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इस के लिए एक सारांश बनाएं: लालू ने नीतीश कुमार पर आरोप लगाया कि उन्होंने बिहार के गरीब, दलित एवं पिछड़ों की पीठ में छुरा भोंक दिया है और उन्होंने धोखा ही नहीं राज्य के लोगों को महाधोखा दिया है.टिप्पणियां
लालू ने आरोप लगाया कि नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी मिलकर यह व्यूह रचना पिछले 6 माह से कर रहे थे और यही कारण है कि विपक्ष की बैठक में नीतीश एवं उनकी पार्टी के प्रतिनिधि शामिल नहीं होते थे, जबकि नरेंद्र मोदी के एजेंडे के कार्यों जैसे नोटबंदी, जीएसटी आदि को आगे बढ़कर नीतीश कुमार समर्थन दे रहे थे.
(इनपुट भाषा से)
टिप्पणियां
लालू ने आरोप लगाया कि नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी मिलकर यह व्यूह रचना पिछले 6 माह से कर रहे थे और यही कारण है कि विपक्ष की बैठक में नीतीश एवं उनकी पार्टी के प्रतिनिधि शामिल नहीं होते थे, जबकि नरेंद्र मोदी के एजेंडे के कार्यों जैसे नोटबंदी, जीएसटी आदि को आगे बढ़कर नीतीश कुमार समर्थन दे रहे थे.
(इनपुट भाषा से)
लालू ने आरोप लगाया कि नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी मिलकर यह व्यूह रचना पिछले 6 माह से कर रहे थे और यही कारण है कि विपक्ष की बैठक में नीतीश एवं उनकी पार्टी के प्रतिनिधि शामिल नहीं होते थे, जबकि नरेंद्र मोदी के एजेंडे के कार्यों जैसे नोटबंदी, जीएसटी आदि को आगे बढ़कर नीतीश कुमार समर्थन दे रहे थे.
(इनपुट भाषा से)
(इनपुट भाषा से) | संक्षिप्त सारांश: राजद गठबंधन के खिलाफ विपक्ष का महागठबंधन बनकर रहेगा- लालू
18 दल पहले ही एक साथ आ चुके हैं- लालू प्रसाद यादव
लालू यादव बोले, नीतीश ने बिहार को धोखा ही नहीं महाधोखा दिया है. | 23 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: War Box Office Collection Day 25: ऋतिक रोशन (Hrithik Roshan) और टाइगर श्रॉफ (Tiger Shroff) की फिल्म 'वॉर (War)' का धमाकेदार प्रदर्शन दिवाली के दिन भी सिनेमाघरों में जारी रहा. यूं तो फिल्म ने चौथे हफ्ते में प्रवेश कर लिया है, लेकिन इस फिल्म को लेकर अभी भी दर्शकों में जबरदस्त क्रेज देखने को मिल रहा है. दिवाली के मौके पर भी इस फिल्म ने काफी अच्छी कमाई की. ऋतिक की फिल्म के एक्शन सीक्वेंस और धमाकेदार ट्विस्ट फैन्स को खूब पसंद आए. ऋतिक रोशन और टाइगर श्रॉफ की फिल्म 'वॉर (War)' ने बॉक्स ऑफिस पर धुआं उड़ाने वाली 'सुल्तान' और 'पद्मावत' जैसी जबरदस्त फिल्मों को भी पीछे छोड़ दिया है. इसके शुरुआती आंकड़ों को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि 'वॉर' (हिंदी वर्जन) ने बीते दिन 1.50 करोड़ की कमाई की है. इस लिहाज से फिल्म का कुल कलेक्शन 297.50 करोड़ हो सकता है. वहीं, अपने सभी वर्जन में 'वॉर' ने कुल मिलाकर 311.50 करोड़ का कलेक्शन किया होगा.
गांधी जयंती के मौके पर रिलीज हुई 'वॉर' (War) ने प्री-बुकिंग के जरिए ही 32 करोड़ की कमाई की थी. इसके अलावा ऋतिक रोशन (Hrithik Roshan) और टाइगर श्रॉफ (Tiger Shroff) की 'वॉर' (War) ने भारत में बॉक्स ऑफिस पर कब्जा जमाने के साथ ही विदेशों में भी अपना खूब जादू चलाया. कमाई से इतर फिल्म अपने कंटेंट और कलाकारों के जरिए दर्शकों का दिल जीतने में भी कामयाब रही है. खासकर ऋतिक और टाइगर की जोड़ी को पर्दे पर देखने के लिए फैंस में काफी क्रेज देखने को मिला.
बता दें कि फिल्म 'वॉर (War)' की कहानी 'कबीर' ऋतिक रोशन (Hrithik Roshan) और 'खालिद' टाइगर श्रॉफ (Tiger Shroff) की है. फिल्म में हालात कुछ ऐसे बनते हैं कि गुरु और शिष्य एक दूसरे से टकराने को मजबूर हो जाते हैं. बेकाबू गुरु पर नकेल कसने के लिए शिष्य खालिद का इस्तेमाल किया जाता है, और फिर शुरू होते हैं जबरदस्त एक्शन. बाइक, कार, हेलीकॉप्टर, बर्फ पहाड़ हर जगह एक्शन देखने को मिलता है. कहानी में कई जबरदस्त ट्विस्ट भी डाले गए हैं और फिल्म का अंत भी थोड़ा सरप्राइजिंग रखा गया है. इन सबसे इतर दर्शकों को 'वॉर' (War) में भरपूर मात्रा में ऐक्शन और स्टंट्स देखने को मिलेगा. | यह एक सारांश है: ऋतिक रोशन की 'वॉर' ने दिवाली पर मचाया हंगामा
25वें दिन किया इतना कलेक्शन
2 अक्टूबर को रिलीज हुई थी फिल्म | 24 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मिस्र में सुरक्षा बलों ने लगभग 3,000 प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले छोड़े, जिससे कई लोग घायल हो गए हैं। इस प्रदर्शन में इस साल की शुरुआत में हुए सत्ताविरोधी आंदोलन में मारे गए लोगों के परिजन भी शामिल थे। मिस्र के राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक को अपदस्थ करने के लिए जनविद्रोह का केंद्र बन गए तहरीर चौक पर प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले छोड़े जाने से धुंआ फैल गया। आंसू गैस के कारण होने वाली जलन से परेशान प्रदर्शनकारियों को खुद को बचाने के लिए चेहरा छिपाकर भागते हुए देखा गया। 'अल जजीरा' ने खबर दी है कि इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस के साथ हुए संघर्ष में कम से आठ लोग घायल हो गए। मिस्र में आंदोलन की शुरुआत के समय मारे गए 840 से अधिक लोगों के परिवार के सदस्यों ने भी इस प्रदर्शन में भाग लिया। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच यह संघर्ष उस वक्त शुरू हुआ, जब प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाकर्मियों पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। तहरीर चौक पर जमा प्रदर्शनकारी मार्शलों को हटाने की तथा पूर्व में हुए विद्रोह के दौरान अपने परिजनों की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ मुकदमे की प्रक्रिया तेज करने की मांग कर रहे थे। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: हुस्नी मुबारक को अपदस्थ करने के लिए जनविद्रोह का केंद्र बन गए तहरीर चौक पर प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले छोड़े जाने से धुंआ फैल गया। | 19 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा कमांडर इन चीफ के तौर पर आखिरी बार एशिया के दौरे पर शनिवार को चीन पहुंचे. लेकिन जब ओबामा चीन पहुंचे तो उनके स्वागत की औपचारिकता में ऐसी घटना घटी जो शायद ही कभी अमेरिकी किसी राष्ट्रपति के आगमन पर किसी देश में हुई हो.
चीनी सुरक्षा अधिकारियों ने जी20 शिखर सम्मेलन के मद्देनजर बेहद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है. यहां तक कि जब मेजबान शहर हंगझाओ के एयरपोर्ट पर एयरफोर्स वन उतरा तो अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सुसन राइस और व्हाइट हाउस के प्रेस कोर्प को भी इसमें कोई छूट नहीं दी गई.
हमेशा की तरह ओबामा जहां भी जाते हैं, उनके साथ चलने वाले पत्रकारों को बोइंग 747 के पंखों के नीचे लाया गया, ताकि वे राष्ट्रपति को विमान की सीढ़ियों से नीचे आते हुए देख सकें और तस्वीरें ले सकें. लेकिन चीनी सुरक्षा अधिकारियों ने एक नीले रंग की रस्सी से उन्हें पीछे कर दिया.
लेकिन यहां तैनात चीनी सुरक्षा अधिकारियों के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति और उनका स्टाफ इतना दूर भी नहीं था कि एक अधिकारी को व्हाइट हाउस के स्टाफ पर चिल्लाना पड़ा और अमेरिकी प्रेस को वहां से चले जाने को कहा.
हैंडबैग थामे व्हाइट हाउस की एक महिला अधिकारी ने यहां तैनात सुरक्षा अधिकारी से कहा कि यह अमेरिकी विमान है और अमेरिकी राष्ट्रपति हैं. बस फिर क्या था सुरक्षा अधिकारी बिफर पड़ा. वह अंग्रेजी में चिल्लाया, 'यह हमारा देश है', 'यह हमारा एयरपोर्ट है.'
अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सुसन राइस और व्हाइट हाउस के वरिष्ठ कर्मचारी बेन रोड्स ने राष्ट्रपति के करीब जाने की कोशिश की. उन्होंने जब सुरक्षा अधिकारियों द्वारा लगाई गई नीले रंग की रस्सी को उठाकर इसके नीचे से जाने की कोशिश की तो अधिकारी इस बात से नाराज हो गया और सुसन राइस का रास्ता रोक दिया.टिप्पणियां
अभी दोनों के बीच विवाद चल रहा था तो उनका सीक्रेट सर्विस एजेंट इस बीच आ गया. अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सुसन राइस ने कहा कि वे इस तरह का व्यवहार करेंगे इसकी उम्मीद उन्हें नहीं थी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
चीनी सुरक्षा अधिकारियों ने जी20 शिखर सम्मेलन के मद्देनजर बेहद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है. यहां तक कि जब मेजबान शहर हंगझाओ के एयरपोर्ट पर एयरफोर्स वन उतरा तो अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सुसन राइस और व्हाइट हाउस के प्रेस कोर्प को भी इसमें कोई छूट नहीं दी गई.
हमेशा की तरह ओबामा जहां भी जाते हैं, उनके साथ चलने वाले पत्रकारों को बोइंग 747 के पंखों के नीचे लाया गया, ताकि वे राष्ट्रपति को विमान की सीढ़ियों से नीचे आते हुए देख सकें और तस्वीरें ले सकें. लेकिन चीनी सुरक्षा अधिकारियों ने एक नीले रंग की रस्सी से उन्हें पीछे कर दिया.
लेकिन यहां तैनात चीनी सुरक्षा अधिकारियों के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति और उनका स्टाफ इतना दूर भी नहीं था कि एक अधिकारी को व्हाइट हाउस के स्टाफ पर चिल्लाना पड़ा और अमेरिकी प्रेस को वहां से चले जाने को कहा.
हैंडबैग थामे व्हाइट हाउस की एक महिला अधिकारी ने यहां तैनात सुरक्षा अधिकारी से कहा कि यह अमेरिकी विमान है और अमेरिकी राष्ट्रपति हैं. बस फिर क्या था सुरक्षा अधिकारी बिफर पड़ा. वह अंग्रेजी में चिल्लाया, 'यह हमारा देश है', 'यह हमारा एयरपोर्ट है.'
अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सुसन राइस और व्हाइट हाउस के वरिष्ठ कर्मचारी बेन रोड्स ने राष्ट्रपति के करीब जाने की कोशिश की. उन्होंने जब सुरक्षा अधिकारियों द्वारा लगाई गई नीले रंग की रस्सी को उठाकर इसके नीचे से जाने की कोशिश की तो अधिकारी इस बात से नाराज हो गया और सुसन राइस का रास्ता रोक दिया.टिप्पणियां
अभी दोनों के बीच विवाद चल रहा था तो उनका सीक्रेट सर्विस एजेंट इस बीच आ गया. अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सुसन राइस ने कहा कि वे इस तरह का व्यवहार करेंगे इसकी उम्मीद उन्हें नहीं थी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
हमेशा की तरह ओबामा जहां भी जाते हैं, उनके साथ चलने वाले पत्रकारों को बोइंग 747 के पंखों के नीचे लाया गया, ताकि वे राष्ट्रपति को विमान की सीढ़ियों से नीचे आते हुए देख सकें और तस्वीरें ले सकें. लेकिन चीनी सुरक्षा अधिकारियों ने एक नीले रंग की रस्सी से उन्हें पीछे कर दिया.
लेकिन यहां तैनात चीनी सुरक्षा अधिकारियों के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति और उनका स्टाफ इतना दूर भी नहीं था कि एक अधिकारी को व्हाइट हाउस के स्टाफ पर चिल्लाना पड़ा और अमेरिकी प्रेस को वहां से चले जाने को कहा.
हैंडबैग थामे व्हाइट हाउस की एक महिला अधिकारी ने यहां तैनात सुरक्षा अधिकारी से कहा कि यह अमेरिकी विमान है और अमेरिकी राष्ट्रपति हैं. बस फिर क्या था सुरक्षा अधिकारी बिफर पड़ा. वह अंग्रेजी में चिल्लाया, 'यह हमारा देश है', 'यह हमारा एयरपोर्ट है.'
अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सुसन राइस और व्हाइट हाउस के वरिष्ठ कर्मचारी बेन रोड्स ने राष्ट्रपति के करीब जाने की कोशिश की. उन्होंने जब सुरक्षा अधिकारियों द्वारा लगाई गई नीले रंग की रस्सी को उठाकर इसके नीचे से जाने की कोशिश की तो अधिकारी इस बात से नाराज हो गया और सुसन राइस का रास्ता रोक दिया.टिप्पणियां
अभी दोनों के बीच विवाद चल रहा था तो उनका सीक्रेट सर्विस एजेंट इस बीच आ गया. अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सुसन राइस ने कहा कि वे इस तरह का व्यवहार करेंगे इसकी उम्मीद उन्हें नहीं थी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
लेकिन यहां तैनात चीनी सुरक्षा अधिकारियों के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति और उनका स्टाफ इतना दूर भी नहीं था कि एक अधिकारी को व्हाइट हाउस के स्टाफ पर चिल्लाना पड़ा और अमेरिकी प्रेस को वहां से चले जाने को कहा.
हैंडबैग थामे व्हाइट हाउस की एक महिला अधिकारी ने यहां तैनात सुरक्षा अधिकारी से कहा कि यह अमेरिकी विमान है और अमेरिकी राष्ट्रपति हैं. बस फिर क्या था सुरक्षा अधिकारी बिफर पड़ा. वह अंग्रेजी में चिल्लाया, 'यह हमारा देश है', 'यह हमारा एयरपोर्ट है.'
अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सुसन राइस और व्हाइट हाउस के वरिष्ठ कर्मचारी बेन रोड्स ने राष्ट्रपति के करीब जाने की कोशिश की. उन्होंने जब सुरक्षा अधिकारियों द्वारा लगाई गई नीले रंग की रस्सी को उठाकर इसके नीचे से जाने की कोशिश की तो अधिकारी इस बात से नाराज हो गया और सुसन राइस का रास्ता रोक दिया.टिप्पणियां
अभी दोनों के बीच विवाद चल रहा था तो उनका सीक्रेट सर्विस एजेंट इस बीच आ गया. अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सुसन राइस ने कहा कि वे इस तरह का व्यवहार करेंगे इसकी उम्मीद उन्हें नहीं थी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
हैंडबैग थामे व्हाइट हाउस की एक महिला अधिकारी ने यहां तैनात सुरक्षा अधिकारी से कहा कि यह अमेरिकी विमान है और अमेरिकी राष्ट्रपति हैं. बस फिर क्या था सुरक्षा अधिकारी बिफर पड़ा. वह अंग्रेजी में चिल्लाया, 'यह हमारा देश है', 'यह हमारा एयरपोर्ट है.'
अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सुसन राइस और व्हाइट हाउस के वरिष्ठ कर्मचारी बेन रोड्स ने राष्ट्रपति के करीब जाने की कोशिश की. उन्होंने जब सुरक्षा अधिकारियों द्वारा लगाई गई नीले रंग की रस्सी को उठाकर इसके नीचे से जाने की कोशिश की तो अधिकारी इस बात से नाराज हो गया और सुसन राइस का रास्ता रोक दिया.टिप्पणियां
अभी दोनों के बीच विवाद चल रहा था तो उनका सीक्रेट सर्विस एजेंट इस बीच आ गया. अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सुसन राइस ने कहा कि वे इस तरह का व्यवहार करेंगे इसकी उम्मीद उन्हें नहीं थी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सुसन राइस और व्हाइट हाउस के वरिष्ठ कर्मचारी बेन रोड्स ने राष्ट्रपति के करीब जाने की कोशिश की. उन्होंने जब सुरक्षा अधिकारियों द्वारा लगाई गई नीले रंग की रस्सी को उठाकर इसके नीचे से जाने की कोशिश की तो अधिकारी इस बात से नाराज हो गया और सुसन राइस का रास्ता रोक दिया.टिप्पणियां
अभी दोनों के बीच विवाद चल रहा था तो उनका सीक्रेट सर्विस एजेंट इस बीच आ गया. अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सुसन राइस ने कहा कि वे इस तरह का व्यवहार करेंगे इसकी उम्मीद उन्हें नहीं थी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अभी दोनों के बीच विवाद चल रहा था तो उनका सीक्रेट सर्विस एजेंट इस बीच आ गया. अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सुसन राइस ने कहा कि वे इस तरह का व्यवहार करेंगे इसकी उम्मीद उन्हें नहीं थी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | सारांश: अमेरिकी NSA ने कहा, यह अमेरिकी विमान है और हमारे राष्ट्रपति आ रहे हैं
सुरक्षा अधिकारी चिल्लाया, 'यह हमारा देश है', 'यह हमारा एयरपोर्ट है'
सुसन राइस ने कहा कि इस तरह के व्यवहार की उम्मीद उन्हें नहीं थी | 20 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: कपिल शर्मा से रूठे हुए अनकी टीम के लोग जल्द ही, कपिल के प्रतिद्वंदी कृष्णा अभिषेक के साथ एक नया कॉमेडी शो करते नजर आएंगे. ऐसे में कयास लगाए जा रहे थे कि कपिल शर्मा का यह शो एक बार फिर ऑफएयर हो सकता है. लेकिन न्यूज एजेंसी आईएएनएस की खबर के अनुसार कृष्णा ने साफ कर दिया है कि उनका शो एक नए समय पर प्रसारित होगा. खबरें थीं कि कृष्णा अभिषेक, सुनील ग्रोवर और कपिल का शो छोड़ चुकी पूरी टीम के साथ 'कॉमेडी कंपनी' नाम का नया कॉमेडी शो लेकर आ रहे हैं, जो जल्द ही कपिल के शो को रिप्लेस कर सकता है. इस पर कृष्णा ने साफ किया है कि उनका शो एक नए समय पर प्रसारित होगा और कपिल के शो को रिप्लेस नहीं किया जाएगा. इसके साथ ही हो सकता है कि कपिल शर्मा का ही शो छोड़ कर गए साथियों के साथ शुरू होने वाले इस शो को कृष्णा कपिल के शो पर प्रमोट करने जाएं.टिप्पणियां
बता दें कि इससे पहले कलर्स चैनल पर कपिल शर्मा के शो को कृष्णा और भारती सिंह के शो ने रिप्लेस किया था. कृष्णा ने इस दौरान आईएएनएस से कहा, 'इसमें कोई विवाद नहीं है और इस शो का कपिल के शो से कोई लेना-देना नहीं है. कपिल का शो 9 से 10 बजे तक आता है और मेरा शो 8 से 9 बजे तक प्रसारित होगा. हमारे बीच कोई दुश्मनी नहीं है.'
जब मैं 'कॉमेडी नाइट्स बचाओ' करता था, तब हमारा शो एक ही समय पर आता था और लोग तय नहीं कर पाते थे कि कौन सा शो देखें. अब हम दोनों ही एक ही चैनल पर आने वाले हैं.'
कपिल शर्मा के कॉमेडी शो पर लगभग हर फिल्म के स्टार अपनी फिल्म का प्रमोशन करने पहुंचते थे. लेकिन जब से सलमान खान ने अपनी 'ट्यूबलाइट' की रोशनी कपिल के शो पर डालने के बजाए, कपिल का साथ छोड़ चुके उनके साथियों पर डाली, तभी से कपिल के शो पर चिंताएं फिर से उठने लग गई थीं.
कृष्णा और कपिल दोनों सोनी चैनल के शो 'कॉमेडी सर्कस' में साथ काम कर चुके हैं. कृष्णा ने कहा कि वह चाहते हैं कि वह अपने नए शो 'कॉमेडी कंपनी' का प्रमोशन कपिल शर्मा के शो पर करें. कृष्णा ने कहा, ' मैं चैनल को भी कह चुका हूं कि मैं कपिल के शो पर अपना शो प्रमोट करना चाहता हूं. पिछले 5 सालों में यह पहली बार होगा कि हम एक ही मंच पर होंगे. मैं अपने शो के शुरू होने और उसे कपिल के शो पर प्रमोट करने का बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं.'
बता दें कि इससे पहले कलर्स चैनल पर कपिल शर्मा के शो को कृष्णा और भारती सिंह के शो ने रिप्लेस किया था. कृष्णा ने इस दौरान आईएएनएस से कहा, 'इसमें कोई विवाद नहीं है और इस शो का कपिल के शो से कोई लेना-देना नहीं है. कपिल का शो 9 से 10 बजे तक आता है और मेरा शो 8 से 9 बजे तक प्रसारित होगा. हमारे बीच कोई दुश्मनी नहीं है.'
जब मैं 'कॉमेडी नाइट्स बचाओ' करता था, तब हमारा शो एक ही समय पर आता था और लोग तय नहीं कर पाते थे कि कौन सा शो देखें. अब हम दोनों ही एक ही चैनल पर आने वाले हैं.'
कपिल शर्मा के कॉमेडी शो पर लगभग हर फिल्म के स्टार अपनी फिल्म का प्रमोशन करने पहुंचते थे. लेकिन जब से सलमान खान ने अपनी 'ट्यूबलाइट' की रोशनी कपिल के शो पर डालने के बजाए, कपिल का साथ छोड़ चुके उनके साथियों पर डाली, तभी से कपिल के शो पर चिंताएं फिर से उठने लग गई थीं.
कृष्णा और कपिल दोनों सोनी चैनल के शो 'कॉमेडी सर्कस' में साथ काम कर चुके हैं. कृष्णा ने कहा कि वह चाहते हैं कि वह अपने नए शो 'कॉमेडी कंपनी' का प्रमोशन कपिल शर्मा के शो पर करें. कृष्णा ने कहा, ' मैं चैनल को भी कह चुका हूं कि मैं कपिल के शो पर अपना शो प्रमोट करना चाहता हूं. पिछले 5 सालों में यह पहली बार होगा कि हम एक ही मंच पर होंगे. मैं अपने शो के शुरू होने और उसे कपिल के शो पर प्रमोट करने का बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं.'
कृष्णा और कपिल दोनों सोनी चैनल के शो 'कॉमेडी सर्कस' में साथ काम कर चुके हैं. कृष्णा ने कहा कि वह चाहते हैं कि वह अपने नए शो 'कॉमेडी कंपनी' का प्रमोशन कपिल शर्मा के शो पर करें. कृष्णा ने कहा, ' मैं चैनल को भी कह चुका हूं कि मैं कपिल के शो पर अपना शो प्रमोट करना चाहता हूं. पिछले 5 सालों में यह पहली बार होगा कि हम एक ही मंच पर होंगे. मैं अपने शो के शुरू होने और उसे कपिल के शो पर प्रमोट करने का बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं.' | यह एक सारांश है: कृष्णा का शो नहीं करेगा कपिल शर्मा के शो को रिप्लेस
कपिल शर्मा के शो पर अपना कॉमेडी शो प्रमोट करना चाहते हैं कृष्णा
कृष्णा के साथ नए शो में नजर आएंगे सुनील ग्रोवर, अली असगर | 21 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: निचली अदालतों में छोटे छोटे कारणों को लेकर मुकदमे की सुनवाई के लिए लंबी तारीख देने की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त करते हुए उच्चतम न्यायालय ने अधीनस्थ न्यायपालिका से कहा है कि वे इससे बचें और वकीलों के ऐसे आचरण के मूकदर्शक न बनें।
न्यायमूर्ति केएस राधाकृष्णन और न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा की खंडपीठ ने कहा कि निचली अदालत के न्यायाधीश मुकदमे की सुनवाई स्थगित करने के अनुरोध स्वीकार करके अपनी जिम्मेदारी छोड़ नहीं सकते और अदालती कार्यवाही के चलने के तरीके के वह मूकदर्शक नहीं बन सकते।
न्यायाधीशों ने उम्मीद व्यक्त की कि निचली अदालतें कानूनी प्रावधानों और शीर्ष अदालत की व्याख्याओं को ध्यान में रखेंगे और वे न तो अपनी सोच से निर्देशित होंगी और न ही उन्हें संबंधित पक्षों के वकीलों द्वारा अपने हिसाब से अदालती कार्यवाही नियंत्रित करने के मामले में मूकदर्शक बने रहना चाहिए।
न्यायालय ने कहा कि निचली अदालतों को अपनी भूमिका निभानी होगी। उन्हें मुकदमे की निगरानी करनी होगी और वे अपनी जिम्मेदारी छोड़ नहीं सकते हैं। टिप्पणियां
शीर्ष अदालत ने कहा कि न्याय व्यवस्था को पक्षकारों या उनके वकीलों की मनमर्जी पर नहीं छोड़ा जा सकता और निचली अदालतों को अनावश्यक स्थगन नहीं देने चाहिए। न्यायालय ने वकीलों से भी कहा कि वे मुकदमों की सुनवाई स्थगित कराने के लिए तरह तरह के तरीके अपनाकर सुनवाई की निष्पक्षता का किसी भी तरह निरादर नहीं करें।
न्यायालय ने पंजाब में आत्महत्या के एक मामले में आरोपी और उसके वकील के अनुरोध पर अनावश्यक रूप से मुकदमे की सुनवाई स्थगित करने के कारण गवाहों से पूछताछ की प्रक्रिया में दो साल से भी अधिक समय लगने के तथ्य के मद्देनजर यह टिप्पणी की।
न्यायमूर्ति केएस राधाकृष्णन और न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा की खंडपीठ ने कहा कि निचली अदालत के न्यायाधीश मुकदमे की सुनवाई स्थगित करने के अनुरोध स्वीकार करके अपनी जिम्मेदारी छोड़ नहीं सकते और अदालती कार्यवाही के चलने के तरीके के वह मूकदर्शक नहीं बन सकते।
न्यायाधीशों ने उम्मीद व्यक्त की कि निचली अदालतें कानूनी प्रावधानों और शीर्ष अदालत की व्याख्याओं को ध्यान में रखेंगे और वे न तो अपनी सोच से निर्देशित होंगी और न ही उन्हें संबंधित पक्षों के वकीलों द्वारा अपने हिसाब से अदालती कार्यवाही नियंत्रित करने के मामले में मूकदर्शक बने रहना चाहिए।
न्यायालय ने कहा कि निचली अदालतों को अपनी भूमिका निभानी होगी। उन्हें मुकदमे की निगरानी करनी होगी और वे अपनी जिम्मेदारी छोड़ नहीं सकते हैं। टिप्पणियां
शीर्ष अदालत ने कहा कि न्याय व्यवस्था को पक्षकारों या उनके वकीलों की मनमर्जी पर नहीं छोड़ा जा सकता और निचली अदालतों को अनावश्यक स्थगन नहीं देने चाहिए। न्यायालय ने वकीलों से भी कहा कि वे मुकदमों की सुनवाई स्थगित कराने के लिए तरह तरह के तरीके अपनाकर सुनवाई की निष्पक्षता का किसी भी तरह निरादर नहीं करें।
न्यायालय ने पंजाब में आत्महत्या के एक मामले में आरोपी और उसके वकील के अनुरोध पर अनावश्यक रूप से मुकदमे की सुनवाई स्थगित करने के कारण गवाहों से पूछताछ की प्रक्रिया में दो साल से भी अधिक समय लगने के तथ्य के मद्देनजर यह टिप्पणी की।
न्यायाधीशों ने उम्मीद व्यक्त की कि निचली अदालतें कानूनी प्रावधानों और शीर्ष अदालत की व्याख्याओं को ध्यान में रखेंगे और वे न तो अपनी सोच से निर्देशित होंगी और न ही उन्हें संबंधित पक्षों के वकीलों द्वारा अपने हिसाब से अदालती कार्यवाही नियंत्रित करने के मामले में मूकदर्शक बने रहना चाहिए।
न्यायालय ने कहा कि निचली अदालतों को अपनी भूमिका निभानी होगी। उन्हें मुकदमे की निगरानी करनी होगी और वे अपनी जिम्मेदारी छोड़ नहीं सकते हैं। टिप्पणियां
शीर्ष अदालत ने कहा कि न्याय व्यवस्था को पक्षकारों या उनके वकीलों की मनमर्जी पर नहीं छोड़ा जा सकता और निचली अदालतों को अनावश्यक स्थगन नहीं देने चाहिए। न्यायालय ने वकीलों से भी कहा कि वे मुकदमों की सुनवाई स्थगित कराने के लिए तरह तरह के तरीके अपनाकर सुनवाई की निष्पक्षता का किसी भी तरह निरादर नहीं करें।
न्यायालय ने पंजाब में आत्महत्या के एक मामले में आरोपी और उसके वकील के अनुरोध पर अनावश्यक रूप से मुकदमे की सुनवाई स्थगित करने के कारण गवाहों से पूछताछ की प्रक्रिया में दो साल से भी अधिक समय लगने के तथ्य के मद्देनजर यह टिप्पणी की।
न्यायालय ने कहा कि निचली अदालतों को अपनी भूमिका निभानी होगी। उन्हें मुकदमे की निगरानी करनी होगी और वे अपनी जिम्मेदारी छोड़ नहीं सकते हैं। टिप्पणियां
शीर्ष अदालत ने कहा कि न्याय व्यवस्था को पक्षकारों या उनके वकीलों की मनमर्जी पर नहीं छोड़ा जा सकता और निचली अदालतों को अनावश्यक स्थगन नहीं देने चाहिए। न्यायालय ने वकीलों से भी कहा कि वे मुकदमों की सुनवाई स्थगित कराने के लिए तरह तरह के तरीके अपनाकर सुनवाई की निष्पक्षता का किसी भी तरह निरादर नहीं करें।
न्यायालय ने पंजाब में आत्महत्या के एक मामले में आरोपी और उसके वकील के अनुरोध पर अनावश्यक रूप से मुकदमे की सुनवाई स्थगित करने के कारण गवाहों से पूछताछ की प्रक्रिया में दो साल से भी अधिक समय लगने के तथ्य के मद्देनजर यह टिप्पणी की।
शीर्ष अदालत ने कहा कि न्याय व्यवस्था को पक्षकारों या उनके वकीलों की मनमर्जी पर नहीं छोड़ा जा सकता और निचली अदालतों को अनावश्यक स्थगन नहीं देने चाहिए। न्यायालय ने वकीलों से भी कहा कि वे मुकदमों की सुनवाई स्थगित कराने के लिए तरह तरह के तरीके अपनाकर सुनवाई की निष्पक्षता का किसी भी तरह निरादर नहीं करें।
न्यायालय ने पंजाब में आत्महत्या के एक मामले में आरोपी और उसके वकील के अनुरोध पर अनावश्यक रूप से मुकदमे की सुनवाई स्थगित करने के कारण गवाहों से पूछताछ की प्रक्रिया में दो साल से भी अधिक समय लगने के तथ्य के मद्देनजर यह टिप्पणी की।
न्यायालय ने पंजाब में आत्महत्या के एक मामले में आरोपी और उसके वकील के अनुरोध पर अनावश्यक रूप से मुकदमे की सुनवाई स्थगित करने के कारण गवाहों से पूछताछ की प्रक्रिया में दो साल से भी अधिक समय लगने के तथ्य के मद्देनजर यह टिप्पणी की। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: निचली अदालतों में छोटे छोटे कारणों को लेकर मुकदमे की सुनवाई के लिए लंबी तारीख देने की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त करते हुए उच्चतम न्यायालय ने अधीनस्थ न्यायपालिका से कहा है कि वे इससे बचें और वकीलों के ऐसे आचरण के मूकदर्शक न बनें। | 11 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: नेहा कक्कड़ (Neha Kakkar) के वीडियो अकसर सोशल मीडिया पर धूम मचाते हैं. इस बार भी उनके कुछ वीडियो जमकर वायरल हो रहे हैं. नेहा कक्कड़ इस वीडियो में अपने उसुपरहिट सॉन्ग को स्टेज पर परफॉर्म कर रही है. नेहा कक्कड़ के ये वीडियो टिकटॉक (TikTok Video) पर ट्रेंड कर रहे हैं. उनके इस वीडियो में देखा जा सकता है कि वो अपने यूनिक स्टाइल से लोगों को फैन्स को इंटरटेन कर रही हैं. नेहा कक्कड़ (Neha Kakkar TikTok Video) के वीडियो अब टिकटॉक पर भी खूब ट्रेंड करते हैं. नेहा कक्कड़ के इन वीडियो ने धमाल मचा दिया है.
नेहा कक्कड़ (Neha Kakkar) बॉलीवुड की सबसे पॉपुलर सिंगर में से एक हैं. वो सिंगिंग के अलावा डांस और कॉमेडी के लिए भी जानी जाती हैं. नेहा कक्कड़ सोशल मीडिया पर भी कफी एक्टिव रहती हैं. वो अपने फैंस के लिए अपने इवेंट्स के वीडियो और तस्वीरें शेयर करती रहती हैं. नेहा कक्कड़ अपने स्टेज परफॉर्मेंस की जानकारी अपने फैन्स को पहले ही दे देती हैं. नेहा कक्कड़ के ये वीडियो टिकटॉक पर खूब ट्रेंड कर रहे हैं.
बता दें कि बॉलीवुड की पॉपुलर सिंगर नेहा कक्कड़ (Neha Kakkar) दिल्ली की रहने वाली हैं और बचपन से सिंगिंग कर रही हैं. 30 वर्षीया नेहा कक्कड़ ने सिंगिंग रियलिटी शो इंडियन आइडल में 2006 में हिस्सा लिया था और वे इस शो की जज भी कर चुकी हैं. बीते साल नेहा कक्कड़ ने अपने सोशल मीडिया एकाउंट पर बॉयफ्रेंड हिमांश कोहली से ब्रेकअप की खबर दी थी, और वे कई मौकों पर काफी इमोशनल भी होती नजर आई थीं. लेकिन अब वे अपने करियर पर फिर से तेज रफ्तार से दौड़ रही हैं. | यह एक सारांश है: नेहा कक्कड़ ने मचाई धूम
फैंस को खूब किया इंटरटेन
वायरल हो रहा है नेहा कक्कड़ का वीडियो | 2 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: सन 1984 के सिखों के खिलाफ हुए दंगों को लेकर कांग्रेस के नेता सैम पित्रोदा के बयान पर विवाद गहराता जा रहा है. बीजेपी के नेता संबित पात्रा ने कहा है कि सैम पित्रोदा के इस बयान पर कांग्रेस उन्हें पार्टी से निकाले और सोनिया व राहुल गांधी इस बयान के लिए माफी मांगें.
बीजेपी ने नेता संबित पात्रा ने कहा कि 'यह मामला 1984 दंगे से जुड़ा हुआ है. कल राजीव गांधी और राहुल गांधी के राजनीतिक गुरु सैम पित्रोदा के बयान की हम निंदा करते हैं ...वो दंगा नहीं था बल्कि वह नरसंहार था जिसे भुलाया नहीं जा सकता है. उस वक्त कांग्रेस के नेताओं ने वोटर लिस्ट से, स्कूल की लिस्ट से सिखों का चयन किया. उसके बाद उस वक्त नरसंहार हुआ था. कांग्रेस पार्टी ने कल यह बयान देकर जो काम किया है, इस मामले में सैम पित्रोदा को पार्टी से निकालकर सोनिया गांधी और राहुल गांधी को माफी मांगनी चाहिए.'
बीजेपी ने कांग्रेस नेता सैम पित्रोदा पर 1984 के सिख विरोधी दंगों पर उनकी कथित टिप्पणियों को लेकर निशाना साधा और माफी की मांग की.
समाचार एजेंसी एएनआई को दिए एक बयान में सैम पित्रोदा ने कहा, 'मैं इसके बारे में नहीं सोचता, यह भी एक और झूठ है. 1984 के बारे में अब क्या? आपने पिछले पांच साल में क्या किया, 84 में हुआ तो हुआ, आपने क्या किया?' उनके इस बयान पर केन्द्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि पित्रोदा की टिप्पणियां "हैरान" करने वाली हैं और किसी को भी इसकी उम्मीद नहीं थी. जावड़ेकर ने कहा, "उन्होंने (पित्रोदा) कहा कि 1984 में नरसंहार हुआ. तो क्या? देश को यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है और हम इसे बर्दाशत नहीं कर सकते."
बीजेपी नेता ने कांग्रेस पर लोगों की भावनाओं से खेलने का आरोप लगाया. जावड़ेकर ने कहा, "पित्रोदा राजीव गांधी के साथी और राहुल गांधी के गुरु हैं. अगर गुरु ऐसा है तो 'चेला' कैसा होगा? कांग्रेस यही कर रही है. पूरी तरह से जनता की भावनाओं के प्रति असंवेदनशील." | संक्षिप्त पाठ: राजीव गांधी और राहुल गांधी के राजनीतिक गुरु पित्रोदा के बयान की निंदा की
सैम पित्रोदा ने कहा था, 84 में हुआ तो हुआ, आपने क्या किया?
बीजेपी ने कांग्रेस पर लोगों की भावनाओं से खेलने का आरोप लगाया | 13 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: एक तरफ जहां सरकार आर्थिक सुधारों को लेकर घरेलू मोर्चे पर आलोचनाओं को झेल रही है, वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि अमेरिकी कंपनियां इस बात से चिंतित है कि भारत में निवेश का वातावरण बिगड़ रहा है।
ओबामा ने कहा कि भारत ने खुदरा जैसे कई क्षेत्रों में विदेशी निवेश को सीमित कर रखा है। हालांकि ओबामा ने कहा कि हाल की कठिनाइयों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था अब भी उल्लेखनीय दर से वृद्धि कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि सुधार के कठिन कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने में भारत को अमेरिका का सहयोग मिलता रहेगा। उन्होंने कहा कि भारत की वृद्धि दर में हाल में दिखी नरमी विश्व अर्थव्यवस्था में व्यापक नरमी का प्रतिबिम्ब है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने भारत तथा दुनिया की अर्थव्यवस्था के बारे में कई तरह के सवालों के जवाब दिए। साथ ही उन्होंने भारत-पाकिस्तान संबंधों, एशिया-प्रशांत क्षेत्र में अमेरिकी रणनीति के बारे में भी बोला। बातचीत में ओबामा ने भारत में निवेश के माहौल की सीधे आलोचना नहीं करने की सावधानी बरती। उन्होंने इस विषय में कहा कि अमेरिकी के कंपनी जगत का कहना है कि उसे भारत में निवेश के वातावरण में गिरावट को लेकर चिंता है। टिप्पणियां
इधर, ओबामा की चिंता को खारिज करते हुए केंद्रीय कॉरपोरेट मामलों के मंत्री वीरप्पा मोइली ने कहा कि कुछ अंतरराष्ट्रीय लॉबियां ऐसी कहानियां फैला रही हैं और अमेरिकी राष्ट्रपति को देश की मजबूत आर्थिक बुनियादों की उचित जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने कहा, ‘वोडाफोन जैसी कुछ अंतरराष्ट्रीय लॉबियां इस प्रकार की बातें फैला रही हैं और ओबामा को उन चीजों को उचित जानकारी नहीं दी गई है जो यहां हो रही हैं खासकर जब भारत की आर्थिक बुनियाद मजबूत हैं।’
मोइली ने आरोप लगाया कि भारत में गिरते निवेश माहौल की अवधारणा आर्थिक मापदंड पर आधारित नहीं है बल्कि कुछ व्यक्तियों, उद्यमियों और निवेशकों की कुछ खास धारणा पर आधारित है। उन्होंने कहा, ‘इस अवधारणा को दूर किया जा रहा है। मुझे लगता है कि दो तीन महीने में यह अवधारणा दूर हो जाएगी और जब यह दूर हो जाएगी तब हम फिर उसी गति से आगे बढ़ने के लिए तैयार हो जाएंगे जैसा कि पिछले दशक में किया था।’
ओबामा ने कहा कि भारत ने खुदरा जैसे कई क्षेत्रों में विदेशी निवेश को सीमित कर रखा है। हालांकि ओबामा ने कहा कि हाल की कठिनाइयों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था अब भी उल्लेखनीय दर से वृद्धि कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि सुधार के कठिन कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने में भारत को अमेरिका का सहयोग मिलता रहेगा। उन्होंने कहा कि भारत की वृद्धि दर में हाल में दिखी नरमी विश्व अर्थव्यवस्था में व्यापक नरमी का प्रतिबिम्ब है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने भारत तथा दुनिया की अर्थव्यवस्था के बारे में कई तरह के सवालों के जवाब दिए। साथ ही उन्होंने भारत-पाकिस्तान संबंधों, एशिया-प्रशांत क्षेत्र में अमेरिकी रणनीति के बारे में भी बोला। बातचीत में ओबामा ने भारत में निवेश के माहौल की सीधे आलोचना नहीं करने की सावधानी बरती। उन्होंने इस विषय में कहा कि अमेरिकी के कंपनी जगत का कहना है कि उसे भारत में निवेश के वातावरण में गिरावट को लेकर चिंता है। टिप्पणियां
इधर, ओबामा की चिंता को खारिज करते हुए केंद्रीय कॉरपोरेट मामलों के मंत्री वीरप्पा मोइली ने कहा कि कुछ अंतरराष्ट्रीय लॉबियां ऐसी कहानियां फैला रही हैं और अमेरिकी राष्ट्रपति को देश की मजबूत आर्थिक बुनियादों की उचित जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने कहा, ‘वोडाफोन जैसी कुछ अंतरराष्ट्रीय लॉबियां इस प्रकार की बातें फैला रही हैं और ओबामा को उन चीजों को उचित जानकारी नहीं दी गई है जो यहां हो रही हैं खासकर जब भारत की आर्थिक बुनियाद मजबूत हैं।’
मोइली ने आरोप लगाया कि भारत में गिरते निवेश माहौल की अवधारणा आर्थिक मापदंड पर आधारित नहीं है बल्कि कुछ व्यक्तियों, उद्यमियों और निवेशकों की कुछ खास धारणा पर आधारित है। उन्होंने कहा, ‘इस अवधारणा को दूर किया जा रहा है। मुझे लगता है कि दो तीन महीने में यह अवधारणा दूर हो जाएगी और जब यह दूर हो जाएगी तब हम फिर उसी गति से आगे बढ़ने के लिए तैयार हो जाएंगे जैसा कि पिछले दशक में किया था।’
अमेरिकी राष्ट्रपति ने भारत तथा दुनिया की अर्थव्यवस्था के बारे में कई तरह के सवालों के जवाब दिए। साथ ही उन्होंने भारत-पाकिस्तान संबंधों, एशिया-प्रशांत क्षेत्र में अमेरिकी रणनीति के बारे में भी बोला। बातचीत में ओबामा ने भारत में निवेश के माहौल की सीधे आलोचना नहीं करने की सावधानी बरती। उन्होंने इस विषय में कहा कि अमेरिकी के कंपनी जगत का कहना है कि उसे भारत में निवेश के वातावरण में गिरावट को लेकर चिंता है। टिप्पणियां
इधर, ओबामा की चिंता को खारिज करते हुए केंद्रीय कॉरपोरेट मामलों के मंत्री वीरप्पा मोइली ने कहा कि कुछ अंतरराष्ट्रीय लॉबियां ऐसी कहानियां फैला रही हैं और अमेरिकी राष्ट्रपति को देश की मजबूत आर्थिक बुनियादों की उचित जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने कहा, ‘वोडाफोन जैसी कुछ अंतरराष्ट्रीय लॉबियां इस प्रकार की बातें फैला रही हैं और ओबामा को उन चीजों को उचित जानकारी नहीं दी गई है जो यहां हो रही हैं खासकर जब भारत की आर्थिक बुनियाद मजबूत हैं।’
मोइली ने आरोप लगाया कि भारत में गिरते निवेश माहौल की अवधारणा आर्थिक मापदंड पर आधारित नहीं है बल्कि कुछ व्यक्तियों, उद्यमियों और निवेशकों की कुछ खास धारणा पर आधारित है। उन्होंने कहा, ‘इस अवधारणा को दूर किया जा रहा है। मुझे लगता है कि दो तीन महीने में यह अवधारणा दूर हो जाएगी और जब यह दूर हो जाएगी तब हम फिर उसी गति से आगे बढ़ने के लिए तैयार हो जाएंगे जैसा कि पिछले दशक में किया था।’
इधर, ओबामा की चिंता को खारिज करते हुए केंद्रीय कॉरपोरेट मामलों के मंत्री वीरप्पा मोइली ने कहा कि कुछ अंतरराष्ट्रीय लॉबियां ऐसी कहानियां फैला रही हैं और अमेरिकी राष्ट्रपति को देश की मजबूत आर्थिक बुनियादों की उचित जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने कहा, ‘वोडाफोन जैसी कुछ अंतरराष्ट्रीय लॉबियां इस प्रकार की बातें फैला रही हैं और ओबामा को उन चीजों को उचित जानकारी नहीं दी गई है जो यहां हो रही हैं खासकर जब भारत की आर्थिक बुनियाद मजबूत हैं।’
मोइली ने आरोप लगाया कि भारत में गिरते निवेश माहौल की अवधारणा आर्थिक मापदंड पर आधारित नहीं है बल्कि कुछ व्यक्तियों, उद्यमियों और निवेशकों की कुछ खास धारणा पर आधारित है। उन्होंने कहा, ‘इस अवधारणा को दूर किया जा रहा है। मुझे लगता है कि दो तीन महीने में यह अवधारणा दूर हो जाएगी और जब यह दूर हो जाएगी तब हम फिर उसी गति से आगे बढ़ने के लिए तैयार हो जाएंगे जैसा कि पिछले दशक में किया था।’
मोइली ने आरोप लगाया कि भारत में गिरते निवेश माहौल की अवधारणा आर्थिक मापदंड पर आधारित नहीं है बल्कि कुछ व्यक्तियों, उद्यमियों और निवेशकों की कुछ खास धारणा पर आधारित है। उन्होंने कहा, ‘इस अवधारणा को दूर किया जा रहा है। मुझे लगता है कि दो तीन महीने में यह अवधारणा दूर हो जाएगी और जब यह दूर हो जाएगी तब हम फिर उसी गति से आगे बढ़ने के लिए तैयार हो जाएंगे जैसा कि पिछले दशक में किया था।’ | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि उनके देश की कंपनियां इस बात से चिंतित है कि भारत में निवेश का वातावरण बिगड़ रहा है। दूसरी ओर, भारत में ओबामा के इस बयान की कड़ी आलोचना की गई है। | 3 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारत ने अंतरिक्ष में एंटी मिसाइल से एक लाइव सैटेलाइट को मार गिराते हुए बुधवार को अपना नाम अंतरिक्ष महाशक्ति के तौर पर दर्ज करा दिया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को राष्ट्र के नाम संदेश में यह जानकारी दी. भारत अंतरिक्ष में निचली कक्षा में लाइव सैटेलाइट को मार गिराने की क्षमता रखने वाला चौथा देश बन गया है. इससे पहले अमेरिका, रूस और चीन के पास ही ऐसी उपलब्धि थी. पीएम मोदी ने कहा, ‘‘मिशन शक्ति के तहत स्वदेशी एंटी सैटेलाइट मिसाइल ‘ए-सैट' से तीन मिनट में एक लाइव सैटेलाइट को मार गिराया गया.''
साल 2007 में चीन द्वारा परीक्षण करने के बाद कई देशों ने इस कदम की आलोचना की थी और अंतरिक्ष में सैन्यीकरण में संलग्न होने के गंभीर परिणामों का सामना करना पड़ सकता है. चीन ने यह कहते हुए आशंकाओं को दूर करने की कोशिश की थी कि वह बाहरी अंतरिक्ष में किसी भी तरह की हथियारों की दौड़ में भाग नहीं लेगा. एसैट (ASAT) मिसाइल ने भारतीय अंतरिक्ष प्रोग्राम में नई उपलब्धि हासिल की है.
पीएम मोदी ने कहा, A-SAT मिसाइल भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र को नई ताकत देगी. इससे किसी अंतरराष्ट्रीय कानून या संधि का उल्लंघन नहीं हुआ है. भारत हमेशा से अंतरिक्ष में हथियारों की होड़ के विरूद्ध रहा है और इससे (उपग्रह मार गिराने से) देश की इस नीति में कोई परिवर्तन नहीं आया है.
मोदी ने कहा कि हमने जो नई क्षमता हासिल की है, यह किसी के खिलाफ नहीं है बल्कि तेज गति से बढ़ रहे हिन्दुस्तान की रक्षात्मक पहल है. उन्होंने वैज्ञानिकों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी. प्रधानमंत्री ने कहा कि शांति एवं सुरक्षा का माहौल बनाने के लिए एक मजबूत भारत का निर्माण जरूरी है और हमारा उद्देश्य शांति का माहौल बनाना है, न कि युद्ध का माहौल बनाना. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: क्या है मिशन शक्ति?
दुनिया में चौथा अंतरिक्ष महाशक्ति बना भारत
मिली बड़ी उपलब्धि | 19 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: आपको बता दें कि लड़की उत्तर प्रदेश के अयोध्या की रहने वाली है. सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एनवी रमणा, जस्टिस इंदिरा बनर्जी और जस्टिस अजय रस्तोगी की बेंच ने इस मामले में दाखिल अर्जी पर सुनवाई के दौरान इसे विस्तार से सुनने के लिए सहमति दी है और यूपी सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है कि क्यों ना याचिकाकर्ता को इसकी इजाज़त दी जाए. दरअसल शादी के वक्त लड़की की उम्र 16 साल बताए जाने के बाद निचली अदालत ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि लड़की नाबालिग है ऐसे में उसे शेल्टर होम भेजा जाए. इसके बाद लड़की ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल कर निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी.
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखते हुए कहा कि याचिकाकर्ता लड़की नाबालिग है और वह अपने माता पिता के साथ नहीं रहना चाहती, लिहाजा उसे शेल्टर होम में भेजने का आदेश सही है. इस आदेश के साथ ही हाईकोर्ट ने शादी को शून्य करार दे दिया. वहीं इस लड़की ने अपने वकील दुष्यंत पाराशर के ज़रिए सुप्रीम कोर्ट में कहा कि हाईकोर्ट इस तथ्य को मानने में विफल रहा है कि उसका निकाह मुस्लिम कानून के अनुसार हुआ है. याचिका में लड़की ने अपने जीने, धार्मिक मान्यताओं का पालन करने और स्वतंत्रता के अधिकार की रक्षा के लिए दलील दी है कि वह एक युवक से प्रेम करती है और इस साल जून में मुस्लिम कानून के अनुसार उनका निकाह हो चुका है.
कथित निकाह के बाद लड़की के पिता ने लड़के के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कराया था. लड़की के पिता ने पुलिस को दर्ज कराई गई शिकायत में कहा कि एक युवक ने अपने साथियों के साथ मिलकर उसकी बेटी का अपहरण कर लिया है. हालांकि, लड़की ने मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज कराए गए अपने बयान में कहा है कि उसने उस व्यक्ति से अपनी मर्जी से शादी की है. वह उसके ही साथ रहना चाहती है. फिलहाल अब सुप्रीम कोर्ट इस विवाद को नए नज़रिए से सुनेगा यानी मुस्लिम आबादी के लिए देश का कानून और इस्लामिक कानून में से कौन सा कब, कहां और कैसे लागू होगा यह भी साफ होगा.
रद्द हुआ 150 साल पुराना एडल्ट्री क़ानून | सारांश: मुस्लिम लड़की ने की थी शादी
हाईकोर्ट ने शादी को शून्य करार दिया
लड़की ने सुप्रीम कोर्ट में लगाई गुहार | 20 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: कारोबारियों के संगठन एसोचैम ने कहा है कि भारत के विकासशील बाजार में चीन का व्यापक हित जुड़ा हुआ है और वह उसे नुकसान नहीं पहुंचाना चाहेगा।
एसोचैम ने शनिवार को एक बयान में कहा, "भारत के उभरते बाजार में चीन का हित व्यापक रूप से बढ़ रहा है। अभी 40 अरब डॉलर का व्यापार आधिक्य साल के आखिर तक बढ़कर 44 अरब डॉलर हो सकता है।"
दोनों देशों के बीच सीमा पर जारी गतिरोध के संदर्भ में कारोबारियों के संगठन ने कहा, "दोनों देशों के हित में यह है कि दोनों के सम्बंध बेहतर हों और वाणिज्यिक गतिविधियों से और मजबूत हो।"टिप्पणियां
बयान में कहा गया कि जब अधिकतर वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं की तरह चीन की अर्थव्यवस्था में सुस्ती जारी है, तब भारत को चीन का निर्यात चीन के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
एसोचैम ने कहा कि उम्मीद है कि अगले महीने चीनी प्रधानमंत्री ली केकियांग की भारत यात्रा के दौरान दोनों देश गतिरोध दूर कर लेंगे।
एसोचैम ने शनिवार को एक बयान में कहा, "भारत के उभरते बाजार में चीन का हित व्यापक रूप से बढ़ रहा है। अभी 40 अरब डॉलर का व्यापार आधिक्य साल के आखिर तक बढ़कर 44 अरब डॉलर हो सकता है।"
दोनों देशों के बीच सीमा पर जारी गतिरोध के संदर्भ में कारोबारियों के संगठन ने कहा, "दोनों देशों के हित में यह है कि दोनों के सम्बंध बेहतर हों और वाणिज्यिक गतिविधियों से और मजबूत हो।"टिप्पणियां
बयान में कहा गया कि जब अधिकतर वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं की तरह चीन की अर्थव्यवस्था में सुस्ती जारी है, तब भारत को चीन का निर्यात चीन के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
एसोचैम ने कहा कि उम्मीद है कि अगले महीने चीनी प्रधानमंत्री ली केकियांग की भारत यात्रा के दौरान दोनों देश गतिरोध दूर कर लेंगे।
दोनों देशों के बीच सीमा पर जारी गतिरोध के संदर्भ में कारोबारियों के संगठन ने कहा, "दोनों देशों के हित में यह है कि दोनों के सम्बंध बेहतर हों और वाणिज्यिक गतिविधियों से और मजबूत हो।"टिप्पणियां
बयान में कहा गया कि जब अधिकतर वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं की तरह चीन की अर्थव्यवस्था में सुस्ती जारी है, तब भारत को चीन का निर्यात चीन के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
एसोचैम ने कहा कि उम्मीद है कि अगले महीने चीनी प्रधानमंत्री ली केकियांग की भारत यात्रा के दौरान दोनों देश गतिरोध दूर कर लेंगे।
बयान में कहा गया कि जब अधिकतर वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं की तरह चीन की अर्थव्यवस्था में सुस्ती जारी है, तब भारत को चीन का निर्यात चीन के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
एसोचैम ने कहा कि उम्मीद है कि अगले महीने चीनी प्रधानमंत्री ली केकियांग की भारत यात्रा के दौरान दोनों देश गतिरोध दूर कर लेंगे।
एसोचैम ने कहा कि उम्मीद है कि अगले महीने चीनी प्रधानमंत्री ली केकियांग की भारत यात्रा के दौरान दोनों देश गतिरोध दूर कर लेंगे। | यह एक सारांश है: कारोबारियों के संगठन एसोचैम ने कहा है कि भारत के विकासशील बाजार में चीन का व्यापक हित जुड़ा हुआ है और वह उसे नुकसान नहीं पहुंचाना चाहेगा। | 2 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पिछले राष्ट्रीय खेलों में पदक तालिका में शीर्ष पर रहने वाले सर्विसेज स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड के खिलाड़ियों ने मंगलवार को दोपहर तक ही धनबाद के मैथन बांध में चल रही नौकायन में तीन स्वर्ण पदक जीतकर अपनी टीम को पदक तालिका में शीर्ष स्थान पर पहुंचा दिया। सर्विसेज की ओर से स्वर्ण सिंह ने सिंगल्स एकल्स 1500 मीटर में लव कुमार और सतीश जोशी ने काक्सवेन लेस पेयर्स 1500 मीटर में लाइव वेट डबल स्क्रल 1500 मीटर में शोकिंदर तोमर और संदीप कुमार ने स्वर्ण पदक जीते। मैथन बांध में चल रही रोइंग प्रतियोगिताओं में पुरुष वर्ग में सेना की टीमें बिलकुल छा गईं। इसी प्रकार महिलाओं के वर्ग में मणिपुर केरल और उड़ीसा की टीमों ने क्रमश: दो और एक एक स्वर्ण पदक जीते। सेना के दल ने जमशेदपुर में चल रही घुड़सवारी स्पर्धा में भी मंगलवार को दो और स्वर्ण पदक जीते जिसे मिलाकर इक्वेस्ट्रियन में अब तक उसने कुल चार स्वर्ण पदक जीत लिए हैं। ताइक्वांडो में भी सेना ने तीन स्वर्ण पदक अब तक अपने नाम किये हैं। पदक तालिका में सेना की टीम अब तक दस स्वर्ण छह रजत और छह ही कांस्य पदक जीतकर 22 पदकों के साथ शीर्घ स्थान पर पहुंच गई है। उसके साथ मणिपुर दस स्वर्ण और पांच रजत पदक लेकर दूसरे स्थान पर है। सोमवार की शाम तक तालिका में प्रथम स्थान पर रहने वाली मध्यप्रदेश की टीम नौ स्वर्ण आठ रजत और चौदह कांस्य पदकों के साथ 31 पदक जीतकर अब तक तालिका में तीसरे स्थान पर है। | यह एक सारांश है: सेना के दल ने जमशेदपुर में चल रही घुड़सवारी स्पर्धा में भी दो और स्वर्ण पदक जीते जिसे मिलाकर इक्वेस्ट्रियन में अब तक उसने कुल चार स्वर्ण पदक जीत लिए हैं। | 16 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: जापान के साथ हाल में हस्ताक्षर किए किए ऐतिहासिक असैन्य परमाणु करार में 'समाप्ति' उपबंध है और इसमें अलग से टिप्प्णी में समझौते को समाप्त करने संबंधी परिस्थितियों के बारे में जापान के दृष्टिकोण को रखा गया है.
सरकार का कहना है कि यह भारत पर बाध्यकारी नहीं है. यह महज जापानी पक्ष का 'दृष्टिकोण' दर्ज करने के लिए है जो इसे विशेष संवेदनशील समझता है. सरकार ने इस बात पर बल दिया कि अमेरिका एवं अन्य देशों के साथ हस्ताक्षरित किए इस प्रकार के समझौतों में भारत ने कोई अतिरिक्त टिप्पणी नहीं की है.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं उनके जापानी समकक्ष शिंजो आबे की उपस्थिति में शुक्रवार को टोक्यो में हस्ताक्षरित हुए परमाणु सहयोग समझौते में 'दृष्टिकोण एवं समझ' के बारे में एक टिप्पणी है. इसमें जापानी पक्ष ने भारत की सितंबर 2008 की उस प्रतिबद्धता का हवाला दिया है जिसमें परमाणु परीक्षण पर एकपक्षीय रोक की घोषणा की गई थी. इसमें कहा गया कि यदि इस प्रतिबद्धता का उल्लंघन किया गया तो समझौता रद्द हो जाएगा. भारत सरकार का कहना है कि यह महज दोनों पक्षों के विचारों को दर्ज करना है.
एक सूत्रों ने बताया, "जिन अन्य एनसीए (परमाणु सहयोग समझौतों) पर हमने समझौते किए हैं, उनमें भी समाप्ति उपबंध है जिसमें अमेरिका (अनुच्छेद 14) शामिल है. बहरहाल, वे परिस्थितियां जिनसे संभावित समाप्ति हो सकती है, उनको स्पष्ट तौर पर परिभाषित नहीं किया गया. शमन कारकों पर चिंता की जानी चाहिए." सूत्र ने कहा, "यह टिप्प्णी चंद मुद्दों पर वार्ताकारों के संबद्ध विचारों को महज दर्ज किया गया है. एनसीएस में यह ऐसी बात नहीं है जो बाध्यकारी हो." टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि परमाणु हमले को झेलने वाला एकमात्र देश होने के कारण जापान की विशेष संवेदनशीलता होने के कारण यह महसूस किया गया कि उनके दृष्टिकोण को एक अलग टिप्प्णी में शामिल किया जाए. यह टिप्पणी चंद मुद्दों पर वार्ताकारों के संबद्ध दृष्टिकोणों को दर्ज करना मात्र है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सरकार का कहना है कि यह भारत पर बाध्यकारी नहीं है. यह महज जापानी पक्ष का 'दृष्टिकोण' दर्ज करने के लिए है जो इसे विशेष संवेदनशील समझता है. सरकार ने इस बात पर बल दिया कि अमेरिका एवं अन्य देशों के साथ हस्ताक्षरित किए इस प्रकार के समझौतों में भारत ने कोई अतिरिक्त टिप्पणी नहीं की है.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं उनके जापानी समकक्ष शिंजो आबे की उपस्थिति में शुक्रवार को टोक्यो में हस्ताक्षरित हुए परमाणु सहयोग समझौते में 'दृष्टिकोण एवं समझ' के बारे में एक टिप्पणी है. इसमें जापानी पक्ष ने भारत की सितंबर 2008 की उस प्रतिबद्धता का हवाला दिया है जिसमें परमाणु परीक्षण पर एकपक्षीय रोक की घोषणा की गई थी. इसमें कहा गया कि यदि इस प्रतिबद्धता का उल्लंघन किया गया तो समझौता रद्द हो जाएगा. भारत सरकार का कहना है कि यह महज दोनों पक्षों के विचारों को दर्ज करना है.
एक सूत्रों ने बताया, "जिन अन्य एनसीए (परमाणु सहयोग समझौतों) पर हमने समझौते किए हैं, उनमें भी समाप्ति उपबंध है जिसमें अमेरिका (अनुच्छेद 14) शामिल है. बहरहाल, वे परिस्थितियां जिनसे संभावित समाप्ति हो सकती है, उनको स्पष्ट तौर पर परिभाषित नहीं किया गया. शमन कारकों पर चिंता की जानी चाहिए." सूत्र ने कहा, "यह टिप्प्णी चंद मुद्दों पर वार्ताकारों के संबद्ध विचारों को महज दर्ज किया गया है. एनसीएस में यह ऐसी बात नहीं है जो बाध्यकारी हो." टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि परमाणु हमले को झेलने वाला एकमात्र देश होने के कारण जापान की विशेष संवेदनशीलता होने के कारण यह महसूस किया गया कि उनके दृष्टिकोण को एक अलग टिप्प्णी में शामिल किया जाए. यह टिप्पणी चंद मुद्दों पर वार्ताकारों के संबद्ध दृष्टिकोणों को दर्ज करना मात्र है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं उनके जापानी समकक्ष शिंजो आबे की उपस्थिति में शुक्रवार को टोक्यो में हस्ताक्षरित हुए परमाणु सहयोग समझौते में 'दृष्टिकोण एवं समझ' के बारे में एक टिप्पणी है. इसमें जापानी पक्ष ने भारत की सितंबर 2008 की उस प्रतिबद्धता का हवाला दिया है जिसमें परमाणु परीक्षण पर एकपक्षीय रोक की घोषणा की गई थी. इसमें कहा गया कि यदि इस प्रतिबद्धता का उल्लंघन किया गया तो समझौता रद्द हो जाएगा. भारत सरकार का कहना है कि यह महज दोनों पक्षों के विचारों को दर्ज करना है.
एक सूत्रों ने बताया, "जिन अन्य एनसीए (परमाणु सहयोग समझौतों) पर हमने समझौते किए हैं, उनमें भी समाप्ति उपबंध है जिसमें अमेरिका (अनुच्छेद 14) शामिल है. बहरहाल, वे परिस्थितियां जिनसे संभावित समाप्ति हो सकती है, उनको स्पष्ट तौर पर परिभाषित नहीं किया गया. शमन कारकों पर चिंता की जानी चाहिए." सूत्र ने कहा, "यह टिप्प्णी चंद मुद्दों पर वार्ताकारों के संबद्ध विचारों को महज दर्ज किया गया है. एनसीएस में यह ऐसी बात नहीं है जो बाध्यकारी हो." टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि परमाणु हमले को झेलने वाला एकमात्र देश होने के कारण जापान की विशेष संवेदनशीलता होने के कारण यह महसूस किया गया कि उनके दृष्टिकोण को एक अलग टिप्प्णी में शामिल किया जाए. यह टिप्पणी चंद मुद्दों पर वार्ताकारों के संबद्ध दृष्टिकोणों को दर्ज करना मात्र है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
एक सूत्रों ने बताया, "जिन अन्य एनसीए (परमाणु सहयोग समझौतों) पर हमने समझौते किए हैं, उनमें भी समाप्ति उपबंध है जिसमें अमेरिका (अनुच्छेद 14) शामिल है. बहरहाल, वे परिस्थितियां जिनसे संभावित समाप्ति हो सकती है, उनको स्पष्ट तौर पर परिभाषित नहीं किया गया. शमन कारकों पर चिंता की जानी चाहिए." सूत्र ने कहा, "यह टिप्प्णी चंद मुद्दों पर वार्ताकारों के संबद्ध विचारों को महज दर्ज किया गया है. एनसीएस में यह ऐसी बात नहीं है जो बाध्यकारी हो." टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि परमाणु हमले को झेलने वाला एकमात्र देश होने के कारण जापान की विशेष संवेदनशीलता होने के कारण यह महसूस किया गया कि उनके दृष्टिकोण को एक अलग टिप्प्णी में शामिल किया जाए. यह टिप्पणी चंद मुद्दों पर वार्ताकारों के संबद्ध दृष्टिकोणों को दर्ज करना मात्र है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा कि परमाणु हमले को झेलने वाला एकमात्र देश होने के कारण जापान की विशेष संवेदनशीलता होने के कारण यह महसूस किया गया कि उनके दृष्टिकोण को एक अलग टिप्प्णी में शामिल किया जाए. यह टिप्पणी चंद मुद्दों पर वार्ताकारों के संबद्ध दृष्टिकोणों को दर्ज करना मात्र है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त सारांश: जापान के साथ हाल में असैन्य परमाणु करार में 'समाप्ति' उपबंध है
सरकार का कहना है कि यह भारत पर बाध्यकारी नहीं है
भारत सरकार का कहना है कि यह महज दोनों पक्षों के विचारों को दर्ज करना है | 10 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: पंजाब और हरियाणा के बीच SYL विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दोनों राज्य इस मुद्दे शांति बनाए रखें. जब तक कोर्ट में सुनवाई चल रही है पंजाब और हरियाणा सरकार से सुनिश्चित करें कि SYL को लेकर कोई धरना प्रदर्शन ना हो. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि SYL पर कोर्ट का फैसला लागू होना चाहिए. कोर्ट ने पंजाब को फटकार लगाते हुए कहा कि अगर हरियाणा ने अपने इलाके में नहर बनाने का काम पूरा कर लिया है तो पंजाब ने क्यों नहीं किया. अगर नहर के लिए पानी की समस्या है तो बाद में देखेंगे. पंजाब पहले नहर का निर्माण करे फिर पानी के बारे में तय करेंगे. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को दो महीने का वक्त दिया ताकि वह दोनों राज्यों के बीच सुलह की कोशिश कर सकें. कोर्ट ने कहा कि वक्त का मतलब यह नहीं है कि पंजाब सरकार इसे लंबा खींचे. अगली सुनवाई सात सितंबर को होगी.
वहीं केंद्र सरकार की ओर से SG रंजीत कुमार ने कोर्ट में कहा कि इस मामले में दोनों राज्यों के बीच फिर से सुलह की कोशिश करेंगे. सतलुज-यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर मामले में सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई. अब इस मामले की सुनवाई जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय बेंच कर रही है. SYL मामले की सुनवाई कर रही बेंच का हिस्सा रहे जस्टिस पीसी घोष मई में सेवानिवृत्त हो गए थे.
सोमवार को हरियाणा सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई कि सतलज-यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर मामले की सुनवाई की जल्द से जल्द तारीख लगाई जाए. हरियाणा सरकार ने इस मामले पर सुनवाई के लिए नई बेंच के गठन की गुहार लगाई. पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि नहर के निर्माण को लेकर दिए गए उसके आदेश का पालन होना चाहिए.
वहीं केंद्र सरकार की ओर से SG रंजीत कुमार ने कोर्ट में कहा कि इस मामले में दोनों राज्यों के बीच फिर से सुलह की कोशिश करेंगे. सतलुज-यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर मामले में सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई. अब इस मामले की सुनवाई जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय बेंच कर रही है. SYL मामले की सुनवाई कर रही बेंच का हिस्सा रहे जस्टिस पीसी घोष मई में सेवानिवृत्त हो गए थे.
सोमवार को हरियाणा सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई कि सतलज-यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर मामले की सुनवाई की जल्द से जल्द तारीख लगाई जाए. हरियाणा सरकार ने इस मामले पर सुनवाई के लिए नई बेंच के गठन की गुहार लगाई. पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि नहर के निर्माण को लेकर दिए गए उसके आदेश का पालन होना चाहिए. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: दोनों राज्यों से शांति की अपील की
पंजाब पहले नहर का निर्माण करे फिर पानी का तय करेंगे.
हरियाणा नहर का निर्माण करवा चुका है | 32 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: दुनिया के सबसे तेज धावक जमैका के उसेन बोल्ट के हस्ताक्षर वाला जूता इंटरनेट नीलामी में 18,152 डॉलर (करीब 12 लाख रुपये) में बिका. एक समाचार एजेंसी के मुताबिक 30 बोलियों के बाद अंतिम रकम सामने आई. नीलामी करने वाली संस्था काटाविकी ने इसकी शुरुआती कीमत 8 हजार डॉलर रखी थी.
बोल्ट ने यह जूता 2015 वर्ल्ड चैम्पियनशिप (बीजिंग) के दौरान पहना था. इस जूते को पहनकर बोल्ट ने 100 मीटर रेस में अमेरिका के जस्टिन गाटलिन को पीछे छोड़ा था. इस जूते के साथ बोल्ट ने 200 तथा 4 गुणा 100 मीटर रिले रेस का भी स्वर्ण जीता था.टिप्पणियां
गौरतलब है कि रियो ओलिंपिक में बोल्ट ने 100 मीटर, 200 मीटर और चार गुणा 100 मीटर रिले में गोल्ड मेडल जीत हैं. ओलिंपिक खेलों में अब तक 30 साल के बोल्ट 9 गोल्ड जीत चुके हैं. तमाम उपलब्धियों की वजह से ही बोल्ट ने अब कहा है, ‘मैंने दुनिया को साबित कर दिया कि मैं महानतम हूं.' (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
बोल्ट ने यह जूता 2015 वर्ल्ड चैम्पियनशिप (बीजिंग) के दौरान पहना था. इस जूते को पहनकर बोल्ट ने 100 मीटर रेस में अमेरिका के जस्टिन गाटलिन को पीछे छोड़ा था. इस जूते के साथ बोल्ट ने 200 तथा 4 गुणा 100 मीटर रिले रेस का भी स्वर्ण जीता था.टिप्पणियां
गौरतलब है कि रियो ओलिंपिक में बोल्ट ने 100 मीटर, 200 मीटर और चार गुणा 100 मीटर रिले में गोल्ड मेडल जीत हैं. ओलिंपिक खेलों में अब तक 30 साल के बोल्ट 9 गोल्ड जीत चुके हैं. तमाम उपलब्धियों की वजह से ही बोल्ट ने अब कहा है, ‘मैंने दुनिया को साबित कर दिया कि मैं महानतम हूं.' (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
गौरतलब है कि रियो ओलिंपिक में बोल्ट ने 100 मीटर, 200 मीटर और चार गुणा 100 मीटर रिले में गोल्ड मेडल जीत हैं. ओलिंपिक खेलों में अब तक 30 साल के बोल्ट 9 गोल्ड जीत चुके हैं. तमाम उपलब्धियों की वजह से ही बोल्ट ने अब कहा है, ‘मैंने दुनिया को साबित कर दिया कि मैं महानतम हूं.' (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यहाँ एक सारांश है:30 बोलियों के बाद सामने आई यह कीमत
जूते की शुरुआती कीमत रखी गई थी 8 हजार डॉलर
वर्ल्ड चैंपियनशिप में 100 मीटर दौड़ जीते थे बोल्ट | 18 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: ऐसा 1933 के बाद पहली बार हुआ है कि भारतीय क्रिकेट टीम यहां कोई टेस्ट खेल रही है और अंतिम एकादश में मुंबई का कोई क्रिकेटर नहीं है. हालांकि मुंबई के खिलाड़ी शरदुल ठाकुर टीम में है लेकिन उन्हें अंतिम एकादश में मौका नहीं मिल सका है.टिप्पणियां
बांबे जिमखाना में 1933 में हुए टेस्ट के बाद से भारतीय टीम ने यहां ऐसा कोई टेस्ट नहीं खेला है जिसमें अंतिम एकादश में मुंबई का कोई क्रिकेटर नहीं रहा हो. मुंबई के अजिंक्य रहाणे चोट के कारण बाहर दो मैचों से बाहर हो गए हैं जबकि मोहम्मद शमी के कवर के तौर पर बुलाये गए ठाकुर को भी प्लेइंग इलेवन में मौका नहीं मिल सका है.
भारत-इंग्लैंड सीरीज के शुरुआती तीन टेस्ट मैचों में कुछ खास नहीं कर सके अजिंक्य रहाणे को प्रैक्टिस सेशन के दौरान तर्जनी में गेंद लगी और उनकी उंगली टूट गई. रहाणे अगले दोनों ही टेस्ट में टीम का हिस्सा नहीं रहेंगे. इसी तरह टेस्ट टीम के नियमित सदस्य बनते जा रहे मुंबई के रोहित शर्मा भी चोट के कारण फिलहाल क्रिकेट से बाहर हैं. इस मैदान पर यह 25वां टेस्ट है जिसने 1974-75 में पहले टेस्ट की मेजबानी की थी. एक समय ऐसा भी रहा है, जब टीम इंडिया में मुंबई के खिलाड़ियों का वर्चस्व हुआ करता था लेकिन समय के साथ यह संख्या धीरे-धीरे कम होती गई.
बांबे जिमखाना में 1933 में हुए टेस्ट के बाद से भारतीय टीम ने यहां ऐसा कोई टेस्ट नहीं खेला है जिसमें अंतिम एकादश में मुंबई का कोई क्रिकेटर नहीं रहा हो. मुंबई के अजिंक्य रहाणे चोट के कारण बाहर दो मैचों से बाहर हो गए हैं जबकि मोहम्मद शमी के कवर के तौर पर बुलाये गए ठाकुर को भी प्लेइंग इलेवन में मौका नहीं मिल सका है.
भारत-इंग्लैंड सीरीज के शुरुआती तीन टेस्ट मैचों में कुछ खास नहीं कर सके अजिंक्य रहाणे को प्रैक्टिस सेशन के दौरान तर्जनी में गेंद लगी और उनकी उंगली टूट गई. रहाणे अगले दोनों ही टेस्ट में टीम का हिस्सा नहीं रहेंगे. इसी तरह टेस्ट टीम के नियमित सदस्य बनते जा रहे मुंबई के रोहित शर्मा भी चोट के कारण फिलहाल क्रिकेट से बाहर हैं. इस मैदान पर यह 25वां टेस्ट है जिसने 1974-75 में पहले टेस्ट की मेजबानी की थी. एक समय ऐसा भी रहा है, जब टीम इंडिया में मुंबई के खिलाड़ियों का वर्चस्व हुआ करता था लेकिन समय के साथ यह संख्या धीरे-धीरे कम होती गई.
भारत-इंग्लैंड सीरीज के शुरुआती तीन टेस्ट मैचों में कुछ खास नहीं कर सके अजिंक्य रहाणे को प्रैक्टिस सेशन के दौरान तर्जनी में गेंद लगी और उनकी उंगली टूट गई. रहाणे अगले दोनों ही टेस्ट में टीम का हिस्सा नहीं रहेंगे. इसी तरह टेस्ट टीम के नियमित सदस्य बनते जा रहे मुंबई के रोहित शर्मा भी चोट के कारण फिलहाल क्रिकेट से बाहर हैं. इस मैदान पर यह 25वां टेस्ट है जिसने 1974-75 में पहले टेस्ट की मेजबानी की थी. एक समय ऐसा भी रहा है, जब टीम इंडिया में मुंबई के खिलाड़ियों का वर्चस्व हुआ करता था लेकिन समय के साथ यह संख्या धीरे-धीरे कम होती गई. | यहाँ एक सारांश है:1933 के बाद पहली बार मुंबई टेस्ट में ऐसा हुआ
मुंबई के अजिंक्य रहाणे प्रैक्टिस के दौरान हो गए चोटिल
शारदुल ठाकुर को अंतिम एकादश में नहीं मिल पाया मौका | 17 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: गोवा में लगातार हो रही बारिश की वजह से वास्को स्थित मोरमुगाओ पोर्ट ट्रस्ट के पास खड़े एक पोत में पानी जाने पर यह खतरनाक ढंग से एक ओर झुक गया। इसके बाद भारतीय तटरक्षक और पुलिस समेत कई एजेंसियां इसे बचाने के काम में लग गईं।
पोत एजेंट सुनील प्रभु ने संवाददाताओं को बताया, 'सहारा इंडिया कंपनी का पोत एमवी क्विंग मरम्मत के लिए और एक तैरते हुए होटल में तब्दीली के लिए पिछले दो साल से पश्चिम भारत में लंगर डाले खड़ा था।' उन्होंने कहा कि राज्य में लगातार बारिश के बाद पोत में पानी भर गया, जिसके कारण मंगलवार रात को यह एक ओर झुकना शुरू हो गया।
शिपयार्ड के अधिकारियों ने भारतीय तटरक्षक, पुलिस, जिला प्रशासन और मोरमुगाओ पोर्ट ट्रस्ट के साथ मिलकर इस पोत को डूबने से बचाने की कोशिश शुरू कर दी है।
प्रभु ने कहा कि यह पोत पिछले दो साल से मरम्मत का इंतजार कर रहा था, क्योंकि काम का ठेका लेने वाला वेस्टर्न इंडिया शिपयार्ड संकट में चला गया है। उन्होंने कहा, 'हम इस पोत को मरम्मत के लिए और तैरते हुए होटल में तब्दील करने के लिए इस मानसून के बाद किसी दूसरे शिपयार्ड में भेजने वाले हैं।' उन्होंने कहा कि सहारा इंडिया द्वारा अधिगृहित किए जाने से पहले यह पोत क्रूज के रूप में इस्तेमाल किया जाता था। टिप्पणियां
तटरक्षक डीआईजी मनोज बडकर ने कहा कि यह पोत वर्ष 2014 से वेस्टर्न इंडिया शिपयार्ड लिमिटेड में खड़ा था। उन्होंने कहा कि बुधवार सुबह हम थोड़ा चिंतित थे क्योंकि हमें शक था कि पोत एक ओर लुढ़क सकता है और इससे पास के पोर्ट को नुकसान पहुंच सकता है। हम हालात पर नजर बनाए हुए हैं और पोत पर चालक दल का कोई सदस्य न होने के कारण हमें थोड़ी राहत भी है।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पोत एजेंट सुनील प्रभु ने संवाददाताओं को बताया, 'सहारा इंडिया कंपनी का पोत एमवी क्विंग मरम्मत के लिए और एक तैरते हुए होटल में तब्दीली के लिए पिछले दो साल से पश्चिम भारत में लंगर डाले खड़ा था।' उन्होंने कहा कि राज्य में लगातार बारिश के बाद पोत में पानी भर गया, जिसके कारण मंगलवार रात को यह एक ओर झुकना शुरू हो गया।
शिपयार्ड के अधिकारियों ने भारतीय तटरक्षक, पुलिस, जिला प्रशासन और मोरमुगाओ पोर्ट ट्रस्ट के साथ मिलकर इस पोत को डूबने से बचाने की कोशिश शुरू कर दी है।
प्रभु ने कहा कि यह पोत पिछले दो साल से मरम्मत का इंतजार कर रहा था, क्योंकि काम का ठेका लेने वाला वेस्टर्न इंडिया शिपयार्ड संकट में चला गया है। उन्होंने कहा, 'हम इस पोत को मरम्मत के लिए और तैरते हुए होटल में तब्दील करने के लिए इस मानसून के बाद किसी दूसरे शिपयार्ड में भेजने वाले हैं।' उन्होंने कहा कि सहारा इंडिया द्वारा अधिगृहित किए जाने से पहले यह पोत क्रूज के रूप में इस्तेमाल किया जाता था। टिप्पणियां
तटरक्षक डीआईजी मनोज बडकर ने कहा कि यह पोत वर्ष 2014 से वेस्टर्न इंडिया शिपयार्ड लिमिटेड में खड़ा था। उन्होंने कहा कि बुधवार सुबह हम थोड़ा चिंतित थे क्योंकि हमें शक था कि पोत एक ओर लुढ़क सकता है और इससे पास के पोर्ट को नुकसान पहुंच सकता है। हम हालात पर नजर बनाए हुए हैं और पोत पर चालक दल का कोई सदस्य न होने के कारण हमें थोड़ी राहत भी है।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
शिपयार्ड के अधिकारियों ने भारतीय तटरक्षक, पुलिस, जिला प्रशासन और मोरमुगाओ पोर्ट ट्रस्ट के साथ मिलकर इस पोत को डूबने से बचाने की कोशिश शुरू कर दी है।
प्रभु ने कहा कि यह पोत पिछले दो साल से मरम्मत का इंतजार कर रहा था, क्योंकि काम का ठेका लेने वाला वेस्टर्न इंडिया शिपयार्ड संकट में चला गया है। उन्होंने कहा, 'हम इस पोत को मरम्मत के लिए और तैरते हुए होटल में तब्दील करने के लिए इस मानसून के बाद किसी दूसरे शिपयार्ड में भेजने वाले हैं।' उन्होंने कहा कि सहारा इंडिया द्वारा अधिगृहित किए जाने से पहले यह पोत क्रूज के रूप में इस्तेमाल किया जाता था। टिप्पणियां
तटरक्षक डीआईजी मनोज बडकर ने कहा कि यह पोत वर्ष 2014 से वेस्टर्न इंडिया शिपयार्ड लिमिटेड में खड़ा था। उन्होंने कहा कि बुधवार सुबह हम थोड़ा चिंतित थे क्योंकि हमें शक था कि पोत एक ओर लुढ़क सकता है और इससे पास के पोर्ट को नुकसान पहुंच सकता है। हम हालात पर नजर बनाए हुए हैं और पोत पर चालक दल का कोई सदस्य न होने के कारण हमें थोड़ी राहत भी है।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
प्रभु ने कहा कि यह पोत पिछले दो साल से मरम्मत का इंतजार कर रहा था, क्योंकि काम का ठेका लेने वाला वेस्टर्न इंडिया शिपयार्ड संकट में चला गया है। उन्होंने कहा, 'हम इस पोत को मरम्मत के लिए और तैरते हुए होटल में तब्दील करने के लिए इस मानसून के बाद किसी दूसरे शिपयार्ड में भेजने वाले हैं।' उन्होंने कहा कि सहारा इंडिया द्वारा अधिगृहित किए जाने से पहले यह पोत क्रूज के रूप में इस्तेमाल किया जाता था। टिप्पणियां
तटरक्षक डीआईजी मनोज बडकर ने कहा कि यह पोत वर्ष 2014 से वेस्टर्न इंडिया शिपयार्ड लिमिटेड में खड़ा था। उन्होंने कहा कि बुधवार सुबह हम थोड़ा चिंतित थे क्योंकि हमें शक था कि पोत एक ओर लुढ़क सकता है और इससे पास के पोर्ट को नुकसान पहुंच सकता है। हम हालात पर नजर बनाए हुए हैं और पोत पर चालक दल का कोई सदस्य न होने के कारण हमें थोड़ी राहत भी है।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
तटरक्षक डीआईजी मनोज बडकर ने कहा कि यह पोत वर्ष 2014 से वेस्टर्न इंडिया शिपयार्ड लिमिटेड में खड़ा था। उन्होंने कहा कि बुधवार सुबह हम थोड़ा चिंतित थे क्योंकि हमें शक था कि पोत एक ओर लुढ़क सकता है और इससे पास के पोर्ट को नुकसान पहुंच सकता है। हम हालात पर नजर बनाए हुए हैं और पोत पर चालक दल का कोई सदस्य न होने के कारण हमें थोड़ी राहत भी है।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यहाँ एक सारांश है:सहारा इंडिया का जहाज एमवी क्विंग मरम्मत के लिए दो साल यहां खड़ा था
पानी जाने की वजह से यह जहाज खतरनाक ढंग से एक ओर झुक गया
घटना के वक्त जहाज पर चालक दल का कोई सदस्य नहीं था | 18 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम का सबसे प्रिय सपना पायलट बनना था, लेकिन वह अपने सपने के बहुत करीब पहुंचकर चूक गए थे। भारतीय वायुसेना में तब केवल आठ जगहें खाली थीं और कलाम को चयन में नौंवा स्थान मिला था।
कलाम ने अपनी नई किताब 'माई जर्नी : ट्रांसफोर्मिंग ड्रीम्स इन टू एक्शंस' में यह बात कही है। रूपा पब्लिकेशंस द्वारा प्रकाशित इस किताब में कलाम ने लिखा है कि वह पायलट बनने के लिए बहुत बेताब थे। कलाम ने मद्रास प्रौद्योगिकी संस्थान से एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी।
कलाम ने लिखा है, "मैं हवा में ऊची से ऊंची उड़ान के दौरान मशीन को नियंत्रित करना चाहता था, यही मेरा सबसे प्रिय सपना था।" कलाम को दो साक्षात्कारों के लिए बुलाया गया था। इनमें से एक साक्षात्कार देहरादून में भारतीय वायुसेना का और दूसरा दिल्ली में रक्षा मंत्रालय के तकनीकी विकास एवं उत्पादन निदेशालय (डीटीडीपी) का था।
कलाम ने लिखा कि डीटीडीपी का साक्षात्कार 'आसान' था, लेकिन वायुसेना चयन बोर्ड के साक्षात्कार के दौरान उन्हें महसूस हुआ कि योग्यताओं और इंजीनियरिंग के ज्ञान के अलावा बोर्ड, उम्मीदवारों में खास तरह की 'होशियारी' देखना चाहता था। वहां आए 25 उम्मीदवारों में कलाम को नौंवा स्थान मिला, लेकिन केवल आठ जगहें खाली होने की वजह से उनका चयन नहीं हुआ।
कलाम ने कहा, मैं वायुसेना का पायलट बनने का अपना सपना पूरा करने में असफल रहा। उन्होंने लिखा है, मैं तब कुछ दूर तक चलता रहा और तब तक चलता रहा जब तक की एक टीले के किनारे नहीं पहुंच गया... इसके बाद उन्होंने ऋषिकेश जाने और एक नई राह तलाशने का फैसला किया।
डीटीडीपी में वरिष्ठ वैज्ञानिक सहायक की अपनी नौकरी में अपना 'दिल और जान डालने वाले' कलाम ने लिखा, जब हम असफल होते हैं, तभी हमें पता चलता है कि यह संसाधन हमारे अंदर हमेशा से ही थे। हमें उनकी तलाश करनी होती है और जीवन में आगे बढ़ना होता है। इस किताब में वैज्ञानिक सलाहकार के तौर पर उनके कार्यकाल, सेवानिवृत्ति के बाद का समय और इसके बाद शिक्षण के प्रति उनका समर्पण एवं राष्ट्रपति के तौर पर उनके कार्यकाल से जुड़ी 'असंख्य चुनौतियां और सीखों' की कहानियां हैं। कलाम के वैज्ञानिक सलाहकार रहते हुए ही भारत ने अपना दूसरा परमाणु परीक्षण किया था।
कलाम ने इस किताब में अपने जीवन की सीखें, किस्से, महत्वपूर्ण क्षण और खुद को प्रेरित करने वाले लोगों का वर्णन किया है। किताब 20 अगस्त से बुक स्टैंडों पर मिलने लगेगी। बैलिस्टिक मिसाइल प्रौद्योगिकी के विकास में दिए गए योगदान के लिए 'मिसाइल मैन' के नाम से जाने जाने वाले 82-वर्षीय कलाम की इससे पहले 1999 में 'विंग्स ऑफ फायर' नाम की आत्मकथा और उनके राजनीतिक करियर और चुनौतियों पर आधारित किताब 'टर्निंग प्वाइंट्स अ जर्नी थ्रू चैंलेजेज' वर्ष 2012 में प्रकाशित हो चुकी है।टिप्पणियां
अपनी इस नई किताब में कलाम ने उन लोगों की चर्चा की है, जिन्होंने किशोरावस्था में उनके जीवन पर गहरा प्रभाव डाला। 147 पृष्ठों वाली इस किताब में कलाम ने अपने पिता को नाव बनाते देखने के अनुभव, आठ साल की उम्र में न्यूजपेपर हॉकर के तौर पर अपने काम करने आदि के बारे में लिखा है। कलाम ने इसमें अपनी पसंदीदा किताबों, कविताओं के बारे में भी लिखा है।
अपनी किताब के अंतिम हिस्से में कलाम लिखते हैं कि उनके जीवन को "एक बच्चे को मिले प्यार...उसका संघर्ष...और ज्यादा संघर्ष...कड़वे आंसू...फिर खुशी के आंसू..और अंत में एक पूरे चांद को आकार लेते देखने जितने खूबसूरत और पूर्णता वाले जीवन" के रूप में देखा जा सकता है। कलाम ने लिखा है, "मुझे उम्मीद है कि इन कहानियों से मेरे सभी पाठकों को अपने सपनों को समझने में मदद मिलेगी और वह उन सपनों के लिए मेहनत करने के लिए जगे रहेंगे।"
कलाम ने अपनी नई किताब 'माई जर्नी : ट्रांसफोर्मिंग ड्रीम्स इन टू एक्शंस' में यह बात कही है। रूपा पब्लिकेशंस द्वारा प्रकाशित इस किताब में कलाम ने लिखा है कि वह पायलट बनने के लिए बहुत बेताब थे। कलाम ने मद्रास प्रौद्योगिकी संस्थान से एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी।
कलाम ने लिखा है, "मैं हवा में ऊची से ऊंची उड़ान के दौरान मशीन को नियंत्रित करना चाहता था, यही मेरा सबसे प्रिय सपना था।" कलाम को दो साक्षात्कारों के लिए बुलाया गया था। इनमें से एक साक्षात्कार देहरादून में भारतीय वायुसेना का और दूसरा दिल्ली में रक्षा मंत्रालय के तकनीकी विकास एवं उत्पादन निदेशालय (डीटीडीपी) का था।
कलाम ने लिखा कि डीटीडीपी का साक्षात्कार 'आसान' था, लेकिन वायुसेना चयन बोर्ड के साक्षात्कार के दौरान उन्हें महसूस हुआ कि योग्यताओं और इंजीनियरिंग के ज्ञान के अलावा बोर्ड, उम्मीदवारों में खास तरह की 'होशियारी' देखना चाहता था। वहां आए 25 उम्मीदवारों में कलाम को नौंवा स्थान मिला, लेकिन केवल आठ जगहें खाली होने की वजह से उनका चयन नहीं हुआ।
कलाम ने कहा, मैं वायुसेना का पायलट बनने का अपना सपना पूरा करने में असफल रहा। उन्होंने लिखा है, मैं तब कुछ दूर तक चलता रहा और तब तक चलता रहा जब तक की एक टीले के किनारे नहीं पहुंच गया... इसके बाद उन्होंने ऋषिकेश जाने और एक नई राह तलाशने का फैसला किया।
डीटीडीपी में वरिष्ठ वैज्ञानिक सहायक की अपनी नौकरी में अपना 'दिल और जान डालने वाले' कलाम ने लिखा, जब हम असफल होते हैं, तभी हमें पता चलता है कि यह संसाधन हमारे अंदर हमेशा से ही थे। हमें उनकी तलाश करनी होती है और जीवन में आगे बढ़ना होता है। इस किताब में वैज्ञानिक सलाहकार के तौर पर उनके कार्यकाल, सेवानिवृत्ति के बाद का समय और इसके बाद शिक्षण के प्रति उनका समर्पण एवं राष्ट्रपति के तौर पर उनके कार्यकाल से जुड़ी 'असंख्य चुनौतियां और सीखों' की कहानियां हैं। कलाम के वैज्ञानिक सलाहकार रहते हुए ही भारत ने अपना दूसरा परमाणु परीक्षण किया था।
कलाम ने इस किताब में अपने जीवन की सीखें, किस्से, महत्वपूर्ण क्षण और खुद को प्रेरित करने वाले लोगों का वर्णन किया है। किताब 20 अगस्त से बुक स्टैंडों पर मिलने लगेगी। बैलिस्टिक मिसाइल प्रौद्योगिकी के विकास में दिए गए योगदान के लिए 'मिसाइल मैन' के नाम से जाने जाने वाले 82-वर्षीय कलाम की इससे पहले 1999 में 'विंग्स ऑफ फायर' नाम की आत्मकथा और उनके राजनीतिक करियर और चुनौतियों पर आधारित किताब 'टर्निंग प्वाइंट्स अ जर्नी थ्रू चैंलेजेज' वर्ष 2012 में प्रकाशित हो चुकी है।टिप्पणियां
अपनी इस नई किताब में कलाम ने उन लोगों की चर्चा की है, जिन्होंने किशोरावस्था में उनके जीवन पर गहरा प्रभाव डाला। 147 पृष्ठों वाली इस किताब में कलाम ने अपने पिता को नाव बनाते देखने के अनुभव, आठ साल की उम्र में न्यूजपेपर हॉकर के तौर पर अपने काम करने आदि के बारे में लिखा है। कलाम ने इसमें अपनी पसंदीदा किताबों, कविताओं के बारे में भी लिखा है।
अपनी किताब के अंतिम हिस्से में कलाम लिखते हैं कि उनके जीवन को "एक बच्चे को मिले प्यार...उसका संघर्ष...और ज्यादा संघर्ष...कड़वे आंसू...फिर खुशी के आंसू..और अंत में एक पूरे चांद को आकार लेते देखने जितने खूबसूरत और पूर्णता वाले जीवन" के रूप में देखा जा सकता है। कलाम ने लिखा है, "मुझे उम्मीद है कि इन कहानियों से मेरे सभी पाठकों को अपने सपनों को समझने में मदद मिलेगी और वह उन सपनों के लिए मेहनत करने के लिए जगे रहेंगे।"
कलाम ने लिखा है, "मैं हवा में ऊची से ऊंची उड़ान के दौरान मशीन को नियंत्रित करना चाहता था, यही मेरा सबसे प्रिय सपना था।" कलाम को दो साक्षात्कारों के लिए बुलाया गया था। इनमें से एक साक्षात्कार देहरादून में भारतीय वायुसेना का और दूसरा दिल्ली में रक्षा मंत्रालय के तकनीकी विकास एवं उत्पादन निदेशालय (डीटीडीपी) का था।
कलाम ने लिखा कि डीटीडीपी का साक्षात्कार 'आसान' था, लेकिन वायुसेना चयन बोर्ड के साक्षात्कार के दौरान उन्हें महसूस हुआ कि योग्यताओं और इंजीनियरिंग के ज्ञान के अलावा बोर्ड, उम्मीदवारों में खास तरह की 'होशियारी' देखना चाहता था। वहां आए 25 उम्मीदवारों में कलाम को नौंवा स्थान मिला, लेकिन केवल आठ जगहें खाली होने की वजह से उनका चयन नहीं हुआ।
कलाम ने कहा, मैं वायुसेना का पायलट बनने का अपना सपना पूरा करने में असफल रहा। उन्होंने लिखा है, मैं तब कुछ दूर तक चलता रहा और तब तक चलता रहा जब तक की एक टीले के किनारे नहीं पहुंच गया... इसके बाद उन्होंने ऋषिकेश जाने और एक नई राह तलाशने का फैसला किया।
डीटीडीपी में वरिष्ठ वैज्ञानिक सहायक की अपनी नौकरी में अपना 'दिल और जान डालने वाले' कलाम ने लिखा, जब हम असफल होते हैं, तभी हमें पता चलता है कि यह संसाधन हमारे अंदर हमेशा से ही थे। हमें उनकी तलाश करनी होती है और जीवन में आगे बढ़ना होता है। इस किताब में वैज्ञानिक सलाहकार के तौर पर उनके कार्यकाल, सेवानिवृत्ति के बाद का समय और इसके बाद शिक्षण के प्रति उनका समर्पण एवं राष्ट्रपति के तौर पर उनके कार्यकाल से जुड़ी 'असंख्य चुनौतियां और सीखों' की कहानियां हैं। कलाम के वैज्ञानिक सलाहकार रहते हुए ही भारत ने अपना दूसरा परमाणु परीक्षण किया था।
कलाम ने इस किताब में अपने जीवन की सीखें, किस्से, महत्वपूर्ण क्षण और खुद को प्रेरित करने वाले लोगों का वर्णन किया है। किताब 20 अगस्त से बुक स्टैंडों पर मिलने लगेगी। बैलिस्टिक मिसाइल प्रौद्योगिकी के विकास में दिए गए योगदान के लिए 'मिसाइल मैन' के नाम से जाने जाने वाले 82-वर्षीय कलाम की इससे पहले 1999 में 'विंग्स ऑफ फायर' नाम की आत्मकथा और उनके राजनीतिक करियर और चुनौतियों पर आधारित किताब 'टर्निंग प्वाइंट्स अ जर्नी थ्रू चैंलेजेज' वर्ष 2012 में प्रकाशित हो चुकी है।टिप्पणियां
अपनी इस नई किताब में कलाम ने उन लोगों की चर्चा की है, जिन्होंने किशोरावस्था में उनके जीवन पर गहरा प्रभाव डाला। 147 पृष्ठों वाली इस किताब में कलाम ने अपने पिता को नाव बनाते देखने के अनुभव, आठ साल की उम्र में न्यूजपेपर हॉकर के तौर पर अपने काम करने आदि के बारे में लिखा है। कलाम ने इसमें अपनी पसंदीदा किताबों, कविताओं के बारे में भी लिखा है।
अपनी किताब के अंतिम हिस्से में कलाम लिखते हैं कि उनके जीवन को "एक बच्चे को मिले प्यार...उसका संघर्ष...और ज्यादा संघर्ष...कड़वे आंसू...फिर खुशी के आंसू..और अंत में एक पूरे चांद को आकार लेते देखने जितने खूबसूरत और पूर्णता वाले जीवन" के रूप में देखा जा सकता है। कलाम ने लिखा है, "मुझे उम्मीद है कि इन कहानियों से मेरे सभी पाठकों को अपने सपनों को समझने में मदद मिलेगी और वह उन सपनों के लिए मेहनत करने के लिए जगे रहेंगे।"
कलाम ने लिखा कि डीटीडीपी का साक्षात्कार 'आसान' था, लेकिन वायुसेना चयन बोर्ड के साक्षात्कार के दौरान उन्हें महसूस हुआ कि योग्यताओं और इंजीनियरिंग के ज्ञान के अलावा बोर्ड, उम्मीदवारों में खास तरह की 'होशियारी' देखना चाहता था। वहां आए 25 उम्मीदवारों में कलाम को नौंवा स्थान मिला, लेकिन केवल आठ जगहें खाली होने की वजह से उनका चयन नहीं हुआ।
कलाम ने कहा, मैं वायुसेना का पायलट बनने का अपना सपना पूरा करने में असफल रहा। उन्होंने लिखा है, मैं तब कुछ दूर तक चलता रहा और तब तक चलता रहा जब तक की एक टीले के किनारे नहीं पहुंच गया... इसके बाद उन्होंने ऋषिकेश जाने और एक नई राह तलाशने का फैसला किया।
डीटीडीपी में वरिष्ठ वैज्ञानिक सहायक की अपनी नौकरी में अपना 'दिल और जान डालने वाले' कलाम ने लिखा, जब हम असफल होते हैं, तभी हमें पता चलता है कि यह संसाधन हमारे अंदर हमेशा से ही थे। हमें उनकी तलाश करनी होती है और जीवन में आगे बढ़ना होता है। इस किताब में वैज्ञानिक सलाहकार के तौर पर उनके कार्यकाल, सेवानिवृत्ति के बाद का समय और इसके बाद शिक्षण के प्रति उनका समर्पण एवं राष्ट्रपति के तौर पर उनके कार्यकाल से जुड़ी 'असंख्य चुनौतियां और सीखों' की कहानियां हैं। कलाम के वैज्ञानिक सलाहकार रहते हुए ही भारत ने अपना दूसरा परमाणु परीक्षण किया था।
कलाम ने इस किताब में अपने जीवन की सीखें, किस्से, महत्वपूर्ण क्षण और खुद को प्रेरित करने वाले लोगों का वर्णन किया है। किताब 20 अगस्त से बुक स्टैंडों पर मिलने लगेगी। बैलिस्टिक मिसाइल प्रौद्योगिकी के विकास में दिए गए योगदान के लिए 'मिसाइल मैन' के नाम से जाने जाने वाले 82-वर्षीय कलाम की इससे पहले 1999 में 'विंग्स ऑफ फायर' नाम की आत्मकथा और उनके राजनीतिक करियर और चुनौतियों पर आधारित किताब 'टर्निंग प्वाइंट्स अ जर्नी थ्रू चैंलेजेज' वर्ष 2012 में प्रकाशित हो चुकी है।टिप्पणियां
अपनी इस नई किताब में कलाम ने उन लोगों की चर्चा की है, जिन्होंने किशोरावस्था में उनके जीवन पर गहरा प्रभाव डाला। 147 पृष्ठों वाली इस किताब में कलाम ने अपने पिता को नाव बनाते देखने के अनुभव, आठ साल की उम्र में न्यूजपेपर हॉकर के तौर पर अपने काम करने आदि के बारे में लिखा है। कलाम ने इसमें अपनी पसंदीदा किताबों, कविताओं के बारे में भी लिखा है।
अपनी किताब के अंतिम हिस्से में कलाम लिखते हैं कि उनके जीवन को "एक बच्चे को मिले प्यार...उसका संघर्ष...और ज्यादा संघर्ष...कड़वे आंसू...फिर खुशी के आंसू..और अंत में एक पूरे चांद को आकार लेते देखने जितने खूबसूरत और पूर्णता वाले जीवन" के रूप में देखा जा सकता है। कलाम ने लिखा है, "मुझे उम्मीद है कि इन कहानियों से मेरे सभी पाठकों को अपने सपनों को समझने में मदद मिलेगी और वह उन सपनों के लिए मेहनत करने के लिए जगे रहेंगे।"
कलाम ने कहा, मैं वायुसेना का पायलट बनने का अपना सपना पूरा करने में असफल रहा। उन्होंने लिखा है, मैं तब कुछ दूर तक चलता रहा और तब तक चलता रहा जब तक की एक टीले के किनारे नहीं पहुंच गया... इसके बाद उन्होंने ऋषिकेश जाने और एक नई राह तलाशने का फैसला किया।
डीटीडीपी में वरिष्ठ वैज्ञानिक सहायक की अपनी नौकरी में अपना 'दिल और जान डालने वाले' कलाम ने लिखा, जब हम असफल होते हैं, तभी हमें पता चलता है कि यह संसाधन हमारे अंदर हमेशा से ही थे। हमें उनकी तलाश करनी होती है और जीवन में आगे बढ़ना होता है। इस किताब में वैज्ञानिक सलाहकार के तौर पर उनके कार्यकाल, सेवानिवृत्ति के बाद का समय और इसके बाद शिक्षण के प्रति उनका समर्पण एवं राष्ट्रपति के तौर पर उनके कार्यकाल से जुड़ी 'असंख्य चुनौतियां और सीखों' की कहानियां हैं। कलाम के वैज्ञानिक सलाहकार रहते हुए ही भारत ने अपना दूसरा परमाणु परीक्षण किया था।
कलाम ने इस किताब में अपने जीवन की सीखें, किस्से, महत्वपूर्ण क्षण और खुद को प्रेरित करने वाले लोगों का वर्णन किया है। किताब 20 अगस्त से बुक स्टैंडों पर मिलने लगेगी। बैलिस्टिक मिसाइल प्रौद्योगिकी के विकास में दिए गए योगदान के लिए 'मिसाइल मैन' के नाम से जाने जाने वाले 82-वर्षीय कलाम की इससे पहले 1999 में 'विंग्स ऑफ फायर' नाम की आत्मकथा और उनके राजनीतिक करियर और चुनौतियों पर आधारित किताब 'टर्निंग प्वाइंट्स अ जर्नी थ्रू चैंलेजेज' वर्ष 2012 में प्रकाशित हो चुकी है।टिप्पणियां
अपनी इस नई किताब में कलाम ने उन लोगों की चर्चा की है, जिन्होंने किशोरावस्था में उनके जीवन पर गहरा प्रभाव डाला। 147 पृष्ठों वाली इस किताब में कलाम ने अपने पिता को नाव बनाते देखने के अनुभव, आठ साल की उम्र में न्यूजपेपर हॉकर के तौर पर अपने काम करने आदि के बारे में लिखा है। कलाम ने इसमें अपनी पसंदीदा किताबों, कविताओं के बारे में भी लिखा है।
अपनी किताब के अंतिम हिस्से में कलाम लिखते हैं कि उनके जीवन को "एक बच्चे को मिले प्यार...उसका संघर्ष...और ज्यादा संघर्ष...कड़वे आंसू...फिर खुशी के आंसू..और अंत में एक पूरे चांद को आकार लेते देखने जितने खूबसूरत और पूर्णता वाले जीवन" के रूप में देखा जा सकता है। कलाम ने लिखा है, "मुझे उम्मीद है कि इन कहानियों से मेरे सभी पाठकों को अपने सपनों को समझने में मदद मिलेगी और वह उन सपनों के लिए मेहनत करने के लिए जगे रहेंगे।"
डीटीडीपी में वरिष्ठ वैज्ञानिक सहायक की अपनी नौकरी में अपना 'दिल और जान डालने वाले' कलाम ने लिखा, जब हम असफल होते हैं, तभी हमें पता चलता है कि यह संसाधन हमारे अंदर हमेशा से ही थे। हमें उनकी तलाश करनी होती है और जीवन में आगे बढ़ना होता है। इस किताब में वैज्ञानिक सलाहकार के तौर पर उनके कार्यकाल, सेवानिवृत्ति के बाद का समय और इसके बाद शिक्षण के प्रति उनका समर्पण एवं राष्ट्रपति के तौर पर उनके कार्यकाल से जुड़ी 'असंख्य चुनौतियां और सीखों' की कहानियां हैं। कलाम के वैज्ञानिक सलाहकार रहते हुए ही भारत ने अपना दूसरा परमाणु परीक्षण किया था।
कलाम ने इस किताब में अपने जीवन की सीखें, किस्से, महत्वपूर्ण क्षण और खुद को प्रेरित करने वाले लोगों का वर्णन किया है। किताब 20 अगस्त से बुक स्टैंडों पर मिलने लगेगी। बैलिस्टिक मिसाइल प्रौद्योगिकी के विकास में दिए गए योगदान के लिए 'मिसाइल मैन' के नाम से जाने जाने वाले 82-वर्षीय कलाम की इससे पहले 1999 में 'विंग्स ऑफ फायर' नाम की आत्मकथा और उनके राजनीतिक करियर और चुनौतियों पर आधारित किताब 'टर्निंग प्वाइंट्स अ जर्नी थ्रू चैंलेजेज' वर्ष 2012 में प्रकाशित हो चुकी है।टिप्पणियां
अपनी इस नई किताब में कलाम ने उन लोगों की चर्चा की है, जिन्होंने किशोरावस्था में उनके जीवन पर गहरा प्रभाव डाला। 147 पृष्ठों वाली इस किताब में कलाम ने अपने पिता को नाव बनाते देखने के अनुभव, आठ साल की उम्र में न्यूजपेपर हॉकर के तौर पर अपने काम करने आदि के बारे में लिखा है। कलाम ने इसमें अपनी पसंदीदा किताबों, कविताओं के बारे में भी लिखा है।
अपनी किताब के अंतिम हिस्से में कलाम लिखते हैं कि उनके जीवन को "एक बच्चे को मिले प्यार...उसका संघर्ष...और ज्यादा संघर्ष...कड़वे आंसू...फिर खुशी के आंसू..और अंत में एक पूरे चांद को आकार लेते देखने जितने खूबसूरत और पूर्णता वाले जीवन" के रूप में देखा जा सकता है। कलाम ने लिखा है, "मुझे उम्मीद है कि इन कहानियों से मेरे सभी पाठकों को अपने सपनों को समझने में मदद मिलेगी और वह उन सपनों के लिए मेहनत करने के लिए जगे रहेंगे।"
कलाम ने इस किताब में अपने जीवन की सीखें, किस्से, महत्वपूर्ण क्षण और खुद को प्रेरित करने वाले लोगों का वर्णन किया है। किताब 20 अगस्त से बुक स्टैंडों पर मिलने लगेगी। बैलिस्टिक मिसाइल प्रौद्योगिकी के विकास में दिए गए योगदान के लिए 'मिसाइल मैन' के नाम से जाने जाने वाले 82-वर्षीय कलाम की इससे पहले 1999 में 'विंग्स ऑफ फायर' नाम की आत्मकथा और उनके राजनीतिक करियर और चुनौतियों पर आधारित किताब 'टर्निंग प्वाइंट्स अ जर्नी थ्रू चैंलेजेज' वर्ष 2012 में प्रकाशित हो चुकी है।टिप्पणियां
अपनी इस नई किताब में कलाम ने उन लोगों की चर्चा की है, जिन्होंने किशोरावस्था में उनके जीवन पर गहरा प्रभाव डाला। 147 पृष्ठों वाली इस किताब में कलाम ने अपने पिता को नाव बनाते देखने के अनुभव, आठ साल की उम्र में न्यूजपेपर हॉकर के तौर पर अपने काम करने आदि के बारे में लिखा है। कलाम ने इसमें अपनी पसंदीदा किताबों, कविताओं के बारे में भी लिखा है।
अपनी किताब के अंतिम हिस्से में कलाम लिखते हैं कि उनके जीवन को "एक बच्चे को मिले प्यार...उसका संघर्ष...और ज्यादा संघर्ष...कड़वे आंसू...फिर खुशी के आंसू..और अंत में एक पूरे चांद को आकार लेते देखने जितने खूबसूरत और पूर्णता वाले जीवन" के रूप में देखा जा सकता है। कलाम ने लिखा है, "मुझे उम्मीद है कि इन कहानियों से मेरे सभी पाठकों को अपने सपनों को समझने में मदद मिलेगी और वह उन सपनों के लिए मेहनत करने के लिए जगे रहेंगे।"
अपनी इस नई किताब में कलाम ने उन लोगों की चर्चा की है, जिन्होंने किशोरावस्था में उनके जीवन पर गहरा प्रभाव डाला। 147 पृष्ठों वाली इस किताब में कलाम ने अपने पिता को नाव बनाते देखने के अनुभव, आठ साल की उम्र में न्यूजपेपर हॉकर के तौर पर अपने काम करने आदि के बारे में लिखा है। कलाम ने इसमें अपनी पसंदीदा किताबों, कविताओं के बारे में भी लिखा है।
अपनी किताब के अंतिम हिस्से में कलाम लिखते हैं कि उनके जीवन को "एक बच्चे को मिले प्यार...उसका संघर्ष...और ज्यादा संघर्ष...कड़वे आंसू...फिर खुशी के आंसू..और अंत में एक पूरे चांद को आकार लेते देखने जितने खूबसूरत और पूर्णता वाले जीवन" के रूप में देखा जा सकता है। कलाम ने लिखा है, "मुझे उम्मीद है कि इन कहानियों से मेरे सभी पाठकों को अपने सपनों को समझने में मदद मिलेगी और वह उन सपनों के लिए मेहनत करने के लिए जगे रहेंगे।"
अपनी किताब के अंतिम हिस्से में कलाम लिखते हैं कि उनके जीवन को "एक बच्चे को मिले प्यार...उसका संघर्ष...और ज्यादा संघर्ष...कड़वे आंसू...फिर खुशी के आंसू..और अंत में एक पूरे चांद को आकार लेते देखने जितने खूबसूरत और पूर्णता वाले जीवन" के रूप में देखा जा सकता है। कलाम ने लिखा है, "मुझे उम्मीद है कि इन कहानियों से मेरे सभी पाठकों को अपने सपनों को समझने में मदद मिलेगी और वह उन सपनों के लिए मेहनत करने के लिए जगे रहेंगे।" | संक्षिप्त सारांश: पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम ने अपनी नई किताब 'माई जर्नी : ट्रांसफोर्मिंग ड्रीम्स इन टू एक्शंस' में लिखा है कि भारतीय वायुसेना में तब केवल आठ जगहें खाली थीं और उन्हें चयन में नौंवा स्थान मिला था। | 8 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: वेस्टइंडीज और श्रीलंका की क्रिकेट टीमों के बीच रविवार को क्वींस पार्क ओवल मैदान पर खेला जा रहा त्रिकोणीय शृंखला का पांचवां मुकाबला सोमवार को पूरा हो सकेगा। बारिश के कारण रविवार को सिर्फ 19 ओवरों का खेल सम्भव हो सका।
खेल रोके जाने तक श्रीलंका ने टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए 19 ओवरों में तीन विकेट पर 60 रन बनाए थे। कुमार संगकारा 11 और लाहिरू थिरिमान्ने 13 रनों पर खेल रहे थे। सोमवार को मैच वहीं से शुरू होगा, जहां रोका गया था।
श्रीलंका ने सलामी बल्लेबाज उपुल थरंगा (7), माहेला जयवर्धने (7) और दिनेश चांदीमल (2) के विकेट गंवाए हैं। दो विकेट केमर रोच को मिले हैं जबकि एक विकेट जेसन होल्डर ने लिया है।टिप्पणियां
तीन टीमों की तालिका में वेस्टइंडीज की टीम दो जीत और एक हार के साथ पहले क्रम पर है जबकि बेहतर रन रेट के आधार पर श्रीलंकाई टीम दूसरे क्रम पर है। श्रीलंका और भारत के दो मैचों से पांच-पांच अंक हैं।
ड्वेन ब्रावो की गैरमौजूदगी में कीरन पोलार्ड वेस्टइंडीज की कमान सम्भाल रहे हैं। ब्रावो एक मैच के निलम्बन के कारण इस मैच में नहीं खेल पा रहे हैं। भारत के साथ शुक्रवार को हुए मुकाबले के दौरान ब्रावो को इस शृंखला में दूसरी बार धीमी ओवर गति के लिए दोषी पाया गया था।
खेल रोके जाने तक श्रीलंका ने टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए 19 ओवरों में तीन विकेट पर 60 रन बनाए थे। कुमार संगकारा 11 और लाहिरू थिरिमान्ने 13 रनों पर खेल रहे थे। सोमवार को मैच वहीं से शुरू होगा, जहां रोका गया था।
श्रीलंका ने सलामी बल्लेबाज उपुल थरंगा (7), माहेला जयवर्धने (7) और दिनेश चांदीमल (2) के विकेट गंवाए हैं। दो विकेट केमर रोच को मिले हैं जबकि एक विकेट जेसन होल्डर ने लिया है।टिप्पणियां
तीन टीमों की तालिका में वेस्टइंडीज की टीम दो जीत और एक हार के साथ पहले क्रम पर है जबकि बेहतर रन रेट के आधार पर श्रीलंकाई टीम दूसरे क्रम पर है। श्रीलंका और भारत के दो मैचों से पांच-पांच अंक हैं।
ड्वेन ब्रावो की गैरमौजूदगी में कीरन पोलार्ड वेस्टइंडीज की कमान सम्भाल रहे हैं। ब्रावो एक मैच के निलम्बन के कारण इस मैच में नहीं खेल पा रहे हैं। भारत के साथ शुक्रवार को हुए मुकाबले के दौरान ब्रावो को इस शृंखला में दूसरी बार धीमी ओवर गति के लिए दोषी पाया गया था।
श्रीलंका ने सलामी बल्लेबाज उपुल थरंगा (7), माहेला जयवर्धने (7) और दिनेश चांदीमल (2) के विकेट गंवाए हैं। दो विकेट केमर रोच को मिले हैं जबकि एक विकेट जेसन होल्डर ने लिया है।टिप्पणियां
तीन टीमों की तालिका में वेस्टइंडीज की टीम दो जीत और एक हार के साथ पहले क्रम पर है जबकि बेहतर रन रेट के आधार पर श्रीलंकाई टीम दूसरे क्रम पर है। श्रीलंका और भारत के दो मैचों से पांच-पांच अंक हैं।
ड्वेन ब्रावो की गैरमौजूदगी में कीरन पोलार्ड वेस्टइंडीज की कमान सम्भाल रहे हैं। ब्रावो एक मैच के निलम्बन के कारण इस मैच में नहीं खेल पा रहे हैं। भारत के साथ शुक्रवार को हुए मुकाबले के दौरान ब्रावो को इस शृंखला में दूसरी बार धीमी ओवर गति के लिए दोषी पाया गया था।
तीन टीमों की तालिका में वेस्टइंडीज की टीम दो जीत और एक हार के साथ पहले क्रम पर है जबकि बेहतर रन रेट के आधार पर श्रीलंकाई टीम दूसरे क्रम पर है। श्रीलंका और भारत के दो मैचों से पांच-पांच अंक हैं।
ड्वेन ब्रावो की गैरमौजूदगी में कीरन पोलार्ड वेस्टइंडीज की कमान सम्भाल रहे हैं। ब्रावो एक मैच के निलम्बन के कारण इस मैच में नहीं खेल पा रहे हैं। भारत के साथ शुक्रवार को हुए मुकाबले के दौरान ब्रावो को इस शृंखला में दूसरी बार धीमी ओवर गति के लिए दोषी पाया गया था।
ड्वेन ब्रावो की गैरमौजूदगी में कीरन पोलार्ड वेस्टइंडीज की कमान सम्भाल रहे हैं। ब्रावो एक मैच के निलम्बन के कारण इस मैच में नहीं खेल पा रहे हैं। भारत के साथ शुक्रवार को हुए मुकाबले के दौरान ब्रावो को इस शृंखला में दूसरी बार धीमी ओवर गति के लिए दोषी पाया गया था। | यह एक सारांश है: वेस्टइंडीज और श्रीलंका की क्रिकेट टीमों के बीच रविवार को क्वींस पार्क ओवल मैदान पर खेला जा रहा त्रिकोणीय शृंखला का पांचवां मुकाबला सोमवार को पूरा हो सकेगा। बारिश के कारण रविवार को सिर्फ 19 ओवरों का खेल सम्भव हो सका। | 9 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: एनआरआई अरबपति और आर्सेलर मित्तल के प्रमुख लक्ष्मी मित्तल ने एक बार फिर भारत में निर्णय लेने की धीमी गति को लेकर यह कहते हुए गुरुवार को आलोचना की कि बदलते राजनीतिक माहौल से निर्णय करने की गति सुस्त पड़ी है।टिप्पणियां
आर्सेलर मित्तल की दूसरी तिमाही के वित्तीय नतीजों की घोषणा करते हुए मित्तल ने एक कान्फ्रेंस काल में कहा, ‘भारत में कुछ प्रक्रियाओं की गति धीमी पड़ी है। हर कोई यह समझता है कि देश में बदलते राजनीतिक माहौल से निर्णय करने की प्रक्रिया धीमी पड़ी है।’
हालांकि, उन्होंने यह साफ किया कि वह भारत के आलोचक नहीं है, बल्कि देश में निर्णय करने की प्रक्रिया में सुस्ती को लेकर वह चिंतित हैं क्योंकि इससे धारणा प्रभावित हो रही है।
आर्सेलर मित्तल की दूसरी तिमाही के वित्तीय नतीजों की घोषणा करते हुए मित्तल ने एक कान्फ्रेंस काल में कहा, ‘भारत में कुछ प्रक्रियाओं की गति धीमी पड़ी है। हर कोई यह समझता है कि देश में बदलते राजनीतिक माहौल से निर्णय करने की प्रक्रिया धीमी पड़ी है।’
हालांकि, उन्होंने यह साफ किया कि वह भारत के आलोचक नहीं है, बल्कि देश में निर्णय करने की प्रक्रिया में सुस्ती को लेकर वह चिंतित हैं क्योंकि इससे धारणा प्रभावित हो रही है।
हालांकि, उन्होंने यह साफ किया कि वह भारत के आलोचक नहीं है, बल्कि देश में निर्णय करने की प्रक्रिया में सुस्ती को लेकर वह चिंतित हैं क्योंकि इससे धारणा प्रभावित हो रही है। | यहाँ एक सारांश है:आर्सेलरमित्तल के प्रमुख लक्ष्मी मित्तल ने एक बार फिर भारत में निर्णय लेने की धीमी गति को लेकर यह कहते हुए आलोचना की कि बदलते राजनीतिक माहौल से निर्णय करने की गति सुस्त पड़ी है। | 17 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: नोटबंदी के मुद्दे पर संसद में दिए ज़ोरदार भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 'बेलन के बदले' की चेतावनी देने वाले रामगोपाल यादव को उनकी समाजवादी पार्टी (सपा) ने वापस ले लिया है.टिप्पणियां
समाजवादी पार्टी के बुधवार को जारी बयान में कहा गया है कि पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने रामगोपाल यादव की बर्खास्तगी के फैसले को वापस ले लिया है. रामगोपाल यादव संसद के उच्च सदन राज्यसभा में समाजवादी पार्टी के नेता हैं.
उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी के 'प्रथम परिवार' कहे जाने वाले यादव कुनबे में अंदरूनी जंग जारी है, जिसमें मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अपने ही पिता मुलायम सिंह यादव और चाचा शिवपाल यादव के खिलाफ लड़ रहे हैं. इसी जंग के दौरान मुख्यमंत्री का साथ देने वाले रामगोपाल यादव को पिछले महीने पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था.
समाजवादी पार्टी के बुधवार को जारी बयान में कहा गया है कि पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने रामगोपाल यादव की बर्खास्तगी के फैसले को वापस ले लिया है. रामगोपाल यादव संसद के उच्च सदन राज्यसभा में समाजवादी पार्टी के नेता हैं.
उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी के 'प्रथम परिवार' कहे जाने वाले यादव कुनबे में अंदरूनी जंग जारी है, जिसमें मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अपने ही पिता मुलायम सिंह यादव और चाचा शिवपाल यादव के खिलाफ लड़ रहे हैं. इसी जंग के दौरान मुख्यमंत्री का साथ देने वाले रामगोपाल यादव को पिछले महीने पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था.
उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी के 'प्रथम परिवार' कहे जाने वाले यादव कुनबे में अंदरूनी जंग जारी है, जिसमें मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अपने ही पिता मुलायम सिंह यादव और चाचा शिवपाल यादव के खिलाफ लड़ रहे हैं. इसी जंग के दौरान मुख्यमंत्री का साथ देने वाले रामगोपाल यादव को पिछले महीने पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था. | संक्षिप्त सारांश: समाजवादी पार्टी ने बुधवार को बयान जारी कर फैसले की जानकारी दी
बयान के मुताबिक पार्टी प्रमुख मुलायम ने रामगोपाल की बर्खास्तगी को पलटा
रामगोपाल यादव को पिछले महीने पार्टी से निष्कासित किया गया था | 8 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई डांस बार मामले में साफ किया है कि बार में डांस के वक्त पैसे उड़ाने की इजाजत नहीं दी जा सकती. यह महिलाओं के गौरव, सभ्यता और शिष्टाचार के खिलाफ है. इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि पैसे उड़ाने से महिलाओं को बुरा लगेगा या अच्छा. इस मामले को लेकर महाराष्ट्र सरकार को नए एक्ट पर नोटिस देकर कोर्ट ने चार हफ्ते में जवाब मांगा है.
डांस बारों में नोट उड़ाने को लेकर राज्य सरकार ने भी नए एक्ट में बैन लगाया है. इसका सुप्रीम कोर्ट ने भी समर्थन किया है.सुनवाई के दौरान डांस बार वालों की तरफ से कहा गया कि राज्य सरकार ने जो नया एक्ट बनाया है उसमें कई खामियां हैं. अश्लील डांस करने पर तीन साल की सजा की प्रावधान रखा गया है जबकि IPC में अश्लीलता के तहत तीन माह की सजा का प्रावधान है. एक्ट में कहा गया है कि अगर डांस बार का लाइसेंस है तो आर्केस्ट्रा का लाइसेंस नहीं मिलेगा.टिप्पणियां
सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार की वह दलील भी ठुकराई जिसमें कहा गया था कि मामले को बॉम्बे हाईकोर्ट भेजा जाना चाहिए. कोर्ट ने कहा कि नया एक्ट सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर ही वैधानिक तरीके से लाया गया. जब कोर्ट ने कहा कि डांस बारों पर प्रतिबंध मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है. इसलिए इस नए एक्ट को चुनौती देने वाली याचिका को सुप्रीम कोर्ट ही सुनेगा.
सुप्रीम कोर्ट इंडियन होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन की याचिका पर सुनवाई कर रहा है. एसोसिएशन ने राज्य सरकार के नए एक्ट को सुप्रीम कोर्ट में चुनोती दी है. इंडियन होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने महाराष्ट्र सरकार के नए एक्ट महाराष्ट्र प्रोहिबिशन ऑफ़ ऑब्सेंस डांस इन होटल एंड बार रूम्स एंड प्रोटेक्शन ऑफ़ डिग्निटी ऑफ़ वीमेन एक्ट 2016 एक्ट चुनोती दी है. याचिका में कहा गया है कि यह एक्ट असंवैधानिक है. इससे पहले कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को फटकार लगाते हुए नियमों का पालन करने वाले डांस बारों को लाइसेंस देने के आदेश दिए थे. एक्ट के मुताबिक, 11 बजे के बाद बार होटल एंड रेस्टोरेंट में शराब नहीं परोसी जाएगी. इसके अलावा पैसे भी नहीं लुटाए जाएंगे. होटल एंड रेस्टोरेंट में सीसीटीवी लगेंगे.
डांस बारों में नोट उड़ाने को लेकर राज्य सरकार ने भी नए एक्ट में बैन लगाया है. इसका सुप्रीम कोर्ट ने भी समर्थन किया है.सुनवाई के दौरान डांस बार वालों की तरफ से कहा गया कि राज्य सरकार ने जो नया एक्ट बनाया है उसमें कई खामियां हैं. अश्लील डांस करने पर तीन साल की सजा की प्रावधान रखा गया है जबकि IPC में अश्लीलता के तहत तीन माह की सजा का प्रावधान है. एक्ट में कहा गया है कि अगर डांस बार का लाइसेंस है तो आर्केस्ट्रा का लाइसेंस नहीं मिलेगा.टिप्पणियां
सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार की वह दलील भी ठुकराई जिसमें कहा गया था कि मामले को बॉम्बे हाईकोर्ट भेजा जाना चाहिए. कोर्ट ने कहा कि नया एक्ट सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर ही वैधानिक तरीके से लाया गया. जब कोर्ट ने कहा कि डांस बारों पर प्रतिबंध मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है. इसलिए इस नए एक्ट को चुनौती देने वाली याचिका को सुप्रीम कोर्ट ही सुनेगा.
सुप्रीम कोर्ट इंडियन होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन की याचिका पर सुनवाई कर रहा है. एसोसिएशन ने राज्य सरकार के नए एक्ट को सुप्रीम कोर्ट में चुनोती दी है. इंडियन होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने महाराष्ट्र सरकार के नए एक्ट महाराष्ट्र प्रोहिबिशन ऑफ़ ऑब्सेंस डांस इन होटल एंड बार रूम्स एंड प्रोटेक्शन ऑफ़ डिग्निटी ऑफ़ वीमेन एक्ट 2016 एक्ट चुनोती दी है. याचिका में कहा गया है कि यह एक्ट असंवैधानिक है. इससे पहले कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को फटकार लगाते हुए नियमों का पालन करने वाले डांस बारों को लाइसेंस देने के आदेश दिए थे. एक्ट के मुताबिक, 11 बजे के बाद बार होटल एंड रेस्टोरेंट में शराब नहीं परोसी जाएगी. इसके अलावा पैसे भी नहीं लुटाए जाएंगे. होटल एंड रेस्टोरेंट में सीसीटीवी लगेंगे.
सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार की वह दलील भी ठुकराई जिसमें कहा गया था कि मामले को बॉम्बे हाईकोर्ट भेजा जाना चाहिए. कोर्ट ने कहा कि नया एक्ट सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर ही वैधानिक तरीके से लाया गया. जब कोर्ट ने कहा कि डांस बारों पर प्रतिबंध मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है. इसलिए इस नए एक्ट को चुनौती देने वाली याचिका को सुप्रीम कोर्ट ही सुनेगा.
सुप्रीम कोर्ट इंडियन होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन की याचिका पर सुनवाई कर रहा है. एसोसिएशन ने राज्य सरकार के नए एक्ट को सुप्रीम कोर्ट में चुनोती दी है. इंडियन होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने महाराष्ट्र सरकार के नए एक्ट महाराष्ट्र प्रोहिबिशन ऑफ़ ऑब्सेंस डांस इन होटल एंड बार रूम्स एंड प्रोटेक्शन ऑफ़ डिग्निटी ऑफ़ वीमेन एक्ट 2016 एक्ट चुनोती दी है. याचिका में कहा गया है कि यह एक्ट असंवैधानिक है. इससे पहले कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को फटकार लगाते हुए नियमों का पालन करने वाले डांस बारों को लाइसेंस देने के आदेश दिए थे. एक्ट के मुताबिक, 11 बजे के बाद बार होटल एंड रेस्टोरेंट में शराब नहीं परोसी जाएगी. इसके अलावा पैसे भी नहीं लुटाए जाएंगे. होटल एंड रेस्टोरेंट में सीसीटीवी लगेंगे.
सुप्रीम कोर्ट इंडियन होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन की याचिका पर सुनवाई कर रहा है. एसोसिएशन ने राज्य सरकार के नए एक्ट को सुप्रीम कोर्ट में चुनोती दी है. इंडियन होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने महाराष्ट्र सरकार के नए एक्ट महाराष्ट्र प्रोहिबिशन ऑफ़ ऑब्सेंस डांस इन होटल एंड बार रूम्स एंड प्रोटेक्शन ऑफ़ डिग्निटी ऑफ़ वीमेन एक्ट 2016 एक्ट चुनोती दी है. याचिका में कहा गया है कि यह एक्ट असंवैधानिक है. इससे पहले कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को फटकार लगाते हुए नियमों का पालन करने वाले डांस बारों को लाइसेंस देने के आदेश दिए थे. एक्ट के मुताबिक, 11 बजे के बाद बार होटल एंड रेस्टोरेंट में शराब नहीं परोसी जाएगी. इसके अलावा पैसे भी नहीं लुटाए जाएंगे. होटल एंड रेस्टोरेंट में सीसीटीवी लगेंगे. | यहाँ एक सारांश है:यह महिलाओं के गौरव, सभ्यता और शिष्टाचार के खिलाफ है.
महाराष्ट्र सरकार को नए एक्ट पर नोटिस देकर मांगा जवाब
नए एक्ट को चुनौती देने वाली याचिका को सुप्रीम कोर्ट ही सुनेगा. | 12 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सरकार ने कहा है कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की वित्तीय स्थिति मजबूत बनाने के लिए जरूरत के अनुसार उनकों पूंजी उपलब्ध कराएगी।टिप्पणियां
राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘ मेरी सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की वित्तीय स्थिति मजबूत बनाने के लिए जरूरत के अनुसार उनको पूंजी उपलब्ध कराएगी। साथ ही 40 क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों का पूंजी आधार बढ़ाने की प्रक्रिया भी शुरू की जा चुकी है।’’ उल्लेखनीय है कि वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का पूंजी आधार बढ़ाने के लिए वर्ष 2010.11 के बजट में 20,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया था और 2011-12 के बजट में 6,000 करोड़ रुपये की घोषणा की थी।
प्रतिभा ने कहा कि पिछड़े इलाकों में बैंकिंग सेवाओं के विस्तार के उद्देश्य से वित्तीय समावेशी योजना के तहत 2000 से अधिक आबादी वाले 73,000 रिहाइशी इलाकों की पहचान की गई है। इन इलाकों में बैंकों अथवा प्रौद्योगिकी आधारित बैंकिंग व्यवस्था के जरिए बैंकिंग सेवाएं पहुंचाई जानी हैं।’’ राष्ट्रपति ने कहा कि इस योजना के तहत नवंबर, 2011 तक 49,000 गांवों को बैंकिंग सुविधा के तहत लिया जा चुका है।
राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘ मेरी सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की वित्तीय स्थिति मजबूत बनाने के लिए जरूरत के अनुसार उनको पूंजी उपलब्ध कराएगी। साथ ही 40 क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों का पूंजी आधार बढ़ाने की प्रक्रिया भी शुरू की जा चुकी है।’’ उल्लेखनीय है कि वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का पूंजी आधार बढ़ाने के लिए वर्ष 2010.11 के बजट में 20,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया था और 2011-12 के बजट में 6,000 करोड़ रुपये की घोषणा की थी।
प्रतिभा ने कहा कि पिछड़े इलाकों में बैंकिंग सेवाओं के विस्तार के उद्देश्य से वित्तीय समावेशी योजना के तहत 2000 से अधिक आबादी वाले 73,000 रिहाइशी इलाकों की पहचान की गई है। इन इलाकों में बैंकों अथवा प्रौद्योगिकी आधारित बैंकिंग व्यवस्था के जरिए बैंकिंग सेवाएं पहुंचाई जानी हैं।’’ राष्ट्रपति ने कहा कि इस योजना के तहत नवंबर, 2011 तक 49,000 गांवों को बैंकिंग सुविधा के तहत लिया जा चुका है।
प्रतिभा ने कहा कि पिछड़े इलाकों में बैंकिंग सेवाओं के विस्तार के उद्देश्य से वित्तीय समावेशी योजना के तहत 2000 से अधिक आबादी वाले 73,000 रिहाइशी इलाकों की पहचान की गई है। इन इलाकों में बैंकों अथवा प्रौद्योगिकी आधारित बैंकिंग व्यवस्था के जरिए बैंकिंग सेवाएं पहुंचाई जानी हैं।’’ राष्ट्रपति ने कहा कि इस योजना के तहत नवंबर, 2011 तक 49,000 गांवों को बैंकिंग सुविधा के तहत लिया जा चुका है। | सरकार ने कहा है कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की वित्तीय स्थिति मजबूत बनाने के लिए जरूरत के अनुसार उनकों पूंजी उपलब्ध कराएगी। | 28 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: पाकिस्तान में पैदा हुए कनाडाई लेखक तारिक फतह की हत्या की कथित योजना बना रहा छोटा शकील का गुर्गा जुनैद चौधरी भगोड़े डॉन दाउद इब्राहिम की तरह बड़ा गैंग्स्टर बनना चाहता था. 21 साल के जुनैद को पूर्वोत्तर दिल्ली के वजीराबाद रोड से 7-8 जून की दरम्यानी रात गिरफ्तार किया गया था.टिप्पणियां
पुलिस सूत्रों ने बताया कि जुनैद ने सोचा कि फतह की हत्या करने से वह तिहाड़ जेल में भेज दिया जाएगा, जहां वह छोटा राजन को भी मार डालेगा.
छोटा राजन एक समय दाउद का दायां हाथ माना जाता था और अब उसका सबसे बड़ा प्रतिद्वंद्वी बन गया है. सूत्रों ने बताया कि जुनैद दाउद और उसके करीबी शकील की तरह बड़ा गैंगस्टर बनना चाहता था.
पुलिस सूत्रों ने बताया कि जुनैद ने सोचा कि फतह की हत्या करने से वह तिहाड़ जेल में भेज दिया जाएगा, जहां वह छोटा राजन को भी मार डालेगा.
छोटा राजन एक समय दाउद का दायां हाथ माना जाता था और अब उसका सबसे बड़ा प्रतिद्वंद्वी बन गया है. सूत्रों ने बताया कि जुनैद दाउद और उसके करीबी शकील की तरह बड़ा गैंगस्टर बनना चाहता था.
छोटा राजन एक समय दाउद का दायां हाथ माना जाता था और अब उसका सबसे बड़ा प्रतिद्वंद्वी बन गया है. सूत्रों ने बताया कि जुनैद दाउद और उसके करीबी शकील की तरह बड़ा गैंगस्टर बनना चाहता था. | 7-8 जून की दरम्यानी रात गिरफ्तार किया गया था.
तारिक फतह की हत्या की कथित योजना बना रहा था
हत्या करने से वह तिहाड़ जेल में भेज दिया जाएगा | 34 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) सितंबर के दौरान इक्विटी खंड में कारोबार की संख्या के लिहाज से दुनिया का सबसे बड़ा शेयर बाजार के रूप में उभरा है।
वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ एक्सचेंज (डब्ल्यूएफई) के ताजा आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष सितंबर महीने में एनएसई में इक्विटी खंड में 11.64 करोड़ कारोबार हुए। इस लिहाज से एनएसई इस श्रेणी में दुनिया का सबसे बड़ा एक्सचेंज बन गया है।
सितंबर के दौरान एक्सचेंज में 20 दिन कारोबार हुआ और इस दौरान इक्विटी खंड में कुल कारोबार अगस्त महीने के मुकाबले 11 प्रतिशत अधिक रहा। एनएसई के बाद क्रमश: दूसरा और तीसरा स्थान कोरिया एक्सचेंज तथा एनवाईएसई यूरो नेक्स्ट (अमेरिका) का रहा। जहां कोरिया एक्सचेंज में इक्विटी खंड में 11.18 करोड़ कारोबार हुए वहीं एनवाईएसई यूरोनेक्स्ट (अमेरिका) में 9.64 करोड़ कारोबार हुए।टिप्पणियां
इतना ही नहीं एशिया प्रशांत क्षेत्र में इस वर्ष जनवरी-सितंबर के दौरान एनएसई पहले पायदान पर रहा।
देश का एक प्रमुख शेयर बाजार बीएसई (बंबई स्टाक एक्सचेंज) इस मामले में दुनिया का सातवां एक्सचेंज बना। आलोच्य महीने के दौरान बीएसई में इक्विटी खंड के दौरान कुल 2.77 करोड़ कारोबार हुए। शीर्ष 10 में जो शेयर बाजार हैं, वे नैस्दैक ओएमएक्स (चौथा), शेंझम एसई (छठे), तोक्यो एसई ग्रुप (आठवें) तोक्यो एसई ग्रुप (8वां), टीएमएक्स समूह (नौवां) तथा लंदन एसई ग्रुप (10वें) हैं।
वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ एक्सचेंज (डब्ल्यूएफई) के ताजा आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष सितंबर महीने में एनएसई में इक्विटी खंड में 11.64 करोड़ कारोबार हुए। इस लिहाज से एनएसई इस श्रेणी में दुनिया का सबसे बड़ा एक्सचेंज बन गया है।
सितंबर के दौरान एक्सचेंज में 20 दिन कारोबार हुआ और इस दौरान इक्विटी खंड में कुल कारोबार अगस्त महीने के मुकाबले 11 प्रतिशत अधिक रहा। एनएसई के बाद क्रमश: दूसरा और तीसरा स्थान कोरिया एक्सचेंज तथा एनवाईएसई यूरो नेक्स्ट (अमेरिका) का रहा। जहां कोरिया एक्सचेंज में इक्विटी खंड में 11.18 करोड़ कारोबार हुए वहीं एनवाईएसई यूरोनेक्स्ट (अमेरिका) में 9.64 करोड़ कारोबार हुए।टिप्पणियां
इतना ही नहीं एशिया प्रशांत क्षेत्र में इस वर्ष जनवरी-सितंबर के दौरान एनएसई पहले पायदान पर रहा।
देश का एक प्रमुख शेयर बाजार बीएसई (बंबई स्टाक एक्सचेंज) इस मामले में दुनिया का सातवां एक्सचेंज बना। आलोच्य महीने के दौरान बीएसई में इक्विटी खंड के दौरान कुल 2.77 करोड़ कारोबार हुए। शीर्ष 10 में जो शेयर बाजार हैं, वे नैस्दैक ओएमएक्स (चौथा), शेंझम एसई (छठे), तोक्यो एसई ग्रुप (आठवें) तोक्यो एसई ग्रुप (8वां), टीएमएक्स समूह (नौवां) तथा लंदन एसई ग्रुप (10वें) हैं।
सितंबर के दौरान एक्सचेंज में 20 दिन कारोबार हुआ और इस दौरान इक्विटी खंड में कुल कारोबार अगस्त महीने के मुकाबले 11 प्रतिशत अधिक रहा। एनएसई के बाद क्रमश: दूसरा और तीसरा स्थान कोरिया एक्सचेंज तथा एनवाईएसई यूरो नेक्स्ट (अमेरिका) का रहा। जहां कोरिया एक्सचेंज में इक्विटी खंड में 11.18 करोड़ कारोबार हुए वहीं एनवाईएसई यूरोनेक्स्ट (अमेरिका) में 9.64 करोड़ कारोबार हुए।टिप्पणियां
इतना ही नहीं एशिया प्रशांत क्षेत्र में इस वर्ष जनवरी-सितंबर के दौरान एनएसई पहले पायदान पर रहा।
देश का एक प्रमुख शेयर बाजार बीएसई (बंबई स्टाक एक्सचेंज) इस मामले में दुनिया का सातवां एक्सचेंज बना। आलोच्य महीने के दौरान बीएसई में इक्विटी खंड के दौरान कुल 2.77 करोड़ कारोबार हुए। शीर्ष 10 में जो शेयर बाजार हैं, वे नैस्दैक ओएमएक्स (चौथा), शेंझम एसई (छठे), तोक्यो एसई ग्रुप (आठवें) तोक्यो एसई ग्रुप (8वां), टीएमएक्स समूह (नौवां) तथा लंदन एसई ग्रुप (10वें) हैं।
इतना ही नहीं एशिया प्रशांत क्षेत्र में इस वर्ष जनवरी-सितंबर के दौरान एनएसई पहले पायदान पर रहा।
देश का एक प्रमुख शेयर बाजार बीएसई (बंबई स्टाक एक्सचेंज) इस मामले में दुनिया का सातवां एक्सचेंज बना। आलोच्य महीने के दौरान बीएसई में इक्विटी खंड के दौरान कुल 2.77 करोड़ कारोबार हुए। शीर्ष 10 में जो शेयर बाजार हैं, वे नैस्दैक ओएमएक्स (चौथा), शेंझम एसई (छठे), तोक्यो एसई ग्रुप (आठवें) तोक्यो एसई ग्रुप (8वां), टीएमएक्स समूह (नौवां) तथा लंदन एसई ग्रुप (10वें) हैं।
देश का एक प्रमुख शेयर बाजार बीएसई (बंबई स्टाक एक्सचेंज) इस मामले में दुनिया का सातवां एक्सचेंज बना। आलोच्य महीने के दौरान बीएसई में इक्विटी खंड के दौरान कुल 2.77 करोड़ कारोबार हुए। शीर्ष 10 में जो शेयर बाजार हैं, वे नैस्दैक ओएमएक्स (चौथा), शेंझम एसई (छठे), तोक्यो एसई ग्रुप (आठवें) तोक्यो एसई ग्रुप (8वां), टीएमएक्स समूह (नौवां) तथा लंदन एसई ग्रुप (10वें) हैं। | संक्षिप्त पाठ: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) सितंबर के दौरान इक्विटी खंड में कारोबार की संख्या के लिहाज से दुनिया का सबसे बड़ा शेयर बाजार के रूप में उभरा है। | 27 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: सपना चौधरी (Sapna Choudhary) यूट्यूब पर नया धमाल लेकर आ गई हैं. भोजपुरी (Bhojpuri)-पंजाबी (Punjabi) और हरियाणवी (Haryanvi) सिनेमा की सनसनी सपना चौधरी के नए हरियाणवी सॉन्ग 'घूंघट (Ghunghat)' ने रिलीज होते ही यूट्यूब (YouTube) पर धमाल मचाकर रख दिया है. सपना चौधरी (Sapna Choudhary) का ये हरियाणवी गाना तेजी से वायरल हो रहा है और इस सॉन्ग में सपना चौधरी की गजब की अदाएं और हमेशा की तरह कमाल-धमाल डांस नजर आ रहा है. वैसे भी सपना चौधरी (Sapna Choudhary) बॉलीवुड में भी डेब्यू कर चुकी हैं और उनकी फिल्म 'दोस्ती के साइड इफेक्ट्स (Dosti Ke Side Effects)' का पहला सॉन्ग रिलीज हो चुका है और खूब वायरल भी हो रहा है.
भोजपुरी (Bhojpuri)-पंजाबी (Punjabi) और हरियाणवी (Haryanvi) सिनेमा में धूम मचाने वाली सपना चौधरी (Sapna Choudhary) के 'घूंघट' सॉन्ग में सपना के अलावा नवीन नारू नजर आ रहे हैं. सपना चौधरी के इस सॉन्ग को सोमवीर कथूरवाल ने गाया है और इसके लिरिक्स नवीन विशु बाबा ने लिखे हैं. सपना चौधरी के 'घूंघट' सॉन्ग का म्यूजिक बैम्बू बीट ने दिया है और इस म्यूजिक वीडियो को कुलदीप राठी ने डायरेक्ट किया है. इस वीडियो को 24 घंटे के अंदर 8 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है.
सपना चौधरी (Sapna Choudhary) समय-समय पर अपने म्यूजिक वीडियो से धमाल मचाती रहती हैं. लेकिन इन दिनों तो उनकी बॉलीवुड फिल्म 'दोस्ती के साइड इफेक्ट्स' के लेटेस्ट सॉन्ग ने धूम मचा रखी है. सपना चौधरी अपनी डेब्यू फिल्म में आईपीएस अफसर का रोल निभा रही हैं और गुंडों की अक्ल गोली के साथ ही लात-घूंसों से ठिकाने लगाती नजर आ रही हैं. सपना चौधरी (Sapna Choudhary) को लोकप्रियता की बुलंदियों पर पहुंचाने का काम 'बिग बॉस 11' ने किया जिसमें उन्होंने शानदार ढंग से अपनी इनिंग खेली. फिर भोजपुरी फिल्म 'बैरी कंगना' में उनका स्पेशल सॉन्ग ने तो उनकी लोकप्रियता को पूरे देश में फैलाने का काम किया. | यह एक सारांश है: सपना चौधरी का वीडियो हुआ वायरल
'घूंघट' ने यूट्यूब पर मचाया धमाल
हरियाणवी सॉन्ग है 'घूंघट' | 21 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: यूपी के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने आज अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधा. उन्होंने दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि राहुल गांधी यदि राम मंदिर के पक्ष में हैं तो कोर्ट के निर्णय का इंतजार क्यों किया जाए, वे साथ में आएं मिल-जुलकर राम मंदिर बना देते हैं.
उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री और कुंभ मेला प्रभारी सिद्धार्थनाथ सिंह ने बुधवार को एक टीवी चैनल के कार्यक्रम में कहा कि अगर राहुल गांधी भी राम मंदिर के पक्ष में हैं तो अदालत के फैसले का इंतजार क्यों करना है, साथ आएं और मंदिर बनवा दें.
सिद्धार्थनाथ सिंह से जब पूछा गया कि डॉ कर्ण सिंह ने राम के साथ सीता की मूर्ति लगाने की बात कही है, तो उन्होंने कहा, "सुझाव अच्छा है. लेकिन राहुल गांधी से भी कह दें कि राम मंदिर बनाने में सहयोग करें. सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का इंतजार करने की जरूरत नहीं है. मिल-जुलकर राम मंदिर बना देते हैं." उन्होंने यह भी कहा, "मैं भी चाहता हूं कि अध्यादेश लाकर राम मंदिर बनवाया जाना चाहिए."
सिंह ने कुंभ मेले के बारे में कहा, "इस बार मेले में 15 करोड़ श्रद्धालु आने वाले हैं और गंगा की सफाई को ध्यान में रखकर एक लाख 22 हजार टॉयलेट बन रहे हैं. 3200 हेक्टेयर के क्षेत्रफल में कहीं भी खुले में शौच नहीं होगा और पहली बार पूरी तरह स्वच्छ कुंभ होगा."
कुंभ में पिछली बार हुई दुर्घटना पर उन्होंने कहा कि इस बार एंट्री-एग्जिट गेट अलग-अलग कर दिए गए हैं, और यह पहला कुंभ है, जहां बनारस से स्टीमर से आ सकते हैं और नए टर्मिनल के जरिए हवाई रास्ते से भी आ सकते हैं.
(इनपुट आईएएनएस से) | कहा- मैं भी चाहता हूं कि अध्यादेश लाकर मंदिर बनवाया जाना चाहिए
कुंभ में 3200 हेक्टेयर के क्षेत्रफल में कहीं भी खुले में शौच नहीं होगा
यह पहला कुंभ है, जिसमें स्टीमर से आ सकते हैं और हवाई रास्ते से भी | 28 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: इंग्लैंड ने भारत के खिलाफ तीसरे क्रिकेट टेस्ट के पांचवें और अंतिम दिन 41 रन के लक्ष्य को तीन विकेट गंवाकर हासिल करते हुए चार मैचों की शृंखला में 2-1 की अजेय बढ़त बना ली।
भारत को घरेलू सरजमीं पर लगातार दूसरी शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा। सुबह नौ विकेट पर 239 रन से खेलने उतरी भारतीय पारी दिन के दूसरे ओवर में ही 247 रन पर सिमट गई। टीम ने सिर्फ 10 गेंद में आठ जोड़कर अपना अंतिम विकेट भी गंवा दिया। भारत की ओर से रविचंद्रन अश्विन ने सर्वाधिक नाबाद 91 रन बनाए।
अश्विन ने काफी धैर्य के साथ बल्लेबाजी की और वह अपने दूसरे टेस्ट शतक की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन दूसरे छोर पर अन्य बल्लेबाज उनका बखूबी साथ नहीं निभा पाए। इंग्लैंड की ओर से जेम्स एंडरसन ने 38, जबकि फिन ने 45 रन देकर तीन-तीन विकेट चटकाए। ग्रीम स्वान ने दो, जबकि मोंटी पनेसर ने एक विकेट हासिल किया।
भारत ने पहली पारी में 316 रन बनाए थे, जिसके जवाब में इंग्लैंड ने 523 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था। पहली पारी में 207 रन की बढ़त हासिल करने वाले इंग्लैंड को इस तरह जीत के लिए सिर्फ 41 रन का लक्ष्य मिला। इंग्लैंड की शुरुआत अच्छी नहीं रही और उसने आठ रन तक ही कप्तान एलिस्टेयर कुक (1), जोनाथन ट्राट (3) और केविन पीटरसन (0) के विकेट गंवा दिए थे।
इयान बेल (नाबाद 28) और सलामी बल्लेबाज निक काम्पटन (नाबाद 9) ने इसके बाद टीम को लक्ष्य तक पहुंचा दिया। इंग्लैंड ने इसके साथ ही 28 साल में भारत में पहली शृंखला जीतने की ओर मजबूत कदम बढ़ाए। इंग्लैंड ने भारत में पिछली शृंखला 1984-85 में जीती थी, जब डेविड गावर की अगुवाई वाली टीम ने 2-1 से शृंखला अपने नाम की थी।
दूसरी तरफ, भारत ने 1999-2000 सत्र के बाद अपनी सरजमीं पर पहली बार लगातार दो टेस्ट मैच गंवाए हैं। तब दक्षिण अफ्रीका ने भारत को मुंबई और बेंगलुरु में हराकर दो टेस्ट मैचों की शृंखला 2-0 से जीती थी। भारत को इससे पहले मुंबई में दूसरे टेस्ट में भी 10 विकेट की शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा था। मुंबई और कोलकाता दोनों जगह भारतीय बल्लेबाज और गेंदबाज दोनों नाकाम रहे, जिससे कुछ खिलाड़ियों को बदलने की मांग तेज हो गई है।
दोनों टीमें अब शृंखला के चौथे और अंतिम टेस्ट के लिए नागपुर रवाना होंगी। यह टेस्ट 13 दिसंबर से खेला जाएगा। इंग्लैंड को भारतीय सरजमीं पर शृंखला में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के लिए सिर्फ अंतिम टेस्ट में ड्रॉ की जरूरत है, जबकि भारत को अगर शृंखला में हार से बचना है, तो इस टेस्ट में हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी।
भारत ने इंग्लैंड की दूसरी पारी में सिर्फ अश्विन और प्रज्ञान ओझा की स्पिन जोड़ी से गेंदबाजी कराई और उसे शुरुआती सफलता भी मिली, लेकिन इसके बाद इंग्लैंड ने लक्ष्य को हासिल कर लिया। अश्विन ने पहले ओवर की पांचवीं गेंद पर ही कुक को पैवेलियन भेज दिया, जो इस ऑफ स्पिनर की गेंद को आगे बढ़कर खेलने की कोशिश में स्टंप हो गए। इंग्लैंड का कप्तान काफी आगे निकल आया था और विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी ने उनके स्टंप उखाड़ने में कोई गलती नहीं की।टिप्पणियां
ओझा ने इसके बाद ट्राट को पगबाधा आउट किया, जबकि अश्विन ने पीटरसन को धोनी के हाथों कैच कराया, जिससे इंग्लैंड का स्कोर तीन विकेट पर आठ रन हो गया। बेल और काम्पटन ने हालांकि इसके बाद 33 रन की अटूट साझेदारी करके टीम को जीत दिला दी। बेल ने स्वच्छंद होकर बल्लेबाजी की और 28 गेंद की अपनी पारी में चार चौके जड़े। भारत की ओर से अश्विन ने 31 रन देकर दो, जबकि ओझा ने 10 रन देकर एक विकेट चटकाया।
इससे पहले अश्विन ने अपनी पारी को 83 रन से आगे बढ़ाया और स्टीवन फिन के दिन के पहले ओवर की अंतिम दो गेंदों पर दो चौके जड़कर अपना स्कोर 90 रन के पार पहुंचाया। जेम्स एंडरसन ने हालांकि अगले ओवर की चौथी गेंद पर ही प्रज्ञान ओझा (3) को बोल्ड करके भारतीय पारी का अंत किया। अश्विन ने अपनी नाबाद पारी के दौरान 157 गेंद का सामना करते हुए 15 चौके जड़े। अश्विन ने इशांत शर्मा (10) के साथ नौवें विकेट के लिए 38 और ओझा के साथ अंतिम विकेट के लिए 50 रन की साझेदारी करके भारत को पारी की हार से बचाया, जिसने सिर्फ 159 रन आठ विकेट गंवा दिए थे।
भारत को घरेलू सरजमीं पर लगातार दूसरी शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा। सुबह नौ विकेट पर 239 रन से खेलने उतरी भारतीय पारी दिन के दूसरे ओवर में ही 247 रन पर सिमट गई। टीम ने सिर्फ 10 गेंद में आठ जोड़कर अपना अंतिम विकेट भी गंवा दिया। भारत की ओर से रविचंद्रन अश्विन ने सर्वाधिक नाबाद 91 रन बनाए।
अश्विन ने काफी धैर्य के साथ बल्लेबाजी की और वह अपने दूसरे टेस्ट शतक की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन दूसरे छोर पर अन्य बल्लेबाज उनका बखूबी साथ नहीं निभा पाए। इंग्लैंड की ओर से जेम्स एंडरसन ने 38, जबकि फिन ने 45 रन देकर तीन-तीन विकेट चटकाए। ग्रीम स्वान ने दो, जबकि मोंटी पनेसर ने एक विकेट हासिल किया।
भारत ने पहली पारी में 316 रन बनाए थे, जिसके जवाब में इंग्लैंड ने 523 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था। पहली पारी में 207 रन की बढ़त हासिल करने वाले इंग्लैंड को इस तरह जीत के लिए सिर्फ 41 रन का लक्ष्य मिला। इंग्लैंड की शुरुआत अच्छी नहीं रही और उसने आठ रन तक ही कप्तान एलिस्टेयर कुक (1), जोनाथन ट्राट (3) और केविन पीटरसन (0) के विकेट गंवा दिए थे।
इयान बेल (नाबाद 28) और सलामी बल्लेबाज निक काम्पटन (नाबाद 9) ने इसके बाद टीम को लक्ष्य तक पहुंचा दिया। इंग्लैंड ने इसके साथ ही 28 साल में भारत में पहली शृंखला जीतने की ओर मजबूत कदम बढ़ाए। इंग्लैंड ने भारत में पिछली शृंखला 1984-85 में जीती थी, जब डेविड गावर की अगुवाई वाली टीम ने 2-1 से शृंखला अपने नाम की थी।
दूसरी तरफ, भारत ने 1999-2000 सत्र के बाद अपनी सरजमीं पर पहली बार लगातार दो टेस्ट मैच गंवाए हैं। तब दक्षिण अफ्रीका ने भारत को मुंबई और बेंगलुरु में हराकर दो टेस्ट मैचों की शृंखला 2-0 से जीती थी। भारत को इससे पहले मुंबई में दूसरे टेस्ट में भी 10 विकेट की शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा था। मुंबई और कोलकाता दोनों जगह भारतीय बल्लेबाज और गेंदबाज दोनों नाकाम रहे, जिससे कुछ खिलाड़ियों को बदलने की मांग तेज हो गई है।
दोनों टीमें अब शृंखला के चौथे और अंतिम टेस्ट के लिए नागपुर रवाना होंगी। यह टेस्ट 13 दिसंबर से खेला जाएगा। इंग्लैंड को भारतीय सरजमीं पर शृंखला में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के लिए सिर्फ अंतिम टेस्ट में ड्रॉ की जरूरत है, जबकि भारत को अगर शृंखला में हार से बचना है, तो इस टेस्ट में हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी।
भारत ने इंग्लैंड की दूसरी पारी में सिर्फ अश्विन और प्रज्ञान ओझा की स्पिन जोड़ी से गेंदबाजी कराई और उसे शुरुआती सफलता भी मिली, लेकिन इसके बाद इंग्लैंड ने लक्ष्य को हासिल कर लिया। अश्विन ने पहले ओवर की पांचवीं गेंद पर ही कुक को पैवेलियन भेज दिया, जो इस ऑफ स्पिनर की गेंद को आगे बढ़कर खेलने की कोशिश में स्टंप हो गए। इंग्लैंड का कप्तान काफी आगे निकल आया था और विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी ने उनके स्टंप उखाड़ने में कोई गलती नहीं की।टिप्पणियां
ओझा ने इसके बाद ट्राट को पगबाधा आउट किया, जबकि अश्विन ने पीटरसन को धोनी के हाथों कैच कराया, जिससे इंग्लैंड का स्कोर तीन विकेट पर आठ रन हो गया। बेल और काम्पटन ने हालांकि इसके बाद 33 रन की अटूट साझेदारी करके टीम को जीत दिला दी। बेल ने स्वच्छंद होकर बल्लेबाजी की और 28 गेंद की अपनी पारी में चार चौके जड़े। भारत की ओर से अश्विन ने 31 रन देकर दो, जबकि ओझा ने 10 रन देकर एक विकेट चटकाया।
इससे पहले अश्विन ने अपनी पारी को 83 रन से आगे बढ़ाया और स्टीवन फिन के दिन के पहले ओवर की अंतिम दो गेंदों पर दो चौके जड़कर अपना स्कोर 90 रन के पार पहुंचाया। जेम्स एंडरसन ने हालांकि अगले ओवर की चौथी गेंद पर ही प्रज्ञान ओझा (3) को बोल्ड करके भारतीय पारी का अंत किया। अश्विन ने अपनी नाबाद पारी के दौरान 157 गेंद का सामना करते हुए 15 चौके जड़े। अश्विन ने इशांत शर्मा (10) के साथ नौवें विकेट के लिए 38 और ओझा के साथ अंतिम विकेट के लिए 50 रन की साझेदारी करके भारत को पारी की हार से बचाया, जिसने सिर्फ 159 रन आठ विकेट गंवा दिए थे।
अश्विन ने काफी धैर्य के साथ बल्लेबाजी की और वह अपने दूसरे टेस्ट शतक की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन दूसरे छोर पर अन्य बल्लेबाज उनका बखूबी साथ नहीं निभा पाए। इंग्लैंड की ओर से जेम्स एंडरसन ने 38, जबकि फिन ने 45 रन देकर तीन-तीन विकेट चटकाए। ग्रीम स्वान ने दो, जबकि मोंटी पनेसर ने एक विकेट हासिल किया।
भारत ने पहली पारी में 316 रन बनाए थे, जिसके जवाब में इंग्लैंड ने 523 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था। पहली पारी में 207 रन की बढ़त हासिल करने वाले इंग्लैंड को इस तरह जीत के लिए सिर्फ 41 रन का लक्ष्य मिला। इंग्लैंड की शुरुआत अच्छी नहीं रही और उसने आठ रन तक ही कप्तान एलिस्टेयर कुक (1), जोनाथन ट्राट (3) और केविन पीटरसन (0) के विकेट गंवा दिए थे।
इयान बेल (नाबाद 28) और सलामी बल्लेबाज निक काम्पटन (नाबाद 9) ने इसके बाद टीम को लक्ष्य तक पहुंचा दिया। इंग्लैंड ने इसके साथ ही 28 साल में भारत में पहली शृंखला जीतने की ओर मजबूत कदम बढ़ाए। इंग्लैंड ने भारत में पिछली शृंखला 1984-85 में जीती थी, जब डेविड गावर की अगुवाई वाली टीम ने 2-1 से शृंखला अपने नाम की थी।
दूसरी तरफ, भारत ने 1999-2000 सत्र के बाद अपनी सरजमीं पर पहली बार लगातार दो टेस्ट मैच गंवाए हैं। तब दक्षिण अफ्रीका ने भारत को मुंबई और बेंगलुरु में हराकर दो टेस्ट मैचों की शृंखला 2-0 से जीती थी। भारत को इससे पहले मुंबई में दूसरे टेस्ट में भी 10 विकेट की शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा था। मुंबई और कोलकाता दोनों जगह भारतीय बल्लेबाज और गेंदबाज दोनों नाकाम रहे, जिससे कुछ खिलाड़ियों को बदलने की मांग तेज हो गई है।
दोनों टीमें अब शृंखला के चौथे और अंतिम टेस्ट के लिए नागपुर रवाना होंगी। यह टेस्ट 13 दिसंबर से खेला जाएगा। इंग्लैंड को भारतीय सरजमीं पर शृंखला में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के लिए सिर्फ अंतिम टेस्ट में ड्रॉ की जरूरत है, जबकि भारत को अगर शृंखला में हार से बचना है, तो इस टेस्ट में हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी।
भारत ने इंग्लैंड की दूसरी पारी में सिर्फ अश्विन और प्रज्ञान ओझा की स्पिन जोड़ी से गेंदबाजी कराई और उसे शुरुआती सफलता भी मिली, लेकिन इसके बाद इंग्लैंड ने लक्ष्य को हासिल कर लिया। अश्विन ने पहले ओवर की पांचवीं गेंद पर ही कुक को पैवेलियन भेज दिया, जो इस ऑफ स्पिनर की गेंद को आगे बढ़कर खेलने की कोशिश में स्टंप हो गए। इंग्लैंड का कप्तान काफी आगे निकल आया था और विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी ने उनके स्टंप उखाड़ने में कोई गलती नहीं की।टिप्पणियां
ओझा ने इसके बाद ट्राट को पगबाधा आउट किया, जबकि अश्विन ने पीटरसन को धोनी के हाथों कैच कराया, जिससे इंग्लैंड का स्कोर तीन विकेट पर आठ रन हो गया। बेल और काम्पटन ने हालांकि इसके बाद 33 रन की अटूट साझेदारी करके टीम को जीत दिला दी। बेल ने स्वच्छंद होकर बल्लेबाजी की और 28 गेंद की अपनी पारी में चार चौके जड़े। भारत की ओर से अश्विन ने 31 रन देकर दो, जबकि ओझा ने 10 रन देकर एक विकेट चटकाया।
इससे पहले अश्विन ने अपनी पारी को 83 रन से आगे बढ़ाया और स्टीवन फिन के दिन के पहले ओवर की अंतिम दो गेंदों पर दो चौके जड़कर अपना स्कोर 90 रन के पार पहुंचाया। जेम्स एंडरसन ने हालांकि अगले ओवर की चौथी गेंद पर ही प्रज्ञान ओझा (3) को बोल्ड करके भारतीय पारी का अंत किया। अश्विन ने अपनी नाबाद पारी के दौरान 157 गेंद का सामना करते हुए 15 चौके जड़े। अश्विन ने इशांत शर्मा (10) के साथ नौवें विकेट के लिए 38 और ओझा के साथ अंतिम विकेट के लिए 50 रन की साझेदारी करके भारत को पारी की हार से बचाया, जिसने सिर्फ 159 रन आठ विकेट गंवा दिए थे।
भारत ने पहली पारी में 316 रन बनाए थे, जिसके जवाब में इंग्लैंड ने 523 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था। पहली पारी में 207 रन की बढ़त हासिल करने वाले इंग्लैंड को इस तरह जीत के लिए सिर्फ 41 रन का लक्ष्य मिला। इंग्लैंड की शुरुआत अच्छी नहीं रही और उसने आठ रन तक ही कप्तान एलिस्टेयर कुक (1), जोनाथन ट्राट (3) और केविन पीटरसन (0) के विकेट गंवा दिए थे।
इयान बेल (नाबाद 28) और सलामी बल्लेबाज निक काम्पटन (नाबाद 9) ने इसके बाद टीम को लक्ष्य तक पहुंचा दिया। इंग्लैंड ने इसके साथ ही 28 साल में भारत में पहली शृंखला जीतने की ओर मजबूत कदम बढ़ाए। इंग्लैंड ने भारत में पिछली शृंखला 1984-85 में जीती थी, जब डेविड गावर की अगुवाई वाली टीम ने 2-1 से शृंखला अपने नाम की थी।
दूसरी तरफ, भारत ने 1999-2000 सत्र के बाद अपनी सरजमीं पर पहली बार लगातार दो टेस्ट मैच गंवाए हैं। तब दक्षिण अफ्रीका ने भारत को मुंबई और बेंगलुरु में हराकर दो टेस्ट मैचों की शृंखला 2-0 से जीती थी। भारत को इससे पहले मुंबई में दूसरे टेस्ट में भी 10 विकेट की शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा था। मुंबई और कोलकाता दोनों जगह भारतीय बल्लेबाज और गेंदबाज दोनों नाकाम रहे, जिससे कुछ खिलाड़ियों को बदलने की मांग तेज हो गई है।
दोनों टीमें अब शृंखला के चौथे और अंतिम टेस्ट के लिए नागपुर रवाना होंगी। यह टेस्ट 13 दिसंबर से खेला जाएगा। इंग्लैंड को भारतीय सरजमीं पर शृंखला में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के लिए सिर्फ अंतिम टेस्ट में ड्रॉ की जरूरत है, जबकि भारत को अगर शृंखला में हार से बचना है, तो इस टेस्ट में हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी।
भारत ने इंग्लैंड की दूसरी पारी में सिर्फ अश्विन और प्रज्ञान ओझा की स्पिन जोड़ी से गेंदबाजी कराई और उसे शुरुआती सफलता भी मिली, लेकिन इसके बाद इंग्लैंड ने लक्ष्य को हासिल कर लिया। अश्विन ने पहले ओवर की पांचवीं गेंद पर ही कुक को पैवेलियन भेज दिया, जो इस ऑफ स्पिनर की गेंद को आगे बढ़कर खेलने की कोशिश में स्टंप हो गए। इंग्लैंड का कप्तान काफी आगे निकल आया था और विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी ने उनके स्टंप उखाड़ने में कोई गलती नहीं की।टिप्पणियां
ओझा ने इसके बाद ट्राट को पगबाधा आउट किया, जबकि अश्विन ने पीटरसन को धोनी के हाथों कैच कराया, जिससे इंग्लैंड का स्कोर तीन विकेट पर आठ रन हो गया। बेल और काम्पटन ने हालांकि इसके बाद 33 रन की अटूट साझेदारी करके टीम को जीत दिला दी। बेल ने स्वच्छंद होकर बल्लेबाजी की और 28 गेंद की अपनी पारी में चार चौके जड़े। भारत की ओर से अश्विन ने 31 रन देकर दो, जबकि ओझा ने 10 रन देकर एक विकेट चटकाया।
इससे पहले अश्विन ने अपनी पारी को 83 रन से आगे बढ़ाया और स्टीवन फिन के दिन के पहले ओवर की अंतिम दो गेंदों पर दो चौके जड़कर अपना स्कोर 90 रन के पार पहुंचाया। जेम्स एंडरसन ने हालांकि अगले ओवर की चौथी गेंद पर ही प्रज्ञान ओझा (3) को बोल्ड करके भारतीय पारी का अंत किया। अश्विन ने अपनी नाबाद पारी के दौरान 157 गेंद का सामना करते हुए 15 चौके जड़े। अश्विन ने इशांत शर्मा (10) के साथ नौवें विकेट के लिए 38 और ओझा के साथ अंतिम विकेट के लिए 50 रन की साझेदारी करके भारत को पारी की हार से बचाया, जिसने सिर्फ 159 रन आठ विकेट गंवा दिए थे।
इयान बेल (नाबाद 28) और सलामी बल्लेबाज निक काम्पटन (नाबाद 9) ने इसके बाद टीम को लक्ष्य तक पहुंचा दिया। इंग्लैंड ने इसके साथ ही 28 साल में भारत में पहली शृंखला जीतने की ओर मजबूत कदम बढ़ाए। इंग्लैंड ने भारत में पिछली शृंखला 1984-85 में जीती थी, जब डेविड गावर की अगुवाई वाली टीम ने 2-1 से शृंखला अपने नाम की थी।
दूसरी तरफ, भारत ने 1999-2000 सत्र के बाद अपनी सरजमीं पर पहली बार लगातार दो टेस्ट मैच गंवाए हैं। तब दक्षिण अफ्रीका ने भारत को मुंबई और बेंगलुरु में हराकर दो टेस्ट मैचों की शृंखला 2-0 से जीती थी। भारत को इससे पहले मुंबई में दूसरे टेस्ट में भी 10 विकेट की शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा था। मुंबई और कोलकाता दोनों जगह भारतीय बल्लेबाज और गेंदबाज दोनों नाकाम रहे, जिससे कुछ खिलाड़ियों को बदलने की मांग तेज हो गई है।
दोनों टीमें अब शृंखला के चौथे और अंतिम टेस्ट के लिए नागपुर रवाना होंगी। यह टेस्ट 13 दिसंबर से खेला जाएगा। इंग्लैंड को भारतीय सरजमीं पर शृंखला में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के लिए सिर्फ अंतिम टेस्ट में ड्रॉ की जरूरत है, जबकि भारत को अगर शृंखला में हार से बचना है, तो इस टेस्ट में हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी।
भारत ने इंग्लैंड की दूसरी पारी में सिर्फ अश्विन और प्रज्ञान ओझा की स्पिन जोड़ी से गेंदबाजी कराई और उसे शुरुआती सफलता भी मिली, लेकिन इसके बाद इंग्लैंड ने लक्ष्य को हासिल कर लिया। अश्विन ने पहले ओवर की पांचवीं गेंद पर ही कुक को पैवेलियन भेज दिया, जो इस ऑफ स्पिनर की गेंद को आगे बढ़कर खेलने की कोशिश में स्टंप हो गए। इंग्लैंड का कप्तान काफी आगे निकल आया था और विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी ने उनके स्टंप उखाड़ने में कोई गलती नहीं की।टिप्पणियां
ओझा ने इसके बाद ट्राट को पगबाधा आउट किया, जबकि अश्विन ने पीटरसन को धोनी के हाथों कैच कराया, जिससे इंग्लैंड का स्कोर तीन विकेट पर आठ रन हो गया। बेल और काम्पटन ने हालांकि इसके बाद 33 रन की अटूट साझेदारी करके टीम को जीत दिला दी। बेल ने स्वच्छंद होकर बल्लेबाजी की और 28 गेंद की अपनी पारी में चार चौके जड़े। भारत की ओर से अश्विन ने 31 रन देकर दो, जबकि ओझा ने 10 रन देकर एक विकेट चटकाया।
इससे पहले अश्विन ने अपनी पारी को 83 रन से आगे बढ़ाया और स्टीवन फिन के दिन के पहले ओवर की अंतिम दो गेंदों पर दो चौके जड़कर अपना स्कोर 90 रन के पार पहुंचाया। जेम्स एंडरसन ने हालांकि अगले ओवर की चौथी गेंद पर ही प्रज्ञान ओझा (3) को बोल्ड करके भारतीय पारी का अंत किया। अश्विन ने अपनी नाबाद पारी के दौरान 157 गेंद का सामना करते हुए 15 चौके जड़े। अश्विन ने इशांत शर्मा (10) के साथ नौवें विकेट के लिए 38 और ओझा के साथ अंतिम विकेट के लिए 50 रन की साझेदारी करके भारत को पारी की हार से बचाया, जिसने सिर्फ 159 रन आठ विकेट गंवा दिए थे।
दूसरी तरफ, भारत ने 1999-2000 सत्र के बाद अपनी सरजमीं पर पहली बार लगातार दो टेस्ट मैच गंवाए हैं। तब दक्षिण अफ्रीका ने भारत को मुंबई और बेंगलुरु में हराकर दो टेस्ट मैचों की शृंखला 2-0 से जीती थी। भारत को इससे पहले मुंबई में दूसरे टेस्ट में भी 10 विकेट की शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा था। मुंबई और कोलकाता दोनों जगह भारतीय बल्लेबाज और गेंदबाज दोनों नाकाम रहे, जिससे कुछ खिलाड़ियों को बदलने की मांग तेज हो गई है।
दोनों टीमें अब शृंखला के चौथे और अंतिम टेस्ट के लिए नागपुर रवाना होंगी। यह टेस्ट 13 दिसंबर से खेला जाएगा। इंग्लैंड को भारतीय सरजमीं पर शृंखला में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के लिए सिर्फ अंतिम टेस्ट में ड्रॉ की जरूरत है, जबकि भारत को अगर शृंखला में हार से बचना है, तो इस टेस्ट में हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी।
भारत ने इंग्लैंड की दूसरी पारी में सिर्फ अश्विन और प्रज्ञान ओझा की स्पिन जोड़ी से गेंदबाजी कराई और उसे शुरुआती सफलता भी मिली, लेकिन इसके बाद इंग्लैंड ने लक्ष्य को हासिल कर लिया। अश्विन ने पहले ओवर की पांचवीं गेंद पर ही कुक को पैवेलियन भेज दिया, जो इस ऑफ स्पिनर की गेंद को आगे बढ़कर खेलने की कोशिश में स्टंप हो गए। इंग्लैंड का कप्तान काफी आगे निकल आया था और विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी ने उनके स्टंप उखाड़ने में कोई गलती नहीं की।टिप्पणियां
ओझा ने इसके बाद ट्राट को पगबाधा आउट किया, जबकि अश्विन ने पीटरसन को धोनी के हाथों कैच कराया, जिससे इंग्लैंड का स्कोर तीन विकेट पर आठ रन हो गया। बेल और काम्पटन ने हालांकि इसके बाद 33 रन की अटूट साझेदारी करके टीम को जीत दिला दी। बेल ने स्वच्छंद होकर बल्लेबाजी की और 28 गेंद की अपनी पारी में चार चौके जड़े। भारत की ओर से अश्विन ने 31 रन देकर दो, जबकि ओझा ने 10 रन देकर एक विकेट चटकाया।
इससे पहले अश्विन ने अपनी पारी को 83 रन से आगे बढ़ाया और स्टीवन फिन के दिन के पहले ओवर की अंतिम दो गेंदों पर दो चौके जड़कर अपना स्कोर 90 रन के पार पहुंचाया। जेम्स एंडरसन ने हालांकि अगले ओवर की चौथी गेंद पर ही प्रज्ञान ओझा (3) को बोल्ड करके भारतीय पारी का अंत किया। अश्विन ने अपनी नाबाद पारी के दौरान 157 गेंद का सामना करते हुए 15 चौके जड़े। अश्विन ने इशांत शर्मा (10) के साथ नौवें विकेट के लिए 38 और ओझा के साथ अंतिम विकेट के लिए 50 रन की साझेदारी करके भारत को पारी की हार से बचाया, जिसने सिर्फ 159 रन आठ विकेट गंवा दिए थे।
दोनों टीमें अब शृंखला के चौथे और अंतिम टेस्ट के लिए नागपुर रवाना होंगी। यह टेस्ट 13 दिसंबर से खेला जाएगा। इंग्लैंड को भारतीय सरजमीं पर शृंखला में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के लिए सिर्फ अंतिम टेस्ट में ड्रॉ की जरूरत है, जबकि भारत को अगर शृंखला में हार से बचना है, तो इस टेस्ट में हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी।
भारत ने इंग्लैंड की दूसरी पारी में सिर्फ अश्विन और प्रज्ञान ओझा की स्पिन जोड़ी से गेंदबाजी कराई और उसे शुरुआती सफलता भी मिली, लेकिन इसके बाद इंग्लैंड ने लक्ष्य को हासिल कर लिया। अश्विन ने पहले ओवर की पांचवीं गेंद पर ही कुक को पैवेलियन भेज दिया, जो इस ऑफ स्पिनर की गेंद को आगे बढ़कर खेलने की कोशिश में स्टंप हो गए। इंग्लैंड का कप्तान काफी आगे निकल आया था और विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी ने उनके स्टंप उखाड़ने में कोई गलती नहीं की।टिप्पणियां
ओझा ने इसके बाद ट्राट को पगबाधा आउट किया, जबकि अश्विन ने पीटरसन को धोनी के हाथों कैच कराया, जिससे इंग्लैंड का स्कोर तीन विकेट पर आठ रन हो गया। बेल और काम्पटन ने हालांकि इसके बाद 33 रन की अटूट साझेदारी करके टीम को जीत दिला दी। बेल ने स्वच्छंद होकर बल्लेबाजी की और 28 गेंद की अपनी पारी में चार चौके जड़े। भारत की ओर से अश्विन ने 31 रन देकर दो, जबकि ओझा ने 10 रन देकर एक विकेट चटकाया।
इससे पहले अश्विन ने अपनी पारी को 83 रन से आगे बढ़ाया और स्टीवन फिन के दिन के पहले ओवर की अंतिम दो गेंदों पर दो चौके जड़कर अपना स्कोर 90 रन के पार पहुंचाया। जेम्स एंडरसन ने हालांकि अगले ओवर की चौथी गेंद पर ही प्रज्ञान ओझा (3) को बोल्ड करके भारतीय पारी का अंत किया। अश्विन ने अपनी नाबाद पारी के दौरान 157 गेंद का सामना करते हुए 15 चौके जड़े। अश्विन ने इशांत शर्मा (10) के साथ नौवें विकेट के लिए 38 और ओझा के साथ अंतिम विकेट के लिए 50 रन की साझेदारी करके भारत को पारी की हार से बचाया, जिसने सिर्फ 159 रन आठ विकेट गंवा दिए थे।
भारत ने इंग्लैंड की दूसरी पारी में सिर्फ अश्विन और प्रज्ञान ओझा की स्पिन जोड़ी से गेंदबाजी कराई और उसे शुरुआती सफलता भी मिली, लेकिन इसके बाद इंग्लैंड ने लक्ष्य को हासिल कर लिया। अश्विन ने पहले ओवर की पांचवीं गेंद पर ही कुक को पैवेलियन भेज दिया, जो इस ऑफ स्पिनर की गेंद को आगे बढ़कर खेलने की कोशिश में स्टंप हो गए। इंग्लैंड का कप्तान काफी आगे निकल आया था और विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी ने उनके स्टंप उखाड़ने में कोई गलती नहीं की।टिप्पणियां
ओझा ने इसके बाद ट्राट को पगबाधा आउट किया, जबकि अश्विन ने पीटरसन को धोनी के हाथों कैच कराया, जिससे इंग्लैंड का स्कोर तीन विकेट पर आठ रन हो गया। बेल और काम्पटन ने हालांकि इसके बाद 33 रन की अटूट साझेदारी करके टीम को जीत दिला दी। बेल ने स्वच्छंद होकर बल्लेबाजी की और 28 गेंद की अपनी पारी में चार चौके जड़े। भारत की ओर से अश्विन ने 31 रन देकर दो, जबकि ओझा ने 10 रन देकर एक विकेट चटकाया।
इससे पहले अश्विन ने अपनी पारी को 83 रन से आगे बढ़ाया और स्टीवन फिन के दिन के पहले ओवर की अंतिम दो गेंदों पर दो चौके जड़कर अपना स्कोर 90 रन के पार पहुंचाया। जेम्स एंडरसन ने हालांकि अगले ओवर की चौथी गेंद पर ही प्रज्ञान ओझा (3) को बोल्ड करके भारतीय पारी का अंत किया। अश्विन ने अपनी नाबाद पारी के दौरान 157 गेंद का सामना करते हुए 15 चौके जड़े। अश्विन ने इशांत शर्मा (10) के साथ नौवें विकेट के लिए 38 और ओझा के साथ अंतिम विकेट के लिए 50 रन की साझेदारी करके भारत को पारी की हार से बचाया, जिसने सिर्फ 159 रन आठ विकेट गंवा दिए थे।
ओझा ने इसके बाद ट्राट को पगबाधा आउट किया, जबकि अश्विन ने पीटरसन को धोनी के हाथों कैच कराया, जिससे इंग्लैंड का स्कोर तीन विकेट पर आठ रन हो गया। बेल और काम्पटन ने हालांकि इसके बाद 33 रन की अटूट साझेदारी करके टीम को जीत दिला दी। बेल ने स्वच्छंद होकर बल्लेबाजी की और 28 गेंद की अपनी पारी में चार चौके जड़े। भारत की ओर से अश्विन ने 31 रन देकर दो, जबकि ओझा ने 10 रन देकर एक विकेट चटकाया।
इससे पहले अश्विन ने अपनी पारी को 83 रन से आगे बढ़ाया और स्टीवन फिन के दिन के पहले ओवर की अंतिम दो गेंदों पर दो चौके जड़कर अपना स्कोर 90 रन के पार पहुंचाया। जेम्स एंडरसन ने हालांकि अगले ओवर की चौथी गेंद पर ही प्रज्ञान ओझा (3) को बोल्ड करके भारतीय पारी का अंत किया। अश्विन ने अपनी नाबाद पारी के दौरान 157 गेंद का सामना करते हुए 15 चौके जड़े। अश्विन ने इशांत शर्मा (10) के साथ नौवें विकेट के लिए 38 और ओझा के साथ अंतिम विकेट के लिए 50 रन की साझेदारी करके भारत को पारी की हार से बचाया, जिसने सिर्फ 159 रन आठ विकेट गंवा दिए थे।
इससे पहले अश्विन ने अपनी पारी को 83 रन से आगे बढ़ाया और स्टीवन फिन के दिन के पहले ओवर की अंतिम दो गेंदों पर दो चौके जड़कर अपना स्कोर 90 रन के पार पहुंचाया। जेम्स एंडरसन ने हालांकि अगले ओवर की चौथी गेंद पर ही प्रज्ञान ओझा (3) को बोल्ड करके भारतीय पारी का अंत किया। अश्विन ने अपनी नाबाद पारी के दौरान 157 गेंद का सामना करते हुए 15 चौके जड़े। अश्विन ने इशांत शर्मा (10) के साथ नौवें विकेट के लिए 38 और ओझा के साथ अंतिम विकेट के लिए 50 रन की साझेदारी करके भारत को पारी की हार से बचाया, जिसने सिर्फ 159 रन आठ विकेट गंवा दिए थे। | इंग्लैंड ने भारत के खिलाफ तीसरे क्रिकेट टेस्ट के पांचवें और अंतिम दिन 41 रन के लक्ष्य को तीन विकेट गंवाकर हासिल करते हुए चार मैचों की शृंखला में 2-1 की अजेय बढ़त बना ली। | 34 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: मिस्र में जेल से भागने की कोशिश कर रहे मुस्लिम ब्रदरहुड के कम से कम 38 कैदी मारे गए। अलजजीरा ने खबर दी कि जब इन कैदियों को पुलिस वाहन से अबू जाबल जेल ले जाया जा रहा था तब उन्होंने एक पुलिस अधिकारी को बंधक बना लिया। उसके बाद की गई कार्रवाई में ये कैदी मारे गए।
अलजजीरा के अनुसार, ये लोग रविवरा को काहिरा की अल फतह मस्जिद में चलाए गए अभियान के दौरान गिरफ्तार किए गए थे।टिप्पणियां
सरकारी संवाद समिति मेना ने खबर दी है कि अज्ञात बंदूकधारियों ने कैदियों की सहायता की।
मेना के अनुसार, 600 से अधिक लोगों को ले जा रहे ट्रकों पर तैनात सुरक्षा गार्डों के साथ बंदूकधारियों की मुठभेड़ हुई। ये लोग सुरक्षा बलों एवं अपदस्थ राष्ट्रपति मोहम्मर मुर्सी के समर्थकों के बीच हिंसा के दौरान हिरासत में लिए गए थे। संवाद समिति के अनुसार कैदी और बंदूकधारी मुस्लिम ब्रदरहुड से संबद्ध थे।
अलजजीरा के अनुसार, ये लोग रविवरा को काहिरा की अल फतह मस्जिद में चलाए गए अभियान के दौरान गिरफ्तार किए गए थे।टिप्पणियां
सरकारी संवाद समिति मेना ने खबर दी है कि अज्ञात बंदूकधारियों ने कैदियों की सहायता की।
मेना के अनुसार, 600 से अधिक लोगों को ले जा रहे ट्रकों पर तैनात सुरक्षा गार्डों के साथ बंदूकधारियों की मुठभेड़ हुई। ये लोग सुरक्षा बलों एवं अपदस्थ राष्ट्रपति मोहम्मर मुर्सी के समर्थकों के बीच हिंसा के दौरान हिरासत में लिए गए थे। संवाद समिति के अनुसार कैदी और बंदूकधारी मुस्लिम ब्रदरहुड से संबद्ध थे।
सरकारी संवाद समिति मेना ने खबर दी है कि अज्ञात बंदूकधारियों ने कैदियों की सहायता की।
मेना के अनुसार, 600 से अधिक लोगों को ले जा रहे ट्रकों पर तैनात सुरक्षा गार्डों के साथ बंदूकधारियों की मुठभेड़ हुई। ये लोग सुरक्षा बलों एवं अपदस्थ राष्ट्रपति मोहम्मर मुर्सी के समर्थकों के बीच हिंसा के दौरान हिरासत में लिए गए थे। संवाद समिति के अनुसार कैदी और बंदूकधारी मुस्लिम ब्रदरहुड से संबद्ध थे।
मेना के अनुसार, 600 से अधिक लोगों को ले जा रहे ट्रकों पर तैनात सुरक्षा गार्डों के साथ बंदूकधारियों की मुठभेड़ हुई। ये लोग सुरक्षा बलों एवं अपदस्थ राष्ट्रपति मोहम्मर मुर्सी के समर्थकों के बीच हिंसा के दौरान हिरासत में लिए गए थे। संवाद समिति के अनुसार कैदी और बंदूकधारी मुस्लिम ब्रदरहुड से संबद्ध थे। | संक्षिप्त सारांश: अलजजीरा ने खबर दी कि जब इन कैदियों को पुलिस वाहन से अबू जाबल जेल ले जाया जा रहा था तब उन्होंने एक पुलिस अधिकारी को बंधक बना लिया। | 0 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: अब जब यह साफ हो गया है कि तेलंगाना को आंध्र प्रदेश से काटकर अलग राज्य बनाया जाएगा, तब आंध्र प्रदेश कांग्रेस का एक धड़ा राज्य को बंटने से रोकने के लिए अंतिम प्रयास कर रहा है। इस धड़े में स्वयं मुख्यमंत्री किरण कुमार रेड्डी शामिल हैं जो कांग्रेस पार्टी प्रमुख सोनिया गांधी से मिलकर इस संबंध में एक आवेदन दिया है।
सोनिया गांधी को लिखे खत में आंध्र के मुख्यमंत्री रेड्डी ने कहा कि आंध्र प्रदेश को एक रहने दिया जाए। इस खत में आंध्र के कांग्रेस पार्टी प्रमुख और रायलसीमा के साथ तटीय आंध्र के कांग्रेस नेताओं के दस्तखत हैं।
खत में यह भी कहा गया है कि तेलंगाना को अलग करने की प्रक्रिया जब तक आरंभ न की जाए जब तक कि पार्टी द्वारा गठित दो सदस्यीय समिति अन्य इलाके के लोगों की चिंताओं के बारे में कोई फैसला नहीं ले लेती।
पिछले हफ्ते अपने घरों के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शनों के बाद कांग्रेस के मंत्रियों, सांसदों और विधायकों ने पार्टी तक छोड़ने की धमकी दी। इसके बाद कांग्रेस के बड़े नेताओं ने उनकी चिंताओं पर विचार करने की बात कही थी।
फिलहाल कांग्रेस के पास राज्य से 33 सांसद और उसमें से 19 तटीय आंध्र प्रदेश सऔर रायलसीमा से आते हैं। अब तेलंगाना विरोधी कांग्रेस के नेताओं को वाईएसआर कांग्रेस का भी साथ मिला है। मुख्यमंत्री का सोनिया गांधी को खत भी वाईएसआर कांग्रेस के उस ऐलान के बाद आया जिसमें वाईएसआर कांग्रेस ने तेलंगाना के गठन का विरोध करने की बात कही। टिप्पणियां
इससे पहले आंध्र प्रदेश की कांग्रेस ने इस बारे में कोई भी बात साफ नहीं कही थी। अब तक वह यह कह रही थी कि इस बारे में निर्णय लेना केंद्र के हाथ में है।
एनडीटीवी से बात करते हुए जगनमोहन रेड्डी की बहन शर्मिला ने कहा कि कांग्रेस ने राजनीतिक फायदे के लिए राज्य के लोगों के साथ अन्याय किया है।
सोनिया गांधी को लिखे खत में आंध्र के मुख्यमंत्री रेड्डी ने कहा कि आंध्र प्रदेश को एक रहने दिया जाए। इस खत में आंध्र के कांग्रेस पार्टी प्रमुख और रायलसीमा के साथ तटीय आंध्र के कांग्रेस नेताओं के दस्तखत हैं।
खत में यह भी कहा गया है कि तेलंगाना को अलग करने की प्रक्रिया जब तक आरंभ न की जाए जब तक कि पार्टी द्वारा गठित दो सदस्यीय समिति अन्य इलाके के लोगों की चिंताओं के बारे में कोई फैसला नहीं ले लेती।
पिछले हफ्ते अपने घरों के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शनों के बाद कांग्रेस के मंत्रियों, सांसदों और विधायकों ने पार्टी तक छोड़ने की धमकी दी। इसके बाद कांग्रेस के बड़े नेताओं ने उनकी चिंताओं पर विचार करने की बात कही थी।
फिलहाल कांग्रेस के पास राज्य से 33 सांसद और उसमें से 19 तटीय आंध्र प्रदेश सऔर रायलसीमा से आते हैं। अब तेलंगाना विरोधी कांग्रेस के नेताओं को वाईएसआर कांग्रेस का भी साथ मिला है। मुख्यमंत्री का सोनिया गांधी को खत भी वाईएसआर कांग्रेस के उस ऐलान के बाद आया जिसमें वाईएसआर कांग्रेस ने तेलंगाना के गठन का विरोध करने की बात कही। टिप्पणियां
इससे पहले आंध्र प्रदेश की कांग्रेस ने इस बारे में कोई भी बात साफ नहीं कही थी। अब तक वह यह कह रही थी कि इस बारे में निर्णय लेना केंद्र के हाथ में है।
एनडीटीवी से बात करते हुए जगनमोहन रेड्डी की बहन शर्मिला ने कहा कि कांग्रेस ने राजनीतिक फायदे के लिए राज्य के लोगों के साथ अन्याय किया है।
खत में यह भी कहा गया है कि तेलंगाना को अलग करने की प्रक्रिया जब तक आरंभ न की जाए जब तक कि पार्टी द्वारा गठित दो सदस्यीय समिति अन्य इलाके के लोगों की चिंताओं के बारे में कोई फैसला नहीं ले लेती।
पिछले हफ्ते अपने घरों के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शनों के बाद कांग्रेस के मंत्रियों, सांसदों और विधायकों ने पार्टी तक छोड़ने की धमकी दी। इसके बाद कांग्रेस के बड़े नेताओं ने उनकी चिंताओं पर विचार करने की बात कही थी।
फिलहाल कांग्रेस के पास राज्य से 33 सांसद और उसमें से 19 तटीय आंध्र प्रदेश सऔर रायलसीमा से आते हैं। अब तेलंगाना विरोधी कांग्रेस के नेताओं को वाईएसआर कांग्रेस का भी साथ मिला है। मुख्यमंत्री का सोनिया गांधी को खत भी वाईएसआर कांग्रेस के उस ऐलान के बाद आया जिसमें वाईएसआर कांग्रेस ने तेलंगाना के गठन का विरोध करने की बात कही। टिप्पणियां
इससे पहले आंध्र प्रदेश की कांग्रेस ने इस बारे में कोई भी बात साफ नहीं कही थी। अब तक वह यह कह रही थी कि इस बारे में निर्णय लेना केंद्र के हाथ में है।
एनडीटीवी से बात करते हुए जगनमोहन रेड्डी की बहन शर्मिला ने कहा कि कांग्रेस ने राजनीतिक फायदे के लिए राज्य के लोगों के साथ अन्याय किया है।
पिछले हफ्ते अपने घरों के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शनों के बाद कांग्रेस के मंत्रियों, सांसदों और विधायकों ने पार्टी तक छोड़ने की धमकी दी। इसके बाद कांग्रेस के बड़े नेताओं ने उनकी चिंताओं पर विचार करने की बात कही थी।
फिलहाल कांग्रेस के पास राज्य से 33 सांसद और उसमें से 19 तटीय आंध्र प्रदेश सऔर रायलसीमा से आते हैं। अब तेलंगाना विरोधी कांग्रेस के नेताओं को वाईएसआर कांग्रेस का भी साथ मिला है। मुख्यमंत्री का सोनिया गांधी को खत भी वाईएसआर कांग्रेस के उस ऐलान के बाद आया जिसमें वाईएसआर कांग्रेस ने तेलंगाना के गठन का विरोध करने की बात कही। टिप्पणियां
इससे पहले आंध्र प्रदेश की कांग्रेस ने इस बारे में कोई भी बात साफ नहीं कही थी। अब तक वह यह कह रही थी कि इस बारे में निर्णय लेना केंद्र के हाथ में है।
एनडीटीवी से बात करते हुए जगनमोहन रेड्डी की बहन शर्मिला ने कहा कि कांग्रेस ने राजनीतिक फायदे के लिए राज्य के लोगों के साथ अन्याय किया है।
फिलहाल कांग्रेस के पास राज्य से 33 सांसद और उसमें से 19 तटीय आंध्र प्रदेश सऔर रायलसीमा से आते हैं। अब तेलंगाना विरोधी कांग्रेस के नेताओं को वाईएसआर कांग्रेस का भी साथ मिला है। मुख्यमंत्री का सोनिया गांधी को खत भी वाईएसआर कांग्रेस के उस ऐलान के बाद आया जिसमें वाईएसआर कांग्रेस ने तेलंगाना के गठन का विरोध करने की बात कही। टिप्पणियां
इससे पहले आंध्र प्रदेश की कांग्रेस ने इस बारे में कोई भी बात साफ नहीं कही थी। अब तक वह यह कह रही थी कि इस बारे में निर्णय लेना केंद्र के हाथ में है।
एनडीटीवी से बात करते हुए जगनमोहन रेड्डी की बहन शर्मिला ने कहा कि कांग्रेस ने राजनीतिक फायदे के लिए राज्य के लोगों के साथ अन्याय किया है।
इससे पहले आंध्र प्रदेश की कांग्रेस ने इस बारे में कोई भी बात साफ नहीं कही थी। अब तक वह यह कह रही थी कि इस बारे में निर्णय लेना केंद्र के हाथ में है।
एनडीटीवी से बात करते हुए जगनमोहन रेड्डी की बहन शर्मिला ने कहा कि कांग्रेस ने राजनीतिक फायदे के लिए राज्य के लोगों के साथ अन्याय किया है।
एनडीटीवी से बात करते हुए जगनमोहन रेड्डी की बहन शर्मिला ने कहा कि कांग्रेस ने राजनीतिक फायदे के लिए राज्य के लोगों के साथ अन्याय किया है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सोनिया गांधी को लिखे खत में आंध्र के मुख्यमंत्री रेड्डी ने कहा कि आंध्र प्रदेश को एक रहने दिया जाए। इस खत में आंध्र के कांग्रेस पार्टी प्रमुख और रायलसीमा के साथ तटीय आंध्र के कांग्रेस नेताओं के दस्तखत हैं। | 25 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने फैसला किया है कि उनका प्रशासन सिर्फ पुरुष और महिला के बीच विवाह की इजाजत देने वाले कानून का बचाव नहीं करेगा। ओबामा के इस कदम को समलैंगिक अधिकारों की हिमायत करने वाले लोगों की एक जीत के रूप में देखा जा रहा है। अटॉर्नी जनरल एरिक होल्डर ने एक बयान में बताया कि डिफेंस ऑफ मैरिज एक्ट (डोमा) को दो याचिकाओं के जरिए चुनौती दिए जाने के मद्देनजर ओबामा ने कहा कि यह कानून असंवैधानिक हैं। गौरतलब है कि यह कानून पिछले 15 वर्षों से प्रभावी है। होल्डर ने रिपब्लिकन हाउस के अध्यक्ष जॉन बोहनर को लिखे एक पत्र में कहा है कि ओबामा ने पाया कि कुछ समलैंगिक जोड़ी को वैध शादी से बाहर रखने से पांचवें संशोधन में प्रदत्त समान सुरक्षा के प्रावधान का उल्लंघन होता है। ओबामा ने कहा कि न्याय विभाग 1996 के अधिनियम के मुख्य भाग का अधिक समय तक बचाव नहीं कर सकता, जो समलैंगिक शादी को संघीय स्तर पर मान्यता से वंचित करता है। इस बीच, रिपब्लिकन पार्टी के सदस्य एवं सदन की न्यायिक समिति के प्रमुख ने इस फैसले की यह कहते हुए आलोचना की कि यह न्याय विभाग का राजनीतिकरण है तथा एक गैर-जिम्मेदाराना कदम है। | संक्षिप्त पाठ: अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने फैसला किया है कि उनका प्रशासन सिर्फ पुरुष और महिला के बीच विवाह की इजाजत देने वाले कानून का बचाव नहीं करेगा। | 13 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: दुनिया के नंबर एक तेज गेंदबाज डेल स्टेन का मानना है कि भारत में विकेट लेने के लिए स्पिनरों पर निर्भरता से तेज गेंदबाजों को पर्याप्त प्रोत्साहन नहीं मिल पाता।टिप्पणियां
स्टेन ने कहा, ‘यदि आप विकेट लेने के लिए हमेशा स्पिनरों पर निर्भर रहेंगे तो टीम में तेज गेंदबाज रखने की जरूरत ही क्या है।’ भारत में स्पिनरों की समृद्ध परंपरा से वाकिफ स्टेन ने हाल ही में संपन्न भारत-ऑस्ट्रेलिया टेस्ट शृंखला का उदाहरण दिया।
उन्होंने कहा, ‘मैंने भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच टेस्ट शृंखला देखी। एक समय पर ईशांत शर्मा ने मैच में अपना पहला ओवर दूसरी नयी गेंद से फेंका। इससे कप्तान अपने तेज गेंदबाज को आत्मविश्वास नहीं दे पाता क्योंकि उसे 80 ओवर बाद गेंद मिल रही है।’’
स्टेन ने कहा, ‘यदि आप विकेट लेने के लिए हमेशा स्पिनरों पर निर्भर रहेंगे तो टीम में तेज गेंदबाज रखने की जरूरत ही क्या है।’ भारत में स्पिनरों की समृद्ध परंपरा से वाकिफ स्टेन ने हाल ही में संपन्न भारत-ऑस्ट्रेलिया टेस्ट शृंखला का उदाहरण दिया।
उन्होंने कहा, ‘मैंने भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच टेस्ट शृंखला देखी। एक समय पर ईशांत शर्मा ने मैच में अपना पहला ओवर दूसरी नयी गेंद से फेंका। इससे कप्तान अपने तेज गेंदबाज को आत्मविश्वास नहीं दे पाता क्योंकि उसे 80 ओवर बाद गेंद मिल रही है।’’
उन्होंने कहा, ‘मैंने भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच टेस्ट शृंखला देखी। एक समय पर ईशांत शर्मा ने मैच में अपना पहला ओवर दूसरी नयी गेंद से फेंका। इससे कप्तान अपने तेज गेंदबाज को आत्मविश्वास नहीं दे पाता क्योंकि उसे 80 ओवर बाद गेंद मिल रही है।’’ | संक्षिप्त सारांश: स्टेन ने कहा, ‘यदि आप विकेट लेने के लिए हमेशा स्पिनरों पर निर्भर रहेंगे तो टीम में तेज गेंदबाज रखने की जरूरत ही क्या है।’ भारत में स्पिनरों की समृद्ध परंपरा से वाकिफ स्टेन ने हाल ही में संपन्न भारत-ऑस्ट्रेलिया टेस्ट शृंखला का उदाहरण दिया। | 29 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: संसद के शीतकालीन सत्र से पहले सरकार के लिए दिक्कत खड़ी होती दिख रही है। फूड सिक्योरिटी बिल के मौजूदा स्वरूप पर समाजवादी पार्टी ने सवाल उठाये हैं। यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने संसद के शीतकालीन सत्र से पहले सरकार के लिए दिक्कत खड़ी होती दिख रही है। फूड सिक्योरिटी बिल के मौजूदा स्वरूप पर समाजवादी पार्टी ने सवाल उठाये हैं। यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को चिट्ठी लिखकर कहा है कि अगर इस बिल को सभी राज्यों पर समान रूप से लागू किया गया तो उत्तर प्रदेश की आबादी के बहुत बड़े हिस्से को इस बिल के फायदे नहीं मिल सकेंगे।टिप्पणियां
अखिलेश ने लिखा है कि केरल, पंजाब, हरियाणा जैसे राज्यों के मुकाबले उत्तर प्रदेश में काफी गरीब है इसलिए यूपी में गांवों की सौ फीसदी और शहरों की 95 फीसदी आबादी को इस बिल के जरिये फायदा मिलना चाहिए। खाद्य सुरक्षा बिल में गरीब परिवारों को 25 किलो तक 3 रुपये किलो चावल और 2 रुपये किलो गेहूं देने की योजना है।
अखिलेश की मांग राजनीतिक रूप से काफी अहम है क्योंकि संसद के अगले सत्र में ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की धमकी दे रही हैं और समाजवादी पार्टी नंबर गेम में सरकार के लिए काफी महत्व रखती है।
अखिलेश ने लिखा है कि केरल, पंजाब, हरियाणा जैसे राज्यों के मुकाबले उत्तर प्रदेश में काफी गरीब है इसलिए यूपी में गांवों की सौ फीसदी और शहरों की 95 फीसदी आबादी को इस बिल के जरिये फायदा मिलना चाहिए। खाद्य सुरक्षा बिल में गरीब परिवारों को 25 किलो तक 3 रुपये किलो चावल और 2 रुपये किलो गेहूं देने की योजना है।
अखिलेश की मांग राजनीतिक रूप से काफी अहम है क्योंकि संसद के अगले सत्र में ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की धमकी दे रही हैं और समाजवादी पार्टी नंबर गेम में सरकार के लिए काफी महत्व रखती है।
अखिलेश की मांग राजनीतिक रूप से काफी अहम है क्योंकि संसद के अगले सत्र में ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की धमकी दे रही हैं और समाजवादी पार्टी नंबर गेम में सरकार के लिए काफी महत्व रखती है। | यह एक सारांश है: खाद्य सुरक्षा बिल पर यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सवाल उठाये हैं। उन्होंने कहा, यूपी बड़ा और गरीब राज्य है, इसलिये गांवों की 100 फीसदी और शहरों की 95 फीसदी आबादी को बिल के दायरे में लाना चाहिए। | 24 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: नोएडा थाना सेक्टर 58 क्षेत्र के सेक्टर 61 स्थित यू-फ्लेक्स कंपनी के इलेक्ट्रॉनिक गेट में फंसकर एक टेंपो चालक की मौत हो गई. इस मामले में मृतक के साथी ने कंपनी के गार्ड के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है. पुलिस उपाधीक्षक नगर द्वितीय पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि मूल रूप से मध्य प्रदेश का रहने वाला सुधीर सेक्टर 61 स्थित यू-फ्लेक्स कंपनी में टाटा 407 लेकर सामान भरने आया था. वह कंपनी के बाहर अपनी गाड़ी खड़ी करके कंपनी के अंदर से पानी लेने जा रहा था. सुधीर ने गार्ड से गेट खोलने के लिए कहा.
गार्ड ने इलेक्ट्रॉनिक गेट खोलने वाला बटन दबाने के बजाय, बंद करने वाला बटन दबा दिया. इसकी वजह से चालक दोनों गेट के पाट के बीच में फंस गया और उसकी मौत हो गई. उन्होंने बताया कि घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.
इस मामले में मृतक के साथी ने गार्ड रमेश के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है. पुलिस ने गार्ड को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. | यह एक सारांश है: इलेक्ट्रानिक गेट के बीच में फंसकर शख्स की मौत
गलती से दबा दिया गेट बंद करने वाला बटन
पुलिस ने गार्ड को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की | 9 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: टिप्पणियां
डब्ल्यूएमसी ने आरोप लगाया है, पाकिस्तान सेना और पैरामिलिट्री रेंजरों ने कराची तथा सिंध के अन्य शहरी केंद्रों में पिछले कुछ साल के दौरान बर्बर सैन्य अभियानों में 22,000 से अधिक बेकसूर मुहाजिरों को मार डाला है. समूह का दावा है कि मुहाजिरों के मौलिक अधिकारों, स्वतंत्रता एवं राजनीतिक संभावनाओं का दमन किया जा रहा है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
डब्ल्यूएमसी ने आरोप लगाया है, पाकिस्तान सेना और पैरामिलिट्री रेंजरों ने कराची तथा सिंध के अन्य शहरी केंद्रों में पिछले कुछ साल के दौरान बर्बर सैन्य अभियानों में 22,000 से अधिक बेकसूर मुहाजिरों को मार डाला है. समूह का दावा है कि मुहाजिरों के मौलिक अधिकारों, स्वतंत्रता एवं राजनीतिक संभावनाओं का दमन किया जा रहा है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त सारांश: 14 अगस्त को पाकिस्तान में मनाया जाता है स्वतंत्रता दिवस
मुहाजिर वह उर्दू भाषी लोग हैं जो विभाजन के समय पाक आ गए थे
अमेरिका में बसे मुहाजिर समूह 'वर्ल्ड मुहाजिर कांग्रेस' ने किया आह्वान | 0 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: केंद्रीय मंत्री डॉक्टर जितेंद्र सिंह ने सोमवार को जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) परिसर में बराक होस्टल की आधारशिला रखी. इस अवसर पर जितेंद्र सिंह ने कहा कि जेएनयू में 8000 से ज्यादा विद्यार्थी हैं. इसमें से अधिकतर विद्यार्थी पूर्वोत्तर क्षेत्र के हैं. उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष बेंगलुरु विश्वविद्यालय में भी पूर्वोत्तर की छात्राओं के लिए छात्रावास की आधारशिला रखी गई थी.
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार का ध्यान शेष देश को पूर्वोत्तर भारत के निकट लाने पर है. उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर विकास क्षेत्र मंत्रालय ने पूर्वोत्तर क्षेत्र में उद्यम स्थापित करने के इच्छुक युवा स्टार्ट अप और उद्यमियों के लिए उद्यम पूंजी कोष बनाया है. उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम पूर्वोत्तर क्षेत्र को मिलने वाले सभी प्रोत्साहनों के अतिरिक्त है. उन्होंने पूर्वोत्तर क्षेत्र की साक्षरता दर पर बल देते हुए कहा कि केरल के बाद सबसे अधिक साक्षरता दर मिजोरम में है.टिप्पणियां
इस अवसर पर डॉक्टर सिंह ने पूर्वोत्तर भारत के इतिहास, राजनीति और संस्कृति पर ‘फिस्सिटी एंड फ्लुइडिटी’ नामक एक पुस्तक का विमोचन किया.
पूर्वोत्तर विकास क्षेत्र मंत्रालय के सचिव नवीन वर्मा ने कहा कि जेएनयू में छात्रावास कि समस्या रही है और छात्रावास की आधारशिला इस कमी को पूरा करने के लिए रखी जा रही है. पूर्वोत्तर परिषद के सचिव राम मुविया ने कहा कि बराक होस्टल बनाने के काम में 100 प्रतिशत धन यानी 28.30 करोड़ रुपयें पूर्वोत्तर परिषद दे रही है. यह छात्रावास तीन वर्ष में बनकर तैयार हो जाएगा और इस में चार सौ विद्यार्थी रहेंगे.
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार का ध्यान शेष देश को पूर्वोत्तर भारत के निकट लाने पर है. उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर विकास क्षेत्र मंत्रालय ने पूर्वोत्तर क्षेत्र में उद्यम स्थापित करने के इच्छुक युवा स्टार्ट अप और उद्यमियों के लिए उद्यम पूंजी कोष बनाया है. उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम पूर्वोत्तर क्षेत्र को मिलने वाले सभी प्रोत्साहनों के अतिरिक्त है. उन्होंने पूर्वोत्तर क्षेत्र की साक्षरता दर पर बल देते हुए कहा कि केरल के बाद सबसे अधिक साक्षरता दर मिजोरम में है.टिप्पणियां
इस अवसर पर डॉक्टर सिंह ने पूर्वोत्तर भारत के इतिहास, राजनीति और संस्कृति पर ‘फिस्सिटी एंड फ्लुइडिटी’ नामक एक पुस्तक का विमोचन किया.
पूर्वोत्तर विकास क्षेत्र मंत्रालय के सचिव नवीन वर्मा ने कहा कि जेएनयू में छात्रावास कि समस्या रही है और छात्रावास की आधारशिला इस कमी को पूरा करने के लिए रखी जा रही है. पूर्वोत्तर परिषद के सचिव राम मुविया ने कहा कि बराक होस्टल बनाने के काम में 100 प्रतिशत धन यानी 28.30 करोड़ रुपयें पूर्वोत्तर परिषद दे रही है. यह छात्रावास तीन वर्ष में बनकर तैयार हो जाएगा और इस में चार सौ विद्यार्थी रहेंगे.
इस अवसर पर डॉक्टर सिंह ने पूर्वोत्तर भारत के इतिहास, राजनीति और संस्कृति पर ‘फिस्सिटी एंड फ्लुइडिटी’ नामक एक पुस्तक का विमोचन किया.
पूर्वोत्तर विकास क्षेत्र मंत्रालय के सचिव नवीन वर्मा ने कहा कि जेएनयू में छात्रावास कि समस्या रही है और छात्रावास की आधारशिला इस कमी को पूरा करने के लिए रखी जा रही है. पूर्वोत्तर परिषद के सचिव राम मुविया ने कहा कि बराक होस्टल बनाने के काम में 100 प्रतिशत धन यानी 28.30 करोड़ रुपयें पूर्वोत्तर परिषद दे रही है. यह छात्रावास तीन वर्ष में बनकर तैयार हो जाएगा और इस में चार सौ विद्यार्थी रहेंगे.
पूर्वोत्तर विकास क्षेत्र मंत्रालय के सचिव नवीन वर्मा ने कहा कि जेएनयू में छात्रावास कि समस्या रही है और छात्रावास की आधारशिला इस कमी को पूरा करने के लिए रखी जा रही है. पूर्वोत्तर परिषद के सचिव राम मुविया ने कहा कि बराक होस्टल बनाने के काम में 100 प्रतिशत धन यानी 28.30 करोड़ रुपयें पूर्वोत्तर परिषद दे रही है. यह छात्रावास तीन वर्ष में बनकर तैयार हो जाएगा और इस में चार सौ विद्यार्थी रहेंगे. | यह एक सारांश है: हॉस्टल की लागत 28 करोड़, पूर्वोत्तर परिषद वहन करेगी पूरा खर्चा
3 साल में तैयार होगा हॉस्टल और इस में चार सौ विद्यार्थी रहेंगे
पूर्वोत्तर भारत के इतिहास और संस्कृति पर पुस्तक का विमोचन | 24 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: गुजरात के अहमदाबाद से इंसानियत को शर्मसार करने वाले एक घटना सामने आई है. जहां कुछ बदमाशों ने एक परिवार पर हमला कर उनकी 20 दिन की बच्ची की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी. घटना अहमदाबाद के मेघानीनगर में शुक्रवार को हुई है. मामले की जांच में जुटी पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस पूरे मामले में अभी तक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. जबकि अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है. पुलिस ने गिरफ्तार दोनों आरोपियों की पहचान सतीश पाटनी और हितेश मारवाड़ी के रूप में की गई है.
मामले की जांच के दौरान पता चला है कि घटना वाले दिन आरोपी अपने साथ चार से पांच लोगों को लेकर पीड़ित लक्ष्मी पाटनी के घर में घुस गए और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी. इस दौरान आरोपियों ने लक्ष्मी की नवजात बेटी खुशबू के सिर पर हमला किया जिससे उसकी मौत हो गई. इस हमले में लक्ष्मी और उसकी बहन भी घायल हुई हैं. गौरतलब है कि रिश्तों को शर्मसार करने वाली यह कोई अकेली घटना नहीं है.
इससे पहले महाराष्ट्र (Maharashtra) के नासिक (Nasik) जिले में एक महिला को अपनी 10 दिन की बच्ची पर धारधार हथियार से वार करने और गला दबाकर उसकी हत्या करने के लिए गिरफ्तार किया गया था. पुलिस के एक अधिकारी ने बताया था कि यह घटना नासिक के अदगांव के वृंदावन नगर इलाके में 31 मई को हुई. साथ ही उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी इस बात से परेशान थी कि उसने तीसरी बार बेटी को जन्म दिया है.
अदगांव पुलिस थाने के एक अधिकारी ने बताया, 'आरोपी अनुजा काले (26) ने अपनी बच्ची पीयू पर धारदार हथियार से वार किया और बाद में गला दबा कर उसकी हत्या कर दी. पीयू का दस दिन पहले जन्म हुआ था. आरोपी की पहले से दो बेटियां हैं और फिर से एक बार बेटी को ही जन्म देने के कारण वह परेशान थी.'
उन्होंने बताया कि आरोपी ने 31 मई को इस अपराध को अंजाम दिया जब उसका पति बालासाहेब काले शहर से बाहर था. बालासाहेब काले ने बताया कि उसकी पत्नी ने फोन पर उसे सूचना दी कि बच्ची में कोई हरकत नहीं हो रही है और उसे अस्पताल ले जाया गया जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया. हालांकि बालासाहेब को इस बारे में शक हुआ और उसने रविवार को पुलिस को इसकी सूचना दी.
अधिकारी ने बताया कि बच्ची के पोस्टमार्टम में पता चला कि सिर पर चोट लगने एवं गला दबने की वजह से उसकी मौत हुई. अनुजा से पूछताछ करने पर उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया जिसके बाद हत्या का मामला दर्ज कर उसे रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया. (इनपुट भाषा से) | सारांश: पुलिस ने दो आरोपियों को किया है गिरफ्तार
बच्ची की पीटकर हत्या करने का है मामला
अहमदाबाद की है पूरी घटना | 33 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भगवान रघुनाथ जी की पारंपरिक रथ यात्रा के साथ ऐतिहासिक अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा की शुरुआत हो गई. राज्य के विभिन्न हिस्सों में रावण, मेघनाद और कुम्भकर्ण के पुतले दहन किए गए. विभिन्न स्थानों पर मां दुर्गा की मूर्तियों के विसर्जन के साथ ही नवरात्रि और दुर्गा पूजा का समापन हुआ.
हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कुल्लू में दशहरा का उद्घाटन किया. मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने यहां जाखो में रावण, मेघनाद और कुम्भकर्ण के पुतले जलाए. सिंह ने संकटमोचन टेंपल ट्रस्ट की ओर से 1.30 करोड़ रूपये की लागत से निर्मित ‘कीर्तन हॉल’ का भी उद्घाटन किया.टिप्पणियां
कुल्लू का दशहरा इसलिए अलग है कि यहां रामलीला नहीं होती और रावण का पुतले का दहन नहीं किया जाता. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कुल्लू में दशहरा का उद्घाटन किया. मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने यहां जाखो में रावण, मेघनाद और कुम्भकर्ण के पुतले जलाए. सिंह ने संकटमोचन टेंपल ट्रस्ट की ओर से 1.30 करोड़ रूपये की लागत से निर्मित ‘कीर्तन हॉल’ का भी उद्घाटन किया.टिप्पणियां
कुल्लू का दशहरा इसलिए अलग है कि यहां रामलीला नहीं होती और रावण का पुतले का दहन नहीं किया जाता. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
कुल्लू का दशहरा इसलिए अलग है कि यहां रामलीला नहीं होती और रावण का पुतले का दहन नहीं किया जाता. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कुल्लू में दशहरा का उद्घाटन किया
राज्य के विभिन्न हिस्सों में रावण, मेघनाद और कुम्भकर्ण के पुतले जलाए गए
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने जाखो में किया रावण का दहन | 19 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: अगर आप सोचते हैं कि आपकी होममेकर मां दिन भर घर में बैठ कर सिर्फ टीवी देखती है, तो आपको जरूरत है, इस सोच को बदल डालने की। एक नए शोध ने साबित किया है कि कोई भी मां एक सप्ताह में 70 घंटे से भी ज्यादा समय घरेलू कामों में बिताती है। इस बारे में ब्रिटेन में लगभग 3,000 मांओं पर सर्वेक्षण किया गया। इस सर्वेक्षण के मुताबिक, एक मां दिन में 10 घंटे से भी ज्यादा समय अपने परिवार की गतिविधियों को देती है, जिसमें बच्चों को नहलाना, उनके होमवर्क में मदद करना और सोने से पहले उनके छोटे-बड़े काम निपटाना शामिल है। मोबाइल फोन नेटवर्क थ्री की ओर से किए गए इस सर्वेक्षण में शामिल एक-तिहाई महिलाओं ने कहा कि उन्हें रात में सोने के लिए छह घंटे से भी कम समय मिलता है। वहीं 83 फीसदी ने कहा कि उन्हें हर दिन सिर्फ एक घंटा खुद के लिए मिलता है। सर्वेक्षण के मुताबिक हर छह में से केवल एक महिला ने इस बात को स्वीकार किया कि वह अपनी दिनचर्या से खुश हैं, वहीं आधी से ज्यादा महिलाओं ने कहा कि अगर उन्हें अपने लिए एक और घंटा मिल जाता, तो वे ज्यादा खुश रहतीं। इसमें कहा गया है कि मांओं का सबसे ज्यादा समय घर साफ करने और खाना बनाने में लगता है। | संक्षिप्त पाठ: अगर आप सोचते हैं कि आपकी होममेकर मां दिन भर घर में सिर्फ टीवी देखती है, तो आपको जरूरत है, इस सोच को बदल डालने की। एक नए शोध ने साबित किया है कि कोई भी मां एक सप्ताह में 70 घंटे से भी ज्यादा समय घरेलू कामों में बिताती है। | 27 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: सोहना क्षेत्र में दो नाबालिग बेटियों के कथित यौन उत्पीड़न मामले में एक पिता को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी. इस घटना की जानकारी महिला पुलिस चौकी को नाबालिग लड़कियों की मां ने दी. उसका ताल्लुक नेपाल से है. महिला ने अपनी शिकायत में कहा कि उसका पति यहां एक श्रमिक के रूप में काम करता है और उसने उसकी 17 वर्षीय बेटी से उसकी गैरमौजूदगी में दुष्कर्म किया. यह नाबालिग लड़की महिला की पहली शादी से है. महिला ने आरोप लगाया कि व्यक्ति ने अपनी नौ साल की बच्ची का भी कई बार यौन उत्पीड़न किया है. गुड़गांव पुलिस के प्रवक्ता सुभाष बोकन ने बताया कि महिला ने पुलिस को बताया कि उसने 2003 में शादी की थी और इस शादी से उसका एक बेटा और एक बेटी है.
उन्होंने बताया कि दोनों ही पीड़ित लड़कियों ने इस अपराध के बारे में अपनी मां को शुक्रवार को बताया था जिसके बाद उसने पुलिस से संपर्क किया. बोकन ने बताया, 'बातचीत के दौरान पीड़ितों ने बताया कि उनके पिता ने कई बार उनका यौन उत्पीड़न किया है और उन्हें इस बारे में किसी को नहीं बताने की चेतावनी भी दी है.'
उन्होंने बताया कि पुलिस की एक टीम ने आरोपी को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया और व्यक्ति ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है. | यहाँ एक सारांश है:पिता ने किया नाबालिग बेटियों का यौन उत्पीड़न
मां ने दर्ज कराई शिकायत तो हुआ गिरफ्तार
व्यक्ति ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया | 4 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: रियो ओलिंपिक खेलों में भारत को पहला पदक दिलाने वाली पहलवान साक्षी मलिक के आज रियो डि जिनेरियो से यहां पहुंचने पर राज्य सरकार की ओर से उनका भव्य स्वागत किया गया.
साक्षी आज तड़के राजधानी पहुंची और सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के मंत्रियों ने उनकी आगवानी की. रियो खेलों में राज्य प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख के रूप में सूबे के खेल और युवा मामलों के मंत्री अनिल विज भी महिलाओं के 58 किलोग्राम फ्रीस्टाइल कुश्ती में कांस्य पदक जीतने वाली पहलवान के साथ आए.
साक्षी इसके बाद झज्जर जिले के बहादुरगढ़ गईं जहां हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने अपने मंत्रिमंडल के वरिष्ठ सहयोगियों कैप्टन अभिमन्यु और ओपी धनकड़ के साथ राज्य की स्टार खिलाड़ी का स्वागत किया.
बहादुरगढ़ में आयोजित भव्य स्वागत समारोह में साक्षी को मुख्यमंत्री खट्टर ने ढाई करोड़ रुपए का चेक प्रदान किया. साक्षी को ‘बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ’ कार्यक्रम के लिए हरियाणा का ब्रांड एम्बैसेडर भी नियुक्त किया गया.
खट्टर ने कहा, ‘‘यह हमारे लिए गर्व की बात है कि देश की बेटियों ने इतना अच्छा प्रदर्शन किया. हमारी दो बेटियों साक्षी मलिक और पीवी सिंधु (रियो खेलों में महिला एकल बैडमिंटन में रजत पदक जीतने वाली) ने देश का गौरव बढ़ाया है. उन्होंने कहा कि एक बार फिर हरियाणा के खिलाड़ियों ने देश और राज्य का सिर गर्व से ऊंचा किया है.
खट्टर ने साक्षी के परिवार के सदस्यों की मौजूदगी में कहा, हमारी सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठा रही है. साक्षी ने सभी को गौरवांवित किया है, जिसमें उनके देश, उनके राज्य के अलावा उनके कोच, उनका गृह नगर रोहतक और उनका परिवार शामिल है. मुख्यमंत्री ने कहा कि रेलवे में काम करने वाली साक्षी को जल्द ही पदोन्नति दी जाएगी.
खट्टर ने कहा, हमने उन्हें हरियाणा सरकार में क्लास दो की नौकरी की पेशकश की है. उसने कहा कि वह इसके बारे में सोचेगी और फिर फैसला करेगी. इस मौके पर साक्षी ने समर्थन के लिए सभी का आभार जताया.
उन्होंने कहा, मैं चाहती हूं कि भविष्य में सभी मेरा समर्थन करें, जिससे कि मैं देश के लिए और पदक जीत सकूं. ‘बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ’ की सराहना करते हुए साक्षी ने कहा, अब हमने इसमें बेटी खिलाओ भी जोड़ दिया है. इस 23 वर्षीय खिलाड़ी को बहादुरगढ़ में पारंपरिक पगड़ी देकर सम्मानित किया गया. रियो खेलों में भारत के पदकों का खाता खोलने वाली साक्षी कई पड़ावों से होती हुई अपने गांव मोखरा पहुंचेंगी. खट्टर ने साथ ही साक्षी के गांव मोखरा खास में खेल नर्सरी और स्टेडियम में निर्माण की भी घोषणा की.
उन्होंने कहा, ‘‘राज्य में खेलों को बढ़ावा देने के लिए हमने कई कदम उठाए हैं. भविष्य में हम खेलों को बढ़ावा देने के लिए गांव और ब्लाक स्तर पर 1000 कोचों की नियुक्तियां करने वाले हैं.’’
रियो ओलिंपिक में हिस्सा लेने वाले हरियाणा के सभी खिलाड़ियों को 15-15 लाख रुपए भी दिए जाएंगे. खट्टर ने कहा कि हरियाणा सरकार ने ओलिंपिक स्वर्ण पदक विजेता को छह करोड़ रुपए देने का फैसला किया था, जो दुनिया के सर्वाधिक इनामी राशि है.
साक्षी के पिता सुखबीर मलिक जब हवाई अड्डे पर अपनी बेटी से मिले और उसके गले में पदक देखा तो काफी भावुक हो गए. उन्होंने कहा, ‘‘मुझे उसकी उपलब्धियों पर गर्व है. मुझे ही नहीं बल्कि पूरे देश को उस पर गर्व है. उसने अपने देश और राज्य को गौरवांवित किया है. उसका पदक भारत का पदक है.’’ सुखबीर ने बताया कि लोगों ने उनसे कहा था कि कुश्ती लड़कियों का खेल नहीं है.टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘कभी-कभी कुछ लोग मुझसे कहते थे कि वह लड़की है और यह (कुश्ती) उसके लिए अच्छी नहीं है, लेकिन 2010 में जब मेरी बेटी ने रूस में एक प्रतियोगिता में पदक जीता और फिर एशियाई चैम्पियनशिप और राष्ट्रमंडल खेल में स्वर्ण पदक जीता तो सभी साक्षी की तरह बनना चाहते थे और उसने जो किया उसे दोहराना चाहते थे.’’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
साक्षी आज तड़के राजधानी पहुंची और सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के मंत्रियों ने उनकी आगवानी की. रियो खेलों में राज्य प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख के रूप में सूबे के खेल और युवा मामलों के मंत्री अनिल विज भी महिलाओं के 58 किलोग्राम फ्रीस्टाइल कुश्ती में कांस्य पदक जीतने वाली पहलवान के साथ आए.
साक्षी इसके बाद झज्जर जिले के बहादुरगढ़ गईं जहां हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने अपने मंत्रिमंडल के वरिष्ठ सहयोगियों कैप्टन अभिमन्यु और ओपी धनकड़ के साथ राज्य की स्टार खिलाड़ी का स्वागत किया.
बहादुरगढ़ में आयोजित भव्य स्वागत समारोह में साक्षी को मुख्यमंत्री खट्टर ने ढाई करोड़ रुपए का चेक प्रदान किया. साक्षी को ‘बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ’ कार्यक्रम के लिए हरियाणा का ब्रांड एम्बैसेडर भी नियुक्त किया गया.
खट्टर ने कहा, ‘‘यह हमारे लिए गर्व की बात है कि देश की बेटियों ने इतना अच्छा प्रदर्शन किया. हमारी दो बेटियों साक्षी मलिक और पीवी सिंधु (रियो खेलों में महिला एकल बैडमिंटन में रजत पदक जीतने वाली) ने देश का गौरव बढ़ाया है. उन्होंने कहा कि एक बार फिर हरियाणा के खिलाड़ियों ने देश और राज्य का सिर गर्व से ऊंचा किया है.
खट्टर ने साक्षी के परिवार के सदस्यों की मौजूदगी में कहा, हमारी सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठा रही है. साक्षी ने सभी को गौरवांवित किया है, जिसमें उनके देश, उनके राज्य के अलावा उनके कोच, उनका गृह नगर रोहतक और उनका परिवार शामिल है. मुख्यमंत्री ने कहा कि रेलवे में काम करने वाली साक्षी को जल्द ही पदोन्नति दी जाएगी.
खट्टर ने कहा, हमने उन्हें हरियाणा सरकार में क्लास दो की नौकरी की पेशकश की है. उसने कहा कि वह इसके बारे में सोचेगी और फिर फैसला करेगी. इस मौके पर साक्षी ने समर्थन के लिए सभी का आभार जताया.
उन्होंने कहा, मैं चाहती हूं कि भविष्य में सभी मेरा समर्थन करें, जिससे कि मैं देश के लिए और पदक जीत सकूं. ‘बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ’ की सराहना करते हुए साक्षी ने कहा, अब हमने इसमें बेटी खिलाओ भी जोड़ दिया है. इस 23 वर्षीय खिलाड़ी को बहादुरगढ़ में पारंपरिक पगड़ी देकर सम्मानित किया गया. रियो खेलों में भारत के पदकों का खाता खोलने वाली साक्षी कई पड़ावों से होती हुई अपने गांव मोखरा पहुंचेंगी. खट्टर ने साथ ही साक्षी के गांव मोखरा खास में खेल नर्सरी और स्टेडियम में निर्माण की भी घोषणा की.
उन्होंने कहा, ‘‘राज्य में खेलों को बढ़ावा देने के लिए हमने कई कदम उठाए हैं. भविष्य में हम खेलों को बढ़ावा देने के लिए गांव और ब्लाक स्तर पर 1000 कोचों की नियुक्तियां करने वाले हैं.’’
रियो ओलिंपिक में हिस्सा लेने वाले हरियाणा के सभी खिलाड़ियों को 15-15 लाख रुपए भी दिए जाएंगे. खट्टर ने कहा कि हरियाणा सरकार ने ओलिंपिक स्वर्ण पदक विजेता को छह करोड़ रुपए देने का फैसला किया था, जो दुनिया के सर्वाधिक इनामी राशि है.
साक्षी के पिता सुखबीर मलिक जब हवाई अड्डे पर अपनी बेटी से मिले और उसके गले में पदक देखा तो काफी भावुक हो गए. उन्होंने कहा, ‘‘मुझे उसकी उपलब्धियों पर गर्व है. मुझे ही नहीं बल्कि पूरे देश को उस पर गर्व है. उसने अपने देश और राज्य को गौरवांवित किया है. उसका पदक भारत का पदक है.’’ सुखबीर ने बताया कि लोगों ने उनसे कहा था कि कुश्ती लड़कियों का खेल नहीं है.टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘कभी-कभी कुछ लोग मुझसे कहते थे कि वह लड़की है और यह (कुश्ती) उसके लिए अच्छी नहीं है, लेकिन 2010 में जब मेरी बेटी ने रूस में एक प्रतियोगिता में पदक जीता और फिर एशियाई चैम्पियनशिप और राष्ट्रमंडल खेल में स्वर्ण पदक जीता तो सभी साक्षी की तरह बनना चाहते थे और उसने जो किया उसे दोहराना चाहते थे.’’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
साक्षी इसके बाद झज्जर जिले के बहादुरगढ़ गईं जहां हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने अपने मंत्रिमंडल के वरिष्ठ सहयोगियों कैप्टन अभिमन्यु और ओपी धनकड़ के साथ राज्य की स्टार खिलाड़ी का स्वागत किया.
बहादुरगढ़ में आयोजित भव्य स्वागत समारोह में साक्षी को मुख्यमंत्री खट्टर ने ढाई करोड़ रुपए का चेक प्रदान किया. साक्षी को ‘बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ’ कार्यक्रम के लिए हरियाणा का ब्रांड एम्बैसेडर भी नियुक्त किया गया.
खट्टर ने कहा, ‘‘यह हमारे लिए गर्व की बात है कि देश की बेटियों ने इतना अच्छा प्रदर्शन किया. हमारी दो बेटियों साक्षी मलिक और पीवी सिंधु (रियो खेलों में महिला एकल बैडमिंटन में रजत पदक जीतने वाली) ने देश का गौरव बढ़ाया है. उन्होंने कहा कि एक बार फिर हरियाणा के खिलाड़ियों ने देश और राज्य का सिर गर्व से ऊंचा किया है.
खट्टर ने साक्षी के परिवार के सदस्यों की मौजूदगी में कहा, हमारी सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठा रही है. साक्षी ने सभी को गौरवांवित किया है, जिसमें उनके देश, उनके राज्य के अलावा उनके कोच, उनका गृह नगर रोहतक और उनका परिवार शामिल है. मुख्यमंत्री ने कहा कि रेलवे में काम करने वाली साक्षी को जल्द ही पदोन्नति दी जाएगी.
खट्टर ने कहा, हमने उन्हें हरियाणा सरकार में क्लास दो की नौकरी की पेशकश की है. उसने कहा कि वह इसके बारे में सोचेगी और फिर फैसला करेगी. इस मौके पर साक्षी ने समर्थन के लिए सभी का आभार जताया.
उन्होंने कहा, मैं चाहती हूं कि भविष्य में सभी मेरा समर्थन करें, जिससे कि मैं देश के लिए और पदक जीत सकूं. ‘बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ’ की सराहना करते हुए साक्षी ने कहा, अब हमने इसमें बेटी खिलाओ भी जोड़ दिया है. इस 23 वर्षीय खिलाड़ी को बहादुरगढ़ में पारंपरिक पगड़ी देकर सम्मानित किया गया. रियो खेलों में भारत के पदकों का खाता खोलने वाली साक्षी कई पड़ावों से होती हुई अपने गांव मोखरा पहुंचेंगी. खट्टर ने साथ ही साक्षी के गांव मोखरा खास में खेल नर्सरी और स्टेडियम में निर्माण की भी घोषणा की.
उन्होंने कहा, ‘‘राज्य में खेलों को बढ़ावा देने के लिए हमने कई कदम उठाए हैं. भविष्य में हम खेलों को बढ़ावा देने के लिए गांव और ब्लाक स्तर पर 1000 कोचों की नियुक्तियां करने वाले हैं.’’
रियो ओलिंपिक में हिस्सा लेने वाले हरियाणा के सभी खिलाड़ियों को 15-15 लाख रुपए भी दिए जाएंगे. खट्टर ने कहा कि हरियाणा सरकार ने ओलिंपिक स्वर्ण पदक विजेता को छह करोड़ रुपए देने का फैसला किया था, जो दुनिया के सर्वाधिक इनामी राशि है.
साक्षी के पिता सुखबीर मलिक जब हवाई अड्डे पर अपनी बेटी से मिले और उसके गले में पदक देखा तो काफी भावुक हो गए. उन्होंने कहा, ‘‘मुझे उसकी उपलब्धियों पर गर्व है. मुझे ही नहीं बल्कि पूरे देश को उस पर गर्व है. उसने अपने देश और राज्य को गौरवांवित किया है. उसका पदक भारत का पदक है.’’ सुखबीर ने बताया कि लोगों ने उनसे कहा था कि कुश्ती लड़कियों का खेल नहीं है.टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘कभी-कभी कुछ लोग मुझसे कहते थे कि वह लड़की है और यह (कुश्ती) उसके लिए अच्छी नहीं है, लेकिन 2010 में जब मेरी बेटी ने रूस में एक प्रतियोगिता में पदक जीता और फिर एशियाई चैम्पियनशिप और राष्ट्रमंडल खेल में स्वर्ण पदक जीता तो सभी साक्षी की तरह बनना चाहते थे और उसने जो किया उसे दोहराना चाहते थे.’’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
बहादुरगढ़ में आयोजित भव्य स्वागत समारोह में साक्षी को मुख्यमंत्री खट्टर ने ढाई करोड़ रुपए का चेक प्रदान किया. साक्षी को ‘बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ’ कार्यक्रम के लिए हरियाणा का ब्रांड एम्बैसेडर भी नियुक्त किया गया.
खट्टर ने कहा, ‘‘यह हमारे लिए गर्व की बात है कि देश की बेटियों ने इतना अच्छा प्रदर्शन किया. हमारी दो बेटियों साक्षी मलिक और पीवी सिंधु (रियो खेलों में महिला एकल बैडमिंटन में रजत पदक जीतने वाली) ने देश का गौरव बढ़ाया है. उन्होंने कहा कि एक बार फिर हरियाणा के खिलाड़ियों ने देश और राज्य का सिर गर्व से ऊंचा किया है.
खट्टर ने साक्षी के परिवार के सदस्यों की मौजूदगी में कहा, हमारी सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठा रही है. साक्षी ने सभी को गौरवांवित किया है, जिसमें उनके देश, उनके राज्य के अलावा उनके कोच, उनका गृह नगर रोहतक और उनका परिवार शामिल है. मुख्यमंत्री ने कहा कि रेलवे में काम करने वाली साक्षी को जल्द ही पदोन्नति दी जाएगी.
खट्टर ने कहा, हमने उन्हें हरियाणा सरकार में क्लास दो की नौकरी की पेशकश की है. उसने कहा कि वह इसके बारे में सोचेगी और फिर फैसला करेगी. इस मौके पर साक्षी ने समर्थन के लिए सभी का आभार जताया.
उन्होंने कहा, मैं चाहती हूं कि भविष्य में सभी मेरा समर्थन करें, जिससे कि मैं देश के लिए और पदक जीत सकूं. ‘बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ’ की सराहना करते हुए साक्षी ने कहा, अब हमने इसमें बेटी खिलाओ भी जोड़ दिया है. इस 23 वर्षीय खिलाड़ी को बहादुरगढ़ में पारंपरिक पगड़ी देकर सम्मानित किया गया. रियो खेलों में भारत के पदकों का खाता खोलने वाली साक्षी कई पड़ावों से होती हुई अपने गांव मोखरा पहुंचेंगी. खट्टर ने साथ ही साक्षी के गांव मोखरा खास में खेल नर्सरी और स्टेडियम में निर्माण की भी घोषणा की.
उन्होंने कहा, ‘‘राज्य में खेलों को बढ़ावा देने के लिए हमने कई कदम उठाए हैं. भविष्य में हम खेलों को बढ़ावा देने के लिए गांव और ब्लाक स्तर पर 1000 कोचों की नियुक्तियां करने वाले हैं.’’
रियो ओलिंपिक में हिस्सा लेने वाले हरियाणा के सभी खिलाड़ियों को 15-15 लाख रुपए भी दिए जाएंगे. खट्टर ने कहा कि हरियाणा सरकार ने ओलिंपिक स्वर्ण पदक विजेता को छह करोड़ रुपए देने का फैसला किया था, जो दुनिया के सर्वाधिक इनामी राशि है.
साक्षी के पिता सुखबीर मलिक जब हवाई अड्डे पर अपनी बेटी से मिले और उसके गले में पदक देखा तो काफी भावुक हो गए. उन्होंने कहा, ‘‘मुझे उसकी उपलब्धियों पर गर्व है. मुझे ही नहीं बल्कि पूरे देश को उस पर गर्व है. उसने अपने देश और राज्य को गौरवांवित किया है. उसका पदक भारत का पदक है.’’ सुखबीर ने बताया कि लोगों ने उनसे कहा था कि कुश्ती लड़कियों का खेल नहीं है.टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘कभी-कभी कुछ लोग मुझसे कहते थे कि वह लड़की है और यह (कुश्ती) उसके लिए अच्छी नहीं है, लेकिन 2010 में जब मेरी बेटी ने रूस में एक प्रतियोगिता में पदक जीता और फिर एशियाई चैम्पियनशिप और राष्ट्रमंडल खेल में स्वर्ण पदक जीता तो सभी साक्षी की तरह बनना चाहते थे और उसने जो किया उसे दोहराना चाहते थे.’’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
खट्टर ने कहा, ‘‘यह हमारे लिए गर्व की बात है कि देश की बेटियों ने इतना अच्छा प्रदर्शन किया. हमारी दो बेटियों साक्षी मलिक और पीवी सिंधु (रियो खेलों में महिला एकल बैडमिंटन में रजत पदक जीतने वाली) ने देश का गौरव बढ़ाया है. उन्होंने कहा कि एक बार फिर हरियाणा के खिलाड़ियों ने देश और राज्य का सिर गर्व से ऊंचा किया है.
खट्टर ने साक्षी के परिवार के सदस्यों की मौजूदगी में कहा, हमारी सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठा रही है. साक्षी ने सभी को गौरवांवित किया है, जिसमें उनके देश, उनके राज्य के अलावा उनके कोच, उनका गृह नगर रोहतक और उनका परिवार शामिल है. मुख्यमंत्री ने कहा कि रेलवे में काम करने वाली साक्षी को जल्द ही पदोन्नति दी जाएगी.
खट्टर ने कहा, हमने उन्हें हरियाणा सरकार में क्लास दो की नौकरी की पेशकश की है. उसने कहा कि वह इसके बारे में सोचेगी और फिर फैसला करेगी. इस मौके पर साक्षी ने समर्थन के लिए सभी का आभार जताया.
उन्होंने कहा, मैं चाहती हूं कि भविष्य में सभी मेरा समर्थन करें, जिससे कि मैं देश के लिए और पदक जीत सकूं. ‘बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ’ की सराहना करते हुए साक्षी ने कहा, अब हमने इसमें बेटी खिलाओ भी जोड़ दिया है. इस 23 वर्षीय खिलाड़ी को बहादुरगढ़ में पारंपरिक पगड़ी देकर सम्मानित किया गया. रियो खेलों में भारत के पदकों का खाता खोलने वाली साक्षी कई पड़ावों से होती हुई अपने गांव मोखरा पहुंचेंगी. खट्टर ने साथ ही साक्षी के गांव मोखरा खास में खेल नर्सरी और स्टेडियम में निर्माण की भी घोषणा की.
उन्होंने कहा, ‘‘राज्य में खेलों को बढ़ावा देने के लिए हमने कई कदम उठाए हैं. भविष्य में हम खेलों को बढ़ावा देने के लिए गांव और ब्लाक स्तर पर 1000 कोचों की नियुक्तियां करने वाले हैं.’’
रियो ओलिंपिक में हिस्सा लेने वाले हरियाणा के सभी खिलाड़ियों को 15-15 लाख रुपए भी दिए जाएंगे. खट्टर ने कहा कि हरियाणा सरकार ने ओलिंपिक स्वर्ण पदक विजेता को छह करोड़ रुपए देने का फैसला किया था, जो दुनिया के सर्वाधिक इनामी राशि है.
साक्षी के पिता सुखबीर मलिक जब हवाई अड्डे पर अपनी बेटी से मिले और उसके गले में पदक देखा तो काफी भावुक हो गए. उन्होंने कहा, ‘‘मुझे उसकी उपलब्धियों पर गर्व है. मुझे ही नहीं बल्कि पूरे देश को उस पर गर्व है. उसने अपने देश और राज्य को गौरवांवित किया है. उसका पदक भारत का पदक है.’’ सुखबीर ने बताया कि लोगों ने उनसे कहा था कि कुश्ती लड़कियों का खेल नहीं है.टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘कभी-कभी कुछ लोग मुझसे कहते थे कि वह लड़की है और यह (कुश्ती) उसके लिए अच्छी नहीं है, लेकिन 2010 में जब मेरी बेटी ने रूस में एक प्रतियोगिता में पदक जीता और फिर एशियाई चैम्पियनशिप और राष्ट्रमंडल खेल में स्वर्ण पदक जीता तो सभी साक्षी की तरह बनना चाहते थे और उसने जो किया उसे दोहराना चाहते थे.’’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
खट्टर ने साक्षी के परिवार के सदस्यों की मौजूदगी में कहा, हमारी सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठा रही है. साक्षी ने सभी को गौरवांवित किया है, जिसमें उनके देश, उनके राज्य के अलावा उनके कोच, उनका गृह नगर रोहतक और उनका परिवार शामिल है. मुख्यमंत्री ने कहा कि रेलवे में काम करने वाली साक्षी को जल्द ही पदोन्नति दी जाएगी.
खट्टर ने कहा, हमने उन्हें हरियाणा सरकार में क्लास दो की नौकरी की पेशकश की है. उसने कहा कि वह इसके बारे में सोचेगी और फिर फैसला करेगी. इस मौके पर साक्षी ने समर्थन के लिए सभी का आभार जताया.
उन्होंने कहा, मैं चाहती हूं कि भविष्य में सभी मेरा समर्थन करें, जिससे कि मैं देश के लिए और पदक जीत सकूं. ‘बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ’ की सराहना करते हुए साक्षी ने कहा, अब हमने इसमें बेटी खिलाओ भी जोड़ दिया है. इस 23 वर्षीय खिलाड़ी को बहादुरगढ़ में पारंपरिक पगड़ी देकर सम्मानित किया गया. रियो खेलों में भारत के पदकों का खाता खोलने वाली साक्षी कई पड़ावों से होती हुई अपने गांव मोखरा पहुंचेंगी. खट्टर ने साथ ही साक्षी के गांव मोखरा खास में खेल नर्सरी और स्टेडियम में निर्माण की भी घोषणा की.
उन्होंने कहा, ‘‘राज्य में खेलों को बढ़ावा देने के लिए हमने कई कदम उठाए हैं. भविष्य में हम खेलों को बढ़ावा देने के लिए गांव और ब्लाक स्तर पर 1000 कोचों की नियुक्तियां करने वाले हैं.’’
रियो ओलिंपिक में हिस्सा लेने वाले हरियाणा के सभी खिलाड़ियों को 15-15 लाख रुपए भी दिए जाएंगे. खट्टर ने कहा कि हरियाणा सरकार ने ओलिंपिक स्वर्ण पदक विजेता को छह करोड़ रुपए देने का फैसला किया था, जो दुनिया के सर्वाधिक इनामी राशि है.
साक्षी के पिता सुखबीर मलिक जब हवाई अड्डे पर अपनी बेटी से मिले और उसके गले में पदक देखा तो काफी भावुक हो गए. उन्होंने कहा, ‘‘मुझे उसकी उपलब्धियों पर गर्व है. मुझे ही नहीं बल्कि पूरे देश को उस पर गर्व है. उसने अपने देश और राज्य को गौरवांवित किया है. उसका पदक भारत का पदक है.’’ सुखबीर ने बताया कि लोगों ने उनसे कहा था कि कुश्ती लड़कियों का खेल नहीं है.टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘कभी-कभी कुछ लोग मुझसे कहते थे कि वह लड़की है और यह (कुश्ती) उसके लिए अच्छी नहीं है, लेकिन 2010 में जब मेरी बेटी ने रूस में एक प्रतियोगिता में पदक जीता और फिर एशियाई चैम्पियनशिप और राष्ट्रमंडल खेल में स्वर्ण पदक जीता तो सभी साक्षी की तरह बनना चाहते थे और उसने जो किया उसे दोहराना चाहते थे.’’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
खट्टर ने कहा, हमने उन्हें हरियाणा सरकार में क्लास दो की नौकरी की पेशकश की है. उसने कहा कि वह इसके बारे में सोचेगी और फिर फैसला करेगी. इस मौके पर साक्षी ने समर्थन के लिए सभी का आभार जताया.
उन्होंने कहा, मैं चाहती हूं कि भविष्य में सभी मेरा समर्थन करें, जिससे कि मैं देश के लिए और पदक जीत सकूं. ‘बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ’ की सराहना करते हुए साक्षी ने कहा, अब हमने इसमें बेटी खिलाओ भी जोड़ दिया है. इस 23 वर्षीय खिलाड़ी को बहादुरगढ़ में पारंपरिक पगड़ी देकर सम्मानित किया गया. रियो खेलों में भारत के पदकों का खाता खोलने वाली साक्षी कई पड़ावों से होती हुई अपने गांव मोखरा पहुंचेंगी. खट्टर ने साथ ही साक्षी के गांव मोखरा खास में खेल नर्सरी और स्टेडियम में निर्माण की भी घोषणा की.
उन्होंने कहा, ‘‘राज्य में खेलों को बढ़ावा देने के लिए हमने कई कदम उठाए हैं. भविष्य में हम खेलों को बढ़ावा देने के लिए गांव और ब्लाक स्तर पर 1000 कोचों की नियुक्तियां करने वाले हैं.’’
रियो ओलिंपिक में हिस्सा लेने वाले हरियाणा के सभी खिलाड़ियों को 15-15 लाख रुपए भी दिए जाएंगे. खट्टर ने कहा कि हरियाणा सरकार ने ओलिंपिक स्वर्ण पदक विजेता को छह करोड़ रुपए देने का फैसला किया था, जो दुनिया के सर्वाधिक इनामी राशि है.
साक्षी के पिता सुखबीर मलिक जब हवाई अड्डे पर अपनी बेटी से मिले और उसके गले में पदक देखा तो काफी भावुक हो गए. उन्होंने कहा, ‘‘मुझे उसकी उपलब्धियों पर गर्व है. मुझे ही नहीं बल्कि पूरे देश को उस पर गर्व है. उसने अपने देश और राज्य को गौरवांवित किया है. उसका पदक भारत का पदक है.’’ सुखबीर ने बताया कि लोगों ने उनसे कहा था कि कुश्ती लड़कियों का खेल नहीं है.टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘कभी-कभी कुछ लोग मुझसे कहते थे कि वह लड़की है और यह (कुश्ती) उसके लिए अच्छी नहीं है, लेकिन 2010 में जब मेरी बेटी ने रूस में एक प्रतियोगिता में पदक जीता और फिर एशियाई चैम्पियनशिप और राष्ट्रमंडल खेल में स्वर्ण पदक जीता तो सभी साक्षी की तरह बनना चाहते थे और उसने जो किया उसे दोहराना चाहते थे.’’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा, मैं चाहती हूं कि भविष्य में सभी मेरा समर्थन करें, जिससे कि मैं देश के लिए और पदक जीत सकूं. ‘बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ’ की सराहना करते हुए साक्षी ने कहा, अब हमने इसमें बेटी खिलाओ भी जोड़ दिया है. इस 23 वर्षीय खिलाड़ी को बहादुरगढ़ में पारंपरिक पगड़ी देकर सम्मानित किया गया. रियो खेलों में भारत के पदकों का खाता खोलने वाली साक्षी कई पड़ावों से होती हुई अपने गांव मोखरा पहुंचेंगी. खट्टर ने साथ ही साक्षी के गांव मोखरा खास में खेल नर्सरी और स्टेडियम में निर्माण की भी घोषणा की.
उन्होंने कहा, ‘‘राज्य में खेलों को बढ़ावा देने के लिए हमने कई कदम उठाए हैं. भविष्य में हम खेलों को बढ़ावा देने के लिए गांव और ब्लाक स्तर पर 1000 कोचों की नियुक्तियां करने वाले हैं.’’
रियो ओलिंपिक में हिस्सा लेने वाले हरियाणा के सभी खिलाड़ियों को 15-15 लाख रुपए भी दिए जाएंगे. खट्टर ने कहा कि हरियाणा सरकार ने ओलिंपिक स्वर्ण पदक विजेता को छह करोड़ रुपए देने का फैसला किया था, जो दुनिया के सर्वाधिक इनामी राशि है.
साक्षी के पिता सुखबीर मलिक जब हवाई अड्डे पर अपनी बेटी से मिले और उसके गले में पदक देखा तो काफी भावुक हो गए. उन्होंने कहा, ‘‘मुझे उसकी उपलब्धियों पर गर्व है. मुझे ही नहीं बल्कि पूरे देश को उस पर गर्व है. उसने अपने देश और राज्य को गौरवांवित किया है. उसका पदक भारत का पदक है.’’ सुखबीर ने बताया कि लोगों ने उनसे कहा था कि कुश्ती लड़कियों का खेल नहीं है.टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘कभी-कभी कुछ लोग मुझसे कहते थे कि वह लड़की है और यह (कुश्ती) उसके लिए अच्छी नहीं है, लेकिन 2010 में जब मेरी बेटी ने रूस में एक प्रतियोगिता में पदक जीता और फिर एशियाई चैम्पियनशिप और राष्ट्रमंडल खेल में स्वर्ण पदक जीता तो सभी साक्षी की तरह बनना चाहते थे और उसने जो किया उसे दोहराना चाहते थे.’’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा, ‘‘राज्य में खेलों को बढ़ावा देने के लिए हमने कई कदम उठाए हैं. भविष्य में हम खेलों को बढ़ावा देने के लिए गांव और ब्लाक स्तर पर 1000 कोचों की नियुक्तियां करने वाले हैं.’’
रियो ओलिंपिक में हिस्सा लेने वाले हरियाणा के सभी खिलाड़ियों को 15-15 लाख रुपए भी दिए जाएंगे. खट्टर ने कहा कि हरियाणा सरकार ने ओलिंपिक स्वर्ण पदक विजेता को छह करोड़ रुपए देने का फैसला किया था, जो दुनिया के सर्वाधिक इनामी राशि है.
साक्षी के पिता सुखबीर मलिक जब हवाई अड्डे पर अपनी बेटी से मिले और उसके गले में पदक देखा तो काफी भावुक हो गए. उन्होंने कहा, ‘‘मुझे उसकी उपलब्धियों पर गर्व है. मुझे ही नहीं बल्कि पूरे देश को उस पर गर्व है. उसने अपने देश और राज्य को गौरवांवित किया है. उसका पदक भारत का पदक है.’’ सुखबीर ने बताया कि लोगों ने उनसे कहा था कि कुश्ती लड़कियों का खेल नहीं है.टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘कभी-कभी कुछ लोग मुझसे कहते थे कि वह लड़की है और यह (कुश्ती) उसके लिए अच्छी नहीं है, लेकिन 2010 में जब मेरी बेटी ने रूस में एक प्रतियोगिता में पदक जीता और फिर एशियाई चैम्पियनशिप और राष्ट्रमंडल खेल में स्वर्ण पदक जीता तो सभी साक्षी की तरह बनना चाहते थे और उसने जो किया उसे दोहराना चाहते थे.’’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
रियो ओलिंपिक में हिस्सा लेने वाले हरियाणा के सभी खिलाड़ियों को 15-15 लाख रुपए भी दिए जाएंगे. खट्टर ने कहा कि हरियाणा सरकार ने ओलिंपिक स्वर्ण पदक विजेता को छह करोड़ रुपए देने का फैसला किया था, जो दुनिया के सर्वाधिक इनामी राशि है.
साक्षी के पिता सुखबीर मलिक जब हवाई अड्डे पर अपनी बेटी से मिले और उसके गले में पदक देखा तो काफी भावुक हो गए. उन्होंने कहा, ‘‘मुझे उसकी उपलब्धियों पर गर्व है. मुझे ही नहीं बल्कि पूरे देश को उस पर गर्व है. उसने अपने देश और राज्य को गौरवांवित किया है. उसका पदक भारत का पदक है.’’ सुखबीर ने बताया कि लोगों ने उनसे कहा था कि कुश्ती लड़कियों का खेल नहीं है.टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘कभी-कभी कुछ लोग मुझसे कहते थे कि वह लड़की है और यह (कुश्ती) उसके लिए अच्छी नहीं है, लेकिन 2010 में जब मेरी बेटी ने रूस में एक प्रतियोगिता में पदक जीता और फिर एशियाई चैम्पियनशिप और राष्ट्रमंडल खेल में स्वर्ण पदक जीता तो सभी साक्षी की तरह बनना चाहते थे और उसने जो किया उसे दोहराना चाहते थे.’’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
साक्षी के पिता सुखबीर मलिक जब हवाई अड्डे पर अपनी बेटी से मिले और उसके गले में पदक देखा तो काफी भावुक हो गए. उन्होंने कहा, ‘‘मुझे उसकी उपलब्धियों पर गर्व है. मुझे ही नहीं बल्कि पूरे देश को उस पर गर्व है. उसने अपने देश और राज्य को गौरवांवित किया है. उसका पदक भारत का पदक है.’’ सुखबीर ने बताया कि लोगों ने उनसे कहा था कि कुश्ती लड़कियों का खेल नहीं है.टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘कभी-कभी कुछ लोग मुझसे कहते थे कि वह लड़की है और यह (कुश्ती) उसके लिए अच्छी नहीं है, लेकिन 2010 में जब मेरी बेटी ने रूस में एक प्रतियोगिता में पदक जीता और फिर एशियाई चैम्पियनशिप और राष्ट्रमंडल खेल में स्वर्ण पदक जीता तो सभी साक्षी की तरह बनना चाहते थे और उसने जो किया उसे दोहराना चाहते थे.’’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा, ‘‘कभी-कभी कुछ लोग मुझसे कहते थे कि वह लड़की है और यह (कुश्ती) उसके लिए अच्छी नहीं है, लेकिन 2010 में जब मेरी बेटी ने रूस में एक प्रतियोगिता में पदक जीता और फिर एशियाई चैम्पियनशिप और राष्ट्रमंडल खेल में स्वर्ण पदक जीता तो सभी साक्षी की तरह बनना चाहते थे और उसने जो किया उसे दोहराना चाहते थे.’’(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त पाठ: साक्षी मलिक ने रियो ओलिंपिक में भारत के लिए पहला मेडल जीता
दिल्ली पहुंचने पर साक्षी का जोरदार स्वागत हुआ, हरियाणा के 5 मंत्री पहुंचे
साक्षी ने दिल्ली एयरपोर्ट पर हुए जोरदार स्वागत के लिए धन्यवाद किया | 30 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय क्रिकेट टीम के प्रमुख गेंदबाज जहीर खान ने कहा है कि रन बनाने के लिए संघर्ष करते ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी क्रम के खिलाफ उनकी टीम स्विंग को अपने प्रमुख हथियार के तौर पर उपयोग में लाएगी। जहीर के मुताबिक हाल के दिनों में मेजबान टीम की स्विंग गेंदबाजी के खिलाफ खराब प्रदर्शन को देखते हुए भारतीय टीम इस कला को प्रमुखता से आजमा सकती है। जहीर के मुताबिक भारतीय गेंदबाजों के लिए यह अच्छी खबर है कि ऑस्ट्रेलियाई टीम के शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों को अपनी तकनीक सुधारने के लिए बल्लेबाजी कैम्प में शिरकत करने को कहा गया है। जहीर ने कहा, "स्विंग हमेशा से हमारा हथियार रहा है। जो खबरें आ रही हैं, वे निश्चित तौर पर हमारे खिलाड़ियों के लिए हौसला बढ़ाने वाली हैं। हाल के दिनों में मेजबान टीम की खराब बल्लेबाजी को देखते हुए हम मुख्यतया स्विंग पर आश्रित रहेंगे। " "स्विंग के अलावा एक गेंदबाज के लिए सही दिशा और लम्बाई का बनाए रखना जरूरी है। अगर एक गेंदबाज इस बात का ध्यान रखता है और उसकी गेंद स्विंग भी करती है तो निश्चित तौर पर इससे दुनिया के किसी भी बल्लेबाज को परेशान किया जा सकता है।" जहीर ने जुलाई के बाद से भारत के लिए कोई टेस्ट नहीं खेला है। वह पूरी तरह फिट नहीं होने के बावजूद टीम में शामिल किए गए लेकिन उनका खेलना उनकी मैच फिटनेस पर निर्भर करता है। जहीर ने टखने की चोट से उबरने के लिए हाल ही में ऑपरेशन कराया है और सुधार कार्यक्रम के बाद गेंदबाजी अभ्यास शुरू कर चुके हैं। | संक्षिप्त पाठ: जहीर खान ने कहा है कि रन बनाने के लिए संघर्ष करते ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी क्रम के खिलाफ उनकी टीम स्विंग को अपने प्रमुख हथियार के तौर पर उपयोग में लाएगी। | 14 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: लालू प्रसाद यादव ने बुधवार को वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा पेश किए गए बजट को निराशापूर्ण बताते हुए इसकी आलोचना की है. लालू ने कहा कि यह बजट हताशापूर्ण है और इसमें कुछ भी नहीं है. उन्होंने सांसद ई. अहमद के निधन के दिन संसद में बजट पेश किए जाने की निंदा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत के ट्रंप हैं. लालू ने दोनों को 'जुड़वा भाई' करार दिया. पूर्व रेलमंत्री लालू प्रसाद ने कहा, 'इस बजट में बेरोजगारों के लिए कुछ भी नहीं है. एम्स सिर्फ भाजपा शासित प्रदेशों में दिया गया और बिहार की अनदेखी की गई है. बिहार के लिए जो वादा किए थे, वह भी इस बजट में कुछ नहीं दिखा.'टिप्पणियां
लालू ने कहा कि बजट में रोटी, कपड़ा और मकान के लिए कुछ भी नहीं है. स्वास्थ्य और रोजगार का भी ध्यान नहीं रखा गया है. लालू ने कहा कि केंद्र सरकार की नोटबंदी के बाद छोटे-बड़े व्यवसायी वर्ग बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जिसके लिए सरकार ने बजट में कुछ नहीं रखा है. उन्होंने कहा कि किसी सांसद के निधन के बाद सदन की कार्यवाही बंद कर दी जाती है परंतु केंद्र सरकार ने बजट पेश किया.
लालू ने प्रधानमंत्री की तुलना अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से करते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरह मनमानी कर रहे हैं. उन्होंने दोनों को 'जुड़वा भाई' करार दिया. पत्रकारों द्वारा इस बजट को 10 अंक में से कितने अंक दिए जाने के विषय में पूछे जाने पर लालू ने कहा कि यह किसी अंक के लिए लायक ही नहीं है. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार का यह बजट निराशाजनक है.
लालू ने कहा कि बजट में रोटी, कपड़ा और मकान के लिए कुछ भी नहीं है. स्वास्थ्य और रोजगार का भी ध्यान नहीं रखा गया है. लालू ने कहा कि केंद्र सरकार की नोटबंदी के बाद छोटे-बड़े व्यवसायी वर्ग बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जिसके लिए सरकार ने बजट में कुछ नहीं रखा है. उन्होंने कहा कि किसी सांसद के निधन के बाद सदन की कार्यवाही बंद कर दी जाती है परंतु केंद्र सरकार ने बजट पेश किया.
लालू ने प्रधानमंत्री की तुलना अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से करते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरह मनमानी कर रहे हैं. उन्होंने दोनों को 'जुड़वा भाई' करार दिया. पत्रकारों द्वारा इस बजट को 10 अंक में से कितने अंक दिए जाने के विषय में पूछे जाने पर लालू ने कहा कि यह किसी अंक के लिए लायक ही नहीं है. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार का यह बजट निराशाजनक है.
लालू ने प्रधानमंत्री की तुलना अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से करते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरह मनमानी कर रहे हैं. उन्होंने दोनों को 'जुड़वा भाई' करार दिया. पत्रकारों द्वारा इस बजट को 10 अंक में से कितने अंक दिए जाने के विषय में पूछे जाने पर लालू ने कहा कि यह किसी अंक के लिए लायक ही नहीं है. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार का यह बजट निराशाजनक है. | संक्षिप्त सारांश: लालू यादव ने कहा, 'बजट नंबर देने के लायक ही नहीं है'
सांसद के निधन के दिन बजट पेश करने के लिए लालू ने की सरकार की आलोचना
नरेंद्र मोदी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरह मनमानी कर रहे हैं | 29 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सस्पेंस थ्रिलर एक्शन 'गेम' में अभिषेक बच्चन बने हैं तुर्की कैसीनो मालिक और ड्रग माफिया, हालांकि इनकी असलियत कुछ और है... जिमी शेरगिल दिखे हैं बॉलीवुड स्टार के रोल में, बोमन ईरानी थाईलैण्ड के प्रधानमंत्री पद के दावेदार बने हैं, जबकि शहाना गोस्वामी पत्रकार की भूमिका में हैं। सबके बीच एक कॉमन लिंक है - माया, यानि सारा जेन डायस... चारों को नामी रईस कबीर मल्होत्रा का खत मिलता है, जिसमें करियर बनाने का सुनहरा मौका है, और सब पहुंच जाते हैं कबीर के ग्रीस स्थित प्राइवेट आईलैण्ड पर... और वहां हो जाता है एक कत्ल... किसने किया, और क्यों... यही है फिल्म... डायरेक्टर अभिनय देव की 'गेम' में थ्रिल कम, सस्पेंस ज़्यादा है... शक की सुई अंत तक एक से दूसरे किरदार पर घूमती रहती है... दूसरी ओर, ग्रीस के दिलकश नज़ारे भी हैं, और दो अच्छे गाने भी... लेकिन कहना ही होगा, स्क्रिप्ट में कई कमियां हैं... एक खत मिलते ही सारे किरदार अनजान आईलैण्ड में अकेले जाकर ऐसे खड़े हो जाते हैं, जैसे 'खतरों के खिलाड़ी' के कन्टेस्टेंट हों... करप्शन के आरोप सुनकर मंझे हुए राजनेता को अटैक आ जाता है, जबकि असलियत में अब राजनेताओं के लिए ऐसे आरोप दिनचर्या का हिस्सा हैं... एक सुपरस्टार फोन पर पुलिस को अपने गुनाह का इकबालिया बयान दर्ज कराता है... नपी-तुली एक्टिंग के साथ अभिषेक का असली रोल इंटरवल के बाद शुरू होता है... इन्वेस्टिगेटिंग ऑफिसर के रोल में जो कंगना रनाउत शुरू में इंटेलिजेंट नज़र आती हैं, वही कंगना बाद में करमचंद की किटी जैसी हरकतें करने लगती है... पता नहीं क्यों... सारा जेन डायस ने पहली फिल्म करने से पहले ढंग की हिन्दी नहीं सीखी... फरहान अख्तर के लिखे कई डायलॉग्स बिल्कुल साधारण हैं... जैसे - मुझे नील मेनन चाहिए... फाइन्ड हिम... 'गेम' देखकर आप बोर नहीं होंगे, लेकिन मर्डर इन्वेस्टिगेशन की कई बारीकियों को नज़रअंदाज़ होते देखकर हैरत में ज़रूर पड़ जाएंगे... एवरेज फिल्म 'गेम' के लिए मेरी रेटिंग है - 2 स्टार... | संक्षिप्त सारांश: 'गेम' देखकर आप बोर नहीं होंगे, लेकिन मर्डर इन्वेस्टिगेशन की कई बारीकियों को नज़रअंदाज़ होते देखकर हैरत में ज़रूर पड़ जाएंगे... | 10 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दो वर्षीय एक बच्ची को एम्स में भर्ती कराया गया है जिसके सिर में गंभीर चोटें हैं, उसे दो बार दिल का दौरा पड़ चुका है और उसके हाथ टूटे हुए हैं। उसका इलाज कर रहे चिकित्सकों का कहना है कि उसके बचने की पचास प्रतिशत संभावना है।
उसका इलाज कर रहे न्यूरोसर्जन डॉ दीपक अग्रवाल ने कहा कि वह एम्स के न्यूरोसर्जरी की आईसीयू में भर्ती है और वेंटिलेटर पर है। पिछले कुछ दिनों में उसे दो बार दिल का दौरा पड़ा।
उन्होंने कहा, ‘उसके बचने की संभावना 50 फीसदी है। अगर वह बच जाती है तो पूरी जिंदगी उसे दूसरों पर निर्भर रहना होगा क्योंकि उसका मस्तिष्क हमेशा के लिए क्षतिग्रस्त हो गया है।’ जयप्रकाश नारायण एम्स ट्रामा केंद्र के प्रमुख डॉ एमसी मिश्रा ने कहा, ‘उसे 18 जनवरी को बुरी हालत में हमारे पास लाया गया। उसका सिर बुरी तरह कुचला हुआ था, उसके हाथ टूटे हुए थे, पूरे बदन पर काटने के निशान थे और उसके गाल गर्म सलाखों से दागे हुए थे। हमारे पास उसे लाने वाली नाबालिग लड़की ने दावा किया कि बिस्तर से गिरने के कारण उसकी ऐसी हालत हुई, जिस पर विश्वास करना कठिन है।’ उन्होंने कहा, ‘चूंकि उसके पूरे शरीर पर कटे हुए निशान थे, इसलिए हमने महिला रोग विशेषज्ञ से यह जांच करने को कहा है कि कहीं उसके साथ यौन र्दुव्यवहार तो नहीं हुआ।’
अधिकारी ने कहा कि पुलिस ने पाया कि बच्ची को एम्स पहुंचाने वाली नाबालिग लड़की पिछले वर्ष एक लड़के के साथ लापता हो गयी थी और वह संगम विहार में रह रही थी और बच्ची उसके पास पिछले करीब 20 दिनों से थी। पुलिस उपायुक्त छाया शर्मा (दक्षिण) ने कहा कि घटना के सिलसिले में धारा 363 (अपहरण), 317 (12 वर्ष से कम उम्र की लड़की को छोड़ना) और 324 एवं 325 (चोट पहुंचाना) के तहत अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज है।
उन्होंने कहा, ‘बच्चों के अभिभावकों का अभी पता नहीं चला है। हमने उत्तम नगर में भी खोजबीन कराई है।’ लड़की ने जब एम्स के अधिकारियों को बताया कि वह बच्ची की मां है तो एम्स चौकी में तैनात सिपाही को संदेह हुआ और उसने उसे वहां से नहीं जाने दिया।टिप्पणियां
अधिकारी ने कहा कि लड़की ने पुलिस को बताया कि जब उसने बच्ची को दौड़ने से रोकने की कोशिश की तो उसके शरीर पर जख्म आ गये। बच्ची के स्नानघर में गिर जाने से उसकी हड्डियां टूट गईं।
शर्मा ने कहा कि वह बच्चे की फोटो को जिपनेट में डलवा देंगी ताकि पता चल सके कि उसका अपहरण तो नहीं हुआ था। जिपनेट पांच उत्तरी राज्यों की पुलिस का नेटवर्क है। इससे अभिभावकों को पुलिस तक पहुंचने में मदद मिलेगी।
उसका इलाज कर रहे न्यूरोसर्जन डॉ दीपक अग्रवाल ने कहा कि वह एम्स के न्यूरोसर्जरी की आईसीयू में भर्ती है और वेंटिलेटर पर है। पिछले कुछ दिनों में उसे दो बार दिल का दौरा पड़ा।
उन्होंने कहा, ‘उसके बचने की संभावना 50 फीसदी है। अगर वह बच जाती है तो पूरी जिंदगी उसे दूसरों पर निर्भर रहना होगा क्योंकि उसका मस्तिष्क हमेशा के लिए क्षतिग्रस्त हो गया है।’ जयप्रकाश नारायण एम्स ट्रामा केंद्र के प्रमुख डॉ एमसी मिश्रा ने कहा, ‘उसे 18 जनवरी को बुरी हालत में हमारे पास लाया गया। उसका सिर बुरी तरह कुचला हुआ था, उसके हाथ टूटे हुए थे, पूरे बदन पर काटने के निशान थे और उसके गाल गर्म सलाखों से दागे हुए थे। हमारे पास उसे लाने वाली नाबालिग लड़की ने दावा किया कि बिस्तर से गिरने के कारण उसकी ऐसी हालत हुई, जिस पर विश्वास करना कठिन है।’ उन्होंने कहा, ‘चूंकि उसके पूरे शरीर पर कटे हुए निशान थे, इसलिए हमने महिला रोग विशेषज्ञ से यह जांच करने को कहा है कि कहीं उसके साथ यौन र्दुव्यवहार तो नहीं हुआ।’
अधिकारी ने कहा कि पुलिस ने पाया कि बच्ची को एम्स पहुंचाने वाली नाबालिग लड़की पिछले वर्ष एक लड़के के साथ लापता हो गयी थी और वह संगम विहार में रह रही थी और बच्ची उसके पास पिछले करीब 20 दिनों से थी। पुलिस उपायुक्त छाया शर्मा (दक्षिण) ने कहा कि घटना के सिलसिले में धारा 363 (अपहरण), 317 (12 वर्ष से कम उम्र की लड़की को छोड़ना) और 324 एवं 325 (चोट पहुंचाना) के तहत अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज है।
उन्होंने कहा, ‘बच्चों के अभिभावकों का अभी पता नहीं चला है। हमने उत्तम नगर में भी खोजबीन कराई है।’ लड़की ने जब एम्स के अधिकारियों को बताया कि वह बच्ची की मां है तो एम्स चौकी में तैनात सिपाही को संदेह हुआ और उसने उसे वहां से नहीं जाने दिया।टिप्पणियां
अधिकारी ने कहा कि लड़की ने पुलिस को बताया कि जब उसने बच्ची को दौड़ने से रोकने की कोशिश की तो उसके शरीर पर जख्म आ गये। बच्ची के स्नानघर में गिर जाने से उसकी हड्डियां टूट गईं।
शर्मा ने कहा कि वह बच्चे की फोटो को जिपनेट में डलवा देंगी ताकि पता चल सके कि उसका अपहरण तो नहीं हुआ था। जिपनेट पांच उत्तरी राज्यों की पुलिस का नेटवर्क है। इससे अभिभावकों को पुलिस तक पहुंचने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा, ‘उसके बचने की संभावना 50 फीसदी है। अगर वह बच जाती है तो पूरी जिंदगी उसे दूसरों पर निर्भर रहना होगा क्योंकि उसका मस्तिष्क हमेशा के लिए क्षतिग्रस्त हो गया है।’ जयप्रकाश नारायण एम्स ट्रामा केंद्र के प्रमुख डॉ एमसी मिश्रा ने कहा, ‘उसे 18 जनवरी को बुरी हालत में हमारे पास लाया गया। उसका सिर बुरी तरह कुचला हुआ था, उसके हाथ टूटे हुए थे, पूरे बदन पर काटने के निशान थे और उसके गाल गर्म सलाखों से दागे हुए थे। हमारे पास उसे लाने वाली नाबालिग लड़की ने दावा किया कि बिस्तर से गिरने के कारण उसकी ऐसी हालत हुई, जिस पर विश्वास करना कठिन है।’ उन्होंने कहा, ‘चूंकि उसके पूरे शरीर पर कटे हुए निशान थे, इसलिए हमने महिला रोग विशेषज्ञ से यह जांच करने को कहा है कि कहीं उसके साथ यौन र्दुव्यवहार तो नहीं हुआ।’
अधिकारी ने कहा कि पुलिस ने पाया कि बच्ची को एम्स पहुंचाने वाली नाबालिग लड़की पिछले वर्ष एक लड़के के साथ लापता हो गयी थी और वह संगम विहार में रह रही थी और बच्ची उसके पास पिछले करीब 20 दिनों से थी। पुलिस उपायुक्त छाया शर्मा (दक्षिण) ने कहा कि घटना के सिलसिले में धारा 363 (अपहरण), 317 (12 वर्ष से कम उम्र की लड़की को छोड़ना) और 324 एवं 325 (चोट पहुंचाना) के तहत अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज है।
उन्होंने कहा, ‘बच्चों के अभिभावकों का अभी पता नहीं चला है। हमने उत्तम नगर में भी खोजबीन कराई है।’ लड़की ने जब एम्स के अधिकारियों को बताया कि वह बच्ची की मां है तो एम्स चौकी में तैनात सिपाही को संदेह हुआ और उसने उसे वहां से नहीं जाने दिया।टिप्पणियां
अधिकारी ने कहा कि लड़की ने पुलिस को बताया कि जब उसने बच्ची को दौड़ने से रोकने की कोशिश की तो उसके शरीर पर जख्म आ गये। बच्ची के स्नानघर में गिर जाने से उसकी हड्डियां टूट गईं।
शर्मा ने कहा कि वह बच्चे की फोटो को जिपनेट में डलवा देंगी ताकि पता चल सके कि उसका अपहरण तो नहीं हुआ था। जिपनेट पांच उत्तरी राज्यों की पुलिस का नेटवर्क है। इससे अभिभावकों को पुलिस तक पहुंचने में मदद मिलेगी।
अधिकारी ने कहा कि पुलिस ने पाया कि बच्ची को एम्स पहुंचाने वाली नाबालिग लड़की पिछले वर्ष एक लड़के के साथ लापता हो गयी थी और वह संगम विहार में रह रही थी और बच्ची उसके पास पिछले करीब 20 दिनों से थी। पुलिस उपायुक्त छाया शर्मा (दक्षिण) ने कहा कि घटना के सिलसिले में धारा 363 (अपहरण), 317 (12 वर्ष से कम उम्र की लड़की को छोड़ना) और 324 एवं 325 (चोट पहुंचाना) के तहत अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज है।
उन्होंने कहा, ‘बच्चों के अभिभावकों का अभी पता नहीं चला है। हमने उत्तम नगर में भी खोजबीन कराई है।’ लड़की ने जब एम्स के अधिकारियों को बताया कि वह बच्ची की मां है तो एम्स चौकी में तैनात सिपाही को संदेह हुआ और उसने उसे वहां से नहीं जाने दिया।टिप्पणियां
अधिकारी ने कहा कि लड़की ने पुलिस को बताया कि जब उसने बच्ची को दौड़ने से रोकने की कोशिश की तो उसके शरीर पर जख्म आ गये। बच्ची के स्नानघर में गिर जाने से उसकी हड्डियां टूट गईं।
शर्मा ने कहा कि वह बच्चे की फोटो को जिपनेट में डलवा देंगी ताकि पता चल सके कि उसका अपहरण तो नहीं हुआ था। जिपनेट पांच उत्तरी राज्यों की पुलिस का नेटवर्क है। इससे अभिभावकों को पुलिस तक पहुंचने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा, ‘बच्चों के अभिभावकों का अभी पता नहीं चला है। हमने उत्तम नगर में भी खोजबीन कराई है।’ लड़की ने जब एम्स के अधिकारियों को बताया कि वह बच्ची की मां है तो एम्स चौकी में तैनात सिपाही को संदेह हुआ और उसने उसे वहां से नहीं जाने दिया।टिप्पणियां
अधिकारी ने कहा कि लड़की ने पुलिस को बताया कि जब उसने बच्ची को दौड़ने से रोकने की कोशिश की तो उसके शरीर पर जख्म आ गये। बच्ची के स्नानघर में गिर जाने से उसकी हड्डियां टूट गईं।
शर्मा ने कहा कि वह बच्चे की फोटो को जिपनेट में डलवा देंगी ताकि पता चल सके कि उसका अपहरण तो नहीं हुआ था। जिपनेट पांच उत्तरी राज्यों की पुलिस का नेटवर्क है। इससे अभिभावकों को पुलिस तक पहुंचने में मदद मिलेगी।
अधिकारी ने कहा कि लड़की ने पुलिस को बताया कि जब उसने बच्ची को दौड़ने से रोकने की कोशिश की तो उसके शरीर पर जख्म आ गये। बच्ची के स्नानघर में गिर जाने से उसकी हड्डियां टूट गईं।
शर्मा ने कहा कि वह बच्चे की फोटो को जिपनेट में डलवा देंगी ताकि पता चल सके कि उसका अपहरण तो नहीं हुआ था। जिपनेट पांच उत्तरी राज्यों की पुलिस का नेटवर्क है। इससे अभिभावकों को पुलिस तक पहुंचने में मदद मिलेगी।
शर्मा ने कहा कि वह बच्चे की फोटो को जिपनेट में डलवा देंगी ताकि पता चल सके कि उसका अपहरण तो नहीं हुआ था। जिपनेट पांच उत्तरी राज्यों की पुलिस का नेटवर्क है। इससे अभिभावकों को पुलिस तक पहुंचने में मदद मिलेगी। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: दो वर्षीय एक बच्ची को एम्स में भर्ती कराया गया है जिसके सिर में गंभीर चोटें हैं, उसे दो बार दिल का दौरा पड़ चुका है और उसके हाथ टूटे हुए हैं। उसका इलाज कर रहे चिकित्सकों का कहना है कि उसके बचने की पचास प्रतिशत संभावना है। | 3 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: फिल्म 'कहानी' में दमदार अभिनय करने वाली अभिनेत्री विद्या बालन और निर्देशक सुजॉय घोष में खूब बनती हैं और दोनों अच्छे दोस्त हैं. अभिनेत्री ने कहा कि दोनों एक-दूसरे से लड़ना पसंद करते हैं. 'कहानी-2 : दुर्गा रानी सिंह' के ट्रेलर लॉन्च के मौके पर 'इश्क़िया' की अभिनेत्री ने कहा कि वह सच में सुजॉय की दूसरी फिल्म में काम करने के लिए तैयार हो गई थीं लेकिन स्वास्थ्य कारणों से उन्हें विराम लेना पड़ा. विद्या के मुताबिक 'सुजॉय और मुझे एक-दूसरे से लड़ना पसंद है इसलिए या तो हम सच में झगड़ते हैं या फिर हम सच में फिल्म बनाने में कड़ी मेहनत करते हैं. इस दौरान, हम एक-दूसरे से बात नहीं करते हैं.' उन्होंने बताया कि जब दोनों ने बात करना शुरू किया तो लगातार दो फिल्मों 'तीन' और 'कहानी-2' में काम किया.
विद्या (38) ने अधिकांश महिला केंद्रित फिल्मों में काम किया है. उनकी फिल्मों में कई कलाकार नहीं होने के सवाल पर कहा कि ऐसा शायद इसलिए होता है क्योंकि उन्हें अवसर नहीं मिला और वह अपने पैरों पर खुद खड़ा होना पसंद करती हैं. उन्होंने कहा 'मैं सफल होने के लिए किसी के कंधे का सहारा लेकर खड़ी नहीं होती. कृपया मेरे कहने का गलत मतलब नहीं निकाले. मैं अपने बलबूते खड़े होने पर गर्व महसूस करती हूं.' सुजॉय घोष निर्देशित 'कहानी-2 : दुर्गा रानी सिंह' में अभिनेता अर्जुन रामपाल भी हैं. फिल्म दो दिसंबर को रिलीज होने के लिए तैयार है.
विद्या (38) ने अधिकांश महिला केंद्रित फिल्मों में काम किया है. उनकी फिल्मों में कई कलाकार नहीं होने के सवाल पर कहा कि ऐसा शायद इसलिए होता है क्योंकि उन्हें अवसर नहीं मिला और वह अपने पैरों पर खुद खड़ा होना पसंद करती हैं. उन्होंने कहा 'मैं सफल होने के लिए किसी के कंधे का सहारा लेकर खड़ी नहीं होती. कृपया मेरे कहने का गलत मतलब नहीं निकाले. मैं अपने बलबूते खड़े होने पर गर्व महसूस करती हूं.' सुजॉय घोष निर्देशित 'कहानी-2 : दुर्गा रानी सिंह' में अभिनेता अर्जुन रामपाल भी हैं. फिल्म दो दिसंबर को रिलीज होने के लिए तैयार है. | संक्षिप्त पाठ: विद्या बालन की आने वाली फिल्म 'कहानी 2' है
उन्होंने कहा कि वह निर्देशक सुजॉय घोष की अच्छी मित्र हैं
नायिका प्रधान फिल्मों में काम करने को लेकर भी विद्या ने दिया जवाब | 14 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: साइमन कैटिच ने क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की अनुबंध सूची से खुद को हटाये जाने के लिए माइकल क्लार्क को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि उनकी कप्तानी के दौरान वह कभी ऑस्ट्रेलियाई टीम की ओर से नहीं खेल सकते। कैटिच ने इससे पहले इनकार किया था कि क्लार्क और उनके बीच ड्रेसिंग रूम में हुई बहस के कारण केंद्रीय अनुबंध से उनका नाम हटाया गया है, लेकिन आज उन्होंने अपने बयान से पलटते हुए कहा कि इस घटना ने अहम भूमिका निभाई। कैटिच ने पत्रकारों से कहा, मुझे लगता है कि आपको यह समझने के लिए आइंस्टीन बनना होगा कि मुझे बाहर करने में सिर्फ चयनकर्ताओं का ही हाथ नहीं था। उन्होंने कहा, मेरा मतलब है कि सच कहूं तो निश्चित रूप से कुछ साल पहले ड्रेसिंग रूम में जो हुआ था, यह उसी से हुआ है। निश्चित रूप से कप्तान और कोच ही चकनकर्ता हैं। कैटिच और क्लार्क का जनवरी, 2009 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सिडनी टेस्ट में झगड़ा हो गया था, जिसमें रिपोर्टों के मुताबिक कैटिच ने बहस के बाद ड्रेसिंग रूम में क्लार्क की गर्दन पकड़ ली थी। यह बहस सिर्फ इस बात को लेकर हुई थी कि टीम का गाना कब गाया जाए। | यहाँ एक सारांश है:साइमन कैटिच ने क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की अनुबंध सूची से खुद को हटाए जाने के लिए माइकल क्लार्क को जिम्मेदार ठहराया है। | 17 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: पिछले साल शर्मनाक प्रदर्शन करने वाली भारतीय टेस्ट टीम का कोई भी सदस्य इस साल आईसीसी की टेस्ट टीम में शामिल नहीं किया गया है, जबकि दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड के खिलाड़ियों का दबदबा टीम में साफ दिखाई दे रहा है।
दरअसल, भारतीय टीम को इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया ने लगातार आठ टेस्ट मैचों में हराया, जिससे आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में भी भारत का शीर्ष स्थान छिन गया था।
गुरुवार को आईसीसी सालाना पुरस्कारों के साथ-साथ टेस्ट टीम का भी ऐलान किया गया, जिसमें दक्षिण अफ्रीका के पांच और इंग्लैंड के तीन खिलाड़ी शामिल हैं। टीम का चयन 4 अगस्त, 2011 से 6 अगस्त, 2012 के बीच टीमों और खिलाड़ियों के प्रदर्शन के आधार पर वेस्ट इंडीज के महान बल्लेबाज क्लाइव लॉयड की अगुवाई वाले पैनल ने किया।टिप्पणियां
टीम की कप्तानी और विकेटकीपिंग का दारोमदार क्रमशः ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी माइकल क्लार्क और इंग्लैंड के मैट प्रायर को सौंपा गया है। दक्षिण अफ्रीका के डेल स्टेन लगातार पांचवें साल इस टीम का हिस्सा बने हैं, जबकि दक्षिण अफ्रीका के हाशिम अमला व जैक कैलिस तथा श्रीलंका के कुमार संगकारा लगातार तीसरी बार, और इंग्लैंड के एलेस्टेयर कुक व स्टुअर्ट ब्रॉड लगातार दूसरी बार टीम में शामिल किए गए हैं।
चुनी गई टीम इस प्रकार है (बल्लेबाजी क्रम से) :
एलेस्टेयर कुक (इंग्लैंड),
हाशिम अमला (दक्षिण अफ्रीका),
कुमार संगकारा (श्रीलंका),
जैक कैलिस (दक्षिण अफ्रीका),
माइकल क्लार्क (ऑस्ट्रेलिया),
शिवनारायण चंद्रपाल (वेस्ट इंडीज),
मैट प्रायर (इंग्लैंड),
स्टुअर्ट ब्रॉड (इंग्लैंड),
सईद अजमल (पाकिस्तान),
वेर्नोन फिलांडर (दक्षिण अफ्रीका),
डेल स्टेन (दक्षिण अफ्रीका),
12वां खिलाड़ी एबी डिविलियर्स (दक्षिण अफ्रीका)।
दरअसल, भारतीय टीम को इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया ने लगातार आठ टेस्ट मैचों में हराया, जिससे आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में भी भारत का शीर्ष स्थान छिन गया था।
गुरुवार को आईसीसी सालाना पुरस्कारों के साथ-साथ टेस्ट टीम का भी ऐलान किया गया, जिसमें दक्षिण अफ्रीका के पांच और इंग्लैंड के तीन खिलाड़ी शामिल हैं। टीम का चयन 4 अगस्त, 2011 से 6 अगस्त, 2012 के बीच टीमों और खिलाड़ियों के प्रदर्शन के आधार पर वेस्ट इंडीज के महान बल्लेबाज क्लाइव लॉयड की अगुवाई वाले पैनल ने किया।टिप्पणियां
टीम की कप्तानी और विकेटकीपिंग का दारोमदार क्रमशः ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी माइकल क्लार्क और इंग्लैंड के मैट प्रायर को सौंपा गया है। दक्षिण अफ्रीका के डेल स्टेन लगातार पांचवें साल इस टीम का हिस्सा बने हैं, जबकि दक्षिण अफ्रीका के हाशिम अमला व जैक कैलिस तथा श्रीलंका के कुमार संगकारा लगातार तीसरी बार, और इंग्लैंड के एलेस्टेयर कुक व स्टुअर्ट ब्रॉड लगातार दूसरी बार टीम में शामिल किए गए हैं।
चुनी गई टीम इस प्रकार है (बल्लेबाजी क्रम से) :
एलेस्टेयर कुक (इंग्लैंड),
हाशिम अमला (दक्षिण अफ्रीका),
कुमार संगकारा (श्रीलंका),
जैक कैलिस (दक्षिण अफ्रीका),
माइकल क्लार्क (ऑस्ट्रेलिया),
शिवनारायण चंद्रपाल (वेस्ट इंडीज),
मैट प्रायर (इंग्लैंड),
स्टुअर्ट ब्रॉड (इंग्लैंड),
सईद अजमल (पाकिस्तान),
वेर्नोन फिलांडर (दक्षिण अफ्रीका),
डेल स्टेन (दक्षिण अफ्रीका),
12वां खिलाड़ी एबी डिविलियर्स (दक्षिण अफ्रीका)।
गुरुवार को आईसीसी सालाना पुरस्कारों के साथ-साथ टेस्ट टीम का भी ऐलान किया गया, जिसमें दक्षिण अफ्रीका के पांच और इंग्लैंड के तीन खिलाड़ी शामिल हैं। टीम का चयन 4 अगस्त, 2011 से 6 अगस्त, 2012 के बीच टीमों और खिलाड़ियों के प्रदर्शन के आधार पर वेस्ट इंडीज के महान बल्लेबाज क्लाइव लॉयड की अगुवाई वाले पैनल ने किया।टिप्पणियां
टीम की कप्तानी और विकेटकीपिंग का दारोमदार क्रमशः ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी माइकल क्लार्क और इंग्लैंड के मैट प्रायर को सौंपा गया है। दक्षिण अफ्रीका के डेल स्टेन लगातार पांचवें साल इस टीम का हिस्सा बने हैं, जबकि दक्षिण अफ्रीका के हाशिम अमला व जैक कैलिस तथा श्रीलंका के कुमार संगकारा लगातार तीसरी बार, और इंग्लैंड के एलेस्टेयर कुक व स्टुअर्ट ब्रॉड लगातार दूसरी बार टीम में शामिल किए गए हैं।
चुनी गई टीम इस प्रकार है (बल्लेबाजी क्रम से) :
एलेस्टेयर कुक (इंग्लैंड),
हाशिम अमला (दक्षिण अफ्रीका),
कुमार संगकारा (श्रीलंका),
जैक कैलिस (दक्षिण अफ्रीका),
माइकल क्लार्क (ऑस्ट्रेलिया),
शिवनारायण चंद्रपाल (वेस्ट इंडीज),
मैट प्रायर (इंग्लैंड),
स्टुअर्ट ब्रॉड (इंग्लैंड),
सईद अजमल (पाकिस्तान),
वेर्नोन फिलांडर (दक्षिण अफ्रीका),
डेल स्टेन (दक्षिण अफ्रीका),
12वां खिलाड़ी एबी डिविलियर्स (दक्षिण अफ्रीका)।
टीम की कप्तानी और विकेटकीपिंग का दारोमदार क्रमशः ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी माइकल क्लार्क और इंग्लैंड के मैट प्रायर को सौंपा गया है। दक्षिण अफ्रीका के डेल स्टेन लगातार पांचवें साल इस टीम का हिस्सा बने हैं, जबकि दक्षिण अफ्रीका के हाशिम अमला व जैक कैलिस तथा श्रीलंका के कुमार संगकारा लगातार तीसरी बार, और इंग्लैंड के एलेस्टेयर कुक व स्टुअर्ट ब्रॉड लगातार दूसरी बार टीम में शामिल किए गए हैं।
चुनी गई टीम इस प्रकार है (बल्लेबाजी क्रम से) :
एलेस्टेयर कुक (इंग्लैंड),
हाशिम अमला (दक्षिण अफ्रीका),
कुमार संगकारा (श्रीलंका),
जैक कैलिस (दक्षिण अफ्रीका),
माइकल क्लार्क (ऑस्ट्रेलिया),
शिवनारायण चंद्रपाल (वेस्ट इंडीज),
मैट प्रायर (इंग्लैंड),
स्टुअर्ट ब्रॉड (इंग्लैंड),
सईद अजमल (पाकिस्तान),
वेर्नोन फिलांडर (दक्षिण अफ्रीका),
डेल स्टेन (दक्षिण अफ्रीका),
12वां खिलाड़ी एबी डिविलियर्स (दक्षिण अफ्रीका)।
चुनी गई टीम इस प्रकार है (बल्लेबाजी क्रम से) :
एलेस्टेयर कुक (इंग्लैंड),
हाशिम अमला (दक्षिण अफ्रीका),
कुमार संगकारा (श्रीलंका),
जैक कैलिस (दक्षिण अफ्रीका),
माइकल क्लार्क (ऑस्ट्रेलिया),
शिवनारायण चंद्रपाल (वेस्ट इंडीज),
मैट प्रायर (इंग्लैंड),
स्टुअर्ट ब्रॉड (इंग्लैंड),
सईद अजमल (पाकिस्तान),
वेर्नोन फिलांडर (दक्षिण अफ्रीका),
डेल स्टेन (दक्षिण अफ्रीका),
12वां खिलाड़ी एबी डिविलियर्स (दक्षिण अफ्रीका)। | यहाँ एक सारांश है:पिछले पूरे साल शर्मनाक प्रदर्शन करने वाली टीम इंडिया का कोई सदस्य ICC टेस्ट टीम में शामिल नहीं किया गया, जबकि दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड के खिलाड़ियों का दबदबा बना रहा। | 15 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर से पत्र लिखने पर छात्रा की मदद की है. कर्नाटक के मांड्या की मुस्लिम छात्रा सारा को एमबीए की पढ़ाई के लिए एजुकेशन लोन चाहिए था. बैंक वाले लोन नहीं दे रहे थे तो उसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मदद मांगी. पीएमओ के आदेश पर छात्रा को बैंक ने 1.5 लाख रुपए का लोन स्वीकृत कर दिया. हालांकि सारा का एजुकेशन लोन दूसरे बैंक से मिला है. बताया जा रहा है कि सारा ने पहले का एजुकेशन लोन चुकता नहीं किया था, इसलिए बैंक ने उसे दोबारा लोन देने से मना कर दिया था. टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक मांड्या में रहने वाले अब्दुल इलियास की बेटी सारा ऊंची शिक्षा हासिल करना चाहती थी. पिता के पास पर्याप्त पैसे नहीं थे तो सारा ने बैंक में एजुकेशन लोन के लिए आवेदन किया. बैंक ने लोन देने से मना कर दिया, शर्त रखी की पहले पुराना लोन चुकाओ फिर नया लोन मिलेगा. इसके बाद छात्रा सारा ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर लोन दिलाने में मदद करने की मांग की. सारा ने पीएम मोदी को लिखे पत्र में 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' योजना का जिक्र किया.
छात्रा के पत्र पर प्रधानमंत्री मोदी के कार्यालय ने तत्काल एक्शन लेते हुए कर्नाटक के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर सारा को लोन दिलाने में मदद करने का आदेश दिया. टिप्पणियां
इसके बाद सारा को विजया बैंक से एजुकेशन लोन मिल गया. विजया बैंक के मैनेजर क्षेमा कुमार का कहना है कि सारा के पिता का बैकग्राउंड और देखकर लोन स्वीकृत किया गया है.
सारा के पिता ने बताया कि उनकी बेटी ने बी. कॉम. में 83 प्रतिशत नंबर हासिल किए थे। उन्होंने बताया कि उनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है और पिछले आठ महीने से उन्हें सैलरी नहीं मिली है। सारा ने कहा कि इतनी बड़ी आबादी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उसके एक खत पर मदद करेंगे, उसे इसका जरा भी अंदाजा नहीं था. छात्रा सारा और उसके पिता ने पीएम मोदी को शुक्रिया कहा है.
टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक मांड्या में रहने वाले अब्दुल इलियास की बेटी सारा ऊंची शिक्षा हासिल करना चाहती थी. पिता के पास पर्याप्त पैसे नहीं थे तो सारा ने बैंक में एजुकेशन लोन के लिए आवेदन किया. बैंक ने लोन देने से मना कर दिया, शर्त रखी की पहले पुराना लोन चुकाओ फिर नया लोन मिलेगा. इसके बाद छात्रा सारा ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर लोन दिलाने में मदद करने की मांग की. सारा ने पीएम मोदी को लिखे पत्र में 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' योजना का जिक्र किया.
छात्रा के पत्र पर प्रधानमंत्री मोदी के कार्यालय ने तत्काल एक्शन लेते हुए कर्नाटक के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर सारा को लोन दिलाने में मदद करने का आदेश दिया. टिप्पणियां
इसके बाद सारा को विजया बैंक से एजुकेशन लोन मिल गया. विजया बैंक के मैनेजर क्षेमा कुमार का कहना है कि सारा के पिता का बैकग्राउंड और देखकर लोन स्वीकृत किया गया है.
सारा के पिता ने बताया कि उनकी बेटी ने बी. कॉम. में 83 प्रतिशत नंबर हासिल किए थे। उन्होंने बताया कि उनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है और पिछले आठ महीने से उन्हें सैलरी नहीं मिली है। सारा ने कहा कि इतनी बड़ी आबादी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उसके एक खत पर मदद करेंगे, उसे इसका जरा भी अंदाजा नहीं था. छात्रा सारा और उसके पिता ने पीएम मोदी को शुक्रिया कहा है.
छात्रा के पत्र पर प्रधानमंत्री मोदी के कार्यालय ने तत्काल एक्शन लेते हुए कर्नाटक के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर सारा को लोन दिलाने में मदद करने का आदेश दिया. टिप्पणियां
इसके बाद सारा को विजया बैंक से एजुकेशन लोन मिल गया. विजया बैंक के मैनेजर क्षेमा कुमार का कहना है कि सारा के पिता का बैकग्राउंड और देखकर लोन स्वीकृत किया गया है.
सारा के पिता ने बताया कि उनकी बेटी ने बी. कॉम. में 83 प्रतिशत नंबर हासिल किए थे। उन्होंने बताया कि उनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है और पिछले आठ महीने से उन्हें सैलरी नहीं मिली है। सारा ने कहा कि इतनी बड़ी आबादी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उसके एक खत पर मदद करेंगे, उसे इसका जरा भी अंदाजा नहीं था. छात्रा सारा और उसके पिता ने पीएम मोदी को शुक्रिया कहा है.
इसके बाद सारा को विजया बैंक से एजुकेशन लोन मिल गया. विजया बैंक के मैनेजर क्षेमा कुमार का कहना है कि सारा के पिता का बैकग्राउंड और देखकर लोन स्वीकृत किया गया है.
सारा के पिता ने बताया कि उनकी बेटी ने बी. कॉम. में 83 प्रतिशत नंबर हासिल किए थे। उन्होंने बताया कि उनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है और पिछले आठ महीने से उन्हें सैलरी नहीं मिली है। सारा ने कहा कि इतनी बड़ी आबादी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उसके एक खत पर मदद करेंगे, उसे इसका जरा भी अंदाजा नहीं था. छात्रा सारा और उसके पिता ने पीएम मोदी को शुक्रिया कहा है.
सारा के पिता ने बताया कि उनकी बेटी ने बी. कॉम. में 83 प्रतिशत नंबर हासिल किए थे। उन्होंने बताया कि उनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है और पिछले आठ महीने से उन्हें सैलरी नहीं मिली है। सारा ने कहा कि इतनी बड़ी आबादी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उसके एक खत पर मदद करेंगे, उसे इसका जरा भी अंदाजा नहीं था. छात्रा सारा और उसके पिता ने पीएम मोदी को शुक्रिया कहा है. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: एजुकेशन लोन के लिए मुस्लिम छात्रा ने पीएम मोदी को लिखा पत्र
पीएमओ ने लोन दिलाने के लिए कर्नाटक के मुख्य सचिव को लिखा पत्र
विजया बैंक से मुस्लिम छात्रा को मिला एजुकेशन लोन | 32 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: फोर्ड की कार लेने की सोच रहे हैं तो यह आपके लिए एकदम मुफीद समय है. कार बनाने वाली प्रमुख कंपनी फोर्ड इंडिया ने माल एवं सेवाकर (जीएसटी) को लागू किए जाने से होने वाले लाभ का हस्तांतरण ग्राहकों तक करने के लिए अपनी एसयूवी इकोस्पोर्ट, सेडान एस्पायर और हैचबैक फिगो पर 30,000 रुपये तक छूट की पेशकश की है. जीएसटी को एक जुलाई से लागू किया जाना है.
कंपनी इकोस्पोर्ट पर 20,000 से 30,000 रुपये तक छूट दे रही है. अब दिल्ली के शोरूम में इसकी कीमत 7.18 लाख रुपये से 10.76 लाख रुपये के बीच है. इसी तरह फिगो और एस्पायर पर कंपनी ने उनके वैरिएंट के हिसाब से 10,000 से 25,000 रुपये तक छूट की पेशकश की है.
इस प्रकार दिल्ली के शोरूम में फिगो की कीमत 4.75 लाख से 7.73 लाख रुपये के बीच और एस्पायर की कीमत 5.44 लाख से 8.28 लाख रुपये के बीच है. फोर्ड इंडिया के बिक्री उपाध्यक्ष विनय रैना ने कहा कि जीएसटी के वास्तविक तौर पर लागू होने से पहले अपने ग्राहकों को अनुमानित लाभ हस्तांतरण करने पर हमें खुशी हो रही है.टिप्पणियां
पिछले हफ्ते जर्मनी की लग्जरी कंपनी ऑडी ने भी अपनी कीमतों में 10 लाख रुपये तक की कटौती की थी. इसके अलावा बीएमडब्ल्यू और मर्सिडीज बेंज ने भी अपनी कीमतों में कटौती की घोषणा की है.
(न्यूज एजेंसी भाषा की रिपोर्ट पर अाधारित)
कंपनी इकोस्पोर्ट पर 20,000 से 30,000 रुपये तक छूट दे रही है. अब दिल्ली के शोरूम में इसकी कीमत 7.18 लाख रुपये से 10.76 लाख रुपये के बीच है. इसी तरह फिगो और एस्पायर पर कंपनी ने उनके वैरिएंट के हिसाब से 10,000 से 25,000 रुपये तक छूट की पेशकश की है.
इस प्रकार दिल्ली के शोरूम में फिगो की कीमत 4.75 लाख से 7.73 लाख रुपये के बीच और एस्पायर की कीमत 5.44 लाख से 8.28 लाख रुपये के बीच है. फोर्ड इंडिया के बिक्री उपाध्यक्ष विनय रैना ने कहा कि जीएसटी के वास्तविक तौर पर लागू होने से पहले अपने ग्राहकों को अनुमानित लाभ हस्तांतरण करने पर हमें खुशी हो रही है.टिप्पणियां
पिछले हफ्ते जर्मनी की लग्जरी कंपनी ऑडी ने भी अपनी कीमतों में 10 लाख रुपये तक की कटौती की थी. इसके अलावा बीएमडब्ल्यू और मर्सिडीज बेंज ने भी अपनी कीमतों में कटौती की घोषणा की है.
(न्यूज एजेंसी भाषा की रिपोर्ट पर अाधारित)
इस प्रकार दिल्ली के शोरूम में फिगो की कीमत 4.75 लाख से 7.73 लाख रुपये के बीच और एस्पायर की कीमत 5.44 लाख से 8.28 लाख रुपये के बीच है. फोर्ड इंडिया के बिक्री उपाध्यक्ष विनय रैना ने कहा कि जीएसटी के वास्तविक तौर पर लागू होने से पहले अपने ग्राहकों को अनुमानित लाभ हस्तांतरण करने पर हमें खुशी हो रही है.टिप्पणियां
पिछले हफ्ते जर्मनी की लग्जरी कंपनी ऑडी ने भी अपनी कीमतों में 10 लाख रुपये तक की कटौती की थी. इसके अलावा बीएमडब्ल्यू और मर्सिडीज बेंज ने भी अपनी कीमतों में कटौती की घोषणा की है.
(न्यूज एजेंसी भाषा की रिपोर्ट पर अाधारित)
पिछले हफ्ते जर्मनी की लग्जरी कंपनी ऑडी ने भी अपनी कीमतों में 10 लाख रुपये तक की कटौती की थी. इसके अलावा बीएमडब्ल्यू और मर्सिडीज बेंज ने भी अपनी कीमतों में कटौती की घोषणा की है.
(न्यूज एजेंसी भाषा की रिपोर्ट पर अाधारित)
(न्यूज एजेंसी भाषा की रिपोर्ट पर अाधारित) | एसयूवी इकोस्पोर्ट, सेडान एस्पायर और हैचबैक फिगो पर 30,000 रुपये तक छूट
जीएसटी लागू किए जाने से होने वाले लाभ का हस्तांतरण लोगों तक करने की मंशा
पिछले हफ्ते ऑडी ने भी अपनी कीमतों में 10 लाख रुपये तक की कटौती की थी | 28 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बेंगलुरू की एक अदालत ने कथित भूमि एवं उत्खनन घोटालों के सिलसिले में पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बीएस येदियुरप्पा और पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ जनता दल (एस) नेता एचडी कुमारस्वामी को समन जारी किए जो कर्नाटक के इतिहास में पहली ऐसी घटना है। अवैध खनन पर कर्नाटक के लोकायुक्त की रिपोर्ट में आरोपित होने के बाद पिछले ही हफ्ते मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के लिए बाध्य हुए येदियुरप्पा के लिए उस समय नई परेशानी पैदा हो गई जब लोकायुक्त की विशेष अदालत ने अपने परिवार के सदस्यों के लिए कथित तौर पर कुछ भूखंडों को गैर अधिसूचित करने के मामले में उनके और 14 अन्य के खिलाफ 27 अगस्त को अदालत में हाजिर होने का समन जारी किया। अदालत का यह आदेश वकील सिराजिन बाशा की निजी शिकायत पर आया। न्यायाधीश सुधीन्द्र राव ने येदियुरप्पा और अन्य को 27 अगस्त को अदालत में पेश होने का निर्देश दिया। अपनी शिकायत में बाशा ने आरोप लगाया कि येदियुरप्पा बेंगलूर विकास प्राधिकरण (बीडीए) की ओर से अधिग्रहित भूमि के गैर-अधिसूचिकरण में अनियमितता में संलिप्त रहे। | सारांश: न्यायाधीश सुधीन्द्र राव ने येदियुरप्पा और अन्य को 27 अगस्त को अदालत में पेश होने का निर्देश दिया है। | 31 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: आम आदमी पार्टी की ट्रेड विंग ने दिल्ली की आप सरकार के एक फैसले के खिलाफ बिगुल बजा दिया है. आम आदमी पार्टी की दिल्ली की ट्रेड विंग ने दिल्ली सरकार के न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने के फैसले के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. उसने साफ शब्दों में कह दिया है कि अगर सरकार अपने इस फैसले पर आगे बढ़ी तो पार्टी की ट्रेड विंग ही इसका विरोध करेगी.
आम आदमी पार्टी की दिल्ली की ट्रेड विंग के संयोजक बृजेश गोयल ने बताया कि "दिल्ली में पहले ही न्यूनतम मजदूरी दूसरे राज्यों की तुलना में 30-40% ज्यादा है ऐसे में 50% की और वृद्धि से दिल्ली में न्यूनतम मजदूरी दूसरे राज्यों की तुलना में दोगुनी हो जाएगी. इससे सारा उद्योग-व्यापार दूसरे राज्यों में जाने को मजबूर हो जाएगा. इसलिए हमने आज डिप्टी सीएम सीएम मनीष सिसोदिया और श्रम मंत्री गोपाल राय को बता दिया है कि अगर सरकार ने न्यूनतम मजदूरी बढ़ाई तो हम अपनी ही सरकार के खिलाफ आंदोलन करेंगे."टिप्पणियां
बुधवार को दिल्ली सरकार की कैबिनेट सीएम अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने के सरकार के फैसले पर औपचारिक मुहर लगा सकती है. दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी की ट्रेड विंग ने भी बुधवार को सुबह 11 बजे दिल्ली की इंडस्ट्रियल और ट्रेड यूनियन की बैठक बुलाई है जिसमें आगे की रणनीति पर फैसला लिया जाएगा.
गौरतलब है कि मंगलवार को ही सीएम केजरीवाल ने अपने स्वतंत्रता दिवस के भाषण में दिल्ली में न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने का ऐलान किया था. इसके तहत न्यूनतम मजदूरी अकुशल कामगार की 9568 से बढ़ाकर 14052, अर्ध-कुशल कामगार की 10582 से बढ़ाकर 15571 और कुशल कामगार की 11622 से बढ़ाकर 17033 रुपये प्रति माह करने प्रस्ताव है.
आम आदमी पार्टी की दिल्ली की ट्रेड विंग के संयोजक बृजेश गोयल ने बताया कि "दिल्ली में पहले ही न्यूनतम मजदूरी दूसरे राज्यों की तुलना में 30-40% ज्यादा है ऐसे में 50% की और वृद्धि से दिल्ली में न्यूनतम मजदूरी दूसरे राज्यों की तुलना में दोगुनी हो जाएगी. इससे सारा उद्योग-व्यापार दूसरे राज्यों में जाने को मजबूर हो जाएगा. इसलिए हमने आज डिप्टी सीएम सीएम मनीष सिसोदिया और श्रम मंत्री गोपाल राय को बता दिया है कि अगर सरकार ने न्यूनतम मजदूरी बढ़ाई तो हम अपनी ही सरकार के खिलाफ आंदोलन करेंगे."टिप्पणियां
बुधवार को दिल्ली सरकार की कैबिनेट सीएम अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने के सरकार के फैसले पर औपचारिक मुहर लगा सकती है. दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी की ट्रेड विंग ने भी बुधवार को सुबह 11 बजे दिल्ली की इंडस्ट्रियल और ट्रेड यूनियन की बैठक बुलाई है जिसमें आगे की रणनीति पर फैसला लिया जाएगा.
गौरतलब है कि मंगलवार को ही सीएम केजरीवाल ने अपने स्वतंत्रता दिवस के भाषण में दिल्ली में न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने का ऐलान किया था. इसके तहत न्यूनतम मजदूरी अकुशल कामगार की 9568 से बढ़ाकर 14052, अर्ध-कुशल कामगार की 10582 से बढ़ाकर 15571 और कुशल कामगार की 11622 से बढ़ाकर 17033 रुपये प्रति माह करने प्रस्ताव है.
बुधवार को दिल्ली सरकार की कैबिनेट सीएम अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने के सरकार के फैसले पर औपचारिक मुहर लगा सकती है. दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी की ट्रेड विंग ने भी बुधवार को सुबह 11 बजे दिल्ली की इंडस्ट्रियल और ट्रेड यूनियन की बैठक बुलाई है जिसमें आगे की रणनीति पर फैसला लिया जाएगा.
गौरतलब है कि मंगलवार को ही सीएम केजरीवाल ने अपने स्वतंत्रता दिवस के भाषण में दिल्ली में न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने का ऐलान किया था. इसके तहत न्यूनतम मजदूरी अकुशल कामगार की 9568 से बढ़ाकर 14052, अर्ध-कुशल कामगार की 10582 से बढ़ाकर 15571 और कुशल कामगार की 11622 से बढ़ाकर 17033 रुपये प्रति माह करने प्रस्ताव है.
गौरतलब है कि मंगलवार को ही सीएम केजरीवाल ने अपने स्वतंत्रता दिवस के भाषण में दिल्ली में न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने का ऐलान किया था. इसके तहत न्यूनतम मजदूरी अकुशल कामगार की 9568 से बढ़ाकर 14052, अर्ध-कुशल कामगार की 10582 से बढ़ाकर 15571 और कुशल कामगार की 11622 से बढ़ाकर 17033 रुपये प्रति माह करने प्रस्ताव है. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: आप की ट्रेड विंग ने किया न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने का विरोध
कहा, उद्योग-व्यापार दूसरे राज्यों में जाने को मजबूर होंगे
अपनी ही सरकार के खिलाफ आंदोलन करने की चेतावनी | 19 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: मुंबई टेस्ट जीतकर शृंखला 1-1 से बराबर कराने के बाद आत्मविश्वास से भरे इंग्लैंड के मध्यक्रम के बल्लेबाज जॉनी बेयरस्टॉ ने कहा कि उनकी टीम 5 दिसंबर से होने वाले तीसरे टेस्ट मैच में लय बरकरार रखने और सकारात्मक परिणाम हासिल करने के लिए उतरेगी।
बेयरस्टॉ ने अपनी टीम के ईडन गार्डन्स पर पहले अभ्यास सत्र के बाद कहा, निश्चित तौर पर अभी टीम का मनोबल काफी बढ़ा हुआ है। बल्लेबाजी इकाई के रूप में हमारे लिए यह अच्छा समय है। गेंदबाज भी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। हमारे लिए माहौल खुशनुमा है और इससे तीसरे टेस्ट मैच से पहले हमारा आत्मविश्वास बढ़ा है।
उन्होंने कहा, मुंबई टेस्ट मैच के बाद हमने बहुत अच्छा समय बिताया। अब हमारी निगाहें तीसरे टेस्ट मैच पर टिकी है। उम्मीद है कि हम अच्छा परिणाम हासिल करेंगे। इस 23-वर्षीय बल्लेबाज ने कहा कि वे अगले दो टेस्ट मैच (कोलकाता और नागपुर) में सकारात्मक रवैया अपनाएंगे तथा टीम में भी कोई बदलाव नहीं होगा।
बेयरस्टॉ ने कहा, हम निश्चित तौर पर पहले दो टेस्ट मैचों की तरह ही रवैया अपनाएंगे। हमने जिस तरह से पहले दो टेस्ट मैचों के लिये तैयारियां की थीं, वैसी ही अब भी कर रहे हैं। उन्होंने कहा, वानखेड़े में जीत से निश्चित तौर पर हमारा आत्मविश्वास बढ़ा है। उम्मीद है कि अगले दो मैचों में भी हमें सकारात्मक परिणाम मिलेगा। टिप्पणियां
केविन पीटरसन और कप्तान एलिस्टेयर कुक के शानदार फॉर्म के बारे में बेयरस्टॉ ने कहा कि उनका प्रदर्शन अन्य खिलाड़ियों को भी अच्छा करने के लिए प्रेरित करेगा। उन्होंने कहा, उन दोनों ने बेजोड़ खेल दिखाया। कुक ने दोनों टेस्ट मैचों में बेहतरीन पारियां खेली। केविन उसी तरह से खेलता है जैसे कि वह मुंबई में खेला। इन दोनों पारियों को देखना रोमांचक रहा। मुझे पूरी उम्मीद है कि बाकी खिलाड़ी इससे प्रेरणा लेकर अपने खेल में सुधार करेंगे। हमारी बल्लेबाजी में सुधार हुआ है।
बेयरस्टॉ ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मैच में 95 और 54 रन की पारियां खेली थी, लेकिन उसके बाद उन्हें बाहर कर दिया गया। उन्होंने कहा, हां यह निराशाजनक था, लेकिन टीम के संतुलन को देखते हुए फैसले किए गए थे। मैं नेट्स पर कड़ी मेहनत कर रहा था और मुझे वानखेड़े में दूसरे टेस्ट मैच में मौका मिला। यह मेरे हाथ में नहीं है। मैं इन फैसलों के बारे में कुछ नहीं कह सकता। निश्चित तौर पर चयन होने से मैं खुश था।
बेयरस्टॉ ने अपनी टीम के ईडन गार्डन्स पर पहले अभ्यास सत्र के बाद कहा, निश्चित तौर पर अभी टीम का मनोबल काफी बढ़ा हुआ है। बल्लेबाजी इकाई के रूप में हमारे लिए यह अच्छा समय है। गेंदबाज भी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। हमारे लिए माहौल खुशनुमा है और इससे तीसरे टेस्ट मैच से पहले हमारा आत्मविश्वास बढ़ा है।
उन्होंने कहा, मुंबई टेस्ट मैच के बाद हमने बहुत अच्छा समय बिताया। अब हमारी निगाहें तीसरे टेस्ट मैच पर टिकी है। उम्मीद है कि हम अच्छा परिणाम हासिल करेंगे। इस 23-वर्षीय बल्लेबाज ने कहा कि वे अगले दो टेस्ट मैच (कोलकाता और नागपुर) में सकारात्मक रवैया अपनाएंगे तथा टीम में भी कोई बदलाव नहीं होगा।
बेयरस्टॉ ने कहा, हम निश्चित तौर पर पहले दो टेस्ट मैचों की तरह ही रवैया अपनाएंगे। हमने जिस तरह से पहले दो टेस्ट मैचों के लिये तैयारियां की थीं, वैसी ही अब भी कर रहे हैं। उन्होंने कहा, वानखेड़े में जीत से निश्चित तौर पर हमारा आत्मविश्वास बढ़ा है। उम्मीद है कि अगले दो मैचों में भी हमें सकारात्मक परिणाम मिलेगा। टिप्पणियां
केविन पीटरसन और कप्तान एलिस्टेयर कुक के शानदार फॉर्म के बारे में बेयरस्टॉ ने कहा कि उनका प्रदर्शन अन्य खिलाड़ियों को भी अच्छा करने के लिए प्रेरित करेगा। उन्होंने कहा, उन दोनों ने बेजोड़ खेल दिखाया। कुक ने दोनों टेस्ट मैचों में बेहतरीन पारियां खेली। केविन उसी तरह से खेलता है जैसे कि वह मुंबई में खेला। इन दोनों पारियों को देखना रोमांचक रहा। मुझे पूरी उम्मीद है कि बाकी खिलाड़ी इससे प्रेरणा लेकर अपने खेल में सुधार करेंगे। हमारी बल्लेबाजी में सुधार हुआ है।
बेयरस्टॉ ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मैच में 95 और 54 रन की पारियां खेली थी, लेकिन उसके बाद उन्हें बाहर कर दिया गया। उन्होंने कहा, हां यह निराशाजनक था, लेकिन टीम के संतुलन को देखते हुए फैसले किए गए थे। मैं नेट्स पर कड़ी मेहनत कर रहा था और मुझे वानखेड़े में दूसरे टेस्ट मैच में मौका मिला। यह मेरे हाथ में नहीं है। मैं इन फैसलों के बारे में कुछ नहीं कह सकता। निश्चित तौर पर चयन होने से मैं खुश था।
उन्होंने कहा, मुंबई टेस्ट मैच के बाद हमने बहुत अच्छा समय बिताया। अब हमारी निगाहें तीसरे टेस्ट मैच पर टिकी है। उम्मीद है कि हम अच्छा परिणाम हासिल करेंगे। इस 23-वर्षीय बल्लेबाज ने कहा कि वे अगले दो टेस्ट मैच (कोलकाता और नागपुर) में सकारात्मक रवैया अपनाएंगे तथा टीम में भी कोई बदलाव नहीं होगा।
बेयरस्टॉ ने कहा, हम निश्चित तौर पर पहले दो टेस्ट मैचों की तरह ही रवैया अपनाएंगे। हमने जिस तरह से पहले दो टेस्ट मैचों के लिये तैयारियां की थीं, वैसी ही अब भी कर रहे हैं। उन्होंने कहा, वानखेड़े में जीत से निश्चित तौर पर हमारा आत्मविश्वास बढ़ा है। उम्मीद है कि अगले दो मैचों में भी हमें सकारात्मक परिणाम मिलेगा। टिप्पणियां
केविन पीटरसन और कप्तान एलिस्टेयर कुक के शानदार फॉर्म के बारे में बेयरस्टॉ ने कहा कि उनका प्रदर्शन अन्य खिलाड़ियों को भी अच्छा करने के लिए प्रेरित करेगा। उन्होंने कहा, उन दोनों ने बेजोड़ खेल दिखाया। कुक ने दोनों टेस्ट मैचों में बेहतरीन पारियां खेली। केविन उसी तरह से खेलता है जैसे कि वह मुंबई में खेला। इन दोनों पारियों को देखना रोमांचक रहा। मुझे पूरी उम्मीद है कि बाकी खिलाड़ी इससे प्रेरणा लेकर अपने खेल में सुधार करेंगे। हमारी बल्लेबाजी में सुधार हुआ है।
बेयरस्टॉ ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मैच में 95 और 54 रन की पारियां खेली थी, लेकिन उसके बाद उन्हें बाहर कर दिया गया। उन्होंने कहा, हां यह निराशाजनक था, लेकिन टीम के संतुलन को देखते हुए फैसले किए गए थे। मैं नेट्स पर कड़ी मेहनत कर रहा था और मुझे वानखेड़े में दूसरे टेस्ट मैच में मौका मिला। यह मेरे हाथ में नहीं है। मैं इन फैसलों के बारे में कुछ नहीं कह सकता। निश्चित तौर पर चयन होने से मैं खुश था।
बेयरस्टॉ ने कहा, हम निश्चित तौर पर पहले दो टेस्ट मैचों की तरह ही रवैया अपनाएंगे। हमने जिस तरह से पहले दो टेस्ट मैचों के लिये तैयारियां की थीं, वैसी ही अब भी कर रहे हैं। उन्होंने कहा, वानखेड़े में जीत से निश्चित तौर पर हमारा आत्मविश्वास बढ़ा है। उम्मीद है कि अगले दो मैचों में भी हमें सकारात्मक परिणाम मिलेगा। टिप्पणियां
केविन पीटरसन और कप्तान एलिस्टेयर कुक के शानदार फॉर्म के बारे में बेयरस्टॉ ने कहा कि उनका प्रदर्शन अन्य खिलाड़ियों को भी अच्छा करने के लिए प्रेरित करेगा। उन्होंने कहा, उन दोनों ने बेजोड़ खेल दिखाया। कुक ने दोनों टेस्ट मैचों में बेहतरीन पारियां खेली। केविन उसी तरह से खेलता है जैसे कि वह मुंबई में खेला। इन दोनों पारियों को देखना रोमांचक रहा। मुझे पूरी उम्मीद है कि बाकी खिलाड़ी इससे प्रेरणा लेकर अपने खेल में सुधार करेंगे। हमारी बल्लेबाजी में सुधार हुआ है।
बेयरस्टॉ ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मैच में 95 और 54 रन की पारियां खेली थी, लेकिन उसके बाद उन्हें बाहर कर दिया गया। उन्होंने कहा, हां यह निराशाजनक था, लेकिन टीम के संतुलन को देखते हुए फैसले किए गए थे। मैं नेट्स पर कड़ी मेहनत कर रहा था और मुझे वानखेड़े में दूसरे टेस्ट मैच में मौका मिला। यह मेरे हाथ में नहीं है। मैं इन फैसलों के बारे में कुछ नहीं कह सकता। निश्चित तौर पर चयन होने से मैं खुश था।
केविन पीटरसन और कप्तान एलिस्टेयर कुक के शानदार फॉर्म के बारे में बेयरस्टॉ ने कहा कि उनका प्रदर्शन अन्य खिलाड़ियों को भी अच्छा करने के लिए प्रेरित करेगा। उन्होंने कहा, उन दोनों ने बेजोड़ खेल दिखाया। कुक ने दोनों टेस्ट मैचों में बेहतरीन पारियां खेली। केविन उसी तरह से खेलता है जैसे कि वह मुंबई में खेला। इन दोनों पारियों को देखना रोमांचक रहा। मुझे पूरी उम्मीद है कि बाकी खिलाड़ी इससे प्रेरणा लेकर अपने खेल में सुधार करेंगे। हमारी बल्लेबाजी में सुधार हुआ है।
बेयरस्टॉ ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मैच में 95 और 54 रन की पारियां खेली थी, लेकिन उसके बाद उन्हें बाहर कर दिया गया। उन्होंने कहा, हां यह निराशाजनक था, लेकिन टीम के संतुलन को देखते हुए फैसले किए गए थे। मैं नेट्स पर कड़ी मेहनत कर रहा था और मुझे वानखेड़े में दूसरे टेस्ट मैच में मौका मिला। यह मेरे हाथ में नहीं है। मैं इन फैसलों के बारे में कुछ नहीं कह सकता। निश्चित तौर पर चयन होने से मैं खुश था।
बेयरस्टॉ ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मैच में 95 और 54 रन की पारियां खेली थी, लेकिन उसके बाद उन्हें बाहर कर दिया गया। उन्होंने कहा, हां यह निराशाजनक था, लेकिन टीम के संतुलन को देखते हुए फैसले किए गए थे। मैं नेट्स पर कड़ी मेहनत कर रहा था और मुझे वानखेड़े में दूसरे टेस्ट मैच में मौका मिला। यह मेरे हाथ में नहीं है। मैं इन फैसलों के बारे में कुछ नहीं कह सकता। निश्चित तौर पर चयन होने से मैं खुश था। | संक्षिप्त पाठ: मुंबई टेस्ट जीतकर शृंखला 1-1 से बराबर कराने के बाद आत्मविश्वास से भरे इंग्लैंड के मध्यक्रम के बल्लेबाज जॉनी बेयरस्टॉ ने कहा कि उनकी टीम 5 दिसंबर से होने वाले तीसरे टेस्ट मैच में लय बरकरार रखने और सकारात्मक परिणाम हासिल करने के लिए उतरेगी। | 14 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: Surya Grahan 2018: जानिए कहां और कैसे दिखाई देगा सूर्य ग्रहण, भारत में क्या होगा असर
इसी घटना को सूर्यग्रहण कहा जाता है. या कहें यह एक प्रकार की खगोलीय स्थिति है. जिनमें सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी तीनों एक ही सीधी रेखा में आ जाते हैं. इससे चांद सूर्य की उपछाया से होकर गुजरता है, जिस वजह से उसकी रोशनी फिकी पड़ जाती है. सूर्यग्रहण अमावस्या के दिन होता है. जबकि चंद्रग्रहण हमेशा पूर्णिमा के दिन पड़ता है. आगे जानें कहां होगा इस ग्रहण का दीदार.
इसी घटना को सूर्यग्रहण कहा जाता है. या कहें यह एक प्रकार की खगोलीय स्थिति है. जिनमें सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी तीनों एक ही सीधी रेखा में आ जाते हैं. इससे चांद सूर्य की उपछाया से होकर गुजरता है, जिस वजह से उसकी रोशनी फिकी पड़ जाती है. सूर्यग्रहण अमावस्या के दिन होता है. जबकि चंद्रग्रहण हमेशा पूर्णिमा के दिन पड़ता है. आगे जानें कहां होगा इस ग्रहण का दीदार. | यहाँ एक सारांश है:आज साल 2018 का पहला सूर्यग्रहण होगा.
रात 12: 25 से शुरू होकर सुबह 4:18 बजे तक सूर्यग्रहण रहेगा.
पिछले महीने पूर्णिमा के दिन सूर्यग्रहण पड़ा था दो पूर्ण चंद्रग्रहण था. | 15 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: ओबीसी के तहत मुस्लिमों के लिए आरक्षण बढ़ाए जाने से जुड़े सलमान खुर्शीद के बयान पर चुनाव आयोग ने उन्हें नोटिस भेज दिया है। बीजेपी ने चुनाव आयोग के सामने यह मुद्दा उठाया था।
बीजेपी नेता मुख्तार अब्बास नकवी, निर्मला सीतारमण और बलबीर पुंज की एक टीम मंगलवार को चुनाव आयोग गई और कानून मंत्री के बयान को आचार संहिता का उल्लंघन बताया। सलमान खुर्शीद ने अपनी एक रैली में कहा था कि सरकार मुस्लिमों के लिए ओबीसी के तहत आरक्षण साढ़े चार से बढ़ाकर नौ फीसदी कर देगी।
इस बयान की शिकायत के बाद चुनाव आयोग ने सलमान खुर्शीद को जवाब भेजने के लिए नोटिस दे दिया है। लेकिन सलमान का कहना है कि उन्होंने आचार संहिता का उल्लंघन नहीं किया है।टिप्पणियां
बीजेपी की नज़र यूपी में पिछडे वर्ग के वोटों पर है इसलिए वो इस मामलों को पिछड़ों के हितों से जोड़कर बताने से नहीं चूक रही है। बीजेपी नेताओं ने चुनाव आयोग के सामने बर्फबारी के कारण उत्तरांचल में चुनावों की तारीख बदलने की बात रखी है।
इधर समाजवादी पार्टी नेता आजम खान ने कहा है कि कांग्रेस अल्पसंख्यकों का मजाक बना रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस 9 फीसदी आरक्षण देकर मुसलमानों को धोखा दे रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा से ही मुसलमानों का इस्तेमाल किया है। समाजवादी पार्टी नेता ने कहा कि उनकी पार्टी सत्ता में आई तो वो जनता के हित के लिए काम करेगी।
बीजेपी नेता मुख्तार अब्बास नकवी, निर्मला सीतारमण और बलबीर पुंज की एक टीम मंगलवार को चुनाव आयोग गई और कानून मंत्री के बयान को आचार संहिता का उल्लंघन बताया। सलमान खुर्शीद ने अपनी एक रैली में कहा था कि सरकार मुस्लिमों के लिए ओबीसी के तहत आरक्षण साढ़े चार से बढ़ाकर नौ फीसदी कर देगी।
इस बयान की शिकायत के बाद चुनाव आयोग ने सलमान खुर्शीद को जवाब भेजने के लिए नोटिस दे दिया है। लेकिन सलमान का कहना है कि उन्होंने आचार संहिता का उल्लंघन नहीं किया है।टिप्पणियां
बीजेपी की नज़र यूपी में पिछडे वर्ग के वोटों पर है इसलिए वो इस मामलों को पिछड़ों के हितों से जोड़कर बताने से नहीं चूक रही है। बीजेपी नेताओं ने चुनाव आयोग के सामने बर्फबारी के कारण उत्तरांचल में चुनावों की तारीख बदलने की बात रखी है।
इधर समाजवादी पार्टी नेता आजम खान ने कहा है कि कांग्रेस अल्पसंख्यकों का मजाक बना रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस 9 फीसदी आरक्षण देकर मुसलमानों को धोखा दे रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा से ही मुसलमानों का इस्तेमाल किया है। समाजवादी पार्टी नेता ने कहा कि उनकी पार्टी सत्ता में आई तो वो जनता के हित के लिए काम करेगी।
इस बयान की शिकायत के बाद चुनाव आयोग ने सलमान खुर्शीद को जवाब भेजने के लिए नोटिस दे दिया है। लेकिन सलमान का कहना है कि उन्होंने आचार संहिता का उल्लंघन नहीं किया है।टिप्पणियां
बीजेपी की नज़र यूपी में पिछडे वर्ग के वोटों पर है इसलिए वो इस मामलों को पिछड़ों के हितों से जोड़कर बताने से नहीं चूक रही है। बीजेपी नेताओं ने चुनाव आयोग के सामने बर्फबारी के कारण उत्तरांचल में चुनावों की तारीख बदलने की बात रखी है।
इधर समाजवादी पार्टी नेता आजम खान ने कहा है कि कांग्रेस अल्पसंख्यकों का मजाक बना रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस 9 फीसदी आरक्षण देकर मुसलमानों को धोखा दे रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा से ही मुसलमानों का इस्तेमाल किया है। समाजवादी पार्टी नेता ने कहा कि उनकी पार्टी सत्ता में आई तो वो जनता के हित के लिए काम करेगी।
बीजेपी की नज़र यूपी में पिछडे वर्ग के वोटों पर है इसलिए वो इस मामलों को पिछड़ों के हितों से जोड़कर बताने से नहीं चूक रही है। बीजेपी नेताओं ने चुनाव आयोग के सामने बर्फबारी के कारण उत्तरांचल में चुनावों की तारीख बदलने की बात रखी है।
इधर समाजवादी पार्टी नेता आजम खान ने कहा है कि कांग्रेस अल्पसंख्यकों का मजाक बना रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस 9 फीसदी आरक्षण देकर मुसलमानों को धोखा दे रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा से ही मुसलमानों का इस्तेमाल किया है। समाजवादी पार्टी नेता ने कहा कि उनकी पार्टी सत्ता में आई तो वो जनता के हित के लिए काम करेगी।
इधर समाजवादी पार्टी नेता आजम खान ने कहा है कि कांग्रेस अल्पसंख्यकों का मजाक बना रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस 9 फीसदी आरक्षण देकर मुसलमानों को धोखा दे रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा से ही मुसलमानों का इस्तेमाल किया है। समाजवादी पार्टी नेता ने कहा कि उनकी पार्टी सत्ता में आई तो वो जनता के हित के लिए काम करेगी। | यह एक सारांश है: ओबीसी के तहत मुस्लिमों के लिए आरक्षण बढ़ाए जाने से जुड़े खुर्शीद के बयान पर चुनाव आयोग ने उन्हें नोटिस भेज दिया है। बीजेपी ने चुनाव आयोग के सामने यह मुद्दा उठाया था। | 16 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: यूपी के सोनभद्र में 17 जुलाई को हुए नरसंहार का एक वीडियो अब सामने आया है. इस वीडियो में लोगों की भीड़ खेत के आसपास खड़ी दिख रही है. वीडियो में दिख रहा है कि किस तरह से 200 से ज्यादा लोगों ने गांववालों को घेरा हुआ है. बताया जा रहा है कि इस वीडियो के शूट होने के कुछ देर बाद ही आरोपियों ने गांव में नरसंहार शुरू किया था. इस नरसंहार में 10 लोगों की मौत हो गई थी. बता दें कि सोमभद्र में जमीन विवाद को लेकर 17 जुलाई को दो पक्षों में मारपीट हुई थी जिसमें 10 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में ज़मीन से जुड़े विवाद को लेकर हुए नरसंहार में ग्राम प्रधान सहित 11 नामजद और 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था. और नरसंहार में इस्तेमाल किए गए हथियारों को पुलिस ने बरामद कर लिया था. इस मामले में ग्राम प्रधान के भतीजे समेत 24 लोग गिरफ्तार किया गया था. हालांकि, मुख्य आरोपी प्रधान अभी फरार है. 17 जुलाई को 32 ट्रैक्टर-ट्रालियों में भरकर प्रधान समेत 300 लोग ज़मीन पर कब्ज़ा करने पहुंचे थे, और नरसंहार में 10 लोगों की मौत हुई थी, और 23 लोग ज़ख्मी हुए थे. बता दें, उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था को चुनौती देती दो दुस्साहसिक वारदात से पूरा सूबा दहल गया. सोनभद्र में बेखौफ दबंगों ने जमीन की खातिर दिनदहाड़े ताबड़तोड़ गोलियां चलाकर 10 लोगों की हत्या कर दी थी.
पुलिस महानिदेशक ओ.पी. सिंह ने बताया था कि सोनभद्र के घोरावल थाना क्षेत्र के उधा गांव में दो साल पहले ग्राम प्रधान यज्ञदत्त ने एक आईएएस अधिकारी से 90 बीघा जमीन खरीदी थी. यज्ञदत्त ने इस जमीन पर कब्जे के लिये बड़ी संख्या में अपने साथियों के साथ पहुंचकर ट्रैक्टरों से जमीन जोतने की कोशिश की. स्थानीय ग्रामीणों ने इसका विरोध किया. इसके बाद ग्राम प्रधान पक्ष के लोगों ने स्थानीय ग्रामीणों पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं.
पुलिस महानिदेशक ने बताया था कि पुलिस ने जमीन के विवाद में ग्राम प्रधान पक्ष को पूर्व में भी पाबंद किया था और उसकी सम्पत्ति कुर्क करने की कार्रवाई भी मजिस्ट्रेट के यहां चल रही है. उन्होंने बताया था कि इस घटना के बाद मध्य प्रदेश पुलिस को भी सतर्क कर दिया गया है. जरूरत पड़ने पर जमीन बेचने वाले आईएएस अधिकारी के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी.
रोंगटे खड़े कर देने वाली यह वारदात हाल के वर्षों में प्रदेश में हुई सबसे ज्यादा रक्तपात वाली घटना है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लेते हुए मिर्जापुर के मण्डलायुक्त तथा वाराणसी जोन के अपर पुलिस महानिदेशक को घटना के कारणों की संयुक्त रूप से जांच करने के निर्देश दिये हैं. साथ ही लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदारी तय करते हुए 24 घण्टे में रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिये हैं.
साथ ही योगी ने इस घटना में मारे गये लोगों के परिजन को पांच-पांच लाख रुपये की सहायता का एलान किया है. उन्होंने जिलाधिकारी सोनभद्र को निर्देश दिए थे कि वह बताएं कि ग्रामवासियों को पट्टे आखिर क्यों मुहैया नहीं कराए गए थे. इस बीच, सम्भल जिले में एक अन्य दुस्साहसिक वारदात में अज्ञात बदमाशों ने दो पुलिसकर्मियों की गोली मारकर हत्या करके तीन कैदियों को छुड़ा लिया. पुलिस अधीक्षक यमुना प्रसाद के मुताबिक कुछ कैदियों को लेकर मुरादाबाद जा रही एक वैन को अज्ञात बदमाशों ने बनियाठेर इलाके में जबरन रोक लिया और सुरक्षा में तैनात सिपाहियों हरेन्द्र और बृजपाल को गोली मार दी. इस वारदात में दोनों सिपाहियों की मौत हो गयी. घटना को अंजाम देने के बाद बदमाश पुलिसकर्मियों की रायफल और तीन कैदियों को साथ लेकर भाग गये.
अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) पी.वी. रामाशास्त्री ने बताया कि मुरादाबाद की जेल से पेशी पर सम्भल जिले की चंदौसी स्थित अदालत लाये गये कुल 24 मुल्जिमों को वापस मुरादाबाद जेल ले जाया जा रहा था. रास्ते में शाम करीब पांच बजकर 20 मिनट पर बनियाठेर थाना क्षेत्र के धन्नूमल तिराहे के पास अज्ञात बदमाशों ने घात लगाकर इस वारदात को अंजाम दिया.
मुख्यमंत्री योगी ने इस वारदात में शहीद हुए दोनों पुलिसकर्मियों के परिजन को 50-50 लाख रुपये की सहायता और प्रत्येक शहीद पुलिसकर्मी की पत्नी को असाधारण पेंशन तथा परिवार के एक आश्रित को सरकारी नौकरी दिए जाने के भी आदेश दिए हैं. | सारांश: सोनभद्र नरसंहार का वीडियो आया सामने
गांव वालों के घेरे खड़े दिख रहे हैं हथियारबंद आरोपी
17 जुलाई को हुआ था नरसंहार | 5 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली उच्च न्यायालय ने संकट में फंसी रियल एस्टेट कंपनी यूनिटेक लि. को एस्क्रो खाते खोलकर देरी से चल रही आवासीय परियोजनाओं को पूरा करने और खरीदारों को उनके मकान का कब्जा देने का अवसर करने मौका दिया है. कंपनी से कहा गया है कि वह इन खातों में जमा धन का इस्तेमाल सिर्फ इन परियोजनाओं के लिए करे. उच्च न्यायालय ने यह आदेश पिछले सप्ताह दिया.
कई फ्लैट खरीदारों और कंपनी ने अदालत के समक्ष समझौते की योजना का प्रस्ताव किया. इससे कंपनी को इन परियोजनाओं को पूरा करने और फ्लैटों का आवंटन करने का मौका मिलेगा. कंपनी ने अदालत को बताया कि वह एस्क्रो खाता खोलेगी. इस खाते में खरीदारों और जमीन की बिक्री से प्राप्त पैसा रखा जाएगा. इस पैसे का इस्तेमाल देरी से चल रही आवासीय परियोजनाओं को पूरा करने के लिए किया जाएगा.
अदालत ने यूनिटेक लि. के खिलाफ विभिन्न मंचों में लंबित प्रक्रियाओं को 'स्थगित' करने का फैसला किया है जिससे कंपनी घर खरीदारों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता पूरी कर पाए और उन्हें फ्लैट के कब्जे दे सके. एस्क्रो खाते की निगरानी के लिए कोर्ट आयुक्त की नियुक्ति की गई है.
न्यायमूर्ति (उस समय से सेवानिवृत्त) एसके मिश्रा ने कहा, "मैंने विस्तार से योजना की समीक्षा की और साथ ही कंपनी द्वारा दायर हलफनामे को देखा है. इससे स्पष्ट होता है कि कुछ घर खरीदारों द्वारा दायर याचिका कंपनी के हितों को भी पूरा करती है. कंपनी निश्चित रूप से गंभीर वित्तीय मुश्किलों का सामना कर रही है जिसमें इसको परिसमाप्त भी किया जा सकता है."
समझा जाता है कि एजेंसी ने पहले ही माल्या के कंपनियों में शेयर और अन्य कारोबारी प्रतिबद्धताओं की फाइल तैयार कर ली है. सीआरपीसी के तहत कुर्की आदेश कुछ समय में जारी किया जाएगा. अदालत का मत है कि परियोजनाओं को पूरा करने में कंपनी की ओर भारी कमियां रहीं, लेकिन यदि कंपनी को प्रस्तावित योजना के समझौते और व्यवस्था को पूरा करने की अनुमति नहीं दी जाती है तो इससे uसकी अपनी पूरी सम्पत्ति समाप्त हो सकती है और उसकी विश्वसनीयता घट सकती है. अदालत ने कहा कि इस चरण में कंपनी के परिसमापन के आदेश से किसी अंशधारक का हित पूरा नहीं
होगा.टिप्पणियां
कंपनी ने अदालत से प्रस्ताव किया कि एस्क्रो खाता खोला जाए जिसमें जमीन की बिक्री से हासिल धन डाला जाए. इस पैसे का इस्तेमाल अटकी परियोजनाओं और कंपनी की कार्यशील पूंजी की जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाए. अदालत ने कहा कि एस्क्रो खाते के लिए दस्तखत करने वालों में खरीदारों का एक अधिकृत प्रतिनिधि भी होगा. इस कोष का इस्तेमाल परियोजनाओं को पूरा करने के लिए किया जाएगा.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
कई फ्लैट खरीदारों और कंपनी ने अदालत के समक्ष समझौते की योजना का प्रस्ताव किया. इससे कंपनी को इन परियोजनाओं को पूरा करने और फ्लैटों का आवंटन करने का मौका मिलेगा. कंपनी ने अदालत को बताया कि वह एस्क्रो खाता खोलेगी. इस खाते में खरीदारों और जमीन की बिक्री से प्राप्त पैसा रखा जाएगा. इस पैसे का इस्तेमाल देरी से चल रही आवासीय परियोजनाओं को पूरा करने के लिए किया जाएगा.
अदालत ने यूनिटेक लि. के खिलाफ विभिन्न मंचों में लंबित प्रक्रियाओं को 'स्थगित' करने का फैसला किया है जिससे कंपनी घर खरीदारों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता पूरी कर पाए और उन्हें फ्लैट के कब्जे दे सके. एस्क्रो खाते की निगरानी के लिए कोर्ट आयुक्त की नियुक्ति की गई है.
न्यायमूर्ति (उस समय से सेवानिवृत्त) एसके मिश्रा ने कहा, "मैंने विस्तार से योजना की समीक्षा की और साथ ही कंपनी द्वारा दायर हलफनामे को देखा है. इससे स्पष्ट होता है कि कुछ घर खरीदारों द्वारा दायर याचिका कंपनी के हितों को भी पूरा करती है. कंपनी निश्चित रूप से गंभीर वित्तीय मुश्किलों का सामना कर रही है जिसमें इसको परिसमाप्त भी किया जा सकता है."
समझा जाता है कि एजेंसी ने पहले ही माल्या के कंपनियों में शेयर और अन्य कारोबारी प्रतिबद्धताओं की फाइल तैयार कर ली है. सीआरपीसी के तहत कुर्की आदेश कुछ समय में जारी किया जाएगा. अदालत का मत है कि परियोजनाओं को पूरा करने में कंपनी की ओर भारी कमियां रहीं, लेकिन यदि कंपनी को प्रस्तावित योजना के समझौते और व्यवस्था को पूरा करने की अनुमति नहीं दी जाती है तो इससे uसकी अपनी पूरी सम्पत्ति समाप्त हो सकती है और उसकी विश्वसनीयता घट सकती है. अदालत ने कहा कि इस चरण में कंपनी के परिसमापन के आदेश से किसी अंशधारक का हित पूरा नहीं
होगा.टिप्पणियां
कंपनी ने अदालत से प्रस्ताव किया कि एस्क्रो खाता खोला जाए जिसमें जमीन की बिक्री से हासिल धन डाला जाए. इस पैसे का इस्तेमाल अटकी परियोजनाओं और कंपनी की कार्यशील पूंजी की जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाए. अदालत ने कहा कि एस्क्रो खाते के लिए दस्तखत करने वालों में खरीदारों का एक अधिकृत प्रतिनिधि भी होगा. इस कोष का इस्तेमाल परियोजनाओं को पूरा करने के लिए किया जाएगा.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अदालत ने यूनिटेक लि. के खिलाफ विभिन्न मंचों में लंबित प्रक्रियाओं को 'स्थगित' करने का फैसला किया है जिससे कंपनी घर खरीदारों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता पूरी कर पाए और उन्हें फ्लैट के कब्जे दे सके. एस्क्रो खाते की निगरानी के लिए कोर्ट आयुक्त की नियुक्ति की गई है.
न्यायमूर्ति (उस समय से सेवानिवृत्त) एसके मिश्रा ने कहा, "मैंने विस्तार से योजना की समीक्षा की और साथ ही कंपनी द्वारा दायर हलफनामे को देखा है. इससे स्पष्ट होता है कि कुछ घर खरीदारों द्वारा दायर याचिका कंपनी के हितों को भी पूरा करती है. कंपनी निश्चित रूप से गंभीर वित्तीय मुश्किलों का सामना कर रही है जिसमें इसको परिसमाप्त भी किया जा सकता है."
समझा जाता है कि एजेंसी ने पहले ही माल्या के कंपनियों में शेयर और अन्य कारोबारी प्रतिबद्धताओं की फाइल तैयार कर ली है. सीआरपीसी के तहत कुर्की आदेश कुछ समय में जारी किया जाएगा. अदालत का मत है कि परियोजनाओं को पूरा करने में कंपनी की ओर भारी कमियां रहीं, लेकिन यदि कंपनी को प्रस्तावित योजना के समझौते और व्यवस्था को पूरा करने की अनुमति नहीं दी जाती है तो इससे uसकी अपनी पूरी सम्पत्ति समाप्त हो सकती है और उसकी विश्वसनीयता घट सकती है. अदालत ने कहा कि इस चरण में कंपनी के परिसमापन के आदेश से किसी अंशधारक का हित पूरा नहीं
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कंपनी ने अदालत से प्रस्ताव किया कि एस्क्रो खाता खोला जाए जिसमें जमीन की बिक्री से हासिल धन डाला जाए. इस पैसे का इस्तेमाल अटकी परियोजनाओं और कंपनी की कार्यशील पूंजी की जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाए. अदालत ने कहा कि एस्क्रो खाते के लिए दस्तखत करने वालों में खरीदारों का एक अधिकृत प्रतिनिधि भी होगा. इस कोष का इस्तेमाल परियोजनाओं को पूरा करने के लिए किया जाएगा.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
न्यायमूर्ति (उस समय से सेवानिवृत्त) एसके मिश्रा ने कहा, "मैंने विस्तार से योजना की समीक्षा की और साथ ही कंपनी द्वारा दायर हलफनामे को देखा है. इससे स्पष्ट होता है कि कुछ घर खरीदारों द्वारा दायर याचिका कंपनी के हितों को भी पूरा करती है. कंपनी निश्चित रूप से गंभीर वित्तीय मुश्किलों का सामना कर रही है जिसमें इसको परिसमाप्त भी किया जा सकता है."
समझा जाता है कि एजेंसी ने पहले ही माल्या के कंपनियों में शेयर और अन्य कारोबारी प्रतिबद्धताओं की फाइल तैयार कर ली है. सीआरपीसी के तहत कुर्की आदेश कुछ समय में जारी किया जाएगा. अदालत का मत है कि परियोजनाओं को पूरा करने में कंपनी की ओर भारी कमियां रहीं, लेकिन यदि कंपनी को प्रस्तावित योजना के समझौते और व्यवस्था को पूरा करने की अनुमति नहीं दी जाती है तो इससे uसकी अपनी पूरी सम्पत्ति समाप्त हो सकती है और उसकी विश्वसनीयता घट सकती है. अदालत ने कहा कि इस चरण में कंपनी के परिसमापन के आदेश से किसी अंशधारक का हित पूरा नहीं
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कंपनी ने अदालत से प्रस्ताव किया कि एस्क्रो खाता खोला जाए जिसमें जमीन की बिक्री से हासिल धन डाला जाए. इस पैसे का इस्तेमाल अटकी परियोजनाओं और कंपनी की कार्यशील पूंजी की जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाए. अदालत ने कहा कि एस्क्रो खाते के लिए दस्तखत करने वालों में खरीदारों का एक अधिकृत प्रतिनिधि भी होगा. इस कोष का इस्तेमाल परियोजनाओं को पूरा करने के लिए किया जाएगा.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
समझा जाता है कि एजेंसी ने पहले ही माल्या के कंपनियों में शेयर और अन्य कारोबारी प्रतिबद्धताओं की फाइल तैयार कर ली है. सीआरपीसी के तहत कुर्की आदेश कुछ समय में जारी किया जाएगा. अदालत का मत है कि परियोजनाओं को पूरा करने में कंपनी की ओर भारी कमियां रहीं, लेकिन यदि कंपनी को प्रस्तावित योजना के समझौते और व्यवस्था को पूरा करने की अनुमति नहीं दी जाती है तो इससे uसकी अपनी पूरी सम्पत्ति समाप्त हो सकती है और उसकी विश्वसनीयता घट सकती है. अदालत ने कहा कि इस चरण में कंपनी के परिसमापन के आदेश से किसी अंशधारक का हित पूरा नहीं
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कंपनी ने अदालत से प्रस्ताव किया कि एस्क्रो खाता खोला जाए जिसमें जमीन की बिक्री से हासिल धन डाला जाए. इस पैसे का इस्तेमाल अटकी परियोजनाओं और कंपनी की कार्यशील पूंजी की जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाए. अदालत ने कहा कि एस्क्रो खाते के लिए दस्तखत करने वालों में खरीदारों का एक अधिकृत प्रतिनिधि भी होगा. इस कोष का इस्तेमाल परियोजनाओं को पूरा करने के लिए किया जाएगा.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
कंपनी ने अदालत से प्रस्ताव किया कि एस्क्रो खाता खोला जाए जिसमें जमीन की बिक्री से हासिल धन डाला जाए. इस पैसे का इस्तेमाल अटकी परियोजनाओं और कंपनी की कार्यशील पूंजी की जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाए. अदालत ने कहा कि एस्क्रो खाते के लिए दस्तखत करने वालों में खरीदारों का एक अधिकृत प्रतिनिधि भी होगा. इस कोष का इस्तेमाल परियोजनाओं को पूरा करने के लिए किया जाएगा.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त पाठ: दिल्ली उच्च न्यायालय ने यूनिटेक को दिया था मौका
एस्क्रो खाते की निगरानी के लिए कोर्ट आयुक्त की नियुक्ति
कंपनी निश्चित रूप से गंभीर वित्तीय मुश्किलों में | 22 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: कश्मीर घाटी में तनाव और हिंसा के मद्देज़नर केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने अपनी अमेरिका यात्रा रद्द कर दी है, जहां वह इंडो-यूएस होमलैंड सिक्योरिटी की कॉन्फ्रेंस के लिए जाने वाले थे।
गृहमंत्री कार्यालय के अनुसार, 18 जुलाई से संसद सत्र भी शुरू होने वाला है, और ज़ाहिर-सी बात है कि विपक्ष सरकार को कश्मीर घाटी की हिंसा को लेकर घेरेगा, सो, ऐसे में गृहमंत्री को संसद में कई बार जवाब देना पड़ेगा। इसी को ध्यान में रखते हुए अमेरिका दौरा रद्द किया गया है।
गृहमंत्री ने ही विपक्ष को घाटी में हो रही हिंसा के चलते संपर्क भी किया था। माना जा रहा है कि संसद में उनका रहना विपक्ष को शांत करने का भी काम करेगा। गृहमंत्री कार्यालय ने बताया, "जब प्रधानमंत्री विदेश दौरे पर थे, गृहमंत्री ही उनका कामकाज संभाल रहे थे... अब प्रधानमंत्री को भी घाटी के हालात के बारे में बताना है और संसद में भी जवाबदेही गृहमंत्री की ही होगी, इसीलिए दौरा कैंसिल किया..." उनके मुताबिक अब गृहमंत्री सितंबर में अमेरिका जा सकते हैं।टिप्पणियां
गौरतलब है कि घाटी में बीते शुक्रवार को हिज़्ब-उल-मुजाहिदीन कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद से तनाव हो गया है, और हिंसा की घटनाओं में अब तक 29 लोग मारे जा चुके हैं, जिनमें एक पुलिसवाला भी शामिल है। इनके अलावा 800 से ज़्यादा लोगों के घायल होने की भी ख़बर है, जिनमें लगभग आधे सुरक्षाबलों के जवान हैं।
उधर, अलगाववादी नेताओं ने दो दिन की हड़ताल का आह्वान किया है, और सुरक्षाबलों को अंदेशा है कि तनाव इस हफ्ते के अंत तक बना रहेगा।
गृहमंत्री कार्यालय के अनुसार, 18 जुलाई से संसद सत्र भी शुरू होने वाला है, और ज़ाहिर-सी बात है कि विपक्ष सरकार को कश्मीर घाटी की हिंसा को लेकर घेरेगा, सो, ऐसे में गृहमंत्री को संसद में कई बार जवाब देना पड़ेगा। इसी को ध्यान में रखते हुए अमेरिका दौरा रद्द किया गया है।
गृहमंत्री ने ही विपक्ष को घाटी में हो रही हिंसा के चलते संपर्क भी किया था। माना जा रहा है कि संसद में उनका रहना विपक्ष को शांत करने का भी काम करेगा। गृहमंत्री कार्यालय ने बताया, "जब प्रधानमंत्री विदेश दौरे पर थे, गृहमंत्री ही उनका कामकाज संभाल रहे थे... अब प्रधानमंत्री को भी घाटी के हालात के बारे में बताना है और संसद में भी जवाबदेही गृहमंत्री की ही होगी, इसीलिए दौरा कैंसिल किया..." उनके मुताबिक अब गृहमंत्री सितंबर में अमेरिका जा सकते हैं।टिप्पणियां
गौरतलब है कि घाटी में बीते शुक्रवार को हिज़्ब-उल-मुजाहिदीन कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद से तनाव हो गया है, और हिंसा की घटनाओं में अब तक 29 लोग मारे जा चुके हैं, जिनमें एक पुलिसवाला भी शामिल है। इनके अलावा 800 से ज़्यादा लोगों के घायल होने की भी ख़बर है, जिनमें लगभग आधे सुरक्षाबलों के जवान हैं।
उधर, अलगाववादी नेताओं ने दो दिन की हड़ताल का आह्वान किया है, और सुरक्षाबलों को अंदेशा है कि तनाव इस हफ्ते के अंत तक बना रहेगा।
गृहमंत्री ने ही विपक्ष को घाटी में हो रही हिंसा के चलते संपर्क भी किया था। माना जा रहा है कि संसद में उनका रहना विपक्ष को शांत करने का भी काम करेगा। गृहमंत्री कार्यालय ने बताया, "जब प्रधानमंत्री विदेश दौरे पर थे, गृहमंत्री ही उनका कामकाज संभाल रहे थे... अब प्रधानमंत्री को भी घाटी के हालात के बारे में बताना है और संसद में भी जवाबदेही गृहमंत्री की ही होगी, इसीलिए दौरा कैंसिल किया..." उनके मुताबिक अब गृहमंत्री सितंबर में अमेरिका जा सकते हैं।टिप्पणियां
गौरतलब है कि घाटी में बीते शुक्रवार को हिज़्ब-उल-मुजाहिदीन कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद से तनाव हो गया है, और हिंसा की घटनाओं में अब तक 29 लोग मारे जा चुके हैं, जिनमें एक पुलिसवाला भी शामिल है। इनके अलावा 800 से ज़्यादा लोगों के घायल होने की भी ख़बर है, जिनमें लगभग आधे सुरक्षाबलों के जवान हैं।
उधर, अलगाववादी नेताओं ने दो दिन की हड़ताल का आह्वान किया है, और सुरक्षाबलों को अंदेशा है कि तनाव इस हफ्ते के अंत तक बना रहेगा।
गौरतलब है कि घाटी में बीते शुक्रवार को हिज़्ब-उल-मुजाहिदीन कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद से तनाव हो गया है, और हिंसा की घटनाओं में अब तक 29 लोग मारे जा चुके हैं, जिनमें एक पुलिसवाला भी शामिल है। इनके अलावा 800 से ज़्यादा लोगों के घायल होने की भी ख़बर है, जिनमें लगभग आधे सुरक्षाबलों के जवान हैं।
उधर, अलगाववादी नेताओं ने दो दिन की हड़ताल का आह्वान किया है, और सुरक्षाबलों को अंदेशा है कि तनाव इस हफ्ते के अंत तक बना रहेगा।
उधर, अलगाववादी नेताओं ने दो दिन की हड़ताल का आह्वान किया है, और सुरक्षाबलों को अंदेशा है कि तनाव इस हफ्ते के अंत तक बना रहेगा। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: 18 जुलाई से संसद सत्र शुरू होगा, और गृहमंत्री को संसद में जवाब देना होगा
गृहमंत्री कार्यालय के मुताबिक, अब वह सितंबर में अमेरिका जा सकते हैं
घाटी में शनिवार से अब तक 29 लोग मारे जा चुके हैं, और 800 घायल हुए हैं | 32 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: आभूषण विक्रेताओं के लिए यह त्योहारी सीजन आमदनी का सीजन होता है. बाजार में आभूषणों की खूब मांग रहती है और बढ़ती मांग के चलते सोने-चांदी के दामों में तेजी आ जाती है. लेकिन इस बार ऐसा कुछ भी नहीं है. आभूषण बाजारों में सुस्ती छाई हुई है और सोने-चांदी के दामों में गिरावट देखी गई है.
पढ़ें: सोने का लेन-देन अधिक पारदर्शी होना चाहिए : केंद्र सरकार
स्थानीय आभूषण विक्रेताओं की मांग में गिरावट के बीच विदेशों में कमजोर रुख के कारण दिल्ली के सर्राफा बाजार में आज सोने की कीमत 250 रुपये की गिरावट के साथ 30,750 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई. औद्योगिक इकाइयों और सिक्का विनिर्माताओं के कमजोर उठान के कारण चांदी की कीमत भी 300 रुपये घटकर 40,500 रुपये प्रति किलो रह गई.
पढ़ें: सोने के भाव में और गिरावट, चांदी भी 41,000 रुपये के नीचे पहुंची - 10 खास बातें
बाजार सूत्रों ने कहा कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा इस वर्ष ब्याज दर बढ़ाने की संभावना बढ़ने के बाद डॉलर मजबूत हो गया और सर्राफा मांग प्रभावित हुई. इसके कारण विदेशों में कमजोरी का रुख कायम हो गया जिससे स्थानीय स्तर पर सर्राफा बाजार में मंदी दिखाई दी. टिप्पणियां
इस बीच, वैश्विक स्तर पर सिंगापुर में सोना 0.30 प्रतिशत गिरकर 1,278.80 डॉलर प्रति औंस रह गया जबकि चांदी 0.30 प्रतिशत की गिरावट के साथ 16.68 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ. बाजार सूत्रों ने कहा कि इसके अलावा मौजूदा स्तर पर स्थानीय आभूषण एवं फुटकर विक्रेताओं की मांग घटने से भी सोने की कीमतें प्रभावित हुई. राष्ट्रीय राजधानी में 99.9 प्रतिशत और 99.5 प्रतिशत शुद्ध वाले सोने का भाव 250- 250 रुपये की गिरावट के साथ क्रमश: 30,750 रुपये और 30,600 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया. विगत दो कारोबारी सत्र में सोने के भाव में 300 रुपये की तेजी आयी थी.
हालांकि सीमित सौदों के कारण गिन्नी का भाव 24,700 रुपये प्रति आठ ग्राम पर अपरिवर्तित रहा. सोने की ही तरह चांदी तैयार की कीमत 300 रुपये की गिरावट के साथ 40,500 रुपये किलो और चांदी साप्ताहिक डिलीवरी की कीमत 275 रुपये की हानि के साथ 39,665 रुपये किलो रह गई. हालांकि चांदी सिक्कों के भाव लिवाल 74,000 रुपये तथा बिकवाल 75,000 रुपये प्रति 100 इकाई के स्तर पर पूर्ववत बना रहा.
पढ़ें: सोने का लेन-देन अधिक पारदर्शी होना चाहिए : केंद्र सरकार
स्थानीय आभूषण विक्रेताओं की मांग में गिरावट के बीच विदेशों में कमजोर रुख के कारण दिल्ली के सर्राफा बाजार में आज सोने की कीमत 250 रुपये की गिरावट के साथ 30,750 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई. औद्योगिक इकाइयों और सिक्का विनिर्माताओं के कमजोर उठान के कारण चांदी की कीमत भी 300 रुपये घटकर 40,500 रुपये प्रति किलो रह गई.
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बाजार सूत्रों ने कहा कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा इस वर्ष ब्याज दर बढ़ाने की संभावना बढ़ने के बाद डॉलर मजबूत हो गया और सर्राफा मांग प्रभावित हुई. इसके कारण विदेशों में कमजोरी का रुख कायम हो गया जिससे स्थानीय स्तर पर सर्राफा बाजार में मंदी दिखाई दी. टिप्पणियां
इस बीच, वैश्विक स्तर पर सिंगापुर में सोना 0.30 प्रतिशत गिरकर 1,278.80 डॉलर प्रति औंस रह गया जबकि चांदी 0.30 प्रतिशत की गिरावट के साथ 16.68 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ. बाजार सूत्रों ने कहा कि इसके अलावा मौजूदा स्तर पर स्थानीय आभूषण एवं फुटकर विक्रेताओं की मांग घटने से भी सोने की कीमतें प्रभावित हुई. राष्ट्रीय राजधानी में 99.9 प्रतिशत और 99.5 प्रतिशत शुद्ध वाले सोने का भाव 250- 250 रुपये की गिरावट के साथ क्रमश: 30,750 रुपये और 30,600 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया. विगत दो कारोबारी सत्र में सोने के भाव में 300 रुपये की तेजी आयी थी.
हालांकि सीमित सौदों के कारण गिन्नी का भाव 24,700 रुपये प्रति आठ ग्राम पर अपरिवर्तित रहा. सोने की ही तरह चांदी तैयार की कीमत 300 रुपये की गिरावट के साथ 40,500 रुपये किलो और चांदी साप्ताहिक डिलीवरी की कीमत 275 रुपये की हानि के साथ 39,665 रुपये किलो रह गई. हालांकि चांदी सिक्कों के भाव लिवाल 74,000 रुपये तथा बिकवाल 75,000 रुपये प्रति 100 इकाई के स्तर पर पूर्ववत बना रहा.
स्थानीय आभूषण विक्रेताओं की मांग में गिरावट के बीच विदेशों में कमजोर रुख के कारण दिल्ली के सर्राफा बाजार में आज सोने की कीमत 250 रुपये की गिरावट के साथ 30,750 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई. औद्योगिक इकाइयों और सिक्का विनिर्माताओं के कमजोर उठान के कारण चांदी की कीमत भी 300 रुपये घटकर 40,500 रुपये प्रति किलो रह गई.
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बाजार सूत्रों ने कहा कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा इस वर्ष ब्याज दर बढ़ाने की संभावना बढ़ने के बाद डॉलर मजबूत हो गया और सर्राफा मांग प्रभावित हुई. इसके कारण विदेशों में कमजोरी का रुख कायम हो गया जिससे स्थानीय स्तर पर सर्राफा बाजार में मंदी दिखाई दी. टिप्पणियां
इस बीच, वैश्विक स्तर पर सिंगापुर में सोना 0.30 प्रतिशत गिरकर 1,278.80 डॉलर प्रति औंस रह गया जबकि चांदी 0.30 प्रतिशत की गिरावट के साथ 16.68 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ. बाजार सूत्रों ने कहा कि इसके अलावा मौजूदा स्तर पर स्थानीय आभूषण एवं फुटकर विक्रेताओं की मांग घटने से भी सोने की कीमतें प्रभावित हुई. राष्ट्रीय राजधानी में 99.9 प्रतिशत और 99.5 प्रतिशत शुद्ध वाले सोने का भाव 250- 250 रुपये की गिरावट के साथ क्रमश: 30,750 रुपये और 30,600 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया. विगत दो कारोबारी सत्र में सोने के भाव में 300 रुपये की तेजी आयी थी.
हालांकि सीमित सौदों के कारण गिन्नी का भाव 24,700 रुपये प्रति आठ ग्राम पर अपरिवर्तित रहा. सोने की ही तरह चांदी तैयार की कीमत 300 रुपये की गिरावट के साथ 40,500 रुपये किलो और चांदी साप्ताहिक डिलीवरी की कीमत 275 रुपये की हानि के साथ 39,665 रुपये किलो रह गई. हालांकि चांदी सिक्कों के भाव लिवाल 74,000 रुपये तथा बिकवाल 75,000 रुपये प्रति 100 इकाई के स्तर पर पूर्ववत बना रहा.
पढ़ें: सोने के भाव में और गिरावट, चांदी भी 41,000 रुपये के नीचे पहुंची - 10 खास बातें
बाजार सूत्रों ने कहा कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा इस वर्ष ब्याज दर बढ़ाने की संभावना बढ़ने के बाद डॉलर मजबूत हो गया और सर्राफा मांग प्रभावित हुई. इसके कारण विदेशों में कमजोरी का रुख कायम हो गया जिससे स्थानीय स्तर पर सर्राफा बाजार में मंदी दिखाई दी. टिप्पणियां
इस बीच, वैश्विक स्तर पर सिंगापुर में सोना 0.30 प्रतिशत गिरकर 1,278.80 डॉलर प्रति औंस रह गया जबकि चांदी 0.30 प्रतिशत की गिरावट के साथ 16.68 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ. बाजार सूत्रों ने कहा कि इसके अलावा मौजूदा स्तर पर स्थानीय आभूषण एवं फुटकर विक्रेताओं की मांग घटने से भी सोने की कीमतें प्रभावित हुई. राष्ट्रीय राजधानी में 99.9 प्रतिशत और 99.5 प्रतिशत शुद्ध वाले सोने का भाव 250- 250 रुपये की गिरावट के साथ क्रमश: 30,750 रुपये और 30,600 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया. विगत दो कारोबारी सत्र में सोने के भाव में 300 रुपये की तेजी आयी थी.
हालांकि सीमित सौदों के कारण गिन्नी का भाव 24,700 रुपये प्रति आठ ग्राम पर अपरिवर्तित रहा. सोने की ही तरह चांदी तैयार की कीमत 300 रुपये की गिरावट के साथ 40,500 रुपये किलो और चांदी साप्ताहिक डिलीवरी की कीमत 275 रुपये की हानि के साथ 39,665 रुपये किलो रह गई. हालांकि चांदी सिक्कों के भाव लिवाल 74,000 रुपये तथा बिकवाल 75,000 रुपये प्रति 100 इकाई के स्तर पर पूर्ववत बना रहा.
बाजार सूत्रों ने कहा कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा इस वर्ष ब्याज दर बढ़ाने की संभावना बढ़ने के बाद डॉलर मजबूत हो गया और सर्राफा मांग प्रभावित हुई. इसके कारण विदेशों में कमजोरी का रुख कायम हो गया जिससे स्थानीय स्तर पर सर्राफा बाजार में मंदी दिखाई दी. टिप्पणियां
इस बीच, वैश्विक स्तर पर सिंगापुर में सोना 0.30 प्रतिशत गिरकर 1,278.80 डॉलर प्रति औंस रह गया जबकि चांदी 0.30 प्रतिशत की गिरावट के साथ 16.68 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ. बाजार सूत्रों ने कहा कि इसके अलावा मौजूदा स्तर पर स्थानीय आभूषण एवं फुटकर विक्रेताओं की मांग घटने से भी सोने की कीमतें प्रभावित हुई. राष्ट्रीय राजधानी में 99.9 प्रतिशत और 99.5 प्रतिशत शुद्ध वाले सोने का भाव 250- 250 रुपये की गिरावट के साथ क्रमश: 30,750 रुपये और 30,600 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया. विगत दो कारोबारी सत्र में सोने के भाव में 300 रुपये की तेजी आयी थी.
हालांकि सीमित सौदों के कारण गिन्नी का भाव 24,700 रुपये प्रति आठ ग्राम पर अपरिवर्तित रहा. सोने की ही तरह चांदी तैयार की कीमत 300 रुपये की गिरावट के साथ 40,500 रुपये किलो और चांदी साप्ताहिक डिलीवरी की कीमत 275 रुपये की हानि के साथ 39,665 रुपये किलो रह गई. हालांकि चांदी सिक्कों के भाव लिवाल 74,000 रुपये तथा बिकवाल 75,000 रुपये प्रति 100 इकाई के स्तर पर पूर्ववत बना रहा.
इस बीच, वैश्विक स्तर पर सिंगापुर में सोना 0.30 प्रतिशत गिरकर 1,278.80 डॉलर प्रति औंस रह गया जबकि चांदी 0.30 प्रतिशत की गिरावट के साथ 16.68 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ. बाजार सूत्रों ने कहा कि इसके अलावा मौजूदा स्तर पर स्थानीय आभूषण एवं फुटकर विक्रेताओं की मांग घटने से भी सोने की कीमतें प्रभावित हुई. राष्ट्रीय राजधानी में 99.9 प्रतिशत और 99.5 प्रतिशत शुद्ध वाले सोने का भाव 250- 250 रुपये की गिरावट के साथ क्रमश: 30,750 रुपये और 30,600 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया. विगत दो कारोबारी सत्र में सोने के भाव में 300 रुपये की तेजी आयी थी.
हालांकि सीमित सौदों के कारण गिन्नी का भाव 24,700 रुपये प्रति आठ ग्राम पर अपरिवर्तित रहा. सोने की ही तरह चांदी तैयार की कीमत 300 रुपये की गिरावट के साथ 40,500 रुपये किलो और चांदी साप्ताहिक डिलीवरी की कीमत 275 रुपये की हानि के साथ 39,665 रुपये किलो रह गई. हालांकि चांदी सिक्कों के भाव लिवाल 74,000 रुपये तथा बिकवाल 75,000 रुपये प्रति 100 इकाई के स्तर पर पूर्ववत बना रहा.
हालांकि सीमित सौदों के कारण गिन्नी का भाव 24,700 रुपये प्रति आठ ग्राम पर अपरिवर्तित रहा. सोने की ही तरह चांदी तैयार की कीमत 300 रुपये की गिरावट के साथ 40,500 रुपये किलो और चांदी साप्ताहिक डिलीवरी की कीमत 275 रुपये की हानि के साथ 39,665 रुपये किलो रह गई. हालांकि चांदी सिक्कों के भाव लिवाल 74,000 रुपये तथा बिकवाल 75,000 रुपये प्रति 100 इकाई के स्तर पर पूर्ववत बना रहा. | संक्षिप्त सारांश: स्थानीय आभूषण विक्रेताओं की मांग में लगातार गिरावट
फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर बढ़ाने की संभावना से डॉलर मजबूत
सिंगापुर में सोना 0.30 प्रतिशत गिरकर 1,278.80 डॉलर प्रति औंस | 10 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: लिखे लिखाये भाषण पढ़ने को लेकर अक्सर विरोधियों के निशाने पर रहने वाली बसपा सुप्रीमो मायावती ने आज स्पष्ट किया कि वह अपना भाषण खुद तैयार करती हैं.
दरअसल बसपा संस्थापक कांशीराम की पुण्यतिथि पर आयोजित रैली में मायावती पार्टी नेताओं को नसीहत दे रही थीं कि ‘‘मुंह से निकले बोल और कमान से निकले तीर कभी वापस नहीं आते.’’ उन्होंने कहा कि वरिष्ठ और जिम्मेदार नेताओं को उनकी सलाह है कि देश के वर्तमान राजनीतिक हालात और जातिवादी मानसिकता को ध्यान में रखकर मीडिया में और खुली जनसभा में विशेषकर संवेदनशील मसलों पर अपनी बात लिखित रूप से रखें.
बसपा सुप्रीमो ने कहा, ‘‘मैं लिखी हुई बातों को ही सामने रखती हूं. मुझे अपनी स्पीच (भाषण) खुद तैयार करनी होती है. मेरी स्पीच कोई दूसरा तैयार नहीं करता, मैं खुद करती हूं.’’
मायावती ने कहा कि जब उनकी सरकार थी तो कहा जाता था कि अधिकारी उनकी स्पीच तैयार करते हैं लेकिन चाहे सरकार में रहीं हों या सरकार से बाहर, वह जो भी बोलती हैं, उसकी स्पीच खुद ही तैयार करती हैं। टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि उन्हें दोगुना काम करना पड़ता है. पहले वह अपना भाषण खुद तैयार करती हैं और फिर बोलती हैं ताकि विरोधियों को उनकी पार्टी के खिलाफ बोलने का मौका ना मिल सके.
दरअसल बसपा संस्थापक कांशीराम की पुण्यतिथि पर आयोजित रैली में मायावती पार्टी नेताओं को नसीहत दे रही थीं कि ‘‘मुंह से निकले बोल और कमान से निकले तीर कभी वापस नहीं आते.’’ उन्होंने कहा कि वरिष्ठ और जिम्मेदार नेताओं को उनकी सलाह है कि देश के वर्तमान राजनीतिक हालात और जातिवादी मानसिकता को ध्यान में रखकर मीडिया में और खुली जनसभा में विशेषकर संवेदनशील मसलों पर अपनी बात लिखित रूप से रखें.
बसपा सुप्रीमो ने कहा, ‘‘मैं लिखी हुई बातों को ही सामने रखती हूं. मुझे अपनी स्पीच (भाषण) खुद तैयार करनी होती है. मेरी स्पीच कोई दूसरा तैयार नहीं करता, मैं खुद करती हूं.’’
मायावती ने कहा कि जब उनकी सरकार थी तो कहा जाता था कि अधिकारी उनकी स्पीच तैयार करते हैं लेकिन चाहे सरकार में रहीं हों या सरकार से बाहर, वह जो भी बोलती हैं, उसकी स्पीच खुद ही तैयार करती हैं। टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि उन्हें दोगुना काम करना पड़ता है. पहले वह अपना भाषण खुद तैयार करती हैं और फिर बोलती हैं ताकि विरोधियों को उनकी पार्टी के खिलाफ बोलने का मौका ना मिल सके.
बसपा सुप्रीमो ने कहा, ‘‘मैं लिखी हुई बातों को ही सामने रखती हूं. मुझे अपनी स्पीच (भाषण) खुद तैयार करनी होती है. मेरी स्पीच कोई दूसरा तैयार नहीं करता, मैं खुद करती हूं.’’
मायावती ने कहा कि जब उनकी सरकार थी तो कहा जाता था कि अधिकारी उनकी स्पीच तैयार करते हैं लेकिन चाहे सरकार में रहीं हों या सरकार से बाहर, वह जो भी बोलती हैं, उसकी स्पीच खुद ही तैयार करती हैं। टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि उन्हें दोगुना काम करना पड़ता है. पहले वह अपना भाषण खुद तैयार करती हैं और फिर बोलती हैं ताकि विरोधियों को उनकी पार्टी के खिलाफ बोलने का मौका ना मिल सके.
मायावती ने कहा कि जब उनकी सरकार थी तो कहा जाता था कि अधिकारी उनकी स्पीच तैयार करते हैं लेकिन चाहे सरकार में रहीं हों या सरकार से बाहर, वह जो भी बोलती हैं, उसकी स्पीच खुद ही तैयार करती हैं। टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि उन्हें दोगुना काम करना पड़ता है. पहले वह अपना भाषण खुद तैयार करती हैं और फिर बोलती हैं ताकि विरोधियों को उनकी पार्टी के खिलाफ बोलने का मौका ना मिल सके.
उन्होंने कहा कि उन्हें दोगुना काम करना पड़ता है. पहले वह अपना भाषण खुद तैयार करती हैं और फिर बोलती हैं ताकि विरोधियों को उनकी पार्टी के खिलाफ बोलने का मौका ना मिल सके. | लखनऊ में आज रैली में मायावती ने कहा कि वह खुद लिखती हैं अपना भाषण
बोलीं- मुंह से निकले बोल और कमान से निकले तीर कभी वापस नहीं आते
बसपा सुप्रीमो ने कहा, मैं लिखी हुई बातों को ही सामने रखती हूं | 34 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पूर्व कप्तान कपिल देव ने कहा कि ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर भारतीय टीम अभी तक इकाई के रूप में खेलने में नाकाम रही है और यदि उसे 24 जनवरी से एडिलेड में शुरू होने वाले चौथे और आखिरी टेस्ट मैच में जीत दर्ज करनी है, तो खिलाड़ियों को एकजुट होकर खेलना होगा।
कपिल ने लंदन ओलिंपिक के लिए आयोजित ‘गो फोर गोल्ड’ कार्यक्रम से इतर पत्रकारों से कहा, ‘‘हम अभी तक इकाई के रूप में नहीं खेल पाए हैं और यह टीम की लगातार हार का प्रमुख कारण है। यही टीम थी जो कुछ दिन पहले तक बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रही थी और दुनिया की नंबर एक टीम थी।’’टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए कुछ न कुछ गड़बड़ी तो है। टीम को चाहिए कि वह बैठकर इस पर मनन करे कि कहां गलती हुई है और उसमें सुधार करने की कोशिश करे। मैं समझता हूं कि उन्हें जीत के लिए इकाई के तौर पर खेलना होगा। वे बेहतर प्रदर्शन करने में सक्षम हैं और उम्मीद है कि अगले मैच में वह सुधरा हुआ खेल दिखाएंगे।’’
ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर गई भारतीय टीम अभी चार मैच की टेस्ट शृंखला में 0-3 से पीछे चल रही है और उस पर क्लीन स्वीप का खतरा मंडरा रहा है। कपिल ने इसके साथ ही पूर्व क्रिकेटरों से इस समय टीम में अधिक मीनमेख निकालने और खिलाड़ियों की व्यक्तिगत रूप से आलोचना करने से बचने की भी सलाह दी। उन्होंने कहा, ‘‘अभी शृंखला चल रही है और मैं शृंखला समाप्त होने के बाद ही टीम के संपूर्ण प्रदर्शन पर कोई टिप्पणी करूंगा। अभी उनकी आलोचना का नहीं, बल्कि मनोबल बढ़ाने का समय है।’’
कपिल ने लंदन ओलिंपिक के लिए आयोजित ‘गो फोर गोल्ड’ कार्यक्रम से इतर पत्रकारों से कहा, ‘‘हम अभी तक इकाई के रूप में नहीं खेल पाए हैं और यह टीम की लगातार हार का प्रमुख कारण है। यही टीम थी जो कुछ दिन पहले तक बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रही थी और दुनिया की नंबर एक टीम थी।’’टिप्पणियां
उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए कुछ न कुछ गड़बड़ी तो है। टीम को चाहिए कि वह बैठकर इस पर मनन करे कि कहां गलती हुई है और उसमें सुधार करने की कोशिश करे। मैं समझता हूं कि उन्हें जीत के लिए इकाई के तौर पर खेलना होगा। वे बेहतर प्रदर्शन करने में सक्षम हैं और उम्मीद है कि अगले मैच में वह सुधरा हुआ खेल दिखाएंगे।’’
ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर गई भारतीय टीम अभी चार मैच की टेस्ट शृंखला में 0-3 से पीछे चल रही है और उस पर क्लीन स्वीप का खतरा मंडरा रहा है। कपिल ने इसके साथ ही पूर्व क्रिकेटरों से इस समय टीम में अधिक मीनमेख निकालने और खिलाड़ियों की व्यक्तिगत रूप से आलोचना करने से बचने की भी सलाह दी। उन्होंने कहा, ‘‘अभी शृंखला चल रही है और मैं शृंखला समाप्त होने के बाद ही टीम के संपूर्ण प्रदर्शन पर कोई टिप्पणी करूंगा। अभी उनकी आलोचना का नहीं, बल्कि मनोबल बढ़ाने का समय है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए कुछ न कुछ गड़बड़ी तो है। टीम को चाहिए कि वह बैठकर इस पर मनन करे कि कहां गलती हुई है और उसमें सुधार करने की कोशिश करे। मैं समझता हूं कि उन्हें जीत के लिए इकाई के तौर पर खेलना होगा। वे बेहतर प्रदर्शन करने में सक्षम हैं और उम्मीद है कि अगले मैच में वह सुधरा हुआ खेल दिखाएंगे।’’
ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर गई भारतीय टीम अभी चार मैच की टेस्ट शृंखला में 0-3 से पीछे चल रही है और उस पर क्लीन स्वीप का खतरा मंडरा रहा है। कपिल ने इसके साथ ही पूर्व क्रिकेटरों से इस समय टीम में अधिक मीनमेख निकालने और खिलाड़ियों की व्यक्तिगत रूप से आलोचना करने से बचने की भी सलाह दी। उन्होंने कहा, ‘‘अभी शृंखला चल रही है और मैं शृंखला समाप्त होने के बाद ही टीम के संपूर्ण प्रदर्शन पर कोई टिप्पणी करूंगा। अभी उनकी आलोचना का नहीं, बल्कि मनोबल बढ़ाने का समय है।’’
ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर गई भारतीय टीम अभी चार मैच की टेस्ट शृंखला में 0-3 से पीछे चल रही है और उस पर क्लीन स्वीप का खतरा मंडरा रहा है। कपिल ने इसके साथ ही पूर्व क्रिकेटरों से इस समय टीम में अधिक मीनमेख निकालने और खिलाड़ियों की व्यक्तिगत रूप से आलोचना करने से बचने की भी सलाह दी। उन्होंने कहा, ‘‘अभी शृंखला चल रही है और मैं शृंखला समाप्त होने के बाद ही टीम के संपूर्ण प्रदर्शन पर कोई टिप्पणी करूंगा। अभी उनकी आलोचना का नहीं, बल्कि मनोबल बढ़ाने का समय है।’’ | कपिल देव ने कहा कि यदि भारतीय टीम को एडिलेड में चौथे और आखिरी टेस्ट में जीत दर्ज करनी है, तो खिलाड़ियों को एकजुट होकर खेलना होगा। | 28 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: जम्मू एवं कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में लालचौक इलाके में शुक्रवार को आतंकवादियों के एक हमले में राज् पुलिस का एसिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर सुखपाल सिंह शहीद हो गया है।टिप्पणियां
दरअसल, जब शुक्रवार सुबह लालचौक से सीआरपीएफ के बंकर को हटाया जा रहा था, अचानक आतंकवादियों ने वहां पहुंचकर फायरिंग शुरू कर दी, जिमें सुखपाल को तीन गोलिां लगीं। उसे तुरन्त स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। फिलहाल इलाके की घेराबंदी कर दी गई है।
इस पूरी घटना के बाद राज्य के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ट्विटर पर लिखा है कि कि यह कोई मुठभेड़ नहीं है। लाल चौक के पास जो हुआ उसमें केवल एक ही आतंकी शामिल था और उसने चार गोलियां चलाई हैं। अब्दुल्ला ने लिखा कि यह दुखद है लेकिन यह कोई मुठभेड़ या गोलाबारी की घटना नहीं है।
दरअसल, जब शुक्रवार सुबह लालचौक से सीआरपीएफ के बंकर को हटाया जा रहा था, अचानक आतंकवादियों ने वहां पहुंचकर फायरिंग शुरू कर दी, जिमें सुखपाल को तीन गोलिां लगीं। उसे तुरन्त स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। फिलहाल इलाके की घेराबंदी कर दी गई है।
इस पूरी घटना के बाद राज्य के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ट्विटर पर लिखा है कि कि यह कोई मुठभेड़ नहीं है। लाल चौक के पास जो हुआ उसमें केवल एक ही आतंकी शामिल था और उसने चार गोलियां चलाई हैं। अब्दुल्ला ने लिखा कि यह दुखद है लेकिन यह कोई मुठभेड़ या गोलाबारी की घटना नहीं है।
इस पूरी घटना के बाद राज्य के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ट्विटर पर लिखा है कि कि यह कोई मुठभेड़ नहीं है। लाल चौक के पास जो हुआ उसमें केवल एक ही आतंकी शामिल था और उसने चार गोलियां चलाई हैं। अब्दुल्ला ने लिखा कि यह दुखद है लेकिन यह कोई मुठभेड़ या गोलाबारी की घटना नहीं है। | यहाँ एक सारांश है:शुक्रवार सुबह जब लालचौक से सीआरपीएफ के बंकर हटाए जा रहे थे, आतंकवादियों ने फायरिंग की। घटना के बाद इलाके की घेराबंदी कर दी गई है। | 12 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: शनिवार को जम्मू-कश्मीर के पंपोर में सीआरपीएफ़ की बस पर जो हमला हुआ, वो सुरक्षा बलों की असावधानी का नतीजा था? गृह मंत्रालय मानता है कि इस मामले में चूक हुई, जबकि सीआरपीएफ की राय कुछ और है।
जांच में सामने आया है कि पंपोर में हमला करने से पहले लश्कर के दो फ़िदायीन लगभग छह घंटे श्रीनगर शहर में घूमते रहे। पुलिस हाई अलर्ट पर थी। क्योंकि इनपुट के मुताबिक़ उस दिन शहर में हमला होने वाला था। जिस ऑल्टो में आतंकवादी सवार थे उसने कई नाके क्रॉस किए लेकिन हमले के बाद वो कार मौक़ा-ए-वारदात से फ़रार होने में कामयाब रही। सारी एजेंसियां अलर्ट रहीं लेकिन पता नहीं लगा पाई कि कार कहां गई।
एनडीटीवी इंडिया को मिली जानकारी के मुताबिक़ लोकल पुलिस कह रही है कि हमलावरों की कार मुख्य सड़कों पर नहीं, भीतरी रास्तों से पंपोर पहुंची और जल्द ही कार की पहचान हो जाएगी। लश्कर के इस फ़िदायीन दस्ते में कुछ और आतंकवादी हैं जिनकी तलाश जारी है और जांच में सामने आया है कि ये पूरा गुट ताज़ा घुसपैठ में भारत में दाख़िल हुआ है।
अब एजेंसियां एक-दूसरे पर कोताही का इल्जाम लगा रही हैं। ख़ुद गृह मंत्रालय मान रहा है कि गड़बड़ी हुई। गृह राज्य मंत्री किरेन रिजीजू का कहना है, "कहीं गड़बड़ी तो हुई है, उसका पता लगाने के लिए हम एक हाई लेवल टीम श्रीनगर भेज रहे हैं। उसकी रिपोर्ट आने दो। लेकिन आगे ऐसा ना हो इसके लिए क़दम उठाए जा रहे हैं।" टिप्पणियां
लेकिन सीआरपीएफ के मुताबिक़ सब क़ायदे क़ानून फ़ॉलो किए गए। सीआरपीएफ के डीजी दुर्गा प्रसाद का कहना है, "हमने सब क़ायदों का पालन किया था इसीलिए उन पर दुबारा से विचार किया जा रहा है।" सीआरपीएफ के मुताबिक़ पाकिस्तान बहुत हार्ड कोर ट्रेंड आतंकवादी भारत भेज रहा है। जो दो मारे गए उनसे भी 11 पाकिस्तानी ऑर्डिनेंस की ग्रेनेड और 12 मैगज़ीन बरामद हुई।
उधर भारत और पाकिस्तान के रिश्तों को लेकर केंद्र सरकार के रवैए को लेकर विपक्ष हमला बोल रहा है। नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता और जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्य मंत्री उमर अब्दुल्ला का कहना है, "बीजेपी की कोई तय नीति नहीं है पाकिस्तान को लेकर। भारत को तय कर लेना चाहिए कि पाकिस्तान को वो दोस्त बनाना चाहता है या नहीं। ये सिर्फ़ ड्रामा कर रहे हैं।"
जांच में सामने आया है कि पंपोर में हमला करने से पहले लश्कर के दो फ़िदायीन लगभग छह घंटे श्रीनगर शहर में घूमते रहे। पुलिस हाई अलर्ट पर थी। क्योंकि इनपुट के मुताबिक़ उस दिन शहर में हमला होने वाला था। जिस ऑल्टो में आतंकवादी सवार थे उसने कई नाके क्रॉस किए लेकिन हमले के बाद वो कार मौक़ा-ए-वारदात से फ़रार होने में कामयाब रही। सारी एजेंसियां अलर्ट रहीं लेकिन पता नहीं लगा पाई कि कार कहां गई।
एनडीटीवी इंडिया को मिली जानकारी के मुताबिक़ लोकल पुलिस कह रही है कि हमलावरों की कार मुख्य सड़कों पर नहीं, भीतरी रास्तों से पंपोर पहुंची और जल्द ही कार की पहचान हो जाएगी। लश्कर के इस फ़िदायीन दस्ते में कुछ और आतंकवादी हैं जिनकी तलाश जारी है और जांच में सामने आया है कि ये पूरा गुट ताज़ा घुसपैठ में भारत में दाख़िल हुआ है।
अब एजेंसियां एक-दूसरे पर कोताही का इल्जाम लगा रही हैं। ख़ुद गृह मंत्रालय मान रहा है कि गड़बड़ी हुई। गृह राज्य मंत्री किरेन रिजीजू का कहना है, "कहीं गड़बड़ी तो हुई है, उसका पता लगाने के लिए हम एक हाई लेवल टीम श्रीनगर भेज रहे हैं। उसकी रिपोर्ट आने दो। लेकिन आगे ऐसा ना हो इसके लिए क़दम उठाए जा रहे हैं।" टिप्पणियां
लेकिन सीआरपीएफ के मुताबिक़ सब क़ायदे क़ानून फ़ॉलो किए गए। सीआरपीएफ के डीजी दुर्गा प्रसाद का कहना है, "हमने सब क़ायदों का पालन किया था इसीलिए उन पर दुबारा से विचार किया जा रहा है।" सीआरपीएफ के मुताबिक़ पाकिस्तान बहुत हार्ड कोर ट्रेंड आतंकवादी भारत भेज रहा है। जो दो मारे गए उनसे भी 11 पाकिस्तानी ऑर्डिनेंस की ग्रेनेड और 12 मैगज़ीन बरामद हुई।
उधर भारत और पाकिस्तान के रिश्तों को लेकर केंद्र सरकार के रवैए को लेकर विपक्ष हमला बोल रहा है। नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता और जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्य मंत्री उमर अब्दुल्ला का कहना है, "बीजेपी की कोई तय नीति नहीं है पाकिस्तान को लेकर। भारत को तय कर लेना चाहिए कि पाकिस्तान को वो दोस्त बनाना चाहता है या नहीं। ये सिर्फ़ ड्रामा कर रहे हैं।"
एनडीटीवी इंडिया को मिली जानकारी के मुताबिक़ लोकल पुलिस कह रही है कि हमलावरों की कार मुख्य सड़कों पर नहीं, भीतरी रास्तों से पंपोर पहुंची और जल्द ही कार की पहचान हो जाएगी। लश्कर के इस फ़िदायीन दस्ते में कुछ और आतंकवादी हैं जिनकी तलाश जारी है और जांच में सामने आया है कि ये पूरा गुट ताज़ा घुसपैठ में भारत में दाख़िल हुआ है।
अब एजेंसियां एक-दूसरे पर कोताही का इल्जाम लगा रही हैं। ख़ुद गृह मंत्रालय मान रहा है कि गड़बड़ी हुई। गृह राज्य मंत्री किरेन रिजीजू का कहना है, "कहीं गड़बड़ी तो हुई है, उसका पता लगाने के लिए हम एक हाई लेवल टीम श्रीनगर भेज रहे हैं। उसकी रिपोर्ट आने दो। लेकिन आगे ऐसा ना हो इसके लिए क़दम उठाए जा रहे हैं।" टिप्पणियां
लेकिन सीआरपीएफ के मुताबिक़ सब क़ायदे क़ानून फ़ॉलो किए गए। सीआरपीएफ के डीजी दुर्गा प्रसाद का कहना है, "हमने सब क़ायदों का पालन किया था इसीलिए उन पर दुबारा से विचार किया जा रहा है।" सीआरपीएफ के मुताबिक़ पाकिस्तान बहुत हार्ड कोर ट्रेंड आतंकवादी भारत भेज रहा है। जो दो मारे गए उनसे भी 11 पाकिस्तानी ऑर्डिनेंस की ग्रेनेड और 12 मैगज़ीन बरामद हुई।
उधर भारत और पाकिस्तान के रिश्तों को लेकर केंद्र सरकार के रवैए को लेकर विपक्ष हमला बोल रहा है। नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता और जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्य मंत्री उमर अब्दुल्ला का कहना है, "बीजेपी की कोई तय नीति नहीं है पाकिस्तान को लेकर। भारत को तय कर लेना चाहिए कि पाकिस्तान को वो दोस्त बनाना चाहता है या नहीं। ये सिर्फ़ ड्रामा कर रहे हैं।"
अब एजेंसियां एक-दूसरे पर कोताही का इल्जाम लगा रही हैं। ख़ुद गृह मंत्रालय मान रहा है कि गड़बड़ी हुई। गृह राज्य मंत्री किरेन रिजीजू का कहना है, "कहीं गड़बड़ी तो हुई है, उसका पता लगाने के लिए हम एक हाई लेवल टीम श्रीनगर भेज रहे हैं। उसकी रिपोर्ट आने दो। लेकिन आगे ऐसा ना हो इसके लिए क़दम उठाए जा रहे हैं।" टिप्पणियां
लेकिन सीआरपीएफ के मुताबिक़ सब क़ायदे क़ानून फ़ॉलो किए गए। सीआरपीएफ के डीजी दुर्गा प्रसाद का कहना है, "हमने सब क़ायदों का पालन किया था इसीलिए उन पर दुबारा से विचार किया जा रहा है।" सीआरपीएफ के मुताबिक़ पाकिस्तान बहुत हार्ड कोर ट्रेंड आतंकवादी भारत भेज रहा है। जो दो मारे गए उनसे भी 11 पाकिस्तानी ऑर्डिनेंस की ग्रेनेड और 12 मैगज़ीन बरामद हुई।
उधर भारत और पाकिस्तान के रिश्तों को लेकर केंद्र सरकार के रवैए को लेकर विपक्ष हमला बोल रहा है। नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता और जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्य मंत्री उमर अब्दुल्ला का कहना है, "बीजेपी की कोई तय नीति नहीं है पाकिस्तान को लेकर। भारत को तय कर लेना चाहिए कि पाकिस्तान को वो दोस्त बनाना चाहता है या नहीं। ये सिर्फ़ ड्रामा कर रहे हैं।"
लेकिन सीआरपीएफ के मुताबिक़ सब क़ायदे क़ानून फ़ॉलो किए गए। सीआरपीएफ के डीजी दुर्गा प्रसाद का कहना है, "हमने सब क़ायदों का पालन किया था इसीलिए उन पर दुबारा से विचार किया जा रहा है।" सीआरपीएफ के मुताबिक़ पाकिस्तान बहुत हार्ड कोर ट्रेंड आतंकवादी भारत भेज रहा है। जो दो मारे गए उनसे भी 11 पाकिस्तानी ऑर्डिनेंस की ग्रेनेड और 12 मैगज़ीन बरामद हुई।
उधर भारत और पाकिस्तान के रिश्तों को लेकर केंद्र सरकार के रवैए को लेकर विपक्ष हमला बोल रहा है। नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता और जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्य मंत्री उमर अब्दुल्ला का कहना है, "बीजेपी की कोई तय नीति नहीं है पाकिस्तान को लेकर। भारत को तय कर लेना चाहिए कि पाकिस्तान को वो दोस्त बनाना चाहता है या नहीं। ये सिर्फ़ ड्रामा कर रहे हैं।"
उधर भारत और पाकिस्तान के रिश्तों को लेकर केंद्र सरकार के रवैए को लेकर विपक्ष हमला बोल रहा है। नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता और जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्य मंत्री उमर अब्दुल्ला का कहना है, "बीजेपी की कोई तय नीति नहीं है पाकिस्तान को लेकर। भारत को तय कर लेना चाहिए कि पाकिस्तान को वो दोस्त बनाना चाहता है या नहीं। ये सिर्फ़ ड्रामा कर रहे हैं।" | संक्षिप्त सारांश: गृह मंत्रालय मानता है कि इस मामले में चूक हुई
हमले से पहले दो फ़िदायीन छह घंटे श्रीनगर शहर में घूमते रहे
सीआरपीएफ के मुताबिक़ सब क़ायदे क़ानून फ़ॉलो किए गए | 8 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश की बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सरकार पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर असंवेदनशील होने का आरोप लगाते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने रविवार को कहा कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आई तो बलात्कार पीड़िताओं को सरकारी नौकरी दी जाएगी।
सिद्धार्थनगर जिले में एक जनसभा को सम्बोधित करते हुए मुलायम ने कहा कि मायावती के शासन दौरान पिछले पांच साल में सबसे ज्यादा हत्याएं और बलात्कार हुए। बलात्कार पीड़िताएं न्याय के लिए दर-दर की ठोकरें खा रही हैं और बलात्कारी खुलेआम घूम रहे हैं।
महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों पर खुद को गंभीर दिखाने की कोशिश करते हुए मुलायम ने कहा, "अगर हम सत्ता में आए तो बलात्कारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी और हम बलात्कार की शिकार लड़कियों और महिलाओं को आर्थिक मदद और सम्मान देंगे। अगर वे पढ़ी- लिखी होंगी तो उन्हें सरकारी नौकरी देंगे।"
मुलायम ने लोगों से यह भी वादा किया कि सरकार में आने पर उनकी पार्टी हर जरूरतमंद महिला को दो साड़ियां और एक कंबल मुफ्त में देगी। टिप्पणियां
उधर, मुलायम के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, "अगर मुलायम सिंह यादव ने यह बयान दिया है तो यह अत्यंत दुखद है और हास्यास्पद भी। यह एक प्रकार से बलात्कार को स्वीकृति है। इससे भविष्य में और बलात्कार होंगे।"
वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता रवि शंकर प्रसाद ने मुलायम के इस बयान को असंवेदनशील करार दिया है। उन्होंने कहा कि बलात्कार का कोई मुआवजा नहीं हो सकता।
सिद्धार्थनगर जिले में एक जनसभा को सम्बोधित करते हुए मुलायम ने कहा कि मायावती के शासन दौरान पिछले पांच साल में सबसे ज्यादा हत्याएं और बलात्कार हुए। बलात्कार पीड़िताएं न्याय के लिए दर-दर की ठोकरें खा रही हैं और बलात्कारी खुलेआम घूम रहे हैं।
महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों पर खुद को गंभीर दिखाने की कोशिश करते हुए मुलायम ने कहा, "अगर हम सत्ता में आए तो बलात्कारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी और हम बलात्कार की शिकार लड़कियों और महिलाओं को आर्थिक मदद और सम्मान देंगे। अगर वे पढ़ी- लिखी होंगी तो उन्हें सरकारी नौकरी देंगे।"
मुलायम ने लोगों से यह भी वादा किया कि सरकार में आने पर उनकी पार्टी हर जरूरतमंद महिला को दो साड़ियां और एक कंबल मुफ्त में देगी। टिप्पणियां
उधर, मुलायम के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, "अगर मुलायम सिंह यादव ने यह बयान दिया है तो यह अत्यंत दुखद है और हास्यास्पद भी। यह एक प्रकार से बलात्कार को स्वीकृति है। इससे भविष्य में और बलात्कार होंगे।"
वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता रवि शंकर प्रसाद ने मुलायम के इस बयान को असंवेदनशील करार दिया है। उन्होंने कहा कि बलात्कार का कोई मुआवजा नहीं हो सकता।
महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों पर खुद को गंभीर दिखाने की कोशिश करते हुए मुलायम ने कहा, "अगर हम सत्ता में आए तो बलात्कारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी और हम बलात्कार की शिकार लड़कियों और महिलाओं को आर्थिक मदद और सम्मान देंगे। अगर वे पढ़ी- लिखी होंगी तो उन्हें सरकारी नौकरी देंगे।"
मुलायम ने लोगों से यह भी वादा किया कि सरकार में आने पर उनकी पार्टी हर जरूरतमंद महिला को दो साड़ियां और एक कंबल मुफ्त में देगी। टिप्पणियां
उधर, मुलायम के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, "अगर मुलायम सिंह यादव ने यह बयान दिया है तो यह अत्यंत दुखद है और हास्यास्पद भी। यह एक प्रकार से बलात्कार को स्वीकृति है। इससे भविष्य में और बलात्कार होंगे।"
वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता रवि शंकर प्रसाद ने मुलायम के इस बयान को असंवेदनशील करार दिया है। उन्होंने कहा कि बलात्कार का कोई मुआवजा नहीं हो सकता।
मुलायम ने लोगों से यह भी वादा किया कि सरकार में आने पर उनकी पार्टी हर जरूरतमंद महिला को दो साड़ियां और एक कंबल मुफ्त में देगी। टिप्पणियां
उधर, मुलायम के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, "अगर मुलायम सिंह यादव ने यह बयान दिया है तो यह अत्यंत दुखद है और हास्यास्पद भी। यह एक प्रकार से बलात्कार को स्वीकृति है। इससे भविष्य में और बलात्कार होंगे।"
वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता रवि शंकर प्रसाद ने मुलायम के इस बयान को असंवेदनशील करार दिया है। उन्होंने कहा कि बलात्कार का कोई मुआवजा नहीं हो सकता।
उधर, मुलायम के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, "अगर मुलायम सिंह यादव ने यह बयान दिया है तो यह अत्यंत दुखद है और हास्यास्पद भी। यह एक प्रकार से बलात्कार को स्वीकृति है। इससे भविष्य में और बलात्कार होंगे।"
वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता रवि शंकर प्रसाद ने मुलायम के इस बयान को असंवेदनशील करार दिया है। उन्होंने कहा कि बलात्कार का कोई मुआवजा नहीं हो सकता।
वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता रवि शंकर प्रसाद ने मुलायम के इस बयान को असंवेदनशील करार दिया है। उन्होंने कहा कि बलात्कार का कोई मुआवजा नहीं हो सकता। | संक्षिप्त पाठ: समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने रविवार को कहा कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आई तो बलात्कार पीड़िताओं को सरकारी नौकरी दी जाएगी। | 14 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भूकंप और सुनामी के बाद क्षतिग्रस्त हुए फुकुशिमा स्थित परमाणु संयंत्र के संकट से निकट भविष्य में निजात नहीं मिलने की आशंका देखते हुए जापान ने गुरुवार को कहा कि वह इस संयंत्र के आसपास के 20 किलोमीटर के दायरे में लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाएगा। दूसरी तरफ देश के प्रधानमंत्री नाओतो कान ने वादा किया है कि जो लोग इस त्रासदी में बर्बाद हो गए हैं उनकी सहायता और पुनर्वास के लिए हर संभव कदम उठाया जाएगा। अधिकारिक रूप से पहली बार इस संयंत्र के आसपास के इलाकों में जो प्रतिबंध लगाया जाएगा उसके अंतर्गत नौ नगरपालिका के तकरीबन 27 हजार मकान आएंगे। मुख्य सचिव युकियो अदानो ने कहा कि इस प्रतिबंध का मुख्य मकसद स्थानीय निवासियों की सुरक्षा और उनके स्वास्थ्य का बचाव करना है क्योंकि कुछ लोग रेडियोधर्मी विकिरण से बचाव के पर्याप्त साधनों के बिना ही क्षेत्र में लौट रहे हैं। जापान के राष्ट्रीय प्रसारक एनएचके ने कहा कि गुरुवार मध्यरात्रि से जो भी इस प्रतिबंधित क्षेत्र में घुसेगा उसपर जुर्माना लगाया जाएगा। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: जापान ने कहा कि वह इस संयंत्र के आसपास के 20 किलोमीटर के दायरे में लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाएगा। | 19 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री दोरजी खांडू सहित चार अन्य लोगों को लेकर लापता हुए हेलीकॉप्टर का पता नहीं चल सका है। अधिकारियों ने लोगों के बीच पनप रहे असंतोष और गुस्से के बीच इस बात की जानकारी दी। खांडू सहित पांच लोगों को लेकर शनिवार सुबह उड़ा पवन हंस एएस350 बी-3 हेलीकॉप्टर तवांग से लापता है। हेलीकॉप्टर के पायलट ने उड़ान भरने के 20 मिनट बाद अंतिम बार चीनी सीमा के करीब सेला दर्रे के करीब 13,700 फुट की ऊंचाई पर रहते हुए सम्पर्क साधा था। इस सम्बंध में जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री वी. नारायणसामी ने पत्रकारों से कहा, "अब तक कोई समाचार नहीं मिल सका है। बचाव दल अपने काम में नाकाम रहा है। तलाशी अभियान में सेना, पुलिस और अर्धसैनिक बलों के 3000 जवानों को लगाया गया है लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई परिणाम नहीं निकल सका है। " बचाव दल में शामिल टीमें लापता हेलीकॉप्टर का मुख्य तौर पर सात जगहों पर तलाश कर रहे हैं। इनमें से एक स्थान भूटान में स्थित है। सात में से दो स्थानों पर तलाशी का काम पूरा हो चुका है लेकिन दल को हेलीकॉप्टर का मलबा नहीं मिला है। दो अन्य स्थानों पर मंगलवार देर रात तक पहुंचा जा सकता है। नारायणसामी ने कहा, "भारी बर्फबारी और बारिश के कारण दृश्यता कम हो गई है। इससे तलाशी अभियान बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। बारिश के कारण काम अपेक्षित तेजी से नहीं हो पा रहा है।" तलाशी अभियान में नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (एनजीआरएफ) के 38 कमांडो भी लगाए गए हैं। मंत्री ने बताया कि इसके अलावा 1000 स्थानीय लोग भी तलाशी अभियान में मदद कर रहे हैं। इससे पहले, केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री मुकुल वासनिक ने कहा था कि खांडू को लेकर लापता हुए हेलीकॉप्टर का पता लगाने में लगा बचाव दल शाम चार बजे तक कुछ ठोस जानकारियां उपलब्ध कराएगा। वासनिक ने संवाददाताओं से कहा, "हम शाम चार बजे तक कुछ ठोस जानकारी उपलब्ध कराने की स्थिति में होंगे। सेना और अर्धसैनिक बलों के प्रशिक्षित जवान भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के राडार द्वारा पहचान किए गए सम्भावित स्थान तक पहुंचे की कोशिश कर रहे हैं।" बचाव दल की टीमें सेला र्दे के पास पर्वतीय इलाके में उस जगह पहुंचने की कोशिश कर रही हैं, जहां पर इसरो के राडार ने धातु के टुकड़ों की पहचान की है। राज्य के गृहमंत्री ताको दबई ने बताया कि प्रतिकूल मौसम होने से तलाशी अभियान में देरी हो रही है। राहत टीमें लगातार काम कर रही हैं। बचाव दल को एक किलोमीटर दूरी तय करने में लगभग एक घंटे लग रहे हैं। लापता हेलीकॉप्टर का पहला सम्भावित सुराग सोमवार रात को उस समय मिला जब इसरो ने सेला दर्रे के निकट नागारजीजी में धातुओं के कुछ टुकड़ों की पहचान करने का दावा किया। इसरो के राडार ने इस इलाके में कुछ धातु के चमकीले टुकड़ों का पता लगाया है। ऐसा माना जा रहा है कि सम्भवत: यह टुकड़े लापता हेलीकॉप्टर के हो सकते हैं। आपदा प्रबंधन टीम के एक अधिकारी ने बताया, "सेला दर्रे के ऊपर मूसलाधार बारिश होने से तलाशी अभियान चलाने में बचाव दल के सामने परेशानियां खड़ी हो रही। बचाव दल ने मंगलवार को एक निश्चित स्थान पर तलाशी अभियान शुरू किया।" तलाशी अभियान के तहत दो एमआई-17 हेलीकॉप्टरों ने सेला दर्रा के ऊपर सर्वेक्षण अभियान शुरू किया है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री खांडू और चार अन्य लोगों के ले जा रहा पवन हंस का एएस350 बी-3 हेलीकॉप्टर शनिवार को लापता हो गया था। हेलीकॉप्टर ने शनिवार को तवांग से 9.50 बजे सुबह उड़ान भरी थी। | सारांश: अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री दोरजी खांडू सहित चार अन्य लोगों को लेकर लापता हुए हेलीकॉप्टर का पता नहीं चल सका है। | 5 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: Samsung Galaxy M40 आज भारत में पहली बार बिक्री के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। सैमसंग गैलेक्सी एम40 स्मार्टफोन की सेल दोपहर 12 बजे ई-कॉमर्स साइट Amazon.in और Samsung के ऑनलाइन स्टोर पर होगी। Samsung Galaxy M40 कंपनी की Galaxy M सीरीज़ का चौथा स्मार्टफोन है। Samsung Galaxy M10 और Galaxy M20 को इस साल भारत में जनवरी माह में लॉन्च किया गया था। Samsung Galaxy M40 की अहम खासियतों की बात करें तो यह स्मार्टफोन तीन रियर कैमरों, फुल-एचडी+ डिस्प्ले और होल-पंच सेल्फी कैमरा से लैस है। आइए अब आपको Samsung Galaxy M40 की भारत में कीमत, सेल का समय, लॉन्च ऑफर्स और इसके स्पेसिफिकेशन के बारे में विस्तार से जानकारी मुहैया कराते हैं।
सैमसंग गैलेक्सी एम40 को भारत में 19,990 रुपये में बेचा जाएगा। यह 6 जीबी रैम और 128 जीबी स्टोरेज के साथ आएगा। जैसा कि हमने आपको बताया कि Galaxy M40 की सेल दोपहर 12 बजे से अमेज़न इंडिया और सैमसंग ऑनलाइन शॉप पर शुरू होगी। यह मिडनाइट ब्लू और सीवाटर ब्लू ग्रेडिएंट में उपलब्ध होगा।
Galaxy M40 के लॉन्च ऑफर्स की बात करें तो रिलायंस जियो सब्सक्राइबर्स को डबल डेटा मिलेगा। यह फायदा 198 रुपये और 299 रुपये वाले प्रीपेड प्लान के साथ मिलेगा। Galaxy M40 खरीदने वाले Vodafone और Idea सब्सक्राइबर्स को 255 रुपये वाले रीचार्ज के साथ 3,750 रुपये का कैशबैक मिलेगा। ग्राहकों को हर दिन अतिरिक्त 0.5 जीबी डेटा को 18 महीने तक मिलता रहेगा। याद करा दें कि Samsung ने पिछले सप्ताह भारत में Galaxy M40 स्मार्टफोन को लॉन्च किया था।
सैमसंग गैलेक्सी एम40 एंड्रॉयड 9.0 पाई पर आधारित वनयूआई पर चलेगा। इसमें 6.3 इंच का फुल-एचडी+ इनफिनिटी ओ डिस्प्ले है। इस पर कॉर्निंग गोरिल्ला ग्लास 3 की प्रोटेक्शन है। डिस्प्ले पैनल कंपनी की स्क्रीन साउंड टेक्नोलॉजी के साथ आता है। यह हैंडसेट में ऑडियो वाइब्रेशन प्रोड्यूस करता है। फोन में ऑक्टा-कोर क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 675 प्रोसेसर के साथ एड्रेनो 612 जीपीयू और 6 जीबी रैम दिया गया है।
Galaxy M40 में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप है। प्राइमरी सेंसर 32 मेगापिक्सल का है। यह एआई सीन ऑप्टिमाइज़र और एफ/ 1.7 लेंस के साथ आता है। पिछले हिस्से पर 5 मेगापिक्सल का सेकेंडरी कैमरा है। यह डेप्थ सेंसर भी है। तीसरा कैमरा 8 मेगापिक्सल का है, यह अल्ट्रा वाइड एंगल लेंस के साथ आता है। फोन में 4के वीडियो रिकॉर्डिंग, स्लो-मो और हाइपरलैप्स के लिए सपोर्ट है। सेल्फी के लिए फोन में 16 मेगापिक्सल का सेंसर दिया गया है।
सैमसंग गैलेक्सी एम40 की इनबिल्ट स्टोरेज 128 जीबी है और ज़रूरत पड़ने पर 512 जीबी तक का माइक्रोएसडी कार्ड इस्तेमाल करना संभव है। फोन के कनेक्टिविटी फीचर में 4जी वीओएलटीई, वाई-फाई, ब्लूटूथ, जीपीएस/ ए-जीपीएस और यूएसबी टाइप-सी पोर्ट शामिल हैं। हैंडसेट में पिछले हिस्से पर फिंगरप्रिंट सेंसर है।
Samsung के इस फोन में 3,500 एमएएच की बैटरी है और यह 15 वॉट की फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है। फोन की मोटाई 7.9 मिलीमीटर है और इसका वज़न 168 ग्राम है। | संक्षिप्त सारांश: 32 मेगापिक्सल का प्राइमरी सेंसर है सैमसंग गैलेक्सी एम40
Galaxy M40 में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप है
Samsung के इस फोन में 3,500 एमएएच की बैटरी है | 0 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: निजी क्षेत्र के यस बैंक ने चालू वित्तवर्ष की 30 जून को समाप्त तिमाही में 290.1 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया है, जो इससे पिछले वित्तवर्ष की समान अवधि से 34.3 प्रतिशत अधिक है।
इससे पिछले वित्तवर्ष की पहली तिमाही में बैंक ने 216.08 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था। तिमाही के दौरान बैंक की कुल आमदनी बढ़कर 2,174.4 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जो इससे पिछले वित्तवर्ष की समान तिमाही में 1,564.8 करोड़ रुपये थी।टिप्पणियां
यस बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी राणा कपूर ने एक बयान में कहा, बेहतर शुद्ध ब्याज आय तथा गैर-ब्याज आमदनी में वृद्धि से बैंक के शुद्ध मुनाफे में 34.3 प्रतिशत की जोरदार बढ़ोतरी हुई है।
तिमाही के दौरान बैंक की शुद्ध ब्याज आमदनी 33.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 472.2 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। वहीं इस दौरान बैंक की गैर ब्याज आय 74.3 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 288 करोड़ रुपये रही।
इससे पिछले वित्तवर्ष की पहली तिमाही में बैंक ने 216.08 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था। तिमाही के दौरान बैंक की कुल आमदनी बढ़कर 2,174.4 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जो इससे पिछले वित्तवर्ष की समान तिमाही में 1,564.8 करोड़ रुपये थी।टिप्पणियां
यस बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी राणा कपूर ने एक बयान में कहा, बेहतर शुद्ध ब्याज आय तथा गैर-ब्याज आमदनी में वृद्धि से बैंक के शुद्ध मुनाफे में 34.3 प्रतिशत की जोरदार बढ़ोतरी हुई है।
तिमाही के दौरान बैंक की शुद्ध ब्याज आमदनी 33.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 472.2 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। वहीं इस दौरान बैंक की गैर ब्याज आय 74.3 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 288 करोड़ रुपये रही।
यस बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी राणा कपूर ने एक बयान में कहा, बेहतर शुद्ध ब्याज आय तथा गैर-ब्याज आमदनी में वृद्धि से बैंक के शुद्ध मुनाफे में 34.3 प्रतिशत की जोरदार बढ़ोतरी हुई है।
तिमाही के दौरान बैंक की शुद्ध ब्याज आमदनी 33.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 472.2 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। वहीं इस दौरान बैंक की गैर ब्याज आय 74.3 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 288 करोड़ रुपये रही।
तिमाही के दौरान बैंक की शुद्ध ब्याज आमदनी 33.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 472.2 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। वहीं इस दौरान बैंक की गैर ब्याज आय 74.3 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 288 करोड़ रुपये रही। | निजी क्षेत्र के यस बैंक ने चालू वित्तवर्ष की 30 जून को समाप्त तिमाही में 290.1 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया है, जो इससे पिछले वित्तवर्ष की समान अवधि से 34.3 प्रतिशत अधिक है। | 28 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में मंगलवार को भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की भर्ती में शामिल होने आए हजारों अभ्यर्थियों ने केंद्रीय अर्धसैनिक बल के अधिकारियों पर बदइंतजामी का आरोप लगाते हुए जमकर तोड़फोड़ की। पुलिस के मुताबिक आईटीबीपी की चतुर्थ श्रेणी की भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने के लिए विभिन्न राज्यों के हजारों अभ्यर्थी बरेली में स्थित आईटीबीपी सेंटर पहुंचे थे। आईटीबीपी के इंतजामों से नाराज अभ्यर्थियों ने बस स्टेशन, रेलवे लाइन, पेट्रोल पंप सहित सार्वजनिक संपत्तियों को अपना निशाना बनाया। उग्र अभ्यर्थियों ने परिवहन निगम की बसों को आग के हवाले कर दिया और कई निजी वाहनों तथा बरेली-बदायूं मार्ग पर अभ्यर्थियों ने कई दुकानों में भी तोड़फोड़ की। पुलिस को हालात काबू में करने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा। पुलिस का दावा है कि घटना में किसी को गंभीर चोट नहीं आई। अभ्यर्थियों के अलावा पुलिस और जिला प्रशासन ने भी आईटीबीपी अधिकारियों पर बदइंतजामी का आरोप लगाया। पुलिस व जिला प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि आईटीबीपी ने भर्ती प्रक्रिया के सम्बंध में जिला प्रशासन को सूचित नहीं किया था। बरेली परिक्षेत्र के उप-पुलिस महानिरीक्षक प्रकाश डी. ने बताया कि आईटीबीपी की तरफ से न तो हमसे संपर्क किया गया और न ही सहयोग मांगा गया। विभिन्न राज्यों के 50,000 से ज्यादा अभ्यर्थियों को जब भर्ती प्रक्रिया में हिस्सा लेना था तो आईटीबीपी के अधिकारियों को जिला प्रशासन को अवगत कराना चाहिए था। आईटीबीपी के अधिकारियों की तरफ से हालांकि इस सम्बंध में कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया। बरेली के जिलाधिकारी अनिल गर्ग ने संवाददाताओं को बताया कि आईटीबीपी अधिकारी इस बात से राजी हो गए हैं कि अभ्यर्थियों द्वारा भर्ती प्रक्रिया के लिए डाक से भेजे जाने वाले प्रवेश फार्मो को स्वीकार किया जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि भारी संख्या में पुलिस बल के साथ प्रांतीय सशस्त्र बल (पीएसी) की तैनाती की गई है। हालात पूरी तरह से नियंत्रण में लेकिन तनावपूर्ण है। बिहार से आए एक अभ्यर्थी विजय कुमार ने कहा कि मंगलवार को आईटीबीपी सेंटर पहुंचने पर गेट पर तैनात सुरक्षाबलों ने हमें अंदर जाने से रोका और वहां से जाने को कहा। विरोध करने पर वे बल प्रयोग करने लगे जिसके बाद अभ्यर्थी उग्र हो गए। | संक्षिप्त पाठ: आईटीबीपी की चतुर्थ श्रेणी की भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने के लिए विभिन्न राज्यों के हजारों अभ्यर्थी बरेली में स्थित आईटीबीपी सेंटर पहुंचे थे। | 30 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: युवा बल्लेबाज विराट कोहली की नाबाद 87 रन की बेहतरीन पारी के बावजूद भारत को दूसरे छोर से लगातार विकेट गंवाने के कारण दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ चौथे एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में डकवर्थ लुईस पद्वति से 48 रन से हार झेलनी पड़ी। दक्षिण अफ्रीका इस तरह से शृंखला 2-2 से बराबर करने में सफल रहा। दूसरी तरफ भारत को दक्षिण अफ्रीकी सरजमीं पर पहली बार सीरीज जीतने के लिए अब रविवार को होने वाले पांचवें और अंतिम एकदिवसीय मैच में अपना पूरा जोर लगाना होगा। दक्षिण अफ्रीका ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए हाशिम अमला (64) की प्रवाहमय पारी के बावजूद बीच में युवराज सिंह (34 रन पर तीन विकेट) की शानदार गेंदबाजी और रन लेने में हडबड़ाहट के कारण 118 रन पर पांच विकेट गंवा दिए थे। जेपी डुमिनी (नाबाद 71) ने इसके बाद जोहान बोथा (44) के साथ 70 और रोबिन पीटरसन (31) के साथ 54 रन की साझेदारी करके टीम को सात विकेट पर 265 रन के मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। बारिश ने जब पहली बार व्यवधान डाला, तब भारत ने 31.3 ओवर में छह विकेट पर 137 रन बनाए थे। खेल शुरू हुआ तो भारत को 46 ओवर में 260 रन का लक्ष्य मिला, लेकिन अभी केवल आठ गेंद ही डाली गई थी कि फिर से बारिश आ गई। अंपायरों ने जब मैच समाप्त कर दक्षिण अफ्रीका को विजेता घोषित किया तब भारत ने 32.5 ओवर में छह विकेट पर 142 रन बनाए थे। भारत को शुरू से ही विकेट गंवाने का खामियाजा भुगतना पड़ा। केवल कोहली ही पूरे विश्वास के साथ बल्लेबाजी कर पाए। उन्होंने अपनी पारी में 92 गेंद खेली तथा सात चौके और दो छक्के लगाए। युवराज (12) ने जोहान बोथा पर लांग ऑन पर छक्का जड़कर अपने तेवर दिखाए, लेकिन इसी ओवर में वह पैडल स्वीप करने के प्रयास में ग्रीम स्मिथ को कैच देकर पैवेलियन लौटे। कोहली ने दबाव की ऐसी परिस्थितियों में बेहतरीन बल्लेबाजी का नजारा पेश किया और सुरेश रैना के साथ मिलकर एक-दो रन लेकर पारी आगे बढ़ाई। इस बीच कोहली ने 67 गेंद पर पांच चौकों की मदद से अपना 12वां एकदिवसीय अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने विशेष रूप से स्पिनर पीटरसन को निशाने पर रखा और उन पर अपनी पारी का पहला छक्का जमाया। रैना हालांकि इसी ओवर में स्टंप आउट हो गए और इस तरह से उनके और कोहली के बीच की साझेदारी 63 रन पर टूट गई। पीटरसन की सीधी गेंद खेलने के लिए रैना आगे निकल आए, लेकिन वह चूक गए और विकेट के पीछे एबी डिविलियर्स ने अपनी भूमिका निभाने में देर नहीं लगाई। संयोग देखिए कि कोहली ने पीटरसन के अगले ओवर में भी लांग ऑफ पर छक्का जड़ा और बायें हाथ के इस स्पिनर ने दूसरे छोर के बल्लेबाज महेंद्र सिंह धोनी (2) को आउट करके जश्न मनाया। भारतीय कप्तान ने एक्स्ट्रा कवर पर फाल टू प्लेसिस को आसान कैच थमाया। पिछले मैच में भारत की जीत के नायक यूसुफ पठान (2) ने आते ही मोर्ने मोर्कल की ऑफ स्टंप से बाहर निकलती खूबसूरत गेंद को छेड़ने की सजा भुगती और विकेट के पीछे कैच देकर पैवेलियन लौटे। | कोहली की नाबाद 87 रन की बेहतरीन पारी के बावजूद भारत को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ चौथे वनडे में डकवर्थ लुईस पद्वति से 48 रन से हार झेलनी पड़ी। | 6 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मालूम हो कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और उनके चाचा वरिष्ठ काबीना मंत्री अमर सिंह के बीच हाल में हुई उठापटक के लिये मुख्यमंत्री और पार्टी महासचिव रामगोपाल यादव ने परोक्ष रूप से अमर सिंह को जिम्मेदार ठहराया था.
अखिलेश ने कहा था कि सारा झगड़ा एक ‘बाहरी’ व्यक्ति की वजह से हुआ है. अगर अब उनके और नेताजी (मुलायम) के बीच कोई बाहरी व्यक्ति आया तो उसे बाहर कर दिया जाएगा. उन्होंने कई मंचों पर बाहरी व्यक्ति के तौर पर अमर सिंह की ओर इशारा भी किया था.
घटनाक्रम के दौरान एक बार तो ऐसा लगा कि सपा मुखिया परिवार में तेज होती रार को रोकने के लिये अमर सिंह को पार्टी से निकाल देंगे.
अमर सिंह पूर्व में भी सपा के महासचिव रह चुके हैं. उन्हें वर्ष 2010 में पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में सपा से निकाल दिया गया था. हाल में हुए राज्यसभा के चुनाव के वक्त वह लगातार दूसरी बार सपा के टिकट पर उच्च सदन में पहुंचे थे.टिप्पणियां
सपा के वरिष्ठ नेता आजम खान और रामगोपाल यादव अमर सिंह के धुर विरोधी बताये जाते हैं और कई बार वे उनका मुखर विरोध कर चुके हैं.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अखिलेश ने कहा था कि सारा झगड़ा एक ‘बाहरी’ व्यक्ति की वजह से हुआ है. अगर अब उनके और नेताजी (मुलायम) के बीच कोई बाहरी व्यक्ति आया तो उसे बाहर कर दिया जाएगा. उन्होंने कई मंचों पर बाहरी व्यक्ति के तौर पर अमर सिंह की ओर इशारा भी किया था.
घटनाक्रम के दौरान एक बार तो ऐसा लगा कि सपा मुखिया परिवार में तेज होती रार को रोकने के लिये अमर सिंह को पार्टी से निकाल देंगे.
अमर सिंह पूर्व में भी सपा के महासचिव रह चुके हैं. उन्हें वर्ष 2010 में पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में सपा से निकाल दिया गया था. हाल में हुए राज्यसभा के चुनाव के वक्त वह लगातार दूसरी बार सपा के टिकट पर उच्च सदन में पहुंचे थे.टिप्पणियां
सपा के वरिष्ठ नेता आजम खान और रामगोपाल यादव अमर सिंह के धुर विरोधी बताये जाते हैं और कई बार वे उनका मुखर विरोध कर चुके हैं.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
घटनाक्रम के दौरान एक बार तो ऐसा लगा कि सपा मुखिया परिवार में तेज होती रार को रोकने के लिये अमर सिंह को पार्टी से निकाल देंगे.
अमर सिंह पूर्व में भी सपा के महासचिव रह चुके हैं. उन्हें वर्ष 2010 में पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में सपा से निकाल दिया गया था. हाल में हुए राज्यसभा के चुनाव के वक्त वह लगातार दूसरी बार सपा के टिकट पर उच्च सदन में पहुंचे थे.टिप्पणियां
सपा के वरिष्ठ नेता आजम खान और रामगोपाल यादव अमर सिंह के धुर विरोधी बताये जाते हैं और कई बार वे उनका मुखर विरोध कर चुके हैं.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अमर सिंह पूर्व में भी सपा के महासचिव रह चुके हैं. उन्हें वर्ष 2010 में पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में सपा से निकाल दिया गया था. हाल में हुए राज्यसभा के चुनाव के वक्त वह लगातार दूसरी बार सपा के टिकट पर उच्च सदन में पहुंचे थे.टिप्पणियां
सपा के वरिष्ठ नेता आजम खान और रामगोपाल यादव अमर सिंह के धुर विरोधी बताये जाते हैं और कई बार वे उनका मुखर विरोध कर चुके हैं.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सपा के वरिष्ठ नेता आजम खान और रामगोपाल यादव अमर सिंह के धुर विरोधी बताये जाते हैं और कई बार वे उनका मुखर विरोध कर चुके हैं.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: अखिलेश ने कहा था कि सारा झगड़ा एक ‘बाहरी’ व्यक्ति की वजह से हुआ है
एक बार तो ऐसा लगा था कि सपा मुखिया अमर सिंह को पार्टी से निकाल देंगे
आजम खान और रामगोपाल यादव अमर सिंह के धुर विरोधी बताये जाते हैं | 19 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू (Venkaiah Naidu) कभी उपराष्ट्रपति नहीं बनना चाहते थे. वेंकैया नायडू की ख्वाहिश भारतीय जनसंघ के नेता एवं सामाजिक कार्यकर्ता दिवंगत नानाजी देशमुख के पदचिह्नों पर चलते हुए रचनात्मक कार्य करने की थी. उपराष्ट्रपति के रूप में अपने दो साल के कार्यकाल पर आधारित अपनी पुस्तक 'लिस्निंग, लर्निंग एंड लीडिंग' के विमोचन के मौके पर कहा, 'मेरे प्रिय मित्रों, मैं आपसे सच कहूं तो मैं कभी उपराष्ट्रपति नहीं बनना चाहता था.'
उपराष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के सामने अपनी इच्छा प्रकट की थी कि उनके दूसरे कार्यकाल में वह सरकार से हटना चाहते हैं, नानाजी देशमुख के पदचिह्नों पर चलना चाहते हैं और रचनात्मक कार्य करना चाहते हैं. वेंकैया नायडू (Venkaiah Naidu) ने कहा, 'मैं उसके लिए योजना बना रहा था. मुझे खुशी थी कि मैं वह करूंगा, लेकिन वह नहीं हो पाया. उन्होंने बताया कि मैंने उपराष्ट्रपति पद के लिए कुछ नाम भी सुझाए थे.'
वेंकैया नायडू (Venkaiah Naidu) ने कहा, 'पार्टी की संसदीय दल की बैठक के बाद अमित भाई (भाजपा के तत्कालीन अध्यक्ष अमित शाह) ने कहा कि पार्टी में सभी का मानना है कि मैं सबसे उपयुक्त व्यक्ति रहूंगा. मैंने कभी उसकी उम्मीद नहीं की थी. मेरी आंखों में आंसू थे, इसलिए नहीं कि मेरा मंत्री पद जा रहा था, जिसे तो मैं कहीं न कहीं छोड़ने ही जा रहा था.' उपराष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने सिर्फ इस वजह से अपनी संवेदना पर काबू पाया कि अगले दिन से वह भाजपा कार्यालय नहीं जा पाएंगे या पार्टी कार्यकर्ताओं से नहीं मिल पाएंगे.
उन्होंने कहा कि वह आंदोलन (अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) के भविष्य को लेकर चिंतित थे, जिससे उनकी आंखों में आंसू आ गये थे. उन्होंने कहा, 'मैं बहुत कम उम्र में इस आंदोलन से जुड़ा और पार्टी ने प्रधानमंत्री के पद को छोड़कर सब कुछ दिया, वैसे भी मैं इस पद के लिए उपयुक्त नहीं था. मैं अपनी क्षमताओं और काबलियत को जानता हूं.' | संक्षिप्त सारांश: उपराष्ट्रपति नहीं बनना चाहते थे वेंकैया नायडू
अपनी पुस्तक विमोचन के मौके पर कही यह बात
नानाजी देशमुख के पदचिह्नों पर चलने की थी चाहत | 8 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: केंद्रीय उड्डयन मंत्री व्यालार रवि ने रविवार को कहा कि सरकारी हवाई कम्पनी एयर इंडिया में थोड़े समय में बदलाव करना आसान कार्य नहीं होगा। उड्डयन मंत्रालय का कार्यभार सम्भालने के बाद पहली बार केरल पहुंचे रवि पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पद सम्भालने के बाद वह राष्ट्रीय हवाई कम्पनी की 'खोए हुए गौरव' को वापस लाने के लिए चर्चा में व्यस्त थे। उन्होंने कहा, "इसमें कोई संदेह नहीं है कि एयर इंडिया और इंडियन एयरलाइंस के विलय के बाद स्थितियां जैसी होनी चाहिए थीं, वैसी नहीं हुईं।" रवि ने कहा, "स्थिति में बदलाव करने से पहले मैं सभी साझेदारों, चालक दल के सदस्यों, पायलट और वित्तीय विभागों से चर्चा करूंगा। एयर इंडिया को बेहतर हालत में लाने के लिए मैं आपको अभी कोई समय सीमा नहीं दे सकता।" उन्होंने एयर इंडिया की हालत में सुधार के लिए कुछ समय दिए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि कुछ मसले हैं जिन्हें दूर किया जाना है। उड्डयन मंत्री ने कहा, "एयर इंडिया के सामने कई समस्याएं हैं, इनमें से विमानों की कमी प्रमुख है। इसके अलावा मार्ग और निजी हवाई कम्पनियों के मुकाबले किराए के निर्धारण के मामले को देखा जाना है।" उन्होंने कहा, "उड्डयन क्षेत्र में निजी क्षेत्र की भूमिका महत्वपूर्ण है और सरकार उन्हें हतोत्साहित नहीं करेगी।" उल्लेखनीय है कि भारत की राष्ट्रीय विमानन कम्पनी एयर इंडिया को वर्ष 2009-10 में 5551 करोड़ रुपये और इसके पूर्व के वर्ष में 7189 करोड़ रुपये का घाटा हुआ। | सारांश: केंद्रीय उड्डयन मंत्री व्यालार रवि ने रविवार को कहा कि सरकारी हवाई कम्पनी एयर इंडिया में थोड़े समय में बदलाव करना आसान कार्य नहीं होगा। | 20 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: भाजपा अध्यक्ष अमित शाह (Amit Shah) सोमवार को पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी से मिलने पहुंचे. इस दौरान दोनों नेताओं से उनकी घंटे भर से ज्यादा की मुलाकात हुई. हालांकि अभी तक इस मुलाकात के दौरान क्या बात हुई इसे लेकर कुछ भी पता नहीं चल सका है. अमित शाह सोमवार शाम पहले मुरली मनोहर जोशी से मिलने पहुंचे. आधे घंटे से ज्यादा देर तक चली इस मुलाकात के बाद वह पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी से मिले. शाह ने आडवाणी से मुलाकात ऐसे समय में की है, जब उन्होंने कुछ दिन पहले ही एक ब्लॉग में लिखा कि भाजपा ने अपने राजनीतिक विरोधियों को कभी भी शत्रु या राष्ट्र विरोधी नहीं माना.
उन्होंने कहा था कि भारतीय लोकतंत्र की खुशबू विविधता और अभिव्यक्ति की आजादी का सम्मान करना है. स्थापना के समय से ही भाजपा ने हमसे राजनीतिक असहमति रखने वालों को कभी भी अपना शत्रु नहीं माना, बल्कि उन्हें सिर्फ अपना प्रतिद्वंद्वी माना. आडवाणी ने कहा था कि इसी तरह हमारी भारतीय राष्ट्रवाद की अवधारणा में हमने उन लोगों को राष्ट्र-विरोधी कभी नहीं माना, जो हमसे राजनीतिक रूप से असहमत थे. इस टिप्पणी को मोदी के नेतृत्व को आडवाणी की तरफ से एक संदेश के रूप में देखा गया, जो पाकिस्तान के बालाकोट में की गई एयर स्ट्राइक पर सवाल उठाने वालों पर राष्ट्रीय हित के खिलाफ काम करने का आरोप लगाता आ रहा है.
बता दें कि इस बार पार्टी ने लालकृष्ण आडवाणी की जगह गांधीनगर से अमित शाह को टिकट दिया है. यह सीट 1991 से लालकृष्ण आडवाणी के नाम रही थी. गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही लोकसभा चुनाव 2019 के मद्देनजर भाजपा ने उत्तर प्रदेश के लिए 40 स्टार प्रचारकों की लिस्ट जारी की थी. इस लिस्ट में पीएम मोदी समेत कई दिग्गज नेताओं के नाम हैं, मगर लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी का नाम नहीं था.
बीजेपी की उत्तर प्रदेश के लिए स्टार प्रचारकों की लिस्ट में पीएम नरेंद्र मोदी, अमित शाह, राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, अरुण जेटली, सुषमा स्वराज और उमा भारती का नाम था. मगर 40 स्टार प्रचारकों की इस लिस्ट में लालकृष्ण आडवाणी का नाम नहीं था. इतना ही नहीं, इसमें मुरली मनोहर जोशी का नाम भी गायब था. बता दें कि बीजेपी ने इस बार लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी को टिकट नहीं दिया था. एलके आडवाणी गांधीनगर से सांसद हैं, मगर इस बार उनकी जगह बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह को टिकट दिया गया है. | यह एक सारांश है: अमित शाह ने मुरली मनोहर जोशी से की मुलाकात
बाद में एलके आडवाणी से भी मिले अमित शाह
एलके आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी पार्टी से हैं नाराज | 24 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: भाजपा, वामपंथी और कांग्रेस पार्टी के नेताओं को पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में जाने से रोक दिया गया है. इस सप्ताह की शुरुआत में यहां हुए सांप्रदायिक झड़प के बाद स्थिति संवेदनशील बनी हुई है. वरिष्ठ जिला अधिकारी ने बताया, 'स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है. हमने किसी भी प्रतिनिधिमंडल को वहां जाने की अनुमति नहीं दी है क्योंकि इससे समस्या पैदा हो सकती है'.
वाम मोर्चा विधायक दल के नेता सुजान चक्रबर्ती ने बताया, हमें अशोकनगर के निकट इस आधार पर रोक दिया गया कि हमारे जाने से वहां कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा हो सकती है. लेकिन हम वहां कोई राजनीतिक कार्यक्रम के तहत नहीं जा रहे हैं. हम दंगा प्रभावित लोगों से मिलने जा रहे हैं.'
चक्रबर्ती ने बताया कि वाममोर्चा पुलिस और तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ जिले के बरसात क्षेत्र में प्रदर्शन करेगा. डब्ल्यूपीसीसी प्रमुख अधीर चौधरी के नेतृत्व में कांग्रेस के एक दल को इसी आधार पर बारासात क्षेत्र में रोक दिया गया. भाजपा के दल का नेतृत्व राज्य में पार्टी के अध्यक्ष दिलीप घोष कर रहे थे. टिप्पणियां
भाजपा सांसद रूपा गांगुली, 19 अन्यों को तनावग्रस्त बदुरिया जाने के रास्ते में पुलिस ने हिरासत में लिया. बदुरिया और इसके आसपास के इलाके में सप्ताह की शुरुआत में एक किशोर द्वारा डाले गए फेसबुक पोस्ट के बाद सांप्रदायिक दंगा भड़क उठा था. हालांकि किशोर को गिरफ्तार कर लिया गया था लेकिन दोनों ही सांप्रदायों के बीच झड़प हो गई. दंगे के दौरान दुकानों और वाहनों को क्षति पहुंचाई गई.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
वाम मोर्चा विधायक दल के नेता सुजान चक्रबर्ती ने बताया, हमें अशोकनगर के निकट इस आधार पर रोक दिया गया कि हमारे जाने से वहां कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा हो सकती है. लेकिन हम वहां कोई राजनीतिक कार्यक्रम के तहत नहीं जा रहे हैं. हम दंगा प्रभावित लोगों से मिलने जा रहे हैं.'
चक्रबर्ती ने बताया कि वाममोर्चा पुलिस और तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ जिले के बरसात क्षेत्र में प्रदर्शन करेगा. डब्ल्यूपीसीसी प्रमुख अधीर चौधरी के नेतृत्व में कांग्रेस के एक दल को इसी आधार पर बारासात क्षेत्र में रोक दिया गया. भाजपा के दल का नेतृत्व राज्य में पार्टी के अध्यक्ष दिलीप घोष कर रहे थे. टिप्पणियां
भाजपा सांसद रूपा गांगुली, 19 अन्यों को तनावग्रस्त बदुरिया जाने के रास्ते में पुलिस ने हिरासत में लिया. बदुरिया और इसके आसपास के इलाके में सप्ताह की शुरुआत में एक किशोर द्वारा डाले गए फेसबुक पोस्ट के बाद सांप्रदायिक दंगा भड़क उठा था. हालांकि किशोर को गिरफ्तार कर लिया गया था लेकिन दोनों ही सांप्रदायों के बीच झड़प हो गई. दंगे के दौरान दुकानों और वाहनों को क्षति पहुंचाई गई.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
चक्रबर्ती ने बताया कि वाममोर्चा पुलिस और तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ जिले के बरसात क्षेत्र में प्रदर्शन करेगा. डब्ल्यूपीसीसी प्रमुख अधीर चौधरी के नेतृत्व में कांग्रेस के एक दल को इसी आधार पर बारासात क्षेत्र में रोक दिया गया. भाजपा के दल का नेतृत्व राज्य में पार्टी के अध्यक्ष दिलीप घोष कर रहे थे. टिप्पणियां
भाजपा सांसद रूपा गांगुली, 19 अन्यों को तनावग्रस्त बदुरिया जाने के रास्ते में पुलिस ने हिरासत में लिया. बदुरिया और इसके आसपास के इलाके में सप्ताह की शुरुआत में एक किशोर द्वारा डाले गए फेसबुक पोस्ट के बाद सांप्रदायिक दंगा भड़क उठा था. हालांकि किशोर को गिरफ्तार कर लिया गया था लेकिन दोनों ही सांप्रदायों के बीच झड़प हो गई. दंगे के दौरान दुकानों और वाहनों को क्षति पहुंचाई गई.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
भाजपा सांसद रूपा गांगुली, 19 अन्यों को तनावग्रस्त बदुरिया जाने के रास्ते में पुलिस ने हिरासत में लिया. बदुरिया और इसके आसपास के इलाके में सप्ताह की शुरुआत में एक किशोर द्वारा डाले गए फेसबुक पोस्ट के बाद सांप्रदायिक दंगा भड़क उठा था. हालांकि किशोर को गिरफ्तार कर लिया गया था लेकिन दोनों ही सांप्रदायों के बीच झड़प हो गई. दंगे के दौरान दुकानों और वाहनों को क्षति पहुंचाई गई.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | सारांश: उत्तर 24 परगना जिले में प्रवेश से नेताओं को रोका गया
बीजेपी, कांग्रेस और वामदलों के नेताओं को जाने से रोका
फेसबुक पर एक पोस्ट के बाद भड़क उठा था दंगा | 7 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: आम आदमी पार्टी (AAP) ने अपने सांसद भगवंत मान के खिलाफ शराब पीने के आरोप को 'निराधार' बताया है। पार्टी ने मांग की कि संसद में एक प्रणाली होनी चाहिए, जिसके तहत परिसर में प्रवेश करने से पहले सांसदों की जांच की जानी चाहिए।
आप नेता आशुतोष ने बीजेपी पर निशाना साधने की कोशिश करते हुए दावा किया कि वह सत्तारूढ़ पार्टी और अन्य पार्टी के कई ऐसे सांसदों को जानते हैं जो नशे की हालत में संसद जाते हैं।टिप्पणियां
आशुतोष ने कहा, 'हमने कहा है कि एक ऐसी प्रणाली होनी चाहिए जिसके तहत नशे में संसद जाने वाले सांसदों की जांच होनी चाहिए। मैं जानता हूं कि बीजेपी और बीजेपी के बाहर के कई सांसद नशे की हालत में संसद जाते हैं। मैं उनके नाम नहीं लेना चाहता हूं।' (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
आप नेता आशुतोष ने बीजेपी पर निशाना साधने की कोशिश करते हुए दावा किया कि वह सत्तारूढ़ पार्टी और अन्य पार्टी के कई ऐसे सांसदों को जानते हैं जो नशे की हालत में संसद जाते हैं।टिप्पणियां
आशुतोष ने कहा, 'हमने कहा है कि एक ऐसी प्रणाली होनी चाहिए जिसके तहत नशे में संसद जाने वाले सांसदों की जांच होनी चाहिए। मैं जानता हूं कि बीजेपी और बीजेपी के बाहर के कई सांसद नशे की हालत में संसद जाते हैं। मैं उनके नाम नहीं लेना चाहता हूं।' (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
आशुतोष ने कहा, 'हमने कहा है कि एक ऐसी प्रणाली होनी चाहिए जिसके तहत नशे में संसद जाने वाले सांसदों की जांच होनी चाहिए। मैं जानता हूं कि बीजेपी और बीजेपी के बाहर के कई सांसद नशे की हालत में संसद जाते हैं। मैं उनके नाम नहीं लेना चाहता हूं।' (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | सारांश: AAP सांसद भगवंत मान द्वारा संसद का वीडियो बनाने से मचा बवाल
भगवंत मान ने वीडियो मामले में बिना शर्त माफी मांगी
भगवंत मान ने सुमित्रा महाजन से पीएम मोदी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की | 33 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: जम्मू एवं कश्मीर के साम्बा सेक्टर में पाकिस्तान सीमा पर सैन्य चौकी के निकट 'निर्माणाधीन' सुरंग मिली है। यह सुरंग पाकिस्तान की ओर निकलती है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इसरार खान ने शनिवार को बताया कि चिनारी सीमा के निकट शुक्रवार को एक किसान को धंसी हुई भूमि दिखाई दी। यह स्थान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर लगी तारों की बाड़ से कुछ ही दूर पर स्थित है।
खान ने कहा, "हमने इसके विषय में सीमा सुरक्षा बल को जानकारी भेज दी और आज (शनिवार) खुदाई कराई गई। सुरंग की ऊंचाई एवं परिधि तीन फीट है और आक्सीजन की आपूर्ति के लिए इसके समानांतर पाइप लगी हैं। सुरंग 400-500 मीटर लम्बी प्रतीत होती है।" यह सुरंग तारों की बाड़ के नीचे से गुजरती है जिसे घुसपैठ रोकने के लिए लगाया गया है। उन्होंने कहा, "हमारा आकलन है कि सुरंग का निर्माण अभी चल रहा था।"टिप्पणियां
पाकिस्तानी चौकी लेम्ब्रियाल एवं भारतीय चौकी चिनारी के बीच की दूरी महज 500 मीटर है। उन्होंने कहा कि इलाके में घना वन होने के कारण सीमापार की गतिविधियों को देखा नहीं जा सकता।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के अनुसार मामले की जांच के बाद विस्तृत जानकारी मिल पाएगी परंतु प्रथम दृष्टया ऐसा लग रहा है कि सुरंग का निर्माण घुसपैठ एवं हथियारों की तस्करी के लिए किया जा रहा था।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इसरार खान ने शनिवार को बताया कि चिनारी सीमा के निकट शुक्रवार को एक किसान को धंसी हुई भूमि दिखाई दी। यह स्थान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर लगी तारों की बाड़ से कुछ ही दूर पर स्थित है।
खान ने कहा, "हमने इसके विषय में सीमा सुरक्षा बल को जानकारी भेज दी और आज (शनिवार) खुदाई कराई गई। सुरंग की ऊंचाई एवं परिधि तीन फीट है और आक्सीजन की आपूर्ति के लिए इसके समानांतर पाइप लगी हैं। सुरंग 400-500 मीटर लम्बी प्रतीत होती है।" यह सुरंग तारों की बाड़ के नीचे से गुजरती है जिसे घुसपैठ रोकने के लिए लगाया गया है। उन्होंने कहा, "हमारा आकलन है कि सुरंग का निर्माण अभी चल रहा था।"टिप्पणियां
पाकिस्तानी चौकी लेम्ब्रियाल एवं भारतीय चौकी चिनारी के बीच की दूरी महज 500 मीटर है। उन्होंने कहा कि इलाके में घना वन होने के कारण सीमापार की गतिविधियों को देखा नहीं जा सकता।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के अनुसार मामले की जांच के बाद विस्तृत जानकारी मिल पाएगी परंतु प्रथम दृष्टया ऐसा लग रहा है कि सुरंग का निर्माण घुसपैठ एवं हथियारों की तस्करी के लिए किया जा रहा था।
खान ने कहा, "हमने इसके विषय में सीमा सुरक्षा बल को जानकारी भेज दी और आज (शनिवार) खुदाई कराई गई। सुरंग की ऊंचाई एवं परिधि तीन फीट है और आक्सीजन की आपूर्ति के लिए इसके समानांतर पाइप लगी हैं। सुरंग 400-500 मीटर लम्बी प्रतीत होती है।" यह सुरंग तारों की बाड़ के नीचे से गुजरती है जिसे घुसपैठ रोकने के लिए लगाया गया है। उन्होंने कहा, "हमारा आकलन है कि सुरंग का निर्माण अभी चल रहा था।"टिप्पणियां
पाकिस्तानी चौकी लेम्ब्रियाल एवं भारतीय चौकी चिनारी के बीच की दूरी महज 500 मीटर है। उन्होंने कहा कि इलाके में घना वन होने के कारण सीमापार की गतिविधियों को देखा नहीं जा सकता।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के अनुसार मामले की जांच के बाद विस्तृत जानकारी मिल पाएगी परंतु प्रथम दृष्टया ऐसा लग रहा है कि सुरंग का निर्माण घुसपैठ एवं हथियारों की तस्करी के लिए किया जा रहा था।
पाकिस्तानी चौकी लेम्ब्रियाल एवं भारतीय चौकी चिनारी के बीच की दूरी महज 500 मीटर है। उन्होंने कहा कि इलाके में घना वन होने के कारण सीमापार की गतिविधियों को देखा नहीं जा सकता।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के अनुसार मामले की जांच के बाद विस्तृत जानकारी मिल पाएगी परंतु प्रथम दृष्टया ऐसा लग रहा है कि सुरंग का निर्माण घुसपैठ एवं हथियारों की तस्करी के लिए किया जा रहा था।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के अनुसार मामले की जांच के बाद विस्तृत जानकारी मिल पाएगी परंतु प्रथम दृष्टया ऐसा लग रहा है कि सुरंग का निर्माण घुसपैठ एवं हथियारों की तस्करी के लिए किया जा रहा था। | संक्षिप्त पाठ: जम्मू एवं कश्मीर के साम्बा सेक्टर में पाकिस्तान सीमा पर सैन्य चौकी के निकट 'निर्माणाधीन' सुरंग मिली है। यह सुरंग पाकिस्तान की ओर निकलती है। | 22 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: सुप्रीम कोर्ट ने मंदिर प्रशासन को कुल मिलाकर निम्नलिखित सुझावों पर अमल करने के लिए कहा है.
दरअसल, उज्जैन की याचिकाकर्ता सारिका गुरु द्वारा दायर की गई याचिका के बाद सुप्रीम कोर्ट ने जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया और आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया की देहरादून, भोपाल और इंदौर की टीमें गठित कर महाकाल शिवलिंग की क्षरण की जांच के लिए टीम भेजी थी. आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में कहा गया कि विश्वप्रसिद्ध भस्म आरती में कंडे की भस्म चढ़ाई जाती है, जिससे शिवलिंग का क्षरण हो रहा है. इसके अलावा महाकाल मंदिर के शिवलिंग पर सगातार जो जल चढ़ाया रहा है, उसमें बैक्टीरिया हैं और वह पानी प्रदूषित भी है, इसलिए पानी की मात्रा को कम किया जाए.
रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि महाकाल मंदिर के शिवलिंग को पंचामृत स्नान, भस्मारती में होने वाली कंडे की भस्म, शिवलिंग पर चढ़ने वाले जल, हार और फूल के अलावा मंदिर के गर्भगृह में दर्शन करने पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के शरीर की गर्मी से भी खतरा है. | यहाँ एक सारांश है:महाकाल मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट ने दिया आदेश
मंदिर में अब RO का ही पानी चढ़ाया जाएगा
क्षरण रोकने के लिए कोर्ट ने दिया है आदेश | 18 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने उत्तर कोरिया के ताजा बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण की कड़ी निंदा की और प्योंगयांग के ‘बेहद अस्थिरता पैदा करने वाले इस व्यवहार’ के जवाब में उस पर प्रतिबंध लगाने सहित उसके खिलाफ कड़े कदम उठाने का संकल्प किया. सर्वसम्मति से जारी एक बयान में परिषद ने सोमवार को इस बात की महत्ता पर जोर दिया कि उत्तर कोरिया ‘कड़े कदम उठाकर परमाणु निशस्त्रीकरण की अपनी प्रतिबद्धता तत्काल दिखाए.’ इस बयान को चीन का भी समर्थन प्राप्त था.
परिषद के सदस्यों ने उत्तर कोरिया से ‘आगे कोई परमाणु एवं बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण’ न करने की मांग की. यह उत्तर कोरिया पर नए प्रतिबंध लगाने से पूर्व एक अंतिम चेतावनी प्रतीत होती है. इस बयान का मसौदा अमेरिका ने तैयार किया है. मिसाइल प्रक्षेपण पर चर्चा के लिए अमेरिका एवं जापान द्वारा बुलाए गए परिषद के आपात सत्र से पहले यह बयान पारित किया गया है.
उत्तर कोरिया ने गत रविवार को एक परीक्षण किया था. यह उत्तर कोरिया की अभी तक की सबसे अधिक दूरी की मारक क्षमता वाली बैलिस्टिक मिसाइल प्रतीत होती है. ऐसा कहा जा रहा है कि यह ‘भारी परमाणु आयुध’ ले जाने में सक्षम है. प्योंगयांग ने अमेरिकी महाद्वीप तक वार कर सकने मे सक्षम परमाणु हथियार विकसित करने की मंशा से पिछले साल की शुरूआत से दो परमाणु परीक्षण किए हैं और दर्जनों मिसाइल प्रक्षेपण किए हैं. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: कड़े कदम उठाकर परमाणु निशस्त्रीकरण की अपनी प्रतिबद्धता तत्काल दिखाए
उत्तर कोरिया पर नए प्रतिबंध लगाने से पूर्व एक अंतिम चेतावनी प्रतीत होती
मिसाइल प्रक्षेपण पर चर्चा के लिए अमेरिका एवं जापान द्वारा बुलाए गए | 19 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: वाईएसआर कांग्रेस प्रमुख जगनमोहन रेड्डी और उनके सहयोगियों के खिलाफ धनशोधन की जांच के संबंध में एक प्राधिकरण द्वारा प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कुर्की को बुधवार को मंजूरी मिलने के बाद ईडी 122 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त करेगा।
धनशोधन रोकथाम कानून के प्राधिकरण ने आज एजेंसी के 51 करोड़ और 71 करोड़ रुपये के दो अलग-अलग कुर्की आदेशों को मंजूरी दी जिसके बाद ईडी द्वारा तत्काल जब्ती का रास्ता साफ हो गया है।
इस ताजा घटनाक्रम का अर्थ यह हुआ कि इन दो मामलों में शामिल पक्ष बिक्री, पट्टे, किराया या अन्य तरह से इन संपत्तियों का लाभ नहीं उठा पाएंगे।टिप्पणियां
ईडी ने हैदराबाद में विला और अपार्टमेंटों की बिक्री और भूमि हस्तांतरण में कथित अनियमितताओं की जांच के संबंध में पिछले साल दुबई की कंपनी एम्मार प्रोपर्टीज, इसके संयुक्त उपक्रम एम्मार एमजीएफ और अन्य के मालिकाना 71 करोड़ रुपये के भूखंड पर कुर्की आदेश जारी किए थे।
एजेंसी ने 51 करोड़ रुपये की संपत्तियों को लेकर कुर्की आदेश भी जारी किये थे और उसने मैसर्स जननी इंफ्रास्टक्चर प्राइवेट लिमिटेड की 13 एकड़ भूमि, मैसर्स जगति पब्लिकेशन्स लिमिटेड के 14.50 करोड़ रुपये के सावधि जमा को कुर्क किया था।
धनशोधन रोकथाम कानून के प्राधिकरण ने आज एजेंसी के 51 करोड़ और 71 करोड़ रुपये के दो अलग-अलग कुर्की आदेशों को मंजूरी दी जिसके बाद ईडी द्वारा तत्काल जब्ती का रास्ता साफ हो गया है।
इस ताजा घटनाक्रम का अर्थ यह हुआ कि इन दो मामलों में शामिल पक्ष बिक्री, पट्टे, किराया या अन्य तरह से इन संपत्तियों का लाभ नहीं उठा पाएंगे।टिप्पणियां
ईडी ने हैदराबाद में विला और अपार्टमेंटों की बिक्री और भूमि हस्तांतरण में कथित अनियमितताओं की जांच के संबंध में पिछले साल दुबई की कंपनी एम्मार प्रोपर्टीज, इसके संयुक्त उपक्रम एम्मार एमजीएफ और अन्य के मालिकाना 71 करोड़ रुपये के भूखंड पर कुर्की आदेश जारी किए थे।
एजेंसी ने 51 करोड़ रुपये की संपत्तियों को लेकर कुर्की आदेश भी जारी किये थे और उसने मैसर्स जननी इंफ्रास्टक्चर प्राइवेट लिमिटेड की 13 एकड़ भूमि, मैसर्स जगति पब्लिकेशन्स लिमिटेड के 14.50 करोड़ रुपये के सावधि जमा को कुर्क किया था।
इस ताजा घटनाक्रम का अर्थ यह हुआ कि इन दो मामलों में शामिल पक्ष बिक्री, पट्टे, किराया या अन्य तरह से इन संपत्तियों का लाभ नहीं उठा पाएंगे।टिप्पणियां
ईडी ने हैदराबाद में विला और अपार्टमेंटों की बिक्री और भूमि हस्तांतरण में कथित अनियमितताओं की जांच के संबंध में पिछले साल दुबई की कंपनी एम्मार प्रोपर्टीज, इसके संयुक्त उपक्रम एम्मार एमजीएफ और अन्य के मालिकाना 71 करोड़ रुपये के भूखंड पर कुर्की आदेश जारी किए थे।
एजेंसी ने 51 करोड़ रुपये की संपत्तियों को लेकर कुर्की आदेश भी जारी किये थे और उसने मैसर्स जननी इंफ्रास्टक्चर प्राइवेट लिमिटेड की 13 एकड़ भूमि, मैसर्स जगति पब्लिकेशन्स लिमिटेड के 14.50 करोड़ रुपये के सावधि जमा को कुर्क किया था।
ईडी ने हैदराबाद में विला और अपार्टमेंटों की बिक्री और भूमि हस्तांतरण में कथित अनियमितताओं की जांच के संबंध में पिछले साल दुबई की कंपनी एम्मार प्रोपर्टीज, इसके संयुक्त उपक्रम एम्मार एमजीएफ और अन्य के मालिकाना 71 करोड़ रुपये के भूखंड पर कुर्की आदेश जारी किए थे।
एजेंसी ने 51 करोड़ रुपये की संपत्तियों को लेकर कुर्की आदेश भी जारी किये थे और उसने मैसर्स जननी इंफ्रास्टक्चर प्राइवेट लिमिटेड की 13 एकड़ भूमि, मैसर्स जगति पब्लिकेशन्स लिमिटेड के 14.50 करोड़ रुपये के सावधि जमा को कुर्क किया था।
एजेंसी ने 51 करोड़ रुपये की संपत्तियों को लेकर कुर्की आदेश भी जारी किये थे और उसने मैसर्स जननी इंफ्रास्टक्चर प्राइवेट लिमिटेड की 13 एकड़ भूमि, मैसर्स जगति पब्लिकेशन्स लिमिटेड के 14.50 करोड़ रुपये के सावधि जमा को कुर्क किया था। | संक्षिप्त सारांश: वाईएसआर कांग्रेस प्रमुख जगनमोहन रेड्डी और उनके सहयोगियों के खिलाफ धनशोधन की जांच के संबंध में एक प्राधिकरण द्वारा प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कुर्की को बुधवार को मंजूरी मिलने के बाद ईडी 122 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त करेगा। | 29 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: सरकार ने 12वीं पंचवर्षीय योजना के लिए आर्थिक वृद्धि दर लक्ष्य को पहले के नौ प्रतिशत से घटाकर 8.2 प्रतिशत कर दिया है। योजना आयोग की बैठक में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि देश में गरीबी घटी है और खेती की तरक्की की दर बढ़ी है।
उन्होंने कहा कि मंदी के दौर में निवेश बढ़ाने पर ज्यादा जोर देना होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि उच्च विकास दर हासिल करने के लिए कुछ जोखिम उठाने की जरूरत है।
डीजल की कीमत में बढ़ोतरी से बड़े पैमाने पर विरोध से अविचलित प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इसे सही दिशा में उठाया गया कदम बताया और उम्मीद जताई कि अर्थव्यवस्था फिर से उछाल लेगी।
मनमोहन सिंह ने ऊर्जा नीति की व्यापक पुनरीक्षा की जरूरत बताते हुए कहा कि देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए यह महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा एक कठिन क्षेत्र है, जहां नीति की व्यापक पुनरीक्षा की जरूरत है। हमारे पास ऊर्जा की कमी है और आयात पर निर्भरता बढ़ती जा रही है। हमारी ऊर्जा सुरक्षा के लिए यह महत्वपूर्ण है कि हम घरेलू उत्पादन बढ़ाएं और ऊर्जा दक्षता में भी वृद्धि करें।
वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ये अल्पकालिक अड़चने हैं, इससे आगे आने वाले समय में हमारी तरक्की की संभावनाओं को लेकर निराशा नहीं उत्पन्न होनी चाहिए। उन्होंने कहा, हमारी तात्कालिक प्राथमिकता होनी चाहिए कि इस वित्तवर्ष की दूसरी छमाही में वृद्धि दर को पुन: गति प्रदान करने के लिए क्या प्रयास किए जा सकते हैं। इसके बाद हमें योजनावधि के अंत तक वृद्धि दर को करीब नौ फीसदी पर पहुंचाने की कोशिश करनी चाहिए।
12वीं योजना में 8.2 फीसदी की सालाना औसत वृद्धि दर का अनुमान जाहिर किया गया है, जो पूर्वानुमानित नौ फीसदी की वृद्धि दर से कम है। अर्थव्यवस्था ने 11वीं योजना में 7.9 फीसदी की वृद्धि दर दर्ज की। प्रधानमंत्री की राय में 11वीं योजना की औसत वृद्धि दर भी अच्छी ही मानी जाएगी, क्योंकि इस दौरान दो वैश्विक वित्तीय संकटों से दो चार होना पड़ा - इनमें पहला संकट 2008 में और दूसरा 2011 में उत्पन्न हुआ।टिप्पणियां
सिंह ने कहा कि 2004-05 से 2009-10 के बीच गरीबी इससे पहले के 10 वर्षों की तुलना में दोगुनी गति से कम हुई, जबकि 11वीं योजनावधि में कृषि की वृद्धि दर 3.3 फीसदी रही, जो 10वीं योजना में दर्ज 2.4 फीसदी की वृद्धि के मुकाबले बहुत अधिक है।
12वीं योजनावधि में वृद्धि की संभावनाओं के संबंध में मनमोहन ने कहा, हमें यह जरूर मानना चाहिए कि 12वीं योजना उस साल शुरू हो रही है, जबकि वैश्विक अर्थव्यवस्था में दिक्कतें हैं और हमारी अर्थव्यवस्था में भी नरमी आई है। वृद्धि का लक्ष्य नौ फीसदी से घटाकर 8.2 फीसदी करने के संबंध में उन्होंने कहा कि वैश्विक हालात को देखते हुए अनुमान में थोड़ी कमी व्यावहारिक है।
उन्होंने कहा कि मंदी के दौर में निवेश बढ़ाने पर ज्यादा जोर देना होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि उच्च विकास दर हासिल करने के लिए कुछ जोखिम उठाने की जरूरत है।
डीजल की कीमत में बढ़ोतरी से बड़े पैमाने पर विरोध से अविचलित प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इसे सही दिशा में उठाया गया कदम बताया और उम्मीद जताई कि अर्थव्यवस्था फिर से उछाल लेगी।
मनमोहन सिंह ने ऊर्जा नीति की व्यापक पुनरीक्षा की जरूरत बताते हुए कहा कि देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए यह महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा एक कठिन क्षेत्र है, जहां नीति की व्यापक पुनरीक्षा की जरूरत है। हमारे पास ऊर्जा की कमी है और आयात पर निर्भरता बढ़ती जा रही है। हमारी ऊर्जा सुरक्षा के लिए यह महत्वपूर्ण है कि हम घरेलू उत्पादन बढ़ाएं और ऊर्जा दक्षता में भी वृद्धि करें।
वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ये अल्पकालिक अड़चने हैं, इससे आगे आने वाले समय में हमारी तरक्की की संभावनाओं को लेकर निराशा नहीं उत्पन्न होनी चाहिए। उन्होंने कहा, हमारी तात्कालिक प्राथमिकता होनी चाहिए कि इस वित्तवर्ष की दूसरी छमाही में वृद्धि दर को पुन: गति प्रदान करने के लिए क्या प्रयास किए जा सकते हैं। इसके बाद हमें योजनावधि के अंत तक वृद्धि दर को करीब नौ फीसदी पर पहुंचाने की कोशिश करनी चाहिए।
12वीं योजना में 8.2 फीसदी की सालाना औसत वृद्धि दर का अनुमान जाहिर किया गया है, जो पूर्वानुमानित नौ फीसदी की वृद्धि दर से कम है। अर्थव्यवस्था ने 11वीं योजना में 7.9 फीसदी की वृद्धि दर दर्ज की। प्रधानमंत्री की राय में 11वीं योजना की औसत वृद्धि दर भी अच्छी ही मानी जाएगी, क्योंकि इस दौरान दो वैश्विक वित्तीय संकटों से दो चार होना पड़ा - इनमें पहला संकट 2008 में और दूसरा 2011 में उत्पन्न हुआ।टिप्पणियां
सिंह ने कहा कि 2004-05 से 2009-10 के बीच गरीबी इससे पहले के 10 वर्षों की तुलना में दोगुनी गति से कम हुई, जबकि 11वीं योजनावधि में कृषि की वृद्धि दर 3.3 फीसदी रही, जो 10वीं योजना में दर्ज 2.4 फीसदी की वृद्धि के मुकाबले बहुत अधिक है।
12वीं योजनावधि में वृद्धि की संभावनाओं के संबंध में मनमोहन ने कहा, हमें यह जरूर मानना चाहिए कि 12वीं योजना उस साल शुरू हो रही है, जबकि वैश्विक अर्थव्यवस्था में दिक्कतें हैं और हमारी अर्थव्यवस्था में भी नरमी आई है। वृद्धि का लक्ष्य नौ फीसदी से घटाकर 8.2 फीसदी करने के संबंध में उन्होंने कहा कि वैश्विक हालात को देखते हुए अनुमान में थोड़ी कमी व्यावहारिक है।
डीजल की कीमत में बढ़ोतरी से बड़े पैमाने पर विरोध से अविचलित प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इसे सही दिशा में उठाया गया कदम बताया और उम्मीद जताई कि अर्थव्यवस्था फिर से उछाल लेगी।
मनमोहन सिंह ने ऊर्जा नीति की व्यापक पुनरीक्षा की जरूरत बताते हुए कहा कि देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए यह महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा एक कठिन क्षेत्र है, जहां नीति की व्यापक पुनरीक्षा की जरूरत है। हमारे पास ऊर्जा की कमी है और आयात पर निर्भरता बढ़ती जा रही है। हमारी ऊर्जा सुरक्षा के लिए यह महत्वपूर्ण है कि हम घरेलू उत्पादन बढ़ाएं और ऊर्जा दक्षता में भी वृद्धि करें।
वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ये अल्पकालिक अड़चने हैं, इससे आगे आने वाले समय में हमारी तरक्की की संभावनाओं को लेकर निराशा नहीं उत्पन्न होनी चाहिए। उन्होंने कहा, हमारी तात्कालिक प्राथमिकता होनी चाहिए कि इस वित्तवर्ष की दूसरी छमाही में वृद्धि दर को पुन: गति प्रदान करने के लिए क्या प्रयास किए जा सकते हैं। इसके बाद हमें योजनावधि के अंत तक वृद्धि दर को करीब नौ फीसदी पर पहुंचाने की कोशिश करनी चाहिए।
12वीं योजना में 8.2 फीसदी की सालाना औसत वृद्धि दर का अनुमान जाहिर किया गया है, जो पूर्वानुमानित नौ फीसदी की वृद्धि दर से कम है। अर्थव्यवस्था ने 11वीं योजना में 7.9 फीसदी की वृद्धि दर दर्ज की। प्रधानमंत्री की राय में 11वीं योजना की औसत वृद्धि दर भी अच्छी ही मानी जाएगी, क्योंकि इस दौरान दो वैश्विक वित्तीय संकटों से दो चार होना पड़ा - इनमें पहला संकट 2008 में और दूसरा 2011 में उत्पन्न हुआ।टिप्पणियां
सिंह ने कहा कि 2004-05 से 2009-10 के बीच गरीबी इससे पहले के 10 वर्षों की तुलना में दोगुनी गति से कम हुई, जबकि 11वीं योजनावधि में कृषि की वृद्धि दर 3.3 फीसदी रही, जो 10वीं योजना में दर्ज 2.4 फीसदी की वृद्धि के मुकाबले बहुत अधिक है।
12वीं योजनावधि में वृद्धि की संभावनाओं के संबंध में मनमोहन ने कहा, हमें यह जरूर मानना चाहिए कि 12वीं योजना उस साल शुरू हो रही है, जबकि वैश्विक अर्थव्यवस्था में दिक्कतें हैं और हमारी अर्थव्यवस्था में भी नरमी आई है। वृद्धि का लक्ष्य नौ फीसदी से घटाकर 8.2 फीसदी करने के संबंध में उन्होंने कहा कि वैश्विक हालात को देखते हुए अनुमान में थोड़ी कमी व्यावहारिक है।
मनमोहन सिंह ने ऊर्जा नीति की व्यापक पुनरीक्षा की जरूरत बताते हुए कहा कि देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए यह महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा एक कठिन क्षेत्र है, जहां नीति की व्यापक पुनरीक्षा की जरूरत है। हमारे पास ऊर्जा की कमी है और आयात पर निर्भरता बढ़ती जा रही है। हमारी ऊर्जा सुरक्षा के लिए यह महत्वपूर्ण है कि हम घरेलू उत्पादन बढ़ाएं और ऊर्जा दक्षता में भी वृद्धि करें।
वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ये अल्पकालिक अड़चने हैं, इससे आगे आने वाले समय में हमारी तरक्की की संभावनाओं को लेकर निराशा नहीं उत्पन्न होनी चाहिए। उन्होंने कहा, हमारी तात्कालिक प्राथमिकता होनी चाहिए कि इस वित्तवर्ष की दूसरी छमाही में वृद्धि दर को पुन: गति प्रदान करने के लिए क्या प्रयास किए जा सकते हैं। इसके बाद हमें योजनावधि के अंत तक वृद्धि दर को करीब नौ फीसदी पर पहुंचाने की कोशिश करनी चाहिए।
12वीं योजना में 8.2 फीसदी की सालाना औसत वृद्धि दर का अनुमान जाहिर किया गया है, जो पूर्वानुमानित नौ फीसदी की वृद्धि दर से कम है। अर्थव्यवस्था ने 11वीं योजना में 7.9 फीसदी की वृद्धि दर दर्ज की। प्रधानमंत्री की राय में 11वीं योजना की औसत वृद्धि दर भी अच्छी ही मानी जाएगी, क्योंकि इस दौरान दो वैश्विक वित्तीय संकटों से दो चार होना पड़ा - इनमें पहला संकट 2008 में और दूसरा 2011 में उत्पन्न हुआ।टिप्पणियां
सिंह ने कहा कि 2004-05 से 2009-10 के बीच गरीबी इससे पहले के 10 वर्षों की तुलना में दोगुनी गति से कम हुई, जबकि 11वीं योजनावधि में कृषि की वृद्धि दर 3.3 फीसदी रही, जो 10वीं योजना में दर्ज 2.4 फीसदी की वृद्धि के मुकाबले बहुत अधिक है।
12वीं योजनावधि में वृद्धि की संभावनाओं के संबंध में मनमोहन ने कहा, हमें यह जरूर मानना चाहिए कि 12वीं योजना उस साल शुरू हो रही है, जबकि वैश्विक अर्थव्यवस्था में दिक्कतें हैं और हमारी अर्थव्यवस्था में भी नरमी आई है। वृद्धि का लक्ष्य नौ फीसदी से घटाकर 8.2 फीसदी करने के संबंध में उन्होंने कहा कि वैश्विक हालात को देखते हुए अनुमान में थोड़ी कमी व्यावहारिक है।
वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ये अल्पकालिक अड़चने हैं, इससे आगे आने वाले समय में हमारी तरक्की की संभावनाओं को लेकर निराशा नहीं उत्पन्न होनी चाहिए। उन्होंने कहा, हमारी तात्कालिक प्राथमिकता होनी चाहिए कि इस वित्तवर्ष की दूसरी छमाही में वृद्धि दर को पुन: गति प्रदान करने के लिए क्या प्रयास किए जा सकते हैं। इसके बाद हमें योजनावधि के अंत तक वृद्धि दर को करीब नौ फीसदी पर पहुंचाने की कोशिश करनी चाहिए।
12वीं योजना में 8.2 फीसदी की सालाना औसत वृद्धि दर का अनुमान जाहिर किया गया है, जो पूर्वानुमानित नौ फीसदी की वृद्धि दर से कम है। अर्थव्यवस्था ने 11वीं योजना में 7.9 फीसदी की वृद्धि दर दर्ज की। प्रधानमंत्री की राय में 11वीं योजना की औसत वृद्धि दर भी अच्छी ही मानी जाएगी, क्योंकि इस दौरान दो वैश्विक वित्तीय संकटों से दो चार होना पड़ा - इनमें पहला संकट 2008 में और दूसरा 2011 में उत्पन्न हुआ।टिप्पणियां
सिंह ने कहा कि 2004-05 से 2009-10 के बीच गरीबी इससे पहले के 10 वर्षों की तुलना में दोगुनी गति से कम हुई, जबकि 11वीं योजनावधि में कृषि की वृद्धि दर 3.3 फीसदी रही, जो 10वीं योजना में दर्ज 2.4 फीसदी की वृद्धि के मुकाबले बहुत अधिक है।
12वीं योजनावधि में वृद्धि की संभावनाओं के संबंध में मनमोहन ने कहा, हमें यह जरूर मानना चाहिए कि 12वीं योजना उस साल शुरू हो रही है, जबकि वैश्विक अर्थव्यवस्था में दिक्कतें हैं और हमारी अर्थव्यवस्था में भी नरमी आई है। वृद्धि का लक्ष्य नौ फीसदी से घटाकर 8.2 फीसदी करने के संबंध में उन्होंने कहा कि वैश्विक हालात को देखते हुए अनुमान में थोड़ी कमी व्यावहारिक है।
12वीं योजना में 8.2 फीसदी की सालाना औसत वृद्धि दर का अनुमान जाहिर किया गया है, जो पूर्वानुमानित नौ फीसदी की वृद्धि दर से कम है। अर्थव्यवस्था ने 11वीं योजना में 7.9 फीसदी की वृद्धि दर दर्ज की। प्रधानमंत्री की राय में 11वीं योजना की औसत वृद्धि दर भी अच्छी ही मानी जाएगी, क्योंकि इस दौरान दो वैश्विक वित्तीय संकटों से दो चार होना पड़ा - इनमें पहला संकट 2008 में और दूसरा 2011 में उत्पन्न हुआ।टिप्पणियां
सिंह ने कहा कि 2004-05 से 2009-10 के बीच गरीबी इससे पहले के 10 वर्षों की तुलना में दोगुनी गति से कम हुई, जबकि 11वीं योजनावधि में कृषि की वृद्धि दर 3.3 फीसदी रही, जो 10वीं योजना में दर्ज 2.4 फीसदी की वृद्धि के मुकाबले बहुत अधिक है।
12वीं योजनावधि में वृद्धि की संभावनाओं के संबंध में मनमोहन ने कहा, हमें यह जरूर मानना चाहिए कि 12वीं योजना उस साल शुरू हो रही है, जबकि वैश्विक अर्थव्यवस्था में दिक्कतें हैं और हमारी अर्थव्यवस्था में भी नरमी आई है। वृद्धि का लक्ष्य नौ फीसदी से घटाकर 8.2 फीसदी करने के संबंध में उन्होंने कहा कि वैश्विक हालात को देखते हुए अनुमान में थोड़ी कमी व्यावहारिक है।
सिंह ने कहा कि 2004-05 से 2009-10 के बीच गरीबी इससे पहले के 10 वर्षों की तुलना में दोगुनी गति से कम हुई, जबकि 11वीं योजनावधि में कृषि की वृद्धि दर 3.3 फीसदी रही, जो 10वीं योजना में दर्ज 2.4 फीसदी की वृद्धि के मुकाबले बहुत अधिक है।
12वीं योजनावधि में वृद्धि की संभावनाओं के संबंध में मनमोहन ने कहा, हमें यह जरूर मानना चाहिए कि 12वीं योजना उस साल शुरू हो रही है, जबकि वैश्विक अर्थव्यवस्था में दिक्कतें हैं और हमारी अर्थव्यवस्था में भी नरमी आई है। वृद्धि का लक्ष्य नौ फीसदी से घटाकर 8.2 फीसदी करने के संबंध में उन्होंने कहा कि वैश्विक हालात को देखते हुए अनुमान में थोड़ी कमी व्यावहारिक है।
12वीं योजनावधि में वृद्धि की संभावनाओं के संबंध में मनमोहन ने कहा, हमें यह जरूर मानना चाहिए कि 12वीं योजना उस साल शुरू हो रही है, जबकि वैश्विक अर्थव्यवस्था में दिक्कतें हैं और हमारी अर्थव्यवस्था में भी नरमी आई है। वृद्धि का लक्ष्य नौ फीसदी से घटाकर 8.2 फीसदी करने के संबंध में उन्होंने कहा कि वैश्विक हालात को देखते हुए अनुमान में थोड़ी कमी व्यावहारिक है। | सारांश: योजना आयोग की बैठक में मनमोहन सिंह ने कहा कि गरीबी घटी है और खेती की तरक्की की दर बढ़ी है। उन्होंने कहा कि उच्च विकास दर हासिल करने के लिए कुछ जोखिम उठाने की जरूरत है। | 33 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: CJI का कार्यकाल 17 नवंबर को समाप्त हो रहा है. उल्लेखनीय है कि बेंच ने अयोध्या में 2.77 एकड़ विवादित भूमि को तीन पक्षकारों-सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्मोही अखाड़ा और राम लला-के बीच बराबर-बराबर बांटने का आदेश देने संबंधी इलाहाबाद हाईकोर्ट के सितंबर, 2010 के फैसले के खिलाफ दायर 14 अपीलों पर सुनवाई की है.
सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन ने हिन्दू महासभा के वकील विकास सिंह की ओर से पेश किए गए नक्शे को फाड़ दिया. इसके बाद सीजेआई रंजन गोगोई ने कहा कि अगर कोर्ट का डेकोरम नहीं बनाया रखा गया तो हम कोर्ट से चले जाएंगे. सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को एक हिन्दू पक्षकार की ओर से दलील दी गई कि सुन्नी वक्फ बोर्ड और अन्य मुस्लिम पक्षकार यह सिद्ध करने में विफल रहे हैं कि अयोध्या में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवादित स्थल पर मुगल बादशाह बाबर ने मस्जिद का निर्माण किया था.
चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ के सामने इस मामले की सुनवाई के 40वें दिन एक हिन्दू पक्षकार की ओर से वकील सी एस वैद्यनाथन ने कहा कि मुस्लिम पक्ष का यह दावा था कि विवाद की विषय वस्तु मस्जिद का निर्माण शासन की जमीन पर हुकूमत (बाबर) द्वारा किया गया था लेकिन वे इसे अभी तक सिद्ध नहीं कर पाये. वैद्यनाथन सुन्नी वक्फ बोर्ड और अन्य मुस्लिम व्यक्तियों द्वारा अयोध्या में 2.77 एकड़ विवादित भूमि पर मालिकाना हक के लिये 1961 में दायर मुकदमे का जवाब दे रहे थे.
उन्होंने कहा कि अगर मुस्लिम पक्ष प्रतिकूल कब्जे के सिद्धांत के तहत विवादित भूमि पर मालिकाना हक का दावा कर रहे हैं तो उन्हें यह स्वीकार करना होगा कि मूर्तियां या मंदिर पहले इसके असली मालिक थे. वैद्यनाथन ने कहा कि वे प्रतिकूल कब्जे के लाभ का दावा नहीं कर सकते. यदि वे ऐसा दावा करते हैं तो उन्हें पहले वाले मालिक, जो इस मामले में मंदिर या मूर्ति हैं, को बेदखल करना दर्शाना होगा. इस प्रकरण की सुनवाई कर रही संविधान पीठ के अन्य सदस्यों में न्यायमूर्ति एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति धनन्जय वाई चन्द्रचूड़, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर शामिल हैं. वैद्यनाथन ने कहा कि अयोध्या में मुसलमानों के पास नमाज पढ़ने के लिये अनेक स्थान हो सकते हैं लेकिन हिन्दुओं के लिये तो भगवान राम का जन्म स्थान एक ही है जिसे बदला नहीं जा सकता. उन्होंने कहा कि मुस्लिम पक्ष की इस दलील में कोई दम नहीं है कि लंबे समय तक इसका उपयोग होने के आधार पर इस भूमि को ‘वक्फ' को समर्पित कर दिया गया था क्योंकि इस संपत्ति पर उनका अकेले का कब्जा नहीं था.
मुस्लिम पक्षकारों की ओर से वकील राजीव धवन ने पूर्व आईपीएस अधिकारी किशोर कुणाल द्वारा अयोध्या पर लिखित एक पुस्तक का हवाला दिए जाने की कोशिश पर आपत्ति जताई और कहा कि इस तरह की कोशिशों की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए. बेंच ने सिंह को अपनी बहस जारी रखने के लिये कहा और टिप्पणी की कि धवन जी हमने आपकी आपत्ति का संज्ञान ले लिया है. धवन ने भगवान राम के सही जन्मस्थल को दर्शाने वाले सचित्र नक्शे का हवाला देने पर आपत्ति की थी. धवन ने सुप्रीम कोर्ट की बेंच से जानना चाहा कि वह इसका क्या करें. बेंच ने कहा कि वह इसके टुकड़े कर सकते हैं. इसके बाद धवन ने अखिल भारतीय हिन्दू महासभा द्वारा उपलब्ध कराए गये इस नक्शे को कोर्ट के सामने में ही फाड़ दिया. | संक्षिप्त पाठ: अंतिम दिन दोनों पक्षों के बीच हुई तीखी बहस
एक घंटे पहले खत्म हुई अंतिम दिन की सुनवाई
23 दिन बाद सुनाया जाएगा अयोध्या केस पर फैसला | 22 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के इलाके में पिछले विधानसभा चुनाव से पहले हुआ 40 करोड़ रुपये का एक बड़ा घोटाला सामने आया है। यहां के लोगों को नए घर और घर की मरम्मत के लिए 40 करोड़ रुपये बांटे गए, लेकिन हकीकत कुछ और है। असल में ये पैसे गांववालों को मिले ही नहीं।
गौरतलब है कि विधानसभा चुनावों से ठीक पहले जनवरी 2011 से मार्च 2012 के बीच मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के क्षेत्र के लिए एक तरह से सरकारी खजाने खोल दिए गए। पीयूडीए ने स्टेट इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड के 45 करोड़ रुपये गरीबों को घर बनाने के नाम पर बांटे। इसमें से 40 करोड़ रुपये सिर्फ मुक्तसर में बांटे गए, जो मुख्यमंत्री बादल का जिला है और उनके निर्वाचन क्षेत्र लांबी को भी इसका फायदा मिला। बाकी के 5 करोड़ पांच दूसरे जिलों के हिस्से में आए। बिना किसी प्रोजेक्ट रिपोर्ट के पीयूडीए ने जिस तारीख को रुपये बांटे उस पर अब सवाल उठने लगे हैं।
हाईकोर्ट के वरिष्ट वकील एचसी अरोड़ा के बताया कि एक ही दिन में किस तरह सीएम बादल ने डीसी को 10 करोड़ रुपये जारी करने के आदेश दिए। ये चुनाव आचार संहिता लागू होने से सिर्फ एक महीने पहले की बात है। सिर्फ मुख्यमंत्री के जिले में ही राशि का बड़ा हिस्सा दिया गया ऐसा क्यों? इसके पीछे क्या मकसद था, साफ है।
उधर, आरटीआई के जरिये मिली जानकारी के मुताबिक, मुक्तसर जिले के 19 हजार गरीब परिवारों को स्कीम का फायदा मिला और छह हजार परिवारों को 35-35 हजार रुपये कच्चा घर बनाने को बांटे गए और 13 हजार परिवारों को 15-15 हजार रुपये घर की मरम्मत के लिए दिए गए, लेकिन एनडीटीवी की टीम जब गांव पहुंची तो पता चला कि ज्यादातर लोगों को सिर्फ 15 से 18 हजार रुपये दिए गए। इसमें 5 हजार के चेक और बाकी का बिल्डिंग मैटीरियल बांटा गया। गांववालों के कहना है कि ये फायदा भी अकाली दल के लोगों और उनके करीबियों को ही मिला।टिप्पणियां
बकौल एक ग्रामीण, सरकार ने 5 हजार लेबरों के लिए 6 हजार ईंटें, रेता और 18 बोरी सीमेंट मिला। इतने में मकान पूरा नहीं हुआ। सबने अपने पैसे लगाए। सरकार ने 10-15 हजार और देने का वायदा किया था, लेकिन अब लगता नहीं मिलेगा। एक दूसरे ग्रामीण ने बताया कि हमें कभी कोई चेक नहीं मिला, और लोगों को मिला, हमने बहुत कोशिश की थी।
यही नहीं मुख्यमंत्री के इलाके लांबी के गांव भाई खेड़ा के लिए बड़ी रकम दे दी गई। यहां के एक घर के लिए डेढ़ लाख रुपये भी दिए गए। इस तरह लांबी के ही मूद्दु खेड़ा गांव में भी ईडब्ल्यूएस मकान बनाए गए, लेकिन इनमें इतना घटिया निर्माण हुआ कि ये रहने के काबिल नहीं हैं। ज्यादातर तो अधूरे पड़े हैं। अलॉट करना बाद की बात है। कांग्रेस ने पूरे मामले की जांच की मांग की है, लेकिन मुख्यमंत्री जांच की बात तो दूर किसी भी गड़बड़ी से साफ इनकार कर रहे हैं। प्रकाश सिंह बादल ने कहा कि ये सारा रिकॉर्ड डीसी के पास होता है। आरोप लगाने वाले लगाते रहते हैं।
गौरतलब है कि विधानसभा चुनावों से ठीक पहले जनवरी 2011 से मार्च 2012 के बीच मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के क्षेत्र के लिए एक तरह से सरकारी खजाने खोल दिए गए। पीयूडीए ने स्टेट इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड के 45 करोड़ रुपये गरीबों को घर बनाने के नाम पर बांटे। इसमें से 40 करोड़ रुपये सिर्फ मुक्तसर में बांटे गए, जो मुख्यमंत्री बादल का जिला है और उनके निर्वाचन क्षेत्र लांबी को भी इसका फायदा मिला। बाकी के 5 करोड़ पांच दूसरे जिलों के हिस्से में आए। बिना किसी प्रोजेक्ट रिपोर्ट के पीयूडीए ने जिस तारीख को रुपये बांटे उस पर अब सवाल उठने लगे हैं।
हाईकोर्ट के वरिष्ट वकील एचसी अरोड़ा के बताया कि एक ही दिन में किस तरह सीएम बादल ने डीसी को 10 करोड़ रुपये जारी करने के आदेश दिए। ये चुनाव आचार संहिता लागू होने से सिर्फ एक महीने पहले की बात है। सिर्फ मुख्यमंत्री के जिले में ही राशि का बड़ा हिस्सा दिया गया ऐसा क्यों? इसके पीछे क्या मकसद था, साफ है।
उधर, आरटीआई के जरिये मिली जानकारी के मुताबिक, मुक्तसर जिले के 19 हजार गरीब परिवारों को स्कीम का फायदा मिला और छह हजार परिवारों को 35-35 हजार रुपये कच्चा घर बनाने को बांटे गए और 13 हजार परिवारों को 15-15 हजार रुपये घर की मरम्मत के लिए दिए गए, लेकिन एनडीटीवी की टीम जब गांव पहुंची तो पता चला कि ज्यादातर लोगों को सिर्फ 15 से 18 हजार रुपये दिए गए। इसमें 5 हजार के चेक और बाकी का बिल्डिंग मैटीरियल बांटा गया। गांववालों के कहना है कि ये फायदा भी अकाली दल के लोगों और उनके करीबियों को ही मिला।टिप्पणियां
बकौल एक ग्रामीण, सरकार ने 5 हजार लेबरों के लिए 6 हजार ईंटें, रेता और 18 बोरी सीमेंट मिला। इतने में मकान पूरा नहीं हुआ। सबने अपने पैसे लगाए। सरकार ने 10-15 हजार और देने का वायदा किया था, लेकिन अब लगता नहीं मिलेगा। एक दूसरे ग्रामीण ने बताया कि हमें कभी कोई चेक नहीं मिला, और लोगों को मिला, हमने बहुत कोशिश की थी।
यही नहीं मुख्यमंत्री के इलाके लांबी के गांव भाई खेड़ा के लिए बड़ी रकम दे दी गई। यहां के एक घर के लिए डेढ़ लाख रुपये भी दिए गए। इस तरह लांबी के ही मूद्दु खेड़ा गांव में भी ईडब्ल्यूएस मकान बनाए गए, लेकिन इनमें इतना घटिया निर्माण हुआ कि ये रहने के काबिल नहीं हैं। ज्यादातर तो अधूरे पड़े हैं। अलॉट करना बाद की बात है। कांग्रेस ने पूरे मामले की जांच की मांग की है, लेकिन मुख्यमंत्री जांच की बात तो दूर किसी भी गड़बड़ी से साफ इनकार कर रहे हैं। प्रकाश सिंह बादल ने कहा कि ये सारा रिकॉर्ड डीसी के पास होता है। आरोप लगाने वाले लगाते रहते हैं।
हाईकोर्ट के वरिष्ट वकील एचसी अरोड़ा के बताया कि एक ही दिन में किस तरह सीएम बादल ने डीसी को 10 करोड़ रुपये जारी करने के आदेश दिए। ये चुनाव आचार संहिता लागू होने से सिर्फ एक महीने पहले की बात है। सिर्फ मुख्यमंत्री के जिले में ही राशि का बड़ा हिस्सा दिया गया ऐसा क्यों? इसके पीछे क्या मकसद था, साफ है।
उधर, आरटीआई के जरिये मिली जानकारी के मुताबिक, मुक्तसर जिले के 19 हजार गरीब परिवारों को स्कीम का फायदा मिला और छह हजार परिवारों को 35-35 हजार रुपये कच्चा घर बनाने को बांटे गए और 13 हजार परिवारों को 15-15 हजार रुपये घर की मरम्मत के लिए दिए गए, लेकिन एनडीटीवी की टीम जब गांव पहुंची तो पता चला कि ज्यादातर लोगों को सिर्फ 15 से 18 हजार रुपये दिए गए। इसमें 5 हजार के चेक और बाकी का बिल्डिंग मैटीरियल बांटा गया। गांववालों के कहना है कि ये फायदा भी अकाली दल के लोगों और उनके करीबियों को ही मिला।टिप्पणियां
बकौल एक ग्रामीण, सरकार ने 5 हजार लेबरों के लिए 6 हजार ईंटें, रेता और 18 बोरी सीमेंट मिला। इतने में मकान पूरा नहीं हुआ। सबने अपने पैसे लगाए। सरकार ने 10-15 हजार और देने का वायदा किया था, लेकिन अब लगता नहीं मिलेगा। एक दूसरे ग्रामीण ने बताया कि हमें कभी कोई चेक नहीं मिला, और लोगों को मिला, हमने बहुत कोशिश की थी।
यही नहीं मुख्यमंत्री के इलाके लांबी के गांव भाई खेड़ा के लिए बड़ी रकम दे दी गई। यहां के एक घर के लिए डेढ़ लाख रुपये भी दिए गए। इस तरह लांबी के ही मूद्दु खेड़ा गांव में भी ईडब्ल्यूएस मकान बनाए गए, लेकिन इनमें इतना घटिया निर्माण हुआ कि ये रहने के काबिल नहीं हैं। ज्यादातर तो अधूरे पड़े हैं। अलॉट करना बाद की बात है। कांग्रेस ने पूरे मामले की जांच की मांग की है, लेकिन मुख्यमंत्री जांच की बात तो दूर किसी भी गड़बड़ी से साफ इनकार कर रहे हैं। प्रकाश सिंह बादल ने कहा कि ये सारा रिकॉर्ड डीसी के पास होता है। आरोप लगाने वाले लगाते रहते हैं।
उधर, आरटीआई के जरिये मिली जानकारी के मुताबिक, मुक्तसर जिले के 19 हजार गरीब परिवारों को स्कीम का फायदा मिला और छह हजार परिवारों को 35-35 हजार रुपये कच्चा घर बनाने को बांटे गए और 13 हजार परिवारों को 15-15 हजार रुपये घर की मरम्मत के लिए दिए गए, लेकिन एनडीटीवी की टीम जब गांव पहुंची तो पता चला कि ज्यादातर लोगों को सिर्फ 15 से 18 हजार रुपये दिए गए। इसमें 5 हजार के चेक और बाकी का बिल्डिंग मैटीरियल बांटा गया। गांववालों के कहना है कि ये फायदा भी अकाली दल के लोगों और उनके करीबियों को ही मिला।टिप्पणियां
बकौल एक ग्रामीण, सरकार ने 5 हजार लेबरों के लिए 6 हजार ईंटें, रेता और 18 बोरी सीमेंट मिला। इतने में मकान पूरा नहीं हुआ। सबने अपने पैसे लगाए। सरकार ने 10-15 हजार और देने का वायदा किया था, लेकिन अब लगता नहीं मिलेगा। एक दूसरे ग्रामीण ने बताया कि हमें कभी कोई चेक नहीं मिला, और लोगों को मिला, हमने बहुत कोशिश की थी।
यही नहीं मुख्यमंत्री के इलाके लांबी के गांव भाई खेड़ा के लिए बड़ी रकम दे दी गई। यहां के एक घर के लिए डेढ़ लाख रुपये भी दिए गए। इस तरह लांबी के ही मूद्दु खेड़ा गांव में भी ईडब्ल्यूएस मकान बनाए गए, लेकिन इनमें इतना घटिया निर्माण हुआ कि ये रहने के काबिल नहीं हैं। ज्यादातर तो अधूरे पड़े हैं। अलॉट करना बाद की बात है। कांग्रेस ने पूरे मामले की जांच की मांग की है, लेकिन मुख्यमंत्री जांच की बात तो दूर किसी भी गड़बड़ी से साफ इनकार कर रहे हैं। प्रकाश सिंह बादल ने कहा कि ये सारा रिकॉर्ड डीसी के पास होता है। आरोप लगाने वाले लगाते रहते हैं।
बकौल एक ग्रामीण, सरकार ने 5 हजार लेबरों के लिए 6 हजार ईंटें, रेता और 18 बोरी सीमेंट मिला। इतने में मकान पूरा नहीं हुआ। सबने अपने पैसे लगाए। सरकार ने 10-15 हजार और देने का वायदा किया था, लेकिन अब लगता नहीं मिलेगा। एक दूसरे ग्रामीण ने बताया कि हमें कभी कोई चेक नहीं मिला, और लोगों को मिला, हमने बहुत कोशिश की थी।
यही नहीं मुख्यमंत्री के इलाके लांबी के गांव भाई खेड़ा के लिए बड़ी रकम दे दी गई। यहां के एक घर के लिए डेढ़ लाख रुपये भी दिए गए। इस तरह लांबी के ही मूद्दु खेड़ा गांव में भी ईडब्ल्यूएस मकान बनाए गए, लेकिन इनमें इतना घटिया निर्माण हुआ कि ये रहने के काबिल नहीं हैं। ज्यादातर तो अधूरे पड़े हैं। अलॉट करना बाद की बात है। कांग्रेस ने पूरे मामले की जांच की मांग की है, लेकिन मुख्यमंत्री जांच की बात तो दूर किसी भी गड़बड़ी से साफ इनकार कर रहे हैं। प्रकाश सिंह बादल ने कहा कि ये सारा रिकॉर्ड डीसी के पास होता है। आरोप लगाने वाले लगाते रहते हैं।
यही नहीं मुख्यमंत्री के इलाके लांबी के गांव भाई खेड़ा के लिए बड़ी रकम दे दी गई। यहां के एक घर के लिए डेढ़ लाख रुपये भी दिए गए। इस तरह लांबी के ही मूद्दु खेड़ा गांव में भी ईडब्ल्यूएस मकान बनाए गए, लेकिन इनमें इतना घटिया निर्माण हुआ कि ये रहने के काबिल नहीं हैं। ज्यादातर तो अधूरे पड़े हैं। अलॉट करना बाद की बात है। कांग्रेस ने पूरे मामले की जांच की मांग की है, लेकिन मुख्यमंत्री जांच की बात तो दूर किसी भी गड़बड़ी से साफ इनकार कर रहे हैं। प्रकाश सिंह बादल ने कहा कि ये सारा रिकॉर्ड डीसी के पास होता है। आरोप लगाने वाले लगाते रहते हैं। | यह एक सारांश है: पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के इलाके में पिछले विधानसभा चुनाव से पहले हुआ 40 करोड़ रुपये का एक बड़ा घोटाला सामने आया है। | 2 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने महिला अधिकारी जूलिया पियर्सन को खुफिया सेवा के नए निदेशक के तौर पर नियुक्ति किए जाने की घोषणा की है। इस पद के लिए पहली बार किसी महिला की नियुक्ति की गई है।
खुफिया सेवा का प्रमुख अमेरिकी राष्ट्रपति और उनके परिवार की सुरक्षा के लिए उत्तरदायी होता है।
कल ओबामा ने एक बयान में बताया ‘‘जुलिया इस खास एजेंसी का नेतृत्व करने की योग्य है जो न सिर्फ महत्वपूर्ण समारोहों में अमेरिकियों की, बल्कि हमारे वित्तीय प्रणाली की सुरक्षा करती है । यह हमारे नेताओं और खुद मझे एवं मेरे परिवार को भी सुरक्षा प्रदान करता है।’’टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि जुलिया का करियर अनुकरणीय रहा है और मैं जानता हूं कि उनका यह अनुभव इस महत्वपूर्ण एजेंसी से जुड़े पुरुष और महिलाओं को नेतृत्व प्रदान करने के दौरान काम आएगा।
वर्तमान में जूलिया पियर्सन यूनाइटेड स्टेट सीक्रेट सर्विस (यूएसएसएस) के कार्यालय में चीफ ऑफ स्टाफ के तौर पर कार्यरत हैं।
खुफिया सेवा का प्रमुख अमेरिकी राष्ट्रपति और उनके परिवार की सुरक्षा के लिए उत्तरदायी होता है।
कल ओबामा ने एक बयान में बताया ‘‘जुलिया इस खास एजेंसी का नेतृत्व करने की योग्य है जो न सिर्फ महत्वपूर्ण समारोहों में अमेरिकियों की, बल्कि हमारे वित्तीय प्रणाली की सुरक्षा करती है । यह हमारे नेताओं और खुद मझे एवं मेरे परिवार को भी सुरक्षा प्रदान करता है।’’टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि जुलिया का करियर अनुकरणीय रहा है और मैं जानता हूं कि उनका यह अनुभव इस महत्वपूर्ण एजेंसी से जुड़े पुरुष और महिलाओं को नेतृत्व प्रदान करने के दौरान काम आएगा।
वर्तमान में जूलिया पियर्सन यूनाइटेड स्टेट सीक्रेट सर्विस (यूएसएसएस) के कार्यालय में चीफ ऑफ स्टाफ के तौर पर कार्यरत हैं।
कल ओबामा ने एक बयान में बताया ‘‘जुलिया इस खास एजेंसी का नेतृत्व करने की योग्य है जो न सिर्फ महत्वपूर्ण समारोहों में अमेरिकियों की, बल्कि हमारे वित्तीय प्रणाली की सुरक्षा करती है । यह हमारे नेताओं और खुद मझे एवं मेरे परिवार को भी सुरक्षा प्रदान करता है।’’टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि जुलिया का करियर अनुकरणीय रहा है और मैं जानता हूं कि उनका यह अनुभव इस महत्वपूर्ण एजेंसी से जुड़े पुरुष और महिलाओं को नेतृत्व प्रदान करने के दौरान काम आएगा।
वर्तमान में जूलिया पियर्सन यूनाइटेड स्टेट सीक्रेट सर्विस (यूएसएसएस) के कार्यालय में चीफ ऑफ स्टाफ के तौर पर कार्यरत हैं।
उन्होंने कहा कि जुलिया का करियर अनुकरणीय रहा है और मैं जानता हूं कि उनका यह अनुभव इस महत्वपूर्ण एजेंसी से जुड़े पुरुष और महिलाओं को नेतृत्व प्रदान करने के दौरान काम आएगा।
वर्तमान में जूलिया पियर्सन यूनाइटेड स्टेट सीक्रेट सर्विस (यूएसएसएस) के कार्यालय में चीफ ऑफ स्टाफ के तौर पर कार्यरत हैं।
वर्तमान में जूलिया पियर्सन यूनाइटेड स्टेट सीक्रेट सर्विस (यूएसएसएस) के कार्यालय में चीफ ऑफ स्टाफ के तौर पर कार्यरत हैं। | यहाँ एक सारांश है:अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने महिला अधिकारी जूलिया पियर्सन को खुफिया सेवा के नए निदेशक के तौर पर नियुक्ति किए जाने की घोषणा की है। इस पद के लिए पहली बार किसी महिला की नियुक्ति की गई है। | 4 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अमेरिका की मोटरसाइकिल बनाने वाली प्रमुख कंपनी हार्ले डेविडसन भारत में अपनी मौजूदगी बढ़ाने के लिए छोटे शहरों में विस्तार करने का लक्ष्य रखा है।
हार्ले डेविडसन ने हाल ही में भारत में 12.80 लाख रुपये की मोटरसाइकिल पेश की है और यह भी कहा है कि कंपनी भारत में कई मॉडल असेंबल करने पर विचार कर रही है, ताकि यहां ग्राहकों को कम कीमत पर वाहन मिल सके।
हार्ले डेविडसन इंडिया के प्रबंध निदेशक अनूप प्रकाश ने संवाददाताओं से कहा, हम अपने डीलरशिप नेटवर्क का विस्तार कर रहे हैं। फिलहाल हमारे नौ शोरूम हैं और इस साल के अंत तक हमारा 10वां शोरूम खुलेगा और अगले साल हम जयपुर, इंदौर और पुणे में तीन और शोरूम खुलेंगे।टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि कंपनी ने दूसरे दर्जे के शहरों में अपनी मौजूदगी बढ़ाने के लिए सोच-समझकर फैसला किया है, क्योंकि यहां हार्ले डेविडसन की मोटरसाइकिलों की मांग है, जिसका अभी पता नहीं चल पाया है। प्रकाश ने कहा, हमें छोटे शहरों में अच्छी मांग दिख रही है।
यह पूछने पर कि क्या हार्ले डेविडसन कीमत कम करने के लिए भारत में और मॉडल को असेंबल करेगी, उन्होंने कहा, हालांकि हमारी तुरंत ऐसी कोई योजना नहीं है, लेकिन ग्राहकों को कम कीमत पर अपने उत्पाद उपलब्ध कराने के लिए इसका विकल्प खुला रखेंगे।
हार्ले डेविडसन ने हाल ही में भारत में 12.80 लाख रुपये की मोटरसाइकिल पेश की है और यह भी कहा है कि कंपनी भारत में कई मॉडल असेंबल करने पर विचार कर रही है, ताकि यहां ग्राहकों को कम कीमत पर वाहन मिल सके।
हार्ले डेविडसन इंडिया के प्रबंध निदेशक अनूप प्रकाश ने संवाददाताओं से कहा, हम अपने डीलरशिप नेटवर्क का विस्तार कर रहे हैं। फिलहाल हमारे नौ शोरूम हैं और इस साल के अंत तक हमारा 10वां शोरूम खुलेगा और अगले साल हम जयपुर, इंदौर और पुणे में तीन और शोरूम खुलेंगे।टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि कंपनी ने दूसरे दर्जे के शहरों में अपनी मौजूदगी बढ़ाने के लिए सोच-समझकर फैसला किया है, क्योंकि यहां हार्ले डेविडसन की मोटरसाइकिलों की मांग है, जिसका अभी पता नहीं चल पाया है। प्रकाश ने कहा, हमें छोटे शहरों में अच्छी मांग दिख रही है।
यह पूछने पर कि क्या हार्ले डेविडसन कीमत कम करने के लिए भारत में और मॉडल को असेंबल करेगी, उन्होंने कहा, हालांकि हमारी तुरंत ऐसी कोई योजना नहीं है, लेकिन ग्राहकों को कम कीमत पर अपने उत्पाद उपलब्ध कराने के लिए इसका विकल्प खुला रखेंगे।
हार्ले डेविडसन इंडिया के प्रबंध निदेशक अनूप प्रकाश ने संवाददाताओं से कहा, हम अपने डीलरशिप नेटवर्क का विस्तार कर रहे हैं। फिलहाल हमारे नौ शोरूम हैं और इस साल के अंत तक हमारा 10वां शोरूम खुलेगा और अगले साल हम जयपुर, इंदौर और पुणे में तीन और शोरूम खुलेंगे।टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि कंपनी ने दूसरे दर्जे के शहरों में अपनी मौजूदगी बढ़ाने के लिए सोच-समझकर फैसला किया है, क्योंकि यहां हार्ले डेविडसन की मोटरसाइकिलों की मांग है, जिसका अभी पता नहीं चल पाया है। प्रकाश ने कहा, हमें छोटे शहरों में अच्छी मांग दिख रही है।
यह पूछने पर कि क्या हार्ले डेविडसन कीमत कम करने के लिए भारत में और मॉडल को असेंबल करेगी, उन्होंने कहा, हालांकि हमारी तुरंत ऐसी कोई योजना नहीं है, लेकिन ग्राहकों को कम कीमत पर अपने उत्पाद उपलब्ध कराने के लिए इसका विकल्प खुला रखेंगे।
उन्होंने कहा कि कंपनी ने दूसरे दर्जे के शहरों में अपनी मौजूदगी बढ़ाने के लिए सोच-समझकर फैसला किया है, क्योंकि यहां हार्ले डेविडसन की मोटरसाइकिलों की मांग है, जिसका अभी पता नहीं चल पाया है। प्रकाश ने कहा, हमें छोटे शहरों में अच्छी मांग दिख रही है।
यह पूछने पर कि क्या हार्ले डेविडसन कीमत कम करने के लिए भारत में और मॉडल को असेंबल करेगी, उन्होंने कहा, हालांकि हमारी तुरंत ऐसी कोई योजना नहीं है, लेकिन ग्राहकों को कम कीमत पर अपने उत्पाद उपलब्ध कराने के लिए इसका विकल्प खुला रखेंगे।
यह पूछने पर कि क्या हार्ले डेविडसन कीमत कम करने के लिए भारत में और मॉडल को असेंबल करेगी, उन्होंने कहा, हालांकि हमारी तुरंत ऐसी कोई योजना नहीं है, लेकिन ग्राहकों को कम कीमत पर अपने उत्पाद उपलब्ध कराने के लिए इसका विकल्प खुला रखेंगे। | हार्ले डेविडसन ने हाल ही में भारत में 12.80 लाख रुपये की मोटरसाइकिल पेश की है और कहा है कि कंपनी भारत में कई मॉडल असेंबल करने पर विचार कर रही है, ताकि ग्राहकों को कम कीमत पर बाइक मिल सके। | 28 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पड़ोसी जिले रमाबाईनगर के डेरापुर के बिहारी गांव में पुलिस की कथित पिटाई से क्षुब्ध होकर हाईस्कूल के एक छात्र ने आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद जनता के गुस्से को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने विहाराघाट चौकी इंचार्ज और दो सिपाहियों को सस्पेंड कर दिया है तथा उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करा दी गई है। रमबाई नगर के एसपी आशुतोष कुमार के अनुसार घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं और लोगों के गुस्से को देखते हुए इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किए गए हैं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि डेरापुर इलाके के विहारी गांव के पास एक ढाबे से 13 जनवरी की रात एक नलकूप चोरी हो गया। ढाबे के मालिक सुरेश फौजी की शिकायत पर पुलिस चौकी इंचार्ज ने 14 जनवरी की रात को गांव के चार लड़कों को उठा लिया और उनसे पूछताछ की। इन चार लड़कों में से एक हाईस्कूल के छात्र विजय कुमार के पिता रघुवीर का आरोप है कि उसके पुत्र की बुरी तरह की पिटाई की गई और चौकी इंचार्ज एमपी सिंह ने 14 हजार रुपये रिश्वत लेकर उसे छोड़ा। पुलिस चौकी से लौटने के बाद विजय शनिवार रात अपने कमरे में सोने गया और रविवार सुबह जब काफी देर तक उसके कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो घर वालों को आशंका हुई। उन्होंने अंदर झांका तो विजय को पंखे के कुंडे से रस्सी के सहारे लटकता पाया। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: रमाबाईनगर के डेरापुर के बिहारी गांव में पुलिस की कथित पिटाई से क्षुब्ध होकर हाईस्कूल के एक छात्र ने आत्महत्या कर ली। जनता के गुस्से को देखते हुए प्रशासन ने चौकी इंचार्ज और दो सिपाहियों को सस्पेंड कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। | 3 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: ब्रिक (ब्राजील, रूस, भारत और चीन) देशों की आर्थिक वृद्धि दर में चीन और भारत की मुख्य भूमिका कायम रहेगी और आगामी वर्षों में एशिया की इन दो ताकतों की वृद्धि दर में अंतर लगातार कम होता जाएगा। यह बात क्रेडिट सुईस की रपट में कही गई है।
रपट के मुताबिक, हालांकि ब्रिक देशों की वृद्धि दर में हो रही कमी ने इन देशों की दीर्घकालिक संभावनाओं पर सवाल उठाया है, लेकिन इसके बावजूद आने वाले दिनों में इस समूह में चीन और भारत की वृद्धि में प्रमुख भूमिका रहेगी। हालांकि, संकट से पूर्व की स्थिति में लौटना संभव नहीं होगा।
रपट में कहा गया कि इस परिदृश्य में हमारा मानना है कि चीन और भारत के बीच वृद्धि दर का अंतर घटेगा।
रपट के मुताबिक निवेश में कमी और श्रमबल में कमी से चीन की वृद्धि दर नियंत्रित होगी जबकि भारत की दीर्घकालिक वृद्धि की सैद्धांतिक रूप से अधिक संभावना है।
क्रेडिट सुईस ने कहा, ‘‘भारत में दीर्घकालिक स्तर पर उच्च वृद्धि दर्ज करने की अच्छी संभावना है क्योंकि इसका शुरुआती स्तर नीचे है और संभावना बहुत अधिक है।’’ रपट में कहा गया कि खेतिहर मजदूरों को कृषि से हटा से ज्यादा विकसित और उत्पादक क्षेत्र में ले जाने की बड़ी संभावना है।
भारतीय अर्थव्यवस्था 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट से पहले आठ से नौ फीसद की दर से बढ़ रही थी। वित्त वर्ष 2011-12 में यह वृद्धि दर घटकर 6.5 फीसद के नौ साल के निचले स्तर पर आ गई।टिप्पणियां
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में आर्थिक वृद्धि दर 5.3 फीसद रही, जबकि 30 जून को समाप्त तिमाही के दौरान वृद्धि दर 5.5 फीसद थी।
इस रपट में भारत के संबंध में कहा गया कि इसकी सफलता निजी बचत को बढ़ावा देना और इसका इस्तेमाल अनुत्पादक सरकारी खर्च के बदले निजी क्षेत्र में निवेश में करने पर निर्भर करेगी।
रपट के मुताबिक, हालांकि ब्रिक देशों की वृद्धि दर में हो रही कमी ने इन देशों की दीर्घकालिक संभावनाओं पर सवाल उठाया है, लेकिन इसके बावजूद आने वाले दिनों में इस समूह में चीन और भारत की वृद्धि में प्रमुख भूमिका रहेगी। हालांकि, संकट से पूर्व की स्थिति में लौटना संभव नहीं होगा।
रपट में कहा गया कि इस परिदृश्य में हमारा मानना है कि चीन और भारत के बीच वृद्धि दर का अंतर घटेगा।
रपट के मुताबिक निवेश में कमी और श्रमबल में कमी से चीन की वृद्धि दर नियंत्रित होगी जबकि भारत की दीर्घकालिक वृद्धि की सैद्धांतिक रूप से अधिक संभावना है।
क्रेडिट सुईस ने कहा, ‘‘भारत में दीर्घकालिक स्तर पर उच्च वृद्धि दर्ज करने की अच्छी संभावना है क्योंकि इसका शुरुआती स्तर नीचे है और संभावना बहुत अधिक है।’’ रपट में कहा गया कि खेतिहर मजदूरों को कृषि से हटा से ज्यादा विकसित और उत्पादक क्षेत्र में ले जाने की बड़ी संभावना है।
भारतीय अर्थव्यवस्था 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट से पहले आठ से नौ फीसद की दर से बढ़ रही थी। वित्त वर्ष 2011-12 में यह वृद्धि दर घटकर 6.5 फीसद के नौ साल के निचले स्तर पर आ गई।टिप्पणियां
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में आर्थिक वृद्धि दर 5.3 फीसद रही, जबकि 30 जून को समाप्त तिमाही के दौरान वृद्धि दर 5.5 फीसद थी।
इस रपट में भारत के संबंध में कहा गया कि इसकी सफलता निजी बचत को बढ़ावा देना और इसका इस्तेमाल अनुत्पादक सरकारी खर्च के बदले निजी क्षेत्र में निवेश में करने पर निर्भर करेगी।
रपट में कहा गया कि इस परिदृश्य में हमारा मानना है कि चीन और भारत के बीच वृद्धि दर का अंतर घटेगा।
रपट के मुताबिक निवेश में कमी और श्रमबल में कमी से चीन की वृद्धि दर नियंत्रित होगी जबकि भारत की दीर्घकालिक वृद्धि की सैद्धांतिक रूप से अधिक संभावना है।
क्रेडिट सुईस ने कहा, ‘‘भारत में दीर्घकालिक स्तर पर उच्च वृद्धि दर्ज करने की अच्छी संभावना है क्योंकि इसका शुरुआती स्तर नीचे है और संभावना बहुत अधिक है।’’ रपट में कहा गया कि खेतिहर मजदूरों को कृषि से हटा से ज्यादा विकसित और उत्पादक क्षेत्र में ले जाने की बड़ी संभावना है।
भारतीय अर्थव्यवस्था 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट से पहले आठ से नौ फीसद की दर से बढ़ रही थी। वित्त वर्ष 2011-12 में यह वृद्धि दर घटकर 6.5 फीसद के नौ साल के निचले स्तर पर आ गई।टिप्पणियां
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में आर्थिक वृद्धि दर 5.3 फीसद रही, जबकि 30 जून को समाप्त तिमाही के दौरान वृद्धि दर 5.5 फीसद थी।
इस रपट में भारत के संबंध में कहा गया कि इसकी सफलता निजी बचत को बढ़ावा देना और इसका इस्तेमाल अनुत्पादक सरकारी खर्च के बदले निजी क्षेत्र में निवेश में करने पर निर्भर करेगी।
रपट के मुताबिक निवेश में कमी और श्रमबल में कमी से चीन की वृद्धि दर नियंत्रित होगी जबकि भारत की दीर्घकालिक वृद्धि की सैद्धांतिक रूप से अधिक संभावना है।
क्रेडिट सुईस ने कहा, ‘‘भारत में दीर्घकालिक स्तर पर उच्च वृद्धि दर्ज करने की अच्छी संभावना है क्योंकि इसका शुरुआती स्तर नीचे है और संभावना बहुत अधिक है।’’ रपट में कहा गया कि खेतिहर मजदूरों को कृषि से हटा से ज्यादा विकसित और उत्पादक क्षेत्र में ले जाने की बड़ी संभावना है।
भारतीय अर्थव्यवस्था 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट से पहले आठ से नौ फीसद की दर से बढ़ रही थी। वित्त वर्ष 2011-12 में यह वृद्धि दर घटकर 6.5 फीसद के नौ साल के निचले स्तर पर आ गई।टिप्पणियां
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में आर्थिक वृद्धि दर 5.3 फीसद रही, जबकि 30 जून को समाप्त तिमाही के दौरान वृद्धि दर 5.5 फीसद थी।
इस रपट में भारत के संबंध में कहा गया कि इसकी सफलता निजी बचत को बढ़ावा देना और इसका इस्तेमाल अनुत्पादक सरकारी खर्च के बदले निजी क्षेत्र में निवेश में करने पर निर्भर करेगी।
क्रेडिट सुईस ने कहा, ‘‘भारत में दीर्घकालिक स्तर पर उच्च वृद्धि दर्ज करने की अच्छी संभावना है क्योंकि इसका शुरुआती स्तर नीचे है और संभावना बहुत अधिक है।’’ रपट में कहा गया कि खेतिहर मजदूरों को कृषि से हटा से ज्यादा विकसित और उत्पादक क्षेत्र में ले जाने की बड़ी संभावना है।
भारतीय अर्थव्यवस्था 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट से पहले आठ से नौ फीसद की दर से बढ़ रही थी। वित्त वर्ष 2011-12 में यह वृद्धि दर घटकर 6.5 फीसद के नौ साल के निचले स्तर पर आ गई।टिप्पणियां
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में आर्थिक वृद्धि दर 5.3 फीसद रही, जबकि 30 जून को समाप्त तिमाही के दौरान वृद्धि दर 5.5 फीसद थी।
इस रपट में भारत के संबंध में कहा गया कि इसकी सफलता निजी बचत को बढ़ावा देना और इसका इस्तेमाल अनुत्पादक सरकारी खर्च के बदले निजी क्षेत्र में निवेश में करने पर निर्भर करेगी।
भारतीय अर्थव्यवस्था 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट से पहले आठ से नौ फीसद की दर से बढ़ रही थी। वित्त वर्ष 2011-12 में यह वृद्धि दर घटकर 6.5 फीसद के नौ साल के निचले स्तर पर आ गई।टिप्पणियां
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में आर्थिक वृद्धि दर 5.3 फीसद रही, जबकि 30 जून को समाप्त तिमाही के दौरान वृद्धि दर 5.5 फीसद थी।
इस रपट में भारत के संबंध में कहा गया कि इसकी सफलता निजी बचत को बढ़ावा देना और इसका इस्तेमाल अनुत्पादक सरकारी खर्च के बदले निजी क्षेत्र में निवेश में करने पर निर्भर करेगी।
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में आर्थिक वृद्धि दर 5.3 फीसद रही, जबकि 30 जून को समाप्त तिमाही के दौरान वृद्धि दर 5.5 फीसद थी।
इस रपट में भारत के संबंध में कहा गया कि इसकी सफलता निजी बचत को बढ़ावा देना और इसका इस्तेमाल अनुत्पादक सरकारी खर्च के बदले निजी क्षेत्र में निवेश में करने पर निर्भर करेगी।
इस रपट में भारत के संबंध में कहा गया कि इसकी सफलता निजी बचत को बढ़ावा देना और इसका इस्तेमाल अनुत्पादक सरकारी खर्च के बदले निजी क्षेत्र में निवेश में करने पर निर्भर करेगी। | यह एक सारांश है: ब्रिक देशों की आर्थिक वृद्धि दर में चीन और भारत की मुख्य भूमिका कायम रहेगी और आगामी वर्षों में एशिया की इन दो ताकतों की वृद्धि दर में अंतर लगातार कम होता जाएगा। | 24 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: वैश्विक रेटिंग निर्धारण एजेंसी फिच ने धीमी पड़ती सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि और लोक वित्त की कमजोर स्थिति को देखते हुए भारत की साख रेटिंग अगले एक से दो साल के भीतर कम होने की चेतावनी दोहराई है।
हालांकि, वित्त मंत्रालय ने इसे हल्के में लेते हुए कहा है कि वित्तीय मोर्चे पर सरकार सही दिशा में आगे बढ़ रही है।
फिच ने टोक्यो से एक कांफ्रेंस कॉल में कहा ‘पिछले साल जून मध्य में हमने भारत की साख रेटिंग के लिए नकारात्मक दृष्टिकोण रखा था। फिलहाल भारत की रेटिंग बीबीबी नकारात्मक है। नकरात्मक दृष्टिकोण से तात्पर्य रेटिंग में 12 से 24 महीने के भीतर गिरावट आ सकती है।’टिप्पणियां
वित्त मंत्रालय ने कहा है कि वह सही दिशा में आगे बढ़ रहा है और उसे राजकोषीय घाटे के जीडीपी के 5.3 प्रतिशत के दायरे में रहने का पूरा भरोसा है।
वित्त मंत्रालय में आर्थिक मामलों के सचिव अरविंद मायाराम ने दिल्ली में कहा ‘हमें चिंता नहीं है। हम कहते रहे हैं कि हम सही रास्ते पर हैं, लेकिन लोग हम पर संदेह करते है और यह पूछते हैं कि क्या हम राजकोषीय घाटे को लक्ष्य के भीतर रख पाएंगे। हम वित्तीय मजबूती के लिए बनाई गई कार्ययोजना का पालन करेंगे।’ उन्होंने कहा कि सरकार ने राजस्व प्राप्ति और खर्च के अंत को चालू वित्त वर्ष के दौरान जीडीपी का 5.3 प्रतिशत के भीतर रखने के लिए अनेक कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले साल में भी हम इस प्रक्रिया को जारी रखेंगे।
हालांकि, वित्त मंत्रालय ने इसे हल्के में लेते हुए कहा है कि वित्तीय मोर्चे पर सरकार सही दिशा में आगे बढ़ रही है।
फिच ने टोक्यो से एक कांफ्रेंस कॉल में कहा ‘पिछले साल जून मध्य में हमने भारत की साख रेटिंग के लिए नकारात्मक दृष्टिकोण रखा था। फिलहाल भारत की रेटिंग बीबीबी नकारात्मक है। नकरात्मक दृष्टिकोण से तात्पर्य रेटिंग में 12 से 24 महीने के भीतर गिरावट आ सकती है।’टिप्पणियां
वित्त मंत्रालय ने कहा है कि वह सही दिशा में आगे बढ़ रहा है और उसे राजकोषीय घाटे के जीडीपी के 5.3 प्रतिशत के दायरे में रहने का पूरा भरोसा है।
वित्त मंत्रालय में आर्थिक मामलों के सचिव अरविंद मायाराम ने दिल्ली में कहा ‘हमें चिंता नहीं है। हम कहते रहे हैं कि हम सही रास्ते पर हैं, लेकिन लोग हम पर संदेह करते है और यह पूछते हैं कि क्या हम राजकोषीय घाटे को लक्ष्य के भीतर रख पाएंगे। हम वित्तीय मजबूती के लिए बनाई गई कार्ययोजना का पालन करेंगे।’ उन्होंने कहा कि सरकार ने राजस्व प्राप्ति और खर्च के अंत को चालू वित्त वर्ष के दौरान जीडीपी का 5.3 प्रतिशत के भीतर रखने के लिए अनेक कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले साल में भी हम इस प्रक्रिया को जारी रखेंगे।
फिच ने टोक्यो से एक कांफ्रेंस कॉल में कहा ‘पिछले साल जून मध्य में हमने भारत की साख रेटिंग के लिए नकारात्मक दृष्टिकोण रखा था। फिलहाल भारत की रेटिंग बीबीबी नकारात्मक है। नकरात्मक दृष्टिकोण से तात्पर्य रेटिंग में 12 से 24 महीने के भीतर गिरावट आ सकती है।’टिप्पणियां
वित्त मंत्रालय ने कहा है कि वह सही दिशा में आगे बढ़ रहा है और उसे राजकोषीय घाटे के जीडीपी के 5.3 प्रतिशत के दायरे में रहने का पूरा भरोसा है।
वित्त मंत्रालय में आर्थिक मामलों के सचिव अरविंद मायाराम ने दिल्ली में कहा ‘हमें चिंता नहीं है। हम कहते रहे हैं कि हम सही रास्ते पर हैं, लेकिन लोग हम पर संदेह करते है और यह पूछते हैं कि क्या हम राजकोषीय घाटे को लक्ष्य के भीतर रख पाएंगे। हम वित्तीय मजबूती के लिए बनाई गई कार्ययोजना का पालन करेंगे।’ उन्होंने कहा कि सरकार ने राजस्व प्राप्ति और खर्च के अंत को चालू वित्त वर्ष के दौरान जीडीपी का 5.3 प्रतिशत के भीतर रखने के लिए अनेक कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले साल में भी हम इस प्रक्रिया को जारी रखेंगे।
वित्त मंत्रालय ने कहा है कि वह सही दिशा में आगे बढ़ रहा है और उसे राजकोषीय घाटे के जीडीपी के 5.3 प्रतिशत के दायरे में रहने का पूरा भरोसा है।
वित्त मंत्रालय में आर्थिक मामलों के सचिव अरविंद मायाराम ने दिल्ली में कहा ‘हमें चिंता नहीं है। हम कहते रहे हैं कि हम सही रास्ते पर हैं, लेकिन लोग हम पर संदेह करते है और यह पूछते हैं कि क्या हम राजकोषीय घाटे को लक्ष्य के भीतर रख पाएंगे। हम वित्तीय मजबूती के लिए बनाई गई कार्ययोजना का पालन करेंगे।’ उन्होंने कहा कि सरकार ने राजस्व प्राप्ति और खर्च के अंत को चालू वित्त वर्ष के दौरान जीडीपी का 5.3 प्रतिशत के भीतर रखने के लिए अनेक कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले साल में भी हम इस प्रक्रिया को जारी रखेंगे।
वित्त मंत्रालय में आर्थिक मामलों के सचिव अरविंद मायाराम ने दिल्ली में कहा ‘हमें चिंता नहीं है। हम कहते रहे हैं कि हम सही रास्ते पर हैं, लेकिन लोग हम पर संदेह करते है और यह पूछते हैं कि क्या हम राजकोषीय घाटे को लक्ष्य के भीतर रख पाएंगे। हम वित्तीय मजबूती के लिए बनाई गई कार्ययोजना का पालन करेंगे।’ उन्होंने कहा कि सरकार ने राजस्व प्राप्ति और खर्च के अंत को चालू वित्त वर्ष के दौरान जीडीपी का 5.3 प्रतिशत के भीतर रखने के लिए अनेक कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले साल में भी हम इस प्रक्रिया को जारी रखेंगे। | सारांश: वैश्विक रेटिंग निर्धारण एजेंसी फिच ने धीमी पड़ती सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि और लोक वित्त की कमजोर स्थिति को देखते हुए भारत की साख रेटिंग अगले एक से दो साल के भीतर कम होने की चेतावनी दोहराई है। | 5 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: बीजेपी अध्यक्ष और गृहमंत्री अमित शाह ने आज एक कार्यक्रम में इस बात का खुलासा किया है कि पीएम मोदी और उन्होंने योगी आदित्यनाथ को देश के सबसे ज्यादा सीटों वाले राज्य उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री क्यों बनाया है. गौरतलब है कि गोरखधाम मंदिर के मुख्य पुजारी रहे योगी का इस पद के लिए चुना जाना कई लोगों के लिए हैरान करने वाला था. हालांकि योगी की छवि राज्य में हिंदुत्व के पोस्टर ब्वाय के रूप में बन चुकी थी. वहीं सीएम पद के लिए उनके नाम की घोषणा इसलिए भी हैरान करने वाला था क्योंकि उनको प्रशासन का कोई भी अनुभव नहीं था. लेकिन उनके नाम की घोषणा इस पद पर किए जाने की वजह का खुलासा करते हुए अमित शाह ने कहा, 'किसी ने सोचा भी नहीं था कि योगी मुख्यमंत्री बनेंगे. कई लोगों ने मुझसे कहा कि योगी को तो नगर निगम चलाने का भी अनुभव नहीं है, आप उन्हें सीएम क्यों बना रहे हैं. हां यह सही है कि उनको नगर निगम चलाने का भी अनुभव नहीं था. वह एक मंदिर के प्रमुख थे.'
लखनऊ में एक कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में अमित शाह ने आगे कहा, ' लोगों ने मुझसे कहा आप उनको इतने बड़े राज्य की कमान क्यों सौंप रहे हैं. लेकिन पीएम मोदी और मैंने उन्हें सीएम बनाने का फैसला किया. क्योंकि वह कर्मठ हैं और उन्होंने अपने कम अनुभव को कठोर परिश्रम से कभी बाधा नहीं बनने दिया. आपको बता दें कि साल 2017 में बीजेपी को उत्तर प्रदेश में प्रचंड बहुमत मिला था. जनता के इस फैसले को पीएम मोदी के विकास कार्यों को लेकर किए गए वादों पर विश्वास माना गया. लेकिन इस चुनाव में पार्टी ने किसी को भी सीएम पद का चेहरा नहीं घोषित नहीं किया था. नतीजों के बाद यह एक बड़ा मुद्दा बन गया था कि बीजेपी किसे उत्तर प्रदेश का सीएम बनाएगी. लेकिन योगी आदित्यनाथ का नाम शुरू से ही चर्चा में था. वहीं सूत्रों का कहना है कि आरएसएस की ओर से मनोज सिन्हा के नाम पर मुहर लगाई गई थी. लेकिन बाद में योगी के नाम पर फैसला इसलिए किया गया क्योंकि वह पार्टी कैडर में बहुत ज्यादा लोकप्रिय थे. | यहाँ एक सारांश है:अमित शाह ने की सीएम योगी की तारीफ
कड़ी मेहनत करते हैं सीएम योगी
'कई लोगों ने सीएम बनाने पर उठाए थे सवाल' | 4 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने शुक्रवार को कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा अपने प्रमुख मौद्रिक दरों में बढ़ोतरी किए जाने से महंगाई को एक 'संतोषजनक' स्तर पर लाने में मदद मिलेगी। ज्ञात हो कि आरबीआई ने शुक्रवार को अपने प्रमुख मौद्रिक दरों में 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी कर दी। महंगाई पर लगाम लगाने के लिए केंद्रीय बैंक ने जनवरी 2010 से 12वीं बार अपनी दरों में वृद्धि की है। मौद्रिक नीतियों पर प्रतिक्रिया देते हुए मुखर्जी ने कहा, "केंद्रीय बैंक ने जो कदम उठाए हैं उससे मैं उम्मीद करता हूं कि हमें देर-सबेर महंगाई से राहत मिलेगी।" उन्होंने कहा कि मौद्रिक नीतियों को सख्त किए जाने से हाल के कुछ महीनों में विकास की गति प्रभावित हुई है। ज्ञात हो कि वर्ष 2011-12 की पहली तिमाही में भारत का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) घटकर 7.7 प्रतिशत हो गया है। इसके पहले तिमाही में यह दर 7.8 प्रतिशत थी जबकि पिछले साल की इसी अवधि में यह दर 8.8 फीसदी थी। इसके अलावा गत जुलाई में औद्योगिक उत्पादन वृद्धि भी घटकर 3.3 प्रतिशत पर आ गई जो पिछले 21 महीनों में सबसे कम है। | यहाँ एक सारांश है:प्रणब ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा अपने प्रमुख मौद्रिक दरों में बढ़ोतरी किए जाने से महंगाई को एक 'संतोषजनक' स्तर पर लाने में मदद मिलेगी। | 15 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सुप्रीम कोर्ट ने अभिनेता राजपाल यादव को राहत नहीं दी है। कोर्ट ने राजपाल यादव की याचिका खारिज करते हुए कहा कि उन्हें 6 दिन के लिए जेल जाना होगा।
मामला कर्ज न चुकाने का है। फिल्म 'अता पता लापता' बनाने के लिए दिल्ली की मुरली प्रोजेक्ट्स नाम की कंपनी से 2010 में 5 करोड़ रुपये लिए थे। कर्ज न चुकाने पर दिल्ली हाई कोर्ट में चल रहे केस में वह कई बार झूठे वादे कर चुके हैं।
2014 में हाई कोर्ट ने 10 दिन के लिए जेल भेजा था, लेकिन 4 दिन जेल में बिताने के बाद सज़ा स्थगित कर दी गई थी। उसी के बचे 10 दिन काटने का हाई कोर्ट ने आदेश दिया था। दरअसल, दिल्ली हाई कोर्ट ने बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव को 15 जुलाई तक तिहाड़ जेल में आत्मसमर्पण करके पूर्व में उन्हें दी गई सजा के बचे हुए 6 दिन काटने का निर्देश दिया था, जिसे उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में चुनोती दी। अभिनेता को यह सजा झूठा हलफनामा दायर करने के लिए 2013 में दी गई थी।
राजपाल यादव ने 3 से 6 दिसंबर 2013 तक जेल में चार दिन काटे थे, जिसके बाद दिल्ली हाई कोर्ट की खंडपीठ ने उनकी अपील पर सजा निलंबित कर दी थी। न्यायमूर्ति एस रवींद्र भट और न्यायमूर्ति दीपा शर्मा की पीठ ने दिसंबर 2013 में एक न्यायाधीश की दी गई सजा बरकरार रखी और कहा कि प्रक्रिया का पालन करने में यादव की नाकामी को स्वीकारा नहीं जा सकता। उनको अपने आचरण के बारे में स्पष्टीकरण देने के लिए पर्याप्त समय दिये जाने के बावजूद वह झूठ पर कायम रहे। टिप्पणियां
पीठ ने कहा था कि इस मामले का लंबा इतिहास बताता है कि बार-बार शपथपत्र का उल्लंघन हुआ और जब यह पूछने के लिए उन्हें बुलाया गया कि कार्रवाई क्यों नहीं की जाए, अपीलकर्ता और उनकी पत्नी ने झूठे और टालने वाले जवाब दिए जिसमें झूठे हलफनामे को सही ठहराना शामिल है।
अभिनेता के खिलाफ अवमानना कार्रवाई एक कारोबारी की याचिका पर की थी। यादव और उनकी पत्नी के खिलाफ दायर वसूली वाद में अदालत को गुमराह करने पर शुरू की गई थी। एकल न्यायाधीश की पीठ ने यादव द्वारा दो दिसंबर 2013 को दायर हलफनामे पर आपत्ति जताई थी जो कथित रूप से झूठा तैयार किया गया था और इसमें उनकी पत्नी के जाली हस्ताक्षर थे।
मामला कर्ज न चुकाने का है। फिल्म 'अता पता लापता' बनाने के लिए दिल्ली की मुरली प्रोजेक्ट्स नाम की कंपनी से 2010 में 5 करोड़ रुपये लिए थे। कर्ज न चुकाने पर दिल्ली हाई कोर्ट में चल रहे केस में वह कई बार झूठे वादे कर चुके हैं।
2014 में हाई कोर्ट ने 10 दिन के लिए जेल भेजा था, लेकिन 4 दिन जेल में बिताने के बाद सज़ा स्थगित कर दी गई थी। उसी के बचे 10 दिन काटने का हाई कोर्ट ने आदेश दिया था। दरअसल, दिल्ली हाई कोर्ट ने बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव को 15 जुलाई तक तिहाड़ जेल में आत्मसमर्पण करके पूर्व में उन्हें दी गई सजा के बचे हुए 6 दिन काटने का निर्देश दिया था, जिसे उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में चुनोती दी। अभिनेता को यह सजा झूठा हलफनामा दायर करने के लिए 2013 में दी गई थी।
राजपाल यादव ने 3 से 6 दिसंबर 2013 तक जेल में चार दिन काटे थे, जिसके बाद दिल्ली हाई कोर्ट की खंडपीठ ने उनकी अपील पर सजा निलंबित कर दी थी। न्यायमूर्ति एस रवींद्र भट और न्यायमूर्ति दीपा शर्मा की पीठ ने दिसंबर 2013 में एक न्यायाधीश की दी गई सजा बरकरार रखी और कहा कि प्रक्रिया का पालन करने में यादव की नाकामी को स्वीकारा नहीं जा सकता। उनको अपने आचरण के बारे में स्पष्टीकरण देने के लिए पर्याप्त समय दिये जाने के बावजूद वह झूठ पर कायम रहे। टिप्पणियां
पीठ ने कहा था कि इस मामले का लंबा इतिहास बताता है कि बार-बार शपथपत्र का उल्लंघन हुआ और जब यह पूछने के लिए उन्हें बुलाया गया कि कार्रवाई क्यों नहीं की जाए, अपीलकर्ता और उनकी पत्नी ने झूठे और टालने वाले जवाब दिए जिसमें झूठे हलफनामे को सही ठहराना शामिल है।
अभिनेता के खिलाफ अवमानना कार्रवाई एक कारोबारी की याचिका पर की थी। यादव और उनकी पत्नी के खिलाफ दायर वसूली वाद में अदालत को गुमराह करने पर शुरू की गई थी। एकल न्यायाधीश की पीठ ने यादव द्वारा दो दिसंबर 2013 को दायर हलफनामे पर आपत्ति जताई थी जो कथित रूप से झूठा तैयार किया गया था और इसमें उनकी पत्नी के जाली हस्ताक्षर थे।
2014 में हाई कोर्ट ने 10 दिन के लिए जेल भेजा था, लेकिन 4 दिन जेल में बिताने के बाद सज़ा स्थगित कर दी गई थी। उसी के बचे 10 दिन काटने का हाई कोर्ट ने आदेश दिया था। दरअसल, दिल्ली हाई कोर्ट ने बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव को 15 जुलाई तक तिहाड़ जेल में आत्मसमर्पण करके पूर्व में उन्हें दी गई सजा के बचे हुए 6 दिन काटने का निर्देश दिया था, जिसे उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में चुनोती दी। अभिनेता को यह सजा झूठा हलफनामा दायर करने के लिए 2013 में दी गई थी।
राजपाल यादव ने 3 से 6 दिसंबर 2013 तक जेल में चार दिन काटे थे, जिसके बाद दिल्ली हाई कोर्ट की खंडपीठ ने उनकी अपील पर सजा निलंबित कर दी थी। न्यायमूर्ति एस रवींद्र भट और न्यायमूर्ति दीपा शर्मा की पीठ ने दिसंबर 2013 में एक न्यायाधीश की दी गई सजा बरकरार रखी और कहा कि प्रक्रिया का पालन करने में यादव की नाकामी को स्वीकारा नहीं जा सकता। उनको अपने आचरण के बारे में स्पष्टीकरण देने के लिए पर्याप्त समय दिये जाने के बावजूद वह झूठ पर कायम रहे। टिप्पणियां
पीठ ने कहा था कि इस मामले का लंबा इतिहास बताता है कि बार-बार शपथपत्र का उल्लंघन हुआ और जब यह पूछने के लिए उन्हें बुलाया गया कि कार्रवाई क्यों नहीं की जाए, अपीलकर्ता और उनकी पत्नी ने झूठे और टालने वाले जवाब दिए जिसमें झूठे हलफनामे को सही ठहराना शामिल है।
अभिनेता के खिलाफ अवमानना कार्रवाई एक कारोबारी की याचिका पर की थी। यादव और उनकी पत्नी के खिलाफ दायर वसूली वाद में अदालत को गुमराह करने पर शुरू की गई थी। एकल न्यायाधीश की पीठ ने यादव द्वारा दो दिसंबर 2013 को दायर हलफनामे पर आपत्ति जताई थी जो कथित रूप से झूठा तैयार किया गया था और इसमें उनकी पत्नी के जाली हस्ताक्षर थे।
राजपाल यादव ने 3 से 6 दिसंबर 2013 तक जेल में चार दिन काटे थे, जिसके बाद दिल्ली हाई कोर्ट की खंडपीठ ने उनकी अपील पर सजा निलंबित कर दी थी। न्यायमूर्ति एस रवींद्र भट और न्यायमूर्ति दीपा शर्मा की पीठ ने दिसंबर 2013 में एक न्यायाधीश की दी गई सजा बरकरार रखी और कहा कि प्रक्रिया का पालन करने में यादव की नाकामी को स्वीकारा नहीं जा सकता। उनको अपने आचरण के बारे में स्पष्टीकरण देने के लिए पर्याप्त समय दिये जाने के बावजूद वह झूठ पर कायम रहे। टिप्पणियां
पीठ ने कहा था कि इस मामले का लंबा इतिहास बताता है कि बार-बार शपथपत्र का उल्लंघन हुआ और जब यह पूछने के लिए उन्हें बुलाया गया कि कार्रवाई क्यों नहीं की जाए, अपीलकर्ता और उनकी पत्नी ने झूठे और टालने वाले जवाब दिए जिसमें झूठे हलफनामे को सही ठहराना शामिल है।
अभिनेता के खिलाफ अवमानना कार्रवाई एक कारोबारी की याचिका पर की थी। यादव और उनकी पत्नी के खिलाफ दायर वसूली वाद में अदालत को गुमराह करने पर शुरू की गई थी। एकल न्यायाधीश की पीठ ने यादव द्वारा दो दिसंबर 2013 को दायर हलफनामे पर आपत्ति जताई थी जो कथित रूप से झूठा तैयार किया गया था और इसमें उनकी पत्नी के जाली हस्ताक्षर थे।
पीठ ने कहा था कि इस मामले का लंबा इतिहास बताता है कि बार-बार शपथपत्र का उल्लंघन हुआ और जब यह पूछने के लिए उन्हें बुलाया गया कि कार्रवाई क्यों नहीं की जाए, अपीलकर्ता और उनकी पत्नी ने झूठे और टालने वाले जवाब दिए जिसमें झूठे हलफनामे को सही ठहराना शामिल है।
अभिनेता के खिलाफ अवमानना कार्रवाई एक कारोबारी की याचिका पर की थी। यादव और उनकी पत्नी के खिलाफ दायर वसूली वाद में अदालत को गुमराह करने पर शुरू की गई थी। एकल न्यायाधीश की पीठ ने यादव द्वारा दो दिसंबर 2013 को दायर हलफनामे पर आपत्ति जताई थी जो कथित रूप से झूठा तैयार किया गया था और इसमें उनकी पत्नी के जाली हस्ताक्षर थे।
अभिनेता के खिलाफ अवमानना कार्रवाई एक कारोबारी की याचिका पर की थी। यादव और उनकी पत्नी के खिलाफ दायर वसूली वाद में अदालत को गुमराह करने पर शुरू की गई थी। एकल न्यायाधीश की पीठ ने यादव द्वारा दो दिसंबर 2013 को दायर हलफनामे पर आपत्ति जताई थी जो कथित रूप से झूठा तैयार किया गया था और इसमें उनकी पत्नी के जाली हस्ताक्षर थे। | संक्षिप्त सारांश: राजपाल यादव को छह दिन के लिए जाना होगा जेल
2010 में 5 करोड़ कर्ज का मामला
कई बार झूठे वादे कर चुके हैं राजपाल यादव | 10 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने रविवार अपराह्न् राजस्थान के अजमेर शहर में स्थित सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर चादर चढ़ाई और अमन-चैन के लिए जियारत की। जरदारी ने दरगाह के लिए 10 लाख डॉलर का दान भी दिया।
दरगाह के खादिम (संचालक) जीशान कप्तान ने कहा, "राष्ट्रपति जरदारी ने यहां जियारत की और दरगाह के लिए 10 लाख डॉलर (करीब पांच करोड़ रुपये) दान दिए।"
कप्तान के मुताबिक गरीब नवाज के नाम से मशहूर सूफी संत के दरगाह में जरदारी और उनके पुत्र बिलावल ने 10 मिनट बिताए। यहां उन्होंने जेब में रखी कुरान की कुछ आयतें पढ़ीं। पिता-पुत्र ने पाकिस्तान से लाई गई चादरें चढ़ाईं। इसके बाद खादिम ने दोनों को उपहार भेंट किए।
जरदारी भारतीय वायु सेना के हेलीकॉप्टर एमआई-17 से अपराह्न् चार बजे के बाद अजमेर हेलीपैड पर उतरे। उसके बाद वह 12 किलोमीटर दूर स्थित दरगाह के लिए कारों के काफिले में रवाना हुए। टिप्पणियां
जरदारी के दौरे के मद्देनजर पूरे अजमेर में सुरक्षा चाकचौबंद थी। शहर की सभी दुकानें पहले ही बंद करा दी गई थीं।
इसके पहले वह पाकिस्तानी वायु सेना के एक विमान से नई दिल्ली से जयपुर पहुंचे थे। नई दिल्ली में उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ 40 मिनट तक बातचीत की थी।
दरगाह के खादिम (संचालक) जीशान कप्तान ने कहा, "राष्ट्रपति जरदारी ने यहां जियारत की और दरगाह के लिए 10 लाख डॉलर (करीब पांच करोड़ रुपये) दान दिए।"
कप्तान के मुताबिक गरीब नवाज के नाम से मशहूर सूफी संत के दरगाह में जरदारी और उनके पुत्र बिलावल ने 10 मिनट बिताए। यहां उन्होंने जेब में रखी कुरान की कुछ आयतें पढ़ीं। पिता-पुत्र ने पाकिस्तान से लाई गई चादरें चढ़ाईं। इसके बाद खादिम ने दोनों को उपहार भेंट किए।
जरदारी भारतीय वायु सेना के हेलीकॉप्टर एमआई-17 से अपराह्न् चार बजे के बाद अजमेर हेलीपैड पर उतरे। उसके बाद वह 12 किलोमीटर दूर स्थित दरगाह के लिए कारों के काफिले में रवाना हुए। टिप्पणियां
जरदारी के दौरे के मद्देनजर पूरे अजमेर में सुरक्षा चाकचौबंद थी। शहर की सभी दुकानें पहले ही बंद करा दी गई थीं।
इसके पहले वह पाकिस्तानी वायु सेना के एक विमान से नई दिल्ली से जयपुर पहुंचे थे। नई दिल्ली में उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ 40 मिनट तक बातचीत की थी।
कप्तान के मुताबिक गरीब नवाज के नाम से मशहूर सूफी संत के दरगाह में जरदारी और उनके पुत्र बिलावल ने 10 मिनट बिताए। यहां उन्होंने जेब में रखी कुरान की कुछ आयतें पढ़ीं। पिता-पुत्र ने पाकिस्तान से लाई गई चादरें चढ़ाईं। इसके बाद खादिम ने दोनों को उपहार भेंट किए।
जरदारी भारतीय वायु सेना के हेलीकॉप्टर एमआई-17 से अपराह्न् चार बजे के बाद अजमेर हेलीपैड पर उतरे। उसके बाद वह 12 किलोमीटर दूर स्थित दरगाह के लिए कारों के काफिले में रवाना हुए। टिप्पणियां
जरदारी के दौरे के मद्देनजर पूरे अजमेर में सुरक्षा चाकचौबंद थी। शहर की सभी दुकानें पहले ही बंद करा दी गई थीं।
इसके पहले वह पाकिस्तानी वायु सेना के एक विमान से नई दिल्ली से जयपुर पहुंचे थे। नई दिल्ली में उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ 40 मिनट तक बातचीत की थी।
जरदारी भारतीय वायु सेना के हेलीकॉप्टर एमआई-17 से अपराह्न् चार बजे के बाद अजमेर हेलीपैड पर उतरे। उसके बाद वह 12 किलोमीटर दूर स्थित दरगाह के लिए कारों के काफिले में रवाना हुए। टिप्पणियां
जरदारी के दौरे के मद्देनजर पूरे अजमेर में सुरक्षा चाकचौबंद थी। शहर की सभी दुकानें पहले ही बंद करा दी गई थीं।
इसके पहले वह पाकिस्तानी वायु सेना के एक विमान से नई दिल्ली से जयपुर पहुंचे थे। नई दिल्ली में उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ 40 मिनट तक बातचीत की थी।
जरदारी के दौरे के मद्देनजर पूरे अजमेर में सुरक्षा चाकचौबंद थी। शहर की सभी दुकानें पहले ही बंद करा दी गई थीं।
इसके पहले वह पाकिस्तानी वायु सेना के एक विमान से नई दिल्ली से जयपुर पहुंचे थे। नई दिल्ली में उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ 40 मिनट तक बातचीत की थी।
इसके पहले वह पाकिस्तानी वायु सेना के एक विमान से नई दिल्ली से जयपुर पहुंचे थे। नई दिल्ली में उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ 40 मिनट तक बातचीत की थी। | संक्षिप्त पाठ: पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने रविवार अपराह्न् राजस्थान के अजमेर शहर में स्थित सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर चादर चढ़ाई और अमन-चैन के लिए जियारत की। | 30 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों पर हुए हमले के बाद हड़ताल ने देशभर के डॉक्टर एकजुट होकर विरोध-प्रदर्शन कर रह रहे हैं. दिल्ली, मुंबई से लेकर राजस्थान, केरल, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में इसका बढ़ता रूप देखना जाने लगा है. ऐसे में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि डॉक्टरों को वो धमका रही हैं. उन्हें हड़ताल खत्म करने के लिए कदम उठाना चाहिए. डॉ. हर्षवर्धन आज ममता बनर्जी को पत्र लिखेंगे और डॉक्टरों की हड़ताल खत्म करने की अपील करेंगे.
वहीं दूसरी बंगाल के दो अलग-अलग अस्पताल से कुल 43 डॉक्टरों ने इस्तीफा दे दिया है. नोर्थ बंगाल मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, दार्जिलिंग के 27 और आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल, कोलकाता के 16 डॉक्टरों ने इस्तीफा दे दिया है.
डॉ. हर्षवर्धन शनिवार को देश के सभी मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर अस्पतालों में डॉक्टरों को सुरक्षित माहौल मुहैया कराने की गुजारिश करेंगे. उन्होंने कहा, ''दिल्ली के जो डॉक्टर हड़ताल पर हैं उनसे अपील करेंगे कि जो उन्होंने शपथ लिया था उसे याद करते हुए हड़ताल वापस लें.'' हर्षवर्धन ने कहा, ''विरोध का सांकेतिक तरीका हड़ताल के अलावा दूसरा भी हो सकता है. सबसे अपील हड़ताल खत्म करें. सेफ एनवायरनमेंट की कोशिश होनी चाहिए.''
एम्स के रेजिडेन्ट्स डॉक्टर्स एसोशिएशन (RDA) के 7 डॉक्टर का डेलीगेशन स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन से मिले. उन्होंने डॉक्टरों को आश्वासन दिया कि इस मामले में ममता बनर्जी को पत्र लिखेंगे. सुरक्षा के लिए गृहमंत्री अमित शाह से भी व्यक्तिगत अनुरोध करेंगे. उन्होंने डॉक्टरों से अनुरोध किया कि हड़ताल के लिए उसे वापस लेना चाहिए.
हर्षवर्धन ने सभी हड़ताली डॉक्टरों से धैर्य और गम्भीरता बनाए रखने की अपील की. उन्होंने मीडिया के जरिए भी अपील की कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री इस मुद्दे को प्रतिष्ठा का विषय न बनाएं. ममता बनर्जी की इस हड़ताल को खत्म करने में अहम भूमिका होनी चाहिए. मुझे लगता है कि बहन ममता बनर्जी मेरी अपील सुनेंगी. | यहाँ एक सारांश है:डॉक्टरों की हड़ताल के बाद डॉ. हर्षवर्धन का बयान
ममता बनर्जी पर साधा निशाना
दिल्ली समेत राज्यों में डॉक्टरों का विरोध-प्रदर्शन | 15 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: रूसी प्रधानमंत्री व्लादमीर पुतिन ने सोमवार को कहा कि अमेरिका अपनी आमदनी से अधिक खर्च करता है और वैश्विक अर्थव्यवस्था के एक परजीवी की तरह जीता है। इससे पहले अमेरिकी कांग्रेस के निचले सदन हाऊस ऑफ रिप्रजेंटेटिव्स ने सोमवार को अमेरिकी कर्ज की सीमा बढ़ाने सम्बंधी विधेयक को मंजूदी दे दी। समाचार एजेंसी आरआईए नोवोस्ती के अनुसार, युवाओं के एक राजनीतिक शिविर में पुतिन ने कहा कि अमेरिका, साख पर निर्भर होकर अपने कर्ज को बढ़ाना चाहता है। पुतिन ने कहा, "वह अपने संसाधनों से अधिक खर्च करता है, अपनी समस्याओं के लिए वैश्विक अर्थव्यवस्था को निचोड़ता है और वैश्विक अर्थव्यवस्था के एक परजीवी की तरह जीता है।" लेकिन पुतिन ने यहीं पर यह भी स्वीकार किया कि वर्तमान स्थिति में अमेरिका ने एक संतुलित निर्णय लिया है, क्योंकि उसके सम्भावित दिवालिया होने से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी प्रभाव पड़ता, जो कि किसी भी रूप में अच्छा नहीं होता। | यहाँ एक सारांश है:पुतिन ने सोमवार को कहा कि अमेरिका अपनी आमदनी से अधिक खर्च करता है और वैश्विक अर्थव्यवस्था के एक परजीवी की तरह जीता है। | 18 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के मतदान का दिन जैसे-जैसे करीब आ रहा है, वैसे-वैसे दोनों प्रमुख उम्मीदवारों के बीच व्हाहट हाउस की रेस भी कांटे की टक्कर में तब्दील होती दिख रही है. इसी कड़ी में एक नए पोल में हिलेरी क्लिंटन की बढ़त घट गई है और अब प्रतिद्वंद्वी डोनाल्ड ट्रंप उनसे महज एक प्वाइंट के मामूली अंतर से पीछे हैं.
दरअसल हिलेरी के ईमेल विवाद में इसी हफ्ते नया मोड़ आ गया है. उनके कुछ और ईमेल सार्वजनिक होने के बाद एफबीआई उस मामले की पड़ताल फिर से करने जा रही है. उसके बाद डोनाल्ड ट्रंप के हमलों से हिलेरी की बढ़त कमजोर हुई है.
एबीसी न्यूज/वाशिंगटन पोस्ट के नए पोल में हिलेरी क्लिंटन और डोनाल्ड ट्रंप के बीच अंतर 46-45 प्रतिशत का हो गया है. यानी अब डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार हिलेरी महज एक प्वाइंट से आगे हैं.
उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को एफबीआई के डायरेक्टर जेम्स कोमी ने सांसदों को पत्र लिखकर सूचित किया है कि नए ईमेल सामने आने के बाद उनके एजेंट इस मामले की समीक्षा कर रहे हैं.
इस पर डोनाल्ड ट्रंप के हमले के जवाब में हिलेरी ने कहा, ''मौजूदा राजनीतिक माहौल के शोर में हमें अपने ध्यान को भटकने नहीं दे सकते और हमको ध्यान केंद्रित करना होगा...नकारात्मक, घृणा फैलाने वाले और समाज तोड़ने वाले विजन का जवाब वोटिंग से ही सर्वश्रेष्ठ तरीके से दिया जा सकता है.''टिप्पणियां
हिलेरी से संबंधित नए ताजा विवाद में बोलते हुए ट्रंप ने लास वेगास में रविवार को कहा, ''उन्होंने जानबूझकर और उद्देश्यपूर्ण तरीके से इस आपराधिक कृत्य को किया.'' उल्लेखनीय है कि अमेरिका में आठ नवंबर को राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान होने जा रहा है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दरअसल हिलेरी के ईमेल विवाद में इसी हफ्ते नया मोड़ आ गया है. उनके कुछ और ईमेल सार्वजनिक होने के बाद एफबीआई उस मामले की पड़ताल फिर से करने जा रही है. उसके बाद डोनाल्ड ट्रंप के हमलों से हिलेरी की बढ़त कमजोर हुई है.
एबीसी न्यूज/वाशिंगटन पोस्ट के नए पोल में हिलेरी क्लिंटन और डोनाल्ड ट्रंप के बीच अंतर 46-45 प्रतिशत का हो गया है. यानी अब डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार हिलेरी महज एक प्वाइंट से आगे हैं.
उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को एफबीआई के डायरेक्टर जेम्स कोमी ने सांसदों को पत्र लिखकर सूचित किया है कि नए ईमेल सामने आने के बाद उनके एजेंट इस मामले की समीक्षा कर रहे हैं.
इस पर डोनाल्ड ट्रंप के हमले के जवाब में हिलेरी ने कहा, ''मौजूदा राजनीतिक माहौल के शोर में हमें अपने ध्यान को भटकने नहीं दे सकते और हमको ध्यान केंद्रित करना होगा...नकारात्मक, घृणा फैलाने वाले और समाज तोड़ने वाले विजन का जवाब वोटिंग से ही सर्वश्रेष्ठ तरीके से दिया जा सकता है.''टिप्पणियां
हिलेरी से संबंधित नए ताजा विवाद में बोलते हुए ट्रंप ने लास वेगास में रविवार को कहा, ''उन्होंने जानबूझकर और उद्देश्यपूर्ण तरीके से इस आपराधिक कृत्य को किया.'' उल्लेखनीय है कि अमेरिका में आठ नवंबर को राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान होने जा रहा है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
एबीसी न्यूज/वाशिंगटन पोस्ट के नए पोल में हिलेरी क्लिंटन और डोनाल्ड ट्रंप के बीच अंतर 46-45 प्रतिशत का हो गया है. यानी अब डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार हिलेरी महज एक प्वाइंट से आगे हैं.
उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को एफबीआई के डायरेक्टर जेम्स कोमी ने सांसदों को पत्र लिखकर सूचित किया है कि नए ईमेल सामने आने के बाद उनके एजेंट इस मामले की समीक्षा कर रहे हैं.
इस पर डोनाल्ड ट्रंप के हमले के जवाब में हिलेरी ने कहा, ''मौजूदा राजनीतिक माहौल के शोर में हमें अपने ध्यान को भटकने नहीं दे सकते और हमको ध्यान केंद्रित करना होगा...नकारात्मक, घृणा फैलाने वाले और समाज तोड़ने वाले विजन का जवाब वोटिंग से ही सर्वश्रेष्ठ तरीके से दिया जा सकता है.''टिप्पणियां
हिलेरी से संबंधित नए ताजा विवाद में बोलते हुए ट्रंप ने लास वेगास में रविवार को कहा, ''उन्होंने जानबूझकर और उद्देश्यपूर्ण तरीके से इस आपराधिक कृत्य को किया.'' उल्लेखनीय है कि अमेरिका में आठ नवंबर को राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान होने जा रहा है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को एफबीआई के डायरेक्टर जेम्स कोमी ने सांसदों को पत्र लिखकर सूचित किया है कि नए ईमेल सामने आने के बाद उनके एजेंट इस मामले की समीक्षा कर रहे हैं.
इस पर डोनाल्ड ट्रंप के हमले के जवाब में हिलेरी ने कहा, ''मौजूदा राजनीतिक माहौल के शोर में हमें अपने ध्यान को भटकने नहीं दे सकते और हमको ध्यान केंद्रित करना होगा...नकारात्मक, घृणा फैलाने वाले और समाज तोड़ने वाले विजन का जवाब वोटिंग से ही सर्वश्रेष्ठ तरीके से दिया जा सकता है.''टिप्पणियां
हिलेरी से संबंधित नए ताजा विवाद में बोलते हुए ट्रंप ने लास वेगास में रविवार को कहा, ''उन्होंने जानबूझकर और उद्देश्यपूर्ण तरीके से इस आपराधिक कृत्य को किया.'' उल्लेखनीय है कि अमेरिका में आठ नवंबर को राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान होने जा रहा है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इस पर डोनाल्ड ट्रंप के हमले के जवाब में हिलेरी ने कहा, ''मौजूदा राजनीतिक माहौल के शोर में हमें अपने ध्यान को भटकने नहीं दे सकते और हमको ध्यान केंद्रित करना होगा...नकारात्मक, घृणा फैलाने वाले और समाज तोड़ने वाले विजन का जवाब वोटिंग से ही सर्वश्रेष्ठ तरीके से दिया जा सकता है.''टिप्पणियां
हिलेरी से संबंधित नए ताजा विवाद में बोलते हुए ट्रंप ने लास वेगास में रविवार को कहा, ''उन्होंने जानबूझकर और उद्देश्यपूर्ण तरीके से इस आपराधिक कृत्य को किया.'' उल्लेखनीय है कि अमेरिका में आठ नवंबर को राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान होने जा रहा है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
हिलेरी से संबंधित नए ताजा विवाद में बोलते हुए ट्रंप ने लास वेगास में रविवार को कहा, ''उन्होंने जानबूझकर और उद्देश्यपूर्ण तरीके से इस आपराधिक कृत्य को किया.'' उल्लेखनीय है कि अमेरिका में आठ नवंबर को राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान होने जा रहा है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | सारांश: हिलेरी से जुड़े ईमेल विवाद में आया नया मोड़
एफबीआई फिर से केस की जांच करने जा रही
आठ नवंबर को होने हैं राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान | 5 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: विदेशमंत्री एसएम कृष्णा अपनी समकक्ष हिना रब्बानी खार के साथ द्विपक्षीय वार्ता प्रक्रिया के दूसरे दौर की समीक्षा करने के लिए तीन दिवसीय यात्रा पर 7 सितंबर को पाकिस्तान की यात्रा पर जाएंगे।
राजनयिक सूत्रों ने बताया कि भारतीय उच्चायुक्त शरत सब्बरवाल ने पाकिस्तान के विदेश सचिव जलील अब्बास जिलानी से मुलाकात की और कृष्णा की यात्रा की तारीख के बारे में उन्हें जानकारी दी। यात्रा की तारीखों के बारे में पहले विदेश मंत्रालय द्वारा सुझाव दिया गया था।
भारतीय उच्चायुक्त और जिलानी ने कृष्णा की यात्रा की तैयारियों समेत द्विपक्षीय मुद्दों पर भी चर्चा की। सूत्रों ने बताया कि मुंबई हमलों के बाद दो साल से अधिक समयांतराल तक बातचीत नहीं होने के बाद पिछले साल वार्ता प्रक्रिया फिर से शुरू हुई थी। यात्रा के दौरान कृष्णा 8 सितंबर को खार के साथ बैठक के दौरान वार्ता प्रक्रिया की समीक्षा करेंगे।टिप्पणियां
समीक्षा के बाद, उम्मीद है कि कृष्णा और खार तीसरे दौर के वार्ता प्रक्रिया की संभावित तैयारी की रूपरेखा तय करेंगे। इस्लामाबाद यात्रा के दौरान उम्मीद है कि कृष्णा राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी, प्रधानमंत्री राजा परवेज अशरफ और पीएमएल-एन के प्रमुख नवाज शरीफ और पीएमएल क्यू के नेता चौधरी शुजात हुसैन सहित कुछ महत्वपूर्ण राजनेताओं के साथ मुलाकात करेंगे। बातचीत प्रक्रिया की बहाली के बाद, भारत और पाकिस्तान ने सामान्य व्यापार संबंधों में उल्लेखनीय प्रगति की है।
सांसद दुष्यंत सिहं ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये मुआवजा देने की सरकार से मांग की है।
राजनयिक सूत्रों ने बताया कि भारतीय उच्चायुक्त शरत सब्बरवाल ने पाकिस्तान के विदेश सचिव जलील अब्बास जिलानी से मुलाकात की और कृष्णा की यात्रा की तारीख के बारे में उन्हें जानकारी दी। यात्रा की तारीखों के बारे में पहले विदेश मंत्रालय द्वारा सुझाव दिया गया था।
भारतीय उच्चायुक्त और जिलानी ने कृष्णा की यात्रा की तैयारियों समेत द्विपक्षीय मुद्दों पर भी चर्चा की। सूत्रों ने बताया कि मुंबई हमलों के बाद दो साल से अधिक समयांतराल तक बातचीत नहीं होने के बाद पिछले साल वार्ता प्रक्रिया फिर से शुरू हुई थी। यात्रा के दौरान कृष्णा 8 सितंबर को खार के साथ बैठक के दौरान वार्ता प्रक्रिया की समीक्षा करेंगे।टिप्पणियां
समीक्षा के बाद, उम्मीद है कि कृष्णा और खार तीसरे दौर के वार्ता प्रक्रिया की संभावित तैयारी की रूपरेखा तय करेंगे। इस्लामाबाद यात्रा के दौरान उम्मीद है कि कृष्णा राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी, प्रधानमंत्री राजा परवेज अशरफ और पीएमएल-एन के प्रमुख नवाज शरीफ और पीएमएल क्यू के नेता चौधरी शुजात हुसैन सहित कुछ महत्वपूर्ण राजनेताओं के साथ मुलाकात करेंगे। बातचीत प्रक्रिया की बहाली के बाद, भारत और पाकिस्तान ने सामान्य व्यापार संबंधों में उल्लेखनीय प्रगति की है।
सांसद दुष्यंत सिहं ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये मुआवजा देने की सरकार से मांग की है।
भारतीय उच्चायुक्त और जिलानी ने कृष्णा की यात्रा की तैयारियों समेत द्विपक्षीय मुद्दों पर भी चर्चा की। सूत्रों ने बताया कि मुंबई हमलों के बाद दो साल से अधिक समयांतराल तक बातचीत नहीं होने के बाद पिछले साल वार्ता प्रक्रिया फिर से शुरू हुई थी। यात्रा के दौरान कृष्णा 8 सितंबर को खार के साथ बैठक के दौरान वार्ता प्रक्रिया की समीक्षा करेंगे।टिप्पणियां
समीक्षा के बाद, उम्मीद है कि कृष्णा और खार तीसरे दौर के वार्ता प्रक्रिया की संभावित तैयारी की रूपरेखा तय करेंगे। इस्लामाबाद यात्रा के दौरान उम्मीद है कि कृष्णा राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी, प्रधानमंत्री राजा परवेज अशरफ और पीएमएल-एन के प्रमुख नवाज शरीफ और पीएमएल क्यू के नेता चौधरी शुजात हुसैन सहित कुछ महत्वपूर्ण राजनेताओं के साथ मुलाकात करेंगे। बातचीत प्रक्रिया की बहाली के बाद, भारत और पाकिस्तान ने सामान्य व्यापार संबंधों में उल्लेखनीय प्रगति की है।
सांसद दुष्यंत सिहं ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये मुआवजा देने की सरकार से मांग की है।
समीक्षा के बाद, उम्मीद है कि कृष्णा और खार तीसरे दौर के वार्ता प्रक्रिया की संभावित तैयारी की रूपरेखा तय करेंगे। इस्लामाबाद यात्रा के दौरान उम्मीद है कि कृष्णा राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी, प्रधानमंत्री राजा परवेज अशरफ और पीएमएल-एन के प्रमुख नवाज शरीफ और पीएमएल क्यू के नेता चौधरी शुजात हुसैन सहित कुछ महत्वपूर्ण राजनेताओं के साथ मुलाकात करेंगे। बातचीत प्रक्रिया की बहाली के बाद, भारत और पाकिस्तान ने सामान्य व्यापार संबंधों में उल्लेखनीय प्रगति की है।
सांसद दुष्यंत सिहं ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये मुआवजा देने की सरकार से मांग की है।
सांसद दुष्यंत सिहं ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये मुआवजा देने की सरकार से मांग की है। | सारांश: विदेशमंत्री एसएम कृष्णा अपनी समकक्ष हिना रब्बानी खार के साथ द्विपक्षीय वार्ता प्रक्रिया के दूसरे दौर की समीक्षा करने के लिए तीन दिवसीय यात्रा पर 7 सितंबर को पाकिस्तान की यात्रा पर जाएंगे। | 5 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) ने मनोचिकित्सक, नेत्ररोज विशेषज्ञ समेत कई अन्य पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी कर आवेदन आमंत्रित किया है. इच्छुक और योग्य अभ्यर्थी 13 जुलाई, 2017 तक आवेदन कर सकते हैं. झारखंड लोक सेवा आयोग ने 396 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन मंगाया है.
शैक्षणिक योग्यता :
झारखंड लोक सेवा आयोग के मनोचिकित्सक, नेत्ररोज विशेषज्ञ समेत कई अन्य पदों पर भर्ती के लिए आवेदन करने के इच्छुक उम्मीदवार के पास भारतीय चिकित्सा परिषद से मान्यताप्राप्त संस्थान से संबंधित विषय में परास्नातक की डिग्री आवश्यक है.
आयु सीमा :
झारखंड लोक सेवा आयोग के मनोचिकित्सक, नेत्ररोज विशेषज्ञ समेत कई अन्य पदों पर भर्ती के लिए आवेदक की उम्र 25 साल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए.टिप्पणियां
आवेदन शुल्क :
जनरल और ओबीसी उम्मीदवार को इन पदों पर आवेदन करने के लिए 600 रुपये और झारखंड के एससी या एसटी वर्ग के उम्मीदवारों को 150 रुपये शुल्क देना होगा.
ऐसे करें आवेदन :
झारखंड लोक सेवा आयोग के मनोचिकित्सक, नेत्ररोज विशेषज्ञ समेत कई अन्य पदों पर भर्ती के लिए इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 13 जुलाई, 2017 तक जेपीएससी की वेबसाइट (www.jpsc.gov.in) पर क्लिक कर ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं. ऑनलाइन आवेदन के बाद आगे की चयन प्रक्रिया के लिए आवेदन पत्र का प्रिंटआउट सुरक्षित रख लें. अधिक जानकारी के लिए जेपीएससी की वेबसाइट चेक करें.
शैक्षणिक योग्यता :
झारखंड लोक सेवा आयोग के मनोचिकित्सक, नेत्ररोज विशेषज्ञ समेत कई अन्य पदों पर भर्ती के लिए आवेदन करने के इच्छुक उम्मीदवार के पास भारतीय चिकित्सा परिषद से मान्यताप्राप्त संस्थान से संबंधित विषय में परास्नातक की डिग्री आवश्यक है.
आयु सीमा :
झारखंड लोक सेवा आयोग के मनोचिकित्सक, नेत्ररोज विशेषज्ञ समेत कई अन्य पदों पर भर्ती के लिए आवेदक की उम्र 25 साल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए.टिप्पणियां
आवेदन शुल्क :
जनरल और ओबीसी उम्मीदवार को इन पदों पर आवेदन करने के लिए 600 रुपये और झारखंड के एससी या एसटी वर्ग के उम्मीदवारों को 150 रुपये शुल्क देना होगा.
ऐसे करें आवेदन :
झारखंड लोक सेवा आयोग के मनोचिकित्सक, नेत्ररोज विशेषज्ञ समेत कई अन्य पदों पर भर्ती के लिए इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 13 जुलाई, 2017 तक जेपीएससी की वेबसाइट (www.jpsc.gov.in) पर क्लिक कर ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं. ऑनलाइन आवेदन के बाद आगे की चयन प्रक्रिया के लिए आवेदन पत्र का प्रिंटआउट सुरक्षित रख लें. अधिक जानकारी के लिए जेपीएससी की वेबसाइट चेक करें.
आयु सीमा :
झारखंड लोक सेवा आयोग के मनोचिकित्सक, नेत्ररोज विशेषज्ञ समेत कई अन्य पदों पर भर्ती के लिए आवेदक की उम्र 25 साल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए.टिप्पणियां
आवेदन शुल्क :
जनरल और ओबीसी उम्मीदवार को इन पदों पर आवेदन करने के लिए 600 रुपये और झारखंड के एससी या एसटी वर्ग के उम्मीदवारों को 150 रुपये शुल्क देना होगा.
ऐसे करें आवेदन :
झारखंड लोक सेवा आयोग के मनोचिकित्सक, नेत्ररोज विशेषज्ञ समेत कई अन्य पदों पर भर्ती के लिए इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 13 जुलाई, 2017 तक जेपीएससी की वेबसाइट (www.jpsc.gov.in) पर क्लिक कर ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं. ऑनलाइन आवेदन के बाद आगे की चयन प्रक्रिया के लिए आवेदन पत्र का प्रिंटआउट सुरक्षित रख लें. अधिक जानकारी के लिए जेपीएससी की वेबसाइट चेक करें.
आवेदन शुल्क :
जनरल और ओबीसी उम्मीदवार को इन पदों पर आवेदन करने के लिए 600 रुपये और झारखंड के एससी या एसटी वर्ग के उम्मीदवारों को 150 रुपये शुल्क देना होगा.
ऐसे करें आवेदन :
झारखंड लोक सेवा आयोग के मनोचिकित्सक, नेत्ररोज विशेषज्ञ समेत कई अन्य पदों पर भर्ती के लिए इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 13 जुलाई, 2017 तक जेपीएससी की वेबसाइट (www.jpsc.gov.in) पर क्लिक कर ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं. ऑनलाइन आवेदन के बाद आगे की चयन प्रक्रिया के लिए आवेदन पत्र का प्रिंटआउट सुरक्षित रख लें. अधिक जानकारी के लिए जेपीएससी की वेबसाइट चेक करें.
ऐसे करें आवेदन :
झारखंड लोक सेवा आयोग के मनोचिकित्सक, नेत्ररोज विशेषज्ञ समेत कई अन्य पदों पर भर्ती के लिए इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 13 जुलाई, 2017 तक जेपीएससी की वेबसाइट (www.jpsc.gov.in) पर क्लिक कर ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं. ऑनलाइन आवेदन के बाद आगे की चयन प्रक्रिया के लिए आवेदन पत्र का प्रिंटआउट सुरक्षित रख लें. अधिक जानकारी के लिए जेपीएससी की वेबसाइट चेक करें. | योग्य अभ्यर्थी 13 जुलाई, 2017 तक आवेदन कर सकते हैं.
आवेदक की उम्र 25 साल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए.
अधिक जानकारी के लिए जेपीएससी की वेबसाइट चेक करें. | 1 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: लोकसभा चुनाव 2019 (Lok sabha Elections 2019) से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तमिलनाडु में आज अनौपचारिक तौर पर चुनावी शंखनाद करेंगे. मगर तमिनलाडु के मदुरै दौरे से पहले ही भारतीय जनता पार्टी और पीएम मोदी की सोशल मीडिया पर किरकिरी होने लगी है. रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मदुरै में एम्स अस्पताल की आधारशिला कार्यक्रम से पहले ही टि्वटर पर गो बैक मोदी ट्रेंड कर रहा है. इससे बीजेपी को शर्मिंदगी का सामना करना पड़ रहा है. ट्विटर पर अधिकांश ट्वीट को कार्टून के साथ दर्शाया गया है, जिसमें पेरियार को यह कहते हुए दिखाया गया है- 'गो बैक मोदी'. कई कार्टून में पीएम मोदी को भगवा रंग के जैकेट में दिखाया गया है. फेसबुक पर भी यूजर 'गो बैक मोदी' पर कई पोस्ट लिख रहे हैं.
पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ इन पोस्ट्स में बड़े पैमाने पर चक्रवात के बाद लोगों की मदद करने में केंद्र सरकार की कथित विफलता पर राज्य के लोगों का गुस्सा दिख रहा है. बता दें कि साइक्लोन से कई जिलों में 3 लाख से ज्यादा लोग बेघर हो गए थे और 11 लाख पेड़ उजड़ गए थे. इससे बड़ी संख्या में लोगों को जीविकोपार्जन पर असर पड़ा है.
बताया जा रहा है कि आगामी लोकसभा चुनाव के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तमिलनाडु में भाजपा का अभियान रविवार को मदुरै शहर में एक विशाल चुनावी रैली के साथ शुरू करेंगे. बता दें कि तमिलनाडु में भारतीय जनता पार्टी ने किसी के साथ गठबंधन नहीं किया है. हालांकि, चर्चा जोरों पर है कि अन्नाद्रमुक के साथ वह गठबंधन कर सकती है.
सोशल मीडिया पर लोगों के गुस्से की वजह यह भी है कि तूतीकोरिन में स्टरलाइट प्रदर्शन के दौरान गोलीबारी पर भी पीएम मोदी चुप रहे थे. बता दें कि स्टरलाइट विरोधी प्रदर्शन में पुलिस की गोलीबारी में करीब 13 लोगों की मौत हो गई थी. इतना ही नहीं, कावेरी जल मामले पर केंद्र सरकार के रवैये की वजह से तमिनलाडु के लोगों में केंद्र सरकार के खिलाफ गुस्सा है, जिसका इजहार वह ट्विटर पर गो बैक मोदी ट्रेंड करा कर कर रहे हैं.
एनडीटीवी से डीएमके प्रवक्ता ए सर्वनन ने कहा कि हम इसके पीछे नहीं हैं. यह लोगों के गुस्से को दर्शाता है. एम्स अस्पताल का निर्माण कार्य आज से दो साल पहले शुरू हो जाना चाहिए था और अब तक इसका काम पूरा होकर इसे फंक्शन में आ जाना चाहिए था. आखिर उन्होंने प्रोजेक्ट में देरी क्यों की? चुनाव से पहले इसकी नींव रखना सिर्फ एक नौटंकी है.
दरअसल, यह दूसरी बार है जब प्रधानमंत्री इस तरह के ऑनलाइन विरोध का सामना कर रहे हैं. पिछले साल अप्रैल में जब उन्होंने डिफेंस एक्सपो के लिए चेन्नई का दौरा किया था, तब भी #GoBackModi ट्रेंड में था. विपक्षी दलों से जुड़े सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने तब हवा में काले गुब्बारे उड़ाए थे.
वहीं, मरुमलार्ची द्रविड़ मुनेत्र कषगम (MDMK) पार्टी के सूत्र ने कहा कि रविवार को मदुरै में पीएम मोदी के खिलाफ प्रदर्शन का नेतृत्व करेंगे. बता दें कि तमिलनाडू में बीजेपी की मौजूदगी कुछ खास नहीं है. 2016 में जयललिता के निधन के बाद अब आगामी लोकसभा चुनाव के लिए ऐसी संभावनाएं हैं कि एआईएडीएमके के साथ भाजपा का गठबंधन हो सकता है. | यहाँ एक सारांश है:पीएम मोदी के तमिलनाडु दौरे से पहले बीजेपी के लिए शर्मिंदगी.
ट्विटर पर ट्रेंड कर रहा गो बैक मोदी.
आज मदुरै में एम्स की आधारशीला रखेंगे पीएमम मोदी | 4 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: कड़े मुकाबलों से पहले अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देते हुए भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम में चल रहे ओलिंपिक क्वालीफायर मुकाबले में फ्रांस को 6-2 से हराकर लगातार तीसरी जीत दर्ज की।
कनाडा और पोलैंड के खिलाफ कठिन मुकाबलों से पहले भारतीय टीम ने एक बार फिर उम्दा प्रदर्शन करते हुए अंकतालिका में शीर्ष स्थान पर कब्जा बरकरार रखा। भारत के लिए ट्रंपकार्ड ड्रैग फ्लिकर संदीप सिंह और प्लेमेकर एसवी सुनील का शानदार फार्म रहा।टिप्पणियां
संदीप ने लगातार दूसरे मैच में हैट्रिक बनाई जबकि सुनील को दूसरी बार मैन ऑफ द मैच चुना गया। भारतीयों ने फ्रांसीसी गोल पर लगातार हमले बोलकर उनके डिफेंडरों को व्यस्त रखा जबकि भारतीय डिफेंस भी पिछले दो मैचों की तुलना में बेहतर नजर आया।
सिंगापुर को 15-1 और इटली को 8-1 से हराने वाली भारतीय टीम के लिए ड्रैग फ्लिकर संदीप सिंह (नौवां, 30वां और 37वां मिनट), शिवेंद्र सिंह (चौथा), एसवी सुनील (40वां मिनट), तुषार खांडेकर (63वां मिनट) ने गोल किए जबकि फ्रांस के लिए लुकास सेवेस्टर (35वां मिनट) और फेबियेन मेगनेर (56वां मिनट) ने पेनल्टी कार्नर पर गोल दागा।
कनाडा और पोलैंड के खिलाफ कठिन मुकाबलों से पहले भारतीय टीम ने एक बार फिर उम्दा प्रदर्शन करते हुए अंकतालिका में शीर्ष स्थान पर कब्जा बरकरार रखा। भारत के लिए ट्रंपकार्ड ड्रैग फ्लिकर संदीप सिंह और प्लेमेकर एसवी सुनील का शानदार फार्म रहा।टिप्पणियां
संदीप ने लगातार दूसरे मैच में हैट्रिक बनाई जबकि सुनील को दूसरी बार मैन ऑफ द मैच चुना गया। भारतीयों ने फ्रांसीसी गोल पर लगातार हमले बोलकर उनके डिफेंडरों को व्यस्त रखा जबकि भारतीय डिफेंस भी पिछले दो मैचों की तुलना में बेहतर नजर आया।
सिंगापुर को 15-1 और इटली को 8-1 से हराने वाली भारतीय टीम के लिए ड्रैग फ्लिकर संदीप सिंह (नौवां, 30वां और 37वां मिनट), शिवेंद्र सिंह (चौथा), एसवी सुनील (40वां मिनट), तुषार खांडेकर (63वां मिनट) ने गोल किए जबकि फ्रांस के लिए लुकास सेवेस्टर (35वां मिनट) और फेबियेन मेगनेर (56वां मिनट) ने पेनल्टी कार्नर पर गोल दागा।
संदीप ने लगातार दूसरे मैच में हैट्रिक बनाई जबकि सुनील को दूसरी बार मैन ऑफ द मैच चुना गया। भारतीयों ने फ्रांसीसी गोल पर लगातार हमले बोलकर उनके डिफेंडरों को व्यस्त रखा जबकि भारतीय डिफेंस भी पिछले दो मैचों की तुलना में बेहतर नजर आया।
सिंगापुर को 15-1 और इटली को 8-1 से हराने वाली भारतीय टीम के लिए ड्रैग फ्लिकर संदीप सिंह (नौवां, 30वां और 37वां मिनट), शिवेंद्र सिंह (चौथा), एसवी सुनील (40वां मिनट), तुषार खांडेकर (63वां मिनट) ने गोल किए जबकि फ्रांस के लिए लुकास सेवेस्टर (35वां मिनट) और फेबियेन मेगनेर (56वां मिनट) ने पेनल्टी कार्नर पर गोल दागा।
सिंगापुर को 15-1 और इटली को 8-1 से हराने वाली भारतीय टीम के लिए ड्रैग फ्लिकर संदीप सिंह (नौवां, 30वां और 37वां मिनट), शिवेंद्र सिंह (चौथा), एसवी सुनील (40वां मिनट), तुषार खांडेकर (63वां मिनट) ने गोल किए जबकि फ्रांस के लिए लुकास सेवेस्टर (35वां मिनट) और फेबियेन मेगनेर (56वां मिनट) ने पेनल्टी कार्नर पर गोल दागा। | यह एक सारांश है: कड़े मुकाबलों से पहले अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देते हुए भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम में चल रहे ओलिंपिक क्वालीफायर मुकाबले में फ्रांस को 6-2 से हराकर लगातार तीसरी जीत दर्ज की। | 24 | ['hin'] |
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