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एक सारांश बनाओ: केरल के तिरुवनंतपुरम में सड़क दुर्घटना में घायल एक शख्‍स ने एम्‍बुलेंस में पेशाब कर दिया. इसके बाद प्राइवेट एंबुलेंस चालक उस घायल शख्‍स को केरल के थ्रिसुर मेडिकल कॉलेज के बाहर स्‍ट्रेचर में उलटा छोड़कर चला गया. एक प्रत्‍यक्षदर्शी ने घटना का पूरा वीडियो शूट किया है और इसे सोशल मीडिया में शेयर भी किया है.  इस वीडियो में दिखाई दे रहा है कि घायल शख्‍स का स्‍ट्रेचर उल्‍टा है जिसका एक हिस्‍सा एंबुलेंस के अंदर है और दूसरा हिस्‍सा जिस तरफ मरीज का सिर है वह जमीन पर है. पुलिस ने एंबुलेंस ड्राइवर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और ड्राइवर की पहचान भी हो गई है.  बताया जा रहा है कि 20 मार्च को एक सड़क दुर्घटना में यह शख्‍स घायल हो गया था. इस सड़क दुर्घटना में वह गंभीर रूप से घायल हो गया था और उसके सिर पर भी कई चोटें आई थीं. उसे पहले पलक्कड़ के अस्‍पताल में भर्ती कराया गया है और उसके बाद उसे थ्रिसुर के अस्‍पताल में बेहतर इलाज के लिए भेजा जा रहा था. पुलिस के मुताबिक यह घटना रात 8.30 बजे की घटना है. टिप्पणियां थ्रिसुर से पलक्‍कड़ ले जाते वक्‍त घायल शख्‍स के साथ उसके परिवार या रिश्‍तेदार में से कोई भी एंबुलेंस में मौजूद नहीं था. इसलिए पलक्‍कड़ अस्‍पताल का स्‍टॉफ मेंबर एबुलेंस में था.  पुलिस सूत्रों ने एनडीटीवी को बताया कि एंबुलेंस में मौजूद स्‍टॉफ अस्‍पताल के अंदर दौड़कर ग्लव्स लेने के लिए गया तब तक ड्राइवर ने स्‍ट्रेचर को बाहर निकाल दिया था. इस दौरान घायल स्‍टॉफ के दो सदस्‍यों ने उसे उठाया और व्‍हीलचेयर की मदद से अस्‍पताल के अंदर लेकर गए. जहां इलाज के दौरान शनिवार को उसकी मौत हो गई.    इस वीडियो में दिखाई दे रहा है कि घायल शख्‍स का स्‍ट्रेचर उल्‍टा है जिसका एक हिस्‍सा एंबुलेंस के अंदर है और दूसरा हिस्‍सा जिस तरफ मरीज का सिर है वह जमीन पर है. पुलिस ने एंबुलेंस ड्राइवर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और ड्राइवर की पहचान भी हो गई है.  बताया जा रहा है कि 20 मार्च को एक सड़क दुर्घटना में यह शख्‍स घायल हो गया था. इस सड़क दुर्घटना में वह गंभीर रूप से घायल हो गया था और उसके सिर पर भी कई चोटें आई थीं. उसे पहले पलक्कड़ के अस्‍पताल में भर्ती कराया गया है और उसके बाद उसे थ्रिसुर के अस्‍पताल में बेहतर इलाज के लिए भेजा जा रहा था. पुलिस के मुताबिक यह घटना रात 8.30 बजे की घटना है. टिप्पणियां थ्रिसुर से पलक्‍कड़ ले जाते वक्‍त घायल शख्‍स के साथ उसके परिवार या रिश्‍तेदार में से कोई भी एंबुलेंस में मौजूद नहीं था. इसलिए पलक्‍कड़ अस्‍पताल का स्‍टॉफ मेंबर एबुलेंस में था.  पुलिस सूत्रों ने एनडीटीवी को बताया कि एंबुलेंस में मौजूद स्‍टॉफ अस्‍पताल के अंदर दौड़कर ग्लव्स लेने के लिए गया तब तक ड्राइवर ने स्‍ट्रेचर को बाहर निकाल दिया था. इस दौरान घायल स्‍टॉफ के दो सदस्‍यों ने उसे उठाया और व्‍हीलचेयर की मदद से अस्‍पताल के अंदर लेकर गए. जहां इलाज के दौरान शनिवार को उसकी मौत हो गई.    बताया जा रहा है कि 20 मार्च को एक सड़क दुर्घटना में यह शख्‍स घायल हो गया था. इस सड़क दुर्घटना में वह गंभीर रूप से घायल हो गया था और उसके सिर पर भी कई चोटें आई थीं. उसे पहले पलक्कड़ के अस्‍पताल में भर्ती कराया गया है और उसके बाद उसे थ्रिसुर के अस्‍पताल में बेहतर इलाज के लिए भेजा जा रहा था. पुलिस के मुताबिक यह घटना रात 8.30 बजे की घटना है. टिप्पणियां थ्रिसुर से पलक्‍कड़ ले जाते वक्‍त घायल शख्‍स के साथ उसके परिवार या रिश्‍तेदार में से कोई भी एंबुलेंस में मौजूद नहीं था. इसलिए पलक्‍कड़ अस्‍पताल का स्‍टॉफ मेंबर एबुलेंस में था.  पुलिस सूत्रों ने एनडीटीवी को बताया कि एंबुलेंस में मौजूद स्‍टॉफ अस्‍पताल के अंदर दौड़कर ग्लव्स लेने के लिए गया तब तक ड्राइवर ने स्‍ट्रेचर को बाहर निकाल दिया था. इस दौरान घायल स्‍टॉफ के दो सदस्‍यों ने उसे उठाया और व्‍हीलचेयर की मदद से अस्‍पताल के अंदर लेकर गए. जहां इलाज के दौरान शनिवार को उसकी मौत हो गई.    थ्रिसुर से पलक्‍कड़ ले जाते वक्‍त घायल शख्‍स के साथ उसके परिवार या रिश्‍तेदार में से कोई भी एंबुलेंस में मौजूद नहीं था. इसलिए पलक्‍कड़ अस्‍पताल का स्‍टॉफ मेंबर एबुलेंस में था.  पुलिस सूत्रों ने एनडीटीवी को बताया कि एंबुलेंस में मौजूद स्‍टॉफ अस्‍पताल के अंदर दौड़कर ग्लव्स लेने के लिए गया तब तक ड्राइवर ने स्‍ट्रेचर को बाहर निकाल दिया था. इस दौरान घायल स्‍टॉफ के दो सदस्‍यों ने उसे उठाया और व्‍हीलचेयर की मदद से अस्‍पताल के अंदर लेकर गए. जहां इलाज के दौरान शनिवार को उसकी मौत हो गई.    पुलिस सूत्रों ने एनडीटीवी को बताया कि एंबुलेंस में मौजूद स्‍टॉफ अस्‍पताल के अंदर दौड़कर ग्लव्स लेने के लिए गया तब तक ड्राइवर ने स्‍ट्रेचर को बाहर निकाल दिया था. इस दौरान घायल स्‍टॉफ के दो सदस्‍यों ने उसे उठाया और व्‍हीलचेयर की मदद से अस्‍पताल के अंदर लेकर गए. जहां इलाज के दौरान शनिवार को उसकी मौत हो गई.
केरल के तिरुवनंतपुरम की घटना एक प्रत्‍यक्षदर्शी ने घटना का पूरा वीडियो शूट किया है पुलिस ने एंबुलेंस ड्राइवर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है
26
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: निर्माता के तौर पर अपनी पहली फिल्म 'इश्क इन पेरिस' की शूटिंग में व्यस्त बॉलीवुड अभिनेत्री प्रीति जिंटा का कहना है कि फ्रांसीसी और भारतीय साथियों के साथ माइनस 21 डिग्री सेल्सियस तापमान में शूटिंग करना एक बड़ा सुखद अनुभव था।टिप्पणियां प्रीति ने अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा, "मैं फ्रांसीसी साथियों को उनकी कड़ी मेहनत और प्रयासों के लिए शुक्रिया देती हूं। साथ ही शूटिंग के दौरान सेट पर आने वाले सभी प्रशंसकों को भी मैं धन्यवाद देना चाहूंगी इसके साथ ही मैं भारतीय साथियों की भी आभारी हूं, जिन्होंने माइनस 21 डिग्री सेल्सियस तापमान में शूटिंग की और कभी शिकायत नहीं की। यह आश्चर्यजनक है कि हम किस तरह कई बार कड़ी परिस्थितियों का अनुभव भी नहीं करते।" प्रेम सोनी के निर्देशन में बनी 'इश्क इन पेरिस' एक इंडो-फ्रांसीसी निर्माण है। इस फिल्म में प्रीति आधी भारतीय और आधी फ्रांसीसी लड़की का किरदार निभा रही हैं, जो पेरिस में इश्क कर बैठती है। प्रीति ने अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा, "मैं फ्रांसीसी साथियों को उनकी कड़ी मेहनत और प्रयासों के लिए शुक्रिया देती हूं। साथ ही शूटिंग के दौरान सेट पर आने वाले सभी प्रशंसकों को भी मैं धन्यवाद देना चाहूंगी इसके साथ ही मैं भारतीय साथियों की भी आभारी हूं, जिन्होंने माइनस 21 डिग्री सेल्सियस तापमान में शूटिंग की और कभी शिकायत नहीं की। यह आश्चर्यजनक है कि हम किस तरह कई बार कड़ी परिस्थितियों का अनुभव भी नहीं करते।" प्रेम सोनी के निर्देशन में बनी 'इश्क इन पेरिस' एक इंडो-फ्रांसीसी निर्माण है। इस फिल्म में प्रीति आधी भारतीय और आधी फ्रांसीसी लड़की का किरदार निभा रही हैं, जो पेरिस में इश्क कर बैठती है। प्रेम सोनी के निर्देशन में बनी 'इश्क इन पेरिस' एक इंडो-फ्रांसीसी निर्माण है। इस फिल्म में प्रीति आधी भारतीय और आधी फ्रांसीसी लड़की का किरदार निभा रही हैं, जो पेरिस में इश्क कर बैठती है।
प्रीति ने लिखा, मैं फ्रांसीसी साथियों को उनकी कड़ी मेहनत और प्रयासों के लिए शुक्रिया देती हूं जिन्होंने माइनस 21 डिग्री सेल्सियस तापमान में शूटिंग की।
1
['hin']
एक सारांश बनाओ: अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने आज नकदी संकट से जूझ रहे पाकिस्तान को 10.21 करोड़ डॉलर जारी किए हैं. पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था में सुधार और उसके पुनर्गठन के लिए आईएमएफ की तरफ से दी जा रही वित्तीय सहायता की यह आखिरी किस्त है. आईएमएफ ने सितंबर, 2013 में पाकिस्तान को आर्थिक मदद देने के लिए 6.15 अरब डॉलर का पैकेज मंजूर किया था. आईएमएफ कार्यकारी बोर्ड की कार्यवाहक चेयर और उप-प्रबंध निदेशक मितसुहिरो फुरसावा ने कहा, इस पैकेज के पूरा होने के बाद भी पाकिस्तान के लिए उल्लेखनीय चुनौतियां बनीं रहेंगी. ऐसे में प्रशासन की वृहद आर्थिक स्थायित्व को बनाए रखने और आर्थिक वृद्धि को समर्थन देने वाले समर्थित सुधारों को बढ़ाने की प्रतिबद्धता सराहनीय है.टिप्पणियां फुरसावा ने कहा कि पाकिस्तान को दिए जाने वाले इस कोष से देश की वृहद आर्थिक स्थायित्व को बेहतर बनाने और उसकी संवेदनशीलता को कम करने में मदद मिलेगी. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) आईएमएफ कार्यकारी बोर्ड की कार्यवाहक चेयर और उप-प्रबंध निदेशक मितसुहिरो फुरसावा ने कहा, इस पैकेज के पूरा होने के बाद भी पाकिस्तान के लिए उल्लेखनीय चुनौतियां बनीं रहेंगी. ऐसे में प्रशासन की वृहद आर्थिक स्थायित्व को बनाए रखने और आर्थिक वृद्धि को समर्थन देने वाले समर्थित सुधारों को बढ़ाने की प्रतिबद्धता सराहनीय है.टिप्पणियां फुरसावा ने कहा कि पाकिस्तान को दिए जाने वाले इस कोष से देश की वृहद आर्थिक स्थायित्व को बेहतर बनाने और उसकी संवेदनशीलता को कम करने में मदद मिलेगी. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) फुरसावा ने कहा कि पाकिस्तान को दिए जाने वाले इस कोष से देश की वृहद आर्थिक स्थायित्व को बेहतर बनाने और उसकी संवेदनशीलता को कम करने में मदद मिलेगी. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
आईएमएफ ने 6.15 अरब डॉलर का पैकेज मंजूर किया था इस मदद की यह आखिरी किस्त है कोष से पाकिस्तान के आर्थिक स्थायित्व को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी
26
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: गायिका ब्रिटनी स्पीयर्स ने अपने नए संगीत एल्बम के गीत 'वर्क बिच' की वीडियो फिल्म में अजीबो गरीब कपड़े पहने हैं। उन्होंने गीत के वीडियो फिल्म की कुछ तस्वीरें इंटरनेट पर भी साझा की हैं।टिप्पणियां वेबसाइट के अनुसार, 25 वर्षीया स्पीयर्स ने वीडियो फिल्म की शूटिंग में से अपनी एक उत्तेजक तस्वीर इंटरनेट पर साक्षा की। तस्वीर के साथ उन्होंने ट्विटर पर लिखा, सेट पर माहौल काफी गर्म रहा, थोड़ी गंदगी, थोड़ी छेड़छाड़। स्पीयर्स ने इस बात की ओर इशारा किया कि उनके गीत की वीडियो रेगिस्तान में फिल्माई गई है। वेबसाइट के अनुसार, 25 वर्षीया स्पीयर्स ने वीडियो फिल्म की शूटिंग में से अपनी एक उत्तेजक तस्वीर इंटरनेट पर साक्षा की। तस्वीर के साथ उन्होंने ट्विटर पर लिखा, सेट पर माहौल काफी गर्म रहा, थोड़ी गंदगी, थोड़ी छेड़छाड़। स्पीयर्स ने इस बात की ओर इशारा किया कि उनके गीत की वीडियो रेगिस्तान में फिल्माई गई है। स्पीयर्स ने इस बात की ओर इशारा किया कि उनके गीत की वीडियो रेगिस्तान में फिल्माई गई है।
संक्षिप्त पाठ: गायिका ब्रिटनी स्पीयर्स ने अपने नए संगीत एल्बम के गीत 'वर्क बिच' की वीडियो फिल्म में अजीबोगरीब कपड़े पहने हैं।
22
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: दिल्ली में बुधवार को दिल दहला देने वाली एक घटना में एक महिला ने अपनी बेटी को वाशिंग मशीन में डुबोकर और पानी से भरी बाल्टी में बेटे को डुबोकर कथित तौर पर हत्या करने के बाद खुद भी आत्महत्या कर ली। मंडावली में हुई इस घटना का पता उस समय लगा जब महिला का पति देवेंद्र यादव दोपहर को घर पहुंचा। घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ।टिप्पणियां एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि 30-वर्षीय सरिता ने छह-वर्षीय अपनी बेटी को वाशिंग मशीन के पानी और 11 वर्षीय बेटे को बाल्टी के पानी में डुबोकर उनकी कथित रूप से हत्या कर दी। इसके बाद उसने अपने दो मंजिला घर की पहली मंजिल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। जांचकर्ताओं ने कहा कि उन्होंने इस मामले में किसी साजिश की संभावना से इनकार नहीं किया है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। देवेंद्र की बुजुर्ग मां घर के भूतल में थी। एक पड़ोसी ने पुलिस को बताया कि उसने महिला के घर से मंगलवार देर रात बहस होने की आवाजें सुनी थीं। मंडावली में हुई इस घटना का पता उस समय लगा जब महिला का पति देवेंद्र यादव दोपहर को घर पहुंचा। घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ।टिप्पणियां एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि 30-वर्षीय सरिता ने छह-वर्षीय अपनी बेटी को वाशिंग मशीन के पानी और 11 वर्षीय बेटे को बाल्टी के पानी में डुबोकर उनकी कथित रूप से हत्या कर दी। इसके बाद उसने अपने दो मंजिला घर की पहली मंजिल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। जांचकर्ताओं ने कहा कि उन्होंने इस मामले में किसी साजिश की संभावना से इनकार नहीं किया है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। देवेंद्र की बुजुर्ग मां घर के भूतल में थी। एक पड़ोसी ने पुलिस को बताया कि उसने महिला के घर से मंगलवार देर रात बहस होने की आवाजें सुनी थीं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि 30-वर्षीय सरिता ने छह-वर्षीय अपनी बेटी को वाशिंग मशीन के पानी और 11 वर्षीय बेटे को बाल्टी के पानी में डुबोकर उनकी कथित रूप से हत्या कर दी। इसके बाद उसने अपने दो मंजिला घर की पहली मंजिल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। जांचकर्ताओं ने कहा कि उन्होंने इस मामले में किसी साजिश की संभावना से इनकार नहीं किया है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। देवेंद्र की बुजुर्ग मां घर के भूतल में थी। एक पड़ोसी ने पुलिस को बताया कि उसने महिला के घर से मंगलवार देर रात बहस होने की आवाजें सुनी थीं। जांचकर्ताओं ने कहा कि उन्होंने इस मामले में किसी साजिश की संभावना से इनकार नहीं किया है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। देवेंद्र की बुजुर्ग मां घर के भूतल में थी। एक पड़ोसी ने पुलिस को बताया कि उसने महिला के घर से मंगलवार देर रात बहस होने की आवाजें सुनी थीं।
सारांश: दिल दहला देने वाली एक घटना में एक महिला ने अपनी बेटी को वाशिंग मशीन में डुबोकर और पानी से भरी बाल्टी में बेटे को डुबोकर कथित तौर पर हत्या करने के बाद खुद भी आत्महत्या कर ली।
33
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: एशिया कप क्रिकेट टूर्नामेंट की भारतीय टीम का चयन करने के लिए बीसीसीआई की सीनियर चयन समिति की बैठक अब एक दिन पहले 29 फरवरी को होगी। महिला चयन समिति भी इसी दिन बैठक करके 12 मार्च से ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शुरू हो रही वनडे और टी-20 मैचों की घरेलू शृंखला के लिए टीम का चयन करेगी। बीसीसीआई सचिव संजय जगदाले ने एक बयान में कहा, ‘‘अखिल भारतीय सीनियर चयन समिति और अखिल भारतीय महिला चयन समिति क्रमश: एशिया कप और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू शृंखला की भारतीय टीमों के चयन के लिए मुंबई के क्रिकेट सेंटर में 1 मार्च की जगह बुधवार 29 फरवरी को बैठक करेंगी।’’टिप्पणियां ऑस्ट्रेलिया के मौजूदा दौरे पर टीम के लचर प्रदर्शन के बाद यह देखना अहम होगा कि मौजूदा टीम के कितने सदस्य 11 से 22 मार्च तक ढाका में होने वाले एशिया कप की टीम में अपनी जगह बचाने में सफल रहते हैं। भारत को टूर्नामेंट के अपने पहले मैच में 13 मार्च को श्रीलंका से भिड़ना है, जबकि टूर्नामेंट की दो अन्य टीमें पाकिस्तान और मेजबान बांग्लादेश हैं। बीसीसीआई सचिव संजय जगदाले ने एक बयान में कहा, ‘‘अखिल भारतीय सीनियर चयन समिति और अखिल भारतीय महिला चयन समिति क्रमश: एशिया कप और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू शृंखला की भारतीय टीमों के चयन के लिए मुंबई के क्रिकेट सेंटर में 1 मार्च की जगह बुधवार 29 फरवरी को बैठक करेंगी।’’टिप्पणियां ऑस्ट्रेलिया के मौजूदा दौरे पर टीम के लचर प्रदर्शन के बाद यह देखना अहम होगा कि मौजूदा टीम के कितने सदस्य 11 से 22 मार्च तक ढाका में होने वाले एशिया कप की टीम में अपनी जगह बचाने में सफल रहते हैं। भारत को टूर्नामेंट के अपने पहले मैच में 13 मार्च को श्रीलंका से भिड़ना है, जबकि टूर्नामेंट की दो अन्य टीमें पाकिस्तान और मेजबान बांग्लादेश हैं। ऑस्ट्रेलिया के मौजूदा दौरे पर टीम के लचर प्रदर्शन के बाद यह देखना अहम होगा कि मौजूदा टीम के कितने सदस्य 11 से 22 मार्च तक ढाका में होने वाले एशिया कप की टीम में अपनी जगह बचाने में सफल रहते हैं। भारत को टूर्नामेंट के अपने पहले मैच में 13 मार्च को श्रीलंका से भिड़ना है, जबकि टूर्नामेंट की दो अन्य टीमें पाकिस्तान और मेजबान बांग्लादेश हैं। भारत को टूर्नामेंट के अपने पहले मैच में 13 मार्च को श्रीलंका से भिड़ना है, जबकि टूर्नामेंट की दो अन्य टीमें पाकिस्तान और मेजबान बांग्लादेश हैं।
संक्षिप्त सारांश: एशिया कप क्रिकेट टूर्नामेंट की भारतीय टीम का चयन करने के लिए बीसीसीआई की सीनियर चयन समिति की बैठक अब एक दिन पहले 29 फरवरी को होगी।
0
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारत के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई (Ranjan Gogoi) की सुरक्षा, सिक्योरिटी एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बन गई है. इस मामले पर गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और इंटेलीजेंस ब्यूरो ने एक मीटिंग के दौरान चर्चा की. एएनआई के मुताबिक मीटिंग में इस बात पर चर्चा हुई कि सीजेआई की सुरक्षा बहुत कमजोर है. दिल्ली पुलिस के ज्वाइंट सीपी सिक्योरिटी आईडी शुक्ला के आधिकारिक पत्र में लिखा है, 'चर्चा के दौरान यह मुद्दा उठाया गया था कि दिल्ली पुलिस के सुरक्षा इंतजाम बहुत कमजोर हैं क्योंकि कोई भी शख्स सीजेआई को माला पहना सकता है और उनके साथ सेल्फी ले सकता है. इस तरह की चीजों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और इसे फौरन रोकना होगा.' हाईलेवल की मीटिंग के बाद सीजेआई की सुरक्षा से जुड़ी एजेंसियों को कहा गया है कि उनके(सीजेआई) काफिले की पार्किंग को सुरक्षित करने के लिए या तो एक करीबी निकटता टीम या एक करीबी रिंग टीम को तैनात करें.  पत्र में कहा गया, 'वर्तमान सुरक्षा परिदृश्य के लिए आवश्यक है कि सभी हितधारकों को अतिरिक्त कदम उठाने चाहिए.'
यह एक सारांश है: केंद्र ने चीफ जस्टिस की सुरक्षा समीक्षा की चिंता जताते हुए कहा- कोई भी CJI को माला पहना सकता है 'कोई भी CJI के साथ सेल्फी ले सकता है'
16
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बॉलीवुड अभिनेता रणबीर कपूर ने टी-20 क्रिकेट के इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) टूर्नामेंट के दौरान हुई स्पॉट फिक्सिंग को शर्मनाक करार देते हुए कहा कि दोषियों को सजा मिलनी ही चाहिए, वर्ना ईमानदारी के साथ खेलने वाले खिलाड़ियों के साथ नाइंसाफी होगी। एक कार्यक्रम के दौरान रणबीर कपूर ने कहा, "आईपीएल वर्तमान में एक बहुत बड़ी खेल प्रतिस्पर्धा बन चुका है और इसमें इस तरह की घटना का होना दुर्भाग्यपूर्ण है।"टिप्पणियां उन्होंने कहा, "ऐसी घटना का कोई औचित्य नहीं है और मैं उम्मीद करता हूं कि दोषियों को इसकी सजा जरूर मिलेगी। यह उन लोगों के साथ नाइंसाफी है, जो ईमानदारी से खेल रहे हैं।" दरअसल, स्पॉट फिक्सिंग के मामले में अभिनेता विंदू दारा सिंह की गिरफ्तारी से बॉलीवुड भी दागदार हुआ है। पूछताछ के दौरान विंदू ने बॉलीवुड के कुछ नाम उजागर किए हैं, जिसके बाद पुलिस की कड़ी नजर फिल्म उद्योग पर भी है। एक कार्यक्रम के दौरान रणबीर कपूर ने कहा, "आईपीएल वर्तमान में एक बहुत बड़ी खेल प्रतिस्पर्धा बन चुका है और इसमें इस तरह की घटना का होना दुर्भाग्यपूर्ण है।"टिप्पणियां उन्होंने कहा, "ऐसी घटना का कोई औचित्य नहीं है और मैं उम्मीद करता हूं कि दोषियों को इसकी सजा जरूर मिलेगी। यह उन लोगों के साथ नाइंसाफी है, जो ईमानदारी से खेल रहे हैं।" दरअसल, स्पॉट फिक्सिंग के मामले में अभिनेता विंदू दारा सिंह की गिरफ्तारी से बॉलीवुड भी दागदार हुआ है। पूछताछ के दौरान विंदू ने बॉलीवुड के कुछ नाम उजागर किए हैं, जिसके बाद पुलिस की कड़ी नजर फिल्म उद्योग पर भी है। उन्होंने कहा, "ऐसी घटना का कोई औचित्य नहीं है और मैं उम्मीद करता हूं कि दोषियों को इसकी सजा जरूर मिलेगी। यह उन लोगों के साथ नाइंसाफी है, जो ईमानदारी से खेल रहे हैं।" दरअसल, स्पॉट फिक्सिंग के मामले में अभिनेता विंदू दारा सिंह की गिरफ्तारी से बॉलीवुड भी दागदार हुआ है। पूछताछ के दौरान विंदू ने बॉलीवुड के कुछ नाम उजागर किए हैं, जिसके बाद पुलिस की कड़ी नजर फिल्म उद्योग पर भी है। दरअसल, स्पॉट फिक्सिंग के मामले में अभिनेता विंदू दारा सिंह की गिरफ्तारी से बॉलीवुड भी दागदार हुआ है। पूछताछ के दौरान विंदू ने बॉलीवुड के कुछ नाम उजागर किए हैं, जिसके बाद पुलिस की कड़ी नजर फिल्म उद्योग पर भी है।
यह एक सारांश है: अभिनेता रणबीर कपूर ने कहा, आईपीएल बहुत बड़ी प्रतिस्पर्धा है और इसमें ऐसा होना दुर्भाग्यपूर्ण है... उन्होंने उम्मीद जताई कि दोषियों को सजा जरूर मिलेगी, वरना यह ईमानदारी से खेलने वालों के साथ नाइंसाफी होगी।
9
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: महाराष्ट्र की मंत्री और अपनी चचेरी बहन पंकजा मुंडे (Pankaja Munde) पर एक चुनाव रैली में कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में एनसीपी नेता धनंजय मुंडे (Dhananjay Munde) के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. पुलिस के एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि मंत्री के खिलाफ एनसीपी नेता की टिप्पणियों वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था. इसके बाद बीड जिले के परली से ताल्लुक रखने वाले एक बीजेपी नेता ने शनिवार को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी. एनसीपी नेता ने हालांकि कहा कि जो वीडियो वायरल हुआ है, उससे छेड़छाड़ की गई है और वह फर्जी है. उनकी टिप्पणियों को 'तोड़ा-मरोड़ा' गया है. उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने के लिए उनके प्रतिद्वंद्वियों ने उन्हें ‘खलनायक' के रूप में पेश करने के लिए उनकी टिप्पणियों को ‘तोड़ा-मरोड़ा' है.  दोनों चचेरे भाई-बहन परली से चुनाव मैदान में हैं. धनंजय एनसीपी से तो पंकजा बीजेपी की उम्मीदवार हैं. मौजूदा बीजेपी विधायक पंकजा मुंडे पार्टी के दिवंगत नेता गोपीनाथ मुंडे की पुत्री हैं. महाराष्ट्र में सोमवार को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होगा. पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘परली भाजपा अध्यक्ष जुगल किशोर लोहिया की शिकायत पर शनिवार देर रात धनंजय मुंडे के खिलाफ भादंसं की धारा 500 (मानहानि), 509 (महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के लिए शब्द, हावभाव का इस्तेमाल) और 294 (सार्वजनिक स्थल पर अश्लील कृत्य) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई.''  लोहिया ने आरोप लगाया कि धनंजय ने पंकजा के खिलाफ 17 अक्टूबर को केज तहसील के विडा गांव में एक सार्वजनिक बैठक के दौरान अश्लील टिप्पणयां कीं. बीजेपी ने इस बारे में निर्वाचन आयोग और महिला आयोग से भी शिकायत की है. कुछ बीजेपी कार्यकर्ताओं ने यहां शनिवार रात शिरुर-कसार तहसील में एनसीपी नेता का पुतला भी जलाया. इस बीच, धनंजय मुंडे ने रविवार को यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि जानबूझकर उनकी छवि खराब करने और उन्हें ‘खलनायक' के रूप में पेश करने के लिए उनकी टिप्पणियों को तोड़-मरोड़कर सोशल मीडिया पर एक क्लिप वायरल की जा रही है. उन्होंने कहा, ‘‘विडा में दिए गए मेरे भाषण के साथ छेड़छाड़ की गई है. यह (प्रतिद्वंद्वियों द्वारा) मुझे खलनायक बनाकर चुनाव जीतने का खुला प्रयास है.''  धनंजय ने कहा, ‘‘मैं राजनीति में अपने खुद के दम पर सफल हुआ हूं. मैंने परली सीट का (2009 का उदाहरण देते हुए जब गोपीनाथ मुंडे ने अपनी बेटी को चुनाव मैदान में उतारा था) पंकजा मुंडे के लिए बलिदान कर दिया था.'' एनसीपी नेता ने रेखांकित किया कि उन्होंने विडा में गुरुवार को भाषण दिया था और क्लिप शनिवार को वायरल हुई. उन्होंने कहा, ‘‘शिकायतकर्ता ने मेरे भाषण की सीडी जमा नहीं की है और न ही पुलिस ने इसे प्रमाणित किया है. हमने भी इस विवाद पर शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने यह दर्ज नहीं की. विडा में दिए गए मेरे भाषण से छेड़छाड़ की गई और इस काम को हाल में भाजपा में प्रवेश करने वालों ने अंजाम दिया है.''  एनसीपी नेता ने कहा, ‘‘मैंने अपनी बहन का नाम नहीं लिया, मैंने कभी ऐसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया जिससे बहन-भाई के संबंधों पर असर पड़े. यह मेरे राजनीतिक करियर को खत्म करने का प्रयास है. हमारे परिवार में महिला सदस्यों की संख्या काफी है...मैं ऐसी कोई टिप्पणी नहीं करूंगा जो महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाती हो.'' इससे पहले शनिवार देर रात, धनंजय मुंडे ने फेसबुक पर एक बयान में कहा कि उनकी टिप्पणियों को ‘तोड़ा-मरोड़ा' गया है और वायरल वीडियो फर्जी है. उन्होंने कहा कि क्लिप की प्रामाणिकता की जांच फॉरेंसिक प्रयोगशाला में कराई जानी चाहिए. राज्य विधान परिषद में नेता विपक्ष ने कहा कि जिन लोगों ने वीडियो को संपादित किया है, उन्हें कम से कम बहन-भाई के पवित्र रिश्ते का तो सम्मान करना चाहिए था.
सारांश: क्लिप के साथ छेड़-छाड़ करने का लगाया आरोप दिवंगत नेता गोपीनाथ मुंडे की पुत्री हैं पंकजा मुंडे बीजेपी ने निर्वाचन आयोग और महिला आयोग से भी की शिकायत
31
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कश्मीर घाटी में पुलिस वालों को इन दिनों धमकियां खुले आम मिल रही हैं, कभी आतंकवादियों से तो कभी अलगवादियों से. इस वजह से कई-कई दिन तक पुलिस कर्मी अपने घर भी नहीं जाते हैं. कुलगाम के एसएसपी श्रीधर पाटिल दक्षिण कश्मीर की सड़कों में आपको पेट्रोलिंग करते हुए अक्सर दिखाई देते हैं. वे ऐसा इसलिए कर रहे हैं ताकि उनके सहयोगियों में विश्वास दुबारा पैदा हो. श्रीधर पाटिल ने एनडीटीवी इंडिया को बताया  "ज्यादातर पुलिस वाले कश्मीरी हैं, इसीलिए डरते हैं. घर नहीं जाते हैं इसलिए थानो में ही सोते हैं." दरअसल घाटी में पुलिस वालों को आम तौर पर धमकियां मिल रही हैं. हिज्बुल मुजाहिदीन ने पुलिस वालों को नौकरी छोड़कर उनका साथ देने के लिए कहा है. यही नहीं, अलगावादी नेता सैयद अली शाह गिलानी ने पुलिस वालों के नाम लेकर लोगों को उन पर हमला करने को कहा है.टिप्पणियां डीआईजी दक्षिण कश्मीर नीतीश कुमार का कहना है कि "कई ऐसे मामले सामने आए हैं लेकिन अच्छी बात यह है कि अगर धमकी मिलती है तो उनके आसपास वाले ही उन्हें बचाते भी हैं."   एनडीटीवी को मिली जानकारी के मुताबिक कई पुलिस वालों ने अपने इस्तीफे दे दिए हैं. कई डर के मारे अपने घर नहीं जाते हैं. यही वजह है कि अब अंदरूनी इलाकों में सेना तैनात की गई है. आजकल किसी की गिरफ्तारी करने जब लोकल पुलिस जाती है तो उसके साथ सेना की एक टुकड़ी भी होती है. उधर दक्षिण कश्मीर में बताया जा रहा है कि कई नौजवान लड़के घर से गायब हैं. माना जा रहा है कि वे हिज्बुल से जुड़ गए हैं. कुलगाम के एसएसपी श्रीधर पाटिल दक्षिण कश्मीर की सड़कों में आपको पेट्रोलिंग करते हुए अक्सर दिखाई देते हैं. वे ऐसा इसलिए कर रहे हैं ताकि उनके सहयोगियों में विश्वास दुबारा पैदा हो. श्रीधर पाटिल ने एनडीटीवी इंडिया को बताया  "ज्यादातर पुलिस वाले कश्मीरी हैं, इसीलिए डरते हैं. घर नहीं जाते हैं इसलिए थानो में ही सोते हैं." दरअसल घाटी में पुलिस वालों को आम तौर पर धमकियां मिल रही हैं. हिज्बुल मुजाहिदीन ने पुलिस वालों को नौकरी छोड़कर उनका साथ देने के लिए कहा है. यही नहीं, अलगावादी नेता सैयद अली शाह गिलानी ने पुलिस वालों के नाम लेकर लोगों को उन पर हमला करने को कहा है.टिप्पणियां डीआईजी दक्षिण कश्मीर नीतीश कुमार का कहना है कि "कई ऐसे मामले सामने आए हैं लेकिन अच्छी बात यह है कि अगर धमकी मिलती है तो उनके आसपास वाले ही उन्हें बचाते भी हैं."   एनडीटीवी को मिली जानकारी के मुताबिक कई पुलिस वालों ने अपने इस्तीफे दे दिए हैं. कई डर के मारे अपने घर नहीं जाते हैं. यही वजह है कि अब अंदरूनी इलाकों में सेना तैनात की गई है. आजकल किसी की गिरफ्तारी करने जब लोकल पुलिस जाती है तो उसके साथ सेना की एक टुकड़ी भी होती है. उधर दक्षिण कश्मीर में बताया जा रहा है कि कई नौजवान लड़के घर से गायब हैं. माना जा रहा है कि वे हिज्बुल से जुड़ गए हैं. दरअसल घाटी में पुलिस वालों को आम तौर पर धमकियां मिल रही हैं. हिज्बुल मुजाहिदीन ने पुलिस वालों को नौकरी छोड़कर उनका साथ देने के लिए कहा है. यही नहीं, अलगावादी नेता सैयद अली शाह गिलानी ने पुलिस वालों के नाम लेकर लोगों को उन पर हमला करने को कहा है.टिप्पणियां डीआईजी दक्षिण कश्मीर नीतीश कुमार का कहना है कि "कई ऐसे मामले सामने आए हैं लेकिन अच्छी बात यह है कि अगर धमकी मिलती है तो उनके आसपास वाले ही उन्हें बचाते भी हैं."   एनडीटीवी को मिली जानकारी के मुताबिक कई पुलिस वालों ने अपने इस्तीफे दे दिए हैं. कई डर के मारे अपने घर नहीं जाते हैं. यही वजह है कि अब अंदरूनी इलाकों में सेना तैनात की गई है. आजकल किसी की गिरफ्तारी करने जब लोकल पुलिस जाती है तो उसके साथ सेना की एक टुकड़ी भी होती है. उधर दक्षिण कश्मीर में बताया जा रहा है कि कई नौजवान लड़के घर से गायब हैं. माना जा रहा है कि वे हिज्बुल से जुड़ गए हैं. डीआईजी दक्षिण कश्मीर नीतीश कुमार का कहना है कि "कई ऐसे मामले सामने आए हैं लेकिन अच्छी बात यह है कि अगर धमकी मिलती है तो उनके आसपास वाले ही उन्हें बचाते भी हैं."   एनडीटीवी को मिली जानकारी के मुताबिक कई पुलिस वालों ने अपने इस्तीफे दे दिए हैं. कई डर के मारे अपने घर नहीं जाते हैं. यही वजह है कि अब अंदरूनी इलाकों में सेना तैनात की गई है. आजकल किसी की गिरफ्तारी करने जब लोकल पुलिस जाती है तो उसके साथ सेना की एक टुकड़ी भी होती है. उधर दक्षिण कश्मीर में बताया जा रहा है कि कई नौजवान लड़के घर से गायब हैं. माना जा रहा है कि वे हिज्बुल से जुड़ गए हैं. उधर दक्षिण कश्मीर में बताया जा रहा है कि कई नौजवान लड़के घर से गायब हैं. माना जा रहा है कि वे हिज्बुल से जुड़ गए हैं.
यहाँ एक सारांश है:थानों में ही सोते हैं कश्मीरी पुलिस कर्मी हिज्बुल ने कहा, नौकरी छोड़कर साथ दो गिलानी ने पुलिस वालों पर हमला करने को कहा
17
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान की सेना ने कहा कि उत्तरी वजीरिस्तान में उग्रवाद विरोधी अभियान चलाने के लिए उसके ऊपर कोई दबाव नहीं है और वह देश में स्वतंत्र अभियान चलाने की अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को इजाजत नहीं देगा। सेनाध्यक्ष जनरल अशफाक परवेज कयानी की अध्यक्षता में कोर कमाण्डरों की बैठक के बाद यह ऐलान किया गया। बैठक में अमेरिका के साथ सैन्य रिश्तों तथा अल कायदा नेता ओसामा बिन लादेन की मौत के बाद आंतरिक सुरक्षा की स्थिति की समीक्षा की गई। उत्तरी अफगानिस्तान में सैन्य अभियानों के बारे में खबरों पर चर्चा के दौरान कयानी ने कमाण्डरों को सूचित किया कि सेना एक सुविचारित अभियान योजना के तहत काम कर रही है और फिलहाल उस पर अभियान चलाने के लिए कोई दबाव नहीं है। उन्होंने कहा, जब कभी भी भावी अभियान चलाए जाएंगे वे राजनीतिक आम सहमति से होंगे। कयानी का ऐलान उत्तरी वजीरिस्तान में हक्कानी नेटवर्क जैसे गुटों के खिलाफ अभियान चलाने के लिए बढ़ते अमेरिकी दबाव संबंधी खबरों के बीच आया है। सेनाध्यक्ष ने उत्तरी वजीरिस्तान के लोगों से अपनी सरजमीं से सभी विदेशियों को बाहर निकालने तथा अपनी धरती और भाग्य का खुद निर्धारण करने की अपील की। कयानी ने कहा उत्तरी वजीरिस्तान में सेना लोगों को उनके प्रयासों में मदद के प्रति प्रतिबद्ध है।
सारांश: पाकिस्तान की सेना ने कहा कि उत्तरी वजीरिस्तान में उग्रवाद विरोधी अभियान चलाने के लिए उसके ऊपर कोई दबाव नहीं है।
31
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: अन्ना हजारे के साथ संयुक्त अनशन पर बैठने जा रहे योग गुरु रामदेव ने कालेधन को वापस लाने के लिए सरकार को अगस्त तक आरपार की लड़ाई की चेतावनी दी है। टीकरी कलां से राजघाट जाते वक्त रामदेव ने कहा कि देश में आर्थिक हालात बहुत खराब हैं, क्योंकि रुपया कमजोर होता जा रहा है और विकास दर नीचे आती जा रही है।टिप्पणियां आजाद हिंद ग्राम में नेताजी सुभाष चंद्र बोस को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्होंने कहा, हमें काला धन वापस लाना होगा। मैं इस देश के लोगों से इस लड़ाई में शामिल होने की अपील करता हूं। आज से हम काला धन वापस लाने के लिए इस लड़ाई को और तेज कर रहे हैं। हम चाहते हैं कि अगस्त तक सभी देशवासी इस आरपार की लड़ाई में शामिल हो जाएं। जंतर-मंतर पर होने वाले अनशन में हजारे और रामदेव एक साथ हैं, जहां दोनों 2014 के आम चुनावों को लेकर अपनी रणनीति की घोषणा कर सकते हैं। काला धन वापस लाने की मांग को लेकर एक दिन के इस अनशन के साथ साथ रामदेव के भारत स्वाभिमान आंदोलन द्वारा राज्यों की राजधानियों में भी प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। रामदेव के हिंदुत्व से जुड़े होने के कारण टीम अन्ना ने उनसे दूरियां बढ़ा ली थीं पर आज हजारे-रामदेव एक साल बाद किसी सार्वजनिक मंच पर साथ नजर आ रहे हैं। आजाद हिंद ग्राम में नेताजी सुभाष चंद्र बोस को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्होंने कहा, हमें काला धन वापस लाना होगा। मैं इस देश के लोगों से इस लड़ाई में शामिल होने की अपील करता हूं। आज से हम काला धन वापस लाने के लिए इस लड़ाई को और तेज कर रहे हैं। हम चाहते हैं कि अगस्त तक सभी देशवासी इस आरपार की लड़ाई में शामिल हो जाएं। जंतर-मंतर पर होने वाले अनशन में हजारे और रामदेव एक साथ हैं, जहां दोनों 2014 के आम चुनावों को लेकर अपनी रणनीति की घोषणा कर सकते हैं। काला धन वापस लाने की मांग को लेकर एक दिन के इस अनशन के साथ साथ रामदेव के भारत स्वाभिमान आंदोलन द्वारा राज्यों की राजधानियों में भी प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। रामदेव के हिंदुत्व से जुड़े होने के कारण टीम अन्ना ने उनसे दूरियां बढ़ा ली थीं पर आज हजारे-रामदेव एक साल बाद किसी सार्वजनिक मंच पर साथ नजर आ रहे हैं। जंतर-मंतर पर होने वाले अनशन में हजारे और रामदेव एक साथ हैं, जहां दोनों 2014 के आम चुनावों को लेकर अपनी रणनीति की घोषणा कर सकते हैं। काला धन वापस लाने की मांग को लेकर एक दिन के इस अनशन के साथ साथ रामदेव के भारत स्वाभिमान आंदोलन द्वारा राज्यों की राजधानियों में भी प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। रामदेव के हिंदुत्व से जुड़े होने के कारण टीम अन्ना ने उनसे दूरियां बढ़ा ली थीं पर आज हजारे-रामदेव एक साल बाद किसी सार्वजनिक मंच पर साथ नजर आ रहे हैं।
यहाँ एक सारांश है:अन्ना हजारे के साथ संयुक्त अनशन पर बैठने जा रहे योग गुरु रामदेव ने कालेधन को वापस लाने के लिए सरकार को अगस्त तक आरपार की लड़ाई की चेतावनी दी है।
4
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: नोटबंदी के बाद जमाओं में अप्रत्याशित उछाल को देखते हुए आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक और केनरा समेत कई बैंकों ने मियादी जमाओं पर ब्याज दरें एक प्रतिशत तक घटा दीं. आईसीआईसीआई बैंक और एचडीएफसी बैंक ने सावधि जमाओं (एफडी) के ब्याज दरों में 0.25 प्रतिशत तक की कमी की आज घोषणा की जबकि कोलकाता स्थित यूनाइटेड बैंक आफ इंडिया ने अल्पकालीन जमा पर ब्याज दर एक प्रतिशत घटा दी. यूनाइटेड बैंक ने कहा कि नई दरें 18 नवंबर से प्रभावी होंगी. वहीं केनरा बैंक ने जमा दरों में 0.05 प्रतिशत से 0.25 प्रतिशत तक की कटौती की है. आईसीआईसीआई बैंक की वेबसाइट के अनुसार 390 दिन से दो साल तक की सावधि जमाओं के लिए ब्याज दर में 0.15 प्रतिशत की कमी की गई है. यह गुरुवार से प्रभावी हो गई. आईसीआईसीआई बैंक अब इन जमाओं पर 7.10 प्रतिशत ब्याज देगा जबकि पहले यह दर 7.25 प्रतिशत थी.टिप्पणियां इस बीच एचडीएफसी बैंक ने एक से पांच करोड़ रुपये की जमाओं के लिए ब्याज दरों में 0.25 प्रतिशत की कटौती की है. बैंक की वेबसाइट के अनुसार नयी दरें गुरुवार से प्रभावी हो गईं. संशोधित ब्याज दर के साथ एक साल की मियादी जमा पर ब्याज दर 6.75 प्रतिशत होगी जो पहले 7.0 प्रतिशत थी. तीन साल से पांच साल की मियादी जमाओं पर ब्याज दर 6.75 प्रतिशत से घटाकर 6.5 प्रतिशत की गई है. सार्वजनिक क्षेत्र के केनरा बैंक ने कहा कि बैंक ने विभिन्न परिपक्वता अवधि की जमाओं पर ब्याज दरों में 0.05 प्रतिशत से 0.25 प्रतिशत तक की कमी है. बैंक के अनुसार नई दर 21 नवंबर से प्रभावी होगी. यूनाइटेड बैंक आफ इंडिया ने एक करोड़ रपये तक की जमा पर ब्याज दरों में 0.25 प्रतिशत से एक प्रतिशत तक की कटौती की है. यह कटौती 46 दिन से एक साल की मियादी जमाओं पर की गयी है. उल्लेखनीय है कि इससे पहले एसबीआई व एक्सिस बैंक भी इस तरह की पहल कर चुके हैं. आईसीआईसीआई बैंक और एचडीएफसी बैंक ने सावधि जमाओं (एफडी) के ब्याज दरों में 0.25 प्रतिशत तक की कमी की आज घोषणा की जबकि कोलकाता स्थित यूनाइटेड बैंक आफ इंडिया ने अल्पकालीन जमा पर ब्याज दर एक प्रतिशत घटा दी. यूनाइटेड बैंक ने कहा कि नई दरें 18 नवंबर से प्रभावी होंगी. वहीं केनरा बैंक ने जमा दरों में 0.05 प्रतिशत से 0.25 प्रतिशत तक की कटौती की है. आईसीआईसीआई बैंक की वेबसाइट के अनुसार 390 दिन से दो साल तक की सावधि जमाओं के लिए ब्याज दर में 0.15 प्रतिशत की कमी की गई है. यह गुरुवार से प्रभावी हो गई. आईसीआईसीआई बैंक अब इन जमाओं पर 7.10 प्रतिशत ब्याज देगा जबकि पहले यह दर 7.25 प्रतिशत थी.टिप्पणियां इस बीच एचडीएफसी बैंक ने एक से पांच करोड़ रुपये की जमाओं के लिए ब्याज दरों में 0.25 प्रतिशत की कटौती की है. बैंक की वेबसाइट के अनुसार नयी दरें गुरुवार से प्रभावी हो गईं. संशोधित ब्याज दर के साथ एक साल की मियादी जमा पर ब्याज दर 6.75 प्रतिशत होगी जो पहले 7.0 प्रतिशत थी. तीन साल से पांच साल की मियादी जमाओं पर ब्याज दर 6.75 प्रतिशत से घटाकर 6.5 प्रतिशत की गई है. सार्वजनिक क्षेत्र के केनरा बैंक ने कहा कि बैंक ने विभिन्न परिपक्वता अवधि की जमाओं पर ब्याज दरों में 0.05 प्रतिशत से 0.25 प्रतिशत तक की कमी है. बैंक के अनुसार नई दर 21 नवंबर से प्रभावी होगी. यूनाइटेड बैंक आफ इंडिया ने एक करोड़ रपये तक की जमा पर ब्याज दरों में 0.25 प्रतिशत से एक प्रतिशत तक की कटौती की है. यह कटौती 46 दिन से एक साल की मियादी जमाओं पर की गयी है. उल्लेखनीय है कि इससे पहले एसबीआई व एक्सिस बैंक भी इस तरह की पहल कर चुके हैं. वहीं केनरा बैंक ने जमा दरों में 0.05 प्रतिशत से 0.25 प्रतिशत तक की कटौती की है. आईसीआईसीआई बैंक की वेबसाइट के अनुसार 390 दिन से दो साल तक की सावधि जमाओं के लिए ब्याज दर में 0.15 प्रतिशत की कमी की गई है. यह गुरुवार से प्रभावी हो गई. आईसीआईसीआई बैंक अब इन जमाओं पर 7.10 प्रतिशत ब्याज देगा जबकि पहले यह दर 7.25 प्रतिशत थी.टिप्पणियां इस बीच एचडीएफसी बैंक ने एक से पांच करोड़ रुपये की जमाओं के लिए ब्याज दरों में 0.25 प्रतिशत की कटौती की है. बैंक की वेबसाइट के अनुसार नयी दरें गुरुवार से प्रभावी हो गईं. संशोधित ब्याज दर के साथ एक साल की मियादी जमा पर ब्याज दर 6.75 प्रतिशत होगी जो पहले 7.0 प्रतिशत थी. तीन साल से पांच साल की मियादी जमाओं पर ब्याज दर 6.75 प्रतिशत से घटाकर 6.5 प्रतिशत की गई है. सार्वजनिक क्षेत्र के केनरा बैंक ने कहा कि बैंक ने विभिन्न परिपक्वता अवधि की जमाओं पर ब्याज दरों में 0.05 प्रतिशत से 0.25 प्रतिशत तक की कमी है. बैंक के अनुसार नई दर 21 नवंबर से प्रभावी होगी. यूनाइटेड बैंक आफ इंडिया ने एक करोड़ रपये तक की जमा पर ब्याज दरों में 0.25 प्रतिशत से एक प्रतिशत तक की कटौती की है. यह कटौती 46 दिन से एक साल की मियादी जमाओं पर की गयी है. उल्लेखनीय है कि इससे पहले एसबीआई व एक्सिस बैंक भी इस तरह की पहल कर चुके हैं. इस बीच एचडीएफसी बैंक ने एक से पांच करोड़ रुपये की जमाओं के लिए ब्याज दरों में 0.25 प्रतिशत की कटौती की है. बैंक की वेबसाइट के अनुसार नयी दरें गुरुवार से प्रभावी हो गईं. संशोधित ब्याज दर के साथ एक साल की मियादी जमा पर ब्याज दर 6.75 प्रतिशत होगी जो पहले 7.0 प्रतिशत थी. तीन साल से पांच साल की मियादी जमाओं पर ब्याज दर 6.75 प्रतिशत से घटाकर 6.5 प्रतिशत की गई है. सार्वजनिक क्षेत्र के केनरा बैंक ने कहा कि बैंक ने विभिन्न परिपक्वता अवधि की जमाओं पर ब्याज दरों में 0.05 प्रतिशत से 0.25 प्रतिशत तक की कमी है. बैंक के अनुसार नई दर 21 नवंबर से प्रभावी होगी. यूनाइटेड बैंक आफ इंडिया ने एक करोड़ रपये तक की जमा पर ब्याज दरों में 0.25 प्रतिशत से एक प्रतिशत तक की कटौती की है. यह कटौती 46 दिन से एक साल की मियादी जमाओं पर की गयी है. उल्लेखनीय है कि इससे पहले एसबीआई व एक्सिस बैंक भी इस तरह की पहल कर चुके हैं. सार्वजनिक क्षेत्र के केनरा बैंक ने कहा कि बैंक ने विभिन्न परिपक्वता अवधि की जमाओं पर ब्याज दरों में 0.05 प्रतिशत से 0.25 प्रतिशत तक की कमी है. बैंक के अनुसार नई दर 21 नवंबर से प्रभावी होगी. यूनाइटेड बैंक आफ इंडिया ने एक करोड़ रपये तक की जमा पर ब्याज दरों में 0.25 प्रतिशत से एक प्रतिशत तक की कटौती की है. यह कटौती 46 दिन से एक साल की मियादी जमाओं पर की गयी है. उल्लेखनीय है कि इससे पहले एसबीआई व एक्सिस बैंक भी इस तरह की पहल कर चुके हैं.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: मियादी जमाओं पर ब्याज दरें एक प्रतिशत तक घटा दीं कई बैंकों ने आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी, केनरा, यूनाइटेड बैंक ने दरें घटाईं एसबीआई व एक्सिस बैंक भी यह कदम उठा चुके हैं
3
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: महाराष्ट्र के मेलघाट टाइगर प्रोजेक्ट के पुनर्वास में आदिवासियों और सुरक्षा बलों के बीच हुए टकराव में 40 से ज्यादा वनकर्मी, अधिकारी और SRPF के जवान बुरी तरह जख्मी हो गए. आदिवासियों ने पुलिस के दर्जन भर वाहनों को भी क्षति पहुंचाई है. यह घटना मंगलवार को हुई. पुलिस बल को अपनी सुरक्षा के लिए और हिंसक भीड़ को तीतर बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े. घायलों में कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है. यह मामला महाराष्ट्र के अमरावती जिले के मेलघाट टाइगर प्रोजेक्ट से जुड़ा है. प्रोजेक्ट से विस्थापित आदिवासियों का आरोप है कि उन्हें अकोला जिले में पुनर्वासित गांवों में प्रशासन ने सालों बाद भी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराईं. इसी वजह से वे अपने पुराने गांव में वापस चले आए थे. उन्होंने वहां से निकलने से इनकार कर दिया था. वन अधिकारियों तथा राजस्व विभाग के अधिकारियों ने उन्हें समझाने की बहुत कोशिश की पर वे नहीं माने. बातचीत से हल नहीं निकलने पर सुरक्षा बालों ने जोर जबरदस्ती करनी चाही तो बात बिगड़ गई. बताया जाता है कि नाराज ग्रामीणों ने सुरक्षा बलों पर पत्थरों, पहियों, गुलेल, लाठी और मिर्ची पाउडर से हमला कर दिया. इससे करीब 30 वनकर्मियों सहित  11 एसआरपीएफ़ के जवान जख्मी हो गए.
संक्षिप्त सारांश: आरोप- पुनर्वास स्थल पर सुविधाएं नहीं दीं प्रशासन ने प्रोजेक्ट स्थल के गांव से हटाए जाने पर हिंसक हुए आदिवासी सुरक्षा बलों पर पत्थर, गुलेल, लाठी और मिर्ची पाउडर से हमला
23
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: इलाहाबाद स्थित महाकुम्भ मेला क्षेत्र में शुक्रवार को एलपीजी गैस सिलेंडर लीक होने के चलते तीन टेंटों में आग लग गई। इससे 19 श्रद्घालु झुलस गए। घायलों में 6 की हालत गम्भीर बनी हुई है। उधर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने घटना में गम्भीर रूप से घायल हुए हर व्यक्ति को 50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दिए जाने की घोषणा की है। घटना झूसी इलाके स्थित साकेत धाम आश्रम की है, जहां रसोई गैस सिलेंडर में हुए रिसाव से एक टेंट में लगी आग कुछ ही पलों में दो और टेंटों तक फैल गई। आग से आश्रम में रखा दान का सामान जल गया। इलाहाबाद के मण्डलायुक्त देवेश चतुर्वेदी ने संवाददाताओं को बताया कि अग्निशमनकर्मियों की तत्परता के कारण बीस मिनट के अंदर आग पर काबू पाकर उसे फैलने से रोक लिया गया गया। बाद में आग को पूरी तरह से बुझा दिया गया।टिप्पणियां चतुर्वेदी ने बताया कि घायलों को तत्काल एम्बुलेंसों के जरिए पहले मेला क्षेत्र स्थित केंद्रीय अस्पताल ले जाकर प्राथमिक उपचार कराया गया और फिर शहर के स्वरूपरानी बर्न सुपर स्पेशयलिटी अस्पताल में भर्ती करा दिया जहां विशेषज्ञ उनकी हालत पर निगरानी रख रहे हैं। घायलों में छह की हालत गम्भीर बताई जा रही है। मेला अधिकारियों का कहना है कि घायलों में नौ पुरूष, सात महिलाएं और तीन बच्चे शामिल हैं। उधर मुख्यमंत्री अखिलेश ने गम्भीर रूप से घायल हर श्रद्घालु को पचास-पचास हजार रूपये की आर्थिक मदद ऐलान करते हुए घायलों के इलाज एवं देखभाल की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। घटना झूसी इलाके स्थित साकेत धाम आश्रम की है, जहां रसोई गैस सिलेंडर में हुए रिसाव से एक टेंट में लगी आग कुछ ही पलों में दो और टेंटों तक फैल गई। आग से आश्रम में रखा दान का सामान जल गया। इलाहाबाद के मण्डलायुक्त देवेश चतुर्वेदी ने संवाददाताओं को बताया कि अग्निशमनकर्मियों की तत्परता के कारण बीस मिनट के अंदर आग पर काबू पाकर उसे फैलने से रोक लिया गया गया। बाद में आग को पूरी तरह से बुझा दिया गया।टिप्पणियां चतुर्वेदी ने बताया कि घायलों को तत्काल एम्बुलेंसों के जरिए पहले मेला क्षेत्र स्थित केंद्रीय अस्पताल ले जाकर प्राथमिक उपचार कराया गया और फिर शहर के स्वरूपरानी बर्न सुपर स्पेशयलिटी अस्पताल में भर्ती करा दिया जहां विशेषज्ञ उनकी हालत पर निगरानी रख रहे हैं। घायलों में छह की हालत गम्भीर बताई जा रही है। मेला अधिकारियों का कहना है कि घायलों में नौ पुरूष, सात महिलाएं और तीन बच्चे शामिल हैं। उधर मुख्यमंत्री अखिलेश ने गम्भीर रूप से घायल हर श्रद्घालु को पचास-पचास हजार रूपये की आर्थिक मदद ऐलान करते हुए घायलों के इलाज एवं देखभाल की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। इलाहाबाद के मण्डलायुक्त देवेश चतुर्वेदी ने संवाददाताओं को बताया कि अग्निशमनकर्मियों की तत्परता के कारण बीस मिनट के अंदर आग पर काबू पाकर उसे फैलने से रोक लिया गया गया। बाद में आग को पूरी तरह से बुझा दिया गया।टिप्पणियां चतुर्वेदी ने बताया कि घायलों को तत्काल एम्बुलेंसों के जरिए पहले मेला क्षेत्र स्थित केंद्रीय अस्पताल ले जाकर प्राथमिक उपचार कराया गया और फिर शहर के स्वरूपरानी बर्न सुपर स्पेशयलिटी अस्पताल में भर्ती करा दिया जहां विशेषज्ञ उनकी हालत पर निगरानी रख रहे हैं। घायलों में छह की हालत गम्भीर बताई जा रही है। मेला अधिकारियों का कहना है कि घायलों में नौ पुरूष, सात महिलाएं और तीन बच्चे शामिल हैं। उधर मुख्यमंत्री अखिलेश ने गम्भीर रूप से घायल हर श्रद्घालु को पचास-पचास हजार रूपये की आर्थिक मदद ऐलान करते हुए घायलों के इलाज एवं देखभाल की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। चतुर्वेदी ने बताया कि घायलों को तत्काल एम्बुलेंसों के जरिए पहले मेला क्षेत्र स्थित केंद्रीय अस्पताल ले जाकर प्राथमिक उपचार कराया गया और फिर शहर के स्वरूपरानी बर्न सुपर स्पेशयलिटी अस्पताल में भर्ती करा दिया जहां विशेषज्ञ उनकी हालत पर निगरानी रख रहे हैं। घायलों में छह की हालत गम्भीर बताई जा रही है। मेला अधिकारियों का कहना है कि घायलों में नौ पुरूष, सात महिलाएं और तीन बच्चे शामिल हैं। उधर मुख्यमंत्री अखिलेश ने गम्भीर रूप से घायल हर श्रद्घालु को पचास-पचास हजार रूपये की आर्थिक मदद ऐलान करते हुए घायलों के इलाज एवं देखभाल की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। मेला अधिकारियों का कहना है कि घायलों में नौ पुरूष, सात महिलाएं और तीन बच्चे शामिल हैं। उधर मुख्यमंत्री अखिलेश ने गम्भीर रूप से घायल हर श्रद्घालु को पचास-पचास हजार रूपये की आर्थिक मदद ऐलान करते हुए घायलों के इलाज एवं देखभाल की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
संक्षिप्त पाठ: इलाहाबाद स्थित महाकुम्भ मेला क्षेत्र में शुक्रवार को एलपीजी गैस सिलेंडर लीक होने के चलते तीन टेंटों में आग लग गई। इससे 19 श्रद्घालु झुलस गए। घायलों में 6 की हालत गम्भीर बनी हुई है।
27
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: इंग्लैंड और पाकिस्तान के खिलाफ इस महीने चार टी-20 मैच खेलने जा रही भारतीय टीम के पास आईसीसी टी-20 क्रिकेट चैम्पियनशिप तालिका में शीर्ष पर पहुंचने का सुनहरा मौका है। भारतीय टीम इंग्लैंड के खिलाफ गुरुवार को पुणे में पहला टी-20 मैच खेलेगी। इसके बाद पाकिस्तान के खिलाफ दो टी-20 मैचों की शृंखला 25 दिसंबर से शुरू होगी।टिप्पणियां चारों मैच जीतकर भारत टी-20 रैंकिंग में शीर्ष पर पहुंच जाएगा और उसे फिलहाल शीर्ष पर काबिज श्रीलंका पर पांच अंक की बढ़त भी मिल जाएगी। भारत इस समय 120 रेटिंग अंक लेकर तीसरे स्थान पर है। अक्तूबर 2011 में शुरू हुई रैंकिंग में भारत के पास पहली बार शीर्ष पर पहुंचने का मौका है। भारत यदि एक मैच हार भी जाता है तो साल के आखिर में दूसरे नंबर पर रह सकता है। भारत यदि चारों मैच हार जाता है तो सातवें नंबर पर खिसक जाएगा। भारतीय टीम इंग्लैंड के खिलाफ गुरुवार को पुणे में पहला टी-20 मैच खेलेगी। इसके बाद पाकिस्तान के खिलाफ दो टी-20 मैचों की शृंखला 25 दिसंबर से शुरू होगी।टिप्पणियां चारों मैच जीतकर भारत टी-20 रैंकिंग में शीर्ष पर पहुंच जाएगा और उसे फिलहाल शीर्ष पर काबिज श्रीलंका पर पांच अंक की बढ़त भी मिल जाएगी। भारत इस समय 120 रेटिंग अंक लेकर तीसरे स्थान पर है। अक्तूबर 2011 में शुरू हुई रैंकिंग में भारत के पास पहली बार शीर्ष पर पहुंचने का मौका है। भारत यदि एक मैच हार भी जाता है तो साल के आखिर में दूसरे नंबर पर रह सकता है। भारत यदि चारों मैच हार जाता है तो सातवें नंबर पर खिसक जाएगा। चारों मैच जीतकर भारत टी-20 रैंकिंग में शीर्ष पर पहुंच जाएगा और उसे फिलहाल शीर्ष पर काबिज श्रीलंका पर पांच अंक की बढ़त भी मिल जाएगी। भारत इस समय 120 रेटिंग अंक लेकर तीसरे स्थान पर है। अक्तूबर 2011 में शुरू हुई रैंकिंग में भारत के पास पहली बार शीर्ष पर पहुंचने का मौका है। भारत यदि एक मैच हार भी जाता है तो साल के आखिर में दूसरे नंबर पर रह सकता है। भारत यदि चारों मैच हार जाता है तो सातवें नंबर पर खिसक जाएगा। अक्तूबर 2011 में शुरू हुई रैंकिंग में भारत के पास पहली बार शीर्ष पर पहुंचने का मौका है। भारत यदि एक मैच हार भी जाता है तो साल के आखिर में दूसरे नंबर पर रह सकता है। भारत यदि चारों मैच हार जाता है तो सातवें नंबर पर खिसक जाएगा।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: इंग्लैंड और पाकिस्तान के खिलाफ इस महीने चार टी-20 मैच खेलने जा रही भारतीय टीम के पास आईसीसी टी-20 क्रिकेट चैम्पियनशिप तालिका में शीर्ष पर पहुंचने का सुनहरा मौका है।
3
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने स्वीकार किया है कि विदेशी धरती पर लगातार पांचवीं हार से उनकी टीम का आत्मविश्वास थोड़ा डगमगा जरूर गया है, लेकिन वे हताश नहीं हैं। उन्होंने कहा कि टीम इंडिया सिडनी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मंगलवार से शुरू होने जा रहे दूसरे टेस्ट में दमदार वापसी के लिए तैयार है। इंग्लैंड में पिछले साल गर्मियों में 0-4 से शर्मनाक हार झेलने के बाद भारत को ऑस्ट्रेलिया के हाथों मेलबर्न में पहले टेस्ट मैच में भी 122 रन से हार का सामना करना पड़ा था। धोनी ने सिडनी मैच की पूर्व संध्या पर कहा, इससे यह (आत्मविश्वास) थोड़ा प्रभावित हुआ है, लेकिन हम टूटे नहीं हैं, क्योंकि हम सभी जानते हैं कि वास्तव में क्या हुआ और आप गलतियों से सीखते हो। हम सकारात्मक पहलुओं पर ध्यान दे रहे हैं। विदेशी सरजमीं पर हमने जो पिछले पांच मैच गंवाए, उनमें हमारे लिए कई सकारात्मक बातें रहीं। उन्होंने कहा, हमें केवल बल्लेबाजी और गेंदबाजी में सुधार के बजाय इकाई के तौर पर सुधार करने की जरूरत है। इंग्लैंड की तरह यहां हमें चोटों से नहीं जूझना पड़ रहा है, जो हमारे लिए सकारात्मक पहलू है। ऑस्ट्रेलियाई टीम हमारी बल्लेबाजी लाइन-अप पर दबाव बनाए रखने की कोशिश करेगी और यही बात गेंदबाजों पर भी लागू होती है। जब धोनी से पूछा गया कि क्या सचिन तेंदुलकर के बहुप्रतीक्षित 100वें अंतरराष्ट्रीय शतक से टीम का ध्यान बंट रहा है, उन्होंने कहा, इससे मीडिया का ध्यान बंटा हुआ है, जो हमारे लिए अच्छा है। हम जहां भी जाते हैं, लोग इसी के बारे में बात करते हैं। टीम के रूप में चाहते हैं कि वह जल्द से जल्द इसे हासिल करें। सच्चाई यही है कि यह बहुत बड़ी उपलब्धि है और हम इसका हिस्सा बनना और इसका लुत्फ उठाना चाहेंगे। भारतीय कप्तान ने कहा कि सचिन किसी भी समय यह उपलब्धि हासिल कर सकते हैं और ऐसा नहीं लगता है कि इसमें हो रही देरी से वह किसी तरह प्रभावित हैं। धोनी ने कहा, हम सभी जानते हैं कि यह शतक जरूर लगेगा। यह इस टेस्ट मैच में हो सकता है या अगले मैच या इस शृंखला में। आप इसे होने से रोक नहीं सकते। मुझे नहीं लगता कि वह इस बारे में ज्यादा सोच रहे हैं। उन्होंने कहा, निश्चित तौर पर वह जितनी जल्दी इसे हासिल करेंगे, उन पर से तथाकथित दबाव कम होगा, क्योंकि दबाव असफलता और प्रदर्शन का होता है। प्रदर्शन का दबाव हो सकता है, लेकिन वह वास्तव में इस बारे में बात नहीं करते और कभी ऐसा नहीं लगता कि उन पर 100वें शतक का दबाव है। धोनी ने कहा कि टॉस जीतने की दशा में बल्लेबाजी या गेंदबाजी करने का फैसला मैच से पहले पिच को देखकर ही करेंगे। उन्होंने कहा, यह इस पर निर्भर करेगा कि मैच से पहले विकेट कैसा दिखता है। यदि विकेट पर नमी रहती है और आसमान में बादल रहते हैं और लगता है कि पहले सत्र के बाद भी ऐसी स्थिति रहेगी तो हम गेंदबाजी का फैसला करेंगे, लेकिन फैसला करने से पहले हम सुबह का विकेट देखना चाहेंगे। उन्होंने कहा, विकेट पर हरी घास के संकेत मिल रहे हैं। शुरू में इससे तेज गेंदबाजों को मदद मिल सकती है। इसके बाद यह बल्लेबाजी के लिए अनुकूल होगी। मैं पक्के तौर पर नहीं कह सकता, लेकिन बाद में इससे टर्न मिल सकता है, लेकिन यह इस पर निर्भर करेगा कि विकेट पर कितना रोलर चलाया जाता है। धोनी ने कहा कि भारत ने भी ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों के लिए रणनीति बनाई है। ऐसा ही दावा ऑस्ट्रेलियाई कप्तान माइकल क्लार्क ने भारतीय बल्लेबाजों के लिए किया था। धोनी से यह भी पूछा गया कि क्या उन्हें हरभजन सिंह की कमी खल रही है। उनसे स्लिप में सुरक्षित माने जाने वाले राहुल द्रविड़ के कैच छोड़ने के बारे में भी सवाल किया गया। भारतीय कप्तान ने कहा, हम उनके (द्रविड़ के) प्रदर्शन से खुश हैं। वह हमारे सर्वश्रेष्ठ कैचर में से एक है। क्रिकेट में आप कभी कुछ कैच छोड़ देते हो, लेकिन आप लगातार अच्छा प्रदर्शन करते हो तो आपको स्लिप से बाहर रखने का कोई कारण नहीं होना चाहिए। भारत के लिए छठे नंबर का स्थान काफी परेशानी वाला रहा है तथा धोनी को विराट कोहली और रोहित शर्मा में से किसी एक का चयन इस नंबर के लिए करना होगा। उन्होंने कहा, वह अच्छा बल्लेबाज है और उसने अच्छी तैयारी की है। उसे लय हासिल करने की जरूरत है, इसलिए कुछ भी गलत नहीं है। उम्मीद है कि वह रन बनाएगा। धोनी ने माना कि उनके बल्लेबाजों को शुरू में 15 से 20 ओवर तक बाहर जाती गेंदों का छोड़ना होगा। उन्होंने कहा, कूकाबुरा गेंद शुरुआती 15 से 20 ओवरों में काफी गुल खिला सकती है, इसलिए ऑफ स्टंप से बाहर जाती गेंदों को छोड़ने से मदद मिल सकती है, लेकिन आप वीरेंद्र सहवाग को यह बात नहीं कह सकते, जिन्हें ऐसी गेंदों के धुर्रे उड़ाने में मजा आता है। धोनी ने कहा, लेकिन सलामी बल्लेबाज के लिए गेंद छोड़ना हमेशा अच्छा रहता है और हमें इस पर काम करना होगा, लेकिन मैं फिर कहूंगा कि आप नहीं चाहोगे कि सहवाग बहुत अधिक गेंद छोड़े, जो कट शॉट पर काफी निर्भर है। ओपनिंग हमारे लिए महत्वपूर्ण है और हम चाहते हैं कि वे बड़ा स्कोर खड़ा करें।
संक्षिप्त सारांश: भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने स्वीकार किया है कि विदेशी धरती पर लगातार पांचवीं हार से उनकी टीम का आत्मविश्वास थोड़ा डगमगा जरूर गया है, लेकिन वे हताश नहीं हैं।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: उत्‍तर प्रदेश के मेरठ शहर को टीम इंडिया को दो आला दर्जे के स्विंग गेंदबाज देने का श्रेय हासिल है. पहले, प्रवीण कुमार ने अपनी स्विंग गेंदबाजी से दुनिया के नामी बल्‍लेबाजों को मुश्किल में डाला. अब यह काम इसी शहर के एक अन्‍य गेंदबाज भुवनेश्‍वर कर रहे हैं. दो अक्‍टूबर 1986 को जन्‍मे प्रवीण का क्रिकेट में करियर बनाना किसी अचरज से कम नहीं था. प्रवीण का जन्‍म पहलवानी से जुड़े परिवार में हुआ था. बचपन में उनका ज्‍यादा समय परिवार के सदस्‍यों को अखाड़े में जोर-आजमाइश करते बीता. लेकिन गली क्रिकेट खेलते हुए उन्‍होंने गेंद को अपने इशारे पर घुमाने यानी स्विंग कराने की कला सीखी और जल्‍द ही क्रिकेटर के रूप में स्‍थापित हो गए. रंजी ट्रॉफी और फिर चैलेंजर ट्रॉफी में अच्‍छा प्रदर्शन करते हुए जल्‍द ही टीम इंडिया में जगह बना ली. प्रवीण ने रविवार को अपने 30 वर्ष पूरे किए हैं. नवंबर 2007 में उन्‍होंने जयपुर में पाकिस्‍तान के खिलाफ वनडे करियर का आगाज किया जबकि उनके टेस्‍ट करियर की शुरुआत इसके करीब चार वर्ष बाद बाद अगस्‍त 2011 में इंग्‍लैंड के खिलाफ बर्मिंघम में हुई. गेंदों में गति अधिक नहीं होने के कारण प्रवीण भारतीय पिचों पर अधिक कामयाब नहीं हुए, लेकिन विदेश की मददगार पिचों पर उन्‍होंने नामी बल्‍लेबाजेां को भी अपने गेंदबाजी कौशल से आउट किया. खेलप्रेमियों को अभी भी तीन देशों की कॉमनवेल्‍थ सीरीज के अंतर्गत भारत और ऑस्‍ट्रेलिया के बीच खेले गए फाइनल मैच की याद ताजा होगी. इन दो फाइनल में प्रवीण ने टीम इंडिया के स्‍ट्राइक बॉलर की भूमिका निभाते हुए भारत को ऑस्‍ट्रेलिया को उसके घरू मैदान में हराने में अहम योगदान दिया था. कॉमनवेल्‍थ बैंक सीरीज के सिडनी में हुए पहले फाइनल में भारत के लिए प्रवीण ने कमाल की गेंदबाजी की थी. गिलक्रिस्‍ट, हेडन, पोंटिंग, माइकल क्‍लार्क, साइमंड्स और हसी जैसे खिलाड़ि‍यों की मौजूदगी वाली कंगारू टीम को उन्‍होंने शुरुआत से ही दबाव में रखा. गिलक्रिस्‍ट और पोंटिंग के विकेट झटकते हुए उन्‍होंने ऑस्‍ट्रेलिया को हाथ खोलने के ज्‍यादा मौके नहीं दिए थे. ऑस्‍ट्रेलियाई टीम को 50 ओवर में 239 के स्‍कोर तक सीमित करने में नवोदित प्रवीण के योगदान को भी भुलाया नहीं जा सकता. प्रवीण ने इस मैच में गेंदबाजी की शुरुआत करते हुए अपने 10 ओवर में 49 रन देकर दो विकेट लिए थे और सचिन तेंदुलकर के शतक की मदद से भारत ने यह मैच बेहद आसानी से 6 विकेट से जीता था. टूर्नामेंट के दूसरे फाइनल में तो प्रवीण का प्रदर्शन और निखरकर सामने आया था. ब्रिसबेन में हुए इस मुकाबले में भारत ने पहले बैटिंग करते हुए 258 रन बनाए थे. विकेट के मिजाज को भांपते हुए कप्‍तान एमएस धोनी ने शुरुआत में ही प्रवीण को गेंद थमा दी और उन्‍होंने ऑस्‍ट्रेलियाई टीम के टॉप आर्डर को पैवेलियन लौटा दिया था. मैच में प्रवीण की स्विंग गेंदबाजी के आगे गिलक्रिस्‍ट और पोंटिंग जैसे बल्‍लेबाजों को संघर्ष करते हुए देखना बेहतरीन था. प्रवीण ने इस मैच में गिलक्रिस्‍ट, पोटिंग, माइकल क्‍लार्क के अलावा निचले क्रम के ब्रेट ली को भी आउट किया था. भारत ने इस मैच में ऑस्‍ट्रेलिया को 9 रन से हराते हुए कॉमनवेल्‍थ बैंक त्रिकोणीय टूर्नामेंट जीत लिया था. 10 ओवर में 46 रन देकर चार विकेट लेने वाले प्रवीण को 'मैन ऑफ द मैच' घोषित किया गया था.टिप्पणियां वनडे मैचों में प्रवीण कई मौकों पर अपनी गेंदबाजी से भारत के लिए उपयोगी साबित हुए हैं. मैच में चार विकेट लेने का कारनामा उन्‍होंने तीन बार किया है. उन्‍होंने 68 वनडे में 36.02 के औसत से 77 विकेट लिए और श्रीलंका के खिलाफ 4/31 उनका सर्वश्रेष्‍ठ प्रदर्शन रहा. दुर्भाग्‍य से प्रवीण को टेस्‍ट खेलने के ज्‍यादा मौके नहीं मिल पाए. उन्‍होंने छह टेस्‍ट खेले और 25.81 के बेहतरीन औसत से 27 विकेट लिए. इस दौरान 5/106 उनका सर्वश्रेष्‍ठ प्रदर्शन रहा जो उन्‍होंने इंग्‍लैंड के खिलाफ लार्ड्स के मैदान में दर्ज किया था. इसके बाद चोटों और प्रदर्शन में आई गिरावट के कारण टीम इंडिया से बाहर हो गए. करियर के इस दौर में वे मैदान पर गेंदबाजी से कहीं अधिक, तैश में आने की अपनी आदत के कारण चर्चा में रहे. 'देसी' अंदाज वाले प्रवीण आईपीएल में  गुजरात लायंस, किंग्‍स इलेवन पंजाब, रॉयल चैंलेंजर्स बेंगलुरू और सनराइजर्स हैदराबाद की ओर से खेल चुके हैं.हाल ही में प्रवीण ने समाजवादी पार्टी ज्‍वाइन करके अपनी नई पारी शुरू की है. उम्‍मीद है कि अपने इस सफर में भी वे कामयाबी के नए रिकॉर्ड बनाएंगे.... बचपन में उनका ज्‍यादा समय परिवार के सदस्‍यों को अखाड़े में जोर-आजमाइश करते बीता. लेकिन गली क्रिकेट खेलते हुए उन्‍होंने गेंद को अपने इशारे पर घुमाने यानी स्विंग कराने की कला सीखी और जल्‍द ही क्रिकेटर के रूप में स्‍थापित हो गए. रंजी ट्रॉफी और फिर चैलेंजर ट्रॉफी में अच्‍छा प्रदर्शन करते हुए जल्‍द ही टीम इंडिया में जगह बना ली. प्रवीण ने रविवार को अपने 30 वर्ष पूरे किए हैं. नवंबर 2007 में उन्‍होंने जयपुर में पाकिस्‍तान के खिलाफ वनडे करियर का आगाज किया जबकि उनके टेस्‍ट करियर की शुरुआत इसके करीब चार वर्ष बाद बाद अगस्‍त 2011 में इंग्‍लैंड के खिलाफ बर्मिंघम में हुई. गेंदों में गति अधिक नहीं होने के कारण प्रवीण भारतीय पिचों पर अधिक कामयाब नहीं हुए, लेकिन विदेश की मददगार पिचों पर उन्‍होंने नामी बल्‍लेबाजेां को भी अपने गेंदबाजी कौशल से आउट किया. खेलप्रेमियों को अभी भी तीन देशों की कॉमनवेल्‍थ सीरीज के अंतर्गत भारत और ऑस्‍ट्रेलिया के बीच खेले गए फाइनल मैच की याद ताजा होगी. इन दो फाइनल में प्रवीण ने टीम इंडिया के स्‍ट्राइक बॉलर की भूमिका निभाते हुए भारत को ऑस्‍ट्रेलिया को उसके घरू मैदान में हराने में अहम योगदान दिया था. कॉमनवेल्‍थ बैंक सीरीज के सिडनी में हुए पहले फाइनल में भारत के लिए प्रवीण ने कमाल की गेंदबाजी की थी. गिलक्रिस्‍ट, हेडन, पोंटिंग, माइकल क्‍लार्क, साइमंड्स और हसी जैसे खिलाड़ि‍यों की मौजूदगी वाली कंगारू टीम को उन्‍होंने शुरुआत से ही दबाव में रखा. गिलक्रिस्‍ट और पोंटिंग के विकेट झटकते हुए उन्‍होंने ऑस्‍ट्रेलिया को हाथ खोलने के ज्‍यादा मौके नहीं दिए थे. ऑस्‍ट्रेलियाई टीम को 50 ओवर में 239 के स्‍कोर तक सीमित करने में नवोदित प्रवीण के योगदान को भी भुलाया नहीं जा सकता. प्रवीण ने इस मैच में गेंदबाजी की शुरुआत करते हुए अपने 10 ओवर में 49 रन देकर दो विकेट लिए थे और सचिन तेंदुलकर के शतक की मदद से भारत ने यह मैच बेहद आसानी से 6 विकेट से जीता था. टूर्नामेंट के दूसरे फाइनल में तो प्रवीण का प्रदर्शन और निखरकर सामने आया था. ब्रिसबेन में हुए इस मुकाबले में भारत ने पहले बैटिंग करते हुए 258 रन बनाए थे. विकेट के मिजाज को भांपते हुए कप्‍तान एमएस धोनी ने शुरुआत में ही प्रवीण को गेंद थमा दी और उन्‍होंने ऑस्‍ट्रेलियाई टीम के टॉप आर्डर को पैवेलियन लौटा दिया था. मैच में प्रवीण की स्विंग गेंदबाजी के आगे गिलक्रिस्‍ट और पोंटिंग जैसे बल्‍लेबाजों को संघर्ष करते हुए देखना बेहतरीन था. प्रवीण ने इस मैच में गिलक्रिस्‍ट, पोटिंग, माइकल क्‍लार्क के अलावा निचले क्रम के ब्रेट ली को भी आउट किया था. भारत ने इस मैच में ऑस्‍ट्रेलिया को 9 रन से हराते हुए कॉमनवेल्‍थ बैंक त्रिकोणीय टूर्नामेंट जीत लिया था. 10 ओवर में 46 रन देकर चार विकेट लेने वाले प्रवीण को 'मैन ऑफ द मैच' घोषित किया गया था.टिप्पणियां वनडे मैचों में प्रवीण कई मौकों पर अपनी गेंदबाजी से भारत के लिए उपयोगी साबित हुए हैं. मैच में चार विकेट लेने का कारनामा उन्‍होंने तीन बार किया है. उन्‍होंने 68 वनडे में 36.02 के औसत से 77 विकेट लिए और श्रीलंका के खिलाफ 4/31 उनका सर्वश्रेष्‍ठ प्रदर्शन रहा. दुर्भाग्‍य से प्रवीण को टेस्‍ट खेलने के ज्‍यादा मौके नहीं मिल पाए. उन्‍होंने छह टेस्‍ट खेले और 25.81 के बेहतरीन औसत से 27 विकेट लिए. इस दौरान 5/106 उनका सर्वश्रेष्‍ठ प्रदर्शन रहा जो उन्‍होंने इंग्‍लैंड के खिलाफ लार्ड्स के मैदान में दर्ज किया था. इसके बाद चोटों और प्रदर्शन में आई गिरावट के कारण टीम इंडिया से बाहर हो गए. करियर के इस दौर में वे मैदान पर गेंदबाजी से कहीं अधिक, तैश में आने की अपनी आदत के कारण चर्चा में रहे. 'देसी' अंदाज वाले प्रवीण आईपीएल में  गुजरात लायंस, किंग्‍स इलेवन पंजाब, रॉयल चैंलेंजर्स बेंगलुरू और सनराइजर्स हैदराबाद की ओर से खेल चुके हैं.हाल ही में प्रवीण ने समाजवादी पार्टी ज्‍वाइन करके अपनी नई पारी शुरू की है. उम्‍मीद है कि अपने इस सफर में भी वे कामयाबी के नए रिकॉर्ड बनाएंगे.... नवंबर 2007 में उन्‍होंने जयपुर में पाकिस्‍तान के खिलाफ वनडे करियर का आगाज किया जबकि उनके टेस्‍ट करियर की शुरुआत इसके करीब चार वर्ष बाद बाद अगस्‍त 2011 में इंग्‍लैंड के खिलाफ बर्मिंघम में हुई. गेंदों में गति अधिक नहीं होने के कारण प्रवीण भारतीय पिचों पर अधिक कामयाब नहीं हुए, लेकिन विदेश की मददगार पिचों पर उन्‍होंने नामी बल्‍लेबाजेां को भी अपने गेंदबाजी कौशल से आउट किया. खेलप्रेमियों को अभी भी तीन देशों की कॉमनवेल्‍थ सीरीज के अंतर्गत भारत और ऑस्‍ट्रेलिया के बीच खेले गए फाइनल मैच की याद ताजा होगी. इन दो फाइनल में प्रवीण ने टीम इंडिया के स्‍ट्राइक बॉलर की भूमिका निभाते हुए भारत को ऑस्‍ट्रेलिया को उसके घरू मैदान में हराने में अहम योगदान दिया था. कॉमनवेल्‍थ बैंक सीरीज के सिडनी में हुए पहले फाइनल में भारत के लिए प्रवीण ने कमाल की गेंदबाजी की थी. गिलक्रिस्‍ट, हेडन, पोंटिंग, माइकल क्‍लार्क, साइमंड्स और हसी जैसे खिलाड़ि‍यों की मौजूदगी वाली कंगारू टीम को उन्‍होंने शुरुआत से ही दबाव में रखा. गिलक्रिस्‍ट और पोंटिंग के विकेट झटकते हुए उन्‍होंने ऑस्‍ट्रेलिया को हाथ खोलने के ज्‍यादा मौके नहीं दिए थे. ऑस्‍ट्रेलियाई टीम को 50 ओवर में 239 के स्‍कोर तक सीमित करने में नवोदित प्रवीण के योगदान को भी भुलाया नहीं जा सकता. प्रवीण ने इस मैच में गेंदबाजी की शुरुआत करते हुए अपने 10 ओवर में 49 रन देकर दो विकेट लिए थे और सचिन तेंदुलकर के शतक की मदद से भारत ने यह मैच बेहद आसानी से 6 विकेट से जीता था. टूर्नामेंट के दूसरे फाइनल में तो प्रवीण का प्रदर्शन और निखरकर सामने आया था. ब्रिसबेन में हुए इस मुकाबले में भारत ने पहले बैटिंग करते हुए 258 रन बनाए थे. विकेट के मिजाज को भांपते हुए कप्‍तान एमएस धोनी ने शुरुआत में ही प्रवीण को गेंद थमा दी और उन्‍होंने ऑस्‍ट्रेलियाई टीम के टॉप आर्डर को पैवेलियन लौटा दिया था. मैच में प्रवीण की स्विंग गेंदबाजी के आगे गिलक्रिस्‍ट और पोंटिंग जैसे बल्‍लेबाजों को संघर्ष करते हुए देखना बेहतरीन था. प्रवीण ने इस मैच में गिलक्रिस्‍ट, पोटिंग, माइकल क्‍लार्क के अलावा निचले क्रम के ब्रेट ली को भी आउट किया था. भारत ने इस मैच में ऑस्‍ट्रेलिया को 9 रन से हराते हुए कॉमनवेल्‍थ बैंक त्रिकोणीय टूर्नामेंट जीत लिया था. 10 ओवर में 46 रन देकर चार विकेट लेने वाले प्रवीण को 'मैन ऑफ द मैच' घोषित किया गया था.टिप्पणियां वनडे मैचों में प्रवीण कई मौकों पर अपनी गेंदबाजी से भारत के लिए उपयोगी साबित हुए हैं. मैच में चार विकेट लेने का कारनामा उन्‍होंने तीन बार किया है. उन्‍होंने 68 वनडे में 36.02 के औसत से 77 विकेट लिए और श्रीलंका के खिलाफ 4/31 उनका सर्वश्रेष्‍ठ प्रदर्शन रहा. दुर्भाग्‍य से प्रवीण को टेस्‍ट खेलने के ज्‍यादा मौके नहीं मिल पाए. उन्‍होंने छह टेस्‍ट खेले और 25.81 के बेहतरीन औसत से 27 विकेट लिए. इस दौरान 5/106 उनका सर्वश्रेष्‍ठ प्रदर्शन रहा जो उन्‍होंने इंग्‍लैंड के खिलाफ लार्ड्स के मैदान में दर्ज किया था. इसके बाद चोटों और प्रदर्शन में आई गिरावट के कारण टीम इंडिया से बाहर हो गए. करियर के इस दौर में वे मैदान पर गेंदबाजी से कहीं अधिक, तैश में आने की अपनी आदत के कारण चर्चा में रहे. 'देसी' अंदाज वाले प्रवीण आईपीएल में  गुजरात लायंस, किंग्‍स इलेवन पंजाब, रॉयल चैंलेंजर्स बेंगलुरू और सनराइजर्स हैदराबाद की ओर से खेल चुके हैं.हाल ही में प्रवीण ने समाजवादी पार्टी ज्‍वाइन करके अपनी नई पारी शुरू की है. उम्‍मीद है कि अपने इस सफर में भी वे कामयाबी के नए रिकॉर्ड बनाएंगे.... खेलप्रेमियों को अभी भी तीन देशों की कॉमनवेल्‍थ सीरीज के अंतर्गत भारत और ऑस्‍ट्रेलिया के बीच खेले गए फाइनल मैच की याद ताजा होगी. इन दो फाइनल में प्रवीण ने टीम इंडिया के स्‍ट्राइक बॉलर की भूमिका निभाते हुए भारत को ऑस्‍ट्रेलिया को उसके घरू मैदान में हराने में अहम योगदान दिया था. कॉमनवेल्‍थ बैंक सीरीज के सिडनी में हुए पहले फाइनल में भारत के लिए प्रवीण ने कमाल की गेंदबाजी की थी. गिलक्रिस्‍ट, हेडन, पोंटिंग, माइकल क्‍लार्क, साइमंड्स और हसी जैसे खिलाड़ि‍यों की मौजूदगी वाली कंगारू टीम को उन्‍होंने शुरुआत से ही दबाव में रखा. गिलक्रिस्‍ट और पोंटिंग के विकेट झटकते हुए उन्‍होंने ऑस्‍ट्रेलिया को हाथ खोलने के ज्‍यादा मौके नहीं दिए थे. ऑस्‍ट्रेलियाई टीम को 50 ओवर में 239 के स्‍कोर तक सीमित करने में नवोदित प्रवीण के योगदान को भी भुलाया नहीं जा सकता. प्रवीण ने इस मैच में गेंदबाजी की शुरुआत करते हुए अपने 10 ओवर में 49 रन देकर दो विकेट लिए थे और सचिन तेंदुलकर के शतक की मदद से भारत ने यह मैच बेहद आसानी से 6 विकेट से जीता था. टूर्नामेंट के दूसरे फाइनल में तो प्रवीण का प्रदर्शन और निखरकर सामने आया था. ब्रिसबेन में हुए इस मुकाबले में भारत ने पहले बैटिंग करते हुए 258 रन बनाए थे. विकेट के मिजाज को भांपते हुए कप्‍तान एमएस धोनी ने शुरुआत में ही प्रवीण को गेंद थमा दी और उन्‍होंने ऑस्‍ट्रेलियाई टीम के टॉप आर्डर को पैवेलियन लौटा दिया था. मैच में प्रवीण की स्विंग गेंदबाजी के आगे गिलक्रिस्‍ट और पोंटिंग जैसे बल्‍लेबाजों को संघर्ष करते हुए देखना बेहतरीन था. प्रवीण ने इस मैच में गिलक्रिस्‍ट, पोटिंग, माइकल क्‍लार्क के अलावा निचले क्रम के ब्रेट ली को भी आउट किया था. भारत ने इस मैच में ऑस्‍ट्रेलिया को 9 रन से हराते हुए कॉमनवेल्‍थ बैंक त्रिकोणीय टूर्नामेंट जीत लिया था. 10 ओवर में 46 रन देकर चार विकेट लेने वाले प्रवीण को 'मैन ऑफ द मैच' घोषित किया गया था.टिप्पणियां वनडे मैचों में प्रवीण कई मौकों पर अपनी गेंदबाजी से भारत के लिए उपयोगी साबित हुए हैं. मैच में चार विकेट लेने का कारनामा उन्‍होंने तीन बार किया है. उन्‍होंने 68 वनडे में 36.02 के औसत से 77 विकेट लिए और श्रीलंका के खिलाफ 4/31 उनका सर्वश्रेष्‍ठ प्रदर्शन रहा. दुर्भाग्‍य से प्रवीण को टेस्‍ट खेलने के ज्‍यादा मौके नहीं मिल पाए. उन्‍होंने छह टेस्‍ट खेले और 25.81 के बेहतरीन औसत से 27 विकेट लिए. इस दौरान 5/106 उनका सर्वश्रेष्‍ठ प्रदर्शन रहा जो उन्‍होंने इंग्‍लैंड के खिलाफ लार्ड्स के मैदान में दर्ज किया था. इसके बाद चोटों और प्रदर्शन में आई गिरावट के कारण टीम इंडिया से बाहर हो गए. करियर के इस दौर में वे मैदान पर गेंदबाजी से कहीं अधिक, तैश में आने की अपनी आदत के कारण चर्चा में रहे. 'देसी' अंदाज वाले प्रवीण आईपीएल में  गुजरात लायंस, किंग्‍स इलेवन पंजाब, रॉयल चैंलेंजर्स बेंगलुरू और सनराइजर्स हैदराबाद की ओर से खेल चुके हैं.हाल ही में प्रवीण ने समाजवादी पार्टी ज्‍वाइन करके अपनी नई पारी शुरू की है. उम्‍मीद है कि अपने इस सफर में भी वे कामयाबी के नए रिकॉर्ड बनाएंगे.... कॉमनवेल्‍थ बैंक सीरीज के सिडनी में हुए पहले फाइनल में भारत के लिए प्रवीण ने कमाल की गेंदबाजी की थी. गिलक्रिस्‍ट, हेडन, पोंटिंग, माइकल क्‍लार्क, साइमंड्स और हसी जैसे खिलाड़ि‍यों की मौजूदगी वाली कंगारू टीम को उन्‍होंने शुरुआत से ही दबाव में रखा. गिलक्रिस्‍ट और पोंटिंग के विकेट झटकते हुए उन्‍होंने ऑस्‍ट्रेलिया को हाथ खोलने के ज्‍यादा मौके नहीं दिए थे. ऑस्‍ट्रेलियाई टीम को 50 ओवर में 239 के स्‍कोर तक सीमित करने में नवोदित प्रवीण के योगदान को भी भुलाया नहीं जा सकता. प्रवीण ने इस मैच में गेंदबाजी की शुरुआत करते हुए अपने 10 ओवर में 49 रन देकर दो विकेट लिए थे और सचिन तेंदुलकर के शतक की मदद से भारत ने यह मैच बेहद आसानी से 6 विकेट से जीता था. टूर्नामेंट के दूसरे फाइनल में तो प्रवीण का प्रदर्शन और निखरकर सामने आया था. ब्रिसबेन में हुए इस मुकाबले में भारत ने पहले बैटिंग करते हुए 258 रन बनाए थे. विकेट के मिजाज को भांपते हुए कप्‍तान एमएस धोनी ने शुरुआत में ही प्रवीण को गेंद थमा दी और उन्‍होंने ऑस्‍ट्रेलियाई टीम के टॉप आर्डर को पैवेलियन लौटा दिया था. मैच में प्रवीण की स्विंग गेंदबाजी के आगे गिलक्रिस्‍ट और पोंटिंग जैसे बल्‍लेबाजों को संघर्ष करते हुए देखना बेहतरीन था. प्रवीण ने इस मैच में गिलक्रिस्‍ट, पोटिंग, माइकल क्‍लार्क के अलावा निचले क्रम के ब्रेट ली को भी आउट किया था. भारत ने इस मैच में ऑस्‍ट्रेलिया को 9 रन से हराते हुए कॉमनवेल्‍थ बैंक त्रिकोणीय टूर्नामेंट जीत लिया था. 10 ओवर में 46 रन देकर चार विकेट लेने वाले प्रवीण को 'मैन ऑफ द मैच' घोषित किया गया था.टिप्पणियां वनडे मैचों में प्रवीण कई मौकों पर अपनी गेंदबाजी से भारत के लिए उपयोगी साबित हुए हैं. मैच में चार विकेट लेने का कारनामा उन्‍होंने तीन बार किया है. उन्‍होंने 68 वनडे में 36.02 के औसत से 77 विकेट लिए और श्रीलंका के खिलाफ 4/31 उनका सर्वश्रेष्‍ठ प्रदर्शन रहा. दुर्भाग्‍य से प्रवीण को टेस्‍ट खेलने के ज्‍यादा मौके नहीं मिल पाए. उन्‍होंने छह टेस्‍ट खेले और 25.81 के बेहतरीन औसत से 27 विकेट लिए. इस दौरान 5/106 उनका सर्वश्रेष्‍ठ प्रदर्शन रहा जो उन्‍होंने इंग्‍लैंड के खिलाफ लार्ड्स के मैदान में दर्ज किया था. इसके बाद चोटों और प्रदर्शन में आई गिरावट के कारण टीम इंडिया से बाहर हो गए. करियर के इस दौर में वे मैदान पर गेंदबाजी से कहीं अधिक, तैश में आने की अपनी आदत के कारण चर्चा में रहे. 'देसी' अंदाज वाले प्रवीण आईपीएल में  गुजरात लायंस, किंग्‍स इलेवन पंजाब, रॉयल चैंलेंजर्स बेंगलुरू और सनराइजर्स हैदराबाद की ओर से खेल चुके हैं.हाल ही में प्रवीण ने समाजवादी पार्टी ज्‍वाइन करके अपनी नई पारी शुरू की है. उम्‍मीद है कि अपने इस सफर में भी वे कामयाबी के नए रिकॉर्ड बनाएंगे.... टूर्नामेंट के दूसरे फाइनल में तो प्रवीण का प्रदर्शन और निखरकर सामने आया था. ब्रिसबेन में हुए इस मुकाबले में भारत ने पहले बैटिंग करते हुए 258 रन बनाए थे. विकेट के मिजाज को भांपते हुए कप्‍तान एमएस धोनी ने शुरुआत में ही प्रवीण को गेंद थमा दी और उन्‍होंने ऑस्‍ट्रेलियाई टीम के टॉप आर्डर को पैवेलियन लौटा दिया था. मैच में प्रवीण की स्विंग गेंदबाजी के आगे गिलक्रिस्‍ट और पोंटिंग जैसे बल्‍लेबाजों को संघर्ष करते हुए देखना बेहतरीन था. प्रवीण ने इस मैच में गिलक्रिस्‍ट, पोटिंग, माइकल क्‍लार्क के अलावा निचले क्रम के ब्रेट ली को भी आउट किया था. भारत ने इस मैच में ऑस्‍ट्रेलिया को 9 रन से हराते हुए कॉमनवेल्‍थ बैंक त्रिकोणीय टूर्नामेंट जीत लिया था. 10 ओवर में 46 रन देकर चार विकेट लेने वाले प्रवीण को 'मैन ऑफ द मैच' घोषित किया गया था.टिप्पणियां वनडे मैचों में प्रवीण कई मौकों पर अपनी गेंदबाजी से भारत के लिए उपयोगी साबित हुए हैं. मैच में चार विकेट लेने का कारनामा उन्‍होंने तीन बार किया है. उन्‍होंने 68 वनडे में 36.02 के औसत से 77 विकेट लिए और श्रीलंका के खिलाफ 4/31 उनका सर्वश्रेष्‍ठ प्रदर्शन रहा. दुर्भाग्‍य से प्रवीण को टेस्‍ट खेलने के ज्‍यादा मौके नहीं मिल पाए. उन्‍होंने छह टेस्‍ट खेले और 25.81 के बेहतरीन औसत से 27 विकेट लिए. इस दौरान 5/106 उनका सर्वश्रेष्‍ठ प्रदर्शन रहा जो उन्‍होंने इंग्‍लैंड के खिलाफ लार्ड्स के मैदान में दर्ज किया था. इसके बाद चोटों और प्रदर्शन में आई गिरावट के कारण टीम इंडिया से बाहर हो गए. करियर के इस दौर में वे मैदान पर गेंदबाजी से कहीं अधिक, तैश में आने की अपनी आदत के कारण चर्चा में रहे. 'देसी' अंदाज वाले प्रवीण आईपीएल में  गुजरात लायंस, किंग्‍स इलेवन पंजाब, रॉयल चैंलेंजर्स बेंगलुरू और सनराइजर्स हैदराबाद की ओर से खेल चुके हैं.हाल ही में प्रवीण ने समाजवादी पार्टी ज्‍वाइन करके अपनी नई पारी शुरू की है. उम्‍मीद है कि अपने इस सफर में भी वे कामयाबी के नए रिकॉर्ड बनाएंगे.... वनडे मैचों में प्रवीण कई मौकों पर अपनी गेंदबाजी से भारत के लिए उपयोगी साबित हुए हैं. मैच में चार विकेट लेने का कारनामा उन्‍होंने तीन बार किया है. उन्‍होंने 68 वनडे में 36.02 के औसत से 77 विकेट लिए और श्रीलंका के खिलाफ 4/31 उनका सर्वश्रेष्‍ठ प्रदर्शन रहा. दुर्भाग्‍य से प्रवीण को टेस्‍ट खेलने के ज्‍यादा मौके नहीं मिल पाए. उन्‍होंने छह टेस्‍ट खेले और 25.81 के बेहतरीन औसत से 27 विकेट लिए. इस दौरान 5/106 उनका सर्वश्रेष्‍ठ प्रदर्शन रहा जो उन्‍होंने इंग्‍लैंड के खिलाफ लार्ड्स के मैदान में दर्ज किया था. इसके बाद चोटों और प्रदर्शन में आई गिरावट के कारण टीम इंडिया से बाहर हो गए. करियर के इस दौर में वे मैदान पर गेंदबाजी से कहीं अधिक, तैश में आने की अपनी आदत के कारण चर्चा में रहे. 'देसी' अंदाज वाले प्रवीण आईपीएल में  गुजरात लायंस, किंग्‍स इलेवन पंजाब, रॉयल चैंलेंजर्स बेंगलुरू और सनराइजर्स हैदराबाद की ओर से खेल चुके हैं.हाल ही में प्रवीण ने समाजवादी पार्टी ज्‍वाइन करके अपनी नई पारी शुरू की है. उम्‍मीद है कि अपने इस सफर में भी वे कामयाबी के नए रिकॉर्ड बनाएंगे.... इसके बाद चोटों और प्रदर्शन में आई गिरावट के कारण टीम इंडिया से बाहर हो गए. करियर के इस दौर में वे मैदान पर गेंदबाजी से कहीं अधिक, तैश में आने की अपनी आदत के कारण चर्चा में रहे. 'देसी' अंदाज वाले प्रवीण आईपीएल में  गुजरात लायंस, किंग्‍स इलेवन पंजाब, रॉयल चैंलेंजर्स बेंगलुरू और सनराइजर्स हैदराबाद की ओर से खेल चुके हैं.हाल ही में प्रवीण ने समाजवादी पार्टी ज्‍वाइन करके अपनी नई पारी शुरू की है. उम्‍मीद है कि अपने इस सफर में भी वे कामयाबी के नए रिकॉर्ड बनाएंगे....
सारांश: पहलवानी से जुड़े परिवार में जन्‍मे प्रवीण ने क्रिकेट में बनाया था करियर कॉमनवेल्‍थ बैंक सीरीज में गेंद से किया था यादगार प्रदर्शन हाल ही में समाजवादी पार्टी से जुड़कर शुरू की है 'नई पारी'
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने मंगलवार को प्रवर्तक हिस्सेदारी कम करके 40 प्रतिशत पर नहीं लाने के लिए बंधन बैंक पर एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगा दिया. बता दें, बंधन बैंक ने नियामकीय सूचना में यह जानकारी दी है. बंधन बैंक को RBI से 2014 में सामान्य बैंकिंग लाइसेंस प्राप्त हुआ था और उसने अगस्त 2015 में एक पूर्ण बैंक के रूप में काम करना शुरू किया. बंधन बैंक ने नियामकीय सूचना में कहा है कि RBI ने बैंक में बंधन फाइनेंसियल होल्डिंग्स लिमिटेड की हिस्सेदारी को कम करके 40 प्रतिशत पर लाने में असफल रहने पर जुर्माना लगाया है. बता दें, बैंक द्वारा पूर्ण बैंकिंग कारोबार शुरू करने के तीन साल के भीतर यह हिस्सेदारी बैंक मताधिकार वाली चुकता पूंजी के 40 प्रतिशत पर लाई जानी थी. बंधन बैंक के साथ ही RBI ने सहकारी क्षेत्र के जनता सहकारी बैंक पर भी एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है. इसके अलावा जलगांव पीपुल्स सहकारी बैंक पर भी 25 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है.  केन्द्रीय बैंक ने आय पुष्टि, अग्रिम प्रबंधन और संपत्ति वर्गीकरण नियमों के उल्लंघन को लेकर पुणे स्थित जनता सहकारी बैंक पर एक करोड़ रुपए और जलगांव पीपुल्स सहकारी बैंक पर 25 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है. केन्द्रीय बैंक ने इस संबंध में मंगलवार को एक विज्ञप्ति जारी कर यह जानकारी दी है.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: प्रवर्तक हिस्सेदारी कम करके 40 प्रतिशत पर नहीं लाने के लिए लगा जुर्माना बंधन बैंक ने नियामकीय सूचना में यह जानकारी दी अगस्त 2015 में एक पूर्ण बैंक के रूप में काम करना शुरू किया बंधन बैंक ने
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: राघव तन्खा ने अपनी याचिका में कहा है कि केंद्र सरकार लोकनीति फाउंडेशन में सुप्रीम कोर्ट के आदेश की जानबूझ कर ग़लत व्याख्या की, जिसके मुताबिक़ सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को आदेश दिया था कि पुराने मोबाइल नंबर के वेरिफिकेशन के लिए और नए मोबाइल नंबर लेने के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य किया जाए, जबकि सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में ऐसा कुछ नहीं कहा था. याचिका में कहा गया है कि लोकनीति फाउंडेशन के मामले में सुप्रीम ने अपने आदेश में केंद्र सरकार को निर्देश दिया था कि राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मोबाइल नंबर का सत्यापन करने को कहा था, जबकि केंद्र सरकार ने कोर्ट में हलफ़नामा दायर कर कहा था कि आधार कार्ड अनिर्वाय नहीं हैं हालांकि केंद्र सरकार ने यह कहा था कि आधार कार्ड के जरिये सत्यापन आसानी से होता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आधार कार्ड के जरिए ही पुराने मोबाइल नंबर का सत्यापन और नया मोबाइल नंबर मिल सकता है.
मोबाइल नंबर को आधार कार्ड से अनिवार्य रूप से लिंक करने का मामला सुप्रीम कोर्ट के आदेश की गलत व्याख्या का आरोप 16 अगस्त 2016 और 23 मार्च 2017 के नोटिफिकेशन को चुनौती
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: नोटबंदी को लेकर गृह मंत्रालय में जो ख़बरें राज्यों से आ रही हैं, उन्हें लेकर मंत्रालय में खलबली मची हुई है. आंकलन है कि अगर एक हफ़्ते में हालत सुधरे नहीं तो इसका असर क़ानून व्यवस्था पर होगा. सबसे बड़ी चिंता नोटों की सर्कुलेशन को लेकर है. केंद्र सरकार ने बेशक से ऐलान कर दिया हो कि 500 रुपए का नोट मार्केट में आ चुका है लेकिन असलियत ये है कि उसकी छपाई इतनी नहीं हुई है कि वह सर्कुलेशन में दिखाई दे. डिमांड और सप्लाई के बीच में फ़र्क़ हर रोज़ गेहरा होता जा रहा है और यह बात केन्द्रीय गृह मंत्रालय की रिपोर्ट में कही गई है.टिप्पणियां बैंकों के बाहर क़तारें कम नहीं हो रही हैं बल्कि बल्कि बढ़ रही हैं. शहरों में कई ATM काम नहीं कर रहे जिसके चलते लोगों तक पैसा नहीं पहुंच रहा. मंत्रालय का मानना है कि इसका असर धीरे धीरे अब क़ानून व्यवस्था पर पड़ रहा है. एनडीटीवी इंडिया को मिली हुई जानकारी के मुताबिक़, गृह मंत्रालय तक जो राज्यों से रिपोर्ट आयी है उसके मुताबिक, लोग छोटे डिनॉमिनेशन के रुपए ख़र्च नहीं कर रहे. इसीलिए जमाखोरी बढ़ रही है और 100 रुपए का नोट सर्कुलेशन में नहीं आ पा रहा. ऐसे में अभी हालात सामान्य होने में एक हफ़्ता लगेगा. सबसे ज़्यादा दिक़्क़त उत्तर पूर्व के राज्यों में बिहार और उत्तर प्रदेश के इलाक़ों में हो रही है. सबसे बड़ी चिंता नोटों की सर्कुलेशन को लेकर है. केंद्र सरकार ने बेशक से ऐलान कर दिया हो कि 500 रुपए का नोट मार्केट में आ चुका है लेकिन असलियत ये है कि उसकी छपाई इतनी नहीं हुई है कि वह सर्कुलेशन में दिखाई दे. डिमांड और सप्लाई के बीच में फ़र्क़ हर रोज़ गेहरा होता जा रहा है और यह बात केन्द्रीय गृह मंत्रालय की रिपोर्ट में कही गई है.टिप्पणियां बैंकों के बाहर क़तारें कम नहीं हो रही हैं बल्कि बल्कि बढ़ रही हैं. शहरों में कई ATM काम नहीं कर रहे जिसके चलते लोगों तक पैसा नहीं पहुंच रहा. मंत्रालय का मानना है कि इसका असर धीरे धीरे अब क़ानून व्यवस्था पर पड़ रहा है. एनडीटीवी इंडिया को मिली हुई जानकारी के मुताबिक़, गृह मंत्रालय तक जो राज्यों से रिपोर्ट आयी है उसके मुताबिक, लोग छोटे डिनॉमिनेशन के रुपए ख़र्च नहीं कर रहे. इसीलिए जमाखोरी बढ़ रही है और 100 रुपए का नोट सर्कुलेशन में नहीं आ पा रहा. ऐसे में अभी हालात सामान्य होने में एक हफ़्ता लगेगा. सबसे ज़्यादा दिक़्क़त उत्तर पूर्व के राज्यों में बिहार और उत्तर प्रदेश के इलाक़ों में हो रही है. बैंकों के बाहर क़तारें कम नहीं हो रही हैं बल्कि बल्कि बढ़ रही हैं. शहरों में कई ATM काम नहीं कर रहे जिसके चलते लोगों तक पैसा नहीं पहुंच रहा. मंत्रालय का मानना है कि इसका असर धीरे धीरे अब क़ानून व्यवस्था पर पड़ रहा है. एनडीटीवी इंडिया को मिली हुई जानकारी के मुताबिक़, गृह मंत्रालय तक जो राज्यों से रिपोर्ट आयी है उसके मुताबिक, लोग छोटे डिनॉमिनेशन के रुपए ख़र्च नहीं कर रहे. इसीलिए जमाखोरी बढ़ रही है और 100 रुपए का नोट सर्कुलेशन में नहीं आ पा रहा. ऐसे में अभी हालात सामान्य होने में एक हफ़्ता लगेगा. सबसे ज़्यादा दिक़्क़त उत्तर पूर्व के राज्यों में बिहार और उत्तर प्रदेश के इलाक़ों में हो रही है. एनडीटीवी इंडिया को मिली हुई जानकारी के मुताबिक़, गृह मंत्रालय तक जो राज्यों से रिपोर्ट आयी है उसके मुताबिक, लोग छोटे डिनॉमिनेशन के रुपए ख़र्च नहीं कर रहे. इसीलिए जमाखोरी बढ़ रही है और 100 रुपए का नोट सर्कुलेशन में नहीं आ पा रहा. ऐसे में अभी हालात सामान्य होने में एक हफ़्ता लगेगा. सबसे ज़्यादा दिक़्क़त उत्तर पूर्व के राज्यों में बिहार और उत्तर प्रदेश के इलाक़ों में हो रही है.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: अगर एक हफ़्ते में हालत सुधरे नहीं तो इसका असर क़ानून व्यवस्था पर होगा राज्यों से आ रही रिपोर्ट्स के चलते गृह मंत्रालय में खलबली है सबसे बड़ी चिंता नोटों की सर्कुलेशन को लेकर है
3
['hin']
एक सारांश बनाओ: भारत ने भले ही वीरेंद्र सहवाग, युवराज सिंह और गौतम गंभीर को आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी की टीम में नहीं रखा हो, लेकिन दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज डेल स्टेन का मानना है कि महेंद्र सिंह धोनी की टीम काफी मजबूत है। स्टेन ने कहा, भारत के पास मजबूत टीम है। आईपीएल में सबसे ज्यादा रन बनाने और विकेट लेने वालों में भारतीय भी हैं और वे सभी चैंपियंस ट्रॉफी टीम में हैं। भारतीय टीम जरूर अच्छा प्रदर्शन करेगी, लेकिन उम्मीद है कि हमारे खिलाफ नहीं। भारत और दक्षिण अफ्रीका 6 जून को वेल्स में चैंपियंस ट्रॉफी के ग्रुप बी के मैच में भिड़ेंगे। स्टेन ने ग्रुप बी के बारे में कहा, यह अच्छा ग्रुप है, लेकिन कठिन भी है। सभी टीमें अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं। रैंकिंग मायने नहीं रखती। हर टीम में कुछ स्टार खिलाड़ी हैं। हम सभी को अपना काम पता है और मैं उस चुनौती का सामना करने को तैयार हूं। उन्होंने कहा कि जून में इंग्लैंड में पिचें सूखी होंगी, जो बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों के लिए चुनौतीपूर्ण होगा। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि जून में वहां पिचें सूखी होती हैं। पिछले साल वहां टेस्ट शृंखला में गेंदबाजी में काफी दिक्कत आई। वहां रन बनाना भी मुश्किल होता है। दक्षिण अफ्रीकी टीम में भी जैक कैलिस और ग्रीम स्मिथ नहीं हैं, लेकिन स्टेन का मानना है कि अनुभव के अभाव के बावजूद युवा खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन करेंगे। टिप्पणियां स्टेन ने कहा, कैलिस और स्मिथ मिलकर 500 वनडे खेल चुके हैं। अब युवा खिलाड़ियों के सामने अपनी उपयोगिता साबित करने का मौका है। मुझे लगता है कि ये उनकी कमी पूरी करने में सक्षम हैं। यह बात सही है कि हमारी टीम में अनुभव की कमी है। आईपीएल में बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे दक्षिण अफ्रीका के युवा बल्लेबाज डेविड मिलर के बारे में उन्होंने कहा कि उसके पास विश्व क्रिकेट में अपनी छाप छोड़ने का सुनहरा मौका है। उन्होंने कहा, उसने कुछ वनडे खेले हैं। वह स्मिथ या कैलिस के समकक्ष हैं लेकिन बस अनुभव की कमी है। उसने दक्षिण अफ्रीका के लिए अधिक मैच नहीं खेले। उसके पास चैंपियंस ट्रॉफी में अच्छा प्रदर्शन करके अपनी उपयोगिता साबित करने का सुनहरा मौका है। दक्षिण अफ्रीका अभी तक आईसीसी की कोई ट्रॉफी नहीं जीत सका है और स्टेन ने कहा कि चैंपियंस ट्रॉफी जीतकर टीम निवर्तमान कोच गैरी कर्स्टन को विदाई का तोहफा देना चाहेगी। उन्होंने कहा, यह उनके लिए परफेक्ट तोहफा होगा। हमें अच्छा क्रिकेट खेलना है और आगे देखते हैं कि क्या होता है। स्टेन ने कहा, भारत के पास मजबूत टीम है। आईपीएल में सबसे ज्यादा रन बनाने और विकेट लेने वालों में भारतीय भी हैं और वे सभी चैंपियंस ट्रॉफी टीम में हैं। भारतीय टीम जरूर अच्छा प्रदर्शन करेगी, लेकिन उम्मीद है कि हमारे खिलाफ नहीं। भारत और दक्षिण अफ्रीका 6 जून को वेल्स में चैंपियंस ट्रॉफी के ग्रुप बी के मैच में भिड़ेंगे। स्टेन ने ग्रुप बी के बारे में कहा, यह अच्छा ग्रुप है, लेकिन कठिन भी है। सभी टीमें अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं। रैंकिंग मायने नहीं रखती। हर टीम में कुछ स्टार खिलाड़ी हैं। हम सभी को अपना काम पता है और मैं उस चुनौती का सामना करने को तैयार हूं। उन्होंने कहा कि जून में इंग्लैंड में पिचें सूखी होंगी, जो बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों के लिए चुनौतीपूर्ण होगा। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि जून में वहां पिचें सूखी होती हैं। पिछले साल वहां टेस्ट शृंखला में गेंदबाजी में काफी दिक्कत आई। वहां रन बनाना भी मुश्किल होता है। दक्षिण अफ्रीकी टीम में भी जैक कैलिस और ग्रीम स्मिथ नहीं हैं, लेकिन स्टेन का मानना है कि अनुभव के अभाव के बावजूद युवा खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन करेंगे। टिप्पणियां स्टेन ने कहा, कैलिस और स्मिथ मिलकर 500 वनडे खेल चुके हैं। अब युवा खिलाड़ियों के सामने अपनी उपयोगिता साबित करने का मौका है। मुझे लगता है कि ये उनकी कमी पूरी करने में सक्षम हैं। यह बात सही है कि हमारी टीम में अनुभव की कमी है। आईपीएल में बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे दक्षिण अफ्रीका के युवा बल्लेबाज डेविड मिलर के बारे में उन्होंने कहा कि उसके पास विश्व क्रिकेट में अपनी छाप छोड़ने का सुनहरा मौका है। उन्होंने कहा, उसने कुछ वनडे खेले हैं। वह स्मिथ या कैलिस के समकक्ष हैं लेकिन बस अनुभव की कमी है। उसने दक्षिण अफ्रीका के लिए अधिक मैच नहीं खेले। उसके पास चैंपियंस ट्रॉफी में अच्छा प्रदर्शन करके अपनी उपयोगिता साबित करने का सुनहरा मौका है। दक्षिण अफ्रीका अभी तक आईसीसी की कोई ट्रॉफी नहीं जीत सका है और स्टेन ने कहा कि चैंपियंस ट्रॉफी जीतकर टीम निवर्तमान कोच गैरी कर्स्टन को विदाई का तोहफा देना चाहेगी। उन्होंने कहा, यह उनके लिए परफेक्ट तोहफा होगा। हमें अच्छा क्रिकेट खेलना है और आगे देखते हैं कि क्या होता है। स्टेन ने ग्रुप बी के बारे में कहा, यह अच्छा ग्रुप है, लेकिन कठिन भी है। सभी टीमें अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं। रैंकिंग मायने नहीं रखती। हर टीम में कुछ स्टार खिलाड़ी हैं। हम सभी को अपना काम पता है और मैं उस चुनौती का सामना करने को तैयार हूं। उन्होंने कहा कि जून में इंग्लैंड में पिचें सूखी होंगी, जो बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों के लिए चुनौतीपूर्ण होगा। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि जून में वहां पिचें सूखी होती हैं। पिछले साल वहां टेस्ट शृंखला में गेंदबाजी में काफी दिक्कत आई। वहां रन बनाना भी मुश्किल होता है। दक्षिण अफ्रीकी टीम में भी जैक कैलिस और ग्रीम स्मिथ नहीं हैं, लेकिन स्टेन का मानना है कि अनुभव के अभाव के बावजूद युवा खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन करेंगे। टिप्पणियां स्टेन ने कहा, कैलिस और स्मिथ मिलकर 500 वनडे खेल चुके हैं। अब युवा खिलाड़ियों के सामने अपनी उपयोगिता साबित करने का मौका है। मुझे लगता है कि ये उनकी कमी पूरी करने में सक्षम हैं। यह बात सही है कि हमारी टीम में अनुभव की कमी है। आईपीएल में बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे दक्षिण अफ्रीका के युवा बल्लेबाज डेविड मिलर के बारे में उन्होंने कहा कि उसके पास विश्व क्रिकेट में अपनी छाप छोड़ने का सुनहरा मौका है। उन्होंने कहा, उसने कुछ वनडे खेले हैं। वह स्मिथ या कैलिस के समकक्ष हैं लेकिन बस अनुभव की कमी है। उसने दक्षिण अफ्रीका के लिए अधिक मैच नहीं खेले। उसके पास चैंपियंस ट्रॉफी में अच्छा प्रदर्शन करके अपनी उपयोगिता साबित करने का सुनहरा मौका है। दक्षिण अफ्रीका अभी तक आईसीसी की कोई ट्रॉफी नहीं जीत सका है और स्टेन ने कहा कि चैंपियंस ट्रॉफी जीतकर टीम निवर्तमान कोच गैरी कर्स्टन को विदाई का तोहफा देना चाहेगी। उन्होंने कहा, यह उनके लिए परफेक्ट तोहफा होगा। हमें अच्छा क्रिकेट खेलना है और आगे देखते हैं कि क्या होता है। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि जून में वहां पिचें सूखी होती हैं। पिछले साल वहां टेस्ट शृंखला में गेंदबाजी में काफी दिक्कत आई। वहां रन बनाना भी मुश्किल होता है। दक्षिण अफ्रीकी टीम में भी जैक कैलिस और ग्रीम स्मिथ नहीं हैं, लेकिन स्टेन का मानना है कि अनुभव के अभाव के बावजूद युवा खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन करेंगे। टिप्पणियां स्टेन ने कहा, कैलिस और स्मिथ मिलकर 500 वनडे खेल चुके हैं। अब युवा खिलाड़ियों के सामने अपनी उपयोगिता साबित करने का मौका है। मुझे लगता है कि ये उनकी कमी पूरी करने में सक्षम हैं। यह बात सही है कि हमारी टीम में अनुभव की कमी है। आईपीएल में बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे दक्षिण अफ्रीका के युवा बल्लेबाज डेविड मिलर के बारे में उन्होंने कहा कि उसके पास विश्व क्रिकेट में अपनी छाप छोड़ने का सुनहरा मौका है। उन्होंने कहा, उसने कुछ वनडे खेले हैं। वह स्मिथ या कैलिस के समकक्ष हैं लेकिन बस अनुभव की कमी है। उसने दक्षिण अफ्रीका के लिए अधिक मैच नहीं खेले। उसके पास चैंपियंस ट्रॉफी में अच्छा प्रदर्शन करके अपनी उपयोगिता साबित करने का सुनहरा मौका है। दक्षिण अफ्रीका अभी तक आईसीसी की कोई ट्रॉफी नहीं जीत सका है और स्टेन ने कहा कि चैंपियंस ट्रॉफी जीतकर टीम निवर्तमान कोच गैरी कर्स्टन को विदाई का तोहफा देना चाहेगी। उन्होंने कहा, यह उनके लिए परफेक्ट तोहफा होगा। हमें अच्छा क्रिकेट खेलना है और आगे देखते हैं कि क्या होता है। स्टेन ने कहा, कैलिस और स्मिथ मिलकर 500 वनडे खेल चुके हैं। अब युवा खिलाड़ियों के सामने अपनी उपयोगिता साबित करने का मौका है। मुझे लगता है कि ये उनकी कमी पूरी करने में सक्षम हैं। यह बात सही है कि हमारी टीम में अनुभव की कमी है। आईपीएल में बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे दक्षिण अफ्रीका के युवा बल्लेबाज डेविड मिलर के बारे में उन्होंने कहा कि उसके पास विश्व क्रिकेट में अपनी छाप छोड़ने का सुनहरा मौका है। उन्होंने कहा, उसने कुछ वनडे खेले हैं। वह स्मिथ या कैलिस के समकक्ष हैं लेकिन बस अनुभव की कमी है। उसने दक्षिण अफ्रीका के लिए अधिक मैच नहीं खेले। उसके पास चैंपियंस ट्रॉफी में अच्छा प्रदर्शन करके अपनी उपयोगिता साबित करने का सुनहरा मौका है। दक्षिण अफ्रीका अभी तक आईसीसी की कोई ट्रॉफी नहीं जीत सका है और स्टेन ने कहा कि चैंपियंस ट्रॉफी जीतकर टीम निवर्तमान कोच गैरी कर्स्टन को विदाई का तोहफा देना चाहेगी। उन्होंने कहा, यह उनके लिए परफेक्ट तोहफा होगा। हमें अच्छा क्रिकेट खेलना है और आगे देखते हैं कि क्या होता है। उन्होंने कहा, उसने कुछ वनडे खेले हैं। वह स्मिथ या कैलिस के समकक्ष हैं लेकिन बस अनुभव की कमी है। उसने दक्षिण अफ्रीका के लिए अधिक मैच नहीं खेले। उसके पास चैंपियंस ट्रॉफी में अच्छा प्रदर्शन करके अपनी उपयोगिता साबित करने का सुनहरा मौका है। दक्षिण अफ्रीका अभी तक आईसीसी की कोई ट्रॉफी नहीं जीत सका है और स्टेन ने कहा कि चैंपियंस ट्रॉफी जीतकर टीम निवर्तमान कोच गैरी कर्स्टन को विदाई का तोहफा देना चाहेगी। उन्होंने कहा, यह उनके लिए परफेक्ट तोहफा होगा। हमें अच्छा क्रिकेट खेलना है और आगे देखते हैं कि क्या होता है।
यहाँ एक सारांश है:भारत ने भले ही वीरेंद्र सहवाग, युवराज सिंह और गौतम गंभीर को आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी की टीम में नहीं रखा हो, लेकिन दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज डेल स्टेन का मानना है कि महेंद्र सिंह धोनी की टीम काफी मजबूत है।
15
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भ्रष्टाचार के खिलाफ देश को जगाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे से प्रेरित होकर उत्तर प्रदेश में एक स्कूल ने अपने विद्यार्थियों के लिए 'अन्ना क्लास' शुरू कर एक अनोखी पहल की है। मिर्जापुर शहर के जेपी पब्लिक स्कूल ने अपने विद्यार्थियों को अन्ना के आदर्शों और सिद्धांतों की शिक्षा देने के लिए 'अन्ना क्लास' शुरू की है। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से सम्बद्ध पहली से 12वीं कक्षा तक के इस विद्यालय में एक हजार से अधिक विद्यार्थी हैं। स्कूल के प्रधानाचार्य प्रभात द्विवेदी ने कहा, "भ्रष्टाचार के खिलाफ पूरे देश को एकजुट करने वाले अन्ना से प्रेरित होकर यह कक्षा शुरू करने के पीछे हमारा उद्देश्य यही है कि हमारे विद्यार्थी इस महान गांधीवादी के आदर्शो पर चलकर देश को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने में सहयोग करें।" स्कूल में 'अन्ना क्लास' की शुरुआत 27 अगस्त से हुई। उसी दिन अन्ना ने 12 दिन बाद अपना अनशन तोड़ा था। द्विवेदी ने बताया, "यह विशेष कक्षा हर रोज प्रथम पीरियड से पहले सुबह आठ बजे से 45 मिनट तक चलती है। छात्र बड़े उत्साह से इसमें शामिल होते हैं। फिलहाल 9वीं से 12वीं कक्षा तक के लगभग 300 विद्यार्थी इस कक्षा में शामिल होते हैं।" द्विवेदी के मुताबिक 'अन्ना क्लास' में विद्यार्थियों को भ्रष्टाचार के खिलाफ अन्ना के संघर्ष और आंदोलन के साथ-साथ अहिंसा और सत्याग्रह के महत्व के बारे में बताया जाता है। इन्हीं रास्तों पर चलकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने अंग्रेजों को देश छोड़ने के लिए मजबूर कर दिया था। द्विवेदी ने कहा, "हमारा यह प्रयास भले ही छोटा है, लेकिन हम इसे लेकर बहुत आशांवित हैं। हमें पूरी उम्मीद है कि अन्ना द्वारा देश को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए शुरू की गई कोशिश में हमारे विद्यार्थी अपनी सहभागिता करेंगे।" विद्यार्थियों में 'अन्ना क्लास' को लेकर बहुत अच्छी प्रतिक्रिया है। द्विवेदी ने कहा कि 'अन्ना क्लास' के प्रति विद्यार्थियों के उत्साह और सकारात्मक रुझान को देखते हुए हम जूनियर हाई स्कूल के विद्यार्थियों को भी इस कक्षा में शामिल करने पर विचार कर रहे हैं। 11वीं के छात्र अभिषेक कुमार ने कहा, "74 साल के इस गांधीवादी के भ्रष्टाचार विरोधी संघर्षो से भविष्य में उन्हीं के जैसा बनने की प्रेरणा मिलती है।" 10वीं की छात्रा कुमारी सुमन कहती हैं, "अन्ना देशहित में भ्रष्टाचार मिटाने के लिए कितना कुछ कर रहे हैं। हम भी आगे चलकर भ्रष्टाचार मिटाने में अपना सक्रिय योगदान देकर अन्ना के सपने को साकार करेंगे।"
सारांश: भ्रष्टाचार के खिलाफ देश को जगाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे से प्रेरित होकर उत्तर प्रदेश में एक स्कूल ने अपने विद्यार्थियों के लिए 'अन्ना क्लास' शुरू कर एक अनोखी पहल की है।
31
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: मक्कल निधि मय्यम (एमएनएम) प्रमुख कमल हासन (Kamal Haasan) ने तमिलनाडु विधानसभा की दो सीटों पर 21 अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव को अन्नाद्रमुक और द्रमुक का 'भ्रष्ट राजनीतिक तमाशा' और 'सत्ता संघर्ष' करार देते हुए रविवार को कहा कि उनकी पार्टी इसमें हिस्सा नहीं लेगी. एमएनएम ने लोकसभा चुनाव-2019 से चुनावी राजनीति की शुरुआत की थी और कई सीटों पर तीसरे स्थान पर रही. हासन ने कहा कि वह नानगुनेरी और विक्रवंडी उपचुनाव के नाम पर भ्रष्ट राजनीतिक तमाशों का हिस्सा नहीं बनना चाहते. यहां जारी बयान में हासन ने कहा, 'यह बहुत स्पष्ट है कि उपचुनाव सत्तारूढ़ दल और पहले शासन करने वाली पार्टी के बीच सत्ता संघर्ष के अलावा कुछ नहीं है. वे अपनी ताकत और पद बचाने के लिए ऐसा कर रहे हैं.'  अभिनेता से राजनेता बने हासन ने कहा कि एमएनएम तेजी से तमिलनाडु के लोगों का समर्थन हासिल करने की कोशिश कर रही है और वर्ष 2021 में सरकार बनाएगी, पुराने और बेकार हो चुके राजनीतिक दलों को हटाएंगे और उनका भ्रष्टाचार खत्म कर बेहतर प्रशासन मुहैया कराएंगे, लोग जिसके हकदार हैं.
यहाँ एक सारांश है:कमल हासन की पार्टी तमिलनाडु में नहीं लड़ेगी उपचुनाव कहा- भ्रष्ट राजनीतिक तमाशों का हिस्सा नहीं बनना चाहते एमएनएम ने लोकसभा चुनाव-2019 से चुनावी राजनीति की शुरुआत की थी
4
['hin']
एक सारांश बनाओ: अगले हफ्ते शेयर बाजार की चाल भारत के उत्पादन क्षेत्र के मासिक आंकड़े, वैश्विक बाजारों की रफ्तार, विदेशी संस्थापक निवेशकों (एफपीआई) द्वारा किए जाने वाले निवेश, घरेलू संस्थापक निवेशकों (डीआईआई) के निवेश, डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत, कच्चे तेल के दाम और मानसून की रफ्तार मिलकर तय करेंगे. निवेशकों की नजर मानसून की चाल पर रहेगी. भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने 25 अगस्त को कहा कि अब तक देश भर में दीर्घकालिक औसत (एलपीए) से तीन फीसदी कम बारिश हुई है. हालांकि मानसून का दौर अभी जारी है और आगे भी बारिश होने की अनुमान लगाया गया है. वाहन कंपनियां एक सितंबर को अगस्त में हुई बिक्री का आंकड़ा जारी करेंगी. वहीं, सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियां इस महीने के अंत में तेल कीमतों की समीक्षा करेंगी. अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों को ध्यान में रखते हुए महीने में दो बार तेल कीमतों की समीक्षा की जाती है. पिछली समीक्षा इस महीने के मध्य में की गई थी और अब यह महीने के अंत में 31 अगस्त को की जाएगी. कॉरपोरेट आकंड़ों में डीएलएफ और एमओआईएल सोमवार को वित्त वर्ष 2016-17 की पहली तिमाही के आंकड़े जारी करेंगी. इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) वित्त वर्ष 2016-17 की पहली तिमाही के आंकड़े सोमवार को जारी करेगी तथा शेयरों के लिए बोनस की भी घोषणा करेगी. भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (बीपीसीएल) वर्तमान वित्त वर्ष की पहली तिमाही के नतीजे बुधवार को जारी करेगी. वहीं, व्यापक आर्थिक आंकड़ों में उत्पादन क्षेत्र के अगस्त के पीएमआई आंकड़े गुरुवार को जारी किए जाएंगे. वैश्विक स्तर पर अमेरिकी फेड रिजर्व की चेयरमैन जेनेट येलेन ने शुक्रवार देर रात दिए अपने भाषण में अमेरिकी अर्थव्यवस्था में सुधार के प्रति उम्मीद जताते हुए आने वाले समय में ब्याज दरों में बढ़ोत्तरी के संकेत दिए हैं.टिप्पणियां येलेन द्वारा ब्याज दरों में बढोतरी के संकेत को देखते हुए निवेशक सहमे हुए हैं और उनकी नजर सोमवार को होने वाले अमेरिकी ब्याज दरों के ऐलान पर टिकी हैं. अगर अमेरिकी बाजार में ब्याज दरें बढ़ती हैं तो विदेशी निवेशक भारत जैसे उभरते बाजारों से पैसा निकाल कर अमेरिकी बजार में लगाने लगेंगे, जिसके असर भारतीय शेयर बाजारों में तेज गिरावट की आशंका है.   निवेशकों की नजर मानसून की चाल पर रहेगी. भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने 25 अगस्त को कहा कि अब तक देश भर में दीर्घकालिक औसत (एलपीए) से तीन फीसदी कम बारिश हुई है. हालांकि मानसून का दौर अभी जारी है और आगे भी बारिश होने की अनुमान लगाया गया है. वाहन कंपनियां एक सितंबर को अगस्त में हुई बिक्री का आंकड़ा जारी करेंगी. वहीं, सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियां इस महीने के अंत में तेल कीमतों की समीक्षा करेंगी. अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों को ध्यान में रखते हुए महीने में दो बार तेल कीमतों की समीक्षा की जाती है. पिछली समीक्षा इस महीने के मध्य में की गई थी और अब यह महीने के अंत में 31 अगस्त को की जाएगी. कॉरपोरेट आकंड़ों में डीएलएफ और एमओआईएल सोमवार को वित्त वर्ष 2016-17 की पहली तिमाही के आंकड़े जारी करेंगी. इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) वित्त वर्ष 2016-17 की पहली तिमाही के आंकड़े सोमवार को जारी करेगी तथा शेयरों के लिए बोनस की भी घोषणा करेगी. भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (बीपीसीएल) वर्तमान वित्त वर्ष की पहली तिमाही के नतीजे बुधवार को जारी करेगी. वहीं, व्यापक आर्थिक आंकड़ों में उत्पादन क्षेत्र के अगस्त के पीएमआई आंकड़े गुरुवार को जारी किए जाएंगे. वैश्विक स्तर पर अमेरिकी फेड रिजर्व की चेयरमैन जेनेट येलेन ने शुक्रवार देर रात दिए अपने भाषण में अमेरिकी अर्थव्यवस्था में सुधार के प्रति उम्मीद जताते हुए आने वाले समय में ब्याज दरों में बढ़ोत्तरी के संकेत दिए हैं.टिप्पणियां येलेन द्वारा ब्याज दरों में बढोतरी के संकेत को देखते हुए निवेशक सहमे हुए हैं और उनकी नजर सोमवार को होने वाले अमेरिकी ब्याज दरों के ऐलान पर टिकी हैं. अगर अमेरिकी बाजार में ब्याज दरें बढ़ती हैं तो विदेशी निवेशक भारत जैसे उभरते बाजारों से पैसा निकाल कर अमेरिकी बजार में लगाने लगेंगे, जिसके असर भारतीय शेयर बाजारों में तेज गिरावट की आशंका है.   वाहन कंपनियां एक सितंबर को अगस्त में हुई बिक्री का आंकड़ा जारी करेंगी. वहीं, सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियां इस महीने के अंत में तेल कीमतों की समीक्षा करेंगी. अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों को ध्यान में रखते हुए महीने में दो बार तेल कीमतों की समीक्षा की जाती है. पिछली समीक्षा इस महीने के मध्य में की गई थी और अब यह महीने के अंत में 31 अगस्त को की जाएगी. कॉरपोरेट आकंड़ों में डीएलएफ और एमओआईएल सोमवार को वित्त वर्ष 2016-17 की पहली तिमाही के आंकड़े जारी करेंगी. इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) वित्त वर्ष 2016-17 की पहली तिमाही के आंकड़े सोमवार को जारी करेगी तथा शेयरों के लिए बोनस की भी घोषणा करेगी. भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (बीपीसीएल) वर्तमान वित्त वर्ष की पहली तिमाही के नतीजे बुधवार को जारी करेगी. वहीं, व्यापक आर्थिक आंकड़ों में उत्पादन क्षेत्र के अगस्त के पीएमआई आंकड़े गुरुवार को जारी किए जाएंगे. वैश्विक स्तर पर अमेरिकी फेड रिजर्व की चेयरमैन जेनेट येलेन ने शुक्रवार देर रात दिए अपने भाषण में अमेरिकी अर्थव्यवस्था में सुधार के प्रति उम्मीद जताते हुए आने वाले समय में ब्याज दरों में बढ़ोत्तरी के संकेत दिए हैं.टिप्पणियां येलेन द्वारा ब्याज दरों में बढोतरी के संकेत को देखते हुए निवेशक सहमे हुए हैं और उनकी नजर सोमवार को होने वाले अमेरिकी ब्याज दरों के ऐलान पर टिकी हैं. अगर अमेरिकी बाजार में ब्याज दरें बढ़ती हैं तो विदेशी निवेशक भारत जैसे उभरते बाजारों से पैसा निकाल कर अमेरिकी बजार में लगाने लगेंगे, जिसके असर भारतीय शेयर बाजारों में तेज गिरावट की आशंका है.   कॉरपोरेट आकंड़ों में डीएलएफ और एमओआईएल सोमवार को वित्त वर्ष 2016-17 की पहली तिमाही के आंकड़े जारी करेंगी. इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) वित्त वर्ष 2016-17 की पहली तिमाही के आंकड़े सोमवार को जारी करेगी तथा शेयरों के लिए बोनस की भी घोषणा करेगी. भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (बीपीसीएल) वर्तमान वित्त वर्ष की पहली तिमाही के नतीजे बुधवार को जारी करेगी. वहीं, व्यापक आर्थिक आंकड़ों में उत्पादन क्षेत्र के अगस्त के पीएमआई आंकड़े गुरुवार को जारी किए जाएंगे. वैश्विक स्तर पर अमेरिकी फेड रिजर्व की चेयरमैन जेनेट येलेन ने शुक्रवार देर रात दिए अपने भाषण में अमेरिकी अर्थव्यवस्था में सुधार के प्रति उम्मीद जताते हुए आने वाले समय में ब्याज दरों में बढ़ोत्तरी के संकेत दिए हैं.टिप्पणियां येलेन द्वारा ब्याज दरों में बढोतरी के संकेत को देखते हुए निवेशक सहमे हुए हैं और उनकी नजर सोमवार को होने वाले अमेरिकी ब्याज दरों के ऐलान पर टिकी हैं. अगर अमेरिकी बाजार में ब्याज दरें बढ़ती हैं तो विदेशी निवेशक भारत जैसे उभरते बाजारों से पैसा निकाल कर अमेरिकी बजार में लगाने लगेंगे, जिसके असर भारतीय शेयर बाजारों में तेज गिरावट की आशंका है.   वहीं, व्यापक आर्थिक आंकड़ों में उत्पादन क्षेत्र के अगस्त के पीएमआई आंकड़े गुरुवार को जारी किए जाएंगे. वैश्विक स्तर पर अमेरिकी फेड रिजर्व की चेयरमैन जेनेट येलेन ने शुक्रवार देर रात दिए अपने भाषण में अमेरिकी अर्थव्यवस्था में सुधार के प्रति उम्मीद जताते हुए आने वाले समय में ब्याज दरों में बढ़ोत्तरी के संकेत दिए हैं.टिप्पणियां येलेन द्वारा ब्याज दरों में बढोतरी के संकेत को देखते हुए निवेशक सहमे हुए हैं और उनकी नजर सोमवार को होने वाले अमेरिकी ब्याज दरों के ऐलान पर टिकी हैं. अगर अमेरिकी बाजार में ब्याज दरें बढ़ती हैं तो विदेशी निवेशक भारत जैसे उभरते बाजारों से पैसा निकाल कर अमेरिकी बजार में लगाने लगेंगे, जिसके असर भारतीय शेयर बाजारों में तेज गिरावट की आशंका है.   येलेन द्वारा ब्याज दरों में बढोतरी के संकेत को देखते हुए निवेशक सहमे हुए हैं और उनकी नजर सोमवार को होने वाले अमेरिकी ब्याज दरों के ऐलान पर टिकी हैं. अगर अमेरिकी बाजार में ब्याज दरें बढ़ती हैं तो विदेशी निवेशक भारत जैसे उभरते बाजारों से पैसा निकाल कर अमेरिकी बजार में लगाने लगेंगे, जिसके असर भारतीय शेयर बाजारों में तेज गिरावट की आशंका है.
यहाँ एक सारांश है:निवेशकों की नजर मानसून की चाल पर रहेगी वाहन कंपनियां एक सितंबर जारी करेंगी बिक्री के आंकड़े तेल कंपनियां महीने के अंत में करेंगी कीमतों की समीक्षा
15
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिका ने कहा है कि अल कायदा के शीर्ष नेतृत्व के खात्मे के बावजूद यह अभी भी उसके लिए खतरा बना हुआ है। अमेरिका के रक्षा मंत्री लियोन पेनेटा ने पेंसिलवेनिया के शांक्सविले में फ्लाइट 93 नेशनल मेमोरियल में एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा, अल कायदा के कुछ शीर्ष नेतृत्व का हमने खात्मा कर दिया है। मेरे मन में इस बात को लेकर कोई संदेह नहीं है कि इस देश पर 9/11 हमलों की तरह किसी भी योजना को लेकर हमने उनके नेतृत्व, क्षमता और नियंत्रण को प्रभावित किया है। पेनेटा ने कहा, अल कायदा का आतंकवाद अभी भी खतरा बना हुआ है और यही कारण है कि हम यमन, सोमालिया, उत्तर अफ्रीका या जहां कहीं भी हों, उसके खात्मे में लगे हैं। उन्होंने कहा, हम तब तक ऐसा करना जारी रखेंगे जब तक हमें ऐसा नहीं लगेगा कि इस तरह के खतरों से देश सुरक्षित हो गया है। आतंक के खिलाफ लड़ाई में महत्वपूर्ण सफलता हासिल करने का उल्लेख करते हुए पेनेटा ने कहा कि अल कायदा के खिलाफ इस तरह का अभियान चलाने वाले प्रशंसा के हकदार हैं।टिप्पणियां रक्षामंत्री ने कहा, लेकिन हमें यह लड़ाई तब तक जारी रखनी होगी जब तक यह सुनिश्चित न हो जाए कि यह दोबारा नहीं होगा। पेनेटा ने कहा, ओसामा बिन लादेन का खात्मा हुआ। हमने अल कायदा नेतृत्व को परास्त किया। निश्चिततौर पर हमने 9/11 की तरह के हमलों को लेकर उनकी योजना और क्षमता को चोट पहुंचायी है। उन्होंने कहा, हालांकि, अल कायदा अभी भी एक खतरा बना हुआ है। हमें उसके नेटवर्क को खत्म करने के लिए गंभीरता से काम करना होगा। पेनेटा ने कहा, हमारे सैनिक अल कायदा की सुरक्षित पनाहगाहों और उनके चरमपंथी सहयोगियों को खत्म करने के लिए अभी भी अफगानिस्तान में लड़ रहे हैं। यमन, सोमालिया और उत्तर अफ्रीका में हमारी लड़ाई जारी रहेगी। हम कोई गलती नहीं करेंगे। वह जहां कहीं भी होंगे हम उनका पीछा करेंगे। पेनेटा ने कहा, अल कायदा का आतंकवाद अभी भी खतरा बना हुआ है और यही कारण है कि हम यमन, सोमालिया, उत्तर अफ्रीका या जहां कहीं भी हों, उसके खात्मे में लगे हैं। उन्होंने कहा, हम तब तक ऐसा करना जारी रखेंगे जब तक हमें ऐसा नहीं लगेगा कि इस तरह के खतरों से देश सुरक्षित हो गया है। आतंक के खिलाफ लड़ाई में महत्वपूर्ण सफलता हासिल करने का उल्लेख करते हुए पेनेटा ने कहा कि अल कायदा के खिलाफ इस तरह का अभियान चलाने वाले प्रशंसा के हकदार हैं।टिप्पणियां रक्षामंत्री ने कहा, लेकिन हमें यह लड़ाई तब तक जारी रखनी होगी जब तक यह सुनिश्चित न हो जाए कि यह दोबारा नहीं होगा। पेनेटा ने कहा, ओसामा बिन लादेन का खात्मा हुआ। हमने अल कायदा नेतृत्व को परास्त किया। निश्चिततौर पर हमने 9/11 की तरह के हमलों को लेकर उनकी योजना और क्षमता को चोट पहुंचायी है। उन्होंने कहा, हालांकि, अल कायदा अभी भी एक खतरा बना हुआ है। हमें उसके नेटवर्क को खत्म करने के लिए गंभीरता से काम करना होगा। पेनेटा ने कहा, हमारे सैनिक अल कायदा की सुरक्षित पनाहगाहों और उनके चरमपंथी सहयोगियों को खत्म करने के लिए अभी भी अफगानिस्तान में लड़ रहे हैं। यमन, सोमालिया और उत्तर अफ्रीका में हमारी लड़ाई जारी रहेगी। हम कोई गलती नहीं करेंगे। वह जहां कहीं भी होंगे हम उनका पीछा करेंगे। रक्षामंत्री ने कहा, लेकिन हमें यह लड़ाई तब तक जारी रखनी होगी जब तक यह सुनिश्चित न हो जाए कि यह दोबारा नहीं होगा। पेनेटा ने कहा, ओसामा बिन लादेन का खात्मा हुआ। हमने अल कायदा नेतृत्व को परास्त किया। निश्चिततौर पर हमने 9/11 की तरह के हमलों को लेकर उनकी योजना और क्षमता को चोट पहुंचायी है। उन्होंने कहा, हालांकि, अल कायदा अभी भी एक खतरा बना हुआ है। हमें उसके नेटवर्क को खत्म करने के लिए गंभीरता से काम करना होगा। पेनेटा ने कहा, हमारे सैनिक अल कायदा की सुरक्षित पनाहगाहों और उनके चरमपंथी सहयोगियों को खत्म करने के लिए अभी भी अफगानिस्तान में लड़ रहे हैं। यमन, सोमालिया और उत्तर अफ्रीका में हमारी लड़ाई जारी रहेगी। हम कोई गलती नहीं करेंगे। वह जहां कहीं भी होंगे हम उनका पीछा करेंगे। उन्होंने कहा, हालांकि, अल कायदा अभी भी एक खतरा बना हुआ है। हमें उसके नेटवर्क को खत्म करने के लिए गंभीरता से काम करना होगा। पेनेटा ने कहा, हमारे सैनिक अल कायदा की सुरक्षित पनाहगाहों और उनके चरमपंथी सहयोगियों को खत्म करने के लिए अभी भी अफगानिस्तान में लड़ रहे हैं। यमन, सोमालिया और उत्तर अफ्रीका में हमारी लड़ाई जारी रहेगी। हम कोई गलती नहीं करेंगे। वह जहां कहीं भी होंगे हम उनका पीछा करेंगे।
यहाँ एक सारांश है:पेनेटा ने कहा, अल कायदा का आतंकवाद अभी भी खतरा बना हुआ है और यही कारण है कि हम यमन, सोमालिया, उत्तर अफ्रीका या जहां कहीं भी हों, उसके खात्मे में लगे हैं।
12
['hin']
एक सारांश बनाओ: मुंबई से मेडिकल की छात्रा की आत्महात्या को लेकर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने एक ट्वीट किया है. उन्होंने अपने ट्वीट में संविधान द्वारा दिए गए संरक्षण की बात कही. उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि अनुसूचित जनजाति की होनहार  डॉ. पायल तड़वी की आत्महत्या मूलत: उनकी जाति और आरक्षण पर की गई अपमानजनक शाब्दिक हिंसा का परिणाम है. ये मूलत: उनकी हत्या है और संविधान द्वारा दिए गए संरक्षण की भी. क्या यही देश की नई दिशा है? समाजवादी पार्टी प्रमुख के इस ट्वीट को महज एक घंटे में 1200 से ज्यादा लोगों ने री-ट्वीट किया है जबकि 4900 से ज्यादा लोगों ने लाइक किया है. अनुसूचित जनजाति की होनहार डॉ. पायल तड़वी की आत्महत्या मूलत: उनकी जाति और आरक्षण पर की गयी अपमानजनक शाब्दिक हिंसा का परिणाम है. ये मूलत: उनकी हत्या है और संविधान द्वारा दिये गये संरक्षण की भी. क्या यही देश की नई दिशा है?#JusticeForPayal गौरतलब है कि मुंबई के नायर अस्पताल की मेडिकल छात्रा पायल तड़वी ने कथित तौर पर अपने तीन सीनियरों की ओर से बार-बार होने वाले जातीय टिप्पणी से तंग आकर खुदखुशी कर लिया था. घरवालों का आरोप था कि अस्पताल प्रशासन से पीड़ित ने इस परेशानी के बारे में बताया भी था लेकिन कुछ नहीं हुआ. मुंबई के नायर अस्पताल में मई 2018 में पायल तड़वी का एडमिशन हुआ था और वो इसी अस्पताल में बतौर रेजिडेंट डॉक्टर तैनात थी. एडमिशन आरक्षित कोटे से होने के कारण उसके तीन सीनियर सहयोगी इस बात पर उसे प्रताड़ित करते थे और बार-बार इसका जिक्र भी करते थे. यह सिलसिला कई महीनों तक चला. छात्रा ने इसकी शिकायत हॉस्टल के अधिकारियों से भी की थी लेकिन हुआ कुछ नहीं. 22 मई को कथित तौर पर इस परेशानी से तंग आकर उसने आत्महत्या कर ली. परिवार अब न्याय की मांग कर रहा है. मामले के तीन आरोपी 22 मई से ही फरार चल रहे हैं. पीड़ित के सहयोगियों के अनुसार एडमिशन के बाद से ही सीनियर लगातार रैगिंग और टॉर्चर कर रहे थे. और शिकायत के बावजूद कोई सहायता नहीं मिलने के कारण हालात और खराब हो गए. हादसे के बाद कई छात्रों ने इसके खिलाफ अस्पतालों में प्रदर्शन भी किया. अस्पताल के अधिकारियों ने जहां इस पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं तो वहीं पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ धारा 306 और एससी एसटी कानून के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस इस मामले में छात्रा के करीबी दोस्तों से भी पूछताछ करने की तैयारी मे है. ताकि इस बात का पता लगाया जा सके कि इन तीन आरोपियों के अलावा कोई और भी तो उसे तंग या प्रताड़ित नहीं कर रहा था.
सारांश: जाति के आधार पर किसी को परेशान करना सही नहीं - अखिलेश यादव मेडिकल छात्रा की आत्महत्या पर जताया दुख मुंबई में मेडिकल की छात्रा ने किया था सुसाइड
5
['hin']
एक सारांश बनाओ: इंडिया अगेंस्ट करप्शन (आईएसी) के कार्यकर्ता अरविंद केजरीवाल के साथ, राजनीतिक दल बनाने के मुद्दे पर टूटे सम्बंधों के बाद समाजसेवी अन्ना हजारे ने शनिवार को अपनी कोर कमेटी में नए लोगों को शामिल करने का निर्णय लिया, जिसे एक महीने पहले उन्होंने भंग कर दिया था। अन्ना की करीबी सहयोगी और भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) की पूर्व अधिकारी किरण बेदी ने शनिवार को यहां कहा कि अन्ना की नई टीम में ईमानदार लोग होंगे, जो भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन को आगे ले जाएंगे। बेदी ने कहा, "ये ऐसे लोग होंगे, जो अपने आप में एक संस्था हैं, चाहे वह सेवानिवृत्त लोकसेवक हों, उद्योगपति हों या कलाकार। अन्ना एक ऐसी नई समग्र कोर टीम बनाने पर विचार कर रहे हैं, जिसके लोग सत्ता के करीब रहने के बावजूद अपनी निष्पक्षता के लिए जाने जाते हैं और स्वभाव से सुधारवादी हैं।" बेदी ने ऐसे तीन व्यक्तियों के नाम लिए, जिनसे अन्ना अपनी नई कोर कमेटी के लिए सम्पर्क कर सकते हैं। ये तीन नाम हैं- पूर्व सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह, जिन्होंने अपने पूरे कार्यकाल के दौरान भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई; उत्तर प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक प्रकाश सिंह, जिन्होंने पुलिस सेवा को राजनीतिक हस्तक्षेप से दूर रखने के लिए पुलिस सुधार हेतु एक जनहित याचिका दायर की थी और उनके पक्ष में आदेश पारित हुआ था; तीसरे व्यक्ति भूरे लाल हैं, जो सर्वोच्च न्यायालय के विश्वासपात्र हैं, और वह न्यायालय के मित्र के रूप में सामाजिक मुद्दों की पड़ताल के लिए एक स्वतंत्र समिति का नेतृत्व कर रहे हैं। टिप्पणियां बेदी ने कहा कि अन्ना नई कोर कमेटी की पहली बैठक 24 और 25 नवम्बर को करेंगे। बेदी ने आगे कहा, "अन्ना इन लोगों से बात करेंगे और इनकी उपलब्धता के आधार पर इन्हें भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन का हिस्सा बनाएंगे। यदि वे अन्ना के आंदोलन से जुड़ सकने की स्थिति में होंगे तो वे 24 और 25 नवम्बर की बैठक में उपस्थित होंगे।" अन्ना की करीबी सहयोगी और भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) की पूर्व अधिकारी किरण बेदी ने शनिवार को यहां कहा कि अन्ना की नई टीम में ईमानदार लोग होंगे, जो भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन को आगे ले जाएंगे। बेदी ने कहा, "ये ऐसे लोग होंगे, जो अपने आप में एक संस्था हैं, चाहे वह सेवानिवृत्त लोकसेवक हों, उद्योगपति हों या कलाकार। अन्ना एक ऐसी नई समग्र कोर टीम बनाने पर विचार कर रहे हैं, जिसके लोग सत्ता के करीब रहने के बावजूद अपनी निष्पक्षता के लिए जाने जाते हैं और स्वभाव से सुधारवादी हैं।" बेदी ने ऐसे तीन व्यक्तियों के नाम लिए, जिनसे अन्ना अपनी नई कोर कमेटी के लिए सम्पर्क कर सकते हैं। ये तीन नाम हैं- पूर्व सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह, जिन्होंने अपने पूरे कार्यकाल के दौरान भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई; उत्तर प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक प्रकाश सिंह, जिन्होंने पुलिस सेवा को राजनीतिक हस्तक्षेप से दूर रखने के लिए पुलिस सुधार हेतु एक जनहित याचिका दायर की थी और उनके पक्ष में आदेश पारित हुआ था; तीसरे व्यक्ति भूरे लाल हैं, जो सर्वोच्च न्यायालय के विश्वासपात्र हैं, और वह न्यायालय के मित्र के रूप में सामाजिक मुद्दों की पड़ताल के लिए एक स्वतंत्र समिति का नेतृत्व कर रहे हैं। टिप्पणियां बेदी ने कहा कि अन्ना नई कोर कमेटी की पहली बैठक 24 और 25 नवम्बर को करेंगे। बेदी ने आगे कहा, "अन्ना इन लोगों से बात करेंगे और इनकी उपलब्धता के आधार पर इन्हें भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन का हिस्सा बनाएंगे। यदि वे अन्ना के आंदोलन से जुड़ सकने की स्थिति में होंगे तो वे 24 और 25 नवम्बर की बैठक में उपस्थित होंगे।" बेदी ने कहा, "ये ऐसे लोग होंगे, जो अपने आप में एक संस्था हैं, चाहे वह सेवानिवृत्त लोकसेवक हों, उद्योगपति हों या कलाकार। अन्ना एक ऐसी नई समग्र कोर टीम बनाने पर विचार कर रहे हैं, जिसके लोग सत्ता के करीब रहने के बावजूद अपनी निष्पक्षता के लिए जाने जाते हैं और स्वभाव से सुधारवादी हैं।" बेदी ने ऐसे तीन व्यक्तियों के नाम लिए, जिनसे अन्ना अपनी नई कोर कमेटी के लिए सम्पर्क कर सकते हैं। ये तीन नाम हैं- पूर्व सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह, जिन्होंने अपने पूरे कार्यकाल के दौरान भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई; उत्तर प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक प्रकाश सिंह, जिन्होंने पुलिस सेवा को राजनीतिक हस्तक्षेप से दूर रखने के लिए पुलिस सुधार हेतु एक जनहित याचिका दायर की थी और उनके पक्ष में आदेश पारित हुआ था; तीसरे व्यक्ति भूरे लाल हैं, जो सर्वोच्च न्यायालय के विश्वासपात्र हैं, और वह न्यायालय के मित्र के रूप में सामाजिक मुद्दों की पड़ताल के लिए एक स्वतंत्र समिति का नेतृत्व कर रहे हैं। टिप्पणियां बेदी ने कहा कि अन्ना नई कोर कमेटी की पहली बैठक 24 और 25 नवम्बर को करेंगे। बेदी ने आगे कहा, "अन्ना इन लोगों से बात करेंगे और इनकी उपलब्धता के आधार पर इन्हें भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन का हिस्सा बनाएंगे। यदि वे अन्ना के आंदोलन से जुड़ सकने की स्थिति में होंगे तो वे 24 और 25 नवम्बर की बैठक में उपस्थित होंगे।" बेदी ने ऐसे तीन व्यक्तियों के नाम लिए, जिनसे अन्ना अपनी नई कोर कमेटी के लिए सम्पर्क कर सकते हैं। ये तीन नाम हैं- पूर्व सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह, जिन्होंने अपने पूरे कार्यकाल के दौरान भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई; उत्तर प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक प्रकाश सिंह, जिन्होंने पुलिस सेवा को राजनीतिक हस्तक्षेप से दूर रखने के लिए पुलिस सुधार हेतु एक जनहित याचिका दायर की थी और उनके पक्ष में आदेश पारित हुआ था; तीसरे व्यक्ति भूरे लाल हैं, जो सर्वोच्च न्यायालय के विश्वासपात्र हैं, और वह न्यायालय के मित्र के रूप में सामाजिक मुद्दों की पड़ताल के लिए एक स्वतंत्र समिति का नेतृत्व कर रहे हैं। टिप्पणियां बेदी ने कहा कि अन्ना नई कोर कमेटी की पहली बैठक 24 और 25 नवम्बर को करेंगे। बेदी ने आगे कहा, "अन्ना इन लोगों से बात करेंगे और इनकी उपलब्धता के आधार पर इन्हें भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन का हिस्सा बनाएंगे। यदि वे अन्ना के आंदोलन से जुड़ सकने की स्थिति में होंगे तो वे 24 और 25 नवम्बर की बैठक में उपस्थित होंगे।" बेदी ने कहा कि अन्ना नई कोर कमेटी की पहली बैठक 24 और 25 नवम्बर को करेंगे। बेदी ने आगे कहा, "अन्ना इन लोगों से बात करेंगे और इनकी उपलब्धता के आधार पर इन्हें भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन का हिस्सा बनाएंगे। यदि वे अन्ना के आंदोलन से जुड़ सकने की स्थिति में होंगे तो वे 24 और 25 नवम्बर की बैठक में उपस्थित होंगे।" बेदी ने आगे कहा, "अन्ना इन लोगों से बात करेंगे और इनकी उपलब्धता के आधार पर इन्हें भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन का हिस्सा बनाएंगे। यदि वे अन्ना के आंदोलन से जुड़ सकने की स्थिति में होंगे तो वे 24 और 25 नवम्बर की बैठक में उपस्थित होंगे।"
यहाँ एक सारांश है:इंडिया अगेंस्ट करप्शन (आईएसी) के कार्यकर्ता अरविंद केजरीवाल के साथ, राजनीतिक दल बनाने के मुद्दे पर टूटे सम्बंधों के बाद समाजसेवी अन्ना हजारे ने शनिवार को अपनी कोर कमेटी में नए लोगों को शामिल करने का निर्णय लिया, जिसे एक महीने पहले उन्होंने भंग कर दिया था।
15
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: त्योहारी मांग से यात्री वाहनों की खुदरा बिक्री अक्टूबर महीने में 11 प्रतिशत बढ़कर 2,48,036 इकाई रही. अक्टूबर 2018 में यह आंकड़ा 2,23,498 वाहन था. वाहन विक्रेताओं के संघ फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) ने मंगलवार को यह जानकारी दी.  FADA के अनुसार , दोपहिया वाहनों की बिक्री पांच प्रतिशत बढ़कर 13,34,941 इकाई रही. एक साल पहले के इसी महीने में 12,70,261 दोपहिया वाहनों की बिक्री हुई थी. हालांकि अक्टूबर 2019 में वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री 23 प्रतिशत गिरकर 67,060 इकाई रह गई. बता दें, एक साल पहले अक्टूबर में 87,618 वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री हुई थी. इस दौरान तिपहिया वाहनों की बिक्री चार प्रतिशत बढ़कर 59,573 इकाई रही. सभी श्रेणी के वाहनों की कुल बिक्री अक्टूबर 2019 में चार प्रतिशत बढ़कर 17,09,610 इकाई रही, जो अक्टूबर 2018 में 16,38,832 इकाई थी. FADA के अध्यक्ष आशीष हर्षराज काले ने कहा, "अक्टूबर में खुदरा बिक्री सकारात्मक रही. इससे वाहन उद्योग खासकर डीलरों को काफी राहत मिली है. वाहन उद्योग कई महीनों से सुस्ती के दौर से गुजर रहा था."  इसके साथ ही उन्होंने कहा कि त्योहारी मौसम की वजह से देश के अधिकांश हिस्सों में डीलरशिप में ग्राहकों की अच्छी-खासी संख्या रही. उपभोक्ता की धारणा सकारात्मक रही.
यह एक सारांश है: यात्री वाहनों की खुदरा बिक्री अक्टूबर महीने में 11 प्रतिशत बढ़ी अक्टूबर 2018 में यह आंकड़ा 2,23,498 वाहन था दोपहिया वाहनों की बिक्री पांच प्रतिशत बढ़कर 13,34,941 इकाई रही
2
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: टाटा टेलीसर्विसेज लिमिटेड ने उच्चतम न्यायालय द्वारा पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा के कार्यकाल में उसे आवंटित तीन सर्कलों के 2जी स्पेक्ट्रम लाइसेंस रद्द करने के फैसले की पुनरीक्षा याचिका दायर की है।टिप्पणियां पुनरीक्षा की यह याचिका उच्चतम न्यायालय के दो फरवरी के 2जी लाइसेंस रद्द करने के फैसले के करीब एक माह बाद दायर की गई है। इस फैसले में 22 सर्कलों में पहले आओ पहले पाओ के आधार पर टाटा टेलीसर्विसेज लिमिटेड समेत नौ दूरसंचार कंपनियों को दिए गए 122 लाईसेंस रद्द कर दिए गए। कंपनी ने इससे पहले कहा था कि उसने 2008 की लाइसेंस प्रक्रिया शुरू होने से 18 महीने पहले इन लाइसेंस के लिए आवेदन किया था। अदालत ने निर्देश दिया था कि रेडियो वेव के लिए लाइसेंस नीलामी के जरिए बेचे जाएं। न्यायमूर्ति जी एस सिंघवी और ए के गांगुली की पीठ ने टाटा टेलीसर्विसेज लिमिटेड, एतिसलात डी बी टेलीकॉम प्राईवेट लिमिटेड (स्वान टेलीकाम लिमिटेड) और यूनिटेक वायरलेस ग्रुप पर पांच करोड़ रुपए का भारी हर्जाना लगाया। टाटा टेलीसर्विसेज लिमिटेड को असम, पूर्वोत्तर और जम्मू-कश्मीर के तीन सर्कलों के लिए लाईसेंस दिए गए। पुनरीक्षा की यह याचिका उच्चतम न्यायालय के दो फरवरी के 2जी लाइसेंस रद्द करने के फैसले के करीब एक माह बाद दायर की गई है। इस फैसले में 22 सर्कलों में पहले आओ पहले पाओ के आधार पर टाटा टेलीसर्विसेज लिमिटेड समेत नौ दूरसंचार कंपनियों को दिए गए 122 लाईसेंस रद्द कर दिए गए। कंपनी ने इससे पहले कहा था कि उसने 2008 की लाइसेंस प्रक्रिया शुरू होने से 18 महीने पहले इन लाइसेंस के लिए आवेदन किया था। अदालत ने निर्देश दिया था कि रेडियो वेव के लिए लाइसेंस नीलामी के जरिए बेचे जाएं। न्यायमूर्ति जी एस सिंघवी और ए के गांगुली की पीठ ने टाटा टेलीसर्विसेज लिमिटेड, एतिसलात डी बी टेलीकॉम प्राईवेट लिमिटेड (स्वान टेलीकाम लिमिटेड) और यूनिटेक वायरलेस ग्रुप पर पांच करोड़ रुपए का भारी हर्जाना लगाया। टाटा टेलीसर्विसेज लिमिटेड को असम, पूर्वोत्तर और जम्मू-कश्मीर के तीन सर्कलों के लिए लाईसेंस दिए गए। अदालत ने निर्देश दिया था कि रेडियो वेव के लिए लाइसेंस नीलामी के जरिए बेचे जाएं। न्यायमूर्ति जी एस सिंघवी और ए के गांगुली की पीठ ने टाटा टेलीसर्विसेज लिमिटेड, एतिसलात डी बी टेलीकॉम प्राईवेट लिमिटेड (स्वान टेलीकाम लिमिटेड) और यूनिटेक वायरलेस ग्रुप पर पांच करोड़ रुपए का भारी हर्जाना लगाया। टाटा टेलीसर्विसेज लिमिटेड को असम, पूर्वोत्तर और जम्मू-कश्मीर के तीन सर्कलों के लिए लाईसेंस दिए गए।
यह एक सारांश है: टाटा टेलीसर्विसेज लिमिटेड ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा के कार्यकाल में उसे आवंटित तीन सर्कलों के 2जी स्पेक्ट्रम लाइसेंस रद्द करने के फैसले की पुनरीक्षा याचिका दायर की है।
9
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: राहुल गांधी खुद बयान देकर कह चुके हैं कि वह अभी प्रधानमंत्री नहीं बनना चाहते। उनकी बहन प्रियंका गांधी ने भी हाल ही में कहा था कि राहुल का लक्ष्य कोई पद नहीं हैं और उनका ध्यान अभी सिर्फ उत्तर प्रदेश के विकास पर है, लेकिन कांग्रेस में ऐसे नेताओं की कमी नहीं है, जो राहुल को जल्द से जल्द प्रधानमंत्री बनते हुए देखना चाहते हैं। पहले भी इस मामले पर बयान आते रहे हैं। इसी कड़ी में ताजा बयान है केंद्रीय इस्पात मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा का। वर्मा ने कहा है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की उम्र 80 साल हो चुकी है और 2014 के चुनावों तक वह 82 साल के हो जाएंगे और 82 साल कोई काम करने की उम्र नहीं होती है। उन्होंने कहा कि 2014 के चुनावों के बाद अगर कांग्रेस जीतती है, तो प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी राहुल गांधी को ही उठानी होगी। पहले भी इस मामले पर बयान आते रहे हैं। इसी कड़ी में ताजा बयान है केंद्रीय इस्पात मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा का। वर्मा ने कहा है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की उम्र 80 साल हो चुकी है और 2014 के चुनावों तक वह 82 साल के हो जाएंगे और 82 साल कोई काम करने की उम्र नहीं होती है। उन्होंने कहा कि 2014 के चुनावों के बाद अगर कांग्रेस जीतती है, तो प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी राहुल गांधी को ही उठानी होगी।
बेनी प्रसाद वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह 2014 के चुनावों तक 82 साल के हो जाएंगे और 82 साल कोई काम करने की उम्र नहीं होती है।
1
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: स्टॉकिस्टों और निवेशकों की लगातार लिवाली के चलते दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने के भाव पिछले सभी रिकॉर्ड को ध्वस्त करते हुए गुरुवार को 26,840 रुपये प्रति 10 ग्राम की नई ऊंचाई को छू गए। सोना 99.9 शुद्ध और 99.5 शुद्ध के भाव 160 रुपये की तेजी के साथ क्रमश: 26,840 रुपये और 26,720 रुपये प्रति 10 ग्राम की नई ऊंचाई पर बंद हुए। गिन्नी के भाव 200 रुपये चढ़कर 21,300 रुपये प्रति आठ ग्राम की रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद हुए। बाजार सूत्रों के अनुसार अमेरिका और यूरोप में ऋण संकट गहराने तथा इससे आर्थिक वृद्धि प्रभावित होने की आशंका के कारण वैश्विक बाजार में सोने में लगातार चौथे दिन तेजी का रुख जारी रहा और इसके भाव चढ़कर 1795.85 डॉलर प्रति औंस तक जा पहुंचे। उन्होंने बताया कि वायदा बाजार में मजबूती के रुख का असर भी बाजार धारणा पर पड़ा। सटोरियों और औद्योगिक इकाइयों की लिवाली के चलते चांदी के भाव भी 61,300 रुपये प्रति किलो तक जा पहुंचे। चांदी तैयार के भाव 600 रुपये चढ़कर 61,300 रुपये और चांदी साप्ताहिक डिलीवरी के भाव 720 रुपये की तेजी के साथ 60,770 रुपये किलो बंद हुए। चांदी सिक्का के भाव 1500 रुपये की तेजी के साथ 68,500-69,500 रुपये प्रति सैकड़ा बंद हुए।
संक्षिप्त सारांश: लगातार लिवाली के चलते दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने के भाव पिछले सभी रिकॉर्ड को ध्वस्त करते हुए 26,840 रुपये प्रति 10 ग्राम की नई ऊंचाई को छू गए।
29
['hin']
एक सारांश बनाओ: यूपी में भारी बारिश के कहर से 24 घंटों में 50 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है और बड़े पैमाने पर फसलों का नुकसान हुआ है. ज्यादातर मौतें बारिश के कारण घर गिरने से हुई है. इनमें सबसे ज़्यादा मौतें अमेठी और प्रतापगढ़ में हुई है. अमेठी में 7 और प्रतापगढ़ में 6 मौतें हुईं. जबकि चंदौली, वाराणसी और आज़मगढ़ में चार-चार लोगों की मौत हुई है. पूरे प्रदेश में हज़ारों की तादाद में घर गिरे और पेड़ टूट गए हैं. चौबीस घंटे में पांच लोग बारिश में निकले सांपों के काटने से मर गए. उत्तर प्रदेश के राहत आयुक्त जीएस प्रियदर्शी ने प्रदेश के 18 जिलों चित्रकूट, प्रयागराज, सोनभद्र, चंदौली, मिर्ज़ापुर, वाराणसी, संत कबीरनगर, कौशाम्बी, प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, गाजीपुर, जौनपुर, आज़मगढ़, बलिया, मऊ, देवरिया, गोरखपुर और अम्बेडकर नगर के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. राहत आयुक्त ने इन सभी जिलों के जिलाधिकारियों को भारी बारिश से होने वाले नुकसान की हालत में अलर्ट रहने को कहा है. प्रदेश की ज़्यादातर नदियां उफान पर है. गाजीपुर और बलिया में गंगा, लखीमपुरखीरी में शारदा और बाराबंकी में घाघरा खतरे के निशान को पार कर गई है. शहरी इलाकों में बड़े पैमाने पर जलभराव है और सड़कें टूट गई हैं, जिससे यातायात पर बुरा असर पड़ा है. लखनऊ समेत प्रदेश के कई जिलों में नर्सरी से लेकर इंटर कालेज बंद कर दिए गए हैं.  पूरे प्रदेश में लाखों हेक्टेयर फ़सल ख़राब होने का अंदेशा है. खासकर के दलहन की फ़सलों को ज़्यादा नुक़सान हुआ है. सीएम योगी आदित्यनाथ ने बारिश के क़हर से मरने वालों के परिवार को चार-चार लाख रुपए की आर्थिक सहायता चौबीस घंटे के अंदर पहुंचाने का आदेश दिया है.
यहाँ एक सारांश है:यूपी में भारी बारिश के कहर 24 घंटों में 50 से ज्यादा लोगों की मौत 18 जिलों के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी
15
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: अपने लाड़ले प्रिंस आफ कोलकाता सौरव गांगुली के समर्थन में सोमवार को पूरा शहर प्रदर्शन पर उतारू नजर आया और शाहरुख खान तथा कोलकाता नाइट राइडर्स के पुतले सड़कों पर फूंके गए। लोकसभा के पूर्व स्पीकर सोमनाथ चटर्जी ने कहा कि यह महान बल्लेबाज निजी टीमों की राजनीति का शिकार हो गया है, जिन्होंने बेंगलुरु में दो दिन तक आईपीएल के लिए हुई नीलामी में उसकी बोली नहीं लगाई। चटर्जी ने कहा, गांगुली जैसे खिलाड़ी के साथ ऐसा होना दुखद और अनुचित है। नीलामी से स्पष्ट है कि टीमों ने जान-बूझकर ऐसा किया। उन्होंने कहा, यह नहीं भूलना चाहिए कि वह पूरी दुनिया में सबसे लोकप्रिय क्रिकेटरों में से है और यही वजह है कि उसके प्रशंसक उसे दादा कहते हैं। वह भारत का सबसे सफल कप्तान है और उसकी क्षमता पर किसी को शक नहीं होना चाहिए। बंगाल क्रिकेट संघ ने कहा कि यह खबर उनके लिए स्तब्ध करने वाली रही। कैब के संयुक्त सचिव सुजान मुखर्जी ने कहा, 'हम यह सुनकर सकते में आ गए। गांगुली के बिना टीम को उतने समर्थन नहीं मिल सकेंगे। लोगों की टीम में रुचि नहीं रहेगी। बंगाल के कप्तान मनोज तिवारी ने कहा, ' यह बेहद हैरानी की बात है कि किसी टीम ने गांगुली को नहीं खरीदा। बंगाल के विकेटकीपर रिधिमान साहा ने कहा, यदि गांगुली आईपीएल खेलते तो बेहतर होता। टेबल टेनिस स्टार सौम्यदीप राय ने कहा, मैं दादा का बड़ा प्रशंसक हूं। वह महान खिलाड़ी हैं। मुझे नीलामी की तकनीकी बातों के बारे में नहीं पता, लेकिन मैं दुखी हूं कि उन्हें आईपीएल 4 में नहीं देख सकूंगा। इस बीच, शहर में कोलकाता नाइटराइडर्स के मालिक शाहरुख खान के पुतले और पोस्टर फूंके गए। इस दौरान गांगुली बेहाला स्थित अपने आवास से बाहर नहीं निकले। एक समूह ने कहा, दादा के बिना केकेआर नहीं। शाहरुख इसके लिए जिम्मेदार है। हम केकेआर के मैच नहीं देखेंगे।
अपने लाड़ले प्रिंस आफ कोलकाता सौरव गांगुली के समर्थन में पूरा शहर प्रदर्शन पर उतारू नजर आया और शाहरुख तथा केकेआर के पुतले फूंके गए।
34
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: केरल क्रिकेट एसोसिएशन (केसीए) के दो अधिकारी स्पॉट फिक्सिंग के मामले में दिल्ली की जेल में बंद क्रिकेटर एस श्रीसंत से सोमवार को मुलाकात कर रहे हैं। केसीए के सचिव टीसी मैथ्यू ने कहा, "एक अधिकारी श्रीजित नायर पेशे से आपराधिक मामलों के वकील हैं और केसीए के अलापुझा जिले के सचिव हैं, जबकि दूसरे अधिकारी एर्नाकुलम जिले से हैं, जहां से श्रीसंत का ताल्लुक है।" दोनों अधिकारी श्रीसंत के इस दावे की पड़ताल करने के लिए उससे मिलना चाहते हैं, जिसमें उसने खुद को निर्दोष करार देते हुए कहा है कि उसे पूरे मामले में फंसाया गया है।टिप्पणियां अधिकारियों की श्रीसंत से ऐसे समय में मुलाकात होने जा रही है, जब केरल उसे केरल लॉटरीज के आधिकारिक विज्ञापन से हटा चुका है और भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड ने उन्हें सहायक प्रबंधक के पद से निलंबित कर दिया है। श्रीसंत को दिल्ली पुलिस ने इंडियन प्रीमियर लीग में स्पॉट फिक्सिंग को लेकर 16 मई को मुंबई से गिरफ्तार किया था। फिलहाल वह तिहाड़ जेल में हैं। केसीए के सचिव टीसी मैथ्यू ने कहा, "एक अधिकारी श्रीजित नायर पेशे से आपराधिक मामलों के वकील हैं और केसीए के अलापुझा जिले के सचिव हैं, जबकि दूसरे अधिकारी एर्नाकुलम जिले से हैं, जहां से श्रीसंत का ताल्लुक है।" दोनों अधिकारी श्रीसंत के इस दावे की पड़ताल करने के लिए उससे मिलना चाहते हैं, जिसमें उसने खुद को निर्दोष करार देते हुए कहा है कि उसे पूरे मामले में फंसाया गया है।टिप्पणियां अधिकारियों की श्रीसंत से ऐसे समय में मुलाकात होने जा रही है, जब केरल उसे केरल लॉटरीज के आधिकारिक विज्ञापन से हटा चुका है और भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड ने उन्हें सहायक प्रबंधक के पद से निलंबित कर दिया है। श्रीसंत को दिल्ली पुलिस ने इंडियन प्रीमियर लीग में स्पॉट फिक्सिंग को लेकर 16 मई को मुंबई से गिरफ्तार किया था। फिलहाल वह तिहाड़ जेल में हैं। दोनों अधिकारी श्रीसंत के इस दावे की पड़ताल करने के लिए उससे मिलना चाहते हैं, जिसमें उसने खुद को निर्दोष करार देते हुए कहा है कि उसे पूरे मामले में फंसाया गया है।टिप्पणियां अधिकारियों की श्रीसंत से ऐसे समय में मुलाकात होने जा रही है, जब केरल उसे केरल लॉटरीज के आधिकारिक विज्ञापन से हटा चुका है और भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड ने उन्हें सहायक प्रबंधक के पद से निलंबित कर दिया है। श्रीसंत को दिल्ली पुलिस ने इंडियन प्रीमियर लीग में स्पॉट फिक्सिंग को लेकर 16 मई को मुंबई से गिरफ्तार किया था। फिलहाल वह तिहाड़ जेल में हैं। अधिकारियों की श्रीसंत से ऐसे समय में मुलाकात होने जा रही है, जब केरल उसे केरल लॉटरीज के आधिकारिक विज्ञापन से हटा चुका है और भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड ने उन्हें सहायक प्रबंधक के पद से निलंबित कर दिया है। श्रीसंत को दिल्ली पुलिस ने इंडियन प्रीमियर लीग में स्पॉट फिक्सिंग को लेकर 16 मई को मुंबई से गिरफ्तार किया था। फिलहाल वह तिहाड़ जेल में हैं। श्रीसंत को दिल्ली पुलिस ने इंडियन प्रीमियर लीग में स्पॉट फिक्सिंग को लेकर 16 मई को मुंबई से गिरफ्तार किया था। फिलहाल वह तिहाड़ जेल में हैं।
संक्षिप्त पाठ: केरल क्रिकेट एसोसिएशन (केसीए) के दो अधिकारी स्पॉट फिक्सिंग के मामले में दिल्ली की जेल में बंद क्रिकेटर एस श्रीसंत से सोमवार को मुलाकात कर रहे हैं।
22
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: गुजरात के एक गांव में दलितों की पिटाई की घटना पर खामोशी के लिए माकपा नेता वृंदा करात ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह दिखाता है कि इस घटना को अंजाम देने वाली गौरक्षा समितियों की 'आपराधिक गतिविधियों' को उनका समर्थन हासिल है। करात और माकपा के सांसद पी के बीजू अत्याचार के शिकार दलितों और उनके परिवारों से मिलने गिर सोमनाथ जिले के उना तहसील के मोटा समाधियाला गांव पहुंचे हैं। कथित तौर पर एक मृत गाय की चमड़ी उतारने के आरोपी दलित युवकों की बुरी तरह पिटाई की गई थी। 11 जुलाई को हुई इस घटना में कथित तौर पर गौररक्षा समितियों का हाथ है। घटना का काफी विरोध हुआ था और गुजरात के अन्य हिस्सों में इसके विरोध में दलित समुदाय के लोगों ने आत्महत्या का प्रयास भी किया था। आज सुबह राजकोट हवाईअड्डे पर पहुंची वृंदा करात ने कहा कि वे मुददे का राजनीतिकरण नहीं कर रही हैं और उनके दौरे का उद्देश्य पीड़ितों के प्रति समर्थन व्यक्त करना है।" उन्होंने कहा, "एक ओर दलित विरोध और गुस्से में आत्महत्या कर रहे हैं, इस घटना पर देशभर में गुस्सा है लेकिन प्रधानमंत्री की चुप्प्पी बताती है कि कथित गौरक्षा समितियों की आपराधिक गतिविधियों को उनका समर्थन हासिल है।" करात ने कहा, "हम यहां घटना का राजनीतिकरण करने नहीं आए बल्कि मोटा समाधियाला गांव के दलितों के प्रति अपना समर्थन व्यक्त करने आए हैं।" गांव से लौटकर दोनों नेता पीड़ितों और उन दलित युवकों से भी मुलाकात करेंगे जिन्होंने घटना के विरोध में आत्महत्या का प्रयास किया था।टिप्पणियां बीजू ने कहा कि बीते 15 साल के भाजपा के शासन में गुजरात में दलितों की स्थिति और खराब हो गई है। उन्होंने कहा, "यह हम सभी के लिए गंभीर चिंता का विषय है।"(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) करात और माकपा के सांसद पी के बीजू अत्याचार के शिकार दलितों और उनके परिवारों से मिलने गिर सोमनाथ जिले के उना तहसील के मोटा समाधियाला गांव पहुंचे हैं। कथित तौर पर एक मृत गाय की चमड़ी उतारने के आरोपी दलित युवकों की बुरी तरह पिटाई की गई थी। 11 जुलाई को हुई इस घटना में कथित तौर पर गौररक्षा समितियों का हाथ है। घटना का काफी विरोध हुआ था और गुजरात के अन्य हिस्सों में इसके विरोध में दलित समुदाय के लोगों ने आत्महत्या का प्रयास भी किया था। आज सुबह राजकोट हवाईअड्डे पर पहुंची वृंदा करात ने कहा कि वे मुददे का राजनीतिकरण नहीं कर रही हैं और उनके दौरे का उद्देश्य पीड़ितों के प्रति समर्थन व्यक्त करना है।" उन्होंने कहा, "एक ओर दलित विरोध और गुस्से में आत्महत्या कर रहे हैं, इस घटना पर देशभर में गुस्सा है लेकिन प्रधानमंत्री की चुप्प्पी बताती है कि कथित गौरक्षा समितियों की आपराधिक गतिविधियों को उनका समर्थन हासिल है।" करात ने कहा, "हम यहां घटना का राजनीतिकरण करने नहीं आए बल्कि मोटा समाधियाला गांव के दलितों के प्रति अपना समर्थन व्यक्त करने आए हैं।" गांव से लौटकर दोनों नेता पीड़ितों और उन दलित युवकों से भी मुलाकात करेंगे जिन्होंने घटना के विरोध में आत्महत्या का प्रयास किया था।टिप्पणियां बीजू ने कहा कि बीते 15 साल के भाजपा के शासन में गुजरात में दलितों की स्थिति और खराब हो गई है। उन्होंने कहा, "यह हम सभी के लिए गंभीर चिंता का विषय है।"(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) 11 जुलाई को हुई इस घटना में कथित तौर पर गौररक्षा समितियों का हाथ है। घटना का काफी विरोध हुआ था और गुजरात के अन्य हिस्सों में इसके विरोध में दलित समुदाय के लोगों ने आत्महत्या का प्रयास भी किया था। आज सुबह राजकोट हवाईअड्डे पर पहुंची वृंदा करात ने कहा कि वे मुददे का राजनीतिकरण नहीं कर रही हैं और उनके दौरे का उद्देश्य पीड़ितों के प्रति समर्थन व्यक्त करना है।" उन्होंने कहा, "एक ओर दलित विरोध और गुस्से में आत्महत्या कर रहे हैं, इस घटना पर देशभर में गुस्सा है लेकिन प्रधानमंत्री की चुप्प्पी बताती है कि कथित गौरक्षा समितियों की आपराधिक गतिविधियों को उनका समर्थन हासिल है।" करात ने कहा, "हम यहां घटना का राजनीतिकरण करने नहीं आए बल्कि मोटा समाधियाला गांव के दलितों के प्रति अपना समर्थन व्यक्त करने आए हैं।" गांव से लौटकर दोनों नेता पीड़ितों और उन दलित युवकों से भी मुलाकात करेंगे जिन्होंने घटना के विरोध में आत्महत्या का प्रयास किया था।टिप्पणियां बीजू ने कहा कि बीते 15 साल के भाजपा के शासन में गुजरात में दलितों की स्थिति और खराब हो गई है। उन्होंने कहा, "यह हम सभी के लिए गंभीर चिंता का विषय है।"(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) आज सुबह राजकोट हवाईअड्डे पर पहुंची वृंदा करात ने कहा कि वे मुददे का राजनीतिकरण नहीं कर रही हैं और उनके दौरे का उद्देश्य पीड़ितों के प्रति समर्थन व्यक्त करना है।" उन्होंने कहा, "एक ओर दलित विरोध और गुस्से में आत्महत्या कर रहे हैं, इस घटना पर देशभर में गुस्सा है लेकिन प्रधानमंत्री की चुप्प्पी बताती है कि कथित गौरक्षा समितियों की आपराधिक गतिविधियों को उनका समर्थन हासिल है।" करात ने कहा, "हम यहां घटना का राजनीतिकरण करने नहीं आए बल्कि मोटा समाधियाला गांव के दलितों के प्रति अपना समर्थन व्यक्त करने आए हैं।" गांव से लौटकर दोनों नेता पीड़ितों और उन दलित युवकों से भी मुलाकात करेंगे जिन्होंने घटना के विरोध में आत्महत्या का प्रयास किया था।टिप्पणियां बीजू ने कहा कि बीते 15 साल के भाजपा के शासन में गुजरात में दलितों की स्थिति और खराब हो गई है। उन्होंने कहा, "यह हम सभी के लिए गंभीर चिंता का विषय है।"(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) करात ने कहा, "हम यहां घटना का राजनीतिकरण करने नहीं आए बल्कि मोटा समाधियाला गांव के दलितों के प्रति अपना समर्थन व्यक्त करने आए हैं।" गांव से लौटकर दोनों नेता पीड़ितों और उन दलित युवकों से भी मुलाकात करेंगे जिन्होंने घटना के विरोध में आत्महत्या का प्रयास किया था।टिप्पणियां बीजू ने कहा कि बीते 15 साल के भाजपा के शासन में गुजरात में दलितों की स्थिति और खराब हो गई है। उन्होंने कहा, "यह हम सभी के लिए गंभीर चिंता का विषय है।"(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) बीजू ने कहा कि बीते 15 साल के भाजपा के शासन में गुजरात में दलितों की स्थिति और खराब हो गई है। उन्होंने कहा, "यह हम सभी के लिए गंभीर चिंता का विषय है।"(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यहाँ एक सारांश है:वृंदा करात ने अत्याचार पीड़ित दलितों और परिजनों से मुलाकात की। पूरे मामले में प्रधानमंत्री की चुप्पी पर करात ने उठाए सवाल। हमारा मकसद राजनीति करना नहीं, दलितों के प्रति समर्थन दिखाना है।
4
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: UP Board की 10वीं और 12वीं की परीक्षा का रिजल्ट (UP Board Result) जल्द ही जारी कर दिया जाएगा. यूपी बोर्ड रिजल्ट 2019 (UP Board Result 2019) इस सप्ताह जारी हो सकता है. बोर्ड की सचिव नीना श्रीवास्तव ने NDTV से बातचीत में कहा था, ''यूपी बोर्ड की परीक्षाओं का रिजल्ट अप्रैल के आखिरी में जारी किया जाएगा.'' बता दें कि बोर्ड द्वारा रिजल्ट (UP Board Result 2019 Class 10) तैयार कर लिया गया है. अब बस रिजल्ट (UP Board Result 2019 Class 12) जारी करने की तारीख पर मुहर लगनी है. जैसे ही रिजल्ट (UP Board 10th and 12th Result) जारी होने की तारीख तय होगी हम आपको इसकी जानकारी देंगे. UP Board 10वीं और 12वीं की परीक्षा का रिजल्ट upmsp.edu.in और upresults.nic.in पर जारी किया जाएगा. यूपी बोर्ड की परीक्षाओं के लिए इस साल 58 लाख स्टूडेंट्स ने रजिस्ट्रेशन कराया था. इस साल सख्ती के कारण कई स्टूडेंट्स को परीक्षा छोड़नी पड़ी थी. UP Board की परीक्षाएं 7 फरवरी से शुरू होकर 28 फरवरी 2019 को खत्म हो गई थी.  बता दें कि  यूपी बोर्ड की 10वीं की परीक्षाएं 7 फरवरी से 28 फरवरी तक आयोजित की गई थी,  जबकि  कक्षा 12वीं की परीक्षाएं 7 फरवरी से शुरू हुईं और 2 मार्च को समाप्त हुई थी.  स्टूडेंट्स नीचे दिए गए डायरेक्ट लिंक की मदद से आसानी से अपना रिजल्ट चेक कर पाएंगे.   आपको बता दें कि बोर्ड द्वारा इस बार कई सख्त कदम उठाए गए थे, लेकिन इस साल का रिजल्ट पिछले साल से बेहतर होगा. इस बार अधिक बच्चों के पास होने की संभावना है.
संक्षिप्त पाठ: रिजल्ट तैयार हो गया है. तारीख जल्द घोषित होगी. रिजल्ट इस सप्ताह आ सकता है.
27
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: पिछले दो वर्षों में सीमा पर कार्रवाई और नक्सल विरोधी अभियान की तुलना में दिल का दौरा पड़ने और अन्य बीमारियों की वजह मरने वाले बीएसएफ कर्मियों की संख्या अधिक है. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार जनवरी 2015 और सितंबर 2016 के बीच की अवधि में मरने वाले कुल 774 बीएसएफ कर्मियों में सिर्फ 25 कर्मियों की मौत सीमा पर संघर्ष में हुई है. हाल के समय में पाकिस्तान के साथ शत्रुता के बीच देश के सबसे बड़े सीमा चौकसी बल बीएसएफ कर्मियों को दुश्मनों की गोलियों और मोर्टार का सामना करना पड़ा है. आंकड़ों में बताया गया है कि सीमा पर संघर्ष की वजह से मरने वाले बीएसएफ कर्मियों की संख्या 25 है जबकि कई अन्य बीमारियों की वजह से 316 कर्मियों और दिल का दौरा पड़ने से 117 कर्मियों की मौत हुई है. इस अवधि में अर्धसैनिक बल में एचआईवी-एड्स और मलेरिया की वजह से होने वाली मौतों में कमी आई है. रेल, सड़क और बाइक दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों के मामले में स्थिति पहले जैसी ही है. अधिकारियों ने कहा कि यह चिंता का कारण बना हुआ है.   इस अवधि में सड़क या रेल दुर्घटनाओं की वजह से 192, एचाआईवी-एड्स की वजह से 18, कैंसर की वजह से 38 और मलेरिया की वजह से पांच बीएसएफ कर्मियों की मौत हुई है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘‘इस अवधि में बीएसएफ ने अपने 774 कर्मियों को खो दिया है जिनमें से सिर्फ 25 की मौत सीमा पर संघर्ष की वजह से हुई है. यह चिंता का विषय है और इस तरह की मौतों में कमी लाने की जरूरत है. कर्मियों के बीच एक स्वस्थ जीवन शैली और सुरक्षित ड्राइविंग को सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं.’’ टिप्पणियां सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को पाकिस्तान और बांग्लादेश के साथ लगने वाली भारत की दो महत्वपूर्ण सीमाओं की सुरक्षा का काम सौंपा गया है. इसके अलावा बीएसएफ को नक्सल विरोधी अभियान समेत देश की आंतरिक सुरक्षा के काम में भी लगाया जाता है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार जनवरी 2015 और सितंबर 2016 के बीच की अवधि में मरने वाले कुल 774 बीएसएफ कर्मियों में सिर्फ 25 कर्मियों की मौत सीमा पर संघर्ष में हुई है. हाल के समय में पाकिस्तान के साथ शत्रुता के बीच देश के सबसे बड़े सीमा चौकसी बल बीएसएफ कर्मियों को दुश्मनों की गोलियों और मोर्टार का सामना करना पड़ा है. आंकड़ों में बताया गया है कि सीमा पर संघर्ष की वजह से मरने वाले बीएसएफ कर्मियों की संख्या 25 है जबकि कई अन्य बीमारियों की वजह से 316 कर्मियों और दिल का दौरा पड़ने से 117 कर्मियों की मौत हुई है. इस अवधि में अर्धसैनिक बल में एचआईवी-एड्स और मलेरिया की वजह से होने वाली मौतों में कमी आई है. रेल, सड़क और बाइक दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों के मामले में स्थिति पहले जैसी ही है. अधिकारियों ने कहा कि यह चिंता का कारण बना हुआ है.   इस अवधि में सड़क या रेल दुर्घटनाओं की वजह से 192, एचाआईवी-एड्स की वजह से 18, कैंसर की वजह से 38 और मलेरिया की वजह से पांच बीएसएफ कर्मियों की मौत हुई है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘‘इस अवधि में बीएसएफ ने अपने 774 कर्मियों को खो दिया है जिनमें से सिर्फ 25 की मौत सीमा पर संघर्ष की वजह से हुई है. यह चिंता का विषय है और इस तरह की मौतों में कमी लाने की जरूरत है. कर्मियों के बीच एक स्वस्थ जीवन शैली और सुरक्षित ड्राइविंग को सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं.’’ टिप्पणियां सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को पाकिस्तान और बांग्लादेश के साथ लगने वाली भारत की दो महत्वपूर्ण सीमाओं की सुरक्षा का काम सौंपा गया है. इसके अलावा बीएसएफ को नक्सल विरोधी अभियान समेत देश की आंतरिक सुरक्षा के काम में भी लगाया जाता है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) आंकड़ों में बताया गया है कि सीमा पर संघर्ष की वजह से मरने वाले बीएसएफ कर्मियों की संख्या 25 है जबकि कई अन्य बीमारियों की वजह से 316 कर्मियों और दिल का दौरा पड़ने से 117 कर्मियों की मौत हुई है. इस अवधि में अर्धसैनिक बल में एचआईवी-एड्स और मलेरिया की वजह से होने वाली मौतों में कमी आई है. रेल, सड़क और बाइक दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों के मामले में स्थिति पहले जैसी ही है. अधिकारियों ने कहा कि यह चिंता का कारण बना हुआ है.   इस अवधि में सड़क या रेल दुर्घटनाओं की वजह से 192, एचाआईवी-एड्स की वजह से 18, कैंसर की वजह से 38 और मलेरिया की वजह से पांच बीएसएफ कर्मियों की मौत हुई है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘‘इस अवधि में बीएसएफ ने अपने 774 कर्मियों को खो दिया है जिनमें से सिर्फ 25 की मौत सीमा पर संघर्ष की वजह से हुई है. यह चिंता का विषय है और इस तरह की मौतों में कमी लाने की जरूरत है. कर्मियों के बीच एक स्वस्थ जीवन शैली और सुरक्षित ड्राइविंग को सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं.’’ टिप्पणियां सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को पाकिस्तान और बांग्लादेश के साथ लगने वाली भारत की दो महत्वपूर्ण सीमाओं की सुरक्षा का काम सौंपा गया है. इसके अलावा बीएसएफ को नक्सल विरोधी अभियान समेत देश की आंतरिक सुरक्षा के काम में भी लगाया जाता है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इस अवधि में अर्धसैनिक बल में एचआईवी-एड्स और मलेरिया की वजह से होने वाली मौतों में कमी आई है. रेल, सड़क और बाइक दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों के मामले में स्थिति पहले जैसी ही है. अधिकारियों ने कहा कि यह चिंता का कारण बना हुआ है.   इस अवधि में सड़क या रेल दुर्घटनाओं की वजह से 192, एचाआईवी-एड्स की वजह से 18, कैंसर की वजह से 38 और मलेरिया की वजह से पांच बीएसएफ कर्मियों की मौत हुई है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘‘इस अवधि में बीएसएफ ने अपने 774 कर्मियों को खो दिया है जिनमें से सिर्फ 25 की मौत सीमा पर संघर्ष की वजह से हुई है. यह चिंता का विषय है और इस तरह की मौतों में कमी लाने की जरूरत है. कर्मियों के बीच एक स्वस्थ जीवन शैली और सुरक्षित ड्राइविंग को सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं.’’ टिप्पणियां सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को पाकिस्तान और बांग्लादेश के साथ लगने वाली भारत की दो महत्वपूर्ण सीमाओं की सुरक्षा का काम सौंपा गया है. इसके अलावा बीएसएफ को नक्सल विरोधी अभियान समेत देश की आंतरिक सुरक्षा के काम में भी लगाया जाता है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को पाकिस्तान और बांग्लादेश के साथ लगने वाली भारत की दो महत्वपूर्ण सीमाओं की सुरक्षा का काम सौंपा गया है. इसके अलावा बीएसएफ को नक्सल विरोधी अभियान समेत देश की आंतरिक सुरक्षा के काम में भी लगाया जाता है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सारांश: जनवरी 2015 से सितंबर 2016 के बीच कुल 774 बीएसएफ कर्मियों की मौत 25 कर्मियों की मौत सीमा पर संघर्ष करते हुए हुई दिल का दौरा पड़ने से 117 कर्मियों की मौत हुई
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारतीय टेस्ट टीम में विकेटकीपिंग का जिम्मा संभाल रहे ऋद्धिमान साहा ने बुधवार को कहा कि ड्रेसिंग रूम में मौजूदा टेस्ट टीम का माहौल बेहद खुशनुमा है. इस बीच साहा ने इंग्लैंड टीम की स्लेजिंग को लेकर भी जवाब दिया और कहा कि इसके लिए उनके पास खास योजना है. न्यूजीलैंड के खिलाफ हाल ही में तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में 3-0 से जीत हासिल करने वाली भारतीय टीम का अहम हिस्सा रहे साहा ने कहा, "भारतीय टीम के ड्रेसिंग रूम का माहौल यहां बंगाल (उनकी रणजी टीम) की अपेक्षा बहुत बेहतर है, बल्कि आप कह सकते हैं कि किसी क्लब क्रिकेट जैसा माहौल है." इंग्लैंड की टीम छींटाकशी करने में तेज है, ऐसे में वह छींटाकशी के बारे में क्या सोचते हैं? इस पर साहा ने कहा, "अगर आप प्रतिक्रिया देंगे तो वे और ज्यादा छींटाकशी करेंगे. यही योजना है. हमने न्यूजीलैंड के खिलाफ ऐसा कुछ नहीं किया. इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलियाई टीमें छींटाकशी कर उकसाना पसंद करती हैं, हमें पता है." साहा ने यहां पत्रकारों से कहा, "बंगाल की टीम में जैसे ड्रेसिंग रूम का माहौल बहुत गंभीर रहता है, लेकिन जब मैं भारतीय टीम के साथ होता हूं तो ऐसा बिल्कुल नहीं होता." टीम के मुख्य कोच अनिल कुंबले से संपर्क करना कितना सहज है?, पूछने पर उन्होंने कहा, "वह हमेशा मार्गदर्शन देने के लिए तैयार रहते हैं. उनका अंदाज मजाकिया है और ड्रेसिंग रूम का माहौल भी लगभग उसी तरह का है."टिप्पणियां साहा ने कहा, "हम लगातार दो टेस्ट सीरीज जीतने में सफल रहे हैं, तो कप्तान विराट कोहली और अनिल कुंबले के हिसाब से भी चीजें सही जा रही हैं." अपनी बल्लेबाजी पर साहा ने कहा कि हर बल्लेबाज का खेलने का अपना अंदाज होता है वह क्रीज पर अधिक से अधिक समय गुजारना चाहते हैं. साहा ने कहा, "हर बल्लेबाज का अपना दृष्टिकोण होता है. कुछ अधिक गेंदें खेलने के बावजूद कम रन बनाते हैं, जबकि कुछ ज्यादा गेंदें झेल ही नहीं पाते. मैं बल्लेबाजी करते हुए अधिक से अधिक गेंदें खेलना चाहता हूं." इंग्लैंड की टीम छींटाकशी करने में तेज है, ऐसे में वह छींटाकशी के बारे में क्या सोचते हैं? इस पर साहा ने कहा, "अगर आप प्रतिक्रिया देंगे तो वे और ज्यादा छींटाकशी करेंगे. यही योजना है. हमने न्यूजीलैंड के खिलाफ ऐसा कुछ नहीं किया. इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलियाई टीमें छींटाकशी कर उकसाना पसंद करती हैं, हमें पता है." साहा ने यहां पत्रकारों से कहा, "बंगाल की टीम में जैसे ड्रेसिंग रूम का माहौल बहुत गंभीर रहता है, लेकिन जब मैं भारतीय टीम के साथ होता हूं तो ऐसा बिल्कुल नहीं होता." टीम के मुख्य कोच अनिल कुंबले से संपर्क करना कितना सहज है?, पूछने पर उन्होंने कहा, "वह हमेशा मार्गदर्शन देने के लिए तैयार रहते हैं. उनका अंदाज मजाकिया है और ड्रेसिंग रूम का माहौल भी लगभग उसी तरह का है."टिप्पणियां साहा ने कहा, "हम लगातार दो टेस्ट सीरीज जीतने में सफल रहे हैं, तो कप्तान विराट कोहली और अनिल कुंबले के हिसाब से भी चीजें सही जा रही हैं." अपनी बल्लेबाजी पर साहा ने कहा कि हर बल्लेबाज का खेलने का अपना अंदाज होता है वह क्रीज पर अधिक से अधिक समय गुजारना चाहते हैं. साहा ने कहा, "हर बल्लेबाज का अपना दृष्टिकोण होता है. कुछ अधिक गेंदें खेलने के बावजूद कम रन बनाते हैं, जबकि कुछ ज्यादा गेंदें झेल ही नहीं पाते. मैं बल्लेबाजी करते हुए अधिक से अधिक गेंदें खेलना चाहता हूं." साहा ने यहां पत्रकारों से कहा, "बंगाल की टीम में जैसे ड्रेसिंग रूम का माहौल बहुत गंभीर रहता है, लेकिन जब मैं भारतीय टीम के साथ होता हूं तो ऐसा बिल्कुल नहीं होता." टीम के मुख्य कोच अनिल कुंबले से संपर्क करना कितना सहज है?, पूछने पर उन्होंने कहा, "वह हमेशा मार्गदर्शन देने के लिए तैयार रहते हैं. उनका अंदाज मजाकिया है और ड्रेसिंग रूम का माहौल भी लगभग उसी तरह का है."टिप्पणियां साहा ने कहा, "हम लगातार दो टेस्ट सीरीज जीतने में सफल रहे हैं, तो कप्तान विराट कोहली और अनिल कुंबले के हिसाब से भी चीजें सही जा रही हैं." अपनी बल्लेबाजी पर साहा ने कहा कि हर बल्लेबाज का खेलने का अपना अंदाज होता है वह क्रीज पर अधिक से अधिक समय गुजारना चाहते हैं. साहा ने कहा, "हर बल्लेबाज का अपना दृष्टिकोण होता है. कुछ अधिक गेंदें खेलने के बावजूद कम रन बनाते हैं, जबकि कुछ ज्यादा गेंदें झेल ही नहीं पाते. मैं बल्लेबाजी करते हुए अधिक से अधिक गेंदें खेलना चाहता हूं." टीम के मुख्य कोच अनिल कुंबले से संपर्क करना कितना सहज है?, पूछने पर उन्होंने कहा, "वह हमेशा मार्गदर्शन देने के लिए तैयार रहते हैं. उनका अंदाज मजाकिया है और ड्रेसिंग रूम का माहौल भी लगभग उसी तरह का है."टिप्पणियां साहा ने कहा, "हम लगातार दो टेस्ट सीरीज जीतने में सफल रहे हैं, तो कप्तान विराट कोहली और अनिल कुंबले के हिसाब से भी चीजें सही जा रही हैं." अपनी बल्लेबाजी पर साहा ने कहा कि हर बल्लेबाज का खेलने का अपना अंदाज होता है वह क्रीज पर अधिक से अधिक समय गुजारना चाहते हैं. साहा ने कहा, "हर बल्लेबाज का अपना दृष्टिकोण होता है. कुछ अधिक गेंदें खेलने के बावजूद कम रन बनाते हैं, जबकि कुछ ज्यादा गेंदें झेल ही नहीं पाते. मैं बल्लेबाजी करते हुए अधिक से अधिक गेंदें खेलना चाहता हूं." साहा ने कहा, "हम लगातार दो टेस्ट सीरीज जीतने में सफल रहे हैं, तो कप्तान विराट कोहली और अनिल कुंबले के हिसाब से भी चीजें सही जा रही हैं." अपनी बल्लेबाजी पर साहा ने कहा कि हर बल्लेबाज का खेलने का अपना अंदाज होता है वह क्रीज पर अधिक से अधिक समय गुजारना चाहते हैं. साहा ने कहा, "हर बल्लेबाज का अपना दृष्टिकोण होता है. कुछ अधिक गेंदें खेलने के बावजूद कम रन बनाते हैं, जबकि कुछ ज्यादा गेंदें झेल ही नहीं पाते. मैं बल्लेबाजी करते हुए अधिक से अधिक गेंदें खेलना चाहता हूं." अपनी बल्लेबाजी पर साहा ने कहा कि हर बल्लेबाज का खेलने का अपना अंदाज होता है वह क्रीज पर अधिक से अधिक समय गुजारना चाहते हैं. साहा ने कहा, "हर बल्लेबाज का अपना दृष्टिकोण होता है. कुछ अधिक गेंदें खेलने के बावजूद कम रन बनाते हैं, जबकि कुछ ज्यादा गेंदें झेल ही नहीं पाते. मैं बल्लेबाजी करते हुए अधिक से अधिक गेंदें खेलना चाहता हूं."
संक्षिप्त सारांश: इंग्लैंड टीम 5 टेस्ट की सीरीज के लिए भारत पहुंची है दौरे में वह टीम इंडिया से 3 वनडे और 3 टी-20 भी खेलेगी टीम इंडिया ने हाल ही में न्यूजीलैंड को 3-0 से हराया है
29
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: एक छोटे-से कस्बे की संकरी सड़कों पर धोखे, बेरहम राजनीति और खून-खराबे के कैसे गड्ढे हो सकते हैं, गैंग्स ऑफ वासेपुर पार्ट 2 इसकी मिसाल है। धनबाद जिले के वासेपुर में सरदार खान की हत्या के साथ बदले की आग तीसरी पीढ़ी को भी अपनी चपेट में ले लेती है। गैंगवार की सत्ता फैज़ल खान के हाथ में आ जाती है, लेकिन बदले की आग चौबीसों घंटे गांजा पीने वाले फैज़ल के नशे को भुला देती है और वह चुन-चुनकर अपने पिता और भाई के हत्यारों को मारना शुरू कर देता है... और, यहीं आते हैं खून-खराबे के बेहद खौफनाक सीन्स, जिन्हें कमज़ोर दिल वाले न देखें, तो बेहतर होगा। बेहतरीन एक्टर्स, रीयलिस्टिक लोकेशन्स और अनुराग कश्यप के सटीक डायरेक्शन के साथ पर्दे पर रीयलिज़्म बरकरार है। एक ही इंसान में मासूम प्रेमी और बेदर्द हत्यारे को देखना है तो फैज़ल के रोल में नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी को देख लीजिए। बूढ़ी दबंग मां के रोल में ऋचा चड्ढा हों, सुल्तान बने पंकज त्रिपाठी, डेफिनेट के रोल में ज़ीशान कादरी या परपेंडीकुलर, सभी बढ़िया हैं, हालांकि हुमा कुरैशी ज़रूर शोपीस बनकर रह गईं। दरअसल गैंग्स ऑफ वासेपुर पार्ट 1 और पार्ट 2 इन जुड़वां भाइयों की तरह हैं, जिनकी अच्छाई-बुराई भी एक-सी हैं, लेकिन जब अनुराग कश्यप रीयलिज़्म से भटकने लगते हैं तो अफसोस होता है। क्यों जवान मौत पर उदास फिल्मी गाने गाए जा रहे हैं, क्यों किरदारों के नाम परपेंडीकुलर और टेनजेंट रखे गए... क्या ट्रिग्नोमैट्री पढ़कर लोगों ने बच्चों के नाम रखे। गैंग्स ऑफ वासेपुर पार्ट 2 का फर्स्ट हाफ इतना अच्छा है कि पहली फिल्म फीकी लगने लगती है, लेकिन सेकंड हाफ में कई जगह बेवजह खींची गई महसूस होती है। मोबाइल पर हत्यारों को आर्डर देते क्रिमिनल्स के सीन्स, क्राइम के बीच ह्यूमर दिखाने की कोशिश है, लेकिन बोरिंग है।टिप्पणियां फैज़ल अपने पिता के हत्यारे से समझौता कर लेता है, लेकिन क्यों... यह जवाब उतना ही मुश्किल है, जितना यह सवाल कि फर्स्ट पार्ट में सिर मुंडाने के बाद भी सरदार खान अपने पिता के हत्यारे को क्यों नहीं मारता। हिन्दी और अंग्रेज़ी लिरिक्स के घालमेल वाले म्यूज़िक में दम नहीं है। पार्ट 1 के मुकाबले गैंग्स ऑफ वासेपुर पार्ट 2 बेहतर फिल्म है, लेकिन हम इसे 3 स्टार ही देना चाहेंगे... आखिर फिल्म के लंबे होने की भी कोई लिमिट होती है। धनबाद जिले के वासेपुर में सरदार खान की हत्या के साथ बदले की आग तीसरी पीढ़ी को भी अपनी चपेट में ले लेती है। गैंगवार की सत्ता फैज़ल खान के हाथ में आ जाती है, लेकिन बदले की आग चौबीसों घंटे गांजा पीने वाले फैज़ल के नशे को भुला देती है और वह चुन-चुनकर अपने पिता और भाई के हत्यारों को मारना शुरू कर देता है... और, यहीं आते हैं खून-खराबे के बेहद खौफनाक सीन्स, जिन्हें कमज़ोर दिल वाले न देखें, तो बेहतर होगा। बेहतरीन एक्टर्स, रीयलिस्टिक लोकेशन्स और अनुराग कश्यप के सटीक डायरेक्शन के साथ पर्दे पर रीयलिज़्म बरकरार है। एक ही इंसान में मासूम प्रेमी और बेदर्द हत्यारे को देखना है तो फैज़ल के रोल में नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी को देख लीजिए। बूढ़ी दबंग मां के रोल में ऋचा चड्ढा हों, सुल्तान बने पंकज त्रिपाठी, डेफिनेट के रोल में ज़ीशान कादरी या परपेंडीकुलर, सभी बढ़िया हैं, हालांकि हुमा कुरैशी ज़रूर शोपीस बनकर रह गईं। दरअसल गैंग्स ऑफ वासेपुर पार्ट 1 और पार्ट 2 इन जुड़वां भाइयों की तरह हैं, जिनकी अच्छाई-बुराई भी एक-सी हैं, लेकिन जब अनुराग कश्यप रीयलिज़्म से भटकने लगते हैं तो अफसोस होता है। क्यों जवान मौत पर उदास फिल्मी गाने गाए जा रहे हैं, क्यों किरदारों के नाम परपेंडीकुलर और टेनजेंट रखे गए... क्या ट्रिग्नोमैट्री पढ़कर लोगों ने बच्चों के नाम रखे। गैंग्स ऑफ वासेपुर पार्ट 2 का फर्स्ट हाफ इतना अच्छा है कि पहली फिल्म फीकी लगने लगती है, लेकिन सेकंड हाफ में कई जगह बेवजह खींची गई महसूस होती है। मोबाइल पर हत्यारों को आर्डर देते क्रिमिनल्स के सीन्स, क्राइम के बीच ह्यूमर दिखाने की कोशिश है, लेकिन बोरिंग है।टिप्पणियां फैज़ल अपने पिता के हत्यारे से समझौता कर लेता है, लेकिन क्यों... यह जवाब उतना ही मुश्किल है, जितना यह सवाल कि फर्स्ट पार्ट में सिर मुंडाने के बाद भी सरदार खान अपने पिता के हत्यारे को क्यों नहीं मारता। हिन्दी और अंग्रेज़ी लिरिक्स के घालमेल वाले म्यूज़िक में दम नहीं है। पार्ट 1 के मुकाबले गैंग्स ऑफ वासेपुर पार्ट 2 बेहतर फिल्म है, लेकिन हम इसे 3 स्टार ही देना चाहेंगे... आखिर फिल्म के लंबे होने की भी कोई लिमिट होती है। बेहतरीन एक्टर्स, रीयलिस्टिक लोकेशन्स और अनुराग कश्यप के सटीक डायरेक्शन के साथ पर्दे पर रीयलिज़्म बरकरार है। एक ही इंसान में मासूम प्रेमी और बेदर्द हत्यारे को देखना है तो फैज़ल के रोल में नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी को देख लीजिए। बूढ़ी दबंग मां के रोल में ऋचा चड्ढा हों, सुल्तान बने पंकज त्रिपाठी, डेफिनेट के रोल में ज़ीशान कादरी या परपेंडीकुलर, सभी बढ़िया हैं, हालांकि हुमा कुरैशी ज़रूर शोपीस बनकर रह गईं। दरअसल गैंग्स ऑफ वासेपुर पार्ट 1 और पार्ट 2 इन जुड़वां भाइयों की तरह हैं, जिनकी अच्छाई-बुराई भी एक-सी हैं, लेकिन जब अनुराग कश्यप रीयलिज़्म से भटकने लगते हैं तो अफसोस होता है। क्यों जवान मौत पर उदास फिल्मी गाने गाए जा रहे हैं, क्यों किरदारों के नाम परपेंडीकुलर और टेनजेंट रखे गए... क्या ट्रिग्नोमैट्री पढ़कर लोगों ने बच्चों के नाम रखे। गैंग्स ऑफ वासेपुर पार्ट 2 का फर्स्ट हाफ इतना अच्छा है कि पहली फिल्म फीकी लगने लगती है, लेकिन सेकंड हाफ में कई जगह बेवजह खींची गई महसूस होती है। मोबाइल पर हत्यारों को आर्डर देते क्रिमिनल्स के सीन्स, क्राइम के बीच ह्यूमर दिखाने की कोशिश है, लेकिन बोरिंग है।टिप्पणियां फैज़ल अपने पिता के हत्यारे से समझौता कर लेता है, लेकिन क्यों... यह जवाब उतना ही मुश्किल है, जितना यह सवाल कि फर्स्ट पार्ट में सिर मुंडाने के बाद भी सरदार खान अपने पिता के हत्यारे को क्यों नहीं मारता। हिन्दी और अंग्रेज़ी लिरिक्स के घालमेल वाले म्यूज़िक में दम नहीं है। पार्ट 1 के मुकाबले गैंग्स ऑफ वासेपुर पार्ट 2 बेहतर फिल्म है, लेकिन हम इसे 3 स्टार ही देना चाहेंगे... आखिर फिल्म के लंबे होने की भी कोई लिमिट होती है। दरअसल गैंग्स ऑफ वासेपुर पार्ट 1 और पार्ट 2 इन जुड़वां भाइयों की तरह हैं, जिनकी अच्छाई-बुराई भी एक-सी हैं, लेकिन जब अनुराग कश्यप रीयलिज़्म से भटकने लगते हैं तो अफसोस होता है। क्यों जवान मौत पर उदास फिल्मी गाने गाए जा रहे हैं, क्यों किरदारों के नाम परपेंडीकुलर और टेनजेंट रखे गए... क्या ट्रिग्नोमैट्री पढ़कर लोगों ने बच्चों के नाम रखे। गैंग्स ऑफ वासेपुर पार्ट 2 का फर्स्ट हाफ इतना अच्छा है कि पहली फिल्म फीकी लगने लगती है, लेकिन सेकंड हाफ में कई जगह बेवजह खींची गई महसूस होती है। मोबाइल पर हत्यारों को आर्डर देते क्रिमिनल्स के सीन्स, क्राइम के बीच ह्यूमर दिखाने की कोशिश है, लेकिन बोरिंग है।टिप्पणियां फैज़ल अपने पिता के हत्यारे से समझौता कर लेता है, लेकिन क्यों... यह जवाब उतना ही मुश्किल है, जितना यह सवाल कि फर्स्ट पार्ट में सिर मुंडाने के बाद भी सरदार खान अपने पिता के हत्यारे को क्यों नहीं मारता। हिन्दी और अंग्रेज़ी लिरिक्स के घालमेल वाले म्यूज़िक में दम नहीं है। पार्ट 1 के मुकाबले गैंग्स ऑफ वासेपुर पार्ट 2 बेहतर फिल्म है, लेकिन हम इसे 3 स्टार ही देना चाहेंगे... आखिर फिल्म के लंबे होने की भी कोई लिमिट होती है। गैंग्स ऑफ वासेपुर पार्ट 2 का फर्स्ट हाफ इतना अच्छा है कि पहली फिल्म फीकी लगने लगती है, लेकिन सेकंड हाफ में कई जगह बेवजह खींची गई महसूस होती है। मोबाइल पर हत्यारों को आर्डर देते क्रिमिनल्स के सीन्स, क्राइम के बीच ह्यूमर दिखाने की कोशिश है, लेकिन बोरिंग है।टिप्पणियां फैज़ल अपने पिता के हत्यारे से समझौता कर लेता है, लेकिन क्यों... यह जवाब उतना ही मुश्किल है, जितना यह सवाल कि फर्स्ट पार्ट में सिर मुंडाने के बाद भी सरदार खान अपने पिता के हत्यारे को क्यों नहीं मारता। हिन्दी और अंग्रेज़ी लिरिक्स के घालमेल वाले म्यूज़िक में दम नहीं है। पार्ट 1 के मुकाबले गैंग्स ऑफ वासेपुर पार्ट 2 बेहतर फिल्म है, लेकिन हम इसे 3 स्टार ही देना चाहेंगे... आखिर फिल्म के लंबे होने की भी कोई लिमिट होती है। फैज़ल अपने पिता के हत्यारे से समझौता कर लेता है, लेकिन क्यों... यह जवाब उतना ही मुश्किल है, जितना यह सवाल कि फर्स्ट पार्ट में सिर मुंडाने के बाद भी सरदार खान अपने पिता के हत्यारे को क्यों नहीं मारता। हिन्दी और अंग्रेज़ी लिरिक्स के घालमेल वाले म्यूज़िक में दम नहीं है। पार्ट 1 के मुकाबले गैंग्स ऑफ वासेपुर पार्ट 2 बेहतर फिल्म है, लेकिन हम इसे 3 स्टार ही देना चाहेंगे... आखिर फिल्म के लंबे होने की भी कोई लिमिट होती है। हिन्दी और अंग्रेज़ी लिरिक्स के घालमेल वाले म्यूज़िक में दम नहीं है। पार्ट 1 के मुकाबले गैंग्स ऑफ वासेपुर पार्ट 2 बेहतर फिल्म है, लेकिन हम इसे 3 स्टार ही देना चाहेंगे... आखिर फिल्म के लंबे होने की भी कोई लिमिट होती है।
यह एक सारांश है: म्यूज़िक में कतई दम नहीं, लेकिन गैंग्स ऑफ वासेपुर पार्ट 2 बेहतर फिल्म है... फिर भी इसे 3 स्टार ही मिलेंगे, क्योंकि फिल्म के लंबे होने की भी कोई लिमिट होती है।
24
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बीजेपी (भारतीय जनता पार्टी) सोमवार से प्रधानमंत्री की इस्तीफे की मांग को लेकर देशभर में आंदोलन करेगी। बीजेपी का यह आंदोलन 24 तारीख तक चलेगा। पार्टी के मुताबिक इस दौरान देशभर में केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया जाएगा जिसमें पार्टी के तमाम बड़े नेता शामिल होंगे।टिप्पणियां बीजेपी के मुताबिक इस दौरान अलग-अलग राज्यों में पार्टी के कार्यकर्ता राजभवन जाकर राज्यपाल को इस बाबत ज्ञापन सौंपेंगे। ठीक ऐसा ही ज्ञापन हर जिले में जिलाधिकारी को भी सौंपा जाएगा। इसके अलावा 26 तारीख को बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक होगी जिसमें भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सरकार को कैसे घेरा जाए इस बारे में आगे की रणनीति बनाई जाएगी। बीजेपी के मुताबिक इस दौरान अलग-अलग राज्यों में पार्टी के कार्यकर्ता राजभवन जाकर राज्यपाल को इस बाबत ज्ञापन सौंपेंगे। ठीक ऐसा ही ज्ञापन हर जिले में जिलाधिकारी को भी सौंपा जाएगा। इसके अलावा 26 तारीख को बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक होगी जिसमें भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सरकार को कैसे घेरा जाए इस बारे में आगे की रणनीति बनाई जाएगी। इसके अलावा 26 तारीख को बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक होगी जिसमें भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सरकार को कैसे घेरा जाए इस बारे में आगे की रणनीति बनाई जाएगी।
संक्षिप्त सारांश: बीजेपी का यह आंदोलन 24 तारीख तक चलेगा। पार्टी के मुताबिक इस दौरान देशभर में केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया जाएगा, जिसमें पार्टी के तमाम बड़े नेता शामिल होंगे।
23
['hin']
एक सारांश बनाओ: उत्तर प्रदेश के शो-विंडो नोएडा में पुलिस ने फायर एनओसी के लिए काम कर रहे संगठित गिरोह का सनसनीखेज खुलासा किया है. इस मामले में रविवार को फायर स्टेशन फेज-एक के एफएसओ कुलदीप कुमार और एक फायर वेंडर को गिरफ्तार किया गया है. अब तक की जांच में कुल सात संगठित गिरोह का नाम सामने आया है. इन गिरोह के लोगों ने फर्जीवाड़ा कर अब तक 450 से अधिक एनओसी प्राप्त किए हैं. इनके खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है. शीघ्र ही कुछ और गिरफ्तारियां हो सकती हैं. सेक्टर-14ए स्थित पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित प्रेस कान्फ्रेंस में बताया कि सोशल मीडिया पर दो व्यक्तियों के बीच एनओसी के लिए पैसे के लेनदेन की बात हो रही थी. इस बाबत मुख्य अग्रिशमन अधिकारी अरुण कुमार सिंह  ने उन्हें पत्र भेजकर संभावना जताई थी कि ऑडियो में एफएसओ कुलदीप कुमार और फायर वेंडर अरविंद गुप्ता की है. सीएफओ के अनुरोध पर इस मामले की जांच सीओ प्रथम श्वेताभ पांडेय से कराई गई. 21 सितंबर को अपनी जांच रिपोर्ट में सीओ प्रथम ने कहा कि पूछताछ में एफएसओ कुलदीप कुमार और अरविंद गुप्ता ने स्वीकार किया कि ऑडियो में उनकी ही आवाज है. उसमें पैसे के लेनदेन की जो बातचीत हो रही है, वह मई माह की है. एसएसपी वैभव कृष्ण ने बताया कि जांच में कुलदीप कुमार और अरविंद गुप्ता पर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोप प्रथमदृष्टया सही पाए गए. सीओ थर्ड विमल कुमार ने एफएसओ कुलदीप कुमार और फायर वेंडर अरविंद गुप्ता के खिलाफ थाना सेक्टर-20 में एफआईआर दर्ज कराई. उसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया. एसएसपी ने बताया कि सीएफओ अरुण कुमार सिंह  ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि पिछले डेढ़ साल से एनओसी के एवज में अवैध वसूली के लिए सात अलग-अलग संगठित गिरोह काम कर रहे हैं. गिरोह ने अपने और अपने सहयोगियों के नाम पर विभिन्न भवनों, विद्यालयों, अस्पतालों, उद्योगों के फायर डिपार्टमेंट से धोखाधड़ी कर 450 से अधिक एनओसी प्राप्त की गई है. इस बाबत थाना सेक्टर-20 में सात एफआईआर दर्ज कराई गई है. इनमें अनिल शर्मा, मनिराम डांडरियाल, देविका, देविका देसाई, जितेंद्र मोनी, जितेंद्र कुमार गौड़, एमएसपीएल, अरविंद कुमार गुप्ता, अरविंद गुप्ता, विशाल ढिंगरा, मुकेश गुप्ता, इंद्र कुमार मनी और गुरप्रीत शामिल हैं.
प्रथदृष्टया सही पाए गए आरोप 450 से अधिक एनओसी किए प्राप्त थाना सेक्टर-20 में दर्ज हुईं सात एफआईआर
26
['hin']
एक सारांश बनाओ: भारत ने अमेरिका के एडवर्ड स्नोडेन की उस याचिका को अस्वीकार कर दिया है जिसमें स्नोडेन ने भारत में राजनीतिक शरण के लिए अपील की थी। विदेश मंत्रालय ने यह जानकारी दी है। इससे पहले आज ही खबर आई थी कि अमेरिकी जासूसी कारनामों को उजागर करने वाले एडवर्ड स्नोडेन ने भारत समेत 20 देशों से शरण मांगी है। स्नोडेन के मामले में विकीलीक्स की कानूनी सलाहकार साराह हैरिसन ने स्नोडेन की ओर से इस संबंध में आवेदन किया है। स्नोडेन की वेबसाइट पर यह जानकारी दी गई थी। विकीलीक्स ने एक बयान में बताया, ‘‘30 जून 2013 को विकीलीक्स की कानूनी सलाहकार साराह हैरिसन ने एडवर्ड स्नोडेन के मामले में खुद अपने हाथ से आवेदन सौंपे हैं।’’ इसमें कहा गया है, ‘‘आवेदन देर शाम मास्को में शेरमेत्येवो हवाई अड्डे पर रूसी वाणिज्य दूतावास में एक अधिकारी को दिए गए।’’ इसके साथ ही इसमें ऐसे संबंधित दस्तावेजों को भी जोड़ा गया है जिनमें स्नोडेन को अमेरिका में उत्पन्न होने वाले खतरों का जिक्र किया गया है। इस संबंध में आवेदन कई देशों को किए गए हैं जिनमें आस्ट्रिया, बोलिविया, ब्राजील, चीन, क्यूबा, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इटली, आयरलैंड, नीदरलैंड, निकारागुआ, नार्वे, पोलैंड, स्पेन, स्विस कनफेडरेशन तथा वेनेजुएला शामिल हैं। ओबामा प्रशासन ने विभिन्न देशों को चेतावनी दी है कि स्नोडेन को शरण प्रदान नहीं की जाए क्योंकि वह जासूसी तथा गोपनीय दस्तावेजों को लीक करने के आरोपों में अमेरिका में वांछित है। अमेरिका ने सोमवार को कहा था कि स्नोडेन का पासपोर्ट रद्द कर दिया गया है और उसके मामले की निष्पक्ष सुनवाई होगी तथा वह बतौर अमेरिकी नागरिक अपने सभी अधिकारों को इस्तेमाल करने के अधिकारी होंगे। विदेश विभाग की प्रवक्ता पैट्रिक वेंट्रेल ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘हम एकल प्रवेश यात्रा दस्तावेज जारी करने को तैयार हैं। वह अभी भी एक अमेरिकी नागरिक हैं। वह अभी भी अपनी अमेरिकी नागरिकता के अधिकारी हैं जिसमें उसे अपने ऊपर लगे आरोपों की निष्पक्ष और स्वतंत्र सुनवाई करवाने का हक भी शामिल है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘वह (स्नोडेन) किसी भी अमेरिकी नागरिक को प्राप्त अधिकारों और जिम्मेदारियों को वहन करने के अधिकारी हैं। हमारे संविधान के तहत उन्हें अपने मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र सुनवाई का अधिकार है।’’ उन्होंने साथ ही कहा, ‘‘उनका एक देश है जिसमें उन्हें लौटना होगा और वह अमेरिका है।’’ पिछले माह गोपनीय सूचनाओं से भरा लैपटाप लेकर हांगकांग निकल भागने से पूर्व स्नोडेन एनएसए के लिए काम करते थे। ऐसा माना जा रहा है कि वह 23 जून को हांगकांग से लौटने के बाद से इस समय मास्को हवाई अड्डे के ट्रांजिट जोन में हैं।टिप्पणियां जासूसी और गोपनीय दस्तावेज लीक करने के आरोपों में वह अमेरिका में वांछित हैं। पिछले माह स्नोडेन द्वारा लीक किए गए दस्तावेजों से एनएसए द्वारा दुनियाभर में बड़े पैमाने पर फोन काल्स की निगरानी किए जाने और इंटरनेट कम्युनिकेशन पर नजर रखे जाने का खुलासा हुआ है। लीक दस्तावेजों के अनुसार, अमेरिका में भारतीय दूतावास ऐसे 38 राजनयिक मिशनों की सूची में है जिनकी अमेरिकी खुफिया एजेंसियों द्वारा जासूसी की जा रही है। इससे पहले आज ही खबर आई थी कि अमेरिकी जासूसी कारनामों को उजागर करने वाले एडवर्ड स्नोडेन ने भारत समेत 20 देशों से शरण मांगी है। स्नोडेन के मामले में विकीलीक्स की कानूनी सलाहकार साराह हैरिसन ने स्नोडेन की ओर से इस संबंध में आवेदन किया है। स्नोडेन की वेबसाइट पर यह जानकारी दी गई थी। विकीलीक्स ने एक बयान में बताया, ‘‘30 जून 2013 को विकीलीक्स की कानूनी सलाहकार साराह हैरिसन ने एडवर्ड स्नोडेन के मामले में खुद अपने हाथ से आवेदन सौंपे हैं।’’ इसमें कहा गया है, ‘‘आवेदन देर शाम मास्को में शेरमेत्येवो हवाई अड्डे पर रूसी वाणिज्य दूतावास में एक अधिकारी को दिए गए।’’ इसके साथ ही इसमें ऐसे संबंधित दस्तावेजों को भी जोड़ा गया है जिनमें स्नोडेन को अमेरिका में उत्पन्न होने वाले खतरों का जिक्र किया गया है। इस संबंध में आवेदन कई देशों को किए गए हैं जिनमें आस्ट्रिया, बोलिविया, ब्राजील, चीन, क्यूबा, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इटली, आयरलैंड, नीदरलैंड, निकारागुआ, नार्वे, पोलैंड, स्पेन, स्विस कनफेडरेशन तथा वेनेजुएला शामिल हैं। ओबामा प्रशासन ने विभिन्न देशों को चेतावनी दी है कि स्नोडेन को शरण प्रदान नहीं की जाए क्योंकि वह जासूसी तथा गोपनीय दस्तावेजों को लीक करने के आरोपों में अमेरिका में वांछित है। अमेरिका ने सोमवार को कहा था कि स्नोडेन का पासपोर्ट रद्द कर दिया गया है और उसके मामले की निष्पक्ष सुनवाई होगी तथा वह बतौर अमेरिकी नागरिक अपने सभी अधिकारों को इस्तेमाल करने के अधिकारी होंगे। विदेश विभाग की प्रवक्ता पैट्रिक वेंट्रेल ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘हम एकल प्रवेश यात्रा दस्तावेज जारी करने को तैयार हैं। वह अभी भी एक अमेरिकी नागरिक हैं। वह अभी भी अपनी अमेरिकी नागरिकता के अधिकारी हैं जिसमें उसे अपने ऊपर लगे आरोपों की निष्पक्ष और स्वतंत्र सुनवाई करवाने का हक भी शामिल है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘वह (स्नोडेन) किसी भी अमेरिकी नागरिक को प्राप्त अधिकारों और जिम्मेदारियों को वहन करने के अधिकारी हैं। हमारे संविधान के तहत उन्हें अपने मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र सुनवाई का अधिकार है।’’ उन्होंने साथ ही कहा, ‘‘उनका एक देश है जिसमें उन्हें लौटना होगा और वह अमेरिका है।’’ पिछले माह गोपनीय सूचनाओं से भरा लैपटाप लेकर हांगकांग निकल भागने से पूर्व स्नोडेन एनएसए के लिए काम करते थे। ऐसा माना जा रहा है कि वह 23 जून को हांगकांग से लौटने के बाद से इस समय मास्को हवाई अड्डे के ट्रांजिट जोन में हैं।टिप्पणियां जासूसी और गोपनीय दस्तावेज लीक करने के आरोपों में वह अमेरिका में वांछित हैं। पिछले माह स्नोडेन द्वारा लीक किए गए दस्तावेजों से एनएसए द्वारा दुनियाभर में बड़े पैमाने पर फोन काल्स की निगरानी किए जाने और इंटरनेट कम्युनिकेशन पर नजर रखे जाने का खुलासा हुआ है। लीक दस्तावेजों के अनुसार, अमेरिका में भारतीय दूतावास ऐसे 38 राजनयिक मिशनों की सूची में है जिनकी अमेरिकी खुफिया एजेंसियों द्वारा जासूसी की जा रही है। स्नोडेन के मामले में विकीलीक्स की कानूनी सलाहकार साराह हैरिसन ने स्नोडेन की ओर से इस संबंध में आवेदन किया है। स्नोडेन की वेबसाइट पर यह जानकारी दी गई थी। विकीलीक्स ने एक बयान में बताया, ‘‘30 जून 2013 को विकीलीक्स की कानूनी सलाहकार साराह हैरिसन ने एडवर्ड स्नोडेन के मामले में खुद अपने हाथ से आवेदन सौंपे हैं।’’ इसमें कहा गया है, ‘‘आवेदन देर शाम मास्को में शेरमेत्येवो हवाई अड्डे पर रूसी वाणिज्य दूतावास में एक अधिकारी को दिए गए।’’ इसके साथ ही इसमें ऐसे संबंधित दस्तावेजों को भी जोड़ा गया है जिनमें स्नोडेन को अमेरिका में उत्पन्न होने वाले खतरों का जिक्र किया गया है। इस संबंध में आवेदन कई देशों को किए गए हैं जिनमें आस्ट्रिया, बोलिविया, ब्राजील, चीन, क्यूबा, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इटली, आयरलैंड, नीदरलैंड, निकारागुआ, नार्वे, पोलैंड, स्पेन, स्विस कनफेडरेशन तथा वेनेजुएला शामिल हैं। ओबामा प्रशासन ने विभिन्न देशों को चेतावनी दी है कि स्नोडेन को शरण प्रदान नहीं की जाए क्योंकि वह जासूसी तथा गोपनीय दस्तावेजों को लीक करने के आरोपों में अमेरिका में वांछित है। अमेरिका ने सोमवार को कहा था कि स्नोडेन का पासपोर्ट रद्द कर दिया गया है और उसके मामले की निष्पक्ष सुनवाई होगी तथा वह बतौर अमेरिकी नागरिक अपने सभी अधिकारों को इस्तेमाल करने के अधिकारी होंगे। विदेश विभाग की प्रवक्ता पैट्रिक वेंट्रेल ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘हम एकल प्रवेश यात्रा दस्तावेज जारी करने को तैयार हैं। वह अभी भी एक अमेरिकी नागरिक हैं। वह अभी भी अपनी अमेरिकी नागरिकता के अधिकारी हैं जिसमें उसे अपने ऊपर लगे आरोपों की निष्पक्ष और स्वतंत्र सुनवाई करवाने का हक भी शामिल है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘वह (स्नोडेन) किसी भी अमेरिकी नागरिक को प्राप्त अधिकारों और जिम्मेदारियों को वहन करने के अधिकारी हैं। हमारे संविधान के तहत उन्हें अपने मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र सुनवाई का अधिकार है।’’ उन्होंने साथ ही कहा, ‘‘उनका एक देश है जिसमें उन्हें लौटना होगा और वह अमेरिका है।’’ पिछले माह गोपनीय सूचनाओं से भरा लैपटाप लेकर हांगकांग निकल भागने से पूर्व स्नोडेन एनएसए के लिए काम करते थे। ऐसा माना जा रहा है कि वह 23 जून को हांगकांग से लौटने के बाद से इस समय मास्को हवाई अड्डे के ट्रांजिट जोन में हैं।टिप्पणियां जासूसी और गोपनीय दस्तावेज लीक करने के आरोपों में वह अमेरिका में वांछित हैं। पिछले माह स्नोडेन द्वारा लीक किए गए दस्तावेजों से एनएसए द्वारा दुनियाभर में बड़े पैमाने पर फोन काल्स की निगरानी किए जाने और इंटरनेट कम्युनिकेशन पर नजर रखे जाने का खुलासा हुआ है। लीक दस्तावेजों के अनुसार, अमेरिका में भारतीय दूतावास ऐसे 38 राजनयिक मिशनों की सूची में है जिनकी अमेरिकी खुफिया एजेंसियों द्वारा जासूसी की जा रही है। विकीलीक्स ने एक बयान में बताया, ‘‘30 जून 2013 को विकीलीक्स की कानूनी सलाहकार साराह हैरिसन ने एडवर्ड स्नोडेन के मामले में खुद अपने हाथ से आवेदन सौंपे हैं।’’ इसमें कहा गया है, ‘‘आवेदन देर शाम मास्को में शेरमेत्येवो हवाई अड्डे पर रूसी वाणिज्य दूतावास में एक अधिकारी को दिए गए।’’ इसके साथ ही इसमें ऐसे संबंधित दस्तावेजों को भी जोड़ा गया है जिनमें स्नोडेन को अमेरिका में उत्पन्न होने वाले खतरों का जिक्र किया गया है। इस संबंध में आवेदन कई देशों को किए गए हैं जिनमें आस्ट्रिया, बोलिविया, ब्राजील, चीन, क्यूबा, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इटली, आयरलैंड, नीदरलैंड, निकारागुआ, नार्वे, पोलैंड, स्पेन, स्विस कनफेडरेशन तथा वेनेजुएला शामिल हैं। ओबामा प्रशासन ने विभिन्न देशों को चेतावनी दी है कि स्नोडेन को शरण प्रदान नहीं की जाए क्योंकि वह जासूसी तथा गोपनीय दस्तावेजों को लीक करने के आरोपों में अमेरिका में वांछित है। अमेरिका ने सोमवार को कहा था कि स्नोडेन का पासपोर्ट रद्द कर दिया गया है और उसके मामले की निष्पक्ष सुनवाई होगी तथा वह बतौर अमेरिकी नागरिक अपने सभी अधिकारों को इस्तेमाल करने के अधिकारी होंगे। विदेश विभाग की प्रवक्ता पैट्रिक वेंट्रेल ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘हम एकल प्रवेश यात्रा दस्तावेज जारी करने को तैयार हैं। वह अभी भी एक अमेरिकी नागरिक हैं। वह अभी भी अपनी अमेरिकी नागरिकता के अधिकारी हैं जिसमें उसे अपने ऊपर लगे आरोपों की निष्पक्ष और स्वतंत्र सुनवाई करवाने का हक भी शामिल है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘वह (स्नोडेन) किसी भी अमेरिकी नागरिक को प्राप्त अधिकारों और जिम्मेदारियों को वहन करने के अधिकारी हैं। हमारे संविधान के तहत उन्हें अपने मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र सुनवाई का अधिकार है।’’ उन्होंने साथ ही कहा, ‘‘उनका एक देश है जिसमें उन्हें लौटना होगा और वह अमेरिका है।’’ पिछले माह गोपनीय सूचनाओं से भरा लैपटाप लेकर हांगकांग निकल भागने से पूर्व स्नोडेन एनएसए के लिए काम करते थे। ऐसा माना जा रहा है कि वह 23 जून को हांगकांग से लौटने के बाद से इस समय मास्को हवाई अड्डे के ट्रांजिट जोन में हैं।टिप्पणियां जासूसी और गोपनीय दस्तावेज लीक करने के आरोपों में वह अमेरिका में वांछित हैं। पिछले माह स्नोडेन द्वारा लीक किए गए दस्तावेजों से एनएसए द्वारा दुनियाभर में बड़े पैमाने पर फोन काल्स की निगरानी किए जाने और इंटरनेट कम्युनिकेशन पर नजर रखे जाने का खुलासा हुआ है। लीक दस्तावेजों के अनुसार, अमेरिका में भारतीय दूतावास ऐसे 38 राजनयिक मिशनों की सूची में है जिनकी अमेरिकी खुफिया एजेंसियों द्वारा जासूसी की जा रही है। इसमें कहा गया है, ‘‘आवेदन देर शाम मास्को में शेरमेत्येवो हवाई अड्डे पर रूसी वाणिज्य दूतावास में एक अधिकारी को दिए गए।’’ इसके साथ ही इसमें ऐसे संबंधित दस्तावेजों को भी जोड़ा गया है जिनमें स्नोडेन को अमेरिका में उत्पन्न होने वाले खतरों का जिक्र किया गया है। इस संबंध में आवेदन कई देशों को किए गए हैं जिनमें आस्ट्रिया, बोलिविया, ब्राजील, चीन, क्यूबा, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इटली, आयरलैंड, नीदरलैंड, निकारागुआ, नार्वे, पोलैंड, स्पेन, स्विस कनफेडरेशन तथा वेनेजुएला शामिल हैं। ओबामा प्रशासन ने विभिन्न देशों को चेतावनी दी है कि स्नोडेन को शरण प्रदान नहीं की जाए क्योंकि वह जासूसी तथा गोपनीय दस्तावेजों को लीक करने के आरोपों में अमेरिका में वांछित है। अमेरिका ने सोमवार को कहा था कि स्नोडेन का पासपोर्ट रद्द कर दिया गया है और उसके मामले की निष्पक्ष सुनवाई होगी तथा वह बतौर अमेरिकी नागरिक अपने सभी अधिकारों को इस्तेमाल करने के अधिकारी होंगे। विदेश विभाग की प्रवक्ता पैट्रिक वेंट्रेल ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘हम एकल प्रवेश यात्रा दस्तावेज जारी करने को तैयार हैं। वह अभी भी एक अमेरिकी नागरिक हैं। वह अभी भी अपनी अमेरिकी नागरिकता के अधिकारी हैं जिसमें उसे अपने ऊपर लगे आरोपों की निष्पक्ष और स्वतंत्र सुनवाई करवाने का हक भी शामिल है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘वह (स्नोडेन) किसी भी अमेरिकी नागरिक को प्राप्त अधिकारों और जिम्मेदारियों को वहन करने के अधिकारी हैं। हमारे संविधान के तहत उन्हें अपने मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र सुनवाई का अधिकार है।’’ उन्होंने साथ ही कहा, ‘‘उनका एक देश है जिसमें उन्हें लौटना होगा और वह अमेरिका है।’’ पिछले माह गोपनीय सूचनाओं से भरा लैपटाप लेकर हांगकांग निकल भागने से पूर्व स्नोडेन एनएसए के लिए काम करते थे। ऐसा माना जा रहा है कि वह 23 जून को हांगकांग से लौटने के बाद से इस समय मास्को हवाई अड्डे के ट्रांजिट जोन में हैं।टिप्पणियां जासूसी और गोपनीय दस्तावेज लीक करने के आरोपों में वह अमेरिका में वांछित हैं। पिछले माह स्नोडेन द्वारा लीक किए गए दस्तावेजों से एनएसए द्वारा दुनियाभर में बड़े पैमाने पर फोन काल्स की निगरानी किए जाने और इंटरनेट कम्युनिकेशन पर नजर रखे जाने का खुलासा हुआ है। लीक दस्तावेजों के अनुसार, अमेरिका में भारतीय दूतावास ऐसे 38 राजनयिक मिशनों की सूची में है जिनकी अमेरिकी खुफिया एजेंसियों द्वारा जासूसी की जा रही है। इस संबंध में आवेदन कई देशों को किए गए हैं जिनमें आस्ट्रिया, बोलिविया, ब्राजील, चीन, क्यूबा, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इटली, आयरलैंड, नीदरलैंड, निकारागुआ, नार्वे, पोलैंड, स्पेन, स्विस कनफेडरेशन तथा वेनेजुएला शामिल हैं। ओबामा प्रशासन ने विभिन्न देशों को चेतावनी दी है कि स्नोडेन को शरण प्रदान नहीं की जाए क्योंकि वह जासूसी तथा गोपनीय दस्तावेजों को लीक करने के आरोपों में अमेरिका में वांछित है। अमेरिका ने सोमवार को कहा था कि स्नोडेन का पासपोर्ट रद्द कर दिया गया है और उसके मामले की निष्पक्ष सुनवाई होगी तथा वह बतौर अमेरिकी नागरिक अपने सभी अधिकारों को इस्तेमाल करने के अधिकारी होंगे। विदेश विभाग की प्रवक्ता पैट्रिक वेंट्रेल ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘हम एकल प्रवेश यात्रा दस्तावेज जारी करने को तैयार हैं। वह अभी भी एक अमेरिकी नागरिक हैं। वह अभी भी अपनी अमेरिकी नागरिकता के अधिकारी हैं जिसमें उसे अपने ऊपर लगे आरोपों की निष्पक्ष और स्वतंत्र सुनवाई करवाने का हक भी शामिल है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘वह (स्नोडेन) किसी भी अमेरिकी नागरिक को प्राप्त अधिकारों और जिम्मेदारियों को वहन करने के अधिकारी हैं। हमारे संविधान के तहत उन्हें अपने मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र सुनवाई का अधिकार है।’’ उन्होंने साथ ही कहा, ‘‘उनका एक देश है जिसमें उन्हें लौटना होगा और वह अमेरिका है।’’ पिछले माह गोपनीय सूचनाओं से भरा लैपटाप लेकर हांगकांग निकल भागने से पूर्व स्नोडेन एनएसए के लिए काम करते थे। ऐसा माना जा रहा है कि वह 23 जून को हांगकांग से लौटने के बाद से इस समय मास्को हवाई अड्डे के ट्रांजिट जोन में हैं।टिप्पणियां जासूसी और गोपनीय दस्तावेज लीक करने के आरोपों में वह अमेरिका में वांछित हैं। पिछले माह स्नोडेन द्वारा लीक किए गए दस्तावेजों से एनएसए द्वारा दुनियाभर में बड़े पैमाने पर फोन काल्स की निगरानी किए जाने और इंटरनेट कम्युनिकेशन पर नजर रखे जाने का खुलासा हुआ है। लीक दस्तावेजों के अनुसार, अमेरिका में भारतीय दूतावास ऐसे 38 राजनयिक मिशनों की सूची में है जिनकी अमेरिकी खुफिया एजेंसियों द्वारा जासूसी की जा रही है। ओबामा प्रशासन ने विभिन्न देशों को चेतावनी दी है कि स्नोडेन को शरण प्रदान नहीं की जाए क्योंकि वह जासूसी तथा गोपनीय दस्तावेजों को लीक करने के आरोपों में अमेरिका में वांछित है। अमेरिका ने सोमवार को कहा था कि स्नोडेन का पासपोर्ट रद्द कर दिया गया है और उसके मामले की निष्पक्ष सुनवाई होगी तथा वह बतौर अमेरिकी नागरिक अपने सभी अधिकारों को इस्तेमाल करने के अधिकारी होंगे। विदेश विभाग की प्रवक्ता पैट्रिक वेंट्रेल ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘हम एकल प्रवेश यात्रा दस्तावेज जारी करने को तैयार हैं। वह अभी भी एक अमेरिकी नागरिक हैं। वह अभी भी अपनी अमेरिकी नागरिकता के अधिकारी हैं जिसमें उसे अपने ऊपर लगे आरोपों की निष्पक्ष और स्वतंत्र सुनवाई करवाने का हक भी शामिल है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘वह (स्नोडेन) किसी भी अमेरिकी नागरिक को प्राप्त अधिकारों और जिम्मेदारियों को वहन करने के अधिकारी हैं। हमारे संविधान के तहत उन्हें अपने मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र सुनवाई का अधिकार है।’’ उन्होंने साथ ही कहा, ‘‘उनका एक देश है जिसमें उन्हें लौटना होगा और वह अमेरिका है।’’ पिछले माह गोपनीय सूचनाओं से भरा लैपटाप लेकर हांगकांग निकल भागने से पूर्व स्नोडेन एनएसए के लिए काम करते थे। ऐसा माना जा रहा है कि वह 23 जून को हांगकांग से लौटने के बाद से इस समय मास्को हवाई अड्डे के ट्रांजिट जोन में हैं।टिप्पणियां जासूसी और गोपनीय दस्तावेज लीक करने के आरोपों में वह अमेरिका में वांछित हैं। पिछले माह स्नोडेन द्वारा लीक किए गए दस्तावेजों से एनएसए द्वारा दुनियाभर में बड़े पैमाने पर फोन काल्स की निगरानी किए जाने और इंटरनेट कम्युनिकेशन पर नजर रखे जाने का खुलासा हुआ है। लीक दस्तावेजों के अनुसार, अमेरिका में भारतीय दूतावास ऐसे 38 राजनयिक मिशनों की सूची में है जिनकी अमेरिकी खुफिया एजेंसियों द्वारा जासूसी की जा रही है। अमेरिका ने सोमवार को कहा था कि स्नोडेन का पासपोर्ट रद्द कर दिया गया है और उसके मामले की निष्पक्ष सुनवाई होगी तथा वह बतौर अमेरिकी नागरिक अपने सभी अधिकारों को इस्तेमाल करने के अधिकारी होंगे। विदेश विभाग की प्रवक्ता पैट्रिक वेंट्रेल ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘हम एकल प्रवेश यात्रा दस्तावेज जारी करने को तैयार हैं। वह अभी भी एक अमेरिकी नागरिक हैं। वह अभी भी अपनी अमेरिकी नागरिकता के अधिकारी हैं जिसमें उसे अपने ऊपर लगे आरोपों की निष्पक्ष और स्वतंत्र सुनवाई करवाने का हक भी शामिल है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘वह (स्नोडेन) किसी भी अमेरिकी नागरिक को प्राप्त अधिकारों और जिम्मेदारियों को वहन करने के अधिकारी हैं। हमारे संविधान के तहत उन्हें अपने मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र सुनवाई का अधिकार है।’’ उन्होंने साथ ही कहा, ‘‘उनका एक देश है जिसमें उन्हें लौटना होगा और वह अमेरिका है।’’ पिछले माह गोपनीय सूचनाओं से भरा लैपटाप लेकर हांगकांग निकल भागने से पूर्व स्नोडेन एनएसए के लिए काम करते थे। ऐसा माना जा रहा है कि वह 23 जून को हांगकांग से लौटने के बाद से इस समय मास्को हवाई अड्डे के ट्रांजिट जोन में हैं।टिप्पणियां जासूसी और गोपनीय दस्तावेज लीक करने के आरोपों में वह अमेरिका में वांछित हैं। पिछले माह स्नोडेन द्वारा लीक किए गए दस्तावेजों से एनएसए द्वारा दुनियाभर में बड़े पैमाने पर फोन काल्स की निगरानी किए जाने और इंटरनेट कम्युनिकेशन पर नजर रखे जाने का खुलासा हुआ है। लीक दस्तावेजों के अनुसार, अमेरिका में भारतीय दूतावास ऐसे 38 राजनयिक मिशनों की सूची में है जिनकी अमेरिकी खुफिया एजेंसियों द्वारा जासूसी की जा रही है। विदेश विभाग की प्रवक्ता पैट्रिक वेंट्रेल ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘हम एकल प्रवेश यात्रा दस्तावेज जारी करने को तैयार हैं। वह अभी भी एक अमेरिकी नागरिक हैं। वह अभी भी अपनी अमेरिकी नागरिकता के अधिकारी हैं जिसमें उसे अपने ऊपर लगे आरोपों की निष्पक्ष और स्वतंत्र सुनवाई करवाने का हक भी शामिल है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘वह (स्नोडेन) किसी भी अमेरिकी नागरिक को प्राप्त अधिकारों और जिम्मेदारियों को वहन करने के अधिकारी हैं। हमारे संविधान के तहत उन्हें अपने मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र सुनवाई का अधिकार है।’’ उन्होंने साथ ही कहा, ‘‘उनका एक देश है जिसमें उन्हें लौटना होगा और वह अमेरिका है।’’ पिछले माह गोपनीय सूचनाओं से भरा लैपटाप लेकर हांगकांग निकल भागने से पूर्व स्नोडेन एनएसए के लिए काम करते थे। ऐसा माना जा रहा है कि वह 23 जून को हांगकांग से लौटने के बाद से इस समय मास्को हवाई अड्डे के ट्रांजिट जोन में हैं।टिप्पणियां जासूसी और गोपनीय दस्तावेज लीक करने के आरोपों में वह अमेरिका में वांछित हैं। पिछले माह स्नोडेन द्वारा लीक किए गए दस्तावेजों से एनएसए द्वारा दुनियाभर में बड़े पैमाने पर फोन काल्स की निगरानी किए जाने और इंटरनेट कम्युनिकेशन पर नजर रखे जाने का खुलासा हुआ है। लीक दस्तावेजों के अनुसार, अमेरिका में भारतीय दूतावास ऐसे 38 राजनयिक मिशनों की सूची में है जिनकी अमेरिकी खुफिया एजेंसियों द्वारा जासूसी की जा रही है। उन्होंने कहा, ‘‘वह (स्नोडेन) किसी भी अमेरिकी नागरिक को प्राप्त अधिकारों और जिम्मेदारियों को वहन करने के अधिकारी हैं। हमारे संविधान के तहत उन्हें अपने मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र सुनवाई का अधिकार है।’’ उन्होंने साथ ही कहा, ‘‘उनका एक देश है जिसमें उन्हें लौटना होगा और वह अमेरिका है।’’ पिछले माह गोपनीय सूचनाओं से भरा लैपटाप लेकर हांगकांग निकल भागने से पूर्व स्नोडेन एनएसए के लिए काम करते थे। ऐसा माना जा रहा है कि वह 23 जून को हांगकांग से लौटने के बाद से इस समय मास्को हवाई अड्डे के ट्रांजिट जोन में हैं।टिप्पणियां जासूसी और गोपनीय दस्तावेज लीक करने के आरोपों में वह अमेरिका में वांछित हैं। पिछले माह स्नोडेन द्वारा लीक किए गए दस्तावेजों से एनएसए द्वारा दुनियाभर में बड़े पैमाने पर फोन काल्स की निगरानी किए जाने और इंटरनेट कम्युनिकेशन पर नजर रखे जाने का खुलासा हुआ है। लीक दस्तावेजों के अनुसार, अमेरिका में भारतीय दूतावास ऐसे 38 राजनयिक मिशनों की सूची में है जिनकी अमेरिकी खुफिया एजेंसियों द्वारा जासूसी की जा रही है। पिछले माह गोपनीय सूचनाओं से भरा लैपटाप लेकर हांगकांग निकल भागने से पूर्व स्नोडेन एनएसए के लिए काम करते थे। ऐसा माना जा रहा है कि वह 23 जून को हांगकांग से लौटने के बाद से इस समय मास्को हवाई अड्डे के ट्रांजिट जोन में हैं।टिप्पणियां जासूसी और गोपनीय दस्तावेज लीक करने के आरोपों में वह अमेरिका में वांछित हैं। पिछले माह स्नोडेन द्वारा लीक किए गए दस्तावेजों से एनएसए द्वारा दुनियाभर में बड़े पैमाने पर फोन काल्स की निगरानी किए जाने और इंटरनेट कम्युनिकेशन पर नजर रखे जाने का खुलासा हुआ है। लीक दस्तावेजों के अनुसार, अमेरिका में भारतीय दूतावास ऐसे 38 राजनयिक मिशनों की सूची में है जिनकी अमेरिकी खुफिया एजेंसियों द्वारा जासूसी की जा रही है। जासूसी और गोपनीय दस्तावेज लीक करने के आरोपों में वह अमेरिका में वांछित हैं। पिछले माह स्नोडेन द्वारा लीक किए गए दस्तावेजों से एनएसए द्वारा दुनियाभर में बड़े पैमाने पर फोन काल्स की निगरानी किए जाने और इंटरनेट कम्युनिकेशन पर नजर रखे जाने का खुलासा हुआ है। लीक दस्तावेजों के अनुसार, अमेरिका में भारतीय दूतावास ऐसे 38 राजनयिक मिशनों की सूची में है जिनकी अमेरिकी खुफिया एजेंसियों द्वारा जासूसी की जा रही है। लीक दस्तावेजों के अनुसार, अमेरिका में भारतीय दूतावास ऐसे 38 राजनयिक मिशनों की सूची में है जिनकी अमेरिकी खुफिया एजेंसियों द्वारा जासूसी की जा रही है।
यह एक सारांश है: भारत ने अमेरिका के एडवर्ड स्नोडेन की उस याचिका को अस्वीकार कर दिया है जिसमें स्नोडेन ने भारत में राजनीतिक शरण के लिए अपील की थी। विदेश मंत्रालय ने यह जानकारी दी है।
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली के ग्रेटर कैलाश पार्ट वन की सफेद कोठी में बड़े पैमाने पर काला धन रखने का आरोप है. शनिवार देर रात दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने यहां छापा मारकर 13 करोड़ 56 लाख रुपये बरामद किए, जिसमें 2 करोड़ 61 लाख के 2000 के नए नोट हैं. क्राइम ब्रांच के ज्वाइंट सीपी रविंद्र यादव के मुताबिक, उनकी टीम को जानकारी मिली थी कि इस इमारत की पहली मंजिल में रुपयों को रखने के लिए एक गोदाम बनाया गया है और उसमें करोड़ों रुपये रखे हैं. सूचना पर जब छापेमारी की गई तो 13 करोड़ 56 लाख रुपए कई अलमारियों और नीचे पड़े बैग में रखे थे. इनमें से 2 करोड़ 61 लाख रुपये के 2000 -2000 के नए नोट हैं. रुपयों को गिनने के लिए गोदाम में बाकायदा रुपये गिनने की मशीन भी रखी गई है. यह पूरा दफ्तर टी एंड टी लॉ फर्म का है, जिसके मालिक जाने-माने वकील रोहित टंडन हैं. पुलिस के मुताबिक, रोहित टंडन की नेताओं, कारोबारियों और   बड़े अफसरों में अच्छी जान पहचान है. 2 महीने पहले भी आयकर विभाग ने जब उनके यहां छापेमारी की थी तो रोहित ने 125 करोड़ की अघोषित आय का खुलासा किया था.टिप्पणियां अब इस नए मामले में क्राइम ब्रांच ने रोहित के कई और ठिकानों पर भी छापेमारी की है और मामले की जांच ईडी और आयकर विभाग को सौंप दी है. पुलिस के मुताबिक, हो सकता है कि रोहित कमीशन बेस पर लोगों से पैसा लेकर उनको नई करेंसी दे रहा हो. इसमें कुछ लोग बैंक के भी मिले हों हालांकि यह तभी साफ हो पाएगा जब रोहित टंडन खुद सामने आएगा. जिस दफ्तर से पैसा बरामद हुआ उसकी निगरानी के लिए दफ्तर के बाहर एक गार्ड था, लेकिन इमारत के चारों तरफ 7 सीसीटीवी कैमरे लगाये गए हैं और इमारत की बाउंडरी बॉल पर कटीले तार लगे हैं.   क्राइम ब्रांच के ज्वाइंट सीपी रविंद्र यादव के मुताबिक, उनकी टीम को जानकारी मिली थी कि इस इमारत की पहली मंजिल में रुपयों को रखने के लिए एक गोदाम बनाया गया है और उसमें करोड़ों रुपये रखे हैं. सूचना पर जब छापेमारी की गई तो 13 करोड़ 56 लाख रुपए कई अलमारियों और नीचे पड़े बैग में रखे थे. इनमें से 2 करोड़ 61 लाख रुपये के 2000 -2000 के नए नोट हैं. रुपयों को गिनने के लिए गोदाम में बाकायदा रुपये गिनने की मशीन भी रखी गई है. यह पूरा दफ्तर टी एंड टी लॉ फर्म का है, जिसके मालिक जाने-माने वकील रोहित टंडन हैं. पुलिस के मुताबिक, रोहित टंडन की नेताओं, कारोबारियों और   बड़े अफसरों में अच्छी जान पहचान है. 2 महीने पहले भी आयकर विभाग ने जब उनके यहां छापेमारी की थी तो रोहित ने 125 करोड़ की अघोषित आय का खुलासा किया था.टिप्पणियां अब इस नए मामले में क्राइम ब्रांच ने रोहित के कई और ठिकानों पर भी छापेमारी की है और मामले की जांच ईडी और आयकर विभाग को सौंप दी है. पुलिस के मुताबिक, हो सकता है कि रोहित कमीशन बेस पर लोगों से पैसा लेकर उनको नई करेंसी दे रहा हो. इसमें कुछ लोग बैंक के भी मिले हों हालांकि यह तभी साफ हो पाएगा जब रोहित टंडन खुद सामने आएगा. जिस दफ्तर से पैसा बरामद हुआ उसकी निगरानी के लिए दफ्तर के बाहर एक गार्ड था, लेकिन इमारत के चारों तरफ 7 सीसीटीवी कैमरे लगाये गए हैं और इमारत की बाउंडरी बॉल पर कटीले तार लगे हैं.   रुपयों को गिनने के लिए गोदाम में बाकायदा रुपये गिनने की मशीन भी रखी गई है. यह पूरा दफ्तर टी एंड टी लॉ फर्म का है, जिसके मालिक जाने-माने वकील रोहित टंडन हैं. पुलिस के मुताबिक, रोहित टंडन की नेताओं, कारोबारियों और   बड़े अफसरों में अच्छी जान पहचान है. 2 महीने पहले भी आयकर विभाग ने जब उनके यहां छापेमारी की थी तो रोहित ने 125 करोड़ की अघोषित आय का खुलासा किया था.टिप्पणियां अब इस नए मामले में क्राइम ब्रांच ने रोहित के कई और ठिकानों पर भी छापेमारी की है और मामले की जांच ईडी और आयकर विभाग को सौंप दी है. पुलिस के मुताबिक, हो सकता है कि रोहित कमीशन बेस पर लोगों से पैसा लेकर उनको नई करेंसी दे रहा हो. इसमें कुछ लोग बैंक के भी मिले हों हालांकि यह तभी साफ हो पाएगा जब रोहित टंडन खुद सामने आएगा. जिस दफ्तर से पैसा बरामद हुआ उसकी निगरानी के लिए दफ्तर के बाहर एक गार्ड था, लेकिन इमारत के चारों तरफ 7 सीसीटीवी कैमरे लगाये गए हैं और इमारत की बाउंडरी बॉल पर कटीले तार लगे हैं.   अब इस नए मामले में क्राइम ब्रांच ने रोहित के कई और ठिकानों पर भी छापेमारी की है और मामले की जांच ईडी और आयकर विभाग को सौंप दी है. पुलिस के मुताबिक, हो सकता है कि रोहित कमीशन बेस पर लोगों से पैसा लेकर उनको नई करेंसी दे रहा हो. इसमें कुछ लोग बैंक के भी मिले हों हालांकि यह तभी साफ हो पाएगा जब रोहित टंडन खुद सामने आएगा. जिस दफ्तर से पैसा बरामद हुआ उसकी निगरानी के लिए दफ्तर के बाहर एक गार्ड था, लेकिन इमारत के चारों तरफ 7 सीसीटीवी कैमरे लगाये गए हैं और इमारत की बाउंडरी बॉल पर कटीले तार लगे हैं.   पुलिस के मुताबिक, हो सकता है कि रोहित कमीशन बेस पर लोगों से पैसा लेकर उनको नई करेंसी दे रहा हो. इसमें कुछ लोग बैंक के भी मिले हों हालांकि यह तभी साफ हो पाएगा जब रोहित टंडन खुद सामने आएगा. जिस दफ्तर से पैसा बरामद हुआ उसकी निगरानी के लिए दफ्तर के बाहर एक गार्ड था, लेकिन इमारत के चारों तरफ 7 सीसीटीवी कैमरे लगाये गए हैं और इमारत की बाउंडरी बॉल पर कटीले तार लगे हैं.
यहाँ एक सारांश है:इसमें 2 करोड़ 61 लाख के 2000 के नए नोट हैं कई अलमारियों और नीचे पड़े बैगों में रखे गए थे नोट गोदाम में नोट गिनने की मशीन भी थी
12
['hin']
एक सारांश बनाओ: देश की राजधानी दिल्ली के मधुविहार के नीलकंठ अपार्टमेंट में 57 साल की मां सत्याबाला और 27 वर्षीय बेटी नेहा ने अलग-अलग कमरों पंखे से लटक फांसी लगा ली है। पुलिस के अनुसार दोनों ने मंगलवार सुबह करीब 11 बजे अपने-अपने कमरों में फांसी लगा ली। जानकारी के अनुसार सत्याबाला के पति बीके बंसल को सीबीआई ने दो दिन पहले 9 लाख रुपये की घूस लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। बंसल कार्पोरेट मंत्रालय में डीजी कॉर्पोरेट अफेयर्स के पद पर तैनात हैं। बंसल पर आरोप है कि प्राइवेट कंपनी से डीलिंग में कंपनी को फायदा पहुंचाने की नीयत से उन्होंने 20 लाख घूस की रकम तय की थी। इसी रकम की पहली किस्त 9 लाख रुपये की घूस लेते वह रंगे हाथों गिरफ्तार हुए। इस मामले में सीबीआई ने निजी कंपनी के अधिकारी को भी गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार दोनों शवों के पास से सुसाइड नोट मिला था। पुलिस नोट के कंटेट की जांच कर रही है। पुलिस ने अभी तक कंटेंट के बारे में कुछ नहीं बताया है। लेकिन पुलिस के सूत्रों का कहना है कि दोनों ही सीबीआई की रेड और बंसल के अरेस्ट होने से परेशान थीं। टिप्पणियां घटना के बारे में आज सुबह तब पता चला जब घर की सहायक काम पर आई और कई बार प्रयास करने के बाद भी भीतर से किसी ने दरवाजा नहीं खोला और न ही किसी प्रकार की आवाज आई। ऐसा होने पर आस-पास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी जिसके बाद पुलिस ने दरवाजा तोड़ा और भीतर गई। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। घटना के सूचना बीके बंसल को भी दे गई है जो अभी सीबीआई की हिरासत में हैं। जानकारी के अनुसार सत्याबाला के पति बीके बंसल को सीबीआई ने दो दिन पहले 9 लाख रुपये की घूस लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। बंसल कार्पोरेट मंत्रालय में डीजी कॉर्पोरेट अफेयर्स के पद पर तैनात हैं। बंसल पर आरोप है कि प्राइवेट कंपनी से डीलिंग में कंपनी को फायदा पहुंचाने की नीयत से उन्होंने 20 लाख घूस की रकम तय की थी। इसी रकम की पहली किस्त 9 लाख रुपये की घूस लेते वह रंगे हाथों गिरफ्तार हुए। इस मामले में सीबीआई ने निजी कंपनी के अधिकारी को भी गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार दोनों शवों के पास से सुसाइड नोट मिला था। पुलिस नोट के कंटेट की जांच कर रही है। पुलिस ने अभी तक कंटेंट के बारे में कुछ नहीं बताया है। लेकिन पुलिस के सूत्रों का कहना है कि दोनों ही सीबीआई की रेड और बंसल के अरेस्ट होने से परेशान थीं। टिप्पणियां घटना के बारे में आज सुबह तब पता चला जब घर की सहायक काम पर आई और कई बार प्रयास करने के बाद भी भीतर से किसी ने दरवाजा नहीं खोला और न ही किसी प्रकार की आवाज आई। ऐसा होने पर आस-पास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी जिसके बाद पुलिस ने दरवाजा तोड़ा और भीतर गई। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। घटना के सूचना बीके बंसल को भी दे गई है जो अभी सीबीआई की हिरासत में हैं। बंसल पर आरोप है कि प्राइवेट कंपनी से डीलिंग में कंपनी को फायदा पहुंचाने की नीयत से उन्होंने 20 लाख घूस की रकम तय की थी। इसी रकम की पहली किस्त 9 लाख रुपये की घूस लेते वह रंगे हाथों गिरफ्तार हुए। इस मामले में सीबीआई ने निजी कंपनी के अधिकारी को भी गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार दोनों शवों के पास से सुसाइड नोट मिला था। पुलिस नोट के कंटेट की जांच कर रही है। पुलिस ने अभी तक कंटेंट के बारे में कुछ नहीं बताया है। लेकिन पुलिस के सूत्रों का कहना है कि दोनों ही सीबीआई की रेड और बंसल के अरेस्ट होने से परेशान थीं। टिप्पणियां घटना के बारे में आज सुबह तब पता चला जब घर की सहायक काम पर आई और कई बार प्रयास करने के बाद भी भीतर से किसी ने दरवाजा नहीं खोला और न ही किसी प्रकार की आवाज आई। ऐसा होने पर आस-पास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी जिसके बाद पुलिस ने दरवाजा तोड़ा और भीतर गई। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। घटना के सूचना बीके बंसल को भी दे गई है जो अभी सीबीआई की हिरासत में हैं। पुलिस के अनुसार दोनों शवों के पास से सुसाइड नोट मिला था। पुलिस नोट के कंटेट की जांच कर रही है। पुलिस ने अभी तक कंटेंट के बारे में कुछ नहीं बताया है। लेकिन पुलिस के सूत्रों का कहना है कि दोनों ही सीबीआई की रेड और बंसल के अरेस्ट होने से परेशान थीं। टिप्पणियां घटना के बारे में आज सुबह तब पता चला जब घर की सहायक काम पर आई और कई बार प्रयास करने के बाद भी भीतर से किसी ने दरवाजा नहीं खोला और न ही किसी प्रकार की आवाज आई। ऐसा होने पर आस-पास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी जिसके बाद पुलिस ने दरवाजा तोड़ा और भीतर गई। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। घटना के सूचना बीके बंसल को भी दे गई है जो अभी सीबीआई की हिरासत में हैं। घटना के बारे में आज सुबह तब पता चला जब घर की सहायक काम पर आई और कई बार प्रयास करने के बाद भी भीतर से किसी ने दरवाजा नहीं खोला और न ही किसी प्रकार की आवाज आई। ऐसा होने पर आस-पास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी जिसके बाद पुलिस ने दरवाजा तोड़ा और भीतर गई। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। घटना के सूचना बीके बंसल को भी दे गई है जो अभी सीबीआई की हिरासत में हैं। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। घटना के सूचना बीके बंसल को भी दे गई है जो अभी सीबीआई की हिरासत में हैं।
संक्षिप्त सारांश: देश की राजधानी दिल्ली के मधुविहार के नीलकंठ अपार्टमेंट की घटना दोनों ने आज सुबह करीब 11 बजे अपने-अपने कमरों में फांसी लगाई बंसल कार्पोरेट मंत्रालय में डीजी कॉर्पोरेट अफेयर्स के पद पर तैनात थे
8
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान-की-मून ने ‘अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस’ के मौके पर महात्मा गांधी की विरासत का आह्वान करते हुए सभी देशों से महिलाओं के प्रति भेदभाव सहित अपने सभी विवादों के हल और हिंसा रोकने के लिए शांतिपूर्ण वार्ता का तरीका अपनाने को कहा। महात्मा गांधी की जयंती के उपलक्ष्य में बुधवार को संयुक्त राष्ट्र में आयोजित एक कार्यक्रम में बान ने कहा कि गांधी ने हमें अत्याचार, अन्याय और घृणा के शांतिपूर्ण विरोध की शक्ति से अवगत कराया और अहिंसा की उनकी यह विरासत अभी भी गूंज रही है। बान ने कहा कि ‘मौलिक मानवाधिकार और विविधता के प्रति आदर और न्याय के वैश्विक महानायक’ गांधी के उदाहरण ने मार्टिन लूथर किंग और नेल्सन मंडेला जैसे कई इतिहास निर्माताओं को प्रेरित किया है।टिप्पणियां संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने कहा कि इनमें से प्रत्येक ने मानव गरिमा का पक्षधर बनने और असिष्णुता को अस्वीकार करने का संदेश दिया था। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन की ओर से आयोजित एक समारोह में बान ने कहा, अहिंसा का मतलब कार्रवाई नहीं करना कतई नहीं है। अपनी इच्छा और मान्यताओं को बलपूर्वक लागू कराने वाले लोगों के खिलाफ खड़े होने के लिए साहस चाहिए। उन्होंने कहा, अन्याय, भेदभाव और क्रूरता का सामना करने के लिए संकल्प की आश्वयकता होती है। संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान के लिए ताकत की आवश्यकता होती है। महात्मा गांधी की जयंती के उपलक्ष्य में बुधवार को संयुक्त राष्ट्र में आयोजित एक कार्यक्रम में बान ने कहा कि गांधी ने हमें अत्याचार, अन्याय और घृणा के शांतिपूर्ण विरोध की शक्ति से अवगत कराया और अहिंसा की उनकी यह विरासत अभी भी गूंज रही है। बान ने कहा कि ‘मौलिक मानवाधिकार और विविधता के प्रति आदर और न्याय के वैश्विक महानायक’ गांधी के उदाहरण ने मार्टिन लूथर किंग और नेल्सन मंडेला जैसे कई इतिहास निर्माताओं को प्रेरित किया है।टिप्पणियां संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने कहा कि इनमें से प्रत्येक ने मानव गरिमा का पक्षधर बनने और असिष्णुता को अस्वीकार करने का संदेश दिया था। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन की ओर से आयोजित एक समारोह में बान ने कहा, अहिंसा का मतलब कार्रवाई नहीं करना कतई नहीं है। अपनी इच्छा और मान्यताओं को बलपूर्वक लागू कराने वाले लोगों के खिलाफ खड़े होने के लिए साहस चाहिए। उन्होंने कहा, अन्याय, भेदभाव और क्रूरता का सामना करने के लिए संकल्प की आश्वयकता होती है। संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान के लिए ताकत की आवश्यकता होती है। बान ने कहा कि ‘मौलिक मानवाधिकार और विविधता के प्रति आदर और न्याय के वैश्विक महानायक’ गांधी के उदाहरण ने मार्टिन लूथर किंग और नेल्सन मंडेला जैसे कई इतिहास निर्माताओं को प्रेरित किया है।टिप्पणियां संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने कहा कि इनमें से प्रत्येक ने मानव गरिमा का पक्षधर बनने और असिष्णुता को अस्वीकार करने का संदेश दिया था। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन की ओर से आयोजित एक समारोह में बान ने कहा, अहिंसा का मतलब कार्रवाई नहीं करना कतई नहीं है। अपनी इच्छा और मान्यताओं को बलपूर्वक लागू कराने वाले लोगों के खिलाफ खड़े होने के लिए साहस चाहिए। उन्होंने कहा, अन्याय, भेदभाव और क्रूरता का सामना करने के लिए संकल्प की आश्वयकता होती है। संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान के लिए ताकत की आवश्यकता होती है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने कहा कि इनमें से प्रत्येक ने मानव गरिमा का पक्षधर बनने और असिष्णुता को अस्वीकार करने का संदेश दिया था। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन की ओर से आयोजित एक समारोह में बान ने कहा, अहिंसा का मतलब कार्रवाई नहीं करना कतई नहीं है। अपनी इच्छा और मान्यताओं को बलपूर्वक लागू कराने वाले लोगों के खिलाफ खड़े होने के लिए साहस चाहिए। उन्होंने कहा, अन्याय, भेदभाव और क्रूरता का सामना करने के लिए संकल्प की आश्वयकता होती है। संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान के लिए ताकत की आवश्यकता होती है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन की ओर से आयोजित एक समारोह में बान ने कहा, अहिंसा का मतलब कार्रवाई नहीं करना कतई नहीं है। अपनी इच्छा और मान्यताओं को बलपूर्वक लागू कराने वाले लोगों के खिलाफ खड़े होने के लिए साहस चाहिए। उन्होंने कहा, अन्याय, भेदभाव और क्रूरता का सामना करने के लिए संकल्प की आश्वयकता होती है। संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान के लिए ताकत की आवश्यकता होती है।
संक्षिप्त सारांश: बान ने कहा कि ‘मौलिक मानवाधिकार और विविधता के प्रति आदर और न्याय के वैश्विक महानायक’ गांधी के उदाहरण ने मार्टिन लूथर किंग और नेल्सन मंडेला जैसे कई इतिहास निर्माताओं को प्रेरित किया है।
10
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के कोरर थाना क्षेत्र में मंगलवार की दोपहर 25 नक्सलियों ने बरबसपुर स्थित खदान की 19 गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया. घटना कोरर थाना क्षेत्र से महज 10 किलोमीटर दूरी पर हुई.  कांकेर पुलिस अधीक्षक एम.एल. कोटवानी ने बताया कि निको कंपनी की खदान है. खदान में आयरन खुदाई व परिवहन का काम चल रहा था. वहीं भानुप्रतापपुर युनियन की गाड़ियां लगी थी. गाड़ियां खदान से लोड होकर नीचे आ गई थीं, जिनको धरम काटा में तौल कर रवाना करना था. इसी बीच हथियारधारी नक्सली मौके पर पहुंचे. नक्सलियों ने मजदूर व कर्मचारियों को एक जगह बंधक बनाकर डीजल टंकी को फोड़कर 13 ट्रक, 3 हाइवा, एक पिकप, एक लोडर व एक ब्रेकर मशीन को आग के हवाले कर दिया. नक्सलियों के समूह में 5-6 महिला नक्सली भी शामिल थीं.  नक्सलियों ने मजदूरों को कोई भी जानकारी नहीं देने की धमकी दी और मौके से फरार हो गए. घटना की सूचना पर भानुप्रतापपुर से फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंची. घटनास्थल पर पहुंची पुलिस की टीम ने पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में आस-पास के क्षेत्रों में खोजबीन की.  टिप्पणियां लगभग दो माह पहले नक्सलियों ने माइंस प्रबंधक को चेतावनी देकर खदान को बंद करने के लिए बैनर-पोस्टर लगाया था. मगर माइंस प्रबंधक द्वारा इस चेतावनी को हल्के में लिया गया. पुलिस प्रशासन ने भी इस चेतावनी को गंभीरता से नहीं लिया. इससे पूर्व 2015 में भी नक्सलियों ने इसी खदान पर हमला कर 10 वाहनों में आग लगा दी थी. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) कांकेर पुलिस अधीक्षक एम.एल. कोटवानी ने बताया कि निको कंपनी की खदान है. खदान में आयरन खुदाई व परिवहन का काम चल रहा था. वहीं भानुप्रतापपुर युनियन की गाड़ियां लगी थी. गाड़ियां खदान से लोड होकर नीचे आ गई थीं, जिनको धरम काटा में तौल कर रवाना करना था. इसी बीच हथियारधारी नक्सली मौके पर पहुंचे. नक्सलियों ने मजदूर व कर्मचारियों को एक जगह बंधक बनाकर डीजल टंकी को फोड़कर 13 ट्रक, 3 हाइवा, एक पिकप, एक लोडर व एक ब्रेकर मशीन को आग के हवाले कर दिया. नक्सलियों के समूह में 5-6 महिला नक्सली भी शामिल थीं.  नक्सलियों ने मजदूरों को कोई भी जानकारी नहीं देने की धमकी दी और मौके से फरार हो गए. घटना की सूचना पर भानुप्रतापपुर से फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंची. घटनास्थल पर पहुंची पुलिस की टीम ने पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में आस-पास के क्षेत्रों में खोजबीन की.  टिप्पणियां लगभग दो माह पहले नक्सलियों ने माइंस प्रबंधक को चेतावनी देकर खदान को बंद करने के लिए बैनर-पोस्टर लगाया था. मगर माइंस प्रबंधक द्वारा इस चेतावनी को हल्के में लिया गया. पुलिस प्रशासन ने भी इस चेतावनी को गंभीरता से नहीं लिया. इससे पूर्व 2015 में भी नक्सलियों ने इसी खदान पर हमला कर 10 वाहनों में आग लगा दी थी. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) नक्सलियों ने मजदूरों को कोई भी जानकारी नहीं देने की धमकी दी और मौके से फरार हो गए. घटना की सूचना पर भानुप्रतापपुर से फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंची. घटनास्थल पर पहुंची पुलिस की टीम ने पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में आस-पास के क्षेत्रों में खोजबीन की.  टिप्पणियां लगभग दो माह पहले नक्सलियों ने माइंस प्रबंधक को चेतावनी देकर खदान को बंद करने के लिए बैनर-पोस्टर लगाया था. मगर माइंस प्रबंधक द्वारा इस चेतावनी को हल्के में लिया गया. पुलिस प्रशासन ने भी इस चेतावनी को गंभीरता से नहीं लिया. इससे पूर्व 2015 में भी नक्सलियों ने इसी खदान पर हमला कर 10 वाहनों में आग लगा दी थी. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) लगभग दो माह पहले नक्सलियों ने माइंस प्रबंधक को चेतावनी देकर खदान को बंद करने के लिए बैनर-पोस्टर लगाया था. मगर माइंस प्रबंधक द्वारा इस चेतावनी को हल्के में लिया गया. पुलिस प्रशासन ने भी इस चेतावनी को गंभीरता से नहीं लिया. इससे पूर्व 2015 में भी नक्सलियों ने इसी खदान पर हमला कर 10 वाहनों में आग लगा दी थी. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यहाँ एक सारांश है:कर्मचारियों को बंधक बनाकर वाहनों टंकी को फोड़कर लगाई आग नक्सलियों के समूह में 5-6 महिला नक्सली भी शामिल थीं दो माह पहले नक्सलियों ने माइंस प्रबंधक को दी थी चेतावनी
12
['hin']
एक सारांश बनाओ: रणजी ट्रॉफी इतिहास में सबसे बड़ी साझेदारी (594 रन) का रिकॉर्ड रचने के बाद महाराष्‍ट्र के कप्‍तान स्वप्निल गुगाले ने पारी घोषित कर कहीं बड़ी चूक तो नहीं कर दी....यह सवाल इस समय क्रिकेट के जानकारों के दिमाग में कौंध रहा है. मुंबई के वानखेड़े स्‍टेडियम पर दिल्‍ली की टीम के खिलाफ जबर्दस्‍त बल्‍लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए स्वप्निल गुगाले ने कप्‍तानी पारी खेली और अंकित बावने के साथ तीसरे विकेट के लिए नाबाद 594 रन जोड़े. इस मैराथन साझेदारी की दौरान जहां स्वप्निल ने जहां 351* बनाए वहीं अंकित 258* रन बनाने में सफल रहे. इन दोनों ही क्रिकेटरों का प्रथम श्रेणी क्रिकेट में यह सर्वाधिक स्‍कोर है. महज 17 फर्स्‍ट क्‍लास मैच का अनुभव रखने वाले 25 वर्षीय स्वप्निल का पिछला सर्वाधिक स्‍कोर 174 रन था जबकि 23 साल के अंकित का पिछला सर्वाधिक स्‍कोर,  स्वप्निल के पिछले सर्वोच्‍च स्‍कोर से महज दो रन कम, यानी 172 रन था. गुरुवार से प्रारंभ हुए रणजी ट्रॉफी मुकाबले में इन दोनों ने दिल्‍ली के गेंदबाजों की कड़ी परीक्षा ली. लगभग दो दिन दिल्‍ली की गेंदबाज पसीना बहाते रहे लेकिन महाराष्‍ट्र के महज दो विकेट ही गिरा सके. महाराष्‍ट्र के कप्‍तान स्वप्निल द्वारा दो विकेट पर 635 रन के स्‍कोर पर पारी घोषित करने के बाद ही दिल्‍ली के खिलाडि़यों ने राहत की सांस ली. दिल्‍ली के गेंदबाजों को पूरी पारी के दौरान 173, जी हां 173 ओवर फेंकने पड़े. 594 रन की यह साझेदारी रणजी ट्रॉफी इतिहास की सबसे बड़ी साझेदारी है. 577 रन का पिछला रिकॉर्ड बड़ौदा  के विजय हजारे और गुल मोहम्‍मद के नाम पर था. इन दोनों ने यह रिकॉर्ड होलकर टीम के खिलाफ बनाया था.टिप्पणियां घरेलू क्रिकेट की एक बड़ी उपलब्धि अपने नाम करने के बावजूद स्वप्निल-अंकित एक और विशाल रिकॉर्ड अपने नाम करने से चूक गए. स्वप्निल अगर पारी घोषित नहीं करते तो हो सकता है कि यह रिकॉर्ड भी महाराष्‍ट्र की इस जोड़ी के नाम पर होता. इंटरनेशनल क्रिकेट की सबसे बड़ी साझेदारी का रिकॉर्ड श्रीलंका के महेला जयवर्धने और कुमार संगकारा के नाम पर है. उन्‍होंने 624 रन का यह रिकॉर्ड दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ बनाया था. जयवर्धने और संगकारा ने यह रिकॉर्ड जुलाई 2006 में कोलंबो में बनाया था. इस दौरान कुमार संगकारा ने 287 और महेला जयवर्धने ने 374 रन बना डाले थे. स्वप्निल-अंकित को इस रिकॉर्ड को लांघने के लिए महज 31 रन की जरूरत थी. महाराष्‍ट्र के कप्‍तान स्वप्निल गुगाले, जो कि खुद इस साझेदारी का हिस्‍सा थे, यदि पारी घोषित नहीं करते तो आज जयवर्धने-संगकारा का वह रिकॉर्ड भी बीते जमाने की बात बन सकता था.. इस मैराथन साझेदारी की दौरान जहां स्वप्निल ने जहां 351* बनाए वहीं अंकित 258* रन बनाने में सफल रहे. इन दोनों ही क्रिकेटरों का प्रथम श्रेणी क्रिकेट में यह सर्वाधिक स्‍कोर है. महज 17 फर्स्‍ट क्‍लास मैच का अनुभव रखने वाले 25 वर्षीय स्वप्निल का पिछला सर्वाधिक स्‍कोर 174 रन था जबकि 23 साल के अंकित का पिछला सर्वाधिक स्‍कोर,  स्वप्निल के पिछले सर्वोच्‍च स्‍कोर से महज दो रन कम, यानी 172 रन था. गुरुवार से प्रारंभ हुए रणजी ट्रॉफी मुकाबले में इन दोनों ने दिल्‍ली के गेंदबाजों की कड़ी परीक्षा ली. लगभग दो दिन दिल्‍ली की गेंदबाज पसीना बहाते रहे लेकिन महाराष्‍ट्र के महज दो विकेट ही गिरा सके. महाराष्‍ट्र के कप्‍तान स्वप्निल द्वारा दो विकेट पर 635 रन के स्‍कोर पर पारी घोषित करने के बाद ही दिल्‍ली के खिलाडि़यों ने राहत की सांस ली. दिल्‍ली के गेंदबाजों को पूरी पारी के दौरान 173, जी हां 173 ओवर फेंकने पड़े. 594 रन की यह साझेदारी रणजी ट्रॉफी इतिहास की सबसे बड़ी साझेदारी है. 577 रन का पिछला रिकॉर्ड बड़ौदा  के विजय हजारे और गुल मोहम्‍मद के नाम पर था. इन दोनों ने यह रिकॉर्ड होलकर टीम के खिलाफ बनाया था.टिप्पणियां घरेलू क्रिकेट की एक बड़ी उपलब्धि अपने नाम करने के बावजूद स्वप्निल-अंकित एक और विशाल रिकॉर्ड अपने नाम करने से चूक गए. स्वप्निल अगर पारी घोषित नहीं करते तो हो सकता है कि यह रिकॉर्ड भी महाराष्‍ट्र की इस जोड़ी के नाम पर होता. इंटरनेशनल क्रिकेट की सबसे बड़ी साझेदारी का रिकॉर्ड श्रीलंका के महेला जयवर्धने और कुमार संगकारा के नाम पर है. उन्‍होंने 624 रन का यह रिकॉर्ड दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ बनाया था. जयवर्धने और संगकारा ने यह रिकॉर्ड जुलाई 2006 में कोलंबो में बनाया था. इस दौरान कुमार संगकारा ने 287 और महेला जयवर्धने ने 374 रन बना डाले थे. स्वप्निल-अंकित को इस रिकॉर्ड को लांघने के लिए महज 31 रन की जरूरत थी. महाराष्‍ट्र के कप्‍तान स्वप्निल गुगाले, जो कि खुद इस साझेदारी का हिस्‍सा थे, यदि पारी घोषित नहीं करते तो आज जयवर्धने-संगकारा का वह रिकॉर्ड भी बीते जमाने की बात बन सकता था.. महज 17 फर्स्‍ट क्‍लास मैच का अनुभव रखने वाले 25 वर्षीय स्वप्निल का पिछला सर्वाधिक स्‍कोर 174 रन था जबकि 23 साल के अंकित का पिछला सर्वाधिक स्‍कोर,  स्वप्निल के पिछले सर्वोच्‍च स्‍कोर से महज दो रन कम, यानी 172 रन था. गुरुवार से प्रारंभ हुए रणजी ट्रॉफी मुकाबले में इन दोनों ने दिल्‍ली के गेंदबाजों की कड़ी परीक्षा ली. लगभग दो दिन दिल्‍ली की गेंदबाज पसीना बहाते रहे लेकिन महाराष्‍ट्र के महज दो विकेट ही गिरा सके. महाराष्‍ट्र के कप्‍तान स्वप्निल द्वारा दो विकेट पर 635 रन के स्‍कोर पर पारी घोषित करने के बाद ही दिल्‍ली के खिलाडि़यों ने राहत की सांस ली. दिल्‍ली के गेंदबाजों को पूरी पारी के दौरान 173, जी हां 173 ओवर फेंकने पड़े. 594 रन की यह साझेदारी रणजी ट्रॉफी इतिहास की सबसे बड़ी साझेदारी है. 577 रन का पिछला रिकॉर्ड बड़ौदा  के विजय हजारे और गुल मोहम्‍मद के नाम पर था. इन दोनों ने यह रिकॉर्ड होलकर टीम के खिलाफ बनाया था.टिप्पणियां घरेलू क्रिकेट की एक बड़ी उपलब्धि अपने नाम करने के बावजूद स्वप्निल-अंकित एक और विशाल रिकॉर्ड अपने नाम करने से चूक गए. स्वप्निल अगर पारी घोषित नहीं करते तो हो सकता है कि यह रिकॉर्ड भी महाराष्‍ट्र की इस जोड़ी के नाम पर होता. इंटरनेशनल क्रिकेट की सबसे बड़ी साझेदारी का रिकॉर्ड श्रीलंका के महेला जयवर्धने और कुमार संगकारा के नाम पर है. उन्‍होंने 624 रन का यह रिकॉर्ड दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ बनाया था. जयवर्धने और संगकारा ने यह रिकॉर्ड जुलाई 2006 में कोलंबो में बनाया था. इस दौरान कुमार संगकारा ने 287 और महेला जयवर्धने ने 374 रन बना डाले थे. स्वप्निल-अंकित को इस रिकॉर्ड को लांघने के लिए महज 31 रन की जरूरत थी. महाराष्‍ट्र के कप्‍तान स्वप्निल गुगाले, जो कि खुद इस साझेदारी का हिस्‍सा थे, यदि पारी घोषित नहीं करते तो आज जयवर्धने-संगकारा का वह रिकॉर्ड भी बीते जमाने की बात बन सकता था.. महाराष्‍ट्र के कप्‍तान स्वप्निल द्वारा दो विकेट पर 635 रन के स्‍कोर पर पारी घोषित करने के बाद ही दिल्‍ली के खिलाडि़यों ने राहत की सांस ली. दिल्‍ली के गेंदबाजों को पूरी पारी के दौरान 173, जी हां 173 ओवर फेंकने पड़े. 594 रन की यह साझेदारी रणजी ट्रॉफी इतिहास की सबसे बड़ी साझेदारी है. 577 रन का पिछला रिकॉर्ड बड़ौदा  के विजय हजारे और गुल मोहम्‍मद के नाम पर था. इन दोनों ने यह रिकॉर्ड होलकर टीम के खिलाफ बनाया था.टिप्पणियां घरेलू क्रिकेट की एक बड़ी उपलब्धि अपने नाम करने के बावजूद स्वप्निल-अंकित एक और विशाल रिकॉर्ड अपने नाम करने से चूक गए. स्वप्निल अगर पारी घोषित नहीं करते तो हो सकता है कि यह रिकॉर्ड भी महाराष्‍ट्र की इस जोड़ी के नाम पर होता. इंटरनेशनल क्रिकेट की सबसे बड़ी साझेदारी का रिकॉर्ड श्रीलंका के महेला जयवर्धने और कुमार संगकारा के नाम पर है. उन्‍होंने 624 रन का यह रिकॉर्ड दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ बनाया था. जयवर्धने और संगकारा ने यह रिकॉर्ड जुलाई 2006 में कोलंबो में बनाया था. इस दौरान कुमार संगकारा ने 287 और महेला जयवर्धने ने 374 रन बना डाले थे. स्वप्निल-अंकित को इस रिकॉर्ड को लांघने के लिए महज 31 रन की जरूरत थी. महाराष्‍ट्र के कप्‍तान स्वप्निल गुगाले, जो कि खुद इस साझेदारी का हिस्‍सा थे, यदि पारी घोषित नहीं करते तो आज जयवर्धने-संगकारा का वह रिकॉर्ड भी बीते जमाने की बात बन सकता था.. घरेलू क्रिकेट की एक बड़ी उपलब्धि अपने नाम करने के बावजूद स्वप्निल-अंकित एक और विशाल रिकॉर्ड अपने नाम करने से चूक गए. स्वप्निल अगर पारी घोषित नहीं करते तो हो सकता है कि यह रिकॉर्ड भी महाराष्‍ट्र की इस जोड़ी के नाम पर होता. इंटरनेशनल क्रिकेट की सबसे बड़ी साझेदारी का रिकॉर्ड श्रीलंका के महेला जयवर्धने और कुमार संगकारा के नाम पर है. उन्‍होंने 624 रन का यह रिकॉर्ड दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ बनाया था. जयवर्धने और संगकारा ने यह रिकॉर्ड जुलाई 2006 में कोलंबो में बनाया था. इस दौरान कुमार संगकारा ने 287 और महेला जयवर्धने ने 374 रन बना डाले थे. स्वप्निल-अंकित को इस रिकॉर्ड को लांघने के लिए महज 31 रन की जरूरत थी. महाराष्‍ट्र के कप्‍तान स्वप्निल गुगाले, जो कि खुद इस साझेदारी का हिस्‍सा थे, यदि पारी घोषित नहीं करते तो आज जयवर्धने-संगकारा का वह रिकॉर्ड भी बीते जमाने की बात बन सकता था.. इंटरनेशनल क्रिकेट की सबसे बड़ी साझेदारी का रिकॉर्ड श्रीलंका के महेला जयवर्धने और कुमार संगकारा के नाम पर है. उन्‍होंने 624 रन का यह रिकॉर्ड दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ बनाया था. जयवर्धने और संगकारा ने यह रिकॉर्ड जुलाई 2006 में कोलंबो में बनाया था. इस दौरान कुमार संगकारा ने 287 और महेला जयवर्धने ने 374 रन बना डाले थे. स्वप्निल-अंकित को इस रिकॉर्ड को लांघने के लिए महज 31 रन की जरूरत थी. महाराष्‍ट्र के कप्‍तान स्वप्निल गुगाले, जो कि खुद इस साझेदारी का हिस्‍सा थे, यदि पारी घोषित नहीं करते तो आज जयवर्धने-संगकारा का वह रिकॉर्ड भी बीते जमाने की बात बन सकता था..
पूरी पारी के दौरान विकेट के लिए संघर्ष करते रहे दिल्‍ली के बॉलर स्वप्निल ही थे महाराष्‍ट्र के कप्‍तान, 635 के स्‍कोर पर कर दी पारी घोषित स्वप्निल-अंकित की यह साझेदारी रणजी ट्रॉफी की सबसे बड़ी साझेदारी
26
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने सोमवार को कहा कि वह भ्रष्टाचार के खिलाफ 16 अगस्त से आमरण अनशन करेंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर उन्हें अपने निर्णय से अवगत करा दिया है। अन्ना हजारे ने कहा, "मैंने 16 अगस्त से जंतर मंतर पर अपने अनशन के बारे में प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है। विरोध करना हमारा संवैधानिक अधिकार है, इसलिए सरकार का यह कहना कि वह बाबा रामदेव की तरह हमारे आंदोलन को कुचल देगी, ठीक नहीं है।" उन्होंने कहा, "हम गिरफ्तार होने और लाठियां खाने को तैयार हैं लेकिन भ्रष्टाचार मिटाने के लिए कुछ भी करेंगे। हम अपनी जान की कुर्बानी देने को तैयार हैं। मैंने प्रधानमंत्री को यही सब लिखा है।" अन्ना हजारे की टीम में शामिल वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि उन्होंने अपने प्रदर्शन के बारे में दिल्ली पुलिस को जानकारी दे दी है। उल्लेखनीय है कि अन्ना हजारे और उनकी टीम भ्रष्टाचार के खिलाफ मजबूत लोकपाल विधेयक लाने के लिए अभियान चला रहे हैं।
संक्षिप्त पाठ: अन्ना ने अपने पत्र में कहा है कि लोकपाल पर सरकारी मसौदा राष्ट्र के साथ मजाक है।
14
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: चीन के तीन देवताओं की प्रतिमाओं  की तस्वीरें इस समय सोशल मीडिया में खूब वायरल हो रही हैं. दरअसल सांस्कृतिक आदान-प्रदान दौरे के उद्घाटन के तहत बिजनेस श्रेणी की उड़ान टिकट पर इनको चीन से मलेशिया ले जाया गया.  तीनों प्रतिमाओं में से एक चीन के समुद्र देवता माजू की है, जिसकी लंबाई 1.8 मीटर है, जिन्हें मछुआरों तथा नाविकों का संरक्षक माना जाता है. अन्य दो प्रतिमाएं किआनलिआन तथा शुनफेंगर की है, जिन्हें देवताओं का अभिभावक माना जाता है. टिप्पणियां चीन के समाचार पत्र सिन चेव डेली के मुताबिक, दौरे के आयोजक ने प्रतिमाओं के लिए 921 डॉलर में बिजनेस श्रेणी की तीन टिकटें ली थीं. समुद्र देवताओं का शुक्रिया अदा करने और उनके नाम पर एक कार्यक्रम के आयोजन को लेकर इन प्रतिमाओं को मलेशिया व सिंगापुर भेजा गया.  इन देवताओं को मंदिर से निकालते हुए और उन्हें शियामेन गाओकी अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे पर चेक इन कराने की तस्वीरें चीन में सोशल मीडिया पर वायरल हैं.  इन मूर्तियों के साथ 130 श्रद्धालुओं का समूह भी शामिल है. ये सभी चीन के फुजान प्रांत स्थित मंदिर, जहां इन सभी देवताओं का जन्मस्थान माना जाता है, से साथ चले हैं.  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) चीन के समाचार पत्र सिन चेव डेली के मुताबिक, दौरे के आयोजक ने प्रतिमाओं के लिए 921 डॉलर में बिजनेस श्रेणी की तीन टिकटें ली थीं. समुद्र देवताओं का शुक्रिया अदा करने और उनके नाम पर एक कार्यक्रम के आयोजन को लेकर इन प्रतिमाओं को मलेशिया व सिंगापुर भेजा गया.  इन देवताओं को मंदिर से निकालते हुए और उन्हें शियामेन गाओकी अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे पर चेक इन कराने की तस्वीरें चीन में सोशल मीडिया पर वायरल हैं.  इन मूर्तियों के साथ 130 श्रद्धालुओं का समूह भी शामिल है. ये सभी चीन के फुजान प्रांत स्थित मंदिर, जहां इन सभी देवताओं का जन्मस्थान माना जाता है, से साथ चले हैं.  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: चीन से मलेशिया लाई गईं मूर्तियां आयोजक ने लिया था बिजनेस क्लास का टिकट तस्वीर हुई सोशल मीडिया पर वायरल
19
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सर्वोच्च न्यायालय ने बुधवार को महाराष्ट्र सरकार को निर्देश दिया कि पाकिस्तानी आतंकवादी अजमल कसाब के वकील का शुल्क 14.5 लाख रुपये मुम्बई हमले में शहीद रहे सुरक्षाकर्मियों के संबंधियों को दिया जाए। कसाब के वकील ने शुल्क लेने से इनकार किया है। यह राशि शहीद सुरक्षाकर्मियों के परिवारों को समान अनुपात में बांटा जाएगा। मुम्बई आतंकवादी हमले में 166 लोग मारे गए थे। कसाब इस हमले का एक मात्र जीवित पकड़ा गया आतंकवादी था। कसाब को मृत्युदंड के खिलाफ अदालत में याचिका लगाने में मदद करने वाले वकील राजू रामचंद्रन और गौरव अग्रवाल ने कहा था कि वे अपनी सेवा के लिए 14.5 लाख रुपये का शुल्क नहीं लेना चाहते हैं।टिप्पणियां उन्होंने सलाह दी थी कि यह राशि नेशनल लीगल सर्विसेज अथॉरिटी या महाराष्ट्र स्टेट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी को दिया जा सकता है। न्यायमूर्ति आफताब आलम और न्यायमूर्ति सीके प्रसाद की पीठ ने वकीलों के फैसले की सराहना करते हुए निर्देश दिया कि 14.5 लाख रुपये की राशि शहीद सुरक्षाकर्मियों के परिवारों को वितरित की जाए। यह राशि शहीद सुरक्षाकर्मियों के परिवारों को समान अनुपात में बांटा जाएगा। मुम्बई आतंकवादी हमले में 166 लोग मारे गए थे। कसाब इस हमले का एक मात्र जीवित पकड़ा गया आतंकवादी था। कसाब को मृत्युदंड के खिलाफ अदालत में याचिका लगाने में मदद करने वाले वकील राजू रामचंद्रन और गौरव अग्रवाल ने कहा था कि वे अपनी सेवा के लिए 14.5 लाख रुपये का शुल्क नहीं लेना चाहते हैं।टिप्पणियां उन्होंने सलाह दी थी कि यह राशि नेशनल लीगल सर्विसेज अथॉरिटी या महाराष्ट्र स्टेट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी को दिया जा सकता है। न्यायमूर्ति आफताब आलम और न्यायमूर्ति सीके प्रसाद की पीठ ने वकीलों के फैसले की सराहना करते हुए निर्देश दिया कि 14.5 लाख रुपये की राशि शहीद सुरक्षाकर्मियों के परिवारों को वितरित की जाए। कसाब को मृत्युदंड के खिलाफ अदालत में याचिका लगाने में मदद करने वाले वकील राजू रामचंद्रन और गौरव अग्रवाल ने कहा था कि वे अपनी सेवा के लिए 14.5 लाख रुपये का शुल्क नहीं लेना चाहते हैं।टिप्पणियां उन्होंने सलाह दी थी कि यह राशि नेशनल लीगल सर्विसेज अथॉरिटी या महाराष्ट्र स्टेट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी को दिया जा सकता है। न्यायमूर्ति आफताब आलम और न्यायमूर्ति सीके प्रसाद की पीठ ने वकीलों के फैसले की सराहना करते हुए निर्देश दिया कि 14.5 लाख रुपये की राशि शहीद सुरक्षाकर्मियों के परिवारों को वितरित की जाए। उन्होंने सलाह दी थी कि यह राशि नेशनल लीगल सर्विसेज अथॉरिटी या महाराष्ट्र स्टेट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी को दिया जा सकता है। न्यायमूर्ति आफताब आलम और न्यायमूर्ति सीके प्रसाद की पीठ ने वकीलों के फैसले की सराहना करते हुए निर्देश दिया कि 14.5 लाख रुपये की राशि शहीद सुरक्षाकर्मियों के परिवारों को वितरित की जाए। न्यायमूर्ति आफताब आलम और न्यायमूर्ति सीके प्रसाद की पीठ ने वकीलों के फैसले की सराहना करते हुए निर्देश दिया कि 14.5 लाख रुपये की राशि शहीद सुरक्षाकर्मियों के परिवारों को वितरित की जाए।
संक्षिप्त पाठ: सर्वोच्च न्यायालय ने महाराष्ट्र सरकार को निर्देश दिया कि पाकिस्तानी आतंकवादी अजमल कसाब के वकील का शुल्क 14.5 लाख रुपये मुम्बई हमले में शहीद रहे सुरक्षाकर्मियों के संबंधियों को दिया जाए। कसाब के वकील ने शुल्क लेने से इनकार किया है।
14
['hin']
एक सारांश बनाओ: लिएंडर पेस और उनके अनुभवहीन युगल जोड़ीदार विष्णुवर्धन माइकल लोड्रा और जो विल्फ्रेड सोंगा की दूसरी वरीय फ्रांसीसी जोड़ी के खिलाफ दूसरे दौर के कड़े मुकाबले में हारकर लंदन ओलिंपिक की पुरुष युगल टेनिस स्पर्धा से बाहर हो गए। पेस और विष्णु को फ्रांस की मजबूत जोड़ी के खिलाफ दो घंटे और सात मिनट चले मुकाबले में 6-7, 6-4, 3-6 से शिकस्त का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ पुरुष युगल स्पर्धा में भारतीय चुनौती समाप्त हो गई है। इससे पहले महेश भूपति और रोहन बोपन्ना की जोड़ी भी हारकर प्रतियोगिता से बाहर हो गई थी। टेनिस में भारतीय उम्मीदें अब पेस और सानिया मिर्जा की मिश्रित युगल जोड़ी पर टिकी हैं जिन्हें पहले दौर में नेनाद जिमोनजिक और अन्ना इवानोविच की सर्बियाई जोड़ी से भिड़ना है। पेस और विष्णु की जोड़ी को भले ही शिकस्त का सामना करना पड़ा हो लेकिन उन्होंने विरोधी जोड़ी को कड़ी टक्कर दी। विश्व के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के खिलाफ खेलने के अनुभव और पेस की अच्छी सर्विस तथा नेट पर उनके जोरदार खेल से भी विष्णु का मनोबल बढ़ा हुआ था। पूरे मैच के दौरान विष्णु ने एक बार भी अपनी सर्विस नहीं गंवाई जिससे भारतीय जोड़ी मजबूत प्रदर्शन करने में सफल रही। सोंगा और लोड्रा ने अधिकांश मौकों पर विष्णु को ही निशाना बनाया लेकिन इस युवा भारतीय ने संघर्ष करने की अपनी क्षमता का आकर्षक नजारा पेश किया। भारतीय जोड़ी को पहले सेट में सिर्फ एक बार ब्रेक प्वाइंट का सामना करना पड़ा जिसे उन्होंने बचा लिया। टीम अंतत: टाईब्रेकर में हार गई।टिप्पणियां पेस और विष्णु ने दूसरे सेट में दो ब्रेक प्वाइंट बचाए जबकि एक बार विरोधी जोड़ी की सर्विस तोड़कर मैच को तीसरे और निर्णायक सेट में खींच दिया। भारतीय जोड़ी ने तीसरे सेट में भी विरोधी जोड़ी को कड़ी टक्कर दी लेकिन पेस ने आठवें गेम में अपनी सर्विस गंवा दी जिसके बाद फ्रांस की टीम को सेट और मैच जीतने में अधिक दिक्कत नहीं हुई। भारतीय जोड़ी ने अंत में तीन मैच प्वाइंट बचाए लेकिन जब पेस ने फोरहैंड पर शॉट बाहर मारा तो भारतीय जोड़ी हार के साथ प्रतियोगिता से बाहर हो गई। पेस और विष्णु को फ्रांस की मजबूत जोड़ी के खिलाफ दो घंटे और सात मिनट चले मुकाबले में 6-7, 6-4, 3-6 से शिकस्त का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ पुरुष युगल स्पर्धा में भारतीय चुनौती समाप्त हो गई है। इससे पहले महेश भूपति और रोहन बोपन्ना की जोड़ी भी हारकर प्रतियोगिता से बाहर हो गई थी। टेनिस में भारतीय उम्मीदें अब पेस और सानिया मिर्जा की मिश्रित युगल जोड़ी पर टिकी हैं जिन्हें पहले दौर में नेनाद जिमोनजिक और अन्ना इवानोविच की सर्बियाई जोड़ी से भिड़ना है। पेस और विष्णु की जोड़ी को भले ही शिकस्त का सामना करना पड़ा हो लेकिन उन्होंने विरोधी जोड़ी को कड़ी टक्कर दी। विश्व के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के खिलाफ खेलने के अनुभव और पेस की अच्छी सर्विस तथा नेट पर उनके जोरदार खेल से भी विष्णु का मनोबल बढ़ा हुआ था। पूरे मैच के दौरान विष्णु ने एक बार भी अपनी सर्विस नहीं गंवाई जिससे भारतीय जोड़ी मजबूत प्रदर्शन करने में सफल रही। सोंगा और लोड्रा ने अधिकांश मौकों पर विष्णु को ही निशाना बनाया लेकिन इस युवा भारतीय ने संघर्ष करने की अपनी क्षमता का आकर्षक नजारा पेश किया। भारतीय जोड़ी को पहले सेट में सिर्फ एक बार ब्रेक प्वाइंट का सामना करना पड़ा जिसे उन्होंने बचा लिया। टीम अंतत: टाईब्रेकर में हार गई।टिप्पणियां पेस और विष्णु ने दूसरे सेट में दो ब्रेक प्वाइंट बचाए जबकि एक बार विरोधी जोड़ी की सर्विस तोड़कर मैच को तीसरे और निर्णायक सेट में खींच दिया। भारतीय जोड़ी ने तीसरे सेट में भी विरोधी जोड़ी को कड़ी टक्कर दी लेकिन पेस ने आठवें गेम में अपनी सर्विस गंवा दी जिसके बाद फ्रांस की टीम को सेट और मैच जीतने में अधिक दिक्कत नहीं हुई। भारतीय जोड़ी ने अंत में तीन मैच प्वाइंट बचाए लेकिन जब पेस ने फोरहैंड पर शॉट बाहर मारा तो भारतीय जोड़ी हार के साथ प्रतियोगिता से बाहर हो गई। इस हार के साथ पुरुष युगल स्पर्धा में भारतीय चुनौती समाप्त हो गई है। इससे पहले महेश भूपति और रोहन बोपन्ना की जोड़ी भी हारकर प्रतियोगिता से बाहर हो गई थी। टेनिस में भारतीय उम्मीदें अब पेस और सानिया मिर्जा की मिश्रित युगल जोड़ी पर टिकी हैं जिन्हें पहले दौर में नेनाद जिमोनजिक और अन्ना इवानोविच की सर्बियाई जोड़ी से भिड़ना है। पेस और विष्णु की जोड़ी को भले ही शिकस्त का सामना करना पड़ा हो लेकिन उन्होंने विरोधी जोड़ी को कड़ी टक्कर दी। विश्व के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के खिलाफ खेलने के अनुभव और पेस की अच्छी सर्विस तथा नेट पर उनके जोरदार खेल से भी विष्णु का मनोबल बढ़ा हुआ था। पूरे मैच के दौरान विष्णु ने एक बार भी अपनी सर्विस नहीं गंवाई जिससे भारतीय जोड़ी मजबूत प्रदर्शन करने में सफल रही। सोंगा और लोड्रा ने अधिकांश मौकों पर विष्णु को ही निशाना बनाया लेकिन इस युवा भारतीय ने संघर्ष करने की अपनी क्षमता का आकर्षक नजारा पेश किया। भारतीय जोड़ी को पहले सेट में सिर्फ एक बार ब्रेक प्वाइंट का सामना करना पड़ा जिसे उन्होंने बचा लिया। टीम अंतत: टाईब्रेकर में हार गई।टिप्पणियां पेस और विष्णु ने दूसरे सेट में दो ब्रेक प्वाइंट बचाए जबकि एक बार विरोधी जोड़ी की सर्विस तोड़कर मैच को तीसरे और निर्णायक सेट में खींच दिया। भारतीय जोड़ी ने तीसरे सेट में भी विरोधी जोड़ी को कड़ी टक्कर दी लेकिन पेस ने आठवें गेम में अपनी सर्विस गंवा दी जिसके बाद फ्रांस की टीम को सेट और मैच जीतने में अधिक दिक्कत नहीं हुई। भारतीय जोड़ी ने अंत में तीन मैच प्वाइंट बचाए लेकिन जब पेस ने फोरहैंड पर शॉट बाहर मारा तो भारतीय जोड़ी हार के साथ प्रतियोगिता से बाहर हो गई। टेनिस में भारतीय उम्मीदें अब पेस और सानिया मिर्जा की मिश्रित युगल जोड़ी पर टिकी हैं जिन्हें पहले दौर में नेनाद जिमोनजिक और अन्ना इवानोविच की सर्बियाई जोड़ी से भिड़ना है। पेस और विष्णु की जोड़ी को भले ही शिकस्त का सामना करना पड़ा हो लेकिन उन्होंने विरोधी जोड़ी को कड़ी टक्कर दी। विश्व के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के खिलाफ खेलने के अनुभव और पेस की अच्छी सर्विस तथा नेट पर उनके जोरदार खेल से भी विष्णु का मनोबल बढ़ा हुआ था। पूरे मैच के दौरान विष्णु ने एक बार भी अपनी सर्विस नहीं गंवाई जिससे भारतीय जोड़ी मजबूत प्रदर्शन करने में सफल रही। सोंगा और लोड्रा ने अधिकांश मौकों पर विष्णु को ही निशाना बनाया लेकिन इस युवा भारतीय ने संघर्ष करने की अपनी क्षमता का आकर्षक नजारा पेश किया। भारतीय जोड़ी को पहले सेट में सिर्फ एक बार ब्रेक प्वाइंट का सामना करना पड़ा जिसे उन्होंने बचा लिया। टीम अंतत: टाईब्रेकर में हार गई।टिप्पणियां पेस और विष्णु ने दूसरे सेट में दो ब्रेक प्वाइंट बचाए जबकि एक बार विरोधी जोड़ी की सर्विस तोड़कर मैच को तीसरे और निर्णायक सेट में खींच दिया। भारतीय जोड़ी ने तीसरे सेट में भी विरोधी जोड़ी को कड़ी टक्कर दी लेकिन पेस ने आठवें गेम में अपनी सर्विस गंवा दी जिसके बाद फ्रांस की टीम को सेट और मैच जीतने में अधिक दिक्कत नहीं हुई। भारतीय जोड़ी ने अंत में तीन मैच प्वाइंट बचाए लेकिन जब पेस ने फोरहैंड पर शॉट बाहर मारा तो भारतीय जोड़ी हार के साथ प्रतियोगिता से बाहर हो गई। पेस और विष्णु की जोड़ी को भले ही शिकस्त का सामना करना पड़ा हो लेकिन उन्होंने विरोधी जोड़ी को कड़ी टक्कर दी। विश्व के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के खिलाफ खेलने के अनुभव और पेस की अच्छी सर्विस तथा नेट पर उनके जोरदार खेल से भी विष्णु का मनोबल बढ़ा हुआ था। पूरे मैच के दौरान विष्णु ने एक बार भी अपनी सर्विस नहीं गंवाई जिससे भारतीय जोड़ी मजबूत प्रदर्शन करने में सफल रही। सोंगा और लोड्रा ने अधिकांश मौकों पर विष्णु को ही निशाना बनाया लेकिन इस युवा भारतीय ने संघर्ष करने की अपनी क्षमता का आकर्षक नजारा पेश किया। भारतीय जोड़ी को पहले सेट में सिर्फ एक बार ब्रेक प्वाइंट का सामना करना पड़ा जिसे उन्होंने बचा लिया। टीम अंतत: टाईब्रेकर में हार गई।टिप्पणियां पेस और विष्णु ने दूसरे सेट में दो ब्रेक प्वाइंट बचाए जबकि एक बार विरोधी जोड़ी की सर्विस तोड़कर मैच को तीसरे और निर्णायक सेट में खींच दिया। भारतीय जोड़ी ने तीसरे सेट में भी विरोधी जोड़ी को कड़ी टक्कर दी लेकिन पेस ने आठवें गेम में अपनी सर्विस गंवा दी जिसके बाद फ्रांस की टीम को सेट और मैच जीतने में अधिक दिक्कत नहीं हुई। भारतीय जोड़ी ने अंत में तीन मैच प्वाइंट बचाए लेकिन जब पेस ने फोरहैंड पर शॉट बाहर मारा तो भारतीय जोड़ी हार के साथ प्रतियोगिता से बाहर हो गई। पूरे मैच के दौरान विष्णु ने एक बार भी अपनी सर्विस नहीं गंवाई जिससे भारतीय जोड़ी मजबूत प्रदर्शन करने में सफल रही। सोंगा और लोड्रा ने अधिकांश मौकों पर विष्णु को ही निशाना बनाया लेकिन इस युवा भारतीय ने संघर्ष करने की अपनी क्षमता का आकर्षक नजारा पेश किया। भारतीय जोड़ी को पहले सेट में सिर्फ एक बार ब्रेक प्वाइंट का सामना करना पड़ा जिसे उन्होंने बचा लिया। टीम अंतत: टाईब्रेकर में हार गई।टिप्पणियां पेस और विष्णु ने दूसरे सेट में दो ब्रेक प्वाइंट बचाए जबकि एक बार विरोधी जोड़ी की सर्विस तोड़कर मैच को तीसरे और निर्णायक सेट में खींच दिया। भारतीय जोड़ी ने तीसरे सेट में भी विरोधी जोड़ी को कड़ी टक्कर दी लेकिन पेस ने आठवें गेम में अपनी सर्विस गंवा दी जिसके बाद फ्रांस की टीम को सेट और मैच जीतने में अधिक दिक्कत नहीं हुई। भारतीय जोड़ी ने अंत में तीन मैच प्वाइंट बचाए लेकिन जब पेस ने फोरहैंड पर शॉट बाहर मारा तो भारतीय जोड़ी हार के साथ प्रतियोगिता से बाहर हो गई। सोंगा और लोड्रा ने अधिकांश मौकों पर विष्णु को ही निशाना बनाया लेकिन इस युवा भारतीय ने संघर्ष करने की अपनी क्षमता का आकर्षक नजारा पेश किया। भारतीय जोड़ी को पहले सेट में सिर्फ एक बार ब्रेक प्वाइंट का सामना करना पड़ा जिसे उन्होंने बचा लिया। टीम अंतत: टाईब्रेकर में हार गई।टिप्पणियां पेस और विष्णु ने दूसरे सेट में दो ब्रेक प्वाइंट बचाए जबकि एक बार विरोधी जोड़ी की सर्विस तोड़कर मैच को तीसरे और निर्णायक सेट में खींच दिया। भारतीय जोड़ी ने तीसरे सेट में भी विरोधी जोड़ी को कड़ी टक्कर दी लेकिन पेस ने आठवें गेम में अपनी सर्विस गंवा दी जिसके बाद फ्रांस की टीम को सेट और मैच जीतने में अधिक दिक्कत नहीं हुई। भारतीय जोड़ी ने अंत में तीन मैच प्वाइंट बचाए लेकिन जब पेस ने फोरहैंड पर शॉट बाहर मारा तो भारतीय जोड़ी हार के साथ प्रतियोगिता से बाहर हो गई। भारतीय जोड़ी को पहले सेट में सिर्फ एक बार ब्रेक प्वाइंट का सामना करना पड़ा जिसे उन्होंने बचा लिया। टीम अंतत: टाईब्रेकर में हार गई।टिप्पणियां पेस और विष्णु ने दूसरे सेट में दो ब्रेक प्वाइंट बचाए जबकि एक बार विरोधी जोड़ी की सर्विस तोड़कर मैच को तीसरे और निर्णायक सेट में खींच दिया। भारतीय जोड़ी ने तीसरे सेट में भी विरोधी जोड़ी को कड़ी टक्कर दी लेकिन पेस ने आठवें गेम में अपनी सर्विस गंवा दी जिसके बाद फ्रांस की टीम को सेट और मैच जीतने में अधिक दिक्कत नहीं हुई। भारतीय जोड़ी ने अंत में तीन मैच प्वाइंट बचाए लेकिन जब पेस ने फोरहैंड पर शॉट बाहर मारा तो भारतीय जोड़ी हार के साथ प्रतियोगिता से बाहर हो गई। पेस और विष्णु ने दूसरे सेट में दो ब्रेक प्वाइंट बचाए जबकि एक बार विरोधी जोड़ी की सर्विस तोड़कर मैच को तीसरे और निर्णायक सेट में खींच दिया। भारतीय जोड़ी ने तीसरे सेट में भी विरोधी जोड़ी को कड़ी टक्कर दी लेकिन पेस ने आठवें गेम में अपनी सर्विस गंवा दी जिसके बाद फ्रांस की टीम को सेट और मैच जीतने में अधिक दिक्कत नहीं हुई। भारतीय जोड़ी ने अंत में तीन मैच प्वाइंट बचाए लेकिन जब पेस ने फोरहैंड पर शॉट बाहर मारा तो भारतीय जोड़ी हार के साथ प्रतियोगिता से बाहर हो गई। भारतीय जोड़ी ने तीसरे सेट में भी विरोधी जोड़ी को कड़ी टक्कर दी लेकिन पेस ने आठवें गेम में अपनी सर्विस गंवा दी जिसके बाद फ्रांस की टीम को सेट और मैच जीतने में अधिक दिक्कत नहीं हुई। भारतीय जोड़ी ने अंत में तीन मैच प्वाइंट बचाए लेकिन जब पेस ने फोरहैंड पर शॉट बाहर मारा तो भारतीय जोड़ी हार के साथ प्रतियोगिता से बाहर हो गई।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: लिएंडर पेस और उनके अनुभवहीन युगल जोड़ीदार विष्णुवर्धन माइकल लोड्रा और जो विल्फ्रेड सोंगा की दूसरी वरीय फ्रांसीसी जोड़ी के खिलाफ दूसरे दौर के कड़े मुकाबले में हारकर लंदन ओलिंपिक की पुरुष युगल टेनिस स्पर्धा से बाहर हो गए।
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['hin']
एक सारांश बनाओ: 'तीन तलाक' के मुद्दे पर कानूनी लड़ाई लड़ा आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड अब इस मामले पर मुसलमानों के बीच जाकर शुक्रवार से एक हस्ताक्षर अभियान चलाएगा. बोर्ड के वरिष्ठ सदस्य मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने गुरुवार को बताया कि सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार द्वारा तीन तलाक के मुद्दे पर दायर किया गया हलफनामा शरीयत में खुली दखलंदाजी है और इस मामले को लेकर कल से पूरे देश में एक हस्ताक्षर अभियान शुरू किया जाएगा. प्रदेश में इसकी शुरुआत कल लखनऊ स्थित ऐशबाग ईदगाह में जुमे की नमाज के बाद की जाएगी. उन्होंने बताया कि उनके तथा बोर्ड के एक अन्य वरिष्ठ सदस्य जफरयाब जीलानी की तरफ से सूबे की सभी मस्जिदों के इमामों को खत भेजा गया है जिसमें इस्लामी शरीयत की हिफाजत की मुहिम में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेने की अपील की गयी है. यह खत कल जुमे की नमाज के ऐन पहले पढ़कर सुनाया जाएगा. मौलाना खालिद रशीद ने बताया कि खत में लिखा है कि उच्चतम न्यायालय में तीन तलाक समेत इस्लामी शरीयत के कुछ कानूनों के सिलसिले में एक मुकदमा चल रहा है. ऑल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने अपना हलफनामा दाखिल कर दिया है और अब हुकूमत ने भी शपथपत्र दाखिल करके तीन तलाक को औरतों के बुनियादी अधिकारों के खिलाफ करार दिया है. यह हमारी शरीयत में खुली दखलंदाजी है. टिप्पणियां उन्होंने बताया कि खत में कहा गया है कि विधि आयोग ने इस मामले में लोगों से राय मांगी है, इसलिए तमाम मुसलमानों से अपील है कि इस अहम मसले को गंभीरता से लेते हुए एक फार्म पर मुस्लिम औरतों के नाम, पते और हस्ताक्षर और दूसरे प्रारूप पर मुस्लिम मर्दों के नाम, पते और दस्तखत कराकर 30 अक्‍टूबर तक ऐशबाग ईदगाह स्थित इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के दफ्तर में भेजें. यह फॉर्म मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने तैयार किया है और इसका विधि आयोग की प्रश्नावली से कोई संबंध नहीं है. इन भरे हुए प्रोफार्मा को बोर्ड के दफ्तर भेजा जाएगा.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) बोर्ड के वरिष्ठ सदस्य मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने गुरुवार को बताया कि सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार द्वारा तीन तलाक के मुद्दे पर दायर किया गया हलफनामा शरीयत में खुली दखलंदाजी है और इस मामले को लेकर कल से पूरे देश में एक हस्ताक्षर अभियान शुरू किया जाएगा. प्रदेश में इसकी शुरुआत कल लखनऊ स्थित ऐशबाग ईदगाह में जुमे की नमाज के बाद की जाएगी. उन्होंने बताया कि उनके तथा बोर्ड के एक अन्य वरिष्ठ सदस्य जफरयाब जीलानी की तरफ से सूबे की सभी मस्जिदों के इमामों को खत भेजा गया है जिसमें इस्लामी शरीयत की हिफाजत की मुहिम में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेने की अपील की गयी है. यह खत कल जुमे की नमाज के ऐन पहले पढ़कर सुनाया जाएगा. मौलाना खालिद रशीद ने बताया कि खत में लिखा है कि उच्चतम न्यायालय में तीन तलाक समेत इस्लामी शरीयत के कुछ कानूनों के सिलसिले में एक मुकदमा चल रहा है. ऑल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने अपना हलफनामा दाखिल कर दिया है और अब हुकूमत ने भी शपथपत्र दाखिल करके तीन तलाक को औरतों के बुनियादी अधिकारों के खिलाफ करार दिया है. यह हमारी शरीयत में खुली दखलंदाजी है. टिप्पणियां उन्होंने बताया कि खत में कहा गया है कि विधि आयोग ने इस मामले में लोगों से राय मांगी है, इसलिए तमाम मुसलमानों से अपील है कि इस अहम मसले को गंभीरता से लेते हुए एक फार्म पर मुस्लिम औरतों के नाम, पते और हस्ताक्षर और दूसरे प्रारूप पर मुस्लिम मर्दों के नाम, पते और दस्तखत कराकर 30 अक्‍टूबर तक ऐशबाग ईदगाह स्थित इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के दफ्तर में भेजें. यह फॉर्म मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने तैयार किया है और इसका विधि आयोग की प्रश्नावली से कोई संबंध नहीं है. इन भरे हुए प्रोफार्मा को बोर्ड के दफ्तर भेजा जाएगा.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने बताया कि उनके तथा बोर्ड के एक अन्य वरिष्ठ सदस्य जफरयाब जीलानी की तरफ से सूबे की सभी मस्जिदों के इमामों को खत भेजा गया है जिसमें इस्लामी शरीयत की हिफाजत की मुहिम में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेने की अपील की गयी है. यह खत कल जुमे की नमाज के ऐन पहले पढ़कर सुनाया जाएगा. मौलाना खालिद रशीद ने बताया कि खत में लिखा है कि उच्चतम न्यायालय में तीन तलाक समेत इस्लामी शरीयत के कुछ कानूनों के सिलसिले में एक मुकदमा चल रहा है. ऑल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने अपना हलफनामा दाखिल कर दिया है और अब हुकूमत ने भी शपथपत्र दाखिल करके तीन तलाक को औरतों के बुनियादी अधिकारों के खिलाफ करार दिया है. यह हमारी शरीयत में खुली दखलंदाजी है. टिप्पणियां उन्होंने बताया कि खत में कहा गया है कि विधि आयोग ने इस मामले में लोगों से राय मांगी है, इसलिए तमाम मुसलमानों से अपील है कि इस अहम मसले को गंभीरता से लेते हुए एक फार्म पर मुस्लिम औरतों के नाम, पते और हस्ताक्षर और दूसरे प्रारूप पर मुस्लिम मर्दों के नाम, पते और दस्तखत कराकर 30 अक्‍टूबर तक ऐशबाग ईदगाह स्थित इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के दफ्तर में भेजें. यह फॉर्म मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने तैयार किया है और इसका विधि आयोग की प्रश्नावली से कोई संबंध नहीं है. इन भरे हुए प्रोफार्मा को बोर्ड के दफ्तर भेजा जाएगा.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) मौलाना खालिद रशीद ने बताया कि खत में लिखा है कि उच्चतम न्यायालय में तीन तलाक समेत इस्लामी शरीयत के कुछ कानूनों के सिलसिले में एक मुकदमा चल रहा है. ऑल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने अपना हलफनामा दाखिल कर दिया है और अब हुकूमत ने भी शपथपत्र दाखिल करके तीन तलाक को औरतों के बुनियादी अधिकारों के खिलाफ करार दिया है. यह हमारी शरीयत में खुली दखलंदाजी है. टिप्पणियां उन्होंने बताया कि खत में कहा गया है कि विधि आयोग ने इस मामले में लोगों से राय मांगी है, इसलिए तमाम मुसलमानों से अपील है कि इस अहम मसले को गंभीरता से लेते हुए एक फार्म पर मुस्लिम औरतों के नाम, पते और हस्ताक्षर और दूसरे प्रारूप पर मुस्लिम मर्दों के नाम, पते और दस्तखत कराकर 30 अक्‍टूबर तक ऐशबाग ईदगाह स्थित इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के दफ्तर में भेजें. यह फॉर्म मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने तैयार किया है और इसका विधि आयोग की प्रश्नावली से कोई संबंध नहीं है. इन भरे हुए प्रोफार्मा को बोर्ड के दफ्तर भेजा जाएगा.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने बताया कि खत में कहा गया है कि विधि आयोग ने इस मामले में लोगों से राय मांगी है, इसलिए तमाम मुसलमानों से अपील है कि इस अहम मसले को गंभीरता से लेते हुए एक फार्म पर मुस्लिम औरतों के नाम, पते और हस्ताक्षर और दूसरे प्रारूप पर मुस्लिम मर्दों के नाम, पते और दस्तखत कराकर 30 अक्‍टूबर तक ऐशबाग ईदगाह स्थित इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के दफ्तर में भेजें. यह फॉर्म मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने तैयार किया है और इसका विधि आयोग की प्रश्नावली से कोई संबंध नहीं है. इन भरे हुए प्रोफार्मा को बोर्ड के दफ्तर भेजा जाएगा.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
शुक्रवार से शुरू होगा हस्ताक्षर अभियान इस मामले में कानूनी लड़ाई लड़ रहा बोर्ड केंद्र सरकार के रुख को शरीयत में दखलंदाजी करार दिया गया
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: नवरात्रि का पर्व नजदीक है, इस साल 21 सितंबर से शरद नवरात्रि की शुरूआत होगी. नौ दिन तक चलने वाले इस पर्व में देवी दुर्गा के विभिन्न रूपों की पूजा की जाती है, यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत को दर्शता है. इस दौरान लोग व्रत में सात्विक भोजन के साथ-साथ साफ सफाई आदि कई चीजों का पालन करते हैं. इसी के साथ ऋतु परिवर्तन भी होती है. नवरात्रि के दौरान अनाज (गेंहू और चावल), नमक, मांसहारी भोजन, शराब, प्याज, लहसुन के अलावा कई अन्य चीजों के सेवन को वर्जित माना जाता है. लेकिन यहां सवाल सुबह की एक कप कॉफी और चाय का है? क्या नवरात्रि में इसके सेवन की अनुमति है? इस सवाल का जवाब इतना आसान नहीं है. कई लोगों का मानना है कि व्रत के दौरान सिर्फ चाय का सेवन ही किया जा सकता है, मगर कॉफी पीने वाले इस तर्क के खिलाफ हैं. वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जो यह मानते हैं कि उपवास के दौरान चाय और कॉफी दोनों का सेवन किया जा सकता है. प्रसिद्ध खाद्य लेखक अनुठी विशाल का कहना है, नवरात्रि उपवास के नियमों को लेकर कहीं भी ऐसा कुछ नहीं लिखा है. हर इंसान की अपनी एक व्यक्तिगत पसंद होती है. कई सालों पहले, लोगों ने इस तरह के नियम बनाएं. नवरात्रि वह समय है जिसमें मांसहारी भोजन और अनाज का सेवन न करके व्यक्ति अपने शरीर को शुद्ध करता है. तो इस दौरान चाय और कॉफी जैसे पेय पदार्थो का सेवन किया जा सकता है. दिल्ली की रहने वाली शालिनी नंदवानी का कहना है कि वह पिछले 20 सालों से नवरात्रि के व्रत रख रही है और उनके घर में नवरात्रि उपवास के दौरान चाय और कॉफी दोनों पीने की अनुमति है. इसी के साथ छाछ और फलों के रस का सेवन भी किया जाता है, मगर पैक्ड जूस और अन्य गैस मिश्रित पेय पदार्थो का सेवन नहीं किया जाता है.   क्या नवरात्रि में कॉफी के सेवन की अनुमति है? मधु भसीन जोकि एक गृहिणी है उनका कहना है कि वह सालों से नवरात्रि के व्रत रख रही हैं और वह इस दौरान चाय-कॉफी का सेवन करती हैं. हमारी कोशिश यही होती है कि पैक्ड और प्रोसेस्ड पेय पदार्थ का सेवन न किया जाए क्योंकि उनमें कई कृत्रिम एजेंट होते हैं. गृहिणी सरबजीत सिंह का कहना है कि शायद कॉफी में कैफीन की मात्रा ज्यादा होती है, मगर पता नहीं नवरात्रि के दौरान कॉफी को क्यों छोड़ दिया जाता है. काफी समय पहले कॉफी भारत में बहुत ज्यादा लोकप्रिय नहीं थी और यह अभी भी चाय के मुकाबले नहीं है. मुझे इस बात पर संदेह है कि नवरात्रि में इस बात को लेकर कोई नियम है. हर व्यक्ति की अपनी पसंद है. यहां महत्वपूर्ण यह है कि नवरात्रि के दौरान मीट, अंडा, शराब, प्याज, लहसुन आदि जैसी चीजों का सेवन करने से बचें.टिप्पणियां परंपरागत रूप से, नवरात्रि उपवास में बदलते मौसम को ध्यान में रखकर पालन किया जाता है. शरीर को कई संक्रमण से बचाने के लिए, कुछ चुनिंदा खाद्य पदार्थो को अपनी डाइट में शामिल करें. मसालेदार पेय पदार्थों का सेवन करने बचें इनकी जगह प्लेन छाछ आदि का सेवन करें. नवरात्रि के उपवास के दौरान आज ज्यादातर लोग चाय, कॉफी, फलों के जूस और मिल्कशेक का सेवन करते हैं.   Navratri 2017: क्या है शरद नवरात्रि, उपवास के दौरान इन कुछ बातों का रखें खास ख्याल   इस सवाल का जवाब इतना आसान नहीं है. कई लोगों का मानना है कि व्रत के दौरान सिर्फ चाय का सेवन ही किया जा सकता है, मगर कॉफी पीने वाले इस तर्क के खिलाफ हैं. वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जो यह मानते हैं कि उपवास के दौरान चाय और कॉफी दोनों का सेवन किया जा सकता है. प्रसिद्ध खाद्य लेखक अनुठी विशाल का कहना है, नवरात्रि उपवास के नियमों को लेकर कहीं भी ऐसा कुछ नहीं लिखा है. हर इंसान की अपनी एक व्यक्तिगत पसंद होती है. कई सालों पहले, लोगों ने इस तरह के नियम बनाएं. नवरात्रि वह समय है जिसमें मांसहारी भोजन और अनाज का सेवन न करके व्यक्ति अपने शरीर को शुद्ध करता है. तो इस दौरान चाय और कॉफी जैसे पेय पदार्थो का सेवन किया जा सकता है. दिल्ली की रहने वाली शालिनी नंदवानी का कहना है कि वह पिछले 20 सालों से नवरात्रि के व्रत रख रही है और उनके घर में नवरात्रि उपवास के दौरान चाय और कॉफी दोनों पीने की अनुमति है. इसी के साथ छाछ और फलों के रस का सेवन भी किया जाता है, मगर पैक्ड जूस और अन्य गैस मिश्रित पेय पदार्थो का सेवन नहीं किया जाता है.   क्या नवरात्रि में कॉफी के सेवन की अनुमति है? मधु भसीन जोकि एक गृहिणी है उनका कहना है कि वह सालों से नवरात्रि के व्रत रख रही हैं और वह इस दौरान चाय-कॉफी का सेवन करती हैं. हमारी कोशिश यही होती है कि पैक्ड और प्रोसेस्ड पेय पदार्थ का सेवन न किया जाए क्योंकि उनमें कई कृत्रिम एजेंट होते हैं. गृहिणी सरबजीत सिंह का कहना है कि शायद कॉफी में कैफीन की मात्रा ज्यादा होती है, मगर पता नहीं नवरात्रि के दौरान कॉफी को क्यों छोड़ दिया जाता है. काफी समय पहले कॉफी भारत में बहुत ज्यादा लोकप्रिय नहीं थी और यह अभी भी चाय के मुकाबले नहीं है. मुझे इस बात पर संदेह है कि नवरात्रि में इस बात को लेकर कोई नियम है. हर व्यक्ति की अपनी पसंद है. यहां महत्वपूर्ण यह है कि नवरात्रि के दौरान मीट, अंडा, शराब, प्याज, लहसुन आदि जैसी चीजों का सेवन करने से बचें.टिप्पणियां परंपरागत रूप से, नवरात्रि उपवास में बदलते मौसम को ध्यान में रखकर पालन किया जाता है. शरीर को कई संक्रमण से बचाने के लिए, कुछ चुनिंदा खाद्य पदार्थो को अपनी डाइट में शामिल करें. मसालेदार पेय पदार्थों का सेवन करने बचें इनकी जगह प्लेन छाछ आदि का सेवन करें. नवरात्रि के उपवास के दौरान आज ज्यादातर लोग चाय, कॉफी, फलों के जूस और मिल्कशेक का सेवन करते हैं.   Navratri 2017: क्या है शरद नवरात्रि, उपवास के दौरान इन कुछ बातों का रखें खास ख्याल   दिल्ली की रहने वाली शालिनी नंदवानी का कहना है कि वह पिछले 20 सालों से नवरात्रि के व्रत रख रही है और उनके घर में नवरात्रि उपवास के दौरान चाय और कॉफी दोनों पीने की अनुमति है. इसी के साथ छाछ और फलों के रस का सेवन भी किया जाता है, मगर पैक्ड जूस और अन्य गैस मिश्रित पेय पदार्थो का सेवन नहीं किया जाता है.   क्या नवरात्रि में कॉफी के सेवन की अनुमति है? मधु भसीन जोकि एक गृहिणी है उनका कहना है कि वह सालों से नवरात्रि के व्रत रख रही हैं और वह इस दौरान चाय-कॉफी का सेवन करती हैं. हमारी कोशिश यही होती है कि पैक्ड और प्रोसेस्ड पेय पदार्थ का सेवन न किया जाए क्योंकि उनमें कई कृत्रिम एजेंट होते हैं. गृहिणी सरबजीत सिंह का कहना है कि शायद कॉफी में कैफीन की मात्रा ज्यादा होती है, मगर पता नहीं नवरात्रि के दौरान कॉफी को क्यों छोड़ दिया जाता है. काफी समय पहले कॉफी भारत में बहुत ज्यादा लोकप्रिय नहीं थी और यह अभी भी चाय के मुकाबले नहीं है. मुझे इस बात पर संदेह है कि नवरात्रि में इस बात को लेकर कोई नियम है. हर व्यक्ति की अपनी पसंद है. यहां महत्वपूर्ण यह है कि नवरात्रि के दौरान मीट, अंडा, शराब, प्याज, लहसुन आदि जैसी चीजों का सेवन करने से बचें.टिप्पणियां परंपरागत रूप से, नवरात्रि उपवास में बदलते मौसम को ध्यान में रखकर पालन किया जाता है. शरीर को कई संक्रमण से बचाने के लिए, कुछ चुनिंदा खाद्य पदार्थो को अपनी डाइट में शामिल करें. मसालेदार पेय पदार्थों का सेवन करने बचें इनकी जगह प्लेन छाछ आदि का सेवन करें. नवरात्रि के उपवास के दौरान आज ज्यादातर लोग चाय, कॉफी, फलों के जूस और मिल्कशेक का सेवन करते हैं.   Navratri 2017: क्या है शरद नवरात्रि, उपवास के दौरान इन कुछ बातों का रखें खास ख्याल   मधु भसीन जोकि एक गृहिणी है उनका कहना है कि वह सालों से नवरात्रि के व्रत रख रही हैं और वह इस दौरान चाय-कॉफी का सेवन करती हैं. हमारी कोशिश यही होती है कि पैक्ड और प्रोसेस्ड पेय पदार्थ का सेवन न किया जाए क्योंकि उनमें कई कृत्रिम एजेंट होते हैं. गृहिणी सरबजीत सिंह का कहना है कि शायद कॉफी में कैफीन की मात्रा ज्यादा होती है, मगर पता नहीं नवरात्रि के दौरान कॉफी को क्यों छोड़ दिया जाता है. काफी समय पहले कॉफी भारत में बहुत ज्यादा लोकप्रिय नहीं थी और यह अभी भी चाय के मुकाबले नहीं है. मुझे इस बात पर संदेह है कि नवरात्रि में इस बात को लेकर कोई नियम है. हर व्यक्ति की अपनी पसंद है. यहां महत्वपूर्ण यह है कि नवरात्रि के दौरान मीट, अंडा, शराब, प्याज, लहसुन आदि जैसी चीजों का सेवन करने से बचें.टिप्पणियां परंपरागत रूप से, नवरात्रि उपवास में बदलते मौसम को ध्यान में रखकर पालन किया जाता है. शरीर को कई संक्रमण से बचाने के लिए, कुछ चुनिंदा खाद्य पदार्थो को अपनी डाइट में शामिल करें. मसालेदार पेय पदार्थों का सेवन करने बचें इनकी जगह प्लेन छाछ आदि का सेवन करें. नवरात्रि के उपवास के दौरान आज ज्यादातर लोग चाय, कॉफी, फलों के जूस और मिल्कशेक का सेवन करते हैं.   Navratri 2017: क्या है शरद नवरात्रि, उपवास के दौरान इन कुछ बातों का रखें खास ख्याल   गृहिणी सरबजीत सिंह का कहना है कि शायद कॉफी में कैफीन की मात्रा ज्यादा होती है, मगर पता नहीं नवरात्रि के दौरान कॉफी को क्यों छोड़ दिया जाता है. काफी समय पहले कॉफी भारत में बहुत ज्यादा लोकप्रिय नहीं थी और यह अभी भी चाय के मुकाबले नहीं है. मुझे इस बात पर संदेह है कि नवरात्रि में इस बात को लेकर कोई नियम है. हर व्यक्ति की अपनी पसंद है. यहां महत्वपूर्ण यह है कि नवरात्रि के दौरान मीट, अंडा, शराब, प्याज, लहसुन आदि जैसी चीजों का सेवन करने से बचें.टिप्पणियां परंपरागत रूप से, नवरात्रि उपवास में बदलते मौसम को ध्यान में रखकर पालन किया जाता है. शरीर को कई संक्रमण से बचाने के लिए, कुछ चुनिंदा खाद्य पदार्थो को अपनी डाइट में शामिल करें. मसालेदार पेय पदार्थों का सेवन करने बचें इनकी जगह प्लेन छाछ आदि का सेवन करें. नवरात्रि के उपवास के दौरान आज ज्यादातर लोग चाय, कॉफी, फलों के जूस और मिल्कशेक का सेवन करते हैं.   Navratri 2017: क्या है शरद नवरात्रि, उपवास के दौरान इन कुछ बातों का रखें खास ख्याल   परंपरागत रूप से, नवरात्रि उपवास में बदलते मौसम को ध्यान में रखकर पालन किया जाता है. शरीर को कई संक्रमण से बचाने के लिए, कुछ चुनिंदा खाद्य पदार्थो को अपनी डाइट में शामिल करें. मसालेदार पेय पदार्थों का सेवन करने बचें इनकी जगह प्लेन छाछ आदि का सेवन करें. नवरात्रि के उपवास के दौरान आज ज्यादातर लोग चाय, कॉफी, फलों के जूस और मिल्कशेक का सेवन करते हैं.   Navratri 2017: क्या है शरद नवरात्रि, उपवास के दौरान इन कुछ बातों का रखें खास ख्याल
संक्षिप्त पाठ: नवरात्रि का पर्व नजदीक है. इस साल 21 सितंबर से शरद नवरात्रि की शुरूआत होगी. यहां सवाल सुबह की एक कप कॉफी और चाय का है?
27
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पंचायत चुनावों के दौरान हुई हिंसा का ठीकरा राज्य निर्वाचन आयोग के सिर फोड़ दिया। ममता ने कहा कि पंचायत चुनाव राज्य निर्वाचन आयोग ने कराए और सरकार ने आयोग को जरूरी पुलिसकर्मी मुहैया कराए थे। चुनावी हिंसा में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति दुख जाहिर करते हुए ममता ने तृणमूल कांग्रेस की वेबसाइट पर अपने एक लेख में कहा, ‘हर मौत एक त्रासदी है, जहां यह मायने नहीं रखता कि मरने वाला किस पार्टी से ताल्लुक रखता था। एक परिवार अपने एक बहुमूल्य सदस्य को खो देता है जिसे फिर कभी वापस नहीं लाया जा सकता। चुनाव राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से कराए जाते हैं, सरकार द्वारा नहीं। राज्य निर्वाचन आयोग की जरूरत के मुताबिक उसे पर्याप्त पुलिस बल मुहैया कराया गया था।’ सोमवार को होने वाले चौथे चरण के पंचायत चुनावों से पहले 13 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। पंचायत चुनाव कराने के मुद्दे पर राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग के बीच ठनी हुई थी। दोनों ने इस सिलसिले में अदालत का भी रुख किया था।टिप्पणियां लोगों से शांति बनाए रखने और अपने मताधिकार का प्रयोग स्वतंत्र होकर करने की अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की जनता को लोकतंत्र की ताजा हवा का आनंद लेना चाहिए, जो दशकों से लोगों को नहीं मिल पा रही थी। पांच चरण में चुनाव कराने की मांग को लेकर ममता ने कांग्रेस, माकपा और भाजपा को भी आड़े हाथ लिया। चुनावी हिंसा में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति दुख जाहिर करते हुए ममता ने तृणमूल कांग्रेस की वेबसाइट पर अपने एक लेख में कहा, ‘हर मौत एक त्रासदी है, जहां यह मायने नहीं रखता कि मरने वाला किस पार्टी से ताल्लुक रखता था। एक परिवार अपने एक बहुमूल्य सदस्य को खो देता है जिसे फिर कभी वापस नहीं लाया जा सकता। चुनाव राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से कराए जाते हैं, सरकार द्वारा नहीं। राज्य निर्वाचन आयोग की जरूरत के मुताबिक उसे पर्याप्त पुलिस बल मुहैया कराया गया था।’ सोमवार को होने वाले चौथे चरण के पंचायत चुनावों से पहले 13 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। पंचायत चुनाव कराने के मुद्दे पर राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग के बीच ठनी हुई थी। दोनों ने इस सिलसिले में अदालत का भी रुख किया था।टिप्पणियां लोगों से शांति बनाए रखने और अपने मताधिकार का प्रयोग स्वतंत्र होकर करने की अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की जनता को लोकतंत्र की ताजा हवा का आनंद लेना चाहिए, जो दशकों से लोगों को नहीं मिल पा रही थी। पांच चरण में चुनाव कराने की मांग को लेकर ममता ने कांग्रेस, माकपा और भाजपा को भी आड़े हाथ लिया। सोमवार को होने वाले चौथे चरण के पंचायत चुनावों से पहले 13 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। पंचायत चुनाव कराने के मुद्दे पर राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग के बीच ठनी हुई थी। दोनों ने इस सिलसिले में अदालत का भी रुख किया था।टिप्पणियां लोगों से शांति बनाए रखने और अपने मताधिकार का प्रयोग स्वतंत्र होकर करने की अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की जनता को लोकतंत्र की ताजा हवा का आनंद लेना चाहिए, जो दशकों से लोगों को नहीं मिल पा रही थी। पांच चरण में चुनाव कराने की मांग को लेकर ममता ने कांग्रेस, माकपा और भाजपा को भी आड़े हाथ लिया। पंचायत चुनाव कराने के मुद्दे पर राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग के बीच ठनी हुई थी। दोनों ने इस सिलसिले में अदालत का भी रुख किया था।टिप्पणियां लोगों से शांति बनाए रखने और अपने मताधिकार का प्रयोग स्वतंत्र होकर करने की अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की जनता को लोकतंत्र की ताजा हवा का आनंद लेना चाहिए, जो दशकों से लोगों को नहीं मिल पा रही थी। पांच चरण में चुनाव कराने की मांग को लेकर ममता ने कांग्रेस, माकपा और भाजपा को भी आड़े हाथ लिया। लोगों से शांति बनाए रखने और अपने मताधिकार का प्रयोग स्वतंत्र होकर करने की अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की जनता को लोकतंत्र की ताजा हवा का आनंद लेना चाहिए, जो दशकों से लोगों को नहीं मिल पा रही थी। पांच चरण में चुनाव कराने की मांग को लेकर ममता ने कांग्रेस, माकपा और भाजपा को भी आड़े हाथ लिया। पांच चरण में चुनाव कराने की मांग को लेकर ममता ने कांग्रेस, माकपा और भाजपा को भी आड़े हाथ लिया।
यह एक सारांश है: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पंचायत चुनावों के दौरान हुई हिंसा का ठीकरा राज्य निर्वाचन आयोग के सिर फोड़ दिया। ममता ने कहा कि पंचायत चुनाव राज्य निर्वाचन आयोग ने कराए और सरकार ने आयोग को जरूरी पुलिसकर्मी मुहैया कराए थे।
2
['hin']
एक सारांश बनाओ: दिल्ली में अब तक के सबसे बड़े 50 करोड़ की फिरौती के मामले का पर्दाफ़ाश कर चार लोगों को गिरफ़्तार किया गया है. दिल्ली के सुभाष प्लेस इलाके में 27 सितंबर को अपनी बीएमडब्ल्यू कार से बीस साल का कार्तिक अपने घर जा रहा था. अचानक एक बाइक पर पुलिस की वर्दी पहने लोगों ने उसे रोका. उनके हाथ में ट्रैफ़िक चालान की मशीन और एक वॉकी टॉकी सेट था. उन्होंने रेडलाइट जंप की बात कहकर उसे धमकाया. इतने में स्कॉर्पियों में सवार कुछ लड़के आए और भीड़ भरे इलाके से कार्तिक को कार समेत अगवा कर लिया. बीबीए कर रहा कार्तिक पूर्व पार्षद शंभू शर्मा का बेटा है. क्राइम ब्रांच के ज्वाइंट सीपी रविंद्र यादव के मुताबिक कार्तिक को अगवा करने के बाद आरोपियों ने उसे हरियाणा और राजस्थान में कई जगहों पर रखा. उन्हें पता था कि कार्तिक के पिता के पास अच्छा ख़ासा पैसा है. अपहरणकर्ता बेटे को छोड़ने के एवज में शंभू शर्मा से 50 करोड़ की फिरौती मांग रहे थे. लेकिन बात एक करोड़ पर बनी.टिप्पणियां तीन अक्टूबर को जब कार्तिक के पिता ने ये पैसा दिया तो अपहरणकर्ताओं ने कार्तिक को गुड़गांव से एक टैक्सी में बिठाकर छोड़ दिया. पुलिस की दलील है कि उस समय आरोपियों को वो इसलिए नहीं पकड़ सकी क्योंकि लड़के की जान को ख़तरा था. शंभू शर्मा से बेटे को छोड़ने के एवज में फिरौती मांग रहे अपहरणकर्ताओं आनंद, बच्चू, विक्रांत और सीतू को पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया है. जबकि इनके क़रीब एक दर्जन साथी फ़रार हैं. मास्टरमाइंड मंजीत भी फरार है. पुलिस का कहना है कि ये पूरा गैंग दिल्ली और एनसीआर के टोल नाकों पर गुंडागर्दी करने वाले लड़कों का है. दिल्ली के सुभाष प्लेस इलाके में 27 सितंबर को अपनी बीएमडब्ल्यू कार से बीस साल का कार्तिक अपने घर जा रहा था. अचानक एक बाइक पर पुलिस की वर्दी पहने लोगों ने उसे रोका. उनके हाथ में ट्रैफ़िक चालान की मशीन और एक वॉकी टॉकी सेट था. उन्होंने रेडलाइट जंप की बात कहकर उसे धमकाया. इतने में स्कॉर्पियों में सवार कुछ लड़के आए और भीड़ भरे इलाके से कार्तिक को कार समेत अगवा कर लिया. बीबीए कर रहा कार्तिक पूर्व पार्षद शंभू शर्मा का बेटा है. क्राइम ब्रांच के ज्वाइंट सीपी रविंद्र यादव के मुताबिक कार्तिक को अगवा करने के बाद आरोपियों ने उसे हरियाणा और राजस्थान में कई जगहों पर रखा. उन्हें पता था कि कार्तिक के पिता के पास अच्छा ख़ासा पैसा है. अपहरणकर्ता बेटे को छोड़ने के एवज में शंभू शर्मा से 50 करोड़ की फिरौती मांग रहे थे. लेकिन बात एक करोड़ पर बनी.टिप्पणियां तीन अक्टूबर को जब कार्तिक के पिता ने ये पैसा दिया तो अपहरणकर्ताओं ने कार्तिक को गुड़गांव से एक टैक्सी में बिठाकर छोड़ दिया. पुलिस की दलील है कि उस समय आरोपियों को वो इसलिए नहीं पकड़ सकी क्योंकि लड़के की जान को ख़तरा था. शंभू शर्मा से बेटे को छोड़ने के एवज में फिरौती मांग रहे अपहरणकर्ताओं आनंद, बच्चू, विक्रांत और सीतू को पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया है. जबकि इनके क़रीब एक दर्जन साथी फ़रार हैं. मास्टरमाइंड मंजीत भी फरार है. पुलिस का कहना है कि ये पूरा गैंग दिल्ली और एनसीआर के टोल नाकों पर गुंडागर्दी करने वाले लड़कों का है. बीबीए कर रहा कार्तिक पूर्व पार्षद शंभू शर्मा का बेटा है. क्राइम ब्रांच के ज्वाइंट सीपी रविंद्र यादव के मुताबिक कार्तिक को अगवा करने के बाद आरोपियों ने उसे हरियाणा और राजस्थान में कई जगहों पर रखा. उन्हें पता था कि कार्तिक के पिता के पास अच्छा ख़ासा पैसा है. अपहरणकर्ता बेटे को छोड़ने के एवज में शंभू शर्मा से 50 करोड़ की फिरौती मांग रहे थे. लेकिन बात एक करोड़ पर बनी.टिप्पणियां तीन अक्टूबर को जब कार्तिक के पिता ने ये पैसा दिया तो अपहरणकर्ताओं ने कार्तिक को गुड़गांव से एक टैक्सी में बिठाकर छोड़ दिया. पुलिस की दलील है कि उस समय आरोपियों को वो इसलिए नहीं पकड़ सकी क्योंकि लड़के की जान को ख़तरा था. शंभू शर्मा से बेटे को छोड़ने के एवज में फिरौती मांग रहे अपहरणकर्ताओं आनंद, बच्चू, विक्रांत और सीतू को पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया है. जबकि इनके क़रीब एक दर्जन साथी फ़रार हैं. मास्टरमाइंड मंजीत भी फरार है. पुलिस का कहना है कि ये पूरा गैंग दिल्ली और एनसीआर के टोल नाकों पर गुंडागर्दी करने वाले लड़कों का है. तीन अक्टूबर को जब कार्तिक के पिता ने ये पैसा दिया तो अपहरणकर्ताओं ने कार्तिक को गुड़गांव से एक टैक्सी में बिठाकर छोड़ दिया. पुलिस की दलील है कि उस समय आरोपियों को वो इसलिए नहीं पकड़ सकी क्योंकि लड़के की जान को ख़तरा था. शंभू शर्मा से बेटे को छोड़ने के एवज में फिरौती मांग रहे अपहरणकर्ताओं आनंद, बच्चू, विक्रांत और सीतू को पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया है. जबकि इनके क़रीब एक दर्जन साथी फ़रार हैं. मास्टरमाइंड मंजीत भी फरार है. पुलिस का कहना है कि ये पूरा गैंग दिल्ली और एनसीआर के टोल नाकों पर गुंडागर्दी करने वाले लड़कों का है. शंभू शर्मा से बेटे को छोड़ने के एवज में फिरौती मांग रहे अपहरणकर्ताओं आनंद, बच्चू, विक्रांत और सीतू को पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया है. जबकि इनके क़रीब एक दर्जन साथी फ़रार हैं. मास्टरमाइंड मंजीत भी फरार है. पुलिस का कहना है कि ये पूरा गैंग दिल्ली और एनसीआर के टोल नाकों पर गुंडागर्दी करने वाले लड़कों का है.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: बीबीए कर रहा कार्तिक पूर्व पार्षद शंभू शर्मा का बेटा है अपहरणकर्ता बेटे को छोड़ने के बदले 50 करोड़ की फिरौती मांग रहे थे मामले का मास्टरमाइंड मंजीत अपने दर्जनभर साथियों के साथ फरार है
32
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारत के नया निगरानी उपग्रह रीसेट-2बीआर1 बुधवार को 3 बजकर 25 मिनट पर लॉन्च हो जाएगा. इसके लिए मंगलवार 4:40 बजे से उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है. पीएलएलवी-क्यूएल उपग्रह रीसेट-2बीआर1 के अलावा नौ विदेशी उपग्रहों  को भी अपने साथ ले जा रहा है. आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा अंतरिक्ष केंद्र से प्रक्षेपित किए जाने वाले इस उपग्रह का 628 किलो है. इसका इस्तेमाल इमेजिंग पृथ्वी निगरानी उपग्रह के रूप में किया जाएगा.  भारतीय उपग्रह के साथ जाने वाले नौ छोटे उपग्रहों में इजराइल, इटली, जापान का एक-एक और अमेरिका के छह उपग्रह शामिल हैं. इन विदेशी उपग्रहों को न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (एनएसआईएल) के साथ एक वाणिज्यिक व्यवस्था के तहत लॉन्च किया जा रहा है. इसरो के अनुसार, रॉकेट में चार स्ट्रैप-ऑन मोटर्स होंगे और 11 दिसंबर की उड़ान इस रॉकेट संस्करण के लिए दूसरी अंतरिक्ष यात्रा होगी. इसरो ने अब तक 310 विदेशी उपग्रहों को कक्षा में प्रवेश कराया और अगर 11 दिसंबर का मिशन सफल हुआ तो यह संख्या 319 हो जाएगी.
9 और विदेशी उपग्रहों को ले जा रहा है पीएसएलवी क्यूएल रीसेट-2बीआर1 का वजन 628 किलो है रॉकेट में चार स्ट्रैप-ऑन मोटर्स होंगे
1
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद ने शनिवार को कहा कि वह गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को देश का प्रधानमंत्री बनने से रोकने के लिए सब कुछ करेंगे। लालू ने पटना में पत्रकारों से कहा, जब तक मेरे शरीर में जान है, मैं मोदी को प्रधानमंत्री नहीं बनने दूंगा। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू ने शपथ ली है कि 2014 के लोकसभा चुनावों के बाद एक धर्मनिरपेक्ष सरकार के गठन के लिए धर्मनिरपेक्ष ताकतों को तथा समान विचारधारा वाले दलों को एकजुट करेंगे।टिप्पणियां उन्होंने सवाल किया, एक ऐसा राजनीतिज्ञ जो दो समुदायों में घृणा उत्पन्न करता हो तथा 2002 में गुजरात में हजारों लोगों की मौत का जिम्मेदार रहा हो, भला भारत जैसे धर्मनिरपेक्ष देश का प्रधानमंत्री कैसे बन सकता है? लालू ने जोर देते हुए कहा कि चूंकि मोदी को पूरे भारत का समर्थन नहीं है, इसलिए उनका प्रधानमंत्री बनने का सपना कभी पूरा नहीं हो सकता। लालू ने पटना में पत्रकारों से कहा, जब तक मेरे शरीर में जान है, मैं मोदी को प्रधानमंत्री नहीं बनने दूंगा। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू ने शपथ ली है कि 2014 के लोकसभा चुनावों के बाद एक धर्मनिरपेक्ष सरकार के गठन के लिए धर्मनिरपेक्ष ताकतों को तथा समान विचारधारा वाले दलों को एकजुट करेंगे।टिप्पणियां उन्होंने सवाल किया, एक ऐसा राजनीतिज्ञ जो दो समुदायों में घृणा उत्पन्न करता हो तथा 2002 में गुजरात में हजारों लोगों की मौत का जिम्मेदार रहा हो, भला भारत जैसे धर्मनिरपेक्ष देश का प्रधानमंत्री कैसे बन सकता है? लालू ने जोर देते हुए कहा कि चूंकि मोदी को पूरे भारत का समर्थन नहीं है, इसलिए उनका प्रधानमंत्री बनने का सपना कभी पूरा नहीं हो सकता। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू ने शपथ ली है कि 2014 के लोकसभा चुनावों के बाद एक धर्मनिरपेक्ष सरकार के गठन के लिए धर्मनिरपेक्ष ताकतों को तथा समान विचारधारा वाले दलों को एकजुट करेंगे।टिप्पणियां उन्होंने सवाल किया, एक ऐसा राजनीतिज्ञ जो दो समुदायों में घृणा उत्पन्न करता हो तथा 2002 में गुजरात में हजारों लोगों की मौत का जिम्मेदार रहा हो, भला भारत जैसे धर्मनिरपेक्ष देश का प्रधानमंत्री कैसे बन सकता है? लालू ने जोर देते हुए कहा कि चूंकि मोदी को पूरे भारत का समर्थन नहीं है, इसलिए उनका प्रधानमंत्री बनने का सपना कभी पूरा नहीं हो सकता। उन्होंने सवाल किया, एक ऐसा राजनीतिज्ञ जो दो समुदायों में घृणा उत्पन्न करता हो तथा 2002 में गुजरात में हजारों लोगों की मौत का जिम्मेदार रहा हो, भला भारत जैसे धर्मनिरपेक्ष देश का प्रधानमंत्री कैसे बन सकता है? लालू ने जोर देते हुए कहा कि चूंकि मोदी को पूरे भारत का समर्थन नहीं है, इसलिए उनका प्रधानमंत्री बनने का सपना कभी पूरा नहीं हो सकता। लालू ने जोर देते हुए कहा कि चूंकि मोदी को पूरे भारत का समर्थन नहीं है, इसलिए उनका प्रधानमंत्री बनने का सपना कभी पूरा नहीं हो सकता।
संक्षिप्त सारांश: राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद ने शनिवार को कहा कि वह गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को देश का प्रधानमंत्री बनने से रोकने के लिए सब कुछ करेंगे।
29
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: लोकसभा में भाजपा के एक सदस्य ने दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिले के लिए छात्रों को होने वाली समस्याओं का जिक्र करते हुए डीयू का 'वेस्ट कैम्पस' स्थापित करने की मांग की. शून्यकाल के दौरान भाजपा के परवेश साहिब सिंह वर्मा ने कहा कि डीयू में इस साल तीन लाख छात्रों ने दाखिले के लिए आवेदन किया और केवल 50 हजार छात्रों को दाखिला मिल सका. उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ दशक से दिल्ली में कोई नया कॉलेज नहीं स्थापित किया जा सका है. दिल्ली में आप की नई सरकार ने कालेज खोलने का वादा किया था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका. इसके कारण 90 प्रतिशत अंक लाने वाले छात्रों को भी डीयू में दाखिला नहीं मिल पाता है. परवेश वर्मा ने कहा कि बच्चे हताश हो गए हैं, आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे हैं. भाजपा सदस्य ने कहा कि दिल्ली में ग्राम सभा के पास जमीन है, ग्राम सभा की मालिक दिल्ली सरकार है, लेकिन कालेज के लिए जमीन नहीं मिल रही हैं. उन्होंने कहा कि हम मानव संसाधन विकास मंत्री से आग्रह करते हैं कि वे दिल्ली सरकार से बात करें. टिप्पणियां उन्होंने कहा, 'नॉर्थ और साउथ कैंपस की तरह दिल्ली में वेस्ट कैंपस स्थापित किया जाए जो नजफगढ़ एवं उससे लगे इलाके को जोड़ते हुए आगे बढ़ाया जाए.' भाजपा सदस्य ने कहा कि 'डीयू के कालेजों में शाम की पाली में पढ़ाई भी शुरू की जाए ताकि अधिक से अधिक बच्चों को दाखिला मिल सके.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) शून्यकाल के दौरान भाजपा के परवेश साहिब सिंह वर्मा ने कहा कि डीयू में इस साल तीन लाख छात्रों ने दाखिले के लिए आवेदन किया और केवल 50 हजार छात्रों को दाखिला मिल सका. उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ दशक से दिल्ली में कोई नया कॉलेज नहीं स्थापित किया जा सका है. दिल्ली में आप की नई सरकार ने कालेज खोलने का वादा किया था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका. इसके कारण 90 प्रतिशत अंक लाने वाले छात्रों को भी डीयू में दाखिला नहीं मिल पाता है. परवेश वर्मा ने कहा कि बच्चे हताश हो गए हैं, आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे हैं. भाजपा सदस्य ने कहा कि दिल्ली में ग्राम सभा के पास जमीन है, ग्राम सभा की मालिक दिल्ली सरकार है, लेकिन कालेज के लिए जमीन नहीं मिल रही हैं. उन्होंने कहा कि हम मानव संसाधन विकास मंत्री से आग्रह करते हैं कि वे दिल्ली सरकार से बात करें. टिप्पणियां उन्होंने कहा, 'नॉर्थ और साउथ कैंपस की तरह दिल्ली में वेस्ट कैंपस स्थापित किया जाए जो नजफगढ़ एवं उससे लगे इलाके को जोड़ते हुए आगे बढ़ाया जाए.' भाजपा सदस्य ने कहा कि 'डीयू के कालेजों में शाम की पाली में पढ़ाई भी शुरू की जाए ताकि अधिक से अधिक बच्चों को दाखिला मिल सके.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ दशक से दिल्ली में कोई नया कॉलेज नहीं स्थापित किया जा सका है. दिल्ली में आप की नई सरकार ने कालेज खोलने का वादा किया था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका. इसके कारण 90 प्रतिशत अंक लाने वाले छात्रों को भी डीयू में दाखिला नहीं मिल पाता है. परवेश वर्मा ने कहा कि बच्चे हताश हो गए हैं, आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे हैं. भाजपा सदस्य ने कहा कि दिल्ली में ग्राम सभा के पास जमीन है, ग्राम सभा की मालिक दिल्ली सरकार है, लेकिन कालेज के लिए जमीन नहीं मिल रही हैं. उन्होंने कहा कि हम मानव संसाधन विकास मंत्री से आग्रह करते हैं कि वे दिल्ली सरकार से बात करें. टिप्पणियां उन्होंने कहा, 'नॉर्थ और साउथ कैंपस की तरह दिल्ली में वेस्ट कैंपस स्थापित किया जाए जो नजफगढ़ एवं उससे लगे इलाके को जोड़ते हुए आगे बढ़ाया जाए.' भाजपा सदस्य ने कहा कि 'डीयू के कालेजों में शाम की पाली में पढ़ाई भी शुरू की जाए ताकि अधिक से अधिक बच्चों को दाखिला मिल सके.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) भाजपा सदस्य ने कहा कि दिल्ली में ग्राम सभा के पास जमीन है, ग्राम सभा की मालिक दिल्ली सरकार है, लेकिन कालेज के लिए जमीन नहीं मिल रही हैं. उन्होंने कहा कि हम मानव संसाधन विकास मंत्री से आग्रह करते हैं कि वे दिल्ली सरकार से बात करें. टिप्पणियां उन्होंने कहा, 'नॉर्थ और साउथ कैंपस की तरह दिल्ली में वेस्ट कैंपस स्थापित किया जाए जो नजफगढ़ एवं उससे लगे इलाके को जोड़ते हुए आगे बढ़ाया जाए.' भाजपा सदस्य ने कहा कि 'डीयू के कालेजों में शाम की पाली में पढ़ाई भी शुरू की जाए ताकि अधिक से अधिक बच्चों को दाखिला मिल सके.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा, 'नॉर्थ और साउथ कैंपस की तरह दिल्ली में वेस्ट कैंपस स्थापित किया जाए जो नजफगढ़ एवं उससे लगे इलाके को जोड़ते हुए आगे बढ़ाया जाए.' भाजपा सदस्य ने कहा कि 'डीयू के कालेजों में शाम की पाली में पढ़ाई भी शुरू की जाए ताकि अधिक से अधिक बच्चों को दाखिला मिल सके.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सारांश: सांसद ने DU में दाखिले के लिए छात्रों को होने वाली समस्याओं का जिक्र किया शून्यकाल के दौरान भाजपा के परवेश वर्मा ने लोकसभा में उठाया मुद्दा 90 पर्सेंट अंक लाने वाले छात्रों को भी DU में दाखिला नहीं मिल पाता: सांसद
31
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद कांग्रेस के अंदर सियासी उथल-पुथल मच गई है. पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) इस्तीफा देने की बात पर अड़े हैं. वहीं, बताया जा रहा है कि वह पार्टी के पुराने नेता अशोक गहलोत, कमलनाथ और पी. चिदंबरम से काफी खफा हैं, जिन्होंने हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में अपने बेटों को जीत दिलाने का प्रयास किया और पार्टी के लिए काम नहीं करते दिखे. हालांकि अब यह माना जा रहा है कि राहुल गांधी ने यह स्वीकार कर लिया है कि वह लोकसभा में कांग्रेस पार्टी का नेतृत्व करेंगे, जहां पार्टी ने इस बार 52 सीटें जीती हैं, जोकि पिछली बार की सीटों की तुलना में केवल आठ ज्यादा है. वहीं, सोनिया गांधी संप्रग की अध्यक्ष बनी रहेंगी और परिवार खुद को पार्टी के रोजाना की गतिविधियों से दूर रखेगा.   गांधी परिवार के तीनों सदस्य -सोनिया, राहुल और प्रियंका- पार्टी की रोजाना की गतिविधियों में शामिल नहीं होंगे. एक अंतरिम कार्यकारी अध्यक्ष और दो या इससे ज्यादा उपाध्यक्ष एक अध्यक्ष-मंडल का निर्माण करेंगे, जो पार्टी का संचालन करेगा और चुनाव व प्रचार की योजना बनाएगा. के.सी. वेणुगोपाल अंतरिम अध्यक्ष के तौर पर, जबकि पृथ्वीराज चौहान उपाध्यक्षों में से एक के तौर पर उभर सकते हैं. यह देखते हुए कि दक्षिण से इसबार 23 सांसद चुन कर आए हैं, ऐसा प्रतीत होता है कि दक्षिण भारत इस समय कांग्रेस के लिए सहारा बना हुआ है. या फिर अतीत को भुलाते हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया को कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त करे और सचिन पायलट, मिलिंद देवड़ा और अन्य युवाओं को साथ लेकर वह पार्टी के भाग्य बदलने का काम करें.
संक्षिप्त सारांश: चुनाव में हार के बाद कांग्रेस में उथल-पुथल जारी राहुल गांधी इस्तीफा देने की बात पर अड़े कई वरिष्ठ नेताओं से बताए जा रहे हैं नाराज
29
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: अपने चार साल के फिल्मी करियर में रणबीर कपूर ने हास्य, राजनीतिक थ्रिलर एवं ड्रामा हर प्रकार की फिल्मों में अभिनय किया है। बॉलीवुड के महान शोमैन राजकपूर के पोते ने कहा कि वह हर प्रकार की भूमिकाएं करना चाहते हैं और सबसे बड़ा अभिनेता बनना चाहते हैं। रणबीर ने अपने करियर की शुरुआत 2007 में 'सांवरिया' से की। इसके बाद 'बचना ए हसीनों' एवं 'वेक अप सिड' जैसी हल्की-फुल्की फिल्में करने के बाद 'राजनीति' में वह चॉकलेटी ब्वॉय की छवि से बाहर निकल कर गंभीर अभिनेता नजर आए। इस फिल्म से उन्होंने अपने प्रति लोगों के दृष्टिकोण को बदल दिया। अब वह दर्शकों के सामने 'रॉकस्टार' एवं 'बर्फी' के साथ आ रहे हैं। रणबीर ने कहा, मैं आशा करता हूं कि मैं प्रत्येक चरित्र के साथ सीखता जाऊंगा। मैं उत्कृष्ट अभिनेता बनना चाहता हूं। मुझे लगता है कि मैं सही रास्ते पर हूं और खुशनसीब हूं कि ऐसे प्रतिभावान निर्देशकों के साथ काम करने का मौका मिला। आलोचकों से बेपरवाह रणबीर ने कहा, मैं अपनी तरक्की और करियर से खुश हूं। लोगों ने नकारात्मक टिप्पणी करके मुझे नीचे धकेलने की कोशिश की है। लेकिन इन सबका मुझ पर कोई फर्क नहीं पड़ता। महान कलाकार पृथ्वीराज कपूर के पड़पोते एवं बीते दिनों के स्टार ऋषि कपूर एवं नीतू सिंह के पुत्र रणबीर अपने दादाजी की तरह निर्देशन में भी हाथ आजमाना चाहते हैं। उन्होंने कहा, मैं निर्देशन करना चाहता हूं, लेकिन दिक्कत यह है कि मैं अपने विचारों को लिख नहीं सकता। मैं 'श्री 420' एवं 'जागते रहो' जैसी फिल्में बनाना चाहता हूं। अपनी आने वाली फिल्म 'रॉकस्टार' के बारे में इस 29 वर्षीय अभिनेता ने कहा, इस फिल्म में मैंने जाट लड़के का किरदार निभाया है, जो दिल्ली के पीतमपुरा में रहता है और हिन्दू कॉलेज में पढ़ता है। यह प्रेम कहानी है। संगीत इसमें आकस्मिक है। रणबीर ने कहा कि उन्हें जाट लड़के की भूमिका निभाने में काफी दिक्कत आई। उन्होंने कहा, मेरा चरित्र समाज के जिस स्तर से जुड़ा था, उससे मेरा कभी सम्पर्क नहीं हुआ है। इसलिए मैं दिल्ली में एक जाट परिवार के साथ रहा। इस फिल्म में रणबीर ने एक महत्वाकांक्षी संगीतकार की भूमिका निभाई है।
यहाँ एक सारांश है:रणबीर ने कहा, मैं आशा करता हूं कि मैं प्रत्येक चरित्र के साथ सीखता जाऊंगा। मैं उत्कृष्ट अभिनेता बनना चाहता हूं।
4
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: फ्रांस के प्रधानमंत्री एडवर्ड फिलीप ने देश में और आतंकवादी हमले होने को लेकर चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि देश में नवंबर से आपातकाल हटाया जाएगा. देश में दिसंबर से आपातकाल लगा है.टिप्पणियां समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने फिलीप के हवाले से बताया, 'देश में और हमले, और त्रासदियां, और पीड़ित हो सकते हैं. हम आतंकवाद से लड़ेंगे. हालांकि, आपातकाल की दशा स्थाई नहीं है.' प्रधानमंत्री ने अगले पांच वर्ष के लिए सरकार का दिशानिर्देश जारी करते हुए कहा कि उनका स्टाफ एक नवंबर से देश में लगे आपातकाल को हटाने की तैयारी कर रहा है.    समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने फिलीप के हवाले से बताया, 'देश में और हमले, और त्रासदियां, और पीड़ित हो सकते हैं. हम आतंकवाद से लड़ेंगे. हालांकि, आपातकाल की दशा स्थाई नहीं है.' प्रधानमंत्री ने अगले पांच वर्ष के लिए सरकार का दिशानिर्देश जारी करते हुए कहा कि उनका स्टाफ एक नवंबर से देश में लगे आपातकाल को हटाने की तैयारी कर रहा है.    प्रधानमंत्री ने अगले पांच वर्ष के लिए सरकार का दिशानिर्देश जारी करते हुए कहा कि उनका स्टाफ एक नवंबर से देश में लगे आपातकाल को हटाने की तैयारी कर रहा है.
संक्षिप्त सारांश: देश में दिसंबर से आपातकाल लगा है. फ्रांस के प्रधानमंत्री एडवर्ड फिलीप ने लगाया था आपातकाल देश में आतंकी हमले के बाद लगाया गया था आपातकाल
10
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाए जाने और उसके बाद के राजनीतिक घटनाक्रमों को लेकर सोमवार को भाजपा पर निशाना साधा. प्रियंका गांधी ने करता हुए पूछा कि क्या देश अब 'जनादेश के खुले अपहरण' के दौर में पहुंच चुका है. प्रियंका ने ट्वीट कर कहा, 'टीवी दिखा रहा है कि भाजपा महाराष्ट्र में (संवैधानिक) संस्थाओं और संविधान को ठेंगा दिखाते हुए कर्नाटक का खेल फिर से दोहराना चाह रही है.' कांग्रेस नेता ने कहा, ‘महाराष्ट्र में 12000 किसानों ने आत्महत्या कर ली और उनके लिए भाजपा सरकार की जेब से तो मदद नहीं निकली.' इसके आगे प्रियंका गांधी ने सवाल करते हुए कहा, 'क्या हम जनादेश के खुले अपहरण के दौर में पहुँच चुके हैं?' टीवी दिखा रहा है कि भाजपा महाराष्ट्र में संस्थाओं, संविधान को ठेंगा दिखाते हुए कर्नाटक का खेल फिर से दोहराना चाह रही है। महाराष्ट्र में 12000 किसानों ने आत्महत्या कर ली। उनके लिए भाजपा सरकार की जेब से तो मदद नहीं निकली। क्या हम जनादेश के खुले अपहरण के दौर में पहुँच चुके हैं? गौरतलब है कि महाराष्ट्र में अप्रत्याशित राजनीतिक घटनाक्रम में राज्यपाल ने शनिवार की सुबह देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री और अजित पवार को उप मुख्यमंत्री पद की शपथ दिला दी. इसके बाद से शिवसेना, कांग्रेस और राकांपा अपने विधायकों को मुंबई के अलग अलग होटलों में रखे हुए है. भाजपा की सरकार बनने को लेकर इन तीनों दलों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया है और बहुमत साबित करने के लिए फ्लोर टेस्ट कराया जाने की मांग की है. रविवार को 11 बजे तीनों पार्टियों की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने फ्लोर टेस्ट कराए जाने का आदेश तो नहीं दिया था, लेकिन केंद्र सरकार से राज्यपाल को दिए गए समर्थन पत्र और सरकार बनाने के लिए भेजे गए निमंत्रण पत्र को सोमवार को पेश करने को कहा है. आज सुबह 10:30 बजे इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट फिर सुनवाई करने जा रहा है.
यहाँ एक सारांश है:राजनीतिक घटनाक्रमों को लेकर सोमवार को भाजपा पर निशाना साधा प्रियंका ने पूछा- क्या देश अब 'जनादेश के खुले अपहरण' के दौर में पहुंच चुका है? शनिवार सुबह महाराष्ट्र में राज्यपाल ने भाजपा नीत सरकार को शपत दिला दी थी
12
['hin']
एक सारांश बनाओ: दिल्ली पुलिस के दो कॉन्स्टेबल को एक लड़की के साथ जबर्दस्ती करने के आरोप में बर्खास्त करने के बाद गिरफ़्तार कर लिया गया है।टिप्पणियां कॉन्स्टेबल अमित तोमर पर आरोप है कि वह शुक्रवार को दिल्ली के मुखर्जी नगर इलाके से तीन गरीब बच्चियों को आर्थिक मदद देने के बहाने दूसरे आरोपी गुरजिंदर के घर ले गया। वहां गुरजिंदर पहले से ही मौजूद था। यहां दोनों ने लड़की के साथ जबर्रदस्ती करने की कोशिश की। जब लड़की ने विरोध में चिल्लाना शुरू किया तो आस−पास के लोगों ने पीसीआर वैन को फोन कर बुला लिया। मामले में तुरंत एफआईआर दर्जकर लड़की का मेडिकल कराया गया। दिल्ली पुलिस एक विशेष टीम मामले की जांच कर रही है। कॉन्स्टेबल अमित तोमर पर आरोप है कि वह शुक्रवार को दिल्ली के मुखर्जी नगर इलाके से तीन गरीब बच्चियों को आर्थिक मदद देने के बहाने दूसरे आरोपी गुरजिंदर के घर ले गया। वहां गुरजिंदर पहले से ही मौजूद था। यहां दोनों ने लड़की के साथ जबर्रदस्ती करने की कोशिश की। जब लड़की ने विरोध में चिल्लाना शुरू किया तो आस−पास के लोगों ने पीसीआर वैन को फोन कर बुला लिया। मामले में तुरंत एफआईआर दर्जकर लड़की का मेडिकल कराया गया। दिल्ली पुलिस एक विशेष टीम मामले की जांच कर रही है। मामले में तुरंत एफआईआर दर्जकर लड़की का मेडिकल कराया गया। दिल्ली पुलिस एक विशेष टीम मामले की जांच कर रही है।
संक्षिप्त पाठ: दिल्ली पुलिस के दो कॉन्स्टेबल को एक लड़की के साथ जबर्दस्ती करने के आरोप में बर्खास्त करने के बाद गिरफ़्तार कर लिया गया है।
30
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: उत्तर कोरिया ने जापान सागर में कम दूरी की मारक क्षमता वाली एक और मिसाइल का प्रक्षेपण किया है। उत्तर कोरिया ने पिछले तीन दिनों में पांचवीं बार मिसाइल परीक्षण किया है। दक्षिण कोरिया और संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख बान की मून ने मिसाइल परीक्षणों की इस शृंखला की आलोचना की थी। दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के एक प्रवक्ता ने पांचवें प्रक्षेपण की पुष्टि करते हुए कहा कि यह अभी अस्पष्ट है कि उत्तर कोरिया ने निर्देशित मिसाइलों का परीक्षण किया है या फिर बहु प्रक्षेपकों से रॉकेट प्रक्षेपित किए गए।टिप्पणियां प्रवक्ता ने कहा, हम इन परीक्षणों की सटीक प्रकृति की अभी जांच कर रहे हैं। उत्तर कोरिया ने एक सैन्य अभ्यास के तहत गत शनिवार को भी अपने पूर्वी तट पर कम दूरी की मारक क्षमता वाली तीन मिसाइलें दागी थीं। उसने रविवार को भी एक मिसाइल का परीक्षण किया था। ये परीक्षण असामान्य नहीं हैं, लेकिन ये ऐसे समय किए गए हैं, जब कोरियाई प्रायद्वीप में स्थिति तनावपूर्ण है। दक्षिण कोरिया ने सप्ताह के अंत में किए गए मिसाइल परीक्षणों को निंदनीय और भड़काऊ करार दिया था, जबकि संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख बान की मून ने उत्तर कोरिया से भविष्य में इस प्रकार के प्रक्षेपण न करने की अपील की थी। दक्षिण कोरिया और संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख बान की मून ने मिसाइल परीक्षणों की इस शृंखला की आलोचना की थी। दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के एक प्रवक्ता ने पांचवें प्रक्षेपण की पुष्टि करते हुए कहा कि यह अभी अस्पष्ट है कि उत्तर कोरिया ने निर्देशित मिसाइलों का परीक्षण किया है या फिर बहु प्रक्षेपकों से रॉकेट प्रक्षेपित किए गए।टिप्पणियां प्रवक्ता ने कहा, हम इन परीक्षणों की सटीक प्रकृति की अभी जांच कर रहे हैं। उत्तर कोरिया ने एक सैन्य अभ्यास के तहत गत शनिवार को भी अपने पूर्वी तट पर कम दूरी की मारक क्षमता वाली तीन मिसाइलें दागी थीं। उसने रविवार को भी एक मिसाइल का परीक्षण किया था। ये परीक्षण असामान्य नहीं हैं, लेकिन ये ऐसे समय किए गए हैं, जब कोरियाई प्रायद्वीप में स्थिति तनावपूर्ण है। दक्षिण कोरिया ने सप्ताह के अंत में किए गए मिसाइल परीक्षणों को निंदनीय और भड़काऊ करार दिया था, जबकि संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख बान की मून ने उत्तर कोरिया से भविष्य में इस प्रकार के प्रक्षेपण न करने की अपील की थी। प्रवक्ता ने कहा, हम इन परीक्षणों की सटीक प्रकृति की अभी जांच कर रहे हैं। उत्तर कोरिया ने एक सैन्य अभ्यास के तहत गत शनिवार को भी अपने पूर्वी तट पर कम दूरी की मारक क्षमता वाली तीन मिसाइलें दागी थीं। उसने रविवार को भी एक मिसाइल का परीक्षण किया था। ये परीक्षण असामान्य नहीं हैं, लेकिन ये ऐसे समय किए गए हैं, जब कोरियाई प्रायद्वीप में स्थिति तनावपूर्ण है। दक्षिण कोरिया ने सप्ताह के अंत में किए गए मिसाइल परीक्षणों को निंदनीय और भड़काऊ करार दिया था, जबकि संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख बान की मून ने उत्तर कोरिया से भविष्य में इस प्रकार के प्रक्षेपण न करने की अपील की थी। ये परीक्षण असामान्य नहीं हैं, लेकिन ये ऐसे समय किए गए हैं, जब कोरियाई प्रायद्वीप में स्थिति तनावपूर्ण है। दक्षिण कोरिया ने सप्ताह के अंत में किए गए मिसाइल परीक्षणों को निंदनीय और भड़काऊ करार दिया था, जबकि संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख बान की मून ने उत्तर कोरिया से भविष्य में इस प्रकार के प्रक्षेपण न करने की अपील की थी।
यहाँ एक सारांश है:दक्षिण कोरिया ने सप्ताह के अंत में किए गए मिसाइल परीक्षणों को निंदनीय और भड़काऊ करार दिया था, जबकि संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख बान की मून ने उत्तर कोरिया से भविष्य में इस प्रकार के प्रक्षेपण न करने की अपील की थी।
4
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: गुजरात के पूर्व IPS संजीव भट्ट  (Former IPS Sanjeev Bhatt) को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है. कोर्ट ने उन्हें NDPS केस में जमानत देने से इनकार कर दिया है. आपको बता दें कि संजीव भट्ट सितंबर 2018 से जेल में बंद हैं. इससे पहले गुजरात हाईकोर्ट भी भट्ट (Sanjeev Bhatt) की याचिका खारिज कर चुका है. दरअसल, पूर्व आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट (Sanjiv Bhatt) को गुजरात सीआईडी ने सितंबर 2018 को 22 साल पुराने एक मामले में गिरफ्तार किया था. पूर्व आईपीएस अधिकारी और 7 अन्य को 22 साल पहले कथित तौर पर मादक पदार्थ रखने के मामले में एक व्यक्ति की गिरफ्तारी के संबंध में पूछताछ करने के लिए पहले हिरासत में लिया गया था. भट्ट 1996 में बनासकांठा जिले के पुलिस अधीक्षक थे. मामले की जानकारी के अनुसार संजीव भट्ट (Sanjeev Bhatt) के नेतृत्व में बनासकांठा पुलिस ने वकील सुमेर सिंह राजपुरोहित को करीब एक किलोग्राम मादक पदार्थ रखने के आरोप में 1996 में गिरफ्तार किया था. उस समय बनासकांठा पुलिस ने दावा किया था कि मादक पदार्थ जिले के पालनपुर में होटल के उस कमरे से मिला था जिसमें राजपुरोहित ठहरे थे. राजस्थान पुलिस की जांच में खुलासा किया गया था कि राजपुरोहित को इस मामले में बनासकांठा पुलिस ने कथित तौर पर झूठे तौर फंसाया था ताकि उसे इसके लिए बाध्य किया जा सके कि वह राजस्थान के पाली स्थित अपनी विवादित संपत्ति हस्तांतरित करे.
सारांश: सितंबर 2018 से जेल में बंद हैं संजीव भट्ट गुजरात के पूर्व आईपीएस अधिकारी हैं भट्ट पहले गुजरात हाईकोर्ट भी उनकी याचिका खारिज कर चुका है
31
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली में हुए गैंगरेप मामले में जनता पार्टी के अध्यक्ष सुब्रह्मण्यम स्वामी की ओर से दायर की गई याचिका खारिज हो गई है। इस याचिका पर सुनवाई करने वाले जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने अपने फैसले में कहा कि स्वामी इस मामले में पार्टी ही नहीं हैं, इसलिए उनकी याचिका खारिज की जा रही है। स्वामी ने अपनी याचिका में मांग की थी कि छठे नाबालिग आरोपी को भी बालिग माना जाए और उसका केस भी बाकी आरोपियों की तरह फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया जाए। हालांकि इसी मामले को लेकर दिल्ली पुलिस द्वारा दायर की गई याचिका पर सुनवाई चलती रहेगी। प्रधान मजिस्ट्रेट गीतांजलि गोयल की अध्यक्षता वाले जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने इस बारे में जनता पार्टी अध्यक्ष सुब्रह्मण्यम स्वामी की याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें मांग की गई थी कि नाबालिग आरोपी के प्रति कोई नरमी नहीं बरती जाए, क्योंकि उसका अपराध जघन्य था और कहीं से नहीं लगता कि यह किसी किशोर की करतूत थी।टिप्पणियां स्वामी ने याचिका के जरिये मांग की थी कि मामले के अन्य आरोपियों की तरह ही किशोर आरोपी पर भी मुकदमा चलाया जाए और याचिका में उन्होंने ने किशोर न्याय कानून और भारतीय दंड संहिता में कई खामियां भी गिनाई थीं। उल्लेखनीय है कि इस मामले पुलिस द्वारा दाखिल की गई चार्जशीट में इस अभियुक्त का नाम भले ही शामिल नहीं किया गया था, परंतु इसकी हरकतों का जिक्र किया गया था। चार्जशीट के मुताबिक यही नाबालिग आरोपी पीड़ित लड़की के प्रति सबसे ज़्यादा नृशंस रहा था। इस अभियुक्त ने लड़की के साथ दो बार बलात्कार किया, और उनमें से एक बार तो उस समय किया, जब लड़की बेहोश हो चुकी थी। इसके अलावा इसी लड़के ने अपने हाथों से लड़की की अंतड़ियों को बाहर खींच निकाला था, और इसी अभियुक्त ने पीड़ित लड़की और उसके मित्र को चलती बस से नीचे फेंक देने का सुझाव दिया था। स्वामी ने अपनी याचिका में मांग की थी कि छठे नाबालिग आरोपी को भी बालिग माना जाए और उसका केस भी बाकी आरोपियों की तरह फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया जाए। हालांकि इसी मामले को लेकर दिल्ली पुलिस द्वारा दायर की गई याचिका पर सुनवाई चलती रहेगी। प्रधान मजिस्ट्रेट गीतांजलि गोयल की अध्यक्षता वाले जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने इस बारे में जनता पार्टी अध्यक्ष सुब्रह्मण्यम स्वामी की याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें मांग की गई थी कि नाबालिग आरोपी के प्रति कोई नरमी नहीं बरती जाए, क्योंकि उसका अपराध जघन्य था और कहीं से नहीं लगता कि यह किसी किशोर की करतूत थी।टिप्पणियां स्वामी ने याचिका के जरिये मांग की थी कि मामले के अन्य आरोपियों की तरह ही किशोर आरोपी पर भी मुकदमा चलाया जाए और याचिका में उन्होंने ने किशोर न्याय कानून और भारतीय दंड संहिता में कई खामियां भी गिनाई थीं। उल्लेखनीय है कि इस मामले पुलिस द्वारा दाखिल की गई चार्जशीट में इस अभियुक्त का नाम भले ही शामिल नहीं किया गया था, परंतु इसकी हरकतों का जिक्र किया गया था। चार्जशीट के मुताबिक यही नाबालिग आरोपी पीड़ित लड़की के प्रति सबसे ज़्यादा नृशंस रहा था। इस अभियुक्त ने लड़की के साथ दो बार बलात्कार किया, और उनमें से एक बार तो उस समय किया, जब लड़की बेहोश हो चुकी थी। इसके अलावा इसी लड़के ने अपने हाथों से लड़की की अंतड़ियों को बाहर खींच निकाला था, और इसी अभियुक्त ने पीड़ित लड़की और उसके मित्र को चलती बस से नीचे फेंक देने का सुझाव दिया था। प्रधान मजिस्ट्रेट गीतांजलि गोयल की अध्यक्षता वाले जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने इस बारे में जनता पार्टी अध्यक्ष सुब्रह्मण्यम स्वामी की याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें मांग की गई थी कि नाबालिग आरोपी के प्रति कोई नरमी नहीं बरती जाए, क्योंकि उसका अपराध जघन्य था और कहीं से नहीं लगता कि यह किसी किशोर की करतूत थी।टिप्पणियां स्वामी ने याचिका के जरिये मांग की थी कि मामले के अन्य आरोपियों की तरह ही किशोर आरोपी पर भी मुकदमा चलाया जाए और याचिका में उन्होंने ने किशोर न्याय कानून और भारतीय दंड संहिता में कई खामियां भी गिनाई थीं। उल्लेखनीय है कि इस मामले पुलिस द्वारा दाखिल की गई चार्जशीट में इस अभियुक्त का नाम भले ही शामिल नहीं किया गया था, परंतु इसकी हरकतों का जिक्र किया गया था। चार्जशीट के मुताबिक यही नाबालिग आरोपी पीड़ित लड़की के प्रति सबसे ज़्यादा नृशंस रहा था। इस अभियुक्त ने लड़की के साथ दो बार बलात्कार किया, और उनमें से एक बार तो उस समय किया, जब लड़की बेहोश हो चुकी थी। इसके अलावा इसी लड़के ने अपने हाथों से लड़की की अंतड़ियों को बाहर खींच निकाला था, और इसी अभियुक्त ने पीड़ित लड़की और उसके मित्र को चलती बस से नीचे फेंक देने का सुझाव दिया था। स्वामी ने याचिका के जरिये मांग की थी कि मामले के अन्य आरोपियों की तरह ही किशोर आरोपी पर भी मुकदमा चलाया जाए और याचिका में उन्होंने ने किशोर न्याय कानून और भारतीय दंड संहिता में कई खामियां भी गिनाई थीं। उल्लेखनीय है कि इस मामले पुलिस द्वारा दाखिल की गई चार्जशीट में इस अभियुक्त का नाम भले ही शामिल नहीं किया गया था, परंतु इसकी हरकतों का जिक्र किया गया था। चार्जशीट के मुताबिक यही नाबालिग आरोपी पीड़ित लड़की के प्रति सबसे ज़्यादा नृशंस रहा था। इस अभियुक्त ने लड़की के साथ दो बार बलात्कार किया, और उनमें से एक बार तो उस समय किया, जब लड़की बेहोश हो चुकी थी। इसके अलावा इसी लड़के ने अपने हाथों से लड़की की अंतड़ियों को बाहर खींच निकाला था, और इसी अभियुक्त ने पीड़ित लड़की और उसके मित्र को चलती बस से नीचे फेंक देने का सुझाव दिया था। चार्जशीट के मुताबिक यही नाबालिग आरोपी पीड़ित लड़की के प्रति सबसे ज़्यादा नृशंस रहा था। इस अभियुक्त ने लड़की के साथ दो बार बलात्कार किया, और उनमें से एक बार तो उस समय किया, जब लड़की बेहोश हो चुकी थी। इसके अलावा इसी लड़के ने अपने हाथों से लड़की की अंतड़ियों को बाहर खींच निकाला था, और इसी अभियुक्त ने पीड़ित लड़की और उसके मित्र को चलती बस से नीचे फेंक देने का सुझाव दिया था।
सारांश: जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने अपने फैसले में कहा कि जनता पार्टी अध्यक्ष सुब्रह्मण्यम स्वामी इस मामले में पार्टी ही नहीं हैं, इसलिए उनकी याचिका खारिज की जा रही है।
20
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: देश में 2013 से 2015 के बीच तीन वर्षों के दौरान 14 लाख 77 हजार 299 सड़क दुर्घटनाएं घटीं. देश में दुर्घटना की आशंका वाले क्षेत्रों की संख्या उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक है और केंद्र सरकार ने सड़क हादसों में लोगों के हताहत होने के मामलों को कम करने के लिए सुरक्षा ऑडिट जैसे कई कदम उठाए हैं. सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्यमंत्री पी राधाकृष्णन ने आज लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि भारत में सड़क हादसों में लोगों के हताहत होने के आधार पर चिह्नित 789 ऐसे स्थानों में सवाधिक 104 उत्तर प्रदेश में हैं जिसके बाद तमिलनाडु में 102 और कर्नाटक में 86 हैं. मंत्री ने बताया कि सड़क हादसों और उनमें लोगों के मारे जाने या घायल होने के मामलों को कम करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं जिनमें सड़क सुरक्षा ऑडिट, ऐसे स्थानों को उचित तरीके से चिह्नित करना, व्यावसायिक वाहन चालकों का प्रशिक्षण, प्रचार अभियान और सड़क आभियांत्रिकी पर जोर देना शामिल हैं.टिप्पणियां राधाकृष्णन ने सी महेंद्रन ने बताया कि 2013, 2014 और 2015 में देशभर में घटी सड़क दुर्घटनाओं की संख्या क्रमश: 4,86,476, 4,89,400 और 5,01,423 थीं. उन्होंने कहा कि लोकसभा में गत नौ अगस्त को पेश किए गए मोटर वाहन (संशोधन) विधेयक, 2016 में दुर्घटना पीड़ितों को तुरंत सहायता देने की व्यवस्था है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्यमंत्री पी राधाकृष्णन ने आज लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि भारत में सड़क हादसों में लोगों के हताहत होने के आधार पर चिह्नित 789 ऐसे स्थानों में सवाधिक 104 उत्तर प्रदेश में हैं जिसके बाद तमिलनाडु में 102 और कर्नाटक में 86 हैं. मंत्री ने बताया कि सड़क हादसों और उनमें लोगों के मारे जाने या घायल होने के मामलों को कम करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं जिनमें सड़क सुरक्षा ऑडिट, ऐसे स्थानों को उचित तरीके से चिह्नित करना, व्यावसायिक वाहन चालकों का प्रशिक्षण, प्रचार अभियान और सड़क आभियांत्रिकी पर जोर देना शामिल हैं.टिप्पणियां राधाकृष्णन ने सी महेंद्रन ने बताया कि 2013, 2014 और 2015 में देशभर में घटी सड़क दुर्घटनाओं की संख्या क्रमश: 4,86,476, 4,89,400 और 5,01,423 थीं. उन्होंने कहा कि लोकसभा में गत नौ अगस्त को पेश किए गए मोटर वाहन (संशोधन) विधेयक, 2016 में दुर्घटना पीड़ितों को तुरंत सहायता देने की व्यवस्था है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) मंत्री ने बताया कि सड़क हादसों और उनमें लोगों के मारे जाने या घायल होने के मामलों को कम करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं जिनमें सड़क सुरक्षा ऑडिट, ऐसे स्थानों को उचित तरीके से चिह्नित करना, व्यावसायिक वाहन चालकों का प्रशिक्षण, प्रचार अभियान और सड़क आभियांत्रिकी पर जोर देना शामिल हैं.टिप्पणियां राधाकृष्णन ने सी महेंद्रन ने बताया कि 2013, 2014 और 2015 में देशभर में घटी सड़क दुर्घटनाओं की संख्या क्रमश: 4,86,476, 4,89,400 और 5,01,423 थीं. उन्होंने कहा कि लोकसभा में गत नौ अगस्त को पेश किए गए मोटर वाहन (संशोधन) विधेयक, 2016 में दुर्घटना पीड़ितों को तुरंत सहायता देने की व्यवस्था है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) राधाकृष्णन ने सी महेंद्रन ने बताया कि 2013, 2014 और 2015 में देशभर में घटी सड़क दुर्घटनाओं की संख्या क्रमश: 4,86,476, 4,89,400 और 5,01,423 थीं. उन्होंने कहा कि लोकसभा में गत नौ अगस्त को पेश किए गए मोटर वाहन (संशोधन) विधेयक, 2016 में दुर्घटना पीड़ितों को तुरंत सहायता देने की व्यवस्था है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त पाठ: सड़क परिवहन, राजमार्ग राज्यमंत्री पी राधाकृष्णन ने लोकसभा में दी जानकारी देश में 2013 से 2015 के बीच 14 लाख 77 हजार 299 सड़क दुर्घटनाएं मोटर वाहन (संशोधन) विधेयक में पीड़ितों को तुरंत सहायता देने की व्यवस्था
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बीकानेर मे चौबीस घंटों के दौरान दो अलग-अलग दुष्कर्म के मामले पुलिस ने दर्ज किये है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि बीकानेर निवासी पीडिता ने अपने चाचा ससुर के तीन पुत्रों के खिलाफ कथित रूप से सामूहिक दुष्कर्म करने का मामला दर्ज कराया है। उन्होंने बताया कि तीन आरोपियों में से एक ने दुष्कर्म के बारे में किसी को जानकारी देने पर गोली मारने और तेजाब उडेलकर जलाने की धमकी दी थी। सूत्रों ने पीड़िता की ओर से दर्ज रिपोर्ट के हवाले से बताया कि चाचा ससुर के लड़कों ने पिस्तौल दिखाकर उसे एक सूने मकान में बंद कर दिया। पीडिता को नशे की गोलियां देकर बेहोश कर दिया और तीन-चार दिन तक कथित रूप से दुष्कर्म किया।टिप्पणियां उन्होंने बताया कि पीडिता के पति ने पत्नी के लापता होने पर नया शहर पुलिस थाने में गुमशुदगी का मामला दर्ज कराया था। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है। बीछवाल पुलिस थाने में विवाहिता ने अपने ससुर पर 23 मई को दुष्कर्म करने का मामला दर्ज कराया है। थानाधिकारी इन्द्रकुमार ने बताया कि इस्तगासे के आधार पर दर्ज रिपोर्ट के अनुसार घटना के वक्त पीड़िता का पति अपनी बीमार बेटी को उपचार के लिए अस्पताल लेकर गया हुआ था। पुलिस मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश में जुटी है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि बीकानेर निवासी पीडिता ने अपने चाचा ससुर के तीन पुत्रों के खिलाफ कथित रूप से सामूहिक दुष्कर्म करने का मामला दर्ज कराया है। उन्होंने बताया कि तीन आरोपियों में से एक ने दुष्कर्म के बारे में किसी को जानकारी देने पर गोली मारने और तेजाब उडेलकर जलाने की धमकी दी थी। सूत्रों ने पीड़िता की ओर से दर्ज रिपोर्ट के हवाले से बताया कि चाचा ससुर के लड़कों ने पिस्तौल दिखाकर उसे एक सूने मकान में बंद कर दिया। पीडिता को नशे की गोलियां देकर बेहोश कर दिया और तीन-चार दिन तक कथित रूप से दुष्कर्म किया।टिप्पणियां उन्होंने बताया कि पीडिता के पति ने पत्नी के लापता होने पर नया शहर पुलिस थाने में गुमशुदगी का मामला दर्ज कराया था। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है। बीछवाल पुलिस थाने में विवाहिता ने अपने ससुर पर 23 मई को दुष्कर्म करने का मामला दर्ज कराया है। थानाधिकारी इन्द्रकुमार ने बताया कि इस्तगासे के आधार पर दर्ज रिपोर्ट के अनुसार घटना के वक्त पीड़िता का पति अपनी बीमार बेटी को उपचार के लिए अस्पताल लेकर गया हुआ था। पुलिस मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश में जुटी है। सूत्रों ने पीड़िता की ओर से दर्ज रिपोर्ट के हवाले से बताया कि चाचा ससुर के लड़कों ने पिस्तौल दिखाकर उसे एक सूने मकान में बंद कर दिया। पीडिता को नशे की गोलियां देकर बेहोश कर दिया और तीन-चार दिन तक कथित रूप से दुष्कर्म किया।टिप्पणियां उन्होंने बताया कि पीडिता के पति ने पत्नी के लापता होने पर नया शहर पुलिस थाने में गुमशुदगी का मामला दर्ज कराया था। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है। बीछवाल पुलिस थाने में विवाहिता ने अपने ससुर पर 23 मई को दुष्कर्म करने का मामला दर्ज कराया है। थानाधिकारी इन्द्रकुमार ने बताया कि इस्तगासे के आधार पर दर्ज रिपोर्ट के अनुसार घटना के वक्त पीड़िता का पति अपनी बीमार बेटी को उपचार के लिए अस्पताल लेकर गया हुआ था। पुलिस मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश में जुटी है। उन्होंने बताया कि पीडिता के पति ने पत्नी के लापता होने पर नया शहर पुलिस थाने में गुमशुदगी का मामला दर्ज कराया था। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है। बीछवाल पुलिस थाने में विवाहिता ने अपने ससुर पर 23 मई को दुष्कर्म करने का मामला दर्ज कराया है। थानाधिकारी इन्द्रकुमार ने बताया कि इस्तगासे के आधार पर दर्ज रिपोर्ट के अनुसार घटना के वक्त पीड़िता का पति अपनी बीमार बेटी को उपचार के लिए अस्पताल लेकर गया हुआ था। पुलिस मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश में जुटी है। बीछवाल पुलिस थाने में विवाहिता ने अपने ससुर पर 23 मई को दुष्कर्म करने का मामला दर्ज कराया है। थानाधिकारी इन्द्रकुमार ने बताया कि इस्तगासे के आधार पर दर्ज रिपोर्ट के अनुसार घटना के वक्त पीड़िता का पति अपनी बीमार बेटी को उपचार के लिए अस्पताल लेकर गया हुआ था। पुलिस मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश में जुटी है।
यहाँ एक सारांश है:पुलिस सूत्रों ने बताया कि बीकानेर निवासी पीडिता ने अपने चाचा ससुर के तीन पुत्रों के खिलाफ कथित रूप से सामूहिक दुष्कर्म करने का मामला दर्ज कराया है। उन्होंने बताया कि तीन आरोपियों में से एक ने दुष्कर्म के बारे में किसी को जानकारी देने पर गोली मारने और तेजा
12
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: आईएनएक्स मीडिया केस (INX Media case) में प्रवर्तन निदेशालय (ED) से अग्रिम जमानत की पी चिदंबरम की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई हुई. ईडी की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट में अपनी दलीलें पेश कीं. तुषार मेहता ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) के पास यह अधिकार है कि हम आरोपी को गिरफ्तार कर सकें. हिरासत में पूछताछ जरूरी है या नहीं यह विशेष कोर्ट तय करे. इस मामले में हमें कई सबूत मिले हैं, जैसे विदेशों के बैंक से मिली जानकारी. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि चार्जशीट दाखिल होने के बाद ही ब्यौरा आरोपी को दिया जा सकता है. जांच रिपोर्ट और जानकारी सील कवर रिपोर्ट में संबंधित विभाग को दी गई है. यह विक्टिम कार्ड खेलने का मामला नहीं है. इस मामले में गिरफ्तारी जरूरी है, इसको लेकर हमारे पास पर्याप्त सबूत हैं. तुषार मेहता ने कहा कि हमने देशों को लैटर ऑफ रोगेटरी भेजा है. विदेशी बैंकों ने भी चिदंबरम के खातों के बारे में जानकारी दी है. कोर्ट को एजेंसी को रोकना नहीं चाहिए. उन्होंने कहा कि विदेशी बैंकों से हमें विदेश की संपत्ति को लेकर सटीक जानकारी मिली है. इसमें हाउस नंबर, कंपनी और उनके मालिक आदि की जानकारी है. हमनें इस मामले में रोगेटरी पत्र लिखा है.
यह एक सारांश है: ईडी की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलीलें पेश कीं कहा-चार्जशीट दाखिले के बाद ही ब्यौरा आरोपी को दिया जा सकता है विदेशी बैंकों ने भी चिदंबरम के खातों के बारे में जानकारी दी
16
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में दिलदार नगर थाना क्षेत्र के एक गांव में एक छात्रा के साथ कथित रूप से दुष्कर्म करने के बाद उसके ऊपर मिट्टी का तेल छिड़ककर उसे जिंदा जलाकर मार डालने की सनसनीखेज घटना सामने आई है. ग्रामीण क्षेत्र के अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) चन्द्र पी. शुक्ला ने रविवार को बताया, "शुक्रवार रात दिलदार नगर थाना क्षेत्र के गांव में एक कमरे में अकेले सो रही सोलह वर्षीय एक छात्रा के साथ उसके पड़ोसी मेंहदी खान ने पहले कथित रूप से दुष्कर्म किया, बाद में कमरे में रखे मिट्टी के तेल को उसके ऊपर उड़ेल कर आग लगा दी.  छात्रा की चीख-पुकार सुनकर परिजन और पड़ोसी जब तक वहां पहुंचे, तब तक आरोपी भाग चुका था." उन्होंने बताया, "छात्रा को गंभीर हालत में सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई." एएसपी ने बताया कि पोस्टमॉर्टम कराने के बाद छात्रा का शव उसके परिजनों को सौंप दिया गया है और आरोपी मेंहदी खान की तलाश में छापेमारी की जा रही है.
संक्षिप्त पाठ: दुष्कर्म के बाद छात्रा को जिंदा जलाया उत्तर प्रदेश के गाजीपुर की घटना पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी
22
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम (P Chidambaram) ने कांग्रेस दफ्तर में प्रेस कॉन्फ्रेंस किया. उन्होंने कहा, ''मैं कानून से भागा नहीं हूं. मैं न्याय की कोशिश कर रहा था. मैं अपना सिर ऊंचा करके रहूंगा. जीवन और आजादी में बेहिचक आजादी चुनूंगा और आजादी के लिए लड़ना पड़ता है. INX मामले में मेरे खिलाफ आरोप नहीं है. शुक्रवार तक एजेंसियों को रुकना चाहिए.'' प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनके साथ सलमान खुर्शीद, कपिल सिब्बल, अभिषेक मनु सिंघवी भी मौजूद थे. प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद पी चिदंबरम अपने घर पहुंचे. पी चिदंबरम की प्रेस कॉन्फ्रेंस की सूचना मिलने के बाद सीबीआई और ईडी की टीम भी पी चिदंबरम के घर पहुंची. लेकिन घर का दरवाजा न खोलने की वजह से सीबीआई की टीम को दीवार फांदकर अंदर जाना पड़ा है. चिदंबरम ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मुझे लगता है कि लोकतंत्र की बुनियाद स्वतंत्रता है. मैंने स्वतंत्रता का चुनाव किया है.'' उन्होंने कहा कि पिछले 24 घंटों में बहुत कुछ हुआ जिससे बहुत लोगों को चिंता हुई और भ्रम की स्थिति पैदा हुई.    चिदंबरम ने कहा, ‘‘मैं किसी अपराध का आरोपी नहीं हूं. मेरे परिवार का कोई सदस्य इस मामले में आरोपी नहीं है.'' उन्होंने कहा कि ऐसी धारणा पैदा की जा रही है कि बड़ा अपराध हुआ है और उनके एवं उनके बेटे ने अपराध किया है. ‘‘यह सब झूठ है.'' चिदंबरम ने कहा, ‘‘मैंने अग्रिम जमानत की मांग की. मेरे वकीलों ने उच्चतम न्यायालय से गुहार लगाई कि सुनवाई की जाए. मैं पूरी रात वकीलों के साथ काम कर रहा था. आज पूरे दिन भी वकीलों के साथ काम कर रहा था.'' उन्होंने कहा, ‘‘मैं कानून से बच नहीं रहा था, कानून के संरक्षण का प्रयास कर रहा था. मैं न्यायालय के आदेश का सम्मान करता हूं. मैं कानून का पालन करूंगा. मैं सिर्फ यही उम्मीद करूंगा कि जांच एजेंसियां भी कानून का सम्मान करेंगी.'' बता दें कि पी चिदंबरम को आज सुप्रीम कोर्ट से भी तुरंत राहत नहीं मिली है. चिदंबरम ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करके अंतरिम संरक्षण की मांग की थी. कोर्ट नंबर तीन में जस्टिस एन वी रमना के सामने याचिका दाखिल करके जल्द सुनवाई की मांग की गई थी. लेकिन जस्टिस रमना ने कहा कि वह याचिका सीजेआई को भेज रहे हैं, वे तय करेंगे कि याचिका पर सुनवाई कब होगी? फिलहाल आज केस मेंशन नहीं हो पाया है. यानी बुधवार को इस मामले की सुनवाई नहीं होगी. अब मामले की सुनवाई शुक्रवार को होगी. वहीं, CBI तथा प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदम्बरम की गिरफ्तारी से राहत मांगने वाली याचिका के संदर्भ में सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दाखिल किए हैं. अब कोर्ट कैविएट दायर करने वालों का पक्ष सुने बिना मामले में कोई फैसला नहीं सुना सकता है.  इसके अलावा प्रवर्तन निदेशालय ने चिदंबरम के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया है. ईडी की टीम मंगलवार शाम को चिदंबरम के घर पहुंची थीं. लेकिन चिदंबरम अपने घर पर नहीं मिले. इसके अलावा सीबीआई की टीम भी उनके घर पर मंगलवार शाम को गई थी, उनके घर पर नहीं मिलने पर सीबीआई ने उनके घर के बाहर दो घंटे में पेश होने का नोटिस लगा दिया था. वहीं बुधवार सुबह सीबीआई की टीम उनके घर फिर पहुंची. लेकिन बुधवार सुबह भी सीबीआई टीम बैरंग लौटी.
संक्षिप्त सारांश: पी चिदंबरम ने कांग्रेस दफ्तर में किया प्रेस कॉन्फ्रेंस साथ में मौजूद थे कांग्रेस के दिग्गज नेता बोले- कानून से भागा नहीं
29
['hin']
एक सारांश बनाओ: बॉलीवुड अभिनेता और फिल्म निर्माता जॉन अब्राहम का कहना है कि उनमें बहुत सी कमियां हैं। जॉन इन दिनों अपनी फिल्म 'आई मी और मैं' के प्रचार में व्यस्त हैं। जॉन ने फिल्म की प्रेस वार्ता में कहा, "मैं भी परिपूर्ण इंसान नहीं हूं। मुझमें सबसे ज्यादा कमियां हैं। यदि कोई कहता है कि वह एकदम सही है, वह झूठा है। मैंने कोशिश की है कि एक बेहतर इंसान बन सकूं।" जॉन के साथ अभिनेत्री चित्रांगदा सिंह, प्राची देसाई और गोल्डी बहल सहित फिल्म की पूरी टीम मौजूद थी।टिप्पणियां जॉन (40) ने कहा कि फिल्म महिलाओं को समर्पित है। फिल्म 1 मार्च को प्रदर्शित हो रही है और 8 मार्च को विश्व महिला दिवस है इसलिए यह महिलाओं को समर्पित है। अपनी पसंद की लड़की के बारे में उन्होंने कहा, "वह साधारण लड़की होगी। रिश्ते की खूबसूरती सादगी में होती है। घर उसके साथ बसाइए जिसके साथ आपको जुड़ाव महसूस हो।" जॉन ने फिल्म की प्रेस वार्ता में कहा, "मैं भी परिपूर्ण इंसान नहीं हूं। मुझमें सबसे ज्यादा कमियां हैं। यदि कोई कहता है कि वह एकदम सही है, वह झूठा है। मैंने कोशिश की है कि एक बेहतर इंसान बन सकूं।" जॉन के साथ अभिनेत्री चित्रांगदा सिंह, प्राची देसाई और गोल्डी बहल सहित फिल्म की पूरी टीम मौजूद थी।टिप्पणियां जॉन (40) ने कहा कि फिल्म महिलाओं को समर्पित है। फिल्म 1 मार्च को प्रदर्शित हो रही है और 8 मार्च को विश्व महिला दिवस है इसलिए यह महिलाओं को समर्पित है। अपनी पसंद की लड़की के बारे में उन्होंने कहा, "वह साधारण लड़की होगी। रिश्ते की खूबसूरती सादगी में होती है। घर उसके साथ बसाइए जिसके साथ आपको जुड़ाव महसूस हो।" जॉन के साथ अभिनेत्री चित्रांगदा सिंह, प्राची देसाई और गोल्डी बहल सहित फिल्म की पूरी टीम मौजूद थी।टिप्पणियां जॉन (40) ने कहा कि फिल्म महिलाओं को समर्पित है। फिल्म 1 मार्च को प्रदर्शित हो रही है और 8 मार्च को विश्व महिला दिवस है इसलिए यह महिलाओं को समर्पित है। अपनी पसंद की लड़की के बारे में उन्होंने कहा, "वह साधारण लड़की होगी। रिश्ते की खूबसूरती सादगी में होती है। घर उसके साथ बसाइए जिसके साथ आपको जुड़ाव महसूस हो।" जॉन (40) ने कहा कि फिल्म महिलाओं को समर्पित है। फिल्म 1 मार्च को प्रदर्शित हो रही है और 8 मार्च को विश्व महिला दिवस है इसलिए यह महिलाओं को समर्पित है। अपनी पसंद की लड़की के बारे में उन्होंने कहा, "वह साधारण लड़की होगी। रिश्ते की खूबसूरती सादगी में होती है। घर उसके साथ बसाइए जिसके साथ आपको जुड़ाव महसूस हो।" अपनी पसंद की लड़की के बारे में उन्होंने कहा, "वह साधारण लड़की होगी। रिश्ते की खूबसूरती सादगी में होती है। घर उसके साथ बसाइए जिसके साथ आपको जुड़ाव महसूस हो।"
संक्षिप्त सारांश: बॉलीवुड अभिनेता और फिल्म निर्माता जॉन अब्राहम का कहना है कि उनमें बहुत सी कमियां हैं। जॉन इन दिनों अपनी फिल्म 'आई मी और मैं' के प्रचार में व्यस्त हैं।
8
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: हॉलीवुड अभिनेता ब्रैड पिट कहते हैं कि उनकी मंगेतर अभिनेत्री एंजेलिना जोली ने बहुत ही साहसिक कदम उठाया है। जोली ने स्तन कैंसर के खतरे को देखते हुए सर्जरी के माध्यम से स्तन हटवाने का निश्चय किया था। वेबसाइट 'पीपुल डॉट कॉम' के अनुसार, पिट ने कहा, एंजेलिना ने मेरे सामने ही यह निश्चय किया। मेरे अनुसार अपने सभी फैसलों की तरह उनका यह फैसला भी बेहद साहसिक है। मैं एंजेलिना की अच्छी देखभाल के लिए उसका इलाज करने वाले चिकित्सकों और उनके दल का शुक्रगुजार हूं। पिट ने कहा, मेरी बस यही ख्वाहिश है कि एंजेलिना मेरे और हमारे बच्चों के साथ एक लंबी जिंदगी जिए।टिप्पणियां जोली (37) की चिकित्सकीय जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें स्तन कैंसर व अंडाशय के कैंसर होने का खतरा बताया था, जिसके बाद उन्होंने कैंसर से बचाव के लिए सर्जी करवाने का फैसला लिया। गौरतलब है कि जोली की मां मार्चेलिन बर्ट्रेंड की वर्ष 2007 में अंडाशय के कैंसर की वजह से मौत हो गई थी। वेबसाइट 'पीपुल डॉट कॉम' के अनुसार, पिट ने कहा, एंजेलिना ने मेरे सामने ही यह निश्चय किया। मेरे अनुसार अपने सभी फैसलों की तरह उनका यह फैसला भी बेहद साहसिक है। मैं एंजेलिना की अच्छी देखभाल के लिए उसका इलाज करने वाले चिकित्सकों और उनके दल का शुक्रगुजार हूं। पिट ने कहा, मेरी बस यही ख्वाहिश है कि एंजेलिना मेरे और हमारे बच्चों के साथ एक लंबी जिंदगी जिए।टिप्पणियां जोली (37) की चिकित्सकीय जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें स्तन कैंसर व अंडाशय के कैंसर होने का खतरा बताया था, जिसके बाद उन्होंने कैंसर से बचाव के लिए सर्जी करवाने का फैसला लिया। गौरतलब है कि जोली की मां मार्चेलिन बर्ट्रेंड की वर्ष 2007 में अंडाशय के कैंसर की वजह से मौत हो गई थी। पिट ने कहा, मेरी बस यही ख्वाहिश है कि एंजेलिना मेरे और हमारे बच्चों के साथ एक लंबी जिंदगी जिए।टिप्पणियां जोली (37) की चिकित्सकीय जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें स्तन कैंसर व अंडाशय के कैंसर होने का खतरा बताया था, जिसके बाद उन्होंने कैंसर से बचाव के लिए सर्जी करवाने का फैसला लिया। गौरतलब है कि जोली की मां मार्चेलिन बर्ट्रेंड की वर्ष 2007 में अंडाशय के कैंसर की वजह से मौत हो गई थी। जोली (37) की चिकित्सकीय जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें स्तन कैंसर व अंडाशय के कैंसर होने का खतरा बताया था, जिसके बाद उन्होंने कैंसर से बचाव के लिए सर्जी करवाने का फैसला लिया। गौरतलब है कि जोली की मां मार्चेलिन बर्ट्रेंड की वर्ष 2007 में अंडाशय के कैंसर की वजह से मौत हो गई थी। गौरतलब है कि जोली की मां मार्चेलिन बर्ट्रेंड की वर्ष 2007 में अंडाशय के कैंसर की वजह से मौत हो गई थी।
यहाँ एक सारांश है:पिट ने कहा, एंजेलिना ने मेरे सामने ही यह निश्चय किया। मेरे अनुसार अपने सभी फैसलों की तरह उनका यह फैसला भी बेहद साहसिक है।
17
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: अमिताभ बच्चन ने चेक के साथ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को एक पत्र भी भेजा है. इस पत्र में उन्होंने बिहार में प्राकृतिक आपदा पर संवेदना जताई है. उन्होंने लिखा है कि बिहार में जनजीवन को सामान्य हालात में लाने के लिए उनकी यह छोटी सी मदद है.   गौरतलब है कि बिहार में बारिश और बाढ़ ने भारी कहर बरसाया है. आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक बाढ़ के दौरान डूबने और भारी बारिश के कारण दीवारें गिरने से कुल 97 लोगों की मौत हो चुकी है. इसके अलावा 10 व्यक्ति घायल हुए हैं. नदियों, तालाबों एवं पोखरों में डूबने या दीवार गिरने से 61 लोगों की मौत हुई है. बाढ़ के चलते डूबने के कारण 36 लोगों की मौत हुई है. अमिताभ के प्रतिनिधि विजयनाथ मिश्र ने मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए 51 लाख रुपये का चेक सुशील मोदी को सौंपा. बाढ़ से बिहार के 15 जिलों पटना, भोजपुर, भागलपुर, नवादा, नालंदा, खगड़िया, समस्तीपुर, लखीसराय, बेगूसराय, मुंगेर, बक्सर, कटिहार, जहानाबाद, अरवल, पूर्णिया के 1410 गांवों के करीब 20.76 लाख लोग प्रभावित हुए हैं. राज्य में बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए 75 राहत शिविर एवं 515 सामुदायिक रसोई का संचालन किया जा रहा है. राजधानी पटना में जल-जमाव ने भारी समस्या पैदा कर दी है. जल निकासी के लिए पटना नगर निगम कार्रवाई कर रहा है. पटना में भारी बारिश और जलजमाव के कारण डेंगू के मरीजों की संख्या में इजाफा हो गया है. बिहार में जनवरी से लेकर अब तक डेंगू के कुल 980 मामले सामने आए, जिनमें से 640 अकेले राजधानी पटना के हैं. पटना मेडिकल कालेज अस्पताल तथा नालंदा मेडिकल कालेज अस्पताल में 10, 11 एवं 12 अक्टूबर को डेंगू एवं चिकुनगुनिया के मरीजों की जांच के लिए नि:शुल्क विशेष चिकित्सा शिविर का आयोजन किया जाएगा.
यहाँ एक सारांश है:डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने ट्वीट करके दी जानकारी बिहार में वर्षा और बाढ़ से जुड़ी घटनाओं में करीब सौ लोगों की मौत पटना में बारिश और जल जमाव के कारण डेंगू के मरीज बढ़े
18
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: हरियाणा के गुरुग्राम (Gurugram) में एक एयर होस्टेस (Air Hostess) की संदिग्ध हालत में मौत का मामला सामने आया है. युवती की लाश उसके पेइंग गेस्ट (पीजी) में पंखे से लटकती हुई मिली. मृतका के पिता ने पीजी के मालिक पर हत्या का शक जताया है. उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. पुलिस मामले की जांच कर रही है. मिली जानकारी के अनुसार, मृतका का नाम मिष्ठू सरकार था. वह एक निजी एयरलाइन्स में कार्यरत थी. मिष्ठू गुरुग्राम के डीएलएफ फेस-3 स्थित पीजी में रहती थी. मूल रूप से वह पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी की रहने वाली थी. मिष्ठू के पिता एचसी सरकार ने बताया कि वह पीजी के मालिक के व्यवहार से दुखी थी. उन्होंने कहा, 'मेरी बेटी ने मंगलवार देर रात करीब दो बजे मुझे फोन किया था. उसने कहा था कि पीजी का मालिक उसे लगातार प्रताड़ित कर रहा है. उस रात भी जब मेरी बेटी पीजी लौटी तो उसने मिष्ठू की बेइज्जती की. वो मुझसे बात करते हुए रो रही थी. उसने मुझे बताया कि पीजी के मालिक ने उसका फोन हैक कर लिया है और वह उसे कहीं जाने नहीं दे रहा है.' उन्होंने पुलिस को दर्ज कराई शिकायत में बताया कि मिष्ठू सिलीगुड़ी वापस आना चाहती थी क्योंकि वह और ज्यादा बेइज्जती नहीं सह सकती थी. कुछ देर बाद पीजी के मालिक ने उन्हें फोन किया और बताया कि मिष्ठू ने कुछ कर लिया है. उन्होंने कहा, 'जब मैंने उनसे पूछा कि उसने क्या किया है तो उसने कोई जवाब नहीं दिया. फिर मैंने गुरुग्राम पुलिस से बात की और उन्हें इस बारे में जानकारी दी. जब पुलिस वहां पहुंची तो उन्होंने मेरी बेटी की पंखे से लटकती हुई लाश देखी. मुझे शक है कि पीजी मालिक ने उसके साथ कुछ किया है. मेरी बेटी डिप्रेशन में थी लेकिन जब मैंने उससे बात की तो उसकी बातों से मुझे ऐसा जरा भी नहीं लगा कि वह कुछ ऐसा कदम उठा सकती है.' जांच अधिकारी रामनिवास ने कहा, 'जब हम मौके पर पहुंचे तो मिष्ठू सरकार की लाश पंखे से लटक रही थी. हमारी फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जरूरी चीजों को इकट्ठा किया. हमें कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है. मृतका के पिता की तहरीर पर आईपीसी की धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाने) के तहत मामला दर्ज किया गया है. आरोपी को पकड़ने की कोशिश जारी है.'
संक्षिप्त पाठ: पश्चिम बंगाल की रहने वाली थी एयर होस्टेस एयर होस्टेस को परेशान कर रहा था पीजी मालिक पुलिस ने केस दर्ज कर शुरू की जांच
22
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: भागलपुर में एक लड़के ने पारिवारिक कलह से तंग आकर इच्छा मृत्यु की मांग की है जिसके बाद प्रधानमंत्री कार्यालय ने जिला प्रशासन को मामले की जांच करने के लिए कहा है. भागलपुर जिले के कहलगांव थाना अंतर्गत महिषामुंडा गांव निवासी मनोज कुमार मित्रा के पुत्र कृष कुमार मित्रा (15) ने पारिवारिक कलह से तंग आकर करीब दो महीने पहले राष्ट्रपति को पत्र भेजकर इच्छा मृत्यु की मांग की थी. राष्ट्रपति को भेजे पत्र की प्रतिलिपि कृष ने प्रधानमंत्री, बिहार के मुख्यमंत्री समेत आला अधिकारियों को भेजी है.  ...जब कांग्रेस सांसद ने संसद में कहा- मुझे बोलने दीजिए, लोग पूछते हैं दिल्ली जाकर कहां गोल हो जाते हैं सरकारी सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि प्रधानमंत्री कार्यालय के निर्देश पर जिला प्रशासन मामले की जांच कर रहा है. कृष ने आरोप लगाया है कि मां की प्रताड़ना और उनके द्वारा मुकदमेबाजी किए जाने तथा असामाजिक तत्वों द्वारा बार बार धमकी दिये जाने से वह परेशान है. ऐसे में अब उसे जीवित रहने की इच्छा नहीं रह गई है. कृष के पिता मनोज जो कि कैंसर पीडित हैं, ग्रामीण विकास विभाग देवघर में जिला प्रबंधक के पद पर कार्यरत हैं जबकि उसकी मां सुजाता इंडियन ओवरसीज बैंक पटना में सहायक प्रबंधक के पद पर कार्यरत हैं. अविवाहित लड़कियों के मोबाइल रखने पर ठाकोर समुदाय ने लगाया बैन, सजा के तौर पर पिता से वसूला जाएगा 1.50 लाख रुपए जुर्माना कृष अपने पिता के साथ रहता है और जसीडिह पब्लिक स्कूल में नौंवीं कक्षा का छात्र है. मनोज और उनकी पत्नी के बीच लंबे अरसे से विवाद चल रहा है और दोनों अलग अलग रह रहे हैं. कृष के दादा संजय कुमार मित्रा, चाचा और अन्य परिजनों ने भी उसकी मां के बर्ताव को पूरी तरह अनुचित ठहराया है.(इनपुट:भाषा)
संक्षिप्त पाठ: बच्चे ने राष्ट्रपति से की इच्छा मृत्यु की मांग 15 साल की उम्र में नहीं रही जिंदगी जीने की इच्छा प्रधानमंत्री कार्यालय ने मामले की जांच करने के लिए कहा
27
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: 'बिग बॉस' के घर में कब क्या हो जाए, यह कह पाना बहुत ही मुश्किल है. यहां कभी भी कुछ भी हो सकता है. जैसा कि 23वें दिन हुआ. जहां, 'बिग बॉस' ने नॉमिनेशन की प्रक्रिया को कुछ ज्यादा ही मुश्किल बना दिया. ऐसे में बानी को जहां गौरव के लिए अपनी फेवरेट जैकेट को खराब करना पड़ा. वहीं, मनवीर गुर्जर को अपने दोस्त मनोज मनु पंजाबी के लिए अपनी दाढ़ी का बलिदान देना पड़ा.   (फोटो कर्टसी: कलर्स) 23वें दिन के एपिसोड में 'बिग बॉस' ने घरवालों को फोनबूथ टास्क के बारे में बताया. इस टास्क में एक फोन रिसीवर गार्डन एरिया में एक बड़े से कांटों के सिंहासन पर रखा है. इस टास्क में जो सबसे अंत में फोन रिसीव करेगा वो इस हफ्ते का नॉमिनेटेड कंटेस्टेंट होगा. इस दौरान कोई भी सदस्य अपने आप को डेंजर जोन से दूर रख सकता है और टास्क से खुद को अलग कर सकता है. इस दौरान, जब मनवीर को यह पता चला कि उनके दोस्त मनु को नॉमिनेट होने से बचाने के लिए उन्हें अपनी दाढ़ी की कुर्बानी देनी पड़ेगी तो वह 'बिग बॉस' से कहते हैं, ''बिग बॉस' ऐसा क्यों कर रहे हो, थोड़ा टाइम और दे दो.. कुछ और बता दो वैक्स करवा दूं... कुछ और बता दो.' लेकिन, कई कोशिशों के बाद भी जब बात नहीं बनती है, तो वह अपने दोस्त के लिए यह टास्क पूरा कर ही लेते हैं और मनु को नॉमिनेट होने से बचा लेते हैं.   (फोटो कर्टसी: कलर्स) टिप्पणियां बाद में, मनु नॉमिनेशन के लिए मनवीर का नाम लेते हैं. 'बिग बॉस' मनवीर को बुलाकर कहते हैं कि उन्हें रोहन को लड़कियों के ड्रेस पहनने के लिए मनाना है. 'बिग बॉस' द्वारा भेजा हुआ ड्रेस देखकर रोहन पहनने से मना कर देते हैं, उसके बाद मनवीर का नॉमिनेशन पक्का हो जाता है. वहीं, दूसरी ओर बानी ने रोहन को सीट पर बैठने के लिए नॉमिनेट किया. रोहन को कहा जाता है कि वह करण को अपनी पत्नी की फोटो को सबके साथ शेयर करें, जो उन्होंने उसे करवाचौथ पर गिफ्ट किया था. इस पर करण भड़क जाता है. वहीं गौरव को कहा जाता है कि वह बानी को इस बात के लिए राजी करें कि वह अपनी फेवरेट जैकेट को पेंट के ड्रम में डुबा दें. बानी ऐसा कर लेती हैं और गौरव चौपड़ा नॉमिनेट होने से बच जाते हैं. 23वें दिन के एपिसोड में 'बिग बॉस' ने घरवालों को फोनबूथ टास्क के बारे में बताया. इस टास्क में एक फोन रिसीवर गार्डन एरिया में एक बड़े से कांटों के सिंहासन पर रखा है. इस टास्क में जो सबसे अंत में फोन रिसीव करेगा वो इस हफ्ते का नॉमिनेटेड कंटेस्टेंट होगा. इस दौरान कोई भी सदस्य अपने आप को डेंजर जोन से दूर रख सकता है और टास्क से खुद को अलग कर सकता है. इस दौरान, जब मनवीर को यह पता चला कि उनके दोस्त मनु को नॉमिनेट होने से बचाने के लिए उन्हें अपनी दाढ़ी की कुर्बानी देनी पड़ेगी तो वह 'बिग बॉस' से कहते हैं, ''बिग बॉस' ऐसा क्यों कर रहे हो, थोड़ा टाइम और दे दो.. कुछ और बता दो वैक्स करवा दूं... कुछ और बता दो.' लेकिन, कई कोशिशों के बाद भी जब बात नहीं बनती है, तो वह अपने दोस्त के लिए यह टास्क पूरा कर ही लेते हैं और मनु को नॉमिनेट होने से बचा लेते हैं.   (फोटो कर्टसी: कलर्स) टिप्पणियां बाद में, मनु नॉमिनेशन के लिए मनवीर का नाम लेते हैं. 'बिग बॉस' मनवीर को बुलाकर कहते हैं कि उन्हें रोहन को लड़कियों के ड्रेस पहनने के लिए मनाना है. 'बिग बॉस' द्वारा भेजा हुआ ड्रेस देखकर रोहन पहनने से मना कर देते हैं, उसके बाद मनवीर का नॉमिनेशन पक्का हो जाता है. वहीं, दूसरी ओर बानी ने रोहन को सीट पर बैठने के लिए नॉमिनेट किया. रोहन को कहा जाता है कि वह करण को अपनी पत्नी की फोटो को सबके साथ शेयर करें, जो उन्होंने उसे करवाचौथ पर गिफ्ट किया था. इस पर करण भड़क जाता है. वहीं गौरव को कहा जाता है कि वह बानी को इस बात के लिए राजी करें कि वह अपनी फेवरेट जैकेट को पेंट के ड्रम में डुबा दें. बानी ऐसा कर लेती हैं और गौरव चौपड़ा नॉमिनेट होने से बच जाते हैं. इस दौरान, जब मनवीर को यह पता चला कि उनके दोस्त मनु को नॉमिनेट होने से बचाने के लिए उन्हें अपनी दाढ़ी की कुर्बानी देनी पड़ेगी तो वह 'बिग बॉस' से कहते हैं, ''बिग बॉस' ऐसा क्यों कर रहे हो, थोड़ा टाइम और दे दो.. कुछ और बता दो वैक्स करवा दूं... कुछ और बता दो.' लेकिन, कई कोशिशों के बाद भी जब बात नहीं बनती है, तो वह अपने दोस्त के लिए यह टास्क पूरा कर ही लेते हैं और मनु को नॉमिनेट होने से बचा लेते हैं.   (फोटो कर्टसी: कलर्स) टिप्पणियां बाद में, मनु नॉमिनेशन के लिए मनवीर का नाम लेते हैं. 'बिग बॉस' मनवीर को बुलाकर कहते हैं कि उन्हें रोहन को लड़कियों के ड्रेस पहनने के लिए मनाना है. 'बिग बॉस' द्वारा भेजा हुआ ड्रेस देखकर रोहन पहनने से मना कर देते हैं, उसके बाद मनवीर का नॉमिनेशन पक्का हो जाता है. वहीं, दूसरी ओर बानी ने रोहन को सीट पर बैठने के लिए नॉमिनेट किया. रोहन को कहा जाता है कि वह करण को अपनी पत्नी की फोटो को सबके साथ शेयर करें, जो उन्होंने उसे करवाचौथ पर गिफ्ट किया था. इस पर करण भड़क जाता है. वहीं गौरव को कहा जाता है कि वह बानी को इस बात के लिए राजी करें कि वह अपनी फेवरेट जैकेट को पेंट के ड्रम में डुबा दें. बानी ऐसा कर लेती हैं और गौरव चौपड़ा नॉमिनेट होने से बच जाते हैं. बाद में, मनु नॉमिनेशन के लिए मनवीर का नाम लेते हैं. 'बिग बॉस' मनवीर को बुलाकर कहते हैं कि उन्हें रोहन को लड़कियों के ड्रेस पहनने के लिए मनाना है. 'बिग बॉस' द्वारा भेजा हुआ ड्रेस देखकर रोहन पहनने से मना कर देते हैं, उसके बाद मनवीर का नॉमिनेशन पक्का हो जाता है. वहीं, दूसरी ओर बानी ने रोहन को सीट पर बैठने के लिए नॉमिनेट किया. रोहन को कहा जाता है कि वह करण को अपनी पत्नी की फोटो को सबके साथ शेयर करें, जो उन्होंने उसे करवाचौथ पर गिफ्ट किया था. इस पर करण भड़क जाता है. वहीं गौरव को कहा जाता है कि वह बानी को इस बात के लिए राजी करें कि वह अपनी फेवरेट जैकेट को पेंट के ड्रम में डुबा दें. बानी ऐसा कर लेती हैं और गौरव चौपड़ा नॉमिनेट होने से बच जाते हैं. वहीं, दूसरी ओर बानी ने रोहन को सीट पर बैठने के लिए नॉमिनेट किया. रोहन को कहा जाता है कि वह करण को अपनी पत्नी की फोटो को सबके साथ शेयर करें, जो उन्होंने उसे करवाचौथ पर गिफ्ट किया था. इस पर करण भड़क जाता है. वहीं गौरव को कहा जाता है कि वह बानी को इस बात के लिए राजी करें कि वह अपनी फेवरेट जैकेट को पेंट के ड्रम में डुबा दें. बानी ऐसा कर लेती हैं और गौरव चौपड़ा नॉमिनेट होने से बच जाते हैं.
संक्षिप्त सारांश: बानी को गौरव के लिए अपनी फेवरेट जैकेट को खराब करना पड़ा. मनवीर ने अपने दोस्त मनु को नॉमिनेट होने से बचाया. रोहन ने लड़कियों के ड्रेस पहनने से किया इनकार.
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सोमवार को मुजफ्फनगर हिंसा को बड़ी त्रासदी करार दिया और दोषियों को दंडित किए जाने की बात कही। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी के साथ प्रधानमंत्री मुजफ्फनगर के दौरे पर गए थे। पीएम ने उत्तर प्रदेश सरकार से विस्थापितों की सुरक्षा और पुनर्वास सुनिश्चित कराने के लिए कहा। इसके साथ ही उन्होंने इस कार्य के लिए राज्य सरकार को केंद्र द्वारा पूरी मदद दिए जाने का भरोसा दिया। मनमोहन, सोनिया और राहुल के साथ सबसे पहले बस्सीकलां गांव गए और राहत शिविरों में रह रहे लोगों का दुख-दर्द सुना। प्रधानमंत्री ने संवाददाताओं से संक्षिप्त बातचीत में कहा, "मैं कांग्रेस अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के साथ संकट की घड़ी में शामिल होने आया हूं, ताकि घटना की भयावहता का आकलन कर सकूं।" सात सितंबर को भड़की सांप्रदायिक हिंसा में अब तक 47 लोगों की जान जा चुकी है और 100 से अधिक लोग घायल हुए हैं। हिंसा के कारण 43,000 से अधिक विस्थापित हो गए हैं। हालात को नियंत्रण में लाने के लिए सेना की मदद ली गई है। मनमोहन ने संवाददाताओं से कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इलाके में सुरक्षा के हालात सुधरने पर लोग अपने घर वापस लौट आएंगे। प्रधानमंत्री ने कहा, "लोगों के जानमाल की हिफाजत करने की पूरी कोशिश की जाए, ताकि लोग फिर से अपने घरों में जाकर बस सकें। उन्होंने कहा कि लोगों को सुरक्षा दी जाए। इस जघन्य हिंसा के जिम्मेदार लोगों को दंडित किया जाएगा और उत्तर प्रदेश सरकार को मदद जारी रखी जाएगी।" उन्होंने सोनिया और राहुल के साथ राहत शिविरों में जाकर पीड़ितों की तकलीफें सुनीं। तीनों नेता बाद में तावली गांव पहुंचे। मुजफ्फरनगर शहर जाने के दौरान राहुल केंद्रीय गृह राज्य मंत्री आरपीएन सिंह के साथ गांजक गांव गए और घटना के संबंध में स्थानीय लोगों से जानकारी ली। इस बीच, प्रधानमंत्री ने आरपीएन सिंह को लोगों की अर्जी पर ध्यान देने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री के इस दौरे के दौरान उप्र के राजपाल बीएल जोशी और राज्य के स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन भी उनके साथ थे। इसके बाद सभी ने दिवंगत टीवी पत्रकार राजेश वर्मा के परिजनों से मुलाकात की और दस लाख रुपये मुआवजा राशि दिए जाने की घोषणा की। इससे पहले, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा वर्मा के परिवार को 15 लाख रुपये मुआवजे के साथ पुत्र को नौकरी देने की घोषणा की गई थी। उधर, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी का हिंसाग्रस्त मुजफ्फरनगर का दौरा "सांप्रदायिक दंगों पर धर्मनिरपेक्ष पर्यटन" के अलावा कुछ नहीं है। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने संवाददाताओं से कहा, "लोगों के घाव इससे नहीं भरेंगे। यह पूरी तरह सांप्रदायिक दंगों पर धर्मनिरपेक्ष पर्यटन है और इसके सिवाय कुछ नहीं है।" उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने जो कुछ कहा उसका कोई अर्थ नहीं है, क्योंकि लोग काम चाहते हैं और सरासर बयानबाजी नहीं।टिप्पणियां केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने भाजपा की प्रतिक्रिया पर जवाब देते हुए कहा कि जहां संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार ने विभिन्न समुदायों को एकजुट करने में रचनात्मक भूमिका निभाई है, वहीं दूसरी ओर भाजपा पूरे देश में सांप्रदायिक उन्माद पैदा करने में माहिर है। तिवारी ने कहा, "भाजपा को सहानुभूति के ऐसे कार्य का अनुसरण करना चाहिए। पूरे देश में दुखी लोगों तक पहुंचना कांग्रेस और संप्रग की परंपरा है।" उन्होंने कहा, "हम हमेशा रचनात्मक भूमिका निभाने का प्रयास करते हैं, हमेशा विभिन्न समुदायों के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध कायम करने का प्रयास करते हैं। और भाजपा पूरे देश में इन सभी वर्षों में उनमें से एक है जो सांप्रदायिक उन्माद पैदा करने में माहिर ही नहीं वरन अत्यधिक माहिर हैं।" पीएम ने उत्तर प्रदेश सरकार से विस्थापितों की सुरक्षा और पुनर्वास सुनिश्चित कराने के लिए कहा। इसके साथ ही उन्होंने इस कार्य के लिए राज्य सरकार को केंद्र द्वारा पूरी मदद दिए जाने का भरोसा दिया। मनमोहन, सोनिया और राहुल के साथ सबसे पहले बस्सीकलां गांव गए और राहत शिविरों में रह रहे लोगों का दुख-दर्द सुना। प्रधानमंत्री ने संवाददाताओं से संक्षिप्त बातचीत में कहा, "मैं कांग्रेस अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के साथ संकट की घड़ी में शामिल होने आया हूं, ताकि घटना की भयावहता का आकलन कर सकूं।" सात सितंबर को भड़की सांप्रदायिक हिंसा में अब तक 47 लोगों की जान जा चुकी है और 100 से अधिक लोग घायल हुए हैं। हिंसा के कारण 43,000 से अधिक विस्थापित हो गए हैं। हालात को नियंत्रण में लाने के लिए सेना की मदद ली गई है। मनमोहन ने संवाददाताओं से कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इलाके में सुरक्षा के हालात सुधरने पर लोग अपने घर वापस लौट आएंगे। प्रधानमंत्री ने कहा, "लोगों के जानमाल की हिफाजत करने की पूरी कोशिश की जाए, ताकि लोग फिर से अपने घरों में जाकर बस सकें। उन्होंने कहा कि लोगों को सुरक्षा दी जाए। इस जघन्य हिंसा के जिम्मेदार लोगों को दंडित किया जाएगा और उत्तर प्रदेश सरकार को मदद जारी रखी जाएगी।" उन्होंने सोनिया और राहुल के साथ राहत शिविरों में जाकर पीड़ितों की तकलीफें सुनीं। तीनों नेता बाद में तावली गांव पहुंचे। मुजफ्फरनगर शहर जाने के दौरान राहुल केंद्रीय गृह राज्य मंत्री आरपीएन सिंह के साथ गांजक गांव गए और घटना के संबंध में स्थानीय लोगों से जानकारी ली। इस बीच, प्रधानमंत्री ने आरपीएन सिंह को लोगों की अर्जी पर ध्यान देने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री के इस दौरे के दौरान उप्र के राजपाल बीएल जोशी और राज्य के स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन भी उनके साथ थे। इसके बाद सभी ने दिवंगत टीवी पत्रकार राजेश वर्मा के परिजनों से मुलाकात की और दस लाख रुपये मुआवजा राशि दिए जाने की घोषणा की। इससे पहले, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा वर्मा के परिवार को 15 लाख रुपये मुआवजे के साथ पुत्र को नौकरी देने की घोषणा की गई थी। उधर, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी का हिंसाग्रस्त मुजफ्फरनगर का दौरा "सांप्रदायिक दंगों पर धर्मनिरपेक्ष पर्यटन" के अलावा कुछ नहीं है। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने संवाददाताओं से कहा, "लोगों के घाव इससे नहीं भरेंगे। यह पूरी तरह सांप्रदायिक दंगों पर धर्मनिरपेक्ष पर्यटन है और इसके सिवाय कुछ नहीं है।" उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने जो कुछ कहा उसका कोई अर्थ नहीं है, क्योंकि लोग काम चाहते हैं और सरासर बयानबाजी नहीं।टिप्पणियां केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने भाजपा की प्रतिक्रिया पर जवाब देते हुए कहा कि जहां संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार ने विभिन्न समुदायों को एकजुट करने में रचनात्मक भूमिका निभाई है, वहीं दूसरी ओर भाजपा पूरे देश में सांप्रदायिक उन्माद पैदा करने में माहिर है। तिवारी ने कहा, "भाजपा को सहानुभूति के ऐसे कार्य का अनुसरण करना चाहिए। पूरे देश में दुखी लोगों तक पहुंचना कांग्रेस और संप्रग की परंपरा है।" उन्होंने कहा, "हम हमेशा रचनात्मक भूमिका निभाने का प्रयास करते हैं, हमेशा विभिन्न समुदायों के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध कायम करने का प्रयास करते हैं। और भाजपा पूरे देश में इन सभी वर्षों में उनमें से एक है जो सांप्रदायिक उन्माद पैदा करने में माहिर ही नहीं वरन अत्यधिक माहिर हैं।" मनमोहन, सोनिया और राहुल के साथ सबसे पहले बस्सीकलां गांव गए और राहत शिविरों में रह रहे लोगों का दुख-दर्द सुना। प्रधानमंत्री ने संवाददाताओं से संक्षिप्त बातचीत में कहा, "मैं कांग्रेस अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के साथ संकट की घड़ी में शामिल होने आया हूं, ताकि घटना की भयावहता का आकलन कर सकूं।" सात सितंबर को भड़की सांप्रदायिक हिंसा में अब तक 47 लोगों की जान जा चुकी है और 100 से अधिक लोग घायल हुए हैं। हिंसा के कारण 43,000 से अधिक विस्थापित हो गए हैं। हालात को नियंत्रण में लाने के लिए सेना की मदद ली गई है। मनमोहन ने संवाददाताओं से कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इलाके में सुरक्षा के हालात सुधरने पर लोग अपने घर वापस लौट आएंगे। प्रधानमंत्री ने कहा, "लोगों के जानमाल की हिफाजत करने की पूरी कोशिश की जाए, ताकि लोग फिर से अपने घरों में जाकर बस सकें। उन्होंने कहा कि लोगों को सुरक्षा दी जाए। इस जघन्य हिंसा के जिम्मेदार लोगों को दंडित किया जाएगा और उत्तर प्रदेश सरकार को मदद जारी रखी जाएगी।" उन्होंने सोनिया और राहुल के साथ राहत शिविरों में जाकर पीड़ितों की तकलीफें सुनीं। तीनों नेता बाद में तावली गांव पहुंचे। मुजफ्फरनगर शहर जाने के दौरान राहुल केंद्रीय गृह राज्य मंत्री आरपीएन सिंह के साथ गांजक गांव गए और घटना के संबंध में स्थानीय लोगों से जानकारी ली। इस बीच, प्रधानमंत्री ने आरपीएन सिंह को लोगों की अर्जी पर ध्यान देने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री के इस दौरे के दौरान उप्र के राजपाल बीएल जोशी और राज्य के स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन भी उनके साथ थे। इसके बाद सभी ने दिवंगत टीवी पत्रकार राजेश वर्मा के परिजनों से मुलाकात की और दस लाख रुपये मुआवजा राशि दिए जाने की घोषणा की। इससे पहले, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा वर्मा के परिवार को 15 लाख रुपये मुआवजे के साथ पुत्र को नौकरी देने की घोषणा की गई थी। उधर, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी का हिंसाग्रस्त मुजफ्फरनगर का दौरा "सांप्रदायिक दंगों पर धर्मनिरपेक्ष पर्यटन" के अलावा कुछ नहीं है। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने संवाददाताओं से कहा, "लोगों के घाव इससे नहीं भरेंगे। यह पूरी तरह सांप्रदायिक दंगों पर धर्मनिरपेक्ष पर्यटन है और इसके सिवाय कुछ नहीं है।" उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने जो कुछ कहा उसका कोई अर्थ नहीं है, क्योंकि लोग काम चाहते हैं और सरासर बयानबाजी नहीं।टिप्पणियां केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने भाजपा की प्रतिक्रिया पर जवाब देते हुए कहा कि जहां संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार ने विभिन्न समुदायों को एकजुट करने में रचनात्मक भूमिका निभाई है, वहीं दूसरी ओर भाजपा पूरे देश में सांप्रदायिक उन्माद पैदा करने में माहिर है। तिवारी ने कहा, "भाजपा को सहानुभूति के ऐसे कार्य का अनुसरण करना चाहिए। पूरे देश में दुखी लोगों तक पहुंचना कांग्रेस और संप्रग की परंपरा है।" उन्होंने कहा, "हम हमेशा रचनात्मक भूमिका निभाने का प्रयास करते हैं, हमेशा विभिन्न समुदायों के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध कायम करने का प्रयास करते हैं। और भाजपा पूरे देश में इन सभी वर्षों में उनमें से एक है जो सांप्रदायिक उन्माद पैदा करने में माहिर ही नहीं वरन अत्यधिक माहिर हैं।" प्रधानमंत्री ने संवाददाताओं से संक्षिप्त बातचीत में कहा, "मैं कांग्रेस अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के साथ संकट की घड़ी में शामिल होने आया हूं, ताकि घटना की भयावहता का आकलन कर सकूं।" सात सितंबर को भड़की सांप्रदायिक हिंसा में अब तक 47 लोगों की जान जा चुकी है और 100 से अधिक लोग घायल हुए हैं। हिंसा के कारण 43,000 से अधिक विस्थापित हो गए हैं। हालात को नियंत्रण में लाने के लिए सेना की मदद ली गई है। मनमोहन ने संवाददाताओं से कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इलाके में सुरक्षा के हालात सुधरने पर लोग अपने घर वापस लौट आएंगे। प्रधानमंत्री ने कहा, "लोगों के जानमाल की हिफाजत करने की पूरी कोशिश की जाए, ताकि लोग फिर से अपने घरों में जाकर बस सकें। उन्होंने कहा कि लोगों को सुरक्षा दी जाए। इस जघन्य हिंसा के जिम्मेदार लोगों को दंडित किया जाएगा और उत्तर प्रदेश सरकार को मदद जारी रखी जाएगी।" उन्होंने सोनिया और राहुल के साथ राहत शिविरों में जाकर पीड़ितों की तकलीफें सुनीं। तीनों नेता बाद में तावली गांव पहुंचे। मुजफ्फरनगर शहर जाने के दौरान राहुल केंद्रीय गृह राज्य मंत्री आरपीएन सिंह के साथ गांजक गांव गए और घटना के संबंध में स्थानीय लोगों से जानकारी ली। इस बीच, प्रधानमंत्री ने आरपीएन सिंह को लोगों की अर्जी पर ध्यान देने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री के इस दौरे के दौरान उप्र के राजपाल बीएल जोशी और राज्य के स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन भी उनके साथ थे। इसके बाद सभी ने दिवंगत टीवी पत्रकार राजेश वर्मा के परिजनों से मुलाकात की और दस लाख रुपये मुआवजा राशि दिए जाने की घोषणा की। इससे पहले, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा वर्मा के परिवार को 15 लाख रुपये मुआवजे के साथ पुत्र को नौकरी देने की घोषणा की गई थी। उधर, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी का हिंसाग्रस्त मुजफ्फरनगर का दौरा "सांप्रदायिक दंगों पर धर्मनिरपेक्ष पर्यटन" के अलावा कुछ नहीं है। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने संवाददाताओं से कहा, "लोगों के घाव इससे नहीं भरेंगे। यह पूरी तरह सांप्रदायिक दंगों पर धर्मनिरपेक्ष पर्यटन है और इसके सिवाय कुछ नहीं है।" उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने जो कुछ कहा उसका कोई अर्थ नहीं है, क्योंकि लोग काम चाहते हैं और सरासर बयानबाजी नहीं।टिप्पणियां केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने भाजपा की प्रतिक्रिया पर जवाब देते हुए कहा कि जहां संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार ने विभिन्न समुदायों को एकजुट करने में रचनात्मक भूमिका निभाई है, वहीं दूसरी ओर भाजपा पूरे देश में सांप्रदायिक उन्माद पैदा करने में माहिर है। तिवारी ने कहा, "भाजपा को सहानुभूति के ऐसे कार्य का अनुसरण करना चाहिए। पूरे देश में दुखी लोगों तक पहुंचना कांग्रेस और संप्रग की परंपरा है।" उन्होंने कहा, "हम हमेशा रचनात्मक भूमिका निभाने का प्रयास करते हैं, हमेशा विभिन्न समुदायों के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध कायम करने का प्रयास करते हैं। और भाजपा पूरे देश में इन सभी वर्षों में उनमें से एक है जो सांप्रदायिक उन्माद पैदा करने में माहिर ही नहीं वरन अत्यधिक माहिर हैं।" सात सितंबर को भड़की सांप्रदायिक हिंसा में अब तक 47 लोगों की जान जा चुकी है और 100 से अधिक लोग घायल हुए हैं। हिंसा के कारण 43,000 से अधिक विस्थापित हो गए हैं। हालात को नियंत्रण में लाने के लिए सेना की मदद ली गई है। मनमोहन ने संवाददाताओं से कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इलाके में सुरक्षा के हालात सुधरने पर लोग अपने घर वापस लौट आएंगे। प्रधानमंत्री ने कहा, "लोगों के जानमाल की हिफाजत करने की पूरी कोशिश की जाए, ताकि लोग फिर से अपने घरों में जाकर बस सकें। उन्होंने कहा कि लोगों को सुरक्षा दी जाए। इस जघन्य हिंसा के जिम्मेदार लोगों को दंडित किया जाएगा और उत्तर प्रदेश सरकार को मदद जारी रखी जाएगी।" उन्होंने सोनिया और राहुल के साथ राहत शिविरों में जाकर पीड़ितों की तकलीफें सुनीं। तीनों नेता बाद में तावली गांव पहुंचे। मुजफ्फरनगर शहर जाने के दौरान राहुल केंद्रीय गृह राज्य मंत्री आरपीएन सिंह के साथ गांजक गांव गए और घटना के संबंध में स्थानीय लोगों से जानकारी ली। इस बीच, प्रधानमंत्री ने आरपीएन सिंह को लोगों की अर्जी पर ध्यान देने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री के इस दौरे के दौरान उप्र के राजपाल बीएल जोशी और राज्य के स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन भी उनके साथ थे। इसके बाद सभी ने दिवंगत टीवी पत्रकार राजेश वर्मा के परिजनों से मुलाकात की और दस लाख रुपये मुआवजा राशि दिए जाने की घोषणा की। इससे पहले, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा वर्मा के परिवार को 15 लाख रुपये मुआवजे के साथ पुत्र को नौकरी देने की घोषणा की गई थी। उधर, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी का हिंसाग्रस्त मुजफ्फरनगर का दौरा "सांप्रदायिक दंगों पर धर्मनिरपेक्ष पर्यटन" के अलावा कुछ नहीं है। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने संवाददाताओं से कहा, "लोगों के घाव इससे नहीं भरेंगे। यह पूरी तरह सांप्रदायिक दंगों पर धर्मनिरपेक्ष पर्यटन है और इसके सिवाय कुछ नहीं है।" उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने जो कुछ कहा उसका कोई अर्थ नहीं है, क्योंकि लोग काम चाहते हैं और सरासर बयानबाजी नहीं।टिप्पणियां केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने भाजपा की प्रतिक्रिया पर जवाब देते हुए कहा कि जहां संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार ने विभिन्न समुदायों को एकजुट करने में रचनात्मक भूमिका निभाई है, वहीं दूसरी ओर भाजपा पूरे देश में सांप्रदायिक उन्माद पैदा करने में माहिर है। तिवारी ने कहा, "भाजपा को सहानुभूति के ऐसे कार्य का अनुसरण करना चाहिए। पूरे देश में दुखी लोगों तक पहुंचना कांग्रेस और संप्रग की परंपरा है।" उन्होंने कहा, "हम हमेशा रचनात्मक भूमिका निभाने का प्रयास करते हैं, हमेशा विभिन्न समुदायों के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध कायम करने का प्रयास करते हैं। और भाजपा पूरे देश में इन सभी वर्षों में उनमें से एक है जो सांप्रदायिक उन्माद पैदा करने में माहिर ही नहीं वरन अत्यधिक माहिर हैं।" मनमोहन ने संवाददाताओं से कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इलाके में सुरक्षा के हालात सुधरने पर लोग अपने घर वापस लौट आएंगे। प्रधानमंत्री ने कहा, "लोगों के जानमाल की हिफाजत करने की पूरी कोशिश की जाए, ताकि लोग फिर से अपने घरों में जाकर बस सकें। उन्होंने कहा कि लोगों को सुरक्षा दी जाए। इस जघन्य हिंसा के जिम्मेदार लोगों को दंडित किया जाएगा और उत्तर प्रदेश सरकार को मदद जारी रखी जाएगी।" उन्होंने सोनिया और राहुल के साथ राहत शिविरों में जाकर पीड़ितों की तकलीफें सुनीं। तीनों नेता बाद में तावली गांव पहुंचे। मुजफ्फरनगर शहर जाने के दौरान राहुल केंद्रीय गृह राज्य मंत्री आरपीएन सिंह के साथ गांजक गांव गए और घटना के संबंध में स्थानीय लोगों से जानकारी ली। इस बीच, प्रधानमंत्री ने आरपीएन सिंह को लोगों की अर्जी पर ध्यान देने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री के इस दौरे के दौरान उप्र के राजपाल बीएल जोशी और राज्य के स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन भी उनके साथ थे। इसके बाद सभी ने दिवंगत टीवी पत्रकार राजेश वर्मा के परिजनों से मुलाकात की और दस लाख रुपये मुआवजा राशि दिए जाने की घोषणा की। इससे पहले, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा वर्मा के परिवार को 15 लाख रुपये मुआवजे के साथ पुत्र को नौकरी देने की घोषणा की गई थी। उधर, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी का हिंसाग्रस्त मुजफ्फरनगर का दौरा "सांप्रदायिक दंगों पर धर्मनिरपेक्ष पर्यटन" के अलावा कुछ नहीं है। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने संवाददाताओं से कहा, "लोगों के घाव इससे नहीं भरेंगे। यह पूरी तरह सांप्रदायिक दंगों पर धर्मनिरपेक्ष पर्यटन है और इसके सिवाय कुछ नहीं है।" उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने जो कुछ कहा उसका कोई अर्थ नहीं है, क्योंकि लोग काम चाहते हैं और सरासर बयानबाजी नहीं।टिप्पणियां केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने भाजपा की प्रतिक्रिया पर जवाब देते हुए कहा कि जहां संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार ने विभिन्न समुदायों को एकजुट करने में रचनात्मक भूमिका निभाई है, वहीं दूसरी ओर भाजपा पूरे देश में सांप्रदायिक उन्माद पैदा करने में माहिर है। तिवारी ने कहा, "भाजपा को सहानुभूति के ऐसे कार्य का अनुसरण करना चाहिए। पूरे देश में दुखी लोगों तक पहुंचना कांग्रेस और संप्रग की परंपरा है।" उन्होंने कहा, "हम हमेशा रचनात्मक भूमिका निभाने का प्रयास करते हैं, हमेशा विभिन्न समुदायों के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध कायम करने का प्रयास करते हैं। और भाजपा पूरे देश में इन सभी वर्षों में उनमें से एक है जो सांप्रदायिक उन्माद पैदा करने में माहिर ही नहीं वरन अत्यधिक माहिर हैं।" प्रधानमंत्री ने कहा, "लोगों के जानमाल की हिफाजत करने की पूरी कोशिश की जाए, ताकि लोग फिर से अपने घरों में जाकर बस सकें। उन्होंने कहा कि लोगों को सुरक्षा दी जाए। इस जघन्य हिंसा के जिम्मेदार लोगों को दंडित किया जाएगा और उत्तर प्रदेश सरकार को मदद जारी रखी जाएगी।" उन्होंने सोनिया और राहुल के साथ राहत शिविरों में जाकर पीड़ितों की तकलीफें सुनीं। तीनों नेता बाद में तावली गांव पहुंचे। मुजफ्फरनगर शहर जाने के दौरान राहुल केंद्रीय गृह राज्य मंत्री आरपीएन सिंह के साथ गांजक गांव गए और घटना के संबंध में स्थानीय लोगों से जानकारी ली। इस बीच, प्रधानमंत्री ने आरपीएन सिंह को लोगों की अर्जी पर ध्यान देने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री के इस दौरे के दौरान उप्र के राजपाल बीएल जोशी और राज्य के स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन भी उनके साथ थे। इसके बाद सभी ने दिवंगत टीवी पत्रकार राजेश वर्मा के परिजनों से मुलाकात की और दस लाख रुपये मुआवजा राशि दिए जाने की घोषणा की। इससे पहले, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा वर्मा के परिवार को 15 लाख रुपये मुआवजे के साथ पुत्र को नौकरी देने की घोषणा की गई थी। उधर, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी का हिंसाग्रस्त मुजफ्फरनगर का दौरा "सांप्रदायिक दंगों पर धर्मनिरपेक्ष पर्यटन" के अलावा कुछ नहीं है। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने संवाददाताओं से कहा, "लोगों के घाव इससे नहीं भरेंगे। यह पूरी तरह सांप्रदायिक दंगों पर धर्मनिरपेक्ष पर्यटन है और इसके सिवाय कुछ नहीं है।" उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने जो कुछ कहा उसका कोई अर्थ नहीं है, क्योंकि लोग काम चाहते हैं और सरासर बयानबाजी नहीं।टिप्पणियां केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने भाजपा की प्रतिक्रिया पर जवाब देते हुए कहा कि जहां संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार ने विभिन्न समुदायों को एकजुट करने में रचनात्मक भूमिका निभाई है, वहीं दूसरी ओर भाजपा पूरे देश में सांप्रदायिक उन्माद पैदा करने में माहिर है। तिवारी ने कहा, "भाजपा को सहानुभूति के ऐसे कार्य का अनुसरण करना चाहिए। पूरे देश में दुखी लोगों तक पहुंचना कांग्रेस और संप्रग की परंपरा है।" उन्होंने कहा, "हम हमेशा रचनात्मक भूमिका निभाने का प्रयास करते हैं, हमेशा विभिन्न समुदायों के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध कायम करने का प्रयास करते हैं। और भाजपा पूरे देश में इन सभी वर्षों में उनमें से एक है जो सांप्रदायिक उन्माद पैदा करने में माहिर ही नहीं वरन अत्यधिक माहिर हैं।" इस बीच, प्रधानमंत्री ने आरपीएन सिंह को लोगों की अर्जी पर ध्यान देने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री के इस दौरे के दौरान उप्र के राजपाल बीएल जोशी और राज्य के स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन भी उनके साथ थे। इसके बाद सभी ने दिवंगत टीवी पत्रकार राजेश वर्मा के परिजनों से मुलाकात की और दस लाख रुपये मुआवजा राशि दिए जाने की घोषणा की। इससे पहले, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा वर्मा के परिवार को 15 लाख रुपये मुआवजे के साथ पुत्र को नौकरी देने की घोषणा की गई थी। उधर, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी का हिंसाग्रस्त मुजफ्फरनगर का दौरा "सांप्रदायिक दंगों पर धर्मनिरपेक्ष पर्यटन" के अलावा कुछ नहीं है। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने संवाददाताओं से कहा, "लोगों के घाव इससे नहीं भरेंगे। यह पूरी तरह सांप्रदायिक दंगों पर धर्मनिरपेक्ष पर्यटन है और इसके सिवाय कुछ नहीं है।" उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने जो कुछ कहा उसका कोई अर्थ नहीं है, क्योंकि लोग काम चाहते हैं और सरासर बयानबाजी नहीं।टिप्पणियां केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने भाजपा की प्रतिक्रिया पर जवाब देते हुए कहा कि जहां संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार ने विभिन्न समुदायों को एकजुट करने में रचनात्मक भूमिका निभाई है, वहीं दूसरी ओर भाजपा पूरे देश में सांप्रदायिक उन्माद पैदा करने में माहिर है। तिवारी ने कहा, "भाजपा को सहानुभूति के ऐसे कार्य का अनुसरण करना चाहिए। पूरे देश में दुखी लोगों तक पहुंचना कांग्रेस और संप्रग की परंपरा है।" उन्होंने कहा, "हम हमेशा रचनात्मक भूमिका निभाने का प्रयास करते हैं, हमेशा विभिन्न समुदायों के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध कायम करने का प्रयास करते हैं। और भाजपा पूरे देश में इन सभी वर्षों में उनमें से एक है जो सांप्रदायिक उन्माद पैदा करने में माहिर ही नहीं वरन अत्यधिक माहिर हैं।" प्रधानमंत्री के इस दौरे के दौरान उप्र के राजपाल बीएल जोशी और राज्य के स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन भी उनके साथ थे। इसके बाद सभी ने दिवंगत टीवी पत्रकार राजेश वर्मा के परिजनों से मुलाकात की और दस लाख रुपये मुआवजा राशि दिए जाने की घोषणा की। इससे पहले, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा वर्मा के परिवार को 15 लाख रुपये मुआवजे के साथ पुत्र को नौकरी देने की घोषणा की गई थी। उधर, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी का हिंसाग्रस्त मुजफ्फरनगर का दौरा "सांप्रदायिक दंगों पर धर्मनिरपेक्ष पर्यटन" के अलावा कुछ नहीं है। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने संवाददाताओं से कहा, "लोगों के घाव इससे नहीं भरेंगे। यह पूरी तरह सांप्रदायिक दंगों पर धर्मनिरपेक्ष पर्यटन है और इसके सिवाय कुछ नहीं है।" उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने जो कुछ कहा उसका कोई अर्थ नहीं है, क्योंकि लोग काम चाहते हैं और सरासर बयानबाजी नहीं।टिप्पणियां केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने भाजपा की प्रतिक्रिया पर जवाब देते हुए कहा कि जहां संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार ने विभिन्न समुदायों को एकजुट करने में रचनात्मक भूमिका निभाई है, वहीं दूसरी ओर भाजपा पूरे देश में सांप्रदायिक उन्माद पैदा करने में माहिर है। तिवारी ने कहा, "भाजपा को सहानुभूति के ऐसे कार्य का अनुसरण करना चाहिए। पूरे देश में दुखी लोगों तक पहुंचना कांग्रेस और संप्रग की परंपरा है।" उन्होंने कहा, "हम हमेशा रचनात्मक भूमिका निभाने का प्रयास करते हैं, हमेशा विभिन्न समुदायों के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध कायम करने का प्रयास करते हैं। और भाजपा पूरे देश में इन सभी वर्षों में उनमें से एक है जो सांप्रदायिक उन्माद पैदा करने में माहिर ही नहीं वरन अत्यधिक माहिर हैं।" इसके बाद सभी ने दिवंगत टीवी पत्रकार राजेश वर्मा के परिजनों से मुलाकात की और दस लाख रुपये मुआवजा राशि दिए जाने की घोषणा की। इससे पहले, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा वर्मा के परिवार को 15 लाख रुपये मुआवजे के साथ पुत्र को नौकरी देने की घोषणा की गई थी। उधर, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी का हिंसाग्रस्त मुजफ्फरनगर का दौरा "सांप्रदायिक दंगों पर धर्मनिरपेक्ष पर्यटन" के अलावा कुछ नहीं है। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने संवाददाताओं से कहा, "लोगों के घाव इससे नहीं भरेंगे। यह पूरी तरह सांप्रदायिक दंगों पर धर्मनिरपेक्ष पर्यटन है और इसके सिवाय कुछ नहीं है।" उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने जो कुछ कहा उसका कोई अर्थ नहीं है, क्योंकि लोग काम चाहते हैं और सरासर बयानबाजी नहीं।टिप्पणियां केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने भाजपा की प्रतिक्रिया पर जवाब देते हुए कहा कि जहां संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार ने विभिन्न समुदायों को एकजुट करने में रचनात्मक भूमिका निभाई है, वहीं दूसरी ओर भाजपा पूरे देश में सांप्रदायिक उन्माद पैदा करने में माहिर है। तिवारी ने कहा, "भाजपा को सहानुभूति के ऐसे कार्य का अनुसरण करना चाहिए। पूरे देश में दुखी लोगों तक पहुंचना कांग्रेस और संप्रग की परंपरा है।" उन्होंने कहा, "हम हमेशा रचनात्मक भूमिका निभाने का प्रयास करते हैं, हमेशा विभिन्न समुदायों के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध कायम करने का प्रयास करते हैं। और भाजपा पूरे देश में इन सभी वर्षों में उनमें से एक है जो सांप्रदायिक उन्माद पैदा करने में माहिर ही नहीं वरन अत्यधिक माहिर हैं।" इससे पहले, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा वर्मा के परिवार को 15 लाख रुपये मुआवजे के साथ पुत्र को नौकरी देने की घोषणा की गई थी। उधर, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी का हिंसाग्रस्त मुजफ्फरनगर का दौरा "सांप्रदायिक दंगों पर धर्मनिरपेक्ष पर्यटन" के अलावा कुछ नहीं है। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने संवाददाताओं से कहा, "लोगों के घाव इससे नहीं भरेंगे। यह पूरी तरह सांप्रदायिक दंगों पर धर्मनिरपेक्ष पर्यटन है और इसके सिवाय कुछ नहीं है।" उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने जो कुछ कहा उसका कोई अर्थ नहीं है, क्योंकि लोग काम चाहते हैं और सरासर बयानबाजी नहीं।टिप्पणियां केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने भाजपा की प्रतिक्रिया पर जवाब देते हुए कहा कि जहां संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार ने विभिन्न समुदायों को एकजुट करने में रचनात्मक भूमिका निभाई है, वहीं दूसरी ओर भाजपा पूरे देश में सांप्रदायिक उन्माद पैदा करने में माहिर है। तिवारी ने कहा, "भाजपा को सहानुभूति के ऐसे कार्य का अनुसरण करना चाहिए। पूरे देश में दुखी लोगों तक पहुंचना कांग्रेस और संप्रग की परंपरा है।" उन्होंने कहा, "हम हमेशा रचनात्मक भूमिका निभाने का प्रयास करते हैं, हमेशा विभिन्न समुदायों के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध कायम करने का प्रयास करते हैं। और भाजपा पूरे देश में इन सभी वर्षों में उनमें से एक है जो सांप्रदायिक उन्माद पैदा करने में माहिर ही नहीं वरन अत्यधिक माहिर हैं।" उधर, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी का हिंसाग्रस्त मुजफ्फरनगर का दौरा "सांप्रदायिक दंगों पर धर्मनिरपेक्ष पर्यटन" के अलावा कुछ नहीं है। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने संवाददाताओं से कहा, "लोगों के घाव इससे नहीं भरेंगे। यह पूरी तरह सांप्रदायिक दंगों पर धर्मनिरपेक्ष पर्यटन है और इसके सिवाय कुछ नहीं है।" उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने जो कुछ कहा उसका कोई अर्थ नहीं है, क्योंकि लोग काम चाहते हैं और सरासर बयानबाजी नहीं।टिप्पणियां केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने भाजपा की प्रतिक्रिया पर जवाब देते हुए कहा कि जहां संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार ने विभिन्न समुदायों को एकजुट करने में रचनात्मक भूमिका निभाई है, वहीं दूसरी ओर भाजपा पूरे देश में सांप्रदायिक उन्माद पैदा करने में माहिर है। तिवारी ने कहा, "भाजपा को सहानुभूति के ऐसे कार्य का अनुसरण करना चाहिए। पूरे देश में दुखी लोगों तक पहुंचना कांग्रेस और संप्रग की परंपरा है।" उन्होंने कहा, "हम हमेशा रचनात्मक भूमिका निभाने का प्रयास करते हैं, हमेशा विभिन्न समुदायों के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध कायम करने का प्रयास करते हैं। और भाजपा पूरे देश में इन सभी वर्षों में उनमें से एक है जो सांप्रदायिक उन्माद पैदा करने में माहिर ही नहीं वरन अत्यधिक माहिर हैं।" भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने संवाददाताओं से कहा, "लोगों के घाव इससे नहीं भरेंगे। यह पूरी तरह सांप्रदायिक दंगों पर धर्मनिरपेक्ष पर्यटन है और इसके सिवाय कुछ नहीं है।" उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने जो कुछ कहा उसका कोई अर्थ नहीं है, क्योंकि लोग काम चाहते हैं और सरासर बयानबाजी नहीं।टिप्पणियां केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने भाजपा की प्रतिक्रिया पर जवाब देते हुए कहा कि जहां संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार ने विभिन्न समुदायों को एकजुट करने में रचनात्मक भूमिका निभाई है, वहीं दूसरी ओर भाजपा पूरे देश में सांप्रदायिक उन्माद पैदा करने में माहिर है। तिवारी ने कहा, "भाजपा को सहानुभूति के ऐसे कार्य का अनुसरण करना चाहिए। पूरे देश में दुखी लोगों तक पहुंचना कांग्रेस और संप्रग की परंपरा है।" उन्होंने कहा, "हम हमेशा रचनात्मक भूमिका निभाने का प्रयास करते हैं, हमेशा विभिन्न समुदायों के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध कायम करने का प्रयास करते हैं। और भाजपा पूरे देश में इन सभी वर्षों में उनमें से एक है जो सांप्रदायिक उन्माद पैदा करने में माहिर ही नहीं वरन अत्यधिक माहिर हैं।" केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने भाजपा की प्रतिक्रिया पर जवाब देते हुए कहा कि जहां संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार ने विभिन्न समुदायों को एकजुट करने में रचनात्मक भूमिका निभाई है, वहीं दूसरी ओर भाजपा पूरे देश में सांप्रदायिक उन्माद पैदा करने में माहिर है। तिवारी ने कहा, "भाजपा को सहानुभूति के ऐसे कार्य का अनुसरण करना चाहिए। पूरे देश में दुखी लोगों तक पहुंचना कांग्रेस और संप्रग की परंपरा है।" उन्होंने कहा, "हम हमेशा रचनात्मक भूमिका निभाने का प्रयास करते हैं, हमेशा विभिन्न समुदायों के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध कायम करने का प्रयास करते हैं। और भाजपा पूरे देश में इन सभी वर्षों में उनमें से एक है जो सांप्रदायिक उन्माद पैदा करने में माहिर ही नहीं वरन अत्यधिक माहिर हैं।" तिवारी ने कहा, "भाजपा को सहानुभूति के ऐसे कार्य का अनुसरण करना चाहिए। पूरे देश में दुखी लोगों तक पहुंचना कांग्रेस और संप्रग की परंपरा है।" उन्होंने कहा, "हम हमेशा रचनात्मक भूमिका निभाने का प्रयास करते हैं, हमेशा विभिन्न समुदायों के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध कायम करने का प्रयास करते हैं। और भाजपा पूरे देश में इन सभी वर्षों में उनमें से एक है जो सांप्रदायिक उन्माद पैदा करने में माहिर ही नहीं वरन अत्यधिक माहिर हैं।"
सारांश: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सोमवार को मुजफ्फनगर हिंसा को बड़ी त्रासदी करार दिया और दोषियों को दंडित किए जाने की बात कही। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी के साथ प्रधानमंत्री मुजफ्फनगर के दौरे पर गए थे।
20
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: लंदन ओलिंपिक में ब्रांज मेडल जीतने के बाद देशवासियों की 'नूरे नजर' बनी साइना नेहवाल पर एक बार भी एक अरब से अधिक भारतीयों की उम्मीदों का दारोमदार होगा जब वह और छह अन्य बैडमिंटन खिलाड़ी गुरुवार को रियो में अपने अभियान का आगाज करेंगे. साइना ने अपने ओलिंपिक अभियान का आगाज 18 बरस की उम्र में किया था जब वह बीजिंग ओलिंपिक के क्वार्टर फाइनल में पहुंची थी . वह उसमें इंडोनेशिया की मारिया क्रिस्टीन यूलियांटी से हार गई थी जिसके बाद लंदन में उसने ब्रांज मेडल जीता . इस बार उसकी नजरें पीले तमगे पर है चूंकि ग्रुप जी में लोहानी विसेंटे और मारिया उलिटिना जैसे कम अनुभवी खिलाड़ी हैं .टिप्पणियां साइना के लिये पिछले दो साल काफी उतार-चढ़ाव भरे रहे जिसमें उसने अपने अभ्‍यास का केंद्र हैदराबाद से बेंगलुरू शिफ्ट किया जहां उसने पूर्व मुख्य कोच विमल कुमार के साथ अभ्‍यास  किया . उन्‍होंने ऑल इंग्लैंड और वर्ल्‍ड चैम्पियनशिप में रजत पदक जीते जबकि इंडिया ओपन और चाइना प्रीमियर सुपर सीरीज खिताब जीतकर दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी बनीं . पिछले साल के आखिर में लगी टखने की चोट के कारण वह जूझती रहीं और मलेशिया , सिंगापुर और इंडोनेशिया में लगातार अच्छे प्रदर्शन के बाद जून में आस्ट्रेलिया ओपन खिताब जीता .अब उसके पास ओलिंपिक स्वर्ण जीतने का सुनहरा मौका है और साइना ने कहा कि वह उसी सप्ताह अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहेंगी. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) साइना ने अपने ओलिंपिक अभियान का आगाज 18 बरस की उम्र में किया था जब वह बीजिंग ओलिंपिक के क्वार्टर फाइनल में पहुंची थी . वह उसमें इंडोनेशिया की मारिया क्रिस्टीन यूलियांटी से हार गई थी जिसके बाद लंदन में उसने ब्रांज मेडल जीता . इस बार उसकी नजरें पीले तमगे पर है चूंकि ग्रुप जी में लोहानी विसेंटे और मारिया उलिटिना जैसे कम अनुभवी खिलाड़ी हैं .टिप्पणियां साइना के लिये पिछले दो साल काफी उतार-चढ़ाव भरे रहे जिसमें उसने अपने अभ्‍यास का केंद्र हैदराबाद से बेंगलुरू शिफ्ट किया जहां उसने पूर्व मुख्य कोच विमल कुमार के साथ अभ्‍यास  किया . उन्‍होंने ऑल इंग्लैंड और वर्ल्‍ड चैम्पियनशिप में रजत पदक जीते जबकि इंडिया ओपन और चाइना प्रीमियर सुपर सीरीज खिताब जीतकर दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी बनीं . पिछले साल के आखिर में लगी टखने की चोट के कारण वह जूझती रहीं और मलेशिया , सिंगापुर और इंडोनेशिया में लगातार अच्छे प्रदर्शन के बाद जून में आस्ट्रेलिया ओपन खिताब जीता .अब उसके पास ओलिंपिक स्वर्ण जीतने का सुनहरा मौका है और साइना ने कहा कि वह उसी सप्ताह अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहेंगी. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) साइना के लिये पिछले दो साल काफी उतार-चढ़ाव भरे रहे जिसमें उसने अपने अभ्‍यास का केंद्र हैदराबाद से बेंगलुरू शिफ्ट किया जहां उसने पूर्व मुख्य कोच विमल कुमार के साथ अभ्‍यास  किया . उन्‍होंने ऑल इंग्लैंड और वर्ल्‍ड चैम्पियनशिप में रजत पदक जीते जबकि इंडिया ओपन और चाइना प्रीमियर सुपर सीरीज खिताब जीतकर दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी बनीं . पिछले साल के आखिर में लगी टखने की चोट के कारण वह जूझती रहीं और मलेशिया , सिंगापुर और इंडोनेशिया में लगातार अच्छे प्रदर्शन के बाद जून में आस्ट्रेलिया ओपन खिताब जीता .अब उसके पास ओलिंपिक स्वर्ण जीतने का सुनहरा मौका है और साइना ने कहा कि वह उसी सप्ताह अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहेंगी. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त पाठ: लंदन ओलिंपिक में इस भारतीय शटलर ने जीता था ब्रांज साइना सहित छह खिलाड़ी अपना अभियान शुरू करेंगे बीजिंग ओलिंपिक में क्‍वार्टर फाइनल में हार गई थीं
22
['hin']
एक सारांश बनाओ: सीरिया के राष्ट्रपति बशर-अल-असद की जिंदगी का एक नया पहलू सामने आया है। बहुचर्चित वेबसाइट विकीलीक्स की मानें, तो उन्होंने अपने यहां विद्रोह की शुरुआत से पहले सैकड़ों ऐसे चुटकुले अपने जानने वालों को ई-मेल के जरिये भेजे थे, जिन्हें ‘सेक्सी जोक’ कहा जा सकता है। फ्रांस की एक वेबसाइट ने विकीलीक्स के माध्यम से असद की ओर से भेजे गए ऐसे ही कुछ ई-मेल प्रकाशित किए। विकीलीक्स के पास सीरियाई सरकार के महत्वूपर्ण लोगों से जुड़े करीब 25 लाख ई-मेल हैं। विकीलीक्स ने इन्हें 5 जुलाई से ही सार्वजनिक करना शुरू कर दिया है।टिप्पणियां फ्रांसीसी वेबसाइट की मानें तो 538 ई-मेल असद ने खुद भेजे। ये ई-मेल उनके निजी ई-मेल एड्रेस ‘एसएएम ऐट अलशबा डॉट कॉम’ से भेजे गए। ये ई-मेल सीरिया में विद्रोह ओर बदलाव की बयार की शुरुआत से पहले के हैं। यहां करीब 16 महीने से जारी हिंसा में 17,000 से अधिक लोग मारे गए हैं। अपने एक चुटकुले में असद कहते हैं, पत्नी ने पति से कहा : काश मैं अखबार होती, ताकि तुम मुझे पूरे दिन अपने हाथों में लिए रहते। इस पर पति ने कहा : काश ऐसा होता तो मेरे लिए रोजाना नयापन होता। फ्रांस की एक वेबसाइट ने विकीलीक्स के माध्यम से असद की ओर से भेजे गए ऐसे ही कुछ ई-मेल प्रकाशित किए। विकीलीक्स के पास सीरियाई सरकार के महत्वूपर्ण लोगों से जुड़े करीब 25 लाख ई-मेल हैं। विकीलीक्स ने इन्हें 5 जुलाई से ही सार्वजनिक करना शुरू कर दिया है।टिप्पणियां फ्रांसीसी वेबसाइट की मानें तो 538 ई-मेल असद ने खुद भेजे। ये ई-मेल उनके निजी ई-मेल एड्रेस ‘एसएएम ऐट अलशबा डॉट कॉम’ से भेजे गए। ये ई-मेल सीरिया में विद्रोह ओर बदलाव की बयार की शुरुआत से पहले के हैं। यहां करीब 16 महीने से जारी हिंसा में 17,000 से अधिक लोग मारे गए हैं। अपने एक चुटकुले में असद कहते हैं, पत्नी ने पति से कहा : काश मैं अखबार होती, ताकि तुम मुझे पूरे दिन अपने हाथों में लिए रहते। इस पर पति ने कहा : काश ऐसा होता तो मेरे लिए रोजाना नयापन होता। फ्रांसीसी वेबसाइट की मानें तो 538 ई-मेल असद ने खुद भेजे। ये ई-मेल उनके निजी ई-मेल एड्रेस ‘एसएएम ऐट अलशबा डॉट कॉम’ से भेजे गए। ये ई-मेल सीरिया में विद्रोह ओर बदलाव की बयार की शुरुआत से पहले के हैं। यहां करीब 16 महीने से जारी हिंसा में 17,000 से अधिक लोग मारे गए हैं। अपने एक चुटकुले में असद कहते हैं, पत्नी ने पति से कहा : काश मैं अखबार होती, ताकि तुम मुझे पूरे दिन अपने हाथों में लिए रहते। इस पर पति ने कहा : काश ऐसा होता तो मेरे लिए रोजाना नयापन होता। अपने एक चुटकुले में असद कहते हैं, पत्नी ने पति से कहा : काश मैं अखबार होती, ताकि तुम मुझे पूरे दिन अपने हाथों में लिए रहते। इस पर पति ने कहा : काश ऐसा होता तो मेरे लिए रोजाना नयापन होता।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: विकीलीक्स की मानें, तो बशर अल असद ने सीरिया में विद्रोह की शुरुआत से पहले सैकड़ों ऐसे चुटकुले अपने जानने वालों को ई-मेल के जरिये भेजे थे, जिन्हें ‘सेक्सी जोक’ कहा जा सकता है।
32
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: दुनिया की नंबर एक तीरदांज और पदक की दावेदार दीपिका कुमारी महिला व्यक्तिगत स्पर्धा के शुरुआती राउंड में इंग्लैंड की एमी ओलिवर के खिलाफ उलटफेर के बाद ओलिंपिक से बाहर हो गईं, जिसके साथ ही भारतीय तीरदांजी का इन खेलों में अभियान निराशाजनक तरीके से समाप्त हो गया। दीपिका पूरी तरह से रंगहीन दिखी और वह अपनी ब्रिटिश प्रतिद्वंद्वी के सामने कहीं नहीं टिकी, जिसने आसानी से मुकाबला 6-2 से जीत लिया। व्यक्तिगत स्पर्धा का परिणाम तीन तीन तीरों के सर्वश्रेष्ठ पांच सेट से होता है और सेट जीतने पर दो अंक प्राप्त होते हैं, भले ही जीत का अंतर कुछ भी हो।टिप्पणियां हालांकि दोनों तीरंदाजों ने अंत में कुल 104-104 अंक जुटाए, लेकिन ओलिवर तीन सेट जीतने में सफल रहीं। रांची की 18 वर्षीय भारतीय केवल एक सेट ही अपने नाम कर सकीं और वह भी जब प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी ने गलती की। ओलिवर दूसरे सेट में तीन तीरों में से एक में चार अंक ही बना पाई थीं, जिससे दीपिका ने यह सेट हासिल किया। दो साल पहले दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों दीपिका ने दो स्वर्ण पदक जीते थे, लेकिन वह चार सेट में एक बार भी परफेक्ट 10 नहीं लगा सकीं। दीपिका पूरी तरह से रंगहीन दिखी और वह अपनी ब्रिटिश प्रतिद्वंद्वी के सामने कहीं नहीं टिकी, जिसने आसानी से मुकाबला 6-2 से जीत लिया। व्यक्तिगत स्पर्धा का परिणाम तीन तीन तीरों के सर्वश्रेष्ठ पांच सेट से होता है और सेट जीतने पर दो अंक प्राप्त होते हैं, भले ही जीत का अंतर कुछ भी हो।टिप्पणियां हालांकि दोनों तीरंदाजों ने अंत में कुल 104-104 अंक जुटाए, लेकिन ओलिवर तीन सेट जीतने में सफल रहीं। रांची की 18 वर्षीय भारतीय केवल एक सेट ही अपने नाम कर सकीं और वह भी जब प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी ने गलती की। ओलिवर दूसरे सेट में तीन तीरों में से एक में चार अंक ही बना पाई थीं, जिससे दीपिका ने यह सेट हासिल किया। दो साल पहले दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों दीपिका ने दो स्वर्ण पदक जीते थे, लेकिन वह चार सेट में एक बार भी परफेक्ट 10 नहीं लगा सकीं। हालांकि दोनों तीरंदाजों ने अंत में कुल 104-104 अंक जुटाए, लेकिन ओलिवर तीन सेट जीतने में सफल रहीं। रांची की 18 वर्षीय भारतीय केवल एक सेट ही अपने नाम कर सकीं और वह भी जब प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी ने गलती की। ओलिवर दूसरे सेट में तीन तीरों में से एक में चार अंक ही बना पाई थीं, जिससे दीपिका ने यह सेट हासिल किया। दो साल पहले दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों दीपिका ने दो स्वर्ण पदक जीते थे, लेकिन वह चार सेट में एक बार भी परफेक्ट 10 नहीं लगा सकीं। ओलिवर दूसरे सेट में तीन तीरों में से एक में चार अंक ही बना पाई थीं, जिससे दीपिका ने यह सेट हासिल किया। दो साल पहले दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों दीपिका ने दो स्वर्ण पदक जीते थे, लेकिन वह चार सेट में एक बार भी परफेक्ट 10 नहीं लगा सकीं।
दुनिया की नंबर एक तीरदांज और पदक की दावेदार दीपिका कुमारी महिला व्यक्तिगत स्पर्धा के शुरुआती राउंड में इंग्लैंड की एमी ओलिवर के खिलाफ उलटफेर के बाद ओलिंपिक से बाहर हो गईं।
1
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: वैश्विक स्तर पर 2012 की दूसरी तिमाही में मोबाइल फोन की बिक्री में 2.3 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 41.9 करोड़ इकाई रही। एक ओर जहां फीचर्स फोन की मांग घट रही है, वहीं स्मार्ट फोन का दबदबा बढ़ रहा है। दूसरी तिमाही में स्मार्ट फोन की बिक्री में 42.7 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। कुल मोबाइल हैंडसेट बाजार में स्मार्ट फोन की हिस्सेदारी 36.7 फीसदी की है। अप्रैल-जून 2011 की तिमाही में कुल मोबाइल फोन बिक्री 42.86 करोड़ इकाई रही थी।टिप्पणियां गार्टनर के प्रमुख शोध विश्लेषक अंशुल गुप्ता ने बयान में कहा, दूसरी तिमाही में मोबाइल हैंडसेट की मांग घटी है। फीचर्स फोन की मांग लगातार घट रही है, जिससे कुल मिलाकर मोबाइल बाजार कमजोर हुआ है। गुप्ता ने कहा कि चुनौतीपूर्ण आर्थिक माहौल में ग्राहक नए उन्नत फोन की खरीद को टाल रहे हैं। उनको साल में बाद में मिलने वाली रियायतों का भी इंतजार है, जिसकी वजह से वे अभी खरीद नहीं कर रहे हैं। मोबाइल फोन बाजार में सैमसंग 21.6 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी या 9.04 करोड़ इकाई के साथ शीर्ष पर है। पिछले साल इस अवधि में सैमसंग की बाजार हिस्सेदारी 16.3 फीसदी थी। खास बात यह है कि सैमसंग की कुल फोन बिक्री में स्मार्ट फोन की हिस्सेदारी करीब 50 प्रतिशत यानी 4.56 करोड़ इकाई है। नोकिया 19.9 प्रतिशत हिस्सेदारी या 8.34 करोड़ इकाई के साथ इस अवधि में दूसरे स्थान पर रही। जेटीई की बाजार हिस्सेदारी 4.3 प्रतिशत रही। 1.79 करोड़ से कुछ अधिक की बिक्री के साथ वह तीसरे स्थान पर है। दूसरी तिमाही में स्मार्ट फोन की बिक्री में 42.7 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। कुल मोबाइल हैंडसेट बाजार में स्मार्ट फोन की हिस्सेदारी 36.7 फीसदी की है। अप्रैल-जून 2011 की तिमाही में कुल मोबाइल फोन बिक्री 42.86 करोड़ इकाई रही थी।टिप्पणियां गार्टनर के प्रमुख शोध विश्लेषक अंशुल गुप्ता ने बयान में कहा, दूसरी तिमाही में मोबाइल हैंडसेट की मांग घटी है। फीचर्स फोन की मांग लगातार घट रही है, जिससे कुल मिलाकर मोबाइल बाजार कमजोर हुआ है। गुप्ता ने कहा कि चुनौतीपूर्ण आर्थिक माहौल में ग्राहक नए उन्नत फोन की खरीद को टाल रहे हैं। उनको साल में बाद में मिलने वाली रियायतों का भी इंतजार है, जिसकी वजह से वे अभी खरीद नहीं कर रहे हैं। मोबाइल फोन बाजार में सैमसंग 21.6 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी या 9.04 करोड़ इकाई के साथ शीर्ष पर है। पिछले साल इस अवधि में सैमसंग की बाजार हिस्सेदारी 16.3 फीसदी थी। खास बात यह है कि सैमसंग की कुल फोन बिक्री में स्मार्ट फोन की हिस्सेदारी करीब 50 प्रतिशत यानी 4.56 करोड़ इकाई है। नोकिया 19.9 प्रतिशत हिस्सेदारी या 8.34 करोड़ इकाई के साथ इस अवधि में दूसरे स्थान पर रही। जेटीई की बाजार हिस्सेदारी 4.3 प्रतिशत रही। 1.79 करोड़ से कुछ अधिक की बिक्री के साथ वह तीसरे स्थान पर है। गार्टनर के प्रमुख शोध विश्लेषक अंशुल गुप्ता ने बयान में कहा, दूसरी तिमाही में मोबाइल हैंडसेट की मांग घटी है। फीचर्स फोन की मांग लगातार घट रही है, जिससे कुल मिलाकर मोबाइल बाजार कमजोर हुआ है। गुप्ता ने कहा कि चुनौतीपूर्ण आर्थिक माहौल में ग्राहक नए उन्नत फोन की खरीद को टाल रहे हैं। उनको साल में बाद में मिलने वाली रियायतों का भी इंतजार है, जिसकी वजह से वे अभी खरीद नहीं कर रहे हैं। मोबाइल फोन बाजार में सैमसंग 21.6 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी या 9.04 करोड़ इकाई के साथ शीर्ष पर है। पिछले साल इस अवधि में सैमसंग की बाजार हिस्सेदारी 16.3 फीसदी थी। खास बात यह है कि सैमसंग की कुल फोन बिक्री में स्मार्ट फोन की हिस्सेदारी करीब 50 प्रतिशत यानी 4.56 करोड़ इकाई है। नोकिया 19.9 प्रतिशत हिस्सेदारी या 8.34 करोड़ इकाई के साथ इस अवधि में दूसरे स्थान पर रही। जेटीई की बाजार हिस्सेदारी 4.3 प्रतिशत रही। 1.79 करोड़ से कुछ अधिक की बिक्री के साथ वह तीसरे स्थान पर है। मोबाइल फोन बाजार में सैमसंग 21.6 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी या 9.04 करोड़ इकाई के साथ शीर्ष पर है। पिछले साल इस अवधि में सैमसंग की बाजार हिस्सेदारी 16.3 फीसदी थी। खास बात यह है कि सैमसंग की कुल फोन बिक्री में स्मार्ट फोन की हिस्सेदारी करीब 50 प्रतिशत यानी 4.56 करोड़ इकाई है। नोकिया 19.9 प्रतिशत हिस्सेदारी या 8.34 करोड़ इकाई के साथ इस अवधि में दूसरे स्थान पर रही। जेटीई की बाजार हिस्सेदारी 4.3 प्रतिशत रही। 1.79 करोड़ से कुछ अधिक की बिक्री के साथ वह तीसरे स्थान पर है।
यह एक सारांश है: वैश्विक स्तर पर 2012 की दूसरी तिमाही में मोबाइल फोन की बिक्री में 2.3 प्रतिशत की गिरावट आई। एक ओर जहां फीचर्स फोन की मांग घट रही है, वहीं स्मार्ट फोन का दबदबा बढ़ रहा है।
2
['hin']
एक सारांश बनाओ: उत्तर प्रदेश के कुंडा में तिहरे हत्याकांड की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने गुरुवार को विशेष अदालत में सीओ जिया उल हक की हत्या में साजिश रचने के आरोपी पूर्व मंत्री रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया का पॉलीग्राफी टेस्ट कराए जाने का आवेदन दाखिल किया। सीबीआई सूत्रों के अनुसार अब तक तमाम जांचों के बाद भी राजा भैया के खिलाफ कोई सबूत हाथ नहीं लग सका है। किसी अहम सुराग हाथ लगने की उम्मीद के चलते सीबीआई ने पॉलीग्राफी टेस्ट का सहारा लिया है। सीबीआई सूत्रों का मानना है कि राजा भैया के पॉलीग्राफी टेस्ट से मामले से जुड़ी कई अहम जानकारियां मिल सकती हैं। अदालत में मामले में अगली सुनवाई 11 जून को होगी।टिप्पणियां दो मार्च को नन्हें यादव उसके भाई सुरेश यादव और कुंडा सीओ जिया उल हक की मौत के मामले की जांच सीबीआई ने 8 मार्च से शुरू की थी।   नन्हें यादव के परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों के आधार पर राजा भैया सवालों के घेरे में थे। पिछले महीने दो दिन तक सीबीआई ने राजा भैया से लंबी पूछताछ की, लेकिन इसमें न तो राजा भैया के खिलाफ कोई साक्ष्य मिला और न ही पूछताछ में कोई ऐसा तथ्य निकला, जिससे उनकी घेरेबंदी की जा सके।   यही कारण था कि मामले में सीबीआई ने जो एक चार्जशीट दाखिल की, उसमें राजा भैया का जिक्र नहीं किया। हालांकि जांच एजेंसी का शक राजा भैया के ऊपर से अभी खत्म नहीं हुआ है। जांच एजेंसी का मानना है कि राजा का पॉलीग्राफी टेस्ट इसमें अहम भूमिका अदा कर सकता है। सीओ की पत्नी परवीन आजाद ने राजा भैया के खिलाफ अपने पति की हत्या की साजिश रचने का मुकदमा दर्ज कराया था, जिसके बाद मामले ने तूल पकड़ा और राजा भैया को खाद्य एवं रसद मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। सीबीआई सूत्रों के अनुसार अब तक तमाम जांचों के बाद भी राजा भैया के खिलाफ कोई सबूत हाथ नहीं लग सका है। किसी अहम सुराग हाथ लगने की उम्मीद के चलते सीबीआई ने पॉलीग्राफी टेस्ट का सहारा लिया है। सीबीआई सूत्रों का मानना है कि राजा भैया के पॉलीग्राफी टेस्ट से मामले से जुड़ी कई अहम जानकारियां मिल सकती हैं। अदालत में मामले में अगली सुनवाई 11 जून को होगी।टिप्पणियां दो मार्च को नन्हें यादव उसके भाई सुरेश यादव और कुंडा सीओ जिया उल हक की मौत के मामले की जांच सीबीआई ने 8 मार्च से शुरू की थी।   नन्हें यादव के परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों के आधार पर राजा भैया सवालों के घेरे में थे। पिछले महीने दो दिन तक सीबीआई ने राजा भैया से लंबी पूछताछ की, लेकिन इसमें न तो राजा भैया के खिलाफ कोई साक्ष्य मिला और न ही पूछताछ में कोई ऐसा तथ्य निकला, जिससे उनकी घेरेबंदी की जा सके।   यही कारण था कि मामले में सीबीआई ने जो एक चार्जशीट दाखिल की, उसमें राजा भैया का जिक्र नहीं किया। हालांकि जांच एजेंसी का शक राजा भैया के ऊपर से अभी खत्म नहीं हुआ है। जांच एजेंसी का मानना है कि राजा का पॉलीग्राफी टेस्ट इसमें अहम भूमिका अदा कर सकता है। सीओ की पत्नी परवीन आजाद ने राजा भैया के खिलाफ अपने पति की हत्या की साजिश रचने का मुकदमा दर्ज कराया था, जिसके बाद मामले ने तूल पकड़ा और राजा भैया को खाद्य एवं रसद मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। सीबीआई सूत्रों का मानना है कि राजा भैया के पॉलीग्राफी टेस्ट से मामले से जुड़ी कई अहम जानकारियां मिल सकती हैं। अदालत में मामले में अगली सुनवाई 11 जून को होगी।टिप्पणियां दो मार्च को नन्हें यादव उसके भाई सुरेश यादव और कुंडा सीओ जिया उल हक की मौत के मामले की जांच सीबीआई ने 8 मार्च से शुरू की थी।   नन्हें यादव के परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों के आधार पर राजा भैया सवालों के घेरे में थे। पिछले महीने दो दिन तक सीबीआई ने राजा भैया से लंबी पूछताछ की, लेकिन इसमें न तो राजा भैया के खिलाफ कोई साक्ष्य मिला और न ही पूछताछ में कोई ऐसा तथ्य निकला, जिससे उनकी घेरेबंदी की जा सके।   यही कारण था कि मामले में सीबीआई ने जो एक चार्जशीट दाखिल की, उसमें राजा भैया का जिक्र नहीं किया। हालांकि जांच एजेंसी का शक राजा भैया के ऊपर से अभी खत्म नहीं हुआ है। जांच एजेंसी का मानना है कि राजा का पॉलीग्राफी टेस्ट इसमें अहम भूमिका अदा कर सकता है। सीओ की पत्नी परवीन आजाद ने राजा भैया के खिलाफ अपने पति की हत्या की साजिश रचने का मुकदमा दर्ज कराया था, जिसके बाद मामले ने तूल पकड़ा और राजा भैया को खाद्य एवं रसद मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। दो मार्च को नन्हें यादव उसके भाई सुरेश यादव और कुंडा सीओ जिया उल हक की मौत के मामले की जांच सीबीआई ने 8 मार्च से शुरू की थी।   नन्हें यादव के परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों के आधार पर राजा भैया सवालों के घेरे में थे। पिछले महीने दो दिन तक सीबीआई ने राजा भैया से लंबी पूछताछ की, लेकिन इसमें न तो राजा भैया के खिलाफ कोई साक्ष्य मिला और न ही पूछताछ में कोई ऐसा तथ्य निकला, जिससे उनकी घेरेबंदी की जा सके।   यही कारण था कि मामले में सीबीआई ने जो एक चार्जशीट दाखिल की, उसमें राजा भैया का जिक्र नहीं किया। हालांकि जांच एजेंसी का शक राजा भैया के ऊपर से अभी खत्म नहीं हुआ है। जांच एजेंसी का मानना है कि राजा का पॉलीग्राफी टेस्ट इसमें अहम भूमिका अदा कर सकता है। सीओ की पत्नी परवीन आजाद ने राजा भैया के खिलाफ अपने पति की हत्या की साजिश रचने का मुकदमा दर्ज कराया था, जिसके बाद मामले ने तूल पकड़ा और राजा भैया को खाद्य एवं रसद मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। सीओ की पत्नी परवीन आजाद ने राजा भैया के खिलाफ अपने पति की हत्या की साजिश रचने का मुकदमा दर्ज कराया था, जिसके बाद मामले ने तूल पकड़ा और राजा भैया को खाद्य एवं रसद मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था।
यहाँ एक सारांश है:सीबीआई सूत्रों के अनुसार अब तक तमाम जांचों के बाद भी राजा भैया के खिलाफ कोई सबूत हाथ नहीं लग सका है। किसी अहम सुराग हाथ लगने की उम्मीद के चलते सीबीआई ने पॉलीग्राफी टेस्ट का सहारा लिया है।
15
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: विशाखापतनम के नौसेना के एयरपोर्ट आईएनएस डेगा के रनवे पर आग लग गई. नौसेना का लड़ाकू विमान मिग-29 जब सुबह 10 बजे उड़ान भर रहा था तब उसके फ्यूल टैंक में यह आग लगी और जिसके बाद फ्यूल टैंक से यह आग रनवे पर लग गई. हालांकि मौजूद स्टाफ की मुस्तैदी से इस आग को फौरन बुझा लिया गया.टिप्पणियां दुर्घटना में कोई घायल नहीं हुआ और न ही एयरक्राफ्ट या रनवे को कोई नुकसान ही हुआ. नौसेना ने मामले की जांच के लिये बोर्ड ऑफ इन्क्वायरी के आदेश दे दिये हैं. रूस से लिया गया यह लड़ाकू विमान आईएनएस विक्रमादित्य पर भी तैनात रहता है. दुर्घटना में कोई घायल नहीं हुआ और न ही एयरक्राफ्ट या रनवे को कोई नुकसान ही हुआ. नौसेना ने मामले की जांच के लिये बोर्ड ऑफ इन्क्वायरी के आदेश दे दिये हैं. रूस से लिया गया यह लड़ाकू विमान आईएनएस विक्रमादित्य पर भी तैनात रहता है. रूस से लिया गया यह लड़ाकू विमान आईएनएस विक्रमादित्य पर भी तैनात रहता है.
सारांश: मौजूद स्टाफ की मुस्तैदी से इस आग को फौरन बुझा लिया गया नौसेना ने मामले की जांच के लिये बोर्ड ऑफ इन्क्वायरी गठित की रूस से लिया गया यह विमान INS विक्रमादित्य पर भी तैनात रहता है
20
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने बीसीसीआई से अनुरोध किया है कि इस साल के आखिर में होने वाली भारत-पाक शृंखला के दौरान मोहाली में भी मैच कराया जाए। पीसीबी सूत्रों ने बताया कि बोर्ड को इस अनुरोध पर बीसीसीआई का जवाब अभी तक नहीं मिला है।टिप्पणियां एक सूत्र ने कहा, भारत ने तीन वन-डे और दो टी-20 मैचों का संभावित कार्यक्रम भेजा है। हमने उनसे अनुरोध किया है कि कम से कम एक मैच मोहाली में हो। उन्होंने कहा कि मोहाली में मैच कराने पर जोर इसलिए है, क्योंकि पाकिस्तानी क्रिकेटप्रेमियों के लिए वहां पहुंचना आसान है। बीसीसीआई ने बेंगलुरु, चेन्नई, अहमदाबाद, कोलकाता और दिल्ली में मैच कराने का प्रस्ताव रखा है। आमतौर पर मेजबान बोर्ड तय करता है कि मैच कहां होंगे। एक सूत्र ने कहा, भारत ने तीन वन-डे और दो टी-20 मैचों का संभावित कार्यक्रम भेजा है। हमने उनसे अनुरोध किया है कि कम से कम एक मैच मोहाली में हो। उन्होंने कहा कि मोहाली में मैच कराने पर जोर इसलिए है, क्योंकि पाकिस्तानी क्रिकेटप्रेमियों के लिए वहां पहुंचना आसान है। बीसीसीआई ने बेंगलुरु, चेन्नई, अहमदाबाद, कोलकाता और दिल्ली में मैच कराने का प्रस्ताव रखा है। आमतौर पर मेजबान बोर्ड तय करता है कि मैच कहां होंगे। बीसीसीआई ने बेंगलुरु, चेन्नई, अहमदाबाद, कोलकाता और दिल्ली में मैच कराने का प्रस्ताव रखा है। आमतौर पर मेजबान बोर्ड तय करता है कि मैच कहां होंगे।
संक्षिप्त पाठ: पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने बीसीसीआई से अनुरोध किया है कि इस साल के आखिर में होने वाली भारत-पाक शृंखला के दौरान मोहाली में भी मैच कराया जाएं।
14
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अमेरिका की तालिबान के साथ नियोजित वार्ता को अफगानिस्तान में युद्ध खत्म करने की दिशा में उठाया गया ‘पहला महत्वपूर्ण कदम’ बताया, लेकिन साथ ही आगे के मुश्किल सफर को लेकर आगाह भी किया है। अमेरिकी अधिकारियों की, कतर में खुले तालिबान के नए कार्यालय में उसके प्रतिनिधियों से मिलने की योजना है। इस वार्ता में 11 सितंबर, 2001 के हमलों के बाद अफगानिस्तान में शुरू हुए एक दशक लंबे युद्ध के बाद अब वहां से तालिबान की शांतिपूर्ण रवानगी से जुड़े विषय पर चर्चा की जाएगी। अमेरिका ने उत्तरी आयरलैंड में समूह आठ के शिखर सम्मेलन से इतर फ्रांसीसी राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलोंद के साथ मुलाकात के बाद कहा, अफगानिस्तान के लिए अफगान नीत शांति वार्ता देश में हिंसा के खात्मे और यहां और क्षेत्र में स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए सबसे अच्छा तरीका है। ओबामा ने कहा, सुलह की दिशा में उठाया गया यह पहला महत्वपूर्ण कदम है। हालांकि यह बहुत शुरुआती कदम है और हमें पता है कि आगे का रास्ता आसान नहीं है, लेकिन सभी पक्षों को अफगानिस्तान के भविष्य पर चर्चा और वार्ता करने का एक अवसर मिला है, जो मुझे लगता है कि बहुत महत्वपूर्ण है।   अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि तालिबान को ‘अफगान संविधान स्वीकार करना होगा, जिसका मतलब है कि उसे अलकायदा के साथ रिश्ते खत्म करने, हिंसा बंद करने और महिलाओं एवं अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध होना होगा। ओबामा ने शांति प्रक्रिया को लेकर अफगान राष्ट्रपति हामिद करजई की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह एक ‘साहसिक कदम’ है और अमेरिका, अफगान सरकार की भागीदारी वाली शांति प्रक्रिया का समर्थन करेगा। टिप्पणियां उन्होंने कहा कि इसी बीच, अमेरिका नीत बल अलकायदा को परास्त करने के हमारे सैन्य प्रयासों और अफगान राष्ट्रीय सुरक्षा बलों को सहयोग देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। संयोग से इस नियोजित वार्ता की घोषणा ऐसे समय पर हुई है, जब नाटो अफगान सुरक्षा का दायित्व करजई के सैनिकों को औपचारिक तौर पर सौंप रहा है। अमेरिकी अधिकारियों की, कतर में खुले तालिबान के नए कार्यालय में उसके प्रतिनिधियों से मिलने की योजना है। इस वार्ता में 11 सितंबर, 2001 के हमलों के बाद अफगानिस्तान में शुरू हुए एक दशक लंबे युद्ध के बाद अब वहां से तालिबान की शांतिपूर्ण रवानगी से जुड़े विषय पर चर्चा की जाएगी। अमेरिका ने उत्तरी आयरलैंड में समूह आठ के शिखर सम्मेलन से इतर फ्रांसीसी राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलोंद के साथ मुलाकात के बाद कहा, अफगानिस्तान के लिए अफगान नीत शांति वार्ता देश में हिंसा के खात्मे और यहां और क्षेत्र में स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए सबसे अच्छा तरीका है। ओबामा ने कहा, सुलह की दिशा में उठाया गया यह पहला महत्वपूर्ण कदम है। हालांकि यह बहुत शुरुआती कदम है और हमें पता है कि आगे का रास्ता आसान नहीं है, लेकिन सभी पक्षों को अफगानिस्तान के भविष्य पर चर्चा और वार्ता करने का एक अवसर मिला है, जो मुझे लगता है कि बहुत महत्वपूर्ण है।   अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि तालिबान को ‘अफगान संविधान स्वीकार करना होगा, जिसका मतलब है कि उसे अलकायदा के साथ रिश्ते खत्म करने, हिंसा बंद करने और महिलाओं एवं अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध होना होगा। ओबामा ने शांति प्रक्रिया को लेकर अफगान राष्ट्रपति हामिद करजई की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह एक ‘साहसिक कदम’ है और अमेरिका, अफगान सरकार की भागीदारी वाली शांति प्रक्रिया का समर्थन करेगा। टिप्पणियां उन्होंने कहा कि इसी बीच, अमेरिका नीत बल अलकायदा को परास्त करने के हमारे सैन्य प्रयासों और अफगान राष्ट्रीय सुरक्षा बलों को सहयोग देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। संयोग से इस नियोजित वार्ता की घोषणा ऐसे समय पर हुई है, जब नाटो अफगान सुरक्षा का दायित्व करजई के सैनिकों को औपचारिक तौर पर सौंप रहा है। अमेरिका ने उत्तरी आयरलैंड में समूह आठ के शिखर सम्मेलन से इतर फ्रांसीसी राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलोंद के साथ मुलाकात के बाद कहा, अफगानिस्तान के लिए अफगान नीत शांति वार्ता देश में हिंसा के खात्मे और यहां और क्षेत्र में स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए सबसे अच्छा तरीका है। ओबामा ने कहा, सुलह की दिशा में उठाया गया यह पहला महत्वपूर्ण कदम है। हालांकि यह बहुत शुरुआती कदम है और हमें पता है कि आगे का रास्ता आसान नहीं है, लेकिन सभी पक्षों को अफगानिस्तान के भविष्य पर चर्चा और वार्ता करने का एक अवसर मिला है, जो मुझे लगता है कि बहुत महत्वपूर्ण है।   अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि तालिबान को ‘अफगान संविधान स्वीकार करना होगा, जिसका मतलब है कि उसे अलकायदा के साथ रिश्ते खत्म करने, हिंसा बंद करने और महिलाओं एवं अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध होना होगा। ओबामा ने शांति प्रक्रिया को लेकर अफगान राष्ट्रपति हामिद करजई की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह एक ‘साहसिक कदम’ है और अमेरिका, अफगान सरकार की भागीदारी वाली शांति प्रक्रिया का समर्थन करेगा। टिप्पणियां उन्होंने कहा कि इसी बीच, अमेरिका नीत बल अलकायदा को परास्त करने के हमारे सैन्य प्रयासों और अफगान राष्ट्रीय सुरक्षा बलों को सहयोग देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। संयोग से इस नियोजित वार्ता की घोषणा ऐसे समय पर हुई है, जब नाटो अफगान सुरक्षा का दायित्व करजई के सैनिकों को औपचारिक तौर पर सौंप रहा है। ओबामा ने कहा, सुलह की दिशा में उठाया गया यह पहला महत्वपूर्ण कदम है। हालांकि यह बहुत शुरुआती कदम है और हमें पता है कि आगे का रास्ता आसान नहीं है, लेकिन सभी पक्षों को अफगानिस्तान के भविष्य पर चर्चा और वार्ता करने का एक अवसर मिला है, जो मुझे लगता है कि बहुत महत्वपूर्ण है।   अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि तालिबान को ‘अफगान संविधान स्वीकार करना होगा, जिसका मतलब है कि उसे अलकायदा के साथ रिश्ते खत्म करने, हिंसा बंद करने और महिलाओं एवं अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध होना होगा। ओबामा ने शांति प्रक्रिया को लेकर अफगान राष्ट्रपति हामिद करजई की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह एक ‘साहसिक कदम’ है और अमेरिका, अफगान सरकार की भागीदारी वाली शांति प्रक्रिया का समर्थन करेगा। टिप्पणियां उन्होंने कहा कि इसी बीच, अमेरिका नीत बल अलकायदा को परास्त करने के हमारे सैन्य प्रयासों और अफगान राष्ट्रीय सुरक्षा बलों को सहयोग देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। संयोग से इस नियोजित वार्ता की घोषणा ऐसे समय पर हुई है, जब नाटो अफगान सुरक्षा का दायित्व करजई के सैनिकों को औपचारिक तौर पर सौंप रहा है। उन्होंने कहा कि इसी बीच, अमेरिका नीत बल अलकायदा को परास्त करने के हमारे सैन्य प्रयासों और अफगान राष्ट्रीय सुरक्षा बलों को सहयोग देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। संयोग से इस नियोजित वार्ता की घोषणा ऐसे समय पर हुई है, जब नाटो अफगान सुरक्षा का दायित्व करजई के सैनिकों को औपचारिक तौर पर सौंप रहा है। संयोग से इस नियोजित वार्ता की घोषणा ऐसे समय पर हुई है, जब नाटो अफगान सुरक्षा का दायित्व करजई के सैनिकों को औपचारिक तौर पर सौंप रहा है।
यहाँ एक सारांश है:इस वार्ता में 11 सितंबर, 2001 के हमलों के बाद अफगानिस्तान में शुरू हुए एक दशक लंबे युद्ध के बाद अब वहां से तालिबान की शांतिपूर्ण रवानगी से जुड़े विषय पर चर्चा की जाएगी।
4
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: शुरू से ही टूर्नामेंट के प्रबल दावेदार भारत पहला ऐसा देश बन गया है जिसने अपनी सरजमीं पर फाइनल में जीत दर्ज करके विश्व कप जीता। भारत ने शनिवार कोवानखेड़े स्टेडियम में श्रीलंका को छह विकेट से मात दी। इससे पहले अभी तक कभी कोई मेजबान देश अपने देश में फाइनल खेलकर विजयी नहीं बना था। इंग्लैंड ने चार बार :1975 से 1983 और 1999: विश्व कप की मेजबानी की लेकिन उसे अब भी पहली सफलता का इंतजार है। इनमें से पहले दो विश्व कप में वेस्टइंडीज बकि 1983 में भारत चैंपियन बना था। भारत ने 1987 में पहली बार पाकिस्तान के साथ मिलकर मेजबानी की थी लेकिन तब ऑस्ट्रेलिया ने खिताब जीता था। ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड ने जब 1992 में मेजबानी की तो पाकिस्तान चैंपियन बनने में सफल रहा था। इसके चार साल बाद भारत, पाकिस्तान और श्रीलंका ने विश्व कप आयोजन किया था । श्रीलंका तब चैंपियन बना था लेकिन उस समय फाइनल मैच पाकिस्तानी शहर लाहौर में खेला गया था। इंग्लैंड में फिर 1999 में टूर्नामेंट का आयोजन किया गया लेकिन तब आस्ट्रेलिया ने खिताब जीता। ऑस्ट्रेलिया ने इसके बाद 2003 में दक्षिण अफ्रीका और 2007 में वेस्टइंडीज में खेले गये विश्व कप में भी बाजी मारी थी।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: शुरू से ही टूर्नामेंट के प्रबल दावेदार भारत पहला ऐसा देश बन गया है जिसने अपनी सरजमीं पर फाइनल में जीत दर्ज करके विश्व कप जीता।
25
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: उज्जैन ट्रेन धमाके में कथित रूप से शामिल आईएसआईएस से प्रेरित एक आतंकी मॉड्यूल ने पिछले साल दशहरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लखनऊ में हुई रैली में विस्फोट करने की कोशिश की थी, जो असफल रही. मोहम्मद दानिश और आतिफ मुजफ्फर की पूछताछ की सामने आई रिपार्ट के मुताबिक प्रतिबंधित आतंकी संगठन आईएसआईएस से संबंध रखने वाले इन दोनों और इनके अन्य दोस्तों ने बीते वर्ष लखनऊ के रामलीला मैदान में बम लगाने की साजिश रची थी, जहां पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गत 17 अक्टूबर को एक रैली को संबोधित करने वाले थे. यह दोनों फिलहाल राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की हिरासत में हैं.   दानिश ने अपने बयान में कहा है कि यह समूह ‘चरमपंथ के प्रभाव के स्तर को जानने के लिए’ विस्फोट करने को बेसब्र हो रहा था और इस प्रक्रिया के दौरान समूह ने विभिन्न स्थानों पर बम लगाने के कई असफल प्रयास भी किए थे. उसने बताया कि आतंकी समूह के स्वयंभू आमिर (प्रमुख) आतिफ मुजफ्फर ने स्टील के पाइपों और बल्बों की मदद से एक बम भी तैयार किया जिसमें खुद उसने भी मदद दी.   मध्य प्रदेश के उज्जैन में रेलवे पटरी पर सात मार्च को हुए विस्फोट के बाद एनआईए ने आतिफ समेत अन्य छह लोगों को गिरफ्तार किया था. आरोपी ने दावा किया कि आतिफ ने साइकिल की एक दुकान से लौहे के र्छे के दौ पैकेट खरीदे थे, इसके अलावा उसने आतिफ नाम के ही एक अन्य आरोपी के साथ उस स्थान की टोह भी ली थी. आतिफ ने भी दानिश के इस बयान की पुष्टि की है और बताया है कि वह ओल्ड कानपुर के मूलगंज में पटाखे की सामग्री खरीदने गए थे.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पिछले साल दशहरे के दौरान की गई थी विस्फोट की कोशिश, जो असफल रही. मोहम्मद दानिश और आतिफ मुजफ्फर की पूछताछ के बाद सामने आई यह रिपार्ट. उज्जैन में रेलवे पटरी पर हुए विस्फोट के बाद मॉड्यूल की हुई थी गिरफ्तारी.
6
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बुधवार के एपिसोड में 'बिग बॉस' ने घरवालों को कश्मीर की सर्दी का अहसास कराया. घरवालों की नींद 'ये मौसम का जादू है मितवा...' गाने से खुली. दिन की शुरुआत स्वामी ओम से हुई जो गौरव से कह रहे थे कि वह बानी को समझाएं कि वह उनसे नाराज न रहें, उनसे बानी की नफरत बर्दाश्त नहीं होती. इसके बाद 'बिग बॉस' ने कैप्टेंसी और लग्जरी बजट के लिए तूफान टास्क इंट्रोड्यूस किया. इस टास्क के लिए घर के गार्डन एरिया को कश्मीर का लुक दिया गया. एक इगलू बनाया गया जिसे घरवालों को मिलकर डेकोरेट करना था. इसके बाद तूफान आने पर सभी घरवालों को उस इगलू के अंदर जाना था. नियम के अनुसार सबसे बाद में घुसने वाले सदस्य को कप्तानी की रेस से बाहर किया जाना था. टास्क शुरू होने से पहले ही स्वामी ओम ने ऐलान कर दिया कि टास्क जीतने के लिए वह किसी भी हद तक जा सकते हैं इसलिए कोई बुरा न माने.   मोनालीसा सबसे पहले टास्क से बाहर हुईं, इसके बाद स्वामी ओम स्टूल लगाकर बैठ गए. उन्हें रोकने के लिए गौरव टोपड़ा इग्लू के टनल पर बैठ गए. बाद में 'बिग बॉस' के कहने पर लोपा ने एक लाल घेरा लगाया और घरवालों को इगलू से दूर रहने के लिए कहा.टिप्पणियां अगला तूफान आने पर इगलू के अंदर घुसते वक्त लोपामुद्रा को चोट लगी जिसके लिए उन्होंने बानी को जिम्मेदार ठहराया. बानी ने कहा कि उन्होंने लोपा को धक्का नहीं दिया वह उनसे पहले आ गई थीं. बानी ने तू करके बात की तो लोपा ने कहा कि बानी सड़क छाप भाषा में बात करती हैं. इसके बाद दोनों के बीच जमकर लड़ाई हुई. रोहन और मनवीर के बीच-बचाव के बाद दोनों शांत हुए. इस राउंड में गौरव टास्क से बाहर हो गए. बाद में जब गौरव बानी के लिए ऑमलेट लेकर आए तो ओम स्वामी ने बानी पर कमेंट किया इस बानी ने उन्हें चेतावनी दी कि वह न उनका नाम लें और न ही उनके बारे में बात करें.   इसके बाद काफी देर तक जब तूफान नहीं आया तो घरवालों ने तय किया कि इगलू से दूर जाएंगे तब शायद तूफान आएगा. इगलू से दूर जाते वक्त लोपा और रोहन की धीमी गति देखकर मनवीर ने उनपर कमेंट किया इस पर रोहन और मनवीर के बीच जमकर बहस हुई, गौरव और मनु के समझाने के बाद दोनों शांत हुए. इस बीच बेडरूम में गौरव मोना से कहते हैं कि घर में दो-ढाई महीने बितान के बाद उन्हें अपने रिश्तों की अहमियत का अहसास हुआ, वहीं मोना ने बताया कि पहले वह और विक्रांत एक साथ यह शो देखा करते थे. उन्होंने कहा कि जब विक्रांत घर के अंदर उनसे मिलने पहुंचे तो घर में उनके साथ आने का उनका सपना पूरा हो गया. जब वह जब इसके बाद तीसरे तूफान में नितिभा बाहर हो गईं. इसके बाद स्वामी ओम इगलू के एकदम पास बैठ गए. मनु और मनवीर ने तय किया कि वे स्वामी ओम को इगलू के अंदर जाने नहीं देंगे और वे उन्हें घेरकर इगलू के बाहर बैठ गए. रात 12 बजे घर वालों ने मनु पंजाबी को जन्मदिन की बधाई दी. कल के एपिसोड में क्या टास्क जीतने के लिए अपने कपड़े उतार देंगे स्वामी ओम? इस टास्क के लिए घर के गार्डन एरिया को कश्मीर का लुक दिया गया. एक इगलू बनाया गया जिसे घरवालों को मिलकर डेकोरेट करना था. इसके बाद तूफान आने पर सभी घरवालों को उस इगलू के अंदर जाना था. नियम के अनुसार सबसे बाद में घुसने वाले सदस्य को कप्तानी की रेस से बाहर किया जाना था. टास्क शुरू होने से पहले ही स्वामी ओम ने ऐलान कर दिया कि टास्क जीतने के लिए वह किसी भी हद तक जा सकते हैं इसलिए कोई बुरा न माने.   मोनालीसा सबसे पहले टास्क से बाहर हुईं, इसके बाद स्वामी ओम स्टूल लगाकर बैठ गए. उन्हें रोकने के लिए गौरव टोपड़ा इग्लू के टनल पर बैठ गए. बाद में 'बिग बॉस' के कहने पर लोपा ने एक लाल घेरा लगाया और घरवालों को इगलू से दूर रहने के लिए कहा.टिप्पणियां अगला तूफान आने पर इगलू के अंदर घुसते वक्त लोपामुद्रा को चोट लगी जिसके लिए उन्होंने बानी को जिम्मेदार ठहराया. बानी ने कहा कि उन्होंने लोपा को धक्का नहीं दिया वह उनसे पहले आ गई थीं. बानी ने तू करके बात की तो लोपा ने कहा कि बानी सड़क छाप भाषा में बात करती हैं. इसके बाद दोनों के बीच जमकर लड़ाई हुई. रोहन और मनवीर के बीच-बचाव के बाद दोनों शांत हुए. इस राउंड में गौरव टास्क से बाहर हो गए. बाद में जब गौरव बानी के लिए ऑमलेट लेकर आए तो ओम स्वामी ने बानी पर कमेंट किया इस बानी ने उन्हें चेतावनी दी कि वह न उनका नाम लें और न ही उनके बारे में बात करें.   इसके बाद काफी देर तक जब तूफान नहीं आया तो घरवालों ने तय किया कि इगलू से दूर जाएंगे तब शायद तूफान आएगा. इगलू से दूर जाते वक्त लोपा और रोहन की धीमी गति देखकर मनवीर ने उनपर कमेंट किया इस पर रोहन और मनवीर के बीच जमकर बहस हुई, गौरव और मनु के समझाने के बाद दोनों शांत हुए. इस बीच बेडरूम में गौरव मोना से कहते हैं कि घर में दो-ढाई महीने बितान के बाद उन्हें अपने रिश्तों की अहमियत का अहसास हुआ, वहीं मोना ने बताया कि पहले वह और विक्रांत एक साथ यह शो देखा करते थे. उन्होंने कहा कि जब विक्रांत घर के अंदर उनसे मिलने पहुंचे तो घर में उनके साथ आने का उनका सपना पूरा हो गया. जब वह जब इसके बाद तीसरे तूफान में नितिभा बाहर हो गईं. इसके बाद स्वामी ओम इगलू के एकदम पास बैठ गए. मनु और मनवीर ने तय किया कि वे स्वामी ओम को इगलू के अंदर जाने नहीं देंगे और वे उन्हें घेरकर इगलू के बाहर बैठ गए. रात 12 बजे घर वालों ने मनु पंजाबी को जन्मदिन की बधाई दी. कल के एपिसोड में क्या टास्क जीतने के लिए अपने कपड़े उतार देंगे स्वामी ओम? अगला तूफान आने पर इगलू के अंदर घुसते वक्त लोपामुद्रा को चोट लगी जिसके लिए उन्होंने बानी को जिम्मेदार ठहराया. बानी ने कहा कि उन्होंने लोपा को धक्का नहीं दिया वह उनसे पहले आ गई थीं. बानी ने तू करके बात की तो लोपा ने कहा कि बानी सड़क छाप भाषा में बात करती हैं. इसके बाद दोनों के बीच जमकर लड़ाई हुई. रोहन और मनवीर के बीच-बचाव के बाद दोनों शांत हुए. इस राउंड में गौरव टास्क से बाहर हो गए. बाद में जब गौरव बानी के लिए ऑमलेट लेकर आए तो ओम स्वामी ने बानी पर कमेंट किया इस बानी ने उन्हें चेतावनी दी कि वह न उनका नाम लें और न ही उनके बारे में बात करें.   इसके बाद काफी देर तक जब तूफान नहीं आया तो घरवालों ने तय किया कि इगलू से दूर जाएंगे तब शायद तूफान आएगा. इगलू से दूर जाते वक्त लोपा और रोहन की धीमी गति देखकर मनवीर ने उनपर कमेंट किया इस पर रोहन और मनवीर के बीच जमकर बहस हुई, गौरव और मनु के समझाने के बाद दोनों शांत हुए. इस बीच बेडरूम में गौरव मोना से कहते हैं कि घर में दो-ढाई महीने बितान के बाद उन्हें अपने रिश्तों की अहमियत का अहसास हुआ, वहीं मोना ने बताया कि पहले वह और विक्रांत एक साथ यह शो देखा करते थे. उन्होंने कहा कि जब विक्रांत घर के अंदर उनसे मिलने पहुंचे तो घर में उनके साथ आने का उनका सपना पूरा हो गया. जब वह जब इसके बाद तीसरे तूफान में नितिभा बाहर हो गईं. इसके बाद स्वामी ओम इगलू के एकदम पास बैठ गए. मनु और मनवीर ने तय किया कि वे स्वामी ओम को इगलू के अंदर जाने नहीं देंगे और वे उन्हें घेरकर इगलू के बाहर बैठ गए. रात 12 बजे घर वालों ने मनु पंजाबी को जन्मदिन की बधाई दी. कल के एपिसोड में क्या टास्क जीतने के लिए अपने कपड़े उतार देंगे स्वामी ओम? इसके बाद स्वामी ओम इगलू के एकदम पास बैठ गए. मनु और मनवीर ने तय किया कि वे स्वामी ओम को इगलू के अंदर जाने नहीं देंगे और वे उन्हें घेरकर इगलू के बाहर बैठ गए. रात 12 बजे घर वालों ने मनु पंजाबी को जन्मदिन की बधाई दी. कल के एपिसोड में क्या टास्क जीतने के लिए अपने कपड़े उतार देंगे स्वामी ओम?
संक्षिप्त पाठ: कैप्टेंसी और लग्जरी बजट के लिए 'बिग बॉस' लेकर आए तूफान टास्क. घर के गार्डन एरिया को कश्मीर थीम पर सजाया गया, इगलू भी बनाया गया. टास्क के दौरान अपनी मनमानी करते नजर आए स्वामी ओम.
14
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: Honor Days Sale 2019 का आगाज़ ई-कॉमर्स साइट अमेज़न पर हो चुका है। हॉनर डेज़ सेल 2019 17 मई तक चलेगी। Amazon Sale में Honor View 20, हॉनर 9 लाइट, Honor 10 Lite, हॉनर 8सी, Honor Play, हॉनर 9एन और हॉनर 7सी स्मार्टफोन पर शानदार डील्स मिल रही हैं। सेल के दौरान ग्राहकों के पास हॉनर व्यू 20 पर 5,000 रुपये और हॉनर प्ले पर 1,000 रुपये का Amazon Pay बैलेंस कैशबैक जीतने का मौका होगा। अमेज़न पर हॉनर के चुनिंदा वीयरेबल और टैबलेट भी डिस्काउंट के साथ लिस्ट किए गए हैं। हॉनर डेज़ सेल 2019 में सभी डेबिट और क्रेडिट कार्ड के साथ हॉनर व्यू 20 को खरीदने पर 5,000 रुपये की छूट मिल रही है, साथ ही ग्राहकों की सहूलियत के लिए 9 महीने की बिना ब्याज वाली ईएमआई की भी सुविधा उपलब्ध है। 6 जीबी रैम/ 128 जीबी स्टोरेज मॉडल की कीमत 38,999 रुपये तो वहीं Honor View 20 के 8 जीबी रैम/ 256 जीबी स्टोरेज वेरिएंट की कीमत 45,999 रुपये है। Honor 9N का 4 जीबी रैम/ 64 जीबी स्टोरेज वेरिएंट 13,999 रुपये के बजाय 9,999 रुपये में लिस्ट किया गया है। वहीं इसका 4 जीबी रैम/ 128 जीबी स्टोरेज वेरिएंट 17,999 रुपये की जगह 11,999 रुपये में मिल रहा है। Honor 8X का 4 जीबी रैम/ 64 जीबी स्टोरेज वेरिएंट छूट के बाद 12,999 रुपये में मिल रहा है। Honor 8X का 6 जीबी रैम/ 64 जीबी स्टोरेज वेरिएंट अभी सेल के दौरान 14,999 रुपये में मिल जाएगा। याद करा दें कि इस मॉडल को 16,999 रुपये में लॉन्च किया गया था। Honor 9 Lite का 4 जीबी/ 64 जीबी स्टोरेज वेरिएंट 14,999 रुपये के बजाय अभी छूट के बाद 9,999 रुपये में मिल रहा है। एक्सचेंज पर 1,000 रुपये की अतिरिक्त छूट दी जा रही है। हॉनर 10 लाइट के साथ भी समान एक्सचेंज डिस्काउंट दिया जा रहा है, फोन का 3 जीबी/32 जीबी स्टोरेज वेरिएंट 10,999 रुपये और 4 जीबी/ 64 जीबी स्टोरेज वेरिएंट अभी आपको 12,999 रुपये में मिल जाएगा। वीयरेबल की बात करें तो हॉनर बैंड 4 अभी सेल में 2,599 रुपये के बजाय 2,399 रुपये में बिक्री के लिए उपलब्ध है। Honor Band 4 Running Edition को 13,999 रुपये में लॉन्च किया गया था लेकिन अभी यह 11,999 रुपये में मिल जाएगा। Honor Watch Magic अभी 11,999 रुपये में उपलब्ध है। Honor MediaPad T3 10 और मीडियापैड टी3 8 अभी 11,499 रुपये और 10,499 रुपये की शुरुआती कीमत के साथ मिल रहे हैं। याद करा दें कि इनकी लॉन्च कीमत क्रमश: 14,999 रुपये और 12,999 रुपये थी।
संक्षिप्त सारांश: Honor View 20 पर मिल रहा 5,000 रुपये का कैशबैक Honor 9N, 9 Lite और 10 Lite पर मिल रहा है डिस्काउंट Honor View 20 में 48 मेगापिक्सल का Sony IMX586 सेंसर है
29
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: गोवा के प्रसिद्ध कलंगूट समुद्र तट पर शराब नहीं पीने और किसी प्रकार की उलटी सीधी हरकत नहीं करने के लिए कहे जाने पर पर्यटकों के एक समूह ने गोवा पुलिस के दो सिपाहियों पर कथित तौर हमला कर दिया. एक अधिकारी ने बताया कि यह घटना उत्तरी गोवा में समुद्र तट पर कल करीब 3.45 बजे हुई जब ड्यूटी पर तैनात दो पुलिसकर्मियों ने 11 व्यक्तियों से ठीक से आचरण करने के लिए कहा.टिप्पणियां कलंगूट पुलिस थाने के निरीक्षक जीवबा दलवी ने कल रात संवाददाताओं को बताया जब हरियाणा और दिल्ली के नशे में धुत पर्यटकों से पूछताछ की गयी, तो उन्होंने वर्दी में तैनात सिपाहियों पर हमला कर दिया. आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार सभी 11 व्यक्तियों को स्थानीय अदालत में पेश किया गया जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. पुलिस अधिकारी ने बताया परीक्षण में आरोपियों के खून के नमूनों में शराब की मात्रा पायी गयी.  कलंगूट पुलिस थाने के निरीक्षक जीवबा दलवी ने कल रात संवाददाताओं को बताया जब हरियाणा और दिल्ली के नशे में धुत पर्यटकों से पूछताछ की गयी, तो उन्होंने वर्दी में तैनात सिपाहियों पर हमला कर दिया. आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार सभी 11 व्यक्तियों को स्थानीय अदालत में पेश किया गया जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. पुलिस अधिकारी ने बताया परीक्षण में आरोपियों के खून के नमूनों में शराब की मात्रा पायी गयी.  पुलिस अधिकारी ने बताया परीक्षण में आरोपियों के खून के नमूनों में शराब की मात्रा पायी गयी.
संक्षिप्त पाठ: गोवा के प्रसिद्ध कलंगूट समुद्र तट का मामला दो सिपाहियों पर किया कथित तौर से हमला परीक्षण में आरोपियों के खून के नमूनों में शराब की मात्रा पायी गयी
13
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: जब व्हाइट हाउस के कर्मी ओबामा के आगमन पर कवरेज के लिए अमेरिकी संवाददाताओं के स्थिति संभालने में मदद करने का प्रयास कर रहे थे तो चीन के एक अधिकारी ने अमेरिकी अधिकारियों पर चिल्लाते हुए कहा, ‘यह हमारा देश है. यह हमारा हवाईअड्डा है.’ चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और अमेरिकी मेहमान ओबामा के बीच आमने-सामने होने वाली बातचीत से पहले यह अजीब घटनाक्रम हुआ जिसमें चीनी अधिकारी का चिल्लाना कैमरे में कैद हो गया. दोनों नेता अपने मतभेदों को सुलझाने के इच्छुक हैं और समान सोच वाले क्षेत्रों को चिह्नित करना चाहते हैं. ओबामा ने नयी ब्रिटिश प्रधानमंत्री टेरिजा मे के साथ एक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि चीन के लिए यह घटना पहली नहीं है.टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘हम इसे महत्वपूर्ण मानते हैं कि हम जो काम कर रहे हैं उस तक प्रेस की पहुंच हो. सवालों का जवाब देने की क्षमता होनी चाहिए. जब हम इस तरह की यात्राएं करते हैं तो अपने मूल्यों और आदर्शों को छोड़कर नहीं आते.’ ओबामा ने कहा कि चीन के राष्ट्रपति के साथ बातचीत में भी मतभेद जाहिर हैं. उन्होंने कहा, ‘जब मैं मानवाधिकार जैसे मुद्दे उठाता हूं तो कुछ तनाव होता है जो संभवत: तब नहीं होता जब राष्ट्रपति शी अन्य नेताओं के साथ मुलाकात करते हैं.’ दोनों नेता अपने मतभेदों को सुलझाने के इच्छुक हैं और समान सोच वाले क्षेत्रों को चिह्नित करना चाहते हैं. ओबामा ने नयी ब्रिटिश प्रधानमंत्री टेरिजा मे के साथ एक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि चीन के लिए यह घटना पहली नहीं है.टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘हम इसे महत्वपूर्ण मानते हैं कि हम जो काम कर रहे हैं उस तक प्रेस की पहुंच हो. सवालों का जवाब देने की क्षमता होनी चाहिए. जब हम इस तरह की यात्राएं करते हैं तो अपने मूल्यों और आदर्शों को छोड़कर नहीं आते.’ ओबामा ने कहा कि चीन के राष्ट्रपति के साथ बातचीत में भी मतभेद जाहिर हैं. उन्होंने कहा, ‘जब मैं मानवाधिकार जैसे मुद्दे उठाता हूं तो कुछ तनाव होता है जो संभवत: तब नहीं होता जब राष्ट्रपति शी अन्य नेताओं के साथ मुलाकात करते हैं.’ उन्होंने कहा, ‘हम इसे महत्वपूर्ण मानते हैं कि हम जो काम कर रहे हैं उस तक प्रेस की पहुंच हो. सवालों का जवाब देने की क्षमता होनी चाहिए. जब हम इस तरह की यात्राएं करते हैं तो अपने मूल्यों और आदर्शों को छोड़कर नहीं आते.’ ओबामा ने कहा कि चीन के राष्ट्रपति के साथ बातचीत में भी मतभेद जाहिर हैं. उन्होंने कहा, ‘जब मैं मानवाधिकार जैसे मुद्दे उठाता हूं तो कुछ तनाव होता है जो संभवत: तब नहीं होता जब राष्ट्रपति शी अन्य नेताओं के साथ मुलाकात करते हैं.’ उन्होंने कहा, ‘जब मैं मानवाधिकार जैसे मुद्दे उठाता हूं तो कुछ तनाव होता है जो संभवत: तब नहीं होता जब राष्ट्रपति शी अन्य नेताओं के साथ मुलाकात करते हैं.’
बोले ओबामा- मानवाधिकारों और प्रेस की आजादी पर मतभेद उजागर हुए मीडिया के प्रवेश को लेकर टरमक पर यूएस व चीनी ऑफिशल्स में कहासुनी हुई थी यह हमारा देश है, हमारा एयरपोर्ट है- यह चिल्लाया था एक चीनी अधिकारी
34
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) का कहना है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था में गिरावट का कारण स्वयं अमेरिका और वहां के हालात हैं। आईएमएफ की प्रबंध निदेशक क्रिस्टीन लागार्दे ने मंगलवार को वाशिंगटन स्थित थिंक टैंक ब्रूकिंग्स इंस्टीट्यूशन में कहा, "आवासीय क्षेत्र और ऑटोमोबाइल क्षेत्र में मंदी से उबरने के बाद निजी मांग में धीमी वृद्धि हुई है। वित्तीय स्थितियां आसान बनाई गई हैं। इन सबको देखते हुए हमें लगता है कि इस साल विकास दर दो प्रतिशत और अगले साल इससे अधिक रहेगी।" आईएमएफ प्रमुख ने कहा कि इस प्रगति के बावजूद इस साल अमेरिका का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 2.5 प्रतिशत रहेगा।टिप्पणियां समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, लागार्दे ने कहा कि अमेरिका की 'धीमी प्रगति' ने हालांकि वर्ष 2009 के मुकाबले वित्तीय घाटा को कम किया है, लेकिन लंबी अवधि के कर्ज अब भी चिंता का कारण हैं। उनहोंने कहा, "लघु अवधि में वित्तीय समायोजन हालांकि अधिक तेजी से हो सकते हैं, लेकिन मध्यम अवधि में यह निश्चित रूप से बहुत धीमा रहेगा।" आईएमएफ की प्रबंध निदेशक क्रिस्टीन लागार्दे ने मंगलवार को वाशिंगटन स्थित थिंक टैंक ब्रूकिंग्स इंस्टीट्यूशन में कहा, "आवासीय क्षेत्र और ऑटोमोबाइल क्षेत्र में मंदी से उबरने के बाद निजी मांग में धीमी वृद्धि हुई है। वित्तीय स्थितियां आसान बनाई गई हैं। इन सबको देखते हुए हमें लगता है कि इस साल विकास दर दो प्रतिशत और अगले साल इससे अधिक रहेगी।" आईएमएफ प्रमुख ने कहा कि इस प्रगति के बावजूद इस साल अमेरिका का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 2.5 प्रतिशत रहेगा।टिप्पणियां समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, लागार्दे ने कहा कि अमेरिका की 'धीमी प्रगति' ने हालांकि वर्ष 2009 के मुकाबले वित्तीय घाटा को कम किया है, लेकिन लंबी अवधि के कर्ज अब भी चिंता का कारण हैं। उनहोंने कहा, "लघु अवधि में वित्तीय समायोजन हालांकि अधिक तेजी से हो सकते हैं, लेकिन मध्यम अवधि में यह निश्चित रूप से बहुत धीमा रहेगा।" आईएमएफ प्रमुख ने कहा कि इस प्रगति के बावजूद इस साल अमेरिका का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 2.5 प्रतिशत रहेगा।टिप्पणियां समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, लागार्दे ने कहा कि अमेरिका की 'धीमी प्रगति' ने हालांकि वर्ष 2009 के मुकाबले वित्तीय घाटा को कम किया है, लेकिन लंबी अवधि के कर्ज अब भी चिंता का कारण हैं। उनहोंने कहा, "लघु अवधि में वित्तीय समायोजन हालांकि अधिक तेजी से हो सकते हैं, लेकिन मध्यम अवधि में यह निश्चित रूप से बहुत धीमा रहेगा।" समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, लागार्दे ने कहा कि अमेरिका की 'धीमी प्रगति' ने हालांकि वर्ष 2009 के मुकाबले वित्तीय घाटा को कम किया है, लेकिन लंबी अवधि के कर्ज अब भी चिंता का कारण हैं। उनहोंने कहा, "लघु अवधि में वित्तीय समायोजन हालांकि अधिक तेजी से हो सकते हैं, लेकिन मध्यम अवधि में यह निश्चित रूप से बहुत धीमा रहेगा।" उनहोंने कहा, "लघु अवधि में वित्तीय समायोजन हालांकि अधिक तेजी से हो सकते हैं, लेकिन मध्यम अवधि में यह निश्चित रूप से बहुत धीमा रहेगा।"
यहाँ एक सारांश है:आईएमएफ की प्रबंध निदेशक क्रिस्टीन लागार्दे ने वाशिंगटन स्थित थिंक टैंक ब्रूकिंग्स इंस्टीट्यूशन में कहा, "आवासीय क्षेत्र और ऑटोमोबाइल क्षेत्र में मंदी से उबरने के बाद निजी मांग में धीमी वृद्धि हुई है। वित्तीय स्थितियां आसान बनाई गई हैं।"
17
['hin']
एक सारांश बनाओ: ओरिएंटल बैंक ऑफ कामर्स तथा इंडियन बैंक समेत सार्वजनिक क्षेत्र के चार बैंकों ने ब्याज दरों में 0.50 प्रतिशत तक की वृद्धि की है। जहां इंडियन बैंक तथा इलाहबाद बैंक ने आधार दर या न्यूनतम उधारी दर में 0.25 प्रतिशत तक की वृद्धि की वहीं ओबीसी तथा आईडीबीआई बैंक ने चुनिंदा मियादी जमाओं पर ब्याज दरों में 0.50 प्रतिशत तक की वृद्धि की। चेन्नई स्थित इंडियन बैंक ने आधार दर 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 10.25 प्रतिशत कर दिया है। नई दर आज से प्रभावी हो गयी। इस वृद्धि के साथ आवास, वाहन तथा अन्य कर्ज महंगे हो जाएंगे। इंडियन बैंक के बयान के अनुसार बैंक ने प्रधान उधारी दर में 0.25 प्रतिशत की वृद्धि की। इस वृद्धि के साथ बीपीएलआर 14.50 प्रतिशत हो जाएगी। ओबीसी ने तीन से पांच साल की अवधि के लिए मियादी जमाओं पर ब्याज दर मौजूदा 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 9.25 प्रतिशत कर दिया गया है। इसी प्रकार, पांच से 10 साल की अवधि के लिए जमाओं पर ब्याज 0.50 प्रतिशत बढ़ाकर 9.25 प्रतिशत कर दिया गया है। आईडीबीआई बैंक ने भी जमा दरों में 0.50 प्रतिशत तक की वृद्धि की है। 46 से 90 दिन के लिये मियादी जमाओं पर ब्याज दर 0.50 प्रतिशत बढ़ाकर 7 प्रतिशत तथा सात से 10 साल के लिए जमाओं पर ब्याज दर 0.25 प्रतिशत बढ़ाकर 9.25 प्रतिशत कर दिया है। कोलकाता स्थित इलाहबाद बैंक ने आधार दर 0.25 प्रतिशत बढ़ाकर 10.25 प्रतिशत तथा बीपीएलआर मौजूदा 14.25 प्रतिशत से बढ़ाकर 14.50 प्रतिशत कर दिया है। नई दरें 15 जुलाई से प्रभावी होंगी। रिजर्व बैंक की मध्य तिमाही की मौद्रिक नीति समीक्षा में प्रमुख नीतिगत दरों में की गई वृद्धि के बाद बैंकों ने यह कदम उठाया है। केंद्रीय बैंक ने 16 जून को पेश मध्य तिमाही की मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो और रिवर्स रेपो दोनों में 0.25 प्रतिशत की वृद्धि की थी।
संक्षिप्त सारांश: ओरिएंटल बैंक ऑफ कामर्स तथा इंडियन बैंक समेत सार्वजनिक क्षेत्र के चार बैंकों ने ब्याज दरों में 0.50 प्रतिशत तक की वृद्धि की है।
8
['hin']
एक सारांश बनाओ: बांग्लादेश का पाकिस्तान दौरा स्थगित होने के संदर्भ में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड से सहानुभूति जताते हुए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद से स्पष्ट किया कि वह दो सदस्य देशों के बीच किसी तरह के द्विपक्षीय मामलों में हस्तक्षेप नहीं करेगा।टिप्पणियां पीसीबी अध्यक्ष और मुख्य संचालन अधिकारी ने इस हफ्ते दुबई में बैठक के दौरान आईसीसी के सीईओ हारून लोर्गट और अन्य अधिकारियों के साथ इस मुद्दे पर चर्चा की थी। बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया, ‘‘पीसीबी अधिकारियों ने लोर्गट और आईसीसी को स्थिति की जानकारी दी और बताया कि संभवत: क्रिकेट इतिहास का यह पहला मौका है जब एक टीम ने अदालत के आदेश के कारण दूसरे देश का दौरा स्थगित किया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘लोर्गट को बताया गया कि पीसीबी की कानूनी टीम ने ढाका उच्च न्यायालय के उस आदेश को अच्छी तरह देखा है जिसमें सुरक्षा चिंताओं के कारण बांग्लादेश टीम को पाकिस्तान दौरे से रोक गया है और उनका मानना है कि जिस याचिका के आधार पर अदालत ने आदेश दिया उसमें काफी दम नहीं था।’’ अधिकारी ने बताया कि लोर्गट और आईसीसी के अन्य अधिकारियों ने पीसीबी की स्थिति पर सहानुभूति जताई लेकिन साफ कर दिया कि वे इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकते क्योंकि यह द्विपक्षीय मुद्दा है। पीसीबी अध्यक्ष और मुख्य संचालन अधिकारी ने इस हफ्ते दुबई में बैठक के दौरान आईसीसी के सीईओ हारून लोर्गट और अन्य अधिकारियों के साथ इस मुद्दे पर चर्चा की थी। बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया, ‘‘पीसीबी अधिकारियों ने लोर्गट और आईसीसी को स्थिति की जानकारी दी और बताया कि संभवत: क्रिकेट इतिहास का यह पहला मौका है जब एक टीम ने अदालत के आदेश के कारण दूसरे देश का दौरा स्थगित किया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘लोर्गट को बताया गया कि पीसीबी की कानूनी टीम ने ढाका उच्च न्यायालय के उस आदेश को अच्छी तरह देखा है जिसमें सुरक्षा चिंताओं के कारण बांग्लादेश टीम को पाकिस्तान दौरे से रोक गया है और उनका मानना है कि जिस याचिका के आधार पर अदालत ने आदेश दिया उसमें काफी दम नहीं था।’’ अधिकारी ने बताया कि लोर्गट और आईसीसी के अन्य अधिकारियों ने पीसीबी की स्थिति पर सहानुभूति जताई लेकिन साफ कर दिया कि वे इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकते क्योंकि यह द्विपक्षीय मुद्दा है। बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया, ‘‘पीसीबी अधिकारियों ने लोर्गट और आईसीसी को स्थिति की जानकारी दी और बताया कि संभवत: क्रिकेट इतिहास का यह पहला मौका है जब एक टीम ने अदालत के आदेश के कारण दूसरे देश का दौरा स्थगित किया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘लोर्गट को बताया गया कि पीसीबी की कानूनी टीम ने ढाका उच्च न्यायालय के उस आदेश को अच्छी तरह देखा है जिसमें सुरक्षा चिंताओं के कारण बांग्लादेश टीम को पाकिस्तान दौरे से रोक गया है और उनका मानना है कि जिस याचिका के आधार पर अदालत ने आदेश दिया उसमें काफी दम नहीं था।’’ अधिकारी ने बताया कि लोर्गट और आईसीसी के अन्य अधिकारियों ने पीसीबी की स्थिति पर सहानुभूति जताई लेकिन साफ कर दिया कि वे इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकते क्योंकि यह द्विपक्षीय मुद्दा है।
यहाँ एक सारांश है:बांग्लादेश का पाकिस्तान दौरा स्थगित होने के संदर्भ में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड से सहानुभूति जताते हुए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद से स्पष्ट किया कि वह दो सदस्य देशों के बीच किसी तरह के द्विपक्षीय मामलों में हस्तक्षेप नहीं करेगा।
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['hin']
एक सारांश बनाओ: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने बैंकों को सर्कुलर जारी करके कहा है कि स्याही के निशान वाले या हल्के फटे-सड़े-गले नोटों को लेने से मना न करें.  बैंकों को एक सर्कुलर में केंद्रीय बैंक (Reserve Bank of India) ने कहा, ऐसे नोटों को 'गंदे नोटों' की श्रेणी में रखा जाए और इन नोटों को आरबीआई की क्लीन नोट पॉलिसी के तहत रखा जाए. बैंकों से कहा गया है कि ऐसे नोंटो को वापस ग्राहकों को न दिया जाए या इन नोटों को लेने से मना न किया जाए. यह भी कहा गया है कि काउंटर पर प्राप्त किए गए इन नोटों को फिलहाल रिसाइकल न किया जाए.  टिप्पणियां यह स्टेटमेंट केंद्रीय बैंक ने शिकायतों के बाद जारी की. शिकायतें इस बात को लेकर थीं कि कई बैंक शाखाएं ऐसे नोटों को स्वीकार नहीं कर रही हैं जिन पर कुछ लिखा हो या फिर उन पर थोड़ा रंग आदि लगा हुआ हो या फिर वे धुल गए हों. दिसंबर 2013, में आरबीआई ने क्लीन नोट पॉलिसी के तहत बैंकों से कहा था कि वे किसी भी व्यक्ति से सड़े गले नोट लेकर साफ क्वॉलिटी के नोट उन्हें दे दें.  सेंट्रल बैंक के पास करेंसी वेरिफिकेशन एंड प्रॉसेसिंग सिस्टम्स मशीनें हैं जोकि हाई स्पीड हैं. इन मशीनों के जरिए ऐसे नोटों पर काम किया जाता है. इनसे प्रति घंटे में 50,000-60,000 नोट हैंडल कर लिए जाते हैं.  बैंकों से कहा गया है कि ऐसे नोंटो को वापस ग्राहकों को न दिया जाए या इन नोटों को लेने से मना न किया जाए. यह भी कहा गया है कि काउंटर पर प्राप्त किए गए इन नोटों को फिलहाल रिसाइकल न किया जाए.  टिप्पणियां यह स्टेटमेंट केंद्रीय बैंक ने शिकायतों के बाद जारी की. शिकायतें इस बात को लेकर थीं कि कई बैंक शाखाएं ऐसे नोटों को स्वीकार नहीं कर रही हैं जिन पर कुछ लिखा हो या फिर उन पर थोड़ा रंग आदि लगा हुआ हो या फिर वे धुल गए हों. दिसंबर 2013, में आरबीआई ने क्लीन नोट पॉलिसी के तहत बैंकों से कहा था कि वे किसी भी व्यक्ति से सड़े गले नोट लेकर साफ क्वॉलिटी के नोट उन्हें दे दें.  सेंट्रल बैंक के पास करेंसी वेरिफिकेशन एंड प्रॉसेसिंग सिस्टम्स मशीनें हैं जोकि हाई स्पीड हैं. इन मशीनों के जरिए ऐसे नोटों पर काम किया जाता है. इनसे प्रति घंटे में 50,000-60,000 नोट हैंडल कर लिए जाते हैं.  यह स्टेटमेंट केंद्रीय बैंक ने शिकायतों के बाद जारी की. शिकायतें इस बात को लेकर थीं कि कई बैंक शाखाएं ऐसे नोटों को स्वीकार नहीं कर रही हैं जिन पर कुछ लिखा हो या फिर उन पर थोड़ा रंग आदि लगा हुआ हो या फिर वे धुल गए हों. दिसंबर 2013, में आरबीआई ने क्लीन नोट पॉलिसी के तहत बैंकों से कहा था कि वे किसी भी व्यक्ति से सड़े गले नोट लेकर साफ क्वॉलिटी के नोट उन्हें दे दें.  सेंट्रल बैंक के पास करेंसी वेरिफिकेशन एंड प्रॉसेसिंग सिस्टम्स मशीनें हैं जोकि हाई स्पीड हैं. इन मशीनों के जरिए ऐसे नोटों पर काम किया जाता है. इनसे प्रति घंटे में 50,000-60,000 नोट हैंडल कर लिए जाते हैं.  सेंट्रल बैंक के पास करेंसी वेरिफिकेशन एंड प्रॉसेसिंग सिस्टम्स मशीनें हैं जोकि हाई स्पीड हैं. इन मशीनों के जरिए ऐसे नोटों पर काम किया जाता है. इनसे प्रति घंटे में 50,000-60,000 नोट हैंडल कर लिए जाते हैं.
संक्षिप्त सारांश: 'स्याही के निशान वाले या गले हुए नोटों' पर आरबीआई का बैंकों को सर्कुलर नोटों को 'गंदे नोटों' की श्रेणी में रखा जाए और लेने से न मना किया जाए आरबीआई के पास शिकायतें आ रही थीं कि बैंक इन नोटों को ले नहीं रहे
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: अमेरिकी मुस्लिमों को अलग-थलग करने की बात करने वाले रिपब्लिकन नेताओं की आलोचना करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि अल्पसंख्यक समुदाय हमेशा से अमेरिका का हिस्सा रहा है। ओबामा ने कहा कि इस समुदाय को सबसे ज्यादा डर इस बात का है कि उन्हें कहीं कुछ ऐसे लोगों के हिंसक कृत्यों के लिए दोष न दिया जाए, जो उनके धर्म का प्रतिनिधित्व भी नहीं करते। ओबामा ने गुरुवार को व्हाइट हाउस में आयोजित एक ईद समारोह में कहा, "सभी अमेरिकियों की तरह, आप आतंकवाद के खतरे से चिंतित हैं... लेकिन इससे भी ऊपर आपको एक डर है कि कुछ ऐसे लोगों के हिंसक कृत्यों के लिए आपके पूरे समुदाय को दोष दिया जाएगा, जो आपके धर्म का प्रतिनिधित्व नहीं करते..." मुस्लिमों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा देने, निगरानी बढ़ाने और यहां तक कि नस्ली आधार पर लोगों का परिचय निर्धारण की मांग करने वाले रिपब्लिकन नेताओं की आलोचना करते हुए ओबामा ने कहा, "मुस्लिम अमेरिकियों को अलग-थलग करना आईएसआईएल के उसी झूठ को पोषित करना है, जो कहता है कि पश्चिम एक ऐसे धर्म के साथ युद्धरत है, जिसके एक अरब से ज्यादा अनुयायी हैं... यह अच्छी राष्ट्रीय सुरक्षा नहीं है..." ओबामा ने कहा, "दरअसल आईएसआईएस और अलकायदा जैसे संगठन मुस्लिम समुदायों के साथ युद्धरत हैं, पवित्र माह (रमजान) में भी..." ओबामा ने कहा, ''और मुस्लिम अमेरिकियों के साथ भेदभाव करना उन मूल्यों का भी अपमान है, जो हमारे देश को महान बनाते हैं...'' उन्होंने कहा, ''मुस्लिम अमेरिकी उतने ही देशभक्त, ईमानदार और अमेरिकी हैं, जितना कि अमेरिकी परिवार का कोई अन्य सदस्य है... और फिर चाहे आपका परिवार कई पीढ़ियों से यहां रहा हो या फिर आप यहां नए आए हों, आप हमारे देश के ताने-बाने का एक अहम हिस्सा हैं...'' ओबामा ने कहा कि मुस्लिम अमेरिकियों को घृणा को नकारना ही होगा। टिप्पणियां उन्होंने कहा, ''मुस्लिम अमेरिकियों - और सभी अमेरिकियों - को भेदभाव को नकारना होगा... मुस्लिम अमेरिकियों - और सभी अमेरिकियों - को उन सभी को जवाब देना होगा, जो घृणा फैलाते हैं या कहते हैं कि उनके हिसाब से उनके धर्म की व्याख्या हिंसा को उचित ठहराती है...'' उन्होंने कहा, ''हम चाहे ईसाई हों या यहूदी, हिन्दू हों या मुस्लिम, या फिर हम किसी भी धर्म के क्यों न हों, ये जिम्मेदारियां हम सभी पर हैं...'' अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि हमें इस बात की पुन: पुष्टि करनी है कि इस देश में हमारी जिम्मेदारी है कि हम कानून का पालन करें, एक दूसरे का ध्यान रखें, एक समुदाय का हिस्सा बनें... हम अपने मतभेदों का सम्मान कर सकें और अपनी पहचान के लिए ज़रूरी चीजों को बरकरार रख सकें और फिर भी इस देश में हमारी प्रतिबद्धता और यकीन मजबूती के साथ जता सकें। ओबामा ने कहा कि व्हाइट हाउस में ईद का जश्न इस बात का एक अन्य प्रमाण है कि मुस्लिम हमेशा से अमेरिका का हिस्सा रहे हैं। ओबामा ने गुरुवार को व्हाइट हाउस में आयोजित एक ईद समारोह में कहा, "सभी अमेरिकियों की तरह, आप आतंकवाद के खतरे से चिंतित हैं... लेकिन इससे भी ऊपर आपको एक डर है कि कुछ ऐसे लोगों के हिंसक कृत्यों के लिए आपके पूरे समुदाय को दोष दिया जाएगा, जो आपके धर्म का प्रतिनिधित्व नहीं करते..." मुस्लिमों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा देने, निगरानी बढ़ाने और यहां तक कि नस्ली आधार पर लोगों का परिचय निर्धारण की मांग करने वाले रिपब्लिकन नेताओं की आलोचना करते हुए ओबामा ने कहा, "मुस्लिम अमेरिकियों को अलग-थलग करना आईएसआईएल के उसी झूठ को पोषित करना है, जो कहता है कि पश्चिम एक ऐसे धर्म के साथ युद्धरत है, जिसके एक अरब से ज्यादा अनुयायी हैं... यह अच्छी राष्ट्रीय सुरक्षा नहीं है..." ओबामा ने कहा, "दरअसल आईएसआईएस और अलकायदा जैसे संगठन मुस्लिम समुदायों के साथ युद्धरत हैं, पवित्र माह (रमजान) में भी..." ओबामा ने कहा, ''और मुस्लिम अमेरिकियों के साथ भेदभाव करना उन मूल्यों का भी अपमान है, जो हमारे देश को महान बनाते हैं...'' उन्होंने कहा, ''मुस्लिम अमेरिकी उतने ही देशभक्त, ईमानदार और अमेरिकी हैं, जितना कि अमेरिकी परिवार का कोई अन्य सदस्य है... और फिर चाहे आपका परिवार कई पीढ़ियों से यहां रहा हो या फिर आप यहां नए आए हों, आप हमारे देश के ताने-बाने का एक अहम हिस्सा हैं...'' ओबामा ने कहा कि मुस्लिम अमेरिकियों को घृणा को नकारना ही होगा। टिप्पणियां उन्होंने कहा, ''मुस्लिम अमेरिकियों - और सभी अमेरिकियों - को भेदभाव को नकारना होगा... मुस्लिम अमेरिकियों - और सभी अमेरिकियों - को उन सभी को जवाब देना होगा, जो घृणा फैलाते हैं या कहते हैं कि उनके हिसाब से उनके धर्म की व्याख्या हिंसा को उचित ठहराती है...'' उन्होंने कहा, ''हम चाहे ईसाई हों या यहूदी, हिन्दू हों या मुस्लिम, या फिर हम किसी भी धर्म के क्यों न हों, ये जिम्मेदारियां हम सभी पर हैं...'' अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि हमें इस बात की पुन: पुष्टि करनी है कि इस देश में हमारी जिम्मेदारी है कि हम कानून का पालन करें, एक दूसरे का ध्यान रखें, एक समुदाय का हिस्सा बनें... हम अपने मतभेदों का सम्मान कर सकें और अपनी पहचान के लिए ज़रूरी चीजों को बरकरार रख सकें और फिर भी इस देश में हमारी प्रतिबद्धता और यकीन मजबूती के साथ जता सकें। ओबामा ने कहा कि व्हाइट हाउस में ईद का जश्न इस बात का एक अन्य प्रमाण है कि मुस्लिम हमेशा से अमेरिका का हिस्सा रहे हैं। ओबामा ने कहा, ''और मुस्लिम अमेरिकियों के साथ भेदभाव करना उन मूल्यों का भी अपमान है, जो हमारे देश को महान बनाते हैं...'' उन्होंने कहा, ''मुस्लिम अमेरिकी उतने ही देशभक्त, ईमानदार और अमेरिकी हैं, जितना कि अमेरिकी परिवार का कोई अन्य सदस्य है... और फिर चाहे आपका परिवार कई पीढ़ियों से यहां रहा हो या फिर आप यहां नए आए हों, आप हमारे देश के ताने-बाने का एक अहम हिस्सा हैं...'' ओबामा ने कहा कि मुस्लिम अमेरिकियों को घृणा को नकारना ही होगा। टिप्पणियां उन्होंने कहा, ''मुस्लिम अमेरिकियों - और सभी अमेरिकियों - को भेदभाव को नकारना होगा... मुस्लिम अमेरिकियों - और सभी अमेरिकियों - को उन सभी को जवाब देना होगा, जो घृणा फैलाते हैं या कहते हैं कि उनके हिसाब से उनके धर्म की व्याख्या हिंसा को उचित ठहराती है...'' उन्होंने कहा, ''हम चाहे ईसाई हों या यहूदी, हिन्दू हों या मुस्लिम, या फिर हम किसी भी धर्म के क्यों न हों, ये जिम्मेदारियां हम सभी पर हैं...'' अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि हमें इस बात की पुन: पुष्टि करनी है कि इस देश में हमारी जिम्मेदारी है कि हम कानून का पालन करें, एक दूसरे का ध्यान रखें, एक समुदाय का हिस्सा बनें... हम अपने मतभेदों का सम्मान कर सकें और अपनी पहचान के लिए ज़रूरी चीजों को बरकरार रख सकें और फिर भी इस देश में हमारी प्रतिबद्धता और यकीन मजबूती के साथ जता सकें। ओबामा ने कहा कि व्हाइट हाउस में ईद का जश्न इस बात का एक अन्य प्रमाण है कि मुस्लिम हमेशा से अमेरिका का हिस्सा रहे हैं। उन्होंने कहा, ''मुस्लिम अमेरिकियों - और सभी अमेरिकियों - को भेदभाव को नकारना होगा... मुस्लिम अमेरिकियों - और सभी अमेरिकियों - को उन सभी को जवाब देना होगा, जो घृणा फैलाते हैं या कहते हैं कि उनके हिसाब से उनके धर्म की व्याख्या हिंसा को उचित ठहराती है...'' उन्होंने कहा, ''हम चाहे ईसाई हों या यहूदी, हिन्दू हों या मुस्लिम, या फिर हम किसी भी धर्म के क्यों न हों, ये जिम्मेदारियां हम सभी पर हैं...'' अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि हमें इस बात की पुन: पुष्टि करनी है कि इस देश में हमारी जिम्मेदारी है कि हम कानून का पालन करें, एक दूसरे का ध्यान रखें, एक समुदाय का हिस्सा बनें... हम अपने मतभेदों का सम्मान कर सकें और अपनी पहचान के लिए ज़रूरी चीजों को बरकरार रख सकें और फिर भी इस देश में हमारी प्रतिबद्धता और यकीन मजबूती के साथ जता सकें। ओबामा ने कहा कि व्हाइट हाउस में ईद का जश्न इस बात का एक अन्य प्रमाण है कि मुस्लिम हमेशा से अमेरिका का हिस्सा रहे हैं। ओबामा ने कहा कि व्हाइट हाउस में ईद का जश्न इस बात का एक अन्य प्रमाण है कि मुस्लिम हमेशा से अमेरिका का हिस्सा रहे हैं।
संक्षिप्त सारांश: ओबामा ने गुरुवार को व्हाइट हाउस में आयोजित समारोह में यह बात कही उन्होंने कहा, सभी अमेरिकियों की तरह, आप भी आतंकवाद के खतरे से चिंतित हैं ओबामा ने कहा, ईद का जश्न प्रमाण है कि मुस्लिम अमेरिका का हिस्सा रहे हैं
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: मुम्बई इंडियंस और कोलकाता नाइट राइडर्स टीमें इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के पहले क्वालीफायर मुकाबले में बुधवार को वानखेड़े स्टेडियम में भिड़ेंगी। इस मैच को जीतने वाली टीम सीधे तौर पर फाइनल में नहीं पहुंचेगी लेकिन वह फाइनल के लिए होने वाले दूसरे प्ले-ऑफ मुकाबले में खेलने का अधिकार जरूर हासिल कर लेगी। पहला प्लेऑफ मुकाबला मंगलवार को चेन्नई सुपर किंग्स और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के बीच खेला जाएगा। यह मैच किसी एक के फाइनल में पहुंचने का रास्ता तय करेगा, जबकि हारने वाली टीम को दूसरे प्ले-ऑफ के माध्यम से फाइनल में पहुंचने के लिए दूसरा मौका मिलेगा। क्वालीफायर मुकाबले को एक लिहाज से क्वार्टर फाइनल मुकाबला माना जा सकता है क्योंकि जीत चाहें किसी की हो, उसे हर हाल में दूसरे प्ले-ऑफ में पहले प्ले-ऑफ में हारने वाली टीम से भिड़ना ही होगा। इसमें जीत हासिल करने वाली टीम को फाइनल में पहुंचने का मौका मिलेगा। इस लिहाज से नाइट राइडर्स और मुम्बई इंडियंस में से किसी एक टीम को फाइनल में पहुंचने के लिए दो मैच खेलने होंगे जबकि क्वालीफायर में हारने वाली टीम आईपीएल-4 की खिताबी दौड़ के साथ-साथ चैम्पियंस लीग में खेलने की होड़ से भी बाहर हो जाएगी। बहरहाल, अंतिम लीग मुकाबले में मुम्बई इंडियंस ने नाइट राइडर्स को हराया था और इस लिहाज से उसका पलड़ा थोड़ा भारी है। इसके बावजूद यह कहना उचित नहीं होगा कि जीत किसकी होगी क्योंकि दोनों टीमों में एक दूसरे को पीटने की क्षमता है। लीग स्तर पर मुम्बई इंडियंस का प्रदर्शन नाइट राइडर्स से बेहतर रहा है। उसने 14 में से नौ मैच जीते जबकि पांच में उसकी हार हुई। प्रदर्शन के लिहाज से वह सुपर किंग्स के बराबर है लेकिन नेट रन रेट के मामले में वह पिछड़ रही है। इसी कारण उसे प्ले-ऑफ की जगह क्वालीफायर में खेलना पड़ रहा है। दूसरी ओर, नाइट राइडर्स ने 14 में से आठ मैच जीते जबकि छह में उसकी हार हुई। उसके हिस्से 16 अंक आए और तालिका में चौथे स्थान पर रही। नेट रन रेट के मामले में नाइट राइडर्स हालांकि मुम्बई इंडियंस से बेहतर स्थिति में है लेकिन क्वालीफायर मुकाबले में इन बातों का कोई मतलब नहीं रह जाता। इसमें तो जीत हासिल करने वाली टीम ही सिकंदर कहलाएगी क्योंकि उसे ही फाइनल में स्थान बनाने के लिए दूसरे प्ले-ऑफ मैच में खेलने का अधिकार मिलेगा। यह मैच मुम्बई इंडियंस के घरेलू मैदान पर हो रहा है, इस कारण दर्शकों का समर्थन और माहौल का फायदा उसे निश्चित तौर पर मिलेगा। इन सबके बावजूद जीत उसी की होगी, जो मैच के दिन बेहतर खेल दिखाएगा। मुम्बई इंडियंस और नाइट राइडर्स पर आईपीएल-4 के फाइनल में पहुंचने के साथ-साथ चैम्पियंस लीग के लिए भी क्वालीफाई करने का दबाव है। इसका कारण यह है कि चैम्पियंस लीग के लिए आईपीएल की शीर्ष-3 टीमों को योग्यता मिलेगा और इस लिहाज से क्वालीफायर में हारने वाली टीम स्वत: ही चैम्पियंस लीग की दौड़ से बाहर हो जाएगी। मुम्बई इंडियंस के कप्तान सचिन तेंदुलकर और नाइट राइडर्स के कप्तान गौतम गम्भीर इस मैच की अहमियत को समझते हैं और यही कारण है कि दोनों ने अपने-अपने तरीके से टीम को सम्भालने का प्रयास किया है। सचिन ने जहां इस मुकाबले से पहले अपने साथियो को अच्छा खेलने की हिदायत दी है वहीं गम्भीर ने मुम्बई इंडियंस के खिलाफ अंतिम लीग मैच के अंतिम ओवर में 23 रन लुटाने वाले अपने तेज गेंदबाज लक्ष्मीपति बालाजी का बचाव किया है।
संक्षिप्त पाठ: मुम्बई इंडियंस और कोलकाता नाइट राइडर्स टीमें आईपीएल के क्वालीफायर मुकाबले में बुधवार को वानखेड़े स्टेडियम में भिड़ेंगी।
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली गैंगरेप मामले के बाद जब बलात्कार के मामले में दोषी को फांसी की सजा देने की मांग जोर पकड़ रही है, वहीं हरियाणा की खाप पंचायतों ने बलात्कार के दोषियों को मौत की सजा देने का विरोध किया है। खाप का कहना है कि इस कानून का गलत इस्तेमाल हो सकता है। सर्व खाप पंचायत के प्रवक्ता सूबे सिंह ने कहा कि हाल ही में हिसार में खाप पंचायतों की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा हुई और यह माना गया कि दोषियों के लिए मौत की सजा का प्रावधान सही नहीं होगा। प्रवक्ता ने कहा कि हम सरकार से अपील करते हैं कि वह दिल्ली गैंगरेप के बाद पड़ रहे भावनात्मक दबाव में आकर यह फैसला न लें। उन्होंने कहा कि हरियाणा में ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें बलात्कार के आरोप जांच के बाद झूठे पाए गए। सर्व खाप पंचायत के प्रवक्ता सूबे सिंह ने कहा कि हाल ही में हिसार में खाप पंचायतों की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा हुई और यह माना गया कि दोषियों के लिए मौत की सजा का प्रावधान सही नहीं होगा। प्रवक्ता ने कहा कि हम सरकार से अपील करते हैं कि वह दिल्ली गैंगरेप के बाद पड़ रहे भावनात्मक दबाव में आकर यह फैसला न लें। उन्होंने कहा कि हरियाणा में ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें बलात्कार के आरोप जांच के बाद झूठे पाए गए।
संक्षिप्त सारांश: दिल्ली गैंगरेप मामले के बाद जब बलात्कार के मामले में दोषी को फांसी की सजा देने की मांग जोर पकड़ रही है, वहीं हरियाणा की खाप पंचायतों ने बलात्कार के दोषियों को मौत की सजा देने का विरोध किया है।
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['hin']