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इस के लिए एक सारांश बनाएं: आयकर विभाग ने स्व-आकलन व्यवस्था को चुनने वाले करदाताओं को 31 मार्च तक बकाया न चुकाने पर दंड की चेतावनी दी है।टिप्पणियां राजस्व विभाग ने कहा है कि स्व-आकलन व्यवस्था के तहत 73,388 लोगों ने कुल मिलाकर 3,859 करोड़ रुपये का कर अदा नहीं किया है। वित्त मंत्रालय ने एक विज्ञप्ति में कहा, स्वीकार किया हुआ कर चुकाए बिना ही कर रिटर्न दाखिल करने वाले करदाताओं को आयकर अधिनियम के प्रावधानों के तहत चूक करने वाला व्यक्ति माना जाएगा। विज्ञप्ति में ऐसे करदाताओं से 31 मार्च, 2013 से पहले बकाया कर राशि का भुगतान करने की अपील की गई है। राजस्व विभाग ने कहा है कि स्व-आकलन व्यवस्था के तहत 73,388 लोगों ने कुल मिलाकर 3,859 करोड़ रुपये का कर अदा नहीं किया है। वित्त मंत्रालय ने एक विज्ञप्ति में कहा, स्वीकार किया हुआ कर चुकाए बिना ही कर रिटर्न दाखिल करने वाले करदाताओं को आयकर अधिनियम के प्रावधानों के तहत चूक करने वाला व्यक्ति माना जाएगा। विज्ञप्ति में ऐसे करदाताओं से 31 मार्च, 2013 से पहले बकाया कर राशि का भुगतान करने की अपील की गई है। वित्त मंत्रालय ने एक विज्ञप्ति में कहा, स्वीकार किया हुआ कर चुकाए बिना ही कर रिटर्न दाखिल करने वाले करदाताओं को आयकर अधिनियम के प्रावधानों के तहत चूक करने वाला व्यक्ति माना जाएगा। विज्ञप्ति में ऐसे करदाताओं से 31 मार्च, 2013 से पहले बकाया कर राशि का भुगतान करने की अपील की गई है।
आयकर विभाग ने स्व-आकलन व्यवस्था को चुनने वाले करदाताओं को 31 मार्च तक बकाया न चुकाने पर दंड की चेतावनी दी है।
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारत के रुपेश कुमार और सानावे थॉमस की जोड़ी कोरिया ओपन सुपर सीरीज बैडमिंटन टूर्नामेंट के पुरुषों के युगल दौर से बाहर हो गए हैं। रुपेश और सानावे को पहले ही दौर में हार का सामना करना पड़ा। कोरिया के जाए सुंग जुंग और योंग देई ली की दूसरी वरीयता प्राप्त जोड़ी ने रुपेश और सानावे की गैर वरीय जोड़ी को सीधे गेम में 21-14, 21-14 से पराजित किया। यह मैच 27 मिनट चला। भारतीय और कोरियाई जोड़ीदारों के बीच यह चौथी भिड़ंत थी। चारों मौकों पर कोरियाई जोड़ीदारों को जीत मिली है। रुपेश और सानावे को विश्व वरीयता क्रम में 25वां स्थान प्राप्त है जबकि कोरियाई जोड़ीदार दूसरे वरीय हैं। इससे पहले, भारत की सायना नेहवाल ने नववर्ष की शुरुआत जीत के साथ की है। विश्व की चौथी वरीयता प्राप्त सायना ने बुधवार को पहले दौर में स्कॉटलैंड की खिलाड़ी सुसान एगेल्सटाफ को 21-5, 21-6 से पराजित किया। सायना ने इस मुकाबले को 24 मिनट में अपने नाम किया। अगले दौर में सायना का सामना चीनी ताइपे की शियाओ चेह चांग के साथ होगा। विश्व की 11वीं वरीयता प्राप्त चेह और सायना के बीच यह तीसरी भिड़ंत होगी। दोनों ने अब तक एक-एक मैच जीता है। महिला युगल और मिश्रित युगल में भी भारत को सफलता हाथ लगी है। ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा की युगल जोड़ी तथा ज्वाला और वी. दीजू की मिश्रित युगल जोड़ी ने भी अपने-अपने मुकाबले जीतकर दूसरे दौर में प्रवेश किया है। ज्वाला और अश्विनी की जोड़ी ने मलेशिया की विवियन काह मून हू और खे वेई वून की जोड़ी को 21-19, 21-18 से शिकस्त दी। ज्वाला और अश्विनी की जोड़ी ने इस मैच को 34 मिनट में जीता। अगले दौर में ज्वाला और पोनप्पा को चीन की जियावोली वांग तथा यांग यू की जोड़ी से भिड़ना है। इस जोड़ी को शीर्ष वरीयता दी गई है। दोनों के बीच यह दूसरी भिड़ंत होगी। इससे पहले यांग और वांग की जीत हुई है। मिश्रित युगल स्पर्धा के पहले दौर में ज्वाला और दीजू की जोड़ी ने मलेशिया की पेंग सून चान और लिऊ यिंग गोह की जोड़ी को 21-18, 21-18 से मात दी।टिप्पणियां ज्वाला और दीजू की जोड़ी ने इस मुकाबले को 27 मिनट में अपने नाम किया। भारतीय और मलेशियाई जोड़ीदारों के बीच यह चौथी भिड़ंत थी। इससे पहले दो बार ज्वाला और दीजू ने जीत हासिल की है जबकि एक बार मलेशियाई जोड़ीदार जीते हैं। पुरुषों की एकल स्पर्धा के पहले दौर में अजय जयराम का मुकाबला विश्व के 20वें वरीयता प्राप्त खिलाड़ी कोरिया के वान हू शॉन से होना था लेकिन जयराम पहले गेम में ही रिटायर्ड हर्ट हो गए। जयराम ने जब रिटायर्ड हर्ट होकर मुकाबला छोड़ने का फैसला किया उस समय शॉन पहले गेम में 1-0 से आगे थे। कोरिया के जाए सुंग जुंग और योंग देई ली की दूसरी वरीयता प्राप्त जोड़ी ने रुपेश और सानावे की गैर वरीय जोड़ी को सीधे गेम में 21-14, 21-14 से पराजित किया। यह मैच 27 मिनट चला। भारतीय और कोरियाई जोड़ीदारों के बीच यह चौथी भिड़ंत थी। चारों मौकों पर कोरियाई जोड़ीदारों को जीत मिली है। रुपेश और सानावे को विश्व वरीयता क्रम में 25वां स्थान प्राप्त है जबकि कोरियाई जोड़ीदार दूसरे वरीय हैं। इससे पहले, भारत की सायना नेहवाल ने नववर्ष की शुरुआत जीत के साथ की है। विश्व की चौथी वरीयता प्राप्त सायना ने बुधवार को पहले दौर में स्कॉटलैंड की खिलाड़ी सुसान एगेल्सटाफ को 21-5, 21-6 से पराजित किया। सायना ने इस मुकाबले को 24 मिनट में अपने नाम किया। अगले दौर में सायना का सामना चीनी ताइपे की शियाओ चेह चांग के साथ होगा। विश्व की 11वीं वरीयता प्राप्त चेह और सायना के बीच यह तीसरी भिड़ंत होगी। दोनों ने अब तक एक-एक मैच जीता है। महिला युगल और मिश्रित युगल में भी भारत को सफलता हाथ लगी है। ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा की युगल जोड़ी तथा ज्वाला और वी. दीजू की मिश्रित युगल जोड़ी ने भी अपने-अपने मुकाबले जीतकर दूसरे दौर में प्रवेश किया है। ज्वाला और अश्विनी की जोड़ी ने मलेशिया की विवियन काह मून हू और खे वेई वून की जोड़ी को 21-19, 21-18 से शिकस्त दी। ज्वाला और अश्विनी की जोड़ी ने इस मैच को 34 मिनट में जीता। अगले दौर में ज्वाला और पोनप्पा को चीन की जियावोली वांग तथा यांग यू की जोड़ी से भिड़ना है। इस जोड़ी को शीर्ष वरीयता दी गई है। दोनों के बीच यह दूसरी भिड़ंत होगी। इससे पहले यांग और वांग की जीत हुई है। मिश्रित युगल स्पर्धा के पहले दौर में ज्वाला और दीजू की जोड़ी ने मलेशिया की पेंग सून चान और लिऊ यिंग गोह की जोड़ी को 21-18, 21-18 से मात दी।टिप्पणियां ज्वाला और दीजू की जोड़ी ने इस मुकाबले को 27 मिनट में अपने नाम किया। भारतीय और मलेशियाई जोड़ीदारों के बीच यह चौथी भिड़ंत थी। इससे पहले दो बार ज्वाला और दीजू ने जीत हासिल की है जबकि एक बार मलेशियाई जोड़ीदार जीते हैं। पुरुषों की एकल स्पर्धा के पहले दौर में अजय जयराम का मुकाबला विश्व के 20वें वरीयता प्राप्त खिलाड़ी कोरिया के वान हू शॉन से होना था लेकिन जयराम पहले गेम में ही रिटायर्ड हर्ट हो गए। जयराम ने जब रिटायर्ड हर्ट होकर मुकाबला छोड़ने का फैसला किया उस समय शॉन पहले गेम में 1-0 से आगे थे। यह मैच 27 मिनट चला। भारतीय और कोरियाई जोड़ीदारों के बीच यह चौथी भिड़ंत थी। चारों मौकों पर कोरियाई जोड़ीदारों को जीत मिली है। रुपेश और सानावे को विश्व वरीयता क्रम में 25वां स्थान प्राप्त है जबकि कोरियाई जोड़ीदार दूसरे वरीय हैं। इससे पहले, भारत की सायना नेहवाल ने नववर्ष की शुरुआत जीत के साथ की है। विश्व की चौथी वरीयता प्राप्त सायना ने बुधवार को पहले दौर में स्कॉटलैंड की खिलाड़ी सुसान एगेल्सटाफ को 21-5, 21-6 से पराजित किया। सायना ने इस मुकाबले को 24 मिनट में अपने नाम किया। अगले दौर में सायना का सामना चीनी ताइपे की शियाओ चेह चांग के साथ होगा। विश्व की 11वीं वरीयता प्राप्त चेह और सायना के बीच यह तीसरी भिड़ंत होगी। दोनों ने अब तक एक-एक मैच जीता है। महिला युगल और मिश्रित युगल में भी भारत को सफलता हाथ लगी है। ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा की युगल जोड़ी तथा ज्वाला और वी. दीजू की मिश्रित युगल जोड़ी ने भी अपने-अपने मुकाबले जीतकर दूसरे दौर में प्रवेश किया है। ज्वाला और अश्विनी की जोड़ी ने मलेशिया की विवियन काह मून हू और खे वेई वून की जोड़ी को 21-19, 21-18 से शिकस्त दी। ज्वाला और अश्विनी की जोड़ी ने इस मैच को 34 मिनट में जीता। अगले दौर में ज्वाला और पोनप्पा को चीन की जियावोली वांग तथा यांग यू की जोड़ी से भिड़ना है। इस जोड़ी को शीर्ष वरीयता दी गई है। दोनों के बीच यह दूसरी भिड़ंत होगी। इससे पहले यांग और वांग की जीत हुई है। मिश्रित युगल स्पर्धा के पहले दौर में ज्वाला और दीजू की जोड़ी ने मलेशिया की पेंग सून चान और लिऊ यिंग गोह की जोड़ी को 21-18, 21-18 से मात दी।टिप्पणियां ज्वाला और दीजू की जोड़ी ने इस मुकाबले को 27 मिनट में अपने नाम किया। भारतीय और मलेशियाई जोड़ीदारों के बीच यह चौथी भिड़ंत थी। इससे पहले दो बार ज्वाला और दीजू ने जीत हासिल की है जबकि एक बार मलेशियाई जोड़ीदार जीते हैं। पुरुषों की एकल स्पर्धा के पहले दौर में अजय जयराम का मुकाबला विश्व के 20वें वरीयता प्राप्त खिलाड़ी कोरिया के वान हू शॉन से होना था लेकिन जयराम पहले गेम में ही रिटायर्ड हर्ट हो गए। जयराम ने जब रिटायर्ड हर्ट होकर मुकाबला छोड़ने का फैसला किया उस समय शॉन पहले गेम में 1-0 से आगे थे। इससे पहले, भारत की सायना नेहवाल ने नववर्ष की शुरुआत जीत के साथ की है। विश्व की चौथी वरीयता प्राप्त सायना ने बुधवार को पहले दौर में स्कॉटलैंड की खिलाड़ी सुसान एगेल्सटाफ को 21-5, 21-6 से पराजित किया। सायना ने इस मुकाबले को 24 मिनट में अपने नाम किया। अगले दौर में सायना का सामना चीनी ताइपे की शियाओ चेह चांग के साथ होगा। विश्व की 11वीं वरीयता प्राप्त चेह और सायना के बीच यह तीसरी भिड़ंत होगी। दोनों ने अब तक एक-एक मैच जीता है। महिला युगल और मिश्रित युगल में भी भारत को सफलता हाथ लगी है। ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा की युगल जोड़ी तथा ज्वाला और वी. दीजू की मिश्रित युगल जोड़ी ने भी अपने-अपने मुकाबले जीतकर दूसरे दौर में प्रवेश किया है। ज्वाला और अश्विनी की जोड़ी ने मलेशिया की विवियन काह मून हू और खे वेई वून की जोड़ी को 21-19, 21-18 से शिकस्त दी। ज्वाला और अश्विनी की जोड़ी ने इस मैच को 34 मिनट में जीता। अगले दौर में ज्वाला और पोनप्पा को चीन की जियावोली वांग तथा यांग यू की जोड़ी से भिड़ना है। इस जोड़ी को शीर्ष वरीयता दी गई है। दोनों के बीच यह दूसरी भिड़ंत होगी। इससे पहले यांग और वांग की जीत हुई है। मिश्रित युगल स्पर्धा के पहले दौर में ज्वाला और दीजू की जोड़ी ने मलेशिया की पेंग सून चान और लिऊ यिंग गोह की जोड़ी को 21-18, 21-18 से मात दी।टिप्पणियां ज्वाला और दीजू की जोड़ी ने इस मुकाबले को 27 मिनट में अपने नाम किया। भारतीय और मलेशियाई जोड़ीदारों के बीच यह चौथी भिड़ंत थी। इससे पहले दो बार ज्वाला और दीजू ने जीत हासिल की है जबकि एक बार मलेशियाई जोड़ीदार जीते हैं। पुरुषों की एकल स्पर्धा के पहले दौर में अजय जयराम का मुकाबला विश्व के 20वें वरीयता प्राप्त खिलाड़ी कोरिया के वान हू शॉन से होना था लेकिन जयराम पहले गेम में ही रिटायर्ड हर्ट हो गए। जयराम ने जब रिटायर्ड हर्ट होकर मुकाबला छोड़ने का फैसला किया उस समय शॉन पहले गेम में 1-0 से आगे थे। सायना ने इस मुकाबले को 24 मिनट में अपने नाम किया। अगले दौर में सायना का सामना चीनी ताइपे की शियाओ चेह चांग के साथ होगा। विश्व की 11वीं वरीयता प्राप्त चेह और सायना के बीच यह तीसरी भिड़ंत होगी। दोनों ने अब तक एक-एक मैच जीता है। महिला युगल और मिश्रित युगल में भी भारत को सफलता हाथ लगी है। ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा की युगल जोड़ी तथा ज्वाला और वी. दीजू की मिश्रित युगल जोड़ी ने भी अपने-अपने मुकाबले जीतकर दूसरे दौर में प्रवेश किया है। ज्वाला और अश्विनी की जोड़ी ने मलेशिया की विवियन काह मून हू और खे वेई वून की जोड़ी को 21-19, 21-18 से शिकस्त दी। ज्वाला और अश्विनी की जोड़ी ने इस मैच को 34 मिनट में जीता। अगले दौर में ज्वाला और पोनप्पा को चीन की जियावोली वांग तथा यांग यू की जोड़ी से भिड़ना है। इस जोड़ी को शीर्ष वरीयता दी गई है। दोनों के बीच यह दूसरी भिड़ंत होगी। इससे पहले यांग और वांग की जीत हुई है। मिश्रित युगल स्पर्धा के पहले दौर में ज्वाला और दीजू की जोड़ी ने मलेशिया की पेंग सून चान और लिऊ यिंग गोह की जोड़ी को 21-18, 21-18 से मात दी।टिप्पणियां ज्वाला और दीजू की जोड़ी ने इस मुकाबले को 27 मिनट में अपने नाम किया। भारतीय और मलेशियाई जोड़ीदारों के बीच यह चौथी भिड़ंत थी। इससे पहले दो बार ज्वाला और दीजू ने जीत हासिल की है जबकि एक बार मलेशियाई जोड़ीदार जीते हैं। पुरुषों की एकल स्पर्धा के पहले दौर में अजय जयराम का मुकाबला विश्व के 20वें वरीयता प्राप्त खिलाड़ी कोरिया के वान हू शॉन से होना था लेकिन जयराम पहले गेम में ही रिटायर्ड हर्ट हो गए। जयराम ने जब रिटायर्ड हर्ट होकर मुकाबला छोड़ने का फैसला किया उस समय शॉन पहले गेम में 1-0 से आगे थे। महिला युगल और मिश्रित युगल में भी भारत को सफलता हाथ लगी है। ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा की युगल जोड़ी तथा ज्वाला और वी. दीजू की मिश्रित युगल जोड़ी ने भी अपने-अपने मुकाबले जीतकर दूसरे दौर में प्रवेश किया है। ज्वाला और अश्विनी की जोड़ी ने मलेशिया की विवियन काह मून हू और खे वेई वून की जोड़ी को 21-19, 21-18 से शिकस्त दी। ज्वाला और अश्विनी की जोड़ी ने इस मैच को 34 मिनट में जीता। अगले दौर में ज्वाला और पोनप्पा को चीन की जियावोली वांग तथा यांग यू की जोड़ी से भिड़ना है। इस जोड़ी को शीर्ष वरीयता दी गई है। दोनों के बीच यह दूसरी भिड़ंत होगी। इससे पहले यांग और वांग की जीत हुई है। मिश्रित युगल स्पर्धा के पहले दौर में ज्वाला और दीजू की जोड़ी ने मलेशिया की पेंग सून चान और लिऊ यिंग गोह की जोड़ी को 21-18, 21-18 से मात दी।टिप्पणियां ज्वाला और दीजू की जोड़ी ने इस मुकाबले को 27 मिनट में अपने नाम किया। भारतीय और मलेशियाई जोड़ीदारों के बीच यह चौथी भिड़ंत थी। इससे पहले दो बार ज्वाला और दीजू ने जीत हासिल की है जबकि एक बार मलेशियाई जोड़ीदार जीते हैं। पुरुषों की एकल स्पर्धा के पहले दौर में अजय जयराम का मुकाबला विश्व के 20वें वरीयता प्राप्त खिलाड़ी कोरिया के वान हू शॉन से होना था लेकिन जयराम पहले गेम में ही रिटायर्ड हर्ट हो गए। जयराम ने जब रिटायर्ड हर्ट होकर मुकाबला छोड़ने का फैसला किया उस समय शॉन पहले गेम में 1-0 से आगे थे। ज्वाला और अश्विनी की जोड़ी ने मलेशिया की विवियन काह मून हू और खे वेई वून की जोड़ी को 21-19, 21-18 से शिकस्त दी। ज्वाला और अश्विनी की जोड़ी ने इस मैच को 34 मिनट में जीता। अगले दौर में ज्वाला और पोनप्पा को चीन की जियावोली वांग तथा यांग यू की जोड़ी से भिड़ना है। इस जोड़ी को शीर्ष वरीयता दी गई है। दोनों के बीच यह दूसरी भिड़ंत होगी। इससे पहले यांग और वांग की जीत हुई है। मिश्रित युगल स्पर्धा के पहले दौर में ज्वाला और दीजू की जोड़ी ने मलेशिया की पेंग सून चान और लिऊ यिंग गोह की जोड़ी को 21-18, 21-18 से मात दी।टिप्पणियां ज्वाला और दीजू की जोड़ी ने इस मुकाबले को 27 मिनट में अपने नाम किया। भारतीय और मलेशियाई जोड़ीदारों के बीच यह चौथी भिड़ंत थी। इससे पहले दो बार ज्वाला और दीजू ने जीत हासिल की है जबकि एक बार मलेशियाई जोड़ीदार जीते हैं। पुरुषों की एकल स्पर्धा के पहले दौर में अजय जयराम का मुकाबला विश्व के 20वें वरीयता प्राप्त खिलाड़ी कोरिया के वान हू शॉन से होना था लेकिन जयराम पहले गेम में ही रिटायर्ड हर्ट हो गए। जयराम ने जब रिटायर्ड हर्ट होकर मुकाबला छोड़ने का फैसला किया उस समय शॉन पहले गेम में 1-0 से आगे थे। अगले दौर में ज्वाला और पोनप्पा को चीन की जियावोली वांग तथा यांग यू की जोड़ी से भिड़ना है। इस जोड़ी को शीर्ष वरीयता दी गई है। दोनों के बीच यह दूसरी भिड़ंत होगी। इससे पहले यांग और वांग की जीत हुई है। मिश्रित युगल स्पर्धा के पहले दौर में ज्वाला और दीजू की जोड़ी ने मलेशिया की पेंग सून चान और लिऊ यिंग गोह की जोड़ी को 21-18, 21-18 से मात दी।टिप्पणियां ज्वाला और दीजू की जोड़ी ने इस मुकाबले को 27 मिनट में अपने नाम किया। भारतीय और मलेशियाई जोड़ीदारों के बीच यह चौथी भिड़ंत थी। इससे पहले दो बार ज्वाला और दीजू ने जीत हासिल की है जबकि एक बार मलेशियाई जोड़ीदार जीते हैं। पुरुषों की एकल स्पर्धा के पहले दौर में अजय जयराम का मुकाबला विश्व के 20वें वरीयता प्राप्त खिलाड़ी कोरिया के वान हू शॉन से होना था लेकिन जयराम पहले गेम में ही रिटायर्ड हर्ट हो गए। जयराम ने जब रिटायर्ड हर्ट होकर मुकाबला छोड़ने का फैसला किया उस समय शॉन पहले गेम में 1-0 से आगे थे। मिश्रित युगल स्पर्धा के पहले दौर में ज्वाला और दीजू की जोड़ी ने मलेशिया की पेंग सून चान और लिऊ यिंग गोह की जोड़ी को 21-18, 21-18 से मात दी।टिप्पणियां ज्वाला और दीजू की जोड़ी ने इस मुकाबले को 27 मिनट में अपने नाम किया। भारतीय और मलेशियाई जोड़ीदारों के बीच यह चौथी भिड़ंत थी। इससे पहले दो बार ज्वाला और दीजू ने जीत हासिल की है जबकि एक बार मलेशियाई जोड़ीदार जीते हैं। पुरुषों की एकल स्पर्धा के पहले दौर में अजय जयराम का मुकाबला विश्व के 20वें वरीयता प्राप्त खिलाड़ी कोरिया के वान हू शॉन से होना था लेकिन जयराम पहले गेम में ही रिटायर्ड हर्ट हो गए। जयराम ने जब रिटायर्ड हर्ट होकर मुकाबला छोड़ने का फैसला किया उस समय शॉन पहले गेम में 1-0 से आगे थे। ज्वाला और दीजू की जोड़ी ने इस मुकाबले को 27 मिनट में अपने नाम किया। भारतीय और मलेशियाई जोड़ीदारों के बीच यह चौथी भिड़ंत थी। इससे पहले दो बार ज्वाला और दीजू ने जीत हासिल की है जबकि एक बार मलेशियाई जोड़ीदार जीते हैं। पुरुषों की एकल स्पर्धा के पहले दौर में अजय जयराम का मुकाबला विश्व के 20वें वरीयता प्राप्त खिलाड़ी कोरिया के वान हू शॉन से होना था लेकिन जयराम पहले गेम में ही रिटायर्ड हर्ट हो गए। जयराम ने जब रिटायर्ड हर्ट होकर मुकाबला छोड़ने का फैसला किया उस समय शॉन पहले गेम में 1-0 से आगे थे। पुरुषों की एकल स्पर्धा के पहले दौर में अजय जयराम का मुकाबला विश्व के 20वें वरीयता प्राप्त खिलाड़ी कोरिया के वान हू शॉन से होना था लेकिन जयराम पहले गेम में ही रिटायर्ड हर्ट हो गए। जयराम ने जब रिटायर्ड हर्ट होकर मुकाबला छोड़ने का फैसला किया उस समय शॉन पहले गेम में 1-0 से आगे थे।
सारांश: भारत के रुपेश कुमार और सानावे थॉमस की जोड़ी कोरिया ओपन सुपर सीरीज बैडमिंटन टूर्नामेंट के पुरुषों के युगल दौर से बाहर हो गए हैं।
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तरप्रदेश के एक ओर जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बेहतर सुशासन देने के लिए कड़ी मशक्क्त कर रहे हैं, वहीं दूसरे ओर उनके विधायक अपनी गलत कारनामों से चर्चा में हैं. सीएम योगी के क्षेत्र गोरखपुर में रविवार को एक घटना की फुटेज इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर वायरल हुई, जिसमें भाजपा के एक विधायक को महिला आईपीएस अधिकारी को सार्वजनिक रूप से फटकार लगाते देखा गया. घटना करीमनगर की है, जहां कुछ लोग शराब की दुकानों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे. इसी तनाव के बीच स्थानीय भाजपा विधायक राधा मोहन दास अग्रवाल मौके पर पहुंचे. प्रदर्शनकारियों ने उनसे शिकायत की कि पुलिस अधिकारी चारू निगम ने उन्हें जबरन हटाया है. प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि चारू ने एक महिला से मारपीट की और 80 साल के एक बुजुर्ग को घसीटा. इस पर विधायक ने महिला पुलिस अधिकारी से पूछा कि उन्होंने भीड़ के साथ ऐसा बर्ताव क्यों किया जबकि राज्य सरकार का आदेश है कि घनी बस्तियों में शराब की दुकान नहीं चलेगी. बातचीत के दौरान ही महिला अधिकारी रूमाल निकालकर आंसू पोंछने लगीं. टिप्पणियां इसी का विजुअल टीवी चैनलों पर वायरल हुआ. चारू निगम का आरोप है कि विधायक ने सार्वजनिक रूप से उनकी बेइज्जती की. गोरखनाथ क्षेत्र की क्षेत्राधिकारी चारू ने कहा, "विधायक ने मेरे साथ बदसलूकी की और वह यह भूल गये कि वह एक महिला पुलिस अधिकारी से बात कर रहे हैं." फुटेज में आंसू पोछते दिखाये जाने के बारे में उन्होंने कहा कि वह रोयी नहीं बल्कि जब वरिष्ठ अधिकारी ने उनका समर्थन किया तो वह भावुक हो उठी थीं. घटना के बारे में चारू निगम ने पीटीआई भाषा को फोन पर बताया कि महिला प्रदर्शनकारियों को सड़क से हटाया गया था क्योंकि वे यातायात बाधित कर रही थीं. उन्होंने कहा कि विधायक जब तक वहां पहुंचते, सड़क प्रदर्शनकारियों से खाली हो गई थी. संभवत: इसी से वह नाराज हो गये क्योंकि उन्होंने प्रदर्शनकारियों से कहा कि उनके आने तक वहीं रूकें. घटना की चर्चा इसलिए हो रही है क्योंकि यह योगी के क्षेत्र गोरखपुर में घटी और इसमें चार बार के भाजपा विधायक और महिला आईपीएस अधिकारी शामिल थे. चारू एंटी रोमियो स्क्वायड में सक्रिय आईपीएस अधिकारी हैं और उन्हें ‘लेडी सिंघम’ के नाम से जाना जाता है. अग्रवाल ने आरोप लगाया कि आईपीएस अधिकारी प्रदर्शनकारियों से ज्यादती कर रही थीं. ये प्रदर्शनकारी क्षेत्र में शराब की दुकान बंद कराने की मांग कर रहे थे. वे शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे लेकिन महिला पुलिस अधिकारी ने उन्हें जबरन हटाया. इस दौरान उन्होंने एक महिला से मारपीट की और 80 साल के बुजुर्ग को घसीटा. इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. अग्रवाल ने इस आरोप से इनकार किया कि उन्होंने महिला अधिकारी से बदसलूकी की. उन्होंने कहा कि क्या वीडियो में उनके हाव भाव से लग रहा है कि वह महिला से बदसलूकी कर रहे हैं. "मैं क्षेत्राधिकारी (चारू) से बात नहीं कर रहा था बल्कि पुलिस अधीक्षक (नगर) से बात कर रहा था."   प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि चारू ने एक महिला से मारपीट की और 80 साल के एक बुजुर्ग को घसीटा. इस पर विधायक ने महिला पुलिस अधिकारी से पूछा कि उन्होंने भीड़ के साथ ऐसा बर्ताव क्यों किया जबकि राज्य सरकार का आदेश है कि घनी बस्तियों में शराब की दुकान नहीं चलेगी. बातचीत के दौरान ही महिला अधिकारी रूमाल निकालकर आंसू पोंछने लगीं. टिप्पणियां इसी का विजुअल टीवी चैनलों पर वायरल हुआ. चारू निगम का आरोप है कि विधायक ने सार्वजनिक रूप से उनकी बेइज्जती की. गोरखनाथ क्षेत्र की क्षेत्राधिकारी चारू ने कहा, "विधायक ने मेरे साथ बदसलूकी की और वह यह भूल गये कि वह एक महिला पुलिस अधिकारी से बात कर रहे हैं." फुटेज में आंसू पोछते दिखाये जाने के बारे में उन्होंने कहा कि वह रोयी नहीं बल्कि जब वरिष्ठ अधिकारी ने उनका समर्थन किया तो वह भावुक हो उठी थीं. घटना के बारे में चारू निगम ने पीटीआई भाषा को फोन पर बताया कि महिला प्रदर्शनकारियों को सड़क से हटाया गया था क्योंकि वे यातायात बाधित कर रही थीं. उन्होंने कहा कि विधायक जब तक वहां पहुंचते, सड़क प्रदर्शनकारियों से खाली हो गई थी. संभवत: इसी से वह नाराज हो गये क्योंकि उन्होंने प्रदर्शनकारियों से कहा कि उनके आने तक वहीं रूकें. घटना की चर्चा इसलिए हो रही है क्योंकि यह योगी के क्षेत्र गोरखपुर में घटी और इसमें चार बार के भाजपा विधायक और महिला आईपीएस अधिकारी शामिल थे. चारू एंटी रोमियो स्क्वायड में सक्रिय आईपीएस अधिकारी हैं और उन्हें ‘लेडी सिंघम’ के नाम से जाना जाता है. अग्रवाल ने आरोप लगाया कि आईपीएस अधिकारी प्रदर्शनकारियों से ज्यादती कर रही थीं. ये प्रदर्शनकारी क्षेत्र में शराब की दुकान बंद कराने की मांग कर रहे थे. वे शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे लेकिन महिला पुलिस अधिकारी ने उन्हें जबरन हटाया. इस दौरान उन्होंने एक महिला से मारपीट की और 80 साल के बुजुर्ग को घसीटा. इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. अग्रवाल ने इस आरोप से इनकार किया कि उन्होंने महिला अधिकारी से बदसलूकी की. उन्होंने कहा कि क्या वीडियो में उनके हाव भाव से लग रहा है कि वह महिला से बदसलूकी कर रहे हैं. "मैं क्षेत्राधिकारी (चारू) से बात नहीं कर रहा था बल्कि पुलिस अधीक्षक (नगर) से बात कर रहा था."   इसी का विजुअल टीवी चैनलों पर वायरल हुआ. चारू निगम का आरोप है कि विधायक ने सार्वजनिक रूप से उनकी बेइज्जती की. गोरखनाथ क्षेत्र की क्षेत्राधिकारी चारू ने कहा, "विधायक ने मेरे साथ बदसलूकी की और वह यह भूल गये कि वह एक महिला पुलिस अधिकारी से बात कर रहे हैं." फुटेज में आंसू पोछते दिखाये जाने के बारे में उन्होंने कहा कि वह रोयी नहीं बल्कि जब वरिष्ठ अधिकारी ने उनका समर्थन किया तो वह भावुक हो उठी थीं. घटना के बारे में चारू निगम ने पीटीआई भाषा को फोन पर बताया कि महिला प्रदर्शनकारियों को सड़क से हटाया गया था क्योंकि वे यातायात बाधित कर रही थीं. उन्होंने कहा कि विधायक जब तक वहां पहुंचते, सड़क प्रदर्शनकारियों से खाली हो गई थी. संभवत: इसी से वह नाराज हो गये क्योंकि उन्होंने प्रदर्शनकारियों से कहा कि उनके आने तक वहीं रूकें. घटना की चर्चा इसलिए हो रही है क्योंकि यह योगी के क्षेत्र गोरखपुर में घटी और इसमें चार बार के भाजपा विधायक और महिला आईपीएस अधिकारी शामिल थे. चारू एंटी रोमियो स्क्वायड में सक्रिय आईपीएस अधिकारी हैं और उन्हें ‘लेडी सिंघम’ के नाम से जाना जाता है. अग्रवाल ने आरोप लगाया कि आईपीएस अधिकारी प्रदर्शनकारियों से ज्यादती कर रही थीं. ये प्रदर्शनकारी क्षेत्र में शराब की दुकान बंद कराने की मांग कर रहे थे. वे शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे लेकिन महिला पुलिस अधिकारी ने उन्हें जबरन हटाया. इस दौरान उन्होंने एक महिला से मारपीट की और 80 साल के बुजुर्ग को घसीटा. इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. अग्रवाल ने इस आरोप से इनकार किया कि उन्होंने महिला अधिकारी से बदसलूकी की. उन्होंने कहा कि क्या वीडियो में उनके हाव भाव से लग रहा है कि वह महिला से बदसलूकी कर रहे हैं. "मैं क्षेत्राधिकारी (चारू) से बात नहीं कर रहा था बल्कि पुलिस अधीक्षक (नगर) से बात कर रहा था."   अग्रवाल ने आरोप लगाया कि आईपीएस अधिकारी प्रदर्शनकारियों से ज्यादती कर रही थीं. ये प्रदर्शनकारी क्षेत्र में शराब की दुकान बंद कराने की मांग कर रहे थे. वे शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे लेकिन महिला पुलिस अधिकारी ने उन्हें जबरन हटाया. इस दौरान उन्होंने एक महिला से मारपीट की और 80 साल के बुजुर्ग को घसीटा. इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. अग्रवाल ने इस आरोप से इनकार किया कि उन्होंने महिला अधिकारी से बदसलूकी की. उन्होंने कहा कि क्या वीडियो में उनके हाव भाव से लग रहा है कि वह महिला से बदसलूकी कर रहे हैं. "मैं क्षेत्राधिकारी (चारू) से बात नहीं कर रहा था बल्कि पुलिस अधीक्षक (नगर) से बात कर रहा था."
संक्षिप्त पाठ: घटना करीमनगर की है, कुछ लोग शराब की दुकानों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे भाजपा विधायक राधा मोहन दास अग्रवाल ने लगाई लेडी ऑफिसर को फटकार बातचीत के दौरान ही महिला अधिकारी रूमाल निकालकर आंसू पोंछने लगीं
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: चीन दौरे के बाद पीएम मोदी का म्यांमार दौरा शुरू हो गया है. मंगलवार को पीएम मोदी म्यांमार पहुंचे थे जहां उनका शानदार तरीके से स्वागत हुआ था. आज पीएम मोदी ने म्यांमार की स्टेट काउंसलर आंग सान सू की से मुलाकात की. पीएम मोदी ने कहा कि भारत और म्यांमार की लंबी जमीनी तथा समुद्री सीमाओं पर सुरक्षा एवं स्थिरता बनाए रखना महत्वपूर्ण है. पीएम मोदी ने सीधे तौर पर रोहिंग्या मुसलमानों की समस्या पर कुछ नहीं कहा लेकिन पीएम मोदी बोले-  राखिन प्रांत में हिंसा के मुद्दे भारत चिंतित है, जिसमें ढेर सारे लोगों की जानें गईं. जिन चुनौतियों का आप सामना कर रहे हैं, हम उन्हें समझते हैं.  वहीं आंग सान सू की ने कहा कि आतंकी खतरे को लेकर मजबूत रुख अपनाने पर भारत का धन्यवाद व्यक्त करना चाहेंगे जिसका हाल में म्यांमार ने सामना किया. हम मिलकर यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि आतंकवाद को हमारी धरती पर या हमारे पड़ोसियों की धरती पर जड़ें जमाने की अनुमति नहीं है. टिप्पणियां म्यांमार की यात्रा पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को वहां के राष्ट्रपति हतिन क्याव से मुलाकात की. इस दौरान दोनों पड़ोसी देशों के बीच 'ऐतिहासिक संबंधों' को और मजबूत करने के कदमों पर चर्चा हुई. पीएम मोदी ने म्यांमार के राष्ट्रपति से अपनी मुलाकात को 'शानदार' बताया. प्रधानमंत्री ने मुलाकात की कुछ तस्वीरें ट्वीट कर कहा, 'राष्ट्रपति यू हतिन क्याव के साथ मुलाकात शानदार रही.'’ उन्होंने म्यामांर के राष्ट्रपति को सालवीन नदी (जो तिब्बत के पठार से निकल कर अंडमान सागर तक बहती है) की धारा का 1841 के नक्शे का एक नया रूप और बोधि वृक्ष की एक प्रतिकृति भी सौंपी. पीएम मोदी दो देशों की अपनी यात्रा के अंतिम पड़ाव पर म्यामांर पहुंचे हैं. वह चीन में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शरीक होने के बाद यहां पहुंचे. पीएम मोदी को ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ भी दिया गया. यह भी पढ़ें: डोकलाम का दोहराव न होने देने पर सहमत हुए शी चिनफिंग और नरेंद्र मोदी   म्यामांर के राखाइन प्रांत में रोहिंग्या मुसलमानों के साथ जातीय हिंसा की घटनाओं में तेजी आने के बीच प्रधानमंत्री की यह यात्रा हो रही है. भारत सरकार अपने देश में रोहिंग्या प्रवासियों को लेकर भी चिंतित है. यह उन्हें स्वदेश वापस भेजने पर विचार कर रही है. समझा जाता है कि करीब 40,000 रोहिंग्या भारत में अवैध रूप से रह रहे हैं. यह पीएम मोदी की म्यामांर की पहली द्विपक्षीय यात्रा है. उन्होंने 2014 में आसियान भारत सम्मेलन में शरीक होने के लिए भी म्यामांर की यात्रा की थी. पीएम मोदी ने इस यात्रा से पहले कहा था कि भारत और म्यामांर सुरक्षा तथा आतंकवाद का विरोध, व्यापार एवं निवेश, बुनियादी ढांचा एवं ऊर्जा और संस्कृति के क्षेत्रों में सहयोग मजबूत करने पर गौर कर रहे हैं. (इनपुट्स भाषा से भी) वहीं आंग सान सू की ने कहा कि आतंकी खतरे को लेकर मजबूत रुख अपनाने पर भारत का धन्यवाद व्यक्त करना चाहेंगे जिसका हाल में म्यांमार ने सामना किया. हम मिलकर यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि आतंकवाद को हमारी धरती पर या हमारे पड़ोसियों की धरती पर जड़ें जमाने की अनुमति नहीं है. टिप्पणियां म्यांमार की यात्रा पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को वहां के राष्ट्रपति हतिन क्याव से मुलाकात की. इस दौरान दोनों पड़ोसी देशों के बीच 'ऐतिहासिक संबंधों' को और मजबूत करने के कदमों पर चर्चा हुई. पीएम मोदी ने म्यांमार के राष्ट्रपति से अपनी मुलाकात को 'शानदार' बताया. प्रधानमंत्री ने मुलाकात की कुछ तस्वीरें ट्वीट कर कहा, 'राष्ट्रपति यू हतिन क्याव के साथ मुलाकात शानदार रही.'’ उन्होंने म्यामांर के राष्ट्रपति को सालवीन नदी (जो तिब्बत के पठार से निकल कर अंडमान सागर तक बहती है) की धारा का 1841 के नक्शे का एक नया रूप और बोधि वृक्ष की एक प्रतिकृति भी सौंपी. पीएम मोदी दो देशों की अपनी यात्रा के अंतिम पड़ाव पर म्यामांर पहुंचे हैं. वह चीन में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शरीक होने के बाद यहां पहुंचे. पीएम मोदी को ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ भी दिया गया. यह भी पढ़ें: डोकलाम का दोहराव न होने देने पर सहमत हुए शी चिनफिंग और नरेंद्र मोदी   म्यामांर के राखाइन प्रांत में रोहिंग्या मुसलमानों के साथ जातीय हिंसा की घटनाओं में तेजी आने के बीच प्रधानमंत्री की यह यात्रा हो रही है. भारत सरकार अपने देश में रोहिंग्या प्रवासियों को लेकर भी चिंतित है. यह उन्हें स्वदेश वापस भेजने पर विचार कर रही है. समझा जाता है कि करीब 40,000 रोहिंग्या भारत में अवैध रूप से रह रहे हैं. यह पीएम मोदी की म्यामांर की पहली द्विपक्षीय यात्रा है. उन्होंने 2014 में आसियान भारत सम्मेलन में शरीक होने के लिए भी म्यामांर की यात्रा की थी. पीएम मोदी ने इस यात्रा से पहले कहा था कि भारत और म्यामांर सुरक्षा तथा आतंकवाद का विरोध, व्यापार एवं निवेश, बुनियादी ढांचा एवं ऊर्जा और संस्कृति के क्षेत्रों में सहयोग मजबूत करने पर गौर कर रहे हैं. (इनपुट्स भाषा से भी) म्यांमार की यात्रा पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को वहां के राष्ट्रपति हतिन क्याव से मुलाकात की. इस दौरान दोनों पड़ोसी देशों के बीच 'ऐतिहासिक संबंधों' को और मजबूत करने के कदमों पर चर्चा हुई. पीएम मोदी ने म्यांमार के राष्ट्रपति से अपनी मुलाकात को 'शानदार' बताया. प्रधानमंत्री ने मुलाकात की कुछ तस्वीरें ट्वीट कर कहा, 'राष्ट्रपति यू हतिन क्याव के साथ मुलाकात शानदार रही.'’ उन्होंने म्यामांर के राष्ट्रपति को सालवीन नदी (जो तिब्बत के पठार से निकल कर अंडमान सागर तक बहती है) की धारा का 1841 के नक्शे का एक नया रूप और बोधि वृक्ष की एक प्रतिकृति भी सौंपी. पीएम मोदी दो देशों की अपनी यात्रा के अंतिम पड़ाव पर म्यामांर पहुंचे हैं. वह चीन में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शरीक होने के बाद यहां पहुंचे. पीएम मोदी को ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ भी दिया गया. यह भी पढ़ें: डोकलाम का दोहराव न होने देने पर सहमत हुए शी चिनफिंग और नरेंद्र मोदी   म्यामांर के राखाइन प्रांत में रोहिंग्या मुसलमानों के साथ जातीय हिंसा की घटनाओं में तेजी आने के बीच प्रधानमंत्री की यह यात्रा हो रही है. भारत सरकार अपने देश में रोहिंग्या प्रवासियों को लेकर भी चिंतित है. यह उन्हें स्वदेश वापस भेजने पर विचार कर रही है. समझा जाता है कि करीब 40,000 रोहिंग्या भारत में अवैध रूप से रह रहे हैं. यह पीएम मोदी की म्यामांर की पहली द्विपक्षीय यात्रा है. उन्होंने 2014 में आसियान भारत सम्मेलन में शरीक होने के लिए भी म्यामांर की यात्रा की थी. पीएम मोदी ने इस यात्रा से पहले कहा था कि भारत और म्यामांर सुरक्षा तथा आतंकवाद का विरोध, व्यापार एवं निवेश, बुनियादी ढांचा एवं ऊर्जा और संस्कृति के क्षेत्रों में सहयोग मजबूत करने पर गौर कर रहे हैं. (इनपुट्स भाषा से भी) यह भी पढ़ें: डोकलाम का दोहराव न होने देने पर सहमत हुए शी चिनफिंग और नरेंद्र मोदी   म्यामांर के राखाइन प्रांत में रोहिंग्या मुसलमानों के साथ जातीय हिंसा की घटनाओं में तेजी आने के बीच प्रधानमंत्री की यह यात्रा हो रही है. भारत सरकार अपने देश में रोहिंग्या प्रवासियों को लेकर भी चिंतित है. यह उन्हें स्वदेश वापस भेजने पर विचार कर रही है. समझा जाता है कि करीब 40,000 रोहिंग्या भारत में अवैध रूप से रह रहे हैं. यह पीएम मोदी की म्यामांर की पहली द्विपक्षीय यात्रा है. उन्होंने 2014 में आसियान भारत सम्मेलन में शरीक होने के लिए भी म्यामांर की यात्रा की थी. पीएम मोदी ने इस यात्रा से पहले कहा था कि भारत और म्यामांर सुरक्षा तथा आतंकवाद का विरोध, व्यापार एवं निवेश, बुनियादी ढांचा एवं ऊर्जा और संस्कृति के क्षेत्रों में सहयोग मजबूत करने पर गौर कर रहे हैं. (इनपुट्स भाषा से भी)
यह एक सारांश है: रोहिंग्या मुसलमानों के साथ हिंसा के बीच पीएम मोदी की यात्रा पीएम मोदी ने आंग सान सू की से मुलाकात की मंगलवार को राष्ट्रपति हतिन क्याव से मुलाकात की थी
9
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: जस्टिस मार्कडेंय काटजू को सुप्रीम कोर्ट ने अदालत की अवमानना का नोटिस थमा दिया है. यह कदम काटजू के उस फेसबुक पोस्ट के बाद लिया गया जिसमें उन्होंने जजों की आलोचना की थी. काटजू को अदालत में केरल में हुए सौम्या के कत्ल के मामले पर अपनी राय व्यक्त करने के लिए बुलाया गया था. शुक्रवार को कोर्ट ने इस ब्लॉग के बारे में कहा कि काटजू की लिखी टिप्पणियां फैसले पर नहीं जजों पर हमला हैं. जिस पर काटजू ने कहा 'मुझे परवाह नहीं है.' इसके बाद कोर्ट ने उन्हें बाहर ले जाने का आदेश दिया जिस पर काटजू ने कहा कि 'मेरे साथ यह किस तरह का व्यवहार किया जा रहा है. मैं यहां आपकी मदद करने आया हूं. क्या एक पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज के साथ इस तरह का बर्ताव किया जाना चाहिए? मैं माफी चाहता हूं.' इस पर कोर्ट का जवाब था - हम भी माफी चाहते हैं. बता दें कि सौम्या मर्डर केस पर काटजू को अपने विचारों को विस्तार से समझाने के लिए कोर्ट में बुलाया गया था. दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने केरल के चर्चित सौम्या रेप व मर्डर केस में दोषी गोविन्दचामी की फांसी की सजा रद्द कर दी थी. कोर्ट ने उसे सिर्फ रेप का दोषी माना और उम्र कैद की सजा सुनाई थी. सबूतों के अभाव में गोविन्दचामी को हत्या का दोषी नहीं माना गया था. इस फैसले पर जस्टिस काटजू ने फेसबुक पोस्ट में लिखा था 'मैं मानता हूं कि सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी को हत्या का कसूरवार न मानकर गलती की है और उन्हें अपने फैसले पर पुनिर्विचार करना चाहिए.' जस्टिस काटजू ने अपनी पोस्ट में यह भी कहा था कि कोर्ट ने अपना फैसला सुनाने में सिर्फ सुनी सुनाई बातों पर ही ध्यान दिया है. उन्होंने यह भी कहा था कि कानून के मुताबिक एक व्यक्ति तब भी दोषी है 'अगर उसका इरादा कत्ल का न हो लेकिन उसने इस तरह की चोटें पहुंचाई हों जो आम हालात में किसी भी व्यक्ति के मौत की वजह बन सकती है.'टिप्पणियां इसके बाद पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज को 11 नवंबर को कोर्ट में आकर अपनी पूरी बात रखने के लिए बुलाया गया था. आज ही सुप्रीम कोर्ट में सौम्या की मां और केरल सरकार द्वारा दर्ज की गई अपील की सुनवाई भी होनी थी जिसमें फैसले की समीक्षा करने का अनुरोध किया गया था. बता दें कि केरल की सौम्या एक मॉल में काम करती थी और जब वह ट्रेन से घर जा रही थी, उसी दौरान गोविंदचामी ने उन पर हमला किया. गोविंदचामी ने उसे बालों से घसीटा और कोच की दीवार पर बार बार उसका सिर मारा. उसे ट्रेन से फेंका गया, गोविंदाचामी भी उसके पीछे कूदा, उसे पत्थर से मारा गया और फिर जख्मी हाल में उसके साथ बलात्कार भी किया गया. हमले के पांच दिन बाद सौम्या की मौत हो गई. 15 सितंबर को गोविंदचामी को निचली अदालत द्वारा दी गई मौत की सज़ा को सुप्रीम कोर्ट ने सबूतों के अभाव में रद्द कर दिया. शुक्रवार को कोर्ट ने इस ब्लॉग के बारे में कहा कि काटजू की लिखी टिप्पणियां फैसले पर नहीं जजों पर हमला हैं. जिस पर काटजू ने कहा 'मुझे परवाह नहीं है.' इसके बाद कोर्ट ने उन्हें बाहर ले जाने का आदेश दिया जिस पर काटजू ने कहा कि 'मेरे साथ यह किस तरह का व्यवहार किया जा रहा है. मैं यहां आपकी मदद करने आया हूं. क्या एक पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज के साथ इस तरह का बर्ताव किया जाना चाहिए? मैं माफी चाहता हूं.' इस पर कोर्ट का जवाब था - हम भी माफी चाहते हैं. बता दें कि सौम्या मर्डर केस पर काटजू को अपने विचारों को विस्तार से समझाने के लिए कोर्ट में बुलाया गया था. दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने केरल के चर्चित सौम्या रेप व मर्डर केस में दोषी गोविन्दचामी की फांसी की सजा रद्द कर दी थी. कोर्ट ने उसे सिर्फ रेप का दोषी माना और उम्र कैद की सजा सुनाई थी. सबूतों के अभाव में गोविन्दचामी को हत्या का दोषी नहीं माना गया था. इस फैसले पर जस्टिस काटजू ने फेसबुक पोस्ट में लिखा था 'मैं मानता हूं कि सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी को हत्या का कसूरवार न मानकर गलती की है और उन्हें अपने फैसले पर पुनिर्विचार करना चाहिए.' जस्टिस काटजू ने अपनी पोस्ट में यह भी कहा था कि कोर्ट ने अपना फैसला सुनाने में सिर्फ सुनी सुनाई बातों पर ही ध्यान दिया है. उन्होंने यह भी कहा था कि कानून के मुताबिक एक व्यक्ति तब भी दोषी है 'अगर उसका इरादा कत्ल का न हो लेकिन उसने इस तरह की चोटें पहुंचाई हों जो आम हालात में किसी भी व्यक्ति के मौत की वजह बन सकती है.'टिप्पणियां इसके बाद पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज को 11 नवंबर को कोर्ट में आकर अपनी पूरी बात रखने के लिए बुलाया गया था. आज ही सुप्रीम कोर्ट में सौम्या की मां और केरल सरकार द्वारा दर्ज की गई अपील की सुनवाई भी होनी थी जिसमें फैसले की समीक्षा करने का अनुरोध किया गया था. बता दें कि केरल की सौम्या एक मॉल में काम करती थी और जब वह ट्रेन से घर जा रही थी, उसी दौरान गोविंदचामी ने उन पर हमला किया. गोविंदचामी ने उसे बालों से घसीटा और कोच की दीवार पर बार बार उसका सिर मारा. उसे ट्रेन से फेंका गया, गोविंदाचामी भी उसके पीछे कूदा, उसे पत्थर से मारा गया और फिर जख्मी हाल में उसके साथ बलात्कार भी किया गया. हमले के पांच दिन बाद सौम्या की मौत हो गई. 15 सितंबर को गोविंदचामी को निचली अदालत द्वारा दी गई मौत की सज़ा को सुप्रीम कोर्ट ने सबूतों के अभाव में रद्द कर दिया. बता दें कि सौम्या मर्डर केस पर काटजू को अपने विचारों को विस्तार से समझाने के लिए कोर्ट में बुलाया गया था. दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने केरल के चर्चित सौम्या रेप व मर्डर केस में दोषी गोविन्दचामी की फांसी की सजा रद्द कर दी थी. कोर्ट ने उसे सिर्फ रेप का दोषी माना और उम्र कैद की सजा सुनाई थी. सबूतों के अभाव में गोविन्दचामी को हत्या का दोषी नहीं माना गया था. इस फैसले पर जस्टिस काटजू ने फेसबुक पोस्ट में लिखा था 'मैं मानता हूं कि सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी को हत्या का कसूरवार न मानकर गलती की है और उन्हें अपने फैसले पर पुनिर्विचार करना चाहिए.' जस्टिस काटजू ने अपनी पोस्ट में यह भी कहा था कि कोर्ट ने अपना फैसला सुनाने में सिर्फ सुनी सुनाई बातों पर ही ध्यान दिया है. उन्होंने यह भी कहा था कि कानून के मुताबिक एक व्यक्ति तब भी दोषी है 'अगर उसका इरादा कत्ल का न हो लेकिन उसने इस तरह की चोटें पहुंचाई हों जो आम हालात में किसी भी व्यक्ति के मौत की वजह बन सकती है.'टिप्पणियां इसके बाद पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज को 11 नवंबर को कोर्ट में आकर अपनी पूरी बात रखने के लिए बुलाया गया था. आज ही सुप्रीम कोर्ट में सौम्या की मां और केरल सरकार द्वारा दर्ज की गई अपील की सुनवाई भी होनी थी जिसमें फैसले की समीक्षा करने का अनुरोध किया गया था. बता दें कि केरल की सौम्या एक मॉल में काम करती थी और जब वह ट्रेन से घर जा रही थी, उसी दौरान गोविंदचामी ने उन पर हमला किया. गोविंदचामी ने उसे बालों से घसीटा और कोच की दीवार पर बार बार उसका सिर मारा. उसे ट्रेन से फेंका गया, गोविंदाचामी भी उसके पीछे कूदा, उसे पत्थर से मारा गया और फिर जख्मी हाल में उसके साथ बलात्कार भी किया गया. हमले के पांच दिन बाद सौम्या की मौत हो गई. 15 सितंबर को गोविंदचामी को निचली अदालत द्वारा दी गई मौत की सज़ा को सुप्रीम कोर्ट ने सबूतों के अभाव में रद्द कर दिया. जस्टिस काटजू ने अपनी पोस्ट में यह भी कहा था कि कोर्ट ने अपना फैसला सुनाने में सिर्फ सुनी सुनाई बातों पर ही ध्यान दिया है. उन्होंने यह भी कहा था कि कानून के मुताबिक एक व्यक्ति तब भी दोषी है 'अगर उसका इरादा कत्ल का न हो लेकिन उसने इस तरह की चोटें पहुंचाई हों जो आम हालात में किसी भी व्यक्ति के मौत की वजह बन सकती है.'टिप्पणियां इसके बाद पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज को 11 नवंबर को कोर्ट में आकर अपनी पूरी बात रखने के लिए बुलाया गया था. आज ही सुप्रीम कोर्ट में सौम्या की मां और केरल सरकार द्वारा दर्ज की गई अपील की सुनवाई भी होनी थी जिसमें फैसले की समीक्षा करने का अनुरोध किया गया था. बता दें कि केरल की सौम्या एक मॉल में काम करती थी और जब वह ट्रेन से घर जा रही थी, उसी दौरान गोविंदचामी ने उन पर हमला किया. गोविंदचामी ने उसे बालों से घसीटा और कोच की दीवार पर बार बार उसका सिर मारा. उसे ट्रेन से फेंका गया, गोविंदाचामी भी उसके पीछे कूदा, उसे पत्थर से मारा गया और फिर जख्मी हाल में उसके साथ बलात्कार भी किया गया. हमले के पांच दिन बाद सौम्या की मौत हो गई. 15 सितंबर को गोविंदचामी को निचली अदालत द्वारा दी गई मौत की सज़ा को सुप्रीम कोर्ट ने सबूतों के अभाव में रद्द कर दिया. इसके बाद पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज को 11 नवंबर को कोर्ट में आकर अपनी पूरी बात रखने के लिए बुलाया गया था. आज ही सुप्रीम कोर्ट में सौम्या की मां और केरल सरकार द्वारा दर्ज की गई अपील की सुनवाई भी होनी थी जिसमें फैसले की समीक्षा करने का अनुरोध किया गया था. बता दें कि केरल की सौम्या एक मॉल में काम करती थी और जब वह ट्रेन से घर जा रही थी, उसी दौरान गोविंदचामी ने उन पर हमला किया. गोविंदचामी ने उसे बालों से घसीटा और कोच की दीवार पर बार बार उसका सिर मारा. उसे ट्रेन से फेंका गया, गोविंदाचामी भी उसके पीछे कूदा, उसे पत्थर से मारा गया और फिर जख्मी हाल में उसके साथ बलात्कार भी किया गया. हमले के पांच दिन बाद सौम्या की मौत हो गई. 15 सितंबर को गोविंदचामी को निचली अदालत द्वारा दी गई मौत की सज़ा को सुप्रीम कोर्ट ने सबूतों के अभाव में रद्द कर दिया. बता दें कि केरल की सौम्या एक मॉल में काम करती थी और जब वह ट्रेन से घर जा रही थी, उसी दौरान गोविंदचामी ने उन पर हमला किया. गोविंदचामी ने उसे बालों से घसीटा और कोच की दीवार पर बार बार उसका सिर मारा. उसे ट्रेन से फेंका गया, गोविंदाचामी भी उसके पीछे कूदा, उसे पत्थर से मारा गया और फिर जख्मी हाल में उसके साथ बलात्कार भी किया गया. हमले के पांच दिन बाद सौम्या की मौत हो गई. 15 सितंबर को गोविंदचामी को निचली अदालत द्वारा दी गई मौत की सज़ा को सुप्रीम कोर्ट ने सबूतों के अभाव में रद्द कर दिया.
संक्षिप्त सारांश: जस्टिस काटजू को सौम्या मर्डर केस पर अपनी राय रखने के लिए बुलाया गया सुप्रीम कोर्ट ने पाया कि काटजू के ब्लॉग दरअसल जजों पर हमला है काटजू की प्रतिक्रिया पर कोर्ट ने अवमानना का मामला दर्ज करने के लिए कहा
10
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: चीन के विदेश व्यापार में इस वर्ष अप्रैल में साल-दर-साल आधार पर 15.7 फीसदी इजाफा हुआ। बुधवार को जारी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, मार्च में वृद्धि दर 12.1 फीसदी थी। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, जेनरल एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ कस्टम्स (जीएसी) ने एक बयान में कहा कि कुल निर्यात और आयात पिछले महीने 2,230 अरब युआन (355.96 अरब डॉलर) रहा। निर्यात अप्रैल माह में साल-दर-साल आधार पर 14.7 फीसदी की वृद्धि के साथ 1,170 अरब युआन रहा, जबकि आयात इसी अवधि में 16.8 फीसदी बढ़कर 1,060 अरब युआन रहा। आलोच्य महीने का व्यापार आधिक्य 114.53 अरब युआन रहा, जो एक साल पहले के मुकाबले 1.7 फीसदी कम है।टिप्पणियां साल के पहले चार महीने में कुल विदेशी व्यापार एक साल पहले के मुकाबले 14 फीसदी बढ़कर 8,360 अरब युआन रहा, जबकि व्यापार आधिक्य 383.46 अरब युआन रहा। जीएसी ने चीन की मुद्रा के वैश्विक उपयोग को बढ़ावा देने के लिए फरवरी से आंकड़े में डॉलर की जगह युआन का उपयोग करना शुरू कर दिया है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, जेनरल एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ कस्टम्स (जीएसी) ने एक बयान में कहा कि कुल निर्यात और आयात पिछले महीने 2,230 अरब युआन (355.96 अरब डॉलर) रहा। निर्यात अप्रैल माह में साल-दर-साल आधार पर 14.7 फीसदी की वृद्धि के साथ 1,170 अरब युआन रहा, जबकि आयात इसी अवधि में 16.8 फीसदी बढ़कर 1,060 अरब युआन रहा। आलोच्य महीने का व्यापार आधिक्य 114.53 अरब युआन रहा, जो एक साल पहले के मुकाबले 1.7 फीसदी कम है।टिप्पणियां साल के पहले चार महीने में कुल विदेशी व्यापार एक साल पहले के मुकाबले 14 फीसदी बढ़कर 8,360 अरब युआन रहा, जबकि व्यापार आधिक्य 383.46 अरब युआन रहा। जीएसी ने चीन की मुद्रा के वैश्विक उपयोग को बढ़ावा देने के लिए फरवरी से आंकड़े में डॉलर की जगह युआन का उपयोग करना शुरू कर दिया है। निर्यात अप्रैल माह में साल-दर-साल आधार पर 14.7 फीसदी की वृद्धि के साथ 1,170 अरब युआन रहा, जबकि आयात इसी अवधि में 16.8 फीसदी बढ़कर 1,060 अरब युआन रहा। आलोच्य महीने का व्यापार आधिक्य 114.53 अरब युआन रहा, जो एक साल पहले के मुकाबले 1.7 फीसदी कम है।टिप्पणियां साल के पहले चार महीने में कुल विदेशी व्यापार एक साल पहले के मुकाबले 14 फीसदी बढ़कर 8,360 अरब युआन रहा, जबकि व्यापार आधिक्य 383.46 अरब युआन रहा। जीएसी ने चीन की मुद्रा के वैश्विक उपयोग को बढ़ावा देने के लिए फरवरी से आंकड़े में डॉलर की जगह युआन का उपयोग करना शुरू कर दिया है। आलोच्य महीने का व्यापार आधिक्य 114.53 अरब युआन रहा, जो एक साल पहले के मुकाबले 1.7 फीसदी कम है।टिप्पणियां साल के पहले चार महीने में कुल विदेशी व्यापार एक साल पहले के मुकाबले 14 फीसदी बढ़कर 8,360 अरब युआन रहा, जबकि व्यापार आधिक्य 383.46 अरब युआन रहा। जीएसी ने चीन की मुद्रा के वैश्विक उपयोग को बढ़ावा देने के लिए फरवरी से आंकड़े में डॉलर की जगह युआन का उपयोग करना शुरू कर दिया है। साल के पहले चार महीने में कुल विदेशी व्यापार एक साल पहले के मुकाबले 14 फीसदी बढ़कर 8,360 अरब युआन रहा, जबकि व्यापार आधिक्य 383.46 अरब युआन रहा। जीएसी ने चीन की मुद्रा के वैश्विक उपयोग को बढ़ावा देने के लिए फरवरी से आंकड़े में डॉलर की जगह युआन का उपयोग करना शुरू कर दिया है। जीएसी ने चीन की मुद्रा के वैश्विक उपयोग को बढ़ावा देने के लिए फरवरी से आंकड़े में डॉलर की जगह युआन का उपयोग करना शुरू कर दिया है।
संक्षिप्त सारांश: चीन के विदेश व्यापार में इस वर्ष अप्रैल में साल-दर-साल आधार पर 15.7 फीसदी इजाफा हुआ। बुधवार को जारी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, मार्च में वृद्धि दर 12.1 फीसदी थी।
10
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय रिजर्व बैंक की मध्य तिमाही समीक्षा से पहले देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक ने कहा है कि बैंकों के नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) में कटौती से बैंकों की ब्याज दरों में कमी आ सकती है। स्टेट बैंक के चेयरमैन प्रतीप चौधरी ने संवाददाताओं से कहा ‘‘रिजर्व बैंक जितनी अधिक सीआरआर में कटौती करेगा उतना ही बैंकों को ब्याज दरों में कमी लाने का अवसर मिलेगा।’’ रिजर्व बैंक ने इससे पहले 9 मार्च को बैंकों के सीआरआर में 0.75 प्रतिशत की कटौती की थी जिसके बाद सीआरआर घटकर 4.75 प्रतिशत रह गया। इससे पहले जनवरी में भी रिजर्व बैंक ने आधा प्रतिशत सीआरआर घटाया था।टिप्पणियां रिजर्व बैंक की मध्यतिमाही समीक्षा 18 जून को जारी होगी। चौधरी ने कहा कि स्टेट बैंक ने रिजर्व बैंक के सीआरआर कम करने के बाद कार और शिक्षा रिण पर ब्याज कम किया है। बैंक लघु इकाइयों को दिये जाने वाले कर्ज पर भी ब्याज दर में भारी कमी कर रहा है। स्टेट बैंक के चेयरमैन प्रतीप चौधरी ने संवाददाताओं से कहा ‘‘रिजर्व बैंक जितनी अधिक सीआरआर में कटौती करेगा उतना ही बैंकों को ब्याज दरों में कमी लाने का अवसर मिलेगा।’’ रिजर्व बैंक ने इससे पहले 9 मार्च को बैंकों के सीआरआर में 0.75 प्रतिशत की कटौती की थी जिसके बाद सीआरआर घटकर 4.75 प्रतिशत रह गया। इससे पहले जनवरी में भी रिजर्व बैंक ने आधा प्रतिशत सीआरआर घटाया था।टिप्पणियां रिजर्व बैंक की मध्यतिमाही समीक्षा 18 जून को जारी होगी। चौधरी ने कहा कि स्टेट बैंक ने रिजर्व बैंक के सीआरआर कम करने के बाद कार और शिक्षा रिण पर ब्याज कम किया है। बैंक लघु इकाइयों को दिये जाने वाले कर्ज पर भी ब्याज दर में भारी कमी कर रहा है। रिजर्व बैंक की मध्यतिमाही समीक्षा 18 जून को जारी होगी। चौधरी ने कहा कि स्टेट बैंक ने रिजर्व बैंक के सीआरआर कम करने के बाद कार और शिक्षा रिण पर ब्याज कम किया है। बैंक लघु इकाइयों को दिये जाने वाले कर्ज पर भी ब्याज दर में भारी कमी कर रहा है। चौधरी ने कहा कि स्टेट बैंक ने रिजर्व बैंक के सीआरआर कम करने के बाद कार और शिक्षा रिण पर ब्याज कम किया है। बैंक लघु इकाइयों को दिये जाने वाले कर्ज पर भी ब्याज दर में भारी कमी कर रहा है।
यहाँ एक सारांश है:भारतीय रिजर्व बैंक की मध्य तिमाही समीक्षा से पहले देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक ने कहा है कि बैंकों के नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) में कटौती से बैंकों की ब्याज दरों में कमी आ सकती है।
12
['hin']
एक सारांश बनाओ: भारत के साथ रिश्ते सुधारने की बात पाकिस्तान भले ही कितना करता रहे, लेकिन दरअसल वह इसके लिए कितना गंभीर है इस बात की सच्चाई बार बार निकल कर आती रहती है। अब नया चौंकानेवाला बयान पाकिस्तानी उच्चायुक्त सलमान बशीर की तरफ से आया है। पाकिस्तानी उच्चायुक्त बशीर कह रहे हैं कि जमात उद दावा एक परोपकारी संस्था है, यानि पाबंदी के बाद जिस लश्कर−ए-तैयबा का नाम बदल कर जमात उद दावा कर दिया गया है वह परोपकारी संस्था है। पाकिस्तानी उच्चायुक्त सलमान बशीर ने यह बयान देकर बवाल खड़ा कर दिया है कि जमात−उद−दावा एक परोपकारी संस्था है।टिप्पणियां बता दें कि आतंकी संस्था लशकर−ए−तैयबा पर पाबंदी लगने के बाद उसका नाम जमात उद दावा रख दिया गया था। लश्कर−ए−तैयबा पर मुंबई आतंकी हमलों का आरोप है। भारत में सियासी दलों ने उनके इस बयान पर सख़्त प्रतिक्रिया दी है। पाकिस्तानी उच्चायुक्त बशीर कह रहे हैं कि जमात उद दावा एक परोपकारी संस्था है, यानि पाबंदी के बाद जिस लश्कर−ए-तैयबा का नाम बदल कर जमात उद दावा कर दिया गया है वह परोपकारी संस्था है। पाकिस्तानी उच्चायुक्त सलमान बशीर ने यह बयान देकर बवाल खड़ा कर दिया है कि जमात−उद−दावा एक परोपकारी संस्था है।टिप्पणियां बता दें कि आतंकी संस्था लशकर−ए−तैयबा पर पाबंदी लगने के बाद उसका नाम जमात उद दावा रख दिया गया था। लश्कर−ए−तैयबा पर मुंबई आतंकी हमलों का आरोप है। भारत में सियासी दलों ने उनके इस बयान पर सख़्त प्रतिक्रिया दी है। पाकिस्तानी उच्चायुक्त सलमान बशीर ने यह बयान देकर बवाल खड़ा कर दिया है कि जमात−उद−दावा एक परोपकारी संस्था है।टिप्पणियां बता दें कि आतंकी संस्था लशकर−ए−तैयबा पर पाबंदी लगने के बाद उसका नाम जमात उद दावा रख दिया गया था। लश्कर−ए−तैयबा पर मुंबई आतंकी हमलों का आरोप है। भारत में सियासी दलों ने उनके इस बयान पर सख़्त प्रतिक्रिया दी है। बता दें कि आतंकी संस्था लशकर−ए−तैयबा पर पाबंदी लगने के बाद उसका नाम जमात उद दावा रख दिया गया था। लश्कर−ए−तैयबा पर मुंबई आतंकी हमलों का आरोप है। भारत में सियासी दलों ने उनके इस बयान पर सख़्त प्रतिक्रिया दी है। भारत में सियासी दलों ने उनके इस बयान पर सख़्त प्रतिक्रिया दी है।
यहाँ एक सारांश है:पाकिस्तानी उच्चायुक्त बशीर कह रहे हैं कि जमात उद दावा एक परोपकारी संस्था है, यानि पाबंदी के बाद जिस लश्कर−ए-तैयबा का नाम बदल कर जमात उद दावा कर दिया गया है वह परोपकारी संस्था है।
15
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: योजना आयोग ने 12वीं योजनावधि (2012-17) में 9 से 9.5 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि दर को हासिल करने के लिए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) नीति को उदार बनाने तथा व्यावसायिक नियमनों में सुधार पर जोर दिया है। चालू योजना में इस समय सकल घरेलू उत्पाद की औसत वार्षिक वृद्धि दर 8.2 प्रतिशत है। योजना आयोग ने विनिर्माण क्षेत्र की कमजोरी पर चिंता जताई है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के समक्ष आज यहां पूर्ण योजना पैनल की बैठक में दिए एक प्रस्तुतीकरण में आयोग ने कहा है कि एफडीआई नियमों को उदार और व्यापार की नीतियों को सरल बनाने की जरूरत है, तभी गुणवत्ता वाले निवेश को आकर्षित किया जा सकेगा। आयोग ने इस बात पर चिंता जताई है कि विनिर्माण क्षेत्र का प्रदर्शन कमजोर है और देश को 12वीं योजना में इस क्षेत्र में 11 से 12 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि का लक्ष्य रखना होगा। प्रस्तुतीकरण में कहा गया है कि इस क्षेत्र में वृद्धि के लिए बेहतर मूल्यवर्धन और प्रौद्योगिकी के बेहतर इस्तेमाल की जरूरत है। वृद्धि को बढ़ाने तथा व्यापार संतुलन को सुधारने के लिए यह बेहद जरूरी है। आयोग का मानना है कि बुनियादी ढांचा क्षेत्र की खामियां इसमें सबसे बड़ी बाधा है। ऐसे में आयोग ने राष्ट्रीय विनिर्माण निवेश क्षेत्र के गठन का सुझाव दिया है और औद्योगिक आधार बढ़ाने के लिए बेहतर कारोबारी नियमन ढांचे की वकालत की है। योजना आयोग ने कहा है कि विशिष्ट विनिर्माण उद्योग, प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के अधिक उदार नियम और उदार व्यापार नीतियां और बेहतर नियमन ढांचा इसका इलाज है। प्रस्तुतीकरण के दौरान योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह आहलूवालिया ने चेताया कि विनिर्माण क्षेत्र वांछित नतीजे नहीं दे पा रहा है और इसका विपरीत असर पड़ सकता है। ऐसे में इस दिशा में नई पहल की जरूरत है। आयोग ने कारोबार की लागत को कम करने तथा पारदर्शिता के लिए कारोबार नियमन ढांचे में सुधार की जरूरत पर भी बल दिया है। आयोग ने कहा, आमतौर पर यह धारणा है कि उद्योगों को अनिश्चितता तथा राजनीतिक जोड़तोड़ के भय से बचाने के लिए नियमन में पारदर्शी व्यवस्था की जरूरत है। योजना आयोग ने कहा है कि चालू योजनावधि (2007-12) के दौरान देश की आर्थिक वृद्धि दर औसतन 8.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है। यह 11वीं योजना के लक्ष्य 9 प्रतिशत से कम है। हालांकि, आयोग का मानना है कि 8.2 प्रतिशत की वृद्धि भी वैश्विक आर्थिक मंदी को देखते हुए शानदार कही जा सकती है। योजना आयोग ने इस बात का जिक्र किया है कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार तमाम कोशिशों के बावजूद बहु ब्रांड खुदरा क्षेत्र को एफडीआई के लिए खोल नहीं पाई है, क्योंकि कुछ क्षेत्रों से इसका पुरजोर विरोध हो रहा है। आयोग ने कहा, ऐसा माना जाता है कि उदार एफडीआई नीति से न केवल मुनाफाखोरी पर लगाम लगेगी, पर इससे श्रमबल का भी नियमन हो सकेगा। प्रस्तुतीकरण में विशेष आर्थिक क्षेत्रों (सेज) के समक्ष आ रही दिक्कतों का भी उल्लेख किया गया है, क्योंकि कुछ वर्गों और लोगों में यह आशंका है कि इससे उत्पादक कृषि भूमि उनसे छिन जाएगी। आयोग ने सूक्ष्म, लघु और मंझोले उपक्रमों (एमएसएमई) के लिए क्लस्टर को आगे बढ़ाने का सुझाव दिया है, जिससे इस क्षेत्र की उत्पादकता बढ़ाई जा सके। अन्य सुझावों में आयोग ने कहा है कि सरकार को 2012 से शुरू हो रही पंचवर्षीय योजना के दौरान कृषि क्षेत्र के लिए 4 प्रतिशत की वृद्धि दर के लक्ष्य को लेकर चलना चाहिए। इस उद्देश्य के लिए किसानों को बेहतर ग्रामीण ढांचा मुहैया कराए जाने की जरूरत है। साथ ही भंडारण तथा खाद्य प्रसंस्करण सुविधाओं को भी बेहतर बनाया जाना चाहिए।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: योजना आयोग ने 9 से 9.5 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि दर को हासिल करने के लिए एफडीआई नीति को उदार बनाने पर जोर दिया है।
3
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने बुधवार को कर्नाटक चुनाव में कांग्रेस के अच्छे प्रदर्शन पर खुशी जताते हुए कहा कि चुनाव परिणाम का अर्थ है कि भाजपा की विचारधारा को खारिज कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में भी इसी तरह का परिणाम होगा। सिंह ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने चुनाव प्रचार अभियान में अहम भूमिका निभाई। कर्नाटक चुनाव के परिणामों में कांग्रेस के अच्छे प्रदर्शन के बीच प्रधानमंत्री ने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह स्पष्ट रूप से भाजपा की विचारधारा के विरुद्ध परिणाम है जो कर्नाटक में सत्ता में रही।’’ लोकसभा चुनाव के संदर्भ में प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘देश की जनता जानती है कि कौन क्या है और वे भाजपा की विचारधारा को खारिज कर देंगे जैसा कि कर्नाटक में दिखाई दिया।’’ उन्होंने इन परिणामों के लिए कर्नाटक के कांग्रेस कार्यकर्ताओं को बधाई दी।टिप्पणियां सोनिया ने कहा, ‘‘मैं कर्नाटक में जीत पर बहुत खुश हूं। यह संयुक्त प्रयास था।’’ वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि राज्य में अगले पांच साल तक प्रगतिशील और मेहनती सरकार रहेगी। उन्होंने लोकसभा चुनाव जल्द होने की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि संप्रग सरकार को अभी बहुत काम करना है। सिंह ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने चुनाव प्रचार अभियान में अहम भूमिका निभाई। कर्नाटक चुनाव के परिणामों में कांग्रेस के अच्छे प्रदर्शन के बीच प्रधानमंत्री ने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह स्पष्ट रूप से भाजपा की विचारधारा के विरुद्ध परिणाम है जो कर्नाटक में सत्ता में रही।’’ लोकसभा चुनाव के संदर्भ में प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘देश की जनता जानती है कि कौन क्या है और वे भाजपा की विचारधारा को खारिज कर देंगे जैसा कि कर्नाटक में दिखाई दिया।’’ उन्होंने इन परिणामों के लिए कर्नाटक के कांग्रेस कार्यकर्ताओं को बधाई दी।टिप्पणियां सोनिया ने कहा, ‘‘मैं कर्नाटक में जीत पर बहुत खुश हूं। यह संयुक्त प्रयास था।’’ वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि राज्य में अगले पांच साल तक प्रगतिशील और मेहनती सरकार रहेगी। उन्होंने लोकसभा चुनाव जल्द होने की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि संप्रग सरकार को अभी बहुत काम करना है। कर्नाटक चुनाव के परिणामों में कांग्रेस के अच्छे प्रदर्शन के बीच प्रधानमंत्री ने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह स्पष्ट रूप से भाजपा की विचारधारा के विरुद्ध परिणाम है जो कर्नाटक में सत्ता में रही।’’ लोकसभा चुनाव के संदर्भ में प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘देश की जनता जानती है कि कौन क्या है और वे भाजपा की विचारधारा को खारिज कर देंगे जैसा कि कर्नाटक में दिखाई दिया।’’ उन्होंने इन परिणामों के लिए कर्नाटक के कांग्रेस कार्यकर्ताओं को बधाई दी।टिप्पणियां सोनिया ने कहा, ‘‘मैं कर्नाटक में जीत पर बहुत खुश हूं। यह संयुक्त प्रयास था।’’ वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि राज्य में अगले पांच साल तक प्रगतिशील और मेहनती सरकार रहेगी। उन्होंने लोकसभा चुनाव जल्द होने की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि संप्रग सरकार को अभी बहुत काम करना है। सोनिया ने कहा, ‘‘मैं कर्नाटक में जीत पर बहुत खुश हूं। यह संयुक्त प्रयास था।’’ वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि राज्य में अगले पांच साल तक प्रगतिशील और मेहनती सरकार रहेगी। उन्होंने लोकसभा चुनाव जल्द होने की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि संप्रग सरकार को अभी बहुत काम करना है। उन्होंने लोकसभा चुनाव जल्द होने की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि संप्रग सरकार को अभी बहुत काम करना है।
संक्षिप्त पाठ: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने बुधवार को कर्नाटक चुनाव में कांग्रेस के अच्छे प्रदर्शन पर खुशी जताते हुए कहा कि चुनाव परिणाम का अर्थ है कि भाजपा की विचारधारा को खारिज कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में भी इसी तरह
22
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: अमेरिका ने पाकिस्तान से कहा है कि देसी बम (आईईडी) बनाने में प्रयुक्त होने वाले पदार्थ अमोनियम नाइट्रेट के उत्पादन पर रोक लगाए। समाचार पत्र 'डॉन' के मुताबिक अफगानिस्तान-पाकिस्तान मामलों में अमेरिका के विशेष दूत मार्क ग्रॉसमैन ने कहा कि अमेरिका अब पाकिस्तान में अमोनियम नाइट्रेट के उत्पादन पर रोक लगाने पर अपना ध्यान केंद्रित कर रहा है और उम्मीद है कि इस सप्ताह इस्लामाबाद में होने वाली बैठक में यह एक प्रमुख मुद्दा होगा। अमोनियम नाइट्रेट एक ऐसा पदार्थ है जिसका प्रयोग आईईडी बनाने में किया जाता है। अमेरिका का मानना है कि अफगानिस्तान में मौजूद 85 फीसदी आईईडी पाकिस्तान से लाया जाता है। ग्रॉसमैन ने पाकिस्तानी चिकित्सकों के एक सम्मेलन में शनिवार को कहा कि आईईडी की वजह से हजारों पाकिस्तानी नागरिकों की मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा, "हम उम्मीद करते हैं कि पांच जुलाई को इस्लामाबाद में होने वाली बैठक में इस समस्या का हल निकाला जाएगा जो सभी के लिए है।"
यह एक सारांश है: अमेरिका ने पाकिस्तान से कहा है कि देसी बम (आईईडी) बनाने में प्रयुक्त होने वाले पदार्थ अमोनियम नाइट्रेट के उत्पादन पर रोक लगाए।
24
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: एक सीनियर छात्र द्वारा फेंका गया भाला 11 वर्षीय एक छात्र के सिर पर लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस के मुताबिक, दक्षिण दिल्ली के सीआर पार्क इलाके में स्थित सर्वोदय सरकारी स्कूल के छठी कक्षा का छात्र रोशन लामा स्कूल के खेल के मैदान में अपने दोस्तों के साथ शाम करीब 4 बजे घूम रहा था।टिप्पणियां पुलिस ने बताया कि उस वक्त 12 वीं कक्षा के कुछ छात्र भाला फेंकने का अभ्यास कर रहे थे, जो लामा के बाएं कान के पास सिर में जा लगा। इससे वह मैदान में गिर गया और रक्त बहने लगा। उसे पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां से उसे एम्स ट्रॉमा सेंटर भेज दिया गया। वहां उसे गहन चिकित्सा कक्ष में रखा गया है और उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है। लड़के के माता-पिता ने इस घटना के लिए स्कूल प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया है। पुलिस के मुताबिक, दक्षिण दिल्ली के सीआर पार्क इलाके में स्थित सर्वोदय सरकारी स्कूल के छठी कक्षा का छात्र रोशन लामा स्कूल के खेल के मैदान में अपने दोस्तों के साथ शाम करीब 4 बजे घूम रहा था।टिप्पणियां पुलिस ने बताया कि उस वक्त 12 वीं कक्षा के कुछ छात्र भाला फेंकने का अभ्यास कर रहे थे, जो लामा के बाएं कान के पास सिर में जा लगा। इससे वह मैदान में गिर गया और रक्त बहने लगा। उसे पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां से उसे एम्स ट्रॉमा सेंटर भेज दिया गया। वहां उसे गहन चिकित्सा कक्ष में रखा गया है और उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है। लड़के के माता-पिता ने इस घटना के लिए स्कूल प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया है। पुलिस ने बताया कि उस वक्त 12 वीं कक्षा के कुछ छात्र भाला फेंकने का अभ्यास कर रहे थे, जो लामा के बाएं कान के पास सिर में जा लगा। इससे वह मैदान में गिर गया और रक्त बहने लगा। उसे पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां से उसे एम्स ट्रॉमा सेंटर भेज दिया गया। वहां उसे गहन चिकित्सा कक्ष में रखा गया है और उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है। लड़के के माता-पिता ने इस घटना के लिए स्कूल प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया है। उसे पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां से उसे एम्स ट्रॉमा सेंटर भेज दिया गया। वहां उसे गहन चिकित्सा कक्ष में रखा गया है और उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है। लड़के के माता-पिता ने इस घटना के लिए स्कूल प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया है।
पुलिस ने बताया कि उस वक्त 12 वीं कक्षा के कुछ छात्र भाला फेंकने का अभ्यास कर रहे थे, जो लामा के बाएं कान के पास सिर में जा लगा। इससे वह मैदान में गिर गया और रक्त बहने लगा।
34
['hin']
एक सारांश बनाओ: मुद्रास्फीति में नरमी के बाद रिजर्व बैंक ने अब आर्थिक वृद्धि की सुध ली है। दूसरी तिमाही में आर्थिक वृद्धि में गिरावट से चिंतित रिजर्व बैंक ने नीतिगत ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया और इस बात का संकेत दिया कि वह मुद्रास्फीति पर कड़ी निगरानी रखते हुये आने वाले दिनों में ब्याज दरों में कटौती कर सकता है। रिजर्व बैंक की शुक्रवार को जारी मध्य तिमाही समीक्षा में कहा गया है, मुद्रास्फीति उसके अनुमान के दायरे में है, लेकिन आर्थिक वृद्धि के समक्ष बढ़ता जोखिम स्पष्ट दिखाई दे रहा है...ऐसे में ब्याज दरों में आगे और वृद्धि की जरूरत नहीं दिखाई पड़ती है। फिलहाल, केंद्रीय बैंक ने रेपो और रिवर्स रेपो दर को क्रमश 8.5 और 7.5 प्रतिशत पर स्थिर रखा है, जबकि नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) को भी छह प्रतिशत पर पूर्ववत रखा गया है। चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही (जुलाई से सितंबर) के दौरान सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर घटकर 6.9 प्रतिशत रह गई थी, जबकि पहली तिमाही में यह 7.7 प्रतिशत रही थी। एक साल पहले दूसरी तिमाही में जीडीपी वृद्धि आठ प्रतिशत से अधिक रही थी। अक्टूबर, 2011 में औद्योगिक उत्पादन में सीधे 5.1 प्रतिशत की गिरावट आ गई। हालांकि, खाद्य मुद्रास्फीति के मोर्चे पर जरूर केंद्रीय बैंक को कुछ राहत मिली है। गत 3 दिसंबर को समाप्त सप्ताह में खाद्य मुद्रास्फीति घटकर पांच प्रतिशत से नीचे आ गई। इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए ही बैंक ने प्रमुख नीतिगत दरों में कहीं कोई बदलाव नहीं किया। मार्च, 2010 के बाद से लगातार 13 बार रेपो और रिवर्स रेपो दरें बढ़ाने के बाद यह पहला मौका है, जब रिजर्व बेंक ने दरों में कोई बदलाव नहीं किया। हालांकि महंगाई दर अब भी दोहरे अंक में बनी हुई है, लेकिन खाद्य महंगाई दर में अच्छी खासी गिरावट आई है। खाद्य महंगाई पर 4.34 फीसदी पर आ गई है।
संक्षिप्त पाठ: रिजर्व बैंक ने तिमाही कर्ज नीति पेश करते हुए ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। इसका मतलब है कि फिलहाल लोन और महंगा नहीं होगा।
30
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस साल उत्तराखंड में सुदूर सीमाई चौकियों में से एक चौकी पर तैनात आईटीबीपी कर्मियों के साथ दीवाली मनाएंगे. नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री के रूप में हर साल किसी सीमाई क्षेत्र में दीवाली मनाते हैं. उन्होंने प्रधानमंत्री के रूप में साल 2014 में सियाचिन में सेना के साथ पहली दीवाली मनाई थी. पिछले वर्ष उन्होंने पंजाब में पाकिस्तान से लगे सीमाई क्षेत्र में दीवाली मनाई. इस साल वे रविवार को चीन से लगी सीमा पर दीवाली मनाएंगे. आधिकारिक सूत्रों ने शुक्रवार को कहा कि वे माणा में आईटीबीपी कर्मियों के साथ दीवाली मनाएंगे, जो चीन से लगी सीमा पर भारतीय क्षेत्र का अंतिम गांव है.टिप्पणियां सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी माणा जाएंगे, जो 10 हजार फुट की ऊंचाई पर स्थित है. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी बद्रीनाथ भी जा सकते हैं. दीवाली के पावन पर्व पर प्रधानमंत्री ने लोगों से आग्रह किया है कि वे इस पर्व पर सुरक्षा बलों को शुभकानाएं भेजें. उन्होंने कहा कि ऐसे संदेशों से उन्हें प्रोत्साहन मिलेगा. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने प्रधानमंत्री के रूप में साल 2014 में सियाचिन में सेना के साथ पहली दीवाली मनाई थी. पिछले वर्ष उन्होंने पंजाब में पाकिस्तान से लगे सीमाई क्षेत्र में दीवाली मनाई. इस साल वे रविवार को चीन से लगी सीमा पर दीवाली मनाएंगे. आधिकारिक सूत्रों ने शुक्रवार को कहा कि वे माणा में आईटीबीपी कर्मियों के साथ दीवाली मनाएंगे, जो चीन से लगी सीमा पर भारतीय क्षेत्र का अंतिम गांव है.टिप्पणियां सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी माणा जाएंगे, जो 10 हजार फुट की ऊंचाई पर स्थित है. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी बद्रीनाथ भी जा सकते हैं. दीवाली के पावन पर्व पर प्रधानमंत्री ने लोगों से आग्रह किया है कि वे इस पर्व पर सुरक्षा बलों को शुभकानाएं भेजें. उन्होंने कहा कि ऐसे संदेशों से उन्हें प्रोत्साहन मिलेगा. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इस साल वे रविवार को चीन से लगी सीमा पर दीवाली मनाएंगे. आधिकारिक सूत्रों ने शुक्रवार को कहा कि वे माणा में आईटीबीपी कर्मियों के साथ दीवाली मनाएंगे, जो चीन से लगी सीमा पर भारतीय क्षेत्र का अंतिम गांव है.टिप्पणियां सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी माणा जाएंगे, जो 10 हजार फुट की ऊंचाई पर स्थित है. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी बद्रीनाथ भी जा सकते हैं. दीवाली के पावन पर्व पर प्रधानमंत्री ने लोगों से आग्रह किया है कि वे इस पर्व पर सुरक्षा बलों को शुभकानाएं भेजें. उन्होंने कहा कि ऐसे संदेशों से उन्हें प्रोत्साहन मिलेगा. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी माणा जाएंगे, जो 10 हजार फुट की ऊंचाई पर स्थित है. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी बद्रीनाथ भी जा सकते हैं. दीवाली के पावन पर्व पर प्रधानमंत्री ने लोगों से आग्रह किया है कि वे इस पर्व पर सुरक्षा बलों को शुभकानाएं भेजें. उन्होंने कहा कि ऐसे संदेशों से उन्हें प्रोत्साहन मिलेगा. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पीएम मोदी ने 2014 में सियाचिन में सेना के साथ पहली दीवाली मनाई थी पिछले वर्ष उन्होंने पंजाब में पाक से लगे सीमाई क्षेत्र में दीवाली मनाई इस बार माणा में आईटीबीपी कर्मियों के साथ दीवाली मनाएंगे
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: ऊंचे राजकोषीय घाटे को लेकर चिंतित प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 2.5 लाख करोड़ रुपये की अधिशेष नकदी पर बैठे केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों को विकास योजनाओं में यह राशि खर्च करने को मंगलवार को कहा ताकि आर्थिक वृद्धि में तेजी लाने में मदद मिल सके। प्रधानमंत्री के साथ सार्वजनिक उपक्रमों के प्रमुखों की हुई एक बैठक के शीर्ष पीएसयू को कड़ा संदेश दिया गया कि या तो वे अपने भारी आधिक्य को निवेश करें या इसे बतौर विशेष लाभांश सरकार को लौटाएं। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया, ‘‘केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों के भारी आधिक्य की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए प्रधानमंत्री ने उन्हें अपने आधिक्य का इस्तेमाल खुद के लाभ एवं अर्थव्यवस्था के लाभ के लिए करने को कहा।’’ सिंह ने कहा कि देश को 8-8.5 प्रतिशत की वृद्धि दर का स्तर हासिल करना चाहिए, भले ही वैश्विक अर्थव्यवस्था में कुछ भी हो रहा हो। हमें तैरना और तेजी से तैरना सीखना होगा परिस्थितियां चाहे कैसी भी हों।’’ बैठक के बाद भारी उद्योग व सार्वजनिक उपक्रम मंत्री प्रफुल्ल पटेल ने कहा, ‘‘अगर सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां निवेश योग्य अधिक नकदी अपने विकास में खर्च नहीं करती हैं तो यह पैसा बेकार नहीं पड़ा रहना चाहिए और इसे विशेष लाभांश के तौर पर उन्हें सरकार को वापस लौटाना होगा।’’ बैठक में ओएनजीसी, कोल इंडिया, भेल, एनटीपीसी, सेल, एनएमडीसी सहित 25 सार्वजनिक कंपनियों के प्रमुख शामिल थे। पटेल ने कहा, ‘‘केंद्रीय सार्वजनिक कंपनियों के पास बड़ी मात्रा में अधिक नकदी है। वास्तव में, उनके पास ढाई लाख करोड़ रुपये से अधिक की निवेश योग्य नकदी है। सरकार चाहेगी कि कंपनियां विकास करें और अपनी विकास योजना में इसे निवेश करें।’’ उन्होंने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के मुद्दों को देखने के लिए सचिवों की एक समिति का गठन किया जाएगा जिसकी अध्यक्षता कैबिनेट सचिव अजित कुमार सेठ करेंगे। यह समिति स्वायत्तता और नियामकीय मंजूरियों जैसे मुद्दों के अलावा अतिरिक्त कोष के निवेश को भी देखेगी। पटेल ने कहा, ‘‘बैठक में वित्त मंत्री पी चिदंबरम भी मौजूद थे और मैंने स्पष्ट तौर पर कहा कि या तो आप (पीएसयू) धन का इस्तेमाल समयबद्ध तरीके से अपने विकास के लिए करें या इसे विशेष लाभांश के तौर पर सरकार को लौटा दें।’’ सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के शीर्ष निकाय स्कोप के महानिदेशक यूडी चौबे ने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ बैठक में जिन मुद्दों पर चर्चा हुई उनमें एमओयू प्रणाली में सुधार की गुंजाइश, परियोजनाओं को मंजूरी देने में तेजी, निवेश योजनाएं, दीर्घकालीन लक्ष्य व रणनीति आदि शामिल हैं।टिप्पणियां उन्होंने कहा कि कंपनियों के प्रमुखों ने प्रधानमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा जिसमें कंपनियों में निर्णय करने के रास्ते आने वाली बाधाओं का जिक्र किया गया है जिससे कंपनियों का निष्पादन प्रभावित होता है। बैठक में उत्तराधिकारी की योजना और सीएमडी-निदेशकों के चयन में तेजी लाने के मुद्दे पर भी चर्चा की गई। सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों ने अपने निदेशक मंडलों को व्यावसायिक निर्णयों के संबंध में पूरी स्वायत्तता दिए जाने की अपील की। बैठक में इन कंपनियों की ओर से जोर दिया गया कि निदेशक मंडलों को दैनिक कामकाज के प्रबंधन, निवेश नियोजन, विलय एवं अधिग्रहण, बोर्ड के नीचे के स्तर के पदों का सृजन तथा अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशकों को अपनी व्यावसायिक यात्राओं के लिए योजना बनाने करने का अधिकार मिले। प्रधानमंत्री के साथ सार्वजनिक उपक्रमों के प्रमुखों की हुई एक बैठक के शीर्ष पीएसयू को कड़ा संदेश दिया गया कि या तो वे अपने भारी आधिक्य को निवेश करें या इसे बतौर विशेष लाभांश सरकार को लौटाएं। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया, ‘‘केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों के भारी आधिक्य की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए प्रधानमंत्री ने उन्हें अपने आधिक्य का इस्तेमाल खुद के लाभ एवं अर्थव्यवस्था के लाभ के लिए करने को कहा।’’ सिंह ने कहा कि देश को 8-8.5 प्रतिशत की वृद्धि दर का स्तर हासिल करना चाहिए, भले ही वैश्विक अर्थव्यवस्था में कुछ भी हो रहा हो। हमें तैरना और तेजी से तैरना सीखना होगा परिस्थितियां चाहे कैसी भी हों।’’ बैठक के बाद भारी उद्योग व सार्वजनिक उपक्रम मंत्री प्रफुल्ल पटेल ने कहा, ‘‘अगर सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां निवेश योग्य अधिक नकदी अपने विकास में खर्च नहीं करती हैं तो यह पैसा बेकार नहीं पड़ा रहना चाहिए और इसे विशेष लाभांश के तौर पर उन्हें सरकार को वापस लौटाना होगा।’’ बैठक में ओएनजीसी, कोल इंडिया, भेल, एनटीपीसी, सेल, एनएमडीसी सहित 25 सार्वजनिक कंपनियों के प्रमुख शामिल थे। पटेल ने कहा, ‘‘केंद्रीय सार्वजनिक कंपनियों के पास बड़ी मात्रा में अधिक नकदी है। वास्तव में, उनके पास ढाई लाख करोड़ रुपये से अधिक की निवेश योग्य नकदी है। सरकार चाहेगी कि कंपनियां विकास करें और अपनी विकास योजना में इसे निवेश करें।’’ उन्होंने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के मुद्दों को देखने के लिए सचिवों की एक समिति का गठन किया जाएगा जिसकी अध्यक्षता कैबिनेट सचिव अजित कुमार सेठ करेंगे। यह समिति स्वायत्तता और नियामकीय मंजूरियों जैसे मुद्दों के अलावा अतिरिक्त कोष के निवेश को भी देखेगी। पटेल ने कहा, ‘‘बैठक में वित्त मंत्री पी चिदंबरम भी मौजूद थे और मैंने स्पष्ट तौर पर कहा कि या तो आप (पीएसयू) धन का इस्तेमाल समयबद्ध तरीके से अपने विकास के लिए करें या इसे विशेष लाभांश के तौर पर सरकार को लौटा दें।’’ सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के शीर्ष निकाय स्कोप के महानिदेशक यूडी चौबे ने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ बैठक में जिन मुद्दों पर चर्चा हुई उनमें एमओयू प्रणाली में सुधार की गुंजाइश, परियोजनाओं को मंजूरी देने में तेजी, निवेश योजनाएं, दीर्घकालीन लक्ष्य व रणनीति आदि शामिल हैं।टिप्पणियां उन्होंने कहा कि कंपनियों के प्रमुखों ने प्रधानमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा जिसमें कंपनियों में निर्णय करने के रास्ते आने वाली बाधाओं का जिक्र किया गया है जिससे कंपनियों का निष्पादन प्रभावित होता है। बैठक में उत्तराधिकारी की योजना और सीएमडी-निदेशकों के चयन में तेजी लाने के मुद्दे पर भी चर्चा की गई। सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों ने अपने निदेशक मंडलों को व्यावसायिक निर्णयों के संबंध में पूरी स्वायत्तता दिए जाने की अपील की। बैठक में इन कंपनियों की ओर से जोर दिया गया कि निदेशक मंडलों को दैनिक कामकाज के प्रबंधन, निवेश नियोजन, विलय एवं अधिग्रहण, बोर्ड के नीचे के स्तर के पदों का सृजन तथा अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशकों को अपनी व्यावसायिक यात्राओं के लिए योजना बनाने करने का अधिकार मिले। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया, ‘‘केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों के भारी आधिक्य की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए प्रधानमंत्री ने उन्हें अपने आधिक्य का इस्तेमाल खुद के लाभ एवं अर्थव्यवस्था के लाभ के लिए करने को कहा।’’ सिंह ने कहा कि देश को 8-8.5 प्रतिशत की वृद्धि दर का स्तर हासिल करना चाहिए, भले ही वैश्विक अर्थव्यवस्था में कुछ भी हो रहा हो। हमें तैरना और तेजी से तैरना सीखना होगा परिस्थितियां चाहे कैसी भी हों।’’ बैठक के बाद भारी उद्योग व सार्वजनिक उपक्रम मंत्री प्रफुल्ल पटेल ने कहा, ‘‘अगर सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां निवेश योग्य अधिक नकदी अपने विकास में खर्च नहीं करती हैं तो यह पैसा बेकार नहीं पड़ा रहना चाहिए और इसे विशेष लाभांश के तौर पर उन्हें सरकार को वापस लौटाना होगा।’’ बैठक में ओएनजीसी, कोल इंडिया, भेल, एनटीपीसी, सेल, एनएमडीसी सहित 25 सार्वजनिक कंपनियों के प्रमुख शामिल थे। पटेल ने कहा, ‘‘केंद्रीय सार्वजनिक कंपनियों के पास बड़ी मात्रा में अधिक नकदी है। वास्तव में, उनके पास ढाई लाख करोड़ रुपये से अधिक की निवेश योग्य नकदी है। सरकार चाहेगी कि कंपनियां विकास करें और अपनी विकास योजना में इसे निवेश करें।’’ उन्होंने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के मुद्दों को देखने के लिए सचिवों की एक समिति का गठन किया जाएगा जिसकी अध्यक्षता कैबिनेट सचिव अजित कुमार सेठ करेंगे। यह समिति स्वायत्तता और नियामकीय मंजूरियों जैसे मुद्दों के अलावा अतिरिक्त कोष के निवेश को भी देखेगी। पटेल ने कहा, ‘‘बैठक में वित्त मंत्री पी चिदंबरम भी मौजूद थे और मैंने स्पष्ट तौर पर कहा कि या तो आप (पीएसयू) धन का इस्तेमाल समयबद्ध तरीके से अपने विकास के लिए करें या इसे विशेष लाभांश के तौर पर सरकार को लौटा दें।’’ सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के शीर्ष निकाय स्कोप के महानिदेशक यूडी चौबे ने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ बैठक में जिन मुद्दों पर चर्चा हुई उनमें एमओयू प्रणाली में सुधार की गुंजाइश, परियोजनाओं को मंजूरी देने में तेजी, निवेश योजनाएं, दीर्घकालीन लक्ष्य व रणनीति आदि शामिल हैं।टिप्पणियां उन्होंने कहा कि कंपनियों के प्रमुखों ने प्रधानमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा जिसमें कंपनियों में निर्णय करने के रास्ते आने वाली बाधाओं का जिक्र किया गया है जिससे कंपनियों का निष्पादन प्रभावित होता है। बैठक में उत्तराधिकारी की योजना और सीएमडी-निदेशकों के चयन में तेजी लाने के मुद्दे पर भी चर्चा की गई। सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों ने अपने निदेशक मंडलों को व्यावसायिक निर्णयों के संबंध में पूरी स्वायत्तता दिए जाने की अपील की। बैठक में इन कंपनियों की ओर से जोर दिया गया कि निदेशक मंडलों को दैनिक कामकाज के प्रबंधन, निवेश नियोजन, विलय एवं अधिग्रहण, बोर्ड के नीचे के स्तर के पदों का सृजन तथा अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशकों को अपनी व्यावसायिक यात्राओं के लिए योजना बनाने करने का अधिकार मिले। बैठक के बाद भारी उद्योग व सार्वजनिक उपक्रम मंत्री प्रफुल्ल पटेल ने कहा, ‘‘अगर सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां निवेश योग्य अधिक नकदी अपने विकास में खर्च नहीं करती हैं तो यह पैसा बेकार नहीं पड़ा रहना चाहिए और इसे विशेष लाभांश के तौर पर उन्हें सरकार को वापस लौटाना होगा।’’ बैठक में ओएनजीसी, कोल इंडिया, भेल, एनटीपीसी, सेल, एनएमडीसी सहित 25 सार्वजनिक कंपनियों के प्रमुख शामिल थे। पटेल ने कहा, ‘‘केंद्रीय सार्वजनिक कंपनियों के पास बड़ी मात्रा में अधिक नकदी है। वास्तव में, उनके पास ढाई लाख करोड़ रुपये से अधिक की निवेश योग्य नकदी है। सरकार चाहेगी कि कंपनियां विकास करें और अपनी विकास योजना में इसे निवेश करें।’’ उन्होंने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के मुद्दों को देखने के लिए सचिवों की एक समिति का गठन किया जाएगा जिसकी अध्यक्षता कैबिनेट सचिव अजित कुमार सेठ करेंगे। यह समिति स्वायत्तता और नियामकीय मंजूरियों जैसे मुद्दों के अलावा अतिरिक्त कोष के निवेश को भी देखेगी। पटेल ने कहा, ‘‘बैठक में वित्त मंत्री पी चिदंबरम भी मौजूद थे और मैंने स्पष्ट तौर पर कहा कि या तो आप (पीएसयू) धन का इस्तेमाल समयबद्ध तरीके से अपने विकास के लिए करें या इसे विशेष लाभांश के तौर पर सरकार को लौटा दें।’’ सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के शीर्ष निकाय स्कोप के महानिदेशक यूडी चौबे ने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ बैठक में जिन मुद्दों पर चर्चा हुई उनमें एमओयू प्रणाली में सुधार की गुंजाइश, परियोजनाओं को मंजूरी देने में तेजी, निवेश योजनाएं, दीर्घकालीन लक्ष्य व रणनीति आदि शामिल हैं।टिप्पणियां उन्होंने कहा कि कंपनियों के प्रमुखों ने प्रधानमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा जिसमें कंपनियों में निर्णय करने के रास्ते आने वाली बाधाओं का जिक्र किया गया है जिससे कंपनियों का निष्पादन प्रभावित होता है। बैठक में उत्तराधिकारी की योजना और सीएमडी-निदेशकों के चयन में तेजी लाने के मुद्दे पर भी चर्चा की गई। सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों ने अपने निदेशक मंडलों को व्यावसायिक निर्णयों के संबंध में पूरी स्वायत्तता दिए जाने की अपील की। बैठक में इन कंपनियों की ओर से जोर दिया गया कि निदेशक मंडलों को दैनिक कामकाज के प्रबंधन, निवेश नियोजन, विलय एवं अधिग्रहण, बोर्ड के नीचे के स्तर के पदों का सृजन तथा अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशकों को अपनी व्यावसायिक यात्राओं के लिए योजना बनाने करने का अधिकार मिले। पटेल ने कहा, ‘‘केंद्रीय सार्वजनिक कंपनियों के पास बड़ी मात्रा में अधिक नकदी है। वास्तव में, उनके पास ढाई लाख करोड़ रुपये से अधिक की निवेश योग्य नकदी है। सरकार चाहेगी कि कंपनियां विकास करें और अपनी विकास योजना में इसे निवेश करें।’’ उन्होंने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के मुद्दों को देखने के लिए सचिवों की एक समिति का गठन किया जाएगा जिसकी अध्यक्षता कैबिनेट सचिव अजित कुमार सेठ करेंगे। यह समिति स्वायत्तता और नियामकीय मंजूरियों जैसे मुद्दों के अलावा अतिरिक्त कोष के निवेश को भी देखेगी। पटेल ने कहा, ‘‘बैठक में वित्त मंत्री पी चिदंबरम भी मौजूद थे और मैंने स्पष्ट तौर पर कहा कि या तो आप (पीएसयू) धन का इस्तेमाल समयबद्ध तरीके से अपने विकास के लिए करें या इसे विशेष लाभांश के तौर पर सरकार को लौटा दें।’’ सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के शीर्ष निकाय स्कोप के महानिदेशक यूडी चौबे ने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ बैठक में जिन मुद्दों पर चर्चा हुई उनमें एमओयू प्रणाली में सुधार की गुंजाइश, परियोजनाओं को मंजूरी देने में तेजी, निवेश योजनाएं, दीर्घकालीन लक्ष्य व रणनीति आदि शामिल हैं।टिप्पणियां उन्होंने कहा कि कंपनियों के प्रमुखों ने प्रधानमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा जिसमें कंपनियों में निर्णय करने के रास्ते आने वाली बाधाओं का जिक्र किया गया है जिससे कंपनियों का निष्पादन प्रभावित होता है। बैठक में उत्तराधिकारी की योजना और सीएमडी-निदेशकों के चयन में तेजी लाने के मुद्दे पर भी चर्चा की गई। सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों ने अपने निदेशक मंडलों को व्यावसायिक निर्णयों के संबंध में पूरी स्वायत्तता दिए जाने की अपील की। बैठक में इन कंपनियों की ओर से जोर दिया गया कि निदेशक मंडलों को दैनिक कामकाज के प्रबंधन, निवेश नियोजन, विलय एवं अधिग्रहण, बोर्ड के नीचे के स्तर के पदों का सृजन तथा अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशकों को अपनी व्यावसायिक यात्राओं के लिए योजना बनाने करने का अधिकार मिले। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के मुद्दों को देखने के लिए सचिवों की एक समिति का गठन किया जाएगा जिसकी अध्यक्षता कैबिनेट सचिव अजित कुमार सेठ करेंगे। यह समिति स्वायत्तता और नियामकीय मंजूरियों जैसे मुद्दों के अलावा अतिरिक्त कोष के निवेश को भी देखेगी। पटेल ने कहा, ‘‘बैठक में वित्त मंत्री पी चिदंबरम भी मौजूद थे और मैंने स्पष्ट तौर पर कहा कि या तो आप (पीएसयू) धन का इस्तेमाल समयबद्ध तरीके से अपने विकास के लिए करें या इसे विशेष लाभांश के तौर पर सरकार को लौटा दें।’’ सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के शीर्ष निकाय स्कोप के महानिदेशक यूडी चौबे ने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ बैठक में जिन मुद्दों पर चर्चा हुई उनमें एमओयू प्रणाली में सुधार की गुंजाइश, परियोजनाओं को मंजूरी देने में तेजी, निवेश योजनाएं, दीर्घकालीन लक्ष्य व रणनीति आदि शामिल हैं।टिप्पणियां उन्होंने कहा कि कंपनियों के प्रमुखों ने प्रधानमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा जिसमें कंपनियों में निर्णय करने के रास्ते आने वाली बाधाओं का जिक्र किया गया है जिससे कंपनियों का निष्पादन प्रभावित होता है। बैठक में उत्तराधिकारी की योजना और सीएमडी-निदेशकों के चयन में तेजी लाने के मुद्दे पर भी चर्चा की गई। सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों ने अपने निदेशक मंडलों को व्यावसायिक निर्णयों के संबंध में पूरी स्वायत्तता दिए जाने की अपील की। बैठक में इन कंपनियों की ओर से जोर दिया गया कि निदेशक मंडलों को दैनिक कामकाज के प्रबंधन, निवेश नियोजन, विलय एवं अधिग्रहण, बोर्ड के नीचे के स्तर के पदों का सृजन तथा अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशकों को अपनी व्यावसायिक यात्राओं के लिए योजना बनाने करने का अधिकार मिले। पटेल ने कहा, ‘‘बैठक में वित्त मंत्री पी चिदंबरम भी मौजूद थे और मैंने स्पष्ट तौर पर कहा कि या तो आप (पीएसयू) धन का इस्तेमाल समयबद्ध तरीके से अपने विकास के लिए करें या इसे विशेष लाभांश के तौर पर सरकार को लौटा दें।’’ सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के शीर्ष निकाय स्कोप के महानिदेशक यूडी चौबे ने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ बैठक में जिन मुद्दों पर चर्चा हुई उनमें एमओयू प्रणाली में सुधार की गुंजाइश, परियोजनाओं को मंजूरी देने में तेजी, निवेश योजनाएं, दीर्घकालीन लक्ष्य व रणनीति आदि शामिल हैं।टिप्पणियां उन्होंने कहा कि कंपनियों के प्रमुखों ने प्रधानमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा जिसमें कंपनियों में निर्णय करने के रास्ते आने वाली बाधाओं का जिक्र किया गया है जिससे कंपनियों का निष्पादन प्रभावित होता है। बैठक में उत्तराधिकारी की योजना और सीएमडी-निदेशकों के चयन में तेजी लाने के मुद्दे पर भी चर्चा की गई। सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों ने अपने निदेशक मंडलों को व्यावसायिक निर्णयों के संबंध में पूरी स्वायत्तता दिए जाने की अपील की। बैठक में इन कंपनियों की ओर से जोर दिया गया कि निदेशक मंडलों को दैनिक कामकाज के प्रबंधन, निवेश नियोजन, विलय एवं अधिग्रहण, बोर्ड के नीचे के स्तर के पदों का सृजन तथा अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशकों को अपनी व्यावसायिक यात्राओं के लिए योजना बनाने करने का अधिकार मिले। उन्होंने कहा कि कंपनियों के प्रमुखों ने प्रधानमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा जिसमें कंपनियों में निर्णय करने के रास्ते आने वाली बाधाओं का जिक्र किया गया है जिससे कंपनियों का निष्पादन प्रभावित होता है। बैठक में उत्तराधिकारी की योजना और सीएमडी-निदेशकों के चयन में तेजी लाने के मुद्दे पर भी चर्चा की गई। सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों ने अपने निदेशक मंडलों को व्यावसायिक निर्णयों के संबंध में पूरी स्वायत्तता दिए जाने की अपील की। बैठक में इन कंपनियों की ओर से जोर दिया गया कि निदेशक मंडलों को दैनिक कामकाज के प्रबंधन, निवेश नियोजन, विलय एवं अधिग्रहण, बोर्ड के नीचे के स्तर के पदों का सृजन तथा अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशकों को अपनी व्यावसायिक यात्राओं के लिए योजना बनाने करने का अधिकार मिले। सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों ने अपने निदेशक मंडलों को व्यावसायिक निर्णयों के संबंध में पूरी स्वायत्तता दिए जाने की अपील की। बैठक में इन कंपनियों की ओर से जोर दिया गया कि निदेशक मंडलों को दैनिक कामकाज के प्रबंधन, निवेश नियोजन, विलय एवं अधिग्रहण, बोर्ड के नीचे के स्तर के पदों का सृजन तथा अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशकों को अपनी व्यावसायिक यात्राओं के लिए योजना बनाने करने का अधिकार मिले।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: ऊंचे राजकोषीय घाटे को लेकर चिंतित प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 2.5 लाख करोड़ रुपये की अधिशेष नकदी पर बैठे केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों को विकास योजनाओं में यह राशि खर्च करने को कहा।
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: देशभर में छिड़ी बहस के बीच संघ लोकसेवा आयोग (यूपीएससी) ने सिविल सेवा की मुख्य परीक्षा में उसके द्वारा सुझावे गए परिवर्तनों को वापस लेते हुए अनिवार्य अंग्रेजी भाषा परीक्षा की आवश्यकता समाप्त कर दी है। भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) और भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) अधिकारियों का चयन करने के लिए प्रतिष्ठित परीक्षा लेने वाले यूपीएससी ने गत मंगलवार को एक शुद्धिपत्र जारी करके किसी भी एक भारतीय भाषा और अंग्रेजी पेपर में अर्हता प्राप्त करने की पुरानी व्यवस्था बहाल कर दी। हालांकि इसमें प्राप्त अंकों को रैंकिंग के लिए जोड़ा नहीं जाएगा। इसमें कहा गया है, ‘‘भारतीय भाषाओं और अंग्रेजी के पेपर मैट्रिक या उसके समकक्ष स्तर के होंगे और यह अर्हता प्रकृति के ही होंगे। इन पत्रों में प्राप्त अंकों को रैंकिंग के लिए नहीं जोड़ा जाएगा।’’ भारतीय भाषाओं और अंग्रेजी में प्रश्नपत्र का उद्देश्य अभ्यर्थियों की पढ़ने और गंभीर तर्कमूलक गद्य समझने की उनकी क्षमता और विचारों को स्पष्ट और सही तरीके से व्यक्त करने की परीक्षा लेना है। मुख्य परीक्षा में बैठने वाले अभ्यर्थियों के लिए नैतिकता, सत्यनिष्ठा और एपीट्यूड और निबंध के ढाई-ढाई सौ अंक के अलग-अलग प्रश्नपत्र होंगे। नैतिकता, सत्यनिष्ठा और एपीट्यूड के प्रश्नपत्र में अभ्यर्थियों का एपीट्यूड तथा सत्यनिष्ठा एवं सामाजिक जीवन में ईमानदारी संबंधी मुद्दों के प्रति उनका रुख जांचने के लिए प्रश्न होंगे तथा इससे विभिन्न मुद्दों को सुलझाने तथा समाज में काम करने के दौरान सामने आने वाली परेशानियों के प्रति उनके दृष्टिकोण की जांच होगी। अभ्यर्थियों को एक विशिष्ट विषय और अपनी पसंद की भाषा में निबंध लिखना होगा। आयोग द्वारा पेश नये नियम के तहत एक भाषा को परीक्षा के माध्यम के रूप में तभी स्वीकार किया जाएगा जब न्यूनतम 25 अभ्यर्थी ऐसा चाहें। यूपीएससी ने कहा, ‘‘यह भी कहा जा सकता है कि सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा के स्वरूप में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है जिसका आयोजन 26 मई 2013 को होगा।’’ यूपीएससी ने गत पांच मार्च को एक परिपत्र जारी किया था जिसमें अंग्रेजी भाषा को अधिक महत्व दिया गया था। इस कदम को लेकर संसद के भीतर और बाहर हंगामा हुआ था। इसके बाद सरकार ने गत 15 मार्च को इस पर रोक लगा दी थी।टिप्पणियां कार्मिक राज्यमंत्री वी नारायणसामी ने लोकसभा को बताया था कि सुझाये गए परिवर्तनों पर ‘यथास्थिति’ बहाल रहेगी। अब कोई भी अभ्यर्थी साहित्य को वैकल्पिक विषय के रूप में ले सकेगा। इस मामले अब अभ्यर्थी पर यह शर्त नहीं होगी कि वह जिस भाषा के साहित्य को अपना वैकल्पिक विषय बना रहा है उस विषय में उसका स्नातक होना अनिवार्य है। भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) और भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) अधिकारियों का चयन करने के लिए प्रतिष्ठित परीक्षा लेने वाले यूपीएससी ने गत मंगलवार को एक शुद्धिपत्र जारी करके किसी भी एक भारतीय भाषा और अंग्रेजी पेपर में अर्हता प्राप्त करने की पुरानी व्यवस्था बहाल कर दी। हालांकि इसमें प्राप्त अंकों को रैंकिंग के लिए जोड़ा नहीं जाएगा। इसमें कहा गया है, ‘‘भारतीय भाषाओं और अंग्रेजी के पेपर मैट्रिक या उसके समकक्ष स्तर के होंगे और यह अर्हता प्रकृति के ही होंगे। इन पत्रों में प्राप्त अंकों को रैंकिंग के लिए नहीं जोड़ा जाएगा।’’ भारतीय भाषाओं और अंग्रेजी में प्रश्नपत्र का उद्देश्य अभ्यर्थियों की पढ़ने और गंभीर तर्कमूलक गद्य समझने की उनकी क्षमता और विचारों को स्पष्ट और सही तरीके से व्यक्त करने की परीक्षा लेना है। मुख्य परीक्षा में बैठने वाले अभ्यर्थियों के लिए नैतिकता, सत्यनिष्ठा और एपीट्यूड और निबंध के ढाई-ढाई सौ अंक के अलग-अलग प्रश्नपत्र होंगे। नैतिकता, सत्यनिष्ठा और एपीट्यूड के प्रश्नपत्र में अभ्यर्थियों का एपीट्यूड तथा सत्यनिष्ठा एवं सामाजिक जीवन में ईमानदारी संबंधी मुद्दों के प्रति उनका रुख जांचने के लिए प्रश्न होंगे तथा इससे विभिन्न मुद्दों को सुलझाने तथा समाज में काम करने के दौरान सामने आने वाली परेशानियों के प्रति उनके दृष्टिकोण की जांच होगी। अभ्यर्थियों को एक विशिष्ट विषय और अपनी पसंद की भाषा में निबंध लिखना होगा। आयोग द्वारा पेश नये नियम के तहत एक भाषा को परीक्षा के माध्यम के रूप में तभी स्वीकार किया जाएगा जब न्यूनतम 25 अभ्यर्थी ऐसा चाहें। यूपीएससी ने कहा, ‘‘यह भी कहा जा सकता है कि सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा के स्वरूप में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है जिसका आयोजन 26 मई 2013 को होगा।’’ यूपीएससी ने गत पांच मार्च को एक परिपत्र जारी किया था जिसमें अंग्रेजी भाषा को अधिक महत्व दिया गया था। इस कदम को लेकर संसद के भीतर और बाहर हंगामा हुआ था। इसके बाद सरकार ने गत 15 मार्च को इस पर रोक लगा दी थी।टिप्पणियां कार्मिक राज्यमंत्री वी नारायणसामी ने लोकसभा को बताया था कि सुझाये गए परिवर्तनों पर ‘यथास्थिति’ बहाल रहेगी। अब कोई भी अभ्यर्थी साहित्य को वैकल्पिक विषय के रूप में ले सकेगा। इस मामले अब अभ्यर्थी पर यह शर्त नहीं होगी कि वह जिस भाषा के साहित्य को अपना वैकल्पिक विषय बना रहा है उस विषय में उसका स्नातक होना अनिवार्य है। इसमें कहा गया है, ‘‘भारतीय भाषाओं और अंग्रेजी के पेपर मैट्रिक या उसके समकक्ष स्तर के होंगे और यह अर्हता प्रकृति के ही होंगे। इन पत्रों में प्राप्त अंकों को रैंकिंग के लिए नहीं जोड़ा जाएगा।’’ भारतीय भाषाओं और अंग्रेजी में प्रश्नपत्र का उद्देश्य अभ्यर्थियों की पढ़ने और गंभीर तर्कमूलक गद्य समझने की उनकी क्षमता और विचारों को स्पष्ट और सही तरीके से व्यक्त करने की परीक्षा लेना है। मुख्य परीक्षा में बैठने वाले अभ्यर्थियों के लिए नैतिकता, सत्यनिष्ठा और एपीट्यूड और निबंध के ढाई-ढाई सौ अंक के अलग-अलग प्रश्नपत्र होंगे। नैतिकता, सत्यनिष्ठा और एपीट्यूड के प्रश्नपत्र में अभ्यर्थियों का एपीट्यूड तथा सत्यनिष्ठा एवं सामाजिक जीवन में ईमानदारी संबंधी मुद्दों के प्रति उनका रुख जांचने के लिए प्रश्न होंगे तथा इससे विभिन्न मुद्दों को सुलझाने तथा समाज में काम करने के दौरान सामने आने वाली परेशानियों के प्रति उनके दृष्टिकोण की जांच होगी। अभ्यर्थियों को एक विशिष्ट विषय और अपनी पसंद की भाषा में निबंध लिखना होगा। आयोग द्वारा पेश नये नियम के तहत एक भाषा को परीक्षा के माध्यम के रूप में तभी स्वीकार किया जाएगा जब न्यूनतम 25 अभ्यर्थी ऐसा चाहें। यूपीएससी ने कहा, ‘‘यह भी कहा जा सकता है कि सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा के स्वरूप में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है जिसका आयोजन 26 मई 2013 को होगा।’’ यूपीएससी ने गत पांच मार्च को एक परिपत्र जारी किया था जिसमें अंग्रेजी भाषा को अधिक महत्व दिया गया था। इस कदम को लेकर संसद के भीतर और बाहर हंगामा हुआ था। इसके बाद सरकार ने गत 15 मार्च को इस पर रोक लगा दी थी।टिप्पणियां कार्मिक राज्यमंत्री वी नारायणसामी ने लोकसभा को बताया था कि सुझाये गए परिवर्तनों पर ‘यथास्थिति’ बहाल रहेगी। अब कोई भी अभ्यर्थी साहित्य को वैकल्पिक विषय के रूप में ले सकेगा। इस मामले अब अभ्यर्थी पर यह शर्त नहीं होगी कि वह जिस भाषा के साहित्य को अपना वैकल्पिक विषय बना रहा है उस विषय में उसका स्नातक होना अनिवार्य है। मुख्य परीक्षा में बैठने वाले अभ्यर्थियों के लिए नैतिकता, सत्यनिष्ठा और एपीट्यूड और निबंध के ढाई-ढाई सौ अंक के अलग-अलग प्रश्नपत्र होंगे। नैतिकता, सत्यनिष्ठा और एपीट्यूड के प्रश्नपत्र में अभ्यर्थियों का एपीट्यूड तथा सत्यनिष्ठा एवं सामाजिक जीवन में ईमानदारी संबंधी मुद्दों के प्रति उनका रुख जांचने के लिए प्रश्न होंगे तथा इससे विभिन्न मुद्दों को सुलझाने तथा समाज में काम करने के दौरान सामने आने वाली परेशानियों के प्रति उनके दृष्टिकोण की जांच होगी। अभ्यर्थियों को एक विशिष्ट विषय और अपनी पसंद की भाषा में निबंध लिखना होगा। आयोग द्वारा पेश नये नियम के तहत एक भाषा को परीक्षा के माध्यम के रूप में तभी स्वीकार किया जाएगा जब न्यूनतम 25 अभ्यर्थी ऐसा चाहें। यूपीएससी ने कहा, ‘‘यह भी कहा जा सकता है कि सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा के स्वरूप में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है जिसका आयोजन 26 मई 2013 को होगा।’’ यूपीएससी ने गत पांच मार्च को एक परिपत्र जारी किया था जिसमें अंग्रेजी भाषा को अधिक महत्व दिया गया था। इस कदम को लेकर संसद के भीतर और बाहर हंगामा हुआ था। इसके बाद सरकार ने गत 15 मार्च को इस पर रोक लगा दी थी।टिप्पणियां कार्मिक राज्यमंत्री वी नारायणसामी ने लोकसभा को बताया था कि सुझाये गए परिवर्तनों पर ‘यथास्थिति’ बहाल रहेगी। अब कोई भी अभ्यर्थी साहित्य को वैकल्पिक विषय के रूप में ले सकेगा। इस मामले अब अभ्यर्थी पर यह शर्त नहीं होगी कि वह जिस भाषा के साहित्य को अपना वैकल्पिक विषय बना रहा है उस विषय में उसका स्नातक होना अनिवार्य है। नैतिकता, सत्यनिष्ठा और एपीट्यूड के प्रश्नपत्र में अभ्यर्थियों का एपीट्यूड तथा सत्यनिष्ठा एवं सामाजिक जीवन में ईमानदारी संबंधी मुद्दों के प्रति उनका रुख जांचने के लिए प्रश्न होंगे तथा इससे विभिन्न मुद्दों को सुलझाने तथा समाज में काम करने के दौरान सामने आने वाली परेशानियों के प्रति उनके दृष्टिकोण की जांच होगी। अभ्यर्थियों को एक विशिष्ट विषय और अपनी पसंद की भाषा में निबंध लिखना होगा। आयोग द्वारा पेश नये नियम के तहत एक भाषा को परीक्षा के माध्यम के रूप में तभी स्वीकार किया जाएगा जब न्यूनतम 25 अभ्यर्थी ऐसा चाहें। यूपीएससी ने कहा, ‘‘यह भी कहा जा सकता है कि सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा के स्वरूप में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है जिसका आयोजन 26 मई 2013 को होगा।’’ यूपीएससी ने गत पांच मार्च को एक परिपत्र जारी किया था जिसमें अंग्रेजी भाषा को अधिक महत्व दिया गया था। इस कदम को लेकर संसद के भीतर और बाहर हंगामा हुआ था। इसके बाद सरकार ने गत 15 मार्च को इस पर रोक लगा दी थी।टिप्पणियां कार्मिक राज्यमंत्री वी नारायणसामी ने लोकसभा को बताया था कि सुझाये गए परिवर्तनों पर ‘यथास्थिति’ बहाल रहेगी। अब कोई भी अभ्यर्थी साहित्य को वैकल्पिक विषय के रूप में ले सकेगा। इस मामले अब अभ्यर्थी पर यह शर्त नहीं होगी कि वह जिस भाषा के साहित्य को अपना वैकल्पिक विषय बना रहा है उस विषय में उसका स्नातक होना अनिवार्य है। अभ्यर्थियों को एक विशिष्ट विषय और अपनी पसंद की भाषा में निबंध लिखना होगा। आयोग द्वारा पेश नये नियम के तहत एक भाषा को परीक्षा के माध्यम के रूप में तभी स्वीकार किया जाएगा जब न्यूनतम 25 अभ्यर्थी ऐसा चाहें। यूपीएससी ने कहा, ‘‘यह भी कहा जा सकता है कि सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा के स्वरूप में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है जिसका आयोजन 26 मई 2013 को होगा।’’ यूपीएससी ने गत पांच मार्च को एक परिपत्र जारी किया था जिसमें अंग्रेजी भाषा को अधिक महत्व दिया गया था। इस कदम को लेकर संसद के भीतर और बाहर हंगामा हुआ था। इसके बाद सरकार ने गत 15 मार्च को इस पर रोक लगा दी थी।टिप्पणियां कार्मिक राज्यमंत्री वी नारायणसामी ने लोकसभा को बताया था कि सुझाये गए परिवर्तनों पर ‘यथास्थिति’ बहाल रहेगी। अब कोई भी अभ्यर्थी साहित्य को वैकल्पिक विषय के रूप में ले सकेगा। इस मामले अब अभ्यर्थी पर यह शर्त नहीं होगी कि वह जिस भाषा के साहित्य को अपना वैकल्पिक विषय बना रहा है उस विषय में उसका स्नातक होना अनिवार्य है। यूपीएससी ने कहा, ‘‘यह भी कहा जा सकता है कि सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा के स्वरूप में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है जिसका आयोजन 26 मई 2013 को होगा।’’ यूपीएससी ने गत पांच मार्च को एक परिपत्र जारी किया था जिसमें अंग्रेजी भाषा को अधिक महत्व दिया गया था। इस कदम को लेकर संसद के भीतर और बाहर हंगामा हुआ था। इसके बाद सरकार ने गत 15 मार्च को इस पर रोक लगा दी थी।टिप्पणियां कार्मिक राज्यमंत्री वी नारायणसामी ने लोकसभा को बताया था कि सुझाये गए परिवर्तनों पर ‘यथास्थिति’ बहाल रहेगी। अब कोई भी अभ्यर्थी साहित्य को वैकल्पिक विषय के रूप में ले सकेगा। इस मामले अब अभ्यर्थी पर यह शर्त नहीं होगी कि वह जिस भाषा के साहित्य को अपना वैकल्पिक विषय बना रहा है उस विषय में उसका स्नातक होना अनिवार्य है। कार्मिक राज्यमंत्री वी नारायणसामी ने लोकसभा को बताया था कि सुझाये गए परिवर्तनों पर ‘यथास्थिति’ बहाल रहेगी। अब कोई भी अभ्यर्थी साहित्य को वैकल्पिक विषय के रूप में ले सकेगा। इस मामले अब अभ्यर्थी पर यह शर्त नहीं होगी कि वह जिस भाषा के साहित्य को अपना वैकल्पिक विषय बना रहा है उस विषय में उसका स्नातक होना अनिवार्य है। अब कोई भी अभ्यर्थी साहित्य को वैकल्पिक विषय के रूप में ले सकेगा। इस मामले अब अभ्यर्थी पर यह शर्त नहीं होगी कि वह जिस भाषा के साहित्य को अपना वैकल्पिक विषय बना रहा है उस विषय में उसका स्नातक होना अनिवार्य है।
संक्षिप्त पाठ: देशभर में छिड़ी बहस के बीच संघ लोकसेवा आयोग (यूपीएससी) ने सिविल सेवा की मुख्य परीक्षा में उसके द्वारा सुझावे गए परिवर्तनों को वापस लेते हुए अनिवार्य अंग्रेजी भाषा परीक्षा की आवश्यकता समाप्त कर दी है।
14
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारत के विराट कोहली को पिछले 12 महीने में बेजोड़ प्रदर्शन का ईनाम आईसीसी के साल के सर्वश्रेष्ठ वन-डे क्रिकेटर के रूप में मिला। श्रीलंका के कुमार संगकारा ने आईसीसी के वार्षिक पुरस्कार समारोह में तीन पुरस्कार अपने नाम किए, जिसमें साल का सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटर भी शामिल शामिल है। श्रीलंका के पूर्व कप्तान संगकारा को आईसीसी का साल का सर्वश्रेष्ठ टेस्ट क्रिकेटर भी चुना गया, जबकि 'पीपुल्स च्वाइस अवॉर्ड' पर भी उन्होंने कब्जा जमाया। जिस 12 महीने के लिए आईसीसी पुरस्कार दिए गए, उस दौरान 23 वर्षीय कोहली ने 31 एक-दिवसीय मैच खेले और इस दौरान उन्होंने 66.65 के बेहतरीन औसत के साथ 1733 रन बनाए, जिसमें आठ शतक और छह अर्धशतक शामिल हैं। एशिया कप 18 मार्च, 2012 को पाकिस्तान के खिलाफ 183 रन उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर रहा। कोहली को 32-सदस्यीय विशेषज्ञ पैनल ने उनके कप्तान महेंद्र सिंह धोनी, संगकारा और श्रीलंका के स्टार तेज गेंदबाज लसिथ मलिंगा पर तरजीह दी। कोहली ने कहा, मुझे लगता है कि मैंने चीजों को अधिक से अधिक सामान्य रखने का प्रयास किया और मुझे मैदान पर इसका फायदा मिला। यह साल मेरे लिए टीम के सीनियर खिलाड़ियों से सीखने वाला भी रहा। यह ऑलराउंड प्रयास रहा और यह पुरस्कार जीतकर मैं काफी खुश हूं। टिप्पणियां कोहली ने कहा, आईसीसी से मान्यता मिलना हमेशा अच्छा रहता है और यह शानदार एहसास है। मैंने पहली बार यह पुरस्कार जीता है ओर यह बेहतरीन एहसास है। दायें हाथ के इस बल्लेबाज ने 50 ओवर के प्रारूप में अब तक 90 मैचों में 51.81 की औसत से 3886 रन बनाए हैं। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 10 मैचों में 41.35 की औसत से 703 रन बनाए हैं। उनके नाम पर दो शतक और पांच अर्धशतक दर्ज हैं, जबकि 116 रन उनका सर्वाधिक स्कोर है। संगकारा ने पुरस्कारों के दौरान की समयावधि में 14 टेस्ट में पांच शतक और पांच अर्धशतक की मदद से 60.16 की औसत के साथ 144 रन बनाए। उन्होंने इस दौरान 37 एक-दिवसीय मैचों में 42.85 की औसत से 1457 रन भी बटोरे, जिसमें तीन शतक और नौ अर्धशतक शामिल हैं। उन्होंने एक-दिवसीय मैचों में 42 शिकार भी किए। संगकारा ने कहा, यह बेजोड़ सम्मान है और मैंने उन लोगों को देखा है, जिन्होंने मेरे से पहले यह पुरस्कार जीता। नामांकित खिलाड़ियों के साथ जगह बनाना भी शानदार था। जिस 12 महीने के लिए आईसीसी पुरस्कार दिए गए, उस दौरान 23 वर्षीय कोहली ने 31 एक-दिवसीय मैच खेले और इस दौरान उन्होंने 66.65 के बेहतरीन औसत के साथ 1733 रन बनाए, जिसमें आठ शतक और छह अर्धशतक शामिल हैं। एशिया कप 18 मार्च, 2012 को पाकिस्तान के खिलाफ 183 रन उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर रहा। कोहली को 32-सदस्यीय विशेषज्ञ पैनल ने उनके कप्तान महेंद्र सिंह धोनी, संगकारा और श्रीलंका के स्टार तेज गेंदबाज लसिथ मलिंगा पर तरजीह दी। कोहली ने कहा, मुझे लगता है कि मैंने चीजों को अधिक से अधिक सामान्य रखने का प्रयास किया और मुझे मैदान पर इसका फायदा मिला। यह साल मेरे लिए टीम के सीनियर खिलाड़ियों से सीखने वाला भी रहा। यह ऑलराउंड प्रयास रहा और यह पुरस्कार जीतकर मैं काफी खुश हूं। टिप्पणियां कोहली ने कहा, आईसीसी से मान्यता मिलना हमेशा अच्छा रहता है और यह शानदार एहसास है। मैंने पहली बार यह पुरस्कार जीता है ओर यह बेहतरीन एहसास है। दायें हाथ के इस बल्लेबाज ने 50 ओवर के प्रारूप में अब तक 90 मैचों में 51.81 की औसत से 3886 रन बनाए हैं। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 10 मैचों में 41.35 की औसत से 703 रन बनाए हैं। उनके नाम पर दो शतक और पांच अर्धशतक दर्ज हैं, जबकि 116 रन उनका सर्वाधिक स्कोर है। संगकारा ने पुरस्कारों के दौरान की समयावधि में 14 टेस्ट में पांच शतक और पांच अर्धशतक की मदद से 60.16 की औसत के साथ 144 रन बनाए। उन्होंने इस दौरान 37 एक-दिवसीय मैचों में 42.85 की औसत से 1457 रन भी बटोरे, जिसमें तीन शतक और नौ अर्धशतक शामिल हैं। उन्होंने एक-दिवसीय मैचों में 42 शिकार भी किए। संगकारा ने कहा, यह बेजोड़ सम्मान है और मैंने उन लोगों को देखा है, जिन्होंने मेरे से पहले यह पुरस्कार जीता। नामांकित खिलाड़ियों के साथ जगह बनाना भी शानदार था। कोहली को 32-सदस्यीय विशेषज्ञ पैनल ने उनके कप्तान महेंद्र सिंह धोनी, संगकारा और श्रीलंका के स्टार तेज गेंदबाज लसिथ मलिंगा पर तरजीह दी। कोहली ने कहा, मुझे लगता है कि मैंने चीजों को अधिक से अधिक सामान्य रखने का प्रयास किया और मुझे मैदान पर इसका फायदा मिला। यह साल मेरे लिए टीम के सीनियर खिलाड़ियों से सीखने वाला भी रहा। यह ऑलराउंड प्रयास रहा और यह पुरस्कार जीतकर मैं काफी खुश हूं। टिप्पणियां कोहली ने कहा, आईसीसी से मान्यता मिलना हमेशा अच्छा रहता है और यह शानदार एहसास है। मैंने पहली बार यह पुरस्कार जीता है ओर यह बेहतरीन एहसास है। दायें हाथ के इस बल्लेबाज ने 50 ओवर के प्रारूप में अब तक 90 मैचों में 51.81 की औसत से 3886 रन बनाए हैं। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 10 मैचों में 41.35 की औसत से 703 रन बनाए हैं। उनके नाम पर दो शतक और पांच अर्धशतक दर्ज हैं, जबकि 116 रन उनका सर्वाधिक स्कोर है। संगकारा ने पुरस्कारों के दौरान की समयावधि में 14 टेस्ट में पांच शतक और पांच अर्धशतक की मदद से 60.16 की औसत के साथ 144 रन बनाए। उन्होंने इस दौरान 37 एक-दिवसीय मैचों में 42.85 की औसत से 1457 रन भी बटोरे, जिसमें तीन शतक और नौ अर्धशतक शामिल हैं। उन्होंने एक-दिवसीय मैचों में 42 शिकार भी किए। संगकारा ने कहा, यह बेजोड़ सम्मान है और मैंने उन लोगों को देखा है, जिन्होंने मेरे से पहले यह पुरस्कार जीता। नामांकित खिलाड़ियों के साथ जगह बनाना भी शानदार था। कोहली ने कहा, आईसीसी से मान्यता मिलना हमेशा अच्छा रहता है और यह शानदार एहसास है। मैंने पहली बार यह पुरस्कार जीता है ओर यह बेहतरीन एहसास है। दायें हाथ के इस बल्लेबाज ने 50 ओवर के प्रारूप में अब तक 90 मैचों में 51.81 की औसत से 3886 रन बनाए हैं। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 10 मैचों में 41.35 की औसत से 703 रन बनाए हैं। उनके नाम पर दो शतक और पांच अर्धशतक दर्ज हैं, जबकि 116 रन उनका सर्वाधिक स्कोर है। संगकारा ने पुरस्कारों के दौरान की समयावधि में 14 टेस्ट में पांच शतक और पांच अर्धशतक की मदद से 60.16 की औसत के साथ 144 रन बनाए। उन्होंने इस दौरान 37 एक-दिवसीय मैचों में 42.85 की औसत से 1457 रन भी बटोरे, जिसमें तीन शतक और नौ अर्धशतक शामिल हैं। उन्होंने एक-दिवसीय मैचों में 42 शिकार भी किए। संगकारा ने कहा, यह बेजोड़ सम्मान है और मैंने उन लोगों को देखा है, जिन्होंने मेरे से पहले यह पुरस्कार जीता। नामांकित खिलाड़ियों के साथ जगह बनाना भी शानदार था। संगकारा ने पुरस्कारों के दौरान की समयावधि में 14 टेस्ट में पांच शतक और पांच अर्धशतक की मदद से 60.16 की औसत के साथ 144 रन बनाए। उन्होंने इस दौरान 37 एक-दिवसीय मैचों में 42.85 की औसत से 1457 रन भी बटोरे, जिसमें तीन शतक और नौ अर्धशतक शामिल हैं। उन्होंने एक-दिवसीय मैचों में 42 शिकार भी किए। संगकारा ने कहा, यह बेजोड़ सम्मान है और मैंने उन लोगों को देखा है, जिन्होंने मेरे से पहले यह पुरस्कार जीता। नामांकित खिलाड़ियों के साथ जगह बनाना भी शानदार था।
यह एक सारांश है: विराट कोहली को पिछले 12 महीने में बेजोड़ प्रदर्शन का ईनाम आईसीसी के साल के सर्वश्रेष्ठ वन-डे क्रिकेटर के रूप में मिला। श्रीलंका के कुमार संगकारा ने तीन पुरस्कार अपने नाम किए।
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: जल, जंगल, जमीन की मांग कर रहे 50 हजार सत्याग्रहियों की कई अहम मांगें सरकार ने मान ली हैं, जिसके बाद ग्वालियर से दिल्ली के लिए चला सत्याग्रह मार्च केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश के साथ समझौते के बाद स्थगित कर दिया गया है। सत्याग्रहियों की मांग के मुताबिक सरकार नई राष्ट्रीय भूमि सुधार नीति बनाने पर राजी हो गई है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने आगरा जाकर इस बारे में एक समझौते पर दस्तखत किए हैं। कुल मिलाकर सरकार ने सत्याग्रहियों की 10 अहम मांगें मानी हैं, जिन्हें अमल में लाने के लिए एक टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा। इसकी पहली बैठक 17 अक्टूबर को होगी। इसके साथ ही इस आंदोलन के नेता और राष्ट्रीय एकता परिषद के अध्यक्ष पीवी राजगोपाल ने ऐलान किया है कि दिल्ली मार्च छह महीनों तक स्थगित कर दिया गया है, लेकिन उनका आंदोलन जारी रहेगा।टिप्पणियां राजगोपाल ने कहा कि अगर सरकार ने अपनी कही बातों पर अमल नहीं किया, तो फिर से दबाव बनाया जाएगा। समझौते के मुताबिक जिनके पास अपनी जमीन नहीं है, उनको मकान बनाने के लिए 10 डिसमिल जमीन देने पर सरकार राजी हो गई है। इस जनसत्याग्रह के तहत हजारों भूमिहीन और वंचित तबके के लोग 2 अक्टूबर को ग्वालियर से दिल्ली तक की पदयात्रा पर निकले थे। केंद्र सरकार लगातार इन सत्याग्रहियों को मनाने की कोशिश कर रही थी। पहले ग्वालियर में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश और उद्योग राज्य मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सत्याग्रहियों की मांगें मानने का भरोसा दिलाया, लेकिन बात नहीं बनी। उसके बाद दिल्ली में दो दौर की बातचीत हुई, जिसमें अधिकतर मांगों पर सहमति बन गई। सत्याग्रहियों की मांग के मुताबिक सरकार नई राष्ट्रीय भूमि सुधार नीति बनाने पर राजी हो गई है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने आगरा जाकर इस बारे में एक समझौते पर दस्तखत किए हैं। कुल मिलाकर सरकार ने सत्याग्रहियों की 10 अहम मांगें मानी हैं, जिन्हें अमल में लाने के लिए एक टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा। इसकी पहली बैठक 17 अक्टूबर को होगी। इसके साथ ही इस आंदोलन के नेता और राष्ट्रीय एकता परिषद के अध्यक्ष पीवी राजगोपाल ने ऐलान किया है कि दिल्ली मार्च छह महीनों तक स्थगित कर दिया गया है, लेकिन उनका आंदोलन जारी रहेगा।टिप्पणियां राजगोपाल ने कहा कि अगर सरकार ने अपनी कही बातों पर अमल नहीं किया, तो फिर से दबाव बनाया जाएगा। समझौते के मुताबिक जिनके पास अपनी जमीन नहीं है, उनको मकान बनाने के लिए 10 डिसमिल जमीन देने पर सरकार राजी हो गई है। इस जनसत्याग्रह के तहत हजारों भूमिहीन और वंचित तबके के लोग 2 अक्टूबर को ग्वालियर से दिल्ली तक की पदयात्रा पर निकले थे। केंद्र सरकार लगातार इन सत्याग्रहियों को मनाने की कोशिश कर रही थी। पहले ग्वालियर में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश और उद्योग राज्य मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सत्याग्रहियों की मांगें मानने का भरोसा दिलाया, लेकिन बात नहीं बनी। उसके बाद दिल्ली में दो दौर की बातचीत हुई, जिसमें अधिकतर मांगों पर सहमति बन गई। इसके साथ ही इस आंदोलन के नेता और राष्ट्रीय एकता परिषद के अध्यक्ष पीवी राजगोपाल ने ऐलान किया है कि दिल्ली मार्च छह महीनों तक स्थगित कर दिया गया है, लेकिन उनका आंदोलन जारी रहेगा।टिप्पणियां राजगोपाल ने कहा कि अगर सरकार ने अपनी कही बातों पर अमल नहीं किया, तो फिर से दबाव बनाया जाएगा। समझौते के मुताबिक जिनके पास अपनी जमीन नहीं है, उनको मकान बनाने के लिए 10 डिसमिल जमीन देने पर सरकार राजी हो गई है। इस जनसत्याग्रह के तहत हजारों भूमिहीन और वंचित तबके के लोग 2 अक्टूबर को ग्वालियर से दिल्ली तक की पदयात्रा पर निकले थे। केंद्र सरकार लगातार इन सत्याग्रहियों को मनाने की कोशिश कर रही थी। पहले ग्वालियर में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश और उद्योग राज्य मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सत्याग्रहियों की मांगें मानने का भरोसा दिलाया, लेकिन बात नहीं बनी। उसके बाद दिल्ली में दो दौर की बातचीत हुई, जिसमें अधिकतर मांगों पर सहमति बन गई। राजगोपाल ने कहा कि अगर सरकार ने अपनी कही बातों पर अमल नहीं किया, तो फिर से दबाव बनाया जाएगा। समझौते के मुताबिक जिनके पास अपनी जमीन नहीं है, उनको मकान बनाने के लिए 10 डिसमिल जमीन देने पर सरकार राजी हो गई है। इस जनसत्याग्रह के तहत हजारों भूमिहीन और वंचित तबके के लोग 2 अक्टूबर को ग्वालियर से दिल्ली तक की पदयात्रा पर निकले थे। केंद्र सरकार लगातार इन सत्याग्रहियों को मनाने की कोशिश कर रही थी। पहले ग्वालियर में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश और उद्योग राज्य मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सत्याग्रहियों की मांगें मानने का भरोसा दिलाया, लेकिन बात नहीं बनी। उसके बाद दिल्ली में दो दौर की बातचीत हुई, जिसमें अधिकतर मांगों पर सहमति बन गई। इस जनसत्याग्रह के तहत हजारों भूमिहीन और वंचित तबके के लोग 2 अक्टूबर को ग्वालियर से दिल्ली तक की पदयात्रा पर निकले थे। केंद्र सरकार लगातार इन सत्याग्रहियों को मनाने की कोशिश कर रही थी। पहले ग्वालियर में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश और उद्योग राज्य मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सत्याग्रहियों की मांगें मानने का भरोसा दिलाया, लेकिन बात नहीं बनी। उसके बाद दिल्ली में दो दौर की बातचीत हुई, जिसमें अधिकतर मांगों पर सहमति बन गई।
जल, जंगल, जमीन की मांग कर रहे 50 हजार सत्याग्रहियों की कई अहम मांगें सरकार ने मान ली हैं, जिसके बाद ग्वालियर से दिल्ली के लिए चला सत्याग्रह मार्च स्थगित कर दिया गया है।
28
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) अपने खिलाफ दर्ज आपराधिक मानहानि के दो मामलों में शुक्रवार को विभिन्न मजिस्ट्रेट अदालतों में पेश होंगे. इनमें से एक मामला कांग्रेस (Congress) नेता द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को 'हत्या का आरोपी' कहने से संबद्ध है. वहीं दूसरा मामला, राहुल के इस दावे को लेकर है कि आठ नवंबर 2016 को नोटबंदी के बाद पांच दिनों में अहमदाबाद जिला सहकारी बैंक में 745.58 करोड़ रुपये मूल्य के चलन से बाहर किये गये नोट बदले गए थे. अमित शाह इस बैंक के निदेशक हैं. इस मामले में एडीसी बैंक और उसके अध्यक्ष अजय पटेल ने मामला दायर किया था. कांग्रेस की गुजरात इकाई ने एक बयान में कहा कि राहुल शुक्रवार अपराह्न करीब ढाई बजे अदालत परिसर पहुंचेंगे. इस बीच, राहुल गांधी मानहानि के एक अन्य मामले में बृहस्पतिवार को यहां मजिस्ट्रेट अदालत में पेश हुए और उन्होंने खुद के बेगुनाह होने की बात कही. यह मामला एक चुनाव रैली के दौरान राहुल की एक टिप्पणी से जुड़ा हुआ है, जिसके तहत उन्होंने कथित तौर पर कहा था 'सभी चोरों का उपनाम मोदी क्यों होता है.'
यहाँ एक सारांश है:मानहानि के 2 मामलों में आज कोर्ट में पेश होंगे राहुल गांधी अमित शाह को 'हत्या का आरोपी' कहने से संबद्ध है एक मामला अहमदाबाद जिला सहकारी बैंक से जुड़ा है दूसरा मामला
12
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: आंध्र प्रदेश में सत्तारूढ़ कांग्रेस के तेलंगाना क्षेत्र के नेताओं ने गुरुवार को कहा कि पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व यदि राज्य गठन के सम्बंध में इस महीने के अंत तक अनुकूल बयान देने में विफल रहा तो वे 'कड़ा फैसला' लेने के लिए बाध्य होंगे। कांग्रेस की तेलंगाना संचालन समिति ने यहां एक बैठक करने के बाद केंद्रीय नेतृत्व को चेतावनी दी। संचलन समिति के प्रमुख के. जना रेड्डी सहित राज्य के कम से कम तीन मंत्रियों ने कहा कि यदि अन्य नेता इस्तीफा नहीं देते हैं, फिर भी वे अपना इस्तीफा देने को तैयार हैं। इनमें से एक के. वेंकट रेड्डी पहले ही धमकी दे चुके हैं कि यदि केंद्र सरकार कोई सकारात्मक निर्णय लेने में विफल रहती है तो वह इस्तीफा देंगे तथा दो अक्टूबर से आमरण अनशन शुरू करेंगे। विधायक जी. वेंकटरमन्ना रेड्डी ने संवाददातओं से कहा कि तेलंगाना क्षेत्र के कांग्रेस नेताओं ने 26 सितम्बर को दिल्ली जाकर पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व से मिलने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा, "आलाकमान को तुरंत अनुकूल निर्णय लेना चाहिए, इसमें उसके विफल रहने पर हम कोई कड़ा फैसला लेने के लिए बाध्य होंगे।" संचालन समिति ने तेलंगाना क्षेत्र में चल रहे 'जन हड़ताल' को समर्थन देने के लि शुक्रवार को तेलंगाना शहीद स्मारक से लेकर राज्य सचिवालय तक रैली निकालने का भी फैसला लिया है। इसी मुद्दे पर जुलाई में इस्तीफा पेश कर चुके सांसदों ने चेताया कि वे इस महीने के अंत तक प्रतीक्षा करेंगे। यदि केंद्र सरकार कोई घोषणा नहीं करती है तो वे इस्तीफा स्वीकार करने के लिए दबाव डालेंगे।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: कांग्रेस की तेलंगाना संचालन समिति ने हैदराबाद में एक बैठक करने के बाद केंद्रीय नेतृत्व को चेतावनी दी।
3
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: बिहार की राजधानी पटना के फुलवारी शरीफ थाने में पुलिस को भी नहीं समझ आ रहा था कि वह क्या करे क्योंकि एक शख्स पर दो महिलाएं दावा कर रही थीं कि वह उनका पति है. इतना ही नहीं दोनों महिलाओं के दावों के पुख्ता सबूत थे. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अरुण नाम के शख्स को लेकर यह झगड़ा चल रहा था. एक महिला ने बताया कि अरुण से उसकी शादी 1996 में हुई थी और उससे उनके बच्चे भी हैं. वहीं दूसरी महिला ने भी अरुण के साथ शादी के फोटो और वीडियो पुलिस को दिखाए. दूसरी महिला का कहना था कि उसे नहीं पता था कि अरुण पहले से ही शादी-शुदा है. रिपोर्ट के मुताबिक अरुण एक नर्सिंग होम चलाता है और उसकी शादी 1996 में हो चुकी थी और अब उसके बेटे और बेटियां भी जो कि काफी बड़े हो गए हैं. अरुण का चोरी-छिपे अफेयर दूसरी महिला के साथ चल रहा था और एक दिन उसने बिना बताए शादी कर ली. अरुण जब दूसरी पत्नी के पास जाता तो पहली पत्नी को बताता कि वह काम से बाहर जा रहा है और यही बात वह दूसरी पत्नी को भी बताता जब वह अपनी पहली पत्नी के घर आता.टिप्पणियां लेकिन धीरे-धीरे अब उस पर दोनों जगह शक होने लगा. एक दिन दोनों पत्नियां थाने में पहुंच गईं और पूरी बात बताई. पुलिस ने अरुण को थाने बुलाया और दोनों महिलाओं के सामने पूछताछ शुरू कर दी. पहले तो अरुण ने दूसरी पत्नी को पहचानने से ही इनकार कर दिया. लेकिन जब उस महिला ने कहा शादी के फोटो और वीडियो के आधार पर जेल भिजवाने की धमकी दी तो वह डर गया और पूरी बात कबूल कर ली. अब पुलिस के सामने समस्या यह खड़ी हो गई कि वह अरुण को किसके साथ भेजे. थोड़ी देर बाद तू-तू मैं-मैं जब खत्म हो गई और कोई रास्ता न देख दोनों महिलाओं ने समझौता कर लिया. इस लिखित समझौते के मुताबिक हफ्ते में तीन दिन अरुण पहली पत्नी के साथ और तीन दिन दूसरी पत्नी के साथ रहेगा. इस घटना के सामने आने के बाद कई हिंदी फिल्मों की कहानी याद गई. जिनमें अनिल कपूर की फिल्म घरवाली-बाहरवाली और गोविंदा की सैंडविच शामिल हैं. रिपोर्ट के मुताबिक अरुण एक नर्सिंग होम चलाता है और उसकी शादी 1996 में हो चुकी थी और अब उसके बेटे और बेटियां भी जो कि काफी बड़े हो गए हैं. अरुण का चोरी-छिपे अफेयर दूसरी महिला के साथ चल रहा था और एक दिन उसने बिना बताए शादी कर ली. अरुण जब दूसरी पत्नी के पास जाता तो पहली पत्नी को बताता कि वह काम से बाहर जा रहा है और यही बात वह दूसरी पत्नी को भी बताता जब वह अपनी पहली पत्नी के घर आता.टिप्पणियां लेकिन धीरे-धीरे अब उस पर दोनों जगह शक होने लगा. एक दिन दोनों पत्नियां थाने में पहुंच गईं और पूरी बात बताई. पुलिस ने अरुण को थाने बुलाया और दोनों महिलाओं के सामने पूछताछ शुरू कर दी. पहले तो अरुण ने दूसरी पत्नी को पहचानने से ही इनकार कर दिया. लेकिन जब उस महिला ने कहा शादी के फोटो और वीडियो के आधार पर जेल भिजवाने की धमकी दी तो वह डर गया और पूरी बात कबूल कर ली. अब पुलिस के सामने समस्या यह खड़ी हो गई कि वह अरुण को किसके साथ भेजे. थोड़ी देर बाद तू-तू मैं-मैं जब खत्म हो गई और कोई रास्ता न देख दोनों महिलाओं ने समझौता कर लिया. इस लिखित समझौते के मुताबिक हफ्ते में तीन दिन अरुण पहली पत्नी के साथ और तीन दिन दूसरी पत्नी के साथ रहेगा. इस घटना के सामने आने के बाद कई हिंदी फिल्मों की कहानी याद गई. जिनमें अनिल कपूर की फिल्म घरवाली-बाहरवाली और गोविंदा की सैंडविच शामिल हैं. लेकिन धीरे-धीरे अब उस पर दोनों जगह शक होने लगा. एक दिन दोनों पत्नियां थाने में पहुंच गईं और पूरी बात बताई. पुलिस ने अरुण को थाने बुलाया और दोनों महिलाओं के सामने पूछताछ शुरू कर दी. पहले तो अरुण ने दूसरी पत्नी को पहचानने से ही इनकार कर दिया. लेकिन जब उस महिला ने कहा शादी के फोटो और वीडियो के आधार पर जेल भिजवाने की धमकी दी तो वह डर गया और पूरी बात कबूल कर ली. अब पुलिस के सामने समस्या यह खड़ी हो गई कि वह अरुण को किसके साथ भेजे. थोड़ी देर बाद तू-तू मैं-मैं जब खत्म हो गई और कोई रास्ता न देख दोनों महिलाओं ने समझौता कर लिया. इस लिखित समझौते के मुताबिक हफ्ते में तीन दिन अरुण पहली पत्नी के साथ और तीन दिन दूसरी पत्नी के साथ रहेगा. इस घटना के सामने आने के बाद कई हिंदी फिल्मों की कहानी याद गई. जिनमें अनिल कपूर की फिल्म घरवाली-बाहरवाली और गोविंदा की सैंडविच शामिल हैं. अब पुलिस के सामने समस्या यह खड़ी हो गई कि वह अरुण को किसके साथ भेजे. थोड़ी देर बाद तू-तू मैं-मैं जब खत्म हो गई और कोई रास्ता न देख दोनों महिलाओं ने समझौता कर लिया. इस लिखित समझौते के मुताबिक हफ्ते में तीन दिन अरुण पहली पत्नी के साथ और तीन दिन दूसरी पत्नी के साथ रहेगा. इस घटना के सामने आने के बाद कई हिंदी फिल्मों की कहानी याद गई. जिनमें अनिल कपूर की फिल्म घरवाली-बाहरवाली और गोविंदा की सैंडविच शामिल हैं.
पहली पत्नी से शादी 1996 में हुई थी दूसरी पत्नी ने भी दिखाए शादी के फोटो और वीडियो दोनों पत्नियों के बीच पति के साथ 3-3 दिन साथ रहने का हुआ समझौता
34
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: चार प्रमुख नागर विमानन कंपनियों ने पिछले कुछ दिनों में गोवा के डाबोलिम हवाईअड्डे के लिए 8 से 10 दैनिक उड़ानों का संचालन कर डीजीसीए के सुरक्षा संबंधी निर्देशों का उल्लंघन किया है। किंगफिशर, गो-एयर, जेटलाइट और जेट एयरवेज ने पिछले कुछ दिनों में कर्फ्यू घंटों के दौरान उड़ानों का संचालन किया। डाबोलिम हवाईअड्डे पर 4 अप्रैल से 30 अप्रैल तक सुबह 9 बजे से दोपहर एक बजे और दोपहर तीन बजे से शाम 7 बजे तक उड़ानों पर रोक लगाई गई है क्योंकि इस दौरान मरम्मत के लिए राडार प्रणाली बंद रखी जा रही है। गोवा हवाई अड्डे पर विमानों को उतरने मदद करने वाली राडार प्रणाली-पीएपीआई की मरम्मत के दौरान विमानन कंपनियों को उड़ानों का परिचालन नहीं करने का निर्देश जारी किया गया था। नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) द्वारा जारी नोटैम (नोटिस टु एयरमेन) में इस तरह की पाबंदी के बावजूद वहां उड़ानों का संचालन किया गया। डीजीसीए प्रमुख ईके भारत भूषण ने बताया, कर्फ्यू अवधि का ध्यान रखने की हमारी चेतावनी के बावजूद कुछ विमानन कंपनियों ने इस दिशानिर्देश का उल्लंघन किया। उन्हें इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। हम उनके खिलाफ कार्रवाई करेंगे। आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि इस मामले में डीजीसीए किंगफिशर, गो-एयर, जेटलाइट और जेट एयरवेज को नोटिस भेजने की तैयारी कर रहा है। उन्होंने कहा कि कर्फ्यू घंटों के दौरान विमान उतारने वाले पायलटों को कुछ समय के लिए छुट्टी की जा सकती है। भारत भूषण ने कहा, सभी विमानन कंपनियों के प्रमुखों के साथ एक बैठक में मैंने उन्हें बताया था कि इन कर्फ्यू घंटों का पूरी तरह से ध्यान रखा जाना चाहिए। मैंने उन्हें चेतावनी भी दी थी कि निर्देश का उल्लंघन होने पर हम कड़ी कार्रवाई करेंगे।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: चार विमानन कंपनियों ने डाबोलिम हवाईअड्डे के लिए 8 से 10 दैनिक उड़ानों का संचालन कर डीजीसीए के सुरक्षा संबंधी निर्देशों का उल्लंघन किया है।
3
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बुधवार को हुए मुंबई सीरियल धमाकों के बाद मुंबई एटीएस और मुंबई क्राइम ब्रांच की 12 टीमें इसकी जांच में जुटी हैं। इन धमाकों के पीछे इंडियन मुजाहिदीन का हाथ होने का शक जताया जा रहा है। ऐसे में मुंबई एटीएस इस बात की जांच कर रही है कि इंडियन मुजाहिदीन को आर्थिक मदद मिलती कहां से है। इसके लिए उन्होंने कई राज्यों की पुलिस और एसटीएफ से संपर्क किया है। एटीएस इंडियन मुजाहिदीन की शुरुआत करने वालों में से एक आमिर रजा खान और उसके साथियों के बारे में जानकारी जुटा रही है। इसके लिए एटीएस की टीम कोलकाता, अहमदाबाद, कर्नाटक, रामपुर और कई अन्य शहर जाकर जांच कर रही है। इसके अलावा हाल ही में पकड़े गए इंडियन मुजाहिदीन और सिमी से जुड़े सभी लोगों से पूछताछ की जा रही है। उधर, ठाणे पुलिस कल्याण के एक गेस्ट हाउस में हुई एक बातचीत का पता लगाने में जुटी है। एक शख्स ने पुलिस को बताया है कि 11 जुलाई की रात उसने दो लोगों को रहस्यमय बातचीत करते सुना है। उसका कहना है कि हो सकता है इसका नाता मुंबई में हुए सीरियल धमाके से हो। पुलिस अब गेस्ट हाउस की डायरी तलाशकर उन लोगों के बारे में सुराग लेने में जुटी है।
यहाँ एक सारांश है:मुंबई एटीएस इंडियन मुजिहिदीन की शुरुआत करने वालों में से एक आमिर रजा खान और उसके साथियों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।
12
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: तृणमूल कांग्रेस की सांसद नुसरत जहां (Nusrat Jahan) और मिमी चक्रवर्ती (Mimi Chakraborty) आज संसद के बाहर अपना आपा खो बैठीं. दरअसल, बयान और तस्‍वीरों के लिए मीडियाकर्मियों की धक्‍कामुक्‍की से दोनों बेहद नाराज हो गईं थीं.  एएनआई के मुताबिक एक्‍टर से नेता बनीं दोनों सांसदों ने पहले तो आराम से फोटो खिंचवाई, लेकिन जब वे मीडियाकर्मियों की भीड़ और धक्‍कामुक्‍की की वजह से आगे नहीं पड़ पाईं तो दोनों काफी असहज महसूस करने लगीं. एक समय ऐसा आया जब नुसरत ने अपनी दोस्‍त मिमी चक्रवर्ती का बचाव करने के लिए उन्‍हें बाहें डालकर घेर लिया. नुसरत ने वहां मौजूद मीडियाकर्मियों से कहा, "आप धक्‍का नहीं मार सकते सर, समझिए बात को."  फिर सुरक्षाकर्मियों को उनकी मदद के लिए आगे आना पड़ा ताकि वे अपनी गाड़‍ियों तक पहुंच सकें. बाद में उन्‍होंने मीडिया कर्मियों से कहा कि वे ठीक-ठाक दूरी बनाकर फोटो खींचें.  आपको बता दें कि नुसरत जहां और मिमी चक्रवर्ती पहली बार सांसद बनीं हैं. जहां नुसरत बशीरहाट से चुनाव जीती हैं वहीं मिमी जाधवपुर की सांसद हैं.  दोनों ही नेताओं ने आज संसद में शपथ ली. दरअसल, अपनी शादी की वजह से नुसरत पहले शपथ नहीं ले पाईं थीं. उनकी दोस्‍त और सांसद भी शादी में शरीक हुईं थीं, जिसके चलते वह भी शपथ ग्रहण समारोह में शरीक नहीं हो पाईं थीं.
संक्षिप्त पाठ: संसद के बाहर नुसरत जहां और मि‍मी चक्रवर्ती आपा खो बैठीं दोनों मीडियाकर्मियों की धक्‍का-मुक्‍की से परेशान हो गईं थीं इससे पहले दोनों ने मंगलवार को संसद में शपथ ली
14
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: हरियाणा के अरावली क्षेत्र में निर्माण की इजाजत देने वाले संशोधित कानून के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा सरकार को कड़ी चेतावनी दी है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अरावली हिल्स या फॉरेस्ट एरिया को अगर कोई नुकसान हुआ तो हरियाणा सरकार गंभीर परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहे. सुप्रीम कोर्ट को हरियाणा सरकार ने पंजाब लैंड प्रिजर्वेशन (हरियाणा संशोधन अधिनियम 2019) एक्ट (पीएलपीए)  की कॉपी सौंपी है. सुप्रीम कोर्ट अप्रैल में मामले की सुनवाई करेगा. पिछली सुनवाई में हरियाणा सरकार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा था. सुप्रीम कोर्ट ने अरावली क्षेत्र में निर्माण की इजाजत देने वाले संशोधित कानून के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी थी. इतना ही नहीं अरावली क्षेत्र में किसी भी तरह के निर्माण पर रोक के सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अनदेखी करने के लिए हरियाणा सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए न्यायालय की अवमानना की चेतावनी भी दी गई थी.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: कोर्ट ने संशोधित कानून के क्रियान्वयन पर रोक लगा रखी है हरियाणा ने पंजाब लैंड प्रिजर्वेशन एक्ट की कॉपी सौंपी सुप्रीम कोर्ट अप्रैल में मामले की सुनवाई करेगा
19
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) पूर्व संचार मंत्री ए. राजा, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) की सांसद कनिमोई तथा अन्य 15 अभियुक्तों के खिलाफ शनिवार को आरोप तय करेगी। ज्ञात हो कि 14 अक्टूबर को सीबीआई के विशेष न्यायाधीश ओपी सैनी ने फैसला 22 अक्टूबर तक सुरक्षित कर लिया था। आरोप तय करने की प्रक्रिया के तहत अदालत ने फैसला लिया कि जिन आरोपियों के खिलाफ प्रथम दृष्टया पर्याप्त सबूत हैं उन पर आरोप तय किए जाएं। इससे पूर्व, विशेष सरकारी वकील यूयू ललित ने सभी 17 अभियुक्तों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता के तहत विश्वास तोड़ने का अतिरिक्त आरोप लगाने की दलील पेश की थी जिस पर अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। इसके अगले दिन इस मामले की निगरानी कर रही सर्वोच्च न्यायालय की खंडपीठ ने सीबीआई से पूछा था कि आरोप तय किए बिना अभियुक्तों को कितने दिन जेल में रखा जाएगा। खंडपीठ ने गौर किया कि 2जी मामले के आरोपी सात महीने से सलाखों के पीछे हैं, जबकि सीबीआई की अदालत ने अभी तक आरोप तय करने के सम्बंध में कोई निर्णय नहीं लिया है। इस मामले में राजा और कनिमोझी सहित अन्य अभियुक्तों में राजा के पूर्व निजी सचिव आरके चंदोलिया, पूर्व दूरसंचार सचिव सिद्धार्थ बेहुरा और डीएमके द्वारा संचालित कलैगनार टीवी के प्रमुख शरद कुमार शामिल हैं। इनके अलावा बॉलीवुड फिल्म निर्माता करीम मोरानी, स्वान टेलीकॉम के प्रमोटर शाहिद उस्मान बलवा, उनका रिश्तेदार आसिफ बलवा, उनके सहयोगी राजीव बी. अग्रवाल तथा यूनिटेक लिमिटेड के प्रबंध निदेशक संजय चंद्रा भी अभियुक्त हैं। सीबीआई इससे पहले राजा एवं अन्य के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है जिसमें कहा गया है कि आपराधिक षड्यंत्र रचकर अपात्र आपरेटरों को स्पेक्ट्रम आवंटित किया गया, जिससे राजकोष को 30,984 करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान है।
यह एक सारांश है: 2जी घोटाले में सीबीआई पूर्व संचार मंत्री ए. राजा, कनिमोई तथा अन्य 15 अभियुक्तों के खिलाफ शनिवार को आरोप तय करेगी।
2
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: थाईलैंड में विटामिन सप्लीमेंट बनाने वाली कंपनी ने सस्ती दरों पर विदेश यात्रा कराने का झांसा देकर हजार से भी ज्यादा लोगों को ठग लिया. ये लोग विमान यात्रा के लिए राजधानी के सुवर्णभूमि हवाईअड्डे पर कंपनी के लोगों के इंतजार में घंटो खड़े रहे लेकिन कंपनी की तरफ से कोई नहीं पहुंचा. इन पर्यटकों ने विदेश यात्रा के लिए 281 डॉलर से लेकर 580 डॉलर तक की रकम चुकाई थी. वेल्थ एवर नाम की एक कंपनी ने उन्हें 13 से 15 अप्रैल तक जापान की यात्रा कराने का झांसा दिया था. बैंकाक पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक जब मंगलवार की रात विदेश यात्रा की आस में बड़ी संख्या में लोग हवाईअड्डे पर पहुंचे तो कंपनी के किसी कर्मी का कोई अता-पता नहीं था, न ही उनके लिए कोई चार्टर फ्लाइट बुक कराई गई थी. समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक कई पर्यटक घंटों इंतजार करते रहे तो कुछ पर्यटक शिकायत दर्ज कराकर लौट गए. कई पर्यटक ऐसे भी थे, जिनके पास वापस लौटने के पैसे तक नहीं थे. टिप्पणियां थाईलैंड की पुलिस कंपनी पर कार्रवाई करने से पहले सबूत जुटा रही है. उपभोक्ता संरक्षण बोर्ड के कार्यालय ने बुधवार को घोषित किया कि वेल्थ एवर ने किसी भी सेवा के लिए पंजीकरण नहीं कराया है. यहां तक कि उसने हेल्थ सप्लिमेंट की बिक्री के लिए भी पंजीकरण नहीं कराया है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) बैंकाक पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक जब मंगलवार की रात विदेश यात्रा की आस में बड़ी संख्या में लोग हवाईअड्डे पर पहुंचे तो कंपनी के किसी कर्मी का कोई अता-पता नहीं था, न ही उनके लिए कोई चार्टर फ्लाइट बुक कराई गई थी. समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक कई पर्यटक घंटों इंतजार करते रहे तो कुछ पर्यटक शिकायत दर्ज कराकर लौट गए. कई पर्यटक ऐसे भी थे, जिनके पास वापस लौटने के पैसे तक नहीं थे. टिप्पणियां थाईलैंड की पुलिस कंपनी पर कार्रवाई करने से पहले सबूत जुटा रही है. उपभोक्ता संरक्षण बोर्ड के कार्यालय ने बुधवार को घोषित किया कि वेल्थ एवर ने किसी भी सेवा के लिए पंजीकरण नहीं कराया है. यहां तक कि उसने हेल्थ सप्लिमेंट की बिक्री के लिए भी पंजीकरण नहीं कराया है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक कई पर्यटक घंटों इंतजार करते रहे तो कुछ पर्यटक शिकायत दर्ज कराकर लौट गए. कई पर्यटक ऐसे भी थे, जिनके पास वापस लौटने के पैसे तक नहीं थे. टिप्पणियां थाईलैंड की पुलिस कंपनी पर कार्रवाई करने से पहले सबूत जुटा रही है. उपभोक्ता संरक्षण बोर्ड के कार्यालय ने बुधवार को घोषित किया कि वेल्थ एवर ने किसी भी सेवा के लिए पंजीकरण नहीं कराया है. यहां तक कि उसने हेल्थ सप्लिमेंट की बिक्री के लिए भी पंजीकरण नहीं कराया है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) थाईलैंड की पुलिस कंपनी पर कार्रवाई करने से पहले सबूत जुटा रही है. उपभोक्ता संरक्षण बोर्ड के कार्यालय ने बुधवार को घोषित किया कि वेल्थ एवर ने किसी भी सेवा के लिए पंजीकरण नहीं कराया है. यहां तक कि उसने हेल्थ सप्लिमेंट की बिक्री के लिए भी पंजीकरण नहीं कराया है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
थाईलैंड में सस्ते में विदेश भेजने के नाम पर हजारों लोगों को ठगा विटामिन सप्लीमेंट बनाने वाली कंपनी ने विदेश यात्रा कराने का झांसा दिया हवाईअड्डे पर कंपनी का कोई कर्मचारी नहीं मिला
28
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भूकम्प और सुनामी के कारण क्षतिग्रस्त हुए जापान के परमाणु विद्युत संयंत्र के रिएक्टरों को कर्मचारी शनिवार को विद्युत ग्रिड से जोड़ने में सफल हो गए। कर्मचारी रिएक्टरों में बंद बड़ी प्रशीतक प्रणाली को बहाल में करने में जुटे हैं। समाचार एजेंसी जीजी ने सरकार के परमाणु सुरक्षा आयोग के हवाले से बताया कि फुकुशिमा परमाणु विद्युत संयंत्र के रिएक्टर संख्या एक और दो में रविवार तक विद्युत की आपूर्ति शुरू होने की उम्मीद जताई गई है। समाचार एजेंसी क्योडो के अनुसार टोक्यो इलेक्ट्रिक पॉवर कम्पनी (टेप्को) ने चेतावनी दी है कि विद्युत की आपूर्ति के बाद प्रशीतक प्रणाली को दोबारा से चालू करने में समय लगेगा, क्योंकि फुकुशिमा संयंत्र में लगे उपकरणों की जांच जरूरी है। ज्ञात हो कि 11 मार्च को इस तटीय संयंत्र के सुनामी की चपेट में आने के बाद से ही रिएक्टरों की प्रशीतक प्रणालियां ठप हैं, जिसके कारण रिएक्टरों में तापमान और दबाव बढ़ गया। इस कारण संयंत्र में रिएक्टरों के पिघलने का खतरा पैदा हो गया। इसके पहले क्योडो न्यूज एजेंसी के अनुसार टेप्को ने कहा है कि रिएक्टर संख्या-5 और रिएक्टर संख्या-6 में एक डीजल जनरेटर के जरिए बिजली पहुंच गई है, और रिएक्टर संख्या-2 से एक अस्थायी उपकेंद्र तक केबल बिछाए जा रहे हैं, जहां शुक्रवार को ही बिजली पहुंच गई थी। संयंत्र में रिएक्टरों पर और इस्तेमाल ईंधन के भंडार पर शनिवार को तीसरे दिन भी पानी का छिड़काव किया गया, ताकि तापमान नीचे आ सके। रिएक्टर संख्या-3 के लिए 90 टन पानी भेजा गया था।
यहाँ एक सारांश है:भूकम्प और सुनामी के कारण क्षतिग्रस्त हुए जापान के परमाणु विद्युत संयंत्र के रिएक्टरों को कर्मचारी शनिवार को विद्युत ग्रिड से जोड़ने में सफल हो गए।
12
['hin']
एक सारांश बनाओ: पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए चुनाव आयोग ने तारीखों का ऐलान कर दिया है. मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी ने मीडिया को संबोधित करते हुए यह जानकारी दी.टिप्पणियां नसीम जैदी ने बताया कि पंजाब में विधानसभा की कुल 117 सीटों के लिए चुनाव होगा. इसके लिए 11 जनवरी को नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा. जैदी ने बताया कि पंजाब में नामांकन के लिए अंतिम तारीख 18 जनवरी रहेगी. इसके साथ ही नामांकन के परीक्षण की अंतिम तारीख 19 जनवरी है. इस तारीख तक सभी की जांच कर ली जाएगी. चुनाव आयोग ने बताया कि नामांकन वापस लेने के लिए पंजाब में अंतिम तारीख 21 जनवरी होगी. इसके बाद 4 फरवरी 2017 शनिवार के दिन को मतदान होगा. इस दिन वोटर मतदान केंद्रों पर जाकर अपने मत का प्रयोग कर सकेंगे.   जानकारी के लिए बता दें कि वर्तमान में पंजाब विधानसभा में 117 सीटों में शिरोमणि अकाली दल के पास 59 सीटें हैं. वहीं, बीजेपी के पास 12 सीटें हैं. कांग्रेस के 42 सदस्य हैं और 1 निर्दलीय सदस्य है. फिलहाल विधानसभा में 3 सीटें खाली हैं. नसीम जैदी ने बताया कि पंजाब में विधानसभा की कुल 117 सीटों के लिए चुनाव होगा. इसके लिए 11 जनवरी को नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा. जैदी ने बताया कि पंजाब में नामांकन के लिए अंतिम तारीख 18 जनवरी रहेगी. इसके साथ ही नामांकन के परीक्षण की अंतिम तारीख 19 जनवरी है. इस तारीख तक सभी की जांच कर ली जाएगी. चुनाव आयोग ने बताया कि नामांकन वापस लेने के लिए पंजाब में अंतिम तारीख 21 जनवरी होगी. इसके बाद 4 फरवरी 2017 शनिवार के दिन को मतदान होगा. इस दिन वोटर मतदान केंद्रों पर जाकर अपने मत का प्रयोग कर सकेंगे.   जानकारी के लिए बता दें कि वर्तमान में पंजाब विधानसभा में 117 सीटों में शिरोमणि अकाली दल के पास 59 सीटें हैं. वहीं, बीजेपी के पास 12 सीटें हैं. कांग्रेस के 42 सदस्य हैं और 1 निर्दलीय सदस्य है. फिलहाल विधानसभा में 3 सीटें खाली हैं. चुनाव आयोग ने बताया कि नामांकन वापस लेने के लिए पंजाब में अंतिम तारीख 21 जनवरी होगी. इसके बाद 4 फरवरी 2017 शनिवार के दिन को मतदान होगा. इस दिन वोटर मतदान केंद्रों पर जाकर अपने मत का प्रयोग कर सकेंगे.   जानकारी के लिए बता दें कि वर्तमान में पंजाब विधानसभा में 117 सीटों में शिरोमणि अकाली दल के पास 59 सीटें हैं. वहीं, बीजेपी के पास 12 सीटें हैं. कांग्रेस के 42 सदस्य हैं और 1 निर्दलीय सदस्य है. फिलहाल विधानसभा में 3 सीटें खाली हैं.
इसके लिए 11 जनवरी को नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा. नामांकन के लिए अंतिम तारीख 18 जनवरी रहेगी. इसके बाद 4 फरवरी 2017 शनिवार के दिन को मतदान होगा.
26
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: पाकिस्तान के एक पूर्व मंत्री इकबाल हैदर ने कहा कि अरब जगत सहित अमेरिका और उसके सहयोगी देश दक्षिण एशिया को अस्थिर करने के लिए तालिबान आतंकियों को संरक्षण दे रहे हैं। ऐसे में धार्मिक उन्माद उनके देश को अपनी गिरफ्त में ले सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका, उसके सहयोगी देशों का संगठन नाटो, अरब जगत और यहां तक कि पाकिस्तानी सेना तालिबान को धन व हथियार मुहैया करा रही है। हैदर ने यह चेतावनी भी दी कि यदि तालिबान पाकिस्तान को अपनी गिरफ्त में ले लेंगे तो वे भारतीय सीमा पर बैठेंगे और इस देश में वहीं से अपनी गतिविधियां चलाएंगे। रविवार को यहां हुए एक सेमिनार के बाद संवाददाताओं से बातचीत में हैदर ने भारत और पाकिस्तान से अपील की कि वे क्षेत्र से आतंकवाद को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए संयुक्त रणनीति बनाएं। महान्यायवादी और मानवाधिकार आयोग के प्रमुख रह चुके हैदर ने कहा, "मैं इस वजह से चिंतित हूं कि दक्षिण एशिया में आतंकवाद तेजी से फैल रहा है। हम न तो आतंकवाद के खिलाफ जंग छेड़ रहे हैं और न ही हमारी कोई संयुक्त रणनीति है। मुझे भय तालिबान से है और आशंका है कि धार्मिक उन्माद कहीं पाकिस्तान को अपनी गिरफ्त में न ले ले।" पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के पूर्व नेता हैदर ने दावा किया कि अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने यह कहकर आतंकवाद को संरक्षण देने की खता कबूल कर ली है कि उनकी जंग सिर्फ अल कायदा के खिलाफ था। उन्होंने कहा, "अमेरिका की तालिबान के साथ जंग नहीं है। उन्होंने तालिबान को वजूद में आने दिया और सीआईए के समर्थन से सरकार में उसकी पैठ बनाई।"
सारांश: हैदर ने कहा कि अरब जगत सहित अमेरिका और उसके सहयोगी देश दक्षिण एशिया को अस्थिर करने के लिए तालिबान आतंकियों को संरक्षण दे रहे हैं।
33
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: सीबीआई निदेशक के पद से आलोक वर्मा को हटाने वाले पैनल में शामिल रहे जस्टिस एके सीकरी  (AK Sikri) इस पैनल का हिस्सा नहीं बनना चाहते थे. सूत्रों ने एनडीटीवी को बताया कि जस्टिस सीकरी (Justice Sikri) ने इस बारे में हाईपावर पैनल के दो अन्य सदस्यों पीएम नरेंद्र मोदी और विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे से अपनी अनिच्छा व्यक्त की थी. जस्टिस सीकरी (AK Sikri)  के करीबी सूत्रों ने कहा कि, ''भविष्य में कोई भी जज इस प्रक्रिया का हिस्सा नहीं बनना चाहेगा. सभी इस प्रक्रिया में शामिल होने से बचने की कोशिश करेंगे''. आपको बता दें कि जस्टिस एके सीकरी (AK Sikri)  उस तीन सदस्यीय हाईपावर कमेटी का हिस्सा थे, जिसने सुप्रीम कोर्ट से आंशिक तौर पर राहत मिलने के दो दिनों के भीतर ही सीबीआई निदेशक के पद से आलोक वर्मा को हटा दिया था. इस प्रक्रिया में जस्टिस सीकरी का वोट निर्णायक रहा था. आपको बता दें कि आलोक वर्मा (Alok Verma) को हटाने के बाद मीडिया के कुछ हलकों में ये बात कही गई कि वर्मा के ख़िलाफ़ प्रधानमंत्री के साथ खड़े होने की वजह से जस्टिस सीकरी को फ़ायदा मिला है और सरकार ने उनके एक अंतरराष्ट्रीय ट्राइब्यूनल (CSAT) का हिस्सा बनने के लिए सहमति दे दी है. यह बात सामने आने के बाद विवाद शुरू हो गया. विवाद बढ़ता देख एक दिन पहले ही सुप्रीम कोर्ट के दूसरे सबसे वरिष्ठ जज एके सीकरी ने कॉमनवेल्थ सेक्रेटेरिएट आर्बिट्रल ट्राइब्यूनल (Commonwealth Secretariat Arbitral Tribunal) से अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली. सूत्रों के मुताबिक जस्टिस सीकरी  (Justice AK Sikri) इन ख़बरों से काफ़ी परेशान हैं. उन्होंने विधि सचिव को एक पत्र में लिखा है कि वो हाल की कुछ घटनाओं से काफ़ी दुखी हैं. सूत्रों के मुताबिक उन्होंने लिखा कि मैंने दिसंबर में कॉमनवेल्थ सेक्रेटेरिएट आर्बिट्रल ट्राइब्यूनल के लिए अपनी सहमति दे दी थी और उसके बाद से कोई सुनवाई नहीं की.जस्टिस सीकरी (AK Sikri)  ने कहा कि मुझे बताया गया कि इस काम में प्रशासनिक विवादों का निपटारा करना होता है और उसके लिए कोई नियमित वेतन नहीं है, लेकिन हाल में जिस तरह के विवाद को हवा दी गई और जो घटनाएं हुईं उन्होंने मुझे काफ़ी दुखी कर दिया है. मैं इस ट्राइब्यूनल में जाने के लिए दी गई अपनी सहमति वापस लेता हूं. कृपया इस प्रस्ताव को आगे ना बढ़ाएं.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पैनल का हिस्सा नहीं बनना चाहते थे जस्टिस सीकरी सूत्रों के मुताबिक, पीएम मोदी और मल्लिकार्जुन खड़गे को दी थी जानकारी इसी हाईपावर पैनल ने आलोक वर्मा को हटाया था
11
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: शिक्षक दिवस (Teachers' Day) भारत में हर साल 5 सितंबर (5 September) को मनाया जाता है. इस दिन स्टूडेंट्स अपने-अपने तरीके से शिक्षकों (Teachers) के प्रति प्यार और सम्मान प्रकट करते हैं. स्टूडेंट्स शिक्षकों को गिफ्ट्स देते हैं. स्कूलों में शिक्षकों के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. जहां भारत में 5 सितंबर को टीचर्स डे (Teachers' Day) मनाया जाता है वहीं, अंतर्राष्ट्रीय टीचर्स डे (International Teachers Day) का आयोजन 5 अक्टूबर को होता है. इसके अलावा कई देशों में अलग-अलग दिन भी शिक्षक दिवस मनाया जाता है. इस दिन कुछ देशों में छुट्टी का दिन रहता है तो कुछ देशों में कोई अवकाश नहीं रहता है. चीन में 10 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है. अमेरिका में मई के पहले पूर्ण सप्ताह के मंगलवार को शिक्षक दिवस सेलीब्रेट किया जाता है. वहीं, थाइलैंड में हर साल 16 जनवरी को राष्ट्रीय शिक्षक दिवस मनाया जाता है.
यहाँ एक सारांश है:शिक्षक दिवस हर साल 5 सितंबर को मनाया जाता है. इस दिन डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती होती है. इस दिन स्टूडेंट्स शिक्षकों को गिफ्ट्स देते हैं.
12
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारत ने पाकिस्तान को एक ऐसा 'असफल राष्ट्र' बताया है जो खुद तो अपने ही लोगों पर अत्याचार करता है, जबकि दूसरों को सहिष्णुता, लोकतंत्र और मानवाधिकार के उपदेश देता है. भारत ने कहा है कि पाकिस्तान को 'जोरदार और स्पष्ट' संदेश मिलना चाहिए कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है. पाकिस्तान के प्रतिक्रिया के अधिकार (आरओआर) के जवाब में भारत ने कहा है कि पाकिस्तान को इस बात का स्पष्टीकरण देना चाहिए कि आतंकवाद की रोकथाम के लिए अरबों डॉलर की मदद मिलने के बावजूद उसकी धरती पर आतंकी ठिकाने कैसे फल-फूल रहे हैं. संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की राजदूत मलीहा लोधी ने भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के सोमवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में संबोधन पर प्रतिक्रिया के अपने अधिकार का इस्तेमाल करते हुए कहा था कि पाकिस्तान स्वराज द्वारा लगाए गए 'सभी निराधार आरोपों को खारिज करता है.' साथ ही उन्होंने जोर देकर कहा था कि कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा कभी भी नहीं था और कभी भी नहीं होगा. मलीहा ने कश्मीर को 'विवादास्पद इलाका बताया, जिसकी अंतिम स्थिति संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के विभिन्न प्रस्तावों के मुताबिक अभी तक तय नहीं की गई है.' लोधी की टिप्पणियों पर भारत के प्रतिक्रिया के अधिकार का इस्तेमाल करते हुए संरा में भारतीय मिशन में प्रथम सचिव ईनम गंभीर ने कहा, 'ऐसा लगता है कि हमारी विदेश मंत्री के आज के संबोधन को पाकिस्तानी राजदूत ने गौर से और साफ-साफ नहीं सुना है.' संयुक्त राष्ट्र में भारतीय मिशन में प्रथम सचिव ईनम गंभीर ने स्वराज के संबोधन को उद्धृत किया कि जम्मू और कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है तथा हमेशा रहेगा और कहा, 'हमें उम्मीद है कि यह संदेश जोरदार और स्पष्ट है.' प्रतिक्रिया के अधिकार में संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की राजदूत मलीहा लोधी ने दावा किया था कि उरी में भारतीय सेना के शिविर पर हुआ हमला और खासतौर पर हमले के लिए चुने गए समय से 'स्पष्ट प्रमाण मिलते हैं कि इसे कश्मीर में भारत के 'अत्याचारों से ध्यान भटकाने' के लिए अंजाम दिया गया है. लोधी ने कहा कि कश्मीर में जारी अशांति का दोष पाकिस्तान पर मढ़ने और अपनी बर्बर हरकतों से ध्यान भटकाने के लिए भारत उरी हमले का इस्तेमाल कर रहा है. उन्होंने कहा, 'अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस बात से भलीभांति अवगत है कि भारत भ्रामक सूचनाओं को फैलाने के अपने सुनियोजित लक्ष्यों को साधने के लिए पहले भी ऐसी घटनाओं को अंजाम दे चुका है.' इससे पहले पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के संयुक्त राष्ट्र महासभा में संबोधन पर भारत के प्रतिक्रिया के अधिकार के जरिये कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए गंभीर ने कहा था कि विश्व ने पाकिस्तान की ओर से 'एक असफल राष्ट्र के विचार सुने है' जो अपने लोगों पर अत्याचार पर अत्याचार किए जा रहा है और दूसरी ओर सहिष्णुता, लोकतंत्र और मानवाधिकार के उपदेश दे रहा है. उन्होंने कहा था, 'हम इन उपदेशों को सिरे से खारिज करते हैं.'टिप्पणियां गंभीर ने कहा कि पाकिस्तानी राजदूत ने कश्मीर में हालात पर अपने प्रतिक्रिया के अधिकार में 'काल्पनिक और भ्रामक प्रस्तुतिकरण' दिया था जो उनके देश द्वारा लगातार किए जा रहे आतंक के निर्यात से अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान भटकाने की एक और कोशिश है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पाकिस्तान के प्रतिक्रिया के अधिकार (आरओआर) के जवाब में भारत ने कहा है कि पाकिस्तान को इस बात का स्पष्टीकरण देना चाहिए कि आतंकवाद की रोकथाम के लिए अरबों डॉलर की मदद मिलने के बावजूद उसकी धरती पर आतंकी ठिकाने कैसे फल-फूल रहे हैं. संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की राजदूत मलीहा लोधी ने भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के सोमवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में संबोधन पर प्रतिक्रिया के अपने अधिकार का इस्तेमाल करते हुए कहा था कि पाकिस्तान स्वराज द्वारा लगाए गए 'सभी निराधार आरोपों को खारिज करता है.' साथ ही उन्होंने जोर देकर कहा था कि कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा कभी भी नहीं था और कभी भी नहीं होगा. मलीहा ने कश्मीर को 'विवादास्पद इलाका बताया, जिसकी अंतिम स्थिति संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के विभिन्न प्रस्तावों के मुताबिक अभी तक तय नहीं की गई है.' लोधी की टिप्पणियों पर भारत के प्रतिक्रिया के अधिकार का इस्तेमाल करते हुए संरा में भारतीय मिशन में प्रथम सचिव ईनम गंभीर ने कहा, 'ऐसा लगता है कि हमारी विदेश मंत्री के आज के संबोधन को पाकिस्तानी राजदूत ने गौर से और साफ-साफ नहीं सुना है.' संयुक्त राष्ट्र में भारतीय मिशन में प्रथम सचिव ईनम गंभीर ने स्वराज के संबोधन को उद्धृत किया कि जम्मू और कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है तथा हमेशा रहेगा और कहा, 'हमें उम्मीद है कि यह संदेश जोरदार और स्पष्ट है.' प्रतिक्रिया के अधिकार में संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की राजदूत मलीहा लोधी ने दावा किया था कि उरी में भारतीय सेना के शिविर पर हुआ हमला और खासतौर पर हमले के लिए चुने गए समय से 'स्पष्ट प्रमाण मिलते हैं कि इसे कश्मीर में भारत के 'अत्याचारों से ध्यान भटकाने' के लिए अंजाम दिया गया है. लोधी ने कहा कि कश्मीर में जारी अशांति का दोष पाकिस्तान पर मढ़ने और अपनी बर्बर हरकतों से ध्यान भटकाने के लिए भारत उरी हमले का इस्तेमाल कर रहा है. उन्होंने कहा, 'अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस बात से भलीभांति अवगत है कि भारत भ्रामक सूचनाओं को फैलाने के अपने सुनियोजित लक्ष्यों को साधने के लिए पहले भी ऐसी घटनाओं को अंजाम दे चुका है.' इससे पहले पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के संयुक्त राष्ट्र महासभा में संबोधन पर भारत के प्रतिक्रिया के अधिकार के जरिये कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए गंभीर ने कहा था कि विश्व ने पाकिस्तान की ओर से 'एक असफल राष्ट्र के विचार सुने है' जो अपने लोगों पर अत्याचार पर अत्याचार किए जा रहा है और दूसरी ओर सहिष्णुता, लोकतंत्र और मानवाधिकार के उपदेश दे रहा है. उन्होंने कहा था, 'हम इन उपदेशों को सिरे से खारिज करते हैं.'टिप्पणियां गंभीर ने कहा कि पाकिस्तानी राजदूत ने कश्मीर में हालात पर अपने प्रतिक्रिया के अधिकार में 'काल्पनिक और भ्रामक प्रस्तुतिकरण' दिया था जो उनके देश द्वारा लगातार किए जा रहे आतंक के निर्यात से अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान भटकाने की एक और कोशिश है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की राजदूत मलीहा लोधी ने भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के सोमवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में संबोधन पर प्रतिक्रिया के अपने अधिकार का इस्तेमाल करते हुए कहा था कि पाकिस्तान स्वराज द्वारा लगाए गए 'सभी निराधार आरोपों को खारिज करता है.' साथ ही उन्होंने जोर देकर कहा था कि कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा कभी भी नहीं था और कभी भी नहीं होगा. मलीहा ने कश्मीर को 'विवादास्पद इलाका बताया, जिसकी अंतिम स्थिति संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के विभिन्न प्रस्तावों के मुताबिक अभी तक तय नहीं की गई है.' लोधी की टिप्पणियों पर भारत के प्रतिक्रिया के अधिकार का इस्तेमाल करते हुए संरा में भारतीय मिशन में प्रथम सचिव ईनम गंभीर ने कहा, 'ऐसा लगता है कि हमारी विदेश मंत्री के आज के संबोधन को पाकिस्तानी राजदूत ने गौर से और साफ-साफ नहीं सुना है.' संयुक्त राष्ट्र में भारतीय मिशन में प्रथम सचिव ईनम गंभीर ने स्वराज के संबोधन को उद्धृत किया कि जम्मू और कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है तथा हमेशा रहेगा और कहा, 'हमें उम्मीद है कि यह संदेश जोरदार और स्पष्ट है.' प्रतिक्रिया के अधिकार में संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की राजदूत मलीहा लोधी ने दावा किया था कि उरी में भारतीय सेना के शिविर पर हुआ हमला और खासतौर पर हमले के लिए चुने गए समय से 'स्पष्ट प्रमाण मिलते हैं कि इसे कश्मीर में भारत के 'अत्याचारों से ध्यान भटकाने' के लिए अंजाम दिया गया है. लोधी ने कहा कि कश्मीर में जारी अशांति का दोष पाकिस्तान पर मढ़ने और अपनी बर्बर हरकतों से ध्यान भटकाने के लिए भारत उरी हमले का इस्तेमाल कर रहा है. उन्होंने कहा, 'अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस बात से भलीभांति अवगत है कि भारत भ्रामक सूचनाओं को फैलाने के अपने सुनियोजित लक्ष्यों को साधने के लिए पहले भी ऐसी घटनाओं को अंजाम दे चुका है.' इससे पहले पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के संयुक्त राष्ट्र महासभा में संबोधन पर भारत के प्रतिक्रिया के अधिकार के जरिये कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए गंभीर ने कहा था कि विश्व ने पाकिस्तान की ओर से 'एक असफल राष्ट्र के विचार सुने है' जो अपने लोगों पर अत्याचार पर अत्याचार किए जा रहा है और दूसरी ओर सहिष्णुता, लोकतंत्र और मानवाधिकार के उपदेश दे रहा है. उन्होंने कहा था, 'हम इन उपदेशों को सिरे से खारिज करते हैं.'टिप्पणियां गंभीर ने कहा कि पाकिस्तानी राजदूत ने कश्मीर में हालात पर अपने प्रतिक्रिया के अधिकार में 'काल्पनिक और भ्रामक प्रस्तुतिकरण' दिया था जो उनके देश द्वारा लगातार किए जा रहे आतंक के निर्यात से अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान भटकाने की एक और कोशिश है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) लोधी की टिप्पणियों पर भारत के प्रतिक्रिया के अधिकार का इस्तेमाल करते हुए संरा में भारतीय मिशन में प्रथम सचिव ईनम गंभीर ने कहा, 'ऐसा लगता है कि हमारी विदेश मंत्री के आज के संबोधन को पाकिस्तानी राजदूत ने गौर से और साफ-साफ नहीं सुना है.' संयुक्त राष्ट्र में भारतीय मिशन में प्रथम सचिव ईनम गंभीर ने स्वराज के संबोधन को उद्धृत किया कि जम्मू और कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है तथा हमेशा रहेगा और कहा, 'हमें उम्मीद है कि यह संदेश जोरदार और स्पष्ट है.' प्रतिक्रिया के अधिकार में संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की राजदूत मलीहा लोधी ने दावा किया था कि उरी में भारतीय सेना के शिविर पर हुआ हमला और खासतौर पर हमले के लिए चुने गए समय से 'स्पष्ट प्रमाण मिलते हैं कि इसे कश्मीर में भारत के 'अत्याचारों से ध्यान भटकाने' के लिए अंजाम दिया गया है. लोधी ने कहा कि कश्मीर में जारी अशांति का दोष पाकिस्तान पर मढ़ने और अपनी बर्बर हरकतों से ध्यान भटकाने के लिए भारत उरी हमले का इस्तेमाल कर रहा है. उन्होंने कहा, 'अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस बात से भलीभांति अवगत है कि भारत भ्रामक सूचनाओं को फैलाने के अपने सुनियोजित लक्ष्यों को साधने के लिए पहले भी ऐसी घटनाओं को अंजाम दे चुका है.' इससे पहले पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के संयुक्त राष्ट्र महासभा में संबोधन पर भारत के प्रतिक्रिया के अधिकार के जरिये कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए गंभीर ने कहा था कि विश्व ने पाकिस्तान की ओर से 'एक असफल राष्ट्र के विचार सुने है' जो अपने लोगों पर अत्याचार पर अत्याचार किए जा रहा है और दूसरी ओर सहिष्णुता, लोकतंत्र और मानवाधिकार के उपदेश दे रहा है. उन्होंने कहा था, 'हम इन उपदेशों को सिरे से खारिज करते हैं.'टिप्पणियां गंभीर ने कहा कि पाकिस्तानी राजदूत ने कश्मीर में हालात पर अपने प्रतिक्रिया के अधिकार में 'काल्पनिक और भ्रामक प्रस्तुतिकरण' दिया था जो उनके देश द्वारा लगातार किए जा रहे आतंक के निर्यात से अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान भटकाने की एक और कोशिश है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) संयुक्त राष्ट्र में भारतीय मिशन में प्रथम सचिव ईनम गंभीर ने स्वराज के संबोधन को उद्धृत किया कि जम्मू और कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है तथा हमेशा रहेगा और कहा, 'हमें उम्मीद है कि यह संदेश जोरदार और स्पष्ट है.' प्रतिक्रिया के अधिकार में संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की राजदूत मलीहा लोधी ने दावा किया था कि उरी में भारतीय सेना के शिविर पर हुआ हमला और खासतौर पर हमले के लिए चुने गए समय से 'स्पष्ट प्रमाण मिलते हैं कि इसे कश्मीर में भारत के 'अत्याचारों से ध्यान भटकाने' के लिए अंजाम दिया गया है. लोधी ने कहा कि कश्मीर में जारी अशांति का दोष पाकिस्तान पर मढ़ने और अपनी बर्बर हरकतों से ध्यान भटकाने के लिए भारत उरी हमले का इस्तेमाल कर रहा है. उन्होंने कहा, 'अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस बात से भलीभांति अवगत है कि भारत भ्रामक सूचनाओं को फैलाने के अपने सुनियोजित लक्ष्यों को साधने के लिए पहले भी ऐसी घटनाओं को अंजाम दे चुका है.' इससे पहले पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के संयुक्त राष्ट्र महासभा में संबोधन पर भारत के प्रतिक्रिया के अधिकार के जरिये कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए गंभीर ने कहा था कि विश्व ने पाकिस्तान की ओर से 'एक असफल राष्ट्र के विचार सुने है' जो अपने लोगों पर अत्याचार पर अत्याचार किए जा रहा है और दूसरी ओर सहिष्णुता, लोकतंत्र और मानवाधिकार के उपदेश दे रहा है. उन्होंने कहा था, 'हम इन उपदेशों को सिरे से खारिज करते हैं.'टिप्पणियां गंभीर ने कहा कि पाकिस्तानी राजदूत ने कश्मीर में हालात पर अपने प्रतिक्रिया के अधिकार में 'काल्पनिक और भ्रामक प्रस्तुतिकरण' दिया था जो उनके देश द्वारा लगातार किए जा रहे आतंक के निर्यात से अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान भटकाने की एक और कोशिश है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) प्रतिक्रिया के अधिकार में संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की राजदूत मलीहा लोधी ने दावा किया था कि उरी में भारतीय सेना के शिविर पर हुआ हमला और खासतौर पर हमले के लिए चुने गए समय से 'स्पष्ट प्रमाण मिलते हैं कि इसे कश्मीर में भारत के 'अत्याचारों से ध्यान भटकाने' के लिए अंजाम दिया गया है. लोधी ने कहा कि कश्मीर में जारी अशांति का दोष पाकिस्तान पर मढ़ने और अपनी बर्बर हरकतों से ध्यान भटकाने के लिए भारत उरी हमले का इस्तेमाल कर रहा है. उन्होंने कहा, 'अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस बात से भलीभांति अवगत है कि भारत भ्रामक सूचनाओं को फैलाने के अपने सुनियोजित लक्ष्यों को साधने के लिए पहले भी ऐसी घटनाओं को अंजाम दे चुका है.' इससे पहले पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के संयुक्त राष्ट्र महासभा में संबोधन पर भारत के प्रतिक्रिया के अधिकार के जरिये कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए गंभीर ने कहा था कि विश्व ने पाकिस्तान की ओर से 'एक असफल राष्ट्र के विचार सुने है' जो अपने लोगों पर अत्याचार पर अत्याचार किए जा रहा है और दूसरी ओर सहिष्णुता, लोकतंत्र और मानवाधिकार के उपदेश दे रहा है. उन्होंने कहा था, 'हम इन उपदेशों को सिरे से खारिज करते हैं.'टिप्पणियां गंभीर ने कहा कि पाकिस्तानी राजदूत ने कश्मीर में हालात पर अपने प्रतिक्रिया के अधिकार में 'काल्पनिक और भ्रामक प्रस्तुतिकरण' दिया था जो उनके देश द्वारा लगातार किए जा रहे आतंक के निर्यात से अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान भटकाने की एक और कोशिश है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) लोधी ने कहा कि कश्मीर में जारी अशांति का दोष पाकिस्तान पर मढ़ने और अपनी बर्बर हरकतों से ध्यान भटकाने के लिए भारत उरी हमले का इस्तेमाल कर रहा है. उन्होंने कहा, 'अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस बात से भलीभांति अवगत है कि भारत भ्रामक सूचनाओं को फैलाने के अपने सुनियोजित लक्ष्यों को साधने के लिए पहले भी ऐसी घटनाओं को अंजाम दे चुका है.' इससे पहले पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के संयुक्त राष्ट्र महासभा में संबोधन पर भारत के प्रतिक्रिया के अधिकार के जरिये कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए गंभीर ने कहा था कि विश्व ने पाकिस्तान की ओर से 'एक असफल राष्ट्र के विचार सुने है' जो अपने लोगों पर अत्याचार पर अत्याचार किए जा रहा है और दूसरी ओर सहिष्णुता, लोकतंत्र और मानवाधिकार के उपदेश दे रहा है. उन्होंने कहा था, 'हम इन उपदेशों को सिरे से खारिज करते हैं.'टिप्पणियां गंभीर ने कहा कि पाकिस्तानी राजदूत ने कश्मीर में हालात पर अपने प्रतिक्रिया के अधिकार में 'काल्पनिक और भ्रामक प्रस्तुतिकरण' दिया था जो उनके देश द्वारा लगातार किए जा रहे आतंक के निर्यात से अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान भटकाने की एक और कोशिश है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इससे पहले पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के संयुक्त राष्ट्र महासभा में संबोधन पर भारत के प्रतिक्रिया के अधिकार के जरिये कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए गंभीर ने कहा था कि विश्व ने पाकिस्तान की ओर से 'एक असफल राष्ट्र के विचार सुने है' जो अपने लोगों पर अत्याचार पर अत्याचार किए जा रहा है और दूसरी ओर सहिष्णुता, लोकतंत्र और मानवाधिकार के उपदेश दे रहा है. उन्होंने कहा था, 'हम इन उपदेशों को सिरे से खारिज करते हैं.'टिप्पणियां गंभीर ने कहा कि पाकिस्तानी राजदूत ने कश्मीर में हालात पर अपने प्रतिक्रिया के अधिकार में 'काल्पनिक और भ्रामक प्रस्तुतिकरण' दिया था जो उनके देश द्वारा लगातार किए जा रहे आतंक के निर्यात से अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान भटकाने की एक और कोशिश है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) गंभीर ने कहा कि पाकिस्तानी राजदूत ने कश्मीर में हालात पर अपने प्रतिक्रिया के अधिकार में 'काल्पनिक और भ्रामक प्रस्तुतिकरण' दिया था जो उनके देश द्वारा लगातार किए जा रहे आतंक के निर्यात से अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान भटकाने की एक और कोशिश है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त सारांश: UN में भारतीय मिशन में प्रथम सचिव ईनम गंभीर ने पाकिस्तान को दिया जवाब पाक को स्पष्ट संदेश मिलना चाहिए कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है : भारत पाकिस्तान बताए कि उसकी धरती पर आतंकी ठिकाने कैसे फल-फूल रहे हैं: गंभीर
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['hin']
एक सारांश बनाओ: जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी (Jamia Millia Islamia University) के छात्रों द्वारा नागरिकता संशोधन कानून (Citizenship Amendment Act) के विरोध में चल रहे आंदोलन में पुलिस और छात्रों के बीच हुई झड़प के बाद बिगड़ते कानून व्यवस्था को लेकर अरविंद केजरीवाल ने चिंता जताई है. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा ट्वीट कर कहा, 'दिल्ली की बिगड़ती क़ानून व्यवस्था को लेकर मैं बहुत चिंतित हूं, दिल्ली में तुरंत शांति बहाल की जाए- इसके लिए गृह मंत्री अमित शाह जी से मिलने का समय मांगा है.' दिल्ली की बिगड़ी क़ानून व्यवस्था को लेकर मैं बहुत चिंतित हूँ। दिल्ली में तुरंत शांति बहाल की जाए- इसके लिए गृह मंत्री अमित शाह जी से मिलने का समय माँगा है। बता दें कि नागरिकता संशोधन कानून का पूर्वोत्तर राज्यों में चल रहा विरोध प्रदर्शन रविवार को दिल्ली में भी हिंसक हो गया. घटना के बाद आम आदमी पार्टी और बीजेपी में आरोप प्रत्यारोप का दौर चल चल रहा है. दिल्ली प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष और सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि जामिया में आग आम आदमी पार्टी ने लगाई है. पूरा वीडियो आ गया है. ओखला के विधायक ने भड़काऊ भाषण दिया था. उसके बाद हिंसा हुई. मनोज तिवारी ने कहा कि छात्रों के साथ जो हुआ है उसकी जांच होनी चाहिए. सभी छात्रों के साथ ऐसा नहीं होना चाहिए. तिवारी ने दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया पर आरोप लगाते हुए कहा था कि उन्होंने पुलिस के आग लगाने का झूठा वीडियो शेयर किया है.
संक्षिप्त पाठ: केजरीवाल ने दिल्ली के कानून व्यवस्था पर चिंता जताई दिल्ली के मुख्यमंत्री करेंगे अमित शाह से मुलाकात दिल्ली में तुरंत शांति बहाल की जाए- केजरीवाल
30
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: गडकरी ने अपने उत्तर के दौरान एक जगह कहा, 'मेरी यह विशेषता है और मैं इसके लिए खुद को भाग्यवान समझता हूं कि हर पार्टी के सांसद कहते हैं कि उनके क्षेत्र में अच्छा काम हुआ है.' जल संसाधन और गंगा संरक्षण मंत्रालय का प्रभार भी संभाल रहे नितिन गडकरी ने उत्तराखंड के चार धामों को जोड़ने वाली परियोजना से संबंधित प्रश्न का जवाब देते हुए गंगा का जिक्र किया और कहा कि प्रयाग में पहली बार गंगा इतनी निर्मल और अविरल है. उन्होंने लोकसभाध्यक्ष से कहा, 'अध्यक्ष महोदया आप एक बार जाकर देखिए कि गंगा के लिए भी कितना काम हुआ है.' इस पर अध्यक्ष महाजन ने कहा कि काम हुआ है और 'हमारा आशीर्वाद आपके साथ है.' मंत्री के जवाब के बाद भाजपा के गणेश सिंह ने लोकसभाध्यक्ष से अनुरोध किया कि गडकरी ने देश में इतना काम किया है, उनके लिए सदन को धन्यवाद प्रस्ताव पारित करना ही चाहिए. इस पर भाजपा के सदस्यों ने मेजें थपथपाकर गडकरी की प्रशंसा की. यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी और सदन में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे सहित अन्य कुछ विपक्षी सदस्यों ने भी मेजें थपथपाकर अपना समर्थन जताया.
यह एक सारांश है: लोकसभा में हुई नितिन गडकरी के काम की तारीफ सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी थपथपाई मेजें सुमित्रा महाजन ने कहा, 'हमारा आशीर्वाद आपके साथ है'
2
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: एक भारतीय सॉफ्टवेयर कंसलटेंट को तीसरी बार अमेरिका की एक अदालत ने विमान में अपनी बराबर की सीट पर बैठी महिला से छेड़छाड़ करने का दोषी ठहराया है।टिप्पणियां 45 वर्षीय श्रीनिवास एस ऐरामिल्ली को शिकागो की एक अदालत में अमेरिकी जिला जज जोआना एच लेफ्को ने 26 अप्रैल 2013 तक बांड पर रिहा कर दिया। हालांकि उसकी सजा लंबित रहेगी। कामकाजी वीजा पर अमेरिका आए ऐरामिल्ली को अधिकतम दो साल की जेल तथा दो लाख, 50 हजार डॉलर का जुर्माना हो सकता है। संयोग है कि उसे पहले भी दो बार इसी प्रकार के अपराधों के लिए दोषी ठहराया जा चुका है। 45 वर्षीय श्रीनिवास एस ऐरामिल्ली को शिकागो की एक अदालत में अमेरिकी जिला जज जोआना एच लेफ्को ने 26 अप्रैल 2013 तक बांड पर रिहा कर दिया। हालांकि उसकी सजा लंबित रहेगी। कामकाजी वीजा पर अमेरिका आए ऐरामिल्ली को अधिकतम दो साल की जेल तथा दो लाख, 50 हजार डॉलर का जुर्माना हो सकता है। संयोग है कि उसे पहले भी दो बार इसी प्रकार के अपराधों के लिए दोषी ठहराया जा चुका है। कामकाजी वीजा पर अमेरिका आए ऐरामिल्ली को अधिकतम दो साल की जेल तथा दो लाख, 50 हजार डॉलर का जुर्माना हो सकता है। संयोग है कि उसे पहले भी दो बार इसी प्रकार के अपराधों के लिए दोषी ठहराया जा चुका है।
सारांश: एक भारतीय सॉफ्टवेयर कंसलटेंट को तीसरी बार अमेरिका की एक अदालत ने विमान में अपनी बराबर की सीट पर बैठी महिला से छेड़छाड़ करने का दोषी ठहराया है।
33
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: राजनैतिक फिल्मों के दौर में 'गैंग्स ऑफ वासेपुर (Gangs of Wasseypur)' फेम राइटरज-एक्टर जीशान कादरी (Zeishan Quadri) भी कुछ अनोखा लेकर आ रहे हैं. मध्य प्रदेश की राजनीति को हिलाकर रख देने वाले व्यापम घोटाले (Vyapam Scam) पर बॉलीवुड की नजर पड़ गई है और अब व्यापम घोटाले का जिन्न फिर से बाहर आने वाला है. अरे कोई कार्रवाई होने नहीं जा रही है बल्कि जीशान कादरी व्यापम घोटाले पर एक फिल्म बनाने जा रहे हैं. 'गैंग्स ऑफ वासेपुर (Gangs of Wasseypur)' में डेफिनेट खान का किरदार निभाने वाले जीशान कादरी (Zeishan Quadri) ने फिल्म के डायरेक्टर और कास्ट का भी ऐलान कर दिया है. इस तरह व्यापम घोटाला (Vyapam Scam) फिर से सुर्खियों में आने वाला है.  जीशान कादरी (Zeishan Quadri) ने बताया कि फिल्म को व्यापम घोटाले की पृष्ठभूमि में रचा जाएगा. फिल्म का नाम 'हलाहल' रखा गया है जो व्यापम घोटाले से प्रेरित है. जीशान कादरी ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, 'पहले इससे मैं राइटर के तौर पर जुड़ा था. फिर मैंने उनसे प्रोडक्शन करने के लिए भी कहा और वो तैयार हो गए. फिल्म कॉन्सेप्ट मेरा है और इसके लेखक जिब्रान नूरानी है.' फिल्म को रणदीप झा डायरेक्ट कर रहे हैं.  जीशान कादरी (Zeishan Quadri) से यह पूछे जाने पर कि क्या फिल्म व्यापम घोटाले से जुड़ी सच्ची घटनाओं पर आधारित है. तो जीशान कहते हैं, 'फिल्म की कहानी व्यापम की पृष्ठभूमि पर आधारित है. फिल्म की कहानी पिता (सचिन खेड़ेकर) और बरुण सोबती को पुलिस अफसर के किरदार में देखा जाएगा. यह थ्रिलर फिल्म है. यह स्टोरी फिक्शनल है लेकिन पृष्ठभूमि असली है.' फिल्म की शूटिंग उत्तर प्रदेश के अमरोहा में चल रही है और इसके मार्च के अंत तक खत्म हो जाने की उम्मीद है. एक्टर विजय श्रीवास्तव भ्रष्ट मंत्री का किरादर निभा रहे हैं.
व्यापम घोटाले पर बनने जा रही है फिल्म जीशान कादरी हैं फिल्म के प्रोड्यूसर 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' फेम एक्टर हैं जीशान
6
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: डीबीएस बैंक इंडिया ने वित्त वर्ष 2011-12 के दौरान 335.5 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया है जो इससे पिछले वित्त वर्ष में हुए शुद्ध लाभ के मुकाबले 164 प्रतिशत अधिक है।टिप्पणियां बैंक को 2010-11 में 127.2 करोड रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था। बैंक ने कहा कि समीक्षाधीन अवधि में उसकी कुल आय 86 प्रतिशत बढ़कर 1,063.2 करोड़ रुपये पहुंच गई जो वित्त वर्ष 2010-11 में 571.2 करोड़ रुपये थी। डीबीएस बैंक इंडिया के मुख्य कार्यकारी संजीव भसीन ने कहा, ‘‘ हमने अपनी रणनीति को गंभीरता से लागू करते हुए उत्साहजनक नतीजे हासिल किए। हमारा निष्पादन व्यापक रहा और कारोबार के सभी वर्गों में बढ़ोतरी दर्ज की गई।’’ बैंक को 2010-11 में 127.2 करोड रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था। बैंक ने कहा कि समीक्षाधीन अवधि में उसकी कुल आय 86 प्रतिशत बढ़कर 1,063.2 करोड़ रुपये पहुंच गई जो वित्त वर्ष 2010-11 में 571.2 करोड़ रुपये थी। डीबीएस बैंक इंडिया के मुख्य कार्यकारी संजीव भसीन ने कहा, ‘‘ हमने अपनी रणनीति को गंभीरता से लागू करते हुए उत्साहजनक नतीजे हासिल किए। हमारा निष्पादन व्यापक रहा और कारोबार के सभी वर्गों में बढ़ोतरी दर्ज की गई।’’ डीबीएस बैंक इंडिया के मुख्य कार्यकारी संजीव भसीन ने कहा, ‘‘ हमने अपनी रणनीति को गंभीरता से लागू करते हुए उत्साहजनक नतीजे हासिल किए। हमारा निष्पादन व्यापक रहा और कारोबार के सभी वर्गों में बढ़ोतरी दर्ज की गई।’’
संक्षिप्त सारांश: डीबीएस बैंक इंडिया ने वित्त वर्ष 2011-12 के दौरान 335.5 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया है जो इससे पिछले वित्त वर्ष में हुए शुद्ध लाभ के मुकाबले 164 प्रतिशत अधिक है।
29
['hin']
एक सारांश बनाओ: लोकसभा चुनाव 2019 को लेकर दिल्ली में आम आदमी पार्टी (AA)) और कांग्रेस के बीच गठबंधन को लेकर माथापच्ची जारी है. कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच गठबंधन होगा या नहीं, इस पर दोनों ओर से मंथन हो रहा है. सूत्रों की मानें तो आम आदमी पार्टी शुरू से कांग्रेस के साथ गठबंधन के मुड में रही है, मगर कांग्रेस की दिल्ली टीम नहीं चाहती कि अरविंद केजरीवाल की पार्टी के साथ लोकसभा चुनाव में गठबंधन हो. यही वजह है कि काफी मान-मनौव्वल के बाद आम आदमी पार्टी ने बीते दिनों दिल्ली की 6 लोकसभा सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया. हालांकि, आम आदमी पार्टी ने गठबंधन के दरवाजे को बंद नहीं किया है. आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस के साथ गठबंधन के लिए दो फॉर्मूला सुझाया है और अगर इन फॉर्मूला पर नजर डालें तो एक तरह से यह अब सौदेबाजी है. सूत्रों की मानें तो अब आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस को गठबंधन के लिए दो फॉर्मूला सुझाया है. अब अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी सीटों का सौदा करने के मुड में है. आम आदमी पार्टी के पहले फॉर्मूला के तहत AAP चाहती है कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी 6 सीटों पर लड़े और कांग्रेस महज एक पर. इस सूरत में आम आदमी पार्टी फिर कहीं चुनाव नहीं लड़ेगी, जहां कांग्रेस होगी. वहीं दूसरे फॉर्मूला के तहत आम आदमी पार्टी का कहना है कि अगर दिल्ली में कांग्रेस को ज्यादा सीटें चाहिए तो उसे पंजाब, हरियाणा जैसे राज्यों में सीट देकर इसकी भरपाई करनी होगी.  सूत्रों के इस दावे की पुष्टि इस बात से भी होती है क्योंकि आम आदमी पार्टी ने दिल्ली की 7 लोकसभा सीटों में से अब तक 6 पर ही अपने उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया है. उन्होंने अभी तक एक सीट पर अपना पत्ता नहीं खोला है. माना जा जा रहा है कि आम आदमी पार्टी अब भी यह मानती है कि अगर कांग्रेस से साथ गठबंधन हो जाए तो उसके लिए यही सातवां सीट छोड़ दिया जाए.  इधर, मंगलवार को दिल्ली में आम आदमी पार्टी के साथ कांग्रेस के गठबंधन को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बैठक बुलाई है. बताया जा रहा है कि राहुल गांधी आज दोपहर 12 बजे कांग्रेस नेताओं की बैठक बुलाई है और इस बैठक में कांग्रेस के कई नेता शामिल होंगे. माना जा रहा है कि संभव है राहुल गांधी आज बैठक के बाद दिल्ली में आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन पर फैसला ले लेंगे. सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस आलाकमान दिल्ली में आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन चाहता है जबकि कांग्रेस की राज्य इकाई गठबंधन के पक्ष में नहीं है.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: AAP और कांग्रेस में गठबंधन पर राहुल गांधी आज करेंगे बैठक. आम आदमी पार्टी ने दो फॉर्मूला सुझाया है. कांग्रेस को अब तय करना है कि वह आप की बात मानती है या नहीं.
32
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान के दक्षिणी कराची शहर में स्थित जुआघर में हुए एक शक्तिशाली बम विस्फोट में 19 व्यक्तियों की मौत हो गई और करीब 45 अन्य घायल हो गए। सिंध प्रांत के स्वास्थ्य मंत्री सगीर अहमद ने मरने वालों की संख्या 16 बताई लेकिन टेलीविजन चैनल एक्सप्रेस ने कहा कि इस विस्फोट में 19 लोग मारे गए हैं। क्षेत्र के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी इकबाल महमूद ने संवाददाताओं से कहा कि प्रारंभिक जांच में इस बात के संकेत मिलते हैं कि जाहिद अपार्टमेंट्स के बदमाशों ने मेज के नीचे विस्फोटक लगाया था। उन्होंने कहा, ऐसा लगता है कि जो बम फटा उसमें से निकले छर्रे से अधिकतर व्यक्ति मारे गए। प्रारंभिक रिपोर्ट में कहा गया था कि सशस्त्र बदमाश क्लब में घुसे और हैंड ग्रेन्रेड और अन्य विस्फोटक फेंके जिससे इतने लोगों की मौत हुई और इतना व्यापक नुकसान हुआ लेकिन शहर के पुलिस प्रमुख फयाज लेघारी ने संवाददाताओं को बताया कि यह हमला अंदर बम विस्फोट के बाद हुआ।
कराची शहर में स्थित जुआघर में हुए एक शक्तिशाली बम विस्फोट में 19 व्यक्तियों की मौत हो गई और करीब 45 अन्य घायल हो गए।
28
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कॉफी की खुशबू से ही ज्वॉइंट एंट्रेंस मैनेजमेंट एप्टीट्यूड टेस्ट (JEMAT) के विश्लेषण से संबंधित पार्ट में बेहतर प्रदर्शन करने में मदद मिल सकती है. ये दावा एक स्टडी में किया गया है. स्टडी का नेतृत्व  'स्टीवंस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी' के प्रोफेसर एड्रियाना मजहारोव ने किया था. JEMAT बिजनेस स्कूलों में ए़डमिशन के लिए कराई जाने वाली एक 'कंप्यूटर बेस्ड परीक्षा' है. इस स्टडी में ना केवल खुशबू की ताकत को रेखांकित किया गया है बल्कि इससे होने वाली ज्ञान संबंधी वृद्धि से विश्लेषण से संबंधित कार्य को करने में मिलने वाली मदद का भी जिक्र किया गया है.UPSC Mains Exam 2018: यूपीएससी मेन्‍स क्रैक करने के लिए अपनाएं ये 5 टिप्‍स, जरूर मिलेगी सक्‍सेस मजहारोव ने कहा, 'सिर्फ इतना नहीं है कि कॉफी जैसी खुशबू से लोगों को विश्लेषणात्मक कार्यों को बेहतर करने में मदद मिलती है, जो कि पहले ही काफी रोचक हैं. लेकिन इससे वे यह भी सोचते हैं कि वे बेहतर कर पाएंगे.' JNU में अनिवार्य अटेंडेंस पर HC ने कहा, अंतिम फैसले तक विश्वविद्यालय ना उठाए बड़ा कदमटिप्पणियां उन्होंने कहा कि हमने स्टडी में पाया कि कॉफी बेहतर प्रदर्शन के लिए काफी मददगार है. यह स्टडी 'जनरल ऑफ एनवायरमेंटल साइकोलॉजी' में प्रकाशित हुई थी.   UPSC Mains Exam 2018: यूपीएससी मेन्‍स क्रैक करने के लिए अपनाएं ये 5 टिप्‍स, जरूर मिलेगी सक्‍सेस मजहारोव ने कहा, 'सिर्फ इतना नहीं है कि कॉफी जैसी खुशबू से लोगों को विश्लेषणात्मक कार्यों को बेहतर करने में मदद मिलती है, जो कि पहले ही काफी रोचक हैं. लेकिन इससे वे यह भी सोचते हैं कि वे बेहतर कर पाएंगे.' JNU में अनिवार्य अटेंडेंस पर HC ने कहा, अंतिम फैसले तक विश्वविद्यालय ना उठाए बड़ा कदमटिप्पणियां उन्होंने कहा कि हमने स्टडी में पाया कि कॉफी बेहतर प्रदर्शन के लिए काफी मददगार है. यह स्टडी 'जनरल ऑफ एनवायरमेंटल साइकोलॉजी' में प्रकाशित हुई थी.   मजहारोव ने कहा, 'सिर्फ इतना नहीं है कि कॉफी जैसी खुशबू से लोगों को विश्लेषणात्मक कार्यों को बेहतर करने में मदद मिलती है, जो कि पहले ही काफी रोचक हैं. लेकिन इससे वे यह भी सोचते हैं कि वे बेहतर कर पाएंगे.' JNU में अनिवार्य अटेंडेंस पर HC ने कहा, अंतिम फैसले तक विश्वविद्यालय ना उठाए बड़ा कदमटिप्पणियां उन्होंने कहा कि हमने स्टडी में पाया कि कॉफी बेहतर प्रदर्शन के लिए काफी मददगार है. यह स्टडी 'जनरल ऑफ एनवायरमेंटल साइकोलॉजी' में प्रकाशित हुई थी.   JNU में अनिवार्य अटेंडेंस पर HC ने कहा, अंतिम फैसले तक विश्वविद्यालय ना उठाए बड़ा कदमटिप्पणियां उन्होंने कहा कि हमने स्टडी में पाया कि कॉफी बेहतर प्रदर्शन के लिए काफी मददगार है. यह स्टडी 'जनरल ऑफ एनवायरमेंटल साइकोलॉजी' में प्रकाशित हुई थी.   उन्होंने कहा कि हमने स्टडी में पाया कि कॉफी बेहतर प्रदर्शन के लिए काफी मददगार है. यह स्टडी 'जनरल ऑफ एनवायरमेंटल साइकोलॉजी' में प्रकाशित हुई थी.
संक्षिप्त सारांश: जीमैट की परीक्षा पास करने में कॉफी की खुशबू मददगार हो सकती है. यह स्टडी 'जनरल ऑफ एनवायरमेंटल साइकोलॉजी' में प्रकाशित है. JEMAT बिजनेस स्कूलों में ए़डमिशन के लिए कराई जाने वाली परीक्षा है.
10
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: वित्तमंत्री प्रणव मुखर्जी ने भारत में बुनियादी ढांचा क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए अमेरिकी निवेशकों को इस क्षेत्र में आने का न्योता दिया है। मुखर्जी ने कहा है कि अमेरिकी निवेशकों के लिए भारत की ढांचागत क्षेत्र की कंपनियों के दीर्घकालिक बांड में निवेश के आकर्षक अवसर है। वे इन्फ्रास्ट्रक्चर डेट फंड के माध्यम से इन बांडों में निवेश कर सकते हैं। इन्फ्रा डेट फंड की यूनिटों के माध्यम से निवेशित धन ढांचागत क्षेत्र की कंपनियों के रिण पत्रों में लगाया जाता है। उन्होंने निवेशकों को इस बात का आकर्षण दिखाया कि देश में दीर्घकालिक ब्याज की दरों पर भरोसा किया जा सकता है। उल्लेखनीय है कि भारत के बुनियादी ढांचा क्षेत्र में 12वीं योजना (2012-17) में 1,000 अरब डॉलर के निवेश की जरूरत का अनुमान लगाया गया है।टिप्पणियां मुखर्जी ने 'फार्च्यून' पत्रिका की 500 शीर्ष कंपनियों की सूची में शामिल चुनिंदा कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक में कहा कि भारत ने बिजली, दूरसंचार, बंदरगाह, हवाई अड्डा, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस जैसे क्षेत्रों में एक पारदर्शी और स्थिर नियामक व्यवस्था स्थापित की है। साथ ही कोयला क्षेत्र के लिए भी नियामक बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि भारत ने हाल में ऋण और शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों की भागीदारी को उदार बनाया है। विदेशी निवेशकों को अब भारतीय शेयर बाजार में सीधे निवेश की अनुमति है। विदेशी निवेशकों की अधिक भागीदारी पर जोर देते हुए वित्तमंत्री ने कहा कि बुनियादी ढांचा क्षेत्र की परियोजनाओं के लिए ऋण की बहुत बड़ी राशि की जरूरत है। उन्होंने बताया कि भारत ने हाल में एक ऐसा तंत्र विकसित किया है, जिससे विदेशी निवेशक बुनियादी ढांचागत क्षेत्र के बांडों निवेश करने वाले सम्पत्ति प्रबंध कोषों की यूनिटों के माध्यम से भारतीय ऋण बाजार में पूंजी लगा सकते हैं। इन्फ्रा डेट फंड की यूनिटों के माध्यम से निवेशित धन ढांचागत क्षेत्र की कंपनियों के रिण पत्रों में लगाया जाता है। उन्होंने निवेशकों को इस बात का आकर्षण दिखाया कि देश में दीर्घकालिक ब्याज की दरों पर भरोसा किया जा सकता है। उल्लेखनीय है कि भारत के बुनियादी ढांचा क्षेत्र में 12वीं योजना (2012-17) में 1,000 अरब डॉलर के निवेश की जरूरत का अनुमान लगाया गया है।टिप्पणियां मुखर्जी ने 'फार्च्यून' पत्रिका की 500 शीर्ष कंपनियों की सूची में शामिल चुनिंदा कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक में कहा कि भारत ने बिजली, दूरसंचार, बंदरगाह, हवाई अड्डा, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस जैसे क्षेत्रों में एक पारदर्शी और स्थिर नियामक व्यवस्था स्थापित की है। साथ ही कोयला क्षेत्र के लिए भी नियामक बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि भारत ने हाल में ऋण और शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों की भागीदारी को उदार बनाया है। विदेशी निवेशकों को अब भारतीय शेयर बाजार में सीधे निवेश की अनुमति है। विदेशी निवेशकों की अधिक भागीदारी पर जोर देते हुए वित्तमंत्री ने कहा कि बुनियादी ढांचा क्षेत्र की परियोजनाओं के लिए ऋण की बहुत बड़ी राशि की जरूरत है। उन्होंने बताया कि भारत ने हाल में एक ऐसा तंत्र विकसित किया है, जिससे विदेशी निवेशक बुनियादी ढांचागत क्षेत्र के बांडों निवेश करने वाले सम्पत्ति प्रबंध कोषों की यूनिटों के माध्यम से भारतीय ऋण बाजार में पूंजी लगा सकते हैं। मुखर्जी ने 'फार्च्यून' पत्रिका की 500 शीर्ष कंपनियों की सूची में शामिल चुनिंदा कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक में कहा कि भारत ने बिजली, दूरसंचार, बंदरगाह, हवाई अड्डा, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस जैसे क्षेत्रों में एक पारदर्शी और स्थिर नियामक व्यवस्था स्थापित की है। साथ ही कोयला क्षेत्र के लिए भी नियामक बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि भारत ने हाल में ऋण और शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों की भागीदारी को उदार बनाया है। विदेशी निवेशकों को अब भारतीय शेयर बाजार में सीधे निवेश की अनुमति है। विदेशी निवेशकों की अधिक भागीदारी पर जोर देते हुए वित्तमंत्री ने कहा कि बुनियादी ढांचा क्षेत्र की परियोजनाओं के लिए ऋण की बहुत बड़ी राशि की जरूरत है। उन्होंने बताया कि भारत ने हाल में एक ऐसा तंत्र विकसित किया है, जिससे विदेशी निवेशक बुनियादी ढांचागत क्षेत्र के बांडों निवेश करने वाले सम्पत्ति प्रबंध कोषों की यूनिटों के माध्यम से भारतीय ऋण बाजार में पूंजी लगा सकते हैं। विदेशी निवेशकों की अधिक भागीदारी पर जोर देते हुए वित्तमंत्री ने कहा कि बुनियादी ढांचा क्षेत्र की परियोजनाओं के लिए ऋण की बहुत बड़ी राशि की जरूरत है। उन्होंने बताया कि भारत ने हाल में एक ऐसा तंत्र विकसित किया है, जिससे विदेशी निवेशक बुनियादी ढांचागत क्षेत्र के बांडों निवेश करने वाले सम्पत्ति प्रबंध कोषों की यूनिटों के माध्यम से भारतीय ऋण बाजार में पूंजी लगा सकते हैं।
संक्षिप्त पाठ: वित्तमंत्री प्रणव मुखर्जी ने भारत में बुनियादी ढांचा क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए अमेरिकी निवेशकों को इस क्षेत्र में आने का न्योता दिया है।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: हरियाणा के हिसार संसदीय क्षेत्र सहित जिन पांच राज्यों की विधानसभा सीटों के लिए 13 अक्टूबर को उपचुनाव के तहत मतदान हुए थे, उनमें से हिसार लोकसभा सीट व तीन विधानसभा सीटों के परिणाम सोमवार को घोषित कर दिए गए। ये चारों परिणाम कांग्रेस के विरुद्ध गए हैं। यही नहीं हिसार में कांग्रेस उम्मीदवार की जमानत तक जब्त हो गई है। जिन राज्यों की विधानसभा सीटों के उपचुनाव परिणाम घोषित हुए हैं, उनमें आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और बिहार शामिल हैं। इनमें से किसी एक पर भी कांग्रेस को सफलता नहीं मिली है। आंध्र प्रदेश की बांसवाड़ा विधानसभा सीट तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस)के खाते में गई है, वहीं महाराष्ट्र की खड़कवासला सीट पर भारतीय जनता पार्टी-शिवसेना उम्मीदवार को कामयाबी मिली है। बिहार की दुरौंधा विधानसभा सीट पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग)का कब्जा बरकरार रहा है। हिसार संसदीय सीट पर हरियाणा जनहित कांग्रेस (एचजेसी) के उम्मीदवार कुलदीप बिश्नोई 355,541 वोट पाकर  विजयी घोषित हुए है। इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के उम्मीदवार अजय चौटाला बिश्नोई से 5,923 मतों से पीछे रहकर दूसरे स्थान पर रहे। जबकि कांग्रेस उम्मीदवार जयप्रकाश अपनी जमानत तक नहीं बचा सके। वह 149,785 वोट पाकर तीसरे स्थान पर रहे। केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने नई दिल्ली में संवाददाताओं से कहा, "चुनावों में पार्टी की हार हमेशा दुखदायी होती है। और हमें इस बात का विश्लेषण करना होगा कि उपचुनाव में हमारी हार क्यों हुई।" हिसार सीट पर उपचुनाव भजन लाल के निधन के कारण कराना पड़ा था। यहां सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे और उनके सहयोगियों ने कांग्रेस के खिलाफ वोट देने की अपील की थी। इस सीट से विजयी भजन लाल के बेटे बिश्नोई ने कहा है कि उनकी जीत से अन्ना का कुछ भी लेना-देना नहीं है। बिश्नोई ने संवाददाताओं से कहा, "मैं इसका श्रेय अपने पिता और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ हुए गठबंधन को दूंगा।" कांग्रेस भी इस बात को खारिज कर रही है कि हिसार उपचुनाव में अन्ना का कोई प्रभाव रहा है। हार का सामना करने वाले कांग्रेस उम्मीदवार जयप्रकाश ने कहा है कि चुनाव परिणाम का अन्ना की अपील से कुछ भी लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा, "जाति का मुद्दा मेरे लिए नुकसानदायक रहा।" कांग्रेस महासचिव बीके हरिप्रसाद ने कहा कि जयप्रकाश की जमानत इसलिए जब्त हुई, क्योंकि कुलदीप के प्रति उनके पिता भजन लाल के निधन कारण लोगों में सहानुभूति थी, और भजन लाल ने विकास कार्य भी किए थे। हरिप्रसाद ने कहा, "अन्ना पक्ष झूठा श्रेय ले रहा है।" दूसरी ओर अन्ना के प्रमुख सहयोगी अरविंद केजरीवाल ने कहा, "कांग्रेस से हमारी कोई दुश्मनी नहीं है।" सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर ने हालांकि कहा कि अन्ना की अपील का असर हुआ है और उन्होंने अपनी बात को सत्यापित करने के लिए जयप्रकाश के खराब वोट प्रतिशत का हवाला दिया। कांग्रेस हिसार में भले ही सहानुभूति की दुहाई दे रही है, लेकिन वह सहानुभूति महाराष्ट्र के खड़कवासला में उसके पक्ष में नहीं दिखाई दी। कांग्रेस-राकांपा ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के विधायक रमेश वांजाले की विधवा हर्षदा वांजाले को इसी सोच के साथ टिकट दिया था, लेकिन राकांपा उम्मीदवार वांजाले भाजपा के भीमराव तपकिर से हार गईं। विधायक रमेश वांजाले का तीन महीने पूर्व निधन हो गया था। जिसके कारण इस सीट पर उपचुनाव की जरूरत पड़ी थी। आंध्र प्रदेश के बांसवाड़ा विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) ने सोमवार को 50,000 मतों के भारी अंतर से जीत दर्ज की। टीआरएस ने यह सीट तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) से छीनी है। तेदेपा ने 2009 के चुनाव में इस सीट पर जीत दर्ज की थी, लेकिन इस बार तेलंगाना के पक्ष में उमड़ी भावनाओं को देखते हुए उसने उपचुनाव में हिस्सा नहीं लिया। टीआरएस उम्मीदवार पी. श्रीनिवास रेड्डी ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी के एस. श्रीनिवास गौड़ के खिलाफ 49,989 मतों से जीत हासिल की। पी. श्रीनिवास रेड्डी 2009 में तेदेपा के टिकट पर इस सीट से विजयी हुए थे। बिहार में सीवान जिले की दरौंदा विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में सतारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की प्रत्याशी कविता सिंह ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के उम्मीदवार परमेश्वर सिंह को 20,000 से ज्यादा मतों से हरा दिया। राजग ने इस सीट पर कब्जा बरकरार रखा है। जहां कांग्रेस के पराजय की गिनती शुरू हो गई है, वहीं भाजपा ने इसे लोकतंत्र की जीत बताया है। भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी ने संवाददाताओं से कहा कि यह लोकतंत्र की जीत है। उन्होंने कहा, "उपचुनाव के परिणाम से स्पष्ट होता है कि देश की जनता ने भ्रष्टाचार और कांग्रेस के खिलाफ वोट दिया है।" जोशी ने कहा, "यह लोकतंत्र की जीत है.. इससे इस बात का भी संकेत मिलता है कि देश में राजनीतिक हवा का रुख क्या है।"
संक्षिप्त पाठ: उपचुनावों में कांग्रेस को करारी हार मिली है लेकिन कांग्रेस इस बात को खारिज कर रही है कि उपचुनावों में अन्ना हजारे का कोई प्रभाव रहा है।
27
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: हम जिसके जितने करीब होते हैं, उसका उतना असर हमारे व्यक्तित्व और सोच पर भी पड़ता है। इसलिए अपने एक्स को भुलाने के लिए ज़रूरी है कि हम खुद में कुछ (अच्छे) बदलाव लाएं, अपना मेकओवर करें- बाहर से भी और अंदर से भी।   ब्रेकअप के बाद अपने एक्स को कॉल, मैसेज करना बंद कीजिये। उन्हें अपने तमाम सोशल मीडिया अकाउंट से अनफ्रेंड/ ब्लॉक कीजिये। ये मत सोचिए कि ब्रेकअप के बाद भी आप दोस्त रह सकते हैं। ऐसा मुमकिन नहीं। अगर आपने ऐसा सोचा, तो इससे आपकी ही परेशानी बढ़ेगी।   गहरे रिश्ते के टूटने के गम से उबर पाना आसान नहीं। अक्सर ऐसा होता है कि तनाव की वजह से लोग खाना-पीना छोड़ देते हैं या ज़रूरत से ज्यादा वसायुक्त खाना खाने लगते हैं। वे खुद को कमरे में बंद कर लेते हैं, बाहर नहीं निकलते, लोगों से बात भी नहीं करते। इन सबका उनके सेहत पर बुरा असर होता है। इसलिए पौष्टिक खाना खाएं और अपने फिटनेस रूटीन पर लौट आइये। याद रखिए, 'पहला सुख निरोगी काया'। इसलिए जब तक आप स्वस्थ नहीं होंगे, मेकओवर का तो सवाल ही नहीं उठता।   ब्रेकअप के बाद लाज़मी है आपके अंदर जज्बातों की सुनामी उमड़ रही हो। लेकिन उसे शांत करने का सबसे बढ़िया तरीका है शॉपिंग करना। ये वाला फॉर्मूला लड़कों पर भी लागू होता है। ब्रेकअप के बाद लोग सबसे पहले अपना लुक बदलते हैं। नए कपड़े, नया हेयरकट, नया स्टाइल आपके ब्रेकओवर में मदद करेगा। ये पूरी प्रक्रिया आपको तनाव मुक्त और 'उनसे' ध्यान भटकाने में मददगार साबित होगी।   ब्रेकअप के बाद कुछ ऐसा करें, जो आपने पहले कभी नहीं किया हो, या करने से डर लगता हो। किसी एडवेंचर स्पोर्ट को ट्राई करें, अकेले बार जाएं, जिम का सबसे 'खतरनाक' एक्सरसाइज़ करें, किसी अजनबी से बात करें। कहने का तात्पर्य है कि आप अपने दायरों को बढ़ाएं। इससे आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा।     आप हमेशा से किस जगह जाना चाहते थे? वहां जाइये। अभी। अगर आपका 'एक्स' आपको वहां जाने से रोकता था, तब तो ज़रूर जाइये। दोस्तों के साथ जाना मुमकिन न हो, तो अकेले जाइये। अपनी सुरक्षा का ख्याल रखें। सोलो ट्रिप की सोच रहे हैं तो परिवारवालों और दोस्तों की भी सलाह ज़रूर लें।   कहते हैं, जो होता है अच्छे के लिए होता है। माना कि आप अपने ब्रेकअप से बेहद दुखी हैं। लेकिन इसका अच्छा पहलू ये है कि इससे आपके अपने फैसलों, कमियों, हसरतों और खूबियों के बारे में सोचने का भरपूर समय मिलेगा।
सारांश: ब्रेकअप के बाद खुद को संभालने का सबसे अच्छा ज़रिया है ब्रेकओवर. ब्रेकअप के बाद भी 'एक्स' से किसी भी तरह संपर्क में रहना बेवकूफी से कम नही याद रखें: जो होता है अच्छे के लिए होता है, ब्रेक अप भी.
20
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: फॉर्च्यून पत्रिका ने दुनिया की सबसे बड़ी 500 कंपनियों की सूची में आठ भारतीय कंपनियों को शामिल किया है। इन कंपनियों में इंडियन ऑयल तथा रिलायंस इंडस्ट्रीज को 100 सबसे बड़ी कंपनियों में रखा गया है। फॉर्च्यून-500 में शामिल आठ भारतीय कंपनियों में से पांच सार्वजनिक क्षेत्र की हैं। इंडियन ऑयल को इसमें 83वां स्थान दिया गया है। पिछले साल यह 98वें पायदान पर थी। मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज को 99वें स्थान पर रखा गया है। वह सूची में 100 सबसे बड़ी कंपनियों में शामिल होने वाली भारत की पहली निजी कंपनी है।टिप्पणियां इस सूची में भारत की टाटा स्टील, टाटा मोटर्स, भारत पेट्रोलियम, हिंदुस्तान पेट्रोलियम, ओएनजीसी तथा एसबीआई शामिल है। सूची में सिटीग्रुप तथा आर्सेलरमित्तल भी है जिनकी बागडोर भारतीय मूल के अधिकारियों के हाथ में है। इस साल की फॉर्च्यून-500 सूची में रायल डच शैल पहले नंबर पर हैं। उसके बाद एक्सान मोबिल, वालमार्ट स्टोर्स, बीपी, सिनोपेक ग्रुप हैं। फॉर्च्यून-500 में शामिल आठ भारतीय कंपनियों में से पांच सार्वजनिक क्षेत्र की हैं। इंडियन ऑयल को इसमें 83वां स्थान दिया गया है। पिछले साल यह 98वें पायदान पर थी। मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज को 99वें स्थान पर रखा गया है। वह सूची में 100 सबसे बड़ी कंपनियों में शामिल होने वाली भारत की पहली निजी कंपनी है।टिप्पणियां इस सूची में भारत की टाटा स्टील, टाटा मोटर्स, भारत पेट्रोलियम, हिंदुस्तान पेट्रोलियम, ओएनजीसी तथा एसबीआई शामिल है। सूची में सिटीग्रुप तथा आर्सेलरमित्तल भी है जिनकी बागडोर भारतीय मूल के अधिकारियों के हाथ में है। इस साल की फॉर्च्यून-500 सूची में रायल डच शैल पहले नंबर पर हैं। उसके बाद एक्सान मोबिल, वालमार्ट स्टोर्स, बीपी, सिनोपेक ग्रुप हैं। मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज को 99वें स्थान पर रखा गया है। वह सूची में 100 सबसे बड़ी कंपनियों में शामिल होने वाली भारत की पहली निजी कंपनी है।टिप्पणियां इस सूची में भारत की टाटा स्टील, टाटा मोटर्स, भारत पेट्रोलियम, हिंदुस्तान पेट्रोलियम, ओएनजीसी तथा एसबीआई शामिल है। सूची में सिटीग्रुप तथा आर्सेलरमित्तल भी है जिनकी बागडोर भारतीय मूल के अधिकारियों के हाथ में है। इस साल की फॉर्च्यून-500 सूची में रायल डच शैल पहले नंबर पर हैं। उसके बाद एक्सान मोबिल, वालमार्ट स्टोर्स, बीपी, सिनोपेक ग्रुप हैं। इस सूची में भारत की टाटा स्टील, टाटा मोटर्स, भारत पेट्रोलियम, हिंदुस्तान पेट्रोलियम, ओएनजीसी तथा एसबीआई शामिल है। सूची में सिटीग्रुप तथा आर्सेलरमित्तल भी है जिनकी बागडोर भारतीय मूल के अधिकारियों के हाथ में है। इस साल की फॉर्च्यून-500 सूची में रायल डच शैल पहले नंबर पर हैं। उसके बाद एक्सान मोबिल, वालमार्ट स्टोर्स, बीपी, सिनोपेक ग्रुप हैं। इस साल की फॉर्च्यून-500 सूची में रायल डच शैल पहले नंबर पर हैं। उसके बाद एक्सान मोबिल, वालमार्ट स्टोर्स, बीपी, सिनोपेक ग्रुप हैं।
यह एक सारांश है: फॉर्च्यून पत्रिका ने दुनिया की सबसे बड़ी 500 कंपनियों की सूची में आठ भारतीय कंपनियों को शामिल किया है। इन कंपनियों में इंडियन ऑयल तथा रिलायंस इंडस्ट्रीज को 100 सबसे बड़ी कंपनियों में रखा गया है।
9
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: निर्देशक अनुराग बासु अपनी फिल्‍म 'बर्फी' के बाद एक बार फिर रणबीर कपूर के साथ लौट रहे हैं. इस फिल्‍म के सुपरहिट होने की उम्‍मीद कर रहे रणबीर कपूर इसके प्रोड्यूसर भी हैं. 'जग्‍गा जासूस' के लिए रणबीर-कैटरीना के फैन्‍स को लंबा इंतजार करना पड़ा है क्‍योंकि यह फिल्‍म 3 सालों के लंबे समय के बाद रिलीज हो रही है. निर्देशक अनुराग बासु की इस फिल्‍म में एक्‍टर गोविंदा कैमियो करते नजर आएंगे.  गौरतलब है कि, रणबीर कपूर और कैटरीना कैफ की जोड़ी पहली बार 2009 में आई फिल्म 'अजब प्रेम की गजब कहानी' में जमी थी. प्रकाश झा की फिल्म राजनीति (2010) में इन्होंने बेहतरीन काम किया है. ऑन-स्क्रीन के साथ रणबीर-कैटरीना की ऑफ-स्क्रीन केमिस्ट्री भी सुर्खियों में बनी रही. कथित तौर पर दोनों लिव-इन रिलेशनशिप में रहते थे. लेकिन 2016 की शुरुआत में इनकी राहें जुदा हो गई. ब्रेकअप के बाद जोड़ी फिल्म 'जग्गा जासूस' से दर्शकों को लोटपोट करने को तैयार है. फिल्म 14 जुलाई को रिलीज हो रही है. गौरतलब है कि, रणबीर कपूर और कैटरीना कैफ की जोड़ी पहली बार 2009 में आई फिल्म 'अजब प्रेम की गजब कहानी' में जमी थी. प्रकाश झा की फिल्म राजनीति (2010) में इन्होंने बेहतरीन काम किया है. ऑन-स्क्रीन के साथ रणबीर-कैटरीना की ऑफ-स्क्रीन केमिस्ट्री भी सुर्खियों में बनी रही. कथित तौर पर दोनों लिव-इन रिलेशनशिप में रहते थे. लेकिन 2016 की शुरुआत में इनकी राहें जुदा हो गई. ब्रेकअप के बाद जोड़ी फिल्म 'जग्गा जासूस' से दर्शकों को लोटपोट करने को तैयार है. फिल्म 14 जुलाई को रिलीज हो रही है.
यहाँ एक सारांश है:एडवेंचर और एंटरटेनमेंट से भरा है फिल्म 'जग्गा जासूस' का ट्रेलर हकलाने की आदत से परेशान, गानों के जरिए बातें कर रहे हैं जग्गा (रणबीर) अनुराग बासु के डायरेक्शन में बनी फिल्म 14 जुलाई को रिलीज होगी
12
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बांग्लादेश सरकार ने देश में भड़की हिंसा के बीच सुरक्षा कड़ी करते हुए अर्धसैनिक बलों को तैनात कर दिया है। विपक्ष के एक शीर्ष इस्लामी नेता को मौत की सजा सुनाए जाने के बाद देश में भड़के दंगों में कम से कम 42 लोग मारे गए हैं। बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) के प्रमुख मेजर जनरल अजीज अहमद ने बताया, प्रशासन की मदद करने के लिए 15 अशांत जिलों में हमारे जवान तैनात किए गए हैं... बीजीबी को अलर्ट पर रखा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर यह कहीं भी जा सके। देश में गुरुवार को उस समय हिंसा भड़क उठी थी, जब जमात-ए-इस्लामी (जेआई) के 73-वर्षीय उपाध्यक्ष दिलावर हुसैन सईदी को अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय ने मौत की सजा सुनाई। 1971 में पाकिस्तान के खिलाफ नौ महीने तक चले बांग्लादेश के स्वतंत्रता संघर्ष के दौरान बलात्कार, नरसंहार और अत्याचार के 20 आरोपों में दिलावर को दोषी पाया गया था।टिप्पणियां इस बीच, एक पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि कानून प्रवर्तन एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं, क्योंकि जमात और सईदी के समर्थकों ने और अधिक प्रदर्शनों की योजना बनाई है। अधिकारियों को आशंका है कि जमात-ए-इस्लामी के कार्यकर्ता जुम्मे की नमाज के दौरान मस्जिदों पर हमले कर सकते हैं। सईदी के खिलाफ फैसले को लेकर एक ओर जहां उसके समर्थक हिंसा पर उतर आए, वहीं 1971 के स्वतंत्रता संघर्ष में भाग ले चुके लोग, युवा और सत्तारूढ़ आवामी लीग के समर्थक ढाका तथा अन्य बड़े शहरों में सड़कों पर निकल आए और खुशी मनाई। हिंसा तब हुई जब फैसले की निंदा कर रहे जमात-ए-इस्लामी के कार्यकर्ता पुलिस से भिड़ गए। इन लोगों ने पुलिस के शिविरों पर हमला किया, हथियार लूट लिए और सत्तारूढ़ आवामी लीग के कार्यालयों को आग लगा दी। बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) के प्रमुख मेजर जनरल अजीज अहमद ने बताया, प्रशासन की मदद करने के लिए 15 अशांत जिलों में हमारे जवान तैनात किए गए हैं... बीजीबी को अलर्ट पर रखा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर यह कहीं भी जा सके। देश में गुरुवार को उस समय हिंसा भड़क उठी थी, जब जमात-ए-इस्लामी (जेआई) के 73-वर्षीय उपाध्यक्ष दिलावर हुसैन सईदी को अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय ने मौत की सजा सुनाई। 1971 में पाकिस्तान के खिलाफ नौ महीने तक चले बांग्लादेश के स्वतंत्रता संघर्ष के दौरान बलात्कार, नरसंहार और अत्याचार के 20 आरोपों में दिलावर को दोषी पाया गया था।टिप्पणियां इस बीच, एक पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि कानून प्रवर्तन एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं, क्योंकि जमात और सईदी के समर्थकों ने और अधिक प्रदर्शनों की योजना बनाई है। अधिकारियों को आशंका है कि जमात-ए-इस्लामी के कार्यकर्ता जुम्मे की नमाज के दौरान मस्जिदों पर हमले कर सकते हैं। सईदी के खिलाफ फैसले को लेकर एक ओर जहां उसके समर्थक हिंसा पर उतर आए, वहीं 1971 के स्वतंत्रता संघर्ष में भाग ले चुके लोग, युवा और सत्तारूढ़ आवामी लीग के समर्थक ढाका तथा अन्य बड़े शहरों में सड़कों पर निकल आए और खुशी मनाई। हिंसा तब हुई जब फैसले की निंदा कर रहे जमात-ए-इस्लामी के कार्यकर्ता पुलिस से भिड़ गए। इन लोगों ने पुलिस के शिविरों पर हमला किया, हथियार लूट लिए और सत्तारूढ़ आवामी लीग के कार्यालयों को आग लगा दी। देश में गुरुवार को उस समय हिंसा भड़क उठी थी, जब जमात-ए-इस्लामी (जेआई) के 73-वर्षीय उपाध्यक्ष दिलावर हुसैन सईदी को अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय ने मौत की सजा सुनाई। 1971 में पाकिस्तान के खिलाफ नौ महीने तक चले बांग्लादेश के स्वतंत्रता संघर्ष के दौरान बलात्कार, नरसंहार और अत्याचार के 20 आरोपों में दिलावर को दोषी पाया गया था।टिप्पणियां इस बीच, एक पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि कानून प्रवर्तन एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं, क्योंकि जमात और सईदी के समर्थकों ने और अधिक प्रदर्शनों की योजना बनाई है। अधिकारियों को आशंका है कि जमात-ए-इस्लामी के कार्यकर्ता जुम्मे की नमाज के दौरान मस्जिदों पर हमले कर सकते हैं। सईदी के खिलाफ फैसले को लेकर एक ओर जहां उसके समर्थक हिंसा पर उतर आए, वहीं 1971 के स्वतंत्रता संघर्ष में भाग ले चुके लोग, युवा और सत्तारूढ़ आवामी लीग के समर्थक ढाका तथा अन्य बड़े शहरों में सड़कों पर निकल आए और खुशी मनाई। हिंसा तब हुई जब फैसले की निंदा कर रहे जमात-ए-इस्लामी के कार्यकर्ता पुलिस से भिड़ गए। इन लोगों ने पुलिस के शिविरों पर हमला किया, हथियार लूट लिए और सत्तारूढ़ आवामी लीग के कार्यालयों को आग लगा दी। इस बीच, एक पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि कानून प्रवर्तन एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं, क्योंकि जमात और सईदी के समर्थकों ने और अधिक प्रदर्शनों की योजना बनाई है। अधिकारियों को आशंका है कि जमात-ए-इस्लामी के कार्यकर्ता जुम्मे की नमाज के दौरान मस्जिदों पर हमले कर सकते हैं। सईदी के खिलाफ फैसले को लेकर एक ओर जहां उसके समर्थक हिंसा पर उतर आए, वहीं 1971 के स्वतंत्रता संघर्ष में भाग ले चुके लोग, युवा और सत्तारूढ़ आवामी लीग के समर्थक ढाका तथा अन्य बड़े शहरों में सड़कों पर निकल आए और खुशी मनाई। हिंसा तब हुई जब फैसले की निंदा कर रहे जमात-ए-इस्लामी के कार्यकर्ता पुलिस से भिड़ गए। इन लोगों ने पुलिस के शिविरों पर हमला किया, हथियार लूट लिए और सत्तारूढ़ आवामी लीग के कार्यालयों को आग लगा दी। सईदी के खिलाफ फैसले को लेकर एक ओर जहां उसके समर्थक हिंसा पर उतर आए, वहीं 1971 के स्वतंत्रता संघर्ष में भाग ले चुके लोग, युवा और सत्तारूढ़ आवामी लीग के समर्थक ढाका तथा अन्य बड़े शहरों में सड़कों पर निकल आए और खुशी मनाई। हिंसा तब हुई जब फैसले की निंदा कर रहे जमात-ए-इस्लामी के कार्यकर्ता पुलिस से भिड़ गए। इन लोगों ने पुलिस के शिविरों पर हमला किया, हथियार लूट लिए और सत्तारूढ़ आवामी लीग के कार्यालयों को आग लगा दी।
यह एक सारांश है: बांग्लादेश सरकार ने देश में भड़की हिंसा के बीच सुरक्षा कड़ी करते हुए अर्धसैनिक बलों को तैनात कर दिया है। विपक्ष के एक शीर्ष इस्लामी नेता को मौत की सजा सुनाए जाने के बाद देश में भड़के दंगों में कम से कम 42 लोग मारे गए हैं।
16
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: वैश्विक बाजारों में तेजी के बीच स्टॉकिस्टों द्वारा लिवाली बढ़ाने से समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने के भाव तीन सप्ताह के उच्चस्तर 27,325 रुपये प्रति दस ग्राम तक जा पहुंचे। बाजार सूत्रों के अनुसार वैश्विक बाजारों में तेजी के बीच सोना 24 जून के बाद 27,000 रुपये की के स्तर को पार कर गया। उन्होंने बताया कि आलोच्य सप्ताह में सोना 5.4 प्रतिशत मजबूत हुआ। जिससे स्टॉकिस्टों ने लिवाली बढ़ा दी। वहीं, औद्योगिक इकाइयों और सिक्का निर्माताओं की मांग के चलते चांदी में भी तेजी का रुख रहा। इस बीच सरकार ने सोने का आयात कम करने के लिए जो कदम उठाए हैं उनका बाजार धारणा पर असर देखा गया। स्थानीय बाजार में सोना 99.9 और 99.5 शुद्ध के भाव मजबूत खुले और तीन सप्ताह के उच्चस्तर क्रमश: 27325 रुपये और 27,125 रुपये प्रति दस ग्राम को छू गए। लेकिन बाद में डॉलर मजबूत होने से इसकी कीमतों कुछ गिरावट आई। सप्ताहांत में इसके भाव गत सप्ताह की तुलना में 625 रुपये की तेजी के साथ क्रमश: 27,250 रुपये और 27,050 रुपये प्रति दस ग्राम बंद हुए। गिन्नी के भाव भी 150 रुपये चढ़कर 24,150 रुपये आठ ग्राम बंद हुए।टिप्पणियां मजबूत रुख की बीच चांदी तैयार के भाव 41750 रुपये तक चढ़ने के बाद सप्ताह में 980 रुपये की तेजी के साथ 41,410 रुपये किलो बंद हुए। इसी प्रकार चांदी साप्ताहिक डिलीवरी के भाव 1190 रुपये की तेजी के साथ 41,460 रुपये किलो बंद हुए। चांदी सिक्का के भाव 1000 रुपये की तेजी के साथ सप्ताहांत में 79000:80,000 रुपये प्रति सैकड़ा बंद हुए। बाजार सूत्रों के अनुसार वैश्विक बाजारों में तेजी के बीच सोना 24 जून के बाद 27,000 रुपये की के स्तर को पार कर गया। उन्होंने बताया कि आलोच्य सप्ताह में सोना 5.4 प्रतिशत मजबूत हुआ। जिससे स्टॉकिस्टों ने लिवाली बढ़ा दी। वहीं, औद्योगिक इकाइयों और सिक्का निर्माताओं की मांग के चलते चांदी में भी तेजी का रुख रहा। इस बीच सरकार ने सोने का आयात कम करने के लिए जो कदम उठाए हैं उनका बाजार धारणा पर असर देखा गया। स्थानीय बाजार में सोना 99.9 और 99.5 शुद्ध के भाव मजबूत खुले और तीन सप्ताह के उच्चस्तर क्रमश: 27325 रुपये और 27,125 रुपये प्रति दस ग्राम को छू गए। लेकिन बाद में डॉलर मजबूत होने से इसकी कीमतों कुछ गिरावट आई। सप्ताहांत में इसके भाव गत सप्ताह की तुलना में 625 रुपये की तेजी के साथ क्रमश: 27,250 रुपये और 27,050 रुपये प्रति दस ग्राम बंद हुए। गिन्नी के भाव भी 150 रुपये चढ़कर 24,150 रुपये आठ ग्राम बंद हुए।टिप्पणियां मजबूत रुख की बीच चांदी तैयार के भाव 41750 रुपये तक चढ़ने के बाद सप्ताह में 980 रुपये की तेजी के साथ 41,410 रुपये किलो बंद हुए। इसी प्रकार चांदी साप्ताहिक डिलीवरी के भाव 1190 रुपये की तेजी के साथ 41,460 रुपये किलो बंद हुए। चांदी सिक्का के भाव 1000 रुपये की तेजी के साथ सप्ताहांत में 79000:80,000 रुपये प्रति सैकड़ा बंद हुए। उन्होंने बताया कि आलोच्य सप्ताह में सोना 5.4 प्रतिशत मजबूत हुआ। जिससे स्टॉकिस्टों ने लिवाली बढ़ा दी। वहीं, औद्योगिक इकाइयों और सिक्का निर्माताओं की मांग के चलते चांदी में भी तेजी का रुख रहा। इस बीच सरकार ने सोने का आयात कम करने के लिए जो कदम उठाए हैं उनका बाजार धारणा पर असर देखा गया। स्थानीय बाजार में सोना 99.9 और 99.5 शुद्ध के भाव मजबूत खुले और तीन सप्ताह के उच्चस्तर क्रमश: 27325 रुपये और 27,125 रुपये प्रति दस ग्राम को छू गए। लेकिन बाद में डॉलर मजबूत होने से इसकी कीमतों कुछ गिरावट आई। सप्ताहांत में इसके भाव गत सप्ताह की तुलना में 625 रुपये की तेजी के साथ क्रमश: 27,250 रुपये और 27,050 रुपये प्रति दस ग्राम बंद हुए। गिन्नी के भाव भी 150 रुपये चढ़कर 24,150 रुपये आठ ग्राम बंद हुए।टिप्पणियां मजबूत रुख की बीच चांदी तैयार के भाव 41750 रुपये तक चढ़ने के बाद सप्ताह में 980 रुपये की तेजी के साथ 41,410 रुपये किलो बंद हुए। इसी प्रकार चांदी साप्ताहिक डिलीवरी के भाव 1190 रुपये की तेजी के साथ 41,460 रुपये किलो बंद हुए। चांदी सिक्का के भाव 1000 रुपये की तेजी के साथ सप्ताहांत में 79000:80,000 रुपये प्रति सैकड़ा बंद हुए। वहीं, औद्योगिक इकाइयों और सिक्का निर्माताओं की मांग के चलते चांदी में भी तेजी का रुख रहा। इस बीच सरकार ने सोने का आयात कम करने के लिए जो कदम उठाए हैं उनका बाजार धारणा पर असर देखा गया। स्थानीय बाजार में सोना 99.9 और 99.5 शुद्ध के भाव मजबूत खुले और तीन सप्ताह के उच्चस्तर क्रमश: 27325 रुपये और 27,125 रुपये प्रति दस ग्राम को छू गए। लेकिन बाद में डॉलर मजबूत होने से इसकी कीमतों कुछ गिरावट आई। सप्ताहांत में इसके भाव गत सप्ताह की तुलना में 625 रुपये की तेजी के साथ क्रमश: 27,250 रुपये और 27,050 रुपये प्रति दस ग्राम बंद हुए। गिन्नी के भाव भी 150 रुपये चढ़कर 24,150 रुपये आठ ग्राम बंद हुए।टिप्पणियां मजबूत रुख की बीच चांदी तैयार के भाव 41750 रुपये तक चढ़ने के बाद सप्ताह में 980 रुपये की तेजी के साथ 41,410 रुपये किलो बंद हुए। इसी प्रकार चांदी साप्ताहिक डिलीवरी के भाव 1190 रुपये की तेजी के साथ 41,460 रुपये किलो बंद हुए। चांदी सिक्का के भाव 1000 रुपये की तेजी के साथ सप्ताहांत में 79000:80,000 रुपये प्रति सैकड़ा बंद हुए। इस बीच सरकार ने सोने का आयात कम करने के लिए जो कदम उठाए हैं उनका बाजार धारणा पर असर देखा गया। स्थानीय बाजार में सोना 99.9 और 99.5 शुद्ध के भाव मजबूत खुले और तीन सप्ताह के उच्चस्तर क्रमश: 27325 रुपये और 27,125 रुपये प्रति दस ग्राम को छू गए। लेकिन बाद में डॉलर मजबूत होने से इसकी कीमतों कुछ गिरावट आई। सप्ताहांत में इसके भाव गत सप्ताह की तुलना में 625 रुपये की तेजी के साथ क्रमश: 27,250 रुपये और 27,050 रुपये प्रति दस ग्राम बंद हुए। गिन्नी के भाव भी 150 रुपये चढ़कर 24,150 रुपये आठ ग्राम बंद हुए।टिप्पणियां मजबूत रुख की बीच चांदी तैयार के भाव 41750 रुपये तक चढ़ने के बाद सप्ताह में 980 रुपये की तेजी के साथ 41,410 रुपये किलो बंद हुए। इसी प्रकार चांदी साप्ताहिक डिलीवरी के भाव 1190 रुपये की तेजी के साथ 41,460 रुपये किलो बंद हुए। चांदी सिक्का के भाव 1000 रुपये की तेजी के साथ सप्ताहांत में 79000:80,000 रुपये प्रति सैकड़ा बंद हुए। स्थानीय बाजार में सोना 99.9 और 99.5 शुद्ध के भाव मजबूत खुले और तीन सप्ताह के उच्चस्तर क्रमश: 27325 रुपये और 27,125 रुपये प्रति दस ग्राम को छू गए। लेकिन बाद में डॉलर मजबूत होने से इसकी कीमतों कुछ गिरावट आई। सप्ताहांत में इसके भाव गत सप्ताह की तुलना में 625 रुपये की तेजी के साथ क्रमश: 27,250 रुपये और 27,050 रुपये प्रति दस ग्राम बंद हुए। गिन्नी के भाव भी 150 रुपये चढ़कर 24,150 रुपये आठ ग्राम बंद हुए।टिप्पणियां मजबूत रुख की बीच चांदी तैयार के भाव 41750 रुपये तक चढ़ने के बाद सप्ताह में 980 रुपये की तेजी के साथ 41,410 रुपये किलो बंद हुए। इसी प्रकार चांदी साप्ताहिक डिलीवरी के भाव 1190 रुपये की तेजी के साथ 41,460 रुपये किलो बंद हुए। चांदी सिक्का के भाव 1000 रुपये की तेजी के साथ सप्ताहांत में 79000:80,000 रुपये प्रति सैकड़ा बंद हुए। सप्ताहांत में इसके भाव गत सप्ताह की तुलना में 625 रुपये की तेजी के साथ क्रमश: 27,250 रुपये और 27,050 रुपये प्रति दस ग्राम बंद हुए। गिन्नी के भाव भी 150 रुपये चढ़कर 24,150 रुपये आठ ग्राम बंद हुए।टिप्पणियां मजबूत रुख की बीच चांदी तैयार के भाव 41750 रुपये तक चढ़ने के बाद सप्ताह में 980 रुपये की तेजी के साथ 41,410 रुपये किलो बंद हुए। इसी प्रकार चांदी साप्ताहिक डिलीवरी के भाव 1190 रुपये की तेजी के साथ 41,460 रुपये किलो बंद हुए। चांदी सिक्का के भाव 1000 रुपये की तेजी के साथ सप्ताहांत में 79000:80,000 रुपये प्रति सैकड़ा बंद हुए। मजबूत रुख की बीच चांदी तैयार के भाव 41750 रुपये तक चढ़ने के बाद सप्ताह में 980 रुपये की तेजी के साथ 41,410 रुपये किलो बंद हुए। इसी प्रकार चांदी साप्ताहिक डिलीवरी के भाव 1190 रुपये की तेजी के साथ 41,460 रुपये किलो बंद हुए। चांदी सिक्का के भाव 1000 रुपये की तेजी के साथ सप्ताहांत में 79000:80,000 रुपये प्रति सैकड़ा बंद हुए। चांदी सिक्का के भाव 1000 रुपये की तेजी के साथ सप्ताहांत में 79000:80,000 रुपये प्रति सैकड़ा बंद हुए।
यहाँ एक सारांश है:वैश्विक बाजारों में तेजी के बीच स्टॉकिस्टों द्वारा लिवाली बढ़ाने से समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने के भाव तीन सप्ताह के उच्चस्तर 27,325 रुपये प्रति दस ग्राम तक जा पहुंचे।
4
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: तालिबान के सह-संस्थापक मुल्ला अब्दुल गनी बरादर ने एक समझौते के तहत अमेरिकी जांचकर्ताओं को उस स्थान के बारे में बताया था, जहां अल कायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन छिपा था। संडे मिरर में प्रकाशित एक खबर में यह खुलासा करते हुए कहा गया है कि इस समझौते के एवज में अमेरिका ने अफगानिस्तान में तालिबान की पकड़ वाले इलाकों से अपने सैनिक हटा लेने का वादा किया था। अखबार में कहा गया है कि इस अत्यंत गोपनीय समझौते का ब्यौरा ऐबटाबाद स्थित ओसामा के ठिकाने के बारे में गोपनीय अमेरिकी बातचीत से मिला। अखबार के अनुसार, पाकिस्तान की खबरों में कहा गया है कि अखबारों में बरादर का नाम आया है। बरादर तालिबान का सह-संस्थापक और ओसामा के सर्वाधिक विश्वसनीय सहयोगियों में से एक है। प्रकाशित खबर में कहा गया है कि बरादर और ओसामा के संगठन में मौजूद अन्य जासूसों ने भी अमेरिकी खुफिया विशेषज्ञों को अहम सूचनाएं दी थीं। अब तक माना जाता रहा है कि ओसामा के संदेशवाहक अबू अहमद अल कुवैती ने उसे एक फोन किया था। अमेरिकी अधिकारियों ने बीच में ही इस फोन कॉल को रोक कर उसका ब्यौरा हासिल किया। 2 मई को ऐबटाबाद स्थित परिसर पर अमेरिकी बलों की एक कार्रवाई में ओसामा और अबू अहमद दोनों मारे गए थे। बहरहाल, पाकिस्तान में इन दिनों चल रही नई खबरों में कहा गया है कि बरादर ने अमेरिका को बताया था कि ओसामा कहां छिपा है। अफगानिस्तान में सड़क के किनारे बमों का इस्तेमाल करने में दक्ष बरादर को फादर ऑफ द आईईडी कहा जाता है। उसे पिछले साल कराची में पाकिस्तान-अमेरिका के एक संयुक्त अभियान में गिरफ्तार किया गया था और गत अक्टूबर को रिहाई से पहले तक उससे पूछताछ की गई थी। करीब 40 बरस का मुल्ला बरादर तालिबान के प्रमुख मुल्ला मोहम्मद उमर का सहायक और पाकिस्तान में उग्रवादी समूह क्वेटा शूरा का नेता है। अखबार ने सुरक्षा विशेषज्ञ नील डोयले के हवाले से कहा है, अमेरिका ने ओसामा के मारे जाने के बाद पाकिस्तान में अपने सैन्य अभियानों में कमी करने की घोषणा की है, जिसके बाद ये अटकलें तेज हो रही हैं कि क्या इससे विद्रोहियों के साथ बातचीत का कोई रास्ता खुलेगा।
संक्षिप्त सारांश: 'संडे मिरर' की खबर के मुताबिक तालिबान के सह-संस्थापक मुल्ला बरादर ने अमेरिकी जांचकर्ताओं को ओसामा के छिपे होने की जगह के बारे में बताया था।
10
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दुनियाभर में सबसे ज्यादा कंप्यूटर अब गूगल क्रोम पर चल रहे हैं। इस तरह पहली बार माइक्रोसॉफ्ट के ब्राउज़र इंटरनेट एक्सप्लोरर की बादशाहत ख़त्म हो गई है। स्टैट काउंटर के हिसाब से दुनियाभर में अब वेब ब्राउज़र बाज़ार का 32.76 फ़ीसदी हिस्सा गूगल क्रोम के पास है, जबकि माइक्रोसॉफ्ट का इंटरनेट एक्सप्लोरर उससे कुछ कम, यानि 31.94 प्रतिशत पर है और मोज़िला फायरफॉक्स 25 फीसदी के साथ तीसरे नंबर पर है। सालभर पहले तस्वीर बिलकुल अलग थी, जब माइक्रोसॉफ्ट के इंटरनेट एक्सप्लोरर का बाज़ार में 43 फीसदी हिस्सा था और दूसरे नंबर पर मोजिला फायरफोक्स 29 फीसदी के साथ था, जबकि गूगल क्रोम 19 फ़ीसदी के साथ तीसरे नंबर पर था। सालभर पहले तस्वीर बिलकुल अलग थी, जब माइक्रोसॉफ्ट के इंटरनेट एक्सप्लोरर का बाज़ार में 43 फीसदी हिस्सा था और दूसरे नंबर पर मोजिला फायरफोक्स 29 फीसदी के साथ था, जबकि गूगल क्रोम 19 फ़ीसदी के साथ तीसरे नंबर पर था।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: दुनियाभर में सबसे ज्यादा कंप्यूटर अब गूगल क्रोम पर चल रहे हैं, सो, पहली बार माइक्रोसॉफ्ट के इंटरनेट एक्सप्लोरर की बादशाहत ख़त्म हो गई है।
19
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: लंदन के प्रतिष्ठित अखबार द टाइम्स ने सचिन तेंदुलकर को नाइटहुड यानी सर की उपाधि से सम्मानित किए जाने की मांग की है। भारत और इंग्लैंड के बीच शुरू होने जा रही टेस्ट श्रृंखला से ठीक पहले अखबार ने लिखा है कि बल्ले के साथ तेंदुलकर के कौशल ने उन्हें सर डॉन ब्रैडमैन का सही उतारधिकारी साबित किया है। सचिन की ख्याति उनके कद और दाग रहित चरित्र के कारण ही इस खेल के बड़े-बड़े नाम उनके (सचिन) कौशल से झूमते हैं और उनकी तारीफ करने की होड़ लगाते नजर आते हैं। अखबार ने लिखा, शेन वार्न उन्हें उन बल्लेबाजों में सबसे बेहतर मानते हैं जिनके लिए उन्होंने गेंदबाजी की है जबकि खुद ब्रैडमैन ने सचिन की जमकर तारीफ की थी और ऑस्ट्रेलिया के जाने माने बल्लेबाज मैथ्यू हेडन ने तो यह तक कह दिया था मैंने भगवान को देखा है वो भारत के लिए टेस्ट मैचों में बल्लेबाजी करता है। सचिन तेंदुलकर टेस्ट इतिहास के 2000 वें मैच में लंदन के लॉर्डस मैदान पर शतकों का शतक बनाने के लक्ष्य के साथ उतरेंगे। बीबीसी हिन्दी में दी गई जानकारी के अनुसार अखबार ने कहा कि तेंदुलकर ने जिस तरह से क्रिकेट प्रेमियों का मनोरंजन किया है वह उन्हें नाइटहुड उपाधि का हकदार बनाता है। ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री गार्डन ब्राउन ने 2008 में कहा था कि राष्ट्रमंडल देशों के महान क्रिकेट खिलाड़ियों को नाइटहुड देने की परंपरा रही है और वे सचिन के लिए भी यह सम्मान चाहेंगे। मशहूर पत्रकार सर मार्क टेली ने भी सचिन तेंदुलकर को यह उपाधि देने का समर्थन करते हुए कहा था, मेरा मानना है कि अगर भारत सरकार मुझे सम्मानित कर सकती है तो इंग्लैंड की सरकार क्यों एक भारतीय को सम्मानित नहीं कर सकती। टेली ने कहा कि यह खुशी की बात होगी। अगर कोई कहता है कि यह उपाधि ब्रिटिश राज की याद दिलाती है तो यह गलत बात है क्योंकि ब्रिटिश राज समाप्त हुए जमाना गुजर गया है। भारत और ब्रिटेन ने नए सिरे से रिश्ते बनाए हैं। उन्होंने कहा कि मानद नाइटहुड न सिर्फ भारतीय बल्कि अन्य देशों के लोगों को भी दिया जाता रहा है।
संक्षिप्त पाठ: लंदन के प्रतिष्ठित अखबार द टाइम्स ने सचिन तेंदुलकर को नाइटहुड यानी सर की उपाधि से सम्मानित किए जाने की मांग की है।
22
['hin']
एक सारांश बनाओ: राजस्थान के करौली जिले के कोतवाली थाना इलाके में बुधवार तड़के बस चालक ने यात्रियों से किराये विवाद को लेकर पहले बस यात्रियों को नीचे उतारा और फिर उन पर बस चढ़ा दी, जिससे छह लोगों ने दम तोड़ दिया और 21 घायल हो गए। पुलिस अधीक्षक (करौली) ओम प्रकाश ने आरंभिक जांच के हवाले से बताया कि जयपुर से हिंडौन जा रही बस के चालक का यात्रियों से किराये को लेकर विवाद हुआ था। विवाद के बाद चालक ने यात्रियों को नीचे उतार दिया और बस के दूसरे चालक ने यात्रियों पर बस चढ़ा दी। उन्होंने बताया कि हादसे में छह यात्रियों ने दम तोड़ दिया और घायल 21 यात्रियों को नजदीक के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस अधीक्षक के अनुसार, बस में दो चालक थे और बस में सवार अधिकांश यात्री आगरा के थे, जो संभवत करौली में धार्मिक स्थल कैला मैया मंदिर जा रहे थे। उन्होंने बताया कि बस के दोनों चालक मौके से फरार हो गए।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: राजस्थान के करौली जिले के कोतवाली थाना इलाके में बस के चालक ने यात्रियों पर बस चढ़ा दी, जिससे छह लोगों ने दम तोड़ दिया और 21 घायल हो गए।
32
['hin']
एक सारांश बनाओ: भारत की शीर्ष बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल का अभियान पिछले हफ्ते विश्व चैम्पियनशिप में पेट की समस्या के कारण क्वार्टर फाइनल में ही थम गया था, लेकिन वह इससे ज्यादा निराश नहीं हैं और उन्होंने कहा कि वह अब हार पर दुखी नहीं होती है। हैदराबाद की 23 वर्षीय खिलाड़ी चीन में विश्व चैम्पियनशिप में कांस्य पदक से चूक गई थीं। जब उनसे कांस्य पदक चूकने की निराशा के बारे में पूछा गया तो साइना ने कहा, मैं निराश नहीं हूं। मेरी तबीयत ठीक नहीं थी इसलिए मैं निराश महसूस नहीं कर सकती। मैं निराश होने की सीमा को पार कर चुकी हूं। उन्होंने कहा, मैं बहुत अच्छा कर रही हूं और जिस तरह से खेल रही हूं, उससे खुश हूं। यह सिर्फ भाग्य की बात है और जब भाग्य आपके साथ हो तो आप ऐसी हालत में भी मैच जीत जाते हो। रतचानोक इंतानोन की लि झुरेई के खिलाफ मैच में जीत को ही देख लीजिए।टिप्पणियां पीवी सिंधु अपनी पहली विश्व चैम्पियनशिप में कांस्य पदक जीतने में सफल रही। इस 18 वर्षीय को इस उपलब्धि के लिए अर्जुन पुरस्कार के लिए चुना गया। सिंधु को अर्जुन पुरस्कार मिलने के बारे में पूछने पर साइना ने कहा, जब आप अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुछ जीतते हो तो आपको पुरस्कार मिलेगा ही। इसलिए यह नया नहीं है। यह अच्छा है कि उसने दो चीनी खिलाड़ियों को हराने के बाद कांस्य पदक जीता। मैं उसे आगे अच्छा करने की शुभकामना देती हूं। हैदराबाद की 23 वर्षीय खिलाड़ी चीन में विश्व चैम्पियनशिप में कांस्य पदक से चूक गई थीं। जब उनसे कांस्य पदक चूकने की निराशा के बारे में पूछा गया तो साइना ने कहा, मैं निराश नहीं हूं। मेरी तबीयत ठीक नहीं थी इसलिए मैं निराश महसूस नहीं कर सकती। मैं निराश होने की सीमा को पार कर चुकी हूं। उन्होंने कहा, मैं बहुत अच्छा कर रही हूं और जिस तरह से खेल रही हूं, उससे खुश हूं। यह सिर्फ भाग्य की बात है और जब भाग्य आपके साथ हो तो आप ऐसी हालत में भी मैच जीत जाते हो। रतचानोक इंतानोन की लि झुरेई के खिलाफ मैच में जीत को ही देख लीजिए।टिप्पणियां पीवी सिंधु अपनी पहली विश्व चैम्पियनशिप में कांस्य पदक जीतने में सफल रही। इस 18 वर्षीय को इस उपलब्धि के लिए अर्जुन पुरस्कार के लिए चुना गया। सिंधु को अर्जुन पुरस्कार मिलने के बारे में पूछने पर साइना ने कहा, जब आप अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुछ जीतते हो तो आपको पुरस्कार मिलेगा ही। इसलिए यह नया नहीं है। यह अच्छा है कि उसने दो चीनी खिलाड़ियों को हराने के बाद कांस्य पदक जीता। मैं उसे आगे अच्छा करने की शुभकामना देती हूं। पीवी सिंधु अपनी पहली विश्व चैम्पियनशिप में कांस्य पदक जीतने में सफल रही। इस 18 वर्षीय को इस उपलब्धि के लिए अर्जुन पुरस्कार के लिए चुना गया। सिंधु को अर्जुन पुरस्कार मिलने के बारे में पूछने पर साइना ने कहा, जब आप अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुछ जीतते हो तो आपको पुरस्कार मिलेगा ही। इसलिए यह नया नहीं है। यह अच्छा है कि उसने दो चीनी खिलाड़ियों को हराने के बाद कांस्य पदक जीता। मैं उसे आगे अच्छा करने की शुभकामना देती हूं। सिंधु को अर्जुन पुरस्कार मिलने के बारे में पूछने पर साइना ने कहा, जब आप अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुछ जीतते हो तो आपको पुरस्कार मिलेगा ही। इसलिए यह नया नहीं है। यह अच्छा है कि उसने दो चीनी खिलाड़ियों को हराने के बाद कांस्य पदक जीता। मैं उसे आगे अच्छा करने की शुभकामना देती हूं।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: भारत की शीर्ष बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल का अभियान पिछले हफ्ते विश्व चैम्पियनशिप में पेट की समस्या के कारण क्वार्टर फाइनल में ही थम गया था, लेकिन वह इससे ज्यादा निराश नहीं हैं।
32
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: 'एक दीवाना था' की कहानी वर्ष 1981 में रिलीज़ हुई कमल हासन की फिल्म 'एक दूजे के लिए' से प्रेरित लगती है... दो अलग बैकग्राउंड वाले प्रेमी, और प्यार-शादी में ढेरों अड़चनें... कोंकणी मराठी ब्राह्मण सचिन (प्रतीक बब्बर) बेरोजगार है, फिल्म बनाना चाहता है, लेकिन जेस्सी (एमी जैक्सन) मलयाली ईसाई है और उसके घर में फिल्म देखना गुनाह है... लड़की उम्र में बड़ी है और दोनों के मां-बाप के बीच दूरियां हैं, सो अलग... फिर भी पहली नज़र में सचिन को जेस्सी से प्यार हो जाता है, जो दीवानगी की हदें पार करने लगता है... घर के बरामदे, सड़कें, शॉपिंग मॉल, सब जगह प्यार की लुका-छिपी का खेल शुरू हो जाता है... प्रतीक ने प्यार की कशिश और जुनून को खूबसूरती से दिखाया है, और एमी भी पहली ही फिल्म में खासी कॉन्फिडेंट दिखाई दी हैं... वेलेन्टाइन डे के आसपास यह 'फ्रेश पेयरिंग' रंग दिखाने लगती है... प्रेमियों की नोकझोंक और रोमांस के कई दिलचस्प पल चेहरे पर मुस्कुराहट ले आते हैं... लड़का कहता है, "मैं अच्छा इंसान हूं..." और लड़की जवाब देती है, "डैडी तब भी नहीं मानेंगे..." म्यूज़िक में साउथ का एहसास है, 'होसाना...' जैसे गाने अच्छे बन पड़े हैं, और प्रतीक ने खासी एनर्जी के साथ डांस किया है... चर्च में शादी के कुछ अच्छे सीन्स हैं... 'शोले' के डायरेक्टर रमेश सिप्पी की शख्सियत के वजन ने कुछ सीन्स में जान फूंकी है... कहानी नई नहीं है, फिर भी बेहतर ट्रीटमेंट की वजह से इंटरवल तक तो एन्टरटेन करती है, लेकिन उसके बाद ढीली पड़ जाती है... लम्बे डायलॉग्स के साथ लव-हेट रिलेशनशिप, रूठना-मनाना और प्यार में कन्फ्यूज़न ऊबाने लगते हैं...टिप्पणियां जिस लड़की के प्यार पर बाप और भाई का कड़ा पहरा है, उससे प्रेमी आसानी से कैसे मिल पाता है... मलयाली डायलॉग्स की भरमार है... काश, हिन्दी सबटाइटल्स चलाने के बजाए उन्हें हिन्दी में डब कर दिया जाता तो फिल्म के बहाव में भाषा की रुकावट पैदा नहीं होती... आखिरी 20 मिनट में जान है... डायरेक्टर गौतम मेनन भले ही काफी लकी हैं, कि उन्हें आगरा के ताजमहल पर क्लाइमेक्स शूट करने का सुनहरा मौका मिला, लेकिन ईमानदारी की बात यह है कि वह इसे ढंग से भुना नहीं पाए, और कुल मिलाकर 'एक दीवाना था' एवरेज फिल्म बनकर रह गई... इसके लिए हमारी रेटिंग है - 2.5 स्टार... फिर भी पहली नज़र में सचिन को जेस्सी से प्यार हो जाता है, जो दीवानगी की हदें पार करने लगता है... घर के बरामदे, सड़कें, शॉपिंग मॉल, सब जगह प्यार की लुका-छिपी का खेल शुरू हो जाता है... प्रतीक ने प्यार की कशिश और जुनून को खूबसूरती से दिखाया है, और एमी भी पहली ही फिल्म में खासी कॉन्फिडेंट दिखाई दी हैं... वेलेन्टाइन डे के आसपास यह 'फ्रेश पेयरिंग' रंग दिखाने लगती है... प्रेमियों की नोकझोंक और रोमांस के कई दिलचस्प पल चेहरे पर मुस्कुराहट ले आते हैं... लड़का कहता है, "मैं अच्छा इंसान हूं..." और लड़की जवाब देती है, "डैडी तब भी नहीं मानेंगे..." म्यूज़िक में साउथ का एहसास है, 'होसाना...' जैसे गाने अच्छे बन पड़े हैं, और प्रतीक ने खासी एनर्जी के साथ डांस किया है... चर्च में शादी के कुछ अच्छे सीन्स हैं... 'शोले' के डायरेक्टर रमेश सिप्पी की शख्सियत के वजन ने कुछ सीन्स में जान फूंकी है... कहानी नई नहीं है, फिर भी बेहतर ट्रीटमेंट की वजह से इंटरवल तक तो एन्टरटेन करती है, लेकिन उसके बाद ढीली पड़ जाती है... लम्बे डायलॉग्स के साथ लव-हेट रिलेशनशिप, रूठना-मनाना और प्यार में कन्फ्यूज़न ऊबाने लगते हैं...टिप्पणियां जिस लड़की के प्यार पर बाप और भाई का कड़ा पहरा है, उससे प्रेमी आसानी से कैसे मिल पाता है... मलयाली डायलॉग्स की भरमार है... काश, हिन्दी सबटाइटल्स चलाने के बजाए उन्हें हिन्दी में डब कर दिया जाता तो फिल्म के बहाव में भाषा की रुकावट पैदा नहीं होती... आखिरी 20 मिनट में जान है... डायरेक्टर गौतम मेनन भले ही काफी लकी हैं, कि उन्हें आगरा के ताजमहल पर क्लाइमेक्स शूट करने का सुनहरा मौका मिला, लेकिन ईमानदारी की बात यह है कि वह इसे ढंग से भुना नहीं पाए, और कुल मिलाकर 'एक दीवाना था' एवरेज फिल्म बनकर रह गई... इसके लिए हमारी रेटिंग है - 2.5 स्टार... प्रेमियों की नोकझोंक और रोमांस के कई दिलचस्प पल चेहरे पर मुस्कुराहट ले आते हैं... लड़का कहता है, "मैं अच्छा इंसान हूं..." और लड़की जवाब देती है, "डैडी तब भी नहीं मानेंगे..." म्यूज़िक में साउथ का एहसास है, 'होसाना...' जैसे गाने अच्छे बन पड़े हैं, और प्रतीक ने खासी एनर्जी के साथ डांस किया है... चर्च में शादी के कुछ अच्छे सीन्स हैं... 'शोले' के डायरेक्टर रमेश सिप्पी की शख्सियत के वजन ने कुछ सीन्स में जान फूंकी है... कहानी नई नहीं है, फिर भी बेहतर ट्रीटमेंट की वजह से इंटरवल तक तो एन्टरटेन करती है, लेकिन उसके बाद ढीली पड़ जाती है... लम्बे डायलॉग्स के साथ लव-हेट रिलेशनशिप, रूठना-मनाना और प्यार में कन्फ्यूज़न ऊबाने लगते हैं...टिप्पणियां जिस लड़की के प्यार पर बाप और भाई का कड़ा पहरा है, उससे प्रेमी आसानी से कैसे मिल पाता है... मलयाली डायलॉग्स की भरमार है... काश, हिन्दी सबटाइटल्स चलाने के बजाए उन्हें हिन्दी में डब कर दिया जाता तो फिल्म के बहाव में भाषा की रुकावट पैदा नहीं होती... आखिरी 20 मिनट में जान है... डायरेक्टर गौतम मेनन भले ही काफी लकी हैं, कि उन्हें आगरा के ताजमहल पर क्लाइमेक्स शूट करने का सुनहरा मौका मिला, लेकिन ईमानदारी की बात यह है कि वह इसे ढंग से भुना नहीं पाए, और कुल मिलाकर 'एक दीवाना था' एवरेज फिल्म बनकर रह गई... इसके लिए हमारी रेटिंग है - 2.5 स्टार... म्यूज़िक में साउथ का एहसास है, 'होसाना...' जैसे गाने अच्छे बन पड़े हैं, और प्रतीक ने खासी एनर्जी के साथ डांस किया है... चर्च में शादी के कुछ अच्छे सीन्स हैं... 'शोले' के डायरेक्टर रमेश सिप्पी की शख्सियत के वजन ने कुछ सीन्स में जान फूंकी है... कहानी नई नहीं है, फिर भी बेहतर ट्रीटमेंट की वजह से इंटरवल तक तो एन्टरटेन करती है, लेकिन उसके बाद ढीली पड़ जाती है... लम्बे डायलॉग्स के साथ लव-हेट रिलेशनशिप, रूठना-मनाना और प्यार में कन्फ्यूज़न ऊबाने लगते हैं...टिप्पणियां जिस लड़की के प्यार पर बाप और भाई का कड़ा पहरा है, उससे प्रेमी आसानी से कैसे मिल पाता है... मलयाली डायलॉग्स की भरमार है... काश, हिन्दी सबटाइटल्स चलाने के बजाए उन्हें हिन्दी में डब कर दिया जाता तो फिल्म के बहाव में भाषा की रुकावट पैदा नहीं होती... आखिरी 20 मिनट में जान है... डायरेक्टर गौतम मेनन भले ही काफी लकी हैं, कि उन्हें आगरा के ताजमहल पर क्लाइमेक्स शूट करने का सुनहरा मौका मिला, लेकिन ईमानदारी की बात यह है कि वह इसे ढंग से भुना नहीं पाए, और कुल मिलाकर 'एक दीवाना था' एवरेज फिल्म बनकर रह गई... इसके लिए हमारी रेटिंग है - 2.5 स्टार... जिस लड़की के प्यार पर बाप और भाई का कड़ा पहरा है, उससे प्रेमी आसानी से कैसे मिल पाता है... मलयाली डायलॉग्स की भरमार है... काश, हिन्दी सबटाइटल्स चलाने के बजाए उन्हें हिन्दी में डब कर दिया जाता तो फिल्म के बहाव में भाषा की रुकावट पैदा नहीं होती... आखिरी 20 मिनट में जान है... डायरेक्टर गौतम मेनन भले ही काफी लकी हैं, कि उन्हें आगरा के ताजमहल पर क्लाइमेक्स शूट करने का सुनहरा मौका मिला, लेकिन ईमानदारी की बात यह है कि वह इसे ढंग से भुना नहीं पाए, और कुल मिलाकर 'एक दीवाना था' एवरेज फिल्म बनकर रह गई... इसके लिए हमारी रेटिंग है - 2.5 स्टार... आखिरी 20 मिनट में जान है... डायरेक्टर गौतम मेनन भले ही काफी लकी हैं, कि उन्हें आगरा के ताजमहल पर क्लाइमेक्स शूट करने का सुनहरा मौका मिला, लेकिन ईमानदारी की बात यह है कि वह इसे ढंग से भुना नहीं पाए, और कुल मिलाकर 'एक दीवाना था' एवरेज फिल्म बनकर रह गई... इसके लिए हमारी रेटिंग है - 2.5 स्टार...
सारांश: डायरेक्टर काफी लकी हैं कि उन्हें आगरा के ताजमहल पर क्लाइमेक्स शूट करने का मौका मिला, लेकिन वह इसे ढंग से भुना नहीं पाए...
7
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: ट्रेड यूनियनों और मजदूर संगठनों की देशव्यापी हड़ताल का आज दूसरा और आखिरी दिन है। आज भी विभिन्न शहरों में बंद का मिलाजुला असर दिख रहा है। नोएडा में कल फैक्टरियों और गाड़ियों में तोड़फोड़ और आगजनी के बाद आज कड़ी सुरक्षा व्यवस्था है। हड़ताल के दौरान कल यहां 25 से ज्यादा वाहन फूंक डाले गए, जिसके बाद पुलिस ने 122 लोगों को गिरफ्तार किया है। राज्य सरकार ने इस घटना की जांच के न्यायिक आदेश दे दिए हैं। पुलिस ने आज वहां फ्लैग मार्च भी किया।टिप्पणियां मामले को गंभीरता से लेते हुए मेरठ के संभागीय आयुक्त ने वरिष्ठ अधिकारी द्वारा मामले की जांच का आदेश दिया है। एसएचओ का तबादला कर दिया गया है और पुलिस लाइन हाजिर किया गया है, जबकि दो पुलिसकर्मी और इतने ही दमकलकर्मी हिंसा में घायल हुए। कामगारों ने नोएडा फेज 2 इलाके में औद्योगिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। दिल्ली में बंद की वजहों से सबसे ज्यादा परेशानी स्टेशन पर यात्रियों को उठानी पड़ रही है। वहीं उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सभी सार्वजनिक बैंक बंद हैं और यहां बसें भी नहीं चल रही हैं। कोलकाता में बंद का ज्यादा असर नहीं दिख रहा है और यहां दुकानें और फैक्टरियां खुली हैं। मुंबई में भी बंद का ज्यादा असर नहीं पड़ा है। कल यानी इस हड़ताल के पहले दिन सरकारी बैंकों, बीमा, बिजली और माइनिंग सेक्टर समेत कई क्षेत्रों पर असर दिखा। राजधानी दिल्ली में ऑटो और बसें नहीं चलने से लोगों को परेशानी हुई, लेकिन डीटीसी बसों के फेरे बढ़ने से हालात बेकाबू नहीं हुए। मामले को गंभीरता से लेते हुए मेरठ के संभागीय आयुक्त ने वरिष्ठ अधिकारी द्वारा मामले की जांच का आदेश दिया है। एसएचओ का तबादला कर दिया गया है और पुलिस लाइन हाजिर किया गया है, जबकि दो पुलिसकर्मी और इतने ही दमकलकर्मी हिंसा में घायल हुए। कामगारों ने नोएडा फेज 2 इलाके में औद्योगिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। दिल्ली में बंद की वजहों से सबसे ज्यादा परेशानी स्टेशन पर यात्रियों को उठानी पड़ रही है। वहीं उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सभी सार्वजनिक बैंक बंद हैं और यहां बसें भी नहीं चल रही हैं। कोलकाता में बंद का ज्यादा असर नहीं दिख रहा है और यहां दुकानें और फैक्टरियां खुली हैं। मुंबई में भी बंद का ज्यादा असर नहीं पड़ा है। कल यानी इस हड़ताल के पहले दिन सरकारी बैंकों, बीमा, बिजली और माइनिंग सेक्टर समेत कई क्षेत्रों पर असर दिखा। राजधानी दिल्ली में ऑटो और बसें नहीं चलने से लोगों को परेशानी हुई, लेकिन डीटीसी बसों के फेरे बढ़ने से हालात बेकाबू नहीं हुए। दिल्ली में बंद की वजहों से सबसे ज्यादा परेशानी स्टेशन पर यात्रियों को उठानी पड़ रही है। वहीं उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सभी सार्वजनिक बैंक बंद हैं और यहां बसें भी नहीं चल रही हैं। कोलकाता में बंद का ज्यादा असर नहीं दिख रहा है और यहां दुकानें और फैक्टरियां खुली हैं। मुंबई में भी बंद का ज्यादा असर नहीं पड़ा है। कल यानी इस हड़ताल के पहले दिन सरकारी बैंकों, बीमा, बिजली और माइनिंग सेक्टर समेत कई क्षेत्रों पर असर दिखा। राजधानी दिल्ली में ऑटो और बसें नहीं चलने से लोगों को परेशानी हुई, लेकिन डीटीसी बसों के फेरे बढ़ने से हालात बेकाबू नहीं हुए।
यह एक सारांश है: देश के 11 बड़े ट्रेड यूनियनों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आज दूसरा दिन है। कई शहरों में कल की तरह आज भी बैंक बंद हैं और परिवहन सेवाएं बाधित हैं। नोएडा में कल फैक्टरियों और गाड़ियों में तोड़फोड़ तथा आगजनी के मामले में 122 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
16
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: प्रभावी लोकपाल के लिए गांधीवादी अन्ना हजारे के अनशन के दौरान रामलीला मैदान के मंच से सांसदों के खिलाफ कथित आपत्तिजनक बयान देने पर संसद ने शनिवार को अन्ना हजारे के प्रमुख सहयोगियों प्रशांत भूषण और अरविंद केजरीवाल को विशेषाधिकार हनन का नोटिस भेजा। गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) इंडिया अगेंस्ट करप्शन के एक कार्यकर्ता ने नाम उजागर न करने की शर्त पर बताया, "विशेषाधिकार हनन का यह नोटिस केजरीवाल के गाजियाबाद स्थित आवास पर स्पीड पोस्ट के जरिए भेजा गया। उन्होंने अभी नोटिस को देखा नहीं है।" इस पर टिप्पणी के लिए केजरीवाल से सम्पर्क नहीं हो सका। उधर, प्रशांत भूषण ने कहा, "यदि सच बोलने या जनहित में अपने विचार रखने को संसद द्वारा या उसके सदस्यों द्वारा विशेषाधिकार हनन माना जाता है, तो मैं समझता हूं कि इसकी फिर से समीक्षा करने का समय आ गया है कि संसदीय विशेषाधिकार क्या हैं।" भूषण ने कहा कि उन्हें विशेषाधिकार हनन का नोटिस प्राप्त हुआ है लेकिन वह अपने बयान पर कायम रहेंगे। उन्होंने कहा, "जिस विशेषाधिकार के तहत सांसद उस व्यक्ति के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दे सकते हैं, जो केवल उन बातों को रेखांकित कर रहा है या उस पर टिप्पणी कर रहा है, जिसे वे कहते हैं, उसका फिर से समीक्षा किए जाने की आवश्यकता है।" प्रशांत भूषण को उनकी उस टिप्पणी के लिए नोटिस दिया गया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि सांसद विधेयक पारित कराने के लिए रिश्वत लेते हैं। भूषण को 14 सितम्बर तक जवाब देने को कहा गया है। प्रशांत भूषण ने कहा, "मुझे नोटिस मिला है और मैं उसका जवाब दूंगा। मैं अपने बयान पर कायम हूं और नहीं समझता कि इससे विशेषाधिकार हनन का मामला बनता है।" रामलीला मैदान में सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे के अनशन के दौरान कानून-व्यवस्था के कथित उल्लंघन को लेकर पुलिस द्वारा प्राथिमिकी दर्ज किए जाने के बारे में पूछने पर भूषण ने कहा कि रामलीला मैदान का आयोजन पुलिस और आयोजकों के बीच सहयोग का एक नमूना था, जहां अन्ना हजारे ने 16 से 28 अगस्त तक अनशन किया था। भूषण ने कहा, "रामलीला मैदान में इस आयोजन की पूरी अवधि तक आयोजकों ने इस बात का पूरा ख्याल रखा कि किसी तरह की हिंसा न हो और जनता को कम से कम असुविधा हो।" सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा कि इसके लिए पुलिस का स्वागत है कि वह उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करे और वह उसका जवाब देंगे। ज्ञात हो कि अन्ना की एक अन्य प्रमुख सहयोगी, पूर्व आईपीएस अधिकारी किरण बेदी भी सांसदों के खिलाफ अपनी टिप्पणी के लिए विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव का सामना कर रही हैं। रामलीला मैदान में उपस्थित जनसमूह को सम्बोधित करते हुए बेदी ने आरोप लगाया था कि राजनीतिज्ञ एकसाथ कई मुखौटे लगाए रहते हैं। बेदी ने शुक्रवार को कहा कि वह सांसदों के खिलाफ दिए गए अपने बयान के लिए माफी नहीं मांगेंगी। सांसदों ने बेदी के बयान पर आपत्ति जताते हुए उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है। बेदी ने कहा, "मैंने जो कहा है उस पर मैं कायम रहूंगी। यदि मुझे नोटिस मिलता है तो मैं उनसे माफी नहीं मांगूगी। अफसोस जताने के बदले मैं इन सांसदों को आईना दिखाऊंगी।" उन्होंने कहा, "सच्चाई बताने की जरूरत है और मैंने जो कहा है उस पर कायम रहूंगी। आपको जानना चाहिए कि संसद में क्या हो रहा है। राजस्थान विधानसभा में चप्पल चला है।" ज्ञात हो कि रामलीला मैदान में अन्ना हजारे के अनशन के दौरान बेदी ने अपने चेहरे पर स्कार्फ लपेट कर सांसदों पर आरोप लगाया कि अपना असली चेहरा छिपाने के लिए उनके कई चेहरे होते हैं।
यह एक सारांश है: संसद ने शनिवार को अन्ना हजारे के प्रमुख सहयोगियों प्रशांत भूषण और अरविंद केजरीवाल को विशेषाधिकार हनन का नोटिस भेजा।
2
['hin']
एक सारांश बनाओ: श्रीलंका क्रिकेट टीम के सीनियर बल्लेबाज माहेला जयवर्धने ने कहा है कि गुरुवार को होने वाले चैम्पियंस ट्रॉफी सेमीफाइनल मुकाबले में भारतीय टीम की बल्लेबाजी के लिए कोई खास रणनीति बनाने की जरूरत नहीं, क्योंकि यह काफी मजबूत है। भारत और श्रीलंका की टीमें सोफिया गार्डन्स मैदान पर आमने-सामने होंगी। जयवर्धने ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नाबाद 84 रन बनाकर अपनी टीम को सेमीफाइनल में पहुंचाने में अहम योगदान दिया था। चैम्पियंस ट्रॉफी वेबसाइट पर जयवर्धने के हवाले से लिखा गया है, भारतीय टीम इन दिनों शानदार खेल दिखा रही है। उसकी बल्लेबाजी सचमुच बेहद मजबूत है। हमें इसे अलग रखते हुए दूसरे क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करना होगा।टिप्पणियां भारत ने अपने सभी तीन मैच जीतकर ग्रुप-बी में शीर्ष पर रहते हुए सेमीफाइनल में जगह बनाई है, जबकि श्रीलंका ने ग्रुप-ए में दो मैच जीतते हुए अंतिम-4 दौर के लिए क्वालीफाई किया है। भारत के हाथों अभ्यास मैच में मिली हार के बारे में पूछे जाने पर जयवर्धने ने कहा, अभ्यास मैच हो या फिर कोई मैच, यहां इसकी गिनती नहीं, क्योंकि यह सेमीफाइनल है और हम फिलहाल इसके बारे में सोच रहे हैं। भारत और श्रीलंका की टीमें सोफिया गार्डन्स मैदान पर आमने-सामने होंगी। जयवर्धने ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नाबाद 84 रन बनाकर अपनी टीम को सेमीफाइनल में पहुंचाने में अहम योगदान दिया था। चैम्पियंस ट्रॉफी वेबसाइट पर जयवर्धने के हवाले से लिखा गया है, भारतीय टीम इन दिनों शानदार खेल दिखा रही है। उसकी बल्लेबाजी सचमुच बेहद मजबूत है। हमें इसे अलग रखते हुए दूसरे क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करना होगा।टिप्पणियां भारत ने अपने सभी तीन मैच जीतकर ग्रुप-बी में शीर्ष पर रहते हुए सेमीफाइनल में जगह बनाई है, जबकि श्रीलंका ने ग्रुप-ए में दो मैच जीतते हुए अंतिम-4 दौर के लिए क्वालीफाई किया है। भारत के हाथों अभ्यास मैच में मिली हार के बारे में पूछे जाने पर जयवर्धने ने कहा, अभ्यास मैच हो या फिर कोई मैच, यहां इसकी गिनती नहीं, क्योंकि यह सेमीफाइनल है और हम फिलहाल इसके बारे में सोच रहे हैं। चैम्पियंस ट्रॉफी वेबसाइट पर जयवर्धने के हवाले से लिखा गया है, भारतीय टीम इन दिनों शानदार खेल दिखा रही है। उसकी बल्लेबाजी सचमुच बेहद मजबूत है। हमें इसे अलग रखते हुए दूसरे क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करना होगा।टिप्पणियां भारत ने अपने सभी तीन मैच जीतकर ग्रुप-बी में शीर्ष पर रहते हुए सेमीफाइनल में जगह बनाई है, जबकि श्रीलंका ने ग्रुप-ए में दो मैच जीतते हुए अंतिम-4 दौर के लिए क्वालीफाई किया है। भारत के हाथों अभ्यास मैच में मिली हार के बारे में पूछे जाने पर जयवर्धने ने कहा, अभ्यास मैच हो या फिर कोई मैच, यहां इसकी गिनती नहीं, क्योंकि यह सेमीफाइनल है और हम फिलहाल इसके बारे में सोच रहे हैं। भारत ने अपने सभी तीन मैच जीतकर ग्रुप-बी में शीर्ष पर रहते हुए सेमीफाइनल में जगह बनाई है, जबकि श्रीलंका ने ग्रुप-ए में दो मैच जीतते हुए अंतिम-4 दौर के लिए क्वालीफाई किया है। भारत के हाथों अभ्यास मैच में मिली हार के बारे में पूछे जाने पर जयवर्धने ने कहा, अभ्यास मैच हो या फिर कोई मैच, यहां इसकी गिनती नहीं, क्योंकि यह सेमीफाइनल है और हम फिलहाल इसके बारे में सोच रहे हैं। भारत के हाथों अभ्यास मैच में मिली हार के बारे में पूछे जाने पर जयवर्धने ने कहा, अभ्यास मैच हो या फिर कोई मैच, यहां इसकी गिनती नहीं, क्योंकि यह सेमीफाइनल है और हम फिलहाल इसके बारे में सोच रहे हैं।
भारत और श्रीलंका की टीमें सोफिया गार्डन्स मैदान पर आमने-सामने होंगी। जयवर्धने ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नाबाद 84 रन बनाकर अपनी टीम को सेमीफाइनल में पहुंचाने में अहम योगदान दिया था।
26
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: महिलाओं पर टिप्‍पणियों को लेकर तमाम विवादों में घिरे डोनाल्‍ड ट्रंप एक नए विवाद में घिरते हुए दिख रहे हैं. दरअसल चंद रोज पहले एक पोर्न स्‍टार जेसिका ड्रेक ने रिपब्लिकन पार्टी के इस प्रत्‍याशी पर आरोप लगाया था कि डोनाल्‍ड ट्रंप ने उनको पकड़ लिया और उनकी इजाजत के बिना चुंबन लिया. उसके जवाब में अब ट्रंप ने उन पर चुटकी लेते हुए कहा, मुझे पूरा यकीन है, ''उससे पहले उनको पहले कभी किसी ने नहीं पकड़ा.'' उन्‍होंने रेडियो एक प्रोग्राम न्‍यू हैंपशायर टुडे में इन आरोपों को ''पूरी तरह से मनगढ़ंत'' बताया. उन्‍होंने कहा, '' ये सब झूठी कहानियां हैं. मैं इन महिलाओं को नहीं जानता.'' किसी ने आरोप लगाया कि मैंने अपनी बांहों में उनको दबोच लिया था. वह पोर्न स्‍टार है. मुझे पूरा यकीन है कि उससे पहले कभी किसी ने उनको नहीं पकड़ा होगा. उल्‍लेखनीय है कि इस हफ्ते जेसिका ड्रेक यौन उत्‍पीड़न का आरोप लगाने वाली 11वीं महिला हैं. उन्‍होंने आरोप लगाया है कि वह करीब दस साल पहले कैलिफोर्निया के लेक ताहो में ट्रंप से मिली थी. उसे होटल में ट्रंप के कमरे में बुलाया गया, जिसके बाद वह अपनी कुछ मित्रों के साथ वहां गई. 42 साल की ड्रेक का आरोप है कि ट्रंप ने उसे और उसकी दो अन्य मित्रों को (जो ट्रंप के लिए अजनबी थीं) पकड़ लिया और उनकी इजाजत के बिना उनका चुंबन लिया. इसके बाद ड्रेक को कमरे में आने के लिए 10,000 डॉलर की पेशकश की गई. उसका आरोप है कि बाद में एक अज्ञात व्यक्ति ने ट्रंप की ओर से उसे फोन कर फिर से कमरे में आने को कहा लेकिन इस बार उसे अकेले बुलाया गया. ड्रेक ने इनकार कर दिया.टिप्पणियां गौरतलब है कि हाल में महिलाओं के खिलाफ भद्दी टिप्‍पणियां करने वाला 2005 का उनका एक वीडियो लीक होने के बाद ड्रेक समेत अब तक 11 महिलाएं उन पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगा चुकी हैं. उस वीडियो के बाद आलोचनाओं में घिरे रिपब्लिकन उम्मीदवार ने माफी मांगी थी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उसके जवाब में अब ट्रंप ने उन पर चुटकी लेते हुए कहा, मुझे पूरा यकीन है, ''उससे पहले उनको पहले कभी किसी ने नहीं पकड़ा.'' उन्‍होंने रेडियो एक प्रोग्राम न्‍यू हैंपशायर टुडे में इन आरोपों को ''पूरी तरह से मनगढ़ंत'' बताया. उन्‍होंने कहा, '' ये सब झूठी कहानियां हैं. मैं इन महिलाओं को नहीं जानता.'' किसी ने आरोप लगाया कि मैंने अपनी बांहों में उनको दबोच लिया था. वह पोर्न स्‍टार है. मुझे पूरा यकीन है कि उससे पहले कभी किसी ने उनको नहीं पकड़ा होगा. उल्‍लेखनीय है कि इस हफ्ते जेसिका ड्रेक यौन उत्‍पीड़न का आरोप लगाने वाली 11वीं महिला हैं. उन्‍होंने आरोप लगाया है कि वह करीब दस साल पहले कैलिफोर्निया के लेक ताहो में ट्रंप से मिली थी. उसे होटल में ट्रंप के कमरे में बुलाया गया, जिसके बाद वह अपनी कुछ मित्रों के साथ वहां गई. 42 साल की ड्रेक का आरोप है कि ट्रंप ने उसे और उसकी दो अन्य मित्रों को (जो ट्रंप के लिए अजनबी थीं) पकड़ लिया और उनकी इजाजत के बिना उनका चुंबन लिया. इसके बाद ड्रेक को कमरे में आने के लिए 10,000 डॉलर की पेशकश की गई. उसका आरोप है कि बाद में एक अज्ञात व्यक्ति ने ट्रंप की ओर से उसे फोन कर फिर से कमरे में आने को कहा लेकिन इस बार उसे अकेले बुलाया गया. ड्रेक ने इनकार कर दिया.टिप्पणियां गौरतलब है कि हाल में महिलाओं के खिलाफ भद्दी टिप्‍पणियां करने वाला 2005 का उनका एक वीडियो लीक होने के बाद ड्रेक समेत अब तक 11 महिलाएं उन पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगा चुकी हैं. उस वीडियो के बाद आलोचनाओं में घिरे रिपब्लिकन उम्मीदवार ने माफी मांगी थी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्‍होंने कहा, '' ये सब झूठी कहानियां हैं. मैं इन महिलाओं को नहीं जानता.'' किसी ने आरोप लगाया कि मैंने अपनी बांहों में उनको दबोच लिया था. वह पोर्न स्‍टार है. मुझे पूरा यकीन है कि उससे पहले कभी किसी ने उनको नहीं पकड़ा होगा. उल्‍लेखनीय है कि इस हफ्ते जेसिका ड्रेक यौन उत्‍पीड़न का आरोप लगाने वाली 11वीं महिला हैं. उन्‍होंने आरोप लगाया है कि वह करीब दस साल पहले कैलिफोर्निया के लेक ताहो में ट्रंप से मिली थी. उसे होटल में ट्रंप के कमरे में बुलाया गया, जिसके बाद वह अपनी कुछ मित्रों के साथ वहां गई. 42 साल की ड्रेक का आरोप है कि ट्रंप ने उसे और उसकी दो अन्य मित्रों को (जो ट्रंप के लिए अजनबी थीं) पकड़ लिया और उनकी इजाजत के बिना उनका चुंबन लिया. इसके बाद ड्रेक को कमरे में आने के लिए 10,000 डॉलर की पेशकश की गई. उसका आरोप है कि बाद में एक अज्ञात व्यक्ति ने ट्रंप की ओर से उसे फोन कर फिर से कमरे में आने को कहा लेकिन इस बार उसे अकेले बुलाया गया. ड्रेक ने इनकार कर दिया.टिप्पणियां गौरतलब है कि हाल में महिलाओं के खिलाफ भद्दी टिप्‍पणियां करने वाला 2005 का उनका एक वीडियो लीक होने के बाद ड्रेक समेत अब तक 11 महिलाएं उन पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगा चुकी हैं. उस वीडियो के बाद आलोचनाओं में घिरे रिपब्लिकन उम्मीदवार ने माफी मांगी थी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उल्‍लेखनीय है कि इस हफ्ते जेसिका ड्रेक यौन उत्‍पीड़न का आरोप लगाने वाली 11वीं महिला हैं. उन्‍होंने आरोप लगाया है कि वह करीब दस साल पहले कैलिफोर्निया के लेक ताहो में ट्रंप से मिली थी. उसे होटल में ट्रंप के कमरे में बुलाया गया, जिसके बाद वह अपनी कुछ मित्रों के साथ वहां गई. 42 साल की ड्रेक का आरोप है कि ट्रंप ने उसे और उसकी दो अन्य मित्रों को (जो ट्रंप के लिए अजनबी थीं) पकड़ लिया और उनकी इजाजत के बिना उनका चुंबन लिया. इसके बाद ड्रेक को कमरे में आने के लिए 10,000 डॉलर की पेशकश की गई. उसका आरोप है कि बाद में एक अज्ञात व्यक्ति ने ट्रंप की ओर से उसे फोन कर फिर से कमरे में आने को कहा लेकिन इस बार उसे अकेले बुलाया गया. ड्रेक ने इनकार कर दिया.टिप्पणियां गौरतलब है कि हाल में महिलाओं के खिलाफ भद्दी टिप्‍पणियां करने वाला 2005 का उनका एक वीडियो लीक होने के बाद ड्रेक समेत अब तक 11 महिलाएं उन पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगा चुकी हैं. उस वीडियो के बाद आलोचनाओं में घिरे रिपब्लिकन उम्मीदवार ने माफी मांगी थी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) 42 साल की ड्रेक का आरोप है कि ट्रंप ने उसे और उसकी दो अन्य मित्रों को (जो ट्रंप के लिए अजनबी थीं) पकड़ लिया और उनकी इजाजत के बिना उनका चुंबन लिया. इसके बाद ड्रेक को कमरे में आने के लिए 10,000 डॉलर की पेशकश की गई. उसका आरोप है कि बाद में एक अज्ञात व्यक्ति ने ट्रंप की ओर से उसे फोन कर फिर से कमरे में आने को कहा लेकिन इस बार उसे अकेले बुलाया गया. ड्रेक ने इनकार कर दिया.टिप्पणियां गौरतलब है कि हाल में महिलाओं के खिलाफ भद्दी टिप्‍पणियां करने वाला 2005 का उनका एक वीडियो लीक होने के बाद ड्रेक समेत अब तक 11 महिलाएं उन पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगा चुकी हैं. उस वीडियो के बाद आलोचनाओं में घिरे रिपब्लिकन उम्मीदवार ने माफी मांगी थी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) गौरतलब है कि हाल में महिलाओं के खिलाफ भद्दी टिप्‍पणियां करने वाला 2005 का उनका एक वीडियो लीक होने के बाद ड्रेक समेत अब तक 11 महिलाएं उन पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगा चुकी हैं. उस वीडियो के बाद आलोचनाओं में घिरे रिपब्लिकन उम्मीदवार ने माफी मांगी थी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सारांश: यौन उत्‍पीड़न का आरोप लगाने वाली 11वीं महिला इन सबसे ट्रंप के अभियान को लगा झटका आठ नवंबर को अमेरिका में होने हैं राष्‍ट्रपति चुनाव
7
['hin']
एक सारांश बनाओ: 'अकीरा' और 'फोर्स-2' जैसी एक्‍शन फिल्‍मों का हिस्‍सा रही सोनाक्षी सिन्‍हा अब काफी दबंग हो गई हैं. इस दबंग गर्ल ने कहा है कि 'फोर्स-3' उनके बिना नहीं बनेगी. एक के बाद एक एक्शन फिल्मों के लिए वाहवाही लूट रही सोनाक्षी सिन्हा का कहना है कि उन्होंने 'फोर्स 3' में निर्माताओं से उन्हें ही फिल्म में लेने के लिए कहा है. बता दे कि फिल्म के अभिनेता व सह-निर्माता जॉन अब्राहम पहले ही 'फोर्स' सीरीज की तीसरी फिल्म के निर्माण की बात कर चुके हैं. इस सीरीज की पहली फिल्‍म यानी फोर्स में जॉन के साथ जेनेलिया डिसूजा थी. इस संबंध में सोनाक्षी ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा, "मैंने पहले ही जॉन, विपुल सर (सह-निर्माता, विपुल शाह), अभिनय देव (निर्देशक) को आगाह कर दिया है कि 'फोर्स-3' मेरे बिना नहीं बनेगी.'टिप्पणियां ब्रांड विजन समिट के एक कार्यक्रम में पहुंचीं सोनाक्षी ने कहा, 'दो एक्शन फिल्मों के साथ मेरा साल अच्छा रहा. जब आप जोखिम उठाते हैं और आपके काम की तारीफ होती है तो अच्छा लगता है.' सोनाक्षी (29) आगामी फिल्म 'नूर' में एक पत्रकार की भूमिका में नजर आएंगी. यह फिल्म दुनियाभर में 21 अप्रैल, 2017 को रिलीज होगी. अभिनेत्री जल्द ही करन जौहर के शो 'कॉफी विद करन' में नजर आने वाली हैं, लेकिन वह इस शो में किसके साथ आएंगी इसको लेकर करन और सोनाक्षी दोनों असमंजस में हैं. फिलहाल इस विषय में तस्‍वीर अभी साफ नहीं हुई है. बता दे कि फिल्म के अभिनेता व सह-निर्माता जॉन अब्राहम पहले ही 'फोर्स' सीरीज की तीसरी फिल्म के निर्माण की बात कर चुके हैं. इस सीरीज की पहली फिल्‍म यानी फोर्स में जॉन के साथ जेनेलिया डिसूजा थी. इस संबंध में सोनाक्षी ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा, "मैंने पहले ही जॉन, विपुल सर (सह-निर्माता, विपुल शाह), अभिनय देव (निर्देशक) को आगाह कर दिया है कि 'फोर्स-3' मेरे बिना नहीं बनेगी.'टिप्पणियां ब्रांड विजन समिट के एक कार्यक्रम में पहुंचीं सोनाक्षी ने कहा, 'दो एक्शन फिल्मों के साथ मेरा साल अच्छा रहा. जब आप जोखिम उठाते हैं और आपके काम की तारीफ होती है तो अच्छा लगता है.' सोनाक्षी (29) आगामी फिल्म 'नूर' में एक पत्रकार की भूमिका में नजर आएंगी. यह फिल्म दुनियाभर में 21 अप्रैल, 2017 को रिलीज होगी. अभिनेत्री जल्द ही करन जौहर के शो 'कॉफी विद करन' में नजर आने वाली हैं, लेकिन वह इस शो में किसके साथ आएंगी इसको लेकर करन और सोनाक्षी दोनों असमंजस में हैं. फिलहाल इस विषय में तस्‍वीर अभी साफ नहीं हुई है. ब्रांड विजन समिट के एक कार्यक्रम में पहुंचीं सोनाक्षी ने कहा, 'दो एक्शन फिल्मों के साथ मेरा साल अच्छा रहा. जब आप जोखिम उठाते हैं और आपके काम की तारीफ होती है तो अच्छा लगता है.' सोनाक्षी (29) आगामी फिल्म 'नूर' में एक पत्रकार की भूमिका में नजर आएंगी. यह फिल्म दुनियाभर में 21 अप्रैल, 2017 को रिलीज होगी. अभिनेत्री जल्द ही करन जौहर के शो 'कॉफी विद करन' में नजर आने वाली हैं, लेकिन वह इस शो में किसके साथ आएंगी इसको लेकर करन और सोनाक्षी दोनों असमंजस में हैं. फिलहाल इस विषय में तस्‍वीर अभी साफ नहीं हुई है. अभिनेत्री जल्द ही करन जौहर के शो 'कॉफी विद करन' में नजर आने वाली हैं, लेकिन वह इस शो में किसके साथ आएंगी इसको लेकर करन और सोनाक्षी दोनों असमंजस में हैं. फिलहाल इस विषय में तस्‍वीर अभी साफ नहीं हुई है.
संक्षिप्त पाठ: सोनाक्षी सिन्‍हा ने 'फोर्स 3' में दोबारा हीरोइन बनने की बात कही है 'फोर्स 2' का हिस्‍सा रह चुकी हैं सोनाक्षी सिन्‍हा इस साल अकीरा और 'फोर्स 2' जैसी दो एक्‍शन फिल्‍मों में दिखी हैं सोनाक्षी
30
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारत में पशुधन पर की गई ताजा गणना में खासी बढ़ोतरी देखी गई है. भारत की पशुधन आबादी 2012 की तुलना में बढ़कर 53 करोड़ 57.8 लाख हो गई है जबकि इसी दौरान गायों की संख्या 18 प्रतिशत बढ़कर 14 करोड़ 51.2 लाख हो गई है. बुधवार को जारी पशुधन गणना -2019 में पता चला कि भेड़, बकरी और मिथुन की आबादी दोहरे अंकों में बढ़ी है, जबकि घोड़े और टट्टू, सूअर, ऊंट, गधे, खच्चर और याक की गिनती में गिरावट आई है. मतस्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘देश में कुल पशुधन की संख्या 53 करोड़ 57.8 लाख है, जो पशुधन गणना -2018 की तुलना में 4.6 प्रतिशत अधिक है.' राज्यों में, पश्चिम बंगाल में पशुधन संख्या में सर्वाधिक 23.32 प्रतिशत की वृद्धि हुई. इसके बाद वृद्धि के मामले में तेलंगाना (22.21 प्रतिशत), आंध्र प्रदेश (15.79 प्रतिशत), बिहार (10.67 प्रतिशत) और मध्य प्रदेश (11.81 प्रतिशत) का स्थान है. हालांकि, उत्तर प्रदेश (1.35 प्रतिशत), राजस्थान (1.66 प्रतिशत) और गुजरात (0.95 प्रतिशत) में पशुधन में गिरावट हुई है. पशुधन की इस 20 वीं जनगणना के अनुसार, गोधन की हिस्सेदारी 35.94 प्रतिशत, बकरी (27.8 प्रतिशत), भैंस (20.45 प्रतिशत), भेड़ (13.87 प्रतिशत) और सूअर (1.69 प्रतिशत) है.  वर्ष 2012 की जनगणना की तुलना में गोधन, भैंस, मिथुन और याक की संख्या एक प्रतिशत बढ़कर 30 करोड़ 27.9 लाख हो गई. मिथुन अरुणाचल प्रदेश का राज्य पशु है. बयान में कहा गया है, ‘वर्ष 2019 में देश में कुल गोधन (गाय-बैल) की संख्या 19 करोड़ 24.9 लाख है, जो पिछली जनगणना की तुलना में 0.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है. इसमें मादा गोधन (गायों की आबादी) 14 करोड़ 51.2 लाख है, जो पिछली जनगणना (2012) के मुकाबले 18 प्रतिशत बढ़ी है.' विदेशी/क्रॉसब्रीड तथा स्वदेशी/गैर-विवरणित मवेशी आबादी क्रमशः पांच करोड़ 4.2 लाख और 14 करोड़ 21.1 लाख है. पिछली गणना की तुलना में वर्ष 2019 में स्वदेशी/गैर-विवरणी मादा मवेशियों की संख्या में 10 प्रतिशत की वृद्धि हुई है.  बता दें, पिछली गणना की तुलना में वर्ष 2019 में कुल विदेशी/क्रॉसब्रीड मवेशियों की आबादी 26.9 प्रतिशत बढ़ी है. भैंसों की कुल संख्या लगभग एक प्रतिशत बढ़कर 10 करोड़ 98.5 लाख हो गई, जबकि गायों और भैंसों सहित दुधारू पशुओं (दूध दे रहे और शुष्क) की गिनती 12 करोड़ 53.4 लाख है, जो पिछली जनगणना से छह प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है. आंकड़ों के मुताबिक, देश में वर्ष 2019 में कुल भेड़ें सात करोड़ 42.6 लाख हैं, जो पिछली गणना से 14.1 फीसदी अधिक है. नवीनतम गणना के अनुसार, बकरियों की संख्या 10 प्रतिशत बढ़कर 14 करोड़ 88.8 लाख हो गई है, लेकिन सुअर की संख्या 12 प्रतिशत घटकर 90.6 लाख है. कुल मवेशियों में मिथुन, याक, घोड़े, टट्टू, खच्चर, गधे, ऊंट सहित अन्य पशुधन का 0.23 प्रतिशत का योगदान हैं और उनकी कुल संख्या 12.4 लाख है.  ताजा गणना रपट के अनुसार देश में 2019 में गधों की संख्या 61 फीसदी घटकर 1,20,000 रह गई, जबकि ऊंटों की संख्या 37 फीसदी घटकर 2,50,000 रह गई है. बयान में कहा गया है, ‘देश में वर्ष 2019 में कुल घोड़े और टट्टू 3.4 लाख (3,40,000) हैं, जो पिछली गणना के मुकाबले 45.6 प्रतिशत कम है.' वहीं मंत्रालय ने कहा कि पशुधन के अलावा, वर्ष 2019 में कुक्कुट की संख्या लगभग 17 प्रतिशत बढ़कर 85 करोड़ 18.1 लाख हो गई है. बीसवीं पशुधन गणना सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की भागीदारी के साथ आयोजित की गई थी. इसमें लगभग 6.6 लाख गाँव, 89,000 शहरी वार्ड को शामिल किया गया और इनमें 27 करोड़ से अधिक घरों और घुमन्तू परिवारों को शामिल किया गया. चूंकि दिल्ली में जनगणना अभी पूरी नहीं हुई है, इसलिए इस रपट में दिल्ली के आंकड़े पिछली गणना के हैं.
यहाँ एक सारांश है:भेड़, बकरी और मिथुन की आबादी दोहरे अंकों में बढ़ी घोड़े और टट्टू, सूअर, ऊंट, गधे, खच्चर और याक की गिनती में आई गिरावट वर्ष 2019 में देश में कुल गोधन (गाय-बैल) की संख्या 19 करोड़ 24.9 लाख है
12
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: हॉलीवुड अभिनेत्री क्रिस्टेन स्टीवर्ट ने अपने पूर्व ब्वॉयफ्रेंड रॉबर्ट पैटिन्सन और उनकी तथाकथित महिला मित्र राइली कियॉफ को फोन संदेश भेजकर यह पता लगाने की कोशिश की है कि क्या वे दोनों के बीच कोई अफेयर चल रहा है। इन दिनों यह अफवाह जोरों पर है कि पैटिन्सन दिवंगत गायक एल्विस प्रीस्ली की पोती व अभिनेत्री राइली कियॉफ के साथ वक्त बिता रहे हैं। वैसे राइली कियॉफ और क्रिस्टेन स्टीवर्ट ने फिल्म 'द रनवेज़' में एक साथ काम किया था, और अब क्रिस्टेन इस बात से नाखुश हैं कि कियॉफ और पैटिन्सन एक साथ हैं।टिप्पणियां वेबसाइट फीमेलफर्स्ट.को.यूके के अनुसार एक सूत्र ने कहा, "स्टीवर्ट गुस्से में है... उन्होंने पैटिन्सन और राइली को संदेश भेजकर पूछा है कि उनके बीच क्या चल रहा है, लेकिन दोनों में से किसी ने भी उनके संदेशों का जवाब नहीं दिया..." रॉबर्ट पैटिन्सन और राइली कियॉफ पहली बार क्रिस्टेन स्टीवर्ट के माध्यम से ही मिले थे। सूत्र ने कहा, "पैटिन्सन दरअसल कियॉफ को स्टीवर्ट की वजह से ही जानते थे और पिछले कुछ सप्ताह से वे दोनों साथ समय बिता रहे हैं..." इन दिनों यह अफवाह जोरों पर है कि पैटिन्सन दिवंगत गायक एल्विस प्रीस्ली की पोती व अभिनेत्री राइली कियॉफ के साथ वक्त बिता रहे हैं। वैसे राइली कियॉफ और क्रिस्टेन स्टीवर्ट ने फिल्म 'द रनवेज़' में एक साथ काम किया था, और अब क्रिस्टेन इस बात से नाखुश हैं कि कियॉफ और पैटिन्सन एक साथ हैं।टिप्पणियां वेबसाइट फीमेलफर्स्ट.को.यूके के अनुसार एक सूत्र ने कहा, "स्टीवर्ट गुस्से में है... उन्होंने पैटिन्सन और राइली को संदेश भेजकर पूछा है कि उनके बीच क्या चल रहा है, लेकिन दोनों में से किसी ने भी उनके संदेशों का जवाब नहीं दिया..." रॉबर्ट पैटिन्सन और राइली कियॉफ पहली बार क्रिस्टेन स्टीवर्ट के माध्यम से ही मिले थे। सूत्र ने कहा, "पैटिन्सन दरअसल कियॉफ को स्टीवर्ट की वजह से ही जानते थे और पिछले कुछ सप्ताह से वे दोनों साथ समय बिता रहे हैं..." वेबसाइट फीमेलफर्स्ट.को.यूके के अनुसार एक सूत्र ने कहा, "स्टीवर्ट गुस्से में है... उन्होंने पैटिन्सन और राइली को संदेश भेजकर पूछा है कि उनके बीच क्या चल रहा है, लेकिन दोनों में से किसी ने भी उनके संदेशों का जवाब नहीं दिया..." रॉबर्ट पैटिन्सन और राइली कियॉफ पहली बार क्रिस्टेन स्टीवर्ट के माध्यम से ही मिले थे। सूत्र ने कहा, "पैटिन्सन दरअसल कियॉफ को स्टीवर्ट की वजह से ही जानते थे और पिछले कुछ सप्ताह से वे दोनों साथ समय बिता रहे हैं..." रॉबर्ट पैटिन्सन और राइली कियॉफ पहली बार क्रिस्टेन स्टीवर्ट के माध्यम से ही मिले थे। सूत्र ने कहा, "पैटिन्सन दरअसल कियॉफ को स्टीवर्ट की वजह से ही जानते थे और पिछले कुछ सप्ताह से वे दोनों साथ समय बिता रहे हैं..."
संक्षिप्त सारांश: एक वेबसाइट के अनुसार, "क्रिस्टेन स्टीवर्ट गुस्से में है... उन्होंने रॉबर्ट पैटिन्सन और राइली कियॉफ को एसएमएस भेजकर पूछा कि उनके बीच क्या चल रहा है, लेकिन किसी ने भी जवाब नहीं दिया..."
23
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: लोकसभा के पहले सत्र के 60 साल पूरे होने के मौके पर 13 मई को लोकसभा का विशेष सत्र बुलाया जाएगा। तीन दिन तक चलने वाले इस सत्र की अध्यक्षता राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल करेंगी।टिप्पणियां देश में 17 अप्रैल 1952 को पहले आम चुनाव हुए थे जिसके बाद 13 मई को लोकसभा का पहला सत्र शुरू हुआ था। इस मौके पर होने वाले तीन दिन के समारोह का उद्घाटन राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल कर सकती हैं। लोकसभा के सचिव जनरल टी के विश्वनाथ ने बताया कि ये स्पीकर मीरा कुमार का आइडिया है वह चाहती हैं कि संसद के इस विशेष सत्र में ऐसे मुद्दों पर चर्चा हो जो आम मसलों से हटकर हो इसलिए संसद के इस सत्र में मिलेनियम विकास लक्ष्य और मानव विकास सूचकांक जैसे मसलों पर चर्चा होगी। देश में 17 अप्रैल 1952 को पहले आम चुनाव हुए थे जिसके बाद 13 मई को लोकसभा का पहला सत्र शुरू हुआ था। इस मौके पर होने वाले तीन दिन के समारोह का उद्घाटन राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल कर सकती हैं। लोकसभा के सचिव जनरल टी के विश्वनाथ ने बताया कि ये स्पीकर मीरा कुमार का आइडिया है वह चाहती हैं कि संसद के इस विशेष सत्र में ऐसे मुद्दों पर चर्चा हो जो आम मसलों से हटकर हो इसलिए संसद के इस सत्र में मिलेनियम विकास लक्ष्य और मानव विकास सूचकांक जैसे मसलों पर चर्चा होगी। लोकसभा के सचिव जनरल टी के विश्वनाथ ने बताया कि ये स्पीकर मीरा कुमार का आइडिया है वह चाहती हैं कि संसद के इस विशेष सत्र में ऐसे मुद्दों पर चर्चा हो जो आम मसलों से हटकर हो इसलिए संसद के इस सत्र में मिलेनियम विकास लक्ष्य और मानव विकास सूचकांक जैसे मसलों पर चर्चा होगी।
सारांश: लोकसभा के पहले सत्र के 60 साल पूरे होने के मौके पर 13 मई को लोकसभा का विशेष सत्र बुलाया जाएगा।
20
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारत में रॉक बैंड मेटालिका के पहले शो के आयोजन से जुड़ी कंपनी के चार अधिकारियों को पुलिस ने शुक्रवार रात धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। यह शो कल रात गुड़गांव में होने वाला था, लेकिन सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए इसे रद्द कर दिया गया था। कई घंटे के इंतजार के बाद जब आयोजक कंपनी डीएनए नेटवर्क ने कंसर्ट रद्द होने की घोषणा की, तो दर्शकों ने गुस्से में हंगामा शुरू कर दिया। वे मंच पर चढ़ गए और पोस्टर फाड़ डाले। पुलिस ने कंसर्ट आयोजक डीएनए नेटवर्क के चार अधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने बताया कि अशोक, राजेश, उमेश और साविया फैलियो को भारतीय दंड संहिता की धारा 406 (विश्वासघात) और 420 (धोखाधड़ी) के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। कंपनी का कहना है कि बैंड को यह बता दिया गया था कि कंसर्ट में आने वाले दर्शकों के सुरक्षा की दृष्टि से शो का होना या नहीं होना गंभीर सवाल है। सुरक्षा कारणों से मेटालिका दिल्ली में प्रस्तुति नहीं कर सका था। डीएनए नेटवर्क का कहना है कि वह जल्द ही पैसे लौटाने के लिए नोटिस जारी करेगा। मेटालिका रविवार को बेंगलुरु में प्रस्तुति करने वाला है।
भारत में रॉक बैंड मेटालिका के पहले शो के आयोजन से जुड़ी कंपनी के चार अधिकारियों को पुलिस ने धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।
6
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: आरजेडी नेता ने कहा है कि नीतीश कुमार की पार्टी को तो इस मामले में बोलना ही नहीं चाहिए. मुझे याद है कि 2010 में सरकार के पुन: गठन के बाद नीतीश कुमार ने स्वर्ण आयोग के गठन की घोषणा की थी. संभवत: 2010 के चुनाव घोषणा पत्र में आयोग गठन का वादा जदयू ने किया था. मैंने संविधान का हवाला देकर इसका विरोध किया था. एक अणे मार्ग में पार्टी नेताओं की बैठक में नीतीश ने मेरे बयान पर एतराज़ उठाया था. स्वर्ण आयोग का गठन हुआ. इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक अवकाश प्राप्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में आयोग का गठन हुआ था. जदयू और भाजपा दोनो दलों के लोग आयोग के सदस्य थे. 2011 से 2016 तक उस आयोग ने काम किया. मेरी जानकारी के अनुसार उस आयोग पर लगभग बारह करोड़ रुपये ख़र्च हुए. इतना ख़र्च करने के बाद उसका फल क्या निकला, कितने गरीब सवर्णों का कल्याण हुआ उसकी कोई जानकारी बिहार की जनता को नहीं दी गई. इसलिए दो बातें स्पष्ट हैं. पहला-गरीबी को आधार बनाकर सरकारी नौकरियों में आरक्षण नहीं दिया जा सकता है. दूसरा-बेरोज़गारी दूर करने में सरकारी नौकरियों की भूमिका बहुत अल्प है. लेकिन रोज़गार का अवसर उपलब्ध कराना सरकार का दायित्व है. इसलिए बेरोजगारी के खिलाफ रोजगार के लिए तमाम बेरोज़गार नौजवानों का संगठन बनना चाहिए. इस तरह के सकारात्मक अभियान से समाज मज़बूत होगा. लेकिन जो राजनीतिक दल या संगठन नौजवानों को धर्म या जाति के आधार पर संगठित होने के लिए प्रेरित कर दलित, आदिवासी या पिछड़ों को मिलने वाले आरक्षण के विरुद्ध संघर्ष के लिए उकसा रहे हैं उससे देश में गृह युद्ध की स्थिति पैदा हो सकती है. उस स्थिति की कल्पना भी डरावनी लगती है. इसलिए नौजवानों को वैसे लोगों के बहकावे में आने से बचना होगा तथा बेरोज़गारी के ख़िलाफ़ संघर्ष के लिए उन्हें एक व्यापक संगठन बनाने के काम में लग जाना चाहिए.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: कहा- मोदी सरकार ने नौजवानों के साथ बहुत बड़ा छल किया सरकारी नौकरियों की संख्या लगातार घटाई जा रही आरक्षण का आधार आर्थिक नहीं बल्कि सामाजिक, शैक्षणिक पिछड़ापन
3
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारतीय टीम के आस्ट्रेलिया में जारी त्रिकोणीय एकदिवसीय श्रृंखला का फाइनल खेलने की उम्मीद बरकरार है। भारत ने मंगलवार को अपने अंतिम लीग मैच में श्रीलंका को बोनस अंक के साथ हराकर यह उम्मीद बनाई है लेकिन अंतिम लीग मैच में ऑस्ट्रेलिया के हाथों श्रीलंका की हार से ही उसका रास्ता साफ हो सकेगा। भारत की जीत के हीरो रहे अपने करियर की अब तक की सबसे बड़ी और एक लिहाज से सबसे उपयोगी पारी खेलने वाले विराट कोहली। कोहली ने 133 रनों की नाबाद पारी खेली और गौतम गम्भीर (63) तथा सुरेश रैना (नाबाद 40) के साथ मिलकर टीम को 13.2 ओवर शेष रहते जीत दिला दी। बेलेरीव ओवल मैदान पर 321 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रही भारतीय टीम को बोनस अंक हासिल करने के लिए 40 ओवरों में जीत हासिल करने की जरूरत थी। उसने 36.4 ओवरों में ही जीत हासिल कर अपने लिए रास्ता बनाया। भारत को अब दो मार्च को ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका के बीच होने वाले अंतिम लीग मुकाबले के परिणाम का इंतजार होगा। इस मैच में ऑस्ट्रेलिया की जीत भारत का मार्ग प्रशस्त करेगी। भारत के आठ मैचों में 15 अंक (बोनस सहित) हैं जबकि श्रीलंका के सात मैचों में 15 अंक है। ऑस्ट्रेलिया सात मैचों से 19 अंक अर्जित कर फाइनल में पहले ही प्रवेश कर चुका है। कोहली ने अपने करियर का नौवां शतक लगाया। वह 86 गेंदों पर 16 चौके और दो छक्के लगाकर नाबाद लौटे। रैना ने 24 गेंदों पर तीन चौके और एक छक्का जड़ा। रैना ने कोहली के साथ 9.1 ओवरों में 120 रन जोड़े। इन दोनों की करिश्माई बल्लेबाजी के कारण भारत 13.2 ओवर पहले ही मैच अपने नाम करने में सफल रहा। कोहली को मैन ऑफ द मैच चुना गया। भारत ने गम्भीर के अलावा सचिन तेंदुलकर और वीरेंद्र सहवाग के विकेट गंवाए। गम्भीर का विकेट 201 रन के कुल योग पर गिरा था। गम्भीर 64 गेंदों पर चार चौकों की मदद से 63 रन बनाने के बाद रन आउट हुए। गम्भीर और विराट कोहली ने तीसरे विकेट के लिए 115 रन जोड़े। भारतीय टीम ने तेज शुरुआत के बाद 86 रन के कुल योग तक तेंदुलकर और सहवाग के विकेट गंवा दिए थे। सहवाग 54 रन के कुल योग पर 30 रन के निजी योग पर फरवेज महरूफ का शिकार बने। सहवाग ने 16 गेंदों पर पांच चौके और एक छक्का लगाया। सचिन का विकेट 86 रन के कुल योग पर गिरा। वह 30 गेंदों पर पांच चौकों की मदद से 39 रन बना सके। सचिन का विकेट लसिथ मलिंगा ने लिया। इससे पहले, कुमार संगकारा (102) और तिलकरत्ने दिलशान (नाबाद 160) के शानदार शतकों की मदद से श्रीलंका ने भारत के सामने 321 रनों का लक्ष्य रखा। टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंकाई टीम ने निर्धारित 50 ओवरों की समाप्ति तक चार विकेट के नुकसान पर 320 रन बनाए। श्रीलंका ने कप्तान माहेला जयवर्धने (22), संगकारा (102), थिसारा परेरा (3) और एंजेलो मैथ्यूज (14) के विकेट गंवाए। संगकारा ने 87 गेंदों का सामना करते हुए आठ चौके और दो छक्के लगाए। 49 रन के कुल योग पर जयवर्धने का विकेट गिरने के बाद क्रीज पर आए संगकारा ने दिलशान के साथ दूसरे विकेट के लिए 200 रन जोड़े।टिप्पणियां इसके बाद ताबड़तोड़ बल्लेबाजी कर रहे दिलशान ने परेरा के साथ तीसरे विकेट के लिए 30 रनों की साझेदारी निभाई। इस साझेदारी में 21 रन दिलशान के शामिल हैं। दिलशान 165 गेंदों पर 11 चौके और तीन छक्के लगाकर नाबाद लौटे। मैथ्यूज 14 रनों पर आउट हुए। मैथ्यूज और दिलशान ने चौथे विकेट के लिए तेजी से 30 रनों की साझेदारी निभाई। भारत की ओर से प्रवीण कुमार, जहीर खान और रवींद्र जडेजा को एक-एक सफलता मिली। परेरा रन आउट हुए। भारत की जीत के हीरो रहे अपने करियर की अब तक की सबसे बड़ी और एक लिहाज से सबसे उपयोगी पारी खेलने वाले विराट कोहली। कोहली ने 133 रनों की नाबाद पारी खेली और गौतम गम्भीर (63) तथा सुरेश रैना (नाबाद 40) के साथ मिलकर टीम को 13.2 ओवर शेष रहते जीत दिला दी। बेलेरीव ओवल मैदान पर 321 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रही भारतीय टीम को बोनस अंक हासिल करने के लिए 40 ओवरों में जीत हासिल करने की जरूरत थी। उसने 36.4 ओवरों में ही जीत हासिल कर अपने लिए रास्ता बनाया। भारत को अब दो मार्च को ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका के बीच होने वाले अंतिम लीग मुकाबले के परिणाम का इंतजार होगा। इस मैच में ऑस्ट्रेलिया की जीत भारत का मार्ग प्रशस्त करेगी। भारत के आठ मैचों में 15 अंक (बोनस सहित) हैं जबकि श्रीलंका के सात मैचों में 15 अंक है। ऑस्ट्रेलिया सात मैचों से 19 अंक अर्जित कर फाइनल में पहले ही प्रवेश कर चुका है। कोहली ने अपने करियर का नौवां शतक लगाया। वह 86 गेंदों पर 16 चौके और दो छक्के लगाकर नाबाद लौटे। रैना ने 24 गेंदों पर तीन चौके और एक छक्का जड़ा। रैना ने कोहली के साथ 9.1 ओवरों में 120 रन जोड़े। इन दोनों की करिश्माई बल्लेबाजी के कारण भारत 13.2 ओवर पहले ही मैच अपने नाम करने में सफल रहा। कोहली को मैन ऑफ द मैच चुना गया। भारत ने गम्भीर के अलावा सचिन तेंदुलकर और वीरेंद्र सहवाग के विकेट गंवाए। गम्भीर का विकेट 201 रन के कुल योग पर गिरा था। गम्भीर 64 गेंदों पर चार चौकों की मदद से 63 रन बनाने के बाद रन आउट हुए। गम्भीर और विराट कोहली ने तीसरे विकेट के लिए 115 रन जोड़े। भारतीय टीम ने तेज शुरुआत के बाद 86 रन के कुल योग तक तेंदुलकर और सहवाग के विकेट गंवा दिए थे। सहवाग 54 रन के कुल योग पर 30 रन के निजी योग पर फरवेज महरूफ का शिकार बने। सहवाग ने 16 गेंदों पर पांच चौके और एक छक्का लगाया। सचिन का विकेट 86 रन के कुल योग पर गिरा। वह 30 गेंदों पर पांच चौकों की मदद से 39 रन बना सके। सचिन का विकेट लसिथ मलिंगा ने लिया। इससे पहले, कुमार संगकारा (102) और तिलकरत्ने दिलशान (नाबाद 160) के शानदार शतकों की मदद से श्रीलंका ने भारत के सामने 321 रनों का लक्ष्य रखा। टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंकाई टीम ने निर्धारित 50 ओवरों की समाप्ति तक चार विकेट के नुकसान पर 320 रन बनाए। श्रीलंका ने कप्तान माहेला जयवर्धने (22), संगकारा (102), थिसारा परेरा (3) और एंजेलो मैथ्यूज (14) के विकेट गंवाए। संगकारा ने 87 गेंदों का सामना करते हुए आठ चौके और दो छक्के लगाए। 49 रन के कुल योग पर जयवर्धने का विकेट गिरने के बाद क्रीज पर आए संगकारा ने दिलशान के साथ दूसरे विकेट के लिए 200 रन जोड़े।टिप्पणियां इसके बाद ताबड़तोड़ बल्लेबाजी कर रहे दिलशान ने परेरा के साथ तीसरे विकेट के लिए 30 रनों की साझेदारी निभाई। इस साझेदारी में 21 रन दिलशान के शामिल हैं। दिलशान 165 गेंदों पर 11 चौके और तीन छक्के लगाकर नाबाद लौटे। मैथ्यूज 14 रनों पर आउट हुए। मैथ्यूज और दिलशान ने चौथे विकेट के लिए तेजी से 30 रनों की साझेदारी निभाई। भारत की ओर से प्रवीण कुमार, जहीर खान और रवींद्र जडेजा को एक-एक सफलता मिली। परेरा रन आउट हुए। बेलेरीव ओवल मैदान पर 321 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रही भारतीय टीम को बोनस अंक हासिल करने के लिए 40 ओवरों में जीत हासिल करने की जरूरत थी। उसने 36.4 ओवरों में ही जीत हासिल कर अपने लिए रास्ता बनाया। भारत को अब दो मार्च को ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका के बीच होने वाले अंतिम लीग मुकाबले के परिणाम का इंतजार होगा। इस मैच में ऑस्ट्रेलिया की जीत भारत का मार्ग प्रशस्त करेगी। भारत के आठ मैचों में 15 अंक (बोनस सहित) हैं जबकि श्रीलंका के सात मैचों में 15 अंक है। ऑस्ट्रेलिया सात मैचों से 19 अंक अर्जित कर फाइनल में पहले ही प्रवेश कर चुका है। कोहली ने अपने करियर का नौवां शतक लगाया। वह 86 गेंदों पर 16 चौके और दो छक्के लगाकर नाबाद लौटे। रैना ने 24 गेंदों पर तीन चौके और एक छक्का जड़ा। रैना ने कोहली के साथ 9.1 ओवरों में 120 रन जोड़े। इन दोनों की करिश्माई बल्लेबाजी के कारण भारत 13.2 ओवर पहले ही मैच अपने नाम करने में सफल रहा। कोहली को मैन ऑफ द मैच चुना गया। भारत ने गम्भीर के अलावा सचिन तेंदुलकर और वीरेंद्र सहवाग के विकेट गंवाए। गम्भीर का विकेट 201 रन के कुल योग पर गिरा था। गम्भीर 64 गेंदों पर चार चौकों की मदद से 63 रन बनाने के बाद रन आउट हुए। गम्भीर और विराट कोहली ने तीसरे विकेट के लिए 115 रन जोड़े। भारतीय टीम ने तेज शुरुआत के बाद 86 रन के कुल योग तक तेंदुलकर और सहवाग के विकेट गंवा दिए थे। सहवाग 54 रन के कुल योग पर 30 रन के निजी योग पर फरवेज महरूफ का शिकार बने। सहवाग ने 16 गेंदों पर पांच चौके और एक छक्का लगाया। सचिन का विकेट 86 रन के कुल योग पर गिरा। वह 30 गेंदों पर पांच चौकों की मदद से 39 रन बना सके। सचिन का विकेट लसिथ मलिंगा ने लिया। इससे पहले, कुमार संगकारा (102) और तिलकरत्ने दिलशान (नाबाद 160) के शानदार शतकों की मदद से श्रीलंका ने भारत के सामने 321 रनों का लक्ष्य रखा। टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंकाई टीम ने निर्धारित 50 ओवरों की समाप्ति तक चार विकेट के नुकसान पर 320 रन बनाए। श्रीलंका ने कप्तान माहेला जयवर्धने (22), संगकारा (102), थिसारा परेरा (3) और एंजेलो मैथ्यूज (14) के विकेट गंवाए। संगकारा ने 87 गेंदों का सामना करते हुए आठ चौके और दो छक्के लगाए। 49 रन के कुल योग पर जयवर्धने का विकेट गिरने के बाद क्रीज पर आए संगकारा ने दिलशान के साथ दूसरे विकेट के लिए 200 रन जोड़े।टिप्पणियां इसके बाद ताबड़तोड़ बल्लेबाजी कर रहे दिलशान ने परेरा के साथ तीसरे विकेट के लिए 30 रनों की साझेदारी निभाई। इस साझेदारी में 21 रन दिलशान के शामिल हैं। दिलशान 165 गेंदों पर 11 चौके और तीन छक्के लगाकर नाबाद लौटे। मैथ्यूज 14 रनों पर आउट हुए। मैथ्यूज और दिलशान ने चौथे विकेट के लिए तेजी से 30 रनों की साझेदारी निभाई। भारत की ओर से प्रवीण कुमार, जहीर खान और रवींद्र जडेजा को एक-एक सफलता मिली। परेरा रन आउट हुए। इस मैच में ऑस्ट्रेलिया की जीत भारत का मार्ग प्रशस्त करेगी। भारत के आठ मैचों में 15 अंक (बोनस सहित) हैं जबकि श्रीलंका के सात मैचों में 15 अंक है। ऑस्ट्रेलिया सात मैचों से 19 अंक अर्जित कर फाइनल में पहले ही प्रवेश कर चुका है। कोहली ने अपने करियर का नौवां शतक लगाया। वह 86 गेंदों पर 16 चौके और दो छक्के लगाकर नाबाद लौटे। रैना ने 24 गेंदों पर तीन चौके और एक छक्का जड़ा। रैना ने कोहली के साथ 9.1 ओवरों में 120 रन जोड़े। इन दोनों की करिश्माई बल्लेबाजी के कारण भारत 13.2 ओवर पहले ही मैच अपने नाम करने में सफल रहा। कोहली को मैन ऑफ द मैच चुना गया। भारत ने गम्भीर के अलावा सचिन तेंदुलकर और वीरेंद्र सहवाग के विकेट गंवाए। गम्भीर का विकेट 201 रन के कुल योग पर गिरा था। गम्भीर 64 गेंदों पर चार चौकों की मदद से 63 रन बनाने के बाद रन आउट हुए। गम्भीर और विराट कोहली ने तीसरे विकेट के लिए 115 रन जोड़े। भारतीय टीम ने तेज शुरुआत के बाद 86 रन के कुल योग तक तेंदुलकर और सहवाग के विकेट गंवा दिए थे। सहवाग 54 रन के कुल योग पर 30 रन के निजी योग पर फरवेज महरूफ का शिकार बने। सहवाग ने 16 गेंदों पर पांच चौके और एक छक्का लगाया। सचिन का विकेट 86 रन के कुल योग पर गिरा। वह 30 गेंदों पर पांच चौकों की मदद से 39 रन बना सके। सचिन का विकेट लसिथ मलिंगा ने लिया। इससे पहले, कुमार संगकारा (102) और तिलकरत्ने दिलशान (नाबाद 160) के शानदार शतकों की मदद से श्रीलंका ने भारत के सामने 321 रनों का लक्ष्य रखा। टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंकाई टीम ने निर्धारित 50 ओवरों की समाप्ति तक चार विकेट के नुकसान पर 320 रन बनाए। श्रीलंका ने कप्तान माहेला जयवर्धने (22), संगकारा (102), थिसारा परेरा (3) और एंजेलो मैथ्यूज (14) के विकेट गंवाए। संगकारा ने 87 गेंदों का सामना करते हुए आठ चौके और दो छक्के लगाए। 49 रन के कुल योग पर जयवर्धने का विकेट गिरने के बाद क्रीज पर आए संगकारा ने दिलशान के साथ दूसरे विकेट के लिए 200 रन जोड़े।टिप्पणियां इसके बाद ताबड़तोड़ बल्लेबाजी कर रहे दिलशान ने परेरा के साथ तीसरे विकेट के लिए 30 रनों की साझेदारी निभाई। इस साझेदारी में 21 रन दिलशान के शामिल हैं। दिलशान 165 गेंदों पर 11 चौके और तीन छक्के लगाकर नाबाद लौटे। मैथ्यूज 14 रनों पर आउट हुए। मैथ्यूज और दिलशान ने चौथे विकेट के लिए तेजी से 30 रनों की साझेदारी निभाई। भारत की ओर से प्रवीण कुमार, जहीर खान और रवींद्र जडेजा को एक-एक सफलता मिली। परेरा रन आउट हुए। कोहली ने अपने करियर का नौवां शतक लगाया। वह 86 गेंदों पर 16 चौके और दो छक्के लगाकर नाबाद लौटे। रैना ने 24 गेंदों पर तीन चौके और एक छक्का जड़ा। रैना ने कोहली के साथ 9.1 ओवरों में 120 रन जोड़े। इन दोनों की करिश्माई बल्लेबाजी के कारण भारत 13.2 ओवर पहले ही मैच अपने नाम करने में सफल रहा। कोहली को मैन ऑफ द मैच चुना गया। भारत ने गम्भीर के अलावा सचिन तेंदुलकर और वीरेंद्र सहवाग के विकेट गंवाए। गम्भीर का विकेट 201 रन के कुल योग पर गिरा था। गम्भीर 64 गेंदों पर चार चौकों की मदद से 63 रन बनाने के बाद रन आउट हुए। गम्भीर और विराट कोहली ने तीसरे विकेट के लिए 115 रन जोड़े। भारतीय टीम ने तेज शुरुआत के बाद 86 रन के कुल योग तक तेंदुलकर और सहवाग के विकेट गंवा दिए थे। सहवाग 54 रन के कुल योग पर 30 रन के निजी योग पर फरवेज महरूफ का शिकार बने। सहवाग ने 16 गेंदों पर पांच चौके और एक छक्का लगाया। सचिन का विकेट 86 रन के कुल योग पर गिरा। वह 30 गेंदों पर पांच चौकों की मदद से 39 रन बना सके। सचिन का विकेट लसिथ मलिंगा ने लिया। इससे पहले, कुमार संगकारा (102) और तिलकरत्ने दिलशान (नाबाद 160) के शानदार शतकों की मदद से श्रीलंका ने भारत के सामने 321 रनों का लक्ष्य रखा। टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंकाई टीम ने निर्धारित 50 ओवरों की समाप्ति तक चार विकेट के नुकसान पर 320 रन बनाए। श्रीलंका ने कप्तान माहेला जयवर्धने (22), संगकारा (102), थिसारा परेरा (3) और एंजेलो मैथ्यूज (14) के विकेट गंवाए। संगकारा ने 87 गेंदों का सामना करते हुए आठ चौके और दो छक्के लगाए। 49 रन के कुल योग पर जयवर्धने का विकेट गिरने के बाद क्रीज पर आए संगकारा ने दिलशान के साथ दूसरे विकेट के लिए 200 रन जोड़े।टिप्पणियां इसके बाद ताबड़तोड़ बल्लेबाजी कर रहे दिलशान ने परेरा के साथ तीसरे विकेट के लिए 30 रनों की साझेदारी निभाई। इस साझेदारी में 21 रन दिलशान के शामिल हैं। दिलशान 165 गेंदों पर 11 चौके और तीन छक्के लगाकर नाबाद लौटे। मैथ्यूज 14 रनों पर आउट हुए। मैथ्यूज और दिलशान ने चौथे विकेट के लिए तेजी से 30 रनों की साझेदारी निभाई। भारत की ओर से प्रवीण कुमार, जहीर खान और रवींद्र जडेजा को एक-एक सफलता मिली। परेरा रन आउट हुए। भारत ने गम्भीर के अलावा सचिन तेंदुलकर और वीरेंद्र सहवाग के विकेट गंवाए। गम्भीर का विकेट 201 रन के कुल योग पर गिरा था। गम्भीर 64 गेंदों पर चार चौकों की मदद से 63 रन बनाने के बाद रन आउट हुए। गम्भीर और विराट कोहली ने तीसरे विकेट के लिए 115 रन जोड़े। भारतीय टीम ने तेज शुरुआत के बाद 86 रन के कुल योग तक तेंदुलकर और सहवाग के विकेट गंवा दिए थे। सहवाग 54 रन के कुल योग पर 30 रन के निजी योग पर फरवेज महरूफ का शिकार बने। सहवाग ने 16 गेंदों पर पांच चौके और एक छक्का लगाया। सचिन का विकेट 86 रन के कुल योग पर गिरा। वह 30 गेंदों पर पांच चौकों की मदद से 39 रन बना सके। सचिन का विकेट लसिथ मलिंगा ने लिया। इससे पहले, कुमार संगकारा (102) और तिलकरत्ने दिलशान (नाबाद 160) के शानदार शतकों की मदद से श्रीलंका ने भारत के सामने 321 रनों का लक्ष्य रखा। टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंकाई टीम ने निर्धारित 50 ओवरों की समाप्ति तक चार विकेट के नुकसान पर 320 रन बनाए। श्रीलंका ने कप्तान माहेला जयवर्धने (22), संगकारा (102), थिसारा परेरा (3) और एंजेलो मैथ्यूज (14) के विकेट गंवाए। संगकारा ने 87 गेंदों का सामना करते हुए आठ चौके और दो छक्के लगाए। 49 रन के कुल योग पर जयवर्धने का विकेट गिरने के बाद क्रीज पर आए संगकारा ने दिलशान के साथ दूसरे विकेट के लिए 200 रन जोड़े।टिप्पणियां इसके बाद ताबड़तोड़ बल्लेबाजी कर रहे दिलशान ने परेरा के साथ तीसरे विकेट के लिए 30 रनों की साझेदारी निभाई। इस साझेदारी में 21 रन दिलशान के शामिल हैं। दिलशान 165 गेंदों पर 11 चौके और तीन छक्के लगाकर नाबाद लौटे। मैथ्यूज 14 रनों पर आउट हुए। मैथ्यूज और दिलशान ने चौथे विकेट के लिए तेजी से 30 रनों की साझेदारी निभाई। भारत की ओर से प्रवीण कुमार, जहीर खान और रवींद्र जडेजा को एक-एक सफलता मिली। परेरा रन आउट हुए। भारतीय टीम ने तेज शुरुआत के बाद 86 रन के कुल योग तक तेंदुलकर और सहवाग के विकेट गंवा दिए थे। सहवाग 54 रन के कुल योग पर 30 रन के निजी योग पर फरवेज महरूफ का शिकार बने। सहवाग ने 16 गेंदों पर पांच चौके और एक छक्का लगाया। सचिन का विकेट 86 रन के कुल योग पर गिरा। वह 30 गेंदों पर पांच चौकों की मदद से 39 रन बना सके। सचिन का विकेट लसिथ मलिंगा ने लिया। इससे पहले, कुमार संगकारा (102) और तिलकरत्ने दिलशान (नाबाद 160) के शानदार शतकों की मदद से श्रीलंका ने भारत के सामने 321 रनों का लक्ष्य रखा। टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंकाई टीम ने निर्धारित 50 ओवरों की समाप्ति तक चार विकेट के नुकसान पर 320 रन बनाए। श्रीलंका ने कप्तान माहेला जयवर्धने (22), संगकारा (102), थिसारा परेरा (3) और एंजेलो मैथ्यूज (14) के विकेट गंवाए। संगकारा ने 87 गेंदों का सामना करते हुए आठ चौके और दो छक्के लगाए। 49 रन के कुल योग पर जयवर्धने का विकेट गिरने के बाद क्रीज पर आए संगकारा ने दिलशान के साथ दूसरे विकेट के लिए 200 रन जोड़े।टिप्पणियां इसके बाद ताबड़तोड़ बल्लेबाजी कर रहे दिलशान ने परेरा के साथ तीसरे विकेट के लिए 30 रनों की साझेदारी निभाई। इस साझेदारी में 21 रन दिलशान के शामिल हैं। दिलशान 165 गेंदों पर 11 चौके और तीन छक्के लगाकर नाबाद लौटे। मैथ्यूज 14 रनों पर आउट हुए। मैथ्यूज और दिलशान ने चौथे विकेट के लिए तेजी से 30 रनों की साझेदारी निभाई। भारत की ओर से प्रवीण कुमार, जहीर खान और रवींद्र जडेजा को एक-एक सफलता मिली। परेरा रन आउट हुए। सचिन का विकेट 86 रन के कुल योग पर गिरा। वह 30 गेंदों पर पांच चौकों की मदद से 39 रन बना सके। सचिन का विकेट लसिथ मलिंगा ने लिया। इससे पहले, कुमार संगकारा (102) और तिलकरत्ने दिलशान (नाबाद 160) के शानदार शतकों की मदद से श्रीलंका ने भारत के सामने 321 रनों का लक्ष्य रखा। टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंकाई टीम ने निर्धारित 50 ओवरों की समाप्ति तक चार विकेट के नुकसान पर 320 रन बनाए। श्रीलंका ने कप्तान माहेला जयवर्धने (22), संगकारा (102), थिसारा परेरा (3) और एंजेलो मैथ्यूज (14) के विकेट गंवाए। संगकारा ने 87 गेंदों का सामना करते हुए आठ चौके और दो छक्के लगाए। 49 रन के कुल योग पर जयवर्धने का विकेट गिरने के बाद क्रीज पर आए संगकारा ने दिलशान के साथ दूसरे विकेट के लिए 200 रन जोड़े।टिप्पणियां इसके बाद ताबड़तोड़ बल्लेबाजी कर रहे दिलशान ने परेरा के साथ तीसरे विकेट के लिए 30 रनों की साझेदारी निभाई। इस साझेदारी में 21 रन दिलशान के शामिल हैं। दिलशान 165 गेंदों पर 11 चौके और तीन छक्के लगाकर नाबाद लौटे। मैथ्यूज 14 रनों पर आउट हुए। मैथ्यूज और दिलशान ने चौथे विकेट के लिए तेजी से 30 रनों की साझेदारी निभाई। भारत की ओर से प्रवीण कुमार, जहीर खान और रवींद्र जडेजा को एक-एक सफलता मिली। परेरा रन आउट हुए। इससे पहले, कुमार संगकारा (102) और तिलकरत्ने दिलशान (नाबाद 160) के शानदार शतकों की मदद से श्रीलंका ने भारत के सामने 321 रनों का लक्ष्य रखा। टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंकाई टीम ने निर्धारित 50 ओवरों की समाप्ति तक चार विकेट के नुकसान पर 320 रन बनाए। श्रीलंका ने कप्तान माहेला जयवर्धने (22), संगकारा (102), थिसारा परेरा (3) और एंजेलो मैथ्यूज (14) के विकेट गंवाए। संगकारा ने 87 गेंदों का सामना करते हुए आठ चौके और दो छक्के लगाए। 49 रन के कुल योग पर जयवर्धने का विकेट गिरने के बाद क्रीज पर आए संगकारा ने दिलशान के साथ दूसरे विकेट के लिए 200 रन जोड़े।टिप्पणियां इसके बाद ताबड़तोड़ बल्लेबाजी कर रहे दिलशान ने परेरा के साथ तीसरे विकेट के लिए 30 रनों की साझेदारी निभाई। इस साझेदारी में 21 रन दिलशान के शामिल हैं। दिलशान 165 गेंदों पर 11 चौके और तीन छक्के लगाकर नाबाद लौटे। मैथ्यूज 14 रनों पर आउट हुए। मैथ्यूज और दिलशान ने चौथे विकेट के लिए तेजी से 30 रनों की साझेदारी निभाई। भारत की ओर से प्रवीण कुमार, जहीर खान और रवींद्र जडेजा को एक-एक सफलता मिली। परेरा रन आउट हुए। श्रीलंका ने कप्तान माहेला जयवर्धने (22), संगकारा (102), थिसारा परेरा (3) और एंजेलो मैथ्यूज (14) के विकेट गंवाए। संगकारा ने 87 गेंदों का सामना करते हुए आठ चौके और दो छक्के लगाए। 49 रन के कुल योग पर जयवर्धने का विकेट गिरने के बाद क्रीज पर आए संगकारा ने दिलशान के साथ दूसरे विकेट के लिए 200 रन जोड़े।टिप्पणियां इसके बाद ताबड़तोड़ बल्लेबाजी कर रहे दिलशान ने परेरा के साथ तीसरे विकेट के लिए 30 रनों की साझेदारी निभाई। इस साझेदारी में 21 रन दिलशान के शामिल हैं। दिलशान 165 गेंदों पर 11 चौके और तीन छक्के लगाकर नाबाद लौटे। मैथ्यूज 14 रनों पर आउट हुए। मैथ्यूज और दिलशान ने चौथे विकेट के लिए तेजी से 30 रनों की साझेदारी निभाई। भारत की ओर से प्रवीण कुमार, जहीर खान और रवींद्र जडेजा को एक-एक सफलता मिली। परेरा रन आउट हुए। इसके बाद ताबड़तोड़ बल्लेबाजी कर रहे दिलशान ने परेरा के साथ तीसरे विकेट के लिए 30 रनों की साझेदारी निभाई। इस साझेदारी में 21 रन दिलशान के शामिल हैं। दिलशान 165 गेंदों पर 11 चौके और तीन छक्के लगाकर नाबाद लौटे। मैथ्यूज 14 रनों पर आउट हुए। मैथ्यूज और दिलशान ने चौथे विकेट के लिए तेजी से 30 रनों की साझेदारी निभाई। भारत की ओर से प्रवीण कुमार, जहीर खान और रवींद्र जडेजा को एक-एक सफलता मिली। परेरा रन आउट हुए। मैथ्यूज 14 रनों पर आउट हुए। मैथ्यूज और दिलशान ने चौथे विकेट के लिए तेजी से 30 रनों की साझेदारी निभाई। भारत की ओर से प्रवीण कुमार, जहीर खान और रवींद्र जडेजा को एक-एक सफलता मिली। परेरा रन आउट हुए।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: भारतीय टीम के आस्ट्रेलिया में जारी त्रिकोणीय एकदिवसीय श्रृंखला का फाइनल खेलने की उम्मीद बरकरार है।
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: विवादों में घिरे इस्लामिक धर्मगुरु डॉ. जाकिर नाईक ने अपने भड़काऊ भाषणों से आतंकवादियों को प्रेरणा देने की बात का एक बार फिर से खंडन किया। जाकिर नाईक ने मझगांव में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेन्स में स्काइप के जरिये मीडिया को सम्बोधित कर अपनी सफाई दी। मुंबई के मझगांव में बिना नाम वाला बैंक्वेट हॉल मीडिया से खचाखच भरा हुआ था। खुद डॉ जाकिर के पीस टीवी चैनल के आधा दर्जन कैमरे लगे थे। तकनीकी कारणों से प्रेस कॉन्फ्रेंस तय समय से तकरीबन डेढ़ घंटे बाद शुरू हुई लेकिन एक बार शुरू होने पर घंटों जारी रही। मीडिया की तरफ से पहला सवाल फिदाईन हमले से जुड़ा था। सवाल था क्या डॉ. जाकिर फिदाईन हमले को जायज मानते हैं? डॉ. ज़ाकिर ने निर्दोष और मासूमों को मारने की तो मजम्मत की लेकिन देशहित में युद्ध के मैदान पर फिदाईन हमले को जायज बताया। फिदाईन और आतंकी हमलों पर लंबी तकरीर देने वाले धर्मगुरु ने भारतीय मुसलमानों की शिक्षा और उनकी समस्याओं से जुड़े सवालों पर चुप्पी साध ली। सवाल को सन्दर्भ से हटकर बताया। जबकि सभी मुसलमानों को आतंकी बनना चाहिए और ओसामा बिन लादेन की निंदा नहीं करने के आरोपों पर मीडिया को ही कटघरे में खड़ा करते हुए उनके बयानों को आधा और गलत संदर्भ में दिखाए जाने का आरोप लगाया। खुद को आतंक के खिलाफ दिखाने के लिए डॉक्टर ने आतंकी संगठन इस्लामकि स्टेट की ये कहकर निंदा की कि वो इस्लामिक नहीं एंटी इस्लामिक है। लेकिन भारत में जम्मू कश्मीर के आतंकियों पर गोलमोल जवाब दिया। यंहा तक कि 26/11 आतंकी हमले के मास्टर माइंड हाफिज सईद और हाल ही में मारे गये आतंकी बुरहान वानी का नाम भी सुना होने से मना कर दिया। हाजी अली दरगाह में महिलाओं के प्रवेश पर भी डॉ. साहब बोलने से बचते रहे। जबकि अपने संगठन इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन और भड़काऊ भाषणों से जुड़े सवालों पर जमकर बोले। अभी तक किसी भी मामले में पुलिस, एटीएस या किसी भी जांच एजेंसी से पूछताछ की बात से इंकार किया। ये कहते हुए भारतीय संविधान में भरोसा जताया कि हमारा संविधान किसी भी मजहब से भेदभाव नहीं सिखाता। तो फिर भारत आकर क्यों नहीं जांच में सहयोग देने और गिरफ्तारी से डरने के सवाल पर कहा कि वो एक एनआरआई हैं ज्यादातर बाहर ही रहते हैं और अभी सालभर में उनका भारत आने का कोई कार्यक्रम नहीं है।टिप्पणियां ढाका आतंकी हमले के बाद से विवादों में घिरे डॉ. जाकिर पिछले 12 जुलाई को ही प्रेस कॉन्फ्रेंस लेकर सफाई देना चाहते थे। लेकिन तब उन्होंने मुंबई आना रद्द कर दिया था। बाद में उन्हें प्रेस कॉन्फ्रेन्स के लिए जगह ही नहीं मिल रही थी। आखिरकर इस छोटे से हॉल में स्काइप के जरिये प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई  जिसमें कभी डॉक्टर जाकिर नाईक मीडिया को कोसते और कटघरे में खड़े करते रहे तो कभी मीडिया उनपर सवालों से भागने का आरोप लगाती रही। डॉ जाकिर नाईक ने तक़रीबन 4 घंटे प्रेस कॉन्फ्रेंस लेकर सफाई तो दी लेकिन साफ कुछ नहीं हुआ क्योंकि डॉ. जाकिर का अंदाज है कि वो सवालों का सीधा जवाब देने की बजाय किन्तु परन्तु से जोड़ देते हैं। गुरुवार को भी वैसा ही हुआ। मुंबई के मझगांव में बिना नाम वाला बैंक्वेट हॉल मीडिया से खचाखच भरा हुआ था। खुद डॉ जाकिर के पीस टीवी चैनल के आधा दर्जन कैमरे लगे थे। तकनीकी कारणों से प्रेस कॉन्फ्रेंस तय समय से तकरीबन डेढ़ घंटे बाद शुरू हुई लेकिन एक बार शुरू होने पर घंटों जारी रही। मीडिया की तरफ से पहला सवाल फिदाईन हमले से जुड़ा था। सवाल था क्या डॉ. जाकिर फिदाईन हमले को जायज मानते हैं? डॉ. ज़ाकिर ने निर्दोष और मासूमों को मारने की तो मजम्मत की लेकिन देशहित में युद्ध के मैदान पर फिदाईन हमले को जायज बताया। फिदाईन और आतंकी हमलों पर लंबी तकरीर देने वाले धर्मगुरु ने भारतीय मुसलमानों की शिक्षा और उनकी समस्याओं से जुड़े सवालों पर चुप्पी साध ली। सवाल को सन्दर्भ से हटकर बताया। जबकि सभी मुसलमानों को आतंकी बनना चाहिए और ओसामा बिन लादेन की निंदा नहीं करने के आरोपों पर मीडिया को ही कटघरे में खड़ा करते हुए उनके बयानों को आधा और गलत संदर्भ में दिखाए जाने का आरोप लगाया। खुद को आतंक के खिलाफ दिखाने के लिए डॉक्टर ने आतंकी संगठन इस्लामकि स्टेट की ये कहकर निंदा की कि वो इस्लामिक नहीं एंटी इस्लामिक है। लेकिन भारत में जम्मू कश्मीर के आतंकियों पर गोलमोल जवाब दिया। यंहा तक कि 26/11 आतंकी हमले के मास्टर माइंड हाफिज सईद और हाल ही में मारे गये आतंकी बुरहान वानी का नाम भी सुना होने से मना कर दिया। हाजी अली दरगाह में महिलाओं के प्रवेश पर भी डॉ. साहब बोलने से बचते रहे। जबकि अपने संगठन इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन और भड़काऊ भाषणों से जुड़े सवालों पर जमकर बोले। अभी तक किसी भी मामले में पुलिस, एटीएस या किसी भी जांच एजेंसी से पूछताछ की बात से इंकार किया। ये कहते हुए भारतीय संविधान में भरोसा जताया कि हमारा संविधान किसी भी मजहब से भेदभाव नहीं सिखाता। तो फिर भारत आकर क्यों नहीं जांच में सहयोग देने और गिरफ्तारी से डरने के सवाल पर कहा कि वो एक एनआरआई हैं ज्यादातर बाहर ही रहते हैं और अभी सालभर में उनका भारत आने का कोई कार्यक्रम नहीं है।टिप्पणियां ढाका आतंकी हमले के बाद से विवादों में घिरे डॉ. जाकिर पिछले 12 जुलाई को ही प्रेस कॉन्फ्रेंस लेकर सफाई देना चाहते थे। लेकिन तब उन्होंने मुंबई आना रद्द कर दिया था। बाद में उन्हें प्रेस कॉन्फ्रेन्स के लिए जगह ही नहीं मिल रही थी। आखिरकर इस छोटे से हॉल में स्काइप के जरिये प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई  जिसमें कभी डॉक्टर जाकिर नाईक मीडिया को कोसते और कटघरे में खड़े करते रहे तो कभी मीडिया उनपर सवालों से भागने का आरोप लगाती रही। डॉ जाकिर नाईक ने तक़रीबन 4 घंटे प्रेस कॉन्फ्रेंस लेकर सफाई तो दी लेकिन साफ कुछ नहीं हुआ क्योंकि डॉ. जाकिर का अंदाज है कि वो सवालों का सीधा जवाब देने की बजाय किन्तु परन्तु से जोड़ देते हैं। गुरुवार को भी वैसा ही हुआ। मीडिया की तरफ से पहला सवाल फिदाईन हमले से जुड़ा था। सवाल था क्या डॉ. जाकिर फिदाईन हमले को जायज मानते हैं? डॉ. ज़ाकिर ने निर्दोष और मासूमों को मारने की तो मजम्मत की लेकिन देशहित में युद्ध के मैदान पर फिदाईन हमले को जायज बताया। फिदाईन और आतंकी हमलों पर लंबी तकरीर देने वाले धर्मगुरु ने भारतीय मुसलमानों की शिक्षा और उनकी समस्याओं से जुड़े सवालों पर चुप्पी साध ली। सवाल को सन्दर्भ से हटकर बताया। जबकि सभी मुसलमानों को आतंकी बनना चाहिए और ओसामा बिन लादेन की निंदा नहीं करने के आरोपों पर मीडिया को ही कटघरे में खड़ा करते हुए उनके बयानों को आधा और गलत संदर्भ में दिखाए जाने का आरोप लगाया। खुद को आतंक के खिलाफ दिखाने के लिए डॉक्टर ने आतंकी संगठन इस्लामकि स्टेट की ये कहकर निंदा की कि वो इस्लामिक नहीं एंटी इस्लामिक है। लेकिन भारत में जम्मू कश्मीर के आतंकियों पर गोलमोल जवाब दिया। यंहा तक कि 26/11 आतंकी हमले के मास्टर माइंड हाफिज सईद और हाल ही में मारे गये आतंकी बुरहान वानी का नाम भी सुना होने से मना कर दिया। हाजी अली दरगाह में महिलाओं के प्रवेश पर भी डॉ. साहब बोलने से बचते रहे। जबकि अपने संगठन इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन और भड़काऊ भाषणों से जुड़े सवालों पर जमकर बोले। अभी तक किसी भी मामले में पुलिस, एटीएस या किसी भी जांच एजेंसी से पूछताछ की बात से इंकार किया। ये कहते हुए भारतीय संविधान में भरोसा जताया कि हमारा संविधान किसी भी मजहब से भेदभाव नहीं सिखाता। तो फिर भारत आकर क्यों नहीं जांच में सहयोग देने और गिरफ्तारी से डरने के सवाल पर कहा कि वो एक एनआरआई हैं ज्यादातर बाहर ही रहते हैं और अभी सालभर में उनका भारत आने का कोई कार्यक्रम नहीं है।टिप्पणियां ढाका आतंकी हमले के बाद से विवादों में घिरे डॉ. जाकिर पिछले 12 जुलाई को ही प्रेस कॉन्फ्रेंस लेकर सफाई देना चाहते थे। लेकिन तब उन्होंने मुंबई आना रद्द कर दिया था। बाद में उन्हें प्रेस कॉन्फ्रेन्स के लिए जगह ही नहीं मिल रही थी। आखिरकर इस छोटे से हॉल में स्काइप के जरिये प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई  जिसमें कभी डॉक्टर जाकिर नाईक मीडिया को कोसते और कटघरे में खड़े करते रहे तो कभी मीडिया उनपर सवालों से भागने का आरोप लगाती रही। डॉ जाकिर नाईक ने तक़रीबन 4 घंटे प्रेस कॉन्फ्रेंस लेकर सफाई तो दी लेकिन साफ कुछ नहीं हुआ क्योंकि डॉ. जाकिर का अंदाज है कि वो सवालों का सीधा जवाब देने की बजाय किन्तु परन्तु से जोड़ देते हैं। गुरुवार को भी वैसा ही हुआ। फिदाईन और आतंकी हमलों पर लंबी तकरीर देने वाले धर्मगुरु ने भारतीय मुसलमानों की शिक्षा और उनकी समस्याओं से जुड़े सवालों पर चुप्पी साध ली। सवाल को सन्दर्भ से हटकर बताया। जबकि सभी मुसलमानों को आतंकी बनना चाहिए और ओसामा बिन लादेन की निंदा नहीं करने के आरोपों पर मीडिया को ही कटघरे में खड़ा करते हुए उनके बयानों को आधा और गलत संदर्भ में दिखाए जाने का आरोप लगाया। खुद को आतंक के खिलाफ दिखाने के लिए डॉक्टर ने आतंकी संगठन इस्लामकि स्टेट की ये कहकर निंदा की कि वो इस्लामिक नहीं एंटी इस्लामिक है। लेकिन भारत में जम्मू कश्मीर के आतंकियों पर गोलमोल जवाब दिया। यंहा तक कि 26/11 आतंकी हमले के मास्टर माइंड हाफिज सईद और हाल ही में मारे गये आतंकी बुरहान वानी का नाम भी सुना होने से मना कर दिया। हाजी अली दरगाह में महिलाओं के प्रवेश पर भी डॉ. साहब बोलने से बचते रहे। जबकि अपने संगठन इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन और भड़काऊ भाषणों से जुड़े सवालों पर जमकर बोले। अभी तक किसी भी मामले में पुलिस, एटीएस या किसी भी जांच एजेंसी से पूछताछ की बात से इंकार किया। ये कहते हुए भारतीय संविधान में भरोसा जताया कि हमारा संविधान किसी भी मजहब से भेदभाव नहीं सिखाता। तो फिर भारत आकर क्यों नहीं जांच में सहयोग देने और गिरफ्तारी से डरने के सवाल पर कहा कि वो एक एनआरआई हैं ज्यादातर बाहर ही रहते हैं और अभी सालभर में उनका भारत आने का कोई कार्यक्रम नहीं है।टिप्पणियां ढाका आतंकी हमले के बाद से विवादों में घिरे डॉ. जाकिर पिछले 12 जुलाई को ही प्रेस कॉन्फ्रेंस लेकर सफाई देना चाहते थे। लेकिन तब उन्होंने मुंबई आना रद्द कर दिया था। बाद में उन्हें प्रेस कॉन्फ्रेन्स के लिए जगह ही नहीं मिल रही थी। आखिरकर इस छोटे से हॉल में स्काइप के जरिये प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई  जिसमें कभी डॉक्टर जाकिर नाईक मीडिया को कोसते और कटघरे में खड़े करते रहे तो कभी मीडिया उनपर सवालों से भागने का आरोप लगाती रही। डॉ जाकिर नाईक ने तक़रीबन 4 घंटे प्रेस कॉन्फ्रेंस लेकर सफाई तो दी लेकिन साफ कुछ नहीं हुआ क्योंकि डॉ. जाकिर का अंदाज है कि वो सवालों का सीधा जवाब देने की बजाय किन्तु परन्तु से जोड़ देते हैं। गुरुवार को भी वैसा ही हुआ। खुद को आतंक के खिलाफ दिखाने के लिए डॉक्टर ने आतंकी संगठन इस्लामकि स्टेट की ये कहकर निंदा की कि वो इस्लामिक नहीं एंटी इस्लामिक है। लेकिन भारत में जम्मू कश्मीर के आतंकियों पर गोलमोल जवाब दिया। यंहा तक कि 26/11 आतंकी हमले के मास्टर माइंड हाफिज सईद और हाल ही में मारे गये आतंकी बुरहान वानी का नाम भी सुना होने से मना कर दिया। हाजी अली दरगाह में महिलाओं के प्रवेश पर भी डॉ. साहब बोलने से बचते रहे। जबकि अपने संगठन इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन और भड़काऊ भाषणों से जुड़े सवालों पर जमकर बोले। अभी तक किसी भी मामले में पुलिस, एटीएस या किसी भी जांच एजेंसी से पूछताछ की बात से इंकार किया। ये कहते हुए भारतीय संविधान में भरोसा जताया कि हमारा संविधान किसी भी मजहब से भेदभाव नहीं सिखाता। तो फिर भारत आकर क्यों नहीं जांच में सहयोग देने और गिरफ्तारी से डरने के सवाल पर कहा कि वो एक एनआरआई हैं ज्यादातर बाहर ही रहते हैं और अभी सालभर में उनका भारत आने का कोई कार्यक्रम नहीं है।टिप्पणियां ढाका आतंकी हमले के बाद से विवादों में घिरे डॉ. जाकिर पिछले 12 जुलाई को ही प्रेस कॉन्फ्रेंस लेकर सफाई देना चाहते थे। लेकिन तब उन्होंने मुंबई आना रद्द कर दिया था। बाद में उन्हें प्रेस कॉन्फ्रेन्स के लिए जगह ही नहीं मिल रही थी। आखिरकर इस छोटे से हॉल में स्काइप के जरिये प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई  जिसमें कभी डॉक्टर जाकिर नाईक मीडिया को कोसते और कटघरे में खड़े करते रहे तो कभी मीडिया उनपर सवालों से भागने का आरोप लगाती रही। डॉ जाकिर नाईक ने तक़रीबन 4 घंटे प्रेस कॉन्फ्रेंस लेकर सफाई तो दी लेकिन साफ कुछ नहीं हुआ क्योंकि डॉ. जाकिर का अंदाज है कि वो सवालों का सीधा जवाब देने की बजाय किन्तु परन्तु से जोड़ देते हैं। गुरुवार को भी वैसा ही हुआ। हाजी अली दरगाह में महिलाओं के प्रवेश पर भी डॉ. साहब बोलने से बचते रहे। जबकि अपने संगठन इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन और भड़काऊ भाषणों से जुड़े सवालों पर जमकर बोले। अभी तक किसी भी मामले में पुलिस, एटीएस या किसी भी जांच एजेंसी से पूछताछ की बात से इंकार किया। ये कहते हुए भारतीय संविधान में भरोसा जताया कि हमारा संविधान किसी भी मजहब से भेदभाव नहीं सिखाता। तो फिर भारत आकर क्यों नहीं जांच में सहयोग देने और गिरफ्तारी से डरने के सवाल पर कहा कि वो एक एनआरआई हैं ज्यादातर बाहर ही रहते हैं और अभी सालभर में उनका भारत आने का कोई कार्यक्रम नहीं है।टिप्पणियां ढाका आतंकी हमले के बाद से विवादों में घिरे डॉ. जाकिर पिछले 12 जुलाई को ही प्रेस कॉन्फ्रेंस लेकर सफाई देना चाहते थे। लेकिन तब उन्होंने मुंबई आना रद्द कर दिया था। बाद में उन्हें प्रेस कॉन्फ्रेन्स के लिए जगह ही नहीं मिल रही थी। आखिरकर इस छोटे से हॉल में स्काइप के जरिये प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई  जिसमें कभी डॉक्टर जाकिर नाईक मीडिया को कोसते और कटघरे में खड़े करते रहे तो कभी मीडिया उनपर सवालों से भागने का आरोप लगाती रही। डॉ जाकिर नाईक ने तक़रीबन 4 घंटे प्रेस कॉन्फ्रेंस लेकर सफाई तो दी लेकिन साफ कुछ नहीं हुआ क्योंकि डॉ. जाकिर का अंदाज है कि वो सवालों का सीधा जवाब देने की बजाय किन्तु परन्तु से जोड़ देते हैं। गुरुवार को भी वैसा ही हुआ। तो फिर भारत आकर क्यों नहीं जांच में सहयोग देने और गिरफ्तारी से डरने के सवाल पर कहा कि वो एक एनआरआई हैं ज्यादातर बाहर ही रहते हैं और अभी सालभर में उनका भारत आने का कोई कार्यक्रम नहीं है।टिप्पणियां ढाका आतंकी हमले के बाद से विवादों में घिरे डॉ. जाकिर पिछले 12 जुलाई को ही प्रेस कॉन्फ्रेंस लेकर सफाई देना चाहते थे। लेकिन तब उन्होंने मुंबई आना रद्द कर दिया था। बाद में उन्हें प्रेस कॉन्फ्रेन्स के लिए जगह ही नहीं मिल रही थी। आखिरकर इस छोटे से हॉल में स्काइप के जरिये प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई  जिसमें कभी डॉक्टर जाकिर नाईक मीडिया को कोसते और कटघरे में खड़े करते रहे तो कभी मीडिया उनपर सवालों से भागने का आरोप लगाती रही। डॉ जाकिर नाईक ने तक़रीबन 4 घंटे प्रेस कॉन्फ्रेंस लेकर सफाई तो दी लेकिन साफ कुछ नहीं हुआ क्योंकि डॉ. जाकिर का अंदाज है कि वो सवालों का सीधा जवाब देने की बजाय किन्तु परन्तु से जोड़ देते हैं। गुरुवार को भी वैसा ही हुआ। ढाका आतंकी हमले के बाद से विवादों में घिरे डॉ. जाकिर पिछले 12 जुलाई को ही प्रेस कॉन्फ्रेंस लेकर सफाई देना चाहते थे। लेकिन तब उन्होंने मुंबई आना रद्द कर दिया था। बाद में उन्हें प्रेस कॉन्फ्रेन्स के लिए जगह ही नहीं मिल रही थी। आखिरकर इस छोटे से हॉल में स्काइप के जरिये प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई  जिसमें कभी डॉक्टर जाकिर नाईक मीडिया को कोसते और कटघरे में खड़े करते रहे तो कभी मीडिया उनपर सवालों से भागने का आरोप लगाती रही। डॉ जाकिर नाईक ने तक़रीबन 4 घंटे प्रेस कॉन्फ्रेंस लेकर सफाई तो दी लेकिन साफ कुछ नहीं हुआ क्योंकि डॉ. जाकिर का अंदाज है कि वो सवालों का सीधा जवाब देने की बजाय किन्तु परन्तु से जोड़ देते हैं। गुरुवार को भी वैसा ही हुआ। डॉ जाकिर नाईक ने तक़रीबन 4 घंटे प्रेस कॉन्फ्रेंस लेकर सफाई तो दी लेकिन साफ कुछ नहीं हुआ क्योंकि डॉ. जाकिर का अंदाज है कि वो सवालों का सीधा जवाब देने की बजाय किन्तु परन्तु से जोड़ देते हैं। गुरुवार को भी वैसा ही हुआ।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: जाकिर ने कहा, मेरे बयानों को गलत संदर्भ में तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया नाईक के चैनल और एनजीओ को मिलने वाले पैसे की हो रही है जांच नाईक ने कहा, मैंने कभी आतंकवाद का समर्थन नहीं किया
3
['hin']
एक सारांश बनाओ: देश की आठ प्रमुख कंपनियों के बाजार पूंजीकरण में पिछले सप्ताह 65,884 करोड़ रुपये की कमी आई। इसमें सर्वाधिक नुकसान रिलायंस इंडस्ट्रीज को हुआ। हालांकि सॉफ्टवेयर क्षेत्र की प्रमुख कंपनी इंफोसिस और देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई के बाजार मूल्यांकन में बढ़ोतरी दर्ज की गई। इंफोसिस का बाजार पूंजीकरण 536 करोड़ रुपये बढ़कर 1,55,387 करोड़ रुपये हो गया, जबकि एसबीआई का बजार पूंजीकरण 16,425 करोड़ रुपये बढ़कर 1,36,217 करोड़ रुपये हो गया। बहरहाल, पिछले सप्ताह आरआईएल का बाजार पूंजीकरण बंबई स्टॉक एक्सचेंज में 18,115 करोड़ रुपये घटकर 2,47,368 करोड़ रुपये रह गया। टीसीएस का बाजार मूल्यांकन 744 करोड़ रुपये घटकर 2,29,327 करोड़ रुपये रह गया, जबकि ओएनजीसी का बाजार पूंजीकरण 5,432 करोड़ रुपये घटकर 2,23,897 करोड़ रुपये हो गया। कोल इंडिया लिमिटेड का बाजार मूल्य 11,212 करोड़ रुपये घटकर 2,00,007 करोड़ रुपये हो गया, जबकि आईटीसी का बाजार मूल्यांकन इस दौरान 7,120 करोड़ रुपये कम हुआ और कुल बाजार पूंजीकरण 1,53,413 करोड़ रुपये रह गया। एनटीपीसी का बाजार पूंजीकरण भी 4,988 करोड़ रुपये घटकर 1,36,998 करोड़ रह गया। इधर, भारती एयरटेल का बाजार पूंजीकरण 11,943 करोड़ रुपये घटकर 1,36,217 करोड़ रुपये रह गया, जबकि एचडीएफसी बैंक को 4,898 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ और इसका बाजार पूंजीकरण 1,03,976 करोड़ रुपये रह गया। बाजार में कमजोरी के बीच बेंचमार्क सेंसेक्स में इस सप्ताह के दौरान करीब चार फीसदी की गिरावट दर्ज हुई। गिरावट के बावजूद आरआईएल सबसे अधिक बाजार पूंजीकरण वाली कंपनी बनी रही, जबकि दूसरे स्थान पर टीसीएस रही। इसके बाद क्रमश: ओएनजीसी, सीआईएल, इंफोसिस, आईटी, एनटीपीसी, भारतीय, एसबीआई तथा एचडीएफसी बैंक का स्थान रहा।
देश की आठ प्रमुख कंपनियों के बाजार पूंजीकरण में पिछले सप्ताह 65,884 करोड़ रुपये की कमी आई। इसमें सर्वाधिक नुकसान रिलायंस इंडस्ट्रीज को हुआ।
26
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बिहार के भोजपुर जिला के जगदीशपुर थाना अन्तर्गत कवरा मठीया गांव के समीप आज सुबह एक मिनी बस के अनियंत्रित होकर सडक किनारे खड्ड में पलट जाने से बस पर सवार दो लोगों की मौत घटनास्थल पर हो गई जबकि 24 अन्य व्यक्ति घायल हो गए जिनमें से तीन की हालत गंभीर बताई जाती है. पुलिस निरीक्षक धनंजय कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 30 पर हुए इस हादसे में मरने वालों में जयकुमार (25) एवं एक अन्य व्यक्ति शामिल है जिसकी तत्काल पहचान नहीं हो पाई है. उन्होंने बताया कि बस जगदीशपुर से भोजपुर जिला मुख्यालय आरा जा रही थी. घायल हुए लोगों में से तीन जिनकी हालत गंभीर बताई जा रही है उन्हें बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया है जबकि बाकी अन्य घायलों का इलाज स्थानीय निजी क्लीनिक में चल रहा है.टिप्पणियां कुमार ने बताया कि दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय आरा स्थित सदर अस्पताल भेजा गया है. उन्होंने बताया कि बस चालक एवं खलासी बस छोड़कर फरार हो गए. बस को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पुलिस निरीक्षक धनंजय कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 30 पर हुए इस हादसे में मरने वालों में जयकुमार (25) एवं एक अन्य व्यक्ति शामिल है जिसकी तत्काल पहचान नहीं हो पाई है. उन्होंने बताया कि बस जगदीशपुर से भोजपुर जिला मुख्यालय आरा जा रही थी. घायल हुए लोगों में से तीन जिनकी हालत गंभीर बताई जा रही है उन्हें बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया है जबकि बाकी अन्य घायलों का इलाज स्थानीय निजी क्लीनिक में चल रहा है.टिप्पणियां कुमार ने बताया कि दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय आरा स्थित सदर अस्पताल भेजा गया है. उन्होंने बताया कि बस चालक एवं खलासी बस छोड़कर फरार हो गए. बस को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने बताया कि बस जगदीशपुर से भोजपुर जिला मुख्यालय आरा जा रही थी. घायल हुए लोगों में से तीन जिनकी हालत गंभीर बताई जा रही है उन्हें बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया है जबकि बाकी अन्य घायलों का इलाज स्थानीय निजी क्लीनिक में चल रहा है.टिप्पणियां कुमार ने बताया कि दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय आरा स्थित सदर अस्पताल भेजा गया है. उन्होंने बताया कि बस चालक एवं खलासी बस छोड़कर फरार हो गए. बस को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) कुमार ने बताया कि दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय आरा स्थित सदर अस्पताल भेजा गया है. उन्होंने बताया कि बस चालक एवं खलासी बस छोड़कर फरार हो गए. बस को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह एक सारांश है: जगदीशपुर थाना अन्तर्गत कवरा मठीया गांव के समीप हुई दुर्घटना तीन घायलों की हालत गंभीर जगदीशपुर से भोजपुर जिला मुख्यालय जा रही थी बस
16
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: भाजपा चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष नरेंद्र मोदी पार्टी में भले ही प्रधानमंत्री पद के संभावित उम्मीदवार के रूप में देखे जा रहे हैं, लेकिन आज तो कुछ देर के लिए सुषमा स्वराज प्रधानमंत्री की कुर्सी पर जा बैठीं। सदन के नेता एवं गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे स्वास्थय लाभ के बाद जब आज पहली बार लोकसभा में आए। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले विभिन्न दलों के नेताओं ने उनके पास जाकर हालचाल जाना। इसी क्रम में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज भी उनके पास गयीं। सदन के नेता और प्रधानमंत्री का स्थान साथ-साथ है। शिंदे आपने स्थान पर बैठे थे और सुषमा उनके बगल में प्रधानमंत्री के खाली पड़े स्थान पर बैठ गईं।टिप्पणियां इस बीच, केंद्रीय मंत्री गिरिजा व्यास एवं सत्ता पक्ष के कुछ अन्य सदस्यों को मुस्कराते हुए सुषमा की ओर इशारा करते देखा गया। कुछ सदस्य पत्रकार दीर्घा का ध्यान सुषमा के प्रधानमंत्री के स्थान पर बैठने की ओर दिला रहे थे। सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव सहित शिवसेना, जद(यू), द्रमुक और कई अन्य दलों के सदस्यों ने शिंदे के पास जाकर उनका हालचाल जाना। सदन के नेता एवं गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे स्वास्थय लाभ के बाद जब आज पहली बार लोकसभा में आए। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले विभिन्न दलों के नेताओं ने उनके पास जाकर हालचाल जाना। इसी क्रम में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज भी उनके पास गयीं। सदन के नेता और प्रधानमंत्री का स्थान साथ-साथ है। शिंदे आपने स्थान पर बैठे थे और सुषमा उनके बगल में प्रधानमंत्री के खाली पड़े स्थान पर बैठ गईं।टिप्पणियां इस बीच, केंद्रीय मंत्री गिरिजा व्यास एवं सत्ता पक्ष के कुछ अन्य सदस्यों को मुस्कराते हुए सुषमा की ओर इशारा करते देखा गया। कुछ सदस्य पत्रकार दीर्घा का ध्यान सुषमा के प्रधानमंत्री के स्थान पर बैठने की ओर दिला रहे थे। सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव सहित शिवसेना, जद(यू), द्रमुक और कई अन्य दलों के सदस्यों ने शिंदे के पास जाकर उनका हालचाल जाना। सदन के नेता और प्रधानमंत्री का स्थान साथ-साथ है। शिंदे आपने स्थान पर बैठे थे और सुषमा उनके बगल में प्रधानमंत्री के खाली पड़े स्थान पर बैठ गईं।टिप्पणियां इस बीच, केंद्रीय मंत्री गिरिजा व्यास एवं सत्ता पक्ष के कुछ अन्य सदस्यों को मुस्कराते हुए सुषमा की ओर इशारा करते देखा गया। कुछ सदस्य पत्रकार दीर्घा का ध्यान सुषमा के प्रधानमंत्री के स्थान पर बैठने की ओर दिला रहे थे। सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव सहित शिवसेना, जद(यू), द्रमुक और कई अन्य दलों के सदस्यों ने शिंदे के पास जाकर उनका हालचाल जाना। इस बीच, केंद्रीय मंत्री गिरिजा व्यास एवं सत्ता पक्ष के कुछ अन्य सदस्यों को मुस्कराते हुए सुषमा की ओर इशारा करते देखा गया। कुछ सदस्य पत्रकार दीर्घा का ध्यान सुषमा के प्रधानमंत्री के स्थान पर बैठने की ओर दिला रहे थे। सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव सहित शिवसेना, जद(यू), द्रमुक और कई अन्य दलों के सदस्यों ने शिंदे के पास जाकर उनका हालचाल जाना। सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव सहित शिवसेना, जद(यू), द्रमुक और कई अन्य दलों के सदस्यों ने शिंदे के पास जाकर उनका हालचाल जाना।
संक्षिप्त सारांश: नरेंद्र मोदी पार्टी में भले ही प्रधानमंत्री पद के संभावित उम्मीदवार के रूप में देखे जा रहे हैं, लेकिन आज तो कुछ देर के लिए सुषमा स्वराज प्रधानमंत्री की कुर्सी पर जा बैठीं।
0
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: विराट कोहली (Virat kohli) से पूछा गया कि क्या वह याद करते हैं कि उन्होंने अपनी पहली बातचीत के दौरान अनुष्का शर्मा (Anushka Sharma) से क्या कहा था. इस पर 30 वर्षीय क्रिकेटर ने चकित होकर कहा, "मैंने कुछ ऐसा कहा जो शायद कहना सही नहीं था." उन्होंने कहा कि अनुष्का शर्मा एक जोड़ी हील्स पहने सेट पर पहुंची और वह उनसे लंबी दिख रही थीं. फिर विराट ने बर्फ तोड़ने की कोशिश करते हुए मजाक में कहा, "क्या आपको इससे ऊंची  हिल्स नहीं मिले?" उन्होंने आगे कहा, "तब उन्होंने 'एक्सक्यूज मी' फिर मैंने 'नो, आई एम जस्ट जोकिंग' कहा. मेरा मजाक एक अजीब पल बन गया." गौरतलब है कि अनुष्का शर्मा (Anushka Sharma) और विराट कोहली (Virat Kohli) ने कई सालों तक डेटिंग के बाद 2017 में एक निजी समारोह में टस्कनी के एक ग्रामीण इलाके में शादी कर ली थी. इस जोड़ी ने बाद में मुंबई और दिल्ली में भव्य शादी के रिसेप्शन की मेजबानी की थी, जिसमें कई बॉलीवुड और क्रिकेट के सितारों का जमावड़ा देखा गया था. वर्कफ्रंट की बात करें तो अनुष्का शर्मा (Anushka Sharma) आखिरी बार आनंद एल राय की फिल्म जीरो में नजर आई थीं. इस फिल्म में उनके अलावा शाहरुख खान और कैटरीना कैफ भी नजर आई थीं. अनुष्का ने अब तक अभिनेत्री के रूप में किसी भी आगामी परियोजना की घोषणा नहीं की है.
यह एक सारांश है: अनुष्का शर्मा से पहली मुलाकात में घबरा गए थे विराट कोहली टीवी शो में खुद किया खुलासा ग्रैहम बेनसिंगर के शो किया खुलासा
24
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: गुजरात के भावनगर में आठ युवकों ने एक व्यक्ति की पीट पीट कर हत्या कर दी. ये पूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी में क़ैद हो गई है.टिप्पणियां पुलिस के मुताबिक, उसने सभी आरोपियों की पहचान कर ली है, लेकिन अभी तक किसी की भी गिरफ़्तारी नहीं हो सकी है. पुलिस के मुताबिक मृतक रफ़ीक़ हुसैन सब्जी की रेहड़ी लगाने का काम करता था. उसने कुछ दिन पहले ही इन युवकों के इलाके में एक घर खरीदा था. पुलिस के अनुसार, रफ़ीक़ के घर खरीदने के बाद से ही ये युवक उससे जबरन पैसे की मांग कर रहे थे, जिसे देने से रफ़ीक़ ने मना कर दिया. इससे गुस्साए इन लड़कों ने उस पर हमला बोल दिया और उसे मार डाला. पुलिस के मुताबिक, उसने सभी आरोपियों की पहचान कर ली है, लेकिन अभी तक किसी की भी गिरफ़्तारी नहीं हो सकी है. पुलिस के मुताबिक मृतक रफ़ीक़ हुसैन सब्जी की रेहड़ी लगाने का काम करता था. उसने कुछ दिन पहले ही इन युवकों के इलाके में एक घर खरीदा था. पुलिस के अनुसार, रफ़ीक़ के घर खरीदने के बाद से ही ये युवक उससे जबरन पैसे की मांग कर रहे थे, जिसे देने से रफ़ीक़ ने मना कर दिया. इससे गुस्साए इन लड़कों ने उस पर हमला बोल दिया और उसे मार डाला. पुलिस के अनुसार, रफ़ीक़ के घर खरीदने के बाद से ही ये युवक उससे जबरन पैसे की मांग कर रहे थे, जिसे देने से रफ़ीक़ ने मना कर दिया. इससे गुस्साए इन लड़कों ने उस पर हमला बोल दिया और उसे मार डाला.
संक्षिप्त सारांश: आठ युवकों ने वारदात को अंजाम दिया. पुलिस ने कहा, सभी आरोपियों की पहचान कर ली है. मृतक रफ़ीक़ हुसैन सब्जी की रेहड़ी लगाने का काम करता था.
10
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: हैदराबाद में पेशे से वकील बाप-बेटे ने उनके घर में काम करने वाली नाबालिग लड़की का कथित रूप से यौन उत्पीड़न किया. पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी. पुलिस में दर्ज शिकायत के मुताबिक, शहर के चैतन्यपुरी इलाके में स्थित ग्रीनहिल्स कॉलोनी में रहने वाला यह परिवार छह महीने पहले इस लड़की को करीब 140 किलोमीटर दूर स्थित सूर्यपेट से लेकर आए थे. यहां 60 वर्षीय सुधाकर रेड्डी और उसके 30 साल बेटे ने कथित रूप से 16 वर्षीय इस लड़की का कई बार यौन उत्पीड़न किया, जिससे वह गर्भवती भी हो गई. पुलिस ने इस संबंध में पेश से वकील दोनों बाप-बेटों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके खिलाफ बच्चों का उत्पीड़न एवं यौन हिंसा के अलावा बंधुआ मजदूरी से जुड़ी धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है.टिप्पणियां वहीं रेड्डी के बड़े बेटे तारक राम रेड्डी के खिलाफ पड़ोसी पर हमले का मामला दर्ज किया गया है. प्राप्त जानकारी के मुताबिक, उसे शक था कि पड़ोसी ने ही पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. सुधारक रेड्डी के घर में उनकी पत्नी और बेटी भी उनके साथ रहती हैं. बताया जाता है कि जब उस लड़की ने कुछ महीने पहले उन्हें उत्पीड़न की शिकायत की थी, तो उन्होंने कथित रूप से उसे पीटा था. पुलिस में दर्ज शिकायत के मुताबिक, शहर के चैतन्यपुरी इलाके में स्थित ग्रीनहिल्स कॉलोनी में रहने वाला यह परिवार छह महीने पहले इस लड़की को करीब 140 किलोमीटर दूर स्थित सूर्यपेट से लेकर आए थे. यहां 60 वर्षीय सुधाकर रेड्डी और उसके 30 साल बेटे ने कथित रूप से 16 वर्षीय इस लड़की का कई बार यौन उत्पीड़न किया, जिससे वह गर्भवती भी हो गई. पुलिस ने इस संबंध में पेश से वकील दोनों बाप-बेटों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके खिलाफ बच्चों का उत्पीड़न एवं यौन हिंसा के अलावा बंधुआ मजदूरी से जुड़ी धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है.टिप्पणियां वहीं रेड्डी के बड़े बेटे तारक राम रेड्डी के खिलाफ पड़ोसी पर हमले का मामला दर्ज किया गया है. प्राप्त जानकारी के मुताबिक, उसे शक था कि पड़ोसी ने ही पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. सुधारक रेड्डी के घर में उनकी पत्नी और बेटी भी उनके साथ रहती हैं. बताया जाता है कि जब उस लड़की ने कुछ महीने पहले उन्हें उत्पीड़न की शिकायत की थी, तो उन्होंने कथित रूप से उसे पीटा था. पुलिस ने इस संबंध में पेश से वकील दोनों बाप-बेटों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके खिलाफ बच्चों का उत्पीड़न एवं यौन हिंसा के अलावा बंधुआ मजदूरी से जुड़ी धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है.टिप्पणियां वहीं रेड्डी के बड़े बेटे तारक राम रेड्डी के खिलाफ पड़ोसी पर हमले का मामला दर्ज किया गया है. प्राप्त जानकारी के मुताबिक, उसे शक था कि पड़ोसी ने ही पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. सुधारक रेड्डी के घर में उनकी पत्नी और बेटी भी उनके साथ रहती हैं. बताया जाता है कि जब उस लड़की ने कुछ महीने पहले उन्हें उत्पीड़न की शिकायत की थी, तो उन्होंने कथित रूप से उसे पीटा था. वहीं रेड्डी के बड़े बेटे तारक राम रेड्डी के खिलाफ पड़ोसी पर हमले का मामला दर्ज किया गया है. प्राप्त जानकारी के मुताबिक, उसे शक था कि पड़ोसी ने ही पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. सुधारक रेड्डी के घर में उनकी पत्नी और बेटी भी उनके साथ रहती हैं. बताया जाता है कि जब उस लड़की ने कुछ महीने पहले उन्हें उत्पीड़न की शिकायत की थी, तो उन्होंने कथित रूप से उसे पीटा था. सुधारक रेड्डी के घर में उनकी पत्नी और बेटी भी उनके साथ रहती हैं. बताया जाता है कि जब उस लड़की ने कुछ महीने पहले उन्हें उत्पीड़न की शिकायत की थी, तो उन्होंने कथित रूप से उसे पीटा था.
यहाँ एक सारांश है:आरोपी परिवार छह महीने पहले इस लड़की को घर लेकर आया था पेश से वकील बाप-बेटे ने कथित रूप से उसका कई बार यौन उत्पीड़न किया 16 वर्षीय यह घरेलू सहायिका अब गर्भवती बताई जा रही है
12
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: चेन्नई सुपरकिंग्स (सीएसके) के कोच स्टीफन फ्लेमिंग ने शुक्रवार को संकेत दिया कि उनकी टीम रविवार को चेन्नई में होने वाली आईपीएल नीलामी में विदेशी खिलाड़ियों को नहीं लेगी क्योंकि उन्हें लगता है कि इससे उनके प्रशंसकों में टीम की लोकप्रियता कम हो सकती है।टिप्पणियां चेन्नई सुपरकिंग्स टीम में मौजूदा खिलाड़ियों के साथ जारी रखने के बारे में पूछने पर फ्लेमिंग ने कहा, ‘‘हम मौजूदा खिलाड़ियों के साथ जारी रखना चाहेंगे। हम इन स्तरीय खिलाड़ियों के साथ जुड़े हैं और अपनी रणनीति के मुताबिक उनका इस्तेमाल करेंगे। जब आप नये विदेशी खिलाड़ियों को शामिल करते हो तो यह खतरनाक हालात हो जाते हैं क्योंकि इससे प्रशंसकों में टीम की लोकप्रियता कम हो जाएगी।’’ न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान ने कहा कि टीम स्थानीय गेंदबाज लेना चाहेगी। उन्होंने कहा, ‘‘हम स्थानीय गेंदबाज के विकल्प के बारे में सोच रहे हैं। हमारी टीम में कोई भी शीर्ष स्थानीय गेंदबाज नहीं है। हम आगामी सत्र में इस कमी को पूरा करने की कोशिश करेंगे। हम युवा गेंदबाज की तलाश कर रहे हैं जो हमारी योजना में फिट हो जाए।’’ चेन्नई सुपरकिंग्स टीम में मौजूदा खिलाड़ियों के साथ जारी रखने के बारे में पूछने पर फ्लेमिंग ने कहा, ‘‘हम मौजूदा खिलाड़ियों के साथ जारी रखना चाहेंगे। हम इन स्तरीय खिलाड़ियों के साथ जुड़े हैं और अपनी रणनीति के मुताबिक उनका इस्तेमाल करेंगे। जब आप नये विदेशी खिलाड़ियों को शामिल करते हो तो यह खतरनाक हालात हो जाते हैं क्योंकि इससे प्रशंसकों में टीम की लोकप्रियता कम हो जाएगी।’’ न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान ने कहा कि टीम स्थानीय गेंदबाज लेना चाहेगी। उन्होंने कहा, ‘‘हम स्थानीय गेंदबाज के विकल्प के बारे में सोच रहे हैं। हमारी टीम में कोई भी शीर्ष स्थानीय गेंदबाज नहीं है। हम आगामी सत्र में इस कमी को पूरा करने की कोशिश करेंगे। हम युवा गेंदबाज की तलाश कर रहे हैं जो हमारी योजना में फिट हो जाए।’’ न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान ने कहा कि टीम स्थानीय गेंदबाज लेना चाहेगी। उन्होंने कहा, ‘‘हम स्थानीय गेंदबाज के विकल्प के बारे में सोच रहे हैं। हमारी टीम में कोई भी शीर्ष स्थानीय गेंदबाज नहीं है। हम आगामी सत्र में इस कमी को पूरा करने की कोशिश करेंगे। हम युवा गेंदबाज की तलाश कर रहे हैं जो हमारी योजना में फिट हो जाए।’’
सारांश: सीएसके के कोच स्टीफन फ्लेमिंग ने संकेत दिया कि उनकी टीम रविवार को चेन्नई में होने वाली आईपीएल नीलामी में विदेशी खिलाड़ियों को नहीं लेगी क्योंकि उन्हें लगता है कि इससे उनके प्रशंसकों में टीम की लोकप्रियता कम हो सकती है।
7
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: इंग्लैंड के साथ खेले जाने वाले पहले वनडे मुकाबले के लिए लंबे समय बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम में तेज गेंदबाज ब्रेट ली की वापसी हुई है। ऑस्ट्रेलिया की 14 सदस्यीय टीम में ली के अलावा तेज गेंदबाज शॉन टेट और बल्लेबाज डेविड हसी को शामिल किया गया है। एशेज सीरीज के दौरान टीम से दूर रहे स्पिन गेंदबाज नाथन हौरित्ज को भी टीम में जगह मिली है। खराब फिटनेस और चोट से ग्रस्त ली ने अपना अंतिम एकदिवसीय मैच अक्टूबर, 2009 में खेला था। एक दिन पहले ही सोमवार को ली ने संकेत दिया था कि यदि चयनकर्ताओं ने उन्हें विश्वकप के लिए चुने जाने वाली टीम से नजरअंदाज किया, तो वह दूसरी भूमिका के लिए भी काम करने को तैयार हैं। ली का कहना था कि उनके पास दूसरा विकल्प खिलाड़ियों को कोचिंग देने का है। मौजूदा सत्र में ली घरेलू एकदिवसीय मुकाबलों में 15 विकेट झटककर गेंदबाजों की फेहरिस्त में शीर्ष पर रहे। ली का कहना था कि उन्हें विश्वास है कि वह विश्वकप के लिए अंतिम 15 खिलाड़ियों में जगह बनाने में कामयाब होंगे। भारतीय उपमहाद्वीप में अगले महीने आयोजित होने वाले विश्वकप के लिए ली को ऑस्ट्रेलिया की 30 सम्भावित खिलाड़ियों की सूची में शामिल किया गया है। ऑस्ट्रेलिया को इंग्लैंड के साथ सात मैचों की एकदिवसीय शृंखला खेलना है। इस शृंखला का पहला मुकाबला 16 जनवरी को मेलबर्न क्रिकेट मैदान पर खेला जाएगा। ऑस्ट्रेलिया की एकदिवसीय टीम इस प्रकार है : शेन वॉटसन, ब्रैड हैडिन (विकेट कीपर), माइकल क्लार्क (कप्तान), केमरुन व्हाइट, डेविड हसी, माइकल हसी, स्टीव स्म्थि, मिशेल जॉनसन, नाथन हौरित्ज, ब्रेट ली, जेवियर डोर्थी, पीटर सिडल, शॉन टेट और डगलस बोलिंगर।
संक्षिप्त सारांश: इंग्लैंड के साथ खेले जाने वाले पहले वनडे मुकाबले के लिए लंबे समय बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम में तेज गेंदबाज ब्रेट ली की वापसी हुई है।
0
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली में सीलिंग से जुड़े मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में हुई.  नाराज सुप्रीम कोर्ट ने मास्टर प्लान 2021 में प्रस्तावित संशोधन पर रोक लगा दी और कोर्ट ने डीडीए पर मास्टर प्लान में संशोधन को लेकर हलफनामा दाखिल ना करने पर नाराजगी जताई. कोर्ट ने कहा, ये दादागिरी नहीं चलेगी. कोर्ट ने कहा कि व्यावसायिक इकाइयों को राहत देने के लिए डीडीए ने FAR बढ़ाने के लिए मास्टर प्लान में संशोधन करने की प्रक्रिया शुरू की थी. सुप्रीम कोर्ट ने 9 फरवरी को कहा था कि मास्टर प्लान में संशोधन की जरूरत क्यों है और क्या इससे पहले पर्यावरण को लेकर कोई स्टडी की गई. डीडीए आप ये नहीं बता सकते कि आप वो ही करेंगे जो आपका मन करेगा. सुप्रीम कोर्ट ने विधायक ओपी शर्मा और निगम पार्षद गुजन गुप्ता को फटकार लगाई. कोर्ट ने कहा कि आपने मुख्यमंत्री के खिलाफ ड्राइव के दौरान नारेबाजी क्यों की. आप CM या PM के खिलाफ अपमानजनक शब्द इस्तेमाल नहीं कर सकते. हालांकि कोर्ट ने अवमानना कार्रवाई से मुक्त किया. बता दें कि कोर्ट की अवमानना का नोटिस जारी किया गया था. सुप्रीम कोर्ट ने व्यक्तिगत तौर पर पेश होने के आदेश दिए थे. टिप्पणियां दरअसल, मॉनिटरिंग कमिटी ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि जब वो शाहदरा में हुए अवैध निर्माण पर कार्रवाई करने के लिए गए थे तो उन्होंने रुकावट पैदा की थी. सुप्रीम कोर्ट ने 9 फरवरी को कहा था कि मास्टर प्लान में संशोधन की जरूरत क्यों है और क्या इससे पहले पर्यावरण को लेकर कोई स्टडी की गई. डीडीए आप ये नहीं बता सकते कि आप वो ही करेंगे जो आपका मन करेगा. सुप्रीम कोर्ट ने विधायक ओपी शर्मा और निगम पार्षद गुजन गुप्ता को फटकार लगाई. कोर्ट ने कहा कि आपने मुख्यमंत्री के खिलाफ ड्राइव के दौरान नारेबाजी क्यों की. आप CM या PM के खिलाफ अपमानजनक शब्द इस्तेमाल नहीं कर सकते. हालांकि कोर्ट ने अवमानना कार्रवाई से मुक्त किया. बता दें कि कोर्ट की अवमानना का नोटिस जारी किया गया था. सुप्रीम कोर्ट ने व्यक्तिगत तौर पर पेश होने के आदेश दिए थे. टिप्पणियां दरअसल, मॉनिटरिंग कमिटी ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि जब वो शाहदरा में हुए अवैध निर्माण पर कार्रवाई करने के लिए गए थे तो उन्होंने रुकावट पैदा की थी. सुप्रीम कोर्ट ने विधायक ओपी शर्मा और निगम पार्षद गुजन गुप्ता को फटकार लगाई. कोर्ट ने कहा कि आपने मुख्यमंत्री के खिलाफ ड्राइव के दौरान नारेबाजी क्यों की. आप CM या PM के खिलाफ अपमानजनक शब्द इस्तेमाल नहीं कर सकते. हालांकि कोर्ट ने अवमानना कार्रवाई से मुक्त किया. बता दें कि कोर्ट की अवमानना का नोटिस जारी किया गया था. सुप्रीम कोर्ट ने व्यक्तिगत तौर पर पेश होने के आदेश दिए थे. टिप्पणियां दरअसल, मॉनिटरिंग कमिटी ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि जब वो शाहदरा में हुए अवैध निर्माण पर कार्रवाई करने के लिए गए थे तो उन्होंने रुकावट पैदा की थी. दरअसल, मॉनिटरिंग कमिटी ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि जब वो शाहदरा में हुए अवैध निर्माण पर कार्रवाई करने के लिए गए थे तो उन्होंने रुकावट पैदा की थी. दरअसल, मॉनिटरिंग कमिटी ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि जब वो शाहदरा में हुए अवैध निर्माण पर कार्रवाई करने के लिए गए थे तो उन्होंने रुकावट पैदा की थी.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: दिल्ली में सीलिंग का व्यापारियों ने किया विरोध दबाव में आई सरकार, राजनीतिक दल एलजी ने किया था बदलाव का ऐलान.
3
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: डॉलर की तुलना में यूरो में मजबूती आने और पूंजी प्रवाह बढ़ने के बीच आज अंतर बैंक विदेशी मुद्रा बाजार में डॉलर के मुकाबले रुपया छह पैसे मजबूत होकर 55.55 के स्तर पर खुला।टिप्पणियां फारेक्स डीलरों ने कहा कि सतत पूंजी प्रवाह और यूरो की तुलना में डॉलर में नरमी आने से रुपया की धारणा मजबूत हुई। गत शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले रुपया एक दशक में दूसरी सबसे बड़ी तेजी. 119 पैसे मजबूत होकर दो सप्ताह के उच्च स्तर 55.61 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। फारेक्स डीलरों ने कहा कि सतत पूंजी प्रवाह और यूरो की तुलना में डॉलर में नरमी आने से रुपया की धारणा मजबूत हुई। गत शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले रुपया एक दशक में दूसरी सबसे बड़ी तेजी. 119 पैसे मजबूत होकर दो सप्ताह के उच्च स्तर 55.61 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। गत शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले रुपया एक दशक में दूसरी सबसे बड़ी तेजी. 119 पैसे मजबूत होकर दो सप्ताह के उच्च स्तर 55.61 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
संक्षिप्त सारांश: डॉलर की तुलना में यूरो में मजबूती आने और पूंजी प्रवाह बढ़ने के बीच आज अंतर बैंक विदेशी मुद्रा बाजार में डॉलर के मुकाबले रुपया छह पैसे मजबूत होकर 55.55 के स्तर पर खुला।
10
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: कालाधन पर लगाम लगाने की लड़ाई को आगे बढ़ाते हुए केंद्र सरकार कुछ और कदम उठाएगी. भाजपा के एक शीर्ष नेता ने आज यह बात कही. उन्होंने कालाधन रखने वालों को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उनके पास अघोषित धन पाया गया तो सख्ती से निपटा जाएगा. हालांकि जिनके पास वैध धनराशि है, उन्हें किसी कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ेगा. पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में उन्होंने कहा कि बड़े नोटों को अमान्य करने का आम आदमी पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा. कालाधन और भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारी लड़ाई जारी रहेगी. इस दिशा में और कदम उठाए जाएंगे. हम कालाधन पर लगाम लगाने को प्रतिबद्ध हैं. भाजपा के करीबी माने जाने वाले छोटे कारोबारियों पर प्रभाव पड़ सकता है हालांकि पार्टी का मानना है कि 500 रुपये और 1000 रुपये के नोट को अमान्य करने के कदम से उत्तरप्रदेश समेत कुछ राज्यों में उसे इसका फायदा मिलेगा.टिप्पणियां उन्होंने कहा कि सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव और बसपा प्रमुख मायावती के संवाददाता सम्मेलन को देखें, तब ऐसा लगता है कि यह हमारे लिए सकारात्मक है. उल्लेखनीय है कि मुलायम सिंह यादव और मायावती ने मोदी सरकार के इस कदम की आलोचना की है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कालाधन रखने वालों को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उनके पास अघोषित धन पाया गया तो सख्ती से निपटा जाएगा. हालांकि जिनके पास वैध धनराशि है, उन्हें किसी कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ेगा. पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में उन्होंने कहा कि बड़े नोटों को अमान्य करने का आम आदमी पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा. कालाधन और भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारी लड़ाई जारी रहेगी. इस दिशा में और कदम उठाए जाएंगे. हम कालाधन पर लगाम लगाने को प्रतिबद्ध हैं. भाजपा के करीबी माने जाने वाले छोटे कारोबारियों पर प्रभाव पड़ सकता है हालांकि पार्टी का मानना है कि 500 रुपये और 1000 रुपये के नोट को अमान्य करने के कदम से उत्तरप्रदेश समेत कुछ राज्यों में उसे इसका फायदा मिलेगा.टिप्पणियां उन्होंने कहा कि सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव और बसपा प्रमुख मायावती के संवाददाता सम्मेलन को देखें, तब ऐसा लगता है कि यह हमारे लिए सकारात्मक है. उल्लेखनीय है कि मुलायम सिंह यादव और मायावती ने मोदी सरकार के इस कदम की आलोचना की है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में उन्होंने कहा कि बड़े नोटों को अमान्य करने का आम आदमी पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा. कालाधन और भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारी लड़ाई जारी रहेगी. इस दिशा में और कदम उठाए जाएंगे. हम कालाधन पर लगाम लगाने को प्रतिबद्ध हैं. भाजपा के करीबी माने जाने वाले छोटे कारोबारियों पर प्रभाव पड़ सकता है हालांकि पार्टी का मानना है कि 500 रुपये और 1000 रुपये के नोट को अमान्य करने के कदम से उत्तरप्रदेश समेत कुछ राज्यों में उसे इसका फायदा मिलेगा.टिप्पणियां उन्होंने कहा कि सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव और बसपा प्रमुख मायावती के संवाददाता सम्मेलन को देखें, तब ऐसा लगता है कि यह हमारे लिए सकारात्मक है. उल्लेखनीय है कि मुलायम सिंह यादव और मायावती ने मोदी सरकार के इस कदम की आलोचना की है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) भाजपा के करीबी माने जाने वाले छोटे कारोबारियों पर प्रभाव पड़ सकता है हालांकि पार्टी का मानना है कि 500 रुपये और 1000 रुपये के नोट को अमान्य करने के कदम से उत्तरप्रदेश समेत कुछ राज्यों में उसे इसका फायदा मिलेगा.टिप्पणियां उन्होंने कहा कि सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव और बसपा प्रमुख मायावती के संवाददाता सम्मेलन को देखें, तब ऐसा लगता है कि यह हमारे लिए सकारात्मक है. उल्लेखनीय है कि मुलायम सिंह यादव और मायावती ने मोदी सरकार के इस कदम की आलोचना की है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा कि सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव और बसपा प्रमुख मायावती के संवाददाता सम्मेलन को देखें, तब ऐसा लगता है कि यह हमारे लिए सकारात्मक है. उल्लेखनीय है कि मुलायम सिंह यादव और मायावती ने मोदी सरकार के इस कदम की आलोचना की है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह एक सारांश है: अघोषित धन पाया गया तो सख्ती से निपटा जाएगा मुलायम सिंह यादव और मायावती की प्रतिक्रिया बीजेपी के लिए सकारात्मक कालाधन और भ्रष्टाचार के खिलाफ बीजेपी की लड़ाई जारी रहेगी
2
['hin']
एक सारांश बनाओ: नागरी सेवा दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जहां सरकारी बाबुओं के कान खींचे हैं और कामकाज में अधिक पारदर्शिता लाने की पैरवी की है वहीं महाराष्ट्र सरकार ने ऐसे एक आईएएस अधिकारी को सम्मानित किया है जो इसके लिए खास तौर पर जाने जाते हैं. चंद्रपुर के डीएम आशुतोष सलिल को इस साल भी बेहतरीन सेवा के लिए सम्मानित किया गया है. देश में 2007 में नागरी सेवा दिवस मनाने की शुरुआत हुई. इसके तहत राज्य भर में प्रशासनिक सेवाओं में बेहतरीन काम करने वालों को सम्मानित किया जाता है. महाराष्ट्र में अलग-अलग श्रेणी के 26 अधिकारियों को सम्मानित किया गया. इनमें से 2010 के बैच के आशुतोष सलिल अपनी दोनों पोस्टिंगों के लिए सम्मान पाने वाले एक मात्र आईएएस साबित हुए हैं. चंद्रपुर और वर्धा जिलों में बतौर जिलाधिकारी किए गए कामों को सराहा गया है. उनके वर्धा में कैदियों के जिम्मेदार नागरिक के रूप में क्षमता विकास के लिए किए प्रयास और चंद्रपुर में 15 लाख नागरिकों के सम्पूर्ण डेटा एकत्रीकरण के काम को सराहा गया है. इसके अलावा सलिल अपने काम में पारदर्शिता के लिए ज्यादा विख्यात हैं. वे अपनी हर पोस्टिंग के पहले ही दिन अपनी संपत्ति सार्वजनिक करते हैं. फिर आखिरी दिन उसमें हुए बदलाव को भी बताते हैं. सलिल ने NDTV इंडिया से बात करते हुए कहा कि, उनके पास कोई अचल संपत्ति नहीं, जबकि चल संपत्ति केवल 15 लाख की है. उनका मानना है कि ऐसा करने से प्रशासनिक महकमे में भी ईमानदार लोग होने का भरोसा लोगों में बढ़ेगा. आने वाले दिनों में वे चंद्रपुर की 1000 आदिवासी महिलाओं को सक्षम बनाने के लिए उन्होंने मुर्गी पालन सोसायटी बनाने का उद्देश्य रखा है. टिप्पणियां महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सभी का सम्मान किया. इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दो टूक कहा कि सामने रखे काम में से गलतियां निकालने से आपका ज्ञान दिखेगा, लेकिन उससे किसी का भला नहीं होगा. काम में पारदर्शिता होगी तो ही जनता का फायदा  होगा.   फडणवीस ने इस बात पर भी जोर दिया कि आम आदमी को विकास की उम्मीद है, वह भी गतिमान और पारदर्शिता के साथ. यह तीनों चीजें एक साथ हों तो ही जनता खुश होगी, बदलाव मुमकिन होगा. इसी दौरान आम आदमी की जिंदगी में क्या बदलाव किया यह भी प्रशासनिक बाबुओं को सतत सोचते रहना होगा. देश में 2007 में नागरी सेवा दिवस मनाने की शुरुआत हुई. इसके तहत राज्य भर में प्रशासनिक सेवाओं में बेहतरीन काम करने वालों को सम्मानित किया जाता है. महाराष्ट्र में अलग-अलग श्रेणी के 26 अधिकारियों को सम्मानित किया गया. इनमें से 2010 के बैच के आशुतोष सलिल अपनी दोनों पोस्टिंगों के लिए सम्मान पाने वाले एक मात्र आईएएस साबित हुए हैं. चंद्रपुर और वर्धा जिलों में बतौर जिलाधिकारी किए गए कामों को सराहा गया है. उनके वर्धा में कैदियों के जिम्मेदार नागरिक के रूप में क्षमता विकास के लिए किए प्रयास और चंद्रपुर में 15 लाख नागरिकों के सम्पूर्ण डेटा एकत्रीकरण के काम को सराहा गया है. इसके अलावा सलिल अपने काम में पारदर्शिता के लिए ज्यादा विख्यात हैं. वे अपनी हर पोस्टिंग के पहले ही दिन अपनी संपत्ति सार्वजनिक करते हैं. फिर आखिरी दिन उसमें हुए बदलाव को भी बताते हैं. सलिल ने NDTV इंडिया से बात करते हुए कहा कि, उनके पास कोई अचल संपत्ति नहीं, जबकि चल संपत्ति केवल 15 लाख की है. उनका मानना है कि ऐसा करने से प्रशासनिक महकमे में भी ईमानदार लोग होने का भरोसा लोगों में बढ़ेगा. आने वाले दिनों में वे चंद्रपुर की 1000 आदिवासी महिलाओं को सक्षम बनाने के लिए उन्होंने मुर्गी पालन सोसायटी बनाने का उद्देश्य रखा है. टिप्पणियां महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सभी का सम्मान किया. इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दो टूक कहा कि सामने रखे काम में से गलतियां निकालने से आपका ज्ञान दिखेगा, लेकिन उससे किसी का भला नहीं होगा. काम में पारदर्शिता होगी तो ही जनता का फायदा  होगा.   फडणवीस ने इस बात पर भी जोर दिया कि आम आदमी को विकास की उम्मीद है, वह भी गतिमान और पारदर्शिता के साथ. यह तीनों चीजें एक साथ हों तो ही जनता खुश होगी, बदलाव मुमकिन होगा. इसी दौरान आम आदमी की जिंदगी में क्या बदलाव किया यह भी प्रशासनिक बाबुओं को सतत सोचते रहना होगा. इसके अलावा सलिल अपने काम में पारदर्शिता के लिए ज्यादा विख्यात हैं. वे अपनी हर पोस्टिंग के पहले ही दिन अपनी संपत्ति सार्वजनिक करते हैं. फिर आखिरी दिन उसमें हुए बदलाव को भी बताते हैं. सलिल ने NDTV इंडिया से बात करते हुए कहा कि, उनके पास कोई अचल संपत्ति नहीं, जबकि चल संपत्ति केवल 15 लाख की है. उनका मानना है कि ऐसा करने से प्रशासनिक महकमे में भी ईमानदार लोग होने का भरोसा लोगों में बढ़ेगा. आने वाले दिनों में वे चंद्रपुर की 1000 आदिवासी महिलाओं को सक्षम बनाने के लिए उन्होंने मुर्गी पालन सोसायटी बनाने का उद्देश्य रखा है. टिप्पणियां महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सभी का सम्मान किया. इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दो टूक कहा कि सामने रखे काम में से गलतियां निकालने से आपका ज्ञान दिखेगा, लेकिन उससे किसी का भला नहीं होगा. काम में पारदर्शिता होगी तो ही जनता का फायदा  होगा.   फडणवीस ने इस बात पर भी जोर दिया कि आम आदमी को विकास की उम्मीद है, वह भी गतिमान और पारदर्शिता के साथ. यह तीनों चीजें एक साथ हों तो ही जनता खुश होगी, बदलाव मुमकिन होगा. इसी दौरान आम आदमी की जिंदगी में क्या बदलाव किया यह भी प्रशासनिक बाबुओं को सतत सोचते रहना होगा. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सभी का सम्मान किया. इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दो टूक कहा कि सामने रखे काम में से गलतियां निकालने से आपका ज्ञान दिखेगा, लेकिन उससे किसी का भला नहीं होगा. काम में पारदर्शिता होगी तो ही जनता का फायदा  होगा.   फडणवीस ने इस बात पर भी जोर दिया कि आम आदमी को विकास की उम्मीद है, वह भी गतिमान और पारदर्शिता के साथ. यह तीनों चीजें एक साथ हों तो ही जनता खुश होगी, बदलाव मुमकिन होगा. इसी दौरान आम आदमी की जिंदगी में क्या बदलाव किया यह भी प्रशासनिक बाबुओं को सतत सोचते रहना होगा. फडणवीस ने इस बात पर भी जोर दिया कि आम आदमी को विकास की उम्मीद है, वह भी गतिमान और पारदर्शिता के साथ. यह तीनों चीजें एक साथ हों तो ही जनता खुश होगी, बदलाव मुमकिन होगा. इसी दौरान आम आदमी की जिंदगी में क्या बदलाव किया यह भी प्रशासनिक बाबुओं को सतत सोचते रहना होगा.
यह एक सारांश है: लगातार दो साल से बेहतरीन सेवाओं के लिए सम्मानित नए स्थान पर पहुंचकर और विदा होते वक्त करते हैं संपत्ति घोषित अपने काम में पारदर्शिता के लिए विख्यात हैं आशुतोष सलिल
21
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कर्नाटक में बिगड़ते राजनीतिक समीकरणों को संभालने के लिए कर्नाटक बीजेपी के प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान बेंगलुरु में दोनों गुटों से बात कर रहे हैं। प्रधान राज्य में मुख्यमंत्री बदलने के मुद्दे पर अड़े कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के गुट से मुलाकात कर चुके हैं। जगदीश शेट्टार की अगुआई में येदियुरप्पा समर्थक धर्मेंद्र प्रधान से मिले। प्रधान मौजूदा मुख्यमंत्री सदानंद गौड़ा के समर्थकों से भी मिलने वाले हैं। उनको आलाकमान ने कर्नाटक का संकट हल करने के लिए भेजा है। इससे पहले सुबह सदानंद गौड़ा ने राज्यपाल से मिलकर राज्य के मौजूदा राजनीतिक संकट पर बात की। उधर, येदियुरप्पा धड़े ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री सदानंद गौड़ा पर करारा प्रहार किया और उन पर विपक्षी जनता दल सेकुलर (जेडीएस) के प्रभाव में आने तथा मंत्रियों को विश्वास में नहीं लेने का आरोप लगाया। नौ मंत्रियों के इस्तीफा देने के एक दिन बाद इस धड़े ने अपने इस कृत्य का कारण बताने का प्रयास किया और समझौता से इनकार किया। उसने दोहराया कि उनके उम्मीदवार जगदीश शेट्टार को मुख्यमंत्री बनाना ही उनकी मांग है। इन नौ मंत्रियों में से एक सीएम उदासी ने संवाददाताओं से कहा, चाहे विकास का मुद्दा हो, निर्वाचन क्षेत्र या फिर मंत्री पद का, मुख्यमंत्री जेडीएस (पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा) की शह पर प्रशासन चला रहे हैं। उदासी ने कहा कि उनके बर्ताव से स्पष्ट है कि वह जेडीएस के प्रभाव में हैं। उन्होंने दोहराया कि मंत्रियों और मुख्यमंत्री के बीच विश्वास की कमी है और पिछले तीन चार महीने में संबंधों में तनाव आ गया है। इससे पहले, बीजेपी की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष केएस ईश्वरप्पा ने शनिवार को पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के प्रति निष्ठा रखने वाले नौ मंत्रियों के इस्तीफे स्वीकार करने से मना कर दिया। ये मंत्री मुख्यमंत्री डीवी सदानंद गौड़ा को हटाकर अपने पसंदीदा जगदीश शेट्टार को मुख्यमंत्री बनाने की मांग कर रहे हैं। ईश्वरप्पा ने गौड़ा से मुलाकात के बाद संवाददाताओं से कहा, मंत्रियों के इस्तीफे स्वीकार करने का सवाल ही नहीं उठता। इस बीच, बीजेपी के कर्नाटक मामलों के प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान सरकार पर आसन्न संकट के हल के लिए यहां पहुंच रहे हैं। ईश्वरप्पा ने उम्मीद जताई कि गौड़ा और शेट्टार का समर्थन कर रहे 'मित्र' पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के फैसले का पालन करेंगे। श्रम एवं सेरीकल्चर मंत्री बीएन बाचे गौड़ा ने सदानंद गौड़ा से मुलाकात करने के बाद संवाददताओं से कहा कि नेतृत्व परिवर्तन का सवाल ही नहीं उठता।टिप्पणियां इस्तीफा सौंपने वाले मंत्री शेट्टार, सीएम उदासी, बासवराज बोम्मई, मुरूगेश निरानी, वी सोमन्ना, उमेश कट्टी, एम पी रेणुकाचार्य, रेवु नायक बेलमागी और राजू गौड़ा हैं। इस बीच, मुख्यमंत्री ने यहां राजभवन में राज्यपाल एचआर भारद्वाज से मुलाकात की। वहीं, कर्नाटक के राजनीतिक संकट पर कांग्रेस ने चुटकी लेते हुए कहा है कि बीजेपी में नेतृत्व कर पाने वाले नेताओं की कमी है और यही वजह है कि कर्नाटक, गुजरात और राजस्थान में नेतृत्व के मुद्दे पर विवाद चल रहा है। प्रधान मौजूदा मुख्यमंत्री सदानंद गौड़ा के समर्थकों से भी मिलने वाले हैं। उनको आलाकमान ने कर्नाटक का संकट हल करने के लिए भेजा है। इससे पहले सुबह सदानंद गौड़ा ने राज्यपाल से मिलकर राज्य के मौजूदा राजनीतिक संकट पर बात की। उधर, येदियुरप्पा धड़े ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री सदानंद गौड़ा पर करारा प्रहार किया और उन पर विपक्षी जनता दल सेकुलर (जेडीएस) के प्रभाव में आने तथा मंत्रियों को विश्वास में नहीं लेने का आरोप लगाया। नौ मंत्रियों के इस्तीफा देने के एक दिन बाद इस धड़े ने अपने इस कृत्य का कारण बताने का प्रयास किया और समझौता से इनकार किया। उसने दोहराया कि उनके उम्मीदवार जगदीश शेट्टार को मुख्यमंत्री बनाना ही उनकी मांग है। इन नौ मंत्रियों में से एक सीएम उदासी ने संवाददाताओं से कहा, चाहे विकास का मुद्दा हो, निर्वाचन क्षेत्र या फिर मंत्री पद का, मुख्यमंत्री जेडीएस (पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा) की शह पर प्रशासन चला रहे हैं। उदासी ने कहा कि उनके बर्ताव से स्पष्ट है कि वह जेडीएस के प्रभाव में हैं। उन्होंने दोहराया कि मंत्रियों और मुख्यमंत्री के बीच विश्वास की कमी है और पिछले तीन चार महीने में संबंधों में तनाव आ गया है। इससे पहले, बीजेपी की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष केएस ईश्वरप्पा ने शनिवार को पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के प्रति निष्ठा रखने वाले नौ मंत्रियों के इस्तीफे स्वीकार करने से मना कर दिया। ये मंत्री मुख्यमंत्री डीवी सदानंद गौड़ा को हटाकर अपने पसंदीदा जगदीश शेट्टार को मुख्यमंत्री बनाने की मांग कर रहे हैं। ईश्वरप्पा ने गौड़ा से मुलाकात के बाद संवाददाताओं से कहा, मंत्रियों के इस्तीफे स्वीकार करने का सवाल ही नहीं उठता। इस बीच, बीजेपी के कर्नाटक मामलों के प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान सरकार पर आसन्न संकट के हल के लिए यहां पहुंच रहे हैं। ईश्वरप्पा ने उम्मीद जताई कि गौड़ा और शेट्टार का समर्थन कर रहे 'मित्र' पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के फैसले का पालन करेंगे। श्रम एवं सेरीकल्चर मंत्री बीएन बाचे गौड़ा ने सदानंद गौड़ा से मुलाकात करने के बाद संवाददताओं से कहा कि नेतृत्व परिवर्तन का सवाल ही नहीं उठता।टिप्पणियां इस्तीफा सौंपने वाले मंत्री शेट्टार, सीएम उदासी, बासवराज बोम्मई, मुरूगेश निरानी, वी सोमन्ना, उमेश कट्टी, एम पी रेणुकाचार्य, रेवु नायक बेलमागी और राजू गौड़ा हैं। इस बीच, मुख्यमंत्री ने यहां राजभवन में राज्यपाल एचआर भारद्वाज से मुलाकात की। वहीं, कर्नाटक के राजनीतिक संकट पर कांग्रेस ने चुटकी लेते हुए कहा है कि बीजेपी में नेतृत्व कर पाने वाले नेताओं की कमी है और यही वजह है कि कर्नाटक, गुजरात और राजस्थान में नेतृत्व के मुद्दे पर विवाद चल रहा है। उधर, येदियुरप्पा धड़े ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री सदानंद गौड़ा पर करारा प्रहार किया और उन पर विपक्षी जनता दल सेकुलर (जेडीएस) के प्रभाव में आने तथा मंत्रियों को विश्वास में नहीं लेने का आरोप लगाया। नौ मंत्रियों के इस्तीफा देने के एक दिन बाद इस धड़े ने अपने इस कृत्य का कारण बताने का प्रयास किया और समझौता से इनकार किया। उसने दोहराया कि उनके उम्मीदवार जगदीश शेट्टार को मुख्यमंत्री बनाना ही उनकी मांग है। इन नौ मंत्रियों में से एक सीएम उदासी ने संवाददाताओं से कहा, चाहे विकास का मुद्दा हो, निर्वाचन क्षेत्र या फिर मंत्री पद का, मुख्यमंत्री जेडीएस (पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा) की शह पर प्रशासन चला रहे हैं। उदासी ने कहा कि उनके बर्ताव से स्पष्ट है कि वह जेडीएस के प्रभाव में हैं। उन्होंने दोहराया कि मंत्रियों और मुख्यमंत्री के बीच विश्वास की कमी है और पिछले तीन चार महीने में संबंधों में तनाव आ गया है। इससे पहले, बीजेपी की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष केएस ईश्वरप्पा ने शनिवार को पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के प्रति निष्ठा रखने वाले नौ मंत्रियों के इस्तीफे स्वीकार करने से मना कर दिया। ये मंत्री मुख्यमंत्री डीवी सदानंद गौड़ा को हटाकर अपने पसंदीदा जगदीश शेट्टार को मुख्यमंत्री बनाने की मांग कर रहे हैं। ईश्वरप्पा ने गौड़ा से मुलाकात के बाद संवाददाताओं से कहा, मंत्रियों के इस्तीफे स्वीकार करने का सवाल ही नहीं उठता। इस बीच, बीजेपी के कर्नाटक मामलों के प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान सरकार पर आसन्न संकट के हल के लिए यहां पहुंच रहे हैं। ईश्वरप्पा ने उम्मीद जताई कि गौड़ा और शेट्टार का समर्थन कर रहे 'मित्र' पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के फैसले का पालन करेंगे। श्रम एवं सेरीकल्चर मंत्री बीएन बाचे गौड़ा ने सदानंद गौड़ा से मुलाकात करने के बाद संवाददताओं से कहा कि नेतृत्व परिवर्तन का सवाल ही नहीं उठता।टिप्पणियां इस्तीफा सौंपने वाले मंत्री शेट्टार, सीएम उदासी, बासवराज बोम्मई, मुरूगेश निरानी, वी सोमन्ना, उमेश कट्टी, एम पी रेणुकाचार्य, रेवु नायक बेलमागी और राजू गौड़ा हैं। इस बीच, मुख्यमंत्री ने यहां राजभवन में राज्यपाल एचआर भारद्वाज से मुलाकात की। वहीं, कर्नाटक के राजनीतिक संकट पर कांग्रेस ने चुटकी लेते हुए कहा है कि बीजेपी में नेतृत्व कर पाने वाले नेताओं की कमी है और यही वजह है कि कर्नाटक, गुजरात और राजस्थान में नेतृत्व के मुद्दे पर विवाद चल रहा है। उसने दोहराया कि उनके उम्मीदवार जगदीश शेट्टार को मुख्यमंत्री बनाना ही उनकी मांग है। इन नौ मंत्रियों में से एक सीएम उदासी ने संवाददाताओं से कहा, चाहे विकास का मुद्दा हो, निर्वाचन क्षेत्र या फिर मंत्री पद का, मुख्यमंत्री जेडीएस (पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा) की शह पर प्रशासन चला रहे हैं। उदासी ने कहा कि उनके बर्ताव से स्पष्ट है कि वह जेडीएस के प्रभाव में हैं। उन्होंने दोहराया कि मंत्रियों और मुख्यमंत्री के बीच विश्वास की कमी है और पिछले तीन चार महीने में संबंधों में तनाव आ गया है। इससे पहले, बीजेपी की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष केएस ईश्वरप्पा ने शनिवार को पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के प्रति निष्ठा रखने वाले नौ मंत्रियों के इस्तीफे स्वीकार करने से मना कर दिया। ये मंत्री मुख्यमंत्री डीवी सदानंद गौड़ा को हटाकर अपने पसंदीदा जगदीश शेट्टार को मुख्यमंत्री बनाने की मांग कर रहे हैं। ईश्वरप्पा ने गौड़ा से मुलाकात के बाद संवाददाताओं से कहा, मंत्रियों के इस्तीफे स्वीकार करने का सवाल ही नहीं उठता। इस बीच, बीजेपी के कर्नाटक मामलों के प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान सरकार पर आसन्न संकट के हल के लिए यहां पहुंच रहे हैं। ईश्वरप्पा ने उम्मीद जताई कि गौड़ा और शेट्टार का समर्थन कर रहे 'मित्र' पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के फैसले का पालन करेंगे। श्रम एवं सेरीकल्चर मंत्री बीएन बाचे गौड़ा ने सदानंद गौड़ा से मुलाकात करने के बाद संवाददताओं से कहा कि नेतृत्व परिवर्तन का सवाल ही नहीं उठता।टिप्पणियां इस्तीफा सौंपने वाले मंत्री शेट्टार, सीएम उदासी, बासवराज बोम्मई, मुरूगेश निरानी, वी सोमन्ना, उमेश कट्टी, एम पी रेणुकाचार्य, रेवु नायक बेलमागी और राजू गौड़ा हैं। इस बीच, मुख्यमंत्री ने यहां राजभवन में राज्यपाल एचआर भारद्वाज से मुलाकात की। वहीं, कर्नाटक के राजनीतिक संकट पर कांग्रेस ने चुटकी लेते हुए कहा है कि बीजेपी में नेतृत्व कर पाने वाले नेताओं की कमी है और यही वजह है कि कर्नाटक, गुजरात और राजस्थान में नेतृत्व के मुद्दे पर विवाद चल रहा है। इससे पहले, बीजेपी की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष केएस ईश्वरप्पा ने शनिवार को पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के प्रति निष्ठा रखने वाले नौ मंत्रियों के इस्तीफे स्वीकार करने से मना कर दिया। ये मंत्री मुख्यमंत्री डीवी सदानंद गौड़ा को हटाकर अपने पसंदीदा जगदीश शेट्टार को मुख्यमंत्री बनाने की मांग कर रहे हैं। ईश्वरप्पा ने गौड़ा से मुलाकात के बाद संवाददाताओं से कहा, मंत्रियों के इस्तीफे स्वीकार करने का सवाल ही नहीं उठता। इस बीच, बीजेपी के कर्नाटक मामलों के प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान सरकार पर आसन्न संकट के हल के लिए यहां पहुंच रहे हैं। ईश्वरप्पा ने उम्मीद जताई कि गौड़ा और शेट्टार का समर्थन कर रहे 'मित्र' पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के फैसले का पालन करेंगे। श्रम एवं सेरीकल्चर मंत्री बीएन बाचे गौड़ा ने सदानंद गौड़ा से मुलाकात करने के बाद संवाददताओं से कहा कि नेतृत्व परिवर्तन का सवाल ही नहीं उठता।टिप्पणियां इस्तीफा सौंपने वाले मंत्री शेट्टार, सीएम उदासी, बासवराज बोम्मई, मुरूगेश निरानी, वी सोमन्ना, उमेश कट्टी, एम पी रेणुकाचार्य, रेवु नायक बेलमागी और राजू गौड़ा हैं। इस बीच, मुख्यमंत्री ने यहां राजभवन में राज्यपाल एचआर भारद्वाज से मुलाकात की। वहीं, कर्नाटक के राजनीतिक संकट पर कांग्रेस ने चुटकी लेते हुए कहा है कि बीजेपी में नेतृत्व कर पाने वाले नेताओं की कमी है और यही वजह है कि कर्नाटक, गुजरात और राजस्थान में नेतृत्व के मुद्दे पर विवाद चल रहा है। ईश्वरप्पा ने गौड़ा से मुलाकात के बाद संवाददाताओं से कहा, मंत्रियों के इस्तीफे स्वीकार करने का सवाल ही नहीं उठता। इस बीच, बीजेपी के कर्नाटक मामलों के प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान सरकार पर आसन्न संकट के हल के लिए यहां पहुंच रहे हैं। ईश्वरप्पा ने उम्मीद जताई कि गौड़ा और शेट्टार का समर्थन कर रहे 'मित्र' पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के फैसले का पालन करेंगे। श्रम एवं सेरीकल्चर मंत्री बीएन बाचे गौड़ा ने सदानंद गौड़ा से मुलाकात करने के बाद संवाददताओं से कहा कि नेतृत्व परिवर्तन का सवाल ही नहीं उठता।टिप्पणियां इस्तीफा सौंपने वाले मंत्री शेट्टार, सीएम उदासी, बासवराज बोम्मई, मुरूगेश निरानी, वी सोमन्ना, उमेश कट्टी, एम पी रेणुकाचार्य, रेवु नायक बेलमागी और राजू गौड़ा हैं। इस बीच, मुख्यमंत्री ने यहां राजभवन में राज्यपाल एचआर भारद्वाज से मुलाकात की। वहीं, कर्नाटक के राजनीतिक संकट पर कांग्रेस ने चुटकी लेते हुए कहा है कि बीजेपी में नेतृत्व कर पाने वाले नेताओं की कमी है और यही वजह है कि कर्नाटक, गुजरात और राजस्थान में नेतृत्व के मुद्दे पर विवाद चल रहा है। ईश्वरप्पा ने उम्मीद जताई कि गौड़ा और शेट्टार का समर्थन कर रहे 'मित्र' पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के फैसले का पालन करेंगे। श्रम एवं सेरीकल्चर मंत्री बीएन बाचे गौड़ा ने सदानंद गौड़ा से मुलाकात करने के बाद संवाददताओं से कहा कि नेतृत्व परिवर्तन का सवाल ही नहीं उठता।टिप्पणियां इस्तीफा सौंपने वाले मंत्री शेट्टार, सीएम उदासी, बासवराज बोम्मई, मुरूगेश निरानी, वी सोमन्ना, उमेश कट्टी, एम पी रेणुकाचार्य, रेवु नायक बेलमागी और राजू गौड़ा हैं। इस बीच, मुख्यमंत्री ने यहां राजभवन में राज्यपाल एचआर भारद्वाज से मुलाकात की। वहीं, कर्नाटक के राजनीतिक संकट पर कांग्रेस ने चुटकी लेते हुए कहा है कि बीजेपी में नेतृत्व कर पाने वाले नेताओं की कमी है और यही वजह है कि कर्नाटक, गुजरात और राजस्थान में नेतृत्व के मुद्दे पर विवाद चल रहा है। इस्तीफा सौंपने वाले मंत्री शेट्टार, सीएम उदासी, बासवराज बोम्मई, मुरूगेश निरानी, वी सोमन्ना, उमेश कट्टी, एम पी रेणुकाचार्य, रेवु नायक बेलमागी और राजू गौड़ा हैं। इस बीच, मुख्यमंत्री ने यहां राजभवन में राज्यपाल एचआर भारद्वाज से मुलाकात की। वहीं, कर्नाटक के राजनीतिक संकट पर कांग्रेस ने चुटकी लेते हुए कहा है कि बीजेपी में नेतृत्व कर पाने वाले नेताओं की कमी है और यही वजह है कि कर्नाटक, गुजरात और राजस्थान में नेतृत्व के मुद्दे पर विवाद चल रहा है। वहीं, कर्नाटक के राजनीतिक संकट पर कांग्रेस ने चुटकी लेते हुए कहा है कि बीजेपी में नेतृत्व कर पाने वाले नेताओं की कमी है और यही वजह है कि कर्नाटक, गुजरात और राजस्थान में नेतृत्व के मुद्दे पर विवाद चल रहा है।
सारांश: कर्नाटक में बिगड़ते राजनीतिक समीकरणों को संभालने के लिए कर्नाटक बीजेपी के प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान बेंगलुरु में दोनों गुटों से बात कर रहे हैं।
20
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: - कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने चुनाव लड़ा इसलिए पूरी पार्टी एकजुट होकर लड़ी - बीजेपी का उम्मीदवार चयन सही नहीं था. चुनावों के बीच अकाली दल नेता और बीजेपी उम्मीदवार पर आरोप लगने से मामला बिगड़ा. - कविता खन्ना को लड़ाना सही नहीं होता, क्योंकि उन्हें बाद में उतारा जा सकता है. - जीएसटी को लागू करने से आ रही दिक्कतों से व्यापारी वर्ग नाराज था. - विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 23 सीटें लड़ी थीं और सिर्फ 3 जीती थींटिप्पणियां - विनोद खन्ना को आम आदमी पार्टी के मुकाबला त्रिकोणीय बनाने से फायदा मिला था. इस बार आप उम्मीदवार की जमानत जब्त हो गई. - बीजेपी का उम्मीदवार चयन सही नहीं था. चुनावों के बीच अकाली दल नेता और बीजेपी उम्मीदवार पर आरोप लगने से मामला बिगड़ा. - कविता खन्ना को लड़ाना सही नहीं होता, क्योंकि उन्हें बाद में उतारा जा सकता है. - जीएसटी को लागू करने से आ रही दिक्कतों से व्यापारी वर्ग नाराज था. - विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 23 सीटें लड़ी थीं और सिर्फ 3 जीती थींटिप्पणियां - विनोद खन्ना को आम आदमी पार्टी के मुकाबला त्रिकोणीय बनाने से फायदा मिला था. इस बार आप उम्मीदवार की जमानत जब्त हो गई. - कविता खन्ना को लड़ाना सही नहीं होता, क्योंकि उन्हें बाद में उतारा जा सकता है. - जीएसटी को लागू करने से आ रही दिक्कतों से व्यापारी वर्ग नाराज था. - विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 23 सीटें लड़ी थीं और सिर्फ 3 जीती थींटिप्पणियां - विनोद खन्ना को आम आदमी पार्टी के मुकाबला त्रिकोणीय बनाने से फायदा मिला था. इस बार आप उम्मीदवार की जमानत जब्त हो गई. - जीएसटी को लागू करने से आ रही दिक्कतों से व्यापारी वर्ग नाराज था. - विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 23 सीटें लड़ी थीं और सिर्फ 3 जीती थींटिप्पणियां - विनोद खन्ना को आम आदमी पार्टी के मुकाबला त्रिकोणीय बनाने से फायदा मिला था. इस बार आप उम्मीदवार की जमानत जब्त हो गई. - विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 23 सीटें लड़ी थीं और सिर्फ 3 जीती थींटिप्पणियां - विनोद खन्ना को आम आदमी पार्टी के मुकाबला त्रिकोणीय बनाने से फायदा मिला था. इस बार आप उम्मीदवार की जमानत जब्त हो गई. - विनोद खन्ना को आम आदमी पार्टी के मुकाबला त्रिकोणीय बनाने से फायदा मिला था. इस बार आप उम्मीदवार की जमानत जब्त हो गई.
कांग्रेस के उम्मीदवार सुनील जाखड़ ने गुरदासपुर में दर्ज की जीत सुनील जाखड़ ने 1,93,219 वोटों से जीत हासिल की. इस जीत के बाद कांग्रेस पार्टी में जश्न का माहौल
1
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: 90 के दशक की हिट फिल्म ‘दिल है कि मानता नहीं’ के रीमेक में अभिनेता इमरान हाशमी सुपरस्टार आमिर खान की भूमिका निभाएंगे। 1991 में रिलीज हुई इस फिल्म का निर्देशन महेश भट्ट ने किया था, जिसमें उनकी बेटी पूजा भट्ट और आमिर खान ने मुख्य भूमिका निभाई थी। महेश भट्ट ‘दिल है कि मानता नहीं’ का रीमेक बना रहे हैं, जिसमें इमरान मुख्य भूमिका निभाएंगे।टिप्पणियां हालांकि ऐसा बताया जा रहा है कि फिल्म की मूल कहानी मौलिक फिल्म पर ही आधारित होगी, लेकिन निर्देशक ने अभी तक इस पर अंतिम निर्णय नहीं लिया है। भट्ट ने यहां जारी एक विज्ञप्ति में कहा, मेरी यह फिल्म फ्रैंक काप्रा की फिल्म ‘इट हैपंड वन नाइट’ पर आधारित थी, लेकिन इसमें अभिनेता के किरदार के साथ न्याय नहीं किया गया था। रीमेक में हम अभिनेता के किरदार के साथ न्याय करना चाहते हैं। उल्लेखनीय है कि पूजा ने पिछले वर्ष आलिया और रणबीर कपूर के साथ ‘दिल है कि मानता नहीं’ का रीमेक बनाने की इच्छा जाहिर की थी। 1991 में रिलीज हुई इस फिल्म का निर्देशन महेश भट्ट ने किया था, जिसमें उनकी बेटी पूजा भट्ट और आमिर खान ने मुख्य भूमिका निभाई थी। महेश भट्ट ‘दिल है कि मानता नहीं’ का रीमेक बना रहे हैं, जिसमें इमरान मुख्य भूमिका निभाएंगे।टिप्पणियां हालांकि ऐसा बताया जा रहा है कि फिल्म की मूल कहानी मौलिक फिल्म पर ही आधारित होगी, लेकिन निर्देशक ने अभी तक इस पर अंतिम निर्णय नहीं लिया है। भट्ट ने यहां जारी एक विज्ञप्ति में कहा, मेरी यह फिल्म फ्रैंक काप्रा की फिल्म ‘इट हैपंड वन नाइट’ पर आधारित थी, लेकिन इसमें अभिनेता के किरदार के साथ न्याय नहीं किया गया था। रीमेक में हम अभिनेता के किरदार के साथ न्याय करना चाहते हैं। उल्लेखनीय है कि पूजा ने पिछले वर्ष आलिया और रणबीर कपूर के साथ ‘दिल है कि मानता नहीं’ का रीमेक बनाने की इच्छा जाहिर की थी। महेश भट्ट ‘दिल है कि मानता नहीं’ का रीमेक बना रहे हैं, जिसमें इमरान मुख्य भूमिका निभाएंगे।टिप्पणियां हालांकि ऐसा बताया जा रहा है कि फिल्म की मूल कहानी मौलिक फिल्म पर ही आधारित होगी, लेकिन निर्देशक ने अभी तक इस पर अंतिम निर्णय नहीं लिया है। भट्ट ने यहां जारी एक विज्ञप्ति में कहा, मेरी यह फिल्म फ्रैंक काप्रा की फिल्म ‘इट हैपंड वन नाइट’ पर आधारित थी, लेकिन इसमें अभिनेता के किरदार के साथ न्याय नहीं किया गया था। रीमेक में हम अभिनेता के किरदार के साथ न्याय करना चाहते हैं। उल्लेखनीय है कि पूजा ने पिछले वर्ष आलिया और रणबीर कपूर के साथ ‘दिल है कि मानता नहीं’ का रीमेक बनाने की इच्छा जाहिर की थी। हालांकि ऐसा बताया जा रहा है कि फिल्म की मूल कहानी मौलिक फिल्म पर ही आधारित होगी, लेकिन निर्देशक ने अभी तक इस पर अंतिम निर्णय नहीं लिया है। भट्ट ने यहां जारी एक विज्ञप्ति में कहा, मेरी यह फिल्म फ्रैंक काप्रा की फिल्म ‘इट हैपंड वन नाइट’ पर आधारित थी, लेकिन इसमें अभिनेता के किरदार के साथ न्याय नहीं किया गया था। रीमेक में हम अभिनेता के किरदार के साथ न्याय करना चाहते हैं। उल्लेखनीय है कि पूजा ने पिछले वर्ष आलिया और रणबीर कपूर के साथ ‘दिल है कि मानता नहीं’ का रीमेक बनाने की इच्छा जाहिर की थी। भट्ट ने यहां जारी एक विज्ञप्ति में कहा, मेरी यह फिल्म फ्रैंक काप्रा की फिल्म ‘इट हैपंड वन नाइट’ पर आधारित थी, लेकिन इसमें अभिनेता के किरदार के साथ न्याय नहीं किया गया था। रीमेक में हम अभिनेता के किरदार के साथ न्याय करना चाहते हैं। उल्लेखनीय है कि पूजा ने पिछले वर्ष आलिया और रणबीर कपूर के साथ ‘दिल है कि मानता नहीं’ का रीमेक बनाने की इच्छा जाहिर की थी।
संक्षिप्त पाठ: 1991 में रिलीज हुई इस फिल्म का निर्देशन महेश भट्ट ने किया था, जिसमें उनकी बेटी पूजा भट्ट और आमिर खान ने मुख्य भूमिका निभाई थी।
27
['hin']
एक सारांश बनाओ: अभिनेत्री काजोल जल्द ही बड़े पर्दे पर वापसी करने वाली हैं, लेकिन उनका कहना है कि वह बहुत आलसी अभिनेत्री हैं। 39 साल की काजोल ने वर्ष 2001 में अभिनय से दूरी बना ली थी, इसके बाद उन्होंने वर्ष 2006 में रोमांटिक फिल्म 'फना' से वापसी की थी। इसके बाद वह सिर्फ मेहमान भूमिकाओं में ही नजर आईं। आखिरी बार वह करण जौहर के प्रोडक्शन की फिल्म 'वी आर फैमिली' (2010) में प्रमुख भूमिका में दिखी थीं। काजोल ने कहा, मैं बहुत आलसी हूं... मैं हद से ज्यादा काम या फिल्में नहीं कर सकती। मेरे लिए साल में दो फिल्में बहुत हैं और इससे मुझे यह महसूस भी होता रहता है कि मैं काम कर रही हूं। मैं किसी भी फिल्म को तब तक अपना नहीं मानती, जब तक मैं उसी शूटिंग शुरू न कर दूं।टिप्पणियां चर्चा में नहीं रहने के बावजूद लोगों की पसंदीदा बने रहने के सवाल पर उन्होंने कहा, हो सकता है मैंने काम से दूरी बनाई हो, इसलिए लोग मेरे साथ काम करना चाहते हों। मैं 20 साल से काम कर रही हूं, लेकिन मैंने काफी कम काम और कम ही फिल्में की हैं। ऐसे कई लोग हैं, जिन्होंने मुझसे तीन गुणा या चार गुणा ज्यादा फिल्में की हैं। काजोल अब अपने पति अजय देवगन के प्रोडक्शन की फिल्म से वापसी को तैयार हैं। वह बताती हैं, फिल्म की पटकथा और कहानी बहुत अच्छी है, लेकिन अभी मैं इस बारे में ज्यादा बात नहीं कर सकती। उन्होंने कहा, निश्चित रूप से मैं लगातार फिल्में करती रहूंगी, लेकिन मुझे थोड़ा समय भी चाहिए। मेरा एक भरा-पूरा जीवन है - पति, दो बच्चे, घर, प्रोडक्शन कंपनी और अन्य चीजे हैं। इसलिए मैं वैसी ही फिल्में करती हूं, जिससे लगे कि इस फिल्म को करना जरूरी है। इसके बाद वह सिर्फ मेहमान भूमिकाओं में ही नजर आईं। आखिरी बार वह करण जौहर के प्रोडक्शन की फिल्म 'वी आर फैमिली' (2010) में प्रमुख भूमिका में दिखी थीं। काजोल ने कहा, मैं बहुत आलसी हूं... मैं हद से ज्यादा काम या फिल्में नहीं कर सकती। मेरे लिए साल में दो फिल्में बहुत हैं और इससे मुझे यह महसूस भी होता रहता है कि मैं काम कर रही हूं। मैं किसी भी फिल्म को तब तक अपना नहीं मानती, जब तक मैं उसी शूटिंग शुरू न कर दूं।टिप्पणियां चर्चा में नहीं रहने के बावजूद लोगों की पसंदीदा बने रहने के सवाल पर उन्होंने कहा, हो सकता है मैंने काम से दूरी बनाई हो, इसलिए लोग मेरे साथ काम करना चाहते हों। मैं 20 साल से काम कर रही हूं, लेकिन मैंने काफी कम काम और कम ही फिल्में की हैं। ऐसे कई लोग हैं, जिन्होंने मुझसे तीन गुणा या चार गुणा ज्यादा फिल्में की हैं। काजोल अब अपने पति अजय देवगन के प्रोडक्शन की फिल्म से वापसी को तैयार हैं। वह बताती हैं, फिल्म की पटकथा और कहानी बहुत अच्छी है, लेकिन अभी मैं इस बारे में ज्यादा बात नहीं कर सकती। उन्होंने कहा, निश्चित रूप से मैं लगातार फिल्में करती रहूंगी, लेकिन मुझे थोड़ा समय भी चाहिए। मेरा एक भरा-पूरा जीवन है - पति, दो बच्चे, घर, प्रोडक्शन कंपनी और अन्य चीजे हैं। इसलिए मैं वैसी ही फिल्में करती हूं, जिससे लगे कि इस फिल्म को करना जरूरी है। चर्चा में नहीं रहने के बावजूद लोगों की पसंदीदा बने रहने के सवाल पर उन्होंने कहा, हो सकता है मैंने काम से दूरी बनाई हो, इसलिए लोग मेरे साथ काम करना चाहते हों। मैं 20 साल से काम कर रही हूं, लेकिन मैंने काफी कम काम और कम ही फिल्में की हैं। ऐसे कई लोग हैं, जिन्होंने मुझसे तीन गुणा या चार गुणा ज्यादा फिल्में की हैं। काजोल अब अपने पति अजय देवगन के प्रोडक्शन की फिल्म से वापसी को तैयार हैं। वह बताती हैं, फिल्म की पटकथा और कहानी बहुत अच्छी है, लेकिन अभी मैं इस बारे में ज्यादा बात नहीं कर सकती। उन्होंने कहा, निश्चित रूप से मैं लगातार फिल्में करती रहूंगी, लेकिन मुझे थोड़ा समय भी चाहिए। मेरा एक भरा-पूरा जीवन है - पति, दो बच्चे, घर, प्रोडक्शन कंपनी और अन्य चीजे हैं। इसलिए मैं वैसी ही फिल्में करती हूं, जिससे लगे कि इस फिल्म को करना जरूरी है। वह बताती हैं, फिल्म की पटकथा और कहानी बहुत अच्छी है, लेकिन अभी मैं इस बारे में ज्यादा बात नहीं कर सकती। उन्होंने कहा, निश्चित रूप से मैं लगातार फिल्में करती रहूंगी, लेकिन मुझे थोड़ा समय भी चाहिए। मेरा एक भरा-पूरा जीवन है - पति, दो बच्चे, घर, प्रोडक्शन कंपनी और अन्य चीजे हैं। इसलिए मैं वैसी ही फिल्में करती हूं, जिससे लगे कि इस फिल्म को करना जरूरी है।
यहाँ एक सारांश है:39 साल की काजोल ने वर्ष 2001 में अभिनय से दूरी बना ली थी, इसके बाद उन्होंने वर्ष 2006 में रोमांटिक फिल्म 'फना' से वापसी की थी।
15
['hin']
एक सारांश बनाओ: केंद्र सरकार ने मंगलवार को कहा कि वस्तु एवं सेवा कर (GST) लागू होने से कीमतें बढ़ेंगी नहीं, बल्कि उनमें कमी आएगी. राजस्व सचिव हसमुख अधिया ने जीएसटी सम्मेलन में कहा, "केंद्र व राज्य सरकार को मिलने वाला लगभग 60 फीसदी कर वस्तुओं पर लगने वाले 14 फीसदी मूल्य संवर्धित कर (वैट) तथा 12.5 फीसदी उत्पाद कर से आता है. जीएसटी के लागू होने के बाद इन वस्तुओं की कीमतों में कमी होने की संभावना है." अधिया ने कहा कि अधिकांश सेवाओं पर मौजूदा 15 फीसदी सेवा कर की जगह जीएसटी के तहत 18 फीसदी कर लगेगा और इनमें से अधिकांश को खरीद पर इनपुट टैक्स क्रेडिट मिलेगा जिससे लगने वाले कुल कर का आंकड़ा समान रहेगा. उन्होंने कहा, "लगभग 18 फीसदी (सेवा कर) 15 फीसदी के समतुल्य हो जाएगा. सेवा कर में ज्यादा बढ़ोतरी नहीं होगी. कुछ सेवाओं के लिए कर में मामूली रूप से वृद्धि होगी."टिप्पणियां अधिया ने कहा, "संभावना है कि सेवा कर के लिए एक से अधिक दर होगी. यह जरूरी नहीं है कि सभी सेवाओं पर 18 फीसदी ही कर लगाया जाएगा. करों को कम रखने को ध्यान में रखा जाएगा." राजस्व सचिव ने कहा कि सरकार जल्द से जल्द प्रत्येक वस्तु पर कर की दर को अंतिम रूप देने का प्रयास करेगी. अधिया ने यह भी कहा कि सरकार की योजना जीएसटी को एक जुलाई से लागू करने की है. उन्होंने कहा, "जीएसटी को एक जुलाई से लागू करने को लेकर हम पूरा प्रयास कर रहे हैं." राजस्व सचिव ने कहा कि लगभग 14 राज्यों ने कहा है कि वे राज्य जीएसटी (एसजीएसटी) को अगले महीने के मध्य में पारित करेंगे और मई के अंत तक सभी राज्यों में एसजीएसटी पारित हो चुका होगा.   अधिया ने कहा कि अधिकांश सेवाओं पर मौजूदा 15 फीसदी सेवा कर की जगह जीएसटी के तहत 18 फीसदी कर लगेगा और इनमें से अधिकांश को खरीद पर इनपुट टैक्स क्रेडिट मिलेगा जिससे लगने वाले कुल कर का आंकड़ा समान रहेगा. उन्होंने कहा, "लगभग 18 फीसदी (सेवा कर) 15 फीसदी के समतुल्य हो जाएगा. सेवा कर में ज्यादा बढ़ोतरी नहीं होगी. कुछ सेवाओं के लिए कर में मामूली रूप से वृद्धि होगी."टिप्पणियां अधिया ने कहा, "संभावना है कि सेवा कर के लिए एक से अधिक दर होगी. यह जरूरी नहीं है कि सभी सेवाओं पर 18 फीसदी ही कर लगाया जाएगा. करों को कम रखने को ध्यान में रखा जाएगा." राजस्व सचिव ने कहा कि सरकार जल्द से जल्द प्रत्येक वस्तु पर कर की दर को अंतिम रूप देने का प्रयास करेगी. अधिया ने यह भी कहा कि सरकार की योजना जीएसटी को एक जुलाई से लागू करने की है. उन्होंने कहा, "जीएसटी को एक जुलाई से लागू करने को लेकर हम पूरा प्रयास कर रहे हैं." राजस्व सचिव ने कहा कि लगभग 14 राज्यों ने कहा है कि वे राज्य जीएसटी (एसजीएसटी) को अगले महीने के मध्य में पारित करेंगे और मई के अंत तक सभी राज्यों में एसजीएसटी पारित हो चुका होगा.   अधिया ने कहा, "संभावना है कि सेवा कर के लिए एक से अधिक दर होगी. यह जरूरी नहीं है कि सभी सेवाओं पर 18 फीसदी ही कर लगाया जाएगा. करों को कम रखने को ध्यान में रखा जाएगा." राजस्व सचिव ने कहा कि सरकार जल्द से जल्द प्रत्येक वस्तु पर कर की दर को अंतिम रूप देने का प्रयास करेगी. अधिया ने यह भी कहा कि सरकार की योजना जीएसटी को एक जुलाई से लागू करने की है. उन्होंने कहा, "जीएसटी को एक जुलाई से लागू करने को लेकर हम पूरा प्रयास कर रहे हैं." राजस्व सचिव ने कहा कि लगभग 14 राज्यों ने कहा है कि वे राज्य जीएसटी (एसजीएसटी) को अगले महीने के मध्य में पारित करेंगे और मई के अंत तक सभी राज्यों में एसजीएसटी पारित हो चुका होगा.   उन्होंने कहा, "जीएसटी को एक जुलाई से लागू करने को लेकर हम पूरा प्रयास कर रहे हैं." राजस्व सचिव ने कहा कि लगभग 14 राज्यों ने कहा है कि वे राज्य जीएसटी (एसजीएसटी) को अगले महीने के मध्य में पारित करेंगे और मई के अंत तक सभी राज्यों में एसजीएसटी पारित हो चुका होगा.
यहाँ एक सारांश है:वस्तु एवं सेवा कर (GST) लागू होने से कीमतें बढ़ेंगी नहीं, बोले अधिया अधिया ने कहा कि अधिकांश सेवाओं पर मौजूदा 18 फीसदी कर लगेगा बोले- सेवा कर में ज्यादा बढ़ोतरी नहीं होगी
15
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: माओवादियों द्वारा अगवा किए जाने के सात दिन बाद कनिष्ठ अभियंता पवित्र मांझी को मलकानगिरी जिले के एक सुदूर इलाके में बुधवार को रिहा कर दिया गया। हालांकि, मांझी के साथ माओवादियों द्वारा अगवा किए गए मलकानगिरी के जिलाधिकारी आर विनील कृष्णा के ठिकाने के बारे में कोई स्पष्ट सूचना नहीं है। चित्रकोंडा के तहसीलदार डी गोपालकृष्ण ने बताया, सुदूर जंगली इलाके में माओवादियों द्वारा रिहा किए जाने के बाद मांझी को दो स्थानीय लोग मोटरसाइकिल से चित्रकोंडा ले गए। वह ठीक नजर आ रहे हैं। बहरहाल, तहसीलदार ने कहा कि जिलाधिकारी कृष्णा के ठिकाने के बारे में कोई स्पष्ट सूचना नहीं है, जिन्हें मांझी के साथ 16 फरवरी को अगवा किया गया था। सरकारी सूत्रों ने बताया कि 2005 बैच के उड़ीसा कैडर के आईएएस अधिकारी कृष्णा के जल्द ही लौटने की संभावना है। सरकारी सूत्रों ने बताया कि चित्रकोंडा पहुंचने के तुरंत बाद कनिष्ठ अभियंता को तहसील कार्यालय ले जाया गया, जहां सरकारी अधिकारियों ने उनसे मुलाकात की। सूत्रों ने बताया कि अभियंता ठीक हैं, लेकिन वे थके-थके से नजर आ रहे हैं। डॉक्टर उनकी जांच कर रहे हैं। माओवादियों के चंगुल से आजाद हुए मांझी को देखने के लिए बड़ी तादाद में लोग तहसील कार्यालय पर इकट्ठा हो गए। बाद में उन्हें बालीमेला बांध परियोजना के एक गेस्ट हाउस ले जाया गया। उड़ीसा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने विधान सभा में कहा कि माओवादियों द्वारा चुने गए मध्यस्थों ने कृष्णा और मांझी की अगले 48 घंटे में सुरक्षित रिहाई के प्रति प्रतिबद्धता जताई थी, जो बहुत से बहुत गुरुवार तक हो जाएगी। यह घटनाक्रम तब घटित हुआ है, जब उड़ीसा सरकार ने मध्यस्थों के साथ तीन दिन चली गहन चर्चा के बाद माओवादियों की सभी 14 मांगें मान लीं।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: माओवादियों द्वारा अगवा किए जाने के सात दिन बाद कनिष्ठ अभियंता पवित्र मांझी को मलकानगिरी जिले के एक सुदूर इलाके में बुधवार को रिहा कर दिया गया।
25
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: छत्तीसगढ़ के बस्तर के कांकेर में आदिवासी बच्चियों के लिए बने हॉस्टल में 11 बच्चियों से बलात्कार का मामला सामने आया है। स्कूल के टीचर और चौकीदार पर बच्चियों का यौन शोषण करने का आरोप है। दोनों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इन बच्चियों की उम्र 8 से 12 साल की बताई जा रही है। ये दोनों पिछले एक साल से लड़कियों के साथ रेप कर रहे थे। मुंह खोलने पर उन्हें मारते-पीटते थे। प्रशासन तक गोपनीय तरीके से शिकायत पहुंची तो बच्चियों का बयान लेकर मेडिकल जांच कराई गई, जिसमें चार बच्चियों के साथ बलात्कार की पुष्टि हुई है। दोनों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इन बच्चियों की उम्र 8 से 12 साल की बताई जा रही है। ये दोनों पिछले एक साल से लड़कियों के साथ रेप कर रहे थे। मुंह खोलने पर उन्हें मारते-पीटते थे। प्रशासन तक गोपनीय तरीके से शिकायत पहुंची तो बच्चियों का बयान लेकर मेडिकल जांच कराई गई, जिसमें चार बच्चियों के साथ बलात्कार की पुष्टि हुई है।
यहाँ एक सारांश है:छत्तीसगढ़ के बस्तर के कांकेर में आदिवासी बच्चियों के लिए बने हॉस्टल में 11 बच्चियों से बलात्कार का मामला सामने आया है। स्कूल के टीचर और चौकीदार पर बच्चियों का यौन शोषण करने का आरोप है।
4
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: इसरो प्रमुख ने कहा कि 3850 किलोग्राम के चंद्रयान-2 में तीन हिस्से हैं जिसमें एक ऑर्बिटर, लैंडर और रोवर है. अभियान के तहत 22 जुलाई को प्रक्षेपण कार्यक्रम के बाद सात सितंबर को यह चंद्रमा की सतह पर पहुंचेगा . उन्होंने कहा, ‘‘22 जुलाई को चंद्रयान-2 के प्रक्षेपण के बाद हमने पांच बार प्रक्रिया को अंजाम दिया. चंद्रयान-2 का समग्र हिस्सा फिलहाल धरती के इर्द गिर्द घूम रहा है. '' अगली सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया बुधवार सुबह शुरू होगी. उन्होंने कहा, ‘‘14 अगस्त को तड़के साढ़े तीन बजे हम ट्रांस लूनर इंजेक्शन नामक प्रक्रिया शुरू करेंगे. इस प्रक्रिया में चंद्रयान-2 पृथ्वी की कक्षा से बाहर होकर चंद्रमा की ओर बढ़ेगा. इसके बाद 20 अगस्त को हम चंद्रमा की कक्षा में पहुंचेंगे.''  सिवन ने कहा कि फिलहाल अंतरिक्ष यान बहुत अच्छा कर रहा है और इसकी सभी प्रणाली सही से काम कर रही है . उन्होंने कहा कि इसरो में वैज्ञानिक आगामी दिनों में खासकर दिसंबर में काफी व्यस्त होंगे जब अंतरिक्ष एजेंसी छोटे उपग्रहों को प्रक्षेपित करने का अभियान शुरू करेगी.
सारांश: 7 सितंबर को चंद्रमा की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग करेगा चंद्रयान-2 दक्षिणी ध्रुव पर चंद्र मिशन को अंजान देने वाला पहला देश होगा भारत चंद्रयान-2 को 22 जुलाई को GSLV Mk-III रॉकेट लेकर हुआ था रवाना
33
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: एक अंतर मंत्रालय समूह ने शुक्रवार को चार सर्कलों के लिए 1,800 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम के लिए आधार मूल्य में 30 फीसदी कटौती करने की सिफारिश की। पिछले महीने हुई नीलामी में इन स्पेक्ट्रम की बिक्री नहीं हो सकी थी। चार सर्किल हैं दिल्ली, मुम्बई, कर्नाटक और राजस्थान।टिप्पणियां मंत्रियों के अधिकार प्राप्त समूह (ईजीओएम) ने 1,800 मेगाहर्ट्ज की बिक्री के साथ ही दिल्ली, मुम्बई और कोलकाता में 900 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम की भी नीलामी करने का फैसला किया गया। बैठक के बाद संचार मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा, "ईजीओएम ने चार सर्कलों में 1,800 मेगाहर्ट्ज और मुम्बई, कोलकाता तथा दिल्ली में 900 मेगाहर्ट्ज सर्कलों की नीलामी करने का फैसला किया है।" चार सर्किल हैं दिल्ली, मुम्बई, कर्नाटक और राजस्थान।टिप्पणियां मंत्रियों के अधिकार प्राप्त समूह (ईजीओएम) ने 1,800 मेगाहर्ट्ज की बिक्री के साथ ही दिल्ली, मुम्बई और कोलकाता में 900 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम की भी नीलामी करने का फैसला किया गया। बैठक के बाद संचार मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा, "ईजीओएम ने चार सर्कलों में 1,800 मेगाहर्ट्ज और मुम्बई, कोलकाता तथा दिल्ली में 900 मेगाहर्ट्ज सर्कलों की नीलामी करने का फैसला किया है।" मंत्रियों के अधिकार प्राप्त समूह (ईजीओएम) ने 1,800 मेगाहर्ट्ज की बिक्री के साथ ही दिल्ली, मुम्बई और कोलकाता में 900 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम की भी नीलामी करने का फैसला किया गया। बैठक के बाद संचार मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा, "ईजीओएम ने चार सर्कलों में 1,800 मेगाहर्ट्ज और मुम्बई, कोलकाता तथा दिल्ली में 900 मेगाहर्ट्ज सर्कलों की नीलामी करने का फैसला किया है।" बैठक के बाद संचार मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा, "ईजीओएम ने चार सर्कलों में 1,800 मेगाहर्ट्ज और मुम्बई, कोलकाता तथा दिल्ली में 900 मेगाहर्ट्ज सर्कलों की नीलामी करने का फैसला किया है।"
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: एक अंतर मंत्रालय समूह ने शुक्रवार को चार सर्कलों के लिए 1,800 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम के लिए आधार मूल्य में 30 फीसदी कटौती करने की सिफारिश की। पिछले महीने हुई नीलामी में इन स्पेक्ट्रम की बिक्री नहीं हो सकी थी।
3
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) और अन्य ‘जनता’ से जुड़े मुद्दों को लेकर संप्रग सरकार से तृणमूल कांग्रेस के छह मंत्रियों के इस्तीफे के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने टिप्पणी की, ‘मैं भले ही काट नहीं सकती लेकिन हमेशा फुफकार तो सकती ही हूं।’ ममता स्वामी विवेकानंद के आध्यात्मिक गुरू श्री रामकृष्ण परमहंस से संबंधित एक लोककथा का संदर्भ दे रही थीं। माना जाता है कि रामकृष्ण ने कोबरा प्रजाति के एक सर्प से कहा था कि वह लोगों को काटे नहीं बल्कि वह केवल फुफकार कर भी लोगों को डरा सकता है।टिप्पणियां ममता ने ताल्लाह पार्क में राज्य सरकार की जल परियोजना स्थल पर कहा, ‘मैं भले ही काट नहीं सकती लेकिन फुफकार तो सकती ही हूं। अगर जनता के अधिकारों पर खतरा मंडराएगा तो हम फुफकारेंगे। हम मां, माटी, मानुष के सामने अपना सिर झुका सकते हैं लेकिन सत्ता के घमंड के सामने नहीं।’ उन्होंने कहा कि जब हमारे उपर चिल्लाया जाता है, हमारा विरोध उससे भी तेज आवाज में होगा। जब हमें धमकाया जाता है तो हम दहाड़ेंगे। यह हमारे स्वाभिमान की बात है। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘हो सकता है कि हम गरीब हों लेकिन हमारी भी गरिमा है। जनता लोकतंत्र की मुख्य संपत्ति है। जो बंगाल आज सोचता है, दुनिया कल सोचेगी।’ माना जाता है कि रामकृष्ण ने कोबरा प्रजाति के एक सर्प से कहा था कि वह लोगों को काटे नहीं बल्कि वह केवल फुफकार कर भी लोगों को डरा सकता है।टिप्पणियां ममता ने ताल्लाह पार्क में राज्य सरकार की जल परियोजना स्थल पर कहा, ‘मैं भले ही काट नहीं सकती लेकिन फुफकार तो सकती ही हूं। अगर जनता के अधिकारों पर खतरा मंडराएगा तो हम फुफकारेंगे। हम मां, माटी, मानुष के सामने अपना सिर झुका सकते हैं लेकिन सत्ता के घमंड के सामने नहीं।’ उन्होंने कहा कि जब हमारे उपर चिल्लाया जाता है, हमारा विरोध उससे भी तेज आवाज में होगा। जब हमें धमकाया जाता है तो हम दहाड़ेंगे। यह हमारे स्वाभिमान की बात है। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘हो सकता है कि हम गरीब हों लेकिन हमारी भी गरिमा है। जनता लोकतंत्र की मुख्य संपत्ति है। जो बंगाल आज सोचता है, दुनिया कल सोचेगी।’ ममता ने ताल्लाह पार्क में राज्य सरकार की जल परियोजना स्थल पर कहा, ‘मैं भले ही काट नहीं सकती लेकिन फुफकार तो सकती ही हूं। अगर जनता के अधिकारों पर खतरा मंडराएगा तो हम फुफकारेंगे। हम मां, माटी, मानुष के सामने अपना सिर झुका सकते हैं लेकिन सत्ता के घमंड के सामने नहीं।’ उन्होंने कहा कि जब हमारे उपर चिल्लाया जाता है, हमारा विरोध उससे भी तेज आवाज में होगा। जब हमें धमकाया जाता है तो हम दहाड़ेंगे। यह हमारे स्वाभिमान की बात है। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘हो सकता है कि हम गरीब हों लेकिन हमारी भी गरिमा है। जनता लोकतंत्र की मुख्य संपत्ति है। जो बंगाल आज सोचता है, दुनिया कल सोचेगी।’ मुख्यमंत्री ने कहा, ‘हो सकता है कि हम गरीब हों लेकिन हमारी भी गरिमा है। जनता लोकतंत्र की मुख्य संपत्ति है। जो बंगाल आज सोचता है, दुनिया कल सोचेगी।’
संक्षिप्त पाठ: तृणमूल कांग्रेस के छह मंत्रियों के इस्तीफे के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने टिप्पणी की, ‘मैं भले ही काट नहीं सकती लेकिन हमेशा फुफकार तो सकती ही हूं।’
14
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली की एक अदालत ने एक ऐसी नाबालिग लड़की का बलात्कार करने के लिए एक व्यक्ति को सात वर्ष कारावास की सजा सुनाई है, जिसके साथ पिछले दो वर्ष में यह हादसा दूसरी बार हुआ है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुनीता गुप्ता ने उत्तरी दिल्ली में यमुना किनारे स्थित झुग्गी बस्ती में रहने वाले शेर आलम को बलात्कार का दोषी करार देते हुए सजा सुनाई, और शेर आलम की यह दलील खारिज कर दी कि लड़की ने अगस्त, 2008 में उस पर बलात्कार का आरोप लगाने से दो वर्ष पहले ऐसे ही आरोप महेंद्र भाटी नाम के व्यक्ति पर भी लगाए थे। अदालत ने इस दलील को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि केवल इस तथ्य के आधार पर आरोपी को कोई फायदा नहीं दिया जा सकता कि लड़की इससे पहले भी बलात्कार की शिकार हुई है और उसने इस संबंध में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, क्योंकि अभियोजिका पर न केवल सत्र अदालत ने, बल्कि उच्च न्यायालय ने भी विश्वास किया। इस हाल में आरोपी उसके खिलाफ लगाए गए आरोपों का दोषी है। आलम ने स्वयं को बचाने के लिए यह दलील भी दी थी कि चिकित्सकीय जांच में पीड़ित के शरीर और गुप्तांगों पर चोट के कोई निशान नहीं मिले, लेकिन अदालत के अनुसार चोट की गैरमौजूदगी यह साबित नहीं करती कि आरोपी ने गुनाह नहीं किया।
संक्षिप्त सारांश: एक व्यक्ति को एक ऐसी नाबालिग लड़की का बलात्कार करने के लिए सात वर्ष की सजा सुनाई गई है, जिसके साथ पिछले दो वर्ष में यह हादसा दूसरी बार हुआ।
23
['hin']
एक सारांश बनाओ: अमेरिका के नेवादा राज्य में चल रहे एयर शो में द्वितीय विश्वयुद्ध के समय का एक लड़ाकू विमान नियंत्रण खोकर दर्शक दीर्घा में गिर गया, जिससे कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई और 50 से ज्यादा लोग घायल हो गए। दुर्घटना के बाद का दृश्य भयानक था। चारों तरफ मानव अंग बिखरे पड़े थे और विमान का मलबा जल रहा था। यह विमान 80 साल का एक पायलट चला रहा था। एकाएक विमान ने अपना नियंत्रण खो दिया और नीचे दर्शकों से भरे स्टैंड पर गिर पड़ा। खून से सने शव चारों ओर बिखरे पड़े थे। लोग जल्दी से पीड़ितों तक पहुंचे और तुरंत एंबुलेंस बुलाया गया। अलबामा प्रांत से यहां एयर शो देखने आई मौरीन हिजीन्स नाम की महिला ने बताया कि पायलट तब अपना तीसरा लैप पूरा कर रहा था जब उसने विमान पर नियंत्रण खो दिया। हिजीन्स दुर्घटनास्थल से 30 यार्ड की दूरी पर बैठी थीं। यह दृश्य बहुत ही भयावह था। उनके पास बैठे एक व्यक्ति के सिर पर कहीं से मलबे का टुकड़ा आकर लगा, जिससे वहां से खून निकलना शुरू हो गया। हिजीन्स ने कहा, मैंने शरीर के अंग बिखरे देखे, जिन्दा लोगों के शरीर के हिस्से गायब थे। यह सब बहुत ही भयानक था। लड़ाकू विमान चला रहा 80 वर्षीय पायलट भी मारा गया। पायलट का नाम जिमी लीवार्ड था। वह द्वितीय विश्वयुद्ध के समय का पी-51 मुस्टांग विमान चला रहे थे।
संक्षिप्त पाठ: नेवादा में चल रहे एयर शो में द्वितीय विश्वयुद्ध के समय का लड़ाकू विमान नियंत्रण खोकर दर्शक दीर्घा में गिर गया, जिससे 3 लोगों की मौत हो गई।
30
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: गिरिराज सिंह (Giriraj Singh) दक्षिणी दिल्ली से भाजपा के प्रत्याशी रमेश बिधूड़ी के पक्ष में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे. रैली में विधूड़ी ने आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) के खिलाफ हिंदी के एक मुहावरा का इस्तेमाल भी किया और उन पर राजद्रोह के मामले में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र नेता के खिलाफ अभियोजन में रोड़ा अटकाने का आरोप लगाया.    बेगूसराय से भाजपा प्रत्याशी गिरिराज सिंह (Giriraj Singh) ने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) 'टुकड़े टुकड़े गैंग का हिस्सा हैं.  बेगूसराय लोकसभा सीट पर सिंह के खिलाफ कन्हैया कुमार (Kanhaiya Kumar) भाकपा के प्रत्याशी के रूप में चुनाव में हैं. गिरिराज सिंह (Giriraj Singh) ने हाल ही में  ऐसा बयान दिया था, जिसपर खूब फोकस किया गया था. मुजफ्फरपुर में एक होटल में प्रेस वार्ता के दौरान केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह (Giriraj Singh) की जुबान फिसल गई थी. उन्होंने कहा था कि जब से 'मोदी जी की सरकार बनी है मोदी जी ने आतंकवाद का समर्थन किया है. मोदी जी ने सेना को गाली दी है.'
यह एक सारांश है: गिरिराज सिंह अपने बयान से फिर सुर्खियों में 'किसी में पैगंबर मोहम्मद पर फिल्म बनाने का साहस नहीं' उनके बयान पर खूब रिएक्शन आ रहे हैं
24
['hin']
एक सारांश बनाओ: पाकिस्तान ने मलाला यूसुफजई पर हमले की साजिश रचने वाले आतंकवादी, मुल्ला फजलुल्ला को प्रत्यर्पित करने की अफगानिस्तान से मांग की है। माना जा रहा है कि फजलुल्ला अफगानिस्तान में छुपा हुआ है। विदेशमंत्री हिना रब्बानी खार ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान के लिए विशेष अमेरिकी दूत मार्क ग्रॉसमैन के साथ मुलाकात के दौरान फजलुल्ला के प्रत्यर्पण की मांग रखी। सोमवार को जारी जियो टीवी की रपट के अनुसार, ग्रॉसमैन से कहा गया कि फजलुल्ला हमले में शामिल था और इसलिए उसके प्रत्यर्पण के लिए अमेरिका अपने प्रभाव का इस्तेमाल करे। अधिकारियों के अनुसार, फजलुल्ला और उसके साथी अफगानिस्तान के कुनार प्रांत में छुपे हुए हैं, और इन सब ने एक साल में सीमापार से 15 हमले किए हैं। अधिकारियों ने कहा है कि मलाला पर गोली चलाने वाला हमलावर भी अफगानिस्तान भाग गया है। ज्ञात हो कि 14 वर्षीय मलाला यूसुफजई को खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में 9 अक्टूबर को तालिबान के एक हमलावर ने सिर में गोली मार दी थी। वह स्कूल से घर लौट रही थीं, उसी दौरान पुलिस वर्दी पहने हमलावर ने स्कूल बस रुकवाकर मलाला पर गोलीबारी की। वह गम्भीर रूप से घायल हो गईं।टिप्पणियां तालिबान ने कहा कि उसने पाकिस्तान के पहले राष्ट्रीय शांति पुरस्कार विजेता को इसलिए गोली मारी, क्योंकि वह धर्मनिरपेक्षता को बढ़ावा दे रही थी। मलाला को इलाज के लिए हवाई एम्बुलेंस के जरिए ब्रिटेन ले जाया गया। जहां बर्मिघम स्थित क्वीन एलिजाबेथ हास्पीटल में उनका इलाज चल रहा है। विदेशमंत्री हिना रब्बानी खार ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान के लिए विशेष अमेरिकी दूत मार्क ग्रॉसमैन के साथ मुलाकात के दौरान फजलुल्ला के प्रत्यर्पण की मांग रखी। सोमवार को जारी जियो टीवी की रपट के अनुसार, ग्रॉसमैन से कहा गया कि फजलुल्ला हमले में शामिल था और इसलिए उसके प्रत्यर्पण के लिए अमेरिका अपने प्रभाव का इस्तेमाल करे। अधिकारियों के अनुसार, फजलुल्ला और उसके साथी अफगानिस्तान के कुनार प्रांत में छुपे हुए हैं, और इन सब ने एक साल में सीमापार से 15 हमले किए हैं। अधिकारियों ने कहा है कि मलाला पर गोली चलाने वाला हमलावर भी अफगानिस्तान भाग गया है। ज्ञात हो कि 14 वर्षीय मलाला यूसुफजई को खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में 9 अक्टूबर को तालिबान के एक हमलावर ने सिर में गोली मार दी थी। वह स्कूल से घर लौट रही थीं, उसी दौरान पुलिस वर्दी पहने हमलावर ने स्कूल बस रुकवाकर मलाला पर गोलीबारी की। वह गम्भीर रूप से घायल हो गईं।टिप्पणियां तालिबान ने कहा कि उसने पाकिस्तान के पहले राष्ट्रीय शांति पुरस्कार विजेता को इसलिए गोली मारी, क्योंकि वह धर्मनिरपेक्षता को बढ़ावा दे रही थी। मलाला को इलाज के लिए हवाई एम्बुलेंस के जरिए ब्रिटेन ले जाया गया। जहां बर्मिघम स्थित क्वीन एलिजाबेथ हास्पीटल में उनका इलाज चल रहा है। सोमवार को जारी जियो टीवी की रपट के अनुसार, ग्रॉसमैन से कहा गया कि फजलुल्ला हमले में शामिल था और इसलिए उसके प्रत्यर्पण के लिए अमेरिका अपने प्रभाव का इस्तेमाल करे। अधिकारियों के अनुसार, फजलुल्ला और उसके साथी अफगानिस्तान के कुनार प्रांत में छुपे हुए हैं, और इन सब ने एक साल में सीमापार से 15 हमले किए हैं। अधिकारियों ने कहा है कि मलाला पर गोली चलाने वाला हमलावर भी अफगानिस्तान भाग गया है। ज्ञात हो कि 14 वर्षीय मलाला यूसुफजई को खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में 9 अक्टूबर को तालिबान के एक हमलावर ने सिर में गोली मार दी थी। वह स्कूल से घर लौट रही थीं, उसी दौरान पुलिस वर्दी पहने हमलावर ने स्कूल बस रुकवाकर मलाला पर गोलीबारी की। वह गम्भीर रूप से घायल हो गईं।टिप्पणियां तालिबान ने कहा कि उसने पाकिस्तान के पहले राष्ट्रीय शांति पुरस्कार विजेता को इसलिए गोली मारी, क्योंकि वह धर्मनिरपेक्षता को बढ़ावा दे रही थी। मलाला को इलाज के लिए हवाई एम्बुलेंस के जरिए ब्रिटेन ले जाया गया। जहां बर्मिघम स्थित क्वीन एलिजाबेथ हास्पीटल में उनका इलाज चल रहा है। अधिकारियों के अनुसार, फजलुल्ला और उसके साथी अफगानिस्तान के कुनार प्रांत में छुपे हुए हैं, और इन सब ने एक साल में सीमापार से 15 हमले किए हैं। अधिकारियों ने कहा है कि मलाला पर गोली चलाने वाला हमलावर भी अफगानिस्तान भाग गया है। ज्ञात हो कि 14 वर्षीय मलाला यूसुफजई को खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में 9 अक्टूबर को तालिबान के एक हमलावर ने सिर में गोली मार दी थी। वह स्कूल से घर लौट रही थीं, उसी दौरान पुलिस वर्दी पहने हमलावर ने स्कूल बस रुकवाकर मलाला पर गोलीबारी की। वह गम्भीर रूप से घायल हो गईं।टिप्पणियां तालिबान ने कहा कि उसने पाकिस्तान के पहले राष्ट्रीय शांति पुरस्कार विजेता को इसलिए गोली मारी, क्योंकि वह धर्मनिरपेक्षता को बढ़ावा दे रही थी। मलाला को इलाज के लिए हवाई एम्बुलेंस के जरिए ब्रिटेन ले जाया गया। जहां बर्मिघम स्थित क्वीन एलिजाबेथ हास्पीटल में उनका इलाज चल रहा है। अधिकारियों ने कहा है कि मलाला पर गोली चलाने वाला हमलावर भी अफगानिस्तान भाग गया है। ज्ञात हो कि 14 वर्षीय मलाला यूसुफजई को खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में 9 अक्टूबर को तालिबान के एक हमलावर ने सिर में गोली मार दी थी। वह स्कूल से घर लौट रही थीं, उसी दौरान पुलिस वर्दी पहने हमलावर ने स्कूल बस रुकवाकर मलाला पर गोलीबारी की। वह गम्भीर रूप से घायल हो गईं।टिप्पणियां तालिबान ने कहा कि उसने पाकिस्तान के पहले राष्ट्रीय शांति पुरस्कार विजेता को इसलिए गोली मारी, क्योंकि वह धर्मनिरपेक्षता को बढ़ावा दे रही थी। मलाला को इलाज के लिए हवाई एम्बुलेंस के जरिए ब्रिटेन ले जाया गया। जहां बर्मिघम स्थित क्वीन एलिजाबेथ हास्पीटल में उनका इलाज चल रहा है। ज्ञात हो कि 14 वर्षीय मलाला यूसुफजई को खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में 9 अक्टूबर को तालिबान के एक हमलावर ने सिर में गोली मार दी थी। वह स्कूल से घर लौट रही थीं, उसी दौरान पुलिस वर्दी पहने हमलावर ने स्कूल बस रुकवाकर मलाला पर गोलीबारी की। वह गम्भीर रूप से घायल हो गईं।टिप्पणियां तालिबान ने कहा कि उसने पाकिस्तान के पहले राष्ट्रीय शांति पुरस्कार विजेता को इसलिए गोली मारी, क्योंकि वह धर्मनिरपेक्षता को बढ़ावा दे रही थी। मलाला को इलाज के लिए हवाई एम्बुलेंस के जरिए ब्रिटेन ले जाया गया। जहां बर्मिघम स्थित क्वीन एलिजाबेथ हास्पीटल में उनका इलाज चल रहा है। तालिबान ने कहा कि उसने पाकिस्तान के पहले राष्ट्रीय शांति पुरस्कार विजेता को इसलिए गोली मारी, क्योंकि वह धर्मनिरपेक्षता को बढ़ावा दे रही थी। मलाला को इलाज के लिए हवाई एम्बुलेंस के जरिए ब्रिटेन ले जाया गया। जहां बर्मिघम स्थित क्वीन एलिजाबेथ हास्पीटल में उनका इलाज चल रहा है। मलाला को इलाज के लिए हवाई एम्बुलेंस के जरिए ब्रिटेन ले जाया गया। जहां बर्मिघम स्थित क्वीन एलिजाबेथ हास्पीटल में उनका इलाज चल रहा है।
संक्षिप्त पाठ: पाकिस्तान ने मलाला यूसुफजई पर हमले की साजिश रचने वाले आतंकवादी, मुल्ला फजलुल्ला को प्रत्यर्पित करने की अफगानिस्तान से मांग की है।
30
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: ब्राजील के मशहूर पोर्टल यूओएल इस्पोर्ते द्वारा कराए गए सर्वेक्षण में ब्राजील के अधिकांश फुटबाल खिलाड़ियों ने कहा है कि अर्जेंटीना के स्ट्राइकर लियोनेल मेसी इस समय दुनिया के सबसे अच्छे फुटबॉल खिलाड़ी हैं। सर्वेक्षण के मुताबिक स्पेन के क्लब बार्सिलोना के लिए खेलने वाले मेसी की ब्राजील के 15 क्लबों के 100 खिलाड़ियों में से 90 फीसदी की तारीफ मिली है। लोकप्रियता और कौशल के ग्राफ पर दूसरे स्थान पर पुर्तगाल के क्रिस्टियानो रोनाल्डो हैं, जिन्हें सिर्फ सात फीसदी मत मिले हैं।टिप्पणियां तीसरे स्थान पर स्पेन के खिलाड़ी आंद्रेस इनिएस्ता और जावी हर्नादेज और ब्राजील के नेमार डी सिल्वा हैं। नेमार को हालांकि 89 फीसदी मतों के साथ ब्राजील का श्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया है। पोर्टल ने साफ किया है कि ब्राजीली फुटबॉल खिलाड़ियों ने अपने मत गुप्त रहते हुए जाहिर किए हैं और ये खिलाड़ी ब्राजीली लीग में खेलने वाली सभी प्रमुख टीमों के सदस्य हैं। सर्वेक्षण के मुताबिक स्पेन के क्लब बार्सिलोना के लिए खेलने वाले मेसी की ब्राजील के 15 क्लबों के 100 खिलाड़ियों में से 90 फीसदी की तारीफ मिली है। लोकप्रियता और कौशल के ग्राफ पर दूसरे स्थान पर पुर्तगाल के क्रिस्टियानो रोनाल्डो हैं, जिन्हें सिर्फ सात फीसदी मत मिले हैं।टिप्पणियां तीसरे स्थान पर स्पेन के खिलाड़ी आंद्रेस इनिएस्ता और जावी हर्नादेज और ब्राजील के नेमार डी सिल्वा हैं। नेमार को हालांकि 89 फीसदी मतों के साथ ब्राजील का श्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया है। पोर्टल ने साफ किया है कि ब्राजीली फुटबॉल खिलाड़ियों ने अपने मत गुप्त रहते हुए जाहिर किए हैं और ये खिलाड़ी ब्राजीली लीग में खेलने वाली सभी प्रमुख टीमों के सदस्य हैं। लोकप्रियता और कौशल के ग्राफ पर दूसरे स्थान पर पुर्तगाल के क्रिस्टियानो रोनाल्डो हैं, जिन्हें सिर्फ सात फीसदी मत मिले हैं।टिप्पणियां तीसरे स्थान पर स्पेन के खिलाड़ी आंद्रेस इनिएस्ता और जावी हर्नादेज और ब्राजील के नेमार डी सिल्वा हैं। नेमार को हालांकि 89 फीसदी मतों के साथ ब्राजील का श्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया है। पोर्टल ने साफ किया है कि ब्राजीली फुटबॉल खिलाड़ियों ने अपने मत गुप्त रहते हुए जाहिर किए हैं और ये खिलाड़ी ब्राजीली लीग में खेलने वाली सभी प्रमुख टीमों के सदस्य हैं। तीसरे स्थान पर स्पेन के खिलाड़ी आंद्रेस इनिएस्ता और जावी हर्नादेज और ब्राजील के नेमार डी सिल्वा हैं। नेमार को हालांकि 89 फीसदी मतों के साथ ब्राजील का श्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया है। पोर्टल ने साफ किया है कि ब्राजीली फुटबॉल खिलाड़ियों ने अपने मत गुप्त रहते हुए जाहिर किए हैं और ये खिलाड़ी ब्राजीली लीग में खेलने वाली सभी प्रमुख टीमों के सदस्य हैं। पोर्टल ने साफ किया है कि ब्राजीली फुटबॉल खिलाड़ियों ने अपने मत गुप्त रहते हुए जाहिर किए हैं और ये खिलाड़ी ब्राजीली लीग में खेलने वाली सभी प्रमुख टीमों के सदस्य हैं।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: ब्राजील के मशहूर पोर्टल यूओएल इस्पोर्ते द्वारा कराए गए सर्वेक्षण में ब्राजील के अधिकांश फुटबाल खिलाड़ियों ने कहा है कि अर्जेंटीना के स्ट्राइकर लियोनेल मेसी इस समय दुनिया के सबसे अच्छे फुटबॉल खिलाड़ी हैं।
25
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: अभिनेता गौरव अरोड़ा ने कहा कि पिछले साल वह 'दिलवाले' की अभिनेत्री कृति सेनन के साथ डेटिंग की खबरों को लेकर बहुत परेशान हुए थे, क्योंकि इस कयास ने उनकी कड़ी मेहनत को प्रभावित किया जो पेशेवर तौर पर वह कर रहे थे. इस साल शुरू में 'लव गेम्स' से बॉलीवुड में कदम रखने से पहले गौरव, कीर्ति के साथ संबंधों को लेकर खबरों में थे. अभिनेता ने कहा कि दोनों ने अपने शुरुआती दिनों में एक साथ मॉडलिंग की थी, जिस वजह से लोगों को उनके संबंध में रहने की अटकलें लगाने का मौका मिला. गौरव ने कहा, 'यह बार-बार लिखा जा रहा था. कहीं न कहीं लगातार के कयासों ने वाकई मुझे दुख दिया और अब मेरे बारे में चर्चा कृति या किसी अन्य लड़की को लेकर की जा रही है. हमने साथ में मॉडलिंग की थी. इस वजह से लोगों ने सोचा कि कुछ चल रहा है.टिप्पणियां 26 वर्षीय अभिनेता ने कहा कि वह कृति को पेशेवर तौर पर जानते हैं और आज वह 'हीरोपंती' की अभिनेत्री के संपर्क में नहीं हैं, क्योंकि दोनों अपनी फिल्मों में व्यस्त हैं. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इस साल शुरू में 'लव गेम्स' से बॉलीवुड में कदम रखने से पहले गौरव, कीर्ति के साथ संबंधों को लेकर खबरों में थे. अभिनेता ने कहा कि दोनों ने अपने शुरुआती दिनों में एक साथ मॉडलिंग की थी, जिस वजह से लोगों को उनके संबंध में रहने की अटकलें लगाने का मौका मिला. गौरव ने कहा, 'यह बार-बार लिखा जा रहा था. कहीं न कहीं लगातार के कयासों ने वाकई मुझे दुख दिया और अब मेरे बारे में चर्चा कृति या किसी अन्य लड़की को लेकर की जा रही है. हमने साथ में मॉडलिंग की थी. इस वजह से लोगों ने सोचा कि कुछ चल रहा है.टिप्पणियां 26 वर्षीय अभिनेता ने कहा कि वह कृति को पेशेवर तौर पर जानते हैं और आज वह 'हीरोपंती' की अभिनेत्री के संपर्क में नहीं हैं, क्योंकि दोनों अपनी फिल्मों में व्यस्त हैं. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) अभिनेता ने कहा कि दोनों ने अपने शुरुआती दिनों में एक साथ मॉडलिंग की थी, जिस वजह से लोगों को उनके संबंध में रहने की अटकलें लगाने का मौका मिला. गौरव ने कहा, 'यह बार-बार लिखा जा रहा था. कहीं न कहीं लगातार के कयासों ने वाकई मुझे दुख दिया और अब मेरे बारे में चर्चा कृति या किसी अन्य लड़की को लेकर की जा रही है. हमने साथ में मॉडलिंग की थी. इस वजह से लोगों ने सोचा कि कुछ चल रहा है.टिप्पणियां 26 वर्षीय अभिनेता ने कहा कि वह कृति को पेशेवर तौर पर जानते हैं और आज वह 'हीरोपंती' की अभिनेत्री के संपर्क में नहीं हैं, क्योंकि दोनों अपनी फिल्मों में व्यस्त हैं. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) गौरव ने कहा, 'यह बार-बार लिखा जा रहा था. कहीं न कहीं लगातार के कयासों ने वाकई मुझे दुख दिया और अब मेरे बारे में चर्चा कृति या किसी अन्य लड़की को लेकर की जा रही है. हमने साथ में मॉडलिंग की थी. इस वजह से लोगों ने सोचा कि कुछ चल रहा है.टिप्पणियां 26 वर्षीय अभिनेता ने कहा कि वह कृति को पेशेवर तौर पर जानते हैं और आज वह 'हीरोपंती' की अभिनेत्री के संपर्क में नहीं हैं, क्योंकि दोनों अपनी फिल्मों में व्यस्त हैं. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) 26 वर्षीय अभिनेता ने कहा कि वह कृति को पेशेवर तौर पर जानते हैं और आज वह 'हीरोपंती' की अभिनेत्री के संपर्क में नहीं हैं, क्योंकि दोनों अपनी फिल्मों में व्यस्त हैं. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सारांश: कृति सेनन के साथ डेटिंग की खबरों को लेकर बहुत परेशान हुआ: गौरव दोनों ने अपने शुरुआती दिनों में एक साथ मॉडलिंग की थी कहीं न कहीं लगातार के कयासों ने वाकई मुझे दुख दिया: गौरव अरोड़ा
33
['hin']
एक सारांश बनाओ: भारत में ब्रिटेन के उच्चायुक्त सर जेम्स बेवन ने बुधवार को कहा कि नरेंद्र मोदी गुजरात जैसे एक प्रमुख राज्य की निर्वाचित सरकार के मुखिया हैं जो भारत-ब्रिटेन संबंधों को बेहतर बनाने में एक जबरदस्त भूमिका निभा सकता है। उत्तराखंड के दौरे पर आए ब्रिटेन के उच्चायुक्त ने कहा, ‘गुजरात एक प्रमुख राज्य है और नरेंद्र मोदी उसके मुख्यमंत्री। वह एक राज्य की निर्वाचित सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं जो अन्य प्रदेशों की तरह भारत-ब्रिटेन संबंधों को बेहतर बनाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।’ उन्होंने कहा, ‘अगर हम भारत के साथ मजबूत संबंध चाहते हैं तो हम गुजरात की अनदेखी नहीं कर सकते।’ उन्होंने पलट कर इस संबंध में सवाल किया, ‘क्या उसकी अनदेखी की जा सकती है।’ यह पूछे जाने पर कि देश के मुख्य विपक्ष द्वारा नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद क्या ब्रिटेन का उनके प्रति नजरिया बदल गया है, बेवन ने सीधा जबाव न देते हुए कहा, ‘मैं पिछले साल मोदी से मिला था और उस समय की गई अपनी टिप्पणी पर आज भी कायम हूं कि उनसे बात करने का मतलब उनका समर्थन करना नहीं है।’टिप्पणियां बेवन ने कहा, ‘हमें भारतीय लोकतंत्र में गहरी आस्था है। लेकिन हम केवल दर्शक ही बने रह सकते हैं, टिप्पणी करने वाले नहीं बन सकते।’ उन्होंने हालांकि मोदी को वीजा जारी करने पर ब्रिटिश प्रतिबंध पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। यह पूछे जाने पर कि अगर मोदी आवेदन करते हैं, तो क्या उन्हें वीजा जारी किया जाएगा, ब्रिटेन के उच्चायुक्त ने कहा, ‘यह एक काल्पनिक प्रश्न है और मैं उस पर टिप्पणी नहीं करूंगा।’ उत्तराखंड के दौरे पर आए ब्रिटेन के उच्चायुक्त ने कहा, ‘गुजरात एक प्रमुख राज्य है और नरेंद्र मोदी उसके मुख्यमंत्री। वह एक राज्य की निर्वाचित सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं जो अन्य प्रदेशों की तरह भारत-ब्रिटेन संबंधों को बेहतर बनाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।’ उन्होंने कहा, ‘अगर हम भारत के साथ मजबूत संबंध चाहते हैं तो हम गुजरात की अनदेखी नहीं कर सकते।’ उन्होंने पलट कर इस संबंध में सवाल किया, ‘क्या उसकी अनदेखी की जा सकती है।’ यह पूछे जाने पर कि देश के मुख्य विपक्ष द्वारा नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद क्या ब्रिटेन का उनके प्रति नजरिया बदल गया है, बेवन ने सीधा जबाव न देते हुए कहा, ‘मैं पिछले साल मोदी से मिला था और उस समय की गई अपनी टिप्पणी पर आज भी कायम हूं कि उनसे बात करने का मतलब उनका समर्थन करना नहीं है।’टिप्पणियां बेवन ने कहा, ‘हमें भारतीय लोकतंत्र में गहरी आस्था है। लेकिन हम केवल दर्शक ही बने रह सकते हैं, टिप्पणी करने वाले नहीं बन सकते।’ उन्होंने हालांकि मोदी को वीजा जारी करने पर ब्रिटिश प्रतिबंध पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। यह पूछे जाने पर कि अगर मोदी आवेदन करते हैं, तो क्या उन्हें वीजा जारी किया जाएगा, ब्रिटेन के उच्चायुक्त ने कहा, ‘यह एक काल्पनिक प्रश्न है और मैं उस पर टिप्पणी नहीं करूंगा।’ उन्होंने कहा, ‘अगर हम भारत के साथ मजबूत संबंध चाहते हैं तो हम गुजरात की अनदेखी नहीं कर सकते।’ उन्होंने पलट कर इस संबंध में सवाल किया, ‘क्या उसकी अनदेखी की जा सकती है।’ यह पूछे जाने पर कि देश के मुख्य विपक्ष द्वारा नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद क्या ब्रिटेन का उनके प्रति नजरिया बदल गया है, बेवन ने सीधा जबाव न देते हुए कहा, ‘मैं पिछले साल मोदी से मिला था और उस समय की गई अपनी टिप्पणी पर आज भी कायम हूं कि उनसे बात करने का मतलब उनका समर्थन करना नहीं है।’टिप्पणियां बेवन ने कहा, ‘हमें भारतीय लोकतंत्र में गहरी आस्था है। लेकिन हम केवल दर्शक ही बने रह सकते हैं, टिप्पणी करने वाले नहीं बन सकते।’ उन्होंने हालांकि मोदी को वीजा जारी करने पर ब्रिटिश प्रतिबंध पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। यह पूछे जाने पर कि अगर मोदी आवेदन करते हैं, तो क्या उन्हें वीजा जारी किया जाएगा, ब्रिटेन के उच्चायुक्त ने कहा, ‘यह एक काल्पनिक प्रश्न है और मैं उस पर टिप्पणी नहीं करूंगा।’ बेवन ने कहा, ‘हमें भारतीय लोकतंत्र में गहरी आस्था है। लेकिन हम केवल दर्शक ही बने रह सकते हैं, टिप्पणी करने वाले नहीं बन सकते।’ उन्होंने हालांकि मोदी को वीजा जारी करने पर ब्रिटिश प्रतिबंध पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। यह पूछे जाने पर कि अगर मोदी आवेदन करते हैं, तो क्या उन्हें वीजा जारी किया जाएगा, ब्रिटेन के उच्चायुक्त ने कहा, ‘यह एक काल्पनिक प्रश्न है और मैं उस पर टिप्पणी नहीं करूंगा।’ यह पूछे जाने पर कि अगर मोदी आवेदन करते हैं, तो क्या उन्हें वीजा जारी किया जाएगा, ब्रिटेन के उच्चायुक्त ने कहा, ‘यह एक काल्पनिक प्रश्न है और मैं उस पर टिप्पणी नहीं करूंगा।’
संक्षिप्त सारांश: भारत में ब्रिटेन के उच्चायुक्त सर जेम्स बेवन ने बुधवार को कहा कि नरेंद्र मोदी गुजरात जैसे एक प्रमुख राज्य की निर्वाचित सरकार के मुखिया हैं जो भारत-ब्रिटेन संबंधों को बेहतर बनाने में एक जबरदस्त भूमिका निभा सकता है।
8
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अपने भाई राज ठाकरे के बयान की आलोचना को नजरअंदाज करते हुए शिवसेना के कार्यकारी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने आज मुंबई आने वाले बिहारियों के लिए परमिट व्यवस्था की मांग की। उन्होंने घोषणा की कि यदि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ‘देशद्रोहियों’ का समर्थन करते रहेंगे तो पार्टी नीतीश को राजग के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में स्वीकार नहीं करेगी।टिप्पणियां सामना में प्रकाशित उद्धव के बयान के अनुसार, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को इस बात पर शर्म आनी चाहिए कि अमर जवान स्मारक का अपमान करने वाला एक बिहारी व्यक्ति निकला। उन्होंने कहा, महाराष्ट्र में अपराध को अंजाम देकर बिहार गए अपराधियों को पकड़ने के लिए अगर मुंबई पुलिस को बिहार पुलिस की अनुमति चाहिए तो बिहार से आने वालों के लिए परमिट प्रणाली लागू करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आजाद मैदान हिंसा मामले में बिहार से पकड़े गए युवक के साथ पुलिस कार्रवाई में हस्तक्षेप कर नीतीश ने एक विवाद को जन्म दे दिया है। पिछले सप्ताह राज ठाकरे ने महाराष्ट्र में आने वाले बिहारियों को ‘घुसपैठिया’ करार देने की धमकी दी थी। उद्धव ने कहा, अगर शिवसेना के समर्थक मराठी अस्मिता, भूमि पुत्रों और पाकिस्तानी कलाकारों के विरोध के मुद्दे को सामने ला रहे हैं तो यह अच्छा है। राज ठाकरे के दल महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना पर चुटकी लेते हुए उद्धव ने कहा, पुराने मुद्दों पर कोई नवनिर्माण नहीं होता। उन्होंने घोषणा की कि यदि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ‘देशद्रोहियों’ का समर्थन करते रहेंगे तो पार्टी नीतीश को राजग के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में स्वीकार नहीं करेगी।टिप्पणियां सामना में प्रकाशित उद्धव के बयान के अनुसार, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को इस बात पर शर्म आनी चाहिए कि अमर जवान स्मारक का अपमान करने वाला एक बिहारी व्यक्ति निकला। उन्होंने कहा, महाराष्ट्र में अपराध को अंजाम देकर बिहार गए अपराधियों को पकड़ने के लिए अगर मुंबई पुलिस को बिहार पुलिस की अनुमति चाहिए तो बिहार से आने वालों के लिए परमिट प्रणाली लागू करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आजाद मैदान हिंसा मामले में बिहार से पकड़े गए युवक के साथ पुलिस कार्रवाई में हस्तक्षेप कर नीतीश ने एक विवाद को जन्म दे दिया है। पिछले सप्ताह राज ठाकरे ने महाराष्ट्र में आने वाले बिहारियों को ‘घुसपैठिया’ करार देने की धमकी दी थी। उद्धव ने कहा, अगर शिवसेना के समर्थक मराठी अस्मिता, भूमि पुत्रों और पाकिस्तानी कलाकारों के विरोध के मुद्दे को सामने ला रहे हैं तो यह अच्छा है। राज ठाकरे के दल महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना पर चुटकी लेते हुए उद्धव ने कहा, पुराने मुद्दों पर कोई नवनिर्माण नहीं होता। सामना में प्रकाशित उद्धव के बयान के अनुसार, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को इस बात पर शर्म आनी चाहिए कि अमर जवान स्मारक का अपमान करने वाला एक बिहारी व्यक्ति निकला। उन्होंने कहा, महाराष्ट्र में अपराध को अंजाम देकर बिहार गए अपराधियों को पकड़ने के लिए अगर मुंबई पुलिस को बिहार पुलिस की अनुमति चाहिए तो बिहार से आने वालों के लिए परमिट प्रणाली लागू करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आजाद मैदान हिंसा मामले में बिहार से पकड़े गए युवक के साथ पुलिस कार्रवाई में हस्तक्षेप कर नीतीश ने एक विवाद को जन्म दे दिया है। पिछले सप्ताह राज ठाकरे ने महाराष्ट्र में आने वाले बिहारियों को ‘घुसपैठिया’ करार देने की धमकी दी थी। उद्धव ने कहा, अगर शिवसेना के समर्थक मराठी अस्मिता, भूमि पुत्रों और पाकिस्तानी कलाकारों के विरोध के मुद्दे को सामने ला रहे हैं तो यह अच्छा है। राज ठाकरे के दल महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना पर चुटकी लेते हुए उद्धव ने कहा, पुराने मुद्दों पर कोई नवनिर्माण नहीं होता। पिछले सप्ताह राज ठाकरे ने महाराष्ट्र में आने वाले बिहारियों को ‘घुसपैठिया’ करार देने की धमकी दी थी। उद्धव ने कहा, अगर शिवसेना के समर्थक मराठी अस्मिता, भूमि पुत्रों और पाकिस्तानी कलाकारों के विरोध के मुद्दे को सामने ला रहे हैं तो यह अच्छा है। राज ठाकरे के दल महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना पर चुटकी लेते हुए उद्धव ने कहा, पुराने मुद्दों पर कोई नवनिर्माण नहीं होता।
संक्षिप्त सारांश: अपने भाई राज ठाकरे के बयान की आलोचना को नजरअंदाज करते हुए शिवसेना के कार्यकारी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने आज मुंबई आने वाले बिहारियों के लिए परमिट व्यवस्था की मांग की।
10
['hin']
एक सारांश बनाओ: भारत की स्टार खिलाड़ी सानिया मिर्जा और अमेरिका की बेथानी-माटेक सैंड्स की जोड़ी कुल 6,37,400 डॉलर इनामी राशि वाले डब्ल्यूटीए ब्रसेल्स ओपन टेनिस टूर्नामेंट का महिला युगल खिताब जीत लिया है। महिला टेनिस संघ (डब्ल्यूटीए) की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, शनिवार को खेले गए महिलाओं की युगल स्पर्धा के खिताबी मुकाबले में सानिया और सैंड्स की चौथी वरीयता प्राप्त जोड़ी ने पोलैंड की अलीकजा रोसोल्सका और चीन की झी झेंग की तीसरी वरीय जोड़ी को 6-3, 6-2 से हराया। इस वर्ष सानिया का यह दूसरा युगल खिताब है। सानिया और सैंड्स की जोड़ी ने सेमीफाइनल में अनास्तासिया रोडियोनोवा और कैसे डेलाकुआ की जोड़ी को कांटे के मुकाबले में 6-3, 4-6, 10-5 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया था।टिप्पणियां सानिया के करियर का यह 14वां डब्ल्यूटीए युगल खिताब है। सानिया ने युगल में चार आईटीएफ खिताब जीते हैं जबकि एकल वर्ग में उनके नाम एक डब्ल्यूटीए और 14 आईटीएफ खिताब दर्ज हैं। उल्लेखनीय है कि सानिया ने इस टूर्नामेंट के प्री-क्वार्टरफाइनल मुकाबला जीतने के साथ ही पेशेवर करियर की 500वीं जीत दर्ज की थी। महिला टेनिस संघ (डब्ल्यूटीए) की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, शनिवार को खेले गए महिलाओं की युगल स्पर्धा के खिताबी मुकाबले में सानिया और सैंड्स की चौथी वरीयता प्राप्त जोड़ी ने पोलैंड की अलीकजा रोसोल्सका और चीन की झी झेंग की तीसरी वरीय जोड़ी को 6-3, 6-2 से हराया। इस वर्ष सानिया का यह दूसरा युगल खिताब है। सानिया और सैंड्स की जोड़ी ने सेमीफाइनल में अनास्तासिया रोडियोनोवा और कैसे डेलाकुआ की जोड़ी को कांटे के मुकाबले में 6-3, 4-6, 10-5 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया था।टिप्पणियां सानिया के करियर का यह 14वां डब्ल्यूटीए युगल खिताब है। सानिया ने युगल में चार आईटीएफ खिताब जीते हैं जबकि एकल वर्ग में उनके नाम एक डब्ल्यूटीए और 14 आईटीएफ खिताब दर्ज हैं। उल्लेखनीय है कि सानिया ने इस टूर्नामेंट के प्री-क्वार्टरफाइनल मुकाबला जीतने के साथ ही पेशेवर करियर की 500वीं जीत दर्ज की थी। सानिया और सैंड्स की जोड़ी ने सेमीफाइनल में अनास्तासिया रोडियोनोवा और कैसे डेलाकुआ की जोड़ी को कांटे के मुकाबले में 6-3, 4-6, 10-5 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया था।टिप्पणियां सानिया के करियर का यह 14वां डब्ल्यूटीए युगल खिताब है। सानिया ने युगल में चार आईटीएफ खिताब जीते हैं जबकि एकल वर्ग में उनके नाम एक डब्ल्यूटीए और 14 आईटीएफ खिताब दर्ज हैं। उल्लेखनीय है कि सानिया ने इस टूर्नामेंट के प्री-क्वार्टरफाइनल मुकाबला जीतने के साथ ही पेशेवर करियर की 500वीं जीत दर्ज की थी। सानिया के करियर का यह 14वां डब्ल्यूटीए युगल खिताब है। सानिया ने युगल में चार आईटीएफ खिताब जीते हैं जबकि एकल वर्ग में उनके नाम एक डब्ल्यूटीए और 14 आईटीएफ खिताब दर्ज हैं। उल्लेखनीय है कि सानिया ने इस टूर्नामेंट के प्री-क्वार्टरफाइनल मुकाबला जीतने के साथ ही पेशेवर करियर की 500वीं जीत दर्ज की थी। उल्लेखनीय है कि सानिया ने इस टूर्नामेंट के प्री-क्वार्टरफाइनल मुकाबला जीतने के साथ ही पेशेवर करियर की 500वीं जीत दर्ज की थी।
संक्षिप्त पाठ: भारत की स्टार खिलाड़ी सानिया मिर्जा और अमेरिका की बेथानी-माटेक सैंड्स की जोड़ी कुल 6,37,400 डॉलर इनामी राशि वाले डब्ल्यूटीए ब्रसेल्स ओपन टेनिस टूर्नामेंट का महिला युगल खिताब जीत लिया है।
30
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री को प्रस्तावित लोकपाल विधेयक के दायरे में लाने के मुद्दे पर कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) के सहयोगियों में मतभेद सामने आ गया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पाटी (राकांपा) जहां प्रधानमंत्री को लोकपाल के दायरे में लाने का विरोध कर रही है वहीं द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) प्रधानमंत्री को दायरे में लाने के 'खिलाफ नहीं है'। राकांपा के प्रवक्ता डीपी त्रिपाठी ने कहा कि उनकी पार्टी नहीं चाहती कि प्रधानमंत्री को लोकपाल के दायरे में लाया जाए। त्रिपाठी ने शनिवार को कहा, "प्रधानमंत्री कार्यालय की गरिमा बनाए रखनी होगी। वह देश के खुफिया एवं विदेशी मामलों से जुड़े कई गोपनीय मामलों को देखते हैं।" उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को विधेयक के दायरे में लाने से 'देश की प्रणाली कमजोर होगी।' त्रिपाठी ने कहा कि प्रधानमंत्री की जवाबदेही तय करने के लिए संसद में अविश्वास प्रस्ताव और जनहित याचिका सहित अन्य तंत्र मौजूद हैं। प्रवक्ता ने कहा कि इस मामले पर पार्टी ने अपनी राय संयुक्त मसौदा समिति के सह अध्यक्ष केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी को भेज दी है। डीएमके प्रवक्ता टीकेएस एलंगोवन ने हालांकि आईएएनएन से कहा कि उनकी पार्टी प्रधानमंत्री को लोकपाल के दायरे में लाने के खिलाफ नहीं है। उन्होंने कहा, "हम इसके खिलाफ नहीं हैं।"
संक्षिप्त सारांश: प्रधानमंत्री को प्रस्तावित लोकपाल विधेयक के दायरे में लाने के मुद्दे पर कांग्रेस के नेतृत्व वाले संप्रग के सहयोगियों में मतभेद सामने आ गया है।
29
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान ने गुरुवार को कहा कि वर्ष 2008 के मुंबई हमलों और वर्ष 2001 में भारतीय संसद पर हुए हमले को ‘योजनागत’ बताने वाले भारतीय अधिकारी की कथित टिप्पणी पर उसने भारत से स्पष्टीकरण मांगा है। सूचना मंत्री परवेज राशिद ने कहा कि पाकिस्तान ने ‘योजनागत’ हमलों के बारे में भारतीय अधिकारी की टिप्पणियों के संबंध में भारत से स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने कहा कि भारत का उत्तर जानने के बाद ही पाकिस्तान इस पर अपनी प्रतिक्रिया देगा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एजाज अहमद चौधरी ने कहा कि नई दिल्ली में पाकिस्तानी उच्चायुक्त ने दो आतंकवादी हमलों के संबंध में भारतीय अधिकारी के तथा-कथित ‘खुलासे’ पर भारत सरकार से संपर्क किया है। इस विवाद की जड़ इशरत जहां मुठभेड़ कांड की जांच के संबंध में गृह मंत्रालय के पूर्व अधिकारी आरवी मणि द्वारा लिखा गया पत्र है। इशरत समेत चार लोग वर्ष 2004 में हुए एक कथित मुठभेड़ में मारे गए थे। टिप्पणियां हालांकि पाकिस्तान पहले ही मान चुका है कि मुंबई हमलों का षड्यंत्र उसकी जमीन पर किया गया था। पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों का एक धड़ा मुंबई हमलों के बारे में भ्रम पैदा करने के लिए मणि के पत्र का सहारा ले रहा है। सूचना मंत्री परवेज राशिद ने कहा कि पाकिस्तान ने ‘योजनागत’ हमलों के बारे में भारतीय अधिकारी की टिप्पणियों के संबंध में भारत से स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने कहा कि भारत का उत्तर जानने के बाद ही पाकिस्तान इस पर अपनी प्रतिक्रिया देगा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एजाज अहमद चौधरी ने कहा कि नई दिल्ली में पाकिस्तानी उच्चायुक्त ने दो आतंकवादी हमलों के संबंध में भारतीय अधिकारी के तथा-कथित ‘खुलासे’ पर भारत सरकार से संपर्क किया है। इस विवाद की जड़ इशरत जहां मुठभेड़ कांड की जांच के संबंध में गृह मंत्रालय के पूर्व अधिकारी आरवी मणि द्वारा लिखा गया पत्र है। इशरत समेत चार लोग वर्ष 2004 में हुए एक कथित मुठभेड़ में मारे गए थे। टिप्पणियां हालांकि पाकिस्तान पहले ही मान चुका है कि मुंबई हमलों का षड्यंत्र उसकी जमीन पर किया गया था। पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों का एक धड़ा मुंबई हमलों के बारे में भ्रम पैदा करने के लिए मणि के पत्र का सहारा ले रहा है। उन्होंने कहा कि भारत का उत्तर जानने के बाद ही पाकिस्तान इस पर अपनी प्रतिक्रिया देगा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एजाज अहमद चौधरी ने कहा कि नई दिल्ली में पाकिस्तानी उच्चायुक्त ने दो आतंकवादी हमलों के संबंध में भारतीय अधिकारी के तथा-कथित ‘खुलासे’ पर भारत सरकार से संपर्क किया है। इस विवाद की जड़ इशरत जहां मुठभेड़ कांड की जांच के संबंध में गृह मंत्रालय के पूर्व अधिकारी आरवी मणि द्वारा लिखा गया पत्र है। इशरत समेत चार लोग वर्ष 2004 में हुए एक कथित मुठभेड़ में मारे गए थे। टिप्पणियां हालांकि पाकिस्तान पहले ही मान चुका है कि मुंबई हमलों का षड्यंत्र उसकी जमीन पर किया गया था। पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों का एक धड़ा मुंबई हमलों के बारे में भ्रम पैदा करने के लिए मणि के पत्र का सहारा ले रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एजाज अहमद चौधरी ने कहा कि नई दिल्ली में पाकिस्तानी उच्चायुक्त ने दो आतंकवादी हमलों के संबंध में भारतीय अधिकारी के तथा-कथित ‘खुलासे’ पर भारत सरकार से संपर्क किया है। इस विवाद की जड़ इशरत जहां मुठभेड़ कांड की जांच के संबंध में गृह मंत्रालय के पूर्व अधिकारी आरवी मणि द्वारा लिखा गया पत्र है। इशरत समेत चार लोग वर्ष 2004 में हुए एक कथित मुठभेड़ में मारे गए थे। टिप्पणियां हालांकि पाकिस्तान पहले ही मान चुका है कि मुंबई हमलों का षड्यंत्र उसकी जमीन पर किया गया था। पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों का एक धड़ा मुंबई हमलों के बारे में भ्रम पैदा करने के लिए मणि के पत्र का सहारा ले रहा है। इस विवाद की जड़ इशरत जहां मुठभेड़ कांड की जांच के संबंध में गृह मंत्रालय के पूर्व अधिकारी आरवी मणि द्वारा लिखा गया पत्र है। इशरत समेत चार लोग वर्ष 2004 में हुए एक कथित मुठभेड़ में मारे गए थे। टिप्पणियां हालांकि पाकिस्तान पहले ही मान चुका है कि मुंबई हमलों का षड्यंत्र उसकी जमीन पर किया गया था। पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों का एक धड़ा मुंबई हमलों के बारे में भ्रम पैदा करने के लिए मणि के पत्र का सहारा ले रहा है। हालांकि पाकिस्तान पहले ही मान चुका है कि मुंबई हमलों का षड्यंत्र उसकी जमीन पर किया गया था। पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों का एक धड़ा मुंबई हमलों के बारे में भ्रम पैदा करने के लिए मणि के पत्र का सहारा ले रहा है। पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों का एक धड़ा मुंबई हमलों के बारे में भ्रम पैदा करने के लिए मणि के पत्र का सहारा ले रहा है।
यह एक सारांश है: पाकिस्तान ने गुरुवार को कहा कि वर्ष 2008 के मुंबई हमलों और वर्ष 2001 में भारतीय संसद पर हुए हमले को ‘योजनागत’ बताने वाले भारतीय अधिकारी की कथित टिप्पणी पर उसने भारत से स्पष्टीकरण मांगा है।
16
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अब नमो ऐप पर नमो मर्चेंडाइज भी उपलब्ध है. नमो ऐप पर अब ई-कॉमर्स कम्पनियों की तरह दैनिक उपभोग की विभिन्न वस्तुएं भी मिलने लगी हैं. इस ऐप पर व्यापार का सेक्शन भी जुड़ गया है.   टिप्पणियां फिलहाल खास तौर पर युवाओं को ध्यान में रखते हुए नमो ऐप पर प्रोडक्ट प्रदर्शित किए गए हैं. यह प्रोडक्ट ट्रेंडी और यूथफुल डिजाइन वाले हैं. पांच प्रकार के उत्पाद फिलहाल उपलब्ध हैं. नमो टी शर्ट, नमो नोटबुक, स्टिकर, मैगनेट और मग. टीशर्ट 199 से 299 रुपये में, नोटबुक 99 रुपये में और मग 150 रुपये में उपलब्ध हैं.   वस्तुओं की कीमतें प्रतिस्पर्धा के अनुरूप निर्धारित की गई हैं. इसके कामकाज का तरीका ई-कॉमर्स कंपनियों के समान ही है. टी शर्ट पर 'नमो अगेन' जैसे नारे अंकित हैं. यह ऐप एंड्रॉइड पर उपलब्ध है. फिलहाल खास तौर पर युवाओं को ध्यान में रखते हुए नमो ऐप पर प्रोडक्ट प्रदर्शित किए गए हैं. यह प्रोडक्ट ट्रेंडी और यूथफुल डिजाइन वाले हैं. पांच प्रकार के उत्पाद फिलहाल उपलब्ध हैं. नमो टी शर्ट, नमो नोटबुक, स्टिकर, मैगनेट और मग. टीशर्ट 199 से 299 रुपये में, नोटबुक 99 रुपये में और मग 150 रुपये में उपलब्ध हैं.   वस्तुओं की कीमतें प्रतिस्पर्धा के अनुरूप निर्धारित की गई हैं. इसके कामकाज का तरीका ई-कॉमर्स कंपनियों के समान ही है. टी शर्ट पर 'नमो अगेन' जैसे नारे अंकित हैं. यह ऐप एंड्रॉइड पर उपलब्ध है. वस्तुओं की कीमतें प्रतिस्पर्धा के अनुरूप निर्धारित की गई हैं. इसके कामकाज का तरीका ई-कॉमर्स कंपनियों के समान ही है. टी शर्ट पर 'नमो अगेन' जैसे नारे अंकित हैं. यह ऐप एंड्रॉइड पर उपलब्ध है.
टी शर्ट पर 'नमो अगेन' जैसे नारे अंकित नमो टी शर्ट 199 से 299 रुपये में उपलब्ध नोटबुक 99 रुपये और मग 150 रुपये में उपलब्ध
28
['hin']