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इस पाठ का सारांश बनाएं: साल के पहले ग्रैंडस्‍लैम ऑस्‍ट्रेलियन ओपन के मिक्‍सड डबल्‍स वर्ग में भारत के लिएंडर पेस की चुनौती खत्‍म हो गई है. पेस और स्विट्जरलैंड की मार्टिना हिंगिस की जोड़ी टूर्नामेंट में मिली हार के साथ मुकाबले से बाहर हो गई है. भारत के वरिष्ठ टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस और उनकी जोड़ीदार मार्टिना हिंगिस गुरुवार को ऑस्ट्रेलियन ओपन के मिश्रित युगल के सेमीफाइनल में प्रवेश नहीं कर सकी. इस जोड़ी को ऑस्ट्रेलिया के सैम ग्रोथ और समांथा सोतसुर की जोड़ी ने सीधे सेटों में 6-3, 6-2 से मात दी.  55 मिनट तक चले इस मुकाबले को ऑस्‍ट्रेलियाई जोड़ी ने सीधे सेटों में अपने नाम किया.टिप्पणियां इस मुकाबले में ऑस्ट्रेलियाई जोड़ी शुरू से ही पेस-हिंगिस की जोड़ी पर हावी थी. उन्होंने पूरे मैच में 12 ऐस लगाईं जो पेस-हिंगिस की जोड़ी की तुलना में नौ ज्यादा थीं. ऑस्ट्रेलियाई जोड़ी ने मैच में कुल 29 विनर्स लगाए और कुल 93 अंकों में 56 अपने नाम किए. यही नहीं, इस जोड़ी ने सात ब्रेक प्वाइंट में से चार अपने नाम किए. पेस-हिंगिस की जोड़ी को सिर्फ एक ब्रेक प्वाइंट मिला लेकिन वे इसे भी अपने खाते में नहीं डाल सके. प्री-क्वार्टर में पेस-हिंगिस की जोड़ी ने ऑस्ट्रेलिया के कासे डेलाक्वा और मैट रीएड की जोड़ी को 6-2, 6-3 से मात देते हुए क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई थी.इस प्री.क्‍वार्टर मैच में पेस और हिंगिस ने शुरुआत से ही मैच में दबदबा बनाए रखा था. पेस-मार्टिना की जोड़ी ने पहले सेट के चौथे गेम में अच्छी पकड़ बनाते हुए 5-2 से बढ़त हासिल की थी. इसके बाद उन्होंने 24 मिनट में पहले सेट को 6-2 से अपने नाम कर लिया था. दूसरे सेट में भी पेस और हिंगिस ने दबदबा बनाए रखा. इसमें भी अच्छा खेल दिखाते हुए भारतीय-स्विस जोड़ी ने 5-3 से बढ़त हासिल की और फिर दूसरे सेट को भी जीत लिया. पेस-मार्टिना ने कुल 96 अंकों में से 55 अंक अपने नाम किए. इस मुकाबले में ऑस्ट्रेलियाई जोड़ी शुरू से ही पेस-हिंगिस की जोड़ी पर हावी थी. उन्होंने पूरे मैच में 12 ऐस लगाईं जो पेस-हिंगिस की जोड़ी की तुलना में नौ ज्यादा थीं. ऑस्ट्रेलियाई जोड़ी ने मैच में कुल 29 विनर्स लगाए और कुल 93 अंकों में 56 अपने नाम किए. यही नहीं, इस जोड़ी ने सात ब्रेक प्वाइंट में से चार अपने नाम किए. पेस-हिंगिस की जोड़ी को सिर्फ एक ब्रेक प्वाइंट मिला लेकिन वे इसे भी अपने खाते में नहीं डाल सके. प्री-क्वार्टर में पेस-हिंगिस की जोड़ी ने ऑस्ट्रेलिया के कासे डेलाक्वा और मैट रीएड की जोड़ी को 6-2, 6-3 से मात देते हुए क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई थी.इस प्री.क्‍वार्टर मैच में पेस और हिंगिस ने शुरुआत से ही मैच में दबदबा बनाए रखा था. पेस-मार्टिना की जोड़ी ने पहले सेट के चौथे गेम में अच्छी पकड़ बनाते हुए 5-2 से बढ़त हासिल की थी. इसके बाद उन्होंने 24 मिनट में पहले सेट को 6-2 से अपने नाम कर लिया था. दूसरे सेट में भी पेस और हिंगिस ने दबदबा बनाए रखा. इसमें भी अच्छा खेल दिखाते हुए भारतीय-स्विस जोड़ी ने 5-3 से बढ़त हासिल की और फिर दूसरे सेट को भी जीत लिया. पेस-मार्टिना ने कुल 96 अंकों में से 55 अंक अपने नाम किए. प्री-क्वार्टर में पेस-हिंगिस की जोड़ी ने ऑस्ट्रेलिया के कासे डेलाक्वा और मैट रीएड की जोड़ी को 6-2, 6-3 से मात देते हुए क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई थी.इस प्री.क्‍वार्टर मैच में पेस और हिंगिस ने शुरुआत से ही मैच में दबदबा बनाए रखा था. पेस-मार्टिना की जोड़ी ने पहले सेट के चौथे गेम में अच्छी पकड़ बनाते हुए 5-2 से बढ़त हासिल की थी. इसके बाद उन्होंने 24 मिनट में पहले सेट को 6-2 से अपने नाम कर लिया था. दूसरे सेट में भी पेस और हिंगिस ने दबदबा बनाए रखा. इसमें भी अच्छा खेल दिखाते हुए भारतीय-स्विस जोड़ी ने 5-3 से बढ़त हासिल की और फिर दूसरे सेट को भी जीत लिया. पेस-मार्टिना ने कुल 96 अंकों में से 55 अंक अपने नाम किए.
संक्षिप्त सारांश: ऑस्‍ट्रेलिया के सैम ग्रोथ और समांथा सोतसुर ने हराया सीधे सेटों में मुकाबला हार गई पेस-हिंगिस की जोड़ी सेमीफाइनल में स्‍थान बनाने का मौका चूकी
29
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान की एक अदालत ने राजद्रोह के मामले में न्यायालय में पेश नहीं होने पर पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के सभी बैंक खातों व संपत्तियों को जब्त करने का मंगलवार को आदेश दिया। मुशर्रफ के खिलाफ राजद्रोह के मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने बैंकों को उनके सभी खातों को फ्रीज करने तथा राजस्व विभाग को पूर्व राष्ट्रपति की सभी संपत्ति को जब्त करने का आदेश दिया। मुशर्रफ के वकील फैसल चौधरी ने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति ने अपनी सभी संपत्ति अपनी पत्नी और बेटी को तोहफे में दे दी है और तोहफे में दी गई संपत्ति जब्त नहीं की जा सकती। वे फैसले को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती देंगे। अदालत ने आरोपी की गैर मौजूदगी में सुनवाई जारी रखने के अभियोजन के आग्रह को खारिज कर दिया। मुशर्रफ मार्च 2016 में इलाज कराने संयुक्त अरब अमीरात गए थे और तब से वह वहीं हैं। अभियोजन पक्ष के वकील अकरम शेख ने न्यायालय को वीडियो कांफ्रेंसिंग से मुशर्रफ के बयान को रिकॉर्ड करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि मुशर्रफ न तो अस्पताल में भर्ती हैं और न ही उन्हें कोई स्वास्थ्य संबंधी समस्या है। कोर्ट ने कहा कि मामले की तब तक सुनवाई नहीं हो सकती जब तक मुशर्रफ को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश नहीं किया जाता। एक कानूनी विशेषज्ञ के मुताबिक, साल 2008 में इस्तीफा देने वाले मुशर्रफ ऐसे पहले सैन्य शासक हैं, जिनके खिलाफ राजद्रोह का मुकदमा चल रहा है। इस मामले में उम्र कैद या फांसी की सजा का प्रावधान है। उनके द्वारा साल 2007 में देश में आपातकाल लगाने और संविधान को निलंबित करने के फैसले को राजद्रोह के रूप में देखा गया है।टिप्पणियां तीसरी बार सत्तासीन होने के कुछ सप्ताह बाद प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने जून 2013 में संसद को मुशर्रफ के खिलाफ राजद्रोह का मुकदमा दायर करने के बारे में सूचित किया।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) मुशर्रफ के खिलाफ राजद्रोह के मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने बैंकों को उनके सभी खातों को फ्रीज करने तथा राजस्व विभाग को पूर्व राष्ट्रपति की सभी संपत्ति को जब्त करने का आदेश दिया। मुशर्रफ के वकील फैसल चौधरी ने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति ने अपनी सभी संपत्ति अपनी पत्नी और बेटी को तोहफे में दे दी है और तोहफे में दी गई संपत्ति जब्त नहीं की जा सकती। वे फैसले को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती देंगे। अदालत ने आरोपी की गैर मौजूदगी में सुनवाई जारी रखने के अभियोजन के आग्रह को खारिज कर दिया। मुशर्रफ मार्च 2016 में इलाज कराने संयुक्त अरब अमीरात गए थे और तब से वह वहीं हैं। अभियोजन पक्ष के वकील अकरम शेख ने न्यायालय को वीडियो कांफ्रेंसिंग से मुशर्रफ के बयान को रिकॉर्ड करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि मुशर्रफ न तो अस्पताल में भर्ती हैं और न ही उन्हें कोई स्वास्थ्य संबंधी समस्या है। कोर्ट ने कहा कि मामले की तब तक सुनवाई नहीं हो सकती जब तक मुशर्रफ को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश नहीं किया जाता। एक कानूनी विशेषज्ञ के मुताबिक, साल 2008 में इस्तीफा देने वाले मुशर्रफ ऐसे पहले सैन्य शासक हैं, जिनके खिलाफ राजद्रोह का मुकदमा चल रहा है। इस मामले में उम्र कैद या फांसी की सजा का प्रावधान है। उनके द्वारा साल 2007 में देश में आपातकाल लगाने और संविधान को निलंबित करने के फैसले को राजद्रोह के रूप में देखा गया है।टिप्पणियां तीसरी बार सत्तासीन होने के कुछ सप्ताह बाद प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने जून 2013 में संसद को मुशर्रफ के खिलाफ राजद्रोह का मुकदमा दायर करने के बारे में सूचित किया।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) मुशर्रफ के वकील फैसल चौधरी ने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति ने अपनी सभी संपत्ति अपनी पत्नी और बेटी को तोहफे में दे दी है और तोहफे में दी गई संपत्ति जब्त नहीं की जा सकती। वे फैसले को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती देंगे। अदालत ने आरोपी की गैर मौजूदगी में सुनवाई जारी रखने के अभियोजन के आग्रह को खारिज कर दिया। मुशर्रफ मार्च 2016 में इलाज कराने संयुक्त अरब अमीरात गए थे और तब से वह वहीं हैं। अभियोजन पक्ष के वकील अकरम शेख ने न्यायालय को वीडियो कांफ्रेंसिंग से मुशर्रफ के बयान को रिकॉर्ड करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि मुशर्रफ न तो अस्पताल में भर्ती हैं और न ही उन्हें कोई स्वास्थ्य संबंधी समस्या है। कोर्ट ने कहा कि मामले की तब तक सुनवाई नहीं हो सकती जब तक मुशर्रफ को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश नहीं किया जाता। एक कानूनी विशेषज्ञ के मुताबिक, साल 2008 में इस्तीफा देने वाले मुशर्रफ ऐसे पहले सैन्य शासक हैं, जिनके खिलाफ राजद्रोह का मुकदमा चल रहा है। इस मामले में उम्र कैद या फांसी की सजा का प्रावधान है। उनके द्वारा साल 2007 में देश में आपातकाल लगाने और संविधान को निलंबित करने के फैसले को राजद्रोह के रूप में देखा गया है।टिप्पणियां तीसरी बार सत्तासीन होने के कुछ सप्ताह बाद प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने जून 2013 में संसद को मुशर्रफ के खिलाफ राजद्रोह का मुकदमा दायर करने के बारे में सूचित किया।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) अदालत ने आरोपी की गैर मौजूदगी में सुनवाई जारी रखने के अभियोजन के आग्रह को खारिज कर दिया। मुशर्रफ मार्च 2016 में इलाज कराने संयुक्त अरब अमीरात गए थे और तब से वह वहीं हैं। अभियोजन पक्ष के वकील अकरम शेख ने न्यायालय को वीडियो कांफ्रेंसिंग से मुशर्रफ के बयान को रिकॉर्ड करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि मुशर्रफ न तो अस्पताल में भर्ती हैं और न ही उन्हें कोई स्वास्थ्य संबंधी समस्या है। कोर्ट ने कहा कि मामले की तब तक सुनवाई नहीं हो सकती जब तक मुशर्रफ को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश नहीं किया जाता। एक कानूनी विशेषज्ञ के मुताबिक, साल 2008 में इस्तीफा देने वाले मुशर्रफ ऐसे पहले सैन्य शासक हैं, जिनके खिलाफ राजद्रोह का मुकदमा चल रहा है। इस मामले में उम्र कैद या फांसी की सजा का प्रावधान है। उनके द्वारा साल 2007 में देश में आपातकाल लगाने और संविधान को निलंबित करने के फैसले को राजद्रोह के रूप में देखा गया है।टिप्पणियां तीसरी बार सत्तासीन होने के कुछ सप्ताह बाद प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने जून 2013 में संसद को मुशर्रफ के खिलाफ राजद्रोह का मुकदमा दायर करने के बारे में सूचित किया।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) अभियोजन पक्ष के वकील अकरम शेख ने न्यायालय को वीडियो कांफ्रेंसिंग से मुशर्रफ के बयान को रिकॉर्ड करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि मुशर्रफ न तो अस्पताल में भर्ती हैं और न ही उन्हें कोई स्वास्थ्य संबंधी समस्या है। कोर्ट ने कहा कि मामले की तब तक सुनवाई नहीं हो सकती जब तक मुशर्रफ को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश नहीं किया जाता। एक कानूनी विशेषज्ञ के मुताबिक, साल 2008 में इस्तीफा देने वाले मुशर्रफ ऐसे पहले सैन्य शासक हैं, जिनके खिलाफ राजद्रोह का मुकदमा चल रहा है। इस मामले में उम्र कैद या फांसी की सजा का प्रावधान है। उनके द्वारा साल 2007 में देश में आपातकाल लगाने और संविधान को निलंबित करने के फैसले को राजद्रोह के रूप में देखा गया है।टिप्पणियां तीसरी बार सत्तासीन होने के कुछ सप्ताह बाद प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने जून 2013 में संसद को मुशर्रफ के खिलाफ राजद्रोह का मुकदमा दायर करने के बारे में सूचित किया।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) कोर्ट ने कहा कि मामले की तब तक सुनवाई नहीं हो सकती जब तक मुशर्रफ को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश नहीं किया जाता। एक कानूनी विशेषज्ञ के मुताबिक, साल 2008 में इस्तीफा देने वाले मुशर्रफ ऐसे पहले सैन्य शासक हैं, जिनके खिलाफ राजद्रोह का मुकदमा चल रहा है। इस मामले में उम्र कैद या फांसी की सजा का प्रावधान है। उनके द्वारा साल 2007 में देश में आपातकाल लगाने और संविधान को निलंबित करने के फैसले को राजद्रोह के रूप में देखा गया है।टिप्पणियां तीसरी बार सत्तासीन होने के कुछ सप्ताह बाद प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने जून 2013 में संसद को मुशर्रफ के खिलाफ राजद्रोह का मुकदमा दायर करने के बारे में सूचित किया।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) तीसरी बार सत्तासीन होने के कुछ सप्ताह बाद प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने जून 2013 में संसद को मुशर्रफ के खिलाफ राजद्रोह का मुकदमा दायर करने के बारे में सूचित किया।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यहाँ एक सारांश है:परवेज मुशर्रफ के खिलाफ राजद्रोह के मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने दिया मुशर्रफ के वकील ने कहा कि वे फैसले को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती देंगे मुशर्रफ मार्च 2016 में इलाज कराने UAE गए थे और तब से वह वहीं हैं
17
['hin']
एक सारांश बनाओ: पंजाब और हरियाणा के बीच पानी के विवाद पर राष्ट्रपति द्वारा सर्वोच्च न्यायालय से मांगी गई सलाह पर सात वर्षों के बाद भी कोई फैसला नहीं लिया जा सका है। इस बारे में हरियाणा के सिंचाई मंत्री अजय सिंह यादव ने केंद्रीय जल संसाधन मंत्री सलमान खुर्शीद को पत्र लिखकर कहा है, "राष्ट्रपति द्वारा मांगी गई सलाह का सम्भवत: यह पहला मामला है जिसमें सर्वोच्च न्यायालय सात वर्षों से अधिक समय बीत जाने के बाद भी कोई राय नहीं दे पाया है।" आईएएनएस से पास मौजूद पत्र की प्रति में यादव ने इससे पूर्व में राष्ट्रपति द्वारा सर्वोच्च न्यायालय से मांगी गई सलाहों का जिक्र किया है। उन्होंने कहा है कि वर्ष 1951 लेकर अब तक के करीब सभी मामलों में सर्वोच्च न्यायालय ने एक साल के भीतर अपनी राय जाहिर कर दी है। पिछले सप्ताह भेजे इस पत्र में यादव ने पंजाब और हरियाणा के बीच जल विवाद के समाधान के लिए तुरंत हस्तक्षेप करने की अपील की है। सर्वोच्च न्यायालय पंजाब विधानसभा द्वारा पारित जल संधि कानून को रद्द करने के मामले में राष्ट्रपति द्वारा वर्ष 2004 में मांगी गई सलाह पर विचार कर रहा है। मंत्री ने केंद्रीय मंत्री से भारत के महान्यायवादी के साथ इसे मुद्दे को उठाने को कहा है ताकि वह इस मसले को सर्वोच्च न्यायालय में उठा सकें। उन्होंने पत्र में लिखा है कि वर्ष 2004 के बाद से हरियाण सरकार द्वारा इस मसले को उठाए जाने के बाद भी सर्वोच्च न्यायालय में इसे सूचीबद्ध नहीं किया गया। पत्र में यादव ने सतलुज यमुन लिंक नहर के मसले को भी उठाया है। उन्होंने कहा है, "मैं आपसे गम्भीरता से अनुरोध करता है कि आप स्वयं इस मामले को देखें और भारत के महान्यायवादी के साथ इसे उठाएं ताकि वह मसले को सर्वोच्च न्यायालय में उठा सकें और राष्ट्रपति द्वारा मांगी गई सलाह पर फैसला हो सके व सतलुज यमुना लिंक नहर के निर्माण का काम शुरू हो सके।" उन्होंने लिखा है, "यह हरियाणा विशेषकर राज्य के दक्षिणी हिस्से के लिए काफी महत्वपूर्ण है, जहां से मैं सम्बंध रखता हूं। राज्य का यह हिस्सा पंजाब द्वारा नहर का काम पूरा नहीं करने के कारण पानी की कमी से जूझ रहा है। सिंचाई मंत्री के रूप में मेरे कार्यकाल के दौरान सरकार ने हांसी-बुताना नहर का निर्माण करवाया ताकि राज्य के भीतर पानी का समान बंटवारा हो सके, लेकिन यह नहर भी सर्वोच्च न्यायालय द्वारा यथास्थिति बनाए रखने के आदेश के कारण काम नहीं आ सकती।"
यहाँ एक सारांश है:पंजाब व हरियाणा के बीच पानी के विवाद पर राष्ट्रपति द्वारा सर्वोच्च न्यायालय से मांगी गई सलाह पर 7 वर्षों के बाद भी कोई फैसला नहीं लिया गया।
15
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से आये धार्मिक अल्पसंख्यकों को भारत में नागरिकता देने के प्रावधान वाले विधेयक पर असम के कुछ वर्गों की आशंकाओं और धार्मिक आधार पर नागरिकता दिये जाने के आरोपों को निराधार बताते हुए गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को लोकसभा में कहा कि असम की जनता की परंपराओं, संस्कृति को संरक्षित करना केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है और हम इसके लिए प्रतिबद्ध हैं. राजनाथ सिंह ने संसद की संयुक्त समिति द्वारा यथाप्रतिवेदित नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 पर सदन में हुई चर्चा के जवाब में यह बात कही. उनके जवाब के बाद सदन ने ध्वनिमत से विधेयक को पारित कर दिया. कांग्रेस एवं तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों ने सदन से वॉकआउट किया. यह विधेयक नागरिकता कानून 1955 में संशोधन के लिए लाया गया है. इस विधेयक के कानून बनने के बाद, अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान के हिन्दू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई धर्म के मानने वाले अल्पसंख्यक समुदायों को 12 साल के बजाय छह साल भारत में गुजारने पर और बिना उचित दस्तावेजों के भी भारतीय नागरिकता मिल सकेगी. गृह मंत्री ने कहा कि नागरिकता विधेयक के संबंध में गलतफहमी पैदा करने का प्रयास किया जा रहा है और असम के कुछ भागों में आशंकाएं पैदा करने की कोशिश हो रही हैं. राजनाथ सिंह ने कहा, ‘‘इस विधेयक को लेकर तरह तरह की आशंकाएं, भ्रम पैदा करने की कोशिशें निर्मूल हैं, निराधार हैं. असम के लोगों की परंपराओं, संस्कृति को संरक्षित करना केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है और हम इसके लिए प्रतिबद्ध हैं.'' उन्होंने कहा कि यह गलतफहमी पैदा की जा रही है कि इस विधेयक का बोझ असम सहेगा. ऐसा नहीं है, पूरा देश इसे सहेगा. सरकार और पूरा देश असम की जनता के साथ खड़े हैं. सिंह ने जोर दिया कि पाकिस्तान में राष्ट्र एवं समुदाय के स्तर पर अल्पसंख्यकों के साथ सुनियोजित तरीके से भेदभाव किया जाता है. उन्हें बुनियादी अधिकारों और धार्मिक स्वतंत्रता से वंचित किया जाता है. गृह मंत्री ने कहा कि ऐसे में इन लोगों के पास भारत में रहने के अलावा कोई विकल्प नहीं है.  उन्होंने असम में राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) का जिक्र करते हुए कहा कि इसे उचित ढंग से लागू किया जा रहा है. इसके तहत शिकायत करने का प्रावधान किया गया है. हम प्रक्रिया पूरी करने को प्रतिबद्ध हैं. किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं होगा. राजनाथ सिंह ने कहा कि 1947 में मजहब के आधार पर विभाजन नहीं होता तो अच्छा होता. अखंड भारत रहता. विडंबना रही कि धर्म के आधार पर विभाजन हुआ. भारत, पाकिस्तान सबको इस बात की चिंता थी कि धार्मिक अल्पसंख्यकों का उत्पीड़न नहीं होना चाहिए. उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान की तत्कालीन सरकारों के बीच समझौतों के बावजूद पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों को समान अधिकार नहीं मिल पाए.  राजनाथ सिंह ने कुछ सदस्यों के सवालों पर कहा कि बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान में मुस्लिम बहुसंख्यक हैं. उसके लिए एक प्रोटोकॉल है. उन्हें दीर्घकालीन वीजा दिया जा सकता है. भारत में पाकिस्तान के लोगों को न केवल दीर्घकालीन वीजा देने के उदारहण हैं, बल्कि नागरिकता भी दी गयी.  राजनाथ सिंह ने कहा, "धार्मिक आधार पर नागरिकता के आरोप निराधार हैं. बड़ी संख्या में बहुसंख्यक लोगों को भी भारत में नागरिकता मिलती रही है." उन्होंने नागरिकता दिये जाने के समर्थन में प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और तत्कालीन नेता सुचेता कृपलानी के बयानों को भी उद्धृत किया. राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत का जो भी मूल निवासी है भले ही वह ईसाई रहा हो अगर उसका पाकिस्तान आदि देशों में धार्मिक उत्पीड़न हो रहा हो तो उसे भारत की नागरिकता दी जाएगी. उन्होंने कहा कि सरकार बोडो समुदाय की मांगों के बारे में न केवल चिंता करती है बल्कि इसके लिये प्रतिबद्ध भी है.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: गैर-मुस्लिम अप्रवासियों को नागरिकता देने वाला बिल लोकसभा से पारित कांग्रेस और TMC ने जताया विरोध राजनाथ सिंह ने कहा कि असम के साथ भेदभाव नही होगा
19
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: नोटबंदी के बाद मोदी सरकार ने एक और बड़ा फैसला लेने की राह पर है. सरकार जल्द ही प्लास्टिक करेंसी लाने वाली है ताकि कालेधन पर लगाम लगाई जा सके. सरकार ने शुक्रवार को संसद को बताया कि उन्होंने प्लास्टिक करेंसी छापने का निर्णय लिया है. इसके लिए मटीरियल की खरीद भी शुरू की जा चुकी है. संसद में दिए गए एक लिखित जवाब में वित्त राज्यमंत्र अर्जुन मेघवाल ने बताया, "प्लास्टिक या पॉलीमर सब्सट्रेट से प्लास्टिक के नोटों की छपाई का निर्णय लिया गया है. इसके लिए शुरुआती प्रक्रिया भी प्रारंभ हो चुकी है."     रिजर्व बैंक काफी लंबे समय से प्लास्टिक करेंसी लाने की योजना बनाता रहा है. फरवरी 2014 में सरकार ने संसद को बताया था कि 10 रुपये के नोट के रूप में 1 अरब रुपये के प्लास्टिक नोट छापे जाएंगे. ट्रायल के लिए इन्हें पांच शहरों, कोच्चि, मैसूर, जयपुर, शिमला और भुवनेश्वर में चलाया जाएगा. प्लास्टिक के नोटों का औसत जीवन लगभग 5 साल का होता है और उनकी नकली मुद्रा तैयार करना मुश्किल है. इसके अलावा, प्लास्टिक से बने नोट कागजी नोटों की तुलना में काफी साफ होते हैं. जाली नोटों से निपटने के लिए पहली बार ऑस्टेलिया में प्लास्टिक के नोट छापे गए थे. एक अन्य प्रश्न के जवाब में, मेघवाल ने कहा आरबीआई ने दिसंबर 2015 में जानकारी थी कि उन्हें होशंगाबाद पेपर मिले द्वारा भेजे गए पेपर के और नासिक नोट प्रेस से छपे 1000 रुपये के कुछ प्लास्टिक नोट मिले हैं जिनमें सुरक्षा जोख़िम नहीं है.  उन्होंने कहा कि इस मामले में जांच के आदेश दिए गए है.  टिप्पणियां  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सरकार ने शुक्रवार को संसद को बताया कि उन्होंने प्लास्टिक करेंसी छापने का निर्णय लिया है. इसके लिए मटीरियल की खरीद भी शुरू की जा चुकी है. संसद में दिए गए एक लिखित जवाब में वित्त राज्यमंत्र अर्जुन मेघवाल ने बताया, "प्लास्टिक या पॉलीमर सब्सट्रेट से प्लास्टिक के नोटों की छपाई का निर्णय लिया गया है. इसके लिए शुरुआती प्रक्रिया भी प्रारंभ हो चुकी है."     रिजर्व बैंक काफी लंबे समय से प्लास्टिक करेंसी लाने की योजना बनाता रहा है. फरवरी 2014 में सरकार ने संसद को बताया था कि 10 रुपये के नोट के रूप में 1 अरब रुपये के प्लास्टिक नोट छापे जाएंगे. ट्रायल के लिए इन्हें पांच शहरों, कोच्चि, मैसूर, जयपुर, शिमला और भुवनेश्वर में चलाया जाएगा. प्लास्टिक के नोटों का औसत जीवन लगभग 5 साल का होता है और उनकी नकली मुद्रा तैयार करना मुश्किल है. इसके अलावा, प्लास्टिक से बने नोट कागजी नोटों की तुलना में काफी साफ होते हैं. जाली नोटों से निपटने के लिए पहली बार ऑस्टेलिया में प्लास्टिक के नोट छापे गए थे. एक अन्य प्रश्न के जवाब में, मेघवाल ने कहा आरबीआई ने दिसंबर 2015 में जानकारी थी कि उन्हें होशंगाबाद पेपर मिले द्वारा भेजे गए पेपर के और नासिक नोट प्रेस से छपे 1000 रुपये के कुछ प्लास्टिक नोट मिले हैं जिनमें सुरक्षा जोख़िम नहीं है.  उन्होंने कहा कि इस मामले में जांच के आदेश दिए गए है.  टिप्पणियां  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) प्लास्टिक के नोटों का औसत जीवन लगभग 5 साल का होता है और उनकी नकली मुद्रा तैयार करना मुश्किल है. इसके अलावा, प्लास्टिक से बने नोट कागजी नोटों की तुलना में काफी साफ होते हैं. जाली नोटों से निपटने के लिए पहली बार ऑस्टेलिया में प्लास्टिक के नोट छापे गए थे. एक अन्य प्रश्न के जवाब में, मेघवाल ने कहा आरबीआई ने दिसंबर 2015 में जानकारी थी कि उन्हें होशंगाबाद पेपर मिले द्वारा भेजे गए पेपर के और नासिक नोट प्रेस से छपे 1000 रुपये के कुछ प्लास्टिक नोट मिले हैं जिनमें सुरक्षा जोख़िम नहीं है.  उन्होंने कहा कि इस मामले में जांच के आदेश दिए गए है.  टिप्पणियां  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) एक अन्य प्रश्न के जवाब में, मेघवाल ने कहा आरबीआई ने दिसंबर 2015 में जानकारी थी कि उन्हें होशंगाबाद पेपर मिले द्वारा भेजे गए पेपर के और नासिक नोट प्रेस से छपे 1000 रुपये के कुछ प्लास्टिक नोट मिले हैं जिनमें सुरक्षा जोख़िम नहीं है.  उन्होंने कहा कि इस मामले में जांच के आदेश दिए गए है.  टिप्पणियां  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) टिप्पणियां  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) टिप्पणियां  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह एक सारांश है: सरकार ने शुक्रवार को संसद को प्लास्टिक करेंसी छापने के निर्णय की जानकारी नोट की छपाई के लिए मटेरियल की खरीद भी शुरू की जा चुकी है फरवरी 2014 में भी सरकार ने संसद को प्लास्टिक नोट छापने के बारे में बताया
16
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: इंदौर में एक सनसनीखेज घटनाक्रम में 45-वर्षीय व्यक्ति की उसके नाबालिग बेटे, ससुर और साले ने कथित तौर पर बेरहमी से हत्या कर दी, क्योंकि वह अपनी 15 साल की बेटी के साथ अश्लील हरकतों से बाज नहीं आ रहा था। बाणगंगा पुलिस थाने के प्रभारी योगेश सिंह तोमर ने बताया कि बुधवार देर रात हत्याकांड को अंजाम देने के बाद तीनों आरोपियों - कालूराम चौहान (55), अज्जू (20) और 16 वर्षीय राज (बदला हुआ नाम) ने थाने पहुंचकर खुद को कानून के हवाले कर दिया। थाना प्रभारी ने बताया कि इन तीनों पर हुकुम पेमाजी (45) की कुल्हाड़ी से हमला करके हत्या का आरोप है।टिप्पणियां तोमर ने तीनों आरोपियों के इकबालिया बयानों और मामले की शुरुआती जांच के हवाले से बताया कि हुकुम ने रात को शराब के नशे में अपनी 15-वर्षीय बेटी से अश्लील हरकत की। उस वक्त लड़की की मां और उसका भाई घर में मौजूद थे। उन्होंने बताया कि पिता की अश्लील हरकत से घबराकर लड़की अपने घर से भागी और नजदीकी ननिहाल पहुंच गई। जब लड़की ने अपने पिता की शर्मनाक करतूत बताई, तो उसका नाना कालूराम और मामा अज्जू आगबबूला होकर हुकुम के घर पहुंच गए। तोमर ने बताया कि नाबालिग लड़की से अश्लील हरकतों को लेकर झगड़ा इस कदर बढ़ा कि कालूराम, अज्जू और राज ने कथित तौर पर कुल्हाड़ी से लगातार वार करके हुकुम को मौत के घाट उतार दिया। उन्होंने बताया, हुकुम पहले भी अपनी बेटी से अश्लील हरकतें कर चुका था। इससे उसके परिवार वाले उससे बेहद नाराज थे। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है। बाणगंगा पुलिस थाने के प्रभारी योगेश सिंह तोमर ने बताया कि बुधवार देर रात हत्याकांड को अंजाम देने के बाद तीनों आरोपियों - कालूराम चौहान (55), अज्जू (20) और 16 वर्षीय राज (बदला हुआ नाम) ने थाने पहुंचकर खुद को कानून के हवाले कर दिया। थाना प्रभारी ने बताया कि इन तीनों पर हुकुम पेमाजी (45) की कुल्हाड़ी से हमला करके हत्या का आरोप है।टिप्पणियां तोमर ने तीनों आरोपियों के इकबालिया बयानों और मामले की शुरुआती जांच के हवाले से बताया कि हुकुम ने रात को शराब के नशे में अपनी 15-वर्षीय बेटी से अश्लील हरकत की। उस वक्त लड़की की मां और उसका भाई घर में मौजूद थे। उन्होंने बताया कि पिता की अश्लील हरकत से घबराकर लड़की अपने घर से भागी और नजदीकी ननिहाल पहुंच गई। जब लड़की ने अपने पिता की शर्मनाक करतूत बताई, तो उसका नाना कालूराम और मामा अज्जू आगबबूला होकर हुकुम के घर पहुंच गए। तोमर ने बताया कि नाबालिग लड़की से अश्लील हरकतों को लेकर झगड़ा इस कदर बढ़ा कि कालूराम, अज्जू और राज ने कथित तौर पर कुल्हाड़ी से लगातार वार करके हुकुम को मौत के घाट उतार दिया। उन्होंने बताया, हुकुम पहले भी अपनी बेटी से अश्लील हरकतें कर चुका था। इससे उसके परिवार वाले उससे बेहद नाराज थे। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है। तोमर ने तीनों आरोपियों के इकबालिया बयानों और मामले की शुरुआती जांच के हवाले से बताया कि हुकुम ने रात को शराब के नशे में अपनी 15-वर्षीय बेटी से अश्लील हरकत की। उस वक्त लड़की की मां और उसका भाई घर में मौजूद थे। उन्होंने बताया कि पिता की अश्लील हरकत से घबराकर लड़की अपने घर से भागी और नजदीकी ननिहाल पहुंच गई। जब लड़की ने अपने पिता की शर्मनाक करतूत बताई, तो उसका नाना कालूराम और मामा अज्जू आगबबूला होकर हुकुम के घर पहुंच गए। तोमर ने बताया कि नाबालिग लड़की से अश्लील हरकतों को लेकर झगड़ा इस कदर बढ़ा कि कालूराम, अज्जू और राज ने कथित तौर पर कुल्हाड़ी से लगातार वार करके हुकुम को मौत के घाट उतार दिया। उन्होंने बताया, हुकुम पहले भी अपनी बेटी से अश्लील हरकतें कर चुका था। इससे उसके परिवार वाले उससे बेहद नाराज थे। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है। जब लड़की ने अपने पिता की शर्मनाक करतूत बताई, तो उसका नाना कालूराम और मामा अज्जू आगबबूला होकर हुकुम के घर पहुंच गए। तोमर ने बताया कि नाबालिग लड़की से अश्लील हरकतों को लेकर झगड़ा इस कदर बढ़ा कि कालूराम, अज्जू और राज ने कथित तौर पर कुल्हाड़ी से लगातार वार करके हुकुम को मौत के घाट उतार दिया। उन्होंने बताया, हुकुम पहले भी अपनी बेटी से अश्लील हरकतें कर चुका था। इससे उसके परिवार वाले उससे बेहद नाराज थे। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
यहाँ एक सारांश है:इंदौर में एक सनसनीखेज घटनाक्रम में 45-वर्षीय व्यक्ति की उसके नाबालिग बेटे, ससुर और साले ने कथित तौर पर बेरहमी से हत्या कर दी, क्योंकि वह अपनी 15 साल की बेटी के साथ अश्लील हरकतों से बाज नहीं आ रहा था।
18
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और जमीन घोटाले में फंसे बीएस येदियुरप्पा ने होली के मौके पर आम लोगों को अपनी सफाई पेश की। उन्होंने कहा कि उन पर लगे आरोपों के मामले में से एक केस वह बरी हो चुके हैं और उन्हें उम्मीद है कि बाकी मामलों में भी वह बेदाग साबित हो जाएंगे। बीएस येदियुरप्पा से जब पत्रकारों ने सवाल किया कि वह दोबारा कर्नाटक के मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं या नहीं तो उन्होंने कहा कि इसका फैसला उन्होंने बीजेपी के आलाकमान पर छोड़ दिया है। साथ ही उन्होंने कहा कि पिछले 6 महीने में उन्होंने काफी तकलीफों को सहा है और अब वक्त आ गया है कि जनता को बताया जाए कि वह निर्दोष हैं। बीएस येदियुरप्पा से जब पत्रकारों ने सवाल किया कि वह दोबारा कर्नाटक के मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं या नहीं तो उन्होंने कहा कि इसका फैसला उन्होंने बीजेपी के आलाकमान पर छोड़ दिया है। साथ ही उन्होंने कहा कि पिछले 6 महीने में उन्होंने काफी तकलीफों को सहा है और अब वक्त आ गया है कि जनता को बताया जाए कि वह निर्दोष हैं।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: येदियुरप्पा ने कहा कि उन पर लगे आरोपों के मामले में से एक केस वह बरी हो चुके हैं और उन्हें उम्मीद है कि बाकी मामलों में भी वह बेदाग साबित हो जाएंगे।
11
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पानी की सप्लाई को लेकर दिल्ली में सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (आप) के दो विधायक आमने-सामने आ गए. शनिवार को आप विधायक प्रकाश जारवाल अपने विधानसभा के पानी की समस्या को लेकर केजरीवाल सरकार के विभाग जल बोर्ड और अपनी ही पार्टी के साथी विधायक दिनेश मोहनिया के खिलाफ सड़क पर उतर आये. विधायक की मौजूदगी में देवली इलाके के लोगों ने दिल्ली जल बोर्ड की रात में बिछाई हुई पानी की पाइप लाइन को जेसीबी से खोदकर निकाल दिया. आरोप है की उनके इलाके के हिस्से का पानी जामिया हमदर्द अस्पताल की तरफ डायवर्ट किया जा रहा था. विधायक प्रकाश जारवाल का कहना है कि अभी संगम विहार, देवली और अंबेडकरनगर के कुछ इलाके को लगभग 3.5 एमजीडी पानी की सप्लाई की जाती है. इसके बाद भी यहां गर्मियों में पानी की भयंकर किल्लत रहती है. इस डायवर्जन के बाद इस इलाके में लगभग 2.5 एमजीडी ही पानी रह जाएगा, जिससे पानी की किल्लत इलाके में बढ़ेगी. टिप्पणियां प्रदर्शनकारी आकाश बंसल और इमरान ने बताया कि यहां कई दिनों से जल बोर्ड विभाग की तरफ से पानी की लाइन बिछाने का कार्य किया जा रहा था. रात में लोगों ने जेसीबी मशीन से जमीन खोदकर सारे पाइप निकाल डाले और वापस मिट्टी डालकर सब बंद कर दिया. लोगों ने कुछ देर के लिए एमबी रोड पर प्रदर्शन कर जाम भी लगाया. जिस समय लोगों ने जेसीबी मशीन से पाइप तोड़कर बाहर निकाले उस समय वहां इलाके के आप विधायक और दिल्ली जल बोर्ड के सदस्य प्रकाश जारवाल भी मौजूद थे. एसे में उनका कहना है कि जल बोर्ड ने ये पाइप बिना इजाजत के डाले हैं, जो कि कानूनी रूप से गलत है. साथ ही इसके लिए उन्होंने आला अधिकारियों से बात करने की कोशिश की तो किसी भी जल बोर्ड अधिकारियों ने उनका फोन तक नहीं उठाया. अब एसे में विधायक का कहना है कि मंत्री कपिल मिश्रा को इस बाबत सूचित कर दिया गया है, जिसके बाद अब जल बोर्ड के अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी. सरकारी काम में बाधा डालने वाले लोगों की भी विधायक ने तरफदारी करते हुए उनका साथ दिया. इस मामले में दिनेश मोहनिया से सम्पर्क करने की कोशिश की गई , लेकिन सम्पर्क नही हो सका. विधायक प्रकाश जारवाल का कहना है कि अभी संगम विहार, देवली और अंबेडकरनगर के कुछ इलाके को लगभग 3.5 एमजीडी पानी की सप्लाई की जाती है. इसके बाद भी यहां गर्मियों में पानी की भयंकर किल्लत रहती है. इस डायवर्जन के बाद इस इलाके में लगभग 2.5 एमजीडी ही पानी रह जाएगा, जिससे पानी की किल्लत इलाके में बढ़ेगी. टिप्पणियां प्रदर्शनकारी आकाश बंसल और इमरान ने बताया कि यहां कई दिनों से जल बोर्ड विभाग की तरफ से पानी की लाइन बिछाने का कार्य किया जा रहा था. रात में लोगों ने जेसीबी मशीन से जमीन खोदकर सारे पाइप निकाल डाले और वापस मिट्टी डालकर सब बंद कर दिया. लोगों ने कुछ देर के लिए एमबी रोड पर प्रदर्शन कर जाम भी लगाया. जिस समय लोगों ने जेसीबी मशीन से पाइप तोड़कर बाहर निकाले उस समय वहां इलाके के आप विधायक और दिल्ली जल बोर्ड के सदस्य प्रकाश जारवाल भी मौजूद थे. एसे में उनका कहना है कि जल बोर्ड ने ये पाइप बिना इजाजत के डाले हैं, जो कि कानूनी रूप से गलत है. साथ ही इसके लिए उन्होंने आला अधिकारियों से बात करने की कोशिश की तो किसी भी जल बोर्ड अधिकारियों ने उनका फोन तक नहीं उठाया. अब एसे में विधायक का कहना है कि मंत्री कपिल मिश्रा को इस बाबत सूचित कर दिया गया है, जिसके बाद अब जल बोर्ड के अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी. सरकारी काम में बाधा डालने वाले लोगों की भी विधायक ने तरफदारी करते हुए उनका साथ दिया. इस मामले में दिनेश मोहनिया से सम्पर्क करने की कोशिश की गई , लेकिन सम्पर्क नही हो सका. प्रदर्शनकारी आकाश बंसल और इमरान ने बताया कि यहां कई दिनों से जल बोर्ड विभाग की तरफ से पानी की लाइन बिछाने का कार्य किया जा रहा था. रात में लोगों ने जेसीबी मशीन से जमीन खोदकर सारे पाइप निकाल डाले और वापस मिट्टी डालकर सब बंद कर दिया. लोगों ने कुछ देर के लिए एमबी रोड पर प्रदर्शन कर जाम भी लगाया. जिस समय लोगों ने जेसीबी मशीन से पाइप तोड़कर बाहर निकाले उस समय वहां इलाके के आप विधायक और दिल्ली जल बोर्ड के सदस्य प्रकाश जारवाल भी मौजूद थे. एसे में उनका कहना है कि जल बोर्ड ने ये पाइप बिना इजाजत के डाले हैं, जो कि कानूनी रूप से गलत है. साथ ही इसके लिए उन्होंने आला अधिकारियों से बात करने की कोशिश की तो किसी भी जल बोर्ड अधिकारियों ने उनका फोन तक नहीं उठाया. अब एसे में विधायक का कहना है कि मंत्री कपिल मिश्रा को इस बाबत सूचित कर दिया गया है, जिसके बाद अब जल बोर्ड के अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी. सरकारी काम में बाधा डालने वाले लोगों की भी विधायक ने तरफदारी करते हुए उनका साथ दिया. इस मामले में दिनेश मोहनिया से सम्पर्क करने की कोशिश की गई , लेकिन सम्पर्क नही हो सका. जिस समय लोगों ने जेसीबी मशीन से पाइप तोड़कर बाहर निकाले उस समय वहां इलाके के आप विधायक और दिल्ली जल बोर्ड के सदस्य प्रकाश जारवाल भी मौजूद थे. एसे में उनका कहना है कि जल बोर्ड ने ये पाइप बिना इजाजत के डाले हैं, जो कि कानूनी रूप से गलत है. साथ ही इसके लिए उन्होंने आला अधिकारियों से बात करने की कोशिश की तो किसी भी जल बोर्ड अधिकारियों ने उनका फोन तक नहीं उठाया. अब एसे में विधायक का कहना है कि मंत्री कपिल मिश्रा को इस बाबत सूचित कर दिया गया है, जिसके बाद अब जल बोर्ड के अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी. सरकारी काम में बाधा डालने वाले लोगों की भी विधायक ने तरफदारी करते हुए उनका साथ दिया. इस मामले में दिनेश मोहनिया से सम्पर्क करने की कोशिश की गई , लेकिन सम्पर्क नही हो सका.
संक्षिप्त सारांश: आप एमएलए प्रकाश जारवाल की मौजूदगी में प्रदर्शकारियों ने दिल्ली जल बोर्ड क लोगों ने कुछ देर के लिए एमबी रोड पर प्रदर्शन कर जाम भी लगाया. विधायक का आरोप उनके इलाके का पानी गुपचुप दिया जाने वाला था जामिया हमदर्द
29
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: एक वक्त था, जब अपने दोस्तों-रिश्तेदारों को जन्मदिन या शादी की सालगिरह की बधाई देनी हो, या सुख-दुख का कोई संदेशा भेजना हो, आपको सिर्फ डाकिये पर निर्भर रहना पड़ता था... 15 पैसे का पोस्टकार्ड या नीले रंग का अंतर्देशीय पत्र लिखा जाता था, और डाला जाता था, गली-गली में लगे हुए डाक विभाग के लाल रंग के डिब्बों में, जिन्हें लेटरबॉक्स कहा जाता था... कुछ दशक पहले तक यही होता रहा, लेकिन अब वह डिब्बा बीते वक्त की बात बन चुका है... टेलीग्राम, यानि तार, भेजना भी गुजरे ज़माने की बात हो गई है, और घरों में लगे हुए लैण्डलाइन फोन को भी लोग भूलने लगे हैं, क्योंकि ज़माना अब मोबाइल हो चुका है... बस, अपने मोबाइल फोन पर कुछ बटन दबाएं और आपका संदेश पलक झपकते पहुंच जाएगा... लेकिन क्या आप जानते हैं, इस मोबाइल ज़माने को आए भी आज दो दशक पूरे हो गए हैं... दरअसल, मोबाइल से भेजे जाने वाले शॉर्ट मैसेजिंग सर्विस, यानि एसएमएस की शुरुआत आज से ठीक 20 साल पहले वर्ष 1992 में 3 दिसंबर को ही ब्रिटेन में एक इंजीनियर द्वारा अपने कंप्यूटर से वोडाफोन नेटवर्क के जरिये मोबाइल पर संदेश भेजे जाने से हुई थी, जो था, 'मैरी क्रिसमस'... हालांकि एसएमएस भेजने का ख्याल सबसे पहले वर्ष 1984 में फिनलैंड के पूर्व नौकरशाह मैटी मैक्कोनेन के मन में आया था, लेकिन कामयाबी मिली ब्रिटिश इंजीनियर को... टिप्पणियां हालांकि आज अपनी उम्र के 21वें पायदान पर पहुंचने वाले एसएमएस को फेसबुक और ट्विटर जैसी सोशल नेटवर्किंग वेबसाइटों से कड़ी चुनौती मिल रही है, लेकिन आज भी पूरी दुनिया में चार अरब से ज़्यादा लोग रोज़ाना मोबाइल के जरिये एसएमएस भेजते हैं... कम से कम अक्षरों में ज़्यादा से ज़्यादा कह देने की ज़रूरत के मद्देनज़र एसएमएस ने प्रचलित भाषा की वर्तनी और वर्णमाला में भी क्रांतिकारी परिवर्तन किए, और मात्र 160 चिह्नों में अपनी बात पूरी करने के लिए प्रयोग होते रहे, जिनके तहत हंसी और दुख को बताने के बजाए दिखाने के लिए एसएमएस में इमोटिकॉन्स लाए गए... हालांकि सोशल नेटवर्किंग वेबसाइटों के चलते अपने जन्म से लेकर अब तक प्यार, खुशी, दुख और नफरत का इज़हार करने वाले एसएमएस के इस्तेमाल करने वाले लोगों के बीच पिछली दो तिमाहियों में एक अरब की कमी आई है, लेकिन उम्मीद बरकरार है कि नए-नए प्रयोगों से यह 'छोटू मैसेजिंग' लम्बे वक्त तक अपने चाहने वालों के बीच बनी रहेगी... हैप्पी बर्थडे एसएमएस... दरअसल, मोबाइल से भेजे जाने वाले शॉर्ट मैसेजिंग सर्विस, यानि एसएमएस की शुरुआत आज से ठीक 20 साल पहले वर्ष 1992 में 3 दिसंबर को ही ब्रिटेन में एक इंजीनियर द्वारा अपने कंप्यूटर से वोडाफोन नेटवर्क के जरिये मोबाइल पर संदेश भेजे जाने से हुई थी, जो था, 'मैरी क्रिसमस'... हालांकि एसएमएस भेजने का ख्याल सबसे पहले वर्ष 1984 में फिनलैंड के पूर्व नौकरशाह मैटी मैक्कोनेन के मन में आया था, लेकिन कामयाबी मिली ब्रिटिश इंजीनियर को... टिप्पणियां हालांकि आज अपनी उम्र के 21वें पायदान पर पहुंचने वाले एसएमएस को फेसबुक और ट्विटर जैसी सोशल नेटवर्किंग वेबसाइटों से कड़ी चुनौती मिल रही है, लेकिन आज भी पूरी दुनिया में चार अरब से ज़्यादा लोग रोज़ाना मोबाइल के जरिये एसएमएस भेजते हैं... कम से कम अक्षरों में ज़्यादा से ज़्यादा कह देने की ज़रूरत के मद्देनज़र एसएमएस ने प्रचलित भाषा की वर्तनी और वर्णमाला में भी क्रांतिकारी परिवर्तन किए, और मात्र 160 चिह्नों में अपनी बात पूरी करने के लिए प्रयोग होते रहे, जिनके तहत हंसी और दुख को बताने के बजाए दिखाने के लिए एसएमएस में इमोटिकॉन्स लाए गए... हालांकि सोशल नेटवर्किंग वेबसाइटों के चलते अपने जन्म से लेकर अब तक प्यार, खुशी, दुख और नफरत का इज़हार करने वाले एसएमएस के इस्तेमाल करने वाले लोगों के बीच पिछली दो तिमाहियों में एक अरब की कमी आई है, लेकिन उम्मीद बरकरार है कि नए-नए प्रयोगों से यह 'छोटू मैसेजिंग' लम्बे वक्त तक अपने चाहने वालों के बीच बनी रहेगी... हैप्पी बर्थडे एसएमएस... हालांकि आज अपनी उम्र के 21वें पायदान पर पहुंचने वाले एसएमएस को फेसबुक और ट्विटर जैसी सोशल नेटवर्किंग वेबसाइटों से कड़ी चुनौती मिल रही है, लेकिन आज भी पूरी दुनिया में चार अरब से ज़्यादा लोग रोज़ाना मोबाइल के जरिये एसएमएस भेजते हैं... कम से कम अक्षरों में ज़्यादा से ज़्यादा कह देने की ज़रूरत के मद्देनज़र एसएमएस ने प्रचलित भाषा की वर्तनी और वर्णमाला में भी क्रांतिकारी परिवर्तन किए, और मात्र 160 चिह्नों में अपनी बात पूरी करने के लिए प्रयोग होते रहे, जिनके तहत हंसी और दुख को बताने के बजाए दिखाने के लिए एसएमएस में इमोटिकॉन्स लाए गए... हालांकि सोशल नेटवर्किंग वेबसाइटों के चलते अपने जन्म से लेकर अब तक प्यार, खुशी, दुख और नफरत का इज़हार करने वाले एसएमएस के इस्तेमाल करने वाले लोगों के बीच पिछली दो तिमाहियों में एक अरब की कमी आई है, लेकिन उम्मीद बरकरार है कि नए-नए प्रयोगों से यह 'छोटू मैसेजिंग' लम्बे वक्त तक अपने चाहने वालों के बीच बनी रहेगी... हैप्पी बर्थडे एसएमएस... हालांकि सोशल नेटवर्किंग वेबसाइटों के चलते अपने जन्म से लेकर अब तक प्यार, खुशी, दुख और नफरत का इज़हार करने वाले एसएमएस के इस्तेमाल करने वाले लोगों के बीच पिछली दो तिमाहियों में एक अरब की कमी आई है, लेकिन उम्मीद बरकरार है कि नए-नए प्रयोगों से यह 'छोटू मैसेजिंग' लम्बे वक्त तक अपने चाहने वालों के बीच बनी रहेगी... हैप्पी बर्थडे एसएमएस...
यह एक सारांश है: लेटरबॉक्स में चिट्ठी डालना, टेलीग्राम भेजना, और यहां तक कि लैण्डलाइन फोन से बात करना भी लोग भूलने लगे हैं, क्योंकि एसएमएस आज 20 साल का हो गया है...
24
['hin']
एक सारांश बनाओ: फिल्‍म अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत फिल्म 'राबता' की आखिरी चरण की शूटिंग के दौरान घायल हो गए. एक खतरनाक स्टंट करने के दौरान सुशांत (30) को दाहिने घुटने में पांच दिन पहले चोट लग गई. सुशांत ने एक बयान में कहा, 'हमने कड़ी मेहनत की थी और मैं हर बार अच्छी तरह से स्टंट कर सका था, लेकिन दुर्भाग्यवश शूटिंग वाले दिन मूसलाधार बारिश हो रही थी और जमीन में काफी फिसलन थी. इसी वजह से चोट लग गई. लेकिन, मुझे इस बात की खुशी है कि हम फिर भी योजना के मुताबिक सीन को खत्म कर सके.'टिप्पणियां सुशांत की चोट को देखते हुए डॉक्‍टरों ने उन्हें एक महीने तक दौड़ने और ज्यादा व्यायाम करने से मना किया है. दिनेश विजन निर्देशित फिल्म 'राबता' में कीर्ति सैनन भी हैं. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सुशांत ने एक बयान में कहा, 'हमने कड़ी मेहनत की थी और मैं हर बार अच्छी तरह से स्टंट कर सका था, लेकिन दुर्भाग्यवश शूटिंग वाले दिन मूसलाधार बारिश हो रही थी और जमीन में काफी फिसलन थी. इसी वजह से चोट लग गई. लेकिन, मुझे इस बात की खुशी है कि हम फिर भी योजना के मुताबिक सीन को खत्म कर सके.'टिप्पणियां सुशांत की चोट को देखते हुए डॉक्‍टरों ने उन्हें एक महीने तक दौड़ने और ज्यादा व्यायाम करने से मना किया है. दिनेश विजन निर्देशित फिल्म 'राबता' में कीर्ति सैनन भी हैं. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सुशांत की चोट को देखते हुए डॉक्‍टरों ने उन्हें एक महीने तक दौड़ने और ज्यादा व्यायाम करने से मना किया है. दिनेश विजन निर्देशित फिल्म 'राबता' में कीर्ति सैनन भी हैं. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त सारांश: खतरनाक स्‍टंट करने के दौरान लगी घुटने में चोट डॉक्‍टरों ने दी ज्‍यादा व्‍यायाम नहीं करने की सलाह फिल्‍म 'राबता' में सुशांत के साथ कीर्ति सैनन भी हैं
8
['hin']
एक सारांश बनाओ: सेना ने पुंछ के कृष्णा घाटी में भारत-पाकिस्तान सीमा पर एक घुसपैठिए को मार गिराया है. इस घुसपैठिए को देर रात दो बजकर तीस मिनट पर घात लगाकर बैठे सेना के जवान ने मार गिराया. उसका शव भी बरामद कर लिया गया है.  फिलहाल इलाके में तलाशी अभियान चल रहा है. ये वही इलाका जहां 1 मई को पाक सैनिकों ने घात लगाकर दो भारतीय सैनिकों के शव को क्षत-विक्षत कर दिया था.टिप्पणियां वैसे पिछले 72 घंटे में सेना ने जम्मू कश्मीर 11 आतंकवादियों को मार गिराया है. शुक्रवार को सेना ने उरी सेक्टर में पाक बॉर्डर एक्शन टीम यानी बैट के दो हमलावरों को मार गिराया था. आपको ये बता दें कि पाकिस्तान की बैट ऐसी टीम है जिसमें पाक सेना और आतंकी शामिल होते हैं. इनका काम मौका मिलते ही एलओसी पर भारतीय सेना के जवानों पर घात लगाकर हमला करना होता है. सीमा पर भारतीय जवानों के शव के साथ जो क्षत-विक्षत की घटना हुई है उसके लिए बैट को ही जिम्मेदार माना जाता है.  वहीं शनिवार को सेना ने तड़के जम्मू-कश्मीर के रामपुर सेक्टर मे लाइन ऑफ कंट्रोल पर घुसपैठ कर रहे ना केवल छह आतंकियों को मार गिराया है बल्कि घुसपैठ की भी कोशिश को नाकाम कर दिया. इतना ही शनिवार को ही सुरक्षा बलों ने कश्मीर के त्राल मे आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन का टॉप कमांडर सब्जार अहमद सहित दो आतंकियों को मार गिराया. त्राल में मारे गए आतंकियों के विरोध में अलगावादियों ने दो दिन के कश्मीर बंद का ऐलान किया है. कई जगहों पर हिंसक विरोध प्रर्दशन भी हुआ है लेकिन सुरक्षाबलों की मानें तो हालात अभी तक कंट्रोल में है लेकिन कब बेकाबू हो जाए कुछ कहा नहीं जा सकता. वैसे पिछले 72 घंटे में सेना ने जम्मू कश्मीर 11 आतंकवादियों को मार गिराया है. शुक्रवार को सेना ने उरी सेक्टर में पाक बॉर्डर एक्शन टीम यानी बैट के दो हमलावरों को मार गिराया था. आपको ये बता दें कि पाकिस्तान की बैट ऐसी टीम है जिसमें पाक सेना और आतंकी शामिल होते हैं. इनका काम मौका मिलते ही एलओसी पर भारतीय सेना के जवानों पर घात लगाकर हमला करना होता है. सीमा पर भारतीय जवानों के शव के साथ जो क्षत-विक्षत की घटना हुई है उसके लिए बैट को ही जिम्मेदार माना जाता है.  वहीं शनिवार को सेना ने तड़के जम्मू-कश्मीर के रामपुर सेक्टर मे लाइन ऑफ कंट्रोल पर घुसपैठ कर रहे ना केवल छह आतंकियों को मार गिराया है बल्कि घुसपैठ की भी कोशिश को नाकाम कर दिया. इतना ही शनिवार को ही सुरक्षा बलों ने कश्मीर के त्राल मे आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन का टॉप कमांडर सब्जार अहमद सहित दो आतंकियों को मार गिराया. त्राल में मारे गए आतंकियों के विरोध में अलगावादियों ने दो दिन के कश्मीर बंद का ऐलान किया है. कई जगहों पर हिंसक विरोध प्रर्दशन भी हुआ है लेकिन सुरक्षाबलों की मानें तो हालात अभी तक कंट्रोल में है लेकिन कब बेकाबू हो जाए कुछ कहा नहीं जा सकता. वहीं शनिवार को सेना ने तड़के जम्मू-कश्मीर के रामपुर सेक्टर मे लाइन ऑफ कंट्रोल पर घुसपैठ कर रहे ना केवल छह आतंकियों को मार गिराया है बल्कि घुसपैठ की भी कोशिश को नाकाम कर दिया. इतना ही शनिवार को ही सुरक्षा बलों ने कश्मीर के त्राल मे आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन का टॉप कमांडर सब्जार अहमद सहित दो आतंकियों को मार गिराया. त्राल में मारे गए आतंकियों के विरोध में अलगावादियों ने दो दिन के कश्मीर बंद का ऐलान किया है. कई जगहों पर हिंसक विरोध प्रर्दशन भी हुआ है लेकिन सुरक्षाबलों की मानें तो हालात अभी तक कंट्रोल में है लेकिन कब बेकाबू हो जाए कुछ कहा नहीं जा सकता.
यह एक सारांश है: पुंछ में कृष्णा घाटी में घुसपैठिये को मारा इसी इलाके में 2 भारतीय सैनिकों के शवों को किया गया था क्षत पिछले 72 घंटे में सेना ने जम्मू कश्मीर 11 आतंकवादियों को मार गिराया है
21
['hin']
एक सारांश बनाओ: अरुणाचल प्रदेश के दूरस्थ गांव के वोटरों ने पहली बार मतदान किया. प्रदेश के कुरुंग कुमे नाम के एक दूरदराज के गांव में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के सहयोग से पहली बार वोटिंग करवाई गई. अरुणाचल प्रदेश के सुदूर जिले के ज्ञापिन पोलिंग बूथ पर गांव वालों ने पहली बार अपने गांव में स्थापित मतदान केंद्र पर वोट किया है. अरुणाचल प्रदेश में 11 अप्रैल को पहले चरण के मतदान के दौरान उक्त गांव में पहली बार मतदान केंद्र स्थापित किया गया. इसके लिए चुनाव दल आईटीबीपी के जवानों के साथ 45 किलोमीटर का पैदल रास्ता तय करके इस केंद्र तक पहुंचा था.  इस गांव से 45 किलोमीटर दूर पारसी पालो नामक जगह से ही सड़क उपलब्ध है. उसके बाद आगे का रास्ता बहुत ही मुश्किल है जिसमें पहाड़ी नदियां, वर्षा वन और घनी झाड़ियां हैं. रास्ते पर कई झूला पुल, लकड़ी की सीढ़ियां आदि हैं. गांव पहुंचने के लिए 25 किलोमीटर का रास्ता चढ़ाई वाला और 10 किलोमीटर का रास्ता उतार वाला है. इस रास्ते पर पैदल चलना भी बहुत ही मुश्किल है. इन सबके बावजूद पोलिंग पार्टी और आईटीबीपी के जवानों ने साथ मिलकर यह रास्ता तय किया और 11 मई को पहले चरण की वोटिंग के दौरान यहां 346 ग्रामीणों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया. इस गांव के अधिकतर परिवार इटानगर में रहते हैं और गांव में इन लोगों का आना-जाना लगा रहता है. स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार यहां मतदान केंद्र स्थापित किया गया था. कुल 90 किलोमीटर का आने जाने का रास्ता 6 दिन में पूरा किया गया. आईटीबीपी भारत-चीन सीमा पर अरुणाचल प्रदेश में सीमा सुरक्षा और प्रबंधन के लिए वर्ष 2004 से तैनात है.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: चुनाव दल आईटीबीपी के जवानों के साथ 45 किलोमीटर पैदल पहुंचा पहाड़ी नदियां, वर्षा वन और घनी झाड़ियां वाला कठिन रास्ता गांव तक 90 किलोमीटर के आवागमन में ही छह दिन लग गए
32
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: इंग्लैंड और इंग्लिश प्रीमियर लीग आर्सेनल के मिडफील्डर जैक विल्सहीयर टखने में चोट के कारण इस साल होने वाले यूरो-2012 में इंग्लैंड का प्रतिनिधित्व नहीं कर सकेंगे। वेबसाइट 'पीए स्पोर्ट डॉट को डॉट यूके' के मुताबिक 20 वर्षीय विल्सहीयर ने लम्बे समय से चोटिल रहने के कारण इस सत्र में अब तक एक भी मैच नहीं खेला है। आर्सेनल को प्रीमियर लीग मुकाबले में सोमवार को विगान एथलेटिक के हाथों हार मिली और इस परिणाम से निराश मैनेजर आर्सीन वेगनर ने मैच के बाद कहा कि विल्सहीयर के यूरो-2012 में खेलने की सम्भावना नहीं के बराबर है।टिप्पणियां वेगनर ने कहा, "विल्सवीयर इस सत्र में हमारे लिए नहीं खेल सकते। वह यूरो-2012 में इंग्लिश टीम का भी प्रतिनिधित्व नही कर सकते। उनकी चोट काफी धीमे-धीमे ठीक हो रही है। एफए को उनकी चोट की जानकारी है।" विल्सहीयर ने वर्ष 2010 में इंग्लैंड के लिए पांच मैच खेले थे। वह काफी प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं और यही कारण है कि उनके इस साल जून में यूक्रेन और पोलैंड की संयुक्त मेजबानी में होने वाले यूरो कप के लिए इंग्लिश टीम में चुना जाना तय माना जा रहा था। वेबसाइट 'पीए स्पोर्ट डॉट को डॉट यूके' के मुताबिक 20 वर्षीय विल्सहीयर ने लम्बे समय से चोटिल रहने के कारण इस सत्र में अब तक एक भी मैच नहीं खेला है। आर्सेनल को प्रीमियर लीग मुकाबले में सोमवार को विगान एथलेटिक के हाथों हार मिली और इस परिणाम से निराश मैनेजर आर्सीन वेगनर ने मैच के बाद कहा कि विल्सहीयर के यूरो-2012 में खेलने की सम्भावना नहीं के बराबर है।टिप्पणियां वेगनर ने कहा, "विल्सवीयर इस सत्र में हमारे लिए नहीं खेल सकते। वह यूरो-2012 में इंग्लिश टीम का भी प्रतिनिधित्व नही कर सकते। उनकी चोट काफी धीमे-धीमे ठीक हो रही है। एफए को उनकी चोट की जानकारी है।" विल्सहीयर ने वर्ष 2010 में इंग्लैंड के लिए पांच मैच खेले थे। वह काफी प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं और यही कारण है कि उनके इस साल जून में यूक्रेन और पोलैंड की संयुक्त मेजबानी में होने वाले यूरो कप के लिए इंग्लिश टीम में चुना जाना तय माना जा रहा था। आर्सेनल को प्रीमियर लीग मुकाबले में सोमवार को विगान एथलेटिक के हाथों हार मिली और इस परिणाम से निराश मैनेजर आर्सीन वेगनर ने मैच के बाद कहा कि विल्सहीयर के यूरो-2012 में खेलने की सम्भावना नहीं के बराबर है।टिप्पणियां वेगनर ने कहा, "विल्सवीयर इस सत्र में हमारे लिए नहीं खेल सकते। वह यूरो-2012 में इंग्लिश टीम का भी प्रतिनिधित्व नही कर सकते। उनकी चोट काफी धीमे-धीमे ठीक हो रही है। एफए को उनकी चोट की जानकारी है।" विल्सहीयर ने वर्ष 2010 में इंग्लैंड के लिए पांच मैच खेले थे। वह काफी प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं और यही कारण है कि उनके इस साल जून में यूक्रेन और पोलैंड की संयुक्त मेजबानी में होने वाले यूरो कप के लिए इंग्लिश टीम में चुना जाना तय माना जा रहा था। वेगनर ने कहा, "विल्सवीयर इस सत्र में हमारे लिए नहीं खेल सकते। वह यूरो-2012 में इंग्लिश टीम का भी प्रतिनिधित्व नही कर सकते। उनकी चोट काफी धीमे-धीमे ठीक हो रही है। एफए को उनकी चोट की जानकारी है।" विल्सहीयर ने वर्ष 2010 में इंग्लैंड के लिए पांच मैच खेले थे। वह काफी प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं और यही कारण है कि उनके इस साल जून में यूक्रेन और पोलैंड की संयुक्त मेजबानी में होने वाले यूरो कप के लिए इंग्लिश टीम में चुना जाना तय माना जा रहा था। विल्सहीयर ने वर्ष 2010 में इंग्लैंड के लिए पांच मैच खेले थे। वह काफी प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं और यही कारण है कि उनके इस साल जून में यूक्रेन और पोलैंड की संयुक्त मेजबानी में होने वाले यूरो कप के लिए इंग्लिश टीम में चुना जाना तय माना जा रहा था।
यहाँ एक सारांश है:इंग्लैंड और इंग्लिश प्रीमियर लीग आर्सेनल के मिडफील्डर जैक विल्सहीयर टखने में चोट के कारण इस साल होने वाले यूरो-2012 में इंग्लैंड का प्रतिनिधित्व नहीं कर सकेंगे।
12
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: स्वाइन फ्लू एक बार फिर पांव पसार रहा है। हरियाणा के करनाल में चार लोगों की मौत हो गई है। चंडीगढ़ के मेडिकल कॉलेज के चार डॉक्टरों को भी स्वाइन फ्लू होने की सूचना मिली है। इससे पूर्व राजधानी में स्वाइन फ्लू के मामलों में बढ़ोतरी के बीच दिल्ली सरकार ने पांच निजी अस्पतालों सहित कुल 22 अस्पतालों को इस बीमारी के शिकार मरीजों के इलाज के लिए अलग वार्ड बनाने का निर्देश दिया। स्वास्थ्य मंत्री एके वालिया ने बताया, जनवरी से स्वाइन फ्लू के कुल 60 मामले सामने आए हैं, जिनमें तीन व्यक्तियों की जान गई। उन्होंने बताया कि 17 सरकारी और पांच निजी अस्पतालों से कहा गया है कि वह स्वाइन फ्लू के मरीजों के इलाज के लिए आईसीयू सुविधाओं सहित तमाम जरूरी इंतजाम करें। अधिकारियों ने बताया कि वालिया ने अस्पतालों से खासतौर से कहा है कि वह अलग वार्डों में वेंटिलेटर तैयार रखें ताकि जरूरत पड़ने पर स्वाइन फ्लू के मरीजों को इनकी सुविधा मिल सके। वालिया ने स्वास्थ्य विभाग, राष्ट्रीय संक्रामक रोग संस्थान के शीर्ष अधिकारियों और संबद्ध सरकारी एवं निजी अस्पतालों के चिकित्सा अधीक्षकों के साथ एक बैठक में यह निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा, घबराने की कोई जरूरत नहीं है। जनता को इस बीमारी से बचाव और प्रबंधन के लिए एहतियात बरतना चाहिए। स्वास्थ्य मंत्री ने सभी अस्पतालों से नोडल अधिकारी की नियुक्ति करने को कहा ताकि स्वाइन फ्लू के पीड़ित मरीजों की हरसंभव सहायता की जा सके।टिप्पणियां स्वास्थ्य विभाग से कहा गया है कि वह स्वाइन फ्लू के उपचार से जुड़े दिशानिर्देश अपनी वेबसाइट पर अपलोड करे ताकि तमाम अस्पताल उसके अनुसार उपाय कर सकें। वालिया ने कहा कि एच1एन1 मामलों का परीक्षण राष्ट्रीय संक्रामक रोग संस्थान, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान और पटेल चेस्ट संस्थान में किया जाता है। इनके साथ ही पांच निजी प्रयोगशालाओं में भी यह सुविधा है। इससे पूर्व राजधानी में स्वाइन फ्लू के मामलों में बढ़ोतरी के बीच दिल्ली सरकार ने पांच निजी अस्पतालों सहित कुल 22 अस्पतालों को इस बीमारी के शिकार मरीजों के इलाज के लिए अलग वार्ड बनाने का निर्देश दिया। स्वास्थ्य मंत्री एके वालिया ने बताया, जनवरी से स्वाइन फ्लू के कुल 60 मामले सामने आए हैं, जिनमें तीन व्यक्तियों की जान गई। उन्होंने बताया कि 17 सरकारी और पांच निजी अस्पतालों से कहा गया है कि वह स्वाइन फ्लू के मरीजों के इलाज के लिए आईसीयू सुविधाओं सहित तमाम जरूरी इंतजाम करें। अधिकारियों ने बताया कि वालिया ने अस्पतालों से खासतौर से कहा है कि वह अलग वार्डों में वेंटिलेटर तैयार रखें ताकि जरूरत पड़ने पर स्वाइन फ्लू के मरीजों को इनकी सुविधा मिल सके। वालिया ने स्वास्थ्य विभाग, राष्ट्रीय संक्रामक रोग संस्थान के शीर्ष अधिकारियों और संबद्ध सरकारी एवं निजी अस्पतालों के चिकित्सा अधीक्षकों के साथ एक बैठक में यह निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा, घबराने की कोई जरूरत नहीं है। जनता को इस बीमारी से बचाव और प्रबंधन के लिए एहतियात बरतना चाहिए। स्वास्थ्य मंत्री ने सभी अस्पतालों से नोडल अधिकारी की नियुक्ति करने को कहा ताकि स्वाइन फ्लू के पीड़ित मरीजों की हरसंभव सहायता की जा सके।टिप्पणियां स्वास्थ्य विभाग से कहा गया है कि वह स्वाइन फ्लू के उपचार से जुड़े दिशानिर्देश अपनी वेबसाइट पर अपलोड करे ताकि तमाम अस्पताल उसके अनुसार उपाय कर सकें। वालिया ने कहा कि एच1एन1 मामलों का परीक्षण राष्ट्रीय संक्रामक रोग संस्थान, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान और पटेल चेस्ट संस्थान में किया जाता है। इनके साथ ही पांच निजी प्रयोगशालाओं में भी यह सुविधा है। स्वास्थ्य मंत्री एके वालिया ने बताया, जनवरी से स्वाइन फ्लू के कुल 60 मामले सामने आए हैं, जिनमें तीन व्यक्तियों की जान गई। उन्होंने बताया कि 17 सरकारी और पांच निजी अस्पतालों से कहा गया है कि वह स्वाइन फ्लू के मरीजों के इलाज के लिए आईसीयू सुविधाओं सहित तमाम जरूरी इंतजाम करें। अधिकारियों ने बताया कि वालिया ने अस्पतालों से खासतौर से कहा है कि वह अलग वार्डों में वेंटिलेटर तैयार रखें ताकि जरूरत पड़ने पर स्वाइन फ्लू के मरीजों को इनकी सुविधा मिल सके। वालिया ने स्वास्थ्य विभाग, राष्ट्रीय संक्रामक रोग संस्थान के शीर्ष अधिकारियों और संबद्ध सरकारी एवं निजी अस्पतालों के चिकित्सा अधीक्षकों के साथ एक बैठक में यह निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा, घबराने की कोई जरूरत नहीं है। जनता को इस बीमारी से बचाव और प्रबंधन के लिए एहतियात बरतना चाहिए। स्वास्थ्य मंत्री ने सभी अस्पतालों से नोडल अधिकारी की नियुक्ति करने को कहा ताकि स्वाइन फ्लू के पीड़ित मरीजों की हरसंभव सहायता की जा सके।टिप्पणियां स्वास्थ्य विभाग से कहा गया है कि वह स्वाइन फ्लू के उपचार से जुड़े दिशानिर्देश अपनी वेबसाइट पर अपलोड करे ताकि तमाम अस्पताल उसके अनुसार उपाय कर सकें। वालिया ने कहा कि एच1एन1 मामलों का परीक्षण राष्ट्रीय संक्रामक रोग संस्थान, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान और पटेल चेस्ट संस्थान में किया जाता है। इनके साथ ही पांच निजी प्रयोगशालाओं में भी यह सुविधा है। अधिकारियों ने बताया कि वालिया ने अस्पतालों से खासतौर से कहा है कि वह अलग वार्डों में वेंटिलेटर तैयार रखें ताकि जरूरत पड़ने पर स्वाइन फ्लू के मरीजों को इनकी सुविधा मिल सके। वालिया ने स्वास्थ्य विभाग, राष्ट्रीय संक्रामक रोग संस्थान के शीर्ष अधिकारियों और संबद्ध सरकारी एवं निजी अस्पतालों के चिकित्सा अधीक्षकों के साथ एक बैठक में यह निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा, घबराने की कोई जरूरत नहीं है। जनता को इस बीमारी से बचाव और प्रबंधन के लिए एहतियात बरतना चाहिए। स्वास्थ्य मंत्री ने सभी अस्पतालों से नोडल अधिकारी की नियुक्ति करने को कहा ताकि स्वाइन फ्लू के पीड़ित मरीजों की हरसंभव सहायता की जा सके।टिप्पणियां स्वास्थ्य विभाग से कहा गया है कि वह स्वाइन फ्लू के उपचार से जुड़े दिशानिर्देश अपनी वेबसाइट पर अपलोड करे ताकि तमाम अस्पताल उसके अनुसार उपाय कर सकें। वालिया ने कहा कि एच1एन1 मामलों का परीक्षण राष्ट्रीय संक्रामक रोग संस्थान, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान और पटेल चेस्ट संस्थान में किया जाता है। इनके साथ ही पांच निजी प्रयोगशालाओं में भी यह सुविधा है। वालिया ने स्वास्थ्य विभाग, राष्ट्रीय संक्रामक रोग संस्थान के शीर्ष अधिकारियों और संबद्ध सरकारी एवं निजी अस्पतालों के चिकित्सा अधीक्षकों के साथ एक बैठक में यह निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा, घबराने की कोई जरूरत नहीं है। जनता को इस बीमारी से बचाव और प्रबंधन के लिए एहतियात बरतना चाहिए। स्वास्थ्य मंत्री ने सभी अस्पतालों से नोडल अधिकारी की नियुक्ति करने को कहा ताकि स्वाइन फ्लू के पीड़ित मरीजों की हरसंभव सहायता की जा सके।टिप्पणियां स्वास्थ्य विभाग से कहा गया है कि वह स्वाइन फ्लू के उपचार से जुड़े दिशानिर्देश अपनी वेबसाइट पर अपलोड करे ताकि तमाम अस्पताल उसके अनुसार उपाय कर सकें। वालिया ने कहा कि एच1एन1 मामलों का परीक्षण राष्ट्रीय संक्रामक रोग संस्थान, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान और पटेल चेस्ट संस्थान में किया जाता है। इनके साथ ही पांच निजी प्रयोगशालाओं में भी यह सुविधा है। उन्होंने कहा, घबराने की कोई जरूरत नहीं है। जनता को इस बीमारी से बचाव और प्रबंधन के लिए एहतियात बरतना चाहिए। स्वास्थ्य मंत्री ने सभी अस्पतालों से नोडल अधिकारी की नियुक्ति करने को कहा ताकि स्वाइन फ्लू के पीड़ित मरीजों की हरसंभव सहायता की जा सके।टिप्पणियां स्वास्थ्य विभाग से कहा गया है कि वह स्वाइन फ्लू के उपचार से जुड़े दिशानिर्देश अपनी वेबसाइट पर अपलोड करे ताकि तमाम अस्पताल उसके अनुसार उपाय कर सकें। वालिया ने कहा कि एच1एन1 मामलों का परीक्षण राष्ट्रीय संक्रामक रोग संस्थान, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान और पटेल चेस्ट संस्थान में किया जाता है। इनके साथ ही पांच निजी प्रयोगशालाओं में भी यह सुविधा है। स्वास्थ्य विभाग से कहा गया है कि वह स्वाइन फ्लू के उपचार से जुड़े दिशानिर्देश अपनी वेबसाइट पर अपलोड करे ताकि तमाम अस्पताल उसके अनुसार उपाय कर सकें। वालिया ने कहा कि एच1एन1 मामलों का परीक्षण राष्ट्रीय संक्रामक रोग संस्थान, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान और पटेल चेस्ट संस्थान में किया जाता है। इनके साथ ही पांच निजी प्रयोगशालाओं में भी यह सुविधा है। वालिया ने कहा कि एच1एन1 मामलों का परीक्षण राष्ट्रीय संक्रामक रोग संस्थान, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान और पटेल चेस्ट संस्थान में किया जाता है। इनके साथ ही पांच निजी प्रयोगशालाओं में भी यह सुविधा है।
संक्षिप्त सारांश: स्वाइन फ्लू एक बार फिर पांव पसार रहा है। हरियाणा के करनाल में चार लोगों की मौत हो गई है। चंडीगढ़ के मेडिकल कॉलेज के चार डॉक्टरों को भी स्वाइन फ्लू होने की सूचना मिली है।
23
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने सोमवार को कहा कि क्योंकि प्रदूषण (Pollution) का स्तर कम हो गया है, इसलिए दिल्ली में अब वाहनों के लिए सम-विषम योजना की कोई आवश्यकता नहीं है. दिल्ली सरकार ने शहर की वायु गुणवत्ता के ‘‘गंभीर श्रेणी'' में पहुंच जाने के चलते चार नवंबर से इस योजना को लागू किया था. योजना 15 नवंबर को खत्म हो गई. तब केजरीवाल ने कहा था कि जरूरत पड़ने पर इसे विस्तारित किया जा सकता है और इस बारे में अंतिम निर्णय सोमवार को किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘आसमान अब साफ है, इसकी (योजना की) कोई आवश्यकता नहीं है.'' योजना के दौरान नियम का उल्लंघन करने पर पांच हजार से अधिक लोगों पर चार-चार हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया.  दिल्ली में सोमवार को वायु गुणवत्ता में थोड़ा सुधार हुआ, लेकिन लगातार दूसरे दिन यह ‘‘खराब'' श्रेणी में रही. सोमवार सुबह नौ बजे राष्ट्रीय राजधानी में वायु गुणवत्ता सूचकांक 207 रहा. रविवार सुबह नौ बजे यह 254 था.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सीएम केजरीवाल ने कहा- कम हुआ प्रदूषण का स्तर अब ऑड-ईवन की जरूरत नहीं: सीएम केजरीवाल नियम का उल्लंघन करने पर 5000 से अधिक लोगों पर लगा था जुर्माना
25
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: साल 2008 में मुंबई पर हुए आतंकवादी हमले के मामले में मुकदमा चला रही पाकिस्तान की आतंकवाद निरोधक अदालत ने सात संदिग्धों के वकीलों के न्यायाधीश के समक्ष उपस्थित होने में विफल रहने के बाद मामले की सुनवाई एक पखवाड़े के लिए मंगलवार को स्थगित कर दी। सूत्रों ने बताया कि बचाव पक्ष के मुख्य वकील ख्वाजा सुल्तान बीमार थे जबकि अन्य वकील रावलपिंडी के अडियाला जेल में चल रही मामले की सुनवाई के दौरान आतंकवाद निरोधी अदालत के न्यायाधीश शाहिद रफीक के समक्ष उपस्थित नहीं हुए। संघीय जांच एजेंसी ने एक आवेदन देकर न्यायाधीश से अनुरोध किया कि वह एक अधिकारी को नामित करें जो पाकिस्तानी न्यायिक आयोग के साथ अदालत की कार्यवाही के रिकॉर्ड भारत ले जाए। सूत्रों ने बताया कि न्यायाधीश ने कहा कि वह जल्द ही इस संबंध में आदेश देंगे। न्यायाधीश ने इसके बाद अदालत की कार्यवाही 17 जनवरी तक स्थगित कर दी। न्यायिक आयोग महत्वपूर्ण कानूनी और पुलिस अधिकारियों का बयान दर्ज करने के लिए भारत जाने को तैयार है। ये अधिकारी मुंबई हमले में शामिल एकमात्र जिंदा बचे आतंकवादी अजमल कसाब का इकबालिया बयान दर्ज करने और साल 2008 में हुए हमले की जांच करने से जुड़े हैं। गत 17 दिसंबर को पिछली सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकीलों ने अदालत को सूचित किया था कि उनमें से पांच न्यायिक आयोग के साथ भारत जाने को तैयार हैं। पाकिस्तान अधिकारियों ने कहा है कि पाकिस्तान में मामले को आगे बढ़ाने के लिए आयोग का भारत जाना अपरिहार्य है। पाकिस्तान में यह मामला अवरूद्ध हो चुका है। लश्कर-ए-तय्यबा के कमांडर जकीउर रहमान लखवी समेत सात संदिग्धों पर मुंबई हमले की योजना बनाने, उसके लिए वित्तपोषण करने और सुविधा मुहैया कराने का आरोप है। गौरतलब है कि मुंबई हमले को 10 आतंकवादियों ने अंजाम दिया था।
अदालत ने सात संदिग्धों के वकीलों के न्यायाधीश के समक्ष उपस्थित होने में विफल रहने के बाद मामले की सुनवाई एक पखवाड़े के लिए मंगलवार को स्थगित कर दी।
34
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को मिली जीत के बाद पहली बार राहुल गांधी राजधानी रायपुर पहुंचे. राहुल ने यहां किसान आभार सम्मेलन में हिस्सा लिया. इस कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने एक आम जनसभा को भी संबोधित किया. उन्होंने कहा कि तीन राज्यों में मिली जीत के बाद तय हो गया कि देश में मोदी सरकार के खिलाफ नाराजगी है. 2019 के चुनाव पर चर्चा के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष ने जनता से कहा कि अब हम वो करने जा रहे हैं जो दुनिया में आजतक किसी भी सरकार ने नहीं किया होगा. उन्होंने कहा कि 2019 में कांग्रेस पार्टी की सरकार देश में हर नागरिक को न्यूनतम आमदनी की गारंटी देगी. इस दौरान राहुल ने कई मुद्दों पर छत्तीसगढ़ की पूर्व बीजेपी सरकार और केंद्र की मौजूदा मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा.   किसानों के कर्जमाफी पर राहुल गांधी ने कहा कि जब हम विपक्ष में थे तो हमने गरीबों के लिए आवाज उठाई किसानों के लिए बात की. किसानों के कर्जा की बात कही तो सरकार ने कहा कि पैसा नहीं है. सिर्फ छत्तीसगढ़ में नहीं बल्कि मध्य प्रदेश में भी हमने शिवराज सिंह से भी यहीं बात कही तो उन्होंने भी कहा कि पैसा नहीं है उधर केंद्र में मोदी सरकार भी चुप रहते हैं. हमने उनसे पूछा कि देश के उद्योगपतियों के लिए खजाना खोल दिया जाता है. वो करोड़ों लेते हैं और फिर कहीं गायब हो जाते हैं.  राहुल गांधी ने कहा छत्तीसगढ़ में बीजेपी के नेता 15 साल में नहीं कर पाए हमनें उसे 24 घंटे में कर दिया. राहुल गांधी ने कहा कि प्लानिंग होती है और कमिटमेंट होता है. हमने जनता से 10 दिनों की बात कही थी लेकिन भूपेश बघेल और मेरे बीच में बात हुई थी कि 2 दिन में किसानों का कर्जा माफ करना है. और हमने 24 घंटे में ऐसा कर दिखाया. जब हम विपक्ष में थे तो हमने गरीबों के लिए आवाज उठाई किसानों के लिए बात की. किसानों के कर्जा की बात कही तो सरकार ने कहा कि पैसा नहीं है. सिर्फ छत्तीसगढ़ में नहीं बल्कि मध्य प्रदेश में भी हमने शिवराज सिंह से भी यहीं बात कही तो उन्होंने भी कहा कि पैसा नहीं है उधर केंद्र में मोदी सरकार भी चुप रहते हैं. हमने उनसे पूछा कि देश के उद्योगपतियों के लिए खजाना खोल दिया जाता है.  राफेल मामले का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि मैं राफेल हवाई जहाज हिंदुस्तान में नहीं बनेगा. रोजगार हिंदुस्तान के युवाओं को नहीं मिला. और एक राफेल का दाम 1600 करोड़ रुपये भारत सरकार चुकाएगी. मोदी सरकार चाहती है कि गरीब आधी आधी रोटी खाए और अनिल अंबानी ज्यादा पैसा कमाए. ऐसा हिंदुस्तान हम नहीं बनने देंगे, चाहे कुछ भी हो जाए. भाषण की शुरुआत में राहुल गांधी ने कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं का धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं को मन से और दिल से धन्यवाद देता हूं. विचारधारा की लड़ाई में आपने पार्टी का साथ दिया. आपने अपना खून अपना पसीना संगठन को दिया.
सारांश: रायपुर के किसान अब्बर सम्मेलन में शिरकत करने पहुंचे राहुल गांधी कृषि ऋणमुक्ति कार्यक्रम में हुए शामिल मोदी सरकार पर जमकर साधा निशाना
31
['hin']
एक सारांश बनाओ: ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट शृंखला में 0-4 की हार के दौरान जुझारूपन दिखाने में नाकाम रहने के लिए आलोचना का शिकार भारतीय क्रिकेट टीम का बचाव करने का प्रयास करते हुए कार्यवाहक कप्तान वीरेंद्र सहवाग ने कहा कि प्रत्येक अंतरराष्ट्रीय टीम को इस तरह की दुर्दशा का सामना करना पड़ता है। एडिलेड ओवल में टीम के 298 रन की शिकस्त के साथ शृंखला 0-4 से गंवाने के बाद सहवाग ने प्रशंसकों और मीडिया से अपील की कि वे उस समय टीम का समर्थन करें, जब वे मुश्किल में हैं। पिछले साल इंग्लैंड के बाद अब ऑस्ट्रेलिया के हाथों शिकस्त के साथ लगातार दो विदेशी शृंखलाओं के क्लीनस्वीप के बाद सहवाग ने कहा, ‘‘अगर आप देखें, तो ऑस्ट्रेलिया के साथ भी ऐसा ही हुआ, वे एशेज हार गए और दक्षिण अफ्रीका में सिर्फ 47 रन पर ढेर हो गए। यह प्रत्येक टीम के साथ होता है।’’टिप्पणियां भारत के कार्यवाहक कप्तान ने कहा, ‘‘वे (प्रशंसक और मीडिया) हमारे प्रदर्शन से नाराज होंगे, मैं इससे सहमत हूं। लेकिन यह ऐसा समय है, जब प्रशसंकों को टीम और खिलाड़ियों का समर्थन करना चाहिए। यह ऐसा समय है, जब हमें प्रशंसकों के समर्थन की जरूरत है और सभी को टीम का समर्थन करना चाहिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जब हमने विश्व कप जीता तो सभी खुश थे और टीम इंडिया का उत्साह बढ़ा रहे थे। इस समय हमें समर्थन की जरूरत है। सभी मीडिया ऐसा करता है, भले ही वह इंग्लैंड हो, दक्षिण अफ्रीका या ऑस्ट्रेलिया। वे इस तरह से आलोचना करते हैं कि खिलाड़ियों का मनोबल नहीं गिरे। वे इस तरह से आलोचना नहीं करते कि लेख पढ़ने और टीवी देखने के बाद टीम और खिलाड़ी का मनोबल गिरे।’’ एडिलेड ओवल में टीम के 298 रन की शिकस्त के साथ शृंखला 0-4 से गंवाने के बाद सहवाग ने प्रशंसकों और मीडिया से अपील की कि वे उस समय टीम का समर्थन करें, जब वे मुश्किल में हैं। पिछले साल इंग्लैंड के बाद अब ऑस्ट्रेलिया के हाथों शिकस्त के साथ लगातार दो विदेशी शृंखलाओं के क्लीनस्वीप के बाद सहवाग ने कहा, ‘‘अगर आप देखें, तो ऑस्ट्रेलिया के साथ भी ऐसा ही हुआ, वे एशेज हार गए और दक्षिण अफ्रीका में सिर्फ 47 रन पर ढेर हो गए। यह प्रत्येक टीम के साथ होता है।’’टिप्पणियां भारत के कार्यवाहक कप्तान ने कहा, ‘‘वे (प्रशंसक और मीडिया) हमारे प्रदर्शन से नाराज होंगे, मैं इससे सहमत हूं। लेकिन यह ऐसा समय है, जब प्रशसंकों को टीम और खिलाड़ियों का समर्थन करना चाहिए। यह ऐसा समय है, जब हमें प्रशंसकों के समर्थन की जरूरत है और सभी को टीम का समर्थन करना चाहिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जब हमने विश्व कप जीता तो सभी खुश थे और टीम इंडिया का उत्साह बढ़ा रहे थे। इस समय हमें समर्थन की जरूरत है। सभी मीडिया ऐसा करता है, भले ही वह इंग्लैंड हो, दक्षिण अफ्रीका या ऑस्ट्रेलिया। वे इस तरह से आलोचना करते हैं कि खिलाड़ियों का मनोबल नहीं गिरे। वे इस तरह से आलोचना नहीं करते कि लेख पढ़ने और टीवी देखने के बाद टीम और खिलाड़ी का मनोबल गिरे।’’ भारत के कार्यवाहक कप्तान ने कहा, ‘‘वे (प्रशंसक और मीडिया) हमारे प्रदर्शन से नाराज होंगे, मैं इससे सहमत हूं। लेकिन यह ऐसा समय है, जब प्रशसंकों को टीम और खिलाड़ियों का समर्थन करना चाहिए। यह ऐसा समय है, जब हमें प्रशंसकों के समर्थन की जरूरत है और सभी को टीम का समर्थन करना चाहिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जब हमने विश्व कप जीता तो सभी खुश थे और टीम इंडिया का उत्साह बढ़ा रहे थे। इस समय हमें समर्थन की जरूरत है। सभी मीडिया ऐसा करता है, भले ही वह इंग्लैंड हो, दक्षिण अफ्रीका या ऑस्ट्रेलिया। वे इस तरह से आलोचना करते हैं कि खिलाड़ियों का मनोबल नहीं गिरे। वे इस तरह से आलोचना नहीं करते कि लेख पढ़ने और टीवी देखने के बाद टीम और खिलाड़ी का मनोबल गिरे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जब हमने विश्व कप जीता तो सभी खुश थे और टीम इंडिया का उत्साह बढ़ा रहे थे। इस समय हमें समर्थन की जरूरत है। सभी मीडिया ऐसा करता है, भले ही वह इंग्लैंड हो, दक्षिण अफ्रीका या ऑस्ट्रेलिया। वे इस तरह से आलोचना करते हैं कि खिलाड़ियों का मनोबल नहीं गिरे। वे इस तरह से आलोचना नहीं करते कि लेख पढ़ने और टीवी देखने के बाद टीम और खिलाड़ी का मनोबल गिरे।’’
सारांश: भारतीय टीम का बचाव करने का प्रयास करते हुए कार्यवाहक कप्तान वीरेंद्र सहवाग ने कहा कि प्रत्येक टीम को इस तरह की दुर्दशा का सामना करना पड़ता है।
5
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: टिप्पणियां सचिन से अपनी मुलाकात के बारे में अजय बताते हैं, "मैं उनसे अभी कुछ दिनों पहले मिला था. उन्होंने कहा था कि अच्छा खेलें. हमारी टीम में युवा ज्यादा हैं. दबाव में नहीं खेलें. हार-जीत चलती रहती है. खेल है, ऐसा चलता रहेगा. बस आप दिल लगा के खेलिए. उन्होंने अपने करियर के बारे में बताया कि कैसे उन्होंने शुरुआत की और कैसे करियर को आगे बढ़ाया."(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सचिन से अपनी मुलाकात के बारे में अजय बताते हैं, "मैं उनसे अभी कुछ दिनों पहले मिला था. उन्होंने कहा था कि अच्छा खेलें. हमारी टीम में युवा ज्यादा हैं. दबाव में नहीं खेलें. हार-जीत चलती रहती है. खेल है, ऐसा चलता रहेगा. बस आप दिल लगा के खेलिए. उन्होंने अपने करियर के बारे में बताया कि कैसे उन्होंने शुरुआत की और कैसे करियर को आगे बढ़ाया."(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यहाँ एक सारांश है:तमिल थलाइवाज के कप्तान हैं अजय ठाकुर इस टीम के सह मालिक हैं सचिन तेंदुलकर टीम पहली बार ले रही है पीकेएल में हिस्‍सा
4
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: लापता विमान 'एमएच370' के सिग्नल्स की जांच करने वाले ऑस्ट्रेलियाई रक्षा वैज्ञानिकों ने खुलासा किया है कि बोइंग 777 पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के तट से दूर हिंद महासागर में गिरने से पहले बेहद तेजी से गिरा था. ऑस्ट्रेलियाई मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, डाटा विश्लेषण और अन्य जांच से पता चला है कि संभवत: 8 मार्च, 2014 को विमान का इंजन फेल हो चुका था, जिसके बाद वह आकाश से 20,000 फीट प्रति मिनट की रफ्तार से गिरने लगा. आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि 'एमएच370' हिंद महासागर में आकाश से गिरा था.टिप्पणियां 'एमएच370' ने कुआलालंपुर से बीजिंग के लिए उड़ान भरी थी. विमान 8 मार्च, 2014 को लापता हो गया था. उसमें 239 यात्री और चालक दल के सदस्य सवार थे. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) ऑस्ट्रेलियाई मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, डाटा विश्लेषण और अन्य जांच से पता चला है कि संभवत: 8 मार्च, 2014 को विमान का इंजन फेल हो चुका था, जिसके बाद वह आकाश से 20,000 फीट प्रति मिनट की रफ्तार से गिरने लगा. आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि 'एमएच370' हिंद महासागर में आकाश से गिरा था.टिप्पणियां 'एमएच370' ने कुआलालंपुर से बीजिंग के लिए उड़ान भरी थी. विमान 8 मार्च, 2014 को लापता हो गया था. उसमें 239 यात्री और चालक दल के सदस्य सवार थे. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) 'एमएच370' ने कुआलालंपुर से बीजिंग के लिए उड़ान भरी थी. विमान 8 मार्च, 2014 को लापता हो गया था. उसमें 239 यात्री और चालक दल के सदस्य सवार थे. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सारांश: एमएच370' ने कुआलालंपुर से बीजिंग के लिए उड़ान भरी थी. उसमें 239 यात्री और चालक दल के सदस्य सवार थे. यह विमान 8 मार्च, 2014 को लापता हो गया था.
20
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिका के संरक्षणवादी रवैये से चिंतित वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने कहा कि यदि अमेरिका भारत में आउटसोर्सिंग के जरिए रोजगार के अवसर रोक लगाता है तो इससे दोनों देश की अर्थव्यवस्थाओं को नुकसान होगा।टिप्पणियां अमेरिका यात्रा पर आए मुखर्जी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘यदि अमेरिका भारत में रोजगार की आउटसोर्सिंग पर रोक लगाता है तो काफी हद तक दोनों ही अर्थव्यवस्थाएं प्रभावित होंगी।’’ अपनी दो दिवसीय यात्रा के अंतिम दिन मुखर्जी ने कहा कि सभी देश अपनी जरूरतों के मुताबिक नीति अपनाने को लेकर स्वतंत्र हैं, लेकिन यह नीतियां संरक्षणवाद को बढ़ावा देने वाली नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) भी वैश्विक स्तर पर वस्तुओं और सेवाओं की मुक्त आवाजाही पर काम कर रहा है। गौरतलब है कि अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने हाल ही में अमेरिका में रोजगार सृजन करने वाली कंपनियों को बड़ी कर राहत प्रदान करने और विदेशों से काम कराने वाली कंपनियों पर अधिक कर लगाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा, ‘‘संरक्षणवाद से अंतत: उस देश को फायदा नहीं पहुंचता है, जो इस रास्ते पर चलते हैं।’’ उन्होंने कहा ‘‘संरक्षवाद से बचने में ही भलाई है और मुझे विश्वास है कि देश इस रास्ते पर नहीं बढ़ेंगे।’’ मुखर्जी ने कहा कि शुल्कों में कमी और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के उदार बनाए जाने से उच्च वृद्धि को बढ़ावा मिला है। उन्होंने सामान एवं वस्तुओं के मुक्त व्यापार और इनके रासते में आने वाले तमाम शुल्क और गैर.शुल्कीय बाधाओं को दूर करने पर जोर दिया। ऐसे उपायों से सभी को वांछित परिणाम मिले हैं। अमेरिका यात्रा पर आए मुखर्जी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘यदि अमेरिका भारत में रोजगार की आउटसोर्सिंग पर रोक लगाता है तो काफी हद तक दोनों ही अर्थव्यवस्थाएं प्रभावित होंगी।’’ अपनी दो दिवसीय यात्रा के अंतिम दिन मुखर्जी ने कहा कि सभी देश अपनी जरूरतों के मुताबिक नीति अपनाने को लेकर स्वतंत्र हैं, लेकिन यह नीतियां संरक्षणवाद को बढ़ावा देने वाली नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) भी वैश्विक स्तर पर वस्तुओं और सेवाओं की मुक्त आवाजाही पर काम कर रहा है। गौरतलब है कि अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने हाल ही में अमेरिका में रोजगार सृजन करने वाली कंपनियों को बड़ी कर राहत प्रदान करने और विदेशों से काम कराने वाली कंपनियों पर अधिक कर लगाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा, ‘‘संरक्षणवाद से अंतत: उस देश को फायदा नहीं पहुंचता है, जो इस रास्ते पर चलते हैं।’’ उन्होंने कहा ‘‘संरक्षवाद से बचने में ही भलाई है और मुझे विश्वास है कि देश इस रास्ते पर नहीं बढ़ेंगे।’’ मुखर्जी ने कहा कि शुल्कों में कमी और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के उदार बनाए जाने से उच्च वृद्धि को बढ़ावा मिला है। उन्होंने सामान एवं वस्तुओं के मुक्त व्यापार और इनके रासते में आने वाले तमाम शुल्क और गैर.शुल्कीय बाधाओं को दूर करने पर जोर दिया। ऐसे उपायों से सभी को वांछित परिणाम मिले हैं। उन्होंने कहा कि विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) भी वैश्विक स्तर पर वस्तुओं और सेवाओं की मुक्त आवाजाही पर काम कर रहा है। गौरतलब है कि अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने हाल ही में अमेरिका में रोजगार सृजन करने वाली कंपनियों को बड़ी कर राहत प्रदान करने और विदेशों से काम कराने वाली कंपनियों पर अधिक कर लगाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा, ‘‘संरक्षणवाद से अंतत: उस देश को फायदा नहीं पहुंचता है, जो इस रास्ते पर चलते हैं।’’ उन्होंने कहा ‘‘संरक्षवाद से बचने में ही भलाई है और मुझे विश्वास है कि देश इस रास्ते पर नहीं बढ़ेंगे।’’ मुखर्जी ने कहा कि शुल्कों में कमी और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के उदार बनाए जाने से उच्च वृद्धि को बढ़ावा मिला है। उन्होंने सामान एवं वस्तुओं के मुक्त व्यापार और इनके रासते में आने वाले तमाम शुल्क और गैर.शुल्कीय बाधाओं को दूर करने पर जोर दिया। ऐसे उपायों से सभी को वांछित परिणाम मिले हैं।
संक्षिप्त सारांश: वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने कहा कि यदि अमेरिका भारत में आउटसोर्सिंग के जरिए रोजगार के अवसर रोक लगाता है तो इससे दोनों देश की अर्थव्यवस्थाओं को नुकसान होगा।
10
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: एनडीटीवी-निर्मल लाइफस्टाइल की 'मुहिम मार्क्स फॉर स्पोर्ट्स' में कई फिल्मी और खेल सितारों ने अपनी भागेदारी निभाई।टिप्पणियां इस आयोजन के तहत 'फिट इंडिया डे' मनाया गया। इस अभियान के तहत भागेदारी करने वाले सभी लोगों ने माना कि स्कूली स्तर पर ही खेलों को प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए। बच्चों को खेलों में उल्लेखनीय प्रदर्शन करने के लिए अतिरिक्त नंबर दिए जाने चाहिए। इस आयोजन के तहत 'फिट इंडिया डे' मनाया गया। इस अभियान के तहत भागेदारी करने वाले सभी लोगों ने माना कि स्कूली स्तर पर ही खेलों को प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए। बच्चों को खेलों में उल्लेखनीय प्रदर्शन करने के लिए अतिरिक्त नंबर दिए जाने चाहिए। इस अभियान के तहत भागेदारी करने वाले सभी लोगों ने माना कि स्कूली स्तर पर ही खेलों को प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए। बच्चों को खेलों में उल्लेखनीय प्रदर्शन करने के लिए अतिरिक्त नंबर दिए जाने चाहिए।
यह एक सारांश है: एनडीटीवी-निर्मल लाइफस्टाइल की 'मुहिम मार्क्स फॉर स्पोर्ट्स' में कई फिल्मी और खेल सितारों ने अपनी भागेदारी निभाई।
16
['hin']
एक सारांश बनाओ: 'दिल बदतमीज हो गईल' (Dil Badtameez Ho Gayil) खेसारी लाल यादव (Khesari Lal Yadav) की भोजपुरी फिल्म 'संघर्ष (Sangharsh)' का गाना है. इस फिल्म ने  बॉक्स ऑफिस पर झंडे गाड़े थे. इस गाने में काजल राघवानी (Kajal Raghwani) के खेसारी लाल यादव की जोड़ी को खूब पसंद किया गया है. भोजपुरी फिल्म 'संघर्ष' की कहानी को पसंद किया गया तो उसके सॉन्ग भी उतने ही लोकप्रिय रहे. 'संघर्ष' में खेसारी लाल यादव ने उम्र के दो पड़ाव दिखाए थे जिसमें वे जवान और बूढ़े बने थे. अब खेसारी लाल यादव और काजल राघवानी की 'संघर्ष' के गाने यूट्यूब पर आने शुरू हो गए हैं और ये खूब धूम मचा रहे हैं.     भोजपुरी फिल्म (Bhojpuri Film) 'संघर्ष' का सॉन्ग 'दिल बदतमीज हो गईल' पिछले साल सितंबर के महीने में ' यूट्यूब पर रिलीज हुआ था और रिलीज होते ही इस सॉन्ग ने धमाल काट दिया था. खेसारी लाल यादव (Khesari Lal Yadav) और काजल राघवानी (Kajal Raghwani) के 'दिल बदतमीज हो गईल (Dil Badtameez Ho Gayil)' को 'हग डे' (Hug Day) पर अब तक 6 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है. इस सॉन्ग में खेसारी लाल यादव काजल राघवानी के ख्यालों में खोए हुए हैं, और काजल के चक्कर में वे एक बुजुर्ग शख्स को ही गोद में उठा लेते हैं. खेसारी का यह गाना काफी कमाल है, इसमें काजल राघवानी के एटीट्यूड को देखा जा सकता है. भोजपुरी फिल्म 'संघर्ष' के इस सॉन्ग को खेसारी लाल यादव (Khesari Lal Yadav) ने गाया है और इसके लिरिक्स आजाद सिंह के हैं. 'दिल बदतमीज हो गईल' का म्यूजिक धनंजय मिश्रा ने दिया है. फिल्म के डायरेक्टर पराग पाटिल है.
खेसारी लाल यादव ने काजल राघवानी संग उड़ाया गरदा उनका रोमांटिक सॉन्ग हो गया वायरल खेसारी लाल यादव और काजल राघवानी की खूब जमी जोड़ी
26
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने नर्स भंवरी देवी के लापता होने के मामले में कथित संलिप्तता के कारण बढ़ती आलोचना के मद्देनजर जल संसाधन मंत्री महिपाल मदेरणा को मंत्रिमंडल से हटा दिया है। भंवरी एक सितम्बर से लापता है। इस बीच, मदेरणा इस प्रकरण पर पार्टी के केंद्रीय नेताओं के समक्ष अपना पक्ष रखने के लिए रविवार को दिल्ली रवाना हुए। इससे पहले राज्य सरकार ने इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने का आदेश दिया था। सीबीआई ने 11 अक्टूबर को यह मामला अपने हाथ में लिया था। ज्ञात हो कि एक सरकारी अस्पताल में नर्स भंवरी देवी 25 अगस्त से ही अपनी ड्यूटी से गैरहाजिर है। उसने कुछ दिनों के लिए घर जाने की बात कही थी। वह एक सितम्बर से ही लापता है। उसके पति ने अगले दिन शिकायत दर्ज करवाई थी। उसने मदेरणा पर भंवरी का अपहरण, उसका बलात्कार और हत्या करवाने का आरोप लगाया है। सूत्रों का कहना है कि गहलोत ने मदेरणा को हटाने का निर्णय उच्च न्यायालय के यह कहने के बाद लिया कि राज्य सरकार इस मामले के प्रति गंभीर नहीं है। राजस्थान उच्च न्यायालय ने पुलिस से स्पष्टीकरण मांगा था कि इस प्रकरण में जिन लोगों के नाम दर्ज हैं, उन सभी से पूछताछ क्यों नहीं की गई। एक सीडी में भंवरी देवी को राज्य के मंत्री महिपाल मदेरणा के साथ कथित रूप से आपत्तिजनक अवस्था में दिखाया गया है। अदालत ने स्पष्टीकरण तब मांगा जब भंवरी के पति अमरचंद के वकील ने प्राथमिक सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) में नाम दर्ज होने के बावजूद मदेरणा से अभी तक पूछताछ नहीं किए जाने पर आपत्ति उठाई। एफआईआर में भंवरी देवी के साथ बलात्कार, अपहरण और उसकी हत्या का आरोप लगाया गया है। अमरचंद के आरोपों के मद्देनजर अदालत ने पुलिस से पूछा था कि इस मामले में राज्य के कैबिनेट मंत्री की भूमिका की जांच क्यों नहीं की गई।
संक्षिप्त सारांश: मुख्यमंत्री ने भंवरी देवी के लापता होने के मामले में कथित संलिप्तता के कारण बढ़ती आलोचना के मद्देनजर जल संसाधन मंत्री मदेरणा को हटा दिया है।
0
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: केंद्रीय रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने चार नई श्रेणियों के रेलगाड़ी की घोषणा की, जिसमें एक अनारक्षित श्रेणी के यात्रियों के लिए है और तीन रेलगाड़ियां आरक्षित श्रेणी के तहत होंगी. ये रेलगाड़ियां अगले कुछ महीने में संचालित होंगी. प्रभु ने कहा, 'अनारक्षित श्रेणी के तहत नई रेलगाड़ी चलाने का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि ‘अंत्योदय श्रेणी’ के लोग भी रेलगाड़ी से सफर कर सकें.' नगर के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन रेलवे और एमएस यूनिवर्सिटी ऑफ बड़ौदा के बीच गुजरात के उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल की मौजूदगी में सहमति पत्र पर दस्तखत होने के अवसर पर मंत्री बोल रहे थे. उन्होंने कहा, 'यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दृष्टिकोण है कि इस (अंत्योदय) श्रेणी के लोगों को यात्रा की सुविधा मुहैया कराई जाए.' प्रभु ने कहा, 'अंत्योदय एक्सप्रेस लंबी दूरी की, पूरी तरह अनारक्षित, सुपर फास्ट ट्रेन सेवा है, जिसे आम आदमी के लिए शुरू किया जा रहा है और यह भीड़भाड़ वाले मार्ग पर चलाई जाएगी.' मंत्री के मुताबिक रेलवे लंबी दूरी की रेलगाड़ियों में दो से चार ‘दीन दयालु’ कोच भी जोड़ेगी, ताकि अनारक्षित श्रेणी के ज्यादा यात्री सफर कर सकेंगे. प्रभु ने कहा, 'दूसरी रेलगाड़ियां हमसफर हैं, जो पूरी तरह थर्ड एसी रेलगाड़ी है. तेजस श्रेणी की रेलगाड़ियां 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी, जिसमें स्थानीय व्यंजन, वाई-फाई और अन्य सुविधाएं मिलेंगी.' मंत्री ने कहा, 'अंतिम श्रेणी की रेलगाड़ी है उदय (उत्कृष्ट डबल डेकर एयर कंडीशंड यात्री) जो रात में चलने वाली रेलगाड़ियां हैं और यह भीड़भाड़ वाले मार्ग पर चलेंगी, जिससे 40 फीसदी तक क्षमता बढ़ेगी.' उन्होंने कहा, 'यह पूरे देश में रेल की सेवा बढ़ाने का प्रयास है. रेल मंत्रालय नहीं चाहता कि राज्य के मुख्यमंत्री रेल बजट पेश करने की पूर्व संध्या पर नई दिल्ली आएं ताकि बजट में उनके राज्य की मांग को शामिल किया जा सके.' बीजेपी नेता ने कहा, 'अब रेल मंत्रालय सभी राज्य सरकारों से संपर्क कर रहा है, ताकि रेलवे से हाथ मिलाकर संयुक्त रूप से कंपनियां शुरू करें जो संबंधित राज्यों में परियोजनाओं को लागू कर सकें.'टिप्पणियां प्रभु ने कहा कि वडोदरा और अहमदाबाद के बीच विशेष रेलगाड़ी का नाम ‘संकल्प एक्सप्रेस’ होगा. विशेष रेलगाड़ी को वडोदरा के सांसद रंजनबेन भट्ट और गुजरात के मंत्री राजेंद्र त्रिवेदी ने रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के मौजूदगी में 14 अगस्त को हरी झंडी दिखाई थी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) प्रभु ने कहा, 'अनारक्षित श्रेणी के तहत नई रेलगाड़ी चलाने का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि ‘अंत्योदय श्रेणी’ के लोग भी रेलगाड़ी से सफर कर सकें.' नगर के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन रेलवे और एमएस यूनिवर्सिटी ऑफ बड़ौदा के बीच गुजरात के उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल की मौजूदगी में सहमति पत्र पर दस्तखत होने के अवसर पर मंत्री बोल रहे थे. उन्होंने कहा, 'यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दृष्टिकोण है कि इस (अंत्योदय) श्रेणी के लोगों को यात्रा की सुविधा मुहैया कराई जाए.' प्रभु ने कहा, 'अंत्योदय एक्सप्रेस लंबी दूरी की, पूरी तरह अनारक्षित, सुपर फास्ट ट्रेन सेवा है, जिसे आम आदमी के लिए शुरू किया जा रहा है और यह भीड़भाड़ वाले मार्ग पर चलाई जाएगी.' मंत्री के मुताबिक रेलवे लंबी दूरी की रेलगाड़ियों में दो से चार ‘दीन दयालु’ कोच भी जोड़ेगी, ताकि अनारक्षित श्रेणी के ज्यादा यात्री सफर कर सकेंगे. प्रभु ने कहा, 'दूसरी रेलगाड़ियां हमसफर हैं, जो पूरी तरह थर्ड एसी रेलगाड़ी है. तेजस श्रेणी की रेलगाड़ियां 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी, जिसमें स्थानीय व्यंजन, वाई-फाई और अन्य सुविधाएं मिलेंगी.' मंत्री ने कहा, 'अंतिम श्रेणी की रेलगाड़ी है उदय (उत्कृष्ट डबल डेकर एयर कंडीशंड यात्री) जो रात में चलने वाली रेलगाड़ियां हैं और यह भीड़भाड़ वाले मार्ग पर चलेंगी, जिससे 40 फीसदी तक क्षमता बढ़ेगी.' उन्होंने कहा, 'यह पूरे देश में रेल की सेवा बढ़ाने का प्रयास है. रेल मंत्रालय नहीं चाहता कि राज्य के मुख्यमंत्री रेल बजट पेश करने की पूर्व संध्या पर नई दिल्ली आएं ताकि बजट में उनके राज्य की मांग को शामिल किया जा सके.' बीजेपी नेता ने कहा, 'अब रेल मंत्रालय सभी राज्य सरकारों से संपर्क कर रहा है, ताकि रेलवे से हाथ मिलाकर संयुक्त रूप से कंपनियां शुरू करें जो संबंधित राज्यों में परियोजनाओं को लागू कर सकें.'टिप्पणियां प्रभु ने कहा कि वडोदरा और अहमदाबाद के बीच विशेष रेलगाड़ी का नाम ‘संकल्प एक्सप्रेस’ होगा. विशेष रेलगाड़ी को वडोदरा के सांसद रंजनबेन भट्ट और गुजरात के मंत्री राजेंद्र त्रिवेदी ने रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के मौजूदगी में 14 अगस्त को हरी झंडी दिखाई थी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा, 'यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दृष्टिकोण है कि इस (अंत्योदय) श्रेणी के लोगों को यात्रा की सुविधा मुहैया कराई जाए.' प्रभु ने कहा, 'अंत्योदय एक्सप्रेस लंबी दूरी की, पूरी तरह अनारक्षित, सुपर फास्ट ट्रेन सेवा है, जिसे आम आदमी के लिए शुरू किया जा रहा है और यह भीड़भाड़ वाले मार्ग पर चलाई जाएगी.' मंत्री के मुताबिक रेलवे लंबी दूरी की रेलगाड़ियों में दो से चार ‘दीन दयालु’ कोच भी जोड़ेगी, ताकि अनारक्षित श्रेणी के ज्यादा यात्री सफर कर सकेंगे. प्रभु ने कहा, 'दूसरी रेलगाड़ियां हमसफर हैं, जो पूरी तरह थर्ड एसी रेलगाड़ी है. तेजस श्रेणी की रेलगाड़ियां 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी, जिसमें स्थानीय व्यंजन, वाई-फाई और अन्य सुविधाएं मिलेंगी.' मंत्री ने कहा, 'अंतिम श्रेणी की रेलगाड़ी है उदय (उत्कृष्ट डबल डेकर एयर कंडीशंड यात्री) जो रात में चलने वाली रेलगाड़ियां हैं और यह भीड़भाड़ वाले मार्ग पर चलेंगी, जिससे 40 फीसदी तक क्षमता बढ़ेगी.' उन्होंने कहा, 'यह पूरे देश में रेल की सेवा बढ़ाने का प्रयास है. रेल मंत्रालय नहीं चाहता कि राज्य के मुख्यमंत्री रेल बजट पेश करने की पूर्व संध्या पर नई दिल्ली आएं ताकि बजट में उनके राज्य की मांग को शामिल किया जा सके.' बीजेपी नेता ने कहा, 'अब रेल मंत्रालय सभी राज्य सरकारों से संपर्क कर रहा है, ताकि रेलवे से हाथ मिलाकर संयुक्त रूप से कंपनियां शुरू करें जो संबंधित राज्यों में परियोजनाओं को लागू कर सकें.'टिप्पणियां प्रभु ने कहा कि वडोदरा और अहमदाबाद के बीच विशेष रेलगाड़ी का नाम ‘संकल्प एक्सप्रेस’ होगा. विशेष रेलगाड़ी को वडोदरा के सांसद रंजनबेन भट्ट और गुजरात के मंत्री राजेंद्र त्रिवेदी ने रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के मौजूदगी में 14 अगस्त को हरी झंडी दिखाई थी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) प्रभु ने कहा, 'दूसरी रेलगाड़ियां हमसफर हैं, जो पूरी तरह थर्ड एसी रेलगाड़ी है. तेजस श्रेणी की रेलगाड़ियां 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी, जिसमें स्थानीय व्यंजन, वाई-फाई और अन्य सुविधाएं मिलेंगी.' मंत्री ने कहा, 'अंतिम श्रेणी की रेलगाड़ी है उदय (उत्कृष्ट डबल डेकर एयर कंडीशंड यात्री) जो रात में चलने वाली रेलगाड़ियां हैं और यह भीड़भाड़ वाले मार्ग पर चलेंगी, जिससे 40 फीसदी तक क्षमता बढ़ेगी.' उन्होंने कहा, 'यह पूरे देश में रेल की सेवा बढ़ाने का प्रयास है. रेल मंत्रालय नहीं चाहता कि राज्य के मुख्यमंत्री रेल बजट पेश करने की पूर्व संध्या पर नई दिल्ली आएं ताकि बजट में उनके राज्य की मांग को शामिल किया जा सके.' बीजेपी नेता ने कहा, 'अब रेल मंत्रालय सभी राज्य सरकारों से संपर्क कर रहा है, ताकि रेलवे से हाथ मिलाकर संयुक्त रूप से कंपनियां शुरू करें जो संबंधित राज्यों में परियोजनाओं को लागू कर सकें.'टिप्पणियां प्रभु ने कहा कि वडोदरा और अहमदाबाद के बीच विशेष रेलगाड़ी का नाम ‘संकल्प एक्सप्रेस’ होगा. विशेष रेलगाड़ी को वडोदरा के सांसद रंजनबेन भट्ट और गुजरात के मंत्री राजेंद्र त्रिवेदी ने रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के मौजूदगी में 14 अगस्त को हरी झंडी दिखाई थी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा, 'यह पूरे देश में रेल की सेवा बढ़ाने का प्रयास है. रेल मंत्रालय नहीं चाहता कि राज्य के मुख्यमंत्री रेल बजट पेश करने की पूर्व संध्या पर नई दिल्ली आएं ताकि बजट में उनके राज्य की मांग को शामिल किया जा सके.' बीजेपी नेता ने कहा, 'अब रेल मंत्रालय सभी राज्य सरकारों से संपर्क कर रहा है, ताकि रेलवे से हाथ मिलाकर संयुक्त रूप से कंपनियां शुरू करें जो संबंधित राज्यों में परियोजनाओं को लागू कर सकें.'टिप्पणियां प्रभु ने कहा कि वडोदरा और अहमदाबाद के बीच विशेष रेलगाड़ी का नाम ‘संकल्प एक्सप्रेस’ होगा. विशेष रेलगाड़ी को वडोदरा के सांसद रंजनबेन भट्ट और गुजरात के मंत्री राजेंद्र त्रिवेदी ने रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के मौजूदगी में 14 अगस्त को हरी झंडी दिखाई थी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) बीजेपी नेता ने कहा, 'अब रेल मंत्रालय सभी राज्य सरकारों से संपर्क कर रहा है, ताकि रेलवे से हाथ मिलाकर संयुक्त रूप से कंपनियां शुरू करें जो संबंधित राज्यों में परियोजनाओं को लागू कर सकें.'टिप्पणियां प्रभु ने कहा कि वडोदरा और अहमदाबाद के बीच विशेष रेलगाड़ी का नाम ‘संकल्प एक्सप्रेस’ होगा. विशेष रेलगाड़ी को वडोदरा के सांसद रंजनबेन भट्ट और गुजरात के मंत्री राजेंद्र त्रिवेदी ने रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के मौजूदगी में 14 अगस्त को हरी झंडी दिखाई थी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) प्रभु ने कहा कि वडोदरा और अहमदाबाद के बीच विशेष रेलगाड़ी का नाम ‘संकल्प एक्सप्रेस’ होगा. विशेष रेलगाड़ी को वडोदरा के सांसद रंजनबेन भट्ट और गुजरात के मंत्री राजेंद्र त्रिवेदी ने रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के मौजूदगी में 14 अगस्त को हरी झंडी दिखाई थी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: इसमें एक अनारक्षित और तीन आरक्षित श्रेणी की ट्रेन होंगी अंत्योदय, हमसफर और उदय नाम से नई रेलगाड़ियां चलेंगी ये रेलगाड़ियां अगले कुछ महीने में संचालित होंगी
11
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: कैंसर से जूझ रही बॉलीवुड अभिनेत्री मनीषा कोइराला की हाल ही में सर्जरी की गई है और उनके मुताबिक, वह न्यूयॉर्क में होने वाली अपनी पहली कीमोथैरेपी को लेकर काफी घबराई हुई हैं, लेकिन उनका कहना है कि वह इस चुनौती का साहस के साथ सामना करेंगी। उन्होंने अपने फेसबुक अकाउंट पर लिखा, आज मेरी पहली कीमोथैरेपी है। घबराहट महसूस करने के साथ-साथ इस चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हूं। मैं प्रार्थना कर रही हूं और मां, पिता, कोई (भाभी), यूलिया से मिले सहयोग के प्रति कृतज्ञ महसूस कर रही हूं। हालांकि, वह मुझसे दूर हैं, लेकिन उनका प्यार व उनकी प्रार्थना मेरे साथ है। उन्होंने आगे लिखा, दोस्तों और परिवार के अन्य सदस्यों आप सभी के प्यार और प्रार्थना के लिए आभारी हूं। प्यार और फिक्र से ज्यादा कुछ भी महत्वपूर्ण नहीं है।टिप्पणियां 42 वर्षीय मनीषा ने 'सौदागर', '1942 ए लव स्टोरी', 'बाम्बे', 'दिल से' और 'लज्जा' जैसी फिल्में की हैं। 10 दिसम्बर 2012 को न्यूयॉर्क में उनकी पहली सर्जरी की गई थी जहां के अस्पताल से 11 दिन के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई थी। उन्होंने अपने फेसबुक अकाउंट पर लिखा, आज मेरी पहली कीमोथैरेपी है। घबराहट महसूस करने के साथ-साथ इस चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हूं। मैं प्रार्थना कर रही हूं और मां, पिता, कोई (भाभी), यूलिया से मिले सहयोग के प्रति कृतज्ञ महसूस कर रही हूं। हालांकि, वह मुझसे दूर हैं, लेकिन उनका प्यार व उनकी प्रार्थना मेरे साथ है। उन्होंने आगे लिखा, दोस्तों और परिवार के अन्य सदस्यों आप सभी के प्यार और प्रार्थना के लिए आभारी हूं। प्यार और फिक्र से ज्यादा कुछ भी महत्वपूर्ण नहीं है।टिप्पणियां 42 वर्षीय मनीषा ने 'सौदागर', '1942 ए लव स्टोरी', 'बाम्बे', 'दिल से' और 'लज्जा' जैसी फिल्में की हैं। 10 दिसम्बर 2012 को न्यूयॉर्क में उनकी पहली सर्जरी की गई थी जहां के अस्पताल से 11 दिन के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई थी। उन्होंने आगे लिखा, दोस्तों और परिवार के अन्य सदस्यों आप सभी के प्यार और प्रार्थना के लिए आभारी हूं। प्यार और फिक्र से ज्यादा कुछ भी महत्वपूर्ण नहीं है।टिप्पणियां 42 वर्षीय मनीषा ने 'सौदागर', '1942 ए लव स्टोरी', 'बाम्बे', 'दिल से' और 'लज्जा' जैसी फिल्में की हैं। 10 दिसम्बर 2012 को न्यूयॉर्क में उनकी पहली सर्जरी की गई थी जहां के अस्पताल से 11 दिन के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई थी। 42 वर्षीय मनीषा ने 'सौदागर', '1942 ए लव स्टोरी', 'बाम्बे', 'दिल से' और 'लज्जा' जैसी फिल्में की हैं। 10 दिसम्बर 2012 को न्यूयॉर्क में उनकी पहली सर्जरी की गई थी जहां के अस्पताल से 11 दिन के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई थी। 10 दिसम्बर 2012 को न्यूयॉर्क में उनकी पहली सर्जरी की गई थी जहां के अस्पताल से 11 दिन के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई थी।
सारांश: मनीषा ने अपने फेसबुक अकाउंट पर लिखा, आज मेरी पहली कीमोथैरेपी है। घबराहट महसूस करने के साथ-साथ इस चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हूं।
7
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: महंगाई, निजीकरण, ठेका प्रथा के विरोध में विभिन्न संगठनों की ओर से आहूत दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी बंद के पहले दिन बुधवार को मुंबई में सभी बैंक, बीमा कंपनियां तथा व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे। अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संघ के उपाध्यक्ष वी. उटागी ने कहा, बैंकिंग एवं वित्तीय क्षेत्र न केवल मुंबई और महाराष्ट्र में बल्कि पूरे देश में पूरी तरह बंद हैं। उटागी ने कहा कि राष्ट्रीयकृत, निजी, विदेशी, क्षेत्रीय, ग्रामीण तथा सहकारी सहित सभी बैंकों ने बंद में हिस्सा लिया है। सड़कों पर हालांकि ऑटो रिक्शा, बसें व अन्य वाहन नियमित रूप से चलते दिखे, पर लोगों की आवाजाही कम रही। अधिकतर शैक्षणिक संस्थान भी खुले रहे, लेकिन छात्रों की उपस्थिति कम रही। इस बीच, शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र में 21 फरवरी से होने जा रही 10वीं की परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों को आश्वस्त किया है कि बंद से उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। टिप्पणियां उधर, बृहनमुंबई नगरपालिका ने किसी भी आपातस्थिति से निपटने के लिए आपातकालीन सेवा को पूरी तरह सतर्क किया गया है। बंद में भारतीय मजदूर संघ, भारतीय व्यापार संघ कांग्रेस, अखिल भारतीय व्यापार संघ, हिन्द मजदूर सभा, केंद्रीय भारतीय व्यापार संघ, अखिल भारतीय एकीकृत व्यापार संघ केंद्र तथा अन्य केंद्रीय व राज्य संगठनों ने हिस्सा लिया। अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संघ के उपाध्यक्ष वी. उटागी ने कहा, बैंकिंग एवं वित्तीय क्षेत्र न केवल मुंबई और महाराष्ट्र में बल्कि पूरे देश में पूरी तरह बंद हैं। उटागी ने कहा कि राष्ट्रीयकृत, निजी, विदेशी, क्षेत्रीय, ग्रामीण तथा सहकारी सहित सभी बैंकों ने बंद में हिस्सा लिया है। सड़कों पर हालांकि ऑटो रिक्शा, बसें व अन्य वाहन नियमित रूप से चलते दिखे, पर लोगों की आवाजाही कम रही। अधिकतर शैक्षणिक संस्थान भी खुले रहे, लेकिन छात्रों की उपस्थिति कम रही। इस बीच, शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र में 21 फरवरी से होने जा रही 10वीं की परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों को आश्वस्त किया है कि बंद से उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। टिप्पणियां उधर, बृहनमुंबई नगरपालिका ने किसी भी आपातस्थिति से निपटने के लिए आपातकालीन सेवा को पूरी तरह सतर्क किया गया है। बंद में भारतीय मजदूर संघ, भारतीय व्यापार संघ कांग्रेस, अखिल भारतीय व्यापार संघ, हिन्द मजदूर सभा, केंद्रीय भारतीय व्यापार संघ, अखिल भारतीय एकीकृत व्यापार संघ केंद्र तथा अन्य केंद्रीय व राज्य संगठनों ने हिस्सा लिया। उटागी ने कहा कि राष्ट्रीयकृत, निजी, विदेशी, क्षेत्रीय, ग्रामीण तथा सहकारी सहित सभी बैंकों ने बंद में हिस्सा लिया है। सड़कों पर हालांकि ऑटो रिक्शा, बसें व अन्य वाहन नियमित रूप से चलते दिखे, पर लोगों की आवाजाही कम रही। अधिकतर शैक्षणिक संस्थान भी खुले रहे, लेकिन छात्रों की उपस्थिति कम रही। इस बीच, शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र में 21 फरवरी से होने जा रही 10वीं की परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों को आश्वस्त किया है कि बंद से उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। टिप्पणियां उधर, बृहनमुंबई नगरपालिका ने किसी भी आपातस्थिति से निपटने के लिए आपातकालीन सेवा को पूरी तरह सतर्क किया गया है। बंद में भारतीय मजदूर संघ, भारतीय व्यापार संघ कांग्रेस, अखिल भारतीय व्यापार संघ, हिन्द मजदूर सभा, केंद्रीय भारतीय व्यापार संघ, अखिल भारतीय एकीकृत व्यापार संघ केंद्र तथा अन्य केंद्रीय व राज्य संगठनों ने हिस्सा लिया। सड़कों पर हालांकि ऑटो रिक्शा, बसें व अन्य वाहन नियमित रूप से चलते दिखे, पर लोगों की आवाजाही कम रही। अधिकतर शैक्षणिक संस्थान भी खुले रहे, लेकिन छात्रों की उपस्थिति कम रही। इस बीच, शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र में 21 फरवरी से होने जा रही 10वीं की परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों को आश्वस्त किया है कि बंद से उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। टिप्पणियां उधर, बृहनमुंबई नगरपालिका ने किसी भी आपातस्थिति से निपटने के लिए आपातकालीन सेवा को पूरी तरह सतर्क किया गया है। बंद में भारतीय मजदूर संघ, भारतीय व्यापार संघ कांग्रेस, अखिल भारतीय व्यापार संघ, हिन्द मजदूर सभा, केंद्रीय भारतीय व्यापार संघ, अखिल भारतीय एकीकृत व्यापार संघ केंद्र तथा अन्य केंद्रीय व राज्य संगठनों ने हिस्सा लिया। इस बीच, शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र में 21 फरवरी से होने जा रही 10वीं की परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों को आश्वस्त किया है कि बंद से उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। टिप्पणियां उधर, बृहनमुंबई नगरपालिका ने किसी भी आपातस्थिति से निपटने के लिए आपातकालीन सेवा को पूरी तरह सतर्क किया गया है। बंद में भारतीय मजदूर संघ, भारतीय व्यापार संघ कांग्रेस, अखिल भारतीय व्यापार संघ, हिन्द मजदूर सभा, केंद्रीय भारतीय व्यापार संघ, अखिल भारतीय एकीकृत व्यापार संघ केंद्र तथा अन्य केंद्रीय व राज्य संगठनों ने हिस्सा लिया। उधर, बृहनमुंबई नगरपालिका ने किसी भी आपातस्थिति से निपटने के लिए आपातकालीन सेवा को पूरी तरह सतर्क किया गया है। बंद में भारतीय मजदूर संघ, भारतीय व्यापार संघ कांग्रेस, अखिल भारतीय व्यापार संघ, हिन्द मजदूर सभा, केंद्रीय भारतीय व्यापार संघ, अखिल भारतीय एकीकृत व्यापार संघ केंद्र तथा अन्य केंद्रीय व राज्य संगठनों ने हिस्सा लिया। बंद में भारतीय मजदूर संघ, भारतीय व्यापार संघ कांग्रेस, अखिल भारतीय व्यापार संघ, हिन्द मजदूर सभा, केंद्रीय भारतीय व्यापार संघ, अखिल भारतीय एकीकृत व्यापार संघ केंद्र तथा अन्य केंद्रीय व राज्य संगठनों ने हिस्सा लिया।
यह एक सारांश है: महंगाई, निजीकरण, ठेका प्रथा के विरोध में विभिन्न संगठनों की ओर से आहूत दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी बंद के पहले दिन बुधवार को मुंबई में सभी बैंक, बीमा कंपनियां तथा व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे।
16
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: तीस मार खां की असफलता से कोरियाग्राफर-निर्देशक फराह खान को काफी सबक मिला है।  फराह ने कहा, तीस मार खां में कोरियोग्राफी के लिए मुझे भले ही पुरस्कार मिला हो, लेकिन इससे सबकुछ नहीं मिल जाता है। पिछली दो फिल्मों को मिली सफलता की तुलना में इसे उतनी सफलता हासिल नहीं हो सकी। इस फिल्म से काफी अपेक्षाएं जुड़ी हुई थीं, लेकिन, इसके लिए मुझे कोई पछतावा नहीं है। उन्होंने कहा, प्रशंसक मुझसे काफी ज्यादा अपेक्षा रखते हैं। अपनी असफलता से मैंने काफी सबक सीखा है। इससे आपको आगे के दिनों में सहायता मिलती है। अक्षय कुमार अभिनीत तीस मार खां प्रशंसकों के बीच कोई जादू नहीं पैदा कर सकी, लेकिन इसके एक आइटम गीत शीला की जवानी को लोगों ने हाथों-हाथ लिया। फराह अब चौथी फिल्म के निर्देशन के लिए तैयार हैं। वह कहती हैं, मैं एक फिल्म निर्देशित करूंगी। मैं इस पर अभी काम कर रही हूं। अगले साल इसकी शूटिंग शुरू होगी।
संक्षिप्त सारांश: फराह ने कहा, 'तीस मार खां' में कोरियोग्राफी के लिए मुझे भले ही पुरस्कार मिला हो, लेकिन इससे सब कुछ नहीं मिल जाता है।
10
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: जेठमलानी देश की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के हत्‍यारों सतवंत सिंह और केहर सिंह का बचाव कर चुके हैं. सतवंत सिंह और केहर सिंह दोनों ही पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के अंगरक्षक थे. राम जेठमलानी ने दोनों को बचाने के लिए केस लड़ा था. हालांकि उन्हें कामयाबी नहीं मिली थी. इस केस को लड़ने की वजह से जेठमलानी की आलोचना भी हुई थी. जेठमलानी पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के हत्‍यारे वी श्रीहरन उर्फ मुरुगन की भी पैरवी कर चुके हैं. यह केस मद्रास हाईकोर्ट में चला था. आरोपियों की ओर से वकील के तौर पर पैरवी करते हुए जेठमलानी ने फांसी की सजा को उम्रक़ैद में तब्दील कराया. इसके अलावा जेठमलानी अलग-अलग राजनीतिक पार्टियों के भ्रष्‍टाचार और घोटाले में शामिल कई नेताओं के वकील भी रह चुके हैं. हवाला स्कैम में कई बड़े नेताओं और अध‍िकारियों पर पैसे लेने का आरोप लगा था. बीजेपी नेता लाल कृष्ण आडवाणी पर भी आरोप लगा था. तब उन्होंने लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था. जेठमलानी ने आडवाणी की ओर से उनका केस लड़ा था. साल 2015 में जेठमलानी ने कहा था कि आडवाणी उनकी वजह से ही हवाला केस जीते थे.  जेठमलानी ने 900 करोड़ रुपये के चारा घोटाला मामले में आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव की पैरवी की थी.  जेठमलानी आय से अध‍िक संपत्ति मामले में तमिलनाडु की पूर्व मुख्‍यमंत्री जयललिता के वकील थे. यूपीए 2 के कार्यकाल में 2जी घोटाला सामने आया था. जेठमलानी ने आरोपी और डीएमके नेता करुणानिधि की बेटी कनिमोझी के बचाव में पैरवी की. 2जी का मामला अभी अदालत में चल रहा है.   जेठमलानी ने अवैध खनन घोटाले के मामले में कर्नाटक के पूर्व मुख्‍यमंत्री बीएस येदियुरप्‍पा समेत 12 अन्‍य आरोपियों  की पैरवी की थी. यह मामला सीबीआई की ओर से दर्ज किया गया था.  केएम नानावटी बनाम महाराष्ट्र केस बेहद चर्चित मामला है. नानावटी नेवी अफसर थे, जिन्होंने अपनी पत्नी के प्रेमी को गोली मार दी थी. उन्होंने खुद सरेंडर कर अपना अपराध भी स्वीकार कर लिया था. वे तीन साल जेल में रहे. जेठमलानी ने उनका केस लड़ा और उन्हें रिहा करा लिया था. आपको बता दें कि इसी विषय पर फिल्‍म 'रुस्‍तम' बन चुकी है, जिसके एक्‍टर अक्षय कुमार थे. तस्‍करी के एक मामले में मुंबई के अंडरवर्ल्‍ड डॉन हाजी मस्‍तान को बचाने के लिए जेठमलानी ने पैरवी की थी. फिल्‍म 'वन्‍स अपॉन ए टाइम न इन मुंबई' हाजी मस्‍तान पर ही बनी थी.  जेठमलानी ने शाहबुद्दीन और तुलसीराम प्रजापति के फर्जी एनकाउंटर मामले में गुजरात के तत्‍कालीन गृहमंत्री और वर्तमान में बीजेपी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अमित शाह की पैरवी की थी.  संसद पर हमले के आरोपी कश्मीरी आतंकी अफजल गुरु के मामले में भी जेठमलानी ने पैरवी की थी. अफजल को अदालत ने फांसी की सजा दी थी जिसके खिलाफ जेठमलानी ने केस लड़ा. लेकिन उन्हें कामयाबी नहीं मिली.  यौन उत्पीड़न के अलग-अलग मामलों में आसाराम बापू जेल में बंद है. उनके बचाव में जेठमलानी केस लड़ चुके हैं. आसाराम का मामला अभी भी अदालत में चल रहा है.टिप्पणियां हाई प्रोफाइल जेसिका लाल मर्डर केस में जेठमलानी ने हत्या के आरोपी मनु शर्मा का अदालत में बचाव किया था.  जेठमलानी अदालत में दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल का भी बचाव कर चुके हैं. दरअसल, केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने मुख्‍यमंत्री केजरीवाल के ख‍िलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था. पहले तो जेठमलानी ने कहा था कि वो फ्री में केस लड़ेंगे लेकिन बाद में उन्‍होंने इसके लिए 3.42 करोड़ रुपये की फीस मांगी. जेठमलानी पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के हत्‍यारे वी श्रीहरन उर्फ मुरुगन की भी पैरवी कर चुके हैं. यह केस मद्रास हाईकोर्ट में चला था. आरोपियों की ओर से वकील के तौर पर पैरवी करते हुए जेठमलानी ने फांसी की सजा को उम्रक़ैद में तब्दील कराया. इसके अलावा जेठमलानी अलग-अलग राजनीतिक पार्टियों के भ्रष्‍टाचार और घोटाले में शामिल कई नेताओं के वकील भी रह चुके हैं. हवाला स्कैम में कई बड़े नेताओं और अध‍िकारियों पर पैसे लेने का आरोप लगा था. बीजेपी नेता लाल कृष्ण आडवाणी पर भी आरोप लगा था. तब उन्होंने लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था. जेठमलानी ने आडवाणी की ओर से उनका केस लड़ा था. साल 2015 में जेठमलानी ने कहा था कि आडवाणी उनकी वजह से ही हवाला केस जीते थे.  जेठमलानी ने 900 करोड़ रुपये के चारा घोटाला मामले में आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव की पैरवी की थी.  जेठमलानी आय से अध‍िक संपत्ति मामले में तमिलनाडु की पूर्व मुख्‍यमंत्री जयललिता के वकील थे. यूपीए 2 के कार्यकाल में 2जी घोटाला सामने आया था. जेठमलानी ने आरोपी और डीएमके नेता करुणानिधि की बेटी कनिमोझी के बचाव में पैरवी की. 2जी का मामला अभी अदालत में चल रहा है.   जेठमलानी ने अवैध खनन घोटाले के मामले में कर्नाटक के पूर्व मुख्‍यमंत्री बीएस येदियुरप्‍पा समेत 12 अन्‍य आरोपियों  की पैरवी की थी. यह मामला सीबीआई की ओर से दर्ज किया गया था.  केएम नानावटी बनाम महाराष्ट्र केस बेहद चर्चित मामला है. नानावटी नेवी अफसर थे, जिन्होंने अपनी पत्नी के प्रेमी को गोली मार दी थी. उन्होंने खुद सरेंडर कर अपना अपराध भी स्वीकार कर लिया था. वे तीन साल जेल में रहे. जेठमलानी ने उनका केस लड़ा और उन्हें रिहा करा लिया था. आपको बता दें कि इसी विषय पर फिल्‍म 'रुस्‍तम' बन चुकी है, जिसके एक्‍टर अक्षय कुमार थे. तस्‍करी के एक मामले में मुंबई के अंडरवर्ल्‍ड डॉन हाजी मस्‍तान को बचाने के लिए जेठमलानी ने पैरवी की थी. फिल्‍म 'वन्‍स अपॉन ए टाइम न इन मुंबई' हाजी मस्‍तान पर ही बनी थी.  जेठमलानी ने शाहबुद्दीन और तुलसीराम प्रजापति के फर्जी एनकाउंटर मामले में गुजरात के तत्‍कालीन गृहमंत्री और वर्तमान में बीजेपी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अमित शाह की पैरवी की थी.  संसद पर हमले के आरोपी कश्मीरी आतंकी अफजल गुरु के मामले में भी जेठमलानी ने पैरवी की थी. अफजल को अदालत ने फांसी की सजा दी थी जिसके खिलाफ जेठमलानी ने केस लड़ा. लेकिन उन्हें कामयाबी नहीं मिली.  यौन उत्पीड़न के अलग-अलग मामलों में आसाराम बापू जेल में बंद है. उनके बचाव में जेठमलानी केस लड़ चुके हैं. आसाराम का मामला अभी भी अदालत में चल रहा है.टिप्पणियां हाई प्रोफाइल जेसिका लाल मर्डर केस में जेठमलानी ने हत्या के आरोपी मनु शर्मा का अदालत में बचाव किया था.  जेठमलानी अदालत में दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल का भी बचाव कर चुके हैं. दरअसल, केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने मुख्‍यमंत्री केजरीवाल के ख‍िलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था. पहले तो जेठमलानी ने कहा था कि वो फ्री में केस लड़ेंगे लेकिन बाद में उन्‍होंने इसके लिए 3.42 करोड़ रुपये की फीस मांगी. इसके अलावा जेठमलानी अलग-अलग राजनीतिक पार्टियों के भ्रष्‍टाचार और घोटाले में शामिल कई नेताओं के वकील भी रह चुके हैं. हवाला स्कैम में कई बड़े नेताओं और अध‍िकारियों पर पैसे लेने का आरोप लगा था. बीजेपी नेता लाल कृष्ण आडवाणी पर भी आरोप लगा था. तब उन्होंने लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था. जेठमलानी ने आडवाणी की ओर से उनका केस लड़ा था. साल 2015 में जेठमलानी ने कहा था कि आडवाणी उनकी वजह से ही हवाला केस जीते थे.  जेठमलानी ने 900 करोड़ रुपये के चारा घोटाला मामले में आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव की पैरवी की थी.  जेठमलानी आय से अध‍िक संपत्ति मामले में तमिलनाडु की पूर्व मुख्‍यमंत्री जयललिता के वकील थे. यूपीए 2 के कार्यकाल में 2जी घोटाला सामने आया था. जेठमलानी ने आरोपी और डीएमके नेता करुणानिधि की बेटी कनिमोझी के बचाव में पैरवी की. 2जी का मामला अभी अदालत में चल रहा है.   जेठमलानी ने अवैध खनन घोटाले के मामले में कर्नाटक के पूर्व मुख्‍यमंत्री बीएस येदियुरप्‍पा समेत 12 अन्‍य आरोपियों  की पैरवी की थी. यह मामला सीबीआई की ओर से दर्ज किया गया था.  केएम नानावटी बनाम महाराष्ट्र केस बेहद चर्चित मामला है. नानावटी नेवी अफसर थे, जिन्होंने अपनी पत्नी के प्रेमी को गोली मार दी थी. उन्होंने खुद सरेंडर कर अपना अपराध भी स्वीकार कर लिया था. वे तीन साल जेल में रहे. जेठमलानी ने उनका केस लड़ा और उन्हें रिहा करा लिया था. आपको बता दें कि इसी विषय पर फिल्‍म 'रुस्‍तम' बन चुकी है, जिसके एक्‍टर अक्षय कुमार थे. तस्‍करी के एक मामले में मुंबई के अंडरवर्ल्‍ड डॉन हाजी मस्‍तान को बचाने के लिए जेठमलानी ने पैरवी की थी. फिल्‍म 'वन्‍स अपॉन ए टाइम न इन मुंबई' हाजी मस्‍तान पर ही बनी थी.  जेठमलानी ने शाहबुद्दीन और तुलसीराम प्रजापति के फर्जी एनकाउंटर मामले में गुजरात के तत्‍कालीन गृहमंत्री और वर्तमान में बीजेपी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अमित शाह की पैरवी की थी.  संसद पर हमले के आरोपी कश्मीरी आतंकी अफजल गुरु के मामले में भी जेठमलानी ने पैरवी की थी. अफजल को अदालत ने फांसी की सजा दी थी जिसके खिलाफ जेठमलानी ने केस लड़ा. लेकिन उन्हें कामयाबी नहीं मिली.  यौन उत्पीड़न के अलग-अलग मामलों में आसाराम बापू जेल में बंद है. उनके बचाव में जेठमलानी केस लड़ चुके हैं. आसाराम का मामला अभी भी अदालत में चल रहा है.टिप्पणियां हाई प्रोफाइल जेसिका लाल मर्डर केस में जेठमलानी ने हत्या के आरोपी मनु शर्मा का अदालत में बचाव किया था.  जेठमलानी अदालत में दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल का भी बचाव कर चुके हैं. दरअसल, केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने मुख्‍यमंत्री केजरीवाल के ख‍िलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था. पहले तो जेठमलानी ने कहा था कि वो फ्री में केस लड़ेंगे लेकिन बाद में उन्‍होंने इसके लिए 3.42 करोड़ रुपये की फीस मांगी. जेठमलानी ने 900 करोड़ रुपये के चारा घोटाला मामले में आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव की पैरवी की थी.  जेठमलानी आय से अध‍िक संपत्ति मामले में तमिलनाडु की पूर्व मुख्‍यमंत्री जयललिता के वकील थे. यूपीए 2 के कार्यकाल में 2जी घोटाला सामने आया था. जेठमलानी ने आरोपी और डीएमके नेता करुणानिधि की बेटी कनिमोझी के बचाव में पैरवी की. 2जी का मामला अभी अदालत में चल रहा है.   जेठमलानी ने अवैध खनन घोटाले के मामले में कर्नाटक के पूर्व मुख्‍यमंत्री बीएस येदियुरप्‍पा समेत 12 अन्‍य आरोपियों  की पैरवी की थी. यह मामला सीबीआई की ओर से दर्ज किया गया था.  केएम नानावटी बनाम महाराष्ट्र केस बेहद चर्चित मामला है. नानावटी नेवी अफसर थे, जिन्होंने अपनी पत्नी के प्रेमी को गोली मार दी थी. उन्होंने खुद सरेंडर कर अपना अपराध भी स्वीकार कर लिया था. वे तीन साल जेल में रहे. जेठमलानी ने उनका केस लड़ा और उन्हें रिहा करा लिया था. आपको बता दें कि इसी विषय पर फिल्‍म 'रुस्‍तम' बन चुकी है, जिसके एक्‍टर अक्षय कुमार थे. तस्‍करी के एक मामले में मुंबई के अंडरवर्ल्‍ड डॉन हाजी मस्‍तान को बचाने के लिए जेठमलानी ने पैरवी की थी. फिल्‍म 'वन्‍स अपॉन ए टाइम न इन मुंबई' हाजी मस्‍तान पर ही बनी थी.  जेठमलानी ने शाहबुद्दीन और तुलसीराम प्रजापति के फर्जी एनकाउंटर मामले में गुजरात के तत्‍कालीन गृहमंत्री और वर्तमान में बीजेपी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अमित शाह की पैरवी की थी.  संसद पर हमले के आरोपी कश्मीरी आतंकी अफजल गुरु के मामले में भी जेठमलानी ने पैरवी की थी. अफजल को अदालत ने फांसी की सजा दी थी जिसके खिलाफ जेठमलानी ने केस लड़ा. लेकिन उन्हें कामयाबी नहीं मिली.  यौन उत्पीड़न के अलग-अलग मामलों में आसाराम बापू जेल में बंद है. उनके बचाव में जेठमलानी केस लड़ चुके हैं. आसाराम का मामला अभी भी अदालत में चल रहा है.टिप्पणियां हाई प्रोफाइल जेसिका लाल मर्डर केस में जेठमलानी ने हत्या के आरोपी मनु शर्मा का अदालत में बचाव किया था.  जेठमलानी अदालत में दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल का भी बचाव कर चुके हैं. दरअसल, केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने मुख्‍यमंत्री केजरीवाल के ख‍िलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था. पहले तो जेठमलानी ने कहा था कि वो फ्री में केस लड़ेंगे लेकिन बाद में उन्‍होंने इसके लिए 3.42 करोड़ रुपये की फीस मांगी. जेठमलानी आय से अध‍िक संपत्ति मामले में तमिलनाडु की पूर्व मुख्‍यमंत्री जयललिता के वकील थे. यूपीए 2 के कार्यकाल में 2जी घोटाला सामने आया था. जेठमलानी ने आरोपी और डीएमके नेता करुणानिधि की बेटी कनिमोझी के बचाव में पैरवी की. 2जी का मामला अभी अदालत में चल रहा है.   जेठमलानी ने अवैध खनन घोटाले के मामले में कर्नाटक के पूर्व मुख्‍यमंत्री बीएस येदियुरप्‍पा समेत 12 अन्‍य आरोपियों  की पैरवी की थी. यह मामला सीबीआई की ओर से दर्ज किया गया था.  केएम नानावटी बनाम महाराष्ट्र केस बेहद चर्चित मामला है. नानावटी नेवी अफसर थे, जिन्होंने अपनी पत्नी के प्रेमी को गोली मार दी थी. उन्होंने खुद सरेंडर कर अपना अपराध भी स्वीकार कर लिया था. वे तीन साल जेल में रहे. जेठमलानी ने उनका केस लड़ा और उन्हें रिहा करा लिया था. आपको बता दें कि इसी विषय पर फिल्‍म 'रुस्‍तम' बन चुकी है, जिसके एक्‍टर अक्षय कुमार थे. तस्‍करी के एक मामले में मुंबई के अंडरवर्ल्‍ड डॉन हाजी मस्‍तान को बचाने के लिए जेठमलानी ने पैरवी की थी. फिल्‍म 'वन्‍स अपॉन ए टाइम न इन मुंबई' हाजी मस्‍तान पर ही बनी थी.  जेठमलानी ने शाहबुद्दीन और तुलसीराम प्रजापति के फर्जी एनकाउंटर मामले में गुजरात के तत्‍कालीन गृहमंत्री और वर्तमान में बीजेपी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अमित शाह की पैरवी की थी.  संसद पर हमले के आरोपी कश्मीरी आतंकी अफजल गुरु के मामले में भी जेठमलानी ने पैरवी की थी. अफजल को अदालत ने फांसी की सजा दी थी जिसके खिलाफ जेठमलानी ने केस लड़ा. लेकिन उन्हें कामयाबी नहीं मिली.  यौन उत्पीड़न के अलग-अलग मामलों में आसाराम बापू जेल में बंद है. उनके बचाव में जेठमलानी केस लड़ चुके हैं. आसाराम का मामला अभी भी अदालत में चल रहा है.टिप्पणियां हाई प्रोफाइल जेसिका लाल मर्डर केस में जेठमलानी ने हत्या के आरोपी मनु शर्मा का अदालत में बचाव किया था.  जेठमलानी अदालत में दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल का भी बचाव कर चुके हैं. दरअसल, केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने मुख्‍यमंत्री केजरीवाल के ख‍िलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था. पहले तो जेठमलानी ने कहा था कि वो फ्री में केस लड़ेंगे लेकिन बाद में उन्‍होंने इसके लिए 3.42 करोड़ रुपये की फीस मांगी. यूपीए 2 के कार्यकाल में 2जी घोटाला सामने आया था. जेठमलानी ने आरोपी और डीएमके नेता करुणानिधि की बेटी कनिमोझी के बचाव में पैरवी की. 2जी का मामला अभी अदालत में चल रहा है.   जेठमलानी ने अवैध खनन घोटाले के मामले में कर्नाटक के पूर्व मुख्‍यमंत्री बीएस येदियुरप्‍पा समेत 12 अन्‍य आरोपियों  की पैरवी की थी. यह मामला सीबीआई की ओर से दर्ज किया गया था.  केएम नानावटी बनाम महाराष्ट्र केस बेहद चर्चित मामला है. नानावटी नेवी अफसर थे, जिन्होंने अपनी पत्नी के प्रेमी को गोली मार दी थी. उन्होंने खुद सरेंडर कर अपना अपराध भी स्वीकार कर लिया था. वे तीन साल जेल में रहे. जेठमलानी ने उनका केस लड़ा और उन्हें रिहा करा लिया था. आपको बता दें कि इसी विषय पर फिल्‍म 'रुस्‍तम' बन चुकी है, जिसके एक्‍टर अक्षय कुमार थे. तस्‍करी के एक मामले में मुंबई के अंडरवर्ल्‍ड डॉन हाजी मस्‍तान को बचाने के लिए जेठमलानी ने पैरवी की थी. फिल्‍म 'वन्‍स अपॉन ए टाइम न इन मुंबई' हाजी मस्‍तान पर ही बनी थी.  जेठमलानी ने शाहबुद्दीन और तुलसीराम प्रजापति के फर्जी एनकाउंटर मामले में गुजरात के तत्‍कालीन गृहमंत्री और वर्तमान में बीजेपी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अमित शाह की पैरवी की थी.  संसद पर हमले के आरोपी कश्मीरी आतंकी अफजल गुरु के मामले में भी जेठमलानी ने पैरवी की थी. अफजल को अदालत ने फांसी की सजा दी थी जिसके खिलाफ जेठमलानी ने केस लड़ा. लेकिन उन्हें कामयाबी नहीं मिली.  यौन उत्पीड़न के अलग-अलग मामलों में आसाराम बापू जेल में बंद है. उनके बचाव में जेठमलानी केस लड़ चुके हैं. आसाराम का मामला अभी भी अदालत में चल रहा है.टिप्पणियां हाई प्रोफाइल जेसिका लाल मर्डर केस में जेठमलानी ने हत्या के आरोपी मनु शर्मा का अदालत में बचाव किया था.  जेठमलानी अदालत में दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल का भी बचाव कर चुके हैं. दरअसल, केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने मुख्‍यमंत्री केजरीवाल के ख‍िलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था. पहले तो जेठमलानी ने कहा था कि वो फ्री में केस लड़ेंगे लेकिन बाद में उन्‍होंने इसके लिए 3.42 करोड़ रुपये की फीस मांगी. जेठमलानी ने अवैध खनन घोटाले के मामले में कर्नाटक के पूर्व मुख्‍यमंत्री बीएस येदियुरप्‍पा समेत 12 अन्‍य आरोपियों  की पैरवी की थी. यह मामला सीबीआई की ओर से दर्ज किया गया था.  केएम नानावटी बनाम महाराष्ट्र केस बेहद चर्चित मामला है. नानावटी नेवी अफसर थे, जिन्होंने अपनी पत्नी के प्रेमी को गोली मार दी थी. उन्होंने खुद सरेंडर कर अपना अपराध भी स्वीकार कर लिया था. वे तीन साल जेल में रहे. जेठमलानी ने उनका केस लड़ा और उन्हें रिहा करा लिया था. आपको बता दें कि इसी विषय पर फिल्‍म 'रुस्‍तम' बन चुकी है, जिसके एक्‍टर अक्षय कुमार थे. तस्‍करी के एक मामले में मुंबई के अंडरवर्ल्‍ड डॉन हाजी मस्‍तान को बचाने के लिए जेठमलानी ने पैरवी की थी. फिल्‍म 'वन्‍स अपॉन ए टाइम न इन मुंबई' हाजी मस्‍तान पर ही बनी थी.  जेठमलानी ने शाहबुद्दीन और तुलसीराम प्रजापति के फर्जी एनकाउंटर मामले में गुजरात के तत्‍कालीन गृहमंत्री और वर्तमान में बीजेपी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अमित शाह की पैरवी की थी.  संसद पर हमले के आरोपी कश्मीरी आतंकी अफजल गुरु के मामले में भी जेठमलानी ने पैरवी की थी. अफजल को अदालत ने फांसी की सजा दी थी जिसके खिलाफ जेठमलानी ने केस लड़ा. लेकिन उन्हें कामयाबी नहीं मिली.  यौन उत्पीड़न के अलग-अलग मामलों में आसाराम बापू जेल में बंद है. उनके बचाव में जेठमलानी केस लड़ चुके हैं. आसाराम का मामला अभी भी अदालत में चल रहा है.टिप्पणियां हाई प्रोफाइल जेसिका लाल मर्डर केस में जेठमलानी ने हत्या के आरोपी मनु शर्मा का अदालत में बचाव किया था.  जेठमलानी अदालत में दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल का भी बचाव कर चुके हैं. दरअसल, केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने मुख्‍यमंत्री केजरीवाल के ख‍िलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था. पहले तो जेठमलानी ने कहा था कि वो फ्री में केस लड़ेंगे लेकिन बाद में उन्‍होंने इसके लिए 3.42 करोड़ रुपये की फीस मांगी. केएम नानावटी बनाम महाराष्ट्र केस बेहद चर्चित मामला है. नानावटी नेवी अफसर थे, जिन्होंने अपनी पत्नी के प्रेमी को गोली मार दी थी. उन्होंने खुद सरेंडर कर अपना अपराध भी स्वीकार कर लिया था. वे तीन साल जेल में रहे. जेठमलानी ने उनका केस लड़ा और उन्हें रिहा करा लिया था. आपको बता दें कि इसी विषय पर फिल्‍म 'रुस्‍तम' बन चुकी है, जिसके एक्‍टर अक्षय कुमार थे. तस्‍करी के एक मामले में मुंबई के अंडरवर्ल्‍ड डॉन हाजी मस्‍तान को बचाने के लिए जेठमलानी ने पैरवी की थी. फिल्‍म 'वन्‍स अपॉन ए टाइम न इन मुंबई' हाजी मस्‍तान पर ही बनी थी.  जेठमलानी ने शाहबुद्दीन और तुलसीराम प्रजापति के फर्जी एनकाउंटर मामले में गुजरात के तत्‍कालीन गृहमंत्री और वर्तमान में बीजेपी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अमित शाह की पैरवी की थी.  संसद पर हमले के आरोपी कश्मीरी आतंकी अफजल गुरु के मामले में भी जेठमलानी ने पैरवी की थी. अफजल को अदालत ने फांसी की सजा दी थी जिसके खिलाफ जेठमलानी ने केस लड़ा. लेकिन उन्हें कामयाबी नहीं मिली.  यौन उत्पीड़न के अलग-अलग मामलों में आसाराम बापू जेल में बंद है. उनके बचाव में जेठमलानी केस लड़ चुके हैं. आसाराम का मामला अभी भी अदालत में चल रहा है.टिप्पणियां हाई प्रोफाइल जेसिका लाल मर्डर केस में जेठमलानी ने हत्या के आरोपी मनु शर्मा का अदालत में बचाव किया था.  जेठमलानी अदालत में दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल का भी बचाव कर चुके हैं. दरअसल, केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने मुख्‍यमंत्री केजरीवाल के ख‍िलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था. पहले तो जेठमलानी ने कहा था कि वो फ्री में केस लड़ेंगे लेकिन बाद में उन्‍होंने इसके लिए 3.42 करोड़ रुपये की फीस मांगी. तस्‍करी के एक मामले में मुंबई के अंडरवर्ल्‍ड डॉन हाजी मस्‍तान को बचाने के लिए जेठमलानी ने पैरवी की थी. फिल्‍म 'वन्‍स अपॉन ए टाइम न इन मुंबई' हाजी मस्‍तान पर ही बनी थी.  जेठमलानी ने शाहबुद्दीन और तुलसीराम प्रजापति के फर्जी एनकाउंटर मामले में गुजरात के तत्‍कालीन गृहमंत्री और वर्तमान में बीजेपी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अमित शाह की पैरवी की थी.  संसद पर हमले के आरोपी कश्मीरी आतंकी अफजल गुरु के मामले में भी जेठमलानी ने पैरवी की थी. अफजल को अदालत ने फांसी की सजा दी थी जिसके खिलाफ जेठमलानी ने केस लड़ा. लेकिन उन्हें कामयाबी नहीं मिली.  यौन उत्पीड़न के अलग-अलग मामलों में आसाराम बापू जेल में बंद है. उनके बचाव में जेठमलानी केस लड़ चुके हैं. आसाराम का मामला अभी भी अदालत में चल रहा है.टिप्पणियां हाई प्रोफाइल जेसिका लाल मर्डर केस में जेठमलानी ने हत्या के आरोपी मनु शर्मा का अदालत में बचाव किया था.  जेठमलानी अदालत में दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल का भी बचाव कर चुके हैं. दरअसल, केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने मुख्‍यमंत्री केजरीवाल के ख‍िलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था. पहले तो जेठमलानी ने कहा था कि वो फ्री में केस लड़ेंगे लेकिन बाद में उन्‍होंने इसके लिए 3.42 करोड़ रुपये की फीस मांगी. जेठमलानी ने शाहबुद्दीन और तुलसीराम प्रजापति के फर्जी एनकाउंटर मामले में गुजरात के तत्‍कालीन गृहमंत्री और वर्तमान में बीजेपी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अमित शाह की पैरवी की थी.  संसद पर हमले के आरोपी कश्मीरी आतंकी अफजल गुरु के मामले में भी जेठमलानी ने पैरवी की थी. अफजल को अदालत ने फांसी की सजा दी थी जिसके खिलाफ जेठमलानी ने केस लड़ा. लेकिन उन्हें कामयाबी नहीं मिली.  यौन उत्पीड़न के अलग-अलग मामलों में आसाराम बापू जेल में बंद है. उनके बचाव में जेठमलानी केस लड़ चुके हैं. आसाराम का मामला अभी भी अदालत में चल रहा है.टिप्पणियां हाई प्रोफाइल जेसिका लाल मर्डर केस में जेठमलानी ने हत्या के आरोपी मनु शर्मा का अदालत में बचाव किया था.  जेठमलानी अदालत में दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल का भी बचाव कर चुके हैं. दरअसल, केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने मुख्‍यमंत्री केजरीवाल के ख‍िलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था. पहले तो जेठमलानी ने कहा था कि वो फ्री में केस लड़ेंगे लेकिन बाद में उन्‍होंने इसके लिए 3.42 करोड़ रुपये की फीस मांगी. संसद पर हमले के आरोपी कश्मीरी आतंकी अफजल गुरु के मामले में भी जेठमलानी ने पैरवी की थी. अफजल को अदालत ने फांसी की सजा दी थी जिसके खिलाफ जेठमलानी ने केस लड़ा. लेकिन उन्हें कामयाबी नहीं मिली.  यौन उत्पीड़न के अलग-अलग मामलों में आसाराम बापू जेल में बंद है. उनके बचाव में जेठमलानी केस लड़ चुके हैं. आसाराम का मामला अभी भी अदालत में चल रहा है.टिप्पणियां हाई प्रोफाइल जेसिका लाल मर्डर केस में जेठमलानी ने हत्या के आरोपी मनु शर्मा का अदालत में बचाव किया था.  जेठमलानी अदालत में दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल का भी बचाव कर चुके हैं. दरअसल, केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने मुख्‍यमंत्री केजरीवाल के ख‍िलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था. पहले तो जेठमलानी ने कहा था कि वो फ्री में केस लड़ेंगे लेकिन बाद में उन्‍होंने इसके लिए 3.42 करोड़ रुपये की फीस मांगी. यौन उत्पीड़न के अलग-अलग मामलों में आसाराम बापू जेल में बंद है. उनके बचाव में जेठमलानी केस लड़ चुके हैं. आसाराम का मामला अभी भी अदालत में चल रहा है.टिप्पणियां हाई प्रोफाइल जेसिका लाल मर्डर केस में जेठमलानी ने हत्या के आरोपी मनु शर्मा का अदालत में बचाव किया था.  जेठमलानी अदालत में दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल का भी बचाव कर चुके हैं. दरअसल, केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने मुख्‍यमंत्री केजरीवाल के ख‍िलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था. पहले तो जेठमलानी ने कहा था कि वो फ्री में केस लड़ेंगे लेकिन बाद में उन्‍होंने इसके लिए 3.42 करोड़ रुपये की फीस मांगी. हाई प्रोफाइल जेसिका लाल मर्डर केस में जेठमलानी ने हत्या के आरोपी मनु शर्मा का अदालत में बचाव किया था.  जेठमलानी अदालत में दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल का भी बचाव कर चुके हैं. दरअसल, केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने मुख्‍यमंत्री केजरीवाल के ख‍िलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था. पहले तो जेठमलानी ने कहा था कि वो फ्री में केस लड़ेंगे लेकिन बाद में उन्‍होंने इसके लिए 3.42 करोड़ रुपये की फीस मांगी. जेठमलानी अदालत में दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल का भी बचाव कर चुके हैं. दरअसल, केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने मुख्‍यमंत्री केजरीवाल के ख‍िलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था. पहले तो जेठमलानी ने कहा था कि वो फ्री में केस लड़ेंगे लेकिन बाद में उन्‍होंने इसके लिए 3.42 करोड़ रुपये की फीस मांगी.
यह एक सारांश है: जेठमलानी नेवी अफसर केएम नानावटी का केस लड़ चुके हैं पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के हत्‍यारों की भी पैरवी स्‍मलिंग के मामले में अंडरवर्ल्‍ड डॉन हाजी मस्‍तान के वकील थे
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: निजी डीबीसी टीवी ने 300 में से 299 सीटों के नतीजे दिखाए. सत्तारूढ़ अवामी लीग के नेतृत्व वाले महागठबंधन ने 266 सीटें जीतीं जबकि उसकी सहयोगी जातीय पार्टी ने 21 सीटें हासिल कीं.  विपक्षी नेशनल यूनिटी फ्रंट (यूएनएफ) को सिर्फ सात सीटों पर जीत मिली. यूएनएफ में बीएनपी मुख्य घटक थी. स्थानीय मीडिया के अनुसार निर्दलीय उम्मीदवारों को दो सीटों पर कामयाबी मिली. एक उम्मीदवार की मौत हो जाने की वजह से एक सीट पर चुनाव स्थगित कर दिया गया था.     चुनाव आयोग ने दक्षिण पश्चिम गोपालगंज सीट के पूरे नतीजे की पुष्टि की. वहां पर प्रधानमंत्री शेख हसीना ने दो लाख 29 हजार 539 वोटों से जीत दर्ज की है, जबकि विपक्षी बीएनपी के उम्मीदवार को मात्र 123 वोट मिले.      हुसैन गोनो फोरम पार्टी के प्रमुख हैं.हुसैन ने चुनाव आयोग से अनुरोध किया, ''हम आपसे इस चुनाव को तुरंत रद्द करने की मांग करते हैं.''उन्होंने दावा किया, ''हमें खबर मिली है कि सभी मतदान केंद्रों पर फर्जीवाड़ा हुआ है.'' बीएनपी महासचिव मिर्जा फखरूल इस्लाम आलमगीर ने चुनाव को 'क्रूर मजाक' बताया. वह अपनी उत्तर पश्चिमी सीट से चुनाव जीतने में कामयाब रहे. पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की अनुपस्थिति में वही पार्टी की कमान संभाल रहे हैं. इन नतीजों के बाद जहां शेख हसीना चौथी बार देश की प्रधानमंत्री बनेंगी वहीं उनकी मुख्य प्रतिद्वंद्वी खालिदा जिया ढाका जेल में अनिश्चित भविष्य का सामना कर रही हैं. वह कथित तौर पर आंशिक रूप से लकवाग्रस्त भी हैं.
यहाँ एक सारांश है:बांग्लादेश में प्रधानमंत्री शेख हसीना की शानदार जीत चुनाव के दौरान भड़की हिंसा, 17 लोगों की मौत विपक्ष ने चुनाव में धांधली का लगाया आरोप
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['hin']
एक सारांश बनाओ: मुंबई और दिल्ली में दो महीने से भी कम अवधि पर हुए बम विस्फोटों की जांच में कुछ महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं लेकिन अब तक किसी ऐसे आरोपी की पहचान नहीं हो सकती है, जिसने इन विस्फोटों की योजना बनाई या उसे अंजाम देने में मदद की। केन्द्रीय गृह मंत्री ने सितंबर महीने की अपने मंत्रालय की रिपोर्ट पेश करते हुए कहा कि सात सितंबर को दिल्ली में बहुत बड़ा बम विस्फोट हुआ, जिसमें 15 लोग मारे गए और 86 अन्य घायल हो गए। उन्होंने कहा कि अपराध की गंभीरता को देखते हुए मामला राष्ट्रीय जांच एजेंसी के हवाले करने का फैसला किया गया। कोई सुराग हाथ लगा है या नहीं, इस सवाल पर गृह मंत्री ने कहा, यदि आप पूछ रहे हैं कि क्या महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगा है तो जवाब है हां। अगर आप पूछ रहे हैं कि क्या किसी आरोपी की पहचान हो गई है तो जवाब है नहीं, अब तक नहीं। मुंबई में तीन जगहों पर 13 जुलाई को हुए विस्फोटों में 24 लोग मारे गए थे। दिल्ली उच्च न्यायालय में सात सितंबर को विस्फोट हुआ तथा, जिसमें 15 लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा था।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: मुंबई और दिल्ली में दो महीने से भी कम अवधि पर हुए बम विस्फोटों की जांच में कुछ महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं।
32
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: इस्राइली राष्ट्रपति शिमॉन पेरेज ने कहा है कि रूस सीरिया में खूनखराबा रोक सकता है और मध्य-पूर्व में शांति ला सकता है। समाचार एजेंसी आरआईए नोवोस्ती के मुताबिक, पेरेज ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से गुरुवार को वार्ता के बाद कहा, सीरिया के साथ लगी सीमा पर बरसों से खामोशी है और हम इसे ऐसे ही बरकरार रखना चाहते हैं।टिप्पणियां उन्होंने कहा, मैं रूस में विश्वास करता हूं और उसकी महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। वह सीरिया में खूनखराब रोक सकता है और न केवल सीरिया बल्कि मध्य पूर्व में शांति व सुरक्षा ला सकता है। सीरियाई विपक्षी समूहों के मुताबिक, वहां जारी संघर्ष में अब तक हजारों लोग मारे जा चुके हैं। संयुक्त राष्ट्र ने मरने वालों की तादाद 20,000-30,000 बताई है। समाचार एजेंसी आरआईए नोवोस्ती के मुताबिक, पेरेज ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से गुरुवार को वार्ता के बाद कहा, सीरिया के साथ लगी सीमा पर बरसों से खामोशी है और हम इसे ऐसे ही बरकरार रखना चाहते हैं।टिप्पणियां उन्होंने कहा, मैं रूस में विश्वास करता हूं और उसकी महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। वह सीरिया में खूनखराब रोक सकता है और न केवल सीरिया बल्कि मध्य पूर्व में शांति व सुरक्षा ला सकता है। सीरियाई विपक्षी समूहों के मुताबिक, वहां जारी संघर्ष में अब तक हजारों लोग मारे जा चुके हैं। संयुक्त राष्ट्र ने मरने वालों की तादाद 20,000-30,000 बताई है। उन्होंने कहा, मैं रूस में विश्वास करता हूं और उसकी महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। वह सीरिया में खूनखराब रोक सकता है और न केवल सीरिया बल्कि मध्य पूर्व में शांति व सुरक्षा ला सकता है। सीरियाई विपक्षी समूहों के मुताबिक, वहां जारी संघर्ष में अब तक हजारों लोग मारे जा चुके हैं। संयुक्त राष्ट्र ने मरने वालों की तादाद 20,000-30,000 बताई है। सीरियाई विपक्षी समूहों के मुताबिक, वहां जारी संघर्ष में अब तक हजारों लोग मारे जा चुके हैं। संयुक्त राष्ट्र ने मरने वालों की तादाद 20,000-30,000 बताई है।
संक्षिप्त सारांश: इस्राइली राष्ट्रपति शिमॉन पेरेज ने कहा है कि रूस सीरिया में खूनखराबा रोक सकता है और मध्य-पूर्व में शांति ला सकता है।
23
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारत बंद को लेकर असम की सरकार ने सख्ती बरती है। असम सरकार का कोई कर्मचारी भारत बंद के चलते अगर आज दफ्तर नहीं पहुंचा, तो उसकी सैलरी कटेगी और उस पर अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है।टिप्पणियां सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर सभी सरकारी दफ्तर खुले रखने और सामान्य दिनों की तरह काम करने का निर्देश जारी किया है। इस निर्देश में कहा गया है कि आज अगर कोई कर्मचारी दफ्तर नहीं आता है, तो उसकी सैलरी काटी जाए और उसके खिलाफ जरूरी कार्रवाई की जाए। बीजेपी के नेतृत्व में एनडीए ने आज पूरे देश में बंद बुलाया है, लेकिन असम की कांग्रेस सरकार ने बंद को बेअसर करने के लिए इस तरह के कदम उठाए हैं। सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर सभी सरकारी दफ्तर खुले रखने और सामान्य दिनों की तरह काम करने का निर्देश जारी किया है। इस निर्देश में कहा गया है कि आज अगर कोई कर्मचारी दफ्तर नहीं आता है, तो उसकी सैलरी काटी जाए और उसके खिलाफ जरूरी कार्रवाई की जाए। बीजेपी के नेतृत्व में एनडीए ने आज पूरे देश में बंद बुलाया है, लेकिन असम की कांग्रेस सरकार ने बंद को बेअसर करने के लिए इस तरह के कदम उठाए हैं। बीजेपी के नेतृत्व में एनडीए ने आज पूरे देश में बंद बुलाया है, लेकिन असम की कांग्रेस सरकार ने बंद को बेअसर करने के लिए इस तरह के कदम उठाए हैं।
सारांश: असम सरकार का कोई कर्मचारी भारत बंद के चलते अगर आज दफ्तर नहीं पहुंचा, तो उसकी सैलरी कटेगी और उस पर अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है।
33
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बिना पहले सूचना दिए उड़ानें रद्द करने के मामले पर कड़ा रवैया अपनाते हुए डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन−यानी डीजीसीए ने किंगफिशर से बुधवार तक नया शेड्यूल बनाने को कहा है। आज किंगफिशर के सीईओ संजय अग्रवाल की पेशी के बाद सीजीसीए प्रमुख भारत भूषण ने कहा कि किंगफिशर के 64 में से 28 विमान अभी उड़ रहे हैं जिनका नया शेड्यूल तैयार करने को कहा गया है। साथ ही एयरलाइंस से यह भी कहा गया है कि वह उड़ान रद्द होने की सूचना यात्रियों को पहले से दें। इसके अलावा मौजूदा बेड़े की सुरक्षा पर भी ध्यान देने को कहा गया है। भूषण ने कहा कि किंगफिशर ने भरोसा दिलाया है कि कर्मचारियों की दिसंबर की सैलरी फरवरी तक दे दी जाएगी। पिछले छह दिनों से किंगफिशर की उड़ानें रद्द हो रही हैं जिससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है। देशभर में किंगफिशर की 40 उड़ानें आज भी रद्द हुई हैं। इनमें मुंबई से 28 और दिल्ली से छह उड़ानें शामिल हैं। सोमवार को भी देशभर में 40 उड़ानें रद्द हुई थीं जिससे लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। किंगफिशर की बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द होने के चलते पहले से परेशान यात्रियों की मुश्किलें दूसरी एयरलाइंस ने बढ़ा दी हैं। मौके का फायदा उठाते हुए दूसरी एयरलाइंस ने 10 से 25 फीसदी तक किराया बढ़ा दिया है। कुछ व्यस्त रूटों पर तो किराया 45 फीसदी तक बढ़ा दिया है। पिछले छह दिनों से किंगफिशर की उड़ानें रद्द हो रही हैं जिससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है। देशभर में किंगफिशर की 40 उड़ानें आज भी रद्द हुई हैं। इनमें मुंबई से 28 और दिल्ली से छह उड़ानें शामिल हैं। सोमवार को भी देशभर में 40 उड़ानें रद्द हुई थीं जिससे लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। किंगफिशर की बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द होने के चलते पहले से परेशान यात्रियों की मुश्किलें दूसरी एयरलाइंस ने बढ़ा दी हैं। मौके का फायदा उठाते हुए दूसरी एयरलाइंस ने 10 से 25 फीसदी तक किराया बढ़ा दिया है। कुछ व्यस्त रूटों पर तो किराया 45 फीसदी तक बढ़ा दिया है।
संक्षिप्त सारांश: आज किंगफिशर के सीईओ संजय अग्रवाल की पेशी के बाद सीजीसीए प्रमुख भारत भूषण ने कहा कि किंगफिशर के 64 में से 28 विमान अभी उड़ रहे हैं जिनका नया शेड्यूल तैयार करने को कहा गया है।
10
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: दक्षिण अफ़्रीका के खिलाफ़ टीम इंडिया वनडे सीरीज़ में शानदार प्रदर्शन कर रही है और प्रोटियाज़ के 3 मुख्य खिलाड़ी चोटिल होने के बाद पलड़ा भारतीय टीम का ही भारी दिख रहा है. भारतीय टीम हर छोर पर मजबूत नजर आ रही है. लेकिन, एक खिलाड़ी अब भी रनों के लिए तरसता दिख रहा है और वह हैं रोहित शर्मा. रोहित शर्मा वनडे क्रिकेट के सबसे ख़तरनाक बल्लेबाज़ों में से एक हैं. इस फ़ॉरमैट में तीन दोहरे शतक लगाने वाले एकमात्र बल्लेबाज़ और सलामी बल्लेबाज़ी में निरंतरता भी किसी से कम नहीं लेकिन इन नंबरों पर गौर कीजिए- 11, 10, 10, 47, 20, 15.IND VS SA: टीम इंडिया के 'ये पांच तीर' करेंगे दक्षिण अफ्रीका को केपटाउन में तीसरे वनडे में भी बेहाल! ये रोहित शर्मा की इस दौरे पर दक्षिण अफ़्रीका में खेली 6 पारियों के स्कोर हैं. टेस्ट और वनडे की 6 पारियों में कुल 18.83 की औसत और क्या ये चिंता की बात है? वनडे में शायद नहीं, क्योंकि उन्होंने वो मुकाम हासिल कर लिया है लेकिन टीम इंडिया के मुख्य कोच रवि शास्त्री के बयान के तहत फ़ॉर्म और हालात को चयन के वक्त ध्यान में रखना होगा. आखिर यही वजह बताई गई जब टेस्ट में अजिंक्य रहाणे और भुवनेश्वर कुमार को बाहर किया गया था. अब देखना यह है कि रोहित शर्मा आखिर दक्षिण अफ़्रीकी हालात में कैसा खेलते हैं. IND VS SA: दक्षिण अफ्रीकी टीम पर गहरा संकट, पर 'यह चोटिल दिग्गज' गोल्फ खेल रहा!टिप्पणियां दक्षिण अफ़्रीका में रोहित शर्मा ने टेस्ट खेले हैं. औसत 15.37 की है और सेंचुरियन की उपमहाद्वीप जैसी पिच पर 47 रन का उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर तब आया जब टीम हार के क़रीब थी. टेस्ट बीत चुके हैं, फ़िलहाल वनडे जारी हैं. जिस फ़ॉरमैट के वो हिटमैन हैं, दक्षिण अफ़्रीका में खेले 10 वनडे मैचों में रोहित शर्मा ने 121 रन 13.44 की औसत से बनाए हैं. स्ट्राइक रेट 56.01 का है. गौरतलब ये है कि टेस्ट और वनडे में एक भी अर्धशतक तक वो नहीं लगे सके हैं. रोहित एमएस धोनी के बाद इस टीम के दूसरे सबसे सीनियर खिलाड़ी हैं. मौक़े भी रोहित को बाक़ी खिलाड़ियों से ज्यादा ही मिले हैं. ऐसे में टीम इंडिया, और खासतौर पर कप्तान विराट कोहली और कोच रवि शास्त्री के भरोसे का जवाब रोहित को रन बनाकर देना होगा क्योंकि ये सच है कि वो इस फ़ॉरमैट के सबसे ख़तरनाक बल्लेबाज़ों में शुमार हैं. IND VS SA: टीम इंडिया के 'ये पांच तीर' करेंगे दक्षिण अफ्रीका को केपटाउन में तीसरे वनडे में भी बेहाल! ये रोहित शर्मा की इस दौरे पर दक्षिण अफ़्रीका में खेली 6 पारियों के स्कोर हैं. टेस्ट और वनडे की 6 पारियों में कुल 18.83 की औसत और क्या ये चिंता की बात है? वनडे में शायद नहीं, क्योंकि उन्होंने वो मुकाम हासिल कर लिया है लेकिन टीम इंडिया के मुख्य कोच रवि शास्त्री के बयान के तहत फ़ॉर्म और हालात को चयन के वक्त ध्यान में रखना होगा. आखिर यही वजह बताई गई जब टेस्ट में अजिंक्य रहाणे और भुवनेश्वर कुमार को बाहर किया गया था. अब देखना यह है कि रोहित शर्मा आखिर दक्षिण अफ़्रीकी हालात में कैसा खेलते हैं. IND VS SA: दक्षिण अफ्रीकी टीम पर गहरा संकट, पर 'यह चोटिल दिग्गज' गोल्फ खेल रहा!टिप्पणियां दक्षिण अफ़्रीका में रोहित शर्मा ने टेस्ट खेले हैं. औसत 15.37 की है और सेंचुरियन की उपमहाद्वीप जैसी पिच पर 47 रन का उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर तब आया जब टीम हार के क़रीब थी. टेस्ट बीत चुके हैं, फ़िलहाल वनडे जारी हैं. जिस फ़ॉरमैट के वो हिटमैन हैं, दक्षिण अफ़्रीका में खेले 10 वनडे मैचों में रोहित शर्मा ने 121 रन 13.44 की औसत से बनाए हैं. स्ट्राइक रेट 56.01 का है. गौरतलब ये है कि टेस्ट और वनडे में एक भी अर्धशतक तक वो नहीं लगे सके हैं. रोहित एमएस धोनी के बाद इस टीम के दूसरे सबसे सीनियर खिलाड़ी हैं. मौक़े भी रोहित को बाक़ी खिलाड़ियों से ज्यादा ही मिले हैं. ऐसे में टीम इंडिया, और खासतौर पर कप्तान विराट कोहली और कोच रवि शास्त्री के भरोसे का जवाब रोहित को रन बनाकर देना होगा क्योंकि ये सच है कि वो इस फ़ॉरमैट के सबसे ख़तरनाक बल्लेबाज़ों में शुमार हैं. ये रोहित शर्मा की इस दौरे पर दक्षिण अफ़्रीका में खेली 6 पारियों के स्कोर हैं. टेस्ट और वनडे की 6 पारियों में कुल 18.83 की औसत और क्या ये चिंता की बात है? वनडे में शायद नहीं, क्योंकि उन्होंने वो मुकाम हासिल कर लिया है लेकिन टीम इंडिया के मुख्य कोच रवि शास्त्री के बयान के तहत फ़ॉर्म और हालात को चयन के वक्त ध्यान में रखना होगा. आखिर यही वजह बताई गई जब टेस्ट में अजिंक्य रहाणे और भुवनेश्वर कुमार को बाहर किया गया था. अब देखना यह है कि रोहित शर्मा आखिर दक्षिण अफ़्रीकी हालात में कैसा खेलते हैं. IND VS SA: दक्षिण अफ्रीकी टीम पर गहरा संकट, पर 'यह चोटिल दिग्गज' गोल्फ खेल रहा!टिप्पणियां दक्षिण अफ़्रीका में रोहित शर्मा ने टेस्ट खेले हैं. औसत 15.37 की है और सेंचुरियन की उपमहाद्वीप जैसी पिच पर 47 रन का उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर तब आया जब टीम हार के क़रीब थी. टेस्ट बीत चुके हैं, फ़िलहाल वनडे जारी हैं. जिस फ़ॉरमैट के वो हिटमैन हैं, दक्षिण अफ़्रीका में खेले 10 वनडे मैचों में रोहित शर्मा ने 121 रन 13.44 की औसत से बनाए हैं. स्ट्राइक रेट 56.01 का है. गौरतलब ये है कि टेस्ट और वनडे में एक भी अर्धशतक तक वो नहीं लगे सके हैं. रोहित एमएस धोनी के बाद इस टीम के दूसरे सबसे सीनियर खिलाड़ी हैं. मौक़े भी रोहित को बाक़ी खिलाड़ियों से ज्यादा ही मिले हैं. ऐसे में टीम इंडिया, और खासतौर पर कप्तान विराट कोहली और कोच रवि शास्त्री के भरोसे का जवाब रोहित को रन बनाकर देना होगा क्योंकि ये सच है कि वो इस फ़ॉरमैट के सबसे ख़तरनाक बल्लेबाज़ों में शुमार हैं.  IND VS SA: दक्षिण अफ्रीकी टीम पर गहरा संकट, पर 'यह चोटिल दिग्गज' गोल्फ खेल रहा!टिप्पणियां दक्षिण अफ़्रीका में रोहित शर्मा ने टेस्ट खेले हैं. औसत 15.37 की है और सेंचुरियन की उपमहाद्वीप जैसी पिच पर 47 रन का उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर तब आया जब टीम हार के क़रीब थी. टेस्ट बीत चुके हैं, फ़िलहाल वनडे जारी हैं. जिस फ़ॉरमैट के वो हिटमैन हैं, दक्षिण अफ़्रीका में खेले 10 वनडे मैचों में रोहित शर्मा ने 121 रन 13.44 की औसत से बनाए हैं. स्ट्राइक रेट 56.01 का है. गौरतलब ये है कि टेस्ट और वनडे में एक भी अर्धशतक तक वो नहीं लगे सके हैं. रोहित एमएस धोनी के बाद इस टीम के दूसरे सबसे सीनियर खिलाड़ी हैं. मौक़े भी रोहित को बाक़ी खिलाड़ियों से ज्यादा ही मिले हैं. ऐसे में टीम इंडिया, और खासतौर पर कप्तान विराट कोहली और कोच रवि शास्त्री के भरोसे का जवाब रोहित को रन बनाकर देना होगा क्योंकि ये सच है कि वो इस फ़ॉरमैट के सबसे ख़तरनाक बल्लेबाज़ों में शुमार हैं. दक्षिण अफ़्रीका में रोहित शर्मा ने टेस्ट खेले हैं. औसत 15.37 की है और सेंचुरियन की उपमहाद्वीप जैसी पिच पर 47 रन का उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर तब आया जब टीम हार के क़रीब थी. टेस्ट बीत चुके हैं, फ़िलहाल वनडे जारी हैं. जिस फ़ॉरमैट के वो हिटमैन हैं, दक्षिण अफ़्रीका में खेले 10 वनडे मैचों में रोहित शर्मा ने 121 रन 13.44 की औसत से बनाए हैं. स्ट्राइक रेट 56.01 का है. गौरतलब ये है कि टेस्ट और वनडे में एक भी अर्धशतक तक वो नहीं लगे सके हैं. रोहित एमएस धोनी के बाद इस टीम के दूसरे सबसे सीनियर खिलाड़ी हैं. मौक़े भी रोहित को बाक़ी खिलाड़ियों से ज्यादा ही मिले हैं. ऐसे में टीम इंडिया, और खासतौर पर कप्तान विराट कोहली और कोच रवि शास्त्री के भरोसे का जवाब रोहित को रन बनाकर देना होगा क्योंकि ये सच है कि वो इस फ़ॉरमैट के सबसे ख़तरनाक बल्लेबाज़ों में शुमार हैं. रोहित एमएस धोनी के बाद इस टीम के दूसरे सबसे सीनियर खिलाड़ी हैं. मौक़े भी रोहित को बाक़ी खिलाड़ियों से ज्यादा ही मिले हैं. ऐसे में टीम इंडिया, और खासतौर पर कप्तान विराट कोहली और कोच रवि शास्त्री के भरोसे का जवाब रोहित को रन बनाकर देना होगा क्योंकि ये सच है कि वो इस फ़ॉरमैट के सबसे ख़तरनाक बल्लेबाज़ों में शुमार हैं.
संक्षिप्त पाठ: दक्षिण अफ़्रीका के खिलाफ़ टीम इंडिया वनडे सीरीज़ में शानदार प्रदर्शन कर रही रोहित शर्मा की दक्षिण अफ़्रीका में परफॉर्मेंस पर रहेगी नजर यहां टेस्ट और वनडे में एक भी अर्धशतक तक वो नहीं लगे सके हैं
13
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: देश के शेयर बाजारों में शुक्रवार को उछाल दर्ज किया गया। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 403.58 अंकों की तेजी के साथ 18,752.83 और निफ्टी 136.90 अंकों की तेजी के साथ 5,691.15 पर बंद हुआ।          मुम्बई स्टॉक एक्सचेंज(बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 61.95 अंकों की तेजी के साथ 18,411.20 पर खुला और 403.58 अंकों या 2.20 फीसदी की तेजी के साथ 18,752.83 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में सेंसेक्स ने 18,866.87 के ऊपरी और 18,411.20 के निचले स्तर को छुआ। सेंसेक्स के 30 में से 26 शेयरों में तेजी रही। भेल (7.12 फीसदी), जिंदल स्टील (6.41 फीसदी), स्टरलाइट इंडस्ट्री (5.20 फीसदी), एसबीआई (4.30 फीसदी) और आईसीआईसीआई बैंक (4.19 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।   सेंसेक्स में गिरावट वाले चार शेयरों में रहे डॉ. रेड्डीज लैब (1.38 फीसदी), टीसीएस (1.38 फीसदी), इंफोसिस (0.80 फीसदी) और सन फार्मा (0.10 फीसदी)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 22.75 अंकों की तेजी के साथ 5,577.00 पर खुला और 136.90 अंकों या 2.46 फीसदी तेजी के साथ 5,691.15 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी ने 5,720.00 के ऊपरी और 5,575.45 के निचले स्तर को छुआ।     बीएसई की मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी देखी गई। मिडकैप सूचकांक 102.15अंकों की तेजी के साथ 6,432.43 पर और स्मॉलकैप सूचकांक 98.24 अंकों की तेजी के साथ 6,809.21 पर बंद हुआ।        बीएसई के 13 सेक्टरों में से 11 सेक्टरों में तेजी देखी गई। बिजली (4.35 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (4.12 फीसदी), धातु ( 4.06 फीसदी), बैकिंग (4.05 फीसदी) और सार्वजनिक कम्पनियां (2.74 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। टिप्पणियां बीएसई के दो सेक्टरों सूचना प्रौद्योगिकी (0.68 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (0.04 फीसदी) में गिरावट रही। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1815 शेयरों में तेजी और 1102 में गिरावट रही, जबकि 123  शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ। सेंसेक्स के 30 में से 26 शेयरों में तेजी रही। भेल (7.12 फीसदी), जिंदल स्टील (6.41 फीसदी), स्टरलाइट इंडस्ट्री (5.20 फीसदी), एसबीआई (4.30 फीसदी) और आईसीआईसीआई बैंक (4.19 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।   सेंसेक्स में गिरावट वाले चार शेयरों में रहे डॉ. रेड्डीज लैब (1.38 फीसदी), टीसीएस (1.38 फीसदी), इंफोसिस (0.80 फीसदी) और सन फार्मा (0.10 फीसदी)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 22.75 अंकों की तेजी के साथ 5,577.00 पर खुला और 136.90 अंकों या 2.46 फीसदी तेजी के साथ 5,691.15 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी ने 5,720.00 के ऊपरी और 5,575.45 के निचले स्तर को छुआ।     बीएसई की मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी देखी गई। मिडकैप सूचकांक 102.15अंकों की तेजी के साथ 6,432.43 पर और स्मॉलकैप सूचकांक 98.24 अंकों की तेजी के साथ 6,809.21 पर बंद हुआ।        बीएसई के 13 सेक्टरों में से 11 सेक्टरों में तेजी देखी गई। बिजली (4.35 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (4.12 फीसदी), धातु ( 4.06 फीसदी), बैकिंग (4.05 फीसदी) और सार्वजनिक कम्पनियां (2.74 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। टिप्पणियां बीएसई के दो सेक्टरों सूचना प्रौद्योगिकी (0.68 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (0.04 फीसदी) में गिरावट रही। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1815 शेयरों में तेजी और 1102 में गिरावट रही, जबकि 123  शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 22.75 अंकों की तेजी के साथ 5,577.00 पर खुला और 136.90 अंकों या 2.46 फीसदी तेजी के साथ 5,691.15 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी ने 5,720.00 के ऊपरी और 5,575.45 के निचले स्तर को छुआ।     बीएसई की मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी देखी गई। मिडकैप सूचकांक 102.15अंकों की तेजी के साथ 6,432.43 पर और स्मॉलकैप सूचकांक 98.24 अंकों की तेजी के साथ 6,809.21 पर बंद हुआ।        बीएसई के 13 सेक्टरों में से 11 सेक्टरों में तेजी देखी गई। बिजली (4.35 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (4.12 फीसदी), धातु ( 4.06 फीसदी), बैकिंग (4.05 फीसदी) और सार्वजनिक कम्पनियां (2.74 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। टिप्पणियां बीएसई के दो सेक्टरों सूचना प्रौद्योगिकी (0.68 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (0.04 फीसदी) में गिरावट रही। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1815 शेयरों में तेजी और 1102 में गिरावट रही, जबकि 123  शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ। बीएसई के दो सेक्टरों सूचना प्रौद्योगिकी (0.68 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (0.04 फीसदी) में गिरावट रही। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1815 शेयरों में तेजी और 1102 में गिरावट रही, जबकि 123  शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ। बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1815 शेयरों में तेजी और 1102 में गिरावट रही, जबकि 123  शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ।
संक्षिप्त पाठ: सेंसेक्स आज 403.58 अंकों के उछाल के साथ 18752.83 और निफ्टी में 136.90 अंकों की तेजी के साथ 5691.15 पर बंद हुआ।
22
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने कहा है कि वह पड़ोसी देश अफगानिस्तान से विदेशी सैनिकों की वापसी में सहयोग करने को तैयार हैं, लेकिन उनके देश में अमेरिकी ड्रोन हमले अवश्य रुकने चाहिए, क्योंकि यह संप्रभुता का उल्लंघन है और कतई स्वीकार्य नहीं है। शरीफ के कार्यालय द्वारा शनिवार को जारी एक बयान में प्रधानमंत्री के हवाले से कहा गया है, ड्रोन हमले हमारी संप्रभुत्ता और साथ ही अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन करते हैं। ड्रोन हमले अवश्य रुकने चाहिए। हमने कई बार विरोध किया है। यह कतई स्वीकार्य नहीं है। प्रधानमंत्री ने कहा, पाकिस्तान-अफगानिस्तान से गठबंधन सैनिकों की वापसी में सहयोग को तैयार है और उम्मीद करता है कि अगले साल अमेरिकी तथा गठबंधन बलों की वापसी के बाद अफगान सेना तथा सुरक्षा बल हालात को संभालने में सक्षम होंगे।टिप्पणियां शुक्रवार को उत्तरी वजीरिस्तान में अमेरिकी ड्रोन हमले पर विरोध जताने के लिए अमेरिकी दूतावास के प्रभारी रिचर्ड होगलांद को विदेश कार्यालय में तलब किए जाने के कुछ ही घंटों के भीतर शरीफ की यह टिप्पणी आई है। विदेश कार्यालय ने कहा है कि प्रधानमंत्री के निर्देश पर विरोध दर्ज कराया गया। ड्रोन हमले पाकिस्तान-अमेरिका संबंधों में एक बड़ा अवरोधक हैं। हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने यह कहते हुए ड्रोन हमलों को सही ठहराया है कि ये पाकिस्तान के कबाइली इलाके में शरण लिए बैठे तालिबान और अल कायदा आतंकवादियों को निशाना बनाने के लिए महत्वपूर्ण हैं। शरीफ ने बुधवार को संसद के निचले सदन द्वारा औपचारिक रूप से उन्हें प्रधानमंत्री निर्वाचित किए जाने के बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से ड्रोन हमलों की मुखालफत की है। शरीफ के कार्यालय द्वारा शनिवार को जारी एक बयान में प्रधानमंत्री के हवाले से कहा गया है, ड्रोन हमले हमारी संप्रभुत्ता और साथ ही अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन करते हैं। ड्रोन हमले अवश्य रुकने चाहिए। हमने कई बार विरोध किया है। यह कतई स्वीकार्य नहीं है। प्रधानमंत्री ने कहा, पाकिस्तान-अफगानिस्तान से गठबंधन सैनिकों की वापसी में सहयोग को तैयार है और उम्मीद करता है कि अगले साल अमेरिकी तथा गठबंधन बलों की वापसी के बाद अफगान सेना तथा सुरक्षा बल हालात को संभालने में सक्षम होंगे।टिप्पणियां शुक्रवार को उत्तरी वजीरिस्तान में अमेरिकी ड्रोन हमले पर विरोध जताने के लिए अमेरिकी दूतावास के प्रभारी रिचर्ड होगलांद को विदेश कार्यालय में तलब किए जाने के कुछ ही घंटों के भीतर शरीफ की यह टिप्पणी आई है। विदेश कार्यालय ने कहा है कि प्रधानमंत्री के निर्देश पर विरोध दर्ज कराया गया। ड्रोन हमले पाकिस्तान-अमेरिका संबंधों में एक बड़ा अवरोधक हैं। हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने यह कहते हुए ड्रोन हमलों को सही ठहराया है कि ये पाकिस्तान के कबाइली इलाके में शरण लिए बैठे तालिबान और अल कायदा आतंकवादियों को निशाना बनाने के लिए महत्वपूर्ण हैं। शरीफ ने बुधवार को संसद के निचले सदन द्वारा औपचारिक रूप से उन्हें प्रधानमंत्री निर्वाचित किए जाने के बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से ड्रोन हमलों की मुखालफत की है। प्रधानमंत्री ने कहा, पाकिस्तान-अफगानिस्तान से गठबंधन सैनिकों की वापसी में सहयोग को तैयार है और उम्मीद करता है कि अगले साल अमेरिकी तथा गठबंधन बलों की वापसी के बाद अफगान सेना तथा सुरक्षा बल हालात को संभालने में सक्षम होंगे।टिप्पणियां शुक्रवार को उत्तरी वजीरिस्तान में अमेरिकी ड्रोन हमले पर विरोध जताने के लिए अमेरिकी दूतावास के प्रभारी रिचर्ड होगलांद को विदेश कार्यालय में तलब किए जाने के कुछ ही घंटों के भीतर शरीफ की यह टिप्पणी आई है। विदेश कार्यालय ने कहा है कि प्रधानमंत्री के निर्देश पर विरोध दर्ज कराया गया। ड्रोन हमले पाकिस्तान-अमेरिका संबंधों में एक बड़ा अवरोधक हैं। हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने यह कहते हुए ड्रोन हमलों को सही ठहराया है कि ये पाकिस्तान के कबाइली इलाके में शरण लिए बैठे तालिबान और अल कायदा आतंकवादियों को निशाना बनाने के लिए महत्वपूर्ण हैं। शरीफ ने बुधवार को संसद के निचले सदन द्वारा औपचारिक रूप से उन्हें प्रधानमंत्री निर्वाचित किए जाने के बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से ड्रोन हमलों की मुखालफत की है। शुक्रवार को उत्तरी वजीरिस्तान में अमेरिकी ड्रोन हमले पर विरोध जताने के लिए अमेरिकी दूतावास के प्रभारी रिचर्ड होगलांद को विदेश कार्यालय में तलब किए जाने के कुछ ही घंटों के भीतर शरीफ की यह टिप्पणी आई है। विदेश कार्यालय ने कहा है कि प्रधानमंत्री के निर्देश पर विरोध दर्ज कराया गया। ड्रोन हमले पाकिस्तान-अमेरिका संबंधों में एक बड़ा अवरोधक हैं। हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने यह कहते हुए ड्रोन हमलों को सही ठहराया है कि ये पाकिस्तान के कबाइली इलाके में शरण लिए बैठे तालिबान और अल कायदा आतंकवादियों को निशाना बनाने के लिए महत्वपूर्ण हैं। शरीफ ने बुधवार को संसद के निचले सदन द्वारा औपचारिक रूप से उन्हें प्रधानमंत्री निर्वाचित किए जाने के बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से ड्रोन हमलों की मुखालफत की है। हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने यह कहते हुए ड्रोन हमलों को सही ठहराया है कि ये पाकिस्तान के कबाइली इलाके में शरण लिए बैठे तालिबान और अल कायदा आतंकवादियों को निशाना बनाने के लिए महत्वपूर्ण हैं। शरीफ ने बुधवार को संसद के निचले सदन द्वारा औपचारिक रूप से उन्हें प्रधानमंत्री निर्वाचित किए जाने के बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से ड्रोन हमलों की मुखालफत की है।
यह एक सारांश है: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने कहा है कि वह पड़ोसी देश अफगानिस्तान से विदेशी सैनिकों की वापसी में सहयोग करने को तैयार हैं, लेकिन उनके देश में अमेरिकी ड्रोन हमले अवश्य रुकने चाहिए, क्योंकि यह संप्रभुता का उल्लंघन है।
24
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: एथलेटिक्‍स में भारत की शुरुआत उम्‍मीद के मुताबिक नहीं रही है. पुरुष वर्ग की 800 मीटर इवेंट में भारत के जिंसन जॉनसन और महिलाओं की शॉटपुट इवेंट में मनप्रीत कौर को क्‍वालिफिकेशन राउंड में ही बाहर होना पड़ा है. उधर, महिला शॉटपुट इवेंट में निराशाजनक प्रदर्शन करते हुए मनप्रीत ने क्‍वालिफिकेशन राउंड में 20वां स्‍थान हासिल किया. भारत को सबसे बड़ा झटका उस समय लगा जब उसके लिए पदक की उम्‍मीद माने जा रहे डिस्‍कस थ्रोअर विकास गौड़ा क्‍वालिफिकेशन राउंड में ही बाहर हो गए.विकास ने लंदन ओलिंपिक में अपनी इवेंट के फाइनल में स्‍थान बनाया था. विकास ने अपना सर्वश्रेष्‍ठ थ्रो 58.99 मीटर का फेंका. क्वालिफिकेशन हीट-3 में जॉनसन एक मिनट 47.27 सेकेंड का समय निकाल सके और नौ प्रतिभागियों में पांचवां स्थान हासिल कर सके. हीट-3 में एक मिनट 45.09 सेकेंड का समय निकालते हुए केन्या के डेविड लेकुटा रुडिशा पहले स्थान पर रहे. उधर, गोला फेंक के ग्रुप-बी के क्वालिफिकेशन राउंड में मनप्रीत 18 प्रतिभागियों में 13वें स्थान पर रहीं. मनप्रीत ने दूसरे प्रयास में अपना सर्वश्रेष्ठ 17.06 मीटर की दूरी हासिल की. पहले प्रयास में उन्होंने 16.68 मीटर और तीसरे प्रयास में 16.76 मीटर दूर गोला फेंका. एथलेटिक्‍स में पुरुषों की 20 किमी पैदल चाल में भारत के मनीष सिंह 13वें स्‍थान पर रहे. इवेंट में भाग लेने वाले दो भारतीय एथलीट गुरमीत सिंह और गनपति कृष्‍णन रेस के बीच में डिसक्‍वालीफाइड किए गए. इस इवेंट का गोल्‍ड और सिल्‍वर चीन के नाम रहा. झेन वांग ने गोल्‍ड, जेलिन काई ने सिल्‍वर और ऑस्‍ट्रेलिया के डेन स्मिथ बर्ड ने ब्रांज मैडल हासिल किया. टिप्पणियां गौरतलब है कि पेरिस में 1900 में हुए ओलिंपिक में नार्मन प्रिचार्ड के 200 मीटर के रजत पदक के बाद से भारत ने ओलिंपिक में एथलेटिक्स में कोई पदक नहीं जीता है. भारत का 34 सदस्यीय एथलेटिक्स दल रियो में पहुंचा है. दो महीने पहले इंडियन ग्रां प्री में 17.30 मीटर की कूद लगा चुके ट्रिपल जंपर खिलाड़ी रंजीत महेश्वरी पर भी नजरें होंगी. वह बीजिंग ओलिंपिक 2008 और लंदन ओलिंपिक 2012 में फ्लॉप रहे. वैसे इस बार भी उनकी राह आसान नहीं होगी.  कजाखस्तान में 8.19 मीटर की कूद लगाने वाले लांग जंपर अंकित शर्मा के प्रदर्शन में काफी सुधार आया है. उसने 8.09 मीटर का राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़कर रियो के लिए क्वालीफाई किया था. पिछले साल केरल में हुए राष्ट्रीय खेलों में आठ मीटर का मार्क पार करने वाले शर्मा ने साल की शुरुआत में दक्षिण एशियाई खेलों में पाकिस्तान के मोहम्मद इरफान का 27 साल पुराना 7. 89 मीटर का रिकॉर्ड तोड़ा. लंबी दूरी की दौड़ में रूसी कोच निकोलाइ स्नेसारेव के तीन शिष्यों ओपी जैशा, सुधा सिंह और ललिता बाबर पर नजरें होंगी. महिला फर्राटा दौड़ में 1980 के बाद पहली बार ओडिशा की दुती चंद ने क्वालीफाई किया है. दुती ने कहा,‘मैंने तमाम बाधाओं को पार करके अपना सपना पूरा करने की दहलीज पर कदम रखा है. मैं अच्छा प्रदर्शन करूंगी।’भारत के लिए आखिरी बार पीटी ऊषा ने मॉस्को ओलिंपिक 1980 में 100 मीटर दौड़ में भाग लिया था. ऊषा की शिष्या टिंटू लुका 800 मीटर दौड़ में उतरेंगी. क्वालिफिकेशन हीट-3 में जॉनसन एक मिनट 47.27 सेकेंड का समय निकाल सके और नौ प्रतिभागियों में पांचवां स्थान हासिल कर सके. हीट-3 में एक मिनट 45.09 सेकेंड का समय निकालते हुए केन्या के डेविड लेकुटा रुडिशा पहले स्थान पर रहे. उधर, गोला फेंक के ग्रुप-बी के क्वालिफिकेशन राउंड में मनप्रीत 18 प्रतिभागियों में 13वें स्थान पर रहीं. मनप्रीत ने दूसरे प्रयास में अपना सर्वश्रेष्ठ 17.06 मीटर की दूरी हासिल की. पहले प्रयास में उन्होंने 16.68 मीटर और तीसरे प्रयास में 16.76 मीटर दूर गोला फेंका. एथलेटिक्‍स में पुरुषों की 20 किमी पैदल चाल में भारत के मनीष सिंह 13वें स्‍थान पर रहे. इवेंट में भाग लेने वाले दो भारतीय एथलीट गुरमीत सिंह और गनपति कृष्‍णन रेस के बीच में डिसक्‍वालीफाइड किए गए. इस इवेंट का गोल्‍ड और सिल्‍वर चीन के नाम रहा. झेन वांग ने गोल्‍ड, जेलिन काई ने सिल्‍वर और ऑस्‍ट्रेलिया के डेन स्मिथ बर्ड ने ब्रांज मैडल हासिल किया. टिप्पणियां गौरतलब है कि पेरिस में 1900 में हुए ओलिंपिक में नार्मन प्रिचार्ड के 200 मीटर के रजत पदक के बाद से भारत ने ओलिंपिक में एथलेटिक्स में कोई पदक नहीं जीता है. भारत का 34 सदस्यीय एथलेटिक्स दल रियो में पहुंचा है. दो महीने पहले इंडियन ग्रां प्री में 17.30 मीटर की कूद लगा चुके ट्रिपल जंपर खिलाड़ी रंजीत महेश्वरी पर भी नजरें होंगी. वह बीजिंग ओलिंपिक 2008 और लंदन ओलिंपिक 2012 में फ्लॉप रहे. वैसे इस बार भी उनकी राह आसान नहीं होगी.  कजाखस्तान में 8.19 मीटर की कूद लगाने वाले लांग जंपर अंकित शर्मा के प्रदर्शन में काफी सुधार आया है. उसने 8.09 मीटर का राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़कर रियो के लिए क्वालीफाई किया था. पिछले साल केरल में हुए राष्ट्रीय खेलों में आठ मीटर का मार्क पार करने वाले शर्मा ने साल की शुरुआत में दक्षिण एशियाई खेलों में पाकिस्तान के मोहम्मद इरफान का 27 साल पुराना 7. 89 मीटर का रिकॉर्ड तोड़ा. लंबी दूरी की दौड़ में रूसी कोच निकोलाइ स्नेसारेव के तीन शिष्यों ओपी जैशा, सुधा सिंह और ललिता बाबर पर नजरें होंगी. महिला फर्राटा दौड़ में 1980 के बाद पहली बार ओडिशा की दुती चंद ने क्वालीफाई किया है. दुती ने कहा,‘मैंने तमाम बाधाओं को पार करके अपना सपना पूरा करने की दहलीज पर कदम रखा है. मैं अच्छा प्रदर्शन करूंगी।’भारत के लिए आखिरी बार पीटी ऊषा ने मॉस्को ओलिंपिक 1980 में 100 मीटर दौड़ में भाग लिया था. ऊषा की शिष्या टिंटू लुका 800 मीटर दौड़ में उतरेंगी. एथलेटिक्‍स में पुरुषों की 20 किमी पैदल चाल में भारत के मनीष सिंह 13वें स्‍थान पर रहे. इवेंट में भाग लेने वाले दो भारतीय एथलीट गुरमीत सिंह और गनपति कृष्‍णन रेस के बीच में डिसक्‍वालीफाइड किए गए. इस इवेंट का गोल्‍ड और सिल्‍वर चीन के नाम रहा. झेन वांग ने गोल्‍ड, जेलिन काई ने सिल्‍वर और ऑस्‍ट्रेलिया के डेन स्मिथ बर्ड ने ब्रांज मैडल हासिल किया. टिप्पणियां गौरतलब है कि पेरिस में 1900 में हुए ओलिंपिक में नार्मन प्रिचार्ड के 200 मीटर के रजत पदक के बाद से भारत ने ओलिंपिक में एथलेटिक्स में कोई पदक नहीं जीता है. भारत का 34 सदस्यीय एथलेटिक्स दल रियो में पहुंचा है. दो महीने पहले इंडियन ग्रां प्री में 17.30 मीटर की कूद लगा चुके ट्रिपल जंपर खिलाड़ी रंजीत महेश्वरी पर भी नजरें होंगी. वह बीजिंग ओलिंपिक 2008 और लंदन ओलिंपिक 2012 में फ्लॉप रहे. वैसे इस बार भी उनकी राह आसान नहीं होगी.  कजाखस्तान में 8.19 मीटर की कूद लगाने वाले लांग जंपर अंकित शर्मा के प्रदर्शन में काफी सुधार आया है. उसने 8.09 मीटर का राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़कर रियो के लिए क्वालीफाई किया था. पिछले साल केरल में हुए राष्ट्रीय खेलों में आठ मीटर का मार्क पार करने वाले शर्मा ने साल की शुरुआत में दक्षिण एशियाई खेलों में पाकिस्तान के मोहम्मद इरफान का 27 साल पुराना 7. 89 मीटर का रिकॉर्ड तोड़ा. लंबी दूरी की दौड़ में रूसी कोच निकोलाइ स्नेसारेव के तीन शिष्यों ओपी जैशा, सुधा सिंह और ललिता बाबर पर नजरें होंगी. महिला फर्राटा दौड़ में 1980 के बाद पहली बार ओडिशा की दुती चंद ने क्वालीफाई किया है. दुती ने कहा,‘मैंने तमाम बाधाओं को पार करके अपना सपना पूरा करने की दहलीज पर कदम रखा है. मैं अच्छा प्रदर्शन करूंगी।’भारत के लिए आखिरी बार पीटी ऊषा ने मॉस्को ओलिंपिक 1980 में 100 मीटर दौड़ में भाग लिया था. ऊषा की शिष्या टिंटू लुका 800 मीटर दौड़ में उतरेंगी. गौरतलब है कि पेरिस में 1900 में हुए ओलिंपिक में नार्मन प्रिचार्ड के 200 मीटर के रजत पदक के बाद से भारत ने ओलिंपिक में एथलेटिक्स में कोई पदक नहीं जीता है. भारत का 34 सदस्यीय एथलेटिक्स दल रियो में पहुंचा है. दो महीने पहले इंडियन ग्रां प्री में 17.30 मीटर की कूद लगा चुके ट्रिपल जंपर खिलाड़ी रंजीत महेश्वरी पर भी नजरें होंगी. वह बीजिंग ओलिंपिक 2008 और लंदन ओलिंपिक 2012 में फ्लॉप रहे. वैसे इस बार भी उनकी राह आसान नहीं होगी.  कजाखस्तान में 8.19 मीटर की कूद लगाने वाले लांग जंपर अंकित शर्मा के प्रदर्शन में काफी सुधार आया है. उसने 8.09 मीटर का राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़कर रियो के लिए क्वालीफाई किया था. पिछले साल केरल में हुए राष्ट्रीय खेलों में आठ मीटर का मार्क पार करने वाले शर्मा ने साल की शुरुआत में दक्षिण एशियाई खेलों में पाकिस्तान के मोहम्मद इरफान का 27 साल पुराना 7. 89 मीटर का रिकॉर्ड तोड़ा. लंबी दूरी की दौड़ में रूसी कोच निकोलाइ स्नेसारेव के तीन शिष्यों ओपी जैशा, सुधा सिंह और ललिता बाबर पर नजरें होंगी. महिला फर्राटा दौड़ में 1980 के बाद पहली बार ओडिशा की दुती चंद ने क्वालीफाई किया है. दुती ने कहा,‘मैंने तमाम बाधाओं को पार करके अपना सपना पूरा करने की दहलीज पर कदम रखा है. मैं अच्छा प्रदर्शन करूंगी।’भारत के लिए आखिरी बार पीटी ऊषा ने मॉस्को ओलिंपिक 1980 में 100 मीटर दौड़ में भाग लिया था. ऊषा की शिष्या टिंटू लुका 800 मीटर दौड़ में उतरेंगी. पिछले साल केरल में हुए राष्ट्रीय खेलों में आठ मीटर का मार्क पार करने वाले शर्मा ने साल की शुरुआत में दक्षिण एशियाई खेलों में पाकिस्तान के मोहम्मद इरफान का 27 साल पुराना 7. 89 मीटर का रिकॉर्ड तोड़ा. लंबी दूरी की दौड़ में रूसी कोच निकोलाइ स्नेसारेव के तीन शिष्यों ओपी जैशा, सुधा सिंह और ललिता बाबर पर नजरें होंगी. महिला फर्राटा दौड़ में 1980 के बाद पहली बार ओडिशा की दुती चंद ने क्वालीफाई किया है. दुती ने कहा,‘मैंने तमाम बाधाओं को पार करके अपना सपना पूरा करने की दहलीज पर कदम रखा है. मैं अच्छा प्रदर्शन करूंगी।’भारत के लिए आखिरी बार पीटी ऊषा ने मॉस्को ओलिंपिक 1980 में 100 मीटर दौड़ में भाग लिया था. ऊषा की शिष्या टिंटू लुका 800 मीटर दौड़ में उतरेंगी.
58.99 मीटर का सर्वश्रेष्‍ठ थ्रो ही फेंक पाए विकास गौड़ा 20 किमी पैदल चाल में भारत के मनीष सिंह 13वें स्‍थान पर रहे पुरुष वर्ग की 800 मीटर में भारत के जिंसन जॉनसन भी बाहर हुए
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सोमवार को टाटा संस के चेयरमैन पद से साइरस मिस्त्री को हटा दिया गया और उनकी जगह फिर से रतन टाटा ने अंतरिम पदभार संभाला. साइरस मिस्त्री ने करीब एक महीने पहले देश के सबसे बड़े कंपनियों के समूह- टाटा ग्रुप- के हेड के तौर पर अपने अनुभव के बारे में बात की थी. यह इंटरव्यू ग्रुप की कॉरपोरेट वेबसाइट टाटा डॉट कॉम ने लिया था. जैसे ही इस साइरस को हटाए जाने का ऐलान हुआ, उसके कुछ ही घंटे बाद टाटा की वेबसाइट से उनसे संबंधित लिंक, रेफरेंस और यहां तक कि यह इंटरव्यू भी हटा दिया गया. जिस लिंक की हम बात कर रहे हैं, उसके लिंक पर क्लिक करने पर मेसेज आता है-The page you are looking for has been moved or removed साइरस मिस्त्री ग्रुप के पहले ऐसे चेयरमैन थे जो भारत के नागरिक नहीं हैं. सितंबर में दिए गए साइरस के जिस इंटरव्यू की बात हम कर रहे हैं, उसका चुनिंदा अंश इस प्रकार हैं. उन्होंने कहा था कि- मैं जानता हूं कि मैं किसी एक कंपनी का नेतृत्व नहीं कर रहा हूं, बल्कि एक ऐसे अलहदा इंस्टीट्यूशन की पतवार मेरे हाथ में है जिसका समृद्ध और गौरवशाली इतिहास रहा है. मैं यह अच्छी तरह जानता था कि हमारी नींव बहुत मजबूत है जिसे पिछले 15 दशक से अधिक समय तक पाला-पोसा गया है, और अब हमें उन क्षमताओं को विकसित करना है कि अगले 150 सालों तक हम तरक्की के रास्ते बना सकें. इस इंटरव्यू में उन्होंने कहा था- चेयरमैन के पद की अपनी प्राथमिक अथॉरिटी पर टिके रहने के बजाय, मुझे हमारे सभी चीफ ऐग्जेक्यूटिव्स,बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स और बाहरी शेयरधारकों का विश्वास और सम्मान हासिल करना जरूरी था. ग्रुप को लेकर गहरी समझ प्राप्त कर लेने के बाद, मैंने उन एरियाज़ की पहचान करने पर फोकस किया जिन्हें स्पेशल अटेंशन की जरूरत थी. ग्रुप के कर्जे पर उन्होंने कहा कि- इसे बिजनस ग्रोथ, ऑपरेशन्स से मिल रहा कैश, कई बड़े प्रॉजेक्ट जो अभी जारी हैं और भविष्य में विकास की ओर ले जाएंगे, के कुल संदर्भ में देखना होगा. अतीत में देखा गया है कि ग्रुप ने महत्वपूर्ण ग्रोथ देखी है और इसी के अनुपात में कर्ज में भी बढ़ोतरी हुई है. इस इंटरव्यू में उन्होंने कहा था- "जोखिमों के मामले पर बात करें तो, अगर हम फुर्तीले नहीं हैं तो मुझे लगता है कि हम पीछे छूट जाएंगे." इंटरनेशनल ऑपरेशन्स के मुकाबले घरेलू ऑपरेशन्स पर फोकस के बारे में पूछे जानें पर उन्होंने बताया था- "हम ऑर्गेनिक रूट और एक्विजिशन के जरिए घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ग्रोथ के अवसरों जारी रखे हुए हैं.टिप्पणियां उन्होंने कहा था- "यह स्पष्ट है कि मैं थोड़े समय में ही जान गया था कि हमारे सामने कुछ बिजनेसों में चुनौतियां हैं, जिनका सामना करना जरूरी है. फलस्वरूप, पोर्टफोलियो में बदलाव को लेकर सख्त फैसले लेने होंगे.  लेकिन मैंने अपने अनुभव से सीखा कि यदि आप अपने सभी शेयरहोल्डर्स को साथ लेकर सही काम करना चाहते हैं तो इसका कोई शॉर्टकट नहीं होता. उन्होंने कहा था- यह जरूरी है कि हम अपनी जानकारी और संदर्भ के मुताबिक रोग का निदान ढूंढें और ऐसा करते समय सभी शेयर होल्डर्स को दिमाग में रखें. हमें सही कारणों से सहानूभूतिपूर्वक सख्त फैसले लेने में डरना नहीं चाहिए. उन्होंने कहा- करूणा या सहानुभूति महत्वपूर्ण है. यदि कुछ ऐसा है जिसे लेकर मैं पूरी तरह से स्पष्ट हूं तो वह यह है कि हम जो भी कदम उठाने का फैसला लें, वे हमारे वृहद कर्मचारी समूह के साथ के नैतिक अनुबंध को कमजोर नहीं करे. इस इंटरव्यू में उन्होंने कहा था- अपने मिशन के तहत, जिन समुदायों के जीवन की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए हम काम करते हैं, हमें इसका भी चिंतन करना होगा कि देश की आजादी के करीब 70 साल के बाद भी चार में से एक व्यक्ति सदियों से पूर्वाग्रह, भेदभाव और नकार दिए जाने का भुक्तभोगी रहा है. जब तक हम समाज के इस हिस्से के साथ सकारात्मक रूप से भेद करते हुए उन्हें उनके हिस्से के अवसरों का यथोचित हिस्सा नहीं देंगे, वे कमजोर ही बने रहेंगे. उन्होंने कहा था- टाटा की प्रकृति को ध्यान में रखते हुए, हम अपने इंटरप्राइजेज में कारोबार करते हुए नियमन और नैतिकता के उच्चस्तरीय पैमानों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं. जैसे ही इस साइरस को हटाए जाने का ऐलान हुआ, उसके कुछ ही घंटे बाद टाटा की वेबसाइट से उनसे संबंधित लिंक, रेफरेंस और यहां तक कि यह इंटरव्यू भी हटा दिया गया. जिस लिंक की हम बात कर रहे हैं, उसके लिंक पर क्लिक करने पर मेसेज आता है-The page you are looking for has been moved or removed साइरस मिस्त्री ग्रुप के पहले ऐसे चेयरमैन थे जो भारत के नागरिक नहीं हैं. सितंबर में दिए गए साइरस के जिस इंटरव्यू की बात हम कर रहे हैं, उसका चुनिंदा अंश इस प्रकार हैं. उन्होंने कहा था कि- मैं जानता हूं कि मैं किसी एक कंपनी का नेतृत्व नहीं कर रहा हूं, बल्कि एक ऐसे अलहदा इंस्टीट्यूशन की पतवार मेरे हाथ में है जिसका समृद्ध और गौरवशाली इतिहास रहा है. मैं यह अच्छी तरह जानता था कि हमारी नींव बहुत मजबूत है जिसे पिछले 15 दशक से अधिक समय तक पाला-पोसा गया है, और अब हमें उन क्षमताओं को विकसित करना है कि अगले 150 सालों तक हम तरक्की के रास्ते बना सकें. इस इंटरव्यू में उन्होंने कहा था- चेयरमैन के पद की अपनी प्राथमिक अथॉरिटी पर टिके रहने के बजाय, मुझे हमारे सभी चीफ ऐग्जेक्यूटिव्स,बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स और बाहरी शेयरधारकों का विश्वास और सम्मान हासिल करना जरूरी था. ग्रुप को लेकर गहरी समझ प्राप्त कर लेने के बाद, मैंने उन एरियाज़ की पहचान करने पर फोकस किया जिन्हें स्पेशल अटेंशन की जरूरत थी. ग्रुप के कर्जे पर उन्होंने कहा कि- इसे बिजनस ग्रोथ, ऑपरेशन्स से मिल रहा कैश, कई बड़े प्रॉजेक्ट जो अभी जारी हैं और भविष्य में विकास की ओर ले जाएंगे, के कुल संदर्भ में देखना होगा. अतीत में देखा गया है कि ग्रुप ने महत्वपूर्ण ग्रोथ देखी है और इसी के अनुपात में कर्ज में भी बढ़ोतरी हुई है. इस इंटरव्यू में उन्होंने कहा था- "जोखिमों के मामले पर बात करें तो, अगर हम फुर्तीले नहीं हैं तो मुझे लगता है कि हम पीछे छूट जाएंगे." इंटरनेशनल ऑपरेशन्स के मुकाबले घरेलू ऑपरेशन्स पर फोकस के बारे में पूछे जानें पर उन्होंने बताया था- "हम ऑर्गेनिक रूट और एक्विजिशन के जरिए घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ग्रोथ के अवसरों जारी रखे हुए हैं.टिप्पणियां उन्होंने कहा था- "यह स्पष्ट है कि मैं थोड़े समय में ही जान गया था कि हमारे सामने कुछ बिजनेसों में चुनौतियां हैं, जिनका सामना करना जरूरी है. फलस्वरूप, पोर्टफोलियो में बदलाव को लेकर सख्त फैसले लेने होंगे.  लेकिन मैंने अपने अनुभव से सीखा कि यदि आप अपने सभी शेयरहोल्डर्स को साथ लेकर सही काम करना चाहते हैं तो इसका कोई शॉर्टकट नहीं होता. उन्होंने कहा था- यह जरूरी है कि हम अपनी जानकारी और संदर्भ के मुताबिक रोग का निदान ढूंढें और ऐसा करते समय सभी शेयर होल्डर्स को दिमाग में रखें. हमें सही कारणों से सहानूभूतिपूर्वक सख्त फैसले लेने में डरना नहीं चाहिए. उन्होंने कहा- करूणा या सहानुभूति महत्वपूर्ण है. यदि कुछ ऐसा है जिसे लेकर मैं पूरी तरह से स्पष्ट हूं तो वह यह है कि हम जो भी कदम उठाने का फैसला लें, वे हमारे वृहद कर्मचारी समूह के साथ के नैतिक अनुबंध को कमजोर नहीं करे. इस इंटरव्यू में उन्होंने कहा था- अपने मिशन के तहत, जिन समुदायों के जीवन की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए हम काम करते हैं, हमें इसका भी चिंतन करना होगा कि देश की आजादी के करीब 70 साल के बाद भी चार में से एक व्यक्ति सदियों से पूर्वाग्रह, भेदभाव और नकार दिए जाने का भुक्तभोगी रहा है. जब तक हम समाज के इस हिस्से के साथ सकारात्मक रूप से भेद करते हुए उन्हें उनके हिस्से के अवसरों का यथोचित हिस्सा नहीं देंगे, वे कमजोर ही बने रहेंगे. उन्होंने कहा था- टाटा की प्रकृति को ध्यान में रखते हुए, हम अपने इंटरप्राइजेज में कारोबार करते हुए नियमन और नैतिकता के उच्चस्तरीय पैमानों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं. साइरस मिस्त्री ग्रुप के पहले ऐसे चेयरमैन थे जो भारत के नागरिक नहीं हैं. सितंबर में दिए गए साइरस के जिस इंटरव्यू की बात हम कर रहे हैं, उसका चुनिंदा अंश इस प्रकार हैं. उन्होंने कहा था कि- मैं जानता हूं कि मैं किसी एक कंपनी का नेतृत्व नहीं कर रहा हूं, बल्कि एक ऐसे अलहदा इंस्टीट्यूशन की पतवार मेरे हाथ में है जिसका समृद्ध और गौरवशाली इतिहास रहा है. मैं यह अच्छी तरह जानता था कि हमारी नींव बहुत मजबूत है जिसे पिछले 15 दशक से अधिक समय तक पाला-पोसा गया है, और अब हमें उन क्षमताओं को विकसित करना है कि अगले 150 सालों तक हम तरक्की के रास्ते बना सकें. इस इंटरव्यू में उन्होंने कहा था- चेयरमैन के पद की अपनी प्राथमिक अथॉरिटी पर टिके रहने के बजाय, मुझे हमारे सभी चीफ ऐग्जेक्यूटिव्स,बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स और बाहरी शेयरधारकों का विश्वास और सम्मान हासिल करना जरूरी था. ग्रुप को लेकर गहरी समझ प्राप्त कर लेने के बाद, मैंने उन एरियाज़ की पहचान करने पर फोकस किया जिन्हें स्पेशल अटेंशन की जरूरत थी. ग्रुप के कर्जे पर उन्होंने कहा कि- इसे बिजनस ग्रोथ, ऑपरेशन्स से मिल रहा कैश, कई बड़े प्रॉजेक्ट जो अभी जारी हैं और भविष्य में विकास की ओर ले जाएंगे, के कुल संदर्भ में देखना होगा. अतीत में देखा गया है कि ग्रुप ने महत्वपूर्ण ग्रोथ देखी है और इसी के अनुपात में कर्ज में भी बढ़ोतरी हुई है. इस इंटरव्यू में उन्होंने कहा था- "जोखिमों के मामले पर बात करें तो, अगर हम फुर्तीले नहीं हैं तो मुझे लगता है कि हम पीछे छूट जाएंगे." इंटरनेशनल ऑपरेशन्स के मुकाबले घरेलू ऑपरेशन्स पर फोकस के बारे में पूछे जानें पर उन्होंने बताया था- "हम ऑर्गेनिक रूट और एक्विजिशन के जरिए घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ग्रोथ के अवसरों जारी रखे हुए हैं.टिप्पणियां उन्होंने कहा था- "यह स्पष्ट है कि मैं थोड़े समय में ही जान गया था कि हमारे सामने कुछ बिजनेसों में चुनौतियां हैं, जिनका सामना करना जरूरी है. फलस्वरूप, पोर्टफोलियो में बदलाव को लेकर सख्त फैसले लेने होंगे.  लेकिन मैंने अपने अनुभव से सीखा कि यदि आप अपने सभी शेयरहोल्डर्स को साथ लेकर सही काम करना चाहते हैं तो इसका कोई शॉर्टकट नहीं होता. उन्होंने कहा था- यह जरूरी है कि हम अपनी जानकारी और संदर्भ के मुताबिक रोग का निदान ढूंढें और ऐसा करते समय सभी शेयर होल्डर्स को दिमाग में रखें. हमें सही कारणों से सहानूभूतिपूर्वक सख्त फैसले लेने में डरना नहीं चाहिए. उन्होंने कहा- करूणा या सहानुभूति महत्वपूर्ण है. यदि कुछ ऐसा है जिसे लेकर मैं पूरी तरह से स्पष्ट हूं तो वह यह है कि हम जो भी कदम उठाने का फैसला लें, वे हमारे वृहद कर्मचारी समूह के साथ के नैतिक अनुबंध को कमजोर नहीं करे. इस इंटरव्यू में उन्होंने कहा था- अपने मिशन के तहत, जिन समुदायों के जीवन की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए हम काम करते हैं, हमें इसका भी चिंतन करना होगा कि देश की आजादी के करीब 70 साल के बाद भी चार में से एक व्यक्ति सदियों से पूर्वाग्रह, भेदभाव और नकार दिए जाने का भुक्तभोगी रहा है. जब तक हम समाज के इस हिस्से के साथ सकारात्मक रूप से भेद करते हुए उन्हें उनके हिस्से के अवसरों का यथोचित हिस्सा नहीं देंगे, वे कमजोर ही बने रहेंगे. उन्होंने कहा था- टाटा की प्रकृति को ध्यान में रखते हुए, हम अपने इंटरप्राइजेज में कारोबार करते हुए नियमन और नैतिकता के उच्चस्तरीय पैमानों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं. इस इंटरव्यू में उन्होंने कहा था- चेयरमैन के पद की अपनी प्राथमिक अथॉरिटी पर टिके रहने के बजाय, मुझे हमारे सभी चीफ ऐग्जेक्यूटिव्स,बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स और बाहरी शेयरधारकों का विश्वास और सम्मान हासिल करना जरूरी था. ग्रुप को लेकर गहरी समझ प्राप्त कर लेने के बाद, मैंने उन एरियाज़ की पहचान करने पर फोकस किया जिन्हें स्पेशल अटेंशन की जरूरत थी. ग्रुप के कर्जे पर उन्होंने कहा कि- इसे बिजनस ग्रोथ, ऑपरेशन्स से मिल रहा कैश, कई बड़े प्रॉजेक्ट जो अभी जारी हैं और भविष्य में विकास की ओर ले जाएंगे, के कुल संदर्भ में देखना होगा. अतीत में देखा गया है कि ग्रुप ने महत्वपूर्ण ग्रोथ देखी है और इसी के अनुपात में कर्ज में भी बढ़ोतरी हुई है. इस इंटरव्यू में उन्होंने कहा था- "जोखिमों के मामले पर बात करें तो, अगर हम फुर्तीले नहीं हैं तो मुझे लगता है कि हम पीछे छूट जाएंगे." इंटरनेशनल ऑपरेशन्स के मुकाबले घरेलू ऑपरेशन्स पर फोकस के बारे में पूछे जानें पर उन्होंने बताया था- "हम ऑर्गेनिक रूट और एक्विजिशन के जरिए घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ग्रोथ के अवसरों जारी रखे हुए हैं.टिप्पणियां उन्होंने कहा था- "यह स्पष्ट है कि मैं थोड़े समय में ही जान गया था कि हमारे सामने कुछ बिजनेसों में चुनौतियां हैं, जिनका सामना करना जरूरी है. फलस्वरूप, पोर्टफोलियो में बदलाव को लेकर सख्त फैसले लेने होंगे.  लेकिन मैंने अपने अनुभव से सीखा कि यदि आप अपने सभी शेयरहोल्डर्स को साथ लेकर सही काम करना चाहते हैं तो इसका कोई शॉर्टकट नहीं होता. उन्होंने कहा था- यह जरूरी है कि हम अपनी जानकारी और संदर्भ के मुताबिक रोग का निदान ढूंढें और ऐसा करते समय सभी शेयर होल्डर्स को दिमाग में रखें. हमें सही कारणों से सहानूभूतिपूर्वक सख्त फैसले लेने में डरना नहीं चाहिए. उन्होंने कहा- करूणा या सहानुभूति महत्वपूर्ण है. यदि कुछ ऐसा है जिसे लेकर मैं पूरी तरह से स्पष्ट हूं तो वह यह है कि हम जो भी कदम उठाने का फैसला लें, वे हमारे वृहद कर्मचारी समूह के साथ के नैतिक अनुबंध को कमजोर नहीं करे. इस इंटरव्यू में उन्होंने कहा था- अपने मिशन के तहत, जिन समुदायों के जीवन की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए हम काम करते हैं, हमें इसका भी चिंतन करना होगा कि देश की आजादी के करीब 70 साल के बाद भी चार में से एक व्यक्ति सदियों से पूर्वाग्रह, भेदभाव और नकार दिए जाने का भुक्तभोगी रहा है. जब तक हम समाज के इस हिस्से के साथ सकारात्मक रूप से भेद करते हुए उन्हें उनके हिस्से के अवसरों का यथोचित हिस्सा नहीं देंगे, वे कमजोर ही बने रहेंगे. उन्होंने कहा था- टाटा की प्रकृति को ध्यान में रखते हुए, हम अपने इंटरप्राइजेज में कारोबार करते हुए नियमन और नैतिकता के उच्चस्तरीय पैमानों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं. ग्रुप के कर्जे पर उन्होंने कहा कि- इसे बिजनस ग्रोथ, ऑपरेशन्स से मिल रहा कैश, कई बड़े प्रॉजेक्ट जो अभी जारी हैं और भविष्य में विकास की ओर ले जाएंगे, के कुल संदर्भ में देखना होगा. अतीत में देखा गया है कि ग्रुप ने महत्वपूर्ण ग्रोथ देखी है और इसी के अनुपात में कर्ज में भी बढ़ोतरी हुई है. इस इंटरव्यू में उन्होंने कहा था- "जोखिमों के मामले पर बात करें तो, अगर हम फुर्तीले नहीं हैं तो मुझे लगता है कि हम पीछे छूट जाएंगे." इंटरनेशनल ऑपरेशन्स के मुकाबले घरेलू ऑपरेशन्स पर फोकस के बारे में पूछे जानें पर उन्होंने बताया था- "हम ऑर्गेनिक रूट और एक्विजिशन के जरिए घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ग्रोथ के अवसरों जारी रखे हुए हैं.टिप्पणियां उन्होंने कहा था- "यह स्पष्ट है कि मैं थोड़े समय में ही जान गया था कि हमारे सामने कुछ बिजनेसों में चुनौतियां हैं, जिनका सामना करना जरूरी है. फलस्वरूप, पोर्टफोलियो में बदलाव को लेकर सख्त फैसले लेने होंगे.  लेकिन मैंने अपने अनुभव से सीखा कि यदि आप अपने सभी शेयरहोल्डर्स को साथ लेकर सही काम करना चाहते हैं तो इसका कोई शॉर्टकट नहीं होता. उन्होंने कहा था- यह जरूरी है कि हम अपनी जानकारी और संदर्भ के मुताबिक रोग का निदान ढूंढें और ऐसा करते समय सभी शेयर होल्डर्स को दिमाग में रखें. हमें सही कारणों से सहानूभूतिपूर्वक सख्त फैसले लेने में डरना नहीं चाहिए. उन्होंने कहा- करूणा या सहानुभूति महत्वपूर्ण है. यदि कुछ ऐसा है जिसे लेकर मैं पूरी तरह से स्पष्ट हूं तो वह यह है कि हम जो भी कदम उठाने का फैसला लें, वे हमारे वृहद कर्मचारी समूह के साथ के नैतिक अनुबंध को कमजोर नहीं करे. इस इंटरव्यू में उन्होंने कहा था- अपने मिशन के तहत, जिन समुदायों के जीवन की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए हम काम करते हैं, हमें इसका भी चिंतन करना होगा कि देश की आजादी के करीब 70 साल के बाद भी चार में से एक व्यक्ति सदियों से पूर्वाग्रह, भेदभाव और नकार दिए जाने का भुक्तभोगी रहा है. जब तक हम समाज के इस हिस्से के साथ सकारात्मक रूप से भेद करते हुए उन्हें उनके हिस्से के अवसरों का यथोचित हिस्सा नहीं देंगे, वे कमजोर ही बने रहेंगे. उन्होंने कहा था- टाटा की प्रकृति को ध्यान में रखते हुए, हम अपने इंटरप्राइजेज में कारोबार करते हुए नियमन और नैतिकता के उच्चस्तरीय पैमानों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं. उन्होंने कहा था- "यह स्पष्ट है कि मैं थोड़े समय में ही जान गया था कि हमारे सामने कुछ बिजनेसों में चुनौतियां हैं, जिनका सामना करना जरूरी है. फलस्वरूप, पोर्टफोलियो में बदलाव को लेकर सख्त फैसले लेने होंगे.  लेकिन मैंने अपने अनुभव से सीखा कि यदि आप अपने सभी शेयरहोल्डर्स को साथ लेकर सही काम करना चाहते हैं तो इसका कोई शॉर्टकट नहीं होता. उन्होंने कहा था- यह जरूरी है कि हम अपनी जानकारी और संदर्भ के मुताबिक रोग का निदान ढूंढें और ऐसा करते समय सभी शेयर होल्डर्स को दिमाग में रखें. हमें सही कारणों से सहानूभूतिपूर्वक सख्त फैसले लेने में डरना नहीं चाहिए. उन्होंने कहा- करूणा या सहानुभूति महत्वपूर्ण है. यदि कुछ ऐसा है जिसे लेकर मैं पूरी तरह से स्पष्ट हूं तो वह यह है कि हम जो भी कदम उठाने का फैसला लें, वे हमारे वृहद कर्मचारी समूह के साथ के नैतिक अनुबंध को कमजोर नहीं करे. इस इंटरव्यू में उन्होंने कहा था- अपने मिशन के तहत, जिन समुदायों के जीवन की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए हम काम करते हैं, हमें इसका भी चिंतन करना होगा कि देश की आजादी के करीब 70 साल के बाद भी चार में से एक व्यक्ति सदियों से पूर्वाग्रह, भेदभाव और नकार दिए जाने का भुक्तभोगी रहा है. जब तक हम समाज के इस हिस्से के साथ सकारात्मक रूप से भेद करते हुए उन्हें उनके हिस्से के अवसरों का यथोचित हिस्सा नहीं देंगे, वे कमजोर ही बने रहेंगे. उन्होंने कहा था- टाटा की प्रकृति को ध्यान में रखते हुए, हम अपने इंटरप्राइजेज में कारोबार करते हुए नियमन और नैतिकता के उच्चस्तरीय पैमानों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं. इस इंटरव्यू में उन्होंने कहा था- अपने मिशन के तहत, जिन समुदायों के जीवन की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए हम काम करते हैं, हमें इसका भी चिंतन करना होगा कि देश की आजादी के करीब 70 साल के बाद भी चार में से एक व्यक्ति सदियों से पूर्वाग्रह, भेदभाव और नकार दिए जाने का भुक्तभोगी रहा है. जब तक हम समाज के इस हिस्से के साथ सकारात्मक रूप से भेद करते हुए उन्हें उनके हिस्से के अवसरों का यथोचित हिस्सा नहीं देंगे, वे कमजोर ही बने रहेंगे. उन्होंने कहा था- टाटा की प्रकृति को ध्यान में रखते हुए, हम अपने इंटरप्राइजेज में कारोबार करते हुए नियमन और नैतिकता के उच्चस्तरीय पैमानों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं.
यह एक सारांश है: सोमवार को टाटा संस के चेयरमैन पद से साइरस मिस्त्री को हटा दिया गया टाटा डॉट कॉम पर महीना भर पहले उनका इंटरव्यू लगा था यह इंटरव्यू अब हटा दिया गया है जिसके कुछ हिस्से यहां पढ़ सकते हैं
9
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: देश का विदेशी मुद्रा भंडार 19 अगस्त को समाप्त सप्ताह में 1.346 अरब डॉलर की जोरदार वृद्धि के साथ 367.169 अरब डॉलर की रिकार्ड उंचाई पर पहुंच गया. इस दौरान विदेशी मुद्रा संपत्तियों में अच्छी वृद्धि दर्ज की गई. इससे पिछले सप्ताह विदेशी मुद्रा का आरक्षित भंडार 7.32 करोड़ डॉलर बढ़कर 365.82 अरब डॉलर पर पहुंचा था. विदेशी मुद्रा भंडार का अहम हिस्सा विदेशी मुद्रा आस्तियों में सप्ताह के दौरान 1.31 अरब डॉलर की वृद्धि दर्ज की गई और यह 341.67 अरब डॉलर पर पहुंच गया. स्वर्ण भंडार इस दौरान 21.58 अरब डॉलर पर अपरिविर्तित रहा. अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के तहत देश के विशेष निकासी अधिकार की राशि भी 1.18 करोड़ डॉलर से बढ़कर 1.49 अरब डॉलर पर पहुंच गया. विदेशी मुद्रा भंडार का अहम हिस्सा विदेशी मुद्रा आस्तियों में सप्ताह के दौरान 1.31 अरब डॉलर की वृद्धि दर्ज की गई और यह 341.67 अरब डॉलर पर पहुंच गया. स्वर्ण भंडार इस दौरान 21.58 अरब डॉलर पर अपरिविर्तित रहा. अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के तहत देश के विशेष निकासी अधिकार की राशि भी 1.18 करोड़ डॉलर से बढ़कर 1.49 अरब डॉलर पर पहुंच गया.
विदेशी मुद्रा संपत्तियों में अच्छी वृद्धि दर्ज की गई पिछले सप्ताह विदेशी मुद्रा भंडार 365.82 अरब डॉलर था स्वर्ण भंडार में अपरिवर्तित, 21.58 अरब डॉलर ही रहा
1
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: चीन में विश्व चैंपियनशिप में ऐतिहासिक कांस्य पदक की बदौलत भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधू ने बैडमिंटन विश्व महासंघ की रैंकिंग में पहली बार शीर्ष 10 में जगह बनाई। सिंधू ने महिला एकल रैंकिंग में दो पायदान की छलांग लगाई, जिससे वह अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ 10वीं रैंकिंग हासिल करने में सफल रही। अब वह शीर्ष बैडमिंटन खिलाड़ियों के एलीट क्लब में शामिल हो गईं, जिसमें उनकी सीनियर लंदन ओलिंपिक कांस्य पदकधारी साइना नेहवाल भी शामिल हैं।टिप्पणियां नेहवाल को विश्व चैंपियनशिप के क्वार्टरफाइनल में कोरिया की यियोन जु बाइ के खिलाफ सीधे सेटों में हार मिली थी, जिसके बावजूद वह अपने चौथे स्थान पर बरकरार हैं। ओलिंपिक चैम्पियन लि जुएई ने अपना शीर्ष स्थान कायम रखा है। पुरुषों के एकल वर्ग में लंदन ओलिंपिक के क्वार्टरफाइनल में पहुंचने वाली पी कश्यप को तीन पायदान का फायदा हुआ है, जिससे वह 14वें स्थान पर पहुंच गए हैं। सूची में कश्यप के बाद अगला भारतीय खिलाड़ी आरएमवी गुरूसाईदत्त है, जो 20वें स्थान पर हैं। मुंबई के अजय जयराम 24वें स्थान पर बने हुए हैं। सिंधू ने महिला एकल रैंकिंग में दो पायदान की छलांग लगाई, जिससे वह अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ 10वीं रैंकिंग हासिल करने में सफल रही। अब वह शीर्ष बैडमिंटन खिलाड़ियों के एलीट क्लब में शामिल हो गईं, जिसमें उनकी सीनियर लंदन ओलिंपिक कांस्य पदकधारी साइना नेहवाल भी शामिल हैं।टिप्पणियां नेहवाल को विश्व चैंपियनशिप के क्वार्टरफाइनल में कोरिया की यियोन जु बाइ के खिलाफ सीधे सेटों में हार मिली थी, जिसके बावजूद वह अपने चौथे स्थान पर बरकरार हैं। ओलिंपिक चैम्पियन लि जुएई ने अपना शीर्ष स्थान कायम रखा है। पुरुषों के एकल वर्ग में लंदन ओलिंपिक के क्वार्टरफाइनल में पहुंचने वाली पी कश्यप को तीन पायदान का फायदा हुआ है, जिससे वह 14वें स्थान पर पहुंच गए हैं। सूची में कश्यप के बाद अगला भारतीय खिलाड़ी आरएमवी गुरूसाईदत्त है, जो 20वें स्थान पर हैं। मुंबई के अजय जयराम 24वें स्थान पर बने हुए हैं। नेहवाल को विश्व चैंपियनशिप के क्वार्टरफाइनल में कोरिया की यियोन जु बाइ के खिलाफ सीधे सेटों में हार मिली थी, जिसके बावजूद वह अपने चौथे स्थान पर बरकरार हैं। ओलिंपिक चैम्पियन लि जुएई ने अपना शीर्ष स्थान कायम रखा है। पुरुषों के एकल वर्ग में लंदन ओलिंपिक के क्वार्टरफाइनल में पहुंचने वाली पी कश्यप को तीन पायदान का फायदा हुआ है, जिससे वह 14वें स्थान पर पहुंच गए हैं। सूची में कश्यप के बाद अगला भारतीय खिलाड़ी आरएमवी गुरूसाईदत्त है, जो 20वें स्थान पर हैं। मुंबई के अजय जयराम 24वें स्थान पर बने हुए हैं। पुरुषों के एकल वर्ग में लंदन ओलिंपिक के क्वार्टरफाइनल में पहुंचने वाली पी कश्यप को तीन पायदान का फायदा हुआ है, जिससे वह 14वें स्थान पर पहुंच गए हैं। सूची में कश्यप के बाद अगला भारतीय खिलाड़ी आरएमवी गुरूसाईदत्त है, जो 20वें स्थान पर हैं। मुंबई के अजय जयराम 24वें स्थान पर बने हुए हैं।
सारांश: चीन में विश्व चैंपियनशिप में ऐतिहासिक कांस्य पदक की बदौलत भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधू ने बैडमिंटन विश्व महासंघ की रैंकिंग में पहली बार शीर्ष 10 में जगह बनाई।
31
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: शिवसेना सुप्रीमो बाला साहेब ठाकरे के गंभीर स्वास्थ्य के मद्देनजर कानून-व्यवस्था की स्थिति दुरुस्त बनाए रखने के मकसद से केंद्रीय गृह मंत्रालय ने स्थानीय प्रशासन के सहयोग के लिए महाराष्ट्र को अतिरिक्त सुरक्षा बल मुहैया कराए हैं। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि महाराष्ट्र सरकार के अनुरोध को स्वीकार करते हुए राज्य को अर्धसैनिक बलों के जवान मुहैया कराए गए हैं। शिव सैनिकों की ओर से बुधवरा को मीडिया के कुछ वाहनों और उपकरणों को नुकसान पहुंचाए जाने के बाद महाराष्ट्र सरकार ने केंद्र से अतिरिक्त सुरक्षा बल मुहैया कराने का अनुरोध किया था। महाराष्ट्र में मौजूद सुरक्षा बलों को अगले महीने गुजरात में होने जा रहे विधानसभा चुनावों में ड्यूटी के लिए जाना था लेकिन उन्हें महाराष्ट्र सरकार की मदद के लिए राज्य में ही रहने को कहा गया है।टिप्पणियां गृह मंत्रालय महाराष्ट्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। केंद्रीय गृह सचिव राजकुमार सिंह ने महाराष्ट्र के मुख्य सचिव जयंत कुमार बंठिया से फोन पर बात की और उन्हें हर तरह की केंद्रीय मदद का आश्वासन दिया। मुंबई पुलिस और आरएएफ की बड़ी टुकड़ियां मुंबई में तैनात हैं। जिस इलाके में ठाकरे का आवास ‘मातोश्री’ स्थित है उसकी घेराबंदी कर दी गई है। मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण भी राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि महाराष्ट्र सरकार के अनुरोध को स्वीकार करते हुए राज्य को अर्धसैनिक बलों के जवान मुहैया कराए गए हैं। शिव सैनिकों की ओर से बुधवरा को मीडिया के कुछ वाहनों और उपकरणों को नुकसान पहुंचाए जाने के बाद महाराष्ट्र सरकार ने केंद्र से अतिरिक्त सुरक्षा बल मुहैया कराने का अनुरोध किया था। महाराष्ट्र में मौजूद सुरक्षा बलों को अगले महीने गुजरात में होने जा रहे विधानसभा चुनावों में ड्यूटी के लिए जाना था लेकिन उन्हें महाराष्ट्र सरकार की मदद के लिए राज्य में ही रहने को कहा गया है।टिप्पणियां गृह मंत्रालय महाराष्ट्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। केंद्रीय गृह सचिव राजकुमार सिंह ने महाराष्ट्र के मुख्य सचिव जयंत कुमार बंठिया से फोन पर बात की और उन्हें हर तरह की केंद्रीय मदद का आश्वासन दिया। मुंबई पुलिस और आरएएफ की बड़ी टुकड़ियां मुंबई में तैनात हैं। जिस इलाके में ठाकरे का आवास ‘मातोश्री’ स्थित है उसकी घेराबंदी कर दी गई है। मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण भी राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। महाराष्ट्र में मौजूद सुरक्षा बलों को अगले महीने गुजरात में होने जा रहे विधानसभा चुनावों में ड्यूटी के लिए जाना था लेकिन उन्हें महाराष्ट्र सरकार की मदद के लिए राज्य में ही रहने को कहा गया है।टिप्पणियां गृह मंत्रालय महाराष्ट्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। केंद्रीय गृह सचिव राजकुमार सिंह ने महाराष्ट्र के मुख्य सचिव जयंत कुमार बंठिया से फोन पर बात की और उन्हें हर तरह की केंद्रीय मदद का आश्वासन दिया। मुंबई पुलिस और आरएएफ की बड़ी टुकड़ियां मुंबई में तैनात हैं। जिस इलाके में ठाकरे का आवास ‘मातोश्री’ स्थित है उसकी घेराबंदी कर दी गई है। मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण भी राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। गृह मंत्रालय महाराष्ट्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। केंद्रीय गृह सचिव राजकुमार सिंह ने महाराष्ट्र के मुख्य सचिव जयंत कुमार बंठिया से फोन पर बात की और उन्हें हर तरह की केंद्रीय मदद का आश्वासन दिया। मुंबई पुलिस और आरएएफ की बड़ी टुकड़ियां मुंबई में तैनात हैं। जिस इलाके में ठाकरे का आवास ‘मातोश्री’ स्थित है उसकी घेराबंदी कर दी गई है। मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण भी राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। मुंबई पुलिस और आरएएफ की बड़ी टुकड़ियां मुंबई में तैनात हैं। जिस इलाके में ठाकरे का आवास ‘मातोश्री’ स्थित है उसकी घेराबंदी कर दी गई है। मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण भी राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
यह एक सारांश है: शिवसेना सुप्रीमो बाला साहेब ठाकरे के गंभीर स्वास्थ्य के मद्देनजर कानून-व्यवस्था की स्थिति दुरुस्त बनाए रखने के मकसद से केंद्रीय गृह मंत्रालय ने स्थानीय प्रशासन के सहयोग के लिए महाराष्ट्र को अतिरिक्त सुरक्षा बल मुहैया कराए हैं।
9
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: दिल्ली के पहाड़गंज इलाके में सोमवार को चार बदमाशों ने एक हवाला कारोबारी को गोली मार दी और उसके दफ्तर से पैसे लूट कर फरार हो गए, लेकिन मौके पर मौजूद लोगों ने हिम्मत दिखाई और भाग रहे चार बदमाशों में से एक को दबोच लिया। घायल व्यापारी को गंगाराम अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना इलाके के बांके बिहारी मंदिर के पास की है।टिप्पणियां पुलिस के मुताबिक हथियारों से लैस चार बदमाश इस हवाला कारोबारी के दफ्तर पहुंचे और लूट-पाट शुरू कर दी। व्यापारी के विरोध करने पर इन्होंने उसे गोली मार दी और वहां से भागने लगे। मौके से फरार हुए तीनों बदमाशों की तस्वीरें वहां लगे सीसीटीवी में कैद हो गई हैं। पुलिस पकड़े गए आरोपी से उसके साथियों के बारे में पूछताछ कर रही है। घायल व्यापारी को गंगाराम अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना इलाके के बांके बिहारी मंदिर के पास की है।टिप्पणियां पुलिस के मुताबिक हथियारों से लैस चार बदमाश इस हवाला कारोबारी के दफ्तर पहुंचे और लूट-पाट शुरू कर दी। व्यापारी के विरोध करने पर इन्होंने उसे गोली मार दी और वहां से भागने लगे। मौके से फरार हुए तीनों बदमाशों की तस्वीरें वहां लगे सीसीटीवी में कैद हो गई हैं। पुलिस पकड़े गए आरोपी से उसके साथियों के बारे में पूछताछ कर रही है। पुलिस के मुताबिक हथियारों से लैस चार बदमाश इस हवाला कारोबारी के दफ्तर पहुंचे और लूट-पाट शुरू कर दी। व्यापारी के विरोध करने पर इन्होंने उसे गोली मार दी और वहां से भागने लगे। मौके से फरार हुए तीनों बदमाशों की तस्वीरें वहां लगे सीसीटीवी में कैद हो गई हैं। पुलिस पकड़े गए आरोपी से उसके साथियों के बारे में पूछताछ कर रही है। मौके से फरार हुए तीनों बदमाशों की तस्वीरें वहां लगे सीसीटीवी में कैद हो गई हैं। पुलिस पकड़े गए आरोपी से उसके साथियों के बारे में पूछताछ कर रही है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: दिल्ली के पहाड़गंज इलाके में सोमवार को चार बदमाशों ने एक हवाला कारोबारी को गोली मार दी और उसके दफ्तर से पैसे लूट कर फरार हो गए, लेकिन मौके पर मौजूद लोगों ने हिम्मत दिखाई और भाग रहे चार बदमाशों में से एक को दबोच लिया।
11
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि गुजरात के बारे में अमेरिकी कांग्रेस अनुसंधान सेवा की रिपोर्ट राज्य के छह करोड़ लोगों के लिए एक और सम्मान है। इस रिपोर्ट में गुजरात के विकास के लिए मोदी सरकार की तारीफ की गई है। मोदी ने ट्विटर पर कहा, छह करोड़ गुजरातियों को एक और सम्मान। अमेरिकी रिपोर्ट गुजरात के प्रभावी शासन की प्रशंसा करती है। रिपोर्ट में मोदी की जमकर तारीफ की गई है। इसमें कहा गया है कि उनके मुख्यमंत्रित्व काल में राज्य राष्ट्रीय आर्थिक वृद्धि का एक महत्वपूर्ण वाहक बन गया है। मुख्यमंत्री ने आगे अपने ट्वीट में कहा, जय जय गर्वी गुज। सीआरएस की रिपोर्ट में कहा गया है, शायद भारत में प्रभावी शासन और जबर्दस्त विकास का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण गुजरात में देखने को मिलता है जहां विवादास्पद मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल फीताशाही को हटाते और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाते हुए आर्थिक प्रक्रिया को सरल बनाया है जिससे राज्य राष्ट्रीय आर्थिक वृद्धि का एक महत्वपूर्ण वाहक बन गया है। मई 2005 में हालांकि अमेरिका ने 2002 के वीभत्स गोधरा कांड के बाद हुए दंगों के चलते मोदी को वीसा देने से इंकार कर दिया था। अमेरिकी कांग्रेस की स्वतंत्र और द्विदलीय इकाई सीआरएस अमेरिकी सांसदों के हितों से जुड़े मुद्दों पर समय-समय पर रिपोर्ट तैयार करती रहती है। सीआरएस ने अपनी रिपोर्ट में कहा है, 2002 के दंगों में अपनी कथित भूमिका से लगे दागों को पीछे छोड़ते हुए मोदी ने आधुनिक सड़कों और ऊर्जा ढांचे पर भारी निवेश किया है और हाल के वषो में राज्य की सालाना वृद्धि 11 प्रतिशत से अधिक रही है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: मोदी ने ट्विटर पर कहा, छह करोड़ गुजरातियों को एक और सम्मान। अमेरिकी रिपोर्ट गुजरात के प्रभावी शासन की प्रशंसा करती है।
3
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: फेसबुक के पांच करोड़ सदस्यों से जुड़ी जानकारियों का दुरुपयोग करने का आरोप कैंब्रिज एनालिटिका पर लगा है. इस पर सूचना प्रौद्योगिक मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि कैंब्रिज एनालिटिका ने चुनावों को हनी ट्रैप और फेक न्‍यूज से प्रभावित करने की कोशिश की है. कैंब्रिज एनालिटिका भारत, नाइजीरिया जैसे देशों में काम किया और हम प्रेस की आजादी का पूरा समर्थन करते हैं. मैं कानून और आईटी मंत्री के तौर पर कह रहा हूं कि सोशल मीडिया जिसमें फ़ेसबुक शामिल है का दुरुपयोग कर चुनावों को प्रभावित करने को न तो हम टॉलरेट करेंगे और न ही मंजूरी देंगे.  रविशंकर प्रसाद ने कहा कि फेसबुक यह बात नोट कर ले. अगर जरूरत पड़ी तो सख्त कार्रवाई करेंगे. उन्‍होंने कहा कि कांग्रेस इसका उपयोग क्यों कर रही है? कांग्रेस का कैंब्रिज एनालिटिका से प्रेम क्यों है? ईटी की खबर के मुताबिक, राहुल कैंब्रिज एनालिटिका नाम के ब्रह्मास्त्र का इस्तेमाल 2019 में मोदी के खिलाफ करना चाहते थे.उन्‍होंने क्या कांग्रेस चुनाव जीतने के लिए अब डेटा चोरी का इस्तेमाल करेगी? सेक्स स्‍लेव और फेक न्यूज के रास्ते को कांग्रेस अपनाएगी जैसा कैंब्रिज एनालिटिका ने किया? इस संगठन की राहुल की सोशल मीडिया प्रोफाइल में क्या भूमिका है?   अभी राहुल गांधी की ट्विटर फॉलोवर काफी बढ़े हैं. क्या फेक फॉलोवर बढ़ाने के लिए इसका इस्तेमाल किया. हमारे पीएम कहते हैं कि डिजिटली कनेक्ट रहें और फिजकली कनेक्ट रहें, लेकिन यह ऐसा नहीं कर रहे 20 करोड़ भारतीय फेसबुक पर हैं.  उन्‍होंने कहा कि मार्क जुकरबर्ग भारत के आईटी मंत्री के शब्‍दों चिहिन्‍त कर लें. हम ऐसे किसी भी कदम को बर्दाश्त नहीं करेंगे. अगर जरूरत पड़ी तो आपको बुलाया भी जा सकता है. टिप्पणियां आपको बता दें कि कैंब्रिज एनालिटिका पर फेसबुक के पांच करोड़ सदस्‍यों से जुड़ी जानकारियों का दुरुपयोग करने आरोप लगा है. इसके बाद कंपनी ने अपने चीफ एक्जीक्यूटिव अलेक्जेंडर निक्स को सस्पेंड कर दिया है. कैंब्रिज एनालिटिका वहीं कंपनी है जिसने 2016 में अमेरिकी राष्ट्रपति पद के चुनाव के दौरान डोनाल्ड ट्रंप की कैंपेनिंग की थी.  गौरतलब है कि फेसबुक के शेयर लुढ़क गए है. बाज़ार भाव से क़रीब 40 अरब डॉलर का नुक़सान हुआ है. दुनिया के सबसे अमीर लोगों के फोर्ब्स लाइव ट्रैकर के मुताबिक मार्क जुकरबर्ग की अपनी दौलत को 5.5 अरब से 6.9 डॉलर तक की चोट पड़ गई. फिर उसकी जांच भी शुरू हो गई है. सीनेट की न्यायिक समिति ने फेसबुक, ट्विटर और गूगल के सीईओ को सुनवाई के लिए बुलाया. और अब डिलिट फेसबुक कैंपेन शुरू हो गया है, जिसमें कई बड़ी आवाज़ें शामिल हैं. मामला पांच करोड़ यूजर्स की सूचनाओं के लीक और इस्तेमाल का है.  रविशंकर प्रसाद ने कहा कि फेसबुक यह बात नोट कर ले. अगर जरूरत पड़ी तो सख्त कार्रवाई करेंगे. उन्‍होंने कहा कि कांग्रेस इसका उपयोग क्यों कर रही है? कांग्रेस का कैंब्रिज एनालिटिका से प्रेम क्यों है? ईटी की खबर के मुताबिक, राहुल कैंब्रिज एनालिटिका नाम के ब्रह्मास्त्र का इस्तेमाल 2019 में मोदी के खिलाफ करना चाहते थे.उन्‍होंने क्या कांग्रेस चुनाव जीतने के लिए अब डेटा चोरी का इस्तेमाल करेगी? सेक्स स्‍लेव और फेक न्यूज के रास्ते को कांग्रेस अपनाएगी जैसा कैंब्रिज एनालिटिका ने किया? इस संगठन की राहुल की सोशल मीडिया प्रोफाइल में क्या भूमिका है?   अभी राहुल गांधी की ट्विटर फॉलोवर काफी बढ़े हैं. क्या फेक फॉलोवर बढ़ाने के लिए इसका इस्तेमाल किया. हमारे पीएम कहते हैं कि डिजिटली कनेक्ट रहें और फिजकली कनेक्ट रहें, लेकिन यह ऐसा नहीं कर रहे 20 करोड़ भारतीय फेसबुक पर हैं.  उन्‍होंने कहा कि मार्क जुकरबर्ग भारत के आईटी मंत्री के शब्‍दों चिहिन्‍त कर लें. हम ऐसे किसी भी कदम को बर्दाश्त नहीं करेंगे. अगर जरूरत पड़ी तो आपको बुलाया भी जा सकता है. टिप्पणियां आपको बता दें कि कैंब्रिज एनालिटिका पर फेसबुक के पांच करोड़ सदस्‍यों से जुड़ी जानकारियों का दुरुपयोग करने आरोप लगा है. इसके बाद कंपनी ने अपने चीफ एक्जीक्यूटिव अलेक्जेंडर निक्स को सस्पेंड कर दिया है. कैंब्रिज एनालिटिका वहीं कंपनी है जिसने 2016 में अमेरिकी राष्ट्रपति पद के चुनाव के दौरान डोनाल्ड ट्रंप की कैंपेनिंग की थी.  गौरतलब है कि फेसबुक के शेयर लुढ़क गए है. बाज़ार भाव से क़रीब 40 अरब डॉलर का नुक़सान हुआ है. दुनिया के सबसे अमीर लोगों के फोर्ब्स लाइव ट्रैकर के मुताबिक मार्क जुकरबर्ग की अपनी दौलत को 5.5 अरब से 6.9 डॉलर तक की चोट पड़ गई. फिर उसकी जांच भी शुरू हो गई है. सीनेट की न्यायिक समिति ने फेसबुक, ट्विटर और गूगल के सीईओ को सुनवाई के लिए बुलाया. और अब डिलिट फेसबुक कैंपेन शुरू हो गया है, जिसमें कई बड़ी आवाज़ें शामिल हैं. मामला पांच करोड़ यूजर्स की सूचनाओं के लीक और इस्तेमाल का है.  आपको बता दें कि कैंब्रिज एनालिटिका पर फेसबुक के पांच करोड़ सदस्‍यों से जुड़ी जानकारियों का दुरुपयोग करने आरोप लगा है. इसके बाद कंपनी ने अपने चीफ एक्जीक्यूटिव अलेक्जेंडर निक्स को सस्पेंड कर दिया है. कैंब्रिज एनालिटिका वहीं कंपनी है जिसने 2016 में अमेरिकी राष्ट्रपति पद के चुनाव के दौरान डोनाल्ड ट्रंप की कैंपेनिंग की थी.  गौरतलब है कि फेसबुक के शेयर लुढ़क गए है. बाज़ार भाव से क़रीब 40 अरब डॉलर का नुक़सान हुआ है. दुनिया के सबसे अमीर लोगों के फोर्ब्स लाइव ट्रैकर के मुताबिक मार्क जुकरबर्ग की अपनी दौलत को 5.5 अरब से 6.9 डॉलर तक की चोट पड़ गई. फिर उसकी जांच भी शुरू हो गई है. सीनेट की न्यायिक समिति ने फेसबुक, ट्विटर और गूगल के सीईओ को सुनवाई के लिए बुलाया. और अब डिलिट फेसबुक कैंपेन शुरू हो गया है, जिसमें कई बड़ी आवाज़ें शामिल हैं. मामला पांच करोड़ यूजर्स की सूचनाओं के लीक और इस्तेमाल का है.  गौरतलब है कि फेसबुक के शेयर लुढ़क गए है. बाज़ार भाव से क़रीब 40 अरब डॉलर का नुक़सान हुआ है. दुनिया के सबसे अमीर लोगों के फोर्ब्स लाइव ट्रैकर के मुताबिक मार्क जुकरबर्ग की अपनी दौलत को 5.5 अरब से 6.9 डॉलर तक की चोट पड़ गई. फिर उसकी जांच भी शुरू हो गई है. सीनेट की न्यायिक समिति ने फेसबुक, ट्विटर और गूगल के सीईओ को सुनवाई के लिए बुलाया. और अब डिलिट फेसबुक कैंपेन शुरू हो गया है, जिसमें कई बड़ी आवाज़ें शामिल हैं. मामला पांच करोड़ यूजर्स की सूचनाओं के लीक और इस्तेमाल का है.
यह एक सारांश है: चुनावों को हनी ट्रैप और फेक न्‍यूज से प्रभावित करने की कोशिश की है हम प्रेस की आजादी का पूरा समर्थन करते हैं चुनावों को प्रभावित करने को न तो हम टॉलरेट करेंगे और न ही मंजूरी देंगे
2
['hin']
एक सारांश बनाओ: ओवल के मैदान में खेले जा रहे एशेज शृंखला के आखिरी टेस्ट मैच के दूसरे दिन स्टीवन स्मिथ के पहले टेस्ट शतक की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने अपनी स्थिति मजबूत कर ली है।टिप्पणियां स्टीवन स्मिथ की 138 रनों की नाबाद पारी की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में नौ विकेट खोकर 492 रन का विशाल स्कोर बनाकर पारी समाप्ति की घोषणा कर दी। दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक इंग्लैंड ने बिना किसी नुकसान के 32 रन बना लिए थे। इंग्लैंड के कप्तान एलेस्टेयर कुक 17 और जो रूट 13 रन बनाकर खेल रहे हैं। हालांकि मेजबान इंग्लैंड 3-0 से यह शृंखला पहले ही अपने नाम कर चुका है, इसलिए ऑस्ट्रेलिया को एक सांत्वना जीत की दरकार है। स्टीवन स्मिथ की 138 रनों की नाबाद पारी की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में नौ विकेट खोकर 492 रन का विशाल स्कोर बनाकर पारी समाप्ति की घोषणा कर दी। दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक इंग्लैंड ने बिना किसी नुकसान के 32 रन बना लिए थे। इंग्लैंड के कप्तान एलेस्टेयर कुक 17 और जो रूट 13 रन बनाकर खेल रहे हैं। हालांकि मेजबान इंग्लैंड 3-0 से यह शृंखला पहले ही अपने नाम कर चुका है, इसलिए ऑस्ट्रेलिया को एक सांत्वना जीत की दरकार है। हालांकि मेजबान इंग्लैंड 3-0 से यह शृंखला पहले ही अपने नाम कर चुका है, इसलिए ऑस्ट्रेलिया को एक सांत्वना जीत की दरकार है।
स्टीवन स्मिथ की 138 रनों की नाबाद पारी की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में नौ विकेट खोकर 492 रन का विशाल स्कोर बनाकर पारी समाप्ति की घोषणा कर दी। दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक इंग्लैंड ने बिना किसी नुकसान के 32 रन बना लिए थे।
26
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: नेपाल के नवलपरासी में कांवड़ियों से भरी एक बस के रविवार को गंडक नहर में गिर जाने से कम से कम 39 लोगों की मौत हो गई है, और 70 लापता बताए जा रहे हैं। बस में सवार लगभग सवा सौ लोगों में से 16 को बचा भी लिया गया है। मरने वालों में अधिकतर उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले के रहने वाले थे। ये लोग नेपाल के त्रिवेणी धाम में शिव की आराधना के लिए होने वाले 'बोलबम' उत्सव में शामिल होने के लिए उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले के नेपाल सीमा से सटे निचलौल इलाके से रवाना हुए थे। बताया जाता है कि इस हादसे के वक्त बस में क्षमता से कहीं अधिक लगभग सवा सौ लोग सवार थे, जिनमें से काफी लोग बस की छत पर सफर कर रहे थे। रास्ता फिसलन भरा था, जिसकी वजह से ड्राइवर का बस पर से नियंत्रण खो गया, और वह गंडक नहर में जा गिरी। दुर्घटना काठमांडू से करीब 250 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में हुई।टिप्पणियां पानी का बहाव काफी तेज था, जिसकी वजह से सवारियों को ज़्यादा वक्त ही नहीं मिला। बताया गया है कि बस में सवार 16 लोगों को बचा लिया गया है, जबकि 39 लोगों की मौत हो गई है। 70 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। राज्य के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मारे गए लोगों के प्रति शोक प्रकट करते हुए सभी मृतकों के परिजनों को एक-एक लाख रुपये का मुआवजा देने का भी ऐलान किया है। ये लोग नेपाल के त्रिवेणी धाम में शिव की आराधना के लिए होने वाले 'बोलबम' उत्सव में शामिल होने के लिए उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले के नेपाल सीमा से सटे निचलौल इलाके से रवाना हुए थे। बताया जाता है कि इस हादसे के वक्त बस में क्षमता से कहीं अधिक लगभग सवा सौ लोग सवार थे, जिनमें से काफी लोग बस की छत पर सफर कर रहे थे। रास्ता फिसलन भरा था, जिसकी वजह से ड्राइवर का बस पर से नियंत्रण खो गया, और वह गंडक नहर में जा गिरी। दुर्घटना काठमांडू से करीब 250 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में हुई।टिप्पणियां पानी का बहाव काफी तेज था, जिसकी वजह से सवारियों को ज़्यादा वक्त ही नहीं मिला। बताया गया है कि बस में सवार 16 लोगों को बचा लिया गया है, जबकि 39 लोगों की मौत हो गई है। 70 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। राज्य के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मारे गए लोगों के प्रति शोक प्रकट करते हुए सभी मृतकों के परिजनों को एक-एक लाख रुपये का मुआवजा देने का भी ऐलान किया है। पानी का बहाव काफी तेज था, जिसकी वजह से सवारियों को ज़्यादा वक्त ही नहीं मिला। बताया गया है कि बस में सवार 16 लोगों को बचा लिया गया है, जबकि 39 लोगों की मौत हो गई है। 70 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। राज्य के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मारे गए लोगों के प्रति शोक प्रकट करते हुए सभी मृतकों के परिजनों को एक-एक लाख रुपये का मुआवजा देने का भी ऐलान किया है। राज्य के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मारे गए लोगों के प्रति शोक प्रकट करते हुए सभी मृतकों के परिजनों को एक-एक लाख रुपये का मुआवजा देने का भी ऐलान किया है।
संक्षिप्त पाठ: राज्य के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मारे गए लोगों के प्रति शोक प्रकट करते हुए सभी मृतकों के परिजनों को एक-एक लाख रुपये का मुआवजा देने का भी ऐलान किया है।
27
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: केंद्रीय मंत्री विलासराव देशमुख के गंभीर रूप से बीमार हो जाने के बाद प्रवासी मामलों के मंत्री व्यालार रवि को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।टिप्पणियां देशमुख विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री हैं। उन्हें वीरभद्र सिंह के इस्तीफे के बाद सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था। सिंह ने 23 साल पुराने एक मामले में अदालत द्वारा आरोप तय कर दिए जाने के बाद जून में अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने संसद भवन में रवि को मंत्रालय का कामकाज देखने को कहा। देशमुख लीवर संबंधित बीमारी के बाद चेन्नई के एक अस्पताल में भर्ती हैं जहां उनकी हालत गंभीर है। देशमुख विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री हैं। उन्हें वीरभद्र सिंह के इस्तीफे के बाद सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था। सिंह ने 23 साल पुराने एक मामले में अदालत द्वारा आरोप तय कर दिए जाने के बाद जून में अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने संसद भवन में रवि को मंत्रालय का कामकाज देखने को कहा। देशमुख लीवर संबंधित बीमारी के बाद चेन्नई के एक अस्पताल में भर्ती हैं जहां उनकी हालत गंभीर है। उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने संसद भवन में रवि को मंत्रालय का कामकाज देखने को कहा। देशमुख लीवर संबंधित बीमारी के बाद चेन्नई के एक अस्पताल में भर्ती हैं जहां उनकी हालत गंभीर है।
केंद्रीय मंत्री विलासराव देशमुख के गंभीर रूप से बीमार हो जाने के बाद प्रवासी मामलों के मंत्री व्यालार रवि को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
28
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: पिछले कुछ दिनों से लगातार वित्तमंत्रालय के अधिकारियों पर निशाना साध रहे बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने जब शुक्रवार को सीधे वित्तमंत्री अरुण जेटली को टार्गेट किया तो पार्टी ने साफ कर दिया कि पार्टी अनुशासन सबसे ऊपर है। बताया जा रहा है कि पार्टी आलाकमान स्वामी के बयानों से नाराज है। पार्टी ने साफ कर दिया है कि निजी राय की आड़ में अनुशासन से खिलवाड़ नहीं चलेगा। पार्टी सूत्रों ने बताया कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं पर हमला स्वीकार्य नहीं है। आरएसएस के सूत्रों ने कहा है कि यह कहना बिल्कुल गलत है कि स्वामी के हमलों के पीछे आरएसएस है। पार्टी ने कहा कि यह सही है कि उन्हें राज्यसभा में पहुंचाने में आरएसएस की बड़ी भूमिका थी लेकिन आरएसएस पार्टी नेताओं और अधिकारियों पर निजी हमलों का पक्षधर नहीं है। पार्टी के सूत्र कहते हैं कि बीजेपी में यह राय है कि अरविंद सुब्रमण्यन पर जो आरोप लगाए गए हैं वह पूर्ण रूप से निराधार हैं। पार्टी सूत्रों ने यह भी साफ बताया कि सुब्रमण्यन और नीति आयोग के प्रमुख अरविंद पनगढ़िया की नियुक्ति पर आरएसएस को कोई ऐतराज नहीं था। साथ ही पार्टी सूत्रों ने बताया है कि स्वामी के ट्वीट का संज्ञान लिया गया है। टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि वित्तमंत्रालय पर हमले को नए स्तर पर ले जाते हुए भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने अपने ऊपर नियंत्रण रखने की सलाह देने वालों को यह कहते हुए ढंके-छुपे अंदाज में धमकी दी कि यदि वह अनुशासन की उपेक्षा करेंगे तो तूफान आ जाएगा। उन्होंने स्पष्ट रूप से वित्त मंत्री अरुण जेटली पर निशाना साधते हुए अपने ट्वीट में कहा, ‘‘बिना मांगे मुझे अनुशासन और नियंत्रण की सलाह देने वाले लोग यह नहीं समझ रहे कि यदि मैंने अनुशासन की उपेक्षा की तो तूफान आ जाएगा।’’ बताया जा रहा है कि पार्टी आलाकमान स्वामी के बयानों से नाराज है। पार्टी ने साफ कर दिया है कि निजी राय की आड़ में अनुशासन से खिलवाड़ नहीं चलेगा। पार्टी सूत्रों ने बताया कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं पर हमला स्वीकार्य नहीं है। आरएसएस के सूत्रों ने कहा है कि यह कहना बिल्कुल गलत है कि स्वामी के हमलों के पीछे आरएसएस है। पार्टी ने कहा कि यह सही है कि उन्हें राज्यसभा में पहुंचाने में आरएसएस की बड़ी भूमिका थी लेकिन आरएसएस पार्टी नेताओं और अधिकारियों पर निजी हमलों का पक्षधर नहीं है। पार्टी के सूत्र कहते हैं कि बीजेपी में यह राय है कि अरविंद सुब्रमण्यन पर जो आरोप लगाए गए हैं वह पूर्ण रूप से निराधार हैं। पार्टी सूत्रों ने यह भी साफ बताया कि सुब्रमण्यन और नीति आयोग के प्रमुख अरविंद पनगढ़िया की नियुक्ति पर आरएसएस को कोई ऐतराज नहीं था। साथ ही पार्टी सूत्रों ने बताया है कि स्वामी के ट्वीट का संज्ञान लिया गया है। टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि वित्तमंत्रालय पर हमले को नए स्तर पर ले जाते हुए भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने अपने ऊपर नियंत्रण रखने की सलाह देने वालों को यह कहते हुए ढंके-छुपे अंदाज में धमकी दी कि यदि वह अनुशासन की उपेक्षा करेंगे तो तूफान आ जाएगा। उन्होंने स्पष्ट रूप से वित्त मंत्री अरुण जेटली पर निशाना साधते हुए अपने ट्वीट में कहा, ‘‘बिना मांगे मुझे अनुशासन और नियंत्रण की सलाह देने वाले लोग यह नहीं समझ रहे कि यदि मैंने अनुशासन की उपेक्षा की तो तूफान आ जाएगा।’’ आरएसएस के सूत्रों ने कहा है कि यह कहना बिल्कुल गलत है कि स्वामी के हमलों के पीछे आरएसएस है। पार्टी ने कहा कि यह सही है कि उन्हें राज्यसभा में पहुंचाने में आरएसएस की बड़ी भूमिका थी लेकिन आरएसएस पार्टी नेताओं और अधिकारियों पर निजी हमलों का पक्षधर नहीं है। पार्टी के सूत्र कहते हैं कि बीजेपी में यह राय है कि अरविंद सुब्रमण्यन पर जो आरोप लगाए गए हैं वह पूर्ण रूप से निराधार हैं। पार्टी सूत्रों ने यह भी साफ बताया कि सुब्रमण्यन और नीति आयोग के प्रमुख अरविंद पनगढ़िया की नियुक्ति पर आरएसएस को कोई ऐतराज नहीं था। साथ ही पार्टी सूत्रों ने बताया है कि स्वामी के ट्वीट का संज्ञान लिया गया है। टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि वित्तमंत्रालय पर हमले को नए स्तर पर ले जाते हुए भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने अपने ऊपर नियंत्रण रखने की सलाह देने वालों को यह कहते हुए ढंके-छुपे अंदाज में धमकी दी कि यदि वह अनुशासन की उपेक्षा करेंगे तो तूफान आ जाएगा। उन्होंने स्पष्ट रूप से वित्त मंत्री अरुण जेटली पर निशाना साधते हुए अपने ट्वीट में कहा, ‘‘बिना मांगे मुझे अनुशासन और नियंत्रण की सलाह देने वाले लोग यह नहीं समझ रहे कि यदि मैंने अनुशासन की उपेक्षा की तो तूफान आ जाएगा।’’ पार्टी सूत्रों ने यह भी साफ बताया कि सुब्रमण्यन और नीति आयोग के प्रमुख अरविंद पनगढ़िया की नियुक्ति पर आरएसएस को कोई ऐतराज नहीं था। साथ ही पार्टी सूत्रों ने बताया है कि स्वामी के ट्वीट का संज्ञान लिया गया है। टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि वित्तमंत्रालय पर हमले को नए स्तर पर ले जाते हुए भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने अपने ऊपर नियंत्रण रखने की सलाह देने वालों को यह कहते हुए ढंके-छुपे अंदाज में धमकी दी कि यदि वह अनुशासन की उपेक्षा करेंगे तो तूफान आ जाएगा। उन्होंने स्पष्ट रूप से वित्त मंत्री अरुण जेटली पर निशाना साधते हुए अपने ट्वीट में कहा, ‘‘बिना मांगे मुझे अनुशासन और नियंत्रण की सलाह देने वाले लोग यह नहीं समझ रहे कि यदि मैंने अनुशासन की उपेक्षा की तो तूफान आ जाएगा।’’ उल्लेखनीय है कि वित्तमंत्रालय पर हमले को नए स्तर पर ले जाते हुए भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने अपने ऊपर नियंत्रण रखने की सलाह देने वालों को यह कहते हुए ढंके-छुपे अंदाज में धमकी दी कि यदि वह अनुशासन की उपेक्षा करेंगे तो तूफान आ जाएगा। उन्होंने स्पष्ट रूप से वित्त मंत्री अरुण जेटली पर निशाना साधते हुए अपने ट्वीट में कहा, ‘‘बिना मांगे मुझे अनुशासन और नियंत्रण की सलाह देने वाले लोग यह नहीं समझ रहे कि यदि मैंने अनुशासन की उपेक्षा की तो तूफान आ जाएगा।’’ उन्होंने स्पष्ट रूप से वित्त मंत्री अरुण जेटली पर निशाना साधते हुए अपने ट्वीट में कहा, ‘‘बिना मांगे मुझे अनुशासन और नियंत्रण की सलाह देने वाले लोग यह नहीं समझ रहे कि यदि मैंने अनुशासन की उपेक्षा की तो तूफान आ जाएगा।’’
यह एक सारांश है: बीजेपी ने किया साफ, पार्टी में अनुशान है सबसे ऊपर... संघ को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं पर हमला स्वीकार्य नहीं है स्‍वामी की 'धमकी', 'मैं अनुशासन तोड़ दूं तो तूफान आ जाएगा
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के छात्र नेता उमर खालिद ने इस हफ्ते सुरक्षाबलों द्वारा ढेर किए गए हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी कमांडर बुरहान वानी को क्रांतिकारी बताकर रविवार को एक और विवाद खड़ा कर दिया। खालिद जेएनयू परिसर में कथित देश विरोधी नारेबाजी को लेकर देशद्रोह के मामले में जमानत पर है । उन्होंने अपने फेसबुक पोस्ट में चे ग्वेरा के एक कथन का उल्लेख करते हुए कहा, 'मुझे अपने मरने का गम नहीं रहेगा अगर कोई मेरी बंदूक उठाकर उसे चलाता रहेगा, ये शब्द चे ग्वेरा के थे, लेकिन यही शब्द बुरहान वानी के भी रहे होंगे।'  खालिद ने हालांकि कुछ घंटे बाद अपने पोस्ट को हटा लिया । उन्होंने वानी को बहादुर बताते हुए उसकी तारीफ की और कहा, 'बुरहान मौत से नहीं डरता था, वह गुलामी के साये में रहने वाली जिंदगी से डरता था। वह इससे नफरत करता था। वह आजाद इंसान की तरह जिया, आजाद मरा..।'टिप्पणियां इस पर जेएनयू छात्रसंघ में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के एकमात्र सदस्य सौरभ शर्मा ने एक बयान में कहा, 'अफजल गुरु का समर्थन करने के बाद खालिद ने अब बुरहान के प्रति सहानुभूति जताई है, यह आतंकवादियों से उसके जुड़ाव और समर्थन का संकेत है। इस तरह के राष्ट्रविरोधी तत्व समाज के लिए आतंकवादियों से भी ज्यादा खतरनाक हैं। मैं मांग करता हूं कि उसकी जमानत रद्द की जानी चाहिए और उसके संबंधों के बारे में जांच की जानी चाहिए।' (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने अपने फेसबुक पोस्ट में चे ग्वेरा के एक कथन का उल्लेख करते हुए कहा, 'मुझे अपने मरने का गम नहीं रहेगा अगर कोई मेरी बंदूक उठाकर उसे चलाता रहेगा, ये शब्द चे ग्वेरा के थे, लेकिन यही शब्द बुरहान वानी के भी रहे होंगे।'  खालिद ने हालांकि कुछ घंटे बाद अपने पोस्ट को हटा लिया । उन्होंने वानी को बहादुर बताते हुए उसकी तारीफ की और कहा, 'बुरहान मौत से नहीं डरता था, वह गुलामी के साये में रहने वाली जिंदगी से डरता था। वह इससे नफरत करता था। वह आजाद इंसान की तरह जिया, आजाद मरा..।'टिप्पणियां इस पर जेएनयू छात्रसंघ में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के एकमात्र सदस्य सौरभ शर्मा ने एक बयान में कहा, 'अफजल गुरु का समर्थन करने के बाद खालिद ने अब बुरहान के प्रति सहानुभूति जताई है, यह आतंकवादियों से उसके जुड़ाव और समर्थन का संकेत है। इस तरह के राष्ट्रविरोधी तत्व समाज के लिए आतंकवादियों से भी ज्यादा खतरनाक हैं। मैं मांग करता हूं कि उसकी जमानत रद्द की जानी चाहिए और उसके संबंधों के बारे में जांच की जानी चाहिए।' (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने वानी को बहादुर बताते हुए उसकी तारीफ की और कहा, 'बुरहान मौत से नहीं डरता था, वह गुलामी के साये में रहने वाली जिंदगी से डरता था। वह इससे नफरत करता था। वह आजाद इंसान की तरह जिया, आजाद मरा..।'टिप्पणियां इस पर जेएनयू छात्रसंघ में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के एकमात्र सदस्य सौरभ शर्मा ने एक बयान में कहा, 'अफजल गुरु का समर्थन करने के बाद खालिद ने अब बुरहान के प्रति सहानुभूति जताई है, यह आतंकवादियों से उसके जुड़ाव और समर्थन का संकेत है। इस तरह के राष्ट्रविरोधी तत्व समाज के लिए आतंकवादियों से भी ज्यादा खतरनाक हैं। मैं मांग करता हूं कि उसकी जमानत रद्द की जानी चाहिए और उसके संबंधों के बारे में जांच की जानी चाहिए।' (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इस पर जेएनयू छात्रसंघ में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के एकमात्र सदस्य सौरभ शर्मा ने एक बयान में कहा, 'अफजल गुरु का समर्थन करने के बाद खालिद ने अब बुरहान के प्रति सहानुभूति जताई है, यह आतंकवादियों से उसके जुड़ाव और समर्थन का संकेत है। इस तरह के राष्ट्रविरोधी तत्व समाज के लिए आतंकवादियों से भी ज्यादा खतरनाक हैं। मैं मांग करता हूं कि उसकी जमानत रद्द की जानी चाहिए और उसके संबंधों के बारे में जांच की जानी चाहिए।' (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सारांश: आतंकी बुरहान वानी को क्रांतिकारी कहा क्रांतिकारी चे ग्‍वेरा से तुलना की खालिद देशद्रोह के मामले में जमानत पर है
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के कैंसर विशेषज्ञों का कहना है कि मोबाइल फोन के इस्तेमाल से मस्तिष्क कैंसर का खतरा बढ़ सकता है जिससे बचने के लिए संदेशों तथा ईयरफोन वाले हैंड फ्री उपकरणों का उपयोग किया जाना चाहिए। कैंसर पर शोध करने वाली अंतरराष्ट्रीय एजेंसी आईएआरसी ने फ्रांस के ल्योन में आठ दिवसीय सम्मेलन के समापन पर मंगलवार को कहा, इस तरह के उपकरणों के इस्तेमाल से उत्पन्न होने वाले रेडियो आवृत्ति विद्युत चुंबकीय क्षेत्र से लोगों को कैंसर होने की आशंका होती है। कार्य समूह के अध्यक्ष जोनाथन समेट ने कहा, इपीडिमीयोलॉजिकल शोध से मिले प्रमाणों की समीक्षा के आधार पर विशेषज्ञ इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि मस्तिष्क में होने वाले एक प्रकार के कैंसर, ग्लिओमा के मामले बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि पिछले दशक में व्यापक स्तर पर किए गए दो अध्ययनों में पाया गया है कि इसका खतरा अधिक उन लोगों में अधिक देखा गया जो मोबाइल फोन का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं। अध्ययन से पता चला है कि कुछ लोगों ने करीब दस साल की अवधि के दौरान प्रति दिन औसतन 30 मिनट अपने फोन का इस्तेमाल किया। पूरी दुनिया में तकरीबन पांच अरब मोबाइल फोन पंजीकृत हैं। मोबाइल के इस आंकड़े और इनके इस्तेमाल किए जाने के समय दोनों में ही हाल के वर्षों में लगातार बढ़ोतरी हुई है। आईएआरसी के अनुसार, वर्तमान वैज्ञानिक निष्कर्ष वायरलैस उपकरणों और कैंसर के बीच केवल संभावित संबंध को बताते हैं, इनकी पुष्टि नहीं हुई है। आईएआरसी रिपोर्ट से जुड़े कुर्ट स्ट्रैफ ने कहा, ग्लिओमा और एकॉस्टिक न्यूरोमा कहे जाने वाले नॉन मेलिग्नैन्ट ट्यूमर के अन्य प्रकार का खतरा बढ़ने के कुछ प्रमाण हैं लेकिन अभी यह पूरी तरह साबित नहीं हुआ है कि मोबाइल फोन के इस्तेमाल से कैंसर होता है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: समेट ने कहा, इपीडिमीयोलॉजिकल शोध से मिले प्रमाणों की समीक्षा के आधार पर विशेषज्ञ इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि मस्तिष्क में होने वाले एक प्रकार के कैंसर, ग्लिओमा के मामले बढ़े हैं।
25
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: चीनी कंपनी Vivo ने भारत में अपने स्मार्टफोन Vivo Y93 की कीमत कर दी है। वीवो वाई93 के 3 जीबी रैम और 4 जीबी रैम वेरिएंट को 1,000 रुपये सस्ते में बेचा जाएगा। Vivo Y93 को नई कीमत में कंपनी की वेबसाइट और अमेज़न इंडिया पर लिस्ट कर दिया गया है। यह स्मार्टफोन की कीमत में दूसरी कटौती है जिसे बीते साल दिसंबर में लॉन्च किया गया था। Vivo Y93 के दोनों वेरिएंट इसी तरह से पहले मार्च में 1,000 रुपये सस्ते हुए थे। Vivo के मुताबिक, Vivo Y93 का 3 जीबी रैम और 32 जीबी स्टोरेज वेरिएंट अब 10,990 रुपये में उपलब्ध है। पहले इसकी कीमत 11,990 रुपये थी। इसी तरह फोन से 4 जीबी रैम और 64 जीबी स्टोरेज वेरिएंट को 11,990 रुपये में खरीदा जा सकता है। पहले यह 12,990 रुपये में बिकता था। चीनी कंपनी ने वीवो वाई93 के दाम कम किए जाने की पुष्टि Gadgets 360 से की है। हैंडसेट गुरुवार से ही नई कीमत में उपलब्ध रहेगा। जैसा कि हमने आपको पहले बताया, नई कीमत कंपनी की वेबसाइट के अलावा अमेज़न इंडिया की साइट पर भी उपलब्ध है। ऑफलाइन स्टोर्स में भी फोन को नई कीमत में बेचा जा रहा है। याद रहे कि Vivo Y93 को दिसंबर 2018 में लॉन्च किया गया था। इस वक्त 4 जीबी रैम वेरिएंट की कीमत 13,990 रुपये थी। कुछ दिनों बाद कंपनी ने इसका 3 जीबी रैम वेरिएंट 12,990 रुपये में उतारा। मार्च महीने हैंडसेट की कीमत में पहली बार कटौती की गई। डुअल-सिम (नैनो) Vivo Y93 एंड्रॉयड 8.1 ओरियो पर आधारित फनटच ओएस 4.5 पर चलता है। इसमें 6.2 इंच का एचडी+ (720x1580 पिक्सल) हेलो फुलव्यू डिस्प्ले है। यह स्क्रीन 19:9 आस्पेक्ट रेशियो वाली है। वीवो वाई93 में ऑक्टा-कोर मीडियाटेक हीलियो पी22 प्रोसेसर का इस्तेमाल हुआ है। हीलियो पी22 प्रोसेसर के साथ फोन में 3 जीबी और 4 जीबी रैम दिए गए हैं। स्मार्टफोन की इनबिल्ट स्टोरेज के दो विकल्प हैं- 32 जीबी या 64 जीबी। Vivo Y93 एक डुअल रियर कैमरा सेटअप वाला हैंडसेट है। फोन में 13 मेगापिक्सल का प्राइमरी सेंसर है और सेकेंडरी सेंसर 2 मेगापिक्सल का है। फ्रंट पैनल पर सेल्फी व वीडियो कॉलिंग के लिए 8 मेगापिक्सल का कैमरा दिया गया है। कनेक्टिविटी फीचर में 4जी वीओएलटीई, वाई-फाई, ब्लूटूथ वर्जन5.0, एफएम रेडियो, माइक्रो-यूएसबी के साथ ओटीजी सपोर्ट शामिल हैं। फोन में जान फूंकने के लिए 4,030 एमएएच बैटरी होगी।
यह एक सारांश है: Vivo Y93 को दिसंबर 2018 में लॉन्च किया गया था Vivo Y93 एंड्रॉयड 8.1 ओरियो पर आधारित फनटच ओएस 4.5 पर चलता है Vivo Y93 एक डुअल रियर कैमरा सेटअप वाला हैंडसेट है
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: रक्षामंत्री एके एंटनी ने वाणिज्य मंत्री के रक्षा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) सीमा मौजूदा 26 प्रतिशत से बढ़ाकर 49 प्रतिशत करने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि यह एक ‘उल्टा’ कदम साबित होगा क्योंकि इससे इससे एक तरफ जहां विदेशी कंपनियों पर निर्भरता बढ़ेगी वहीं घरेलू रक्षा उद्योग की वृद्धि प्रभावित होगी। एंटनी ने वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा को लिखे पत्र में कहा है कि रक्षा क्षेत्र में एफडीआई सीमा नहीं बढ़ाई जा सकती क्योंकि देश विदेशी कंपनियों पर निर्भरता का वहन नहीं कर सकता। उन्होंने लिखा है, ‘‘विदेशी कंपनियों को विनिर्माण इकाई (एसेंबली कारखाना) लगाने की अनुमति देना उल्टा कदम होगा क्योंकि यह स्वदेशी डिजाइन और विकास के रास्ते में बाधक होगा तथा अत्याधुनिक हथियारों के लिए हमारी निर्भरता दूसरे देशों तथा ओईएम (मूल उपकरण बनाने वाली कंपनियों) पर होगी..।’’ शर्मा ने पिछले महीने एंटनी को पत्र लिखकर रक्षा क्षेत्र में एफडीआई सीमा मौजूदा 26 प्रतिशत से बढ़ाकर 49 प्रतिशत करने का प्रस्ताव किया था। इसी के जवाब में रक्षा मंत्री ने शर्मा को पत्र लिखा है। उन्होंने लिखा है, ‘‘इसीलिए रक्षा मंत्रालय ने सोच-विचारकर यह निर्णय किया है कि रक्षा क्षेत्र में एफडीआई सीमा 26 प्रतिशत ही रहनी चाहिए।’’ रक्षामंत्री ने यह भी कहा है कि जब कभी एफडीआई सीमा 26 प्रतिशत से अधिक करने से अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी प्राप्त होने की संभावना बनेगी, सुरक्षा पर मंत्रिमंडलीय समिति मामला-दर-मामला आधार पर निर्णय कर सकती है। रक्षा क्षेत्र में एफडीआई सीमा बढ़ाने के प्रस्ताव के विरोध का कारण बताते हुए एंटनी ने कहा, ‘‘स्वदेशी तकनीकी पर आधारित शस्त्र प्रणाली का विकास जरूरी है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमारा प्रयास रक्षा क्षेत्र में निजी क्षेत्र को शामिल होने के लिये प्रोत्साहित कर इस क्षेत्र में स्वेदशी क्षमता तैयार करने की है। हम अपनी तत्काल जरूरतों को पूरा करने के लिये शस्त्र प्रणाली का आयात कर रहे हैं और यह तबतक के लिये जबतक हम खुद अपनी प्रणाली का विकास नहीं कर लेते।’’टिप्पणियां वाणिज्य मंत्रालय रक्षा क्षेत्र में एफडीआई सीमा 26 प्रतिशत से बढ़ाने पर जोर दे रहा है। मंत्रालय ने पूर्व में इस क्षेत्र में 74 प्रतिशत एफडीआई का प्रस्ताव दिया था। हालांकि इस मामले में रक्षा मंत्रालय के कड़े रुख के कारण इसे अब 49 प्रतिशत करने का प्रस्ताव किया गया है। वाणिज्य मंत्री ने कहा था, ‘‘मैं रक्षा क्षेत्र में एफडीआई सीमा अगर 74 प्रतिशत संभव नहीं है तो कम-से-कम 49 प्रतिशत करने का समर्थन कर रहा हूं और मेरा विभाग इसकी सिफारिश करता है।’’ अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर घोटाला मामले के बाद रक्षा मंत्रालय सेना की जरूरतों को पूरा करने के लिए स्वदेशी शस्त्र प्रणाली के विकास पर जोर दे रहा है। एंटनी ने वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा को लिखे पत्र में कहा है कि रक्षा क्षेत्र में एफडीआई सीमा नहीं बढ़ाई जा सकती क्योंकि देश विदेशी कंपनियों पर निर्भरता का वहन नहीं कर सकता। उन्होंने लिखा है, ‘‘विदेशी कंपनियों को विनिर्माण इकाई (एसेंबली कारखाना) लगाने की अनुमति देना उल्टा कदम होगा क्योंकि यह स्वदेशी डिजाइन और विकास के रास्ते में बाधक होगा तथा अत्याधुनिक हथियारों के लिए हमारी निर्भरता दूसरे देशों तथा ओईएम (मूल उपकरण बनाने वाली कंपनियों) पर होगी..।’’ शर्मा ने पिछले महीने एंटनी को पत्र लिखकर रक्षा क्षेत्र में एफडीआई सीमा मौजूदा 26 प्रतिशत से बढ़ाकर 49 प्रतिशत करने का प्रस्ताव किया था। इसी के जवाब में रक्षा मंत्री ने शर्मा को पत्र लिखा है। उन्होंने लिखा है, ‘‘इसीलिए रक्षा मंत्रालय ने सोच-विचारकर यह निर्णय किया है कि रक्षा क्षेत्र में एफडीआई सीमा 26 प्रतिशत ही रहनी चाहिए।’’ रक्षामंत्री ने यह भी कहा है कि जब कभी एफडीआई सीमा 26 प्रतिशत से अधिक करने से अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी प्राप्त होने की संभावना बनेगी, सुरक्षा पर मंत्रिमंडलीय समिति मामला-दर-मामला आधार पर निर्णय कर सकती है। रक्षा क्षेत्र में एफडीआई सीमा बढ़ाने के प्रस्ताव के विरोध का कारण बताते हुए एंटनी ने कहा, ‘‘स्वदेशी तकनीकी पर आधारित शस्त्र प्रणाली का विकास जरूरी है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमारा प्रयास रक्षा क्षेत्र में निजी क्षेत्र को शामिल होने के लिये प्रोत्साहित कर इस क्षेत्र में स्वेदशी क्षमता तैयार करने की है। हम अपनी तत्काल जरूरतों को पूरा करने के लिये शस्त्र प्रणाली का आयात कर रहे हैं और यह तबतक के लिये जबतक हम खुद अपनी प्रणाली का विकास नहीं कर लेते।’’टिप्पणियां वाणिज्य मंत्रालय रक्षा क्षेत्र में एफडीआई सीमा 26 प्रतिशत से बढ़ाने पर जोर दे रहा है। मंत्रालय ने पूर्व में इस क्षेत्र में 74 प्रतिशत एफडीआई का प्रस्ताव दिया था। हालांकि इस मामले में रक्षा मंत्रालय के कड़े रुख के कारण इसे अब 49 प्रतिशत करने का प्रस्ताव किया गया है। वाणिज्य मंत्री ने कहा था, ‘‘मैं रक्षा क्षेत्र में एफडीआई सीमा अगर 74 प्रतिशत संभव नहीं है तो कम-से-कम 49 प्रतिशत करने का समर्थन कर रहा हूं और मेरा विभाग इसकी सिफारिश करता है।’’ अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर घोटाला मामले के बाद रक्षा मंत्रालय सेना की जरूरतों को पूरा करने के लिए स्वदेशी शस्त्र प्रणाली के विकास पर जोर दे रहा है। उन्होंने लिखा है, ‘‘विदेशी कंपनियों को विनिर्माण इकाई (एसेंबली कारखाना) लगाने की अनुमति देना उल्टा कदम होगा क्योंकि यह स्वदेशी डिजाइन और विकास के रास्ते में बाधक होगा तथा अत्याधुनिक हथियारों के लिए हमारी निर्भरता दूसरे देशों तथा ओईएम (मूल उपकरण बनाने वाली कंपनियों) पर होगी..।’’ शर्मा ने पिछले महीने एंटनी को पत्र लिखकर रक्षा क्षेत्र में एफडीआई सीमा मौजूदा 26 प्रतिशत से बढ़ाकर 49 प्रतिशत करने का प्रस्ताव किया था। इसी के जवाब में रक्षा मंत्री ने शर्मा को पत्र लिखा है। उन्होंने लिखा है, ‘‘इसीलिए रक्षा मंत्रालय ने सोच-विचारकर यह निर्णय किया है कि रक्षा क्षेत्र में एफडीआई सीमा 26 प्रतिशत ही रहनी चाहिए।’’ रक्षामंत्री ने यह भी कहा है कि जब कभी एफडीआई सीमा 26 प्रतिशत से अधिक करने से अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी प्राप्त होने की संभावना बनेगी, सुरक्षा पर मंत्रिमंडलीय समिति मामला-दर-मामला आधार पर निर्णय कर सकती है। रक्षा क्षेत्र में एफडीआई सीमा बढ़ाने के प्रस्ताव के विरोध का कारण बताते हुए एंटनी ने कहा, ‘‘स्वदेशी तकनीकी पर आधारित शस्त्र प्रणाली का विकास जरूरी है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमारा प्रयास रक्षा क्षेत्र में निजी क्षेत्र को शामिल होने के लिये प्रोत्साहित कर इस क्षेत्र में स्वेदशी क्षमता तैयार करने की है। हम अपनी तत्काल जरूरतों को पूरा करने के लिये शस्त्र प्रणाली का आयात कर रहे हैं और यह तबतक के लिये जबतक हम खुद अपनी प्रणाली का विकास नहीं कर लेते।’’टिप्पणियां वाणिज्य मंत्रालय रक्षा क्षेत्र में एफडीआई सीमा 26 प्रतिशत से बढ़ाने पर जोर दे रहा है। मंत्रालय ने पूर्व में इस क्षेत्र में 74 प्रतिशत एफडीआई का प्रस्ताव दिया था। हालांकि इस मामले में रक्षा मंत्रालय के कड़े रुख के कारण इसे अब 49 प्रतिशत करने का प्रस्ताव किया गया है। वाणिज्य मंत्री ने कहा था, ‘‘मैं रक्षा क्षेत्र में एफडीआई सीमा अगर 74 प्रतिशत संभव नहीं है तो कम-से-कम 49 प्रतिशत करने का समर्थन कर रहा हूं और मेरा विभाग इसकी सिफारिश करता है।’’ अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर घोटाला मामले के बाद रक्षा मंत्रालय सेना की जरूरतों को पूरा करने के लिए स्वदेशी शस्त्र प्रणाली के विकास पर जोर दे रहा है। शर्मा ने पिछले महीने एंटनी को पत्र लिखकर रक्षा क्षेत्र में एफडीआई सीमा मौजूदा 26 प्रतिशत से बढ़ाकर 49 प्रतिशत करने का प्रस्ताव किया था। इसी के जवाब में रक्षा मंत्री ने शर्मा को पत्र लिखा है। उन्होंने लिखा है, ‘‘इसीलिए रक्षा मंत्रालय ने सोच-विचारकर यह निर्णय किया है कि रक्षा क्षेत्र में एफडीआई सीमा 26 प्रतिशत ही रहनी चाहिए।’’ रक्षामंत्री ने यह भी कहा है कि जब कभी एफडीआई सीमा 26 प्रतिशत से अधिक करने से अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी प्राप्त होने की संभावना बनेगी, सुरक्षा पर मंत्रिमंडलीय समिति मामला-दर-मामला आधार पर निर्णय कर सकती है। रक्षा क्षेत्र में एफडीआई सीमा बढ़ाने के प्रस्ताव के विरोध का कारण बताते हुए एंटनी ने कहा, ‘‘स्वदेशी तकनीकी पर आधारित शस्त्र प्रणाली का विकास जरूरी है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमारा प्रयास रक्षा क्षेत्र में निजी क्षेत्र को शामिल होने के लिये प्रोत्साहित कर इस क्षेत्र में स्वेदशी क्षमता तैयार करने की है। हम अपनी तत्काल जरूरतों को पूरा करने के लिये शस्त्र प्रणाली का आयात कर रहे हैं और यह तबतक के लिये जबतक हम खुद अपनी प्रणाली का विकास नहीं कर लेते।’’टिप्पणियां वाणिज्य मंत्रालय रक्षा क्षेत्र में एफडीआई सीमा 26 प्रतिशत से बढ़ाने पर जोर दे रहा है। मंत्रालय ने पूर्व में इस क्षेत्र में 74 प्रतिशत एफडीआई का प्रस्ताव दिया था। हालांकि इस मामले में रक्षा मंत्रालय के कड़े रुख के कारण इसे अब 49 प्रतिशत करने का प्रस्ताव किया गया है। वाणिज्य मंत्री ने कहा था, ‘‘मैं रक्षा क्षेत्र में एफडीआई सीमा अगर 74 प्रतिशत संभव नहीं है तो कम-से-कम 49 प्रतिशत करने का समर्थन कर रहा हूं और मेरा विभाग इसकी सिफारिश करता है।’’ अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर घोटाला मामले के बाद रक्षा मंत्रालय सेना की जरूरतों को पूरा करने के लिए स्वदेशी शस्त्र प्रणाली के विकास पर जोर दे रहा है। रक्षामंत्री ने यह भी कहा है कि जब कभी एफडीआई सीमा 26 प्रतिशत से अधिक करने से अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी प्राप्त होने की संभावना बनेगी, सुरक्षा पर मंत्रिमंडलीय समिति मामला-दर-मामला आधार पर निर्णय कर सकती है। रक्षा क्षेत्र में एफडीआई सीमा बढ़ाने के प्रस्ताव के विरोध का कारण बताते हुए एंटनी ने कहा, ‘‘स्वदेशी तकनीकी पर आधारित शस्त्र प्रणाली का विकास जरूरी है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमारा प्रयास रक्षा क्षेत्र में निजी क्षेत्र को शामिल होने के लिये प्रोत्साहित कर इस क्षेत्र में स्वेदशी क्षमता तैयार करने की है। हम अपनी तत्काल जरूरतों को पूरा करने के लिये शस्त्र प्रणाली का आयात कर रहे हैं और यह तबतक के लिये जबतक हम खुद अपनी प्रणाली का विकास नहीं कर लेते।’’टिप्पणियां वाणिज्य मंत्रालय रक्षा क्षेत्र में एफडीआई सीमा 26 प्रतिशत से बढ़ाने पर जोर दे रहा है। मंत्रालय ने पूर्व में इस क्षेत्र में 74 प्रतिशत एफडीआई का प्रस्ताव दिया था। हालांकि इस मामले में रक्षा मंत्रालय के कड़े रुख के कारण इसे अब 49 प्रतिशत करने का प्रस्ताव किया गया है। वाणिज्य मंत्री ने कहा था, ‘‘मैं रक्षा क्षेत्र में एफडीआई सीमा अगर 74 प्रतिशत संभव नहीं है तो कम-से-कम 49 प्रतिशत करने का समर्थन कर रहा हूं और मेरा विभाग इसकी सिफारिश करता है।’’ अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर घोटाला मामले के बाद रक्षा मंत्रालय सेना की जरूरतों को पूरा करने के लिए स्वदेशी शस्त्र प्रणाली के विकास पर जोर दे रहा है। रक्षा क्षेत्र में एफडीआई सीमा बढ़ाने के प्रस्ताव के विरोध का कारण बताते हुए एंटनी ने कहा, ‘‘स्वदेशी तकनीकी पर आधारित शस्त्र प्रणाली का विकास जरूरी है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमारा प्रयास रक्षा क्षेत्र में निजी क्षेत्र को शामिल होने के लिये प्रोत्साहित कर इस क्षेत्र में स्वेदशी क्षमता तैयार करने की है। हम अपनी तत्काल जरूरतों को पूरा करने के लिये शस्त्र प्रणाली का आयात कर रहे हैं और यह तबतक के लिये जबतक हम खुद अपनी प्रणाली का विकास नहीं कर लेते।’’टिप्पणियां वाणिज्य मंत्रालय रक्षा क्षेत्र में एफडीआई सीमा 26 प्रतिशत से बढ़ाने पर जोर दे रहा है। मंत्रालय ने पूर्व में इस क्षेत्र में 74 प्रतिशत एफडीआई का प्रस्ताव दिया था। हालांकि इस मामले में रक्षा मंत्रालय के कड़े रुख के कारण इसे अब 49 प्रतिशत करने का प्रस्ताव किया गया है। वाणिज्य मंत्री ने कहा था, ‘‘मैं रक्षा क्षेत्र में एफडीआई सीमा अगर 74 प्रतिशत संभव नहीं है तो कम-से-कम 49 प्रतिशत करने का समर्थन कर रहा हूं और मेरा विभाग इसकी सिफारिश करता है।’’ अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर घोटाला मामले के बाद रक्षा मंत्रालय सेना की जरूरतों को पूरा करने के लिए स्वदेशी शस्त्र प्रणाली के विकास पर जोर दे रहा है। वाणिज्य मंत्रालय रक्षा क्षेत्र में एफडीआई सीमा 26 प्रतिशत से बढ़ाने पर जोर दे रहा है। मंत्रालय ने पूर्व में इस क्षेत्र में 74 प्रतिशत एफडीआई का प्रस्ताव दिया था। हालांकि इस मामले में रक्षा मंत्रालय के कड़े रुख के कारण इसे अब 49 प्रतिशत करने का प्रस्ताव किया गया है। वाणिज्य मंत्री ने कहा था, ‘‘मैं रक्षा क्षेत्र में एफडीआई सीमा अगर 74 प्रतिशत संभव नहीं है तो कम-से-कम 49 प्रतिशत करने का समर्थन कर रहा हूं और मेरा विभाग इसकी सिफारिश करता है।’’ अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर घोटाला मामले के बाद रक्षा मंत्रालय सेना की जरूरतों को पूरा करने के लिए स्वदेशी शस्त्र प्रणाली के विकास पर जोर दे रहा है। वाणिज्य मंत्री ने कहा था, ‘‘मैं रक्षा क्षेत्र में एफडीआई सीमा अगर 74 प्रतिशत संभव नहीं है तो कम-से-कम 49 प्रतिशत करने का समर्थन कर रहा हूं और मेरा विभाग इसकी सिफारिश करता है।’’ अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर घोटाला मामले के बाद रक्षा मंत्रालय सेना की जरूरतों को पूरा करने के लिए स्वदेशी शस्त्र प्रणाली के विकास पर जोर दे रहा है।
सारांश: एंटनी का कहना है कि यह एक ‘उल्टा’ कदम साबित होगा क्योंकि इससे इससे एक तरफ जहां विदेशी कंपनियों पर निर्भरता बढ़ेगी वहीं घरेलू रक्षा उद्योग की वृद्धि प्रभावित होगी।
7
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: यह पहली बार नहीं हुआ जब वाडियर राजघराने में दत्तक पुत्र को राजा बनाया गया हो। पिछले 400 सालों से इस राजघराने में राजा-रानी को बेटा नहीं हुआ। यानी राज परंपरा आगे बढ़ाने के लिए राजा-रानी 400 सालों से परिवार के किसी दूसरे सदस्य के पुत्र को गोद लेते आए हैं।   मैसूर राजघराने को लेकर मान्यता है कि 1612 में दक्षिण के सबसे शक्तिशाली विजयनगर साम्राज्य के पतन के बाद वाडियार राजा के आदेश पर विजयनगर की अकूत धन संपत्ति लूटी गई थी। उस समय विजयनगर की तत्कालीन महारानी अलमेलम्मा हार के बाद एकांतवास में थीं। लेकिन उनके पास काफी सोने, चांदी और हीरे- जवाहरात थे। वाडियार ने महारानी के पास दूत भेजा कि उनके गहने अब वाडियार साम्राज्य की शाही संपत्ति का हिस्सा हैं इसलिए उन्हें दे दें। अलमेलम्मा ने जब गहने देने से इनकार किया तो शाही फौज ने ज़बरदस्ती ख़ज़ाने पर कब्जे की कोशिश की।   टिप्पणियां इससे दुखी होकर महारानी अलमेलम्मा ने कथित तौर पर श्राप दिया कि जिस तरह तुम लोगों ने मेरा घर ऊजाड़ा है उसी तरह तुम्हारा देश वीरान हो जाए। इस वंश के राजा- रानी की गोद हमेशा सूनी रहे। इसके बाद अलमेलम्मा ने कावेरी नदी में छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली।   राजा को जब ये पता चला तो वो काफी दुखी हुए। लेकिन अब कुछ नहीं हो सकता था। तब से अबतक लगभग 400 सालों से वाडियार राजवंश में किसी भी राजा को संतान के तौर पर पुत्र नहीं हुआ। हालांकि इसी राजमहल से 18वीं सदी में टीपू सुलतान और उसके पिता हैदर अली ने वाडियर की जगह लेकिन इन दोनों को पुत्र हुए। मैसूर राजघराने को लेकर मान्यता है कि 1612 में दक्षिण के सबसे शक्तिशाली विजयनगर साम्राज्य के पतन के बाद वाडियार राजा के आदेश पर विजयनगर की अकूत धन संपत्ति लूटी गई थी। उस समय विजयनगर की तत्कालीन महारानी अलमेलम्मा हार के बाद एकांतवास में थीं। लेकिन उनके पास काफी सोने, चांदी और हीरे- जवाहरात थे। वाडियार ने महारानी के पास दूत भेजा कि उनके गहने अब वाडियार साम्राज्य की शाही संपत्ति का हिस्सा हैं इसलिए उन्हें दे दें। अलमेलम्मा ने जब गहने देने से इनकार किया तो शाही फौज ने ज़बरदस्ती ख़ज़ाने पर कब्जे की कोशिश की।   टिप्पणियां इससे दुखी होकर महारानी अलमेलम्मा ने कथित तौर पर श्राप दिया कि जिस तरह तुम लोगों ने मेरा घर ऊजाड़ा है उसी तरह तुम्हारा देश वीरान हो जाए। इस वंश के राजा- रानी की गोद हमेशा सूनी रहे। इसके बाद अलमेलम्मा ने कावेरी नदी में छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली।   राजा को जब ये पता चला तो वो काफी दुखी हुए। लेकिन अब कुछ नहीं हो सकता था। तब से अबतक लगभग 400 सालों से वाडियार राजवंश में किसी भी राजा को संतान के तौर पर पुत्र नहीं हुआ। हालांकि इसी राजमहल से 18वीं सदी में टीपू सुलतान और उसके पिता हैदर अली ने वाडियर की जगह लेकिन इन दोनों को पुत्र हुए। वाडियार ने महारानी के पास दूत भेजा कि उनके गहने अब वाडियार साम्राज्य की शाही संपत्ति का हिस्सा हैं इसलिए उन्हें दे दें। अलमेलम्मा ने जब गहने देने से इनकार किया तो शाही फौज ने ज़बरदस्ती ख़ज़ाने पर कब्जे की कोशिश की।   टिप्पणियां इससे दुखी होकर महारानी अलमेलम्मा ने कथित तौर पर श्राप दिया कि जिस तरह तुम लोगों ने मेरा घर ऊजाड़ा है उसी तरह तुम्हारा देश वीरान हो जाए। इस वंश के राजा- रानी की गोद हमेशा सूनी रहे। इसके बाद अलमेलम्मा ने कावेरी नदी में छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली।   राजा को जब ये पता चला तो वो काफी दुखी हुए। लेकिन अब कुछ नहीं हो सकता था। तब से अबतक लगभग 400 सालों से वाडियार राजवंश में किसी भी राजा को संतान के तौर पर पुत्र नहीं हुआ। हालांकि इसी राजमहल से 18वीं सदी में टीपू सुलतान और उसके पिता हैदर अली ने वाडियर की जगह लेकिन इन दोनों को पुत्र हुए। इससे दुखी होकर महारानी अलमेलम्मा ने कथित तौर पर श्राप दिया कि जिस तरह तुम लोगों ने मेरा घर ऊजाड़ा है उसी तरह तुम्हारा देश वीरान हो जाए। इस वंश के राजा- रानी की गोद हमेशा सूनी रहे। इसके बाद अलमेलम्मा ने कावेरी नदी में छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली।   राजा को जब ये पता चला तो वो काफी दुखी हुए। लेकिन अब कुछ नहीं हो सकता था। तब से अबतक लगभग 400 सालों से वाडियार राजवंश में किसी भी राजा को संतान के तौर पर पुत्र नहीं हुआ। हालांकि इसी राजमहल से 18वीं सदी में टीपू सुलतान और उसके पिता हैदर अली ने वाडियर की जगह लेकिन इन दोनों को पुत्र हुए। राजा को जब ये पता चला तो वो काफी दुखी हुए। लेकिन अब कुछ नहीं हो सकता था। तब से अबतक लगभग 400 सालों से वाडियार राजवंश में किसी भी राजा को संतान के तौर पर पुत्र नहीं हुआ। हालांकि इसी राजमहल से 18वीं सदी में टीपू सुलतान और उसके पिता हैदर अली ने वाडियर की जगह लेकिन इन दोनों को पुत्र हुए।
यहाँ एक सारांश है:मैसूर के राजा यदुवीर और डूंगरपुर की राजकुमारी त्रिशिका की हुई शादी। मैसूर राजघराने में 40 साल बाद हुई शादी। 400 साल से राजा-रानी को नहीं हुई पुत्र प्राप्ति।
18
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने आशंका जताई है कि नाभा जेल पर हमले के पीछे पाकिस्तान का हाथ हो सकता है, क्योंकि नियंत्रण रेखा के पार भारतीय सेना द्वारा सर्जिकल स्ट्राइक किए जाने के बाद पड़ोसी देश 'आतंकवाद बहाल करने' को लेकर हताश है. राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल से बातचीत के बाद सुखबीर ने ट्वीट किया, 'सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान आतंकवाद को बहाल करने को लेकर हताश है. जेल पर हमले के पीछे उसका हाथ हो सकता है.' उप मुख्यमंत्री जिनके पास गृह मंत्रालय का भी प्रभार है, ने हालांकि कहा कि राज्य सरकार जेल पर हमले की घटना के पीछे साजिश का हर कीमत पर पर्दाफाश करेगी. उन्होंने अपने ट्वीट में कहा, 'राज्य की पुलिस चुनावों से पहले पंजाब में शांति भंग करने के लिए आतंकियों और गैंगस्टरों के बीच षडयंत्र की जांच कर रही है.' अधिकारियों ने कहा कि सुखबीर ने घटना के ब्योरे से डोभाल को अवगत कराया और दोषियों को पकड़ने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं, इस बारे में भी उन्हें अवगत कराया. टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि एक सनसनीखेज घटना में पुलिस की वर्दी में बंदूकधारियों ने रविवार को उच्च सुरक्षा वाले नाभा जेल पर हमला किया और खालिस्तान लिबरेशन फ्रंट के प्रमुख हरमिंदर मिंटू सहित छह कैदियों को लेकर भाग गए.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल से बातचीत के बाद सुखबीर ने ट्वीट किया, 'सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान आतंकवाद को बहाल करने को लेकर हताश है. जेल पर हमले के पीछे उसका हाथ हो सकता है.' उप मुख्यमंत्री जिनके पास गृह मंत्रालय का भी प्रभार है, ने हालांकि कहा कि राज्य सरकार जेल पर हमले की घटना के पीछे साजिश का हर कीमत पर पर्दाफाश करेगी. उन्होंने अपने ट्वीट में कहा, 'राज्य की पुलिस चुनावों से पहले पंजाब में शांति भंग करने के लिए आतंकियों और गैंगस्टरों के बीच षडयंत्र की जांच कर रही है.' अधिकारियों ने कहा कि सुखबीर ने घटना के ब्योरे से डोभाल को अवगत कराया और दोषियों को पकड़ने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं, इस बारे में भी उन्हें अवगत कराया. टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि एक सनसनीखेज घटना में पुलिस की वर्दी में बंदूकधारियों ने रविवार को उच्च सुरक्षा वाले नाभा जेल पर हमला किया और खालिस्तान लिबरेशन फ्रंट के प्रमुख हरमिंदर मिंटू सहित छह कैदियों को लेकर भाग गए.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने अपने ट्वीट में कहा, 'राज्य की पुलिस चुनावों से पहले पंजाब में शांति भंग करने के लिए आतंकियों और गैंगस्टरों के बीच षडयंत्र की जांच कर रही है.' अधिकारियों ने कहा कि सुखबीर ने घटना के ब्योरे से डोभाल को अवगत कराया और दोषियों को पकड़ने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं, इस बारे में भी उन्हें अवगत कराया. टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि एक सनसनीखेज घटना में पुलिस की वर्दी में बंदूकधारियों ने रविवार को उच्च सुरक्षा वाले नाभा जेल पर हमला किया और खालिस्तान लिबरेशन फ्रंट के प्रमुख हरमिंदर मिंटू सहित छह कैदियों को लेकर भाग गए.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उल्लेखनीय है कि एक सनसनीखेज घटना में पुलिस की वर्दी में बंदूकधारियों ने रविवार को उच्च सुरक्षा वाले नाभा जेल पर हमला किया और खालिस्तान लिबरेशन फ्रंट के प्रमुख हरमिंदर मिंटू सहित छह कैदियों को लेकर भाग गए.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: नाभा जेल पर हमला कर खालिस्तानी सरगना सहित छह कैदियों को छुड़ाया सुखबीर बादल ने NSA अजित डोभाल को घटना के ब्योरे की जानकारी दी 'राज्य सरकार जेल पर हमले के पीछे साजिश का पर्दाफाश करेगी'
25
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: चित्रकारी उन पेशों में से है जिसके बारे में कहा जाता है कि उसके लिए आपको "गॉड गिफ्टेड" होना चाहिए. हालांकि ट्रेनिंग और प्रशिक्षण से उसे काफी बेहतर किया जा सकता है. आज हम एक बाल चित्रकार से आपको परिचित करवा रहे हैं जो 14 साल की उम्र में देश और दुनिया में अपने काम से नाम कमा रहा है. हरियाणा के फरीदाबाद में पले-बढ़े आदि प्रिय को "यंगेस्ट नाइव आर्टिस्ट" का ख़िताब मिल चुका है. 2019 में प्रकाशित "इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड" में आदि का नाम इसी रूप में दर्ज है. "नाइव आर्टिस्ट" का मतलब ये है कि उन्होंने चित्रकारी सीखने के लिए कोई औपचारिक ट्रेनिंग नहीं ली है. एनडीटीवी से बातचीत में आदि के पिता प्रीतम जो हरियाणा पुलिस में हेड कांस्टेबल के तौर पर फरीदाबाद में तैनात  है, वो कहते हैं कि 6 जनवरी 2018 को बेटे ने एक बार स्कूल की छुट्टी पर कागज पर होम वर्क के दौरान एक पेंटिंग बनाई. उन्होंने बेटे की पेंटिंग और उसके रुझान को देखते हुए पेंटिंग बनाने के लिए उसको शीट लेकर दी. शीट मिलने के बाद उसके हुनर ने अपने जौहर दिखाने शुरू कर दिए. उनके पिता ने बताया कि पेंटिंग की तरफ रुझान को देखते हुए वो उसको आगे बढ़ते देखना चाहते हैं. वो कहते हैं कि आदि ने महज डेढ़ साल में ये सब सीखा है और सीखने के लिए उसने यूट्यूब का सहारा लिया. अपनी छोटी सी उम्र में ही आदि प्रिय ने कई प्रदर्शनियों में भी हिस्सा लिया है. अभी हाल में दुबई में 3 अप्रैल 2019 से 6 अप्रैल 2019 में आयोजित "वर्ल्ड आर्ट फेयर" में आदि प्रिय ने "सोलो शो" यानी अकेले ही अपनी प्रदर्शनी आयोजित की. पिछले साल 10 दिसंबर से 14 दिसंबर 2018 में भी आदि ने प्रतिष्ठित इंडियन कौंसिल फॉर कल्चरल रिलेशन्स की आर्ट गैलरी में सोलो शो किया था. पिता बताते हैं कि आदि प्रिय कैनवस पेंटिंग्स, ऑइल पेंटिंग्स, चारकोल पेंटिंग्स, हाइपर रियलिस्टिक पेंटिंग्स और पोर्ट्रेट में भी अच्छा कमांड रखते हैं. आदि प्रिय ने एनडीटीवी से बातचीत में कहा कि मैं अपनी पेटिंग के जरिये पर्यावरण पर खास फोकस करता हूं. अब पेंटिंग करना मेरा शौक बन गया है. मैं पूरी दुनिया में पेंटिंग के जरिये देश के साथ मां बाप का नाम रोशन करना चाहता हूं.
संक्षिप्त सारांश: 14 साल की उम्र में देश और दुनिया में अपने काम से नाम कमा रहा आदि प्रिय को मिल चुका है "यंगेस्ट नाइव आर्टिस्ट" का खिताब चित्रकारी सीखने के लिए कोई औपचारिक ट्रेनिंग नहीं ली
29
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी 435 सीटों पर लड़ी है और बाकी सीटें उसने सहयोगियों के साथ बांटी हैं. जबकि कांग्रेस कुल 420 सीटों पर चुनाव लड़ी है. बीजेपी की अगुवाई में एनडीए में इस बार 21 पार्टियां शामिल हैं. बिहार में उसको नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू के आने से मजबूती मिली है और वोट प्रतिशत के हिसाब से उसका पलड़ा भारी है. वहीं यूपीए में इस बार कांग्रेस की अगुवाई में 25 पार्टियां शामिल हैं. उधर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने माकपा महासचिव सीताराम येचुरी से मुलाकात की है. शनिवार को उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, एनसीपी नेता शरद पवार और शरद यादव से मुलाकात की थी. इसके बाद उन्होंने लखनऊ में मायावती और अखिलेश यादव से भी मुलाकात की है. माना जा रहा है कि कांग्रेस अब तीसरे मोर्चे की समर्थन से सरकार बनाने की कोशिश में जुट गई है. इसी बीच खबर आई है कि बीएसपी सुप्रीमो मायावती सोमवार को यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मिलेंगी. हालांकि कौन किस ओर रहेगा यह बहुत कुछ 23 मई को आने वाले नतीजों पर निर्भर करेगा. वहीं बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह का दावा है कि पार्टी 300 सीटे जीतकर एनडीए की सरकार बनाएगी. छत्तीसगढ़ : बीजेपी को 6 और कांग्रेस को 5 सीटें मिलती दिखाई दे रही हैं. पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस में बीजेपी को हराकर राज्‍य की सत्ता में वापसी की थी.
23 मई को आएंगे नतीजे किसके हाथ में आएगी बागडोर नतीजों से पहले एग्जिट पोल पर नजर
6
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने नरेंद्र मोदी सरकार की ओर से चुनावी सीजन में पूर्ण बजट पेश होने की अटकलों पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा है कि अगर अगर सरकार पूर्ण बजट पेश करेगी तो ये संविधान, लोकतंत्र और सात दशकों की परंपरा का अपमान होगा. किसी सरकार को छह पूर्ण बजट पेश करने का अधिकार नहीं होता. क्योंकि जनादेश इसकी इजाजत नहीं देता.मनीष तिवारी ने कहा कि ये सरकार अपना 5 पूर्व बजट पेश कर चुकी है. मोदी सरकार सिर्फ 46 दिन के कार्यकाल के लिए 365 दिन का बजट पेश नहीं कर सकती. कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा कि मोदी सरकार  लोकलुभावन वायदों की ख़ातिर पूर्ण बजट पेश करना चाह रही है. यह पूरी तरह से गलत है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस की मांग है कि मोदी सरकार सिर्फ़ अनुदान मांग रखे, ताकि लोकतंत्र और परंपरा का उल्लंघन न हो. तिवारी ने कहा कि अखबारों और टीवी चैनलों की रिपोर्ट से पता चल रहा है कि सरकार पूर्ण वित्तीय बजट पेश करने की कोशिश कर रही है.सरकार के पास ऐसा करने का नैतिक और संवैधानिक अंधिकार नहीं है. मनीष तिवारी ने कहा कि चुनाव आयोग को चुनाव प्रक्रिया को देखना चाहिए.
संक्षिप्त सारांश: मोदी सरकार पूर्ण बजट पेश कर सकती है, बोले कांग्रेस नेता मनीष तिवारी मनीष तिवारी बोले- पूर्ण बजट पेश करना लोकतंत्र के खिलाफ मनीष तिवारी ने चुनाव आयोग से की चुनाव प्रक्रिया पर नजर रखने की मांग
23
['hin']
एक सारांश बनाओ: देश के नेता कितने अमीर हैं, इस बात का अंदाजा पांच राज्यों में हो रहे चुनावों से लगाया जा सकता है। उम्मीदवारी के लिए दिए गए अपने हलफनामे के आधार पर यह बात सामने आई है कि पंजाब में करीब 83 फीसदी उम्मीदवार करोड़पति हैं। इसके बाद गोवा का नंबर आता है, जहां 67 करोड़पति उम्मीदवार हैं। 37 फीसदी करोड़पतियों के साथ यूपी तीसरे स्थान पर है। पंजाब में बरनाला के कांग्रेसी विधायक केवल ढिल्लों सबसे धनी नेता हैं। उनके परिवार की संपति करीब 136 करोड़ रुपये है। ढिल्लों के पास सिर्फ 17 लाख रुपये की तो घड़ियां ही हैं। इसके अलावा उनके पास करोड़ों की लग्जरी गाड़ियां भी हैं। शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल पंजाब के सबसे धनी मंत्रियों में शुमार हैं। सुखबीर के पास 76.36 करोड़ रुपये की संपत्ति है। पंजाब में बरनाला के कांग्रेसी विधायक केवल ढिल्लों सबसे धनी नेता हैं। उनके परिवार की संपति करीब 136 करोड़ रुपये है। ढिल्लों के पास सिर्फ 17 लाख रुपये की तो घड़ियां ही हैं। इसके अलावा उनके पास करोड़ों की लग्जरी गाड़ियां भी हैं। शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल पंजाब के सबसे धनी मंत्रियों में शुमार हैं। सुखबीर के पास 76.36 करोड़ रुपये की संपत्ति है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पंजाब में बरनाला के कांग्रेसी विधायक केवल ढिल्लों सबसे धनी नेता हैं। उनके परिवार की संपति करीब 136 करोड़ रुपये है। ढिल्लों के पास सिर्फ 17 लाख रुपये की तो घड़ियां ही हैं।
32
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: केंद्र सरकार द्वारा 500 और 1000 के नोटों पर प्रतिबंध लगाए जाने के पांच दिन बाद रविवार को इस मामले में चुप्पी तोड़ते हुए राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने ट्वीट कर लिखा, "हम कालेधन के विरुद्ध हैं, पर आपके कृत्य में दूरदर्शिता और क्रियान्वयन का पूर्ण अभाव दिख रहा है. आम आदमी की सहूलियत का ख्याल रखना चाहिए." नोटबंदी कर जापान गए मोदी ने लौटने पर जो भाषण दिए, उन पर तंज कसते हुए लालू ने कहा कि 'नाटकीय' भाषणों से आम जनता को न सांत्वना मिलेगी और न ही दुखों का अंत होगा. राजद के अध्यक्ष लालू ने रविवार शाम ताबड़तोड़ करीब 12 ट्वीट कर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए विमुद्रीकरण को गलत बताया. उन्होंने ट्वीट कर लिखा, "हम कालेधन के विरुद्ध हैं, पर आपके कृत्य में दूरदर्शिता और क्रियान्वयन का पूर्ण अभाव दिख रहा है. आम आदमी की सहूलियत का ख्याल रखना चाहिए." पूर्व केंद्रीय मंत्री ने एक अन्य ट्वीट में मोदी के वादे पर तंज कसते हुए लिखा, "मोदी जी, देश को भरोसा दीजिए कि जनता को दो माह पूरी असुविधा देने और कालेधन की उगाही के बाद सबके खाते में 15 लाख रुपये आएंगे." लालू यहीं नहीं रुके. उन्होंने आगे कहा कि अगर ये सब करने के बाद भी लोगों को 15 लाख रुपये नहीं मिले, तो इसका मतलब होगा कि यह 'फर्जिकल स्ट्राइक' था और इसके साथ ही आम जनता का 'फेक-एनकाउंटर' भी. मोदी सरकार से सवाल करते हुए लालू ने ट्वीट किया, "क्या सरकार 50 दिन के बाद आंकड़ा सावर्जनिक करेगी कि खातों में पैसे होने के बावजूद कितने लोग खाने और इलाज के अभाव और सदमे में मारे गए. मोदी बताएं कि अगर भ्रष्टाचार और कालाधन खत्म करना चाहते हैं तो 2000 रुपये का नोट क्यों बनाया? आपकी इस मंशा पर देश को शंका है." उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि सरकार यह बताए कि बैंकों का लाखों-करोड़ों रुपये डकारने वाले 'डिफॉल्टर्स' पर क्या कार्रवाई कर रहे हैं? लालू ने अपने खास अंदाज में एक ट्वीट में लिखा, "डिफॉल्टर पूंजीपति पांच सितारों में, आम आदमी कतारों में, आप विदेशी नजारों में. और ऊपर से कह रहे हो जो कतारों में है वो चोर-नाकारे हैं."टिप्पणियां लालू ने आगे कहा, "नाटकीय भाषणों से आम जनता को न सांत्वना मिलेगी और न दुखों का अंत होगा. स्थिति विस्फोटक हो रही है. लोग परेशान हैं और आप भाषण पर भाषण फेंके जा रहे हैं."(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने ट्वीट कर लिखा, "हम कालेधन के विरुद्ध हैं, पर आपके कृत्य में दूरदर्शिता और क्रियान्वयन का पूर्ण अभाव दिख रहा है. आम आदमी की सहूलियत का ख्याल रखना चाहिए." नोटबंदी कर जापान गए मोदी ने लौटने पर जो भाषण दिए, उन पर तंज कसते हुए लालू ने कहा कि 'नाटकीय' भाषणों से आम जनता को न सांत्वना मिलेगी और न ही दुखों का अंत होगा. राजद के अध्यक्ष लालू ने रविवार शाम ताबड़तोड़ करीब 12 ट्वीट कर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए विमुद्रीकरण को गलत बताया. उन्होंने ट्वीट कर लिखा, "हम कालेधन के विरुद्ध हैं, पर आपके कृत्य में दूरदर्शिता और क्रियान्वयन का पूर्ण अभाव दिख रहा है. आम आदमी की सहूलियत का ख्याल रखना चाहिए." पूर्व केंद्रीय मंत्री ने एक अन्य ट्वीट में मोदी के वादे पर तंज कसते हुए लिखा, "मोदी जी, देश को भरोसा दीजिए कि जनता को दो माह पूरी असुविधा देने और कालेधन की उगाही के बाद सबके खाते में 15 लाख रुपये आएंगे." लालू यहीं नहीं रुके. उन्होंने आगे कहा कि अगर ये सब करने के बाद भी लोगों को 15 लाख रुपये नहीं मिले, तो इसका मतलब होगा कि यह 'फर्जिकल स्ट्राइक' था और इसके साथ ही आम जनता का 'फेक-एनकाउंटर' भी. मोदी सरकार से सवाल करते हुए लालू ने ट्वीट किया, "क्या सरकार 50 दिन के बाद आंकड़ा सावर्जनिक करेगी कि खातों में पैसे होने के बावजूद कितने लोग खाने और इलाज के अभाव और सदमे में मारे गए. मोदी बताएं कि अगर भ्रष्टाचार और कालाधन खत्म करना चाहते हैं तो 2000 रुपये का नोट क्यों बनाया? आपकी इस मंशा पर देश को शंका है." उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि सरकार यह बताए कि बैंकों का लाखों-करोड़ों रुपये डकारने वाले 'डिफॉल्टर्स' पर क्या कार्रवाई कर रहे हैं? लालू ने अपने खास अंदाज में एक ट्वीट में लिखा, "डिफॉल्टर पूंजीपति पांच सितारों में, आम आदमी कतारों में, आप विदेशी नजारों में. और ऊपर से कह रहे हो जो कतारों में है वो चोर-नाकारे हैं."टिप्पणियां लालू ने आगे कहा, "नाटकीय भाषणों से आम जनता को न सांत्वना मिलेगी और न दुखों का अंत होगा. स्थिति विस्फोटक हो रही है. लोग परेशान हैं और आप भाषण पर भाषण फेंके जा रहे हैं."(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) राजद के अध्यक्ष लालू ने रविवार शाम ताबड़तोड़ करीब 12 ट्वीट कर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए विमुद्रीकरण को गलत बताया. उन्होंने ट्वीट कर लिखा, "हम कालेधन के विरुद्ध हैं, पर आपके कृत्य में दूरदर्शिता और क्रियान्वयन का पूर्ण अभाव दिख रहा है. आम आदमी की सहूलियत का ख्याल रखना चाहिए." पूर्व केंद्रीय मंत्री ने एक अन्य ट्वीट में मोदी के वादे पर तंज कसते हुए लिखा, "मोदी जी, देश को भरोसा दीजिए कि जनता को दो माह पूरी असुविधा देने और कालेधन की उगाही के बाद सबके खाते में 15 लाख रुपये आएंगे." लालू यहीं नहीं रुके. उन्होंने आगे कहा कि अगर ये सब करने के बाद भी लोगों को 15 लाख रुपये नहीं मिले, तो इसका मतलब होगा कि यह 'फर्जिकल स्ट्राइक' था और इसके साथ ही आम जनता का 'फेक-एनकाउंटर' भी. मोदी सरकार से सवाल करते हुए लालू ने ट्वीट किया, "क्या सरकार 50 दिन के बाद आंकड़ा सावर्जनिक करेगी कि खातों में पैसे होने के बावजूद कितने लोग खाने और इलाज के अभाव और सदमे में मारे गए. मोदी बताएं कि अगर भ्रष्टाचार और कालाधन खत्म करना चाहते हैं तो 2000 रुपये का नोट क्यों बनाया? आपकी इस मंशा पर देश को शंका है." उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि सरकार यह बताए कि बैंकों का लाखों-करोड़ों रुपये डकारने वाले 'डिफॉल्टर्स' पर क्या कार्रवाई कर रहे हैं? लालू ने अपने खास अंदाज में एक ट्वीट में लिखा, "डिफॉल्टर पूंजीपति पांच सितारों में, आम आदमी कतारों में, आप विदेशी नजारों में. और ऊपर से कह रहे हो जो कतारों में है वो चोर-नाकारे हैं."टिप्पणियां लालू ने आगे कहा, "नाटकीय भाषणों से आम जनता को न सांत्वना मिलेगी और न दुखों का अंत होगा. स्थिति विस्फोटक हो रही है. लोग परेशान हैं और आप भाषण पर भाषण फेंके जा रहे हैं."(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पूर्व केंद्रीय मंत्री ने एक अन्य ट्वीट में मोदी के वादे पर तंज कसते हुए लिखा, "मोदी जी, देश को भरोसा दीजिए कि जनता को दो माह पूरी असुविधा देने और कालेधन की उगाही के बाद सबके खाते में 15 लाख रुपये आएंगे." लालू यहीं नहीं रुके. उन्होंने आगे कहा कि अगर ये सब करने के बाद भी लोगों को 15 लाख रुपये नहीं मिले, तो इसका मतलब होगा कि यह 'फर्जिकल स्ट्राइक' था और इसके साथ ही आम जनता का 'फेक-एनकाउंटर' भी. मोदी सरकार से सवाल करते हुए लालू ने ट्वीट किया, "क्या सरकार 50 दिन के बाद आंकड़ा सावर्जनिक करेगी कि खातों में पैसे होने के बावजूद कितने लोग खाने और इलाज के अभाव और सदमे में मारे गए. मोदी बताएं कि अगर भ्रष्टाचार और कालाधन खत्म करना चाहते हैं तो 2000 रुपये का नोट क्यों बनाया? आपकी इस मंशा पर देश को शंका है." उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि सरकार यह बताए कि बैंकों का लाखों-करोड़ों रुपये डकारने वाले 'डिफॉल्टर्स' पर क्या कार्रवाई कर रहे हैं? लालू ने अपने खास अंदाज में एक ट्वीट में लिखा, "डिफॉल्टर पूंजीपति पांच सितारों में, आम आदमी कतारों में, आप विदेशी नजारों में. और ऊपर से कह रहे हो जो कतारों में है वो चोर-नाकारे हैं."टिप्पणियां लालू ने आगे कहा, "नाटकीय भाषणों से आम जनता को न सांत्वना मिलेगी और न दुखों का अंत होगा. स्थिति विस्फोटक हो रही है. लोग परेशान हैं और आप भाषण पर भाषण फेंके जा रहे हैं."(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) मोदी सरकार से सवाल करते हुए लालू ने ट्वीट किया, "क्या सरकार 50 दिन के बाद आंकड़ा सावर्जनिक करेगी कि खातों में पैसे होने के बावजूद कितने लोग खाने और इलाज के अभाव और सदमे में मारे गए. मोदी बताएं कि अगर भ्रष्टाचार और कालाधन खत्म करना चाहते हैं तो 2000 रुपये का नोट क्यों बनाया? आपकी इस मंशा पर देश को शंका है." उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि सरकार यह बताए कि बैंकों का लाखों-करोड़ों रुपये डकारने वाले 'डिफॉल्टर्स' पर क्या कार्रवाई कर रहे हैं? लालू ने अपने खास अंदाज में एक ट्वीट में लिखा, "डिफॉल्टर पूंजीपति पांच सितारों में, आम आदमी कतारों में, आप विदेशी नजारों में. और ऊपर से कह रहे हो जो कतारों में है वो चोर-नाकारे हैं."टिप्पणियां लालू ने आगे कहा, "नाटकीय भाषणों से आम जनता को न सांत्वना मिलेगी और न दुखों का अंत होगा. स्थिति विस्फोटक हो रही है. लोग परेशान हैं और आप भाषण पर भाषण फेंके जा रहे हैं."(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि सरकार यह बताए कि बैंकों का लाखों-करोड़ों रुपये डकारने वाले 'डिफॉल्टर्स' पर क्या कार्रवाई कर रहे हैं? लालू ने अपने खास अंदाज में एक ट्वीट में लिखा, "डिफॉल्टर पूंजीपति पांच सितारों में, आम आदमी कतारों में, आप विदेशी नजारों में. और ऊपर से कह रहे हो जो कतारों में है वो चोर-नाकारे हैं."टिप्पणियां लालू ने आगे कहा, "नाटकीय भाषणों से आम जनता को न सांत्वना मिलेगी और न दुखों का अंत होगा. स्थिति विस्फोटक हो रही है. लोग परेशान हैं और आप भाषण पर भाषण फेंके जा रहे हैं."(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) लालू ने आगे कहा, "नाटकीय भाषणों से आम जनता को न सांत्वना मिलेगी और न दुखों का अंत होगा. स्थिति विस्फोटक हो रही है. लोग परेशान हैं और आप भाषण पर भाषण फेंके जा रहे हैं."(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
आम आदमी की सहूलियत का ख्याल रखना चाहिए नाटकीय' भाषणों से आम जनता को सांत्वना नहीं मिलेगी हम कालेधन के विरुद्ध हैं
1
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: बिहार के पूर्वी चम्पारण जिले के दरमाहा गांव में पुलिस और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ के दौरान छह नक्सली मारे गए तथा 10 संदिग्ध नक्सलियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।  राज्य के पुलिस महानिदेशक नीलमणि ने सोमवार को बताया कि मुठभेड़ के बाद नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे तलाशी अभियान में अब तक 10 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है जिनमें तीन महिला नक्सली भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस महानिरीक्षक (ऑपरेशन) क़े  एस़  द्ववेदी तथा केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) घटनास्थल पर मौजूद हैं। गिरफ्तार नक्सलियों से पूछतछ की जा रही है। पुलिस को आशंका है कि अभी भी नक्सली इन क्षेत्रों में छुपे हो सकते हैं। खुफिया सूचना के आधार पर पुलिस की एक टीम रविवार शाम दरमाहा गांव पहुंची। पुलिस को देखते ही नक्सलियों ने गोलीबारी प्रारंभ कर दी जिसके बाद पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। नीलमणि ने बताया कि मुठभेड़ सुबह चार बजे तक चली। पुलिस की जवाबी कारवाई से घबराये नक्सली भाग निकले। मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने छह नक्सलियों को मार गिराया। उन्होंने बताया कि घटनास्थल से पुलिस ने 14 हथियार बरामद किए हैं, जिसमें पांच एसएलआर और आठ रायफल के अलावा बड़ी मात्रा में विस्फोटक पदार्थ शामिल हैं। मारे गए सभी नक्सलियों के शव पुलिस ने बरामद कर लिए हैं।  पुलिस नक्सलियों के खिलाफ अभियान चला रही है। इस अभियान में सीआरपीएफ  तथा विशेष कार्य बल (एसटीएफ) के जवानों को भी शामिल किया गया है। उल्लेखनीय है कि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) ने बिहार सहित चार राज्यों में रविवार से 48 घंटे के बंद का ऐलान किया है।
संक्षिप्त पाठ: पूर्वी चम्पारण के दरमाहा में पुलिस और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ के दौरान छह नक्सली मारे गए तथा 10 संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया गया।
13
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारतीय टेनिस स्टार सानिया मिर्जा अमेरिकी ओपन में अपनी रूसी जोड़ीदार इलेना वेसनिना के साथ तीसरे दौर में पहुंचने के कारण अपने करियर में पहली बार डब्ल्यूएटीए युगल रैंकिंग में शीर्ष दस में पहुंच गयी। सानिया अब वर्तमान खिलाड़ियों में चौथी भारतीय है जो शीर्ष दस में शामिल है। लिएंडर पेस और महेश भूपति तथा अपने प्रदर्शन में लगातार सुधार कर रहे रोहना बोपन्ना एटीपी युगल रैंकिंग में चोटी के दस खिलाड़ियों में शामिल हैं। सानिया ने वर्तमान सत्र में तीन युगल खिताब जीते जिससे उनके कुल खिताब की संख्या 12 पर पहुंच गई। उन्होंने इंडियन वेल्स और चार्ल्सटन में वेसनिना के साथ कालेज पार्क टूर्नामेंट में कजाखस्तान की यारोस्लावा श्वेदोवा के साथ जीत दर्ज की थी। सानिया ने अपने ट्विटर पेज पर लिखा है, जब मैं सुबह उठी तो पाया कि मैं दुनिया की चोटी दस खिलाड़ियों में शामिल हूं। आप सभी को इतने वर्ष से सहयोग और प्यार देने के लिए शुक्रिया। उन्होंने अगले ट्वीट में लिखा है, घुटने की चोट के बाद अपना मनोबल बढ़ाने के लिए कुछ अच्छी खबर की जरूरत थी। उम्मीद है कि मैं जल्द ही पूरी तरह फिट हो जाउंगी।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सानिया अमेरिकी ओपन में अपनी रूसी जोड़ीदार वेसनिना के साथ तीसरे दौर में पहुंचने के कारण पहली बार डब्ल्यूएटीए युगल रैंकिंग में शीर्ष दस में पहुंची।
11
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश के मथुरा में शुक्रवार की सुबह नोएडा से आगरा जा रहे एक कार के डिवाइडर पर चढ़कर पलट जाने से उसमें सवार सभी पांच लोगों की मौत हो गई. पुलिस उनके शिनाख्त का प्रयास कर रही है. महावन थाना प्रभारी जीपी सिंह ने बताया कि पंजाब के लुधियाना जिला निवासी पांच व्यक्ति कार से नोएडा से आगरा जा रहे थे. उसी दौरान माइलस्टोन संख्या 115-116 के पास कार के चालक ने नियंत्रण खो दिया और कार डिवाइडर पर चढ़ते हुए पलट गई. जीपी सिंह ने बताया कि चार लोगों की मौत मौके पर ही हो गई थी. पांचवें ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया. पुलिस ने कहा कि सभी की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं. शवों को पोस्टमार्टम के लिए रखा गया है.टिप्पणियां   (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) जीपी सिंह ने बताया कि चार लोगों की मौत मौके पर ही हो गई थी. पांचवें ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया. पुलिस ने कहा कि सभी की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं. शवों को पोस्टमार्टम के लिए रखा गया है.टिप्पणियां   (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)   (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यहाँ एक सारांश है:पांचो लोग कार में सवार होकर मथुरा जा रहे थे पुलिस उनके शिनाख्त का प्रयास कर रही है शवों को पोस्टमार्टम के लिए रखा गया है
4
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: रक्षामंत्री एके एंटनी ने बुधवार को कहा कि वैज्ञानिकों ने निर्भय क्रूज मिसाइल में गड़बडी की पहचान की है और इसकी डिजायन एवं कार्यप्रणाली में सुधार किए जा रहे हैं। एंटनी ने ए इलावरासन के सवालों के लिखित जवाब में राज्यसभा को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वैज्ञानिकों ने पता लगाया है कि मिसाइल की ‘इनरशियल’ दिशा निर्देशन प्रणाली ने सही कार्य नहीं किया है और इसकी डिजायन व कार्यप्रणाली में सुधार किए जा रहे हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा विकसित भारत की सर्वाधिक चुनौतीपूर्ण प्रौद्योगिकीय परियोजना निर्भय क्रूज मिसाइल अपने पहले परीक्षण में आंशिक रूप से ही सफल रही है, एंटनी ने कहा, ‘हां, सभी लक्ष्य बिंदुओं (वे प्वाइंट्स) में उडान भर कर पूरी रेंज को कवर करने के अतिरिक्त क्रूज मिसाइल की कार्यप्रणाली के लिए निर्धारित सभी उद्देश्य पूरी तरह प्राप्त कर लिए गए हैं।’टिप्पणियां एंटनी ने कहा कि मिसाइल को निपुणतापूर्वक प्रक्षेपित किया गया था और दिशा निर्देशन प्रणाली सटीक थी जिसमें इसने पहले लक्ष्य बिंदु को सही भेदा था और दूसरे लक्ष्य बिंदु की ओर जाते समय इसमें विचलन देखा गया। उन्होंने कहा कि तटीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मिशन को समय से पहले समाप्त कर दिया गया। उन्होंने एक अन्य सवाल के जवाब में बताया कि डीआरडीओ ने आंध्र प्रदेश के मछलीपट्टनम में 1200 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से मिसाइल परीक्षण केंद्र स्थापित किए जाने का प्रस्ताव दिया है। एंटनी ने ए इलावरासन के सवालों के लिखित जवाब में राज्यसभा को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वैज्ञानिकों ने पता लगाया है कि मिसाइल की ‘इनरशियल’ दिशा निर्देशन प्रणाली ने सही कार्य नहीं किया है और इसकी डिजायन व कार्यप्रणाली में सुधार किए जा रहे हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा विकसित भारत की सर्वाधिक चुनौतीपूर्ण प्रौद्योगिकीय परियोजना निर्भय क्रूज मिसाइल अपने पहले परीक्षण में आंशिक रूप से ही सफल रही है, एंटनी ने कहा, ‘हां, सभी लक्ष्य बिंदुओं (वे प्वाइंट्स) में उडान भर कर पूरी रेंज को कवर करने के अतिरिक्त क्रूज मिसाइल की कार्यप्रणाली के लिए निर्धारित सभी उद्देश्य पूरी तरह प्राप्त कर लिए गए हैं।’टिप्पणियां एंटनी ने कहा कि मिसाइल को निपुणतापूर्वक प्रक्षेपित किया गया था और दिशा निर्देशन प्रणाली सटीक थी जिसमें इसने पहले लक्ष्य बिंदु को सही भेदा था और दूसरे लक्ष्य बिंदु की ओर जाते समय इसमें विचलन देखा गया। उन्होंने कहा कि तटीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मिशन को समय से पहले समाप्त कर दिया गया। उन्होंने एक अन्य सवाल के जवाब में बताया कि डीआरडीओ ने आंध्र प्रदेश के मछलीपट्टनम में 1200 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से मिसाइल परीक्षण केंद्र स्थापित किए जाने का प्रस्ताव दिया है। यह पूछे जाने पर कि क्या रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा विकसित भारत की सर्वाधिक चुनौतीपूर्ण प्रौद्योगिकीय परियोजना निर्भय क्रूज मिसाइल अपने पहले परीक्षण में आंशिक रूप से ही सफल रही है, एंटनी ने कहा, ‘हां, सभी लक्ष्य बिंदुओं (वे प्वाइंट्स) में उडान भर कर पूरी रेंज को कवर करने के अतिरिक्त क्रूज मिसाइल की कार्यप्रणाली के लिए निर्धारित सभी उद्देश्य पूरी तरह प्राप्त कर लिए गए हैं।’टिप्पणियां एंटनी ने कहा कि मिसाइल को निपुणतापूर्वक प्रक्षेपित किया गया था और दिशा निर्देशन प्रणाली सटीक थी जिसमें इसने पहले लक्ष्य बिंदु को सही भेदा था और दूसरे लक्ष्य बिंदु की ओर जाते समय इसमें विचलन देखा गया। उन्होंने कहा कि तटीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मिशन को समय से पहले समाप्त कर दिया गया। उन्होंने एक अन्य सवाल के जवाब में बताया कि डीआरडीओ ने आंध्र प्रदेश के मछलीपट्टनम में 1200 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से मिसाइल परीक्षण केंद्र स्थापित किए जाने का प्रस्ताव दिया है। एंटनी ने कहा कि मिसाइल को निपुणतापूर्वक प्रक्षेपित किया गया था और दिशा निर्देशन प्रणाली सटीक थी जिसमें इसने पहले लक्ष्य बिंदु को सही भेदा था और दूसरे लक्ष्य बिंदु की ओर जाते समय इसमें विचलन देखा गया। उन्होंने कहा कि तटीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मिशन को समय से पहले समाप्त कर दिया गया। उन्होंने एक अन्य सवाल के जवाब में बताया कि डीआरडीओ ने आंध्र प्रदेश के मछलीपट्टनम में 1200 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से मिसाइल परीक्षण केंद्र स्थापित किए जाने का प्रस्ताव दिया है। उन्होंने एक अन्य सवाल के जवाब में बताया कि डीआरडीओ ने आंध्र प्रदेश के मछलीपट्टनम में 1200 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से मिसाइल परीक्षण केंद्र स्थापित किए जाने का प्रस्ताव दिया है।
यह एक सारांश है: रक्षामंत्री एके एंटनी ने बुधवार को कहा कि वैज्ञानिकों ने निर्भय क्रूज मिसाइल में गड़बडी की पहचान की है और इसकी डिजायन एवं कार्यप्रणाली में सुधार किए जा रहे हैं।
9
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: प्रख्यात बॉलीवुड सितारे अमिताभ बच्चन ने कभी सोचा भी नहीं था कि किसी दिन उन्हें अपने ही घर में पीछे के दरवाजे से प्रवेश करना पड़ेगा। साल 2012 के पहले दिन मुंबई स्थित अमिताभ के घर 'जलसा' के बाहर उनके प्रशंसक इतनी भारी तादाद में मौजूद थे कि उन्हें पिछले दरवाजे से अपने घर में प्रवेश करना पड़ा। अमिताभ के प्रशंसक अपने पसंदीदा नायक को नववर्ष की शुभकामनाएं देने के लिए इकट्ठे हुए थे। इससे यातायात जाम की स्थिति पैदा हो गई थी। अमिताभ ने अपने ब्लॉग पर लिखा, "पूजा के बाद पूरा परिवार प्रतीक्षा से लौटा था और जो भी कार अंदर प्रवेश कर रही थी, उसे लोग पहचान कर चिल्ला रहे थे। वास्तव में मैंने तो पिछले दरवाजे से घर में प्रवेश किया। दरअसल यातायात जाम की स्थिति पैदा हो जाने से सामने के दरवाजे से घर में प्रवेश मुश्किल था।" वैसे अमिताभ अपने बेटे अभिषेक बच्चन के साथ प्रशंसकों का अभिवादन स्वीकार करने के लिए घर से बाहर निकले थे। अमिताभ कहते हैं कि उन्होंने काफी समय बाद पूरा दिन परिवार के साथ गुजारा। उन्होंने लिखा, "अभिषेक ने बरसों बाद एक पूरा दिन हमारे साथ गुजारा। वह कुछ ही दिन बाद शुक्रवार को प्रदर्शित होने जा रही अपनी फिल्म 'प्लेयर्स' के प्रचार के लिए यहां-वहां जा रहे थे। फिल्म में कुछ साहसी स्टंट हैं। इसे न्यूजीलैंड, उत्तरी ध्रुव व रूस में फिल्माया गया है।"
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: साल 2012 के पहले दिन मुंबई स्थित अमिताभ के घर 'जलसा' के बाहर इतने फैंस मौजूद थे कि उन्हें पिछले दरवाजे से अपने घर में प्रवेश करना पड़ा।
25
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: लगातार चार दिन बारिश का कहर झेलने के बाद उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में केवल दो दिनों में 41 व्यक्तियों के डेंगू से पीड़ित पाए जाने से राज्य के स्वास्थ्य महकमे में हडकंप मच गया है। हालांकि, देहरादून के मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. वाईएस थपलियाल ने बताया कि डेंगू के सभी मरीजों की स्थिति सुधर रही है और हालात पूरी तरह से नियंत्रण में हैं। उन्होंने बताया कि डेंगू की पुष्टि वाले 41 में से 40 मामले केवल पथरीबाग क्षेत्र के हैं, जबकि एक मामला जोगीवाला क्षेत्र का है। डॉ. थपलियाल ने बताया कि डेंगू पीड़ित छह मरीजों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। उन्होंने बताया कि बाकी सभी मरीजों का बुखार धीरे-धीरे कम हो रहा है और उनकी स्थिति में सुधार आ रहा है।टिप्पणियां मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि डेंगू से बचाव के लिए सभी क्षेत्रों में फॉगिंग की जा रही है और लोगों को भी उसके प्रति जागरुक करने का अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि डेंगू को लेकर हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं और घबराहट की कोई बात नहीं है। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) हालांकि, देहरादून के मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. वाईएस थपलियाल ने बताया कि डेंगू के सभी मरीजों की स्थिति सुधर रही है और हालात पूरी तरह से नियंत्रण में हैं। उन्होंने बताया कि डेंगू की पुष्टि वाले 41 में से 40 मामले केवल पथरीबाग क्षेत्र के हैं, जबकि एक मामला जोगीवाला क्षेत्र का है। डॉ. थपलियाल ने बताया कि डेंगू पीड़ित छह मरीजों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। उन्होंने बताया कि बाकी सभी मरीजों का बुखार धीरे-धीरे कम हो रहा है और उनकी स्थिति में सुधार आ रहा है।टिप्पणियां मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि डेंगू से बचाव के लिए सभी क्षेत्रों में फॉगिंग की जा रही है और लोगों को भी उसके प्रति जागरुक करने का अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि डेंगू को लेकर हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं और घबराहट की कोई बात नहीं है। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने बताया कि डेंगू की पुष्टि वाले 41 में से 40 मामले केवल पथरीबाग क्षेत्र के हैं, जबकि एक मामला जोगीवाला क्षेत्र का है। डॉ. थपलियाल ने बताया कि डेंगू पीड़ित छह मरीजों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। उन्होंने बताया कि बाकी सभी मरीजों का बुखार धीरे-धीरे कम हो रहा है और उनकी स्थिति में सुधार आ रहा है।टिप्पणियां मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि डेंगू से बचाव के लिए सभी क्षेत्रों में फॉगिंग की जा रही है और लोगों को भी उसके प्रति जागरुक करने का अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि डेंगू को लेकर हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं और घबराहट की कोई बात नहीं है। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि डेंगू से बचाव के लिए सभी क्षेत्रों में फॉगिंग की जा रही है और लोगों को भी उसके प्रति जागरुक करने का अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि डेंगू को लेकर हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं और घबराहट की कोई बात नहीं है। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह एक सारांश है: CMO ने बताया कि डेंगू के सभी मरीजों की स्थिति सुधर रही है डेंगू की पुष्टि वाले 41 में से 40 मामले केवल पथरीबाग क्षेत्र के हैं 'डेंगू से बचाव के लिए सभी क्षेत्रों में फॉगिंग की जा रही है'
2
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सदी के महानायक अमिताभ बच्चन ने उर्दू के नामचीन शायर प्रो. अखलाक मोहम्मद खान 'शहरयार' को देश के सर्वोच्च साहित्य पुरस्कार ज्ञानपीठ से नवाजते हुए कहा कि वह हिन्दी, उर्दू की साझी तहजीब के नुमाइंदे हैं और उनकी शायरी के गहरे अर्थ हैं। अमिताभ ने कहा कि उर्दू कविता उनसे गौरवान्वित हुई है, वह डॉ. राही मासूम रजा की तरह ही हिन्दी उर्दू के बीच बनी एक काल्पनिक दीवार को तोड़ने के पक्षधर रहे हैं और वह वास्तव में हिन्दी उर्दू की साझी तहजीब के नुमाइंदे हैं। उन्होंने कहा कि शहरयार साहब ने 'फासले', 'अंजुमन', 'गमन' और 'उमराव जान' के गीतों के रूप में फिल्मों को नायाब मोती दिए हैं जो अपने आप में विराट जीवन दर्शन को समेटे हुए हैं जो गीत कभी पुराने नहीं पड़ते। अमिताभ ने कहा कि सीने में जलन, आंखों में तूफान सा क्यों है, इस शहर में हर शख्स परेशान सा क्यों है को सुनकर लोग बरबस रुक जाते हैं। उन्होंने कहा कि हम सब अलग तरह से अपना जीवन जीते हैं और जीवन की आपाधापी में व्यस्त रहते हैं, इसमें बहुत कम ऐसे अवसर मिलते हैं जब हम जीवन के गहरे अथरें को समझते हैं और उनसे साक्षात्कार करते हैं।
यह एक सारांश है: बच्चन ने उर्दू के नामचीन शायर 'शहरयार' को ज्ञानपीठ पुरुस्कार से नवाजते हुए कहा कि वह हिन्दी, उर्दू की साझी तहजीब के नुमाइंदे हैं।
9
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली विधानसभा में नारे लगाने और पर्चे फेंकने वाले दो लोगों से सवाल किया कि आप लोग भगत सिंह की तरह व्यवहार क्यों कर रहे थे. न्यायमूर्त सिद्धार्थ मृदुल और न्यायमूर्ति नाजमी वजीरी की पीठ ने कहा, आप किस ओर ध्यान खींचना चाह रहे हैं? भगत सिंह ने जो किया आप उसे क्यों दोहरा रहे थे? इन दोनों को दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने 30 दिन के सश्रम कारावास की सजा के लिए भेजने का आदेश दिया था. अदालत ने दोनों को जेल भेजने के सदन के अध्यक्ष के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका की विचारणीयता पर भी सवाल उठाए क्योंकि यह बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका है और इसमें उन नियमों पर प्रहार नहीं किया गया जिसके तहत उन्हें विशेषाधिकार के हनन और अदालत की अवमानना के लिये जेल भेजा गया. बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका इस बात को सुनिश्चित करने के लिये दायर की जाती है कि जिस व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है, उसे अदालत के समक्ष पेश किया जाए ताकि इस बात का निर्धारण किया जा सके कि उसकी हिरासत वैध थी या अवैध. अदालत ने कहा कि राज्य द्वारा अवैध हिरासत में लेने का मुदृा गंभीर मामला है, जैसा याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया है.टिप्पणियां चूंकि याचिकाकर्ताओं ने उन नियमों को चुनौती नहीं दी थी जिसके तहत विधानसभा अध्यक्ष ने फैसला किया, इसलिये याचिका में संशोधन समेत क्या कदम आगे उठाना चाहते हैं इसपर फैसला करने के लिये पीठ ने उन्हें कल तक का समय दिया. याचिकाकर्ताओं का प्रतिनिधित्व अधिवक्ता प्रदीप राणा ने किया.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका इस बात को सुनिश्चित करने के लिये दायर की जाती है कि जिस व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है, उसे अदालत के समक्ष पेश किया जाए ताकि इस बात का निर्धारण किया जा सके कि उसकी हिरासत वैध थी या अवैध. अदालत ने कहा कि राज्य द्वारा अवैध हिरासत में लेने का मुदृा गंभीर मामला है, जैसा याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया है.टिप्पणियां चूंकि याचिकाकर्ताओं ने उन नियमों को चुनौती नहीं दी थी जिसके तहत विधानसभा अध्यक्ष ने फैसला किया, इसलिये याचिका में संशोधन समेत क्या कदम आगे उठाना चाहते हैं इसपर फैसला करने के लिये पीठ ने उन्हें कल तक का समय दिया. याचिकाकर्ताओं का प्रतिनिधित्व अधिवक्ता प्रदीप राणा ने किया.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) अदालत ने कहा कि राज्य द्वारा अवैध हिरासत में लेने का मुदृा गंभीर मामला है, जैसा याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया है.टिप्पणियां चूंकि याचिकाकर्ताओं ने उन नियमों को चुनौती नहीं दी थी जिसके तहत विधानसभा अध्यक्ष ने फैसला किया, इसलिये याचिका में संशोधन समेत क्या कदम आगे उठाना चाहते हैं इसपर फैसला करने के लिये पीठ ने उन्हें कल तक का समय दिया. याचिकाकर्ताओं का प्रतिनिधित्व अधिवक्ता प्रदीप राणा ने किया.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) चूंकि याचिकाकर्ताओं ने उन नियमों को चुनौती नहीं दी थी जिसके तहत विधानसभा अध्यक्ष ने फैसला किया, इसलिये याचिका में संशोधन समेत क्या कदम आगे उठाना चाहते हैं इसपर फैसला करने के लिये पीठ ने उन्हें कल तक का समय दिया. याचिकाकर्ताओं का प्रतिनिधित्व अधिवक्ता प्रदीप राणा ने किया.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह एक सारांश है: न्यायमूर्त सिद्धार्थ मृदुल और न्यायमूर्ति नाजमी वजीरी की पीठ दिल्ली विधानसभा में नारे लगाने और पर्चे फेंकने का आरोप कोर्ट ने कहा, यह बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका है
16
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली-गुड़गांव बॉर्डर और दिल्ली के कई इलाकों में गुरुवार की सुबह से जबरदस्त ट्रैफिक जाम है. नागरिकता संशोधन कानून (Citizenship Amendment Act) के खिलाफ प्रदर्शन के कारण सड़कों पर दिल्ली पुलिस के बैरिकेड लगा रखा है और कई जगहों पर रूट डायवर्जन भी किया है. दिल्ली के लाल किला इलाके के पास प्रशासन ने सीआरपीसी की धारा 144 लागू कर दी है. साथ ही जामिया, शाहीन बाग, मुनिरका, जसोला विहार, लाल किला, जामा मस्जिद, चांदनी चौक, विश्वविद्यालय के मेट्रो स्टेशन भी बंद कर दिए गए हैं. पुलिस ने पहले घोषणा की थी कि वह जनहित में विरोध मार्च नहीं करने देगी. उन्होंने पहले एक ट्वीट के जरिए घोषणा कर दी थी कि मंडी हाउस से लेकर जंतर मंतर तक कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा नागरिकता कानून और एनआरसी पर आज दोपहर 12 बजे होने वाले विरोध मार्च के लिए अनुमति नहीं दी गई है. बताते चले कि नागरिकता कानून को लेकर देश भर में विरोध जारी है. गुरुवार को कई बड़े शहरों में इस कानून के विरोध में प्रदर्शन हो रहा है. हालांकि इससे पहले बुधवार शाम को प्रशासन ने तीन शहरों दिल्ली, लखनऊ और बेंगलुरू में प्रदर्शन की इजाजत नहीं दी थी. वहीं मुंबई, चेन्नई, पुणे, हैदराबाद, नागपुर, भुवनेश्वर, कोलकाता और भोपाल में प्रदर्शनों पर कोई रोक नहीं लगाई गई है. पटना में भी विरोध हो रहा है. इस दौरान राजेंद्र नगर और दरभंगा में कम्युनिस्ट संगठनों ने रेल रोक दी है.
सारांश: दिल्ली-गुड़गांव सीमा पर जाम लाल किले के पास लगाई गई धारा-144 नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन जारी
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी आज मंत्रिमंडल की रक्षा समिति की बैठक की अध्यक्षता करेंगे। यह बैठक प्रधानमंत्री के घर पर होगी, जिसमें सरकार के कई मंत्रियों समेत रक्षा प्रमुख जनरल कियानी और सेना के कई बड़े अधिकारी हिस्सा लेंगे। ऐसा माना जा रहा है कि इस बैठक के बाद से सेना और सरकार के बीच पैदा हुए तनाव में कमी आएगी।टिप्पणियां सेना और सरकार के बीच पैदा हुए तनाव के बाद पहली बार प्रधानमंत्री गिलानी और सेना प्रमुख कियानी एक साथ एक मंच पर होंगे। पाकिस्तान में सियासी हलचल मेमोगेट विवाद की वजह से उठी है। गिलानी ने कहा था कि मेमोगेट विवाद में सेना प्रमुख कियानी और आईएसआई के प्रमुख शुजा पाशा ने कोर्ट में जो बयान दिया था, वह गैर-कानूनी है, क्योंकि इसमें सरकार से राय नहीं ली गई। इस पर कियानी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि सरकार के लिए इसके गंभीर नतीजे हो सकते हैं। गिलानी ने इस पूरे मामले में कियानी के खास माने जाने वाले रक्षा सचिव को भी पद से हटा दिया था। सेना और सरकार के बीच पैदा हुए तनाव के बाद पहली बार प्रधानमंत्री गिलानी और सेना प्रमुख कियानी एक साथ एक मंच पर होंगे। पाकिस्तान में सियासी हलचल मेमोगेट विवाद की वजह से उठी है। गिलानी ने कहा था कि मेमोगेट विवाद में सेना प्रमुख कियानी और आईएसआई के प्रमुख शुजा पाशा ने कोर्ट में जो बयान दिया था, वह गैर-कानूनी है, क्योंकि इसमें सरकार से राय नहीं ली गई। इस पर कियानी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि सरकार के लिए इसके गंभीर नतीजे हो सकते हैं। गिलानी ने इस पूरे मामले में कियानी के खास माने जाने वाले रक्षा सचिव को भी पद से हटा दिया था। इस पर कियानी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि सरकार के लिए इसके गंभीर नतीजे हो सकते हैं। गिलानी ने इस पूरे मामले में कियानी के खास माने जाने वाले रक्षा सचिव को भी पद से हटा दिया था।
यहाँ एक सारांश है:पाकिस्तानी प्रधानमंत्री और सेना प्रमुख रक्षा समिति की बैठक में मिलेंगे। माना जा रहा है कि इस बैठक के बाद सेना और सरकार के बीच तनाव में कमी आएगी।
17
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: मालदीव को कड़ा संदेश देते हुए भारत ने कहा कि उसे उम्मीद है कि मालदीव जीएमआर के अनुबंध के मुद्दे पर कानूनी प्रक्रिया पूरी होने तक कोई मनमानी और बदले की कार्रवाई नहीं करेगा। इसके साथ ही भारत ने चेताया है कि इस तरह की किसी भी कार्रवाई से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। जीएमआर मुद्दे पर एक सवाल के जवाब में विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता ने यह भी कहा, ‘हम मालदीव से जारी हिंसा और निर्वाचित प्रतिनिधियों के खिलाफ धमकी और अतिवादी भावना के बारे में आ रही रिपोर्टों को लेकर चिंतित हैं।’ उन्होंने मालदीव से यह सुनिश्चित करने को कहा कि कानून का पालन किया जाए और लोकतंत्र के सिद्धांतों व भावना को बरकरार रखा जाए। हम स्थिति पर पैनी नजर रखना जारी रखेंगे।’ मालदीव के विदेश मंत्री अब्दुल सामद अब्दुल्ला के साथ विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद की बातचीत का हवाला देते हुए प्रवक्ता ने कहा कि मालदीव के विदेश मंत्री ने यह जिक्र किया है कि उनकी सरकार भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों को खराब नहीं होने देगी और इस मुद्दे पर आम सहमति है। टिप्पणियां बातचीत के दौरान खुर्शीद ने मालदीव के विदेश मंत्री को पूर्व में हुई बातचीत के बारे में ध्यान दिलाया जिसमें कहा गया था कि जीएमआर मामले में कानूनी प्रक्रिया पूरी होने में समय लगने दिया जाना चाहिए और मालदीव की सरकार को स्थिति हाथ से जाने नहीं देना चाहिए। उल्लेखनीय है कि मालदीव की सरकार ने माले में जीएमआर की 50 करोड़ डालर की हवाईअड्डा परियोजना रद्द कर दी जिसके बाद अब्दुल्ला ने खुर्शीद को फोन कर भारत की चिंता दूर करने की कोशिश की। इसके साथ ही भारत ने चेताया है कि इस तरह की किसी भी कार्रवाई से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। जीएमआर मुद्दे पर एक सवाल के जवाब में विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता ने यह भी कहा, ‘हम मालदीव से जारी हिंसा और निर्वाचित प्रतिनिधियों के खिलाफ धमकी और अतिवादी भावना के बारे में आ रही रिपोर्टों को लेकर चिंतित हैं।’ उन्होंने मालदीव से यह सुनिश्चित करने को कहा कि कानून का पालन किया जाए और लोकतंत्र के सिद्धांतों व भावना को बरकरार रखा जाए। हम स्थिति पर पैनी नजर रखना जारी रखेंगे।’ मालदीव के विदेश मंत्री अब्दुल सामद अब्दुल्ला के साथ विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद की बातचीत का हवाला देते हुए प्रवक्ता ने कहा कि मालदीव के विदेश मंत्री ने यह जिक्र किया है कि उनकी सरकार भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों को खराब नहीं होने देगी और इस मुद्दे पर आम सहमति है। टिप्पणियां बातचीत के दौरान खुर्शीद ने मालदीव के विदेश मंत्री को पूर्व में हुई बातचीत के बारे में ध्यान दिलाया जिसमें कहा गया था कि जीएमआर मामले में कानूनी प्रक्रिया पूरी होने में समय लगने दिया जाना चाहिए और मालदीव की सरकार को स्थिति हाथ से जाने नहीं देना चाहिए। उल्लेखनीय है कि मालदीव की सरकार ने माले में जीएमआर की 50 करोड़ डालर की हवाईअड्डा परियोजना रद्द कर दी जिसके बाद अब्दुल्ला ने खुर्शीद को फोन कर भारत की चिंता दूर करने की कोशिश की। जीएमआर मुद्दे पर एक सवाल के जवाब में विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता ने यह भी कहा, ‘हम मालदीव से जारी हिंसा और निर्वाचित प्रतिनिधियों के खिलाफ धमकी और अतिवादी भावना के बारे में आ रही रिपोर्टों को लेकर चिंतित हैं।’ उन्होंने मालदीव से यह सुनिश्चित करने को कहा कि कानून का पालन किया जाए और लोकतंत्र के सिद्धांतों व भावना को बरकरार रखा जाए। हम स्थिति पर पैनी नजर रखना जारी रखेंगे।’ मालदीव के विदेश मंत्री अब्दुल सामद अब्दुल्ला के साथ विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद की बातचीत का हवाला देते हुए प्रवक्ता ने कहा कि मालदीव के विदेश मंत्री ने यह जिक्र किया है कि उनकी सरकार भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों को खराब नहीं होने देगी और इस मुद्दे पर आम सहमति है। टिप्पणियां बातचीत के दौरान खुर्शीद ने मालदीव के विदेश मंत्री को पूर्व में हुई बातचीत के बारे में ध्यान दिलाया जिसमें कहा गया था कि जीएमआर मामले में कानूनी प्रक्रिया पूरी होने में समय लगने दिया जाना चाहिए और मालदीव की सरकार को स्थिति हाथ से जाने नहीं देना चाहिए। उल्लेखनीय है कि मालदीव की सरकार ने माले में जीएमआर की 50 करोड़ डालर की हवाईअड्डा परियोजना रद्द कर दी जिसके बाद अब्दुल्ला ने खुर्शीद को फोन कर भारत की चिंता दूर करने की कोशिश की। मालदीव के विदेश मंत्री अब्दुल सामद अब्दुल्ला के साथ विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद की बातचीत का हवाला देते हुए प्रवक्ता ने कहा कि मालदीव के विदेश मंत्री ने यह जिक्र किया है कि उनकी सरकार भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों को खराब नहीं होने देगी और इस मुद्दे पर आम सहमति है। टिप्पणियां बातचीत के दौरान खुर्शीद ने मालदीव के विदेश मंत्री को पूर्व में हुई बातचीत के बारे में ध्यान दिलाया जिसमें कहा गया था कि जीएमआर मामले में कानूनी प्रक्रिया पूरी होने में समय लगने दिया जाना चाहिए और मालदीव की सरकार को स्थिति हाथ से जाने नहीं देना चाहिए। उल्लेखनीय है कि मालदीव की सरकार ने माले में जीएमआर की 50 करोड़ डालर की हवाईअड्डा परियोजना रद्द कर दी जिसके बाद अब्दुल्ला ने खुर्शीद को फोन कर भारत की चिंता दूर करने की कोशिश की। बातचीत के दौरान खुर्शीद ने मालदीव के विदेश मंत्री को पूर्व में हुई बातचीत के बारे में ध्यान दिलाया जिसमें कहा गया था कि जीएमआर मामले में कानूनी प्रक्रिया पूरी होने में समय लगने दिया जाना चाहिए और मालदीव की सरकार को स्थिति हाथ से जाने नहीं देना चाहिए। उल्लेखनीय है कि मालदीव की सरकार ने माले में जीएमआर की 50 करोड़ डालर की हवाईअड्डा परियोजना रद्द कर दी जिसके बाद अब्दुल्ला ने खुर्शीद को फोन कर भारत की चिंता दूर करने की कोशिश की। उल्लेखनीय है कि मालदीव की सरकार ने माले में जीएमआर की 50 करोड़ डालर की हवाईअड्डा परियोजना रद्द कर दी जिसके बाद अब्दुल्ला ने खुर्शीद को फोन कर भारत की चिंता दूर करने की कोशिश की।
संक्षिप्त पाठ: मालदीव को कड़ा संदेश देते हुए भारत ने कहा कि उसे उम्मीद है कि मालदीव जीएमआर के अनुबंध के मुद्दे पर कानूनी प्रक्रिया पूरी होने तक कोई मनमानी और बदले की कार्रवाई नहीं करेगा।
27
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने युद्ध प्रभावित अफगानिस्तान से अगले साल 34 हजार अमेरिकी सैनिकों को हटा लेने की घोषणा की। साथ ही ओबामा ने विश्वास जताया कि एक दशक लंबी चली इस लड़ाई का अंत वर्ष 2014 के अंत तक हो जाएगा। ओबामा ने कहा, इस वसंत हमारे बल सहायक की भूमिका में आ जाएंगे, जबकि अफगान सुरक्षा बल मुख्य मोर्चा संभालेंगे। आज मैं यह घोषणा कर सकता हूं कि अगले साल अन्य 34 हजार अमेरिकी सैनिक अफगानिस्तान से लौटकर अपने घर आ जाएंगे। उन्होंने कहा, सैनिक हटाने की यह प्रक्रिया जारी रहेगी। अगले साल के अंत तक अफगानिस्तान में हमारी लड़ाई का अंत हो जाएगा। ओबामा ने कहा कि 2014 के बाद भी एकीकृत और संप्रभु अफगानिस्तान के प्रति अमेरिका की प्रतिबद्धता तो जारी रहेगी, लेकिन इस प्रतिबद्धता की प्रकृति जरूर बदल जाएगी। उन्होंने कहा, हम अफगानिस्तान सरकार के साथ दो अभियानों पर आधारित एक समझौते पर बातचीत कर रहे हैं। इन दो अभियानों में से एक है-अफगान बलों का प्रशिक्षण और उन्हें समर्थ बनाना ताकि यह देश दोबारा किसी अव्यवस्था में न फंसे। दूसरा अभियान है, आतंकवाद रोधी प्रयास। इसके तहत हम अलकायदा और उसके समर्थित अन्य संगठनों के अवशेषों की खोज कर सकते हैं। सैनिकों और नागरिकों को सलाम करते हुए ओबामा ने कहा, आप लोगों की वजह से हम विश्वास के साथ कह सकते हैं कि अमेरिका अफगानिस्तान में अपना अभियान पूरा कर लेगा और अलकायदा को हराने का लक्ष्य हासिल कर लेगा। उन्होंने कहा कि हम पहले अपने 33 हजार बहादुर सेवाकर्मियों को घर वापस ला चुके हैं। इस फैसले का स्वागत करते हुए रक्षा मंत्री लियोन पेनेटा ने कहा कि यह फैसला प्रदर्शित करता है कि अमेरिका अफगानिस्तान में सफलता हासिल करने के सही रास्ते पर है।टिप्पणियां उन्होंने कहा कि क्रमबद्ध तरीके से अगले साल तक अफगानिस्तान से अमेरिकी बलों को हटाने की सिफारिश जनरल जॉन एलेन ने की थी। अफगानिस्तान में अमेरिका और नाटो के इस पूर्व कमांडर की ये सिफारिशें आईएसएएफ (अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सहयोग बल) के अभियान को आगे बढ़ाने की योजना के पूरे आकलन पर आधारित थी। उन्होंने कहा, मेरा मानना है कि राष्ट्रपति का यह फैसला हमें अफगानिस्तान में सफलता हासिल करने के सही रास्ते पर ले जाता है। ओबामा ने कहा, इस वसंत हमारे बल सहायक की भूमिका में आ जाएंगे, जबकि अफगान सुरक्षा बल मुख्य मोर्चा संभालेंगे। आज मैं यह घोषणा कर सकता हूं कि अगले साल अन्य 34 हजार अमेरिकी सैनिक अफगानिस्तान से लौटकर अपने घर आ जाएंगे। उन्होंने कहा, सैनिक हटाने की यह प्रक्रिया जारी रहेगी। अगले साल के अंत तक अफगानिस्तान में हमारी लड़ाई का अंत हो जाएगा। ओबामा ने कहा कि 2014 के बाद भी एकीकृत और संप्रभु अफगानिस्तान के प्रति अमेरिका की प्रतिबद्धता तो जारी रहेगी, लेकिन इस प्रतिबद्धता की प्रकृति जरूर बदल जाएगी। उन्होंने कहा, हम अफगानिस्तान सरकार के साथ दो अभियानों पर आधारित एक समझौते पर बातचीत कर रहे हैं। इन दो अभियानों में से एक है-अफगान बलों का प्रशिक्षण और उन्हें समर्थ बनाना ताकि यह देश दोबारा किसी अव्यवस्था में न फंसे। दूसरा अभियान है, आतंकवाद रोधी प्रयास। इसके तहत हम अलकायदा और उसके समर्थित अन्य संगठनों के अवशेषों की खोज कर सकते हैं। सैनिकों और नागरिकों को सलाम करते हुए ओबामा ने कहा, आप लोगों की वजह से हम विश्वास के साथ कह सकते हैं कि अमेरिका अफगानिस्तान में अपना अभियान पूरा कर लेगा और अलकायदा को हराने का लक्ष्य हासिल कर लेगा। उन्होंने कहा कि हम पहले अपने 33 हजार बहादुर सेवाकर्मियों को घर वापस ला चुके हैं। इस फैसले का स्वागत करते हुए रक्षा मंत्री लियोन पेनेटा ने कहा कि यह फैसला प्रदर्शित करता है कि अमेरिका अफगानिस्तान में सफलता हासिल करने के सही रास्ते पर है।टिप्पणियां उन्होंने कहा कि क्रमबद्ध तरीके से अगले साल तक अफगानिस्तान से अमेरिकी बलों को हटाने की सिफारिश जनरल जॉन एलेन ने की थी। अफगानिस्तान में अमेरिका और नाटो के इस पूर्व कमांडर की ये सिफारिशें आईएसएएफ (अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सहयोग बल) के अभियान को आगे बढ़ाने की योजना के पूरे आकलन पर आधारित थी। उन्होंने कहा, मेरा मानना है कि राष्ट्रपति का यह फैसला हमें अफगानिस्तान में सफलता हासिल करने के सही रास्ते पर ले जाता है। उन्होंने कहा, सैनिक हटाने की यह प्रक्रिया जारी रहेगी। अगले साल के अंत तक अफगानिस्तान में हमारी लड़ाई का अंत हो जाएगा। ओबामा ने कहा कि 2014 के बाद भी एकीकृत और संप्रभु अफगानिस्तान के प्रति अमेरिका की प्रतिबद्धता तो जारी रहेगी, लेकिन इस प्रतिबद्धता की प्रकृति जरूर बदल जाएगी। उन्होंने कहा, हम अफगानिस्तान सरकार के साथ दो अभियानों पर आधारित एक समझौते पर बातचीत कर रहे हैं। इन दो अभियानों में से एक है-अफगान बलों का प्रशिक्षण और उन्हें समर्थ बनाना ताकि यह देश दोबारा किसी अव्यवस्था में न फंसे। दूसरा अभियान है, आतंकवाद रोधी प्रयास। इसके तहत हम अलकायदा और उसके समर्थित अन्य संगठनों के अवशेषों की खोज कर सकते हैं। सैनिकों और नागरिकों को सलाम करते हुए ओबामा ने कहा, आप लोगों की वजह से हम विश्वास के साथ कह सकते हैं कि अमेरिका अफगानिस्तान में अपना अभियान पूरा कर लेगा और अलकायदा को हराने का लक्ष्य हासिल कर लेगा। उन्होंने कहा कि हम पहले अपने 33 हजार बहादुर सेवाकर्मियों को घर वापस ला चुके हैं। इस फैसले का स्वागत करते हुए रक्षा मंत्री लियोन पेनेटा ने कहा कि यह फैसला प्रदर्शित करता है कि अमेरिका अफगानिस्तान में सफलता हासिल करने के सही रास्ते पर है।टिप्पणियां उन्होंने कहा कि क्रमबद्ध तरीके से अगले साल तक अफगानिस्तान से अमेरिकी बलों को हटाने की सिफारिश जनरल जॉन एलेन ने की थी। अफगानिस्तान में अमेरिका और नाटो के इस पूर्व कमांडर की ये सिफारिशें आईएसएएफ (अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सहयोग बल) के अभियान को आगे बढ़ाने की योजना के पूरे आकलन पर आधारित थी। उन्होंने कहा, मेरा मानना है कि राष्ट्रपति का यह फैसला हमें अफगानिस्तान में सफलता हासिल करने के सही रास्ते पर ले जाता है। उन्होंने कहा, हम अफगानिस्तान सरकार के साथ दो अभियानों पर आधारित एक समझौते पर बातचीत कर रहे हैं। इन दो अभियानों में से एक है-अफगान बलों का प्रशिक्षण और उन्हें समर्थ बनाना ताकि यह देश दोबारा किसी अव्यवस्था में न फंसे। दूसरा अभियान है, आतंकवाद रोधी प्रयास। इसके तहत हम अलकायदा और उसके समर्थित अन्य संगठनों के अवशेषों की खोज कर सकते हैं। सैनिकों और नागरिकों को सलाम करते हुए ओबामा ने कहा, आप लोगों की वजह से हम विश्वास के साथ कह सकते हैं कि अमेरिका अफगानिस्तान में अपना अभियान पूरा कर लेगा और अलकायदा को हराने का लक्ष्य हासिल कर लेगा। उन्होंने कहा कि हम पहले अपने 33 हजार बहादुर सेवाकर्मियों को घर वापस ला चुके हैं। इस फैसले का स्वागत करते हुए रक्षा मंत्री लियोन पेनेटा ने कहा कि यह फैसला प्रदर्शित करता है कि अमेरिका अफगानिस्तान में सफलता हासिल करने के सही रास्ते पर है।टिप्पणियां उन्होंने कहा कि क्रमबद्ध तरीके से अगले साल तक अफगानिस्तान से अमेरिकी बलों को हटाने की सिफारिश जनरल जॉन एलेन ने की थी। अफगानिस्तान में अमेरिका और नाटो के इस पूर्व कमांडर की ये सिफारिशें आईएसएएफ (अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सहयोग बल) के अभियान को आगे बढ़ाने की योजना के पूरे आकलन पर आधारित थी। उन्होंने कहा, मेरा मानना है कि राष्ट्रपति का यह फैसला हमें अफगानिस्तान में सफलता हासिल करने के सही रास्ते पर ले जाता है। उन्होंने कहा कि हम पहले अपने 33 हजार बहादुर सेवाकर्मियों को घर वापस ला चुके हैं। इस फैसले का स्वागत करते हुए रक्षा मंत्री लियोन पेनेटा ने कहा कि यह फैसला प्रदर्शित करता है कि अमेरिका अफगानिस्तान में सफलता हासिल करने के सही रास्ते पर है।टिप्पणियां उन्होंने कहा कि क्रमबद्ध तरीके से अगले साल तक अफगानिस्तान से अमेरिकी बलों को हटाने की सिफारिश जनरल जॉन एलेन ने की थी। अफगानिस्तान में अमेरिका और नाटो के इस पूर्व कमांडर की ये सिफारिशें आईएसएएफ (अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सहयोग बल) के अभियान को आगे बढ़ाने की योजना के पूरे आकलन पर आधारित थी। उन्होंने कहा, मेरा मानना है कि राष्ट्रपति का यह फैसला हमें अफगानिस्तान में सफलता हासिल करने के सही रास्ते पर ले जाता है। उन्होंने कहा कि क्रमबद्ध तरीके से अगले साल तक अफगानिस्तान से अमेरिकी बलों को हटाने की सिफारिश जनरल जॉन एलेन ने की थी। अफगानिस्तान में अमेरिका और नाटो के इस पूर्व कमांडर की ये सिफारिशें आईएसएएफ (अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सहयोग बल) के अभियान को आगे बढ़ाने की योजना के पूरे आकलन पर आधारित थी। उन्होंने कहा, मेरा मानना है कि राष्ट्रपति का यह फैसला हमें अफगानिस्तान में सफलता हासिल करने के सही रास्ते पर ले जाता है। उन्होंने कहा, मेरा मानना है कि राष्ट्रपति का यह फैसला हमें अफगानिस्तान में सफलता हासिल करने के सही रास्ते पर ले जाता है।
यह एक सारांश है: ओबामा ने कहा, इस वसंत हमारे बल सहायक की भूमिका में आ जाएंगे, जबकि अफगान सुरक्षा बल मुख्य मोर्चा संभालेंगे। आज मैं यह घोषणा कर सकता हूं कि अगले साल अन्य 34 हजार अमेरिकी सैनिक अफगानिस्तान से लौटकर अपने घर आ जाएंगे।
24
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सरदार वल्‍लभ भाई पटेल अस्‍पताल को आयुष्‍मान भारत योजना से हटा दिया गया है. हटाए जाने के कारणों में बताया गया है कि अस्‍पताल के कर्मचारी अस्‍पताल में इलाज कराने आने वाले आयुष्‍मान कार्ड धारकों से पैसे मांगा करते थें. मुख्‍यमंत्री अमृत योजना के तहत बी पी एल कार्ड धारकों को भी चिकित्‍सा सुविधा उपलब्‍ध कराना था मगर इसमें भी ऊपरी कमाई का जुगाड़ खोज लिया गया. बताया जा रहा है कि इन्‍हीं कारणों से इन योजनाओं से सरदार वल्‍लभ भाई पटेल अस्‍पताल को हटा दिया गया है. रवीश कुमार ने अपने फेसबुक पोस्‍ट में वहां के प्रकाशित गुजराती अखबार संदेश के हवाले से इसकी जानकारी शेयर की है.  सरदार वल्‍लभ भाई पटेल अस्‍पताल का उद्घाटन इसी साल जनवरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था. इस अस्‍पताल के निर्माण में तकरीबन 750 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे. अहमदाबाद नगरपालिका का यह अस्‍पताल हाई प्रोफाइल सरकारी अस्‍पताल है. अभी 15 दिन पहले ही इस अस्‍पताल के चार ऑपरेशन थियेटर को बंद करना पड़ा था. बताया जा रहा है कि वहां बारिश का पानी भर गया था. एक सप्‍ताह तक वह ऑपरेशन थियेटर बंद रहा था.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: कर्मचारियों ने मांगे थे पैसे योजना से बाहर हुआ अस्पताल इसी साल अस्पताल का हुआ था उद्घाटन
3
['hin']
एक सारांश बनाओ: देश के शेयर बाजारों में मंगलवार को गिरावट दर्ज की गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 113.57 अंकों की गिरावट के साथ 19,463.82 पर तथा निफ्टी 41.30 अंकों की गिरावट के साथ 5,857.55 पर बंद हुआ।      बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 3.46 अंकों की गिरावट के साथ 19,573.93 पर खुला और 113.57 अंकों यानी 0.58 फीसदी की गिरावट 19,463.82 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में सेंसेक्स ने 19,589.14 के ऊपरी 19,442.75 के निचले स्तर को छुआ। सेंसेक्स के 30 में से 12 शेयरों में तेजी दर्ज की गई। भेल (2.74 फीसदी), गेल (2.66 फीसदी), भारती एयरटेल (2.51 फीसदी), स्टरलाइट इंडस्ट्रीज (1.84 फीसदी) और आईसीआईसीआई बैंक (0.89 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई।   सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे जिंदल स्टील (4.21 फीसदी), हीरो मोटोकॉर्प (2.26 फीसदी), टाटा पावर (1.87 फीसदी), ओएनजीसी (1.83 फीसदी) और इंफोसिस (1.72 फीसदी)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 13.35 अंकों की गिरावट के साथ 5,885.50 पर खुला और 41.30 अंकों यानी 0.70 फीसदी की गिरावट के साथ 5,857.55 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी ने 5,898.80 के ऊपरी और 5,852.30 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 22.47 अंकों की गिरावट के साथ 6,050.08 पर और स्मॉलकैप 5.49 अंकों की गिरावट के साथ 5,747.95 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से दो सेक्टरों उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.77 फीसदी) और स्वास्थ्य सेवा (0.52 फीसदी) में तेजी दर्ज की गई।टिप्पणियां गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे रियल्टी (1.78 फीसदी), सार्वजनिक कम्पनी (1.05 फीसदी), तेल एवं गैस (1.01 फीसदी), बैंकिंग (0.78 फीसदी) और वाहन (0.76 फीसदी)। बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 1131 शेयरों में तेजी और 1213 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 148 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 3.46 अंकों की गिरावट के साथ 19,573.93 पर खुला और 113.57 अंकों यानी 0.58 फीसदी की गिरावट 19,463.82 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में सेंसेक्स ने 19,589.14 के ऊपरी 19,442.75 के निचले स्तर को छुआ। सेंसेक्स के 30 में से 12 शेयरों में तेजी दर्ज की गई। भेल (2.74 फीसदी), गेल (2.66 फीसदी), भारती एयरटेल (2.51 फीसदी), स्टरलाइट इंडस्ट्रीज (1.84 फीसदी) और आईसीआईसीआई बैंक (0.89 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई।   सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे जिंदल स्टील (4.21 फीसदी), हीरो मोटोकॉर्प (2.26 फीसदी), टाटा पावर (1.87 फीसदी), ओएनजीसी (1.83 फीसदी) और इंफोसिस (1.72 फीसदी)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 13.35 अंकों की गिरावट के साथ 5,885.50 पर खुला और 41.30 अंकों यानी 0.70 फीसदी की गिरावट के साथ 5,857.55 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी ने 5,898.80 के ऊपरी और 5,852.30 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 22.47 अंकों की गिरावट के साथ 6,050.08 पर और स्मॉलकैप 5.49 अंकों की गिरावट के साथ 5,747.95 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से दो सेक्टरों उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.77 फीसदी) और स्वास्थ्य सेवा (0.52 फीसदी) में तेजी दर्ज की गई।टिप्पणियां गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे रियल्टी (1.78 फीसदी), सार्वजनिक कम्पनी (1.05 फीसदी), तेल एवं गैस (1.01 फीसदी), बैंकिंग (0.78 फीसदी) और वाहन (0.76 फीसदी)। बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 1131 शेयरों में तेजी और 1213 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 148 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। सेंसेक्स के 30 में से 12 शेयरों में तेजी दर्ज की गई। भेल (2.74 फीसदी), गेल (2.66 फीसदी), भारती एयरटेल (2.51 फीसदी), स्टरलाइट इंडस्ट्रीज (1.84 फीसदी) और आईसीआईसीआई बैंक (0.89 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई।   सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे जिंदल स्टील (4.21 फीसदी), हीरो मोटोकॉर्प (2.26 फीसदी), टाटा पावर (1.87 फीसदी), ओएनजीसी (1.83 फीसदी) और इंफोसिस (1.72 फीसदी)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 13.35 अंकों की गिरावट के साथ 5,885.50 पर खुला और 41.30 अंकों यानी 0.70 फीसदी की गिरावट के साथ 5,857.55 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी ने 5,898.80 के ऊपरी और 5,852.30 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 22.47 अंकों की गिरावट के साथ 6,050.08 पर और स्मॉलकैप 5.49 अंकों की गिरावट के साथ 5,747.95 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से दो सेक्टरों उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.77 फीसदी) और स्वास्थ्य सेवा (0.52 फीसदी) में तेजी दर्ज की गई।टिप्पणियां गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे रियल्टी (1.78 फीसदी), सार्वजनिक कम्पनी (1.05 फीसदी), तेल एवं गैस (1.01 फीसदी), बैंकिंग (0.78 फीसदी) और वाहन (0.76 फीसदी)। बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 1131 शेयरों में तेजी और 1213 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 148 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे जिंदल स्टील (4.21 फीसदी), हीरो मोटोकॉर्प (2.26 फीसदी), टाटा पावर (1.87 फीसदी), ओएनजीसी (1.83 फीसदी) और इंफोसिस (1.72 फीसदी)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 13.35 अंकों की गिरावट के साथ 5,885.50 पर खुला और 41.30 अंकों यानी 0.70 फीसदी की गिरावट के साथ 5,857.55 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी ने 5,898.80 के ऊपरी और 5,852.30 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 22.47 अंकों की गिरावट के साथ 6,050.08 पर और स्मॉलकैप 5.49 अंकों की गिरावट के साथ 5,747.95 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से दो सेक्टरों उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.77 फीसदी) और स्वास्थ्य सेवा (0.52 फीसदी) में तेजी दर्ज की गई।टिप्पणियां गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे रियल्टी (1.78 फीसदी), सार्वजनिक कम्पनी (1.05 फीसदी), तेल एवं गैस (1.01 फीसदी), बैंकिंग (0.78 फीसदी) और वाहन (0.76 फीसदी)। बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 1131 शेयरों में तेजी और 1213 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 148 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 13.35 अंकों की गिरावट के साथ 5,885.50 पर खुला और 41.30 अंकों यानी 0.70 फीसदी की गिरावट के साथ 5,857.55 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी ने 5,898.80 के ऊपरी और 5,852.30 के निचले स्तर को छुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 22.47 अंकों की गिरावट के साथ 6,050.08 पर और स्मॉलकैप 5.49 अंकों की गिरावट के साथ 5,747.95 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से दो सेक्टरों उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.77 फीसदी) और स्वास्थ्य सेवा (0.52 फीसदी) में तेजी दर्ज की गई।टिप्पणियां गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे रियल्टी (1.78 फीसदी), सार्वजनिक कम्पनी (1.05 फीसदी), तेल एवं गैस (1.01 फीसदी), बैंकिंग (0.78 फीसदी) और वाहन (0.76 फीसदी)। बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 1131 शेयरों में तेजी और 1213 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 148 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक 22.47 अंकों की गिरावट के साथ 6,050.08 पर और स्मॉलकैप 5.49 अंकों की गिरावट के साथ 5,747.95 पर बंद हुआ। बीएसई के 13 में से दो सेक्टरों उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.77 फीसदी) और स्वास्थ्य सेवा (0.52 फीसदी) में तेजी दर्ज की गई।टिप्पणियां गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे रियल्टी (1.78 फीसदी), सार्वजनिक कम्पनी (1.05 फीसदी), तेल एवं गैस (1.01 फीसदी), बैंकिंग (0.78 फीसदी) और वाहन (0.76 फीसदी)। बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 1131 शेयरों में तेजी और 1213 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 148 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। बीएसई के 13 में से दो सेक्टरों उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.77 फीसदी) और स्वास्थ्य सेवा (0.52 फीसदी) में तेजी दर्ज की गई।टिप्पणियां गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे रियल्टी (1.78 फीसदी), सार्वजनिक कम्पनी (1.05 फीसदी), तेल एवं गैस (1.01 फीसदी), बैंकिंग (0.78 फीसदी) और वाहन (0.76 फीसदी)। बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 1131 शेयरों में तेजी और 1213 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 148 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे रियल्टी (1.78 फीसदी), सार्वजनिक कम्पनी (1.05 फीसदी), तेल एवं गैस (1.01 फीसदी), बैंकिंग (0.78 फीसदी) और वाहन (0.76 फीसदी)। बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 1131 शेयरों में तेजी और 1213 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 148 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 1131 शेयरों में तेजी और 1213 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 148 शेयरों के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ।
संक्षिप्त सारांश: देश के शेयर बाजारों में मंगलवार को गिरावट दर्ज की गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 113.57 अंकों की गिरावट के साथ 19,463.82 पर तथा निफ्टी 41.30 अंकों की गिरावट के साथ 5,857.55 पर बंद हुआ।
8
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सन 2009 के लोकसभा चुनाव (Loksabha Elections) में पहली बार पटना लोकसभा क्षेत्र को बांटकर पटना साहिब और पाटलिपुत्र दो लोकसभा क्षेत्र बनाए गए...2009 में रंजन प्रसाद यादव जेडीयू से चुनाव जीते थे..तब उन्होंने बीजेपी के रामकृपाल यादव को 23 हजार से कुछ अधिक वोटों से हराया था. लेकिन 2014 के मोदी लहर में रामकृपाल ने यह सीट जीत ली और आरजेडी की मीसा यादव को मात दी. रामकृपाल को 39.16 फीसदी वोट मिले तो मीसा यादव को 35.04 फीसदी वोट और जीत का अंतर सिर्फ 41 हजार वोटों का था. मगर 2014 में जेडीयू अलग रही थी और वह किसी गठबंधन का हिस्सा नहीं थी. अब वह बीजेपी के साथ है तो जेडीयू के 9.93 फीसदी वोट को भी बीजेपी के साथ जोड़ना पड़ेगा. ऐसे में पाटलिपुत्र लोकसभा क्षेत्र में बीजेपी और जेडीयू वोटों की कुल संख्या 49.09 फीसदी होता है. वहीं दूसरी ओर पाटलिपुत्र लोकसभा क्षेत्र में सीपीआईएमएल को भी 5.27 फीसदी वोट मिले थे. इस लिहाज से महागठबंधन के सभी दलों यानि आरजेडी,सीपीआईएमएस,कांग्रेस का वोट जोड़ दें तो उनके कुल वोटों की संख्या 43.26 फीसदी तक पहुंचता है. इस बार भी रामकृपाल यादव और मीसा यादव मैदान में हैं. यह लड़ाई इसलिए भी दिलचस्प है कि रामकृपाल एक वक्त में लालू के शिष्य और सिपाहसालार होते थे. यही नहीं रामकृपाल यादव आरजेडी के टिकट पर बिहार के विधान परिषद के सदस्य रहे. तीन बार लोकसभा के सदस्य रहे और एक बार आरजेडी के टिकट पर राज्यसभा में भी जीतकर आए. मगर 2014 में जब लालू यादव ने पाटलिपुत्र की सीट रामकृपाल यादव को न देकर मीसा यादव को दे दी तो रामकृपाल यादव ने नाराज होकर बीजेपी का दामन थाम लिया और मीसा भारती को हरा दिया. यही वजह है कि इस बार भी पाटलिपुत्र की यह सीट लालू यादव परिवार के लिए प्रतिष्ठा की सीट बनी हुई है. यहां पर चुनाव प्रचार के दौरान तेजस्वी यादव ने आरक्षण का मुद्दा उठा दिया है और पिछड़ी जातियों को यह कह रहे हैं कि यदि केन्द्र में मोदी सरकार आई तो पिछड़ों का आरक्षण खत्म हो जाएगा. पाटलीपुत्र लोकसभा सीट यादव बहुल इलाका है. यहां 5 लाख यादव, साढ़े चार लाख भूमिहार, 3 लाख राजपूत और कुर्मी और डेढ़ लाख ब्राह्मण मतदाता हैं. पाटलिपुत्र लोकसभा क्षेत्र में 6 विधानसभा क्षेत्र हैं जिसमें दानापुर, मनेर, फुलवारी, मसौठी, पालीगंज और विक्रम जैसे क्षेत्र आते हैं. इसमें से फुलवारी और मसौठी रिर्जव क्षेत्र हैं. इन विधानसभाओं में से मनेर,मसौठी और पाली पर आरजेडी का कब्जा है. जबकि दानापुर पर बीजेपी, फुलवारी पर जदयू और विक्रम पर कांग्रेस का कब्जा है. यानि 6 विधानसभा में से 4 पर महागठबंधन और दो पर बीजेपी-जदयू का कब्जा है .यही वजह है कि 2014 की मोदी लहर में महज 41 हजार से जीतने वाले रामकृपाल के लिए मीसा यादव बड़ी चुनौती बनी हुई हैं. और इसी ने इस चुनाव को कांटेदार और दिलचस्प बना दिया है.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: एक बार फिर रामकृपाल का मुकाबला मीसा भारती से लालू यादव के परिवार के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई इस बार बीजेपी के साथ है जेडीयू
19
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: असम में बाढ़ के हालात दिन पर दिन और खराब होते जा रहे हैं. शनिवार रात तक राज्य में बाढ़ से मरने वालों की संख्या में 62 हो गई है. आंकड़ों के मुताबिक बीते 24 घंटे में कुल 12 लोगों ने अलग-अलग जगह बाढ़ की वजह से अपनी जान गवाई. हालांकि, कुछ इलाके ऐसे ही भी हैं जहां बाढ़ का पानी उतरने लगा है. बाढ़ से प्रभावित जिलों की संख्या घटकर 24 हो गई है. बाढ़ से समूचे राज्य में बड़े पैमाने पर क्षति हुई है. हालांकि बक्सा, होजई और माजुली जिलों से बाढ़ का पानी अब धीरे-धीरे घट रहा है लेकिन 1.51 लाख हेक्टेयर की फसल अब भी बाढ़ के पानी में डूबी हुई है और काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान का बड़ा हिस्सा भी बाढ़ की चपेट में है. असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के बाढ़ संबंधी बुलेटिन के अनुसार मोरीगांव जिले में तीन लोगों, बारपेटा में तीन, दक्षिण सलमारा में दो और नलबाड़ी एवं धुबरी जिलों में एक-एक व्यक्ति की मौत होने से यह आंकड़ा बढ़कर 62 हो गया है. राज्य के प्रभावित जिलों के 3,024 गांवों में 44,08,142 लोग बाढ़ की चपेट में हैं. काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में बाढ़ की वजह से 13 जुलाई से अब तक 129 पशु मारे गये हैं, इनमें 10 गैंडे, आठ सांभर हिरण, आठ जंगली सुअर, पांच बारहसिंगा, एक हाथी और एक जंगली भैंस शामिल हैं. कई बाढ़ प्रभावितों ने राज्य के वित्त मंत्री हिमंत बिस्व शर्मा से कहा कि उन्हें राहत केंद्रों में न तो पर्याप्त राहत सामग्री दी जा रही है और न ही रहने की सुविधा है. असम की तरह ही बिहार में भी बाढ़ से बुरे हाल हैं. अभी तक बाढ़ की वजह से पांच और लोगों की मौत हो चुकी है.अब यह आंकड़ा बढ़कर 97 हो गया है. राज्य के आपदा प्रबंधन विभाग ने यह जानकारी दी है. मधुबनी जिले से चार लोगों और दरभंगा से एक व्यक्ति के मरने की सूचना है, जिससे मधुबनी में हताहतों की संख्या अब 18 और दरभंगा में 10 हो गयी है. आपदा प्रबंधन विभाग ने एक रिपोर्ट में कहा कि सीतामढ़ी में 27 लोगों के मरने की सूचना है और यह बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित जिला बना हुआ है. उप-मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने राहत एवं पुनर्वास का जायजा लेने के लिये शनिवार को सीतामढ़ी जिले का दौरा किया. बिहार में कुल 12 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं. वहीं, बारिश की वजह से दक्षिण के राज्य भी खासे प्रभावित हुए हैं. बारिश जनित घटनाओं में तमिलनाडु में भी दो लोगों की मौत हुई है और तीन मछुआरों समेत चार लोग लापता हैं. केरल में भी लगातार भारी बारिश जारी है. राज्य के कासरगोड जिले में कुडुले में शनिवार तक 30 सेंटीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई.पर्वतीय इडुक्की जिले के कोन्नाथाडी गांव में शनिवारद की सुबह भूस्खलन की मामूली घटना हुई, जिससे फसलें बर्बाद हो गयीं. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि घटना में कोई हताहत नहीं है. राष्ट्रीय राजधानी में भी भारी बारिश होने से लोगों को उमस भरे मौसम से राहत मिली. न्यूनतम तापमान 28.8 डिग्री सेल्सियस और सुबह साढ़े आठ बजे तक हवा में नमी का स्तर 74 प्रतिशत दर्ज किया गया. (इनपुट भाषा से)
सारांश: असम में बाढ़ से 12 और लोगों की मौत मौत का आंकड़ा पहुंचा 62 बिहार में भी बिगड़े हालात
31
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: रांची के राजकुमार और भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी ने शुक्रवार को कहा कि उनके शहर में एक शानदार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम बनने से अब उनके रांची शहर को एक नई पहचान मिल गई है जो उनके लिए बड़े स्वाभिमान का दिन है। झारखंड की राजधानी रांची में आज धुर्वा इलाके में ‘झारखंड राज्य क्रिकेट संघ अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम परिसर’ के उद्घाटन समारोह में अपने उद्गार व्यक्त करते हुए भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी ने कहा, ‘‘समस्त झारखंड राज्य के निवासियों और मेरे लिए यह जबर्दस्त गौरव का समय है। आज हमें एक विश्वस्तरीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम मिल गया है।’’ धोनी ने कहा, ‘‘मेरे घर रांची को एक नई पहचान मिल गई है। अब मुझे दुनिया में यह किसी को समझाना नहीं होगा कि रांची कहां है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जब मैंने अपना क्रिकेट जीवन प्रारंभ किया था और विभिन्न देशों में जाता था तो दुनिया को यह समझाने में भारी कठिनाई होती थी कि रांची कहां है। लेकिन अब जबकि विश्व के श्रेष्ठतम स्टेडियमों में से एक स्टेडियम रांची के आसमान को छू रहा है, दुनिया को और खासकर क्रिकेट की दुनिया को रांची की पहचान बताने में कोई कठिनाई नहीं होगी।’’ पीले रंग की शर्ट और नीली जींस के साथ सफेद जैकेट डाले कार्यक्रम में पहुंचे भारतीय कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी आज शाम बिलकुल तरोताजा और मस्ती के मूड में दिखे। हालांकि आज दोपहर स्टेडियम में नेट अभ्यास के दौरान असमान उछाल वाली अभ्यास पिच पर अचानक उठी गेंद से उनके अंगूठे में चोट लग गयी थी जिससे भारतीय खेमे और धोनी के प्रशंसकों में थोड़ी देर के लिए निराशा छा गई थी। लोगों को लगा कि धोनी शायद अपने गृह मैदान में कल इंग्लैंड के खिलाफ होने वाले पहले अंतरराष्ट्रीय एक-दिवसीय मैच में नहीं खेल पाएंगे। लेकिन कुछ देर बाद ही टीम प्रबंधन ने संवाददाता सम्मेलन कर संदेह के बादल दूर कर दिये और बता दिया कि धोनी को अंगूठे में मामूली चोट लगी थी जो बर्फ लगाने से ठीक हो गई।टिप्पणियां धोनी ने झारखंड राज्य क्रिकेट संघ के इस स्टेडियम की तारीफ करते हुए कहा, ‘‘हमारे साथियों ने पिछले दो दिनों में अभ्यास के दौरान बताया है कि यहां का स्टेडियम दुनिया के चुनिंदा सर्वश्रेष्ठ क्रिकेट मैदानों में से एक है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह स्टेडियम जिस सलीके और सोच के साथ बनाया गया है उससे, इसके बीच खेलने के लिए पहुंचने पर जबर्दस्त अनुभव होता है।’’ धोनी ने कहा, ‘‘आज का दिन मेरे जीवन का बहुत ही खास दिन है क्योंकि कल मेरे गृह नगर में मेरी एक नयी पारी की शुरुआत होगी जब मैं अपने गृह मैदान में अपनी टीम के नेतृत्व का गौरव हासिल कर सकूंगा।’’ झारखंड की राजधानी रांची में आज धुर्वा इलाके में ‘झारखंड राज्य क्रिकेट संघ अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम परिसर’ के उद्घाटन समारोह में अपने उद्गार व्यक्त करते हुए भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी ने कहा, ‘‘समस्त झारखंड राज्य के निवासियों और मेरे लिए यह जबर्दस्त गौरव का समय है। आज हमें एक विश्वस्तरीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम मिल गया है।’’ धोनी ने कहा, ‘‘मेरे घर रांची को एक नई पहचान मिल गई है। अब मुझे दुनिया में यह किसी को समझाना नहीं होगा कि रांची कहां है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जब मैंने अपना क्रिकेट जीवन प्रारंभ किया था और विभिन्न देशों में जाता था तो दुनिया को यह समझाने में भारी कठिनाई होती थी कि रांची कहां है। लेकिन अब जबकि विश्व के श्रेष्ठतम स्टेडियमों में से एक स्टेडियम रांची के आसमान को छू रहा है, दुनिया को और खासकर क्रिकेट की दुनिया को रांची की पहचान बताने में कोई कठिनाई नहीं होगी।’’ पीले रंग की शर्ट और नीली जींस के साथ सफेद जैकेट डाले कार्यक्रम में पहुंचे भारतीय कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी आज शाम बिलकुल तरोताजा और मस्ती के मूड में दिखे। हालांकि आज दोपहर स्टेडियम में नेट अभ्यास के दौरान असमान उछाल वाली अभ्यास पिच पर अचानक उठी गेंद से उनके अंगूठे में चोट लग गयी थी जिससे भारतीय खेमे और धोनी के प्रशंसकों में थोड़ी देर के लिए निराशा छा गई थी। लोगों को लगा कि धोनी शायद अपने गृह मैदान में कल इंग्लैंड के खिलाफ होने वाले पहले अंतरराष्ट्रीय एक-दिवसीय मैच में नहीं खेल पाएंगे। लेकिन कुछ देर बाद ही टीम प्रबंधन ने संवाददाता सम्मेलन कर संदेह के बादल दूर कर दिये और बता दिया कि धोनी को अंगूठे में मामूली चोट लगी थी जो बर्फ लगाने से ठीक हो गई।टिप्पणियां धोनी ने झारखंड राज्य क्रिकेट संघ के इस स्टेडियम की तारीफ करते हुए कहा, ‘‘हमारे साथियों ने पिछले दो दिनों में अभ्यास के दौरान बताया है कि यहां का स्टेडियम दुनिया के चुनिंदा सर्वश्रेष्ठ क्रिकेट मैदानों में से एक है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह स्टेडियम जिस सलीके और सोच के साथ बनाया गया है उससे, इसके बीच खेलने के लिए पहुंचने पर जबर्दस्त अनुभव होता है।’’ धोनी ने कहा, ‘‘आज का दिन मेरे जीवन का बहुत ही खास दिन है क्योंकि कल मेरे गृह नगर में मेरी एक नयी पारी की शुरुआत होगी जब मैं अपने गृह मैदान में अपनी टीम के नेतृत्व का गौरव हासिल कर सकूंगा।’’ धोनी ने कहा, ‘‘मेरे घर रांची को एक नई पहचान मिल गई है। अब मुझे दुनिया में यह किसी को समझाना नहीं होगा कि रांची कहां है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जब मैंने अपना क्रिकेट जीवन प्रारंभ किया था और विभिन्न देशों में जाता था तो दुनिया को यह समझाने में भारी कठिनाई होती थी कि रांची कहां है। लेकिन अब जबकि विश्व के श्रेष्ठतम स्टेडियमों में से एक स्टेडियम रांची के आसमान को छू रहा है, दुनिया को और खासकर क्रिकेट की दुनिया को रांची की पहचान बताने में कोई कठिनाई नहीं होगी।’’ पीले रंग की शर्ट और नीली जींस के साथ सफेद जैकेट डाले कार्यक्रम में पहुंचे भारतीय कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी आज शाम बिलकुल तरोताजा और मस्ती के मूड में दिखे। हालांकि आज दोपहर स्टेडियम में नेट अभ्यास के दौरान असमान उछाल वाली अभ्यास पिच पर अचानक उठी गेंद से उनके अंगूठे में चोट लग गयी थी जिससे भारतीय खेमे और धोनी के प्रशंसकों में थोड़ी देर के लिए निराशा छा गई थी। लोगों को लगा कि धोनी शायद अपने गृह मैदान में कल इंग्लैंड के खिलाफ होने वाले पहले अंतरराष्ट्रीय एक-दिवसीय मैच में नहीं खेल पाएंगे। लेकिन कुछ देर बाद ही टीम प्रबंधन ने संवाददाता सम्मेलन कर संदेह के बादल दूर कर दिये और बता दिया कि धोनी को अंगूठे में मामूली चोट लगी थी जो बर्फ लगाने से ठीक हो गई।टिप्पणियां धोनी ने झारखंड राज्य क्रिकेट संघ के इस स्टेडियम की तारीफ करते हुए कहा, ‘‘हमारे साथियों ने पिछले दो दिनों में अभ्यास के दौरान बताया है कि यहां का स्टेडियम दुनिया के चुनिंदा सर्वश्रेष्ठ क्रिकेट मैदानों में से एक है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह स्टेडियम जिस सलीके और सोच के साथ बनाया गया है उससे, इसके बीच खेलने के लिए पहुंचने पर जबर्दस्त अनुभव होता है।’’ धोनी ने कहा, ‘‘आज का दिन मेरे जीवन का बहुत ही खास दिन है क्योंकि कल मेरे गृह नगर में मेरी एक नयी पारी की शुरुआत होगी जब मैं अपने गृह मैदान में अपनी टीम के नेतृत्व का गौरव हासिल कर सकूंगा।’’ पीले रंग की शर्ट और नीली जींस के साथ सफेद जैकेट डाले कार्यक्रम में पहुंचे भारतीय कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी आज शाम बिलकुल तरोताजा और मस्ती के मूड में दिखे। हालांकि आज दोपहर स्टेडियम में नेट अभ्यास के दौरान असमान उछाल वाली अभ्यास पिच पर अचानक उठी गेंद से उनके अंगूठे में चोट लग गयी थी जिससे भारतीय खेमे और धोनी के प्रशंसकों में थोड़ी देर के लिए निराशा छा गई थी। लोगों को लगा कि धोनी शायद अपने गृह मैदान में कल इंग्लैंड के खिलाफ होने वाले पहले अंतरराष्ट्रीय एक-दिवसीय मैच में नहीं खेल पाएंगे। लेकिन कुछ देर बाद ही टीम प्रबंधन ने संवाददाता सम्मेलन कर संदेह के बादल दूर कर दिये और बता दिया कि धोनी को अंगूठे में मामूली चोट लगी थी जो बर्फ लगाने से ठीक हो गई।टिप्पणियां धोनी ने झारखंड राज्य क्रिकेट संघ के इस स्टेडियम की तारीफ करते हुए कहा, ‘‘हमारे साथियों ने पिछले दो दिनों में अभ्यास के दौरान बताया है कि यहां का स्टेडियम दुनिया के चुनिंदा सर्वश्रेष्ठ क्रिकेट मैदानों में से एक है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह स्टेडियम जिस सलीके और सोच के साथ बनाया गया है उससे, इसके बीच खेलने के लिए पहुंचने पर जबर्दस्त अनुभव होता है।’’ धोनी ने कहा, ‘‘आज का दिन मेरे जीवन का बहुत ही खास दिन है क्योंकि कल मेरे गृह नगर में मेरी एक नयी पारी की शुरुआत होगी जब मैं अपने गृह मैदान में अपनी टीम के नेतृत्व का गौरव हासिल कर सकूंगा।’’ लोगों को लगा कि धोनी शायद अपने गृह मैदान में कल इंग्लैंड के खिलाफ होने वाले पहले अंतरराष्ट्रीय एक-दिवसीय मैच में नहीं खेल पाएंगे। लेकिन कुछ देर बाद ही टीम प्रबंधन ने संवाददाता सम्मेलन कर संदेह के बादल दूर कर दिये और बता दिया कि धोनी को अंगूठे में मामूली चोट लगी थी जो बर्फ लगाने से ठीक हो गई।टिप्पणियां धोनी ने झारखंड राज्य क्रिकेट संघ के इस स्टेडियम की तारीफ करते हुए कहा, ‘‘हमारे साथियों ने पिछले दो दिनों में अभ्यास के दौरान बताया है कि यहां का स्टेडियम दुनिया के चुनिंदा सर्वश्रेष्ठ क्रिकेट मैदानों में से एक है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह स्टेडियम जिस सलीके और सोच के साथ बनाया गया है उससे, इसके बीच खेलने के लिए पहुंचने पर जबर्दस्त अनुभव होता है।’’ धोनी ने कहा, ‘‘आज का दिन मेरे जीवन का बहुत ही खास दिन है क्योंकि कल मेरे गृह नगर में मेरी एक नयी पारी की शुरुआत होगी जब मैं अपने गृह मैदान में अपनी टीम के नेतृत्व का गौरव हासिल कर सकूंगा।’’ धोनी ने झारखंड राज्य क्रिकेट संघ के इस स्टेडियम की तारीफ करते हुए कहा, ‘‘हमारे साथियों ने पिछले दो दिनों में अभ्यास के दौरान बताया है कि यहां का स्टेडियम दुनिया के चुनिंदा सर्वश्रेष्ठ क्रिकेट मैदानों में से एक है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह स्टेडियम जिस सलीके और सोच के साथ बनाया गया है उससे, इसके बीच खेलने के लिए पहुंचने पर जबर्दस्त अनुभव होता है।’’ धोनी ने कहा, ‘‘आज का दिन मेरे जीवन का बहुत ही खास दिन है क्योंकि कल मेरे गृह नगर में मेरी एक नयी पारी की शुरुआत होगी जब मैं अपने गृह मैदान में अपनी टीम के नेतृत्व का गौरव हासिल कर सकूंगा।’’ धोनी ने कहा, ‘‘आज का दिन मेरे जीवन का बहुत ही खास दिन है क्योंकि कल मेरे गृह नगर में मेरी एक नयी पारी की शुरुआत होगी जब मैं अपने गृह मैदान में अपनी टीम के नेतृत्व का गौरव हासिल कर सकूंगा।’’
सारांश: रांची के राजकुमार और भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी ने कहा कि उनके शहर में एक शानदार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम बनने से अब उनके रांची शहर को एक नई पहचान मिल गई है जो उनके लिए बड़े स्वाभिमान का दिन है।
7
['hin']
एक सारांश बनाओ: नागपुर टी20 मैच में तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने करिश्‍माई आखिरी ओवर फेंकते हुए टीम इंडिया को इंग्‍लैंड के खिलाफ करिश्‍माई जीत दिला दी. इस मैच में अम्‍पायरिंग का स्‍तर अपेक्षा के अनुरूप नहीं था. इंग्‍लैंड के कप्‍तान इयोन मोर्गन का मानना है कि निणार्यक क्षणों का एक महत्‍वपूर्ण फैसला उनकी टीम के खिलाफ गया. आखिरी ओवर मे जो रूट को बुमराह की गेंद पर एलबीडब्‍ल्‍यू देने के अम्‍पायर के फैसले का मुद्दा इंग्‍लैंड मैच रैफरी के समक्ष उठाएगा. मोर्गन ने कहा कि जो रूट को मैच के निर्णायक क्षणों में पगबाधा आउट होने के अंपायर के फैसले के कारण ही उनकी टीम को दूसरा टी20 मैच गंवाना पड़ा. मैच के अम्‍पायर सी. शमसुद्दीन ने रूट को आखिरी ओवर में जसप्रीत बुमराह की गेंद पर  एलबीडब्‍ल्‍यू आउट दिया जबकि रिप्‍ले में यह साफ दिखा कि गेंद परले बल्‍ले से लगी थी. इंग्‍लैंड के कप्‍तान कहा,‘हम उस फैसले से काफी नाराज हैं. इससे 20वें ओवर में मैच का पासा पलट गया. ऐसे बल्‍लेबाज का विकेट गंवाना जो 40 गेंद खेल चुका है, टीम के लिये घातक साबित हुआ क्योंकि उस समय विकेट काफी धीमा हो चुका था.’ उन्होंने कहा,‘कई फैसले हमारे पक्ष में नहीं गए. हम वह मैच जीत सकते थे लेकिन नहीं जीत सके जिससे काफी निराशा है. वैसे मोर्गन ने कहा कि उनकी टीम के पास अगले मैच के जरिये वापसी का मौका है लेकिन हमने मैच रैफरी के जरिये फीडबैक में अपनी प्रतिक्रिया दे दी है.’ उन्होंने इस बात से भी इनकार किया कि क्रीज पर जमने के बाद वह खराब शॉट खेलकर आउट हुए. टिप्पणियां उन्होंने कहा ,‘मुझे ऐसा नहीं लगता. मैने अच्छा खेला. हमने भारत के अनुकूल विकेट पर उम्दा गेंदबाजी की. हम मैच में अंत तक बने हुए थे और मैच जीत सकते थे.’ इंग्लैंड को आखिरी दो ओवर में 24 रन चाहिए थे जिनमें से 16 आशीष नेहरा के डाले 19वें ओवर में बन गए. आखिरी ओवर में बुमराह ने गेंदबाजी की जिसमें रूट और जोस बटलर आउट हुए और भारत पांच रन से जीत गया. यह पूछने पर कि टी20 मैचों में DRS का इस्तेमाल नहीं होने से क्या वह निराश हैं, इंग्‍लैंड के कप्‍तान ने कहा,‘कुछ हद तक. यदि वर्ल्‍डकप के मैचों में भी इसका इस्तेमाल किया जाए तो अच्छा होगा. इसे टी20 मैचों में इस्तेमाल किया जाना चाहिए.’उन्होंने यह भी कहा कि टी20 मैचों में गेंदबाजी और बल्लेबाजी का अच्छा संतुलन होना चाहिए. उन्होंने कहा,‘मेरा मानना है कि इसमें दोनों का संतुलन होना चाहिए. ज्यादातर दर्शक चौके-छक्के देखना चाहते हैं और बहुत कम विकेट गिरते देखना चाहते हैं. यह अनुपात 70 . 30 होना चाहिए.’ इंग्‍लैंड के कप्‍तान कहा,‘हम उस फैसले से काफी नाराज हैं. इससे 20वें ओवर में मैच का पासा पलट गया. ऐसे बल्‍लेबाज का विकेट गंवाना जो 40 गेंद खेल चुका है, टीम के लिये घातक साबित हुआ क्योंकि उस समय विकेट काफी धीमा हो चुका था.’ उन्होंने कहा,‘कई फैसले हमारे पक्ष में नहीं गए. हम वह मैच जीत सकते थे लेकिन नहीं जीत सके जिससे काफी निराशा है. वैसे मोर्गन ने कहा कि उनकी टीम के पास अगले मैच के जरिये वापसी का मौका है लेकिन हमने मैच रैफरी के जरिये फीडबैक में अपनी प्रतिक्रिया दे दी है.’ उन्होंने इस बात से भी इनकार किया कि क्रीज पर जमने के बाद वह खराब शॉट खेलकर आउट हुए. टिप्पणियां उन्होंने कहा ,‘मुझे ऐसा नहीं लगता. मैने अच्छा खेला. हमने भारत के अनुकूल विकेट पर उम्दा गेंदबाजी की. हम मैच में अंत तक बने हुए थे और मैच जीत सकते थे.’ इंग्लैंड को आखिरी दो ओवर में 24 रन चाहिए थे जिनमें से 16 आशीष नेहरा के डाले 19वें ओवर में बन गए. आखिरी ओवर में बुमराह ने गेंदबाजी की जिसमें रूट और जोस बटलर आउट हुए और भारत पांच रन से जीत गया. यह पूछने पर कि टी20 मैचों में DRS का इस्तेमाल नहीं होने से क्या वह निराश हैं, इंग्‍लैंड के कप्‍तान ने कहा,‘कुछ हद तक. यदि वर्ल्‍डकप के मैचों में भी इसका इस्तेमाल किया जाए तो अच्छा होगा. इसे टी20 मैचों में इस्तेमाल किया जाना चाहिए.’उन्होंने यह भी कहा कि टी20 मैचों में गेंदबाजी और बल्लेबाजी का अच्छा संतुलन होना चाहिए. उन्होंने कहा,‘मेरा मानना है कि इसमें दोनों का संतुलन होना चाहिए. ज्यादातर दर्शक चौके-छक्के देखना चाहते हैं और बहुत कम विकेट गिरते देखना चाहते हैं. यह अनुपात 70 . 30 होना चाहिए.’ उन्होंने कहा ,‘मुझे ऐसा नहीं लगता. मैने अच्छा खेला. हमने भारत के अनुकूल विकेट पर उम्दा गेंदबाजी की. हम मैच में अंत तक बने हुए थे और मैच जीत सकते थे.’ इंग्लैंड को आखिरी दो ओवर में 24 रन चाहिए थे जिनमें से 16 आशीष नेहरा के डाले 19वें ओवर में बन गए. आखिरी ओवर में बुमराह ने गेंदबाजी की जिसमें रूट और जोस बटलर आउट हुए और भारत पांच रन से जीत गया. यह पूछने पर कि टी20 मैचों में DRS का इस्तेमाल नहीं होने से क्या वह निराश हैं, इंग्‍लैंड के कप्‍तान ने कहा,‘कुछ हद तक. यदि वर्ल्‍डकप के मैचों में भी इसका इस्तेमाल किया जाए तो अच्छा होगा. इसे टी20 मैचों में इस्तेमाल किया जाना चाहिए.’उन्होंने यह भी कहा कि टी20 मैचों में गेंदबाजी और बल्लेबाजी का अच्छा संतुलन होना चाहिए. उन्होंने कहा,‘मेरा मानना है कि इसमें दोनों का संतुलन होना चाहिए. ज्यादातर दर्शक चौके-छक्के देखना चाहते हैं और बहुत कम विकेट गिरते देखना चाहते हैं. यह अनुपात 70 . 30 होना चाहिए.’ यह पूछने पर कि टी20 मैचों में DRS का इस्तेमाल नहीं होने से क्या वह निराश हैं, इंग्‍लैंड के कप्‍तान ने कहा,‘कुछ हद तक. यदि वर्ल्‍डकप के मैचों में भी इसका इस्तेमाल किया जाए तो अच्छा होगा. इसे टी20 मैचों में इस्तेमाल किया जाना चाहिए.’उन्होंने यह भी कहा कि टी20 मैचों में गेंदबाजी और बल्लेबाजी का अच्छा संतुलन होना चाहिए. उन्होंने कहा,‘मेरा मानना है कि इसमें दोनों का संतुलन होना चाहिए. ज्यादातर दर्शक चौके-छक्के देखना चाहते हैं और बहुत कम विकेट गिरते देखना चाहते हैं. यह अनुपात 70 . 30 होना चाहिए.’
यह एक सारांश है: मोर्गन बोले, अम्‍पायर के फैसले के कारण हमें यह मैच हारना पड़ा हमने मैच रैफरी के जरिये फीडबैक में अपनी प्रतिक्रिया दी है आखिरी ओवर में बुमराह की गेंदबाजी से मैच जीती थी टीम इंडिया
21
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) अगले सप्ताह वैश्विक ब्रांडों के चार एकल ब्रांड खुदरा प्रस्तावों पर विचार कर सकता है। एफआईपीबी की 13 फरवरी को होने वाली बैठक में डेकाथलॉन तथा फासिल इंक सहित 750 करोड़ रुपये के एकलब्रांड खुदरा स्टोर खोलने के प्रस्ताव पर विचार किया जा सकता है। सूत्रों ने कहा, ‘‘एफआईपीबी की अगली बैठक में संभवत: फ्रांसीसी फैशन ब्रांड प्रोमोड, फ्रांस की क्रॉकरी कंपनी ले क्रूसेट, अमेरिकी एक्सेसरीज कंपनी फासिल इंक तथा फ्रांस की खेल क्षेत्र की कंपनी डेकाथलॉन के एकल ब्रांड खुदरा स्टोर खोलने के प्रस्तावों पर विचार होगा।’’टिप्पणियां सूत्रों ने बताया कि औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग ने पिछले सप्ताह उसके पास विचार के लिए चार प्रस्ताव भेजे हैं। जनवरी, 2012 में एकल ब्रांड खुदरा क्षेत्र में एफडीआई सीमा 51 से बढ़ाकर 100 प्रतिशत कर दी गई। प्रोमोड को छोड़कर अन्य तीन ने एकल ब्रांड खुदरा उपक्रम में 100 प्रतिशत निवेश का प्रस्ताव किया है। सूत्रों ने कहा, ‘‘एफआईपीबी की अगली बैठक में संभवत: फ्रांसीसी फैशन ब्रांड प्रोमोड, फ्रांस की क्रॉकरी कंपनी ले क्रूसेट, अमेरिकी एक्सेसरीज कंपनी फासिल इंक तथा फ्रांस की खेल क्षेत्र की कंपनी डेकाथलॉन के एकल ब्रांड खुदरा स्टोर खोलने के प्रस्तावों पर विचार होगा।’’टिप्पणियां सूत्रों ने बताया कि औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग ने पिछले सप्ताह उसके पास विचार के लिए चार प्रस्ताव भेजे हैं। जनवरी, 2012 में एकल ब्रांड खुदरा क्षेत्र में एफडीआई सीमा 51 से बढ़ाकर 100 प्रतिशत कर दी गई। प्रोमोड को छोड़कर अन्य तीन ने एकल ब्रांड खुदरा उपक्रम में 100 प्रतिशत निवेश का प्रस्ताव किया है। सूत्रों ने बताया कि औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग ने पिछले सप्ताह उसके पास विचार के लिए चार प्रस्ताव भेजे हैं। जनवरी, 2012 में एकल ब्रांड खुदरा क्षेत्र में एफडीआई सीमा 51 से बढ़ाकर 100 प्रतिशत कर दी गई। प्रोमोड को छोड़कर अन्य तीन ने एकल ब्रांड खुदरा उपक्रम में 100 प्रतिशत निवेश का प्रस्ताव किया है। प्रोमोड को छोड़कर अन्य तीन ने एकल ब्रांड खुदरा उपक्रम में 100 प्रतिशत निवेश का प्रस्ताव किया है।
सारांश: विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) अगले सप्ताह वैश्विक ब्रांडों के चार एकल ब्रांड खुदरा प्रस्तावों पर विचार कर सकता है। एफआईपीबी की 13 फरवरी को होने वाली बैठक में डेकाथलॉन तथा फासिल इंक सहित 750 करोड़ रुपये के एकलब्रांड खुदरा स्टोर खोलने के प्रस्ताव पर
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: बैंक तथा आयातकों की तरफ से डॉलर मांग से रुपया आज अमेरिकी करेंसी के मुकाबले 59 पैसे टूटकर 56.01 पर चला गया। इसके अलावा, यूरो के मुकाबले डॉलर की मजबूती से भी रुपये की धारणा पर असर पड़ा। इससे पहले, 29 जून को रुपया 56 के पार गया था।टिप्पणियां शुरुआती कारोबार में डॉलर के मुकाबले रुपया 55.90 पर खुला। बाद में यह थोड़ा सुधरकर 55.82 अंक पर आ गया लेकिन बाद में यह 59 पैसे कमजोर होकर 56 को पार करता हुआ 56.01 पर पहुंच गया। शुक्रवार को रुपया 55.42 पर बंद हुआ था। इधर, बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 65.77 अंक या 0.38 प्रतिशत की गिरावट के साथ 17,455.35 अंक पर चला गया। इसके अलावा, यूरो के मुकाबले डॉलर की मजबूती से भी रुपये की धारणा पर असर पड़ा। इससे पहले, 29 जून को रुपया 56 के पार गया था।टिप्पणियां शुरुआती कारोबार में डॉलर के मुकाबले रुपया 55.90 पर खुला। बाद में यह थोड़ा सुधरकर 55.82 अंक पर आ गया लेकिन बाद में यह 59 पैसे कमजोर होकर 56 को पार करता हुआ 56.01 पर पहुंच गया। शुक्रवार को रुपया 55.42 पर बंद हुआ था। इधर, बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 65.77 अंक या 0.38 प्रतिशत की गिरावट के साथ 17,455.35 अंक पर चला गया। इससे पहले, 29 जून को रुपया 56 के पार गया था।टिप्पणियां शुरुआती कारोबार में डॉलर के मुकाबले रुपया 55.90 पर खुला। बाद में यह थोड़ा सुधरकर 55.82 अंक पर आ गया लेकिन बाद में यह 59 पैसे कमजोर होकर 56 को पार करता हुआ 56.01 पर पहुंच गया। शुक्रवार को रुपया 55.42 पर बंद हुआ था। इधर, बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 65.77 अंक या 0.38 प्रतिशत की गिरावट के साथ 17,455.35 अंक पर चला गया। शुरुआती कारोबार में डॉलर के मुकाबले रुपया 55.90 पर खुला। बाद में यह थोड़ा सुधरकर 55.82 अंक पर आ गया लेकिन बाद में यह 59 पैसे कमजोर होकर 56 को पार करता हुआ 56.01 पर पहुंच गया। शुक्रवार को रुपया 55.42 पर बंद हुआ था। इधर, बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 65.77 अंक या 0.38 प्रतिशत की गिरावट के साथ 17,455.35 अंक पर चला गया। इधर, बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 65.77 अंक या 0.38 प्रतिशत की गिरावट के साथ 17,455.35 अंक पर चला गया।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: बैंक तथा आयातकों की तरफ से डॉलर मांग से रुपया आज अमेरिकी करेंसी के मुकाबले 59 पैसे टूटकर 56.01 पर चला गया।
11
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सीरिया में दमिश्क के बाहर रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल से जुड़े जो सबूत अमेरिका और उसके सहयोगी देशों द्वारा पेश किए गए हैं, रूस उनसे पूरी तरह असहमत हैं। यह असहमति रूसी विदेश मंत्री सरजेई लावरोव ने मास्को के एक विश्वविद्यालय में अपने व्याख्यान में जताई।टिप्पणियां मॉस्को सीरिया में बशर अल-असद के प्रशासन द्वारा कथित रूप से किए गए रासायनिक हमलों के विरुद्ध अमेरिका द्वारा सीरिया पर सैन्य कार्रवाई की योजना के खिलाफ है। हालांकि इसकी समय सारणी को राष्ट्रपति ओबामा द्वारा कांग्रेस के समक्ष रखने के फैसले के चलते अभी वापस ले लिया गया है। मॉस्को के एक विश्वविद्यालय में दिए एक व्याख्यान में लावरोव ने कहा, अमेरिकी, ब्रितानी और फ्रांसिसी सहयोगियों द्वारा हमें जो भी सबूत दिखाए गए, वे हमें संतुष्ट नहीं करते। उन्होंने कहा कि इंटरनेट पर पोस्ट की गई कथित हमलों की तस्वीरों पर ‘कई संदेह’ हैं। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि सेना के पूर्णाधिकार में प्रशासन द्वारा सप्ताहांत पर ऐसा हमला करना ‘बिल्कुल बकवास’ है। मॉस्को सीरिया में बशर अल-असद के प्रशासन द्वारा कथित रूप से किए गए रासायनिक हमलों के विरुद्ध अमेरिका द्वारा सीरिया पर सैन्य कार्रवाई की योजना के खिलाफ है। हालांकि इसकी समय सारणी को राष्ट्रपति ओबामा द्वारा कांग्रेस के समक्ष रखने के फैसले के चलते अभी वापस ले लिया गया है। मॉस्को के एक विश्वविद्यालय में दिए एक व्याख्यान में लावरोव ने कहा, अमेरिकी, ब्रितानी और फ्रांसिसी सहयोगियों द्वारा हमें जो भी सबूत दिखाए गए, वे हमें संतुष्ट नहीं करते। उन्होंने कहा कि इंटरनेट पर पोस्ट की गई कथित हमलों की तस्वीरों पर ‘कई संदेह’ हैं। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि सेना के पूर्णाधिकार में प्रशासन द्वारा सप्ताहांत पर ऐसा हमला करना ‘बिल्कुल बकवास’ है। मॉस्को के एक विश्वविद्यालय में दिए एक व्याख्यान में लावरोव ने कहा, अमेरिकी, ब्रितानी और फ्रांसिसी सहयोगियों द्वारा हमें जो भी सबूत दिखाए गए, वे हमें संतुष्ट नहीं करते। उन्होंने कहा कि इंटरनेट पर पोस्ट की गई कथित हमलों की तस्वीरों पर ‘कई संदेह’ हैं। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि सेना के पूर्णाधिकार में प्रशासन द्वारा सप्ताहांत पर ऐसा हमला करना ‘बिल्कुल बकवास’ है।
सारांश: सीरिया में दमिश्क के बाहर रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल से जुड़े जो सबूत अमेरिका और उसके सहयोगी देशों द्वारा पेश किए गए हैं, रूस उनसे पूरी तरह असहमत हैं।
20
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने उम्मीद जताई है कि संसद के मॉनसून सत्र में पृथक तेलंगाना राज्य निर्माण को लेकर विपक्ष कोई हंगामा खड़ा नहीं करेगा। नई दिल्ली रवाना होने से पहले आज सुबह अपने निवास पर संवाददाताओं के सवालों के जवाब में सिंह ने कहा, मुझे उम्मीद है कि संसद के मॉनसून सत्र में तेलंगाना को लेकर विपक्ष कोई हंगामा नहीं करेगा।टिप्पणियां उन्होंने कहा कि तेलंगाना राज्य निर्माण का मामला हमेशा के लिए तय हो चुका है। उन्होंने कहा कि देश में अन्य पृथक राज्यों के गठन के मुद्दे से हर स्थान की अलग-अलग परिस्थितियों के अनुसार निपटना होगा। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा केन्द्र सरकार पर उनकी सरकार के खिलाफ केन्द्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग के लगाए गए आरोप को लेकर पूछने पर कांग्रेस महासचिव ने कहा कि इससे पहले चौहान को बताना चाहिए कि भाजपा के कितने नेता अचानक अमीर बन गए हैं। नई दिल्ली रवाना होने से पहले आज सुबह अपने निवास पर संवाददाताओं के सवालों के जवाब में सिंह ने कहा, मुझे उम्मीद है कि संसद के मॉनसून सत्र में तेलंगाना को लेकर विपक्ष कोई हंगामा नहीं करेगा।टिप्पणियां उन्होंने कहा कि तेलंगाना राज्य निर्माण का मामला हमेशा के लिए तय हो चुका है। उन्होंने कहा कि देश में अन्य पृथक राज्यों के गठन के मुद्दे से हर स्थान की अलग-अलग परिस्थितियों के अनुसार निपटना होगा। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा केन्द्र सरकार पर उनकी सरकार के खिलाफ केन्द्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग के लगाए गए आरोप को लेकर पूछने पर कांग्रेस महासचिव ने कहा कि इससे पहले चौहान को बताना चाहिए कि भाजपा के कितने नेता अचानक अमीर बन गए हैं। उन्होंने कहा कि तेलंगाना राज्य निर्माण का मामला हमेशा के लिए तय हो चुका है। उन्होंने कहा कि देश में अन्य पृथक राज्यों के गठन के मुद्दे से हर स्थान की अलग-अलग परिस्थितियों के अनुसार निपटना होगा। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा केन्द्र सरकार पर उनकी सरकार के खिलाफ केन्द्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग के लगाए गए आरोप को लेकर पूछने पर कांग्रेस महासचिव ने कहा कि इससे पहले चौहान को बताना चाहिए कि भाजपा के कितने नेता अचानक अमीर बन गए हैं। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा केन्द्र सरकार पर उनकी सरकार के खिलाफ केन्द्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग के लगाए गए आरोप को लेकर पूछने पर कांग्रेस महासचिव ने कहा कि इससे पहले चौहान को बताना चाहिए कि भाजपा के कितने नेता अचानक अमीर बन गए हैं।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने उम्मीद जताई है कि संसद के मॉनसून सत्र में पृथक तेलंगाना राज्य निर्माण को लेकर विपक्ष कोई हंगामा खड़ा नहीं करेगा।
3
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बॉलीवुड एक्ट्रेस करीना कपूर खान (Kareena Kapoor Khan) फिल्मों में अपनी जबरदस्त एक्टिंग से बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाने के साथ ही लोगों का दिल जीतने में भी कोई कसर नहीं छोड़ती हैं. इन दिनों करीना कपूर खान (Kareena Kapoor Khan) 'डांस इंडिया डांस (Dance India Dance)' में बतौर जज नजर आ रही हैं. हाल ही में करीना कपूर (Kareena Kapoor) की सबसे बड़ी फैन उनसे मिलने के लिए शो पर पहुंचीं. यह फैन कोई और नहीं, बल्कि पॉप सेंसेशन ध्वनि भानुशाली (Dhvani Bhanushali) हैं, जिन्होंने अपने गाने 'वास्ते' और 'ले जा रे' से खूब धमाल मचाया था.  'डांस इंडिया डांस (Dance India Dance)' के मंच पर पहुंची ध्वनि भानुशाली (Dhvani Bhanushali) ने खुद को न केवल करीना कपूर का बहुत बड़ा फैन बताया बल्कि वह उन्हें अपना आइडल भी मानती हैं. उन्होंने शो पर आकर करीना कपूर खान (Kareena Kapoor Khan) के कई गाने भी गाए. यहां तक कि दोनों की फोटो भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है. इन फोटो में जहां करीना कपूर गोल्डन शिमरी लहंगे में नजर आ रही हैं तो वहीं ध्वनि भानुशाली ब्लू ड्रेस में दिखाई दे रही हैं. फोटो में दोनों का लुक काफी जबरदस्त लग रहा है.  बता दें कि ध्वनि भानुशाली (Dhvani Bhanushali) ने अपनी आवाज और गाने से फैंस का खूब दिल जीता है. जहां उनके 'ले जा रे...' सॉन्ग को अब 45 करोड़ बार तो वहीं 'वास्ते...' सॉन्ग को 52.6 करोड़ बार देखा जा चुका है. हाल ही में उन्होंने प्रभास और श्रद्धा कपूर की फिल्म 'साहो' का 'साइको सैंया' सॉन्ग भी गाया था. वहीं, करीना कपूर (Kareena Kapoor) की बात करें तो वह जल्द ही 'अंग्रेजी मीडियम' फिल्म से पर्दे पर धमाल मचाने वाली हैं. इस फिल्म में उनके साथ एक्टर इरफान खान भी मुख्य भूमिका में नजर आएंगे. इसके अलावा करीना कपूर अक्षय कुमार की 'गुड न्यूज' में भी नजर आएंगी.
यह एक सारांश है: करीना कपूर से मिलने शो पर पहुंची उनकी सबसे बड़ी फैन ध्वनि भानुशाली के साथ करीना कपूर की फोटो हुई वायरल गोल्डन ड्रेस में दिखा करीना कपूर का खूबसूरत अंदाज
16
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: भीड़ द्वारा हिंसा और हाल ही में जुनैद की हत्या को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर में विरोध प्रदर्शन हुआ. इसमें मेवाती समाज के अलावा कई संगठनों के लोगों ने हिस्सा लिया. जंतर मंतर पर भीड़ की हिंसा के खिलाफ आवाज उठी. इसमें बड़ी संख्या में मेवाती समाज के लोग जुटे. उन्होंने गाय के नाम पर हो रही हिंसा और भीड़ द्वारा की जा रही हत्याओं के खिलाफ आवाज उठाई.टिप्पणियां इस प्रदर्शन में हाल में भीड़ द्वारा मारे गए जुनैद के परिवार के अलावा पहलू खान और नजीब अहमद के परिवारों ने भी हिस्सा लिया. गाय के नाम पर हो रही हिंसा को लेकर प्रधानमंत्री के बयान पर लोगों ने कहा कि यह बयान महज दिखावा है. एक सर्वे के मुताबिक पिछले एक साल में गाय को लेकर हिंसा के 63 मामले हुए जिनमें 28 लोग मारे गए. मरने वालों में 24 मुस्लिम थे. शायद यही वजह है कि इन घटनाओं के खिलाफ लोग सड़कों पर हैं. जंतर मंतर पर भीड़ की हिंसा के खिलाफ आवाज उठी. इसमें बड़ी संख्या में मेवाती समाज के लोग जुटे. उन्होंने गाय के नाम पर हो रही हिंसा और भीड़ द्वारा की जा रही हत्याओं के खिलाफ आवाज उठाई.टिप्पणियां इस प्रदर्शन में हाल में भीड़ द्वारा मारे गए जुनैद के परिवार के अलावा पहलू खान और नजीब अहमद के परिवारों ने भी हिस्सा लिया. गाय के नाम पर हो रही हिंसा को लेकर प्रधानमंत्री के बयान पर लोगों ने कहा कि यह बयान महज दिखावा है. एक सर्वे के मुताबिक पिछले एक साल में गाय को लेकर हिंसा के 63 मामले हुए जिनमें 28 लोग मारे गए. मरने वालों में 24 मुस्लिम थे. शायद यही वजह है कि इन घटनाओं के खिलाफ लोग सड़कों पर हैं. इस प्रदर्शन में हाल में भीड़ द्वारा मारे गए जुनैद के परिवार के अलावा पहलू खान और नजीब अहमद के परिवारों ने भी हिस्सा लिया. गाय के नाम पर हो रही हिंसा को लेकर प्रधानमंत्री के बयान पर लोगों ने कहा कि यह बयान महज दिखावा है. एक सर्वे के मुताबिक पिछले एक साल में गाय को लेकर हिंसा के 63 मामले हुए जिनमें 28 लोग मारे गए. मरने वालों में 24 मुस्लिम थे. शायद यही वजह है कि इन घटनाओं के खिलाफ लोग सड़कों पर हैं. एक सर्वे के मुताबिक पिछले एक साल में गाय को लेकर हिंसा के 63 मामले हुए जिनमें 28 लोग मारे गए. मरने वालों में 24 मुस्लिम थे. शायद यही वजह है कि इन घटनाओं के खिलाफ लोग सड़कों पर हैं.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: मेवाती समाज सहित कई संगठनों के लोंगों ने किया प्रदर्शन कहा- हिंसा को लेकर प्रधानमंत्री का बयान महज दिखावा पिछले एक साल में गाय को लेकर हिंसा के 63 मामले
25
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: वर्ष 2008 में परमाणु करार के मसले पर पेश किए एक विश्वास प्रस्ताव पर सरकार की जीत सुनिश्चित कराने के लिए कथित तौर पर सांसदों को खरीदे जाने के मामले में प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने लोकसभा में विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव दिया है। लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने सदन की अध्यक्ष मीरा कुमार को प्रस्ताव सौंपा। इसके बाद सत्तापक्ष और विपक्ष के सांसदों ने खूब हंगामा किया, जिस पर मीरा कुमार ने कहा, "मैं इस मामले को देख रही हूं और अपना फैसला दूंगी।" हंगामे के बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने कहा कि विपक्ष की मंशा किसी तरह का संवैधानिक संकट पैदा करने का नहीं है। उनका कहना था, "हम वित्त विधेयक पास करवाना चाहते हैं, लेकिन अगर विपक्ष की नेता को बोलने से रोका गया तो प्रतिक्रिया होना स्वाभाविक है।" विकीलीक्स पर हुए रिश्वत के खुलासे को लेकर संसद के दोनों सदनों में विपक्ष तथा सत्तापक्ष के बीच हुए हंगामे के बाद पूर्वाह्न 11:27 बजे तक के लिए राज्यसभा की कार्यवाही को स्थगित भी कर दिया गया था। वैसे भाजपा के अतिरिक्त वामदल भी इस मामले पर सदन में चर्चा के पक्ष में हैं। इस बीच, भारतीय जनता पार्टी प्रवक्ता शाहनवाज़ हुसैन ने कहा, "उन्होंने (प्रधानमंत्री ने) पिछले सप्ताह सदन में कहा था कि कोई रिश्वत नहीं दी गई, जबकि 'नोट के बदल वोट' की जांच के लिए गठित किशोरचंद्र देव कमेटी ने स्पष्ट कहा है कि रिश्वत दी गई।" भाजपा का आरोप है कि प्रधानमंत्री ने ऐसा बयान देकर संसद और देश की जनता को गुमराह किया है कि जुलाई, 2008 के विश्वासमत के दौरान किसी सांसद को रिश्वत नहीं दी गई थी। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2008 के विश्वासमत के दौरान लगे रिश्वत के आरोपों पर प्रधानमंत्री स्वयं संसद में बयान दे चुके हैं। उधर, श्रीमती स्वराज ने एक अखबार में छपी इस खबर का खंडन भी किया है कि प्रधानमंत्री ने उन्हें और उनके परिवार को डिनर पर बुलाया था। सुषमा ने टि्वटर पर लिखा है कि प्रधानमंत्री निवास पर डिनर की बात सिर्फ कल्पना है। उन्होंने इस खबर को भी गलत बताया है कि वह चुनाव आयोग की बैठक में भाग नहीं लेना चाहती थीं, लेकिन आडवाणी के दबाव डालने पर वह इसके लिए तैयार हुईं।
यहाँ एक सारांश है:हंगामे के बीच आडवाणी ने कहा, वित्त विधेयक पास करवाना चाहते हैं, और हमारी मंशा संवैधानिक संकट पैदा करने की नहीं है।
17
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में अवैध रूप से डीजल बनाने वाले एक व्यक्ति की दुकान सील करने वाले जिला पूर्ति अधिकारी को इस कार्रवाई के फौरन बाद दुकान मालिक तथा उसके साथियों ने जिंदा जलाने का प्रयास किया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि जिला पूर्ति अधिकारी नीरज सिंह ने जरीफनगर के देहगवां गांव में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान चलाने वाले गिरीश चन्द्र द्वारा वितरण के लिये आवंटित मिट्टी के तेल से अवैध रूप से डीजल बनाए जाने की सूचना मिलने पर सम्बन्धित दुकान पर गुरुवार शाम अपने सहयोगियों के साथ छापा मारा था। उन्होंने बताया कि गिरीश को रंगे हाथ पकड़ने पर जिला पूर्ति अधिकारी ने उसकी दुकान को सील करवा दिया। गांव से लौटते समय करीब 150 लोगों ने सिंह तथा उनकी टीम के सदस्यों को घेर लिया और मारपीट करने लगे। सूत्रों के मुताबिक इसी दौरान हमलावरों ने गाड़ी तोड़ दी, और सिंह पर मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगाने की कोशिश की, लेकिन वह किसी तरह जान बचाकर भागे और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को वारदात की सूचना दी। टिप्पणियां सिंह का आरोप है कि देहगवां गांव के प्रधान मयंक गुप्ता तथा उसके सहयोगियों मनोज, संदीप, देवेश, ब्लाक प्रमुख के पति सुभाष चंद्र गुप्ता समेत करीब 150 लोगों की भीड़ टूट पड़ी। सहसवान के उप जिलाधिकारी राम अरज यादव ने बताया कि जिला पूर्ति अधिकारी की शिकायत पर गिरीश चन्द्र तथा चार अन्य के खिलाफ नामजद तथा 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि जिला पूर्ति अधिकारी नीरज सिंह ने जरीफनगर के देहगवां गांव में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान चलाने वाले गिरीश चन्द्र द्वारा वितरण के लिये आवंटित मिट्टी के तेल से अवैध रूप से डीजल बनाए जाने की सूचना मिलने पर सम्बन्धित दुकान पर गुरुवार शाम अपने सहयोगियों के साथ छापा मारा था। उन्होंने बताया कि गिरीश को रंगे हाथ पकड़ने पर जिला पूर्ति अधिकारी ने उसकी दुकान को सील करवा दिया। गांव से लौटते समय करीब 150 लोगों ने सिंह तथा उनकी टीम के सदस्यों को घेर लिया और मारपीट करने लगे। सूत्रों के मुताबिक इसी दौरान हमलावरों ने गाड़ी तोड़ दी, और सिंह पर मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगाने की कोशिश की, लेकिन वह किसी तरह जान बचाकर भागे और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को वारदात की सूचना दी। टिप्पणियां सिंह का आरोप है कि देहगवां गांव के प्रधान मयंक गुप्ता तथा उसके सहयोगियों मनोज, संदीप, देवेश, ब्लाक प्रमुख के पति सुभाष चंद्र गुप्ता समेत करीब 150 लोगों की भीड़ टूट पड़ी। सहसवान के उप जिलाधिकारी राम अरज यादव ने बताया कि जिला पूर्ति अधिकारी की शिकायत पर गिरीश चन्द्र तथा चार अन्य के खिलाफ नामजद तथा 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि गिरीश को रंगे हाथ पकड़ने पर जिला पूर्ति अधिकारी ने उसकी दुकान को सील करवा दिया। गांव से लौटते समय करीब 150 लोगों ने सिंह तथा उनकी टीम के सदस्यों को घेर लिया और मारपीट करने लगे। सूत्रों के मुताबिक इसी दौरान हमलावरों ने गाड़ी तोड़ दी, और सिंह पर मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगाने की कोशिश की, लेकिन वह किसी तरह जान बचाकर भागे और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को वारदात की सूचना दी। टिप्पणियां सिंह का आरोप है कि देहगवां गांव के प्रधान मयंक गुप्ता तथा उसके सहयोगियों मनोज, संदीप, देवेश, ब्लाक प्रमुख के पति सुभाष चंद्र गुप्ता समेत करीब 150 लोगों की भीड़ टूट पड़ी। सहसवान के उप जिलाधिकारी राम अरज यादव ने बताया कि जिला पूर्ति अधिकारी की शिकायत पर गिरीश चन्द्र तथा चार अन्य के खिलाफ नामजद तथा 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक इसी दौरान हमलावरों ने गाड़ी तोड़ दी, और सिंह पर मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगाने की कोशिश की, लेकिन वह किसी तरह जान बचाकर भागे और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को वारदात की सूचना दी। टिप्पणियां सिंह का आरोप है कि देहगवां गांव के प्रधान मयंक गुप्ता तथा उसके सहयोगियों मनोज, संदीप, देवेश, ब्लाक प्रमुख के पति सुभाष चंद्र गुप्ता समेत करीब 150 लोगों की भीड़ टूट पड़ी। सहसवान के उप जिलाधिकारी राम अरज यादव ने बताया कि जिला पूर्ति अधिकारी की शिकायत पर गिरीश चन्द्र तथा चार अन्य के खिलाफ नामजद तथा 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है। सिंह का आरोप है कि देहगवां गांव के प्रधान मयंक गुप्ता तथा उसके सहयोगियों मनोज, संदीप, देवेश, ब्लाक प्रमुख के पति सुभाष चंद्र गुप्ता समेत करीब 150 लोगों की भीड़ टूट पड़ी। सहसवान के उप जिलाधिकारी राम अरज यादव ने बताया कि जिला पूर्ति अधिकारी की शिकायत पर गिरीश चन्द्र तथा चार अन्य के खिलाफ नामजद तथा 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है। सहसवान के उप जिलाधिकारी राम अरज यादव ने बताया कि जिला पूर्ति अधिकारी की शिकायत पर गिरीश चन्द्र तथा चार अन्य के खिलाफ नामजद तथा 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
यह एक सारांश है: यूपी के बदायूं में जिला आपूर्ति अधिकारी नीरज सिंह को मिलावटखोरों के एक गिरोह ने हमला का जिंदा जलाने की कोशिश की है।
9
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: तेलंगाना बोर्ड (Telangana Board) की इंटर परीक्षा का रिजल्ट  रिजल्ट (TS Inter Result 2019) जल्द ही जारी कर दिया जाएगा. बोर्ड के एक अधिकारी  ने NDTV को बताया,'' तेलंगाना बोर्ड इंटरमीडिएट रिजल्ट (TS Intermediate Result 2019) 18 अप्रैल को दोपहर से पहले जारी कर दिया जाएगा.'' अधिकारी ने कहा कि रिजल्ट जारी करने का समय रिजल्ट जारी होने की तिथि से 1 दिन पहले घोषित कर दिया जाएगा. इंटरमीडिएट रिजल्ट (TS Inter Results 2019) बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट results.cgg.gov.in, tsbie.cgg.gov.in और bie.telangana.gov.in पर जारी किया जाएगा. स्टूडेंट्स अपना रिजल्ट इन वेबसाइट्स पर जाकर ही चेक कर सकते हैं. इस साल तेलंगाना बोर्ड (Telangana Board) की इंटर फर्स्ट ईयर की परीक्षाएं 27 फरवरी से 16 मार्च के बीच आयोजित की गई थी. जबकि सेकंड ईयर की परीक्षा 28 फरवरी से 18 मार्च तक हुई थी. इस साल करीब 9 लाख छात्रों ने इंटरमीडिएट की परीक्षा में भाग लिया है.
यह एक सारांश है: तेलंगाना बोर्ड इंटरमीडिएट का रिजल्ट 18 अप्रैल को जारी होगा. रिजल्ट ऑफिशियल वेबसाइट bie.telangana.gov.in पर जारी होगा. परीक्षाएं 27 फरवरी से 16 मार्च के बीच आयोजित की गई थी.
9
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: उन्‍होंने सीएम योगी आदित्‍यनाथ द्वारा गठित एंटी रोमियो दस्‍ते को लेकर कहा कि 'अगर कोई कपल किसी सार्वजनिक स्‍थल पर बैठे हैं, तो अनावश्‍यक रूप से उनसे पूछताछ किए जाने की शिकायत पाए जाने पर अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी'. उन्‍होंने बताया कि 'सरकार ने पाया है कि आलू के उचित मूल्‍य किसानों को नहीं मिलते, इसके लिए तीन लोगों की कमेटी बनाई गई है. सरकार ने बड़ा फैसला यह भी लिया है कि कमेटी इस बात का अध्‍ययन करेगी कि आने वाले समय में हम आलू पैदा करने वाले किसान को किस तरह से राहत दे सकें'. उन्‍होंने आगे बताया कि ''यूपी में बड़े तादाद में पूंजी निवेश को लेकर राज्‍य सरकार ने नई उद्योग नीति बनाने का फैसला किया है. इसके लिए एक मंत्री समूह का गठन किया गया है, जो अलग-अलग राज्‍यों में जाकर वहां की उद्योग नीति की बारीकियों का अध्‍ययन करेगा और प्रदेश में सिंगल विंडो के माध्‍यम से एक अच्‍छी उद्योग नीति का यहां निर्माण कर सकें, इसके लिए यह मंत्री समूह कई प्रदेशों में जाएगा'. उन्‍होंने आगे कहा कि 'राज्‍य में जिस तरह से अपराध का बोलबाला रहा है, उस पर जीरो टोलरेंस की नीति अपनाई जाएगी'. वहीं, मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि 'अवैध खनन पर निगरानी के लिए मंत्रियों के समूह का गठन किया गया है'.टिप्पणियां उल्‍लेखनीय है कि चुनावों के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने घोषणा करते हुए कहा था कि बीजेपी सरकार के गठन के बाद कैबिनेट की पहली बैठक में छोटे और सीमांत किसानों का कर्ज माफ किया जाएगा. उससे पहले बीजेपी के संकल्‍प पत्र (घोषणापत्र) में भी ऐसा ही चुनावी वादा किया गया था. प्रदेश में वर्ष 2013-14 के रबी मौसम से 2015-16 के रबी मौसम तक लगातार दैवीय आपदाओं के कारण फसलों का उत्पादन एवं उत्पादकता अत्यधिक प्रभावित रही है, जिसके कारण प्रदेश के विशेषकर लघु एवं सीमान्त कृषकों की आर्थिक दशा गंभीर हो गई है. उन्‍होंने बताया कि 'सरकार ने पाया है कि आलू के उचित मूल्‍य किसानों को नहीं मिलते, इसके लिए तीन लोगों की कमेटी बनाई गई है. सरकार ने बड़ा फैसला यह भी लिया है कि कमेटी इस बात का अध्‍ययन करेगी कि आने वाले समय में हम आलू पैदा करने वाले किसान को किस तरह से राहत दे सकें'. उन्‍होंने आगे बताया कि ''यूपी में बड़े तादाद में पूंजी निवेश को लेकर राज्‍य सरकार ने नई उद्योग नीति बनाने का फैसला किया है. इसके लिए एक मंत्री समूह का गठन किया गया है, जो अलग-अलग राज्‍यों में जाकर वहां की उद्योग नीति की बारीकियों का अध्‍ययन करेगा और प्रदेश में सिंगल विंडो के माध्‍यम से एक अच्‍छी उद्योग नीति का यहां निर्माण कर सकें, इसके लिए यह मंत्री समूह कई प्रदेशों में जाएगा'. उन्‍होंने आगे कहा कि 'राज्‍य में जिस तरह से अपराध का बोलबाला रहा है, उस पर जीरो टोलरेंस की नीति अपनाई जाएगी'. वहीं, मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि 'अवैध खनन पर निगरानी के लिए मंत्रियों के समूह का गठन किया गया है'.टिप्पणियां उल्‍लेखनीय है कि चुनावों के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने घोषणा करते हुए कहा था कि बीजेपी सरकार के गठन के बाद कैबिनेट की पहली बैठक में छोटे और सीमांत किसानों का कर्ज माफ किया जाएगा. उससे पहले बीजेपी के संकल्‍प पत्र (घोषणापत्र) में भी ऐसा ही चुनावी वादा किया गया था. प्रदेश में वर्ष 2013-14 के रबी मौसम से 2015-16 के रबी मौसम तक लगातार दैवीय आपदाओं के कारण फसलों का उत्पादन एवं उत्पादकता अत्यधिक प्रभावित रही है, जिसके कारण प्रदेश के विशेषकर लघु एवं सीमान्त कृषकों की आर्थिक दशा गंभीर हो गई है. उन्‍होंने आगे बताया कि ''यूपी में बड़े तादाद में पूंजी निवेश को लेकर राज्‍य सरकार ने नई उद्योग नीति बनाने का फैसला किया है. इसके लिए एक मंत्री समूह का गठन किया गया है, जो अलग-अलग राज्‍यों में जाकर वहां की उद्योग नीति की बारीकियों का अध्‍ययन करेगा और प्रदेश में सिंगल विंडो के माध्‍यम से एक अच्‍छी उद्योग नीति का यहां निर्माण कर सकें, इसके लिए यह मंत्री समूह कई प्रदेशों में जाएगा'. उन्‍होंने आगे कहा कि 'राज्‍य में जिस तरह से अपराध का बोलबाला रहा है, उस पर जीरो टोलरेंस की नीति अपनाई जाएगी'. वहीं, मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि 'अवैध खनन पर निगरानी के लिए मंत्रियों के समूह का गठन किया गया है'.टिप्पणियां उल्‍लेखनीय है कि चुनावों के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने घोषणा करते हुए कहा था कि बीजेपी सरकार के गठन के बाद कैबिनेट की पहली बैठक में छोटे और सीमांत किसानों का कर्ज माफ किया जाएगा. उससे पहले बीजेपी के संकल्‍प पत्र (घोषणापत्र) में भी ऐसा ही चुनावी वादा किया गया था. प्रदेश में वर्ष 2013-14 के रबी मौसम से 2015-16 के रबी मौसम तक लगातार दैवीय आपदाओं के कारण फसलों का उत्पादन एवं उत्पादकता अत्यधिक प्रभावित रही है, जिसके कारण प्रदेश के विशेषकर लघु एवं सीमान्त कृषकों की आर्थिक दशा गंभीर हो गई है. उल्‍लेखनीय है कि चुनावों के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने घोषणा करते हुए कहा था कि बीजेपी सरकार के गठन के बाद कैबिनेट की पहली बैठक में छोटे और सीमांत किसानों का कर्ज माफ किया जाएगा. उससे पहले बीजेपी के संकल्‍प पत्र (घोषणापत्र) में भी ऐसा ही चुनावी वादा किया गया था. प्रदेश में वर्ष 2013-14 के रबी मौसम से 2015-16 के रबी मौसम तक लगातार दैवीय आपदाओं के कारण फसलों का उत्पादन एवं उत्पादकता अत्यधिक प्रभावित रही है, जिसके कारण प्रदेश के विशेषकर लघु एवं सीमान्त कृषकों की आर्थिक दशा गंभीर हो गई है. प्रदेश में वर्ष 2013-14 के रबी मौसम से 2015-16 के रबी मौसम तक लगातार दैवीय आपदाओं के कारण फसलों का उत्पादन एवं उत्पादकता अत्यधिक प्रभावित रही है, जिसके कारण प्रदेश के विशेषकर लघु एवं सीमान्त कृषकों की आर्थिक दशा गंभीर हो गई है.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: प्रदेश के दो करोड़ 15 लाख किसानों को मिलेगा कर्जमाफी का फायदा. पीएम मोदी ने भी अपनी चुनावी रैलियों में किया था वादा. किसानों को बिचौलियों से भी मुक्त करने का फैसला लिया गया.
11
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: नोटबंदी से जहां हर कोई परेशान है वहीं हरियाणा के कुराड़ गांव में लोग एक दूसरे की मदद कर नोटबंदी के इस दौर में परेशानियों का मुकाबला कर रहे हैं और प्रधानमंत्री के फैसले को सही बता रहे हैं. दिल्ली से महज़ 55 किलोमीटर दूर सोनीपत के कुराड़ गांव में दिलबाग खेत की जुताई में जुटा है. नोटबंदी की वजह से कुछ दिन देरी हो गई लेकिन दिलबाग को इससे कोई परेशानी नहीं. दिलबाग का कहना है कि उसकी जुताई 3 दिन लेट हो रही है कि लेकिन इससे ज्यादा परेशानी नहीं है, वो प्रधानमंत्री के फैसले के साथ हैं.टिप्पणियां इसी गांव के रतन सिंह बुआई की तैयारी कर रहे हैं. बीज में मिलाई गई खाद उधार लेकर आये हैं, लेकिन कहते हैं बेहतर कल के लिये थोड़े दिन की परेशानी सहने को तैयार हैं. हांलाकि खाद न मिलने से यहां कई किसान परेशान ज़रूर हैं. गांव के खेतों में सब्जियां लहलहा रही हैं और घरों में अनाज की कमी नहीं. इसलिए नोटबंदी का यहां इन चीजों पर असर नहीं दिख रहा. गांव के संदीप का कहना है कि सब्जियां एक दूसरे को लोग फ्री में दे देते हैं. अन्नी ने हाल ही में करीब 40 हजार का धान बेचा है. मंडी में नये नोट न होने से आढ़ती ने नकद पैसे नहीं दिए, लेकिन कोई अफ़सोस नहीं. हालात ये हैं कि गांव में कोई बैंक नहीं है. एक डाकखाना है वो भी बंद मिला. फिर भी गांव के लोग नोटबंदी के इस दौर में एक दूसरे की मदद कर रहे हैं. दिल्ली से महज़ 55 किलोमीटर दूर सोनीपत के कुराड़ गांव में दिलबाग खेत की जुताई में जुटा है. नोटबंदी की वजह से कुछ दिन देरी हो गई लेकिन दिलबाग को इससे कोई परेशानी नहीं. दिलबाग का कहना है कि उसकी जुताई 3 दिन लेट हो रही है कि लेकिन इससे ज्यादा परेशानी नहीं है, वो प्रधानमंत्री के फैसले के साथ हैं.टिप्पणियां इसी गांव के रतन सिंह बुआई की तैयारी कर रहे हैं. बीज में मिलाई गई खाद उधार लेकर आये हैं, लेकिन कहते हैं बेहतर कल के लिये थोड़े दिन की परेशानी सहने को तैयार हैं. हांलाकि खाद न मिलने से यहां कई किसान परेशान ज़रूर हैं. गांव के खेतों में सब्जियां लहलहा रही हैं और घरों में अनाज की कमी नहीं. इसलिए नोटबंदी का यहां इन चीजों पर असर नहीं दिख रहा. गांव के संदीप का कहना है कि सब्जियां एक दूसरे को लोग फ्री में दे देते हैं. अन्नी ने हाल ही में करीब 40 हजार का धान बेचा है. मंडी में नये नोट न होने से आढ़ती ने नकद पैसे नहीं दिए, लेकिन कोई अफ़सोस नहीं. हालात ये हैं कि गांव में कोई बैंक नहीं है. एक डाकखाना है वो भी बंद मिला. फिर भी गांव के लोग नोटबंदी के इस दौर में एक दूसरे की मदद कर रहे हैं. इसी गांव के रतन सिंह बुआई की तैयारी कर रहे हैं. बीज में मिलाई गई खाद उधार लेकर आये हैं, लेकिन कहते हैं बेहतर कल के लिये थोड़े दिन की परेशानी सहने को तैयार हैं. हांलाकि खाद न मिलने से यहां कई किसान परेशान ज़रूर हैं. गांव के खेतों में सब्जियां लहलहा रही हैं और घरों में अनाज की कमी नहीं. इसलिए नोटबंदी का यहां इन चीजों पर असर नहीं दिख रहा. गांव के संदीप का कहना है कि सब्जियां एक दूसरे को लोग फ्री में दे देते हैं. अन्नी ने हाल ही में करीब 40 हजार का धान बेचा है. मंडी में नये नोट न होने से आढ़ती ने नकद पैसे नहीं दिए, लेकिन कोई अफ़सोस नहीं. हालात ये हैं कि गांव में कोई बैंक नहीं है. एक डाकखाना है वो भी बंद मिला. फिर भी गांव के लोग नोटबंदी के इस दौर में एक दूसरे की मदद कर रहे हैं. गांव के खेतों में सब्जियां लहलहा रही हैं और घरों में अनाज की कमी नहीं. इसलिए नोटबंदी का यहां इन चीजों पर असर नहीं दिख रहा. गांव के संदीप का कहना है कि सब्जियां एक दूसरे को लोग फ्री में दे देते हैं. अन्नी ने हाल ही में करीब 40 हजार का धान बेचा है. मंडी में नये नोट न होने से आढ़ती ने नकद पैसे नहीं दिए, लेकिन कोई अफ़सोस नहीं. हालात ये हैं कि गांव में कोई बैंक नहीं है. एक डाकखाना है वो भी बंद मिला. फिर भी गांव के लोग नोटबंदी के इस दौर में एक दूसरे की मदद कर रहे हैं.
यह एक सारांश है: लोग बेहतर कल के लिये थोड़े दिन की परेशानी सहने को तैयार हैं गांव के लोग सब्जियां एक दूसरे को लोग फ्री में दे देते हैं हालात ये हैं कि गांव में कोई बैंक नहीं है, एक डाकखाना है वो भी बंद
16
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी ने सोमवार को कहा कि सीरिया संकट का कोई सैन्य समाधान नहीं है, लेकिन रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल करने से सीरिया को रोकने के लिए उन्होंने "अविश्वसनीय रूप से छोटे और सीमित" हमले का समर्थन किया। दूसरी तरफ सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद ने सीरिया के खिलाफ किसी भी हमले के खिलाफ जवाबी हमले की चेतावनी दी है। दूसरी तरफ संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त नवी पिल्लै ने जहां सीरिया संकट के समाधान के लिए तत्काल वार्ता का आह्वान किया वहीं चीन ने भी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परषिद की रूपरेखा के अंतर्गत सीरियाई संकट का समाधान निकाले जाने पर जोर दिया। सीरिया की सीमा के सर्वाधिक हिस्से से लगे इराक ने भी सीरिया पर हमले में अपना इस्तेमाल होने की संभावनाओं से इनकार किया तथा सीरिया संकट का राजनीतिक समाधान ढूंढने के लिए कहा। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार ब्रिटिश विदेश मंत्री विलियम हेग के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में केरी ने कहा, "मैं स्पष्ट कर दूं। अमेरिका, राष्ट्रपति ओबामा और मेरा और अन्य का पूर्ण रूप से मानना है कि सीरिया संकट का अंत किसी राजनीतिक समाधान से ही संभव है। उसका कोई सैन्य समाधान नहीं है। इस बारे में हमें कोई भ्रम नहीं है।" केरी ने हालांकि सीरिया पर हमले का मजबूती से समर्थन किया। उन्होंने कहा, "एक बहुत सीमित, एक बिल्कुल लक्षित और सीमित अवधि का हमला सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद की रासायनिक हथियारों के उपयोग की क्षमता को नष्ट करेगा।" बहरहाल, हेग ने इस बात को स्पष्ट किया कि संसद के फैसले के अनुसार ब्रिटिश सरकार सीरिया के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में हिस्सा नहीं लेगी। इस बीच, असद ने सीबीएस को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि यदि अमेरिका, सीरिया पर सैन्य हमला करता है तो अमेरिका को हर परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए। इस साक्षात्कार का प्रसारण सोमवार को हुआ। असद ने कहा, "अगर आप आतंकवादियों के खिलाफ बुद्धिमत्ता का इस्तेमाल नहीं करते हैं तो आपको इसका परिणाम भुगतान करना पड़ेगा।" सीरिया और रूस के विदेश मंत्रियों ने सोमवार को चेतावनीभरे लहजे में कहा कि सीरिया के खिलाफ सैन्य कार्रवाई आतंकवादियों को उकसा सकती है। मास्को में बातचीत के बाद रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और उनके सीरियाई सहयोगी वलीद अल-मौलेम ने ये बातें कहीं। दूसरी तरफ संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार उच्चायुक्त पिल्लै ने कहा, "संयुक्त राष्ट्र के साथ मिलकर देशों को संघर्षरत पक्षों को वार्ता की मेज पर लाने और खून-खराबा बंद करने के लिए एक रास्ता निकालना चाहिए।" सोमवार को जेनेवा में शुरू मानव अधिकार परिषद के 24वें सत्र में पिल्लै ने यह आह्वान किया। पिल्लै ने कहा कि सीरिया में संघर्षों में 100,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और 20 लाख लोग शरणार्थी हो चुके हैं। इसके अलावा करीब 40 लाख लोग बेघर भी हुए हैं। 24वें सत्र के दौरान 47 सदस्यीय मानवाधिकार परिषद सीरिया पर जांच आयोग की ताजा रिपोर्ट पर सुनवाई करेगी। वहीं सीरिया के पड़ोसी मुल्क इराक के विदेश मंत्री होशयार जेबारी ने रविवार को ईरान के अपने समकक्ष मोहम्मद-जावेद जारीफ के साथ एक संयुक्त प्रेस वार्ता में कहा, "इराक, सीरिया के खिलाफ किसी भी हमले में लांच पैड नहीं बनेगा और वह इस संबंध में कोई सुविधा उपलब्ध नहीं कराएगा और हम सीरिया संकट के शांतिपूर्ण समाधान के लिए कुछ देशों के साथ काम कर रहे हैं।"टिप्पणियां उनका यह बयान इराक और ईरान के बीच रविवार को क्षेत्रीय स्थिति और सीरिया संकट से संबंधित गतिविधि पर आयोजित की गई बैठक के बाद आया। सीरिया के गृहयुद्ध में अब तक एक लाख लोगों की मौत हो चुकी है, तथा सीरिया छोड़कर पड़ोसी देशों में गए सीरियाई शरणार्थियों की संख्या 20 लाख तक पहुंच गई है। सीरिया के अंदर ही कम से कम 40 लाख लोग विस्थापित भी हुए हैं। दूसरी तरफ संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त नवी पिल्लै ने जहां सीरिया संकट के समाधान के लिए तत्काल वार्ता का आह्वान किया वहीं चीन ने भी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परषिद की रूपरेखा के अंतर्गत सीरियाई संकट का समाधान निकाले जाने पर जोर दिया। सीरिया की सीमा के सर्वाधिक हिस्से से लगे इराक ने भी सीरिया पर हमले में अपना इस्तेमाल होने की संभावनाओं से इनकार किया तथा सीरिया संकट का राजनीतिक समाधान ढूंढने के लिए कहा। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार ब्रिटिश विदेश मंत्री विलियम हेग के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में केरी ने कहा, "मैं स्पष्ट कर दूं। अमेरिका, राष्ट्रपति ओबामा और मेरा और अन्य का पूर्ण रूप से मानना है कि सीरिया संकट का अंत किसी राजनीतिक समाधान से ही संभव है। उसका कोई सैन्य समाधान नहीं है। इस बारे में हमें कोई भ्रम नहीं है।" केरी ने हालांकि सीरिया पर हमले का मजबूती से समर्थन किया। उन्होंने कहा, "एक बहुत सीमित, एक बिल्कुल लक्षित और सीमित अवधि का हमला सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद की रासायनिक हथियारों के उपयोग की क्षमता को नष्ट करेगा।" बहरहाल, हेग ने इस बात को स्पष्ट किया कि संसद के फैसले के अनुसार ब्रिटिश सरकार सीरिया के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में हिस्सा नहीं लेगी। इस बीच, असद ने सीबीएस को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि यदि अमेरिका, सीरिया पर सैन्य हमला करता है तो अमेरिका को हर परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए। इस साक्षात्कार का प्रसारण सोमवार को हुआ। असद ने कहा, "अगर आप आतंकवादियों के खिलाफ बुद्धिमत्ता का इस्तेमाल नहीं करते हैं तो आपको इसका परिणाम भुगतान करना पड़ेगा।" सीरिया और रूस के विदेश मंत्रियों ने सोमवार को चेतावनीभरे लहजे में कहा कि सीरिया के खिलाफ सैन्य कार्रवाई आतंकवादियों को उकसा सकती है। मास्को में बातचीत के बाद रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और उनके सीरियाई सहयोगी वलीद अल-मौलेम ने ये बातें कहीं। दूसरी तरफ संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार उच्चायुक्त पिल्लै ने कहा, "संयुक्त राष्ट्र के साथ मिलकर देशों को संघर्षरत पक्षों को वार्ता की मेज पर लाने और खून-खराबा बंद करने के लिए एक रास्ता निकालना चाहिए।" सोमवार को जेनेवा में शुरू मानव अधिकार परिषद के 24वें सत्र में पिल्लै ने यह आह्वान किया। पिल्लै ने कहा कि सीरिया में संघर्षों में 100,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और 20 लाख लोग शरणार्थी हो चुके हैं। इसके अलावा करीब 40 लाख लोग बेघर भी हुए हैं। 24वें सत्र के दौरान 47 सदस्यीय मानवाधिकार परिषद सीरिया पर जांच आयोग की ताजा रिपोर्ट पर सुनवाई करेगी। वहीं सीरिया के पड़ोसी मुल्क इराक के विदेश मंत्री होशयार जेबारी ने रविवार को ईरान के अपने समकक्ष मोहम्मद-जावेद जारीफ के साथ एक संयुक्त प्रेस वार्ता में कहा, "इराक, सीरिया के खिलाफ किसी भी हमले में लांच पैड नहीं बनेगा और वह इस संबंध में कोई सुविधा उपलब्ध नहीं कराएगा और हम सीरिया संकट के शांतिपूर्ण समाधान के लिए कुछ देशों के साथ काम कर रहे हैं।"टिप्पणियां उनका यह बयान इराक और ईरान के बीच रविवार को क्षेत्रीय स्थिति और सीरिया संकट से संबंधित गतिविधि पर आयोजित की गई बैठक के बाद आया। सीरिया के गृहयुद्ध में अब तक एक लाख लोगों की मौत हो चुकी है, तथा सीरिया छोड़कर पड़ोसी देशों में गए सीरियाई शरणार्थियों की संख्या 20 लाख तक पहुंच गई है। सीरिया के अंदर ही कम से कम 40 लाख लोग विस्थापित भी हुए हैं। सीरिया की सीमा के सर्वाधिक हिस्से से लगे इराक ने भी सीरिया पर हमले में अपना इस्तेमाल होने की संभावनाओं से इनकार किया तथा सीरिया संकट का राजनीतिक समाधान ढूंढने के लिए कहा। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार ब्रिटिश विदेश मंत्री विलियम हेग के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में केरी ने कहा, "मैं स्पष्ट कर दूं। अमेरिका, राष्ट्रपति ओबामा और मेरा और अन्य का पूर्ण रूप से मानना है कि सीरिया संकट का अंत किसी राजनीतिक समाधान से ही संभव है। उसका कोई सैन्य समाधान नहीं है। इस बारे में हमें कोई भ्रम नहीं है।" केरी ने हालांकि सीरिया पर हमले का मजबूती से समर्थन किया। उन्होंने कहा, "एक बहुत सीमित, एक बिल्कुल लक्षित और सीमित अवधि का हमला सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद की रासायनिक हथियारों के उपयोग की क्षमता को नष्ट करेगा।" बहरहाल, हेग ने इस बात को स्पष्ट किया कि संसद के फैसले के अनुसार ब्रिटिश सरकार सीरिया के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में हिस्सा नहीं लेगी। इस बीच, असद ने सीबीएस को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि यदि अमेरिका, सीरिया पर सैन्य हमला करता है तो अमेरिका को हर परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए। इस साक्षात्कार का प्रसारण सोमवार को हुआ। असद ने कहा, "अगर आप आतंकवादियों के खिलाफ बुद्धिमत्ता का इस्तेमाल नहीं करते हैं तो आपको इसका परिणाम भुगतान करना पड़ेगा।" सीरिया और रूस के विदेश मंत्रियों ने सोमवार को चेतावनीभरे लहजे में कहा कि सीरिया के खिलाफ सैन्य कार्रवाई आतंकवादियों को उकसा सकती है। मास्को में बातचीत के बाद रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और उनके सीरियाई सहयोगी वलीद अल-मौलेम ने ये बातें कहीं। दूसरी तरफ संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार उच्चायुक्त पिल्लै ने कहा, "संयुक्त राष्ट्र के साथ मिलकर देशों को संघर्षरत पक्षों को वार्ता की मेज पर लाने और खून-खराबा बंद करने के लिए एक रास्ता निकालना चाहिए।" सोमवार को जेनेवा में शुरू मानव अधिकार परिषद के 24वें सत्र में पिल्लै ने यह आह्वान किया। पिल्लै ने कहा कि सीरिया में संघर्षों में 100,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और 20 लाख लोग शरणार्थी हो चुके हैं। इसके अलावा करीब 40 लाख लोग बेघर भी हुए हैं। 24वें सत्र के दौरान 47 सदस्यीय मानवाधिकार परिषद सीरिया पर जांच आयोग की ताजा रिपोर्ट पर सुनवाई करेगी। वहीं सीरिया के पड़ोसी मुल्क इराक के विदेश मंत्री होशयार जेबारी ने रविवार को ईरान के अपने समकक्ष मोहम्मद-जावेद जारीफ के साथ एक संयुक्त प्रेस वार्ता में कहा, "इराक, सीरिया के खिलाफ किसी भी हमले में लांच पैड नहीं बनेगा और वह इस संबंध में कोई सुविधा उपलब्ध नहीं कराएगा और हम सीरिया संकट के शांतिपूर्ण समाधान के लिए कुछ देशों के साथ काम कर रहे हैं।"टिप्पणियां उनका यह बयान इराक और ईरान के बीच रविवार को क्षेत्रीय स्थिति और सीरिया संकट से संबंधित गतिविधि पर आयोजित की गई बैठक के बाद आया। सीरिया के गृहयुद्ध में अब तक एक लाख लोगों की मौत हो चुकी है, तथा सीरिया छोड़कर पड़ोसी देशों में गए सीरियाई शरणार्थियों की संख्या 20 लाख तक पहुंच गई है। सीरिया के अंदर ही कम से कम 40 लाख लोग विस्थापित भी हुए हैं। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार ब्रिटिश विदेश मंत्री विलियम हेग के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में केरी ने कहा, "मैं स्पष्ट कर दूं। अमेरिका, राष्ट्रपति ओबामा और मेरा और अन्य का पूर्ण रूप से मानना है कि सीरिया संकट का अंत किसी राजनीतिक समाधान से ही संभव है। उसका कोई सैन्य समाधान नहीं है। इस बारे में हमें कोई भ्रम नहीं है।" केरी ने हालांकि सीरिया पर हमले का मजबूती से समर्थन किया। उन्होंने कहा, "एक बहुत सीमित, एक बिल्कुल लक्षित और सीमित अवधि का हमला सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद की रासायनिक हथियारों के उपयोग की क्षमता को नष्ट करेगा।" बहरहाल, हेग ने इस बात को स्पष्ट किया कि संसद के फैसले के अनुसार ब्रिटिश सरकार सीरिया के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में हिस्सा नहीं लेगी। इस बीच, असद ने सीबीएस को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि यदि अमेरिका, सीरिया पर सैन्य हमला करता है तो अमेरिका को हर परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए। इस साक्षात्कार का प्रसारण सोमवार को हुआ। असद ने कहा, "अगर आप आतंकवादियों के खिलाफ बुद्धिमत्ता का इस्तेमाल नहीं करते हैं तो आपको इसका परिणाम भुगतान करना पड़ेगा।" सीरिया और रूस के विदेश मंत्रियों ने सोमवार को चेतावनीभरे लहजे में कहा कि सीरिया के खिलाफ सैन्य कार्रवाई आतंकवादियों को उकसा सकती है। मास्को में बातचीत के बाद रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और उनके सीरियाई सहयोगी वलीद अल-मौलेम ने ये बातें कहीं। दूसरी तरफ संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार उच्चायुक्त पिल्लै ने कहा, "संयुक्त राष्ट्र के साथ मिलकर देशों को संघर्षरत पक्षों को वार्ता की मेज पर लाने और खून-खराबा बंद करने के लिए एक रास्ता निकालना चाहिए।" सोमवार को जेनेवा में शुरू मानव अधिकार परिषद के 24वें सत्र में पिल्लै ने यह आह्वान किया। पिल्लै ने कहा कि सीरिया में संघर्षों में 100,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और 20 लाख लोग शरणार्थी हो चुके हैं। इसके अलावा करीब 40 लाख लोग बेघर भी हुए हैं। 24वें सत्र के दौरान 47 सदस्यीय मानवाधिकार परिषद सीरिया पर जांच आयोग की ताजा रिपोर्ट पर सुनवाई करेगी। वहीं सीरिया के पड़ोसी मुल्क इराक के विदेश मंत्री होशयार जेबारी ने रविवार को ईरान के अपने समकक्ष मोहम्मद-जावेद जारीफ के साथ एक संयुक्त प्रेस वार्ता में कहा, "इराक, सीरिया के खिलाफ किसी भी हमले में लांच पैड नहीं बनेगा और वह इस संबंध में कोई सुविधा उपलब्ध नहीं कराएगा और हम सीरिया संकट के शांतिपूर्ण समाधान के लिए कुछ देशों के साथ काम कर रहे हैं।"टिप्पणियां उनका यह बयान इराक और ईरान के बीच रविवार को क्षेत्रीय स्थिति और सीरिया संकट से संबंधित गतिविधि पर आयोजित की गई बैठक के बाद आया। सीरिया के गृहयुद्ध में अब तक एक लाख लोगों की मौत हो चुकी है, तथा सीरिया छोड़कर पड़ोसी देशों में गए सीरियाई शरणार्थियों की संख्या 20 लाख तक पहुंच गई है। सीरिया के अंदर ही कम से कम 40 लाख लोग विस्थापित भी हुए हैं। केरी ने हालांकि सीरिया पर हमले का मजबूती से समर्थन किया। उन्होंने कहा, "एक बहुत सीमित, एक बिल्कुल लक्षित और सीमित अवधि का हमला सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद की रासायनिक हथियारों के उपयोग की क्षमता को नष्ट करेगा।" बहरहाल, हेग ने इस बात को स्पष्ट किया कि संसद के फैसले के अनुसार ब्रिटिश सरकार सीरिया के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में हिस्सा नहीं लेगी। इस बीच, असद ने सीबीएस को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि यदि अमेरिका, सीरिया पर सैन्य हमला करता है तो अमेरिका को हर परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए। इस साक्षात्कार का प्रसारण सोमवार को हुआ। असद ने कहा, "अगर आप आतंकवादियों के खिलाफ बुद्धिमत्ता का इस्तेमाल नहीं करते हैं तो आपको इसका परिणाम भुगतान करना पड़ेगा।" सीरिया और रूस के विदेश मंत्रियों ने सोमवार को चेतावनीभरे लहजे में कहा कि सीरिया के खिलाफ सैन्य कार्रवाई आतंकवादियों को उकसा सकती है। मास्को में बातचीत के बाद रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और उनके सीरियाई सहयोगी वलीद अल-मौलेम ने ये बातें कहीं। दूसरी तरफ संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार उच्चायुक्त पिल्लै ने कहा, "संयुक्त राष्ट्र के साथ मिलकर देशों को संघर्षरत पक्षों को वार्ता की मेज पर लाने और खून-खराबा बंद करने के लिए एक रास्ता निकालना चाहिए।" सोमवार को जेनेवा में शुरू मानव अधिकार परिषद के 24वें सत्र में पिल्लै ने यह आह्वान किया। पिल्लै ने कहा कि सीरिया में संघर्षों में 100,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और 20 लाख लोग शरणार्थी हो चुके हैं। इसके अलावा करीब 40 लाख लोग बेघर भी हुए हैं। 24वें सत्र के दौरान 47 सदस्यीय मानवाधिकार परिषद सीरिया पर जांच आयोग की ताजा रिपोर्ट पर सुनवाई करेगी। वहीं सीरिया के पड़ोसी मुल्क इराक के विदेश मंत्री होशयार जेबारी ने रविवार को ईरान के अपने समकक्ष मोहम्मद-जावेद जारीफ के साथ एक संयुक्त प्रेस वार्ता में कहा, "इराक, सीरिया के खिलाफ किसी भी हमले में लांच पैड नहीं बनेगा और वह इस संबंध में कोई सुविधा उपलब्ध नहीं कराएगा और हम सीरिया संकट के शांतिपूर्ण समाधान के लिए कुछ देशों के साथ काम कर रहे हैं।"टिप्पणियां उनका यह बयान इराक और ईरान के बीच रविवार को क्षेत्रीय स्थिति और सीरिया संकट से संबंधित गतिविधि पर आयोजित की गई बैठक के बाद आया। सीरिया के गृहयुद्ध में अब तक एक लाख लोगों की मौत हो चुकी है, तथा सीरिया छोड़कर पड़ोसी देशों में गए सीरियाई शरणार्थियों की संख्या 20 लाख तक पहुंच गई है। सीरिया के अंदर ही कम से कम 40 लाख लोग विस्थापित भी हुए हैं। बहरहाल, हेग ने इस बात को स्पष्ट किया कि संसद के फैसले के अनुसार ब्रिटिश सरकार सीरिया के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में हिस्सा नहीं लेगी। इस बीच, असद ने सीबीएस को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि यदि अमेरिका, सीरिया पर सैन्य हमला करता है तो अमेरिका को हर परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए। इस साक्षात्कार का प्रसारण सोमवार को हुआ। असद ने कहा, "अगर आप आतंकवादियों के खिलाफ बुद्धिमत्ता का इस्तेमाल नहीं करते हैं तो आपको इसका परिणाम भुगतान करना पड़ेगा।" सीरिया और रूस के विदेश मंत्रियों ने सोमवार को चेतावनीभरे लहजे में कहा कि सीरिया के खिलाफ सैन्य कार्रवाई आतंकवादियों को उकसा सकती है। मास्को में बातचीत के बाद रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और उनके सीरियाई सहयोगी वलीद अल-मौलेम ने ये बातें कहीं। दूसरी तरफ संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार उच्चायुक्त पिल्लै ने कहा, "संयुक्त राष्ट्र के साथ मिलकर देशों को संघर्षरत पक्षों को वार्ता की मेज पर लाने और खून-खराबा बंद करने के लिए एक रास्ता निकालना चाहिए।" सोमवार को जेनेवा में शुरू मानव अधिकार परिषद के 24वें सत्र में पिल्लै ने यह आह्वान किया। पिल्लै ने कहा कि सीरिया में संघर्षों में 100,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और 20 लाख लोग शरणार्थी हो चुके हैं। इसके अलावा करीब 40 लाख लोग बेघर भी हुए हैं। 24वें सत्र के दौरान 47 सदस्यीय मानवाधिकार परिषद सीरिया पर जांच आयोग की ताजा रिपोर्ट पर सुनवाई करेगी। वहीं सीरिया के पड़ोसी मुल्क इराक के विदेश मंत्री होशयार जेबारी ने रविवार को ईरान के अपने समकक्ष मोहम्मद-जावेद जारीफ के साथ एक संयुक्त प्रेस वार्ता में कहा, "इराक, सीरिया के खिलाफ किसी भी हमले में लांच पैड नहीं बनेगा और वह इस संबंध में कोई सुविधा उपलब्ध नहीं कराएगा और हम सीरिया संकट के शांतिपूर्ण समाधान के लिए कुछ देशों के साथ काम कर रहे हैं।"टिप्पणियां उनका यह बयान इराक और ईरान के बीच रविवार को क्षेत्रीय स्थिति और सीरिया संकट से संबंधित गतिविधि पर आयोजित की गई बैठक के बाद आया। सीरिया के गृहयुद्ध में अब तक एक लाख लोगों की मौत हो चुकी है, तथा सीरिया छोड़कर पड़ोसी देशों में गए सीरियाई शरणार्थियों की संख्या 20 लाख तक पहुंच गई है। सीरिया के अंदर ही कम से कम 40 लाख लोग विस्थापित भी हुए हैं। इस बीच, असद ने सीबीएस को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि यदि अमेरिका, सीरिया पर सैन्य हमला करता है तो अमेरिका को हर परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए। इस साक्षात्कार का प्रसारण सोमवार को हुआ। असद ने कहा, "अगर आप आतंकवादियों के खिलाफ बुद्धिमत्ता का इस्तेमाल नहीं करते हैं तो आपको इसका परिणाम भुगतान करना पड़ेगा।" सीरिया और रूस के विदेश मंत्रियों ने सोमवार को चेतावनीभरे लहजे में कहा कि सीरिया के खिलाफ सैन्य कार्रवाई आतंकवादियों को उकसा सकती है। मास्को में बातचीत के बाद रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और उनके सीरियाई सहयोगी वलीद अल-मौलेम ने ये बातें कहीं। दूसरी तरफ संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार उच्चायुक्त पिल्लै ने कहा, "संयुक्त राष्ट्र के साथ मिलकर देशों को संघर्षरत पक्षों को वार्ता की मेज पर लाने और खून-खराबा बंद करने के लिए एक रास्ता निकालना चाहिए।" सोमवार को जेनेवा में शुरू मानव अधिकार परिषद के 24वें सत्र में पिल्लै ने यह आह्वान किया। पिल्लै ने कहा कि सीरिया में संघर्षों में 100,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और 20 लाख लोग शरणार्थी हो चुके हैं। इसके अलावा करीब 40 लाख लोग बेघर भी हुए हैं। 24वें सत्र के दौरान 47 सदस्यीय मानवाधिकार परिषद सीरिया पर जांच आयोग की ताजा रिपोर्ट पर सुनवाई करेगी। वहीं सीरिया के पड़ोसी मुल्क इराक के विदेश मंत्री होशयार जेबारी ने रविवार को ईरान के अपने समकक्ष मोहम्मद-जावेद जारीफ के साथ एक संयुक्त प्रेस वार्ता में कहा, "इराक, सीरिया के खिलाफ किसी भी हमले में लांच पैड नहीं बनेगा और वह इस संबंध में कोई सुविधा उपलब्ध नहीं कराएगा और हम सीरिया संकट के शांतिपूर्ण समाधान के लिए कुछ देशों के साथ काम कर रहे हैं।"टिप्पणियां उनका यह बयान इराक और ईरान के बीच रविवार को क्षेत्रीय स्थिति और सीरिया संकट से संबंधित गतिविधि पर आयोजित की गई बैठक के बाद आया। सीरिया के गृहयुद्ध में अब तक एक लाख लोगों की मौत हो चुकी है, तथा सीरिया छोड़कर पड़ोसी देशों में गए सीरियाई शरणार्थियों की संख्या 20 लाख तक पहुंच गई है। सीरिया के अंदर ही कम से कम 40 लाख लोग विस्थापित भी हुए हैं। असद ने कहा, "अगर आप आतंकवादियों के खिलाफ बुद्धिमत्ता का इस्तेमाल नहीं करते हैं तो आपको इसका परिणाम भुगतान करना पड़ेगा।" सीरिया और रूस के विदेश मंत्रियों ने सोमवार को चेतावनीभरे लहजे में कहा कि सीरिया के खिलाफ सैन्य कार्रवाई आतंकवादियों को उकसा सकती है। मास्को में बातचीत के बाद रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और उनके सीरियाई सहयोगी वलीद अल-मौलेम ने ये बातें कहीं। दूसरी तरफ संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार उच्चायुक्त पिल्लै ने कहा, "संयुक्त राष्ट्र के साथ मिलकर देशों को संघर्षरत पक्षों को वार्ता की मेज पर लाने और खून-खराबा बंद करने के लिए एक रास्ता निकालना चाहिए।" सोमवार को जेनेवा में शुरू मानव अधिकार परिषद के 24वें सत्र में पिल्लै ने यह आह्वान किया। पिल्लै ने कहा कि सीरिया में संघर्षों में 100,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और 20 लाख लोग शरणार्थी हो चुके हैं। इसके अलावा करीब 40 लाख लोग बेघर भी हुए हैं। 24वें सत्र के दौरान 47 सदस्यीय मानवाधिकार परिषद सीरिया पर जांच आयोग की ताजा रिपोर्ट पर सुनवाई करेगी। वहीं सीरिया के पड़ोसी मुल्क इराक के विदेश मंत्री होशयार जेबारी ने रविवार को ईरान के अपने समकक्ष मोहम्मद-जावेद जारीफ के साथ एक संयुक्त प्रेस वार्ता में कहा, "इराक, सीरिया के खिलाफ किसी भी हमले में लांच पैड नहीं बनेगा और वह इस संबंध में कोई सुविधा उपलब्ध नहीं कराएगा और हम सीरिया संकट के शांतिपूर्ण समाधान के लिए कुछ देशों के साथ काम कर रहे हैं।"टिप्पणियां उनका यह बयान इराक और ईरान के बीच रविवार को क्षेत्रीय स्थिति और सीरिया संकट से संबंधित गतिविधि पर आयोजित की गई बैठक के बाद आया। सीरिया के गृहयुद्ध में अब तक एक लाख लोगों की मौत हो चुकी है, तथा सीरिया छोड़कर पड़ोसी देशों में गए सीरियाई शरणार्थियों की संख्या 20 लाख तक पहुंच गई है। सीरिया के अंदर ही कम से कम 40 लाख लोग विस्थापित भी हुए हैं। सीरिया और रूस के विदेश मंत्रियों ने सोमवार को चेतावनीभरे लहजे में कहा कि सीरिया के खिलाफ सैन्य कार्रवाई आतंकवादियों को उकसा सकती है। मास्को में बातचीत के बाद रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और उनके सीरियाई सहयोगी वलीद अल-मौलेम ने ये बातें कहीं। दूसरी तरफ संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार उच्चायुक्त पिल्लै ने कहा, "संयुक्त राष्ट्र के साथ मिलकर देशों को संघर्षरत पक्षों को वार्ता की मेज पर लाने और खून-खराबा बंद करने के लिए एक रास्ता निकालना चाहिए।" सोमवार को जेनेवा में शुरू मानव अधिकार परिषद के 24वें सत्र में पिल्लै ने यह आह्वान किया। पिल्लै ने कहा कि सीरिया में संघर्षों में 100,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और 20 लाख लोग शरणार्थी हो चुके हैं। इसके अलावा करीब 40 लाख लोग बेघर भी हुए हैं। 24वें सत्र के दौरान 47 सदस्यीय मानवाधिकार परिषद सीरिया पर जांच आयोग की ताजा रिपोर्ट पर सुनवाई करेगी। वहीं सीरिया के पड़ोसी मुल्क इराक के विदेश मंत्री होशयार जेबारी ने रविवार को ईरान के अपने समकक्ष मोहम्मद-जावेद जारीफ के साथ एक संयुक्त प्रेस वार्ता में कहा, "इराक, सीरिया के खिलाफ किसी भी हमले में लांच पैड नहीं बनेगा और वह इस संबंध में कोई सुविधा उपलब्ध नहीं कराएगा और हम सीरिया संकट के शांतिपूर्ण समाधान के लिए कुछ देशों के साथ काम कर रहे हैं।"टिप्पणियां उनका यह बयान इराक और ईरान के बीच रविवार को क्षेत्रीय स्थिति और सीरिया संकट से संबंधित गतिविधि पर आयोजित की गई बैठक के बाद आया। सीरिया के गृहयुद्ध में अब तक एक लाख लोगों की मौत हो चुकी है, तथा सीरिया छोड़कर पड़ोसी देशों में गए सीरियाई शरणार्थियों की संख्या 20 लाख तक पहुंच गई है। सीरिया के अंदर ही कम से कम 40 लाख लोग विस्थापित भी हुए हैं। मास्को में बातचीत के बाद रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और उनके सीरियाई सहयोगी वलीद अल-मौलेम ने ये बातें कहीं। दूसरी तरफ संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार उच्चायुक्त पिल्लै ने कहा, "संयुक्त राष्ट्र के साथ मिलकर देशों को संघर्षरत पक्षों को वार्ता की मेज पर लाने और खून-खराबा बंद करने के लिए एक रास्ता निकालना चाहिए।" सोमवार को जेनेवा में शुरू मानव अधिकार परिषद के 24वें सत्र में पिल्लै ने यह आह्वान किया। पिल्लै ने कहा कि सीरिया में संघर्षों में 100,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और 20 लाख लोग शरणार्थी हो चुके हैं। इसके अलावा करीब 40 लाख लोग बेघर भी हुए हैं। 24वें सत्र के दौरान 47 सदस्यीय मानवाधिकार परिषद सीरिया पर जांच आयोग की ताजा रिपोर्ट पर सुनवाई करेगी। वहीं सीरिया के पड़ोसी मुल्क इराक के विदेश मंत्री होशयार जेबारी ने रविवार को ईरान के अपने समकक्ष मोहम्मद-जावेद जारीफ के साथ एक संयुक्त प्रेस वार्ता में कहा, "इराक, सीरिया के खिलाफ किसी भी हमले में लांच पैड नहीं बनेगा और वह इस संबंध में कोई सुविधा उपलब्ध नहीं कराएगा और हम सीरिया संकट के शांतिपूर्ण समाधान के लिए कुछ देशों के साथ काम कर रहे हैं।"टिप्पणियां उनका यह बयान इराक और ईरान के बीच रविवार को क्षेत्रीय स्थिति और सीरिया संकट से संबंधित गतिविधि पर आयोजित की गई बैठक के बाद आया। सीरिया के गृहयुद्ध में अब तक एक लाख लोगों की मौत हो चुकी है, तथा सीरिया छोड़कर पड़ोसी देशों में गए सीरियाई शरणार्थियों की संख्या 20 लाख तक पहुंच गई है। सीरिया के अंदर ही कम से कम 40 लाख लोग विस्थापित भी हुए हैं। दूसरी तरफ संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार उच्चायुक्त पिल्लै ने कहा, "संयुक्त राष्ट्र के साथ मिलकर देशों को संघर्षरत पक्षों को वार्ता की मेज पर लाने और खून-खराबा बंद करने के लिए एक रास्ता निकालना चाहिए।" सोमवार को जेनेवा में शुरू मानव अधिकार परिषद के 24वें सत्र में पिल्लै ने यह आह्वान किया। पिल्लै ने कहा कि सीरिया में संघर्षों में 100,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और 20 लाख लोग शरणार्थी हो चुके हैं। इसके अलावा करीब 40 लाख लोग बेघर भी हुए हैं। 24वें सत्र के दौरान 47 सदस्यीय मानवाधिकार परिषद सीरिया पर जांच आयोग की ताजा रिपोर्ट पर सुनवाई करेगी। वहीं सीरिया के पड़ोसी मुल्क इराक के विदेश मंत्री होशयार जेबारी ने रविवार को ईरान के अपने समकक्ष मोहम्मद-जावेद जारीफ के साथ एक संयुक्त प्रेस वार्ता में कहा, "इराक, सीरिया के खिलाफ किसी भी हमले में लांच पैड नहीं बनेगा और वह इस संबंध में कोई सुविधा उपलब्ध नहीं कराएगा और हम सीरिया संकट के शांतिपूर्ण समाधान के लिए कुछ देशों के साथ काम कर रहे हैं।"टिप्पणियां उनका यह बयान इराक और ईरान के बीच रविवार को क्षेत्रीय स्थिति और सीरिया संकट से संबंधित गतिविधि पर आयोजित की गई बैठक के बाद आया। सीरिया के गृहयुद्ध में अब तक एक लाख लोगों की मौत हो चुकी है, तथा सीरिया छोड़कर पड़ोसी देशों में गए सीरियाई शरणार्थियों की संख्या 20 लाख तक पहुंच गई है। सीरिया के अंदर ही कम से कम 40 लाख लोग विस्थापित भी हुए हैं। सोमवार को जेनेवा में शुरू मानव अधिकार परिषद के 24वें सत्र में पिल्लै ने यह आह्वान किया। पिल्लै ने कहा कि सीरिया में संघर्षों में 100,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और 20 लाख लोग शरणार्थी हो चुके हैं। इसके अलावा करीब 40 लाख लोग बेघर भी हुए हैं। 24वें सत्र के दौरान 47 सदस्यीय मानवाधिकार परिषद सीरिया पर जांच आयोग की ताजा रिपोर्ट पर सुनवाई करेगी। वहीं सीरिया के पड़ोसी मुल्क इराक के विदेश मंत्री होशयार जेबारी ने रविवार को ईरान के अपने समकक्ष मोहम्मद-जावेद जारीफ के साथ एक संयुक्त प्रेस वार्ता में कहा, "इराक, सीरिया के खिलाफ किसी भी हमले में लांच पैड नहीं बनेगा और वह इस संबंध में कोई सुविधा उपलब्ध नहीं कराएगा और हम सीरिया संकट के शांतिपूर्ण समाधान के लिए कुछ देशों के साथ काम कर रहे हैं।"टिप्पणियां उनका यह बयान इराक और ईरान के बीच रविवार को क्षेत्रीय स्थिति और सीरिया संकट से संबंधित गतिविधि पर आयोजित की गई बैठक के बाद आया। सीरिया के गृहयुद्ध में अब तक एक लाख लोगों की मौत हो चुकी है, तथा सीरिया छोड़कर पड़ोसी देशों में गए सीरियाई शरणार्थियों की संख्या 20 लाख तक पहुंच गई है। सीरिया के अंदर ही कम से कम 40 लाख लोग विस्थापित भी हुए हैं। पिल्लै ने कहा कि सीरिया में संघर्षों में 100,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और 20 लाख लोग शरणार्थी हो चुके हैं। इसके अलावा करीब 40 लाख लोग बेघर भी हुए हैं। 24वें सत्र के दौरान 47 सदस्यीय मानवाधिकार परिषद सीरिया पर जांच आयोग की ताजा रिपोर्ट पर सुनवाई करेगी। वहीं सीरिया के पड़ोसी मुल्क इराक के विदेश मंत्री होशयार जेबारी ने रविवार को ईरान के अपने समकक्ष मोहम्मद-जावेद जारीफ के साथ एक संयुक्त प्रेस वार्ता में कहा, "इराक, सीरिया के खिलाफ किसी भी हमले में लांच पैड नहीं बनेगा और वह इस संबंध में कोई सुविधा उपलब्ध नहीं कराएगा और हम सीरिया संकट के शांतिपूर्ण समाधान के लिए कुछ देशों के साथ काम कर रहे हैं।"टिप्पणियां उनका यह बयान इराक और ईरान के बीच रविवार को क्षेत्रीय स्थिति और सीरिया संकट से संबंधित गतिविधि पर आयोजित की गई बैठक के बाद आया। सीरिया के गृहयुद्ध में अब तक एक लाख लोगों की मौत हो चुकी है, तथा सीरिया छोड़कर पड़ोसी देशों में गए सीरियाई शरणार्थियों की संख्या 20 लाख तक पहुंच गई है। सीरिया के अंदर ही कम से कम 40 लाख लोग विस्थापित भी हुए हैं। 24वें सत्र के दौरान 47 सदस्यीय मानवाधिकार परिषद सीरिया पर जांच आयोग की ताजा रिपोर्ट पर सुनवाई करेगी। वहीं सीरिया के पड़ोसी मुल्क इराक के विदेश मंत्री होशयार जेबारी ने रविवार को ईरान के अपने समकक्ष मोहम्मद-जावेद जारीफ के साथ एक संयुक्त प्रेस वार्ता में कहा, "इराक, सीरिया के खिलाफ किसी भी हमले में लांच पैड नहीं बनेगा और वह इस संबंध में कोई सुविधा उपलब्ध नहीं कराएगा और हम सीरिया संकट के शांतिपूर्ण समाधान के लिए कुछ देशों के साथ काम कर रहे हैं।"टिप्पणियां उनका यह बयान इराक और ईरान के बीच रविवार को क्षेत्रीय स्थिति और सीरिया संकट से संबंधित गतिविधि पर आयोजित की गई बैठक के बाद आया। सीरिया के गृहयुद्ध में अब तक एक लाख लोगों की मौत हो चुकी है, तथा सीरिया छोड़कर पड़ोसी देशों में गए सीरियाई शरणार्थियों की संख्या 20 लाख तक पहुंच गई है। सीरिया के अंदर ही कम से कम 40 लाख लोग विस्थापित भी हुए हैं। वहीं सीरिया के पड़ोसी मुल्क इराक के विदेश मंत्री होशयार जेबारी ने रविवार को ईरान के अपने समकक्ष मोहम्मद-जावेद जारीफ के साथ एक संयुक्त प्रेस वार्ता में कहा, "इराक, सीरिया के खिलाफ किसी भी हमले में लांच पैड नहीं बनेगा और वह इस संबंध में कोई सुविधा उपलब्ध नहीं कराएगा और हम सीरिया संकट के शांतिपूर्ण समाधान के लिए कुछ देशों के साथ काम कर रहे हैं।"टिप्पणियां उनका यह बयान इराक और ईरान के बीच रविवार को क्षेत्रीय स्थिति और सीरिया संकट से संबंधित गतिविधि पर आयोजित की गई बैठक के बाद आया। सीरिया के गृहयुद्ध में अब तक एक लाख लोगों की मौत हो चुकी है, तथा सीरिया छोड़कर पड़ोसी देशों में गए सीरियाई शरणार्थियों की संख्या 20 लाख तक पहुंच गई है। सीरिया के अंदर ही कम से कम 40 लाख लोग विस्थापित भी हुए हैं। उनका यह बयान इराक और ईरान के बीच रविवार को क्षेत्रीय स्थिति और सीरिया संकट से संबंधित गतिविधि पर आयोजित की गई बैठक के बाद आया। सीरिया के गृहयुद्ध में अब तक एक लाख लोगों की मौत हो चुकी है, तथा सीरिया छोड़कर पड़ोसी देशों में गए सीरियाई शरणार्थियों की संख्या 20 लाख तक पहुंच गई है। सीरिया के अंदर ही कम से कम 40 लाख लोग विस्थापित भी हुए हैं। सीरिया के गृहयुद्ध में अब तक एक लाख लोगों की मौत हो चुकी है, तथा सीरिया छोड़कर पड़ोसी देशों में गए सीरियाई शरणार्थियों की संख्या 20 लाख तक पहुंच गई है। सीरिया के अंदर ही कम से कम 40 लाख लोग विस्थापित भी हुए हैं।
संक्षिप्त सारांश: अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी ने सोमवार को कहा कि सीरिया संकट का कोई सैन्य समाधान नहीं है, लेकिन रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल करने से सीरिया को रोकने के लिए उन्होंने "अविश्वसनीय रूप से छोटे और सीमित" हमले का समर्थन किया।
23
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: ब्रिटेन में चिकित्सकों ने चेतावनी जारी की है कि शराब की लत किशोरों को ‘रिस्की सेक्स’ यानी असुरक्षित यौन संबंधों की ओर धकेल रही है। इसकी वजह से अनचाहे गर्भ और यौन संक्रमित बीमारियों का प्रसार हो रहा है। 'डेली मेल' के मुताबिक, ब्रिटेन के रॉयल कॉलेज ऑफ फिजिशियन का कहना है कि शराब की गिरफ्त में किशोर यौन क्रियाओं में हदें लांघ जाते हैं, जिससे गर्भ और संक्रमण की समस्या पैदा होती है। कॉलेज ने डॉक्टरों और नर्सों से अपील की है कि वे यौन स्वास्थ्य क्लीनिक आने वाले किशोरों को शराब के बारे में जानकारी दें। खबर में बताया गया कि हर साल करीब 10 लाख किशोर गर्भनिरोधक गोलियों और यौन संक्रमण की जांच तथा इलाज के लिए यौन क्लीनिक का रुख करते हैं। संस्था ने अपने अध्ययन में पाया कि 14 से 15 साल की लड़कियों में 20 फीसदी ने कहा कि शराब पीने के बाद उनकी यौन इच्छा सामान्य स्थिति के मुकाबले ज्यादा तीव्र हुई। 16 से 30 साल के बीच की महिलाओं में 80 फीसदी ने कहा कि वे यौन क्रिया से पहले शराब पीती हैं।
सारांश: ब्रिटेन में शराब की लत किशोरों को असुरक्षित यौन संबंधों की ओर धकेल रही है, जिस वजह से अनचाहे गर्भ और यौन संक्रमित बीमारियों का प्रसार हो रहा है।
31
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश के बरेली शहर के कोहड़ापीर क्षेत्र के एक हींग व्यापारी के 18 वर्षीय बेटे का अपहरण कर उनसे दो करोड़ रुपये की फिरौती मांगी गई है. व्यापारी का बेटा शाम 7 बजे प्रेम नगर थाने के पास स्थित एक घर से ट्यूशन पढ़ाकर निकला था. इसके बाद से उसका पता नहीं चला. रात सवा नौ बजे उसी के फोन से पिता, भाई सहित कई परिजनों के पास दो करोड़ रुपये की फिरौती देने का धमकी भरा वाट्सएप मैसेज आया. पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि बरेली के थाना प्रेम नगर के क्षेत्र कोहाड़ापीर निवासी उमेश सूरी का हींग का कारोबार है. उन्होंने बताया कि उनके छोटे बेटे 18 वर्षीय हार्दिक सूरी ने इसी साल 12वीं की परीक्षा पास की है. शाम वह बच्चों को टयूशन पढ़ाकर निकला था. शाम 7 बजे उसने भाई को फोन कर अपना कुछ काम होने और आधे घंटे में घर पहुंचने की बात कही, लेकिन रात 8 बजे तक घर नहीं पहुंचा तो परिजनों ने उसे फोन किया, लेकिन फोन नहीं उठा. हार्दिक को परिजन ढूंढ ही रहे थे कि इसी दौरान रात सवा नौ बजे उमेश सूरी, उनके बड़े बेटे कुनाल सहित अन्य परिजन के पास अचानक हार्दिक के फोन से एक वाट्सएप मैसेज आया. मैसेज में लिखा कि तुम्हारा बेटा मेरे पास है. लड़का सही सलामत चाहते हो तो दो करोड़ का इंतजाम कर लो. हम रामपुर पहुंच चुके हैं. मैसेज आने के बाद परिजन प्रेम नगर थाने पहुंचे. टिप्पणियां बरेली के पुलिस अधीक्षक सदर रोहित सिंह ने बताया कि हार्दिक सूरी के फोन से उसके पिता और परिवार के अन्य सदस्यों के पास वाट्सएप से मैसेज आया है. मैसेज वाले ने खुद को रामपुर में होना बताया है. तलाश के लिए टीमें लगा दी गई हैं. सही लोकेशन के लिए मोबाइल कंपनी से संपर्क किया जा रहा है. सभी पहलुओं पर काम शुरू कर दिया गया. हार्दिक सूरी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की गई है. उसकी तलाश करायी जा रही है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि बरेली के थाना प्रेम नगर के क्षेत्र कोहाड़ापीर निवासी उमेश सूरी का हींग का कारोबार है. उन्होंने बताया कि उनके छोटे बेटे 18 वर्षीय हार्दिक सूरी ने इसी साल 12वीं की परीक्षा पास की है. शाम वह बच्चों को टयूशन पढ़ाकर निकला था. शाम 7 बजे उसने भाई को फोन कर अपना कुछ काम होने और आधे घंटे में घर पहुंचने की बात कही, लेकिन रात 8 बजे तक घर नहीं पहुंचा तो परिजनों ने उसे फोन किया, लेकिन फोन नहीं उठा. हार्दिक को परिजन ढूंढ ही रहे थे कि इसी दौरान रात सवा नौ बजे उमेश सूरी, उनके बड़े बेटे कुनाल सहित अन्य परिजन के पास अचानक हार्दिक के फोन से एक वाट्सएप मैसेज आया. मैसेज में लिखा कि तुम्हारा बेटा मेरे पास है. लड़का सही सलामत चाहते हो तो दो करोड़ का इंतजाम कर लो. हम रामपुर पहुंच चुके हैं. मैसेज आने के बाद परिजन प्रेम नगर थाने पहुंचे. टिप्पणियां बरेली के पुलिस अधीक्षक सदर रोहित सिंह ने बताया कि हार्दिक सूरी के फोन से उसके पिता और परिवार के अन्य सदस्यों के पास वाट्सएप से मैसेज आया है. मैसेज वाले ने खुद को रामपुर में होना बताया है. तलाश के लिए टीमें लगा दी गई हैं. सही लोकेशन के लिए मोबाइल कंपनी से संपर्क किया जा रहा है. सभी पहलुओं पर काम शुरू कर दिया गया. हार्दिक सूरी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की गई है. उसकी तलाश करायी जा रही है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) हार्दिक को परिजन ढूंढ ही रहे थे कि इसी दौरान रात सवा नौ बजे उमेश सूरी, उनके बड़े बेटे कुनाल सहित अन्य परिजन के पास अचानक हार्दिक के फोन से एक वाट्सएप मैसेज आया. मैसेज में लिखा कि तुम्हारा बेटा मेरे पास है. लड़का सही सलामत चाहते हो तो दो करोड़ का इंतजाम कर लो. हम रामपुर पहुंच चुके हैं. मैसेज आने के बाद परिजन प्रेम नगर थाने पहुंचे. टिप्पणियां बरेली के पुलिस अधीक्षक सदर रोहित सिंह ने बताया कि हार्दिक सूरी के फोन से उसके पिता और परिवार के अन्य सदस्यों के पास वाट्सएप से मैसेज आया है. मैसेज वाले ने खुद को रामपुर में होना बताया है. तलाश के लिए टीमें लगा दी गई हैं. सही लोकेशन के लिए मोबाइल कंपनी से संपर्क किया जा रहा है. सभी पहलुओं पर काम शुरू कर दिया गया. हार्दिक सूरी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की गई है. उसकी तलाश करायी जा रही है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) बरेली के पुलिस अधीक्षक सदर रोहित सिंह ने बताया कि हार्दिक सूरी के फोन से उसके पिता और परिवार के अन्य सदस्यों के पास वाट्सएप से मैसेज आया है. मैसेज वाले ने खुद को रामपुर में होना बताया है. तलाश के लिए टीमें लगा दी गई हैं. सही लोकेशन के लिए मोबाइल कंपनी से संपर्क किया जा रहा है. सभी पहलुओं पर काम शुरू कर दिया गया. हार्दिक सूरी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की गई है. उसकी तलाश करायी जा रही है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यहाँ एक सारांश है:हार्दिक के बेटे से ही मैसेज कर मांगी फिरौती ट्यूशन पढ़ाकर निकला था हार्दिक पुलिस कर रही है अपहरणकर्ताओं की तलाश
4
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की कर्जे में फंसी राशि (एनपीए) बढ़ने पर चिंता व्यक्त की और बैंकों से सुधारात्मक कदम उठाने को कहा। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसयू) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशकों और मुख्य कार्याधिकारियों के साथ करीब दो घंटे के विचार-विमर्श के दौरान उन्होंने उनके कामकाज और विभिन्न क्षेत्रों में प्रदर्शन की समीक्षा की। बैठक के बाद आयोजित संवाददाता सम्मेलन में वित्तमंत्री ने बताया कि पिछले वित्त वर्ष 2010-11 में पीएसयू बैंकों की कर्ज में फंसी सकल गैर-निष्पादित राशि (जीएनपीए) एक साल पहले की तुलना में करीब 25 प्रतिशत बढ़कर 74,617 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। इससे पिछले वर्ष यह 59,927 करोड़ रुपये रही थी। अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों के सकल एनपीए में करीब 60 प्रतिशत हिस्सा सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का है। हाल के अध्ययन के अनुसार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन ओवरसीज बैंक, बैंक ऑफ इंडिया और आईडीबीआई बैंक का एनपीए में ज्यादा योगदान रहा है। मुखर्जी ने कहा कि पीएसयू बैंकों में सरकार की शेयरधारिता औसतन 58 प्रतिशत रह गई है। उन्होंने बताया कि सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्यमों (एमएसएमई) के मामले में पीएसयू बैंकों से दिए गए कर्ज में 35 प्रतिशत की जोरदार वृद्धि हुई है, जबकि इस क्षेत्र के लिए कर्ज वृद्धि का लक्ष्य 20 प्रतिशत रखा गया था। हालांकि, उन्होंने कहा कि एमएसएमई के बैंक खातों में कमी आई है और इसमें सुधार की जरूरत है।
वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की कर्जे में फंसी राशि (एनपीए) बढ़ने पर चिंता व्यक्त की और बैंकों से सुधारात्मक कदम उठाने को कहा।
34
['hin']
एक सारांश बनाओ: तृणमूल कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहा कि वे नोटबंदी के प्रतिकूल प्रभावों की जिम्मेदारी लें और अपने पद से इस्तीफा दे दें, क्योंकि उनके द्वारा खुद तय की गई 50 दिनों की समय सीमा शुक्रवार को समाप्त हो रही है. तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता डेरेक ओ ब्रायन ने कहा, प्रधानमंत्री ने 50 दिनों की समय सीमा तय की थी..110 लोग मर चुके हैं, अर्थव्यवस्था बुरी अवस्था में है. आतंकवाद का वित्त पोषण बंद करने, भ्रष्टाचार और कालाधन समाप्त करने का जो मूल लक्ष्य उन्होंने तय किया था, वह पूरा नहीं हुआ है. उन्होंने कहा, आज (शुक्रवार) रात समयसीमा समाप्त हो रही है. कल (शनिवार) का दिन उनके लिए इस्तीफा देने के लिए अच्छा रहेगा. यह साल का आखिरी दिन होगा. प्रधानमंत्री को निश्चित ही इस्तीफा दे देना चाहिए. गत 8 नवम्बर को 500 और 1000 रुपये के नोटों को बंद करने के मोदी के कदम को पूर्ण रूप से असफल बताते हुए राज्यसभा सदस्य ने इसे चुनावी मंशा से अभिप्रेरित बताया. ब्रायन ने एक टीवी चैनल से कहा, नोटबंदी का आतंकवाद, कालाधन और भ्रष्टाचार के खात्मे से कोई लेना देना नहीं है. यह उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राजनीतिक उद्देश्यों से की गई है. ब्रायन ने कहा, मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को कुछ गंभीर सवालों के उत्तर देने हैं. प्रधानमंत्री को जवाब देना है कि इस बड़ी कवायद के अंत में उन्हें क्या मिला है. नववर्ष की पूर्व संध्या पर मोदी राष्ट्र को संबोधित करने वाले हैं. इसको लेकर तृणमूल सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री के इस्तीफे के लिए यह एक अच्छा दिन है.टिप्पणियां ब्रायन ने कहा, मुझे उम्मीद है कि प्रधानमंत्री कल (शनिवार को) एक बड़ी घोषणा करेंगे. अगर उनके पास एक अंतरात्मा है और अगर वह एक मार्केटिंग एजेंसी नहीं चलाते हैं जिसे भाजपा व राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ कहा जाता है, तो हो सकता है कि 31 दिसम्बर को वह सभी गड़बड़ियों की जिम्मेदारी लेते हुए अपने इस्तीफे की घोषणा कर दें.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा, आज (शुक्रवार) रात समयसीमा समाप्त हो रही है. कल (शनिवार) का दिन उनके लिए इस्तीफा देने के लिए अच्छा रहेगा. यह साल का आखिरी दिन होगा. प्रधानमंत्री को निश्चित ही इस्तीफा दे देना चाहिए. गत 8 नवम्बर को 500 और 1000 रुपये के नोटों को बंद करने के मोदी के कदम को पूर्ण रूप से असफल बताते हुए राज्यसभा सदस्य ने इसे चुनावी मंशा से अभिप्रेरित बताया. ब्रायन ने एक टीवी चैनल से कहा, नोटबंदी का आतंकवाद, कालाधन और भ्रष्टाचार के खात्मे से कोई लेना देना नहीं है. यह उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राजनीतिक उद्देश्यों से की गई है. ब्रायन ने कहा, मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को कुछ गंभीर सवालों के उत्तर देने हैं. प्रधानमंत्री को जवाब देना है कि इस बड़ी कवायद के अंत में उन्हें क्या मिला है. नववर्ष की पूर्व संध्या पर मोदी राष्ट्र को संबोधित करने वाले हैं. इसको लेकर तृणमूल सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री के इस्तीफे के लिए यह एक अच्छा दिन है.टिप्पणियां ब्रायन ने कहा, मुझे उम्मीद है कि प्रधानमंत्री कल (शनिवार को) एक बड़ी घोषणा करेंगे. अगर उनके पास एक अंतरात्मा है और अगर वह एक मार्केटिंग एजेंसी नहीं चलाते हैं जिसे भाजपा व राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ कहा जाता है, तो हो सकता है कि 31 दिसम्बर को वह सभी गड़बड़ियों की जिम्मेदारी लेते हुए अपने इस्तीफे की घोषणा कर दें.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) गत 8 नवम्बर को 500 और 1000 रुपये के नोटों को बंद करने के मोदी के कदम को पूर्ण रूप से असफल बताते हुए राज्यसभा सदस्य ने इसे चुनावी मंशा से अभिप्रेरित बताया. ब्रायन ने एक टीवी चैनल से कहा, नोटबंदी का आतंकवाद, कालाधन और भ्रष्टाचार के खात्मे से कोई लेना देना नहीं है. यह उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राजनीतिक उद्देश्यों से की गई है. ब्रायन ने कहा, मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को कुछ गंभीर सवालों के उत्तर देने हैं. प्रधानमंत्री को जवाब देना है कि इस बड़ी कवायद के अंत में उन्हें क्या मिला है. नववर्ष की पूर्व संध्या पर मोदी राष्ट्र को संबोधित करने वाले हैं. इसको लेकर तृणमूल सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री के इस्तीफे के लिए यह एक अच्छा दिन है.टिप्पणियां ब्रायन ने कहा, मुझे उम्मीद है कि प्रधानमंत्री कल (शनिवार को) एक बड़ी घोषणा करेंगे. अगर उनके पास एक अंतरात्मा है और अगर वह एक मार्केटिंग एजेंसी नहीं चलाते हैं जिसे भाजपा व राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ कहा जाता है, तो हो सकता है कि 31 दिसम्बर को वह सभी गड़बड़ियों की जिम्मेदारी लेते हुए अपने इस्तीफे की घोषणा कर दें.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) ब्रायन ने एक टीवी चैनल से कहा, नोटबंदी का आतंकवाद, कालाधन और भ्रष्टाचार के खात्मे से कोई लेना देना नहीं है. यह उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राजनीतिक उद्देश्यों से की गई है. ब्रायन ने कहा, मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को कुछ गंभीर सवालों के उत्तर देने हैं. प्रधानमंत्री को जवाब देना है कि इस बड़ी कवायद के अंत में उन्हें क्या मिला है. नववर्ष की पूर्व संध्या पर मोदी राष्ट्र को संबोधित करने वाले हैं. इसको लेकर तृणमूल सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री के इस्तीफे के लिए यह एक अच्छा दिन है.टिप्पणियां ब्रायन ने कहा, मुझे उम्मीद है कि प्रधानमंत्री कल (शनिवार को) एक बड़ी घोषणा करेंगे. अगर उनके पास एक अंतरात्मा है और अगर वह एक मार्केटिंग एजेंसी नहीं चलाते हैं जिसे भाजपा व राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ कहा जाता है, तो हो सकता है कि 31 दिसम्बर को वह सभी गड़बड़ियों की जिम्मेदारी लेते हुए अपने इस्तीफे की घोषणा कर दें.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) ब्रायन ने कहा, मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को कुछ गंभीर सवालों के उत्तर देने हैं. प्रधानमंत्री को जवाब देना है कि इस बड़ी कवायद के अंत में उन्हें क्या मिला है. नववर्ष की पूर्व संध्या पर मोदी राष्ट्र को संबोधित करने वाले हैं. इसको लेकर तृणमूल सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री के इस्तीफे के लिए यह एक अच्छा दिन है.टिप्पणियां ब्रायन ने कहा, मुझे उम्मीद है कि प्रधानमंत्री कल (शनिवार को) एक बड़ी घोषणा करेंगे. अगर उनके पास एक अंतरात्मा है और अगर वह एक मार्केटिंग एजेंसी नहीं चलाते हैं जिसे भाजपा व राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ कहा जाता है, तो हो सकता है कि 31 दिसम्बर को वह सभी गड़बड़ियों की जिम्मेदारी लेते हुए अपने इस्तीफे की घोषणा कर दें.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) नववर्ष की पूर्व संध्या पर मोदी राष्ट्र को संबोधित करने वाले हैं. इसको लेकर तृणमूल सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री के इस्तीफे के लिए यह एक अच्छा दिन है.टिप्पणियां ब्रायन ने कहा, मुझे उम्मीद है कि प्रधानमंत्री कल (शनिवार को) एक बड़ी घोषणा करेंगे. अगर उनके पास एक अंतरात्मा है और अगर वह एक मार्केटिंग एजेंसी नहीं चलाते हैं जिसे भाजपा व राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ कहा जाता है, तो हो सकता है कि 31 दिसम्बर को वह सभी गड़बड़ियों की जिम्मेदारी लेते हुए अपने इस्तीफे की घोषणा कर दें.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) ब्रायन ने कहा, मुझे उम्मीद है कि प्रधानमंत्री कल (शनिवार को) एक बड़ी घोषणा करेंगे. अगर उनके पास एक अंतरात्मा है और अगर वह एक मार्केटिंग एजेंसी नहीं चलाते हैं जिसे भाजपा व राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ कहा जाता है, तो हो सकता है कि 31 दिसम्बर को वह सभी गड़बड़ियों की जिम्मेदारी लेते हुए अपने इस्तीफे की घोषणा कर दें.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यहाँ एक सारांश है:तृणमूल कांग्रेस ने की पीएम के इस्तीफे की मांग नोटबंदी के प्रतिकूल प्रभावों की जिम्मेदारी लें 500 और 1000 के नोट बंद करने का कदम असफल रहा
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को अपनी चुप्पी तोड़ी और उन्होंने साफ किया कि वे सहयोगी लालू यादव और उनके बेटे तेजस्वी यादव से क्या चाहते हैं. तेजस्वी यादव बिहार सरकार में नंबर दो की हैसियत रखते हैं. पार्टी नेताओं की बैठक के बाद जेडीयू पार्टी के प्रवक्ता नीरज कुमार ने सीएम नीतीश कुमार की मंशा को सामने रखते हुए कहा, "जो लोग भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे हैं, उन्हें जनता का सामना करना चाहिए और अपने आपको बेदाग साबित करना चाहिए. हमें भरोसा है कि वे ऐसा करेंगे."   हालांकि जेडीयू ने तेजस्वी यादव को डिप्टी सीएम का पद छोड़ने के लिए कोई दबाव तो नहीं डाला लेकिन बहुत ही सख्त संदेश जरूर दिया. पार्टी ने कहा कि तेजस्वी को अपने ऊपर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों के बारे में सफाई देनी होगी अन्यथा उन्हें सरकार से इस्तीफा देना चाहिए.  जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा, "हमने कई बार अपने मंत्रियों से इस्तीफे लिए हैं." प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने कई उदाहरण सामने रखे जब नीतीश कुमार ने भ्रष्टाचार के आरोपों पर अपने मंत्रियों के इस्तीफे लिए.  लालू यादव पर पिछले शुक्रवार को सीबीआई द्वारा की गई छापेमारी के बाद यह पहला मौका है जब जेडीयू की ओर से तेजस्वी यादव के संबंध में कोई प्रतिक्रिया दी गई है. लालू यादव पर आरोप है कि उन्होंने रेल मंत्री रहने के दौरान अपने परिवार के लिए तीन एकड़ जमीन पटना में कब्जाई थी. इस जमीन पर तेजस्वी का मालिकाना हक है. आज की मीटिंग में, नीतीश कुमार ने लालू यादव के यहां पड़े सीबीआई छापों का अन्य दलों की तरह राजनीतिश प्रतिशोध कहकर कोई बचाव नहीं किया. प्रवक्ता नीरज कुमार ने यह भी कहा, "हमें पता है कि गठबंधन धर्म कैसे निभाया जाता है. हम इसका अंतिम समय तक पालन करेंगे लेकिन हमें उम्मीद है कि आरोपों पर जनता का सामना जरूर किया जाएगा."  जेडीयू की ओर से यह प्रतिक्रिया पार्टी के नेताओं की बैठक के बाद आई जिसमें विधायक और सांसदों ने हिस्सा लिया. यह बैठक लालू परिवार पर लग रहे एक के बाद एक भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद स्थितियों से निपटने के लिहाज से आयोजित की गई थी. कल यानी सोमवार को इसी तरह की बैठक लालू यादव ने भी अपनी पार्टी के नेताओं के साथ आयोजित की थी जिसमें एक स्वर में फैसला लिया गया था कि तेजस्वी यादव इस्तीफा नहीं देंगे. लालू यादव ने कहा था कि सीबीआई के आरोप मनगढंत हैं और जिस समय को लेकर आरोप लगाए जा रहे हैं, उस समय तेजस्वी नाबालिग थे. टिप्पणियां एक ओर जहां नीतीश कुमार ने तेजस्वी यादव से इस्तीफा नहीं लेने का फैसला किया, वहीं दूसरी ओर जेडीयू ने उपराष्ट्रपति पद के प्रत्याशी के चयन के लिए 17 विपक्षों दलों द्वारा दिल्ली में बुलाई गई बैठक में हिस्सा लिया और अपना समर्थन दिया.  नीतीश कुमार अपनी प्रतिष्ठा को बचाने का पूरा प्रयास करेंगे. पिछले 12 वर्ष के कार्यकाल में उनकी छवि बेहद ईमानदार नेता की रही है. बीजेपी के राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी रामनाथ कोविंद का समर्थन करने के कारण उनकी बीजेपी से नजदीकियां बढ़ने की बात कही गई थी.    हालांकि जेडीयू ने तेजस्वी यादव को डिप्टी सीएम का पद छोड़ने के लिए कोई दबाव तो नहीं डाला लेकिन बहुत ही सख्त संदेश जरूर दिया. पार्टी ने कहा कि तेजस्वी को अपने ऊपर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों के बारे में सफाई देनी होगी अन्यथा उन्हें सरकार से इस्तीफा देना चाहिए.  जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा, "हमने कई बार अपने मंत्रियों से इस्तीफे लिए हैं." प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने कई उदाहरण सामने रखे जब नीतीश कुमार ने भ्रष्टाचार के आरोपों पर अपने मंत्रियों के इस्तीफे लिए.  लालू यादव पर पिछले शुक्रवार को सीबीआई द्वारा की गई छापेमारी के बाद यह पहला मौका है जब जेडीयू की ओर से तेजस्वी यादव के संबंध में कोई प्रतिक्रिया दी गई है. लालू यादव पर आरोप है कि उन्होंने रेल मंत्री रहने के दौरान अपने परिवार के लिए तीन एकड़ जमीन पटना में कब्जाई थी. इस जमीन पर तेजस्वी का मालिकाना हक है. आज की मीटिंग में, नीतीश कुमार ने लालू यादव के यहां पड़े सीबीआई छापों का अन्य दलों की तरह राजनीतिश प्रतिशोध कहकर कोई बचाव नहीं किया. प्रवक्ता नीरज कुमार ने यह भी कहा, "हमें पता है कि गठबंधन धर्म कैसे निभाया जाता है. हम इसका अंतिम समय तक पालन करेंगे लेकिन हमें उम्मीद है कि आरोपों पर जनता का सामना जरूर किया जाएगा."  जेडीयू की ओर से यह प्रतिक्रिया पार्टी के नेताओं की बैठक के बाद आई जिसमें विधायक और सांसदों ने हिस्सा लिया. यह बैठक लालू परिवार पर लग रहे एक के बाद एक भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद स्थितियों से निपटने के लिहाज से आयोजित की गई थी. कल यानी सोमवार को इसी तरह की बैठक लालू यादव ने भी अपनी पार्टी के नेताओं के साथ आयोजित की थी जिसमें एक स्वर में फैसला लिया गया था कि तेजस्वी यादव इस्तीफा नहीं देंगे. लालू यादव ने कहा था कि सीबीआई के आरोप मनगढंत हैं और जिस समय को लेकर आरोप लगाए जा रहे हैं, उस समय तेजस्वी नाबालिग थे. टिप्पणियां एक ओर जहां नीतीश कुमार ने तेजस्वी यादव से इस्तीफा नहीं लेने का फैसला किया, वहीं दूसरी ओर जेडीयू ने उपराष्ट्रपति पद के प्रत्याशी के चयन के लिए 17 विपक्षों दलों द्वारा दिल्ली में बुलाई गई बैठक में हिस्सा लिया और अपना समर्थन दिया.  नीतीश कुमार अपनी प्रतिष्ठा को बचाने का पूरा प्रयास करेंगे. पिछले 12 वर्ष के कार्यकाल में उनकी छवि बेहद ईमानदार नेता की रही है. बीजेपी के राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी रामनाथ कोविंद का समर्थन करने के कारण उनकी बीजेपी से नजदीकियां बढ़ने की बात कही गई थी.    जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा, "हमने कई बार अपने मंत्रियों से इस्तीफे लिए हैं." प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने कई उदाहरण सामने रखे जब नीतीश कुमार ने भ्रष्टाचार के आरोपों पर अपने मंत्रियों के इस्तीफे लिए.  लालू यादव पर पिछले शुक्रवार को सीबीआई द्वारा की गई छापेमारी के बाद यह पहला मौका है जब जेडीयू की ओर से तेजस्वी यादव के संबंध में कोई प्रतिक्रिया दी गई है. लालू यादव पर आरोप है कि उन्होंने रेल मंत्री रहने के दौरान अपने परिवार के लिए तीन एकड़ जमीन पटना में कब्जाई थी. इस जमीन पर तेजस्वी का मालिकाना हक है. आज की मीटिंग में, नीतीश कुमार ने लालू यादव के यहां पड़े सीबीआई छापों का अन्य दलों की तरह राजनीतिश प्रतिशोध कहकर कोई बचाव नहीं किया. प्रवक्ता नीरज कुमार ने यह भी कहा, "हमें पता है कि गठबंधन धर्म कैसे निभाया जाता है. हम इसका अंतिम समय तक पालन करेंगे लेकिन हमें उम्मीद है कि आरोपों पर जनता का सामना जरूर किया जाएगा."  जेडीयू की ओर से यह प्रतिक्रिया पार्टी के नेताओं की बैठक के बाद आई जिसमें विधायक और सांसदों ने हिस्सा लिया. यह बैठक लालू परिवार पर लग रहे एक के बाद एक भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद स्थितियों से निपटने के लिहाज से आयोजित की गई थी. कल यानी सोमवार को इसी तरह की बैठक लालू यादव ने भी अपनी पार्टी के नेताओं के साथ आयोजित की थी जिसमें एक स्वर में फैसला लिया गया था कि तेजस्वी यादव इस्तीफा नहीं देंगे. लालू यादव ने कहा था कि सीबीआई के आरोप मनगढंत हैं और जिस समय को लेकर आरोप लगाए जा रहे हैं, उस समय तेजस्वी नाबालिग थे. टिप्पणियां एक ओर जहां नीतीश कुमार ने तेजस्वी यादव से इस्तीफा नहीं लेने का फैसला किया, वहीं दूसरी ओर जेडीयू ने उपराष्ट्रपति पद के प्रत्याशी के चयन के लिए 17 विपक्षों दलों द्वारा दिल्ली में बुलाई गई बैठक में हिस्सा लिया और अपना समर्थन दिया.  नीतीश कुमार अपनी प्रतिष्ठा को बचाने का पूरा प्रयास करेंगे. पिछले 12 वर्ष के कार्यकाल में उनकी छवि बेहद ईमानदार नेता की रही है. बीजेपी के राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी रामनाथ कोविंद का समर्थन करने के कारण उनकी बीजेपी से नजदीकियां बढ़ने की बात कही गई थी.    लालू यादव पर पिछले शुक्रवार को सीबीआई द्वारा की गई छापेमारी के बाद यह पहला मौका है जब जेडीयू की ओर से तेजस्वी यादव के संबंध में कोई प्रतिक्रिया दी गई है. लालू यादव पर आरोप है कि उन्होंने रेल मंत्री रहने के दौरान अपने परिवार के लिए तीन एकड़ जमीन पटना में कब्जाई थी. इस जमीन पर तेजस्वी का मालिकाना हक है. आज की मीटिंग में, नीतीश कुमार ने लालू यादव के यहां पड़े सीबीआई छापों का अन्य दलों की तरह राजनीतिश प्रतिशोध कहकर कोई बचाव नहीं किया. प्रवक्ता नीरज कुमार ने यह भी कहा, "हमें पता है कि गठबंधन धर्म कैसे निभाया जाता है. हम इसका अंतिम समय तक पालन करेंगे लेकिन हमें उम्मीद है कि आरोपों पर जनता का सामना जरूर किया जाएगा."  जेडीयू की ओर से यह प्रतिक्रिया पार्टी के नेताओं की बैठक के बाद आई जिसमें विधायक और सांसदों ने हिस्सा लिया. यह बैठक लालू परिवार पर लग रहे एक के बाद एक भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद स्थितियों से निपटने के लिहाज से आयोजित की गई थी. कल यानी सोमवार को इसी तरह की बैठक लालू यादव ने भी अपनी पार्टी के नेताओं के साथ आयोजित की थी जिसमें एक स्वर में फैसला लिया गया था कि तेजस्वी यादव इस्तीफा नहीं देंगे. लालू यादव ने कहा था कि सीबीआई के आरोप मनगढंत हैं और जिस समय को लेकर आरोप लगाए जा रहे हैं, उस समय तेजस्वी नाबालिग थे. टिप्पणियां एक ओर जहां नीतीश कुमार ने तेजस्वी यादव से इस्तीफा नहीं लेने का फैसला किया, वहीं दूसरी ओर जेडीयू ने उपराष्ट्रपति पद के प्रत्याशी के चयन के लिए 17 विपक्षों दलों द्वारा दिल्ली में बुलाई गई बैठक में हिस्सा लिया और अपना समर्थन दिया.  नीतीश कुमार अपनी प्रतिष्ठा को बचाने का पूरा प्रयास करेंगे. पिछले 12 वर्ष के कार्यकाल में उनकी छवि बेहद ईमानदार नेता की रही है. बीजेपी के राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी रामनाथ कोविंद का समर्थन करने के कारण उनकी बीजेपी से नजदीकियां बढ़ने की बात कही गई थी.    प्रवक्ता नीरज कुमार ने यह भी कहा, "हमें पता है कि गठबंधन धर्म कैसे निभाया जाता है. हम इसका अंतिम समय तक पालन करेंगे लेकिन हमें उम्मीद है कि आरोपों पर जनता का सामना जरूर किया जाएगा."  जेडीयू की ओर से यह प्रतिक्रिया पार्टी के नेताओं की बैठक के बाद आई जिसमें विधायक और सांसदों ने हिस्सा लिया. यह बैठक लालू परिवार पर लग रहे एक के बाद एक भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद स्थितियों से निपटने के लिहाज से आयोजित की गई थी. कल यानी सोमवार को इसी तरह की बैठक लालू यादव ने भी अपनी पार्टी के नेताओं के साथ आयोजित की थी जिसमें एक स्वर में फैसला लिया गया था कि तेजस्वी यादव इस्तीफा नहीं देंगे. लालू यादव ने कहा था कि सीबीआई के आरोप मनगढंत हैं और जिस समय को लेकर आरोप लगाए जा रहे हैं, उस समय तेजस्वी नाबालिग थे. टिप्पणियां एक ओर जहां नीतीश कुमार ने तेजस्वी यादव से इस्तीफा नहीं लेने का फैसला किया, वहीं दूसरी ओर जेडीयू ने उपराष्ट्रपति पद के प्रत्याशी के चयन के लिए 17 विपक्षों दलों द्वारा दिल्ली में बुलाई गई बैठक में हिस्सा लिया और अपना समर्थन दिया.  नीतीश कुमार अपनी प्रतिष्ठा को बचाने का पूरा प्रयास करेंगे. पिछले 12 वर्ष के कार्यकाल में उनकी छवि बेहद ईमानदार नेता की रही है. बीजेपी के राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी रामनाथ कोविंद का समर्थन करने के कारण उनकी बीजेपी से नजदीकियां बढ़ने की बात कही गई थी.    जेडीयू की ओर से यह प्रतिक्रिया पार्टी के नेताओं की बैठक के बाद आई जिसमें विधायक और सांसदों ने हिस्सा लिया. यह बैठक लालू परिवार पर लग रहे एक के बाद एक भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद स्थितियों से निपटने के लिहाज से आयोजित की गई थी. कल यानी सोमवार को इसी तरह की बैठक लालू यादव ने भी अपनी पार्टी के नेताओं के साथ आयोजित की थी जिसमें एक स्वर में फैसला लिया गया था कि तेजस्वी यादव इस्तीफा नहीं देंगे. लालू यादव ने कहा था कि सीबीआई के आरोप मनगढंत हैं और जिस समय को लेकर आरोप लगाए जा रहे हैं, उस समय तेजस्वी नाबालिग थे. टिप्पणियां एक ओर जहां नीतीश कुमार ने तेजस्वी यादव से इस्तीफा नहीं लेने का फैसला किया, वहीं दूसरी ओर जेडीयू ने उपराष्ट्रपति पद के प्रत्याशी के चयन के लिए 17 विपक्षों दलों द्वारा दिल्ली में बुलाई गई बैठक में हिस्सा लिया और अपना समर्थन दिया.  नीतीश कुमार अपनी प्रतिष्ठा को बचाने का पूरा प्रयास करेंगे. पिछले 12 वर्ष के कार्यकाल में उनकी छवि बेहद ईमानदार नेता की रही है. बीजेपी के राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी रामनाथ कोविंद का समर्थन करने के कारण उनकी बीजेपी से नजदीकियां बढ़ने की बात कही गई थी.    एक ओर जहां नीतीश कुमार ने तेजस्वी यादव से इस्तीफा नहीं लेने का फैसला किया, वहीं दूसरी ओर जेडीयू ने उपराष्ट्रपति पद के प्रत्याशी के चयन के लिए 17 विपक्षों दलों द्वारा दिल्ली में बुलाई गई बैठक में हिस्सा लिया और अपना समर्थन दिया.  नीतीश कुमार अपनी प्रतिष्ठा को बचाने का पूरा प्रयास करेंगे. पिछले 12 वर्ष के कार्यकाल में उनकी छवि बेहद ईमानदार नेता की रही है. बीजेपी के राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी रामनाथ कोविंद का समर्थन करने के कारण उनकी बीजेपी से नजदीकियां बढ़ने की बात कही गई थी.    नीतीश कुमार अपनी प्रतिष्ठा को बचाने का पूरा प्रयास करेंगे. पिछले 12 वर्ष के कार्यकाल में उनकी छवि बेहद ईमानदार नेता की रही है. बीजेपी के राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी रामनाथ कोविंद का समर्थन करने के कारण उनकी बीजेपी से नजदीकियां बढ़ने की बात कही गई थी.
संक्षिप्त सारांश: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने तेजस्वी के मामले में चुप्पी तोड़ी नीतीश कुमार ने सीबीआई छापेमारी पर लालू यादव का बचाव नहीं किया कहा - हमें पता है कि कैसे गठबंधन धर्म का पालन करना है
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: देश की संसदीय राजनीति में लगभग पांच दशकों तक प्रभावी भूमिका निभाने के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार ने अब सक्रिय राजनीति को अलविदा कहने का संकेत दिया है। उन्होंने कहा है कि वे 2014 के आम चुनाव में प्रत्याशी नहीं बनने जा रहे हैं। एक निजी समाचार चैनल को दिए गए साक्षात्कार के दौरान प्रधानमंत्री बनने के बारे में पूछे जाने पर पवार ने बड़ी बेबाकी से कहा कि वे ऐसे सपने नहीं देखते जो कभी सच न हो पाएं। राज्य की राजनीति से लेकर देश की भावी सरकार की संभावनाओं पर पवार ने खुलकर बात की। किसी गठबंधन सरकार का प्रधानमंत्री बनने की अपनी संभावना को खारिज करते हुए पवार ने कहा, "मैं लोकसभा का चुनाव नहीं लड़ने जा रहा हूं। मैंने यह फैसला ले लिया है। दूसरा, मैं अपनी सीमाएं जानता हूं। प्रधानमंत्री बनने का सपना देखने वाले व्यक्ति को अपनी पार्टी से कम से कम 40 सांसद होना होना चाहिए। मेरी पार्टी इतनी संख्या में प्रत्याशी नहीं उतारने जा रही है। इसलिए हम जो साकार नहीं हो सकता वैसे सपने ही नहीं देखते।" महाराष्ट्र के बारामती विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से 1967 में कांग्रेस के विधायक के रूप में चुने जाने के साथ ही शरद पवार ने संसदीय राजनीति में कदम रखा। इससे पहले छात्र जीवन में भी वह राजनीति से जुड़े रहे और गोवा मुक्ति संघर्ष में हिस्सेदारी की थी। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और केंद्र सरकार में मंत्री के रूप में देश की राजनीति में चर्चित रहे पवार के राजनीतिक संरक्षक यशवंत बलवंत राव चव्हाण थे। टिप्पणियां पवार का कांग्रेस के साथ रिश्ता बनता बिगड़ता रहा है। आपातकाल लागू करने के कारण पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से लोगों की नाराजगी को देखते हुए पवार ने कांग्रेस छोड़ दी थी। पवार वर्ष 1987 में कांग्रेस में वापस हुए थे, मगर सोनिया गांधी के विदेशी मूल का मुद्दा उठाते हुए 1999 में उन्होंने फिर कांग्रेस छोड़ दी और पीए संगमा के साथ राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) का गठन किया। वर्ष 2004 के आम चुनाव के बाद पवार संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन और केंद्रीय मंत्रिमंडल में भी शामिल हुए। एक निजी समाचार चैनल को दिए गए साक्षात्कार के दौरान प्रधानमंत्री बनने के बारे में पूछे जाने पर पवार ने बड़ी बेबाकी से कहा कि वे ऐसे सपने नहीं देखते जो कभी सच न हो पाएं। राज्य की राजनीति से लेकर देश की भावी सरकार की संभावनाओं पर पवार ने खुलकर बात की। किसी गठबंधन सरकार का प्रधानमंत्री बनने की अपनी संभावना को खारिज करते हुए पवार ने कहा, "मैं लोकसभा का चुनाव नहीं लड़ने जा रहा हूं। मैंने यह फैसला ले लिया है। दूसरा, मैं अपनी सीमाएं जानता हूं। प्रधानमंत्री बनने का सपना देखने वाले व्यक्ति को अपनी पार्टी से कम से कम 40 सांसद होना होना चाहिए। मेरी पार्टी इतनी संख्या में प्रत्याशी नहीं उतारने जा रही है। इसलिए हम जो साकार नहीं हो सकता वैसे सपने ही नहीं देखते।" महाराष्ट्र के बारामती विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से 1967 में कांग्रेस के विधायक के रूप में चुने जाने के साथ ही शरद पवार ने संसदीय राजनीति में कदम रखा। इससे पहले छात्र जीवन में भी वह राजनीति से जुड़े रहे और गोवा मुक्ति संघर्ष में हिस्सेदारी की थी। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और केंद्र सरकार में मंत्री के रूप में देश की राजनीति में चर्चित रहे पवार के राजनीतिक संरक्षक यशवंत बलवंत राव चव्हाण थे। टिप्पणियां पवार का कांग्रेस के साथ रिश्ता बनता बिगड़ता रहा है। आपातकाल लागू करने के कारण पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से लोगों की नाराजगी को देखते हुए पवार ने कांग्रेस छोड़ दी थी। पवार वर्ष 1987 में कांग्रेस में वापस हुए थे, मगर सोनिया गांधी के विदेशी मूल का मुद्दा उठाते हुए 1999 में उन्होंने फिर कांग्रेस छोड़ दी और पीए संगमा के साथ राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) का गठन किया। वर्ष 2004 के आम चुनाव के बाद पवार संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन और केंद्रीय मंत्रिमंडल में भी शामिल हुए। किसी गठबंधन सरकार का प्रधानमंत्री बनने की अपनी संभावना को खारिज करते हुए पवार ने कहा, "मैं लोकसभा का चुनाव नहीं लड़ने जा रहा हूं। मैंने यह फैसला ले लिया है। दूसरा, मैं अपनी सीमाएं जानता हूं। प्रधानमंत्री बनने का सपना देखने वाले व्यक्ति को अपनी पार्टी से कम से कम 40 सांसद होना होना चाहिए। मेरी पार्टी इतनी संख्या में प्रत्याशी नहीं उतारने जा रही है। इसलिए हम जो साकार नहीं हो सकता वैसे सपने ही नहीं देखते।" महाराष्ट्र के बारामती विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से 1967 में कांग्रेस के विधायक के रूप में चुने जाने के साथ ही शरद पवार ने संसदीय राजनीति में कदम रखा। इससे पहले छात्र जीवन में भी वह राजनीति से जुड़े रहे और गोवा मुक्ति संघर्ष में हिस्सेदारी की थी। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और केंद्र सरकार में मंत्री के रूप में देश की राजनीति में चर्चित रहे पवार के राजनीतिक संरक्षक यशवंत बलवंत राव चव्हाण थे। टिप्पणियां पवार का कांग्रेस के साथ रिश्ता बनता बिगड़ता रहा है। आपातकाल लागू करने के कारण पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से लोगों की नाराजगी को देखते हुए पवार ने कांग्रेस छोड़ दी थी। पवार वर्ष 1987 में कांग्रेस में वापस हुए थे, मगर सोनिया गांधी के विदेशी मूल का मुद्दा उठाते हुए 1999 में उन्होंने फिर कांग्रेस छोड़ दी और पीए संगमा के साथ राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) का गठन किया। वर्ष 2004 के आम चुनाव के बाद पवार संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन और केंद्रीय मंत्रिमंडल में भी शामिल हुए। महाराष्ट्र के बारामती विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से 1967 में कांग्रेस के विधायक के रूप में चुने जाने के साथ ही शरद पवार ने संसदीय राजनीति में कदम रखा। इससे पहले छात्र जीवन में भी वह राजनीति से जुड़े रहे और गोवा मुक्ति संघर्ष में हिस्सेदारी की थी। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और केंद्र सरकार में मंत्री के रूप में देश की राजनीति में चर्चित रहे पवार के राजनीतिक संरक्षक यशवंत बलवंत राव चव्हाण थे। टिप्पणियां पवार का कांग्रेस के साथ रिश्ता बनता बिगड़ता रहा है। आपातकाल लागू करने के कारण पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से लोगों की नाराजगी को देखते हुए पवार ने कांग्रेस छोड़ दी थी। पवार वर्ष 1987 में कांग्रेस में वापस हुए थे, मगर सोनिया गांधी के विदेशी मूल का मुद्दा उठाते हुए 1999 में उन्होंने फिर कांग्रेस छोड़ दी और पीए संगमा के साथ राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) का गठन किया। वर्ष 2004 के आम चुनाव के बाद पवार संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन और केंद्रीय मंत्रिमंडल में भी शामिल हुए। पवार का कांग्रेस के साथ रिश्ता बनता बिगड़ता रहा है। आपातकाल लागू करने के कारण पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से लोगों की नाराजगी को देखते हुए पवार ने कांग्रेस छोड़ दी थी। पवार वर्ष 1987 में कांग्रेस में वापस हुए थे, मगर सोनिया गांधी के विदेशी मूल का मुद्दा उठाते हुए 1999 में उन्होंने फिर कांग्रेस छोड़ दी और पीए संगमा के साथ राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) का गठन किया। वर्ष 2004 के आम चुनाव के बाद पवार संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन और केंद्रीय मंत्रिमंडल में भी शामिल हुए। पवार वर्ष 1987 में कांग्रेस में वापस हुए थे, मगर सोनिया गांधी के विदेशी मूल का मुद्दा उठाते हुए 1999 में उन्होंने फिर कांग्रेस छोड़ दी और पीए संगमा के साथ राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) का गठन किया। वर्ष 2004 के आम चुनाव के बाद पवार संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन और केंद्रीय मंत्रिमंडल में भी शामिल हुए।
देश की संसदीय राजनीति में लगभग पांच दशकों तक प्रभावी भूमिका निभाने के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार ने अब सक्रिय राजनीति को अलविदा कहने का संकेत दिया है। उन्होंने कहा है कि वे 2014 के आम चुनाव में प्रत्याशी नहीं बनने जा रहे हैं।
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारत की महिला टीम ने रितु रानी द्वारा 55वें मिनट में किए गए गोल की मदद से शुक्रवार को अपने पांचवें पूल मैच में इटली को 1-0 से हराकर नेशनल स्टेडियम में जारी हीरो एफआईएच रोड टू लंदन टूर्नामेंट के फाइनल में जगह पक्की कर ली है। शनिवार को फाइनल में उसका सामना दक्षिण अफ्रीका से होगा। टूर्नामेंट जीतने वाली टीम को लंदन ओलिंपिक में खेलना का मौका मिलेगा। भारत ने 1980 में पहली और आखिरी बार ओलिंपिक में हिस्सा लिया था। मॉस्को ओलिंपिक से कई देशों के बहिष्कार के बाद भारत को ओलिंपिक में हिस्सा लेने के लिए बुलाया गया था। उससे पहले या उसके बाद टीम ने कभी ओलिंपिक के लिए क्वालीफाई नहीं किया लेकिन इस बार उसके सामने यह योग्यता पाने का सुनहरा मौका है लेकिन इस राह में उसे फिर दक्षिण अफ्रीका रूपी रोड़े को अपने रास्ते से हटाना होगा। भारत ने पांच मैचों में तीन जीत, एक ड्रॉ और एक हार के साथ कुल 10 अंक बटोरे और पांच मैचों से 13 अंक अपने नाम करने वाली दक्षिण अफ्रीकी टीम के साथ भिड़ने का मौका हासिल किया। फाइनल मुकाबला शनिवार को रात आठ बजे से खेला जाएगा। उम्मीद के मुताबिक भारत को इस जीत के लिए काफी परिश्रम करना पड़ा। वह यह मैच जीते बगैर फाइनल में नहीं पहुंच सकती थी। इटली ने भारत को काफी परेशान किया। उसके गोलकीपर ने कई मौकों पर भारतीय टीम के प्रयास को नाकाम किया। भारतीय टीम का तालमेल अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा। 55वें मिनट में मिले पेनाल्टी कार्नर पर जसजीत के फ्लिक को इटली ने नाकाम कर दिया लेकिन गोल पोस्ट के मुहाने पर खड़ी रितु ने रिबाउंड को रिवर्स फ्लिक कर अपनी टीम को आगे कर दिया। इस गोल को लेकर विवाद हुआ। रेफरियों ने विचार-विमार्श किया लेकिन अंत में फैसला भारत के हक में सुनाया गया। जीत के बाद ध्यानचंद स्टेडियम में मानो जश्न का माहौल बन गया। खिलाड़ियों ने एक दूसरे को गले लगाया और काफी समय तक खुशी मनाती रहीं। और दिनों की तुलना में स्टेडियम में काफी संख्या में दर्शक मौजूद थे। सबने अपनी टीम की इस सफलता पर खूब खुशी मनाई। इससे पहले, अपने चौथे मैच में भारत को हराकर फाइनल में स्थान पक्का कर चुकी दक्षिण अफ्रीकी टीम ने पांचवें पूल मैच में कनाडा को 4-1 से हरा दिया। दक्षिण अफ्रीका ने चार जीत और एक ड्रॉ से कुल 13 अंक जुटाए हैं। कनाडा की टीम इतने ही मैचों से सिर्फ चार अंक जुटा सकी। कनाडा को एक मैच मे जीत मिली जबकि एक मैच ड्रॉ रहा। तीन मुकाबलों में उसे हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ कनाडा के लंदन ओलिंपिक के लिए क्वालीफाई करने की उम्मीद खत्म हो गई। मैच का पहला गोल कनाडा ने 16वें मिनट में किया। थिया कुले ने अपनी टीम को बढ़त दिलाई लेकिन 30वें मिनट में बी. कैस्टन ने दक्षिण अफ्रीका को बराबरी पर ला दिया। मध्यांतर तक स्कोर 1-1 था। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका ने 41वें, 60वें और 62वें मिनट में गोल करके मैच अपने नाम किया। बाकी के तीनों गोल डिर्की चेम्बरलेन ने किए। इस तरह चेम्बरलेन ने शानदार हैट्रिक लगाई। यूक्रेन ने अपने पांचवें तथा अंतिम पूल मैच में पोलैंड को 1-0 से हरा दिया। यूक्रेन के लिए एकमात्र गोल ओलेना इवाखनेन्को ने 28वें मिनट में किया। यूक्रेन की यह दूसरी जीत है। उसने पांच मैचों से दो जीत, एक ड्रॉ और एक हार के साथ सात अंक बटोरे।टिप्पणियां यूक्रेन ने अपने पहले मैच में भारत को 1-1 से ड्रॉ पर रोका था। इसके बाद उसे दक्षिण अफ्रीका के हाथों 0-2 से हार मिली थी। तीसरे मुकाबले में यूक्रेन ने कनाडा को 5-2 से शिकस्त दी थी। इसके बाद यूक्रेन की टीम इटली से हार गई थी। इस तरह एफआईएच वरीयता क्रम में 26वें स्थान पर काबिज यूक्रेन की टीम का लंदन ओलम्पिक में खेलना का सपना पूरा नहीं हो सका। पोलिश टीम को अपने सभी मैचों में हार का सामना करना पड़ा। भारत ने 1980 में पहली और आखिरी बार ओलिंपिक में हिस्सा लिया था। मॉस्को ओलिंपिक से कई देशों के बहिष्कार के बाद भारत को ओलिंपिक में हिस्सा लेने के लिए बुलाया गया था। उससे पहले या उसके बाद टीम ने कभी ओलिंपिक के लिए क्वालीफाई नहीं किया लेकिन इस बार उसके सामने यह योग्यता पाने का सुनहरा मौका है लेकिन इस राह में उसे फिर दक्षिण अफ्रीका रूपी रोड़े को अपने रास्ते से हटाना होगा। भारत ने पांच मैचों में तीन जीत, एक ड्रॉ और एक हार के साथ कुल 10 अंक बटोरे और पांच मैचों से 13 अंक अपने नाम करने वाली दक्षिण अफ्रीकी टीम के साथ भिड़ने का मौका हासिल किया। फाइनल मुकाबला शनिवार को रात आठ बजे से खेला जाएगा। उम्मीद के मुताबिक भारत को इस जीत के लिए काफी परिश्रम करना पड़ा। वह यह मैच जीते बगैर फाइनल में नहीं पहुंच सकती थी। इटली ने भारत को काफी परेशान किया। उसके गोलकीपर ने कई मौकों पर भारतीय टीम के प्रयास को नाकाम किया। भारतीय टीम का तालमेल अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा। 55वें मिनट में मिले पेनाल्टी कार्नर पर जसजीत के फ्लिक को इटली ने नाकाम कर दिया लेकिन गोल पोस्ट के मुहाने पर खड़ी रितु ने रिबाउंड को रिवर्स फ्लिक कर अपनी टीम को आगे कर दिया। इस गोल को लेकर विवाद हुआ। रेफरियों ने विचार-विमार्श किया लेकिन अंत में फैसला भारत के हक में सुनाया गया। जीत के बाद ध्यानचंद स्टेडियम में मानो जश्न का माहौल बन गया। खिलाड़ियों ने एक दूसरे को गले लगाया और काफी समय तक खुशी मनाती रहीं। और दिनों की तुलना में स्टेडियम में काफी संख्या में दर्शक मौजूद थे। सबने अपनी टीम की इस सफलता पर खूब खुशी मनाई। इससे पहले, अपने चौथे मैच में भारत को हराकर फाइनल में स्थान पक्का कर चुकी दक्षिण अफ्रीकी टीम ने पांचवें पूल मैच में कनाडा को 4-1 से हरा दिया। दक्षिण अफ्रीका ने चार जीत और एक ड्रॉ से कुल 13 अंक जुटाए हैं। कनाडा की टीम इतने ही मैचों से सिर्फ चार अंक जुटा सकी। कनाडा को एक मैच मे जीत मिली जबकि एक मैच ड्रॉ रहा। तीन मुकाबलों में उसे हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ कनाडा के लंदन ओलिंपिक के लिए क्वालीफाई करने की उम्मीद खत्म हो गई। मैच का पहला गोल कनाडा ने 16वें मिनट में किया। थिया कुले ने अपनी टीम को बढ़त दिलाई लेकिन 30वें मिनट में बी. कैस्टन ने दक्षिण अफ्रीका को बराबरी पर ला दिया। मध्यांतर तक स्कोर 1-1 था। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका ने 41वें, 60वें और 62वें मिनट में गोल करके मैच अपने नाम किया। बाकी के तीनों गोल डिर्की चेम्बरलेन ने किए। इस तरह चेम्बरलेन ने शानदार हैट्रिक लगाई। यूक्रेन ने अपने पांचवें तथा अंतिम पूल मैच में पोलैंड को 1-0 से हरा दिया। यूक्रेन के लिए एकमात्र गोल ओलेना इवाखनेन्को ने 28वें मिनट में किया। यूक्रेन की यह दूसरी जीत है। उसने पांच मैचों से दो जीत, एक ड्रॉ और एक हार के साथ सात अंक बटोरे।टिप्पणियां यूक्रेन ने अपने पहले मैच में भारत को 1-1 से ड्रॉ पर रोका था। इसके बाद उसे दक्षिण अफ्रीका के हाथों 0-2 से हार मिली थी। तीसरे मुकाबले में यूक्रेन ने कनाडा को 5-2 से शिकस्त दी थी। इसके बाद यूक्रेन की टीम इटली से हार गई थी। इस तरह एफआईएच वरीयता क्रम में 26वें स्थान पर काबिज यूक्रेन की टीम का लंदन ओलम्पिक में खेलना का सपना पूरा नहीं हो सका। पोलिश टीम को अपने सभी मैचों में हार का सामना करना पड़ा। भारत ने पांच मैचों में तीन जीत, एक ड्रॉ और एक हार के साथ कुल 10 अंक बटोरे और पांच मैचों से 13 अंक अपने नाम करने वाली दक्षिण अफ्रीकी टीम के साथ भिड़ने का मौका हासिल किया। फाइनल मुकाबला शनिवार को रात आठ बजे से खेला जाएगा। उम्मीद के मुताबिक भारत को इस जीत के लिए काफी परिश्रम करना पड़ा। वह यह मैच जीते बगैर फाइनल में नहीं पहुंच सकती थी। इटली ने भारत को काफी परेशान किया। उसके गोलकीपर ने कई मौकों पर भारतीय टीम के प्रयास को नाकाम किया। भारतीय टीम का तालमेल अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा। 55वें मिनट में मिले पेनाल्टी कार्नर पर जसजीत के फ्लिक को इटली ने नाकाम कर दिया लेकिन गोल पोस्ट के मुहाने पर खड़ी रितु ने रिबाउंड को रिवर्स फ्लिक कर अपनी टीम को आगे कर दिया। इस गोल को लेकर विवाद हुआ। रेफरियों ने विचार-विमार्श किया लेकिन अंत में फैसला भारत के हक में सुनाया गया। जीत के बाद ध्यानचंद स्टेडियम में मानो जश्न का माहौल बन गया। खिलाड़ियों ने एक दूसरे को गले लगाया और काफी समय तक खुशी मनाती रहीं। और दिनों की तुलना में स्टेडियम में काफी संख्या में दर्शक मौजूद थे। सबने अपनी टीम की इस सफलता पर खूब खुशी मनाई। इससे पहले, अपने चौथे मैच में भारत को हराकर फाइनल में स्थान पक्का कर चुकी दक्षिण अफ्रीकी टीम ने पांचवें पूल मैच में कनाडा को 4-1 से हरा दिया। दक्षिण अफ्रीका ने चार जीत और एक ड्रॉ से कुल 13 अंक जुटाए हैं। कनाडा की टीम इतने ही मैचों से सिर्फ चार अंक जुटा सकी। कनाडा को एक मैच मे जीत मिली जबकि एक मैच ड्रॉ रहा। तीन मुकाबलों में उसे हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ कनाडा के लंदन ओलिंपिक के लिए क्वालीफाई करने की उम्मीद खत्म हो गई। मैच का पहला गोल कनाडा ने 16वें मिनट में किया। थिया कुले ने अपनी टीम को बढ़त दिलाई लेकिन 30वें मिनट में बी. कैस्टन ने दक्षिण अफ्रीका को बराबरी पर ला दिया। मध्यांतर तक स्कोर 1-1 था। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका ने 41वें, 60वें और 62वें मिनट में गोल करके मैच अपने नाम किया। बाकी के तीनों गोल डिर्की चेम्बरलेन ने किए। इस तरह चेम्बरलेन ने शानदार हैट्रिक लगाई। यूक्रेन ने अपने पांचवें तथा अंतिम पूल मैच में पोलैंड को 1-0 से हरा दिया। यूक्रेन के लिए एकमात्र गोल ओलेना इवाखनेन्को ने 28वें मिनट में किया। यूक्रेन की यह दूसरी जीत है। उसने पांच मैचों से दो जीत, एक ड्रॉ और एक हार के साथ सात अंक बटोरे।टिप्पणियां यूक्रेन ने अपने पहले मैच में भारत को 1-1 से ड्रॉ पर रोका था। इसके बाद उसे दक्षिण अफ्रीका के हाथों 0-2 से हार मिली थी। तीसरे मुकाबले में यूक्रेन ने कनाडा को 5-2 से शिकस्त दी थी। इसके बाद यूक्रेन की टीम इटली से हार गई थी। इस तरह एफआईएच वरीयता क्रम में 26वें स्थान पर काबिज यूक्रेन की टीम का लंदन ओलम्पिक में खेलना का सपना पूरा नहीं हो सका। पोलिश टीम को अपने सभी मैचों में हार का सामना करना पड़ा। उम्मीद के मुताबिक भारत को इस जीत के लिए काफी परिश्रम करना पड़ा। वह यह मैच जीते बगैर फाइनल में नहीं पहुंच सकती थी। इटली ने भारत को काफी परेशान किया। उसके गोलकीपर ने कई मौकों पर भारतीय टीम के प्रयास को नाकाम किया। भारतीय टीम का तालमेल अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा। 55वें मिनट में मिले पेनाल्टी कार्नर पर जसजीत के फ्लिक को इटली ने नाकाम कर दिया लेकिन गोल पोस्ट के मुहाने पर खड़ी रितु ने रिबाउंड को रिवर्स फ्लिक कर अपनी टीम को आगे कर दिया। इस गोल को लेकर विवाद हुआ। रेफरियों ने विचार-विमार्श किया लेकिन अंत में फैसला भारत के हक में सुनाया गया। जीत के बाद ध्यानचंद स्टेडियम में मानो जश्न का माहौल बन गया। खिलाड़ियों ने एक दूसरे को गले लगाया और काफी समय तक खुशी मनाती रहीं। और दिनों की तुलना में स्टेडियम में काफी संख्या में दर्शक मौजूद थे। सबने अपनी टीम की इस सफलता पर खूब खुशी मनाई। इससे पहले, अपने चौथे मैच में भारत को हराकर फाइनल में स्थान पक्का कर चुकी दक्षिण अफ्रीकी टीम ने पांचवें पूल मैच में कनाडा को 4-1 से हरा दिया। दक्षिण अफ्रीका ने चार जीत और एक ड्रॉ से कुल 13 अंक जुटाए हैं। कनाडा की टीम इतने ही मैचों से सिर्फ चार अंक जुटा सकी। कनाडा को एक मैच मे जीत मिली जबकि एक मैच ड्रॉ रहा। तीन मुकाबलों में उसे हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ कनाडा के लंदन ओलिंपिक के लिए क्वालीफाई करने की उम्मीद खत्म हो गई। मैच का पहला गोल कनाडा ने 16वें मिनट में किया। थिया कुले ने अपनी टीम को बढ़त दिलाई लेकिन 30वें मिनट में बी. कैस्टन ने दक्षिण अफ्रीका को बराबरी पर ला दिया। मध्यांतर तक स्कोर 1-1 था। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका ने 41वें, 60वें और 62वें मिनट में गोल करके मैच अपने नाम किया। बाकी के तीनों गोल डिर्की चेम्बरलेन ने किए। इस तरह चेम्बरलेन ने शानदार हैट्रिक लगाई। यूक्रेन ने अपने पांचवें तथा अंतिम पूल मैच में पोलैंड को 1-0 से हरा दिया। यूक्रेन के लिए एकमात्र गोल ओलेना इवाखनेन्को ने 28वें मिनट में किया। यूक्रेन की यह दूसरी जीत है। उसने पांच मैचों से दो जीत, एक ड्रॉ और एक हार के साथ सात अंक बटोरे।टिप्पणियां यूक्रेन ने अपने पहले मैच में भारत को 1-1 से ड्रॉ पर रोका था। इसके बाद उसे दक्षिण अफ्रीका के हाथों 0-2 से हार मिली थी। तीसरे मुकाबले में यूक्रेन ने कनाडा को 5-2 से शिकस्त दी थी। इसके बाद यूक्रेन की टीम इटली से हार गई थी। इस तरह एफआईएच वरीयता क्रम में 26वें स्थान पर काबिज यूक्रेन की टीम का लंदन ओलम्पिक में खेलना का सपना पूरा नहीं हो सका। पोलिश टीम को अपने सभी मैचों में हार का सामना करना पड़ा। भारतीय टीम का तालमेल अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा। 55वें मिनट में मिले पेनाल्टी कार्नर पर जसजीत के फ्लिक को इटली ने नाकाम कर दिया लेकिन गोल पोस्ट के मुहाने पर खड़ी रितु ने रिबाउंड को रिवर्स फ्लिक कर अपनी टीम को आगे कर दिया। इस गोल को लेकर विवाद हुआ। रेफरियों ने विचार-विमार्श किया लेकिन अंत में फैसला भारत के हक में सुनाया गया। जीत के बाद ध्यानचंद स्टेडियम में मानो जश्न का माहौल बन गया। खिलाड़ियों ने एक दूसरे को गले लगाया और काफी समय तक खुशी मनाती रहीं। और दिनों की तुलना में स्टेडियम में काफी संख्या में दर्शक मौजूद थे। सबने अपनी टीम की इस सफलता पर खूब खुशी मनाई। इससे पहले, अपने चौथे मैच में भारत को हराकर फाइनल में स्थान पक्का कर चुकी दक्षिण अफ्रीकी टीम ने पांचवें पूल मैच में कनाडा को 4-1 से हरा दिया। दक्षिण अफ्रीका ने चार जीत और एक ड्रॉ से कुल 13 अंक जुटाए हैं। कनाडा की टीम इतने ही मैचों से सिर्फ चार अंक जुटा सकी। कनाडा को एक मैच मे जीत मिली जबकि एक मैच ड्रॉ रहा। तीन मुकाबलों में उसे हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ कनाडा के लंदन ओलिंपिक के लिए क्वालीफाई करने की उम्मीद खत्म हो गई। मैच का पहला गोल कनाडा ने 16वें मिनट में किया। थिया कुले ने अपनी टीम को बढ़त दिलाई लेकिन 30वें मिनट में बी. कैस्टन ने दक्षिण अफ्रीका को बराबरी पर ला दिया। मध्यांतर तक स्कोर 1-1 था। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका ने 41वें, 60वें और 62वें मिनट में गोल करके मैच अपने नाम किया। बाकी के तीनों गोल डिर्की चेम्बरलेन ने किए। इस तरह चेम्बरलेन ने शानदार हैट्रिक लगाई। यूक्रेन ने अपने पांचवें तथा अंतिम पूल मैच में पोलैंड को 1-0 से हरा दिया। यूक्रेन के लिए एकमात्र गोल ओलेना इवाखनेन्को ने 28वें मिनट में किया। यूक्रेन की यह दूसरी जीत है। उसने पांच मैचों से दो जीत, एक ड्रॉ और एक हार के साथ सात अंक बटोरे।टिप्पणियां यूक्रेन ने अपने पहले मैच में भारत को 1-1 से ड्रॉ पर रोका था। इसके बाद उसे दक्षिण अफ्रीका के हाथों 0-2 से हार मिली थी। तीसरे मुकाबले में यूक्रेन ने कनाडा को 5-2 से शिकस्त दी थी। इसके बाद यूक्रेन की टीम इटली से हार गई थी। इस तरह एफआईएच वरीयता क्रम में 26वें स्थान पर काबिज यूक्रेन की टीम का लंदन ओलम्पिक में खेलना का सपना पूरा नहीं हो सका। पोलिश टीम को अपने सभी मैचों में हार का सामना करना पड़ा। जीत के बाद ध्यानचंद स्टेडियम में मानो जश्न का माहौल बन गया। खिलाड़ियों ने एक दूसरे को गले लगाया और काफी समय तक खुशी मनाती रहीं। और दिनों की तुलना में स्टेडियम में काफी संख्या में दर्शक मौजूद थे। सबने अपनी टीम की इस सफलता पर खूब खुशी मनाई। इससे पहले, अपने चौथे मैच में भारत को हराकर फाइनल में स्थान पक्का कर चुकी दक्षिण अफ्रीकी टीम ने पांचवें पूल मैच में कनाडा को 4-1 से हरा दिया। दक्षिण अफ्रीका ने चार जीत और एक ड्रॉ से कुल 13 अंक जुटाए हैं। कनाडा की टीम इतने ही मैचों से सिर्फ चार अंक जुटा सकी। कनाडा को एक मैच मे जीत मिली जबकि एक मैच ड्रॉ रहा। तीन मुकाबलों में उसे हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ कनाडा के लंदन ओलिंपिक के लिए क्वालीफाई करने की उम्मीद खत्म हो गई। मैच का पहला गोल कनाडा ने 16वें मिनट में किया। थिया कुले ने अपनी टीम को बढ़त दिलाई लेकिन 30वें मिनट में बी. कैस्टन ने दक्षिण अफ्रीका को बराबरी पर ला दिया। मध्यांतर तक स्कोर 1-1 था। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका ने 41वें, 60वें और 62वें मिनट में गोल करके मैच अपने नाम किया। बाकी के तीनों गोल डिर्की चेम्बरलेन ने किए। इस तरह चेम्बरलेन ने शानदार हैट्रिक लगाई। यूक्रेन ने अपने पांचवें तथा अंतिम पूल मैच में पोलैंड को 1-0 से हरा दिया। यूक्रेन के लिए एकमात्र गोल ओलेना इवाखनेन्को ने 28वें मिनट में किया। यूक्रेन की यह दूसरी जीत है। उसने पांच मैचों से दो जीत, एक ड्रॉ और एक हार के साथ सात अंक बटोरे।टिप्पणियां यूक्रेन ने अपने पहले मैच में भारत को 1-1 से ड्रॉ पर रोका था। इसके बाद उसे दक्षिण अफ्रीका के हाथों 0-2 से हार मिली थी। तीसरे मुकाबले में यूक्रेन ने कनाडा को 5-2 से शिकस्त दी थी। इसके बाद यूक्रेन की टीम इटली से हार गई थी। इस तरह एफआईएच वरीयता क्रम में 26वें स्थान पर काबिज यूक्रेन की टीम का लंदन ओलम्पिक में खेलना का सपना पूरा नहीं हो सका। पोलिश टीम को अपने सभी मैचों में हार का सामना करना पड़ा। इससे पहले, अपने चौथे मैच में भारत को हराकर फाइनल में स्थान पक्का कर चुकी दक्षिण अफ्रीकी टीम ने पांचवें पूल मैच में कनाडा को 4-1 से हरा दिया। दक्षिण अफ्रीका ने चार जीत और एक ड्रॉ से कुल 13 अंक जुटाए हैं। कनाडा की टीम इतने ही मैचों से सिर्फ चार अंक जुटा सकी। कनाडा को एक मैच मे जीत मिली जबकि एक मैच ड्रॉ रहा। तीन मुकाबलों में उसे हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ कनाडा के लंदन ओलिंपिक के लिए क्वालीफाई करने की उम्मीद खत्म हो गई। मैच का पहला गोल कनाडा ने 16वें मिनट में किया। थिया कुले ने अपनी टीम को बढ़त दिलाई लेकिन 30वें मिनट में बी. कैस्टन ने दक्षिण अफ्रीका को बराबरी पर ला दिया। मध्यांतर तक स्कोर 1-1 था। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका ने 41वें, 60वें और 62वें मिनट में गोल करके मैच अपने नाम किया। बाकी के तीनों गोल डिर्की चेम्बरलेन ने किए। इस तरह चेम्बरलेन ने शानदार हैट्रिक लगाई। यूक्रेन ने अपने पांचवें तथा अंतिम पूल मैच में पोलैंड को 1-0 से हरा दिया। यूक्रेन के लिए एकमात्र गोल ओलेना इवाखनेन्को ने 28वें मिनट में किया। यूक्रेन की यह दूसरी जीत है। उसने पांच मैचों से दो जीत, एक ड्रॉ और एक हार के साथ सात अंक बटोरे।टिप्पणियां यूक्रेन ने अपने पहले मैच में भारत को 1-1 से ड्रॉ पर रोका था। इसके बाद उसे दक्षिण अफ्रीका के हाथों 0-2 से हार मिली थी। तीसरे मुकाबले में यूक्रेन ने कनाडा को 5-2 से शिकस्त दी थी। इसके बाद यूक्रेन की टीम इटली से हार गई थी। इस तरह एफआईएच वरीयता क्रम में 26वें स्थान पर काबिज यूक्रेन की टीम का लंदन ओलम्पिक में खेलना का सपना पूरा नहीं हो सका। पोलिश टीम को अपने सभी मैचों में हार का सामना करना पड़ा। कनाडा की टीम इतने ही मैचों से सिर्फ चार अंक जुटा सकी। कनाडा को एक मैच मे जीत मिली जबकि एक मैच ड्रॉ रहा। तीन मुकाबलों में उसे हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ कनाडा के लंदन ओलिंपिक के लिए क्वालीफाई करने की उम्मीद खत्म हो गई। मैच का पहला गोल कनाडा ने 16वें मिनट में किया। थिया कुले ने अपनी टीम को बढ़त दिलाई लेकिन 30वें मिनट में बी. कैस्टन ने दक्षिण अफ्रीका को बराबरी पर ला दिया। मध्यांतर तक स्कोर 1-1 था। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका ने 41वें, 60वें और 62वें मिनट में गोल करके मैच अपने नाम किया। बाकी के तीनों गोल डिर्की चेम्बरलेन ने किए। इस तरह चेम्बरलेन ने शानदार हैट्रिक लगाई। यूक्रेन ने अपने पांचवें तथा अंतिम पूल मैच में पोलैंड को 1-0 से हरा दिया। यूक्रेन के लिए एकमात्र गोल ओलेना इवाखनेन्को ने 28वें मिनट में किया। यूक्रेन की यह दूसरी जीत है। उसने पांच मैचों से दो जीत, एक ड्रॉ और एक हार के साथ सात अंक बटोरे।टिप्पणियां यूक्रेन ने अपने पहले मैच में भारत को 1-1 से ड्रॉ पर रोका था। इसके बाद उसे दक्षिण अफ्रीका के हाथों 0-2 से हार मिली थी। तीसरे मुकाबले में यूक्रेन ने कनाडा को 5-2 से शिकस्त दी थी। इसके बाद यूक्रेन की टीम इटली से हार गई थी। इस तरह एफआईएच वरीयता क्रम में 26वें स्थान पर काबिज यूक्रेन की टीम का लंदन ओलम्पिक में खेलना का सपना पूरा नहीं हो सका। पोलिश टीम को अपने सभी मैचों में हार का सामना करना पड़ा। मैच का पहला गोल कनाडा ने 16वें मिनट में किया। थिया कुले ने अपनी टीम को बढ़त दिलाई लेकिन 30वें मिनट में बी. कैस्टन ने दक्षिण अफ्रीका को बराबरी पर ला दिया। मध्यांतर तक स्कोर 1-1 था। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका ने 41वें, 60वें और 62वें मिनट में गोल करके मैच अपने नाम किया। बाकी के तीनों गोल डिर्की चेम्बरलेन ने किए। इस तरह चेम्बरलेन ने शानदार हैट्रिक लगाई। यूक्रेन ने अपने पांचवें तथा अंतिम पूल मैच में पोलैंड को 1-0 से हरा दिया। यूक्रेन के लिए एकमात्र गोल ओलेना इवाखनेन्को ने 28वें मिनट में किया। यूक्रेन की यह दूसरी जीत है। उसने पांच मैचों से दो जीत, एक ड्रॉ और एक हार के साथ सात अंक बटोरे।टिप्पणियां यूक्रेन ने अपने पहले मैच में भारत को 1-1 से ड्रॉ पर रोका था। इसके बाद उसे दक्षिण अफ्रीका के हाथों 0-2 से हार मिली थी। तीसरे मुकाबले में यूक्रेन ने कनाडा को 5-2 से शिकस्त दी थी। इसके बाद यूक्रेन की टीम इटली से हार गई थी। इस तरह एफआईएच वरीयता क्रम में 26वें स्थान पर काबिज यूक्रेन की टीम का लंदन ओलम्पिक में खेलना का सपना पूरा नहीं हो सका। पोलिश टीम को अपने सभी मैचों में हार का सामना करना पड़ा। मध्यांतर तक स्कोर 1-1 था। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका ने 41वें, 60वें और 62वें मिनट में गोल करके मैच अपने नाम किया। बाकी के तीनों गोल डिर्की चेम्बरलेन ने किए। इस तरह चेम्बरलेन ने शानदार हैट्रिक लगाई। यूक्रेन ने अपने पांचवें तथा अंतिम पूल मैच में पोलैंड को 1-0 से हरा दिया। यूक्रेन के लिए एकमात्र गोल ओलेना इवाखनेन्को ने 28वें मिनट में किया। यूक्रेन की यह दूसरी जीत है। उसने पांच मैचों से दो जीत, एक ड्रॉ और एक हार के साथ सात अंक बटोरे।टिप्पणियां यूक्रेन ने अपने पहले मैच में भारत को 1-1 से ड्रॉ पर रोका था। इसके बाद उसे दक्षिण अफ्रीका के हाथों 0-2 से हार मिली थी। तीसरे मुकाबले में यूक्रेन ने कनाडा को 5-2 से शिकस्त दी थी। इसके बाद यूक्रेन की टीम इटली से हार गई थी। इस तरह एफआईएच वरीयता क्रम में 26वें स्थान पर काबिज यूक्रेन की टीम का लंदन ओलम्पिक में खेलना का सपना पूरा नहीं हो सका। पोलिश टीम को अपने सभी मैचों में हार का सामना करना पड़ा। यूक्रेन ने अपने पांचवें तथा अंतिम पूल मैच में पोलैंड को 1-0 से हरा दिया। यूक्रेन के लिए एकमात्र गोल ओलेना इवाखनेन्को ने 28वें मिनट में किया। यूक्रेन की यह दूसरी जीत है। उसने पांच मैचों से दो जीत, एक ड्रॉ और एक हार के साथ सात अंक बटोरे।टिप्पणियां यूक्रेन ने अपने पहले मैच में भारत को 1-1 से ड्रॉ पर रोका था। इसके बाद उसे दक्षिण अफ्रीका के हाथों 0-2 से हार मिली थी। तीसरे मुकाबले में यूक्रेन ने कनाडा को 5-2 से शिकस्त दी थी। इसके बाद यूक्रेन की टीम इटली से हार गई थी। इस तरह एफआईएच वरीयता क्रम में 26वें स्थान पर काबिज यूक्रेन की टीम का लंदन ओलम्पिक में खेलना का सपना पूरा नहीं हो सका। पोलिश टीम को अपने सभी मैचों में हार का सामना करना पड़ा। यूक्रेन ने अपने पहले मैच में भारत को 1-1 से ड्रॉ पर रोका था। इसके बाद उसे दक्षिण अफ्रीका के हाथों 0-2 से हार मिली थी। तीसरे मुकाबले में यूक्रेन ने कनाडा को 5-2 से शिकस्त दी थी। इसके बाद यूक्रेन की टीम इटली से हार गई थी। इस तरह एफआईएच वरीयता क्रम में 26वें स्थान पर काबिज यूक्रेन की टीम का लंदन ओलम्पिक में खेलना का सपना पूरा नहीं हो सका। पोलिश टीम को अपने सभी मैचों में हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद यूक्रेन की टीम इटली से हार गई थी। इस तरह एफआईएच वरीयता क्रम में 26वें स्थान पर काबिज यूक्रेन की टीम का लंदन ओलम्पिक में खेलना का सपना पूरा नहीं हो सका। पोलिश टीम को अपने सभी मैचों में हार का सामना करना पड़ा।
संक्षिप्त पाठ: भारत की महिला टीम ने रितु रानी द्वारा 55वें मिनट में किए गए गोल की मदद से अपने पांचवें पूल मैच में इटली को 1-0 से हराकर नेशनल स्टेडियम में जारी हीरो एफआईएच रोड टू लंदन टूर्नामेंट के फाइनल में जगह पक्की कर ली है।
14
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: दिल्ली, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र सहित 22 राज्यों ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) व्यवस्था लागू होने के तीन दिन के भीतर जांच चौकियां (चेक पोस्ट) हटा दी हैं. वित्त मंत्रालय ने एक बयान में यह जानकारी दी. मंत्रालय ने कहा कि असम, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और पूर्वोत्तर के कुछ राज्यों सहित आठ अन्य राज्य भी चेक पोस्ट हटाने की प्रक्रिया में हैं. राज्य सीमा चौकियां सामान तथा गंतव्य के हिसाब से कर अनुपालन की जांच करती हैं. इससे वस्तुओं की आपूर्ति में तो विलंब होता ही है, साथ ही ट्रकों की कतारें लगने से पर्यावरण प्रदूषण भी बढ़ता है. जीएसटी 1 जुलाई से लागू हुआ है. इसका प्रमुख लक्ष्य देश को एकल बाजार बनाना है, जहां वस्तुओं और सेवाओं की आवाजाही बिना किसी रुकावट के हो सके.टिप्पणियां जिन अन्य प्रमुख राज्यों ने जांच चौकियां समाप्त की हैं, उनमें यूपी, बिहार, हरियाणा, गुजरात, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु शामिल हैं. जांच चौकियां समाप्त होने के बाद अब राज्यों की सीमाओं पर ट्रकों की लंबी कतारें देखने को नहीं मिलेंगी. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) राज्य सीमा चौकियां सामान तथा गंतव्य के हिसाब से कर अनुपालन की जांच करती हैं. इससे वस्तुओं की आपूर्ति में तो विलंब होता ही है, साथ ही ट्रकों की कतारें लगने से पर्यावरण प्रदूषण भी बढ़ता है. जीएसटी 1 जुलाई से लागू हुआ है. इसका प्रमुख लक्ष्य देश को एकल बाजार बनाना है, जहां वस्तुओं और सेवाओं की आवाजाही बिना किसी रुकावट के हो सके.टिप्पणियां जिन अन्य प्रमुख राज्यों ने जांच चौकियां समाप्त की हैं, उनमें यूपी, बिहार, हरियाणा, गुजरात, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु शामिल हैं. जांच चौकियां समाप्त होने के बाद अब राज्यों की सीमाओं पर ट्रकों की लंबी कतारें देखने को नहीं मिलेंगी. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) जिन अन्य प्रमुख राज्यों ने जांच चौकियां समाप्त की हैं, उनमें यूपी, बिहार, हरियाणा, गुजरात, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु शामिल हैं. जांच चौकियां समाप्त होने के बाद अब राज्यों की सीमाओं पर ट्रकों की लंबी कतारें देखने को नहीं मिलेंगी. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: यूपी, बिहार, हरियाणा, गुजरात आदि राज्यों ने भी जांच चौकियां खत्म की असम, पंजाब, हिमाचल सहित 8 अन्य राज्य चेक पोस्ट हटाने की प्रक्रिया में अब राज्यों की सीमाओं पर ट्रकों की लंबी कतारें देखने को नहीं मिलेंगी
11
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: नागरिकता संशोधन बिल (कैब) के विरोध में पूरे असम में प्रदर्शन चल रहा है. बुधवार को हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद कल गुवाहाटी में लोगों ने कर्फ़्यू का उल्लंघन किया. गुवाहाटी में दो प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई है. यातायात सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हैं. ट्रेनों के साथ-साथ गुवाहाटी और डिब्रूगढ़ जाने वाली कई उड़ानें भी रद्द हुई हैं. असम के चार इलाकों में सेना को तैनात किया गया है. वहीं मेघालय में भी विरोध जारी है. जबकि शिलॉन्ग को छोड़कर राज्य का बाकी हिस्सा नागरिकता संशोधन बिल (Citizenship Amendment Bill) के दायरे में नहीं आने वाला है. शिलॉन्ग में ही दो गाड़ियां आग के हवाले कर दिया गया. मुख्यमंत्री और मंत्री दिल्ली के लिए फ़्लाइट नहीं ले पाए.   शिलॉन्ग में अनिश्चितकालीन कर्फ़्यू लगा दिया गया है. 48 घंटे के लिए इंटरनेट और एसएमएस पर रोक है. वहीं त्रिपुरा में फिलहाल स्थिति काबू में है और शांति बनी हुई है. इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने भी ट्वीट करते हुए असम के लोगों से अपील की है और उन्हें आश्वस्त किया है. पीएम मोदी ने लिखा, 'मैं असम के अपने भाई-बहनों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि उन्हें नागरिकता संशोधन बिल (CAB) के पारित होने के बाद चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है. मैं उन्हें आश्वस्त करना चाहता हूं कि कोई उनसे उनके अधिकार, अनूठी पहचान और खूबसूरत संस्कृति नहीं छीन सकता. वह लगातार फलती-फूलती रहेगी.'
गुवाहाटी में लोगों ने कर्फ़्यू का उल्लंघन किया पुलिस की फायरिंग में दो प्रदर्शनकारियों की मौत रेल और विमान सेवाएं प्रभावित
28
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के छठे संस्करण के तहत मंगलवार को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में मुंबई इंडियंस का सामना दिल्ली डेयरडेविल्स से होगा। मुंबई ने अब तक दो मैच खेले हैं, जहां उसे एक मैच में रॉयल चैलेंजर बैंगलुरू से दो रन से हार का सामना करना पड़ा था, वहीं दूसरे मुकाबले में चेन्नई सुपर किंग्स को उसने उसी के घर में मात दी थी। दिल्ली को अपने दोनों शुरुआती मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा था। ईडन गार्डन्स में खेले गए पहले मुकाबले में उसे कोलकाता नाइट राइडर्स के हाथों पटखनी मिली थी। साथ ही अपने घर में हुए दूसरे मैच में उसे राजस्थान रॉयल्स से पांच रन से हार झेलनी पड़ी थी। दिल्ली की ओर से डेविड वार्नर और कप्तान माहेला जयवर्धने के अलावा कोई बल्लेबाज खास प्रदर्शन नहीं कर पाया है। वीरेंद्र सहवाग का इस मैच में खेलना अभी भी तय नहीं है। गेंदबाजी में भी दिल्ली की टीम अपनी छाप छोड़ने में नाकाम रही है। आशीष नेहरा, उमेश यादव और इरफान पठान अपेक्षा के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। दोनों मैचों में हार के बाद दिल्ली पर इस सिलसिले को तोड़ने का दबाव होगा।टिप्पणियां वहीं, दूसरी ओर अपने घर में होने वाले इस मुकाबले के लिए मुंबई पर कम दवाब होगा, क्योंकि उसने चेन्नई सुपर किंग्स को उसी के घर में मात दी है। मुंबई के लिए सलामी बल्लेबाजों का टीम के लिए अच्छी शुरुआत न दिला पाना एक चिंता का कारण है। साथ ही अगर उसे एक बड़ा स्कोर खड़ा करना होगा तो अपने ताकतवर खिलाड़ी कीरन पोलार्ड को बल्लेबाजी क्रम में थोड़ा ऊपर भेजना होगा। दिनेश कार्तिक पहले ही शानदार फॉर्म में हैं, बस, जरुरत है तो एक बेहतरीन शुरुआत की। इस मैच में अगर लसिथ मलिंगा टीम में वापसी करते हैं तो मुंबई की गेंदबाजी को और मजबूती मिलेगी। मुकाबला क्योंकि चार बजे शुरू होगा, तो ओस शायद ही दोनों टीमों के लिए किसी तरह की परेशानी पेश कर पाए। मुंबई ने अब तक दो मैच खेले हैं, जहां उसे एक मैच में रॉयल चैलेंजर बैंगलुरू से दो रन से हार का सामना करना पड़ा था, वहीं दूसरे मुकाबले में चेन्नई सुपर किंग्स को उसने उसी के घर में मात दी थी। दिल्ली को अपने दोनों शुरुआती मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा था। ईडन गार्डन्स में खेले गए पहले मुकाबले में उसे कोलकाता नाइट राइडर्स के हाथों पटखनी मिली थी। साथ ही अपने घर में हुए दूसरे मैच में उसे राजस्थान रॉयल्स से पांच रन से हार झेलनी पड़ी थी। दिल्ली की ओर से डेविड वार्नर और कप्तान माहेला जयवर्धने के अलावा कोई बल्लेबाज खास प्रदर्शन नहीं कर पाया है। वीरेंद्र सहवाग का इस मैच में खेलना अभी भी तय नहीं है। गेंदबाजी में भी दिल्ली की टीम अपनी छाप छोड़ने में नाकाम रही है। आशीष नेहरा, उमेश यादव और इरफान पठान अपेक्षा के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। दोनों मैचों में हार के बाद दिल्ली पर इस सिलसिले को तोड़ने का दबाव होगा।टिप्पणियां वहीं, दूसरी ओर अपने घर में होने वाले इस मुकाबले के लिए मुंबई पर कम दवाब होगा, क्योंकि उसने चेन्नई सुपर किंग्स को उसी के घर में मात दी है। मुंबई के लिए सलामी बल्लेबाजों का टीम के लिए अच्छी शुरुआत न दिला पाना एक चिंता का कारण है। साथ ही अगर उसे एक बड़ा स्कोर खड़ा करना होगा तो अपने ताकतवर खिलाड़ी कीरन पोलार्ड को बल्लेबाजी क्रम में थोड़ा ऊपर भेजना होगा। दिनेश कार्तिक पहले ही शानदार फॉर्म में हैं, बस, जरुरत है तो एक बेहतरीन शुरुआत की। इस मैच में अगर लसिथ मलिंगा टीम में वापसी करते हैं तो मुंबई की गेंदबाजी को और मजबूती मिलेगी। मुकाबला क्योंकि चार बजे शुरू होगा, तो ओस शायद ही दोनों टीमों के लिए किसी तरह की परेशानी पेश कर पाए। दिल्ली को अपने दोनों शुरुआती मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा था। ईडन गार्डन्स में खेले गए पहले मुकाबले में उसे कोलकाता नाइट राइडर्स के हाथों पटखनी मिली थी। साथ ही अपने घर में हुए दूसरे मैच में उसे राजस्थान रॉयल्स से पांच रन से हार झेलनी पड़ी थी। दिल्ली की ओर से डेविड वार्नर और कप्तान माहेला जयवर्धने के अलावा कोई बल्लेबाज खास प्रदर्शन नहीं कर पाया है। वीरेंद्र सहवाग का इस मैच में खेलना अभी भी तय नहीं है। गेंदबाजी में भी दिल्ली की टीम अपनी छाप छोड़ने में नाकाम रही है। आशीष नेहरा, उमेश यादव और इरफान पठान अपेक्षा के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। दोनों मैचों में हार के बाद दिल्ली पर इस सिलसिले को तोड़ने का दबाव होगा।टिप्पणियां वहीं, दूसरी ओर अपने घर में होने वाले इस मुकाबले के लिए मुंबई पर कम दवाब होगा, क्योंकि उसने चेन्नई सुपर किंग्स को उसी के घर में मात दी है। मुंबई के लिए सलामी बल्लेबाजों का टीम के लिए अच्छी शुरुआत न दिला पाना एक चिंता का कारण है। साथ ही अगर उसे एक बड़ा स्कोर खड़ा करना होगा तो अपने ताकतवर खिलाड़ी कीरन पोलार्ड को बल्लेबाजी क्रम में थोड़ा ऊपर भेजना होगा। दिनेश कार्तिक पहले ही शानदार फॉर्म में हैं, बस, जरुरत है तो एक बेहतरीन शुरुआत की। इस मैच में अगर लसिथ मलिंगा टीम में वापसी करते हैं तो मुंबई की गेंदबाजी को और मजबूती मिलेगी। मुकाबला क्योंकि चार बजे शुरू होगा, तो ओस शायद ही दोनों टीमों के लिए किसी तरह की परेशानी पेश कर पाए। दिल्ली की ओर से डेविड वार्नर और कप्तान माहेला जयवर्धने के अलावा कोई बल्लेबाज खास प्रदर्शन नहीं कर पाया है। वीरेंद्र सहवाग का इस मैच में खेलना अभी भी तय नहीं है। गेंदबाजी में भी दिल्ली की टीम अपनी छाप छोड़ने में नाकाम रही है। आशीष नेहरा, उमेश यादव और इरफान पठान अपेक्षा के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। दोनों मैचों में हार के बाद दिल्ली पर इस सिलसिले को तोड़ने का दबाव होगा।टिप्पणियां वहीं, दूसरी ओर अपने घर में होने वाले इस मुकाबले के लिए मुंबई पर कम दवाब होगा, क्योंकि उसने चेन्नई सुपर किंग्स को उसी के घर में मात दी है। मुंबई के लिए सलामी बल्लेबाजों का टीम के लिए अच्छी शुरुआत न दिला पाना एक चिंता का कारण है। साथ ही अगर उसे एक बड़ा स्कोर खड़ा करना होगा तो अपने ताकतवर खिलाड़ी कीरन पोलार्ड को बल्लेबाजी क्रम में थोड़ा ऊपर भेजना होगा। दिनेश कार्तिक पहले ही शानदार फॉर्म में हैं, बस, जरुरत है तो एक बेहतरीन शुरुआत की। इस मैच में अगर लसिथ मलिंगा टीम में वापसी करते हैं तो मुंबई की गेंदबाजी को और मजबूती मिलेगी। मुकाबला क्योंकि चार बजे शुरू होगा, तो ओस शायद ही दोनों टीमों के लिए किसी तरह की परेशानी पेश कर पाए। आशीष नेहरा, उमेश यादव और इरफान पठान अपेक्षा के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। दोनों मैचों में हार के बाद दिल्ली पर इस सिलसिले को तोड़ने का दबाव होगा।टिप्पणियां वहीं, दूसरी ओर अपने घर में होने वाले इस मुकाबले के लिए मुंबई पर कम दवाब होगा, क्योंकि उसने चेन्नई सुपर किंग्स को उसी के घर में मात दी है। मुंबई के लिए सलामी बल्लेबाजों का टीम के लिए अच्छी शुरुआत न दिला पाना एक चिंता का कारण है। साथ ही अगर उसे एक बड़ा स्कोर खड़ा करना होगा तो अपने ताकतवर खिलाड़ी कीरन पोलार्ड को बल्लेबाजी क्रम में थोड़ा ऊपर भेजना होगा। दिनेश कार्तिक पहले ही शानदार फॉर्म में हैं, बस, जरुरत है तो एक बेहतरीन शुरुआत की। इस मैच में अगर लसिथ मलिंगा टीम में वापसी करते हैं तो मुंबई की गेंदबाजी को और मजबूती मिलेगी। मुकाबला क्योंकि चार बजे शुरू होगा, तो ओस शायद ही दोनों टीमों के लिए किसी तरह की परेशानी पेश कर पाए। वहीं, दूसरी ओर अपने घर में होने वाले इस मुकाबले के लिए मुंबई पर कम दवाब होगा, क्योंकि उसने चेन्नई सुपर किंग्स को उसी के घर में मात दी है। मुंबई के लिए सलामी बल्लेबाजों का टीम के लिए अच्छी शुरुआत न दिला पाना एक चिंता का कारण है। साथ ही अगर उसे एक बड़ा स्कोर खड़ा करना होगा तो अपने ताकतवर खिलाड़ी कीरन पोलार्ड को बल्लेबाजी क्रम में थोड़ा ऊपर भेजना होगा। दिनेश कार्तिक पहले ही शानदार फॉर्म में हैं, बस, जरुरत है तो एक बेहतरीन शुरुआत की। इस मैच में अगर लसिथ मलिंगा टीम में वापसी करते हैं तो मुंबई की गेंदबाजी को और मजबूती मिलेगी। मुकाबला क्योंकि चार बजे शुरू होगा, तो ओस शायद ही दोनों टीमों के लिए किसी तरह की परेशानी पेश कर पाए। इस मैच में अगर लसिथ मलिंगा टीम में वापसी करते हैं तो मुंबई की गेंदबाजी को और मजबूती मिलेगी। मुकाबला क्योंकि चार बजे शुरू होगा, तो ओस शायद ही दोनों टीमों के लिए किसी तरह की परेशानी पेश कर पाए।
संक्षिप्त सारांश: इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के छठे संस्करण के तहत मंगलवार को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में मुंबई इंडियंस का सामना दिल्ली डेयरडेविल्स से होगा।
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['hin']