात का समय मांगा था। लड़की के पिता यह मुलाकात इसलिए करना चाहते थे ताकि न्यायमूर्ति वर्मा समिति की सिफारिशों पर आधारित महिलाओं के खिलाफ अपराध संबंधित कानून के मामले में जल्द कदम उठाए जाने पर जोर डाला जा सके।टिप्पणियां सूत्रों ने बताया कि परिजनों की ओर से कोई मांग नहीं की गई। परिजनों ने अध्यादेश जारी करने के सरकार के फैसले के लिए दोनों नेताओं को धन्यवाद दिया। करीब 70 मिनट तक चली इस मुलाकात में कांग्रेस प्रवक्ता रेणुका चौधरी तथा पश्चिमी दिल्ली का प्रतिनिधित्व करने वाले पार्टी सांसद महाबल मिश्रा भी मौजूद थे। सोनिया गांधी एवं राहुल पीड़िता के परिवार से मिलने गए और परिजनों के साथ उन्होंने एक घंटे से अधिक समय तक समय बिताया। पिछले साल दिसंबर में 23 वर्षीय पैरामेडिकल छात्रा के साथ सामूहिक बलात्कार करने के बाद उस पर नृशंसता से हमला किया गया। कुछ दिनों बाद सिंगापुर के एक अस्पताल में उसकी मौत हो गई। लड़की के अभिभावकों ने कांग्रेस नेताओं से कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध से निपटने के लिए प्रस्तावित कानून ऐसे होने चाहिए ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं हो। लड़की के दोनों भाई भी इस मुलाकात के दौरान मौजूद थे। कांग्रेस अध्यक्ष लड़की की मां से गले मिली। अभिभावक जब लड़की सहित अपने बच्चों को शिक्षा दिलाने के लिए किए जाने वाले अपने संघर्ष को बयान कर रहे थे उस समय दोनों कांग्रेस नेता काफी ध्यान से उनकी बात सुन रहे थे। राहुल गांधी ने दोनों भाइयों से बात की जिनमें से एक बारहवीं और दूसरा दसवीं पास है। इस बातचीत के दौरान राहुल ने उन्हें अपना फोन नंबर भी दिया। सोनिया एवं राहुल के उनके आवास पर जाने से पहले लड़की के पिता ने दो दिन पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया ने मुलाकात का समय मांगा था। लड़की के पिता यह मुलाकात इसलिए करना चाहते थे ताकि न्यायमूर्ति वर्मा समिति की सिफारिशों पर आधारित महिलाओं के खिलाफ अपराध संबंधित कानून के मामले में जल्द कदम उठाए जाने पर जोर डाला जा सके।टिप्पणियां सूत्रों ने बताया कि परिजनों की ओर से कोई मांग नहीं की गई। परिजनों ने अध्यादेश जारी करने के सरकार के फैसले के लिए दोनों नेताओं को धन्यवाद दिया। करीब 70 मिनट तक चली इस मुलाकात में कांग्रेस प्रवक्ता रेणुका चौधरी तथा पश्चिमी दिल्ली का प्रतिनिधित्व करने वाले पार्टी सांसद महाबल मिश्रा भी मौजूद थे। पिछले साल दिसंबर में 23 वर्षीय पैरामेडिकल छात्रा के साथ सामूहिक बलात्कार करने के बाद उस पर नृशंसता से हमला किया गया। कुछ दिनों बाद सिंगापुर के एक अस्पताल में उसकी मौत हो गई। लड़की के अभिभावकों ने कांग्रेस नेताओं से कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध से निपटने के लिए प्रस्तावित कानून ऐसे होने चाहिए ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं हो। लड़की के दोनों भाई भी इस मुलाकात के दौरान मौजूद थे। कांग्रेस अध्यक्ष लड़की की मां से गले मिली। अभिभावक जब लड़की सहित अपने बच्चों को शिक्षा दिलाने के लिए किए जाने वाले अपने संघर्ष को बयान कर रहे थे उस समय दोनों कांग्रेस नेता काफी ध्यान से उनकी बात सुन रहे थे। राहुल गांधी ने दोनों भाइयों से बात की जिनमें से एक बारहवीं और दूसरा दसवीं पास है। इस बातचीत के दौरान राहुल ने उन्हें अपना फोन नंबर भी दिया। सोनिया एवं राहुल के उनके आवास पर जाने से पहले लड़की के पिता ने दो दिन पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया ने मुलाकात का समय मांगा था। लड़की के पिता यह मुलाकात इसलिए करना चाहते थे ताकि न्यायमूर्ति वर्मा समिति की सिफारिशों पर आधारित महिलाओं के खिलाफ अपराध संबंधित कानून के मामले में जल्द कदम उठाए जाने पर जोर डाला जा सके।टिप्पणियां सूत्रों ने बताया कि परिजनों की ओर से कोई मांग नहीं की गई। परिजनों ने अध्यादेश जारी करने के सरकार के फैसले के लिए दोनों नेताओं को धन्यवाद दिया। करीब 70 मिनट तक चली इस मुलाकात में कांग्रेस प्रवक्ता रेणुका चौधरी तथा पश्चिमी दिल्ली का प्रतिनिधित्व करने वाले पार्टी सांसद महाबल मिश्रा भी मौजूद थे। लड़की के अभिभावकों ने कांग्रेस नेताओं से कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध से निपटने के लिए प्रस्तावित कानून ऐसे होने चाहिए ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं हो। लड़की के दोनों भाई भी इस मुलाकात के दौरान मौजूद थे। कांग्रेस अध्यक्ष लड़की की मां से गले मिली। अभिभावक जब लड़की सहित अपने बच्चों को शिक्षा दिलाने के लिए किए जाने वाले अपने संघर्ष को बयान कर रहे थे उस समय दोनों कांग्रेस नेता काफी ध्यान से उनकी बात सुन रहे थे। राहुल गांधी ने दोनों भाइयों से बात की जिनमें से एक बारहवीं और दूसरा दसवीं पास है। इस बातचीत के दौरान राहुल ने उन्हें अपना फोन नंबर भी दिया। सोनिया एवं राहुल के उनके आवास पर जाने से पहले लड़की के पिता ने दो दिन पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया ने मुलाकात का समय मांगा था। लड़की के पिता यह मुलाकात इसलिए करना चाहते थे ताकि न्यायमूर्ति वर्मा समिति की सिफारिशों पर आधारित महिलाओं के खिलाफ अपराध संबंधित कानून के मामले में जल्द कदम उठाए जाने पर जोर डाला जा सके।टिप्पणियां सूत्रों ने बताया कि परिजनों की ओर से कोई मांग नहीं की गई। परिजनों ने अध्यादेश जारी करने के सरकार के फैसले के लिए दोनों नेताओं को धन्यवाद दिया। करीब 70 मिनट तक चली इस मुलाकात में कांग्रेस प्रवक्ता रेणुका चौधरी तथा पश्चिमी दिल्ली का प्रतिनिधित्व करने वाले पार्टी सांसद महाबल मिश्रा भी मौजूद थे। कांग्रेस अध्यक्ष लड़की की मां से गले मिली। अभिभावक जब लड़की सहित अपने बच्चों को शिक्षा दिलाने के लिए किए जाने वाले अपने संघर्ष को बयान कर रहे थे उस समय दोनों कांग्रेस नेता काफी ध्यान से उनकी बात सुन रहे थे। राहुल गांधी ने दोनों भाइयों से बात की जिनमें से एक बारहवीं और दूसरा दसवीं पास है। इस बातचीत के दौरान राहुल ने उन्हें अपना फोन नंबर भी दिया। सोनिया एवं राहुल के उनके आवास पर जाने से पहले लड़की के पिता ने दो दिन पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया ने मुलाकात का समय मांगा था। लड़की के पिता यह मुलाकात इसलिए करना चाहते थे ताकि न्यायमूर्ति वर्मा समिति की सिफारिशों पर आधारित महिलाओं के खिलाफ अपराध संबंधित कानून के मामले में जल्द कदम उठाए जाने पर जोर डाला जा सके।टिप्पणियां सूत्रों ने बताया कि परिजनों की ओर से कोई मांग नहीं की गई। परिजनों ने अध्यादेश जारी करने के सरकार के फैसले के लिए दोनों नेताओं को धन्यवाद दिया। करीब 70 मिनट तक चली इस मुलाकात में कांग्रेस प्रवक्ता रेणुका चौधरी तथा पश्चिमी दिल्ली का प्रतिनिधित्व करने वाले पार्टी सांसद महाबल मिश्रा भी मौजूद थे। राहुल गांधी ने दोनों भाइयों से बात की जिनमें से एक बारहवीं और दूसरा दसवीं पास है। इस बातचीत के दौरान राहुल ने उन्हें अपना फोन नंबर भी दिया। सोनिया एवं राहुल के उनके आवास पर जाने से पहले लड़की के पिता ने दो दिन पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया ने मुलाकात का समय मांगा था। लड़की के पिता यह मुलाकात इसलिए करना चाहते थे ताकि न्यायमूर्ति वर्मा समिति की सिफारिशों पर आधारित महिलाओं के खिलाफ अपराध संबंधित कानून के मामले में जल्द कदम उठाए जाने पर जोर डाला जा सके।टिप्पणियां सूत्रों ने बताया कि परिजनों की ओर से कोई मांग नहीं की गई। परिजनों ने अध्यादेश जारी करने के सरकार के फैसले के लिए दोनों नेताओं को धन्यवाद दिया। करीब 70 मिनट तक चली इस मुलाकात में कांग्रेस प्रवक्ता रेणुका चौधरी तथा पश्चिमी दिल्ली का प्रतिनिधित्व करने वाले पार्टी सांसद महाबल मिश्रा भी मौजूद थे। सोनिया एवं राहुल के उनके आवास पर जाने से पहले लड़की के पिता ने दो दिन पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया ने मुलाकात का समय मांगा था। लड़की के पिता यह मुलाकात इसलिए करना चाहते थे ताकि न्यायमूर्ति वर्मा समिति की सिफारिशों पर आधारित महिलाओं के खिलाफ अपराध संबंधित कानून के मामले में जल्द कदम उठाए जाने पर जोर डाला जा सके।टिप्पणियां सूत्रों ने बताया कि परिजनों की ओर से कोई मांग नहीं की गई। परिजनों ने अध्यादेश जारी करने के सरकार के फैसले के लिए दोनों नेताओं को धन्यवाद दिया। करीब 70 मिनट तक चली इस मुलाकात में कांग्रेस प्रवक्ता रेणुका चौधरी तथा पश्चिमी दिल्ली का प्रतिनिधित्व करने वाले पार्टी सांसद महाबल मिश्रा भी मौजूद थे। सूत्रों ने बताया कि परिजनों की ओर से कोई मांग नहीं की गई। परिजनों ने अध्यादेश जारी करने के सरकार के फैसले के लिए दोनों नेताओं को धन्यवाद दिया। करीब 70 मिनट तक चली इस मुलाकात में कांग्रेस प्रवक्ता रेणुका चौधरी तथा पश्चिमी दिल्ली का प्रतिनिधित्व करने वाले पार्टी सांसद महाबल मिश्रा भी मौजूद थे। करीब 70 मिनट तक चली इस मुलाकात में कांग्रेस प्रवक्ता रेणुका चौधरी तथा पश्चिमी दिल्ली का प्रतिनिधित्व करने वाले पार्टी सांसद महाबल मिश्रा भी मौजूद थे।
यहाँ एक सारांश है:कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी एवं उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली सामूहिक बलात्कार पीड़िता के परिजनों से शनिवार की शाम मुलाकात की। यह मुलाकात सरकार द्वारा बलात्कारियों को कठोर दंड के प्रावधान वाला अध्यादेश जारी किए जाने के एक दिन बाद हुई है।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: प्रियंका गांधी वाड्रा ने राजनीति में आने का मन बना लिया है। वह यूपी ही नहीं देश के दूसरे राज्यों में चुनाव प्रचार करेंगी। वह पहले भी रायबरेली और अमेठी में प्रचार करती रही हैं। प्रियंका के प्रचार करने की घोषणा आज होगी। वहीं तीन बार दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं शीला दीक्षित को अगले साल होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में कांग्रेस पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री उम्मीदवार बनाया जा सकता है। सूत्रों ने एनडीटीवी को यह जानकारी दी है। सूत्रों ने बताया कि शुरुआत में शीला दीक्षित ने खुद को यूपी की सीएम उम्मीदवार बनाए जाने के विचार को नकार दिया था, लेकिन उन्हें अपनी राय पर दोबारा गौर करने को कहा गया था। अब उन्होंने नई भूमिका को स्वीकार करने का फैसला किया है। शीला दीक्षित ने पिछले महीने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की थी।टिप्पणियां सूत्रों ने कहा कि शीला दीक्षित को दो विकल्प दिए गए थे- यूपी में शीर्ष पद या पंजाब में कांग्रेस के चुनाव प्रचार संभालने की जिम्मेदारी। शीला ने इसके लिए समय मांगा था और बाद में उन्होंने पंजाब में जिम्मेदारी संभालने से मना कर दिया। गौरतलब है कि शीला दीक्षित के ससुर उमाशंकर दीक्षित यूपी में कांग्रेस के दिग्गज नेता थे। कांग्रेस के शीर्ष सूत्रों ने एनडीटीवी को बताया है कि दिल्ली की तीन बार मुख्यमंत्री रह चुकीं शीला दीक्षित की पृष्ठभूमि यूपी में उन्हें पार्टी का मजबूत चेहरे के रूप में पेश कर सकेगी। सूत्रों ने बताया कि शुरुआत में शीला दीक्षित ने खुद को यूपी की सीएम उम्मीदवार बनाए जाने के विचार को नकार दिया था, लेकिन उन्हें अपनी राय पर दोबारा गौर करने को कहा गया था। अब उन्होंने नई भूमिका को स्वीकार करने का फैसला किया है। शीला दीक्षित ने पिछले महीने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की थी।टिप्पणियां सूत्रों ने कहा कि शीला दीक्षित को दो विकल्प दिए गए थे- यूपी में शीर्ष पद या पंजाब में कांग्रेस के चुनाव प्रचार संभालने की जिम्मेदारी। शीला ने इसके लिए समय मांगा था और बाद में उन्होंने पंजाब में जिम्मेदारी संभालने से मना कर दिया। गौरतलब है कि शीला दीक्षित के ससुर उमाशंकर दीक्षित यूपी में कांग्रेस के दिग्गज नेता थे। कांग्रेस के शीर्ष सूत्रों ने एनडीटीवी को बताया है कि दिल्ली की तीन बार मुख्यमंत्री रह चुकीं शीला दीक्षित की पृष्ठभूमि यूपी में उन्हें पार्टी का मजबूत चेहरे के रूप में पेश कर सकेगी। सूत्रों ने कहा कि शीला दीक्षित को दो विकल्प दिए गए थे- यूपी में शीर्ष पद या पंजाब में कांग्रेस के चुनाव प्रचार संभालने की जिम्मेदारी। शीला ने इसके लिए समय मांगा था और बाद में उन्होंने पंजाब में जिम्मेदारी संभालने से मना कर दिया। गौरतलब है कि शीला दीक्षित के ससुर उमाशंकर दीक्षित यूपी में कांग्रेस के दिग्गज नेता थे। कांग्रेस के शीर्ष सूत्रों ने एनडीटीवी को बताया है कि दिल्ली की तीन बार मुख्यमंत्री रह चुकीं शीला दीक्षित की पृष्ठभूमि यूपी में उन्हें पार्टी का मजबूत चेहरे के रूप में पेश कर सकेगी। गौरतलब है कि शीला दीक्षित के ससुर उमाशंकर दीक्षित यूपी में कांग्रेस के दिग्गज नेता थे। कांग्रेस के शीर्ष सूत्रों ने एनडीटीवी को बताया है कि दिल्ली की तीन बार मुख्यमंत्री रह चुकीं शीला दीक्षित की पृष्ठभूमि यूपी में उन्हें पार्टी का मजबूत चेहरे के रूप में पेश कर सकेगी।
यहाँ एक सारांश है:राजनीति में आने को राजी प्रियंका देश के कई हिस्सों में करेंगी प्रचार शीला को मिल सकती है यूपी की कमान
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ने वाले सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे का जुनून लोगों के सिर चढ़कर बोल रहा है। लोग अपनी भावी पीढ़ी को अन्ना हजारे जैसा बनाना चाह रहे हैं, इसीलिए नवजात शिशुओं के नाम 'अन्ना' रखे जा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर अन्ना के आंदोलन के समर्थन में प्रदेश भर में धरना प्रदर्शनों का दौर जारी है। मध्य प्रदेश के दमोह जिले के जिला चिकित्सालय में हाल ही में जन्मे तीन नवजात शिशुओं के पालकों ने उनका नाम 'अन्ना' रखा है। अभिभावक भारत सिंह ने अपने बेटे का नाम सिर्फ इसलिए अन्ना रखा है, क्योंकि उनके परिवार में यह मेहमान तब आया है, जब देश में अन्ना हजारे का भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन चल रहा है। भारत सिंह कहते हैं कि आज देश का हर नागरिक भ्रष्टाचार से परेशान है और अन्ना हजारे ने इसके खात्मे के लिए आंदोलन की शुरुआत की है। वह चाहते हैं कि उनका बेटा भी अन्ना जैसा बने और देश के लिए कुछ करने के साथ उनका भी नाम रोशन करे। इसी तरह शैलेंद्र व हीरा यादव के यहां भी बच्चों का जन्म हुआ है और उन्होंने भी अपने बेटों का नाम 'अन्ना' रखा है। वे कहते हैं कि आज अन्ना देश में भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई के प्रतीक बन गए हैं, लिहाजा वे चाहते है कि उनके बेटे भी अन्ना हजारे जैसे ही बनें, इसलिए उनका नाम 'अन्ना' रखा है। जिला चिकित्सालय का स्टाफ भी यह बताता है कि पिछले दिनों जन्मे तीन नवजात शिशुओं के पालकों ने उनका नाम अन्ना रखा है। वह कहते हैं कि यह पहला अवसर है, जब नवजात शिशुओं के पालकों ने उनका एक जैसा नाम रखा हो। अन्ना के आंदोलन का असर मध्य प्रदेश में भी नजर आ रहा है। धरना, प्रदर्शनों का दौर जारी है, भिंड जिले के एहतरार गांव में पूरा गांव ही अनशन पर बैठ गया है। इसमें हर वर्ग के लोग शामिल हैं। इसके अलावा सागर जिले के बीना में लोग गीत-संगीत के जरिए अन्ना के आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं।
संक्षिप्त सारांश: भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ने वाले अन्ना हजारे का जुनून लोगों के सिर चढ़कर बोल रहा है। लोग अपनी भावी पीढ़ी को अन्ना हजारे जैसा बनाना चाह रहे हैं, इसीलिए नवजात शिशुओं के नाम 'अन्ना' रखे जा रहे हैं।
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: एडम गिलक्रिस्ट और डेरेन लीमैन अतीत में इंडियन प्रीमियर लीग खिताब जीत चुके हैं और इन दोनों के हमवतन डेविस हसी ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया की इस जोड़ी में किंग्स इलेवन पंजाब के साथ इस उपलब्धि को दोहराने और टीम को मौजूदा सत्र में पहला आईपीएल खिताब दिलाने की क्षमता है। गिलक्रिस्ट ने कप्तान जबकि लीमैन ने कोच के रूप में 2009 में डेक्कन चार्जर्स की खिताबी जीत में अहम भूमिका निभाई थी। हसी ने कहा, ‘‘उन्होंने डेक्कन फ्रेंचाइजी में एक साथ काफी अच्छा काम किया। उन्होंने 2009 में सफलता चखी और उम्मीद करता हूं कि उनकी जोड़ी इस सत्र में किंग्स इलेवन पंजाब के लिए इस सफलता को दोहरा पाएगी। गिलक्रिस्ट और लीमैन की जोड़ी काफी अनुभवी है। हम टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करने के लिए उत्साहित हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘गिलक्रिस्ट स्तरीय खिलाड़ी है। किसी भी टीम को उसके अनुभव से फायदा मिलेगा। हमें उससे काफी रन बनाने और विकेट के पीछे कैच लपकने की उम्मीद है। कोच के रूप में लीमैन फ्रेंचाइजी के लिए शानदार है। उम्मीद करता हूं कि यह जोड़ी पुराने प्रभाव को दोहरा पाएगी।’’ टिप्पणियां किंग्स इलेवन पंजाब की टीम आईपीएल के पिछले पांच टूर्नामेंट में कभी अपना पहला मैच नहीं जीत पाई है और हसी ने कहा कि वे सात अप्रैल को पुणे वारियर्स के खिलाफ अपने पहले मैच में जीत दर्ज करके इतिहास को बदलने की कोशिश करेंगे। हसी ने कहा कि छठे सत्र के लिए उनकी टीम में विदेशी और भारतीय खिलाड़ियों का अच्छा मिश्रण है। अब तक सभी घरेलू मैचों सहित 198 टी20 मैच खेलने वाले हसी आईपीएल के दौरान मैचों का दोहरा शतक पूरा करना चाहेंगे। उन्होंने अब तक 4821 रन बनाए हैं और पांच हजार रन पूरे करने से 179 रन दूर हैं। गिलक्रिस्ट ने कप्तान जबकि लीमैन ने कोच के रूप में 2009 में डेक्कन चार्जर्स की खिताबी जीत में अहम भूमिका निभाई थी। हसी ने कहा, ‘‘उन्होंने डेक्कन फ्रेंचाइजी में एक साथ काफी अच्छा काम किया। उन्होंने 2009 में सफलता चखी और उम्मीद करता हूं कि उनकी जोड़ी इस सत्र में किंग्स इलेवन पंजाब के लिए इस सफलता को दोहरा पाएगी। गिलक्रिस्ट और लीमैन की जोड़ी काफी अनुभवी है। हम टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करने के लिए उत्साहित हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘गिलक्रिस्ट स्तरीय खिलाड़ी है। किसी भी टीम को उसके अनुभव से फायदा मिलेगा। हमें उससे काफी रन बनाने और विकेट के पीछे कैच लपकने की उम्मीद है। कोच के रूप में लीमैन फ्रेंचाइजी के लिए शानदार है। उम्मीद करता हूं कि यह जोड़ी पुराने प्रभाव को दोहरा पाएगी।’’ टिप्पणियां किंग्स इलेवन पंजाब की टीम आईपीएल के पिछले पांच टूर्नामेंट में कभी अपना पहला मैच नहीं जीत पाई है और हसी ने कहा कि वे सात अप्रैल को पुणे वारियर्स के खिलाफ अपने पहले मैच में जीत दर्ज करके इतिहास को बदलने की कोशिश करेंगे। हसी ने कहा कि छठे सत्र के लिए उनकी टीम में विदेशी और भारतीय खिलाड़ियों का अच्छा मिश्रण है। अब तक सभी घरेलू मैचों सहित 198 टी20 मैच खेलने वाले हसी आईपीएल के दौरान मैचों का दोहरा शतक पूरा करना चाहेंगे। उन्होंने अब तक 4821 रन बनाए हैं और पांच हजार रन पूरे करने से 179 रन दूर हैं। हसी ने कहा, ‘‘उन्होंने डेक्कन फ्रेंचाइजी में एक साथ काफी अच्छा काम किया। उन्होंने 2009 में सफलता चखी और उम्मीद करता हूं कि उनकी जोड़ी इस सत्र में किंग्स इलेवन पंजाब के लिए इस सफलता को दोहरा पाएगी। गिलक्रिस्ट और लीमैन की जोड़ी काफी अनुभवी है। हम टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करने के लिए उत्साहित हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘गिलक्रिस्ट स्तरीय खिलाड़ी है। किसी भी टीम को उसके अनुभव से फायदा मिलेगा। हमें उससे काफी रन बनाने और विकेट के पीछे कैच लपकने की उम्मीद है। कोच के रूप में लीमैन फ्रेंचाइजी के लिए शानदार है। उम्मीद करता हूं कि यह जोड़ी पुराने प्रभाव को दोहरा पाएगी।’’ टिप्पणियां किंग्स इलेवन पंजाब की टीम आईपीएल के पिछले पांच टूर्नामेंट में कभी अपना पहला मैच नहीं जीत पाई है और हसी ने कहा कि वे सात अप्रैल को पुणे वारियर्स के खिलाफ अपने पहले मैच में जीत दर्ज करके इतिहास को बदलने की कोशिश करेंगे। हसी ने कहा कि छठे सत्र के लिए उनकी टीम में विदेशी और भारतीय खिलाड़ियों का अच्छा मिश्रण है। अब तक सभी घरेलू मैचों सहित 198 टी20 मैच खेलने वाले हसी आईपीएल के दौरान मैचों का दोहरा शतक पूरा करना चाहेंगे। उन्होंने अब तक 4821 रन बनाए हैं और पांच हजार रन पूरे करने से 179 रन दूर हैं। उन्होंने कहा, ‘‘गिलक्रिस्ट स्तरीय खिलाड़ी है। किसी भी टीम को उसके अनुभव से फायदा मिलेगा। हमें उससे काफी रन बनाने और विकेट के पीछे कैच लपकने की उम्मीद है। कोच के रूप में लीमैन फ्रेंचाइजी के लिए शानदार है। उम्मीद करता हूं कि यह जोड़ी पुराने प्रभाव को दोहरा पाएगी।’’ टिप्पणियां किंग्स इलेवन पंजाब की टीम आईपीएल के पिछले पांच टूर्नामेंट में कभी अपना पहला मैच नहीं जीत पाई है और हसी ने कहा कि वे सात अप्रैल को पुणे वारियर्स के खिलाफ अपने पहले मैच में जीत दर्ज करके इतिहास को बदलने की कोशिश करेंगे। हसी ने कहा कि छठे सत्र के लिए उनकी टीम में विदेशी और भारतीय खिलाड़ियों का अच्छा मिश्रण है। अब तक सभी घरेलू मैचों सहित 198 टी20 मैच खेलने वाले हसी आईपीएल के दौरान मैचों का दोहरा शतक पूरा करना चाहेंगे। उन्होंने अब तक 4821 रन बनाए हैं और पांच हजार रन पूरे करने से 179 रन दूर हैं। किंग्स इलेवन पंजाब की टीम आईपीएल के पिछले पांच टूर्नामेंट में कभी अपना पहला मैच नहीं जीत पाई है और हसी ने कहा कि वे सात अप्रैल को पुणे वारियर्स के खिलाफ अपने पहले मैच में जीत दर्ज करके इतिहास को बदलने की कोशिश करेंगे। हसी ने कहा कि छठे सत्र के लिए उनकी टीम में विदेशी और भारतीय खिलाड़ियों का अच्छा मिश्रण है। अब तक सभी घरेलू मैचों सहित 198 टी20 मैच खेलने वाले हसी आईपीएल के दौरान मैचों का दोहरा शतक पूरा करना चाहेंगे। उन्होंने अब तक 4821 रन बनाए हैं और पांच हजार रन पूरे करने से 179 रन दूर हैं। अब तक सभी घरेलू मैचों सहित 198 टी20 मैच खेलने वाले हसी आईपीएल के दौरान मैचों का दोहरा शतक पूरा करना चाहेंगे। उन्होंने अब तक 4821 रन बनाए हैं और पांच हजार रन पूरे करने से 179 रन दूर हैं।
यहाँ एक सारांश है:एडम गिलक्रिस्ट और डेरेन लीमैन अतीत में इंडियन प्रीमियर लीग खिताब जीत चुके हैं और इन दोनों के हमवतन डेविस हसी ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया की इस जोड़ी में किंग्स इलेवन पंजाब के साथ इस उपलब्धि को दोहराने और टीम को मौजूदा सत्र में पहला आईपीएल खिताब दिलाने की क्षमता
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: क्या आपने कभी हाथों में मेहंदी लगाए किसी महिला को शादी से एक दिन पहले या शादी के तीन दिन बाद अखाड़े में दांव-पेंच लगाते या रेसलिंग मैट पर लौटते देखा है. देश की पहली महिला ओलिंपियन पहलवान गीता फोगट के साथ कुछ ऐसा ही है. गीता प्रो रेसलिंग लीग को लेकर इतनी गंभीर हैं कि 20 नवंबर को होने वाली अपनी शादी से एक दिन पहले तक कुश्ती का अभ्यास करती रहेंगी और शादी के तीन दिन बाद फिर अखाड़े में लौट आएंगी. फिलहाल उन्हें अपने घर के परिसर में बने अखाड़े में अपने पिता और द्रोणाचार्य अवॉर्डी महावीर की देखरेख में कुश्ती करते देखा जा सकता है. गीता के एक भाई दुष्यंत अभ्यास के दौरान उनके स्पेयरिंग पार्टनर रहते हैं. पूरे परिवार का एक ही मकसद है कि गीता एक बार फिर से अपने वजन में शीर्ष स्थान हासिल करें. हाथों में मेहंदी लगाए अभ्यास करने की यह मिसाल आपको शायद ही कहीं मिले. कुछ साल पहले तक गीता का ही अपने वजन में सिक्का चलता था लेकिन पिछले दो वर्षों में साक्षी मलिक के साथ उनके मुकाबले इतने रोचक रहे कि जिसने उन्हें देखा, वह बस देखता ही रह गया लेकिन रियो ओलिंपिक में पदक जीतने के साथ ही साक्षी सुर्खियों में आ गईं और गीता हाशिये पर चली गईं. गीता पीडब्ल्यूएल में शानदार प्रदर्शन करके एक बार फिर सुर्खियों में आना चाहती हैं. सीजन-1 में साक्षी के साथ उनके मुकाबले का स्कोर 8-8 था लेकिन आखिरी अंक जीतने के आधार पर साक्षी विजयी रही थीं. गीता कहती हैं, " साक्षी ने अपने खेल को ऊंचाइयों पर पहुंचाया है जो मेरे लिए काफी चुनौतीपूर्ण है. मैं उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं देती हूं. मैं उनसे हुई हार का बदला लेने के बारे में नहीं सोच रही. मुझे बस अपनी कुश्ती कला से सबका दिल जीतना है." गीता कहती हैं कि उनके मंगेतर पवन भी अंतरराष्ट्रीय स्तर के पहलवान हैं. उनसे उनकी कुश्ती पर भी खूब बात होती है. बकौल गीता, "हम पीडब्ल्यूएल में खेलना चाहते हैं. किसी एक टीम में खेलने की बात कहकर हम किसी फ्रेंचाइजी मालिक पर दबाव नहीं बनाना चाहते. हम दोनों का यही मानना है कि हम चाहे किसी भी टीम में रहें, हमारी शुभकामनाएं एक.दूसरे के प्रति हमेशा रहेंगी. हमने फिलहाल शादी के बाद कहीं घूमने का प्रोग्राम भी पीडब्ल्यूएल तक टाल दिया है. इस लीग में एक मुकाम हासिल करने के बाद घूमने के बारे में सोचूंगी." गीता की शादी इस महीने की 20 तारीख को है और 16 नवंबर से संगीत, मेहंदी आदि की रस्में शुरू हो जाएंगी. इस बारे में गीता के भाई राहुल फोगट ने बताया कि पवन के साथ उनकी शादी इनके चरखी दादरी जिले में स्थित घर से 15 किलोमीटर दूर एक रिजॉर्ट में है. वर-वधु को आशीर्वाद देने के लिए बॉलीवुड स्टार आमिर खान, पंजाब रॉयल्स के सह-मालिक धर्मपाल और त्रिलोक चौधरी, डब्ल्यूएफआई के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह सहित अलग-अलग क्षेत्रों के गणमान्य व्यक्ति शामिल होंगे.टिप्पणियां  (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) फिलहाल उन्हें अपने घर के परिसर में बने अखाड़े में अपने पिता और द्रोणाचार्य अवॉर्डी महावीर की देखरेख में कुश्ती करते देखा जा सकता है. गीता के एक भाई दुष्यंत अभ्यास के दौरान उनके स्पेयरिंग पार्टनर रहते हैं. पूरे परिवार का एक ही मकसद है कि गीता एक बार फिर से अपने वजन में शीर्ष स्थान हासिल करें. हाथों में मेहंदी लगाए अभ्यास करने की यह मिसाल आपको शायद ही कहीं मिले. कुछ साल पहले तक गीता का ही अपने वजन में सिक्का चलता था लेकिन पिछले दो वर्षों में साक्षी मलिक के साथ उनके मुकाबले इतने रोचक रहे कि जिसने उन्हें देखा, वह बस देखता ही रह गया लेकिन रियो ओलिंपिक में पदक जीतने के साथ ही साक्षी सुर्खियों में आ गईं और गीता हाशिये पर चली गईं. गीता पीडब्ल्यूएल में शानदार प्रदर्शन करके एक बार फिर सुर्खियों में आना चाहती हैं. सीजन-1 में साक्षी के साथ उनके मुकाबले का स्कोर 8-8 था लेकिन आखिरी अंक जीतने के आधार पर साक्षी विजयी रही थीं. गीता कहती हैं, " साक्षी ने अपने खेल को ऊंचाइयों पर पहुंचाया है जो मेरे लिए काफी चुनौतीपूर्ण है. मैं उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं देती हूं. मैं उनसे हुई हार का बदला लेने के बारे में नहीं सोच रही. मुझे बस अपनी कुश्ती कला से सबका दिल जीतना है." गीता कहती हैं कि उनके मंगेतर पवन भी अंतरराष्ट्रीय स्तर के पहलवान हैं. उनसे उनकी कुश्ती पर भी खूब बात होती है. बकौल गीता, "हम पीडब्ल्यूएल में खेलना चाहते हैं. किसी एक टीम में खेलने की बात कहकर हम किसी फ्रेंचाइजी मालिक पर दबाव नहीं बनाना चाहते. हम दोनों का यही मानना है कि हम चाहे किसी भी टीम में रहें, हमारी शुभकामनाएं एक.दूसरे के प्रति हमेशा रहेंगी. हमने फिलहाल शादी के बाद कहीं घूमने का प्रोग्राम भी पीडब्ल्यूएल तक टाल दिया है. इस लीग में एक मुकाम हासिल करने के बाद घूमने के बारे में सोचूंगी." गीता की शादी इस महीने की 20 तारीख को है और 16 नवंबर से संगीत, मेहंदी आदि की रस्में शुरू हो जाएंगी. इस बारे में गीता के भाई राहुल फोगट ने बताया कि पवन के साथ उनकी शादी इनके चरखी दादरी जिले में स्थित घर से 15 किलोमीटर दूर एक रिजॉर्ट में है. वर-वधु को आशीर्वाद देने के लिए बॉलीवुड स्टार आमिर खान, पंजाब रॉयल्स के सह-मालिक धर्मपाल और त्रिलोक चौधरी, डब्ल्यूएफआई के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह सहित अलग-अलग क्षेत्रों के गणमान्य व्यक्ति शामिल होंगे.टिप्पणियां  (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) गीता पीडब्ल्यूएल में शानदार प्रदर्शन करके एक बार फिर सुर्खियों में आना चाहती हैं. सीजन-1 में साक्षी के साथ उनके मुकाबले का स्कोर 8-8 था लेकिन आखिरी अंक जीतने के आधार पर साक्षी विजयी रही थीं. गीता कहती हैं, " साक्षी ने अपने खेल को ऊंचाइयों पर पहुंचाया है जो मेरे लिए काफी चुनौतीपूर्ण है. मैं उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं देती हूं. मैं उनसे हुई हार का बदला लेने के बारे में नहीं सोच रही. मुझे बस अपनी कुश्ती कला से सबका दिल जीतना है." गीता कहती हैं कि उनके मंगेतर पवन भी अंतरराष्ट्रीय स्तर के पहलवान हैं. उनसे उनकी कुश्ती पर भी खूब बात होती है. बकौल गीता, "हम पीडब्ल्यूएल में खेलना चाहते हैं. किसी एक टीम में खेलने की बात कहकर हम किसी फ्रेंचाइजी मालिक पर दबाव नहीं बनाना चाहते. हम दोनों का यही मानना है कि हम चाहे किसी भी टीम में रहें, हमारी शुभकामनाएं एक.दूसरे के प्रति हमेशा रहेंगी. हमने फिलहाल शादी के बाद कहीं घूमने का प्रोग्राम भी पीडब्ल्यूएल तक टाल दिया है. इस लीग में एक मुकाम हासिल करने के बाद घूमने के बारे में सोचूंगी." गीता की शादी इस महीने की 20 तारीख को है और 16 नवंबर से संगीत, मेहंदी आदि की रस्में शुरू हो जाएंगी. इस बारे में गीता के भाई राहुल फोगट ने बताया कि पवन के साथ उनकी शादी इनके चरखी दादरी जिले में स्थित घर से 15 किलोमीटर दूर एक रिजॉर्ट में है. वर-वधु को आशीर्वाद देने के लिए बॉलीवुड स्टार आमिर खान, पंजाब रॉयल्स के सह-मालिक धर्मपाल और त्रिलोक चौधरी, डब्ल्यूएफआई के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह सहित अलग-अलग क्षेत्रों के गणमान्य व्यक्ति शामिल होंगे.टिप्पणियां  (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) गीता कहती हैं कि उनके मंगेतर पवन भी अंतरराष्ट्रीय स्तर के पहलवान हैं. उनसे उनकी कुश्ती पर भी खूब बात होती है. बकौल गीता, "हम पीडब्ल्यूएल में खेलना चाहते हैं. किसी एक टीम में खेलने की बात कहकर हम किसी फ्रेंचाइजी मालिक पर दबाव नहीं बनाना चाहते. हम दोनों का यही मानना है कि हम चाहे किसी भी टीम में रहें, हमारी शुभकामनाएं एक.दूसरे के प्रति हमेशा रहेंगी. हमने फिलहाल शादी के बाद कहीं घूमने का प्रोग्राम भी पीडब्ल्यूएल तक टाल दिया है. इस लीग में एक मुकाम हासिल करने के बाद घूमने के बारे में सोचूंगी." गीता की शादी इस महीने की 20 तारीख को है और 16 नवंबर से संगीत, मेहंदी आदि की रस्में शुरू हो जाएंगी. इस बारे में गीता के भाई राहुल फोगट ने बताया कि पवन के साथ उनकी शादी इनके चरखी दादरी जिले में स्थित घर से 15 किलोमीटर दूर एक रिजॉर्ट में है. वर-वधु को आशीर्वाद देने के लिए बॉलीवुड स्टार आमिर खान, पंजाब रॉयल्स के सह-मालिक धर्मपाल और त्रिलोक चौधरी, डब्ल्यूएफआई के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह सहित अलग-अलग क्षेत्रों के गणमान्य व्यक्ति शामिल होंगे.टिप्पणियां  (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) गीता की शादी इस महीने की 20 तारीख को है और 16 नवंबर से संगीत, मेहंदी आदि की रस्में शुरू हो जाएंगी. इस बारे में गीता के भाई राहुल फोगट ने बताया कि पवन के साथ उनकी शादी इनके चरखी दादरी जिले में स्थित घर से 15 किलोमीटर दूर एक रिजॉर्ट में है. वर-वधु को आशीर्वाद देने के लिए बॉलीवुड स्टार आमिर खान, पंजाब रॉयल्स के सह-मालिक धर्मपाल और त्रिलोक चौधरी, डब्ल्यूएफआई के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह सहित अलग-अलग क्षेत्रों के गणमान्य व्यक्ति शामिल होंगे.टिप्पणियां  (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)  (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सारांश: अपने घर के परिसर में बने अखाड़े में कर रही जमकर अभ्‍यास अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर के पहलवान हैं गीता के भावी पति पवन फोगट बहनों पर ही केंद्रित है आमिर खान की फिल्‍म 'दंगल'
31
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: क्या आपने कभी मछलियों की लड़ाई देखी है. यह सुनने में थोड़ा अजीब जरूर लगे, लेकिन सोशल मीडिया पर इन दिनों एक ऐसा ही वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें आप दुनिया की सबसे बड़ी मछली शार्क को आपस में लड़ते हुए देखेंगे. यह वीडियो सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक पर तीन दिन पहले डाला गया था. इसके बाद से ही इसे देखने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. वीडियो को अबतक 50 लाख से ज्यादा लोग देख चुके हैं, जबकि 2 हजार से ज्यादा लोगों ने इसे शेयर किया है. वीडियो देखने के बाद करीब डेढ़ हजार लोगों ने कमेंट भी किया है.  दरअसल, अमेरिका के फ्लोरिडा के एक बीच पर लोगों की स्थिति उस समय असहज हो गई, जब एक शार्क का झुंड बीच के बिलकुल किनारे पहुंच गया. इनमें से दो शार्क की आपस की लड़ाई देखकर लोग दंग रह गए. कुछ लोगों ने उसे दूर भगाने की कोशिश भी की. हालांकि जल्द ही मछलियों को झुंड समंदर में समा गया. अमेरिका के अर्कांसस की रहने वाली स्टेफनी स्टीवंस एडकॉक अपने परिवार के साथ ओकलोसा आइलैंड छुट्टी मनाने गईं हुईं थीं. उन्होंने अपने फेसबुक पेज पर लगभग 30 सेकंड की यह वीडियो शेयर की, जिसमें आप मछलियों की लड़ाई आसानी से देख सकेंगे.  एडकॉक ने बताया कि जब वे लोग बीच पर थे तभी लगभग सात शार्क मछलियों का एक झुंड किनारे की ओर आ गया. इनमें से दो मछलियां आपस में लड़ रही थी. इसके बाद चारो ओर अफरातफरी का माहौल हो गया. लोग पानी से सुरक्षित बाहर आने लगे, जबकि कुछ ने उसे दूर भगाने की कोशिश भी की. लगभग 10 मिनट तक अफरातफरी के माहौल के बाद शार्क का झुंड गहरे पानी में दूर निकल गया. टिप्पणियां   दरअसल, अमेरिका के फ्लोरिडा के एक बीच पर लोगों की स्थिति उस समय असहज हो गई, जब एक शार्क का झुंड बीच के बिलकुल किनारे पहुंच गया. इनमें से दो शार्क की आपस की लड़ाई देखकर लोग दंग रह गए. कुछ लोगों ने उसे दूर भगाने की कोशिश भी की. हालांकि जल्द ही मछलियों को झुंड समंदर में समा गया. अमेरिका के अर्कांसस की रहने वाली स्टेफनी स्टीवंस एडकॉक अपने परिवार के साथ ओकलोसा आइलैंड छुट्टी मनाने गईं हुईं थीं. उन्होंने अपने फेसबुक पेज पर लगभग 30 सेकंड की यह वीडियो शेयर की, जिसमें आप मछलियों की लड़ाई आसानी से देख सकेंगे.  एडकॉक ने बताया कि जब वे लोग बीच पर थे तभी लगभग सात शार्क मछलियों का एक झुंड किनारे की ओर आ गया. इनमें से दो मछलियां आपस में लड़ रही थी. इसके बाद चारो ओर अफरातफरी का माहौल हो गया. लोग पानी से सुरक्षित बाहर आने लगे, जबकि कुछ ने उसे दूर भगाने की कोशिश भी की. लगभग 10 मिनट तक अफरातफरी के माहौल के बाद शार्क का झुंड गहरे पानी में दूर निकल गया. टिप्पणियां   दरअसल, अमेरिका के फ्लोरिडा के एक बीच पर लोगों की स्थिति उस समय असहज हो गई, जब एक शार्क का झुंड बीच के बिलकुल किनारे पहुंच गया. इनमें से दो शार्क की आपस की लड़ाई देखकर लोग दंग रह गए. कुछ लोगों ने उसे दूर भगाने की कोशिश भी की. हालांकि जल्द ही मछलियों को झुंड समंदर में समा गया. अमेरिका के अर्कांसस की रहने वाली स्टेफनी स्टीवंस एडकॉक अपने परिवार के साथ ओकलोसा आइलैंड छुट्टी मनाने गईं हुईं थीं. उन्होंने अपने फेसबुक पेज पर लगभग 30 सेकंड की यह वीडियो शेयर की, जिसमें आप मछलियों की लड़ाई आसानी से देख सकेंगे.  एडकॉक ने बताया कि जब वे लोग बीच पर थे तभी लगभग सात शार्क मछलियों का एक झुंड किनारे की ओर आ गया. इनमें से दो मछलियां आपस में लड़ रही थी. इसके बाद चारो ओर अफरातफरी का माहौल हो गया. लोग पानी से सुरक्षित बाहर आने लगे, जबकि कुछ ने उसे दूर भगाने की कोशिश भी की. लगभग 10 मिनट तक अफरातफरी के माहौल के बाद शार्क का झुंड गहरे पानी में दूर निकल गया. टिप्पणियां   एडकॉक ने बताया कि जब वे लोग बीच पर थे तभी लगभग सात शार्क मछलियों का एक झुंड किनारे की ओर आ गया. इनमें से दो मछलियां आपस में लड़ रही थी. इसके बाद चारो ओर अफरातफरी का माहौल हो गया. लोग पानी से सुरक्षित बाहर आने लगे, जबकि कुछ ने उसे दूर भगाने की कोशिश भी की. लगभग 10 मिनट तक अफरातफरी के माहौल के बाद शार्क का झुंड गहरे पानी में दूर निकल गया. टिप्पणियां
प्लोरिडा के एक बीच पर दो शार्क मछलियों की लड़ाई का वीडियो वायरल स्टेफनी स्टीवंस एडकॉक ने अपने फेसबुक पेज पर शेयर की वीडियो तीन दिन में 50 लाख से ज्यादा लोग देख चुके, जबकि कई लोगों ने शेयर किया
34
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: इस सप्ताह बिग बॉस के घर से बाहर हुए भोजपुरी फिल्मों के अभिनेता दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ का कहना है कि घर से बाहर जाकर वह दुखी नहीं हैं और आशा है कि इस शो से उन्हें पहचान मिलेगी। यादव दूसरी बार बिग बॉस के घर से बाहर हुए हैं। यादव ने कहा, ‘वह बहुत बड़ा मंच है, काफी लोगों को इससे लाभ हुआ है, मैं भी आशा करता हूं कि यह मेरी पहचान बनाने में मददगार होगा।’टिप्पणियां यह बिग बॉस का छठा सीजन है जिसकी मेजबानी अभिनेता सलमान खान कर रहे हैं। इस शो के आरंभ में यादव ही सबसे पहले घर से बाहर हुए थे लेकिन उन्हें दूसरा मौका दिया गया। उन्होंने कहा कि वह घर से बाहर निकाले जाने से दुखी नहीं हैं और दर्शकों के निर्णय को स्वीकार करते हैं। यादव ने कहा, ‘मुझे घर से बाहर जाने पर बुरा नहीं लग रहा है। मुझे लगता है कि मेरे जाने का वक्त आ गया है और अगर दर्शक मुझे नहीं देखना चाहते तो कोई समस्या नहीं है। मुझे पहले भी बाहर जाना पड़ा था इस कारण मेरे लिए यह सामान्य है।’ यादव ने कहा, ‘वह बहुत बड़ा मंच है, काफी लोगों को इससे लाभ हुआ है, मैं भी आशा करता हूं कि यह मेरी पहचान बनाने में मददगार होगा।’टिप्पणियां यह बिग बॉस का छठा सीजन है जिसकी मेजबानी अभिनेता सलमान खान कर रहे हैं। इस शो के आरंभ में यादव ही सबसे पहले घर से बाहर हुए थे लेकिन उन्हें दूसरा मौका दिया गया। उन्होंने कहा कि वह घर से बाहर निकाले जाने से दुखी नहीं हैं और दर्शकों के निर्णय को स्वीकार करते हैं। यादव ने कहा, ‘मुझे घर से बाहर जाने पर बुरा नहीं लग रहा है। मुझे लगता है कि मेरे जाने का वक्त आ गया है और अगर दर्शक मुझे नहीं देखना चाहते तो कोई समस्या नहीं है। मुझे पहले भी बाहर जाना पड़ा था इस कारण मेरे लिए यह सामान्य है।’ यह बिग बॉस का छठा सीजन है जिसकी मेजबानी अभिनेता सलमान खान कर रहे हैं। इस शो के आरंभ में यादव ही सबसे पहले घर से बाहर हुए थे लेकिन उन्हें दूसरा मौका दिया गया। उन्होंने कहा कि वह घर से बाहर निकाले जाने से दुखी नहीं हैं और दर्शकों के निर्णय को स्वीकार करते हैं। यादव ने कहा, ‘मुझे घर से बाहर जाने पर बुरा नहीं लग रहा है। मुझे लगता है कि मेरे जाने का वक्त आ गया है और अगर दर्शक मुझे नहीं देखना चाहते तो कोई समस्या नहीं है। मुझे पहले भी बाहर जाना पड़ा था इस कारण मेरे लिए यह सामान्य है।’ यादव ने कहा, ‘मुझे घर से बाहर जाने पर बुरा नहीं लग रहा है। मुझे लगता है कि मेरे जाने का वक्त आ गया है और अगर दर्शक मुझे नहीं देखना चाहते तो कोई समस्या नहीं है। मुझे पहले भी बाहर जाना पड़ा था इस कारण मेरे लिए यह सामान्य है।’
संक्षिप्त पाठ: इस सप्ताह बिग बॉस के घर से बाहर हुए भोजपुरी फिल्मों के अभिनेता दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ का कहना है कि घर से बाहर जाकर वह दुखी नहीं हैं और आशा है कि इस शो से उन्हें पहचान मिलेगी। यादव दूसरी बार बिग बॉस के घर से बाहर हुए हैं।
13
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: ब्रिटेन में भारतीय मूल के एक पिता ने एक साल की बेटी पर कथित रूप से हथौड़े से हमला किया जिससे बच्ची की आंख की रोशनी चली गई. भारतीय मूल के विद्यासागर दास पर बेटी की हत्या के प्रयास और बच्ची के जुड़वा भाई की निर्मम हत्या का आरोप है. बीते 18 मार्च को उत्तर-पूर्वी लंदन के हैकनी इलाके के एक फ्लैट में दो बच्चे गंभीर हालत मिले थे. इसके बाद 33 साल के दास को गिरफ्तार किया गया. एक साल की बच्ची मारिया को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था. अब यह पता चला है कि वह देख नहीं सकती और वह आंशिक रूप से बधिर भी हो गई है. पुलिस का मानना है कि दास ने घटना को अंजाम देने से पहले अपनी पत्नी को बाथरूम में बंद कर दिया और अपने जुड़वा बच्चों पर हथौड़े से हमला कर दिया.टिप्पणियां दास एक स्थानीय होटल में रिसेस्पनिस्ट के तौर पर काम करता था, लेकिन उसने हाल ही में नौकरी छोड़ दी थी. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पुलिस का मानना है कि दास ने घटना को अंजाम देने से पहले अपनी पत्नी को बाथरूम में बंद कर दिया और अपने जुड़वा बच्चों पर हथौड़े से हमला कर दिया.टिप्पणियां दास एक स्थानीय होटल में रिसेस्पनिस्ट के तौर पर काम करता था, लेकिन उसने हाल ही में नौकरी छोड़ दी थी. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) दास एक स्थानीय होटल में रिसेस्पनिस्ट के तौर पर काम करता था, लेकिन उसने हाल ही में नौकरी छोड़ दी थी. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: ब्रिटेन में भारतीय मूल के एक पिता ने बेटी पर किया हमला कथित रूप से हथौड़े से हमला करने का आरोप एक साल की बच्ची मारिया को अस्पताल में भर्ती
11
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: कनाडा की विमानन कम्पनियों ने आइरीन तूफान के कारण रविवार को टोरंटो के पीयर्सन अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से 100 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी। यह तूफान अमेरिका के पूर्वी तट से होते हुए कनाडा पहुंचने वाला है। यह जानकारी समाचार पत्र 'टोरंटो स्टार' ने दी है। समाचार एजेंसी आरआईए नोवोस्ती के अनुसार, इस कदम से जिन मार्गो की उड़ानों पर असर पड़ा है, उनमें न्यूयॉर्क, वाशिंगटन, फिलेडेल्फिया और बोस्टन को जाने और वहां से आने वाली उड़ानें शामिल हैं। आइरीन के कारण ओटावा, मोंट्रियल और हैलिफैक्स में स्थित हवाईअड्डों पर भी कई उड़ानें रद्द की गई हैं। यह तूफान शनिवार को अमेरिका के पूर्वी तट पर पहुंचा था। आइरीन अब मंद होकर उष्णकटिबंधीय अंधड़ में बदल गया है और बाद में यह और भी मंद हो सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने रविवार शाम वाशिंगटन में कहा, "मैं चाहता हूं कि लोग इस बात को समझें कि यह संकट समाप्त नहीं हुआ है। राहत कार्यो में कई सप्ताह या अधिक समय लग सकते हैं।" आइरीन के कारण लाखों घरों और व्यावसायिक केंद्रों में बिजली गुल है और लगभग 20 लोगों की मौत हो चुकी है। इस तूफान ने नार्थ कैरोलिना, विर्जीनिया, मैरीलैंड, डेलावेयर और पेंसिलवानिया जैसे अमेरिकी प्रांतों के साथ ही न्यूयार्क सिटी और वाशिंगटन डीसी को अपनी चपेट में ले लिया है।
सारांश: कनाडा की विमानन कम्पनियों ने आइरीन तूफान के कारण रविवार को टोरंटो के पीयर्सन अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से 100 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी।
33
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: मंगलवार को राज्य के खूंटी में तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने जम्मू-कश्मीर के नव नियुक्त उप राज्यपाल जीसी मुर्मू का नाम लिए बिना कहा कि जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370  हट चुका है. अब केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर को विकास और विश्वास के पथ पर ले जाने की ज़िम्मेदारी आदिवासी अंचल में ही जन्मे पले बढ़े उप राज्यपाल जी के कंधे पर है. निश्चित रूप से मोदी (PM Modi) ने उप राज्यपाल का आदिवासी होने का जिक्र आदिवासी वोटर को गोलबंद करने के प्रयास में किया क्योंकि उस इलाके में आदिवासियों के एक वर्ग में भाजपा की स्थानीय सरकार के खिलाफ काफी आक्रोश है. उन्होंने खूंटी की सभा में मंच पर विशेष रूप से आमंत्रित पूर्व सांसद कारिया मुंडा की जमकर तारीफ की. मोदी ने कहा कि जब भाजपा के कार्यकर्ता के रूप में वे संगठन का दायित्व  देखते थे तो ये बात उन्हें गर्व से कहना चाहिए कि करिया मुंडा जी की उंगली पकड़कर संगठन शास्त्र को सीखा था. अनेक वर्षों तक उनके साथ काम करने का सौभाग्य मिला. हर परिस्थिति में प्रसन्नचित्त करिया मुंडा जी के साथ लोकसंग्रह कैसे किया जाता है, दूर-सुदूर गांव की ओर देखने का दृष्टिकोण क्या हो सकता है, घंटों तक उनके साथ चर्चा विचार विमर्श करने, मुझे सीखने का सौभाग्य मिला. आज मुझे खुशी है कि उनके मार्गदर्शन में हम एक बार फिर झारखंड के भाग्य को संवारने के लिए पूरी ताक़त से मेहनत कर रहे हैं. इसी क्रम में राम जन्मभूमि मामले की भी पीएम मोदी (PM Modi) ने चर्चा की. उन्होंने कहा कि कैसे वह भी शांतिपूर्ण ढंग वे हल हो गया. उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम जब वनवास पर अयोध्या से निकले थे तो आदिवासियों ने ही उनकी सेवा की थी. इसी तरह जमशेदपुर की सभा में उन्होंने टाटा ग्रुप के संस्थापकों की चर्चा करते हुए कहा कि कैसे वे गुजरात के नवसरी से आते हैं.
यह एक सारांश है: खूंटी की सभा में मंच पर मौजूद पूर्व सांसद कारिया मुंडा की जमकर तारीफ की कहा- राम जब वनवास पर निकले थे तो आदिवासियों ने ही उनकी सेवा की थी आदिवासियों के एक वर्ग में भाजपा की राज्य सरकार के खिलाफ काफी आक्रोश
2
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: जिले के वारासिवनी पुलिस थाना अन्तर्गत ग्राम माजपुर टोला में शुक्रवार की रात से गायब एक नाबालिग लड़की का शव शनिवार को एक खेत से बरामद हुआ है।टिप्पणियां पुलिस सूत्रों के अनुसार माजपुर टोला गांव की 14 वर्षीया लड़की जिनेश्वरी कल रात से लापता थी। उसकी तलाश की गयी लेकिन उसका पता नहीं चल सका। आज सुबह उसका शव एक खेत से बरामद हुआ। शव के गले में निशान देखते हुए लगता है कि उसका गला दबाकर हत्या की गयी। सूत्रों ने इस आशंका से इंकार नहीं किया कि हत्या के पूर्व लडकी के साथ बलात्कार किया गया होगा। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही सही स्थिति पता लगेगी। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार माजपुर टोला गांव की 14 वर्षीया लड़की जिनेश्वरी कल रात से लापता थी। उसकी तलाश की गयी लेकिन उसका पता नहीं चल सका। आज सुबह उसका शव एक खेत से बरामद हुआ। शव के गले में निशान देखते हुए लगता है कि उसका गला दबाकर हत्या की गयी। सूत्रों ने इस आशंका से इंकार नहीं किया कि हत्या के पूर्व लडकी के साथ बलात्कार किया गया होगा। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही सही स्थिति पता लगेगी। पुलिस मामले की जांच कर रही है। सूत्रों ने इस आशंका से इंकार नहीं किया कि हत्या के पूर्व लडकी के साथ बलात्कार किया गया होगा। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही सही स्थिति पता लगेगी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
संक्षिप्त पाठ: जिले के वारासिवनी पुलिस थाना अन्तर्गत ग्राम माजपुर टोला में शुक्रवार की रात से गायब एक नाबालिग लड़की का शव शनिवार को एक खेत से बरामद हुआ है।
22
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारती एयरटेल के उपभोक्ताओं के लिए अब बेंगलुरु, कोलकाता, पुणे और चंडीगढ़ सर्कल में 4जी डाटा प्लान 450 रुपये से शुरू होंगे, जो पहले उपलब्ध न्यूनतम 650 रुपये के पैकेज से 31 प्रतिशत कम हैं। कंपनी ने हाल में पंजाब और हरियाणा में 2जी डाटा पैकेज दर में 90 प्रतिशत की कमी की है और वह आय बढ़ाने के लिए 4जी सेवा को प्रोत्साहित करने की कोशिश कर रही है।टिप्पणियां कंपनी 4जी सेवाओं के तहत 999 रुपये से अधिक के पैकेज पर 1,000 फिल्म और 100 गेम की लाइब्रेरी योजना भी मुहैया करा रही है। कंपनी ने एक बयान में कहा कि 450 रुपये प्रति माह से शुरू होने वाले पैकेज से उपभोक्ता 4जी की तेज गति का आनंद लेने के लिए प्रोत्साहित करने की कोशिश की जा रही है। कंपनी ने हाल में पंजाब और हरियाणा में 2जी डाटा पैकेज दर में 90 प्रतिशत की कमी की है और वह आय बढ़ाने के लिए 4जी सेवा को प्रोत्साहित करने की कोशिश कर रही है।टिप्पणियां कंपनी 4जी सेवाओं के तहत 999 रुपये से अधिक के पैकेज पर 1,000 फिल्म और 100 गेम की लाइब्रेरी योजना भी मुहैया करा रही है। कंपनी ने एक बयान में कहा कि 450 रुपये प्रति माह से शुरू होने वाले पैकेज से उपभोक्ता 4जी की तेज गति का आनंद लेने के लिए प्रोत्साहित करने की कोशिश की जा रही है। कंपनी 4जी सेवाओं के तहत 999 रुपये से अधिक के पैकेज पर 1,000 फिल्म और 100 गेम की लाइब्रेरी योजना भी मुहैया करा रही है। कंपनी ने एक बयान में कहा कि 450 रुपये प्रति माह से शुरू होने वाले पैकेज से उपभोक्ता 4जी की तेज गति का आनंद लेने के लिए प्रोत्साहित करने की कोशिश की जा रही है। कंपनी ने एक बयान में कहा कि 450 रुपये प्रति माह से शुरू होने वाले पैकेज से उपभोक्ता 4जी की तेज गति का आनंद लेने के लिए प्रोत्साहित करने की कोशिश की जा रही है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: भारती एयरटेल के उपभोक्ताओं के लिए अब बेंगलुरु, कोलकाता, पुणे और चंडीगढ़ सर्कल में 4जी डाटा प्लान 450 रुपये से शुरू होंगे, जो पहले उपलब्ध न्यूनतम 650 रुपये के पैकेज से 31 प्रतिशत कम हैं।
19
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: एक शख्स को सेक्स कल्ट चलाने के मामले में दोषी पाया गया है. इस कल्ट में महिलाओं को भूखा रखा जाता था और फिर उन्हें सेक्स करने का आदेश दिया जाता था. बुधवार को न्यूयॉर्क जूरी ने शख्स पर लगे सभी आरोपों के लिए उसे दोषी माना. दोषी शख्स का नाम केथ रानिऐरे है और उसकी उम्र 58 साल है. रानिऐरे पर रैकेट की साजिश रचने, सेक्स तस्करी, चाइल्ड पोर्नोग्राफी और बाकी अपराधों के तहत मामला दर्ज किया गया था. अब उसे उम्र कैद की सजा हो सकती है.  रानिऐरे की सजा का फैसला 25 सितंबर को होगा. रानिऐरे के वकील मार्स एग्नीफिलो ने कोर्ट के बाहर कहा कि फैसले पर अपील की गई है और उन्हें विश्वास है कि एक सही सजा दी जाएगी. एग्नीफिलो ने रानिऐरे के परिवार के प्रति दया भी जताई. बता दें कि रानिऐरे NXIVM नाम के एनजीओ का फाउंडर है. पाकिस्तान के चीफ जस्टिस बोले- अर्थव्यवस्था से क्रिकेट तक, सुन रहे हैं सिर्फ ‘निराशाजनक' खबरें ट्रायल में खुलासा हुआ कि रानिऐरे खुद को सावंत और जीनियस बताता था और वह चीजों को प्रभावित कर देता था. वह एक ऐसे ग्रुप का मुखिया था जो सेक्स ट्रैफिकिंग, चाइल्ड पोर्नोग्राफी और वसूली जैसे तमाम अपराध करता था. यह जानकारी ब्रुकलायन में यूएस अटॉर्नी ने दी.  उसके अपराध साजिश, विवाह, करियर, भाग्य और जिंदगियों से जुड़े थे. अभियोजन पक्ष ने बताया कि DOS बनाने से पहले रानिऐरे ने एक 15 साल की लड़की के साथ शारीरिक संबंध बनाए. इसी लड़की की तस्वीरों की वजह से उस पर चाइल्ड पोर्नोग्राफी के तहत मामला दर्ज हुआ. वहीं रानिऐरे के वकील ने जूरी के सामने कहा कि किसी भी महिला से उसकी इच्छा के बिना कुछ नहीं किया गया. UN के स्वतंत्र विशेषज्ञ ने कहा, पत्रकार जमाल खशोगी हत्याकांड से सऊदी युवराज के जुड़े होने के ‘ठोस सबूत' रानिऐरे के अलावा NXIVM के बाकी सदस्यों को भी दोषी पाया गया. इसमें NXIVM के अध्यक्ष नेन्सी सल्जमान, उनकी बेटी लारेन सल्जमान, अभिनेत्री अलीसन मैक और सीग्राम शराब उत्तराधिकारी क्लेयर ब्रोंफमैन शामिल हैं.
यहाँ एक सारांश है:सेक्स पंथ चलाता था 58 साल का केथ रानिऐरे महिलाओं को भूखा रखकर करवाया जाता था सेक्स जूरी ने शख्स पर लगे सभी आरोपों के लिए उसे दोषी माना
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: इंटरनेट इनसाइक्लोपीडिया विकिपीडिया अमेरिका के इंटरनेट पायरेसी कानून का विरोध करने के लिए बुधवार को 24 घंटे के लिए अपना संचालन बंद करेगी। वेबसाइट के सह-संस्थापक जिम्मी वेल्स ने कहा कि सिर्फ कॉपीराइट हनन के आरोपों के आधार पर इंटरनेट किसी सेंसरशिप को बर्दाश्त नहीं करेगा। समाचार पत्र टेलीग्राफ के मुताबिक वेल्स ने कहा कि मतसंग्रह के माध्यम से पूरी दुनिया में वेबसाइट संचालन को 24 घंटे के लिए बंद रखने का फैसला किया गया। वेल्स ने अखबार से कहा, "साधारण तौर पर माना जा रहा है कि अमेरिकी कानून इंटरनेट को प्रभावित करेगा इसलिए सभी को प्रभावित करेगा।"टिप्पणियां वेबसाइट बंद रखकर 'स्टॉप ऑनलाइन पायरेसी कानून' (सोपा) और 'प्रोटेक्ट इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी कानून' (पीपा) का विरोध किया जाएगा। वेल्स ने ट्विटर पर लिखा कि बुधवार सुबह पांच बजे से गुरुवार सुबह पांच बजे तक वेबसाइट नहीं देखा जा सकेगा। वेबसाइट के सह-संस्थापक जिम्मी वेल्स ने कहा कि सिर्फ कॉपीराइट हनन के आरोपों के आधार पर इंटरनेट किसी सेंसरशिप को बर्दाश्त नहीं करेगा। समाचार पत्र टेलीग्राफ के मुताबिक वेल्स ने कहा कि मतसंग्रह के माध्यम से पूरी दुनिया में वेबसाइट संचालन को 24 घंटे के लिए बंद रखने का फैसला किया गया। वेल्स ने अखबार से कहा, "साधारण तौर पर माना जा रहा है कि अमेरिकी कानून इंटरनेट को प्रभावित करेगा इसलिए सभी को प्रभावित करेगा।"टिप्पणियां वेबसाइट बंद रखकर 'स्टॉप ऑनलाइन पायरेसी कानून' (सोपा) और 'प्रोटेक्ट इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी कानून' (पीपा) का विरोध किया जाएगा। वेल्स ने ट्विटर पर लिखा कि बुधवार सुबह पांच बजे से गुरुवार सुबह पांच बजे तक वेबसाइट नहीं देखा जा सकेगा। समाचार पत्र टेलीग्राफ के मुताबिक वेल्स ने कहा कि मतसंग्रह के माध्यम से पूरी दुनिया में वेबसाइट संचालन को 24 घंटे के लिए बंद रखने का फैसला किया गया। वेल्स ने अखबार से कहा, "साधारण तौर पर माना जा रहा है कि अमेरिकी कानून इंटरनेट को प्रभावित करेगा इसलिए सभी को प्रभावित करेगा।"टिप्पणियां वेबसाइट बंद रखकर 'स्टॉप ऑनलाइन पायरेसी कानून' (सोपा) और 'प्रोटेक्ट इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी कानून' (पीपा) का विरोध किया जाएगा। वेल्स ने ट्विटर पर लिखा कि बुधवार सुबह पांच बजे से गुरुवार सुबह पांच बजे तक वेबसाइट नहीं देखा जा सकेगा। वेल्स ने अखबार से कहा, "साधारण तौर पर माना जा रहा है कि अमेरिकी कानून इंटरनेट को प्रभावित करेगा इसलिए सभी को प्रभावित करेगा।"टिप्पणियां वेबसाइट बंद रखकर 'स्टॉप ऑनलाइन पायरेसी कानून' (सोपा) और 'प्रोटेक्ट इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी कानून' (पीपा) का विरोध किया जाएगा। वेल्स ने ट्विटर पर लिखा कि बुधवार सुबह पांच बजे से गुरुवार सुबह पांच बजे तक वेबसाइट नहीं देखा जा सकेगा। वेबसाइट बंद रखकर 'स्टॉप ऑनलाइन पायरेसी कानून' (सोपा) और 'प्रोटेक्ट इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी कानून' (पीपा) का विरोध किया जाएगा। वेल्स ने ट्विटर पर लिखा कि बुधवार सुबह पांच बजे से गुरुवार सुबह पांच बजे तक वेबसाइट नहीं देखा जा सकेगा। वेल्स ने ट्विटर पर लिखा कि बुधवार सुबह पांच बजे से गुरुवार सुबह पांच बजे तक वेबसाइट नहीं देखा जा सकेगा।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: इंटरनेट इनसाइक्लोपीडिया विकिपीडिया अमेरिका के इंटरनेट पायरेसी कानून का विरोध करने के लिए बुधवार को 24 घंटे के लिए अपना संचालन बंद करेगी।
25
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: देश के शेयर बाजारों में शनिवार को विशेष कारोबारी सत्र में मामूली तेजी रही। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 0.19 अंक की तेजी के साथ 17,636.99 और निफ्टी 0.05 अंकों की तेजी के साथ 5,359.40 पर बंद हुआ। शेयर बाजारों में शनिवार को एक घंटे से कुछ अधिक समय तक के लिए विशेष कारोबारी सत्र आयोजित किया गया। यह सत्र आपदा प्रबंधन प्रणाली की जांच के लिए आयोजित किया गया।टिप्पणियां बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 11.67 अंकों की तेजी के साथ 17,648.47 पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी 0.70 अंकों की तेजी के साथ 5,360.05 पर खुला। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी रही। मिडकैप 13.86 अंकों की तेजी के साथ 6,359.29 पर और स्मॉलकैप 25.43 अंकों की तेजी के साथ 6,853.09 पर बंद हुआ। शेयर बाजारों में शनिवार को एक घंटे से कुछ अधिक समय तक के लिए विशेष कारोबारी सत्र आयोजित किया गया। यह सत्र आपदा प्रबंधन प्रणाली की जांच के लिए आयोजित किया गया।टिप्पणियां बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 11.67 अंकों की तेजी के साथ 17,648.47 पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी 0.70 अंकों की तेजी के साथ 5,360.05 पर खुला। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी रही। मिडकैप 13.86 अंकों की तेजी के साथ 6,359.29 पर और स्मॉलकैप 25.43 अंकों की तेजी के साथ 6,853.09 पर बंद हुआ। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 11.67 अंकों की तेजी के साथ 17,648.47 पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी 0.70 अंकों की तेजी के साथ 5,360.05 पर खुला। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी रही। मिडकैप 13.86 अंकों की तेजी के साथ 6,359.29 पर और स्मॉलकैप 25.43 अंकों की तेजी के साथ 6,853.09 पर बंद हुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी रही। मिडकैप 13.86 अंकों की तेजी के साथ 6,359.29 पर और स्मॉलकैप 25.43 अंकों की तेजी के साथ 6,853.09 पर बंद हुआ।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: देश के शेयर बाजारों में शनिवार को विशेष कारोबारी सत्र में मामूली तेजी रही। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 0.19 अंक की तेजी के साथ 17,636.99 और निफ्टी 0.05 अंकों की तेजी के साथ 5,359.40 पर बंद हुआ।
3
['hin']
एक सारांश बनाओ: कपूर खानदान में इस बार 'गणपति बप्पा मोरया' की गूंज नहीं सुनाई देगी. कपूर खानदान हर साल बहुत ही धूमधाम के साथ गणेश उत्सव (Ganesh Chaturthi 2019) मनाया करता था. लेकिन इस बार यह गूंज सुनाई नहीं देगी. कपूर खानदान हर साल आरके स्टूडियो में गणेश उत्सव का आयोजन करता था, जिसे बहुत ही भव्यता के साथ अंजाम दिया जाता था. लेकिन आरके स्टूडियो (RK Studio) के बिक जाने के बाद, अब गणपति की धूम भी आरके स्टूडियो में नहीं गूंजेगी. लेकिन आरके स्टूडियो में भयंकर आग के बाद हुए नुकसान के बाद इसे बेच दिया गया था. रणधीर कपूर ने गणेश उत्सव को लेकर कहा है कि मेरे पिताजी राज कपूर ने आरके स्टूडियो में गणपति उत्सव मनाने की शुरुआत की थी, और अब उनके पास इतनी बड़ी प्रॉपर्टी नहीं है जिस पर वे गणेश उत्सव का आयोजन उसी तरह पर कर सकें.  गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi 2019) के सेलिब्रेशन को लेकर रणधीर कपूर ने 'टाइम्स ऑफ इंडिया' से कहा, 'वह हमारे लिए आखिरी गणेश चतुर्थी सेलिब्रेशन था. आरके स्टूडियो गही नहीं रहा...तो कहां करेंगे? पापा ने 70 साल पहले यह परंपरा शुरू की थी और वह गणेश को बहुत प्यार भी करते थे, अब हमारे पास जगह ही नहीं है तो हम आरके स्टूडियो जैसी सेलिब्रेशन कहां करेंगे. हम बप्पा को बहुत प्यार करते हैं और हमारी उनमें श्रद्धा भी है, लेकिन मुझे लगता है कि हम इस परंपरा को जारी नहीं रख सकते हैं. ' आरके स्टूडियो (RK Studio) में गणेश चतुर्थी सेलिब्रेशन गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi 2019) और होली का जश्न बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता रहा है. यह पूरे देश में प्रसिद्ध भी रहा है. लेकिन समय के साथ चीजें बदली हैं, और अब होली के बाद गणेश चतुर्थी भी नहीं होगी. गणेश चतुर्थी के दौरान आरके स्टूडियो में पंडाल लगाया जाता था, और यहां सारे दिन लोगों का तांता लगा रहा था. गणेश चतुर्थी के आखिरी दिन बप्पा को बहुत धूमधाम के साथ विसर्जित किया जाता था. रणधीर कपूर, राजीव कपूर, ऋषि कपूर और रणधीर कपूर इस महोत्सव में जोर शोर से हिस्सा लिया करते थे.
सारांश: रणधीर कपूर ने दी यह जानकारी अब नहीं मनेगी गणेश चतुर्थी बताई हैरान करने वाली वजह
5
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भाजपा विधायक राजेश मिश्रा (Rajesh Misra) उर्फ पप्पू भरतौल की बेटी साक्षी मिश्रा और उनके पति अब अदालत में पंजीकृत विवाह का विकल्प चुन सकते हैं. उनके अंतरजातीय विवाह के बाद से ही एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. साक्षी ब्राह्मण परिवार हैं, जबकि उनके पति अजितेश कुमार दलित परिवार से आते हैं. दरअसल, एक दिन इससे पहले प्रयागराज में राम जानकी मंदिर का पुजारी अपने बयान से पलट गया था, जिसके बाद से दंपति द्वारा पंजीकृत विवाह पर विचार किया जा रहा है. पहले कहा जा रहा था कि दंपति ने कथित तौर पर यहां मंदिर में शादी की और इसका एक प्रमाण-पत्र लिया, लेकिन बाद में पुजारी ने यह कहते हुए शादी करवाने की बात से इनकार कर दिया कि प्रमाण-पत्र नकली था.  सूत्रों के अनुसार, दंपति इलाहाबाद उच्च न्यायालय में उपस्थित होंगे, जहां उनकी याचिका पर सुनवाई 15 जुलाई को होगा. सूत्रों ने कहा है, "वे न्यायालय से अनुरोध करने के बाद अपनी शादी 16 जुलाई को अदालत में पंजीकृत करवाएंगे." 3 जुलाई से साक्षी और उनके पति घरवालों से छुपकर भाग रहे हैं. दंपति शुक्रवार को एक समाचार चैनल पर आए और बरेली से भाजपा के विधायक व साक्षी के पिता राजेश मिश्रा पर आरोप लगाया कि वह जाति कारणों से विवाह के खिलाफ हैं. दंपति और अजितेश के पिता हरीश कुमार ने आरोप लगाया है कि एसएसपी बरेली मुनिराज जी ने रक्षा और सुरक्षा के लिए उनके कॉल का जवाब देने से इनकार कर दिया. हालांकि, मामला सुर्खियों में आने के बाद, एसएसपी ने अब कहा है कि दंपति को पुलिस सुरक्षा मिलेगी ताकि वे सुरक्षित रूप से अदालत में पेश हो सकें.
विधायक पप्पू भरतौल की बेटी हैं साक्षी मिश्रा अंतरजातीय विवाह के बाद परिवार ने कथित तौर पर किया परेशान साक्षी मिश्रा अब कोर्ट मैरिज कर सकती हैं
6
['hin']
एक सारांश बनाओ: वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा नए बैंक लाइसेंस इस वित्त वर्ष के आखिर तक दिए जाने की संभावना है। वित्तीय सेवा सचिव राजीव टकरू ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा, रिजर्व बैंक ने 440 पूछताछ का जवाब दिया है। अब देखना होगा कि 1 जुलाई तक वास्तव में कितने आवेदन आते हैं। उन्होंने कहा कि अगर सब कुछ ठीक रहा तो इस वित्त वर्ष के आखिर तक कुछ फैसला कर लिया जाएगा।टिप्पणियां टकरू ने यह भी कहा कि जो बैंक गड़बड़ी में दोषी पाए जाते हैं, उनके खिलाफ कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। ऑनलाइन पोर्टल कोबरापोस्ट के खुलासे के संदर्भ में यह बात कही। वित्तीय सेवा सचिव राजीव टकरू ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा, रिजर्व बैंक ने 440 पूछताछ का जवाब दिया है। अब देखना होगा कि 1 जुलाई तक वास्तव में कितने आवेदन आते हैं। उन्होंने कहा कि अगर सब कुछ ठीक रहा तो इस वित्त वर्ष के आखिर तक कुछ फैसला कर लिया जाएगा।टिप्पणियां टकरू ने यह भी कहा कि जो बैंक गड़बड़ी में दोषी पाए जाते हैं, उनके खिलाफ कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। ऑनलाइन पोर्टल कोबरापोस्ट के खुलासे के संदर्भ में यह बात कही। टकरू ने यह भी कहा कि जो बैंक गड़बड़ी में दोषी पाए जाते हैं, उनके खिलाफ कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। ऑनलाइन पोर्टल कोबरापोस्ट के खुलासे के संदर्भ में यह बात कही। ऑनलाइन पोर्टल कोबरापोस्ट के खुलासे के संदर्भ में यह बात कही।
यह एक सारांश है: वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा नए बैंक लाइसेंस इस वित्त वर्ष के आखिर तक दिए जाने की संभावना है।
21
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: स्टार ओलिंपियन और पैरालिंपियन ऑस्कर पिस्टोरियस को दक्षिण अफ्रीका के मजिस्ट्रेट ने उनकी प्रेमिका रीवा स्टीनकैंप की हत्या के मामले में जमानत दे दी। प्रिटोरिया के मजिस्ट्रेट डेसमंड नायर ने चार दिन चली जमानत सुनवाई के बाद कहा कि पिस्टोरियस की यात्रा से किसी को खतरा नहीं है और वह समाज के लिए भी खतरा नहीं है। पिस्टोरियस के परिवार और समर्थकों के बीच नायर ने कहा, ‘मैं इस नतीजे पर पहुंचा हूं कि आरोपी ने जमानत पर रिहा होने का मामला बना लिया है।’ नायर ने जब अपना लंबा फैसला पढ़ा तब 26 वर्षीय पिस्टोरियस खड़े होकर रो रहे थे और कांप रहे थे। एथलीट को रोते हुए ही बाहर ले जाया गया। उन्हें अब रिहा कर दिए जाने की उम्मीद है। पिस्टोरियस को हत्या के आरोप में 14 फरवरी को गिरफ्तार किया गया था जिससे दक्षिण अफ्रीका के साथ-साथ पूरी दुनिया सकते में आ गई थी। दक्षिण अफ्रीका में पिस्टोरियस को अब भी हीरो माना जाता है। वह ओलिंपिक में हिस्सा लेने वाले पहले एथलीट हैं जिनके दोनों पैर कटे हुए हैं। टिप्पणियां पिस्टोरियस पर अपनी प्रेमिका रीवा की इरादतन हत्या का आरोप लगा है और उन्होंने प्रिटोरिया पुलिस स्टेशन में एक हफ्ते से अधिक समय बिताया। इस एथलीट को अगर दोषी पाया जाता है तो उन्हें आजीवन कारावास की सजा मिल सकती है। प्रिटोरिया के मजिस्ट्रेट डेसमंड नायर ने चार दिन चली जमानत सुनवाई के बाद कहा कि पिस्टोरियस की यात्रा से किसी को खतरा नहीं है और वह समाज के लिए भी खतरा नहीं है। पिस्टोरियस के परिवार और समर्थकों के बीच नायर ने कहा, ‘मैं इस नतीजे पर पहुंचा हूं कि आरोपी ने जमानत पर रिहा होने का मामला बना लिया है।’ नायर ने जब अपना लंबा फैसला पढ़ा तब 26 वर्षीय पिस्टोरियस खड़े होकर रो रहे थे और कांप रहे थे। एथलीट को रोते हुए ही बाहर ले जाया गया। उन्हें अब रिहा कर दिए जाने की उम्मीद है। पिस्टोरियस को हत्या के आरोप में 14 फरवरी को गिरफ्तार किया गया था जिससे दक्षिण अफ्रीका के साथ-साथ पूरी दुनिया सकते में आ गई थी। दक्षिण अफ्रीका में पिस्टोरियस को अब भी हीरो माना जाता है। वह ओलिंपिक में हिस्सा लेने वाले पहले एथलीट हैं जिनके दोनों पैर कटे हुए हैं। टिप्पणियां पिस्टोरियस पर अपनी प्रेमिका रीवा की इरादतन हत्या का आरोप लगा है और उन्होंने प्रिटोरिया पुलिस स्टेशन में एक हफ्ते से अधिक समय बिताया। इस एथलीट को अगर दोषी पाया जाता है तो उन्हें आजीवन कारावास की सजा मिल सकती है। पिस्टोरियस के परिवार और समर्थकों के बीच नायर ने कहा, ‘मैं इस नतीजे पर पहुंचा हूं कि आरोपी ने जमानत पर रिहा होने का मामला बना लिया है।’ नायर ने जब अपना लंबा फैसला पढ़ा तब 26 वर्षीय पिस्टोरियस खड़े होकर रो रहे थे और कांप रहे थे। एथलीट को रोते हुए ही बाहर ले जाया गया। उन्हें अब रिहा कर दिए जाने की उम्मीद है। पिस्टोरियस को हत्या के आरोप में 14 फरवरी को गिरफ्तार किया गया था जिससे दक्षिण अफ्रीका के साथ-साथ पूरी दुनिया सकते में आ गई थी। दक्षिण अफ्रीका में पिस्टोरियस को अब भी हीरो माना जाता है। वह ओलिंपिक में हिस्सा लेने वाले पहले एथलीट हैं जिनके दोनों पैर कटे हुए हैं। टिप्पणियां पिस्टोरियस पर अपनी प्रेमिका रीवा की इरादतन हत्या का आरोप लगा है और उन्होंने प्रिटोरिया पुलिस स्टेशन में एक हफ्ते से अधिक समय बिताया। इस एथलीट को अगर दोषी पाया जाता है तो उन्हें आजीवन कारावास की सजा मिल सकती है। पिस्टोरियस को हत्या के आरोप में 14 फरवरी को गिरफ्तार किया गया था जिससे दक्षिण अफ्रीका के साथ-साथ पूरी दुनिया सकते में आ गई थी। दक्षिण अफ्रीका में पिस्टोरियस को अब भी हीरो माना जाता है। वह ओलिंपिक में हिस्सा लेने वाले पहले एथलीट हैं जिनके दोनों पैर कटे हुए हैं। टिप्पणियां पिस्टोरियस पर अपनी प्रेमिका रीवा की इरादतन हत्या का आरोप लगा है और उन्होंने प्रिटोरिया पुलिस स्टेशन में एक हफ्ते से अधिक समय बिताया। इस एथलीट को अगर दोषी पाया जाता है तो उन्हें आजीवन कारावास की सजा मिल सकती है। पिस्टोरियस पर अपनी प्रेमिका रीवा की इरादतन हत्या का आरोप लगा है और उन्होंने प्रिटोरिया पुलिस स्टेशन में एक हफ्ते से अधिक समय बिताया। इस एथलीट को अगर दोषी पाया जाता है तो उन्हें आजीवन कारावास की सजा मिल सकती है। इस एथलीट को अगर दोषी पाया जाता है तो उन्हें आजीवन कारावास की सजा मिल सकती है।
स्टार ओलिंपियन और पैरालिंपियन ऑस्कर पिस्टोरियस को दक्षिण अफ्रीका के मजिस्ट्रेट ने उनकी प्रेमिका रीवा स्टीनकैंप की हत्या के मामले में जमानत दे दी।
28
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2017 के लिए सभी पार्टियां जोरो शोरों से प्रचार करने में लगी हुई हैं. कांग्रेस की ओर से पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने हरिद्वार में रोड शो करते हुए पीएम मोदी से सवाल किया कि आखिर जिन पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं उन नेताओं को बीजेपी में क्यों लिया गया. उन्होंने कहा कि अगर पीएम मोदी भ्रष्टाचार से लड़ाई लड़ने की बात कह रहे हैं तो फिर ऐसे नेताओं को टिकट क्यों दिया.टिप्पणियां वहीं रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गढ़वाल के श्रीनगर में रैली को संबोधित करते हुए कहा कि झारखंड का विकास हो गया लेकिन उत्तराखंड पिछड़ा हुआ है. साथ ही उन्होंने जोर देते हुए कहा कि 12 मार्च के बाद कांग्रेस की सरकार नहीं रहेगी. यह सरकार भूतपूर्व हो जाएगी. राज्य सरकार पर आरोप लगाते हुए मोदी ने कहा कि राज्य में पर्यटन के लिए वर्तमान सरकार ने कुछ नहीं किया. केदारनाथ-बद्रीनाथ के द्वार बंद हो जाते हैं तब विज्ञापन दिया जाता है. केंद्र सरकार राज्य में रेलवे पर भी काफी काम करना चाहती है और वह यहां रेलवे में नेटवर्क खड़ा करने के लिए प्रयासरत हैं. बता दें कि आने वाली 15 फरवरी को उत्तराखंड विधानसभा के चुनाव होने हैं. वहीं रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गढ़वाल के श्रीनगर में रैली को संबोधित करते हुए कहा कि झारखंड का विकास हो गया लेकिन उत्तराखंड पिछड़ा हुआ है. साथ ही उन्होंने जोर देते हुए कहा कि 12 मार्च के बाद कांग्रेस की सरकार नहीं रहेगी. यह सरकार भूतपूर्व हो जाएगी. राज्य सरकार पर आरोप लगाते हुए मोदी ने कहा कि राज्य में पर्यटन के लिए वर्तमान सरकार ने कुछ नहीं किया. केदारनाथ-बद्रीनाथ के द्वार बंद हो जाते हैं तब विज्ञापन दिया जाता है. केंद्र सरकार राज्य में रेलवे पर भी काफी काम करना चाहती है और वह यहां रेलवे में नेटवर्क खड़ा करने के लिए प्रयासरत हैं. बता दें कि आने वाली 15 फरवरी को उत्तराखंड विधानसभा के चुनाव होने हैं. राज्य सरकार पर आरोप लगाते हुए मोदी ने कहा कि राज्य में पर्यटन के लिए वर्तमान सरकार ने कुछ नहीं किया. केदारनाथ-बद्रीनाथ के द्वार बंद हो जाते हैं तब विज्ञापन दिया जाता है. केंद्र सरकार राज्य में रेलवे पर भी काफी काम करना चाहती है और वह यहां रेलवे में नेटवर्क खड़ा करने के लिए प्रयासरत हैं. बता दें कि आने वाली 15 फरवरी को उत्तराखंड विधानसभा के चुनाव होने हैं.
संक्षिप्त सारांश: राहुल गांधी ने हरिद्वार में रोड शो किया उन्होंने कहा कि बीजेपी क्यों भ्रष्ट नेताओं को टिकट दे रही है उन्होंने कहा भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने की बातें और टिकट ऐसे बाटंते हैं
10
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सीबीआई की विशेष अदालत ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में करीब 31 साल पहले हुए फर्जी मुठभेड़ मामले में दोषी ठहराए गए तीन पुलिसकर्मियों को फांसी तथा पांच अन्य को उम्रकैद की सजा सुनाई। फांसी की सजा पाए तीनों पुलिसकर्मी पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) केपी सिंह तथा 12 अन्य लोगों की फर्जी मुठभेड़ दिखाकर हत्या करने के दोषी पाए गए। अभियोजन पक्ष के मुताबिक 12 मार्च, 1982 को गोंडा जिले के कटराबाजार थाना क्षेत्र के माधवपुर गांव में दो पक्षों की रंजिश भड़कने की आशंका के मद्देनजर मौके पर पहुंचे तत्कालीन पुलिस उपाधीक्षक केपी सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्या की साजिश कौड़िया के तत्कालीन थानाध्यक्ष आरबी सरोज, तत्कालीन हेड कांस्टेबल राम नायक पाण्डेय तथा सिपाही रामकरन ने रची थी। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने माधवपुर पहुंचकर 12 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने इसे मुठभेड़ का नाम दिया था। केपी सिंह की पत्नी विभा सिंह ने बाद में संदेह होने पर कोर्ट में याचिका दायर की थी। अदालत के आदेश पर मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी।टिप्पणियां सीबीआई की जांच में मुठभेड़ को फर्जी पाया गया था। इस मामले में कुल 19 पुलिसकर्मियों के खिलाफ सीबीआई ने आरोपपत्र दाखिल किया था। आरोपी पुलिसकर्मियों में से 10 की मुकदमा विचारण के दौरान मौत हो गई थी। विशेष सीबीआई न्यायाधीश राजेन्द्र सिंह ने गत 29 मार्च को दोनों पक्षों को सुनने के बाद कौड़िया के तत्कालीन थानाध्यक्ष आरबी सरोज, पीएसी कमाण्डर रमाकान्त दीक्षित, दारोगा नसीम अहमद, मंगल सिंह, परवेज हुसैन, राजेन्द्र प्रसाद सिंह, हेड कांस्टेबल राम नायक पाण्डेय तथा कांस्टेबल रामकरन को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाने की तारीख 5 अप्रैल मुकर्रर की थी। एक आरोपी पुलिसकर्मी प्रेम सिंह रैकवार को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया था। अदालत ने शुक्रवार को सजा सुनाते हुए आरबी सरोज, राम नायक पाण्डेय तथा रामकरन को फांसी तथा बाकी पांच पुलिसकर्मियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। फांसी की सजा पाए तीनों पुलिसकर्मी पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) केपी सिंह तथा 12 अन्य लोगों की फर्जी मुठभेड़ दिखाकर हत्या करने के दोषी पाए गए। अभियोजन पक्ष के मुताबिक 12 मार्च, 1982 को गोंडा जिले के कटराबाजार थाना क्षेत्र के माधवपुर गांव में दो पक्षों की रंजिश भड़कने की आशंका के मद्देनजर मौके पर पहुंचे तत्कालीन पुलिस उपाधीक्षक केपी सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्या की साजिश कौड़िया के तत्कालीन थानाध्यक्ष आरबी सरोज, तत्कालीन हेड कांस्टेबल राम नायक पाण्डेय तथा सिपाही रामकरन ने रची थी। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने माधवपुर पहुंचकर 12 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने इसे मुठभेड़ का नाम दिया था। केपी सिंह की पत्नी विभा सिंह ने बाद में संदेह होने पर कोर्ट में याचिका दायर की थी। अदालत के आदेश पर मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी।टिप्पणियां सीबीआई की जांच में मुठभेड़ को फर्जी पाया गया था। इस मामले में कुल 19 पुलिसकर्मियों के खिलाफ सीबीआई ने आरोपपत्र दाखिल किया था। आरोपी पुलिसकर्मियों में से 10 की मुकदमा विचारण के दौरान मौत हो गई थी। विशेष सीबीआई न्यायाधीश राजेन्द्र सिंह ने गत 29 मार्च को दोनों पक्षों को सुनने के बाद कौड़िया के तत्कालीन थानाध्यक्ष आरबी सरोज, पीएसी कमाण्डर रमाकान्त दीक्षित, दारोगा नसीम अहमद, मंगल सिंह, परवेज हुसैन, राजेन्द्र प्रसाद सिंह, हेड कांस्टेबल राम नायक पाण्डेय तथा कांस्टेबल रामकरन को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाने की तारीख 5 अप्रैल मुकर्रर की थी। एक आरोपी पुलिसकर्मी प्रेम सिंह रैकवार को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया था। अदालत ने शुक्रवार को सजा सुनाते हुए आरबी सरोज, राम नायक पाण्डेय तथा रामकरन को फांसी तथा बाकी पांच पुलिसकर्मियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। इस हत्या की साजिश कौड़िया के तत्कालीन थानाध्यक्ष आरबी सरोज, तत्कालीन हेड कांस्टेबल राम नायक पाण्डेय तथा सिपाही रामकरन ने रची थी। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने माधवपुर पहुंचकर 12 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने इसे मुठभेड़ का नाम दिया था। केपी सिंह की पत्नी विभा सिंह ने बाद में संदेह होने पर कोर्ट में याचिका दायर की थी। अदालत के आदेश पर मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी।टिप्पणियां सीबीआई की जांच में मुठभेड़ को फर्जी पाया गया था। इस मामले में कुल 19 पुलिसकर्मियों के खिलाफ सीबीआई ने आरोपपत्र दाखिल किया था। आरोपी पुलिसकर्मियों में से 10 की मुकदमा विचारण के दौरान मौत हो गई थी। विशेष सीबीआई न्यायाधीश राजेन्द्र सिंह ने गत 29 मार्च को दोनों पक्षों को सुनने के बाद कौड़िया के तत्कालीन थानाध्यक्ष आरबी सरोज, पीएसी कमाण्डर रमाकान्त दीक्षित, दारोगा नसीम अहमद, मंगल सिंह, परवेज हुसैन, राजेन्द्र प्रसाद सिंह, हेड कांस्टेबल राम नायक पाण्डेय तथा कांस्टेबल रामकरन को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाने की तारीख 5 अप्रैल मुकर्रर की थी। एक आरोपी पुलिसकर्मी प्रेम सिंह रैकवार को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया था। अदालत ने शुक्रवार को सजा सुनाते हुए आरबी सरोज, राम नायक पाण्डेय तथा रामकरन को फांसी तथा बाकी पांच पुलिसकर्मियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। सीबीआई की जांच में मुठभेड़ को फर्जी पाया गया था। इस मामले में कुल 19 पुलिसकर्मियों के खिलाफ सीबीआई ने आरोपपत्र दाखिल किया था। आरोपी पुलिसकर्मियों में से 10 की मुकदमा विचारण के दौरान मौत हो गई थी। विशेष सीबीआई न्यायाधीश राजेन्द्र सिंह ने गत 29 मार्च को दोनों पक्षों को सुनने के बाद कौड़िया के तत्कालीन थानाध्यक्ष आरबी सरोज, पीएसी कमाण्डर रमाकान्त दीक्षित, दारोगा नसीम अहमद, मंगल सिंह, परवेज हुसैन, राजेन्द्र प्रसाद सिंह, हेड कांस्टेबल राम नायक पाण्डेय तथा कांस्टेबल रामकरन को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाने की तारीख 5 अप्रैल मुकर्रर की थी। एक आरोपी पुलिसकर्मी प्रेम सिंह रैकवार को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया था। अदालत ने शुक्रवार को सजा सुनाते हुए आरबी सरोज, राम नायक पाण्डेय तथा रामकरन को फांसी तथा बाकी पांच पुलिसकर्मियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। विशेष सीबीआई न्यायाधीश राजेन्द्र सिंह ने गत 29 मार्च को दोनों पक्षों को सुनने के बाद कौड़िया के तत्कालीन थानाध्यक्ष आरबी सरोज, पीएसी कमाण्डर रमाकान्त दीक्षित, दारोगा नसीम अहमद, मंगल सिंह, परवेज हुसैन, राजेन्द्र प्रसाद सिंह, हेड कांस्टेबल राम नायक पाण्डेय तथा कांस्टेबल रामकरन को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाने की तारीख 5 अप्रैल मुकर्रर की थी। एक आरोपी पुलिसकर्मी प्रेम सिंह रैकवार को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया था। अदालत ने शुक्रवार को सजा सुनाते हुए आरबी सरोज, राम नायक पाण्डेय तथा रामकरन को फांसी तथा बाकी पांच पुलिसकर्मियों को उम्रकैद की सजा सुनाई।
सारांश: सीबीआई की विशेष अदालत ने उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में करीब 31 साल पहले हुए फर्जी मुठभेड़ मामले में दोषी ठहराए गए तीन पुलिसकर्मियों को फांसी तथा पांच अन्य को उम्रकैद की सजा सुनाई।
31
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: ICC Cricket World Cup 2019 का जश्न मनाने के लिए Reliance Jio ने नया जियो क्रिकेट सीज़न स्पेशल डेटा पैक लॉन्च किया है। यह रीचार्ज पैक Jio के नए और मौज़ूदा सब्सक्राइबर्स के लिए है। नए स्पेशल डेटा पैक में यूज़र्स को 51 दिनों में कुल 102 जीबी डेटा मिलेगा। दावा है कि इतना डेटा वर्ल्ड कप के मैच देखने के लिए काफी होगा। इसी तरह से क्रिकेट के फैन मैच के दौरान Jio Cricket Play Along गेम का लुत्फ उठा सकते हैं। इसे MyJio ऐप के ज़रिए एक्सेस किया जा सकेगा। अहम खासियतों की बात करें तो जियो क्रिकेट सीज़न स्पेशल डेटा पैक 251 रुपये का है। इसमें 51 दिनों के लिए 102 जीबी डेटा मिलता है। इस डेटा का इस्तेमाल इंटरनेट से जुड़ी हर सेवाओं के लिए हो सकता है। माना जा रहा है कि इतना डेटा 2019 Cricket World Cup के मैच देखने के लिए काफी होगा। Reliance Jio ने जियो क्रिकेट प्ले एलॉन्ग गेम को भी पेश किया है जो मैच के दौरान उपलब्ध होगा। यह गेम जियो और गैर-जियो सब्सक्राइबर्स के लिए है। इसे मायजियो ऐप से एक्सेस किया जा सकता है। इसके अलावा Jio Cricket Play Along गेम में खिलाड़ी रियल-टाइम में भविष्यवाणी कर सकते हैं और सही भविष्यवाणी होने पर उन्हें प्वाइंट मिलेगा। 2019 Cricket World Cup के मैच मुफ्त में देखने के लिए Reliance Jio ने अपने सभी सब्सक्राइबर्स को जियोटीवी के ज़रिए लाइव मैच देखने का एक्सेस दिया है। Hotstar एक्सेस करते वक्त सभी जियो सब्सक्राइबर्स को अपने आप ही वर्ल्ड कप मैच लाइव देखने का मौका मिलेगा। इसी तरह से जियोटीवी यूज़र्स को हॉटस्टार पर रीडायरेक्ट कर दिया जाएगा। गौर करने वाली बात है कि Reliance Jio सब्सक्राइबर्स को वर्ल्ड कप मैच देखने के लिए हॉटस्टार का एक्सेस तो मिलेगा, लेकिन डेटा चार्ज पहले की तरह लगेगा।
संक्षिप्त पाठ: Reliance Jio ने जियो क्रिकेट प्ले एलॉन्ग गेम को भी पेश किया है Jio Cricket Play Along गेम में खिलाड़ी रियल-टाइम में भविष्यवाणी कर पाएंगे मैच देखने के लिए Hotstar का एक्सेस मिलेगा
13
['hin']
एक सारांश बनाओ: सरकार की तमाम कोशिशों के बाद भी सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों पर स्वच्छता को लेकर चल रहे कार्यक्रमों का कोई भी असर नहीं दिखाई दे रहा है. आलम यह हो गया है कि सरकारी कर्मचारियों को सबक देने के मकसद से यूपी के परिवहन मंत्री को खुद ही एक बस की सफाई करनी पड़ी. उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह वाराणसी में एक नए रूप में नजर आए. यहां काशी बस डिपो का निरीक्षण करने पहुंचे मंत्री ने खुद बस की धुलाई कर प्रधानमंत्री मोदी के स्वच्छ भारत अभियान को बढ़ावा देते हुए अधिकारियों व कर्मियों को स्वच्छता का पाठ पढ़ाया. पढ़ें:​ जब योगी सरकार के परिवहन मंत्री ने बस में चढ़कर पूछा यात्रियों का हाल-चाल वाराणसी के दो दिन के दौरे पर आए परिवहन मंत्री सुबह गोलगड्ड स्थित काशी बस डिपो पहुंचे, जहां बसों में फैली गंदगी को देखकर भड़के और बेहद गंदी दिख रही एक बस को खुद हाथों में पानी का पाइप लेकर साफ करने लगे. विभाग के अधिकारी और कर्मियों ने उन्हें रोकना चाहा, लेकिन मंत्रीजी बस के अंदर घुस गए, बस की धुलाई करने में जुट गए. यहां तक कि बस के टायरों को भी पानी से साफ किया.  टिप्पणियां परिवहन मंत्री ने डिपो में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों से साफ-सफाई रखने को कहा. उन्होंने कहा कि सभी चाहें तो रोज एक बस की सफाई का जिम्मा उठा लें. अगर ऐसा हो गया तो हम लोग सरकारी बसों को भी निजी बसों की तरह चमाचम रख सकते हैं.  उन्होंने कहा, "अगर अब किसी भी बस में अधिक गंदगी मिली, तो फिर चालक जिम्मेदार होंगे. आज मैंने शुरुआत की है, कोशिश करूंगा कि हर महीने एक बस की अपने हाथों से धुलाई करूं. उन्होंने कहा कि प्रत्येक बस कर्मचारी महीने में एक दिन जरूर अपने हाथों से बसों को साफ करें." पढ़ें:​ जब योगी सरकार के परिवहन मंत्री ने बस में चढ़कर पूछा यात्रियों का हाल-चाल वाराणसी के दो दिन के दौरे पर आए परिवहन मंत्री सुबह गोलगड्ड स्थित काशी बस डिपो पहुंचे, जहां बसों में फैली गंदगी को देखकर भड़के और बेहद गंदी दिख रही एक बस को खुद हाथों में पानी का पाइप लेकर साफ करने लगे. विभाग के अधिकारी और कर्मियों ने उन्हें रोकना चाहा, लेकिन मंत्रीजी बस के अंदर घुस गए, बस की धुलाई करने में जुट गए. यहां तक कि बस के टायरों को भी पानी से साफ किया.  टिप्पणियां परिवहन मंत्री ने डिपो में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों से साफ-सफाई रखने को कहा. उन्होंने कहा कि सभी चाहें तो रोज एक बस की सफाई का जिम्मा उठा लें. अगर ऐसा हो गया तो हम लोग सरकारी बसों को भी निजी बसों की तरह चमाचम रख सकते हैं.  उन्होंने कहा, "अगर अब किसी भी बस में अधिक गंदगी मिली, तो फिर चालक जिम्मेदार होंगे. आज मैंने शुरुआत की है, कोशिश करूंगा कि हर महीने एक बस की अपने हाथों से धुलाई करूं. उन्होंने कहा कि प्रत्येक बस कर्मचारी महीने में एक दिन जरूर अपने हाथों से बसों को साफ करें." वाराणसी के दो दिन के दौरे पर आए परिवहन मंत्री सुबह गोलगड्ड स्थित काशी बस डिपो पहुंचे, जहां बसों में फैली गंदगी को देखकर भड़के और बेहद गंदी दिख रही एक बस को खुद हाथों में पानी का पाइप लेकर साफ करने लगे. विभाग के अधिकारी और कर्मियों ने उन्हें रोकना चाहा, लेकिन मंत्रीजी बस के अंदर घुस गए, बस की धुलाई करने में जुट गए. यहां तक कि बस के टायरों को भी पानी से साफ किया.  टिप्पणियां परिवहन मंत्री ने डिपो में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों से साफ-सफाई रखने को कहा. उन्होंने कहा कि सभी चाहें तो रोज एक बस की सफाई का जिम्मा उठा लें. अगर ऐसा हो गया तो हम लोग सरकारी बसों को भी निजी बसों की तरह चमाचम रख सकते हैं.  उन्होंने कहा, "अगर अब किसी भी बस में अधिक गंदगी मिली, तो फिर चालक जिम्मेदार होंगे. आज मैंने शुरुआत की है, कोशिश करूंगा कि हर महीने एक बस की अपने हाथों से धुलाई करूं. उन्होंने कहा कि प्रत्येक बस कर्मचारी महीने में एक दिन जरूर अपने हाथों से बसों को साफ करें." परिवहन मंत्री ने डिपो में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों से साफ-सफाई रखने को कहा. उन्होंने कहा कि सभी चाहें तो रोज एक बस की सफाई का जिम्मा उठा लें. अगर ऐसा हो गया तो हम लोग सरकारी बसों को भी निजी बसों की तरह चमाचम रख सकते हैं.  उन्होंने कहा, "अगर अब किसी भी बस में अधिक गंदगी मिली, तो फिर चालक जिम्मेदार होंगे. आज मैंने शुरुआत की है, कोशिश करूंगा कि हर महीने एक बस की अपने हाथों से धुलाई करूं. उन्होंने कहा कि प्रत्येक बस कर्मचारी महीने में एक दिन जरूर अपने हाथों से बसों को साफ करें." उन्होंने कहा, "अगर अब किसी भी बस में अधिक गंदगी मिली, तो फिर चालक जिम्मेदार होंगे. आज मैंने शुरुआत की है, कोशिश करूंगा कि हर महीने एक बस की अपने हाथों से धुलाई करूं. उन्होंने कहा कि प्रत्येक बस कर्मचारी महीने में एक दिन जरूर अपने हाथों से बसों को साफ करें."
सारांश: उत्तर प्रदेश सरकार में परिवहन मंत्री हैं स्वतंत्रदेव सिंह वाराणसी में काशी बस डिपो में गंदगी देख भड़के मंत्री बस में गंदगी देख खुद ही सफाई कर डाली बस की
5
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: असम में बाढ़ से रविवार को और दो लोगों के मरने की रिपोर्ट आने के साथ इस राज्य में बाढ़ से मरने वालों की तादाद 31 पहुंच गई. वहीं महाराष्ट्र के भिवंडी में एक भवन के ढहने से कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई, जबकि ओडिशा में बिजली गिरने से 12 और लोग मारे गए हैं. असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुताबिक, गोलाघाट जिले के बोकाखाट में दो लोगों के मरने से बाढ़ में मरने वालों की कुल संख्या 31 पहुंच गई है. राज्य के 21 जिलों में 2,266 गांवों में करीब 17 लाख लोग प्रभावित हुए हैं जिसमें सबसे अधिक प्रभावित जिला मोरीगांव रहा. अधिकारी 463 राहत शिविर और वितरण केंद्र चला रहे हैं जहां करीब डेढ़ लाख लोगों ने 18 जिलों में शरण ली है. भिवंडी में भारी बारिश के चलते एक भवन के ढहने से नौ लोगों की मौत हो गई. मुंबई, ठाणे और पालघर में लगातार बारिश से आम जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है. मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान मुंबई और इसके आसपास के उपनगरों में भारी बारिश होने का अनुमान जताया है. ओडिशा आपदा प्रबंधन नियंत्रण कक्ष ने बताया कि शनिवार से राज्य के दस जिलों में बिजली गिरने की घटनाओं में 41 लोगों की जान जा चुकी है. मौसम विभाग ने कहा कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बनने से उत्तरी व दक्षिणी ओडिशा के ज्यादातर हिस्सों में सोमवार को तेज हवा के साथ गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना है.टिप्पणियां भुवनेश्वर में मौसम केंद्र ने बताया कि उत्तर और दक्षिण ओडिशा में सोमवार को ज्यादातर हिस्सों में बारिश या गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना है. हवाओं की गति 35 से 45 किमी और दक्षिणी तटीय हिस्से में 50 किमी प्रतिघंटा रह सकती है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुताबिक, गोलाघाट जिले के बोकाखाट में दो लोगों के मरने से बाढ़ में मरने वालों की कुल संख्या 31 पहुंच गई है. राज्य के 21 जिलों में 2,266 गांवों में करीब 17 लाख लोग प्रभावित हुए हैं जिसमें सबसे अधिक प्रभावित जिला मोरीगांव रहा. अधिकारी 463 राहत शिविर और वितरण केंद्र चला रहे हैं जहां करीब डेढ़ लाख लोगों ने 18 जिलों में शरण ली है. भिवंडी में भारी बारिश के चलते एक भवन के ढहने से नौ लोगों की मौत हो गई. मुंबई, ठाणे और पालघर में लगातार बारिश से आम जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है. मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान मुंबई और इसके आसपास के उपनगरों में भारी बारिश होने का अनुमान जताया है. ओडिशा आपदा प्रबंधन नियंत्रण कक्ष ने बताया कि शनिवार से राज्य के दस जिलों में बिजली गिरने की घटनाओं में 41 लोगों की जान जा चुकी है. मौसम विभाग ने कहा कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बनने से उत्तरी व दक्षिणी ओडिशा के ज्यादातर हिस्सों में सोमवार को तेज हवा के साथ गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना है.टिप्पणियां भुवनेश्वर में मौसम केंद्र ने बताया कि उत्तर और दक्षिण ओडिशा में सोमवार को ज्यादातर हिस्सों में बारिश या गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना है. हवाओं की गति 35 से 45 किमी और दक्षिणी तटीय हिस्से में 50 किमी प्रतिघंटा रह सकती है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) भिवंडी में भारी बारिश के चलते एक भवन के ढहने से नौ लोगों की मौत हो गई. मुंबई, ठाणे और पालघर में लगातार बारिश से आम जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है. मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान मुंबई और इसके आसपास के उपनगरों में भारी बारिश होने का अनुमान जताया है. ओडिशा आपदा प्रबंधन नियंत्रण कक्ष ने बताया कि शनिवार से राज्य के दस जिलों में बिजली गिरने की घटनाओं में 41 लोगों की जान जा चुकी है. मौसम विभाग ने कहा कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बनने से उत्तरी व दक्षिणी ओडिशा के ज्यादातर हिस्सों में सोमवार को तेज हवा के साथ गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना है.टिप्पणियां भुवनेश्वर में मौसम केंद्र ने बताया कि उत्तर और दक्षिण ओडिशा में सोमवार को ज्यादातर हिस्सों में बारिश या गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना है. हवाओं की गति 35 से 45 किमी और दक्षिणी तटीय हिस्से में 50 किमी प्रतिघंटा रह सकती है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) ओडिशा आपदा प्रबंधन नियंत्रण कक्ष ने बताया कि शनिवार से राज्य के दस जिलों में बिजली गिरने की घटनाओं में 41 लोगों की जान जा चुकी है. मौसम विभाग ने कहा कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बनने से उत्तरी व दक्षिणी ओडिशा के ज्यादातर हिस्सों में सोमवार को तेज हवा के साथ गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना है.टिप्पणियां भुवनेश्वर में मौसम केंद्र ने बताया कि उत्तर और दक्षिण ओडिशा में सोमवार को ज्यादातर हिस्सों में बारिश या गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना है. हवाओं की गति 35 से 45 किमी और दक्षिणी तटीय हिस्से में 50 किमी प्रतिघंटा रह सकती है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) भुवनेश्वर में मौसम केंद्र ने बताया कि उत्तर और दक्षिण ओडिशा में सोमवार को ज्यादातर हिस्सों में बारिश या गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना है. हवाओं की गति 35 से 45 किमी और दक्षिणी तटीय हिस्से में 50 किमी प्रतिघंटा रह सकती है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यहाँ एक सारांश है:असम के 21 जिलों में 2,266 गांवों में करीब 17 लाख लोग प्रभावित हुए हैं ओडिशा के दस जिलों में बिजली गिरने की घटनाओं में 41 लोगों की मौत भिवंडी में एक भवन के ढहने से नौ लोगों की मौत हो गई
17
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: जब कभी मेट्रो या रेलवे स्टेशन पर खड़े होते हैं तो ट्रेन आने से पहले अनाउंसमेंट होता है कि प्लेटफॉर्म के किनारे पर न खड़े रहें. साथ ही ये भी हिदायत दी जाती है कि कभी पटरियों से होकर पलेटफॉर्म ने क्रॉस करें. इसके बाद कई लोग इन गलतियों को दोहराते हैं और हादसे के शिकार हो जाते हैं. चीन के रेलवे स्टेशन पर यात्री की ऐसी ही लापरवाही का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. यह वीडियो दिल दहला देने वाला है. साथ ही उन लोगों को सबक देने वाला भी है जो फुटओवर ब्रिज के बजाय पटरियों से होकर प्लेटफॉर्म क्रॉस करते हैं. इस वीडियो में दिखाया गया है कि एक व्यक्ति दौड़कर पटरी पार करने की कोशिश कर रहा होता है. प्लेटफॉर्म की ऊंचाई ज्यादा होने के चलते उसके ऊपर चढ़ने से पहले ही ट्रेन आ जाती है. उस इंसान की कमर से नीचे का हिस्सा ट्रेन से दब जाता है. वह काफी कुछ देर दर्द से कराहता है, लेकिन लोग चाहकर भी उसकी मदद नहीं कर पाते हैं. आखिरकार वह दम तोड़ देता है.टिप्पणियां डेली मेल की खबर के मुताबिक लापरवाही से जान गंवाने वाले शख्स की उम्र करीब 30 साल थी. यह हादसा चीन के नानजिंग साउथ रेलवे स्टेशन पर हुआ था. वह शख्स प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच में इस कदर फंस गया था कि उसके शव को निकालने के लिए प्लेटफॉर्म को तोड़ना पड़ा. मालूम हो कि दुनिया में रेल हादसों में सबसे ज्यादा मौतें भारत में होते हैं. इसके बाद भी लोग रेलवे स्टेशन या मेट्रो स्टेशन पर सुरक्षा नियमों का पालन नहीं करते हैं. पिछले दिनों आए एक सर्वे में कहा गया था कि इन हादसों को रोकने के लिए कठोर नियम के अलावा जागरूकता की जरूरत है. इस वीडियो में दिखाया गया है कि एक व्यक्ति दौड़कर पटरी पार करने की कोशिश कर रहा होता है. प्लेटफॉर्म की ऊंचाई ज्यादा होने के चलते उसके ऊपर चढ़ने से पहले ही ट्रेन आ जाती है. उस इंसान की कमर से नीचे का हिस्सा ट्रेन से दब जाता है. वह काफी कुछ देर दर्द से कराहता है, लेकिन लोग चाहकर भी उसकी मदद नहीं कर पाते हैं. आखिरकार वह दम तोड़ देता है.टिप्पणियां डेली मेल की खबर के मुताबिक लापरवाही से जान गंवाने वाले शख्स की उम्र करीब 30 साल थी. यह हादसा चीन के नानजिंग साउथ रेलवे स्टेशन पर हुआ था. वह शख्स प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच में इस कदर फंस गया था कि उसके शव को निकालने के लिए प्लेटफॉर्म को तोड़ना पड़ा. मालूम हो कि दुनिया में रेल हादसों में सबसे ज्यादा मौतें भारत में होते हैं. इसके बाद भी लोग रेलवे स्टेशन या मेट्रो स्टेशन पर सुरक्षा नियमों का पालन नहीं करते हैं. पिछले दिनों आए एक सर्वे में कहा गया था कि इन हादसों को रोकने के लिए कठोर नियम के अलावा जागरूकता की जरूरत है. डेली मेल की खबर के मुताबिक लापरवाही से जान गंवाने वाले शख्स की उम्र करीब 30 साल थी. यह हादसा चीन के नानजिंग साउथ रेलवे स्टेशन पर हुआ था. वह शख्स प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच में इस कदर फंस गया था कि उसके शव को निकालने के लिए प्लेटफॉर्म को तोड़ना पड़ा. मालूम हो कि दुनिया में रेल हादसों में सबसे ज्यादा मौतें भारत में होते हैं. इसके बाद भी लोग रेलवे स्टेशन या मेट्रो स्टेशन पर सुरक्षा नियमों का पालन नहीं करते हैं. पिछले दिनों आए एक सर्वे में कहा गया था कि इन हादसों को रोकने के लिए कठोर नियम के अलावा जागरूकता की जरूरत है. मालूम हो कि दुनिया में रेल हादसों में सबसे ज्यादा मौतें भारत में होते हैं. इसके बाद भी लोग रेलवे स्टेशन या मेट्रो स्टेशन पर सुरक्षा नियमों का पालन नहीं करते हैं. पिछले दिनों आए एक सर्वे में कहा गया था कि इन हादसों को रोकने के लिए कठोर नियम के अलावा जागरूकता की जरूरत है.
संक्षिप्त सारांश: प्लेटफॉर्म की ऊंचाई ज्यादा होने के चलते ऊपर नहीं चढ़ सका युवक ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच में फंसा युवक प्लेटफॉर्म तोड़कर निकाला गया युवक का शव
29
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: टीम इंडिया के पूर्व कप्‍तान महेंद्र सिंह धोनी को समझदार क्रिकेटरों को निखारने और उन्हें मैच विजेता में बदलने के लिए जाना जाता है. धोनी जब कप्तान थे तो वह रवींद्र जडेजा के साथ सफलतापूर्वक ऐसा कर चुके हैं जबकि अब वे पार्टटाइम स्पिनर केदार जाधव को मैच विजेता के रूप में ढालने में विराट कोहली की मदद कर रहे हैं. वास्‍तव में केदार जाधव की गेंदबाजी ने टीम इंडिया की जीत में अहम भूमिका निभाई. जाधव ने कहा, 'जब से मैं भारतीय टीम में आया हूं तब से मैं एमएस धोनी के साथ काफी समय बिता रहा हूं और उनकी जानकारी से सीखने की कोशिश करता हूं. उन्होंने कहा, 'मेरा उनके साथ जुड़ाव है और मैं उनकी आंखों में पढ़ने की कोशिश करता हूं कि वह कहां चाहते हैं कि मैं गेंदबाजी करूं. मैं सिर्फ वैसी गेंदबाजी करने की कोशिश करता हूं और यह काम करता है.'टिप्पणियां जाधव के इस खुलासे से स्पष्ट होता है कि कोहली के लिए रणनीति को निखारने में पूर्व भारतीय कप्तान धोनी की क्या भूमिका है. कोहली ने भी स्वीकार किया था कि बांग्लादेश के बल्लेबाज जब अन्य स्पिनरों को आराम से खेल रहे थे तो धोनी ने जाधव से गेंदबाजी कराने का सुझाव दिया था. उन्होंने कहा कि जब इस तरह का कदम काम कर जाता है तो मैं सारा श्रेय नहीं लेता. बेशक मैं एमएस धोनी से भी पूछता हूं और हम दोनों ने फैसला किया कि उस समय केदार अच्छा विकल्प था और उसने बेहतरीन गेंदबाजी की. उसे श्रेय जाता है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) जाधव ने कहा, 'जब से मैं भारतीय टीम में आया हूं तब से मैं एमएस धोनी के साथ काफी समय बिता रहा हूं और उनकी जानकारी से सीखने की कोशिश करता हूं. उन्होंने कहा, 'मेरा उनके साथ जुड़ाव है और मैं उनकी आंखों में पढ़ने की कोशिश करता हूं कि वह कहां चाहते हैं कि मैं गेंदबाजी करूं. मैं सिर्फ वैसी गेंदबाजी करने की कोशिश करता हूं और यह काम करता है.'टिप्पणियां जाधव के इस खुलासे से स्पष्ट होता है कि कोहली के लिए रणनीति को निखारने में पूर्व भारतीय कप्तान धोनी की क्या भूमिका है. कोहली ने भी स्वीकार किया था कि बांग्लादेश के बल्लेबाज जब अन्य स्पिनरों को आराम से खेल रहे थे तो धोनी ने जाधव से गेंदबाजी कराने का सुझाव दिया था. उन्होंने कहा कि जब इस तरह का कदम काम कर जाता है तो मैं सारा श्रेय नहीं लेता. बेशक मैं एमएस धोनी से भी पूछता हूं और हम दोनों ने फैसला किया कि उस समय केदार अच्छा विकल्प था और उसने बेहतरीन गेंदबाजी की. उसे श्रेय जाता है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) जाधव के इस खुलासे से स्पष्ट होता है कि कोहली के लिए रणनीति को निखारने में पूर्व भारतीय कप्तान धोनी की क्या भूमिका है. कोहली ने भी स्वीकार किया था कि बांग्लादेश के बल्लेबाज जब अन्य स्पिनरों को आराम से खेल रहे थे तो धोनी ने जाधव से गेंदबाजी कराने का सुझाव दिया था. उन्होंने कहा कि जब इस तरह का कदम काम कर जाता है तो मैं सारा श्रेय नहीं लेता. बेशक मैं एमएस धोनी से भी पूछता हूं और हम दोनों ने फैसला किया कि उस समय केदार अच्छा विकल्प था और उसने बेहतरीन गेंदबाजी की. उसे श्रेय जाता है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त सारांश: बांग्‍लादेश के खिलाफ जाधव की गेंदबाजी अहम साबित हुई केदार बोले, धोनी की जानकारी से लाभ लेने का प्रयास करता हूं टीम में आने के बाद से धोनी के साथ काफी समय बिताता हूं
10
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: अनुभवी अभिनेता अनुपम खेर आगामी फिल्म 'वेलकम बैक गांधी' में राजनीतिज्ञ का किरदार निभा रहे हैं. 'वेलकम बैक गांधी' रमना कम्युनिकेशंस द्वारा निर्मित दूसरी फिल्म है. फिल्म का मकसद महात्मा गांधी के अहिंसा के सिद्धांतों को सिनेमा के पर्दे पर उतारना है. अभिनेता एस कनागराज फिल्म में महात्मा गांधी के किरदार में हैं जबकि अनुपम राजनीतिज्ञ की भूमिका में हैं, जिसका सपना देश में ईमानदार शासन कायम करना है. फिल्म 30 जनवरी, 2017 को महात्मा गांधी की 69वीं पुण्यतिथि पर रिलीज होगी. वर्ष 1948 में नाथूराम गोडसे ने गांधीजी की हत्या कर दी थी.टिप्पणियां ए बालाकृष्णन ने फिल्म का निर्देशन करने के साथ-साथ इसकी पटकथा और संवाद भी लिखे हैं. इसमें दिखाया गया है कि गांधीजी अगर आज के भारत का दौरा करते तो घटनाक्रम क्या होता. बालाकृष्णन ने कहा, "इस अशांत समय में गांधीजी के सच्चाई, ईमानदारी और अहिंसा के आदर्शों की प्रासंगिकता और बढ़ गई है. स्कूली पाठ्यक्रमों, किताबों और वृत्तचित्र में गांधी दर्शन का बारीकी से विवरण दिया गया है, लेकिन यह सवाल अपनी जगह पर है कि जिस तरह की समस्याओं का आज हम सामना कर रहे हैं, गांधी जी इससे कैसे निपटते?" (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) अभिनेता एस कनागराज फिल्म में महात्मा गांधी के किरदार में हैं जबकि अनुपम राजनीतिज्ञ की भूमिका में हैं, जिसका सपना देश में ईमानदार शासन कायम करना है. फिल्म 30 जनवरी, 2017 को महात्मा गांधी की 69वीं पुण्यतिथि पर रिलीज होगी. वर्ष 1948 में नाथूराम गोडसे ने गांधीजी की हत्या कर दी थी.टिप्पणियां ए बालाकृष्णन ने फिल्म का निर्देशन करने के साथ-साथ इसकी पटकथा और संवाद भी लिखे हैं. इसमें दिखाया गया है कि गांधीजी अगर आज के भारत का दौरा करते तो घटनाक्रम क्या होता. बालाकृष्णन ने कहा, "इस अशांत समय में गांधीजी के सच्चाई, ईमानदारी और अहिंसा के आदर्शों की प्रासंगिकता और बढ़ गई है. स्कूली पाठ्यक्रमों, किताबों और वृत्तचित्र में गांधी दर्शन का बारीकी से विवरण दिया गया है, लेकिन यह सवाल अपनी जगह पर है कि जिस तरह की समस्याओं का आज हम सामना कर रहे हैं, गांधी जी इससे कैसे निपटते?" (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) ए बालाकृष्णन ने फिल्म का निर्देशन करने के साथ-साथ इसकी पटकथा और संवाद भी लिखे हैं. इसमें दिखाया गया है कि गांधीजी अगर आज के भारत का दौरा करते तो घटनाक्रम क्या होता. बालाकृष्णन ने कहा, "इस अशांत समय में गांधीजी के सच्चाई, ईमानदारी और अहिंसा के आदर्शों की प्रासंगिकता और बढ़ गई है. स्कूली पाठ्यक्रमों, किताबों और वृत्तचित्र में गांधी दर्शन का बारीकी से विवरण दिया गया है, लेकिन यह सवाल अपनी जगह पर है कि जिस तरह की समस्याओं का आज हम सामना कर रहे हैं, गांधी जी इससे कैसे निपटते?" (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यहाँ एक सारांश है:महात्मा गांधी के अहिंसा के सिद्धांतों पर केंद्रित होगी फिल्म फिल्म में आज के दौर में गांधीजी की प्रासंगिकता महात्मा गांधी की 69वीं पुण्यतिथि पर रिलीज होगी
18
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: नोटबंदी पर उच्चतम न्यायालय में दायर एक याचिका पर न्यायालय ने सभी पक्षों की सुनवाई करने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है. अदालत ने कहा कि सभी तथ्यों पर विचार करने के बाद वह अपना फैसला सुनाएगी. अदालत ने केन्द्र सरकार से फिर सवाल किया कि सरकारी अस्पतालों में पुराने नोटों को चलने देने में क्या दिक्कत है, वहां मरीजों को परेशानी होती है. केंद्र सरकार ने पूर्व के सवालों के जवाब में अदालत को बताया कि ज़िला सहकारी बैंक 10 नवंबर से 14 नवंबर तक जमा की गई रकम को भारतीय रिजर्व बैंक में जमा कर सकते हैं और यह रकम करीब 8 हज़ार करोड़ रुपये है. सरकार ने यह भी साफ कर दिया कि पुराने नोटों पर छूट को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता. इससे पहले मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने केन्द्र सरकार से 2 सवालों पर जवाब मांगा था. इनमें अदालत ने सरकार से पूछा कि क्या अदालत बैंक से पैसा निकालने की कोई न्यूनतम सीमा तय करे, जो पूरे देश में एकसमान लागू हो. और इस सीमा को बैंक भी इनकार न कर सकें, जैसे कि 10 हज़ार रुपये. दूसरे सवाल में अदालत ने सरकार से ज़िला सहकारी बैंकों को पैसा जमा करने और निकासी के अधिकार दिए जाने की बात कही थी. अदालत ने सरकार पर यह सवाल भी उठाया कि क्या केंद्र ने इस फैसले से पहले सोचा था, कोई योजना तैयार की थी. टिप्पणियां सरकार की ओर से अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने अदालत को बताया कि नोटबंदी के मामले पर राजनीति हो रही है, जबकि हकीकत में ऐसे हालात नहीं हैं. उन्होंने सराकर की मंशा को स्पष्ट करते हुए कहा कि पुराने नोटों पर छूट को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता. लोगों की सहूलियत के लिए उन्होंने कहा कि बैंकों को 300 करोड़ रुपये रोजना मिलेंगे और यह बैंकों की जरुरत के हिसाब से ही है. मुकुल रोहतगी ने अदालत को बताया कि सरकार के इस कदम से अब तक करीब 13 लाख करोड़ पुराने नोट वापस आ चुके हैं. अदालत ने केन्द्र सरकार से फिर सवाल किया कि सरकारी अस्पतालों में पुराने नोटों को चलने देने में क्या दिक्कत है, वहां मरीजों को परेशानी होती है. केंद्र सरकार ने पूर्व के सवालों के जवाब में अदालत को बताया कि ज़िला सहकारी बैंक 10 नवंबर से 14 नवंबर तक जमा की गई रकम को भारतीय रिजर्व बैंक में जमा कर सकते हैं और यह रकम करीब 8 हज़ार करोड़ रुपये है. सरकार ने यह भी साफ कर दिया कि पुराने नोटों पर छूट को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता. इससे पहले मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने केन्द्र सरकार से 2 सवालों पर जवाब मांगा था. इनमें अदालत ने सरकार से पूछा कि क्या अदालत बैंक से पैसा निकालने की कोई न्यूनतम सीमा तय करे, जो पूरे देश में एकसमान लागू हो. और इस सीमा को बैंक भी इनकार न कर सकें, जैसे कि 10 हज़ार रुपये. दूसरे सवाल में अदालत ने सरकार से ज़िला सहकारी बैंकों को पैसा जमा करने और निकासी के अधिकार दिए जाने की बात कही थी. अदालत ने सरकार पर यह सवाल भी उठाया कि क्या केंद्र ने इस फैसले से पहले सोचा था, कोई योजना तैयार की थी. टिप्पणियां सरकार की ओर से अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने अदालत को बताया कि नोटबंदी के मामले पर राजनीति हो रही है, जबकि हकीकत में ऐसे हालात नहीं हैं. उन्होंने सराकर की मंशा को स्पष्ट करते हुए कहा कि पुराने नोटों पर छूट को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता. लोगों की सहूलियत के लिए उन्होंने कहा कि बैंकों को 300 करोड़ रुपये रोजना मिलेंगे और यह बैंकों की जरुरत के हिसाब से ही है. मुकुल रोहतगी ने अदालत को बताया कि सरकार के इस कदम से अब तक करीब 13 लाख करोड़ पुराने नोट वापस आ चुके हैं. केंद्र सरकार ने पूर्व के सवालों के जवाब में अदालत को बताया कि ज़िला सहकारी बैंक 10 नवंबर से 14 नवंबर तक जमा की गई रकम को भारतीय रिजर्व बैंक में जमा कर सकते हैं और यह रकम करीब 8 हज़ार करोड़ रुपये है. सरकार ने यह भी साफ कर दिया कि पुराने नोटों पर छूट को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता. इससे पहले मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने केन्द्र सरकार से 2 सवालों पर जवाब मांगा था. इनमें अदालत ने सरकार से पूछा कि क्या अदालत बैंक से पैसा निकालने की कोई न्यूनतम सीमा तय करे, जो पूरे देश में एकसमान लागू हो. और इस सीमा को बैंक भी इनकार न कर सकें, जैसे कि 10 हज़ार रुपये. दूसरे सवाल में अदालत ने सरकार से ज़िला सहकारी बैंकों को पैसा जमा करने और निकासी के अधिकार दिए जाने की बात कही थी. अदालत ने सरकार पर यह सवाल भी उठाया कि क्या केंद्र ने इस फैसले से पहले सोचा था, कोई योजना तैयार की थी. टिप्पणियां सरकार की ओर से अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने अदालत को बताया कि नोटबंदी के मामले पर राजनीति हो रही है, जबकि हकीकत में ऐसे हालात नहीं हैं. उन्होंने सराकर की मंशा को स्पष्ट करते हुए कहा कि पुराने नोटों पर छूट को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता. लोगों की सहूलियत के लिए उन्होंने कहा कि बैंकों को 300 करोड़ रुपये रोजना मिलेंगे और यह बैंकों की जरुरत के हिसाब से ही है. मुकुल रोहतगी ने अदालत को बताया कि सरकार के इस कदम से अब तक करीब 13 लाख करोड़ पुराने नोट वापस आ चुके हैं. इससे पहले मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने केन्द्र सरकार से 2 सवालों पर जवाब मांगा था. इनमें अदालत ने सरकार से पूछा कि क्या अदालत बैंक से पैसा निकालने की कोई न्यूनतम सीमा तय करे, जो पूरे देश में एकसमान लागू हो. और इस सीमा को बैंक भी इनकार न कर सकें, जैसे कि 10 हज़ार रुपये. दूसरे सवाल में अदालत ने सरकार से ज़िला सहकारी बैंकों को पैसा जमा करने और निकासी के अधिकार दिए जाने की बात कही थी. अदालत ने सरकार पर यह सवाल भी उठाया कि क्या केंद्र ने इस फैसले से पहले सोचा था, कोई योजना तैयार की थी. टिप्पणियां सरकार की ओर से अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने अदालत को बताया कि नोटबंदी के मामले पर राजनीति हो रही है, जबकि हकीकत में ऐसे हालात नहीं हैं. उन्होंने सराकर की मंशा को स्पष्ट करते हुए कहा कि पुराने नोटों पर छूट को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता. लोगों की सहूलियत के लिए उन्होंने कहा कि बैंकों को 300 करोड़ रुपये रोजना मिलेंगे और यह बैंकों की जरुरत के हिसाब से ही है. मुकुल रोहतगी ने अदालत को बताया कि सरकार के इस कदम से अब तक करीब 13 लाख करोड़ पुराने नोट वापस आ चुके हैं. सरकार की ओर से अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने अदालत को बताया कि नोटबंदी के मामले पर राजनीति हो रही है, जबकि हकीकत में ऐसे हालात नहीं हैं. उन्होंने सराकर की मंशा को स्पष्ट करते हुए कहा कि पुराने नोटों पर छूट को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता. लोगों की सहूलियत के लिए उन्होंने कहा कि बैंकों को 300 करोड़ रुपये रोजना मिलेंगे और यह बैंकों की जरुरत के हिसाब से ही है. मुकुल रोहतगी ने अदालत को बताया कि सरकार के इस कदम से अब तक करीब 13 लाख करोड़ पुराने नोट वापस आ चुके हैं. मुकुल रोहतगी ने अदालत को बताया कि सरकार के इस कदम से अब तक करीब 13 लाख करोड़ पुराने नोट वापस आ चुके हैं.
यह एक सारांश है: कोर्ट : अस्पतालों में पुराने नोटों को चलने देने में क्या दिक्कत है 'क्या केंद्र ने इस फैसले से पहले सोचा था, : कोर्ट अब तक बैंकों में 13 लाख करोड़ पुराने नोट वापस आ चुके हैं
9
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: रणवीर सिंह (Ranveer Singh) 'गली बॉय (Gully Boy)' के ट्रेलर में कहर बरपाते नजर आए थे और अब फिल्म का सॉन्ग 'अपना टाइम आएगा (Apna Time Aayega)' रिलीज हो गया है. रणवीर सिंह ने इस सॉन्ग में अपने रैप से गरदा उड़ाकर रख दिया है. 'गली बॉय' में रणवीर सिंह रैपर का रोल निभा रहे हैं और इस सॉन्ग में रणवीर सिंह ने दिखा दिया है कि वे जो काम करते हैं, पूरी शिद्दत से करते हैं. रणवीर सिंह (Ranveer Singh) के साथ 'गली बॉय (Gully Boy)' में आलिया भट्ट (Alia Bhatt) भी हैं. इस रैप सॉन्ग को रणवीर सिंह ने गाया है, इसको रैपर डिवाइन ने लिखा है. इसे डिवाइन और डब शर्मा ने कंपोज किया है. रणवीर सिंह (Ranveer Singh) की 'गली बॉय (Gully Boy)' उनके अंदाज को लेकर सुर्खियों में है. फिल्म में रणवीर सिंह का किरदार बहुत ही शानदार नजर आ रहा है. रणवीर सिंह ने दिखा दिया है कि वे हर किरदार को किस शिद्दत से जीते हैं. वैसे भी रणवीर ने रैपर के किरदार के लिए जमकर मेहनत की थी. खास यह कि  'अपना टाइम आएगा (Apna Time Aayega)' को खुद रणवीर ने ही गाया है और उनका रैप काबिलेतारीफ है. 'गली बॉय (Gully Boy)' को जोया अख्तर (Zoya Akhtar) ने डायरेक्ट किया है, और फिल्म 14 फरवरी को रिलीज हो रही है. लेकिन रणवीर सिंह ने एक्टिंग के सारे पैमानों पर जबरदस्त काम किया है.  रणवीर सिंह को कैरेक्टर में कमाल की एनर्जी डालने और पूरी शिद्दत के साथ रोल करते हैं. रणवीर सिंह की 'सिम्बा' पहले ही बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा रही है और बॉक्स ऑफिस पर 200 करोड़ रु. का आंकड़ा पार कर चुकी है. 'सिम्बा' में रणवीर सिंह पुलिस अफसर के रोल में थे और ये फिल्म साउथ की सुपरहिट फिल्म 'टेम्पर' की रीमेक थी. लेकिन रणवीर सिंह ने यहां भी किरदार में जमकर एनर्जी डाली थी.
यह एक सारांश है: 14 फरवरी को रिलीज हो रही है फिल्म जोया अख्तर ने की है डायरेक्ट रणवीर सिंह बने हैं रैपर
2
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: बेंगलुरु बम धमाके की जांच के लिए दिल्ली से गई एनएसजी और फॉरेंसिक एक्सपर्ट की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर अपनी जांच शुरू कर दी है। उधर, कर्नाटक के डीजीपी ने बेंगलुरु धमाके में सुराग देने पर पांच लाख रुपये का इनाम देने का ऐलान किया है। इसके साथ बेंगलुरु ब्लास्ट की जांच के लिए चार टीमें बनी हैं। हर जांच टीम का मुखिया आईजी लेवल का ऑफिसर होगा। वहीं कर्नाटक के मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टार आज धमाकों में घायल हुए लोगों से मिलने के लिए केसी अस्पताल पहुंचे और उन्होंने वहां एनडीटीवी से कहा कि धमाके में निशाना बीजेपी ही थी, खासतौर पर बीजेपी दफ्तर और पार्टी के कार्यकर्ता। धमाके में गंभीर रूप से घायल को 1 लाख रुपये का मुआवजा और घायलों को 50,000 मुआवजा देने का ऐलान किया गया है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, धमाका आईईडी से किया गया। सूत्रों की माने तो आईईडी में अमोनियम नाइट्रेट और टाइमर के इस्तेमाल का शक है। मौका-ए-वारदात से एक टूटी हुई डिजिटल घड़ी का मिलना इस ओर इशारा करता है कि इस हादसे को शुरू में पुलिस ने सिलेंडर धमाका माना, लेकिन जल्द ही समझ आ गया कि वह एक बम धमाका है। टिप्पणियां जहां धमाका हुआ, वह जगह बीजेपी के दफ्तर से 50 से 100 मीटर की दूरी पर है। गनीमत यह रही की बुधवार को कर्नाटक में पर्चे भरने का आखिरी दिन था इसलिए वहां नेता मौजूद नहीं थे, लेकिन सुरक्षा के लिए जो पुलिसवाले थे, उनमें से आठ घायल हो गए। धमाका इतना तेज था कि तीन किलोमीटर तक उसकी आवाज गई। बाद में हादसे की जगह एटीएस, एनआईए और एनएसजी की टीम भी पहुंची और यह साफ हो गया कि ये आईईडी ब्लास्ट है, जिसके लिए करीब दो किलो ए ग्रेड विस्फोटक इस्तेमाल किया गया। उधर, कर्नाटक के डीजीपी ने बेंगलुरु धमाके में सुराग देने पर पांच लाख रुपये का इनाम देने का ऐलान किया है। इसके साथ बेंगलुरु ब्लास्ट की जांच के लिए चार टीमें बनी हैं। हर जांच टीम का मुखिया आईजी लेवल का ऑफिसर होगा। वहीं कर्नाटक के मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टार आज धमाकों में घायल हुए लोगों से मिलने के लिए केसी अस्पताल पहुंचे और उन्होंने वहां एनडीटीवी से कहा कि धमाके में निशाना बीजेपी ही थी, खासतौर पर बीजेपी दफ्तर और पार्टी के कार्यकर्ता। धमाके में गंभीर रूप से घायल को 1 लाख रुपये का मुआवजा और घायलों को 50,000 मुआवजा देने का ऐलान किया गया है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, धमाका आईईडी से किया गया। सूत्रों की माने तो आईईडी में अमोनियम नाइट्रेट और टाइमर के इस्तेमाल का शक है। मौका-ए-वारदात से एक टूटी हुई डिजिटल घड़ी का मिलना इस ओर इशारा करता है कि इस हादसे को शुरू में पुलिस ने सिलेंडर धमाका माना, लेकिन जल्द ही समझ आ गया कि वह एक बम धमाका है। टिप्पणियां जहां धमाका हुआ, वह जगह बीजेपी के दफ्तर से 50 से 100 मीटर की दूरी पर है। गनीमत यह रही की बुधवार को कर्नाटक में पर्चे भरने का आखिरी दिन था इसलिए वहां नेता मौजूद नहीं थे, लेकिन सुरक्षा के लिए जो पुलिसवाले थे, उनमें से आठ घायल हो गए। धमाका इतना तेज था कि तीन किलोमीटर तक उसकी आवाज गई। बाद में हादसे की जगह एटीएस, एनआईए और एनएसजी की टीम भी पहुंची और यह साफ हो गया कि ये आईईडी ब्लास्ट है, जिसके लिए करीब दो किलो ए ग्रेड विस्फोटक इस्तेमाल किया गया। वहीं कर्नाटक के मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टार आज धमाकों में घायल हुए लोगों से मिलने के लिए केसी अस्पताल पहुंचे और उन्होंने वहां एनडीटीवी से कहा कि धमाके में निशाना बीजेपी ही थी, खासतौर पर बीजेपी दफ्तर और पार्टी के कार्यकर्ता। धमाके में गंभीर रूप से घायल को 1 लाख रुपये का मुआवजा और घायलों को 50,000 मुआवजा देने का ऐलान किया गया है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, धमाका आईईडी से किया गया। सूत्रों की माने तो आईईडी में अमोनियम नाइट्रेट और टाइमर के इस्तेमाल का शक है। मौका-ए-वारदात से एक टूटी हुई डिजिटल घड़ी का मिलना इस ओर इशारा करता है कि इस हादसे को शुरू में पुलिस ने सिलेंडर धमाका माना, लेकिन जल्द ही समझ आ गया कि वह एक बम धमाका है। टिप्पणियां जहां धमाका हुआ, वह जगह बीजेपी के दफ्तर से 50 से 100 मीटर की दूरी पर है। गनीमत यह रही की बुधवार को कर्नाटक में पर्चे भरने का आखिरी दिन था इसलिए वहां नेता मौजूद नहीं थे, लेकिन सुरक्षा के लिए जो पुलिसवाले थे, उनमें से आठ घायल हो गए। धमाका इतना तेज था कि तीन किलोमीटर तक उसकी आवाज गई। बाद में हादसे की जगह एटीएस, एनआईए और एनएसजी की टीम भी पहुंची और यह साफ हो गया कि ये आईईडी ब्लास्ट है, जिसके लिए करीब दो किलो ए ग्रेड विस्फोटक इस्तेमाल किया गया। जांच एजेंसियों के मुताबिक, धमाका आईईडी से किया गया। सूत्रों की माने तो आईईडी में अमोनियम नाइट्रेट और टाइमर के इस्तेमाल का शक है। मौका-ए-वारदात से एक टूटी हुई डिजिटल घड़ी का मिलना इस ओर इशारा करता है कि इस हादसे को शुरू में पुलिस ने सिलेंडर धमाका माना, लेकिन जल्द ही समझ आ गया कि वह एक बम धमाका है। टिप्पणियां जहां धमाका हुआ, वह जगह बीजेपी के दफ्तर से 50 से 100 मीटर की दूरी पर है। गनीमत यह रही की बुधवार को कर्नाटक में पर्चे भरने का आखिरी दिन था इसलिए वहां नेता मौजूद नहीं थे, लेकिन सुरक्षा के लिए जो पुलिसवाले थे, उनमें से आठ घायल हो गए। धमाका इतना तेज था कि तीन किलोमीटर तक उसकी आवाज गई। बाद में हादसे की जगह एटीएस, एनआईए और एनएसजी की टीम भी पहुंची और यह साफ हो गया कि ये आईईडी ब्लास्ट है, जिसके लिए करीब दो किलो ए ग्रेड विस्फोटक इस्तेमाल किया गया। जहां धमाका हुआ, वह जगह बीजेपी के दफ्तर से 50 से 100 मीटर की दूरी पर है। गनीमत यह रही की बुधवार को कर्नाटक में पर्चे भरने का आखिरी दिन था इसलिए वहां नेता मौजूद नहीं थे, लेकिन सुरक्षा के लिए जो पुलिसवाले थे, उनमें से आठ घायल हो गए। धमाका इतना तेज था कि तीन किलोमीटर तक उसकी आवाज गई। बाद में हादसे की जगह एटीएस, एनआईए और एनएसजी की टीम भी पहुंची और यह साफ हो गया कि ये आईईडी ब्लास्ट है, जिसके लिए करीब दो किलो ए ग्रेड विस्फोटक इस्तेमाल किया गया।
सारांश: कर्नाटक के मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टार आज धमाकों में घायल हुए लोगों से मिलने के लिए केसी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने कहा कि धमाके का निशाना बीजेपी दफ्तर और पार्टी कार्यकर्ता थे।
7
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: घटना जनवरी, 2007 की है, जब गोरखपुर सांप्रदायिक दंगे की आग में झुलसा रहा था. इस दंगे में दो लोगों की जान चली गई. काफी संख्या में मकान और दुकान फूंक दिए गए. कई दिनों तक गोरखपुर में कर्फ्यू लगा रहा. 28 जनवरी को योगी आदित्यानाथ अपनी हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं के साथ गोरखपुर के दंगाग्रस्त इलाके में जाने की तैयारी कर रहे थे कि प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए योगी और उनके साथियों को गिरफ्तार करके सलाखों के पीछे पहुंचा दिया था. एक दिन पहले ही योगी ने गोरखपुर के एक छोटे से फसाद को सांप्रदायिक दंगा बनाने के मकसद ने एक भड़काऊ भाषण दिया था. उनके दल युवा वाहिनी ने भी 29 जनवरी को मुहर्रम के दिन मुस्लिमों द्वारा निकाले जाने वाले ताज़िए को जलाने और नष्ट करने की चेतावनी दी थी. ऐसे में प्रशासन ने योगी और उनके साथियों को गिरफ्तार कर हालात को काबू में करने का काम किया था. (ताज़िया एक तरह से हज़रत इमाम हुसैन की कब्र का प्रतीक होता है, जो बांस और रंग-बिरंगे कागज, पन्नी आदि से बनाया हुआ होता है. मुस्लिम लोग इसके आगे बैठकर मातम करते हैं. बाद में शोक प्रकट करते हुए इसे दफनाया जाता है.) गोरखपुर दंगे की आग आसपास के इलाकों में भी फैल रही थी. इसे काबू करने के लिए प्रशासन बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां कर रहा था. हालात को देखते हुए योगी आदित्यनाथ को उनके साथियों के साथ सलाखों के पीछे धकेल दिया था. जेल जाने के 11 दिन बाद 7 फरवरी को अदालत ने उन्हें जमानत दे दी थी. यह पहला और इकलौता मौका था जब स्थानीय प्रशासन ने आदित्यनाथ और उनके साथियों के खिलाफ इतनी तेजी से कार्रवाई की थी. यह सब तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव द्वारा चलाई जा रही तुष्टिकरण की नीति के तहत किया गया था. मुलायम सिंह यादव ने यह कदम शायद इसलिए भी उठाया कि अप्रैल-मई में विधानसभा चुनाव जो होने जा रहे थे और आदित्यनाथ गोरखपुर में सांप्रदायिकता की आग सुलगा रहे थे. हालांकि इन चुनावों में मायावती की बहुजन समाज पार्टी को पूर्ण बहुमत मिला था. लोग तर्क देते हैं कि शायद मुलायम सिंह की तुष्टीकरण की नीति के ही चलते मुस्लिम समुदाय समाजवादी पार्टी से नाराज होकर मायावती की तरफ चला गया. कारण जो भी रहा हो, लेकिन आदित्यनाथ की गिरफ्तारी और उनकी हिफाज़त में लगे सुरक्षाकर्मियों को हटाना, जैसी घटनाओं ने योगी जैसे कट्टर छवि वाले नेता को अंदर तक झिंझोड़कर रख दिया. गोरखपुर से सांसद बने योगी आदित्यनाथ को तत्कालीन लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने शून्य काल के दौरान अपनी बात रखने अनुमति दी थी. 11 दिन सलाखों के पीछे बिताने के बाद सदन में आपबीती बताते हुए आदित्यनाथ फफक कर रो पड़े थे. उन्होंने कहा कि ये दिन उनके लिए बेहद अपमानजनक और पीड़ादायक थे. योगी ने लोकसभा अध्यक्ष से पूछा, 'क्या उन्हें सुरक्षा मिल पाएगी, या फिर हमारी स्थिति सुनील महातो के समान होगी?' बता दें कि झारखंड मुक्ति मोर्चा के सदस्य सुनील महातो की उन्हीं दिनों जमशेदपुर के पास हत्या कर दी गई थी. आदित्यनाथ की आंखों में आंसू देखकर उनके ठाकुर समर्थक चिंतित हो उठे. यह उनकी मजबूत छवि को कमजोर करना दर्शा रहा था. इस कमजोरी को भांपते हुए युवा वाहिनी उनकी छवि को फिर से बनाने में जुट गई. रोने के पीछे तर्क दिया कि योगी आदित्यनाथ एक संवेदनशील व्यक्ति हैं और भावनाओं से भरे हुए हैं. यह इसलिए भी किया गया क्योंकि आदित्यनाथ की छवि एक फायरब्रांड नेता की रही है और पूर्वी उत्तर प्रदेश में उनके संगठन की गतिविधियां भी कुछ ऐसी ही रही हैं. योगी की छवि सुधारने के लिए युवा वाहिनी ने फिर से अपना उग्र रूप दिखाना शुरू कर दिया और आदित्यनाथ ने मुस्लिमों के खिलाफ अपनी इस सेना को भड़काने का नेतृत्व भी किया, जैसा कि वे पहले से ही करते आए हैं. अपने भाषणों में उन्होंने अपनी पुरानी अतिवादी राजनीति का पालन तो किया, लेकिन बेहद सावधानी के साथ. भले ही ऊपर से वे खुद को पुराना योगी होने का दावा करते रहे. कह सकते हैं कि आदित्यनाथ और उनकी युवा वाहिनी फिर से वातावरण को सांप्रदायिक माहौल में ढालने में लग गई थी. यह सब 2014 में होने जा रहे लोकसभा चुनावों की तैयारियों का एक हिस्सा था. लेकिन बेहद सधे हुए कदमों के साथ. इसकी बानगी इस घटना में देखने को मिली. 4 दिसंबर, 2013 को अंबेडकरनगर जिले में एक हिंदू व्यापारी की हत्या हो गई थी. इस घटना के दो हफ्ते बाद योगी आदित्यनाथ घटनाकांड में शामिल तो हुए लेकिन एक तय दूरी और अस्पष्टता के साथ. यानी वे इस घटना में अपने पुराने रूप में नज़र नहीं आए.टिप्पणियां 16 दिसंबर को अंबेडकर नगर के अकबरपुर में आयोजित युवा वाहिनी की बैठक में उन्होंने इस हत्या के लिए वहां के समाजवादी पार्टी से स्थानीय विधायक अजीम-उल-हक़ को जिम्मेदार ठहराया और चेतावनी दी कि अगर 15 दिन के भीतर दोषी को गिरफ्तार नहीं किया गया तो वे इसके खिलाफ आंदोलन करेंगे. लेकिन पूरी चेतावनी और भाषण में उनकी उग्रता कहीं देखने को नहीं मिली.(यह लेख धीरेंद्र कुमार झा द्वारा लिखित 8 पुस्तकों की श्रृंखला 'योगी आदित्यनाथ और हिन्दू युवा वाहिनी' का एक हिस्सा है. इस पुस्तक श्रृंखला को जुग्गेरनॉट बुक ने प्रकाशित किया है और इसके अंश प्रकाशक की अनुमति से प्रकाशित किए गए हैं.) एक दिन पहले ही योगी ने गोरखपुर के एक छोटे से फसाद को सांप्रदायिक दंगा बनाने के मकसद ने एक भड़काऊ भाषण दिया था. उनके दल युवा वाहिनी ने भी 29 जनवरी को मुहर्रम के दिन मुस्लिमों द्वारा निकाले जाने वाले ताज़िए को जलाने और नष्ट करने की चेतावनी दी थी. ऐसे में प्रशासन ने योगी और उनके साथियों को गिरफ्तार कर हालात को काबू में करने का काम किया था. (ताज़िया एक तरह से हज़रत इमाम हुसैन की कब्र का प्रतीक होता है, जो बांस और रंग-बिरंगे कागज, पन्नी आदि से बनाया हुआ होता है. मुस्लिम लोग इसके आगे बैठकर मातम करते हैं. बाद में शोक प्रकट करते हुए इसे दफनाया जाता है.) गोरखपुर दंगे की आग आसपास के इलाकों में भी फैल रही थी. इसे काबू करने के लिए प्रशासन बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां कर रहा था. हालात को देखते हुए योगी आदित्यनाथ को उनके साथियों के साथ सलाखों के पीछे धकेल दिया था. जेल जाने के 11 दिन बाद 7 फरवरी को अदालत ने उन्हें जमानत दे दी थी. यह पहला और इकलौता मौका था जब स्थानीय प्रशासन ने आदित्यनाथ और उनके साथियों के खिलाफ इतनी तेजी से कार्रवाई की थी. यह सब तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव द्वारा चलाई जा रही तुष्टिकरण की नीति के तहत किया गया था. मुलायम सिंह यादव ने यह कदम शायद इसलिए भी उठाया कि अप्रैल-मई में विधानसभा चुनाव जो होने जा रहे थे और आदित्यनाथ गोरखपुर में सांप्रदायिकता की आग सुलगा रहे थे. हालांकि इन चुनावों में मायावती की बहुजन समाज पार्टी को पूर्ण बहुमत मिला था. लोग तर्क देते हैं कि शायद मुलायम सिंह की तुष्टीकरण की नीति के ही चलते मुस्लिम समुदाय समाजवादी पार्टी से नाराज होकर मायावती की तरफ चला गया. कारण जो भी रहा हो, लेकिन आदित्यनाथ की गिरफ्तारी और उनकी हिफाज़त में लगे सुरक्षाकर्मियों को हटाना, जैसी घटनाओं ने योगी जैसे कट्टर छवि वाले नेता को अंदर तक झिंझोड़कर रख दिया. गोरखपुर से सांसद बने योगी आदित्यनाथ को तत्कालीन लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने शून्य काल के दौरान अपनी बात रखने अनुमति दी थी. 11 दिन सलाखों के पीछे बिताने के बाद सदन में आपबीती बताते हुए आदित्यनाथ फफक कर रो पड़े थे. उन्होंने कहा कि ये दिन उनके लिए बेहद अपमानजनक और पीड़ादायक थे. योगी ने लोकसभा अध्यक्ष से पूछा, 'क्या उन्हें सुरक्षा मिल पाएगी, या फिर हमारी स्थिति सुनील महातो के समान होगी?' बता दें कि झारखंड मुक्ति मोर्चा के सदस्य सुनील महातो की उन्हीं दिनों जमशेदपुर के पास हत्या कर दी गई थी. आदित्यनाथ की आंखों में आंसू देखकर उनके ठाकुर समर्थक चिंतित हो उठे. यह उनकी मजबूत छवि को कमजोर करना दर्शा रहा था. इस कमजोरी को भांपते हुए युवा वाहिनी उनकी छवि को फिर से बनाने में जुट गई. रोने के पीछे तर्क दिया कि योगी आदित्यनाथ एक संवेदनशील व्यक्ति हैं और भावनाओं से भरे हुए हैं. यह इसलिए भी किया गया क्योंकि आदित्यनाथ की छवि एक फायरब्रांड नेता की रही है और पूर्वी उत्तर प्रदेश में उनके संगठन की गतिविधियां भी कुछ ऐसी ही रही हैं. योगी की छवि सुधारने के लिए युवा वाहिनी ने फिर से अपना उग्र रूप दिखाना शुरू कर दिया और आदित्यनाथ ने मुस्लिमों के खिलाफ अपनी इस सेना को भड़काने का नेतृत्व भी किया, जैसा कि वे पहले से ही करते आए हैं. अपने भाषणों में उन्होंने अपनी पुरानी अतिवादी राजनीति का पालन तो किया, लेकिन बेहद सावधानी के साथ. भले ही ऊपर से वे खुद को पुराना योगी होने का दावा करते रहे. कह सकते हैं कि आदित्यनाथ और उनकी युवा वाहिनी फिर से वातावरण को सांप्रदायिक माहौल में ढालने में लग गई थी. यह सब 2014 में होने जा रहे लोकसभा चुनावों की तैयारियों का एक हिस्सा था. लेकिन बेहद सधे हुए कदमों के साथ. इसकी बानगी इस घटना में देखने को मिली. 4 दिसंबर, 2013 को अंबेडकरनगर जिले में एक हिंदू व्यापारी की हत्या हो गई थी. इस घटना के दो हफ्ते बाद योगी आदित्यनाथ घटनाकांड में शामिल तो हुए लेकिन एक तय दूरी और अस्पष्टता के साथ. यानी वे इस घटना में अपने पुराने रूप में नज़र नहीं आए.टिप्पणियां 16 दिसंबर को अंबेडकर नगर के अकबरपुर में आयोजित युवा वाहिनी की बैठक में उन्होंने इस हत्या के लिए वहां के समाजवादी पार्टी से स्थानीय विधायक अजीम-उल-हक़ को जिम्मेदार ठहराया और चेतावनी दी कि अगर 15 दिन के भीतर दोषी को गिरफ्तार नहीं किया गया तो वे इसके खिलाफ आंदोलन करेंगे. लेकिन पूरी चेतावनी और भाषण में उनकी उग्रता कहीं देखने को नहीं मिली.(यह लेख धीरेंद्र कुमार झा द्वारा लिखित 8 पुस्तकों की श्रृंखला 'योगी आदित्यनाथ और हिन्दू युवा वाहिनी' का एक हिस्सा है. इस पुस्तक श्रृंखला को जुग्गेरनॉट बुक ने प्रकाशित किया है और इसके अंश प्रकाशक की अनुमति से प्रकाशित किए गए हैं.) गोरखपुर दंगे की आग आसपास के इलाकों में भी फैल रही थी. इसे काबू करने के लिए प्रशासन बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां कर रहा था. हालात को देखते हुए योगी आदित्यनाथ को उनके साथियों के साथ सलाखों के पीछे धकेल दिया था. जेल जाने के 11 दिन बाद 7 फरवरी को अदालत ने उन्हें जमानत दे दी थी. यह पहला और इकलौता मौका था जब स्थानीय प्रशासन ने आदित्यनाथ और उनके साथियों के खिलाफ इतनी तेजी से कार्रवाई की थी. यह सब तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव द्वारा चलाई जा रही तुष्टिकरण की नीति के तहत किया गया था. मुलायम सिंह यादव ने यह कदम शायद इसलिए भी उठाया कि अप्रैल-मई में विधानसभा चुनाव जो होने जा रहे थे और आदित्यनाथ गोरखपुर में सांप्रदायिकता की आग सुलगा रहे थे. हालांकि इन चुनावों में मायावती की बहुजन समाज पार्टी को पूर्ण बहुमत मिला था. लोग तर्क देते हैं कि शायद मुलायम सिंह की तुष्टीकरण की नीति के ही चलते मुस्लिम समुदाय समाजवादी पार्टी से नाराज होकर मायावती की तरफ चला गया. कारण जो भी रहा हो, लेकिन आदित्यनाथ की गिरफ्तारी और उनकी हिफाज़त में लगे सुरक्षाकर्मियों को हटाना, जैसी घटनाओं ने योगी जैसे कट्टर छवि वाले नेता को अंदर तक झिंझोड़कर रख दिया. गोरखपुर से सांसद बने योगी आदित्यनाथ को तत्कालीन लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने शून्य काल के दौरान अपनी बात रखने अनुमति दी थी. 11 दिन सलाखों के पीछे बिताने के बाद सदन में आपबीती बताते हुए आदित्यनाथ फफक कर रो पड़े थे. उन्होंने कहा कि ये दिन उनके लिए बेहद अपमानजनक और पीड़ादायक थे. योगी ने लोकसभा अध्यक्ष से पूछा, 'क्या उन्हें सुरक्षा मिल पाएगी, या फिर हमारी स्थिति सुनील महातो के समान होगी?' बता दें कि झारखंड मुक्ति मोर्चा के सदस्य सुनील महातो की उन्हीं दिनों जमशेदपुर के पास हत्या कर दी गई थी. आदित्यनाथ की आंखों में आंसू देखकर उनके ठाकुर समर्थक चिंतित हो उठे. यह उनकी मजबूत छवि को कमजोर करना दर्शा रहा था. इस कमजोरी को भांपते हुए युवा वाहिनी उनकी छवि को फिर से बनाने में जुट गई. रोने के पीछे तर्क दिया कि योगी आदित्यनाथ एक संवेदनशील व्यक्ति हैं और भावनाओं से भरे हुए हैं. यह इसलिए भी किया गया क्योंकि आदित्यनाथ की छवि एक फायरब्रांड नेता की रही है और पूर्वी उत्तर प्रदेश में उनके संगठन की गतिविधियां भी कुछ ऐसी ही रही हैं. योगी की छवि सुधारने के लिए युवा वाहिनी ने फिर से अपना उग्र रूप दिखाना शुरू कर दिया और आदित्यनाथ ने मुस्लिमों के खिलाफ अपनी इस सेना को भड़काने का नेतृत्व भी किया, जैसा कि वे पहले से ही करते आए हैं. अपने भाषणों में उन्होंने अपनी पुरानी अतिवादी राजनीति का पालन तो किया, लेकिन बेहद सावधानी के साथ. भले ही ऊपर से वे खुद को पुराना योगी होने का दावा करते रहे. कह सकते हैं कि आदित्यनाथ और उनकी युवा वाहिनी फिर से वातावरण को सांप्रदायिक माहौल में ढालने में लग गई थी. यह सब 2014 में होने जा रहे लोकसभा चुनावों की तैयारियों का एक हिस्सा था. लेकिन बेहद सधे हुए कदमों के साथ. इसकी बानगी इस घटना में देखने को मिली. 4 दिसंबर, 2013 को अंबेडकरनगर जिले में एक हिंदू व्यापारी की हत्या हो गई थी. इस घटना के दो हफ्ते बाद योगी आदित्यनाथ घटनाकांड में शामिल तो हुए लेकिन एक तय दूरी और अस्पष्टता के साथ. यानी वे इस घटना में अपने पुराने रूप में नज़र नहीं आए.टिप्पणियां 16 दिसंबर को अंबेडकर नगर के अकबरपुर में आयोजित युवा वाहिनी की बैठक में उन्होंने इस हत्या के लिए वहां के समाजवादी पार्टी से स्थानीय विधायक अजीम-उल-हक़ को जिम्मेदार ठहराया और चेतावनी दी कि अगर 15 दिन के भीतर दोषी को गिरफ्तार नहीं किया गया तो वे इसके खिलाफ आंदोलन करेंगे. लेकिन पूरी चेतावनी और भाषण में उनकी उग्रता कहीं देखने को नहीं मिली.(यह लेख धीरेंद्र कुमार झा द्वारा लिखित 8 पुस्तकों की श्रृंखला 'योगी आदित्यनाथ और हिन्दू युवा वाहिनी' का एक हिस्सा है. इस पुस्तक श्रृंखला को जुग्गेरनॉट बुक ने प्रकाशित किया है और इसके अंश प्रकाशक की अनुमति से प्रकाशित किए गए हैं.) मुलायम सिंह यादव ने यह कदम शायद इसलिए भी उठाया कि अप्रैल-मई में विधानसभा चुनाव जो होने जा रहे थे और आदित्यनाथ गोरखपुर में सांप्रदायिकता की आग सुलगा रहे थे. हालांकि इन चुनावों में मायावती की बहुजन समाज पार्टी को पूर्ण बहुमत मिला था. लोग तर्क देते हैं कि शायद मुलायम सिंह की तुष्टीकरण की नीति के ही चलते मुस्लिम समुदाय समाजवादी पार्टी से नाराज होकर मायावती की तरफ चला गया. कारण जो भी रहा हो, लेकिन आदित्यनाथ की गिरफ्तारी और उनकी हिफाज़त में लगे सुरक्षाकर्मियों को हटाना, जैसी घटनाओं ने योगी जैसे कट्टर छवि वाले नेता को अंदर तक झिंझोड़कर रख दिया. गोरखपुर से सांसद बने योगी आदित्यनाथ को तत्कालीन लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने शून्य काल के दौरान अपनी बात रखने अनुमति दी थी. 11 दिन सलाखों के पीछे बिताने के बाद सदन में आपबीती बताते हुए आदित्यनाथ फफक कर रो पड़े थे. उन्होंने कहा कि ये दिन उनके लिए बेहद अपमानजनक और पीड़ादायक थे. योगी ने लोकसभा अध्यक्ष से पूछा, 'क्या उन्हें सुरक्षा मिल पाएगी, या फिर हमारी स्थिति सुनील महातो के समान होगी?' बता दें कि झारखंड मुक्ति मोर्चा के सदस्य सुनील महातो की उन्हीं दिनों जमशेदपुर के पास हत्या कर दी गई थी. आदित्यनाथ की आंखों में आंसू देखकर उनके ठाकुर समर्थक चिंतित हो उठे. यह उनकी मजबूत छवि को कमजोर करना दर्शा रहा था. इस कमजोरी को भांपते हुए युवा वाहिनी उनकी छवि को फिर से बनाने में जुट गई. रोने के पीछे तर्क दिया कि योगी आदित्यनाथ एक संवेदनशील व्यक्ति हैं और भावनाओं से भरे हुए हैं. यह इसलिए भी किया गया क्योंकि आदित्यनाथ की छवि एक फायरब्रांड नेता की रही है और पूर्वी उत्तर प्रदेश में उनके संगठन की गतिविधियां भी कुछ ऐसी ही रही हैं. योगी की छवि सुधारने के लिए युवा वाहिनी ने फिर से अपना उग्र रूप दिखाना शुरू कर दिया और आदित्यनाथ ने मुस्लिमों के खिलाफ अपनी इस सेना को भड़काने का नेतृत्व भी किया, जैसा कि वे पहले से ही करते आए हैं. अपने भाषणों में उन्होंने अपनी पुरानी अतिवादी राजनीति का पालन तो किया, लेकिन बेहद सावधानी के साथ. भले ही ऊपर से वे खुद को पुराना योगी होने का दावा करते रहे. कह सकते हैं कि आदित्यनाथ और उनकी युवा वाहिनी फिर से वातावरण को सांप्रदायिक माहौल में ढालने में लग गई थी. यह सब 2014 में होने जा रहे लोकसभा चुनावों की तैयारियों का एक हिस्सा था. लेकिन बेहद सधे हुए कदमों के साथ. इसकी बानगी इस घटना में देखने को मिली. 4 दिसंबर, 2013 को अंबेडकरनगर जिले में एक हिंदू व्यापारी की हत्या हो गई थी. इस घटना के दो हफ्ते बाद योगी आदित्यनाथ घटनाकांड में शामिल तो हुए लेकिन एक तय दूरी और अस्पष्टता के साथ. यानी वे इस घटना में अपने पुराने रूप में नज़र नहीं आए.टिप्पणियां 16 दिसंबर को अंबेडकर नगर के अकबरपुर में आयोजित युवा वाहिनी की बैठक में उन्होंने इस हत्या के लिए वहां के समाजवादी पार्टी से स्थानीय विधायक अजीम-उल-हक़ को जिम्मेदार ठहराया और चेतावनी दी कि अगर 15 दिन के भीतर दोषी को गिरफ्तार नहीं किया गया तो वे इसके खिलाफ आंदोलन करेंगे. लेकिन पूरी चेतावनी और भाषण में उनकी उग्रता कहीं देखने को नहीं मिली.(यह लेख धीरेंद्र कुमार झा द्वारा लिखित 8 पुस्तकों की श्रृंखला 'योगी आदित्यनाथ और हिन्दू युवा वाहिनी' का एक हिस्सा है. इस पुस्तक श्रृंखला को जुग्गेरनॉट बुक ने प्रकाशित किया है और इसके अंश प्रकाशक की अनुमति से प्रकाशित किए गए हैं.) कारण जो भी रहा हो, लेकिन आदित्यनाथ की गिरफ्तारी और उनकी हिफाज़त में लगे सुरक्षाकर्मियों को हटाना, जैसी घटनाओं ने योगी जैसे कट्टर छवि वाले नेता को अंदर तक झिंझोड़कर रख दिया. गोरखपुर से सांसद बने योगी आदित्यनाथ को तत्कालीन लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने शून्य काल के दौरान अपनी बात रखने अनुमति दी थी. 11 दिन सलाखों के पीछे बिताने के बाद सदन में आपबीती बताते हुए आदित्यनाथ फफक कर रो पड़े थे. उन्होंने कहा कि ये दिन उनके लिए बेहद अपमानजनक और पीड़ादायक थे. योगी ने लोकसभा अध्यक्ष से पूछा, 'क्या उन्हें सुरक्षा मिल पाएगी, या फिर हमारी स्थिति सुनील महातो के समान होगी?' बता दें कि झारखंड मुक्ति मोर्चा के सदस्य सुनील महातो की उन्हीं दिनों जमशेदपुर के पास हत्या कर दी गई थी. आदित्यनाथ की आंखों में आंसू देखकर उनके ठाकुर समर्थक चिंतित हो उठे. यह उनकी मजबूत छवि को कमजोर करना दर्शा रहा था. इस कमजोरी को भांपते हुए युवा वाहिनी उनकी छवि को फिर से बनाने में जुट गई. रोने के पीछे तर्क दिया कि योगी आदित्यनाथ एक संवेदनशील व्यक्ति हैं और भावनाओं से भरे हुए हैं. यह इसलिए भी किया गया क्योंकि आदित्यनाथ की छवि एक फायरब्रांड नेता की रही है और पूर्वी उत्तर प्रदेश में उनके संगठन की गतिविधियां भी कुछ ऐसी ही रही हैं. योगी की छवि सुधारने के लिए युवा वाहिनी ने फिर से अपना उग्र रूप दिखाना शुरू कर दिया और आदित्यनाथ ने मुस्लिमों के खिलाफ अपनी इस सेना को भड़काने का नेतृत्व भी किया, जैसा कि वे पहले से ही करते आए हैं. अपने भाषणों में उन्होंने अपनी पुरानी अतिवादी राजनीति का पालन तो किया, लेकिन बेहद सावधानी के साथ. भले ही ऊपर से वे खुद को पुराना योगी होने का दावा करते रहे. कह सकते हैं कि आदित्यनाथ और उनकी युवा वाहिनी फिर से वातावरण को सांप्रदायिक माहौल में ढालने में लग गई थी. यह सब 2014 में होने जा रहे लोकसभा चुनावों की तैयारियों का एक हिस्सा था. लेकिन बेहद सधे हुए कदमों के साथ. इसकी बानगी इस घटना में देखने को मिली. 4 दिसंबर, 2013 को अंबेडकरनगर जिले में एक हिंदू व्यापारी की हत्या हो गई थी. इस घटना के दो हफ्ते बाद योगी आदित्यनाथ घटनाकांड में शामिल तो हुए लेकिन एक तय दूरी और अस्पष्टता के साथ. यानी वे इस घटना में अपने पुराने रूप में नज़र नहीं आए.टिप्पणियां 16 दिसंबर को अंबेडकर नगर के अकबरपुर में आयोजित युवा वाहिनी की बैठक में उन्होंने इस हत्या के लिए वहां के समाजवादी पार्टी से स्थानीय विधायक अजीम-उल-हक़ को जिम्मेदार ठहराया और चेतावनी दी कि अगर 15 दिन के भीतर दोषी को गिरफ्तार नहीं किया गया तो वे इसके खिलाफ आंदोलन करेंगे. लेकिन पूरी चेतावनी और भाषण में उनकी उग्रता कहीं देखने को नहीं मिली.(यह लेख धीरेंद्र कुमार झा द्वारा लिखित 8 पुस्तकों की श्रृंखला 'योगी आदित्यनाथ और हिन्दू युवा वाहिनी' का एक हिस्सा है. इस पुस्तक श्रृंखला को जुग्गेरनॉट बुक ने प्रकाशित किया है और इसके अंश प्रकाशक की अनुमति से प्रकाशित किए गए हैं.) योगी ने लोकसभा अध्यक्ष से पूछा, 'क्या उन्हें सुरक्षा मिल पाएगी, या फिर हमारी स्थिति सुनील महातो के समान होगी?' बता दें कि झारखंड मुक्ति मोर्चा के सदस्य सुनील महातो की उन्हीं दिनों जमशेदपुर के पास हत्या कर दी गई थी. आदित्यनाथ की आंखों में आंसू देखकर उनके ठाकुर समर्थक चिंतित हो उठे. यह उनकी मजबूत छवि को कमजोर करना दर्शा रहा था. इस कमजोरी को भांपते हुए युवा वाहिनी उनकी छवि को फिर से बनाने में जुट गई. रोने के पीछे तर्क दिया कि योगी आदित्यनाथ एक संवेदनशील व्यक्ति हैं और भावनाओं से भरे हुए हैं. यह इसलिए भी किया गया क्योंकि आदित्यनाथ की छवि एक फायरब्रांड नेता की रही है और पूर्वी उत्तर प्रदेश में उनके संगठन की गतिविधियां भी कुछ ऐसी ही रही हैं. योगी की छवि सुधारने के लिए युवा वाहिनी ने फिर से अपना उग्र रूप दिखाना शुरू कर दिया और आदित्यनाथ ने मुस्लिमों के खिलाफ अपनी इस सेना को भड़काने का नेतृत्व भी किया, जैसा कि वे पहले से ही करते आए हैं. अपने भाषणों में उन्होंने अपनी पुरानी अतिवादी राजनीति का पालन तो किया, लेकिन बेहद सावधानी के साथ. भले ही ऊपर से वे खुद को पुराना योगी होने का दावा करते रहे. कह सकते हैं कि आदित्यनाथ और उनकी युवा वाहिनी फिर से वातावरण को सांप्रदायिक माहौल में ढालने में लग गई थी. यह सब 2014 में होने जा रहे लोकसभा चुनावों की तैयारियों का एक हिस्सा था. लेकिन बेहद सधे हुए कदमों के साथ. इसकी बानगी इस घटना में देखने को मिली. 4 दिसंबर, 2013 को अंबेडकरनगर जिले में एक हिंदू व्यापारी की हत्या हो गई थी. इस घटना के दो हफ्ते बाद योगी आदित्यनाथ घटनाकांड में शामिल तो हुए लेकिन एक तय दूरी और अस्पष्टता के साथ. यानी वे इस घटना में अपने पुराने रूप में नज़र नहीं आए.टिप्पणियां 16 दिसंबर को अंबेडकर नगर के अकबरपुर में आयोजित युवा वाहिनी की बैठक में उन्होंने इस हत्या के लिए वहां के समाजवादी पार्टी से स्थानीय विधायक अजीम-उल-हक़ को जिम्मेदार ठहराया और चेतावनी दी कि अगर 15 दिन के भीतर दोषी को गिरफ्तार नहीं किया गया तो वे इसके खिलाफ आंदोलन करेंगे. लेकिन पूरी चेतावनी और भाषण में उनकी उग्रता कहीं देखने को नहीं मिली.(यह लेख धीरेंद्र कुमार झा द्वारा लिखित 8 पुस्तकों की श्रृंखला 'योगी आदित्यनाथ और हिन्दू युवा वाहिनी' का एक हिस्सा है. इस पुस्तक श्रृंखला को जुग्गेरनॉट बुक ने प्रकाशित किया है और इसके अंश प्रकाशक की अनुमति से प्रकाशित किए गए हैं.) आदित्यनाथ की आंखों में आंसू देखकर उनके ठाकुर समर्थक चिंतित हो उठे. यह उनकी मजबूत छवि को कमजोर करना दर्शा रहा था. इस कमजोरी को भांपते हुए युवा वाहिनी उनकी छवि को फिर से बनाने में जुट गई. रोने के पीछे तर्क दिया कि योगी आदित्यनाथ एक संवेदनशील व्यक्ति हैं और भावनाओं से भरे हुए हैं. यह इसलिए भी किया गया क्योंकि आदित्यनाथ की छवि एक फायरब्रांड नेता की रही है और पूर्वी उत्तर प्रदेश में उनके संगठन की गतिविधियां भी कुछ ऐसी ही रही हैं. योगी की छवि सुधारने के लिए युवा वाहिनी ने फिर से अपना उग्र रूप दिखाना शुरू कर दिया और आदित्यनाथ ने मुस्लिमों के खिलाफ अपनी इस सेना को भड़काने का नेतृत्व भी किया, जैसा कि वे पहले से ही करते आए हैं. अपने भाषणों में उन्होंने अपनी पुरानी अतिवादी राजनीति का पालन तो किया, लेकिन बेहद सावधानी के साथ. भले ही ऊपर से वे खुद को पुराना योगी होने का दावा करते रहे. कह सकते हैं कि आदित्यनाथ और उनकी युवा वाहिनी फिर से वातावरण को सांप्रदायिक माहौल में ढालने में लग गई थी. यह सब 2014 में होने जा रहे लोकसभा चुनावों की तैयारियों का एक हिस्सा था. लेकिन बेहद सधे हुए कदमों के साथ. इसकी बानगी इस घटना में देखने को मिली. 4 दिसंबर, 2013 को अंबेडकरनगर जिले में एक हिंदू व्यापारी की हत्या हो गई थी. इस घटना के दो हफ्ते बाद योगी आदित्यनाथ घटनाकांड में शामिल तो हुए लेकिन एक तय दूरी और अस्पष्टता के साथ. यानी वे इस घटना में अपने पुराने रूप में नज़र नहीं आए.टिप्पणियां 16 दिसंबर को अंबेडकर नगर के अकबरपुर में आयोजित युवा वाहिनी की बैठक में उन्होंने इस हत्या के लिए वहां के समाजवादी पार्टी से स्थानीय विधायक अजीम-उल-हक़ को जिम्मेदार ठहराया और चेतावनी दी कि अगर 15 दिन के भीतर दोषी को गिरफ्तार नहीं किया गया तो वे इसके खिलाफ आंदोलन करेंगे. लेकिन पूरी चेतावनी और भाषण में उनकी उग्रता कहीं देखने को नहीं मिली.(यह लेख धीरेंद्र कुमार झा द्वारा लिखित 8 पुस्तकों की श्रृंखला 'योगी आदित्यनाथ और हिन्दू युवा वाहिनी' का एक हिस्सा है. इस पुस्तक श्रृंखला को जुग्गेरनॉट बुक ने प्रकाशित किया है और इसके अंश प्रकाशक की अनुमति से प्रकाशित किए गए हैं.) योगी की छवि सुधारने के लिए युवा वाहिनी ने फिर से अपना उग्र रूप दिखाना शुरू कर दिया और आदित्यनाथ ने मुस्लिमों के खिलाफ अपनी इस सेना को भड़काने का नेतृत्व भी किया, जैसा कि वे पहले से ही करते आए हैं. अपने भाषणों में उन्होंने अपनी पुरानी अतिवादी राजनीति का पालन तो किया, लेकिन बेहद सावधानी के साथ. भले ही ऊपर से वे खुद को पुराना योगी होने का दावा करते रहे. कह सकते हैं कि आदित्यनाथ और उनकी युवा वाहिनी फिर से वातावरण को सांप्रदायिक माहौल में ढालने में लग गई थी. यह सब 2014 में होने जा रहे लोकसभा चुनावों की तैयारियों का एक हिस्सा था. लेकिन बेहद सधे हुए कदमों के साथ. इसकी बानगी इस घटना में देखने को मिली. 4 दिसंबर, 2013 को अंबेडकरनगर जिले में एक हिंदू व्यापारी की हत्या हो गई थी. इस घटना के दो हफ्ते बाद योगी आदित्यनाथ घटनाकांड में शामिल तो हुए लेकिन एक तय दूरी और अस्पष्टता के साथ. यानी वे इस घटना में अपने पुराने रूप में नज़र नहीं आए.टिप्पणियां 16 दिसंबर को अंबेडकर नगर के अकबरपुर में आयोजित युवा वाहिनी की बैठक में उन्होंने इस हत्या के लिए वहां के समाजवादी पार्टी से स्थानीय विधायक अजीम-उल-हक़ को जिम्मेदार ठहराया और चेतावनी दी कि अगर 15 दिन के भीतर दोषी को गिरफ्तार नहीं किया गया तो वे इसके खिलाफ आंदोलन करेंगे. लेकिन पूरी चेतावनी और भाषण में उनकी उग्रता कहीं देखने को नहीं मिली.(यह लेख धीरेंद्र कुमार झा द्वारा लिखित 8 पुस्तकों की श्रृंखला 'योगी आदित्यनाथ और हिन्दू युवा वाहिनी' का एक हिस्सा है. इस पुस्तक श्रृंखला को जुग्गेरनॉट बुक ने प्रकाशित किया है और इसके अंश प्रकाशक की अनुमति से प्रकाशित किए गए हैं.) कह सकते हैं कि आदित्यनाथ और उनकी युवा वाहिनी फिर से वातावरण को सांप्रदायिक माहौल में ढालने में लग गई थी. यह सब 2014 में होने जा रहे लोकसभा चुनावों की तैयारियों का एक हिस्सा था. लेकिन बेहद सधे हुए कदमों के साथ. इसकी बानगी इस घटना में देखने को मिली. 4 दिसंबर, 2013 को अंबेडकरनगर जिले में एक हिंदू व्यापारी की हत्या हो गई थी. इस घटना के दो हफ्ते बाद योगी आदित्यनाथ घटनाकांड में शामिल तो हुए लेकिन एक तय दूरी और अस्पष्टता के साथ. यानी वे इस घटना में अपने पुराने रूप में नज़र नहीं आए.टिप्पणियां 16 दिसंबर को अंबेडकर नगर के अकबरपुर में आयोजित युवा वाहिनी की बैठक में उन्होंने इस हत्या के लिए वहां के समाजवादी पार्टी से स्थानीय विधायक अजीम-उल-हक़ को जिम्मेदार ठहराया और चेतावनी दी कि अगर 15 दिन के भीतर दोषी को गिरफ्तार नहीं किया गया तो वे इसके खिलाफ आंदोलन करेंगे. लेकिन पूरी चेतावनी और भाषण में उनकी उग्रता कहीं देखने को नहीं मिली.(यह लेख धीरेंद्र कुमार झा द्वारा लिखित 8 पुस्तकों की श्रृंखला 'योगी आदित्यनाथ और हिन्दू युवा वाहिनी' का एक हिस्सा है. इस पुस्तक श्रृंखला को जुग्गेरनॉट बुक ने प्रकाशित किया है और इसके अंश प्रकाशक की अनुमति से प्रकाशित किए गए हैं.) 4 दिसंबर, 2013 को अंबेडकरनगर जिले में एक हिंदू व्यापारी की हत्या हो गई थी. इस घटना के दो हफ्ते बाद योगी आदित्यनाथ घटनाकांड में शामिल तो हुए लेकिन एक तय दूरी और अस्पष्टता के साथ. यानी वे इस घटना में अपने पुराने रूप में नज़र नहीं आए.टिप्पणियां 16 दिसंबर को अंबेडकर नगर के अकबरपुर में आयोजित युवा वाहिनी की बैठक में उन्होंने इस हत्या के लिए वहां के समाजवादी पार्टी से स्थानीय विधायक अजीम-उल-हक़ को जिम्मेदार ठहराया और चेतावनी दी कि अगर 15 दिन के भीतर दोषी को गिरफ्तार नहीं किया गया तो वे इसके खिलाफ आंदोलन करेंगे. लेकिन पूरी चेतावनी और भाषण में उनकी उग्रता कहीं देखने को नहीं मिली.(यह लेख धीरेंद्र कुमार झा द्वारा लिखित 8 पुस्तकों की श्रृंखला 'योगी आदित्यनाथ और हिन्दू युवा वाहिनी' का एक हिस्सा है. इस पुस्तक श्रृंखला को जुग्गेरनॉट बुक ने प्रकाशित किया है और इसके अंश प्रकाशक की अनुमति से प्रकाशित किए गए हैं.) 16 दिसंबर को अंबेडकर नगर के अकबरपुर में आयोजित युवा वाहिनी की बैठक में उन्होंने इस हत्या के लिए वहां के समाजवादी पार्टी से स्थानीय विधायक अजीम-उल-हक़ को जिम्मेदार ठहराया और चेतावनी दी कि अगर 15 दिन के भीतर दोषी को गिरफ्तार नहीं किया गया तो वे इसके खिलाफ आंदोलन करेंगे. लेकिन पूरी चेतावनी और भाषण में उनकी उग्रता कहीं देखने को नहीं मिली.(यह लेख धीरेंद्र कुमार झा द्वारा लिखित 8 पुस्तकों की श्रृंखला 'योगी आदित्यनाथ और हिन्दू युवा वाहिनी' का एक हिस्सा है. इस पुस्तक श्रृंखला को जुग्गेरनॉट बुक ने प्रकाशित किया है और इसके अंश प्रकाशक की अनुमति से प्रकाशित किए गए हैं.) (यह लेख धीरेंद्र कुमार झा द्वारा लिखित 8 पुस्तकों की श्रृंखला 'योगी आदित्यनाथ और हिन्दू युवा वाहिनी' का एक हिस्सा है. इस पुस्तक श्रृंखला को जुग्गेरनॉट बुक ने प्रकाशित किया है और इसके अंश प्रकाशक की अनुमति से प्रकाशित किए गए हैं.)
संक्षिप्त सारांश: दंगे के दौरान गोरखपुर जाते हुए पुलिस ने योगी को गिरफ्तार किया था गोरखपुर में हुई गिरफ्तारी ने योगी को अंदर तक झंझोड़ कर रख दिया गिरफ्तारी को बयान करते हुए लोकसभा में आदित्यनाथ रो पड़े थे
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['hin']
एक सारांश बनाओ: कोयला ब्लॉक आवंटन की जांच संबंधी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की स्थिति रिपोर्ट के निरीक्षण के मुद्दे पर महान्यायवादी जीई वाहनवती से भिड़ने के बाद हरीन रावल ने मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया।टिप्पणियां रावल ने इस्तीफा के खबरों की पुष्टि करते हुए कहा कि वह पहले ही इस्तीफा भेज चुके हैं। उन्होंने इस्तीफे के कारण बताने से इनकार किया। रावल ने कहा, "आप जानते हैं कि मैं ऐसे मुद्दों पर नहीं बोलता हूं।" गौरतलब है कि रावल ने सोमवार को वाहनवती पर कोयला ब्लॉक आवंटन की सीबीआई जांच को प्रभावित करने का आरोप लगाया था। रावल ने इस्तीफा के खबरों की पुष्टि करते हुए कहा कि वह पहले ही इस्तीफा भेज चुके हैं। उन्होंने इस्तीफे के कारण बताने से इनकार किया। रावल ने कहा, "आप जानते हैं कि मैं ऐसे मुद्दों पर नहीं बोलता हूं।" गौरतलब है कि रावल ने सोमवार को वाहनवती पर कोयला ब्लॉक आवंटन की सीबीआई जांच को प्रभावित करने का आरोप लगाया था। गौरतलब है कि रावल ने सोमवार को वाहनवती पर कोयला ब्लॉक आवंटन की सीबीआई जांच को प्रभावित करने का आरोप लगाया था।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: कोयला ब्लॉक आवंटन की जांच संबंधी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की स्थिति रिपोर्ट के निरीक्षण के मुद्दे पर महान्यायवादी जीई वाहनवती से भिड़ने के बाद हरीन रावल ने मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: राष्ट्रीय डोपिंग निरोधी संस्था (नाडा) ने बुधवार को उन एथलीटों से फूड सप्लीमेंट मांगा है, जो डोप टेस्ट में नाकाम हुए हैं। नाडा ने एथलीटों से कहा है कि वे अपना वह फूड सप्लीमेंट उसके पास जमा करें, जिसे लेकर उनका टेस्ट हुआ था। नाडा के महानिदेशक राहुल भटनागर ने आईएएनएस से कहा कि तीन एथलीटों-सीनी जोस, जुआना मुर्मू और टियाना मेरी थॉम के बी सैंपल पॉजिटिव पाए गए हैं। इन एथलीटों ने नाडा से अपने फूड सप्लीमेंट की जांच करने को कहा है। भटनागर ने कहा, "इन खिलाड़ियों के बी सैंपल का परिणाम गुरुवार या फिर शुक्रवार तक आ जाएगा। तीन एथलीटों ने नाडा से फूड सप्लीमेंट की जांच की मांग की है। इसीलिए हमने उनसे फूड सप्लीमेंट मांगा है।" भटनागर इस बात को लेकर हैरान हैं कि जो छह एथलीट डोप टेस्ट में नाकाम हुए हैं, उन सभी के मेथानडिएनोन नामक प्रतिबंधित दवाई के सेवन का दोषी पाया गया है। भटनागर ने कहा, "यह बड़ा अजीब सा मामला लगता है। यह भी एक कारण है कि हमने खिलाड़ियों का फूड सप्लीमेंट जांचने का फैसला किया है।" इस बीच, राष्ट्रमंडल खेलों की रिले दौड़ में स्वर्ण पदक जीतने वाली जोस ने इस स्कैंडल के लिए कोचों को दोषी बताया है। जोस ने कहा,  "हमने विटामिन का सेवन किया था। हमारे कोचों ने ये विटामिन हमें दिए थे। हम निर्दोष हैं।"
संक्षिप्त पाठ: नाडा ने एथलीटों से कहा है कि वे अपना वह फूड सप्लीमेंट उसके पास जमा करें, जिसे लेकर उनका टेस्ट हुआ था।
27
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: देश में होने वाले टेनिस का सबसे प्रतिष्ठित आयोजन चेन्नई ओपन इस साल यूट्यूब पर लाइव दिखाया जाएगा। 31 दिसम्बर से शुरू हो रहे इस टूर्नामेंट के लिए यूट्यूब पर विशेष चैनल लॉन्च किया गया है। चेन्नई ओपन के 18वें संस्करण के अंतर्गत सेंटर कोर्ट पर होने वाले 25 मैच यूट्यूब पर देखे जा सकेंगे।टिप्पणियां मैचों के अलावा चैनल पर मैच आर्काइव, वीडियो ऑन डिमांड, हाइलाइट्स, फैन वीडियो और पर्दे के पीछे के वीडियो दिखाए जाएंगे। इस टूर्नामेंट के खास आकर्षण के तौर पर विश्व के शीर्ष-20 खिलाड़ियों में से चार शामिल हैं। चेन्नई ओपन के 18वें संस्करण के अंतर्गत सेंटर कोर्ट पर होने वाले 25 मैच यूट्यूब पर देखे जा सकेंगे।टिप्पणियां मैचों के अलावा चैनल पर मैच आर्काइव, वीडियो ऑन डिमांड, हाइलाइट्स, फैन वीडियो और पर्दे के पीछे के वीडियो दिखाए जाएंगे। इस टूर्नामेंट के खास आकर्षण के तौर पर विश्व के शीर्ष-20 खिलाड़ियों में से चार शामिल हैं। मैचों के अलावा चैनल पर मैच आर्काइव, वीडियो ऑन डिमांड, हाइलाइट्स, फैन वीडियो और पर्दे के पीछे के वीडियो दिखाए जाएंगे। इस टूर्नामेंट के खास आकर्षण के तौर पर विश्व के शीर्ष-20 खिलाड़ियों में से चार शामिल हैं। इस टूर्नामेंट के खास आकर्षण के तौर पर विश्व के शीर्ष-20 खिलाड़ियों में से चार शामिल हैं।
देश में होने वाले टेनिस का सबसे प्रतिष्ठित आयोजन चेन्नई ओपन इस साल यूट्यूब पर लाइव दिखाया जाएगा। 31 दिसम्बर से शुरू हो रहे इस टूर्नामेंट के लिए यूट्यूब पर विशेष चैनल लॉन्च किया गया है।
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सुल्तानपुर से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की उम्मीदवार मेनका गांधी (Maneka Gandhi) ने एक बार फिर विवादित बयान दिया है. सुल्तानपुर में एक रैली के दौरान मेनका गांधी ने कहा कि जहां से ज़्यादा वोट मिलेगा वहां ज़्यादा काम होगा. उन्होंने कहा कि जिस गांव से 80 फ़ीसदी वोट मिलेगा वो ए कैटेगरी में होगा. जिस गांव से 60 फ़ीसदी वोट मिलेगा वो बी कैटेगरी में होगा और जिस गांव से 50 फ़ीसदी वोट मिलेगा वो सी कैटेगरी में होगा. मेनका गांधी ने आगे कहा कि जिस गांव से 50 फ़ीसदी से कम वोट होगा उसका तो आप समझ ही गए होंगे. इससे पहले मेनका गांधी को मुसलमानों पर दिए बयान के कारण चुनाव आयोग ने नोटिस दिया है.   दरअसल, मेनका गांधी  (Maneka Gandhi) ने मुस्लिम मतदाताओं से कहा था कि वे आगामी लोकसभा चुनाव में उनके पक्ष में मतदान करें क्योंकि मुसलमानों को चुनाव के बाद उनकी जरूरत पड़ेगी. मेनका (Maneka Gandhi) ने मुस्लिम बहुल क्षेत्र तूराबखानी में आयोजित एक चुनावी सभा में कहा कि मैं लोगों के प्यार और सहयोग से जीत रही हूं लेकिन अगर मेरी यह जीत मुसलमानों के बिना होगी तो मुझे बहुत अच्छा नहीं लगेगा. बीजेपी नेता ने कहा कि इतना मैं बता देती हूं कि फिर दिल खट्टा हो जाता है. फिर जब मुसलमान आता है काम के लिये, फिर मै सोचती हूं कि नहीं रहने ही दो क्या फर्क पड़ता है. आखिर नौकरी भी तो एक सौदेबाजी ही होती है, बात सही है या नहीं?'' उन्होंने आगे कहा कि ''अगर आप पीलीभीत में पूछिये, पीलीभीत के एक भी बंदे को फोन कर पूछो कि मेनका गांधी कैसे थी वहां. अगर आपको लगे कि कहीं भी हमसे कोई गुस्ताखी हुई तो हमको वोट मत देना. अगर आपको लगे कि हम खुले हाथ और दिल के साथ आये हैं कि आपको कल मेरी जरूरत पड़ेगीय यह इलेक्शन तो मैं पार कर चुकी हूं अब आपको मेरी जरूरत पड़ेगी. भाजपा नेता मेनका ने यह भी कहा कि हम महात्मा गांधी की संतान नहीं हैं कि हम बस चीजें देते रहें और बदले में हमें कुछ नहीं मिले. मेनका गांधी इस बार सुल्तानपुर से चुनाव लड़ रही हैं जबकि उनके पुत्र वरूण गांधी उनकी सीट पीलीभीत से चुनाव लड़ रहे हैं.
यह एक सारांश है: मेनका गांधी का एक और विवादास्पद बयान इस बार गांवों को अलग-अलग श्रेणियों में बांटा सुलतानपुर से चुनाव लड़ रही हैं मेनका गांधी
16
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पश्चिम बंगाल के उत्तरी दिनाजपुर जिले में मवेशी चोर होने के संदेह में पांच युवकों के साथ मारपीट की गई. पुलिस ने बुधवार को बताया कि पांचों युवकों को ग्रामीणों ने रविवार रात करनडिगी क्षेत्र में पीटा. यह क्षेत्र भारत-बांग्लादेश सीमा पर है और ये युवक क्षेत्र में संदिग्ध रूप से घूम रहे थे. पुलिस ने बताया कि उन्होंने पांचों युवकों को ग्रामीणों से मुक्त कराया और उन्हें स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया. करनडिगी थाने के प्रभारी अविजित साह ने बताया कि इन युवकों ने बाद में कोई मामला दर्ज नहीं कराया.   इससे पहले त्रिपुरा के धलाई जिले में भारत-बांग्लादेश सीमा पर एक दूरदराज के आदिवासी गांव में एक संदिग्ध मवेशी चोर की लोगों ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी थी. पुलिस उप महानिरीक्षक अरिंदम नाथ ने कहा कि गांव के लोगों के एक समूह ने एक व्यक्ति को मवेशी चोर होने के संदेह में पीट-पीटकर मार डाला. यह क्षेत्र रायसियाबारी पुलिस थाने के तहत आता है और यह घटना मंगलवार रात की थी.  इस संबंध में रायसियाबारी पुलिस थाने के प्रभारी सुलेमान रियांग ने कहा था, "गांव वाले लोगों ने एक व्यक्ति को एक घर से मवेशी चुराने की कोशिश करते हुए देखा. उन्होंने संदिग्ध मवेशी चोर को पकड़ा और उसे बुरी तरह मारा. हम घटनास्थल पर पहुंचे और व्यक्ति को वहां से निकाला लेकिन अस्पताल में उसकी मौत हो गई." मृतक की पहचान 36 वर्षीय बुधी कुमार त्रिपुरा के रूप में की गई थी. वह मान्यकुमारपारा गांव के रहनेवाले हैं.  बीते रोज बिहार के वैशाली जिले में एक घर में चोरी के आरोप में शख्स को भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला था. पुलिस ने घटनास्थल से धारदार हथियार को बरामद किया था.. घटना के संबंध में स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) घर्मजीत मेहतो ने बताया था, "शख्स के शव को कस्टडी में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. हमने एक अज्ञात शख्स पर केस भी दर्ज किया है, जिसका संबंध इस घटना से है.
यहाँ एक सारांश है:बंगाल में मवेशी चोरी के शक में पांच युवकों की जमकर पिटाई त्रिपुरा में शख्स को पीट-पीटकर कर मार डाला मवेशी चोरी के शक में की थी हत्या
17
['hin']
एक सारांश बनाओ: स्विस स्टार रोजर फेडरर अमेरिकी ओपन टेनिस ग्रैंडस्लैम के चौथे राउंड में बाहर हो गए जबकि राफेल नडाल ने लगातार 19वीं हार्डकोर्ट जीत दर्ज करते हुए क्वार्टरफाइनल में प्रवेश किया। 17वीं बार के ग्रैंडस्लैम चैम्पियन और पांच बार के अमेरिकी ओपन विजेता फेडरर को सोमवार को स्पेन के 19वें वरीय टॉमी राबरेडो से उलटफेर का सामना करना पड़ा। राबरेडो ने फेडरर को 7-6 7-3, 6-3, 6-4 से हराकर उनके खिलाफ 11 मैचों में पहली जीत दर्ज की। फेडरर ने कहा, मैंने खुद का नुकसान किया, जो सचमुच निराशाजनक है। जब अहम समय था, मैं ऐसा नहीं कर सका, यह निराशाजनक है। विम्बलडन में उन्हें दूसरे राउंड में हार मिली थी और अब यहां मिली शिकस्त से से 12 बार के ग्रैंडस्लैम विजेता की नडाल के साथ संभावित क्वार्टरफाइनल भिड़ंत की उम्मीद भी खत्म हो गई, जो न्यूयॉर्क हार्डकोर्ट पर उनकी पहली भिड़ंत होती। फेडरर ने कहा, अगर मैं ऐसा ही खेलता रहा तो मैं राफा को नहीं हरा पाऊंगा। वर्ष 2002 के बाद ऐसा पहली बार है, जब फेडरर ने ग्रैंडस्लैम के फाइनल में जगह नहीं बनाई है। वहीं राबरेडो का सामना अपने पहले अमेरिकी क्वार्टरफाइनल में हमवतन दूसरे वरीय नडाल से होगा। नडाल ने जर्मनी के 22वें वरीय फिलिप कोलश्रेबर को 6-7 :4-7:, 6-4 , 6-3 , 6-1 से शिकस्त दी। राबरेडो के खिलाफ हुई करियर की छह भिड़ंत में नडाल ने सभी मैच जीते हैं।टिप्पणियां स्पेन के चौथे वरीय डेविड फेरर सर्बिया के 18वें वरीय यांको टिप्सारेविच को 7-6 :7-2:, 3-6 , 7-5 , 7-6 :7-3: से हराकर लगातार आठवें ग्रैंडस्लैम क्वार्टरफाइनल में प्रवेश किया। अब उनका सामना फ्रांस के आठवें वरीय रिचर्ड गास्केट से होगा, जिन्होंने 10वें वरीय मिलोस राओनिच को चार घंटे 40 मिनट में 6-7 :4-7:, 7 -6 :7-4:, 2-6 , 7-6 :11-9:, 7-5 से शिकस्त दी। 17वीं बार के ग्रैंडस्लैम चैम्पियन और पांच बार के अमेरिकी ओपन विजेता फेडरर को सोमवार को स्पेन के 19वें वरीय टॉमी राबरेडो से उलटफेर का सामना करना पड़ा। राबरेडो ने फेडरर को 7-6 7-3, 6-3, 6-4 से हराकर उनके खिलाफ 11 मैचों में पहली जीत दर्ज की। फेडरर ने कहा, मैंने खुद का नुकसान किया, जो सचमुच निराशाजनक है। जब अहम समय था, मैं ऐसा नहीं कर सका, यह निराशाजनक है। विम्बलडन में उन्हें दूसरे राउंड में हार मिली थी और अब यहां मिली शिकस्त से से 12 बार के ग्रैंडस्लैम विजेता की नडाल के साथ संभावित क्वार्टरफाइनल भिड़ंत की उम्मीद भी खत्म हो गई, जो न्यूयॉर्क हार्डकोर्ट पर उनकी पहली भिड़ंत होती। फेडरर ने कहा, अगर मैं ऐसा ही खेलता रहा तो मैं राफा को नहीं हरा पाऊंगा। वर्ष 2002 के बाद ऐसा पहली बार है, जब फेडरर ने ग्रैंडस्लैम के फाइनल में जगह नहीं बनाई है। वहीं राबरेडो का सामना अपने पहले अमेरिकी क्वार्टरफाइनल में हमवतन दूसरे वरीय नडाल से होगा। नडाल ने जर्मनी के 22वें वरीय फिलिप कोलश्रेबर को 6-7 :4-7:, 6-4 , 6-3 , 6-1 से शिकस्त दी। राबरेडो के खिलाफ हुई करियर की छह भिड़ंत में नडाल ने सभी मैच जीते हैं।टिप्पणियां स्पेन के चौथे वरीय डेविड फेरर सर्बिया के 18वें वरीय यांको टिप्सारेविच को 7-6 :7-2:, 3-6 , 7-5 , 7-6 :7-3: से हराकर लगातार आठवें ग्रैंडस्लैम क्वार्टरफाइनल में प्रवेश किया। अब उनका सामना फ्रांस के आठवें वरीय रिचर्ड गास्केट से होगा, जिन्होंने 10वें वरीय मिलोस राओनिच को चार घंटे 40 मिनट में 6-7 :4-7:, 7 -6 :7-4:, 2-6 , 7-6 :11-9:, 7-5 से शिकस्त दी। फेडरर ने कहा, मैंने खुद का नुकसान किया, जो सचमुच निराशाजनक है। जब अहम समय था, मैं ऐसा नहीं कर सका, यह निराशाजनक है। विम्बलडन में उन्हें दूसरे राउंड में हार मिली थी और अब यहां मिली शिकस्त से से 12 बार के ग्रैंडस्लैम विजेता की नडाल के साथ संभावित क्वार्टरफाइनल भिड़ंत की उम्मीद भी खत्म हो गई, जो न्यूयॉर्क हार्डकोर्ट पर उनकी पहली भिड़ंत होती। फेडरर ने कहा, अगर मैं ऐसा ही खेलता रहा तो मैं राफा को नहीं हरा पाऊंगा। वर्ष 2002 के बाद ऐसा पहली बार है, जब फेडरर ने ग्रैंडस्लैम के फाइनल में जगह नहीं बनाई है। वहीं राबरेडो का सामना अपने पहले अमेरिकी क्वार्टरफाइनल में हमवतन दूसरे वरीय नडाल से होगा। नडाल ने जर्मनी के 22वें वरीय फिलिप कोलश्रेबर को 6-7 :4-7:, 6-4 , 6-3 , 6-1 से शिकस्त दी। राबरेडो के खिलाफ हुई करियर की छह भिड़ंत में नडाल ने सभी मैच जीते हैं।टिप्पणियां स्पेन के चौथे वरीय डेविड फेरर सर्बिया के 18वें वरीय यांको टिप्सारेविच को 7-6 :7-2:, 3-6 , 7-5 , 7-6 :7-3: से हराकर लगातार आठवें ग्रैंडस्लैम क्वार्टरफाइनल में प्रवेश किया। अब उनका सामना फ्रांस के आठवें वरीय रिचर्ड गास्केट से होगा, जिन्होंने 10वें वरीय मिलोस राओनिच को चार घंटे 40 मिनट में 6-7 :4-7:, 7 -6 :7-4:, 2-6 , 7-6 :11-9:, 7-5 से शिकस्त दी। फेडरर ने कहा, अगर मैं ऐसा ही खेलता रहा तो मैं राफा को नहीं हरा पाऊंगा। वर्ष 2002 के बाद ऐसा पहली बार है, जब फेडरर ने ग्रैंडस्लैम के फाइनल में जगह नहीं बनाई है। वहीं राबरेडो का सामना अपने पहले अमेरिकी क्वार्टरफाइनल में हमवतन दूसरे वरीय नडाल से होगा। नडाल ने जर्मनी के 22वें वरीय फिलिप कोलश्रेबर को 6-7 :4-7:, 6-4 , 6-3 , 6-1 से शिकस्त दी। राबरेडो के खिलाफ हुई करियर की छह भिड़ंत में नडाल ने सभी मैच जीते हैं।टिप्पणियां स्पेन के चौथे वरीय डेविड फेरर सर्बिया के 18वें वरीय यांको टिप्सारेविच को 7-6 :7-2:, 3-6 , 7-5 , 7-6 :7-3: से हराकर लगातार आठवें ग्रैंडस्लैम क्वार्टरफाइनल में प्रवेश किया। अब उनका सामना फ्रांस के आठवें वरीय रिचर्ड गास्केट से होगा, जिन्होंने 10वें वरीय मिलोस राओनिच को चार घंटे 40 मिनट में 6-7 :4-7:, 7 -6 :7-4:, 2-6 , 7-6 :11-9:, 7-5 से शिकस्त दी। वहीं राबरेडो का सामना अपने पहले अमेरिकी क्वार्टरफाइनल में हमवतन दूसरे वरीय नडाल से होगा। नडाल ने जर्मनी के 22वें वरीय फिलिप कोलश्रेबर को 6-7 :4-7:, 6-4 , 6-3 , 6-1 से शिकस्त दी। राबरेडो के खिलाफ हुई करियर की छह भिड़ंत में नडाल ने सभी मैच जीते हैं।टिप्पणियां स्पेन के चौथे वरीय डेविड फेरर सर्बिया के 18वें वरीय यांको टिप्सारेविच को 7-6 :7-2:, 3-6 , 7-5 , 7-6 :7-3: से हराकर लगातार आठवें ग्रैंडस्लैम क्वार्टरफाइनल में प्रवेश किया। अब उनका सामना फ्रांस के आठवें वरीय रिचर्ड गास्केट से होगा, जिन्होंने 10वें वरीय मिलोस राओनिच को चार घंटे 40 मिनट में 6-7 :4-7:, 7 -6 :7-4:, 2-6 , 7-6 :11-9:, 7-5 से शिकस्त दी। स्पेन के चौथे वरीय डेविड फेरर सर्बिया के 18वें वरीय यांको टिप्सारेविच को 7-6 :7-2:, 3-6 , 7-5 , 7-6 :7-3: से हराकर लगातार आठवें ग्रैंडस्लैम क्वार्टरफाइनल में प्रवेश किया। अब उनका सामना फ्रांस के आठवें वरीय रिचर्ड गास्केट से होगा, जिन्होंने 10वें वरीय मिलोस राओनिच को चार घंटे 40 मिनट में 6-7 :4-7:, 7 -6 :7-4:, 2-6 , 7-6 :11-9:, 7-5 से शिकस्त दी। अब उनका सामना फ्रांस के आठवें वरीय रिचर्ड गास्केट से होगा, जिन्होंने 10वें वरीय मिलोस राओनिच को चार घंटे 40 मिनट में 6-7 :4-7:, 7 -6 :7-4:, 2-6 , 7-6 :11-9:, 7-5 से शिकस्त दी।
सारांश: स्विस स्टार रोजर फेडरर अमेरिकी ओपन टेनिस ग्रैंडस्लैम के चौथे राउंड में बाहर हो गए जबकि राफेल नडाल ने लगातार 19वीं हार्डकोर्ट जीत दर्ज करते हुए क्वार्टरफाइनल में प्रवेश किया।
5
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: दिल्ली में गैंगरेप पर उबले जन आक्रोश ने देश के अन्य राज्यों में हो रही रेप की घटनाओं की तरफ भी ध्यान खींचा है। दिल्ली के पड़ोसी उत्तर प्रदेश की ही बात करें तो, अखिलेश यादव की सरकार बनने के नौ महीनों में अब तक 40 नाबालिग लड़कियों के साथ बलात्कार के बाद उनकी हत्या हो चुकी है। सरकार अब इन पर नेशनल सिक्युरिटी एक्ट (एनएसए) लगा रही है। महिलाओं के खिलाफ अपराध रोकने के लिए बनी वुमेन पावरलाइन में एक महीने में 61 हजार से ज्यादा शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं। इससे पता चलता है कि महिलाओं के खिलाफ़ अपराध का पैमाना यहां कितना बड़ा है। जिस वक्त गुस्से से भरी दिल्ली गैंगरेप के खिलाफ सड़कों पर उतरी थी, ठीक उसी वक्त इलाहाबाद की सड़कों पर एक लड़की के साथ छेड़छाड़ हो रही थी। सरकार अब रेप के मुलजिमों पर एनएसए लगा रही है और चंद दिनों में आठ लोगों पर एनएसए लग चुका है। गृहसचिव पी गुप्ता ने कहा, अलग से हम लोग विचार-विमर्श करने रहे हैं कि इन घटनाओं को रोकने के लिए और क्या-क्या किया जा सकता है। महिलाओं पर अपराध रोकने के लिए बनाई गई वुमेन पावरलाइन में सिर्फ एक महीने में 62 हजार महिलाओं की शिकायतें दर्ज हुई हैं। 14,500 लड़कियों की शिकायत आई है कि लड़के फोन पर उनसे अश्लील बातें करते हैं। टिप्पणियां औरतों पर होने वाले अपराधों में रेप सबसे घिनौना है। अब जबकि बलात्कारियों को फांसी की सजा की मांग उठ रही है, बरेली की जिला अदालत ने एक बलात्कारी कातिल को फांसी की सजा सुनाई है। तीन साल पहले उसने 10 साल की बच्ची के साथ रेप करने की बाद उसकी हत्या कर दी थी। लखनऊ की सड़कों पर सात साल पहले एक नाबालिग लड़की से छह लड़कों ने गैंगेरेप किया और उसके बाद उसे सिगरेट से दागा। रेप का मुख्य आरोपी एक ऐसे सपा नेता का भतीजा है, जिसे मुलायम सिंह यादव ने लोकसभा का टिकट दिया है। लड़की के घरवाले अब अखिलेश यादव से इंसाफ मांग रहे हैं। सरकार अब इन पर नेशनल सिक्युरिटी एक्ट (एनएसए) लगा रही है। महिलाओं के खिलाफ अपराध रोकने के लिए बनी वुमेन पावरलाइन में एक महीने में 61 हजार से ज्यादा शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं। इससे पता चलता है कि महिलाओं के खिलाफ़ अपराध का पैमाना यहां कितना बड़ा है। जिस वक्त गुस्से से भरी दिल्ली गैंगरेप के खिलाफ सड़कों पर उतरी थी, ठीक उसी वक्त इलाहाबाद की सड़कों पर एक लड़की के साथ छेड़छाड़ हो रही थी। सरकार अब रेप के मुलजिमों पर एनएसए लगा रही है और चंद दिनों में आठ लोगों पर एनएसए लग चुका है। गृहसचिव पी गुप्ता ने कहा, अलग से हम लोग विचार-विमर्श करने रहे हैं कि इन घटनाओं को रोकने के लिए और क्या-क्या किया जा सकता है। महिलाओं पर अपराध रोकने के लिए बनाई गई वुमेन पावरलाइन में सिर्फ एक महीने में 62 हजार महिलाओं की शिकायतें दर्ज हुई हैं। 14,500 लड़कियों की शिकायत आई है कि लड़के फोन पर उनसे अश्लील बातें करते हैं। टिप्पणियां औरतों पर होने वाले अपराधों में रेप सबसे घिनौना है। अब जबकि बलात्कारियों को फांसी की सजा की मांग उठ रही है, बरेली की जिला अदालत ने एक बलात्कारी कातिल को फांसी की सजा सुनाई है। तीन साल पहले उसने 10 साल की बच्ची के साथ रेप करने की बाद उसकी हत्या कर दी थी। लखनऊ की सड़कों पर सात साल पहले एक नाबालिग लड़की से छह लड़कों ने गैंगेरेप किया और उसके बाद उसे सिगरेट से दागा। रेप का मुख्य आरोपी एक ऐसे सपा नेता का भतीजा है, जिसे मुलायम सिंह यादव ने लोकसभा का टिकट दिया है। लड़की के घरवाले अब अखिलेश यादव से इंसाफ मांग रहे हैं। जिस वक्त गुस्से से भरी दिल्ली गैंगरेप के खिलाफ सड़कों पर उतरी थी, ठीक उसी वक्त इलाहाबाद की सड़कों पर एक लड़की के साथ छेड़छाड़ हो रही थी। सरकार अब रेप के मुलजिमों पर एनएसए लगा रही है और चंद दिनों में आठ लोगों पर एनएसए लग चुका है। गृहसचिव पी गुप्ता ने कहा, अलग से हम लोग विचार-विमर्श करने रहे हैं कि इन घटनाओं को रोकने के लिए और क्या-क्या किया जा सकता है। महिलाओं पर अपराध रोकने के लिए बनाई गई वुमेन पावरलाइन में सिर्फ एक महीने में 62 हजार महिलाओं की शिकायतें दर्ज हुई हैं। 14,500 लड़कियों की शिकायत आई है कि लड़के फोन पर उनसे अश्लील बातें करते हैं। टिप्पणियां औरतों पर होने वाले अपराधों में रेप सबसे घिनौना है। अब जबकि बलात्कारियों को फांसी की सजा की मांग उठ रही है, बरेली की जिला अदालत ने एक बलात्कारी कातिल को फांसी की सजा सुनाई है। तीन साल पहले उसने 10 साल की बच्ची के साथ रेप करने की बाद उसकी हत्या कर दी थी। लखनऊ की सड़कों पर सात साल पहले एक नाबालिग लड़की से छह लड़कों ने गैंगेरेप किया और उसके बाद उसे सिगरेट से दागा। रेप का मुख्य आरोपी एक ऐसे सपा नेता का भतीजा है, जिसे मुलायम सिंह यादव ने लोकसभा का टिकट दिया है। लड़की के घरवाले अब अखिलेश यादव से इंसाफ मांग रहे हैं। गृहसचिव पी गुप्ता ने कहा, अलग से हम लोग विचार-विमर्श करने रहे हैं कि इन घटनाओं को रोकने के लिए और क्या-क्या किया जा सकता है। महिलाओं पर अपराध रोकने के लिए बनाई गई वुमेन पावरलाइन में सिर्फ एक महीने में 62 हजार महिलाओं की शिकायतें दर्ज हुई हैं। 14,500 लड़कियों की शिकायत आई है कि लड़के फोन पर उनसे अश्लील बातें करते हैं। टिप्पणियां औरतों पर होने वाले अपराधों में रेप सबसे घिनौना है। अब जबकि बलात्कारियों को फांसी की सजा की मांग उठ रही है, बरेली की जिला अदालत ने एक बलात्कारी कातिल को फांसी की सजा सुनाई है। तीन साल पहले उसने 10 साल की बच्ची के साथ रेप करने की बाद उसकी हत्या कर दी थी। लखनऊ की सड़कों पर सात साल पहले एक नाबालिग लड़की से छह लड़कों ने गैंगेरेप किया और उसके बाद उसे सिगरेट से दागा। रेप का मुख्य आरोपी एक ऐसे सपा नेता का भतीजा है, जिसे मुलायम सिंह यादव ने लोकसभा का टिकट दिया है। लड़की के घरवाले अब अखिलेश यादव से इंसाफ मांग रहे हैं। औरतों पर होने वाले अपराधों में रेप सबसे घिनौना है। अब जबकि बलात्कारियों को फांसी की सजा की मांग उठ रही है, बरेली की जिला अदालत ने एक बलात्कारी कातिल को फांसी की सजा सुनाई है। तीन साल पहले उसने 10 साल की बच्ची के साथ रेप करने की बाद उसकी हत्या कर दी थी। लखनऊ की सड़कों पर सात साल पहले एक नाबालिग लड़की से छह लड़कों ने गैंगेरेप किया और उसके बाद उसे सिगरेट से दागा। रेप का मुख्य आरोपी एक ऐसे सपा नेता का भतीजा है, जिसे मुलायम सिंह यादव ने लोकसभा का टिकट दिया है। लड़की के घरवाले अब अखिलेश यादव से इंसाफ मांग रहे हैं। लखनऊ की सड़कों पर सात साल पहले एक नाबालिग लड़की से छह लड़कों ने गैंगेरेप किया और उसके बाद उसे सिगरेट से दागा। रेप का मुख्य आरोपी एक ऐसे सपा नेता का भतीजा है, जिसे मुलायम सिंह यादव ने लोकसभा का टिकट दिया है। लड़की के घरवाले अब अखिलेश यादव से इंसाफ मांग रहे हैं।
संक्षिप्त सारांश: उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव की सरकार बनने के नौ महीनों में अब तक 40 नाबालिग लड़कियों के साथ बलात्कार के बाद उनकी हत्या हो चुकी है। महिलाओं के खिलाफ अपराध रोकने के लिए बनी वुमेन पावरलाइन में एक महीने में 61 हजार से ज्यादा शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं।
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तानी सैनिकों की घुसपैठ और दो भारतीय सैनिकों की बेरहमी से हत्या के मामले में भारत ने पाकिस्तान के सामने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। विदेशमंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा है कि पाकिस्तान का हमला पूरी तरह से अस्वीकार्य है और इस तरह की घटनाओं से द्विपक्षीय सहयोग के जरिये अभी तक हासिल परिणामों पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। विदेश सचिव रंजन मथाई ने पाकिस्तानी उच्चायुक्त सलमान बशीर से कहा कि पाकिस्तान सरकार तत्काल इस घटना की जांच कराए, जो हर पहलू से अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ़ है। विदेश सचिव ने पाक उच्चायुक्त को 27 दिसंबर को दोनों देशों के बीच हुई उस बैठक की याद दिलाई, जिसमें आपसी भरोसा बढ़ाने और नियंत्रण रेखा का ईमानदारी से पालन करने की बात हुई थी। हालांकि इस मामले पर सलमान बशीर ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। जम्मू−कश्मीर में पुंछ के मेंढर सेक्टर में हुई इस घटना से हर भारतीय आक्रोश में है, क्योंकि शहीद हुए एक जवान का शव क्षत-विक्षत हालत में मिला है। प्रधानमंत्री ने विदेश मंत्रालय, एनएसए और सेना प्रमुख से गोलीबारी पर पूरी रिपोर्ट मांगी है। खबर है कि सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी की बैठक भी बुलाई जा सकती है। इस बीच, रक्षामंत्री एके एंटनी ने इसे उकसावे की कार्रवाई करार देते हुए इसे अमानवीय बताया है। एंटनी ने कहा है कि दोनों मुल्कों के डाइरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशन्स यानी डीजीएमओ इस मुद्दे पर बात करेंगे और भारत इस घटना को लेकर अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराएगा। बीजेपी नेता अरुण जेटली ने पाकिस्तान की इस कार्रवाई को उकसाने वाला बताया है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार पाकिस्तान के खिलाफ सबूतों को सामने लाकर दुनिया के सामने उसे बेनकाब करे। गौरतलब है कि जम्मू−कश्मीर में पुंछ के मेंढर सेक्टर में पाकिस्तानी सैनिकों ने मंगलवार को भारतीय सीमा के अंदर घुसकर हमला किया। 48 घंटे में दूसरी बार पाकिस्तान ने बिना चेतावनी के गोलीबारी की। पाकिस्तानी जवानों ने कोहरे और धुंध का फायदा उठाते हुए नियंत्रण रेखा पार की और फिर भारतीय जवानों पर गोलीबारी कर दी। इसके बाद भारतीय जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई की, लेकिन इस पूरी गोलीबारी में दो जवान शहीद हो गए। सूत्रों के मुताबिक, एक जवान का शव बाद में बुरी हालत में मिला है। जवान का सिर धड़ से अलग किया हुआ था। सेना इस बात की जांच कर रही है कि शव की यह हालत कैसे हुई। इससे पहले उड़ी में नियंत्रण रेखा पर हुई झड़प का बदला लेने के लिए पाकिस्तान की ओर से कार्रवाई की गई। भारत सरकार ने पाकिस्तान की और से किए गए युद्धविराम उल्लंघन की कड़ी निंदा की है। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, सरकार इस घटना को उकसावे की कार्रवाई मानते हुए इसकी निंदा करती है। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता सतांशु कर के बयान के मुताबिक, इस घटना के बाद दोनों देशों के मिलिट्री ऑपरेशन्स के महानिदेशक एक- दूसरे के संपर्क में हैं और सरकार यह मामला पाकिस्तान सरकार के साथ उठाएगी। उनके बयान में भी कहा गया है कि पाकिस्तान की ओर से युद्धविराम उल्लंघन के बाद सरहद पर सेना अलर्ट हो गई है। इससे पहले रविवार को सुबह भी उड़ी सेक्टर में पाकिस्तान ने गोलाबारी की थी। इस गोलाबारी में कई घरों को भी नुकसान पहुंचा, लेकिन उस समय उल्टा पाकिस्तान ने भारतीय सेना पर आरोप लगाया कि उसने सीमा पार कर उसके जवान को मार डाला।टिप्पणियां उधर, जवानों की मौत को लेकर करगिल युद्ध के शहीद सौरव कालिया के पिता नरेंद्र कालिया ने कहा है कि अगर उनके बेटे के साथ हुए अमानवीय व्यवहार को लेकर कोई कार्रवाई होती, तो आज यह नौबत न आती। उनके मुताबिक, उस वक्त भारत की तरफ से अगर कुछ कड़े कदम उठाए जाते तो पाकिस्तान की ऐसा करने की हिम्मत नहीं होती। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पाकिस्तान पहले भी ऐसी हरकत कर चुका है और अब भी अगर कोई एक्शन नहीं लिया गया तो वह आगे भी ऐसा करता रहेगा। विदेश सचिव रंजन मथाई ने पाकिस्तानी उच्चायुक्त सलमान बशीर से कहा कि पाकिस्तान सरकार तत्काल इस घटना की जांच कराए, जो हर पहलू से अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ़ है। विदेश सचिव ने पाक उच्चायुक्त को 27 दिसंबर को दोनों देशों के बीच हुई उस बैठक की याद दिलाई, जिसमें आपसी भरोसा बढ़ाने और नियंत्रण रेखा का ईमानदारी से पालन करने की बात हुई थी। हालांकि इस मामले पर सलमान बशीर ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। जम्मू−कश्मीर में पुंछ के मेंढर सेक्टर में हुई इस घटना से हर भारतीय आक्रोश में है, क्योंकि शहीद हुए एक जवान का शव क्षत-विक्षत हालत में मिला है। प्रधानमंत्री ने विदेश मंत्रालय, एनएसए और सेना प्रमुख से गोलीबारी पर पूरी रिपोर्ट मांगी है। खबर है कि सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी की बैठक भी बुलाई जा सकती है। इस बीच, रक्षामंत्री एके एंटनी ने इसे उकसावे की कार्रवाई करार देते हुए इसे अमानवीय बताया है। एंटनी ने कहा है कि दोनों मुल्कों के डाइरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशन्स यानी डीजीएमओ इस मुद्दे पर बात करेंगे और भारत इस घटना को लेकर अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराएगा। बीजेपी नेता अरुण जेटली ने पाकिस्तान की इस कार्रवाई को उकसाने वाला बताया है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार पाकिस्तान के खिलाफ सबूतों को सामने लाकर दुनिया के सामने उसे बेनकाब करे। गौरतलब है कि जम्मू−कश्मीर में पुंछ के मेंढर सेक्टर में पाकिस्तानी सैनिकों ने मंगलवार को भारतीय सीमा के अंदर घुसकर हमला किया। 48 घंटे में दूसरी बार पाकिस्तान ने बिना चेतावनी के गोलीबारी की। पाकिस्तानी जवानों ने कोहरे और धुंध का फायदा उठाते हुए नियंत्रण रेखा पार की और फिर भारतीय जवानों पर गोलीबारी कर दी। इसके बाद भारतीय जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई की, लेकिन इस पूरी गोलीबारी में दो जवान शहीद हो गए। सूत्रों के मुताबिक, एक जवान का शव बाद में बुरी हालत में मिला है। जवान का सिर धड़ से अलग किया हुआ था। सेना इस बात की जांच कर रही है कि शव की यह हालत कैसे हुई। इससे पहले उड़ी में नियंत्रण रेखा पर हुई झड़प का बदला लेने के लिए पाकिस्तान की ओर से कार्रवाई की गई। भारत सरकार ने पाकिस्तान की और से किए गए युद्धविराम उल्लंघन की कड़ी निंदा की है। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, सरकार इस घटना को उकसावे की कार्रवाई मानते हुए इसकी निंदा करती है। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता सतांशु कर के बयान के मुताबिक, इस घटना के बाद दोनों देशों के मिलिट्री ऑपरेशन्स के महानिदेशक एक- दूसरे के संपर्क में हैं और सरकार यह मामला पाकिस्तान सरकार के साथ उठाएगी। उनके बयान में भी कहा गया है कि पाकिस्तान की ओर से युद्धविराम उल्लंघन के बाद सरहद पर सेना अलर्ट हो गई है। इससे पहले रविवार को सुबह भी उड़ी सेक्टर में पाकिस्तान ने गोलाबारी की थी। इस गोलाबारी में कई घरों को भी नुकसान पहुंचा, लेकिन उस समय उल्टा पाकिस्तान ने भारतीय सेना पर आरोप लगाया कि उसने सीमा पार कर उसके जवान को मार डाला।टिप्पणियां उधर, जवानों की मौत को लेकर करगिल युद्ध के शहीद सौरव कालिया के पिता नरेंद्र कालिया ने कहा है कि अगर उनके बेटे के साथ हुए अमानवीय व्यवहार को लेकर कोई कार्रवाई होती, तो आज यह नौबत न आती। उनके मुताबिक, उस वक्त भारत की तरफ से अगर कुछ कड़े कदम उठाए जाते तो पाकिस्तान की ऐसा करने की हिम्मत नहीं होती। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पाकिस्तान पहले भी ऐसी हरकत कर चुका है और अब भी अगर कोई एक्शन नहीं लिया गया तो वह आगे भी ऐसा करता रहेगा। हालांकि इस मामले पर सलमान बशीर ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। जम्मू−कश्मीर में पुंछ के मेंढर सेक्टर में हुई इस घटना से हर भारतीय आक्रोश में है, क्योंकि शहीद हुए एक जवान का शव क्षत-विक्षत हालत में मिला है। प्रधानमंत्री ने विदेश मंत्रालय, एनएसए और सेना प्रमुख से गोलीबारी पर पूरी रिपोर्ट मांगी है। खबर है कि सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी की बैठक भी बुलाई जा सकती है। इस बीच, रक्षामंत्री एके एंटनी ने इसे उकसावे की कार्रवाई करार देते हुए इसे अमानवीय बताया है। एंटनी ने कहा है कि दोनों मुल्कों के डाइरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशन्स यानी डीजीएमओ इस मुद्दे पर बात करेंगे और भारत इस घटना को लेकर अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराएगा। बीजेपी नेता अरुण जेटली ने पाकिस्तान की इस कार्रवाई को उकसाने वाला बताया है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार पाकिस्तान के खिलाफ सबूतों को सामने लाकर दुनिया के सामने उसे बेनकाब करे। गौरतलब है कि जम्मू−कश्मीर में पुंछ के मेंढर सेक्टर में पाकिस्तानी सैनिकों ने मंगलवार को भारतीय सीमा के अंदर घुसकर हमला किया। 48 घंटे में दूसरी बार पाकिस्तान ने बिना चेतावनी के गोलीबारी की। पाकिस्तानी जवानों ने कोहरे और धुंध का फायदा उठाते हुए नियंत्रण रेखा पार की और फिर भारतीय जवानों पर गोलीबारी कर दी। इसके बाद भारतीय जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई की, लेकिन इस पूरी गोलीबारी में दो जवान शहीद हो गए। सूत्रों के मुताबिक, एक जवान का शव बाद में बुरी हालत में मिला है। जवान का सिर धड़ से अलग किया हुआ था। सेना इस बात की जांच कर रही है कि शव की यह हालत कैसे हुई। इससे पहले उड़ी में नियंत्रण रेखा पर हुई झड़प का बदला लेने के लिए पाकिस्तान की ओर से कार्रवाई की गई। भारत सरकार ने पाकिस्तान की और से किए गए युद्धविराम उल्लंघन की कड़ी निंदा की है। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, सरकार इस घटना को उकसावे की कार्रवाई मानते हुए इसकी निंदा करती है। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता सतांशु कर के बयान के मुताबिक, इस घटना के बाद दोनों देशों के मिलिट्री ऑपरेशन्स के महानिदेशक एक- दूसरे के संपर्क में हैं और सरकार यह मामला पाकिस्तान सरकार के साथ उठाएगी। उनके बयान में भी कहा गया है कि पाकिस्तान की ओर से युद्धविराम उल्लंघन के बाद सरहद पर सेना अलर्ट हो गई है। इससे पहले रविवार को सुबह भी उड़ी सेक्टर में पाकिस्तान ने गोलाबारी की थी। इस गोलाबारी में कई घरों को भी नुकसान पहुंचा, लेकिन उस समय उल्टा पाकिस्तान ने भारतीय सेना पर आरोप लगाया कि उसने सीमा पार कर उसके जवान को मार डाला।टिप्पणियां उधर, जवानों की मौत को लेकर करगिल युद्ध के शहीद सौरव कालिया के पिता नरेंद्र कालिया ने कहा है कि अगर उनके बेटे के साथ हुए अमानवीय व्यवहार को लेकर कोई कार्रवाई होती, तो आज यह नौबत न आती। उनके मुताबिक, उस वक्त भारत की तरफ से अगर कुछ कड़े कदम उठाए जाते तो पाकिस्तान की ऐसा करने की हिम्मत नहीं होती। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पाकिस्तान पहले भी ऐसी हरकत कर चुका है और अब भी अगर कोई एक्शन नहीं लिया गया तो वह आगे भी ऐसा करता रहेगा। इस बीच, रक्षामंत्री एके एंटनी ने इसे उकसावे की कार्रवाई करार देते हुए इसे अमानवीय बताया है। एंटनी ने कहा है कि दोनों मुल्कों के डाइरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशन्स यानी डीजीएमओ इस मुद्दे पर बात करेंगे और भारत इस घटना को लेकर अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराएगा। बीजेपी नेता अरुण जेटली ने पाकिस्तान की इस कार्रवाई को उकसाने वाला बताया है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार पाकिस्तान के खिलाफ सबूतों को सामने लाकर दुनिया के सामने उसे बेनकाब करे। गौरतलब है कि जम्मू−कश्मीर में पुंछ के मेंढर सेक्टर में पाकिस्तानी सैनिकों ने मंगलवार को भारतीय सीमा के अंदर घुसकर हमला किया। 48 घंटे में दूसरी बार पाकिस्तान ने बिना चेतावनी के गोलीबारी की। पाकिस्तानी जवानों ने कोहरे और धुंध का फायदा उठाते हुए नियंत्रण रेखा पार की और फिर भारतीय जवानों पर गोलीबारी कर दी। इसके बाद भारतीय जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई की, लेकिन इस पूरी गोलीबारी में दो जवान शहीद हो गए। सूत्रों के मुताबिक, एक जवान का शव बाद में बुरी हालत में मिला है। जवान का सिर धड़ से अलग किया हुआ था। सेना इस बात की जांच कर रही है कि शव की यह हालत कैसे हुई। इससे पहले उड़ी में नियंत्रण रेखा पर हुई झड़प का बदला लेने के लिए पाकिस्तान की ओर से कार्रवाई की गई। भारत सरकार ने पाकिस्तान की और से किए गए युद्धविराम उल्लंघन की कड़ी निंदा की है। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, सरकार इस घटना को उकसावे की कार्रवाई मानते हुए इसकी निंदा करती है। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता सतांशु कर के बयान के मुताबिक, इस घटना के बाद दोनों देशों के मिलिट्री ऑपरेशन्स के महानिदेशक एक- दूसरे के संपर्क में हैं और सरकार यह मामला पाकिस्तान सरकार के साथ उठाएगी। उनके बयान में भी कहा गया है कि पाकिस्तान की ओर से युद्धविराम उल्लंघन के बाद सरहद पर सेना अलर्ट हो गई है। इससे पहले रविवार को सुबह भी उड़ी सेक्टर में पाकिस्तान ने गोलाबारी की थी। इस गोलाबारी में कई घरों को भी नुकसान पहुंचा, लेकिन उस समय उल्टा पाकिस्तान ने भारतीय सेना पर आरोप लगाया कि उसने सीमा पार कर उसके जवान को मार डाला।टिप्पणियां उधर, जवानों की मौत को लेकर करगिल युद्ध के शहीद सौरव कालिया के पिता नरेंद्र कालिया ने कहा है कि अगर उनके बेटे के साथ हुए अमानवीय व्यवहार को लेकर कोई कार्रवाई होती, तो आज यह नौबत न आती। उनके मुताबिक, उस वक्त भारत की तरफ से अगर कुछ कड़े कदम उठाए जाते तो पाकिस्तान की ऐसा करने की हिम्मत नहीं होती। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पाकिस्तान पहले भी ऐसी हरकत कर चुका है और अब भी अगर कोई एक्शन नहीं लिया गया तो वह आगे भी ऐसा करता रहेगा। बीजेपी नेता अरुण जेटली ने पाकिस्तान की इस कार्रवाई को उकसाने वाला बताया है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार पाकिस्तान के खिलाफ सबूतों को सामने लाकर दुनिया के सामने उसे बेनकाब करे। गौरतलब है कि जम्मू−कश्मीर में पुंछ के मेंढर सेक्टर में पाकिस्तानी सैनिकों ने मंगलवार को भारतीय सीमा के अंदर घुसकर हमला किया। 48 घंटे में दूसरी बार पाकिस्तान ने बिना चेतावनी के गोलीबारी की। पाकिस्तानी जवानों ने कोहरे और धुंध का फायदा उठाते हुए नियंत्रण रेखा पार की और फिर भारतीय जवानों पर गोलीबारी कर दी। इसके बाद भारतीय जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई की, लेकिन इस पूरी गोलीबारी में दो जवान शहीद हो गए। सूत्रों के मुताबिक, एक जवान का शव बाद में बुरी हालत में मिला है। जवान का सिर धड़ से अलग किया हुआ था। सेना इस बात की जांच कर रही है कि शव की यह हालत कैसे हुई। इससे पहले उड़ी में नियंत्रण रेखा पर हुई झड़प का बदला लेने के लिए पाकिस्तान की ओर से कार्रवाई की गई। भारत सरकार ने पाकिस्तान की और से किए गए युद्धविराम उल्लंघन की कड़ी निंदा की है। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, सरकार इस घटना को उकसावे की कार्रवाई मानते हुए इसकी निंदा करती है। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता सतांशु कर के बयान के मुताबिक, इस घटना के बाद दोनों देशों के मिलिट्री ऑपरेशन्स के महानिदेशक एक- दूसरे के संपर्क में हैं और सरकार यह मामला पाकिस्तान सरकार के साथ उठाएगी। उनके बयान में भी कहा गया है कि पाकिस्तान की ओर से युद्धविराम उल्लंघन के बाद सरहद पर सेना अलर्ट हो गई है। इससे पहले रविवार को सुबह भी उड़ी सेक्टर में पाकिस्तान ने गोलाबारी की थी। इस गोलाबारी में कई घरों को भी नुकसान पहुंचा, लेकिन उस समय उल्टा पाकिस्तान ने भारतीय सेना पर आरोप लगाया कि उसने सीमा पार कर उसके जवान को मार डाला।टिप्पणियां उधर, जवानों की मौत को लेकर करगिल युद्ध के शहीद सौरव कालिया के पिता नरेंद्र कालिया ने कहा है कि अगर उनके बेटे के साथ हुए अमानवीय व्यवहार को लेकर कोई कार्रवाई होती, तो आज यह नौबत न आती। उनके मुताबिक, उस वक्त भारत की तरफ से अगर कुछ कड़े कदम उठाए जाते तो पाकिस्तान की ऐसा करने की हिम्मत नहीं होती। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पाकिस्तान पहले भी ऐसी हरकत कर चुका है और अब भी अगर कोई एक्शन नहीं लिया गया तो वह आगे भी ऐसा करता रहेगा। गौरतलब है कि जम्मू−कश्मीर में पुंछ के मेंढर सेक्टर में पाकिस्तानी सैनिकों ने मंगलवार को भारतीय सीमा के अंदर घुसकर हमला किया। 48 घंटे में दूसरी बार पाकिस्तान ने बिना चेतावनी के गोलीबारी की। पाकिस्तानी जवानों ने कोहरे और धुंध का फायदा उठाते हुए नियंत्रण रेखा पार की और फिर भारतीय जवानों पर गोलीबारी कर दी। इसके बाद भारतीय जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई की, लेकिन इस पूरी गोलीबारी में दो जवान शहीद हो गए। सूत्रों के मुताबिक, एक जवान का शव बाद में बुरी हालत में मिला है। जवान का सिर धड़ से अलग किया हुआ था। सेना इस बात की जांच कर रही है कि शव की यह हालत कैसे हुई। इससे पहले उड़ी में नियंत्रण रेखा पर हुई झड़प का बदला लेने के लिए पाकिस्तान की ओर से कार्रवाई की गई। भारत सरकार ने पाकिस्तान की और से किए गए युद्धविराम उल्लंघन की कड़ी निंदा की है। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, सरकार इस घटना को उकसावे की कार्रवाई मानते हुए इसकी निंदा करती है। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता सतांशु कर के बयान के मुताबिक, इस घटना के बाद दोनों देशों के मिलिट्री ऑपरेशन्स के महानिदेशक एक- दूसरे के संपर्क में हैं और सरकार यह मामला पाकिस्तान सरकार के साथ उठाएगी। उनके बयान में भी कहा गया है कि पाकिस्तान की ओर से युद्धविराम उल्लंघन के बाद सरहद पर सेना अलर्ट हो गई है। इससे पहले रविवार को सुबह भी उड़ी सेक्टर में पाकिस्तान ने गोलाबारी की थी। इस गोलाबारी में कई घरों को भी नुकसान पहुंचा, लेकिन उस समय उल्टा पाकिस्तान ने भारतीय सेना पर आरोप लगाया कि उसने सीमा पार कर उसके जवान को मार डाला।टिप्पणियां उधर, जवानों की मौत को लेकर करगिल युद्ध के शहीद सौरव कालिया के पिता नरेंद्र कालिया ने कहा है कि अगर उनके बेटे के साथ हुए अमानवीय व्यवहार को लेकर कोई कार्रवाई होती, तो आज यह नौबत न आती। उनके मुताबिक, उस वक्त भारत की तरफ से अगर कुछ कड़े कदम उठाए जाते तो पाकिस्तान की ऐसा करने की हिम्मत नहीं होती। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पाकिस्तान पहले भी ऐसी हरकत कर चुका है और अब भी अगर कोई एक्शन नहीं लिया गया तो वह आगे भी ऐसा करता रहेगा। पाकिस्तानी जवानों ने कोहरे और धुंध का फायदा उठाते हुए नियंत्रण रेखा पार की और फिर भारतीय जवानों पर गोलीबारी कर दी। इसके बाद भारतीय जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई की, लेकिन इस पूरी गोलीबारी में दो जवान शहीद हो गए। सूत्रों के मुताबिक, एक जवान का शव बाद में बुरी हालत में मिला है। जवान का सिर धड़ से अलग किया हुआ था। सेना इस बात की जांच कर रही है कि शव की यह हालत कैसे हुई। इससे पहले उड़ी में नियंत्रण रेखा पर हुई झड़प का बदला लेने के लिए पाकिस्तान की ओर से कार्रवाई की गई। भारत सरकार ने पाकिस्तान की और से किए गए युद्धविराम उल्लंघन की कड़ी निंदा की है। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, सरकार इस घटना को उकसावे की कार्रवाई मानते हुए इसकी निंदा करती है। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता सतांशु कर के बयान के मुताबिक, इस घटना के बाद दोनों देशों के मिलिट्री ऑपरेशन्स के महानिदेशक एक- दूसरे के संपर्क में हैं और सरकार यह मामला पाकिस्तान सरकार के साथ उठाएगी। उनके बयान में भी कहा गया है कि पाकिस्तान की ओर से युद्धविराम उल्लंघन के बाद सरहद पर सेना अलर्ट हो गई है। इससे पहले रविवार को सुबह भी उड़ी सेक्टर में पाकिस्तान ने गोलाबारी की थी। इस गोलाबारी में कई घरों को भी नुकसान पहुंचा, लेकिन उस समय उल्टा पाकिस्तान ने भारतीय सेना पर आरोप लगाया कि उसने सीमा पार कर उसके जवान को मार डाला।टिप्पणियां उधर, जवानों की मौत को लेकर करगिल युद्ध के शहीद सौरव कालिया के पिता नरेंद्र कालिया ने कहा है कि अगर उनके बेटे के साथ हुए अमानवीय व्यवहार को लेकर कोई कार्रवाई होती, तो आज यह नौबत न आती। उनके मुताबिक, उस वक्त भारत की तरफ से अगर कुछ कड़े कदम उठाए जाते तो पाकिस्तान की ऐसा करने की हिम्मत नहीं होती। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पाकिस्तान पहले भी ऐसी हरकत कर चुका है और अब भी अगर कोई एक्शन नहीं लिया गया तो वह आगे भी ऐसा करता रहेगा। सूत्रों के मुताबिक, एक जवान का शव बाद में बुरी हालत में मिला है। जवान का सिर धड़ से अलग किया हुआ था। सेना इस बात की जांच कर रही है कि शव की यह हालत कैसे हुई। इससे पहले उड़ी में नियंत्रण रेखा पर हुई झड़प का बदला लेने के लिए पाकिस्तान की ओर से कार्रवाई की गई। भारत सरकार ने पाकिस्तान की और से किए गए युद्धविराम उल्लंघन की कड़ी निंदा की है। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, सरकार इस घटना को उकसावे की कार्रवाई मानते हुए इसकी निंदा करती है। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता सतांशु कर के बयान के मुताबिक, इस घटना के बाद दोनों देशों के मिलिट्री ऑपरेशन्स के महानिदेशक एक- दूसरे के संपर्क में हैं और सरकार यह मामला पाकिस्तान सरकार के साथ उठाएगी। उनके बयान में भी कहा गया है कि पाकिस्तान की ओर से युद्धविराम उल्लंघन के बाद सरहद पर सेना अलर्ट हो गई है। इससे पहले रविवार को सुबह भी उड़ी सेक्टर में पाकिस्तान ने गोलाबारी की थी। इस गोलाबारी में कई घरों को भी नुकसान पहुंचा, लेकिन उस समय उल्टा पाकिस्तान ने भारतीय सेना पर आरोप लगाया कि उसने सीमा पार कर उसके जवान को मार डाला।टिप्पणियां उधर, जवानों की मौत को लेकर करगिल युद्ध के शहीद सौरव कालिया के पिता नरेंद्र कालिया ने कहा है कि अगर उनके बेटे के साथ हुए अमानवीय व्यवहार को लेकर कोई कार्रवाई होती, तो आज यह नौबत न आती। उनके मुताबिक, उस वक्त भारत की तरफ से अगर कुछ कड़े कदम उठाए जाते तो पाकिस्तान की ऐसा करने की हिम्मत नहीं होती। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पाकिस्तान पहले भी ऐसी हरकत कर चुका है और अब भी अगर कोई एक्शन नहीं लिया गया तो वह आगे भी ऐसा करता रहेगा। भारत सरकार ने पाकिस्तान की और से किए गए युद्धविराम उल्लंघन की कड़ी निंदा की है। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, सरकार इस घटना को उकसावे की कार्रवाई मानते हुए इसकी निंदा करती है। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता सतांशु कर के बयान के मुताबिक, इस घटना के बाद दोनों देशों के मिलिट्री ऑपरेशन्स के महानिदेशक एक- दूसरे के संपर्क में हैं और सरकार यह मामला पाकिस्तान सरकार के साथ उठाएगी। उनके बयान में भी कहा गया है कि पाकिस्तान की ओर से युद्धविराम उल्लंघन के बाद सरहद पर सेना अलर्ट हो गई है। इससे पहले रविवार को सुबह भी उड़ी सेक्टर में पाकिस्तान ने गोलाबारी की थी। इस गोलाबारी में कई घरों को भी नुकसान पहुंचा, लेकिन उस समय उल्टा पाकिस्तान ने भारतीय सेना पर आरोप लगाया कि उसने सीमा पार कर उसके जवान को मार डाला।टिप्पणियां उधर, जवानों की मौत को लेकर करगिल युद्ध के शहीद सौरव कालिया के पिता नरेंद्र कालिया ने कहा है कि अगर उनके बेटे के साथ हुए अमानवीय व्यवहार को लेकर कोई कार्रवाई होती, तो आज यह नौबत न आती। उनके मुताबिक, उस वक्त भारत की तरफ से अगर कुछ कड़े कदम उठाए जाते तो पाकिस्तान की ऐसा करने की हिम्मत नहीं होती। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पाकिस्तान पहले भी ऐसी हरकत कर चुका है और अब भी अगर कोई एक्शन नहीं लिया गया तो वह आगे भी ऐसा करता रहेगा। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता सतांशु कर के बयान के मुताबिक, इस घटना के बाद दोनों देशों के मिलिट्री ऑपरेशन्स के महानिदेशक एक- दूसरे के संपर्क में हैं और सरकार यह मामला पाकिस्तान सरकार के साथ उठाएगी। उनके बयान में भी कहा गया है कि पाकिस्तान की ओर से युद्धविराम उल्लंघन के बाद सरहद पर सेना अलर्ट हो गई है। इससे पहले रविवार को सुबह भी उड़ी सेक्टर में पाकिस्तान ने गोलाबारी की थी। इस गोलाबारी में कई घरों को भी नुकसान पहुंचा, लेकिन उस समय उल्टा पाकिस्तान ने भारतीय सेना पर आरोप लगाया कि उसने सीमा पार कर उसके जवान को मार डाला।टिप्पणियां उधर, जवानों की मौत को लेकर करगिल युद्ध के शहीद सौरव कालिया के पिता नरेंद्र कालिया ने कहा है कि अगर उनके बेटे के साथ हुए अमानवीय व्यवहार को लेकर कोई कार्रवाई होती, तो आज यह नौबत न आती। उनके मुताबिक, उस वक्त भारत की तरफ से अगर कुछ कड़े कदम उठाए जाते तो पाकिस्तान की ऐसा करने की हिम्मत नहीं होती। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पाकिस्तान पहले भी ऐसी हरकत कर चुका है और अब भी अगर कोई एक्शन नहीं लिया गया तो वह आगे भी ऐसा करता रहेगा। इससे पहले रविवार को सुबह भी उड़ी सेक्टर में पाकिस्तान ने गोलाबारी की थी। इस गोलाबारी में कई घरों को भी नुकसान पहुंचा, लेकिन उस समय उल्टा पाकिस्तान ने भारतीय सेना पर आरोप लगाया कि उसने सीमा पार कर उसके जवान को मार डाला।टिप्पणियां उधर, जवानों की मौत को लेकर करगिल युद्ध के शहीद सौरव कालिया के पिता नरेंद्र कालिया ने कहा है कि अगर उनके बेटे के साथ हुए अमानवीय व्यवहार को लेकर कोई कार्रवाई होती, तो आज यह नौबत न आती। उनके मुताबिक, उस वक्त भारत की तरफ से अगर कुछ कड़े कदम उठाए जाते तो पाकिस्तान की ऐसा करने की हिम्मत नहीं होती। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पाकिस्तान पहले भी ऐसी हरकत कर चुका है और अब भी अगर कोई एक्शन नहीं लिया गया तो वह आगे भी ऐसा करता रहेगा। उधर, जवानों की मौत को लेकर करगिल युद्ध के शहीद सौरव कालिया के पिता नरेंद्र कालिया ने कहा है कि अगर उनके बेटे के साथ हुए अमानवीय व्यवहार को लेकर कोई कार्रवाई होती, तो आज यह नौबत न आती। उनके मुताबिक, उस वक्त भारत की तरफ से अगर कुछ कड़े कदम उठाए जाते तो पाकिस्तान की ऐसा करने की हिम्मत नहीं होती। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पाकिस्तान पहले भी ऐसी हरकत कर चुका है और अब भी अगर कोई एक्शन नहीं लिया गया तो वह आगे भी ऐसा करता रहेगा। उनके मुताबिक, उस वक्त भारत की तरफ से अगर कुछ कड़े कदम उठाए जाते तो पाकिस्तान की ऐसा करने की हिम्मत नहीं होती। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पाकिस्तान पहले भी ऐसी हरकत कर चुका है और अब भी अगर कोई एक्शन नहीं लिया गया तो वह आगे भी ऐसा करता रहेगा।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पाकिस्तानी सैनिकों की घुसपैठ और दो भारतीय सैनिकों की बेरहमी से हत्या के मामले में भारत ने पाकिस्तान के सामने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। विदेशमंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा है इस तरह की घटनाओं से द्विपक्षीय सहयोग के जरिये अभी तक हासिल परिणामों पर विपरीत प्रभाव
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: नए साल की पूर्व संध्या पर सोमवार को सुरक्षा पाबंदियों के चलते शाम साढ़े सात बजे से कनॉट प्लेस के आसपास के तीन मेट्रो स्टेशन बंद रखे जाएंगे। सोमवार को राजीव चौक, बाराखंभा रोड और पटेल चौक मेट्रो स्टेशन शाम साढ़े सात बजे से बंद रहेंगे।टिप्पणियां हालांकि राजीव चौक पर ट्रेन बदलने की सुविधा उपलब्ध रहेगी। तीनों मेट्रो स्टेशनों पर शाम सवा सात बजे टिकटों की बिक्री बंद हो जाएगी। अन्य स्टेशनों पर सेवाएं यथावत रहेंगी। सोमवार को राजीव चौक, बाराखंभा रोड और पटेल चौक मेट्रो स्टेशन शाम साढ़े सात बजे से बंद रहेंगे।टिप्पणियां हालांकि राजीव चौक पर ट्रेन बदलने की सुविधा उपलब्ध रहेगी। तीनों मेट्रो स्टेशनों पर शाम सवा सात बजे टिकटों की बिक्री बंद हो जाएगी। अन्य स्टेशनों पर सेवाएं यथावत रहेंगी। हालांकि राजीव चौक पर ट्रेन बदलने की सुविधा उपलब्ध रहेगी। तीनों मेट्रो स्टेशनों पर शाम सवा सात बजे टिकटों की बिक्री बंद हो जाएगी। अन्य स्टेशनों पर सेवाएं यथावत रहेंगी। तीनों मेट्रो स्टेशनों पर शाम सवा सात बजे टिकटों की बिक्री बंद हो जाएगी। अन्य स्टेशनों पर सेवाएं यथावत रहेंगी।
सारांश: नए साल की पूर्व संध्या पर सोमवार को सुरक्षा पाबंदियों के चलते शाम साढ़े सात बजे से कनॉट प्लेस के आसपास के तीन मेट्रो स्टेशन बंद रखे जाएंगे। सोमवार को राजीव चौक, बाराखंभा रोड और पटेल चौक मेट्रो स्टेशन शाम साढ़े सात बजे से बंद रहेंगे।
33
['hin']
एक सारांश बनाओ: देश की प्रमुख कार कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया ने अपने 10 कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया तथा पांच प्रशिक्षुओं की सेवाएं समाप्त कर दीं। साथ ही कंपनी ने अपने मानेसर कारखाने में हड़ताल तथा हिंसा के आरोप में 10 अन्य कर्मचारियों को निलंबित भी किया है। कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि एक अक्टूबर को हरियाणा सरकार के अधिकारियों की मौजूदगी में कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच समझौते पर दस्तखत के बाद कर्मचारियों की हड़ताल और हिंसा इसका उल्लंघन है, जिसके मद्देनजर यह कार्रवाई की गई है। बयान में कहा गया है, कंपनी ने 10 कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया है, 10 अन्य को निलंबित किया गया है। साथ ही पांच प्रशिक्षुओं की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। मारुति ने कहा है कि वह अपने लोगों, कारखाने तथा मशीनरी की सुरक्षा को लेकर चिंतित है। कंपनी ने 100 कर्मचारियों को हड़ताली कर्मचारियों द्वारा परेशान किए जाने से बचाया है। कंपनी ने कहा है कि इनमें से कई कर्मचारियों को हड़ताली कर्मियों ने पीटा भी था।
साथ ही कंपनी ने अपने मानेसर कारखाने में हड़ताल तथा हिंसा के आरोप में 10 अन्य कर्मचारियों को निलंबित भी किया है।
26
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली में मंगलवार को बीएसपी नेता और कारोबारी दीपक भारद्वाज की हत्या के मामले में पुलिस ने हरियाणा के जींद से तीन लोगों को हिरासत में लिया था जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया। पुलिस ने उस सैंट्रो कार को भी बरामद कर लिया है, जिसमें आरोपी बाद में भागे थे।टिप्पणियां उन्होंने स्कोडा को रास्ते में छोड़ दिया और सेंट्रो में भागे। आरोपियों की पहचान के बाद पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए छापे मार रही है। पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया है। इस बीच दीपक भारद्वाज की पोस्टमोर्टम रिपोर्ट आ गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, उनके सीने में दो गोलियां मारी गई थी जबकि एक गोली सिर के पीछे से मारी थी। आरोपियों की तलाश में दिल्ली पुलिस की 10 टीमें छापेमारी कर रही हैं। वहीं दीपक भारद्वाज की पत्नी से भी पूछताछ की जा रही है। उन्होंने स्कोडा को रास्ते में छोड़ दिया और सेंट्रो में भागे। आरोपियों की पहचान के बाद पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए छापे मार रही है। पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया है। इस बीच दीपक भारद्वाज की पोस्टमोर्टम रिपोर्ट आ गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, उनके सीने में दो गोलियां मारी गई थी जबकि एक गोली सिर के पीछे से मारी थी। आरोपियों की तलाश में दिल्ली पुलिस की 10 टीमें छापेमारी कर रही हैं। वहीं दीपक भारद्वाज की पत्नी से भी पूछताछ की जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, उनके सीने में दो गोलियां मारी गई थी जबकि एक गोली सिर के पीछे से मारी थी। आरोपियों की तलाश में दिल्ली पुलिस की 10 टीमें छापेमारी कर रही हैं। वहीं दीपक भारद्वाज की पत्नी से भी पूछताछ की जा रही है।
संक्षिप्त सारांश: दिल्ली में मंगलवार को बीएसपी नेता और कारोबारी दीपक भारद्वाज की हत्या के मामले में पुलिस ने हरियाणा के जींद से तीन लोगों को हिरासत में लिया था जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया। पुलिस ने उस सैंट्रो कार को भी बरामद कर लिया है, जिसमें आरोपी बाद में भागे थे।
23
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: बिहार की बेगूसराय (Begusarai) लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष और सीपीआई (CPI) उम्मीदवार कन्हैया कुमार द्वारा डोनेशन के लिए शुरू की गई वेबसाइट डाउन हो गई है. वेबसाइट ओपन करने पर 'वी विल बी बैक सून' लिखा नजर रहा है. आपको बता दें कि कन्हैया कुमार इस वेबसाइट के जरिये ही चुनाव लड़ने के लिए लोगों से आर्थिक सहयोग मांग रहे हैं. उन्होंने पिछले 28 घंटे में 28 लाख रुपये भी जुटा लिये, लेकिन बृहस्पतिवार की सुबह वेबसाइट डाउन हो गई.  कन्हैया कुमार (Kanhaiya Kumar) ने इस बारे में अपने फेसबुक पेज पर लिखा, 'पिछले दो दिनों से लगातार साइबर अटैक करके बार-बार हमारी डोनेशन वाली वेबसाइट को बंद कराने की कोशिश की गई. वेबसाइट की तकनीकी टीम ने कई बार वेबसाइट को ठीक किया और आज उन्हें सर्वर डाउन करके एक बार फिर वेबसाइट को ठीक करना पड़ रहा है'' कन्हैया कुमार ने आगे लिखा, 'जिन्होंने सहयोग राशि भेजी है, वे निश्चिंत रहें क्योंकि उनका पैसा सुरक्षित है. हम जल्द-से-जल्द वेबसाइट ठीक करवाने की कोशिश कर रहे हैं. उम्मीद है कि आप यह जानकारी शेयर करके हमारी बात दूर तक पहुंचाने में मदद करेंगे. साज़िशें हारेंगी, हमारी एकता जीतेगी'. आपको बता दें कि कन्हैया कुमार बेगूसराय सीट से चुनाव मैदान में हैं. पूरे देश की नजर इस सीट पर टिक गई है. कन्हैया का मुकाबला बीजेपी नेता गिरिराज सिंह (Giriraj Singh) से है. तो वहीं, RJD ने बेगूसराय से तनवीर हसन को उम्मीदवार बनाया है. कन्हैया चुनाव के लिए लोगों से आर्थिक सहयोग मांग रहे हैं और ऑनलाइन 70 लाख रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है.
यह एक सारांश है: कन्हैया कुमार बेगूसराय से लड़ रहे हैं चुनाव वेबसाइट के जरिये लोगों से मांग रहे हैं आर्थिक सहयोग आज सुबह से वेबसाइट बंद हो गई है
24
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: साकेत कोर्ट बार एसोसिएशन ने फ़ैसला किया है कि उनके एसोसिएशन का कोई भी वकील दिल्ली गैंगरेप के आरोपियों की ओर से केस नहीं लड़ेगा।टिप्पणियां एसोसिएशन का कहना है कि वकीलों ने यह फ़ैसला कर लिया है लेकिन, इसके बावजूद कोर्ट चाहे तो आरोपियों को कानूनी सहायता दे सकता है। गौरतलब है कि साकेत कोर्ट में पांच फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाई जा रही हैं। इन्हीं में से एक का आज उद्घाटन देश के मुख्य न्यायाधीश अल्तमश कबीर ने किया। इसी कोर्ट में गुरुवार से दिल्ली गैंगरेप की शिकार लड़की का मामला चलेगा। एसोसिएशन का कहना है कि वकीलों ने यह फ़ैसला कर लिया है लेकिन, इसके बावजूद कोर्ट चाहे तो आरोपियों को कानूनी सहायता दे सकता है। गौरतलब है कि साकेत कोर्ट में पांच फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाई जा रही हैं। इन्हीं में से एक का आज उद्घाटन देश के मुख्य न्यायाधीश अल्तमश कबीर ने किया। इसी कोर्ट में गुरुवार से दिल्ली गैंगरेप की शिकार लड़की का मामला चलेगा। गौरतलब है कि साकेत कोर्ट में पांच फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाई जा रही हैं। इन्हीं में से एक का आज उद्घाटन देश के मुख्य न्यायाधीश अल्तमश कबीर ने किया। इसी कोर्ट में गुरुवार से दिल्ली गैंगरेप की शिकार लड़की का मामला चलेगा।
संक्षिप्त पाठ: साकेत कोर्ट बार एसोसिएशन ने फ़ैसला किया है कि उनके एसोसिएशन का कोई भी वकील दिल्ली गैंगरेप के आरोपियों की ओर से केस नहीं लड़ेगा।
27
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: हरियाणा विधानसभा चुनाव के रुझानों में भाजपा को नुकसान होते देख पार्टी आलाकमान ने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को दिल्ली तलब किया है. खट्टर अब करनाल की जगह दोपहर दो बजे दिल्ली आएंगे. दिल्ली में वह भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात करेंगे. वहीं, गृहमंत्री और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने अपना आईटीबीपी का कार्यक्रम भी छोड़ दिया. बता दें, अमित शाह 58वीं रेजिंग डे परेड के अवसर पर ग्रेटर नोएडा में सूरजपुर के लखनावली स्थित आईटीबीपी 39 बटालियन कैंप जाने वाले थे. वहां वह आईटीबीपी के 35 वीर जवानों और अफसरों को सम्मानित करने वाले थे. वहीं, अगर हरियाणा विधानसभा चुनाव के रुझानों की बात करें तो भाजपा को कांग्रेस कड़ी टक्कर देते हुए दिख रही है. पिछली बार 90 में से 47 सीट जीतने वाली भाजपा अभी 42 सीटों पर आगे बनी हुई है. वहीं कांग्रेस 27 सीटों पर आगे बनी हुई है. ऐसे में दुष्यंत चौटाला की पार्टी जेजेपी से कांग्रेस ने समर्थन के लिए संपर्क किया है. सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस ने जेजेपी को डिप्टी सीएम पद का ऑफर दिया है. वहीं, जेजेपी के नेता दुष्यंत चौटाला का कहना है कि उनकी पार्टी नई सरकार बनाने में अहम भूमिका निभाने वाली है. उन्होंने कहा कि राज्य में अगर किसी पार्टी को बहुमत नहीं मिलता है तो उनकी पार्टी नई सरकार बनाने में एक अहम भूमिका निभाएगी. साथ ही चौटाला ने कहा कि हम परिणाम आने के बाद ही तय करेंगे की हमें बीजेपी के साथ जाना है या कांग्रेस के साथ या फिर विपक्ष में बैठना है. हमारी पार्टी ने जाति और पार्टी लाइन से ऊपर उठकर काम किया है. हम राज्य में 75 फीसदी युवाओं को नौकरी देने, किसानों को सही कीमत , और महिलाओं सुरक्षा पर प्राथमिकता से काम चाहते हैं.
सारांश: सीएम खट्टर को बीजेपी आलाकमान ने दिल्ली किया तलब अमित शाह ने छोड़ा ITBP का कार्यक्रम सियासी गलियारों में हलचल तेज
31
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: उत्तर भारत के कई इलाकों में हो रही बारिश से लोगों को एक तरफ गर्मी से राहत मिली तो दूसरी तरफ जलभराव से परेशानी का सामना भी करना पड़ रहा है। राजधानी दिल्ली और एनसीआर में सुबह से ही भारी बारिश हो रही है। ऑफिस के टाइम पर हुई इस बारिश से लोगों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा। बारिश की वजह से कई इलाकों में पानी भी जमा हो गया जिससे यातायात प्रभावित हुआ। बारिश के चलते एम्स मेट्रो स्टेशन की दीवार गिर गई, जिसमें दो लोगों के घायल होने की खबर है। तेज बारिश की वजह से हिमाचल के नाथपा झाकड़ी समेत तीन पॉवर प्लांटों में बिजली उत्पादन ठप हो गया है। इसका नौ राज्यों में बिजली की सप्लाई पर असर हो सकता है। तेज बारिश के चलते पहाड़ों से बही मिट्टी के चलते उत्पादन को रोकना पड़ा है। उधर, राजस्थान के भी कुछ हिस्सों में थोड़ी बहुत बारिश हुई। राज्य की राजधानी जयपुर में 43.9 मिलीमीटर बारिश हुई। डबोक और चित्तौडगढ में क्रमश: 12 और 9.5 मिलीमीटर बारिश हुई। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान राज्य के कई इलाकों में बारिश होने का अनुमान व्यक्त किया है। उत्तराखंड के कई इलाकों में बारिश की बौछारें जारी हैं, जिसके कारण भूस्खलन आदि की खबरें मिली हैं। अगले 24 घंटे के दौरान भी कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। उत्तरकाशी जिले के मोरी इलाके के नूरानु गांव में मूसलाधार बारिश हुई, जिससे 19 घरों को नुकसान पहुंचा। भूस्खलन के कारण ऋषिकेष, यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर आवागमन प्रभावित हुआ है। पंजाब और हरियाणा में भी बारिश हुई है। उमस रहने के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा है।टिप्पणियां मौसम विभाग ने बताया है कि हरियाणा और पंजाब के कई स्थानों पर आद्रता स्तर 95 प्रतिशत रहा। हरियाणा के रोहतक में 36 मिलीमीटर बारिश हुई। पंजाब के लुधियाना में 30 मिलीमीटर बारिश हुई। रोहतक में अधिकतम तापमान 35.2 डिग्री सेल्सियस रहा, वहीं हिसार में अधिकतम तपमान 35.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तेज बारिश की वजह से हिमाचल के नाथपा झाकड़ी समेत तीन पॉवर प्लांटों में बिजली उत्पादन ठप हो गया है। इसका नौ राज्यों में बिजली की सप्लाई पर असर हो सकता है। तेज बारिश के चलते पहाड़ों से बही मिट्टी के चलते उत्पादन को रोकना पड़ा है। उधर, राजस्थान के भी कुछ हिस्सों में थोड़ी बहुत बारिश हुई। राज्य की राजधानी जयपुर में 43.9 मिलीमीटर बारिश हुई। डबोक और चित्तौडगढ में क्रमश: 12 और 9.5 मिलीमीटर बारिश हुई। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान राज्य के कई इलाकों में बारिश होने का अनुमान व्यक्त किया है। उत्तराखंड के कई इलाकों में बारिश की बौछारें जारी हैं, जिसके कारण भूस्खलन आदि की खबरें मिली हैं। अगले 24 घंटे के दौरान भी कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। उत्तरकाशी जिले के मोरी इलाके के नूरानु गांव में मूसलाधार बारिश हुई, जिससे 19 घरों को नुकसान पहुंचा। भूस्खलन के कारण ऋषिकेष, यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर आवागमन प्रभावित हुआ है। पंजाब और हरियाणा में भी बारिश हुई है। उमस रहने के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा है।टिप्पणियां मौसम विभाग ने बताया है कि हरियाणा और पंजाब के कई स्थानों पर आद्रता स्तर 95 प्रतिशत रहा। हरियाणा के रोहतक में 36 मिलीमीटर बारिश हुई। पंजाब के लुधियाना में 30 मिलीमीटर बारिश हुई। रोहतक में अधिकतम तापमान 35.2 डिग्री सेल्सियस रहा, वहीं हिसार में अधिकतम तपमान 35.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। उधर, राजस्थान के भी कुछ हिस्सों में थोड़ी बहुत बारिश हुई। राज्य की राजधानी जयपुर में 43.9 मिलीमीटर बारिश हुई। डबोक और चित्तौडगढ में क्रमश: 12 और 9.5 मिलीमीटर बारिश हुई। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान राज्य के कई इलाकों में बारिश होने का अनुमान व्यक्त किया है। उत्तराखंड के कई इलाकों में बारिश की बौछारें जारी हैं, जिसके कारण भूस्खलन आदि की खबरें मिली हैं। अगले 24 घंटे के दौरान भी कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। उत्तरकाशी जिले के मोरी इलाके के नूरानु गांव में मूसलाधार बारिश हुई, जिससे 19 घरों को नुकसान पहुंचा। भूस्खलन के कारण ऋषिकेष, यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर आवागमन प्रभावित हुआ है। पंजाब और हरियाणा में भी बारिश हुई है। उमस रहने के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा है।टिप्पणियां मौसम विभाग ने बताया है कि हरियाणा और पंजाब के कई स्थानों पर आद्रता स्तर 95 प्रतिशत रहा। हरियाणा के रोहतक में 36 मिलीमीटर बारिश हुई। पंजाब के लुधियाना में 30 मिलीमीटर बारिश हुई। रोहतक में अधिकतम तापमान 35.2 डिग्री सेल्सियस रहा, वहीं हिसार में अधिकतम तपमान 35.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। उत्तराखंड के कई इलाकों में बारिश की बौछारें जारी हैं, जिसके कारण भूस्खलन आदि की खबरें मिली हैं। अगले 24 घंटे के दौरान भी कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। उत्तरकाशी जिले के मोरी इलाके के नूरानु गांव में मूसलाधार बारिश हुई, जिससे 19 घरों को नुकसान पहुंचा। भूस्खलन के कारण ऋषिकेष, यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर आवागमन प्रभावित हुआ है। पंजाब और हरियाणा में भी बारिश हुई है। उमस रहने के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा है।टिप्पणियां मौसम विभाग ने बताया है कि हरियाणा और पंजाब के कई स्थानों पर आद्रता स्तर 95 प्रतिशत रहा। हरियाणा के रोहतक में 36 मिलीमीटर बारिश हुई। पंजाब के लुधियाना में 30 मिलीमीटर बारिश हुई। रोहतक में अधिकतम तापमान 35.2 डिग्री सेल्सियस रहा, वहीं हिसार में अधिकतम तपमान 35.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने बताया है कि हरियाणा और पंजाब के कई स्थानों पर आद्रता स्तर 95 प्रतिशत रहा। हरियाणा के रोहतक में 36 मिलीमीटर बारिश हुई। पंजाब के लुधियाना में 30 मिलीमीटर बारिश हुई। रोहतक में अधिकतम तापमान 35.2 डिग्री सेल्सियस रहा, वहीं हिसार में अधिकतम तपमान 35.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रोहतक में अधिकतम तापमान 35.2 डिग्री सेल्सियस रहा, वहीं हिसार में अधिकतम तपमान 35.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
सारांश: तेज बारिश की वजह से हिमाचल के नाथपा झाकड़ी समेत तीन पॉवर प्लांटों में बिजली उत्पादन ठप हो गया है। इसका नौ राज्यों में बिजली की सप्लाई पर असर हो सकता है।
33
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: आज रिलीज़ हुई है 'ज़ंजीर', जो वर्ष 1973 में आई अमिताभ बच्चन अभिनीत 'ज़ंजीर' का रीमेक है, और इस नई फिल्म का निर्देशन किया है अपूर्व लखिया ने... रीमेक 'ज़ंजीर' में मुख्य भूमिकाएं निभाई हैं रामचरण तेजा, प्रियंका चोपड़ा, संजय दत्त, माही गिल और प्रकाश राज ने... पुरानी 'ज़ंजीर' करीब-करीब सभी ने देखी होगी, जो इंस्पेक्टर विजय की कहानी थी, जिसके माता-पिता की हत्या के पीछे एक स्मगलर तेजा, यानि अजीत का हाथ है... बस, बचपन से ही इंस्पेक्टर विजय के दिमाग में यह भयानक हादसा घर बना लेता है और उसे तलाश रहती है अपने माता-पिता के कातिल की... बिल्कुल यही कहानी है नई 'ज़ंजीर' की... हां, किरदार बदल गए हैं... पहली बात यह है कि अगर आप इसे रीमेक की तरह देखेंगे तो यह फिल्म आपको मायूस करेगी, क्योंकि वर्ष 1973 की 'ज़ंजीर' उस गाढ़ी लकीर की तरह है, जिसे मिटाया नहीं जा सकता, लेकिन अगर आप नई 'ज़ंजीर' को आजकल के चलन में आई एक और मसाला फिल्म की तरह देखेंगे तो आप थियेटर से पैसा वसूल करके निकल आएंगे, हालांकि इस फिल्म का स्क्रीनप्ले भी कुछ ढीला है... नई 'ज़ंजीर' में एक-दूसरे को जोड़ने वाले सीन्स और डॉयलाग्स पर ध्यान नहीं दिया गया... फिल्म देखते वक्त झटके लगते हैं, क्योंकि सीन्स कहीं से कहीं पहुंच जाते हैं... दूसरा, अमिताभ बच्चन का डॉयलाग, "यह पुलिस स्टेशन है, तुम्हारे बाप का घर नहीं..." रामचरण से नहीं बुलवाना चाहिए था, क्योंकि ओरिजनल चीज हमेशा ओरिजनल ही होती है... टिप्पणियां वहीं, शेर खान के किरदार के साथ संजय दत्त भी न्याय नहीं कर पाए हैं, लेकिन फिर भी यही कहूंगा कि रामचरण में दम है, अगर इस फिल्म में उनकी तुलना अमिताभ बच्चन से न की जाए... प्रियंका चोपड़ा का किरदार जया बच्चन के किरदार की तरह मासूम तो नहीं, लेकिन चुलबुला ज़रूर है... नई 'ज़ंजीर' में माला के किरदार में वह ठहराव नहीं है... प्रियंका चोपड़ा को जितना मिला, उन्होंने ठीक-ठाक निभा दिया... प्रकाश राज को एक ही तरह के रोल्स करने से अब बचना चाहिए... वह एक अच्छे एक्टर हैं, लेकिन यहां उन्होंने वही किया, जो हम 'वॉन्टेड' से 'सिंघम' तक देखते आए हैं... एक बात और... बैकग्राउंड में 'रघुपति राघव राजाराम...' का कोरस न विषय के साथ मेल खाता है, न विचारधारा के साथ... पता नहीं, अपूर्व ने इसे क्यों इस्तेमाल किया...? फिल्म का एक्शन अच्छा है... फिल्म की गति आपको पकड़े रहती है... आप स्क्रीन पर देखते रहते हैं कि कुछ चल रहा है... अगर इस फिल्म में 'वाह...' फैक्टर नहीं है, तो 'यह क्या...?' फैक्टर भी नहीं है... कुल मिलाकर यह एक एवरेज फिल्म है, और मेरी तरफ से 'ज़ंजीर' की रेटिंग है - 2.5 स्टार... बस, बचपन से ही इंस्पेक्टर विजय के दिमाग में यह भयानक हादसा घर बना लेता है और उसे तलाश रहती है अपने माता-पिता के कातिल की... बिल्कुल यही कहानी है नई 'ज़ंजीर' की... हां, किरदार बदल गए हैं... पहली बात यह है कि अगर आप इसे रीमेक की तरह देखेंगे तो यह फिल्म आपको मायूस करेगी, क्योंकि वर्ष 1973 की 'ज़ंजीर' उस गाढ़ी लकीर की तरह है, जिसे मिटाया नहीं जा सकता, लेकिन अगर आप नई 'ज़ंजीर' को आजकल के चलन में आई एक और मसाला फिल्म की तरह देखेंगे तो आप थियेटर से पैसा वसूल करके निकल आएंगे, हालांकि इस फिल्म का स्क्रीनप्ले भी कुछ ढीला है... नई 'ज़ंजीर' में एक-दूसरे को जोड़ने वाले सीन्स और डॉयलाग्स पर ध्यान नहीं दिया गया... फिल्म देखते वक्त झटके लगते हैं, क्योंकि सीन्स कहीं से कहीं पहुंच जाते हैं... दूसरा, अमिताभ बच्चन का डॉयलाग, "यह पुलिस स्टेशन है, तुम्हारे बाप का घर नहीं..." रामचरण से नहीं बुलवाना चाहिए था, क्योंकि ओरिजनल चीज हमेशा ओरिजनल ही होती है... टिप्पणियां वहीं, शेर खान के किरदार के साथ संजय दत्त भी न्याय नहीं कर पाए हैं, लेकिन फिर भी यही कहूंगा कि रामचरण में दम है, अगर इस फिल्म में उनकी तुलना अमिताभ बच्चन से न की जाए... प्रियंका चोपड़ा का किरदार जया बच्चन के किरदार की तरह मासूम तो नहीं, लेकिन चुलबुला ज़रूर है... नई 'ज़ंजीर' में माला के किरदार में वह ठहराव नहीं है... प्रियंका चोपड़ा को जितना मिला, उन्होंने ठीक-ठाक निभा दिया... प्रकाश राज को एक ही तरह के रोल्स करने से अब बचना चाहिए... वह एक अच्छे एक्टर हैं, लेकिन यहां उन्होंने वही किया, जो हम 'वॉन्टेड' से 'सिंघम' तक देखते आए हैं... एक बात और... बैकग्राउंड में 'रघुपति राघव राजाराम...' का कोरस न विषय के साथ मेल खाता है, न विचारधारा के साथ... पता नहीं, अपूर्व ने इसे क्यों इस्तेमाल किया...? फिल्म का एक्शन अच्छा है... फिल्म की गति आपको पकड़े रहती है... आप स्क्रीन पर देखते रहते हैं कि कुछ चल रहा है... अगर इस फिल्म में 'वाह...' फैक्टर नहीं है, तो 'यह क्या...?' फैक्टर भी नहीं है... कुल मिलाकर यह एक एवरेज फिल्म है, और मेरी तरफ से 'ज़ंजीर' की रेटिंग है - 2.5 स्टार... नई 'ज़ंजीर' में एक-दूसरे को जोड़ने वाले सीन्स और डॉयलाग्स पर ध्यान नहीं दिया गया... फिल्म देखते वक्त झटके लगते हैं, क्योंकि सीन्स कहीं से कहीं पहुंच जाते हैं... दूसरा, अमिताभ बच्चन का डॉयलाग, "यह पुलिस स्टेशन है, तुम्हारे बाप का घर नहीं..." रामचरण से नहीं बुलवाना चाहिए था, क्योंकि ओरिजनल चीज हमेशा ओरिजनल ही होती है... टिप्पणियां वहीं, शेर खान के किरदार के साथ संजय दत्त भी न्याय नहीं कर पाए हैं, लेकिन फिर भी यही कहूंगा कि रामचरण में दम है, अगर इस फिल्म में उनकी तुलना अमिताभ बच्चन से न की जाए... प्रियंका चोपड़ा का किरदार जया बच्चन के किरदार की तरह मासूम तो नहीं, लेकिन चुलबुला ज़रूर है... नई 'ज़ंजीर' में माला के किरदार में वह ठहराव नहीं है... प्रियंका चोपड़ा को जितना मिला, उन्होंने ठीक-ठाक निभा दिया... प्रकाश राज को एक ही तरह के रोल्स करने से अब बचना चाहिए... वह एक अच्छे एक्टर हैं, लेकिन यहां उन्होंने वही किया, जो हम 'वॉन्टेड' से 'सिंघम' तक देखते आए हैं... एक बात और... बैकग्राउंड में 'रघुपति राघव राजाराम...' का कोरस न विषय के साथ मेल खाता है, न विचारधारा के साथ... पता नहीं, अपूर्व ने इसे क्यों इस्तेमाल किया...? फिल्म का एक्शन अच्छा है... फिल्म की गति आपको पकड़े रहती है... आप स्क्रीन पर देखते रहते हैं कि कुछ चल रहा है... अगर इस फिल्म में 'वाह...' फैक्टर नहीं है, तो 'यह क्या...?' फैक्टर भी नहीं है... कुल मिलाकर यह एक एवरेज फिल्म है, और मेरी तरफ से 'ज़ंजीर' की रेटिंग है - 2.5 स्टार... वहीं, शेर खान के किरदार के साथ संजय दत्त भी न्याय नहीं कर पाए हैं, लेकिन फिर भी यही कहूंगा कि रामचरण में दम है, अगर इस फिल्म में उनकी तुलना अमिताभ बच्चन से न की जाए... प्रियंका चोपड़ा का किरदार जया बच्चन के किरदार की तरह मासूम तो नहीं, लेकिन चुलबुला ज़रूर है... नई 'ज़ंजीर' में माला के किरदार में वह ठहराव नहीं है... प्रियंका चोपड़ा को जितना मिला, उन्होंने ठीक-ठाक निभा दिया... प्रकाश राज को एक ही तरह के रोल्स करने से अब बचना चाहिए... वह एक अच्छे एक्टर हैं, लेकिन यहां उन्होंने वही किया, जो हम 'वॉन्टेड' से 'सिंघम' तक देखते आए हैं... एक बात और... बैकग्राउंड में 'रघुपति राघव राजाराम...' का कोरस न विषय के साथ मेल खाता है, न विचारधारा के साथ... पता नहीं, अपूर्व ने इसे क्यों इस्तेमाल किया...? फिल्म का एक्शन अच्छा है... फिल्म की गति आपको पकड़े रहती है... आप स्क्रीन पर देखते रहते हैं कि कुछ चल रहा है... अगर इस फिल्म में 'वाह...' फैक्टर नहीं है, तो 'यह क्या...?' फैक्टर भी नहीं है... कुल मिलाकर यह एक एवरेज फिल्म है, और मेरी तरफ से 'ज़ंजीर' की रेटिंग है - 2.5 स्टार... एक बात और... बैकग्राउंड में 'रघुपति राघव राजाराम...' का कोरस न विषय के साथ मेल खाता है, न विचारधारा के साथ... पता नहीं, अपूर्व ने इसे क्यों इस्तेमाल किया...? फिल्म का एक्शन अच्छा है... फिल्म की गति आपको पकड़े रहती है... आप स्क्रीन पर देखते रहते हैं कि कुछ चल रहा है... अगर इस फिल्म में 'वाह...' फैक्टर नहीं है, तो 'यह क्या...?' फैक्टर भी नहीं है... कुल मिलाकर यह एक एवरेज फिल्म है, और मेरी तरफ से 'ज़ंजीर' की रेटिंग है - 2.5 स्टार...
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: वर्ष 1973 की 'ज़ंजीर' उस गाढ़ी लकीर की तरह है, जिसे मिटाया नहीं जा सकता, लेकिन अगर आप नई 'ज़ंजीर' को आजकल के चलन में आई एक और मसाला फिल्म की तरह देखेंगे तो आप थियेटर से पैसा वसूल करके निकल आएंगे...
19
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के एक सीनियर इंस्पेक्टर बद्रीश दत्त की हत्या कर दी गई। बद्रीश को गोली मारने के बाद आरोपी महिला ने खुद भी जान दे दी।टिप्पणियां यह घटना दिल्ली से सटे गुड़गांव की है। गीता नामक आरोपी महिला को क्राइम ब्रांच ने गृह मंत्रालय के फर्जी कागजात बनाने के मामले में गिरफ्तार किया था। बाद में गीता को जमानत मिल गई थी। पता चला है कि करीब एक साल से बद्रीश और गीता साथ रह रहे थे। बद्रीश दत्त स्पेशल सेल की नई दिल्ली रेंज में तैनात थे। उन्होंने कई एनकाउंटर किए थे और इंडियन मुजाहिदीन के कई मॉड्यूल का पर्दाफाश किया था। यह घटना दिल्ली से सटे गुड़गांव की है। गीता नामक आरोपी महिला को क्राइम ब्रांच ने गृह मंत्रालय के फर्जी कागजात बनाने के मामले में गिरफ्तार किया था। बाद में गीता को जमानत मिल गई थी। पता चला है कि करीब एक साल से बद्रीश और गीता साथ रह रहे थे। बद्रीश दत्त स्पेशल सेल की नई दिल्ली रेंज में तैनात थे। उन्होंने कई एनकाउंटर किए थे और इंडियन मुजाहिदीन के कई मॉड्यूल का पर्दाफाश किया था। पता चला है कि करीब एक साल से बद्रीश और गीता साथ रह रहे थे। बद्रीश दत्त स्पेशल सेल की नई दिल्ली रेंज में तैनात थे। उन्होंने कई एनकाउंटर किए थे और इंडियन मुजाहिदीन के कई मॉड्यूल का पर्दाफाश किया था।
संक्षिप्त पाठ: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के एक सीनियर इंस्पेक्टर बद्रीश दत्त की हत्या कर दी गई। बद्रीश को गोली मारने के बाद आरोपी महिला ने खुद भी जान दे दी।
14
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नोटबंदी के तूफान पर सवारी जारी रख सकते हैं, क्योंकि विभाजित होने के अलावा राष्ट्रीय स्तर पर उनके विपक्षियों के पास साख की कमी है और आम लोगों में असुविधाएं झेलने का असाधारण धैर्य. इस बीच गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान और चंडीगढ़ के निगम चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को मिली जीत से जाहिर होता है कि अब तक प्रधानमंत्री में लोगों का विश्वास बना हुआ है. यह भी सच है कि मोदी की कटु आलोचक तृणमूल कांग्रेस ने भी अपने राजनीतिक हलके में कई चुनाव जीते हैं. इससे जाहिर होता है कि राजनीतिक दलों के प्रभाव क्षेत्र मजबूती से सीमांकित हैं, लेकिन निस्संदेह मोदी के प्रभाव एक बड़े क्षेत्र में फैले हुए हैं. लेकिन वास्तव में मोदी की अग्नि परीक्षा अगले साल उत्तर प्रदेश में होगी, जिसकी अहमियत पंजाब, गोवा, मणिपुर और उत्तराखंड में एक ही समय में होने वाले विधानसभा चुनावों से कहीं अधिक है. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के परिणाम दर्शाएंगे कि भाजपा के विकास पुरुष किस तरह अपने कार्यकाल का आधा सफर पूरा कर रहे हैं. परीक्षा इसलिए भी अधिक महत्वपूर्ण है क्योंकि नोटबंदी आर्थिक सुधार का हिस्सा है जिसे मोदी लागू करना चाहते हैं. लेकिन जहां तक रोजगार सृजन का सवाल है तो 'सबका साथ और सबका विकास' कार्यक्रम अब तक खास सफल नहीं रहा है. शायद इसीलिए मोदी की केंद्र सरकार समानांतर अर्थव्यवस्था पर रोक लगाने की और देश में नकदी रहित प्रणाली लागू करने की नई नीति पर काम कर रही है ताकि अगले आम चुनाव की वैतरणी पार करने मदद मिले. इस लिहाज से राजनीतिक हृदयस्थल होने के नाते उत्तर प्रदेश ने लोगों की मनोदशा के संकेत देने में हमेशा अहम भूमिका अदा की है. हिंदी भाषी राज्य बिहार में मात खाने के बाद मोदी बिल्कुल नहीं चाहेंगे कि उत्तर प्रदेश भी भाजपा के हाथ से निकल जाए. लोकसभा चुनाव-2014 में शानदार प्रदर्शन कर 80 में से 71 सीटों पर कब्जा जमाने वाली भाजपा को उत्तर प्रदेश में दो दलों, सत्ताधारी समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा), कड़ी टक्कर मिलने की उम्मीद है और वे चाहेंगे कि लोकसभा चुनाव में उनके गठबंधन दल बेहतर प्रदर्शन करें. अपना दल ने लोकसभा चुनाव में दो सीटें जीती थीं. कुछ समय पहले सपा में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और उनके चाचा शिवपाल यादव के बीच पारिवारिक झगड़े से प्रतीत हुआ कि भाजपा को बढ़त मिलेगी, लेकिन पारिवारिक कलह कुछ समय के लिए थम चुका है, क्योंकि मुलायम सिंह यादव ने शायद यह महसूस कर लिया है कि आंतरिक झगड़े से पार्टी अपनी कब्र खोद रही है. आज के युवा राजनीतिक नेताओं की तरह विकास के पक्षधर अखिलेश यादव ने बड़ों के साथ विवाद में संलग्न होने के दौरान समय की बर्बादी की भरपाई के लिए जोर-शोर से अनेक विकासोन्मुख योजनाएं शुरू की हैं. इसलिए मोदी इस हकीकत से वाकिफ होंगे कि सपा से और अधिक लाभ मिलना आसान नहीं है, जैसा कि उन्होंने उसके आंतरिक कलह के समय सोचा था. फिर भी, अगर सपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन होता है तो भाजपा के लिए चुनौती और भी दुर्जेय हो जाएगी, क्योंकि मुस्लिम-यादव गठजोड़ फिर से बन जाएगा जिसके लिए बिहार कभी जाना जाता था. भाजपा के लिए प्रतिकूल परिस्थिति यह है कि एक छोटा-सा अपना दल के अलावा प्रदेश में उसका कोई अन्य घटक दल नहीं है, और न ही उसके पास कोई मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार है. मोदी ही उसकी एकमात्र पूंजी हैं और उनका प्रभाव भी लोकसभा चुनाव-2014 जैसा नहीं रह गया है. उत्तर प्रदेश में भाजपा की उपस्थिति महसूस कराने के लिए खास तौर से 50 दिनों बाद उनके नोटबंदी के दांव को उड़ान भरना होगा. यह समयसीमा दिसंबर के अंत में समाप्त होगी. लेकिन अगर बैंकों के बाहर कतारें लंबी रहती हैं तो मोदी के सामने एक बड़ी चुनौती होगी. क्योंकि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि 50 दिनों की समयसीमा समाप्त होने के बाद वह प्रधानमंत्री के समर्थन करने वाली स्थिति पर पुनर्विचार करेंगे. उधर, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रमुख लालू प्रसाद ने पहले ही कहा है कि दिसंबर के अंत से पहले वह मोदी के विरोधियों के पक्ष में खड़े होंगे. इसके बाद मोदी के पक्ष में केवल ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ही बच जाएंगे.टिप्पणियां जहां तक युवा पीढ़ी का सवाल है तो उनसे प्रधनमंत्री का बिहार के दिग्गजों या ममता बनर्जी की तुलना में अधिक जुड़ाव है. क्योंकि लगातार माना जा रहा है कि मोदी में अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने की क्षमता है. लेकिन दूरदर्शी छवि के कारण अखिलेश यादव भी उत्तर प्रदेश के युवाओं के बीच काफी पसंद किए जाते हैं. अगर उप्र में चुनावी दंगल मोदी बनाम अखिलेश होने जा रहा है और भाजपा हार जाती है तो राजनीतिक रूप से प्रधानमंत्री को भारी क्षति होगी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) यह भी सच है कि मोदी की कटु आलोचक तृणमूल कांग्रेस ने भी अपने राजनीतिक हलके में कई चुनाव जीते हैं. इससे जाहिर होता है कि राजनीतिक दलों के प्रभाव क्षेत्र मजबूती से सीमांकित हैं, लेकिन निस्संदेह मोदी के प्रभाव एक बड़े क्षेत्र में फैले हुए हैं. लेकिन वास्तव में मोदी की अग्नि परीक्षा अगले साल उत्तर प्रदेश में होगी, जिसकी अहमियत पंजाब, गोवा, मणिपुर और उत्तराखंड में एक ही समय में होने वाले विधानसभा चुनावों से कहीं अधिक है. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के परिणाम दर्शाएंगे कि भाजपा के विकास पुरुष किस तरह अपने कार्यकाल का आधा सफर पूरा कर रहे हैं. परीक्षा इसलिए भी अधिक महत्वपूर्ण है क्योंकि नोटबंदी आर्थिक सुधार का हिस्सा है जिसे मोदी लागू करना चाहते हैं. लेकिन जहां तक रोजगार सृजन का सवाल है तो 'सबका साथ और सबका विकास' कार्यक्रम अब तक खास सफल नहीं रहा है. शायद इसीलिए मोदी की केंद्र सरकार समानांतर अर्थव्यवस्था पर रोक लगाने की और देश में नकदी रहित प्रणाली लागू करने की नई नीति पर काम कर रही है ताकि अगले आम चुनाव की वैतरणी पार करने मदद मिले. इस लिहाज से राजनीतिक हृदयस्थल होने के नाते उत्तर प्रदेश ने लोगों की मनोदशा के संकेत देने में हमेशा अहम भूमिका अदा की है. हिंदी भाषी राज्य बिहार में मात खाने के बाद मोदी बिल्कुल नहीं चाहेंगे कि उत्तर प्रदेश भी भाजपा के हाथ से निकल जाए. लोकसभा चुनाव-2014 में शानदार प्रदर्शन कर 80 में से 71 सीटों पर कब्जा जमाने वाली भाजपा को उत्तर प्रदेश में दो दलों, सत्ताधारी समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा), कड़ी टक्कर मिलने की उम्मीद है और वे चाहेंगे कि लोकसभा चुनाव में उनके गठबंधन दल बेहतर प्रदर्शन करें. अपना दल ने लोकसभा चुनाव में दो सीटें जीती थीं. कुछ समय पहले सपा में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और उनके चाचा शिवपाल यादव के बीच पारिवारिक झगड़े से प्रतीत हुआ कि भाजपा को बढ़त मिलेगी, लेकिन पारिवारिक कलह कुछ समय के लिए थम चुका है, क्योंकि मुलायम सिंह यादव ने शायद यह महसूस कर लिया है कि आंतरिक झगड़े से पार्टी अपनी कब्र खोद रही है. आज के युवा राजनीतिक नेताओं की तरह विकास के पक्षधर अखिलेश यादव ने बड़ों के साथ विवाद में संलग्न होने के दौरान समय की बर्बादी की भरपाई के लिए जोर-शोर से अनेक विकासोन्मुख योजनाएं शुरू की हैं. इसलिए मोदी इस हकीकत से वाकिफ होंगे कि सपा से और अधिक लाभ मिलना आसान नहीं है, जैसा कि उन्होंने उसके आंतरिक कलह के समय सोचा था. फिर भी, अगर सपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन होता है तो भाजपा के लिए चुनौती और भी दुर्जेय हो जाएगी, क्योंकि मुस्लिम-यादव गठजोड़ फिर से बन जाएगा जिसके लिए बिहार कभी जाना जाता था. भाजपा के लिए प्रतिकूल परिस्थिति यह है कि एक छोटा-सा अपना दल के अलावा प्रदेश में उसका कोई अन्य घटक दल नहीं है, और न ही उसके पास कोई मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार है. मोदी ही उसकी एकमात्र पूंजी हैं और उनका प्रभाव भी लोकसभा चुनाव-2014 जैसा नहीं रह गया है. उत्तर प्रदेश में भाजपा की उपस्थिति महसूस कराने के लिए खास तौर से 50 दिनों बाद उनके नोटबंदी के दांव को उड़ान भरना होगा. यह समयसीमा दिसंबर के अंत में समाप्त होगी. लेकिन अगर बैंकों के बाहर कतारें लंबी रहती हैं तो मोदी के सामने एक बड़ी चुनौती होगी. क्योंकि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि 50 दिनों की समयसीमा समाप्त होने के बाद वह प्रधानमंत्री के समर्थन करने वाली स्थिति पर पुनर्विचार करेंगे. उधर, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रमुख लालू प्रसाद ने पहले ही कहा है कि दिसंबर के अंत से पहले वह मोदी के विरोधियों के पक्ष में खड़े होंगे. इसके बाद मोदी के पक्ष में केवल ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ही बच जाएंगे.टिप्पणियां जहां तक युवा पीढ़ी का सवाल है तो उनसे प्रधनमंत्री का बिहार के दिग्गजों या ममता बनर्जी की तुलना में अधिक जुड़ाव है. क्योंकि लगातार माना जा रहा है कि मोदी में अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने की क्षमता है. लेकिन दूरदर्शी छवि के कारण अखिलेश यादव भी उत्तर प्रदेश के युवाओं के बीच काफी पसंद किए जाते हैं. अगर उप्र में चुनावी दंगल मोदी बनाम अखिलेश होने जा रहा है और भाजपा हार जाती है तो राजनीतिक रूप से प्रधानमंत्री को भारी क्षति होगी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) परीक्षा इसलिए भी अधिक महत्वपूर्ण है क्योंकि नोटबंदी आर्थिक सुधार का हिस्सा है जिसे मोदी लागू करना चाहते हैं. लेकिन जहां तक रोजगार सृजन का सवाल है तो 'सबका साथ और सबका विकास' कार्यक्रम अब तक खास सफल नहीं रहा है. शायद इसीलिए मोदी की केंद्र सरकार समानांतर अर्थव्यवस्था पर रोक लगाने की और देश में नकदी रहित प्रणाली लागू करने की नई नीति पर काम कर रही है ताकि अगले आम चुनाव की वैतरणी पार करने मदद मिले. इस लिहाज से राजनीतिक हृदयस्थल होने के नाते उत्तर प्रदेश ने लोगों की मनोदशा के संकेत देने में हमेशा अहम भूमिका अदा की है. हिंदी भाषी राज्य बिहार में मात खाने के बाद मोदी बिल्कुल नहीं चाहेंगे कि उत्तर प्रदेश भी भाजपा के हाथ से निकल जाए. लोकसभा चुनाव-2014 में शानदार प्रदर्शन कर 80 में से 71 सीटों पर कब्जा जमाने वाली भाजपा को उत्तर प्रदेश में दो दलों, सत्ताधारी समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा), कड़ी टक्कर मिलने की उम्मीद है और वे चाहेंगे कि लोकसभा चुनाव में उनके गठबंधन दल बेहतर प्रदर्शन करें. अपना दल ने लोकसभा चुनाव में दो सीटें जीती थीं. कुछ समय पहले सपा में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और उनके चाचा शिवपाल यादव के बीच पारिवारिक झगड़े से प्रतीत हुआ कि भाजपा को बढ़त मिलेगी, लेकिन पारिवारिक कलह कुछ समय के लिए थम चुका है, क्योंकि मुलायम सिंह यादव ने शायद यह महसूस कर लिया है कि आंतरिक झगड़े से पार्टी अपनी कब्र खोद रही है. आज के युवा राजनीतिक नेताओं की तरह विकास के पक्षधर अखिलेश यादव ने बड़ों के साथ विवाद में संलग्न होने के दौरान समय की बर्बादी की भरपाई के लिए जोर-शोर से अनेक विकासोन्मुख योजनाएं शुरू की हैं. इसलिए मोदी इस हकीकत से वाकिफ होंगे कि सपा से और अधिक लाभ मिलना आसान नहीं है, जैसा कि उन्होंने उसके आंतरिक कलह के समय सोचा था. फिर भी, अगर सपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन होता है तो भाजपा के लिए चुनौती और भी दुर्जेय हो जाएगी, क्योंकि मुस्लिम-यादव गठजोड़ फिर से बन जाएगा जिसके लिए बिहार कभी जाना जाता था. भाजपा के लिए प्रतिकूल परिस्थिति यह है कि एक छोटा-सा अपना दल के अलावा प्रदेश में उसका कोई अन्य घटक दल नहीं है, और न ही उसके पास कोई मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार है. मोदी ही उसकी एकमात्र पूंजी हैं और उनका प्रभाव भी लोकसभा चुनाव-2014 जैसा नहीं रह गया है. उत्तर प्रदेश में भाजपा की उपस्थिति महसूस कराने के लिए खास तौर से 50 दिनों बाद उनके नोटबंदी के दांव को उड़ान भरना होगा. यह समयसीमा दिसंबर के अंत में समाप्त होगी. लेकिन अगर बैंकों के बाहर कतारें लंबी रहती हैं तो मोदी के सामने एक बड़ी चुनौती होगी. क्योंकि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि 50 दिनों की समयसीमा समाप्त होने के बाद वह प्रधानमंत्री के समर्थन करने वाली स्थिति पर पुनर्विचार करेंगे. उधर, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रमुख लालू प्रसाद ने पहले ही कहा है कि दिसंबर के अंत से पहले वह मोदी के विरोधियों के पक्ष में खड़े होंगे. इसके बाद मोदी के पक्ष में केवल ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ही बच जाएंगे.टिप्पणियां जहां तक युवा पीढ़ी का सवाल है तो उनसे प्रधनमंत्री का बिहार के दिग्गजों या ममता बनर्जी की तुलना में अधिक जुड़ाव है. क्योंकि लगातार माना जा रहा है कि मोदी में अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने की क्षमता है. लेकिन दूरदर्शी छवि के कारण अखिलेश यादव भी उत्तर प्रदेश के युवाओं के बीच काफी पसंद किए जाते हैं. अगर उप्र में चुनावी दंगल मोदी बनाम अखिलेश होने जा रहा है और भाजपा हार जाती है तो राजनीतिक रूप से प्रधानमंत्री को भारी क्षति होगी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इस लिहाज से राजनीतिक हृदयस्थल होने के नाते उत्तर प्रदेश ने लोगों की मनोदशा के संकेत देने में हमेशा अहम भूमिका अदा की है. हिंदी भाषी राज्य बिहार में मात खाने के बाद मोदी बिल्कुल नहीं चाहेंगे कि उत्तर प्रदेश भी भाजपा के हाथ से निकल जाए. लोकसभा चुनाव-2014 में शानदार प्रदर्शन कर 80 में से 71 सीटों पर कब्जा जमाने वाली भाजपा को उत्तर प्रदेश में दो दलों, सत्ताधारी समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा), कड़ी टक्कर मिलने की उम्मीद है और वे चाहेंगे कि लोकसभा चुनाव में उनके गठबंधन दल बेहतर प्रदर्शन करें. अपना दल ने लोकसभा चुनाव में दो सीटें जीती थीं. कुछ समय पहले सपा में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और उनके चाचा शिवपाल यादव के बीच पारिवारिक झगड़े से प्रतीत हुआ कि भाजपा को बढ़त मिलेगी, लेकिन पारिवारिक कलह कुछ समय के लिए थम चुका है, क्योंकि मुलायम सिंह यादव ने शायद यह महसूस कर लिया है कि आंतरिक झगड़े से पार्टी अपनी कब्र खोद रही है. आज के युवा राजनीतिक नेताओं की तरह विकास के पक्षधर अखिलेश यादव ने बड़ों के साथ विवाद में संलग्न होने के दौरान समय की बर्बादी की भरपाई के लिए जोर-शोर से अनेक विकासोन्मुख योजनाएं शुरू की हैं. इसलिए मोदी इस हकीकत से वाकिफ होंगे कि सपा से और अधिक लाभ मिलना आसान नहीं है, जैसा कि उन्होंने उसके आंतरिक कलह के समय सोचा था. फिर भी, अगर सपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन होता है तो भाजपा के लिए चुनौती और भी दुर्जेय हो जाएगी, क्योंकि मुस्लिम-यादव गठजोड़ फिर से बन जाएगा जिसके लिए बिहार कभी जाना जाता था. भाजपा के लिए प्रतिकूल परिस्थिति यह है कि एक छोटा-सा अपना दल के अलावा प्रदेश में उसका कोई अन्य घटक दल नहीं है, और न ही उसके पास कोई मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार है. मोदी ही उसकी एकमात्र पूंजी हैं और उनका प्रभाव भी लोकसभा चुनाव-2014 जैसा नहीं रह गया है. उत्तर प्रदेश में भाजपा की उपस्थिति महसूस कराने के लिए खास तौर से 50 दिनों बाद उनके नोटबंदी के दांव को उड़ान भरना होगा. यह समयसीमा दिसंबर के अंत में समाप्त होगी. लेकिन अगर बैंकों के बाहर कतारें लंबी रहती हैं तो मोदी के सामने एक बड़ी चुनौती होगी. क्योंकि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि 50 दिनों की समयसीमा समाप्त होने के बाद वह प्रधानमंत्री के समर्थन करने वाली स्थिति पर पुनर्विचार करेंगे. उधर, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रमुख लालू प्रसाद ने पहले ही कहा है कि दिसंबर के अंत से पहले वह मोदी के विरोधियों के पक्ष में खड़े होंगे. इसके बाद मोदी के पक्ष में केवल ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ही बच जाएंगे.टिप्पणियां जहां तक युवा पीढ़ी का सवाल है तो उनसे प्रधनमंत्री का बिहार के दिग्गजों या ममता बनर्जी की तुलना में अधिक जुड़ाव है. क्योंकि लगातार माना जा रहा है कि मोदी में अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने की क्षमता है. लेकिन दूरदर्शी छवि के कारण अखिलेश यादव भी उत्तर प्रदेश के युवाओं के बीच काफी पसंद किए जाते हैं. अगर उप्र में चुनावी दंगल मोदी बनाम अखिलेश होने जा रहा है और भाजपा हार जाती है तो राजनीतिक रूप से प्रधानमंत्री को भारी क्षति होगी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) लोकसभा चुनाव-2014 में शानदार प्रदर्शन कर 80 में से 71 सीटों पर कब्जा जमाने वाली भाजपा को उत्तर प्रदेश में दो दलों, सत्ताधारी समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा), कड़ी टक्कर मिलने की उम्मीद है और वे चाहेंगे कि लोकसभा चुनाव में उनके गठबंधन दल बेहतर प्रदर्शन करें. अपना दल ने लोकसभा चुनाव में दो सीटें जीती थीं. कुछ समय पहले सपा में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और उनके चाचा शिवपाल यादव के बीच पारिवारिक झगड़े से प्रतीत हुआ कि भाजपा को बढ़त मिलेगी, लेकिन पारिवारिक कलह कुछ समय के लिए थम चुका है, क्योंकि मुलायम सिंह यादव ने शायद यह महसूस कर लिया है कि आंतरिक झगड़े से पार्टी अपनी कब्र खोद रही है. आज के युवा राजनीतिक नेताओं की तरह विकास के पक्षधर अखिलेश यादव ने बड़ों के साथ विवाद में संलग्न होने के दौरान समय की बर्बादी की भरपाई के लिए जोर-शोर से अनेक विकासोन्मुख योजनाएं शुरू की हैं. इसलिए मोदी इस हकीकत से वाकिफ होंगे कि सपा से और अधिक लाभ मिलना आसान नहीं है, जैसा कि उन्होंने उसके आंतरिक कलह के समय सोचा था. फिर भी, अगर सपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन होता है तो भाजपा के लिए चुनौती और भी दुर्जेय हो जाएगी, क्योंकि मुस्लिम-यादव गठजोड़ फिर से बन जाएगा जिसके लिए बिहार कभी जाना जाता था. भाजपा के लिए प्रतिकूल परिस्थिति यह है कि एक छोटा-सा अपना दल के अलावा प्रदेश में उसका कोई अन्य घटक दल नहीं है, और न ही उसके पास कोई मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार है. मोदी ही उसकी एकमात्र पूंजी हैं और उनका प्रभाव भी लोकसभा चुनाव-2014 जैसा नहीं रह गया है. उत्तर प्रदेश में भाजपा की उपस्थिति महसूस कराने के लिए खास तौर से 50 दिनों बाद उनके नोटबंदी के दांव को उड़ान भरना होगा. यह समयसीमा दिसंबर के अंत में समाप्त होगी. लेकिन अगर बैंकों के बाहर कतारें लंबी रहती हैं तो मोदी के सामने एक बड़ी चुनौती होगी. क्योंकि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि 50 दिनों की समयसीमा समाप्त होने के बाद वह प्रधानमंत्री के समर्थन करने वाली स्थिति पर पुनर्विचार करेंगे. उधर, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रमुख लालू प्रसाद ने पहले ही कहा है कि दिसंबर के अंत से पहले वह मोदी के विरोधियों के पक्ष में खड़े होंगे. इसके बाद मोदी के पक्ष में केवल ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ही बच जाएंगे.टिप्पणियां जहां तक युवा पीढ़ी का सवाल है तो उनसे प्रधनमंत्री का बिहार के दिग्गजों या ममता बनर्जी की तुलना में अधिक जुड़ाव है. क्योंकि लगातार माना जा रहा है कि मोदी में अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने की क्षमता है. लेकिन दूरदर्शी छवि के कारण अखिलेश यादव भी उत्तर प्रदेश के युवाओं के बीच काफी पसंद किए जाते हैं. अगर उप्र में चुनावी दंगल मोदी बनाम अखिलेश होने जा रहा है और भाजपा हार जाती है तो राजनीतिक रूप से प्रधानमंत्री को भारी क्षति होगी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) कुछ समय पहले सपा में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और उनके चाचा शिवपाल यादव के बीच पारिवारिक झगड़े से प्रतीत हुआ कि भाजपा को बढ़त मिलेगी, लेकिन पारिवारिक कलह कुछ समय के लिए थम चुका है, क्योंकि मुलायम सिंह यादव ने शायद यह महसूस कर लिया है कि आंतरिक झगड़े से पार्टी अपनी कब्र खोद रही है. आज के युवा राजनीतिक नेताओं की तरह विकास के पक्षधर अखिलेश यादव ने बड़ों के साथ विवाद में संलग्न होने के दौरान समय की बर्बादी की भरपाई के लिए जोर-शोर से अनेक विकासोन्मुख योजनाएं शुरू की हैं. इसलिए मोदी इस हकीकत से वाकिफ होंगे कि सपा से और अधिक लाभ मिलना आसान नहीं है, जैसा कि उन्होंने उसके आंतरिक कलह के समय सोचा था. फिर भी, अगर सपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन होता है तो भाजपा के लिए चुनौती और भी दुर्जेय हो जाएगी, क्योंकि मुस्लिम-यादव गठजोड़ फिर से बन जाएगा जिसके लिए बिहार कभी जाना जाता था. भाजपा के लिए प्रतिकूल परिस्थिति यह है कि एक छोटा-सा अपना दल के अलावा प्रदेश में उसका कोई अन्य घटक दल नहीं है, और न ही उसके पास कोई मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार है. मोदी ही उसकी एकमात्र पूंजी हैं और उनका प्रभाव भी लोकसभा चुनाव-2014 जैसा नहीं रह गया है. उत्तर प्रदेश में भाजपा की उपस्थिति महसूस कराने के लिए खास तौर से 50 दिनों बाद उनके नोटबंदी के दांव को उड़ान भरना होगा. यह समयसीमा दिसंबर के अंत में समाप्त होगी. लेकिन अगर बैंकों के बाहर कतारें लंबी रहती हैं तो मोदी के सामने एक बड़ी चुनौती होगी. क्योंकि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि 50 दिनों की समयसीमा समाप्त होने के बाद वह प्रधानमंत्री के समर्थन करने वाली स्थिति पर पुनर्विचार करेंगे. उधर, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रमुख लालू प्रसाद ने पहले ही कहा है कि दिसंबर के अंत से पहले वह मोदी के विरोधियों के पक्ष में खड़े होंगे. इसके बाद मोदी के पक्ष में केवल ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ही बच जाएंगे.टिप्पणियां जहां तक युवा पीढ़ी का सवाल है तो उनसे प्रधनमंत्री का बिहार के दिग्गजों या ममता बनर्जी की तुलना में अधिक जुड़ाव है. क्योंकि लगातार माना जा रहा है कि मोदी में अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने की क्षमता है. लेकिन दूरदर्शी छवि के कारण अखिलेश यादव भी उत्तर प्रदेश के युवाओं के बीच काफी पसंद किए जाते हैं. अगर उप्र में चुनावी दंगल मोदी बनाम अखिलेश होने जा रहा है और भाजपा हार जाती है तो राजनीतिक रूप से प्रधानमंत्री को भारी क्षति होगी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) आज के युवा राजनीतिक नेताओं की तरह विकास के पक्षधर अखिलेश यादव ने बड़ों के साथ विवाद में संलग्न होने के दौरान समय की बर्बादी की भरपाई के लिए जोर-शोर से अनेक विकासोन्मुख योजनाएं शुरू की हैं. इसलिए मोदी इस हकीकत से वाकिफ होंगे कि सपा से और अधिक लाभ मिलना आसान नहीं है, जैसा कि उन्होंने उसके आंतरिक कलह के समय सोचा था. फिर भी, अगर सपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन होता है तो भाजपा के लिए चुनौती और भी दुर्जेय हो जाएगी, क्योंकि मुस्लिम-यादव गठजोड़ फिर से बन जाएगा जिसके लिए बिहार कभी जाना जाता था. भाजपा के लिए प्रतिकूल परिस्थिति यह है कि एक छोटा-सा अपना दल के अलावा प्रदेश में उसका कोई अन्य घटक दल नहीं है, और न ही उसके पास कोई मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार है. मोदी ही उसकी एकमात्र पूंजी हैं और उनका प्रभाव भी लोकसभा चुनाव-2014 जैसा नहीं रह गया है. उत्तर प्रदेश में भाजपा की उपस्थिति महसूस कराने के लिए खास तौर से 50 दिनों बाद उनके नोटबंदी के दांव को उड़ान भरना होगा. यह समयसीमा दिसंबर के अंत में समाप्त होगी. लेकिन अगर बैंकों के बाहर कतारें लंबी रहती हैं तो मोदी के सामने एक बड़ी चुनौती होगी. क्योंकि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि 50 दिनों की समयसीमा समाप्त होने के बाद वह प्रधानमंत्री के समर्थन करने वाली स्थिति पर पुनर्विचार करेंगे. उधर, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रमुख लालू प्रसाद ने पहले ही कहा है कि दिसंबर के अंत से पहले वह मोदी के विरोधियों के पक्ष में खड़े होंगे. इसके बाद मोदी के पक्ष में केवल ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ही बच जाएंगे.टिप्पणियां जहां तक युवा पीढ़ी का सवाल है तो उनसे प्रधनमंत्री का बिहार के दिग्गजों या ममता बनर्जी की तुलना में अधिक जुड़ाव है. क्योंकि लगातार माना जा रहा है कि मोदी में अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने की क्षमता है. लेकिन दूरदर्शी छवि के कारण अखिलेश यादव भी उत्तर प्रदेश के युवाओं के बीच काफी पसंद किए जाते हैं. अगर उप्र में चुनावी दंगल मोदी बनाम अखिलेश होने जा रहा है और भाजपा हार जाती है तो राजनीतिक रूप से प्रधानमंत्री को भारी क्षति होगी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) भाजपा के लिए प्रतिकूल परिस्थिति यह है कि एक छोटा-सा अपना दल के अलावा प्रदेश में उसका कोई अन्य घटक दल नहीं है, और न ही उसके पास कोई मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार है. मोदी ही उसकी एकमात्र पूंजी हैं और उनका प्रभाव भी लोकसभा चुनाव-2014 जैसा नहीं रह गया है. उत्तर प्रदेश में भाजपा की उपस्थिति महसूस कराने के लिए खास तौर से 50 दिनों बाद उनके नोटबंदी के दांव को उड़ान भरना होगा. यह समयसीमा दिसंबर के अंत में समाप्त होगी. लेकिन अगर बैंकों के बाहर कतारें लंबी रहती हैं तो मोदी के सामने एक बड़ी चुनौती होगी. क्योंकि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि 50 दिनों की समयसीमा समाप्त होने के बाद वह प्रधानमंत्री के समर्थन करने वाली स्थिति पर पुनर्विचार करेंगे. उधर, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रमुख लालू प्रसाद ने पहले ही कहा है कि दिसंबर के अंत से पहले वह मोदी के विरोधियों के पक्ष में खड़े होंगे. इसके बाद मोदी के पक्ष में केवल ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ही बच जाएंगे.टिप्पणियां जहां तक युवा पीढ़ी का सवाल है तो उनसे प्रधनमंत्री का बिहार के दिग्गजों या ममता बनर्जी की तुलना में अधिक जुड़ाव है. क्योंकि लगातार माना जा रहा है कि मोदी में अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने की क्षमता है. लेकिन दूरदर्शी छवि के कारण अखिलेश यादव भी उत्तर प्रदेश के युवाओं के बीच काफी पसंद किए जाते हैं. अगर उप्र में चुनावी दंगल मोदी बनाम अखिलेश होने जा रहा है और भाजपा हार जाती है तो राजनीतिक रूप से प्रधानमंत्री को भारी क्षति होगी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उधर, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रमुख लालू प्रसाद ने पहले ही कहा है कि दिसंबर के अंत से पहले वह मोदी के विरोधियों के पक्ष में खड़े होंगे. इसके बाद मोदी के पक्ष में केवल ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ही बच जाएंगे.टिप्पणियां जहां तक युवा पीढ़ी का सवाल है तो उनसे प्रधनमंत्री का बिहार के दिग्गजों या ममता बनर्जी की तुलना में अधिक जुड़ाव है. क्योंकि लगातार माना जा रहा है कि मोदी में अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने की क्षमता है. लेकिन दूरदर्शी छवि के कारण अखिलेश यादव भी उत्तर प्रदेश के युवाओं के बीच काफी पसंद किए जाते हैं. अगर उप्र में चुनावी दंगल मोदी बनाम अखिलेश होने जा रहा है और भाजपा हार जाती है तो राजनीतिक रूप से प्रधानमंत्री को भारी क्षति होगी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) जहां तक युवा पीढ़ी का सवाल है तो उनसे प्रधनमंत्री का बिहार के दिग्गजों या ममता बनर्जी की तुलना में अधिक जुड़ाव है. क्योंकि लगातार माना जा रहा है कि मोदी में अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने की क्षमता है. लेकिन दूरदर्शी छवि के कारण अखिलेश यादव भी उत्तर प्रदेश के युवाओं के बीच काफी पसंद किए जाते हैं. अगर उप्र में चुनावी दंगल मोदी बनाम अखिलेश होने जा रहा है और भाजपा हार जाती है तो राजनीतिक रूप से प्रधानमंत्री को भारी क्षति होगी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
राष्ट्रीय स्तर पर पीएम मोदी के विपक्षियों के पास साख की कमी नोटबंदी के बीच हुए निकाय चुनावों में मिली भाजपा को जीत अखिलेश यादव भी उत्तर प्रदेश के युवाओं के बीच लोकप्रिय
1
['hin']
एक सारांश बनाओ: अमेरिका ने "भविष्य के युद्ध क्षेत्र" अंतरिक्ष में अपने हितों की रक्षा करने के लिए अंतरिक्ष कमान की स्थापना की है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को आधिकारिक रूप से इस कमान को औपचारिक रूप से लॉन्च किया. जनरल जॉन डब्ल्यू रेमंड को नवगठित अमेरिकी अंतरिक्ष कमान का कमांडर नियुक्त किया गया है. इस कमान की स्थापना अमेरिकी सेना की 11वीं एकीकृत लड़ाकू कमान के तौर पर की गई है. व्हाइट हाउस के रोज गार्डन में आयोजित औपचारिक समारोह में ट्रंप ने कहा, "यह बड़ी पहल है. नवगठित लड़ाकू कमान 'स्पेसकॉम' अंतरिक्ष में अमेरिकी हितों की रक्षा करेगी, जो अगला युद्ध क्षेत्र होगा." इस समारोह में अन्य गणमान्य लोगों के साथ अमेरिका के उपराष्ट्रपति माइक पेंस और रक्षामंत्री मार्क एस्पर भी मौजूद थे.  ट्रंप प्रशासन का मानना है कि रूस और चीन अंतरिक्ष में अमेरिका के लिए संभावित खतरा पैदा कर सकते हैं. ट्रंप ने कहा, "अब, जो भी अमेरिका का अहित करने की मंशा रखेगा... हमें अंतरिक्ष में चुनौती देने की कोशिश करेगा,उसे बड़ी कीमत चुकानी होगी. हमारे विरोधी नई तकनीकों की मदद से अमेरिकी उपग्रहों को निशाना बनाकर पृथ्वी की कक्षाओं का शस्त्रीकरण कर रहे हैं, ये उपग्रह युद्ध क्षेत्र अभियानों और हमारे जीने के तरीके के लिए महत्वपूर्ण हैं. अमेरिका के खिलाफ दागी गई मिसाइलों का पता लगाकर उन्हें नष्ट करना अंतरिक्ष में संचालन की हमारी आजादी के लिए जरूरी है." अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, "हमने भूमि, हवा, समुद्र और साइबर जगत को युद्ध क्षेत्र के रूप में पहचाना है और अब हम अंतरिक्ष को एक स्वतंत्र क्षेत्र समझेंगे, जिस पर एकीकृत लड़ाकू कमान निगरानी रखेगी."   ट्रंप ने कहा कि अंतरिक्ष कमान के बाद जल्द ही सेना की छठी ईकाई के तौर पर अमेरिकी अंतरिक्ष बल की स्थापना की जाएगी. यह बल स्पेसकॉम मिशन लिए सैनिकों को प्रशिक्षित करने और साजो सामान मुहैया कराने में मदद करेगा.  गौरतलब है कि अमेरिकी अंतरिक्ष कमान की दोबारा स्थापना की गई है. वर्ष 1985 से 2002 के बीच भी यह अस्तिव में था.
स्‍पेस वॉर के लिए तैयार हुआ अमेरिका राष्‍ट्रपति ट्रंप ने लॉन्‍च की अमेरिकी अं‍तरिक्ष कमान जनरल जॉन डब्ल्यू रेमंड को बनाया गया कमांडर
26
['hin']
एक सारांश बनाओ: जाने-माने इतिहासकार पार्था चटर्जी के एक लेख पर विवाद हो गया है. पार्था चटर्जी ने कश्मीर में एक शख़्स को जीप से बांधकर ले जाने की तुलना जलियांवाला बाग कांड से करते हुए कहा है कि ये आज़ाद भारत का जनरल डायर मोमेंट है. पार्थो चटर्जी का कहना है कि दोनों घटनाओं के बचाव में जो तर्क दिए गए, वे काफी मिलते-जुलते हैं. पार्था चटर्जी के मुताबिक- जनरल डायर के कृत्य की विंस्टन चर्चिल और दूसरे नेताओं ने आलोचना की थी, जबकि मेजर गोगोई ने जो किया, पहले जनरल रावत ने उसका बचाव किया और फिर कई और मंत्री करते दिखे. पार्था चटर्जी का कहना है कि अगर ऐसे ही हालात रहे तो भारत के धीरे-धीरे पाकिस्तान के अयूब खान या जिया उल हक़ वाले दौर में पहुंच जाने का खतरा होगा.टिप्पणियां जब मीडिया ने उनसे इस बारे में बात करने की कोशिश की तो उन्होंने एक बार फिर साफ किया कि वे अपनी बात पर कायम हैं. उन्होंने कहा कि अगर आगे कुछ कहना होगा तो वह अपनी बात प्रिंट मीडिया के माध्यम से रखेंगे. दरअसल- अनंतनाग उप-चुनाव के दौरान एक पोलिंग पार्टी को पत्थरबाजों और उपद्रवियों से बचाने के लिए सेना के मेजर गोगोई ने अपनी जीप के आगे एक स्थानीय नागरिक फारुक अहमद डार को बांध दिया था. उनके इस फ़ैसले की कई लोगों ने जमकर तारीफ़ की. सेना ने उन्हें विशेष मेडल से नवाजा. सेना प्रमुख ने भी खुलकर उनके समर्थन में बयान दिया. सेना प्रमुख जनरल रावत ने अपने बयान में कहा कि अगर कश्मीर में जवानों पर पत्थरबाजी होगी तो मैं उन्हें चुपचाप खड़े रहने और इंतज़ार करने को नहीं कह सकता. प्रदर्शकारियों के हाथों में पत्थर की जगह बंदूक होती तो हम सही तरीके से जवाब देते. जाहिर है ऐसे बयान के बाद कई लोगों ने उनकी आलोचना की.   जब मीडिया ने उनसे इस बारे में बात करने की कोशिश की तो उन्होंने एक बार फिर साफ किया कि वे अपनी बात पर कायम हैं. उन्होंने कहा कि अगर आगे कुछ कहना होगा तो वह अपनी बात प्रिंट मीडिया के माध्यम से रखेंगे. दरअसल- अनंतनाग उप-चुनाव के दौरान एक पोलिंग पार्टी को पत्थरबाजों और उपद्रवियों से बचाने के लिए सेना के मेजर गोगोई ने अपनी जीप के आगे एक स्थानीय नागरिक फारुक अहमद डार को बांध दिया था. उनके इस फ़ैसले की कई लोगों ने जमकर तारीफ़ की. सेना ने उन्हें विशेष मेडल से नवाजा. सेना प्रमुख ने भी खुलकर उनके समर्थन में बयान दिया. सेना प्रमुख जनरल रावत ने अपने बयान में कहा कि अगर कश्मीर में जवानों पर पत्थरबाजी होगी तो मैं उन्हें चुपचाप खड़े रहने और इंतज़ार करने को नहीं कह सकता. प्रदर्शकारियों के हाथों में पत्थर की जगह बंदूक होती तो हम सही तरीके से जवाब देते. जाहिर है ऐसे बयान के बाद कई लोगों ने उनकी आलोचना की.
संक्षिप्त सारांश: जाने-माने इतिहासकार पार्था चटर्जी के एक लेख पर विवाद हो गया है कश्मीर के शख़्स को जीप से बांधने की तुलना जलियांवाला बाग कांड से की कहा - ये आज़ाद भारत का जनरल डायर मोमेंट है
8
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सोनिया गांधी से आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की मुलाकात के बाद एक तरफ जहां यह अकटलें तेज हो गई हैं कि लालू कांग्रेस से नजदीकी बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं आरजेडी के वरिष्ठ नेता रघुवंश प्रसाद सिंह ने कहा कि बिहार की नीतीश सरकार को हटाने के लिए धर्मनिरपेक्ष पार्टियों को साथ आना चाहिए। 2009 के लोकसभा चुनावों से पहले सीट बंटवारे के मुद्दे पर अलग हो गई आरजेडी-कांग्रेस के एकसाथ दुबारा काम करने की संभावना पर सवाल पूछे जाने पर प्रसाद ने अप्रत्यक्ष रूप से कहा कि जदयू-बीजेपी गठबंधन से मुकाबला करने के लिए धर्मनिरपेक्ष पार्टियों को एकसाथ आना चाहिए। प्रसाद ने कहा कि एनडीए 39 प्रतिशत वोटों के साथ आज बिहार पर राज कर रही है, जबकि एनडीए विरोधी 61 प्रतिशत वोट बंटा हुआ है। हम उन्हीं पर ध्यान दे रहे हैं। गौरतलब है कि 5 जुलाई को जब लालू ने सोनिया गांधी से मुलाकात की थी, तो बिहार से संबंधित कई मुद्दों को सोनिया के सामने उठाया था। इसके अलावा अन्य कई विषयों पर लालू ने कांग्रेस की सुर में सुर मिलाया है।
सारांश: सोनिया गांधी से लालू प्रसाद यादव की मुलाकात के बाद यह अकटलें तेज हो गई हैं कि लालू कांग्रेस से नजदीकी बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।
20
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारत ने गुरुवार को ईरान के विवादास्पद परमाणु कार्यक्रम के जटिल मुद्दे के राजनयिक समाधान निकालने की जरूरत पर जोर देते हुए तेहरान के शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए असैनिक परमाणु महात्वाकांक्षाओं को आगे बढ़ाने के अधिकार का समर्थन किया। यह विचार प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने जर्मनी की चांसलर एंजेला मार्केल के साथ बातचीत के दौरान व्यक्त की।टिप्पणियां व्यापारिक मुद्दे के अलावा दोनों नेताओं ने आतंकवाद से मुकाबला, अफगानिस्तार, ईरान के परमाणु कार्यक्रम और सीरिया की स्थिति जैसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी चर्चा की। ईरान के मुद्दे पर मर्केल ने कहा कि पी प्लस 5 समूह की वार्ता जारी रहने के विषय को ध्यान में रखते हुए उन्होंने इन मुद्दों पर संक्षिप्त चर्चा की। ‘‘ मैं इस बात से निराश हूं कि इस बारे में जारी बातचीत सफल साबित नहीं हुई है। जहां तक जर्मनी का प्रश्न है, हम इससे काफी चिंतित हैं।’’ यह विचार प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने जर्मनी की चांसलर एंजेला मार्केल के साथ बातचीत के दौरान व्यक्त की।टिप्पणियां व्यापारिक मुद्दे के अलावा दोनों नेताओं ने आतंकवाद से मुकाबला, अफगानिस्तार, ईरान के परमाणु कार्यक्रम और सीरिया की स्थिति जैसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी चर्चा की। ईरान के मुद्दे पर मर्केल ने कहा कि पी प्लस 5 समूह की वार्ता जारी रहने के विषय को ध्यान में रखते हुए उन्होंने इन मुद्दों पर संक्षिप्त चर्चा की। ‘‘ मैं इस बात से निराश हूं कि इस बारे में जारी बातचीत सफल साबित नहीं हुई है। जहां तक जर्मनी का प्रश्न है, हम इससे काफी चिंतित हैं।’’ व्यापारिक मुद्दे के अलावा दोनों नेताओं ने आतंकवाद से मुकाबला, अफगानिस्तार, ईरान के परमाणु कार्यक्रम और सीरिया की स्थिति जैसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी चर्चा की। ईरान के मुद्दे पर मर्केल ने कहा कि पी प्लस 5 समूह की वार्ता जारी रहने के विषय को ध्यान में रखते हुए उन्होंने इन मुद्दों पर संक्षिप्त चर्चा की। ‘‘ मैं इस बात से निराश हूं कि इस बारे में जारी बातचीत सफल साबित नहीं हुई है। जहां तक जर्मनी का प्रश्न है, हम इससे काफी चिंतित हैं।’’ ईरान के मुद्दे पर मर्केल ने कहा कि पी प्लस 5 समूह की वार्ता जारी रहने के विषय को ध्यान में रखते हुए उन्होंने इन मुद्दों पर संक्षिप्त चर्चा की। ‘‘ मैं इस बात से निराश हूं कि इस बारे में जारी बातचीत सफल साबित नहीं हुई है। जहां तक जर्मनी का प्रश्न है, हम इससे काफी चिंतित हैं।’’
संक्षिप्त पाठ: भारत ने गुरुवार को ईरान के विवादास्पद परमाणु कार्यक्रम के जटिल मुद्दे के राजनयिक समाधान निकालने की जरूरत पर जोर देते हुए तेहरान के शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए असैनिक परमाणु महात्वाकांक्षाओं को आगे बढ़ाने के अधिकार का समर्थन किया।
14
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: लंबी दूरी की सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल अग्नि-5 का ओडिशा के अब्दुल कलाम आइलैंड में आज सफल परीक्षण किया गया. यह परीक्षण मिसाइल की पूरी मारक क्षमता के साथ किया गया. परीक्षण में सभी राडार और ट्रैकिंग सिस्टम ने मिसाइल के प्रदर्शन से जुड़े अलग-अलग मापदंडों की निगरानी की गई और पाया गया कि इसने अपने सभी लक्ष्य कामयाबी से पूरे किए हैं. इस सफल परीक्षण से देश में स्वदेशी मिसाइल निर्माण की क्षमता में इजाफा हुआ है. यह इस मिसाइल का चौथा टेस्ट था जो कि पूरी तरह सफल रहा. राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने अग्नि-5 के सफल परीक्षण के लिए डीआरडीओ और वैज्ञानिकों को बधाई दी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अग्नि-5 का सफल परीक्षण देश की रणनीतिक क्षमता में काफी मजबूती लाएगा.टिप्पणियां गौरतलब है कि 5000 किलोमीटर तक सटीक वार करने वाली अग्नि-5 की ज़द में अब उत्तरी चीन के शहरों के साथ पूरा एशिया आ जाएगा सेना में शामिल होने से पहले इसके और दो तीन टेस्ट किए जाएंगे फिर इसका उत्पादन होगा. जरूरत पड़ने पर इसकी रेंज 5000 से अधिक भी बढ़ाई जा सकती है . अमेरिका,रूस, फ्रांस,चीन और ब्रिटेन के बाद भारत छठा देश है जिसके पास इस रेंज की मिसाइल है. परीक्षण में सभी राडार और ट्रैकिंग सिस्टम ने मिसाइल के प्रदर्शन से जुड़े अलग-अलग मापदंडों की निगरानी की गई और पाया गया कि इसने अपने सभी लक्ष्य कामयाबी से पूरे किए हैं. इस सफल परीक्षण से देश में स्वदेशी मिसाइल निर्माण की क्षमता में इजाफा हुआ है. यह इस मिसाइल का चौथा टेस्ट था जो कि पूरी तरह सफल रहा. राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने अग्नि-5 के सफल परीक्षण के लिए डीआरडीओ और वैज्ञानिकों को बधाई दी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अग्नि-5 का सफल परीक्षण देश की रणनीतिक क्षमता में काफी मजबूती लाएगा.टिप्पणियां गौरतलब है कि 5000 किलोमीटर तक सटीक वार करने वाली अग्नि-5 की ज़द में अब उत्तरी चीन के शहरों के साथ पूरा एशिया आ जाएगा सेना में शामिल होने से पहले इसके और दो तीन टेस्ट किए जाएंगे फिर इसका उत्पादन होगा. जरूरत पड़ने पर इसकी रेंज 5000 से अधिक भी बढ़ाई जा सकती है . अमेरिका,रूस, फ्रांस,चीन और ब्रिटेन के बाद भारत छठा देश है जिसके पास इस रेंज की मिसाइल है. राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने अग्नि-5 के सफल परीक्षण के लिए डीआरडीओ और वैज्ञानिकों को बधाई दी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अग्नि-5 का सफल परीक्षण देश की रणनीतिक क्षमता में काफी मजबूती लाएगा.टिप्पणियां गौरतलब है कि 5000 किलोमीटर तक सटीक वार करने वाली अग्नि-5 की ज़द में अब उत्तरी चीन के शहरों के साथ पूरा एशिया आ जाएगा सेना में शामिल होने से पहले इसके और दो तीन टेस्ट किए जाएंगे फिर इसका उत्पादन होगा. जरूरत पड़ने पर इसकी रेंज 5000 से अधिक भी बढ़ाई जा सकती है . अमेरिका,रूस, फ्रांस,चीन और ब्रिटेन के बाद भारत छठा देश है जिसके पास इस रेंज की मिसाइल है. गौरतलब है कि 5000 किलोमीटर तक सटीक वार करने वाली अग्नि-5 की ज़द में अब उत्तरी चीन के शहरों के साथ पूरा एशिया आ जाएगा सेना में शामिल होने से पहले इसके और दो तीन टेस्ट किए जाएंगे फिर इसका उत्पादन होगा. जरूरत पड़ने पर इसकी रेंज 5000 से अधिक भी बढ़ाई जा सकती है . अमेरिका,रूस, फ्रांस,चीन और ब्रिटेन के बाद भारत छठा देश है जिसके पास इस रेंज की मिसाइल है. सेना में शामिल होने से पहले इसके और दो तीन टेस्ट किए जाएंगे फिर इसका उत्पादन होगा. जरूरत पड़ने पर इसकी रेंज 5000 से अधिक भी बढ़ाई जा सकती है . अमेरिका,रूस, फ्रांस,चीन और ब्रिटेन के बाद भारत छठा देश है जिसके पास इस रेंज की मिसाइल है.
सारांश: ओडिशा के अब्दुल कलाम आइलैंड पर किया गया परीक्षण मिसाइल अलग-अलग मापदंडों पर सभी लक्ष्यों में रही कामयाब राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, पीएम नरेंद्र मोदी ने वैज्ञानिकों को दी बधाई
7
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: हैरी पॉटर के हैरी, रॉन और हरमाइनी तो आपको याद होंगे ही. हैरी पॉटर का किरदार निभाने वाले डेनियल रेडक्लिफ, रॉन वीसली का किरदार निभाने वाले रुपर्ट ग्रिंट और हरमाइनी का किरदार निभाने वाली एमा वॉटसन अब हॉलीवुड के बड़े कलाकारों में शामिल हो चुके हैं. लेकिन इस फिल्म का जादू अब भी बना हुआ है. अब अगर कभी आपको इस सीरीज की पहली फिल्म हैरी पॉटर और पारस पत्थर को दोबारा देखने का मौका मिले तो सीरीज की शुरुआती फिल्मों में हरमाइनी के होठ ध्यान से देखिएगा. आप पाएंगे कि शूटिंग के दौरान हरमाइनी यानी एमा वॉटसन हैरी और रॉन के साथ-साथ उनके डायलॉग्स भी बोलती थीं. अपनी आगामी फिल्म ब्यूटी एंड द बीस्ट के प्रचार के लिए एबीसी चैनल के जिमी किमेल लाइव शो पर पहुंची एमा को हैरी पॉटर सीरीज की पहली फिल्म का एक दृश्य दिखाया गया, इस दृश्य में एमा अपने साथियों डेनियल और रुपर्ट के डायलॉग्स भी बोलती दिख रही हैं. क्लिप दिखाने से पहले जिमी ने कहा, "मैं चाहता हूं कि आप एमा के होठों को ध्यान से देखें क्योंकि वह मुझे इसके बारे में डिटेल में बताने वाली हैं." क्लिप देखने के बाद एमा थोड़ी शर्मिंदा दिखीं. अपनी सफाई में एमा ने कहा, "आप हंस रहे हैं, पर यह मेरे लिए काफी दर्दनाक था क्योंकि मैंने इसकी वजह से काफी परेशानी खड़ी कर दी थी. क्रिस (फिल्म के निर्देशक क्रिस कोलंबस) बार बार मुझसे कहते, 'कट. एमा तुम फिर वही कर रही हो. तनु डैन की लाइनें बोल रही हो.' और फिर मैं माफी मांगती पर मैं खुद को रोक नहीं पाती थी. मुझे वे किताबें बेहद पसंद थीं और मैं बस अपना काम अच्छे से करना चाहती थी. शायद मैंने थोड़ा ज्यादा कर दिया." यहां देखें हैरी पॉटर में खुद को देखने के बाद कैसा था एमा का रिएक्शन (देखें वीडियो के 8:20 से 10:30 के बीच का हिस्सा)टिप्पणियां एमा वॉट्सन ब्यूटी एंड द बीस्ट में बेले का किरदार निभा रही हैं, यह डिजनी की 1991 की इसी नाम की एनिमेशन फिल्म का रीमेक है. यह फिल्म 17 मार्च को रिलीज हो रही है. अपनी आगामी फिल्म ब्यूटी एंड द बीस्ट के प्रचार के लिए एबीसी चैनल के जिमी किमेल लाइव शो पर पहुंची एमा को हैरी पॉटर सीरीज की पहली फिल्म का एक दृश्य दिखाया गया, इस दृश्य में एमा अपने साथियों डेनियल और रुपर्ट के डायलॉग्स भी बोलती दिख रही हैं. क्लिप दिखाने से पहले जिमी ने कहा, "मैं चाहता हूं कि आप एमा के होठों को ध्यान से देखें क्योंकि वह मुझे इसके बारे में डिटेल में बताने वाली हैं." क्लिप देखने के बाद एमा थोड़ी शर्मिंदा दिखीं. अपनी सफाई में एमा ने कहा, "आप हंस रहे हैं, पर यह मेरे लिए काफी दर्दनाक था क्योंकि मैंने इसकी वजह से काफी परेशानी खड़ी कर दी थी. क्रिस (फिल्म के निर्देशक क्रिस कोलंबस) बार बार मुझसे कहते, 'कट. एमा तुम फिर वही कर रही हो. तनु डैन की लाइनें बोल रही हो.' और फिर मैं माफी मांगती पर मैं खुद को रोक नहीं पाती थी. मुझे वे किताबें बेहद पसंद थीं और मैं बस अपना काम अच्छे से करना चाहती थी. शायद मैंने थोड़ा ज्यादा कर दिया." यहां देखें हैरी पॉटर में खुद को देखने के बाद कैसा था एमा का रिएक्शन (देखें वीडियो के 8:20 से 10:30 के बीच का हिस्सा)टिप्पणियां एमा वॉट्सन ब्यूटी एंड द बीस्ट में बेले का किरदार निभा रही हैं, यह डिजनी की 1991 की इसी नाम की एनिमेशन फिल्म का रीमेक है. यह फिल्म 17 मार्च को रिलीज हो रही है. अपनी सफाई में एमा ने कहा, "आप हंस रहे हैं, पर यह मेरे लिए काफी दर्दनाक था क्योंकि मैंने इसकी वजह से काफी परेशानी खड़ी कर दी थी. क्रिस (फिल्म के निर्देशक क्रिस कोलंबस) बार बार मुझसे कहते, 'कट. एमा तुम फिर वही कर रही हो. तनु डैन की लाइनें बोल रही हो.' और फिर मैं माफी मांगती पर मैं खुद को रोक नहीं पाती थी. मुझे वे किताबें बेहद पसंद थीं और मैं बस अपना काम अच्छे से करना चाहती थी. शायद मैंने थोड़ा ज्यादा कर दिया." यहां देखें हैरी पॉटर में खुद को देखने के बाद कैसा था एमा का रिएक्शन (देखें वीडियो के 8:20 से 10:30 के बीच का हिस्सा)टिप्पणियां एमा वॉट्सन ब्यूटी एंड द बीस्ट में बेले का किरदार निभा रही हैं, यह डिजनी की 1991 की इसी नाम की एनिमेशन फिल्म का रीमेक है. यह फिल्म 17 मार्च को रिलीज हो रही है. यहां देखें हैरी पॉटर में खुद को देखने के बाद कैसा था एमा का रिएक्शन (देखें वीडियो के 8:20 से 10:30 के बीच का हिस्सा)टिप्पणियां एमा वॉट्सन ब्यूटी एंड द बीस्ट में बेले का किरदार निभा रही हैं, यह डिजनी की 1991 की इसी नाम की एनिमेशन फिल्म का रीमेक है. यह फिल्म 17 मार्च को रिलीज हो रही है. एमा वॉट्सन ब्यूटी एंड द बीस्ट में बेले का किरदार निभा रही हैं, यह डिजनी की 1991 की इसी नाम की एनिमेशन फिल्म का रीमेक है. यह फिल्म 17 मार्च को रिलीज हो रही है. एमा वॉट्सन ब्यूटी एंड द बीस्ट में बेले का किरदार निभा रही हैं, यह डिजनी की 1991 की इसी नाम की एनिमेशन फिल्म का रीमेक है. यह फिल्म 17 मार्च को रिलीज हो रही है.
संक्षिप्त पाठ: एमा ने 9 की उम्र में हैरी पॉटर सीरिज की फिल्मों में काम करना शुरू किया. वह अपने सह कलाकारों के डायलॉग्स भी बोलती थीं. मैं इसके लिए कुछ कर नहीं सकती थी- एमा.
27
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: न्यूयॉर्क में रविवार को मैनहट्टन से नियाग्रा प्रपात तक सैकड़ों समलैंगिक जोड़ों ने विवाह किया। एक माह पूर्व, 24 जून को राज्य में समलैंगिक विवाह को कानूनी दर्जा दिया गया है। अन्य राज्यों से भी, खास कर न्यूजर्सी से समलैंगिक जोड़े विवाह के लिए न्यूयॉर्क आए थे। इनमें से कई के रिश्ते तो 40 से 50 साल पुराने थे। इनके साथ इनके परिजन या मित्र आए थे।हवाई से विवाह के लिए आए कोडी नगानुमा और सियु युएन जी बेहद खुश थे। मूल रूप से हॉंगकॉंग निवासी सियु ने अपने सहयोगी के बारे में कहा, मैं सचमुच उसके साथ रहना चाहता हूं और मुझे मालूम है कि मेरे लिए वह क्या है। मैं उसे चाहता हूं। न्यूयॉर्क के पांच नगरों में जजों ने दिन भर विवाह संपन्न कराया। विवाहित जोड़ों के चेहरे खुशी से दमक रहे थे। कनेक्टिकट, मैसाच्युसेट्स, वेरमोन्ट, न्यू हैम्पशायर, इओवा और वाशिंगटन डीसी के अलावा अब न्यूयार्क में भी समलैंगिक विवाह को कानूनी दर्जा दे दिया गया है। इस बीच, राष्ट्रपति बराक ओबामा ने रिस्पैक्ट फॉर मैरिज एक्ट को समर्थन देने की घोषणा की है। यह एक संघीय कानून है जो राज्य स्तर पर मान्यता प्राप्त विवाह को संघीय मान्यता देगा।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: न्यूयॉर्क में रविवार को मैनहट्टन से नियाग्रा प्रपात तक सैकड़ों समलैंगिक जोड़ों ने विवाह किया। यहां समलैंगिक विवाह को कानूनी दर्जा दिया गया है।
19
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: प्रतिबंधित संगठन जमात-उद-दावा के प्रमुख हाफिज सईद और अह्ल-ए-सुन्नत वल जमात के नेता अहमद लुधियानवी ने तकरीबन छह घंटे तक पुलिस और अर्धसैनिक बलों के साथ चूहे-बिल्ली का खेल खेला। दरअसल, सुरक्षा बल इन नेताओं को इस्लामाबाद में प्रवेश से रोकने की कोशिश कर रहे थे।टिप्पणियां इस्लामाबाद में प्रवेश पर पाबंदी के बावजूद सईद और लुधियानवी मंगलवार को शहर में घुस आए और दफा-ए-पाकिस्तान परिषद की ओर से आयोजित एक रैली में शिरकत की। रैली आयोजित करने का मकसद नाटो के आपूर्ति मार्ग को न खोलने के लिए सरकार पर दबाव बनाना था। नाटो का आपूर्ति मार्ग पिछले साल बंद कर दिया गया था। सईद तो ससंद से कूछ ही दूरी पर कट्टरपंथी और चरमपंथी संगठनों के हजारों सदस्यों को संबोधित करने में सफल रहा जबकि सुरक्षा बलों के दबाव के कारण लुधियानवी को इसमें नाकामी हाथ लगी। ‘डॉन’ अखबार की एक रिपोर्ट के मुताबिक, राजधानी का सुरक्षा तंत्र सईद और लुधियानवी के लिए कहीं से भी बराबरी का साबित नहीं हुआ। इस्लामाबाद में प्रवेश पर पाबंदी के बावजूद सईद और लुधियानवी मंगलवार को शहर में घुस आए और दफा-ए-पाकिस्तान परिषद की ओर से आयोजित एक रैली में शिरकत की। रैली आयोजित करने का मकसद नाटो के आपूर्ति मार्ग को न खोलने के लिए सरकार पर दबाव बनाना था। नाटो का आपूर्ति मार्ग पिछले साल बंद कर दिया गया था। सईद तो ससंद से कूछ ही दूरी पर कट्टरपंथी और चरमपंथी संगठनों के हजारों सदस्यों को संबोधित करने में सफल रहा जबकि सुरक्षा बलों के दबाव के कारण लुधियानवी को इसमें नाकामी हाथ लगी। ‘डॉन’ अखबार की एक रिपोर्ट के मुताबिक, राजधानी का सुरक्षा तंत्र सईद और लुधियानवी के लिए कहीं से भी बराबरी का साबित नहीं हुआ। ‘डॉन’ अखबार की एक रिपोर्ट के मुताबिक, राजधानी का सुरक्षा तंत्र सईद और लुधियानवी के लिए कहीं से भी बराबरी का साबित नहीं हुआ।
यह एक सारांश है: प्रतिबंधित संगठन जमात-उद-दावा के प्रमुख हाफिज सईद और अह्ल-ए-सुन्नत वल जमात के नेता अहमद लुधियानवी ने तकरीबन छह घंटे तक पुलिस और अर्धसैनिक बलों के साथ चूहे-बिल्ली का खेल खेला।
16
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी को लोकसभा में अपने पहले कार्यकाल में ही सरकार में काम करने का मौका मिला है। हालांकि वह 1981 में युवा कांग्रेस में शामिल होने के बाद से करीब 31 साल से पार्टी से जुड़े हैं। 47-वर्षीय तिवारी को 2जी स्पेक्ट्रम पर संयुक्त संसदीय समिति में कांग्रेस का बचाव करते और बीजेपी पर पुरजोर हमला करते देखा जाता रहा है।टिप्पणियां 1998 से 2000 तक भारतीय युवक कांग्रेस के अध्यक्ष रहे तिवारी 2004 में लोकसभा चुनाव हार गए थे, लेकिन 2009 में लुधियाना से वह लोकसभा में पहुंचे। तब उन्होंने अकाली दल के उम्मीदवार गुरचरण सिंह गालिब को एक लाख से अधिक मतों के अंतर से हराया। युवक कांग्रेस का अध्यक्ष बनने से पहले वह कांग्रेस के सचिव भी रहे और 2008 में उन्हें पार्टी का प्रवक्ता बनाया गया। तिवारी एक प्रतिष्ठित पंजाबी परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता वीएन तिवारी पंजाब विश्वविद्यालय में प्रोफेसर थे और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े रहे, जिनकी 1984 में ऑपरेशन ब्लू स्टार से कुछ महीने पहले आतंकवादियों ने हत्या कर दी थी। 1998 से 2000 तक भारतीय युवक कांग्रेस के अध्यक्ष रहे तिवारी 2004 में लोकसभा चुनाव हार गए थे, लेकिन 2009 में लुधियाना से वह लोकसभा में पहुंचे। तब उन्होंने अकाली दल के उम्मीदवार गुरचरण सिंह गालिब को एक लाख से अधिक मतों के अंतर से हराया। युवक कांग्रेस का अध्यक्ष बनने से पहले वह कांग्रेस के सचिव भी रहे और 2008 में उन्हें पार्टी का प्रवक्ता बनाया गया। तिवारी एक प्रतिष्ठित पंजाबी परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता वीएन तिवारी पंजाब विश्वविद्यालय में प्रोफेसर थे और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े रहे, जिनकी 1984 में ऑपरेशन ब्लू स्टार से कुछ महीने पहले आतंकवादियों ने हत्या कर दी थी। युवक कांग्रेस का अध्यक्ष बनने से पहले वह कांग्रेस के सचिव भी रहे और 2008 में उन्हें पार्टी का प्रवक्ता बनाया गया। तिवारी एक प्रतिष्ठित पंजाबी परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता वीएन तिवारी पंजाब विश्वविद्यालय में प्रोफेसर थे और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े रहे, जिनकी 1984 में ऑपरेशन ब्लू स्टार से कुछ महीने पहले आतंकवादियों ने हत्या कर दी थी।
यह एक सारांश है: मनीष तिवारी एक प्रतिष्ठित पंजाबी परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता वीएन तिवारी पंजाब विश्वविद्यालय में प्रोफेसर थे और 1984 में ऑपरेशन ब्लू स्टार से कुछ महीने पहले आतंकवादियों ने उनकी हत्या कर दी थी।
16
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: आबादी के लिहाज से देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश में सरकार बनाने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज हजरतगंज थाने पहुंच गए. उन्होंने वहां पर रजिस्टर देखा और पूरे थाने का मुआयना किया. वहीं राज्य के उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने भी अपने मंत्रालय का दौरा किया और अधिकारियों को निर्देश दिया कि फाइलों का निपटान जल्द से जल्द किया जाए. उन्होंने कहा कि उनके मंत्रालय के कार्य में किसी प्रकार का भाई भतीजा नहीं चलेगा. मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य में कानून का राज हो. इस दृष्टि से पुलिस का मनोबल देखने और पुलिस की कार्यशैली की स्थिति को परखने के लिए यह दौरा था और ऐसे और दौरे हो सकते हैं. प्रदेश के प्रशासनिक तंत्र के पेंच कसने में जुटे मुख्यमंत्री अचानक हजरतगंज कोतवाली पहुंचे. मुख्यमंत्री के अचानक पहुंचने से वहां हड़कम्प मच गया. उनके साथ पुलिस महानिदेशक जावीद अहमद और लखनऊ की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजिल सैनी भी मौजूद थीं. आदित्यनाथ ने कहा ‘‘उत्तर प्रदेश में कानून का राज हो, इसलिये पुलिस का मनोबल कैसा है, यह जानने के लिये मैंने हजरतगंज कोतवाली का दौरा किया है. इसके अलावा पुलिसिंग को बेहतर करने के लिये और कौन-कौन से प्रभावी कार्य हो सकते हैं, यह जानने के लिये मैंने निरीक्षण किया है. यह कोई पहला निरीक्षण नहीं है. आगे भी ऐसे निरीक्षण होंगे. हम उत्तर प्रदेश की जनता के हित में कोई कदम उठाने में नहीं हिचकेंगे.’’ इस बीच, पुलिस महानिदेशक ने बताया कि अपने दौरे के दौरान आदित्यनाथ ने अपराध शाखा और साइबर प्रकोष्ठ का निरीक्षण किया तथा अधिकारियों और कर्मचारियों को समय से दफ्तर आने की ताकीद की. साथ ही उन्होंने अपराध शाखा के बारे में तथा पुलिस की आवश्यकताओं के बारे में बहुत गहन जानकारी ली. उल्लेखनीय है कि राज्य में जब से बीजेपी की सरकार आई है तब से सरकार का कानून व्यवस्था पर सबसे ज्यादा जोर है. पार्टी ने चुनाव के दौरान राज्य में कानून व्यवस्था की खराब हालात को मुद्दा बनाया था.टिप्पणियां इससे पूर्व यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों के बीच विभागों के बंटवारे के बाद बुधवार शाम को सीएम ऑफिस 'लोक भवन' में बैठक की. यह बैठक लंबी चली और इसमें मुख्यमंत्री ने अपने मंत्रियों से बेहतर कामकाज के सुझाव मांगे. इसके साथ ही योगी आदित्यनाथ ने अपने मंत्रियों को कई तरह के निर्देश भी दिए. सबसे अहम यह है कि मंत्रियों से कहा गया है कि वो हूटर का इस्तेमाल न करें. इसके साथ ही सीएम द्वारा एंटी रोमियो ड्राइव को लेकर भी कुछ दिशानिर्देश दिए गए हैं. गौरतलब है कि यूपी में नई सरकार के वादे के मुताबिक छेड़खानी के खिलाफ पूरे प्रदेश में एंटी रोमियो ड्राइव शुरू कर दी गई है. बुधवार को दर्जनों जिलों में यह ड्राइव चली, लेकिन कई जगहों पर साथ-साथ घूम रहे लड़के-लड़कियों को भी पुलिस द्वारा परेशान किए जाने की बात सामने आई. अब सीएम ने स्‍पष्‍ट आदेश दिया है कि इस अभियान में केवल छेड़खानी करने वालों को पकड़ा जाए. अपनी खुशी से घूम-फिरने वाले लड़के-लड़कियों को परेशान न किया जाए. वहीं, सीएम ने यह भी कहा कि बिना लाइसेंस वाले बूचड़खानों को बंद किया जाए और जिनके पास लाइसेंस हैं, वे जल्‍द से जल्‍द नियमों का पालन करें. योगी ने अपने निर्देशों में सरकारी कर्मचारियों के कामकाज पर भी सख्‍त रुख दिखाया है. उन्‍होंने निर्देश दिए हैं कि सरकारी दफ्तर में सभी लोग टाइम से आएं. इसके साथ ही जल्‍द सरकारी कार्यालयों में सीसीटीवी कैमरें और बायोमेट्रिक सिस्‍टम लगाया जाए. सरकारी दफ्तरों में पान-गुटखा खाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. सीएम ने हर फाइल का निपटारा 60 दिन के अंदर किए जाने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए. ऐसा न होने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की बात भी उन्‍होंने कही. सीएम ने यह भी निर्देश दिए कि सुरक्षा पाने वाले हर शख्‍स की सुरक्षा की समीक्षा की जाए. प्रदेश के प्रशासनिक तंत्र के पेंच कसने में जुटे मुख्यमंत्री अचानक हजरतगंज कोतवाली पहुंचे. मुख्यमंत्री के अचानक पहुंचने से वहां हड़कम्प मच गया. उनके साथ पुलिस महानिदेशक जावीद अहमद और लखनऊ की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजिल सैनी भी मौजूद थीं. आदित्यनाथ ने कहा ‘‘उत्तर प्रदेश में कानून का राज हो, इसलिये पुलिस का मनोबल कैसा है, यह जानने के लिये मैंने हजरतगंज कोतवाली का दौरा किया है. इसके अलावा पुलिसिंग को बेहतर करने के लिये और कौन-कौन से प्रभावी कार्य हो सकते हैं, यह जानने के लिये मैंने निरीक्षण किया है. यह कोई पहला निरीक्षण नहीं है. आगे भी ऐसे निरीक्षण होंगे. हम उत्तर प्रदेश की जनता के हित में कोई कदम उठाने में नहीं हिचकेंगे.’’ इस बीच, पुलिस महानिदेशक ने बताया कि अपने दौरे के दौरान आदित्यनाथ ने अपराध शाखा और साइबर प्रकोष्ठ का निरीक्षण किया तथा अधिकारियों और कर्मचारियों को समय से दफ्तर आने की ताकीद की. साथ ही उन्होंने अपराध शाखा के बारे में तथा पुलिस की आवश्यकताओं के बारे में बहुत गहन जानकारी ली. उल्लेखनीय है कि राज्य में जब से बीजेपी की सरकार आई है तब से सरकार का कानून व्यवस्था पर सबसे ज्यादा जोर है. पार्टी ने चुनाव के दौरान राज्य में कानून व्यवस्था की खराब हालात को मुद्दा बनाया था.टिप्पणियां इससे पूर्व यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों के बीच विभागों के बंटवारे के बाद बुधवार शाम को सीएम ऑफिस 'लोक भवन' में बैठक की. यह बैठक लंबी चली और इसमें मुख्यमंत्री ने अपने मंत्रियों से बेहतर कामकाज के सुझाव मांगे. इसके साथ ही योगी आदित्यनाथ ने अपने मंत्रियों को कई तरह के निर्देश भी दिए. सबसे अहम यह है कि मंत्रियों से कहा गया है कि वो हूटर का इस्तेमाल न करें. इसके साथ ही सीएम द्वारा एंटी रोमियो ड्राइव को लेकर भी कुछ दिशानिर्देश दिए गए हैं. गौरतलब है कि यूपी में नई सरकार के वादे के मुताबिक छेड़खानी के खिलाफ पूरे प्रदेश में एंटी रोमियो ड्राइव शुरू कर दी गई है. बुधवार को दर्जनों जिलों में यह ड्राइव चली, लेकिन कई जगहों पर साथ-साथ घूम रहे लड़के-लड़कियों को भी पुलिस द्वारा परेशान किए जाने की बात सामने आई. अब सीएम ने स्‍पष्‍ट आदेश दिया है कि इस अभियान में केवल छेड़खानी करने वालों को पकड़ा जाए. अपनी खुशी से घूम-फिरने वाले लड़के-लड़कियों को परेशान न किया जाए. वहीं, सीएम ने यह भी कहा कि बिना लाइसेंस वाले बूचड़खानों को बंद किया जाए और जिनके पास लाइसेंस हैं, वे जल्‍द से जल्‍द नियमों का पालन करें. योगी ने अपने निर्देशों में सरकारी कर्मचारियों के कामकाज पर भी सख्‍त रुख दिखाया है. उन्‍होंने निर्देश दिए हैं कि सरकारी दफ्तर में सभी लोग टाइम से आएं. इसके साथ ही जल्‍द सरकारी कार्यालयों में सीसीटीवी कैमरें और बायोमेट्रिक सिस्‍टम लगाया जाए. सरकारी दफ्तरों में पान-गुटखा खाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. सीएम ने हर फाइल का निपटारा 60 दिन के अंदर किए जाने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए. ऐसा न होने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की बात भी उन्‍होंने कही. सीएम ने यह भी निर्देश दिए कि सुरक्षा पाने वाले हर शख्‍स की सुरक्षा की समीक्षा की जाए. आदित्यनाथ ने कहा ‘‘उत्तर प्रदेश में कानून का राज हो, इसलिये पुलिस का मनोबल कैसा है, यह जानने के लिये मैंने हजरतगंज कोतवाली का दौरा किया है. इसके अलावा पुलिसिंग को बेहतर करने के लिये और कौन-कौन से प्रभावी कार्य हो सकते हैं, यह जानने के लिये मैंने निरीक्षण किया है. यह कोई पहला निरीक्षण नहीं है. आगे भी ऐसे निरीक्षण होंगे. हम उत्तर प्रदेश की जनता के हित में कोई कदम उठाने में नहीं हिचकेंगे.’’ इस बीच, पुलिस महानिदेशक ने बताया कि अपने दौरे के दौरान आदित्यनाथ ने अपराध शाखा और साइबर प्रकोष्ठ का निरीक्षण किया तथा अधिकारियों और कर्मचारियों को समय से दफ्तर आने की ताकीद की. साथ ही उन्होंने अपराध शाखा के बारे में तथा पुलिस की आवश्यकताओं के बारे में बहुत गहन जानकारी ली. उल्लेखनीय है कि राज्य में जब से बीजेपी की सरकार आई है तब से सरकार का कानून व्यवस्था पर सबसे ज्यादा जोर है. पार्टी ने चुनाव के दौरान राज्य में कानून व्यवस्था की खराब हालात को मुद्दा बनाया था.टिप्पणियां इससे पूर्व यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों के बीच विभागों के बंटवारे के बाद बुधवार शाम को सीएम ऑफिस 'लोक भवन' में बैठक की. यह बैठक लंबी चली और इसमें मुख्यमंत्री ने अपने मंत्रियों से बेहतर कामकाज के सुझाव मांगे. इसके साथ ही योगी आदित्यनाथ ने अपने मंत्रियों को कई तरह के निर्देश भी दिए. सबसे अहम यह है कि मंत्रियों से कहा गया है कि वो हूटर का इस्तेमाल न करें. इसके साथ ही सीएम द्वारा एंटी रोमियो ड्राइव को लेकर भी कुछ दिशानिर्देश दिए गए हैं. गौरतलब है कि यूपी में नई सरकार के वादे के मुताबिक छेड़खानी के खिलाफ पूरे प्रदेश में एंटी रोमियो ड्राइव शुरू कर दी गई है. बुधवार को दर्जनों जिलों में यह ड्राइव चली, लेकिन कई जगहों पर साथ-साथ घूम रहे लड़के-लड़कियों को भी पुलिस द्वारा परेशान किए जाने की बात सामने आई. अब सीएम ने स्‍पष्‍ट आदेश दिया है कि इस अभियान में केवल छेड़खानी करने वालों को पकड़ा जाए. अपनी खुशी से घूम-फिरने वाले लड़के-लड़कियों को परेशान न किया जाए. वहीं, सीएम ने यह भी कहा कि बिना लाइसेंस वाले बूचड़खानों को बंद किया जाए और जिनके पास लाइसेंस हैं, वे जल्‍द से जल्‍द नियमों का पालन करें. योगी ने अपने निर्देशों में सरकारी कर्मचारियों के कामकाज पर भी सख्‍त रुख दिखाया है. उन्‍होंने निर्देश दिए हैं कि सरकारी दफ्तर में सभी लोग टाइम से आएं. इसके साथ ही जल्‍द सरकारी कार्यालयों में सीसीटीवी कैमरें और बायोमेट्रिक सिस्‍टम लगाया जाए. सरकारी दफ्तरों में पान-गुटखा खाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. सीएम ने हर फाइल का निपटारा 60 दिन के अंदर किए जाने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए. ऐसा न होने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की बात भी उन्‍होंने कही. सीएम ने यह भी निर्देश दिए कि सुरक्षा पाने वाले हर शख्‍स की सुरक्षा की समीक्षा की जाए. उल्लेखनीय है कि राज्य में जब से बीजेपी की सरकार आई है तब से सरकार का कानून व्यवस्था पर सबसे ज्यादा जोर है. पार्टी ने चुनाव के दौरान राज्य में कानून व्यवस्था की खराब हालात को मुद्दा बनाया था.टिप्पणियां इससे पूर्व यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों के बीच विभागों के बंटवारे के बाद बुधवार शाम को सीएम ऑफिस 'लोक भवन' में बैठक की. यह बैठक लंबी चली और इसमें मुख्यमंत्री ने अपने मंत्रियों से बेहतर कामकाज के सुझाव मांगे. इसके साथ ही योगी आदित्यनाथ ने अपने मंत्रियों को कई तरह के निर्देश भी दिए. सबसे अहम यह है कि मंत्रियों से कहा गया है कि वो हूटर का इस्तेमाल न करें. इसके साथ ही सीएम द्वारा एंटी रोमियो ड्राइव को लेकर भी कुछ दिशानिर्देश दिए गए हैं. गौरतलब है कि यूपी में नई सरकार के वादे के मुताबिक छेड़खानी के खिलाफ पूरे प्रदेश में एंटी रोमियो ड्राइव शुरू कर दी गई है. बुधवार को दर्जनों जिलों में यह ड्राइव चली, लेकिन कई जगहों पर साथ-साथ घूम रहे लड़के-लड़कियों को भी पुलिस द्वारा परेशान किए जाने की बात सामने आई. अब सीएम ने स्‍पष्‍ट आदेश दिया है कि इस अभियान में केवल छेड़खानी करने वालों को पकड़ा जाए. अपनी खुशी से घूम-फिरने वाले लड़के-लड़कियों को परेशान न किया जाए. वहीं, सीएम ने यह भी कहा कि बिना लाइसेंस वाले बूचड़खानों को बंद किया जाए और जिनके पास लाइसेंस हैं, वे जल्‍द से जल्‍द नियमों का पालन करें. योगी ने अपने निर्देशों में सरकारी कर्मचारियों के कामकाज पर भी सख्‍त रुख दिखाया है. उन्‍होंने निर्देश दिए हैं कि सरकारी दफ्तर में सभी लोग टाइम से आएं. इसके साथ ही जल्‍द सरकारी कार्यालयों में सीसीटीवी कैमरें और बायोमेट्रिक सिस्‍टम लगाया जाए. सरकारी दफ्तरों में पान-गुटखा खाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. सीएम ने हर फाइल का निपटारा 60 दिन के अंदर किए जाने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए. ऐसा न होने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की बात भी उन्‍होंने कही. सीएम ने यह भी निर्देश दिए कि सुरक्षा पाने वाले हर शख्‍स की सुरक्षा की समीक्षा की जाए. इससे पूर्व यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों के बीच विभागों के बंटवारे के बाद बुधवार शाम को सीएम ऑफिस 'लोक भवन' में बैठक की. यह बैठक लंबी चली और इसमें मुख्यमंत्री ने अपने मंत्रियों से बेहतर कामकाज के सुझाव मांगे. इसके साथ ही योगी आदित्यनाथ ने अपने मंत्रियों को कई तरह के निर्देश भी दिए. सबसे अहम यह है कि मंत्रियों से कहा गया है कि वो हूटर का इस्तेमाल न करें. इसके साथ ही सीएम द्वारा एंटी रोमियो ड्राइव को लेकर भी कुछ दिशानिर्देश दिए गए हैं. गौरतलब है कि यूपी में नई सरकार के वादे के मुताबिक छेड़खानी के खिलाफ पूरे प्रदेश में एंटी रोमियो ड्राइव शुरू कर दी गई है. बुधवार को दर्जनों जिलों में यह ड्राइव चली, लेकिन कई जगहों पर साथ-साथ घूम रहे लड़के-लड़कियों को भी पुलिस द्वारा परेशान किए जाने की बात सामने आई. अब सीएम ने स्‍पष्‍ट आदेश दिया है कि इस अभियान में केवल छेड़खानी करने वालों को पकड़ा जाए. अपनी खुशी से घूम-फिरने वाले लड़के-लड़कियों को परेशान न किया जाए. वहीं, सीएम ने यह भी कहा कि बिना लाइसेंस वाले बूचड़खानों को बंद किया जाए और जिनके पास लाइसेंस हैं, वे जल्‍द से जल्‍द नियमों का पालन करें. योगी ने अपने निर्देशों में सरकारी कर्मचारियों के कामकाज पर भी सख्‍त रुख दिखाया है. उन्‍होंने निर्देश दिए हैं कि सरकारी दफ्तर में सभी लोग टाइम से आएं. इसके साथ ही जल्‍द सरकारी कार्यालयों में सीसीटीवी कैमरें और बायोमेट्रिक सिस्‍टम लगाया जाए. सरकारी दफ्तरों में पान-गुटखा खाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. सीएम ने हर फाइल का निपटारा 60 दिन के अंदर किए जाने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए. ऐसा न होने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की बात भी उन्‍होंने कही. सीएम ने यह भी निर्देश दिए कि सुरक्षा पाने वाले हर शख्‍स की सुरक्षा की समीक्षा की जाए. योगी ने अपने निर्देशों में सरकारी कर्मचारियों के कामकाज पर भी सख्‍त रुख दिखाया है. उन्‍होंने निर्देश दिए हैं कि सरकारी दफ्तर में सभी लोग टाइम से आएं. इसके साथ ही जल्‍द सरकारी कार्यालयों में सीसीटीवी कैमरें और बायोमेट्रिक सिस्‍टम लगाया जाए. सरकारी दफ्तरों में पान-गुटखा खाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. सीएम ने हर फाइल का निपटारा 60 दिन के अंदर किए जाने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए. ऐसा न होने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की बात भी उन्‍होंने कही. सीएम ने यह भी निर्देश दिए कि सुरक्षा पाने वाले हर शख्‍स की सुरक्षा की समीक्षा की जाए.
संक्षिप्त सारांश: उन्होंने वहां पर रजिस्टर देखा और पूरे थाने का मुआयना किया उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने भी अपने मंत्रालय का दौरा किया पुलिस की कार्यशैली की स्थिति को परखने के लिए यह दौरा था
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल किसी भी काम को त्वरित गति के करने के लिए जाने जाते हैं, लेकिन कभी-कभी उनकी यह जल्दबाजी भारी भी पड़ जाती है. अब राष्ट्रीय जनगणना रजिस्टर तैयार करने के मामले को ही लें, तो सुप्रीम कोर्ट ने इसके लिए 31 मार्च, 2018 तक की डेडलाइन तय की थी, लेकिन सोनोवाल ने रजिस्टर को इस साल 31 दिसंबर तक ही तैयार करने की बात कही. सोनोवाल की यह कोर्ट को कतई पसंद नहीं आई और लगा दी कड़ी फटकार. सर्वोच्च न्यायालय ने गुरुवार को असम के मुख्यमंत्री को राज्य में राष्ट्रीय जनगणना रजिस्टर (एनआरसी) का प्रारूप तैयार करने के मामले में उनके हस्तक्षेप के लिए फटकार लगाई. सोनोवाल ने कहा था कि एनआरसी का प्रारूप 31 दिसंबर, 2017 तक तैयार हो जाएगा, जबकि सर्वोच्च न्यायालय ने इसके लिए 31 मार्च, 2018 की समयसीमा तय की है. शीर्ष न्यायालय इस मामले की निगरानी कर रहा है. न्यायमूर्ति रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति रोबिन्सन फली नरीमन ने कहा कि जब शीर्ष न्यायालय राष्ट्रीय जनगणना रजिस्टर तैयार करने की प्रक्रिया की देखरेख कर रहा है, तो ऐसे में किसी अन्य प्राधिकारी का इसमें दखल देना सही नहीं है. न्यायमूर्ति गोगोई ने पूछा, "हमारे पास असम के मुख्यमंत्री का बयान है कि उन्होंने असम में एनआरसी तैयार करने के लिए तारीख में संशोधन कर उसे 31 दिसंबर कर दिया है. जब शीर्ष न्यायालय इसकी निगरानी कर रहा है, तो कोई अन्य निकाय इसमें हस्तक्षेप कैसे कर सकता है?" न्यायमूर्ति गोगाई ने कहा कि कोर्ट ने इसके लिए समय, पैसा और ऊर्जा खर्च की है. यह इस अदालत के लिए सही नहीं है. अदालत ने जब 31 मार्च, 2018 तक का समय दिया है, तो मुख्यमंत्री इसकी तारीख में संशोधन कैसे कर सकते हैं. बता दें कि असम में मूल निवासियों की पहचान और बंग्लादेश से होने वाले अवैध प्रवास पर रोक लगाने के मकसद से सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय जनगणना रजिस्टर तैयार करने के निर्देश दिए थे.टिप्पणियां  (इनपुट आईएएनएस से)   सर्वोच्च न्यायालय ने गुरुवार को असम के मुख्यमंत्री को राज्य में राष्ट्रीय जनगणना रजिस्टर (एनआरसी) का प्रारूप तैयार करने के मामले में उनके हस्तक्षेप के लिए फटकार लगाई. सोनोवाल ने कहा था कि एनआरसी का प्रारूप 31 दिसंबर, 2017 तक तैयार हो जाएगा, जबकि सर्वोच्च न्यायालय ने इसके लिए 31 मार्च, 2018 की समयसीमा तय की है. शीर्ष न्यायालय इस मामले की निगरानी कर रहा है. न्यायमूर्ति रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति रोबिन्सन फली नरीमन ने कहा कि जब शीर्ष न्यायालय राष्ट्रीय जनगणना रजिस्टर तैयार करने की प्रक्रिया की देखरेख कर रहा है, तो ऐसे में किसी अन्य प्राधिकारी का इसमें दखल देना सही नहीं है. न्यायमूर्ति गोगोई ने पूछा, "हमारे पास असम के मुख्यमंत्री का बयान है कि उन्होंने असम में एनआरसी तैयार करने के लिए तारीख में संशोधन कर उसे 31 दिसंबर कर दिया है. जब शीर्ष न्यायालय इसकी निगरानी कर रहा है, तो कोई अन्य निकाय इसमें हस्तक्षेप कैसे कर सकता है?" न्यायमूर्ति गोगाई ने कहा कि कोर्ट ने इसके लिए समय, पैसा और ऊर्जा खर्च की है. यह इस अदालत के लिए सही नहीं है. अदालत ने जब 31 मार्च, 2018 तक का समय दिया है, तो मुख्यमंत्री इसकी तारीख में संशोधन कैसे कर सकते हैं. बता दें कि असम में मूल निवासियों की पहचान और बंग्लादेश से होने वाले अवैध प्रवास पर रोक लगाने के मकसद से सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय जनगणना रजिस्टर तैयार करने के निर्देश दिए थे.टिप्पणियां  (इनपुट आईएएनएस से)   न्यायमूर्ति रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति रोबिन्सन फली नरीमन ने कहा कि जब शीर्ष न्यायालय राष्ट्रीय जनगणना रजिस्टर तैयार करने की प्रक्रिया की देखरेख कर रहा है, तो ऐसे में किसी अन्य प्राधिकारी का इसमें दखल देना सही नहीं है. न्यायमूर्ति गोगोई ने पूछा, "हमारे पास असम के मुख्यमंत्री का बयान है कि उन्होंने असम में एनआरसी तैयार करने के लिए तारीख में संशोधन कर उसे 31 दिसंबर कर दिया है. जब शीर्ष न्यायालय इसकी निगरानी कर रहा है, तो कोई अन्य निकाय इसमें हस्तक्षेप कैसे कर सकता है?" न्यायमूर्ति गोगाई ने कहा कि कोर्ट ने इसके लिए समय, पैसा और ऊर्जा खर्च की है. यह इस अदालत के लिए सही नहीं है. अदालत ने जब 31 मार्च, 2018 तक का समय दिया है, तो मुख्यमंत्री इसकी तारीख में संशोधन कैसे कर सकते हैं. बता दें कि असम में मूल निवासियों की पहचान और बंग्लादेश से होने वाले अवैध प्रवास पर रोक लगाने के मकसद से सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय जनगणना रजिस्टर तैयार करने के निर्देश दिए थे.टिप्पणियां  (इनपुट आईएएनएस से)   न्यायमूर्ति गोगोई ने पूछा, "हमारे पास असम के मुख्यमंत्री का बयान है कि उन्होंने असम में एनआरसी तैयार करने के लिए तारीख में संशोधन कर उसे 31 दिसंबर कर दिया है. जब शीर्ष न्यायालय इसकी निगरानी कर रहा है, तो कोई अन्य निकाय इसमें हस्तक्षेप कैसे कर सकता है?" न्यायमूर्ति गोगाई ने कहा कि कोर्ट ने इसके लिए समय, पैसा और ऊर्जा खर्च की है. यह इस अदालत के लिए सही नहीं है. अदालत ने जब 31 मार्च, 2018 तक का समय दिया है, तो मुख्यमंत्री इसकी तारीख में संशोधन कैसे कर सकते हैं. बता दें कि असम में मूल निवासियों की पहचान और बंग्लादेश से होने वाले अवैध प्रवास पर रोक लगाने के मकसद से सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय जनगणना रजिस्टर तैयार करने के निर्देश दिए थे.टिप्पणियां  (इनपुट आईएएनएस से)   न्यायमूर्ति गोगाई ने कहा कि कोर्ट ने इसके लिए समय, पैसा और ऊर्जा खर्च की है. यह इस अदालत के लिए सही नहीं है. अदालत ने जब 31 मार्च, 2018 तक का समय दिया है, तो मुख्यमंत्री इसकी तारीख में संशोधन कैसे कर सकते हैं. बता दें कि असम में मूल निवासियों की पहचान और बंग्लादेश से होने वाले अवैध प्रवास पर रोक लगाने के मकसद से सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय जनगणना रजिस्टर तैयार करने के निर्देश दिए थे.टिप्पणियां  (इनपुट आईएएनएस से)   बता दें कि असम में मूल निवासियों की पहचान और बंग्लादेश से होने वाले अवैध प्रवास पर रोक लगाने के मकसद से सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय जनगणना रजिस्टर तैयार करने के निर्देश दिए थे.टिप्पणियां  (इनपुट आईएएनएस से)    (इनपुट आईएएनएस से)
सुप्रीम कोर्ट ने NRC के लिए 31 मार्च, 2018 की समयसीमा तय की सोनोवाल ने यह काम 31 दिसंबर, 2017 तक करने की बात कही सुप्रीम कोर्ट ने कहा - मुख्यमंत्री तारीख में संशोधन नहीं कर सकते
6
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मुख्यमंत्री ने कहा कि जवानों का हौसला कम नहीं हुआ है. ऐसी घटनाओं से हमारा या जवानों का मनोबल कम नहीं होगा. नई प्रतिज्ञा, विश्वास और जिद के साथ नक्सलियों को जवाब दिया जाएगा तथा उन्हें पूरी तरह से समाप्त किया जाएगा. उन्होंने कहा कि सीमा पर जिस तरह हमारे जवान लड़ रहे हैं यह लड़ाई भी किसी दृष्टि से कम नहीं है. यह इससे भी बड़ी और कठीन लड़ाई है क्योंकि हम यहां अज्ञात के खिलाफ लड़ते हैं. इस दौरान रमन सिंह मंत्रिमंडल के सदस्य, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारी समेत अन्य ​वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे. छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में मंगलवार को नक्सलियों ने बारूदी सुरंग में विस्फोट कर एंटी लैंडमाइन ​व्हीकल को उड़ा दिया था. इस घटना में सीआरपीएफ के नौ जवान शहीद हो गए हैं तथा दो अन्य घायल हैं.   इस दौरान रमन सिंह मंत्रिमंडल के सदस्य, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारी समेत अन्य ​वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे. छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में मंगलवार को नक्सलियों ने बारूदी सुरंग में विस्फोट कर एंटी लैंडमाइन ​व्हीकल को उड़ा दिया था. इस घटना में सीआरपीएफ के नौ जवान शहीद हो गए हैं तथा दो अन्य घायल हैं.
संक्षिप्त पाठ: यह पूरी लड़ाई सिर्फ छह महीने में खत्म की जा सकती है सुकमा जिले में नक्सली हमले में शहीद नौ जवानों को श्रद्धांजलि दी गई नक्सलियों को आमने सामने की लड़ाई में रोज खदेड़ा जा रहा है
22
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: उत्तर प्रदेश के विशेष कार्रवाई दस्ते (एसटीएफ) ने सोमवार को कानपुर जिले में 50 हजार रुपये के ईनामी अपराधी को एक मुठभेड़ में मार गिराया जबकि उसका एक साथी मौके से फरार हो गया।  जिले के शिवराजपुर इलाके में एसटीएफ ने सोमवार तड़के शानू गौस को मुठभेड़ में ढेर कर दिया। पुलिस का कहना है शानू भाड़े पर हत्याएं और फिरौती का गिरोह चलाता था। उस पर कानपुर और आसपास के जिलों के विभिन्न थानों में हत्या, हत्या के प्रयास और फिरौती के दो दर्जन से अधिक मामले दर्ज थे। शिवराजपुर थाना प्रभारी कंचन लाल वर्मा ने संवाददाताओं को बताया कि शानू कानपुर के एक व्यवसायी की कार लूट कर भाग रहा था। सूचना के बाद उसकी घेराबंदी की गई तो उसने पुलिस बल पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं। वर्मा ने कहा कि जवाबी कार्रवाई में वह मारा गया जबकि उसका साथी मौके से भाग निकला। फरार साथी की तलाश की जा रही है। पुलिस के मुताबिक मुठभेड़ में दो पुलिसकर्मियों को भी गोलियां लगी हैं, लेकिन उनकी हालत खतरे से बाहर है। शानू के कब्जे से एक पिस्टल और कुछ जिंदा कारतूस बरामद किये गये हैं।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: एसटीएफ ने सोमवार को कानपुर जिले में 50 हजार रुपये के ईनामी अपराधी को एक मुठभेड़ में मार गिराया है।
11
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: थलसेना प्रमुख जनरल वीके सिंह ने 26 महीनों के अपने विवादास्पद कार्यकाल पूरा होने के पांच दिन पहले रक्षा मंत्रालय की आलोचना करते हुए कहा कि उन्हें ‘फंसाने’ के लिए चुनिंदा दस्तावेज लीक किए गए।टिप्पणियां विभिन्न टीवी चैनलों को दिए साक्षात्कार में जनरल सिंह ने अपनी उम्र से जुड़े विवाद में उच्चतम न्यायालय के फैसले पर भी अपनी अप्रसन्नता नहीं छिपाई। उन्होंने इस क्रम में फैसला सुनाने वाले दो न्यायाधिशों में से न्यायमूर्ति आरएम लोढ़ा की हवा के रुख के साथ चलने संबंधी उस टिप्पणी का भी परोक्ष रूप से जिक्र किया। न्यायमूर्ति लोढ़ा ने वास्तव में टिप्पणी की थी, ‘वे लोग बुद्धिमान हैं जो हवा के रुख के साथ चलते हैं। आप जैसा अधिकारी पाकर हमें गर्व है। इसका श्रेय आपको जाना चाहिए।’ विभिन्न टीवी चैनलों को दिए साक्षात्कार में जनरल सिंह ने अपनी उम्र से जुड़े विवाद में उच्चतम न्यायालय के फैसले पर भी अपनी अप्रसन्नता नहीं छिपाई। उन्होंने इस क्रम में फैसला सुनाने वाले दो न्यायाधिशों में से न्यायमूर्ति आरएम लोढ़ा की हवा के रुख के साथ चलने संबंधी उस टिप्पणी का भी परोक्ष रूप से जिक्र किया। न्यायमूर्ति लोढ़ा ने वास्तव में टिप्पणी की थी, ‘वे लोग बुद्धिमान हैं जो हवा के रुख के साथ चलते हैं। आप जैसा अधिकारी पाकर हमें गर्व है। इसका श्रेय आपको जाना चाहिए।’ न्यायमूर्ति लोढ़ा ने वास्तव में टिप्पणी की थी, ‘वे लोग बुद्धिमान हैं जो हवा के रुख के साथ चलते हैं। आप जैसा अधिकारी पाकर हमें गर्व है। इसका श्रेय आपको जाना चाहिए।’
संक्षिप्त सारांश: थलसेना प्रमुख जनरल वीके सिंह ने 26 महीनों के अपने विवादास्पद कार्यकाल पूरा होने के पांच दिन पहले रक्षा मंत्रालय की आलोचना करते हुए कहा कि उन्हें ‘फंसाने’ के लिए चुनिंदा दस्तावेज लीक किए गए।
29
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: कानून मंत्री के पद से इस्तीफा देने के एक दिन बाद अश्विनी कुमार शनिवार को मीडिया से मुखातिब हुए। अश्विनी कुमार ने कहा, मैंने कोई गलती नहीं की और  मेरी नीयत साफ है। कुमार ने कहा, मैंने विवाद को खत्म करने के लिए पद से इस्तीफा दिया और इस्तीफा देने का यह मतलब कतई नहीं होता कि कुछ गड़बड़ हुआ है। कभी-कभी कुछ राजनीतिक फैसले जरूरी होते हैं। उन्होंने कहा कि वह पार्टी के निष्ठावान सिपाही हैं और सभी मामलों में बेदाग साबित होंगे। उन्होंने कहा कि इंसाफ की जीत होगी और सच्चाई सामने आएगी। अश्विनी कुमार ने एक बयान में कहा, मैंने माननीय प्रधानमंत्री को उनकी टीम का हिस्सा बनने का अवसर दिए जाने के लिए शुक्रिया अदा करते हुए कल अपना इस्तीफा सौंप दिया। उन्होंने कहा, मैंने ऐसा एक मामले में अनावश्यक विवाद को खत्म करने के लिए किया, जो माननीय उच्चतम न्यायालय के समक्ष है और जिसमें किसी भी तरह मेरे खिलाफ कोई प्रतिकूल टिप्पणी नहीं की गई है। मेरी अंतरात्मा साफ है और मेरा मानना है कि मैं दोषमुक्त साबित होऊंगा, क्योंकि दैवीय न्याय निश्चित करता है कि सच और न्याय मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ राजनीतिक फैसले ऐसे होते हैं, जिन्हें जरूरी माना जाता है और उन्होंने वह किया जो प्रधानमंत्री तथा पार्टी आलाकमान को उचित लगा। यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें बलि का बकरा बनाया गया है, कुमार ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, लेकिन कहा कि वह चाहेंगे कि लोग फैसला करें। टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि रेलवे रिश्वतकांड और कोयला घोटाले की आंच ने केंद्र के दो मंत्रियों को इस्तीफे के लिए मजबूर कर दिया। शुक्रवार रात रेल मंत्री पवन बंसल और कानून मंत्री अश्विनी कुमार ने पीएम से मिलकर उन्हें अपने-अपने इस्तीफे सौंप दिए। कोयला ब्लॉक आवंटन घोटाले की जांच पर सीबीआई रिपोर्ट में फेरबदल को लेकर हमले का सामना कर रहे कानून मंत्री अश्वनी कुमार ने अपने इस्तीफा पत्र में कहा था कि अनावश्यक विवाद और जनता में किसी गलत धारणा को खत्म करने के लिए वह इस्तीफा दे रहे हैं। उनका कहना था कि उच्चतम न्यायालय ने उनके खिलाफ कोई टिप्पणी नहीं की है। कुमार ने कहा, मैंने विवाद को खत्म करने के लिए पद से इस्तीफा दिया और इस्तीफा देने का यह मतलब कतई नहीं होता कि कुछ गड़बड़ हुआ है। कभी-कभी कुछ राजनीतिक फैसले जरूरी होते हैं। उन्होंने कहा कि वह पार्टी के निष्ठावान सिपाही हैं और सभी मामलों में बेदाग साबित होंगे। उन्होंने कहा कि इंसाफ की जीत होगी और सच्चाई सामने आएगी। अश्विनी कुमार ने एक बयान में कहा, मैंने माननीय प्रधानमंत्री को उनकी टीम का हिस्सा बनने का अवसर दिए जाने के लिए शुक्रिया अदा करते हुए कल अपना इस्तीफा सौंप दिया। उन्होंने कहा, मैंने ऐसा एक मामले में अनावश्यक विवाद को खत्म करने के लिए किया, जो माननीय उच्चतम न्यायालय के समक्ष है और जिसमें किसी भी तरह मेरे खिलाफ कोई प्रतिकूल टिप्पणी नहीं की गई है। मेरी अंतरात्मा साफ है और मेरा मानना है कि मैं दोषमुक्त साबित होऊंगा, क्योंकि दैवीय न्याय निश्चित करता है कि सच और न्याय मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ राजनीतिक फैसले ऐसे होते हैं, जिन्हें जरूरी माना जाता है और उन्होंने वह किया जो प्रधानमंत्री तथा पार्टी आलाकमान को उचित लगा। यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें बलि का बकरा बनाया गया है, कुमार ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, लेकिन कहा कि वह चाहेंगे कि लोग फैसला करें। टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि रेलवे रिश्वतकांड और कोयला घोटाले की आंच ने केंद्र के दो मंत्रियों को इस्तीफे के लिए मजबूर कर दिया। शुक्रवार रात रेल मंत्री पवन बंसल और कानून मंत्री अश्विनी कुमार ने पीएम से मिलकर उन्हें अपने-अपने इस्तीफे सौंप दिए। कोयला ब्लॉक आवंटन घोटाले की जांच पर सीबीआई रिपोर्ट में फेरबदल को लेकर हमले का सामना कर रहे कानून मंत्री अश्वनी कुमार ने अपने इस्तीफा पत्र में कहा था कि अनावश्यक विवाद और जनता में किसी गलत धारणा को खत्म करने के लिए वह इस्तीफा दे रहे हैं। उनका कहना था कि उच्चतम न्यायालय ने उनके खिलाफ कोई टिप्पणी नहीं की है। अश्विनी कुमार ने एक बयान में कहा, मैंने माननीय प्रधानमंत्री को उनकी टीम का हिस्सा बनने का अवसर दिए जाने के लिए शुक्रिया अदा करते हुए कल अपना इस्तीफा सौंप दिया। उन्होंने कहा, मैंने ऐसा एक मामले में अनावश्यक विवाद को खत्म करने के लिए किया, जो माननीय उच्चतम न्यायालय के समक्ष है और जिसमें किसी भी तरह मेरे खिलाफ कोई प्रतिकूल टिप्पणी नहीं की गई है। मेरी अंतरात्मा साफ है और मेरा मानना है कि मैं दोषमुक्त साबित होऊंगा, क्योंकि दैवीय न्याय निश्चित करता है कि सच और न्याय मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ राजनीतिक फैसले ऐसे होते हैं, जिन्हें जरूरी माना जाता है और उन्होंने वह किया जो प्रधानमंत्री तथा पार्टी आलाकमान को उचित लगा। यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें बलि का बकरा बनाया गया है, कुमार ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, लेकिन कहा कि वह चाहेंगे कि लोग फैसला करें। टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि रेलवे रिश्वतकांड और कोयला घोटाले की आंच ने केंद्र के दो मंत्रियों को इस्तीफे के लिए मजबूर कर दिया। शुक्रवार रात रेल मंत्री पवन बंसल और कानून मंत्री अश्विनी कुमार ने पीएम से मिलकर उन्हें अपने-अपने इस्तीफे सौंप दिए। कोयला ब्लॉक आवंटन घोटाले की जांच पर सीबीआई रिपोर्ट में फेरबदल को लेकर हमले का सामना कर रहे कानून मंत्री अश्वनी कुमार ने अपने इस्तीफा पत्र में कहा था कि अनावश्यक विवाद और जनता में किसी गलत धारणा को खत्म करने के लिए वह इस्तीफा दे रहे हैं। उनका कहना था कि उच्चतम न्यायालय ने उनके खिलाफ कोई टिप्पणी नहीं की है। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ राजनीतिक फैसले ऐसे होते हैं, जिन्हें जरूरी माना जाता है और उन्होंने वह किया जो प्रधानमंत्री तथा पार्टी आलाकमान को उचित लगा। यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें बलि का बकरा बनाया गया है, कुमार ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, लेकिन कहा कि वह चाहेंगे कि लोग फैसला करें। टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि रेलवे रिश्वतकांड और कोयला घोटाले की आंच ने केंद्र के दो मंत्रियों को इस्तीफे के लिए मजबूर कर दिया। शुक्रवार रात रेल मंत्री पवन बंसल और कानून मंत्री अश्विनी कुमार ने पीएम से मिलकर उन्हें अपने-अपने इस्तीफे सौंप दिए। कोयला ब्लॉक आवंटन घोटाले की जांच पर सीबीआई रिपोर्ट में फेरबदल को लेकर हमले का सामना कर रहे कानून मंत्री अश्वनी कुमार ने अपने इस्तीफा पत्र में कहा था कि अनावश्यक विवाद और जनता में किसी गलत धारणा को खत्म करने के लिए वह इस्तीफा दे रहे हैं। उनका कहना था कि उच्चतम न्यायालय ने उनके खिलाफ कोई टिप्पणी नहीं की है। उल्लेखनीय है कि रेलवे रिश्वतकांड और कोयला घोटाले की आंच ने केंद्र के दो मंत्रियों को इस्तीफे के लिए मजबूर कर दिया। शुक्रवार रात रेल मंत्री पवन बंसल और कानून मंत्री अश्विनी कुमार ने पीएम से मिलकर उन्हें अपने-अपने इस्तीफे सौंप दिए। कोयला ब्लॉक आवंटन घोटाले की जांच पर सीबीआई रिपोर्ट में फेरबदल को लेकर हमले का सामना कर रहे कानून मंत्री अश्वनी कुमार ने अपने इस्तीफा पत्र में कहा था कि अनावश्यक विवाद और जनता में किसी गलत धारणा को खत्म करने के लिए वह इस्तीफा दे रहे हैं। उनका कहना था कि उच्चतम न्यायालय ने उनके खिलाफ कोई टिप्पणी नहीं की है। कोयला ब्लॉक आवंटन घोटाले की जांच पर सीबीआई रिपोर्ट में फेरबदल को लेकर हमले का सामना कर रहे कानून मंत्री अश्वनी कुमार ने अपने इस्तीफा पत्र में कहा था कि अनावश्यक विवाद और जनता में किसी गलत धारणा को खत्म करने के लिए वह इस्तीफा दे रहे हैं। उनका कहना था कि उच्चतम न्यायालय ने उनके खिलाफ कोई टिप्पणी नहीं की है।
सारांश: कानून मंत्री के पद से इस्तीफा देने के एक दिन बाद अश्विनी कुमार ने कहा, मैंने कोई गलती नहीं की और मेरी नीयत साफ है। उन्होंने कहा कि इंसाफ की जीत होगी और सच्चाई सामने आएगी।
33
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भ्रष्टाचारों के आरोपों से घिरे उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा को बीजेपी में शामिल करने पर पूर्व मुख्यमंत्री और जन क्रांति पार्टी के अध्यक्ष कल्याण सिंह ने बीजेपी पर करोड़ों रुपये लेने के आरोप लगाए हैं।टिप्पणियां कल्याण सिंह के मुताबिक बीजेपी में आने के लिए कुशवाहा ने करोड़ों रुपये दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिस मामले की जांच सीबीआई कर रही रही है, भ्रष्टाचार के उन गंभीर आरोपों में घिरे कुशवाहा का बीजेपी में शामिल होना कई तरह के सवाल खड़े कर रहा है। साथ ही कल्याण ने इसकी सीबीआई जांच कराने की मांग भी की। बीजेपी में बाबू सिंह कुशवाहा को लेकर चल रही खींचतान पर इलाहाबाद में कुशवाहा महासभा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नाराजगी जताई। बीजेपी को चेतावनी देते हुए कुशवाहा समाज के पदाधिकारियों ने दावा किया कि वे किसी भी पार्टी को सत्ता में ला सकते हैं और उसे बेदखल भी कर सकते हैं। जाहिर है कुशवाहा को लेकर बीजेपी के अंदर और बाहर हर जगह विरोध झेलना पड़ रहा है। अब इस चेतावनी से बीजेपी की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। कल्याण सिंह के मुताबिक बीजेपी में आने के लिए कुशवाहा ने करोड़ों रुपये दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिस मामले की जांच सीबीआई कर रही रही है, भ्रष्टाचार के उन गंभीर आरोपों में घिरे कुशवाहा का बीजेपी में शामिल होना कई तरह के सवाल खड़े कर रहा है। साथ ही कल्याण ने इसकी सीबीआई जांच कराने की मांग भी की। बीजेपी में बाबू सिंह कुशवाहा को लेकर चल रही खींचतान पर इलाहाबाद में कुशवाहा महासभा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नाराजगी जताई। बीजेपी को चेतावनी देते हुए कुशवाहा समाज के पदाधिकारियों ने दावा किया कि वे किसी भी पार्टी को सत्ता में ला सकते हैं और उसे बेदखल भी कर सकते हैं। जाहिर है कुशवाहा को लेकर बीजेपी के अंदर और बाहर हर जगह विरोध झेलना पड़ रहा है। अब इस चेतावनी से बीजेपी की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। बीजेपी में बाबू सिंह कुशवाहा को लेकर चल रही खींचतान पर इलाहाबाद में कुशवाहा महासभा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नाराजगी जताई। बीजेपी को चेतावनी देते हुए कुशवाहा समाज के पदाधिकारियों ने दावा किया कि वे किसी भी पार्टी को सत्ता में ला सकते हैं और उसे बेदखल भी कर सकते हैं। जाहिर है कुशवाहा को लेकर बीजेपी के अंदर और बाहर हर जगह विरोध झेलना पड़ रहा है। अब इस चेतावनी से बीजेपी की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
सारांश: यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने आरोप लगाया कि बीएसपी से निष्कासित बाबू सिंह कुशवाहा ने बीजेपी में शामिल होने के लिए करोड़ों रुपये दिए हैं।
20
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: अमेरिका और इंग्लैंड भले ही विकसित देश हैं, लेकिन वहां के लोग भी भारतीयों के टैलेंट के कायल हैं. इसकी बानगी एक बार फिर अमेरिका के यूसी बरकेले (UC Berkeley) यूनिवर्सिटी में देखने को मिला. यूनिवर्सिटी के फेयरवेल समारोह में पंजाबी छात्र ने ऐसी दमदार स्पीच दी कि वहां तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा माहौल गूंज उठा. इस स्पीच का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. चंडीगढ़ के इस छात्र को कैलिफोर्निया के यूनिवर्सिटी ने  Summa Cum Laude से सम्मानित किया है. यह इस यूनिवर्सिटी का सबसे बड़ा सम्मान है. कॉमर्स की पढ़ाई पूरा करने वाले इस छात्र का नाम अंगद है. 23 वर्षीय छात्र मंच पर आता है तो पहले तबला बजाता है. इसके बाद माइक थामता है और बेहद जोशीले अंदाज में अपनी बात शुरू करता है. वह कहता है कि अगर दुनिया में कहीं हिजाब की वजह से  मुस्लिम महिला को परेशान किया जाता है, सिख को पगड़ी की वजह से मुश्किलें होती हैं, वेनेजुएला में भूखमरी, सीरिया में हमले में कोई पिता अपने पूरे परिवार को गंवा देता है. हमारे सामने ये बड़ी समस्या है. अपने गांव की कहानी बताते हुए अंगद कहता है उसके दो दोस्त नशे के चलते उनसे दूर हो गए, ये समस्या है.टिप्पणियां उसने कहा कि हमें ऐसी दुनिया का निर्माण करना है जहां नस्ल, धर्म, भाषा के नाम पर भेदभाव नहीं किया जाता हो. भारतीय छात्र कहता है कि महाराष्ट्र के शनि शिंगणापुर के किसी भी घर में ताला नहीं लगता है, हमें इससे प्रेरणा ले चाहिए. दुनिया में ऐसी ही अच्छाई को लाने के लिए प्रयास करना चाहिए. अंगद युवाओं खासकर बिजनेस की पढ़ाई करने वालों से अपील करता है कि वे केवल मुनाफे और पूंजी को बढ़ाने के लिए काम न करें. वे अपना ध्यान दुनिया की समस्याओं को दूर करने पर लगाएं. कहा, हमारी जिम्मेदारी है कि हम अच्छा बिजनेस कर दुनिया में बदलावा ला सकें. कॉमर्स की पढ़ाई पूरा करने वाले इस छात्र का नाम अंगद है. 23 वर्षीय छात्र मंच पर आता है तो पहले तबला बजाता है. इसके बाद माइक थामता है और बेहद जोशीले अंदाज में अपनी बात शुरू करता है. वह कहता है कि अगर दुनिया में कहीं हिजाब की वजह से  मुस्लिम महिला को परेशान किया जाता है, सिख को पगड़ी की वजह से मुश्किलें होती हैं, वेनेजुएला में भूखमरी, सीरिया में हमले में कोई पिता अपने पूरे परिवार को गंवा देता है. हमारे सामने ये बड़ी समस्या है. अपने गांव की कहानी बताते हुए अंगद कहता है उसके दो दोस्त नशे के चलते उनसे दूर हो गए, ये समस्या है.टिप्पणियां उसने कहा कि हमें ऐसी दुनिया का निर्माण करना है जहां नस्ल, धर्म, भाषा के नाम पर भेदभाव नहीं किया जाता हो. भारतीय छात्र कहता है कि महाराष्ट्र के शनि शिंगणापुर के किसी भी घर में ताला नहीं लगता है, हमें इससे प्रेरणा ले चाहिए. दुनिया में ऐसी ही अच्छाई को लाने के लिए प्रयास करना चाहिए. अंगद युवाओं खासकर बिजनेस की पढ़ाई करने वालों से अपील करता है कि वे केवल मुनाफे और पूंजी को बढ़ाने के लिए काम न करें. वे अपना ध्यान दुनिया की समस्याओं को दूर करने पर लगाएं. कहा, हमारी जिम्मेदारी है कि हम अच्छा बिजनेस कर दुनिया में बदलावा ला सकें. उसने कहा कि हमें ऐसी दुनिया का निर्माण करना है जहां नस्ल, धर्म, भाषा के नाम पर भेदभाव नहीं किया जाता हो. भारतीय छात्र कहता है कि महाराष्ट्र के शनि शिंगणापुर के किसी भी घर में ताला नहीं लगता है, हमें इससे प्रेरणा ले चाहिए. दुनिया में ऐसी ही अच्छाई को लाने के लिए प्रयास करना चाहिए. अंगद युवाओं खासकर बिजनेस की पढ़ाई करने वालों से अपील करता है कि वे केवल मुनाफे और पूंजी को बढ़ाने के लिए काम न करें. वे अपना ध्यान दुनिया की समस्याओं को दूर करने पर लगाएं. कहा, हमारी जिम्मेदारी है कि हम अच्छा बिजनेस कर दुनिया में बदलावा ला सकें. अंगद युवाओं खासकर बिजनेस की पढ़ाई करने वालों से अपील करता है कि वे केवल मुनाफे और पूंजी को बढ़ाने के लिए काम न करें. वे अपना ध्यान दुनिया की समस्याओं को दूर करने पर लगाएं. कहा, हमारी जिम्मेदारी है कि हम अच्छा बिजनेस कर दुनिया में बदलावा ला सकें.
चंडीगढ़ के रहने वाले छात्र ने अमेरिकी यूनिर्सिटी में किया नाम छात्र ने नस्ल, धर्म, भाषा के नाम पर भेदभाव करने की अपील की अमेरिका के यूसी बरकेले यूनिर्सिटी ने सबसे बड़े सम्मान से किया सम्मानित
1
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कांग्रेस ने सोमवार को चारा घोटाले से जुड़े एक मामले में रांची में सीबीआई की विशेष अदालत द्वारा बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राजद नेता लालू प्रसाद को दोषी ठहराए जाने पर सतर्क प्रतिक्रिया जताते हुए कहा कि कानून सबके लिए समान है। पार्टी ने भाविष्य में राजद के साथ गठबंधन के सवालों को तवज्जो नहीं दिया। पार्टी के संचार विभाग के प्रमुख अजय माकन ने कहा, ‘‘यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि बिहार और झारखंड में गठबंधन पर इसका क्या असर पड़ेगा। गठबंधन के बारे में क्या होगा इस पर हम कुछ नहीं कह सकते।’’ माकन की टिप्पणी महत्वपूर्ण है क्योंकि बिहार में लालू प्रसाद के नेतृत्व वाली राजद या उनके विरोधी जदयू के साथ भविष्य के गठबंधन को लेकर पार्टी में अटकलें लगाई जा रही हैं। जदयू ने पिछले दिनों भाजपा के साथ अपना वर्षों पुराना संबंध तोड़ा है। कुछ महीने पहले कांग्रेस और राजद ने मिलकर झारखंड में सरकार बनाने के लिए झारखंड मुक्ति मोर्चा को समर्थन दिया था। झामुमो के हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार में फिलहाल तीनों पार्टी हिस्सा ले रही हैं। फैसले पर प्रतिक्रिया जताते हुए माकन ने कहा, ‘न्यायिक प्रक्रिया पर राजनीतिक प्रतिक्रिया नहीं होनी चाहिए। यह एक न्यायिक प्रक्रिया है और हम इस पर टिप्पणी नहीं नहीं करना चाहेंगे क्योंकि हम हमेशा कहते रहे हैं कि न्यायिक प्रक्रिया बिना किसी व्यवधान के चलती रहनी चाहिए। यह पूछे जाने पर कि क्या संप्रग सरकार प्रसाद को संरक्षण देने के लिए दोषी सांसदों विधायकों पर अध्यादेश ला रही है माकन ने कहा कि पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी अध्यादेश पर अपनी राय पहले ही जाहिर कर चुके हैं। केन्द्रीय मंत्री सचिन पायलट ने कहा कि कानून सभी के लिए समान है चाहे वह नौकरशाह हो, पत्रकार हो या व्यवसायी हो। कानून सर्वोच्च है। न्यायपालिका में हमारा भरोसा है। पार्टी नेता राशिद अल्वी ने कहा, ‘अदालत द्वारा दिए गए फैसले के प्रति हमें सम्मान है क्योंकि कानून किसी व्यक्ति के बीच कोई भेदभाव नहीं करता। कानून ने अपना काम किया है।’ चारा घोटाले से जुड़े एक मामले में रांची में सीबीआई की एक विशेष अदालत ने आज बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राजद नेता लालू प्रसाद तथा पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र समेत 45 आरोपियों को दोषी करार दिया।टिप्पणियां इनमें से सात लोगों को जहां आज ही 3 साल तक की कैद की सजा सुना दी गई वहीं बाकी 38 लोगों को 3 अक्तूबर को सजा सुनाई जाएगी। अदालत ने यह फैसला करीब 950 करोड़ रुपये के चारा घोटाले से जुड़े चाईबासा कोषागार से फर्जी ढंग से 37.7 करोड़ रुपये निकालने के मामले में सुनाया है। पार्टी के संचार विभाग के प्रमुख अजय माकन ने कहा, ‘‘यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि बिहार और झारखंड में गठबंधन पर इसका क्या असर पड़ेगा। गठबंधन के बारे में क्या होगा इस पर हम कुछ नहीं कह सकते।’’ माकन की टिप्पणी महत्वपूर्ण है क्योंकि बिहार में लालू प्रसाद के नेतृत्व वाली राजद या उनके विरोधी जदयू के साथ भविष्य के गठबंधन को लेकर पार्टी में अटकलें लगाई जा रही हैं। जदयू ने पिछले दिनों भाजपा के साथ अपना वर्षों पुराना संबंध तोड़ा है। कुछ महीने पहले कांग्रेस और राजद ने मिलकर झारखंड में सरकार बनाने के लिए झारखंड मुक्ति मोर्चा को समर्थन दिया था। झामुमो के हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार में फिलहाल तीनों पार्टी हिस्सा ले रही हैं। फैसले पर प्रतिक्रिया जताते हुए माकन ने कहा, ‘न्यायिक प्रक्रिया पर राजनीतिक प्रतिक्रिया नहीं होनी चाहिए। यह एक न्यायिक प्रक्रिया है और हम इस पर टिप्पणी नहीं नहीं करना चाहेंगे क्योंकि हम हमेशा कहते रहे हैं कि न्यायिक प्रक्रिया बिना किसी व्यवधान के चलती रहनी चाहिए। यह पूछे जाने पर कि क्या संप्रग सरकार प्रसाद को संरक्षण देने के लिए दोषी सांसदों विधायकों पर अध्यादेश ला रही है माकन ने कहा कि पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी अध्यादेश पर अपनी राय पहले ही जाहिर कर चुके हैं। केन्द्रीय मंत्री सचिन पायलट ने कहा कि कानून सभी के लिए समान है चाहे वह नौकरशाह हो, पत्रकार हो या व्यवसायी हो। कानून सर्वोच्च है। न्यायपालिका में हमारा भरोसा है। पार्टी नेता राशिद अल्वी ने कहा, ‘अदालत द्वारा दिए गए फैसले के प्रति हमें सम्मान है क्योंकि कानून किसी व्यक्ति के बीच कोई भेदभाव नहीं करता। कानून ने अपना काम किया है।’ चारा घोटाले से जुड़े एक मामले में रांची में सीबीआई की एक विशेष अदालत ने आज बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राजद नेता लालू प्रसाद तथा पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र समेत 45 आरोपियों को दोषी करार दिया।टिप्पणियां इनमें से सात लोगों को जहां आज ही 3 साल तक की कैद की सजा सुना दी गई वहीं बाकी 38 लोगों को 3 अक्तूबर को सजा सुनाई जाएगी। अदालत ने यह फैसला करीब 950 करोड़ रुपये के चारा घोटाले से जुड़े चाईबासा कोषागार से फर्जी ढंग से 37.7 करोड़ रुपये निकालने के मामले में सुनाया है। माकन की टिप्पणी महत्वपूर्ण है क्योंकि बिहार में लालू प्रसाद के नेतृत्व वाली राजद या उनके विरोधी जदयू के साथ भविष्य के गठबंधन को लेकर पार्टी में अटकलें लगाई जा रही हैं। जदयू ने पिछले दिनों भाजपा के साथ अपना वर्षों पुराना संबंध तोड़ा है। कुछ महीने पहले कांग्रेस और राजद ने मिलकर झारखंड में सरकार बनाने के लिए झारखंड मुक्ति मोर्चा को समर्थन दिया था। झामुमो के हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार में फिलहाल तीनों पार्टी हिस्सा ले रही हैं। फैसले पर प्रतिक्रिया जताते हुए माकन ने कहा, ‘न्यायिक प्रक्रिया पर राजनीतिक प्रतिक्रिया नहीं होनी चाहिए। यह एक न्यायिक प्रक्रिया है और हम इस पर टिप्पणी नहीं नहीं करना चाहेंगे क्योंकि हम हमेशा कहते रहे हैं कि न्यायिक प्रक्रिया बिना किसी व्यवधान के चलती रहनी चाहिए। यह पूछे जाने पर कि क्या संप्रग सरकार प्रसाद को संरक्षण देने के लिए दोषी सांसदों विधायकों पर अध्यादेश ला रही है माकन ने कहा कि पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी अध्यादेश पर अपनी राय पहले ही जाहिर कर चुके हैं। केन्द्रीय मंत्री सचिन पायलट ने कहा कि कानून सभी के लिए समान है चाहे वह नौकरशाह हो, पत्रकार हो या व्यवसायी हो। कानून सर्वोच्च है। न्यायपालिका में हमारा भरोसा है। पार्टी नेता राशिद अल्वी ने कहा, ‘अदालत द्वारा दिए गए फैसले के प्रति हमें सम्मान है क्योंकि कानून किसी व्यक्ति के बीच कोई भेदभाव नहीं करता। कानून ने अपना काम किया है।’ चारा घोटाले से जुड़े एक मामले में रांची में सीबीआई की एक विशेष अदालत ने आज बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राजद नेता लालू प्रसाद तथा पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र समेत 45 आरोपियों को दोषी करार दिया।टिप्पणियां इनमें से सात लोगों को जहां आज ही 3 साल तक की कैद की सजा सुना दी गई वहीं बाकी 38 लोगों को 3 अक्तूबर को सजा सुनाई जाएगी। अदालत ने यह फैसला करीब 950 करोड़ रुपये के चारा घोटाले से जुड़े चाईबासा कोषागार से फर्जी ढंग से 37.7 करोड़ रुपये निकालने के मामले में सुनाया है। कुछ महीने पहले कांग्रेस और राजद ने मिलकर झारखंड में सरकार बनाने के लिए झारखंड मुक्ति मोर्चा को समर्थन दिया था। झामुमो के हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार में फिलहाल तीनों पार्टी हिस्सा ले रही हैं। फैसले पर प्रतिक्रिया जताते हुए माकन ने कहा, ‘न्यायिक प्रक्रिया पर राजनीतिक प्रतिक्रिया नहीं होनी चाहिए। यह एक न्यायिक प्रक्रिया है और हम इस पर टिप्पणी नहीं नहीं करना चाहेंगे क्योंकि हम हमेशा कहते रहे हैं कि न्यायिक प्रक्रिया बिना किसी व्यवधान के चलती रहनी चाहिए। यह पूछे जाने पर कि क्या संप्रग सरकार प्रसाद को संरक्षण देने के लिए दोषी सांसदों विधायकों पर अध्यादेश ला रही है माकन ने कहा कि पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी अध्यादेश पर अपनी राय पहले ही जाहिर कर चुके हैं। केन्द्रीय मंत्री सचिन पायलट ने कहा कि कानून सभी के लिए समान है चाहे वह नौकरशाह हो, पत्रकार हो या व्यवसायी हो। कानून सर्वोच्च है। न्यायपालिका में हमारा भरोसा है। पार्टी नेता राशिद अल्वी ने कहा, ‘अदालत द्वारा दिए गए फैसले के प्रति हमें सम्मान है क्योंकि कानून किसी व्यक्ति के बीच कोई भेदभाव नहीं करता। कानून ने अपना काम किया है।’ चारा घोटाले से जुड़े एक मामले में रांची में सीबीआई की एक विशेष अदालत ने आज बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राजद नेता लालू प्रसाद तथा पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र समेत 45 आरोपियों को दोषी करार दिया।टिप्पणियां इनमें से सात लोगों को जहां आज ही 3 साल तक की कैद की सजा सुना दी गई वहीं बाकी 38 लोगों को 3 अक्तूबर को सजा सुनाई जाएगी। अदालत ने यह फैसला करीब 950 करोड़ रुपये के चारा घोटाले से जुड़े चाईबासा कोषागार से फर्जी ढंग से 37.7 करोड़ रुपये निकालने के मामले में सुनाया है। फैसले पर प्रतिक्रिया जताते हुए माकन ने कहा, ‘न्यायिक प्रक्रिया पर राजनीतिक प्रतिक्रिया नहीं होनी चाहिए। यह एक न्यायिक प्रक्रिया है और हम इस पर टिप्पणी नहीं नहीं करना चाहेंगे क्योंकि हम हमेशा कहते रहे हैं कि न्यायिक प्रक्रिया बिना किसी व्यवधान के चलती रहनी चाहिए। यह पूछे जाने पर कि क्या संप्रग सरकार प्रसाद को संरक्षण देने के लिए दोषी सांसदों विधायकों पर अध्यादेश ला रही है माकन ने कहा कि पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी अध्यादेश पर अपनी राय पहले ही जाहिर कर चुके हैं। केन्द्रीय मंत्री सचिन पायलट ने कहा कि कानून सभी के लिए समान है चाहे वह नौकरशाह हो, पत्रकार हो या व्यवसायी हो। कानून सर्वोच्च है। न्यायपालिका में हमारा भरोसा है। पार्टी नेता राशिद अल्वी ने कहा, ‘अदालत द्वारा दिए गए फैसले के प्रति हमें सम्मान है क्योंकि कानून किसी व्यक्ति के बीच कोई भेदभाव नहीं करता। कानून ने अपना काम किया है।’ चारा घोटाले से जुड़े एक मामले में रांची में सीबीआई की एक विशेष अदालत ने आज बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राजद नेता लालू प्रसाद तथा पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र समेत 45 आरोपियों को दोषी करार दिया।टिप्पणियां इनमें से सात लोगों को जहां आज ही 3 साल तक की कैद की सजा सुना दी गई वहीं बाकी 38 लोगों को 3 अक्तूबर को सजा सुनाई जाएगी। अदालत ने यह फैसला करीब 950 करोड़ रुपये के चारा घोटाले से जुड़े चाईबासा कोषागार से फर्जी ढंग से 37.7 करोड़ रुपये निकालने के मामले में सुनाया है। यह पूछे जाने पर कि क्या संप्रग सरकार प्रसाद को संरक्षण देने के लिए दोषी सांसदों विधायकों पर अध्यादेश ला रही है माकन ने कहा कि पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी अध्यादेश पर अपनी राय पहले ही जाहिर कर चुके हैं। केन्द्रीय मंत्री सचिन पायलट ने कहा कि कानून सभी के लिए समान है चाहे वह नौकरशाह हो, पत्रकार हो या व्यवसायी हो। कानून सर्वोच्च है। न्यायपालिका में हमारा भरोसा है। पार्टी नेता राशिद अल्वी ने कहा, ‘अदालत द्वारा दिए गए फैसले के प्रति हमें सम्मान है क्योंकि कानून किसी व्यक्ति के बीच कोई भेदभाव नहीं करता। कानून ने अपना काम किया है।’ चारा घोटाले से जुड़े एक मामले में रांची में सीबीआई की एक विशेष अदालत ने आज बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राजद नेता लालू प्रसाद तथा पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र समेत 45 आरोपियों को दोषी करार दिया।टिप्पणियां इनमें से सात लोगों को जहां आज ही 3 साल तक की कैद की सजा सुना दी गई वहीं बाकी 38 लोगों को 3 अक्तूबर को सजा सुनाई जाएगी। अदालत ने यह फैसला करीब 950 करोड़ रुपये के चारा घोटाले से जुड़े चाईबासा कोषागार से फर्जी ढंग से 37.7 करोड़ रुपये निकालने के मामले में सुनाया है। पार्टी नेता राशिद अल्वी ने कहा, ‘अदालत द्वारा दिए गए फैसले के प्रति हमें सम्मान है क्योंकि कानून किसी व्यक्ति के बीच कोई भेदभाव नहीं करता। कानून ने अपना काम किया है।’ चारा घोटाले से जुड़े एक मामले में रांची में सीबीआई की एक विशेष अदालत ने आज बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राजद नेता लालू प्रसाद तथा पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र समेत 45 आरोपियों को दोषी करार दिया।टिप्पणियां इनमें से सात लोगों को जहां आज ही 3 साल तक की कैद की सजा सुना दी गई वहीं बाकी 38 लोगों को 3 अक्तूबर को सजा सुनाई जाएगी। अदालत ने यह फैसला करीब 950 करोड़ रुपये के चारा घोटाले से जुड़े चाईबासा कोषागार से फर्जी ढंग से 37.7 करोड़ रुपये निकालने के मामले में सुनाया है। इनमें से सात लोगों को जहां आज ही 3 साल तक की कैद की सजा सुना दी गई वहीं बाकी 38 लोगों को 3 अक्तूबर को सजा सुनाई जाएगी। अदालत ने यह फैसला करीब 950 करोड़ रुपये के चारा घोटाले से जुड़े चाईबासा कोषागार से फर्जी ढंग से 37.7 करोड़ रुपये निकालने के मामले में सुनाया है। अदालत ने यह फैसला करीब 950 करोड़ रुपये के चारा घोटाले से जुड़े चाईबासा कोषागार से फर्जी ढंग से 37.7 करोड़ रुपये निकालने के मामले में सुनाया है।
कांग्रेस ने सोमवार को चारा घोटाले से जुड़े एक मामले में रांची में सीबीआई की विशेष अदालत द्वारा बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राजद नेता लालू प्रसाद को दोषी ठहराए जाने पर सतर्क प्रतिक्रिया जताते हुए कहा कि कानून सबके लिए समान है। पार्टी ने भाविष्य में राजद
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['hin']