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एक सारांश बनाओ: सीबीआई ने कोयला घोटाले की जांच कर रहे दल का नेतृत्व करने वाले अपने ही एक पुलिस अधीक्षक और एक निरीक्षक को एजेंसी के मुख्यालय के बाहर एक व्यवसायी से सात लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में शुक्रवार को गिरफ्तार किया।
यह रिश्वत कथित रूप से जमीन विवाद को सुलझाने के लिए ली गई। सीबीआई की आंतरिक सतर्कता शाखा ने निरीक्षक राजेश को एसपी विवेक दत्त के लिए रिश्वत लेते समय पकड़ा। दत्त कोयला ब्लॉक आवंटन घोटाला मामले में मुख्य जांचकर्ता हैं।
सीबीआई निदेशक रंजीत सिन्हा ने बताया, हमारे पास इस सौदे के बारे में जानकारी थी और हम उन पर निगाह रखे हुए थे। काफी समय तक निगरानी रखने के बाद वे रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किए गए। उन्होंने कहा कि सीबीआई इस घटनाक्रम के बारे में उच्चतम न्यायालय को जानकारी देगी, क्योंकि शीर्ष न्यायालय ने निर्देश दिया है कि घोटाले की जांच से जुड़े किसी भी अधिकारी का उसकी जानकारी के बिना तबादला नहीं किया जाएगा।
सीबीआई सूत्रों ने बताया कि एजेंसी को यह खुफिया सूचना मिली थी कि आर्थिक अपराध शाखा में तैनात विवेक दत्त ने भूमि सौदे को सुलझाने के लिए कथित रूप से एक सौदा किया। उन्होंने कहा कि दत्त ने दिल्ली पुलिस अधिकारियों के बीच अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए मौजूदा भूमि विवाद मामले में एक याचिका को कथित रूप से वापस करवाया, जिससे व्यवसायी को लाभ मिला। टिप्पणियां
सतर्कता अधिकारियों को यह गुप्त सूचना मिली थी कि कथित सौदा शुक्रवार शाम को होने वाला है। उन्होंने इस बारे में सीबीआई निदेशक को सूचित किया, जहां से उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति मिली। एजेंसी की आतंरिक सतर्कता शाखा ने राजेश को उस समय गिरफ्तार किया, जब वह धन ले रहा था। बाद में दत्त को भी हिरासत में लिया गया।
एजेंसी सूत्रों ने बताया कि इस मामले का कोयला ब्लॉक आवंटन घोटाले की चल रही जांच से कोई लेनादेना नहीं है। इसमें विवेक दत्त मुख्य जांचकर्ता हैं। सिन्हा ने कहा, सीबीआई निदेशक बनने के बाद मेरा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि भ्रष्टाचार को हर्गिज बर्दाश्त नहीं किया जाए।
यह रिश्वत कथित रूप से जमीन विवाद को सुलझाने के लिए ली गई। सीबीआई की आंतरिक सतर्कता शाखा ने निरीक्षक राजेश को एसपी विवेक दत्त के लिए रिश्वत लेते समय पकड़ा। दत्त कोयला ब्लॉक आवंटन घोटाला मामले में मुख्य जांचकर्ता हैं।
सीबीआई निदेशक रंजीत सिन्हा ने बताया, हमारे पास इस सौदे के बारे में जानकारी थी और हम उन पर निगाह रखे हुए थे। काफी समय तक निगरानी रखने के बाद वे रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किए गए। उन्होंने कहा कि सीबीआई इस घटनाक्रम के बारे में उच्चतम न्यायालय को जानकारी देगी, क्योंकि शीर्ष न्यायालय ने निर्देश दिया है कि घोटाले की जांच से जुड़े किसी भी अधिकारी का उसकी जानकारी के बिना तबादला नहीं किया जाएगा।
सीबीआई सूत्रों ने बताया कि एजेंसी को यह खुफिया सूचना मिली थी कि आर्थिक अपराध शाखा में तैनात विवेक दत्त ने भूमि सौदे को सुलझाने के लिए कथित रूप से एक सौदा किया। उन्होंने कहा कि दत्त ने दिल्ली पुलिस अधिकारियों के बीच अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए मौजूदा भूमि विवाद मामले में एक याचिका को कथित रूप से वापस करवाया, जिससे व्यवसायी को लाभ मिला। टिप्पणियां
सतर्कता अधिकारियों को यह गुप्त सूचना मिली थी कि कथित सौदा शुक्रवार शाम को होने वाला है। उन्होंने इस बारे में सीबीआई निदेशक को सूचित किया, जहां से उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति मिली। एजेंसी की आतंरिक सतर्कता शाखा ने राजेश को उस समय गिरफ्तार किया, जब वह धन ले रहा था। बाद में दत्त को भी हिरासत में लिया गया।
एजेंसी सूत्रों ने बताया कि इस मामले का कोयला ब्लॉक आवंटन घोटाले की चल रही जांच से कोई लेनादेना नहीं है। इसमें विवेक दत्त मुख्य जांचकर्ता हैं। सिन्हा ने कहा, सीबीआई निदेशक बनने के बाद मेरा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि भ्रष्टाचार को हर्गिज बर्दाश्त नहीं किया जाए।
सीबीआई निदेशक रंजीत सिन्हा ने बताया, हमारे पास इस सौदे के बारे में जानकारी थी और हम उन पर निगाह रखे हुए थे। काफी समय तक निगरानी रखने के बाद वे रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किए गए। उन्होंने कहा कि सीबीआई इस घटनाक्रम के बारे में उच्चतम न्यायालय को जानकारी देगी, क्योंकि शीर्ष न्यायालय ने निर्देश दिया है कि घोटाले की जांच से जुड़े किसी भी अधिकारी का उसकी जानकारी के बिना तबादला नहीं किया जाएगा।
सीबीआई सूत्रों ने बताया कि एजेंसी को यह खुफिया सूचना मिली थी कि आर्थिक अपराध शाखा में तैनात विवेक दत्त ने भूमि सौदे को सुलझाने के लिए कथित रूप से एक सौदा किया। उन्होंने कहा कि दत्त ने दिल्ली पुलिस अधिकारियों के बीच अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए मौजूदा भूमि विवाद मामले में एक याचिका को कथित रूप से वापस करवाया, जिससे व्यवसायी को लाभ मिला। टिप्पणियां
सतर्कता अधिकारियों को यह गुप्त सूचना मिली थी कि कथित सौदा शुक्रवार शाम को होने वाला है। उन्होंने इस बारे में सीबीआई निदेशक को सूचित किया, जहां से उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति मिली। एजेंसी की आतंरिक सतर्कता शाखा ने राजेश को उस समय गिरफ्तार किया, जब वह धन ले रहा था। बाद में दत्त को भी हिरासत में लिया गया।
एजेंसी सूत्रों ने बताया कि इस मामले का कोयला ब्लॉक आवंटन घोटाले की चल रही जांच से कोई लेनादेना नहीं है। इसमें विवेक दत्त मुख्य जांचकर्ता हैं। सिन्हा ने कहा, सीबीआई निदेशक बनने के बाद मेरा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि भ्रष्टाचार को हर्गिज बर्दाश्त नहीं किया जाए।
सीबीआई सूत्रों ने बताया कि एजेंसी को यह खुफिया सूचना मिली थी कि आर्थिक अपराध शाखा में तैनात विवेक दत्त ने भूमि सौदे को सुलझाने के लिए कथित रूप से एक सौदा किया। उन्होंने कहा कि दत्त ने दिल्ली पुलिस अधिकारियों के बीच अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए मौजूदा भूमि विवाद मामले में एक याचिका को कथित रूप से वापस करवाया, जिससे व्यवसायी को लाभ मिला। टिप्पणियां
सतर्कता अधिकारियों को यह गुप्त सूचना मिली थी कि कथित सौदा शुक्रवार शाम को होने वाला है। उन्होंने इस बारे में सीबीआई निदेशक को सूचित किया, जहां से उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति मिली। एजेंसी की आतंरिक सतर्कता शाखा ने राजेश को उस समय गिरफ्तार किया, जब वह धन ले रहा था। बाद में दत्त को भी हिरासत में लिया गया।
एजेंसी सूत्रों ने बताया कि इस मामले का कोयला ब्लॉक आवंटन घोटाले की चल रही जांच से कोई लेनादेना नहीं है। इसमें विवेक दत्त मुख्य जांचकर्ता हैं। सिन्हा ने कहा, सीबीआई निदेशक बनने के बाद मेरा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि भ्रष्टाचार को हर्गिज बर्दाश्त नहीं किया जाए।
सतर्कता अधिकारियों को यह गुप्त सूचना मिली थी कि कथित सौदा शुक्रवार शाम को होने वाला है। उन्होंने इस बारे में सीबीआई निदेशक को सूचित किया, जहां से उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति मिली। एजेंसी की आतंरिक सतर्कता शाखा ने राजेश को उस समय गिरफ्तार किया, जब वह धन ले रहा था। बाद में दत्त को भी हिरासत में लिया गया।
एजेंसी सूत्रों ने बताया कि इस मामले का कोयला ब्लॉक आवंटन घोटाले की चल रही जांच से कोई लेनादेना नहीं है। इसमें विवेक दत्त मुख्य जांचकर्ता हैं। सिन्हा ने कहा, सीबीआई निदेशक बनने के बाद मेरा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि भ्रष्टाचार को हर्गिज बर्दाश्त नहीं किया जाए।
एजेंसी सूत्रों ने बताया कि इस मामले का कोयला ब्लॉक आवंटन घोटाले की चल रही जांच से कोई लेनादेना नहीं है। इसमें विवेक दत्त मुख्य जांचकर्ता हैं। सिन्हा ने कहा, सीबीआई निदेशक बनने के बाद मेरा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि भ्रष्टाचार को हर्गिज बर्दाश्त नहीं किया जाए। | यहाँ एक सारांश है:सीबीआई ने कोयला घोटाले की जांच कर रहे दल का नेतृत्व करने वाले अपने ही एक पुलिस अधीक्षक और एक निरीक्षक को एजेंसी के मुख्यालय के बाहर एक व्यवसायी से सात लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में शुक्रवार को गिरफ्तार किया। | 15 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) ने पार्टी की महाराष्ट्र इकाई के नेताओं से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के साथ सीट बंटवारे को जल्द अंतिम रूप देने और चुनाव प्रचार अभियान का आगाज करने को कहा है. राज्य में अक्टूबर महीने में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित है. सूत्रों के मुताबिक महाराष्ट्र में कांग्रेस और राकांपा के बीच सीट बंटवारे का मुख्य पेंच ''स्वाभिमानी पक्ष'' जैसे कुछ छोटी पार्टियों के लिए सीटें तय करने को लेकर फंसा हुआ है. राहुल गांधी के इस्तीफे के बाद 10 अगस्त को पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष चुनी गईं सोनिया से पिछले दिनों महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कुछ नेताओं ने मुलाकात की थी और इस दौरान राज्य में चुनाव तैयारियों को लेकर बात हुई थी.
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सोनिया से मुलाकात करने वाले नेताओं में शामिल पीसीसी के एक वरिष्ठ नेता ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया, 'सोनिया गांधी ने कहा है कि हम पूरी ताकत से चुनाव की तैयारियों में जुट जाएं. उन्होंने सीटों के तालमेल को जल्द अंतिम रूप देने, चुनाव प्रचार अभियान आरंभ करने और उम्मीदवारों का शीघ्र चयन करने के लिए भी बोला है.'
उन्होंने कहा, 'नयी पीसीसी बनने के बाद राकांपा के साथ कई दौर की बातचीत हो चुकी है, हालांकि अभी सीट बंटवारे को अंतिम रूप नहीं दिया जा सका है.' कुछ हफ्ते पहले राकांपा प्रमुख शरद पवार ने कहा था कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए उनकी पार्टी और कांग्रेस के बीच 288 विधानसभा सीटों में से 240 सीटों पर सहमति बन गयी है और कुछ दिनों के भीतर सीट बंटवारा हो जाएगा, हालांकि यह अब तक नहीं हो पाया है.
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महाराष्ट्र कांग्रेस के नेता ने कहा, 'कई दौर की बैठकें हो गयी हैं और ज्यादातर सीटों को लेकर हमारे बीच सहमति बन गयी है. आशा है कि जिन कुछ सीटों को लेकर बात अटकी हुई है उन पर भी फैसला हो जाएगा.' लोकसभा चुनाव की तरह कांग्रेस-राकांपा गठबंधन के सामने भाजपा-शिवसेना के साथ ही प्रकाश अंबेडकर के नेतृत्व वाला 'वंचित बहुजन अघाड़ी' (वीबीए) भी बड़ी मुश्किल खड़ी कर सकता है.
इस बारे में पूछे जाने पर कांग्रेस नेता ने कहा, 'लोकसभा चुनाव में लोगों को समझ आ गया कि प्रकाश अंबेडकर किसकी मदद कर रहे हैं. विधानसभा चुनाव में उनका कोई असर नहीं होगा.' वैसे, पीसीसी नेता ने यह भी कहा कि उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया पहले से चल रही थी और स्क्रीनिंग कमेटी बनने के बाद में इसमें और तेजी आने की उम्मीद है. ज्योतिरादित्य सिंधिया के नेतृत्व में महाराष्ट्र के लिए स्क्रीनिंग कमेटी बनाई गई है.
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कांग्रेस और राकांपा ने महाराष्ट्र में लगातार 15 वर्षों तक सत्ता साझा करने के बाद अक्टूबर 2014 का विधानसभा चुनाव अलग अलग लड़ा था. कांग्रेस और राकांपा ने कुल 288 विधानससभा सीटों में से क्रमश: 287 और 278 सीटों पर चुनाव लड़ा था. कांग्रेस ने 42 सीटें जबकि राकांपा ने 41 सीटें जीती थीं. इस लोकसभा चुनाव में दोनों साथ लड़ीं, लेकिन राज्य की कुल 48 सीटों में से राकांपा चार और कांग्रेस सिर्फ एक सीट ही जीत सकी. | संक्षिप्त पाठ: सोनिया गांधी ने कहा- सीट बंटवारे को जल्द दें अंतिम रूप
चुनाव प्रचार अभियान का करें आगाज- सोनिया गांधी
राज्य में अक्टूबर महीने में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित | 30 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: जोधपुर की एक अदालत ने जलीवाड़ा गांव के एक उप केंद्र में नियुक्त नर्स भंवरी देवी (36) के लापता होने के मामले में अदालत में आत्मसमर्पण करने वाले मुख्य अभियुक्त शहाबुद्दीन को पूछताछ के लिए 24 अक्टूबर तक सीबीआई की हिरासत में भेज दिया गया है। मुख्य मेट्रोपोलियन मजिस्ट्रेट (आर्थिक अपराध) अलका गुप्ता ने सीबीआई के आवेदन पर सुनवाई करने के बाद, आत्मसमर्पण कर चुके मुख्य आरोपी शहाबुद्दीन को पूछताछ के लिए 24 अक्टूबर तक सीबीआई को सौंपा। अदालत ने इससे पूर्व शहाबुद्दीन को स्वास्थ्य की जांच के लिए एक अस्पताल भेजा। स्वास्थ्य संबंधी जांच के बाद उसे सीबीआई की हिरासत में भेज दिया गया। संभावना जताई जा रही है कि शहाबुद्दीन को सीबीआई की हिरासत में सौंपे जाने के बाद इस मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ेगी। भंवरी देवी मामले में मुख्य अभियुक्त शहाबुद्दीन ने तीसरे पहर बाद मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट अलका गुप्ता की अदालत में आत्मसमर्पण किया था। अदालत के आदेश पर पुलिस शहाबुद्दीन को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच स्वास्थ्य जांच के लिए अस्पताल लेकर गई थी। | संक्षिप्त सारांश: अदालत ने इससे पूर्व शहाबुद्दीन को स्वास्थ्य की जांच के लिए एक अस्पताल भेजा। स्वास्थ्य संबंधी जांच के बाद उसे सीबीआई की हिरासत में भेज दिया गया। | 10 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: रांची राइनोज ने तीन क्वार्टर तक पिछड़ने के बाद जोरदार वापसी करते हुए दिल्ली वेवराइडर्स को 2-1 से हराकर पहली हॉकी इंडिया लीग का खिताब जीत लिया।
रांची की टीम पहले तीन क्वार्टर के बाद 0-1 से पिछड़ रही थी लेकिन मेजबान टीम ने अंतिम क्वार्टर में 10 मिनट के भीतर दो गोल दागकर दिल्ली की टीम को हैरान करते हुए खिताब जीत लिया।
राइनोज की ओर से आस्टिन स्मिथ और मनप्रीत सिंह ने गोल दागे जबकि दिल्ली वेवराइडर्स की ओर से मैच का एकमात्र गोल दूसरे क्वार्टर में साइमन चाइल्ड ने किया।
राइनोज ने इसके साथ ही दिल्ली के हाथों पिछले दो मुकाबलों में 5-4 और 5-2 की शिकस्त का बदला भी चुकता कर लिया।
इससे पहले, उत्तर प्रदेश विजार्ड्स ने कप्तान वीआर रघुनाथ के हैट्रिक सहित चार गोल की मदद से जेपी पंजाब वारियर्स को 4-3 से हराकर तीसरा स्थान हासिल किया।टिप्पणियां
उत्तर प्रदेश की टीम एक समय 0-3 से पिछड़ रही थी लेकिन रघुनाथ ने पेनल्टी कार्नर पर 42वें, 62वें, 64वें और 85वें निमट में गोल दागकर अपनी टीम को जीत दिला दी।
वारियर्स की ओर से मार्क नोल्स (चौथे मिनट), एसवी सुनील (आठवें मिनट) और रंजीत सिंह (39वें मिनट) ने गोल दागे थे।
रांची की टीम पहले तीन क्वार्टर के बाद 0-1 से पिछड़ रही थी लेकिन मेजबान टीम ने अंतिम क्वार्टर में 10 मिनट के भीतर दो गोल दागकर दिल्ली की टीम को हैरान करते हुए खिताब जीत लिया।
राइनोज की ओर से आस्टिन स्मिथ और मनप्रीत सिंह ने गोल दागे जबकि दिल्ली वेवराइडर्स की ओर से मैच का एकमात्र गोल दूसरे क्वार्टर में साइमन चाइल्ड ने किया।
राइनोज ने इसके साथ ही दिल्ली के हाथों पिछले दो मुकाबलों में 5-4 और 5-2 की शिकस्त का बदला भी चुकता कर लिया।
इससे पहले, उत्तर प्रदेश विजार्ड्स ने कप्तान वीआर रघुनाथ के हैट्रिक सहित चार गोल की मदद से जेपी पंजाब वारियर्स को 4-3 से हराकर तीसरा स्थान हासिल किया।टिप्पणियां
उत्तर प्रदेश की टीम एक समय 0-3 से पिछड़ रही थी लेकिन रघुनाथ ने पेनल्टी कार्नर पर 42वें, 62वें, 64वें और 85वें निमट में गोल दागकर अपनी टीम को जीत दिला दी।
वारियर्स की ओर से मार्क नोल्स (चौथे मिनट), एसवी सुनील (आठवें मिनट) और रंजीत सिंह (39वें मिनट) ने गोल दागे थे।
राइनोज की ओर से आस्टिन स्मिथ और मनप्रीत सिंह ने गोल दागे जबकि दिल्ली वेवराइडर्स की ओर से मैच का एकमात्र गोल दूसरे क्वार्टर में साइमन चाइल्ड ने किया।
राइनोज ने इसके साथ ही दिल्ली के हाथों पिछले दो मुकाबलों में 5-4 और 5-2 की शिकस्त का बदला भी चुकता कर लिया।
इससे पहले, उत्तर प्रदेश विजार्ड्स ने कप्तान वीआर रघुनाथ के हैट्रिक सहित चार गोल की मदद से जेपी पंजाब वारियर्स को 4-3 से हराकर तीसरा स्थान हासिल किया।टिप्पणियां
उत्तर प्रदेश की टीम एक समय 0-3 से पिछड़ रही थी लेकिन रघुनाथ ने पेनल्टी कार्नर पर 42वें, 62वें, 64वें और 85वें निमट में गोल दागकर अपनी टीम को जीत दिला दी।
वारियर्स की ओर से मार्क नोल्स (चौथे मिनट), एसवी सुनील (आठवें मिनट) और रंजीत सिंह (39वें मिनट) ने गोल दागे थे।
राइनोज ने इसके साथ ही दिल्ली के हाथों पिछले दो मुकाबलों में 5-4 और 5-2 की शिकस्त का बदला भी चुकता कर लिया।
इससे पहले, उत्तर प्रदेश विजार्ड्स ने कप्तान वीआर रघुनाथ के हैट्रिक सहित चार गोल की मदद से जेपी पंजाब वारियर्स को 4-3 से हराकर तीसरा स्थान हासिल किया।टिप्पणियां
उत्तर प्रदेश की टीम एक समय 0-3 से पिछड़ रही थी लेकिन रघुनाथ ने पेनल्टी कार्नर पर 42वें, 62वें, 64वें और 85वें निमट में गोल दागकर अपनी टीम को जीत दिला दी।
वारियर्स की ओर से मार्क नोल्स (चौथे मिनट), एसवी सुनील (आठवें मिनट) और रंजीत सिंह (39वें मिनट) ने गोल दागे थे।
इससे पहले, उत्तर प्रदेश विजार्ड्स ने कप्तान वीआर रघुनाथ के हैट्रिक सहित चार गोल की मदद से जेपी पंजाब वारियर्स को 4-3 से हराकर तीसरा स्थान हासिल किया।टिप्पणियां
उत्तर प्रदेश की टीम एक समय 0-3 से पिछड़ रही थी लेकिन रघुनाथ ने पेनल्टी कार्नर पर 42वें, 62वें, 64वें और 85वें निमट में गोल दागकर अपनी टीम को जीत दिला दी।
वारियर्स की ओर से मार्क नोल्स (चौथे मिनट), एसवी सुनील (आठवें मिनट) और रंजीत सिंह (39वें मिनट) ने गोल दागे थे।
उत्तर प्रदेश की टीम एक समय 0-3 से पिछड़ रही थी लेकिन रघुनाथ ने पेनल्टी कार्नर पर 42वें, 62वें, 64वें और 85वें निमट में गोल दागकर अपनी टीम को जीत दिला दी।
वारियर्स की ओर से मार्क नोल्स (चौथे मिनट), एसवी सुनील (आठवें मिनट) और रंजीत सिंह (39वें मिनट) ने गोल दागे थे।
वारियर्स की ओर से मार्क नोल्स (चौथे मिनट), एसवी सुनील (आठवें मिनट) और रंजीत सिंह (39वें मिनट) ने गोल दागे थे। | सारांश: रांची राइनोज ने तीन क्वार्टर तक पिछड़ने के बाद जोरदार वापसी करते हुए दिल्ली वेवराइडर्स को 2-1 से हराकर पहली हॉकी इंडिया लीग का खिताब जीत लिया। | 5 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: 2008 में मालेगांव धमाकों के सिलसिले मे गिरफ्तार हुई साध्वी प्रज्ञा सिंह की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। कैंसर जैसी बीमारी से जुझ रही साध्वी प्रज्ञा सिंह ने मेडिकल ग्राउंड पर बांबे हाइकोर्ट से जमानत की गुहार लगायी थी।
लेकिन लंबी सुनवायी के बाद भी प्रज्ञा सिंह को बांबे हाई कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है। हाई कोर्ट ने प्रज्ञा सिंह को जमानत देने से इनकार कर दिया। लेकिन नेशनल इनवेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) को प्रज्ञा के लिये सबसे बेहतरीन इलाज मुहैया कराने को कहा है।
साध्वी प्रज्ञा सिंह ब्रेस्ट कैंसर जैसी बीमारी से जुझ रही है। अपनी जमानत याचिका में प्रज्ञा ने अदालत से इलाज करवाने के लिए 7 दिनों की जमानत की मांग की थी।
प्रज्ञा के वकिल मिलन देसाई ने अदालत को बताया कि शुरुआती जांच में साध्वी को ब्रेस्ट कैंसर की बात पता चली है और वह अपना इलाज अपने परिवार के साथ करवाना चाहती है। पुलिस की मौजुदगी में प्रज्ञा को इलाज से परहेज है।
लेकिन एनआईए की वकील रोहिनी सालियन ने ना सिर्फ साध्वी की जमानत याचिका का पुरजोर विरोध किया बल्कि अदालत को बताया की जांच एजेंसी साध्वी की सेहत का पुरा ख्याल रख रही है।टिप्पणियां
एनआईए की जिरह सुनने के बाद हाई कोर्ट ने कहा कि अगर साध्वी का पूरा इलाज एजेंसी करवा रही है तो ऐसे में उसे जमानत किस बिनाह पर दी जाए। हाई कोर्ट का रुख साफ होने के बाद साध्वी के वकिल ने अदालत से प्रज्ञा के परिवार को इलाज के वक्त साथ रहने की अपील की जिस पर हाईकोर्ट ने साध्वी के वकिल को एक हलफनामा दायर करने को कहा जिसमें उन लोगों के नामों का खुलासा करने को कहा गया जो प्रज्ञा के साथ रहेंगे।
हाई कोर्ट इस याचिका पर गुरुवार को फैसला देगा। साध्वी प्रज्ञा सिंह को 2008 में मालेंगाव में हुए धमाकों के सिलसिले मे गिरफ्तार किया गया है। इसी मामले में सेना के ले. कर्नल श्रीकांत पुरोहिक भी गिरफ्तार हुए हैं।
साध्वी प्रज्ञा सिंह ब्रेस्ट कैंसर जैसी बीमारी से जुझ रही है। अपनी जमानत याचिका में प्रज्ञा ने अदालत से इलाज करवाने के लिए 7 दिनों की जमानत की मांग की थी।
प्रज्ञा के वकिल मिलन देसाई ने अदालत को बताया कि शुरुआती जांच में साध्वी को ब्रेस्ट कैंसर की बात पता चली है और वह अपना इलाज अपने परिवार के साथ करवाना चाहती है। पुलिस की मौजुदगी में प्रज्ञा को इलाज से परहेज है।
लेकिन एनआईए की वकील रोहिनी सालियन ने ना सिर्फ साध्वी की जमानत याचिका का पुरजोर विरोध किया बल्कि अदालत को बताया की जांच एजेंसी साध्वी की सेहत का पुरा ख्याल रख रही है।टिप्पणियां
एनआईए की जिरह सुनने के बाद हाई कोर्ट ने कहा कि अगर साध्वी का पूरा इलाज एजेंसी करवा रही है तो ऐसे में उसे जमानत किस बिनाह पर दी जाए। हाई कोर्ट का रुख साफ होने के बाद साध्वी के वकिल ने अदालत से प्रज्ञा के परिवार को इलाज के वक्त साथ रहने की अपील की जिस पर हाईकोर्ट ने साध्वी के वकिल को एक हलफनामा दायर करने को कहा जिसमें उन लोगों के नामों का खुलासा करने को कहा गया जो प्रज्ञा के साथ रहेंगे।
हाई कोर्ट इस याचिका पर गुरुवार को फैसला देगा। साध्वी प्रज्ञा सिंह को 2008 में मालेंगाव में हुए धमाकों के सिलसिले मे गिरफ्तार किया गया है। इसी मामले में सेना के ले. कर्नल श्रीकांत पुरोहिक भी गिरफ्तार हुए हैं।
प्रज्ञा के वकिल मिलन देसाई ने अदालत को बताया कि शुरुआती जांच में साध्वी को ब्रेस्ट कैंसर की बात पता चली है और वह अपना इलाज अपने परिवार के साथ करवाना चाहती है। पुलिस की मौजुदगी में प्रज्ञा को इलाज से परहेज है।
लेकिन एनआईए की वकील रोहिनी सालियन ने ना सिर्फ साध्वी की जमानत याचिका का पुरजोर विरोध किया बल्कि अदालत को बताया की जांच एजेंसी साध्वी की सेहत का पुरा ख्याल रख रही है।टिप्पणियां
एनआईए की जिरह सुनने के बाद हाई कोर्ट ने कहा कि अगर साध्वी का पूरा इलाज एजेंसी करवा रही है तो ऐसे में उसे जमानत किस बिनाह पर दी जाए। हाई कोर्ट का रुख साफ होने के बाद साध्वी के वकिल ने अदालत से प्रज्ञा के परिवार को इलाज के वक्त साथ रहने की अपील की जिस पर हाईकोर्ट ने साध्वी के वकिल को एक हलफनामा दायर करने को कहा जिसमें उन लोगों के नामों का खुलासा करने को कहा गया जो प्रज्ञा के साथ रहेंगे।
हाई कोर्ट इस याचिका पर गुरुवार को फैसला देगा। साध्वी प्रज्ञा सिंह को 2008 में मालेंगाव में हुए धमाकों के सिलसिले मे गिरफ्तार किया गया है। इसी मामले में सेना के ले. कर्नल श्रीकांत पुरोहिक भी गिरफ्तार हुए हैं।
लेकिन एनआईए की वकील रोहिनी सालियन ने ना सिर्फ साध्वी की जमानत याचिका का पुरजोर विरोध किया बल्कि अदालत को बताया की जांच एजेंसी साध्वी की सेहत का पुरा ख्याल रख रही है।टिप्पणियां
एनआईए की जिरह सुनने के बाद हाई कोर्ट ने कहा कि अगर साध्वी का पूरा इलाज एजेंसी करवा रही है तो ऐसे में उसे जमानत किस बिनाह पर दी जाए। हाई कोर्ट का रुख साफ होने के बाद साध्वी के वकिल ने अदालत से प्रज्ञा के परिवार को इलाज के वक्त साथ रहने की अपील की जिस पर हाईकोर्ट ने साध्वी के वकिल को एक हलफनामा दायर करने को कहा जिसमें उन लोगों के नामों का खुलासा करने को कहा गया जो प्रज्ञा के साथ रहेंगे।
हाई कोर्ट इस याचिका पर गुरुवार को फैसला देगा। साध्वी प्रज्ञा सिंह को 2008 में मालेंगाव में हुए धमाकों के सिलसिले मे गिरफ्तार किया गया है। इसी मामले में सेना के ले. कर्नल श्रीकांत पुरोहिक भी गिरफ्तार हुए हैं।
एनआईए की जिरह सुनने के बाद हाई कोर्ट ने कहा कि अगर साध्वी का पूरा इलाज एजेंसी करवा रही है तो ऐसे में उसे जमानत किस बिनाह पर दी जाए। हाई कोर्ट का रुख साफ होने के बाद साध्वी के वकिल ने अदालत से प्रज्ञा के परिवार को इलाज के वक्त साथ रहने की अपील की जिस पर हाईकोर्ट ने साध्वी के वकिल को एक हलफनामा दायर करने को कहा जिसमें उन लोगों के नामों का खुलासा करने को कहा गया जो प्रज्ञा के साथ रहेंगे।
हाई कोर्ट इस याचिका पर गुरुवार को फैसला देगा। साध्वी प्रज्ञा सिंह को 2008 में मालेंगाव में हुए धमाकों के सिलसिले मे गिरफ्तार किया गया है। इसी मामले में सेना के ले. कर्नल श्रीकांत पुरोहिक भी गिरफ्तार हुए हैं।
हाई कोर्ट इस याचिका पर गुरुवार को फैसला देगा। साध्वी प्रज्ञा सिंह को 2008 में मालेंगाव में हुए धमाकों के सिलसिले मे गिरफ्तार किया गया है। इसी मामले में सेना के ले. कर्नल श्रीकांत पुरोहिक भी गिरफ्तार हुए हैं। | संक्षिप्त पाठ: 2008 में मालेगांव धमाकों के सिलसिले मे गिरफ्तार हुई साध्वी प्रज्ञा सिंह की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। कैंसर जैसी बीमारी से जुझ रही साध्वी प्रज्ञा सिंह ने मेडिकल ग्राउंड पर बांबे हाइकोर्ट से जमानत की गुहार लगायी थी। | 22 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: शायरा बानो ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि वह तीन बार तलाक बोलकर तलाक देने की बात को नहीं मानती हैं. शायरा की याचिका में 'मुस्लिम पर्सनल लॉ (शरियत) एप्लीकेशन एक्ट, 1937' की धारा 2 की वैध्यता पर भी सवाल उठाए गए हैं. यही वह धारा है जिसके जरिये मुस्लिम समुदाय में बहुविवाह, 'तीन तलाक' (तलाक-ए-बिद्दत) और 'निकाह-हलाला' जैसी प्रथाओं को वैध्यता मिलती है. इनके साथ ही शायरा ने 'मुस्लिम विवाह विघटन अधिनियम, 1939' को भी इस तर्क के साथ चुनौती दी है कि यह कानून मुस्लिम महिलाओं को बहुविवाह जैसी कुरीतियों से संरक्षित करने में सार्थक नहीं है.
देश की सर्वोच्च अदालत में पांच धर्मों के जस्टिस मिलकर शायरा बानो के मामले पर ऐतिहासिक फैसला सुनाया है. इस मामले पर फैसला सुनाने वाले जजों में चीफ जस्टिस जेएस खेहर (सिख), जस्टिस कुरियन जोसफ (क्रिश्चिएन), जस्टिस रोहिंग्टन एफ नरीमन (पारसी), जस्टिस यूयू ललित (हिंदू) और जस्टिस अब्दुल नजीर (मुस्लिम) शामिल रहे.
देश की सर्वोच्च अदालत में पांच धर्मों के जस्टिस मिलकर शायरा बानो के मामले पर ऐतिहासिक फैसला सुनाया है. इस मामले पर फैसला सुनाने वाले जजों में चीफ जस्टिस जेएस खेहर (सिख), जस्टिस कुरियन जोसफ (क्रिश्चिएन), जस्टिस रोहिंग्टन एफ नरीमन (पारसी), जस्टिस यूयू ललित (हिंदू) और जस्टिस अब्दुल नजीर (मुस्लिम) शामिल रहे. | संक्षिप्त सारांश: शाह बानो को 60 साल की उम्र में पति ने दिया था तलाक
कोर्ट में जीतकर भी हार गईं थीं शाह बानो
शायरा बानो को पति ने बीमार बनाकर दिया था तीन तलाक | 23 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सेंसेक्स की शीर्ष छह कंपनियों के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में बीते सप्ताह 25,838 करोड़ रुपये की गिरावट आई। सबसे ज्यादा नुकसान में सार्वजनिक क्षेत्र की ओएनजीसी रही।
बीते सप्ताह जिन कंपनियों का बाजार पूंजीकरण घटा उनमें ओएनजीसी के अलावा कोल इंडिया और टीसीएस शामिल हैं। वहीं दूसरी ओर रिलायंस इंडस्ट्रीज तथा एचडीएफसी के बाजार पूंजीकरण में इजाफा हुआ।
ओएनजीसी सबसे ज्यादा नुकसान रही। कंपनी का बाजार पूंजीकरण 5,843 करोड़ रुपये घटकर 2,23,567 करोड़ रुपये पर आ गया। वहीं, टीसीएस को 5,284 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ और कंपनी का बाजार पूंजीकरण घटकर 2,42,881 करोड़ रुपये रह गया। आईटीसी को 4,487 करोड़ रुपये का घाटा हुआ और कंपनी का बाजार पूंजीकरण 2,32,786 करोड़ रुपये रह गया।
इन्फोसिस के बाजार पूंजीकरण में 2,437 करोड़ रुपये की कमी आई और यह 1,30,767 करोड़ रुपये रह गया। एचडीएफसी बैंक का बाजार पूंजीकरण 899 करोड़ रुपये घटकर 1,62,813 करोड़ रुपये रह गया।
वहीं, इस रुख के उलट एचडीएफसी को सप्ताह के दौरान बाजार पूंजीकरण के लिहाज से 2,238 करोड़ रुपये का फायदा हुआ और कंपनी का बाजार पूंजीकरण 1,31,043 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। वहीं रिलायंस इंडस्ट्रीज का बाजार पूंजीकरण 1,618 करोड़ रुपये के इजाफे के साथ 2,71,525 करोड़ रुपये रहा।टिप्पणियां
आईसीआईसीआई बैंक का बाजार पूंजीकरण 629 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी के साथ 1,31,031 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। भारतीय स्टेट बैंक के बाजार पूंजीकरण में 624 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ और यह 1,55,692 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
शीर्ष दस की सूची में रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले नंबर पर रही। उसके बाद टीसीएस, आईटीसी, कोल इंडिया, ओएनजीसी, एचडीएफसी बैंक, एसबीआई, एचडीएफसी, आईसीआईसीआई बैंक और इन्फोसिस का नंबर आता है।
बीते सप्ताह जिन कंपनियों का बाजार पूंजीकरण घटा उनमें ओएनजीसी के अलावा कोल इंडिया और टीसीएस शामिल हैं। वहीं दूसरी ओर रिलायंस इंडस्ट्रीज तथा एचडीएफसी के बाजार पूंजीकरण में इजाफा हुआ।
ओएनजीसी सबसे ज्यादा नुकसान रही। कंपनी का बाजार पूंजीकरण 5,843 करोड़ रुपये घटकर 2,23,567 करोड़ रुपये पर आ गया। वहीं, टीसीएस को 5,284 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ और कंपनी का बाजार पूंजीकरण घटकर 2,42,881 करोड़ रुपये रह गया। आईटीसी को 4,487 करोड़ रुपये का घाटा हुआ और कंपनी का बाजार पूंजीकरण 2,32,786 करोड़ रुपये रह गया।
इन्फोसिस के बाजार पूंजीकरण में 2,437 करोड़ रुपये की कमी आई और यह 1,30,767 करोड़ रुपये रह गया। एचडीएफसी बैंक का बाजार पूंजीकरण 899 करोड़ रुपये घटकर 1,62,813 करोड़ रुपये रह गया।
वहीं, इस रुख के उलट एचडीएफसी को सप्ताह के दौरान बाजार पूंजीकरण के लिहाज से 2,238 करोड़ रुपये का फायदा हुआ और कंपनी का बाजार पूंजीकरण 1,31,043 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। वहीं रिलायंस इंडस्ट्रीज का बाजार पूंजीकरण 1,618 करोड़ रुपये के इजाफे के साथ 2,71,525 करोड़ रुपये रहा।टिप्पणियां
आईसीआईसीआई बैंक का बाजार पूंजीकरण 629 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी के साथ 1,31,031 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। भारतीय स्टेट बैंक के बाजार पूंजीकरण में 624 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ और यह 1,55,692 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
शीर्ष दस की सूची में रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले नंबर पर रही। उसके बाद टीसीएस, आईटीसी, कोल इंडिया, ओएनजीसी, एचडीएफसी बैंक, एसबीआई, एचडीएफसी, आईसीआईसीआई बैंक और इन्फोसिस का नंबर आता है।
ओएनजीसी सबसे ज्यादा नुकसान रही। कंपनी का बाजार पूंजीकरण 5,843 करोड़ रुपये घटकर 2,23,567 करोड़ रुपये पर आ गया। वहीं, टीसीएस को 5,284 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ और कंपनी का बाजार पूंजीकरण घटकर 2,42,881 करोड़ रुपये रह गया। आईटीसी को 4,487 करोड़ रुपये का घाटा हुआ और कंपनी का बाजार पूंजीकरण 2,32,786 करोड़ रुपये रह गया।
इन्फोसिस के बाजार पूंजीकरण में 2,437 करोड़ रुपये की कमी आई और यह 1,30,767 करोड़ रुपये रह गया। एचडीएफसी बैंक का बाजार पूंजीकरण 899 करोड़ रुपये घटकर 1,62,813 करोड़ रुपये रह गया।
वहीं, इस रुख के उलट एचडीएफसी को सप्ताह के दौरान बाजार पूंजीकरण के लिहाज से 2,238 करोड़ रुपये का फायदा हुआ और कंपनी का बाजार पूंजीकरण 1,31,043 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। वहीं रिलायंस इंडस्ट्रीज का बाजार पूंजीकरण 1,618 करोड़ रुपये के इजाफे के साथ 2,71,525 करोड़ रुपये रहा।टिप्पणियां
आईसीआईसीआई बैंक का बाजार पूंजीकरण 629 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी के साथ 1,31,031 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। भारतीय स्टेट बैंक के बाजार पूंजीकरण में 624 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ और यह 1,55,692 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
शीर्ष दस की सूची में रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले नंबर पर रही। उसके बाद टीसीएस, आईटीसी, कोल इंडिया, ओएनजीसी, एचडीएफसी बैंक, एसबीआई, एचडीएफसी, आईसीआईसीआई बैंक और इन्फोसिस का नंबर आता है।
इन्फोसिस के बाजार पूंजीकरण में 2,437 करोड़ रुपये की कमी आई और यह 1,30,767 करोड़ रुपये रह गया। एचडीएफसी बैंक का बाजार पूंजीकरण 899 करोड़ रुपये घटकर 1,62,813 करोड़ रुपये रह गया।
वहीं, इस रुख के उलट एचडीएफसी को सप्ताह के दौरान बाजार पूंजीकरण के लिहाज से 2,238 करोड़ रुपये का फायदा हुआ और कंपनी का बाजार पूंजीकरण 1,31,043 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। वहीं रिलायंस इंडस्ट्रीज का बाजार पूंजीकरण 1,618 करोड़ रुपये के इजाफे के साथ 2,71,525 करोड़ रुपये रहा।टिप्पणियां
आईसीआईसीआई बैंक का बाजार पूंजीकरण 629 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी के साथ 1,31,031 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। भारतीय स्टेट बैंक के बाजार पूंजीकरण में 624 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ और यह 1,55,692 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
शीर्ष दस की सूची में रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले नंबर पर रही। उसके बाद टीसीएस, आईटीसी, कोल इंडिया, ओएनजीसी, एचडीएफसी बैंक, एसबीआई, एचडीएफसी, आईसीआईसीआई बैंक और इन्फोसिस का नंबर आता है।
वहीं, इस रुख के उलट एचडीएफसी को सप्ताह के दौरान बाजार पूंजीकरण के लिहाज से 2,238 करोड़ रुपये का फायदा हुआ और कंपनी का बाजार पूंजीकरण 1,31,043 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। वहीं रिलायंस इंडस्ट्रीज का बाजार पूंजीकरण 1,618 करोड़ रुपये के इजाफे के साथ 2,71,525 करोड़ रुपये रहा।टिप्पणियां
आईसीआईसीआई बैंक का बाजार पूंजीकरण 629 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी के साथ 1,31,031 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। भारतीय स्टेट बैंक के बाजार पूंजीकरण में 624 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ और यह 1,55,692 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
शीर्ष दस की सूची में रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले नंबर पर रही। उसके बाद टीसीएस, आईटीसी, कोल इंडिया, ओएनजीसी, एचडीएफसी बैंक, एसबीआई, एचडीएफसी, आईसीआईसीआई बैंक और इन्फोसिस का नंबर आता है।
आईसीआईसीआई बैंक का बाजार पूंजीकरण 629 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी के साथ 1,31,031 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। भारतीय स्टेट बैंक के बाजार पूंजीकरण में 624 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ और यह 1,55,692 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
शीर्ष दस की सूची में रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले नंबर पर रही। उसके बाद टीसीएस, आईटीसी, कोल इंडिया, ओएनजीसी, एचडीएफसी बैंक, एसबीआई, एचडीएफसी, आईसीआईसीआई बैंक और इन्फोसिस का नंबर आता है।
शीर्ष दस की सूची में रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले नंबर पर रही। उसके बाद टीसीएस, आईटीसी, कोल इंडिया, ओएनजीसी, एचडीएफसी बैंक, एसबीआई, एचडीएफसी, आईसीआईसीआई बैंक और इन्फोसिस का नंबर आता है। | यह एक सारांश है: सेंसेक्स की शीर्ष छह कंपनियों के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में बीते सप्ताह 25,838 करोड़ रुपये की गिरावट आई। सबसे ज्यादा नुकसान में सार्वजनिक क्षेत्र की ओएनजीसी रही। | 16 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: सफल फिल्म 'पिंक' की नायिका तापसी पन्नू ने बताया कि उन्हें दक्षिणी सिनेमा और बॉलीवुड में कोई फर्क नजर नहीं आता. उन्हें इन दोनों ही जगहों पर अच्छे अनुभव हुए हैं और बुरे भी.
तापसी ने वर्ष 2010 में तेलुगु फिल्म 'जुम्मान्धी नंदम' के साथ अभिनय की शुरुआत की थी. वर्ष 2013 में आई 'चश्मे बद्दूर' उनकी पहली बॉलीवुड फिल्म थी. दोनों फिल्म उद्योगों के बीच अंतर पूछे जाने पर तापसी ने हैदराबाद से आईएएनएस को फोन पर कहा, "कुछ भी अंतर नहीं है. भाषाओं को छोड़ दें तो मुझे इनमें कोई फर्क नजर नहीं आता, क्योंकि दोनों ही उद्योगों से मेरी अच्छी और बुरी यादें जुड़ी हैं."टिप्पणियां
अभिनेत्री जल्द ही 'गाजी' में अभिनेता राणा दग्गुबाती के संग दिखाई देंगी. पनडुब्बी आधारित यह युद्ध फिल्म नवोदित निर्देशक संकल्प द्वारा निर्देशित है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
तापसी ने वर्ष 2010 में तेलुगु फिल्म 'जुम्मान्धी नंदम' के साथ अभिनय की शुरुआत की थी. वर्ष 2013 में आई 'चश्मे बद्दूर' उनकी पहली बॉलीवुड फिल्म थी. दोनों फिल्म उद्योगों के बीच अंतर पूछे जाने पर तापसी ने हैदराबाद से आईएएनएस को फोन पर कहा, "कुछ भी अंतर नहीं है. भाषाओं को छोड़ दें तो मुझे इनमें कोई फर्क नजर नहीं आता, क्योंकि दोनों ही उद्योगों से मेरी अच्छी और बुरी यादें जुड़ी हैं."टिप्पणियां
अभिनेत्री जल्द ही 'गाजी' में अभिनेता राणा दग्गुबाती के संग दिखाई देंगी. पनडुब्बी आधारित यह युद्ध फिल्म नवोदित निर्देशक संकल्प द्वारा निर्देशित है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अभिनेत्री जल्द ही 'गाजी' में अभिनेता राणा दग्गुबाती के संग दिखाई देंगी. पनडुब्बी आधारित यह युद्ध फिल्म नवोदित निर्देशक संकल्प द्वारा निर्देशित है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त सारांश: दक्षिणी सिनेमा और बॉलीवुड में कोई फर्क नहीं
'गाजी' में अभिनेता राणा दग्गुबाती के साथ आएंगी तापसी
2013 में आई 'चश्मे बद्दूर' तापसी की पहली बॉलीवुड फिल्म | 8 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: Pre And Post-Workout Skincare Routine: व्यायाम बेशक आपको ग्लोइंग स्किन दे सकता है. लेकिन वर्कआउट से पहले और वर्कआउट के बाद (Pre and Post-Workout) त्वचा की देखभाल से जुड़े रूटीन (Skincare Routine) को फॉलो करने से नतीजे और बेहतर हो सकते हैं. यह आपको दमकती त्वचा देता है और रूखेपन से निजात दिलाता है. त्वचा की देखभाल करना हम सभी के लिए जरूरी है. लेकिन अगर आप स्किन केयर रूटीन को नहीं अपना रहे हैं तो यह आपकी त्वचा के लिए खतरनाक साबित हो सकता है. व्यायाम के दौरान आने वाला पसीना और नमक त्वचा के रोमछिद्रों यानी पोर्स को ब्लॉक कर सकता है, जिससे कि ब्लेकहेड्स (blackheads) या एक्ने (acne breakouts) जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं. तो यहां हैं ऐसे कुछ स्किन केयर टिप्स जो आपको जिम में पसीना बहाने यानी कि वर्कआउट से पहले और वर्कआउट के बाद अपनाने चाहिए ताकी आपकी त्वचा ग्लो करे और हमेशा जवां बनी रहे. तो चलिए जानते हैं त्वचा की देखभाल के वह नुस्खे जो आपको देंगे ग्लोइंग स्किन -
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अगर आपके माथे पर दाने होते हैं, तो आपको जिम में या हेवी एक्सरसाइज करते हुए अपने बालों को बांध लेना चाहिए. पसीनों के साथ बालों का माथे पर आना पोर्स को ब्लॉक करने का कारण हो सकता है जो माथे पर उभरे एक्ने (acne on forehead) का कारण बन सकता है.
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Skincare: माथे पर बाल आने से दाने होने की संभावना बढ़ जाती है
जिम जाने से पहले अपनी त्वचा को हर तरह से फ्री कर दें. इस पर किसी तरह का मेकअप न करें. अच्छा तो यह होगा कि आप लिप कलर की ओर भी न देखें. जिम जाने से पहले अपने चेहरे को अच्छा तरह से धो लें. जब आपको पसीने आते हैं तो आपके पोर्स खुलते हैं. ऐसे में अगर आपने मेकअप किया होगा तो वह मेकअप और पसीना दोनों ही पोर्स में जाकर संक्रमण पैदा कर सकते हैं और एक्ने की वजह बन सकते हैं.
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जैसा कि हम पहले भी बहुत बता चुके हैं कि सनब्लॉक लगाना हमेशा जरूरी होता है, तो यह वर्कआउट से पहले भी जरूरी है. वर्कआउट से पहले बोर्ड स्पेक्ट्रम एसपीएफ 30 या इससे ज्यादा का सनस्क्रिीन वर्कआउट से पहले सही रहता है.
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वर्कआउट के दौरान और वर्कआउट के बाद भी अपने हाथों को चेहरे से दूर रखें. तब तक, जब तक कि आप अपने हाथों से धो नहीं लेते. जिम की मशीनों पर मौजूद किटाणू आपकी त्वचा पर संक्रमण का कारण बन सकते हैं.
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Skincare Routine: वर्कआउट से पहले और बाद में त्वचा का कैसे रखें ख्याल.
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हो सकता है कि सर्दियों में यह आपके लिए संभव न हो, लेकिन अगर आप ऐसा कर सकते हैं तो यह बहुत अच्छा रहेगा. जब भी आप जिम से लौटें और शरीर जब अपने सामान्य तापमान में आए तो आपको नहा लेना चाहिए. ऐसा करने से आप तमाम धूल मिट्टी को त्वचा से हटाने में सफल रहेंगे.
Skin Care Tips: चेहरे पर दाग, मुहांसे, झुर्रिया कर रही हैं परेशान तो आजमाएं ये घरेलू नुस्खा
टोनर का इस्तेमाल करना आपके लिए हमेशा अच्छा होता है. तो नहाने के बाद अपने चेहरे पर टोनर और मॉइश्चराइजर का इस्तेमाल करें. यह आपकी त्वचा को नमी देने में मदद करेगा. रात के समय नाइट क्रिम और अंडर आई क्रीम अच्छा विकल्प हो सकती हैं.
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एक्सरसाइज करना आपके लिए जरूरी है. यह सेहतमंद वजन को बनाए रखने, वजन कम करने और खूबसूरत दमकती त्वचा देने में मददगार होता है. लेकिन वर्कआउट से पहले और बाद में एक सही स्किन केयर रूटीन का पालन करना आपको मुंहासों, एक्ने, ब्लैकहेड्स जैसी समस्याओं से बचा सकता है.
अस्वीकरण : यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है. यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता. ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें. एनडीटीवी इस जानकारी की प्रमाणिकता की जिम्मेदारी नहीं लेता.
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ग्रीन टी के हैं कई फायदे, डार्क सर्कल को करती है दूर, एक्ने भी नहीं करेंगे परेशान
Orange Peel For Glowing Skin: नेचुरल ग्लो के लिए घर में बनाए फेस मास्क | हेवी एक्सरसाइज करते हुए अपने बालों को बांध लेना चाहिए.
किसी तरह का मेकअप न करें.
वर्कआउट के दौरान और वर्कआउट के बाद भी अपने हाथों को चेहरे से दूर रखें. | 26 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मध्यप्रदेश की कांग्रेस की नेत्री हिमाद्री सिंह आज बीजेपी में शामिल हो गईं. शहडोल लोकसभा सीट पर 2016 में हुए उपचुनाव में कांग्रेस की हिमाद्री सिंह बीजेपी के प्रत्याशी ज्ञान सिंह से पराजित हो गई थीं. हिमाद्री सिंह ने बुधवार को कांग्रेस से नाता तोड़ लिया और बीजेपी में शामिल हो गईं.
हिमाद्री सिंह को बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने पार्टी की सदस्यता दिलाई. इस मौके पर बीजेपी नेत्री कृष्णा गौर भी मौजूद थीं. अटकलें लगाई जा रही हैं कि लोकसभा चुनाव में हिमाद्री सिंह को बीजेपी शहडोल से प्रत्याशी बना सकती है.
मध्यप्रदेश की शहडोल संसदीय सीट अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए आरक्षित है. फिलहाल इस क्षेत्र से बीजेपी के ज्ञान सिंह सांसद हैं. उन्होंने सन 2016 में हुए उपचुनाव में हिमाद्री सिंह को पराजित किया था. इससे पहले वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी के दलपत सिंह परस्ते विजयी हुए थे. परस्ते का ब्रेन हेमरेज के कारण निधन होने पर शहडोल में उपचुनाव हुआ था. शहडोल क्षेत्र पर अधिकतर चुनवों में बीजेपी को ही जीत मिलती रही है.
शहडोल लोकसभा क्षेत्र एसटी के उम्मीदवार के लिए आरक्षित है. इस सीट पर 1957 में हुए पहले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के कमल नारायण सिंह जीते थे. यहां से बीजेपी के दलपत सिंह और ज्ञान सिंह ने सबसे ज्यादा जीत हासिल की. ज्ञान सिंह साल 2016 का उपचुनाव जीतकर तीसरी बार यहां से सांसद बने.
शहडोल सीट पर पांच बार बीजेपी तो सात दफा कांग्रेस विजयी हुई. बीजेपी को इस सीट पर सन 1996, 1998, 1999 और 2004 के चुनावों में निरंतर जीत मिली थी. साल 2009 के चुनाव में कांग्रेस के राजेश नंदिनी विजयी हुए थे. | सारांश: बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने हिमाद्री को पार्टी की सदस्यता दिलाई
शहडोल संसदीय सीट अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए आरक्षित
शहडोल लोकसभा सीट पर बीजेपी से सबसे ज्यादा चुनाव जीते | 20 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: आज यानी 28 फरवरी को भारतीय विज्ञान जगत की महत्वपूर्ण उपलब्धि का जश्न मनाने का दिवस है. जी हां आज राष्ट्रीय विज्ञान दिवस है. इसी दिन 'रमन प्रभाव' की खोज हुई थी. इसीलिए आज इस दिवस को मनाया जाता है. रमन प्रभाव की खोज महान भौतिक विज्ञानी सर चंद्रशेखर वेंकट रमन (सीवी रमन) ने की थी. इस महत्वपूर्ण खोज के लिए सीवी रमन को 1930 में भौतिकी के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था. इस खोज के सम्मान में 1986 से राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया जाता है.
सर सीवी रमन का जन्म ब्रिटिश भारत में तत्कालीन मद्रास प्रेजीडेंसी (तमिलनाडु) में सात नवंबर 1888 को हुआ था. उन्होंने प्रकाश प्रकीर्णन के क्षेत्र में अविस्मरणीय योगदान दिया. इसके तहत जब प्रकाश किसी पारदर्शी मैटेरियल से गुजरता है तो उस दौरान प्रकाश की तरंगदैर्ध्य में बदलाव दिखता है. इसी को रमन प्रभाव कहा जाता है. इस महत्वपूर्ण खोज के लिए 1954 में भारत ने उनको सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से नवाजा.टिप्पणियां
1917 में सरकारी नौकरी से इस्तीफा देने के बाद वह कलकत्ता यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हो गए. उसी दौरान उन्होंने कलकत्ता में इंडियन एसोसिएशन फॉर द कल्टीवेशन ऑफ साइंस(आईएसीएस) में अपना शोध कार्य निरंतर जारी रखा. यहीं पर 28 फरवरी, 1928 को उन्होंने केएस कृष्णन समेत अन्य वैज्ञानिकों के साथ मिलकर रमन प्रभाव की खोज की.
सीवी रमन मशहूर वैज्ञानिक सुब्रमण्यन चंद्रशेखर के चाचा थे. 'चंद्रशेखर लिमिट' की खोज के लिए सुब्रमण्यन को 1983 में नोबेल पुरस्कार दिया गया. सीवी रमन का 82 साल की आयु में 1970 में निधन हो गया.
सर सीवी रमन का जन्म ब्रिटिश भारत में तत्कालीन मद्रास प्रेजीडेंसी (तमिलनाडु) में सात नवंबर 1888 को हुआ था. उन्होंने प्रकाश प्रकीर्णन के क्षेत्र में अविस्मरणीय योगदान दिया. इसके तहत जब प्रकाश किसी पारदर्शी मैटेरियल से गुजरता है तो उस दौरान प्रकाश की तरंगदैर्ध्य में बदलाव दिखता है. इसी को रमन प्रभाव कहा जाता है. इस महत्वपूर्ण खोज के लिए 1954 में भारत ने उनको सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से नवाजा.टिप्पणियां
1917 में सरकारी नौकरी से इस्तीफा देने के बाद वह कलकत्ता यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हो गए. उसी दौरान उन्होंने कलकत्ता में इंडियन एसोसिएशन फॉर द कल्टीवेशन ऑफ साइंस(आईएसीएस) में अपना शोध कार्य निरंतर जारी रखा. यहीं पर 28 फरवरी, 1928 को उन्होंने केएस कृष्णन समेत अन्य वैज्ञानिकों के साथ मिलकर रमन प्रभाव की खोज की.
सीवी रमन मशहूर वैज्ञानिक सुब्रमण्यन चंद्रशेखर के चाचा थे. 'चंद्रशेखर लिमिट' की खोज के लिए सुब्रमण्यन को 1983 में नोबेल पुरस्कार दिया गया. सीवी रमन का 82 साल की आयु में 1970 में निधन हो गया.
1917 में सरकारी नौकरी से इस्तीफा देने के बाद वह कलकत्ता यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हो गए. उसी दौरान उन्होंने कलकत्ता में इंडियन एसोसिएशन फॉर द कल्टीवेशन ऑफ साइंस(आईएसीएस) में अपना शोध कार्य निरंतर जारी रखा. यहीं पर 28 फरवरी, 1928 को उन्होंने केएस कृष्णन समेत अन्य वैज्ञानिकों के साथ मिलकर रमन प्रभाव की खोज की.
सीवी रमन मशहूर वैज्ञानिक सुब्रमण्यन चंद्रशेखर के चाचा थे. 'चंद्रशेखर लिमिट' की खोज के लिए सुब्रमण्यन को 1983 में नोबेल पुरस्कार दिया गया. सीवी रमन का 82 साल की आयु में 1970 में निधन हो गया.
सीवी रमन मशहूर वैज्ञानिक सुब्रमण्यन चंद्रशेखर के चाचा थे. 'चंद्रशेखर लिमिट' की खोज के लिए सुब्रमण्यन को 1983 में नोबेल पुरस्कार दिया गया. सीवी रमन का 82 साल की आयु में 1970 में निधन हो गया. | यहाँ एक सारांश है:28 फरवरी को मनाया जाता है विज्ञान दिवस
1928 में आज ही के दिन रमन प्रभाव की खोज हुई
खोजकर्ता सीवी रमन को 1930 में नोबेल से नवाजा गया | 15 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: हैरत और चिंता जताते हुए भारत ने बुधवार को कहा कि वह उन खबरों पर अमेरिका से सूचनाएं एवं विस्तृत जानकारी मांगेगा कि वह उन देशों की सूची में पांचवें पायदान पर था जिन पर अमेरिकी खुफिया विभाग की ओर से सबसे ज्यादा निगरानी रखी जा रही थी। अमेरिकी खुफिया विभाग ने विश्वव्यापी इंटरनेट डेटा पर नजर रखने के लिए एक गुप्त डेटा-माइनिंग कार्यक्रम इस्तेमाल किया था।
भारत ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि यदि यह पाया गया कि उसके नागरिकों की सूचना की निजता से जुड़े घरेलू कानूनों का उल्लंघन हुआ है तो यह अस्वीकार्य होगा।टिप्पणियां
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरद्दीन ने कहा, ‘‘हां, हम इसे लेकर चिंतित हैं और हमें इस पर हैरानी है।’’ प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका और भारत के बीच साइबर सुरक्षा पर वार्ता होती रहती है जिसके समन्वय का काम दोनों तरफ की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषदें करती हैं।
अकबरद्दीन ने कहा, ‘‘हमारा मानना है कि यह ऐसे मुद्दों पर चर्चा के लिए उपयुक्त मंच है। दोनों पक्षों के वार्ताकारों के बीच इस मुद्दे पर जब बातचीत होगी तो हम संबंधित सूचनाएं एवं विस्तृत जानकारी मांगेंगे।’’ निजता से जुड़े भारतीय कानूनों के संभावित उल्लंघन के बारे में पूछे जाने पर प्रवक्ता ने कहा, ‘‘निश्चित तौर पर हम इसे अस्वीकार्य मानेंगे यदि आम भारतीय नागरिकों की सूचना की निजता से जुड़े घरेलू कानूनों का उल्लंघन हुआ होगा। बिल्कुल हम इसे अस्वीकार्य मानेंगे।’’
भारत ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि यदि यह पाया गया कि उसके नागरिकों की सूचना की निजता से जुड़े घरेलू कानूनों का उल्लंघन हुआ है तो यह अस्वीकार्य होगा।टिप्पणियां
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरद्दीन ने कहा, ‘‘हां, हम इसे लेकर चिंतित हैं और हमें इस पर हैरानी है।’’ प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका और भारत के बीच साइबर सुरक्षा पर वार्ता होती रहती है जिसके समन्वय का काम दोनों तरफ की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषदें करती हैं।
अकबरद्दीन ने कहा, ‘‘हमारा मानना है कि यह ऐसे मुद्दों पर चर्चा के लिए उपयुक्त मंच है। दोनों पक्षों के वार्ताकारों के बीच इस मुद्दे पर जब बातचीत होगी तो हम संबंधित सूचनाएं एवं विस्तृत जानकारी मांगेंगे।’’ निजता से जुड़े भारतीय कानूनों के संभावित उल्लंघन के बारे में पूछे जाने पर प्रवक्ता ने कहा, ‘‘निश्चित तौर पर हम इसे अस्वीकार्य मानेंगे यदि आम भारतीय नागरिकों की सूचना की निजता से जुड़े घरेलू कानूनों का उल्लंघन हुआ होगा। बिल्कुल हम इसे अस्वीकार्य मानेंगे।’’
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरद्दीन ने कहा, ‘‘हां, हम इसे लेकर चिंतित हैं और हमें इस पर हैरानी है।’’ प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका और भारत के बीच साइबर सुरक्षा पर वार्ता होती रहती है जिसके समन्वय का काम दोनों तरफ की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषदें करती हैं।
अकबरद्दीन ने कहा, ‘‘हमारा मानना है कि यह ऐसे मुद्दों पर चर्चा के लिए उपयुक्त मंच है। दोनों पक्षों के वार्ताकारों के बीच इस मुद्दे पर जब बातचीत होगी तो हम संबंधित सूचनाएं एवं विस्तृत जानकारी मांगेंगे।’’ निजता से जुड़े भारतीय कानूनों के संभावित उल्लंघन के बारे में पूछे जाने पर प्रवक्ता ने कहा, ‘‘निश्चित तौर पर हम इसे अस्वीकार्य मानेंगे यदि आम भारतीय नागरिकों की सूचना की निजता से जुड़े घरेलू कानूनों का उल्लंघन हुआ होगा। बिल्कुल हम इसे अस्वीकार्य मानेंगे।’’
अकबरद्दीन ने कहा, ‘‘हमारा मानना है कि यह ऐसे मुद्दों पर चर्चा के लिए उपयुक्त मंच है। दोनों पक्षों के वार्ताकारों के बीच इस मुद्दे पर जब बातचीत होगी तो हम संबंधित सूचनाएं एवं विस्तृत जानकारी मांगेंगे।’’ निजता से जुड़े भारतीय कानूनों के संभावित उल्लंघन के बारे में पूछे जाने पर प्रवक्ता ने कहा, ‘‘निश्चित तौर पर हम इसे अस्वीकार्य मानेंगे यदि आम भारतीय नागरिकों की सूचना की निजता से जुड़े घरेलू कानूनों का उल्लंघन हुआ होगा। बिल्कुल हम इसे अस्वीकार्य मानेंगे।’’ | हैरत और चिंता जताते हुए भारत ने बुधवार को कहा कि वह उन खबरों पर अमेरिका से सूचनाएं एवं विस्तृत जानकारी मांगेगा कि वह उन देशों की सूची में पांचवें पायदान पर था जिन पर अमेरिकी खुफिया विभाग की ओर से सबसे ज्यादा निगरानी रखी जा रही थी। | 28 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: शिवकुमार ने एएनआई से कहा, 'मुंबई पुलिस और बाकी बलों को तैनात होने दें, उन्हें उनकी ड्यूटी करने दें. हम अपने मित्रों से मिलने आए हैं. राजनीति में हमारा जन्म साथ में हुआ था और राजनीति में हम साथ में ही मरेंगे. वे हमारी पार्टी के सदस्य हैं. हम उनसे मिलने आएं हैं.'
डीके शिवकुमार ने कहा, 'मैंने यहां एक कमरा बुक किया है. मेरे दोस्त यहां रुके हुए हैं. एक छोटी सी समस्या हो गई है, हम बातचीत करेंगे. धमकी देने का कोई सवाल नहीं है, हम एक दूसरे से प्यार करते हैं और सम्मान करते हैं.' होटल के बाहर रोके जाने पर डीके शिवकुमार ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि मेरे पास कोई हथियार नहीं हैं. मुझे अंदर क्यों नही जाने दिया जा रहा.
बता दें कि मुंबई के एक होटल में शनिवार से रुके कर्नाटक (Karnataka) के बागी विधायकों ने पुलिस से सुरक्षा की मांग की थी. मुंबई पुलिस को लिखे एक पत्र में 10 विधायकों ने कहा था कि वह कर्नाटक से मुंबई आ रहे राज्य के नेताओं से नहीं मिलना चाहते हैं. इस पत्र पर 10 विधायकों ने हस्ताक्षर किए थे.
पत्र में कहा गया था, 'हमने सुना है कि श्री कुमारस्वामी और श्री शिवकुमार के आने से होटल में हंगामा हो सकता है और हमें उनसे खतरा महसूस हो रहा है. हम उनसे मिलना नहीं चाहते. कृपया इस मामले में हमारी मदद करें और उन लोगों को होटल में घुसने की इजाजत ना दें.' (इनपुट: एएनआई से भी) | संक्षिप्त सारांश: डीके शिवकुमार और शिवालिंगे गौड़ा बुधवार को मुंबई पहुंचे
कर्नाटक कांग्रेस के मंत्री डीके शिवकुमार ने दिया बयान
'राजनीति में हमारा जन्म साथ में हुआ और मरेंगे भी साथ में' | 0 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: श्रीलंका की नौसेना ने अपनी समुद्री सीमा उल्लंघन करने के आरोप में 16 भारतीय मछुआरों को गिरफ्तार किया गया और उनकी तीन नौकाओं को भी अपने कब्जे में ले लिया है।टिप्पणियां
श्रीलंकाई नौसेना के एक प्रवक्ता ने बताया कि इन मछुआरों को कलपीतिया के तट के निकट से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद नौसेना ने इनको कलपीतिया पुलिस के हवाले कर दिया।
दोनों देशों के मछुआरों के एक दूसरे की सीमा में प्रवेश कर जाने को लेकर अक्सर तनाव पैदा हो जाता है। श्रीलंका के मछुआरों ने पिछले महीने इस मांग को लेकर प्रदर्शन किया था कि भारतीय मछुआरों को श्रीलंकाई जलक्षेत्र में प्रवेश करने से रोका जाए।
श्रीलंकाई नौसेना के एक प्रवक्ता ने बताया कि इन मछुआरों को कलपीतिया के तट के निकट से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद नौसेना ने इनको कलपीतिया पुलिस के हवाले कर दिया।
दोनों देशों के मछुआरों के एक दूसरे की सीमा में प्रवेश कर जाने को लेकर अक्सर तनाव पैदा हो जाता है। श्रीलंका के मछुआरों ने पिछले महीने इस मांग को लेकर प्रदर्शन किया था कि भारतीय मछुआरों को श्रीलंकाई जलक्षेत्र में प्रवेश करने से रोका जाए।
दोनों देशों के मछुआरों के एक दूसरे की सीमा में प्रवेश कर जाने को लेकर अक्सर तनाव पैदा हो जाता है। श्रीलंका के मछुआरों ने पिछले महीने इस मांग को लेकर प्रदर्शन किया था कि भारतीय मछुआरों को श्रीलंकाई जलक्षेत्र में प्रवेश करने से रोका जाए। | संक्षिप्त सारांश: श्रीलंका की नौसेना ने अपनी समुद्री सीमा उल्लंघन करने के आरोप में 16 भारतीय मछुआरों को गिरफ्तार किया गया और उनकी तीन नौकाओं को भी अपने कब्जे में ले लिया है। | 0 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव प्रचार में आज से गांधी परिवार जोर-शोर से उतरने जा रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी यूपी के देवरिया और गोंडा में आज रैलियों को संबोधित करेंगी। इसके बाद 2 फरवरी को राहुल गांधी मेरठ में प्रचार के दौरान अजीत सिंह के साथ मंच पर दिखेंगे। ये आरएलडी और कांग्रेस की एक साथ पहली रैली होगी। सूत्रों की माने तो इसी दिन प्रियंका गांधी भी कांग्रेस के गढ़ अमेठी और रायबरेली में प्रचार करेंगी।
जानकार तो यहां तक मान रहे हैं कि प्रियंका का प्रचार अभियान इन दोनों विधानसभा क्षेत्र के आगे भी जा सकता है। अमेठी और रायबरेली में कुल 10 विधानसभा क्षेत्र हैं जिसमें से सात पर अभी तक कांग्रेस का राज है।
जानकार तो यहां तक मान रहे हैं कि प्रियंका का प्रचार अभियान इन दोनों विधानसभा क्षेत्र के आगे भी जा सकता है। अमेठी और रायबरेली में कुल 10 विधानसभा क्षेत्र हैं जिसमें से सात पर अभी तक कांग्रेस का राज है। | यह एक सारांश है: यूपी विधानसभा चुनाव प्रचार में आज से गांधी परिवार जोर-शोर से उतरने जा रहा है। सोनिया गांधी देवरिया और गोंडा में आज रैलियों को संबोधित करेंगी। | 24 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: अभिनेता अरुणोदय सिंह और रणदीप हुड्डा के साथ फिल्म 'जिस्म 2' से बॉलीवुड में कदम रखने वाली भारतीय मूल की कनाडाई पोर्न अभिनेत्री सनी लियोन अब सलमान खान के साथ भी काम करना चाहती हैं।टिप्पणियां
यहां एक सिनेमाघर में लोगों से मुखातिब 31-वर्षीय सनी ने कहा, "जो भी मेरे साथ काम करना चाहते हैं, मैं उन सभी के साथ काम करना चाहती हूं, लेकिन सलमान खान मेरी सूची में सबसे ऊपर हैं।"
सनी ने अपनी फिल्म देखने के लिए दर्शकों का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने दर्शकों से कहा, "फिल्म देखने के लिए आने और टिकट खरीदने के लिए शुक्रिया। मुझे अपने घर में आमंत्रित करने और अपने दिल में बसाने के लिए बहुत-बहुत शुक्रिया। मैं आप सबसे प्यार करती हूं और आपसे भी इसकी उम्मीद करती हूं।"
यहां एक सिनेमाघर में लोगों से मुखातिब 31-वर्षीय सनी ने कहा, "जो भी मेरे साथ काम करना चाहते हैं, मैं उन सभी के साथ काम करना चाहती हूं, लेकिन सलमान खान मेरी सूची में सबसे ऊपर हैं।"
सनी ने अपनी फिल्म देखने के लिए दर्शकों का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने दर्शकों से कहा, "फिल्म देखने के लिए आने और टिकट खरीदने के लिए शुक्रिया। मुझे अपने घर में आमंत्रित करने और अपने दिल में बसाने के लिए बहुत-बहुत शुक्रिया। मैं आप सबसे प्यार करती हूं और आपसे भी इसकी उम्मीद करती हूं।"
सनी ने अपनी फिल्म देखने के लिए दर्शकों का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने दर्शकों से कहा, "फिल्म देखने के लिए आने और टिकट खरीदने के लिए शुक्रिया। मुझे अपने घर में आमंत्रित करने और अपने दिल में बसाने के लिए बहुत-बहुत शुक्रिया। मैं आप सबसे प्यार करती हूं और आपसे भी इसकी उम्मीद करती हूं।" | यहाँ एक सारांश है:अभिनेता अरुणोदय सिंह और रणदीप हुड्डा के साथ फिल्म 'जिस्म 2' से बॉलीवुड में कदम रखने वाली भारतीय मूल की कनाडाई पोर्न अभिनेत्री सनी लियोन अब सलमान खान के साथ भी काम करना चाहती हैं। | 15 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: खेसारी लाल यादव (Khesari Lal Yadav) इस वीडियो में अपने दोस्तों के साथ होली खेलते नजर आ रहे है. खेसारी लाल यादव अपने गाने के साथ-साथ डांस के लिए भी जाने जाते हैं. इस वीडियो में उन्होंने कमाल का डांस किया है. खेसारी लाल यादव के इस होली सॉन्ग के बोल प्यारेलाल यादव, श्याम देहाती और आजाद सिंह ने मिलकर लिखा है. इसका म्यूजिक आशिष वर्मा ने दिया है और कॉन्सेप्ट सोनू पांडे का है. खेसारी लाल यादव के इस वीडियो को एक करोड़ 30 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है. लोगों को उनका यह गाना बहुत पसंद आ रहा है.
खेसारी लाल यादव (Khesari Lal Yadav) इससे पहले भी कई होली के सॉन्ग गा चुके हैं. बीते दिनों उनका वीडियो खूब वायरल हुआ था. खेसारी लाल यादव के 'होली में ठीक है' वीडियो को भी बहुत देखा गया था. खेसारी लाल यादव के लिए साल 2018 बहुत शानदार गया था. उन्होंने इस दौरान भोजपुरी सिनेमा में कई हिट फिल्में दी. खेसारी लाल यादव को यूट्यूब का किंग भी कहा जाता है. | यह एक सारांश है: खेसारी लाल यादव का वीडियो हुआ वायरल
नए होली सॉन्ग से खेसारी लाल यादव ने किया धमाका
1 करोड़ से ज्यादा बार देखा गया वीडियो | 21 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: अमेरिका ने जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर भारत और पाकिस्तान के बीच सीधी बातचीत का आज स्वागत किया।टिप्पणियां
विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता विक्टोरिया नूलैंड ने संवाददाताओं से कहा कि हमारा मानना है कि नियंत्रण रेखा से जुड़े मुद्दों के हल के लिए सीधी बातचीत सबसे बेहतर तरीका है। वे अब सीधी बातचीत कर रहे हैं, जिसका हम स्वागत करते हैं।
उन्होंने कहा, हम आर्थिक पहलू, वीजा, व्यापार पर दोनों देशों के बीच हुई प्रगति को बहुत महत्व देते हैं। हम इसे संकट में पड़ते हुए देखना पसंद नहीं करेंगे, क्योंकि यह भारत और पाकिस्तान और हम सभी के हित में है, जो इस क्षेत्र की परवाह करते हैं।
विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता विक्टोरिया नूलैंड ने संवाददाताओं से कहा कि हमारा मानना है कि नियंत्रण रेखा से जुड़े मुद्दों के हल के लिए सीधी बातचीत सबसे बेहतर तरीका है। वे अब सीधी बातचीत कर रहे हैं, जिसका हम स्वागत करते हैं।
उन्होंने कहा, हम आर्थिक पहलू, वीजा, व्यापार पर दोनों देशों के बीच हुई प्रगति को बहुत महत्व देते हैं। हम इसे संकट में पड़ते हुए देखना पसंद नहीं करेंगे, क्योंकि यह भारत और पाकिस्तान और हम सभी के हित में है, जो इस क्षेत्र की परवाह करते हैं।
उन्होंने कहा, हम आर्थिक पहलू, वीजा, व्यापार पर दोनों देशों के बीच हुई प्रगति को बहुत महत्व देते हैं। हम इसे संकट में पड़ते हुए देखना पसंद नहीं करेंगे, क्योंकि यह भारत और पाकिस्तान और हम सभी के हित में है, जो इस क्षेत्र की परवाह करते हैं। | विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता विक्टोरिया नूलैंड ने संवाददाताओं से कहा कि हमारा मानना है कि नियंत्रण रेखा से जुड़े मुद्दों के हल के लिए सीधी बातचीत सबसे बेहतर तरीका है। | 26 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा )के प्रमुख शरद पवार (Sharad Pawar) ने मंगलवार को कांग्रेस नेता सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) और पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की तारीफ की है. उन्होंने कहा कि लोगों को गर्व होना चाहिए कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की नृशंस हत्या के बावजूद उन लोगों ने गरीबों की सेवा जारी रखी. पवार (Sharad Pawar) ने इस दौरान गांधी परिवार पर देश को बर्बाद करने का आरोप लगाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) पर जमकर हमला बोला और कहा कि गुजरात में उनके मुख्यमंत्री रहते जब निर्दोष लोग मारे जा रहे थे तो उन्होंने कुछ नहीं किया. पूर्व केंद्रीय मंत्री (Sharad Pawar) ने अपने भाषण में गुजरात के किसी खास मामले का जिक्र नहीं किया लेकिन उन्होंने 2002 के गुजरात दंगों का हवाला दिया.
राकांपा नेता यहां से 300 किलोमीटर दूर सतारा जिले में एक कार्यक्रम में बोल रहे थे. ध्यान हो कि यह कोई पहला मौका नहीं है जब शरद पवार ने पीएम मोदी पर हमला बोला हो. इससे पहले गुजरात विधानसभा चुनाव के प्रचार में पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर लगाए गए आरोप को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख शरद पवार ने कहा था है कि मोदी को शर्म आनी चाहिए. पवार ने यह भी कहा था कि पीएम मोदी ने देश को तबाह कर दिया है और प्रधानमंत्री पद की गरिमा कम की है.
गौरतलब है कि पीएम मोदी ने चुनाव प्रचार के दौरान इशारा किया था कि पाकिस्तान गुजरात चुनावों को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है. उन्होंने दावा किया था कि मणिशंकर अय्यर के उनके खिलाफ 'नीच' टिप्पणी करने से एक दिन पहले कुछ पाकिस्तानी अधिकारियों और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मुलाकात की थी. पीएम मोदी के इस बयान पर मनमोहन सिंह ने करारा जवाब देते हुए कहा था कि मोदी गुजरात चुनावों में हार की आशंका से बौखला गए हैं. मनमोहन सिंह ने यह मांग भी की थी कि पीएम मोदी इस बयान के लिए देश से माफी मांगें. पीएम मोदी के बयान की आलोचना करते हुए शरद पवार ने कहा था कि प्रधानमंत्री को इस तरह के आरोप लगाते हुए शर्म आनी चाहिए.
आपने इस देश के पूर्व प्रधानमंत्री (मनमोहन सिंह) और पूर्व रक्षा अधिकारियों के खिलाफ आरोप लगाए. उन्होंने कहा था कि मोदी सरकार ने किसानों की समस्याएं और देश के सामने मौजूद दूसरे मुद्दे नहीं सुलझाए, लेकिन वह गुजरात चुनाव के दौरान ध्यान बांटने की चाल के तौर पर पाकिस्तान का एंगल ला रहे हैं.' | यहाँ एक सारांश है:पीएम मोदी ने गुजरात में दंगों के समय कुछ क्यों नहीं किया- पवार
सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने कभी ऐसा नहीं किया
पीएम मोदी पर पहले भी हमले कर चुके हैं शरद पवार | 18 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: आज लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने करीब डेढ़ घंटे भाषण दिया. इस भाषण में प्रधानमंत्री ने विपक्ष को पूरी तरह घेरा. प्रधानमंत्री ने कई मुद्दों पर बात की. सर्जिकल स्ट्राइक से लेकर नोटबंदी के साथ-साथ बजट, कालाधन और मनरेगा पर भी पीएम ने चर्चा की. प्रधानमंत्री ने समझाया कि इस बार बजट एक महीने पहले क्यों पेश किया गया? इसके साथ-साथ कैशलेस व्यवस्था पर भी प्रधानमंत्री ने अपना सफाई पेश की.
प्रधानमंत्री ने कैशलेस के अपने निर्णय का बचाव करते हुए कांग्रेस पर जमकर हमला बोला. प्रधानमंत्री ने कहा कि उनसे सवाल पूछा जा रहा है कि आप कैशलेस की बात कर रहे हैं लेकिन लोगों के पास क्या है? कांग्रेस को घेरते हुए प्रधानमंत्री ने कहा “मैं तो हैरान हूं 2007 के बाद मैंने जितनी चुनाव सभाएं सुनी हैं, आप के नेता गांव-गांव जाकर कहते थे राजीव गांधी कंप्यूटर रेवोल्यूशन लाए हैं, राजीव गाँधी मोबाइल फोन लाए हैं. अब जब मैं कह रहा हूं मोबाइल फोन बैंक में भी कन्वर्ट किया जा सकता है तब आप कह रहे हैं मोबाइल फोन कहां है. यह क्या हो रहा है भाई. आप कह रहे थे हमने इतना कर दिया. जब मैं उसमें कुछ जोड़ना चाहता हूं तब आप कहते वह तो हैं कि नहीं... तो फिर क्या समझा रहे थे आप.”
प्रधानमंत्री ने कहा सबके पास मोबाइल फोन नहीं है, लेकिन जितने लोगों के पास मोबाइल फोन है उनका फायदा होना चाहिए. प्रधानमंत्री ने कहा “आप भी मानते हैं और मैं भी मानता हूं, पूरे देश के पास सब कुछ नहीं है लेकिन मान लो 40 प्रतिशत लोगों के पास मोबाइल फोन है तो इन 40 प्रतिशत लोगों का फायदा होना चाहिए. 60 प्रतिशत लोगों का बाद में देखेंगे. कहीं तो शुरू करें और इसका लाभ हो.” प्रधानमंत्री ने कहा डिजिटल करेंसी को हलके में नहीं लेना चाहिए. उन्होंने कहा “आज एक एटीएम को संभालने के लिए औसत पांच पुलिस वाले लगते हैं. करेंसी को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने के लिए... सब्जी और दूध में जितना खर्चा होता है, उससे ज्यादा उसके मोबिलाइजेशन में खर्च होता है.” प्रधानमंत्री ने कहा सबको इस बात को समझना चाहिए. उन्होंने नेताओं से अपील की कि जो कर सकते हैं उन्हें करने के लिए प्रोत्साहित करना नेतृत्व का काम होता है, चाहे वह किसी भी दल का हो.
प्रधानमंत्री ने कहा कैशलेस से कई लोगों का फायदा हो रहा. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि एक सब्जी वाले से पूछा गया कैशलेस से उस का क्या फायदा है तो सब्जी वाले ने जवाब दिया कि “साहब पहले क्या होता था एक तो मेरे ग्राहक परमानेंट थे. सबको मैं जानता था. मान लीजिए किसी ने 52 रुपये की सब्जी ली. फिर ग्राहक कहता था चलिए खुला पैसा नहीं है 50 रुपये का नोट है ले लो. उसमें मेरे दो रुपये चले जाते थे. मैं भी बोल नहीं पाता था. ऐसे में साल भर में मेरा 800 से 1000 रुपये का नुकसान यह एक रुपया, दो रुपया न देने से हो जाता था. अब कैशलेस की वजह से 52 रुपये है तो 52 रुपये मिलता है. जो पूरा पैसा है, वह मिलता है. इसकी वजह से मेरा जो नुकसान होता था अब वह नहीं हो रहा है.”
प्रधानमंत्री ने कहा देखिए कैसे चीज बदल रही है. पीएम ने विपक्ष से कहा “आप मोदी का विरोध कीजिए, कोई बात नहीं. विरोध करना आपकी ड्यूटी है, लेकिन जो अच्छी चीज है उसे आगे बढ़ाएं.” | सारांश: डेढ़ घंटे के भाषण में प्रधानमंत्री ने विपक्ष को पूरी तरह घेरा
मोबाइल फोन को लेकर कांग्रेस को घेरा
कहा, जितने लोगों के पास मोबाइल फोन हैं उनका फायदा हो | 33 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सौरव गांगुली का इंडियन प्रीमियर लीग के चौथे सत्र में खेलने का सपना अभी टूटा नहीं है और भारत के पूर्व कप्तान ने बुधवार को कहा कि उन्हें अभी भी वापसी की उम्मीद है। यह पूछने पर कि क्या वह आईपीएल में खेल सकते हैं, गांगुली ने एक टीवी चैनल से कहा, देखते पाबे (देखते हैं) । मैं उम्मीद कर रहा हूं। कोच्चि टस्कर्स केरल के कप्तान श्रीलंकाई बल्लेबाज महेला जयवर्धने की स्वदेश रवानगी के कारण गांगुली की कोच्चि के लिए खेलने की संभावना बनती है। समझा जाता है कि जयवर्धने के जाने के बाद गांगुली कोच्चि की कमान संभाल सकते हैं। श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने 14 मई से शुरू हो रहे इंग्लैंड दौरे की तैयारी के लिए अपने क्रिकेटरों को जल्दी लौटने के लिए कहा है। कोलकाता नाइट राइडर्स के पूर्व कप्तान गांगुली को आईपीएल चार के लिए हुई नीलामी के लिए किसी टीम ने नहीं खरीदा। ऐसा समझा जाता है कि ऑस्ट्रेलिया के चोटिल क्रिकेटर स्टीव स्मिथ की जगह भी कोच्चि टीम प्रबंधन गांगुली को लेना चाहता था लेकिन आईपीएल के नियमों के तहत इसकी अनुमति नहीं मिल सकी। गांगुली का बेस प्राइज 400000 डॉलर है जबकि स्मिथ का इससे आधा था। कोच्चि ने बीसीसीआई से नीलामी के बाहर भी दादा को लेने की मांग की थी लेकिन आईपीएल संचालन परिषद ने इसे खारिज कर दिया। यह पूछने पर कि आईपीएल सेमीफाइनल में कौन सी टीमें पहुंच सकती है, गांगुली ने कहा, कहना मुश्किल है। वैसे केकेआर, चेन्नई सुपर किंग्स, मुंबई इंडियंस और कोच्चि टस्कर्स अच्छी टीमें हैं। | संक्षिप्त सारांश: सौरव गांगुली का आईपीएल के चौथे सत्र में खेलने का सपना अभी टूटा नहीं है और भारत के पूर्व कप्तान ने कहा कि उन्हें अभी भी वापसी की उम्मीद है। | 10 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: हरियाणा के जींद जिले में इंसानियत को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है. यहां शुक्रवार को एक महिला पर उसके पति ने कुल्हाड़ी से हमला कर दिया. महिला खून से लथपथ अपने घर के बाहर मदद की गुहार लगाती रही, लेकिन आस-पड़ोस के किसी भी शख्स ने उसकी मदद नहीं की. इतना ही नहीं एक शख्स तो मोबाइल फोन में उसका वीडियो बनाता रहा.
महिला तीन बच्चों की मां है. संजू नामक इस महिला को अब अस्पताल से छुट्टी मिल गई है, लेकिन उसने जो दर्द और खौफ झेला, उसे हजारों लोग ऑनलाइन देख चुके हैं. विचलित कर देने वाले इस वीडियो में महिला लोगों से गुहार लगा रही है- 'कोई मेरी मदद करो, हाय मैं मर गई'. बुरी तरह घायल इस महिला का वीडियो बनाने वाले शख्स ने उसके बच्चों की ओर भी कैमरे का रुख किया. वीडियो में महिला की बड़ी बेटी काफी भयभीत और रोते हुए नजर आई.टिप्पणियां
जींद जिले के बरोली गांव में संजू पर उसके पति नरेश ने धोखा देने का आरोप लगाते हुए हमला किया था. शुक्रवार शाम को संजू जब घर पहुंची तो उसका पति नरेश कथित रूप से शराब पी रहा था. नरेश ने पहले तो अपनी पत्नी पर मिर्च पाउडर फेंका और उसके बाद लकड़ी काटने वाली कुल्हाड़ी से उसके कंधे, पेट और घुटने पर वार किए. इसके बाद वह उसे जान से मार देने की बात कहते हुए वहां से भाग गया.
खून से लथपथ संजू करीब आधे घंटे तक पड़ी रही, जब तक कि पुलिस वहां नहीं पहुंच गई. इसके बाद एंबुलेंस में उसे अस्पताल ले जाया गया. इंस्पेक्टर राम मेहर ने कहा, 'मुझे कॉल मिला था. वह कराह रही थी. एक आदमी वीडियो बना रहा था. मैंने उसे ऐसा करने से रोका. यह मेरी अपील है कि किसी घटना का वीडियो बनाने से पहले पीड़ित की मदद करें.' संजू के पति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. महिला ने पहले भी अपने पति के हाथों उत्पीड़न की शिकायत पुलिस में की थी.
महिला तीन बच्चों की मां है. संजू नामक इस महिला को अब अस्पताल से छुट्टी मिल गई है, लेकिन उसने जो दर्द और खौफ झेला, उसे हजारों लोग ऑनलाइन देख चुके हैं. विचलित कर देने वाले इस वीडियो में महिला लोगों से गुहार लगा रही है- 'कोई मेरी मदद करो, हाय मैं मर गई'. बुरी तरह घायल इस महिला का वीडियो बनाने वाले शख्स ने उसके बच्चों की ओर भी कैमरे का रुख किया. वीडियो में महिला की बड़ी बेटी काफी भयभीत और रोते हुए नजर आई.टिप्पणियां
जींद जिले के बरोली गांव में संजू पर उसके पति नरेश ने धोखा देने का आरोप लगाते हुए हमला किया था. शुक्रवार शाम को संजू जब घर पहुंची तो उसका पति नरेश कथित रूप से शराब पी रहा था. नरेश ने पहले तो अपनी पत्नी पर मिर्च पाउडर फेंका और उसके बाद लकड़ी काटने वाली कुल्हाड़ी से उसके कंधे, पेट और घुटने पर वार किए. इसके बाद वह उसे जान से मार देने की बात कहते हुए वहां से भाग गया.
खून से लथपथ संजू करीब आधे घंटे तक पड़ी रही, जब तक कि पुलिस वहां नहीं पहुंच गई. इसके बाद एंबुलेंस में उसे अस्पताल ले जाया गया. इंस्पेक्टर राम मेहर ने कहा, 'मुझे कॉल मिला था. वह कराह रही थी. एक आदमी वीडियो बना रहा था. मैंने उसे ऐसा करने से रोका. यह मेरी अपील है कि किसी घटना का वीडियो बनाने से पहले पीड़ित की मदद करें.' संजू के पति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. महिला ने पहले भी अपने पति के हाथों उत्पीड़न की शिकायत पुलिस में की थी.
जींद जिले के बरोली गांव में संजू पर उसके पति नरेश ने धोखा देने का आरोप लगाते हुए हमला किया था. शुक्रवार शाम को संजू जब घर पहुंची तो उसका पति नरेश कथित रूप से शराब पी रहा था. नरेश ने पहले तो अपनी पत्नी पर मिर्च पाउडर फेंका और उसके बाद लकड़ी काटने वाली कुल्हाड़ी से उसके कंधे, पेट और घुटने पर वार किए. इसके बाद वह उसे जान से मार देने की बात कहते हुए वहां से भाग गया.
खून से लथपथ संजू करीब आधे घंटे तक पड़ी रही, जब तक कि पुलिस वहां नहीं पहुंच गई. इसके बाद एंबुलेंस में उसे अस्पताल ले जाया गया. इंस्पेक्टर राम मेहर ने कहा, 'मुझे कॉल मिला था. वह कराह रही थी. एक आदमी वीडियो बना रहा था. मैंने उसे ऐसा करने से रोका. यह मेरी अपील है कि किसी घटना का वीडियो बनाने से पहले पीड़ित की मदद करें.' संजू के पति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. महिला ने पहले भी अपने पति के हाथों उत्पीड़न की शिकायत पुलिस में की थी.
खून से लथपथ संजू करीब आधे घंटे तक पड़ी रही, जब तक कि पुलिस वहां नहीं पहुंच गई. इसके बाद एंबुलेंस में उसे अस्पताल ले जाया गया. इंस्पेक्टर राम मेहर ने कहा, 'मुझे कॉल मिला था. वह कराह रही थी. एक आदमी वीडियो बना रहा था. मैंने उसे ऐसा करने से रोका. यह मेरी अपील है कि किसी घटना का वीडियो बनाने से पहले पीड़ित की मदद करें.' संजू के पति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. महिला ने पहले भी अपने पति के हाथों उत्पीड़न की शिकायत पुलिस में की थी. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: बुरी तरह जख्मी महिला तड़पती रही, बाद में पुलिस उसे अस्पताल ले गई
पड़ोसियों ने मदद नहीं की, एक शख्स ने घायल महिला का वीडियो बनाया
महिला के पति को गिरफ्तार कर लिया गया है | 11 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: गरीबी की परिभाषा को लेकर चौतरफा आलोचनाओं के बीच योजना आयोग ने अपने को इस विवाद से अलग करने का प्रयास किया। आयोग ने कहा कि समाज के वंचित वर्गों को सब्सिडी देने में न्यायालय में प्रस्तुत आंकड़ों को आधार नहीं बनाया गया है। आयोग ने अपनी सफाई पेश करते हुए कहा कि गरीबी की परिभाषा का विचार उसका अपना नहीं है। उल्लेखनीय है कि गरीबी की रेखा की परिभाषा के संबंध में आयोग ने उच्चतम न्यायालय में इस बारे में जो शपथ पत्र दिया था उसमें कहा गया है कि शहरी इलाकों में 32 रुपये प्रतिदिन से अधिक खर्च करने वाला व्यक्ति गरीब नहीं है। ग्रामीण इलाकों के लिए यह राशि 26 रुपये बताई गई है। इसको लेकर आयोग की लगातार आलोचना हो रही है कि उसने गरीबी की सही तस्वीर नहीं रखी है। योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलुवालिया ने ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश के साथ मिलकर यहां इस विषय पर एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया है। अहलूवालिया ने कहा, लोग आरोप लगा रहे हैं कि योजना आयोग गरीबी को कम कर आंक रहा है, जो सही नहीं है। अहलूवालिया ने कहा कि इन आंकड़ों का इस्तेमाल समाज के पिछड़े तबके को लाभ उपलब्ध कराने के लिए नहीं किया गया है। शपथ पत्र के अनुसार, जून, 2011 के मूल्य के हिसाब से 4,824 रुपये से कम मासिक खर्च करने वाला पांच सदस्यीय परिवार गरीब की श्रेणी में आएगा। ग्रामीण क्षेत्र के लिए यह सीमा 3,905 रुपये तय की गई है। | आयोग ने कहा कि समाज के वंचित वर्गों को सब्सिडी देने में न्यायालय में प्रस्तुत आंकड़ों को आधार नहीं बनाया गया है। | 1 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: वैश्विक मांग में कमी तथा घरेलू औद्योगिक वृद्धि में नरमी के चलते देश का निर्यात इस साल मई में 4.16 प्रतिशत घटकर 25.68 अरब डॉलर रह गया।
इस दौरान देश का आयात और अधिक तेजी से 7.36 प्रतिशत घटकर 41.9 अरब डॉलर रह गया। इसे अर्थवयवस्था विशेषकर निवेश में नरमी का संकेत माना जा सकता है क्योंकि संयंत्रों पर मशीनरी आने की दर आठ प्रतिशत घटी।
अस्थाई आकडों के अनुसार आलोच्य महीने में व्यापार घाटा घटकर 16.3 अरब डॉलर रहा जो पिछले महीने 18.5 अरब डॉलर था।
वाणिज्य सचिव एसआर राव ने कहा कि हमने औद्योगिक उत्पादन सूचकांक आईआईपी आंकड़े भी देखे हैं। तो आप जोड़कर देख सकते हैं कि निर्यात का प्रदर्शन क्यों अच्छा नहीं रहा। उल्लेखनीय है कि सरकार ने हाल ही में घोषित विदेश व्यापार नीति में मौजूदा वित्त वर्ष में निर्यात 20 प्रतिशत बढाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। राव ने कहा कि कोई समाधान ढूंढने के लिए अपनी रणनीति को फिर से तय कर रहा है।
निर्यात के मोर्चे पर यह खराब प्रदर्शन ऐसे समय में सामने आया है जबकि अप्रैल में औद्योगिक उत्पादन सिर्फ 0.1 प्रतिशत बढा़। राव ने कहा कि विशेषकर यूरो क्षेत्र अर्थव्यवस्थाओं जैसे भारत के पारंपरिक बाजारों में मांग में कमी का असर निर्यात पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि हम संकट से बाहर नहीं है और यूनान तथा स्पेन को राहत पैकज का मामला अभी काम जारी होने वाला है।
मई में पेट्रोलियम उत्पादों, अभियांत्रिकी सामान, रत्न एवं आभूषण तथा रेडीमेड गारमेंट जैसी प्रमुख जिंसों का निर्यात अपेक्षाकृत कम रहा। आयात के मद में सोने व चांदी का आयात भी कम रहा।
पिछले वित्त वर्ष में 300 अरब डॉलर के निर्यात लक्ष्य को छूने के बाद देश ने 2012-13 में 360 अरब डॉलर के निर्यात का लक्ष्य तय किया है।
इस साल अप्रैल में 24.4 अरब डॉलर का निर्यात किया गया था। इस प्रकार से अप्रैल-मई 2012-13 के दौरान कुल 50.13 अरब डॉलर का निर्यात किया गया है जो कि पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि के 50.48 अरब डॉलर के मुकाबले थोड़ा कम है।
अप्रैल-मई 2012-13 के दौरान कुल 79.8 अरब डॉलर का आयात किया गया जो कि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के 81.87 अरब डॉलर के मुकाबले 2.42 प्रतिशत कम है। | संक्षिप्त पाठ: वैश्विक मांग में कमी तथा घरेलू औद्योगिक वृद्धि में नरमी के चलते देश का निर्यात इस साल मई में 4.16 प्रतिशत घटकर 25.68 अरब डॉलर रह गया। | 27 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा वरिष्ठ नेता शिवपाल यादव और चार अन्य मंत्रियों को अपनी कैबिनेट से हटाए जाने के कुछ घंटे बाद ही सपा नेता आजम खान ने ''दुर्भाग्यपूर्ण'' घटनाओं के लिए ''एक बाहरी व्यक्ति'' को दोषी ठहराया.
उन्होंने कहा, ''यह एक बाहरी व्यक्ति के कारण हो रहा है जो सत्तारूढ़ पार्टी के परिवार में प्रवेश कर गया है तथा मैं अपने सहयोगियों को उस व्यक्ति की पार्टी में नुकसानदेह मौजूदगी के बारे में बताता रहा हूं. अगर गंभीर कार्रवाई की गई होती तो नुकसान से बचा जा सकता था.''
सपा के महासचिव आजम खान ने मुख्यमंत्री की सख्त कार्रवाई को ''देर से लेकिन अपरिहार्य'' बताया.टिप्पणियां
विगत में अपनी विवादित टिप्पणियों को लेकर विवादों में रहे आजम खान पार्टी के हालिया घटनाक्रम पर चुप ही थे. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा, ''यह एक बाहरी व्यक्ति के कारण हो रहा है जो सत्तारूढ़ पार्टी के परिवार में प्रवेश कर गया है तथा मैं अपने सहयोगियों को उस व्यक्ति की पार्टी में नुकसानदेह मौजूदगी के बारे में बताता रहा हूं. अगर गंभीर कार्रवाई की गई होती तो नुकसान से बचा जा सकता था.''
सपा के महासचिव आजम खान ने मुख्यमंत्री की सख्त कार्रवाई को ''देर से लेकिन अपरिहार्य'' बताया.टिप्पणियां
विगत में अपनी विवादित टिप्पणियों को लेकर विवादों में रहे आजम खान पार्टी के हालिया घटनाक्रम पर चुप ही थे. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सपा के महासचिव आजम खान ने मुख्यमंत्री की सख्त कार्रवाई को ''देर से लेकिन अपरिहार्य'' बताया.टिप्पणियां
विगत में अपनी विवादित टिप्पणियों को लेकर विवादों में रहे आजम खान पार्टी के हालिया घटनाक्रम पर चुप ही थे. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
विगत में अपनी विवादित टिप्पणियों को लेकर विवादों में रहे आजम खान पार्टी के हालिया घटनाक्रम पर चुप ही थे. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त सारांश: इशारों में अमर सिंह पर साधा निशाना
सत्तारूढ़ पार्टी के परिवार में उसका दखल
नुकसानदेह मौजूदगी के बारे में किया था आगाह | 23 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: बॉम्बे हाईकोर्ट ने कई वर्ष तक वैवाहिक विवाद में उलझे रहे पाकिस्तानी गायक अदनान सामी और संयुक्त अरब अमीरात की नागरिक सबा गलादारी को मंगलवार को तलाक दिला दिया।टिप्पणियां
अदनान ने सबा से 2001 में विवाह किया था। उन्होंने उसे 2004 में तलाक देने के बाद 2007 में फिर से विवाह किया। दोनों के संबंधों में एक बार फिर उस समय तनाव आ गया, जब सबा ने 2009 में तलाक के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया। सबा ने इसके साथ ही अदनान के खिलाफ घरेलू हिंसा कानून के तहत भी मामला दर्ज कराया था।
न्यायमूर्ति रोशन दलवी ने एक-दूसरे से अलग हो चुके दंपति को तलाक दिला दिया। मार्च, 2011 में सबा ने इस्लामी संस्था दारूल कजा से संपर्क किया था, जिसने उसे 'फश्के निकाह' यानी विवाह समाप्त करने का प्रमाणपत्र प्रदान किया था। परिवार अदालत ने हालांकि इस प्रमाणपत्र को स्वीकार करने से इनकार कर दिया, जिसके बाद अदनान ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
अदनान ने सबा से 2001 में विवाह किया था। उन्होंने उसे 2004 में तलाक देने के बाद 2007 में फिर से विवाह किया। दोनों के संबंधों में एक बार फिर उस समय तनाव आ गया, जब सबा ने 2009 में तलाक के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया। सबा ने इसके साथ ही अदनान के खिलाफ घरेलू हिंसा कानून के तहत भी मामला दर्ज कराया था।
न्यायमूर्ति रोशन दलवी ने एक-दूसरे से अलग हो चुके दंपति को तलाक दिला दिया। मार्च, 2011 में सबा ने इस्लामी संस्था दारूल कजा से संपर्क किया था, जिसने उसे 'फश्के निकाह' यानी विवाह समाप्त करने का प्रमाणपत्र प्रदान किया था। परिवार अदालत ने हालांकि इस प्रमाणपत्र को स्वीकार करने से इनकार कर दिया, जिसके बाद अदनान ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
न्यायमूर्ति रोशन दलवी ने एक-दूसरे से अलग हो चुके दंपति को तलाक दिला दिया। मार्च, 2011 में सबा ने इस्लामी संस्था दारूल कजा से संपर्क किया था, जिसने उसे 'फश्के निकाह' यानी विवाह समाप्त करने का प्रमाणपत्र प्रदान किया था। परिवार अदालत ने हालांकि इस प्रमाणपत्र को स्वीकार करने से इनकार कर दिया, जिसके बाद अदनान ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। | सारांश: बॉम्बे हाईकोर्ट ने कई वर्ष तक वैवाहिक विवाद में उलझे रहे पाकिस्तानी गायक अदनान सामी और संयुक्त अरब अमीरात की नागरिक सबा गलादारी को मंगलवार को तलाक दिला दिया। | 5 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: शहर के होटल व्यवसायी विक्रम अग्रवाल सोमवार को तमिलनाडु पुलिस की अपराध शाखा सीआईडी के सामने पेश हुए। उन्हें आईपीएल सट्टेबाजी मामले में सम्मन जारी किया गया था।टिप्पणियां
वह पहले सीबी सीआईडी के सामने पेश नहीं हुए थे जिसके बाद उन्हें शुक्रवार को नया सम्मन जारी किया गया। अग्रवाल पर आईपीएल सट्टेबाजी से जुड़े होने का आरोप है। उन्होंने कुछ सटोरियों को अपने होटल से काम करने की अनुमति दी थी।
मामला प्रकाश में आने के बाद चेन्नई में उनके दोनों होटलों पर छापे मारे गए।
वह पहले सीबी सीआईडी के सामने पेश नहीं हुए थे जिसके बाद उन्हें शुक्रवार को नया सम्मन जारी किया गया। अग्रवाल पर आईपीएल सट्टेबाजी से जुड़े होने का आरोप है। उन्होंने कुछ सटोरियों को अपने होटल से काम करने की अनुमति दी थी।
मामला प्रकाश में आने के बाद चेन्नई में उनके दोनों होटलों पर छापे मारे गए।
मामला प्रकाश में आने के बाद चेन्नई में उनके दोनों होटलों पर छापे मारे गए। | यहाँ एक सारांश है:शहर के होटल व्यवसायी विक्रम अग्रवाल सोमवार को तमिलनाडु पुलिस की अपराध शाखा सीआईडी के सामने पेश हुए। उन्हें आईपीएल सट्टेबाजी मामले में सम्मन जारी किया गया था। | 12 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: बिहार में सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रमुख लालू यादव अपनी ही पार्टी के विधायक और रेप के आरोपी राज बल्लभ यादव के उनसे मुलाकात करने से जुड़े सवाल पर भड़क गए. राज बल्लभ यादव पर 15 वर्षीय छात्रा से रेप का आरोप है.
लालू ने विधायक से मुलाकात की बात स्वीकार करते हुए कहा, 'हां, वह मुझसे मिलने आए थे. मैं उनसे मिला. उन्होंने केस के बारे में बात की. अगर कोई आपसे मिलने आता है तो क्या आप उन्हें वापस भेज देंगे?' वहीं कुछ लोगों का मानना है कि लालू से राज बल्लभ यादव की मुलाकात से यह संदेश गया है कि आरोपी विधायक की पहुंच ऊपर तक है.
राज बल्लभ यादव से जुड़े किसी और सवाल का जवाब देने से इनकार करते हुए लालू ने कहा, "वो तो बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से भी मुलाकात करना चाहते हैं."
राज बल्लभ यादव पिछले हफ्ते ही जमानत पर जेल से रिहा हुए हैं. इसी वर्ष फरवरी में कथित बलात्कार का शिकार बनी छात्रा ने पत्रकारों और अन्य को व्हाट्सऐप पर मैसेज भेजकर मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की थी. इसमें उसने कहा, "वह (यादव) जेल से बाहर आ चुका है... मैं भयभीत हूं और अपने परिवार के लिए डरी हुई हूं. उनके साथ क्या होगा? जो मेरे साथ हुआ, उससे मैं पहले ही मर चुकी हूं. मेरे पास खोने के लिए कुछ नहीं है." छोटी सी दुकान चलाने वाले उसके पिता ने गुरुवार को एनडीटीवी से कहा, 'अगर यह आदमी बाहर रहता है, तो मैं उसके खिलाफ लड़ नहीं सकता. मेरी बेटी खत्म कर दी जाएगी.'
नीतीश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से राज बल्लभ यादव की जमानत रद्द करने का आग्रह किया है. अदालत मामले पर 10 दिन की छुट्टी के बाद 17 अक्टूबर को सुनवाई करेगी. अदालत ने राज बल्लभ यादव से पूछा है कि क्यों ना आपकी जमानत रद्द कर दी जाए.
सरकार ने कहा है कि नवादा विधानसभा सीट से विधायक 55 वर्षीय नेता के खिलाफ कई गंभीर मामले लंबित हैं और उनके रसूख को देखते हुए इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि सबूतों से छेड़छाड़ नहीं हो सकती है.टिप्पणियां
गौरतलब है कि फरवरी में राज बल्लभ के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी होते ही राजद ने पार्टी से उन्हें निलंबित कर दिया था. एक महीने फरार रहने के बाद उन्होंने सरेंडर कर दिया था. इससे पहले राज्य सरकार ने राजद के ही एक अन्य बाहुबली नेता मोहम्मद शहाबुद्दीन की जमानत रद्द करने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.
नीतीश कुमार और लालू यादव लंबे समय तक एक-दूसरे के विरोधी रहे. पिछले वर्ष विधानसभा चुनावों में बीजेपी को हराने के लिए दोनों ने हाथ मिला लिया था. राज बल्लभ यादव जैसे मामलों को लेकर दोनों के गठबंधन की अग्निपरीक्षा होती रहती है.
लालू ने विधायक से मुलाकात की बात स्वीकार करते हुए कहा, 'हां, वह मुझसे मिलने आए थे. मैं उनसे मिला. उन्होंने केस के बारे में बात की. अगर कोई आपसे मिलने आता है तो क्या आप उन्हें वापस भेज देंगे?' वहीं कुछ लोगों का मानना है कि लालू से राज बल्लभ यादव की मुलाकात से यह संदेश गया है कि आरोपी विधायक की पहुंच ऊपर तक है.
राज बल्लभ यादव से जुड़े किसी और सवाल का जवाब देने से इनकार करते हुए लालू ने कहा, "वो तो बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से भी मुलाकात करना चाहते हैं."
राज बल्लभ यादव पिछले हफ्ते ही जमानत पर जेल से रिहा हुए हैं. इसी वर्ष फरवरी में कथित बलात्कार का शिकार बनी छात्रा ने पत्रकारों और अन्य को व्हाट्सऐप पर मैसेज भेजकर मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की थी. इसमें उसने कहा, "वह (यादव) जेल से बाहर आ चुका है... मैं भयभीत हूं और अपने परिवार के लिए डरी हुई हूं. उनके साथ क्या होगा? जो मेरे साथ हुआ, उससे मैं पहले ही मर चुकी हूं. मेरे पास खोने के लिए कुछ नहीं है." छोटी सी दुकान चलाने वाले उसके पिता ने गुरुवार को एनडीटीवी से कहा, 'अगर यह आदमी बाहर रहता है, तो मैं उसके खिलाफ लड़ नहीं सकता. मेरी बेटी खत्म कर दी जाएगी.'
नीतीश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से राज बल्लभ यादव की जमानत रद्द करने का आग्रह किया है. अदालत मामले पर 10 दिन की छुट्टी के बाद 17 अक्टूबर को सुनवाई करेगी. अदालत ने राज बल्लभ यादव से पूछा है कि क्यों ना आपकी जमानत रद्द कर दी जाए.
सरकार ने कहा है कि नवादा विधानसभा सीट से विधायक 55 वर्षीय नेता के खिलाफ कई गंभीर मामले लंबित हैं और उनके रसूख को देखते हुए इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि सबूतों से छेड़छाड़ नहीं हो सकती है.टिप्पणियां
गौरतलब है कि फरवरी में राज बल्लभ के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी होते ही राजद ने पार्टी से उन्हें निलंबित कर दिया था. एक महीने फरार रहने के बाद उन्होंने सरेंडर कर दिया था. इससे पहले राज्य सरकार ने राजद के ही एक अन्य बाहुबली नेता मोहम्मद शहाबुद्दीन की जमानत रद्द करने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.
नीतीश कुमार और लालू यादव लंबे समय तक एक-दूसरे के विरोधी रहे. पिछले वर्ष विधानसभा चुनावों में बीजेपी को हराने के लिए दोनों ने हाथ मिला लिया था. राज बल्लभ यादव जैसे मामलों को लेकर दोनों के गठबंधन की अग्निपरीक्षा होती रहती है.
राज बल्लभ यादव से जुड़े किसी और सवाल का जवाब देने से इनकार करते हुए लालू ने कहा, "वो तो बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से भी मुलाकात करना चाहते हैं."
राज बल्लभ यादव पिछले हफ्ते ही जमानत पर जेल से रिहा हुए हैं. इसी वर्ष फरवरी में कथित बलात्कार का शिकार बनी छात्रा ने पत्रकारों और अन्य को व्हाट्सऐप पर मैसेज भेजकर मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की थी. इसमें उसने कहा, "वह (यादव) जेल से बाहर आ चुका है... मैं भयभीत हूं और अपने परिवार के लिए डरी हुई हूं. उनके साथ क्या होगा? जो मेरे साथ हुआ, उससे मैं पहले ही मर चुकी हूं. मेरे पास खोने के लिए कुछ नहीं है." छोटी सी दुकान चलाने वाले उसके पिता ने गुरुवार को एनडीटीवी से कहा, 'अगर यह आदमी बाहर रहता है, तो मैं उसके खिलाफ लड़ नहीं सकता. मेरी बेटी खत्म कर दी जाएगी.'
नीतीश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से राज बल्लभ यादव की जमानत रद्द करने का आग्रह किया है. अदालत मामले पर 10 दिन की छुट्टी के बाद 17 अक्टूबर को सुनवाई करेगी. अदालत ने राज बल्लभ यादव से पूछा है कि क्यों ना आपकी जमानत रद्द कर दी जाए.
सरकार ने कहा है कि नवादा विधानसभा सीट से विधायक 55 वर्षीय नेता के खिलाफ कई गंभीर मामले लंबित हैं और उनके रसूख को देखते हुए इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि सबूतों से छेड़छाड़ नहीं हो सकती है.टिप्पणियां
गौरतलब है कि फरवरी में राज बल्लभ के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी होते ही राजद ने पार्टी से उन्हें निलंबित कर दिया था. एक महीने फरार रहने के बाद उन्होंने सरेंडर कर दिया था. इससे पहले राज्य सरकार ने राजद के ही एक अन्य बाहुबली नेता मोहम्मद शहाबुद्दीन की जमानत रद्द करने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.
नीतीश कुमार और लालू यादव लंबे समय तक एक-दूसरे के विरोधी रहे. पिछले वर्ष विधानसभा चुनावों में बीजेपी को हराने के लिए दोनों ने हाथ मिला लिया था. राज बल्लभ यादव जैसे मामलों को लेकर दोनों के गठबंधन की अग्निपरीक्षा होती रहती है.
राज बल्लभ यादव पिछले हफ्ते ही जमानत पर जेल से रिहा हुए हैं. इसी वर्ष फरवरी में कथित बलात्कार का शिकार बनी छात्रा ने पत्रकारों और अन्य को व्हाट्सऐप पर मैसेज भेजकर मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की थी. इसमें उसने कहा, "वह (यादव) जेल से बाहर आ चुका है... मैं भयभीत हूं और अपने परिवार के लिए डरी हुई हूं. उनके साथ क्या होगा? जो मेरे साथ हुआ, उससे मैं पहले ही मर चुकी हूं. मेरे पास खोने के लिए कुछ नहीं है." छोटी सी दुकान चलाने वाले उसके पिता ने गुरुवार को एनडीटीवी से कहा, 'अगर यह आदमी बाहर रहता है, तो मैं उसके खिलाफ लड़ नहीं सकता. मेरी बेटी खत्म कर दी जाएगी.'
नीतीश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से राज बल्लभ यादव की जमानत रद्द करने का आग्रह किया है. अदालत मामले पर 10 दिन की छुट्टी के बाद 17 अक्टूबर को सुनवाई करेगी. अदालत ने राज बल्लभ यादव से पूछा है कि क्यों ना आपकी जमानत रद्द कर दी जाए.
सरकार ने कहा है कि नवादा विधानसभा सीट से विधायक 55 वर्षीय नेता के खिलाफ कई गंभीर मामले लंबित हैं और उनके रसूख को देखते हुए इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि सबूतों से छेड़छाड़ नहीं हो सकती है.टिप्पणियां
गौरतलब है कि फरवरी में राज बल्लभ के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी होते ही राजद ने पार्टी से उन्हें निलंबित कर दिया था. एक महीने फरार रहने के बाद उन्होंने सरेंडर कर दिया था. इससे पहले राज्य सरकार ने राजद के ही एक अन्य बाहुबली नेता मोहम्मद शहाबुद्दीन की जमानत रद्द करने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.
नीतीश कुमार और लालू यादव लंबे समय तक एक-दूसरे के विरोधी रहे. पिछले वर्ष विधानसभा चुनावों में बीजेपी को हराने के लिए दोनों ने हाथ मिला लिया था. राज बल्लभ यादव जैसे मामलों को लेकर दोनों के गठबंधन की अग्निपरीक्षा होती रहती है.
नीतीश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से राज बल्लभ यादव की जमानत रद्द करने का आग्रह किया है. अदालत मामले पर 10 दिन की छुट्टी के बाद 17 अक्टूबर को सुनवाई करेगी. अदालत ने राज बल्लभ यादव से पूछा है कि क्यों ना आपकी जमानत रद्द कर दी जाए.
सरकार ने कहा है कि नवादा विधानसभा सीट से विधायक 55 वर्षीय नेता के खिलाफ कई गंभीर मामले लंबित हैं और उनके रसूख को देखते हुए इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि सबूतों से छेड़छाड़ नहीं हो सकती है.टिप्पणियां
गौरतलब है कि फरवरी में राज बल्लभ के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी होते ही राजद ने पार्टी से उन्हें निलंबित कर दिया था. एक महीने फरार रहने के बाद उन्होंने सरेंडर कर दिया था. इससे पहले राज्य सरकार ने राजद के ही एक अन्य बाहुबली नेता मोहम्मद शहाबुद्दीन की जमानत रद्द करने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.
नीतीश कुमार और लालू यादव लंबे समय तक एक-दूसरे के विरोधी रहे. पिछले वर्ष विधानसभा चुनावों में बीजेपी को हराने के लिए दोनों ने हाथ मिला लिया था. राज बल्लभ यादव जैसे मामलों को लेकर दोनों के गठबंधन की अग्निपरीक्षा होती रहती है.
सरकार ने कहा है कि नवादा विधानसभा सीट से विधायक 55 वर्षीय नेता के खिलाफ कई गंभीर मामले लंबित हैं और उनके रसूख को देखते हुए इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि सबूतों से छेड़छाड़ नहीं हो सकती है.टिप्पणियां
गौरतलब है कि फरवरी में राज बल्लभ के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी होते ही राजद ने पार्टी से उन्हें निलंबित कर दिया था. एक महीने फरार रहने के बाद उन्होंने सरेंडर कर दिया था. इससे पहले राज्य सरकार ने राजद के ही एक अन्य बाहुबली नेता मोहम्मद शहाबुद्दीन की जमानत रद्द करने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.
नीतीश कुमार और लालू यादव लंबे समय तक एक-दूसरे के विरोधी रहे. पिछले वर्ष विधानसभा चुनावों में बीजेपी को हराने के लिए दोनों ने हाथ मिला लिया था. राज बल्लभ यादव जैसे मामलों को लेकर दोनों के गठबंधन की अग्निपरीक्षा होती रहती है.
गौरतलब है कि फरवरी में राज बल्लभ के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी होते ही राजद ने पार्टी से उन्हें निलंबित कर दिया था. एक महीने फरार रहने के बाद उन्होंने सरेंडर कर दिया था. इससे पहले राज्य सरकार ने राजद के ही एक अन्य बाहुबली नेता मोहम्मद शहाबुद्दीन की जमानत रद्द करने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.
नीतीश कुमार और लालू यादव लंबे समय तक एक-दूसरे के विरोधी रहे. पिछले वर्ष विधानसभा चुनावों में बीजेपी को हराने के लिए दोनों ने हाथ मिला लिया था. राज बल्लभ यादव जैसे मामलों को लेकर दोनों के गठबंधन की अग्निपरीक्षा होती रहती है.
नीतीश कुमार और लालू यादव लंबे समय तक एक-दूसरे के विरोधी रहे. पिछले वर्ष विधानसभा चुनावों में बीजेपी को हराने के लिए दोनों ने हाथ मिला लिया था. राज बल्लभ यादव जैसे मामलों को लेकर दोनों के गठबंधन की अग्निपरीक्षा होती रहती है. | यह एक सारांश है: राज बल्लभ यादव पिछले हफ्ते ही जमानत पर जेल से रिहा हुए हैं
नीतीश सरकार ने राज बल्लभ यादव की जमानत रद्द करने का आग्रह किया है
सुप्रीम कोर्ट मामले पर 17 अक्टूबर को सुनवाई करेगा | 21 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारत की सानिया मिर्जा की 2012 सत्र की शुरुआत निराशाजनक रही जब उनकी और नूरिया लागोसतेरा वाइव्स की जोड़ी को चाइना ओपन टेनिस टूर्नामेंट के फाइनल में सीधे सेटों में शिकस्त का सामना करना पड़ा।
भारत और स्पेन की पांचवीं वरीय जोड़ी को एकाटेरिना मकारोवा और एलेना वेस्नीना की रूस की तीसरी वरीय जोड़ी ने एक घंटे और 36 मिनट में 7-5, 7-5 से हराया।
सत्र के अपने पांचवें फाइनल में खेल रही सानिया एक बार फिर अंतिम बाधा को पार करने में नाकाम रही जबकि विरोधी जोड़ी ने मौकों का पूरा फायदा उठाया।
सानिया और नूरिया ने 13 में से सात ब्रेक प्वाइंट बचाए जबकि विरोधी जोड़ी ने 10 में से छह ब्रेक प्वाइंट बचाए।
भारत और स्पेन की जोड़ी सिर्फ चार ब्रेक प्वाइंट को अंक में तब्दील कर सकी जबकि मकारोवा और वेस्नीना ने छह बार विरोधी जोड़ी की सर्विस तोड़ी।टिप्पणियां
सानिया ने इससे पहले पटाया में ऑस्ट्रेलिया की अनास्तासिया रोडियोनोवा जबकि ब्रूसेल्स में अमेरिका की बेथानी माटेक सैंड्स के साथ मिलकर खिताब जीता था।
यह भारतीय खिलाड़ी दुबई और इंडियन वेल्स में वेस्नीना के साथ उप विजेता रही थी।
भारत और स्पेन की पांचवीं वरीय जोड़ी को एकाटेरिना मकारोवा और एलेना वेस्नीना की रूस की तीसरी वरीय जोड़ी ने एक घंटे और 36 मिनट में 7-5, 7-5 से हराया।
सत्र के अपने पांचवें फाइनल में खेल रही सानिया एक बार फिर अंतिम बाधा को पार करने में नाकाम रही जबकि विरोधी जोड़ी ने मौकों का पूरा फायदा उठाया।
सानिया और नूरिया ने 13 में से सात ब्रेक प्वाइंट बचाए जबकि विरोधी जोड़ी ने 10 में से छह ब्रेक प्वाइंट बचाए।
भारत और स्पेन की जोड़ी सिर्फ चार ब्रेक प्वाइंट को अंक में तब्दील कर सकी जबकि मकारोवा और वेस्नीना ने छह बार विरोधी जोड़ी की सर्विस तोड़ी।टिप्पणियां
सानिया ने इससे पहले पटाया में ऑस्ट्रेलिया की अनास्तासिया रोडियोनोवा जबकि ब्रूसेल्स में अमेरिका की बेथानी माटेक सैंड्स के साथ मिलकर खिताब जीता था।
यह भारतीय खिलाड़ी दुबई और इंडियन वेल्स में वेस्नीना के साथ उप विजेता रही थी।
सत्र के अपने पांचवें फाइनल में खेल रही सानिया एक बार फिर अंतिम बाधा को पार करने में नाकाम रही जबकि विरोधी जोड़ी ने मौकों का पूरा फायदा उठाया।
सानिया और नूरिया ने 13 में से सात ब्रेक प्वाइंट बचाए जबकि विरोधी जोड़ी ने 10 में से छह ब्रेक प्वाइंट बचाए।
भारत और स्पेन की जोड़ी सिर्फ चार ब्रेक प्वाइंट को अंक में तब्दील कर सकी जबकि मकारोवा और वेस्नीना ने छह बार विरोधी जोड़ी की सर्विस तोड़ी।टिप्पणियां
सानिया ने इससे पहले पटाया में ऑस्ट्रेलिया की अनास्तासिया रोडियोनोवा जबकि ब्रूसेल्स में अमेरिका की बेथानी माटेक सैंड्स के साथ मिलकर खिताब जीता था।
यह भारतीय खिलाड़ी दुबई और इंडियन वेल्स में वेस्नीना के साथ उप विजेता रही थी।
सानिया और नूरिया ने 13 में से सात ब्रेक प्वाइंट बचाए जबकि विरोधी जोड़ी ने 10 में से छह ब्रेक प्वाइंट बचाए।
भारत और स्पेन की जोड़ी सिर्फ चार ब्रेक प्वाइंट को अंक में तब्दील कर सकी जबकि मकारोवा और वेस्नीना ने छह बार विरोधी जोड़ी की सर्विस तोड़ी।टिप्पणियां
सानिया ने इससे पहले पटाया में ऑस्ट्रेलिया की अनास्तासिया रोडियोनोवा जबकि ब्रूसेल्स में अमेरिका की बेथानी माटेक सैंड्स के साथ मिलकर खिताब जीता था।
यह भारतीय खिलाड़ी दुबई और इंडियन वेल्स में वेस्नीना के साथ उप विजेता रही थी।
भारत और स्पेन की जोड़ी सिर्फ चार ब्रेक प्वाइंट को अंक में तब्दील कर सकी जबकि मकारोवा और वेस्नीना ने छह बार विरोधी जोड़ी की सर्विस तोड़ी।टिप्पणियां
सानिया ने इससे पहले पटाया में ऑस्ट्रेलिया की अनास्तासिया रोडियोनोवा जबकि ब्रूसेल्स में अमेरिका की बेथानी माटेक सैंड्स के साथ मिलकर खिताब जीता था।
यह भारतीय खिलाड़ी दुबई और इंडियन वेल्स में वेस्नीना के साथ उप विजेता रही थी।
सानिया ने इससे पहले पटाया में ऑस्ट्रेलिया की अनास्तासिया रोडियोनोवा जबकि ब्रूसेल्स में अमेरिका की बेथानी माटेक सैंड्स के साथ मिलकर खिताब जीता था।
यह भारतीय खिलाड़ी दुबई और इंडियन वेल्स में वेस्नीना के साथ उप विजेता रही थी।
यह भारतीय खिलाड़ी दुबई और इंडियन वेल्स में वेस्नीना के साथ उप विजेता रही थी। | यहाँ एक सारांश है:भारत की सानिया मिर्जा की 2012 सत्र की शुरुआत निराशाजनक रही जब उनकी और नूरिया लागोसतेरा वाइव्स की जोड़ी को चाइना ओपन टेनिस टूर्नामेंट के फाइनल में सीधे सेटों में शिकस्त का सामना करना पड़ा। | 18 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा को झटका देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को उनके खिलाफ अवैध खनन से जुड़े आरोपों की जांच करने का निर्देश दिया। येदियुरप्पा पर आरोप है कि उन्होंने अवैध खनन से जुड़ी फर्मों को गैर-वाजिब तरीके से लाभ पहुंचाए और इसके बदले में अपने परिजनों की धर्मार्थ संस्थाओं के लिए दान के तौर पर मोटी रकम ली।
मुख्य न्यायाधीश एस एच कपाड़िया की अध्यक्षता वाली विशेष फोरेस्ट पीठ ने जांच एजेंसी को निर्देश दिया कि वह मामले में शामिल कंपनियों और व्यक्ति के रुतबे और राजनीतिक कद से प्रभावित हुए बिना जांच करे और तीन अगस्त तक अपनी रिपोर्ट सौंप दे।
न्यायमूर्ति आफताब आलम और न्यायमूर्ति स्वतंत्र कुमार की पीठ ने इस मामले में तमाम न्यायिक मंचों पर लंबित तमाम प्रकियाओं पर रोक लगा दी।
अदालत ने केन्द्रीय उच्चाधिकर समिति की 20 अप्रैल की रिपोर्ट को मंजूर किया, जिसमें येदियुरप्पा और जिंदल्स और एडनिस की कंपनियों के खिलाफ कई तरह के आरोपों की तरफ इशारा करते हुए सीबीआई जांच की सिफारिश की गई थी। अदालत ने आंध्र प्रदेश सरकार से जांच में सीबीआई के साथ सहयोग करने को कहा। टिप्पणियां
समिति द्वारा उच्चतम न्यायालय के 10 फरवरी के आदेश के बाद यह रिपोर्ट तैयार की गई, जिसमें कहा गया था कि भाजपा नेता के खिलाफ सीबीआई जांच के विस्तार की गुंजाइश है और वह अपने निष्कषरें के समर्थन में दस्तावेज लगाए।
समिति ने कर्नाटक में ‘भारी पैमाने पर अवैध खनन से जुड़ी गैर-कानूनी गतिविधियां’ पाए जाने और जिंदल ग्रुप के खिलाफ भारी मात्रा में अवैध खनन सामग्री और उन्हें मिले गैर-वाजिब लाभ के सुबूतों पर विचार करने के बाद इनके खिलाफ सीबीआई जांच की हिमायत की।
मुख्य न्यायाधीश एस एच कपाड़िया की अध्यक्षता वाली विशेष फोरेस्ट पीठ ने जांच एजेंसी को निर्देश दिया कि वह मामले में शामिल कंपनियों और व्यक्ति के रुतबे और राजनीतिक कद से प्रभावित हुए बिना जांच करे और तीन अगस्त तक अपनी रिपोर्ट सौंप दे।
न्यायमूर्ति आफताब आलम और न्यायमूर्ति स्वतंत्र कुमार की पीठ ने इस मामले में तमाम न्यायिक मंचों पर लंबित तमाम प्रकियाओं पर रोक लगा दी।
अदालत ने केन्द्रीय उच्चाधिकर समिति की 20 अप्रैल की रिपोर्ट को मंजूर किया, जिसमें येदियुरप्पा और जिंदल्स और एडनिस की कंपनियों के खिलाफ कई तरह के आरोपों की तरफ इशारा करते हुए सीबीआई जांच की सिफारिश की गई थी। अदालत ने आंध्र प्रदेश सरकार से जांच में सीबीआई के साथ सहयोग करने को कहा। टिप्पणियां
समिति द्वारा उच्चतम न्यायालय के 10 फरवरी के आदेश के बाद यह रिपोर्ट तैयार की गई, जिसमें कहा गया था कि भाजपा नेता के खिलाफ सीबीआई जांच के विस्तार की गुंजाइश है और वह अपने निष्कषरें के समर्थन में दस्तावेज लगाए।
समिति ने कर्नाटक में ‘भारी पैमाने पर अवैध खनन से जुड़ी गैर-कानूनी गतिविधियां’ पाए जाने और जिंदल ग्रुप के खिलाफ भारी मात्रा में अवैध खनन सामग्री और उन्हें मिले गैर-वाजिब लाभ के सुबूतों पर विचार करने के बाद इनके खिलाफ सीबीआई जांच की हिमायत की।
न्यायमूर्ति आफताब आलम और न्यायमूर्ति स्वतंत्र कुमार की पीठ ने इस मामले में तमाम न्यायिक मंचों पर लंबित तमाम प्रकियाओं पर रोक लगा दी।
अदालत ने केन्द्रीय उच्चाधिकर समिति की 20 अप्रैल की रिपोर्ट को मंजूर किया, जिसमें येदियुरप्पा और जिंदल्स और एडनिस की कंपनियों के खिलाफ कई तरह के आरोपों की तरफ इशारा करते हुए सीबीआई जांच की सिफारिश की गई थी। अदालत ने आंध्र प्रदेश सरकार से जांच में सीबीआई के साथ सहयोग करने को कहा। टिप्पणियां
समिति द्वारा उच्चतम न्यायालय के 10 फरवरी के आदेश के बाद यह रिपोर्ट तैयार की गई, जिसमें कहा गया था कि भाजपा नेता के खिलाफ सीबीआई जांच के विस्तार की गुंजाइश है और वह अपने निष्कषरें के समर्थन में दस्तावेज लगाए।
समिति ने कर्नाटक में ‘भारी पैमाने पर अवैध खनन से जुड़ी गैर-कानूनी गतिविधियां’ पाए जाने और जिंदल ग्रुप के खिलाफ भारी मात्रा में अवैध खनन सामग्री और उन्हें मिले गैर-वाजिब लाभ के सुबूतों पर विचार करने के बाद इनके खिलाफ सीबीआई जांच की हिमायत की।
अदालत ने केन्द्रीय उच्चाधिकर समिति की 20 अप्रैल की रिपोर्ट को मंजूर किया, जिसमें येदियुरप्पा और जिंदल्स और एडनिस की कंपनियों के खिलाफ कई तरह के आरोपों की तरफ इशारा करते हुए सीबीआई जांच की सिफारिश की गई थी। अदालत ने आंध्र प्रदेश सरकार से जांच में सीबीआई के साथ सहयोग करने को कहा। टिप्पणियां
समिति द्वारा उच्चतम न्यायालय के 10 फरवरी के आदेश के बाद यह रिपोर्ट तैयार की गई, जिसमें कहा गया था कि भाजपा नेता के खिलाफ सीबीआई जांच के विस्तार की गुंजाइश है और वह अपने निष्कषरें के समर्थन में दस्तावेज लगाए।
समिति ने कर्नाटक में ‘भारी पैमाने पर अवैध खनन से जुड़ी गैर-कानूनी गतिविधियां’ पाए जाने और जिंदल ग्रुप के खिलाफ भारी मात्रा में अवैध खनन सामग्री और उन्हें मिले गैर-वाजिब लाभ के सुबूतों पर विचार करने के बाद इनके खिलाफ सीबीआई जांच की हिमायत की।
समिति द्वारा उच्चतम न्यायालय के 10 फरवरी के आदेश के बाद यह रिपोर्ट तैयार की गई, जिसमें कहा गया था कि भाजपा नेता के खिलाफ सीबीआई जांच के विस्तार की गुंजाइश है और वह अपने निष्कषरें के समर्थन में दस्तावेज लगाए।
समिति ने कर्नाटक में ‘भारी पैमाने पर अवैध खनन से जुड़ी गैर-कानूनी गतिविधियां’ पाए जाने और जिंदल ग्रुप के खिलाफ भारी मात्रा में अवैध खनन सामग्री और उन्हें मिले गैर-वाजिब लाभ के सुबूतों पर विचार करने के बाद इनके खिलाफ सीबीआई जांच की हिमायत की।
समिति ने कर्नाटक में ‘भारी पैमाने पर अवैध खनन से जुड़ी गैर-कानूनी गतिविधियां’ पाए जाने और जिंदल ग्रुप के खिलाफ भारी मात्रा में अवैध खनन सामग्री और उन्हें मिले गैर-वाजिब लाभ के सुबूतों पर विचार करने के बाद इनके खिलाफ सीबीआई जांच की हिमायत की। | सारांश: अवैध खनन मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा को तगड़ा झटका देते हुए उनके खिलाफ सीबीआई जांच के आदेश दिए हैं। | 33 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि अमेरिका को आतंकवाद पर हावी बने रहने की जरूरत है, क्योंकि अल कायदा के शीर्ष स्तर के नेतृत्व को खत्म करने के बावजूद चरमपंथ अभी कायम है।
ओबामा ने समाचार चैनल 'एनबीसी' को दिए साक्षात्कार में यह टिप्पणी की। उनसे हाल ही में अल कायदा के हमले की आशंका के मद्देनजर उत्तरी अफ्रीका और पश्चिम एशिया में अमेरिकी दूतावासों एवं वाणिज्य दूतावासों को बंद किए जाने को लेकर सवाल किया गया था।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, हम हर तरह की सावधानी बरत रहे हैं। हमने पूरी दुनिया में अपने दूतावासों की सुरक्षा बढ़ाई है, लेकिन पश्चिम एशिया और उत्तरी अफ्रीका में खतरा बहुत ज्यादा था। जब हम खतरा बहुत अधिक देखते हैं, तो विशेष तौर पर सावधानी बरतने के लिए विभिन्न कदम उठाए जाते हैं।
ओबामा ने कहा, ओसामा बिन लादेन तक पहुंचने, पाकिस्तान एवं अफगानिस्तान में अल कायदा को तबाह करने जैसी कामयाबियों के बावजूद चरमपंथ अब भी कायम है। ऐसे में हमें आतंकवाद पर हावी बने रहने की जरूरत है।
ओबामा ने समाचार चैनल 'एनबीसी' को दिए साक्षात्कार में यह टिप्पणी की। उनसे हाल ही में अल कायदा के हमले की आशंका के मद्देनजर उत्तरी अफ्रीका और पश्चिम एशिया में अमेरिकी दूतावासों एवं वाणिज्य दूतावासों को बंद किए जाने को लेकर सवाल किया गया था।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, हम हर तरह की सावधानी बरत रहे हैं। हमने पूरी दुनिया में अपने दूतावासों की सुरक्षा बढ़ाई है, लेकिन पश्चिम एशिया और उत्तरी अफ्रीका में खतरा बहुत ज्यादा था। जब हम खतरा बहुत अधिक देखते हैं, तो विशेष तौर पर सावधानी बरतने के लिए विभिन्न कदम उठाए जाते हैं।
ओबामा ने कहा, ओसामा बिन लादेन तक पहुंचने, पाकिस्तान एवं अफगानिस्तान में अल कायदा को तबाह करने जैसी कामयाबियों के बावजूद चरमपंथ अब भी कायम है। ऐसे में हमें आतंकवाद पर हावी बने रहने की जरूरत है।
उन्होंने कहा, हम हर तरह की सावधानी बरत रहे हैं। हमने पूरी दुनिया में अपने दूतावासों की सुरक्षा बढ़ाई है, लेकिन पश्चिम एशिया और उत्तरी अफ्रीका में खतरा बहुत ज्यादा था। जब हम खतरा बहुत अधिक देखते हैं, तो विशेष तौर पर सावधानी बरतने के लिए विभिन्न कदम उठाए जाते हैं।
ओबामा ने कहा, ओसामा बिन लादेन तक पहुंचने, पाकिस्तान एवं अफगानिस्तान में अल कायदा को तबाह करने जैसी कामयाबियों के बावजूद चरमपंथ अब भी कायम है। ऐसे में हमें आतंकवाद पर हावी बने रहने की जरूरत है।
ओबामा ने कहा, ओसामा बिन लादेन तक पहुंचने, पाकिस्तान एवं अफगानिस्तान में अल कायदा को तबाह करने जैसी कामयाबियों के बावजूद चरमपंथ अब भी कायम है। ऐसे में हमें आतंकवाद पर हावी बने रहने की जरूरत है। | ओबामा ने कहा, पाकिस्तान एवं अफगानिस्तान में अल कायदा को तबाह करने जैसी कामयाबियों के बावजूद चरमपंथ अब भी कायम है। ऐसे में हमें आतंकवाद पर हावी बने रहने की जरूरत है। | 6 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: गूगल के एडवरटाइजिंग प्रोडक्ट्स के उपाध्यक्ष भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक नील मोहन कंपनी छोड़कर कहीं और न जाएं, इसके लिए गूगल ने उन्हें 100 मिलियन डॉलर यानी करीब 544 करोड़ रुपये बतौर बोनस दिया है। 39 साल के मोहन को टि्वटर से नौकरी का ऑफर मिला था, लेकिन गूगल ने भारी भरकम बोनस देकर फिलहाल उन्हें रोक लिया है।
इससे पहले कंपनी के अध्यक्ष इरिक श्मिट अकेले ऐसे व्यक्ति हैं, जिन्हें गूगल ने नील से ज्यादा 101 मिलियन डॉलर दिए थे।
नील के दिमाग के बल पर गूगल को इस साल सात बिलियन डॉलर (करीब 38108 करोड़ रुपए) कमाने की उम्मीद है।टिप्पणियां
नील के दोस्त और उनके सहकर्मियों का कहना है कि उनमें टेक्नोलॉजी की समझ और उससे जुड़ी बिजनेस स्ट्रेटेजी की जबरदस्त पकड़ है। नील मोहन और उनकी पत्नी हेमा सरीम मोहन का सैन फ्रांसिस्को में एक आलीशान घर है, जिसकी कीमत 5.2 मिलियन डॉलर है। इसके अलावा उन्होंने गूगल कॉम्पलैक्स के पास एक माउंटेन व्यू अपार्टमेंट किराये पर भी ले रखा है।
नील के करियर की शुरुआत ग्लोरफाइड टेक्निकल सपोर्ट से हुई। यहां उनको 60,000 डॉलर वेतन मिलता था। 2008 में नील गूगल में उस समय शामिल हुए, जब उनकी पुरानी कंपनी डबल क्लिक को गूगल ने खरीद लिया। अब उन्हें रोके रखने के लिए गूगल ने इतना भारी भरकम बोनस दिया है। 2011 में गूगल को डिस्प्ले विज्ञापनों से 5 अरब डॉलर की आय हुई थी, जबकि 2012 में यह 7 बिलियन डॉलर होने की उम्मीद है।
इससे पहले कंपनी के अध्यक्ष इरिक श्मिट अकेले ऐसे व्यक्ति हैं, जिन्हें गूगल ने नील से ज्यादा 101 मिलियन डॉलर दिए थे।
नील के दिमाग के बल पर गूगल को इस साल सात बिलियन डॉलर (करीब 38108 करोड़ रुपए) कमाने की उम्मीद है।टिप्पणियां
नील के दोस्त और उनके सहकर्मियों का कहना है कि उनमें टेक्नोलॉजी की समझ और उससे जुड़ी बिजनेस स्ट्रेटेजी की जबरदस्त पकड़ है। नील मोहन और उनकी पत्नी हेमा सरीम मोहन का सैन फ्रांसिस्को में एक आलीशान घर है, जिसकी कीमत 5.2 मिलियन डॉलर है। इसके अलावा उन्होंने गूगल कॉम्पलैक्स के पास एक माउंटेन व्यू अपार्टमेंट किराये पर भी ले रखा है।
नील के करियर की शुरुआत ग्लोरफाइड टेक्निकल सपोर्ट से हुई। यहां उनको 60,000 डॉलर वेतन मिलता था। 2008 में नील गूगल में उस समय शामिल हुए, जब उनकी पुरानी कंपनी डबल क्लिक को गूगल ने खरीद लिया। अब उन्हें रोके रखने के लिए गूगल ने इतना भारी भरकम बोनस दिया है। 2011 में गूगल को डिस्प्ले विज्ञापनों से 5 अरब डॉलर की आय हुई थी, जबकि 2012 में यह 7 बिलियन डॉलर होने की उम्मीद है।
नील के दोस्त और उनके सहकर्मियों का कहना है कि उनमें टेक्नोलॉजी की समझ और उससे जुड़ी बिजनेस स्ट्रेटेजी की जबरदस्त पकड़ है। नील मोहन और उनकी पत्नी हेमा सरीम मोहन का सैन फ्रांसिस्को में एक आलीशान घर है, जिसकी कीमत 5.2 मिलियन डॉलर है। इसके अलावा उन्होंने गूगल कॉम्पलैक्स के पास एक माउंटेन व्यू अपार्टमेंट किराये पर भी ले रखा है।
नील के करियर की शुरुआत ग्लोरफाइड टेक्निकल सपोर्ट से हुई। यहां उनको 60,000 डॉलर वेतन मिलता था। 2008 में नील गूगल में उस समय शामिल हुए, जब उनकी पुरानी कंपनी डबल क्लिक को गूगल ने खरीद लिया। अब उन्हें रोके रखने के लिए गूगल ने इतना भारी भरकम बोनस दिया है। 2011 में गूगल को डिस्प्ले विज्ञापनों से 5 अरब डॉलर की आय हुई थी, जबकि 2012 में यह 7 बिलियन डॉलर होने की उम्मीद है।
नील के करियर की शुरुआत ग्लोरफाइड टेक्निकल सपोर्ट से हुई। यहां उनको 60,000 डॉलर वेतन मिलता था। 2008 में नील गूगल में उस समय शामिल हुए, जब उनकी पुरानी कंपनी डबल क्लिक को गूगल ने खरीद लिया। अब उन्हें रोके रखने के लिए गूगल ने इतना भारी भरकम बोनस दिया है। 2011 में गूगल को डिस्प्ले विज्ञापनों से 5 अरब डॉलर की आय हुई थी, जबकि 2012 में यह 7 बिलियन डॉलर होने की उम्मीद है। | सारांश: गूगल के एडवरटाइजिंग प्रोडक्ट्स के उपाध्यक्ष भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक नील मोहन कंपनी छोड़कर कहीं और न जाएं, इसके लिए गूगल ने उन्हें 100 मिलियन डॉलर बतौर बोनस दिया है। | 31 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: Nach Baliye 9: स्टार प्लस पर आने वाले शो 'नच बलिए 9 (Nach Baliye 9)' के हर एपिसोड में कोई-ना-कोई धमाका होता ही है. शो में अब कॉम्पीटिशन काफी बढ़ गया है. हर जोड़ी शो में बने रहने के लिए बेहतरीन परफॉर्मेंस दे रही है. शो के जज रवीना टंडन (Ravina Tandon) और अहमद खान (Ahmed Khan) को अपने डांस से इंप्रेस करने के लिए जोड़ियां काफी मेहनत कर रही है. हालांकि इस हफ्ते भी शो में बड़ा ड्रामा देखने को मिलने वाला है. दरअसल, नच बलिए की टॉप जोड़ी अली गोनी (Aly Goni) और नताशा अपनी परफॉर्मेंस सबको हैरान कर देंगे, जिसे देख शो के जज उनसे काफी प्रभावित हो जाएंगे.
बता दें 'नच बलिए 9' में पिछले हफ्ते नताशा अचानक शो बीच में ही छोड़कर चली गई थीं. दरअसल, वह अपने डांस स्टेप्स भूल गईं, जिसके बाद उन्होंने शो से चले जाना ही बेहतर समझा. नताशा के ऐसे व्यवहार से शो के जज रवीना और अहमद काफी गुस्सा हुए थे. हालांकि इस हफ्ते अपनी परफॉर्मेंस से अली और नताशा (Natasa Stankovic) एक बार फिर जजों का दिल जीत लेंगे.
इस हफ्ते नताशा और अली की बेहतरीन परफॉर्मेंस को देखने के बाद जजों ने कहा, 'हम इस तरह की परफॉर्मेंस का काफी बेसब्री से इंतजार कर रहे थे. इस परफॉर्मेंस के बाद अब दूसरे कंटेस्टेंट के लिए एक नया बेंचमार्क सेट हो गया है.' जजों ने दोनों की परफॉर्मेंस की तो काफी तारीफ की, हालांकि शो को ऐसे छोड़कर चले जाने को लेकर अली ने अपनी एक्स गर्लफ्रेंड का सबके सामने नजरिया रखा. नताशा (Natasa Stankovic) के ऊपर लगे आरोपों के साफ करने के साथ-साथ अली (Aly Goni) टूट गए और स्टेज पर ही सबके सामने रोने लगे. नताशा को लेकर अली ने कहा, 'नताशा बिल्कुल भी अशिष्ट नहीं हैं. बस लोग उसे गलत समझ लेते हैं क्योंकि वो हिंदी में ढंग से अपनी बात नहीं रख पाती और वो खुद को ज्यादा एक्सप्रेस नहीं कर पाती.' अली ने आगे कहा, 'जब उसको तकलीफ होती है तो मेरा दिल जलता है.' | यहाँ एक सारांश है:नच बलिए में इस हफ्ते होगा धमाल
नताशा को लेकर भावुक हुए अली
अली ने नताशा के लिए किया अपने प्यार का इजहार | 18 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: सूर्यनेल्लि यौन प्रताड़ना मामले को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में प्रवासी मामलों के मंत्री व्यालार रवि की टिप्पणी ने केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार को असहज स्थिति में ला खड़ा किया।
बाद में रवि ने उस बयान के लिए केरल की महिला संवाददाता से माफी मांगी और अपना बयान वापस लिया।
रवि ने कहा, "मैं अपने बयान के लिए माफी मांगता हूं। मैं उस टीवी चैनल को अपनी टिप्पणी के लिए खेद जता चुका हूं जिसके लिए संवाददाता काम करती हैं।"
उधर, राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ममता शर्मा ने कहा है कि आयोग इस मामले की जांच करेगा।
सामाजिक कार्यकर्ता रंजना कुमारी ने कहा, "सत्ता के शिखर और परिपक्वता से लैस होते हुए भी इस प्रकार की अशोभनीय टिप्पणी करना अत्यंत निंदनीय है।" उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को संसद में उठाया जाना चाहिए क्योंकि यह राजनीतिक वर्ग की रोजमर्रा की आदत में शामिल होता जा रहा है।
इस बीच मामले पर बीचबचाव करते हुए केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने कहा कि चूंकि उनके साथी और प्रवासी भारतीय मामलों के मंत्री व्यालार रवि ने अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांग ली है इसलिए अब मामले को वहीं जस का तस रहने दिया जाए।
तिवारी ने कहा कि सार्वजनिक फलक पर काम करने वाले किसी भी व्यक्ति से अशोभनीय टिप्पणी की उम्मीद नहीं की जाती, लेकिन रवि ने माफी मांग ली है और अपनी टिप्पणी वापस भी ले ली है तो मामले पर पर्दा डाल दिया जाए।
उल्लेखनीय है कि केरल की एक महिला पत्रकार ने रवि से सूर्यनेल्लि यौन प्रताड़ना मामले में राज्य सभा के उप सभापति पीजे कुरियन को लेकर उनका रुख जानने का प्रयास किया था। इसके जवाब में व्यायलर रवि ने पत्रकार पर निजी सवाल दाग दिया।
रवि ने संवाददाता से पूछा, "क्या आपको कुरियन से कोई निजी दुश्मनी है? मैं आश्वस्त हूं आप करें। क्या आपके और उनके बीच भी पहले कुछ हुआ है?" रवि की यह टिप्पणी कैमरे में रिकार्ड हो गई।
सूर्यनेल्लि यौन प्रताड़ना मामला का नामकरण केरल के इदुक्की जिले के स्थान पर हुआ है। इस मामले की पीड़िता इसी जगह की रहने वाली है। जनवरी 1996 में 16 वर्ष की एक किशोरी का अपहरण एक बस कंडक्टर ने कर लिया और उसे 45 दिनों तक जगह-जगह ले जाकर 42 लोगों ने दुष्कर्म किया।
यह मामला फिर तब प्रकाश में आया जब इसी वर्ष 31 जनवरी को सर्वोच्च न्यायालय ने मामले में 2005 में केरल उच्च न्यायालय के फैसले को खारिज करते हुए दोबारा सुनवाई के आदेश दिए। उच्च न्यायालय ने 35 आरोपियों में से एक को छोड़ बाकी सभी को रिहा कर दिया था।टिप्पणियां
पीड़िता अब 32 वर्ष की महिला है और राज्य सरकार की कर्मचारी है। उसके परिवार ने लगातार यह मांग की है कि पीजे कुरियन को कठघरे में खड़ा किया जाना चाहिए क्योंकि उन्होंने भी पीड़िता का शोषण किया था।
परिवार का आरोप है कि कुरियन को उनकी राजनीतिक रसूख के कारण कानून से बचाया गया है।
बाद में रवि ने उस बयान के लिए केरल की महिला संवाददाता से माफी मांगी और अपना बयान वापस लिया।
रवि ने कहा, "मैं अपने बयान के लिए माफी मांगता हूं। मैं उस टीवी चैनल को अपनी टिप्पणी के लिए खेद जता चुका हूं जिसके लिए संवाददाता काम करती हैं।"
उधर, राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ममता शर्मा ने कहा है कि आयोग इस मामले की जांच करेगा।
सामाजिक कार्यकर्ता रंजना कुमारी ने कहा, "सत्ता के शिखर और परिपक्वता से लैस होते हुए भी इस प्रकार की अशोभनीय टिप्पणी करना अत्यंत निंदनीय है।" उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को संसद में उठाया जाना चाहिए क्योंकि यह राजनीतिक वर्ग की रोजमर्रा की आदत में शामिल होता जा रहा है।
इस बीच मामले पर बीचबचाव करते हुए केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने कहा कि चूंकि उनके साथी और प्रवासी भारतीय मामलों के मंत्री व्यालार रवि ने अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांग ली है इसलिए अब मामले को वहीं जस का तस रहने दिया जाए।
तिवारी ने कहा कि सार्वजनिक फलक पर काम करने वाले किसी भी व्यक्ति से अशोभनीय टिप्पणी की उम्मीद नहीं की जाती, लेकिन रवि ने माफी मांग ली है और अपनी टिप्पणी वापस भी ले ली है तो मामले पर पर्दा डाल दिया जाए।
उल्लेखनीय है कि केरल की एक महिला पत्रकार ने रवि से सूर्यनेल्लि यौन प्रताड़ना मामले में राज्य सभा के उप सभापति पीजे कुरियन को लेकर उनका रुख जानने का प्रयास किया था। इसके जवाब में व्यायलर रवि ने पत्रकार पर निजी सवाल दाग दिया।
रवि ने संवाददाता से पूछा, "क्या आपको कुरियन से कोई निजी दुश्मनी है? मैं आश्वस्त हूं आप करें। क्या आपके और उनके बीच भी पहले कुछ हुआ है?" रवि की यह टिप्पणी कैमरे में रिकार्ड हो गई।
सूर्यनेल्लि यौन प्रताड़ना मामला का नामकरण केरल के इदुक्की जिले के स्थान पर हुआ है। इस मामले की पीड़िता इसी जगह की रहने वाली है। जनवरी 1996 में 16 वर्ष की एक किशोरी का अपहरण एक बस कंडक्टर ने कर लिया और उसे 45 दिनों तक जगह-जगह ले जाकर 42 लोगों ने दुष्कर्म किया।
यह मामला फिर तब प्रकाश में आया जब इसी वर्ष 31 जनवरी को सर्वोच्च न्यायालय ने मामले में 2005 में केरल उच्च न्यायालय के फैसले को खारिज करते हुए दोबारा सुनवाई के आदेश दिए। उच्च न्यायालय ने 35 आरोपियों में से एक को छोड़ बाकी सभी को रिहा कर दिया था।टिप्पणियां
पीड़िता अब 32 वर्ष की महिला है और राज्य सरकार की कर्मचारी है। उसके परिवार ने लगातार यह मांग की है कि पीजे कुरियन को कठघरे में खड़ा किया जाना चाहिए क्योंकि उन्होंने भी पीड़िता का शोषण किया था।
परिवार का आरोप है कि कुरियन को उनकी राजनीतिक रसूख के कारण कानून से बचाया गया है।
रवि ने कहा, "मैं अपने बयान के लिए माफी मांगता हूं। मैं उस टीवी चैनल को अपनी टिप्पणी के लिए खेद जता चुका हूं जिसके लिए संवाददाता काम करती हैं।"
उधर, राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ममता शर्मा ने कहा है कि आयोग इस मामले की जांच करेगा।
सामाजिक कार्यकर्ता रंजना कुमारी ने कहा, "सत्ता के शिखर और परिपक्वता से लैस होते हुए भी इस प्रकार की अशोभनीय टिप्पणी करना अत्यंत निंदनीय है।" उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को संसद में उठाया जाना चाहिए क्योंकि यह राजनीतिक वर्ग की रोजमर्रा की आदत में शामिल होता जा रहा है।
इस बीच मामले पर बीचबचाव करते हुए केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने कहा कि चूंकि उनके साथी और प्रवासी भारतीय मामलों के मंत्री व्यालार रवि ने अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांग ली है इसलिए अब मामले को वहीं जस का तस रहने दिया जाए।
तिवारी ने कहा कि सार्वजनिक फलक पर काम करने वाले किसी भी व्यक्ति से अशोभनीय टिप्पणी की उम्मीद नहीं की जाती, लेकिन रवि ने माफी मांग ली है और अपनी टिप्पणी वापस भी ले ली है तो मामले पर पर्दा डाल दिया जाए।
उल्लेखनीय है कि केरल की एक महिला पत्रकार ने रवि से सूर्यनेल्लि यौन प्रताड़ना मामले में राज्य सभा के उप सभापति पीजे कुरियन को लेकर उनका रुख जानने का प्रयास किया था। इसके जवाब में व्यायलर रवि ने पत्रकार पर निजी सवाल दाग दिया।
रवि ने संवाददाता से पूछा, "क्या आपको कुरियन से कोई निजी दुश्मनी है? मैं आश्वस्त हूं आप करें। क्या आपके और उनके बीच भी पहले कुछ हुआ है?" रवि की यह टिप्पणी कैमरे में रिकार्ड हो गई।
सूर्यनेल्लि यौन प्रताड़ना मामला का नामकरण केरल के इदुक्की जिले के स्थान पर हुआ है। इस मामले की पीड़िता इसी जगह की रहने वाली है। जनवरी 1996 में 16 वर्ष की एक किशोरी का अपहरण एक बस कंडक्टर ने कर लिया और उसे 45 दिनों तक जगह-जगह ले जाकर 42 लोगों ने दुष्कर्म किया।
यह मामला फिर तब प्रकाश में आया जब इसी वर्ष 31 जनवरी को सर्वोच्च न्यायालय ने मामले में 2005 में केरल उच्च न्यायालय के फैसले को खारिज करते हुए दोबारा सुनवाई के आदेश दिए। उच्च न्यायालय ने 35 आरोपियों में से एक को छोड़ बाकी सभी को रिहा कर दिया था।टिप्पणियां
पीड़िता अब 32 वर्ष की महिला है और राज्य सरकार की कर्मचारी है। उसके परिवार ने लगातार यह मांग की है कि पीजे कुरियन को कठघरे में खड़ा किया जाना चाहिए क्योंकि उन्होंने भी पीड़िता का शोषण किया था।
परिवार का आरोप है कि कुरियन को उनकी राजनीतिक रसूख के कारण कानून से बचाया गया है।
उधर, राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ममता शर्मा ने कहा है कि आयोग इस मामले की जांच करेगा।
सामाजिक कार्यकर्ता रंजना कुमारी ने कहा, "सत्ता के शिखर और परिपक्वता से लैस होते हुए भी इस प्रकार की अशोभनीय टिप्पणी करना अत्यंत निंदनीय है।" उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को संसद में उठाया जाना चाहिए क्योंकि यह राजनीतिक वर्ग की रोजमर्रा की आदत में शामिल होता जा रहा है।
इस बीच मामले पर बीचबचाव करते हुए केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने कहा कि चूंकि उनके साथी और प्रवासी भारतीय मामलों के मंत्री व्यालार रवि ने अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांग ली है इसलिए अब मामले को वहीं जस का तस रहने दिया जाए।
तिवारी ने कहा कि सार्वजनिक फलक पर काम करने वाले किसी भी व्यक्ति से अशोभनीय टिप्पणी की उम्मीद नहीं की जाती, लेकिन रवि ने माफी मांग ली है और अपनी टिप्पणी वापस भी ले ली है तो मामले पर पर्दा डाल दिया जाए।
उल्लेखनीय है कि केरल की एक महिला पत्रकार ने रवि से सूर्यनेल्लि यौन प्रताड़ना मामले में राज्य सभा के उप सभापति पीजे कुरियन को लेकर उनका रुख जानने का प्रयास किया था। इसके जवाब में व्यायलर रवि ने पत्रकार पर निजी सवाल दाग दिया।
रवि ने संवाददाता से पूछा, "क्या आपको कुरियन से कोई निजी दुश्मनी है? मैं आश्वस्त हूं आप करें। क्या आपके और उनके बीच भी पहले कुछ हुआ है?" रवि की यह टिप्पणी कैमरे में रिकार्ड हो गई।
सूर्यनेल्लि यौन प्रताड़ना मामला का नामकरण केरल के इदुक्की जिले के स्थान पर हुआ है। इस मामले की पीड़िता इसी जगह की रहने वाली है। जनवरी 1996 में 16 वर्ष की एक किशोरी का अपहरण एक बस कंडक्टर ने कर लिया और उसे 45 दिनों तक जगह-जगह ले जाकर 42 लोगों ने दुष्कर्म किया।
यह मामला फिर तब प्रकाश में आया जब इसी वर्ष 31 जनवरी को सर्वोच्च न्यायालय ने मामले में 2005 में केरल उच्च न्यायालय के फैसले को खारिज करते हुए दोबारा सुनवाई के आदेश दिए। उच्च न्यायालय ने 35 आरोपियों में से एक को छोड़ बाकी सभी को रिहा कर दिया था।टिप्पणियां
पीड़िता अब 32 वर्ष की महिला है और राज्य सरकार की कर्मचारी है। उसके परिवार ने लगातार यह मांग की है कि पीजे कुरियन को कठघरे में खड़ा किया जाना चाहिए क्योंकि उन्होंने भी पीड़िता का शोषण किया था।
परिवार का आरोप है कि कुरियन को उनकी राजनीतिक रसूख के कारण कानून से बचाया गया है।
सामाजिक कार्यकर्ता रंजना कुमारी ने कहा, "सत्ता के शिखर और परिपक्वता से लैस होते हुए भी इस प्रकार की अशोभनीय टिप्पणी करना अत्यंत निंदनीय है।" उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को संसद में उठाया जाना चाहिए क्योंकि यह राजनीतिक वर्ग की रोजमर्रा की आदत में शामिल होता जा रहा है।
इस बीच मामले पर बीचबचाव करते हुए केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने कहा कि चूंकि उनके साथी और प्रवासी भारतीय मामलों के मंत्री व्यालार रवि ने अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांग ली है इसलिए अब मामले को वहीं जस का तस रहने दिया जाए।
तिवारी ने कहा कि सार्वजनिक फलक पर काम करने वाले किसी भी व्यक्ति से अशोभनीय टिप्पणी की उम्मीद नहीं की जाती, लेकिन रवि ने माफी मांग ली है और अपनी टिप्पणी वापस भी ले ली है तो मामले पर पर्दा डाल दिया जाए।
उल्लेखनीय है कि केरल की एक महिला पत्रकार ने रवि से सूर्यनेल्लि यौन प्रताड़ना मामले में राज्य सभा के उप सभापति पीजे कुरियन को लेकर उनका रुख जानने का प्रयास किया था। इसके जवाब में व्यायलर रवि ने पत्रकार पर निजी सवाल दाग दिया।
रवि ने संवाददाता से पूछा, "क्या आपको कुरियन से कोई निजी दुश्मनी है? मैं आश्वस्त हूं आप करें। क्या आपके और उनके बीच भी पहले कुछ हुआ है?" रवि की यह टिप्पणी कैमरे में रिकार्ड हो गई।
सूर्यनेल्लि यौन प्रताड़ना मामला का नामकरण केरल के इदुक्की जिले के स्थान पर हुआ है। इस मामले की पीड़िता इसी जगह की रहने वाली है। जनवरी 1996 में 16 वर्ष की एक किशोरी का अपहरण एक बस कंडक्टर ने कर लिया और उसे 45 दिनों तक जगह-जगह ले जाकर 42 लोगों ने दुष्कर्म किया।
यह मामला फिर तब प्रकाश में आया जब इसी वर्ष 31 जनवरी को सर्वोच्च न्यायालय ने मामले में 2005 में केरल उच्च न्यायालय के फैसले को खारिज करते हुए दोबारा सुनवाई के आदेश दिए। उच्च न्यायालय ने 35 आरोपियों में से एक को छोड़ बाकी सभी को रिहा कर दिया था।टिप्पणियां
पीड़िता अब 32 वर्ष की महिला है और राज्य सरकार की कर्मचारी है। उसके परिवार ने लगातार यह मांग की है कि पीजे कुरियन को कठघरे में खड़ा किया जाना चाहिए क्योंकि उन्होंने भी पीड़िता का शोषण किया था।
परिवार का आरोप है कि कुरियन को उनकी राजनीतिक रसूख के कारण कानून से बचाया गया है।
इस बीच मामले पर बीचबचाव करते हुए केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने कहा कि चूंकि उनके साथी और प्रवासी भारतीय मामलों के मंत्री व्यालार रवि ने अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांग ली है इसलिए अब मामले को वहीं जस का तस रहने दिया जाए।
तिवारी ने कहा कि सार्वजनिक फलक पर काम करने वाले किसी भी व्यक्ति से अशोभनीय टिप्पणी की उम्मीद नहीं की जाती, लेकिन रवि ने माफी मांग ली है और अपनी टिप्पणी वापस भी ले ली है तो मामले पर पर्दा डाल दिया जाए।
उल्लेखनीय है कि केरल की एक महिला पत्रकार ने रवि से सूर्यनेल्लि यौन प्रताड़ना मामले में राज्य सभा के उप सभापति पीजे कुरियन को लेकर उनका रुख जानने का प्रयास किया था। इसके जवाब में व्यायलर रवि ने पत्रकार पर निजी सवाल दाग दिया।
रवि ने संवाददाता से पूछा, "क्या आपको कुरियन से कोई निजी दुश्मनी है? मैं आश्वस्त हूं आप करें। क्या आपके और उनके बीच भी पहले कुछ हुआ है?" रवि की यह टिप्पणी कैमरे में रिकार्ड हो गई।
सूर्यनेल्लि यौन प्रताड़ना मामला का नामकरण केरल के इदुक्की जिले के स्थान पर हुआ है। इस मामले की पीड़िता इसी जगह की रहने वाली है। जनवरी 1996 में 16 वर्ष की एक किशोरी का अपहरण एक बस कंडक्टर ने कर लिया और उसे 45 दिनों तक जगह-जगह ले जाकर 42 लोगों ने दुष्कर्म किया।
यह मामला फिर तब प्रकाश में आया जब इसी वर्ष 31 जनवरी को सर्वोच्च न्यायालय ने मामले में 2005 में केरल उच्च न्यायालय के फैसले को खारिज करते हुए दोबारा सुनवाई के आदेश दिए। उच्च न्यायालय ने 35 आरोपियों में से एक को छोड़ बाकी सभी को रिहा कर दिया था।टिप्पणियां
पीड़िता अब 32 वर्ष की महिला है और राज्य सरकार की कर्मचारी है। उसके परिवार ने लगातार यह मांग की है कि पीजे कुरियन को कठघरे में खड़ा किया जाना चाहिए क्योंकि उन्होंने भी पीड़िता का शोषण किया था।
परिवार का आरोप है कि कुरियन को उनकी राजनीतिक रसूख के कारण कानून से बचाया गया है।
तिवारी ने कहा कि सार्वजनिक फलक पर काम करने वाले किसी भी व्यक्ति से अशोभनीय टिप्पणी की उम्मीद नहीं की जाती, लेकिन रवि ने माफी मांग ली है और अपनी टिप्पणी वापस भी ले ली है तो मामले पर पर्दा डाल दिया जाए।
उल्लेखनीय है कि केरल की एक महिला पत्रकार ने रवि से सूर्यनेल्लि यौन प्रताड़ना मामले में राज्य सभा के उप सभापति पीजे कुरियन को लेकर उनका रुख जानने का प्रयास किया था। इसके जवाब में व्यायलर रवि ने पत्रकार पर निजी सवाल दाग दिया।
रवि ने संवाददाता से पूछा, "क्या आपको कुरियन से कोई निजी दुश्मनी है? मैं आश्वस्त हूं आप करें। क्या आपके और उनके बीच भी पहले कुछ हुआ है?" रवि की यह टिप्पणी कैमरे में रिकार्ड हो गई।
सूर्यनेल्लि यौन प्रताड़ना मामला का नामकरण केरल के इदुक्की जिले के स्थान पर हुआ है। इस मामले की पीड़िता इसी जगह की रहने वाली है। जनवरी 1996 में 16 वर्ष की एक किशोरी का अपहरण एक बस कंडक्टर ने कर लिया और उसे 45 दिनों तक जगह-जगह ले जाकर 42 लोगों ने दुष्कर्म किया।
यह मामला फिर तब प्रकाश में आया जब इसी वर्ष 31 जनवरी को सर्वोच्च न्यायालय ने मामले में 2005 में केरल उच्च न्यायालय के फैसले को खारिज करते हुए दोबारा सुनवाई के आदेश दिए। उच्च न्यायालय ने 35 आरोपियों में से एक को छोड़ बाकी सभी को रिहा कर दिया था।टिप्पणियां
पीड़िता अब 32 वर्ष की महिला है और राज्य सरकार की कर्मचारी है। उसके परिवार ने लगातार यह मांग की है कि पीजे कुरियन को कठघरे में खड़ा किया जाना चाहिए क्योंकि उन्होंने भी पीड़िता का शोषण किया था।
परिवार का आरोप है कि कुरियन को उनकी राजनीतिक रसूख के कारण कानून से बचाया गया है।
उल्लेखनीय है कि केरल की एक महिला पत्रकार ने रवि से सूर्यनेल्लि यौन प्रताड़ना मामले में राज्य सभा के उप सभापति पीजे कुरियन को लेकर उनका रुख जानने का प्रयास किया था। इसके जवाब में व्यायलर रवि ने पत्रकार पर निजी सवाल दाग दिया।
रवि ने संवाददाता से पूछा, "क्या आपको कुरियन से कोई निजी दुश्मनी है? मैं आश्वस्त हूं आप करें। क्या आपके और उनके बीच भी पहले कुछ हुआ है?" रवि की यह टिप्पणी कैमरे में रिकार्ड हो गई।
सूर्यनेल्लि यौन प्रताड़ना मामला का नामकरण केरल के इदुक्की जिले के स्थान पर हुआ है। इस मामले की पीड़िता इसी जगह की रहने वाली है। जनवरी 1996 में 16 वर्ष की एक किशोरी का अपहरण एक बस कंडक्टर ने कर लिया और उसे 45 दिनों तक जगह-जगह ले जाकर 42 लोगों ने दुष्कर्म किया।
यह मामला फिर तब प्रकाश में आया जब इसी वर्ष 31 जनवरी को सर्वोच्च न्यायालय ने मामले में 2005 में केरल उच्च न्यायालय के फैसले को खारिज करते हुए दोबारा सुनवाई के आदेश दिए। उच्च न्यायालय ने 35 आरोपियों में से एक को छोड़ बाकी सभी को रिहा कर दिया था।टिप्पणियां
पीड़िता अब 32 वर्ष की महिला है और राज्य सरकार की कर्मचारी है। उसके परिवार ने लगातार यह मांग की है कि पीजे कुरियन को कठघरे में खड़ा किया जाना चाहिए क्योंकि उन्होंने भी पीड़िता का शोषण किया था।
परिवार का आरोप है कि कुरियन को उनकी राजनीतिक रसूख के कारण कानून से बचाया गया है।
रवि ने संवाददाता से पूछा, "क्या आपको कुरियन से कोई निजी दुश्मनी है? मैं आश्वस्त हूं आप करें। क्या आपके और उनके बीच भी पहले कुछ हुआ है?" रवि की यह टिप्पणी कैमरे में रिकार्ड हो गई।
सूर्यनेल्लि यौन प्रताड़ना मामला का नामकरण केरल के इदुक्की जिले के स्थान पर हुआ है। इस मामले की पीड़िता इसी जगह की रहने वाली है। जनवरी 1996 में 16 वर्ष की एक किशोरी का अपहरण एक बस कंडक्टर ने कर लिया और उसे 45 दिनों तक जगह-जगह ले जाकर 42 लोगों ने दुष्कर्म किया।
यह मामला फिर तब प्रकाश में आया जब इसी वर्ष 31 जनवरी को सर्वोच्च न्यायालय ने मामले में 2005 में केरल उच्च न्यायालय के फैसले को खारिज करते हुए दोबारा सुनवाई के आदेश दिए। उच्च न्यायालय ने 35 आरोपियों में से एक को छोड़ बाकी सभी को रिहा कर दिया था।टिप्पणियां
पीड़िता अब 32 वर्ष की महिला है और राज्य सरकार की कर्मचारी है। उसके परिवार ने लगातार यह मांग की है कि पीजे कुरियन को कठघरे में खड़ा किया जाना चाहिए क्योंकि उन्होंने भी पीड़िता का शोषण किया था।
परिवार का आरोप है कि कुरियन को उनकी राजनीतिक रसूख के कारण कानून से बचाया गया है।
सूर्यनेल्लि यौन प्रताड़ना मामला का नामकरण केरल के इदुक्की जिले के स्थान पर हुआ है। इस मामले की पीड़िता इसी जगह की रहने वाली है। जनवरी 1996 में 16 वर्ष की एक किशोरी का अपहरण एक बस कंडक्टर ने कर लिया और उसे 45 दिनों तक जगह-जगह ले जाकर 42 लोगों ने दुष्कर्म किया।
यह मामला फिर तब प्रकाश में आया जब इसी वर्ष 31 जनवरी को सर्वोच्च न्यायालय ने मामले में 2005 में केरल उच्च न्यायालय के फैसले को खारिज करते हुए दोबारा सुनवाई के आदेश दिए। उच्च न्यायालय ने 35 आरोपियों में से एक को छोड़ बाकी सभी को रिहा कर दिया था।टिप्पणियां
पीड़िता अब 32 वर्ष की महिला है और राज्य सरकार की कर्मचारी है। उसके परिवार ने लगातार यह मांग की है कि पीजे कुरियन को कठघरे में खड़ा किया जाना चाहिए क्योंकि उन्होंने भी पीड़िता का शोषण किया था।
परिवार का आरोप है कि कुरियन को उनकी राजनीतिक रसूख के कारण कानून से बचाया गया है।
यह मामला फिर तब प्रकाश में आया जब इसी वर्ष 31 जनवरी को सर्वोच्च न्यायालय ने मामले में 2005 में केरल उच्च न्यायालय के फैसले को खारिज करते हुए दोबारा सुनवाई के आदेश दिए। उच्च न्यायालय ने 35 आरोपियों में से एक को छोड़ बाकी सभी को रिहा कर दिया था।टिप्पणियां
पीड़िता अब 32 वर्ष की महिला है और राज्य सरकार की कर्मचारी है। उसके परिवार ने लगातार यह मांग की है कि पीजे कुरियन को कठघरे में खड़ा किया जाना चाहिए क्योंकि उन्होंने भी पीड़िता का शोषण किया था।
परिवार का आरोप है कि कुरियन को उनकी राजनीतिक रसूख के कारण कानून से बचाया गया है।
पीड़िता अब 32 वर्ष की महिला है और राज्य सरकार की कर्मचारी है। उसके परिवार ने लगातार यह मांग की है कि पीजे कुरियन को कठघरे में खड़ा किया जाना चाहिए क्योंकि उन्होंने भी पीड़िता का शोषण किया था।
परिवार का आरोप है कि कुरियन को उनकी राजनीतिक रसूख के कारण कानून से बचाया गया है।
परिवार का आरोप है कि कुरियन को उनकी राजनीतिक रसूख के कारण कानून से बचाया गया है। | संक्षिप्त सारांश: सूर्यनेल्लि यौन प्रताड़ना मामले को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में प्रवासी मामलों के मंत्री व्यालार रवि की टिप्पणी ने केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार को असहज स्थिति में ला खड़ा किया। | 0 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान और अमेरिका के बीच बढ़ते विवाद के मद्देनजर चीन के जन सुरक्षा अधिकारी मेंग जीयाझु दो दिवसीय दौरे पर इस्लामाबाद पहुंच गए हैं। गौरतलब है कि अमेरिका ने हाल ही में आरोप लगाया था कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई अफगानिस्तान में छद्म युद्ध में शामिल है, जिसपर दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ रहा है। चीन के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी मेंग ने इस्लामाबाद पहुंचने के कुछ ही देर बाद पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल अशफाक परवेज कयानी से मुलाकात की। सूत्रों ने बताया कि दोनों नेताओं ने क्षेत्र के हालात और आतंकवाद के खिलाफ युद्ध पर चर्चा की। चीनी मंत्री के पाकिस्तानी प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी से मुलाकात करने और उनके सम्मान में राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी द्वारा आयोजित एक भोज में शरीक होने की उम्मीद है। अधिकारियों ने बताया कि वह द्विपक्षीय मुद्दों पर राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व, क्षेत्रीय हालात और पारस्परिक हित के विषय पर चर्चा करेंगे। पाकिस्तानी अधिकारियों ने चीन के साथ अपने संबंध को बारहमासी दोस्ताना बताया है। वहीं, एक अन्य घटनाक्रम में एक समाचार चैनल की खबर में बताया गया कि सऊदी अरब, चीन और पाकिस्तान इस्लामाबाद में बैठक करेंगे। चैनल के मुताबिक इस त्रिपक्षीय बैठक में पाकिस्तान के खिलाफ अमेरिका के आरोप और इस बारे में भविष्य की कार्रवाई पर विमर्श किया जाएगा। | यह एक सारांश है: पाकिस्तान और अमेरिका के बीच बढ़ते विवाद के मद्देनजर चीन के जन सुरक्षा अधिकारी मेंग जीयाझु दो दिवसीय दौरे पर इस्लामाबाद पहुंच गए हैं। | 9 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: कासगंज के वोटर अज़ीम कहते हैं कि 'हम वोट डालते हैं तो ये सोचकर की प्रत्याशी के साथ-साथ सरकार भी चुन रहे हैं'.
लेकिन सपा की टक्कर में इस बार बीजेपी के देवेन्द्र राजपूत भी हैं और बीएसपी के अजय चतुर्वेदी भी. अजय चतुर्वेदी दावा करते हैं कि 'हम जीतेंगे और बीएसपी की सरकार बनेगी'. जबकि देवेन्द्र राजपूत का दावा भी जीत का है.टिप्पणियां
65 हज़ार लोध, 42 हज़ार ब्राह्मण, 40 हज़ार दलित, 38 हज़ार ठाकुर, 36 हज़ार वैश्य और 35 हज़ार मुसलमान मतदाताओं के वोट वाला कासगंज हर पार्टी को जीत की उम्मीद का एक समीकरण देता है.
कासगंज को लेकर दिलचस्पी ऐसी है कि लोग कहते हैं काश इस सीट का नतीजा पहले आ जाता तो 11 मार्च को प्रदेश में किसकी सरकार बनेगी, इसका अंदाज़ा मिल जाता.
लेकिन सपा की टक्कर में इस बार बीजेपी के देवेन्द्र राजपूत भी हैं और बीएसपी के अजय चतुर्वेदी भी. अजय चतुर्वेदी दावा करते हैं कि 'हम जीतेंगे और बीएसपी की सरकार बनेगी'. जबकि देवेन्द्र राजपूत का दावा भी जीत का है.टिप्पणियां
65 हज़ार लोध, 42 हज़ार ब्राह्मण, 40 हज़ार दलित, 38 हज़ार ठाकुर, 36 हज़ार वैश्य और 35 हज़ार मुसलमान मतदाताओं के वोट वाला कासगंज हर पार्टी को जीत की उम्मीद का एक समीकरण देता है.
कासगंज को लेकर दिलचस्पी ऐसी है कि लोग कहते हैं काश इस सीट का नतीजा पहले आ जाता तो 11 मार्च को प्रदेश में किसकी सरकार बनेगी, इसका अंदाज़ा मिल जाता.
65 हज़ार लोध, 42 हज़ार ब्राह्मण, 40 हज़ार दलित, 38 हज़ार ठाकुर, 36 हज़ार वैश्य और 35 हज़ार मुसलमान मतदाताओं के वोट वाला कासगंज हर पार्टी को जीत की उम्मीद का एक समीकरण देता है.
कासगंज को लेकर दिलचस्पी ऐसी है कि लोग कहते हैं काश इस सीट का नतीजा पहले आ जाता तो 11 मार्च को प्रदेश में किसकी सरकार बनेगी, इसका अंदाज़ा मिल जाता.
कासगंज को लेकर दिलचस्पी ऐसी है कि लोग कहते हैं काश इस सीट का नतीजा पहले आ जाता तो 11 मार्च को प्रदेश में किसकी सरकार बनेगी, इसका अंदाज़ा मिल जाता. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: 1989 में जनता पार्टी के गोवर्धन सिंह जीते और मुलायम सिंह यादव सीएम बने.
1991 में नेतराम सिंह जीते और बीजेपी की सरकार बनी.
2007 में बीएसपी से हसरत उल्लाह जीते और मायावती की सरकार बनी. | 32 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोमवार को धुआं-धुंध छट गई, दूर तक साफ-साफ दिखाई देने लगा, लेकिन खराब हवा की गुणवत्ता सुधरने में अभी थोड़ा वक्त लगेगा. वायु गुणवत्ता प्रणाली एवं मौसम भविष्यवाणी प्रणाली एवं अनुसंधान (एसएफएआर) के अनुसार, सोमवार को अपराह्न में धूलकण का स्तर 2.5 और पीएम 10 का स्तर अधिकांश जगहों पर 500 से ऊपर रहा.
केंद्रीय प्रदूषण बोर्ड के अनुसार, पूर्वी दिल्ली में आनंद विहार, दक्षिणी दिल्ली में आरके पुरम, दक्षिणी-पश्चिमी दिल्ली में द्वारका, पंजाबी बाग और मध्य दिल्ली में मंदिर मार्ग समेत सभी प्रदूषण मापक केंद्रों पर पीएम 2.5 का स्तर 500 माइक्रोगाम प्रति क्यूबिक मीटर से अधिक था.
दिल्ली के चाणक्यपुरी इलाके को कवर करने वाला अमेरिकी दूतावास का वायु प्रदूषण मॉनीटर ने वायु गुणवत्ता सूचकांक 551 दर्शाया जो खतरनाक माना जाता है. 500 से ऊपर के मूल्यों को वायु गुणवत्ता सूचकांक से परे माना जाता है.
अमेरिकी दूतावास की वेबसाइट ने यह कहते हुए अलर्ट जारी किया कि प्रदूषण के कारण लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है. सोमवार को दृश्यता रविवार की तुलना में 200 मीटर से बढ़कर 400 मीटर हो गई थी. भारतीय मौसम विभाग ने आईएएनएस से कहा, "सफदरजंग इलाके में सुबह 8.30 बजे दृश्यता 400 मीटर थी."
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपील करते हुए कहा कि यह समय केंद्र और राज्य सरकार को मिलकर काम करने का है. दिल्ली सरकार ने धूल के कारण होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए पेड़ों और सड़कों पर पानी का छिड़काव कराया. सरकार ने सभी स्कूलों को तीन दिनों के लिए बंद रखने और मकानों को तोड़ने और बनाने का काम शुक्रवार तक रोकने का आदेश दिया है, ताकि धूल हवा में न मिले.
उप राज्यपाल नजीब जंग ने सोमवार को इस मुद्दे पर बैठक बुलाई, जिसमें मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, लोक निर्माण मंत्री सत्येंद्र जैन, पर्यावरण मंत्री इमरान हुसैन, तीनों नगर निगमों के आयुक्त शामिल हुए.टिप्पणियां
मौसम का पूर्वानुमान लगाने वाली एक निजी संस्था स्काइमेट के अनुसार, मंगलवार के बाद वायु गुणवत्ता में सुधार होने की संभावना है, क्योंकि उत्तर-पश्चिमी से 15 से 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है, धूल व धुएं वाली धुंध और छंट सकती है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
केंद्रीय प्रदूषण बोर्ड के अनुसार, पूर्वी दिल्ली में आनंद विहार, दक्षिणी दिल्ली में आरके पुरम, दक्षिणी-पश्चिमी दिल्ली में द्वारका, पंजाबी बाग और मध्य दिल्ली में मंदिर मार्ग समेत सभी प्रदूषण मापक केंद्रों पर पीएम 2.5 का स्तर 500 माइक्रोगाम प्रति क्यूबिक मीटर से अधिक था.
दिल्ली के चाणक्यपुरी इलाके को कवर करने वाला अमेरिकी दूतावास का वायु प्रदूषण मॉनीटर ने वायु गुणवत्ता सूचकांक 551 दर्शाया जो खतरनाक माना जाता है. 500 से ऊपर के मूल्यों को वायु गुणवत्ता सूचकांक से परे माना जाता है.
अमेरिकी दूतावास की वेबसाइट ने यह कहते हुए अलर्ट जारी किया कि प्रदूषण के कारण लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है. सोमवार को दृश्यता रविवार की तुलना में 200 मीटर से बढ़कर 400 मीटर हो गई थी. भारतीय मौसम विभाग ने आईएएनएस से कहा, "सफदरजंग इलाके में सुबह 8.30 बजे दृश्यता 400 मीटर थी."
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपील करते हुए कहा कि यह समय केंद्र और राज्य सरकार को मिलकर काम करने का है. दिल्ली सरकार ने धूल के कारण होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए पेड़ों और सड़कों पर पानी का छिड़काव कराया. सरकार ने सभी स्कूलों को तीन दिनों के लिए बंद रखने और मकानों को तोड़ने और बनाने का काम शुक्रवार तक रोकने का आदेश दिया है, ताकि धूल हवा में न मिले.
उप राज्यपाल नजीब जंग ने सोमवार को इस मुद्दे पर बैठक बुलाई, जिसमें मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, लोक निर्माण मंत्री सत्येंद्र जैन, पर्यावरण मंत्री इमरान हुसैन, तीनों नगर निगमों के आयुक्त शामिल हुए.टिप्पणियां
मौसम का पूर्वानुमान लगाने वाली एक निजी संस्था स्काइमेट के अनुसार, मंगलवार के बाद वायु गुणवत्ता में सुधार होने की संभावना है, क्योंकि उत्तर-पश्चिमी से 15 से 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है, धूल व धुएं वाली धुंध और छंट सकती है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दिल्ली के चाणक्यपुरी इलाके को कवर करने वाला अमेरिकी दूतावास का वायु प्रदूषण मॉनीटर ने वायु गुणवत्ता सूचकांक 551 दर्शाया जो खतरनाक माना जाता है. 500 से ऊपर के मूल्यों को वायु गुणवत्ता सूचकांक से परे माना जाता है.
अमेरिकी दूतावास की वेबसाइट ने यह कहते हुए अलर्ट जारी किया कि प्रदूषण के कारण लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है. सोमवार को दृश्यता रविवार की तुलना में 200 मीटर से बढ़कर 400 मीटर हो गई थी. भारतीय मौसम विभाग ने आईएएनएस से कहा, "सफदरजंग इलाके में सुबह 8.30 बजे दृश्यता 400 मीटर थी."
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपील करते हुए कहा कि यह समय केंद्र और राज्य सरकार को मिलकर काम करने का है. दिल्ली सरकार ने धूल के कारण होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए पेड़ों और सड़कों पर पानी का छिड़काव कराया. सरकार ने सभी स्कूलों को तीन दिनों के लिए बंद रखने और मकानों को तोड़ने और बनाने का काम शुक्रवार तक रोकने का आदेश दिया है, ताकि धूल हवा में न मिले.
उप राज्यपाल नजीब जंग ने सोमवार को इस मुद्दे पर बैठक बुलाई, जिसमें मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, लोक निर्माण मंत्री सत्येंद्र जैन, पर्यावरण मंत्री इमरान हुसैन, तीनों नगर निगमों के आयुक्त शामिल हुए.टिप्पणियां
मौसम का पूर्वानुमान लगाने वाली एक निजी संस्था स्काइमेट के अनुसार, मंगलवार के बाद वायु गुणवत्ता में सुधार होने की संभावना है, क्योंकि उत्तर-पश्चिमी से 15 से 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है, धूल व धुएं वाली धुंध और छंट सकती है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अमेरिकी दूतावास की वेबसाइट ने यह कहते हुए अलर्ट जारी किया कि प्रदूषण के कारण लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है. सोमवार को दृश्यता रविवार की तुलना में 200 मीटर से बढ़कर 400 मीटर हो गई थी. भारतीय मौसम विभाग ने आईएएनएस से कहा, "सफदरजंग इलाके में सुबह 8.30 बजे दृश्यता 400 मीटर थी."
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपील करते हुए कहा कि यह समय केंद्र और राज्य सरकार को मिलकर काम करने का है. दिल्ली सरकार ने धूल के कारण होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए पेड़ों और सड़कों पर पानी का छिड़काव कराया. सरकार ने सभी स्कूलों को तीन दिनों के लिए बंद रखने और मकानों को तोड़ने और बनाने का काम शुक्रवार तक रोकने का आदेश दिया है, ताकि धूल हवा में न मिले.
उप राज्यपाल नजीब जंग ने सोमवार को इस मुद्दे पर बैठक बुलाई, जिसमें मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, लोक निर्माण मंत्री सत्येंद्र जैन, पर्यावरण मंत्री इमरान हुसैन, तीनों नगर निगमों के आयुक्त शामिल हुए.टिप्पणियां
मौसम का पूर्वानुमान लगाने वाली एक निजी संस्था स्काइमेट के अनुसार, मंगलवार के बाद वायु गुणवत्ता में सुधार होने की संभावना है, क्योंकि उत्तर-पश्चिमी से 15 से 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है, धूल व धुएं वाली धुंध और छंट सकती है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपील करते हुए कहा कि यह समय केंद्र और राज्य सरकार को मिलकर काम करने का है. दिल्ली सरकार ने धूल के कारण होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए पेड़ों और सड़कों पर पानी का छिड़काव कराया. सरकार ने सभी स्कूलों को तीन दिनों के लिए बंद रखने और मकानों को तोड़ने और बनाने का काम शुक्रवार तक रोकने का आदेश दिया है, ताकि धूल हवा में न मिले.
उप राज्यपाल नजीब जंग ने सोमवार को इस मुद्दे पर बैठक बुलाई, जिसमें मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, लोक निर्माण मंत्री सत्येंद्र जैन, पर्यावरण मंत्री इमरान हुसैन, तीनों नगर निगमों के आयुक्त शामिल हुए.टिप्पणियां
मौसम का पूर्वानुमान लगाने वाली एक निजी संस्था स्काइमेट के अनुसार, मंगलवार के बाद वायु गुणवत्ता में सुधार होने की संभावना है, क्योंकि उत्तर-पश्चिमी से 15 से 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है, धूल व धुएं वाली धुंध और छंट सकती है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उप राज्यपाल नजीब जंग ने सोमवार को इस मुद्दे पर बैठक बुलाई, जिसमें मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, लोक निर्माण मंत्री सत्येंद्र जैन, पर्यावरण मंत्री इमरान हुसैन, तीनों नगर निगमों के आयुक्त शामिल हुए.टिप्पणियां
मौसम का पूर्वानुमान लगाने वाली एक निजी संस्था स्काइमेट के अनुसार, मंगलवार के बाद वायु गुणवत्ता में सुधार होने की संभावना है, क्योंकि उत्तर-पश्चिमी से 15 से 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है, धूल व धुएं वाली धुंध और छंट सकती है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मौसम का पूर्वानुमान लगाने वाली एक निजी संस्था स्काइमेट के अनुसार, मंगलवार के बाद वायु गुणवत्ता में सुधार होने की संभावना है, क्योंकि उत्तर-पश्चिमी से 15 से 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है, धूल व धुएं वाली धुंध और छंट सकती है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त पाठ: हवा की गुणवत्ता सुधरने में थोड़ा वक्त लगेगा
उप राज्यपाल नजीब जंग ने प्रदूषण के मुद्दे पर बैठक बुलाई
उत्तर-पश्चिमी से तेज हवा चलने पर सुधार की आशा | 14 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय रेलवे की कुल आमदनी का एक-तिहाई हिस्सा कर्मचारियों के वेतन और भत्तों पर खर्च होता है। रेलवे की कमाई में 65 फीसद योगदान मालभाड़े का रहता है।
रेलवे को 2010-11 में प्रत्येक एक रुपये की आमदनी में से 65 पैसे माल भाड़े (मसलन कोयले जैसी वस्तुओं की ढुलाई) से मिले। यात्री टिकटों से उसकी आमदनी एक रुपये में 27 पैसे रही। इससे पिछले वित्त वर्ष में यह एक रुपये में 26 पैसे थी।
वर्ष 2010-11 के आंकड़ों के अनुसार, रेलवे को अपनी प्रत्येक एक रुपये की आमदनी में से 37 पैसे कर्मचारियों के वेतन एवं भत्तों पर जबकि 16 पैसे पेंशन कोष संबंधी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने को रखने पड़ते हैं।
ईंधन पर रेलवे को प्रत्येक एक रुपये की आमदनी में से 17 पैसे खर्च करने पड़ते हैं। इसके अलावा अन्य छोटे मोटी जरूरतों पर रेलवे के 9 पैसे खर्च होते हैं।।टिप्पणियां
रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी ने आज संसद में वित्त वर्ष 2012-13 का बजट पेश करते हुए मालभाड़ा आमदनी 30.2 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 89,339 करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया है। रेलवे ने 2012-13 में 102.5 करोड़ टन की माल ढुलाई का लक्ष्य रखा है, जो चालू साल के 97 करोड़ टन के संशोधित लक्ष्य से 5.5 करोड़ टन अधिक है।
रेल मंत्री ने कहा कि रेलगाड़ियों की संख्या में बढ़ोतरी और अधिक बुकिंग से 2012-13 में रेल यात्रियों की संख्या में 5.4 प्रतिशत का इजाफा होगा। यात्रियों के जरिये 2012-13 में 36,073 करोड़ रुपये की आमदनी का लक्ष्य रखा गया है, जो चालू साल के संशोधित अनुमान से 7,273 करोड़ रुपये अधिक है।
रेलवे को 2010-11 में प्रत्येक एक रुपये की आमदनी में से 65 पैसे माल भाड़े (मसलन कोयले जैसी वस्तुओं की ढुलाई) से मिले। यात्री टिकटों से उसकी आमदनी एक रुपये में 27 पैसे रही। इससे पिछले वित्त वर्ष में यह एक रुपये में 26 पैसे थी।
वर्ष 2010-11 के आंकड़ों के अनुसार, रेलवे को अपनी प्रत्येक एक रुपये की आमदनी में से 37 पैसे कर्मचारियों के वेतन एवं भत्तों पर जबकि 16 पैसे पेंशन कोष संबंधी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने को रखने पड़ते हैं।
ईंधन पर रेलवे को प्रत्येक एक रुपये की आमदनी में से 17 पैसे खर्च करने पड़ते हैं। इसके अलावा अन्य छोटे मोटी जरूरतों पर रेलवे के 9 पैसे खर्च होते हैं।।टिप्पणियां
रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी ने आज संसद में वित्त वर्ष 2012-13 का बजट पेश करते हुए मालभाड़ा आमदनी 30.2 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 89,339 करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया है। रेलवे ने 2012-13 में 102.5 करोड़ टन की माल ढुलाई का लक्ष्य रखा है, जो चालू साल के 97 करोड़ टन के संशोधित लक्ष्य से 5.5 करोड़ टन अधिक है।
रेल मंत्री ने कहा कि रेलगाड़ियों की संख्या में बढ़ोतरी और अधिक बुकिंग से 2012-13 में रेल यात्रियों की संख्या में 5.4 प्रतिशत का इजाफा होगा। यात्रियों के जरिये 2012-13 में 36,073 करोड़ रुपये की आमदनी का लक्ष्य रखा गया है, जो चालू साल के संशोधित अनुमान से 7,273 करोड़ रुपये अधिक है।
वर्ष 2010-11 के आंकड़ों के अनुसार, रेलवे को अपनी प्रत्येक एक रुपये की आमदनी में से 37 पैसे कर्मचारियों के वेतन एवं भत्तों पर जबकि 16 पैसे पेंशन कोष संबंधी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने को रखने पड़ते हैं।
ईंधन पर रेलवे को प्रत्येक एक रुपये की आमदनी में से 17 पैसे खर्च करने पड़ते हैं। इसके अलावा अन्य छोटे मोटी जरूरतों पर रेलवे के 9 पैसे खर्च होते हैं।।टिप्पणियां
रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी ने आज संसद में वित्त वर्ष 2012-13 का बजट पेश करते हुए मालभाड़ा आमदनी 30.2 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 89,339 करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया है। रेलवे ने 2012-13 में 102.5 करोड़ टन की माल ढुलाई का लक्ष्य रखा है, जो चालू साल के 97 करोड़ टन के संशोधित लक्ष्य से 5.5 करोड़ टन अधिक है।
रेल मंत्री ने कहा कि रेलगाड़ियों की संख्या में बढ़ोतरी और अधिक बुकिंग से 2012-13 में रेल यात्रियों की संख्या में 5.4 प्रतिशत का इजाफा होगा। यात्रियों के जरिये 2012-13 में 36,073 करोड़ रुपये की आमदनी का लक्ष्य रखा गया है, जो चालू साल के संशोधित अनुमान से 7,273 करोड़ रुपये अधिक है।
ईंधन पर रेलवे को प्रत्येक एक रुपये की आमदनी में से 17 पैसे खर्च करने पड़ते हैं। इसके अलावा अन्य छोटे मोटी जरूरतों पर रेलवे के 9 पैसे खर्च होते हैं।।टिप्पणियां
रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी ने आज संसद में वित्त वर्ष 2012-13 का बजट पेश करते हुए मालभाड़ा आमदनी 30.2 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 89,339 करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया है। रेलवे ने 2012-13 में 102.5 करोड़ टन की माल ढुलाई का लक्ष्य रखा है, जो चालू साल के 97 करोड़ टन के संशोधित लक्ष्य से 5.5 करोड़ टन अधिक है।
रेल मंत्री ने कहा कि रेलगाड़ियों की संख्या में बढ़ोतरी और अधिक बुकिंग से 2012-13 में रेल यात्रियों की संख्या में 5.4 प्रतिशत का इजाफा होगा। यात्रियों के जरिये 2012-13 में 36,073 करोड़ रुपये की आमदनी का लक्ष्य रखा गया है, जो चालू साल के संशोधित अनुमान से 7,273 करोड़ रुपये अधिक है।
रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी ने आज संसद में वित्त वर्ष 2012-13 का बजट पेश करते हुए मालभाड़ा आमदनी 30.2 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 89,339 करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया है। रेलवे ने 2012-13 में 102.5 करोड़ टन की माल ढुलाई का लक्ष्य रखा है, जो चालू साल के 97 करोड़ टन के संशोधित लक्ष्य से 5.5 करोड़ टन अधिक है।
रेल मंत्री ने कहा कि रेलगाड़ियों की संख्या में बढ़ोतरी और अधिक बुकिंग से 2012-13 में रेल यात्रियों की संख्या में 5.4 प्रतिशत का इजाफा होगा। यात्रियों के जरिये 2012-13 में 36,073 करोड़ रुपये की आमदनी का लक्ष्य रखा गया है, जो चालू साल के संशोधित अनुमान से 7,273 करोड़ रुपये अधिक है।
रेल मंत्री ने कहा कि रेलगाड़ियों की संख्या में बढ़ोतरी और अधिक बुकिंग से 2012-13 में रेल यात्रियों की संख्या में 5.4 प्रतिशत का इजाफा होगा। यात्रियों के जरिये 2012-13 में 36,073 करोड़ रुपये की आमदनी का लक्ष्य रखा गया है, जो चालू साल के संशोधित अनुमान से 7,273 करोड़ रुपये अधिक है। | संक्षिप्त सारांश: भारतीय रेलवे की कुल आमदनी का एक-तिहाई हिस्सा कर्मचारियों के वेतन और भत्तों पर खर्च होता है। रेलवे की कमाई में 65 फीसद योगदान मालभाड़े का रहता है। | 10 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश में हुए विधानसभा चुनावों में मतों की गिनती का काम चुनाव आयोग 11 मार्च को करेगा. आज चुनावों को लेकर अंतिम दिन मतदान हुआ. इसी के साथ चुनाव आयोग की एक्जिट पोल (Exit polls) दिखाने पर लगी रोक का समय पूरा होते ही कई चैनलों में एक्जिट पोल के परिणामों पर चर्चा आरंभ हो गई. कई चैनलों में अपने सर्वे के साथी के साथ मिलकर किए गए एक्जिट पोल को दिखाना आरंभ कर दिया और ऐसे में नेताओं के बयान भी आना आरंभ हो गए.टिप्पणियां
ऐसे में जहां कई चैनल अपने एक्जिट पोल में यूपी में बीजेपी को सबसे बड़ी पार्टी के रूप में दिखा रहे हैं, ऐसे में राज्य में सत्ताधारी दल समाजवादी पार्टी के नेताओं में खलबली मचना स्वभाविक है. समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और यूपी सरकार के कैबिनेट मंत्री आजम खान ने बड़ा बयान दिया है. आजम खान ने कहा है कि अगर यूपी में समाजवादी पार्टी हारती है तो इसके लिए अखिलेश यादव जिम्मेदार नहीं होंगे.
आजम खान यूपी में अखिलेश यादव और यादव परिवार के सबसे करीबी नेताओं में से एक हैं. यादव में जारी कलह के दौरान आजम खान एक अकेले ऐसे नेता थे जो आखिरी समय में इसी प्रयास में लगे रहे थे कि परिवार में सुलह हो जाए और अखिलेश यादव तथा मुलायम सिंह यादव में कोई दूरी न रहे.
ऐसे में जहां कई चैनल अपने एक्जिट पोल में यूपी में बीजेपी को सबसे बड़ी पार्टी के रूप में दिखा रहे हैं, ऐसे में राज्य में सत्ताधारी दल समाजवादी पार्टी के नेताओं में खलबली मचना स्वभाविक है. समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और यूपी सरकार के कैबिनेट मंत्री आजम खान ने बड़ा बयान दिया है. आजम खान ने कहा है कि अगर यूपी में समाजवादी पार्टी हारती है तो इसके लिए अखिलेश यादव जिम्मेदार नहीं होंगे.
आजम खान यूपी में अखिलेश यादव और यादव परिवार के सबसे करीबी नेताओं में से एक हैं. यादव में जारी कलह के दौरान आजम खान एक अकेले ऐसे नेता थे जो आखिरी समय में इसी प्रयास में लगे रहे थे कि परिवार में सुलह हो जाए और अखिलेश यादव तथा मुलायम सिंह यादव में कोई दूरी न रहे.
आजम खान यूपी में अखिलेश यादव और यादव परिवार के सबसे करीबी नेताओं में से एक हैं. यादव में जारी कलह के दौरान आजम खान एक अकेले ऐसे नेता थे जो आखिरी समय में इसी प्रयास में लगे रहे थे कि परिवार में सुलह हो जाए और अखिलेश यादव तथा मुलायम सिंह यादव में कोई दूरी न रहे. | यहाँ एक सारांश है:कई चैनलों में एक्जिट पोल के परिणामों पर चर्चा आरंभ हो गई.
ऐसे में नेताओं के बयान भी आना आरंभ हो गए.
यादव परिवार के सबसे करीबी नेताओं में से एक आजम खान. | 17 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर अब एक पूर्व आईपीएस अफसर को तंग करने का आरोप लग रहा है, क्योंकि उनकी एक किताब में ममता सरकार की तीखी आलोचना की गई है।
'व्हॉट मुस्लिम शुड डू' नाम की यह किताब नजरूल इस्लाम ने लिखी है, हालांकि किताब पर पाबंदी नहीं लगाई गई है, लेकिन आज कोलकाता पुलिस ने प्रकाशक के यहां छापा मारा ताकि यह किताब जब्त की जा सके। प्रकाशक का सेल काउंटर भी बंद कर दिया गया।टिप्पणियां
इस प्रकार की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी ममता आपत्तिजनक कार्टून बनाने और उन्हें सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट के जरिये सार्वजनिक करने के आरोप में जादवपुर यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अम्बिकेश महापात्रा को भी गिरफ्तार किया था।
इसके अलावा भी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा सिलादित्य चौधरी को माओवादी करार दिए जाने और एक रैली के दौरान उनसे सवाल पूछने पर गिरफ्तार कर लिया गया था।
'व्हॉट मुस्लिम शुड डू' नाम की यह किताब नजरूल इस्लाम ने लिखी है, हालांकि किताब पर पाबंदी नहीं लगाई गई है, लेकिन आज कोलकाता पुलिस ने प्रकाशक के यहां छापा मारा ताकि यह किताब जब्त की जा सके। प्रकाशक का सेल काउंटर भी बंद कर दिया गया।टिप्पणियां
इस प्रकार की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी ममता आपत्तिजनक कार्टून बनाने और उन्हें सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट के जरिये सार्वजनिक करने के आरोप में जादवपुर यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अम्बिकेश महापात्रा को भी गिरफ्तार किया था।
इसके अलावा भी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा सिलादित्य चौधरी को माओवादी करार दिए जाने और एक रैली के दौरान उनसे सवाल पूछने पर गिरफ्तार कर लिया गया था।
इस प्रकार की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी ममता आपत्तिजनक कार्टून बनाने और उन्हें सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट के जरिये सार्वजनिक करने के आरोप में जादवपुर यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अम्बिकेश महापात्रा को भी गिरफ्तार किया था।
इसके अलावा भी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा सिलादित्य चौधरी को माओवादी करार दिए जाने और एक रैली के दौरान उनसे सवाल पूछने पर गिरफ्तार कर लिया गया था।
इसके अलावा भी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा सिलादित्य चौधरी को माओवादी करार दिए जाने और एक रैली के दौरान उनसे सवाल पूछने पर गिरफ्तार कर लिया गया था। | यह एक सारांश है: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर अब एक पूर्व आईपीएस अफसर को तंग करने का आरोप लग रहा है, क्योंकि उनकी एक किताब में ममता सरकार की तीखी आलोचना की गई है। | 16 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: विराट कोहली के नाबाद शतक (112) और गौतम गम्भीर के नाबाद (84) रनों की महत्वपूर्ण पारी और गेंदबाजों के धारदार प्रदर्शन की बदौलत भारत ने सोमवार को दूसरे एकदिवसीय मुकाबले में इंग्लैंड को आठ विकेट से पराजित कर दिया। इस तरह भारत की टीम पांच मौचों की श्रृंखला में 2-0 से आगे हो गई है। कोहली को नाबाद शतक जड़ने के लिए मैन आफ द मैच चुना गया। फिरोजशाह कोटला स्टेडियम में टॉस जीतने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लिश टीम 48.1 ओवर ही विकेट पर बिता पाई जिसमें उसने 237 रन बनाए। इसके जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने दो विकेट गंवाकर 36.4 ओवर में 238 रन बना लिए। भारत की ओर से विराट कोहली ने नाबाद शतक जड़ा। उन्होंने 98 गेंदों पर 16 चौकों की मदद से 112 रन बनाए। विराट कोहली को गौतम गम्भीर का भरपूर साथ मिला। गम्भीर ने 90 गेंदो में 10 चौके की मदद से 84 रनों की पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों के बीच तीसरे विकेट के लिए 209 रनों की साझेदारी हुई। भारत की शुरुआत हालांकि खराब रही और उसके दो बल्लेबाज 29 रन के कुल योग पर पवेलियन लौट गए थे। भारत ने पार्थिव पटेल (12) और अंजिक्य रेहाने (14) के विकेट जल्दी गंवा दिए। पार्थिव का विकेट 14 रन के कुल योग पर गिरा। पार्थिव ने 17 गेंदों पर दो चौके लगाए जबकि रेहाने ने 15 गेंदों पर एक चौका और एक छक्का लगाया। दोनों विकेट टिम ब्रेस्नन को मिले हैं। इंग्लैंड की ओर से टिम ब्रेस्नन को ही दो सफलता मिल पाई। अन्य गेंदबाज प्रभावी प्रदर्शन नहीं कर पाए। इससे पहले, अपने गेंदबाजों के उम्दा प्रदर्शन की बदौलत भारतीय टीम ने इंग्लैंड को 237 रनों पर सीमित कर दिया। इंग्लैंड की ओर से केविन पीटरसन ने सर्वाधिक 46 रन बनाए जबकि भारत की ओर से विनय कुमार ने चार विकेट झटके। टॉस जीतने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लिश टीम 48.1 ओवर ही विकेट पर बिता पाई। पीटरसन के अलावा समित पटेल ने 42, रवि बोपारा ने 36, जॉनी बेयर्सट्रो ने 35 और जोनाथन ट्रॉट ने 34 रनों का योगदान दिया। भारत की ओर से विनय के अलावा उमेश यादव ने दो सफलता हासिल की। आक्रमण पंक्ति की कमान सम्भालने वाले प्रवीण कुमार, स्पिन गेंदबाज रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा को एक-एक विकेट मिला। इंग्लैंड की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी। उसने शून्य के कुल योग पर अपने दोनों सलामी बल्लेबाजों-कप्तान एलिस्टर कुक और क्रेग कीसवेटर के विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद पीटरसन और ट्रॉट ने तीसरे विकेट के लिए 48 रन जोड़े। ट्रॉट काफी अच्छा खेल रहे थे लेकिन विनय ने उन्हें आउट करके अपनी टीम को बड़ी सफलता दिलाई। ट्रॉट ने 37 गेंदों पर सात चौके लगाए। ट्रॉट के आउट होने के बाद पीटरसन पर अपनी टीम को सम्भालने की जिम्मेदारी आ गई। इसका निर्वहन करते हुए पीटरसन ने बोपारा के साथ चौथे विकेट के लिए 73 रन जोड़े। यह साझेदारी इंग्लिश पारी के लिए अहम थी। 12 रन के कुल योग पर अश्विन ने दिन की अपनी एकमात्र सफलता के रूप में बोपारा को आउट किया। बोपारा ने 50 गेंदों पर चार चौके लगाए। इसके बाद पीटरसन का साथ देने जॉनी बेयर्सट्रा विकेट पर आए लेकिन पीटरसन इस पारी को आगे नहीं बढ़ा सके और 121 रनों के कुल योग पर ही उमेश के पहले शिकार बने। पीटरसन ने 55 गेंदों पर तीन चौके और दो छक्के लगाए। तेजी से खेलने के लिए मशहूर जॉनी ने पीटरसन की विदाई के बाद समित के साथ अपनी टीम को मजबूती देने का क्रम शुरू किया। दोनों ने छठे विकेट के लिए 86 रन जोड़े, जो इंग्लिश पारी की सबसे बड़ी साझेदारी रही। 207 रन के कुल योग पर समित उमेश की एक सीधी गेंद पर पगबाधा हो गए। समित ने 53 गेंदों पर दो चौके और दो छक्के लगाए। इसके बाद 211 रनों के कुल योग पर जडेजा ने जॉनी को आउट कर इंग्लिश खेमे में निराशा भर दी। अब इंग्लिश बल्लेबाजों के लिए पूरे 50 ओवर खेलना मुश्किल लग रहा था। अंत में हुआ भी यही। टिम ब्रेस्नन (12), ग्रीम स्वान (7) और जेड डर्नबैक (3) कुछ खास नहीं कर सके। स्टीवन फिन छह रन पर नाबाद लौटे। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: भारत ने फिरोजशाह कोटला स्टेडियम में दूसरे एकदिवसीय मुकाबले में इंग्लैंड को आठ विकेट से हरा दिया। | 32 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: देश के शेयर बाजारों में मंगलवार को तेजी का रुख रहा। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 86.17 अंकों की तेजी के साथ 17,852.95 पर और निफ्टी 26.55 अंकों की तेजी के साथ 5,390.00 पर बंद हुआ।
बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 54.98 अंकों की गिरावट के साथ 17,711.80 पर खुला और 0.49 फीसदी या 86.17 अंकों की तेजी के साथ 17,852.95 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में सेंसेक्स ने 17,867.85 के ऊपरी और 17,677.38 के निचले स्तर को छुआ।
सेंसेक्स के 30 में से 17 शेयरों में तेजी रही। एचडीएफसी (2.49 फीसदी), एनटीपीसी (1.81 फीसदी), गेल इंडिया (1.66 फीसदी), भेल (1.41 फीसदी) और टीसीएस (1.41 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।
सेंसेक्स में गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे स्टरलाइट इंडस्ट्रीज (4.43 फीसदी), जिंदल स्टील (3.13 फीसदी), हीरो मोटोकॉर्प (1.00 फीसदी), टाटा स्टील (0.79 फीसदी) और हिंदुस्तान यूनिलीवर (0.58 फीसदी)।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी सुबह 27.35 अंकों की गिरावट के साथ 5,336.10 पर खुला और 0.50 फीसदी या 26.55 अंकों की तेजी के साथ 5,390.00 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी ने 5,393.35 के ऊपरी और 5,332.10 के निचले स्तर को छुआ।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी रही। मिडकैप 16.54 अंकों की तेजी के साथ 6,176.30 पर और स्मॉलकैप 38.03 अंकों की तेजी के साथ 6,579.68 पर बंद हुआ।
बीएसई के 13 में से 11 सेक्टरों में तेजी रही। रियल्टी (0.94 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (0.88 फीसदी), बिजली (0.81 फीसदी), प्रौद्योगिकी (0.76 फीसदी) और बैंकिंग (0.58 फीसदी) में सबसे ज्यादा तेजी रही।टिप्पणियां
बीएसई के दो सेक्टरों धातु (1.48 फीसदी) और वाहन (0.05 फीसदी) में गिरावट रही।
बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1574 शेयरों में तेजी और 1263 में गिरावट रही, जबकि 132 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ।
बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 54.98 अंकों की गिरावट के साथ 17,711.80 पर खुला और 0.49 फीसदी या 86.17 अंकों की तेजी के साथ 17,852.95 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में सेंसेक्स ने 17,867.85 के ऊपरी और 17,677.38 के निचले स्तर को छुआ।
सेंसेक्स के 30 में से 17 शेयरों में तेजी रही। एचडीएफसी (2.49 फीसदी), एनटीपीसी (1.81 फीसदी), गेल इंडिया (1.66 फीसदी), भेल (1.41 फीसदी) और टीसीएस (1.41 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।
सेंसेक्स में गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे स्टरलाइट इंडस्ट्रीज (4.43 फीसदी), जिंदल स्टील (3.13 फीसदी), हीरो मोटोकॉर्प (1.00 फीसदी), टाटा स्टील (0.79 फीसदी) और हिंदुस्तान यूनिलीवर (0.58 फीसदी)।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी सुबह 27.35 अंकों की गिरावट के साथ 5,336.10 पर खुला और 0.50 फीसदी या 26.55 अंकों की तेजी के साथ 5,390.00 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी ने 5,393.35 के ऊपरी और 5,332.10 के निचले स्तर को छुआ।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी रही। मिडकैप 16.54 अंकों की तेजी के साथ 6,176.30 पर और स्मॉलकैप 38.03 अंकों की तेजी के साथ 6,579.68 पर बंद हुआ।
बीएसई के 13 में से 11 सेक्टरों में तेजी रही। रियल्टी (0.94 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (0.88 फीसदी), बिजली (0.81 फीसदी), प्रौद्योगिकी (0.76 फीसदी) और बैंकिंग (0.58 फीसदी) में सबसे ज्यादा तेजी रही।टिप्पणियां
बीएसई के दो सेक्टरों धातु (1.48 फीसदी) और वाहन (0.05 फीसदी) में गिरावट रही।
बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1574 शेयरों में तेजी और 1263 में गिरावट रही, जबकि 132 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ।
सेंसेक्स के 30 में से 17 शेयरों में तेजी रही। एचडीएफसी (2.49 फीसदी), एनटीपीसी (1.81 फीसदी), गेल इंडिया (1.66 फीसदी), भेल (1.41 फीसदी) और टीसीएस (1.41 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।
सेंसेक्स में गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे स्टरलाइट इंडस्ट्रीज (4.43 फीसदी), जिंदल स्टील (3.13 फीसदी), हीरो मोटोकॉर्प (1.00 फीसदी), टाटा स्टील (0.79 फीसदी) और हिंदुस्तान यूनिलीवर (0.58 फीसदी)।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी सुबह 27.35 अंकों की गिरावट के साथ 5,336.10 पर खुला और 0.50 फीसदी या 26.55 अंकों की तेजी के साथ 5,390.00 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी ने 5,393.35 के ऊपरी और 5,332.10 के निचले स्तर को छुआ।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी रही। मिडकैप 16.54 अंकों की तेजी के साथ 6,176.30 पर और स्मॉलकैप 38.03 अंकों की तेजी के साथ 6,579.68 पर बंद हुआ।
बीएसई के 13 में से 11 सेक्टरों में तेजी रही। रियल्टी (0.94 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (0.88 फीसदी), बिजली (0.81 फीसदी), प्रौद्योगिकी (0.76 फीसदी) और बैंकिंग (0.58 फीसदी) में सबसे ज्यादा तेजी रही।टिप्पणियां
बीएसई के दो सेक्टरों धातु (1.48 फीसदी) और वाहन (0.05 फीसदी) में गिरावट रही।
बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1574 शेयरों में तेजी और 1263 में गिरावट रही, जबकि 132 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ।
सेंसेक्स में गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे स्टरलाइट इंडस्ट्रीज (4.43 फीसदी), जिंदल स्टील (3.13 फीसदी), हीरो मोटोकॉर्प (1.00 फीसदी), टाटा स्टील (0.79 फीसदी) और हिंदुस्तान यूनिलीवर (0.58 फीसदी)।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी सुबह 27.35 अंकों की गिरावट के साथ 5,336.10 पर खुला और 0.50 फीसदी या 26.55 अंकों की तेजी के साथ 5,390.00 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी ने 5,393.35 के ऊपरी और 5,332.10 के निचले स्तर को छुआ।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी रही। मिडकैप 16.54 अंकों की तेजी के साथ 6,176.30 पर और स्मॉलकैप 38.03 अंकों की तेजी के साथ 6,579.68 पर बंद हुआ।
बीएसई के 13 में से 11 सेक्टरों में तेजी रही। रियल्टी (0.94 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (0.88 फीसदी), बिजली (0.81 फीसदी), प्रौद्योगिकी (0.76 फीसदी) और बैंकिंग (0.58 फीसदी) में सबसे ज्यादा तेजी रही।टिप्पणियां
बीएसई के दो सेक्टरों धातु (1.48 फीसदी) और वाहन (0.05 फीसदी) में गिरावट रही।
बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1574 शेयरों में तेजी और 1263 में गिरावट रही, जबकि 132 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी सुबह 27.35 अंकों की गिरावट के साथ 5,336.10 पर खुला और 0.50 फीसदी या 26.55 अंकों की तेजी के साथ 5,390.00 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी ने 5,393.35 के ऊपरी और 5,332.10 के निचले स्तर को छुआ।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी रही। मिडकैप 16.54 अंकों की तेजी के साथ 6,176.30 पर और स्मॉलकैप 38.03 अंकों की तेजी के साथ 6,579.68 पर बंद हुआ।
बीएसई के 13 में से 11 सेक्टरों में तेजी रही। रियल्टी (0.94 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (0.88 फीसदी), बिजली (0.81 फीसदी), प्रौद्योगिकी (0.76 फीसदी) और बैंकिंग (0.58 फीसदी) में सबसे ज्यादा तेजी रही।टिप्पणियां
बीएसई के दो सेक्टरों धातु (1.48 फीसदी) और वाहन (0.05 फीसदी) में गिरावट रही।
बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1574 शेयरों में तेजी और 1263 में गिरावट रही, जबकि 132 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी रही। मिडकैप 16.54 अंकों की तेजी के साथ 6,176.30 पर और स्मॉलकैप 38.03 अंकों की तेजी के साथ 6,579.68 पर बंद हुआ।
बीएसई के 13 में से 11 सेक्टरों में तेजी रही। रियल्टी (0.94 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (0.88 फीसदी), बिजली (0.81 फीसदी), प्रौद्योगिकी (0.76 फीसदी) और बैंकिंग (0.58 फीसदी) में सबसे ज्यादा तेजी रही।टिप्पणियां
बीएसई के दो सेक्टरों धातु (1.48 फीसदी) और वाहन (0.05 फीसदी) में गिरावट रही।
बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1574 शेयरों में तेजी और 1263 में गिरावट रही, जबकि 132 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ।
बीएसई के 13 में से 11 सेक्टरों में तेजी रही। रियल्टी (0.94 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (0.88 फीसदी), बिजली (0.81 फीसदी), प्रौद्योगिकी (0.76 फीसदी) और बैंकिंग (0.58 फीसदी) में सबसे ज्यादा तेजी रही।टिप्पणियां
बीएसई के दो सेक्टरों धातु (1.48 फीसदी) और वाहन (0.05 फीसदी) में गिरावट रही।
बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1574 शेयरों में तेजी और 1263 में गिरावट रही, जबकि 132 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ।
बीएसई के दो सेक्टरों धातु (1.48 फीसदी) और वाहन (0.05 फीसदी) में गिरावट रही।
बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1574 शेयरों में तेजी और 1263 में गिरावट रही, जबकि 132 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ।
बीएसई में कारोबार का रुझान सकारात्मक रहा। कुल 1574 शेयरों में तेजी और 1263 में गिरावट रही, जबकि 132 शेयरों के भाव में बदलाव नहीं हुआ। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: देश के शेयर बाजारों में मंगलवार को तेजी का रुख रहा। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 86.17 अंकों की तेजी के साथ 17,852.95 पर और निफ्टी 26.55 अंकों की तेजी के साथ 5,390.00 पर बंद हुआ। | 32 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अपनी नई फिल्म 'क्या सुपरकूल हैं हम' का प्रचार करने एक मॉल में पहुंची वीजे से बॉलीवुड अभिनेत्री बनी सारा जेन डायस पर कुछ लोगों ने पत्थर फेंके।
इस पथराव से 29-वर्षीय पूर्व मिस इंडिया के होंठों में चोट लगी और उन्होंने कहा कि एक अज्ञात हमलावर द्वारा उनके उपर पत्थर फेंके जाने से वह 'लज्जित' हैं।टिप्पणियां
सारा जेन डायस ने ट्विटर पर लिखा, "फरीदाबाद में एक स्टेज पर एक पत्थर फेंका गया। मेरे जीवन में ऐसा पहली बार हुआ है। मैं अपने लोगों पर लज्जित हूं... नहीं, मैं ठीक नहीं हूं, लेकिन यदि वे उत्साह को खत्म करना चाहते हैं तो यह काम नहीं करेगा।"
फरीदाबाद में इस फिल्म के कलाकारों को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग इकट्ठे हुए थे। इस फिल्म के अन्य कलाकारों में रितेश देशमुख, तुषार कपूर और नेहा शर्मा हैं। फिल्म की निर्माता एकता कपूर हैं, और यह 27 जुलाई को प्रदर्शित होगी।
इस पथराव से 29-वर्षीय पूर्व मिस इंडिया के होंठों में चोट लगी और उन्होंने कहा कि एक अज्ञात हमलावर द्वारा उनके उपर पत्थर फेंके जाने से वह 'लज्जित' हैं।टिप्पणियां
सारा जेन डायस ने ट्विटर पर लिखा, "फरीदाबाद में एक स्टेज पर एक पत्थर फेंका गया। मेरे जीवन में ऐसा पहली बार हुआ है। मैं अपने लोगों पर लज्जित हूं... नहीं, मैं ठीक नहीं हूं, लेकिन यदि वे उत्साह को खत्म करना चाहते हैं तो यह काम नहीं करेगा।"
फरीदाबाद में इस फिल्म के कलाकारों को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग इकट्ठे हुए थे। इस फिल्म के अन्य कलाकारों में रितेश देशमुख, तुषार कपूर और नेहा शर्मा हैं। फिल्म की निर्माता एकता कपूर हैं, और यह 27 जुलाई को प्रदर्शित होगी।
सारा जेन डायस ने ट्विटर पर लिखा, "फरीदाबाद में एक स्टेज पर एक पत्थर फेंका गया। मेरे जीवन में ऐसा पहली बार हुआ है। मैं अपने लोगों पर लज्जित हूं... नहीं, मैं ठीक नहीं हूं, लेकिन यदि वे उत्साह को खत्म करना चाहते हैं तो यह काम नहीं करेगा।"
फरीदाबाद में इस फिल्म के कलाकारों को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग इकट्ठे हुए थे। इस फिल्म के अन्य कलाकारों में रितेश देशमुख, तुषार कपूर और नेहा शर्मा हैं। फिल्म की निर्माता एकता कपूर हैं, और यह 27 जुलाई को प्रदर्शित होगी।
फरीदाबाद में इस फिल्म के कलाकारों को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग इकट्ठे हुए थे। इस फिल्म के अन्य कलाकारों में रितेश देशमुख, तुषार कपूर और नेहा शर्मा हैं। फिल्म की निर्माता एकता कपूर हैं, और यह 27 जुलाई को प्रदर्शित होगी। | यहाँ एक सारांश है:इस पत्थर से 29-वर्षीय पूर्व मिस इंडिया के होंठों में चोट लगी और उन्होंने कहा कि एक अज्ञात हमलावर द्वारा उनके उपर पत्थर फेंके जाने से वह 'लज्जित' हैं। | 17 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: शेयर बाजार में पिछले तीन दिन से चल रही गिरावट का सिलसिला और तेज हो गया तथा बंबई शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स में 478 अंक की भारी गिरावट दर्ज की गई।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और अंतरराष्ट्रीय शेयर बाजारों में नरमी से स्थानीय बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ गया था।
30 शेयरों वाला सेंसेक्स 477.82 अंक टूटकर 17,445.75 अंक पर बंद हुआ। चार कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स 977.82 अंक टूट चुका है। सोमवार को कारोबार के दौरान एक समय सेंसेक्स दिन के निचले स्तर 17,381.64 अंक पर आ गया था।
इसी तरह, नेशनल स्टाक एक्सचेंज का निफ्टी भी 148.10 अंक की गिरावट के साथ 5,281.20 अंक पर बंद हुआ।टिप्पणियां
एशियाई बाजारों में नरमी के रुख और यूरोपीय शेयर बाजारों के कमजोर खुलने से स्थानीय बाजार की धारणा कमजोर हुई। वैश्विक बाजारों में कच्चे तेल का दाम 10 महीने के शीर्ष 125 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचने से मुद्रास्फीति बढ़ने की आशंका पैदा हो गई है। इसके अलावा, ईरान से तेल आपूर्ति को लेकर अनिश्चितताओं से भी कारोबारी धारणा कमजोर हुई।
बाजार विश्लेषकों ने कहा कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से मुद्रास्फीति बढ़ेगी जिसके मद्देनजर रिजर्व बैंक द्वारा मौद्रिक नीति में नरमी का रुख अपनाने की उम्मीद घटने से रीयल्टी और बैंकिंग शेयर मुनाफावसूली के शिकार हुए।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और अंतरराष्ट्रीय शेयर बाजारों में नरमी से स्थानीय बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ गया था।
30 शेयरों वाला सेंसेक्स 477.82 अंक टूटकर 17,445.75 अंक पर बंद हुआ। चार कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स 977.82 अंक टूट चुका है। सोमवार को कारोबार के दौरान एक समय सेंसेक्स दिन के निचले स्तर 17,381.64 अंक पर आ गया था।
इसी तरह, नेशनल स्टाक एक्सचेंज का निफ्टी भी 148.10 अंक की गिरावट के साथ 5,281.20 अंक पर बंद हुआ।टिप्पणियां
एशियाई बाजारों में नरमी के रुख और यूरोपीय शेयर बाजारों के कमजोर खुलने से स्थानीय बाजार की धारणा कमजोर हुई। वैश्विक बाजारों में कच्चे तेल का दाम 10 महीने के शीर्ष 125 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचने से मुद्रास्फीति बढ़ने की आशंका पैदा हो गई है। इसके अलावा, ईरान से तेल आपूर्ति को लेकर अनिश्चितताओं से भी कारोबारी धारणा कमजोर हुई।
बाजार विश्लेषकों ने कहा कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से मुद्रास्फीति बढ़ेगी जिसके मद्देनजर रिजर्व बैंक द्वारा मौद्रिक नीति में नरमी का रुख अपनाने की उम्मीद घटने से रीयल्टी और बैंकिंग शेयर मुनाफावसूली के शिकार हुए।
30 शेयरों वाला सेंसेक्स 477.82 अंक टूटकर 17,445.75 अंक पर बंद हुआ। चार कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स 977.82 अंक टूट चुका है। सोमवार को कारोबार के दौरान एक समय सेंसेक्स दिन के निचले स्तर 17,381.64 अंक पर आ गया था।
इसी तरह, नेशनल स्टाक एक्सचेंज का निफ्टी भी 148.10 अंक की गिरावट के साथ 5,281.20 अंक पर बंद हुआ।टिप्पणियां
एशियाई बाजारों में नरमी के रुख और यूरोपीय शेयर बाजारों के कमजोर खुलने से स्थानीय बाजार की धारणा कमजोर हुई। वैश्विक बाजारों में कच्चे तेल का दाम 10 महीने के शीर्ष 125 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचने से मुद्रास्फीति बढ़ने की आशंका पैदा हो गई है। इसके अलावा, ईरान से तेल आपूर्ति को लेकर अनिश्चितताओं से भी कारोबारी धारणा कमजोर हुई।
बाजार विश्लेषकों ने कहा कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से मुद्रास्फीति बढ़ेगी जिसके मद्देनजर रिजर्व बैंक द्वारा मौद्रिक नीति में नरमी का रुख अपनाने की उम्मीद घटने से रीयल्टी और बैंकिंग शेयर मुनाफावसूली के शिकार हुए।
इसी तरह, नेशनल स्टाक एक्सचेंज का निफ्टी भी 148.10 अंक की गिरावट के साथ 5,281.20 अंक पर बंद हुआ।टिप्पणियां
एशियाई बाजारों में नरमी के रुख और यूरोपीय शेयर बाजारों के कमजोर खुलने से स्थानीय बाजार की धारणा कमजोर हुई। वैश्विक बाजारों में कच्चे तेल का दाम 10 महीने के शीर्ष 125 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचने से मुद्रास्फीति बढ़ने की आशंका पैदा हो गई है। इसके अलावा, ईरान से तेल आपूर्ति को लेकर अनिश्चितताओं से भी कारोबारी धारणा कमजोर हुई।
बाजार विश्लेषकों ने कहा कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से मुद्रास्फीति बढ़ेगी जिसके मद्देनजर रिजर्व बैंक द्वारा मौद्रिक नीति में नरमी का रुख अपनाने की उम्मीद घटने से रीयल्टी और बैंकिंग शेयर मुनाफावसूली के शिकार हुए।
एशियाई बाजारों में नरमी के रुख और यूरोपीय शेयर बाजारों के कमजोर खुलने से स्थानीय बाजार की धारणा कमजोर हुई। वैश्विक बाजारों में कच्चे तेल का दाम 10 महीने के शीर्ष 125 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचने से मुद्रास्फीति बढ़ने की आशंका पैदा हो गई है। इसके अलावा, ईरान से तेल आपूर्ति को लेकर अनिश्चितताओं से भी कारोबारी धारणा कमजोर हुई।
बाजार विश्लेषकों ने कहा कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से मुद्रास्फीति बढ़ेगी जिसके मद्देनजर रिजर्व बैंक द्वारा मौद्रिक नीति में नरमी का रुख अपनाने की उम्मीद घटने से रीयल्टी और बैंकिंग शेयर मुनाफावसूली के शिकार हुए।
बाजार विश्लेषकों ने कहा कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से मुद्रास्फीति बढ़ेगी जिसके मद्देनजर रिजर्व बैंक द्वारा मौद्रिक नीति में नरमी का रुख अपनाने की उम्मीद घटने से रीयल्टी और बैंकिंग शेयर मुनाफावसूली के शिकार हुए। | संक्षिप्त सारांश: शेयर बाजार में पिछले तीन दिन से चल रही गिरावट का सिलसिला और तेज हो गया तथा बंबई शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स में 478 अंक की भारी गिरावट दर्ज की गई। | 8 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: अब मध्यप्रदेश के विधानसभा सदस्य चाहते हैं क उन्हें अपने इलाके में बंगला, दफ्तर जैसी सुविधाएं भी मिलें. इसके अलावा दो करोड़ की विधायक निधि और स्वेच्छानुदान को दोगुना किया जाए, रेल यात्रा के लिए कूपन के बजाए सांसदों की तरह कार्ड मिले और सरकारी कामकाज के लिए एक नहीं, दो निजी सहायक मिलें.
पेटलावाद के कांग्रेस के विधायक वालसिंह मेड़ा ने कहा कि लैपटॉप की बात हुई. उसमें कहा सबको 50000 का लैपटॉप दूंगा जो सीएम साहब निर्णय करेंगे उसमें सहमत हैं. उन्होंने कहा कि हमको रेस्ट हाउस दे रखा है जिससे काम कर रहे हैं.
कांग्रेस के प्रवक्ता सैय्यद हाफिज़ ने कहा कि विधायकों ने अपने क्षेत्र में मकान की मांग रखी है. यह दोनों दलों के विधायकों ने रखी है. उनको क्षेत्र में रहना ज्यादा जरूरी है. कुछ बातें कहेंगे जिससे उनके काम हो सकें. इस पर जरूर निर्णय लिया जाएगा, ऐसा कि खजाने पर असर न पड़े, जनता का फायदा भी हो जाए.
मांगें सर्वदलीय हैं लेकिन बीजेपी को लगता है कि समाज में इसका ठीक संदेश नहीं जाता. बीजेपी के प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने कहा कि एक बार जो नरेन्द्र मोदी ने कहा, इसका मैकेनिज्म तर्कसंगत होना चाहिए. इस प्रकार मध्यप्रदेश के विधायकों को विचार करना चाहिए क्योंकि समाज पर इसका प्रभाव ठीक नहीं है. जिस जनता से वे चुनकर आते हैं, वहां संदेश ठीक नहीं है.
फिलहाल मध्यप्रदेश में विधायकों को 30,000 वेतन, 35,000 निर्वाचन क्षेत्र भत्ता, 10,000 टेलीफोन भत्ता, 10,000 रुपये डाक भत्ता, 15,000 रुपये कंप्यूटर ऑपरेटर भत्ता और 10,000 रुपये चिकित्सा भत्ता, यानी कुल 1,10,000 प्रतिमाह मिलते हैं. माननीयों को नए हाईटेक फोन भी चाहिए, ये सब तब जब राज्य पर 1,82,917 करोड़ रुपये का कर्ज है. और हां गैजेट प्रेमी नेताजी में मध्यप्रदेश में 229 सदस्यों वाली विधानसभा में 69 फीसदी विधायक ऐसे हैं जो, पांचवी, आठवीं, 10वीं और 12वीं पास हैं.
वैसे डिमांड नए हाईटेक फोन की भी है. जनवरी से अगस्त के बीच मध्यप्रदेश सरकार लगभग 12000 करोड़ रुपये कर्ज उठा चुकी है. राज्य पर कर्जे का बोझ लगातार बढ़ रहा है लेकिन माननीयों की डिमांड कम नहीं हो रही है. खुद पर खर्चे की यह डिमांड सर्वदलीय है, जिस पर किसी को कोई ऐतराज नहीं है. | यहाँ एक सारांश है:दो करोड़ की विधायक निधि और स्वेच्छानुदान को दोगुना करने की मांग
दोनों दलों के विधायकों की मांग, जरूर निर्णय लिया जाएगा : कांग्रेस
जिस जनता से वे चुनकर आते हैं, वहां संदेश ठीक नहीं जाएगा : बीजेपी | 18 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: श्रीलंका के हाथों तीसरे एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में हार झेलने के बाद निराश ऑस्ट्रेलियाई कप्तान माइकल क्लार्क ने इसके लिए शीर्ष बल्लेबाजी क्रम को जिम्मेदार बताया है। सुरियावेवा के महिंदा राजपक्षे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में मंगलवार को खेले गए तीसरे एकदिवसीय मुकाबले में श्रीलंका ने ऑस्ट्रेलिया को 78 रनों हरा दिया। इस जीत के बावजूद पांच एकदिवसीय मैचों की श्रृंखला में श्रीलंकाई टीम 1-2 से पीछे है। हार के बाद क्लार्क ने संवाददाताओं से कहा, "इस हार के लिए हम कोई बहाना नहीं बना सकते। हमारा शीर्ष बल्लेबाजी क्रम अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सका।" इस मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया के शीर्ष तीन बल्लेबाज 52 रन के कुल योग पर पवेलियन लौट चुके थे जिनमें सलामी बल्लेबाज शेन वॉटसन (5), ब्रैड हैडिन (5) और पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग (22) का विकेट शामिल था। क्लार्क ने कहा, "हमें अगले कुछ दिनों में अपने खेल में सुधार करने की जरूरत है। यदि श्रीलंका को उसी की सरजमीं पर हराना है तो हमें अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा।" उल्लेखनीय है कि ऑस्ट्रेलिया ने पहला एकदिवसीय मुकाबला सात विकेट से जीता था जबकि दूसरे मुकाबले में उसने श्रीलंका को आठ विकेट से पराजित किया था। श्रृंखला का चौथा मुकाबला कोलम्बो के आर.प्रेमदासा स्टेडियम में 20 अगस्त को खेला जाएगा। | संक्षिप्त पाठ: श्रीलंका के हाथों हार झेलने के बाद निराश ऑस्ट्रेलियाई कप्तान माइकल क्लार्क ने इसके लिए शीर्ष बल्लेबाजी क्रम को जिम्मेदार बताया है। | 27 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: देश का 14वां राष्ट्रपति चुनाव करीब 46 साल पुरानी जनगणना के आंकड़ों के आधार पर किया जाएगा. हालांकि संविधान के जानकारों का कहना है कि 1971 की आबादी के आधार पर होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में कई राज्यों को उतना प्रतिनिधित्व नहीं मिलेगा, जितना कि इस राष्ट्रपति चुनाव में उन्हें मिलना चाहिए था. उल्लेखनीय है कि भारत के राष्ट्रपति का चुनाव परोक्ष निर्वाचन प्रणाली के तहत निर्वाचक मंडल द्वारा किया जाता है. इसमें मतदान करने वाले विधायकों एवं सांसदों के मतों का मूल्य भी राज्य की कुल आबादी के हिसाब से तय होता है. इसे ‘आनुपातिक प्रतिनिधित्व व्यवस्था’ कहते हैं. इस व्यवस्था के तहत राज्य की कुल आबादी में विधानसभा क्षेत्रों की संख्या का भाग दिया जाता है. फिर इससे प्राप्त आंकड़े को एक हजार से भाग देते हैं. इसमें प्राप्त संख्या ही राष्ट्रपति चुनाव में उस राज्य के विधायक के मत का मूल्य कहलाता है.
इसी प्रकार सांसद का वेटेज, सभी राज्यों से चुने गये विधानसभा सदस्यों के मतों का कुल वेटेज जोड़ा जाता है. फिर उससे प्राप्त संख्या का राज्यसभा और लोकसभा के चुने गये सदस्यों की कुल संख्या से भाग दिया जाता है. इससे प्राप्त संख्या ही सांसद के मत का वेटेज होता है. यदि इस तरह से भाग देने के बाद 0.5 से ज्यादा बचता है, तो उनके वेटेज में एक का इजाफा हो जाता है.
भारत के जनगणना आयुक्त एवं महापंजीयक कार्यालय की जनगणना के अनुसार साल 1971 में देश की कुल आबादी 54.81 करोड़ थी, जबकि 2011 के अंतिम आंकड़ों के अनुसार देश की कुल जनसंख्या बढ़कर 121.01 करोड़ पहुंच गयी. एक अनुमान के अनुसार 2017 में देश की कुल आबादी 128 करोड़ से ज्यादा हो सकती है. तुलानात्मक रूप से 1971 के बाद 2017 के बीच कुल 46 सालों में देश की आबादी करीब ढाई गुना तक बढ़ गयी है, लेकिन राष्ट्रपति चुनाव में मतदान करने वाले प्रतिनिधियों के मतों का निर्धारण 1971 की जनगणना के आंकड़ों के आधार पर ही किया जा रहा है यानी कुछ दिनों बाद होने वाले राष्ट्रपति चुनाव भी 46 साल पुरानी जनगणना के आंकड़ों के आधार पर ही होने वाले हैं.
संविधान विशेषज्ञ डा. सुभाष काश्यप ने कहा, ‘यदि राष्ट्रपति चुनाव का आधार साल 1971 से बदलकर 2011 कर दिया जाए, तो बीच के इन 40 सालों के दौरान बढ़ी आबादी को देखते हुये कई राज्यों के विधायकों के मतों का मूल्य और कुल मतों में उनकी हिस्सेदारी बढ़ जाएगी.’’ कश्यप के मुताबिक 1971 की आबादी के आधार पर होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में ऐसे राज्यों को उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाएगा, जिनकी आबादी इन 40 सालों के दौरान तेजी से बढ़ी है.
उच्चतम न्यायालय में अधिवक्ता एवं कानूनी विशेषज्ञ विराग गुप्ता के मुताबिक ‘संविधान के अनुसार राष्ट्रपति चुनाव के लिये जनप्रतिनिधियों के मतों के निर्धारण को लेकर यह स्पष्ट प्रावधान था कि राष्ट्रपति चुनाव सबसे नई जनगणना के आधार पर होगा. 1952 के राष्ट्रपति चुनाव का आधार 1951 की जनसंख्या थी, जबकि 1961 की जनगणना के आंकड़े समय पर नहीं मिल पाने के कारण 1962 का चुनाव भी 1951 की जनसंख्या के आधार पर कराए गए. इसके बाद 70 के दशक में हुये राष्ट्रपति चुनाव का आधार 1971 की जनगणना बनी.’
उन्होंने बताया कि इसके बाद 1971 की जनगणना को आधार बनाकर ही लोकसभा और विधानसभा के निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन किया गया और वर्ष 2004 तक के सभी आम एवं विधानसभा चुनाव उसी परिसीमन के आधार पर कराए गए. इस दौरान राष्ट्रपति चुनाव भी 1971 की जनगणना के अनुसार ही होते रहे. हालांकि संविधान में जनसंख्या के सबसे नये आंकड़ों के हिसाब से राष्ट्रपति चुनाव कराने का प्रावधान था, लेकिन परिसीमन का आधार पुराना होने के कारण राष्ट्रपति चुनाव भी पुरानी जनसंख्या के आंकड़ों के हिसाब से होते रहे.
उल्लेखनीय है कि इसके बाद 2002 में केन्द्र की अटल बिहारी बाजपेयी के नेतृत्व वाली राजग सरकार ने संविधान में संशोधन करके यह तय कर दिया कि 2026 तक के सभी राष्ट्रपति चुनाव 1971 की जनगणना के अनुसार ही होंगे. ऐसा इसलिये किया गया क्योंकि दक्षिण के राज्यों ने जनसंख्या नियंत्रण के कार्यक्रमों को बेहतर तरीके से लागू किया था, इसलिये उसका पुरस्कार उन्हें इस प्रकार से दिया गया कि 2026 तक के राष्ट्रपति चुनाव में ऐसे राज्यों का आनुपातिक प्रतिनिधित्व कम नहीं हो.टिप्पणियां
निर्वाचन आयोग के मुताबिक ‘संविधान के अनुच्छेद 82 के अनुसार, प्रत्येक जनगणना के बाद संसद विधि द्वारा परिसीमन अधिनियम को अधिनियमित करती है. अधिनियमन के बाद केन्द्र सरकार परिसीमन आयोग का गठन करती है. यह परिसीमन आयोग परिसीमन अधिनियमों के प्रावधानों के अनुरूप संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं का सीमांकन करता है. निर्वाचन क्षेत्रों का वर्तमान परिसीमन, परिसीमन अधिनियम 2002 के प्रावधानों के तहत 2001 की जनगणना के आंकड़ों के आधार पर किया गया है. साल 2002 में भारत के संविधान में विशेष रूप से संशोधन किया गया था कि 2026 के उपरांत होने वाली प्रथम जनगणना तक निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन नहीं किया जाएगा. इस प्रकार 2001 की जनगणना के आंकड़ों के आधार पर बनाये गये वर्तमान निर्वाचन क्षेत्र 2026 के बाद होने वाली पहली जनगणना तक यथावत बने रहेंगे.’
सुभाष कश्यप ने बताया, ‘2001 में हुये संविधान संशोधन में 2026 तक के राष्ट्रपति चुनाव के लिये आधार वर्ष 1971 तक कर दिया गया है. अब यदि नए परिसीमन का आधार वर्ष 2001 की जनगणना को राष्ट्रपति चुनाव का आधार बनाना है, तो इसके लिये संविधान में एक बार फिर से संशोधन करना पड़ेगा’
उच्चतम न्यायालय में अधिवक्ता एवं कानूनी विशेषज्ञ विराग गुप्ता के मुताबिक ‘संविधान के अनुसार राष्ट्रपति चुनाव के लिये जनप्रतिनिधियों के मतों के निर्धारण को लेकर यह स्पष्ट प्रावधान था कि राष्ट्रपति चुनाव सबसे नई जनगणना के आधार पर होगा. 1952 के राष्ट्रपति चुनाव का आधार 1951 की जनसंख्या थी, जबकि 1961 की जनगणना के आंकड़े समय पर नहीं मिल पाने के कारण 1962 का चुनाव भी 1951 की जनसंख्या के आधार पर कराए गए. इसके बाद 70 के दशक में हुये राष्ट्रपति चुनाव का आधार 1971 की जनगणना बनी.’
उन्होंने बताया कि इसके बाद 1971 की जनगणना को आधार बनाकर ही लोकसभा और विधानसभा के निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन किया गया और वर्ष 2004 तक के सभी आम एवं विधानसभा चुनाव उसी परिसीमन के आधार पर कराए गए. इस दौरान राष्ट्रपति चुनाव भी 1971 की जनगणना के अनुसार ही होते रहे. हालांकि संविधान में जनसंख्या के सबसे नये आंकड़ों के हिसाब से राष्ट्रपति चुनाव कराने का प्रावधान था, लेकिन परिसीमन का आधार पुराना होने के कारण राष्ट्रपति चुनाव भी पुरानी जनसंख्या के आंकड़ों के हिसाब से होते रहे.
उल्लेखनीय है कि इसके बाद 2002 में केन्द्र की अटल बिहारी बाजपेयी के नेतृत्व वाली राजग सरकार ने संविधान में संशोधन करके यह तय कर दिया कि 2026 तक के सभी राष्ट्रपति चुनाव 1971 की जनगणना के अनुसार ही होंगे. ऐसा इसलिये किया गया क्योंकि दक्षिण के राज्यों ने जनसंख्या नियंत्रण के कार्यक्रमों को बेहतर तरीके से लागू किया था, इसलिये उसका पुरस्कार उन्हें इस प्रकार से दिया गया कि 2026 तक के राष्ट्रपति चुनाव में ऐसे राज्यों का आनुपातिक प्रतिनिधित्व कम नहीं हो.टिप्पणियां
निर्वाचन आयोग के मुताबिक ‘संविधान के अनुच्छेद 82 के अनुसार, प्रत्येक जनगणना के बाद संसद विधि द्वारा परिसीमन अधिनियम को अधिनियमित करती है. अधिनियमन के बाद केन्द्र सरकार परिसीमन आयोग का गठन करती है. यह परिसीमन आयोग परिसीमन अधिनियमों के प्रावधानों के अनुरूप संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं का सीमांकन करता है. निर्वाचन क्षेत्रों का वर्तमान परिसीमन, परिसीमन अधिनियम 2002 के प्रावधानों के तहत 2001 की जनगणना के आंकड़ों के आधार पर किया गया है. साल 2002 में भारत के संविधान में विशेष रूप से संशोधन किया गया था कि 2026 के उपरांत होने वाली प्रथम जनगणना तक निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन नहीं किया जाएगा. इस प्रकार 2001 की जनगणना के आंकड़ों के आधार पर बनाये गये वर्तमान निर्वाचन क्षेत्र 2026 के बाद होने वाली पहली जनगणना तक यथावत बने रहेंगे.’
सुभाष कश्यप ने बताया, ‘2001 में हुये संविधान संशोधन में 2026 तक के राष्ट्रपति चुनाव के लिये आधार वर्ष 1971 तक कर दिया गया है. अब यदि नए परिसीमन का आधार वर्ष 2001 की जनगणना को राष्ट्रपति चुनाव का आधार बनाना है, तो इसके लिये संविधान में एक बार फिर से संशोधन करना पड़ेगा’
उन्होंने बताया कि इसके बाद 1971 की जनगणना को आधार बनाकर ही लोकसभा और विधानसभा के निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन किया गया और वर्ष 2004 तक के सभी आम एवं विधानसभा चुनाव उसी परिसीमन के आधार पर कराए गए. इस दौरान राष्ट्रपति चुनाव भी 1971 की जनगणना के अनुसार ही होते रहे. हालांकि संविधान में जनसंख्या के सबसे नये आंकड़ों के हिसाब से राष्ट्रपति चुनाव कराने का प्रावधान था, लेकिन परिसीमन का आधार पुराना होने के कारण राष्ट्रपति चुनाव भी पुरानी जनसंख्या के आंकड़ों के हिसाब से होते रहे.
उल्लेखनीय है कि इसके बाद 2002 में केन्द्र की अटल बिहारी बाजपेयी के नेतृत्व वाली राजग सरकार ने संविधान में संशोधन करके यह तय कर दिया कि 2026 तक के सभी राष्ट्रपति चुनाव 1971 की जनगणना के अनुसार ही होंगे. ऐसा इसलिये किया गया क्योंकि दक्षिण के राज्यों ने जनसंख्या नियंत्रण के कार्यक्रमों को बेहतर तरीके से लागू किया था, इसलिये उसका पुरस्कार उन्हें इस प्रकार से दिया गया कि 2026 तक के राष्ट्रपति चुनाव में ऐसे राज्यों का आनुपातिक प्रतिनिधित्व कम नहीं हो.टिप्पणियां
निर्वाचन आयोग के मुताबिक ‘संविधान के अनुच्छेद 82 के अनुसार, प्रत्येक जनगणना के बाद संसद विधि द्वारा परिसीमन अधिनियम को अधिनियमित करती है. अधिनियमन के बाद केन्द्र सरकार परिसीमन आयोग का गठन करती है. यह परिसीमन आयोग परिसीमन अधिनियमों के प्रावधानों के अनुरूप संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं का सीमांकन करता है. निर्वाचन क्षेत्रों का वर्तमान परिसीमन, परिसीमन अधिनियम 2002 के प्रावधानों के तहत 2001 की जनगणना के आंकड़ों के आधार पर किया गया है. साल 2002 में भारत के संविधान में विशेष रूप से संशोधन किया गया था कि 2026 के उपरांत होने वाली प्रथम जनगणना तक निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन नहीं किया जाएगा. इस प्रकार 2001 की जनगणना के आंकड़ों के आधार पर बनाये गये वर्तमान निर्वाचन क्षेत्र 2026 के बाद होने वाली पहली जनगणना तक यथावत बने रहेंगे.’
सुभाष कश्यप ने बताया, ‘2001 में हुये संविधान संशोधन में 2026 तक के राष्ट्रपति चुनाव के लिये आधार वर्ष 1971 तक कर दिया गया है. अब यदि नए परिसीमन का आधार वर्ष 2001 की जनगणना को राष्ट्रपति चुनाव का आधार बनाना है, तो इसके लिये संविधान में एक बार फिर से संशोधन करना पड़ेगा’
उल्लेखनीय है कि इसके बाद 2002 में केन्द्र की अटल बिहारी बाजपेयी के नेतृत्व वाली राजग सरकार ने संविधान में संशोधन करके यह तय कर दिया कि 2026 तक के सभी राष्ट्रपति चुनाव 1971 की जनगणना के अनुसार ही होंगे. ऐसा इसलिये किया गया क्योंकि दक्षिण के राज्यों ने जनसंख्या नियंत्रण के कार्यक्रमों को बेहतर तरीके से लागू किया था, इसलिये उसका पुरस्कार उन्हें इस प्रकार से दिया गया कि 2026 तक के राष्ट्रपति चुनाव में ऐसे राज्यों का आनुपातिक प्रतिनिधित्व कम नहीं हो.टिप्पणियां
निर्वाचन आयोग के मुताबिक ‘संविधान के अनुच्छेद 82 के अनुसार, प्रत्येक जनगणना के बाद संसद विधि द्वारा परिसीमन अधिनियम को अधिनियमित करती है. अधिनियमन के बाद केन्द्र सरकार परिसीमन आयोग का गठन करती है. यह परिसीमन आयोग परिसीमन अधिनियमों के प्रावधानों के अनुरूप संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं का सीमांकन करता है. निर्वाचन क्षेत्रों का वर्तमान परिसीमन, परिसीमन अधिनियम 2002 के प्रावधानों के तहत 2001 की जनगणना के आंकड़ों के आधार पर किया गया है. साल 2002 में भारत के संविधान में विशेष रूप से संशोधन किया गया था कि 2026 के उपरांत होने वाली प्रथम जनगणना तक निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन नहीं किया जाएगा. इस प्रकार 2001 की जनगणना के आंकड़ों के आधार पर बनाये गये वर्तमान निर्वाचन क्षेत्र 2026 के बाद होने वाली पहली जनगणना तक यथावत बने रहेंगे.’
सुभाष कश्यप ने बताया, ‘2001 में हुये संविधान संशोधन में 2026 तक के राष्ट्रपति चुनाव के लिये आधार वर्ष 1971 तक कर दिया गया है. अब यदि नए परिसीमन का आधार वर्ष 2001 की जनगणना को राष्ट्रपति चुनाव का आधार बनाना है, तो इसके लिये संविधान में एक बार फिर से संशोधन करना पड़ेगा’
निर्वाचन आयोग के मुताबिक ‘संविधान के अनुच्छेद 82 के अनुसार, प्रत्येक जनगणना के बाद संसद विधि द्वारा परिसीमन अधिनियम को अधिनियमित करती है. अधिनियमन के बाद केन्द्र सरकार परिसीमन आयोग का गठन करती है. यह परिसीमन आयोग परिसीमन अधिनियमों के प्रावधानों के अनुरूप संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं का सीमांकन करता है. निर्वाचन क्षेत्रों का वर्तमान परिसीमन, परिसीमन अधिनियम 2002 के प्रावधानों के तहत 2001 की जनगणना के आंकड़ों के आधार पर किया गया है. साल 2002 में भारत के संविधान में विशेष रूप से संशोधन किया गया था कि 2026 के उपरांत होने वाली प्रथम जनगणना तक निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन नहीं किया जाएगा. इस प्रकार 2001 की जनगणना के आंकड़ों के आधार पर बनाये गये वर्तमान निर्वाचन क्षेत्र 2026 के बाद होने वाली पहली जनगणना तक यथावत बने रहेंगे.’
सुभाष कश्यप ने बताया, ‘2001 में हुये संविधान संशोधन में 2026 तक के राष्ट्रपति चुनाव के लिये आधार वर्ष 1971 तक कर दिया गया है. अब यदि नए परिसीमन का आधार वर्ष 2001 की जनगणना को राष्ट्रपति चुनाव का आधार बनाना है, तो इसके लिये संविधान में एक बार फिर से संशोधन करना पड़ेगा’
सुभाष कश्यप ने बताया, ‘2001 में हुये संविधान संशोधन में 2026 तक के राष्ट्रपति चुनाव के लिये आधार वर्ष 1971 तक कर दिया गया है. अब यदि नए परिसीमन का आधार वर्ष 2001 की जनगणना को राष्ट्रपति चुनाव का आधार बनाना है, तो इसके लिये संविधान में एक बार फिर से संशोधन करना पड़ेगा’ | यह एक सारांश है: देश के 14 वें राष्ट्रपति का चुनाव 46 साल पुरानी जनगणना के आधार पर
2026 तक के सभी राष्ट्रपति चुनाव 1971 की जनगणना के अनुसार ही होंगे
नई जनगणना के हिसाब से चुनाव कराने के लिए करना होगा संविधान संशोधन | 16 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: संयुक्त राष्ट्र ने ईरान में मानवाधिकार दुरुपयोगों पर एक रिपोर्ट जारी की है जिसके अनुसार ईरान सरकार ने गुपचुप तरीके से सैकड़ों बंदियों को मौत की सजा दे दी। रिपोर्ट में सामाजिक कार्यकर्ताओं, पत्रकारों और महिला अधिकारों के पक्षधर लोगों के उत्पीड़न के बारे में विस्तार से बताया गया है। संयुक्त राष्ट्र की यह रिपोर्ट इस हफ्ते के अंत में जारी होगी जिसे इस्लामी गणराज्य ईरान में मानवाधिकारों के हालात पर संयुक्त राष्ट्र के विशेष प्रतिवेदक अहमद शाहिद ने तैयार किया है। रिपोर्ट कहती है कि ईरान में 2011 में आधिकारिक तौर पर 200 लोगों को मौत की सजा सुनाई गयी और पूर्वी शहर मशहद में कम से कम 146 लोगों को जेल में गुप्त तरीके से मार दिया गया। वैश्विक पत्रिका फॉरिन पॉलिसी द्वारा हासिल रिपोर्ट के अनुसार पिछले साल वहां 300 लोगों को गुप्त तरीके से मार दिया गया। वर्ष 2009 में हुए राष्ट्रपति चुनाव के बाद से ईरान की जेलों में सैकड़ों राजनीतिक कार्यकर्ताओं, पत्रकारों, छात्रों, फिल्मकारों, वकीलों, पर्यावरणविदों, महिला अधिकार के पक्षधर लोगों, जातीय तथा धार्मिक अल्पसंख्यक समूहों से जुड़े लोगों और पश्चिमी देशों से ताल्लुक रखने वाले नागरिकों को मार दिया गया। महमूद अहमदीनेजाद सरकार ने कुछ कैदियों को रिहा कर दिया था वहीं करीब 500 कार्यकर्ता हिरासत में रहे। ईरान में मानवाधिकारों के अंतरराष्ट्रीय अभियान के निदेशक हादी घाएमी ने कहा कि मशहद में वकीलाबाद जेल में मारे गये लोगों पर इस तरह के अपराधों के आरोप थे कि उनमें कहीं भी मौत की सजा नहीं दी जाती। घाएमी ने कहा, ईरानी सरकार का दावा है कि वे मादक पदार्थ तस्कर हैं लेकिन उन्होंने नाम नहीं बताए इसलिए पता चलने का कोई रास्ता नहीं है। रिपोर्ट कहती है कि 18 साल से कम उम्र के 100 से ज्यादा ईरानी नागरिकों को मौत की सजा दी गयी जबकि ईरान ने उस अंतरराष्ट्रीय शपथपत्र को स्वीकार किया है जिसमें नाबालिगों को मृत्युदंड से छूट प्राप्त है। | संयुक्त राष्ट्र ने ईरान में मानवाधिकार दुरुपयोगों पर एक रिपोर्ट जारी की है जिसके अनुसार ईरान सरकार ने गुपचुप तरीके से सैकड़ों बंदियों को मौत की सजा दे दी। | 34 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का कहना है कि अर्थव्यवस्था संकट में है और 5 साल में 5 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य संभव नहीं है, लेकिन नीति आयोग का दावा है कि सरकार ये लक्ष्य हासिल कर लेगी. नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने आर्थिक दूर होने की नई डेडलाइन दी है. एनडीटीवी से बातचीत में उन्होंने कहा कि अक्टूबर से मार्च के बीच हालात सुधरने शुरू हो जाएंगे. राजीव कुमार ने कहा, "पिछले 2-3 महीनों में जो स्टेप्स लिए गया है और पिछले 5 साल में मोदी सरकार ने जो आर्थिक सुधार किए हैं, उसकी मदद से वित्त वर्ष 2019-2020 के दूसरी छमाही में इकोनॉमी में तेजी आएगी और सुधार होगा.''
लेकिन देश में आर्थिक उदारीकरण लाने वाले पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह निराश हैं, गुरुवार को उन्होंने मुंबई में कहा कि आर्थिक समस्या की जड़ को पहचाने बगैर हालात नहीं सुधरेंगे. यही नहीं, मौजूदा आर्थिक मंदी की वजह से 2024 तक भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य हासिल नहीं होगा. मनमोहन सिंह ने कहा, "सरकार के सामने साल दर साल घटती वृद्धि दर की चुनौती है. मुझे नहीं लगता कि 2024 तक अर्थव्यवस्था 5 ट्रिलियन डॉलर के लक्ष्य तक पहुंच सकेगी."
हालांकि राजीव कुमार ने मनमोहन के दावे को ठुकरा दिया. राजीव कुमार ने एनडीटीवी से कहा, "5 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को हम जरूर पूरा करेंगे. 5 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी का टारगेट मुमकिन है. अर्थव्यवस्था 2020-21 ले 8 से 8.5 प्रतिशत तक वृद्धि करेगी. ऐसा हमारा अनुमान है.''
साफ है, कमज़ोर पड़ती अर्थव्यवस्था अगर आने वाले महीनों में नहीं सुधरी तो इस पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप ही तेज़ नहीं होंगे, आम लोगों की मायूसी और नाराज़गी भी बढ़ेगी. | यह एक सारांश है: मनमोहन सिंह ने अर्थव्यवस्था पर दिया था बयान
जवाब में बोले नीति आयोग के उपाध्यक्ष
दावा- सरकार ये लक्ष्य कर लेगी हासिल | 21 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग (दिल्ली कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स) ने वजीराबाद के स्कूल में हिंदू-मुस्लिम मामले पर नोटिस जारी किया. नार्थ MCD ने मामले की प्राथमिक जांच में प्रिंसिपल प्रिंसिपल चंद्रभान सिंह सहरावत को दोषी पाया. इसके बाद प्रिंसिपल को निलंबित कर दिया गया.
दिल्ली के वजीराबाद इलाके के उत्तरी दिल्ली नगर निगम के स्कूल में प्रिंसिपल ने हिन्दू बच्चों के अलग और मुसलमान बच्चों के अलग सेक्शन बना दिए हैं. पहली से पांचवी तक के स्कूल में कुल 17 सेक्शन हैं जिसमें से 9 सेक्शन में बच्चे मिले-जुले हैं जबकि आठ में साफ तौर पर मजहब के आधार पर बंटे हुए हैं.
यह भी पढ़ें : दिल्ली : नगर निगम के इस स्कूल में बच्चे हिन्दू-मुसलमान हो गए!
यह मामला सामने आने पर दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने स्कूल के प्रिंसिपल को नोटिस जारी किया है. नोटिस में
स्कूल प्रमुख को यह निर्देश दिए गए हैं-
1. बच्चों का बीते 6 महीने का अटेंडेंस का रिकॉर्ड और जुलाई में हुए क्लास बंटवारे से पहले और बाद किस क्लास में कितने बच्चे हैं इसकी जानकारी दें.
2. बच्चों को अलग-अलग सेक्शन में किस आधार पर डाला गया है, उस प्रक्रिया की जानकारी दें.
3. अलग-अलग क्लास में अलग-अलग धर्म के बच्चे कैसे हुए, इसके कारण बताएं.
4. स्कूल प्रमुख सुनिश्चित करें कि स्कूल में किसी भी तरह का बंटवारा न हो. अलग-अलग धर्मों के सेक्शन जो बनाए गए हैं, उनको तुरंत प्रभाव से भंग किया जाए. सभी सेक्शनों में एक तरह से बच्चे रखे जाएं.
दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग के नार्थ MCD के शिक्षा निदेशक को निर्देश-
1. इस पूरे मामले की जांच के लिए एक कमेटी गठित करें.
2. भविष्य में ऐसा न हो इसकी रोकथाम के लिए कदम उठाएं.
3. सुनिश्चित करें कि स्कूल में किसी भी तरह का बंटवारा न हो और तुरंत प्रभाव से जो अलग-अलग धर्मों के सेक्शन बनाए हुए हैं उनको भंग किया जाए.
इस मामले की उत्तरी दिल्ली नगर निगम के शिक्षा निदेशक ने प्राथमिक जांच की जिसमें प्रिंसिपल को दोषी पाया. इसके बाद उन्हें सस्पेंड कर दिया गया.टिप्पणियां
उत्तरी दिल्ली के महापौर आदेश गुप्ता ने कहा कि ‘निगम स्कूल में छात्रों के साथ धर्म, जाति या समुदाय पर आधारित भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. अगर इस तरह की घटना कहीं घटी है तो दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि उत्तरी दिल्ली नगर निगम के विद्यालयों में संविधान की भावना के अनुरूप कार्य किया जाता है.
महापौर ने बताया कि प्रारंभिक जांच के आधार पर उत्तरी दिल्ली नगर निगम के वजीराबाद स्थित विद्यालय के स्कूल प्रभारी को विस्तृत जांच पूरी होने तक तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. वहीं 'मेजर पेनाल्टी' की कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए जा चुके हैं.
दिल्ली के वजीराबाद इलाके के उत्तरी दिल्ली नगर निगम के स्कूल में प्रिंसिपल ने हिन्दू बच्चों के अलग और मुसलमान बच्चों के अलग सेक्शन बना दिए हैं. पहली से पांचवी तक के स्कूल में कुल 17 सेक्शन हैं जिसमें से 9 सेक्शन में बच्चे मिले-जुले हैं जबकि आठ में साफ तौर पर मजहब के आधार पर बंटे हुए हैं.
यह भी पढ़ें : दिल्ली : नगर निगम के इस स्कूल में बच्चे हिन्दू-मुसलमान हो गए!
यह मामला सामने आने पर दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने स्कूल के प्रिंसिपल को नोटिस जारी किया है. नोटिस में
स्कूल प्रमुख को यह निर्देश दिए गए हैं-
1. बच्चों का बीते 6 महीने का अटेंडेंस का रिकॉर्ड और जुलाई में हुए क्लास बंटवारे से पहले और बाद किस क्लास में कितने बच्चे हैं इसकी जानकारी दें.
2. बच्चों को अलग-अलग सेक्शन में किस आधार पर डाला गया है, उस प्रक्रिया की जानकारी दें.
3. अलग-अलग क्लास में अलग-अलग धर्म के बच्चे कैसे हुए, इसके कारण बताएं.
4. स्कूल प्रमुख सुनिश्चित करें कि स्कूल में किसी भी तरह का बंटवारा न हो. अलग-अलग धर्मों के सेक्शन जो बनाए गए हैं, उनको तुरंत प्रभाव से भंग किया जाए. सभी सेक्शनों में एक तरह से बच्चे रखे जाएं.
दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग के नार्थ MCD के शिक्षा निदेशक को निर्देश-
1. इस पूरे मामले की जांच के लिए एक कमेटी गठित करें.
2. भविष्य में ऐसा न हो इसकी रोकथाम के लिए कदम उठाएं.
3. सुनिश्चित करें कि स्कूल में किसी भी तरह का बंटवारा न हो और तुरंत प्रभाव से जो अलग-अलग धर्मों के सेक्शन बनाए हुए हैं उनको भंग किया जाए.
इस मामले की उत्तरी दिल्ली नगर निगम के शिक्षा निदेशक ने प्राथमिक जांच की जिसमें प्रिंसिपल को दोषी पाया. इसके बाद उन्हें सस्पेंड कर दिया गया.टिप्पणियां
उत्तरी दिल्ली के महापौर आदेश गुप्ता ने कहा कि ‘निगम स्कूल में छात्रों के साथ धर्म, जाति या समुदाय पर आधारित भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. अगर इस तरह की घटना कहीं घटी है तो दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि उत्तरी दिल्ली नगर निगम के विद्यालयों में संविधान की भावना के अनुरूप कार्य किया जाता है.
महापौर ने बताया कि प्रारंभिक जांच के आधार पर उत्तरी दिल्ली नगर निगम के वजीराबाद स्थित विद्यालय के स्कूल प्रभारी को विस्तृत जांच पूरी होने तक तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. वहीं 'मेजर पेनाल्टी' की कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए जा चुके हैं.
यह भी पढ़ें : दिल्ली : नगर निगम के इस स्कूल में बच्चे हिन्दू-मुसलमान हो गए!
यह मामला सामने आने पर दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने स्कूल के प्रिंसिपल को नोटिस जारी किया है. नोटिस में
स्कूल प्रमुख को यह निर्देश दिए गए हैं-
1. बच्चों का बीते 6 महीने का अटेंडेंस का रिकॉर्ड और जुलाई में हुए क्लास बंटवारे से पहले और बाद किस क्लास में कितने बच्चे हैं इसकी जानकारी दें.
2. बच्चों को अलग-अलग सेक्शन में किस आधार पर डाला गया है, उस प्रक्रिया की जानकारी दें.
3. अलग-अलग क्लास में अलग-अलग धर्म के बच्चे कैसे हुए, इसके कारण बताएं.
4. स्कूल प्रमुख सुनिश्चित करें कि स्कूल में किसी भी तरह का बंटवारा न हो. अलग-अलग धर्मों के सेक्शन जो बनाए गए हैं, उनको तुरंत प्रभाव से भंग किया जाए. सभी सेक्शनों में एक तरह से बच्चे रखे जाएं.
दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग के नार्थ MCD के शिक्षा निदेशक को निर्देश-
1. इस पूरे मामले की जांच के लिए एक कमेटी गठित करें.
2. भविष्य में ऐसा न हो इसकी रोकथाम के लिए कदम उठाएं.
3. सुनिश्चित करें कि स्कूल में किसी भी तरह का बंटवारा न हो और तुरंत प्रभाव से जो अलग-अलग धर्मों के सेक्शन बनाए हुए हैं उनको भंग किया जाए.
इस मामले की उत्तरी दिल्ली नगर निगम के शिक्षा निदेशक ने प्राथमिक जांच की जिसमें प्रिंसिपल को दोषी पाया. इसके बाद उन्हें सस्पेंड कर दिया गया.टिप्पणियां
उत्तरी दिल्ली के महापौर आदेश गुप्ता ने कहा कि ‘निगम स्कूल में छात्रों के साथ धर्म, जाति या समुदाय पर आधारित भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. अगर इस तरह की घटना कहीं घटी है तो दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि उत्तरी दिल्ली नगर निगम के विद्यालयों में संविधान की भावना के अनुरूप कार्य किया जाता है.
महापौर ने बताया कि प्रारंभिक जांच के आधार पर उत्तरी दिल्ली नगर निगम के वजीराबाद स्थित विद्यालय के स्कूल प्रभारी को विस्तृत जांच पूरी होने तक तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. वहीं 'मेजर पेनाल्टी' की कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए जा चुके हैं.
यह मामला सामने आने पर दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने स्कूल के प्रिंसिपल को नोटिस जारी किया है. नोटिस में
स्कूल प्रमुख को यह निर्देश दिए गए हैं-
1. बच्चों का बीते 6 महीने का अटेंडेंस का रिकॉर्ड और जुलाई में हुए क्लास बंटवारे से पहले और बाद किस क्लास में कितने बच्चे हैं इसकी जानकारी दें.
2. बच्चों को अलग-अलग सेक्शन में किस आधार पर डाला गया है, उस प्रक्रिया की जानकारी दें.
3. अलग-अलग क्लास में अलग-अलग धर्म के बच्चे कैसे हुए, इसके कारण बताएं.
4. स्कूल प्रमुख सुनिश्चित करें कि स्कूल में किसी भी तरह का बंटवारा न हो. अलग-अलग धर्मों के सेक्शन जो बनाए गए हैं, उनको तुरंत प्रभाव से भंग किया जाए. सभी सेक्शनों में एक तरह से बच्चे रखे जाएं.
दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग के नार्थ MCD के शिक्षा निदेशक को निर्देश-
1. इस पूरे मामले की जांच के लिए एक कमेटी गठित करें.
2. भविष्य में ऐसा न हो इसकी रोकथाम के लिए कदम उठाएं.
3. सुनिश्चित करें कि स्कूल में किसी भी तरह का बंटवारा न हो और तुरंत प्रभाव से जो अलग-अलग धर्मों के सेक्शन बनाए हुए हैं उनको भंग किया जाए.
इस मामले की उत्तरी दिल्ली नगर निगम के शिक्षा निदेशक ने प्राथमिक जांच की जिसमें प्रिंसिपल को दोषी पाया. इसके बाद उन्हें सस्पेंड कर दिया गया.टिप्पणियां
उत्तरी दिल्ली के महापौर आदेश गुप्ता ने कहा कि ‘निगम स्कूल में छात्रों के साथ धर्म, जाति या समुदाय पर आधारित भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. अगर इस तरह की घटना कहीं घटी है तो दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि उत्तरी दिल्ली नगर निगम के विद्यालयों में संविधान की भावना के अनुरूप कार्य किया जाता है.
महापौर ने बताया कि प्रारंभिक जांच के आधार पर उत्तरी दिल्ली नगर निगम के वजीराबाद स्थित विद्यालय के स्कूल प्रभारी को विस्तृत जांच पूरी होने तक तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. वहीं 'मेजर पेनाल्टी' की कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए जा चुके हैं.
दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग के नार्थ MCD के शिक्षा निदेशक को निर्देश-
1. इस पूरे मामले की जांच के लिए एक कमेटी गठित करें.
2. भविष्य में ऐसा न हो इसकी रोकथाम के लिए कदम उठाएं.
3. सुनिश्चित करें कि स्कूल में किसी भी तरह का बंटवारा न हो और तुरंत प्रभाव से जो अलग-अलग धर्मों के सेक्शन बनाए हुए हैं उनको भंग किया जाए.
इस मामले की उत्तरी दिल्ली नगर निगम के शिक्षा निदेशक ने प्राथमिक जांच की जिसमें प्रिंसिपल को दोषी पाया. इसके बाद उन्हें सस्पेंड कर दिया गया.टिप्पणियां
उत्तरी दिल्ली के महापौर आदेश गुप्ता ने कहा कि ‘निगम स्कूल में छात्रों के साथ धर्म, जाति या समुदाय पर आधारित भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. अगर इस तरह की घटना कहीं घटी है तो दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि उत्तरी दिल्ली नगर निगम के विद्यालयों में संविधान की भावना के अनुरूप कार्य किया जाता है.
महापौर ने बताया कि प्रारंभिक जांच के आधार पर उत्तरी दिल्ली नगर निगम के वजीराबाद स्थित विद्यालय के स्कूल प्रभारी को विस्तृत जांच पूरी होने तक तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. वहीं 'मेजर पेनाल्टी' की कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए जा चुके हैं.
इस मामले की उत्तरी दिल्ली नगर निगम के शिक्षा निदेशक ने प्राथमिक जांच की जिसमें प्रिंसिपल को दोषी पाया. इसके बाद उन्हें सस्पेंड कर दिया गया.टिप्पणियां
उत्तरी दिल्ली के महापौर आदेश गुप्ता ने कहा कि ‘निगम स्कूल में छात्रों के साथ धर्म, जाति या समुदाय पर आधारित भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. अगर इस तरह की घटना कहीं घटी है तो दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि उत्तरी दिल्ली नगर निगम के विद्यालयों में संविधान की भावना के अनुरूप कार्य किया जाता है.
महापौर ने बताया कि प्रारंभिक जांच के आधार पर उत्तरी दिल्ली नगर निगम के वजीराबाद स्थित विद्यालय के स्कूल प्रभारी को विस्तृत जांच पूरी होने तक तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. वहीं 'मेजर पेनाल्टी' की कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए जा चुके हैं.
उत्तरी दिल्ली के महापौर आदेश गुप्ता ने कहा कि ‘निगम स्कूल में छात्रों के साथ धर्म, जाति या समुदाय पर आधारित भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. अगर इस तरह की घटना कहीं घटी है तो दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि उत्तरी दिल्ली नगर निगम के विद्यालयों में संविधान की भावना के अनुरूप कार्य किया जाता है.
महापौर ने बताया कि प्रारंभिक जांच के आधार पर उत्तरी दिल्ली नगर निगम के वजीराबाद स्थित विद्यालय के स्कूल प्रभारी को विस्तृत जांच पूरी होने तक तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. वहीं 'मेजर पेनाल्टी' की कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए जा चुके हैं.
महापौर ने बताया कि प्रारंभिक जांच के आधार पर उत्तरी दिल्ली नगर निगम के वजीराबाद स्थित विद्यालय के स्कूल प्रभारी को विस्तृत जांच पूरी होने तक तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. वहीं 'मेजर पेनाल्टी' की कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए जा चुके हैं. | यह एक सारांश है: आयोग ने स्कूल का छह माह का रिकार्ड मांगा
धर्म अनुसार सेक्शनों के बंटवारे का कारण पूछा
एनएमडीसी के शिक्षा निदेशक को निर्देश दिए गए | 21 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: प्रवर्तन निदेशालय ने सोमवार को बंबई उच्च न्यायालय से कहा कि धन शोधन के आरोप में गिरफ्तार हसन अली खान ने अमेरिका, स्विट्जरलैंड और सिंगापुर जैसे देशों के बैंकों में 80 करोड़ डॉलर जमा कर रखे हैं और उसके इन बैंकों के अधिकारियों से संबंध हैं। न्यायमूर्ति एएम थिप्से की पीठ खान की ओर से दायर जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही थी। खान ने सत्र अदालत में अपनी जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद उच्च न्यायालय में यह याचिका दायर की है। मामले पर अगली सुनवाई 26 जुलाई को होगी। हलफनामे में कहा गया है, खान और उसके सहायक काशीनाथ टापुरिया के अमेरिका, स्विट्जरलैंड, सिंगापुर, यूएई और अन्य देशों में बैंक अधिकारियों के साथ गहरे संबंध हैं। इन अधिकारियों ने बैंक खातों के संचालन और धन के स्थानांतरण में इन दोनों की सहायता की है। हलफनामे में कहा गया है कि स्विट्जरलैंड, अमेरिका, ब्रिटेन, यूएई, सिंगापुर और हांगकांग को बैंक खातों की जांच के लिए अनुरोध पत्र भेजा गया है। उसने कहा कि अब तक सिर्फ अमेरिका ने जवाब भेजा है। प्रवर्तन निदेशालय की तरफ से अतिरिक्त सॉलीसीटर जनरल डेरियस खंबट्टा ने कहा, अनुरोध पत्र पर अमेरिका की ओर से आए जवाब में स्विट्जरलैंड के सारसिन बैंक से खान द्वारा न्यूयार्क में संचालित एक खाते में सात लाख डॉलर के स्थानांतरण की पुष्टि हुई है। खान के अंतरराष्ट्रीय हथियार कारोबारी अदनान खाशोग्गी से संबंध होने का आरोप लगाते हुए खंबट्टा ने कहा, हथियारों की बिक्री से खाशोग्गी से खान को 2003 में 30 करोड़ डॉलर मिले। हलफनामे में कहा गया है, जांच में देश की सुरक्षा और संरक्षा के खिलाफ अपराध करने की साजिश का खुलासा हुआ है। यहां तक कि निचली अदालत ने भी खान की जमानत याचिका को खारिज करने के दौरान अपराध की गंभीरता और प्रथम दृष्टया उसके खिलाफ साक्ष्यों पर विचार किया था। | सारांश: गिरफ्तार हसन अली खान ने अमेरिका, स्विट्जरलैंड और सिंगापुर जैसे देशों के बैंकों में 80 करोड़ डॉलर जमा कर रखे हैं। | 7 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: जम्मू एवं कश्मीर में हिज़्ब-उल-मुजाहिदीन के आतंकवादी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद हुए प्रदर्शनों में मारे गए शब्बीर अहमद मीर की मौत के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उसके शव को कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच करने के आदेश दिए हैं. पुलिस के मुताबिक शब्बीर की मौत पैलेट गन से हुई, जबकि उसके पिता का दावा है कि शब्बीर को गोली मारकर उसकी हत्या की गई.
पीड़ित की ओर से पेश हुए कपिल सिब्बल ने कहा कि राज्य को कड़ा संदेश जाना चाहिए, और पोस्टमार्टम से ही पता चलेगा कि शब्बीर की मौत गोली लगने से हुई, या पैलेट से. अब कोर्ट के आदेश के मुताबिक श्रीनगर में जिले के प्रमुख जज की देखरेख में होगी यह कार्यवाही होगी, और प्रमुख जज के सुझाव पर डाक्टरों का पैनल पोस्टमार्टम करेगा. सुप्रीम कोर्ट ने तीन हफ्ते में रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने फैसले के दौरान नसीहत देते हुए यह भी कहा, "प्यार और दुलार से सब संभव है..."
इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस अफसरों के खिलाफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की अदालत के आदेश पर FIR दर्ज करने, सरकार के खिलाफ अवमानना कारवाई करने पर रोक लगाई थी और गिरफ्तारी न करने के आदेश दिए थे. सरकार को शुक्रवार को जांच की सीलबंद स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के आदेश दिए गए थे.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि ऐसे मामलों में मानवता का भी ख्याल रखा जाना चाहिए. दरअसल जम्मू-कश्मीर सरकार ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के उस आदेश पर रोक लगाने की मांग लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंची है, जिसमें हिज़्ब-उल-मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी के एनकाउंटर के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले युवक की मौत के मामले में हत्या की FIR दर्ज करने को कहा गया है. इसमें DSP यासिर कादरी और अन्य पुलिस वालों को आरोपी बनाया गया है.टिप्पणियां
आदेश पर कार्रवाई न करने पर मजिस्ट्रेट ने अदालत की अवमानना का मामला भी शुरू किया है. निचली अदालत ने यह भी कहा था कि मामले की जांच DSP स्तर के अफसर से कराई जाए. दरअसल युवक शब्बीर अहमद मीर के पिता ने शिकायत दी थी कि 10 जुलाई को DSP यासिर कादरी और अन्य पुलिस वाले उसके घर पहुंचे. पहले शब्बीर की मां से मारपीट की और फिर शब्बीर की दो गोलियां मारकर हत्या कर दी. इस शिकायत के आधार पर ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट ने 18 जुलाई को SSP को हत्या की FIR दर्ज कर DSP स्तर के अफसर से जांच कराने के आदेश जारी किए.
पुलिस ने इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी, लेकिन हाईकोर्ट ने याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि इसमें कुछ गलत नहीं है. इसके बाद राज्य सरकार ने अब इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है और कहा है कि मजिस्ट्रेट ने इस मामले में ज़रूरत से ज्यादा जल्दबाजी दिखाई, और जिस दिन शिकायत मिली, उसी दिन FIR दर्ज करने के आदेश जारी कर दिए गए.
पीड़ित की ओर से पेश हुए कपिल सिब्बल ने कहा कि राज्य को कड़ा संदेश जाना चाहिए, और पोस्टमार्टम से ही पता चलेगा कि शब्बीर की मौत गोली लगने से हुई, या पैलेट से. अब कोर्ट के आदेश के मुताबिक श्रीनगर में जिले के प्रमुख जज की देखरेख में होगी यह कार्यवाही होगी, और प्रमुख जज के सुझाव पर डाक्टरों का पैनल पोस्टमार्टम करेगा. सुप्रीम कोर्ट ने तीन हफ्ते में रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने फैसले के दौरान नसीहत देते हुए यह भी कहा, "प्यार और दुलार से सब संभव है..."
इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस अफसरों के खिलाफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की अदालत के आदेश पर FIR दर्ज करने, सरकार के खिलाफ अवमानना कारवाई करने पर रोक लगाई थी और गिरफ्तारी न करने के आदेश दिए थे. सरकार को शुक्रवार को जांच की सीलबंद स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के आदेश दिए गए थे.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि ऐसे मामलों में मानवता का भी ख्याल रखा जाना चाहिए. दरअसल जम्मू-कश्मीर सरकार ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के उस आदेश पर रोक लगाने की मांग लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंची है, जिसमें हिज़्ब-उल-मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी के एनकाउंटर के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले युवक की मौत के मामले में हत्या की FIR दर्ज करने को कहा गया है. इसमें DSP यासिर कादरी और अन्य पुलिस वालों को आरोपी बनाया गया है.टिप्पणियां
आदेश पर कार्रवाई न करने पर मजिस्ट्रेट ने अदालत की अवमानना का मामला भी शुरू किया है. निचली अदालत ने यह भी कहा था कि मामले की जांच DSP स्तर के अफसर से कराई जाए. दरअसल युवक शब्बीर अहमद मीर के पिता ने शिकायत दी थी कि 10 जुलाई को DSP यासिर कादरी और अन्य पुलिस वाले उसके घर पहुंचे. पहले शब्बीर की मां से मारपीट की और फिर शब्बीर की दो गोलियां मारकर हत्या कर दी. इस शिकायत के आधार पर ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट ने 18 जुलाई को SSP को हत्या की FIR दर्ज कर DSP स्तर के अफसर से जांच कराने के आदेश जारी किए.
पुलिस ने इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी, लेकिन हाईकोर्ट ने याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि इसमें कुछ गलत नहीं है. इसके बाद राज्य सरकार ने अब इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है और कहा है कि मजिस्ट्रेट ने इस मामले में ज़रूरत से ज्यादा जल्दबाजी दिखाई, और जिस दिन शिकायत मिली, उसी दिन FIR दर्ज करने के आदेश जारी कर दिए गए.
इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस अफसरों के खिलाफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की अदालत के आदेश पर FIR दर्ज करने, सरकार के खिलाफ अवमानना कारवाई करने पर रोक लगाई थी और गिरफ्तारी न करने के आदेश दिए थे. सरकार को शुक्रवार को जांच की सीलबंद स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के आदेश दिए गए थे.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि ऐसे मामलों में मानवता का भी ख्याल रखा जाना चाहिए. दरअसल जम्मू-कश्मीर सरकार ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के उस आदेश पर रोक लगाने की मांग लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंची है, जिसमें हिज़्ब-उल-मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी के एनकाउंटर के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले युवक की मौत के मामले में हत्या की FIR दर्ज करने को कहा गया है. इसमें DSP यासिर कादरी और अन्य पुलिस वालों को आरोपी बनाया गया है.टिप्पणियां
आदेश पर कार्रवाई न करने पर मजिस्ट्रेट ने अदालत की अवमानना का मामला भी शुरू किया है. निचली अदालत ने यह भी कहा था कि मामले की जांच DSP स्तर के अफसर से कराई जाए. दरअसल युवक शब्बीर अहमद मीर के पिता ने शिकायत दी थी कि 10 जुलाई को DSP यासिर कादरी और अन्य पुलिस वाले उसके घर पहुंचे. पहले शब्बीर की मां से मारपीट की और फिर शब्बीर की दो गोलियां मारकर हत्या कर दी. इस शिकायत के आधार पर ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट ने 18 जुलाई को SSP को हत्या की FIR दर्ज कर DSP स्तर के अफसर से जांच कराने के आदेश जारी किए.
पुलिस ने इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी, लेकिन हाईकोर्ट ने याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि इसमें कुछ गलत नहीं है. इसके बाद राज्य सरकार ने अब इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है और कहा है कि मजिस्ट्रेट ने इस मामले में ज़रूरत से ज्यादा जल्दबाजी दिखाई, और जिस दिन शिकायत मिली, उसी दिन FIR दर्ज करने के आदेश जारी कर दिए गए.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि ऐसे मामलों में मानवता का भी ख्याल रखा जाना चाहिए. दरअसल जम्मू-कश्मीर सरकार ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के उस आदेश पर रोक लगाने की मांग लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंची है, जिसमें हिज़्ब-उल-मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी के एनकाउंटर के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले युवक की मौत के मामले में हत्या की FIR दर्ज करने को कहा गया है. इसमें DSP यासिर कादरी और अन्य पुलिस वालों को आरोपी बनाया गया है.टिप्पणियां
आदेश पर कार्रवाई न करने पर मजिस्ट्रेट ने अदालत की अवमानना का मामला भी शुरू किया है. निचली अदालत ने यह भी कहा था कि मामले की जांच DSP स्तर के अफसर से कराई जाए. दरअसल युवक शब्बीर अहमद मीर के पिता ने शिकायत दी थी कि 10 जुलाई को DSP यासिर कादरी और अन्य पुलिस वाले उसके घर पहुंचे. पहले शब्बीर की मां से मारपीट की और फिर शब्बीर की दो गोलियां मारकर हत्या कर दी. इस शिकायत के आधार पर ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट ने 18 जुलाई को SSP को हत्या की FIR दर्ज कर DSP स्तर के अफसर से जांच कराने के आदेश जारी किए.
पुलिस ने इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी, लेकिन हाईकोर्ट ने याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि इसमें कुछ गलत नहीं है. इसके बाद राज्य सरकार ने अब इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है और कहा है कि मजिस्ट्रेट ने इस मामले में ज़रूरत से ज्यादा जल्दबाजी दिखाई, और जिस दिन शिकायत मिली, उसी दिन FIR दर्ज करने के आदेश जारी कर दिए गए.
आदेश पर कार्रवाई न करने पर मजिस्ट्रेट ने अदालत की अवमानना का मामला भी शुरू किया है. निचली अदालत ने यह भी कहा था कि मामले की जांच DSP स्तर के अफसर से कराई जाए. दरअसल युवक शब्बीर अहमद मीर के पिता ने शिकायत दी थी कि 10 जुलाई को DSP यासिर कादरी और अन्य पुलिस वाले उसके घर पहुंचे. पहले शब्बीर की मां से मारपीट की और फिर शब्बीर की दो गोलियां मारकर हत्या कर दी. इस शिकायत के आधार पर ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट ने 18 जुलाई को SSP को हत्या की FIR दर्ज कर DSP स्तर के अफसर से जांच कराने के आदेश जारी किए.
पुलिस ने इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी, लेकिन हाईकोर्ट ने याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि इसमें कुछ गलत नहीं है. इसके बाद राज्य सरकार ने अब इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है और कहा है कि मजिस्ट्रेट ने इस मामले में ज़रूरत से ज्यादा जल्दबाजी दिखाई, और जिस दिन शिकायत मिली, उसी दिन FIR दर्ज करने के आदेश जारी कर दिए गए.
पुलिस ने इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी, लेकिन हाईकोर्ट ने याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि इसमें कुछ गलत नहीं है. इसके बाद राज्य सरकार ने अब इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है और कहा है कि मजिस्ट्रेट ने इस मामले में ज़रूरत से ज्यादा जल्दबाजी दिखाई, और जिस दिन शिकायत मिली, उसी दिन FIR दर्ज करने के आदेश जारी कर दिए गए. | संक्षिप्त पाठ: पिता का दावा है कि शब्बीर को गोली मारकर उसकी हत्या की गई
प्रमुख जज के सुझाव पर डाक्टरों का पैनल पोस्टमार्टम करेगा
सुप्रीम कोर्ट ने तीन हफ्ते में रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है | 27 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: देश की राजधानी दिल्ली से कुछ ही दूरी पर बुलंदशहर में महिला पुलिस पर ही संवेदनहीनता का आरोप लगा, जब उन्होंने बलात्कार की शिकायत लेकर आई एक 10 साल की दलित बच्ची को ही हवालात में बंद कर दिया।
बताया जाता है कि रविवार की रात को यह बच्ची अपनी मां के साथ महिला थाने में पहुंची, और बताया कि गांव के ही एक 24-वर्षीय युवक ने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया, और बच्ची को उसकी मां के साथ मेडिकल चेकअप के लिए स्थानीय अस्पताल में भेज दिया गया।टिप्पणियां
सोमवार सुबह जब बच्ची और उसकी मां थाने वापस आए, महिला पुलिस अधिकारियों ने कथित रूप से मां को थाने से निकाल दिया, और बच्ची को हवालात में बंद कर दिया। इसके बाद एक स्थानीय फ्रीलांस पत्रकार मामले की जानकारी मिलने पर थाने पहुंचा, और हवालात में बंद बच्ची का वीडियो रिकॉर्ड करने में कामयाब हो गया।
यह पत्रकार इसके बाद जिले के शीर्षस्थ पुलिस अधिकारी के पास पहुंचा और मदद मांगी, हालांकि थाने की प्रभारी श्रीमती गयाश्री चौहान ने वीडियो प्रमाण होने के बावजूद इस बात का खंडन किया है कि बच्ची को हवालात में बंद किया गया था। बहरहाल, पुलिस के सीनियर सुपरिन्टेन्डेन्ट गुलाब सिंह ने सज़ा के तौर पर गयाश्री तथा एक अन्य सीनियर इंस्पेक्टर का सोमवार शाम को तबादला कर दिया। इन दोनों के अतिरिक्त दो कॉन्सटेबलों को सस्पेंड भी किया गया है, और बच्ची को उसकी मां के पास घर भेज दिया गया है।
बताया जाता है कि रविवार की रात को यह बच्ची अपनी मां के साथ महिला थाने में पहुंची, और बताया कि गांव के ही एक 24-वर्षीय युवक ने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया, और बच्ची को उसकी मां के साथ मेडिकल चेकअप के लिए स्थानीय अस्पताल में भेज दिया गया।टिप्पणियां
सोमवार सुबह जब बच्ची और उसकी मां थाने वापस आए, महिला पुलिस अधिकारियों ने कथित रूप से मां को थाने से निकाल दिया, और बच्ची को हवालात में बंद कर दिया। इसके बाद एक स्थानीय फ्रीलांस पत्रकार मामले की जानकारी मिलने पर थाने पहुंचा, और हवालात में बंद बच्ची का वीडियो रिकॉर्ड करने में कामयाब हो गया।
यह पत्रकार इसके बाद जिले के शीर्षस्थ पुलिस अधिकारी के पास पहुंचा और मदद मांगी, हालांकि थाने की प्रभारी श्रीमती गयाश्री चौहान ने वीडियो प्रमाण होने के बावजूद इस बात का खंडन किया है कि बच्ची को हवालात में बंद किया गया था। बहरहाल, पुलिस के सीनियर सुपरिन्टेन्डेन्ट गुलाब सिंह ने सज़ा के तौर पर गयाश्री तथा एक अन्य सीनियर इंस्पेक्टर का सोमवार शाम को तबादला कर दिया। इन दोनों के अतिरिक्त दो कॉन्सटेबलों को सस्पेंड भी किया गया है, और बच्ची को उसकी मां के पास घर भेज दिया गया है।
सोमवार सुबह जब बच्ची और उसकी मां थाने वापस आए, महिला पुलिस अधिकारियों ने कथित रूप से मां को थाने से निकाल दिया, और बच्ची को हवालात में बंद कर दिया। इसके बाद एक स्थानीय फ्रीलांस पत्रकार मामले की जानकारी मिलने पर थाने पहुंचा, और हवालात में बंद बच्ची का वीडियो रिकॉर्ड करने में कामयाब हो गया।
यह पत्रकार इसके बाद जिले के शीर्षस्थ पुलिस अधिकारी के पास पहुंचा और मदद मांगी, हालांकि थाने की प्रभारी श्रीमती गयाश्री चौहान ने वीडियो प्रमाण होने के बावजूद इस बात का खंडन किया है कि बच्ची को हवालात में बंद किया गया था। बहरहाल, पुलिस के सीनियर सुपरिन्टेन्डेन्ट गुलाब सिंह ने सज़ा के तौर पर गयाश्री तथा एक अन्य सीनियर इंस्पेक्टर का सोमवार शाम को तबादला कर दिया। इन दोनों के अतिरिक्त दो कॉन्सटेबलों को सस्पेंड भी किया गया है, और बच्ची को उसकी मां के पास घर भेज दिया गया है।
यह पत्रकार इसके बाद जिले के शीर्षस्थ पुलिस अधिकारी के पास पहुंचा और मदद मांगी, हालांकि थाने की प्रभारी श्रीमती गयाश्री चौहान ने वीडियो प्रमाण होने के बावजूद इस बात का खंडन किया है कि बच्ची को हवालात में बंद किया गया था। बहरहाल, पुलिस के सीनियर सुपरिन्टेन्डेन्ट गुलाब सिंह ने सज़ा के तौर पर गयाश्री तथा एक अन्य सीनियर इंस्पेक्टर का सोमवार शाम को तबादला कर दिया। इन दोनों के अतिरिक्त दो कॉन्सटेबलों को सस्पेंड भी किया गया है, और बच्ची को उसकी मां के पास घर भेज दिया गया है। | संक्षिप्त सारांश: एसएसपी गुलाब सिंह ने थाना प्रभारी गयाश्री तथा एक अन्य सीनियर इंस्पेक्टर का तबादला कर दिया है, और दो कॉन्सटेबलों को सस्पेंड भी किया गया है। बच्ची को उसकी मां के पास घर भेज दिया गया है। | 8 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: समाजवादी पार्टी शासित उत्तर प्रदेश में सांप्रदायिक हिंसा को लेकर निशाने पर आने के बाद समाजवादी पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने गुजरात में साल 2002 में गोधरा कांड के बाद हुए दंगों से मुजफ्फरनगर में हुए दंगों की किसी भी तरह की तुलना को खारिज कर दिया और दोषियों के खिलाफ ‘सख्त कार्रवाई’ और पीड़ितों के लिए ‘न्याय’ का गुरुवार को वादा किया।
कांग्रेस और रालोद ने सांप्रदायिक भावना भड़काने के लिए सपा और भाजपा दोनों पर हमला करने के दौरान आरोप लगाया था कि उत्तर प्रदेश में गुजरात जैसा खेल खेलने की कोशिश की जा रही है।
यादव ने यहां अपनी पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के समापन पर संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ‘गुजरात में कोई न्याय नहीं हुआ, लेकिन उत्तर प्रदेश में न्याय किया जाएगा। मैंने कभी जाति और धर्म की राजनीति नहीं की है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हम उन्हें (दंगा पीड़ितों को) अधिकतम संभव सहायता प्रदान करेंगे।’
मुलायम रालोद प्रमुख अजित सिंह के उस बयान के संबंध में पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे जिसमें उन्होंने कहा था कि सपा मतों का ध्रुवीकरण करने के लिए वही कर रही है जो मोदी ने गुजरात में किया था।
सिंह ने इससे पहले कहा था, ‘अगर आप पीछे जाएं और गौर करें कि मोदी ने गुजरात में मूलत: कार्रवाई नहीं की थी। उन्होंने पुलिस को कोई भी कार्रवाई करने से रोक दिया और यही उत्तर प्रदेश में हुआ है।’
आरोपों को खारिज करते हुए यादव ने कहा कि उनकी पार्टी की सरकार ‘इतनी सख्त कार्रवाई (अपराधियों के खिलाफ) करेगी कि वे इसे दोहराने का कभी साहस नहीं करेंगे।’ उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अनेक लोगों को हिरासत में लिया है और उन सभी लोगों को गिरफ्तार करेगी जो फरार हैं।टिप्पणियां
दंगे को रोकने में समय पर कार्रवाई करने में कुछ अधिकारियों के लापरवाही बरतने के आरोपों के संबंध में पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा, ‘अगर लापरवाही हुई है तो कार्रवाई की जाएगी।’ सपा प्रमुख ने इन आरोपों को खारिज कर दिया कि दंगों के पीछे राजनीति है।
उन्होंने कहा, ‘हम इस संबंध में राजनीति नहीं करेंगे। मौतें हुई हैं। हम इसपर राजनीति नहीं करेंगे।’
कांग्रेस और रालोद ने सांप्रदायिक भावना भड़काने के लिए सपा और भाजपा दोनों पर हमला करने के दौरान आरोप लगाया था कि उत्तर प्रदेश में गुजरात जैसा खेल खेलने की कोशिश की जा रही है।
यादव ने यहां अपनी पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के समापन पर संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ‘गुजरात में कोई न्याय नहीं हुआ, लेकिन उत्तर प्रदेश में न्याय किया जाएगा। मैंने कभी जाति और धर्म की राजनीति नहीं की है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हम उन्हें (दंगा पीड़ितों को) अधिकतम संभव सहायता प्रदान करेंगे।’
मुलायम रालोद प्रमुख अजित सिंह के उस बयान के संबंध में पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे जिसमें उन्होंने कहा था कि सपा मतों का ध्रुवीकरण करने के लिए वही कर रही है जो मोदी ने गुजरात में किया था।
सिंह ने इससे पहले कहा था, ‘अगर आप पीछे जाएं और गौर करें कि मोदी ने गुजरात में मूलत: कार्रवाई नहीं की थी। उन्होंने पुलिस को कोई भी कार्रवाई करने से रोक दिया और यही उत्तर प्रदेश में हुआ है।’
आरोपों को खारिज करते हुए यादव ने कहा कि उनकी पार्टी की सरकार ‘इतनी सख्त कार्रवाई (अपराधियों के खिलाफ) करेगी कि वे इसे दोहराने का कभी साहस नहीं करेंगे।’ उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अनेक लोगों को हिरासत में लिया है और उन सभी लोगों को गिरफ्तार करेगी जो फरार हैं।टिप्पणियां
दंगे को रोकने में समय पर कार्रवाई करने में कुछ अधिकारियों के लापरवाही बरतने के आरोपों के संबंध में पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा, ‘अगर लापरवाही हुई है तो कार्रवाई की जाएगी।’ सपा प्रमुख ने इन आरोपों को खारिज कर दिया कि दंगों के पीछे राजनीति है।
उन्होंने कहा, ‘हम इस संबंध में राजनीति नहीं करेंगे। मौतें हुई हैं। हम इसपर राजनीति नहीं करेंगे।’
यादव ने यहां अपनी पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के समापन पर संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ‘गुजरात में कोई न्याय नहीं हुआ, लेकिन उत्तर प्रदेश में न्याय किया जाएगा। मैंने कभी जाति और धर्म की राजनीति नहीं की है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हम उन्हें (दंगा पीड़ितों को) अधिकतम संभव सहायता प्रदान करेंगे।’
मुलायम रालोद प्रमुख अजित सिंह के उस बयान के संबंध में पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे जिसमें उन्होंने कहा था कि सपा मतों का ध्रुवीकरण करने के लिए वही कर रही है जो मोदी ने गुजरात में किया था।
सिंह ने इससे पहले कहा था, ‘अगर आप पीछे जाएं और गौर करें कि मोदी ने गुजरात में मूलत: कार्रवाई नहीं की थी। उन्होंने पुलिस को कोई भी कार्रवाई करने से रोक दिया और यही उत्तर प्रदेश में हुआ है।’
आरोपों को खारिज करते हुए यादव ने कहा कि उनकी पार्टी की सरकार ‘इतनी सख्त कार्रवाई (अपराधियों के खिलाफ) करेगी कि वे इसे दोहराने का कभी साहस नहीं करेंगे।’ उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अनेक लोगों को हिरासत में लिया है और उन सभी लोगों को गिरफ्तार करेगी जो फरार हैं।टिप्पणियां
दंगे को रोकने में समय पर कार्रवाई करने में कुछ अधिकारियों के लापरवाही बरतने के आरोपों के संबंध में पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा, ‘अगर लापरवाही हुई है तो कार्रवाई की जाएगी।’ सपा प्रमुख ने इन आरोपों को खारिज कर दिया कि दंगों के पीछे राजनीति है।
उन्होंने कहा, ‘हम इस संबंध में राजनीति नहीं करेंगे। मौतें हुई हैं। हम इसपर राजनीति नहीं करेंगे।’
मुलायम रालोद प्रमुख अजित सिंह के उस बयान के संबंध में पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे जिसमें उन्होंने कहा था कि सपा मतों का ध्रुवीकरण करने के लिए वही कर रही है जो मोदी ने गुजरात में किया था।
सिंह ने इससे पहले कहा था, ‘अगर आप पीछे जाएं और गौर करें कि मोदी ने गुजरात में मूलत: कार्रवाई नहीं की थी। उन्होंने पुलिस को कोई भी कार्रवाई करने से रोक दिया और यही उत्तर प्रदेश में हुआ है।’
आरोपों को खारिज करते हुए यादव ने कहा कि उनकी पार्टी की सरकार ‘इतनी सख्त कार्रवाई (अपराधियों के खिलाफ) करेगी कि वे इसे दोहराने का कभी साहस नहीं करेंगे।’ उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अनेक लोगों को हिरासत में लिया है और उन सभी लोगों को गिरफ्तार करेगी जो फरार हैं।टिप्पणियां
दंगे को रोकने में समय पर कार्रवाई करने में कुछ अधिकारियों के लापरवाही बरतने के आरोपों के संबंध में पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा, ‘अगर लापरवाही हुई है तो कार्रवाई की जाएगी।’ सपा प्रमुख ने इन आरोपों को खारिज कर दिया कि दंगों के पीछे राजनीति है।
उन्होंने कहा, ‘हम इस संबंध में राजनीति नहीं करेंगे। मौतें हुई हैं। हम इसपर राजनीति नहीं करेंगे।’
सिंह ने इससे पहले कहा था, ‘अगर आप पीछे जाएं और गौर करें कि मोदी ने गुजरात में मूलत: कार्रवाई नहीं की थी। उन्होंने पुलिस को कोई भी कार्रवाई करने से रोक दिया और यही उत्तर प्रदेश में हुआ है।’
आरोपों को खारिज करते हुए यादव ने कहा कि उनकी पार्टी की सरकार ‘इतनी सख्त कार्रवाई (अपराधियों के खिलाफ) करेगी कि वे इसे दोहराने का कभी साहस नहीं करेंगे।’ उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अनेक लोगों को हिरासत में लिया है और उन सभी लोगों को गिरफ्तार करेगी जो फरार हैं।टिप्पणियां
दंगे को रोकने में समय पर कार्रवाई करने में कुछ अधिकारियों के लापरवाही बरतने के आरोपों के संबंध में पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा, ‘अगर लापरवाही हुई है तो कार्रवाई की जाएगी।’ सपा प्रमुख ने इन आरोपों को खारिज कर दिया कि दंगों के पीछे राजनीति है।
उन्होंने कहा, ‘हम इस संबंध में राजनीति नहीं करेंगे। मौतें हुई हैं। हम इसपर राजनीति नहीं करेंगे।’
आरोपों को खारिज करते हुए यादव ने कहा कि उनकी पार्टी की सरकार ‘इतनी सख्त कार्रवाई (अपराधियों के खिलाफ) करेगी कि वे इसे दोहराने का कभी साहस नहीं करेंगे।’ उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अनेक लोगों को हिरासत में लिया है और उन सभी लोगों को गिरफ्तार करेगी जो फरार हैं।टिप्पणियां
दंगे को रोकने में समय पर कार्रवाई करने में कुछ अधिकारियों के लापरवाही बरतने के आरोपों के संबंध में पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा, ‘अगर लापरवाही हुई है तो कार्रवाई की जाएगी।’ सपा प्रमुख ने इन आरोपों को खारिज कर दिया कि दंगों के पीछे राजनीति है।
उन्होंने कहा, ‘हम इस संबंध में राजनीति नहीं करेंगे। मौतें हुई हैं। हम इसपर राजनीति नहीं करेंगे।’
दंगे को रोकने में समय पर कार्रवाई करने में कुछ अधिकारियों के लापरवाही बरतने के आरोपों के संबंध में पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा, ‘अगर लापरवाही हुई है तो कार्रवाई की जाएगी।’ सपा प्रमुख ने इन आरोपों को खारिज कर दिया कि दंगों के पीछे राजनीति है।
उन्होंने कहा, ‘हम इस संबंध में राजनीति नहीं करेंगे। मौतें हुई हैं। हम इसपर राजनीति नहीं करेंगे।’
उन्होंने कहा, ‘हम इस संबंध में राजनीति नहीं करेंगे। मौतें हुई हैं। हम इसपर राजनीति नहीं करेंगे।’ | समाजवादी पार्टी शासित उत्तर प्रदेश में सांप्रदायिक हिंसा को लेकर निशाने पर आने के बाद समाजवादी पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने गुजरात में साल 2002 में गोधरा कांड के बाद हुए दंगों से मुजफ्फरनगर में हुए दंगों की किसी भी तरह की तुलना को खारिज कर दिया। | 28 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारत ने शुक्रवार को पाकिस्तान से कहा कि वह इस बात को स्वीकारे कि 2008 के मुम्बई हमले के संदिग्ध अबू जिंदाल हमजा को उसने अपनी धरती पर पनाह दी थी और हमजा मुम्बई हमले का सूत्रधार था।
केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम ने अपने मंत्रालय के कार्य-कलाप पर मासिक रिपोर्ट जारी करते हुए कहा कि वह स्वीकार करते हैं कि अबू जिंदाल हमजा एक भारतीय है, जैसा कि पाकिस्तान के गृह मंत्री ने कुछ दिनों पहले दावा किया था। उन्होंने कहा कि वह पाकिस्तान से अपेक्षा करते हैं कि वह संदिग्ध आतंकवादी से जुड़े इन तथ्यों को स्वीकार कर ले कि उसने कराची में एक 'नियंत्रण कक्ष' बनाया था और नवम्बर 2008 के मुम्बई हमले में शामिल 10 आतंकवादियों को उसने प्रशिक्षित किया था।
दूसरी ओर, पाकिस्तान के गृह मंत्री रहमान मलिक ने कहा है कि पाकिस्तान उम्मीद कर रहा है कि उसे जल्द ही ज़बीउद्दीन उर्फ अबु हमज़ा के बयान की कॉपी भारत देगा। रहमान ने कहा कि भारत ज़बीउद्दीन के जिस पासपोर्ट को पाकिस्तान की तरफ से जारी किया बता रहा है वह पाकिस्तान को दिया जाए। मलिक ने कहा कि पाकिस्तान मुंबई ब्लास्ट के सिलसिले में भारत की पूरी मदद करता रहेगा। साथ ही भारत और पाकिस्तान को अपने दुश्मनों की पहचान करनी होगी।
ज्ञात हो कि हमला मुम्बई के प्रमुख स्थानों पर किया गया था, जिसमें विदेशी सैलानियों सहित 166 लोग मारे गए थे।
चिदम्बरम ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "मैं मलिक की इस बात से सहमत हूं... अबू जिंदाल एक भारतीय नागरिक है और वह भारत में रहते हुए कट्टपंथी बन गया। मैं यह स्वीकार करता हूं।"
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, "इसी तरह, पाकिस्तान को स्वीकार करना चाहिए कि जिंदाल पाकिस्तान गया था। वह उस समूह का हिस्सा था, जिसने साजिश रची और (अजमल) कसाब व अन्य नौ (हमले में शामिल आतंकवादियों) को प्रशिक्षण देकर तैयार किया, अबू जिंदाल नियंत्रण कक्ष में था और मुम्बई हमले के सूत्रधारों और सरगनाओं में से एक था।"
चिदम्बरम ने कहा, "जिस तरह हम तथ्यों को स्वीकार करते हैं, पाकिस्तान भी तथ्यों को स्वीकार करे।" उन्होंने कहा, "अबू जिंदाल को पाकिस्तान में अत्यंत सुरक्षित पनाह मिला था।"
अपने मंत्री की टिप्पणियों में अपनी बात जोड़ते हुए गृह सचिव आरके सिंह ने कहा, "वे (पाकिस्तानी) इस तथ्य को भी स्वीकार करें कि उन्होंने उसे पासपोर्ट मुहैया कराया था उसे दो पहचानपत्र दिए थे। वे यह भी स्वीकार करें कि अबू जिंदाल सऊदीवासी होने के साथ पाकिस्तानी भी था।"
गौरतलब है कि सऊदी अरब द्वारा प्रत्यर्पित किए जाने के बाद 21 जून को नई दिल्ली पहुंचे ही जिंदाल को हिरासत में ले लिया गया था। पूछताछ के दौरान उसने जो खुलासे किए, उसी का जिक्र चिदम्बरम और आरके सिंह ने मीडिया के साथ बातचीत में किया।टिप्पणियां
सऊदी अरब जाकर जिंदाल को पकड़ने और प्रत्यर्पित किए जाने के बाद उसे भारत लाने के लिए भारतीय अधिकारियों की पीठ थपथपाते हुए चिदम्बरम ने कहा कि मुम्बई और अन्य स्थानों पर हुए आतंकवादी हमलों की जांच की कड़ी में यह एक महत्वपूर्ण घटना है। उन्होंने कहा कि मुम्बई हमलों के अलावा अबू जिंदाल 2006 में औरंगाबाद में हथियारों का जखीरा बरामद होने और उसी वर्ष अहमदाबाद रेलवे स्टेशन पर हुए आतंकवादी हमले तथा पुणे में बेस्ट बेकरी विस्फोट कांड में भी वांछित था।
यह जिज्ञासा करने पर कि विभिन्न पुलिस बल जिंदाल को अपनी हिरासत में लेने का प्रयास कर रहे हैं, चिदम्बरम ने स्पष्ट किया कि कोई किसी से लड़ नहीं रहा है, बल्कि दिल्ली पुलिस की उससे पूछताछ पूरी हो चुकी है। इसके अलावा मुम्बई पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते, महाराष्ट्र पुलिस, गुजरात पुलिस सहित अन्य पुलिस बलों को भी उससे पूछताछ करने का मौका दिया जाएगा।
केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम ने अपने मंत्रालय के कार्य-कलाप पर मासिक रिपोर्ट जारी करते हुए कहा कि वह स्वीकार करते हैं कि अबू जिंदाल हमजा एक भारतीय है, जैसा कि पाकिस्तान के गृह मंत्री ने कुछ दिनों पहले दावा किया था। उन्होंने कहा कि वह पाकिस्तान से अपेक्षा करते हैं कि वह संदिग्ध आतंकवादी से जुड़े इन तथ्यों को स्वीकार कर ले कि उसने कराची में एक 'नियंत्रण कक्ष' बनाया था और नवम्बर 2008 के मुम्बई हमले में शामिल 10 आतंकवादियों को उसने प्रशिक्षित किया था।
दूसरी ओर, पाकिस्तान के गृह मंत्री रहमान मलिक ने कहा है कि पाकिस्तान उम्मीद कर रहा है कि उसे जल्द ही ज़बीउद्दीन उर्फ अबु हमज़ा के बयान की कॉपी भारत देगा। रहमान ने कहा कि भारत ज़बीउद्दीन के जिस पासपोर्ट को पाकिस्तान की तरफ से जारी किया बता रहा है वह पाकिस्तान को दिया जाए। मलिक ने कहा कि पाकिस्तान मुंबई ब्लास्ट के सिलसिले में भारत की पूरी मदद करता रहेगा। साथ ही भारत और पाकिस्तान को अपने दुश्मनों की पहचान करनी होगी।
ज्ञात हो कि हमला मुम्बई के प्रमुख स्थानों पर किया गया था, जिसमें विदेशी सैलानियों सहित 166 लोग मारे गए थे।
चिदम्बरम ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "मैं मलिक की इस बात से सहमत हूं... अबू जिंदाल एक भारतीय नागरिक है और वह भारत में रहते हुए कट्टपंथी बन गया। मैं यह स्वीकार करता हूं।"
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, "इसी तरह, पाकिस्तान को स्वीकार करना चाहिए कि जिंदाल पाकिस्तान गया था। वह उस समूह का हिस्सा था, जिसने साजिश रची और (अजमल) कसाब व अन्य नौ (हमले में शामिल आतंकवादियों) को प्रशिक्षण देकर तैयार किया, अबू जिंदाल नियंत्रण कक्ष में था और मुम्बई हमले के सूत्रधारों और सरगनाओं में से एक था।"
चिदम्बरम ने कहा, "जिस तरह हम तथ्यों को स्वीकार करते हैं, पाकिस्तान भी तथ्यों को स्वीकार करे।" उन्होंने कहा, "अबू जिंदाल को पाकिस्तान में अत्यंत सुरक्षित पनाह मिला था।"
अपने मंत्री की टिप्पणियों में अपनी बात जोड़ते हुए गृह सचिव आरके सिंह ने कहा, "वे (पाकिस्तानी) इस तथ्य को भी स्वीकार करें कि उन्होंने उसे पासपोर्ट मुहैया कराया था उसे दो पहचानपत्र दिए थे। वे यह भी स्वीकार करें कि अबू जिंदाल सऊदीवासी होने के साथ पाकिस्तानी भी था।"
गौरतलब है कि सऊदी अरब द्वारा प्रत्यर्पित किए जाने के बाद 21 जून को नई दिल्ली पहुंचे ही जिंदाल को हिरासत में ले लिया गया था। पूछताछ के दौरान उसने जो खुलासे किए, उसी का जिक्र चिदम्बरम और आरके सिंह ने मीडिया के साथ बातचीत में किया।टिप्पणियां
सऊदी अरब जाकर जिंदाल को पकड़ने और प्रत्यर्पित किए जाने के बाद उसे भारत लाने के लिए भारतीय अधिकारियों की पीठ थपथपाते हुए चिदम्बरम ने कहा कि मुम्बई और अन्य स्थानों पर हुए आतंकवादी हमलों की जांच की कड़ी में यह एक महत्वपूर्ण घटना है। उन्होंने कहा कि मुम्बई हमलों के अलावा अबू जिंदाल 2006 में औरंगाबाद में हथियारों का जखीरा बरामद होने और उसी वर्ष अहमदाबाद रेलवे स्टेशन पर हुए आतंकवादी हमले तथा पुणे में बेस्ट बेकरी विस्फोट कांड में भी वांछित था।
यह जिज्ञासा करने पर कि विभिन्न पुलिस बल जिंदाल को अपनी हिरासत में लेने का प्रयास कर रहे हैं, चिदम्बरम ने स्पष्ट किया कि कोई किसी से लड़ नहीं रहा है, बल्कि दिल्ली पुलिस की उससे पूछताछ पूरी हो चुकी है। इसके अलावा मुम्बई पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते, महाराष्ट्र पुलिस, गुजरात पुलिस सहित अन्य पुलिस बलों को भी उससे पूछताछ करने का मौका दिया जाएगा।
दूसरी ओर, पाकिस्तान के गृह मंत्री रहमान मलिक ने कहा है कि पाकिस्तान उम्मीद कर रहा है कि उसे जल्द ही ज़बीउद्दीन उर्फ अबु हमज़ा के बयान की कॉपी भारत देगा। रहमान ने कहा कि भारत ज़बीउद्दीन के जिस पासपोर्ट को पाकिस्तान की तरफ से जारी किया बता रहा है वह पाकिस्तान को दिया जाए। मलिक ने कहा कि पाकिस्तान मुंबई ब्लास्ट के सिलसिले में भारत की पूरी मदद करता रहेगा। साथ ही भारत और पाकिस्तान को अपने दुश्मनों की पहचान करनी होगी।
ज्ञात हो कि हमला मुम्बई के प्रमुख स्थानों पर किया गया था, जिसमें विदेशी सैलानियों सहित 166 लोग मारे गए थे।
चिदम्बरम ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "मैं मलिक की इस बात से सहमत हूं... अबू जिंदाल एक भारतीय नागरिक है और वह भारत में रहते हुए कट्टपंथी बन गया। मैं यह स्वीकार करता हूं।"
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, "इसी तरह, पाकिस्तान को स्वीकार करना चाहिए कि जिंदाल पाकिस्तान गया था। वह उस समूह का हिस्सा था, जिसने साजिश रची और (अजमल) कसाब व अन्य नौ (हमले में शामिल आतंकवादियों) को प्रशिक्षण देकर तैयार किया, अबू जिंदाल नियंत्रण कक्ष में था और मुम्बई हमले के सूत्रधारों और सरगनाओं में से एक था।"
चिदम्बरम ने कहा, "जिस तरह हम तथ्यों को स्वीकार करते हैं, पाकिस्तान भी तथ्यों को स्वीकार करे।" उन्होंने कहा, "अबू जिंदाल को पाकिस्तान में अत्यंत सुरक्षित पनाह मिला था।"
अपने मंत्री की टिप्पणियों में अपनी बात जोड़ते हुए गृह सचिव आरके सिंह ने कहा, "वे (पाकिस्तानी) इस तथ्य को भी स्वीकार करें कि उन्होंने उसे पासपोर्ट मुहैया कराया था उसे दो पहचानपत्र दिए थे। वे यह भी स्वीकार करें कि अबू जिंदाल सऊदीवासी होने के साथ पाकिस्तानी भी था।"
गौरतलब है कि सऊदी अरब द्वारा प्रत्यर्पित किए जाने के बाद 21 जून को नई दिल्ली पहुंचे ही जिंदाल को हिरासत में ले लिया गया था। पूछताछ के दौरान उसने जो खुलासे किए, उसी का जिक्र चिदम्बरम और आरके सिंह ने मीडिया के साथ बातचीत में किया।टिप्पणियां
सऊदी अरब जाकर जिंदाल को पकड़ने और प्रत्यर्पित किए जाने के बाद उसे भारत लाने के लिए भारतीय अधिकारियों की पीठ थपथपाते हुए चिदम्बरम ने कहा कि मुम्बई और अन्य स्थानों पर हुए आतंकवादी हमलों की जांच की कड़ी में यह एक महत्वपूर्ण घटना है। उन्होंने कहा कि मुम्बई हमलों के अलावा अबू जिंदाल 2006 में औरंगाबाद में हथियारों का जखीरा बरामद होने और उसी वर्ष अहमदाबाद रेलवे स्टेशन पर हुए आतंकवादी हमले तथा पुणे में बेस्ट बेकरी विस्फोट कांड में भी वांछित था।
यह जिज्ञासा करने पर कि विभिन्न पुलिस बल जिंदाल को अपनी हिरासत में लेने का प्रयास कर रहे हैं, चिदम्बरम ने स्पष्ट किया कि कोई किसी से लड़ नहीं रहा है, बल्कि दिल्ली पुलिस की उससे पूछताछ पूरी हो चुकी है। इसके अलावा मुम्बई पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते, महाराष्ट्र पुलिस, गुजरात पुलिस सहित अन्य पुलिस बलों को भी उससे पूछताछ करने का मौका दिया जाएगा।
ज्ञात हो कि हमला मुम्बई के प्रमुख स्थानों पर किया गया था, जिसमें विदेशी सैलानियों सहित 166 लोग मारे गए थे।
चिदम्बरम ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "मैं मलिक की इस बात से सहमत हूं... अबू जिंदाल एक भारतीय नागरिक है और वह भारत में रहते हुए कट्टपंथी बन गया। मैं यह स्वीकार करता हूं।"
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, "इसी तरह, पाकिस्तान को स्वीकार करना चाहिए कि जिंदाल पाकिस्तान गया था। वह उस समूह का हिस्सा था, जिसने साजिश रची और (अजमल) कसाब व अन्य नौ (हमले में शामिल आतंकवादियों) को प्रशिक्षण देकर तैयार किया, अबू जिंदाल नियंत्रण कक्ष में था और मुम्बई हमले के सूत्रधारों और सरगनाओं में से एक था।"
चिदम्बरम ने कहा, "जिस तरह हम तथ्यों को स्वीकार करते हैं, पाकिस्तान भी तथ्यों को स्वीकार करे।" उन्होंने कहा, "अबू जिंदाल को पाकिस्तान में अत्यंत सुरक्षित पनाह मिला था।"
अपने मंत्री की टिप्पणियों में अपनी बात जोड़ते हुए गृह सचिव आरके सिंह ने कहा, "वे (पाकिस्तानी) इस तथ्य को भी स्वीकार करें कि उन्होंने उसे पासपोर्ट मुहैया कराया था उसे दो पहचानपत्र दिए थे। वे यह भी स्वीकार करें कि अबू जिंदाल सऊदीवासी होने के साथ पाकिस्तानी भी था।"
गौरतलब है कि सऊदी अरब द्वारा प्रत्यर्पित किए जाने के बाद 21 जून को नई दिल्ली पहुंचे ही जिंदाल को हिरासत में ले लिया गया था। पूछताछ के दौरान उसने जो खुलासे किए, उसी का जिक्र चिदम्बरम और आरके सिंह ने मीडिया के साथ बातचीत में किया।टिप्पणियां
सऊदी अरब जाकर जिंदाल को पकड़ने और प्रत्यर्पित किए जाने के बाद उसे भारत लाने के लिए भारतीय अधिकारियों की पीठ थपथपाते हुए चिदम्बरम ने कहा कि मुम्बई और अन्य स्थानों पर हुए आतंकवादी हमलों की जांच की कड़ी में यह एक महत्वपूर्ण घटना है। उन्होंने कहा कि मुम्बई हमलों के अलावा अबू जिंदाल 2006 में औरंगाबाद में हथियारों का जखीरा बरामद होने और उसी वर्ष अहमदाबाद रेलवे स्टेशन पर हुए आतंकवादी हमले तथा पुणे में बेस्ट बेकरी विस्फोट कांड में भी वांछित था।
यह जिज्ञासा करने पर कि विभिन्न पुलिस बल जिंदाल को अपनी हिरासत में लेने का प्रयास कर रहे हैं, चिदम्बरम ने स्पष्ट किया कि कोई किसी से लड़ नहीं रहा है, बल्कि दिल्ली पुलिस की उससे पूछताछ पूरी हो चुकी है। इसके अलावा मुम्बई पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते, महाराष्ट्र पुलिस, गुजरात पुलिस सहित अन्य पुलिस बलों को भी उससे पूछताछ करने का मौका दिया जाएगा।
चिदम्बरम ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "मैं मलिक की इस बात से सहमत हूं... अबू जिंदाल एक भारतीय नागरिक है और वह भारत में रहते हुए कट्टपंथी बन गया। मैं यह स्वीकार करता हूं।"
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, "इसी तरह, पाकिस्तान को स्वीकार करना चाहिए कि जिंदाल पाकिस्तान गया था। वह उस समूह का हिस्सा था, जिसने साजिश रची और (अजमल) कसाब व अन्य नौ (हमले में शामिल आतंकवादियों) को प्रशिक्षण देकर तैयार किया, अबू जिंदाल नियंत्रण कक्ष में था और मुम्बई हमले के सूत्रधारों और सरगनाओं में से एक था।"
चिदम्बरम ने कहा, "जिस तरह हम तथ्यों को स्वीकार करते हैं, पाकिस्तान भी तथ्यों को स्वीकार करे।" उन्होंने कहा, "अबू जिंदाल को पाकिस्तान में अत्यंत सुरक्षित पनाह मिला था।"
अपने मंत्री की टिप्पणियों में अपनी बात जोड़ते हुए गृह सचिव आरके सिंह ने कहा, "वे (पाकिस्तानी) इस तथ्य को भी स्वीकार करें कि उन्होंने उसे पासपोर्ट मुहैया कराया था उसे दो पहचानपत्र दिए थे। वे यह भी स्वीकार करें कि अबू जिंदाल सऊदीवासी होने के साथ पाकिस्तानी भी था।"
गौरतलब है कि सऊदी अरब द्वारा प्रत्यर्पित किए जाने के बाद 21 जून को नई दिल्ली पहुंचे ही जिंदाल को हिरासत में ले लिया गया था। पूछताछ के दौरान उसने जो खुलासे किए, उसी का जिक्र चिदम्बरम और आरके सिंह ने मीडिया के साथ बातचीत में किया।टिप्पणियां
सऊदी अरब जाकर जिंदाल को पकड़ने और प्रत्यर्पित किए जाने के बाद उसे भारत लाने के लिए भारतीय अधिकारियों की पीठ थपथपाते हुए चिदम्बरम ने कहा कि मुम्बई और अन्य स्थानों पर हुए आतंकवादी हमलों की जांच की कड़ी में यह एक महत्वपूर्ण घटना है। उन्होंने कहा कि मुम्बई हमलों के अलावा अबू जिंदाल 2006 में औरंगाबाद में हथियारों का जखीरा बरामद होने और उसी वर्ष अहमदाबाद रेलवे स्टेशन पर हुए आतंकवादी हमले तथा पुणे में बेस्ट बेकरी विस्फोट कांड में भी वांछित था।
यह जिज्ञासा करने पर कि विभिन्न पुलिस बल जिंदाल को अपनी हिरासत में लेने का प्रयास कर रहे हैं, चिदम्बरम ने स्पष्ट किया कि कोई किसी से लड़ नहीं रहा है, बल्कि दिल्ली पुलिस की उससे पूछताछ पूरी हो चुकी है। इसके अलावा मुम्बई पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते, महाराष्ट्र पुलिस, गुजरात पुलिस सहित अन्य पुलिस बलों को भी उससे पूछताछ करने का मौका दिया जाएगा।
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, "इसी तरह, पाकिस्तान को स्वीकार करना चाहिए कि जिंदाल पाकिस्तान गया था। वह उस समूह का हिस्सा था, जिसने साजिश रची और (अजमल) कसाब व अन्य नौ (हमले में शामिल आतंकवादियों) को प्रशिक्षण देकर तैयार किया, अबू जिंदाल नियंत्रण कक्ष में था और मुम्बई हमले के सूत्रधारों और सरगनाओं में से एक था।"
चिदम्बरम ने कहा, "जिस तरह हम तथ्यों को स्वीकार करते हैं, पाकिस्तान भी तथ्यों को स्वीकार करे।" उन्होंने कहा, "अबू जिंदाल को पाकिस्तान में अत्यंत सुरक्षित पनाह मिला था।"
अपने मंत्री की टिप्पणियों में अपनी बात जोड़ते हुए गृह सचिव आरके सिंह ने कहा, "वे (पाकिस्तानी) इस तथ्य को भी स्वीकार करें कि उन्होंने उसे पासपोर्ट मुहैया कराया था उसे दो पहचानपत्र दिए थे। वे यह भी स्वीकार करें कि अबू जिंदाल सऊदीवासी होने के साथ पाकिस्तानी भी था।"
गौरतलब है कि सऊदी अरब द्वारा प्रत्यर्पित किए जाने के बाद 21 जून को नई दिल्ली पहुंचे ही जिंदाल को हिरासत में ले लिया गया था। पूछताछ के दौरान उसने जो खुलासे किए, उसी का जिक्र चिदम्बरम और आरके सिंह ने मीडिया के साथ बातचीत में किया।टिप्पणियां
सऊदी अरब जाकर जिंदाल को पकड़ने और प्रत्यर्पित किए जाने के बाद उसे भारत लाने के लिए भारतीय अधिकारियों की पीठ थपथपाते हुए चिदम्बरम ने कहा कि मुम्बई और अन्य स्थानों पर हुए आतंकवादी हमलों की जांच की कड़ी में यह एक महत्वपूर्ण घटना है। उन्होंने कहा कि मुम्बई हमलों के अलावा अबू जिंदाल 2006 में औरंगाबाद में हथियारों का जखीरा बरामद होने और उसी वर्ष अहमदाबाद रेलवे स्टेशन पर हुए आतंकवादी हमले तथा पुणे में बेस्ट बेकरी विस्फोट कांड में भी वांछित था।
यह जिज्ञासा करने पर कि विभिन्न पुलिस बल जिंदाल को अपनी हिरासत में लेने का प्रयास कर रहे हैं, चिदम्बरम ने स्पष्ट किया कि कोई किसी से लड़ नहीं रहा है, बल्कि दिल्ली पुलिस की उससे पूछताछ पूरी हो चुकी है। इसके अलावा मुम्बई पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते, महाराष्ट्र पुलिस, गुजरात पुलिस सहित अन्य पुलिस बलों को भी उससे पूछताछ करने का मौका दिया जाएगा।
चिदम्बरम ने कहा, "जिस तरह हम तथ्यों को स्वीकार करते हैं, पाकिस्तान भी तथ्यों को स्वीकार करे।" उन्होंने कहा, "अबू जिंदाल को पाकिस्तान में अत्यंत सुरक्षित पनाह मिला था।"
अपने मंत्री की टिप्पणियों में अपनी बात जोड़ते हुए गृह सचिव आरके सिंह ने कहा, "वे (पाकिस्तानी) इस तथ्य को भी स्वीकार करें कि उन्होंने उसे पासपोर्ट मुहैया कराया था उसे दो पहचानपत्र दिए थे। वे यह भी स्वीकार करें कि अबू जिंदाल सऊदीवासी होने के साथ पाकिस्तानी भी था।"
गौरतलब है कि सऊदी अरब द्वारा प्रत्यर्पित किए जाने के बाद 21 जून को नई दिल्ली पहुंचे ही जिंदाल को हिरासत में ले लिया गया था। पूछताछ के दौरान उसने जो खुलासे किए, उसी का जिक्र चिदम्बरम और आरके सिंह ने मीडिया के साथ बातचीत में किया।टिप्पणियां
सऊदी अरब जाकर जिंदाल को पकड़ने और प्रत्यर्पित किए जाने के बाद उसे भारत लाने के लिए भारतीय अधिकारियों की पीठ थपथपाते हुए चिदम्बरम ने कहा कि मुम्बई और अन्य स्थानों पर हुए आतंकवादी हमलों की जांच की कड़ी में यह एक महत्वपूर्ण घटना है। उन्होंने कहा कि मुम्बई हमलों के अलावा अबू जिंदाल 2006 में औरंगाबाद में हथियारों का जखीरा बरामद होने और उसी वर्ष अहमदाबाद रेलवे स्टेशन पर हुए आतंकवादी हमले तथा पुणे में बेस्ट बेकरी विस्फोट कांड में भी वांछित था।
यह जिज्ञासा करने पर कि विभिन्न पुलिस बल जिंदाल को अपनी हिरासत में लेने का प्रयास कर रहे हैं, चिदम्बरम ने स्पष्ट किया कि कोई किसी से लड़ नहीं रहा है, बल्कि दिल्ली पुलिस की उससे पूछताछ पूरी हो चुकी है। इसके अलावा मुम्बई पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते, महाराष्ट्र पुलिस, गुजरात पुलिस सहित अन्य पुलिस बलों को भी उससे पूछताछ करने का मौका दिया जाएगा।
अपने मंत्री की टिप्पणियों में अपनी बात जोड़ते हुए गृह सचिव आरके सिंह ने कहा, "वे (पाकिस्तानी) इस तथ्य को भी स्वीकार करें कि उन्होंने उसे पासपोर्ट मुहैया कराया था उसे दो पहचानपत्र दिए थे। वे यह भी स्वीकार करें कि अबू जिंदाल सऊदीवासी होने के साथ पाकिस्तानी भी था।"
गौरतलब है कि सऊदी अरब द्वारा प्रत्यर्पित किए जाने के बाद 21 जून को नई दिल्ली पहुंचे ही जिंदाल को हिरासत में ले लिया गया था। पूछताछ के दौरान उसने जो खुलासे किए, उसी का जिक्र चिदम्बरम और आरके सिंह ने मीडिया के साथ बातचीत में किया।टिप्पणियां
सऊदी अरब जाकर जिंदाल को पकड़ने और प्रत्यर्पित किए जाने के बाद उसे भारत लाने के लिए भारतीय अधिकारियों की पीठ थपथपाते हुए चिदम्बरम ने कहा कि मुम्बई और अन्य स्थानों पर हुए आतंकवादी हमलों की जांच की कड़ी में यह एक महत्वपूर्ण घटना है। उन्होंने कहा कि मुम्बई हमलों के अलावा अबू जिंदाल 2006 में औरंगाबाद में हथियारों का जखीरा बरामद होने और उसी वर्ष अहमदाबाद रेलवे स्टेशन पर हुए आतंकवादी हमले तथा पुणे में बेस्ट बेकरी विस्फोट कांड में भी वांछित था।
यह जिज्ञासा करने पर कि विभिन्न पुलिस बल जिंदाल को अपनी हिरासत में लेने का प्रयास कर रहे हैं, चिदम्बरम ने स्पष्ट किया कि कोई किसी से लड़ नहीं रहा है, बल्कि दिल्ली पुलिस की उससे पूछताछ पूरी हो चुकी है। इसके अलावा मुम्बई पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते, महाराष्ट्र पुलिस, गुजरात पुलिस सहित अन्य पुलिस बलों को भी उससे पूछताछ करने का मौका दिया जाएगा।
गौरतलब है कि सऊदी अरब द्वारा प्रत्यर्पित किए जाने के बाद 21 जून को नई दिल्ली पहुंचे ही जिंदाल को हिरासत में ले लिया गया था। पूछताछ के दौरान उसने जो खुलासे किए, उसी का जिक्र चिदम्बरम और आरके सिंह ने मीडिया के साथ बातचीत में किया।टिप्पणियां
सऊदी अरब जाकर जिंदाल को पकड़ने और प्रत्यर्पित किए जाने के बाद उसे भारत लाने के लिए भारतीय अधिकारियों की पीठ थपथपाते हुए चिदम्बरम ने कहा कि मुम्बई और अन्य स्थानों पर हुए आतंकवादी हमलों की जांच की कड़ी में यह एक महत्वपूर्ण घटना है। उन्होंने कहा कि मुम्बई हमलों के अलावा अबू जिंदाल 2006 में औरंगाबाद में हथियारों का जखीरा बरामद होने और उसी वर्ष अहमदाबाद रेलवे स्टेशन पर हुए आतंकवादी हमले तथा पुणे में बेस्ट बेकरी विस्फोट कांड में भी वांछित था।
यह जिज्ञासा करने पर कि विभिन्न पुलिस बल जिंदाल को अपनी हिरासत में लेने का प्रयास कर रहे हैं, चिदम्बरम ने स्पष्ट किया कि कोई किसी से लड़ नहीं रहा है, बल्कि दिल्ली पुलिस की उससे पूछताछ पूरी हो चुकी है। इसके अलावा मुम्बई पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते, महाराष्ट्र पुलिस, गुजरात पुलिस सहित अन्य पुलिस बलों को भी उससे पूछताछ करने का मौका दिया जाएगा।
सऊदी अरब जाकर जिंदाल को पकड़ने और प्रत्यर्पित किए जाने के बाद उसे भारत लाने के लिए भारतीय अधिकारियों की पीठ थपथपाते हुए चिदम्बरम ने कहा कि मुम्बई और अन्य स्थानों पर हुए आतंकवादी हमलों की जांच की कड़ी में यह एक महत्वपूर्ण घटना है। उन्होंने कहा कि मुम्बई हमलों के अलावा अबू जिंदाल 2006 में औरंगाबाद में हथियारों का जखीरा बरामद होने और उसी वर्ष अहमदाबाद रेलवे स्टेशन पर हुए आतंकवादी हमले तथा पुणे में बेस्ट बेकरी विस्फोट कांड में भी वांछित था।
यह जिज्ञासा करने पर कि विभिन्न पुलिस बल जिंदाल को अपनी हिरासत में लेने का प्रयास कर रहे हैं, चिदम्बरम ने स्पष्ट किया कि कोई किसी से लड़ नहीं रहा है, बल्कि दिल्ली पुलिस की उससे पूछताछ पूरी हो चुकी है। इसके अलावा मुम्बई पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते, महाराष्ट्र पुलिस, गुजरात पुलिस सहित अन्य पुलिस बलों को भी उससे पूछताछ करने का मौका दिया जाएगा।
यह जिज्ञासा करने पर कि विभिन्न पुलिस बल जिंदाल को अपनी हिरासत में लेने का प्रयास कर रहे हैं, चिदम्बरम ने स्पष्ट किया कि कोई किसी से लड़ नहीं रहा है, बल्कि दिल्ली पुलिस की उससे पूछताछ पूरी हो चुकी है। इसके अलावा मुम्बई पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते, महाराष्ट्र पुलिस, गुजरात पुलिस सहित अन्य पुलिस बलों को भी उससे पूछताछ करने का मौका दिया जाएगा। | संक्षिप्त पाठ: भारत ने शुक्रवार को पाकिस्तान से कहा कि वह इस बात को स्वीकारे कि 2008 के मुम्बई हमले के संदिग्ध अबू जिंदाल हमजा को उसने अपनी धरती पर पनाह दी थी और हमजा मुम्बई हमले का सूत्रधार था। | 14 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: ग्लोबल ऑर्गेनाइजेशन ऑफ पीपुल ऑफ इंडियन ऑरिजिन (गोपियो) की कनेक्टिकट शाखा भारतीय मूल के चार अमेरिकी नागरिकों को सम्मानित करेगी। गोपियो ने मंगलवार को कहा कि चार भारतीय अमेरिकियों को सम्मानित करने के अलावा हर्टफोर्ड के पॉल सेमांस्की को फ्रेंड ऑफ इंडिया पुरस्कार दिया जाएगा। रविवार को इटालियन सेंटर ऑफ स्टैम्फोर्ड में संगठन अपनी पांचवीं स्थापना दिवस के अवसर पर चार भारतीय अमेरिकियों विजय प्रशाद, मधु माथुर, विद्या तेरेदेसाई और मेक्वि ता आहुजा को फ्रेंड ऑफ गोपियो पुरस्कार से सम्मानित करेगा। प्रसाद हर्टफोर्ड के ट्रिनिटी कॉलेज में अंतर्राष्ट्रीय अध्ययन के प्रोफेसर हैं। उन्होंने विश्व शासन व्यवस्था पर कई पुस्तकें लिखी हैं। उन्हें कला और लेखन श्रेणी में पुरस्कार के लिए चुना गया है। ग्रिनविच की माथुर एक बाल स्वास्थ्य कार्यकर्ता हैं। वह स्टैम्फोर्ड के चाइल्डहुड ओबेसिटी टास्क फोर्स की संस्थापक सदस्य हैं। उन्हें स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में उनके योगदान के लिए चुना गया है। नॉरवाक की तेरेदेसाई को भारत और अमेरिका में सामुदायिक सेवा क्षेत्र में उनके कार्यो के लिए जाना जाता है। उन्होंने होमलेस शेल्टर्स, नॉरवाक सीनियर सेंटर, एवरग्रीन फाउंडेशन और बरोदा के महिला अस्पताल के लिए कोष जुटाया है। युवा पुरस्कार के लिए वेस्टन की मेक्वि टा आहुजा को चुना गया है। वह एक कलाकर हैं और कई देशों में उनकी कलाकृतियों की प्रदर्शनी लग चुकी है। फरवरी 2010 में आर्टन्यूज ने उन्हें 'आर्टिस्ट टू वाच' के रूप में चुना था। सेमांस्की आशा हर्टफोर्ड की समन्वयक हैं। यह संस्था गुजरात की गरीब बालिकाओं के लिए नवसर्जन ट्रस्ट स्कूल्स और कोलकाता डीएफ ब्लाइंड स्कूल की ओर से कोष जुटाती है। | संक्षिप्त सारांश: ग्लोबल ऑर्गेनाइजेशन ऑफ पीपुल ऑफ इंडियन ऑरिजिन (गोपियो) की कनेक्टिकट शाखा भारतीय मूल के चार अमेरिकी नागरिकों को सम्मानित करेगी। | 8 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: चीन के सरकारी वार्ताकार दाई बिंगुओ ने सोमवार को कहा कि चीन और भारत के आपसी सम्बंध अफवाहों से प्रभावित नहीं होने चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने दोनों देशों के सामूहिक विकास के लिए आपसी सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार बिंगुओ की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब उन्होंने बीजिंग में भारतीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन के साथ बातचीत की है।
चीन के प्रमुख सीमा वार्ताकार बिंगुओ ने कहा कि इस बारे में दोनों देशों का एक स्पष्ट विचार होना चाहिए कि कुछ पक्ष भारत-चीन द्विपक्षीय सम्बंधों को कमजोर करना चाहते हैं। दोनों को यह भी याद रखना चाहिए कि दोनों देशों के बीच विवाद से अधिक सहमति है, और प्रतिस्पर्धा से अधिक सहयोग है। उन्होंने कहा कि चीन और भारत, दोनों के पास द्विपक्षीय सम्बंधों को सम्भालने, आपसी लाभ के लिए अधिक प्रयास करने और अफवाहों को रोकने के लिए पर्याप्त बुद्धिमत्ता और क्षमता मौजूद है।
मेनन के बीजिंग दौरे से पूर्व भारत और चीन ने 30 नवम्बर को अपने कार्यकारी समूह की दूसरी बैठक समाप्त की और विवादित सीमा पर शांति बनाए रखने के उपायों पर चर्चा की।
भारत, चीन सीमा मामलों पर राय मशविरा व समन्वयन के लिए कार्यकारी समूह की नई दिल्ली में हुई दूसरी बैठक में दोनों पक्षों ने सीमा पर शांति और सद्भाव बनाए रखने के तरीकों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।
एक भारतीय अधिकारी ने कहा कि दोनों देशों ने कार्यकारी समूह की पहली बैठक के बाद से सीमा पर घटे घटनाक्रम की समीक्षा की।टिप्पणियां
भारत और चीन के बीच 15 चक्र की सीमा वार्ता हो चुकी है। लेकिन दोनों पक्षों के बीच तनाव बरकरार है।
चीन ने अरुणाचल प्रदेश और अक्साई चीन को नए ई-पासपोर्ट पर उपलब्ध नक्शे में अपना हिस्सा बताया है। जवाब में भारत ने भी चीनी नागरिकों को जारी वीजा में उपलब्ध भारतीय नक्शे में इन क्षेत्रों को अपना हिस्सा बताया है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार बिंगुओ की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब उन्होंने बीजिंग में भारतीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन के साथ बातचीत की है।
चीन के प्रमुख सीमा वार्ताकार बिंगुओ ने कहा कि इस बारे में दोनों देशों का एक स्पष्ट विचार होना चाहिए कि कुछ पक्ष भारत-चीन द्विपक्षीय सम्बंधों को कमजोर करना चाहते हैं। दोनों को यह भी याद रखना चाहिए कि दोनों देशों के बीच विवाद से अधिक सहमति है, और प्रतिस्पर्धा से अधिक सहयोग है। उन्होंने कहा कि चीन और भारत, दोनों के पास द्विपक्षीय सम्बंधों को सम्भालने, आपसी लाभ के लिए अधिक प्रयास करने और अफवाहों को रोकने के लिए पर्याप्त बुद्धिमत्ता और क्षमता मौजूद है।
मेनन के बीजिंग दौरे से पूर्व भारत और चीन ने 30 नवम्बर को अपने कार्यकारी समूह की दूसरी बैठक समाप्त की और विवादित सीमा पर शांति बनाए रखने के उपायों पर चर्चा की।
भारत, चीन सीमा मामलों पर राय मशविरा व समन्वयन के लिए कार्यकारी समूह की नई दिल्ली में हुई दूसरी बैठक में दोनों पक्षों ने सीमा पर शांति और सद्भाव बनाए रखने के तरीकों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।
एक भारतीय अधिकारी ने कहा कि दोनों देशों ने कार्यकारी समूह की पहली बैठक के बाद से सीमा पर घटे घटनाक्रम की समीक्षा की।टिप्पणियां
भारत और चीन के बीच 15 चक्र की सीमा वार्ता हो चुकी है। लेकिन दोनों पक्षों के बीच तनाव बरकरार है।
चीन ने अरुणाचल प्रदेश और अक्साई चीन को नए ई-पासपोर्ट पर उपलब्ध नक्शे में अपना हिस्सा बताया है। जवाब में भारत ने भी चीनी नागरिकों को जारी वीजा में उपलब्ध भारतीय नक्शे में इन क्षेत्रों को अपना हिस्सा बताया है।
चीन के प्रमुख सीमा वार्ताकार बिंगुओ ने कहा कि इस बारे में दोनों देशों का एक स्पष्ट विचार होना चाहिए कि कुछ पक्ष भारत-चीन द्विपक्षीय सम्बंधों को कमजोर करना चाहते हैं। दोनों को यह भी याद रखना चाहिए कि दोनों देशों के बीच विवाद से अधिक सहमति है, और प्रतिस्पर्धा से अधिक सहयोग है। उन्होंने कहा कि चीन और भारत, दोनों के पास द्विपक्षीय सम्बंधों को सम्भालने, आपसी लाभ के लिए अधिक प्रयास करने और अफवाहों को रोकने के लिए पर्याप्त बुद्धिमत्ता और क्षमता मौजूद है।
मेनन के बीजिंग दौरे से पूर्व भारत और चीन ने 30 नवम्बर को अपने कार्यकारी समूह की दूसरी बैठक समाप्त की और विवादित सीमा पर शांति बनाए रखने के उपायों पर चर्चा की।
भारत, चीन सीमा मामलों पर राय मशविरा व समन्वयन के लिए कार्यकारी समूह की नई दिल्ली में हुई दूसरी बैठक में दोनों पक्षों ने सीमा पर शांति और सद्भाव बनाए रखने के तरीकों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।
एक भारतीय अधिकारी ने कहा कि दोनों देशों ने कार्यकारी समूह की पहली बैठक के बाद से सीमा पर घटे घटनाक्रम की समीक्षा की।टिप्पणियां
भारत और चीन के बीच 15 चक्र की सीमा वार्ता हो चुकी है। लेकिन दोनों पक्षों के बीच तनाव बरकरार है।
चीन ने अरुणाचल प्रदेश और अक्साई चीन को नए ई-पासपोर्ट पर उपलब्ध नक्शे में अपना हिस्सा बताया है। जवाब में भारत ने भी चीनी नागरिकों को जारी वीजा में उपलब्ध भारतीय नक्शे में इन क्षेत्रों को अपना हिस्सा बताया है।
मेनन के बीजिंग दौरे से पूर्व भारत और चीन ने 30 नवम्बर को अपने कार्यकारी समूह की दूसरी बैठक समाप्त की और विवादित सीमा पर शांति बनाए रखने के उपायों पर चर्चा की।
भारत, चीन सीमा मामलों पर राय मशविरा व समन्वयन के लिए कार्यकारी समूह की नई दिल्ली में हुई दूसरी बैठक में दोनों पक्षों ने सीमा पर शांति और सद्भाव बनाए रखने के तरीकों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।
एक भारतीय अधिकारी ने कहा कि दोनों देशों ने कार्यकारी समूह की पहली बैठक के बाद से सीमा पर घटे घटनाक्रम की समीक्षा की।टिप्पणियां
भारत और चीन के बीच 15 चक्र की सीमा वार्ता हो चुकी है। लेकिन दोनों पक्षों के बीच तनाव बरकरार है।
चीन ने अरुणाचल प्रदेश और अक्साई चीन को नए ई-पासपोर्ट पर उपलब्ध नक्शे में अपना हिस्सा बताया है। जवाब में भारत ने भी चीनी नागरिकों को जारी वीजा में उपलब्ध भारतीय नक्शे में इन क्षेत्रों को अपना हिस्सा बताया है।
भारत, चीन सीमा मामलों पर राय मशविरा व समन्वयन के लिए कार्यकारी समूह की नई दिल्ली में हुई दूसरी बैठक में दोनों पक्षों ने सीमा पर शांति और सद्भाव बनाए रखने के तरीकों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।
एक भारतीय अधिकारी ने कहा कि दोनों देशों ने कार्यकारी समूह की पहली बैठक के बाद से सीमा पर घटे घटनाक्रम की समीक्षा की।टिप्पणियां
भारत और चीन के बीच 15 चक्र की सीमा वार्ता हो चुकी है। लेकिन दोनों पक्षों के बीच तनाव बरकरार है।
चीन ने अरुणाचल प्रदेश और अक्साई चीन को नए ई-पासपोर्ट पर उपलब्ध नक्शे में अपना हिस्सा बताया है। जवाब में भारत ने भी चीनी नागरिकों को जारी वीजा में उपलब्ध भारतीय नक्शे में इन क्षेत्रों को अपना हिस्सा बताया है।
एक भारतीय अधिकारी ने कहा कि दोनों देशों ने कार्यकारी समूह की पहली बैठक के बाद से सीमा पर घटे घटनाक्रम की समीक्षा की।टिप्पणियां
भारत और चीन के बीच 15 चक्र की सीमा वार्ता हो चुकी है। लेकिन दोनों पक्षों के बीच तनाव बरकरार है।
चीन ने अरुणाचल प्रदेश और अक्साई चीन को नए ई-पासपोर्ट पर उपलब्ध नक्शे में अपना हिस्सा बताया है। जवाब में भारत ने भी चीनी नागरिकों को जारी वीजा में उपलब्ध भारतीय नक्शे में इन क्षेत्रों को अपना हिस्सा बताया है।
भारत और चीन के बीच 15 चक्र की सीमा वार्ता हो चुकी है। लेकिन दोनों पक्षों के बीच तनाव बरकरार है।
चीन ने अरुणाचल प्रदेश और अक्साई चीन को नए ई-पासपोर्ट पर उपलब्ध नक्शे में अपना हिस्सा बताया है। जवाब में भारत ने भी चीनी नागरिकों को जारी वीजा में उपलब्ध भारतीय नक्शे में इन क्षेत्रों को अपना हिस्सा बताया है।
चीन ने अरुणाचल प्रदेश और अक्साई चीन को नए ई-पासपोर्ट पर उपलब्ध नक्शे में अपना हिस्सा बताया है। जवाब में भारत ने भी चीनी नागरिकों को जारी वीजा में उपलब्ध भारतीय नक्शे में इन क्षेत्रों को अपना हिस्सा बताया है। | संक्षिप्त पाठ: चीन के सरकारी वार्ताकार दाई बिंगुओ ने सोमवार को कहा कि चीन और भारत के आपसी सम्बंध अफवाहों से प्रभावित नहीं होने चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने दोनों देशों के सामूहिक विकास के लिए आपसी सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया। | 30 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: सरकार ने जजों की नियुक्ति से जुड़ा मेमोरेंडम (एमओपी) बनाकर चीफ जस्टिस को भेजा है. अब प्रधान न्यायाधीश और कॉलेजियम इस पर अंतिम फैसला लेगी. सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के संविधान पीठ के फैसले के दायरे में एमओपी तैयार किया है.टिप्पणियां
सूत्रों के मुताबिक नियुक्ति और ट्रांसफर की प्रक्रिया चल रही है. जजों की नियुक्ति और ट्रांसफर के मामले एमओपी के चलते नहीं रुके हैं. सुप्रीम कोर्ट के कोलिजियम जजमेंट के बाद 52 जजों की नियुक्ति की गई है और हाईकोर्टों के 110 एडिशनल जजों को कन्फर्म किया गया है. बताया जाता है कि 250 जजों की नियुक्ति और ट्रांसफर की प्रक्रिया चल रही है.
जजों के सिलेक्शन के लिए रिटायर्ड या वर्तमान जज होना चाहिए. हालांकि कोलेजियम इससे इनकार कर चुका है. उसके अनुसार जजों की नियुक्ति के लिए सुप्रीम कोर्ट के प्रमुख पांच जज बाकी जजों की राय भी लें. हाईकोर्ट के जजों के सिलेक्शन में मुख्यमंत्री और एडवोकेट जनरल भी शामिल हों. महिलाओं और एससी/एसटी के मामले में सीनियरटी में छूट दी जाए और जजों के खिलाफ शिकायतों को सुप्रीम कोर्ट ही देखे.
सूत्रों के मुताबिक नियुक्ति और ट्रांसफर की प्रक्रिया चल रही है. जजों की नियुक्ति और ट्रांसफर के मामले एमओपी के चलते नहीं रुके हैं. सुप्रीम कोर्ट के कोलिजियम जजमेंट के बाद 52 जजों की नियुक्ति की गई है और हाईकोर्टों के 110 एडिशनल जजों को कन्फर्म किया गया है. बताया जाता है कि 250 जजों की नियुक्ति और ट्रांसफर की प्रक्रिया चल रही है.
जजों के सिलेक्शन के लिए रिटायर्ड या वर्तमान जज होना चाहिए. हालांकि कोलेजियम इससे इनकार कर चुका है. उसके अनुसार जजों की नियुक्ति के लिए सुप्रीम कोर्ट के प्रमुख पांच जज बाकी जजों की राय भी लें. हाईकोर्ट के जजों के सिलेक्शन में मुख्यमंत्री और एडवोकेट जनरल भी शामिल हों. महिलाओं और एससी/एसटी के मामले में सीनियरटी में छूट दी जाए और जजों के खिलाफ शिकायतों को सुप्रीम कोर्ट ही देखे.
जजों के सिलेक्शन के लिए रिटायर्ड या वर्तमान जज होना चाहिए. हालांकि कोलेजियम इससे इनकार कर चुका है. उसके अनुसार जजों की नियुक्ति के लिए सुप्रीम कोर्ट के प्रमुख पांच जज बाकी जजों की राय भी लें. हाईकोर्ट के जजों के सिलेक्शन में मुख्यमंत्री और एडवोकेट जनरल भी शामिल हों. महिलाओं और एससी/एसटी के मामले में सीनियरटी में छूट दी जाए और जजों के खिलाफ शिकायतों को सुप्रीम कोर्ट ही देखे. | संक्षिप्त पाठ: प्रधान न्यायाधीश और कॉलेजियम अंतिम फैसला लेगी
एमओपी के कारण नहीं रुकी नियुक्ति और ट्रांसफर की प्रक्रिया
कोलिजियम जजमेंट के बाद 52 जजों की नियुक्ति की गई | 13 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: दिल्ली डेयर डेविल्स ने 10 अप्रैल को जब फिरोज शाह कोटला मैदान पर मुम्बई इंडियंस के खिलाफ इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के चौथे संस्करण का अपना सफर शुरू किया था, तब किसी को नहीं पता था कि यह टीम अपने आखिरी लीग मुकाबले तक जाते-जाते 10 टीमों की तालिका में फिसड्डी साबित होगी। अपने पहले ही मैच में डेयर डेविल्स को मुम्बई इंडियंस के हाथों आठ विकेट से करारी हार झेलनी पड़ी थी। इसके बाद उसकी हार का सिलसिला कुछ यूं शुरू हुआ कि अगले 12 मैचों में उसे आठ बार शिकस्त खानी पड़ी। चार बार मिली जीत ने उसे कुछ दिलासा दिया लेकिन आठ अंक तालिका में सम्मानजनक स्थिति पाने के लिए पर्याप्त नहीं थे। अब डेयर डेविल्स को शनिवार को कोटला में अपना आखिरी लीग मैच खेलना है। उसके सामने होगी पुणे वॉरियर्स टीम, जिसकी हालत भी डेयर डेविल्स जैसी ही है। फर्क बस इतना है कि पुणे वॉरियर्स ने जीत के साथ आईपीएल में कदम रखा था लेकिन उसके बाद उसके प्रदर्शन का ग्राफ लगातार गिरता रहा। कप्तान वीरेंद्र सहवाग के चोटिल होने और टीम से बाहर होने के कारण जाहिर तौर पर डेयर डेविल्स के प्रशंसकों के लिए आखिरी लीग मैच को लेकर उत्साह नहीं रह गया होगा लेकिन आईपीएल-4 में अपना आखिरी मैच खेलने जा रहे भारतीय टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली को देखने के लिए दर्शक कोटला का रुख कर सकते हैं। अंकों, जीत और हार के लिहाज से डेयर डेविल्स और पुणे वॉरियर्स का पलड़ा बराबर है लेकिन पिछले तीन मुकाबलों पर नजर डालने से पता चलता है कि पुणे ने तीन में से एक मैच में जीत हासिल की है लेकिन डेयर डेविल्स को तीनों मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा है। वैसे 17 अप्रैल को मुम्बई के डॉक्टर डी.वाई. पाटिल स्पोर्ट्स काम्पलेक्स में खेले गए पहले मुकाबले में डेयर डेविल्स ने पुणे वॉरियर्स को हरा का स्वाद चखाया था लेकिन सहवाग की गैरमौजूदगी में उसके लिए दोबारा ऐसा कर पाना सम्भव नहीं दिख रहा है। उस मैच में पुणे वॉरियर्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 187 रन बनाए थे लेकिन इसके बावजूद डेयर डेविल्स ने डेविड वार्नर (46) और सहवाग (37) के बीच पहले विकेट के लिए हुए 75 रनों की साझेदारी की बदौलत जीत हासिल की थी। मुम्बई और राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ लगातार दो मुकाबले हारने के बाद डेयर डेविल्स ने पुणे वॉरियर्स को हराकर आईपीएल-4 में पहली जीत दर्ज की थी। वह जीत निश्चित तौर पर खास थी लेकिन उसके बाद डेयर डेविल्स का प्रदर्शन इतना खराब रहा कि तीन बार सेमीफाइनल खेल चुकी यह टीम तालिका में सबसे नीचे पहुंच चुकी है। पुणे वॉरियर्स और डेयर डेविल्स के लिए आईपीएल-4 मे अब कुछ नहीं बचा है। प्ले-ऑफ के लिए इन दो टीमों के खिलाड़ी दर्शक बनकर रह गए हैं। ऐसे में खुद दर्शक बने ये खिलाड़ी शनिवार को जब आईपीएल-4 में आखिरी बार दर्शकों के सामने खेलने उतरेंगे, तो उनसे बिना दबाव में खेलते हुए मनोरंजक क्रिकेट की उम्मीद की जा सकती है। | डेयर डेविल्स को शनिवार को कोटला में अपना आखिरी लीग मैच खेलना है। उसके सामने होगी पुणे वॉरियर्स, जिसकी हालत भी डेयर डेविल्स जैसी ही है। | 26 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान ने एक बार फिर एलओसी पर दो जगह युद्धविराम का उल्लंघन किया है. सुबह-सुबह पाकिस्तान सैनिकों ने बिना उकसावे के पुंछ की बिंबर गली में छोटे ऑटोमेटिक हथियारों से लेकर 82 एमएम मोर्टार तक से गोलाबारी शुरू कर दी. एलओसी पर तैनात भारतीय सेना के जवानों ने इस फायरिंग का मजबूती से जवाब दिया. ये गोलाबारी सुबह 5 बजे से लेकर सुबह पौने छह बजे तक चली.टिप्पणियां
इसके बाद राजौरी के नौशेरा सेक्टर में सुबह साढ़े नौ बजे पाकिस्तान ने छोटे और भारी दोनों तरह के हथियारों से गोलाबारी शुरू कर दी. इस फायरिंग का सेना करारा जवाब दे रही है. फिलहाल खबर लिखे जाने तक गोलाबारी जारी है.
पाकिस्तान की ओर से युद्धविराम का उल्लंघन एक दिन की शांति के बाद किया गया है. इससे पहले 12 जनवरी को पाकिस्तान ने पुंछ के कृष्णाघाटी सेक्टर और फिर राजौरी के नौशेरा सेक्टर में संघर्षविराम का उल्लंघन किया था. सेना के मुताबिक- इस साल अब तक पाकिस्तान 170 दफा से अधिक युद्धविराम का उल्लंघन कर चुका है जबकि इसी अवधि में पिछले साल सरहद पर केवल पांच बार ही युद्धविराम का उल्लंघन हुआ था. ऐसे में 2003 से भारत और पाकिस्तान के सरहद पर जारी युद्धविराम का कोई खास मायने नहीं रह जाता है.
इसके बाद राजौरी के नौशेरा सेक्टर में सुबह साढ़े नौ बजे पाकिस्तान ने छोटे और भारी दोनों तरह के हथियारों से गोलाबारी शुरू कर दी. इस फायरिंग का सेना करारा जवाब दे रही है. फिलहाल खबर लिखे जाने तक गोलाबारी जारी है.
पाकिस्तान की ओर से युद्धविराम का उल्लंघन एक दिन की शांति के बाद किया गया है. इससे पहले 12 जनवरी को पाकिस्तान ने पुंछ के कृष्णाघाटी सेक्टर और फिर राजौरी के नौशेरा सेक्टर में संघर्षविराम का उल्लंघन किया था. सेना के मुताबिक- इस साल अब तक पाकिस्तान 170 दफा से अधिक युद्धविराम का उल्लंघन कर चुका है जबकि इसी अवधि में पिछले साल सरहद पर केवल पांच बार ही युद्धविराम का उल्लंघन हुआ था. ऐसे में 2003 से भारत और पाकिस्तान के सरहद पर जारी युद्धविराम का कोई खास मायने नहीं रह जाता है.
पाकिस्तान की ओर से युद्धविराम का उल्लंघन एक दिन की शांति के बाद किया गया है. इससे पहले 12 जनवरी को पाकिस्तान ने पुंछ के कृष्णाघाटी सेक्टर और फिर राजौरी के नौशेरा सेक्टर में संघर्षविराम का उल्लंघन किया था. सेना के मुताबिक- इस साल अब तक पाकिस्तान 170 दफा से अधिक युद्धविराम का उल्लंघन कर चुका है जबकि इसी अवधि में पिछले साल सरहद पर केवल पांच बार ही युद्धविराम का उल्लंघन हुआ था. ऐसे में 2003 से भारत और पाकिस्तान के सरहद पर जारी युद्धविराम का कोई खास मायने नहीं रह जाता है. | संक्षिप्त सारांश: राजौरी और पुंछ में पाक की गोलाबारी
भारत ने भी की जवाबी कार्रवाई
पाक ने इस साल 170 दफा से अधिक बार उल्लंघन किया | 23 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने आरोप लगाया कि सहारा समूह ने लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार को एक मुखौटा कंपनी के जरिये टाटा समूह से एक महंगी (पॉश) संपत्ति खरीदने में मदद की थी. राष्ट्रीय जनता दल ने इस आरोप को खारिज किया है. इस बारे में संपर्क करने पर सहारा समूह ने कहा कि उसका इस सौदे से कोई लेना-देना नहीं है. जबकि टाटा समूह ने इस पर टिप्पणी से इनकार किया. मोदी ने इससे कुछ दिन पहले दावा किया था कि लालू के पुत्र तेजस्वी यादव समेत उन के परिवार ने टाटा स्टील एंड कंपनी से पटना के महंगे इलाके में दो मंजिला इमारत खरीदी है. करोड़ों रुपये का यह सौदा मुखौटा कंपनी फेयरग्रो होल्डिंग प्राइवेट लिमिटेड के जरिये किया गया.
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि आयकर विभाग ने फरवरी में पटना में 5, राइडिंग रोड पर 7,105 वर्ग फुट के दो मंजिला घर को कुर्क किया है. यह मकान फेयरग्रो होल्डिंग के नाम पर पंजीकृत है.
मोदी ने भाजपा कार्यालय में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि राजेश कुमार जिसने पटना में फेयरग्रो की ओर से टाटा समूह से यह संपत्ति खरीदने के लिए 65 लाख रुपये का भुगतान किया है वह न तो कंपनी में निदेशक है न ही शेयरधारक, न ही कर्मचारी है. सुब्रत राय के भाई जयब्रत राय के निजी सचिव राजेश कुमार ने फेयरग्रो की ओर से 65 लाख रुपये का भुगतान किया था. इस कंपनी के मालिक राजद नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रेमचंद्र गुप्ता और उनके भाई हैं. टिप्पणियां
सहारा समूह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सहारा इंडिया परिवार या उसके किसी सदस्य का इस मामले में एक रुपये का भी लेना-देना नहीं है. समूह ने कहा कि राजेश कुमार सहारा इंडिया परिवार के वरिष्ठ सदस्य हैं. फेयरग्रो में भागीदारी की शिकायतों के संदर्भ में समूह ने पहले ही एक उच्चस्तरीय आंतरिक जांच समिति गठित की है. यह समिति 15 दिन में अपनी रपट देगी.
इन आरोपों पर राजद प्रवक्ता एवं विधायक शक्ति सिंह यादव ने कहा कि सुशील मोदी तेजस्वी यादव की पंजीकृत संपत्तियों को बेनामी साबित करने में लगे हैं. ये आरोप आधारहीन हैं और सच्चाई से परे हैं.
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि आयकर विभाग ने फरवरी में पटना में 5, राइडिंग रोड पर 7,105 वर्ग फुट के दो मंजिला घर को कुर्क किया है. यह मकान फेयरग्रो होल्डिंग के नाम पर पंजीकृत है.
मोदी ने भाजपा कार्यालय में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि राजेश कुमार जिसने पटना में फेयरग्रो की ओर से टाटा समूह से यह संपत्ति खरीदने के लिए 65 लाख रुपये का भुगतान किया है वह न तो कंपनी में निदेशक है न ही शेयरधारक, न ही कर्मचारी है. सुब्रत राय के भाई जयब्रत राय के निजी सचिव राजेश कुमार ने फेयरग्रो की ओर से 65 लाख रुपये का भुगतान किया था. इस कंपनी के मालिक राजद नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रेमचंद्र गुप्ता और उनके भाई हैं. टिप्पणियां
सहारा समूह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सहारा इंडिया परिवार या उसके किसी सदस्य का इस मामले में एक रुपये का भी लेना-देना नहीं है. समूह ने कहा कि राजेश कुमार सहारा इंडिया परिवार के वरिष्ठ सदस्य हैं. फेयरग्रो में भागीदारी की शिकायतों के संदर्भ में समूह ने पहले ही एक उच्चस्तरीय आंतरिक जांच समिति गठित की है. यह समिति 15 दिन में अपनी रपट देगी.
इन आरोपों पर राजद प्रवक्ता एवं विधायक शक्ति सिंह यादव ने कहा कि सुशील मोदी तेजस्वी यादव की पंजीकृत संपत्तियों को बेनामी साबित करने में लगे हैं. ये आरोप आधारहीन हैं और सच्चाई से परे हैं.
मोदी ने भाजपा कार्यालय में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि राजेश कुमार जिसने पटना में फेयरग्रो की ओर से टाटा समूह से यह संपत्ति खरीदने के लिए 65 लाख रुपये का भुगतान किया है वह न तो कंपनी में निदेशक है न ही शेयरधारक, न ही कर्मचारी है. सुब्रत राय के भाई जयब्रत राय के निजी सचिव राजेश कुमार ने फेयरग्रो की ओर से 65 लाख रुपये का भुगतान किया था. इस कंपनी के मालिक राजद नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रेमचंद्र गुप्ता और उनके भाई हैं. टिप्पणियां
सहारा समूह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सहारा इंडिया परिवार या उसके किसी सदस्य का इस मामले में एक रुपये का भी लेना-देना नहीं है. समूह ने कहा कि राजेश कुमार सहारा इंडिया परिवार के वरिष्ठ सदस्य हैं. फेयरग्रो में भागीदारी की शिकायतों के संदर्भ में समूह ने पहले ही एक उच्चस्तरीय आंतरिक जांच समिति गठित की है. यह समिति 15 दिन में अपनी रपट देगी.
इन आरोपों पर राजद प्रवक्ता एवं विधायक शक्ति सिंह यादव ने कहा कि सुशील मोदी तेजस्वी यादव की पंजीकृत संपत्तियों को बेनामी साबित करने में लगे हैं. ये आरोप आधारहीन हैं और सच्चाई से परे हैं.
सहारा समूह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सहारा इंडिया परिवार या उसके किसी सदस्य का इस मामले में एक रुपये का भी लेना-देना नहीं है. समूह ने कहा कि राजेश कुमार सहारा इंडिया परिवार के वरिष्ठ सदस्य हैं. फेयरग्रो में भागीदारी की शिकायतों के संदर्भ में समूह ने पहले ही एक उच्चस्तरीय आंतरिक जांच समिति गठित की है. यह समिति 15 दिन में अपनी रपट देगी.
इन आरोपों पर राजद प्रवक्ता एवं विधायक शक्ति सिंह यादव ने कहा कि सुशील मोदी तेजस्वी यादव की पंजीकृत संपत्तियों को बेनामी साबित करने में लगे हैं. ये आरोप आधारहीन हैं और सच्चाई से परे हैं.
इन आरोपों पर राजद प्रवक्ता एवं विधायक शक्ति सिंह यादव ने कहा कि सुशील मोदी तेजस्वी यादव की पंजीकृत संपत्तियों को बेनामी साबित करने में लगे हैं. ये आरोप आधारहीन हैं और सच्चाई से परे हैं. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सुशील मोदी पिछले काफी समय से लालू परिवार पर घोटाले के आरोप लगा रहे हैं
कई खुलासे कर अवैध संपत्ति खरीदने के आरोप लगाए हैं
अब कॉर्पोरेट सेक्टर के साथ भी साठ-गांठ का आरोप लगाया. | 32 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: डीयू के शिक्षकों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं तब तक वे कॉपियां नहीं जांचेंगे. शिक्षकों की मांग है कि डीयू में सालों से काम कर रहे करीब 60% adhoc टीचरों को नियमित किया जाए. डिपार्टमेंट वाइज़ रोस्टर बनाने के आदेश को वापस लिया जाए. इसके कारण आरक्षित शिक्षकों की सीटों में भारी कटौती होगी. डीयू को स्वायत्त नहीं किया जाए.
डीयू प्रशासन नियमों का हवाला देकर शिक्षकों को कॉपियां चेक करने के लिए पत्र लिख रहा है. डीयू में कोई छात्र बिहार से है तो कोई उत्तर-पूर्व से. यह सब यहां उज्जवल भविष्य के लिए आए हैं पर शिक्षकों और प्रशासन के झगड़े में इनका भविष्य ख़तरे में पड़ गया है.
डीयू प्रशासन नियमों का हवाला देकर शिक्षकों को कॉपियां चेक करने के लिए पत्र लिख रहा है. डीयू में कोई छात्र बिहार से है तो कोई उत्तर-पूर्व से. यह सब यहां उज्जवल भविष्य के लिए आए हैं पर शिक्षकों और प्रशासन के झगड़े में इनका भविष्य ख़तरे में पड़ गया है. | यह एक सारांश है: मूल्यांकन न होने से डीयू के लगभग 1.5 लाख छात्र प्रभावित
अंतिम वर्ष के छात्र भविष्य को लेकर परेशान
अन्य विश्वविद्यालयों में एडमिशन में होगी दिक्कत | 2 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय क्रिकेटर युवराज सिंह ने मंगलवार को बेंगलूर में कहा कि कैंसर के उपचार के बाद यहां राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (एनसीए) में नेट पर बल्लेबाजी करना उनके लिये बड़ी उपलब्धि है। वह यहां रिहैबिलिटेशन प्रक्रिया से गुजर रहे हैं और उन्होंने उम्मीद जतायी कि चीजें हर दिन बेहतर होती जाएंगी।
कैंसर के उपचार के बाद उबर रहे युवराज ने यहां ट्रेनिंग सत्र के बाद कहा, ‘‘नेट पर बल्लेबाजी करना मेरे लिये बड़ी उपलब्धि है। मुझे नेट में बल्लेबाजी करते हुए सचमुच काफी खुशी हुई।’’ उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘‘यह खराब सत्र नहीं था, मैं छह महीने बाद पहली बार नेट पर बल्लेबाजी कर रहा हूं। मैं 15 मिनट के बाद ही थक गया था लेकिन मुझे पूरा भरोसा है कि प्रत्येक दिन मैं बेहतर होता जाऊंगा।’’
कैंसर के उपचार के बाद उबर रहे युवराज ने यहां ट्रेनिंग सत्र के बाद कहा, ‘‘नेट पर बल्लेबाजी करना मेरे लिये बड़ी उपलब्धि है। मुझे नेट में बल्लेबाजी करते हुए सचमुच काफी खुशी हुई।’’ उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘‘यह खराब सत्र नहीं था, मैं छह महीने बाद पहली बार नेट पर बल्लेबाजी कर रहा हूं। मैं 15 मिनट के बाद ही थक गया था लेकिन मुझे पूरा भरोसा है कि प्रत्येक दिन मैं बेहतर होता जाऊंगा।’’ | यह एक सारांश है: भारतीय क्रिकेटर युवराज सिंह ने मंगलवार को बेंगलूर में कहा कि कैंसर के उपचार के बाद यहां राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (एनसीए) में नेट पर बल्लेबाजी करना उनके लिये बड़ी उपलब्धि है। | 16 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वायु की गुणवत्ता बुधवार को बुरी तरह प्रभावित रही. राजधानी में 30 अक्टूबर की दीवाली की रात के बाद हवा में जहर एक नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है. हवा की गुणवत्ता की निगरानी करने वाली एजेंसियों ने कहा कि प्रदूषण स्तर अगले कुछ दिनों तक प्रतिकूल जलवायु पस्थितियों की वजह से 'गंभीर' बना रहेगा.
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, हवा गुणवत्ता सूचकांक ने बुधवार को 494 का आंकड़ा छू लिया. यह गंभीर श्रेणी के तहत आता है. आनंद विहार में हवा की गुणवत्ता राष्ट्रीय राजधानी में बुधवार को सबसे खराब रही.
यह सूचकांक सोमवार को 445 और मंगलवार को 389 रहा. मंगलवार को हवा की गुणवत्ता मामूली सुधार के साथ 'बहुत खराब' श्रेणी में पहुंचा.
पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के वायु गुणवत्ता एवं मौसम अनुमान एवं अनुसंधान तंत्र (सफर) ने भी शहर के प्रदूषण के बारे में एक गंभीर स्थिति पेश की थी. इसके अधिकारियों ने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण स्तर अगले कुछ दिनों तक 'गंभीर' बने रहने की संभावना है. हवा की गति और तापमान में कमी से आर्द्रता में वृद्धि हुई है, जो अच्छा है.
सफर की एक शोधकर्ता नेहा पारखी ने कहा, 'हवा की गति मंगलवार को बढ़कर दो किमी प्रति घंटा हो गई. इससे प्रदूषकों के बिखराव में कुछ हद तक मदद मिली. हालांकि, हवा की गति बुधवार को एक किमी प्रति घंटा से कम हो गई. पंजाब और हरियाणा से चलने वाली हवा पूरी तरह से बंद है. इसके अलावा तापमान में कमी आने से नमी बढ़ी है.'
दिल्ली में वायु प्रदूषकों की उच्च मात्रा की वजह से दृश्यता में कमी आई है. दिवाली पर छोड़े गए पटाखों ने इसे बदतर बना दिया है.टिप्पणियां
सेंटर फॉर साइंस एंड इनवायरमेंट के सदस्य विवेक चट्टोपाध्याय ने कहा, 'हवा की गति शून्य है. पटाखे छोड़ना, वाहनों और बिजली संयंत्रों के प्रदूषण इसमें अपना योगदान दे रहे हैं.' राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में कई जगहों पर बुधवार को प्रदूषण स्तर सुरक्षित सीमा से ऊपर पीम 2.5 और पीएम 10 तक रहा. पीएम 2.5 स्तर की सीमा 408 से 500 से ज्यादा और पीएम 10 स्तर की सीमा 392 से 500 से ज्यादा होती है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, हवा गुणवत्ता सूचकांक ने बुधवार को 494 का आंकड़ा छू लिया. यह गंभीर श्रेणी के तहत आता है. आनंद विहार में हवा की गुणवत्ता राष्ट्रीय राजधानी में बुधवार को सबसे खराब रही.
यह सूचकांक सोमवार को 445 और मंगलवार को 389 रहा. मंगलवार को हवा की गुणवत्ता मामूली सुधार के साथ 'बहुत खराब' श्रेणी में पहुंचा.
पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के वायु गुणवत्ता एवं मौसम अनुमान एवं अनुसंधान तंत्र (सफर) ने भी शहर के प्रदूषण के बारे में एक गंभीर स्थिति पेश की थी. इसके अधिकारियों ने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण स्तर अगले कुछ दिनों तक 'गंभीर' बने रहने की संभावना है. हवा की गति और तापमान में कमी से आर्द्रता में वृद्धि हुई है, जो अच्छा है.
सफर की एक शोधकर्ता नेहा पारखी ने कहा, 'हवा की गति मंगलवार को बढ़कर दो किमी प्रति घंटा हो गई. इससे प्रदूषकों के बिखराव में कुछ हद तक मदद मिली. हालांकि, हवा की गति बुधवार को एक किमी प्रति घंटा से कम हो गई. पंजाब और हरियाणा से चलने वाली हवा पूरी तरह से बंद है. इसके अलावा तापमान में कमी आने से नमी बढ़ी है.'
दिल्ली में वायु प्रदूषकों की उच्च मात्रा की वजह से दृश्यता में कमी आई है. दिवाली पर छोड़े गए पटाखों ने इसे बदतर बना दिया है.टिप्पणियां
सेंटर फॉर साइंस एंड इनवायरमेंट के सदस्य विवेक चट्टोपाध्याय ने कहा, 'हवा की गति शून्य है. पटाखे छोड़ना, वाहनों और बिजली संयंत्रों के प्रदूषण इसमें अपना योगदान दे रहे हैं.' राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में कई जगहों पर बुधवार को प्रदूषण स्तर सुरक्षित सीमा से ऊपर पीम 2.5 और पीएम 10 तक रहा. पीएम 2.5 स्तर की सीमा 408 से 500 से ज्यादा और पीएम 10 स्तर की सीमा 392 से 500 से ज्यादा होती है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के वायु गुणवत्ता एवं मौसम अनुमान एवं अनुसंधान तंत्र (सफर) ने भी शहर के प्रदूषण के बारे में एक गंभीर स्थिति पेश की थी. इसके अधिकारियों ने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण स्तर अगले कुछ दिनों तक 'गंभीर' बने रहने की संभावना है. हवा की गति और तापमान में कमी से आर्द्रता में वृद्धि हुई है, जो अच्छा है.
सफर की एक शोधकर्ता नेहा पारखी ने कहा, 'हवा की गति मंगलवार को बढ़कर दो किमी प्रति घंटा हो गई. इससे प्रदूषकों के बिखराव में कुछ हद तक मदद मिली. हालांकि, हवा की गति बुधवार को एक किमी प्रति घंटा से कम हो गई. पंजाब और हरियाणा से चलने वाली हवा पूरी तरह से बंद है. इसके अलावा तापमान में कमी आने से नमी बढ़ी है.'
दिल्ली में वायु प्रदूषकों की उच्च मात्रा की वजह से दृश्यता में कमी आई है. दिवाली पर छोड़े गए पटाखों ने इसे बदतर बना दिया है.टिप्पणियां
सेंटर फॉर साइंस एंड इनवायरमेंट के सदस्य विवेक चट्टोपाध्याय ने कहा, 'हवा की गति शून्य है. पटाखे छोड़ना, वाहनों और बिजली संयंत्रों के प्रदूषण इसमें अपना योगदान दे रहे हैं.' राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में कई जगहों पर बुधवार को प्रदूषण स्तर सुरक्षित सीमा से ऊपर पीम 2.5 और पीएम 10 तक रहा. पीएम 2.5 स्तर की सीमा 408 से 500 से ज्यादा और पीएम 10 स्तर की सीमा 392 से 500 से ज्यादा होती है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सफर की एक शोधकर्ता नेहा पारखी ने कहा, 'हवा की गति मंगलवार को बढ़कर दो किमी प्रति घंटा हो गई. इससे प्रदूषकों के बिखराव में कुछ हद तक मदद मिली. हालांकि, हवा की गति बुधवार को एक किमी प्रति घंटा से कम हो गई. पंजाब और हरियाणा से चलने वाली हवा पूरी तरह से बंद है. इसके अलावा तापमान में कमी आने से नमी बढ़ी है.'
दिल्ली में वायु प्रदूषकों की उच्च मात्रा की वजह से दृश्यता में कमी आई है. दिवाली पर छोड़े गए पटाखों ने इसे बदतर बना दिया है.टिप्पणियां
सेंटर फॉर साइंस एंड इनवायरमेंट के सदस्य विवेक चट्टोपाध्याय ने कहा, 'हवा की गति शून्य है. पटाखे छोड़ना, वाहनों और बिजली संयंत्रों के प्रदूषण इसमें अपना योगदान दे रहे हैं.' राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में कई जगहों पर बुधवार को प्रदूषण स्तर सुरक्षित सीमा से ऊपर पीम 2.5 और पीएम 10 तक रहा. पीएम 2.5 स्तर की सीमा 408 से 500 से ज्यादा और पीएम 10 स्तर की सीमा 392 से 500 से ज्यादा होती है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सेंटर फॉर साइंस एंड इनवायरमेंट के सदस्य विवेक चट्टोपाध्याय ने कहा, 'हवा की गति शून्य है. पटाखे छोड़ना, वाहनों और बिजली संयंत्रों के प्रदूषण इसमें अपना योगदान दे रहे हैं.' राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में कई जगहों पर बुधवार को प्रदूषण स्तर सुरक्षित सीमा से ऊपर पीम 2.5 और पीएम 10 तक रहा. पीएम 2.5 स्तर की सीमा 408 से 500 से ज्यादा और पीएम 10 स्तर की सीमा 392 से 500 से ज्यादा होती है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त पाठ: हवा की गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में पहुंची
विजिबिलिटी में काफी कमी दर्ज की गई
कुछ दिनों तक ऐसी ही स्थिति रहने की आशंका | 27 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने औपचारिक तौर पर बीसीसीआई को सूचित कर दिया है कि भारत और इंग्लैंड के बीच 27 फरवरी को होने वाला विश्वकप मैच कोलकाता के ईडन गार्डन्स में आयोजित नहीं किया जा सकता। बीसीसीआई ने विज्ञप्ति जारी करके कहा है कि आईसीसी ने सूचित किया है कि 27 फरवरी को ईडन गार्डन्स में मैच का आयोजन नहीं किया जा सकता है। क्रिकेट बोर्ड ने कहा कि उसने मैच के लिए वैकल्पिक स्थान के तौर पर बेंगलुरु की सिफारिश की गई है। बीसीसीआई के सचिव और भावी अध्यक्ष एन श्रीनिवासन ने विज्ञप्ति में कहा, आईसीसी ने बीसीसीआई को सूचित किया है कि भारत और इंग्लैंड के बीच आईसीसी विश्वकप का 27 फरवरी, 2011 को होने वाला मैच ईडन गार्डन्स में नहीं खेला जाएगा। उन्होंने कहा, बीसीसीआई ने वैकल्पिक स्थान के तौर पर बेंगलुरु की सिफारिश की है। ईडन गार्डन्स को मैच दिलाने के लिए पिछले दो दिन से काफी राजनीतिक उठापटक हुई, लेकिन आईसीसी के फैसले की घोषणा के साथ ही सारे प्रयासों पर पानी फिर गया। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य का आखिर समय के प्रयासों का भी कोई परिणाम नहीं निकला। सुबह से बंगाल क्रिकेट संघ में यह कयास लगाये जा रहे थे कि आईसीसी काम पूरा करने के लिए समयसीमा 7 फरवरी तक बढ़ाने के लिए मान जाएगी। यहां तक कि कैब अध्यक्ष जगमोहन डालमिया ने आईसीसी प्रमुख शरद पवार के साथ टेलीफोन पर बात की, जिससे उम्मीद की किरण जगी, क्योंकि आश्वासन दिया गया था कि आईसीसी उन्हें ई-मेल भेजकर बताएगी कि स्टेडियम में क्या-क्या करना है। | आईसीसी ने बीसीसीआई को सूचित किया है कि भारत-इंग्लैंड के बीच 27 फरवरी को होने वाला मैच कोलकाता के ईडन गार्डन्स में आयोजित नहीं होगा। | 1 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अरविंद केजरीवाल सरकार भले ही मेट्रो में महिलाओं की मुफ्त यात्रा योजना को लेकर बीजेपी पर राजनीति करने और इसमें रोड़ा अटकाने का आरोप लगा रही हो, लेकिन अब दिल्ली सरकार की मंशा पर ही सवाल खड़े हो गए हैं. दरअसल, तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत रॉय के सवाल के जबाब में केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप पुरी ने कहा, 'केंद्र सरकार को दिल्ली मेट्रो में महिलाओं की मुफ्त यात्रा के संबंध में कोई प्रस्ताव नहीं मिला है'. सौगत रॉय ने यह भी पूछा कि क्या दिल्ली सरकार की तरफ से केंद्र सरकार को ऐसा कोई प्रस्ताव मिला है और यदि मिला है तो इस संबंध में अबतक क्या कदम उठाए गए हैं. इस सवाल के जवाब में केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने साफ-साफ कहा कि उन्हें ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं मिला है.
आपको बता दें कि दिल्ली सरकार ने मेट्रो में महिलाओं की मुफ्त यात्रा योजना की घोषणा की थी. इसके बाद से ही इस मामले पर सियासत जारी है. पिछले दिनों दिल्ली मेट्रो के पूर्व प्रमुख और मेट्रो मैन के नाम से मशहूर ई. श्रीधरन (E. Sreedharan) ने अरविंद केजरीवाल सरकार की महिलाओं को मेट्रो में मुफ्त यात्रा की योजना को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखी थी. 10 जून को लिखी गई चिट्ठी में श्रीधरन ने पीएम मोदी से कहा था, 'दिल्ली सरकार के प्रस्ताव पर सहमत न हों. जब मेट्रो शुरू हुई थी तब यह निर्णय लिया गया था कि किसी को भी यात्रा के लिए मेट्रो में रियायत नहीं दी जाएगी. इस फैसले का स्वागत खुद तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने किया था और उन्होंने खुद टिकट लेकर दिसंबर 2002 में शाहदरा से कश्मीरी गेट तक पहली यात्रा की थी.
दिल्ली मेट्रो केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार का जॉइंट वेंचर है. कोई एक हिस्सेदार समाज के किसी एक हिस्से को रियायत देने का एकतरफा निर्णय नहीं ले सकता है'. ई. श्रीधरन (E. Sreedharan) ने पत्र में लिखा था, 'मेट्रो का अपना स्टाफ यहां तक कि मैनेजिंग डायरेक्टर भी जब यात्रा करते हैं तो टिकट खरीदते हैं. इस योजना को लागू करने में 1000 करोड़ रुपये सालाना का खर्चा आएगा और यह बढ़ता ही जाएगा, क्योंकि मेट्रो बढ़ेगी और किराए बढ़ेंगे. समाज के एक हिस्से को रियायत दी जाएगी तो बाद में दूसरे इससे भी रियायत देने की मांग करेंगे जैसे कि छात्र, विकलांग, वरिष्ठ नागरिक आदि. जो कि इस रियायत के ज़्यादा हकदार हैं. यह बीमारी देश की दूसरी मेट्रो में भी फैलती जाएगी. इस कदम से दिल्ली मेट्रो अक्षम और कंगाल हो जाएगी. अगर दिल्ली सरकार महिला यात्रियों की मदद करना ही चाहती है तो उनके खातों में सीधा पैसा डाल दे. | यहाँ एक सारांश है:मेट्रो में मुफ्त यात्रा योजना पर सियासत जारी
सरकार ने कहा, हमें कोई प्रस्ताव ही नहीं मिला
केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने दिया लिखित जवाब | 12 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: अर्थव्यवस्था के ‘मनमोहन मॉडल’ को अत्यंत सफल बताते हुए वित्तमंत्री पी चिंदबरम ने मंगलवार को कहा कि यही मनमोहन मॉडल है, जिसकी बदौलत भारत दुनिया में सबसे तेजी से तरक्की करने वाली अर्थव्यवस्थाओं में दूसरे नंबर पर है।
दरअसल बैंकिंग कानून संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान भाकपा के गुरुदास दासगुप्ता ने कटाक्ष किया था कि ‘‘मनमोहन चिदंबरम’’ मॉडल की वजह से देश की अर्थव्यवस्था की खराब हालत हो गई। उदारीकरण की नीतियों के कारण महंगाई बढ़ रही है।टिप्पणियां
इसी कटाक्ष के जवाब में चिदंबरम ने कहा कि कोई ‘मनमोहन चिदंबरम मॉडल’ नहीं है। ‘‘कृपया मेरी तुलना प्रधानमंत्री से मत कीजिए। वह एक सम्मानित अर्थशास्त्री हैं।’’ उन्होंने कहा कि दरअसल यह ‘मनमोहन मॉडल’ है, जिसकी वजह से देश की अर्थव्यवस्था ने नौ प्रतिशत की विकास दर हासिल करने का मंजर देखा। यह मनमोहन मॉडल है, जिसकी वजह से राजकोषीय घाटा तीन प्रतिशत से नीचे आया।
चिदंबरम ने कहा कि अगर आप मनमोहन मॉडल को दोष देंगे तो गलत है, क्योंकि इसी मनमोहन मॉडल की वजह से भारत दुनिया में दूसरी सबसे तेजी से विकास कर रही अर्थव्यवस्था बन गया है।
दरअसल बैंकिंग कानून संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान भाकपा के गुरुदास दासगुप्ता ने कटाक्ष किया था कि ‘‘मनमोहन चिदंबरम’’ मॉडल की वजह से देश की अर्थव्यवस्था की खराब हालत हो गई। उदारीकरण की नीतियों के कारण महंगाई बढ़ रही है।टिप्पणियां
इसी कटाक्ष के जवाब में चिदंबरम ने कहा कि कोई ‘मनमोहन चिदंबरम मॉडल’ नहीं है। ‘‘कृपया मेरी तुलना प्रधानमंत्री से मत कीजिए। वह एक सम्मानित अर्थशास्त्री हैं।’’ उन्होंने कहा कि दरअसल यह ‘मनमोहन मॉडल’ है, जिसकी वजह से देश की अर्थव्यवस्था ने नौ प्रतिशत की विकास दर हासिल करने का मंजर देखा। यह मनमोहन मॉडल है, जिसकी वजह से राजकोषीय घाटा तीन प्रतिशत से नीचे आया।
चिदंबरम ने कहा कि अगर आप मनमोहन मॉडल को दोष देंगे तो गलत है, क्योंकि इसी मनमोहन मॉडल की वजह से भारत दुनिया में दूसरी सबसे तेजी से विकास कर रही अर्थव्यवस्था बन गया है।
इसी कटाक्ष के जवाब में चिदंबरम ने कहा कि कोई ‘मनमोहन चिदंबरम मॉडल’ नहीं है। ‘‘कृपया मेरी तुलना प्रधानमंत्री से मत कीजिए। वह एक सम्मानित अर्थशास्त्री हैं।’’ उन्होंने कहा कि दरअसल यह ‘मनमोहन मॉडल’ है, जिसकी वजह से देश की अर्थव्यवस्था ने नौ प्रतिशत की विकास दर हासिल करने का मंजर देखा। यह मनमोहन मॉडल है, जिसकी वजह से राजकोषीय घाटा तीन प्रतिशत से नीचे आया।
चिदंबरम ने कहा कि अगर आप मनमोहन मॉडल को दोष देंगे तो गलत है, क्योंकि इसी मनमोहन मॉडल की वजह से भारत दुनिया में दूसरी सबसे तेजी से विकास कर रही अर्थव्यवस्था बन गया है।
चिदंबरम ने कहा कि अगर आप मनमोहन मॉडल को दोष देंगे तो गलत है, क्योंकि इसी मनमोहन मॉडल की वजह से भारत दुनिया में दूसरी सबसे तेजी से विकास कर रही अर्थव्यवस्था बन गया है। | यह एक सारांश है: अर्थव्यवस्था के ‘मनमोहन मॉडल’ को अत्यंत सफल बताते हुए वित्तमंत्री पी चिंदबरम ने कहा कि यही मनमोहन मॉडल है, जिसकी बदौलत भारत दुनिया में सबसे तेजी से तरक्की करने वाली अर्थव्यवस्थाओं में दूसरे नंबर पर है। | 21 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: इससे पहले हालांकि दक्षिण अफ्रीका की टीम की हार तय लग रही थी। टीम ने 52 रनों पर ही अपने चार विकेट खो दिए थे.यहां से एल्गर और टेम्बा बावुमा ने टीम को संभालने और मैच ड्रॉ कराने की कोशिश की और पांचवें विकेट के लिए 108 रनों की साझेदारी की.टिप्पणियां लेकिन बावुमा के आउट होने के बाद एक बार फिर विकेटों का पतन शरू हो गया और दक्षिण अफ्रीका मैच हार गई. इंग्लैंड ने स्टोक्स के 112 रनों की मदद से पहली पारी में अपने सभी विकेट खोकर 353 रन बनाए थे और फिर मेजबान गेंदबाजों ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए दक्षिण अफ्रीका को पहली पारी में 175 रनों पर ढेर कर दिया था. इंग्लैंड की तरफ से पदार्पण करने वाले तेज गेंदबाज टोबी रोलैंड जोंस ने सबसे ज्यादा पांच विकेट लिए थे. इंग्लैंड ने अपनी दूसरी पारी आठ विकेट के नुकसान पर 313 रनों पर घोषित करते हुए दक्षिण अफ्रीका को विशाल लक्ष्य दिया था.अली ने चार और जोंस ने तीन विकेट लिए। स्टोक्स को दो और स्टुअर्ड ब्रॉड को एक सफलता मिली.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
लेकिन बावुमा के आउट होने के बाद एक बार फिर विकेटों का पतन शरू हो गया और दक्षिण अफ्रीका मैच हार गई. इंग्लैंड ने स्टोक्स के 112 रनों की मदद से पहली पारी में अपने सभी विकेट खोकर 353 रन बनाए थे और फिर मेजबान गेंदबाजों ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए दक्षिण अफ्रीका को पहली पारी में 175 रनों पर ढेर कर दिया था. इंग्लैंड की तरफ से पदार्पण करने वाले तेज गेंदबाज टोबी रोलैंड जोंस ने सबसे ज्यादा पांच विकेट लिए थे. इंग्लैंड ने अपनी दूसरी पारी आठ विकेट के नुकसान पर 313 रनों पर घोषित करते हुए दक्षिण अफ्रीका को विशाल लक्ष्य दिया था.अली ने चार और जोंस ने तीन विकेट लिए। स्टोक्स को दो और स्टुअर्ड ब्रॉड को एक सफलता मिली.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त सारांश: 252 रनों पर ही ढेर हो गई द अफ्रीका की टीम
इंग्लैंड ने 492 रनों का स्कोर रखा था
मेजबान टीम ने जीत के साथ 2-1 की बढ़त बना ली है | 0 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: तेज गेंदबाज रेयान हैरिस के पांच विकेट की मदद से ऑस्ट्रेलिया ने पहले टेस्ट में श्रीलंका को 125 रन से हराकर तीन टेस्ट मैचों की शृंखला में 1-0 से बढ़त बना ली। ऑस्ट्रेलिया ने श्रीलंका को जीत के लिए 379 रन का लक्ष्य दिया, जिसके जवाब में मेजबान टीम दोपहर के सत्र में दूसरी पारी में 253 रन पर सिमट गई। पांच विकेट पर 120 रन से आगे खेलने उतरी श्रीलंकाई टीम की तरफ से महेला जयवर्धने ने 105 और एंजेलो मैथ्यूज के 93 रन बनाकर ऑस्ट्रेलिया की जीत का इंतजार बढ़ा दिया। यह बतौर कप्तान माइकल क्लार्क की पहली टेस्ट जीत है, इससे पहले उन्हें चोटिल रिकी पोंटिंग की जगह कप्तानी के दौरान जनवरी में सिडनी में इंग्लैंड के खिलाफ पारी से हार मिली थी। गाले में मिली जीत से पोंटिंग ने नई उपलब्धि अपने नाम की, वह ऐसे पहले क्रिकेटर बन गए हैं, जो 100 टेस्ट जीत का हिस्सा रहे हैं। यह 36 वर्षीय टेस्ट क्रिकेट का सबसे सफल कप्तान है, जिनके नाम 48 जीत हैं। उन्होंने अप्रैल में अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद क्लार्क को कप्तानी सौंपी गई थी। | हैरिस के पांच विकेट की मदद से ऑस्ट्रेलिया ने पहले टेस्ट में श्रीलंका को 125 रन से हराकर तीन टेस्ट मैचों की शृंखला में 1-0 से बढ़त बना ली। | 28 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम और इंग्लैंड आईसीसी महिला ट्वेंटी-20 विश्वकप के फाइनल में रविवार को आर. प्रेमदासा स्टेडियम में आमने-सामने होंगी।
ऑस्ट्रेलिया ने दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में वेस्टइंडीज को 28 रनों से मात दी थी जबकि पहले सेमीफाइनल मुकाबले में इंग्लैंड ने न्यूजीलैंड को सात विकेट से हराकर खिताबी मुकाबले में प्रवेश किया था।
इस समय इंग्लैंड की कप्तान चार्लोट एडवर्ड्स, विकेट कीपर बल्लेबाज सारा टेलर और लॉरा मार्श बेहतरीन फॉर्म में हैं। एडवर्ड्स ने मौजूदा विश्वकप में चार मैचों की चार पारियों में 91.71 की स्ट्राइक रेट से 144 रन बनाई हैं। एडवर्ड्स इस दौरान 17 चौके लगा चुकी हैं।
टेलर ने इतने ही मैचों में 106.25 की स्ट्राइक रेट से 119 जबकि मार्श 115.46 की स्ट्राइक रेट से 112 रन बना चुकी हैं। गेंदबाजी में एडवर्डस को हॉली कोल्विन से अधिक उम्मीदे होंगी जो चार मैचों में सात विकेट झटक चुकी हैं। टिप्पणियां
उधर, ऑस्ट्रेलिया की मेग लैनिंग, जेस कैमरन और लीसा स्थालेकर मौजूदा विश्वकप में क्रमश: 113, 106 और 93 रन बना चुकी हैं। ऐसे में ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी इन खिलाड़ियों की इर्द-गिर्द रहेगी।
ऑस्ट्रेलिया की जूली हंटर सर्वाधिक विकेट झटकने वाले गेंदबाजों की सूची में शीर्ष पर हैं। मौजूदा टूर्नामेंट में हंटर चार मैचों में अब तक नौ विकेट झटक चुकी हैं, जिसमें वेस्टइंडीज के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले में हासिल किए गए पांच विकेट भी शामिल है।
ऑस्ट्रेलिया ने दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में वेस्टइंडीज को 28 रनों से मात दी थी जबकि पहले सेमीफाइनल मुकाबले में इंग्लैंड ने न्यूजीलैंड को सात विकेट से हराकर खिताबी मुकाबले में प्रवेश किया था।
इस समय इंग्लैंड की कप्तान चार्लोट एडवर्ड्स, विकेट कीपर बल्लेबाज सारा टेलर और लॉरा मार्श बेहतरीन फॉर्म में हैं। एडवर्ड्स ने मौजूदा विश्वकप में चार मैचों की चार पारियों में 91.71 की स्ट्राइक रेट से 144 रन बनाई हैं। एडवर्ड्स इस दौरान 17 चौके लगा चुकी हैं।
टेलर ने इतने ही मैचों में 106.25 की स्ट्राइक रेट से 119 जबकि मार्श 115.46 की स्ट्राइक रेट से 112 रन बना चुकी हैं। गेंदबाजी में एडवर्डस को हॉली कोल्विन से अधिक उम्मीदे होंगी जो चार मैचों में सात विकेट झटक चुकी हैं। टिप्पणियां
उधर, ऑस्ट्रेलिया की मेग लैनिंग, जेस कैमरन और लीसा स्थालेकर मौजूदा विश्वकप में क्रमश: 113, 106 और 93 रन बना चुकी हैं। ऐसे में ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी इन खिलाड़ियों की इर्द-गिर्द रहेगी।
ऑस्ट्रेलिया की जूली हंटर सर्वाधिक विकेट झटकने वाले गेंदबाजों की सूची में शीर्ष पर हैं। मौजूदा टूर्नामेंट में हंटर चार मैचों में अब तक नौ विकेट झटक चुकी हैं, जिसमें वेस्टइंडीज के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले में हासिल किए गए पांच विकेट भी शामिल है।
इस समय इंग्लैंड की कप्तान चार्लोट एडवर्ड्स, विकेट कीपर बल्लेबाज सारा टेलर और लॉरा मार्श बेहतरीन फॉर्म में हैं। एडवर्ड्स ने मौजूदा विश्वकप में चार मैचों की चार पारियों में 91.71 की स्ट्राइक रेट से 144 रन बनाई हैं। एडवर्ड्स इस दौरान 17 चौके लगा चुकी हैं।
टेलर ने इतने ही मैचों में 106.25 की स्ट्राइक रेट से 119 जबकि मार्श 115.46 की स्ट्राइक रेट से 112 रन बना चुकी हैं। गेंदबाजी में एडवर्डस को हॉली कोल्विन से अधिक उम्मीदे होंगी जो चार मैचों में सात विकेट झटक चुकी हैं। टिप्पणियां
उधर, ऑस्ट्रेलिया की मेग लैनिंग, जेस कैमरन और लीसा स्थालेकर मौजूदा विश्वकप में क्रमश: 113, 106 और 93 रन बना चुकी हैं। ऐसे में ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी इन खिलाड़ियों की इर्द-गिर्द रहेगी।
ऑस्ट्रेलिया की जूली हंटर सर्वाधिक विकेट झटकने वाले गेंदबाजों की सूची में शीर्ष पर हैं। मौजूदा टूर्नामेंट में हंटर चार मैचों में अब तक नौ विकेट झटक चुकी हैं, जिसमें वेस्टइंडीज के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले में हासिल किए गए पांच विकेट भी शामिल है।
टेलर ने इतने ही मैचों में 106.25 की स्ट्राइक रेट से 119 जबकि मार्श 115.46 की स्ट्राइक रेट से 112 रन बना चुकी हैं। गेंदबाजी में एडवर्डस को हॉली कोल्विन से अधिक उम्मीदे होंगी जो चार मैचों में सात विकेट झटक चुकी हैं। टिप्पणियां
उधर, ऑस्ट्रेलिया की मेग लैनिंग, जेस कैमरन और लीसा स्थालेकर मौजूदा विश्वकप में क्रमश: 113, 106 और 93 रन बना चुकी हैं। ऐसे में ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी इन खिलाड़ियों की इर्द-गिर्द रहेगी।
ऑस्ट्रेलिया की जूली हंटर सर्वाधिक विकेट झटकने वाले गेंदबाजों की सूची में शीर्ष पर हैं। मौजूदा टूर्नामेंट में हंटर चार मैचों में अब तक नौ विकेट झटक चुकी हैं, जिसमें वेस्टइंडीज के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले में हासिल किए गए पांच विकेट भी शामिल है।
उधर, ऑस्ट्रेलिया की मेग लैनिंग, जेस कैमरन और लीसा स्थालेकर मौजूदा विश्वकप में क्रमश: 113, 106 और 93 रन बना चुकी हैं। ऐसे में ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी इन खिलाड़ियों की इर्द-गिर्द रहेगी।
ऑस्ट्रेलिया की जूली हंटर सर्वाधिक विकेट झटकने वाले गेंदबाजों की सूची में शीर्ष पर हैं। मौजूदा टूर्नामेंट में हंटर चार मैचों में अब तक नौ विकेट झटक चुकी हैं, जिसमें वेस्टइंडीज के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले में हासिल किए गए पांच विकेट भी शामिल है।
ऑस्ट्रेलिया की जूली हंटर सर्वाधिक विकेट झटकने वाले गेंदबाजों की सूची में शीर्ष पर हैं। मौजूदा टूर्नामेंट में हंटर चार मैचों में अब तक नौ विकेट झटक चुकी हैं, जिसमें वेस्टइंडीज के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले में हासिल किए गए पांच विकेट भी शामिल है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम और इंग्लैंड आईसीसी महिला ट्वेंटी-20 विश्वकप के फाइनल में रविवार को आर. प्रेमदासा स्टेडियम में आमने-सामने होंगी। | 32 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: मध्य प्रदेश में शुक्रवार को 44 नगर निकायों के अध्यक्ष और पार्षद पद के लिए मतदान हो रहे हैं. दोपहर 1 बजे तक 36 प्रतिशत मतदाताओं ने मतदान किया. मतदान शांतिपूर्वक चल रहे हैं. अलीरापुर में नगरपालिका अध्यक्ष पद की कांग्रेस उम्मीदवार के देवर व अन्य चार लोगों को हथियारों के साथ गिरफ्तार किया गया है. राज्य निर्वाचन आयुक्त कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, सुबह 7 बजे मतदान शुरू हो गया. मतदान को लेकर लोगों में उत्साह है. दोपहर 1 बजे तक 36 प्रतिशत से अधिक मतदाता मतदान कर चुके हैं. सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं.पढ़ें: मध्य प्रदेश में नहर में गिरी कार, एक ही परिवार के चार लोगों की मौत
अलीराजपुर जिले में कोतवाली पुलिस ने नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष पद की कांग्रेस उम्मीदवार सेना महेश पटेल के देवर दिलीप सिंह सहित पांच लोगों को पिस्टल व अन्य हथियारों के साथ गिरफ्तार किया गया. थाना प्रभारी दिनेश सोलंकी के मुताबिक, मुखबिर की सूचना पर स्कॉर्पियो गाड़ी में सवार पांच लोगों को गुरुवार देर रात गिरफ्तार किया गया. आशंका है कि ये लोग मतदाताओं को धमकाने के प्रयास में थे.
राज्य निर्वाचन आयुक्त आर. परशुराम के मुताबिक, मतदान सुबह सात बजे शुरू हुआ, जो शाम पांच बजे तक चलेगा. मतदान केन्द्रों में सुरक्षा के इंतजाम के साथ मतदाताओं के लिए वाटरप्रूफटेंट लगवाए गए हैं. इसके साथ ही विभिन्न नगर निकाय में पार्षदों के उपचुनाव के लिए भी मतदान जारी हैं.पढ़ें: पांच रुपये में मध्यप्रदेश सरकार बांचेगी भविष्य, सरकारी संस्थान में तैयार किये जा रहे ज्योतिषी
परशुराम ने बताया कि 44 नगर निकायों में अध्यक्ष पद के लिए 206 और पार्षद पद के लिए 2,133 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं. जहां चुनाव हो रहे हैं, उनमें से नगरपालिका परिषद 18 और नगर परिषद 26 हैं.टिप्पणियां राज्य निर्वाचन आयुक्त के मुताबिक, इन 44 नगर निकाय में कुल 8,51,732 मतदाता हैं, इनमें से 4,39,607 पुरुष, 4,12,061 महिलाएं और 64 अन्य मतदाता हैं. वार्डो की संख्या 780 और मतदान केन्द्रों की संख्या 1,159 है। प्रति मतदान केन्द्र में औसतन 735 मतदाता हैं. राज्य में 5,631 पंच, 74 सरपंच, 14 जनपद पंचायत सदस्य, तीन जिला पंचायत सदस्य के लिए भी वोट डाले जा रहे हैं। सभी की मतगणना 16 अगस्त को होगी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पढ़ें: मध्य प्रदेश में नहर में गिरी कार, एक ही परिवार के चार लोगों की मौत
अलीराजपुर जिले में कोतवाली पुलिस ने नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष पद की कांग्रेस उम्मीदवार सेना महेश पटेल के देवर दिलीप सिंह सहित पांच लोगों को पिस्टल व अन्य हथियारों के साथ गिरफ्तार किया गया. थाना प्रभारी दिनेश सोलंकी के मुताबिक, मुखबिर की सूचना पर स्कॉर्पियो गाड़ी में सवार पांच लोगों को गुरुवार देर रात गिरफ्तार किया गया. आशंका है कि ये लोग मतदाताओं को धमकाने के प्रयास में थे.
राज्य निर्वाचन आयुक्त आर. परशुराम के मुताबिक, मतदान सुबह सात बजे शुरू हुआ, जो शाम पांच बजे तक चलेगा. मतदान केन्द्रों में सुरक्षा के इंतजाम के साथ मतदाताओं के लिए वाटरप्रूफटेंट लगवाए गए हैं. इसके साथ ही विभिन्न नगर निकाय में पार्षदों के उपचुनाव के लिए भी मतदान जारी हैं.पढ़ें: पांच रुपये में मध्यप्रदेश सरकार बांचेगी भविष्य, सरकारी संस्थान में तैयार किये जा रहे ज्योतिषी
परशुराम ने बताया कि 44 नगर निकायों में अध्यक्ष पद के लिए 206 और पार्षद पद के लिए 2,133 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं. जहां चुनाव हो रहे हैं, उनमें से नगरपालिका परिषद 18 और नगर परिषद 26 हैं.टिप्पणियां राज्य निर्वाचन आयुक्त के मुताबिक, इन 44 नगर निकाय में कुल 8,51,732 मतदाता हैं, इनमें से 4,39,607 पुरुष, 4,12,061 महिलाएं और 64 अन्य मतदाता हैं. वार्डो की संख्या 780 और मतदान केन्द्रों की संख्या 1,159 है। प्रति मतदान केन्द्र में औसतन 735 मतदाता हैं. राज्य में 5,631 पंच, 74 सरपंच, 14 जनपद पंचायत सदस्य, तीन जिला पंचायत सदस्य के लिए भी वोट डाले जा रहे हैं। सभी की मतगणना 16 अगस्त को होगी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अलीराजपुर जिले में कोतवाली पुलिस ने नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष पद की कांग्रेस उम्मीदवार सेना महेश पटेल के देवर दिलीप सिंह सहित पांच लोगों को पिस्टल व अन्य हथियारों के साथ गिरफ्तार किया गया. थाना प्रभारी दिनेश सोलंकी के मुताबिक, मुखबिर की सूचना पर स्कॉर्पियो गाड़ी में सवार पांच लोगों को गुरुवार देर रात गिरफ्तार किया गया. आशंका है कि ये लोग मतदाताओं को धमकाने के प्रयास में थे.
राज्य निर्वाचन आयुक्त आर. परशुराम के मुताबिक, मतदान सुबह सात बजे शुरू हुआ, जो शाम पांच बजे तक चलेगा. मतदान केन्द्रों में सुरक्षा के इंतजाम के साथ मतदाताओं के लिए वाटरप्रूफटेंट लगवाए गए हैं. इसके साथ ही विभिन्न नगर निकाय में पार्षदों के उपचुनाव के लिए भी मतदान जारी हैं.पढ़ें: पांच रुपये में मध्यप्रदेश सरकार बांचेगी भविष्य, सरकारी संस्थान में तैयार किये जा रहे ज्योतिषी
परशुराम ने बताया कि 44 नगर निकायों में अध्यक्ष पद के लिए 206 और पार्षद पद के लिए 2,133 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं. जहां चुनाव हो रहे हैं, उनमें से नगरपालिका परिषद 18 और नगर परिषद 26 हैं.टिप्पणियां राज्य निर्वाचन आयुक्त के मुताबिक, इन 44 नगर निकाय में कुल 8,51,732 मतदाता हैं, इनमें से 4,39,607 पुरुष, 4,12,061 महिलाएं और 64 अन्य मतदाता हैं. वार्डो की संख्या 780 और मतदान केन्द्रों की संख्या 1,159 है। प्रति मतदान केन्द्र में औसतन 735 मतदाता हैं. राज्य में 5,631 पंच, 74 सरपंच, 14 जनपद पंचायत सदस्य, तीन जिला पंचायत सदस्य के लिए भी वोट डाले जा रहे हैं। सभी की मतगणना 16 अगस्त को होगी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
राज्य निर्वाचन आयुक्त आर. परशुराम के मुताबिक, मतदान सुबह सात बजे शुरू हुआ, जो शाम पांच बजे तक चलेगा. मतदान केन्द्रों में सुरक्षा के इंतजाम के साथ मतदाताओं के लिए वाटरप्रूफटेंट लगवाए गए हैं. इसके साथ ही विभिन्न नगर निकाय में पार्षदों के उपचुनाव के लिए भी मतदान जारी हैं.पढ़ें: पांच रुपये में मध्यप्रदेश सरकार बांचेगी भविष्य, सरकारी संस्थान में तैयार किये जा रहे ज्योतिषी
परशुराम ने बताया कि 44 नगर निकायों में अध्यक्ष पद के लिए 206 और पार्षद पद के लिए 2,133 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं. जहां चुनाव हो रहे हैं, उनमें से नगरपालिका परिषद 18 और नगर परिषद 26 हैं.टिप्पणियां राज्य निर्वाचन आयुक्त के मुताबिक, इन 44 नगर निकाय में कुल 8,51,732 मतदाता हैं, इनमें से 4,39,607 पुरुष, 4,12,061 महिलाएं और 64 अन्य मतदाता हैं. वार्डो की संख्या 780 और मतदान केन्द्रों की संख्या 1,159 है। प्रति मतदान केन्द्र में औसतन 735 मतदाता हैं. राज्य में 5,631 पंच, 74 सरपंच, 14 जनपद पंचायत सदस्य, तीन जिला पंचायत सदस्य के लिए भी वोट डाले जा रहे हैं। सभी की मतगणना 16 अगस्त को होगी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पढ़ें: पांच रुपये में मध्यप्रदेश सरकार बांचेगी भविष्य, सरकारी संस्थान में तैयार किये जा रहे ज्योतिषी
परशुराम ने बताया कि 44 नगर निकायों में अध्यक्ष पद के लिए 206 और पार्षद पद के लिए 2,133 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं. जहां चुनाव हो रहे हैं, उनमें से नगरपालिका परिषद 18 और नगर परिषद 26 हैं.टिप्पणियां राज्य निर्वाचन आयुक्त के मुताबिक, इन 44 नगर निकाय में कुल 8,51,732 मतदाता हैं, इनमें से 4,39,607 पुरुष, 4,12,061 महिलाएं और 64 अन्य मतदाता हैं. वार्डो की संख्या 780 और मतदान केन्द्रों की संख्या 1,159 है। प्रति मतदान केन्द्र में औसतन 735 मतदाता हैं. राज्य में 5,631 पंच, 74 सरपंच, 14 जनपद पंचायत सदस्य, तीन जिला पंचायत सदस्य के लिए भी वोट डाले जा रहे हैं। सभी की मतगणना 16 अगस्त को होगी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
परशुराम ने बताया कि 44 नगर निकायों में अध्यक्ष पद के लिए 206 और पार्षद पद के लिए 2,133 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं. जहां चुनाव हो रहे हैं, उनमें से नगरपालिका परिषद 18 और नगर परिषद 26 हैं.टिप्पणियां राज्य निर्वाचन आयुक्त के मुताबिक, इन 44 नगर निकाय में कुल 8,51,732 मतदाता हैं, इनमें से 4,39,607 पुरुष, 4,12,061 महिलाएं और 64 अन्य मतदाता हैं. वार्डो की संख्या 780 और मतदान केन्द्रों की संख्या 1,159 है। प्रति मतदान केन्द्र में औसतन 735 मतदाता हैं. राज्य में 5,631 पंच, 74 सरपंच, 14 जनपद पंचायत सदस्य, तीन जिला पंचायत सदस्य के लिए भी वोट डाले जा रहे हैं। सभी की मतगणना 16 अगस्त को होगी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
राज्य निर्वाचन आयुक्त के मुताबिक, इन 44 नगर निकाय में कुल 8,51,732 मतदाता हैं, इनमें से 4,39,607 पुरुष, 4,12,061 महिलाएं और 64 अन्य मतदाता हैं. वार्डो की संख्या 780 और मतदान केन्द्रों की संख्या 1,159 है। प्रति मतदान केन्द्र में औसतन 735 मतदाता हैं. राज्य में 5,631 पंच, 74 सरपंच, 14 जनपद पंचायत सदस्य, तीन जिला पंचायत सदस्य के लिए भी वोट डाले जा रहे हैं। सभी की मतगणना 16 अगस्त को होगी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | 44 नगर निकायों के अध्यक्ष-पार्षद पद के लिए मतदान
मतदान को लेकर लोगों में उत्साह है
कुछ जगहों से गड़बड़ी की भी खबर | 34 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: केंद्र सरकार ने पद्म सम्मानों के चयन में पारदर्शिता लाने के लिए एक और कदम बढ़ाया है. अभी तक पद्म सम्मान मिलने वाले सभी लोगों की जानकारी वेबसाइट पर मुहैया करा दी गई है. अब आवेदन करने वाले इस डेटा के ज़रिए पता कर सकते हैं कि किसे किस वजह से सम्मान दिया गया और इसके लिए क्या मापदंड हैं.
केंद्र सरकार पद्म सम्मानों के लिए पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन कर चुकी है. अब कहा गया है कि पद्म सम्मान के इच्छुक इसके लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. अब इसी वेबसाइट पर 1 9 54 से लेकर 2016 तक के सारे पद्म सम्मान से सम्मानित लोगों के डेटा एक इंटरएक्टिव डैशबोर्ड के ज़रिए जारी किए गए हैं.टिप्पणियां
इससे यह जानकारी मिल जाएगी कि किसे किस साल, किस राज्य से और किस पैमाने के तहत पद्म सम्मान दिया गया. डेटा विश्लेषण की जटिल प्रक्रिया के जरिए अभी तक के सारे 4400 पद्म सम्मान विजेताओं की जानकारी मुहैया कराई गई है. पद्म सम्मान के इच्छुक व्यक्ति नीचे दिए गए वेबसाइट पर आवेदन कर सकते हैं: http://padmaawards.gov.in
पहली बार भारत सरकार आम लोगों को पद्म सम्मानों के लिए नामित करने की खातिर प्रोत्साहित कर रही है. उन्होंने कहा कि यह राष्ट्रीय सम्मानों को वास्तव में लोगों के सम्मान में बदलने की दिशा में एक कदम है और वे सम्मान अब सिर्फ विशिष्ट वर्ग तक सीमित नहीं रहेंगे. नामांकन प्रक्रिया आम लोगों के लिए खोल दिए जाने से ऐसे लोगों की पहचान करने में भी मदद मिलेगी जिनके योगदान की बहुत चर्चा नहीं होती. सामान्य रूप से ऑनलाइन नामांकन से सभी भारतीय नागरिक हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित होंगे. नामांकन प्रक्रिया में बदलाव का मकसद प्रभाव तथा लॉबिंग की सांठगांठ वाली संस्कृति पर काबू पाना है.
केंद्र सरकार पद्म सम्मानों के लिए पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन कर चुकी है. अब कहा गया है कि पद्म सम्मान के इच्छुक इसके लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. अब इसी वेबसाइट पर 1 9 54 से लेकर 2016 तक के सारे पद्म सम्मान से सम्मानित लोगों के डेटा एक इंटरएक्टिव डैशबोर्ड के ज़रिए जारी किए गए हैं.टिप्पणियां
इससे यह जानकारी मिल जाएगी कि किसे किस साल, किस राज्य से और किस पैमाने के तहत पद्म सम्मान दिया गया. डेटा विश्लेषण की जटिल प्रक्रिया के जरिए अभी तक के सारे 4400 पद्म सम्मान विजेताओं की जानकारी मुहैया कराई गई है. पद्म सम्मान के इच्छुक व्यक्ति नीचे दिए गए वेबसाइट पर आवेदन कर सकते हैं: http://padmaawards.gov.in
पहली बार भारत सरकार आम लोगों को पद्म सम्मानों के लिए नामित करने की खातिर प्रोत्साहित कर रही है. उन्होंने कहा कि यह राष्ट्रीय सम्मानों को वास्तव में लोगों के सम्मान में बदलने की दिशा में एक कदम है और वे सम्मान अब सिर्फ विशिष्ट वर्ग तक सीमित नहीं रहेंगे. नामांकन प्रक्रिया आम लोगों के लिए खोल दिए जाने से ऐसे लोगों की पहचान करने में भी मदद मिलेगी जिनके योगदान की बहुत चर्चा नहीं होती. सामान्य रूप से ऑनलाइन नामांकन से सभी भारतीय नागरिक हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित होंगे. नामांकन प्रक्रिया में बदलाव का मकसद प्रभाव तथा लॉबिंग की सांठगांठ वाली संस्कृति पर काबू पाना है.
इससे यह जानकारी मिल जाएगी कि किसे किस साल, किस राज्य से और किस पैमाने के तहत पद्म सम्मान दिया गया. डेटा विश्लेषण की जटिल प्रक्रिया के जरिए अभी तक के सारे 4400 पद्म सम्मान विजेताओं की जानकारी मुहैया कराई गई है. पद्म सम्मान के इच्छुक व्यक्ति नीचे दिए गए वेबसाइट पर आवेदन कर सकते हैं: http://padmaawards.gov.in
पहली बार भारत सरकार आम लोगों को पद्म सम्मानों के लिए नामित करने की खातिर प्रोत्साहित कर रही है. उन्होंने कहा कि यह राष्ट्रीय सम्मानों को वास्तव में लोगों के सम्मान में बदलने की दिशा में एक कदम है और वे सम्मान अब सिर्फ विशिष्ट वर्ग तक सीमित नहीं रहेंगे. नामांकन प्रक्रिया आम लोगों के लिए खोल दिए जाने से ऐसे लोगों की पहचान करने में भी मदद मिलेगी जिनके योगदान की बहुत चर्चा नहीं होती. सामान्य रूप से ऑनलाइन नामांकन से सभी भारतीय नागरिक हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित होंगे. नामांकन प्रक्रिया में बदलाव का मकसद प्रभाव तथा लॉबिंग की सांठगांठ वाली संस्कृति पर काबू पाना है.
पहली बार भारत सरकार आम लोगों को पद्म सम्मानों के लिए नामित करने की खातिर प्रोत्साहित कर रही है. उन्होंने कहा कि यह राष्ट्रीय सम्मानों को वास्तव में लोगों के सम्मान में बदलने की दिशा में एक कदम है और वे सम्मान अब सिर्फ विशिष्ट वर्ग तक सीमित नहीं रहेंगे. नामांकन प्रक्रिया आम लोगों के लिए खोल दिए जाने से ऐसे लोगों की पहचान करने में भी मदद मिलेगी जिनके योगदान की बहुत चर्चा नहीं होती. सामान्य रूप से ऑनलाइन नामांकन से सभी भारतीय नागरिक हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित होंगे. नामांकन प्रक्रिया में बदलाव का मकसद प्रभाव तथा लॉबिंग की सांठगांठ वाली संस्कृति पर काबू पाना है. | संक्षिप्त सारांश: सम्मान के लिए जरूरी मापदंड मुहैया कराए गए
पद्म सम्मान के लिए इच्छुक कर सकते हैं आवेदन
पहली बार आम लोगों को नामित करने के लिए प्रोत्साहन | 23 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: उच्चतम न्यायालय ने दिल्ली उच्च न्यायालय में 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले से संबंधित लंबित सभी याचिकाओं की कार्यवाही पर रोक लगा दी है।टिप्पणियां
न्यायालय ने सीबीआई के अनुरोध पर यह रोक लगाई। न्यायमूर्ति जीएस सिंघवी और न्यायमूर्ति केएस राधाकृष्णन की खंडपीठ ने कहा, दिल्ली उच्च न्ययालय में लंबित सारी कार्यवाही पर रोक रहेगी। न्यायालय ने इसके साथ ही विभिन्न पक्षों को नोटिस जारी किया। इन सभी को छह सप्ताह के भीतर जांच एजेंसी के आवेदन का जवाब देना है।
जांच ब्यूरो ने अपनी अर्जी में उच्चतम नयायालय के 11 अप्रैल, 2011 के आदेश का हवाला दिया था। न्यायालय ने अपने आदेश में कहा था कि इस मामले से संबंधित किसी भी अर्जी पर शीर्ष अदालत के अलावा कोई भी अदालत विचार नहीं करेगी। न्यायालय को सूचित किया गया था कि 2जी स्पेक्ट्रम मामले में आरोप पत्र दाखिल होने के बाद से दिल्ली उच्च न्यायालय में 20 याचिकाएं या आवेदन लंबित हैं।
न्यायालय ने सीबीआई के अनुरोध पर यह रोक लगाई। न्यायमूर्ति जीएस सिंघवी और न्यायमूर्ति केएस राधाकृष्णन की खंडपीठ ने कहा, दिल्ली उच्च न्ययालय में लंबित सारी कार्यवाही पर रोक रहेगी। न्यायालय ने इसके साथ ही विभिन्न पक्षों को नोटिस जारी किया। इन सभी को छह सप्ताह के भीतर जांच एजेंसी के आवेदन का जवाब देना है।
जांच ब्यूरो ने अपनी अर्जी में उच्चतम नयायालय के 11 अप्रैल, 2011 के आदेश का हवाला दिया था। न्यायालय ने अपने आदेश में कहा था कि इस मामले से संबंधित किसी भी अर्जी पर शीर्ष अदालत के अलावा कोई भी अदालत विचार नहीं करेगी। न्यायालय को सूचित किया गया था कि 2जी स्पेक्ट्रम मामले में आरोप पत्र दाखिल होने के बाद से दिल्ली उच्च न्यायालय में 20 याचिकाएं या आवेदन लंबित हैं।
जांच ब्यूरो ने अपनी अर्जी में उच्चतम नयायालय के 11 अप्रैल, 2011 के आदेश का हवाला दिया था। न्यायालय ने अपने आदेश में कहा था कि इस मामले से संबंधित किसी भी अर्जी पर शीर्ष अदालत के अलावा कोई भी अदालत विचार नहीं करेगी। न्यायालय को सूचित किया गया था कि 2जी स्पेक्ट्रम मामले में आरोप पत्र दाखिल होने के बाद से दिल्ली उच्च न्यायालय में 20 याचिकाएं या आवेदन लंबित हैं। | सारांश: उच्चतम न्यायालय ने दिल्ली उच्च न्यायालय में 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले से संबंधित लंबित सभी याचिकाओं की कार्यवाही पर रोक लगा दी है। न्यायालय ने सीबीआई के अनुरोध पर यह रोक लगाई। | 31 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्त लोढ़ा समिति और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के बीच चल रही तकरार इन दिनोंसुर्खियों में हैं. समिति की ओर से भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) का खाता रखने वाले बैंकों को बोर्ड द्वारा 30 सितंबर को उसकी विशेष आम बैठक में लिए गए वित्तीय फैसलों के संबंध में किसी भी राशि का भुगतान नहीं करने संबंधी निर्देश के बाद यह मामला और गरमा गया है.
इन निर्देश के बाद मीडिया में यह अटकलें जोर पकड़ने लगीं कि पैनल के निर्देशों के चलते आर्थिक संकट के चलते भारत-न्यूजीलैंड की मौजूदा सीरीज के आयोजन को भी खतरा है. हालांकि जल्द ही यह स्पष्ट हो गया कि भारत-न्यूजीलैंड सीरीज को कोई खतरा नहीं है.टिप्पणियां
जस्टिस आरएम लोढा ने भी NDTV से कहा कि उन्होंने बीसीसीआई से रूटीन खर्च रोकने के लिए नहीं कहा है, और मौजूदा या आगामी सीरीज़ के लिए खर्च पर कोई पाबंदी नहीं है. दुग्ध उत्पाद निर्माता कंपनी अमूल ने लोढ़ा पैनल और बीसीसीआई की इस तकरार को चुटीले अंदाज में पेश किया है.
इस विज्ञापन में अमूल गर्ल के साथ बीसीसीआई अध्यक्ष अनुराग ठाकुर और जस्टिस आरएम लोढ़ा की तरह दो शख्स दिखाई दे रहे हैं और हैडलाइन है 'बॉल्स इन योर कोर्ट माईलोढ़!' विज्ञापन में माईलॉर्ड शब्द का अर्थ लेते हुएजस्टिस लोढ़ा के नाम को चतुराई से इस्तेमाल किया गया है. विज्ञापन में अमूल की पंचलाइन है 'केन बी फ्रोजन!' क्रिकेटप्रेमियों की ओर से इस विज्ञापन को भरपूर प्रशंसा मिल रही है. गौरतलब है कि अमूल कंपनी अपने एड में देश-विदेश के समसामयिक मुद्दों पर सटीक और चुटीली टिप्पणी के लिए जानी जाती है.
इन निर्देश के बाद मीडिया में यह अटकलें जोर पकड़ने लगीं कि पैनल के निर्देशों के चलते आर्थिक संकट के चलते भारत-न्यूजीलैंड की मौजूदा सीरीज के आयोजन को भी खतरा है. हालांकि जल्द ही यह स्पष्ट हो गया कि भारत-न्यूजीलैंड सीरीज को कोई खतरा नहीं है.टिप्पणियां
जस्टिस आरएम लोढा ने भी NDTV से कहा कि उन्होंने बीसीसीआई से रूटीन खर्च रोकने के लिए नहीं कहा है, और मौजूदा या आगामी सीरीज़ के लिए खर्च पर कोई पाबंदी नहीं है. दुग्ध उत्पाद निर्माता कंपनी अमूल ने लोढ़ा पैनल और बीसीसीआई की इस तकरार को चुटीले अंदाज में पेश किया है.
इस विज्ञापन में अमूल गर्ल के साथ बीसीसीआई अध्यक्ष अनुराग ठाकुर और जस्टिस आरएम लोढ़ा की तरह दो शख्स दिखाई दे रहे हैं और हैडलाइन है 'बॉल्स इन योर कोर्ट माईलोढ़!' विज्ञापन में माईलॉर्ड शब्द का अर्थ लेते हुएजस्टिस लोढ़ा के नाम को चतुराई से इस्तेमाल किया गया है. विज्ञापन में अमूल की पंचलाइन है 'केन बी फ्रोजन!' क्रिकेटप्रेमियों की ओर से इस विज्ञापन को भरपूर प्रशंसा मिल रही है. गौरतलब है कि अमूल कंपनी अपने एड में देश-विदेश के समसामयिक मुद्दों पर सटीक और चुटीली टिप्पणी के लिए जानी जाती है.
जस्टिस आरएम लोढा ने भी NDTV से कहा कि उन्होंने बीसीसीआई से रूटीन खर्च रोकने के लिए नहीं कहा है, और मौजूदा या आगामी सीरीज़ के लिए खर्च पर कोई पाबंदी नहीं है. दुग्ध उत्पाद निर्माता कंपनी अमूल ने लोढ़ा पैनल और बीसीसीआई की इस तकरार को चुटीले अंदाज में पेश किया है.
इस विज्ञापन में अमूल गर्ल के साथ बीसीसीआई अध्यक्ष अनुराग ठाकुर और जस्टिस आरएम लोढ़ा की तरह दो शख्स दिखाई दे रहे हैं और हैडलाइन है 'बॉल्स इन योर कोर्ट माईलोढ़!' विज्ञापन में माईलॉर्ड शब्द का अर्थ लेते हुएजस्टिस लोढ़ा के नाम को चतुराई से इस्तेमाल किया गया है. विज्ञापन में अमूल की पंचलाइन है 'केन बी फ्रोजन!' क्रिकेटप्रेमियों की ओर से इस विज्ञापन को भरपूर प्रशंसा मिल रही है. गौरतलब है कि अमूल कंपनी अपने एड में देश-विदेश के समसामयिक मुद्दों पर सटीक और चुटीली टिप्पणी के लिए जानी जाती है.
इस विज्ञापन में अमूल गर्ल के साथ बीसीसीआई अध्यक्ष अनुराग ठाकुर और जस्टिस आरएम लोढ़ा की तरह दो शख्स दिखाई दे रहे हैं और हैडलाइन है 'बॉल्स इन योर कोर्ट माईलोढ़!' विज्ञापन में माईलॉर्ड शब्द का अर्थ लेते हुएजस्टिस लोढ़ा के नाम को चतुराई से इस्तेमाल किया गया है. विज्ञापन में अमूल की पंचलाइन है 'केन बी फ्रोजन!' क्रिकेटप्रेमियों की ओर से इस विज्ञापन को भरपूर प्रशंसा मिल रही है. गौरतलब है कि अमूल कंपनी अपने एड में देश-विदेश के समसामयिक मुद्दों पर सटीक और चुटीली टिप्पणी के लिए जानी जाती है. | संक्षिप्त पाठ: क्रिकेटप्रेमियों की ओर से इस एड को मिली रही सराहना
कंपनी के इस विज्ञापन की पंचलाइन है 'केन बी फ्रोजन
अमूल के विज्ञापनों में समसामयिक मुद्दों पर होती है चुटीली टिप्पणी | 30 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारत के चक्का फेंक खिलाड़ी विकास गौड़ा ने 13वीं विश्व एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में पदक की उम्मीद बनाए रखी है। वह चक्का फेंक स्पर्धा के फाइनल में पहुंच गए हैं। उन्होंने सोमवार को फाइनल के लिए क्वालीफाई किया। फाइनल मंगलवार को होगा। गौड़ा को क्वालीफिकेशन राउंड में ग्रुप 'ए' में रखा गया था। उन्होंने 63.99 मीटर चक्का फेंककर फाइनल में हिस्सा लेने का अधिकार हासिल किया। अपने ग्रुप में गौड़ा चौथे स्थान पर रहे। गौड़ा हालांकि अपना श्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर सके। उनका व्यक्तिगत श्रेष्ठ प्रदर्शन 64.96 मीटर रहा है। वर्ष 2011 में गौड़ा का व्यक्तिगत श्रेष्ठ 64.91 मीटर रहा है। फाइनल के लिए क्वालीफाई करने के लिए खिलाड़ियों को कम से कम 65.50 मीटर चक्का फेंकना था लेकिन ग्रुप 'ए' और 'बी' में कोई भी एथलीट इस दूरी को पार नहीं कर सका। इसे देखते हुए प्रदर्शन के आधार पर श्रेष्ठ-12 एथलीटों को फाइनल में जाने का अधिकार दिया गया। क्वालीफिकेशन राउंड में ईरान के अहसान हादादी और पोलैंड के पी. मालाचोवस्की ने 65 मीटर की दूरी नापी लेकिन दोनों क्वालीफिकेशन मार्क को पार नहीं कर सके। हादादी ने 65.21 मीटर चक्का फेंका जबकि मालाचोवस्की ने 65.48 मीटर दूरी नापी। गौड़ा विश्व एथलेटिक्स चैम्पियनशिप की किसी स्पर्धा के फाइनल में पहुंचने वाले चौथे भारतीय हैं। इससे पहले अंजू बॉबी जार्ज ने 2003 और 2005 में लम्बी कूद स्पर्धा के फाइनल में जगह बनाई थी। वर्ष 2003 में महिला चक्का फेंक नीलम जसवंत सिह भी फाइनल में पहुंची थीं। इसके अलावा लम्बी कूद महिला एथलीट मयूखा जॉनी इस वर्ष फाइनल में जगह बनाने में सफल रही थीं लेकिन उन्हें नौवें स्थान से संतोष करना पड़ा था। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: वह चक्का फेंक स्पर्धा के फाइनल में पहुंच गए हैं। उन्होंने सोमवार को फाइनल के लिए क्वालीफाई किया। फाइनल मंगलवार को होगा। | 25 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान भारतीय सेना कमांडर इन चीफ रहे जरनल एके वैद्य के हत्यारों सुखदेव सिंह उर्फ सुक्खा और हरदेव सिंह उर्फ जिंदा के घरवालों को एसजीपीसी ने मंगलवार को स्वर्ण मंदिर में सम्मानित किया।
जनरल वैद्य के हत्यारों को फांसी दी गई थी और एसजीपीसी सुखा और जिंदा को शहीद मानती है और हर साल स्वर्ण मंदिर में शहीद दिवस मनाती है। ऑपरेशन ब्लू स्टार के दो साल बाद खालिस्तान कमांडो फोर्स के इन दोनों आतंकवादियों ने 10 अगस्त 1986 को जनरल वैद्य की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
वहीं, इस पर ऑपरेशन ब्लू स्टार का नेतृत्व करने वाले लेफ्टिनेंट जनरल केएस ब्रार ने कहा है कि ये दुर्भाग्यपूर्ण है। जनरल वैद्य शहीद हैं। एसजीपीसी को जनरल वैद्य को सम्मानित करना चाहिए। अकाली इस मुद्दे पर चुप हैं और वह देश विरोधी लोगों को बढ़ावा दे रहे हैं। अकाली ज़ख्मों पर मरहम नहीं लगाना चाहते हैं। वहीं, गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे का कहना है कि ऐसा कोई भी सम्मान देने से पहले सोचना चाहिए।
जनरल वैद्य के हत्यारों को फांसी दी गई थी और एसजीपीसी सुखा और जिंदा को शहीद मानती है और हर साल स्वर्ण मंदिर में शहीद दिवस मनाती है। ऑपरेशन ब्लू स्टार के दो साल बाद खालिस्तान कमांडो फोर्स के इन दोनों आतंकवादियों ने 10 अगस्त 1986 को जनरल वैद्य की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
वहीं, इस पर ऑपरेशन ब्लू स्टार का नेतृत्व करने वाले लेफ्टिनेंट जनरल केएस ब्रार ने कहा है कि ये दुर्भाग्यपूर्ण है। जनरल वैद्य शहीद हैं। एसजीपीसी को जनरल वैद्य को सम्मानित करना चाहिए। अकाली इस मुद्दे पर चुप हैं और वह देश विरोधी लोगों को बढ़ावा दे रहे हैं। अकाली ज़ख्मों पर मरहम नहीं लगाना चाहते हैं। वहीं, गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे का कहना है कि ऐसा कोई भी सम्मान देने से पहले सोचना चाहिए। | यह एक सारांश है: ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान भारतीय सेना कमांडर इन चीफ रहे जरनल एके वैद्य के हत्यारों सुखदेव सिंह उर्फ सुक्खा और हरदेव सिंह उर्फ जिंदा के घरवालों को एसजीपीसी ने मंगलवार को स्वर्ण मंदिर में सम्मानित किया। | 24 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: प्रमोशन में आरक्षण के विवाद में अब राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग भी कूद पड़ा है। आयोग का कहना है कि इस आरक्षण का लाभ ओबीसी जातियों को भी मिलना चाहिए।
मॉनसून सत्र में दलितों और आदिवासियों के लिए प्रमोशन में रिजर्वेशन की मांग को लेकर खूब हंगामा चला। अब राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने मांग की है कि इस रिजर्वेशन के दायरे में ओबीसी जातियों को भी लाया जाए।
5 सितंबर को आयोग ने केंद्र सरकार को चिट्ठी लिखकर कहा कि ओबीसी को आरक्षण सरकारी सेवाओं में हिस्सेदारी के लिहाज़ से पिछड़ी जातियां, दलितों और आदिवासियों से भी पीछे हैं।
यह आम राय बिल्कुल बेबुनियाद है कि ओबीसी ऊंचे ओहदों में आने के लिहाज़ से बेहतर हैसियत में हैं, इसलिए ज़रूरी है कि इन तबकों को भी तरक्की में रिजर्वेशन का फायदा दिया जाए।
राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य शकील अंसारी ने कहा कि सरकारी सेवाओं में अलग−अलग स्तर पर ओबीसी कमर्चारियों का प्रतिनिधित्व बहुत कम है… आप आंकड़े देखिए… कुल सरकारी कमर्चारियों में सिर्फ सात फीसदी ओबीसी समुदाय से हैं। टिप्पणियां
आयोग चाहता है कि सरकार इस प्रस्ताव पर गंभीरता से पहल करते हुए संसद के अगले सत्र में इस पर एक नया संविधान संशोधन बिल पेश करे।
SC/ST कमर्चारियों को प्रमोशन में आरक्षण के प्रस्ताव पर जारी विवाद के बीच पिछड़ा आयोग ने ओबीसी कमर्चारियों को भी यह सुविधा मुहैया कराने की मांग करके मामले को और उलझा दिया है… अब देखना होगा भारत सरकार इस मसले से कैसे निपटती है…।
मॉनसून सत्र में दलितों और आदिवासियों के लिए प्रमोशन में रिजर्वेशन की मांग को लेकर खूब हंगामा चला। अब राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने मांग की है कि इस रिजर्वेशन के दायरे में ओबीसी जातियों को भी लाया जाए।
5 सितंबर को आयोग ने केंद्र सरकार को चिट्ठी लिखकर कहा कि ओबीसी को आरक्षण सरकारी सेवाओं में हिस्सेदारी के लिहाज़ से पिछड़ी जातियां, दलितों और आदिवासियों से भी पीछे हैं।
यह आम राय बिल्कुल बेबुनियाद है कि ओबीसी ऊंचे ओहदों में आने के लिहाज़ से बेहतर हैसियत में हैं, इसलिए ज़रूरी है कि इन तबकों को भी तरक्की में रिजर्वेशन का फायदा दिया जाए।
राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य शकील अंसारी ने कहा कि सरकारी सेवाओं में अलग−अलग स्तर पर ओबीसी कमर्चारियों का प्रतिनिधित्व बहुत कम है… आप आंकड़े देखिए… कुल सरकारी कमर्चारियों में सिर्फ सात फीसदी ओबीसी समुदाय से हैं। टिप्पणियां
आयोग चाहता है कि सरकार इस प्रस्ताव पर गंभीरता से पहल करते हुए संसद के अगले सत्र में इस पर एक नया संविधान संशोधन बिल पेश करे।
SC/ST कमर्चारियों को प्रमोशन में आरक्षण के प्रस्ताव पर जारी विवाद के बीच पिछड़ा आयोग ने ओबीसी कमर्चारियों को भी यह सुविधा मुहैया कराने की मांग करके मामले को और उलझा दिया है… अब देखना होगा भारत सरकार इस मसले से कैसे निपटती है…।
5 सितंबर को आयोग ने केंद्र सरकार को चिट्ठी लिखकर कहा कि ओबीसी को आरक्षण सरकारी सेवाओं में हिस्सेदारी के लिहाज़ से पिछड़ी जातियां, दलितों और आदिवासियों से भी पीछे हैं।
यह आम राय बिल्कुल बेबुनियाद है कि ओबीसी ऊंचे ओहदों में आने के लिहाज़ से बेहतर हैसियत में हैं, इसलिए ज़रूरी है कि इन तबकों को भी तरक्की में रिजर्वेशन का फायदा दिया जाए।
राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य शकील अंसारी ने कहा कि सरकारी सेवाओं में अलग−अलग स्तर पर ओबीसी कमर्चारियों का प्रतिनिधित्व बहुत कम है… आप आंकड़े देखिए… कुल सरकारी कमर्चारियों में सिर्फ सात फीसदी ओबीसी समुदाय से हैं। टिप्पणियां
आयोग चाहता है कि सरकार इस प्रस्ताव पर गंभीरता से पहल करते हुए संसद के अगले सत्र में इस पर एक नया संविधान संशोधन बिल पेश करे।
SC/ST कमर्चारियों को प्रमोशन में आरक्षण के प्रस्ताव पर जारी विवाद के बीच पिछड़ा आयोग ने ओबीसी कमर्चारियों को भी यह सुविधा मुहैया कराने की मांग करके मामले को और उलझा दिया है… अब देखना होगा भारत सरकार इस मसले से कैसे निपटती है…।
यह आम राय बिल्कुल बेबुनियाद है कि ओबीसी ऊंचे ओहदों में आने के लिहाज़ से बेहतर हैसियत में हैं, इसलिए ज़रूरी है कि इन तबकों को भी तरक्की में रिजर्वेशन का फायदा दिया जाए।
राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य शकील अंसारी ने कहा कि सरकारी सेवाओं में अलग−अलग स्तर पर ओबीसी कमर्चारियों का प्रतिनिधित्व बहुत कम है… आप आंकड़े देखिए… कुल सरकारी कमर्चारियों में सिर्फ सात फीसदी ओबीसी समुदाय से हैं। टिप्पणियां
आयोग चाहता है कि सरकार इस प्रस्ताव पर गंभीरता से पहल करते हुए संसद के अगले सत्र में इस पर एक नया संविधान संशोधन बिल पेश करे।
SC/ST कमर्चारियों को प्रमोशन में आरक्षण के प्रस्ताव पर जारी विवाद के बीच पिछड़ा आयोग ने ओबीसी कमर्चारियों को भी यह सुविधा मुहैया कराने की मांग करके मामले को और उलझा दिया है… अब देखना होगा भारत सरकार इस मसले से कैसे निपटती है…।
राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य शकील अंसारी ने कहा कि सरकारी सेवाओं में अलग−अलग स्तर पर ओबीसी कमर्चारियों का प्रतिनिधित्व बहुत कम है… आप आंकड़े देखिए… कुल सरकारी कमर्चारियों में सिर्फ सात फीसदी ओबीसी समुदाय से हैं। टिप्पणियां
आयोग चाहता है कि सरकार इस प्रस्ताव पर गंभीरता से पहल करते हुए संसद के अगले सत्र में इस पर एक नया संविधान संशोधन बिल पेश करे।
SC/ST कमर्चारियों को प्रमोशन में आरक्षण के प्रस्ताव पर जारी विवाद के बीच पिछड़ा आयोग ने ओबीसी कमर्चारियों को भी यह सुविधा मुहैया कराने की मांग करके मामले को और उलझा दिया है… अब देखना होगा भारत सरकार इस मसले से कैसे निपटती है…।
आयोग चाहता है कि सरकार इस प्रस्ताव पर गंभीरता से पहल करते हुए संसद के अगले सत्र में इस पर एक नया संविधान संशोधन बिल पेश करे।
SC/ST कमर्चारियों को प्रमोशन में आरक्षण के प्रस्ताव पर जारी विवाद के बीच पिछड़ा आयोग ने ओबीसी कमर्चारियों को भी यह सुविधा मुहैया कराने की मांग करके मामले को और उलझा दिया है… अब देखना होगा भारत सरकार इस मसले से कैसे निपटती है…।
SC/ST कमर्चारियों को प्रमोशन में आरक्षण के प्रस्ताव पर जारी विवाद के बीच पिछड़ा आयोग ने ओबीसी कमर्चारियों को भी यह सुविधा मुहैया कराने की मांग करके मामले को और उलझा दिया है… अब देखना होगा भारत सरकार इस मसले से कैसे निपटती है…। | यहाँ एक सारांश है:प्रमोशन में आरक्षण के विवाद में अब राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग भी कूद पड़ा है। आयोग का कहना है कि इस आरक्षण का लाभ ओबीसी जातियों को भी मिलना चाहिए। | 4 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बोधगया में रविवार को हुए धमाकों की जांच जारी है। धमाकों पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि कुल नौ धमाके हुए हैं, तीन बमों को निष्क्रिय कर दिया गया था। साथ ही उनका कहना है कि धमाकों की जांच एनआईए से कराने की सिफारिश की गई। धमाकों के पीछे जो भी होगा उसे सजा दिलाई जाएगी। साथ ही नीतीश कुमार ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त मंदिर के लिए सीआईएसएफ की सुरक्षा की मांग की गई है। नीतीश के मीडिया बातचीत के बाद राज्य के डीजीपी मीडिया से मुखातिब हुए और उन्होंने कहा कि कुल 10 बमों में विस्फोट हुआ था जबकि तीन बमों को निष्क्रिय किया गया था।
उधर, पुलिस ने धमाकों के सीसीटीवी फुटेज भी जारी किए हैं। ये तस्वीरें बताती हैं कि धमाके कहां−कहां हुए। लोग इन तस्वीरों में भागते हुए दिख रहे हैं। इस बीच पुलिस ने विनोद मिस्त्री नाम के एक शख्स को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ शुरू कर दी है। विनोद मिस्त्री का आइकार्ड मंदिर परिसर में मिला है। पुलिस ने बताया है कि मंदिर परिसर में कुल 16 सीसीटीवी कैमरे लगे थे जिनमें 15 काम कर रहे थे।
मंदिर में पूजा आज शुरू हो गई है और शाम को इसे आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि इन धमाकों में आरडीएक्स और अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल किया गया।
मंदिर से मिले काफी सीसीटीवी फुटेज एनआईए ने अपने पास रख ली है ताकि जांच में किसी प्रकार की खलल न पैदा हो। आज भी एनआईए की टीम मंदिर में जांच करेगी, जिसके बाद शाम तक मंदिर के एक बार फिर आम दर्शनार्थियों के लिए खोल दिया जाएगा।
वहीं, पश्चिम बंगाल के नादिया जिले से इंडियन मुजाहिद्दीन के एक संदिग्ध को पुलिस ने हिरासत में लिया है। गिरफ्तार अनवर हुसैन मलिक को पुलिस ने शनिवार को 1.90 लाख रुपये के नकली नोटों के साथ गिरफ्तार किया था।
बताया जा रहा है कि 2010 में पुणे में जर्मन बेकरी धमाकों में मलिक ने ही विस्फोटक उपलब्ध कराए थे। मलिक से पुलिस बोधगया में हुए सिलसिलेवार धमाकों के लिए पूछताछ करेगी।टिप्पणियां
बिहार के डीजीपी ने बताया कि एनआईए की टीम के घटनास्थल के निरीक्षण और सबूतों के इकट्ठा हो जाने के बाद ही मंदिर को दोबारा दर्शन के लिए खोला जाएगा। बिहार पुलिस ने बताया है कि घटनास्थल की जांच फॉरेंसिक टीम ने भी की है, जिसके बाद वहां से इकट्ठा किए गए नमूनों की जांच की जा रही है।
गौरतलब है कि बिहार में गया जिले के बोधगया स्थित 1,500 वर्ष पुराने महाबोधि मंदिर परिसर में रविवार सुबह नौ सिलसिलेवार विस्फोट होने की खबर थी, जिसमें दो बौद्ध भिक्षु घायल हो गए। विस्फोटों से हालांकि मंदिर और भगवान बुद्ध की प्रतिमा को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। घटना के बाद बोधगया तथा राज्य के अन्य संवेदनशील स्थानों पर सतर्कता बढ़ा दी गई है।
उधर, पुलिस ने धमाकों के सीसीटीवी फुटेज भी जारी किए हैं। ये तस्वीरें बताती हैं कि धमाके कहां−कहां हुए। लोग इन तस्वीरों में भागते हुए दिख रहे हैं। इस बीच पुलिस ने विनोद मिस्त्री नाम के एक शख्स को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ शुरू कर दी है। विनोद मिस्त्री का आइकार्ड मंदिर परिसर में मिला है। पुलिस ने बताया है कि मंदिर परिसर में कुल 16 सीसीटीवी कैमरे लगे थे जिनमें 15 काम कर रहे थे।
मंदिर में पूजा आज शुरू हो गई है और शाम को इसे आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि इन धमाकों में आरडीएक्स और अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल किया गया।
मंदिर से मिले काफी सीसीटीवी फुटेज एनआईए ने अपने पास रख ली है ताकि जांच में किसी प्रकार की खलल न पैदा हो। आज भी एनआईए की टीम मंदिर में जांच करेगी, जिसके बाद शाम तक मंदिर के एक बार फिर आम दर्शनार्थियों के लिए खोल दिया जाएगा।
वहीं, पश्चिम बंगाल के नादिया जिले से इंडियन मुजाहिद्दीन के एक संदिग्ध को पुलिस ने हिरासत में लिया है। गिरफ्तार अनवर हुसैन मलिक को पुलिस ने शनिवार को 1.90 लाख रुपये के नकली नोटों के साथ गिरफ्तार किया था।
बताया जा रहा है कि 2010 में पुणे में जर्मन बेकरी धमाकों में मलिक ने ही विस्फोटक उपलब्ध कराए थे। मलिक से पुलिस बोधगया में हुए सिलसिलेवार धमाकों के लिए पूछताछ करेगी।टिप्पणियां
बिहार के डीजीपी ने बताया कि एनआईए की टीम के घटनास्थल के निरीक्षण और सबूतों के इकट्ठा हो जाने के बाद ही मंदिर को दोबारा दर्शन के लिए खोला जाएगा। बिहार पुलिस ने बताया है कि घटनास्थल की जांच फॉरेंसिक टीम ने भी की है, जिसके बाद वहां से इकट्ठा किए गए नमूनों की जांच की जा रही है।
गौरतलब है कि बिहार में गया जिले के बोधगया स्थित 1,500 वर्ष पुराने महाबोधि मंदिर परिसर में रविवार सुबह नौ सिलसिलेवार विस्फोट होने की खबर थी, जिसमें दो बौद्ध भिक्षु घायल हो गए। विस्फोटों से हालांकि मंदिर और भगवान बुद्ध की प्रतिमा को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। घटना के बाद बोधगया तथा राज्य के अन्य संवेदनशील स्थानों पर सतर्कता बढ़ा दी गई है।
मंदिर में पूजा आज शुरू हो गई है और शाम को इसे आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि इन धमाकों में आरडीएक्स और अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल किया गया।
मंदिर से मिले काफी सीसीटीवी फुटेज एनआईए ने अपने पास रख ली है ताकि जांच में किसी प्रकार की खलल न पैदा हो। आज भी एनआईए की टीम मंदिर में जांच करेगी, जिसके बाद शाम तक मंदिर के एक बार फिर आम दर्शनार्थियों के लिए खोल दिया जाएगा।
वहीं, पश्चिम बंगाल के नादिया जिले से इंडियन मुजाहिद्दीन के एक संदिग्ध को पुलिस ने हिरासत में लिया है। गिरफ्तार अनवर हुसैन मलिक को पुलिस ने शनिवार को 1.90 लाख रुपये के नकली नोटों के साथ गिरफ्तार किया था।
बताया जा रहा है कि 2010 में पुणे में जर्मन बेकरी धमाकों में मलिक ने ही विस्फोटक उपलब्ध कराए थे। मलिक से पुलिस बोधगया में हुए सिलसिलेवार धमाकों के लिए पूछताछ करेगी।टिप्पणियां
बिहार के डीजीपी ने बताया कि एनआईए की टीम के घटनास्थल के निरीक्षण और सबूतों के इकट्ठा हो जाने के बाद ही मंदिर को दोबारा दर्शन के लिए खोला जाएगा। बिहार पुलिस ने बताया है कि घटनास्थल की जांच फॉरेंसिक टीम ने भी की है, जिसके बाद वहां से इकट्ठा किए गए नमूनों की जांच की जा रही है।
गौरतलब है कि बिहार में गया जिले के बोधगया स्थित 1,500 वर्ष पुराने महाबोधि मंदिर परिसर में रविवार सुबह नौ सिलसिलेवार विस्फोट होने की खबर थी, जिसमें दो बौद्ध भिक्षु घायल हो गए। विस्फोटों से हालांकि मंदिर और भगवान बुद्ध की प्रतिमा को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। घटना के बाद बोधगया तथा राज्य के अन्य संवेदनशील स्थानों पर सतर्कता बढ़ा दी गई है।
मंदिर से मिले काफी सीसीटीवी फुटेज एनआईए ने अपने पास रख ली है ताकि जांच में किसी प्रकार की खलल न पैदा हो। आज भी एनआईए की टीम मंदिर में जांच करेगी, जिसके बाद शाम तक मंदिर के एक बार फिर आम दर्शनार्थियों के लिए खोल दिया जाएगा।
वहीं, पश्चिम बंगाल के नादिया जिले से इंडियन मुजाहिद्दीन के एक संदिग्ध को पुलिस ने हिरासत में लिया है। गिरफ्तार अनवर हुसैन मलिक को पुलिस ने शनिवार को 1.90 लाख रुपये के नकली नोटों के साथ गिरफ्तार किया था।
बताया जा रहा है कि 2010 में पुणे में जर्मन बेकरी धमाकों में मलिक ने ही विस्फोटक उपलब्ध कराए थे। मलिक से पुलिस बोधगया में हुए सिलसिलेवार धमाकों के लिए पूछताछ करेगी।टिप्पणियां
बिहार के डीजीपी ने बताया कि एनआईए की टीम के घटनास्थल के निरीक्षण और सबूतों के इकट्ठा हो जाने के बाद ही मंदिर को दोबारा दर्शन के लिए खोला जाएगा। बिहार पुलिस ने बताया है कि घटनास्थल की जांच फॉरेंसिक टीम ने भी की है, जिसके बाद वहां से इकट्ठा किए गए नमूनों की जांच की जा रही है।
गौरतलब है कि बिहार में गया जिले के बोधगया स्थित 1,500 वर्ष पुराने महाबोधि मंदिर परिसर में रविवार सुबह नौ सिलसिलेवार विस्फोट होने की खबर थी, जिसमें दो बौद्ध भिक्षु घायल हो गए। विस्फोटों से हालांकि मंदिर और भगवान बुद्ध की प्रतिमा को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। घटना के बाद बोधगया तथा राज्य के अन्य संवेदनशील स्थानों पर सतर्कता बढ़ा दी गई है।
वहीं, पश्चिम बंगाल के नादिया जिले से इंडियन मुजाहिद्दीन के एक संदिग्ध को पुलिस ने हिरासत में लिया है। गिरफ्तार अनवर हुसैन मलिक को पुलिस ने शनिवार को 1.90 लाख रुपये के नकली नोटों के साथ गिरफ्तार किया था।
बताया जा रहा है कि 2010 में पुणे में जर्मन बेकरी धमाकों में मलिक ने ही विस्फोटक उपलब्ध कराए थे। मलिक से पुलिस बोधगया में हुए सिलसिलेवार धमाकों के लिए पूछताछ करेगी।टिप्पणियां
बिहार के डीजीपी ने बताया कि एनआईए की टीम के घटनास्थल के निरीक्षण और सबूतों के इकट्ठा हो जाने के बाद ही मंदिर को दोबारा दर्शन के लिए खोला जाएगा। बिहार पुलिस ने बताया है कि घटनास्थल की जांच फॉरेंसिक टीम ने भी की है, जिसके बाद वहां से इकट्ठा किए गए नमूनों की जांच की जा रही है।
गौरतलब है कि बिहार में गया जिले के बोधगया स्थित 1,500 वर्ष पुराने महाबोधि मंदिर परिसर में रविवार सुबह नौ सिलसिलेवार विस्फोट होने की खबर थी, जिसमें दो बौद्ध भिक्षु घायल हो गए। विस्फोटों से हालांकि मंदिर और भगवान बुद्ध की प्रतिमा को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। घटना के बाद बोधगया तथा राज्य के अन्य संवेदनशील स्थानों पर सतर्कता बढ़ा दी गई है।
बताया जा रहा है कि 2010 में पुणे में जर्मन बेकरी धमाकों में मलिक ने ही विस्फोटक उपलब्ध कराए थे। मलिक से पुलिस बोधगया में हुए सिलसिलेवार धमाकों के लिए पूछताछ करेगी।टिप्पणियां
बिहार के डीजीपी ने बताया कि एनआईए की टीम के घटनास्थल के निरीक्षण और सबूतों के इकट्ठा हो जाने के बाद ही मंदिर को दोबारा दर्शन के लिए खोला जाएगा। बिहार पुलिस ने बताया है कि घटनास्थल की जांच फॉरेंसिक टीम ने भी की है, जिसके बाद वहां से इकट्ठा किए गए नमूनों की जांच की जा रही है।
गौरतलब है कि बिहार में गया जिले के बोधगया स्थित 1,500 वर्ष पुराने महाबोधि मंदिर परिसर में रविवार सुबह नौ सिलसिलेवार विस्फोट होने की खबर थी, जिसमें दो बौद्ध भिक्षु घायल हो गए। विस्फोटों से हालांकि मंदिर और भगवान बुद्ध की प्रतिमा को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। घटना के बाद बोधगया तथा राज्य के अन्य संवेदनशील स्थानों पर सतर्कता बढ़ा दी गई है।
बिहार के डीजीपी ने बताया कि एनआईए की टीम के घटनास्थल के निरीक्षण और सबूतों के इकट्ठा हो जाने के बाद ही मंदिर को दोबारा दर्शन के लिए खोला जाएगा। बिहार पुलिस ने बताया है कि घटनास्थल की जांच फॉरेंसिक टीम ने भी की है, जिसके बाद वहां से इकट्ठा किए गए नमूनों की जांच की जा रही है।
गौरतलब है कि बिहार में गया जिले के बोधगया स्थित 1,500 वर्ष पुराने महाबोधि मंदिर परिसर में रविवार सुबह नौ सिलसिलेवार विस्फोट होने की खबर थी, जिसमें दो बौद्ध भिक्षु घायल हो गए। विस्फोटों से हालांकि मंदिर और भगवान बुद्ध की प्रतिमा को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। घटना के बाद बोधगया तथा राज्य के अन्य संवेदनशील स्थानों पर सतर्कता बढ़ा दी गई है।
गौरतलब है कि बिहार में गया जिले के बोधगया स्थित 1,500 वर्ष पुराने महाबोधि मंदिर परिसर में रविवार सुबह नौ सिलसिलेवार विस्फोट होने की खबर थी, जिसमें दो बौद्ध भिक्षु घायल हो गए। विस्फोटों से हालांकि मंदिर और भगवान बुद्ध की प्रतिमा को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। घटना के बाद बोधगया तथा राज्य के अन्य संवेदनशील स्थानों पर सतर्कता बढ़ा दी गई है। | सारांश: बिहार के डीजीपी ने सोमवार को मीडिया से कहा कि बोधगया में कुल 10 बमों में विस्फोट हुआ था और तीन बम को निष्क्रिय किया गया था। इससे पहले नीतीश कुमार ने कहा था कि कुल नौ बम धमाके हुए थे। | 31 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिका ने पिछले वर्ष नवम्बर में उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के हमले में 24 पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने के बाद से स्थगित ड्रोन हमले फिर शुरू कर दिए हैं। उत्तरी वजीरिस्तान में हुए हाल के हमले में चार संदिग्ध आतंकवादी मारे गए।
समाचार पत्र 'डॉन' की रिपोर्ट के अनुसार मंगलवार रात को ड्रोन किया गया। सूत्रों के अनुसार मृतकों में तीन विदेशी नागरिक हैं।
मीरामशाह के बाहरी इलाके में खेरवाना गांव के तीन कमरों के परिसर पर यह हमला किया गया।टिप्पणियां
पिछले वर्ष 26 नवम्बर को नाटो के हवाई हमले के दौरान मोहम्मंद एजेंसी में 24 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए थे। घटना से नाराज पाकिस्तान ने देश से होकर अफगानिस्तान जाने वाली नाटो की आपूर्ति को प्रतिबंधित कर दिया। इसके अलावा अफगानिस्तान पर विचार करने के लिए आयोजित बोन सम्मेलन का भी बहिष्कार कर दिया।
पाकिस्तान ने अमेरिका को शम्सी हवाई अड्डे को खाली करने का निर्देश दिया था। इस अड्डे का इस्तेमाल अमेरिका ड्रोन हमलों के लिए करता था।
समाचार पत्र 'डॉन' की रिपोर्ट के अनुसार मंगलवार रात को ड्रोन किया गया। सूत्रों के अनुसार मृतकों में तीन विदेशी नागरिक हैं।
मीरामशाह के बाहरी इलाके में खेरवाना गांव के तीन कमरों के परिसर पर यह हमला किया गया।टिप्पणियां
पिछले वर्ष 26 नवम्बर को नाटो के हवाई हमले के दौरान मोहम्मंद एजेंसी में 24 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए थे। घटना से नाराज पाकिस्तान ने देश से होकर अफगानिस्तान जाने वाली नाटो की आपूर्ति को प्रतिबंधित कर दिया। इसके अलावा अफगानिस्तान पर विचार करने के लिए आयोजित बोन सम्मेलन का भी बहिष्कार कर दिया।
पाकिस्तान ने अमेरिका को शम्सी हवाई अड्डे को खाली करने का निर्देश दिया था। इस अड्डे का इस्तेमाल अमेरिका ड्रोन हमलों के लिए करता था।
मीरामशाह के बाहरी इलाके में खेरवाना गांव के तीन कमरों के परिसर पर यह हमला किया गया।टिप्पणियां
पिछले वर्ष 26 नवम्बर को नाटो के हवाई हमले के दौरान मोहम्मंद एजेंसी में 24 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए थे। घटना से नाराज पाकिस्तान ने देश से होकर अफगानिस्तान जाने वाली नाटो की आपूर्ति को प्रतिबंधित कर दिया। इसके अलावा अफगानिस्तान पर विचार करने के लिए आयोजित बोन सम्मेलन का भी बहिष्कार कर दिया।
पाकिस्तान ने अमेरिका को शम्सी हवाई अड्डे को खाली करने का निर्देश दिया था। इस अड्डे का इस्तेमाल अमेरिका ड्रोन हमलों के लिए करता था।
पिछले वर्ष 26 नवम्बर को नाटो के हवाई हमले के दौरान मोहम्मंद एजेंसी में 24 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए थे। घटना से नाराज पाकिस्तान ने देश से होकर अफगानिस्तान जाने वाली नाटो की आपूर्ति को प्रतिबंधित कर दिया। इसके अलावा अफगानिस्तान पर विचार करने के लिए आयोजित बोन सम्मेलन का भी बहिष्कार कर दिया।
पाकिस्तान ने अमेरिका को शम्सी हवाई अड्डे को खाली करने का निर्देश दिया था। इस अड्डे का इस्तेमाल अमेरिका ड्रोन हमलों के लिए करता था।
पाकिस्तान ने अमेरिका को शम्सी हवाई अड्डे को खाली करने का निर्देश दिया था। इस अड्डे का इस्तेमाल अमेरिका ड्रोन हमलों के लिए करता था। | संक्षिप्त सारांश: अमेरिका ने पिछले वर्ष नवम्बर में उत्तर अटलांटिक संधि संगठन के हमले में 24 पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने के बाद से स्थगित ड्रोन हमले फिर शुरू कर दिए हैं। | 23 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) को रोड शो के दौरान शनिवार को एक शख्स ने थप्पड़ मार दिया. घटना दिल्ली के मोती नगर की है. बता दें कि अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) अपनी पार्टी के उम्मीदवार के लिए यहां रोड शो कर रहे थे. इसी दौरान आरोपी शख्स सीएम केजरीवाल (Arvind Kejriwal) की जीप के करीब आया और उसने सीएम पर हमला बोल दिया. घटना के बाद मौके पर मौजूद पार्टी कार्यकर्ताओं ने आरोपी शख्स को पकड़ा और उसकी पिटाई की. सूत्रों के अनुसार कार्यकर्ताओं ने बाद में आरोपी शख्स को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया है. पुलिस की तरफ से मिली जानकारी के अनुसार अभी तक आरोपी की पहचान नहीं हो पाई है. पुलिस आरोपी से मामले को लेकर पूछताछ कर रही है. गौरतलब है कि यह कोई पहला मौका नहीं है जब अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) पर रोड शो के दौरान किसी ने हमला किया हो. इससे पहले भी 2014 में चुनाव प्रचार के दौरान एक ऑटो चालक ने अरविंद केजरीवाल को थप्पड़ जड़ा था.
अरविंद केजरीवाल दिल्ली के सुल्तानपुरी में चुनाव प्रचार के लिए गए थे. इस हमले में अरविंज केजरीवाल की आंख पर चोट आई थी. घटना के बाद आप समर्थकों ने हमलावर ऑटो चालक की जमकर पिटाई की. उस दौरान हमलावर की पहचान अमन विहार के 38 वर्षीय लाली के तौर पर हुई थी. मिली जानकारी के अनुसार केजरीवाल उत्तर-पश्चिम दिल्ली लोकसभा सीट से आप प्रत्याशी राखी बिड़ला के लिए प्रचार कर रहे थे. इसी दौरान उन पर हमला हुआ था. हमलावर ने पहले उन्हें माला पहनाई और बाद में थप्पड़ मारा. ध्यान हो कि चार दिन पहले चार अप्रैल को भी दक्षिण दिल्ली में प्रचार के दौरान एक युवक ने केजरीवाल को माला पहनाने के बहाने घूंसा मार दिया था.इस हमले के बाद केजरीवाल ने ट्विटर पर लिखा था कि मैं बस यह सोच रहा हूं कि मुझ पर बार-बार हमले क्यों हो रहे हैं? साजिश करने वाले कौन हैं? वे क्या चाहते हैं? उन्हें क्या मिला?' उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि क्या हिंसा देश की समस्याओं का हल है?
उन्होंने ट्विटर पर लिखा था कि उनसे कहो मुझे जगह और समय बताएं. मैं वहां आ जाऊंगा. वे मुझे जितना चाहें, उतना पीट लें. लेकिन क्या इससे समस्याएं खत्म हो जाएंगी. गौरतलब है कि एक महीने से कम समय में केजरीवाल पर गुजरात, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दक्षिण दिल्ली के दक्षिणपुरी में हुए हमलों सहित पांच बार हमले हुए हैं. सूचना के अनुसार सुलतानपुरी इलाके में अरविंद केजरीवाल अपनी पार्टी के प्रत्याशी के पक्ष में रोड शो कर रहे थे, तभी अचानक एक ऑटोरिक्शा चालक ने उन्हें थप्पड़ रसीद कर दिया.इसके बाद अरविंद केजरीवाल के समर्थकों ने रिक्शा चालक की जमकर पिटाई करने के बाद पुलिस के हवाले कर दिया. गौरतलब है कि शुक्रवार को दक्षिणपुरी इलाके में भी केजरीवाल के एक शख्स ने घूंसा मारा था. | सारांश: दिल्ली में रोड शो के दौरान हुआ हमला
पार्टी कार्यकर्ताओं ने आरोपी को पकड़ा
मोती नगर की है पूरी घटना | 20 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: बिहार के वैशाली जिले के राजापाकर प्रखंड के एक सरकारी विद्यालय में शुक्रवार को मध्याह्न भोजन खाने से करीब 40 बच्चों की तबीयत खराब हो गई जिसमें तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है।
पुलिस के अनुसार रनदाहा मध्य विद्यालय में दोपहर को मध्याह्न भोजन खाने के बाद कुछ बच्चों ने पेट में दर्द और उल्टियां की शिकायत की। इसके बाद तत्काल विद्यालय प्रबंधक हरकत में आया और सभी 40 बच्चों को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में इलाज के लिए ले आया।टिप्पणियां
वैशाली के जिला शिक्षा अधीक्षक शशिभूषण राय ने बताया कि इनमें से 25 बच्चों को एहतियात के तौर पर सदर अस्पताल पहुंचाया गया है जहां से अधिकांश बच्चों को छुट्टी दे दी गई है। तीन बच्चों की तबीयत ज्यादा खराब बताई जा रही है, जिनका इलाज चल रहा है। उन्होंने बताया कि पूरे मामले की छानबीन की जा रही है। अब तक यह पता नहीं चल सका है कि आखिर बच्चों की तबीयत अचानक खराब क्यों हो गई?
उल्लेखनीय है कि बिहार के सारण जिले के मशरख प्रखंड में पिछले महीने मध्याह्न भोजन खाने से 23 बच्चों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद जमकर हंगामा मचा था। इस मामले की अभी जांच चल ही रही है।
पुलिस के अनुसार रनदाहा मध्य विद्यालय में दोपहर को मध्याह्न भोजन खाने के बाद कुछ बच्चों ने पेट में दर्द और उल्टियां की शिकायत की। इसके बाद तत्काल विद्यालय प्रबंधक हरकत में आया और सभी 40 बच्चों को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में इलाज के लिए ले आया।टिप्पणियां
वैशाली के जिला शिक्षा अधीक्षक शशिभूषण राय ने बताया कि इनमें से 25 बच्चों को एहतियात के तौर पर सदर अस्पताल पहुंचाया गया है जहां से अधिकांश बच्चों को छुट्टी दे दी गई है। तीन बच्चों की तबीयत ज्यादा खराब बताई जा रही है, जिनका इलाज चल रहा है। उन्होंने बताया कि पूरे मामले की छानबीन की जा रही है। अब तक यह पता नहीं चल सका है कि आखिर बच्चों की तबीयत अचानक खराब क्यों हो गई?
उल्लेखनीय है कि बिहार के सारण जिले के मशरख प्रखंड में पिछले महीने मध्याह्न भोजन खाने से 23 बच्चों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद जमकर हंगामा मचा था। इस मामले की अभी जांच चल ही रही है।
वैशाली के जिला शिक्षा अधीक्षक शशिभूषण राय ने बताया कि इनमें से 25 बच्चों को एहतियात के तौर पर सदर अस्पताल पहुंचाया गया है जहां से अधिकांश बच्चों को छुट्टी दे दी गई है। तीन बच्चों की तबीयत ज्यादा खराब बताई जा रही है, जिनका इलाज चल रहा है। उन्होंने बताया कि पूरे मामले की छानबीन की जा रही है। अब तक यह पता नहीं चल सका है कि आखिर बच्चों की तबीयत अचानक खराब क्यों हो गई?
उल्लेखनीय है कि बिहार के सारण जिले के मशरख प्रखंड में पिछले महीने मध्याह्न भोजन खाने से 23 बच्चों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद जमकर हंगामा मचा था। इस मामले की अभी जांच चल ही रही है।
उल्लेखनीय है कि बिहार के सारण जिले के मशरख प्रखंड में पिछले महीने मध्याह्न भोजन खाने से 23 बच्चों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद जमकर हंगामा मचा था। इस मामले की अभी जांच चल ही रही है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: बिहार के वैशाली जिले के राजापाकर प्रखंड के एक सरकारी विद्यालय में शुक्रवार को मध्याह्न भोजन खाने से करीब 40 बच्चों की तबीयत खराब हो गई जिसमें तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है। | 11 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: अहमदाबाद में रविवार को दो-पहिया वाहन से जा रही एक महिला की गर्दन पतंग की डोर से कट जाने के कारण मौत हो गई. पुलिस ने बताया कि मालतीबेन लंगादिया दो पहिया गाड़ी चला रही थी तभी डोर से उनका गला कट गया. ज्यादा खून बहने से उनकी मौत हो गई.
पालडी के एक पुलिस अधिकारी ने कहा, 'मालतीबेन धरनीधर पुल से गुजर रही थी तभी पतंग के धागे से गला कट गया. उन्हें सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां ज्यादा खून बहने के कारण उन्हें मृत घोषित कर दिया गया.' उन्होंने बताया कि वसना क्षेत्र की रहने वाली मालतीबेन अंबावाडी जा रही थी तभी हादसे का शिकार हो गई.टिप्पणियां
इसी तरह की घटना में, दक्षिण गुजरात के वलसाड जिले के कंकवाडी गांव में पतंग का पीछा करते समय 12-वर्षीय एक बालक की बिजली के तारों की चपेट में आने से मौत हो गई. अचान टंडेल पतंग का पीछा करते हुए खेत में पहुंच गया और बिजली के तार की चपेट में आ गया. मौके पर ही उसकी मौत हो गई. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पालडी के एक पुलिस अधिकारी ने कहा, 'मालतीबेन धरनीधर पुल से गुजर रही थी तभी पतंग के धागे से गला कट गया. उन्हें सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां ज्यादा खून बहने के कारण उन्हें मृत घोषित कर दिया गया.' उन्होंने बताया कि वसना क्षेत्र की रहने वाली मालतीबेन अंबावाडी जा रही थी तभी हादसे का शिकार हो गई.टिप्पणियां
इसी तरह की घटना में, दक्षिण गुजरात के वलसाड जिले के कंकवाडी गांव में पतंग का पीछा करते समय 12-वर्षीय एक बालक की बिजली के तारों की चपेट में आने से मौत हो गई. अचान टंडेल पतंग का पीछा करते हुए खेत में पहुंच गया और बिजली के तार की चपेट में आ गया. मौके पर ही उसकी मौत हो गई. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इसी तरह की घटना में, दक्षिण गुजरात के वलसाड जिले के कंकवाडी गांव में पतंग का पीछा करते समय 12-वर्षीय एक बालक की बिजली के तारों की चपेट में आने से मौत हो गई. अचान टंडेल पतंग का पीछा करते हुए खेत में पहुंच गया और बिजली के तार की चपेट में आ गया. मौके पर ही उसकी मौत हो गई. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: दो-पहिया वाहन से जा रही थी महिला
तभी पतंग की डोर से गला कट गया
ज्यादा खून बहने से अस्पताल में मौत हो गई | 11 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के उस बयान पर निशाना साधा है जिसमें उन्होंने कहा कि ऑटो सेक्टर में मंदी की वजह लोगों का नई कार खरीदने के बाद ओला-उबर का इस्तेमाल करना है. प्रियंका गांधी ने ट्वीटर पर लिखा, 'चुनाव के पहले बोला गया कि Ola-Uber ने रोजगार बढ़ाए हैं. अब बोला जा रहा है कि Ola-Uber की वजह से आटो सेक्टर में मंदी आ गई है. भाजपा सरकार अर्थव्यव्स्था के मामले में इतनी कनफ्यूज (confused) क्यों है?' आपको बता दें कि प्रियंका गांधी बीजेपी पर लगातार हमले कर रही हैं. इससे पहले उत्तर प्रदेश के सोनभद्र एक सरकारी स्कूल में 'मिड डे मील' नमक रोटी परोसे जाने की खबर देने वाले पत्रकार की गिरफ्तारी पर भी निशाना साधा था. उन्होंने कहा, ' पत्रकार केवल आंख पर पट्टी बांध कर वाहवाही के लिए नहीं होते. उनका काम होता है जनता के मुद्दों पर खबरें बनाना और सरकार से जवाब लेना. लेकिन उप्र भाजपा सरकार ऐसे पत्रकारों पर लगातार हमला बोल रही है. क्या भाजपा को आम जनता के मुद्दों का डर सता रहा है?'
वहीं अर्थव्यवस्था में मंदी के मुद्दे पर भी उन्होंने एक अन्य ट्वीट में लिखा, 'अर्थव्यवस्था मंदी की गहरी खाई में गिरती ही जा रही है. लाखों हिंदुस्तानियों की आजीविका पर तलवार लटक रही है. ऑटो सेक्टर और ट्रक सेक्टर में गिरावट प्रोडक्शन-ट्रांसपोर्टेशन में निगेटिव ग्रोथ और बाजार के टूटते भरोसे का चिन्ह है. सरकार कब अपनी आंखें खोलेगी?' ऐसा ही एक ट्वीट उन्होंने 5 सितंबर किया जिसमें लिखा, 'हर दिन मंदी की खबर और हर दिन भाजपा सरकार की इस पर खामोशी: दोनों बहुत खतरनाक हैं. इस सरकार के पास न हल है न देशवासियों को भरोसा दिलाने का बल है.' सिर्फ बहानेबाजी, बयानबाजी और अफवाहें फैलाने से काम नहीं चलेगा.'
आपको बता दें कि देश के वाहन उद्योग में गिरावट को सिलसिला जारी है और अगस्त में भी मारुति सुजुकी इंडिया, हुंदै, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा मोटर्स और होंडा सहित सभी प्रमुख वाहन निर्माताओं ने बिक्री में भारी गिरावट की सूचना दी है. देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया की बिक्री अगस्त महीने में 32.7 प्रतिशत घटकर 1,06,413 वाहन रह गई. इससे पिछले साल के समान महीने में कंपनी की बिक्री 1,58,189 इकाई रही थी. कंपनी ने बयान में कहा कि अगस्त में उसकी घरेलू बाजार में बिक्री 34.3 प्रतिशत घटकर 97,061 इकाई रह गई, जो अगस्त, 2018 में 1,47,700 इकाई थी. इसी तरह होंडा कार्स इंडिया और टोयोटा किर्लोस्कर मोटर ने बिक्री में क्रमशः 51 प्रतिशत एवं 21 प्रतिशत की गिरावट की सूचना दी है. घरेलू क्षेत्र की प्रमुख वाहन कंपनी टाटा मोटर्स के यात्री वाहनों की घरेलू बिक्री अगस्त में 58 प्रतिशत तक लुढ़क गयी. कंपनी ने पिछले 7,316 वाहनों की बिक्री की.
होंडा कार्स इंडिया लि.(एचसीआईएल) की घरेलू बिक्री अगस्त महीने में 51.28 प्रतिशत घटकर 8,291 इकाई रह गई, जो एक साल पहले समान महीने में 17,020 इकाई थी. माह के दौरान कंपनी ने 227 वाहनों का निर्यात भी किया. एचसीआईएल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं निदेशक बिक्री एवं विपणन राजेश गोयल ने कहा कि उपभोक्ता धारणा कमजोर पड़ने से वाहन क्षेत्र में भारी गिरावट आई है. उन्होंने कहा कि यह स्थिति तब है जबकि वाहन क्षेत्र में ऊंची छूट दी जा रही है और यह कार खरीदने का अच्छा समय है. टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के वाहनों की बिक्री अगस्त में 21 प्रतिशत की गिरावट के साथ 11,544 इकाइयों पर रही. टोयोटा किर्लोस्कर मोटर (टीकेएम) ने बयान जारी कर कहा है कि पिछले साल अगस्त में उसने 14,581 वाहनों की बिक्री की थी. | यह एक सारांश है: ऑटो सेक्टर में मंदी
प्रियंका गांधी का बीजेपी पर निशाना
'बीजेपी सरकार इतना कन्फ्यूज क्यों' | 21 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के भाषण के मुख्यबिंदु इस प्रकार से है:
-प्रधानमंत्री ने एक दुर्घटना में नौसेना की अग्रणी पनडुब्बी आईएनएस सिंधुरक्षक के नष्ट होने पर दुख जताया जिसमें 18 नौसैनिकों के मारे जाने की आशंका है।
-पाकिस्तान के साथ संबंध को बेहतर बनाने के संबंध में मनमोहन सिंह ने कहा, यह जरूरी है कि वह भारत विरोधी गतिविधियों के लिए अपने और अपने नियंत्रण वाले क्षेत्र के इस्तेमाल को रोके।
-पाकिस्तान के साथ नियंत्रण रेखा पर जवानों पर जघन्य हमले जैसी घटनाएं दोबारा नहीं हों, इसके लिए भारत सभी कदम उठाएगा।
-प्रधानमंत्री ने कहा कि एक आधुनिक प्रगतिशील और धर्म निरपेक्ष देश में तंग और सांप्रदायिक ख्यालों की कोई गुंजाइश नहीं हो सकती। ऐसी सोच हमारे समाज को बांटती है और हमारे लोकतंत्र को कमजोर करती है।
-समय-समय पर होने वाले नक्सली हमलों को रोकने में सफल नहीं हुए। 25 मई को छत्तीसगढ़ में हुआ नक्सल हमला लोकतंत्र पर सीधा प्रहार था।
-उत्तराखंड के लोगों को अश्वस्त करते हैं कि इस संकट के समय में पूरा देश उनके साथ खड़ा है।
-उत्तराखंड में त्रासदी से प्रभावित लोगों के पुनर्वास के लिए सरकार अपने सभी संसाधनों के साथ काम कर रही हैं।
-प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई की खाद्य सुरक्षा विधेयक पास हो जाएगा।
-प्रधानमंत्री ने कहा कि खाद्य सुरक्षा कानून बनने के बाद सरकार की प्रमुख प्राथमिकता इसे लागू करने की होगी। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के कम्प्यूटरीकरण को तेज किया जाएगा।
-बिहार जैसी मध्याह्न भोजन त्रासदी देश के किसी भी हिस्से में नहीं दोहरायी जानी चाहिए।
-मध्याह्न भोजन योजना में सुधार किया जाएगा। हमारे बच्चों को प्रदान किया जाने वाला भोजन न केवल पोषक हो बल्कि इसे साफ सफाई के साथ पकाया जाना चाहिए।
-उन्होंने कहा कि गरीबी का आकलन करना कठिन कार्य है। गरीबी के आयामों के बारे में अलग अलग विचार हैं। चाहे हम कोई भी परिभाषा अपनाएं, लेकिन इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि 2004 के बाद से गरीबी की रफ्तार कम हुई है।
-अर्थव्यवस्था में मंदी लम्बे समय तक जारी नहीं रहेगी। पिछले नौ वर्षों में अर्थव्यवस्था का 7.9 प्रतिशत औसत वार्षिक दर से विकास हुआ है। विकास की यह दर किसी भी दशक में सर्वाधिक है।
-सरकार अर्थव्यवस्था में मंदी की स्थिति को बदलने के लिए कठिन परिश्रम कर रही है।
-पिछले नौ वर्ष में सड़क, रेलवे, बिजली, नागर विमानन, बंदरगाह और दूरसंचार जैसे आधारभूत संरचना के क्षेत्रों में अच्छी प्रगति हुई है।
-प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत गांवों को जोड़ने के लिए करीब 2 लाख किलोमीटर सड़क का निर्माण किया गया है। 37 हजार किलोमीटर से अधिक नई सड़कों का निर्माण किया गया है। 40 से अधिक हवाई अड्डों का निर्माण या उन्नयन किया गया है।
-प्रधानमंत्री ने कहा कि उद्योग के लिए सरकारी मंजूरी की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए कदम उठाए गए है, अर्थव्यवस्था में निवेश तथा उद्योग एवं कारोबार के लिए और उपयुक्त माहौल बना।
-बिजली उत्पादन बढ़ाने के लिए अपर्याप्त कोयला आपूर्ति अहम समस्या बन गई थी। इसे काफी हद तक दूर किया गया है।
-आने वाले महीनों में सरकार कई नई आधारभूत संरचना परियोजनाओं पर काम शुरू करेगी। इसमें दो नए बंदरगाह, आठ नए हवाई अड्डे, नए औद्योगिक कारिडोर और रेल परियोजनाएं शामिल हैं।टिप्पणियां
-उन्होंने कहा कि जल्द ही एक नई योजना शुरू की जाएगी, जिसके तहत नया कौशल सफलतापूर्वक हासिल करने वालों को 10 हजार रुपये का अनुदान मिलेगा। इससे तहत अगले 12 महीनों में 10 लाख युवा पुरु, और महिलाएं लाभान्वित होंगे।
-पिछले दशक में लम्बी दूरी तय की, लेकिन अभी काफी कुछ किया जाना शेष है। हमने बदलाव की जो शुरुआत की है, वह जारी रहेगी।
-प्रधानमंत्री ने एक दुर्घटना में नौसेना की अग्रणी पनडुब्बी आईएनएस सिंधुरक्षक के नष्ट होने पर दुख जताया जिसमें 18 नौसैनिकों के मारे जाने की आशंका है।
-पाकिस्तान के साथ संबंध को बेहतर बनाने के संबंध में मनमोहन सिंह ने कहा, यह जरूरी है कि वह भारत विरोधी गतिविधियों के लिए अपने और अपने नियंत्रण वाले क्षेत्र के इस्तेमाल को रोके।
-पाकिस्तान के साथ नियंत्रण रेखा पर जवानों पर जघन्य हमले जैसी घटनाएं दोबारा नहीं हों, इसके लिए भारत सभी कदम उठाएगा।
-प्रधानमंत्री ने कहा कि एक आधुनिक प्रगतिशील और धर्म निरपेक्ष देश में तंग और सांप्रदायिक ख्यालों की कोई गुंजाइश नहीं हो सकती। ऐसी सोच हमारे समाज को बांटती है और हमारे लोकतंत्र को कमजोर करती है।
-समय-समय पर होने वाले नक्सली हमलों को रोकने में सफल नहीं हुए। 25 मई को छत्तीसगढ़ में हुआ नक्सल हमला लोकतंत्र पर सीधा प्रहार था।
-उत्तराखंड के लोगों को अश्वस्त करते हैं कि इस संकट के समय में पूरा देश उनके साथ खड़ा है।
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-प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई की खाद्य सुरक्षा विधेयक पास हो जाएगा।
-प्रधानमंत्री ने कहा कि खाद्य सुरक्षा कानून बनने के बाद सरकार की प्रमुख प्राथमिकता इसे लागू करने की होगी। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के कम्प्यूटरीकरण को तेज किया जाएगा।
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-अर्थव्यवस्था में मंदी लम्बे समय तक जारी नहीं रहेगी। पिछले नौ वर्षों में अर्थव्यवस्था का 7.9 प्रतिशत औसत वार्षिक दर से विकास हुआ है। विकास की यह दर किसी भी दशक में सर्वाधिक है।
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-प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत गांवों को जोड़ने के लिए करीब 2 लाख किलोमीटर सड़क का निर्माण किया गया है। 37 हजार किलोमीटर से अधिक नई सड़कों का निर्माण किया गया है। 40 से अधिक हवाई अड्डों का निर्माण या उन्नयन किया गया है।
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-पिछले दशक में लम्बी दूरी तय की, लेकिन अभी काफी कुछ किया जाना शेष है। हमने बदलाव की जो शुरुआत की है, वह जारी रहेगी।
-पाकिस्तान के साथ संबंध को बेहतर बनाने के संबंध में मनमोहन सिंह ने कहा, यह जरूरी है कि वह भारत विरोधी गतिविधियों के लिए अपने और अपने नियंत्रण वाले क्षेत्र के इस्तेमाल को रोके।
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-प्रधानमंत्री ने कहा कि एक आधुनिक प्रगतिशील और धर्म निरपेक्ष देश में तंग और सांप्रदायिक ख्यालों की कोई गुंजाइश नहीं हो सकती। ऐसी सोच हमारे समाज को बांटती है और हमारे लोकतंत्र को कमजोर करती है।
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-प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई की खाद्य सुरक्षा विधेयक पास हो जाएगा।
-प्रधानमंत्री ने कहा कि खाद्य सुरक्षा कानून बनने के बाद सरकार की प्रमुख प्राथमिकता इसे लागू करने की होगी। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के कम्प्यूटरीकरण को तेज किया जाएगा।
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-मध्याह्न भोजन योजना में सुधार किया जाएगा। हमारे बच्चों को प्रदान किया जाने वाला भोजन न केवल पोषक हो बल्कि इसे साफ सफाई के साथ पकाया जाना चाहिए।
-उन्होंने कहा कि गरीबी का आकलन करना कठिन कार्य है। गरीबी के आयामों के बारे में अलग अलग विचार हैं। चाहे हम कोई भी परिभाषा अपनाएं, लेकिन इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि 2004 के बाद से गरीबी की रफ्तार कम हुई है।
-अर्थव्यवस्था में मंदी लम्बे समय तक जारी नहीं रहेगी। पिछले नौ वर्षों में अर्थव्यवस्था का 7.9 प्रतिशत औसत वार्षिक दर से विकास हुआ है। विकास की यह दर किसी भी दशक में सर्वाधिक है।
-सरकार अर्थव्यवस्था में मंदी की स्थिति को बदलने के लिए कठिन परिश्रम कर रही है।
-पिछले नौ वर्ष में सड़क, रेलवे, बिजली, नागर विमानन, बंदरगाह और दूरसंचार जैसे आधारभूत संरचना के क्षेत्रों में अच्छी प्रगति हुई है।
-प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत गांवों को जोड़ने के लिए करीब 2 लाख किलोमीटर सड़क का निर्माण किया गया है। 37 हजार किलोमीटर से अधिक नई सड़कों का निर्माण किया गया है। 40 से अधिक हवाई अड्डों का निर्माण या उन्नयन किया गया है।
-प्रधानमंत्री ने कहा कि उद्योग के लिए सरकारी मंजूरी की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए कदम उठाए गए है, अर्थव्यवस्था में निवेश तथा उद्योग एवं कारोबार के लिए और उपयुक्त माहौल बना।
-बिजली उत्पादन बढ़ाने के लिए अपर्याप्त कोयला आपूर्ति अहम समस्या बन गई थी। इसे काफी हद तक दूर किया गया है।
-आने वाले महीनों में सरकार कई नई आधारभूत संरचना परियोजनाओं पर काम शुरू करेगी। इसमें दो नए बंदरगाह, आठ नए हवाई अड्डे, नए औद्योगिक कारिडोर और रेल परियोजनाएं शामिल हैं।टिप्पणियां
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-पिछले दशक में लम्बी दूरी तय की, लेकिन अभी काफी कुछ किया जाना शेष है। हमने बदलाव की जो शुरुआत की है, वह जारी रहेगी।
-पाकिस्तान के साथ नियंत्रण रेखा पर जवानों पर जघन्य हमले जैसी घटनाएं दोबारा नहीं हों, इसके लिए भारत सभी कदम उठाएगा।
-प्रधानमंत्री ने कहा कि एक आधुनिक प्रगतिशील और धर्म निरपेक्ष देश में तंग और सांप्रदायिक ख्यालों की कोई गुंजाइश नहीं हो सकती। ऐसी सोच हमारे समाज को बांटती है और हमारे लोकतंत्र को कमजोर करती है।
-समय-समय पर होने वाले नक्सली हमलों को रोकने में सफल नहीं हुए। 25 मई को छत्तीसगढ़ में हुआ नक्सल हमला लोकतंत्र पर सीधा प्रहार था।
-उत्तराखंड के लोगों को अश्वस्त करते हैं कि इस संकट के समय में पूरा देश उनके साथ खड़ा है।
-उत्तराखंड में त्रासदी से प्रभावित लोगों के पुनर्वास के लिए सरकार अपने सभी संसाधनों के साथ काम कर रही हैं।
-प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई की खाद्य सुरक्षा विधेयक पास हो जाएगा।
-प्रधानमंत्री ने कहा कि खाद्य सुरक्षा कानून बनने के बाद सरकार की प्रमुख प्राथमिकता इसे लागू करने की होगी। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के कम्प्यूटरीकरण को तेज किया जाएगा।
-बिहार जैसी मध्याह्न भोजन त्रासदी देश के किसी भी हिस्से में नहीं दोहरायी जानी चाहिए।
-मध्याह्न भोजन योजना में सुधार किया जाएगा। हमारे बच्चों को प्रदान किया जाने वाला भोजन न केवल पोषक हो बल्कि इसे साफ सफाई के साथ पकाया जाना चाहिए।
-उन्होंने कहा कि गरीबी का आकलन करना कठिन कार्य है। गरीबी के आयामों के बारे में अलग अलग विचार हैं। चाहे हम कोई भी परिभाषा अपनाएं, लेकिन इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि 2004 के बाद से गरीबी की रफ्तार कम हुई है।
-अर्थव्यवस्था में मंदी लम्बे समय तक जारी नहीं रहेगी। पिछले नौ वर्षों में अर्थव्यवस्था का 7.9 प्रतिशत औसत वार्षिक दर से विकास हुआ है। विकास की यह दर किसी भी दशक में सर्वाधिक है।
-सरकार अर्थव्यवस्था में मंदी की स्थिति को बदलने के लिए कठिन परिश्रम कर रही है।
-पिछले नौ वर्ष में सड़क, रेलवे, बिजली, नागर विमानन, बंदरगाह और दूरसंचार जैसे आधारभूत संरचना के क्षेत्रों में अच्छी प्रगति हुई है।
-प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत गांवों को जोड़ने के लिए करीब 2 लाख किलोमीटर सड़क का निर्माण किया गया है। 37 हजार किलोमीटर से अधिक नई सड़कों का निर्माण किया गया है। 40 से अधिक हवाई अड्डों का निर्माण या उन्नयन किया गया है।
-प्रधानमंत्री ने कहा कि उद्योग के लिए सरकारी मंजूरी की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए कदम उठाए गए है, अर्थव्यवस्था में निवेश तथा उद्योग एवं कारोबार के लिए और उपयुक्त माहौल बना।
-बिजली उत्पादन बढ़ाने के लिए अपर्याप्त कोयला आपूर्ति अहम समस्या बन गई थी। इसे काफी हद तक दूर किया गया है।
-आने वाले महीनों में सरकार कई नई आधारभूत संरचना परियोजनाओं पर काम शुरू करेगी। इसमें दो नए बंदरगाह, आठ नए हवाई अड्डे, नए औद्योगिक कारिडोर और रेल परियोजनाएं शामिल हैं।टिप्पणियां
-उन्होंने कहा कि जल्द ही एक नई योजना शुरू की जाएगी, जिसके तहत नया कौशल सफलतापूर्वक हासिल करने वालों को 10 हजार रुपये का अनुदान मिलेगा। इससे तहत अगले 12 महीनों में 10 लाख युवा पुरु, और महिलाएं लाभान्वित होंगे।
-पिछले दशक में लम्बी दूरी तय की, लेकिन अभी काफी कुछ किया जाना शेष है। हमने बदलाव की जो शुरुआत की है, वह जारी रहेगी।
-प्रधानमंत्री ने कहा कि एक आधुनिक प्रगतिशील और धर्म निरपेक्ष देश में तंग और सांप्रदायिक ख्यालों की कोई गुंजाइश नहीं हो सकती। ऐसी सोच हमारे समाज को बांटती है और हमारे लोकतंत्र को कमजोर करती है।
-समय-समय पर होने वाले नक्सली हमलों को रोकने में सफल नहीं हुए। 25 मई को छत्तीसगढ़ में हुआ नक्सल हमला लोकतंत्र पर सीधा प्रहार था।
-उत्तराखंड के लोगों को अश्वस्त करते हैं कि इस संकट के समय में पूरा देश उनके साथ खड़ा है।
-उत्तराखंड में त्रासदी से प्रभावित लोगों के पुनर्वास के लिए सरकार अपने सभी संसाधनों के साथ काम कर रही हैं।
-प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई की खाद्य सुरक्षा विधेयक पास हो जाएगा।
-प्रधानमंत्री ने कहा कि खाद्य सुरक्षा कानून बनने के बाद सरकार की प्रमुख प्राथमिकता इसे लागू करने की होगी। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के कम्प्यूटरीकरण को तेज किया जाएगा।
-बिहार जैसी मध्याह्न भोजन त्रासदी देश के किसी भी हिस्से में नहीं दोहरायी जानी चाहिए।
-मध्याह्न भोजन योजना में सुधार किया जाएगा। हमारे बच्चों को प्रदान किया जाने वाला भोजन न केवल पोषक हो बल्कि इसे साफ सफाई के साथ पकाया जाना चाहिए।
-उन्होंने कहा कि गरीबी का आकलन करना कठिन कार्य है। गरीबी के आयामों के बारे में अलग अलग विचार हैं। चाहे हम कोई भी परिभाषा अपनाएं, लेकिन इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि 2004 के बाद से गरीबी की रफ्तार कम हुई है।
-अर्थव्यवस्था में मंदी लम्बे समय तक जारी नहीं रहेगी। पिछले नौ वर्षों में अर्थव्यवस्था का 7.9 प्रतिशत औसत वार्षिक दर से विकास हुआ है। विकास की यह दर किसी भी दशक में सर्वाधिक है।
-सरकार अर्थव्यवस्था में मंदी की स्थिति को बदलने के लिए कठिन परिश्रम कर रही है।
-पिछले नौ वर्ष में सड़क, रेलवे, बिजली, नागर विमानन, बंदरगाह और दूरसंचार जैसे आधारभूत संरचना के क्षेत्रों में अच्छी प्रगति हुई है।
-प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत गांवों को जोड़ने के लिए करीब 2 लाख किलोमीटर सड़क का निर्माण किया गया है। 37 हजार किलोमीटर से अधिक नई सड़कों का निर्माण किया गया है। 40 से अधिक हवाई अड्डों का निर्माण या उन्नयन किया गया है।
-प्रधानमंत्री ने कहा कि उद्योग के लिए सरकारी मंजूरी की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए कदम उठाए गए है, अर्थव्यवस्था में निवेश तथा उद्योग एवं कारोबार के लिए और उपयुक्त माहौल बना।
-बिजली उत्पादन बढ़ाने के लिए अपर्याप्त कोयला आपूर्ति अहम समस्या बन गई थी। इसे काफी हद तक दूर किया गया है।
-आने वाले महीनों में सरकार कई नई आधारभूत संरचना परियोजनाओं पर काम शुरू करेगी। इसमें दो नए बंदरगाह, आठ नए हवाई अड्डे, नए औद्योगिक कारिडोर और रेल परियोजनाएं शामिल हैं।टिप्पणियां
-उन्होंने कहा कि जल्द ही एक नई योजना शुरू की जाएगी, जिसके तहत नया कौशल सफलतापूर्वक हासिल करने वालों को 10 हजार रुपये का अनुदान मिलेगा। इससे तहत अगले 12 महीनों में 10 लाख युवा पुरु, और महिलाएं लाभान्वित होंगे।
-पिछले दशक में लम्बी दूरी तय की, लेकिन अभी काफी कुछ किया जाना शेष है। हमने बदलाव की जो शुरुआत की है, वह जारी रहेगी।
-समय-समय पर होने वाले नक्सली हमलों को रोकने में सफल नहीं हुए। 25 मई को छत्तीसगढ़ में हुआ नक्सल हमला लोकतंत्र पर सीधा प्रहार था।
-उत्तराखंड के लोगों को अश्वस्त करते हैं कि इस संकट के समय में पूरा देश उनके साथ खड़ा है।
-उत्तराखंड में त्रासदी से प्रभावित लोगों के पुनर्वास के लिए सरकार अपने सभी संसाधनों के साथ काम कर रही हैं।
-प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई की खाद्य सुरक्षा विधेयक पास हो जाएगा।
-प्रधानमंत्री ने कहा कि खाद्य सुरक्षा कानून बनने के बाद सरकार की प्रमुख प्राथमिकता इसे लागू करने की होगी। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के कम्प्यूटरीकरण को तेज किया जाएगा।
-बिहार जैसी मध्याह्न भोजन त्रासदी देश के किसी भी हिस्से में नहीं दोहरायी जानी चाहिए।
-मध्याह्न भोजन योजना में सुधार किया जाएगा। हमारे बच्चों को प्रदान किया जाने वाला भोजन न केवल पोषक हो बल्कि इसे साफ सफाई के साथ पकाया जाना चाहिए।
-उन्होंने कहा कि गरीबी का आकलन करना कठिन कार्य है। गरीबी के आयामों के बारे में अलग अलग विचार हैं। चाहे हम कोई भी परिभाषा अपनाएं, लेकिन इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि 2004 के बाद से गरीबी की रफ्तार कम हुई है।
-अर्थव्यवस्था में मंदी लम्बे समय तक जारी नहीं रहेगी। पिछले नौ वर्षों में अर्थव्यवस्था का 7.9 प्रतिशत औसत वार्षिक दर से विकास हुआ है। विकास की यह दर किसी भी दशक में सर्वाधिक है।
-सरकार अर्थव्यवस्था में मंदी की स्थिति को बदलने के लिए कठिन परिश्रम कर रही है।
-पिछले नौ वर्ष में सड़क, रेलवे, बिजली, नागर विमानन, बंदरगाह और दूरसंचार जैसे आधारभूत संरचना के क्षेत्रों में अच्छी प्रगति हुई है।
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-प्रधानमंत्री ने कहा कि उद्योग के लिए सरकारी मंजूरी की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए कदम उठाए गए है, अर्थव्यवस्था में निवेश तथा उद्योग एवं कारोबार के लिए और उपयुक्त माहौल बना।
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-आने वाले महीनों में सरकार कई नई आधारभूत संरचना परियोजनाओं पर काम शुरू करेगी। इसमें दो नए बंदरगाह, आठ नए हवाई अड्डे, नए औद्योगिक कारिडोर और रेल परियोजनाएं शामिल हैं।टिप्पणियां
-उन्होंने कहा कि जल्द ही एक नई योजना शुरू की जाएगी, जिसके तहत नया कौशल सफलतापूर्वक हासिल करने वालों को 10 हजार रुपये का अनुदान मिलेगा। इससे तहत अगले 12 महीनों में 10 लाख युवा पुरु, और महिलाएं लाभान्वित होंगे।
-पिछले दशक में लम्बी दूरी तय की, लेकिन अभी काफी कुछ किया जाना शेष है। हमने बदलाव की जो शुरुआत की है, वह जारी रहेगी।
-उत्तराखंड के लोगों को अश्वस्त करते हैं कि इस संकट के समय में पूरा देश उनके साथ खड़ा है।
-उत्तराखंड में त्रासदी से प्रभावित लोगों के पुनर्वास के लिए सरकार अपने सभी संसाधनों के साथ काम कर रही हैं।
-प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई की खाद्य सुरक्षा विधेयक पास हो जाएगा।
-प्रधानमंत्री ने कहा कि खाद्य सुरक्षा कानून बनने के बाद सरकार की प्रमुख प्राथमिकता इसे लागू करने की होगी। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के कम्प्यूटरीकरण को तेज किया जाएगा।
-बिहार जैसी मध्याह्न भोजन त्रासदी देश के किसी भी हिस्से में नहीं दोहरायी जानी चाहिए।
-मध्याह्न भोजन योजना में सुधार किया जाएगा। हमारे बच्चों को प्रदान किया जाने वाला भोजन न केवल पोषक हो बल्कि इसे साफ सफाई के साथ पकाया जाना चाहिए।
-उन्होंने कहा कि गरीबी का आकलन करना कठिन कार्य है। गरीबी के आयामों के बारे में अलग अलग विचार हैं। चाहे हम कोई भी परिभाषा अपनाएं, लेकिन इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि 2004 के बाद से गरीबी की रफ्तार कम हुई है।
-अर्थव्यवस्था में मंदी लम्बे समय तक जारी नहीं रहेगी। पिछले नौ वर्षों में अर्थव्यवस्था का 7.9 प्रतिशत औसत वार्षिक दर से विकास हुआ है। विकास की यह दर किसी भी दशक में सर्वाधिक है।
-सरकार अर्थव्यवस्था में मंदी की स्थिति को बदलने के लिए कठिन परिश्रम कर रही है।
-पिछले नौ वर्ष में सड़क, रेलवे, बिजली, नागर विमानन, बंदरगाह और दूरसंचार जैसे आधारभूत संरचना के क्षेत्रों में अच्छी प्रगति हुई है।
-प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत गांवों को जोड़ने के लिए करीब 2 लाख किलोमीटर सड़क का निर्माण किया गया है। 37 हजार किलोमीटर से अधिक नई सड़कों का निर्माण किया गया है। 40 से अधिक हवाई अड्डों का निर्माण या उन्नयन किया गया है।
-प्रधानमंत्री ने कहा कि उद्योग के लिए सरकारी मंजूरी की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए कदम उठाए गए है, अर्थव्यवस्था में निवेश तथा उद्योग एवं कारोबार के लिए और उपयुक्त माहौल बना।
-बिजली उत्पादन बढ़ाने के लिए अपर्याप्त कोयला आपूर्ति अहम समस्या बन गई थी। इसे काफी हद तक दूर किया गया है।
-आने वाले महीनों में सरकार कई नई आधारभूत संरचना परियोजनाओं पर काम शुरू करेगी। इसमें दो नए बंदरगाह, आठ नए हवाई अड्डे, नए औद्योगिक कारिडोर और रेल परियोजनाएं शामिल हैं।टिप्पणियां
-उन्होंने कहा कि जल्द ही एक नई योजना शुरू की जाएगी, जिसके तहत नया कौशल सफलतापूर्वक हासिल करने वालों को 10 हजार रुपये का अनुदान मिलेगा। इससे तहत अगले 12 महीनों में 10 लाख युवा पुरु, और महिलाएं लाभान्वित होंगे।
-पिछले दशक में लम्बी दूरी तय की, लेकिन अभी काफी कुछ किया जाना शेष है। हमने बदलाव की जो शुरुआत की है, वह जारी रहेगी।
-उत्तराखंड में त्रासदी से प्रभावित लोगों के पुनर्वास के लिए सरकार अपने सभी संसाधनों के साथ काम कर रही हैं।
-प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई की खाद्य सुरक्षा विधेयक पास हो जाएगा।
-प्रधानमंत्री ने कहा कि खाद्य सुरक्षा कानून बनने के बाद सरकार की प्रमुख प्राथमिकता इसे लागू करने की होगी। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के कम्प्यूटरीकरण को तेज किया जाएगा।
-बिहार जैसी मध्याह्न भोजन त्रासदी देश के किसी भी हिस्से में नहीं दोहरायी जानी चाहिए।
-मध्याह्न भोजन योजना में सुधार किया जाएगा। हमारे बच्चों को प्रदान किया जाने वाला भोजन न केवल पोषक हो बल्कि इसे साफ सफाई के साथ पकाया जाना चाहिए।
-उन्होंने कहा कि गरीबी का आकलन करना कठिन कार्य है। गरीबी के आयामों के बारे में अलग अलग विचार हैं। चाहे हम कोई भी परिभाषा अपनाएं, लेकिन इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि 2004 के बाद से गरीबी की रफ्तार कम हुई है।
-अर्थव्यवस्था में मंदी लम्बे समय तक जारी नहीं रहेगी। पिछले नौ वर्षों में अर्थव्यवस्था का 7.9 प्रतिशत औसत वार्षिक दर से विकास हुआ है। विकास की यह दर किसी भी दशक में सर्वाधिक है।
-सरकार अर्थव्यवस्था में मंदी की स्थिति को बदलने के लिए कठिन परिश्रम कर रही है।
-पिछले नौ वर्ष में सड़क, रेलवे, बिजली, नागर विमानन, बंदरगाह और दूरसंचार जैसे आधारभूत संरचना के क्षेत्रों में अच्छी प्रगति हुई है।
-प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत गांवों को जोड़ने के लिए करीब 2 लाख किलोमीटर सड़क का निर्माण किया गया है। 37 हजार किलोमीटर से अधिक नई सड़कों का निर्माण किया गया है। 40 से अधिक हवाई अड्डों का निर्माण या उन्नयन किया गया है।
-प्रधानमंत्री ने कहा कि उद्योग के लिए सरकारी मंजूरी की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए कदम उठाए गए है, अर्थव्यवस्था में निवेश तथा उद्योग एवं कारोबार के लिए और उपयुक्त माहौल बना।
-बिजली उत्पादन बढ़ाने के लिए अपर्याप्त कोयला आपूर्ति अहम समस्या बन गई थी। इसे काफी हद तक दूर किया गया है।
-आने वाले महीनों में सरकार कई नई आधारभूत संरचना परियोजनाओं पर काम शुरू करेगी। इसमें दो नए बंदरगाह, आठ नए हवाई अड्डे, नए औद्योगिक कारिडोर और रेल परियोजनाएं शामिल हैं।टिप्पणियां
-उन्होंने कहा कि जल्द ही एक नई योजना शुरू की जाएगी, जिसके तहत नया कौशल सफलतापूर्वक हासिल करने वालों को 10 हजार रुपये का अनुदान मिलेगा। इससे तहत अगले 12 महीनों में 10 लाख युवा पुरु, और महिलाएं लाभान्वित होंगे।
-पिछले दशक में लम्बी दूरी तय की, लेकिन अभी काफी कुछ किया जाना शेष है। हमने बदलाव की जो शुरुआत की है, वह जारी रहेगी।
-प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई की खाद्य सुरक्षा विधेयक पास हो जाएगा।
-प्रधानमंत्री ने कहा कि खाद्य सुरक्षा कानून बनने के बाद सरकार की प्रमुख प्राथमिकता इसे लागू करने की होगी। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के कम्प्यूटरीकरण को तेज किया जाएगा।
-बिहार जैसी मध्याह्न भोजन त्रासदी देश के किसी भी हिस्से में नहीं दोहरायी जानी चाहिए।
-मध्याह्न भोजन योजना में सुधार किया जाएगा। हमारे बच्चों को प्रदान किया जाने वाला भोजन न केवल पोषक हो बल्कि इसे साफ सफाई के साथ पकाया जाना चाहिए।
-उन्होंने कहा कि गरीबी का आकलन करना कठिन कार्य है। गरीबी के आयामों के बारे में अलग अलग विचार हैं। चाहे हम कोई भी परिभाषा अपनाएं, लेकिन इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि 2004 के बाद से गरीबी की रफ्तार कम हुई है।
-अर्थव्यवस्था में मंदी लम्बे समय तक जारी नहीं रहेगी। पिछले नौ वर्षों में अर्थव्यवस्था का 7.9 प्रतिशत औसत वार्षिक दर से विकास हुआ है। विकास की यह दर किसी भी दशक में सर्वाधिक है।
-सरकार अर्थव्यवस्था में मंदी की स्थिति को बदलने के लिए कठिन परिश्रम कर रही है।
-पिछले नौ वर्ष में सड़क, रेलवे, बिजली, नागर विमानन, बंदरगाह और दूरसंचार जैसे आधारभूत संरचना के क्षेत्रों में अच्छी प्रगति हुई है।
-प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत गांवों को जोड़ने के लिए करीब 2 लाख किलोमीटर सड़क का निर्माण किया गया है। 37 हजार किलोमीटर से अधिक नई सड़कों का निर्माण किया गया है। 40 से अधिक हवाई अड्डों का निर्माण या उन्नयन किया गया है।
-प्रधानमंत्री ने कहा कि उद्योग के लिए सरकारी मंजूरी की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए कदम उठाए गए है, अर्थव्यवस्था में निवेश तथा उद्योग एवं कारोबार के लिए और उपयुक्त माहौल बना।
-बिजली उत्पादन बढ़ाने के लिए अपर्याप्त कोयला आपूर्ति अहम समस्या बन गई थी। इसे काफी हद तक दूर किया गया है।
-आने वाले महीनों में सरकार कई नई आधारभूत संरचना परियोजनाओं पर काम शुरू करेगी। इसमें दो नए बंदरगाह, आठ नए हवाई अड्डे, नए औद्योगिक कारिडोर और रेल परियोजनाएं शामिल हैं।टिप्पणियां
-उन्होंने कहा कि जल्द ही एक नई योजना शुरू की जाएगी, जिसके तहत नया कौशल सफलतापूर्वक हासिल करने वालों को 10 हजार रुपये का अनुदान मिलेगा। इससे तहत अगले 12 महीनों में 10 लाख युवा पुरु, और महिलाएं लाभान्वित होंगे।
-पिछले दशक में लम्बी दूरी तय की, लेकिन अभी काफी कुछ किया जाना शेष है। हमने बदलाव की जो शुरुआत की है, वह जारी रहेगी।
-प्रधानमंत्री ने कहा कि खाद्य सुरक्षा कानून बनने के बाद सरकार की प्रमुख प्राथमिकता इसे लागू करने की होगी। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के कम्प्यूटरीकरण को तेज किया जाएगा।
-बिहार जैसी मध्याह्न भोजन त्रासदी देश के किसी भी हिस्से में नहीं दोहरायी जानी चाहिए।
-मध्याह्न भोजन योजना में सुधार किया जाएगा। हमारे बच्चों को प्रदान किया जाने वाला भोजन न केवल पोषक हो बल्कि इसे साफ सफाई के साथ पकाया जाना चाहिए।
-उन्होंने कहा कि गरीबी का आकलन करना कठिन कार्य है। गरीबी के आयामों के बारे में अलग अलग विचार हैं। चाहे हम कोई भी परिभाषा अपनाएं, लेकिन इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि 2004 के बाद से गरीबी की रफ्तार कम हुई है।
-अर्थव्यवस्था में मंदी लम्बे समय तक जारी नहीं रहेगी। पिछले नौ वर्षों में अर्थव्यवस्था का 7.9 प्रतिशत औसत वार्षिक दर से विकास हुआ है। विकास की यह दर किसी भी दशक में सर्वाधिक है।
-सरकार अर्थव्यवस्था में मंदी की स्थिति को बदलने के लिए कठिन परिश्रम कर रही है।
-पिछले नौ वर्ष में सड़क, रेलवे, बिजली, नागर विमानन, बंदरगाह और दूरसंचार जैसे आधारभूत संरचना के क्षेत्रों में अच्छी प्रगति हुई है।
-प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत गांवों को जोड़ने के लिए करीब 2 लाख किलोमीटर सड़क का निर्माण किया गया है। 37 हजार किलोमीटर से अधिक नई सड़कों का निर्माण किया गया है। 40 से अधिक हवाई अड्डों का निर्माण या उन्नयन किया गया है।
-प्रधानमंत्री ने कहा कि उद्योग के लिए सरकारी मंजूरी की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए कदम उठाए गए है, अर्थव्यवस्था में निवेश तथा उद्योग एवं कारोबार के लिए और उपयुक्त माहौल बना।
-बिजली उत्पादन बढ़ाने के लिए अपर्याप्त कोयला आपूर्ति अहम समस्या बन गई थी। इसे काफी हद तक दूर किया गया है।
-आने वाले महीनों में सरकार कई नई आधारभूत संरचना परियोजनाओं पर काम शुरू करेगी। इसमें दो नए बंदरगाह, आठ नए हवाई अड्डे, नए औद्योगिक कारिडोर और रेल परियोजनाएं शामिल हैं।टिप्पणियां
-उन्होंने कहा कि जल्द ही एक नई योजना शुरू की जाएगी, जिसके तहत नया कौशल सफलतापूर्वक हासिल करने वालों को 10 हजार रुपये का अनुदान मिलेगा। इससे तहत अगले 12 महीनों में 10 लाख युवा पुरु, और महिलाएं लाभान्वित होंगे।
-पिछले दशक में लम्बी दूरी तय की, लेकिन अभी काफी कुछ किया जाना शेष है। हमने बदलाव की जो शुरुआत की है, वह जारी रहेगी।
-बिहार जैसी मध्याह्न भोजन त्रासदी देश के किसी भी हिस्से में नहीं दोहरायी जानी चाहिए।
-मध्याह्न भोजन योजना में सुधार किया जाएगा। हमारे बच्चों को प्रदान किया जाने वाला भोजन न केवल पोषक हो बल्कि इसे साफ सफाई के साथ पकाया जाना चाहिए।
-उन्होंने कहा कि गरीबी का आकलन करना कठिन कार्य है। गरीबी के आयामों के बारे में अलग अलग विचार हैं। चाहे हम कोई भी परिभाषा अपनाएं, लेकिन इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि 2004 के बाद से गरीबी की रफ्तार कम हुई है।
-अर्थव्यवस्था में मंदी लम्बे समय तक जारी नहीं रहेगी। पिछले नौ वर्षों में अर्थव्यवस्था का 7.9 प्रतिशत औसत वार्षिक दर से विकास हुआ है। विकास की यह दर किसी भी दशक में सर्वाधिक है।
-सरकार अर्थव्यवस्था में मंदी की स्थिति को बदलने के लिए कठिन परिश्रम कर रही है।
-पिछले नौ वर्ष में सड़क, रेलवे, बिजली, नागर विमानन, बंदरगाह और दूरसंचार जैसे आधारभूत संरचना के क्षेत्रों में अच्छी प्रगति हुई है।
-प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत गांवों को जोड़ने के लिए करीब 2 लाख किलोमीटर सड़क का निर्माण किया गया है। 37 हजार किलोमीटर से अधिक नई सड़कों का निर्माण किया गया है। 40 से अधिक हवाई अड्डों का निर्माण या उन्नयन किया गया है।
-प्रधानमंत्री ने कहा कि उद्योग के लिए सरकारी मंजूरी की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए कदम उठाए गए है, अर्थव्यवस्था में निवेश तथा उद्योग एवं कारोबार के लिए और उपयुक्त माहौल बना।
-बिजली उत्पादन बढ़ाने के लिए अपर्याप्त कोयला आपूर्ति अहम समस्या बन गई थी। इसे काफी हद तक दूर किया गया है।
-आने वाले महीनों में सरकार कई नई आधारभूत संरचना परियोजनाओं पर काम शुरू करेगी। इसमें दो नए बंदरगाह, आठ नए हवाई अड्डे, नए औद्योगिक कारिडोर और रेल परियोजनाएं शामिल हैं।टिप्पणियां
-उन्होंने कहा कि जल्द ही एक नई योजना शुरू की जाएगी, जिसके तहत नया कौशल सफलतापूर्वक हासिल करने वालों को 10 हजार रुपये का अनुदान मिलेगा। इससे तहत अगले 12 महीनों में 10 लाख युवा पुरु, और महिलाएं लाभान्वित होंगे।
-पिछले दशक में लम्बी दूरी तय की, लेकिन अभी काफी कुछ किया जाना शेष है। हमने बदलाव की जो शुरुआत की है, वह जारी रहेगी।
-मध्याह्न भोजन योजना में सुधार किया जाएगा। हमारे बच्चों को प्रदान किया जाने वाला भोजन न केवल पोषक हो बल्कि इसे साफ सफाई के साथ पकाया जाना चाहिए।
-उन्होंने कहा कि गरीबी का आकलन करना कठिन कार्य है। गरीबी के आयामों के बारे में अलग अलग विचार हैं। चाहे हम कोई भी परिभाषा अपनाएं, लेकिन इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि 2004 के बाद से गरीबी की रफ्तार कम हुई है।
-अर्थव्यवस्था में मंदी लम्बे समय तक जारी नहीं रहेगी। पिछले नौ वर्षों में अर्थव्यवस्था का 7.9 प्रतिशत औसत वार्षिक दर से विकास हुआ है। विकास की यह दर किसी भी दशक में सर्वाधिक है।
-सरकार अर्थव्यवस्था में मंदी की स्थिति को बदलने के लिए कठिन परिश्रम कर रही है।
-पिछले नौ वर्ष में सड़क, रेलवे, बिजली, नागर विमानन, बंदरगाह और दूरसंचार जैसे आधारभूत संरचना के क्षेत्रों में अच्छी प्रगति हुई है।
-प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत गांवों को जोड़ने के लिए करीब 2 लाख किलोमीटर सड़क का निर्माण किया गया है। 37 हजार किलोमीटर से अधिक नई सड़कों का निर्माण किया गया है। 40 से अधिक हवाई अड्डों का निर्माण या उन्नयन किया गया है।
-प्रधानमंत्री ने कहा कि उद्योग के लिए सरकारी मंजूरी की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए कदम उठाए गए है, अर्थव्यवस्था में निवेश तथा उद्योग एवं कारोबार के लिए और उपयुक्त माहौल बना।
-बिजली उत्पादन बढ़ाने के लिए अपर्याप्त कोयला आपूर्ति अहम समस्या बन गई थी। इसे काफी हद तक दूर किया गया है।
-आने वाले महीनों में सरकार कई नई आधारभूत संरचना परियोजनाओं पर काम शुरू करेगी। इसमें दो नए बंदरगाह, आठ नए हवाई अड्डे, नए औद्योगिक कारिडोर और रेल परियोजनाएं शामिल हैं।टिप्पणियां
-उन्होंने कहा कि जल्द ही एक नई योजना शुरू की जाएगी, जिसके तहत नया कौशल सफलतापूर्वक हासिल करने वालों को 10 हजार रुपये का अनुदान मिलेगा। इससे तहत अगले 12 महीनों में 10 लाख युवा पुरु, और महिलाएं लाभान्वित होंगे।
-पिछले दशक में लम्बी दूरी तय की, लेकिन अभी काफी कुछ किया जाना शेष है। हमने बदलाव की जो शुरुआत की है, वह जारी रहेगी।
-उन्होंने कहा कि गरीबी का आकलन करना कठिन कार्य है। गरीबी के आयामों के बारे में अलग अलग विचार हैं। चाहे हम कोई भी परिभाषा अपनाएं, लेकिन इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि 2004 के बाद से गरीबी की रफ्तार कम हुई है।
-अर्थव्यवस्था में मंदी लम्बे समय तक जारी नहीं रहेगी। पिछले नौ वर्षों में अर्थव्यवस्था का 7.9 प्रतिशत औसत वार्षिक दर से विकास हुआ है। विकास की यह दर किसी भी दशक में सर्वाधिक है।
-सरकार अर्थव्यवस्था में मंदी की स्थिति को बदलने के लिए कठिन परिश्रम कर रही है।
-पिछले नौ वर्ष में सड़क, रेलवे, बिजली, नागर विमानन, बंदरगाह और दूरसंचार जैसे आधारभूत संरचना के क्षेत्रों में अच्छी प्रगति हुई है।
-प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत गांवों को जोड़ने के लिए करीब 2 लाख किलोमीटर सड़क का निर्माण किया गया है। 37 हजार किलोमीटर से अधिक नई सड़कों का निर्माण किया गया है। 40 से अधिक हवाई अड्डों का निर्माण या उन्नयन किया गया है।
-प्रधानमंत्री ने कहा कि उद्योग के लिए सरकारी मंजूरी की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए कदम उठाए गए है, अर्थव्यवस्था में निवेश तथा उद्योग एवं कारोबार के लिए और उपयुक्त माहौल बना।
-बिजली उत्पादन बढ़ाने के लिए अपर्याप्त कोयला आपूर्ति अहम समस्या बन गई थी। इसे काफी हद तक दूर किया गया है।
-आने वाले महीनों में सरकार कई नई आधारभूत संरचना परियोजनाओं पर काम शुरू करेगी। इसमें दो नए बंदरगाह, आठ नए हवाई अड्डे, नए औद्योगिक कारिडोर और रेल परियोजनाएं शामिल हैं।टिप्पणियां
-उन्होंने कहा कि जल्द ही एक नई योजना शुरू की जाएगी, जिसके तहत नया कौशल सफलतापूर्वक हासिल करने वालों को 10 हजार रुपये का अनुदान मिलेगा। इससे तहत अगले 12 महीनों में 10 लाख युवा पुरु, और महिलाएं लाभान्वित होंगे।
-पिछले दशक में लम्बी दूरी तय की, लेकिन अभी काफी कुछ किया जाना शेष है। हमने बदलाव की जो शुरुआत की है, वह जारी रहेगी।
-अर्थव्यवस्था में मंदी लम्बे समय तक जारी नहीं रहेगी। पिछले नौ वर्षों में अर्थव्यवस्था का 7.9 प्रतिशत औसत वार्षिक दर से विकास हुआ है। विकास की यह दर किसी भी दशक में सर्वाधिक है।
-सरकार अर्थव्यवस्था में मंदी की स्थिति को बदलने के लिए कठिन परिश्रम कर रही है।
-पिछले नौ वर्ष में सड़क, रेलवे, बिजली, नागर विमानन, बंदरगाह और दूरसंचार जैसे आधारभूत संरचना के क्षेत्रों में अच्छी प्रगति हुई है।
-प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत गांवों को जोड़ने के लिए करीब 2 लाख किलोमीटर सड़क का निर्माण किया गया है। 37 हजार किलोमीटर से अधिक नई सड़कों का निर्माण किया गया है। 40 से अधिक हवाई अड्डों का निर्माण या उन्नयन किया गया है।
-प्रधानमंत्री ने कहा कि उद्योग के लिए सरकारी मंजूरी की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए कदम उठाए गए है, अर्थव्यवस्था में निवेश तथा उद्योग एवं कारोबार के लिए और उपयुक्त माहौल बना।
-बिजली उत्पादन बढ़ाने के लिए अपर्याप्त कोयला आपूर्ति अहम समस्या बन गई थी। इसे काफी हद तक दूर किया गया है।
-आने वाले महीनों में सरकार कई नई आधारभूत संरचना परियोजनाओं पर काम शुरू करेगी। इसमें दो नए बंदरगाह, आठ नए हवाई अड्डे, नए औद्योगिक कारिडोर और रेल परियोजनाएं शामिल हैं।टिप्पणियां
-उन्होंने कहा कि जल्द ही एक नई योजना शुरू की जाएगी, जिसके तहत नया कौशल सफलतापूर्वक हासिल करने वालों को 10 हजार रुपये का अनुदान मिलेगा। इससे तहत अगले 12 महीनों में 10 लाख युवा पुरु, और महिलाएं लाभान्वित होंगे।
-पिछले दशक में लम्बी दूरी तय की, लेकिन अभी काफी कुछ किया जाना शेष है। हमने बदलाव की जो शुरुआत की है, वह जारी रहेगी।
-सरकार अर्थव्यवस्था में मंदी की स्थिति को बदलने के लिए कठिन परिश्रम कर रही है।
-पिछले नौ वर्ष में सड़क, रेलवे, बिजली, नागर विमानन, बंदरगाह और दूरसंचार जैसे आधारभूत संरचना के क्षेत्रों में अच्छी प्रगति हुई है।
-प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत गांवों को जोड़ने के लिए करीब 2 लाख किलोमीटर सड़क का निर्माण किया गया है। 37 हजार किलोमीटर से अधिक नई सड़कों का निर्माण किया गया है। 40 से अधिक हवाई अड्डों का निर्माण या उन्नयन किया गया है।
-प्रधानमंत्री ने कहा कि उद्योग के लिए सरकारी मंजूरी की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए कदम उठाए गए है, अर्थव्यवस्था में निवेश तथा उद्योग एवं कारोबार के लिए और उपयुक्त माहौल बना।
-बिजली उत्पादन बढ़ाने के लिए अपर्याप्त कोयला आपूर्ति अहम समस्या बन गई थी। इसे काफी हद तक दूर किया गया है।
-आने वाले महीनों में सरकार कई नई आधारभूत संरचना परियोजनाओं पर काम शुरू करेगी। इसमें दो नए बंदरगाह, आठ नए हवाई अड्डे, नए औद्योगिक कारिडोर और रेल परियोजनाएं शामिल हैं।टिप्पणियां
-उन्होंने कहा कि जल्द ही एक नई योजना शुरू की जाएगी, जिसके तहत नया कौशल सफलतापूर्वक हासिल करने वालों को 10 हजार रुपये का अनुदान मिलेगा। इससे तहत अगले 12 महीनों में 10 लाख युवा पुरु, और महिलाएं लाभान्वित होंगे।
-पिछले दशक में लम्बी दूरी तय की, लेकिन अभी काफी कुछ किया जाना शेष है। हमने बदलाव की जो शुरुआत की है, वह जारी रहेगी।
-पिछले नौ वर्ष में सड़क, रेलवे, बिजली, नागर विमानन, बंदरगाह और दूरसंचार जैसे आधारभूत संरचना के क्षेत्रों में अच्छी प्रगति हुई है।
-प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत गांवों को जोड़ने के लिए करीब 2 लाख किलोमीटर सड़क का निर्माण किया गया है। 37 हजार किलोमीटर से अधिक नई सड़कों का निर्माण किया गया है। 40 से अधिक हवाई अड्डों का निर्माण या उन्नयन किया गया है।
-प्रधानमंत्री ने कहा कि उद्योग के लिए सरकारी मंजूरी की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए कदम उठाए गए है, अर्थव्यवस्था में निवेश तथा उद्योग एवं कारोबार के लिए और उपयुक्त माहौल बना।
-बिजली उत्पादन बढ़ाने के लिए अपर्याप्त कोयला आपूर्ति अहम समस्या बन गई थी। इसे काफी हद तक दूर किया गया है।
-आने वाले महीनों में सरकार कई नई आधारभूत संरचना परियोजनाओं पर काम शुरू करेगी। इसमें दो नए बंदरगाह, आठ नए हवाई अड्डे, नए औद्योगिक कारिडोर और रेल परियोजनाएं शामिल हैं।टिप्पणियां
-उन्होंने कहा कि जल्द ही एक नई योजना शुरू की जाएगी, जिसके तहत नया कौशल सफलतापूर्वक हासिल करने वालों को 10 हजार रुपये का अनुदान मिलेगा। इससे तहत अगले 12 महीनों में 10 लाख युवा पुरु, और महिलाएं लाभान्वित होंगे।
-पिछले दशक में लम्बी दूरी तय की, लेकिन अभी काफी कुछ किया जाना शेष है। हमने बदलाव की जो शुरुआत की है, वह जारी रहेगी।
-प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत गांवों को जोड़ने के लिए करीब 2 लाख किलोमीटर सड़क का निर्माण किया गया है। 37 हजार किलोमीटर से अधिक नई सड़कों का निर्माण किया गया है। 40 से अधिक हवाई अड्डों का निर्माण या उन्नयन किया गया है।
-प्रधानमंत्री ने कहा कि उद्योग के लिए सरकारी मंजूरी की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए कदम उठाए गए है, अर्थव्यवस्था में निवेश तथा उद्योग एवं कारोबार के लिए और उपयुक्त माहौल बना।
-बिजली उत्पादन बढ़ाने के लिए अपर्याप्त कोयला आपूर्ति अहम समस्या बन गई थी। इसे काफी हद तक दूर किया गया है।
-आने वाले महीनों में सरकार कई नई आधारभूत संरचना परियोजनाओं पर काम शुरू करेगी। इसमें दो नए बंदरगाह, आठ नए हवाई अड्डे, नए औद्योगिक कारिडोर और रेल परियोजनाएं शामिल हैं।टिप्पणियां
-उन्होंने कहा कि जल्द ही एक नई योजना शुरू की जाएगी, जिसके तहत नया कौशल सफलतापूर्वक हासिल करने वालों को 10 हजार रुपये का अनुदान मिलेगा। इससे तहत अगले 12 महीनों में 10 लाख युवा पुरु, और महिलाएं लाभान्वित होंगे।
-पिछले दशक में लम्बी दूरी तय की, लेकिन अभी काफी कुछ किया जाना शेष है। हमने बदलाव की जो शुरुआत की है, वह जारी रहेगी।
-प्रधानमंत्री ने कहा कि उद्योग के लिए सरकारी मंजूरी की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए कदम उठाए गए है, अर्थव्यवस्था में निवेश तथा उद्योग एवं कारोबार के लिए और उपयुक्त माहौल बना।
-बिजली उत्पादन बढ़ाने के लिए अपर्याप्त कोयला आपूर्ति अहम समस्या बन गई थी। इसे काफी हद तक दूर किया गया है।
-आने वाले महीनों में सरकार कई नई आधारभूत संरचना परियोजनाओं पर काम शुरू करेगी। इसमें दो नए बंदरगाह, आठ नए हवाई अड्डे, नए औद्योगिक कारिडोर और रेल परियोजनाएं शामिल हैं।टिप्पणियां
-उन्होंने कहा कि जल्द ही एक नई योजना शुरू की जाएगी, जिसके तहत नया कौशल सफलतापूर्वक हासिल करने वालों को 10 हजार रुपये का अनुदान मिलेगा। इससे तहत अगले 12 महीनों में 10 लाख युवा पुरु, और महिलाएं लाभान्वित होंगे।
-पिछले दशक में लम्बी दूरी तय की, लेकिन अभी काफी कुछ किया जाना शेष है। हमने बदलाव की जो शुरुआत की है, वह जारी रहेगी।
-बिजली उत्पादन बढ़ाने के लिए अपर्याप्त कोयला आपूर्ति अहम समस्या बन गई थी। इसे काफी हद तक दूर किया गया है।
-आने वाले महीनों में सरकार कई नई आधारभूत संरचना परियोजनाओं पर काम शुरू करेगी। इसमें दो नए बंदरगाह, आठ नए हवाई अड्डे, नए औद्योगिक कारिडोर और रेल परियोजनाएं शामिल हैं।टिप्पणियां
-उन्होंने कहा कि जल्द ही एक नई योजना शुरू की जाएगी, जिसके तहत नया कौशल सफलतापूर्वक हासिल करने वालों को 10 हजार रुपये का अनुदान मिलेगा। इससे तहत अगले 12 महीनों में 10 लाख युवा पुरु, और महिलाएं लाभान्वित होंगे।
-पिछले दशक में लम्बी दूरी तय की, लेकिन अभी काफी कुछ किया जाना शेष है। हमने बदलाव की जो शुरुआत की है, वह जारी रहेगी।
-आने वाले महीनों में सरकार कई नई आधारभूत संरचना परियोजनाओं पर काम शुरू करेगी। इसमें दो नए बंदरगाह, आठ नए हवाई अड्डे, नए औद्योगिक कारिडोर और रेल परियोजनाएं शामिल हैं।टिप्पणियां
-उन्होंने कहा कि जल्द ही एक नई योजना शुरू की जाएगी, जिसके तहत नया कौशल सफलतापूर्वक हासिल करने वालों को 10 हजार रुपये का अनुदान मिलेगा। इससे तहत अगले 12 महीनों में 10 लाख युवा पुरु, और महिलाएं लाभान्वित होंगे।
-पिछले दशक में लम्बी दूरी तय की, लेकिन अभी काफी कुछ किया जाना शेष है। हमने बदलाव की जो शुरुआत की है, वह जारी रहेगी।
-उन्होंने कहा कि जल्द ही एक नई योजना शुरू की जाएगी, जिसके तहत नया कौशल सफलतापूर्वक हासिल करने वालों को 10 हजार रुपये का अनुदान मिलेगा। इससे तहत अगले 12 महीनों में 10 लाख युवा पुरु, और महिलाएं लाभान्वित होंगे।
-पिछले दशक में लम्बी दूरी तय की, लेकिन अभी काफी कुछ किया जाना शेष है। हमने बदलाव की जो शुरुआत की है, वह जारी रहेगी।
-पिछले दशक में लम्बी दूरी तय की, लेकिन अभी काफी कुछ किया जाना शेष है। हमने बदलाव की जो शुरुआत की है, वह जारी रहेगी। | यह एक सारांश है: प्रधानमंत्री ने एक दुर्घटना में नौसेना की अग्रणी पनडुब्बी आईएनएस सिंधुरक्षक के नष्ट होने पर दुख जताया जिसमें 18 नौसैनिकों के मारे जाने की आशंका है। | 2 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: वरिष्ठ वकील और भारतीय जनता पार्टी के नेता राम जेठमलानी पार्टी को पार्टी निष्कासित कर सकती है। सूत्रों के अनुसार, लालकृष्ण आडवाणी के कमरे पर भाजपा संसदीय बोर्ड की बैठक के दौरान यह फैसला लिया गया है। इस बैठक में सुषमा स्वराज, अनंत कुमार, अरुण जेटली और खुद पार्टी प्रमुख राजनाथ सिंह मौजूद थे।
बतया जा रहा है कि बुधवार को कर्नाटक चुनाव के फैसले के बाद पार्टी इस बारे में अंतिम निर्णय लेले। कहा जा रहा है कि पार्टी प्रमुख राजनाथ सिंह संसदीय बोर्ड के अन्य सदस्य नरेंद्र मोदी, नितिन गडकरी और थावरचंद गहलोत से भी इस मुद्दे पर बातचीत कर सकते हैं।
राम जेठमलानी अपनी पार्टी नेतृत्व के खिलाफ पहले भी कई बार नाराजगी व्यक्त कर चुके हैं। नरेंद्र मोदी की प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी को लेकर उनके समर्थन में जेठमलानी काफी मुखर रहे हैं। अब सीबीआई निदेशक रंजीत सिन्हा की नियुक्ति के मसले पर बयान देकर जेठमलानी अपनी ही पार्टी के लिए गले की फांस बन गए हैं।टिप्पणियां
बता दें कि पिछले साल 25 नवंबर को राम जेठमलानी को पार्टी से निलंबित कर दिया गया था। यह निलंबन राम जेठमलानी के उस बयान के बाद किया गया था, जिसमें उन्होंने सीबीआई निदेशक की नियुक्ति को जायज ठहराया था। इसके अलावा उन्होंने पार्टी नेतृत्व को कार्रवाई करने की चुनौती तक दे डाली थी।
जेठमलानी ने सीबीआई निदेशक रंजीत सिन्हा की नियुक्ति की आलोचना करने के लिए अपनी ही पार्टी पर हमला बोला था। इस वरिष्ठ वकील ने पूर्ति समूह में वित्तीय अनियमितता के मामले सामने आने के बाद पार्टी के पूर्व अध्यक्ष नितिन गडकारी पर भी निशाना साधा था।
बतया जा रहा है कि बुधवार को कर्नाटक चुनाव के फैसले के बाद पार्टी इस बारे में अंतिम निर्णय लेले। कहा जा रहा है कि पार्टी प्रमुख राजनाथ सिंह संसदीय बोर्ड के अन्य सदस्य नरेंद्र मोदी, नितिन गडकरी और थावरचंद गहलोत से भी इस मुद्दे पर बातचीत कर सकते हैं।
राम जेठमलानी अपनी पार्टी नेतृत्व के खिलाफ पहले भी कई बार नाराजगी व्यक्त कर चुके हैं। नरेंद्र मोदी की प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी को लेकर उनके समर्थन में जेठमलानी काफी मुखर रहे हैं। अब सीबीआई निदेशक रंजीत सिन्हा की नियुक्ति के मसले पर बयान देकर जेठमलानी अपनी ही पार्टी के लिए गले की फांस बन गए हैं।टिप्पणियां
बता दें कि पिछले साल 25 नवंबर को राम जेठमलानी को पार्टी से निलंबित कर दिया गया था। यह निलंबन राम जेठमलानी के उस बयान के बाद किया गया था, जिसमें उन्होंने सीबीआई निदेशक की नियुक्ति को जायज ठहराया था। इसके अलावा उन्होंने पार्टी नेतृत्व को कार्रवाई करने की चुनौती तक दे डाली थी।
जेठमलानी ने सीबीआई निदेशक रंजीत सिन्हा की नियुक्ति की आलोचना करने के लिए अपनी ही पार्टी पर हमला बोला था। इस वरिष्ठ वकील ने पूर्ति समूह में वित्तीय अनियमितता के मामले सामने आने के बाद पार्टी के पूर्व अध्यक्ष नितिन गडकारी पर भी निशाना साधा था।
राम जेठमलानी अपनी पार्टी नेतृत्व के खिलाफ पहले भी कई बार नाराजगी व्यक्त कर चुके हैं। नरेंद्र मोदी की प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी को लेकर उनके समर्थन में जेठमलानी काफी मुखर रहे हैं। अब सीबीआई निदेशक रंजीत सिन्हा की नियुक्ति के मसले पर बयान देकर जेठमलानी अपनी ही पार्टी के लिए गले की फांस बन गए हैं।टिप्पणियां
बता दें कि पिछले साल 25 नवंबर को राम जेठमलानी को पार्टी से निलंबित कर दिया गया था। यह निलंबन राम जेठमलानी के उस बयान के बाद किया गया था, जिसमें उन्होंने सीबीआई निदेशक की नियुक्ति को जायज ठहराया था। इसके अलावा उन्होंने पार्टी नेतृत्व को कार्रवाई करने की चुनौती तक दे डाली थी।
जेठमलानी ने सीबीआई निदेशक रंजीत सिन्हा की नियुक्ति की आलोचना करने के लिए अपनी ही पार्टी पर हमला बोला था। इस वरिष्ठ वकील ने पूर्ति समूह में वित्तीय अनियमितता के मामले सामने आने के बाद पार्टी के पूर्व अध्यक्ष नितिन गडकारी पर भी निशाना साधा था।
बता दें कि पिछले साल 25 नवंबर को राम जेठमलानी को पार्टी से निलंबित कर दिया गया था। यह निलंबन राम जेठमलानी के उस बयान के बाद किया गया था, जिसमें उन्होंने सीबीआई निदेशक की नियुक्ति को जायज ठहराया था। इसके अलावा उन्होंने पार्टी नेतृत्व को कार्रवाई करने की चुनौती तक दे डाली थी।
जेठमलानी ने सीबीआई निदेशक रंजीत सिन्हा की नियुक्ति की आलोचना करने के लिए अपनी ही पार्टी पर हमला बोला था। इस वरिष्ठ वकील ने पूर्ति समूह में वित्तीय अनियमितता के मामले सामने आने के बाद पार्टी के पूर्व अध्यक्ष नितिन गडकारी पर भी निशाना साधा था।
जेठमलानी ने सीबीआई निदेशक रंजीत सिन्हा की नियुक्ति की आलोचना करने के लिए अपनी ही पार्टी पर हमला बोला था। इस वरिष्ठ वकील ने पूर्ति समूह में वित्तीय अनियमितता के मामले सामने आने के बाद पार्टी के पूर्व अध्यक्ष नितिन गडकारी पर भी निशाना साधा था। | संक्षिप्त सारांश: वरिष्ठ वकील और भारतीय जनता पार्टी के नेता राम जेठमलानी पार्टी को पार्टी निष्कासित कर सकती है। सूत्रों के अनुसार, लालकृष्ण आडवाणी के कमरे पर भाजपा संसदीय बोर्ड की एक बैठक के दौरान यह फैसला लिया गया है। इस बैठक में सुषमा स्वराज, अनंत कुमार, अरुण जेटली और | 29 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: रेल मंत्री मुकुल राय ने रेल बजट में प्रस्तावित यात्री किराये में सामान्य श्रेणी से एसी-3 तक की श्रेणियों में की गई बढ़ोतरी को आज वापस लेने का ऐलान किया।
रेल बजट 2012-13 पर लोकसभा में हुई चर्चा के जवाब में राय ने सामान्य श्रेणी, उपनगरीय ट्रेनों के किरायों, शयनयान, एसी चेयरकार और एसी-3 टियर के किरायों में प्रस्तावित बढ़ोतरी को वापस लेने की घोषणा की।
रेल मंत्री ने रेलवे के लिए संसाधन जुटाने के उद्देश्य से आक्रामक अभियान चलाने की बात कही। साथ ही कहा कि रेलवे स्टेशनों एवं ट्रेनों में सुरक्षा तथा साफ सफाई को एजेंडे में शीर्ष पर रखा जाएगा।
गौरतलब है कि इस रेल बजट को पूर्व रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी ने पेश किया था, जिसमें सभी श्रेणियों के यात्री किरायों में बढ़ोतरी का प्रस्ताव किया गया था। तृणमूल कांग्रेस ने इस बढ़ोतरी का विरोध किया था और तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी के दबाव में त्रिवेदी को रेल मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। रेल बजट पर चर्चा की शुरुआत के दिन 20 मार्च की सुबह ही नए रेल मंत्री के रूप में राय को शपथ दिलाई गई और उन्होंने ही चर्चा का जवाब दिया।
राय ने कहा कि किराया बढ़ोतरी के प्रस्ताव से आम आदमी काफी गुस्से में है। इससे उनकी जेब पर भारी बोझ पड़ा है। ‘‘ मैं स्लीपर, उपनगरीय, एसी चेयरकार, सामान्य और एसी-3 टियर की किराया बढ़ोतरी वापस लेकर (आम आदमी को) राहत देना चाहता हूं। ’’ राय ने एसी-2 और एसी-1 के किरायों में प्रस्तावित बढ़ोतरी को वापस नहीं लिया। किराया वापसी के बड़े फैसले के साथ ही नए रेल मंत्री ने पूर्व मंत्री त्रिवेदी द्वारा पेश बजट में रेलवे बोर्ड के विस्तार के प्रस्ताव को भी फिलहाल रोक दिया है। त्रिवेदी ने बोर्ड में दो अतिरिक्त सदस्यों को शामिल करने का प्रस्ताव किया था। टिप्पणियां
रेल मंत्री ने आश्वासन दिया कि बिना फाटक वाली रेलवे क्रॉसिंगों पर होने वाली दुर्घटनाओं को देखते हुए वह समयबद्ध तरीके से ऐसे फाटकों को समाप्त करने का कदम उठाएंगे। उन्होंने कहा कि सुरक्षा श्रेणी के सभी रिक्त पदों को जल्द से जल्द भरा जाएगा और साथ ही निचले श्रेणी के कर्मचारियों एवं विकलांगों के रिक्त पदों को भरा जाएगा।
राय ने तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी की तारीफ करते हुए कहा कि रेल मंत्री के रूप में उन्होंने रेलवे के आधुनिकीकरण के लिए विजन-2020 पेश किया था। राय ने कहा कि वह विजन रेलवे के विकास का रोडमैप होगा। उन्होंने कहा, ‘‘ ममता ने समावेशी विकास की परिकल्पना की थी। मैं उसे सलाम करता हूं और वादा करता हूं कि आम आदमी के लिए उनके एजेंडे को आगे बढ़ाऊंगा। त्रिवेदी ने रेल बजट में उपनगरीय और सामान्य द्वितीय श्रेणी के किराये में दो पैसे प्रति किलोमीटर, मेल और एक्सप्रेस गाड़ियों के दूसरे सामान्य दर्जे के किराए में तीन पैसे प्रति किलोमीटर, शयनयान के लिए पांच पैसे प्रति किलोमीटर, एसी चेयरकार और एसी-3 के लिए 10 पैसे प्रति किलोमीटर, एसी-2 के लिए 15 पैसे प्रति किलोमीटर और एसी-1 के लिए 30 पैसे प्रति किलोमीटर किराया बढ़ोतरी का प्रस्ताव किया था।
रेल बजट 2012-13 पर लोकसभा में हुई चर्चा के जवाब में राय ने सामान्य श्रेणी, उपनगरीय ट्रेनों के किरायों, शयनयान, एसी चेयरकार और एसी-3 टियर के किरायों में प्रस्तावित बढ़ोतरी को वापस लेने की घोषणा की।
रेल मंत्री ने रेलवे के लिए संसाधन जुटाने के उद्देश्य से आक्रामक अभियान चलाने की बात कही। साथ ही कहा कि रेलवे स्टेशनों एवं ट्रेनों में सुरक्षा तथा साफ सफाई को एजेंडे में शीर्ष पर रखा जाएगा।
गौरतलब है कि इस रेल बजट को पूर्व रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी ने पेश किया था, जिसमें सभी श्रेणियों के यात्री किरायों में बढ़ोतरी का प्रस्ताव किया गया था। तृणमूल कांग्रेस ने इस बढ़ोतरी का विरोध किया था और तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी के दबाव में त्रिवेदी को रेल मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। रेल बजट पर चर्चा की शुरुआत के दिन 20 मार्च की सुबह ही नए रेल मंत्री के रूप में राय को शपथ दिलाई गई और उन्होंने ही चर्चा का जवाब दिया।
राय ने कहा कि किराया बढ़ोतरी के प्रस्ताव से आम आदमी काफी गुस्से में है। इससे उनकी जेब पर भारी बोझ पड़ा है। ‘‘ मैं स्लीपर, उपनगरीय, एसी चेयरकार, सामान्य और एसी-3 टियर की किराया बढ़ोतरी वापस लेकर (आम आदमी को) राहत देना चाहता हूं। ’’ राय ने एसी-2 और एसी-1 के किरायों में प्रस्तावित बढ़ोतरी को वापस नहीं लिया। किराया वापसी के बड़े फैसले के साथ ही नए रेल मंत्री ने पूर्व मंत्री त्रिवेदी द्वारा पेश बजट में रेलवे बोर्ड के विस्तार के प्रस्ताव को भी फिलहाल रोक दिया है। त्रिवेदी ने बोर्ड में दो अतिरिक्त सदस्यों को शामिल करने का प्रस्ताव किया था। टिप्पणियां
रेल मंत्री ने आश्वासन दिया कि बिना फाटक वाली रेलवे क्रॉसिंगों पर होने वाली दुर्घटनाओं को देखते हुए वह समयबद्ध तरीके से ऐसे फाटकों को समाप्त करने का कदम उठाएंगे। उन्होंने कहा कि सुरक्षा श्रेणी के सभी रिक्त पदों को जल्द से जल्द भरा जाएगा और साथ ही निचले श्रेणी के कर्मचारियों एवं विकलांगों के रिक्त पदों को भरा जाएगा।
राय ने तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी की तारीफ करते हुए कहा कि रेल मंत्री के रूप में उन्होंने रेलवे के आधुनिकीकरण के लिए विजन-2020 पेश किया था। राय ने कहा कि वह विजन रेलवे के विकास का रोडमैप होगा। उन्होंने कहा, ‘‘ ममता ने समावेशी विकास की परिकल्पना की थी। मैं उसे सलाम करता हूं और वादा करता हूं कि आम आदमी के लिए उनके एजेंडे को आगे बढ़ाऊंगा। त्रिवेदी ने रेल बजट में उपनगरीय और सामान्य द्वितीय श्रेणी के किराये में दो पैसे प्रति किलोमीटर, मेल और एक्सप्रेस गाड़ियों के दूसरे सामान्य दर्जे के किराए में तीन पैसे प्रति किलोमीटर, शयनयान के लिए पांच पैसे प्रति किलोमीटर, एसी चेयरकार और एसी-3 के लिए 10 पैसे प्रति किलोमीटर, एसी-2 के लिए 15 पैसे प्रति किलोमीटर और एसी-1 के लिए 30 पैसे प्रति किलोमीटर किराया बढ़ोतरी का प्रस्ताव किया था।
गौरतलब है कि इस रेल बजट को पूर्व रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी ने पेश किया था, जिसमें सभी श्रेणियों के यात्री किरायों में बढ़ोतरी का प्रस्ताव किया गया था। तृणमूल कांग्रेस ने इस बढ़ोतरी का विरोध किया था और तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी के दबाव में त्रिवेदी को रेल मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। रेल बजट पर चर्चा की शुरुआत के दिन 20 मार्च की सुबह ही नए रेल मंत्री के रूप में राय को शपथ दिलाई गई और उन्होंने ही चर्चा का जवाब दिया।
राय ने कहा कि किराया बढ़ोतरी के प्रस्ताव से आम आदमी काफी गुस्से में है। इससे उनकी जेब पर भारी बोझ पड़ा है। ‘‘ मैं स्लीपर, उपनगरीय, एसी चेयरकार, सामान्य और एसी-3 टियर की किराया बढ़ोतरी वापस लेकर (आम आदमी को) राहत देना चाहता हूं। ’’ राय ने एसी-2 और एसी-1 के किरायों में प्रस्तावित बढ़ोतरी को वापस नहीं लिया। किराया वापसी के बड़े फैसले के साथ ही नए रेल मंत्री ने पूर्व मंत्री त्रिवेदी द्वारा पेश बजट में रेलवे बोर्ड के विस्तार के प्रस्ताव को भी फिलहाल रोक दिया है। त्रिवेदी ने बोर्ड में दो अतिरिक्त सदस्यों को शामिल करने का प्रस्ताव किया था। टिप्पणियां
रेल मंत्री ने आश्वासन दिया कि बिना फाटक वाली रेलवे क्रॉसिंगों पर होने वाली दुर्घटनाओं को देखते हुए वह समयबद्ध तरीके से ऐसे फाटकों को समाप्त करने का कदम उठाएंगे। उन्होंने कहा कि सुरक्षा श्रेणी के सभी रिक्त पदों को जल्द से जल्द भरा जाएगा और साथ ही निचले श्रेणी के कर्मचारियों एवं विकलांगों के रिक्त पदों को भरा जाएगा।
राय ने तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी की तारीफ करते हुए कहा कि रेल मंत्री के रूप में उन्होंने रेलवे के आधुनिकीकरण के लिए विजन-2020 पेश किया था। राय ने कहा कि वह विजन रेलवे के विकास का रोडमैप होगा। उन्होंने कहा, ‘‘ ममता ने समावेशी विकास की परिकल्पना की थी। मैं उसे सलाम करता हूं और वादा करता हूं कि आम आदमी के लिए उनके एजेंडे को आगे बढ़ाऊंगा। त्रिवेदी ने रेल बजट में उपनगरीय और सामान्य द्वितीय श्रेणी के किराये में दो पैसे प्रति किलोमीटर, मेल और एक्सप्रेस गाड़ियों के दूसरे सामान्य दर्जे के किराए में तीन पैसे प्रति किलोमीटर, शयनयान के लिए पांच पैसे प्रति किलोमीटर, एसी चेयरकार और एसी-3 के लिए 10 पैसे प्रति किलोमीटर, एसी-2 के लिए 15 पैसे प्रति किलोमीटर और एसी-1 के लिए 30 पैसे प्रति किलोमीटर किराया बढ़ोतरी का प्रस्ताव किया था।
राय ने कहा कि किराया बढ़ोतरी के प्रस्ताव से आम आदमी काफी गुस्से में है। इससे उनकी जेब पर भारी बोझ पड़ा है। ‘‘ मैं स्लीपर, उपनगरीय, एसी चेयरकार, सामान्य और एसी-3 टियर की किराया बढ़ोतरी वापस लेकर (आम आदमी को) राहत देना चाहता हूं। ’’ राय ने एसी-2 और एसी-1 के किरायों में प्रस्तावित बढ़ोतरी को वापस नहीं लिया। किराया वापसी के बड़े फैसले के साथ ही नए रेल मंत्री ने पूर्व मंत्री त्रिवेदी द्वारा पेश बजट में रेलवे बोर्ड के विस्तार के प्रस्ताव को भी फिलहाल रोक दिया है। त्रिवेदी ने बोर्ड में दो अतिरिक्त सदस्यों को शामिल करने का प्रस्ताव किया था। टिप्पणियां
रेल मंत्री ने आश्वासन दिया कि बिना फाटक वाली रेलवे क्रॉसिंगों पर होने वाली दुर्घटनाओं को देखते हुए वह समयबद्ध तरीके से ऐसे फाटकों को समाप्त करने का कदम उठाएंगे। उन्होंने कहा कि सुरक्षा श्रेणी के सभी रिक्त पदों को जल्द से जल्द भरा जाएगा और साथ ही निचले श्रेणी के कर्मचारियों एवं विकलांगों के रिक्त पदों को भरा जाएगा।
राय ने तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी की तारीफ करते हुए कहा कि रेल मंत्री के रूप में उन्होंने रेलवे के आधुनिकीकरण के लिए विजन-2020 पेश किया था। राय ने कहा कि वह विजन रेलवे के विकास का रोडमैप होगा। उन्होंने कहा, ‘‘ ममता ने समावेशी विकास की परिकल्पना की थी। मैं उसे सलाम करता हूं और वादा करता हूं कि आम आदमी के लिए उनके एजेंडे को आगे बढ़ाऊंगा। त्रिवेदी ने रेल बजट में उपनगरीय और सामान्य द्वितीय श्रेणी के किराये में दो पैसे प्रति किलोमीटर, मेल और एक्सप्रेस गाड़ियों के दूसरे सामान्य दर्जे के किराए में तीन पैसे प्रति किलोमीटर, शयनयान के लिए पांच पैसे प्रति किलोमीटर, एसी चेयरकार और एसी-3 के लिए 10 पैसे प्रति किलोमीटर, एसी-2 के लिए 15 पैसे प्रति किलोमीटर और एसी-1 के लिए 30 पैसे प्रति किलोमीटर किराया बढ़ोतरी का प्रस्ताव किया था।
रेल मंत्री ने आश्वासन दिया कि बिना फाटक वाली रेलवे क्रॉसिंगों पर होने वाली दुर्घटनाओं को देखते हुए वह समयबद्ध तरीके से ऐसे फाटकों को समाप्त करने का कदम उठाएंगे। उन्होंने कहा कि सुरक्षा श्रेणी के सभी रिक्त पदों को जल्द से जल्द भरा जाएगा और साथ ही निचले श्रेणी के कर्मचारियों एवं विकलांगों के रिक्त पदों को भरा जाएगा।
राय ने तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी की तारीफ करते हुए कहा कि रेल मंत्री के रूप में उन्होंने रेलवे के आधुनिकीकरण के लिए विजन-2020 पेश किया था। राय ने कहा कि वह विजन रेलवे के विकास का रोडमैप होगा। उन्होंने कहा, ‘‘ ममता ने समावेशी विकास की परिकल्पना की थी। मैं उसे सलाम करता हूं और वादा करता हूं कि आम आदमी के लिए उनके एजेंडे को आगे बढ़ाऊंगा। त्रिवेदी ने रेल बजट में उपनगरीय और सामान्य द्वितीय श्रेणी के किराये में दो पैसे प्रति किलोमीटर, मेल और एक्सप्रेस गाड़ियों के दूसरे सामान्य दर्जे के किराए में तीन पैसे प्रति किलोमीटर, शयनयान के लिए पांच पैसे प्रति किलोमीटर, एसी चेयरकार और एसी-3 के लिए 10 पैसे प्रति किलोमीटर, एसी-2 के लिए 15 पैसे प्रति किलोमीटर और एसी-1 के लिए 30 पैसे प्रति किलोमीटर किराया बढ़ोतरी का प्रस्ताव किया था।
राय ने तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी की तारीफ करते हुए कहा कि रेल मंत्री के रूप में उन्होंने रेलवे के आधुनिकीकरण के लिए विजन-2020 पेश किया था। राय ने कहा कि वह विजन रेलवे के विकास का रोडमैप होगा। उन्होंने कहा, ‘‘ ममता ने समावेशी विकास की परिकल्पना की थी। मैं उसे सलाम करता हूं और वादा करता हूं कि आम आदमी के लिए उनके एजेंडे को आगे बढ़ाऊंगा। त्रिवेदी ने रेल बजट में उपनगरीय और सामान्य द्वितीय श्रेणी के किराये में दो पैसे प्रति किलोमीटर, मेल और एक्सप्रेस गाड़ियों के दूसरे सामान्य दर्जे के किराए में तीन पैसे प्रति किलोमीटर, शयनयान के लिए पांच पैसे प्रति किलोमीटर, एसी चेयरकार और एसी-3 के लिए 10 पैसे प्रति किलोमीटर, एसी-2 के लिए 15 पैसे प्रति किलोमीटर और एसी-1 के लिए 30 पैसे प्रति किलोमीटर किराया बढ़ोतरी का प्रस्ताव किया था। | संक्षिप्त पाठ: देश के नए रेलमंत्री मुकुल रॉय ने आज बजट में बढ़ाए गए जनरल, स्लीपर और थ्री-टियर एसी के बढ़े रेल किरायों को वापस लेने की घोषणा की। | 22 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मुख्य आर्थिक सलाहकार कौशिक बसु को उम्मीद है कि मार्च 2012 तक मुद्रास्फीति दर नरम होकर 6% पर आ जाएगी, हालांकि वह मानते हैं कि तुलनात्मक आधार की वजह से खाद्य मुद्रास्फीति उच्चस्तर पर बनी रहेगी। इंटरनेशनल ग्रोथ सेंटर द्वारा आयोजित एक संगोष्ठी में कहा, मुझे उम्मीद है कि मार्च 2012 तक मुख्य मुद्रास्फीति कम होकर 6 प्रतिशत के आसपास आ जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार को मुद्रास्फीति का चार प्रतिशत का लक्ष्य लेकर चलना चाहिए। थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित सकल मुद्रास्फीति जून महीने में एक महीने पहले के 9.06 प्रतिशत से बढकर 9.44 प्रतिशत हो गई। केवल इतना ही नहीं अप्रैल महीने के मुद्रास्फीति के संशोधित आंकड़े 8.66 प्रतिशत से उछलकर 9.74 प्रतिशत पर पहुंच गए। बसु ने कहा मुद्रास्फीति का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ने की प्रक्रिया में कुछ समय लगेगा, इस मामले में हमारी 4 प्रतिशत लक्ष्य की सिफारिश है। इस बीच दो जुलाई को समाप्त सप्ताह में खाद्य मुद्रास्फीति बढकर 8.31 प्रतिशत हो गई। इससे पिछले सप्ताह में यह 7.61 प्रतिशत पर थी। उल्लेखनीय है कि रिजर्व बैंक मुद्रास्फीति को काबू में रखने के लिए पिछले साल मार्च से दस बार नीतिगत ब्याज दरों में वृद्धि करता रहा है। | सारांश: मुख्य आर्थिक सलाहकार कौशिक बसु को उम्मीद है कि मार्च 2012 तक मुद्रास्फीति दर नरम होकर 6% पर आ जाएगी। | 20 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: रेलमंत्री पवन कुमार बंसल ने सोमवार को कहा कि इलाहाबाद रेलवे स्टेशन पर भगदड़ भारी भीड़ के कारण हुई, न कि फुट-ओवर ब्रिज या इसकी रेलिंग गिरने के कारण। उन्होंने यह भी कहा कि हालात का जायजा लेने के लिए वह इलाहाबाद जाएंगे, क्योंकि महाकुंभ मेले के तीन प्रमुख स्नान अब भी शेष हैं।
बंसल ने कहा, "मैं एक बार फिर कह रहा हूं कि न तो फुट-ओवर ब्रिज टूटा है और न रेलिंग ही टूटी है। रेलवे स्टेशन पर सभी इंतजाम किए गए थे।"
रेलमंत्री ने कहा कि इलाहाबाद रेलवे स्टेशन पर भगदड़ भारी भीड़ के कारण मची। प्रशासन प्लेटफॉर्म से यात्रियों की भीड़ हटा रहा है।
उन्होंने कहा, "रेलवे स्टेशन पर भारी भीड़ थी। यात्रियों ने बैरिकेड्स तोड़ दिए। फुट-ओवर ब्रिज पर हजारों लोग थे। ऐसी स्थिति में कुछ भी घट सकता है।"
उन्होंने रेलवे स्टेशन पर खराब इंतजाम से भी इंकार किया। बंसल ने कहा, "इंतजाम बेहतर थे। लोगों को उनके गंतव्य तक जाने की जानकारी देने के लिए रंगीन संकेतक बनाए गए थे। सभी इंतजाम किए गए थे।"
रेलमंत्री ने यह भी कहा कि स्थिति का जायजा लेने के लिए वह इलाहाबाद जाएंगे। उन्होंने कहा, "मैं रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष के साथ स्थिति का जायजा लेने और आने वाले दिनों की तैयारियों के सिलसिले में इलाहाबाद जा रहा हूं, क्योंकि अभी तीन प्रमुख स्नान शेष हैं।"
उन्होंने कहा कि रेलवे प्रशासन का पूरा ध्यान इलाहाबाद रेलवे स्टेशन से यात्रियों की भीड़ कम करने पर है। उन्होंने कहा, "मैंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और राज्यपाल बीएल जोशी से बात की है। अब भी इलाहाबाद रेलवे स्टेशन पर भारी भीड़ है।"
बंसल ने कहा, "इलाहाबाद से रविवार से ही कई विशेष रेलगाड़ियां चल रही हैं। लोगों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए बुधवार तक 220 विशेष रेलगाड़ियां चलेंगी। हम और अधिक रेलगाड़ियों का प्रबंध करने की कोशिश कर रहे हैं।"टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि मृतकों एवं घायलों की सूची उत्तर मध्य रेलवे की वेबसाइट पर उपलब्ध है। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री की ओर से पीड़ितों के लिए जिस मुआवजा राशि की घोषणा की गई है, हम उसके अतिरिक्त एक लाख रुपये मृतकों के परिजनों को, 50,000 रुपये गम्भीर रूप से घायलों को और 25,000 रुपये मामूली रूप से घायल हुए लोगों को देंगे।"
बंसल ने कहा, "इसके अतिरिक्त हम इलाहाबाद आने-जाने की इच्छा रखने वाले पीड़ितों के परिजनों को वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी के पास दे रहे हैं।"
बंसल ने कहा, "मैं एक बार फिर कह रहा हूं कि न तो फुट-ओवर ब्रिज टूटा है और न रेलिंग ही टूटी है। रेलवे स्टेशन पर सभी इंतजाम किए गए थे।"
रेलमंत्री ने कहा कि इलाहाबाद रेलवे स्टेशन पर भगदड़ भारी भीड़ के कारण मची। प्रशासन प्लेटफॉर्म से यात्रियों की भीड़ हटा रहा है।
उन्होंने कहा, "रेलवे स्टेशन पर भारी भीड़ थी। यात्रियों ने बैरिकेड्स तोड़ दिए। फुट-ओवर ब्रिज पर हजारों लोग थे। ऐसी स्थिति में कुछ भी घट सकता है।"
उन्होंने रेलवे स्टेशन पर खराब इंतजाम से भी इंकार किया। बंसल ने कहा, "इंतजाम बेहतर थे। लोगों को उनके गंतव्य तक जाने की जानकारी देने के लिए रंगीन संकेतक बनाए गए थे। सभी इंतजाम किए गए थे।"
रेलमंत्री ने यह भी कहा कि स्थिति का जायजा लेने के लिए वह इलाहाबाद जाएंगे। उन्होंने कहा, "मैं रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष के साथ स्थिति का जायजा लेने और आने वाले दिनों की तैयारियों के सिलसिले में इलाहाबाद जा रहा हूं, क्योंकि अभी तीन प्रमुख स्नान शेष हैं।"
उन्होंने कहा कि रेलवे प्रशासन का पूरा ध्यान इलाहाबाद रेलवे स्टेशन से यात्रियों की भीड़ कम करने पर है। उन्होंने कहा, "मैंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और राज्यपाल बीएल जोशी से बात की है। अब भी इलाहाबाद रेलवे स्टेशन पर भारी भीड़ है।"
बंसल ने कहा, "इलाहाबाद से रविवार से ही कई विशेष रेलगाड़ियां चल रही हैं। लोगों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए बुधवार तक 220 विशेष रेलगाड़ियां चलेंगी। हम और अधिक रेलगाड़ियों का प्रबंध करने की कोशिश कर रहे हैं।"टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि मृतकों एवं घायलों की सूची उत्तर मध्य रेलवे की वेबसाइट पर उपलब्ध है। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री की ओर से पीड़ितों के लिए जिस मुआवजा राशि की घोषणा की गई है, हम उसके अतिरिक्त एक लाख रुपये मृतकों के परिजनों को, 50,000 रुपये गम्भीर रूप से घायलों को और 25,000 रुपये मामूली रूप से घायल हुए लोगों को देंगे।"
बंसल ने कहा, "इसके अतिरिक्त हम इलाहाबाद आने-जाने की इच्छा रखने वाले पीड़ितों के परिजनों को वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी के पास दे रहे हैं।"
रेलमंत्री ने कहा कि इलाहाबाद रेलवे स्टेशन पर भगदड़ भारी भीड़ के कारण मची। प्रशासन प्लेटफॉर्म से यात्रियों की भीड़ हटा रहा है।
उन्होंने कहा, "रेलवे स्टेशन पर भारी भीड़ थी। यात्रियों ने बैरिकेड्स तोड़ दिए। फुट-ओवर ब्रिज पर हजारों लोग थे। ऐसी स्थिति में कुछ भी घट सकता है।"
उन्होंने रेलवे स्टेशन पर खराब इंतजाम से भी इंकार किया। बंसल ने कहा, "इंतजाम बेहतर थे। लोगों को उनके गंतव्य तक जाने की जानकारी देने के लिए रंगीन संकेतक बनाए गए थे। सभी इंतजाम किए गए थे।"
रेलमंत्री ने यह भी कहा कि स्थिति का जायजा लेने के लिए वह इलाहाबाद जाएंगे। उन्होंने कहा, "मैं रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष के साथ स्थिति का जायजा लेने और आने वाले दिनों की तैयारियों के सिलसिले में इलाहाबाद जा रहा हूं, क्योंकि अभी तीन प्रमुख स्नान शेष हैं।"
उन्होंने कहा कि रेलवे प्रशासन का पूरा ध्यान इलाहाबाद रेलवे स्टेशन से यात्रियों की भीड़ कम करने पर है। उन्होंने कहा, "मैंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और राज्यपाल बीएल जोशी से बात की है। अब भी इलाहाबाद रेलवे स्टेशन पर भारी भीड़ है।"
बंसल ने कहा, "इलाहाबाद से रविवार से ही कई विशेष रेलगाड़ियां चल रही हैं। लोगों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए बुधवार तक 220 विशेष रेलगाड़ियां चलेंगी। हम और अधिक रेलगाड़ियों का प्रबंध करने की कोशिश कर रहे हैं।"टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि मृतकों एवं घायलों की सूची उत्तर मध्य रेलवे की वेबसाइट पर उपलब्ध है। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री की ओर से पीड़ितों के लिए जिस मुआवजा राशि की घोषणा की गई है, हम उसके अतिरिक्त एक लाख रुपये मृतकों के परिजनों को, 50,000 रुपये गम्भीर रूप से घायलों को और 25,000 रुपये मामूली रूप से घायल हुए लोगों को देंगे।"
बंसल ने कहा, "इसके अतिरिक्त हम इलाहाबाद आने-जाने की इच्छा रखने वाले पीड़ितों के परिजनों को वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी के पास दे रहे हैं।"
उन्होंने कहा, "रेलवे स्टेशन पर भारी भीड़ थी। यात्रियों ने बैरिकेड्स तोड़ दिए। फुट-ओवर ब्रिज पर हजारों लोग थे। ऐसी स्थिति में कुछ भी घट सकता है।"
उन्होंने रेलवे स्टेशन पर खराब इंतजाम से भी इंकार किया। बंसल ने कहा, "इंतजाम बेहतर थे। लोगों को उनके गंतव्य तक जाने की जानकारी देने के लिए रंगीन संकेतक बनाए गए थे। सभी इंतजाम किए गए थे।"
रेलमंत्री ने यह भी कहा कि स्थिति का जायजा लेने के लिए वह इलाहाबाद जाएंगे। उन्होंने कहा, "मैं रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष के साथ स्थिति का जायजा लेने और आने वाले दिनों की तैयारियों के सिलसिले में इलाहाबाद जा रहा हूं, क्योंकि अभी तीन प्रमुख स्नान शेष हैं।"
उन्होंने कहा कि रेलवे प्रशासन का पूरा ध्यान इलाहाबाद रेलवे स्टेशन से यात्रियों की भीड़ कम करने पर है। उन्होंने कहा, "मैंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और राज्यपाल बीएल जोशी से बात की है। अब भी इलाहाबाद रेलवे स्टेशन पर भारी भीड़ है।"
बंसल ने कहा, "इलाहाबाद से रविवार से ही कई विशेष रेलगाड़ियां चल रही हैं। लोगों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए बुधवार तक 220 विशेष रेलगाड़ियां चलेंगी। हम और अधिक रेलगाड़ियों का प्रबंध करने की कोशिश कर रहे हैं।"टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि मृतकों एवं घायलों की सूची उत्तर मध्य रेलवे की वेबसाइट पर उपलब्ध है। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री की ओर से पीड़ितों के लिए जिस मुआवजा राशि की घोषणा की गई है, हम उसके अतिरिक्त एक लाख रुपये मृतकों के परिजनों को, 50,000 रुपये गम्भीर रूप से घायलों को और 25,000 रुपये मामूली रूप से घायल हुए लोगों को देंगे।"
बंसल ने कहा, "इसके अतिरिक्त हम इलाहाबाद आने-जाने की इच्छा रखने वाले पीड़ितों के परिजनों को वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी के पास दे रहे हैं।"
उन्होंने रेलवे स्टेशन पर खराब इंतजाम से भी इंकार किया। बंसल ने कहा, "इंतजाम बेहतर थे। लोगों को उनके गंतव्य तक जाने की जानकारी देने के लिए रंगीन संकेतक बनाए गए थे। सभी इंतजाम किए गए थे।"
रेलमंत्री ने यह भी कहा कि स्थिति का जायजा लेने के लिए वह इलाहाबाद जाएंगे। उन्होंने कहा, "मैं रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष के साथ स्थिति का जायजा लेने और आने वाले दिनों की तैयारियों के सिलसिले में इलाहाबाद जा रहा हूं, क्योंकि अभी तीन प्रमुख स्नान शेष हैं।"
उन्होंने कहा कि रेलवे प्रशासन का पूरा ध्यान इलाहाबाद रेलवे स्टेशन से यात्रियों की भीड़ कम करने पर है। उन्होंने कहा, "मैंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और राज्यपाल बीएल जोशी से बात की है। अब भी इलाहाबाद रेलवे स्टेशन पर भारी भीड़ है।"
बंसल ने कहा, "इलाहाबाद से रविवार से ही कई विशेष रेलगाड़ियां चल रही हैं। लोगों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए बुधवार तक 220 विशेष रेलगाड़ियां चलेंगी। हम और अधिक रेलगाड़ियों का प्रबंध करने की कोशिश कर रहे हैं।"टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि मृतकों एवं घायलों की सूची उत्तर मध्य रेलवे की वेबसाइट पर उपलब्ध है। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री की ओर से पीड़ितों के लिए जिस मुआवजा राशि की घोषणा की गई है, हम उसके अतिरिक्त एक लाख रुपये मृतकों के परिजनों को, 50,000 रुपये गम्भीर रूप से घायलों को और 25,000 रुपये मामूली रूप से घायल हुए लोगों को देंगे।"
बंसल ने कहा, "इसके अतिरिक्त हम इलाहाबाद आने-जाने की इच्छा रखने वाले पीड़ितों के परिजनों को वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी के पास दे रहे हैं।"
रेलमंत्री ने यह भी कहा कि स्थिति का जायजा लेने के लिए वह इलाहाबाद जाएंगे। उन्होंने कहा, "मैं रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष के साथ स्थिति का जायजा लेने और आने वाले दिनों की तैयारियों के सिलसिले में इलाहाबाद जा रहा हूं, क्योंकि अभी तीन प्रमुख स्नान शेष हैं।"
उन्होंने कहा कि रेलवे प्रशासन का पूरा ध्यान इलाहाबाद रेलवे स्टेशन से यात्रियों की भीड़ कम करने पर है। उन्होंने कहा, "मैंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और राज्यपाल बीएल जोशी से बात की है। अब भी इलाहाबाद रेलवे स्टेशन पर भारी भीड़ है।"
बंसल ने कहा, "इलाहाबाद से रविवार से ही कई विशेष रेलगाड़ियां चल रही हैं। लोगों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए बुधवार तक 220 विशेष रेलगाड़ियां चलेंगी। हम और अधिक रेलगाड़ियों का प्रबंध करने की कोशिश कर रहे हैं।"टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि मृतकों एवं घायलों की सूची उत्तर मध्य रेलवे की वेबसाइट पर उपलब्ध है। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री की ओर से पीड़ितों के लिए जिस मुआवजा राशि की घोषणा की गई है, हम उसके अतिरिक्त एक लाख रुपये मृतकों के परिजनों को, 50,000 रुपये गम्भीर रूप से घायलों को और 25,000 रुपये मामूली रूप से घायल हुए लोगों को देंगे।"
बंसल ने कहा, "इसके अतिरिक्त हम इलाहाबाद आने-जाने की इच्छा रखने वाले पीड़ितों के परिजनों को वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी के पास दे रहे हैं।"
उन्होंने कहा कि रेलवे प्रशासन का पूरा ध्यान इलाहाबाद रेलवे स्टेशन से यात्रियों की भीड़ कम करने पर है। उन्होंने कहा, "मैंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और राज्यपाल बीएल जोशी से बात की है। अब भी इलाहाबाद रेलवे स्टेशन पर भारी भीड़ है।"
बंसल ने कहा, "इलाहाबाद से रविवार से ही कई विशेष रेलगाड़ियां चल रही हैं। लोगों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए बुधवार तक 220 विशेष रेलगाड़ियां चलेंगी। हम और अधिक रेलगाड़ियों का प्रबंध करने की कोशिश कर रहे हैं।"टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि मृतकों एवं घायलों की सूची उत्तर मध्य रेलवे की वेबसाइट पर उपलब्ध है। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री की ओर से पीड़ितों के लिए जिस मुआवजा राशि की घोषणा की गई है, हम उसके अतिरिक्त एक लाख रुपये मृतकों के परिजनों को, 50,000 रुपये गम्भीर रूप से घायलों को और 25,000 रुपये मामूली रूप से घायल हुए लोगों को देंगे।"
बंसल ने कहा, "इसके अतिरिक्त हम इलाहाबाद आने-जाने की इच्छा रखने वाले पीड़ितों के परिजनों को वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी के पास दे रहे हैं।"
बंसल ने कहा, "इलाहाबाद से रविवार से ही कई विशेष रेलगाड़ियां चल रही हैं। लोगों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए बुधवार तक 220 विशेष रेलगाड़ियां चलेंगी। हम और अधिक रेलगाड़ियों का प्रबंध करने की कोशिश कर रहे हैं।"टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि मृतकों एवं घायलों की सूची उत्तर मध्य रेलवे की वेबसाइट पर उपलब्ध है। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री की ओर से पीड़ितों के लिए जिस मुआवजा राशि की घोषणा की गई है, हम उसके अतिरिक्त एक लाख रुपये मृतकों के परिजनों को, 50,000 रुपये गम्भीर रूप से घायलों को और 25,000 रुपये मामूली रूप से घायल हुए लोगों को देंगे।"
बंसल ने कहा, "इसके अतिरिक्त हम इलाहाबाद आने-जाने की इच्छा रखने वाले पीड़ितों के परिजनों को वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी के पास दे रहे हैं।"
उन्होंने कहा कि मृतकों एवं घायलों की सूची उत्तर मध्य रेलवे की वेबसाइट पर उपलब्ध है। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री की ओर से पीड़ितों के लिए जिस मुआवजा राशि की घोषणा की गई है, हम उसके अतिरिक्त एक लाख रुपये मृतकों के परिजनों को, 50,000 रुपये गम्भीर रूप से घायलों को और 25,000 रुपये मामूली रूप से घायल हुए लोगों को देंगे।"
बंसल ने कहा, "इसके अतिरिक्त हम इलाहाबाद आने-जाने की इच्छा रखने वाले पीड़ितों के परिजनों को वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी के पास दे रहे हैं।"
बंसल ने कहा, "इसके अतिरिक्त हम इलाहाबाद आने-जाने की इच्छा रखने वाले पीड़ितों के परिजनों को वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी के पास दे रहे हैं।" | यह एक सारांश है: रेलमंत्री पवन कुमार बंसल ने सोमवार को कहा कि इलाहाबाद रेलवे स्टेशन पर भगदड़ भारी भीड़ के कारण हुई, न कि फुट-ओवर ब्रिज या इसकी रेलिंग गिरने के कारण। उन्होंने यह भी कहा कि हालात का जायजा लेने के लिए वह इलाहाबाद जाएंगे, क्योंकि महाकुंभ मेले के तीन प्रमुख स्न | 24 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: विश्व कप के आयोजकों ने फाइनल मैच की ऑनलाइन टिकट बुकिंग प्रणाली समाप्त कर दी है और अब इन्हें ऑनलाइन लॉटरी से बेचा जाएगा। आयोजकों ने यह फैसला मंगलवार को वेबसाइट के खराब हो जाने के कारण लिया। मंगलवार को 1000 टिकट बिक्री के लिए उपलब्ध थे, लेकिन इनमें से किसी की भी बिक्री नहीं हुई। भारतीय समयानुसार जब दोपहर बाद 1 बजे इस पर टिकटों की बिक्री शुरू हुई, तो भारी संख्या में लोगों के इसे खोलने के कारण वेबसाइट नहीं चल पाई। लाखों दर्शकों ने 2 अप्रैल को मुंबई के नवीनीकृत स्टेडियम में फाइनल देखने के लिए टिकट खरीदने की कोशिश की। टूर्नामेंट निदेशक रत्नाकर शेट्टी ने कहा कि आयोजन समिति अब ऑनलाइन बिक्री के लिए आवंटित 1000 टिकटों को लॉटरी से बेचेगी। उन्होंने कहा, हम तिथि और समय की घोषणा करेंगे कि कब टिकटों के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। इसके बाद ड्रॉ निकाला जाएगा और जो इसमें सफल रहेगा उससे ऑनलाइन टिकट खरीदने के लिए कहा जाएगा। हम यह भी सुनिश्चित करेंगे कि एक व्यक्ति दो से अधिक टिकट नहीं खरीद पाए। फाइनल के केवल 4500 टिकट ही आम जनता के लिए उपलब्ध हैं और इनमें से केवल 1000 ऑनलाइन बेचे जाएंगे। महाराष्ट्र क्रिकेट संघ ने आईसीसी को 8,500 टिकट दे दिए हैं और बाकी टिकट इसके क्लबों और क्रिकेट अधिकारियों में बांटे जाएंगे। | संक्षिप्त पाठ: विश्व कप के आयोजकों ने फाइनल मैच की ऑनलाइन टिकट बुकिंग प्रणाली समाप्त कर दी है और अब इन्हें ऑनलाइन लॉटरी से बेचा जाएगा। | 14 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिकी सीनेट की एक महत्वपूर्ण समिति द्वारा असद शासन के खिलाफ कार्रवाई को मंजूरी देने के बाद राष्ट्रपति बराक ओबामा की सीरिया पर सैन्य हमला शुरू करने की योजना की पहली बाधा दूर हो गई है।
सीनेट की विदेश संबंध समिति में दो दिन तक चली चर्चा के बाद प्रस्ताव के पक्ष में 10 और विपक्ष में सात मत पड़े।टिप्पणियां
युद्ध का यह प्रस्ताव अमेरिका को असद शासन की रासायनिक हथियारों की क्षमताओं को नष्ट करने के लक्ष्य के लिए 60 दिन का समय देता है, लेकिन यह वहां जमीनी स्तर पर सैनिकों को उतारने पर रोक लगाता है। पूरी सीनेट अगले सप्ताह इस पर चर्चा कर मतदान कर सकती है।
व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव जे कार्नी ने कहा, प्रस्ताव में सैन्य कार्रवाई के लिए दी गई अनुमति असद की रासायनिक हथियारों की क्षमता को नष्ट कर और भविष्य में इनके इस्तेमाल की संभावना को खत्म कर अमेरिका के राष्ट्रीय हितों की रक्षा करेगी हालांकि हमारी रणनीति वहां विपक्ष को मजबूत बनाकर सीरिया में राजनैतिक सत्ता हस्तांतरण को तीव्रता देना है। सदन की विदेश मामलों की समिति ने भी इस पर चर्चा शुरू कर दी और प्रतिनिधिसभा भी इस पर अगले सप्ताह मतदान कर सकती है।
सीनेट की विदेश संबंध समिति में दो दिन तक चली चर्चा के बाद प्रस्ताव के पक्ष में 10 और विपक्ष में सात मत पड़े।टिप्पणियां
युद्ध का यह प्रस्ताव अमेरिका को असद शासन की रासायनिक हथियारों की क्षमताओं को नष्ट करने के लक्ष्य के लिए 60 दिन का समय देता है, लेकिन यह वहां जमीनी स्तर पर सैनिकों को उतारने पर रोक लगाता है। पूरी सीनेट अगले सप्ताह इस पर चर्चा कर मतदान कर सकती है।
व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव जे कार्नी ने कहा, प्रस्ताव में सैन्य कार्रवाई के लिए दी गई अनुमति असद की रासायनिक हथियारों की क्षमता को नष्ट कर और भविष्य में इनके इस्तेमाल की संभावना को खत्म कर अमेरिका के राष्ट्रीय हितों की रक्षा करेगी हालांकि हमारी रणनीति वहां विपक्ष को मजबूत बनाकर सीरिया में राजनैतिक सत्ता हस्तांतरण को तीव्रता देना है। सदन की विदेश मामलों की समिति ने भी इस पर चर्चा शुरू कर दी और प्रतिनिधिसभा भी इस पर अगले सप्ताह मतदान कर सकती है।
युद्ध का यह प्रस्ताव अमेरिका को असद शासन की रासायनिक हथियारों की क्षमताओं को नष्ट करने के लक्ष्य के लिए 60 दिन का समय देता है, लेकिन यह वहां जमीनी स्तर पर सैनिकों को उतारने पर रोक लगाता है। पूरी सीनेट अगले सप्ताह इस पर चर्चा कर मतदान कर सकती है।
व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव जे कार्नी ने कहा, प्रस्ताव में सैन्य कार्रवाई के लिए दी गई अनुमति असद की रासायनिक हथियारों की क्षमता को नष्ट कर और भविष्य में इनके इस्तेमाल की संभावना को खत्म कर अमेरिका के राष्ट्रीय हितों की रक्षा करेगी हालांकि हमारी रणनीति वहां विपक्ष को मजबूत बनाकर सीरिया में राजनैतिक सत्ता हस्तांतरण को तीव्रता देना है। सदन की विदेश मामलों की समिति ने भी इस पर चर्चा शुरू कर दी और प्रतिनिधिसभा भी इस पर अगले सप्ताह मतदान कर सकती है।
व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव जे कार्नी ने कहा, प्रस्ताव में सैन्य कार्रवाई के लिए दी गई अनुमति असद की रासायनिक हथियारों की क्षमता को नष्ट कर और भविष्य में इनके इस्तेमाल की संभावना को खत्म कर अमेरिका के राष्ट्रीय हितों की रक्षा करेगी हालांकि हमारी रणनीति वहां विपक्ष को मजबूत बनाकर सीरिया में राजनैतिक सत्ता हस्तांतरण को तीव्रता देना है। सदन की विदेश मामलों की समिति ने भी इस पर चर्चा शुरू कर दी और प्रतिनिधिसभा भी इस पर अगले सप्ताह मतदान कर सकती है। | सारांश: अमेरिकी सीनेट की एक महत्वपूर्ण समिति द्वारा असद शासन के खिलाफ कार्रवाई को मंजूरी देने के बाद राष्ट्रपति बराक ओबामा की सीरिया पर सैन्य हमला शुरू करने की योजना की पहली बाधा दूर हो गई है। | 20 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दक्षिणी नेपाल अगले महीने देश की अब तक की सबसे विशाल समलैंगिक परेड का आयोजन करने जा रहा है। यह परेड सदियों पुराने गायजात्रा यानी गाय उत्सव के साथ ही आयोजित होगी। समलैंगिक अधिकारों संबंधी कार्यकर्ता और ब्ल्यू डायमंड सोसायटी के अध्यक्ष सुनील बाबू पांटा ने बताया कि 14 अगस्त को आयोजित होने वाले कार्यक्रम में हाथियों का जुलूस, सांस्कृतिक प्रतीक, नकाब पहने नृतक और संगीतमय कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह एक विशाल आयोजन होगा जिसमें देश के 40 जिलों से हजारों की संख्या में समलैंगिक भाग लेंगे। उन्होंने बताया, काठमांडू के बाहर यह पहली समलैंगिक परेड होगी। यह परेड गायजात्रा के समय संयोगवश आयोजित हो रही है। गायजात्रा में गायों को जुलूस की शक्ल में गलियों में इस उम्मीद के साथ ले जाया जाता है कि पूर्वजों की आत्मा को मोक्ष की प्राप्ति होगी। परेड का आयोजन चितवन में किया जाएगा, जो नारायणी नदी के किनारे बसा है और काठमांडू तथा पोखरा के बाद नेपाल का तीसरा पर्यटन स्थल है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: 14 अगस्त को कार्यक्रम में हाथियों का जुलूस, सांस्कृतिक प्रतीक, नकाब पहने नृतक और संगीतमय कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। | 3 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: तेज गेंदबाज इशांत शर्मा अपनी गेंदबाजी का पूरी ईमानदारी के साथ मंथन करने के बाद इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि वह लंबी अवधि की क्रिकेट की तरह सीमित ओवरों की क्रिकेट में अधिक प्रभावी नहीं हैं।
इशांत ने दो दिवसीय अभ्यास मैच के बाद बीसीसीआई.टीवी से कहा, 'आपको खुद के प्रति ईमानदार होना होगा। इससे आपको चीजों को स्वीकार करने में आसानी रहती है। मैं स्वीकार करता हूं कि मैंने छोटे प्रारूपों में अच्छा प्रदर्शन नहीं किया। लेकिन मैं टेस्ट मैचों में अच्छा प्रदर्शन कर रहा हूं और इसलिए मैं जानता हूं कि मेरे मजबूत पक्ष क्या हैं। अपने मजबूत पक्षों को समझना महत्वपूर्ण होता है।'
मजबूत पक्षों के बारे में इशांत ने कहा कि प्रत्येक खिलाड़ी में ये अलग-अलग तरह से होते हैं। अब तक 68 टेस्ट मैचों में 201 विकेट लेने वाले इशांत ने कहा, 'भुवी (भुवनेश्वर कुमार) का मजबूत पक्ष स्विंग है, लेकिन वह मेरी जैसी उछाल हासिल नहीं कर पाता। इसी तरह से मैं भुवी की तरह गेंद को स्विंग नहीं करा सकता हूं।'टिप्पणियां
इस तेज गेंदबाज ने कहा कि वह उमेश यादव, भुवनेश्वर और शार्दुल ठाकुर के साथ अपने अनुभव साझा कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'मैं अपने अनुभव साझा कर रहा हूं और उम्मीद है जिससे मुझे फायदा पहुंचा उससे उन्हें भी पहुंचेगा। लेकिन उन्हें भी अपने मजबूत पक्षों की पहचान करनी होगी।' (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इशांत ने दो दिवसीय अभ्यास मैच के बाद बीसीसीआई.टीवी से कहा, 'आपको खुद के प्रति ईमानदार होना होगा। इससे आपको चीजों को स्वीकार करने में आसानी रहती है। मैं स्वीकार करता हूं कि मैंने छोटे प्रारूपों में अच्छा प्रदर्शन नहीं किया। लेकिन मैं टेस्ट मैचों में अच्छा प्रदर्शन कर रहा हूं और इसलिए मैं जानता हूं कि मेरे मजबूत पक्ष क्या हैं। अपने मजबूत पक्षों को समझना महत्वपूर्ण होता है।'
मजबूत पक्षों के बारे में इशांत ने कहा कि प्रत्येक खिलाड़ी में ये अलग-अलग तरह से होते हैं। अब तक 68 टेस्ट मैचों में 201 विकेट लेने वाले इशांत ने कहा, 'भुवी (भुवनेश्वर कुमार) का मजबूत पक्ष स्विंग है, लेकिन वह मेरी जैसी उछाल हासिल नहीं कर पाता। इसी तरह से मैं भुवी की तरह गेंद को स्विंग नहीं करा सकता हूं।'टिप्पणियां
इस तेज गेंदबाज ने कहा कि वह उमेश यादव, भुवनेश्वर और शार्दुल ठाकुर के साथ अपने अनुभव साझा कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'मैं अपने अनुभव साझा कर रहा हूं और उम्मीद है जिससे मुझे फायदा पहुंचा उससे उन्हें भी पहुंचेगा। लेकिन उन्हें भी अपने मजबूत पक्षों की पहचान करनी होगी।' (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मजबूत पक्षों के बारे में इशांत ने कहा कि प्रत्येक खिलाड़ी में ये अलग-अलग तरह से होते हैं। अब तक 68 टेस्ट मैचों में 201 विकेट लेने वाले इशांत ने कहा, 'भुवी (भुवनेश्वर कुमार) का मजबूत पक्ष स्विंग है, लेकिन वह मेरी जैसी उछाल हासिल नहीं कर पाता। इसी तरह से मैं भुवी की तरह गेंद को स्विंग नहीं करा सकता हूं।'टिप्पणियां
इस तेज गेंदबाज ने कहा कि वह उमेश यादव, भुवनेश्वर और शार्दुल ठाकुर के साथ अपने अनुभव साझा कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'मैं अपने अनुभव साझा कर रहा हूं और उम्मीद है जिससे मुझे फायदा पहुंचा उससे उन्हें भी पहुंचेगा। लेकिन उन्हें भी अपने मजबूत पक्षों की पहचान करनी होगी।' (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इस तेज गेंदबाज ने कहा कि वह उमेश यादव, भुवनेश्वर और शार्दुल ठाकुर के साथ अपने अनुभव साझा कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'मैं अपने अनुभव साझा कर रहा हूं और उम्मीद है जिससे मुझे फायदा पहुंचा उससे उन्हें भी पहुंचेगा। लेकिन उन्हें भी अपने मजबूत पक्षों की पहचान करनी होगी।' (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | इशांत ने कहा- टेस्ट मैचों में अच्छा प्रदर्शन कर रहा हूं
'उमेश यादव, भुवनेश्वर और शार्दुल ठाकुर के साथ अनुभव साझा कर रहा हूं'
'भुवनेश्वर मेरी जैसी उछाल नहीं हासिल कर पाता है' | 34 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: पिछले बारह साल से लगातार सैकड़ों मील की दूरी तय कर वह उस उजड़ी और सुनसान जगह पर जाते हैं जहां उनका बेटा दुश्मनों से लोहा लेते हुए खेत हो गया था। वह ऐसा सिर्फ अपने शहीद बेटे को याद करने के लिए नहीं बल्कि उससे किए गए एक वादे को पूरा करने के लिए भी करते हैं। अपनी इस मूक श्रद्धांजलि के द्वारा सेवानिवृत्त कर्नल वीएन थापर कारगिल युद्ध में शहीद हुए अपने बहादुर बेटे कैप्टन विजयंत थापर से किए गए उस वादे को पूरा करते हैं जिसमें उनके बेटे ने जीवन के अंतिम क्षणों में कहा था कि अगर हो सके तो वह उस जगह आकर देखें जहां भारतीय सेना उनके और देश के भविष्य के लिए लड़ रही है। विजयंत भारतीय सेना के 2 राजपूताना राइफल्स में थे और कारगिल लड़ाई के वक्त उनकी तैनाती डर्टी डजन नामक उस बारह सदस्यीय दल में हुई थी जिसका काम बैटल ऑफ थ्री पिंपल्स के दौरान पहाड़ी पर कब्जा करना था। इसी युद्ध के दौरान बाईस वर्षीय विजयंत शहीद हो गए थे। वीएन थापर कहते हैं, जब विजयंत के कंपनी कमांडर मेजर पी आचार्य शहीद हो गए तो उसने कमांड अपने हाथ में ले ली। सेना में उसने सिर्फ छह महीने व्यतीत किए थे। वह उन अधिकारियों में था जो काफी कम उम्र में ही शहीद हो गए। | संक्षिप्त सारांश: पिछले बारह साल से लगातार सैकड़ों मील की दूरी तय कर वह उस उजड़ी और सुनसान जगह पर जाते हैं जहां उनका बेटा दुश्मनों से लोहा लेते हुए खेत हो गया था। | 29 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: सूत्रों ने कहा कि यह सवाल ''अपरिपक्व और अप्रासंगिक'' हैं कि बलूचिस्तान में भारत किसके साथ समन्वय करेगा और वह वहां क्या करेगा.टिप्पणियां
चीन के विदेश मंत्री वांगयि के साथ एनएसजी के मुद्दे पर गत सप्ताह यहां हुई चर्चाओं के बारे में सूत्रों ने कहा कि गत जून में सोल में 48 देशों के समूह की पूर्ण बैठक के बाद चीनी प्रतिनिधिमंडल के नेता जल्द ही भारत यात्रा पर आएंगे. सूत्रों ने कहा कि उनकी यात्रा के दौरान सभी संबंधित मुद्दों पर चर्चा की जाएगी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
चीन के विदेश मंत्री वांगयि के साथ एनएसजी के मुद्दे पर गत सप्ताह यहां हुई चर्चाओं के बारे में सूत्रों ने कहा कि गत जून में सोल में 48 देशों के समूह की पूर्ण बैठक के बाद चीनी प्रतिनिधिमंडल के नेता जल्द ही भारत यात्रा पर आएंगे. सूत्रों ने कहा कि उनकी यात्रा के दौरान सभी संबंधित मुद्दों पर चर्चा की जाएगी.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यह एक सारांश है: नवंबर में सार्क सम्मेलन इस्लामाबाद में आयोजित होगा
उसमें पीएम के जाने का मसला एक नीतिगत निर्णय होगा
हाल में कश्मीर मसले पर दोनों देशों के बीच गतिरोध बढ़ा | 24 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तराखण्ड में अगली सरकार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की बनेगी अथवा कांग्रेस की, इसे लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है।
70 सीटों वाली विधानसभा में भाजपा ने 31 और कांग्रेस ने 32 सीटें जीती हैं। बसपा ने तीन और तीन निर्दलीय भी चुनाव जीते हैं।
इसके अलावा त्रिवेंद्र सिंह पंवार के नेतृत्व वाला उत्तराखण्ड क्रांति दल ने एक सीट जीती है। एक बड़े उलटफेर के तहत मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी कोटद्वार से चुनाव हार गए हैं।
मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी कोटद्वार सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी एसएस नेगी से 4623 मतों से हार गए हैं।टिप्पणियां
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बिशन सिंह चुफल दीदीहाट से चुनाव जीत गए हैं। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस की रेवती जोशी को करीब 11 हजार मतों से हराया।
केंद्रीय संसदीय मामलों के राज्य मंत्री एवं कांग्रेस नेता हरीश रावत ने राज्य के पार्टी की सरकार बनने का विश्वास प्रकट किया है।
इसके अलावा त्रिवेंद्र सिंह पंवार के नेतृत्व वाला उत्तराखण्ड क्रांति दल ने एक सीट जीती है। एक बड़े उलटफेर के तहत मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी कोटद्वार से चुनाव हार गए हैं।
मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी कोटद्वार सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी एसएस नेगी से 4623 मतों से हार गए हैं।टिप्पणियां
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बिशन सिंह चुफल दीदीहाट से चुनाव जीत गए हैं। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस की रेवती जोशी को करीब 11 हजार मतों से हराया।
केंद्रीय संसदीय मामलों के राज्य मंत्री एवं कांग्रेस नेता हरीश रावत ने राज्य के पार्टी की सरकार बनने का विश्वास प्रकट किया है।
मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी कोटद्वार सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी एसएस नेगी से 4623 मतों से हार गए हैं।टिप्पणियां
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बिशन सिंह चुफल दीदीहाट से चुनाव जीत गए हैं। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस की रेवती जोशी को करीब 11 हजार मतों से हराया।
केंद्रीय संसदीय मामलों के राज्य मंत्री एवं कांग्रेस नेता हरीश रावत ने राज्य के पार्टी की सरकार बनने का विश्वास प्रकट किया है।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बिशन सिंह चुफल दीदीहाट से चुनाव जीत गए हैं। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस की रेवती जोशी को करीब 11 हजार मतों से हराया।
केंद्रीय संसदीय मामलों के राज्य मंत्री एवं कांग्रेस नेता हरीश रावत ने राज्य के पार्टी की सरकार बनने का विश्वास प्रकट किया है।
केंद्रीय संसदीय मामलों के राज्य मंत्री एवं कांग्रेस नेता हरीश रावत ने राज्य के पार्टी की सरकार बनने का विश्वास प्रकट किया है। | यह एक सारांश है: उत्तराखण्ड में अगली सरकार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की बनेगी अथवा कांग्रेस की, इसे लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है। | 9 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: यूरो ऋण संकट को लेकर बढ़ती चिंता के बीच बंबई शेयर बाजार में बिकवाली का जोर रहा जिससे संवेदी सूचकांक 111 अंक की गिरावट के साथ एक महीने के निचले स्तर 16,051 अंक तक पहुंच गया। यूरो ऋण संकट को लेकर एशियाई बाजारों में भी गिरावट का रुख रहा। बाजार में उपभोक्ता टिकाऊ सामान, धातु, रिफाइनरी, पूंजीगत सामान सहित विभिन्न वर्गों में बिकवाली का जोर रहा। एक समय तो ऐसा भी आया जब संवेदी सूचकांक 16,000 अंक से नीचे चला गया था। कारोबार की शुरुआत में 30 शेयरों वाला बीएसई संवेदी सूचकांक 16,209.19 अंक तक मजबूत होने के बाद कमजोर एशियाई रुख से घटकर 15,801.01 अंक रह गया। हालांकि, बाद में यूरोपीय बाजारों के ऊंचा खुलने और सितंबर के वायदा एवं विकल्प सौदों की निपटान अवधि की समाप्ति से पहले कुछ खरीदारी आने से सेंसेक्स में गिरावट रुकी और कुछ सुधार आया। इसके बावजूद यह कारोबार की समाप्ति पर पिछले सत्र की तुलना में 110.96 अंक नीचे रहकर 16,051.10 अंक पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का व्यापक आधार वाला एनएसई-50 निफ्टी सूचकांक 32.35 अंक अथवा 0.66 प्रतिशत घटकर 4,835.40 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 4,758.85 अंक तक गिर गया था। यह लगातार चौथा कारोबारी सत्र था जब बाजार में गिरावट रही। सेंसेक्स में सबसे ज्यादा वजन रखने वाला रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर 1.5 प्रतिशत और घट गया। पिछले चार दिनों में यह कुल 10.83 प्रतिशत लुढ़क चुका है। | यहाँ एक सारांश है:बंबई शेयर बाजार में बिकवाली का जोर रहा जिससे संवेदी सूचकांक 111 अंक की गिरावट के साथ एक महीने के निचले स्तर 16,051 अंक तक पहुंच गया। | 4 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) के प्रिसिंपल सेक्रेटरी रोहित कंसल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी है कि राज्य में पोस्टपेड मोबाइल फोन सेवाएं सोमवार से बहाल कर दी जाएंगी. इसके साथ ही आवाजाही पर बंदिशें भी पूरी तरह हटा ली गई हैं. रोहित कंसल ने कहा है कि हिरासत में बंद नेताओं को एक प्रक्रिया के तहत रिहा किया जा रहा है. गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने बीती 5 अगस्त को अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) मिला हुआ विशेष राज्य का दर्जा खत्म कर और इसको दो भागों में बांट दिया है. केंद्र सरकार का दावा है कि इस फैसले राज्य की जनता की स्थिति और बेहतर होगी साथ ही केंद्र सरकार की योजनाओं का सीधा लाभ मिल सकेगा. इस फैसले की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने साथ ही कई अहम कदम भी उठाए. भारी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती, मोबाइल फोन और इंटरनेट सेवाओं पर रोक और राज्य के नेताओं को नजरबंद कर दिया गया. सरकार की दलील थी कि नेताओं की बयानबाजी से हालात बिगड़ सकते हैं और साथ में इंटरनेट सेवाओं का आतंकवादी गलत इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके साथ ही राज्य में स्कूल और कॉलेजों को भी सुरक्षा के लिहाज से बंद कर दिया गया था.
इस बीच सूत्रों के हवाले से ख़बर है कि केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर के नेताओं की रिहाई की तैयारी में है. क़रीब दो महीने से नज़रबंद नेताओं की रिहाई के लिए बातचीत शुरू कर दी गई है.. NDTV को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक़ राज्य प्रशासन ने गृह मंत्रालय को जो रिपोर्ट भेजी है, उसमें ये कहा गया है कि राज्य के ज़्यादातर नज़रबंद नेताओं से अधिकारियों ने संपर्क किया है और उनसे इस बात पर चर्चा की है कि राज्य में आगे की राजनीति को वो कैसे बढ़ाना चाहते हैं. सूत्र ये भी बताते हैं कि राज्य के तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों फ़ारूक़ अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ़्ती को उनकी रिहाई का इशारा दिया गया है. | यहाँ एक सारांश है:सोमवार से शुरू हो जाएंगी पोस्टपेड मोबाइल सेवाएं
नेताओं की जल्द रिहाई की तैयारी : सूत्र
आवाजाही पर भी बंदिश हटी | 18 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अभिनंदन वर्धमान (Abhinandan Varthaman) को इसके बाद अटारी सीमा से वायुसेना के वाहन में अमृतसर ले जाया गया. इस दौरान पंजाब पुलिस की गाड़ियां उनके वाहन के साथ चल रही थीं. इसके बाद वर्धमान को हवाई मार्ग से दिल्ली लाया गया और फिर सेना के अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी शारीरिक जांच की जाएगी. विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान (Abhinandan Varthaman) के भारत लौटने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया, 'विंग कमांडर अभिनंदन आपका स्वागत है. राष्ट्र को आपके अदम्य साहस पर गर्व है. हमारे सशस्त्र बल देश के 130 करोड़ भारतीयों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं.' विंग कमांडर अभिनंदन की स्वदेश वापसी पर पूरे देश की निगाहें वाघा बॉर्डर पर दिनभर लगी रहीं. अटारी-बाघा सीमा के पास चेकपोस्ट पर सुबह से ही लोग तिरंगा लिये जमा थे. उनमें से अनेकों ने अपना चेहरा तिरंगे के रंग से रंगे थे और विंग कमांडर अभिनंदन की सुरक्षित वापसी के समर्थन में नारे भी लगा रहे थे और जश्न का माहौल था.
26 फरवरी को भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तानी सीमा में जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों को निशाना बनाया था. उसके बाद पाकिस्तानी वायुसेना की ओर से भारत की वायुसीमा का उल्लंघन किया गया और इस दौरान हुए हवाई संघर्ष में पाकिस्तान का एक एफ-16 विमान गिरा दिया गया एवं भारत का मिग-21 दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इस संघर्ष के बाद विंग कमांडर अभिनंदन का पैराशूट सीमा पार बढ़ गया और उन्हें 27 फरवरी को पाकिस्तान ने पकड़ लिया. पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने अपनी संसद में कहा था कि वह शांति के संदेश के तौर पर भारतीय पायलट को रिहा कर रहे हैं.
इससे पहले 14 फरवरी को पुलवामा में हुए एक आत्मघाती हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थें. हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी. 14 फरवरी को सीआरपीएफ का काफिला जम्मू से श्रीनगर जा रहा था. इस काफिले में करीब 78 गाड़ियां थीं और 2500 जवान शामिल थे. उसी दौरान बाईं ओर से ओवरटेक कर विस्फोटक से लदी एक कार आई और उसने सीआरपीएफ की बस में टक्कर मार दी. आतंकवादी ने जिस कार से टक्कर मारी थी, उसमें करीब 60 किलो विस्फोटक थे. इसकी वजह से विस्फोट इतना घातक हुआ कि इसमें 40 जवान शहीद हो गए थे. | विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान भारत लौटे
लंबे इंतजार के बाद अपने वतन लौटे अभिनंदन वर्धमान
देशवासियों ने अभिनंदन वर्धमान के भारत लौटने पर मनाया जश्न | 6 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: ‘स्प्रिंट किंग’ उसैन बोल्ट ऑस्ट्रेलिया में ट्वेंटी-20 क्रिकेट बिग बैश लीग में खेल सकते हैं। बोल्ट के इस ट्वेंटी-20 लीग में खेलने की बातें चल रही हैं, जिसमें शेन वार्न उन्हें मेलबर्न में क्रिकेट खिलाने के अभियान की अगुवाई कर रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक समिति के अध्यक्ष जाक रोगे ने लंदन में बोल्ट के तीन स्वर्ण पदक जीतने के बाद उन्हें सर्वकालिक महान स्प्रिंटर करार किया था। बोल्ट ट्रैक एवं फील्ड में आने से पहले जूनियर क्रिकेट खेल चुके हैं और इस खेल के प्रति अपने लगाव को बता चुके हैं।
उन्होंने कहा कि वह क्रिकेट खेलना चाहते हैं और ऑस्ट्रेलिया के पूर्व टेस्ट लेग स्पिनर ने उनसे बात की है। बोल्ट ने ऑस्ट्रेलिया के चैनल नाइन टेलीविजन से कहा, उन्होंने (वार्न) मुझसे संपर्क किया और मुझसे पूछा कि अगर मैं गंभीर हूं और मैं सचमुच ऐसा करना चाहता हूं तो वह ऐसा करा सकते हैं। उन्होंने कहा, इसलिए हम देखते हैं कि अगर मैं इसके लिए समय निकाल सकता हूं। मैं कोशिश करूंगा। क्रिकेट वेस्टइंडीज में काफी लोकप्रिय है जिसमें बोल्ट की जमैका की टीम सबसे मजबूत टीम है जिससे फ्रैंक वारेल, माइकल होल्डिंग, कर्टनी वाल्श और क्रिस गेल जैसे सितारे निकले हैं।टिप्पणियां
बोल्ट खुद को ऑल राउंडर कहते हैं। उन्होंने कहा, ट्वेंटी-20, मैं इसे पसंद करता हूं। बोल्ट ने कहा, यह काफी रोमांचक है। इसमें सिर्फ शॉट नहीं खेलने होते, हर समय मजबूत रहना पड़ता है। इसमें आक्रामकता चाहिए और मैं इस तरह के खेल को पसंद करता हूं। उन्होंने कहा, अगर मुझे मौका मिलता है तो मैं निश्चित रूप से कोशिश करूंगा क्योंकि मैं जानता हूं कि इसमें काफी मजा आएगा। मैं नहीं जानता कि मैं कितना अच्छा हूं। मुझे शायद इसके लिए काफी अभ्यास करना पड़े।
वार्न ने ट्वीट किया, हमने (बोल्ट से) बात की है। ओलिंपिक का महान एथलीट 2012 मेलबर्न स्टार्स ट्वेंटी-20 के लिए खेलना चाहता है। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि मेलबर्न स्टार्स का रंग उन पर फबेगा। मैं ऐसा करने के लिए कोशिश जारी रखूंगा। ऑस्ट्रेलियाई मीडिया के अनुसार बोल्ट ने 2009 में चैरिटी मैच में वेस्टइंडीज के कप्तान क्रिस गेल को क्लीन बोल्ड कर दिया था। इससे पहले उन्होंने गेल पर छक्का भी जड़ा था। आठ टीमों की बिग बैश लीग 7 दिसंबर से शुरू होगी।
अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक समिति के अध्यक्ष जाक रोगे ने लंदन में बोल्ट के तीन स्वर्ण पदक जीतने के बाद उन्हें सर्वकालिक महान स्प्रिंटर करार किया था। बोल्ट ट्रैक एवं फील्ड में आने से पहले जूनियर क्रिकेट खेल चुके हैं और इस खेल के प्रति अपने लगाव को बता चुके हैं।
उन्होंने कहा कि वह क्रिकेट खेलना चाहते हैं और ऑस्ट्रेलिया के पूर्व टेस्ट लेग स्पिनर ने उनसे बात की है। बोल्ट ने ऑस्ट्रेलिया के चैनल नाइन टेलीविजन से कहा, उन्होंने (वार्न) मुझसे संपर्क किया और मुझसे पूछा कि अगर मैं गंभीर हूं और मैं सचमुच ऐसा करना चाहता हूं तो वह ऐसा करा सकते हैं। उन्होंने कहा, इसलिए हम देखते हैं कि अगर मैं इसके लिए समय निकाल सकता हूं। मैं कोशिश करूंगा। क्रिकेट वेस्टइंडीज में काफी लोकप्रिय है जिसमें बोल्ट की जमैका की टीम सबसे मजबूत टीम है जिससे फ्रैंक वारेल, माइकल होल्डिंग, कर्टनी वाल्श और क्रिस गेल जैसे सितारे निकले हैं।टिप्पणियां
बोल्ट खुद को ऑल राउंडर कहते हैं। उन्होंने कहा, ट्वेंटी-20, मैं इसे पसंद करता हूं। बोल्ट ने कहा, यह काफी रोमांचक है। इसमें सिर्फ शॉट नहीं खेलने होते, हर समय मजबूत रहना पड़ता है। इसमें आक्रामकता चाहिए और मैं इस तरह के खेल को पसंद करता हूं। उन्होंने कहा, अगर मुझे मौका मिलता है तो मैं निश्चित रूप से कोशिश करूंगा क्योंकि मैं जानता हूं कि इसमें काफी मजा आएगा। मैं नहीं जानता कि मैं कितना अच्छा हूं। मुझे शायद इसके लिए काफी अभ्यास करना पड़े।
वार्न ने ट्वीट किया, हमने (बोल्ट से) बात की है। ओलिंपिक का महान एथलीट 2012 मेलबर्न स्टार्स ट्वेंटी-20 के लिए खेलना चाहता है। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि मेलबर्न स्टार्स का रंग उन पर फबेगा। मैं ऐसा करने के लिए कोशिश जारी रखूंगा। ऑस्ट्रेलियाई मीडिया के अनुसार बोल्ट ने 2009 में चैरिटी मैच में वेस्टइंडीज के कप्तान क्रिस गेल को क्लीन बोल्ड कर दिया था। इससे पहले उन्होंने गेल पर छक्का भी जड़ा था। आठ टीमों की बिग बैश लीग 7 दिसंबर से शुरू होगी।
उन्होंने कहा कि वह क्रिकेट खेलना चाहते हैं और ऑस्ट्रेलिया के पूर्व टेस्ट लेग स्पिनर ने उनसे बात की है। बोल्ट ने ऑस्ट्रेलिया के चैनल नाइन टेलीविजन से कहा, उन्होंने (वार्न) मुझसे संपर्क किया और मुझसे पूछा कि अगर मैं गंभीर हूं और मैं सचमुच ऐसा करना चाहता हूं तो वह ऐसा करा सकते हैं। उन्होंने कहा, इसलिए हम देखते हैं कि अगर मैं इसके लिए समय निकाल सकता हूं। मैं कोशिश करूंगा। क्रिकेट वेस्टइंडीज में काफी लोकप्रिय है जिसमें बोल्ट की जमैका की टीम सबसे मजबूत टीम है जिससे फ्रैंक वारेल, माइकल होल्डिंग, कर्टनी वाल्श और क्रिस गेल जैसे सितारे निकले हैं।टिप्पणियां
बोल्ट खुद को ऑल राउंडर कहते हैं। उन्होंने कहा, ट्वेंटी-20, मैं इसे पसंद करता हूं। बोल्ट ने कहा, यह काफी रोमांचक है। इसमें सिर्फ शॉट नहीं खेलने होते, हर समय मजबूत रहना पड़ता है। इसमें आक्रामकता चाहिए और मैं इस तरह के खेल को पसंद करता हूं। उन्होंने कहा, अगर मुझे मौका मिलता है तो मैं निश्चित रूप से कोशिश करूंगा क्योंकि मैं जानता हूं कि इसमें काफी मजा आएगा। मैं नहीं जानता कि मैं कितना अच्छा हूं। मुझे शायद इसके लिए काफी अभ्यास करना पड़े।
वार्न ने ट्वीट किया, हमने (बोल्ट से) बात की है। ओलिंपिक का महान एथलीट 2012 मेलबर्न स्टार्स ट्वेंटी-20 के लिए खेलना चाहता है। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि मेलबर्न स्टार्स का रंग उन पर फबेगा। मैं ऐसा करने के लिए कोशिश जारी रखूंगा। ऑस्ट्रेलियाई मीडिया के अनुसार बोल्ट ने 2009 में चैरिटी मैच में वेस्टइंडीज के कप्तान क्रिस गेल को क्लीन बोल्ड कर दिया था। इससे पहले उन्होंने गेल पर छक्का भी जड़ा था। आठ टीमों की बिग बैश लीग 7 दिसंबर से शुरू होगी।
बोल्ट खुद को ऑल राउंडर कहते हैं। उन्होंने कहा, ट्वेंटी-20, मैं इसे पसंद करता हूं। बोल्ट ने कहा, यह काफी रोमांचक है। इसमें सिर्फ शॉट नहीं खेलने होते, हर समय मजबूत रहना पड़ता है। इसमें आक्रामकता चाहिए और मैं इस तरह के खेल को पसंद करता हूं। उन्होंने कहा, अगर मुझे मौका मिलता है तो मैं निश्चित रूप से कोशिश करूंगा क्योंकि मैं जानता हूं कि इसमें काफी मजा आएगा। मैं नहीं जानता कि मैं कितना अच्छा हूं। मुझे शायद इसके लिए काफी अभ्यास करना पड़े।
वार्न ने ट्वीट किया, हमने (बोल्ट से) बात की है। ओलिंपिक का महान एथलीट 2012 मेलबर्न स्टार्स ट्वेंटी-20 के लिए खेलना चाहता है। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि मेलबर्न स्टार्स का रंग उन पर फबेगा। मैं ऐसा करने के लिए कोशिश जारी रखूंगा। ऑस्ट्रेलियाई मीडिया के अनुसार बोल्ट ने 2009 में चैरिटी मैच में वेस्टइंडीज के कप्तान क्रिस गेल को क्लीन बोल्ड कर दिया था। इससे पहले उन्होंने गेल पर छक्का भी जड़ा था। आठ टीमों की बिग बैश लीग 7 दिसंबर से शुरू होगी।
वार्न ने ट्वीट किया, हमने (बोल्ट से) बात की है। ओलिंपिक का महान एथलीट 2012 मेलबर्न स्टार्स ट्वेंटी-20 के लिए खेलना चाहता है। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि मेलबर्न स्टार्स का रंग उन पर फबेगा। मैं ऐसा करने के लिए कोशिश जारी रखूंगा। ऑस्ट्रेलियाई मीडिया के अनुसार बोल्ट ने 2009 में चैरिटी मैच में वेस्टइंडीज के कप्तान क्रिस गेल को क्लीन बोल्ड कर दिया था। इससे पहले उन्होंने गेल पर छक्का भी जड़ा था। आठ टीमों की बिग बैश लीग 7 दिसंबर से शुरू होगी। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: बोल्ट के इस ट्वेंटी-20 लीग में खेलने की बातें चल रही हैं, जिसमें शेन वार्न उन्हें मेलबर्न में क्रिकेट खिलाने के अभियान की अगुवाई कर रहे हैं। | 25 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: जाने-माने वकील और राज्यसभा सदस्य राम जेठमलानी ने खुद को बीजेपी से निकाले जाने के फैसले को पार्टी की बड़ी नासमझी बताया है। जेठमलानी ने अब बीजेपी के काले सच को बाहर लाने की भी बात कही है।
उन्होंने कहा कि बीजेपी में ऐसे कई लोग हैं, जो पार्टी के अंदर रहकर उसे बर्बाद कर कर रहे हैं और ऐसे लोगों ने ही मुझे पार्टी से निष्कासित कराया है। उन्होंने कहा, मैं चुप नहीं बैठूंगा…ऐसे लोगों का मैं पर्दाफाश करूंगा। उन्होंने कहा कि काला धन के खिलाफ उनके अभियान की वजह से उन्हें पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित किया गया।टिप्पणियां
अपने खिलाफ कार्रवाई को मूखर्ता बताते हुए 89-वर्षीय जेठमलानी ने आरोप लगाया कि पार्टी के भीतर कुछ लोग हैं, जो काला धन के बारे में नहीं बोलना चाहते हैं और इसे अपराधियों से बरामद नहीं करना चाहते हैं। मंगलवार को जेठमलानी को बीजेपी ने पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहने के आरोप में छह साल के लिए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित करने का फैसला किया था।
हालांकि जेठमलानी ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी में कोई दोष नहीं पाया। मोदी भी उस पार्टी संसदीय बोर्ड का हिस्सा हैं, जिसने उन्हें निष्कासित करने का फैसला किया।
उन्होंने कहा कि बीजेपी में ऐसे कई लोग हैं, जो पार्टी के अंदर रहकर उसे बर्बाद कर कर रहे हैं और ऐसे लोगों ने ही मुझे पार्टी से निष्कासित कराया है। उन्होंने कहा, मैं चुप नहीं बैठूंगा…ऐसे लोगों का मैं पर्दाफाश करूंगा। उन्होंने कहा कि काला धन के खिलाफ उनके अभियान की वजह से उन्हें पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित किया गया।टिप्पणियां
अपने खिलाफ कार्रवाई को मूखर्ता बताते हुए 89-वर्षीय जेठमलानी ने आरोप लगाया कि पार्टी के भीतर कुछ लोग हैं, जो काला धन के बारे में नहीं बोलना चाहते हैं और इसे अपराधियों से बरामद नहीं करना चाहते हैं। मंगलवार को जेठमलानी को बीजेपी ने पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहने के आरोप में छह साल के लिए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित करने का फैसला किया था।
हालांकि जेठमलानी ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी में कोई दोष नहीं पाया। मोदी भी उस पार्टी संसदीय बोर्ड का हिस्सा हैं, जिसने उन्हें निष्कासित करने का फैसला किया।
अपने खिलाफ कार्रवाई को मूखर्ता बताते हुए 89-वर्षीय जेठमलानी ने आरोप लगाया कि पार्टी के भीतर कुछ लोग हैं, जो काला धन के बारे में नहीं बोलना चाहते हैं और इसे अपराधियों से बरामद नहीं करना चाहते हैं। मंगलवार को जेठमलानी को बीजेपी ने पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहने के आरोप में छह साल के लिए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित करने का फैसला किया था।
हालांकि जेठमलानी ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी में कोई दोष नहीं पाया। मोदी भी उस पार्टी संसदीय बोर्ड का हिस्सा हैं, जिसने उन्हें निष्कासित करने का फैसला किया।
हालांकि जेठमलानी ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी में कोई दोष नहीं पाया। मोदी भी उस पार्टी संसदीय बोर्ड का हिस्सा हैं, जिसने उन्हें निष्कासित करने का फैसला किया। | यह एक सारांश है: राम जेठमलानी ने खुद को बीजेपी से निकाले जाने के फैसले को पार्टी की बड़ी नासमझी बताते हुए कहा कि पार्टी में ऐसे कई लोग हैं, जो पार्टी के अंदर रहकर उसे बर्बाद कर कर रहे हैं। | 16 | ['hin'] |
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