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इस पाठ का सारांश बनाएं: आम बजट के एक दिन बाद वाहन बिक्री, निर्यात और बुनियादी उद्योगों के बेहतर आंकड़ों के साथ मजबूत वैश्विक संकेतों के बल पर बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 623 अंक की लंबी छलांग के साथ 18,000 अंक के स्तर को पार कर गया। पिछले 21 माह में यह एक दिन में सेंसेक्स का सबसे बड़ा उछाल है। 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 623.10 अंक या 3.5 प्रतिशत उछलकर 18,446.50 अंक पर बंद हुआ। मई, 2009 के बाद सेंसेक्स में किसी एक दिन में यह अब तक का सबसे बड़ा उछाल है। सोमवार को सेंसेक्स करीब 200 अंक चढ़कर बंद हुआ था। सेंसेक्स की शुरुआत 17,982.28 अंक पर मजबूती के साथ हुई और दिनभर तेजी का यह रुख बना रहा। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 189.05 अंक मजबूत होकर 5,522.30 अंक पर बंद हुआ। सभी 13 वर्गों के सूचकांक में लिवाली का जोर था। विभिन्न वर्गों के सूचकांक 1.71 से 5.64 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए। सबसे अधिक तेजी वाहन, बैंकिंग, रीयल्टी और पूंजीगत कंपनियों के शेयरों में दर्ज की गई। बाजार विश्लेषकों ने कहा कि निवेशक को इस बात से राहत मिली है कि 2011-12 के बजट में उत्पाद शुल्क में बढ़ोतरी का कोई प्रस्ताव नहीं है। विश्लेषकों ने कहा कि बजट में कुछ और सकारात्मक बातें भी हैं, जैसे... म्यूचुअल फंड योजनाओं में विदेशी निवेशकों को निवेश की अनुमति दी गई है, कारपोरेट बांड्स में विदेशी संस्थागत निवेशकों के निवेश की सीमा बढ़ी है, कारपोरेट कर में अधिभार का बोझ 2.5 फीसद कम किया गया है और 40,000 करोड़ रुपये के विनिवेश का लक्ष्य रखा गया है।
यह एक सारांश है: मजबूत वैश्विक संकेतों के बल पर बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 623 अंक की लंबी छलांग के साथ 18,000 अंक के स्तर को पार कर गया।
2
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: डाबर समूह के अवकाश प्राप्त अध्यक्ष अशोक सी. बर्मन की लंदन में शनिवार दोपहर मृत्यु हो गई। वह 81 वर्ष के थे। पारिवारिक सदस्यों के मुताबिक उनका पार्थिक शरीर अंतिम संस्कार के लिए यहां लाया जाएगा। उनकी पत्नी सुधा की मृत्यु दो साल पहले हो गई थी। उनके पुत्र आनंद अभी समूह के अध्यक्ष हैं। बर्मन ने 1948 में तीसरी पीढ़ी के सदस्य के रूप में समूह की सेवा शुरू की थी। दो साल बाद उन्हें समूह का निदेशक नामित कर दिया गया था। वह 1985 में समूह के अध्यक्ष बने, जिसे उन्होंने 1998 में अपनी इच्छा से छोड़ दिया। उनका जन्म 19 जून 1930 में हुआ था। बर्मन को कोलकाता की गलियों से शुरू हुए एक पारिवारिक कारोबार को पेशेवरों द्वारा संचालित कारोबार में बदलने का श्रेय जाता है। उन्होंने धीरे-धीरे समूह में पारिवारिक सदस्यों की भूमिका कम करने की नीति अपनाई। समूह की प्रमुख कम्पनी 90 करोड़ डॉलर की डाबर इंडिया को उपभोक्ता वस्तु क्षेत्र की एक बड़े कम्पनी समूह के रूप में दुनियाभर में जाना जाता है। इसका कारोबार 60 देशों में फैला हुआ है और स्वास्थ्य सेवा और आयुर्वेदिक दवाओं में इसकी गिनती दुनिया की सबसे बड़ी कम्पनियों में होती है। डाबर इंडिया के कुछ प्रमुख ब्रांडों में हैं ओडोनिल, वाटिका, हाजमोला, प्रॉमिस, लेमोनीज, पुदीन हरा, रीयल जूस, ग्लूकोज-डी, होममेड और बबूल। बर्मन डाबर के अलावा गैनन डंकली एंड कम्पनी, पोलीप्लेक्स कॉरपोरेशन, सतनाम ओवरसीज, हिमल लेबोरेटरीज और फिलाटेक्स इंडिया के भी निदेशक मंडल के सदस्य थे।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: बर्मन को कोलकाता की गलियों से शुरू हुए एक पारिवारिक कारोबार को पेशेवरों द्वारा संचालित कारोबार में बदलने का श्रेय जाता है।
19
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: वायुसेना में दो पायलटों- पिता एवं पुत्र ने एएन-32 विमान उड़ाकर परिवार के लिए एक इतिहास रचा जिसमें लगातार तीन पीढ़ियां वायुसेना में हैं। गुजरात के वड़ोदरा में वायुसेना स्टेशन पर एयर ऑफिसर कमांडिंग एयर कमोडोर आरएस सोढ़ी और उनके बेटे फ्लाइट लेफ्टिनेंट अंगद सोढ़ी ने यहां से विमान उड़ाया। अंगद फिलहाल आगरा वायुसेना स्टेशन पर स्क्वाड्रन 12 में तैनात हैं। आरएस सोढ़ी चंडीगढ़ के रहने वाले हैं और उनके परिवार की तीन पीढ़ियां वायुसेना में रह चुकी हैं। अंगद के दादा 85 वर्षीय भूपेंदर सिंह सोढ़ी सेवानिवृत विग कमांडर हैं। वह नवंबर 1949 में प्रशासन एवं कानूनी शाखा में जुड़े थे। भूपेंदर सिंह के दोनों बेटे पिता के पदचह्नों पर चलते हुए वायुसेना में शामिल हुए। भूपेंदर सिंह के बड़े बेटे एयर कोमोडोर पीएस सोढ़ी मेडिकल अधिकारी के रूप में वायुसेना में शामिल हुए और वह जोरहट के 5 वायुसेना अस्पताल में कमांडिंग हैं। छोटे बेटे आरएस सोढ़ी को जून, 1979 में लड़ाकू पायलट के रूप में वायुसेना में कमीशन मिला था।टिप्पणियां फ्लाइट लेफ्टिनेंट अंगद जून, 2010 में बतौर पायलट वायुसेना में शामिल हुए। भूपेंदर सोढ़ी ने कहा, ‘मैं अपने बेटे और पोते के वायुसेना में शामिल होने से गर्व महसूस कर रहा हूं।’ गुजरात के वड़ोदरा में वायुसेना स्टेशन पर एयर ऑफिसर कमांडिंग एयर कमोडोर आरएस सोढ़ी और उनके बेटे फ्लाइट लेफ्टिनेंट अंगद सोढ़ी ने यहां से विमान उड़ाया। अंगद फिलहाल आगरा वायुसेना स्टेशन पर स्क्वाड्रन 12 में तैनात हैं। आरएस सोढ़ी चंडीगढ़ के रहने वाले हैं और उनके परिवार की तीन पीढ़ियां वायुसेना में रह चुकी हैं। अंगद के दादा 85 वर्षीय भूपेंदर सिंह सोढ़ी सेवानिवृत विग कमांडर हैं। वह नवंबर 1949 में प्रशासन एवं कानूनी शाखा में जुड़े थे। भूपेंदर सिंह के दोनों बेटे पिता के पदचह्नों पर चलते हुए वायुसेना में शामिल हुए। भूपेंदर सिंह के बड़े बेटे एयर कोमोडोर पीएस सोढ़ी मेडिकल अधिकारी के रूप में वायुसेना में शामिल हुए और वह जोरहट के 5 वायुसेना अस्पताल में कमांडिंग हैं। छोटे बेटे आरएस सोढ़ी को जून, 1979 में लड़ाकू पायलट के रूप में वायुसेना में कमीशन मिला था।टिप्पणियां फ्लाइट लेफ्टिनेंट अंगद जून, 2010 में बतौर पायलट वायुसेना में शामिल हुए। भूपेंदर सोढ़ी ने कहा, ‘मैं अपने बेटे और पोते के वायुसेना में शामिल होने से गर्व महसूस कर रहा हूं।’ आरएस सोढ़ी चंडीगढ़ के रहने वाले हैं और उनके परिवार की तीन पीढ़ियां वायुसेना में रह चुकी हैं। अंगद के दादा 85 वर्षीय भूपेंदर सिंह सोढ़ी सेवानिवृत विग कमांडर हैं। वह नवंबर 1949 में प्रशासन एवं कानूनी शाखा में जुड़े थे। भूपेंदर सिंह के दोनों बेटे पिता के पदचह्नों पर चलते हुए वायुसेना में शामिल हुए। भूपेंदर सिंह के बड़े बेटे एयर कोमोडोर पीएस सोढ़ी मेडिकल अधिकारी के रूप में वायुसेना में शामिल हुए और वह जोरहट के 5 वायुसेना अस्पताल में कमांडिंग हैं। छोटे बेटे आरएस सोढ़ी को जून, 1979 में लड़ाकू पायलट के रूप में वायुसेना में कमीशन मिला था।टिप्पणियां फ्लाइट लेफ्टिनेंट अंगद जून, 2010 में बतौर पायलट वायुसेना में शामिल हुए। भूपेंदर सोढ़ी ने कहा, ‘मैं अपने बेटे और पोते के वायुसेना में शामिल होने से गर्व महसूस कर रहा हूं।’ भूपेंदर सिंह के दोनों बेटे पिता के पदचह्नों पर चलते हुए वायुसेना में शामिल हुए। भूपेंदर सिंह के बड़े बेटे एयर कोमोडोर पीएस सोढ़ी मेडिकल अधिकारी के रूप में वायुसेना में शामिल हुए और वह जोरहट के 5 वायुसेना अस्पताल में कमांडिंग हैं। छोटे बेटे आरएस सोढ़ी को जून, 1979 में लड़ाकू पायलट के रूप में वायुसेना में कमीशन मिला था।टिप्पणियां फ्लाइट लेफ्टिनेंट अंगद जून, 2010 में बतौर पायलट वायुसेना में शामिल हुए। भूपेंदर सोढ़ी ने कहा, ‘मैं अपने बेटे और पोते के वायुसेना में शामिल होने से गर्व महसूस कर रहा हूं।’ फ्लाइट लेफ्टिनेंट अंगद जून, 2010 में बतौर पायलट वायुसेना में शामिल हुए। भूपेंदर सोढ़ी ने कहा, ‘मैं अपने बेटे और पोते के वायुसेना में शामिल होने से गर्व महसूस कर रहा हूं।’ भूपेंदर सोढ़ी ने कहा, ‘मैं अपने बेटे और पोते के वायुसेना में शामिल होने से गर्व महसूस कर रहा हूं।’
संक्षिप्त पाठ: वायुसेना में दो पायलटों- पिता एवं पुत्र ने एएन-32 विमान उड़ाकर परिवार के लिए एक इतिहास रचा जिसमें लगातार तीन पीढ़ियां वायुसेना में हैं।
14
['hin']
एक सारांश बनाओ: शीर्ष रैंकिंग वाले भारत ने चौथी एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी हॉकी चैंपियनशिप के लीग मैच में रविवार को चिर प्रतिद्वंद्वी और गत चैंपियन पाकिस्तान को कड़े मुकाबले में 3-2 से हरा दिया. पाकिस्तान के शुरुआती हमलों के बीच भारतीय डिफेंस ने धैर्य बरकरार रखा. युवा स्ट्राइकर प्रदीप मोर ने अपने 13वें अंतरराष्ट्रीय मैच में पहला गोल दागते हुए 11वें मिनट में भारत को बढ़त दिलाई, लेकिन पाकिस्तान ने मोहम्मद रिजवान सीनियर (31वें मिनट) और मोहम्मद इरफान जूनियर (39वें) के गोल की मदद से जोरदार वापसी करते हुए 2-1 से बढ़त बना ली. रूपिंदर पाल सिंह ने 43वें मिनट में भारत के एकमात्र पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदला, जबकि रमनदीप ने तलविंदर सिंह के क्रॉस पर अगले ही मिनट गोल दागकर स्कोर 3-2 कर दिया, जो निर्णायक साबित हुआ. इस जीत से भारत के तीन मैचों में सात अंक हो गए हैं. भारत ने अपने पहले मैच में जापान को 10-2 से हराया था, जबकि दक्षिण कोरिया के खिलाफ शनिवार को 1-1 से ड्रॉ खेला था. दो बार के गत चैंपियन पाकिस्तान को मेजबान मलेशिया के खिलाफ पहले मैच में 2-4 से शिकस्त झेलनी पड़ी थी, जबकि दूसरे मैच में उसने दक्षिण कोरिया को 1-0 से हराया. राउंड रोबिन चरण के बाद शीर्ष चार टीमें सेमीफाइनल में जगह बनाएंगी. पाकिस्तान को पहले ही मिनट में मैच का पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन भारतीय गोलकीपर पीआर श्रीजेश ने विरोधी टीम को गोल से वंचित रखा. श्रीजेश ने पहले मोहम्मद अलीम बिलाल की ड्रैग फ्लिक को पैड से रोका और फिर अपनी दाईं ओर गोता लगाते हुए रिबाउंड प्रयास को भी नाकाम कर दिया. पाकिस्तान ने चौथे ही मिनट में एक और शानदार मूव बनाया, लेकिन मोहम्मद रिजवान जूनियर सर्कल के ऊपर मिले शॉट को गोल में डालने में नाकाम रहे. भारत ने भी इस बीच कुछ अच्छे मूव बनाए, लेकिन विरोधी टीम के डिफेंस को भेदने में नाकाम रहे. भारत की ओर से गोल करने का सबसे पहला मौका तलविंदर सिंह को मिला, लेकिन दाएं छोर से मिले पास पर वह रिवर्स हिट से गोल नहीं दाग सके. प्रदीप ने 22वें मिनट में पाकिस्तानी डिफेंडर से टकराकर आई गेंद को गोल में डालकर भारत को बढ़त दिलाई. प्रदीप के शॉट का पाकिस्तानी गोलकीपर इमरान बट के पास कोई जवाब नहीं था. अपने 13वें अंतरराष्ट्रीय मैच में खेल रहे 24 साल के प्रदीप का यह पहला अंतरराष्ट्रीय गोल है. गोल से सकते में आए पाकिस्तान ने इसके बाद लगातार हमले किए, लेकिन भारतीय डिफेंडर ने कुछ समय तक विरोधी टीम के स्ट्राइकरों को गोल से महरूम रखा. मध्यांतर तक भारतीय टीम 1-0 से आगे थी. पाकिस्तान ने मध्यांतर के बाद पहले ही मिनट में बराबरी हासिल कर ली, जब रिजवान सीनियर ने लंबे पास पर गेंद को गोल में डाल दिया. पाकिस्तान ने इसके बाद 39वें मिनट में बढ़त बनाई, जब मोहम्मद इरफान जूनियर ने बाईं छोर से गोल दागते हुए टीम को 2-1 से आगे कर दिया.टिप्पणियां भारत को मैच के 43वें मिनट में पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला, जब गेंद पाकिस्तान के डिफेंडर के पैर में लगी. रूपिंदर ने दमदार ड्रैग फ्लिक पर गोल दागकर भारत को बराबरी दिलाई. भारत ने अगले ही मिनट में स्कोर 3-2 कर दिया, जब तलविंदर सिंह ने रमनदीप के पास पर गोल दागा. मैच के तीसरे क्वार्टर में चार गोल हुए, लेकिन अंतिम क्वार्टर में दोनों ही टीमें कोई गोल करने में नाकाम रही.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पाकिस्तान के शुरुआती हमलों के बीच भारतीय डिफेंस ने धैर्य बरकरार रखा. युवा स्ट्राइकर प्रदीप मोर ने अपने 13वें अंतरराष्ट्रीय मैच में पहला गोल दागते हुए 11वें मिनट में भारत को बढ़त दिलाई, लेकिन पाकिस्तान ने मोहम्मद रिजवान सीनियर (31वें मिनट) और मोहम्मद इरफान जूनियर (39वें) के गोल की मदद से जोरदार वापसी करते हुए 2-1 से बढ़त बना ली. रूपिंदर पाल सिंह ने 43वें मिनट में भारत के एकमात्र पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदला, जबकि रमनदीप ने तलविंदर सिंह के क्रॉस पर अगले ही मिनट गोल दागकर स्कोर 3-2 कर दिया, जो निर्णायक साबित हुआ. इस जीत से भारत के तीन मैचों में सात अंक हो गए हैं. भारत ने अपने पहले मैच में जापान को 10-2 से हराया था, जबकि दक्षिण कोरिया के खिलाफ शनिवार को 1-1 से ड्रॉ खेला था. दो बार के गत चैंपियन पाकिस्तान को मेजबान मलेशिया के खिलाफ पहले मैच में 2-4 से शिकस्त झेलनी पड़ी थी, जबकि दूसरे मैच में उसने दक्षिण कोरिया को 1-0 से हराया. राउंड रोबिन चरण के बाद शीर्ष चार टीमें सेमीफाइनल में जगह बनाएंगी. पाकिस्तान को पहले ही मिनट में मैच का पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन भारतीय गोलकीपर पीआर श्रीजेश ने विरोधी टीम को गोल से वंचित रखा. श्रीजेश ने पहले मोहम्मद अलीम बिलाल की ड्रैग फ्लिक को पैड से रोका और फिर अपनी दाईं ओर गोता लगाते हुए रिबाउंड प्रयास को भी नाकाम कर दिया. पाकिस्तान ने चौथे ही मिनट में एक और शानदार मूव बनाया, लेकिन मोहम्मद रिजवान जूनियर सर्कल के ऊपर मिले शॉट को गोल में डालने में नाकाम रहे. भारत ने भी इस बीच कुछ अच्छे मूव बनाए, लेकिन विरोधी टीम के डिफेंस को भेदने में नाकाम रहे. भारत की ओर से गोल करने का सबसे पहला मौका तलविंदर सिंह को मिला, लेकिन दाएं छोर से मिले पास पर वह रिवर्स हिट से गोल नहीं दाग सके. प्रदीप ने 22वें मिनट में पाकिस्तानी डिफेंडर से टकराकर आई गेंद को गोल में डालकर भारत को बढ़त दिलाई. प्रदीप के शॉट का पाकिस्तानी गोलकीपर इमरान बट के पास कोई जवाब नहीं था. अपने 13वें अंतरराष्ट्रीय मैच में खेल रहे 24 साल के प्रदीप का यह पहला अंतरराष्ट्रीय गोल है. गोल से सकते में आए पाकिस्तान ने इसके बाद लगातार हमले किए, लेकिन भारतीय डिफेंडर ने कुछ समय तक विरोधी टीम के स्ट्राइकरों को गोल से महरूम रखा. मध्यांतर तक भारतीय टीम 1-0 से आगे थी. पाकिस्तान ने मध्यांतर के बाद पहले ही मिनट में बराबरी हासिल कर ली, जब रिजवान सीनियर ने लंबे पास पर गेंद को गोल में डाल दिया. पाकिस्तान ने इसके बाद 39वें मिनट में बढ़त बनाई, जब मोहम्मद इरफान जूनियर ने बाईं छोर से गोल दागते हुए टीम को 2-1 से आगे कर दिया.टिप्पणियां भारत को मैच के 43वें मिनट में पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला, जब गेंद पाकिस्तान के डिफेंडर के पैर में लगी. रूपिंदर ने दमदार ड्रैग फ्लिक पर गोल दागकर भारत को बराबरी दिलाई. भारत ने अगले ही मिनट में स्कोर 3-2 कर दिया, जब तलविंदर सिंह ने रमनदीप के पास पर गोल दागा. मैच के तीसरे क्वार्टर में चार गोल हुए, लेकिन अंतिम क्वार्टर में दोनों ही टीमें कोई गोल करने में नाकाम रही.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) रूपिंदर पाल सिंह ने 43वें मिनट में भारत के एकमात्र पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदला, जबकि रमनदीप ने तलविंदर सिंह के क्रॉस पर अगले ही मिनट गोल दागकर स्कोर 3-2 कर दिया, जो निर्णायक साबित हुआ. इस जीत से भारत के तीन मैचों में सात अंक हो गए हैं. भारत ने अपने पहले मैच में जापान को 10-2 से हराया था, जबकि दक्षिण कोरिया के खिलाफ शनिवार को 1-1 से ड्रॉ खेला था. दो बार के गत चैंपियन पाकिस्तान को मेजबान मलेशिया के खिलाफ पहले मैच में 2-4 से शिकस्त झेलनी पड़ी थी, जबकि दूसरे मैच में उसने दक्षिण कोरिया को 1-0 से हराया. राउंड रोबिन चरण के बाद शीर्ष चार टीमें सेमीफाइनल में जगह बनाएंगी. पाकिस्तान को पहले ही मिनट में मैच का पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन भारतीय गोलकीपर पीआर श्रीजेश ने विरोधी टीम को गोल से वंचित रखा. श्रीजेश ने पहले मोहम्मद अलीम बिलाल की ड्रैग फ्लिक को पैड से रोका और फिर अपनी दाईं ओर गोता लगाते हुए रिबाउंड प्रयास को भी नाकाम कर दिया. पाकिस्तान ने चौथे ही मिनट में एक और शानदार मूव बनाया, लेकिन मोहम्मद रिजवान जूनियर सर्कल के ऊपर मिले शॉट को गोल में डालने में नाकाम रहे. भारत ने भी इस बीच कुछ अच्छे मूव बनाए, लेकिन विरोधी टीम के डिफेंस को भेदने में नाकाम रहे. भारत की ओर से गोल करने का सबसे पहला मौका तलविंदर सिंह को मिला, लेकिन दाएं छोर से मिले पास पर वह रिवर्स हिट से गोल नहीं दाग सके. प्रदीप ने 22वें मिनट में पाकिस्तानी डिफेंडर से टकराकर आई गेंद को गोल में डालकर भारत को बढ़त दिलाई. प्रदीप के शॉट का पाकिस्तानी गोलकीपर इमरान बट के पास कोई जवाब नहीं था. अपने 13वें अंतरराष्ट्रीय मैच में खेल रहे 24 साल के प्रदीप का यह पहला अंतरराष्ट्रीय गोल है. गोल से सकते में आए पाकिस्तान ने इसके बाद लगातार हमले किए, लेकिन भारतीय डिफेंडर ने कुछ समय तक विरोधी टीम के स्ट्राइकरों को गोल से महरूम रखा. मध्यांतर तक भारतीय टीम 1-0 से आगे थी. पाकिस्तान ने मध्यांतर के बाद पहले ही मिनट में बराबरी हासिल कर ली, जब रिजवान सीनियर ने लंबे पास पर गेंद को गोल में डाल दिया. पाकिस्तान ने इसके बाद 39वें मिनट में बढ़त बनाई, जब मोहम्मद इरफान जूनियर ने बाईं छोर से गोल दागते हुए टीम को 2-1 से आगे कर दिया.टिप्पणियां भारत को मैच के 43वें मिनट में पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला, जब गेंद पाकिस्तान के डिफेंडर के पैर में लगी. रूपिंदर ने दमदार ड्रैग फ्लिक पर गोल दागकर भारत को बराबरी दिलाई. भारत ने अगले ही मिनट में स्कोर 3-2 कर दिया, जब तलविंदर सिंह ने रमनदीप के पास पर गोल दागा. मैच के तीसरे क्वार्टर में चार गोल हुए, लेकिन अंतिम क्वार्टर में दोनों ही टीमें कोई गोल करने में नाकाम रही.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पाकिस्तान को पहले ही मिनट में मैच का पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन भारतीय गोलकीपर पीआर श्रीजेश ने विरोधी टीम को गोल से वंचित रखा. श्रीजेश ने पहले मोहम्मद अलीम बिलाल की ड्रैग फ्लिक को पैड से रोका और फिर अपनी दाईं ओर गोता लगाते हुए रिबाउंड प्रयास को भी नाकाम कर दिया. पाकिस्तान ने चौथे ही मिनट में एक और शानदार मूव बनाया, लेकिन मोहम्मद रिजवान जूनियर सर्कल के ऊपर मिले शॉट को गोल में डालने में नाकाम रहे. भारत ने भी इस बीच कुछ अच्छे मूव बनाए, लेकिन विरोधी टीम के डिफेंस को भेदने में नाकाम रहे. भारत की ओर से गोल करने का सबसे पहला मौका तलविंदर सिंह को मिला, लेकिन दाएं छोर से मिले पास पर वह रिवर्स हिट से गोल नहीं दाग सके. प्रदीप ने 22वें मिनट में पाकिस्तानी डिफेंडर से टकराकर आई गेंद को गोल में डालकर भारत को बढ़त दिलाई. प्रदीप के शॉट का पाकिस्तानी गोलकीपर इमरान बट के पास कोई जवाब नहीं था. अपने 13वें अंतरराष्ट्रीय मैच में खेल रहे 24 साल के प्रदीप का यह पहला अंतरराष्ट्रीय गोल है. गोल से सकते में आए पाकिस्तान ने इसके बाद लगातार हमले किए, लेकिन भारतीय डिफेंडर ने कुछ समय तक विरोधी टीम के स्ट्राइकरों को गोल से महरूम रखा. मध्यांतर तक भारतीय टीम 1-0 से आगे थी. पाकिस्तान ने मध्यांतर के बाद पहले ही मिनट में बराबरी हासिल कर ली, जब रिजवान सीनियर ने लंबे पास पर गेंद को गोल में डाल दिया. पाकिस्तान ने इसके बाद 39वें मिनट में बढ़त बनाई, जब मोहम्मद इरफान जूनियर ने बाईं छोर से गोल दागते हुए टीम को 2-1 से आगे कर दिया.टिप्पणियां भारत को मैच के 43वें मिनट में पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला, जब गेंद पाकिस्तान के डिफेंडर के पैर में लगी. रूपिंदर ने दमदार ड्रैग फ्लिक पर गोल दागकर भारत को बराबरी दिलाई. भारत ने अगले ही मिनट में स्कोर 3-2 कर दिया, जब तलविंदर सिंह ने रमनदीप के पास पर गोल दागा. मैच के तीसरे क्वार्टर में चार गोल हुए, लेकिन अंतिम क्वार्टर में दोनों ही टीमें कोई गोल करने में नाकाम रही.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) भारत ने भी इस बीच कुछ अच्छे मूव बनाए, लेकिन विरोधी टीम के डिफेंस को भेदने में नाकाम रहे. भारत की ओर से गोल करने का सबसे पहला मौका तलविंदर सिंह को मिला, लेकिन दाएं छोर से मिले पास पर वह रिवर्स हिट से गोल नहीं दाग सके. प्रदीप ने 22वें मिनट में पाकिस्तानी डिफेंडर से टकराकर आई गेंद को गोल में डालकर भारत को बढ़त दिलाई. प्रदीप के शॉट का पाकिस्तानी गोलकीपर इमरान बट के पास कोई जवाब नहीं था. अपने 13वें अंतरराष्ट्रीय मैच में खेल रहे 24 साल के प्रदीप का यह पहला अंतरराष्ट्रीय गोल है. गोल से सकते में आए पाकिस्तान ने इसके बाद लगातार हमले किए, लेकिन भारतीय डिफेंडर ने कुछ समय तक विरोधी टीम के स्ट्राइकरों को गोल से महरूम रखा. मध्यांतर तक भारतीय टीम 1-0 से आगे थी. पाकिस्तान ने मध्यांतर के बाद पहले ही मिनट में बराबरी हासिल कर ली, जब रिजवान सीनियर ने लंबे पास पर गेंद को गोल में डाल दिया. पाकिस्तान ने इसके बाद 39वें मिनट में बढ़त बनाई, जब मोहम्मद इरफान जूनियर ने बाईं छोर से गोल दागते हुए टीम को 2-1 से आगे कर दिया.टिप्पणियां भारत को मैच के 43वें मिनट में पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला, जब गेंद पाकिस्तान के डिफेंडर के पैर में लगी. रूपिंदर ने दमदार ड्रैग फ्लिक पर गोल दागकर भारत को बराबरी दिलाई. भारत ने अगले ही मिनट में स्कोर 3-2 कर दिया, जब तलविंदर सिंह ने रमनदीप के पास पर गोल दागा. मैच के तीसरे क्वार्टर में चार गोल हुए, लेकिन अंतिम क्वार्टर में दोनों ही टीमें कोई गोल करने में नाकाम रही.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) प्रदीप ने 22वें मिनट में पाकिस्तानी डिफेंडर से टकराकर आई गेंद को गोल में डालकर भारत को बढ़त दिलाई. प्रदीप के शॉट का पाकिस्तानी गोलकीपर इमरान बट के पास कोई जवाब नहीं था. अपने 13वें अंतरराष्ट्रीय मैच में खेल रहे 24 साल के प्रदीप का यह पहला अंतरराष्ट्रीय गोल है. गोल से सकते में आए पाकिस्तान ने इसके बाद लगातार हमले किए, लेकिन भारतीय डिफेंडर ने कुछ समय तक विरोधी टीम के स्ट्राइकरों को गोल से महरूम रखा. मध्यांतर तक भारतीय टीम 1-0 से आगे थी. पाकिस्तान ने मध्यांतर के बाद पहले ही मिनट में बराबरी हासिल कर ली, जब रिजवान सीनियर ने लंबे पास पर गेंद को गोल में डाल दिया. पाकिस्तान ने इसके बाद 39वें मिनट में बढ़त बनाई, जब मोहम्मद इरफान जूनियर ने बाईं छोर से गोल दागते हुए टीम को 2-1 से आगे कर दिया.टिप्पणियां भारत को मैच के 43वें मिनट में पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला, जब गेंद पाकिस्तान के डिफेंडर के पैर में लगी. रूपिंदर ने दमदार ड्रैग फ्लिक पर गोल दागकर भारत को बराबरी दिलाई. भारत ने अगले ही मिनट में स्कोर 3-2 कर दिया, जब तलविंदर सिंह ने रमनदीप के पास पर गोल दागा. मैच के तीसरे क्वार्टर में चार गोल हुए, लेकिन अंतिम क्वार्टर में दोनों ही टीमें कोई गोल करने में नाकाम रही.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) मध्यांतर तक भारतीय टीम 1-0 से आगे थी. पाकिस्तान ने मध्यांतर के बाद पहले ही मिनट में बराबरी हासिल कर ली, जब रिजवान सीनियर ने लंबे पास पर गेंद को गोल में डाल दिया. पाकिस्तान ने इसके बाद 39वें मिनट में बढ़त बनाई, जब मोहम्मद इरफान जूनियर ने बाईं छोर से गोल दागते हुए टीम को 2-1 से आगे कर दिया.टिप्पणियां भारत को मैच के 43वें मिनट में पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला, जब गेंद पाकिस्तान के डिफेंडर के पैर में लगी. रूपिंदर ने दमदार ड्रैग फ्लिक पर गोल दागकर भारत को बराबरी दिलाई. भारत ने अगले ही मिनट में स्कोर 3-2 कर दिया, जब तलविंदर सिंह ने रमनदीप के पास पर गोल दागा. मैच के तीसरे क्वार्टर में चार गोल हुए, लेकिन अंतिम क्वार्टर में दोनों ही टीमें कोई गोल करने में नाकाम रही.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) भारत को मैच के 43वें मिनट में पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला, जब गेंद पाकिस्तान के डिफेंडर के पैर में लगी. रूपिंदर ने दमदार ड्रैग फ्लिक पर गोल दागकर भारत को बराबरी दिलाई. भारत ने अगले ही मिनट में स्कोर 3-2 कर दिया, जब तलविंदर सिंह ने रमनदीप के पास पर गोल दागा. मैच के तीसरे क्वार्टर में चार गोल हुए, लेकिन अंतिम क्वार्टर में दोनों ही टीमें कोई गोल करने में नाकाम रही.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह एक सारांश है: प्रदीप मोर ने पहला गोल दागते हुए 11वें मिनट में भारत को बढ़त दिलाई रूपिंदर पाल सिंह ने 43वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदला रमनदीप ने अगले ही मिनट गोल दागकर स्कोर 3-2 कर दिया
21
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: लगातार छह मैचों में जीत से आत्मविश्वास से ओतप्रोत मुंबई इंडियंस की टीम आईपीएल10  के कल यहां होने वाले मुकाबले में राइजिंग पुणे सुपरजाइंट से भिड़ेगी जिसकी टीम का पिछले मैच में जीत से मनोबल बढ़ा हुआ है. पुणे ने कल मौजूदा चैंपियन सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ आखिरी गेंद पर छह विकेट से जीत दर्ज की थी जबकि उससे केवल 100 किमी दूर वानखेड़े स्टेडियम में मुंबई इंडियंस ने दिल्ली डेयरडेविल्स के खिलाफ उछाल वाली पिच पर अपने कम स्कोर का अच्छी तरह से बचाव किया. अंक तालिका में शीर्ष पर चले रहे मुंबई अब पुणे से अपने शुरुआती मैच में मिली हार का बदला चुकता करने के लिए आदर्श स्थिति में है. मुंबई की यह इस सत्र में अभी तक एकमात्र हार है. पुणे की हैदराबाद के खिलाफ जीत में दिग्गज क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी ने अहम भूमिका निभाई. उन्होंने 34 गेंदों पर नाबाद 61 रन बनाए और अपनी टीम को आखिरी गेंद पर जीत दिलाई. मुंबई थिंक टैंक निश्चित तौर पर धोनी को लेकर सतर्क होगा. पूर्व भारतीय कप्तान की सही समय पर फॉर्म में वापसी तथा पुणे के कप्तान स्टीव स्मिथ की अब तक टूर्नामेंट में शानदार बल्लेबाजी से वह मुंबई के गेंदबाजों के लिए मजबूत प्रतिद्वंद्वी बन गए हैं. मुंबई के गेंदबाजों ने दिल्ली के अच्छा प्रदर्शन करके उसे अपने 142 रन के योग का अच्छी तरह से बचाव किया था. मुंबई के बल्लेबाजों के लिए हालांकि वह मैच अच्छा नहीं रहा और उन्हें पुणे के खिलाफ इस तरह के प्रदर्शन से बचना होगा जिसका गेंदबाजी आक्रमण अच्छा है. पुणे के दक्षिण अफ्रीकी लेग स्पिनर इमरान ताहिर और मुंबई के कप्तान रोहित शर्मा के बीच मुकाबला वास्तव में देखने लायक होगा क्योंकि उन्हें कलाई के स्पिनरों को खेलने में लगातार दिक्कत आ रही है. ताहिर ने पुणे में पहले चरण के मैच में अच्छा प्रदर्शन किया था और वह मुंबई के कप्तान के खिलाफ फिर से हावी होने के लिये आश्वस्त होंगे. पिच से कल अच्छी उछाल और टर्न मिल रही थी. दिल्ली के खिलाफ मुंबई की बल्लेबाजी नहीं चल पाई थी हालांकि कीरोन पोलार्ड और हार्दिक पांड्या ने अच्छी शुरुआत की लेकिन वे उसे बड़े स्कोर में नहीं बदल पाए थे. मुंबई के पास हालांकि अंबाती रायुडु को फिर से अंतिम एकादश में शामिल करने का विकल्प है. उन्होंने सत्र के शुरू में चोटिल होने के बावजूद अभ्‍यास शुरू कर दिया है. गेंदबाजी में लसिथ मलिंगा ने अपने पिछले दो मैचों में 50 से अधिक रन दिए और इसलिए दिल्ली के खिलाफ उनकी जगह मिचेल जानसन को टीम में लिया गया. इस ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज ने दमदार प्रदर्शन किया और पुणे के खिलाफ भी उनके टीम में बने रहने की संभावना है.टिप्पणियां मुंबई की तरफ से हालांकि न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज मिशेल मैकलेनगन ने अच्छा प्रदर्शन करके दिल्ली के शीर्ष क्रम को तहस नहस कर दिया था. इसके अलावा टीम के पास जसप्रीत बुमराह  के रूप में डेथ ओवरों का विशेषज्ञ भी है. जहां तक पुणे का सवाल है तो अजिंक्य रहाणे को जल्द से बड़ी पारी खेलने की जरूरत है और वह अपने पारंपरिक घरेलू मैदान पर इसे अंजाम देने की कोशिश करेंगे. पुणे की गेंदबाजी काफी संतुलित है. टॉस की भूमिका भी महत्वपूर्ण है क्योंकि मैच में बाद में ओस का भी असर पड़ रहा है. हालांकि पूर्व के मैचों की तुलना में कल के मैच के दौरान ओस ज्यादा नहीं पड़ी थी. मुंबई यदि कल के मैच में जीत दर्ज कर लेता है तो वह प्‍लेऑफ में जगह बनाने के बेहद करीब पहुंच जाएगा जबकि पुणे अपने अभियान को पटरी पर लाने के लिये बेताब है. पुणे के छह मैचों में तीन जीत से छह अंक हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पुणे की हैदराबाद के खिलाफ जीत में दिग्गज क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी ने अहम भूमिका निभाई. उन्होंने 34 गेंदों पर नाबाद 61 रन बनाए और अपनी टीम को आखिरी गेंद पर जीत दिलाई. मुंबई थिंक टैंक निश्चित तौर पर धोनी को लेकर सतर्क होगा. पूर्व भारतीय कप्तान की सही समय पर फॉर्म में वापसी तथा पुणे के कप्तान स्टीव स्मिथ की अब तक टूर्नामेंट में शानदार बल्लेबाजी से वह मुंबई के गेंदबाजों के लिए मजबूत प्रतिद्वंद्वी बन गए हैं. मुंबई के गेंदबाजों ने दिल्ली के अच्छा प्रदर्शन करके उसे अपने 142 रन के योग का अच्छी तरह से बचाव किया था. मुंबई के बल्लेबाजों के लिए हालांकि वह मैच अच्छा नहीं रहा और उन्हें पुणे के खिलाफ इस तरह के प्रदर्शन से बचना होगा जिसका गेंदबाजी आक्रमण अच्छा है. पुणे के दक्षिण अफ्रीकी लेग स्पिनर इमरान ताहिर और मुंबई के कप्तान रोहित शर्मा के बीच मुकाबला वास्तव में देखने लायक होगा क्योंकि उन्हें कलाई के स्पिनरों को खेलने में लगातार दिक्कत आ रही है. ताहिर ने पुणे में पहले चरण के मैच में अच्छा प्रदर्शन किया था और वह मुंबई के कप्तान के खिलाफ फिर से हावी होने के लिये आश्वस्त होंगे. पिच से कल अच्छी उछाल और टर्न मिल रही थी. दिल्ली के खिलाफ मुंबई की बल्लेबाजी नहीं चल पाई थी हालांकि कीरोन पोलार्ड और हार्दिक पांड्या ने अच्छी शुरुआत की लेकिन वे उसे बड़े स्कोर में नहीं बदल पाए थे. मुंबई के पास हालांकि अंबाती रायुडु को फिर से अंतिम एकादश में शामिल करने का विकल्प है. उन्होंने सत्र के शुरू में चोटिल होने के बावजूद अभ्‍यास शुरू कर दिया है. गेंदबाजी में लसिथ मलिंगा ने अपने पिछले दो मैचों में 50 से अधिक रन दिए और इसलिए दिल्ली के खिलाफ उनकी जगह मिचेल जानसन को टीम में लिया गया. इस ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज ने दमदार प्रदर्शन किया और पुणे के खिलाफ भी उनके टीम में बने रहने की संभावना है.टिप्पणियां मुंबई की तरफ से हालांकि न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज मिशेल मैकलेनगन ने अच्छा प्रदर्शन करके दिल्ली के शीर्ष क्रम को तहस नहस कर दिया था. इसके अलावा टीम के पास जसप्रीत बुमराह  के रूप में डेथ ओवरों का विशेषज्ञ भी है. जहां तक पुणे का सवाल है तो अजिंक्य रहाणे को जल्द से बड़ी पारी खेलने की जरूरत है और वह अपने पारंपरिक घरेलू मैदान पर इसे अंजाम देने की कोशिश करेंगे. पुणे की गेंदबाजी काफी संतुलित है. टॉस की भूमिका भी महत्वपूर्ण है क्योंकि मैच में बाद में ओस का भी असर पड़ रहा है. हालांकि पूर्व के मैचों की तुलना में कल के मैच के दौरान ओस ज्यादा नहीं पड़ी थी. मुंबई यदि कल के मैच में जीत दर्ज कर लेता है तो वह प्‍लेऑफ में जगह बनाने के बेहद करीब पहुंच जाएगा जबकि पुणे अपने अभियान को पटरी पर लाने के लिये बेताब है. पुणे के छह मैचों में तीन जीत से छह अंक हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) ताहिर ने पुणे में पहले चरण के मैच में अच्छा प्रदर्शन किया था और वह मुंबई के कप्तान के खिलाफ फिर से हावी होने के लिये आश्वस्त होंगे. पिच से कल अच्छी उछाल और टर्न मिल रही थी. दिल्ली के खिलाफ मुंबई की बल्लेबाजी नहीं चल पाई थी हालांकि कीरोन पोलार्ड और हार्दिक पांड्या ने अच्छी शुरुआत की लेकिन वे उसे बड़े स्कोर में नहीं बदल पाए थे. मुंबई के पास हालांकि अंबाती रायुडु को फिर से अंतिम एकादश में शामिल करने का विकल्प है. उन्होंने सत्र के शुरू में चोटिल होने के बावजूद अभ्‍यास शुरू कर दिया है. गेंदबाजी में लसिथ मलिंगा ने अपने पिछले दो मैचों में 50 से अधिक रन दिए और इसलिए दिल्ली के खिलाफ उनकी जगह मिचेल जानसन को टीम में लिया गया. इस ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज ने दमदार प्रदर्शन किया और पुणे के खिलाफ भी उनके टीम में बने रहने की संभावना है.टिप्पणियां मुंबई की तरफ से हालांकि न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज मिशेल मैकलेनगन ने अच्छा प्रदर्शन करके दिल्ली के शीर्ष क्रम को तहस नहस कर दिया था. इसके अलावा टीम के पास जसप्रीत बुमराह  के रूप में डेथ ओवरों का विशेषज्ञ भी है. जहां तक पुणे का सवाल है तो अजिंक्य रहाणे को जल्द से बड़ी पारी खेलने की जरूरत है और वह अपने पारंपरिक घरेलू मैदान पर इसे अंजाम देने की कोशिश करेंगे. पुणे की गेंदबाजी काफी संतुलित है. टॉस की भूमिका भी महत्वपूर्ण है क्योंकि मैच में बाद में ओस का भी असर पड़ रहा है. हालांकि पूर्व के मैचों की तुलना में कल के मैच के दौरान ओस ज्यादा नहीं पड़ी थी. मुंबई यदि कल के मैच में जीत दर्ज कर लेता है तो वह प्‍लेऑफ में जगह बनाने के बेहद करीब पहुंच जाएगा जबकि पुणे अपने अभियान को पटरी पर लाने के लिये बेताब है. पुणे के छह मैचों में तीन जीत से छह अंक हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) मुंबई की तरफ से हालांकि न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज मिशेल मैकलेनगन ने अच्छा प्रदर्शन करके दिल्ली के शीर्ष क्रम को तहस नहस कर दिया था. इसके अलावा टीम के पास जसप्रीत बुमराह  के रूप में डेथ ओवरों का विशेषज्ञ भी है. जहां तक पुणे का सवाल है तो अजिंक्य रहाणे को जल्द से बड़ी पारी खेलने की जरूरत है और वह अपने पारंपरिक घरेलू मैदान पर इसे अंजाम देने की कोशिश करेंगे. पुणे की गेंदबाजी काफी संतुलित है. टॉस की भूमिका भी महत्वपूर्ण है क्योंकि मैच में बाद में ओस का भी असर पड़ रहा है. हालांकि पूर्व के मैचों की तुलना में कल के मैच के दौरान ओस ज्यादा नहीं पड़ी थी. मुंबई यदि कल के मैच में जीत दर्ज कर लेता है तो वह प्‍लेऑफ में जगह बनाने के बेहद करीब पहुंच जाएगा जबकि पुणे अपने अभियान को पटरी पर लाने के लिये बेताब है. पुणे के छह मैचों में तीन जीत से छह अंक हैं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह एक सारांश है: सनराइजर्स के खिलाफ पुणे ने दर्ज की है शानदार जीत अंकतालिका में इस समय शीर्ष स्‍थान पर है मुंबई महेंद्र सिंह धोनी ने सही समय पर फॉर्म में वापसी की है
24
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में एक विस्फोटक फटने से एक शख्स जख्मी हो गया। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने कहा कि कम तीव्रता वाला यह धमाका रविवार शाम एकयान बौद्ध केंद्र में हुआ। स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, विस्फोटक में धमाके से ज्यादा नुकसान नहीं हुआ।टिप्पणियां राष्ट्रीय पुलिस के खुफिया प्रमुख सूतरमन ने कहा कि एक और विस्फोटक से धुआं निकला पर उसमें धमाका नहीं हुआ। न तो पुलिस और न ही बौद्ध केंद्र ने यह साफ किया है कि धमाकों के पीछे किसका हाथ हो सकता है। पुलिस ने कहा कि कम तीव्रता वाला यह धमाका रविवार शाम एकयान बौद्ध केंद्र में हुआ। स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, विस्फोटक में धमाके से ज्यादा नुकसान नहीं हुआ।टिप्पणियां राष्ट्रीय पुलिस के खुफिया प्रमुख सूतरमन ने कहा कि एक और विस्फोटक से धुआं निकला पर उसमें धमाका नहीं हुआ। न तो पुलिस और न ही बौद्ध केंद्र ने यह साफ किया है कि धमाकों के पीछे किसका हाथ हो सकता है। स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, विस्फोटक में धमाके से ज्यादा नुकसान नहीं हुआ।टिप्पणियां राष्ट्रीय पुलिस के खुफिया प्रमुख सूतरमन ने कहा कि एक और विस्फोटक से धुआं निकला पर उसमें धमाका नहीं हुआ। न तो पुलिस और न ही बौद्ध केंद्र ने यह साफ किया है कि धमाकों के पीछे किसका हाथ हो सकता है। राष्ट्रीय पुलिस के खुफिया प्रमुख सूतरमन ने कहा कि एक और विस्फोटक से धुआं निकला पर उसमें धमाका नहीं हुआ। न तो पुलिस और न ही बौद्ध केंद्र ने यह साफ किया है कि धमाकों के पीछे किसका हाथ हो सकता है। न तो पुलिस और न ही बौद्ध केंद्र ने यह साफ किया है कि धमाकों के पीछे किसका हाथ हो सकता है।
यहाँ एक सारांश है:इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में एक विस्फोटक फटने से एक शख्स जख्मी हो गया। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने कहा कि कम तीव्रता वाला यह धमाका रविवार शाम एकयान बौद्ध केंद्र में हुआ।
12
['hin']
एक सारांश बनाओ: रूस (Russia) में एक हवाई यात्रा के दौरान विमान के यात्रियों ने अपने एक साथी यात्री को टेप से सीट पर बांध दिया. दरअसल, यात्री शराब पिये हुए था और जबरन विमान के कॉक-पिट में जाना चाह रहा था. यात्री मंगलवार को एस7 एयरलाइन्स में सवार था जो कि मिनरएलनी वोदी (Mineralnye Vody) से नोवोसिबिरिस्क (Novosibirsk) जा रही थी. यात्री की विमान के कर्मियों और कैप्टन से नोंक-झोंक भी हुई. यह भी पढ़ें- उड़ान भरने से ठीक पहले रोकी गई इंडिगो फ्लाइट, सभी यात्री सुरक्षित मिरर के मुताबिक जब उसने कॉक-पिट में दाखिल होने की कोशिश की तो साथी यात्रियों ने उसे  रोका. इसके बाद यात्रियों ने हंगामा करने वाले यात्री को बिजनेस क्लास की खाली सीट पर टेप से बांध दिया. फोक्स न्यूज के मुताबिक एक चश्मदीद ने बताया कि यात्री जंगलियों जैसा बर्ताव कर रहा था. वीडियो में देखा जा सकता है कि 50 से ऊपर की उम्र के आदमी को टेप से बांधा गया है और वह गालियां दिए जा रहा है. इसके बाद जब विमान जमीन पर उतरा तो व्यक्ति को पब्लिक ऑर्डर बिगाड़ने के जुर्म में गिरफ्तार कर लिया गया.   रूस की इंटीरियर मिनिस्ट्री के प्रवक्ता ने कहा कि अधिकारियों ने हंगामा करने वाले यात्री को पुलिस के हवाले कर दिया पर उसके व्यवहार में कोई फर्क नहीं आया और वह हंगामा करता रहा. यहां तक कि वह पुलिस वालों को भी गाली दे रहा था और हमला करने की कोशिश भी की. बता दें कि व्यक्ति को पांच साल के लिए जेल भेज दिया गया है.
संक्षिप्त सारांश: विमान के यात्रियों ने अपने एक साथी यात्री को टेप से सीट पर बांध दिया कॉक-पिट में दाखिल होने की कोशिश की थी पब्लिक ऑर्डर बिगाड़ने के जुर्म में गिरफ्तार कर लिया गया
8
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पीएम मोदी ने कहा कि एनडीए सरकारों की यही निष्ठा और यही ईमानदारी है जिसके कारण 21वीं सदी का युवा आश्वस्त है. उन्‍होंने कहा कि बिहार हमेशा से शिक्षा और प्रतिभा की भूमि रही है. यहां से निकले IAS-IPS और सिविल सेवा के अन्य अफसर देश को आगे बढ़ाने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. बिहार के गांव-गांव की उम्मीदों को, सपनों को नई ऊंचाई देने के लिए, गरीब से गरीब तक टेक्नोलॉजी को हम कैसे पहुंचा रहे हैं, इसका उदाहरण है डिजिटल इंडिया अभियान. आखिर ये पैसे कहां से आए? पीएम मोदी ने कहा कि अगर गरीब की जरा सी भी परवाह होती, अगर देश की जरा सी भी परवाह होती, तो भ्रष्टाचार करने से पहले इनके हाथ कांपते. बिहार ने जिन पर दशकों तक भरोसा किया, उन्होंने बिहार को बदनामी के सिवाय क्या दिया? उन्‍होंने कहा कि इन लोगों ने आप लोगों से विश्वासघात किया है. जिस जाति के नाम पर इन लोगों ने राजनीति की, उस जाति से इन्हें पार्टी चलाने के लिए कोई योग्य व्यक्ति नहीं मिला. क्या इतनी बड़ी पार्टी में, पार्टी को संभालने की योग्यता और किसी में नहीं है? जिस जाति और समाज ने आंख बंद करके इनके परिवार को अरबों-खरबों का मालिक बनाया, गाड़ी-बंगला-पद-प्रतिष्ठा सब कुछ दिया, उसके साथ भी इन लोगों ने धोखा ही किया. इन्होंने देश को कुछ नहीं दिया, बिहार को कुछ नहीं दिया, अपनी जाति को भी कुछ नहीं दिया. इतना ही नहीं, अपनी जाति के दूसरे लोगों पर दबदबा बनाए रखने के लिए, जाति में जो अच्छे होनहार नौजवान थे, उन्हें भी दबंगई के रास्ते पर चढ़ा दिया. पीएम मोदी ने कहा कि नौजवानों को जाति के नाम पर भ्रमित करके, उनके कंधे पर बंदूक रखकर, इन्होंने अपने ही समाज और जाति को बंधक बना लिया. उन्‍होंने कहा कि हमने 2022 तक किसान की आय दोगुनी करने का संकल्प लिया है, अन्नदाता को सौर ऊर्जा दाता बनाने का काम हाथ में लिया है. इसके लिए बीज से बाज़ार तक नई व्यवस्थाएं खड़ी की जा रही हैं. खेती से जुड़े छोटे खर्चों के लिए हमने पीएम किसान योजना के तहत सीधे किसानों के बैंक खाते में पैसे जमा करने शुरु कर दिए हैं. पीएम मोदी ने कहा कि इसी तरह जो हमारे पशुपालक साथी हैं, उनके लिए पहली बार किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से ऋण की व्यवस्था हमने की है. हमारी प्रेरणा मक्खन खाने वाले बाल गोपाल हैं. हमारी प्रेरणा बांसुरी बजाने वाले कन्हैया हैं. तो हमारी प्रेरणा सुदर्शनचक्र चलाने वाले भगवान कृष्ण भी हैं. पीएम मोदी ने कहा कि जब-जब जरूरत पड़ेगी भारत, आतंकियों को कुचलने के लिए सुदर्शनचक्र धारी कृष्ण का रूप लेकर भी कार्रवाई करेगा. पीएम मोदी यहां भी सिख दंगों का जिक्र करने से नहीं चूके. उन्‍होंने कहा कि 1984 के सिख नरसंहार के लिए कांग्रेस के नामदारों के बयान आपने सुने हैं. उस भीषण हत्याकांड के लिए माफी मांगने के बजाय ये कह रहे हैं- 'हुआ तो हुआ'. पीएम मोदी ने कहा कि नामदारों की, कांग्रेस की असली सच्चाई यही है.
संक्षिप्त पाठ: पीएम ने RJD और कांग्रेस समेत उनकी सहयोगी पार्टियों पर साधा निशाना कहा- जितने भी ये महामिलावटी हैं, ये घोर नकारात्मकता के साथ चुनाव लड़ रहे 'इनके पास दो ही मुद्दे हैं- मोदी की छवि को खराब करो और मोदी को हटाओ'
14
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: चीन के सरकारी मीडिया ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि कश्मीर विवाद 46 अरब डॉलर की लागत वाली चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा परियोजना को आगे बढ़ाने के चीन के प्रयासों को ‘‘बाधित करता’’ है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि चीन को भारत की ‘‘छोटी-मोटी चालबाजियों’’ को रोकने के लिए उसका ‘तुष्टीकरण’ करते रहना चाहिए. सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना के पीपुल्स डेली समूह से जुड़े ग्लोबल टाइम्स में प्रकाशित एक लेख में कहा गया, ‘‘कश्मीर को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच का विवाद चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा परियोजना को आगे बढ़ाने के चीन के प्रयासों को बाधित करता है. लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि छोटी-मोटी चालें चलने से भारत को रोकने के लिए चीन को ‘भारत का तुष्टीकरण’ करना चाहिए.’’ रिपोर्ट में कहा गया, ‘‘भारत को यह बात पता होनी चाहिए कि अगर वह क्षेत्रीय एकीकरण और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को बढ़ावा देने में बहुत कम योगदान करता है, तो उसकी महान शक्ति बनने की महत्वाकांक्षा सिद्ध नहीं होगी.’’ फोर्ब्स पत्रिका में अमेरिका के एक विश्लेषक पनोस मॉरडॉकोटस का कल एक लेख छपा था जिसमें उन्होंने महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर बीजिंग की आलोचना की थी. इस पर प्रतिक्रिया के रूप में चीन की सरकारी मीडिया ने अपनी रिपोर्ट में यह बात कही है. टिप्पणियां फोर्ब्स में छपे इस लेख में कहा गया था कि चीन ने ‘‘भारत को खुश करने का’’ बहुत कम प्रयास किया है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना के पीपुल्स डेली समूह से जुड़े ग्लोबल टाइम्स में प्रकाशित एक लेख में कहा गया, ‘‘कश्मीर को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच का विवाद चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा परियोजना को आगे बढ़ाने के चीन के प्रयासों को बाधित करता है. लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि छोटी-मोटी चालें चलने से भारत को रोकने के लिए चीन को ‘भारत का तुष्टीकरण’ करना चाहिए.’’ रिपोर्ट में कहा गया, ‘‘भारत को यह बात पता होनी चाहिए कि अगर वह क्षेत्रीय एकीकरण और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को बढ़ावा देने में बहुत कम योगदान करता है, तो उसकी महान शक्ति बनने की महत्वाकांक्षा सिद्ध नहीं होगी.’’ फोर्ब्स पत्रिका में अमेरिका के एक विश्लेषक पनोस मॉरडॉकोटस का कल एक लेख छपा था जिसमें उन्होंने महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर बीजिंग की आलोचना की थी. इस पर प्रतिक्रिया के रूप में चीन की सरकारी मीडिया ने अपनी रिपोर्ट में यह बात कही है. टिप्पणियां फोर्ब्स में छपे इस लेख में कहा गया था कि चीन ने ‘‘भारत को खुश करने का’’ बहुत कम प्रयास किया है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) फोर्ब्स पत्रिका में अमेरिका के एक विश्लेषक पनोस मॉरडॉकोटस का कल एक लेख छपा था जिसमें उन्होंने महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर बीजिंग की आलोचना की थी. इस पर प्रतिक्रिया के रूप में चीन की सरकारी मीडिया ने अपनी रिपोर्ट में यह बात कही है. टिप्पणियां फोर्ब्स में छपे इस लेख में कहा गया था कि चीन ने ‘‘भारत को खुश करने का’’ बहुत कम प्रयास किया है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) फोर्ब्स में छपे इस लेख में कहा गया था कि चीन ने ‘‘भारत को खुश करने का’’ बहुत कम प्रयास किया है.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सारांश: कहा, चीन भारत की चालबाजियों को रोकने के लिए उसका तुष्टीकरण न करे क्षेत्रीय विकास को प्रोत्साहित किए बिना भारत महान शक्ति नहीं बन सकता फोर्ब्स पत्रिका में बीजिंग की आलोचना का जवाब दिया चीनी मीडिया ने
33
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: उन्होंने कहा कि भाजपा नेता कांग्रेस के बारे में कहते हैं कि वह अपने सहयोगी दलों के साथ अस्तित्व बचाए रखने की कोशिश कर रही है, जबकि तीन राज्यों ...राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनाव परिणामों से देश भर में मजबूत संदेश गया है. पायलट ने कहा, 'केंद्र की यह पूर्ण बहुमत वाली सरकार इतनी कमजोर हो गई है कि उसने बिहार में लोकसभा की लगभग आधी सीटें ऐसी पार्टी को देने की घोषणा की है, जिसके केवल दो सांसद हैं. पार्टी को डर है कि लोग उसे वोट नहीं देंगे, जबकि उसके सहयोगी भी उसे आंखे दिखा रहे हैं. यह तभी होता है जब सत्तारूढ़ सरकार कमजोर हो. पूर्व केंद्रीय मंत्री पायलट ने कहा कि भाजपा को यह तथ्य स्वीकार करना चाहिए कि उसे तीन राज्यों में बड़ा झटका लगा है और उसे हार की जिम्मेदारी लेनी चाहिए. पायलट ने कहा, 'नितिन गडकरी पहले ही कह चुके हैं कि पार्टी नेतृत्व को हार की जिम्मेवारी लेनी चाहिए. जब कभी कांग्रेस की हार हुई तो पार्टी के अध्यक्ष राहुल गांधी ने उसे विनम्रता से स्वीकार किया, लेकिन भाजपा के नेता इतने अहंकारी हैं कि तीन राज्यों में हार के बावजूद जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं. इसके साथ ही पायलट ने भरोसा जताया कि कांग्रेस विधानसभा चुनाव में मिली सफलता को आगामी लोकसभा में भी जारी रखेगी. उन्होंने कहा, '2013 में हमारी सिर्फ 21 सीटें थीं जो 2018 के हालिया विधानसभा चुनाव में लगभग पांच गुना होकर 99 हो गई. लगभग 12.5 प्रतिशत मत इधर से उधर हुए हैं. भाजपा का मत प्रतिशत 6.6 प्रतिशत घटा है तो हमारा छह प्रतिशत बढ़ा है. यह बड़ी बात है. पायलट कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष भी हैं. उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत से पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ा है. 2019 के लोकसभा चुनाव की रणनीति पर काम पहले ही शुरू हो चुका है. उन्होंने कहा, 'हमने सरकार बना ली है और अपने चुनावी वादों को पूरा कर रहे हैं. इसके साथ ही हम आगामी चुनाव पर भी ध्यान दे रहे हैं. बैठकों का दौर शुरू हो चुका है. पार्टी लोकसभा चुनावों में भी जोरदार जीत दर्ज करेगी और कांग्रेस की अगुवाई वाला संप्रग केंद्र में सरकार बनाएगा. बता दें कि राज्य की 25 लोकसभा सीटों में से इस वक्त 22 भाजपा के पास है, एक कांग्रेस के पास जबकि दो खाली है. 2014 में सभी 25 सीटें भाजपा के खाते में गईं थीं, जबकि इसी साल हुए उपचुनाव में दो सीटें कांग्रेस ने जीत लीं.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सचिन पायलट बोले- केंद्र में बनेगी यूपीए सरकार राजस्थान के डिप्टी सीएम बोले-दबाव में है बीजेपी 'बिहार में सीटों के बंटवारे से यह झलकता है'
3
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: दिल्‍ली में मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) में कम से कम एक दर्जन वरिष्ठ अधिकारियों के काम करने से इनकार करने के बाद अरविंद केजरीवाल दिल्ली से बाहर के अधिकारियों को ला सकते हैं या अनुबंध पर निजी व्यक्तियों को नियुक्त कर सकते हैं. सीएमओ इस समय अधिकारियों की कमी का सामना कर रहा है और सरकार के सूत्रों की मानें तो वहां जल्द ही ‘कोई अधिकारी’ नहीं बचेगा. सीएमओ के सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने अपने कार्यालय में काम करने के लिए करीब 10-12 अधिकारियों से संपर्क किया है लेकिन उन्होंने पदभार संभालने से विनम्रतापूर्वक इनकार कर दिया क्योंकि उन्हें आशंका है कि वे भी ‘सीबीआई के रडार’ पर आ सकते हैं क्योंकि मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजेंद्र कुमार और उप सचिव तरुण कुमार पर भ्रष्टाचार के एक मामले में कार्रवाई हुई है. दोनों अधिकारियों को वर्ष 2016 में सीबीआई के मामले के बाद निलंबित कर दिया गया. मुख्यमंत्री कार्यालय के एक सूत्र ने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री कार्यालय में अधिकारियों की कमी को देखते हुए करीब एक दर्जन नौकरशाहों से संपर्क किया गया लेकिन उन्होंने कार्रवाई की आशंका जताते हुए इसे ठुकरा दिया.’’ मुख्यमंत्री कार्यालय के एक सूत्र में कहा, ‘‘इस स्थिति में मुख्यमंत्री के पास दिल्ली से बाहर के अधिकारियों या अनुबंधित कर्मचारियों की सेवा लेने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा.’’ टिप्पणियां सूत्रों ने यह भी कहा कि सीएमओ में ओएसडी के पद पर तैनात भारतीय राजस्व सेवा अधिकारी सुकेश जैन ने अपने मूल कैडर में वापस भेजने के लिए आवेदन दे दिया है जिसे मंजूरी मिलने की संभावना है. अतिरिक्त सचिव गीतिका शर्मा का तबादला कर दिया गया जबकि एक और अतिरिक्त सचिव दीपक विरमानी ने अध्ययन अवकाश के लिए आवेदन दिया है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) मुख्यमंत्री कार्यालय के एक सूत्र ने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री कार्यालय में अधिकारियों की कमी को देखते हुए करीब एक दर्जन नौकरशाहों से संपर्क किया गया लेकिन उन्होंने कार्रवाई की आशंका जताते हुए इसे ठुकरा दिया.’’ मुख्यमंत्री कार्यालय के एक सूत्र में कहा, ‘‘इस स्थिति में मुख्यमंत्री के पास दिल्ली से बाहर के अधिकारियों या अनुबंधित कर्मचारियों की सेवा लेने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा.’’ टिप्पणियां सूत्रों ने यह भी कहा कि सीएमओ में ओएसडी के पद पर तैनात भारतीय राजस्व सेवा अधिकारी सुकेश जैन ने अपने मूल कैडर में वापस भेजने के लिए आवेदन दे दिया है जिसे मंजूरी मिलने की संभावना है. अतिरिक्त सचिव गीतिका शर्मा का तबादला कर दिया गया जबकि एक और अतिरिक्त सचिव दीपक विरमानी ने अध्ययन अवकाश के लिए आवेदन दिया है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सूत्रों ने यह भी कहा कि सीएमओ में ओएसडी के पद पर तैनात भारतीय राजस्व सेवा अधिकारी सुकेश जैन ने अपने मूल कैडर में वापस भेजने के लिए आवेदन दे दिया है जिसे मंजूरी मिलने की संभावना है. अतिरिक्त सचिव गीतिका शर्मा का तबादला कर दिया गया जबकि एक और अतिरिक्त सचिव दीपक विरमानी ने अध्ययन अवकाश के लिए आवेदन दिया है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त पाठ: 10-12 अधिकारियों से संपर्क किया गया लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया अधिकारियों को आशंका है कि वे भी ‘सीबीआई के रडार’ पर आ सकते हैं CM के पास बाहर के अधिकारियों की सेवा लेने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा
27
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अरविंद केजरीवाल की ओर से जारी विरोध प्रदर्शन के बीच कानूनमंत्री सलमान खुर्शीद रविवार को विदेश यात्रा से लौट आए और कहा कि वह पुख्ता सबूतों के साथ इन आरोपों का मुकाबला करेंगे कि उनके एनजीओ ने विकलांग लोगों के कल्याण के लिए दी गई रकम में गड़बड़ी की। कानूनमंत्री का सुबह आईजीआई हवाई अड्डे पर विरोध हुआ, जहां इंडिया अगेंस्ट करप्शन के कार्यकर्ताओं ने उनके खिलाफ नारेबाजी की और काले झंडे दिखाने का प्रयास किया। पिछले कुछ दिन से लंदन यात्रा पर गए खुर्शीद ने एक टीवी चैनल और केजरीवाल के संगठन आईएएसी द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज कर दिया। आरोप हैं कि खुर्शीद और उनकी पत्नी लुईस के स्वामित्व वाला डॉ जाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट वित्तीय धांधली और जालसाजी में संलिप्त है।टिप्पणियां कानूनमंत्री ने यहां पहुंचने पर संवाददाताओं से कहा, मैं पुख्ता सबूतों के साथ आरोपों का मुकाबला करूंगा। केजरीवाल और विकलांग संगठन के लोग खुर्शीद के इस्तीफे की मांग करते हुए पिछले तीन दिन से प्रदर्शन कर रहे हैं। दो दिन पहले हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को शनिवार को छोड़ दिया गया था, लेकिन उन्होंने संसद मार्ग पर अपना धरना जारी रखा और कहा कि जब तक खुर्शीद केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा नहीं दे देते वे धरने से नहीं उठेंगे। एनजीओ डॉ जाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट की परियोजना निदेशक और खुर्शीद की पत्नी लुईस ने शनिवार को केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा था कि आरोप निराधार हैं। लुईस ने आरोप लगाया कि केजरीवाल विकलांग लोगों का इस्तेमाल कर राजनीति कर रहे हैं। कानूनमंत्री का सुबह आईजीआई हवाई अड्डे पर विरोध हुआ, जहां इंडिया अगेंस्ट करप्शन के कार्यकर्ताओं ने उनके खिलाफ नारेबाजी की और काले झंडे दिखाने का प्रयास किया। पिछले कुछ दिन से लंदन यात्रा पर गए खुर्शीद ने एक टीवी चैनल और केजरीवाल के संगठन आईएएसी द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज कर दिया। आरोप हैं कि खुर्शीद और उनकी पत्नी लुईस के स्वामित्व वाला डॉ जाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट वित्तीय धांधली और जालसाजी में संलिप्त है।टिप्पणियां कानूनमंत्री ने यहां पहुंचने पर संवाददाताओं से कहा, मैं पुख्ता सबूतों के साथ आरोपों का मुकाबला करूंगा। केजरीवाल और विकलांग संगठन के लोग खुर्शीद के इस्तीफे की मांग करते हुए पिछले तीन दिन से प्रदर्शन कर रहे हैं। दो दिन पहले हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को शनिवार को छोड़ दिया गया था, लेकिन उन्होंने संसद मार्ग पर अपना धरना जारी रखा और कहा कि जब तक खुर्शीद केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा नहीं दे देते वे धरने से नहीं उठेंगे। एनजीओ डॉ जाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट की परियोजना निदेशक और खुर्शीद की पत्नी लुईस ने शनिवार को केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा था कि आरोप निराधार हैं। लुईस ने आरोप लगाया कि केजरीवाल विकलांग लोगों का इस्तेमाल कर राजनीति कर रहे हैं। कानूनमंत्री ने यहां पहुंचने पर संवाददाताओं से कहा, मैं पुख्ता सबूतों के साथ आरोपों का मुकाबला करूंगा। केजरीवाल और विकलांग संगठन के लोग खुर्शीद के इस्तीफे की मांग करते हुए पिछले तीन दिन से प्रदर्शन कर रहे हैं। दो दिन पहले हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को शनिवार को छोड़ दिया गया था, लेकिन उन्होंने संसद मार्ग पर अपना धरना जारी रखा और कहा कि जब तक खुर्शीद केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा नहीं दे देते वे धरने से नहीं उठेंगे। एनजीओ डॉ जाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट की परियोजना निदेशक और खुर्शीद की पत्नी लुईस ने शनिवार को केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा था कि आरोप निराधार हैं। लुईस ने आरोप लगाया कि केजरीवाल विकलांग लोगों का इस्तेमाल कर राजनीति कर रहे हैं। एनजीओ डॉ जाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट की परियोजना निदेशक और खुर्शीद की पत्नी लुईस ने शनिवार को केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा था कि आरोप निराधार हैं। लुईस ने आरोप लगाया कि केजरीवाल विकलांग लोगों का इस्तेमाल कर राजनीति कर रहे हैं।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: कानूनमंत्री का लंदन से दिल्ली लौटने पर आईजीआई हवाई अड्डे पर विरोध हुआ, जहां इंडिया अगेंस्ट करप्शन के कार्यकर्ताओं ने उनके खिलाफ नारेबाजी की और काले झंडे दिखाने का प्रयास किया।
3
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कर्नाटक की सिद्धारमैया सरकार ने आज हुई कैबिनेट बैठक में अहम फैसला लिया है कि सिर्फ उन घरों को ही तोड़ा जाएगा जो राजकाल्वे यानी बारिश का पानी निकालने के लिए बनाए गए सक्रिय नालों के ऊपर बने हैं.टिप्पणियां कैबिनेट की बैठक के बाद राज्य के कानून मंत्री टीबी जयचंद्रा ने बताया कि कैबिनेट ने फैसला किया है कि 2011 के हाई कोर्ट के फैसले को लागू किया जाए. यानी सिर्फ एक्टिव स्टॉर्म वाटर ड्रैन्स के ऊपर बने निर्माण को ही हटाया जाएगा. कैबिनेट में यह भी तय हुआ कि चाहे बहुमंजिली इमारतें हों या मॉल जो भी हाई कोर्ट के 2011 के फैसले के दायरे में आती हैं वे सभी तोड़े जाएंगे. यानी कुछ मॉलों के साथ-साथ कई बहुमंजिला अपार्टमेंट तोड़े जाने की संबावना बढ़ गई है. इनमें सबसे ज्यादा अपार्टमेंट और अन्य निर्माण बेलंदूर झील के आसपास के इलाके में हैं. इस इलाके में अतिक्रमण की वजह से पानी की निकासी निर्बाध नहीं हो पाती. प्रदूषित पानी में झाग बनता रहता है. कैबिनेट की बैठक से पहले जमीन और अतिक्रमण से जुड़े मामलों के तेजी से निपटारे के लिए एक फास्ट ट्रैक कोर्ट का उद्घाटन मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने किया. सिद्धारमैया ने कहा कि अतिक्रमण राजकाल्वे पर हुआ हो या फिर झीलों पर, इससे एक बात साफ है कि लैंड ग्रब्बेर के साथ भ्रष्ट सरकारी अधिकारियों की मिली भगत है. इसी वजह से गड़बड़ी हुई है. ऐसे में इन अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी. कैबिनेट की बैठक के बाद राज्य के कानून मंत्री टीबी जयचंद्रा ने बताया कि कैबिनेट ने फैसला किया है कि 2011 के हाई कोर्ट के फैसले को लागू किया जाए. यानी सिर्फ एक्टिव स्टॉर्म वाटर ड्रैन्स के ऊपर बने निर्माण को ही हटाया जाएगा. कैबिनेट में यह भी तय हुआ कि चाहे बहुमंजिली इमारतें हों या मॉल जो भी हाई कोर्ट के 2011 के फैसले के दायरे में आती हैं वे सभी तोड़े जाएंगे. यानी कुछ मॉलों के साथ-साथ कई बहुमंजिला अपार्टमेंट तोड़े जाने की संबावना बढ़ गई है. इनमें सबसे ज्यादा अपार्टमेंट और अन्य निर्माण बेलंदूर झील के आसपास के इलाके में हैं. इस इलाके में अतिक्रमण की वजह से पानी की निकासी निर्बाध नहीं हो पाती. प्रदूषित पानी में झाग बनता रहता है. कैबिनेट की बैठक से पहले जमीन और अतिक्रमण से जुड़े मामलों के तेजी से निपटारे के लिए एक फास्ट ट्रैक कोर्ट का उद्घाटन मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने किया. सिद्धारमैया ने कहा कि अतिक्रमण राजकाल्वे पर हुआ हो या फिर झीलों पर, इससे एक बात साफ है कि लैंड ग्रब्बेर के साथ भ्रष्ट सरकारी अधिकारियों की मिली भगत है. इसी वजह से गड़बड़ी हुई है. ऐसे में इन अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी. कैबिनेट की बैठक से पहले जमीन और अतिक्रमण से जुड़े मामलों के तेजी से निपटारे के लिए एक फास्ट ट्रैक कोर्ट का उद्घाटन मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने किया. सिद्धारमैया ने कहा कि अतिक्रमण राजकाल्वे पर हुआ हो या फिर झीलों पर, इससे एक बात साफ है कि लैंड ग्रब्बेर के साथ भ्रष्ट सरकारी अधिकारियों की मिली भगत है. इसी वजह से गड़बड़ी हुई है. ऐसे में इन अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी.
यहाँ एक सारांश है:वह सभी भवन तोड़े जाएंगे जो नालों से पानी की निकासी में रोड़ा हैं कैबिनेट ने 2011 के हाई कोर्ट के फैसले को लागू किया अतिक्रमण के मामलों के निपटारे के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का उद्घाटन
12
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पांच साल तक बलात्कार के आरोप में जेल काट चुके एक व्यक्ति को बॉम्बे हाईकोर्ट ने बरी करते हुए कहा है कि विवाहेतर संबंधों के तहत किसी के साथ यौन संबंध स्थापित करते हुए पकड़ी जाने वाली महिला अपने चरित्र को बचाने के लिए बलात्कार का आरोप लगा सकती है। ठाणे जिले के उल्हासनगर में अपने पड़ोसी की पत्नी से बलात्कार के मामले में पांच साल के सश्रम कारावास की सजा काट चुके योगेश शिन्दे को आरोपों से बरी करते हुए अदालत ने अभियोजन पक्ष द्वारा लगाए गए आरोप और पीड़ित द्वारा दिए गए घटना के ब्योरे को असंभव पाया। शिन्दे ने कल्याण की सत्र अदालत द्वारा सुनाई गई कैद की सजा पूरी करने के बाद उच्च न्यायालय में अपील दायर की थी, जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने उसे संदेहलाभ देकर बरी कर दिया। अभियोजन के अनुसार शिन्दे ने 2 जून, 1999 को चाकू की नोक पर अपने मित्र की मदद से महिला से बलात्कार किया। उसके दोस्त को निचली अदालत ने ही बरी कर दिया था। न्यायमूर्ति एएम थिप्से ने हाल में सुनाए अपने फैसले में कहा, हालांकि, सामान्य परिस्थितियों में किसी महिला द्वारा बलात्कार का झूठा आरोप लगाए जाने की संभावना नहीं होती, लेकिन जब वह विवाहेतर संबंधों के तहत किसी के साथ यौन संबंध बनाते पकड़ी जाए या उस पर इस तरह का संदेह हो, तो इस बात की पूरी संभावना है कि अपने चरित्र को बचाने की कोशिश के तहत वह दावा कर सकती है कि जो कुछ हुआ, उसमें उसकी सहमति नहीं थी। सत्र अदालत के दोष सिद्धि के फैसले के खिलाफ शिन्दे की अपील स्वीकार करते हुए न्यायाधीश ने उल्लेख किया, वर्तमान मामले के तथ्यों और परिस्थितियों में यह संभावना पूरी तरह स्पष्ट है कि जब पीड़ित की कहानी को सामान्य नजरिये से देखा जाए, तो वह असंभव-सी प्रतीत होती है। न्यायाधीश ने कहा, "यदि यह मान भी लिया जाए कि अपीलकर्ता और पीड़ित के बीच यौन संबंध स्थापित हुए थे, जैसा कि उसने आरोप लगाया है, तो भी इस संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता कि इसमें पीड़ित की भी सहमति थी, यदि दोनों के बीच कोई संबंध स्थापित हुआ था, तो समूचे घटनाक्रम के मद्देनजर सहमति के मुद्दे पर कम से कम संदेह तो पैदा होता है।" उन्होंने कहा कि अपीलकर्ता 'इस तरह का उचित संदेह का लाभ' पाने का हकदार है और उसे बरी कर दिया जाना चाहिए। हाईकोर्ट ने कहा, "निचली अदालत द्वारा किया गया सबूतों का मूल्यांकन उचित या वैध नहीं है, इसलिए न्याय के हित में आदेश में हस्तक्षेप की आवश्यकता है।" अदालत ने उल्लेख किया कि अभियोजन का मामला मुख्यत: पीड़ित की गवाही पर आधारित है। पीड़ित का पति हालांकि गवाह था, लेकिन मुकदमे के दौरान उससे जिरह नहीं की गई, जबकि अन्य गवाहों ने अभियोजन के मामले का समर्थन नहीं किया। इसने कहा कि श्रोणि अस्थि की ऊपरी सीमा में दाएं हिस्से में सिर्फ एक खरोंच को छोड़कर पीड़ित के शरीर पर और किसी जख्म का निशान नहीं था तथा गवाह के रूप में पेश हुआ डॉक्टर यह मत व्यक्त करने में असफल रहा कि क्या पीड़ित के साथ जबरन यौन संबंध बनाए गए। अपीलकर्ता के शरीर पर भी कोई जख्म नहीं था। अदालत ने कहा कि महिला ने अपनी गवाही के दौरान भी यह जिक्र नहीं किया कि अपीलकर्ता के पास चाकू था या वह चाकू की नोक पर धमकी दे रहा था। महिला ने जिरह के दौरान कहा था कि वह और उसका पति अपने घर में एक 'खाट' पर सोए हुए थे और आरोपी उसे जबरन कमरे से उठा ले गया।टिप्पणियां न्यायाधीश ने कहा कि इस तथ्य को स्वीकार करना काफी मुश्किल है कि जब पीड़ित का पति उसके पास सो रहा था, तो भी उसे जबरन कमरे से बाहर ले जाया जा सकता है। महिला ने जिरह में कहा था कि उसे जबरन जमीन पर डाल दिया गया और आरोपी ने उससे बलात्कार किया। उसने यह भी कहा कि जमीन पर पत्थर पड़े थे। इस पर अदालत ने कहा कि यदि यह सच होता तो पीड़ित के शरीर पर कुछ और खरोंचों के निशान हो सकते थे, लेकिन चिकित्सा जांच में श्रोणि अस्थि की ऊपरी सीमा में दाएं हिस्से को छोड़कर और कहीं कोई निशान नहीं दिखा। ठाणे जिले के उल्हासनगर में अपने पड़ोसी की पत्नी से बलात्कार के मामले में पांच साल के सश्रम कारावास की सजा काट चुके योगेश शिन्दे को आरोपों से बरी करते हुए अदालत ने अभियोजन पक्ष द्वारा लगाए गए आरोप और पीड़ित द्वारा दिए गए घटना के ब्योरे को असंभव पाया। शिन्दे ने कल्याण की सत्र अदालत द्वारा सुनाई गई कैद की सजा पूरी करने के बाद उच्च न्यायालय में अपील दायर की थी, जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने उसे संदेहलाभ देकर बरी कर दिया। अभियोजन के अनुसार शिन्दे ने 2 जून, 1999 को चाकू की नोक पर अपने मित्र की मदद से महिला से बलात्कार किया। उसके दोस्त को निचली अदालत ने ही बरी कर दिया था। न्यायमूर्ति एएम थिप्से ने हाल में सुनाए अपने फैसले में कहा, हालांकि, सामान्य परिस्थितियों में किसी महिला द्वारा बलात्कार का झूठा आरोप लगाए जाने की संभावना नहीं होती, लेकिन जब वह विवाहेतर संबंधों के तहत किसी के साथ यौन संबंध बनाते पकड़ी जाए या उस पर इस तरह का संदेह हो, तो इस बात की पूरी संभावना है कि अपने चरित्र को बचाने की कोशिश के तहत वह दावा कर सकती है कि जो कुछ हुआ, उसमें उसकी सहमति नहीं थी। सत्र अदालत के दोष सिद्धि के फैसले के खिलाफ शिन्दे की अपील स्वीकार करते हुए न्यायाधीश ने उल्लेख किया, वर्तमान मामले के तथ्यों और परिस्थितियों में यह संभावना पूरी तरह स्पष्ट है कि जब पीड़ित की कहानी को सामान्य नजरिये से देखा जाए, तो वह असंभव-सी प्रतीत होती है। न्यायाधीश ने कहा, "यदि यह मान भी लिया जाए कि अपीलकर्ता और पीड़ित के बीच यौन संबंध स्थापित हुए थे, जैसा कि उसने आरोप लगाया है, तो भी इस संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता कि इसमें पीड़ित की भी सहमति थी, यदि दोनों के बीच कोई संबंध स्थापित हुआ था, तो समूचे घटनाक्रम के मद्देनजर सहमति के मुद्दे पर कम से कम संदेह तो पैदा होता है।" उन्होंने कहा कि अपीलकर्ता 'इस तरह का उचित संदेह का लाभ' पाने का हकदार है और उसे बरी कर दिया जाना चाहिए। हाईकोर्ट ने कहा, "निचली अदालत द्वारा किया गया सबूतों का मूल्यांकन उचित या वैध नहीं है, इसलिए न्याय के हित में आदेश में हस्तक्षेप की आवश्यकता है।" अदालत ने उल्लेख किया कि अभियोजन का मामला मुख्यत: पीड़ित की गवाही पर आधारित है। पीड़ित का पति हालांकि गवाह था, लेकिन मुकदमे के दौरान उससे जिरह नहीं की गई, जबकि अन्य गवाहों ने अभियोजन के मामले का समर्थन नहीं किया। इसने कहा कि श्रोणि अस्थि की ऊपरी सीमा में दाएं हिस्से में सिर्फ एक खरोंच को छोड़कर पीड़ित के शरीर पर और किसी जख्म का निशान नहीं था तथा गवाह के रूप में पेश हुआ डॉक्टर यह मत व्यक्त करने में असफल रहा कि क्या पीड़ित के साथ जबरन यौन संबंध बनाए गए। अपीलकर्ता के शरीर पर भी कोई जख्म नहीं था। अदालत ने कहा कि महिला ने अपनी गवाही के दौरान भी यह जिक्र नहीं किया कि अपीलकर्ता के पास चाकू था या वह चाकू की नोक पर धमकी दे रहा था। महिला ने जिरह के दौरान कहा था कि वह और उसका पति अपने घर में एक 'खाट' पर सोए हुए थे और आरोपी उसे जबरन कमरे से उठा ले गया।टिप्पणियां न्यायाधीश ने कहा कि इस तथ्य को स्वीकार करना काफी मुश्किल है कि जब पीड़ित का पति उसके पास सो रहा था, तो भी उसे जबरन कमरे से बाहर ले जाया जा सकता है। महिला ने जिरह में कहा था कि उसे जबरन जमीन पर डाल दिया गया और आरोपी ने उससे बलात्कार किया। उसने यह भी कहा कि जमीन पर पत्थर पड़े थे। इस पर अदालत ने कहा कि यदि यह सच होता तो पीड़ित के शरीर पर कुछ और खरोंचों के निशान हो सकते थे, लेकिन चिकित्सा जांच में श्रोणि अस्थि की ऊपरी सीमा में दाएं हिस्से को छोड़कर और कहीं कोई निशान नहीं दिखा। शिन्दे ने कल्याण की सत्र अदालत द्वारा सुनाई गई कैद की सजा पूरी करने के बाद उच्च न्यायालय में अपील दायर की थी, जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने उसे संदेहलाभ देकर बरी कर दिया। अभियोजन के अनुसार शिन्दे ने 2 जून, 1999 को चाकू की नोक पर अपने मित्र की मदद से महिला से बलात्कार किया। उसके दोस्त को निचली अदालत ने ही बरी कर दिया था। न्यायमूर्ति एएम थिप्से ने हाल में सुनाए अपने फैसले में कहा, हालांकि, सामान्य परिस्थितियों में किसी महिला द्वारा बलात्कार का झूठा आरोप लगाए जाने की संभावना नहीं होती, लेकिन जब वह विवाहेतर संबंधों के तहत किसी के साथ यौन संबंध बनाते पकड़ी जाए या उस पर इस तरह का संदेह हो, तो इस बात की पूरी संभावना है कि अपने चरित्र को बचाने की कोशिश के तहत वह दावा कर सकती है कि जो कुछ हुआ, उसमें उसकी सहमति नहीं थी। सत्र अदालत के दोष सिद्धि के फैसले के खिलाफ शिन्दे की अपील स्वीकार करते हुए न्यायाधीश ने उल्लेख किया, वर्तमान मामले के तथ्यों और परिस्थितियों में यह संभावना पूरी तरह स्पष्ट है कि जब पीड़ित की कहानी को सामान्य नजरिये से देखा जाए, तो वह असंभव-सी प्रतीत होती है। न्यायाधीश ने कहा, "यदि यह मान भी लिया जाए कि अपीलकर्ता और पीड़ित के बीच यौन संबंध स्थापित हुए थे, जैसा कि उसने आरोप लगाया है, तो भी इस संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता कि इसमें पीड़ित की भी सहमति थी, यदि दोनों के बीच कोई संबंध स्थापित हुआ था, तो समूचे घटनाक्रम के मद्देनजर सहमति के मुद्दे पर कम से कम संदेह तो पैदा होता है।" उन्होंने कहा कि अपीलकर्ता 'इस तरह का उचित संदेह का लाभ' पाने का हकदार है और उसे बरी कर दिया जाना चाहिए। हाईकोर्ट ने कहा, "निचली अदालत द्वारा किया गया सबूतों का मूल्यांकन उचित या वैध नहीं है, इसलिए न्याय के हित में आदेश में हस्तक्षेप की आवश्यकता है।" अदालत ने उल्लेख किया कि अभियोजन का मामला मुख्यत: पीड़ित की गवाही पर आधारित है। पीड़ित का पति हालांकि गवाह था, लेकिन मुकदमे के दौरान उससे जिरह नहीं की गई, जबकि अन्य गवाहों ने अभियोजन के मामले का समर्थन नहीं किया। इसने कहा कि श्रोणि अस्थि की ऊपरी सीमा में दाएं हिस्से में सिर्फ एक खरोंच को छोड़कर पीड़ित के शरीर पर और किसी जख्म का निशान नहीं था तथा गवाह के रूप में पेश हुआ डॉक्टर यह मत व्यक्त करने में असफल रहा कि क्या पीड़ित के साथ जबरन यौन संबंध बनाए गए। अपीलकर्ता के शरीर पर भी कोई जख्म नहीं था। अदालत ने कहा कि महिला ने अपनी गवाही के दौरान भी यह जिक्र नहीं किया कि अपीलकर्ता के पास चाकू था या वह चाकू की नोक पर धमकी दे रहा था। महिला ने जिरह के दौरान कहा था कि वह और उसका पति अपने घर में एक 'खाट' पर सोए हुए थे और आरोपी उसे जबरन कमरे से उठा ले गया।टिप्पणियां न्यायाधीश ने कहा कि इस तथ्य को स्वीकार करना काफी मुश्किल है कि जब पीड़ित का पति उसके पास सो रहा था, तो भी उसे जबरन कमरे से बाहर ले जाया जा सकता है। महिला ने जिरह में कहा था कि उसे जबरन जमीन पर डाल दिया गया और आरोपी ने उससे बलात्कार किया। उसने यह भी कहा कि जमीन पर पत्थर पड़े थे। इस पर अदालत ने कहा कि यदि यह सच होता तो पीड़ित के शरीर पर कुछ और खरोंचों के निशान हो सकते थे, लेकिन चिकित्सा जांच में श्रोणि अस्थि की ऊपरी सीमा में दाएं हिस्से को छोड़कर और कहीं कोई निशान नहीं दिखा। न्यायमूर्ति एएम थिप्से ने हाल में सुनाए अपने फैसले में कहा, हालांकि, सामान्य परिस्थितियों में किसी महिला द्वारा बलात्कार का झूठा आरोप लगाए जाने की संभावना नहीं होती, लेकिन जब वह विवाहेतर संबंधों के तहत किसी के साथ यौन संबंध बनाते पकड़ी जाए या उस पर इस तरह का संदेह हो, तो इस बात की पूरी संभावना है कि अपने चरित्र को बचाने की कोशिश के तहत वह दावा कर सकती है कि जो कुछ हुआ, उसमें उसकी सहमति नहीं थी। सत्र अदालत के दोष सिद्धि के फैसले के खिलाफ शिन्दे की अपील स्वीकार करते हुए न्यायाधीश ने उल्लेख किया, वर्तमान मामले के तथ्यों और परिस्थितियों में यह संभावना पूरी तरह स्पष्ट है कि जब पीड़ित की कहानी को सामान्य नजरिये से देखा जाए, तो वह असंभव-सी प्रतीत होती है। न्यायाधीश ने कहा, "यदि यह मान भी लिया जाए कि अपीलकर्ता और पीड़ित के बीच यौन संबंध स्थापित हुए थे, जैसा कि उसने आरोप लगाया है, तो भी इस संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता कि इसमें पीड़ित की भी सहमति थी, यदि दोनों के बीच कोई संबंध स्थापित हुआ था, तो समूचे घटनाक्रम के मद्देनजर सहमति के मुद्दे पर कम से कम संदेह तो पैदा होता है।" उन्होंने कहा कि अपीलकर्ता 'इस तरह का उचित संदेह का लाभ' पाने का हकदार है और उसे बरी कर दिया जाना चाहिए। हाईकोर्ट ने कहा, "निचली अदालत द्वारा किया गया सबूतों का मूल्यांकन उचित या वैध नहीं है, इसलिए न्याय के हित में आदेश में हस्तक्षेप की आवश्यकता है।" अदालत ने उल्लेख किया कि अभियोजन का मामला मुख्यत: पीड़ित की गवाही पर आधारित है। पीड़ित का पति हालांकि गवाह था, लेकिन मुकदमे के दौरान उससे जिरह नहीं की गई, जबकि अन्य गवाहों ने अभियोजन के मामले का समर्थन नहीं किया। इसने कहा कि श्रोणि अस्थि की ऊपरी सीमा में दाएं हिस्से में सिर्फ एक खरोंच को छोड़कर पीड़ित के शरीर पर और किसी जख्म का निशान नहीं था तथा गवाह के रूप में पेश हुआ डॉक्टर यह मत व्यक्त करने में असफल रहा कि क्या पीड़ित के साथ जबरन यौन संबंध बनाए गए। अपीलकर्ता के शरीर पर भी कोई जख्म नहीं था। अदालत ने कहा कि महिला ने अपनी गवाही के दौरान भी यह जिक्र नहीं किया कि अपीलकर्ता के पास चाकू था या वह चाकू की नोक पर धमकी दे रहा था। महिला ने जिरह के दौरान कहा था कि वह और उसका पति अपने घर में एक 'खाट' पर सोए हुए थे और आरोपी उसे जबरन कमरे से उठा ले गया।टिप्पणियां न्यायाधीश ने कहा कि इस तथ्य को स्वीकार करना काफी मुश्किल है कि जब पीड़ित का पति उसके पास सो रहा था, तो भी उसे जबरन कमरे से बाहर ले जाया जा सकता है। महिला ने जिरह में कहा था कि उसे जबरन जमीन पर डाल दिया गया और आरोपी ने उससे बलात्कार किया। उसने यह भी कहा कि जमीन पर पत्थर पड़े थे। इस पर अदालत ने कहा कि यदि यह सच होता तो पीड़ित के शरीर पर कुछ और खरोंचों के निशान हो सकते थे, लेकिन चिकित्सा जांच में श्रोणि अस्थि की ऊपरी सीमा में दाएं हिस्से को छोड़कर और कहीं कोई निशान नहीं दिखा। सत्र अदालत के दोष सिद्धि के फैसले के खिलाफ शिन्दे की अपील स्वीकार करते हुए न्यायाधीश ने उल्लेख किया, वर्तमान मामले के तथ्यों और परिस्थितियों में यह संभावना पूरी तरह स्पष्ट है कि जब पीड़ित की कहानी को सामान्य नजरिये से देखा जाए, तो वह असंभव-सी प्रतीत होती है। न्यायाधीश ने कहा, "यदि यह मान भी लिया जाए कि अपीलकर्ता और पीड़ित के बीच यौन संबंध स्थापित हुए थे, जैसा कि उसने आरोप लगाया है, तो भी इस संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता कि इसमें पीड़ित की भी सहमति थी, यदि दोनों के बीच कोई संबंध स्थापित हुआ था, तो समूचे घटनाक्रम के मद्देनजर सहमति के मुद्दे पर कम से कम संदेह तो पैदा होता है।" उन्होंने कहा कि अपीलकर्ता 'इस तरह का उचित संदेह का लाभ' पाने का हकदार है और उसे बरी कर दिया जाना चाहिए। हाईकोर्ट ने कहा, "निचली अदालत द्वारा किया गया सबूतों का मूल्यांकन उचित या वैध नहीं है, इसलिए न्याय के हित में आदेश में हस्तक्षेप की आवश्यकता है।" अदालत ने उल्लेख किया कि अभियोजन का मामला मुख्यत: पीड़ित की गवाही पर आधारित है। पीड़ित का पति हालांकि गवाह था, लेकिन मुकदमे के दौरान उससे जिरह नहीं की गई, जबकि अन्य गवाहों ने अभियोजन के मामले का समर्थन नहीं किया। इसने कहा कि श्रोणि अस्थि की ऊपरी सीमा में दाएं हिस्से में सिर्फ एक खरोंच को छोड़कर पीड़ित के शरीर पर और किसी जख्म का निशान नहीं था तथा गवाह के रूप में पेश हुआ डॉक्टर यह मत व्यक्त करने में असफल रहा कि क्या पीड़ित के साथ जबरन यौन संबंध बनाए गए। अपीलकर्ता के शरीर पर भी कोई जख्म नहीं था। अदालत ने कहा कि महिला ने अपनी गवाही के दौरान भी यह जिक्र नहीं किया कि अपीलकर्ता के पास चाकू था या वह चाकू की नोक पर धमकी दे रहा था। महिला ने जिरह के दौरान कहा था कि वह और उसका पति अपने घर में एक 'खाट' पर सोए हुए थे और आरोपी उसे जबरन कमरे से उठा ले गया।टिप्पणियां न्यायाधीश ने कहा कि इस तथ्य को स्वीकार करना काफी मुश्किल है कि जब पीड़ित का पति उसके पास सो रहा था, तो भी उसे जबरन कमरे से बाहर ले जाया जा सकता है। महिला ने जिरह में कहा था कि उसे जबरन जमीन पर डाल दिया गया और आरोपी ने उससे बलात्कार किया। उसने यह भी कहा कि जमीन पर पत्थर पड़े थे। इस पर अदालत ने कहा कि यदि यह सच होता तो पीड़ित के शरीर पर कुछ और खरोंचों के निशान हो सकते थे, लेकिन चिकित्सा जांच में श्रोणि अस्थि की ऊपरी सीमा में दाएं हिस्से को छोड़कर और कहीं कोई निशान नहीं दिखा। न्यायाधीश ने कहा, "यदि यह मान भी लिया जाए कि अपीलकर्ता और पीड़ित के बीच यौन संबंध स्थापित हुए थे, जैसा कि उसने आरोप लगाया है, तो भी इस संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता कि इसमें पीड़ित की भी सहमति थी, यदि दोनों के बीच कोई संबंध स्थापित हुआ था, तो समूचे घटनाक्रम के मद्देनजर सहमति के मुद्दे पर कम से कम संदेह तो पैदा होता है।" उन्होंने कहा कि अपीलकर्ता 'इस तरह का उचित संदेह का लाभ' पाने का हकदार है और उसे बरी कर दिया जाना चाहिए। हाईकोर्ट ने कहा, "निचली अदालत द्वारा किया गया सबूतों का मूल्यांकन उचित या वैध नहीं है, इसलिए न्याय के हित में आदेश में हस्तक्षेप की आवश्यकता है।" अदालत ने उल्लेख किया कि अभियोजन का मामला मुख्यत: पीड़ित की गवाही पर आधारित है। पीड़ित का पति हालांकि गवाह था, लेकिन मुकदमे के दौरान उससे जिरह नहीं की गई, जबकि अन्य गवाहों ने अभियोजन के मामले का समर्थन नहीं किया। इसने कहा कि श्रोणि अस्थि की ऊपरी सीमा में दाएं हिस्से में सिर्फ एक खरोंच को छोड़कर पीड़ित के शरीर पर और किसी जख्म का निशान नहीं था तथा गवाह के रूप में पेश हुआ डॉक्टर यह मत व्यक्त करने में असफल रहा कि क्या पीड़ित के साथ जबरन यौन संबंध बनाए गए। अपीलकर्ता के शरीर पर भी कोई जख्म नहीं था। अदालत ने कहा कि महिला ने अपनी गवाही के दौरान भी यह जिक्र नहीं किया कि अपीलकर्ता के पास चाकू था या वह चाकू की नोक पर धमकी दे रहा था। महिला ने जिरह के दौरान कहा था कि वह और उसका पति अपने घर में एक 'खाट' पर सोए हुए थे और आरोपी उसे जबरन कमरे से उठा ले गया।टिप्पणियां न्यायाधीश ने कहा कि इस तथ्य को स्वीकार करना काफी मुश्किल है कि जब पीड़ित का पति उसके पास सो रहा था, तो भी उसे जबरन कमरे से बाहर ले जाया जा सकता है। महिला ने जिरह में कहा था कि उसे जबरन जमीन पर डाल दिया गया और आरोपी ने उससे बलात्कार किया। उसने यह भी कहा कि जमीन पर पत्थर पड़े थे। इस पर अदालत ने कहा कि यदि यह सच होता तो पीड़ित के शरीर पर कुछ और खरोंचों के निशान हो सकते थे, लेकिन चिकित्सा जांच में श्रोणि अस्थि की ऊपरी सीमा में दाएं हिस्से को छोड़कर और कहीं कोई निशान नहीं दिखा। हाईकोर्ट ने कहा, "निचली अदालत द्वारा किया गया सबूतों का मूल्यांकन उचित या वैध नहीं है, इसलिए न्याय के हित में आदेश में हस्तक्षेप की आवश्यकता है।" अदालत ने उल्लेख किया कि अभियोजन का मामला मुख्यत: पीड़ित की गवाही पर आधारित है। पीड़ित का पति हालांकि गवाह था, लेकिन मुकदमे के दौरान उससे जिरह नहीं की गई, जबकि अन्य गवाहों ने अभियोजन के मामले का समर्थन नहीं किया। इसने कहा कि श्रोणि अस्थि की ऊपरी सीमा में दाएं हिस्से में सिर्फ एक खरोंच को छोड़कर पीड़ित के शरीर पर और किसी जख्म का निशान नहीं था तथा गवाह के रूप में पेश हुआ डॉक्टर यह मत व्यक्त करने में असफल रहा कि क्या पीड़ित के साथ जबरन यौन संबंध बनाए गए। अपीलकर्ता के शरीर पर भी कोई जख्म नहीं था। अदालत ने कहा कि महिला ने अपनी गवाही के दौरान भी यह जिक्र नहीं किया कि अपीलकर्ता के पास चाकू था या वह चाकू की नोक पर धमकी दे रहा था। महिला ने जिरह के दौरान कहा था कि वह और उसका पति अपने घर में एक 'खाट' पर सोए हुए थे और आरोपी उसे जबरन कमरे से उठा ले गया।टिप्पणियां न्यायाधीश ने कहा कि इस तथ्य को स्वीकार करना काफी मुश्किल है कि जब पीड़ित का पति उसके पास सो रहा था, तो भी उसे जबरन कमरे से बाहर ले जाया जा सकता है। महिला ने जिरह में कहा था कि उसे जबरन जमीन पर डाल दिया गया और आरोपी ने उससे बलात्कार किया। उसने यह भी कहा कि जमीन पर पत्थर पड़े थे। इस पर अदालत ने कहा कि यदि यह सच होता तो पीड़ित के शरीर पर कुछ और खरोंचों के निशान हो सकते थे, लेकिन चिकित्सा जांच में श्रोणि अस्थि की ऊपरी सीमा में दाएं हिस्से को छोड़कर और कहीं कोई निशान नहीं दिखा। इसने कहा कि श्रोणि अस्थि की ऊपरी सीमा में दाएं हिस्से में सिर्फ एक खरोंच को छोड़कर पीड़ित के शरीर पर और किसी जख्म का निशान नहीं था तथा गवाह के रूप में पेश हुआ डॉक्टर यह मत व्यक्त करने में असफल रहा कि क्या पीड़ित के साथ जबरन यौन संबंध बनाए गए। अपीलकर्ता के शरीर पर भी कोई जख्म नहीं था। अदालत ने कहा कि महिला ने अपनी गवाही के दौरान भी यह जिक्र नहीं किया कि अपीलकर्ता के पास चाकू था या वह चाकू की नोक पर धमकी दे रहा था। महिला ने जिरह के दौरान कहा था कि वह और उसका पति अपने घर में एक 'खाट' पर सोए हुए थे और आरोपी उसे जबरन कमरे से उठा ले गया।टिप्पणियां न्यायाधीश ने कहा कि इस तथ्य को स्वीकार करना काफी मुश्किल है कि जब पीड़ित का पति उसके पास सो रहा था, तो भी उसे जबरन कमरे से बाहर ले जाया जा सकता है। महिला ने जिरह में कहा था कि उसे जबरन जमीन पर डाल दिया गया और आरोपी ने उससे बलात्कार किया। उसने यह भी कहा कि जमीन पर पत्थर पड़े थे। इस पर अदालत ने कहा कि यदि यह सच होता तो पीड़ित के शरीर पर कुछ और खरोंचों के निशान हो सकते थे, लेकिन चिकित्सा जांच में श्रोणि अस्थि की ऊपरी सीमा में दाएं हिस्से को छोड़कर और कहीं कोई निशान नहीं दिखा। अदालत ने कहा कि महिला ने अपनी गवाही के दौरान भी यह जिक्र नहीं किया कि अपीलकर्ता के पास चाकू था या वह चाकू की नोक पर धमकी दे रहा था। महिला ने जिरह के दौरान कहा था कि वह और उसका पति अपने घर में एक 'खाट' पर सोए हुए थे और आरोपी उसे जबरन कमरे से उठा ले गया।टिप्पणियां न्यायाधीश ने कहा कि इस तथ्य को स्वीकार करना काफी मुश्किल है कि जब पीड़ित का पति उसके पास सो रहा था, तो भी उसे जबरन कमरे से बाहर ले जाया जा सकता है। महिला ने जिरह में कहा था कि उसे जबरन जमीन पर डाल दिया गया और आरोपी ने उससे बलात्कार किया। उसने यह भी कहा कि जमीन पर पत्थर पड़े थे। इस पर अदालत ने कहा कि यदि यह सच होता तो पीड़ित के शरीर पर कुछ और खरोंचों के निशान हो सकते थे, लेकिन चिकित्सा जांच में श्रोणि अस्थि की ऊपरी सीमा में दाएं हिस्से को छोड़कर और कहीं कोई निशान नहीं दिखा। न्यायाधीश ने कहा कि इस तथ्य को स्वीकार करना काफी मुश्किल है कि जब पीड़ित का पति उसके पास सो रहा था, तो भी उसे जबरन कमरे से बाहर ले जाया जा सकता है। महिला ने जिरह में कहा था कि उसे जबरन जमीन पर डाल दिया गया और आरोपी ने उससे बलात्कार किया। उसने यह भी कहा कि जमीन पर पत्थर पड़े थे। इस पर अदालत ने कहा कि यदि यह सच होता तो पीड़ित के शरीर पर कुछ और खरोंचों के निशान हो सकते थे, लेकिन चिकित्सा जांच में श्रोणि अस्थि की ऊपरी सीमा में दाएं हिस्से को छोड़कर और कहीं कोई निशान नहीं दिखा। इस पर अदालत ने कहा कि यदि यह सच होता तो पीड़ित के शरीर पर कुछ और खरोंचों के निशान हो सकते थे, लेकिन चिकित्सा जांच में श्रोणि अस्थि की ऊपरी सीमा में दाएं हिस्से को छोड़कर और कहीं कोई निशान नहीं दिखा।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पांच साल तक बलात्कार के आरोप में जेल काट चुके एक व्यक्ति को बॉम्बे हाईकोर्ट ने बरी करते हुए कहा है कि विवाहेतर संबंधों के तहत किसी के साथ यौन संबंध स्थापित करते हुए पकड़ी जाने वाली महिला अपने चरित्र को बचाने के लिए बलात्कार का आरोप लगा सकती है।
19
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: जर्मनी में 16 वर्ष के एक भारतीय मूल के किशोर ने प्रख्यात गणितज्ञ और भौतिकविद सर आइजक न्यूटन द्वारा बनाए गए एक गणितीय सवाल को सुलझा लिया। शनिवार की एक रपट के मुताबिक यह सवाल 350 वर्ष से अधिक समय से गणितज्ञों के लिए एक पहेली बना हुआ था। समाचार पत्र डेली मेल के मुताबिक वैज्ञानिक पहले इस तरह की गणना करने के लिए कम्प्यूटर का इस्तेमाल किया करते थे, जिसे शौर्य रे ने सुलझा लिया है। रे के इस समाधान का अर्थ यह है कि वैज्ञानिक अब यह पता लगा सकते हैं कि किसी गेंद को फेंके जाने पर वह किस रास्ते से गुजरेगी और वह किस प्रकार दीवार से टकराएगी तथा किस प्रकार टकराकर वापस लौटेगी। समाचार पत्र के मुताबिक रे को इस सवाल का पता तब लगा जब उसे एक पर्यटन कार्यक्रम के तहत द्रिसडेन विश्वविद्यालय ले जाया गया था, जहां एक प्रोफेसर ने उसे इस सवाल के बारे में कहा कि इसे सुलझाया नहीं जा सकता है। समाचार पत्र के मुताबिक रे ने कहा, "मैंने खुद से पूछा कि मैं इसे क्यों नहीं सुलझा सकता हूं।" रे ने छह वर्ष से ही गणित के जटिल प्रश्नों को सुलझाना शुरू कर दिया था।टिप्पणियां रे चार साल पहले कोलकाता से जर्मनी पहुंचा है। तब उसे जर्मन भाषा नहीं आती थी, लेकिन अब वह इसमें पारंगत है। समाचार पत्र के मुताबिक उसकी प्रतिभा को देखते हुए उसे दो कक्षा ऊपर कर दिया गया। अभी वह कक्षाओं की परीक्षाएं तय समय से पहले दे रहा है। समाचार पत्र डेली मेल के मुताबिक वैज्ञानिक पहले इस तरह की गणना करने के लिए कम्प्यूटर का इस्तेमाल किया करते थे, जिसे शौर्य रे ने सुलझा लिया है। रे के इस समाधान का अर्थ यह है कि वैज्ञानिक अब यह पता लगा सकते हैं कि किसी गेंद को फेंके जाने पर वह किस रास्ते से गुजरेगी और वह किस प्रकार दीवार से टकराएगी तथा किस प्रकार टकराकर वापस लौटेगी। समाचार पत्र के मुताबिक रे को इस सवाल का पता तब लगा जब उसे एक पर्यटन कार्यक्रम के तहत द्रिसडेन विश्वविद्यालय ले जाया गया था, जहां एक प्रोफेसर ने उसे इस सवाल के बारे में कहा कि इसे सुलझाया नहीं जा सकता है। समाचार पत्र के मुताबिक रे ने कहा, "मैंने खुद से पूछा कि मैं इसे क्यों नहीं सुलझा सकता हूं।" रे ने छह वर्ष से ही गणित के जटिल प्रश्नों को सुलझाना शुरू कर दिया था।टिप्पणियां रे चार साल पहले कोलकाता से जर्मनी पहुंचा है। तब उसे जर्मन भाषा नहीं आती थी, लेकिन अब वह इसमें पारंगत है। समाचार पत्र के मुताबिक उसकी प्रतिभा को देखते हुए उसे दो कक्षा ऊपर कर दिया गया। अभी वह कक्षाओं की परीक्षाएं तय समय से पहले दे रहा है। रे के इस समाधान का अर्थ यह है कि वैज्ञानिक अब यह पता लगा सकते हैं कि किसी गेंद को फेंके जाने पर वह किस रास्ते से गुजरेगी और वह किस प्रकार दीवार से टकराएगी तथा किस प्रकार टकराकर वापस लौटेगी। समाचार पत्र के मुताबिक रे को इस सवाल का पता तब लगा जब उसे एक पर्यटन कार्यक्रम के तहत द्रिसडेन विश्वविद्यालय ले जाया गया था, जहां एक प्रोफेसर ने उसे इस सवाल के बारे में कहा कि इसे सुलझाया नहीं जा सकता है। समाचार पत्र के मुताबिक रे ने कहा, "मैंने खुद से पूछा कि मैं इसे क्यों नहीं सुलझा सकता हूं।" रे ने छह वर्ष से ही गणित के जटिल प्रश्नों को सुलझाना शुरू कर दिया था।टिप्पणियां रे चार साल पहले कोलकाता से जर्मनी पहुंचा है। तब उसे जर्मन भाषा नहीं आती थी, लेकिन अब वह इसमें पारंगत है। समाचार पत्र के मुताबिक उसकी प्रतिभा को देखते हुए उसे दो कक्षा ऊपर कर दिया गया। अभी वह कक्षाओं की परीक्षाएं तय समय से पहले दे रहा है। समाचार पत्र के मुताबिक रे को इस सवाल का पता तब लगा जब उसे एक पर्यटन कार्यक्रम के तहत द्रिसडेन विश्वविद्यालय ले जाया गया था, जहां एक प्रोफेसर ने उसे इस सवाल के बारे में कहा कि इसे सुलझाया नहीं जा सकता है। समाचार पत्र के मुताबिक रे ने कहा, "मैंने खुद से पूछा कि मैं इसे क्यों नहीं सुलझा सकता हूं।" रे ने छह वर्ष से ही गणित के जटिल प्रश्नों को सुलझाना शुरू कर दिया था।टिप्पणियां रे चार साल पहले कोलकाता से जर्मनी पहुंचा है। तब उसे जर्मन भाषा नहीं आती थी, लेकिन अब वह इसमें पारंगत है। समाचार पत्र के मुताबिक उसकी प्रतिभा को देखते हुए उसे दो कक्षा ऊपर कर दिया गया। अभी वह कक्षाओं की परीक्षाएं तय समय से पहले दे रहा है। समाचार पत्र के मुताबिक रे ने कहा, "मैंने खुद से पूछा कि मैं इसे क्यों नहीं सुलझा सकता हूं।" रे ने छह वर्ष से ही गणित के जटिल प्रश्नों को सुलझाना शुरू कर दिया था।टिप्पणियां रे चार साल पहले कोलकाता से जर्मनी पहुंचा है। तब उसे जर्मन भाषा नहीं आती थी, लेकिन अब वह इसमें पारंगत है। समाचार पत्र के मुताबिक उसकी प्रतिभा को देखते हुए उसे दो कक्षा ऊपर कर दिया गया। अभी वह कक्षाओं की परीक्षाएं तय समय से पहले दे रहा है। रे ने छह वर्ष से ही गणित के जटिल प्रश्नों को सुलझाना शुरू कर दिया था।टिप्पणियां रे चार साल पहले कोलकाता से जर्मनी पहुंचा है। तब उसे जर्मन भाषा नहीं आती थी, लेकिन अब वह इसमें पारंगत है। समाचार पत्र के मुताबिक उसकी प्रतिभा को देखते हुए उसे दो कक्षा ऊपर कर दिया गया। अभी वह कक्षाओं की परीक्षाएं तय समय से पहले दे रहा है। रे चार साल पहले कोलकाता से जर्मनी पहुंचा है। तब उसे जर्मन भाषा नहीं आती थी, लेकिन अब वह इसमें पारंगत है। समाचार पत्र के मुताबिक उसकी प्रतिभा को देखते हुए उसे दो कक्षा ऊपर कर दिया गया। अभी वह कक्षाओं की परीक्षाएं तय समय से पहले दे रहा है। समाचार पत्र के मुताबिक उसकी प्रतिभा को देखते हुए उसे दो कक्षा ऊपर कर दिया गया। अभी वह कक्षाओं की परीक्षाएं तय समय से पहले दे रहा है।
सारांश: जर्मनी में 16 वर्ष के एक भारतीय मूल के किशोर ने प्रख्यात गणितज्ञ और भौतिकविद सर आइजक न्यूटन द्वारा बनाए गए एक गणितीय सवाल को सुलझा लिया।
33
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: सूत्रों के हवाले से खबर है कि भारतीय कैदी सरबजीत सिंह को भारत भेजने पर पाकिस्तान सरकार गंभीरता से विचार कर रही है। सरबजीत सिंह की बिगड़ती हालत पर चिंता जाहिर करते हुए भारत ने पाकिस्तान से उन्हें मानवीय और सहानुभूति के आधार पर रिहा करने या उचित इलाज के लिए किसी तीसरे देश भेजने के लिए कहा है। भारत ने कहा है, "एक मानवीय जीवन की रक्षा करने के लिए उचित कदम उठाने से बचने के लिए यह कानूनी और नौकरशाही कारणों की आड़ लेने का सही समय नहीं है।" बयान में कहा गया है, "हम समझते हैं कि उनकी जिंदगी बचाने के लिए हर तरह का प्रयत्न किया जाना चाहिए।" पाकिस्तान में फांसी की सजा पाए 49 वर्षीय सरबजीत सिंह पर 26 अप्रैल को लाहौर की कोट लखपत जेल में 4 से 5 कैदियों ने अचानक और अकारण हमला किया जिसमें वे बुरी तरह घायल हो गए। इलाज के लिए उन्हें वहां के जिन्ना अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां वे तभी से जीवन रक्षक प्रणाली पर हैं। डॉक्टरों के यह संकेत देने के बाद कि सरबजीत सिंह की चिकित्सकीय रूप से मृत्यु हो चुकी है, उन्हें देखने गया उनका परिवार बुधवार को भारत लौट आया। हमले की जानकारी मिलने के बाद सरबजीत की बहन, उनकी पत्नी और दो बेटियां पाकिस्तान गई थीं। विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि इस संबंध में पाकिस्तान में स्थित भारतीय उच्चायुक्त शरत सभरवाल ने पाकिस्तान के विदेश सचिव जलील अब्बास जिलानी से मुलाकात की है।टिप्पणियां "हमारे उच्चायुक्त ने पाकिस्तान के विदेश सचिव से मुलाकात की है और पाकिस्तान सरकार से मानवीय और सहानुभूति के आधार पर श्री सरबजीत सिंह की शीघ्र रिहाई के लिए आग्रह किया है ताकि उसे भारत में उपलब्ध बेहतर चिकित्सा सुविधा का लाभ दिया जा सके।" बयान में यह भी कहा गया है, "वैकल्पिक तौर पर हमने यह भी प्रस्ताव किया है कि श्री सरबजीत सिंह को उचित इलाज के लिए किसी तीसरे देश भेजा जाए।" सरबजीत सिंह की बिगड़ती हालत पर चिंता जाहिर करते हुए भारत ने पाकिस्तान से उन्हें मानवीय और सहानुभूति के आधार पर रिहा करने या उचित इलाज के लिए किसी तीसरे देश भेजने के लिए कहा है। भारत ने कहा है, "एक मानवीय जीवन की रक्षा करने के लिए उचित कदम उठाने से बचने के लिए यह कानूनी और नौकरशाही कारणों की आड़ लेने का सही समय नहीं है।" बयान में कहा गया है, "हम समझते हैं कि उनकी जिंदगी बचाने के लिए हर तरह का प्रयत्न किया जाना चाहिए।" पाकिस्तान में फांसी की सजा पाए 49 वर्षीय सरबजीत सिंह पर 26 अप्रैल को लाहौर की कोट लखपत जेल में 4 से 5 कैदियों ने अचानक और अकारण हमला किया जिसमें वे बुरी तरह घायल हो गए। इलाज के लिए उन्हें वहां के जिन्ना अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां वे तभी से जीवन रक्षक प्रणाली पर हैं। डॉक्टरों के यह संकेत देने के बाद कि सरबजीत सिंह की चिकित्सकीय रूप से मृत्यु हो चुकी है, उन्हें देखने गया उनका परिवार बुधवार को भारत लौट आया। हमले की जानकारी मिलने के बाद सरबजीत की बहन, उनकी पत्नी और दो बेटियां पाकिस्तान गई थीं। विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि इस संबंध में पाकिस्तान में स्थित भारतीय उच्चायुक्त शरत सभरवाल ने पाकिस्तान के विदेश सचिव जलील अब्बास जिलानी से मुलाकात की है।टिप्पणियां "हमारे उच्चायुक्त ने पाकिस्तान के विदेश सचिव से मुलाकात की है और पाकिस्तान सरकार से मानवीय और सहानुभूति के आधार पर श्री सरबजीत सिंह की शीघ्र रिहाई के लिए आग्रह किया है ताकि उसे भारत में उपलब्ध बेहतर चिकित्सा सुविधा का लाभ दिया जा सके।" बयान में यह भी कहा गया है, "वैकल्पिक तौर पर हमने यह भी प्रस्ताव किया है कि श्री सरबजीत सिंह को उचित इलाज के लिए किसी तीसरे देश भेजा जाए।" भारत ने कहा है, "एक मानवीय जीवन की रक्षा करने के लिए उचित कदम उठाने से बचने के लिए यह कानूनी और नौकरशाही कारणों की आड़ लेने का सही समय नहीं है।" बयान में कहा गया है, "हम समझते हैं कि उनकी जिंदगी बचाने के लिए हर तरह का प्रयत्न किया जाना चाहिए।" पाकिस्तान में फांसी की सजा पाए 49 वर्षीय सरबजीत सिंह पर 26 अप्रैल को लाहौर की कोट लखपत जेल में 4 से 5 कैदियों ने अचानक और अकारण हमला किया जिसमें वे बुरी तरह घायल हो गए। इलाज के लिए उन्हें वहां के जिन्ना अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां वे तभी से जीवन रक्षक प्रणाली पर हैं। डॉक्टरों के यह संकेत देने के बाद कि सरबजीत सिंह की चिकित्सकीय रूप से मृत्यु हो चुकी है, उन्हें देखने गया उनका परिवार बुधवार को भारत लौट आया। हमले की जानकारी मिलने के बाद सरबजीत की बहन, उनकी पत्नी और दो बेटियां पाकिस्तान गई थीं। विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि इस संबंध में पाकिस्तान में स्थित भारतीय उच्चायुक्त शरत सभरवाल ने पाकिस्तान के विदेश सचिव जलील अब्बास जिलानी से मुलाकात की है।टिप्पणियां "हमारे उच्चायुक्त ने पाकिस्तान के विदेश सचिव से मुलाकात की है और पाकिस्तान सरकार से मानवीय और सहानुभूति के आधार पर श्री सरबजीत सिंह की शीघ्र रिहाई के लिए आग्रह किया है ताकि उसे भारत में उपलब्ध बेहतर चिकित्सा सुविधा का लाभ दिया जा सके।" बयान में यह भी कहा गया है, "वैकल्पिक तौर पर हमने यह भी प्रस्ताव किया है कि श्री सरबजीत सिंह को उचित इलाज के लिए किसी तीसरे देश भेजा जाए।" बयान में कहा गया है, "हम समझते हैं कि उनकी जिंदगी बचाने के लिए हर तरह का प्रयत्न किया जाना चाहिए।" पाकिस्तान में फांसी की सजा पाए 49 वर्षीय सरबजीत सिंह पर 26 अप्रैल को लाहौर की कोट लखपत जेल में 4 से 5 कैदियों ने अचानक और अकारण हमला किया जिसमें वे बुरी तरह घायल हो गए। इलाज के लिए उन्हें वहां के जिन्ना अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां वे तभी से जीवन रक्षक प्रणाली पर हैं। डॉक्टरों के यह संकेत देने के बाद कि सरबजीत सिंह की चिकित्सकीय रूप से मृत्यु हो चुकी है, उन्हें देखने गया उनका परिवार बुधवार को भारत लौट आया। हमले की जानकारी मिलने के बाद सरबजीत की बहन, उनकी पत्नी और दो बेटियां पाकिस्तान गई थीं। विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि इस संबंध में पाकिस्तान में स्थित भारतीय उच्चायुक्त शरत सभरवाल ने पाकिस्तान के विदेश सचिव जलील अब्बास जिलानी से मुलाकात की है।टिप्पणियां "हमारे उच्चायुक्त ने पाकिस्तान के विदेश सचिव से मुलाकात की है और पाकिस्तान सरकार से मानवीय और सहानुभूति के आधार पर श्री सरबजीत सिंह की शीघ्र रिहाई के लिए आग्रह किया है ताकि उसे भारत में उपलब्ध बेहतर चिकित्सा सुविधा का लाभ दिया जा सके।" बयान में यह भी कहा गया है, "वैकल्पिक तौर पर हमने यह भी प्रस्ताव किया है कि श्री सरबजीत सिंह को उचित इलाज के लिए किसी तीसरे देश भेजा जाए।" पाकिस्तान में फांसी की सजा पाए 49 वर्षीय सरबजीत सिंह पर 26 अप्रैल को लाहौर की कोट लखपत जेल में 4 से 5 कैदियों ने अचानक और अकारण हमला किया जिसमें वे बुरी तरह घायल हो गए। इलाज के लिए उन्हें वहां के जिन्ना अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां वे तभी से जीवन रक्षक प्रणाली पर हैं। डॉक्टरों के यह संकेत देने के बाद कि सरबजीत सिंह की चिकित्सकीय रूप से मृत्यु हो चुकी है, उन्हें देखने गया उनका परिवार बुधवार को भारत लौट आया। हमले की जानकारी मिलने के बाद सरबजीत की बहन, उनकी पत्नी और दो बेटियां पाकिस्तान गई थीं। विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि इस संबंध में पाकिस्तान में स्थित भारतीय उच्चायुक्त शरत सभरवाल ने पाकिस्तान के विदेश सचिव जलील अब्बास जिलानी से मुलाकात की है।टिप्पणियां "हमारे उच्चायुक्त ने पाकिस्तान के विदेश सचिव से मुलाकात की है और पाकिस्तान सरकार से मानवीय और सहानुभूति के आधार पर श्री सरबजीत सिंह की शीघ्र रिहाई के लिए आग्रह किया है ताकि उसे भारत में उपलब्ध बेहतर चिकित्सा सुविधा का लाभ दिया जा सके।" बयान में यह भी कहा गया है, "वैकल्पिक तौर पर हमने यह भी प्रस्ताव किया है कि श्री सरबजीत सिंह को उचित इलाज के लिए किसी तीसरे देश भेजा जाए।" इलाज के लिए उन्हें वहां के जिन्ना अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां वे तभी से जीवन रक्षक प्रणाली पर हैं। डॉक्टरों के यह संकेत देने के बाद कि सरबजीत सिंह की चिकित्सकीय रूप से मृत्यु हो चुकी है, उन्हें देखने गया उनका परिवार बुधवार को भारत लौट आया। हमले की जानकारी मिलने के बाद सरबजीत की बहन, उनकी पत्नी और दो बेटियां पाकिस्तान गई थीं। विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि इस संबंध में पाकिस्तान में स्थित भारतीय उच्चायुक्त शरत सभरवाल ने पाकिस्तान के विदेश सचिव जलील अब्बास जिलानी से मुलाकात की है।टिप्पणियां "हमारे उच्चायुक्त ने पाकिस्तान के विदेश सचिव से मुलाकात की है और पाकिस्तान सरकार से मानवीय और सहानुभूति के आधार पर श्री सरबजीत सिंह की शीघ्र रिहाई के लिए आग्रह किया है ताकि उसे भारत में उपलब्ध बेहतर चिकित्सा सुविधा का लाभ दिया जा सके।" बयान में यह भी कहा गया है, "वैकल्पिक तौर पर हमने यह भी प्रस्ताव किया है कि श्री सरबजीत सिंह को उचित इलाज के लिए किसी तीसरे देश भेजा जाए।" डॉक्टरों के यह संकेत देने के बाद कि सरबजीत सिंह की चिकित्सकीय रूप से मृत्यु हो चुकी है, उन्हें देखने गया उनका परिवार बुधवार को भारत लौट आया। हमले की जानकारी मिलने के बाद सरबजीत की बहन, उनकी पत्नी और दो बेटियां पाकिस्तान गई थीं। विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि इस संबंध में पाकिस्तान में स्थित भारतीय उच्चायुक्त शरत सभरवाल ने पाकिस्तान के विदेश सचिव जलील अब्बास जिलानी से मुलाकात की है।टिप्पणियां "हमारे उच्चायुक्त ने पाकिस्तान के विदेश सचिव से मुलाकात की है और पाकिस्तान सरकार से मानवीय और सहानुभूति के आधार पर श्री सरबजीत सिंह की शीघ्र रिहाई के लिए आग्रह किया है ताकि उसे भारत में उपलब्ध बेहतर चिकित्सा सुविधा का लाभ दिया जा सके।" बयान में यह भी कहा गया है, "वैकल्पिक तौर पर हमने यह भी प्रस्ताव किया है कि श्री सरबजीत सिंह को उचित इलाज के लिए किसी तीसरे देश भेजा जाए।" विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि इस संबंध में पाकिस्तान में स्थित भारतीय उच्चायुक्त शरत सभरवाल ने पाकिस्तान के विदेश सचिव जलील अब्बास जिलानी से मुलाकात की है।टिप्पणियां "हमारे उच्चायुक्त ने पाकिस्तान के विदेश सचिव से मुलाकात की है और पाकिस्तान सरकार से मानवीय और सहानुभूति के आधार पर श्री सरबजीत सिंह की शीघ्र रिहाई के लिए आग्रह किया है ताकि उसे भारत में उपलब्ध बेहतर चिकित्सा सुविधा का लाभ दिया जा सके।" बयान में यह भी कहा गया है, "वैकल्पिक तौर पर हमने यह भी प्रस्ताव किया है कि श्री सरबजीत सिंह को उचित इलाज के लिए किसी तीसरे देश भेजा जाए।" "हमारे उच्चायुक्त ने पाकिस्तान के विदेश सचिव से मुलाकात की है और पाकिस्तान सरकार से मानवीय और सहानुभूति के आधार पर श्री सरबजीत सिंह की शीघ्र रिहाई के लिए आग्रह किया है ताकि उसे भारत में उपलब्ध बेहतर चिकित्सा सुविधा का लाभ दिया जा सके।" बयान में यह भी कहा गया है, "वैकल्पिक तौर पर हमने यह भी प्रस्ताव किया है कि श्री सरबजीत सिंह को उचित इलाज के लिए किसी तीसरे देश भेजा जाए।" बयान में यह भी कहा गया है, "वैकल्पिक तौर पर हमने यह भी प्रस्ताव किया है कि श्री सरबजीत सिंह को उचित इलाज के लिए किसी तीसरे देश भेजा जाए।"
यह एक सारांश है: सूत्रों के हवाले से खबर है कि भारतीय कैदी सरबजीत सिंह को भारत भेजने पर पाकिस्तान सरकार गंभीरता से विचार कर रही है। वहीं, भारत सरकार ने एक बार फिर सरबजीत को मानवीय आधार पर भारत भेजने की अपील की है।
2
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: प्रयागराज में चल रहे अर्धकुंभ (Kumbh Mela 2019) में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एकाएक एक टेंट में आग लग (Fire in a Tent at Kumbh)  गई. टेंट में आग लगने की घटना के बाद राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया. इस घटना में किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है. अभी तक मिली जानकारी के अनुसार आग सिलेंडर में हुए धमाके की वजह से लगी थी. दिगंबर अखाड़े के टेंट में लगी इस आग पर समय रहते काबू पा लिया गया. प्रयागराज पुलिस के अनुसार आग कुंभ (Kumbh Mela 2019) के सेक्टर 16 में लगी थी. टेंट की आग को (Kumbh Mela 2019) आसपास के टेंटों तक फैलने से रोकने के लिए दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर काम कर रही है.  गौरतलब है कि अर्धकुंभ में कल से यानी मंगलवार से शाही स्नान शुरू होगी. इस बार कुंभ में पहले की तुलना में काफी ज्यादा इंतजाम किए गए हैं. अकसर कुंभ में लोगों के बिछड़ने की घटनाएं सामने आती हैं. इस बार प्रशासन ने इसे लेकर विशेष इंतजाम किए हैं. 15 जनवरी से चार मार्च तक चलने वाले अर्धकुंभ (Kumbh Mela 2019) के लिए भारत के टॉप ट्रेंडिंग सोशल मीडिया एप वीलाइक (WeLike) ने 'वीलाइक एट कुंभ' नामक पहल की है. इसके तहत एप अपने प्लेटफॉर्म पर न सिर्फ लाइव फीड्स/कंटेंट उपलब्ध कराएगा, बल्कि कुंभ में उपस्थित आगंतुकों के लिए शिविरों/गतिविधियों की मेजबानी करेगा. कंपनी की ओर से जारी बयान के अनुसार, 'वीलाइक-देश का सोशल मीडिया' के पहले से ही एक करोड़ उपयोगकर्ता हैं.इसने स्वच्छ भारत अभियान के लक्ष्य को देखते हुए सहयोग करने का निर्णय लिया है. वीलाइक की टीम डिस्पोजेबल थैलों के साथ मौके पर मौजूद रहेगी और वहां पर्यटकों द्वारा छोड़े गए अपशिष्ट पदार्थो को इकट्ठा कर बाद में उन्हें उनके अनुसार नष्ट करेगी. बयान के अनुसार, एक अन्य पहल 'स्टे सेफ एंड स्टे कनेक्टेड' अभियान यह सुनिश्चित करेगा कि लोग अपनों से न बिछड़ें. इसके जरिए यह भी बताया जाएगा कि वे वीलाइक एप का उपयोग कर तकनीक के समकालीन दिख सकते हैं.बयान में कहा गया है कि इस पहल का उद्देश्य साल के सबसे बड़े अर्धकुंभ के दौरान स्वच्छता को बढ़ावा देने और आगंतुकों की सुरक्षा करना है. इसके अलावा, वीलाइक कुंभ में आए तीर्थयात्रियों के लिए पेयजल आपूर्ति (प्याऊ सेवा) भी करेगा. भारत में बना सोशल मीडिया एप वीलाइक देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रमुख परियोजना 'मेक इन इंडिया' से प्रेरित है.
सिलेंडर के फटने से लगी आग समय रहते पाया गया आग पर काबू आग में किसी के हताहत नहीं
1
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: पूर्व तेज गेंदबाज क्रेग मैकडर्मोट को ऑस्ट्रेलिया का नया गेंदबाजी प्रशिक्षक बनाया गया है। वह पूर्व गेंदबाजी प्रशिक्षक ट्रॉय कूले का स्थान लेंगे। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (सीए) के प्रमुख माइकल ब्राउन ने गुरुवार को उम्मीदवारों के अंतिम चरण के साक्षात्कार के बाद ब्रिसबेन में यह घोषणा की। दक्षिण अफ्रीका के पूर्व तेज गेंदबाज एलन डोनाल्ड भी इस दौड़ में शामिल थे। क्रिकेट वेबसाइट क्रिकइंफो के मुताबिक इस घोषण के बाद मैकडर्मोट ने कहा, फिर से ऑस्ट्रेलियन टीम का हिस्सा बनना अहम है। गेंदबाजों और टीम के साथ जुड़ने के लिए अब मैं और इंतजार नहीं कर सकता। आने वाले महीनों में हमें कुछ चुनौतीपूर्ण दौरों पर जाना है। ऑस्ट्रेलिया को क्रिकेट के सभी प्रारूपों में नम्बर वन पर पहुंचाना मेरा लक्ष्य होगा। मैकडर्मोट ने 1996 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहा था। उन्होंने 71 टेस्ट मैचों में खेलते हुए 291 विकेट हासिल किए हैं।
सारांश: पूर्व तेज गेंदबाज क्रेग मैकडर्मोट को ऑस्ट्रेलिया का नया गेंदबाजी प्रशिक्षक बनाया गया है। वह पूर्व गेंदबाजी प्रशिक्षक ट्रॉय कूले का स्थान लेंगे।
33
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: एन श्रीनिवासन की बीसीसीआई अध्यक्ष पद पर वापसी की कोशिश आज नाकाम हो गई, जबकि बोर्ड ने आईपीएल की जांच को ‘अवैध और असंवैधानिक’ बताने के बंबई उच्च न्यायालय के फैसले के बाद कानूनी संकट के डर से कार्यसमिति की बैठक रद्द कर दी। आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले में आंतरिक जांच पूरी होने तक श्रीनिवासन के पद से किनारा करने के बाद अंतरिम अध्यक्ष बनाए गए जगमोहन डालमिया फिलहाल पद पर बने रहेंगे। बीसीसीआई आला अधिकारियों की सिलसिलेवार बातचीत के बाद कार्यसमिति की बैठक रद्द करने का फैसला किया गया। यह भी डर था कि यदि श्रीनिवासन इन हालात में पद पर लौटने की कोशिश करते हैं तो उनके खिलाफ बगावत हो सकती है। बीसीसीआई बंबई उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में अपील करेगी। बोर्ड के सूत्रों ने बताया कि बोर्ड उपाध्यक्ष और कानून के जानकार अरुण जेटली, डालमिया और आईपीएल अध्यक्ष राजीव शुक्ला की सलाह के बाद श्रीनिवासन ने अपना रवैया बदला । बीसीसीआई को डर था कि श्रीनिवासन के अध्यक्ष पद पर लौटने और कार्यसमिति की बैठक की अध्यक्षता करने से और कानूनी पेचीदगियां पैदा हो सकती थी। बोर्ड की आंतरिक जांच में श्रीनिवासन के दामाद गुरुनाथ मयप्पन को क्लीन चिट दी गई थी। इसी जांच रिपोर्ट को अदालत ने अवैध बताया है। श्रीनिवासन से कहा गया कि बोर्ड अध्यक्ष पद पर उनके लौटने से देशभर में कई जनहित याचिकाएं दायर हो जाएंगी, जिससे बोर्ड को और शर्मिंदगी झेलनी पड़ सकती है। ऐसी भी खबरें हैं कि दो उपाध्यक्षों और कुछ अन्य आला अधिकारियों ने धमकी दी थी कि श्रीनिवासन अगर बैठक की अध्यक्षता करेंगे तो वे इस्तीफा दे देंगे। श्रीनिवासन इस संभावना से खफा थे, लेकिन अपनी कानूनी टीम से सलाह मशविरे के बाद वह बैठक रद्द करने पर राजी हो गए। बैठक के रद्द होने के पीछे एक और तकनीकी कारण था कि कार्यसमिति के सदस्यों को जब इसकी सूचना दी गई तो ‘आपात’ शब्द का इस्तेमाल नहीं किया गया था।टिप्पणियां बोर्ड के एक अधिकारी ने कहा, बैठक तकनीकी रूप से भी अवैध थी, क्योंकि यदि पिछली बैठक से 72 घंटे के भीतर कोई दूसरी बैठक बुलानी है तो आपात शब्द का इस्तेमाल जरूरी है। बीसीसीआई ने अभी तक इस बारे में कोई औपचारिक जानकारी नहीं दी है। आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामला तब प्रकाश में आया जब भारतीय तेज गेंदबाज एस श्रीसंत, राजस्थान रॉयल्स के दो अन्य खिलाड़ी अजित चंदीला और अंकित चव्हाण के अलावा 11 सटोरियों को गिरफ्तार किया गया। कलंकित खिलाड़ियों के अनुबंध फ्रेंचाइजी ने रद्द कर दिए और उनके खिलाफ आपराधिक शिकायत भी दर्ज की गई। आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले में आंतरिक जांच पूरी होने तक श्रीनिवासन के पद से किनारा करने के बाद अंतरिम अध्यक्ष बनाए गए जगमोहन डालमिया फिलहाल पद पर बने रहेंगे। बीसीसीआई आला अधिकारियों की सिलसिलेवार बातचीत के बाद कार्यसमिति की बैठक रद्द करने का फैसला किया गया। यह भी डर था कि यदि श्रीनिवासन इन हालात में पद पर लौटने की कोशिश करते हैं तो उनके खिलाफ बगावत हो सकती है। बीसीसीआई बंबई उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में अपील करेगी। बोर्ड के सूत्रों ने बताया कि बोर्ड उपाध्यक्ष और कानून के जानकार अरुण जेटली, डालमिया और आईपीएल अध्यक्ष राजीव शुक्ला की सलाह के बाद श्रीनिवासन ने अपना रवैया बदला । बीसीसीआई को डर था कि श्रीनिवासन के अध्यक्ष पद पर लौटने और कार्यसमिति की बैठक की अध्यक्षता करने से और कानूनी पेचीदगियां पैदा हो सकती थी। बोर्ड की आंतरिक जांच में श्रीनिवासन के दामाद गुरुनाथ मयप्पन को क्लीन चिट दी गई थी। इसी जांच रिपोर्ट को अदालत ने अवैध बताया है। श्रीनिवासन से कहा गया कि बोर्ड अध्यक्ष पद पर उनके लौटने से देशभर में कई जनहित याचिकाएं दायर हो जाएंगी, जिससे बोर्ड को और शर्मिंदगी झेलनी पड़ सकती है। ऐसी भी खबरें हैं कि दो उपाध्यक्षों और कुछ अन्य आला अधिकारियों ने धमकी दी थी कि श्रीनिवासन अगर बैठक की अध्यक्षता करेंगे तो वे इस्तीफा दे देंगे। श्रीनिवासन इस संभावना से खफा थे, लेकिन अपनी कानूनी टीम से सलाह मशविरे के बाद वह बैठक रद्द करने पर राजी हो गए। बैठक के रद्द होने के पीछे एक और तकनीकी कारण था कि कार्यसमिति के सदस्यों को जब इसकी सूचना दी गई तो ‘आपात’ शब्द का इस्तेमाल नहीं किया गया था।टिप्पणियां बोर्ड के एक अधिकारी ने कहा, बैठक तकनीकी रूप से भी अवैध थी, क्योंकि यदि पिछली बैठक से 72 घंटे के भीतर कोई दूसरी बैठक बुलानी है तो आपात शब्द का इस्तेमाल जरूरी है। बीसीसीआई ने अभी तक इस बारे में कोई औपचारिक जानकारी नहीं दी है। आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामला तब प्रकाश में आया जब भारतीय तेज गेंदबाज एस श्रीसंत, राजस्थान रॉयल्स के दो अन्य खिलाड़ी अजित चंदीला और अंकित चव्हाण के अलावा 11 सटोरियों को गिरफ्तार किया गया। कलंकित खिलाड़ियों के अनुबंध फ्रेंचाइजी ने रद्द कर दिए और उनके खिलाफ आपराधिक शिकायत भी दर्ज की गई। बीसीसीआई आला अधिकारियों की सिलसिलेवार बातचीत के बाद कार्यसमिति की बैठक रद्द करने का फैसला किया गया। यह भी डर था कि यदि श्रीनिवासन इन हालात में पद पर लौटने की कोशिश करते हैं तो उनके खिलाफ बगावत हो सकती है। बीसीसीआई बंबई उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में अपील करेगी। बोर्ड के सूत्रों ने बताया कि बोर्ड उपाध्यक्ष और कानून के जानकार अरुण जेटली, डालमिया और आईपीएल अध्यक्ष राजीव शुक्ला की सलाह के बाद श्रीनिवासन ने अपना रवैया बदला । बीसीसीआई को डर था कि श्रीनिवासन के अध्यक्ष पद पर लौटने और कार्यसमिति की बैठक की अध्यक्षता करने से और कानूनी पेचीदगियां पैदा हो सकती थी। बोर्ड की आंतरिक जांच में श्रीनिवासन के दामाद गुरुनाथ मयप्पन को क्लीन चिट दी गई थी। इसी जांच रिपोर्ट को अदालत ने अवैध बताया है। श्रीनिवासन से कहा गया कि बोर्ड अध्यक्ष पद पर उनके लौटने से देशभर में कई जनहित याचिकाएं दायर हो जाएंगी, जिससे बोर्ड को और शर्मिंदगी झेलनी पड़ सकती है। ऐसी भी खबरें हैं कि दो उपाध्यक्षों और कुछ अन्य आला अधिकारियों ने धमकी दी थी कि श्रीनिवासन अगर बैठक की अध्यक्षता करेंगे तो वे इस्तीफा दे देंगे। श्रीनिवासन इस संभावना से खफा थे, लेकिन अपनी कानूनी टीम से सलाह मशविरे के बाद वह बैठक रद्द करने पर राजी हो गए। बैठक के रद्द होने के पीछे एक और तकनीकी कारण था कि कार्यसमिति के सदस्यों को जब इसकी सूचना दी गई तो ‘आपात’ शब्द का इस्तेमाल नहीं किया गया था।टिप्पणियां बोर्ड के एक अधिकारी ने कहा, बैठक तकनीकी रूप से भी अवैध थी, क्योंकि यदि पिछली बैठक से 72 घंटे के भीतर कोई दूसरी बैठक बुलानी है तो आपात शब्द का इस्तेमाल जरूरी है। बीसीसीआई ने अभी तक इस बारे में कोई औपचारिक जानकारी नहीं दी है। आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामला तब प्रकाश में आया जब भारतीय तेज गेंदबाज एस श्रीसंत, राजस्थान रॉयल्स के दो अन्य खिलाड़ी अजित चंदीला और अंकित चव्हाण के अलावा 11 सटोरियों को गिरफ्तार किया गया। कलंकित खिलाड़ियों के अनुबंध फ्रेंचाइजी ने रद्द कर दिए और उनके खिलाफ आपराधिक शिकायत भी दर्ज की गई। बीसीसीआई बंबई उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में अपील करेगी। बोर्ड के सूत्रों ने बताया कि बोर्ड उपाध्यक्ष और कानून के जानकार अरुण जेटली, डालमिया और आईपीएल अध्यक्ष राजीव शुक्ला की सलाह के बाद श्रीनिवासन ने अपना रवैया बदला । बीसीसीआई को डर था कि श्रीनिवासन के अध्यक्ष पद पर लौटने और कार्यसमिति की बैठक की अध्यक्षता करने से और कानूनी पेचीदगियां पैदा हो सकती थी। बोर्ड की आंतरिक जांच में श्रीनिवासन के दामाद गुरुनाथ मयप्पन को क्लीन चिट दी गई थी। इसी जांच रिपोर्ट को अदालत ने अवैध बताया है। श्रीनिवासन से कहा गया कि बोर्ड अध्यक्ष पद पर उनके लौटने से देशभर में कई जनहित याचिकाएं दायर हो जाएंगी, जिससे बोर्ड को और शर्मिंदगी झेलनी पड़ सकती है। ऐसी भी खबरें हैं कि दो उपाध्यक्षों और कुछ अन्य आला अधिकारियों ने धमकी दी थी कि श्रीनिवासन अगर बैठक की अध्यक्षता करेंगे तो वे इस्तीफा दे देंगे। श्रीनिवासन इस संभावना से खफा थे, लेकिन अपनी कानूनी टीम से सलाह मशविरे के बाद वह बैठक रद्द करने पर राजी हो गए। बैठक के रद्द होने के पीछे एक और तकनीकी कारण था कि कार्यसमिति के सदस्यों को जब इसकी सूचना दी गई तो ‘आपात’ शब्द का इस्तेमाल नहीं किया गया था।टिप्पणियां बोर्ड के एक अधिकारी ने कहा, बैठक तकनीकी रूप से भी अवैध थी, क्योंकि यदि पिछली बैठक से 72 घंटे के भीतर कोई दूसरी बैठक बुलानी है तो आपात शब्द का इस्तेमाल जरूरी है। बीसीसीआई ने अभी तक इस बारे में कोई औपचारिक जानकारी नहीं दी है। आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामला तब प्रकाश में आया जब भारतीय तेज गेंदबाज एस श्रीसंत, राजस्थान रॉयल्स के दो अन्य खिलाड़ी अजित चंदीला और अंकित चव्हाण के अलावा 11 सटोरियों को गिरफ्तार किया गया। कलंकित खिलाड़ियों के अनुबंध फ्रेंचाइजी ने रद्द कर दिए और उनके खिलाफ आपराधिक शिकायत भी दर्ज की गई। बोर्ड के सूत्रों ने बताया कि बोर्ड उपाध्यक्ष और कानून के जानकार अरुण जेटली, डालमिया और आईपीएल अध्यक्ष राजीव शुक्ला की सलाह के बाद श्रीनिवासन ने अपना रवैया बदला । बीसीसीआई को डर था कि श्रीनिवासन के अध्यक्ष पद पर लौटने और कार्यसमिति की बैठक की अध्यक्षता करने से और कानूनी पेचीदगियां पैदा हो सकती थी। बोर्ड की आंतरिक जांच में श्रीनिवासन के दामाद गुरुनाथ मयप्पन को क्लीन चिट दी गई थी। इसी जांच रिपोर्ट को अदालत ने अवैध बताया है। श्रीनिवासन से कहा गया कि बोर्ड अध्यक्ष पद पर उनके लौटने से देशभर में कई जनहित याचिकाएं दायर हो जाएंगी, जिससे बोर्ड को और शर्मिंदगी झेलनी पड़ सकती है। ऐसी भी खबरें हैं कि दो उपाध्यक्षों और कुछ अन्य आला अधिकारियों ने धमकी दी थी कि श्रीनिवासन अगर बैठक की अध्यक्षता करेंगे तो वे इस्तीफा दे देंगे। श्रीनिवासन इस संभावना से खफा थे, लेकिन अपनी कानूनी टीम से सलाह मशविरे के बाद वह बैठक रद्द करने पर राजी हो गए। बैठक के रद्द होने के पीछे एक और तकनीकी कारण था कि कार्यसमिति के सदस्यों को जब इसकी सूचना दी गई तो ‘आपात’ शब्द का इस्तेमाल नहीं किया गया था।टिप्पणियां बोर्ड के एक अधिकारी ने कहा, बैठक तकनीकी रूप से भी अवैध थी, क्योंकि यदि पिछली बैठक से 72 घंटे के भीतर कोई दूसरी बैठक बुलानी है तो आपात शब्द का इस्तेमाल जरूरी है। बीसीसीआई ने अभी तक इस बारे में कोई औपचारिक जानकारी नहीं दी है। आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामला तब प्रकाश में आया जब भारतीय तेज गेंदबाज एस श्रीसंत, राजस्थान रॉयल्स के दो अन्य खिलाड़ी अजित चंदीला और अंकित चव्हाण के अलावा 11 सटोरियों को गिरफ्तार किया गया। कलंकित खिलाड़ियों के अनुबंध फ्रेंचाइजी ने रद्द कर दिए और उनके खिलाफ आपराधिक शिकायत भी दर्ज की गई। बीसीसीआई को डर था कि श्रीनिवासन के अध्यक्ष पद पर लौटने और कार्यसमिति की बैठक की अध्यक्षता करने से और कानूनी पेचीदगियां पैदा हो सकती थी। बोर्ड की आंतरिक जांच में श्रीनिवासन के दामाद गुरुनाथ मयप्पन को क्लीन चिट दी गई थी। इसी जांच रिपोर्ट को अदालत ने अवैध बताया है। श्रीनिवासन से कहा गया कि बोर्ड अध्यक्ष पद पर उनके लौटने से देशभर में कई जनहित याचिकाएं दायर हो जाएंगी, जिससे बोर्ड को और शर्मिंदगी झेलनी पड़ सकती है। ऐसी भी खबरें हैं कि दो उपाध्यक्षों और कुछ अन्य आला अधिकारियों ने धमकी दी थी कि श्रीनिवासन अगर बैठक की अध्यक्षता करेंगे तो वे इस्तीफा दे देंगे। श्रीनिवासन इस संभावना से खफा थे, लेकिन अपनी कानूनी टीम से सलाह मशविरे के बाद वह बैठक रद्द करने पर राजी हो गए। बैठक के रद्द होने के पीछे एक और तकनीकी कारण था कि कार्यसमिति के सदस्यों को जब इसकी सूचना दी गई तो ‘आपात’ शब्द का इस्तेमाल नहीं किया गया था।टिप्पणियां बोर्ड के एक अधिकारी ने कहा, बैठक तकनीकी रूप से भी अवैध थी, क्योंकि यदि पिछली बैठक से 72 घंटे के भीतर कोई दूसरी बैठक बुलानी है तो आपात शब्द का इस्तेमाल जरूरी है। बीसीसीआई ने अभी तक इस बारे में कोई औपचारिक जानकारी नहीं दी है। आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामला तब प्रकाश में आया जब भारतीय तेज गेंदबाज एस श्रीसंत, राजस्थान रॉयल्स के दो अन्य खिलाड़ी अजित चंदीला और अंकित चव्हाण के अलावा 11 सटोरियों को गिरफ्तार किया गया। कलंकित खिलाड़ियों के अनुबंध फ्रेंचाइजी ने रद्द कर दिए और उनके खिलाफ आपराधिक शिकायत भी दर्ज की गई। श्रीनिवासन से कहा गया कि बोर्ड अध्यक्ष पद पर उनके लौटने से देशभर में कई जनहित याचिकाएं दायर हो जाएंगी, जिससे बोर्ड को और शर्मिंदगी झेलनी पड़ सकती है। ऐसी भी खबरें हैं कि दो उपाध्यक्षों और कुछ अन्य आला अधिकारियों ने धमकी दी थी कि श्रीनिवासन अगर बैठक की अध्यक्षता करेंगे तो वे इस्तीफा दे देंगे। श्रीनिवासन इस संभावना से खफा थे, लेकिन अपनी कानूनी टीम से सलाह मशविरे के बाद वह बैठक रद्द करने पर राजी हो गए। बैठक के रद्द होने के पीछे एक और तकनीकी कारण था कि कार्यसमिति के सदस्यों को जब इसकी सूचना दी गई तो ‘आपात’ शब्द का इस्तेमाल नहीं किया गया था।टिप्पणियां बोर्ड के एक अधिकारी ने कहा, बैठक तकनीकी रूप से भी अवैध थी, क्योंकि यदि पिछली बैठक से 72 घंटे के भीतर कोई दूसरी बैठक बुलानी है तो आपात शब्द का इस्तेमाल जरूरी है। बीसीसीआई ने अभी तक इस बारे में कोई औपचारिक जानकारी नहीं दी है। आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामला तब प्रकाश में आया जब भारतीय तेज गेंदबाज एस श्रीसंत, राजस्थान रॉयल्स के दो अन्य खिलाड़ी अजित चंदीला और अंकित चव्हाण के अलावा 11 सटोरियों को गिरफ्तार किया गया। कलंकित खिलाड़ियों के अनुबंध फ्रेंचाइजी ने रद्द कर दिए और उनके खिलाफ आपराधिक शिकायत भी दर्ज की गई। श्रीनिवासन इस संभावना से खफा थे, लेकिन अपनी कानूनी टीम से सलाह मशविरे के बाद वह बैठक रद्द करने पर राजी हो गए। बैठक के रद्द होने के पीछे एक और तकनीकी कारण था कि कार्यसमिति के सदस्यों को जब इसकी सूचना दी गई तो ‘आपात’ शब्द का इस्तेमाल नहीं किया गया था।टिप्पणियां बोर्ड के एक अधिकारी ने कहा, बैठक तकनीकी रूप से भी अवैध थी, क्योंकि यदि पिछली बैठक से 72 घंटे के भीतर कोई दूसरी बैठक बुलानी है तो आपात शब्द का इस्तेमाल जरूरी है। बीसीसीआई ने अभी तक इस बारे में कोई औपचारिक जानकारी नहीं दी है। आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामला तब प्रकाश में आया जब भारतीय तेज गेंदबाज एस श्रीसंत, राजस्थान रॉयल्स के दो अन्य खिलाड़ी अजित चंदीला और अंकित चव्हाण के अलावा 11 सटोरियों को गिरफ्तार किया गया। कलंकित खिलाड़ियों के अनुबंध फ्रेंचाइजी ने रद्द कर दिए और उनके खिलाफ आपराधिक शिकायत भी दर्ज की गई। बैठक के रद्द होने के पीछे एक और तकनीकी कारण था कि कार्यसमिति के सदस्यों को जब इसकी सूचना दी गई तो ‘आपात’ शब्द का इस्तेमाल नहीं किया गया था।टिप्पणियां बोर्ड के एक अधिकारी ने कहा, बैठक तकनीकी रूप से भी अवैध थी, क्योंकि यदि पिछली बैठक से 72 घंटे के भीतर कोई दूसरी बैठक बुलानी है तो आपात शब्द का इस्तेमाल जरूरी है। बीसीसीआई ने अभी तक इस बारे में कोई औपचारिक जानकारी नहीं दी है। आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामला तब प्रकाश में आया जब भारतीय तेज गेंदबाज एस श्रीसंत, राजस्थान रॉयल्स के दो अन्य खिलाड़ी अजित चंदीला और अंकित चव्हाण के अलावा 11 सटोरियों को गिरफ्तार किया गया। कलंकित खिलाड़ियों के अनुबंध फ्रेंचाइजी ने रद्द कर दिए और उनके खिलाफ आपराधिक शिकायत भी दर्ज की गई। बोर्ड के एक अधिकारी ने कहा, बैठक तकनीकी रूप से भी अवैध थी, क्योंकि यदि पिछली बैठक से 72 घंटे के भीतर कोई दूसरी बैठक बुलानी है तो आपात शब्द का इस्तेमाल जरूरी है। बीसीसीआई ने अभी तक इस बारे में कोई औपचारिक जानकारी नहीं दी है। आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामला तब प्रकाश में आया जब भारतीय तेज गेंदबाज एस श्रीसंत, राजस्थान रॉयल्स के दो अन्य खिलाड़ी अजित चंदीला और अंकित चव्हाण के अलावा 11 सटोरियों को गिरफ्तार किया गया। कलंकित खिलाड़ियों के अनुबंध फ्रेंचाइजी ने रद्द कर दिए और उनके खिलाफ आपराधिक शिकायत भी दर्ज की गई। आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामला तब प्रकाश में आया जब भारतीय तेज गेंदबाज एस श्रीसंत, राजस्थान रॉयल्स के दो अन्य खिलाड़ी अजित चंदीला और अंकित चव्हाण के अलावा 11 सटोरियों को गिरफ्तार किया गया। कलंकित खिलाड़ियों के अनुबंध फ्रेंचाइजी ने रद्द कर दिए और उनके खिलाफ आपराधिक शिकायत भी दर्ज की गई।
यहाँ एक सारांश है:आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले में बीसीसीआई ने फैसला लिया है कि बंबई उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में अपील करेगी।
18
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: वेस्ट इंडीज़ दौरे पर वन-डे मैचों के लिए भारतीय क्रिकेट टीम की कमान अब गौतम गंभीर को सौंप दी गई है, जबकि सुरेश रैना को उपकप्तानी दी गई है। टीम में एस बद्रीनाथ, विनय कुमार और ऋद्धिमान साहा को शामिल किया गया है, जबकि एस श्रीसंत तथा पीयूष चावला स्थान बनाने में नाकाम रहे। इस दौरे पर नियमित कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी, मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर तथा तेज़ गेंदबाजी की शुरुआत करने वाले ज़हीर खान को फिलहाल आराम दिया गया है, जबकि नियमित सलामी बल्लेबाज वीरेन्द्र सहवाग कंधे की चोट की वजह से नहीं खेल पाएंगे, जिसके लिए उनका ऑपरेशन होने वाला है, और आशीष नेहरा अंगुली में लगी चोट की वजह से बाहर रहेंगे। भारतीय टीम 4 जून को एकमात्र ट्वेन्टी-20 मैच से वेस्ट इंडीज़ दौरे की शुरुआत करेगी, तथा बाद में वे इनके खिलाफ पांच वन-डे मैच भी खेलेंगे। बीसीसीआई सचिव एन श्रीनिवासन ने चयन समिति की बैठक के बाद टीम की घोषणा की, जिसमें लेग स्पिनर पीयूष चावला और तेज गेंदबाज श्रीसंत को शामिल नहीं किया गया है। ये दोनों भारत की विश्व चैम्पियन टीम का हिस्सा थे। धोनी, तेंदुलकर और तेज गेंदबाज जहीर खान को वनडे और ट्वेंटी-20 मैच के लिए आराम दिया गया है, लेकिन ये तीनों टेस्ट सीरीज के लिए उपलब्ध रहेंगे। सीरीज की शुरुआत 4 जून को दौरे के एकमात्र ट्वेंटी-20 मैच के साथ होगी, जिसके बाद पांच वनडे मैचों की सीरीज खेली जाएगी। पहला वनडे 6 जून को होगा। इसके बाद तीन टेस्ट मैचों की शृंखला की शुरुआत 20 जून से होगी। श्रीनिवासन ने कहा कि महेंद्र सिंह धोनी, सचिन तेंदुलकर और जहीर खान को आराम दिया गया है। वे टेस्ट सीरीज के लिए उपलब्ध रहेंगे। घोषित की गई टीम इस प्रकार है : गौतम गंभीर (कप्तान), सुरेश रैना, पार्थिव पटेल (विकेटकीपर), विराट कोहली, युवराज सिंह, एस बद्रीनाथ, रोहित शर्मा, हरभजन सिंह, रविचंद्रन अश्विन, प्रवीण कुमार, इशांत शर्मा, मुनाफ पटेल, विनय कुमार, यूसुफ पठान, अमित मिश्रा तथा ऋद्धिमान साहा।
सारांश: सुरेश रैना टीम इंडिया के उपकप्तान होंगे, तथा बद्रीनाथ, विनय कुमार और ऋद्धिमान साहा नए चेहरों के रूप में वेस्टइंडीज़ जाएंगे।
31
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: हंगामे और नारेबाजी को देखते हुए सभापति ने पहले आधे-आधे घंटे के लिए दो बार उसके बाद दोपहर साढ़े तीन बजे तक विधानपरिषद की कार्यवाही स्थगित कर दी. आज सुबह ग्यारह बजे जैसे ही विधानपरिषद में प्रश्नकाल की शुरूआत होने को हुई, विपक्षी दल के नेता अहमद हसन ने कहा जिस तरह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को विधानसभा में विपक्ष को धमकाया है और नेता प्रतिपक्ष का माइक बंद करवाकर उन्हें बोलने से वंचित किया है, 'यह पूरी तरह से गलत है.'  उन्होंने कहा, 'सरकार प्रदेश में कानून व्यवस्था ठीक नहीं कर पा रही है और विपक्ष की आवाज दबा रही है.' इसी बीच समाजवादी पार्टी के सदस्य सुनील साजन, आनंद भदौरिया और राजू यादव नारे लगाने लगे कि विधानसभा में विस्फोटक पदार्थ नहीं मिला है बल्कि डिटर्जेंट पाउडर मिला है. 'डिटर्जेंट पाउडर वाली सरकार नहीं चलेगी.', 'गुंडागर्दी की सरकार नहीं चलेगी', ऐसे नारे लगाते हुए विपक्ष के सदस्य सभापति के आसन के आगे आ गये और जोर जोर से सरकार विरोधी नारे लगाने लगे. सभापति के बार बार कहने के बावजूद जब सदस्य अपने स्थान पर वापस नहीं लौटे तो उन्होंने पहले आधे घंटे के लिये साढ़े ग्यारह बजे तक फिर बारह बजे तक के लिये परिषद की कार्यवाही स्थगित कर दी.टिप्पणियां   दोपहर बारह बजे परिषद की कार्यवाही पुन:आरंभ हुई और फिर एक बार संपूर्ण विपक्ष सभापति के आसन के सामने खड़ा हो गया और जोर जोर से सरकार विरोधी नारे लगाते हुये सभापति के आसन के समक्ष धरने पर बैठ गया. जिस पर सभापति ने कार्यवाही एक बार फिर दोपहर साढ़े तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दी. उन्होंने कहा, 'सरकार प्रदेश में कानून व्यवस्था ठीक नहीं कर पा रही है और विपक्ष की आवाज दबा रही है.' इसी बीच समाजवादी पार्टी के सदस्य सुनील साजन, आनंद भदौरिया और राजू यादव नारे लगाने लगे कि विधानसभा में विस्फोटक पदार्थ नहीं मिला है बल्कि डिटर्जेंट पाउडर मिला है. 'डिटर्जेंट पाउडर वाली सरकार नहीं चलेगी.', 'गुंडागर्दी की सरकार नहीं चलेगी', ऐसे नारे लगाते हुए विपक्ष के सदस्य सभापति के आसन के आगे आ गये और जोर जोर से सरकार विरोधी नारे लगाने लगे. सभापति के बार बार कहने के बावजूद जब सदस्य अपने स्थान पर वापस नहीं लौटे तो उन्होंने पहले आधे घंटे के लिये साढ़े ग्यारह बजे तक फिर बारह बजे तक के लिये परिषद की कार्यवाही स्थगित कर दी.टिप्पणियां   दोपहर बारह बजे परिषद की कार्यवाही पुन:आरंभ हुई और फिर एक बार संपूर्ण विपक्ष सभापति के आसन के सामने खड़ा हो गया और जोर जोर से सरकार विरोधी नारे लगाते हुये सभापति के आसन के समक्ष धरने पर बैठ गया. जिस पर सभापति ने कार्यवाही एक बार फिर दोपहर साढ़े तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दी.   दोपहर बारह बजे परिषद की कार्यवाही पुन:आरंभ हुई और फिर एक बार संपूर्ण विपक्ष सभापति के आसन के सामने खड़ा हो गया और जोर जोर से सरकार विरोधी नारे लगाते हुये सभापति के आसन के समक्ष धरने पर बैठ गया. जिस पर सभापति ने कार्यवाही एक बार फिर दोपहर साढ़े तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दी. दोपहर बारह बजे परिषद की कार्यवाही पुन:आरंभ हुई और फिर एक बार संपूर्ण विपक्ष सभापति के आसन के सामने खड़ा हो गया और जोर जोर से सरकार विरोधी नारे लगाते हुये सभापति के आसन के समक्ष धरने पर बैठ गया. जिस पर सभापति ने कार्यवाही एक बार फिर दोपहर साढ़े तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दी.
सारांश: सीएम आदित्यनाथ पर विपक्ष ने लगाया धमकी देने का आरोप विपक्ष ने प्रदेश में खराब कानून व्यवस्था को लेकर परिषद में हंगामा किया सभापति के आसन के समक्ष बैठकर धरना भी दिया
7
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: ग्रेटर नोएडा से अगवा भारत पेट्रोलियम के ज्वाइंट निदेशक को नोएडा पुलिस और एसटीएफ ने अपहरकर्ताओं के चंगुल से छुड़ा लिया। इस मामले में तीन बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया गया है। बदमाशों के पास से नौ लाख 23 हज़ार रुपये और एक लाइसेंसी रिवॉल्वर भी बरामद किया है। अपहरण में इस्तेमाल दो मोटरसाइकिल और मारुति वैगन आर भी बरामद कर ली गई।टिप्पणियां संयुक्त निदेशक का अपहरण उनके घर के पास से कर लिया गया था। पुलिस ने तीन दिन तक बदमाशों के फोन को सर्विलांस पर रखा और केस वर्क आउट करते हुए उन तक पहुंचने में सफलता हासिल की। फिलहाल इस मामले में पांच और लोगों की गिरफ्तारी होनी है। पुलिस के मुताबिक भौगोलिक परिस्थिति की वजह से कुछ अपराधी भाग गए लेकिन उनकी तलाश में भी नोएडा पुलिस छापे मार रही है। इस मामले में तीन बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया गया है। बदमाशों के पास से नौ लाख 23 हज़ार रुपये और एक लाइसेंसी रिवॉल्वर भी बरामद किया है। अपहरण में इस्तेमाल दो मोटरसाइकिल और मारुति वैगन आर भी बरामद कर ली गई।टिप्पणियां संयुक्त निदेशक का अपहरण उनके घर के पास से कर लिया गया था। पुलिस ने तीन दिन तक बदमाशों के फोन को सर्विलांस पर रखा और केस वर्क आउट करते हुए उन तक पहुंचने में सफलता हासिल की। फिलहाल इस मामले में पांच और लोगों की गिरफ्तारी होनी है। पुलिस के मुताबिक भौगोलिक परिस्थिति की वजह से कुछ अपराधी भाग गए लेकिन उनकी तलाश में भी नोएडा पुलिस छापे मार रही है। अपहरण में इस्तेमाल दो मोटरसाइकिल और मारुति वैगन आर भी बरामद कर ली गई।टिप्पणियां संयुक्त निदेशक का अपहरण उनके घर के पास से कर लिया गया था। पुलिस ने तीन दिन तक बदमाशों के फोन को सर्विलांस पर रखा और केस वर्क आउट करते हुए उन तक पहुंचने में सफलता हासिल की। फिलहाल इस मामले में पांच और लोगों की गिरफ्तारी होनी है। पुलिस के मुताबिक भौगोलिक परिस्थिति की वजह से कुछ अपराधी भाग गए लेकिन उनकी तलाश में भी नोएडा पुलिस छापे मार रही है। संयुक्त निदेशक का अपहरण उनके घर के पास से कर लिया गया था। पुलिस ने तीन दिन तक बदमाशों के फोन को सर्विलांस पर रखा और केस वर्क आउट करते हुए उन तक पहुंचने में सफलता हासिल की। फिलहाल इस मामले में पांच और लोगों की गिरफ्तारी होनी है। पुलिस के मुताबिक भौगोलिक परिस्थिति की वजह से कुछ अपराधी भाग गए लेकिन उनकी तलाश में भी नोएडा पुलिस छापे मार रही है। फिलहाल इस मामले में पांच और लोगों की गिरफ्तारी होनी है। पुलिस के मुताबिक भौगोलिक परिस्थिति की वजह से कुछ अपराधी भाग गए लेकिन उनकी तलाश में भी नोएडा पुलिस छापे मार रही है।
संक्षिप्त सारांश: ग्रेटर नोएडा से अगवा भारत पेट्रोलियम के ज्वाइंट निदेशक को नोएडा पुलिस और एसटीएफ ने अपहरकर्ताओं के चंगुल से छुड़ा लिया।
10
['hin']
एक सारांश बनाओ: इस समय हर तरफ एक ही बात चर्चा में है और वह है अभिनेता शाहरुख खान और सलमान खान का इफ्तार पार्टी में गले मिलना, लेकिन शाहरुख का कहना है कि किसी को इस बात से मतलब नहीं रखना चाहिए। अपनी आने वाली फिल्म 'चेन्नई एक्सप्रेस' के नाम से गेम जारी करने के दौरान 47-वर्षीय शाहरुख ने कहा, मैं जो भी कहूंगा, ईमानदारी से कहूंगा, चाहे वह रिश्ते के बारे में हो, दोस्ती के बारे में हो या मेरा निजी मामला हो। मैंने कभी भी सार्वजनिक रूप से बात करके किसी की निंदा नहीं की है, आगे भी यही होगा।टिप्पणियां बीते 21 जुलाई को शाहरुख और सलमान कांग्रेस नेता बाबा सिद्दीकी द्वारा दी गई इफ्तार पार्टी में मिले और एक-दूसरे को गले लगाया। लेकिन शाहरुख ने यह कहकर मामले को खारिज कर दिया कि इस मसले पर उनसे किसी भी तरह की टिप्पणी की उम्मीद मीडिया को नहीं करनी चाहिए। शाहरुख ने कहा, इस बारे में बहुत कुछ कहा गया, सुना गया और लिखा गया, लेकिन जहां तक मेरी बात है, मैंने कभी भी इस बारे में सार्वजनिक रूप से बात नहीं की और अब भी नहीं करूंगा। अपनी आने वाली फिल्म 'चेन्नई एक्सप्रेस' के नाम से गेम जारी करने के दौरान 47-वर्षीय शाहरुख ने कहा, मैं जो भी कहूंगा, ईमानदारी से कहूंगा, चाहे वह रिश्ते के बारे में हो, दोस्ती के बारे में हो या मेरा निजी मामला हो। मैंने कभी भी सार्वजनिक रूप से बात करके किसी की निंदा नहीं की है, आगे भी यही होगा।टिप्पणियां बीते 21 जुलाई को शाहरुख और सलमान कांग्रेस नेता बाबा सिद्दीकी द्वारा दी गई इफ्तार पार्टी में मिले और एक-दूसरे को गले लगाया। लेकिन शाहरुख ने यह कहकर मामले को खारिज कर दिया कि इस मसले पर उनसे किसी भी तरह की टिप्पणी की उम्मीद मीडिया को नहीं करनी चाहिए। शाहरुख ने कहा, इस बारे में बहुत कुछ कहा गया, सुना गया और लिखा गया, लेकिन जहां तक मेरी बात है, मैंने कभी भी इस बारे में सार्वजनिक रूप से बात नहीं की और अब भी नहीं करूंगा। बीते 21 जुलाई को शाहरुख और सलमान कांग्रेस नेता बाबा सिद्दीकी द्वारा दी गई इफ्तार पार्टी में मिले और एक-दूसरे को गले लगाया। लेकिन शाहरुख ने यह कहकर मामले को खारिज कर दिया कि इस मसले पर उनसे किसी भी तरह की टिप्पणी की उम्मीद मीडिया को नहीं करनी चाहिए। शाहरुख ने कहा, इस बारे में बहुत कुछ कहा गया, सुना गया और लिखा गया, लेकिन जहां तक मेरी बात है, मैंने कभी भी इस बारे में सार्वजनिक रूप से बात नहीं की और अब भी नहीं करूंगा। शाहरुख ने कहा, इस बारे में बहुत कुछ कहा गया, सुना गया और लिखा गया, लेकिन जहां तक मेरी बात है, मैंने कभी भी इस बारे में सार्वजनिक रूप से बात नहीं की और अब भी नहीं करूंगा।
यह एक सारांश है: इस समय हर तरफ एक ही बात चर्चा में है और वह है अभिनेता शाहरुख खान और सलमान खान का इफ्तार पार्टी में गले मिलना, लेकिन शाहरुख का कहना है कि किसी को इस बात से मतलब नहीं रखना चाहिए।
21
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: बैंकों से कर्ज और कार्ड की पेशकश से लेकर ग्राहकों को फोन कनेक्शन बदलने के लिए सस्ते डेटा की जानकारी देने वाली फोन कॉलों से आम भारतीय दूरसंचार ग्राहक परेशान हैं. इस तरह की कॉल से परेशान देशों की सूची में भारत पहले स्थान पर है. एक सर्वे में यह नतीजा निकाला गया है. सर्वेक्षण के अनुसार इस तरह की अवांछित या स्पैम कॉल से प्रभावित देशों की सूची में भारत पहले स्थान पर है. फोन डायरेक्टरी ऐप ट्रूकॉलर ने अपने एक सर्वेक्षण में यह निष्कर्ष निकाला है. इसके अनुसार भारत में औसतन हर मोबाइल धारक को महीने में 22 से अधिक अवांछित कॉल मिलती हैं. इस मामले में भारत का स्थान अमेरिका, ब्राजील, चिली व दक्षिण अफ्रीका आदि देशों से ऊपर है. अमेरिका व ब्राजील में दूरसंचार ग्राहक को औसतन हर महीने इस तरह की 20 फोन कॉल आती हैं जिनमें बैंकों की ओर से कार्ड या कर्ज की पेशकश की जाती है या दूसरी दूरसंचार कंपनियों के प्रतिनिधि सस्ती कॉल दरों की पेशकश करते हुए लुभाते हैं. सर्वेक्षण के अनुसार भारत में दूरसंचार कंपनियां और दूरसंचार मार्केटिंग कंपनियां कुल अवांछित कॉल में क्रमश: 54 प्रतिशत और 13 प्रतिशत हिस्सेदारी निभाती हैं. टिप्पणियां  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सर्वेक्षण के अनुसार इस तरह की अवांछित या स्पैम कॉल से प्रभावित देशों की सूची में भारत पहले स्थान पर है. फोन डायरेक्टरी ऐप ट्रूकॉलर ने अपने एक सर्वेक्षण में यह निष्कर्ष निकाला है. इसके अनुसार भारत में औसतन हर मोबाइल धारक को महीने में 22 से अधिक अवांछित कॉल मिलती हैं. इस मामले में भारत का स्थान अमेरिका, ब्राजील, चिली व दक्षिण अफ्रीका आदि देशों से ऊपर है. अमेरिका व ब्राजील में दूरसंचार ग्राहक को औसतन हर महीने इस तरह की 20 फोन कॉल आती हैं जिनमें बैंकों की ओर से कार्ड या कर्ज की पेशकश की जाती है या दूसरी दूरसंचार कंपनियों के प्रतिनिधि सस्ती कॉल दरों की पेशकश करते हुए लुभाते हैं. सर्वेक्षण के अनुसार भारत में दूरसंचार कंपनियां और दूरसंचार मार्केटिंग कंपनियां कुल अवांछित कॉल में क्रमश: 54 प्रतिशत और 13 प्रतिशत हिस्सेदारी निभाती हैं. टिप्पणियां  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इस मामले में भारत का स्थान अमेरिका, ब्राजील, चिली व दक्षिण अफ्रीका आदि देशों से ऊपर है. अमेरिका व ब्राजील में दूरसंचार ग्राहक को औसतन हर महीने इस तरह की 20 फोन कॉल आती हैं जिनमें बैंकों की ओर से कार्ड या कर्ज की पेशकश की जाती है या दूसरी दूरसंचार कंपनियों के प्रतिनिधि सस्ती कॉल दरों की पेशकश करते हुए लुभाते हैं. सर्वेक्षण के अनुसार भारत में दूरसंचार कंपनियां और दूरसंचार मार्केटिंग कंपनियां कुल अवांछित कॉल में क्रमश: 54 प्रतिशत और 13 प्रतिशत हिस्सेदारी निभाती हैं. टिप्पणियां  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सर्वेक्षण के अनुसार भारत में दूरसंचार कंपनियां और दूरसंचार मार्केटिंग कंपनियां कुल अवांछित कॉल में क्रमश: 54 प्रतिशत और 13 प्रतिशत हिस्सेदारी निभाती हैं. टिप्पणियां  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)  (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अनवांटेड फोन कॉल में भारत का स्थान सबसे ऊपर भारत के बाद अमेरिका, ब्राजील, चिली व दक्षिण अफ्रीका का स्थान फोन डायरेक्टरी ऐप ट्रूकॉलर ने यह निष्कर्ष निकाला है
34
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारत के लिएंडर पेस और उनके ऑस्ट्रियाई जोड़ीदार जर्गन मेल्जर फ्रेंच ओपन मिश्रित युगल से बाहर हो गए जबकि महेश भूपति और रोहन बोपन्ना मिश्रित युगल के पहले दौर में हार गए। नौवीं वरीयता प्राप्त पेस और मेल्जर की जोड़ी ने रोलां गैरां पर ढाई घंटे से कम समय तक चले मुकाबले में उरुग्वे के पाबलो क्यूवास और अर्जेंटीना के होरासियो जेबालोस की गैर वरीय जोड़ी को कड़ी चुनौती दी लेकिन उन्हें 7-5, 4-6, 6-7 से हार मिली। क्यूवास और जेबालोस की भिड़ंत अब प्री क्वार्टरफाइनल में पाकिस्तान के ऐसाम उल हक कुरैशी और हॉलैंड के जीन जुलियन रोजर की छठी वरीय जोड़ी से होगी जिन्होंने दूसरे राउंड में अलीजाज बेदेने और ग्रेगा जेमलिजा की स्लोवाकियाई जोड़ी को 7-5, 6-1 से पराजित किया। अन्य भारतीयों में महेश भूपति और रोहन बोपन्ना की चौथी वरीय जोड़ी को शुरुआती राउंड में पोलैंड के थामज बेदनारेक और जर्जी जानोविज की जोड़ी से हार का मुंह देखना पड़ा था। पुरुष युगल में भारत की चुनौती समाप्त हो गई। टिप्पणियां भूपति और बोपन्ना गैर वरीय प्रतिद्वंद्वियों को सामना नहीं कर सके और पहले राउंड में 5-7, 4-6 से सीधे सेटों में हार गए। भूपति और उनकी ऑस्ट्रेलियाई जोड़ीदार कासे डेलाका को मिश्रित युगल के पहले दौर में ऑस्ट्रेलिया की अनास्तासिया रोडियोनोवा और मैक्सिको की सैंटियागो गोंजालेस ने 6-4, 1-6 (11-9) से हराया। वहीं रोहन बोपन्ना और ऑस्ट्रेलिया की एशले बार्टी को चेक गणराज्य की लूसी राडेका और फ्रांतिसेक सेरमाक ने 6-4, 6-4 से मात दी। नौवीं वरीयता प्राप्त पेस और मेल्जर की जोड़ी ने रोलां गैरां पर ढाई घंटे से कम समय तक चले मुकाबले में उरुग्वे के पाबलो क्यूवास और अर्जेंटीना के होरासियो जेबालोस की गैर वरीय जोड़ी को कड़ी चुनौती दी लेकिन उन्हें 7-5, 4-6, 6-7 से हार मिली। क्यूवास और जेबालोस की भिड़ंत अब प्री क्वार्टरफाइनल में पाकिस्तान के ऐसाम उल हक कुरैशी और हॉलैंड के जीन जुलियन रोजर की छठी वरीय जोड़ी से होगी जिन्होंने दूसरे राउंड में अलीजाज बेदेने और ग्रेगा जेमलिजा की स्लोवाकियाई जोड़ी को 7-5, 6-1 से पराजित किया। अन्य भारतीयों में महेश भूपति और रोहन बोपन्ना की चौथी वरीय जोड़ी को शुरुआती राउंड में पोलैंड के थामज बेदनारेक और जर्जी जानोविज की जोड़ी से हार का मुंह देखना पड़ा था। पुरुष युगल में भारत की चुनौती समाप्त हो गई। टिप्पणियां भूपति और बोपन्ना गैर वरीय प्रतिद्वंद्वियों को सामना नहीं कर सके और पहले राउंड में 5-7, 4-6 से सीधे सेटों में हार गए। भूपति और उनकी ऑस्ट्रेलियाई जोड़ीदार कासे डेलाका को मिश्रित युगल के पहले दौर में ऑस्ट्रेलिया की अनास्तासिया रोडियोनोवा और मैक्सिको की सैंटियागो गोंजालेस ने 6-4, 1-6 (11-9) से हराया। वहीं रोहन बोपन्ना और ऑस्ट्रेलिया की एशले बार्टी को चेक गणराज्य की लूसी राडेका और फ्रांतिसेक सेरमाक ने 6-4, 6-4 से मात दी। क्यूवास और जेबालोस की भिड़ंत अब प्री क्वार्टरफाइनल में पाकिस्तान के ऐसाम उल हक कुरैशी और हॉलैंड के जीन जुलियन रोजर की छठी वरीय जोड़ी से होगी जिन्होंने दूसरे राउंड में अलीजाज बेदेने और ग्रेगा जेमलिजा की स्लोवाकियाई जोड़ी को 7-5, 6-1 से पराजित किया। अन्य भारतीयों में महेश भूपति और रोहन बोपन्ना की चौथी वरीय जोड़ी को शुरुआती राउंड में पोलैंड के थामज बेदनारेक और जर्जी जानोविज की जोड़ी से हार का मुंह देखना पड़ा था। पुरुष युगल में भारत की चुनौती समाप्त हो गई। टिप्पणियां भूपति और बोपन्ना गैर वरीय प्रतिद्वंद्वियों को सामना नहीं कर सके और पहले राउंड में 5-7, 4-6 से सीधे सेटों में हार गए। भूपति और उनकी ऑस्ट्रेलियाई जोड़ीदार कासे डेलाका को मिश्रित युगल के पहले दौर में ऑस्ट्रेलिया की अनास्तासिया रोडियोनोवा और मैक्सिको की सैंटियागो गोंजालेस ने 6-4, 1-6 (11-9) से हराया। वहीं रोहन बोपन्ना और ऑस्ट्रेलिया की एशले बार्टी को चेक गणराज्य की लूसी राडेका और फ्रांतिसेक सेरमाक ने 6-4, 6-4 से मात दी। अन्य भारतीयों में महेश भूपति और रोहन बोपन्ना की चौथी वरीय जोड़ी को शुरुआती राउंड में पोलैंड के थामज बेदनारेक और जर्जी जानोविज की जोड़ी से हार का मुंह देखना पड़ा था। पुरुष युगल में भारत की चुनौती समाप्त हो गई। टिप्पणियां भूपति और बोपन्ना गैर वरीय प्रतिद्वंद्वियों को सामना नहीं कर सके और पहले राउंड में 5-7, 4-6 से सीधे सेटों में हार गए। भूपति और उनकी ऑस्ट्रेलियाई जोड़ीदार कासे डेलाका को मिश्रित युगल के पहले दौर में ऑस्ट्रेलिया की अनास्तासिया रोडियोनोवा और मैक्सिको की सैंटियागो गोंजालेस ने 6-4, 1-6 (11-9) से हराया। वहीं रोहन बोपन्ना और ऑस्ट्रेलिया की एशले बार्टी को चेक गणराज्य की लूसी राडेका और फ्रांतिसेक सेरमाक ने 6-4, 6-4 से मात दी। भूपति और बोपन्ना गैर वरीय प्रतिद्वंद्वियों को सामना नहीं कर सके और पहले राउंड में 5-7, 4-6 से सीधे सेटों में हार गए। भूपति और उनकी ऑस्ट्रेलियाई जोड़ीदार कासे डेलाका को मिश्रित युगल के पहले दौर में ऑस्ट्रेलिया की अनास्तासिया रोडियोनोवा और मैक्सिको की सैंटियागो गोंजालेस ने 6-4, 1-6 (11-9) से हराया। वहीं रोहन बोपन्ना और ऑस्ट्रेलिया की एशले बार्टी को चेक गणराज्य की लूसी राडेका और फ्रांतिसेक सेरमाक ने 6-4, 6-4 से मात दी। वहीं रोहन बोपन्ना और ऑस्ट्रेलिया की एशले बार्टी को चेक गणराज्य की लूसी राडेका और फ्रांतिसेक सेरमाक ने 6-4, 6-4 से मात दी।
यहाँ एक सारांश है:भारत के लिएंडर पेस और उनके ऑस्ट्रियाई जोड़ीदार जर्गन मेल्जर फ्रेंच ओपन मिश्रित युगल से बाहर हो गए जबकि महेश भूपति और रोहन बोपन्ना मिश्रित युगल के पहले दौर में हार गए।
12
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: आयरलैंड पर मिली शानदार जीत के साथ क्वार्टर फाइनल में जगह पक्की करने वाली दक्षिण अफ्रीकी टीम के कप्तान ग्रीम स्मिथ ने कहा है कि उनकी टीम अपनी जीत का क्रम जारी रखना चाहती है।  दक्षिण अफ्रीका को अपना आखिरी ग्रुप मैच बांग्लादेश के खिलाफ ढाका में खेलना है। यह मैच जीतकर बांग्लादेश की टीम अंतिम-8 दौर में पहुंच जाएगी लेकिन उसके लिए दक्षिण अफ्रीका को हराना बहुत बड़ी बात होगी। स्मिथ ने कहा, "क्वार्टर फाइनल में पहुंचना शानदार अनुभव है। हमारे ग्रुप में कड़ा मुकाबला था। हमें शनिवार को बांग्लादेश के साथ भिड़ना है और यह मैच हम जीतना चाहते हैं। हमारे लिए इससे बिल्कुल फर्क नहीं पड़ता कि हम क्वार्टर फाइनल में पहुंच चुके हैं या नहीं।" स्मिथ ने मध्यक्रम में शानदार पारी खेलने वाले कोलिन इंग्रैम की जमकर तारीफ की। इंग्रैम ने ज्यां पॉल ड्यूमिनी के साथ छठे विकेट के लिए 87 रनों की उपयोगी साझेदारी कर टीम को मुश्किलों से निकाला था। एक समय दक्षिण अफ्रीका ने 117 रन पर पांच विकेट गंवा दिए थे।
यह एक सारांश है: दक्षिण अफ्रीकी टीम के कप्तान ग्रीम स्मिथ ने कहा है कि उनकी टीम अपनी जीत का क्रम जारी रखना चाहती है।
24
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: हवाई ईंधन की कीमतों में तेज वृद्धि के कारण एयर इंडिया ने गुरुवार को सभी घरेलू मार्गों पर यात्री किराये में 23 से 25 प्रतिशत की वृद्धि की है। विमानन कंपनी अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर भी किराया बढ़ा सकती है। एयर इंडिया के एक अधिकारी ने बताया, "हमने सभी घरेलू मार्गों पर किराया 23 से 25 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है। इसे एटीएफ की कीमतों में वृद्धि के कारण किया गया है।" अधिकारी ने कहा कि रुपये की गिरावट भी एयरलाइन के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है। इससे अंतरराष्ट्रीय संचालन का मुनाफा प्रभावित होता है। अधिकारी ने कहा, "आगे चलकर अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर भी किराया बढ़ सकता है।" इस समय घरेलू मार्गो पर एयर इंडिया का यात्री 'लोड फैक्टर' 82 प्रतिशत है। अधिकारी ने कहा कि कंपनी को आशा है कि किराये में बढ़ोतरी के बावजूद वह बाजार हिस्सेदारी बनाए रखने में कामयाब हो जाएगी। टिप्पणियां घेरलू बाजार में एयर इंडिया तीसरी सबसे बड़ी कंपनी है और उसकी हिस्सेदारी जुलाई में 19.2 प्रतिशत थी। बुधवार को जेट एयरवेज ने किराए में 25 प्रतिशत की वृद्धि की थी। कम किराए वाली स्पाइस जेट ने पहले ही किराए में 25 प्रतिशत की वृद्धि की है। एयर इंडिया के एक अधिकारी ने बताया, "हमने सभी घरेलू मार्गों पर किराया 23 से 25 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है। इसे एटीएफ की कीमतों में वृद्धि के कारण किया गया है।" अधिकारी ने कहा कि रुपये की गिरावट भी एयरलाइन के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है। इससे अंतरराष्ट्रीय संचालन का मुनाफा प्रभावित होता है। अधिकारी ने कहा, "आगे चलकर अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर भी किराया बढ़ सकता है।" इस समय घरेलू मार्गो पर एयर इंडिया का यात्री 'लोड फैक्टर' 82 प्रतिशत है। अधिकारी ने कहा कि कंपनी को आशा है कि किराये में बढ़ोतरी के बावजूद वह बाजार हिस्सेदारी बनाए रखने में कामयाब हो जाएगी। टिप्पणियां घेरलू बाजार में एयर इंडिया तीसरी सबसे बड़ी कंपनी है और उसकी हिस्सेदारी जुलाई में 19.2 प्रतिशत थी। बुधवार को जेट एयरवेज ने किराए में 25 प्रतिशत की वृद्धि की थी। कम किराए वाली स्पाइस जेट ने पहले ही किराए में 25 प्रतिशत की वृद्धि की है। अधिकारी ने कहा कि रुपये की गिरावट भी एयरलाइन के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है। इससे अंतरराष्ट्रीय संचालन का मुनाफा प्रभावित होता है। अधिकारी ने कहा, "आगे चलकर अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर भी किराया बढ़ सकता है।" इस समय घरेलू मार्गो पर एयर इंडिया का यात्री 'लोड फैक्टर' 82 प्रतिशत है। अधिकारी ने कहा कि कंपनी को आशा है कि किराये में बढ़ोतरी के बावजूद वह बाजार हिस्सेदारी बनाए रखने में कामयाब हो जाएगी। टिप्पणियां घेरलू बाजार में एयर इंडिया तीसरी सबसे बड़ी कंपनी है और उसकी हिस्सेदारी जुलाई में 19.2 प्रतिशत थी। बुधवार को जेट एयरवेज ने किराए में 25 प्रतिशत की वृद्धि की थी। कम किराए वाली स्पाइस जेट ने पहले ही किराए में 25 प्रतिशत की वृद्धि की है। अधिकारी ने कहा, "आगे चलकर अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर भी किराया बढ़ सकता है।" इस समय घरेलू मार्गो पर एयर इंडिया का यात्री 'लोड फैक्टर' 82 प्रतिशत है। अधिकारी ने कहा कि कंपनी को आशा है कि किराये में बढ़ोतरी के बावजूद वह बाजार हिस्सेदारी बनाए रखने में कामयाब हो जाएगी। टिप्पणियां घेरलू बाजार में एयर इंडिया तीसरी सबसे बड़ी कंपनी है और उसकी हिस्सेदारी जुलाई में 19.2 प्रतिशत थी। बुधवार को जेट एयरवेज ने किराए में 25 प्रतिशत की वृद्धि की थी। कम किराए वाली स्पाइस जेट ने पहले ही किराए में 25 प्रतिशत की वृद्धि की है। अधिकारी ने कहा कि कंपनी को आशा है कि किराये में बढ़ोतरी के बावजूद वह बाजार हिस्सेदारी बनाए रखने में कामयाब हो जाएगी। टिप्पणियां घेरलू बाजार में एयर इंडिया तीसरी सबसे बड़ी कंपनी है और उसकी हिस्सेदारी जुलाई में 19.2 प्रतिशत थी। बुधवार को जेट एयरवेज ने किराए में 25 प्रतिशत की वृद्धि की थी। कम किराए वाली स्पाइस जेट ने पहले ही किराए में 25 प्रतिशत की वृद्धि की है। घेरलू बाजार में एयर इंडिया तीसरी सबसे बड़ी कंपनी है और उसकी हिस्सेदारी जुलाई में 19.2 प्रतिशत थी। बुधवार को जेट एयरवेज ने किराए में 25 प्रतिशत की वृद्धि की थी। कम किराए वाली स्पाइस जेट ने पहले ही किराए में 25 प्रतिशत की वृद्धि की है। बुधवार को जेट एयरवेज ने किराए में 25 प्रतिशत की वृद्धि की थी। कम किराए वाली स्पाइस जेट ने पहले ही किराए में 25 प्रतिशत की वृद्धि की है।
सारांश: हवाई ईंधन की कीमतों में तेज वृद्धि के कारण एयर इंडिया ने गुरुवार को सभी घरेलू मार्गों पर यात्री किराये में 23 से 25 प्रतिशत की वृद्धि की है। विमानन कंपनी अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर भी किराया बढ़ा सकती है।
7
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: सीआईएसएफ सुरक्षा कर्मियों ने 80,000 रुपये से भरा एक बैग दोबारा हासिल कर उसे दिल्ली मेट्रो की एक महिला यात्री को वापस लौटा दिया. उस महिला यात्री का बैग गलती से एक दूसरे यात्री ने उठा लिया था. अधिकारियों ने कहा कि यह घटना रविवार को नेताजी सुभाष प्लेस स्टेशन की है, जब राजस्थान से आई उस महिला यात्री ने ड्यूटी पर तैनात सीआईएसएफ अधिकारियों से संपर्क कर उन्हें बताया कि नकदी, एक मोबाइल फोन और दस्तावेजों से भरा बैग उसने एक्स-रे स्कैनिंग के लिए डाला था जो लापता हो गया.टिप्पणियां सुरक्षा टीम ने उसी समय लावारिस स्थिति में पड़ा वैसा ही एक बैग पाया जो बलिया के एक व्यक्ति का था और उस व्यक्ति ने गलती से उस महिला का बैग उठा लिया था. उस व्यक्ति को स्टेशन पर वापस बुलाया गया और उचित सत्यापन के बाद दोनों यात्रियों को उनके बैग सौंप दिए गए. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) अधिकारियों ने कहा कि यह घटना रविवार को नेताजी सुभाष प्लेस स्टेशन की है, जब राजस्थान से आई उस महिला यात्री ने ड्यूटी पर तैनात सीआईएसएफ अधिकारियों से संपर्क कर उन्हें बताया कि नकदी, एक मोबाइल फोन और दस्तावेजों से भरा बैग उसने एक्स-रे स्कैनिंग के लिए डाला था जो लापता हो गया.टिप्पणियां सुरक्षा टीम ने उसी समय लावारिस स्थिति में पड़ा वैसा ही एक बैग पाया जो बलिया के एक व्यक्ति का था और उस व्यक्ति ने गलती से उस महिला का बैग उठा लिया था. उस व्यक्ति को स्टेशन पर वापस बुलाया गया और उचित सत्यापन के बाद दोनों यात्रियों को उनके बैग सौंप दिए गए. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सुरक्षा टीम ने उसी समय लावारिस स्थिति में पड़ा वैसा ही एक बैग पाया जो बलिया के एक व्यक्ति का था और उस व्यक्ति ने गलती से उस महिला का बैग उठा लिया था. उस व्यक्ति को स्टेशन पर वापस बुलाया गया और उचित सत्यापन के बाद दोनों यात्रियों को उनके बैग सौंप दिए गए. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त पाठ: उस महिला यात्री का बैग गलती से एक दूसरे यात्री ने उठा लिया था एक्स-रे स्कैनिंग के दौरान यह वाकया घटित हुआ लावारिस स्थिति में पड़े वैसे ही दूसरे बैग से उस व्‍यक्ति को खोजा गया
27
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: मुम्बई में क्रिकेट का गढ़ माने जाने वाले वानखेड़े स्टेडियम में बुधवार को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के चौथे संस्करण के अंतर्गत मुम्बई इंडियंस और पुणे वॉरियर्स टीमों के बीच भिड़ंत होगी। मुम्बई की कप्तानी सचिन तेंदुलकर के हाथों में है जबकि पुणे के कप्तान युवराज सिंह हैं। दोनों टीमों ने अब तक तीन-तीन मैच खेले हैं। दोनों ने दो मैचों में जीत हासिल की है जबकि एक-एक मैच में हार का सामना करना पड़ा है। अंक तालिका में पुणे की टीम बेहतर नेट रन रेट के कारण मुम्बई से ऊपर दूसरे स्थान पर है। मुम्बई की टीम तीसरे स्थान पर है। मुम्बई ने दिल्ली डेयरडेविल्स और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलूर को हराया है जबकि उसे आईपीएल की सबसे नई टीम कोच्चि टस्कर्स केरल के हाथों बीते शुक्रवार को चौंकाने वाली हार का सामना करना पड़ा था। दूसरी ओर, आईपीएल की एक अन्य नई टीम पुणे की कमान सम्भाल रहे युवराज की देखरेख में इस टीम ने अपने पहले ही मैच में किंग्स इलेवन पंजाब को हराया था। इसके बाद इसने कोच्चि टस्कर्स को भी पराजित किया था लेकिन 17 अप्रैल को उसे डेयर डेविल्स के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। इस मैच को जीतने पर पुणे की टीम 10 टीमों की तालिका में पहले स्थान पर पहुंच जाएगी। पुणे की जीत उसे छह अंकों के साथ बेहतर नेट रन रेट के कारण शीर्ष पर पहुंचा देगी। दूसरी ओर, जीत की सूरत में मुम्बई पुणे को दूसरे स्थान से बेदखल कर देगा। कोलकाता नाइट राइडर्स टीम छह अंकों के साथ तालिका में शीर्ष पर है।
वानखेड़े स्टेडियम में बुधवार को आईपीएल के चौथे संस्करण के अंतर्गत मुम्बई इंडियंस और पुणे वॉरियर्स टीमों के बीच भिड़ंत होगी।
1
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: सूचना का अधिकार कार्यकर्ता और आयकर मामलों के विशेषज्ञ जेपी वघानी का कहना है, "इसका मतलब यह है कि करदाताओं को अब कर विभाग की चोट खानी पड़ेगी.वे अब भ्रष्टाचार के अतिरिक्त अपना मूल्यांकन सुधारने के लिए उन पर बकाया राशि का भुगतान करने का दबाव डालेंगे या अधिक सख्त आदेश व जुर्माना लगाएंगे." वघानी ने इस मामले में अदालत में जनहित याचिका भी दायर की है. चार्टर्ड एकाउंटेंट पागुर देसाई ने कहा कि नए दिशा-निर्देशों से अपीली प्राधिकारी करदाताओं के प्रति ज्यादा आक्रामक हो जाएंगे, ताकि बकाया में कमी की जाए.जब आगे चुनाव हैं, तो फिर इस तरह का कदम व्यापक स्तर पर उठाना क्या व्यावहारिक है.?"हालांकि कर आयुक्त व CBDT प्रवक्ता सुरभि अहलूवालिया ने कहा कि कर दहशत व्यवस्था का सवाल ही नहीं है... प्रोत्साहन के पीछे जो मंशा है, उसे बिल्कुल गलत समझा गया है." उन्होंने कहा कि सिर्फ अपीली प्राधिकरण ही जहां आवश्यक है, वहां आकलन में बढ़ोतरी कर सकता है. आकलन आदेश में कमी को दूर कर सकता है और जुर्माना लगा सकता है. उन्होंने आगे कहा कि इसलिए आयकर आयुक्त (अपील) की शक्ति का मतलब दहशत नहीं है." वघानी ने इस मामले में अदालत में जनहित याचिका भी दायर की है. चार्टर्ड एकाउंटेंट पागुर देसाई ने कहा कि नए दिशा-निर्देशों से अपीली प्राधिकारी करदाताओं के प्रति ज्यादा आक्रामक हो जाएंगे, ताकि बकाया में कमी की जाए.जब आगे चुनाव हैं, तो फिर इस तरह का कदम व्यापक स्तर पर उठाना क्या व्यावहारिक है.?"हालांकि कर आयुक्त व CBDT प्रवक्ता सुरभि अहलूवालिया ने कहा कि कर दहशत व्यवस्था का सवाल ही नहीं है... प्रोत्साहन के पीछे जो मंशा है, उसे बिल्कुल गलत समझा गया है." उन्होंने कहा कि सिर्फ अपीली प्राधिकरण ही जहां आवश्यक है, वहां आकलन में बढ़ोतरी कर सकता है. आकलन आदेश में कमी को दूर कर सकता है और जुर्माना लगा सकता है. उन्होंने आगे कहा कि इसलिए आयकर आयुक्त (अपील) की शक्ति का मतलब दहशत नहीं है."
यह एक सारांश है: अधिकारियों को दिया गया यह ऑफर ज्यादा आयकर जमा कराने पर मिलेगा इनाम कारोबारियों की बढ़ी मुश्किल
2
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: डेविड वार्नर (नाबाद 66) की शानदार अर्द्धशतकीय पारी की बदौलत दिल्ली डेयरडेविल्स टीम ने अपने दूसरे 'घर' छत्तीसगढ़ की राजधानी के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में बुधवार को खेले गए इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के छठे संस्करण के 44वें मुकाबले में कोलकाता नाइट राइडर्स को सात विकेट से हरा दिया। रायपुर में डेयरडेविल्स की यह लगातार दूसरी जीत है। इससे पहले उसने इस मैदान पर पुणे वॉरियर्स को हराया था। आईपीएल-6 के उद्घाटन मुकाबले में नाइट राइडर्स ने डेयरडेविल्स को हराया था और अब डेयरडेविल्स ने उस हार का हिसाब बराबर कर लिया है। मौजूदा चैम्पियन नाइट राइडर्स द्वारा दिए गए 137 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए डेयरडेविल्स ने मैन ऑफ द मैच वार्नर और उन्मुक्त चंद (37) की शानदार बल्लेबाजी की बदौलत 17.5 ओवरों में तीन विकेट के नुकसान पर जीत हासिल कर ली। वार्नर ने अपनी 42 गेंदों की पारी में छह चौके और तीन छक्के लगाए हैं। आईपीएल-6 में यह उनका चौथा अर्द्धशतक है। दूसरी ओर उन्मुक्त ने आईपीएल में अपनी अब तक की सबसे बड़ी खेली और लम्बे इंतजार के बाद अपनी टीम की जीत में योगदान दिया। बेन रोहरर 10 रनों पर नाबाद लौटे। उन्मुक्त ने 39 गेंदों पर चार चौके लगाए। उनके और वार्नर के बीच तीसरे विकेट के लिए 39 रनों की साझेदारी हुई। उन्मुक्त 122 रनों के कुल योग पर आउट हुए। डेयरडेविल्स ने उन्मुक्त के अलावा वीरेंद्र सहवाग (17) और कप्तान माहेला जयवर्धने (5) के विकेट गंवाए। सहवाग को 23 के कुल योग पर जैक्स कैलिस ने स्लिप में यूसुफ पठान के हाथों कैच कराया। सहवाग ने 15 गेंदों पर तीन चौके लगाए। अगले ही ओवर में लक्ष्मीपति बालाजी ने जयवर्धने को स्लिप में ही कैलिस के हाथों कैच कराया। जयवर्धने ने आठ गेंदों का सामना किया। यह विकेट 27 रनों के कुल योग पर गिरा। इससे पहले, नाइट राइडर्स ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए सात विकेट पर 136 रन बनाए। नाइट राइडर्स का 100 रनों के करीब भी पहुंचना मुश्किल लग रहा था लेकिन रजत भाटिया (26), सुमित नरवाल (23) तथा ब्रेट ली (16) ने अंतिम क्षणों में अहम योगदान दिए और टीम को अपेक्षाकृत सम्मानजनक योग तक पहुंचाया। नाइट राइडर्स की शुरुआत बेहद खराब रही और दूसरी ही गेंद पर कप्तान गौतम गंभीर बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। पिछले मैच में नाइट राइडर्स के लिए महत्वपूर्ण पारी खेलने वाले सलामी बल्लेबाज मानविंदर बिसला भी 16 रनों के कुल योग पर उमेश यादव की गेंद पर बोल्ड हो गए। बिसला ने चार रन बनाए। तीसरे विकेट के लिए यूसुफ पठान (20) और जैक्स कालिस (12) ने 21 रन ही जोड़े थे कि मोर्ने मोर्केल ने पठान को उनके भाई इरफान पठान के हाथों कैच करवा दिया। पांचवे क्रम पर बल्लेबाजी करने आए इयोन मोर्गन (10) ने आते ही दो चौके जड़े, लेकिन ज्यादा देर वह भी नहीं टिक सके। नौ गेंदे खेलने के बाद मोर्गन, यादव को कैच थमाकर चलते बने। इस आईपीएल में गेंद और बल्ले से नाइट राइडर्स को महत्वपूर्ण योगदान देने वाले कालिस भी नौवें ओवर की तीसरी गेंद पर इरफान पठान का शिकार हुए। छठे विकेट के लिए देवब्रत दास (18) तथा भाटिया के बीच 34 रनों की साझेदारी हुई। 84 के कुल योग पर दास नेहरा की गेंद पर विकेट के पीछे लपके गए।टिप्पणियां अंतिम ओवरों में तेजी से रन बटोरने के चक्कर में नरवाल उन्मुक्त चंद के हाथों लपके गए। नरवाल ने 15 गेंदों पर चार चौके लगाए जबकि भाटिया ने अपनी नाबाद पारी में 26 गेंदों पर दो चौके जड़े। ब्रेट ली ने छह गेंदों पर दो छक्के लगाए। डेयरडेविल्स की तरफ से उमेश ने दो विकेट चटकाए और इरफान पठान, आशीष नेहरा, मोर्केल तथा नदीम को एक-एक विकेट मिला। रायपुर में डेयरडेविल्स की यह लगातार दूसरी जीत है। इससे पहले उसने इस मैदान पर पुणे वॉरियर्स को हराया था। आईपीएल-6 के उद्घाटन मुकाबले में नाइट राइडर्स ने डेयरडेविल्स को हराया था और अब डेयरडेविल्स ने उस हार का हिसाब बराबर कर लिया है। मौजूदा चैम्पियन नाइट राइडर्स द्वारा दिए गए 137 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए डेयरडेविल्स ने मैन ऑफ द मैच वार्नर और उन्मुक्त चंद (37) की शानदार बल्लेबाजी की बदौलत 17.5 ओवरों में तीन विकेट के नुकसान पर जीत हासिल कर ली। वार्नर ने अपनी 42 गेंदों की पारी में छह चौके और तीन छक्के लगाए हैं। आईपीएल-6 में यह उनका चौथा अर्द्धशतक है। दूसरी ओर उन्मुक्त ने आईपीएल में अपनी अब तक की सबसे बड़ी खेली और लम्बे इंतजार के बाद अपनी टीम की जीत में योगदान दिया। बेन रोहरर 10 रनों पर नाबाद लौटे। उन्मुक्त ने 39 गेंदों पर चार चौके लगाए। उनके और वार्नर के बीच तीसरे विकेट के लिए 39 रनों की साझेदारी हुई। उन्मुक्त 122 रनों के कुल योग पर आउट हुए। डेयरडेविल्स ने उन्मुक्त के अलावा वीरेंद्र सहवाग (17) और कप्तान माहेला जयवर्धने (5) के विकेट गंवाए। सहवाग को 23 के कुल योग पर जैक्स कैलिस ने स्लिप में यूसुफ पठान के हाथों कैच कराया। सहवाग ने 15 गेंदों पर तीन चौके लगाए। अगले ही ओवर में लक्ष्मीपति बालाजी ने जयवर्धने को स्लिप में ही कैलिस के हाथों कैच कराया। जयवर्धने ने आठ गेंदों का सामना किया। यह विकेट 27 रनों के कुल योग पर गिरा। इससे पहले, नाइट राइडर्स ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए सात विकेट पर 136 रन बनाए। नाइट राइडर्स का 100 रनों के करीब भी पहुंचना मुश्किल लग रहा था लेकिन रजत भाटिया (26), सुमित नरवाल (23) तथा ब्रेट ली (16) ने अंतिम क्षणों में अहम योगदान दिए और टीम को अपेक्षाकृत सम्मानजनक योग तक पहुंचाया। नाइट राइडर्स की शुरुआत बेहद खराब रही और दूसरी ही गेंद पर कप्तान गौतम गंभीर बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। पिछले मैच में नाइट राइडर्स के लिए महत्वपूर्ण पारी खेलने वाले सलामी बल्लेबाज मानविंदर बिसला भी 16 रनों के कुल योग पर उमेश यादव की गेंद पर बोल्ड हो गए। बिसला ने चार रन बनाए। तीसरे विकेट के लिए यूसुफ पठान (20) और जैक्स कालिस (12) ने 21 रन ही जोड़े थे कि मोर्ने मोर्केल ने पठान को उनके भाई इरफान पठान के हाथों कैच करवा दिया। पांचवे क्रम पर बल्लेबाजी करने आए इयोन मोर्गन (10) ने आते ही दो चौके जड़े, लेकिन ज्यादा देर वह भी नहीं टिक सके। नौ गेंदे खेलने के बाद मोर्गन, यादव को कैच थमाकर चलते बने। इस आईपीएल में गेंद और बल्ले से नाइट राइडर्स को महत्वपूर्ण योगदान देने वाले कालिस भी नौवें ओवर की तीसरी गेंद पर इरफान पठान का शिकार हुए। छठे विकेट के लिए देवब्रत दास (18) तथा भाटिया के बीच 34 रनों की साझेदारी हुई। 84 के कुल योग पर दास नेहरा की गेंद पर विकेट के पीछे लपके गए।टिप्पणियां अंतिम ओवरों में तेजी से रन बटोरने के चक्कर में नरवाल उन्मुक्त चंद के हाथों लपके गए। नरवाल ने 15 गेंदों पर चार चौके लगाए जबकि भाटिया ने अपनी नाबाद पारी में 26 गेंदों पर दो चौके जड़े। ब्रेट ली ने छह गेंदों पर दो छक्के लगाए। डेयरडेविल्स की तरफ से उमेश ने दो विकेट चटकाए और इरफान पठान, आशीष नेहरा, मोर्केल तथा नदीम को एक-एक विकेट मिला। मौजूदा चैम्पियन नाइट राइडर्स द्वारा दिए गए 137 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए डेयरडेविल्स ने मैन ऑफ द मैच वार्नर और उन्मुक्त चंद (37) की शानदार बल्लेबाजी की बदौलत 17.5 ओवरों में तीन विकेट के नुकसान पर जीत हासिल कर ली। वार्नर ने अपनी 42 गेंदों की पारी में छह चौके और तीन छक्के लगाए हैं। आईपीएल-6 में यह उनका चौथा अर्द्धशतक है। दूसरी ओर उन्मुक्त ने आईपीएल में अपनी अब तक की सबसे बड़ी खेली और लम्बे इंतजार के बाद अपनी टीम की जीत में योगदान दिया। बेन रोहरर 10 रनों पर नाबाद लौटे। उन्मुक्त ने 39 गेंदों पर चार चौके लगाए। उनके और वार्नर के बीच तीसरे विकेट के लिए 39 रनों की साझेदारी हुई। उन्मुक्त 122 रनों के कुल योग पर आउट हुए। डेयरडेविल्स ने उन्मुक्त के अलावा वीरेंद्र सहवाग (17) और कप्तान माहेला जयवर्धने (5) के विकेट गंवाए। सहवाग को 23 के कुल योग पर जैक्स कैलिस ने स्लिप में यूसुफ पठान के हाथों कैच कराया। सहवाग ने 15 गेंदों पर तीन चौके लगाए। अगले ही ओवर में लक्ष्मीपति बालाजी ने जयवर्धने को स्लिप में ही कैलिस के हाथों कैच कराया। जयवर्धने ने आठ गेंदों का सामना किया। यह विकेट 27 रनों के कुल योग पर गिरा। इससे पहले, नाइट राइडर्स ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए सात विकेट पर 136 रन बनाए। नाइट राइडर्स का 100 रनों के करीब भी पहुंचना मुश्किल लग रहा था लेकिन रजत भाटिया (26), सुमित नरवाल (23) तथा ब्रेट ली (16) ने अंतिम क्षणों में अहम योगदान दिए और टीम को अपेक्षाकृत सम्मानजनक योग तक पहुंचाया। नाइट राइडर्स की शुरुआत बेहद खराब रही और दूसरी ही गेंद पर कप्तान गौतम गंभीर बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। पिछले मैच में नाइट राइडर्स के लिए महत्वपूर्ण पारी खेलने वाले सलामी बल्लेबाज मानविंदर बिसला भी 16 रनों के कुल योग पर उमेश यादव की गेंद पर बोल्ड हो गए। बिसला ने चार रन बनाए। तीसरे विकेट के लिए यूसुफ पठान (20) और जैक्स कालिस (12) ने 21 रन ही जोड़े थे कि मोर्ने मोर्केल ने पठान को उनके भाई इरफान पठान के हाथों कैच करवा दिया। पांचवे क्रम पर बल्लेबाजी करने आए इयोन मोर्गन (10) ने आते ही दो चौके जड़े, लेकिन ज्यादा देर वह भी नहीं टिक सके। नौ गेंदे खेलने के बाद मोर्गन, यादव को कैच थमाकर चलते बने। इस आईपीएल में गेंद और बल्ले से नाइट राइडर्स को महत्वपूर्ण योगदान देने वाले कालिस भी नौवें ओवर की तीसरी गेंद पर इरफान पठान का शिकार हुए। छठे विकेट के लिए देवब्रत दास (18) तथा भाटिया के बीच 34 रनों की साझेदारी हुई। 84 के कुल योग पर दास नेहरा की गेंद पर विकेट के पीछे लपके गए।टिप्पणियां अंतिम ओवरों में तेजी से रन बटोरने के चक्कर में नरवाल उन्मुक्त चंद के हाथों लपके गए। नरवाल ने 15 गेंदों पर चार चौके लगाए जबकि भाटिया ने अपनी नाबाद पारी में 26 गेंदों पर दो चौके जड़े। ब्रेट ली ने छह गेंदों पर दो छक्के लगाए। डेयरडेविल्स की तरफ से उमेश ने दो विकेट चटकाए और इरफान पठान, आशीष नेहरा, मोर्केल तथा नदीम को एक-एक विकेट मिला। वार्नर ने अपनी 42 गेंदों की पारी में छह चौके और तीन छक्के लगाए हैं। आईपीएल-6 में यह उनका चौथा अर्द्धशतक है। दूसरी ओर उन्मुक्त ने आईपीएल में अपनी अब तक की सबसे बड़ी खेली और लम्बे इंतजार के बाद अपनी टीम की जीत में योगदान दिया। बेन रोहरर 10 रनों पर नाबाद लौटे। उन्मुक्त ने 39 गेंदों पर चार चौके लगाए। उनके और वार्नर के बीच तीसरे विकेट के लिए 39 रनों की साझेदारी हुई। उन्मुक्त 122 रनों के कुल योग पर आउट हुए। डेयरडेविल्स ने उन्मुक्त के अलावा वीरेंद्र सहवाग (17) और कप्तान माहेला जयवर्धने (5) के विकेट गंवाए। सहवाग को 23 के कुल योग पर जैक्स कैलिस ने स्लिप में यूसुफ पठान के हाथों कैच कराया। सहवाग ने 15 गेंदों पर तीन चौके लगाए। अगले ही ओवर में लक्ष्मीपति बालाजी ने जयवर्धने को स्लिप में ही कैलिस के हाथों कैच कराया। जयवर्धने ने आठ गेंदों का सामना किया। यह विकेट 27 रनों के कुल योग पर गिरा। इससे पहले, नाइट राइडर्स ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए सात विकेट पर 136 रन बनाए। नाइट राइडर्स का 100 रनों के करीब भी पहुंचना मुश्किल लग रहा था लेकिन रजत भाटिया (26), सुमित नरवाल (23) तथा ब्रेट ली (16) ने अंतिम क्षणों में अहम योगदान दिए और टीम को अपेक्षाकृत सम्मानजनक योग तक पहुंचाया। नाइट राइडर्स की शुरुआत बेहद खराब रही और दूसरी ही गेंद पर कप्तान गौतम गंभीर बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। पिछले मैच में नाइट राइडर्स के लिए महत्वपूर्ण पारी खेलने वाले सलामी बल्लेबाज मानविंदर बिसला भी 16 रनों के कुल योग पर उमेश यादव की गेंद पर बोल्ड हो गए। बिसला ने चार रन बनाए। तीसरे विकेट के लिए यूसुफ पठान (20) और जैक्स कालिस (12) ने 21 रन ही जोड़े थे कि मोर्ने मोर्केल ने पठान को उनके भाई इरफान पठान के हाथों कैच करवा दिया। पांचवे क्रम पर बल्लेबाजी करने आए इयोन मोर्गन (10) ने आते ही दो चौके जड़े, लेकिन ज्यादा देर वह भी नहीं टिक सके। नौ गेंदे खेलने के बाद मोर्गन, यादव को कैच थमाकर चलते बने। इस आईपीएल में गेंद और बल्ले से नाइट राइडर्स को महत्वपूर्ण योगदान देने वाले कालिस भी नौवें ओवर की तीसरी गेंद पर इरफान पठान का शिकार हुए। छठे विकेट के लिए देवब्रत दास (18) तथा भाटिया के बीच 34 रनों की साझेदारी हुई। 84 के कुल योग पर दास नेहरा की गेंद पर विकेट के पीछे लपके गए।टिप्पणियां अंतिम ओवरों में तेजी से रन बटोरने के चक्कर में नरवाल उन्मुक्त चंद के हाथों लपके गए। नरवाल ने 15 गेंदों पर चार चौके लगाए जबकि भाटिया ने अपनी नाबाद पारी में 26 गेंदों पर दो चौके जड़े। ब्रेट ली ने छह गेंदों पर दो छक्के लगाए। डेयरडेविल्स की तरफ से उमेश ने दो विकेट चटकाए और इरफान पठान, आशीष नेहरा, मोर्केल तथा नदीम को एक-एक विकेट मिला। उन्मुक्त ने 39 गेंदों पर चार चौके लगाए। उनके और वार्नर के बीच तीसरे विकेट के लिए 39 रनों की साझेदारी हुई। उन्मुक्त 122 रनों के कुल योग पर आउट हुए। डेयरडेविल्स ने उन्मुक्त के अलावा वीरेंद्र सहवाग (17) और कप्तान माहेला जयवर्धने (5) के विकेट गंवाए। सहवाग को 23 के कुल योग पर जैक्स कैलिस ने स्लिप में यूसुफ पठान के हाथों कैच कराया। सहवाग ने 15 गेंदों पर तीन चौके लगाए। अगले ही ओवर में लक्ष्मीपति बालाजी ने जयवर्धने को स्लिप में ही कैलिस के हाथों कैच कराया। जयवर्धने ने आठ गेंदों का सामना किया। यह विकेट 27 रनों के कुल योग पर गिरा। इससे पहले, नाइट राइडर्स ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए सात विकेट पर 136 रन बनाए। नाइट राइडर्स का 100 रनों के करीब भी पहुंचना मुश्किल लग रहा था लेकिन रजत भाटिया (26), सुमित नरवाल (23) तथा ब्रेट ली (16) ने अंतिम क्षणों में अहम योगदान दिए और टीम को अपेक्षाकृत सम्मानजनक योग तक पहुंचाया। नाइट राइडर्स की शुरुआत बेहद खराब रही और दूसरी ही गेंद पर कप्तान गौतम गंभीर बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। पिछले मैच में नाइट राइडर्स के लिए महत्वपूर्ण पारी खेलने वाले सलामी बल्लेबाज मानविंदर बिसला भी 16 रनों के कुल योग पर उमेश यादव की गेंद पर बोल्ड हो गए। बिसला ने चार रन बनाए। तीसरे विकेट के लिए यूसुफ पठान (20) और जैक्स कालिस (12) ने 21 रन ही जोड़े थे कि मोर्ने मोर्केल ने पठान को उनके भाई इरफान पठान के हाथों कैच करवा दिया। पांचवे क्रम पर बल्लेबाजी करने आए इयोन मोर्गन (10) ने आते ही दो चौके जड़े, लेकिन ज्यादा देर वह भी नहीं टिक सके। नौ गेंदे खेलने के बाद मोर्गन, यादव को कैच थमाकर चलते बने। इस आईपीएल में गेंद और बल्ले से नाइट राइडर्स को महत्वपूर्ण योगदान देने वाले कालिस भी नौवें ओवर की तीसरी गेंद पर इरफान पठान का शिकार हुए। छठे विकेट के लिए देवब्रत दास (18) तथा भाटिया के बीच 34 रनों की साझेदारी हुई। 84 के कुल योग पर दास नेहरा की गेंद पर विकेट के पीछे लपके गए।टिप्पणियां अंतिम ओवरों में तेजी से रन बटोरने के चक्कर में नरवाल उन्मुक्त चंद के हाथों लपके गए। नरवाल ने 15 गेंदों पर चार चौके लगाए जबकि भाटिया ने अपनी नाबाद पारी में 26 गेंदों पर दो चौके जड़े। ब्रेट ली ने छह गेंदों पर दो छक्के लगाए। डेयरडेविल्स की तरफ से उमेश ने दो विकेट चटकाए और इरफान पठान, आशीष नेहरा, मोर्केल तथा नदीम को एक-एक विकेट मिला। डेयरडेविल्स ने उन्मुक्त के अलावा वीरेंद्र सहवाग (17) और कप्तान माहेला जयवर्धने (5) के विकेट गंवाए। सहवाग को 23 के कुल योग पर जैक्स कैलिस ने स्लिप में यूसुफ पठान के हाथों कैच कराया। सहवाग ने 15 गेंदों पर तीन चौके लगाए। अगले ही ओवर में लक्ष्मीपति बालाजी ने जयवर्धने को स्लिप में ही कैलिस के हाथों कैच कराया। जयवर्धने ने आठ गेंदों का सामना किया। यह विकेट 27 रनों के कुल योग पर गिरा। इससे पहले, नाइट राइडर्स ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए सात विकेट पर 136 रन बनाए। नाइट राइडर्स का 100 रनों के करीब भी पहुंचना मुश्किल लग रहा था लेकिन रजत भाटिया (26), सुमित नरवाल (23) तथा ब्रेट ली (16) ने अंतिम क्षणों में अहम योगदान दिए और टीम को अपेक्षाकृत सम्मानजनक योग तक पहुंचाया। नाइट राइडर्स की शुरुआत बेहद खराब रही और दूसरी ही गेंद पर कप्तान गौतम गंभीर बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। पिछले मैच में नाइट राइडर्स के लिए महत्वपूर्ण पारी खेलने वाले सलामी बल्लेबाज मानविंदर बिसला भी 16 रनों के कुल योग पर उमेश यादव की गेंद पर बोल्ड हो गए। बिसला ने चार रन बनाए। तीसरे विकेट के लिए यूसुफ पठान (20) और जैक्स कालिस (12) ने 21 रन ही जोड़े थे कि मोर्ने मोर्केल ने पठान को उनके भाई इरफान पठान के हाथों कैच करवा दिया। पांचवे क्रम पर बल्लेबाजी करने आए इयोन मोर्गन (10) ने आते ही दो चौके जड़े, लेकिन ज्यादा देर वह भी नहीं टिक सके। नौ गेंदे खेलने के बाद मोर्गन, यादव को कैच थमाकर चलते बने। इस आईपीएल में गेंद और बल्ले से नाइट राइडर्स को महत्वपूर्ण योगदान देने वाले कालिस भी नौवें ओवर की तीसरी गेंद पर इरफान पठान का शिकार हुए। छठे विकेट के लिए देवब्रत दास (18) तथा भाटिया के बीच 34 रनों की साझेदारी हुई। 84 के कुल योग पर दास नेहरा की गेंद पर विकेट के पीछे लपके गए।टिप्पणियां अंतिम ओवरों में तेजी से रन बटोरने के चक्कर में नरवाल उन्मुक्त चंद के हाथों लपके गए। नरवाल ने 15 गेंदों पर चार चौके लगाए जबकि भाटिया ने अपनी नाबाद पारी में 26 गेंदों पर दो चौके जड़े। ब्रेट ली ने छह गेंदों पर दो छक्के लगाए। डेयरडेविल्स की तरफ से उमेश ने दो विकेट चटकाए और इरफान पठान, आशीष नेहरा, मोर्केल तथा नदीम को एक-एक विकेट मिला। अगले ही ओवर में लक्ष्मीपति बालाजी ने जयवर्धने को स्लिप में ही कैलिस के हाथों कैच कराया। जयवर्धने ने आठ गेंदों का सामना किया। यह विकेट 27 रनों के कुल योग पर गिरा। इससे पहले, नाइट राइडर्स ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए सात विकेट पर 136 रन बनाए। नाइट राइडर्स का 100 रनों के करीब भी पहुंचना मुश्किल लग रहा था लेकिन रजत भाटिया (26), सुमित नरवाल (23) तथा ब्रेट ली (16) ने अंतिम क्षणों में अहम योगदान दिए और टीम को अपेक्षाकृत सम्मानजनक योग तक पहुंचाया। नाइट राइडर्स की शुरुआत बेहद खराब रही और दूसरी ही गेंद पर कप्तान गौतम गंभीर बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। पिछले मैच में नाइट राइडर्स के लिए महत्वपूर्ण पारी खेलने वाले सलामी बल्लेबाज मानविंदर बिसला भी 16 रनों के कुल योग पर उमेश यादव की गेंद पर बोल्ड हो गए। बिसला ने चार रन बनाए। तीसरे विकेट के लिए यूसुफ पठान (20) और जैक्स कालिस (12) ने 21 रन ही जोड़े थे कि मोर्ने मोर्केल ने पठान को उनके भाई इरफान पठान के हाथों कैच करवा दिया। पांचवे क्रम पर बल्लेबाजी करने आए इयोन मोर्गन (10) ने आते ही दो चौके जड़े, लेकिन ज्यादा देर वह भी नहीं टिक सके। नौ गेंदे खेलने के बाद मोर्गन, यादव को कैच थमाकर चलते बने। इस आईपीएल में गेंद और बल्ले से नाइट राइडर्स को महत्वपूर्ण योगदान देने वाले कालिस भी नौवें ओवर की तीसरी गेंद पर इरफान पठान का शिकार हुए। छठे विकेट के लिए देवब्रत दास (18) तथा भाटिया के बीच 34 रनों की साझेदारी हुई। 84 के कुल योग पर दास नेहरा की गेंद पर विकेट के पीछे लपके गए।टिप्पणियां अंतिम ओवरों में तेजी से रन बटोरने के चक्कर में नरवाल उन्मुक्त चंद के हाथों लपके गए। नरवाल ने 15 गेंदों पर चार चौके लगाए जबकि भाटिया ने अपनी नाबाद पारी में 26 गेंदों पर दो चौके जड़े। ब्रेट ली ने छह गेंदों पर दो छक्के लगाए। डेयरडेविल्स की तरफ से उमेश ने दो विकेट चटकाए और इरफान पठान, आशीष नेहरा, मोर्केल तथा नदीम को एक-एक विकेट मिला। इससे पहले, नाइट राइडर्स ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए सात विकेट पर 136 रन बनाए। नाइट राइडर्स का 100 रनों के करीब भी पहुंचना मुश्किल लग रहा था लेकिन रजत भाटिया (26), सुमित नरवाल (23) तथा ब्रेट ली (16) ने अंतिम क्षणों में अहम योगदान दिए और टीम को अपेक्षाकृत सम्मानजनक योग तक पहुंचाया। नाइट राइडर्स की शुरुआत बेहद खराब रही और दूसरी ही गेंद पर कप्तान गौतम गंभीर बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। पिछले मैच में नाइट राइडर्स के लिए महत्वपूर्ण पारी खेलने वाले सलामी बल्लेबाज मानविंदर बिसला भी 16 रनों के कुल योग पर उमेश यादव की गेंद पर बोल्ड हो गए। बिसला ने चार रन बनाए। तीसरे विकेट के लिए यूसुफ पठान (20) और जैक्स कालिस (12) ने 21 रन ही जोड़े थे कि मोर्ने मोर्केल ने पठान को उनके भाई इरफान पठान के हाथों कैच करवा दिया। पांचवे क्रम पर बल्लेबाजी करने आए इयोन मोर्गन (10) ने आते ही दो चौके जड़े, लेकिन ज्यादा देर वह भी नहीं टिक सके। नौ गेंदे खेलने के बाद मोर्गन, यादव को कैच थमाकर चलते बने। इस आईपीएल में गेंद और बल्ले से नाइट राइडर्स को महत्वपूर्ण योगदान देने वाले कालिस भी नौवें ओवर की तीसरी गेंद पर इरफान पठान का शिकार हुए। छठे विकेट के लिए देवब्रत दास (18) तथा भाटिया के बीच 34 रनों की साझेदारी हुई। 84 के कुल योग पर दास नेहरा की गेंद पर विकेट के पीछे लपके गए।टिप्पणियां अंतिम ओवरों में तेजी से रन बटोरने के चक्कर में नरवाल उन्मुक्त चंद के हाथों लपके गए। नरवाल ने 15 गेंदों पर चार चौके लगाए जबकि भाटिया ने अपनी नाबाद पारी में 26 गेंदों पर दो चौके जड़े। ब्रेट ली ने छह गेंदों पर दो छक्के लगाए। डेयरडेविल्स की तरफ से उमेश ने दो विकेट चटकाए और इरफान पठान, आशीष नेहरा, मोर्केल तथा नदीम को एक-एक विकेट मिला। नाइट राइडर्स की शुरुआत बेहद खराब रही और दूसरी ही गेंद पर कप्तान गौतम गंभीर बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। पिछले मैच में नाइट राइडर्स के लिए महत्वपूर्ण पारी खेलने वाले सलामी बल्लेबाज मानविंदर बिसला भी 16 रनों के कुल योग पर उमेश यादव की गेंद पर बोल्ड हो गए। बिसला ने चार रन बनाए। तीसरे विकेट के लिए यूसुफ पठान (20) और जैक्स कालिस (12) ने 21 रन ही जोड़े थे कि मोर्ने मोर्केल ने पठान को उनके भाई इरफान पठान के हाथों कैच करवा दिया। पांचवे क्रम पर बल्लेबाजी करने आए इयोन मोर्गन (10) ने आते ही दो चौके जड़े, लेकिन ज्यादा देर वह भी नहीं टिक सके। नौ गेंदे खेलने के बाद मोर्गन, यादव को कैच थमाकर चलते बने। इस आईपीएल में गेंद और बल्ले से नाइट राइडर्स को महत्वपूर्ण योगदान देने वाले कालिस भी नौवें ओवर की तीसरी गेंद पर इरफान पठान का शिकार हुए। छठे विकेट के लिए देवब्रत दास (18) तथा भाटिया के बीच 34 रनों की साझेदारी हुई। 84 के कुल योग पर दास नेहरा की गेंद पर विकेट के पीछे लपके गए।टिप्पणियां अंतिम ओवरों में तेजी से रन बटोरने के चक्कर में नरवाल उन्मुक्त चंद के हाथों लपके गए। नरवाल ने 15 गेंदों पर चार चौके लगाए जबकि भाटिया ने अपनी नाबाद पारी में 26 गेंदों पर दो चौके जड़े। ब्रेट ली ने छह गेंदों पर दो छक्के लगाए। डेयरडेविल्स की तरफ से उमेश ने दो विकेट चटकाए और इरफान पठान, आशीष नेहरा, मोर्केल तथा नदीम को एक-एक विकेट मिला। तीसरे विकेट के लिए यूसुफ पठान (20) और जैक्स कालिस (12) ने 21 रन ही जोड़े थे कि मोर्ने मोर्केल ने पठान को उनके भाई इरफान पठान के हाथों कैच करवा दिया। पांचवे क्रम पर बल्लेबाजी करने आए इयोन मोर्गन (10) ने आते ही दो चौके जड़े, लेकिन ज्यादा देर वह भी नहीं टिक सके। नौ गेंदे खेलने के बाद मोर्गन, यादव को कैच थमाकर चलते बने। इस आईपीएल में गेंद और बल्ले से नाइट राइडर्स को महत्वपूर्ण योगदान देने वाले कालिस भी नौवें ओवर की तीसरी गेंद पर इरफान पठान का शिकार हुए। छठे विकेट के लिए देवब्रत दास (18) तथा भाटिया के बीच 34 रनों की साझेदारी हुई। 84 के कुल योग पर दास नेहरा की गेंद पर विकेट के पीछे लपके गए।टिप्पणियां अंतिम ओवरों में तेजी से रन बटोरने के चक्कर में नरवाल उन्मुक्त चंद के हाथों लपके गए। नरवाल ने 15 गेंदों पर चार चौके लगाए जबकि भाटिया ने अपनी नाबाद पारी में 26 गेंदों पर दो चौके जड़े। ब्रेट ली ने छह गेंदों पर दो छक्के लगाए। डेयरडेविल्स की तरफ से उमेश ने दो विकेट चटकाए और इरफान पठान, आशीष नेहरा, मोर्केल तथा नदीम को एक-एक विकेट मिला। पांचवे क्रम पर बल्लेबाजी करने आए इयोन मोर्गन (10) ने आते ही दो चौके जड़े, लेकिन ज्यादा देर वह भी नहीं टिक सके। नौ गेंदे खेलने के बाद मोर्गन, यादव को कैच थमाकर चलते बने। इस आईपीएल में गेंद और बल्ले से नाइट राइडर्स को महत्वपूर्ण योगदान देने वाले कालिस भी नौवें ओवर की तीसरी गेंद पर इरफान पठान का शिकार हुए। छठे विकेट के लिए देवब्रत दास (18) तथा भाटिया के बीच 34 रनों की साझेदारी हुई। 84 के कुल योग पर दास नेहरा की गेंद पर विकेट के पीछे लपके गए।टिप्पणियां अंतिम ओवरों में तेजी से रन बटोरने के चक्कर में नरवाल उन्मुक्त चंद के हाथों लपके गए। नरवाल ने 15 गेंदों पर चार चौके लगाए जबकि भाटिया ने अपनी नाबाद पारी में 26 गेंदों पर दो चौके जड़े। ब्रेट ली ने छह गेंदों पर दो छक्के लगाए। डेयरडेविल्स की तरफ से उमेश ने दो विकेट चटकाए और इरफान पठान, आशीष नेहरा, मोर्केल तथा नदीम को एक-एक विकेट मिला। इस आईपीएल में गेंद और बल्ले से नाइट राइडर्स को महत्वपूर्ण योगदान देने वाले कालिस भी नौवें ओवर की तीसरी गेंद पर इरफान पठान का शिकार हुए। छठे विकेट के लिए देवब्रत दास (18) तथा भाटिया के बीच 34 रनों की साझेदारी हुई। 84 के कुल योग पर दास नेहरा की गेंद पर विकेट के पीछे लपके गए।टिप्पणियां अंतिम ओवरों में तेजी से रन बटोरने के चक्कर में नरवाल उन्मुक्त चंद के हाथों लपके गए। नरवाल ने 15 गेंदों पर चार चौके लगाए जबकि भाटिया ने अपनी नाबाद पारी में 26 गेंदों पर दो चौके जड़े। ब्रेट ली ने छह गेंदों पर दो छक्के लगाए। डेयरडेविल्स की तरफ से उमेश ने दो विकेट चटकाए और इरफान पठान, आशीष नेहरा, मोर्केल तथा नदीम को एक-एक विकेट मिला। छठे विकेट के लिए देवब्रत दास (18) तथा भाटिया के बीच 34 रनों की साझेदारी हुई। 84 के कुल योग पर दास नेहरा की गेंद पर विकेट के पीछे लपके गए।टिप्पणियां अंतिम ओवरों में तेजी से रन बटोरने के चक्कर में नरवाल उन्मुक्त चंद के हाथों लपके गए। नरवाल ने 15 गेंदों पर चार चौके लगाए जबकि भाटिया ने अपनी नाबाद पारी में 26 गेंदों पर दो चौके जड़े। ब्रेट ली ने छह गेंदों पर दो छक्के लगाए। डेयरडेविल्स की तरफ से उमेश ने दो विकेट चटकाए और इरफान पठान, आशीष नेहरा, मोर्केल तथा नदीम को एक-एक विकेट मिला। अंतिम ओवरों में तेजी से रन बटोरने के चक्कर में नरवाल उन्मुक्त चंद के हाथों लपके गए। नरवाल ने 15 गेंदों पर चार चौके लगाए जबकि भाटिया ने अपनी नाबाद पारी में 26 गेंदों पर दो चौके जड़े। ब्रेट ली ने छह गेंदों पर दो छक्के लगाए। डेयरडेविल्स की तरफ से उमेश ने दो विकेट चटकाए और इरफान पठान, आशीष नेहरा, मोर्केल तथा नदीम को एक-एक विकेट मिला। डेयरडेविल्स की तरफ से उमेश ने दो विकेट चटकाए और इरफान पठान, आशीष नेहरा, मोर्केल तथा नदीम को एक-एक विकेट मिला।
यहाँ एक सारांश है:मौजूदा चैम्पियन नाइट राइडर्स द्वारा दिए गए 137 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए डेयरडेविल्स ने मैन ऑफ द मैच वार्नर और उन्मुक्त चंद (37) की शानदार बल्लेबाजी की बदौलत 17.5 ओवरों में तीन विकेट के नुकसान पर जीत हासिल कर ली।
17
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: रेप पीड़िता के चाचा द्वारा की तरफ से दर्ज कराई गई एफआईआर में रेप के आरोपी बीजेपी विधायक कुलदीप सेंगर को हादसे के लिए जिम्मेदार ठहराया गया था. एफआईआर में दर्ज आरोपियों के नामों के करीब से जांच करने पर पता चला है कि एक और बीजेपी नेता दुर्घटना में आरोपी है. पीड़िता के चाचा की तरफ से दर्ज कराए गए एफआईआर में 'आरोपी नंबर-7' अरुण सिंह है जो बीजेपी कार्यकर्ता है और उन्नाव में एक ब्लॉक का अध्यक्ष है. अरुण सिंह आरोपी बीजेपी विधायक कुलदीप सेंगर का भी करीबी है. 2019 लोकसभा चुनाव के प्रचार के दौरान अरुण सिंह को बीजेपी प्रमुख अमित शाह और उन्नाव से बीजेपी सांसद साक्षी महाराज जैसे शीर्ष नेताओं के साथ फोटो और वीडियो में देखा जा सकता है. अरुण सिंह यूपी के मंत्री रणवेंद्र प्रताप सिंह उर्फ 'धुन्नी भैया' के दामाद हैं. रणवेंद्र प्रताप सिंह यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार में कृषि राज्य मंत्री और कृषि शिक्षा एवं शोध मंत्री हैं. रणवेंद्र सिंह फतेहपुर जिले की एक सीट से बीजेपी विधायक हैं. बता दें कि यह वही जगह है जहां के ट्रक मालिक और ड्राइवर हैं. अब तक हालांकि सिंह के दोनों में से किसी से जोड़ने का कोई सबूत नहीं है. सीबीआई की एफआईआर में भी इस बात की जिक्र है कि अरुण सिंह और कुछ और लोग रेप पीड़ित परिवार को धमका रहे थे कि वह केस वापस ले ले.  उधर, रणवेंद्र सिंह ने कहा, 'सीबीआई मामले की जांच कर रही है. जांच में सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा. वह मेरे रिश्तेदार हैं इसमें कोई शक नहीं है, लेकिन यह कोई अपराध नहीं है. पीड़िता का आरोप है कि कुलदीप सिंह सेंगर और उसके सहायकों ने वर्ष 2017 में उसके साथ रेप किया था, जब वह उनके पास नौकरी मांगने गई थी. उसने अपने आरोप अप्रैल, 2018 में सार्वजनिक किए थे, जब उसने धमकी दी कि अगर पुलिस ने उसका केस दर्ज नहीं किया, तो वह लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आवास के बाहर आत्महत्या कर लेगी.
यहाँ एक सारांश है:उन्नाव मामले में अब नया मोड़ सामने आया एफआईआर में बीजेपी के एक और नेता का नाम अरुण सिंह BJP कार्यकर्ता, यूपी के मंत्री का दामाद है
12
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पूर्वोत्तर के चार राज्यों- मिजोरम, मणिपुर, नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश के निवासी पासपोर्ट या वीजा के बगैर म्यांमार की सीमा में 16 किलोमीटर अंदर तक जा सकते हैं। म्यांमार ने इसकी मंजूरी दे दी है। इन राज्यों के संदर्भ में म्यांमार के नागरिकों को पहले से ही यह अधिकार प्राप्त है। मिजोरम सरकार के एक अधिकारी ने सोमवार को बताया कि शनिवार को म्यांमार में चिन राज्य के फलाम में हुई उपायुक्त स्तर की बैठक में इस पर विस्तृत चर्चा की गई और इस बारे में निर्णय लिया गया। भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व मिजोरम के चम्फाई जिले के उपायुक्त विजय कुमार बिधुरी ने किया था। म्यांमार के नागरिकों को पसपोर्ट या वीजा के बगैर मिजोरम, मणिपुर, नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश में 16 किलोमीटर तक प्रवेश की सुविधा देने की घोषणा इस साल की शुरुआत में की गई थी। दोनों देशों के लोग सीमा के पार अधिकतम एक सप्ताह तक रुक सकते हैं।
सारांश: मिजोरम, मणिपुर, नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश के निवासी पासपोर्ट या वीजा के बगैर म्यांमार की सीमा में 16 किलोमीटर अंदर तक जा सकते हैं।
20
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने शुक्रवार को कहा कि सरकार अर्थव्यवस्था में तेजी लाने के लिए कोई भी कोर-कसर बाकी नहीं छोड़ेगी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मौजूदा कारोबारी साल में देश की विकास दर अनुमानित 6.5 फीसदी से कम रह सकती है। प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा, "हमारे राजनीतिक आलोचक एक साल के अनुभव की बात करते हैं। यह तस्वीर टेलीविजन के लिए अच्छी हो सकती है, लेकिन यह काफी गलत रूप में पेश की गई तस्वीर है।" उन्होंने कहा, "(हमारी गठबंधन सरकार के पास) जो रिकार्ड हैं, उस पर कोई भी सरकार गर्व कर सकती है।" यहां औद्योगिक संस्था, एसोचैम की 92वीं वार्षिक आम बैठक को सम्बोधित करते हुए मनमोहन सिंह ने कहा, "जब सबकुछ अच्छा चल रहा हो, तो सरकार को कम से कम हस्तक्षेप करने चाहिए। अगर स्थितियां ठीक नहीं चलती हैं, जैसा कि अभी लग रहा है, तो यह सरकार की जिम्मेदारी है कि वह आगे बढ़कर इस दिशा में कदम उठाए।" उन्होंने कहा, "हम हर संभव कोशिश करेंगे कि आर्थिक तेजी की वापसी हो। मैं आपमें से हर एक से अपील करता हूं कि नकारात्मक संवेदना से प्रभावित न हों।" पिछले कारोबारी साल में देश की आर्थिक विकास दर पांच फीसदी रही, जो एक दशक का निचला स्तर है। उन्होंने कहा, "मैं ऐसा कोई अनुमान पेश नहीं करूंगा कि 2013-14 में विकास दर क्या रहेगी। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने हाल में 2013 के लिए सभी देशों के विकास के पहले जारी अनुमान को घटा दिया है, इन देशों में भारत भी शामिल है। हमने बजट पेश करते समय 6.5 फीसदी विकास दर का लक्ष्य रखा था। लेकिन ऐसा लगता है कि यह उससे कम रहेगी।"टिप्पणियां प्रधानमंत्री ने कहा कि आर्थिक तेजी वापस लाने के लिए अधोसंरचना खड़ी करने तथा निवेश लाने के लिए सरकार सभी तरह के कदम उठा रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि समुचित बारिश के कारण कृषि क्षेत्र का बेहतर प्रदर्शन रहेगा और गांवों में मांग बढ़ेगी, जिससे उद्योग का प्रदर्शन सुधरेगा। उन्होंने कहा, "औद्योगिक तेजी नहीं लौटी है। फिर मैं खुशी के साथ यह कहना चाहता हूं कि कृषि बेहतर प्रदर्शन करने के लिए तैयार दिख रहा है।" उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि हमें आशावादी रहना चाहिए और हम रह सकते हैं। हमारी अर्थव्यवस्था की बुनियाद मजबूत है। हम व्यापक आर्थिक मोर्चे पर संतुलन स्थापित करने के लिए सभी तरह के कदम उठा रहे हैं।" सरकार के प्रदर्शन को प्रमुखता से पेश करते हुए सिंह ने कहा कि आठ सालों (2004-05 से 2012-13) में औसत विकास दर 8.2 फीसदी रही। यह दर इससे पहले के आठ सालों में हासिल 5.7 फीसदी से काफी अच्छी है। उन्होंने कहा कि 11वीं योजना में वास्तविक वेतन में सालाना 6.8 फीसदी प्रगति हुई, जबकि इससे पहले के 10 सालों में यह दर 1.1 फीसदी रही। उन्होंने कहा कि 2004-05 से 2011-12 के बीच गरीबी रेखा से नीचे की आबादी दो फीसदी की दर से घटी, जबकि 2004-05 से पहले यह दर 0.75 फीसद थी। उन्होंने कहा, "मेरे खयाल से यह एक रिकार्ड है, जिस पर किसी भी सरकार को गर्व हो सकता है।" प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा, "हमारे राजनीतिक आलोचक एक साल के अनुभव की बात करते हैं। यह तस्वीर टेलीविजन के लिए अच्छी हो सकती है, लेकिन यह काफी गलत रूप में पेश की गई तस्वीर है।" उन्होंने कहा, "(हमारी गठबंधन सरकार के पास) जो रिकार्ड हैं, उस पर कोई भी सरकार गर्व कर सकती है।" यहां औद्योगिक संस्था, एसोचैम की 92वीं वार्षिक आम बैठक को सम्बोधित करते हुए मनमोहन सिंह ने कहा, "जब सबकुछ अच्छा चल रहा हो, तो सरकार को कम से कम हस्तक्षेप करने चाहिए। अगर स्थितियां ठीक नहीं चलती हैं, जैसा कि अभी लग रहा है, तो यह सरकार की जिम्मेदारी है कि वह आगे बढ़कर इस दिशा में कदम उठाए।" उन्होंने कहा, "हम हर संभव कोशिश करेंगे कि आर्थिक तेजी की वापसी हो। मैं आपमें से हर एक से अपील करता हूं कि नकारात्मक संवेदना से प्रभावित न हों।" पिछले कारोबारी साल में देश की आर्थिक विकास दर पांच फीसदी रही, जो एक दशक का निचला स्तर है। उन्होंने कहा, "मैं ऐसा कोई अनुमान पेश नहीं करूंगा कि 2013-14 में विकास दर क्या रहेगी। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने हाल में 2013 के लिए सभी देशों के विकास के पहले जारी अनुमान को घटा दिया है, इन देशों में भारत भी शामिल है। हमने बजट पेश करते समय 6.5 फीसदी विकास दर का लक्ष्य रखा था। लेकिन ऐसा लगता है कि यह उससे कम रहेगी।"टिप्पणियां प्रधानमंत्री ने कहा कि आर्थिक तेजी वापस लाने के लिए अधोसंरचना खड़ी करने तथा निवेश लाने के लिए सरकार सभी तरह के कदम उठा रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि समुचित बारिश के कारण कृषि क्षेत्र का बेहतर प्रदर्शन रहेगा और गांवों में मांग बढ़ेगी, जिससे उद्योग का प्रदर्शन सुधरेगा। उन्होंने कहा, "औद्योगिक तेजी नहीं लौटी है। फिर मैं खुशी के साथ यह कहना चाहता हूं कि कृषि बेहतर प्रदर्शन करने के लिए तैयार दिख रहा है।" उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि हमें आशावादी रहना चाहिए और हम रह सकते हैं। हमारी अर्थव्यवस्था की बुनियाद मजबूत है। हम व्यापक आर्थिक मोर्चे पर संतुलन स्थापित करने के लिए सभी तरह के कदम उठा रहे हैं।" सरकार के प्रदर्शन को प्रमुखता से पेश करते हुए सिंह ने कहा कि आठ सालों (2004-05 से 2012-13) में औसत विकास दर 8.2 फीसदी रही। यह दर इससे पहले के आठ सालों में हासिल 5.7 फीसदी से काफी अच्छी है। उन्होंने कहा कि 11वीं योजना में वास्तविक वेतन में सालाना 6.8 फीसदी प्रगति हुई, जबकि इससे पहले के 10 सालों में यह दर 1.1 फीसदी रही। उन्होंने कहा कि 2004-05 से 2011-12 के बीच गरीबी रेखा से नीचे की आबादी दो फीसदी की दर से घटी, जबकि 2004-05 से पहले यह दर 0.75 फीसद थी। उन्होंने कहा, "मेरे खयाल से यह एक रिकार्ड है, जिस पर किसी भी सरकार को गर्व हो सकता है।" यहां औद्योगिक संस्था, एसोचैम की 92वीं वार्षिक आम बैठक को सम्बोधित करते हुए मनमोहन सिंह ने कहा, "जब सबकुछ अच्छा चल रहा हो, तो सरकार को कम से कम हस्तक्षेप करने चाहिए। अगर स्थितियां ठीक नहीं चलती हैं, जैसा कि अभी लग रहा है, तो यह सरकार की जिम्मेदारी है कि वह आगे बढ़कर इस दिशा में कदम उठाए।" उन्होंने कहा, "हम हर संभव कोशिश करेंगे कि आर्थिक तेजी की वापसी हो। मैं आपमें से हर एक से अपील करता हूं कि नकारात्मक संवेदना से प्रभावित न हों।" पिछले कारोबारी साल में देश की आर्थिक विकास दर पांच फीसदी रही, जो एक दशक का निचला स्तर है। उन्होंने कहा, "मैं ऐसा कोई अनुमान पेश नहीं करूंगा कि 2013-14 में विकास दर क्या रहेगी। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने हाल में 2013 के लिए सभी देशों के विकास के पहले जारी अनुमान को घटा दिया है, इन देशों में भारत भी शामिल है। हमने बजट पेश करते समय 6.5 फीसदी विकास दर का लक्ष्य रखा था। लेकिन ऐसा लगता है कि यह उससे कम रहेगी।"टिप्पणियां प्रधानमंत्री ने कहा कि आर्थिक तेजी वापस लाने के लिए अधोसंरचना खड़ी करने तथा निवेश लाने के लिए सरकार सभी तरह के कदम उठा रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि समुचित बारिश के कारण कृषि क्षेत्र का बेहतर प्रदर्शन रहेगा और गांवों में मांग बढ़ेगी, जिससे उद्योग का प्रदर्शन सुधरेगा। उन्होंने कहा, "औद्योगिक तेजी नहीं लौटी है। फिर मैं खुशी के साथ यह कहना चाहता हूं कि कृषि बेहतर प्रदर्शन करने के लिए तैयार दिख रहा है।" उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि हमें आशावादी रहना चाहिए और हम रह सकते हैं। हमारी अर्थव्यवस्था की बुनियाद मजबूत है। हम व्यापक आर्थिक मोर्चे पर संतुलन स्थापित करने के लिए सभी तरह के कदम उठा रहे हैं।" सरकार के प्रदर्शन को प्रमुखता से पेश करते हुए सिंह ने कहा कि आठ सालों (2004-05 से 2012-13) में औसत विकास दर 8.2 फीसदी रही। यह दर इससे पहले के आठ सालों में हासिल 5.7 फीसदी से काफी अच्छी है। उन्होंने कहा कि 11वीं योजना में वास्तविक वेतन में सालाना 6.8 फीसदी प्रगति हुई, जबकि इससे पहले के 10 सालों में यह दर 1.1 फीसदी रही। उन्होंने कहा कि 2004-05 से 2011-12 के बीच गरीबी रेखा से नीचे की आबादी दो फीसदी की दर से घटी, जबकि 2004-05 से पहले यह दर 0.75 फीसद थी। उन्होंने कहा, "मेरे खयाल से यह एक रिकार्ड है, जिस पर किसी भी सरकार को गर्व हो सकता है।" अगर स्थितियां ठीक नहीं चलती हैं, जैसा कि अभी लग रहा है, तो यह सरकार की जिम्मेदारी है कि वह आगे बढ़कर इस दिशा में कदम उठाए।" उन्होंने कहा, "हम हर संभव कोशिश करेंगे कि आर्थिक तेजी की वापसी हो। मैं आपमें से हर एक से अपील करता हूं कि नकारात्मक संवेदना से प्रभावित न हों।" पिछले कारोबारी साल में देश की आर्थिक विकास दर पांच फीसदी रही, जो एक दशक का निचला स्तर है। उन्होंने कहा, "मैं ऐसा कोई अनुमान पेश नहीं करूंगा कि 2013-14 में विकास दर क्या रहेगी। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने हाल में 2013 के लिए सभी देशों के विकास के पहले जारी अनुमान को घटा दिया है, इन देशों में भारत भी शामिल है। हमने बजट पेश करते समय 6.5 फीसदी विकास दर का लक्ष्य रखा था। लेकिन ऐसा लगता है कि यह उससे कम रहेगी।"टिप्पणियां प्रधानमंत्री ने कहा कि आर्थिक तेजी वापस लाने के लिए अधोसंरचना खड़ी करने तथा निवेश लाने के लिए सरकार सभी तरह के कदम उठा रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि समुचित बारिश के कारण कृषि क्षेत्र का बेहतर प्रदर्शन रहेगा और गांवों में मांग बढ़ेगी, जिससे उद्योग का प्रदर्शन सुधरेगा। उन्होंने कहा, "औद्योगिक तेजी नहीं लौटी है। फिर मैं खुशी के साथ यह कहना चाहता हूं कि कृषि बेहतर प्रदर्शन करने के लिए तैयार दिख रहा है।" उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि हमें आशावादी रहना चाहिए और हम रह सकते हैं। हमारी अर्थव्यवस्था की बुनियाद मजबूत है। हम व्यापक आर्थिक मोर्चे पर संतुलन स्थापित करने के लिए सभी तरह के कदम उठा रहे हैं।" सरकार के प्रदर्शन को प्रमुखता से पेश करते हुए सिंह ने कहा कि आठ सालों (2004-05 से 2012-13) में औसत विकास दर 8.2 फीसदी रही। यह दर इससे पहले के आठ सालों में हासिल 5.7 फीसदी से काफी अच्छी है। उन्होंने कहा कि 11वीं योजना में वास्तविक वेतन में सालाना 6.8 फीसदी प्रगति हुई, जबकि इससे पहले के 10 सालों में यह दर 1.1 फीसदी रही। उन्होंने कहा कि 2004-05 से 2011-12 के बीच गरीबी रेखा से नीचे की आबादी दो फीसदी की दर से घटी, जबकि 2004-05 से पहले यह दर 0.75 फीसद थी। उन्होंने कहा, "मेरे खयाल से यह एक रिकार्ड है, जिस पर किसी भी सरकार को गर्व हो सकता है।" पिछले कारोबारी साल में देश की आर्थिक विकास दर पांच फीसदी रही, जो एक दशक का निचला स्तर है। उन्होंने कहा, "मैं ऐसा कोई अनुमान पेश नहीं करूंगा कि 2013-14 में विकास दर क्या रहेगी। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने हाल में 2013 के लिए सभी देशों के विकास के पहले जारी अनुमान को घटा दिया है, इन देशों में भारत भी शामिल है। हमने बजट पेश करते समय 6.5 फीसदी विकास दर का लक्ष्य रखा था। लेकिन ऐसा लगता है कि यह उससे कम रहेगी।"टिप्पणियां प्रधानमंत्री ने कहा कि आर्थिक तेजी वापस लाने के लिए अधोसंरचना खड़ी करने तथा निवेश लाने के लिए सरकार सभी तरह के कदम उठा रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि समुचित बारिश के कारण कृषि क्षेत्र का बेहतर प्रदर्शन रहेगा और गांवों में मांग बढ़ेगी, जिससे उद्योग का प्रदर्शन सुधरेगा। उन्होंने कहा, "औद्योगिक तेजी नहीं लौटी है। फिर मैं खुशी के साथ यह कहना चाहता हूं कि कृषि बेहतर प्रदर्शन करने के लिए तैयार दिख रहा है।" उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि हमें आशावादी रहना चाहिए और हम रह सकते हैं। हमारी अर्थव्यवस्था की बुनियाद मजबूत है। हम व्यापक आर्थिक मोर्चे पर संतुलन स्थापित करने के लिए सभी तरह के कदम उठा रहे हैं।" सरकार के प्रदर्शन को प्रमुखता से पेश करते हुए सिंह ने कहा कि आठ सालों (2004-05 से 2012-13) में औसत विकास दर 8.2 फीसदी रही। यह दर इससे पहले के आठ सालों में हासिल 5.7 फीसदी से काफी अच्छी है। उन्होंने कहा कि 11वीं योजना में वास्तविक वेतन में सालाना 6.8 फीसदी प्रगति हुई, जबकि इससे पहले के 10 सालों में यह दर 1.1 फीसदी रही। उन्होंने कहा कि 2004-05 से 2011-12 के बीच गरीबी रेखा से नीचे की आबादी दो फीसदी की दर से घटी, जबकि 2004-05 से पहले यह दर 0.75 फीसद थी। उन्होंने कहा, "मेरे खयाल से यह एक रिकार्ड है, जिस पर किसी भी सरकार को गर्व हो सकता है।" प्रधानमंत्री ने कहा कि आर्थिक तेजी वापस लाने के लिए अधोसंरचना खड़ी करने तथा निवेश लाने के लिए सरकार सभी तरह के कदम उठा रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि समुचित बारिश के कारण कृषि क्षेत्र का बेहतर प्रदर्शन रहेगा और गांवों में मांग बढ़ेगी, जिससे उद्योग का प्रदर्शन सुधरेगा। उन्होंने कहा, "औद्योगिक तेजी नहीं लौटी है। फिर मैं खुशी के साथ यह कहना चाहता हूं कि कृषि बेहतर प्रदर्शन करने के लिए तैयार दिख रहा है।" उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि हमें आशावादी रहना चाहिए और हम रह सकते हैं। हमारी अर्थव्यवस्था की बुनियाद मजबूत है। हम व्यापक आर्थिक मोर्चे पर संतुलन स्थापित करने के लिए सभी तरह के कदम उठा रहे हैं।" सरकार के प्रदर्शन को प्रमुखता से पेश करते हुए सिंह ने कहा कि आठ सालों (2004-05 से 2012-13) में औसत विकास दर 8.2 फीसदी रही। यह दर इससे पहले के आठ सालों में हासिल 5.7 फीसदी से काफी अच्छी है। उन्होंने कहा कि 11वीं योजना में वास्तविक वेतन में सालाना 6.8 फीसदी प्रगति हुई, जबकि इससे पहले के 10 सालों में यह दर 1.1 फीसदी रही। उन्होंने कहा कि 2004-05 से 2011-12 के बीच गरीबी रेखा से नीचे की आबादी दो फीसदी की दर से घटी, जबकि 2004-05 से पहले यह दर 0.75 फीसद थी। उन्होंने कहा, "मेरे खयाल से यह एक रिकार्ड है, जिस पर किसी भी सरकार को गर्व हो सकता है।" सरकार के प्रदर्शन को प्रमुखता से पेश करते हुए सिंह ने कहा कि आठ सालों (2004-05 से 2012-13) में औसत विकास दर 8.2 फीसदी रही। यह दर इससे पहले के आठ सालों में हासिल 5.7 फीसदी से काफी अच्छी है। उन्होंने कहा कि 11वीं योजना में वास्तविक वेतन में सालाना 6.8 फीसदी प्रगति हुई, जबकि इससे पहले के 10 सालों में यह दर 1.1 फीसदी रही। उन्होंने कहा कि 2004-05 से 2011-12 के बीच गरीबी रेखा से नीचे की आबादी दो फीसदी की दर से घटी, जबकि 2004-05 से पहले यह दर 0.75 फीसद थी। उन्होंने कहा, "मेरे खयाल से यह एक रिकार्ड है, जिस पर किसी भी सरकार को गर्व हो सकता है।"
संक्षिप्त पाठ: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने शुक्रवार को कहा कि सरकार अर्थव्यवस्था में तेजी लाने के लिए कोई भी कोर-कसर बाकी नहीं छोड़ेगी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मौजूदा कारोबारी साल में देश की विकास दर अनुमानित 6.5 फीसदी से कम रह सकती है।
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: त्रिकोणीय एक दिवसीय श्रृंखला के अंतर्गत ब्रिस्बेन क्रिकेट मैदान पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ रविवार को खेले गए मुकाबले में धीमी गति से गेंदबाजी कराने पर भारतीय टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी पर एक मैच का प्रतिबंध लगा है। धोनी श्रीलंका के खिलाफ मंगलवार को खेले जाने वाले मुकाबले में नहीं खेलेंगे। धीमी गति से गेंदबाजी कराने पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के मैच रेफरी एंडी पाईक्राफ्ट ने धोनी के मैच शुल्क पर 40 फीसदी और उनके साथी खिलाड़ियों के शुल्क में 20 प्रतिशत का जुर्माना लगाया।टिप्पणियां धोनी पर धीमी गति से गेंदबाजी कराने का आरोप मैदान के अम्पायर स्टीव डेविस और बिली बाउडेन, तीसरे अम्पायर ब्रूस ओक्सेनफोर्ड और चौथे अम्पायर पॉल रीफेल ने लगाए। अम्पायर द्वारा लगाए गए आरोपों को सही पाए जाने के बाद धोनी और उनकी टीम पर जुर्माना लगाया गया। ज्ञात हो कि पिछले साल 2 अप्रैल को मुम्बई में खेले गए विश्व कप मुकाबले में श्रीलंका के खिलाफ धीमी गति से गेंदबाजी कराने पर भारतीय टीम पर जुर्माना लगा था। धीमी गति से गेंदबाजी कराने पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के मैच रेफरी एंडी पाईक्राफ्ट ने धोनी के मैच शुल्क पर 40 फीसदी और उनके साथी खिलाड़ियों के शुल्क में 20 प्रतिशत का जुर्माना लगाया।टिप्पणियां धोनी पर धीमी गति से गेंदबाजी कराने का आरोप मैदान के अम्पायर स्टीव डेविस और बिली बाउडेन, तीसरे अम्पायर ब्रूस ओक्सेनफोर्ड और चौथे अम्पायर पॉल रीफेल ने लगाए। अम्पायर द्वारा लगाए गए आरोपों को सही पाए जाने के बाद धोनी और उनकी टीम पर जुर्माना लगाया गया। ज्ञात हो कि पिछले साल 2 अप्रैल को मुम्बई में खेले गए विश्व कप मुकाबले में श्रीलंका के खिलाफ धीमी गति से गेंदबाजी कराने पर भारतीय टीम पर जुर्माना लगा था। धोनी पर धीमी गति से गेंदबाजी कराने का आरोप मैदान के अम्पायर स्टीव डेविस और बिली बाउडेन, तीसरे अम्पायर ब्रूस ओक्सेनफोर्ड और चौथे अम्पायर पॉल रीफेल ने लगाए। अम्पायर द्वारा लगाए गए आरोपों को सही पाए जाने के बाद धोनी और उनकी टीम पर जुर्माना लगाया गया। ज्ञात हो कि पिछले साल 2 अप्रैल को मुम्बई में खेले गए विश्व कप मुकाबले में श्रीलंका के खिलाफ धीमी गति से गेंदबाजी कराने पर भारतीय टीम पर जुर्माना लगा था। ज्ञात हो कि पिछले साल 2 अप्रैल को मुम्बई में खेले गए विश्व कप मुकाबले में श्रीलंका के खिलाफ धीमी गति से गेंदबाजी कराने पर भारतीय टीम पर जुर्माना लगा था।
संक्षिप्त सारांश: त्रिकोणीय एक दिवसीय श्रृंखला के अंतर्गत ब्रिस्बेन क्रिकेट मैदान पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ रविवार को खेले गए मुकाबले में धीमी गति से गेंदबाजी कराने पर भारतीय टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी पर एक मैच का प्रतिबंध लगा है।
23
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: A post shared by Elisabet Elli AvrRam (@elliavrram) on Jan 13, 2019 at 4:26am PST   एली अवराम (Elli Avram) इन दिनों अमेरिका में है और वहां से कई वीडियो-फोटो पोस्ट कर रही हैं. एली अवराम बिग बॉस-7 (Bigg Boss 7) में सलमान खान (Salmanv Khan) का दिल जीत चुकी हैं. इस शो में एली अवराम सलमान खान की फेवरिट रही थीं, और उनका अंदाज काफी पसंद भी किया गया था. एली अवराम 'फ्रॉड सैयां' फिल्म में एक स्पेशल सॉन्ग में नजर आएंगी. एली अवराम 'छैयां छैयां' सॉन्ग पर गजब का डांस कर रही हैं. 'फ्रॉड सैयां' में अरशद वारसी लीड रोल में हैं और एली अवराम के डांस को काफी पसंद किया जा रहा है.     28 वर्षीया एली अवराम (Elli Avram) का जन्म स्वीडन के स्टॉकहोम में हुआ है. एली अवराम अब मुंबई में रहती हैं और बॉलीवुड में समय-समय पर नजर आती रहती हैं. बिग बॉस एली अवराम का बड़ा ब्रेक माना जाता है. हालांकि वे कपिल शर्मा के साथ 'किस किस को प्यार करूं' फिल्म में नजर आ चुकी हैं. एली अवराम की पहली बॉलीवुड फिल्म मनीष पॉल के साथ 'मिकी वायरस' थी. एली अवराम इसके अलावा भी कई फिल्मों में नजर आ चुकी हैं.
यहाँ एक सारांश है:एली अवराम का अमेरिका में दिखा नया अंदाज एली अवराम ने अमेरिका की सड़कों पर की स्कैटिंग उनके इस वीडियो को खूब देखा जा रहा है
17
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: दुबई की मेट्रो ट्रेन में 67 साल के एक भारतीय को सिर्फ इसलिए यात्रा करने से रोक दिया गया कि उसने धोती पहन रखी थी। पीड़ित व्यक्ति की बेटी मधुमती के अनुसार बीते रविवार को एतिसलात मेट्रो स्टेशन के पंचिंग गेट के निकट एक पुलिसकर्मी ने उन्हें रोका और कहा कि उनके पिता ने जो पहनावा पहन रखा है, उसकी यहां इजाजत नहीं है तथा वह यह पहनकर मेट्रो में नहीं जा सकते हैं। समाचार पत्र ‘गल्फ न्यूज’ के अनुसार मधुमती ने कहा, ‘‘मैंने पुलिसकर्मी से आग्रह किया कि हमें अंदर जाने दिया जाए, लेकिन उसने हमें अनसुना कर दिया। वाकई में यह शर्मिंदा करने वाली बात है और मेरे पिता बहुत परेशान थे।’’ उन्होंने कहा कि उन्होंने पुलिसकर्मी को यह समझाने का पूरा प्रयास किया कि धोती एक पारंपरिक भारतीय लिबास है, जो शरीर को पूरी तरह ढकती है।टिप्पणियां मधुमती ने कहा कि उनके पिता यहां कई बार धोती पहनकर मेट्रो में घूम चुके हैं, लेकिन किसी ने नहीं रोका था। सड़क एवं परिवहन प्राधिकरण (आरटीए) के अनुसार यात्रा को लेकर कोई ड्रेस कोड तय नहीं है। मधुमती ने इस मामले में औपचारिक रूप से शिकायत दर्ज करा दी है। पीड़ित व्यक्ति की बेटी मधुमती के अनुसार बीते रविवार को एतिसलात मेट्रो स्टेशन के पंचिंग गेट के निकट एक पुलिसकर्मी ने उन्हें रोका और कहा कि उनके पिता ने जो पहनावा पहन रखा है, उसकी यहां इजाजत नहीं है तथा वह यह पहनकर मेट्रो में नहीं जा सकते हैं। समाचार पत्र ‘गल्फ न्यूज’ के अनुसार मधुमती ने कहा, ‘‘मैंने पुलिसकर्मी से आग्रह किया कि हमें अंदर जाने दिया जाए, लेकिन उसने हमें अनसुना कर दिया। वाकई में यह शर्मिंदा करने वाली बात है और मेरे पिता बहुत परेशान थे।’’ उन्होंने कहा कि उन्होंने पुलिसकर्मी को यह समझाने का पूरा प्रयास किया कि धोती एक पारंपरिक भारतीय लिबास है, जो शरीर को पूरी तरह ढकती है।टिप्पणियां मधुमती ने कहा कि उनके पिता यहां कई बार धोती पहनकर मेट्रो में घूम चुके हैं, लेकिन किसी ने नहीं रोका था। सड़क एवं परिवहन प्राधिकरण (आरटीए) के अनुसार यात्रा को लेकर कोई ड्रेस कोड तय नहीं है। मधुमती ने इस मामले में औपचारिक रूप से शिकायत दर्ज करा दी है। समाचार पत्र ‘गल्फ न्यूज’ के अनुसार मधुमती ने कहा, ‘‘मैंने पुलिसकर्मी से आग्रह किया कि हमें अंदर जाने दिया जाए, लेकिन उसने हमें अनसुना कर दिया। वाकई में यह शर्मिंदा करने वाली बात है और मेरे पिता बहुत परेशान थे।’’ उन्होंने कहा कि उन्होंने पुलिसकर्मी को यह समझाने का पूरा प्रयास किया कि धोती एक पारंपरिक भारतीय लिबास है, जो शरीर को पूरी तरह ढकती है।टिप्पणियां मधुमती ने कहा कि उनके पिता यहां कई बार धोती पहनकर मेट्रो में घूम चुके हैं, लेकिन किसी ने नहीं रोका था। सड़क एवं परिवहन प्राधिकरण (आरटीए) के अनुसार यात्रा को लेकर कोई ड्रेस कोड तय नहीं है। मधुमती ने इस मामले में औपचारिक रूप से शिकायत दर्ज करा दी है। उन्होंने कहा कि उन्होंने पुलिसकर्मी को यह समझाने का पूरा प्रयास किया कि धोती एक पारंपरिक भारतीय लिबास है, जो शरीर को पूरी तरह ढकती है।टिप्पणियां मधुमती ने कहा कि उनके पिता यहां कई बार धोती पहनकर मेट्रो में घूम चुके हैं, लेकिन किसी ने नहीं रोका था। सड़क एवं परिवहन प्राधिकरण (आरटीए) के अनुसार यात्रा को लेकर कोई ड्रेस कोड तय नहीं है। मधुमती ने इस मामले में औपचारिक रूप से शिकायत दर्ज करा दी है। मधुमती ने कहा कि उनके पिता यहां कई बार धोती पहनकर मेट्रो में घूम चुके हैं, लेकिन किसी ने नहीं रोका था। सड़क एवं परिवहन प्राधिकरण (आरटीए) के अनुसार यात्रा को लेकर कोई ड्रेस कोड तय नहीं है। मधुमती ने इस मामले में औपचारिक रूप से शिकायत दर्ज करा दी है। सड़क एवं परिवहन प्राधिकरण (आरटीए) के अनुसार यात्रा को लेकर कोई ड्रेस कोड तय नहीं है। मधुमती ने इस मामले में औपचारिक रूप से शिकायत दर्ज करा दी है।
सारांश: पीड़ित व्यक्ति की बेटी मधुमती के अनुसार बीते रविवार को एतिसलात मेट्रो स्टेशन के पंचिंग गेट के निकट एक पुलिसकर्मी ने उन्हें रोका और कहा कि उनके पिता ने जो पहनावा पहन रखा है, उसकी यहां इजाजत नहीं है तथा वह यह पहनकर मेट्रो में नहीं जा सकते हैं।
7
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: टीएमसी ने अपना समर्थन वापस ले लिया है। इससे सरकार को कोई ख़तरा नहीं है। लेकिन क्या है सरकार का अंकगणित, आइए जानते हैं... - कांग्रेस के पास 205 सांसद - डीएमके के 18 सांसद - एनसीपी के 9 सांसद - राष्ट्रीय लोकदल के 5 सांसद - नेशनल कॉन्फ्रेंस के 3 सांसद - अन्य 21 सांसद   यानी कुल 261 सांसद होते हैं इसके अलावा सरकार को बाहर से समर्थन देने वालों दलों में - सपा के 22 सांसद - बीएसपी के 21 सांसद और - जेडीएस के 3 सांसद यानी कुल 46 सदस्य इन्हें जोड़ दें तो यूपीए के समर्थन में कुल 261+46 यानी 307 सांसद हो जाते हैं। फिलहाल टीएमसी के 19 सांसदों के हटने के बावजूद सरकार की सेहत पर कोई असर पड़ता नहीं दिख रहा। लेकिन, अगर सपा भी अपने 22 सांसदों के साथ अलग हो जाए तो सरकार के हक़ में 307−22 यानी 285 सांसद रहेंगे। यानी सरकार की निर्भरता मायावती पर काफी बढ़ जाएगी। टिप्पणियां लेकिन, अगर बीएसपी साथ है और डीएमके अपने 18 सांसदों का समर्थन यूपीए से वापस ले लेता है तो 285 में से 18 घटाने पर सरकार को 267 सांसदों का ही समर्थन रह जाएगा और सरकार अल्पमत में आ जाएगी। अब रही बात बीएसपी की तो अगर मायावती भी अपने 21 सांसदों के साथ अलग हो जाए तो सरकार के पास 285−21 यानी सिर्फ 264 सांसदों का समर्थन रह जाएगा। यानी सरकार सीधे अल्पमत में आ जाएगी। - कांग्रेस के पास 205 सांसद - डीएमके के 18 सांसद - एनसीपी के 9 सांसद - राष्ट्रीय लोकदल के 5 सांसद - नेशनल कॉन्फ्रेंस के 3 सांसद - अन्य 21 सांसद   यानी कुल 261 सांसद होते हैं इसके अलावा सरकार को बाहर से समर्थन देने वालों दलों में - सपा के 22 सांसद - बीएसपी के 21 सांसद और - जेडीएस के 3 सांसद यानी कुल 46 सदस्य इन्हें जोड़ दें तो यूपीए के समर्थन में कुल 261+46 यानी 307 सांसद हो जाते हैं। फिलहाल टीएमसी के 19 सांसदों के हटने के बावजूद सरकार की सेहत पर कोई असर पड़ता नहीं दिख रहा। लेकिन, अगर सपा भी अपने 22 सांसदों के साथ अलग हो जाए तो सरकार के हक़ में 307−22 यानी 285 सांसद रहेंगे। यानी सरकार की निर्भरता मायावती पर काफी बढ़ जाएगी। टिप्पणियां लेकिन, अगर बीएसपी साथ है और डीएमके अपने 18 सांसदों का समर्थन यूपीए से वापस ले लेता है तो 285 में से 18 घटाने पर सरकार को 267 सांसदों का ही समर्थन रह जाएगा और सरकार अल्पमत में आ जाएगी। अब रही बात बीएसपी की तो अगर मायावती भी अपने 21 सांसदों के साथ अलग हो जाए तो सरकार के पास 285−21 यानी सिर्फ 264 सांसदों का समर्थन रह जाएगा। यानी सरकार सीधे अल्पमत में आ जाएगी। इसके अलावा सरकार को बाहर से समर्थन देने वालों दलों में - सपा के 22 सांसद - बीएसपी के 21 सांसद और - जेडीएस के 3 सांसद यानी कुल 46 सदस्य इन्हें जोड़ दें तो यूपीए के समर्थन में कुल 261+46 यानी 307 सांसद हो जाते हैं। फिलहाल टीएमसी के 19 सांसदों के हटने के बावजूद सरकार की सेहत पर कोई असर पड़ता नहीं दिख रहा। लेकिन, अगर सपा भी अपने 22 सांसदों के साथ अलग हो जाए तो सरकार के हक़ में 307−22 यानी 285 सांसद रहेंगे। यानी सरकार की निर्भरता मायावती पर काफी बढ़ जाएगी। टिप्पणियां लेकिन, अगर बीएसपी साथ है और डीएमके अपने 18 सांसदों का समर्थन यूपीए से वापस ले लेता है तो 285 में से 18 घटाने पर सरकार को 267 सांसदों का ही समर्थन रह जाएगा और सरकार अल्पमत में आ जाएगी। अब रही बात बीएसपी की तो अगर मायावती भी अपने 21 सांसदों के साथ अलग हो जाए तो सरकार के पास 285−21 यानी सिर्फ 264 सांसदों का समर्थन रह जाएगा। यानी सरकार सीधे अल्पमत में आ जाएगी। यानी कुल 46 सदस्य इन्हें जोड़ दें तो यूपीए के समर्थन में कुल 261+46 यानी 307 सांसद हो जाते हैं। फिलहाल टीएमसी के 19 सांसदों के हटने के बावजूद सरकार की सेहत पर कोई असर पड़ता नहीं दिख रहा। लेकिन, अगर सपा भी अपने 22 सांसदों के साथ अलग हो जाए तो सरकार के हक़ में 307−22 यानी 285 सांसद रहेंगे। यानी सरकार की निर्भरता मायावती पर काफी बढ़ जाएगी। टिप्पणियां लेकिन, अगर बीएसपी साथ है और डीएमके अपने 18 सांसदों का समर्थन यूपीए से वापस ले लेता है तो 285 में से 18 घटाने पर सरकार को 267 सांसदों का ही समर्थन रह जाएगा और सरकार अल्पमत में आ जाएगी। अब रही बात बीएसपी की तो अगर मायावती भी अपने 21 सांसदों के साथ अलग हो जाए तो सरकार के पास 285−21 यानी सिर्फ 264 सांसदों का समर्थन रह जाएगा। यानी सरकार सीधे अल्पमत में आ जाएगी। इन्हें जोड़ दें तो यूपीए के समर्थन में कुल 261+46 यानी 307 सांसद हो जाते हैं। फिलहाल टीएमसी के 19 सांसदों के हटने के बावजूद सरकार की सेहत पर कोई असर पड़ता नहीं दिख रहा। लेकिन, अगर सपा भी अपने 22 सांसदों के साथ अलग हो जाए तो सरकार के हक़ में 307−22 यानी 285 सांसद रहेंगे। यानी सरकार की निर्भरता मायावती पर काफी बढ़ जाएगी। टिप्पणियां लेकिन, अगर बीएसपी साथ है और डीएमके अपने 18 सांसदों का समर्थन यूपीए से वापस ले लेता है तो 285 में से 18 घटाने पर सरकार को 267 सांसदों का ही समर्थन रह जाएगा और सरकार अल्पमत में आ जाएगी। अब रही बात बीएसपी की तो अगर मायावती भी अपने 21 सांसदों के साथ अलग हो जाए तो सरकार के पास 285−21 यानी सिर्फ 264 सांसदों का समर्थन रह जाएगा। यानी सरकार सीधे अल्पमत में आ जाएगी। फिलहाल टीएमसी के 19 सांसदों के हटने के बावजूद सरकार की सेहत पर कोई असर पड़ता नहीं दिख रहा। लेकिन, अगर सपा भी अपने 22 सांसदों के साथ अलग हो जाए तो सरकार के हक़ में 307−22 यानी 285 सांसद रहेंगे। यानी सरकार की निर्भरता मायावती पर काफी बढ़ जाएगी। टिप्पणियां लेकिन, अगर बीएसपी साथ है और डीएमके अपने 18 सांसदों का समर्थन यूपीए से वापस ले लेता है तो 285 में से 18 घटाने पर सरकार को 267 सांसदों का ही समर्थन रह जाएगा और सरकार अल्पमत में आ जाएगी। अब रही बात बीएसपी की तो अगर मायावती भी अपने 21 सांसदों के साथ अलग हो जाए तो सरकार के पास 285−21 यानी सिर्फ 264 सांसदों का समर्थन रह जाएगा। यानी सरकार सीधे अल्पमत में आ जाएगी। लेकिन, अगर सपा भी अपने 22 सांसदों के साथ अलग हो जाए तो सरकार के हक़ में 307−22 यानी 285 सांसद रहेंगे। यानी सरकार की निर्भरता मायावती पर काफी बढ़ जाएगी। टिप्पणियां लेकिन, अगर बीएसपी साथ है और डीएमके अपने 18 सांसदों का समर्थन यूपीए से वापस ले लेता है तो 285 में से 18 घटाने पर सरकार को 267 सांसदों का ही समर्थन रह जाएगा और सरकार अल्पमत में आ जाएगी। अब रही बात बीएसपी की तो अगर मायावती भी अपने 21 सांसदों के साथ अलग हो जाए तो सरकार के पास 285−21 यानी सिर्फ 264 सांसदों का समर्थन रह जाएगा। यानी सरकार सीधे अल्पमत में आ जाएगी। लेकिन, अगर बीएसपी साथ है और डीएमके अपने 18 सांसदों का समर्थन यूपीए से वापस ले लेता है तो 285 में से 18 घटाने पर सरकार को 267 सांसदों का ही समर्थन रह जाएगा और सरकार अल्पमत में आ जाएगी। अब रही बात बीएसपी की तो अगर मायावती भी अपने 21 सांसदों के साथ अलग हो जाए तो सरकार के पास 285−21 यानी सिर्फ 264 सांसदों का समर्थन रह जाएगा। यानी सरकार सीधे अल्पमत में आ जाएगी। अब रही बात बीएसपी की तो अगर मायावती भी अपने 21 सांसदों के साथ अलग हो जाए तो सरकार के पास 285−21 यानी सिर्फ 264 सांसदों का समर्थन रह जाएगा। यानी सरकार सीधे अल्पमत में आ जाएगी।
संक्षिप्त सारांश: टीएमसी ने अपना समर्थन वापस ले लिया है। इससे सरकार को कोई ख़तरा नहीं है। लेकिन क्या है सरकार का अंकगणित, आइए जानते हैं...
29
['hin']
एक सारांश बनाओ: करीब दो हफ्ते से हिंसा की आग में झुलस रहे और कई दिन से कर्फ्यू झेल रहे मुजफ्फरनगर में हालात थोड़ा सामान्य होता दिख रहा है। स्थिति के नियंत्रण में आने के बाद कर्फ्यू में ढील दी जा रही है। मंगलवार के बाद आज भी सुबह 11 बजे से कर्फ्यू में चार घंटे की ढील की घोषणा की गई है। यहां हुई हिंसा में मरने वालों की तादाद 36 तक पहुंच गई है।टिप्पणियां उधर, लखनऊ में मुजफ्फरनगर दंगों के मुद्दे पर हिन्दू, मुस्लिम, सिख और ईसाई धर्मगुरुओं का एक जलसा हुआ। इसमें सरकार से मांग की गई कि वह सारे धर्मगुरुओं को साथ लाकर यूपी इंटीग्रेशन काउंसिल बनाए, जो पूरे साल जगह−जगह जाकर सद्भाव के लिए जलसे करे और ऐसे किस्से बयान करें, जिनसे लोग एक−दूसरे के मजहब का आदर करना सीखें। यही नहीं अगर कहीं दंगा हो तो ये वहां भी काम करें। इस बीच, आगरा में आज से समाजवादी पार्टी की दो दिन की बैठक शुरू हो रही है। यह बैठक ऐसे वक्त में हो रही है, जब मुजफ्फरनगर में हुई हिंसा के घाव ताजा हैं। मंगलवार के बाद आज भी सुबह 11 बजे से कर्फ्यू में चार घंटे की ढील की घोषणा की गई है। यहां हुई हिंसा में मरने वालों की तादाद 36 तक पहुंच गई है।टिप्पणियां उधर, लखनऊ में मुजफ्फरनगर दंगों के मुद्दे पर हिन्दू, मुस्लिम, सिख और ईसाई धर्मगुरुओं का एक जलसा हुआ। इसमें सरकार से मांग की गई कि वह सारे धर्मगुरुओं को साथ लाकर यूपी इंटीग्रेशन काउंसिल बनाए, जो पूरे साल जगह−जगह जाकर सद्भाव के लिए जलसे करे और ऐसे किस्से बयान करें, जिनसे लोग एक−दूसरे के मजहब का आदर करना सीखें। यही नहीं अगर कहीं दंगा हो तो ये वहां भी काम करें। इस बीच, आगरा में आज से समाजवादी पार्टी की दो दिन की बैठक शुरू हो रही है। यह बैठक ऐसे वक्त में हो रही है, जब मुजफ्फरनगर में हुई हिंसा के घाव ताजा हैं। उधर, लखनऊ में मुजफ्फरनगर दंगों के मुद्दे पर हिन्दू, मुस्लिम, सिख और ईसाई धर्मगुरुओं का एक जलसा हुआ। इसमें सरकार से मांग की गई कि वह सारे धर्मगुरुओं को साथ लाकर यूपी इंटीग्रेशन काउंसिल बनाए, जो पूरे साल जगह−जगह जाकर सद्भाव के लिए जलसे करे और ऐसे किस्से बयान करें, जिनसे लोग एक−दूसरे के मजहब का आदर करना सीखें। यही नहीं अगर कहीं दंगा हो तो ये वहां भी काम करें। इस बीच, आगरा में आज से समाजवादी पार्टी की दो दिन की बैठक शुरू हो रही है। यह बैठक ऐसे वक्त में हो रही है, जब मुजफ्फरनगर में हुई हिंसा के घाव ताजा हैं। इस बीच, आगरा में आज से समाजवादी पार्टी की दो दिन की बैठक शुरू हो रही है। यह बैठक ऐसे वक्त में हो रही है, जब मुजफ्फरनगर में हुई हिंसा के घाव ताजा हैं।
सारांश: मंगलवार के बाद आज भी सुबह 11 बजे से कर्फ्यू में चार घंटे की ढील की घोषणा की गई है। यहां हुई हिंसा में मरने वालों की तादाद 36 तक पहुंच गई है।
5
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: रुइया प्रवर्तित एस्सार स्टील एपीआई मोनोग्राम की अनुमति पाने वाली देश की पहली और दुनिया की छठी कंपनी बन गई है। हाइड्रोकॉर्बन उद्योग में इस्तेमाल होने वाली स्टील प्लेटों पर इसे लगाया जाएगा।  एस्सार स्टील के एक अधिकारी ने कहा कि इससे कंपनी को न केवल 4,000 करोड़ रुपये के घरेलू बाजार में मुख्य हिस्सेदारी हासिल करने में मदद मिलेगी, अपितु वह पश्चिम एशिया, यूरोप और अन्य देशों के अंतरराष्ट्रीय बाजारों की संभावनाओं का दोहन भी कर सकेगी। बंदरगाह आधारित इस्पात संयंत्र वाली एस्सार स्टील दुनिया के किसी भी बाजार में आसानी से प्लेट भेज सकेगी। अमेरिकन पेट्रोलियम इंस्टिट्यूट एपीआई मोनोग्राम का प्रबंधन करता है। तेल एवं गैस उद्योग एपीआई मोनोग्राम वाले उपकरणों और उत्पादों पर निर्भर करता है। एस्सार स्टील हजीरा प्लेट मिल में इस तरह की प्लेट्स का विनिर्माण करेगी। इसमें अधिक चौड़ी पांच मीटर की प्लेट बनाई जाएगी। भारतीय हाइड्रोकॉर्बन उद्योग वर्तमान में अपनी सालाना 2,00,000 टन की मांग की पूर्ति आयात के जरिए करता है।
रुइया प्रवर्तित एस्सार स्टील एपीआई मोनोग्राम की अनुमति पाने वाली देश की पहली और दुनिया की छठी कंपनी बन गई है।
1
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: कांग्रेस (Congress) ने शनिवार को मीडिया में आई खबरों का हवाला देते दावा किया कि देश का कुल कर्ज बढ़कर 88.18 लाख करोड़ रुपये हो गया है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) कह रहे हैं कि 'भारत में सब अच्छा है.' पार्टी प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत (Supriya Shrinate) ने यह आरोप भी लगाया कि सरकार आम जनता को राहत देने की बजाय कारपोरेट जगत को राहत दे रही है. उन्होंने कहा, ''सिर्फ यह बोल देने से सब अच्छा नहीं हो जाता कि भारत में सब अच्छा है.'' सुप्रिया ने कहा, ''इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भारत का कर्ज 88.18 लाख करोड़ रुपये हो गया है. यह इससे पहली की तिमाही के मुकाबले करीब चार फीसदी अधिक है. यह चिंता का विषय है.''  उन्होंने कहा, ''फ्रांस की एक महारानी ने कहा था कि रोटी के बदले केक खाओ. ऐसा लगता है कि यह सरकार भी इसी रास्ते को अपना रही है. उसे जमीनी हकीकत का अंदाजा नहीं है. आम लोगों के पास पैसे नहीं है और कारपोरेट के कर में कमी कर रही है.'' कांग्रेस प्रवक्ता ने दावा किया, ''कारपोरेट इससे अपना बहीखाता ठीक करेंगे और निवेश नहीं करेंगे. सरकार जो कदम उठा रही है उससे कर्ज की दर बढ़ेगी. यह सरकार बहुत लघुकालिक सोच के साथ काम कर रही है.
यह एक सारांश है: कांग्रेस ने पीएम नरेंद्र मोदी पर साधा निशाना कहा, देश का कर्ज लगातार बढ़ा लेकिन पीएम कहते हैं कि सब ठीक है
2
['hin']
एक सारांश बनाओ: मोटरबाइक कंपनी हर्लेडेविडसन ने कम्पनी की 110वीं वर्षगांठ पर पोप फ्रांसिस को दो हर्लेडेविडसन मोटरबाइक उपहार में दी हैं। समाचार एजेंसी एकेआई के अनुसार, रविवार को पोप द्वारा प्रार्थना किए जाने के दौरान सेंट पीटर सक्वोएर में सड़क के दोनों ओर सैंकड़ो मोटरबाइक खड़ी की जाएंगी।टिप्पणियां हर्लेडेविडसन की 110वीं वर्षगांठ के लिए रोम में आयोजित कार्यक्रम के चौथे दिन पोप का आशीर्वाद पाने के लिए 1,000 से 2,000 मोटरसाइकिल सवारों के सेंट पीटर स्क्वोएर में जमा होने की सम्भावना है। रोम में 13 से 16 जून तक आयोजित हर्लेडेविडसन के वर्षगांठ समारोह में लाखों मोटरसाइकिल सवार और हर्लेडेविडसन के प्रशंसकों के एकत्र होने की उम्मीद की जा रही है। समाचार एजेंसी एकेआई के अनुसार, रविवार को पोप द्वारा प्रार्थना किए जाने के दौरान सेंट पीटर सक्वोएर में सड़क के दोनों ओर सैंकड़ो मोटरबाइक खड़ी की जाएंगी।टिप्पणियां हर्लेडेविडसन की 110वीं वर्षगांठ के लिए रोम में आयोजित कार्यक्रम के चौथे दिन पोप का आशीर्वाद पाने के लिए 1,000 से 2,000 मोटरसाइकिल सवारों के सेंट पीटर स्क्वोएर में जमा होने की सम्भावना है। रोम में 13 से 16 जून तक आयोजित हर्लेडेविडसन के वर्षगांठ समारोह में लाखों मोटरसाइकिल सवार और हर्लेडेविडसन के प्रशंसकों के एकत्र होने की उम्मीद की जा रही है। हर्लेडेविडसन की 110वीं वर्षगांठ के लिए रोम में आयोजित कार्यक्रम के चौथे दिन पोप का आशीर्वाद पाने के लिए 1,000 से 2,000 मोटरसाइकिल सवारों के सेंट पीटर स्क्वोएर में जमा होने की सम्भावना है। रोम में 13 से 16 जून तक आयोजित हर्लेडेविडसन के वर्षगांठ समारोह में लाखों मोटरसाइकिल सवार और हर्लेडेविडसन के प्रशंसकों के एकत्र होने की उम्मीद की जा रही है। रोम में 13 से 16 जून तक आयोजित हर्लेडेविडसन के वर्षगांठ समारोह में लाखों मोटरसाइकिल सवार और हर्लेडेविडसन के प्रशंसकों के एकत्र होने की उम्मीद की जा रही है।
यह एक सारांश है: मोटरबाइक कंपनी हर्लेडेविडसन ने कम्पनी की 110वीं वर्षगांठ पर पोप फ्रांसिस को दो हर्लेडेविडसन मोटरबाइक उपहार में दी हैं।
21
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारत ने 2007 के समझौता एक्सप्रेस विस्फोट मामले से जुड़ी जांच की ताजा जानकारी पाकिस्तान को देने से इनकार कर दिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि भारत ने समझौता विस्फोट मामले की जांच से जुड़ी जानकारी पाकिस्तान को देने से इनकार कर दिया है। गौरतलब है कि फरवरी 2007 में इस ट्रेन में हुए विस्फोट में 68 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें 42 पाकिस्तानी शामिल थे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नेता असीमानंद ने हाल ही में इकबालिया बयान देकर दावा किया है कि हमले में संघ के कार्यकर्ता भी शामिल थे। पाकिस्तान के विदेश विभाग के महानिदेशक (दक्षिण एशिया) अफरासैयाब मेहदी हाशमी ने भारत के कार्यवाहक उप उच्चायुक्त जीवी श्रीनिवास से सोमवार को इस्लामाबाद में कहा था कि इस मामले की जांच में हो रही प्रगति से जुड़ी जानकारी भारत को जल्द से जल्द मुहैया करानी चाहिए। पाकिस्तान ने स्वामी असीमानंद के नई दिल्ली स्थित एक विशेष अदालत में दिए गए इकबालिया बयान के जाहिरा संदर्भ में यह मांग की थी।
भारत ने साल 2007 के समझौता एक्सप्रेस विस्फोट मामले से जुड़ी जांच की ताजा जानकारी पाकिस्तान को देने से इनकार कर दिया है।
6
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मिस यूनिवर्स ओलिविया कल्पो का भारत दौरा विवादों मे आ गया है। दरअसल, दस दिन के अपने भारत दौरे के दौरान रविवार को ताज का दीदार करने पहुंची हुई थीं। इस दौरान वह ताज परिसर के अंदर जूतों से भरा एक बैग ले गईं। यही नहीं ताज परिसर में मौजूद एक खास बैंच पर बिठाक वह अपने जूते बदलती नजर आईं। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस के मुताबिक, ताज परिसर के अंदर किसी भी ब्रांड के प्रमोशन पर पाबंदी है। सवाल यह भी पूछे जा रहे हैं कि इतनी हाई सिक्योरिटी के बावजूद कल्पो जूतों से भरा बैग लेकर अंदर कैसे पहुंच गईं। पूरे मामले के मीडिया में आने के बाद अब पुरातत्व विभाग उस कंपनी पर एफआईआर करने की तैयारी में है, जिसने क्लोप के इस टूअर को आयोजित किया था। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस के मुताबिक, ताज परिसर के अंदर किसी भी ब्रांड के प्रमोशन पर पाबंदी है। सवाल यह भी पूछे जा रहे हैं कि इतनी हाई सिक्योरिटी के बावजूद कल्पो जूतों से भरा बैग लेकर अंदर कैसे पहुंच गईं। पूरे मामले के मीडिया में आने के बाद अब पुरातत्व विभाग उस कंपनी पर एफआईआर करने की तैयारी में है, जिसने क्लोप के इस टूअर को आयोजित किया था।
संक्षिप्त सारांश: ओलिविया कल्पो ताज परिसर के अंदर जूतों से भरा एक बैग ले गईं। यही नहीं ताज परिसर में मौजूद एक खास बैंच पर बिठाक वह अपने जूते बदलती नजर आईं।
10
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी (सपा) ने भाजपा की ‘तिरंगा यात्रा’ पर तंज करते हुए कहा कि आजादी की लड़ाई के दौरान अंग्रेजों का साथ देने वाले लोग इन दिनों अपने प्रचार के लिए तिरंगे का इस्तेमाल कर रहे हैं. सपा के प्रांतीय प्रवक्ता कैबिनेट मंत्री राजेंद्र चौधरी ने एक बयान में कहा कि जिन लोगों ने देश की आजादी की लड़ाई में कोई योगदान नहीं किया, बल्कि अंग्रेजों के साथ खड़े थे, वे अब तिरंगा यात्रा निकाल रहे हैं. उन्होंने कहा कि भाजपा ने ‘जरा याद करो कुर्बानी’ और ‘तिंरगा यात्रा’ का अपने प्रचार में इस्तेमाल करके जता दिया है कि उसे ना तो देश के लिए शहीद हुए लोगों का और ना ही देश की आन-बान-शान के प्रतीक राष्ट्र ध्वज का सम्मान करना आता है. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ तो अपने आयोजनों में तिरंगा का इस्तेमाल ही नहीं करता है.टिप्पणियां चौधरी ने कहा कि सभी केंद्रीय मंत्री अपनी सरकारी जिम्मेदारियां छोड़कर जगह-जगह तिरंगा यात्रा निकालकर स्वतंत्रता सेनानियों को भी राजनीतिक दलदल में घसीट रहे हैं. यह उन सेनानियों की आड़ में ओछी राजनीति करना और शहीदों का अपमान करना है. उन्होंने कहा कि आजादी की लड़ाई जिन मूल्यों और आदर्शों को लेकर लड़ी गई थी. भाजपा और संघ का उनसे कोई लेना देना नहीं रहा है. देश के लिए हिन्दू-मुसलमान दोनों ने कुर्बानी दी थी और कंधे से कंधा लगाकर संघर्ष में भागीदारी की थी. भाजपा और संघ इनके बीच दरार डालने और साम्प्रदायिकता का जहर घोलते हैं. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) सपा के प्रांतीय प्रवक्ता कैबिनेट मंत्री राजेंद्र चौधरी ने एक बयान में कहा कि जिन लोगों ने देश की आजादी की लड़ाई में कोई योगदान नहीं किया, बल्कि अंग्रेजों के साथ खड़े थे, वे अब तिरंगा यात्रा निकाल रहे हैं. उन्होंने कहा कि भाजपा ने ‘जरा याद करो कुर्बानी’ और ‘तिंरगा यात्रा’ का अपने प्रचार में इस्तेमाल करके जता दिया है कि उसे ना तो देश के लिए शहीद हुए लोगों का और ना ही देश की आन-बान-शान के प्रतीक राष्ट्र ध्वज का सम्मान करना आता है. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ तो अपने आयोजनों में तिरंगा का इस्तेमाल ही नहीं करता है.टिप्पणियां चौधरी ने कहा कि सभी केंद्रीय मंत्री अपनी सरकारी जिम्मेदारियां छोड़कर जगह-जगह तिरंगा यात्रा निकालकर स्वतंत्रता सेनानियों को भी राजनीतिक दलदल में घसीट रहे हैं. यह उन सेनानियों की आड़ में ओछी राजनीति करना और शहीदों का अपमान करना है. उन्होंने कहा कि आजादी की लड़ाई जिन मूल्यों और आदर्शों को लेकर लड़ी गई थी. भाजपा और संघ का उनसे कोई लेना देना नहीं रहा है. देश के लिए हिन्दू-मुसलमान दोनों ने कुर्बानी दी थी और कंधे से कंधा लगाकर संघर्ष में भागीदारी की थी. भाजपा और संघ इनके बीच दरार डालने और साम्प्रदायिकता का जहर घोलते हैं. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) चौधरी ने कहा कि सभी केंद्रीय मंत्री अपनी सरकारी जिम्मेदारियां छोड़कर जगह-जगह तिरंगा यात्रा निकालकर स्वतंत्रता सेनानियों को भी राजनीतिक दलदल में घसीट रहे हैं. यह उन सेनानियों की आड़ में ओछी राजनीति करना और शहीदों का अपमान करना है. उन्होंने कहा कि आजादी की लड़ाई जिन मूल्यों और आदर्शों को लेकर लड़ी गई थी. भाजपा और संघ का उनसे कोई लेना देना नहीं रहा है. देश के लिए हिन्दू-मुसलमान दोनों ने कुर्बानी दी थी और कंधे से कंधा लगाकर संघर्ष में भागीदारी की थी. भाजपा और संघ इनके बीच दरार डालने और साम्प्रदायिकता का जहर घोलते हैं. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यहाँ एक सारांश है:बीजेपी इन दिनों देश के विभिन्न हिस्सों में तिरंगा यात्रा निकाल रहे हैं सपा ने तंज कसते हुए राष्ट्रीय ध्वज के राजनीतिक इस्तेमाल का आरोप लगाया सपा बोली- RSS तो अपने आयोजनों में तिरंगा का इस्तेमाल ही नहीं करता
18
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: मुंबई में 26 नवंबर, 2008 के आतंकवादी हमले के बाद बुश प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों ने पाकिस्तान को बताया था कि इस मामले में पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का हाथ होने के संबंध में पुख्ता खुफिया सबूत हैं। यह जानकारी समाचार पत्र 'वाशिंगटन पोस्ट' ने रविवार को एक रिपोर्ट में प्रकाशित की है। अखबार ने लिखा है कि दिसंबर, 2008 में हुई कई सारी बैठकों में इस्लामाबाद को इस चेतावनी से अवगत कराया गया था। उस समय पाकिस्तान को सौंपे गए एक लिखित दस्तावेज में कहा गया है कि हम इस बात को लेकर बिल्कुल स्पष्ट हैं कि लश्कर-ए-तैयबा इस घटना के लिए जिम्मेदार है...हमें पता है कि उसे पाकिस्तानी सैन्य खुफिया सेवा से लगातार मदद मिल रही है। वर्षों तक पाकिस्तान को अमेरिका द्वारा दी गई चेतावनियों का जिक्र करते हुए अखबार ने वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से लिखा है, ओसामा बिन लादेन के मारे जाने के दो सप्ताह बाद भी ओबामा प्रशासन पाकिस्तान के साथ अपने रिश्ते के भविष्य को लेकर अनिश्चित और बंटा हुआ है। अखबार ने कहा है कि अल कायदा सरगना के राजधानी इस्लामाबाद के निकट ऐबटाबाद में पाए जाने के बाद ओबामा प्रशासन में कई लोग इस आतंकवादी संगठन के साथ पाकिस्तान के महत्वाकांक्षी संबंधों को बर्दाश्त करने के पक्ष में नहीं है। अखबार ने लिखा है, अमेरिका की बेअसर चेतावनियों के वर्षों बाद कई अमेरिकी अधिकारी यह निष्कर्ष निकाल रहे हैं कि नीति में बदलाव लंबे समय से अपेक्षित हैं। अखबार ने लिखा है कि दोनों देशों के बीच बैठकों में हिस्सा लेने वालों ने इस बात की पुष्टि की है कि दोनों पक्षों के बीच हुई बहसों में अमेरिका ने बार-बार कहा था कि उसके पास पाकिस्तानी सेना और खुफिया अधिकारियों तथा अफगान तालिबान व अन्य आतंकवादी संगठनों के बीच संबंधों का अकाट्य सबूत है। इसके साथ ही अमेरिका ने चेतावनी दी थी कि इन सभी के खिलाफ कार्रवाई करने से पाकिस्तान का इनकार महंगा साबित होगा। अखबार ने लिखा है कि अमेरिकी अधिकारियों ने कहा है कि लादेन के ठिकाने के बारे में शीर्ष पाकिस्तानी सैन्य अधिकारियों या नेताओं को पता होने तथा उसे किसी तरह के आधिकारिक मदद होने के संबंध में उनके पास कोई सबूत नहीं है, लेकिन पाकिस्तानी सैन्य ठिकाने के पास उसके ठिकाने का पाया जाना दोनों के बीच संबंधों को एक संदिग्ध बिंदु पर ले जाता है। खासतौर से व्हाइट हाउस के कुछ अधिकारियों ने कठोर कार्रवाई की वकालत की है। लेकिन कुछ अधिकारी उस सूरत में विकल्पों पर विचार किए जाने के पक्ष में हैं, जब पाकिस्तान कोई गलत रास्ता चुनता है। प्रशासन के अंदर का कोई भी व्यक्ति जल्दबाजी में कोई गलत निर्णय लेने के पक्ष में नहीं है।
मुंबई हमले के बाद बुश प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों ने पाक को बताया था कि इसमें लश्कर-ए-तैयबा का हाथ होने के संबंध में पुख्ता सबूत हैं।
34
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सरकार रसोई गैस सिलेंडर पर सब्सिडी घटाने के फैसले लगभग कर चुकी है और इसके लागू होने पर ठीक माली हालत वालों को कम सब्सिडी वाले रसाईं गैस के सिलेंडरों की संख्या सीमित करने की योजना है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्यमंत्री आरपी एन सिंह ने बुधवार को कहा कि सरकार उन लोगों के लिए सिलेंडरों की संख्या सीमित करने का फैसले के करीब है जो ‘आर्थिक रूप से कमजोर’ वर्ग में नहीं आते। इससे सालाना सब्सिडी खर्च में 10,000 रुपये की कमी होने का अनुमान है। इसके साथ ही सरकार डीजल की कीमतों को आंशिक रूप से नियंत्रण मुक्त भी करने की तैयारी कर रही है।टिप्पणियां मंत्री ने कहा कि सरकार एलपीजी पर सब्सिडी में 36,000 करोड़ रुपये देती है और बहुत से ऐसे लोग जो आर्थिक दृष्टि से कमजोर वर्ग में नहीं आते और उन्हें इसकी जरूरत नहीं है, इसका लाभ उठाते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार सब्सिडी में कटौती, गैस सिलेंडरों की सीमा तय करेगी। इसके तहत सब्सिडी वाले सिलेंडरों की संख्या तय की जाएगी। सिंह ने यहां एक कार्यक्रम के मौके पर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सरकार एलपीजी सब्सिडी में कटौती के फैसले के करीब है। ‘यदि हम कुछ सिलेंडरों की सीमा तय करते हैं, तो इससे ऐसे गरीब लोगों के अधिकारों का हनन नहीं होगा जिन्हें सब्सिडी मिलती है। मुझे लगता है कि अमीरों के लिए सिलेंडरों की सीमा तय कर हम सब्सिडी पर 8,000 से 10,000 करोड़ रुपये बचा सकेंगे।’ हालांकि, उन्होंने कहा कि डीजल कीमतों में वृद्धि का मामला संवेदनशील है। यदि आप डीजल के दाम बढ़ाने का प्रयास करते हैं, तो इसका अर्थव्यवस्था पर विपरीत असर पड़ेगा। हम इसका ऐसा समाधान निकालने का प्रयास कर रहे हैं जिससे इसका अर्थव्यवस्था पर कम असर हो, साथ ही राजकोषीय घाटे में कमी भी लाई जा सके। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्यमंत्री आरपी एन सिंह ने बुधवार को कहा कि सरकार उन लोगों के लिए सिलेंडरों की संख्या सीमित करने का फैसले के करीब है जो ‘आर्थिक रूप से कमजोर’ वर्ग में नहीं आते। इससे सालाना सब्सिडी खर्च में 10,000 रुपये की कमी होने का अनुमान है। इसके साथ ही सरकार डीजल की कीमतों को आंशिक रूप से नियंत्रण मुक्त भी करने की तैयारी कर रही है।टिप्पणियां मंत्री ने कहा कि सरकार एलपीजी पर सब्सिडी में 36,000 करोड़ रुपये देती है और बहुत से ऐसे लोग जो आर्थिक दृष्टि से कमजोर वर्ग में नहीं आते और उन्हें इसकी जरूरत नहीं है, इसका लाभ उठाते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार सब्सिडी में कटौती, गैस सिलेंडरों की सीमा तय करेगी। इसके तहत सब्सिडी वाले सिलेंडरों की संख्या तय की जाएगी। सिंह ने यहां एक कार्यक्रम के मौके पर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सरकार एलपीजी सब्सिडी में कटौती के फैसले के करीब है। ‘यदि हम कुछ सिलेंडरों की सीमा तय करते हैं, तो इससे ऐसे गरीब लोगों के अधिकारों का हनन नहीं होगा जिन्हें सब्सिडी मिलती है। मुझे लगता है कि अमीरों के लिए सिलेंडरों की सीमा तय कर हम सब्सिडी पर 8,000 से 10,000 करोड़ रुपये बचा सकेंगे।’ हालांकि, उन्होंने कहा कि डीजल कीमतों में वृद्धि का मामला संवेदनशील है। यदि आप डीजल के दाम बढ़ाने का प्रयास करते हैं, तो इसका अर्थव्यवस्था पर विपरीत असर पड़ेगा। हम इसका ऐसा समाधान निकालने का प्रयास कर रहे हैं जिससे इसका अर्थव्यवस्था पर कम असर हो, साथ ही राजकोषीय घाटे में कमी भी लाई जा सके। इसके साथ ही सरकार डीजल की कीमतों को आंशिक रूप से नियंत्रण मुक्त भी करने की तैयारी कर रही है।टिप्पणियां मंत्री ने कहा कि सरकार एलपीजी पर सब्सिडी में 36,000 करोड़ रुपये देती है और बहुत से ऐसे लोग जो आर्थिक दृष्टि से कमजोर वर्ग में नहीं आते और उन्हें इसकी जरूरत नहीं है, इसका लाभ उठाते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार सब्सिडी में कटौती, गैस सिलेंडरों की सीमा तय करेगी। इसके तहत सब्सिडी वाले सिलेंडरों की संख्या तय की जाएगी। सिंह ने यहां एक कार्यक्रम के मौके पर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सरकार एलपीजी सब्सिडी में कटौती के फैसले के करीब है। ‘यदि हम कुछ सिलेंडरों की सीमा तय करते हैं, तो इससे ऐसे गरीब लोगों के अधिकारों का हनन नहीं होगा जिन्हें सब्सिडी मिलती है। मुझे लगता है कि अमीरों के लिए सिलेंडरों की सीमा तय कर हम सब्सिडी पर 8,000 से 10,000 करोड़ रुपये बचा सकेंगे।’ हालांकि, उन्होंने कहा कि डीजल कीमतों में वृद्धि का मामला संवेदनशील है। यदि आप डीजल के दाम बढ़ाने का प्रयास करते हैं, तो इसका अर्थव्यवस्था पर विपरीत असर पड़ेगा। हम इसका ऐसा समाधान निकालने का प्रयास कर रहे हैं जिससे इसका अर्थव्यवस्था पर कम असर हो, साथ ही राजकोषीय घाटे में कमी भी लाई जा सके। मंत्री ने कहा कि सरकार एलपीजी पर सब्सिडी में 36,000 करोड़ रुपये देती है और बहुत से ऐसे लोग जो आर्थिक दृष्टि से कमजोर वर्ग में नहीं आते और उन्हें इसकी जरूरत नहीं है, इसका लाभ उठाते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार सब्सिडी में कटौती, गैस सिलेंडरों की सीमा तय करेगी। इसके तहत सब्सिडी वाले सिलेंडरों की संख्या तय की जाएगी। सिंह ने यहां एक कार्यक्रम के मौके पर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सरकार एलपीजी सब्सिडी में कटौती के फैसले के करीब है। ‘यदि हम कुछ सिलेंडरों की सीमा तय करते हैं, तो इससे ऐसे गरीब लोगों के अधिकारों का हनन नहीं होगा जिन्हें सब्सिडी मिलती है। मुझे लगता है कि अमीरों के लिए सिलेंडरों की सीमा तय कर हम सब्सिडी पर 8,000 से 10,000 करोड़ रुपये बचा सकेंगे।’ हालांकि, उन्होंने कहा कि डीजल कीमतों में वृद्धि का मामला संवेदनशील है। यदि आप डीजल के दाम बढ़ाने का प्रयास करते हैं, तो इसका अर्थव्यवस्था पर विपरीत असर पड़ेगा। हम इसका ऐसा समाधान निकालने का प्रयास कर रहे हैं जिससे इसका अर्थव्यवस्था पर कम असर हो, साथ ही राजकोषीय घाटे में कमी भी लाई जा सके। हालांकि, उन्होंने कहा कि डीजल कीमतों में वृद्धि का मामला संवेदनशील है। यदि आप डीजल के दाम बढ़ाने का प्रयास करते हैं, तो इसका अर्थव्यवस्था पर विपरीत असर पड़ेगा। हम इसका ऐसा समाधान निकालने का प्रयास कर रहे हैं जिससे इसका अर्थव्यवस्था पर कम असर हो, साथ ही राजकोषीय घाटे में कमी भी लाई जा सके।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्यमंत्री आरपी एन सिंह ने कहा कि सरकार उन लोगों के लिए सिलेंडरों की संख्या सीमित करने का फैसले के करीब है जो ‘आर्थिक रूप से कमजोर’ वर्ग में नहीं आते। इससे सालाना सब्सिडी खर्च में 10 हजार रुपये की कमी होने का अनुमान है।
6
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अभिनेता अक्षय कुमार ने उनकी जिंदगी के कई अनछुए पहलुओं पर चर्चा की. यह चर्चा जरा हटकर थी. एकदम राजनीति से परे. बातचीत की शुरुआत में प्रधानमंत्री मोदी ने भी कहा कि हम 24 घंटे राजनीतिक बातों में उलझे रहते हैं, इस बार हल्की-फुल्की बातें करने का मौका है. बातचीत के दौरान अक्षय कुमार ने एक चुटकुला सुनाया तो जवाब में पीएम मोदी भी नहीं चूके. उन्होंने भी एक चुटकुला सुनाया. चुटकुला सुनाते हुए पीएम मोदी ने कहा-हमारे यहां एक चुटकुला चलता है, एक बार स्टेशन पर एक ट्रेन आयी तो ऊपर लेटे हुए एक यात्री ने पूछा की कौनसा स्टेशन आया है? तो बताने वाले ने कहा की 4 आना दोगे तो बताऊंगा, वो यात्री बोला भाई बताने की जरुरत नहीं है मैं समझ गया अहमदाबाद आ गया है. पीएम मोदी ने कहा कि मैं सोशल मिडिया जरूर देखता हूं इससे मुझे बाहर क्या चल रहा है इसकी जानकारी मिलती है. अक्षय कुमार से बोले कि मैं आपका भी और टविंकल खन्ना जी का भी ट्विटर देखता हूं और जिस तरह वो मुझ पर गुस्सा निकालती हैं तो मैं समझता हूं की इससे आपके परिवार में बहुत शांति रहती होगी.पीएम मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री बनते समय शायद और प्रधानमंत्रियों को ये बेनिफिट नहीं मिला है जो मुझे मिला है वो ये है कि मैं गुजरात का इतने समय तक मुख्यमंत्री रहा और उस पद पर रहते हुए आपको बारीकियों से काम करना पडता है, मुद्दे आपके सामने सीधे आते हैं और उनका समाधान भी आपको सीधा ही करना पडता है.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अक्षय कुमार से साझा किए जीवन के अनछुए पहलू रिटायरेंट के बाद प्लॉन से लेकर अन्य मुद्दों पर की खुलकर चर्चा राजनीति से हटकर रही चर्चा, बीच-बीच में एक दूसरे को सुनाए चुटकुले
25
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: उर्वरक पर गठित मंत्री समूह (जीओएम) ने यूरिया कीमतों को नियंत्रणमुक्त करने को मंजूरी देते हुए उर्वरक कंपनियों को नीति लागू होने के पहले वर्ष में इस महत्वपूर्ण कृषि खाद के दामों में 10 प्रतिशत तक वृद्धि की अनुमति दी है। फिलहाल यूरिया का न्यूनतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) 5,310 रुपये प्रति टन है। यदि मंत्रिमंडल नीति के मसौदे को मंजूरी दे देता है, तो इसकी कीमतों में 500 रुपये प्रति टन से अधिक का इजाफा होगा। घरेलू स्तर पर यूरिया का उत्पादन पिछले कुछ साल से 2.1 करोड़ टन पर ही टिका हुआ है। शेष 60 से 70 लाख टन यूरिया की जरूरत को आयात से पूरा किया जाता है। उद्योग संगठन भारतीय उर्वरक संघ ने कहा है कि यूरिया कीमतों को नियंत्रणमुक्त किए जाने से घरेलू स्तर पर इसके उत्पादन को बढ़ाया जा सकेगा। इससे आयात पर निर्भरता भी कम होगी। वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी की अगुवाई वाले मंत्री समूह ने नीति के मसौदे के मंजूरी दे दी है। सूत्रों ने बताया कि इसमें नीति के दूसरे साल से उर्वरक कंपनियों को बाजार के हिसाब से यूरिया का अधिकतम खुदरा मूल्य तय करने की आजादी होगी। सरकार ने पिछले साल अप्रैल में उर्वरकों के संतुलित इस्तेमाल के लिए पोटाश वाले उर्वरकों मसलन डाई अमोनियम फास्फेट (डीएपी) और म्यूरिएट ऑफ पोटाश (एमओपी) के लिए न्यूट्रिएंट आधारित सब्सिडी योजना (एनबीएस) शुरू की थी। सूत्रों ने बताया कि मंत्री समूह ने अब यूरिया को एनबीएस के तहत लाने का फैसला किया है। योजना आयोग के सदस्य सौमित्रा चौधरी की अगुवाई वाली सचिवों की समिति ने मसौदा तैयार किया है। सूत्रों ने बताया कि इस मसौदे को पूरी तरह मंजूरी दे दी गई है। प्रस्तावित यूरिया नीति के तहत सरकार गैस आधारित यूरिया संयंत्रों को 4,000 रुपये प्रति टन की सब्सिडी देगी। हालांकि, नाफ्था आधारित संयंत्रों को नीति के तहत और ऊंची सब्सिडी मिलेगी। इन इकाइयों को खुद को गैस आधारित संयंत्रों में तब्दील करने के लिए तीन साल का समय दिया जाएगा।  नीति के मसौदे में उर्वरक क्षेत्र के लिए प्राकृतिक गैस हेतु विभिन्न समूहों के लिए एक अनुमानित मूल्य की सिफारिश की गई है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: मंत्री समूह ने यूरिया कीमतों को नियंत्रणमुक्त करने को मंजूरी देते हुए उर्वरक कंपनियों को पहले वर्ष में इसके दामों में 10% तक वृद्धि की अनुमति दी है।
11
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मंगलवार शाम गौरव बिड़ला होस्टल के बाहर खड़े होकर अपने दोस्तों के साथ बातचीत कर रहा था. तभी दो मोटरसाइकिल पर चार लोग आए और उस पर गोली चला दी और वहां से फरार हो गए. गौरव के पेट में तीन गोलियां लगी थी, उसके बाद उसे कैम्पस के अंदर ट्रॉमा सेंटर में दाखिल कराया गया. जहां बुधवार तड़के उसकी 1.30 बजे मौत हो गई.  वाराणसी पुलिस ने बताया कि गौरव पर 10 गोलियां चलाई गई थीं. गौरव के पिता के इस मामले में एफआईआर दर्ज करवाए जाने के बाद यूपी पुलिस ने यूनविर्सिटी के चार छात्रों को गिरफ्तार करके उनसे पूछताछ कर रही है. वाराणसी पुलिस प्रमुख आनंद कुलकर्णी ने बताया, 'ऐसा लगता है कि व्यक्तिगत दुश्मनी की वजह से उसकी हत्या की गई है. हम हर पहलू से मामले की जांच कर रहे हैं. हत्या की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है.' यूनिवर्सिटी कैम्पस में भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है, पुलिस ने छात्रों से शांति बनाए रखने की मांग की है. पुलिस के अनुसार छात्र गौरव सिंह बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय में एमसीए का छात्र था और विश्वविद्यालय के लाल बहादुर शास्त्री छात्रावास में रहता था. बता दें, हमले के बाद नाराज छात्रों ने जमकर नारेबाजी की. इसके बाद डीएम और एसएसपी भी मौके पर पहुंचे. पीड़ित छात्र के पिता BHU में ही काम करते हैं.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: होस्टल के बाहर खड़ा था छात्र 2 बाइक पर आए थे बदमाश अस्पताल में तोड़ा दम
19
['hin']
एक सारांश बनाओ: इस बार गणतंत्र दिवस के मुख्‍य अतिथि शेख मोहम्‍मद बिन जायेद अल नहयान हैं. 55 वर्षीय नहयान अबू धाबी के क्राउन प्रिंस हैं और यूएई की सशस्‍त्र सेनाओं के डिप्‍टी सुप्रीम कमांडर हैं. वह अबू धाबी के शासक और यूएई के संस्‍थापक राष्‍ट्रपति शेख जायेद बिन सुल्‍तान अल नहयान के तीसरे पुत्र हैं. अबू धाबी, संयुक्‍त अरब अमीरात(यूएई) की राजधानी है. भारत और यूएई के प्रगाढ़ होते रिश्‍तों के बीच नहयान पिछले एक साल में दूसरी बार भारत के दौरे पर आए हैं. वैसे नहयान पहली बार अंतरराष्‍ट्रीय सुर्खियों का सबब 1981 में उस वक्‍त बने जब उनका निकाह शहजादी सलामा बिंत हमदान से हुआ था. वह शादी इतनी खर्चीली थी कि इतिहास में अब तक की सर्वाधिक महंगी शादियों में शुमार की जाती है. माना जाता है कि उस शादी में तकरीबन 100 मिलियन डॉलर (तकरीबन सात अरब रुपये) खर्च हुए थे. (तीसरी बार गिनीज बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ नाम, फिर भी संघर्ष कर रहे हैं विनोद)टिप्पणियां उस शाही शादी का समारोह सात दिन तक चला था. मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक नहयान के पिता ने शादी के दौरान 20 हजार मेहमानों के बैठने और रुकने के लिए एक विशेष स्‍टेडियम बनाने का ऑर्डर दिया था. शादी के दौरान राजकुमार ने शाही परंपरा के अनुरूप दान के रूप में अपनी जनता को उपहार दिए थे. यह भी कहा जाता है कि उनकी दुल्‍हन को तोहफे के रूप में जो गहने मिले थे, उनको 20 ऊंटों पर लादकर लाया गया था. सर्वाधिक महंगी शादी होने के चलते इसको गिनीज बुक ऑफ वर्ल्‍ड रिकॉर्ड में स्‍थान दिया गया. उल्‍लेखनीय है कि हालिया वर्षों में भारत और यूएई के संबंध मजबूत हुए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2015 में वहां का दौरा किया था. नहयान की इस यात्रा के दौरान द्विपक्षीय संबंधों को गति प्रदान करने के प्रयासों के तहत रणनीतिक साझेदारी संधि के अलावा रक्षा, सुरक्षा, व्यापार एवं ऊर्जा जैसे अहम क्षेत्रों में 14 समझौतों पर दस्‍तखत हुए हैं. हालांकि यूएई ने 75 अरब डॉलर के निवेश कोष का जो वादा किया है, वह करार इन 14 समझौतों में शामिल नहीं है. भारत को इस निवेश कोष संधि की उम्मीद थी. वैसे नहयान पहली बार अंतरराष्‍ट्रीय सुर्खियों का सबब 1981 में उस वक्‍त बने जब उनका निकाह शहजादी सलामा बिंत हमदान से हुआ था. वह शादी इतनी खर्चीली थी कि इतिहास में अब तक की सर्वाधिक महंगी शादियों में शुमार की जाती है. माना जाता है कि उस शादी में तकरीबन 100 मिलियन डॉलर (तकरीबन सात अरब रुपये) खर्च हुए थे. (तीसरी बार गिनीज बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ नाम, फिर भी संघर्ष कर रहे हैं विनोद)टिप्पणियां उस शाही शादी का समारोह सात दिन तक चला था. मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक नहयान के पिता ने शादी के दौरान 20 हजार मेहमानों के बैठने और रुकने के लिए एक विशेष स्‍टेडियम बनाने का ऑर्डर दिया था. शादी के दौरान राजकुमार ने शाही परंपरा के अनुरूप दान के रूप में अपनी जनता को उपहार दिए थे. यह भी कहा जाता है कि उनकी दुल्‍हन को तोहफे के रूप में जो गहने मिले थे, उनको 20 ऊंटों पर लादकर लाया गया था. सर्वाधिक महंगी शादी होने के चलते इसको गिनीज बुक ऑफ वर्ल्‍ड रिकॉर्ड में स्‍थान दिया गया. उल्‍लेखनीय है कि हालिया वर्षों में भारत और यूएई के संबंध मजबूत हुए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2015 में वहां का दौरा किया था. नहयान की इस यात्रा के दौरान द्विपक्षीय संबंधों को गति प्रदान करने के प्रयासों के तहत रणनीतिक साझेदारी संधि के अलावा रक्षा, सुरक्षा, व्यापार एवं ऊर्जा जैसे अहम क्षेत्रों में 14 समझौतों पर दस्‍तखत हुए हैं. हालांकि यूएई ने 75 अरब डॉलर के निवेश कोष का जो वादा किया है, वह करार इन 14 समझौतों में शामिल नहीं है. भारत को इस निवेश कोष संधि की उम्मीद थी. उस शाही शादी का समारोह सात दिन तक चला था. मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक नहयान के पिता ने शादी के दौरान 20 हजार मेहमानों के बैठने और रुकने के लिए एक विशेष स्‍टेडियम बनाने का ऑर्डर दिया था. शादी के दौरान राजकुमार ने शाही परंपरा के अनुरूप दान के रूप में अपनी जनता को उपहार दिए थे. यह भी कहा जाता है कि उनकी दुल्‍हन को तोहफे के रूप में जो गहने मिले थे, उनको 20 ऊंटों पर लादकर लाया गया था. सर्वाधिक महंगी शादी होने के चलते इसको गिनीज बुक ऑफ वर्ल्‍ड रिकॉर्ड में स्‍थान दिया गया. उल्‍लेखनीय है कि हालिया वर्षों में भारत और यूएई के संबंध मजबूत हुए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2015 में वहां का दौरा किया था. नहयान की इस यात्रा के दौरान द्विपक्षीय संबंधों को गति प्रदान करने के प्रयासों के तहत रणनीतिक साझेदारी संधि के अलावा रक्षा, सुरक्षा, व्यापार एवं ऊर्जा जैसे अहम क्षेत्रों में 14 समझौतों पर दस्‍तखत हुए हैं. हालांकि यूएई ने 75 अरब डॉलर के निवेश कोष का जो वादा किया है, वह करार इन 14 समझौतों में शामिल नहीं है. भारत को इस निवेश कोष संधि की उम्मीद थी. उल्‍लेखनीय है कि हालिया वर्षों में भारत और यूएई के संबंध मजबूत हुए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2015 में वहां का दौरा किया था. नहयान की इस यात्रा के दौरान द्विपक्षीय संबंधों को गति प्रदान करने के प्रयासों के तहत रणनीतिक साझेदारी संधि के अलावा रक्षा, सुरक्षा, व्यापार एवं ऊर्जा जैसे अहम क्षेत्रों में 14 समझौतों पर दस्‍तखत हुए हैं. हालांकि यूएई ने 75 अरब डॉलर के निवेश कोष का जो वादा किया है, वह करार इन 14 समझौतों में शामिल नहीं है. भारत को इस निवेश कोष संधि की उम्मीद थी.
संक्षिप्त सारांश: प्रिंस नहयान की शाही शादी का है खास रिकॉर्ड 1981 में उनकी शादी में हुए थे खास इंतजाम भारत-यूएई के रिश्‍ते हालिया दौर में प्रगाढ़ हुए हैं
8
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: किंग्स इलेवन पंजाब ने आईपीएल 10 के सुपर संडे को खेले गए पहले मुकाबले में दिल्ली डेयरडेविल्स को आसानी से 10 विकेट से हरा दिया. आईपीएल के 10 साल के इतिहास में कोई टीम 10वीं बार 10 विकेट से जीती है. गेंदबाज संदीप शर्मा के अलावा ओपनिंग बल्लेबाज मार्टिन गुप्टिल की अर्धशतकीय पारी ने जीत में अहम रोल अदा किया. हालांकि, गुप्टिल पारी की दूसरी गेंद पर बोल्ड हो गए थे. दरअसल, 68 रन के लक्ष्य का पीछा करने के लिए मार्टिन गुप्टिल और हाशिम अमला जोड़ी बनाकर मैदान में उतरे थे. गेंदबाजी का जिम्मा मोहम्मद शामी के कंधों पर था. मोहम्मद शमी की पहली गेंद पर गुप्टिल ने कोई रन नहीं बनाया. शमी जैसे ही दूसरी गेंद फेंकने जा रहे थे कि गुप्टिल विकेट से हट गए. शमी की परफेक्ट आउट स्विंगर पर उनके स्टंप बिखेर गए. हालांकि, अंपायर ने बल्लेबाज को आउट देने के बजाए नॉट आउट करार दिया. दरअसल, शमी जैसे ही गेंद फेंकने जा रहे थे साइड स्क्रीन के सामने एक वॉलेंटियर युवती मोबाइल फोन पर बात कर रही थी. इस वजह से गुप्टिल डिस्टर्ब हो गए और गेंद का सामना करने के बजाए विकेट से हट गए. अंपायर भी उनकी दिक्कत को समझ गए और उन्होंने तुरंत डेड बॉल का इशारा कर दिया. टिप्पणियांये भी पढ़ें: KXIPvsDD : संदीप के 'चौके' और गप्टिल की फिफ्टी ने पंजाब की झोली में डाल दी जीत मालूम हो कि आईपीएल 10 के 36वें मैच में दिल्ली डेयरडेविल्स और किंग्स इलेवन पंजाब के बीच रविवार को आई.एस. बिंद्रा स्टेडियम में खेला गया मैच दिल्ली के लिए निराशाजनक साबित हुआ. खराब फॉर्म से जूझ रही दिल्ली डेयरडेविल्स की टीम पहले 67 रनों पर सिमट गई, फिर किंग्स इलेवन पंजाब का कोई भी विकेट नहीं गिरा पाई और 10 विकेट से मैच हार गई. दिल्ली की ओर से रखे गए 68 रनों के लक्ष्य को पंजाब ने 7.5 ओवर में 68 रन बनाकर हासिल कर लिया. मार्टिन गप्टिल (50 रन, 27 गेंद, 6 चौके, 3 छक्के) और हाशिम अमला (16 रन, 20 गेंद) नाबाद लौटे.. पंजाब के हीरो संदीप शर्मा रहे, जिन्होंने 4 ओवर में 20 रन देकर 4 विकेट चटकाए. मोहम्मद शमी की पहली गेंद पर गुप्टिल ने कोई रन नहीं बनाया. शमी जैसे ही दूसरी गेंद फेंकने जा रहे थे कि गुप्टिल विकेट से हट गए. शमी की परफेक्ट आउट स्विंगर पर उनके स्टंप बिखेर गए. हालांकि, अंपायर ने बल्लेबाज को आउट देने के बजाए नॉट आउट करार दिया. दरअसल, शमी जैसे ही गेंद फेंकने जा रहे थे साइड स्क्रीन के सामने एक वॉलेंटियर युवती मोबाइल फोन पर बात कर रही थी. इस वजह से गुप्टिल डिस्टर्ब हो गए और गेंद का सामना करने के बजाए विकेट से हट गए. अंपायर भी उनकी दिक्कत को समझ गए और उन्होंने तुरंत डेड बॉल का इशारा कर दिया. टिप्पणियांये भी पढ़ें: KXIPvsDD : संदीप के 'चौके' और गप्टिल की फिफ्टी ने पंजाब की झोली में डाल दी जीत मालूम हो कि आईपीएल 10 के 36वें मैच में दिल्ली डेयरडेविल्स और किंग्स इलेवन पंजाब के बीच रविवार को आई.एस. बिंद्रा स्टेडियम में खेला गया मैच दिल्ली के लिए निराशाजनक साबित हुआ. खराब फॉर्म से जूझ रही दिल्ली डेयरडेविल्स की टीम पहले 67 रनों पर सिमट गई, फिर किंग्स इलेवन पंजाब का कोई भी विकेट नहीं गिरा पाई और 10 विकेट से मैच हार गई. दिल्ली की ओर से रखे गए 68 रनों के लक्ष्य को पंजाब ने 7.5 ओवर में 68 रन बनाकर हासिल कर लिया. मार्टिन गप्टिल (50 रन, 27 गेंद, 6 चौके, 3 छक्के) और हाशिम अमला (16 रन, 20 गेंद) नाबाद लौटे.. पंजाब के हीरो संदीप शर्मा रहे, जिन्होंने 4 ओवर में 20 रन देकर 4 विकेट चटकाए. दरअसल, शमी जैसे ही गेंद फेंकने जा रहे थे साइड स्क्रीन के सामने एक वॉलेंटियर युवती मोबाइल फोन पर बात कर रही थी. इस वजह से गुप्टिल डिस्टर्ब हो गए और गेंद का सामना करने के बजाए विकेट से हट गए. अंपायर भी उनकी दिक्कत को समझ गए और उन्होंने तुरंत डेड बॉल का इशारा कर दिया. टिप्पणियांये भी पढ़ें: KXIPvsDD : संदीप के 'चौके' और गप्टिल की फिफ्टी ने पंजाब की झोली में डाल दी जीत मालूम हो कि आईपीएल 10 के 36वें मैच में दिल्ली डेयरडेविल्स और किंग्स इलेवन पंजाब के बीच रविवार को आई.एस. बिंद्रा स्टेडियम में खेला गया मैच दिल्ली के लिए निराशाजनक साबित हुआ. खराब फॉर्म से जूझ रही दिल्ली डेयरडेविल्स की टीम पहले 67 रनों पर सिमट गई, फिर किंग्स इलेवन पंजाब का कोई भी विकेट नहीं गिरा पाई और 10 विकेट से मैच हार गई. दिल्ली की ओर से रखे गए 68 रनों के लक्ष्य को पंजाब ने 7.5 ओवर में 68 रन बनाकर हासिल कर लिया. मार्टिन गप्टिल (50 रन, 27 गेंद, 6 चौके, 3 छक्के) और हाशिम अमला (16 रन, 20 गेंद) नाबाद लौटे.. पंजाब के हीरो संदीप शर्मा रहे, जिन्होंने 4 ओवर में 20 रन देकर 4 विकेट चटकाए. ये भी पढ़ें: KXIPvsDD : संदीप के 'चौके' और गप्टिल की फिफ्टी ने पंजाब की झोली में डाल दी जीत मालूम हो कि आईपीएल 10 के 36वें मैच में दिल्ली डेयरडेविल्स और किंग्स इलेवन पंजाब के बीच रविवार को आई.एस. बिंद्रा स्टेडियम में खेला गया मैच दिल्ली के लिए निराशाजनक साबित हुआ. खराब फॉर्म से जूझ रही दिल्ली डेयरडेविल्स की टीम पहले 67 रनों पर सिमट गई, फिर किंग्स इलेवन पंजाब का कोई भी विकेट नहीं गिरा पाई और 10 विकेट से मैच हार गई. दिल्ली की ओर से रखे गए 68 रनों के लक्ष्य को पंजाब ने 7.5 ओवर में 68 रन बनाकर हासिल कर लिया. मार्टिन गप्टिल (50 रन, 27 गेंद, 6 चौके, 3 छक्के) और हाशिम अमला (16 रन, 20 गेंद) नाबाद लौटे.. पंजाब के हीरो संदीप शर्मा रहे, जिन्होंने 4 ओवर में 20 रन देकर 4 विकेट चटकाए. मालूम हो कि आईपीएल 10 के 36वें मैच में दिल्ली डेयरडेविल्स और किंग्स इलेवन पंजाब के बीच रविवार को आई.एस. बिंद्रा स्टेडियम में खेला गया मैच दिल्ली के लिए निराशाजनक साबित हुआ. खराब फॉर्म से जूझ रही दिल्ली डेयरडेविल्स की टीम पहले 67 रनों पर सिमट गई, फिर किंग्स इलेवन पंजाब का कोई भी विकेट नहीं गिरा पाई और 10 विकेट से मैच हार गई. दिल्ली की ओर से रखे गए 68 रनों के लक्ष्य को पंजाब ने 7.5 ओवर में 68 रन बनाकर हासिल कर लिया. मार्टिन गप्टिल (50 रन, 27 गेंद, 6 चौके, 3 छक्के) और हाशिम अमला (16 रन, 20 गेंद) नाबाद लौटे.. पंजाब के हीरो संदीप शर्मा रहे, जिन्होंने 4 ओवर में 20 रन देकर 4 विकेट चटकाए.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: पंजाब के बैट्समैन मार्टिन गुप्टिल बैटिंग के दौरान देख रहे थे साइड स्क्रीन साइड स्क्रीन के सामने एक वॉलेंटियर युवती फोन पर बात कर रही थी शमी ने गेंद फेंककर गुप्टिल को बोल्ड कर दिया, अंपायर ने नॉट आउट दिया
3
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तानी प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने कहा है कि उनका देश सम्प्रभुता और राष्ट्र सम्मान के साथ समझौता नहीं करेगा। पाकिस्तान की सरकारी समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस ऑफ पाकिस्तान (एपीपी) के अनुसार, गिलानी ने मंगलवार को कहा कि पाकिस्तान किसी भी परिस्थिति में अपनी सीमाओं पर बाहरी आक्रमण को स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि सम्प्रभुता, गरिमा और राष्ट्र सम्मान के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। पाकिस्तान के राजदूतों और उच्चायुक्तों के दो दिवसीय सम्मेलन के समापन सत्र को सम्बोधित करते हुए गिलानी ने कहा कि पाकिस्तानी सीमा चौकियों पर 26 नवम्बर को उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) द्वारा किया गया हवाई हमला महत्वपूर्ण साझेदारों के बीच बहुप्रतीक्षित सहयोग की सम्भावनाओं को एक बड़ा झटका है। ज्ञात हो कि नाटो के हमले में दो दर्जन पाकिस्तानी सैनिकों की मौत हो गई थी। इसके तत्काल बाद पाकिस्तान ने नाटो का आपूर्ति काफिला रोक दिया था। उसने अफगानिस्तान के भविष्य पर आयोजित एक अंतराष्ट्रीय सम्मेलन का भी बहिष्कार कर दिया था और अमेरिका को शम्सी हवाई ठिकाना खाली करने का आदेश दे दिया था।
संक्षिप्त सारांश: पाकिस्तानी प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने कहा है कि उनका देश सम्प्रभुता और राष्ट्र सम्मान के साथ समझौता नहीं करेगा।
10
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दुनिया के सर्वकालिक बेहतरीन ऑल-राउंडरों में शुमार किए जाने वाले और वर्ष 1983 में वन-डे क्रिकेट विश्वकप जीतने वाली भारतीय टीम के कप्तान रहे कपिल देव ने वर्ष 1992 में हुए विश्वकप से जुड़ी यादों को साझा करते हुए कहा कि इस विश्वकप में चैम्पियन बनने की ओर अग्रसर पाकिस्तान को हराने की घटना को याद करना उन्हें सबसे सुखद लगता है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 1992 क्रिकेट विश्वकप में भारत ने पांच मैचों में हार का सामना किया था, और सिर्फ दो मैचों में उन्हें जीत हासिल हुई थी, जिनमें से एक जीत सिडनी में पाकिस्तान के खिलाफ थी। इस मैच में भारत ने बाद में टूर्नामेंट जीती पाकिस्तानी टीम को 43 रन से हराया था। वर्ष 1992 के क्रिकेट विश्वकप में पूर्व कप्तान कपिल देव बतौर खिलाड़ी शामिल हुए थे और कुल उन्होंने 161 रन बनाने के अलावा नौ विकेट भी हासिल किए थे। टिप्पणियां कपिल देव ने कहा, "भारत ने इस विश्वकप में कुछ खास प्रदर्शन नहीं किया था, लेकिन यदि आप मुझसे पूछें तो लीग चरण में पाकिस्तान को हराना मेरे लिए इस विश्वकप का सबसे यादगार पल था, क्योंकि वह अंतत: चैम्पियन बने... भले ही यह मेरे लिए कोई सकारात्मक याद नहीं है, लेकिन एक चैम्पियन टीम को हराने की बात से मुझे सुकून मिलता है..." वैसे, भारतीय क्रिकेट के महानतम खिलाड़ियों में गिने जाने वाले कपिल देव के लिए एक-दिवसीय क्रिकेट में रंगीन पोशाकों की शुरुआत भी एक यादगार पल था। उल्लेखनीय है कि वर्ष 1992 क्रिकेट विश्वकप में भारत ने पांच मैचों में हार का सामना किया था, और सिर्फ दो मैचों में उन्हें जीत हासिल हुई थी, जिनमें से एक जीत सिडनी में पाकिस्तान के खिलाफ थी। इस मैच में भारत ने बाद में टूर्नामेंट जीती पाकिस्तानी टीम को 43 रन से हराया था। वर्ष 1992 के क्रिकेट विश्वकप में पूर्व कप्तान कपिल देव बतौर खिलाड़ी शामिल हुए थे और कुल उन्होंने 161 रन बनाने के अलावा नौ विकेट भी हासिल किए थे। टिप्पणियां कपिल देव ने कहा, "भारत ने इस विश्वकप में कुछ खास प्रदर्शन नहीं किया था, लेकिन यदि आप मुझसे पूछें तो लीग चरण में पाकिस्तान को हराना मेरे लिए इस विश्वकप का सबसे यादगार पल था, क्योंकि वह अंतत: चैम्पियन बने... भले ही यह मेरे लिए कोई सकारात्मक याद नहीं है, लेकिन एक चैम्पियन टीम को हराने की बात से मुझे सुकून मिलता है..." वैसे, भारतीय क्रिकेट के महानतम खिलाड़ियों में गिने जाने वाले कपिल देव के लिए एक-दिवसीय क्रिकेट में रंगीन पोशाकों की शुरुआत भी एक यादगार पल था। वर्ष 1992 के क्रिकेट विश्वकप में पूर्व कप्तान कपिल देव बतौर खिलाड़ी शामिल हुए थे और कुल उन्होंने 161 रन बनाने के अलावा नौ विकेट भी हासिल किए थे। टिप्पणियां कपिल देव ने कहा, "भारत ने इस विश्वकप में कुछ खास प्रदर्शन नहीं किया था, लेकिन यदि आप मुझसे पूछें तो लीग चरण में पाकिस्तान को हराना मेरे लिए इस विश्वकप का सबसे यादगार पल था, क्योंकि वह अंतत: चैम्पियन बने... भले ही यह मेरे लिए कोई सकारात्मक याद नहीं है, लेकिन एक चैम्पियन टीम को हराने की बात से मुझे सुकून मिलता है..." वैसे, भारतीय क्रिकेट के महानतम खिलाड़ियों में गिने जाने वाले कपिल देव के लिए एक-दिवसीय क्रिकेट में रंगीन पोशाकों की शुरुआत भी एक यादगार पल था। कपिल देव ने कहा, "भारत ने इस विश्वकप में कुछ खास प्रदर्शन नहीं किया था, लेकिन यदि आप मुझसे पूछें तो लीग चरण में पाकिस्तान को हराना मेरे लिए इस विश्वकप का सबसे यादगार पल था, क्योंकि वह अंतत: चैम्पियन बने... भले ही यह मेरे लिए कोई सकारात्मक याद नहीं है, लेकिन एक चैम्पियन टीम को हराने की बात से मुझे सुकून मिलता है..." वैसे, भारतीय क्रिकेट के महानतम खिलाड़ियों में गिने जाने वाले कपिल देव के लिए एक-दिवसीय क्रिकेट में रंगीन पोशाकों की शुरुआत भी एक यादगार पल था। वैसे, भारतीय क्रिकेट के महानतम खिलाड़ियों में गिने जाने वाले कपिल देव के लिए एक-दिवसीय क्रिकेट में रंगीन पोशाकों की शुरुआत भी एक यादगार पल था।
यह एक सारांश है: कपिल देव ने कहा, "भारत ने 1992 के विश्वकप में खास प्रदर्शन नहीं किया था, लेकिन लीग चरण में पाकिस्तान को हराना इस विश्वकप का सबसे यादगार पल था, क्योंकि वह अंतत: चैम्पियन बने..."
9
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: आईपीएल के चौथे सत्र में टीम कोच्चि के लिए खेलने को करियर की नई चुनौती बताते हुए श्रीलंका के महान ऑफ स्पिनर मुथैया मुरलीधरन ने कहा है कि वह चेन्नई सुपर किंग्स, उसके करिश्माई कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और साथी खिलाड़ियों को बहुत मिस करेंगे। आईपीएल तीन और चैम्पियंस लीग में चेन्नई की खिताबी जीत में अहम भूमिका निभाने वाले मुरलीधरन ने पहले तीन सत्र में धोनी की कप्तानी वाली टीम के लिए 40 मैचों में 40 विकेट लिए हैं। चौथे सत्र के लिए हुई नीलामी में टीम कोच्चि ने उन्हें 11 लाख डॉलर में खरीदा। मुरलीधरन ने कोलंबो से कहा, कोच्चि की टीम नई है और हमारे लिए यह नई चुनौती होगी। सही संयोजन के साथ नए सिरे से शुरुआत करेंगे और पहले ही सत्र में बेहतरीन प्रदर्शन करने की कोशिश करेंगे। उन्होंने कहा, मैं अगले दो-तीन साल ही और आईपीएल खेलना चाहता हूं। लिहाजा इस दौरान अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश करूंगा। कोच्चि को निराश नहीं करूंगा, जिसने मुझ पर भरोसा किया है। टेस्ट क्रिकेट में 800 विकेट लेने वाले दुनिया के इस इकलौते गेंदबाज ने हालांकि स्वीकार किया कि चेन्नई की कमी उन्हें महसूस होगी, जो उनका ससुराल भी है। उन्होंने कहा, तीन साल से मैं चेन्नई के साथ खेल रहा था और मेरी पत्नी भी चेन्नई से है, जो मेरी टीम बदले जाने से उदास भी हुई। लेकिन खेल में यह चलता रहता है। चेन्नई के लोगों, धोनी की कप्तानी और साथी खिलाड़ियों को मैं बहुत मिस करूंगा। मेरी ढेरों अच्छी यादें उस टीम के साथ जुड़ी हैं।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: उन्होंने कहा, तीन साल से मैं चेन्नई के साथ खेल रहा था और मेरी पत्नी भी चेन्नई से है, जो मेरी टीम बदले जाने से उदास भी हुई।
19
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: इस पर सुषमा स्वराज ने कहा कि इसमें कोई विवाद नहीं है, विवाद आपके (कांग्रेस) दिमाग में है. सुप्रीम कोर्ट ने आपके हर सवाल का बिंदुवार जवाब दिया है. सुप्रीम कोर्ट की तरफ से हर बिंदु पर सरकार को क्लीन चिट मिली है. इसके बाद विवादित कहना ठीक नहीं है. विदेश मंत्री के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस सांसदों ने राज्यसभा से वाकआउट कर दिया. आनंद शर्मा ने एनडीटीवी से बात करते हुए कहा, 'मैंने विदेश मंत्री से प्रश्न किया था  कि भारत और फ्रांस के बीच 36 राफेल विमान खरीदन के लिए अंतर-सरकारी समझौता है. यह प्रधानमंत्री का फैसला था, इससे एक विवाद खड़ा हुआ है. सरकार अंतर-सरकारी बैठक के मिनट्स संसद में पेश करे और उसे सार्वजनिक करे. लेकिन सरकार तैयार नहीं है. अगर सरकार छुपा नहीं रही तो मिनट्स सार्वजनिक करे.' विदेशी मंत्री सुषमा स्वराज ने अपने बयान में कहा कि 15 दिसंबर को भारत यात्रा के दौरान फ्रांस के विदेश मंत्री से बातचीत के दौरान राफेल पर कोई चर्चा नहीं हुई है. साथ ही यह कहा कि फ्रांस के विदेश मंत्री ने राफेल डील पर सुप्रीम कोर्ट फैसले पर खुशी जताई. इस पर आम आदमी पार्टी के संजय सिंह ने कहा ये दोनों बातें विरोधाभाषी हैं, राफेल पर चर्चा नहीं हुई तो उन्होंने खुशी कैसे जाहिर कर दी.  वहीं टीएमसी के सुखेंदु शेखर रॉय सुषमा स्वराज से पूछा कि क्या फ्रांस के विदेशमंत्री इसलिए खुश थे कि सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय कंपनी के खिलाफ जांच का आदेश नहीं दिया? इस पर सुषमा ने कहा कि ये हमारी चर्चा का विषय नहीं था. किसी एक विषय के लिए उनको नहीं लगा कि एक विवाद खत्म हो गया. वे इसलिए खुश थे क्योंकि उसी दिन कोर्ट का फैसला आया था. वह खुश थे यह उनके चेहरे से प्रकट हो रहा था, इसमें कौन सी बात विरोधाभाषी है.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: राज्यसभा सुषमा स्वराज ने साधा कांग्रेस पर निशाना कहा- विवाद राफेल डील में नहीं, कांग्रेस के दिमाग में है 'सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को दी क्लीन चिट'
19
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेख यादव के साथ अमेरिका के हार्वर्ड विश्वविद्यालय के एक कार्यक्रम में भाग लेने जा रहे प्रदेश के मंत्री आजम खान को पूछताछ के लिए बोस्टन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर थोड़ी देर के लिए रोका गया। बताया जा रहा है कि पूछताछ से नाराज आजम खान अपने बाकी के कार्यक्रमों में शिरकत नहीं करेंगे और वे अपना दौरा छोटा कर जल्द वापस लौट सकते हैं। घटना को जानने वाले सूत्रों ने बताया कि भारत से ब्रिटिश एयरवेज के विमान से बुधवार को बोस्टन लोगन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पहुंचने के बाद खान को ‘और पूछताछ के लिए’ करीब 10 मिनट के लिए रोका गया। शहरी विकास मंत्री खान मुख्यमंत्री के साथ मेसाचुसेट्स के कैम्ब्रिज स्थित हार्वर्ड विश्वविद्यालय के एक सिम्पोजियम में भाग लेने गए थे जहां उन्होंने इलाहाबाद में आयोजित विश्व प्रसिद्ध ‘कुंभ मेले’ पर अध्ययन पेश किया। सूत्रों ने बताया कि टीम के अमेरिका पहुंचने पर आव्रजन और सीमा सुरक्षा अधिकारियों ने शालीनता के साथ भेंट की, उन्हें पूरा सम्मान दिया और अमेरिका में प्रवेश से पहले भरे जान वाले दस्तावेजों की प्रक्रिया पूरी करने में भी मदद की। न्यूयॉर्क में भारत के महावाणिज्य दूतावास के अधिकारियों ने उनकी अगुवानी की। उनके अमेरिका में प्रवेश को मंजूरी मिलने के बाद अमेरिकी सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा शाखा की महिला अधिकारी खान से और पूछताछ करने के लिए उन्हें विपरीत दिशा में बने कमरे में ले गई। यह पूछताछ करीब 10 मिनट चली और फिर खान को छोड़ दिया गया। खबर है कि आजम खान ने आव्रजन क्षेत्र में जमकर हंगामा किया और कहा कि उन्हें मुस्लिम होने के कारण रोका गया है और उन्होंने अधिकारी से माफी मांगने को कहा। अधिकारी ने कहा कि वह सिर्फ अपनी ड्यूटी कर रही थी। एक वक्त पर बहस काफी तेज हो गई।टिप्पणियां उस महिला अधिकारी ने खान को धमकी दी कि वह आंतरिक सुरक्षा विभाग के नियमों के तहत उसको अपनी ड्यूटी करने में बाधा पहुंचाने से रोकने के लिए वह मामला दर्ज कर सकती है। अधिकारी ने मंत्री को समझाने की कोशिश की कि अतिरिक्त पूछताछ या शंका समाधान को अपमान या सुरक्षा को खतरा के संबंध में संदेह की दृष्टि से नहीं देखा जाना चाहिए। इसे लोगों के अमेरिका में प्रवेश के नियमों के तौर पर लिया जाना चाहिए लेकिन मंत्री ने आवाज तेज करते हुए माफी मांगने को कहा। बताया जा रहा है कि पूछताछ से नाराज आजम खान अपने बाकी के कार्यक्रमों में शिरकत नहीं करेंगे और वे अपना दौरा छोटा कर जल्द वापस लौट सकते हैं। घटना को जानने वाले सूत्रों ने बताया कि भारत से ब्रिटिश एयरवेज के विमान से बुधवार को बोस्टन लोगन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पहुंचने के बाद खान को ‘और पूछताछ के लिए’ करीब 10 मिनट के लिए रोका गया। शहरी विकास मंत्री खान मुख्यमंत्री के साथ मेसाचुसेट्स के कैम्ब्रिज स्थित हार्वर्ड विश्वविद्यालय के एक सिम्पोजियम में भाग लेने गए थे जहां उन्होंने इलाहाबाद में आयोजित विश्व प्रसिद्ध ‘कुंभ मेले’ पर अध्ययन पेश किया। सूत्रों ने बताया कि टीम के अमेरिका पहुंचने पर आव्रजन और सीमा सुरक्षा अधिकारियों ने शालीनता के साथ भेंट की, उन्हें पूरा सम्मान दिया और अमेरिका में प्रवेश से पहले भरे जान वाले दस्तावेजों की प्रक्रिया पूरी करने में भी मदद की। न्यूयॉर्क में भारत के महावाणिज्य दूतावास के अधिकारियों ने उनकी अगुवानी की। उनके अमेरिका में प्रवेश को मंजूरी मिलने के बाद अमेरिकी सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा शाखा की महिला अधिकारी खान से और पूछताछ करने के लिए उन्हें विपरीत दिशा में बने कमरे में ले गई। यह पूछताछ करीब 10 मिनट चली और फिर खान को छोड़ दिया गया। खबर है कि आजम खान ने आव्रजन क्षेत्र में जमकर हंगामा किया और कहा कि उन्हें मुस्लिम होने के कारण रोका गया है और उन्होंने अधिकारी से माफी मांगने को कहा। अधिकारी ने कहा कि वह सिर्फ अपनी ड्यूटी कर रही थी। एक वक्त पर बहस काफी तेज हो गई।टिप्पणियां उस महिला अधिकारी ने खान को धमकी दी कि वह आंतरिक सुरक्षा विभाग के नियमों के तहत उसको अपनी ड्यूटी करने में बाधा पहुंचाने से रोकने के लिए वह मामला दर्ज कर सकती है। अधिकारी ने मंत्री को समझाने की कोशिश की कि अतिरिक्त पूछताछ या शंका समाधान को अपमान या सुरक्षा को खतरा के संबंध में संदेह की दृष्टि से नहीं देखा जाना चाहिए। इसे लोगों के अमेरिका में प्रवेश के नियमों के तौर पर लिया जाना चाहिए लेकिन मंत्री ने आवाज तेज करते हुए माफी मांगने को कहा। घटना को जानने वाले सूत्रों ने बताया कि भारत से ब्रिटिश एयरवेज के विमान से बुधवार को बोस्टन लोगन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पहुंचने के बाद खान को ‘और पूछताछ के लिए’ करीब 10 मिनट के लिए रोका गया। शहरी विकास मंत्री खान मुख्यमंत्री के साथ मेसाचुसेट्स के कैम्ब्रिज स्थित हार्वर्ड विश्वविद्यालय के एक सिम्पोजियम में भाग लेने गए थे जहां उन्होंने इलाहाबाद में आयोजित विश्व प्रसिद्ध ‘कुंभ मेले’ पर अध्ययन पेश किया। सूत्रों ने बताया कि टीम के अमेरिका पहुंचने पर आव्रजन और सीमा सुरक्षा अधिकारियों ने शालीनता के साथ भेंट की, उन्हें पूरा सम्मान दिया और अमेरिका में प्रवेश से पहले भरे जान वाले दस्तावेजों की प्रक्रिया पूरी करने में भी मदद की। न्यूयॉर्क में भारत के महावाणिज्य दूतावास के अधिकारियों ने उनकी अगुवानी की। उनके अमेरिका में प्रवेश को मंजूरी मिलने के बाद अमेरिकी सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा शाखा की महिला अधिकारी खान से और पूछताछ करने के लिए उन्हें विपरीत दिशा में बने कमरे में ले गई। यह पूछताछ करीब 10 मिनट चली और फिर खान को छोड़ दिया गया। खबर है कि आजम खान ने आव्रजन क्षेत्र में जमकर हंगामा किया और कहा कि उन्हें मुस्लिम होने के कारण रोका गया है और उन्होंने अधिकारी से माफी मांगने को कहा। अधिकारी ने कहा कि वह सिर्फ अपनी ड्यूटी कर रही थी। एक वक्त पर बहस काफी तेज हो गई।टिप्पणियां उस महिला अधिकारी ने खान को धमकी दी कि वह आंतरिक सुरक्षा विभाग के नियमों के तहत उसको अपनी ड्यूटी करने में बाधा पहुंचाने से रोकने के लिए वह मामला दर्ज कर सकती है। अधिकारी ने मंत्री को समझाने की कोशिश की कि अतिरिक्त पूछताछ या शंका समाधान को अपमान या सुरक्षा को खतरा के संबंध में संदेह की दृष्टि से नहीं देखा जाना चाहिए। इसे लोगों के अमेरिका में प्रवेश के नियमों के तौर पर लिया जाना चाहिए लेकिन मंत्री ने आवाज तेज करते हुए माफी मांगने को कहा। शहरी विकास मंत्री खान मुख्यमंत्री के साथ मेसाचुसेट्स के कैम्ब्रिज स्थित हार्वर्ड विश्वविद्यालय के एक सिम्पोजियम में भाग लेने गए थे जहां उन्होंने इलाहाबाद में आयोजित विश्व प्रसिद्ध ‘कुंभ मेले’ पर अध्ययन पेश किया। सूत्रों ने बताया कि टीम के अमेरिका पहुंचने पर आव्रजन और सीमा सुरक्षा अधिकारियों ने शालीनता के साथ भेंट की, उन्हें पूरा सम्मान दिया और अमेरिका में प्रवेश से पहले भरे जान वाले दस्तावेजों की प्रक्रिया पूरी करने में भी मदद की। न्यूयॉर्क में भारत के महावाणिज्य दूतावास के अधिकारियों ने उनकी अगुवानी की। उनके अमेरिका में प्रवेश को मंजूरी मिलने के बाद अमेरिकी सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा शाखा की महिला अधिकारी खान से और पूछताछ करने के लिए उन्हें विपरीत दिशा में बने कमरे में ले गई। यह पूछताछ करीब 10 मिनट चली और फिर खान को छोड़ दिया गया। खबर है कि आजम खान ने आव्रजन क्षेत्र में जमकर हंगामा किया और कहा कि उन्हें मुस्लिम होने के कारण रोका गया है और उन्होंने अधिकारी से माफी मांगने को कहा। अधिकारी ने कहा कि वह सिर्फ अपनी ड्यूटी कर रही थी। एक वक्त पर बहस काफी तेज हो गई।टिप्पणियां उस महिला अधिकारी ने खान को धमकी दी कि वह आंतरिक सुरक्षा विभाग के नियमों के तहत उसको अपनी ड्यूटी करने में बाधा पहुंचाने से रोकने के लिए वह मामला दर्ज कर सकती है। अधिकारी ने मंत्री को समझाने की कोशिश की कि अतिरिक्त पूछताछ या शंका समाधान को अपमान या सुरक्षा को खतरा के संबंध में संदेह की दृष्टि से नहीं देखा जाना चाहिए। इसे लोगों के अमेरिका में प्रवेश के नियमों के तौर पर लिया जाना चाहिए लेकिन मंत्री ने आवाज तेज करते हुए माफी मांगने को कहा। सूत्रों ने बताया कि टीम के अमेरिका पहुंचने पर आव्रजन और सीमा सुरक्षा अधिकारियों ने शालीनता के साथ भेंट की, उन्हें पूरा सम्मान दिया और अमेरिका में प्रवेश से पहले भरे जान वाले दस्तावेजों की प्रक्रिया पूरी करने में भी मदद की। न्यूयॉर्क में भारत के महावाणिज्य दूतावास के अधिकारियों ने उनकी अगुवानी की। उनके अमेरिका में प्रवेश को मंजूरी मिलने के बाद अमेरिकी सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा शाखा की महिला अधिकारी खान से और पूछताछ करने के लिए उन्हें विपरीत दिशा में बने कमरे में ले गई। यह पूछताछ करीब 10 मिनट चली और फिर खान को छोड़ दिया गया। खबर है कि आजम खान ने आव्रजन क्षेत्र में जमकर हंगामा किया और कहा कि उन्हें मुस्लिम होने के कारण रोका गया है और उन्होंने अधिकारी से माफी मांगने को कहा। अधिकारी ने कहा कि वह सिर्फ अपनी ड्यूटी कर रही थी। एक वक्त पर बहस काफी तेज हो गई।टिप्पणियां उस महिला अधिकारी ने खान को धमकी दी कि वह आंतरिक सुरक्षा विभाग के नियमों के तहत उसको अपनी ड्यूटी करने में बाधा पहुंचाने से रोकने के लिए वह मामला दर्ज कर सकती है। अधिकारी ने मंत्री को समझाने की कोशिश की कि अतिरिक्त पूछताछ या शंका समाधान को अपमान या सुरक्षा को खतरा के संबंध में संदेह की दृष्टि से नहीं देखा जाना चाहिए। इसे लोगों के अमेरिका में प्रवेश के नियमों के तौर पर लिया जाना चाहिए लेकिन मंत्री ने आवाज तेज करते हुए माफी मांगने को कहा। न्यूयॉर्क में भारत के महावाणिज्य दूतावास के अधिकारियों ने उनकी अगुवानी की। उनके अमेरिका में प्रवेश को मंजूरी मिलने के बाद अमेरिकी सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा शाखा की महिला अधिकारी खान से और पूछताछ करने के लिए उन्हें विपरीत दिशा में बने कमरे में ले गई। यह पूछताछ करीब 10 मिनट चली और फिर खान को छोड़ दिया गया। खबर है कि आजम खान ने आव्रजन क्षेत्र में जमकर हंगामा किया और कहा कि उन्हें मुस्लिम होने के कारण रोका गया है और उन्होंने अधिकारी से माफी मांगने को कहा। अधिकारी ने कहा कि वह सिर्फ अपनी ड्यूटी कर रही थी। एक वक्त पर बहस काफी तेज हो गई।टिप्पणियां उस महिला अधिकारी ने खान को धमकी दी कि वह आंतरिक सुरक्षा विभाग के नियमों के तहत उसको अपनी ड्यूटी करने में बाधा पहुंचाने से रोकने के लिए वह मामला दर्ज कर सकती है। अधिकारी ने मंत्री को समझाने की कोशिश की कि अतिरिक्त पूछताछ या शंका समाधान को अपमान या सुरक्षा को खतरा के संबंध में संदेह की दृष्टि से नहीं देखा जाना चाहिए। इसे लोगों के अमेरिका में प्रवेश के नियमों के तौर पर लिया जाना चाहिए लेकिन मंत्री ने आवाज तेज करते हुए माफी मांगने को कहा। यह पूछताछ करीब 10 मिनट चली और फिर खान को छोड़ दिया गया। खबर है कि आजम खान ने आव्रजन क्षेत्र में जमकर हंगामा किया और कहा कि उन्हें मुस्लिम होने के कारण रोका गया है और उन्होंने अधिकारी से माफी मांगने को कहा। अधिकारी ने कहा कि वह सिर्फ अपनी ड्यूटी कर रही थी। एक वक्त पर बहस काफी तेज हो गई।टिप्पणियां उस महिला अधिकारी ने खान को धमकी दी कि वह आंतरिक सुरक्षा विभाग के नियमों के तहत उसको अपनी ड्यूटी करने में बाधा पहुंचाने से रोकने के लिए वह मामला दर्ज कर सकती है। अधिकारी ने मंत्री को समझाने की कोशिश की कि अतिरिक्त पूछताछ या शंका समाधान को अपमान या सुरक्षा को खतरा के संबंध में संदेह की दृष्टि से नहीं देखा जाना चाहिए। इसे लोगों के अमेरिका में प्रवेश के नियमों के तौर पर लिया जाना चाहिए लेकिन मंत्री ने आवाज तेज करते हुए माफी मांगने को कहा। खबर है कि आजम खान ने आव्रजन क्षेत्र में जमकर हंगामा किया और कहा कि उन्हें मुस्लिम होने के कारण रोका गया है और उन्होंने अधिकारी से माफी मांगने को कहा। अधिकारी ने कहा कि वह सिर्फ अपनी ड्यूटी कर रही थी। एक वक्त पर बहस काफी तेज हो गई।टिप्पणियां उस महिला अधिकारी ने खान को धमकी दी कि वह आंतरिक सुरक्षा विभाग के नियमों के तहत उसको अपनी ड्यूटी करने में बाधा पहुंचाने से रोकने के लिए वह मामला दर्ज कर सकती है। अधिकारी ने मंत्री को समझाने की कोशिश की कि अतिरिक्त पूछताछ या शंका समाधान को अपमान या सुरक्षा को खतरा के संबंध में संदेह की दृष्टि से नहीं देखा जाना चाहिए। इसे लोगों के अमेरिका में प्रवेश के नियमों के तौर पर लिया जाना चाहिए लेकिन मंत्री ने आवाज तेज करते हुए माफी मांगने को कहा। उस महिला अधिकारी ने खान को धमकी दी कि वह आंतरिक सुरक्षा विभाग के नियमों के तहत उसको अपनी ड्यूटी करने में बाधा पहुंचाने से रोकने के लिए वह मामला दर्ज कर सकती है। अधिकारी ने मंत्री को समझाने की कोशिश की कि अतिरिक्त पूछताछ या शंका समाधान को अपमान या सुरक्षा को खतरा के संबंध में संदेह की दृष्टि से नहीं देखा जाना चाहिए। इसे लोगों के अमेरिका में प्रवेश के नियमों के तौर पर लिया जाना चाहिए लेकिन मंत्री ने आवाज तेज करते हुए माफी मांगने को कहा। अधिकारी ने मंत्री को समझाने की कोशिश की कि अतिरिक्त पूछताछ या शंका समाधान को अपमान या सुरक्षा को खतरा के संबंध में संदेह की दृष्टि से नहीं देखा जाना चाहिए। इसे लोगों के अमेरिका में प्रवेश के नियमों के तौर पर लिया जाना चाहिए लेकिन मंत्री ने आवाज तेज करते हुए माफी मांगने को कहा।
यहाँ एक सारांश है:उत्तर प्रदेश के मंत्री आजम खान से बोस्टन के लोगान एयरपोर्ट पर रोककर पूछताछ की गई। एयरपोर्ट के अधिकारियों ने डिप्लोमैटिक पासपोर्ट को नजरअंदाज किया गया।
17
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: सरकार ने दूरसंचार कंपनियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे 31 मई तक कॉल ट्रैकिंग प्रणाली को हर हाल में लागू करें। यानी तुरंत कॉल के लोकेशन का पता लगाया जा सके। ऐसे में सरकार और दूरसंचार कंपनियों के बीच गतिरोध की स्थिति पैदा हो सकती है। सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआई) और एसोसिएशन आफ यूनिफाइड सर्विस प्रोवाइडर्स ऑफ इंडिया (ऑस्पी) ने इस कदम का विरोध किया है। वहीं दूसरी ओर सरकार 31 मई की समयसीमा को आगे बढ़ाने को तैयार नहीं दिखाई देती। सरकार ने दूरसंचार कंपनियों को स्पष्ट किया है कि उन्हें इस समयसीमा का हर हाल में पालन करना होगा।टिप्पणियां गृह मंत्रालय ने दूरसंचार विभाग से मोबाइल फोन के गंतव्य और कॉल की डिटेल न मिलने को लेकर चिंता जताई थी। इसी के मद्देनजर गुरुवार को उच्चस्तरीय बैठक बुलाई गई थी। सीओएआई के महानिदेशक राजन मैथ्यू ने कहा कि ऑस्पी के साथ सभी सेवा प्रदाताओं के विचार सरकार के समक्ष रखे गए। जहां सरकार ने इस मामले में अपना रुख कड़ा करते हुए कहा है कि वह इसके लिए और समय नहीं देगी, वहीं आपरेटरों का कहना है कि वे और समय की मांग को लेकर दबाव बनाएंगे। सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआई) और एसोसिएशन आफ यूनिफाइड सर्विस प्रोवाइडर्स ऑफ इंडिया (ऑस्पी) ने इस कदम का विरोध किया है। वहीं दूसरी ओर सरकार 31 मई की समयसीमा को आगे बढ़ाने को तैयार नहीं दिखाई देती। सरकार ने दूरसंचार कंपनियों को स्पष्ट किया है कि उन्हें इस समयसीमा का हर हाल में पालन करना होगा।टिप्पणियां गृह मंत्रालय ने दूरसंचार विभाग से मोबाइल फोन के गंतव्य और कॉल की डिटेल न मिलने को लेकर चिंता जताई थी। इसी के मद्देनजर गुरुवार को उच्चस्तरीय बैठक बुलाई गई थी। सीओएआई के महानिदेशक राजन मैथ्यू ने कहा कि ऑस्पी के साथ सभी सेवा प्रदाताओं के विचार सरकार के समक्ष रखे गए। जहां सरकार ने इस मामले में अपना रुख कड़ा करते हुए कहा है कि वह इसके लिए और समय नहीं देगी, वहीं आपरेटरों का कहना है कि वे और समय की मांग को लेकर दबाव बनाएंगे। गृह मंत्रालय ने दूरसंचार विभाग से मोबाइल फोन के गंतव्य और कॉल की डिटेल न मिलने को लेकर चिंता जताई थी। इसी के मद्देनजर गुरुवार को उच्चस्तरीय बैठक बुलाई गई थी। सीओएआई के महानिदेशक राजन मैथ्यू ने कहा कि ऑस्पी के साथ सभी सेवा प्रदाताओं के विचार सरकार के समक्ष रखे गए। जहां सरकार ने इस मामले में अपना रुख कड़ा करते हुए कहा है कि वह इसके लिए और समय नहीं देगी, वहीं आपरेटरों का कहना है कि वे और समय की मांग को लेकर दबाव बनाएंगे। जहां सरकार ने इस मामले में अपना रुख कड़ा करते हुए कहा है कि वह इसके लिए और समय नहीं देगी, वहीं आपरेटरों का कहना है कि वे और समय की मांग को लेकर दबाव बनाएंगे।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सरकार ने दूरसंचार कंपनियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे 31 मई तक कॉल ट्रैकिंग प्रणाली को हर हाल में लागू करें। यानी तुरंत कॉल के लोकेशन का पता लगाया जा सके। ऐसे में सरकार और दूरसंचार कंपनियों के बीच गतिरोध की स्थिति पैदा हो सकती है।
11
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: श्रम मंत्रालय की इस नई पॉलिसी के तहत हर राज्य में सोशल सिक्योरिटी फंड बनेगा. इसके ज़रिए पेंशन, मेडिकल सुविधा, मैटरनिटी सुविधा, बेरोज़गारी भत्ता, सिक्नेस बेनेफिट, डिसेबलमेन्ट बेनेफिट, इनवेलेडिटी बेनेफिट, डिपेनडेन्ट्स बेनेफिट, प्रोविडेन्ट फंड की सुविधा और ग्रुप इंश्योरेन्स बेनेफिट जैसी 10 बुनियादी सामाजिक सुरक्षा सुविधाओं की योजना हर बीपीएल मज़दूर और उसके परिवार तक पहुंचाने का प्रस्ताव है. इसमें एक ग्रेच्युटी फंड भी बनाया जाएगा. इस नई सामाजिक सुरक्षा योजना का फायदा 10 करोड़ गरीब मज़दूरों तक पहुंचाने पर हर साल 1 लाख 20 हज़ार करोड़ तक के खर्च का अनुमान है. श्रम मंत्रालय ने वित्त मंत्रालय को दिए सुझाव में कहा कि इस स्कीम को धीरे-धीरे लागू किया जाना चाहिए. सबसे पहले इस योजना के तहत गरीब तबके के लोगों को कवर किया जाना चाहिए. ऐसा करने पर मंत्रालय को योजना की शुरुआत में कम पैसों की जरूरत पड़ेगी.टिप्पणियां इसके बाद इस स्कीम को यूनिवर्सल बनाने के लिए फंड आवंटन अगले 5 से 10 सालों में बढ़ाया जा सकता है. लेबर मिनिस्ट्री ने इस स्कीम को व्यापक रखने की बात कही है, जिससे हेल्थ, रियार्मेंट, वृद्धा अवस्था, बेरोजगारी और मैटरनिटी आदि को 50 करोड़ कामगरों तक पहुंचाया जा सके. बता दें कि नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम के बाद सरकार की ये दूसरी सबसे बड़ी स्कीम है. इससे पहले सरकार ने 'नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम' का ऐलान 10 करोड़ गरीब परिवारों के लिए किया था. जिसके तहत प्रत्येक परिवार को 5 लाख रुपए का हेल्थ कवर देने की योजना है. इसमें एक ग्रेच्युटी फंड भी बनाया जाएगा. इस नई सामाजिक सुरक्षा योजना का फायदा 10 करोड़ गरीब मज़दूरों तक पहुंचाने पर हर साल 1 लाख 20 हज़ार करोड़ तक के खर्च का अनुमान है. श्रम मंत्रालय ने वित्त मंत्रालय को दिए सुझाव में कहा कि इस स्कीम को धीरे-धीरे लागू किया जाना चाहिए. सबसे पहले इस योजना के तहत गरीब तबके के लोगों को कवर किया जाना चाहिए. ऐसा करने पर मंत्रालय को योजना की शुरुआत में कम पैसों की जरूरत पड़ेगी.टिप्पणियां इसके बाद इस स्कीम को यूनिवर्सल बनाने के लिए फंड आवंटन अगले 5 से 10 सालों में बढ़ाया जा सकता है. लेबर मिनिस्ट्री ने इस स्कीम को व्यापक रखने की बात कही है, जिससे हेल्थ, रियार्मेंट, वृद्धा अवस्था, बेरोजगारी और मैटरनिटी आदि को 50 करोड़ कामगरों तक पहुंचाया जा सके. बता दें कि नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम के बाद सरकार की ये दूसरी सबसे बड़ी स्कीम है. इससे पहले सरकार ने 'नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम' का ऐलान 10 करोड़ गरीब परिवारों के लिए किया था. जिसके तहत प्रत्येक परिवार को 5 लाख रुपए का हेल्थ कवर देने की योजना है. इसके बाद इस स्कीम को यूनिवर्सल बनाने के लिए फंड आवंटन अगले 5 से 10 सालों में बढ़ाया जा सकता है. लेबर मिनिस्ट्री ने इस स्कीम को व्यापक रखने की बात कही है, जिससे हेल्थ, रियार्मेंट, वृद्धा अवस्था, बेरोजगारी और मैटरनिटी आदि को 50 करोड़ कामगरों तक पहुंचाया जा सके. बता दें कि नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम के बाद सरकार की ये दूसरी सबसे बड़ी स्कीम है. इससे पहले सरकार ने 'नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम' का ऐलान 10 करोड़ गरीब परिवारों के लिए किया था. जिसके तहत प्रत्येक परिवार को 5 लाख रुपए का हेल्थ कवर देने की योजना है. बता दें कि नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम के बाद सरकार की ये दूसरी सबसे बड़ी स्कीम है. इससे पहले सरकार ने 'नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम' का ऐलान 10 करोड़ गरीब परिवारों के लिए किया था. जिसके तहत प्रत्येक परिवार को 5 लाख रुपए का हेल्थ कवर देने की योजना है.
यह एक सारांश है: हाल ही में पीएमओ ने योजना को हरि झंडी दिखाई श्रम मंत्रालय ने प्रस्तुत किया था ड्राफ्ट वित्तमंत्रालय के साथ चल रहा मंथन.
16
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: रुचिका गिरहोत्रा के परिवार ने हरियाणा के पूर्व डीजीपी एसपीएस राठौड़ के खिलाफ प्रताड़ना आरोप खत्म किए जाने संबंधी सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट पर कोई आपत्ति नहीं जताई है। रुचिका ने हरियाणा के पूर्व डीजीपी एसपीएस राठौड़ द्वारा छेड़छाड़ किए जाने के बाद आत्महत्या कर ली थी। जांच एजेंसी द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि पुलिस हिरासत में रुचिका के भाई आशु को प्रताड़ित किए जाने की बात को साबित करने के लिए कोई सबूत नहीं है। इसके अलावा पीड़ित की पोस्ट मार्टम रिपोर्ट पर उसके पिता एससी गिरहोत्रा के फर्जी दस्तखत का भी कोई सबूत नहीं है।टिप्पणियां सीबीआई ने इन दोनों मामलों में क्लोजर रिपोर्ट 2010 में दाखिल की थी। इसे पंचकुला में सीबीआई अदालत ने शुक्रवार को स्वीकार कर लिया। पंचकुला अदालत के समक्ष पेश एससी गिरहोत्रा और आशु ने सीबीआई के इस कदम पर कोई आपत्ति नहीं जताई। आशु ने आरोप लगाया था कि छेड़छाड़ मामले के बाद राठौड़ के इशारे पर उसके खिलाफ वाहन चोरी का झूठा मुकदमा दर्ज किया गया और हरियाणा पुलिस ने उसे प्रताड़ित किया। राठौड़ उस समय आईजी रैंक का आधिकारी था। सीबीआई ने कहा कि आरोप के समर्थन में कोई सबूत नहीं है। रुचिका ने हरियाणा के पूर्व डीजीपी एसपीएस राठौड़ द्वारा छेड़छाड़ किए जाने के बाद आत्महत्या कर ली थी। जांच एजेंसी द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि पुलिस हिरासत में रुचिका के भाई आशु को प्रताड़ित किए जाने की बात को साबित करने के लिए कोई सबूत नहीं है। इसके अलावा पीड़ित की पोस्ट मार्टम रिपोर्ट पर उसके पिता एससी गिरहोत्रा के फर्जी दस्तखत का भी कोई सबूत नहीं है।टिप्पणियां सीबीआई ने इन दोनों मामलों में क्लोजर रिपोर्ट 2010 में दाखिल की थी। इसे पंचकुला में सीबीआई अदालत ने शुक्रवार को स्वीकार कर लिया। पंचकुला अदालत के समक्ष पेश एससी गिरहोत्रा और आशु ने सीबीआई के इस कदम पर कोई आपत्ति नहीं जताई। आशु ने आरोप लगाया था कि छेड़छाड़ मामले के बाद राठौड़ के इशारे पर उसके खिलाफ वाहन चोरी का झूठा मुकदमा दर्ज किया गया और हरियाणा पुलिस ने उसे प्रताड़ित किया। राठौड़ उस समय आईजी रैंक का आधिकारी था। सीबीआई ने कहा कि आरोप के समर्थन में कोई सबूत नहीं है। सीबीआई ने इन दोनों मामलों में क्लोजर रिपोर्ट 2010 में दाखिल की थी। इसे पंचकुला में सीबीआई अदालत ने शुक्रवार को स्वीकार कर लिया। पंचकुला अदालत के समक्ष पेश एससी गिरहोत्रा और आशु ने सीबीआई के इस कदम पर कोई आपत्ति नहीं जताई। आशु ने आरोप लगाया था कि छेड़छाड़ मामले के बाद राठौड़ के इशारे पर उसके खिलाफ वाहन चोरी का झूठा मुकदमा दर्ज किया गया और हरियाणा पुलिस ने उसे प्रताड़ित किया। राठौड़ उस समय आईजी रैंक का आधिकारी था। सीबीआई ने कहा कि आरोप के समर्थन में कोई सबूत नहीं है। आशु ने आरोप लगाया था कि छेड़छाड़ मामले के बाद राठौड़ के इशारे पर उसके खिलाफ वाहन चोरी का झूठा मुकदमा दर्ज किया गया और हरियाणा पुलिस ने उसे प्रताड़ित किया। राठौड़ उस समय आईजी रैंक का आधिकारी था। सीबीआई ने कहा कि आरोप के समर्थन में कोई सबूत नहीं है।
रुचिका गिरहोत्रा के परिवार ने हरियाणा के पूर्व डीजीपी एसपीएस राठौड़ के खिलाफ प्रताड़ना आरोप खत्म किए जाने संबंधी सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट पर कोई आपत्ति नहीं जताई है।
6
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: केरल में लोकसभा चुनावों की तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे अमित शाह ने एक जनसभा को संबोधित किया. जहां शाह ने केरल की सत्ता पर काबिज वाम दल और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा. बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि कम्युनिस्ट पार्टी का दुनियाभर में अस्तित्व नहीं बचा है. देश में कांग्रेस पार्टी की यही स्थिति है.  शाह ने केरलवासियों से कहा, नरेंद्र मोदी को एक मौका दीजिए. हम केरल को देश का नंबर एक राज्य बनाएंगे. सबरीमला मुद्दे पर केरल की सत्तारूढ़ माकपा की आलोचना करते हुए भाजपा अध्यक्ष शाह ने कहा कि राज्य सरकार अयप्पा के करोड़ों श्रद्धालुओं को ठग रही है और उन्हें न्याय से वंचित कर रही है. शाह के अनुसार इससे राज्य में इस कम्युनिस्ट पार्टी की बुनियाद डांवाडोल हो जाएगी. बीजेपी अध्यक्ष ने वाम सरकार पर प्रहार करते हुए कहा कि सबरीमला प्रदर्शन के दौरान 2000 से अधिक श्रद्धालु सलाखों के पीछे डाल दिये गये और 30000 से अधिक लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किये गये.  शाह ने कहा कि वाममोर्चा सरकार देश में सबरीमला के करोड़ों श्रद्धालुओं को ठगती आ रही है. मैं आपको याद दिलाना चाहता हूं कि इससे बस कम्युनिस्ट पार्टी की बुनियाद डांवाडोल हो जाएगी. शाह ने कहा, वाममोर्चा सरकार कह रही है कि वह उच्चतम न्यायालय के फैसले से बंधी है. लेकिन हाई कोर्ट ने तो यह भी कहा है कि मस्जिदों में लाउडस्पीकर का इस्तेमाल नहीं किया जाए उन्होंने सवाल किया, कितनी मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाये गये। क्या आपने उस फैसले को लागू किया। '' शाह ने कहा,‘‘नास्तिक कम्युनिस्टों ने आस्थावानों को इंसाफ से वंचित किया.
संक्षिप्त पाठ: केरल में लोकसभा चुनावों की तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे शाह सबरीमाला मुद्दे पर वाम सरकार पर साधा निशाना कहा- राज्य सरकार अयप्पा के करोड़ों श्रद्धालुओं को ठग रही
22
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: वहीं हंगामे के बीच गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, "यह ड्राफ्ट सूची है, अंतिम सूची (फाइनल लिस्ट) नहीं. अगर किसी का नाम फाइनल लिस्ट में भी नहीं आता है, तो भी वह विदेशी न्यायाधिकरण में जा सकता है. किसी के भी विरुद्ध बलपूर्वक कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी, इसलिए किसी को भी घबराने की ज़रूरत नहीं है."  केंद्रीय गृहमंत्री  ने कहा है कि किसी को भी घबराने की ज़रूरत नहीं है, क्योंकि जिनका नाम लिस्ट में नहीं है, उनके खिलाफ किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी. केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा, "कुछ लोग अनावश्यक रूप से डर का माहौल पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं. यह पूरी तरह निष्पक्ष रिपोर्ट है. किसी भी तरह की गलत सूचना नहीं फैलाई जानी चाहिए." (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
एनआरसी मौसदे पर राजनीति तेज ममता ने केंद्र पर सवाल उठाये सवाल सह कुछ SC की निगरानी में : राजनाथ सिंह
34
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अफगानिस्तान में अल्पसंख्यक हिन्दुओं और सिखों की आबादी घट रही है और इन समुदायों को अपने मृत लोगों का दाह संस्कार करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता से संबंधित एक अमेरिकी रिपोर्ट में ऐसा कहा गया है।टिप्पणियां अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को जारी की गई इस रिपोर्ट में कहा, ‘‘पिछले कई सालों से हिन्दू और सिख समुदाय की ऐसी शिकायतें सामने आ रही हैं कि उन्हें दाह संस्कार स्थलों के आसपास रहने वाले लोगों के हस्तक्षेप की वजह से अपने मृत परिजनों का दाह संस्कार करने में दिक्कत का सामना करना पड़ता है।’’ रिपोर्ट के अनुसार अफगान सरकार हिन्दुओं और सिख समुदाय के लोगों के दाह संस्कार संबंधी अधिकारों की रक्षा नहीं कर रही है। रिपोर्ट के अनुसार 2001 तक यहां रहने वाले मूल हिन्दुओं और सिखों की छोटी आबादी को छोड़कर गैर मुस्लिम आबादी वस्तुत: खत्म हो गई। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को जारी की गई इस रिपोर्ट में कहा, ‘‘पिछले कई सालों से हिन्दू और सिख समुदाय की ऐसी शिकायतें सामने आ रही हैं कि उन्हें दाह संस्कार स्थलों के आसपास रहने वाले लोगों के हस्तक्षेप की वजह से अपने मृत परिजनों का दाह संस्कार करने में दिक्कत का सामना करना पड़ता है।’’ रिपोर्ट के अनुसार अफगान सरकार हिन्दुओं और सिख समुदाय के लोगों के दाह संस्कार संबंधी अधिकारों की रक्षा नहीं कर रही है। रिपोर्ट के अनुसार 2001 तक यहां रहने वाले मूल हिन्दुओं और सिखों की छोटी आबादी को छोड़कर गैर मुस्लिम आबादी वस्तुत: खत्म हो गई। रिपोर्ट के अनुसार अफगान सरकार हिन्दुओं और सिख समुदाय के लोगों के दाह संस्कार संबंधी अधिकारों की रक्षा नहीं कर रही है। रिपोर्ट के अनुसार 2001 तक यहां रहने वाले मूल हिन्दुओं और सिखों की छोटी आबादी को छोड़कर गैर मुस्लिम आबादी वस्तुत: खत्म हो गई।
सारांश: अफगानिस्तान में अल्पसंख्यक हिन्दुओं और सिखों की आबादी घट रही है और इन समुदायों को अपने मृत लोगों का दाह संस्कार करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
20
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: विवाह की सफलता के लिए पैसा या शारीरिक अंतरंगता से कहीं अधिक आवश्यक आपस का दोस्ताना सम्बंध है। एक सर्वेक्षण में शामिल अधिकतर लोगों ने शादी को एक पवित्र गठबंधन बताया और कहा कि इसे टूटना नहीं चाहिए। वैवाहिक विज्ञापन सम्बंधी वेबसाइट 'भारतमैट्रीमोनी' के हालिया सर्वेक्षण से शादी की सफलता के लिए पैसे और शारीरिक अंतरंगता की आवश्यकता की पुरानी धारणा कहीं पीछे छूट गई है। सर्वेक्षण के दौरान अधिकतर लोगों ने इन्हें आपस में दोस्ताना सम्बंधों की अपेक्षा कम महत्व दिया। सर्वेक्षण में 5200 लोगों को शामिल किया गया था, जिनमें से 55 फीसदी ने सफल वैवाहिक जीवन के लिए आपस के साथ को काफी अहम माना। केवल 19 फीसदी लोगों ने शादी की सफलता के लिए आर्थिक स्थिरता को आवश्यक बताया, जबकि केवल 10.3 प्रतिशत लोगों ने इसके लिए शारीरिक अंतरंगता को जरूरी बताया। करीब 10 प्रतिशत लोगों ने पति-पत्नी द्वारा समान धर्म में यकीन को वैवाहिक जीवन की सफलता के लिए आवश्यक बताया, जबकि सबसे कम लोगों ने इस बात में यकीन जताया कि विवाह की सफलता के लिए बच्चों का होना जरूरी है। भारतमैट्रीमोनी के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी मुरुगवेल जानकीरमन ने कहा, "विवाह की सफलता के लिए आपस का दोस्ताना सम्बंध सबसे महत्वपूर्ण कारक के रूप में उभरा है। सर्वेक्षण में शामिल अधिकतर लोगों ने शादी को एक पवित्र गठबंधन बताया और कहा कि इसे टूटना नहीं चाहिए।" सर्वेक्षण में शामिल लोगों से कुछ अन्य मुद्दों पर भी बात की गई, जिसके मुताबिक 38 प्रतिशत ने कहा कि वे शादी बचाने के लिए अपनी स्वतंत्रता कुर्बान कर देंगे, जबकि 34 प्रतिशत ने ऐसा करने से इनकार किया। वहीं, 28 फीसदी लोग इसे लेकर तटस्थ रहे। विवाह पूर्व शारीरिक सम्बंधों पर भी 34.5 प्रतिशत लोगों ने कोई आपत्ति नहीं जताई, जबकि 41.4 प्रतिशत लोगों ने इसे लेकर नाराजगी व्यक्त की। वहीं 24 प्रतिशत इस पर तटस्थ बने रहे।
सारांश: एक सर्वेक्षण में शामिल अधिकतर लोगों ने शादी को एक पवित्र गठबंधन बताया और कहा कि इसे टूटना नहीं चाहिए।
31
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: मध्यप्रदेश के नए मुख्यमंत्री कमलनाथ को राजकाज के लिए सलाहकारों की आवश्यकता है. प्रदेश में कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद करीब हर स्तर पर बदलाव का दौर जारी है. मुख्यमंत्री कमलनाथ के लिए विभिन्न सलाहकारों की तलाश तेज कर दी गई है. सूत्रों का कहना है कि राज्य में नई सरकार है और कामकाज में बड़ा बदलाव लाने के साथ आम लोगों को यह अहसास कराना जरूरी है कि नई सरकार आई है. यह तभी संभव है जब नई टीम तैनात की जाए. पहले प्रशासनिक सर्जरी की जा रही है, उसके बाद मुख्यमंत्री के सलाहकारों की तैनाती की जाएगी. सूत्रों का दावा है कि आने वाले दिनों में मुख्यमंत्री कमलनाथ के समन्वयक की नियुक्ति होगी और मीडिया सलाहकार की तैनाती की जाएगी. साथ ही आर्थिक, सामाजिक मुद्दों के जानकारों को भी बतौर सलाहकार नियुक्त किया जा सकता है. इसके लिए मुख्यमंत्री से करीब का नाता रखने वालों को टटोला जा रहा है. कोई दिल्ली से लाया जा रहा है, तो किसी को दूसरे राज्य से लाने की तैयारी चल रही है. सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री के लिए ऐसे सलाहकारों की तलाश जारी है, जिन पर न तो कोई बड़ा आरोप हो, राज्य से किसी न किसी रूप में रिश्ता रहा हो और उनकी कांग्रेस के प्रति निष्ठा भी हो. इसके साथ ही कमलनाथ को उनके साथ समन्वय बनाने में दिक्कत न आए. कमलनाथ की कार्यशैली को जानने वालों को विशेष महत्व दिया जाएगा. (इनपुट आईएएनएस से)
संक्षिप्त पाठ: मुख्यमंत्री के सलाहकारों की नियुक्ति की जाएगी कमलनाथ से करीब का नाता रखने वालों को टटोला जा रहा कमलनाथ की कार्यशैली को जानने वालों को विशेष महत्व
13
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: Marjaavaan Box Office Collection Day 3: बॉलीवुड एक्टर सिद्धार्थ मल्होत्रा (Sidharth Malhotra), तारा सूतारिया (Tara Sutaria) और रितेश देशमुख की  फिल्म 'मरजावां (Marjaavaan)' रिलीज हो गई है. लव स्टोरी और बदले की कहानी पर आधारित इस फिल्म को दर्शकों का काफी प्यार मिल रहा है. यह फिल्म दर्शकों को काफी पसंद भी आ रही है. बॉक्स ऑफिस इंडिया डॉट कॉम के मुताबिक फिल्म 'मरजावां (Marjaavaan Box Office Collection)' ने तीसरे दिन भी काफी अच्छी कमाई की. फिल्म ने रविवार यानी वीकेंड पर 9.30 से 10 करोड़ रुपये की दमदार कमाई की है. दीपिका पादुकोण ने कैंची उठाई और काट दी रणवीर सिंह की मूंछ, वायरल हुआ Video इस हिसाब से सिद्धार्थ मल्होत्रा की फिल्म 'मरजावां' ने केवल तीन दिन में 23.50 करोड़ रुपये की अच्छी-खासी कमाई कर ली है. फिल्म की कमाई को देखते हुए यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि जल्द ही यह फिल्म 50 करोड़ के आंकड़े को भी पार कर देगी. मिलाप जवेरी द्वारा निर्देशित सिद्धार्थ मल्होत्रा (Sidharth Malhotra) और रितेश देशमुख की फिल्म 'मरजावां (Marjaavaan)' में इन तीनों कलाकारों के अलावा एक्ट्रेस रकुल प्रीत (Rakul Preet) भी मुख्य किरदार में नजर आ रही हैं. फिल्म में तारा सूतारिया दिव्यांग लड़की का किरदार निभा रही है, जो बोल और सुन नहीं सकती.  खेसारी लाल यादव के 'ठीक है' सॉन्ग का नया वर्जन आया सामने, YouTube पर Video ने मचाया तहलका हालांकि सिद्धार्थ मल्होत्रा (Sidharth Malhotra) की फिल्म 'मरजावां (Marjaavaan)' के साथ नवाजुद्दीन सिद्दीकी (Nawazuddin Siddiqui) और आथिया शेट्टी की फिल्म 'मोतीचूर चकनाचूर (Motichoor Chaknachoor)' भी रिलीज हुई है. इस फिल्म को भी फैन्स का काफी अच्छा रिस्पांस मिल रहा है. ये दोनों ही फिल्में बॉक्स ऑफिस पर एक-दूसरे को कड़ी टक्कर दे रही हैं. हालांकि कमाई के मामले में दोनों ही फिल्में अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं.
संक्षिप्त पाठ: सिद्धार्थ मल्होत्रा की फिल्म 'मरजावां' हुई रिलीज तीसरे दिन फिल्म ने की बंपर कमाई केवल तीन दिनों में किया इतना कलेक्शन
14
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नरेंद्र मोदी सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि केंद्र सरकार देश में संघीय ढांचे को ध्वस्त कर रही है और वह इस मुद्दे पर राष्ट्रपति की राय मांगेगी. ममता ने राज्य सचिवालय 'नाबन्ना' में संवाददाताओं से कहा, 'मोदी सरकार संघीय ढांचे को ध्वस्त कर रही है और संविधान का उल्लंघन कर रही है. वह राज्य सरकारों के कामकाज में दखल दे रही है. हम राष्ट्रपति की राय मांगेगे.' उन्होंने कहा कि दिन के समय राज्य सरकार को केंद्र से पत्र मिला, जिसमें कहा गया है कि केंद्र प्रायोजित योजनाओं को तर्कसंगत बनाया जा रहा है. ममता ने कहा, 'राज्यों को विश्वास में लिए बिना यह सब जबरन किया जा रहा है... वे सहयोगात्मक संघवाद की बात करते हैं. मैं नहीं जानती कि सहयोगात्मक संघवाद क्या है.' मुख्यमंत्री ने कहा, 'अगर वे राज्यों के कामकाज में दखल देते हैं तो फिर राज्य सरकारों के होने का कोई मतलब नहीं है. यह बहुत गंभीर विषय है.'टिप्पणियां ममता ने कहा, 'नरेंद्र मोदी तानाशाही चला रहे हैं. देश के लोग मोदी के तहत आजादी खो चुके हैं. वे (बीजेपी) यह जानते हुए राष्ट्रपति व्यवस्था वाली सरकार चलाने की कोशिश कर रहे हैं कि अगली बार नहीं जीतेंगे.' उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार में सिर्फ मंत्रालय-रक्षा, विदेश, रेल और वित्त होने चाहिए. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) ममता ने राज्य सचिवालय 'नाबन्ना' में संवाददाताओं से कहा, 'मोदी सरकार संघीय ढांचे को ध्वस्त कर रही है और संविधान का उल्लंघन कर रही है. वह राज्य सरकारों के कामकाज में दखल दे रही है. हम राष्ट्रपति की राय मांगेगे.' उन्होंने कहा कि दिन के समय राज्य सरकार को केंद्र से पत्र मिला, जिसमें कहा गया है कि केंद्र प्रायोजित योजनाओं को तर्कसंगत बनाया जा रहा है. ममता ने कहा, 'राज्यों को विश्वास में लिए बिना यह सब जबरन किया जा रहा है... वे सहयोगात्मक संघवाद की बात करते हैं. मैं नहीं जानती कि सहयोगात्मक संघवाद क्या है.' मुख्यमंत्री ने कहा, 'अगर वे राज्यों के कामकाज में दखल देते हैं तो फिर राज्य सरकारों के होने का कोई मतलब नहीं है. यह बहुत गंभीर विषय है.'टिप्पणियां ममता ने कहा, 'नरेंद्र मोदी तानाशाही चला रहे हैं. देश के लोग मोदी के तहत आजादी खो चुके हैं. वे (बीजेपी) यह जानते हुए राष्ट्रपति व्यवस्था वाली सरकार चलाने की कोशिश कर रहे हैं कि अगली बार नहीं जीतेंगे.' उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार में सिर्फ मंत्रालय-रक्षा, विदेश, रेल और वित्त होने चाहिए. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) ममता ने कहा, 'राज्यों को विश्वास में लिए बिना यह सब जबरन किया जा रहा है... वे सहयोगात्मक संघवाद की बात करते हैं. मैं नहीं जानती कि सहयोगात्मक संघवाद क्या है.' मुख्यमंत्री ने कहा, 'अगर वे राज्यों के कामकाज में दखल देते हैं तो फिर राज्य सरकारों के होने का कोई मतलब नहीं है. यह बहुत गंभीर विषय है.'टिप्पणियां ममता ने कहा, 'नरेंद्र मोदी तानाशाही चला रहे हैं. देश के लोग मोदी के तहत आजादी खो चुके हैं. वे (बीजेपी) यह जानते हुए राष्ट्रपति व्यवस्था वाली सरकार चलाने की कोशिश कर रहे हैं कि अगली बार नहीं जीतेंगे.' उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार में सिर्फ मंत्रालय-रक्षा, विदेश, रेल और वित्त होने चाहिए. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) ममता ने कहा, 'नरेंद्र मोदी तानाशाही चला रहे हैं. देश के लोग मोदी के तहत आजादी खो चुके हैं. वे (बीजेपी) यह जानते हुए राष्ट्रपति व्यवस्था वाली सरकार चलाने की कोशिश कर रहे हैं कि अगली बार नहीं जीतेंगे.' उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार में सिर्फ मंत्रालय-रक्षा, विदेश, रेल और वित्त होने चाहिए. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
ममता बनर्जी ने कहा वह इस मुद्दे पर राष्ट्रपति की राय मांगेगी पश्चिम बंगाल की सीएम ने कहा, 'नरेंद्र मोदी तानाशाही चला रहे हैं देश के लोग मोदी सरकार में अपनी आजादी खो चुके हैं : ममता
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पेट्रोलियम मंत्री जयपाल रेड्डी के डीजल कारों पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने के प्रस्ताव को लेकर वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी को चिट्ठी लिखने की खबरों के बाद शेयर बाजार में बुधवार को ऑटोमोबाइल कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई। महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयरों पर जहां सबसे ज्यादा मार पड़ी, वहीं मारुति और टाटा मोटर्स के शेयरों में गिरावट का रुख रहा।टिप्पणियां गौरतलब है कि जयपाल रेड्डी ने वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी को चिट्ठी लिखकर मांग की है कि सरकार डीजल कारों पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने की सोचे। रेड्डी ने अपनी चिट्ठी में लिखा है कि छोटी डीजल कारों पर 1,70,000 रुपये और मझोली तथा बड़ी डीजल कारों पर 2,55,000 रुपये की अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी लगाई जानी चाहिए। रेड्डी ने बताया है कि 2011−12 में डीजल के इस्तेमाल में 7.2 फीसदी की बढ़ोतरी हुई और इस साल डीजल की अंडर रिकवरी एक लाख करोड़ से ऊपर चली जाएगी। गौरतलब है कि जयपाल रेड्डी ने वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी को चिट्ठी लिखकर मांग की है कि सरकार डीजल कारों पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने की सोचे। रेड्डी ने अपनी चिट्ठी में लिखा है कि छोटी डीजल कारों पर 1,70,000 रुपये और मझोली तथा बड़ी डीजल कारों पर 2,55,000 रुपये की अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी लगाई जानी चाहिए। रेड्डी ने बताया है कि 2011−12 में डीजल के इस्तेमाल में 7.2 फीसदी की बढ़ोतरी हुई और इस साल डीजल की अंडर रिकवरी एक लाख करोड़ से ऊपर चली जाएगी। रेड्डी ने अपनी चिट्ठी में लिखा है कि छोटी डीजल कारों पर 1,70,000 रुपये और मझोली तथा बड़ी डीजल कारों पर 2,55,000 रुपये की अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी लगाई जानी चाहिए। रेड्डी ने बताया है कि 2011−12 में डीजल के इस्तेमाल में 7.2 फीसदी की बढ़ोतरी हुई और इस साल डीजल की अंडर रिकवरी एक लाख करोड़ से ऊपर चली जाएगी।
यहाँ एक सारांश है:पेट्रोलियम मंत्री जयपाल रेड्डी के डीजल कारों पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने के प्रस्ताव को लेकर बुधवार को शेयर बाजार में ऑटोमोबाइल कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई।
17
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: गुवाहाटी में जब 17 साल की लड़की से सरेआम बदसलूकी हुई तो उसे मदद पहुचाने में पुलिस टालमटोल करती रही। समय रहते पुलिस पहुंच जाती तो इस लड़की को इतने घिनौने कांड का शिकार नहीं होना पड़ता। राष्ट्रीय महिला आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक पीड़ित लड़की ने बिसपुर थाने में फोन किया था। इसे भायांगढ़ थाने का मामला बताया गया जिसके कारण पुलिस 45 मिनट देरी से पहुंची।टिप्पणियां बीते गुरुवार को एनडीटीवी इंडिया ने गुवाहाटी में एक लड़की के साथ बदसलूकी की जो खबर दिखाई थी उस पर सारे देश में गुस्से और शर्म का माहौल बना। अब तक इस मामले में छह लड़कों को गिरफ्तार किया जा चुका है और एक सब-इंस्पेक्टर को सस्पेंड किया जा चुका है। इस मामले में अब यह आरोप भी लग रहा है कि एक टीवी चैनल का रिपोर्टर इस वारदात के पीछे था। इस आरोप के बाद न्यूज लाइव चैनल के उस रिपोर्टर ने इस्तीफा दे दिया है। फेसबुक के जरिए चलाई गई मुहिम के बाद गुवाहाटी में सैकड़ों लोगों ने इस समाचार चैनल के दफ्तर के बाहर प्रदर्शन किया। इससे पहले आरटीआई कार्यकर्ता अखिल गोगोई ने गौरव ज्योति पर भीड़ को निर्देशित करने और घटना को प्लान करने का इल्जाम लगाया था। इसके अलावा समचार चैनल न्यूज लाइव के चीफ एडीटर अतानू भूया ने एक ट्वीट में लिखा है कि अखिल गोगोई के नेतृत्व में 50 से 100 लोग न्यूज लाइव चैनल को बंद करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। राष्ट्रीय महिला आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक पीड़ित लड़की ने बिसपुर थाने में फोन किया था। इसे भायांगढ़ थाने का मामला बताया गया जिसके कारण पुलिस 45 मिनट देरी से पहुंची।टिप्पणियां बीते गुरुवार को एनडीटीवी इंडिया ने गुवाहाटी में एक लड़की के साथ बदसलूकी की जो खबर दिखाई थी उस पर सारे देश में गुस्से और शर्म का माहौल बना। अब तक इस मामले में छह लड़कों को गिरफ्तार किया जा चुका है और एक सब-इंस्पेक्टर को सस्पेंड किया जा चुका है। इस मामले में अब यह आरोप भी लग रहा है कि एक टीवी चैनल का रिपोर्टर इस वारदात के पीछे था। इस आरोप के बाद न्यूज लाइव चैनल के उस रिपोर्टर ने इस्तीफा दे दिया है। फेसबुक के जरिए चलाई गई मुहिम के बाद गुवाहाटी में सैकड़ों लोगों ने इस समाचार चैनल के दफ्तर के बाहर प्रदर्शन किया। इससे पहले आरटीआई कार्यकर्ता अखिल गोगोई ने गौरव ज्योति पर भीड़ को निर्देशित करने और घटना को प्लान करने का इल्जाम लगाया था। इसके अलावा समचार चैनल न्यूज लाइव के चीफ एडीटर अतानू भूया ने एक ट्वीट में लिखा है कि अखिल गोगोई के नेतृत्व में 50 से 100 लोग न्यूज लाइव चैनल को बंद करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। बीते गुरुवार को एनडीटीवी इंडिया ने गुवाहाटी में एक लड़की के साथ बदसलूकी की जो खबर दिखाई थी उस पर सारे देश में गुस्से और शर्म का माहौल बना। अब तक इस मामले में छह लड़कों को गिरफ्तार किया जा चुका है और एक सब-इंस्पेक्टर को सस्पेंड किया जा चुका है। इस मामले में अब यह आरोप भी लग रहा है कि एक टीवी चैनल का रिपोर्टर इस वारदात के पीछे था। इस आरोप के बाद न्यूज लाइव चैनल के उस रिपोर्टर ने इस्तीफा दे दिया है। फेसबुक के जरिए चलाई गई मुहिम के बाद गुवाहाटी में सैकड़ों लोगों ने इस समाचार चैनल के दफ्तर के बाहर प्रदर्शन किया। इससे पहले आरटीआई कार्यकर्ता अखिल गोगोई ने गौरव ज्योति पर भीड़ को निर्देशित करने और घटना को प्लान करने का इल्जाम लगाया था। इसके अलावा समचार चैनल न्यूज लाइव के चीफ एडीटर अतानू भूया ने एक ट्वीट में लिखा है कि अखिल गोगोई के नेतृत्व में 50 से 100 लोग न्यूज लाइव चैनल को बंद करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। इस मामले में अब यह आरोप भी लग रहा है कि एक टीवी चैनल का रिपोर्टर इस वारदात के पीछे था। इस आरोप के बाद न्यूज लाइव चैनल के उस रिपोर्टर ने इस्तीफा दे दिया है। फेसबुक के जरिए चलाई गई मुहिम के बाद गुवाहाटी में सैकड़ों लोगों ने इस समाचार चैनल के दफ्तर के बाहर प्रदर्शन किया। इससे पहले आरटीआई कार्यकर्ता अखिल गोगोई ने गौरव ज्योति पर भीड़ को निर्देशित करने और घटना को प्लान करने का इल्जाम लगाया था। इसके अलावा समचार चैनल न्यूज लाइव के चीफ एडीटर अतानू भूया ने एक ट्वीट में लिखा है कि अखिल गोगोई के नेतृत्व में 50 से 100 लोग न्यूज लाइव चैनल को बंद करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।
यह एक सारांश है: रिपोर्ट के मुताबिक पीड़ित लड़की ने बिसपुर थाने में फोन किया था। इसे भायांगढ़ थाने का मामला बताया गया जिसके कारण पुलिस 45 मिनट देरी से पहुंची।
24
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कर्नाटक के बेंगलुरु में मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाते हुए एक बड़े घोटाले को अंजाम दे दिया गया. इस अरबों रुपये के हलाल घोटाले से पहले ही इसके बारे में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने कर्नाटक सरकार को चेताया लेकिन पूर्व की सिद्धरमैया सरकार और मौजूदा कुमारस्वामी सरकार ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की. नतीजा सामने है...घोटाले के शिकार हुए सैकड़ों लोगों ने अपनी जीवन भर की कमाई खो दी. 'हलाल की कमाई' के फेर में अपनी जमा पूंजी गंवा दी. घोटालेबाजों ने मुस्लिम समुदाय को उसकी धार्मिक मान्यता का फायदा उठाकर शिकार बनाया.        बेंगलुरु में हुए अरबों रुपये के हलाल घोटाले से जुड़े जो दस्तावेज़ सामने आए हैं उनसे पता चलता है कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने 2017 में सरकार से आईएमए सहित आधा दर्जन फर्जी कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की थी ताकि धोखाधड़ी को रोक जा सके, लेकिन इसके बावजूद सिद्धरमैया सरकार ने इसे नजरअंदाज किया. बाद में मौजूदा कुमारस्वामी सरकार ने भी इसे अनदेखा कर दिया. दस्तावेज में आरबीआई की सलाहकार समिति की सिफारिश में साफ कहा गया है कि आईएमए एमबीडैंट के साथ-साथ कई अन्य कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए ताकि धोखाधड़ी से बचा जा सके. लेकिन तब के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और बाद में कुमारस्वामी ने इन कंपनियों के खिलाफ जरूरी कदम नहीं उठाए, और नतीजा सामने है. कुल मिलकर तकरीबन 15 हजार करोड़ रुपये का घोटाला हो गया. इसमें आम लोग हलाल कमाई के नाम पर बरबाद हो गए. राज्यसभा के पूर्व डिप्टी चेयरमैन रहमान खान ने इस मामले को लेकर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि "आरबीआई के निर्देश के बावजूद सरकार चुप क्यों रही? पुलिस ने कार्रवाई क्यों नहीं की. दो साल तक यह लोग क्या कर रहे थे? आयकर विभाग के छापे के बावजूद आईएमए अपना धंधा कैसे करता रहा? आईएमए ने एक लाख रुपये के बदले हर महीने तीन हजार रुपये देने का वादा किया था. मौलवी और आलिमों से इसको जायज़ ठहरवाया गया. नतीजा यह हुआ कि किसी ने घर और जेवर गिरवी रखकर पैसे दिए तो किसी ने पेंशन की सारी रकम इसमें लगा दी. आईएमए का मालिक मंसूर खान पर निवेशकों का पैसा लेकर भागने का आरोप है. वह कहां है, किसी को पता नहीं है. दरअसल 2018 में राज्य सरकार ने इन कंपनियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई के लिए नोटिस तो जारी किए लेकिन यह सिर्फ कागजों तक ही सीमित रहा. इस्लाम में ब्याज लेना या देना हराम है, इसलिए मुसलमान बैंकों में पैसा रखना नहीं चाहते. इसी का फायदा इस्लामिक बिजनेस मॉड्यूल के नाम पर  धोखाधड़ी करने वाले उठाते हैं. अब तस्वीर बिलकुल साफ है, अरबों रुपये की इस धोखाधड़ी की जानकारी सरकार को थी. अरबीआई ने चेतावनी भी दी, लेकिन इसके बावजूद तब के मुख्यमंत्री सिद्धारमैय्या और मौजूद कुमारस्वामी ने आईएमए घोटाले को  रोकने की कोशिश नहीं की. यानी हुकूमत, इस्लामिक धर्म गुरू, राजनेताओं, सभी ने मिलकर इस धोखाधड़ी को अंजाम दिया... ऐसा कहना शायद गलत नहीं होगा.
यहाँ एक सारांश है:रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने 2017 में कर्नाटक सरकार को चेतावनी दी थी आईएमए सहित कई फर्जी कंपनियों पर कार्रवाई की सिफारिश की थी सिद्धरमैया और कुमारस्वामी की सरकारों ने चेतावनी को नजरअंदाज किया
12
['hin']
एक सारांश बनाओ: बाजार में अगले सप्ताह केंद्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल, भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक समीक्षा तथा दूसरी तिमाही के परिणाम पर निगाहें टिकी रहेगी। इन प्रमुख संकेतों से ही शेयर बाजार की चाल तय होगी। इसके अलावा वाहन कम्पनियां नवम्बर की पहली तारीख यानी गुरुवार से अक्टूबर माह की बिक्री का लेखा-जोखा प्रस्तुत करेंगी। कम्पनियां अपने परिणाम के साथ भविष्य में कारोबारी नफा और नुकसान के बारे में भी संकेत देती है, जिस पर विश्लेषकों का प्रमुखता से ध्यान रहेगा। जेएसडब्ल्यू स्टील, भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स (भेल), मारुति सुजुकी, ग्रासीम इंडस्ट्रीज, डॉ रेड्डीज लैब, आईडीबीआई बैंक, पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, टीवी टुडे और विप्रो जैसी प्रमुख कम्पनियां अगले सप्ताह अपने परिणामों की घोषणा करेंगी।टिप्पणियां विश्लेषकों की नजर संकटग्रस्त विमानन कम्पनी किंगफिशर के शेयरों पर भी होगी। पिछले दिनों प्रबंधन और हड़ताली कर्मचारियों में समझौता होने पर लगातार दो कारोबारी सत्रों में कम्पनी के शेयरों में सर्किट लगी। प्रबंधन ने कहा है कि विमानन कम्पनी के उड़ानों का संचालन दोबारा शुरू होने में अभी एक महीने लग सकते हैं। इससे पहले कम्पनी को कई आवश्यक प्रक्रियाओं से गुजरना है। रिजर्व बैंक मंगलवार को मौजूदा कारोबारी साल की मौद्रिक नीति की दूसरी तिमाही की समीक्षा की घोषणा करेगा। इसके अलावा वाहन कम्पनियां नवम्बर की पहली तारीख यानी गुरुवार से अक्टूबर माह की बिक्री का लेखा-जोखा प्रस्तुत करेंगी। कम्पनियां अपने परिणाम के साथ भविष्य में कारोबारी नफा और नुकसान के बारे में भी संकेत देती है, जिस पर विश्लेषकों का प्रमुखता से ध्यान रहेगा। जेएसडब्ल्यू स्टील, भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स (भेल), मारुति सुजुकी, ग्रासीम इंडस्ट्रीज, डॉ रेड्डीज लैब, आईडीबीआई बैंक, पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, टीवी टुडे और विप्रो जैसी प्रमुख कम्पनियां अगले सप्ताह अपने परिणामों की घोषणा करेंगी।टिप्पणियां विश्लेषकों की नजर संकटग्रस्त विमानन कम्पनी किंगफिशर के शेयरों पर भी होगी। पिछले दिनों प्रबंधन और हड़ताली कर्मचारियों में समझौता होने पर लगातार दो कारोबारी सत्रों में कम्पनी के शेयरों में सर्किट लगी। प्रबंधन ने कहा है कि विमानन कम्पनी के उड़ानों का संचालन दोबारा शुरू होने में अभी एक महीने लग सकते हैं। इससे पहले कम्पनी को कई आवश्यक प्रक्रियाओं से गुजरना है। रिजर्व बैंक मंगलवार को मौजूदा कारोबारी साल की मौद्रिक नीति की दूसरी तिमाही की समीक्षा की घोषणा करेगा। जेएसडब्ल्यू स्टील, भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स (भेल), मारुति सुजुकी, ग्रासीम इंडस्ट्रीज, डॉ रेड्डीज लैब, आईडीबीआई बैंक, पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, टीवी टुडे और विप्रो जैसी प्रमुख कम्पनियां अगले सप्ताह अपने परिणामों की घोषणा करेंगी।टिप्पणियां विश्लेषकों की नजर संकटग्रस्त विमानन कम्पनी किंगफिशर के शेयरों पर भी होगी। पिछले दिनों प्रबंधन और हड़ताली कर्मचारियों में समझौता होने पर लगातार दो कारोबारी सत्रों में कम्पनी के शेयरों में सर्किट लगी। प्रबंधन ने कहा है कि विमानन कम्पनी के उड़ानों का संचालन दोबारा शुरू होने में अभी एक महीने लग सकते हैं। इससे पहले कम्पनी को कई आवश्यक प्रक्रियाओं से गुजरना है। रिजर्व बैंक मंगलवार को मौजूदा कारोबारी साल की मौद्रिक नीति की दूसरी तिमाही की समीक्षा की घोषणा करेगा। विश्लेषकों की नजर संकटग्रस्त विमानन कम्पनी किंगफिशर के शेयरों पर भी होगी। पिछले दिनों प्रबंधन और हड़ताली कर्मचारियों में समझौता होने पर लगातार दो कारोबारी सत्रों में कम्पनी के शेयरों में सर्किट लगी। प्रबंधन ने कहा है कि विमानन कम्पनी के उड़ानों का संचालन दोबारा शुरू होने में अभी एक महीने लग सकते हैं। इससे पहले कम्पनी को कई आवश्यक प्रक्रियाओं से गुजरना है। रिजर्व बैंक मंगलवार को मौजूदा कारोबारी साल की मौद्रिक नीति की दूसरी तिमाही की समीक्षा की घोषणा करेगा। रिजर्व बैंक मंगलवार को मौजूदा कारोबारी साल की मौद्रिक नीति की दूसरी तिमाही की समीक्षा की घोषणा करेगा।
संक्षिप्त पाठ: बाजार में अगले सप्ताह केंद्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल, भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक समीक्षा तथा दूसरी तिमाही के परिणाम पर निगाहें टिकी रहेगी। इन प्रमुख संकेतों से ही शेयर बाजार की चाल तय होगी।
30
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: मशहूर पंजाबी सिंगर सिंगा (Singaa) के नए गाने ने रिलीज होते ही धूम मचा दी है. उनके नए गाने का नाम 'यार जट दे' (Yaar Jatt De) है. इस लेटेस्ट पंजाबी सॉन्ग (Latest Punjabi Songs 2019) ने यूट्यूब (YouTube) पर धमाल मचा रखा है और यह जबरदस्त तरीके से ट्रेंड कर रहा है. सिंगा (Singaa Songs) अपने बेहतरीन गाने के लिए जाने जाते हैं और इस वीडियो में भी उनका यही अंदाज देखने को मिल रहा है. सिंगा के इस गाने को लोग खूब पसंद कर रहे हैं. सिंगा (Singaa) के गाने 'यार जट दे' (Yaar Jatt De) की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसे अभी तक 30 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है और इसे देखने का सिलसिला लगातार जारी है. इस पंजाबी वीडियो का लोकेशन बहुत कमाल का है. इस वीडियो को बहुत ही यूनिक स्टाइल के साथ बनाया गया है. 'यार जट दे' गाने में कई विदेशी कलाकार भी नजर आ रहे हैं. कुल मिलाकर इस वीडियो ने धमाल मचा दिया है. सिंगा (Singaa) के सॉन्ग 'यार जट दे' (Yaar Jatt De) का म्यूजिक देसी क्रू ने दिया है और इसे स्पीड रिकॉर्ड्स के बैनर तले रिलीज किया गया है. इस वीडियो को सुक संघिरा ने डायरेक्ट किया है, जबकि समीर चारगावकर ने इसकी मिक्सिंग की है. वैसे भी पंजाबी म्यूजिक के लोग दीवाने हैं. कोई भी पंजाबी गाना रिलीज होते ही धमाल मचा देता है. इस वीडियो में सिगर सिंगा अलग ही अंदाज में नजर आ रहे हैं.
संक्षिप्त सारांश: मशहूर पंजाबी सिंगर सिंगा ने मचाई धूम 'यार जट दे' गाने का धमाका खूब देखा जा रहा वीडियो
0
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: अभिनेत्री से निर्देशक बनी पूजा भट्ट का कहना है कि वह हिन्दी फिल्मों में समलैंगिकों का हास्यास्पद चित्रण देखकर थक चुकी हैं।टिप्पणियां पूजा ने अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा, शायद एक दिन ऐसा आएगा जब हम हिन्दी फिल्मों में समलैंगिकों का चित्रण उसी गरिमा के साथ करेंगे, जिसके वे हकदार हैं। केवल हंसी के उद्देश्य से समलैंगिकों के चित्रण को देखते-देखते थक गई हूं। उनकी सौतेली बहन आलिया ने फिल्म 'स्टूडेंट ऑफ द इयर' से अपने फिल्मी कैरियर की शुरुआत की है। इस फिल्म में ऋषि कपूर को समलैंगिक की भूमिका में दिखाया गया है। इस फिल्म में उनका लुक भी पूरी तरह से समलैंगिकों जैसा है। पूजा ने अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा, शायद एक दिन ऐसा आएगा जब हम हिन्दी फिल्मों में समलैंगिकों का चित्रण उसी गरिमा के साथ करेंगे, जिसके वे हकदार हैं। केवल हंसी के उद्देश्य से समलैंगिकों के चित्रण को देखते-देखते थक गई हूं। उनकी सौतेली बहन आलिया ने फिल्म 'स्टूडेंट ऑफ द इयर' से अपने फिल्मी कैरियर की शुरुआत की है। इस फिल्म में ऋषि कपूर को समलैंगिक की भूमिका में दिखाया गया है। इस फिल्म में उनका लुक भी पूरी तरह से समलैंगिकों जैसा है। उनकी सौतेली बहन आलिया ने फिल्म 'स्टूडेंट ऑफ द इयर' से अपने फिल्मी कैरियर की शुरुआत की है। इस फिल्म में ऋषि कपूर को समलैंगिक की भूमिका में दिखाया गया है। इस फिल्म में उनका लुक भी पूरी तरह से समलैंगिकों जैसा है।
सारांश: अभिनेत्री से निर्देशक बनी पूजा भट्ट का कहना है कि वह हिन्दी फिल्मों में समलैंगिकों का हास्यास्पद चित्रण देखकर थक चुकी हैं।
7
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर के बसपा विधायक हाजी याकूब कुरैशी ने गाड़ी का रास्ता रोकने पर सिपाही को कथित रूप से थप्पड़ जड़ दिया। इस मामले में शहर विधायक कुरैशी ने कहा कि सिपाही ने मेरा रास्ता रोककर मेरी कार के चालक से दुर्व्यवहार किया, इसी के चलते यह घटना हुई। आरोप है कि विधायक और उसके समर्थकों द्वारा सिपाही के साथ मारपीट की गई। डीआईजी जेएन सिंह ने शुक्रवार को बताया कि कथित पीड़ित सिपाही की तहरीर के आधार पर आरोपी बसपा विधायक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है। घटनाक्रम गुरुवार रात शहर के अति संवेदनशील हापुड़ अड्डे चौराहे का है। शहर के अति व्यस्त इस चौराहे पर रविदास जयंती के जुलूस के चलते पुलिस ने एहतियात के तौर पर ट्रैफिक डायवर्ट कर रखा था। आरोप है कि विधायक प्रतिबंधित रास्ते से जाने की जिद करने लगे। सिपाही चमन सिंह बालियान के नहीं मानने पर विधायक और उनके समर्थक सिपाही से भिड़ गए। इसी दौरान विधायक हाजी याकूब कुरैशी ने सिपाही चमन सिंह बालियान को थप्पड़ मार दिया। घटना के विरोध में रालोद के राष्ट्रीय महासचिव सत्यवीर त्यागी ने कहा कि प्रदेश में बसपा विधायक बेकाबू हो गए हैं।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर के बसपा विधायक हाजी याकूब कुरैशी ने गाड़ी का रास्ता रोकने पर सिपाही को कथित रूप से थप्पड़ जड़ दिया।
19
['hin']
एक सारांश बनाओ: कन्हैया ने अपने फेसबुक पोस्ट में कहा, 'देश का मतलब क्या है? जो देश में रहते हैं, वही देश बनाते हैं. उनके हित ही देश के हित हैं. अगर गरीब किसान, मजदूर, विद्यार्थी, दलित, आदिवासी, अल्पसंख्यक, महिला आदि को नुकसान पहुंचाने वाली नीतियां बनती हैं तो इसका नुकसान पूरे देश को होता है. इन नीतियों का विरोध करना देशप्रेम है न कि पीएम, सीएम या सांसद के विरोध को देश का विरोध मानकर सड़कों पर हिंसा करना. जिन्होंने देशप्रेम को नेताप्रेम बना दिया है, उनसे सावधान रहने की जरूरत है. वे अपने फायदे के लिए आपके रिश्तों में भी जहर घोल रहे हैं.' कन्हैया ने कहा, 'जिस दोस्त, पड़ोसी या रिश्तेदार से राजनीतिक बहस के कारण आपकी बातचीत बंद हो गई है, उसे आज फोन करें, उसके परिवार का हाल-चाल पूछें और बताएं कि उनसे आपका रिश्ता इतना कमजोर नहीं कि वह ऐसी बातों से टूट जाएगा. असहमतियों का सम्मान करना ही लोकतंत्र की खूबसूरती है. अगर 'हम भारत के लोग' किसी भी तरह की नफरत को अपने दिल से मिटा देंगे, तो समाज और राजनीति में भी नफरतवादी ताकतें अपने आप हारने लगेंगी.'
संक्षिप्त सारांश: कन्हैया कुमार ने फेसबुक पर लिखा पोस्ट 'आने वाले समय में समाज में नफरत की हर हाल में हार हो' 'नेताओं के चक्कर में लड़ने वालों को ठंडे दिमाग से सोचने की जरूरत है'
8
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के सम्मान में आयोजित होने वाले एक कार्यक्रम को ममता बनर्जी की ओर से इजाजत नहीं दी जा रही है। नेताजी स्टेडियम में भारतीय जनता पार्टी की स्थानीय इकाई यह सम्मान कार्यक्रम आयोजित करना चाहती थी। भाजपा की राज्य इकाई के अध्यक्ष राहुल सिन्हा का कहना है कि पहले उन्होंने 18मार्च को स्टेडियम बुक कराने के लिए संपर्क किया था लेकिन उन्हें इसकी इजाजत नहीं मिली। बाद में  उन्हें बताया गया कि 9 अप्रैल को स्टेडियम खाली है। फिर, दो दिन बाद जब स्टेडियम को 9 अप्रैल के लिए कराने की कोशिश की गई तब भी उन्हें इजाजत नहीं दी गई। नेताजी स्टेडियम में देश के तमाम व्यावसायियों को नरेंद्र मोदी सम्बोधित करने वाले थे।टिप्पणियां इसके बाद राहुल सिन्हा ने सीएम ममता बनर्जी से इस मामले में हस्तक्षेप करने के लिए चिट्ठी लिखी। अब सिन्हा का कहना है कि सीएम कार्यालय से कोई अशोक नाम का शख्य आया और उसने बताया है कि निजी पार्टियों ने 8 अप्रैल से 10 अप्रैल तक के लिए स्टेडियम बुक करा रखा है इसलिए सीएम इस मामले में उनकी कोई मदद नहीं कर सकती हैं। सिन्हा का कहना है कि अगर सीएम ममता बनर्जी चाहती तो नरेंद्र मोदी जी का कार्यक्रम किया जा सकता था लेकिन उन्होंने मदद नहीं की। भाजपा की राज्य इकाई के अध्यक्ष राहुल सिन्हा का कहना है कि पहले उन्होंने 18मार्च को स्टेडियम बुक कराने के लिए संपर्क किया था लेकिन उन्हें इसकी इजाजत नहीं मिली। बाद में  उन्हें बताया गया कि 9 अप्रैल को स्टेडियम खाली है। फिर, दो दिन बाद जब स्टेडियम को 9 अप्रैल के लिए कराने की कोशिश की गई तब भी उन्हें इजाजत नहीं दी गई। नेताजी स्टेडियम में देश के तमाम व्यावसायियों को नरेंद्र मोदी सम्बोधित करने वाले थे।टिप्पणियां इसके बाद राहुल सिन्हा ने सीएम ममता बनर्जी से इस मामले में हस्तक्षेप करने के लिए चिट्ठी लिखी। अब सिन्हा का कहना है कि सीएम कार्यालय से कोई अशोक नाम का शख्य आया और उसने बताया है कि निजी पार्टियों ने 8 अप्रैल से 10 अप्रैल तक के लिए स्टेडियम बुक करा रखा है इसलिए सीएम इस मामले में उनकी कोई मदद नहीं कर सकती हैं। सिन्हा का कहना है कि अगर सीएम ममता बनर्जी चाहती तो नरेंद्र मोदी जी का कार्यक्रम किया जा सकता था लेकिन उन्होंने मदद नहीं की। नेताजी स्टेडियम में देश के तमाम व्यावसायियों को नरेंद्र मोदी सम्बोधित करने वाले थे।टिप्पणियां इसके बाद राहुल सिन्हा ने सीएम ममता बनर्जी से इस मामले में हस्तक्षेप करने के लिए चिट्ठी लिखी। अब सिन्हा का कहना है कि सीएम कार्यालय से कोई अशोक नाम का शख्य आया और उसने बताया है कि निजी पार्टियों ने 8 अप्रैल से 10 अप्रैल तक के लिए स्टेडियम बुक करा रखा है इसलिए सीएम इस मामले में उनकी कोई मदद नहीं कर सकती हैं। सिन्हा का कहना है कि अगर सीएम ममता बनर्जी चाहती तो नरेंद्र मोदी जी का कार्यक्रम किया जा सकता था लेकिन उन्होंने मदद नहीं की। इसके बाद राहुल सिन्हा ने सीएम ममता बनर्जी से इस मामले में हस्तक्षेप करने के लिए चिट्ठी लिखी। अब सिन्हा का कहना है कि सीएम कार्यालय से कोई अशोक नाम का शख्य आया और उसने बताया है कि निजी पार्टियों ने 8 अप्रैल से 10 अप्रैल तक के लिए स्टेडियम बुक करा रखा है इसलिए सीएम इस मामले में उनकी कोई मदद नहीं कर सकती हैं। सिन्हा का कहना है कि अगर सीएम ममता बनर्जी चाहती तो नरेंद्र मोदी जी का कार्यक्रम किया जा सकता था लेकिन उन्होंने मदद नहीं की। सिन्हा का कहना है कि अगर सीएम ममता बनर्जी चाहती तो नरेंद्र मोदी जी का कार्यक्रम किया जा सकता था लेकिन उन्होंने मदद नहीं की।
यह एक सारांश है: गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के सम्मान में आयोजित होने वाले एक कार्यक्रम को ममता बनर्जी की ओर से इजाजत नहीं दी जा रही है। नेताजी स्टेडियम में भारतीय जनता पार्टी की स्थानीय इकाई यह सम्मान कार्यक्रम आयोजित करना चाहती थी।
2
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: आईपीएल चार की रन मशीन क्रिस गेल के बल्ले से जारी आतिशबाजी के बीच रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू ने अपने आखिरी लीग मैच में चेन्नई सुपर किंग्स को आठ विकेट से हराकर शीर्ष स्थान पर कब्जा कर लिया। अपने गेंदबाजों के अनुशासित प्रदर्शन के दम पर चेन्नई को आठ विकेट पर 128 रन पर रोकने के बाद बेंगलुरू ने जीत का लक्ष्य 18 ओवर में सिर्फ दो विकेट खोकर हासिल कर लिया। गेल 50 गेंद में 75 रन बनाकर नाबाद रहे। आईपीएल के चौथे सत्र के लिए हुई नीलामी में किसी टीम द्वारा नहीं खरीदे गए गेल घायल डर्क नानेस की जगह आरसीबी में शामिल हुए थे। अब तक नौ मैचों में दो शतक समेत 511 रन बना चुके गेल ने किंग्स इलेवन पंजाब के शान मार्श (14 मैचों में 504 रन) को पछाड़कर ऑरेंज कैप हासिल कर ली और अब प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट के भी प्रबल दावेदार हैं। इस जीत के बाद बेंगलुरू के 14 मैचों में नौ जीत और चार हार के बाद सर्वाधिक 19 अंक हो गए। राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ टीम का एक लीग मैच बारिश के कारण रद्द हो गया था। चेन्नई 14 मैचों में से नौ जीतकर 18 अंक के साथ दूसरे स्थान पर है। कोलकाता नाइट राइडर्स और मुंबई इंडियंस के 13 मैचों में 16 अंक हैं लेकिन रन रेट के मामले में वे चेन्नई से पीछे हैं।
गेंदबाजों के अनुशासित प्रदर्शन के दम पर चेन्नई को आठ विकेट पर 128 रन पर रोकने के बाद बेंगलुरू ने जीत का लक्ष्य 18 ओवर में हासिल कर लिया।
1
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: श्रीलंका की राजधानी में एक जेल में हुए दंगे में कम से कम 27 कैदी मारे गए हैं और 42 अन्य घायल हो गए। पुलिस ने शनिवार को बताया कि उसने उन सात कैदियों को पकड़ लिया है, जो दंगे का फायदा उठाकर जेल से भाग गए थे।टिप्पणियां दंगा उस समय शुरू हुआ, जब अधिकारियों ने जेल के भीतर मादक पदार्थों की तलाश में छापेमारी की। इस पर कैदी पुलिस के विशेष कार्यबल (एसटीएफ) से भिड़ गए। जेल मंत्री चंद्रासिरी गजदीरा ने एक बयान में कहा कि घटना की जांच तीन-सदस्यीय समिति करेगी। दंगे में सुरक्षाकर्मियों सहित 50 से अधिक लोग घायल हुए हैं। अधिकारियों ने बताया कि सेना के कमांडो की तैनाती के बाद स्थिति पर शनिवार को नियंत्रण पा लिया गया। वर्ष 2010 में भी इसी जेल में तलाशी अभियान के दौरान दंगा हुआ था जिसमें करीब 50 पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। दंगा उस समय शुरू हुआ, जब अधिकारियों ने जेल के भीतर मादक पदार्थों की तलाश में छापेमारी की। इस पर कैदी पुलिस के विशेष कार्यबल (एसटीएफ) से भिड़ गए। जेल मंत्री चंद्रासिरी गजदीरा ने एक बयान में कहा कि घटना की जांच तीन-सदस्यीय समिति करेगी। दंगे में सुरक्षाकर्मियों सहित 50 से अधिक लोग घायल हुए हैं। अधिकारियों ने बताया कि सेना के कमांडो की तैनाती के बाद स्थिति पर शनिवार को नियंत्रण पा लिया गया। वर्ष 2010 में भी इसी जेल में तलाशी अभियान के दौरान दंगा हुआ था जिसमें करीब 50 पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। दंगे में सुरक्षाकर्मियों सहित 50 से अधिक लोग घायल हुए हैं। अधिकारियों ने बताया कि सेना के कमांडो की तैनाती के बाद स्थिति पर शनिवार को नियंत्रण पा लिया गया। वर्ष 2010 में भी इसी जेल में तलाशी अभियान के दौरान दंगा हुआ था जिसमें करीब 50 पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
संक्षिप्त सारांश: श्रीलंका की राजधानी में एक जेल में हुए दंगे में 27 कैदी मारे गए हैं और 42 अन्य घायल हो गए। पुलिस ने उन सात कैदियों को पकड़ लिया है, जो दंगे का फायदा उठाकर जेल से भाग गए थे।
10
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी के कार्यालय की कथित जासूसी पर हैरानी प्रकट करते हुए कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने कहा कि मामले की जांच की जानी चाहिए। एनडीटीवी के साथ मुलाकात में दिग्विजय ने कहा, मुझे यह जानकर हैरानी हुई कि वित्त मंत्री के कार्यालय की जासूसी हो सकती है। यह ऐसा है जिसके बारे में सुना नहीं गया और मुझे लगता है कि सरकार को जांच करानी चाहिए कि इसके पीछे कौन है। उनसे पूछा गया था कि कांग्रेस और संप्रग के बीच सब कुछ ठीक न होने की पृष्ठभूमि में क्या वह यह जानकर हैरान हैं कि वित्त मंत्री के कार्यालय की संदिग्ध जासूसी हो रही है। यह पूछे जाने पर कि क्या यह मामला सरकार के लिए शर्म की बात है, उन्होंने कहा, जब तक यह मालूम न हो जाए कि ऐसा किसने किया है, आप इस तरह की बात कैसे कह सकते हैं। उनसे सवाल किया गया कि क्या मामले की जांच होनी चाहिए तो उन्होंने इसका जवाब हां में दिया। कांग्रेस प्रवक्ता अब तक कहते रहे हैं कि विपक्षी पार्टियां मामले को राजनीतिक विवाद का रूप देकर राई का पहाड़ बना रही हैं।
सारांश: प्रणब के कार्यालय की कथित जासूसी पर हैरानी प्रकट करते हुए कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने कहा कि मामले की जांच की जानी चाहिए।
33
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: निर्माता-निर्देशक प्रकाश झा की फिल्म 'सत्याग्रह' 30 अगस्त को सिनेमाघरों में प्रदर्शित होगी। फिल्म में अमिताभ बच्चन, अजय देवगन और करीना कपूर मुख्य भूमिकाओं में हैं। यूटीवी मोशन पिक्चर्स और प्रकाश झा ने एक बयान में फिल्म के रिलीज की तारीख की घोषणा की। फिल्म के दूसरे मुख्य कलाकारों में अर्जुन रामपाल, मनोज वाजपेयी और अमृता राव शामिल हैं।टिप्पणियां झा ने कहा, अगस्त में तीन बड़ी फिल्में एक के बाद एक रिलीज होंगी। हमें 'सत्याग्रह' के लिए दो हफ्ते खाली मिलेंगे और तीनों ही बहु-प्रतीक्षित फिल्मों को दर्शकों को जुटाने के लिए पर्याप्त जगह मिलेगी। अगस्त में रिलीज होने वाली दो दूसरी बड़ी फिल्मों में शाहरुख खान, दीपिका पादुकोण अभिनीत 'चेन्नई एक्सप्रेस' (8 अगस्त) और मिलन लुथरिया की फिल्म 'वन्स अपॉन ए टाइम...' (15 अगस्त) शामिल हैं। यूटीवी मोशन पिक्चर्स और प्रकाश झा ने एक बयान में फिल्म के रिलीज की तारीख की घोषणा की। फिल्म के दूसरे मुख्य कलाकारों में अर्जुन रामपाल, मनोज वाजपेयी और अमृता राव शामिल हैं।टिप्पणियां झा ने कहा, अगस्त में तीन बड़ी फिल्में एक के बाद एक रिलीज होंगी। हमें 'सत्याग्रह' के लिए दो हफ्ते खाली मिलेंगे और तीनों ही बहु-प्रतीक्षित फिल्मों को दर्शकों को जुटाने के लिए पर्याप्त जगह मिलेगी। अगस्त में रिलीज होने वाली दो दूसरी बड़ी फिल्मों में शाहरुख खान, दीपिका पादुकोण अभिनीत 'चेन्नई एक्सप्रेस' (8 अगस्त) और मिलन लुथरिया की फिल्म 'वन्स अपॉन ए टाइम...' (15 अगस्त) शामिल हैं। झा ने कहा, अगस्त में तीन बड़ी फिल्में एक के बाद एक रिलीज होंगी। हमें 'सत्याग्रह' के लिए दो हफ्ते खाली मिलेंगे और तीनों ही बहु-प्रतीक्षित फिल्मों को दर्शकों को जुटाने के लिए पर्याप्त जगह मिलेगी। अगस्त में रिलीज होने वाली दो दूसरी बड़ी फिल्मों में शाहरुख खान, दीपिका पादुकोण अभिनीत 'चेन्नई एक्सप्रेस' (8 अगस्त) और मिलन लुथरिया की फिल्म 'वन्स अपॉन ए टाइम...' (15 अगस्त) शामिल हैं। अगस्त में रिलीज होने वाली दो दूसरी बड़ी फिल्मों में शाहरुख खान, दीपिका पादुकोण अभिनीत 'चेन्नई एक्सप्रेस' (8 अगस्त) और मिलन लुथरिया की फिल्म 'वन्स अपॉन ए टाइम...' (15 अगस्त) शामिल हैं।
यहाँ एक सारांश है:फिल्म में अमिताभ बच्चन, अजय देवगन और करीना कपूर मुख्य भूमिकाओं में हैं। प्रकाश झा ने कहा, अगस्त में तीन बड़ी फिल्में एक के बाद एक रिलीज होंगी। हमें 'सत्याग्रह' के लिए दो हफ्ते खाली मिलेंगे।
12
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: यूपी और दिल्ली के एमसीडी चुनावों में कांग्रेस की हार हुई है. अमरिंदर सिंह और बरखा शुक्ला सिंह पार्टी छोड़ चुके हैं. अजय माकन ने भी इस्तीफा दिया मगर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने वापस कर दिया. कांग्रेस में इन दिनों विचार-विमर्श का दौर चल रहा है. इसी के बीच वरिष्ठ पत्रकार शेखर गुप्ता ने NDTV के लिए दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस की बड़ी नेता शीला दीक्षित से बातचीत की. इस इंटरव्यू में शीला दीक्षित ने जहां यूपी में समाजवादी पार्टी से गठबंधन को ग़लती बताया और कहा कि कांग्रेस को अपने नेताओं को इज्जत देनी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी को सोनिया गांधी की तरह कांग्रेस मुख्यालय में हर दिन कुछ घंटे बिताने चाहिए ताकि वे लोगों से ज्यादा से ज्यादा मिल सकें.  सपा गठबंधन पर शीला दीक्षित ने कहा- मुझे पता नहीं क्या हुआ, लेकिन अखिलेश और समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन की ख़बरें आने लगीं. गठबंधन के 10 दिन पहले एक इंटरव्यू में मैंने कहा कि अगर कोई ऐसा गठबंधन हुआ तो मैं इससे अलग रहना चाहती हूं, क्योंकि सीएम के दो उम्मीदवार नहीं हो सकते. मुझे नहीं लगता कि ये एक अच्छा फ़ैसला था, क्योंकि हम सात सीट पर सिमट गए. ये बहुत ही परेशान करने वाली बात है. जिस तरह से हम तैयारी कर रहे थे हमें 50-70 सीटें आने की उम्मीद थी. राहुल गांधी को लेकर शीला ने कहा जब सोनिया गांधी कांग्रेस अध्यक्ष बनी थीं तो वह हर दिन AICC दफ़्तर में 2-3 घंटे वक्त देती थीं. मुझे लगता है कि अगर राहुल गांधी भी ऐसा करें और लोगों से मिलें तो पूरा माहौल बदल सकता है. राहुल जैसे नेता ही ऐसा कर सकते हैं. टिप्पणियां आप कह रही थीं कि राजनीति में विनम्रता की कमी हो गई है, लेकिन क्या कांग्रेस में ऐसा ज़्यादा हो रहा है? शीला दीक्षित ने इस सवाल के जवाब पर कहा- हां विनम्रता कम हो गई है, मैं ये मानती हूं. नहीं तो नेता ऐसे पार्टी छोड़कर नहीं जाते. कुछ समय बाद आप सीएम नहीं रहते, मंत्री नहीं रहते लेकिन वह पार्टी के महत्वपूर्ण सदस्य होते हैं, इसलिए उन्हें उतनी तो इज्जत तो मिलनी चाहिए. क्या आपको पर्याप्त इज़्ज़त मिली है? इस पर शीला दीक्षित ने कहा कि नहीं, पिछले 1-2 साल से ऐसा नहीं हुआ. सपा गठबंधन पर शीला दीक्षित ने कहा- मुझे पता नहीं क्या हुआ, लेकिन अखिलेश और समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन की ख़बरें आने लगीं. गठबंधन के 10 दिन पहले एक इंटरव्यू में मैंने कहा कि अगर कोई ऐसा गठबंधन हुआ तो मैं इससे अलग रहना चाहती हूं, क्योंकि सीएम के दो उम्मीदवार नहीं हो सकते. मुझे नहीं लगता कि ये एक अच्छा फ़ैसला था, क्योंकि हम सात सीट पर सिमट गए. ये बहुत ही परेशान करने वाली बात है. जिस तरह से हम तैयारी कर रहे थे हमें 50-70 सीटें आने की उम्मीद थी. राहुल गांधी को लेकर शीला ने कहा जब सोनिया गांधी कांग्रेस अध्यक्ष बनी थीं तो वह हर दिन AICC दफ़्तर में 2-3 घंटे वक्त देती थीं. मुझे लगता है कि अगर राहुल गांधी भी ऐसा करें और लोगों से मिलें तो पूरा माहौल बदल सकता है. राहुल जैसे नेता ही ऐसा कर सकते हैं. टिप्पणियां आप कह रही थीं कि राजनीति में विनम्रता की कमी हो गई है, लेकिन क्या कांग्रेस में ऐसा ज़्यादा हो रहा है? शीला दीक्षित ने इस सवाल के जवाब पर कहा- हां विनम्रता कम हो गई है, मैं ये मानती हूं. नहीं तो नेता ऐसे पार्टी छोड़कर नहीं जाते. कुछ समय बाद आप सीएम नहीं रहते, मंत्री नहीं रहते लेकिन वह पार्टी के महत्वपूर्ण सदस्य होते हैं, इसलिए उन्हें उतनी तो इज्जत तो मिलनी चाहिए. क्या आपको पर्याप्त इज़्ज़त मिली है? इस पर शीला दीक्षित ने कहा कि नहीं, पिछले 1-2 साल से ऐसा नहीं हुआ. राहुल गांधी को लेकर शीला ने कहा जब सोनिया गांधी कांग्रेस अध्यक्ष बनी थीं तो वह हर दिन AICC दफ़्तर में 2-3 घंटे वक्त देती थीं. मुझे लगता है कि अगर राहुल गांधी भी ऐसा करें और लोगों से मिलें तो पूरा माहौल बदल सकता है. राहुल जैसे नेता ही ऐसा कर सकते हैं. टिप्पणियां आप कह रही थीं कि राजनीति में विनम्रता की कमी हो गई है, लेकिन क्या कांग्रेस में ऐसा ज़्यादा हो रहा है? शीला दीक्षित ने इस सवाल के जवाब पर कहा- हां विनम्रता कम हो गई है, मैं ये मानती हूं. नहीं तो नेता ऐसे पार्टी छोड़कर नहीं जाते. कुछ समय बाद आप सीएम नहीं रहते, मंत्री नहीं रहते लेकिन वह पार्टी के महत्वपूर्ण सदस्य होते हैं, इसलिए उन्हें उतनी तो इज्जत तो मिलनी चाहिए. क्या आपको पर्याप्त इज़्ज़त मिली है? इस पर शीला दीक्षित ने कहा कि नहीं, पिछले 1-2 साल से ऐसा नहीं हुआ. आप कह रही थीं कि राजनीति में विनम्रता की कमी हो गई है, लेकिन क्या कांग्रेस में ऐसा ज़्यादा हो रहा है? शीला दीक्षित ने इस सवाल के जवाब पर कहा- हां विनम्रता कम हो गई है, मैं ये मानती हूं. नहीं तो नेता ऐसे पार्टी छोड़कर नहीं जाते. कुछ समय बाद आप सीएम नहीं रहते, मंत्री नहीं रहते लेकिन वह पार्टी के महत्वपूर्ण सदस्य होते हैं, इसलिए उन्हें उतनी तो इज्जत तो मिलनी चाहिए. क्या आपको पर्याप्त इज़्ज़त मिली है? इस पर शीला दीक्षित ने कहा कि नहीं, पिछले 1-2 साल से ऐसा नहीं हुआ. क्या आपको पर्याप्त इज़्ज़त मिली है? इस पर शीला दीक्षित ने कहा कि नहीं, पिछले 1-2 साल से ऐसा नहीं हुआ.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: यूपी में समाजवादी पार्टी से गठबंधन ग़लती कांग्रेस को अपने नेताओं को इज्जत देनी चाहिए मुख्यालय में कुछ घंटे रोज बिताएं राहुल
3
['hin']
एक सारांश बनाओ: भारत उन पांच देशों में शामिल है जिसने 2018 के हॉकी विश्व कप की मेजबानी के लिए अंतरराष्ट्रीय हाकी महासंघ (एफआईएच) के सामने अपनी पेशकश रखी है। एफआईएच ने कहा कि उसे पांच देशों की तरफ से सात उच्च स्तर की पेशकश मिली हैं। इनमें से सभी ने एक साथ होने वाले पुरुष और महिला विश्वकप की मेजबानी का दावा पेश किया है। एफआईएच के बयान के अनुसार पुरुष विश्वकप की मेजबानी के लिए चार आधिकारिक प्रस्ताव जबकि महिला टूर्नामेंट के लिए तीन प्रस्ताव मिले हैं। बयान में कहा गया है कि ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, भारत, मलेशिया और न्यूजीलैंड सभी ने इस टूर्नामेंट की मेजबानी के लिए मजबूत दावेदारी पेश की है।टिप्पणियां एफआईएच ने बोली पेश करने के लिए 31 अगस्त की समयसीमा तय की थी। पहले छह देशों ने मेजबानी में दिलचस्पी दिखाई थी लेकिन पांच देशों ने ही प्रस्ताव भेजे। अब इनमें से प्रत्येक प्रस्ताव का विस्तृत मूल्यांकन किया जाएगा। इसके बाद चर्चा होगी और प्रत्येक देश के स्थलों का दौरा किया जाएगा। अंतिम फैसला स्विट्जरलैंड के लुसाने में एफआईएच कार्यकारी बोर्ड की बैठक में किया जाएगा। मेजबानी हासिल करने वाले देश की घोषणा सात नवंबर को की जाएगी। भारत ने आखिरी बार 2010 में नई दिल्ली में विश्वकप की मेजबानी की थी। पुरुष और महिला विश्वकप 2018 में कुल 16 टीमें भाग लेंगी। अगले साल हेग में होने वाले विश्वकप में पुरुष और महिला दोनों वर्गों में 12-12 टीमें शिरकत करेंगी। एफआईएच ने कहा कि उसे पांच देशों की तरफ से सात उच्च स्तर की पेशकश मिली हैं। इनमें से सभी ने एक साथ होने वाले पुरुष और महिला विश्वकप की मेजबानी का दावा पेश किया है। एफआईएच के बयान के अनुसार पुरुष विश्वकप की मेजबानी के लिए चार आधिकारिक प्रस्ताव जबकि महिला टूर्नामेंट के लिए तीन प्रस्ताव मिले हैं। बयान में कहा गया है कि ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, भारत, मलेशिया और न्यूजीलैंड सभी ने इस टूर्नामेंट की मेजबानी के लिए मजबूत दावेदारी पेश की है।टिप्पणियां एफआईएच ने बोली पेश करने के लिए 31 अगस्त की समयसीमा तय की थी। पहले छह देशों ने मेजबानी में दिलचस्पी दिखाई थी लेकिन पांच देशों ने ही प्रस्ताव भेजे। अब इनमें से प्रत्येक प्रस्ताव का विस्तृत मूल्यांकन किया जाएगा। इसके बाद चर्चा होगी और प्रत्येक देश के स्थलों का दौरा किया जाएगा। अंतिम फैसला स्विट्जरलैंड के लुसाने में एफआईएच कार्यकारी बोर्ड की बैठक में किया जाएगा। मेजबानी हासिल करने वाले देश की घोषणा सात नवंबर को की जाएगी। भारत ने आखिरी बार 2010 में नई दिल्ली में विश्वकप की मेजबानी की थी। पुरुष और महिला विश्वकप 2018 में कुल 16 टीमें भाग लेंगी। अगले साल हेग में होने वाले विश्वकप में पुरुष और महिला दोनों वर्गों में 12-12 टीमें शिरकत करेंगी। एफआईएच के बयान के अनुसार पुरुष विश्वकप की मेजबानी के लिए चार आधिकारिक प्रस्ताव जबकि महिला टूर्नामेंट के लिए तीन प्रस्ताव मिले हैं। बयान में कहा गया है कि ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, भारत, मलेशिया और न्यूजीलैंड सभी ने इस टूर्नामेंट की मेजबानी के लिए मजबूत दावेदारी पेश की है।टिप्पणियां एफआईएच ने बोली पेश करने के लिए 31 अगस्त की समयसीमा तय की थी। पहले छह देशों ने मेजबानी में दिलचस्पी दिखाई थी लेकिन पांच देशों ने ही प्रस्ताव भेजे। अब इनमें से प्रत्येक प्रस्ताव का विस्तृत मूल्यांकन किया जाएगा। इसके बाद चर्चा होगी और प्रत्येक देश के स्थलों का दौरा किया जाएगा। अंतिम फैसला स्विट्जरलैंड के लुसाने में एफआईएच कार्यकारी बोर्ड की बैठक में किया जाएगा। मेजबानी हासिल करने वाले देश की घोषणा सात नवंबर को की जाएगी। भारत ने आखिरी बार 2010 में नई दिल्ली में विश्वकप की मेजबानी की थी। पुरुष और महिला विश्वकप 2018 में कुल 16 टीमें भाग लेंगी। अगले साल हेग में होने वाले विश्वकप में पुरुष और महिला दोनों वर्गों में 12-12 टीमें शिरकत करेंगी। एफआईएच ने बोली पेश करने के लिए 31 अगस्त की समयसीमा तय की थी। पहले छह देशों ने मेजबानी में दिलचस्पी दिखाई थी लेकिन पांच देशों ने ही प्रस्ताव भेजे। अब इनमें से प्रत्येक प्रस्ताव का विस्तृत मूल्यांकन किया जाएगा। इसके बाद चर्चा होगी और प्रत्येक देश के स्थलों का दौरा किया जाएगा। अंतिम फैसला स्विट्जरलैंड के लुसाने में एफआईएच कार्यकारी बोर्ड की बैठक में किया जाएगा। मेजबानी हासिल करने वाले देश की घोषणा सात नवंबर को की जाएगी। भारत ने आखिरी बार 2010 में नई दिल्ली में विश्वकप की मेजबानी की थी। पुरुष और महिला विश्वकप 2018 में कुल 16 टीमें भाग लेंगी। अगले साल हेग में होने वाले विश्वकप में पुरुष और महिला दोनों वर्गों में 12-12 टीमें शिरकत करेंगी। भारत ने आखिरी बार 2010 में नई दिल्ली में विश्वकप की मेजबानी की थी। पुरुष और महिला विश्वकप 2018 में कुल 16 टीमें भाग लेंगी। अगले साल हेग में होने वाले विश्वकप में पुरुष और महिला दोनों वर्गों में 12-12 टीमें शिरकत करेंगी।
संक्षिप्त पाठ: भारत उन पांच देशों में शामिल है जिसने 2018 के हॉकी विश्व कप की मेजबानी के लिए अंतरराष्ट्रीय हाकी महासंघ (एफआईएच) के सामने अपनी पेशकश रखी है।
30
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: केंद्रीय गृहमंत्री पी चिदंबरम ने दावा किया कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पिछले दो साल के दौरान आपराधिक घटनाओं में नाटकीय रूप से गिरावट दर्ज की गई है। चिदंबरम ने अपने मंत्रालय की दिसंबर, 2010 की प्रगति रिपोर्ट पेश करते हुए संवाददाताओं से कहा, दिल्ली में पिछले दो साल में आपराधिक घटनाओं में नाटकीय रूप से गिरावट आई है। आंकड़े इसकी गवाही देते हैं। यह पूछने पर कि पिछले कुछ समय से दिल्ली महिलाओं के लिए लगातार असुरक्षित होती जा रही है और महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं, चिदंबरम ने कहा कि उन्होंने अपराधों को लेकर जो बात कही है, आंकड़ों के आधार पर कही है और आंकड़े कह रहे हैं कि आपराधिक घटनाओं में कमी आई है। चिदंबरम ने कहा, दिल्ली एक बड़ा शहर है। एक बड़े शहर में अपराध होते ही हैं। सवाल प्रभावशाली पुलिस व्यवस्था का है। आम धारणा, जो प्रमुखतया मीडिया खबरों से बनी है, के विपरीत मेरे हिसाब से दिल्ली में अपराध कम हुए हैं और पुलिस पहले के मुकाबले अधिक प्रभावशाली हुई है।
सारांश: गृहमंत्री चिदंबरम ने दावा किया कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पिछले दो साल के दौरान आपराधिक घटनाओं में नाटकीय रूप से गिरावट दर्ज की गई है।
20
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: 2006 के मालेगांव धमाकों की जांच में बड़ी चूक सामने आई है। पांच सालों से जेल में बंद नौ आरोपियों का धमाके में कोई हाथ नहीं है। यह खबर सूत्रों के हवाले से एनडीटीवी को मिली है कि जांच एजेंसी एनआईए इस नतीजे पर पहुंची है कि इन धमाकों में ना तो सिमी का हाथ था और ना ही गिरफ्तार किए गए नौ लोगों का। ऐसे में एनआईए ने यह फ़ैसला किया है कि वो पिछले पांच सालों से जेल में बंद नौ आरोपियों को ज़मानत दिए जाने का विरोध नहीं करेगी। ज़मानत याचिका पर अगले महीने सुनवाई होनी है। 2006 में मालेगांव में हुए दो बम धमाकों में 31 लोग मारे गए थे और 312 लोग घायल हुए थे।मालेगांव बम धमाकों के पीछे पहले प्रतिबंधित इस्लामी छात्र संगठन सिमी का हाथ माना गया और 9 लोग गिरफ्तार कर लिए गए लेकिन धीरे−धीरे यह मामला हिंदूवादी समूह की ओर मुड़ गया। एनडीटीवी को यह भी पता चला है कि सीबीआई ने एनआईए को भेजी गई एक आंतरिक रिपोर्ट में कहा है कि नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी को सिर्फ़ हिंदुत्व समूह की भूमिका की जांच करनी चाहिए। इस मामले में स्वामी असीमानंद के कबूलनामे के बाद लेफ्टिनेंट कर्नल श्रीकांत पुरोहित और प्रज्ञा ठाकुर समेत आठ लोग पिछले साल गिरफ्तार किए गए लेकिन हैरानी की बात यह है कि आज तक मालेगांव धमाके में उन्हें आरोपी नहीं बनाया गया है। ये सभी दूसरे मामलों में जेल में बंद हैं।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: 2006 के मालेगांव धमाकों की जांच में बड़ी चूक सामने आई है। पांच सालों से जेल में बंद नौ आरोपियों का धमाके में कोई हाथ नहीं है।
25
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: किंगफिशर एयरलाइंस से यात्रा कर रहे मुसाफिरों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। किंगफिशर ने कोलकाता में ऑपरेशन रोक दिया है और मुंबई में भी सेवाएं बुरी तरह से प्रभावित हुई हैं। वहां कई उड़ानें रद्द की जा चुकी हैं और कई देर से उड़ान भर रही हैं। बताया जा रहा है कि पैसों की कमी की वजह से आईटी विभाग ने कंपनी का बैंक अकाउंट बंद कर दिया है।टिप्पणियां वहीं कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि तकनीकी वजहों से ऐसी परेशानियां आ रही हैं और कंपनी कहीं भी अपना ऑपरेशन बंद नहीं कर रही है। पिछले कुछ दिनों से अप्रत्याशित घटनाओं की वजह से एयरलाइन की सवाओं में दिक्कतें आ रही हैं, जिसकी वजह से कंपनी रोजाना सिर्फ 208 उड़ानों का संचालन कर पा रही है। आमतौर पर किंगफिशर एयरलाइन रोजाना 240 उड़ानों का संचालन करती है, लेकिन कुछ कारणों से एयरलाइन इन दिनों 208 उड़ानों का ही संचालन कर पा रही है। रविवार को एयरलाइन ने मुंबई से अलग−अलग शहरों को जाने वाली करीब 15 उड़ानों को रद्द किया है। एक साथ 15 उड़ानें के रद्द होने से मुसाफिर परेशान हैं। कल रात मुंबई में एयरलाइन के उच्च अधिकारियों की मौजूदा हालात पर चर्चा करने के लिए हाई लेवल की मीटिंग भी हुई। वहीं कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि तकनीकी वजहों से ऐसी परेशानियां आ रही हैं और कंपनी कहीं भी अपना ऑपरेशन बंद नहीं कर रही है। पिछले कुछ दिनों से अप्रत्याशित घटनाओं की वजह से एयरलाइन की सवाओं में दिक्कतें आ रही हैं, जिसकी वजह से कंपनी रोजाना सिर्फ 208 उड़ानों का संचालन कर पा रही है। आमतौर पर किंगफिशर एयरलाइन रोजाना 240 उड़ानों का संचालन करती है, लेकिन कुछ कारणों से एयरलाइन इन दिनों 208 उड़ानों का ही संचालन कर पा रही है। रविवार को एयरलाइन ने मुंबई से अलग−अलग शहरों को जाने वाली करीब 15 उड़ानों को रद्द किया है। एक साथ 15 उड़ानें के रद्द होने से मुसाफिर परेशान हैं। कल रात मुंबई में एयरलाइन के उच्च अधिकारियों की मौजूदा हालात पर चर्चा करने के लिए हाई लेवल की मीटिंग भी हुई। आमतौर पर किंगफिशर एयरलाइन रोजाना 240 उड़ानों का संचालन करती है, लेकिन कुछ कारणों से एयरलाइन इन दिनों 208 उड़ानों का ही संचालन कर पा रही है। रविवार को एयरलाइन ने मुंबई से अलग−अलग शहरों को जाने वाली करीब 15 उड़ानों को रद्द किया है। एक साथ 15 उड़ानें के रद्द होने से मुसाफिर परेशान हैं। कल रात मुंबई में एयरलाइन के उच्च अधिकारियों की मौजूदा हालात पर चर्चा करने के लिए हाई लेवल की मीटिंग भी हुई।
संक्षिप्त पाठ: किंगफिशर ने कोलकाता में ऑपरेशन रोक दिया है और मुंबई में भी सेवाएं बुरी तरह से प्रभावित हुई हैं और वहां कई उड़ानें रद्द की जा चुकी हैं।
22
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र में बीफ का मामले में राज्‍य सरकार को नोटिस जारी किया है. बॉम्‍बे हाईकोर्ट द्वारा बाहरी राज्‍यों से बीफ लाने और खाने की दी गई इजाजत के फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर न्‍यायालय ने यह नोटिस जारी किया. यह याचिका अखिल भारतीय कृषि गोसेवा संघ द्वारा दायर की गई है. याचिका में दूसरे राज्य से बीफ लाए जाने की इजाजत को भी चुनौती दी गई है.टिप्पणियां दरअसल, महाराष्ट्र में जारी बीफ बैन पर बड़ा फैसला सुनाते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने जुलाई में बीफ पर पाबंदी जारी रहने का फैसला दिया था, लेकिन बीफ खाने पर लगी पाबंदी को उठाते हुए अन्य राज्यों से महाराष्ट्र में बीफ लाकर बेचने की इजाजत दे दी थी. हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि 'राज्य में बीफ पर पाबंदी जारी रहेगी, लेकिन बाहर के राज्यों से (जिन राज्यों में इसकी इजाजत है) महाराष्ट्र में बीफ लाया जा सकता है और लोग बीफ खा भी सकते हैं। बीफ रखने वालों को सारे सबूत हमेशा रखने होंगे, जिससे कभी कोई शिकायत आए तो वो खुद को निर्दोष साबित कर सकें. ऐसे में उस व्यक्ति पर कानूनी कारवाई नहीं हो सकती है. यह याचिका अखिल भारतीय कृषि गोसेवा संघ द्वारा दायर की गई है. याचिका में दूसरे राज्य से बीफ लाए जाने की इजाजत को भी चुनौती दी गई है.टिप्पणियां दरअसल, महाराष्ट्र में जारी बीफ बैन पर बड़ा फैसला सुनाते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने जुलाई में बीफ पर पाबंदी जारी रहने का फैसला दिया था, लेकिन बीफ खाने पर लगी पाबंदी को उठाते हुए अन्य राज्यों से महाराष्ट्र में बीफ लाकर बेचने की इजाजत दे दी थी. हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि 'राज्य में बीफ पर पाबंदी जारी रहेगी, लेकिन बाहर के राज्यों से (जिन राज्यों में इसकी इजाजत है) महाराष्ट्र में बीफ लाया जा सकता है और लोग बीफ खा भी सकते हैं। बीफ रखने वालों को सारे सबूत हमेशा रखने होंगे, जिससे कभी कोई शिकायत आए तो वो खुद को निर्दोष साबित कर सकें. ऐसे में उस व्यक्ति पर कानूनी कारवाई नहीं हो सकती है. दरअसल, महाराष्ट्र में जारी बीफ बैन पर बड़ा फैसला सुनाते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने जुलाई में बीफ पर पाबंदी जारी रहने का फैसला दिया था, लेकिन बीफ खाने पर लगी पाबंदी को उठाते हुए अन्य राज्यों से महाराष्ट्र में बीफ लाकर बेचने की इजाजत दे दी थी. हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि 'राज्य में बीफ पर पाबंदी जारी रहेगी, लेकिन बाहर के राज्यों से (जिन राज्यों में इसकी इजाजत है) महाराष्ट्र में बीफ लाया जा सकता है और लोग बीफ खा भी सकते हैं। बीफ रखने वालों को सारे सबूत हमेशा रखने होंगे, जिससे कभी कोई शिकायत आए तो वो खुद को निर्दोष साबित कर सकें. ऐसे में उस व्यक्ति पर कानूनी कारवाई नहीं हो सकती है. हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि 'राज्य में बीफ पर पाबंदी जारी रहेगी, लेकिन बाहर के राज्यों से (जिन राज्यों में इसकी इजाजत है) महाराष्ट्र में बीफ लाया जा सकता है और लोग बीफ खा भी सकते हैं। बीफ रखने वालों को सारे सबूत हमेशा रखने होंगे, जिससे कभी कोई शिकायत आए तो वो खुद को निर्दोष साबित कर सकें. ऐसे में उस व्यक्ति पर कानूनी कारवाई नहीं हो सकती है.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: बॉम्‍बे HC द्वारा केस में दिए फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई की. अखिल भारतीय कृषि गोसेवा संघ द्वारा दायर की गई है याचिका. याचिका में दूसरे राज्य से बीफ लाए जाने की इजाजत को भी चुनौती दी गई है.
19
['hin']
एक सारांश बनाओ: मुलायम ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि वे लोकसभा चुनाव में टिकट के लिए उन्हें आवेदन दें. उन्होंने कहा, 'आपमें से कितनों ने मुझे आवेदन दिया? किसी ने नहीं. तब टिकट कैसे पाओगे? अखिलेश टिकट देंगे, लेकिन मैं उसे बदल सकता हूं.' भाजपा की प्रशंसा करते हुए मुलायम ने कहा कि भाजपा की चुनावी तैयारी बेहतर है. सपा प्रत्याशियों के नाम जल्द घोषित होने चाहिए ताकि वे अपने क्षेत्र में जाकर जमीनी कार्य कर सकें. मुलायम सिंह ने बीते दिनों लोकसभा में यह बयान देकर राजनीतिक हलकों में सरगर्मी तेज कर दी थी कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई देना चाहते हैं, क्योंकि उन्होंने हर किसी को साथ लेकर चलने का प्रयास किया. उन्होंने कहा, 'मुझे आशा है कि सभी सदस्य जीतेंगे और वापस आएंगे और आप (मोदी) फिर से प्रधानमंत्री बनेंगे.' बता दें कि मुलायम के पुत्र व सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कभी सपा की धुर विरोधी रही बसपा के साथ गठबंधन किया है. दोनों दलों ने लोकसभा चुनाव के लिए सीटों का भी बंटवारा कर लिया है. सपा 37 जबकि बसपा 38 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, वहीं, गठबंधन अमेठी और रायबरेली में कोई उम्मीदवार नहीं उतारेगा.
संक्षिप्त पाठ: सपा के साथ गठबंधन पर मुलायम नाखुश कार्यकर्ताओ से बात में छलका मुलायम का दर्द कहा-बसपा से गठबंधन बिना मुझसे पूछे कर लिया
30
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: वेस्टइंडीज (ए) के खिलाफ आज यहां तूफानी शतक जड़ने वाले युवराज सिंह ने कहा कि वह शतक जड़कर बहुत संतुष्ट हैं, क्योंकि यह उन्होंने वेस्टइंडीज की मजबूत आक्रमण के खिलाफ बनाया। युवराज ने तेज गेंदबाज रोन्सफोर्ड बीटन की जमकर तारीफ की और उनकी तुलना में कैरेबियाई तेज गेंदबाज कर्टली एंब्रोस से की। उन्होंने मैच के बाद संवाददाता सम्मेलन में कहा, मैं समझता हूं कि यह पूरी तरह से अंतरराष्ट्रीय आक्रमण था। आंद्रे रसेल अपनी राष्ट्रीय टीम से खेलता है और बीटन वेस्टइंडीज का भविष्य का तेज गेंदबाज है। उसे देखकर मुझे कर्टली की याद आई। निश्चित तौर पर कर्टली महान गेंदबाज थे, लेकिन बीटन में काफी संभावना है और मैं समझता हूं कि यह बहुत अच्छा आक्रमण था। युवराज ने कहा कि सत्र के पहले मैच में शतक जमाना खास है। उन्होंने कहा, मैंने अपनी बल्लेबाजी पर काफी काम किया। पिछले दो सप्ताह से मैं कड़ा अभ्यास कर रहा था। उन्होंने कहा, रोबिन (उथप्पा) और मैंडी ने हमें अच्छी शुरुआत दिलाई, जिसका मैंने और यूसुफ पठान ने आखिर में फायदा उठाया।टिप्पणियां युवराज ने अपने निजी फ्रांसीसी ट्रेनर टिम एक्सटर की तारीफ की, जिन्होंने उन्हें और जहीर खान को मैच फिट बनाया। उन्होंने कहा, राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी के फिजियो आशीष कौशिक ने इसकी व्यवस्था की थी। एनसीए ने हमेशा मुझे सहयोग दिया। मैं उन सभी लोगों का आभार व्यक्त करता हूं, जिन्होंने मुझ पर विश्वास जताया। युवराज से जब चार दिवसीय मैच के लिये टीम में नहीं चुने जाने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि जब तक वह रन बना रहे हैं तब तक वह इसकी परवाह नहीं करते। उन्होंने कहा, बॉस, मुझे खेलने का मौका मिला है। मैं नहीं जानता कि यह चार दिवसीय मैच है या टेस्ट क्रिकेट। मैं केवल खुश हूं और मैं खेल रहा हूं और रन बना रहा हूं। मैं नहीं जानता कि भविष्य में क्या होने जा रहा है। युवराज ने तेज गेंदबाज रोन्सफोर्ड बीटन की जमकर तारीफ की और उनकी तुलना में कैरेबियाई तेज गेंदबाज कर्टली एंब्रोस से की। उन्होंने मैच के बाद संवाददाता सम्मेलन में कहा, मैं समझता हूं कि यह पूरी तरह से अंतरराष्ट्रीय आक्रमण था। आंद्रे रसेल अपनी राष्ट्रीय टीम से खेलता है और बीटन वेस्टइंडीज का भविष्य का तेज गेंदबाज है। उसे देखकर मुझे कर्टली की याद आई। निश्चित तौर पर कर्टली महान गेंदबाज थे, लेकिन बीटन में काफी संभावना है और मैं समझता हूं कि यह बहुत अच्छा आक्रमण था। युवराज ने कहा कि सत्र के पहले मैच में शतक जमाना खास है। उन्होंने कहा, मैंने अपनी बल्लेबाजी पर काफी काम किया। पिछले दो सप्ताह से मैं कड़ा अभ्यास कर रहा था। उन्होंने कहा, रोबिन (उथप्पा) और मैंडी ने हमें अच्छी शुरुआत दिलाई, जिसका मैंने और यूसुफ पठान ने आखिर में फायदा उठाया।टिप्पणियां युवराज ने अपने निजी फ्रांसीसी ट्रेनर टिम एक्सटर की तारीफ की, जिन्होंने उन्हें और जहीर खान को मैच फिट बनाया। उन्होंने कहा, राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी के फिजियो आशीष कौशिक ने इसकी व्यवस्था की थी। एनसीए ने हमेशा मुझे सहयोग दिया। मैं उन सभी लोगों का आभार व्यक्त करता हूं, जिन्होंने मुझ पर विश्वास जताया। युवराज से जब चार दिवसीय मैच के लिये टीम में नहीं चुने जाने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि जब तक वह रन बना रहे हैं तब तक वह इसकी परवाह नहीं करते। उन्होंने कहा, बॉस, मुझे खेलने का मौका मिला है। मैं नहीं जानता कि यह चार दिवसीय मैच है या टेस्ट क्रिकेट। मैं केवल खुश हूं और मैं खेल रहा हूं और रन बना रहा हूं। मैं नहीं जानता कि भविष्य में क्या होने जा रहा है। निश्चित तौर पर कर्टली महान गेंदबाज थे, लेकिन बीटन में काफी संभावना है और मैं समझता हूं कि यह बहुत अच्छा आक्रमण था। युवराज ने कहा कि सत्र के पहले मैच में शतक जमाना खास है। उन्होंने कहा, मैंने अपनी बल्लेबाजी पर काफी काम किया। पिछले दो सप्ताह से मैं कड़ा अभ्यास कर रहा था। उन्होंने कहा, रोबिन (उथप्पा) और मैंडी ने हमें अच्छी शुरुआत दिलाई, जिसका मैंने और यूसुफ पठान ने आखिर में फायदा उठाया।टिप्पणियां युवराज ने अपने निजी फ्रांसीसी ट्रेनर टिम एक्सटर की तारीफ की, जिन्होंने उन्हें और जहीर खान को मैच फिट बनाया। उन्होंने कहा, राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी के फिजियो आशीष कौशिक ने इसकी व्यवस्था की थी। एनसीए ने हमेशा मुझे सहयोग दिया। मैं उन सभी लोगों का आभार व्यक्त करता हूं, जिन्होंने मुझ पर विश्वास जताया। युवराज से जब चार दिवसीय मैच के लिये टीम में नहीं चुने जाने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि जब तक वह रन बना रहे हैं तब तक वह इसकी परवाह नहीं करते। उन्होंने कहा, बॉस, मुझे खेलने का मौका मिला है। मैं नहीं जानता कि यह चार दिवसीय मैच है या टेस्ट क्रिकेट। मैं केवल खुश हूं और मैं खेल रहा हूं और रन बना रहा हूं। मैं नहीं जानता कि भविष्य में क्या होने जा रहा है। युवराज ने अपने निजी फ्रांसीसी ट्रेनर टिम एक्सटर की तारीफ की, जिन्होंने उन्हें और जहीर खान को मैच फिट बनाया। उन्होंने कहा, राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी के फिजियो आशीष कौशिक ने इसकी व्यवस्था की थी। एनसीए ने हमेशा मुझे सहयोग दिया। मैं उन सभी लोगों का आभार व्यक्त करता हूं, जिन्होंने मुझ पर विश्वास जताया। युवराज से जब चार दिवसीय मैच के लिये टीम में नहीं चुने जाने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि जब तक वह रन बना रहे हैं तब तक वह इसकी परवाह नहीं करते। उन्होंने कहा, बॉस, मुझे खेलने का मौका मिला है। मैं नहीं जानता कि यह चार दिवसीय मैच है या टेस्ट क्रिकेट। मैं केवल खुश हूं और मैं खेल रहा हूं और रन बना रहा हूं। मैं नहीं जानता कि भविष्य में क्या होने जा रहा है। युवराज से जब चार दिवसीय मैच के लिये टीम में नहीं चुने जाने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि जब तक वह रन बना रहे हैं तब तक वह इसकी परवाह नहीं करते। उन्होंने कहा, बॉस, मुझे खेलने का मौका मिला है। मैं नहीं जानता कि यह चार दिवसीय मैच है या टेस्ट क्रिकेट। मैं केवल खुश हूं और मैं खेल रहा हूं और रन बना रहा हूं। मैं नहीं जानता कि भविष्य में क्या होने जा रहा है।
यहाँ एक सारांश है:वेस्टइंडीज (ए) के खिलाफ आज यहां तूफानी शतक जड़ने वाले युवराज सिंह ने कहा कि वह शतक जड़कर बहुत संतुष्ट हैं, क्योंकि यह उन्होंने वेस्टइंडीज की मजबूत आक्रमण के खिलाफ बनाया।
4
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के चौथे संस्करण के अंतर्गत गुरुवार को डी.वाई.पाटील स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स में कोलकाता नाइट राइडर्स के साथ खेले जाने वाले लीग मुकाबले में पुणे वॉरियर्स साख बचाने के लिए मैदान में उतरेगी जबकि नाइट राइडर्स की कोशिश इस मुकाबले को जीतकर प्लेऑफ में अपनी जगह मजबूत करने की होगी। पिछला मुकाबला डेक्कन चार्जर्स के हाथों छह विकेट से गंवाने वाली पुणे वॉरियर्स की टीम ने इस प्रतियोगिता में अब तक 12 मुकाबले खेले हैं जिनमें चार में उसे जीत मिली है जबकि आठ मुकाबलों में उसे हार का सामना करना पड़ा है। प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो चुकी पुणे वॉरियर्स आठ अंकों के साथ अंक तालिका में नौंवे स्थान पर है। नाइट राइडर्स को पिछले मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने चार विकेट से शिकस्त दी थी। आईपीएल-4 में नाइट राइडर्स ने अब तक 12 मुकाबले खेले हैं जिनमें सात में उसे जीत मिली है जबकि पांच मैचों में उसे हार का सामना करना पड़ा है। नाइट राइडर्स 14 अंकों के साथ अंक तालिका में नेट रनरेट के आधार पर किंग्स इलेवन पंजाब से एक स्थान ऊपर चौथे स्थान पर है। नाइट राइडर्स को प्लेऑफ में जगह बनाने के लिए इस मुकाबले को जीतना बेहद जरूरी है। यदि वह इस मुकाबले को जीत लेती है तो उसके प्लेऑफ में पहुंचने की उम्मीदें बढ़ जाएंगी। पुणे वॉरियर्स के कप्तान युवराज सिंह पहले ही यह संकेत दे चुके हैं कि आगामी दो लीग मुकाबलों में वह युवा और कुछ विदेशी खिलाड़ियों को मौका देना चाहेंगे। इस लिहाज से पुणे वॉरियर्स की बल्लेबाजी और गेंदबाजी में फेरबदल देखने को मिल सकते हैं। दूसरी ओर, नाइट राइडर्स ज्यादा बदलाव करने से बचेगी क्योंकि यदि वह एक भी मुकाबला हारती है तो उसके प्लेऑफ में पहुंचने की उम्मीदें क्षीण हो सकती हैं। ऐसे में कप्तान गौतम गम्भीर अपनी टीम में अधिक बदलाव करने से बचना चाहेंगे। सलामी बल्लेबाजी की जिम्मेदारी एक बार फिर से अनुभवी हरफनमौला जैक्स कैलिस और इयोन मोर्गन के कंधों पर होगी वहीं गम्भीर, मनोज तिवारी, यूसुफ पठान और मार्क बाउचर मध्यक्रम को मजबूती देंगे। तेज गेंदबाजी का दारोमदार ब्रेट ली, लक्ष्मीपति बालाजी और जयदेव उनादकत पर होगा वहीं स्पिन की बागडोर इकबाल अब्दुल्ला सम्भालेंगे।
यहाँ एक सारांश है:आईपीएल के अंतर्गत कोलकाता नाइट राइडर्स के साथ खेले जाने वाले लीग मुकाबले में पुणे वॉरियर्स अपनी साख बचाने के लिए मैदान में उतरेगी।
18
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: खुदरा क्षेत्र में एफडीआई के मामले पर जारी गतिरोध के खत्म होने के बाद इस कदम का विरोध करने वाली संप्रग सरकार की प्रमुख सहयोगी तृणमूल कांग्रेस ने बुधवार को इस अहम मुद्दे पर बिना पर्याप्त चर्चा के जल्दबाजी में फैसला लेने के किसी भी प्रयास के खिलाफ सरकार को चेतावनी दी। तृणमूल कांग्रेस नेता और रेलमंत्री दिनेश त्रिवेदी ने कहा, इस विधेयक को फिर से लाने के संबंध में जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लेना चाहिए। यह एक अहम मुद्दा है और इस पर चर्चा की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यदि पर्याप्त चर्चा की गई होती तो इस समस्या को टाला जा सकता था। त्रिवेदी ने कहा, मैं समझता हूं कि इसमें कोई नुकसान नहीं है। मैं निजी रूप से मानता हूं कि यह सभी स्तरों पर प्रभावी संप्रेषण की कमी के कारण हुआ। रेल मंत्री ने कहा कि आधी से अधिक समस्या प्रभावी संवाद में कमी के कारण शुरू होती है। खुदरा क्षेत्र में एफडीआई के फैसले को निलंबित करने के लिये रेलमंत्री ने प्रधानमंत्री को बधाई दी।
सारांश: तृणमूल ने इस अहम मुद्दे पर बिना पर्याप्त चर्चा के जल्दबाजी में फैसला लेने के किसी भी प्रयास के खिलाफ सरकार को चेतावनी दी।
33
['hin']
एक सारांश बनाओ: जाहिर है समाज से बड़ा कोई शिक्षक नहीं होता. मराठा क्रांति मोर्चे के मुद्दे हो सकता है सिर्फ मराठों से जुड़े हों, लेकिन जनता अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए बगैर किसी तोड़फोड़ या सार्वजनिक संपति को नुकसान पहुंचाए भी सिस्टम पर अपना गहरा असर छोड़ सकती है, इस लिहाज से मराठा क्रांति मोर्चे की मिसाल दी जा सकती है. बिना आवाज की क्रांति ने एक नई राह दिखाई है. अब सवाल हमें खुद से पूछना होगा कि क्या हम इन लोगों से कुछ सीखने को तैयार हैं.   जाहिर है समाज से बड़ा कोई शिक्षक नहीं होता. मराठा क्रांति मोर्चे के मुद्दे हो सकता है सिर्फ मराठों से जुड़े हों, लेकिन जनता अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए बगैर किसी तोड़फोड़ या सार्वजनिक संपति को नुकसान पहुंचाए भी सिस्टम पर अपना गहरा असर छोड़ सकती है, इस लिहाज से मराठा क्रांति मोर्चे की मिसाल दी जा सकती है. बिना आवाज की क्रांति ने एक नई राह दिखाई है. अब सवाल हमें खुद से पूछना होगा कि क्या हम इन लोगों से कुछ सीखने को तैयार हैं.
मुंबई में बुधवार को निकले मराठा क्रांति मोर्चे ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए मुंबई में इसे अब तक का सबसे विशाल मोर्चा बताया जा रहा है बड़े से बड़ा राजनीतिक पंडित भी मोर्चे की इस कामयाबी से हैरान है
26
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने भारत में छह प्रमुख क्षेत्रों में सुधारों को आगे बढ़ाने की जरूरत पर बल देते हुए आगाह किया है कि देश में कंपनियों और बैंकों की बैलेंश-शीट की कमजोरी, आर्थिक सुधारों की धीमी पड़ती गति और मंद निर्यात से पैदा चुनौतियां उसकी आर्थिक वृद्धि को प्रभावित कर सकती हैं। आईएमएफ ने हाल ही में जारी अनुमान में कहा है कि भारत की आर्थिक वृद्धि चालू वित्त वर्ष में 7.4 प्रतिशत रहेगी। इस वैश्विक संस्था का कहना है कि देश की अर्थव्यवस्था की हालत सुधर रही है और इसमें कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, सकारात्मक नीतिगत निर्णयों और बेहतर आत्मविश्वास ने काफी मदद मिली है। अंतरराष्ट्रीय संस्थान ने यह बात वैश्विक आर्थिक संभावनाओं और चुनौतियों के बारे में अपने दस्तावेज 'नोट ऑन ग्लोबल प्रॉस्पेक्टस एंड पॉलिसी चैलेंज' दस्तावेज में कही है। टिप्पणियां यह दस्तावेज यहां होने वाली जी20 समूह के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंकों के गर्वनरों की यहां चल रही दो दिवसीय बैठक के लिए तैयार किया गया है।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) आईएमएफ ने हाल ही में जारी अनुमान में कहा है कि भारत की आर्थिक वृद्धि चालू वित्त वर्ष में 7.4 प्रतिशत रहेगी। इस वैश्विक संस्था का कहना है कि देश की अर्थव्यवस्था की हालत सुधर रही है और इसमें कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, सकारात्मक नीतिगत निर्णयों और बेहतर आत्मविश्वास ने काफी मदद मिली है। अंतरराष्ट्रीय संस्थान ने यह बात वैश्विक आर्थिक संभावनाओं और चुनौतियों के बारे में अपने दस्तावेज 'नोट ऑन ग्लोबल प्रॉस्पेक्टस एंड पॉलिसी चैलेंज' दस्तावेज में कही है। टिप्पणियां यह दस्तावेज यहां होने वाली जी20 समूह के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंकों के गर्वनरों की यहां चल रही दो दिवसीय बैठक के लिए तैयार किया गया है।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) अंतरराष्ट्रीय संस्थान ने यह बात वैश्विक आर्थिक संभावनाओं और चुनौतियों के बारे में अपने दस्तावेज 'नोट ऑन ग्लोबल प्रॉस्पेक्टस एंड पॉलिसी चैलेंज' दस्तावेज में कही है। टिप्पणियां यह दस्तावेज यहां होने वाली जी20 समूह के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंकों के गर्वनरों की यहां चल रही दो दिवसीय बैठक के लिए तैयार किया गया है।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) यह दस्तावेज यहां होने वाली जी20 समूह के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंकों के गर्वनरों की यहां चल रही दो दिवसीय बैठक के लिए तैयार किया गया है।(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: छह प्रमुख क्षेत्रों में सुधारों को आगे बढ़ाने की जरूरत पर दिया बल बैंकों की कमजोर बैलेंस-शीट, मंद निर्यात, आर्थिक सुधारों की सुस्‍त रफ्तार भारत की आर्थिक वृद्धि चालू वित्त वर्ष में 7.4 प्रतिशत रहने का अनुमान
25
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: इंडियन पायलट्स गिल्ड के खिलाफ एयर इंडिया की अवमानना याचिका पर सुनवाई करने से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया है। शीर्ष अदालत ने एयर इंडिया से कहा कि वह पायलटों के साथ बैठकर मतभेद सुलझा ले।टिप्पणियां पायलटों की हड़ताल की वजह से एयर इंडिया ने अमेरिका, कनाडा और यूरोप की उड़ानों के लिए टिकटों की बुकिंग 15 मई तक बंद कर दी है।  250 से ज्यादा पायलट चार दिन से हड़ताल पर हैं। पायलटों की हड़ताल से गुरुवार से अब तक 20 से ज्यादा उड़ानें रद्द हो गई हैं। वहीं दूसरी एयरलाइंस में अमेरिका और यूरोप की टिकटें 40 फीसदी तक महंगी मिल रही हैं। एयर इंडिया मैनेजमेंट ने हड़ताली पायलटों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अवमानना की अर्जी दी थी। दिल्ली हाईकोर्ट ने पायलटों की हड़ताल को गैर−कानूनी बताया था जिसके बाद भी पायलटों की हड़ताल जारी रही। इस बीच एयर इंडिया ने अब तक 46 पायलट बर्खास्त कर दिए हैं। पायलटों का कहना है कि मैनेजमेंट उन्हें लम्बे समय से प्रोमोशन नहीं दे रहा। साथ ही वह ट्रेनिंग के मुद्दे पर भी नाराज हैं। पायलटों की हड़ताल की वजह से एयर इंडिया ने अमेरिका, कनाडा और यूरोप की उड़ानों के लिए टिकटों की बुकिंग 15 मई तक बंद कर दी है।  250 से ज्यादा पायलट चार दिन से हड़ताल पर हैं। पायलटों की हड़ताल से गुरुवार से अब तक 20 से ज्यादा उड़ानें रद्द हो गई हैं। वहीं दूसरी एयरलाइंस में अमेरिका और यूरोप की टिकटें 40 फीसदी तक महंगी मिल रही हैं। एयर इंडिया मैनेजमेंट ने हड़ताली पायलटों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अवमानना की अर्जी दी थी। दिल्ली हाईकोर्ट ने पायलटों की हड़ताल को गैर−कानूनी बताया था जिसके बाद भी पायलटों की हड़ताल जारी रही। इस बीच एयर इंडिया ने अब तक 46 पायलट बर्खास्त कर दिए हैं। पायलटों का कहना है कि मैनेजमेंट उन्हें लम्बे समय से प्रोमोशन नहीं दे रहा। साथ ही वह ट्रेनिंग के मुद्दे पर भी नाराज हैं। वहीं दूसरी एयरलाइंस में अमेरिका और यूरोप की टिकटें 40 फीसदी तक महंगी मिल रही हैं। एयर इंडिया मैनेजमेंट ने हड़ताली पायलटों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अवमानना की अर्जी दी थी। दिल्ली हाईकोर्ट ने पायलटों की हड़ताल को गैर−कानूनी बताया था जिसके बाद भी पायलटों की हड़ताल जारी रही। इस बीच एयर इंडिया ने अब तक 46 पायलट बर्खास्त कर दिए हैं। पायलटों का कहना है कि मैनेजमेंट उन्हें लम्बे समय से प्रोमोशन नहीं दे रहा। साथ ही वह ट्रेनिंग के मुद्दे पर भी नाराज हैं।
सारांश: इंडियन पायलट्स गिल्ड के खिलाफ एयर इंडिया की अवमानना याचिका पर सुनवाई करने से इनकार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एयर इंडिया पायलटों के साथ बैठकर मतभेद सुलझा ले।
33
['hin']
एक सारांश बनाओ: देश में विकास को गति देने, घरेलू मांग को बढ़ाने और उपभोक्ताओं की भावनाओं को मजबूती देने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) वर्ष 2012-13 की मौद्रिक नीति की सोमवार को होने वाली मध्य तिमाही समीक्षा में मुख्य ऋण दरों में 25-50 आधार अंकों की कटौती कर सकता है। देश की अर्थव्यवस्था उच्च महंगाई दरों और निम्न विकास दर के आंकड़ों से जूझ रही है और इससे रिजर्व बैंक पर दरों में कटौती का दबाव बढ़ा है। केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा मंगलवार को जारी आंकड़े के मुताबिक देश के औद्योगिक उत्पादन में अप्रैल माह में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 0.1 फीसदी की मामूली वृद्धि रही। आंकड़े के मुताबिक कारोबारी साल 2011-12 के लिए औद्योगिक उत्पादन वृद्धि दर 2.8 फीसदी रही, जो इससे पिछले वर्ष 8.2 फीसदी थी। इस अवधि में खनन और विनिर्माण क्षेत्र में गिरावट रही। आलोच्य अवधि में खनन क्षेत्र में 3.1 फीसदी की गिरावट रही, जबकि विनिर्माण क्षेत्र में 0.1 फीसदी वृद्धि रही। बिजली क्षेत्र में हालांकि 4.6 फीसदी वृद्धि रही। मार्च में औद्योगिक उत्पादन में 3.5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई थी। यह गिरावट अक्टूबर 2011 के बाद सबसे बड़ी गिरावट है। अक्टूबर 2011 में इसमें 4.7 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई थी। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक में फरवरी माह में 4.1 फीसदी की वृद्धि रही थी। केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा जारी आंकड़े के मुताबिक कारोबारी साल 2011-12 के लिए औद्योगिक उत्पादन वृद्धि दर 2.8 फीसदी रही, जो कि पिछले वर्ष 8.2 फीसदी थी। रिजर्व बैंक सोमवार को मौद्रिक नीति की मध्य तिमाही समीक्षा जारी करेगा और आलोच्य अवधि में सामने आए कमजोर आर्थिक संकेतकों के कारण उम्मीद जताई जा रही है कि नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) और रेपो दर में कटौती हो सकती है। दरों में कटौती का संकेत देते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने शनिवार को उम्मीद जताई थी कि सुस्त विकास दर और उच्च महंगाई दर से सम्बंधित चिंता को दूर करने के लिए रिजर्व बैंक मौद्रिक नीति को समायोजित करेगा। मुखर्जी ने कहा था, "सभी पहलुओं को देखते हुए मुझे विश्वास है कि वे (रिजर्व बैंक) मौद्रिक नीति को समायोजित करेंगे।" उन्होंने कहा, "मुख्य रणनीति घरेलू मांग को बढ़ाने की होनी चाहिए।" सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वित्त वर्ष 2011-12 की अंतिम तिमाही में नौ साल के निचले स्तर 5.3 फीसदी पर पहुंच गई। उधर, खाद्य महंगाई दर मई में बढ़कर फिर से दोहरे अंक (10.74 फीसदी) में पहुंच गई। इससे पिछले माह में यह 8.25 फीसदी थी। महंगाई दर मई माह में 7.55 फीसदी वृद्धि दर्ज की गई। अप्रैल महीने में इसमें 7.23 फीसदी की बढ़त थी। आलोच्य अवधि में भोज्य पदार्थो की कीमतों में तेज वृद्धि दर्ज की गई। सब्जी, दाल, दूध, अंडे, मांस और मछली के दाम बढ़े और खाद्य महंगाई दर दोहरे अंकों में 10.74 फीसदी पर पहुंच गई। सब्जियों की कीमत आलोच्य अवधि में साल दर साल आधार पर 49.43 फीसदी बढ़ी, आलू की कीमत 68.10 फीसदी, दूध की कीमत 11.90 फीसदी, अंडे, मांस और मछलियों की कीमत 17.89 फीसदी और दाल की कीमत 16.61 फीसदी बढ़ी। इसी अवधि में विनिर्मित उत्पाद 5.02 फीसदी, ईंधन और बिजली 11.53 फीसदी और पेट्रोल 10.51 फीसदी महंगे हुए।टिप्पणियां पिछले साल की समान अवधि में थोक कीमतों पर आधारित महंगाई दर में 9.56 फीसदी की बढ़त थी। ताजा आंकड़ों से पता चलता है कि देश में उच्च महंगाई और सुस्त विकास की समस्या बनी हुई है। देश की अर्थव्यवस्था उच्च महंगाई दरों और निम्न विकास दर के आंकड़ों से जूझ रही है और इससे रिजर्व बैंक पर दरों में कटौती का दबाव बढ़ा है। केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा मंगलवार को जारी आंकड़े के मुताबिक देश के औद्योगिक उत्पादन में अप्रैल माह में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 0.1 फीसदी की मामूली वृद्धि रही। आंकड़े के मुताबिक कारोबारी साल 2011-12 के लिए औद्योगिक उत्पादन वृद्धि दर 2.8 फीसदी रही, जो इससे पिछले वर्ष 8.2 फीसदी थी। इस अवधि में खनन और विनिर्माण क्षेत्र में गिरावट रही। आलोच्य अवधि में खनन क्षेत्र में 3.1 फीसदी की गिरावट रही, जबकि विनिर्माण क्षेत्र में 0.1 फीसदी वृद्धि रही। बिजली क्षेत्र में हालांकि 4.6 फीसदी वृद्धि रही। मार्च में औद्योगिक उत्पादन में 3.5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई थी। यह गिरावट अक्टूबर 2011 के बाद सबसे बड़ी गिरावट है। अक्टूबर 2011 में इसमें 4.7 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई थी। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक में फरवरी माह में 4.1 फीसदी की वृद्धि रही थी। केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा जारी आंकड़े के मुताबिक कारोबारी साल 2011-12 के लिए औद्योगिक उत्पादन वृद्धि दर 2.8 फीसदी रही, जो कि पिछले वर्ष 8.2 फीसदी थी। रिजर्व बैंक सोमवार को मौद्रिक नीति की मध्य तिमाही समीक्षा जारी करेगा और आलोच्य अवधि में सामने आए कमजोर आर्थिक संकेतकों के कारण उम्मीद जताई जा रही है कि नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) और रेपो दर में कटौती हो सकती है। दरों में कटौती का संकेत देते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने शनिवार को उम्मीद जताई थी कि सुस्त विकास दर और उच्च महंगाई दर से सम्बंधित चिंता को दूर करने के लिए रिजर्व बैंक मौद्रिक नीति को समायोजित करेगा। मुखर्जी ने कहा था, "सभी पहलुओं को देखते हुए मुझे विश्वास है कि वे (रिजर्व बैंक) मौद्रिक नीति को समायोजित करेंगे।" उन्होंने कहा, "मुख्य रणनीति घरेलू मांग को बढ़ाने की होनी चाहिए।" सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वित्त वर्ष 2011-12 की अंतिम तिमाही में नौ साल के निचले स्तर 5.3 फीसदी पर पहुंच गई। उधर, खाद्य महंगाई दर मई में बढ़कर फिर से दोहरे अंक (10.74 फीसदी) में पहुंच गई। इससे पिछले माह में यह 8.25 फीसदी थी। महंगाई दर मई माह में 7.55 फीसदी वृद्धि दर्ज की गई। अप्रैल महीने में इसमें 7.23 फीसदी की बढ़त थी। आलोच्य अवधि में भोज्य पदार्थो की कीमतों में तेज वृद्धि दर्ज की गई। सब्जी, दाल, दूध, अंडे, मांस और मछली के दाम बढ़े और खाद्य महंगाई दर दोहरे अंकों में 10.74 फीसदी पर पहुंच गई। सब्जियों की कीमत आलोच्य अवधि में साल दर साल आधार पर 49.43 फीसदी बढ़ी, आलू की कीमत 68.10 फीसदी, दूध की कीमत 11.90 फीसदी, अंडे, मांस और मछलियों की कीमत 17.89 फीसदी और दाल की कीमत 16.61 फीसदी बढ़ी। इसी अवधि में विनिर्मित उत्पाद 5.02 फीसदी, ईंधन और बिजली 11.53 फीसदी और पेट्रोल 10.51 फीसदी महंगे हुए।टिप्पणियां पिछले साल की समान अवधि में थोक कीमतों पर आधारित महंगाई दर में 9.56 फीसदी की बढ़त थी। ताजा आंकड़ों से पता चलता है कि देश में उच्च महंगाई और सुस्त विकास की समस्या बनी हुई है। केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा मंगलवार को जारी आंकड़े के मुताबिक देश के औद्योगिक उत्पादन में अप्रैल माह में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 0.1 फीसदी की मामूली वृद्धि रही। आंकड़े के मुताबिक कारोबारी साल 2011-12 के लिए औद्योगिक उत्पादन वृद्धि दर 2.8 फीसदी रही, जो इससे पिछले वर्ष 8.2 फीसदी थी। इस अवधि में खनन और विनिर्माण क्षेत्र में गिरावट रही। आलोच्य अवधि में खनन क्षेत्र में 3.1 फीसदी की गिरावट रही, जबकि विनिर्माण क्षेत्र में 0.1 फीसदी वृद्धि रही। बिजली क्षेत्र में हालांकि 4.6 फीसदी वृद्धि रही। मार्च में औद्योगिक उत्पादन में 3.5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई थी। यह गिरावट अक्टूबर 2011 के बाद सबसे बड़ी गिरावट है। अक्टूबर 2011 में इसमें 4.7 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई थी। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक में फरवरी माह में 4.1 फीसदी की वृद्धि रही थी। केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा जारी आंकड़े के मुताबिक कारोबारी साल 2011-12 के लिए औद्योगिक उत्पादन वृद्धि दर 2.8 फीसदी रही, जो कि पिछले वर्ष 8.2 फीसदी थी। रिजर्व बैंक सोमवार को मौद्रिक नीति की मध्य तिमाही समीक्षा जारी करेगा और आलोच्य अवधि में सामने आए कमजोर आर्थिक संकेतकों के कारण उम्मीद जताई जा रही है कि नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) और रेपो दर में कटौती हो सकती है। दरों में कटौती का संकेत देते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने शनिवार को उम्मीद जताई थी कि सुस्त विकास दर और उच्च महंगाई दर से सम्बंधित चिंता को दूर करने के लिए रिजर्व बैंक मौद्रिक नीति को समायोजित करेगा। मुखर्जी ने कहा था, "सभी पहलुओं को देखते हुए मुझे विश्वास है कि वे (रिजर्व बैंक) मौद्रिक नीति को समायोजित करेंगे।" उन्होंने कहा, "मुख्य रणनीति घरेलू मांग को बढ़ाने की होनी चाहिए।" सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वित्त वर्ष 2011-12 की अंतिम तिमाही में नौ साल के निचले स्तर 5.3 फीसदी पर पहुंच गई। उधर, खाद्य महंगाई दर मई में बढ़कर फिर से दोहरे अंक (10.74 फीसदी) में पहुंच गई। इससे पिछले माह में यह 8.25 फीसदी थी। महंगाई दर मई माह में 7.55 फीसदी वृद्धि दर्ज की गई। अप्रैल महीने में इसमें 7.23 फीसदी की बढ़त थी। आलोच्य अवधि में भोज्य पदार्थो की कीमतों में तेज वृद्धि दर्ज की गई। सब्जी, दाल, दूध, अंडे, मांस और मछली के दाम बढ़े और खाद्य महंगाई दर दोहरे अंकों में 10.74 फीसदी पर पहुंच गई। सब्जियों की कीमत आलोच्य अवधि में साल दर साल आधार पर 49.43 फीसदी बढ़ी, आलू की कीमत 68.10 फीसदी, दूध की कीमत 11.90 फीसदी, अंडे, मांस और मछलियों की कीमत 17.89 फीसदी और दाल की कीमत 16.61 फीसदी बढ़ी। इसी अवधि में विनिर्मित उत्पाद 5.02 फीसदी, ईंधन और बिजली 11.53 फीसदी और पेट्रोल 10.51 फीसदी महंगे हुए।टिप्पणियां पिछले साल की समान अवधि में थोक कीमतों पर आधारित महंगाई दर में 9.56 फीसदी की बढ़त थी। ताजा आंकड़ों से पता चलता है कि देश में उच्च महंगाई और सुस्त विकास की समस्या बनी हुई है। आलोच्य अवधि में खनन क्षेत्र में 3.1 फीसदी की गिरावट रही, जबकि विनिर्माण क्षेत्र में 0.1 फीसदी वृद्धि रही। बिजली क्षेत्र में हालांकि 4.6 फीसदी वृद्धि रही। मार्च में औद्योगिक उत्पादन में 3.5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई थी। यह गिरावट अक्टूबर 2011 के बाद सबसे बड़ी गिरावट है। अक्टूबर 2011 में इसमें 4.7 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई थी। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक में फरवरी माह में 4.1 फीसदी की वृद्धि रही थी। केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा जारी आंकड़े के मुताबिक कारोबारी साल 2011-12 के लिए औद्योगिक उत्पादन वृद्धि दर 2.8 फीसदी रही, जो कि पिछले वर्ष 8.2 फीसदी थी। रिजर्व बैंक सोमवार को मौद्रिक नीति की मध्य तिमाही समीक्षा जारी करेगा और आलोच्य अवधि में सामने आए कमजोर आर्थिक संकेतकों के कारण उम्मीद जताई जा रही है कि नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) और रेपो दर में कटौती हो सकती है। दरों में कटौती का संकेत देते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने शनिवार को उम्मीद जताई थी कि सुस्त विकास दर और उच्च महंगाई दर से सम्बंधित चिंता को दूर करने के लिए रिजर्व बैंक मौद्रिक नीति को समायोजित करेगा। मुखर्जी ने कहा था, "सभी पहलुओं को देखते हुए मुझे विश्वास है कि वे (रिजर्व बैंक) मौद्रिक नीति को समायोजित करेंगे।" उन्होंने कहा, "मुख्य रणनीति घरेलू मांग को बढ़ाने की होनी चाहिए।" सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वित्त वर्ष 2011-12 की अंतिम तिमाही में नौ साल के निचले स्तर 5.3 फीसदी पर पहुंच गई। उधर, खाद्य महंगाई दर मई में बढ़कर फिर से दोहरे अंक (10.74 फीसदी) में पहुंच गई। इससे पिछले माह में यह 8.25 फीसदी थी। महंगाई दर मई माह में 7.55 फीसदी वृद्धि दर्ज की गई। अप्रैल महीने में इसमें 7.23 फीसदी की बढ़त थी। आलोच्य अवधि में भोज्य पदार्थो की कीमतों में तेज वृद्धि दर्ज की गई। सब्जी, दाल, दूध, अंडे, मांस और मछली के दाम बढ़े और खाद्य महंगाई दर दोहरे अंकों में 10.74 फीसदी पर पहुंच गई। सब्जियों की कीमत आलोच्य अवधि में साल दर साल आधार पर 49.43 फीसदी बढ़ी, आलू की कीमत 68.10 फीसदी, दूध की कीमत 11.90 फीसदी, अंडे, मांस और मछलियों की कीमत 17.89 फीसदी और दाल की कीमत 16.61 फीसदी बढ़ी। इसी अवधि में विनिर्मित उत्पाद 5.02 फीसदी, ईंधन और बिजली 11.53 फीसदी और पेट्रोल 10.51 फीसदी महंगे हुए।टिप्पणियां पिछले साल की समान अवधि में थोक कीमतों पर आधारित महंगाई दर में 9.56 फीसदी की बढ़त थी। ताजा आंकड़ों से पता चलता है कि देश में उच्च महंगाई और सुस्त विकास की समस्या बनी हुई है। मार्च में औद्योगिक उत्पादन में 3.5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई थी। यह गिरावट अक्टूबर 2011 के बाद सबसे बड़ी गिरावट है। अक्टूबर 2011 में इसमें 4.7 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई थी। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक में फरवरी माह में 4.1 फीसदी की वृद्धि रही थी। केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा जारी आंकड़े के मुताबिक कारोबारी साल 2011-12 के लिए औद्योगिक उत्पादन वृद्धि दर 2.8 फीसदी रही, जो कि पिछले वर्ष 8.2 फीसदी थी। रिजर्व बैंक सोमवार को मौद्रिक नीति की मध्य तिमाही समीक्षा जारी करेगा और आलोच्य अवधि में सामने आए कमजोर आर्थिक संकेतकों के कारण उम्मीद जताई जा रही है कि नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) और रेपो दर में कटौती हो सकती है। दरों में कटौती का संकेत देते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने शनिवार को उम्मीद जताई थी कि सुस्त विकास दर और उच्च महंगाई दर से सम्बंधित चिंता को दूर करने के लिए रिजर्व बैंक मौद्रिक नीति को समायोजित करेगा। मुखर्जी ने कहा था, "सभी पहलुओं को देखते हुए मुझे विश्वास है कि वे (रिजर्व बैंक) मौद्रिक नीति को समायोजित करेंगे।" उन्होंने कहा, "मुख्य रणनीति घरेलू मांग को बढ़ाने की होनी चाहिए।" सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वित्त वर्ष 2011-12 की अंतिम तिमाही में नौ साल के निचले स्तर 5.3 फीसदी पर पहुंच गई। उधर, खाद्य महंगाई दर मई में बढ़कर फिर से दोहरे अंक (10.74 फीसदी) में पहुंच गई। इससे पिछले माह में यह 8.25 फीसदी थी। महंगाई दर मई माह में 7.55 फीसदी वृद्धि दर्ज की गई। अप्रैल महीने में इसमें 7.23 फीसदी की बढ़त थी। आलोच्य अवधि में भोज्य पदार्थो की कीमतों में तेज वृद्धि दर्ज की गई। सब्जी, दाल, दूध, अंडे, मांस और मछली के दाम बढ़े और खाद्य महंगाई दर दोहरे अंकों में 10.74 फीसदी पर पहुंच गई। सब्जियों की कीमत आलोच्य अवधि में साल दर साल आधार पर 49.43 फीसदी बढ़ी, आलू की कीमत 68.10 फीसदी, दूध की कीमत 11.90 फीसदी, अंडे, मांस और मछलियों की कीमत 17.89 फीसदी और दाल की कीमत 16.61 फीसदी बढ़ी। इसी अवधि में विनिर्मित उत्पाद 5.02 फीसदी, ईंधन और बिजली 11.53 फीसदी और पेट्रोल 10.51 फीसदी महंगे हुए।टिप्पणियां पिछले साल की समान अवधि में थोक कीमतों पर आधारित महंगाई दर में 9.56 फीसदी की बढ़त थी। ताजा आंकड़ों से पता चलता है कि देश में उच्च महंगाई और सुस्त विकास की समस्या बनी हुई है। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक में फरवरी माह में 4.1 फीसदी की वृद्धि रही थी। केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा जारी आंकड़े के मुताबिक कारोबारी साल 2011-12 के लिए औद्योगिक उत्पादन वृद्धि दर 2.8 फीसदी रही, जो कि पिछले वर्ष 8.2 फीसदी थी। रिजर्व बैंक सोमवार को मौद्रिक नीति की मध्य तिमाही समीक्षा जारी करेगा और आलोच्य अवधि में सामने आए कमजोर आर्थिक संकेतकों के कारण उम्मीद जताई जा रही है कि नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) और रेपो दर में कटौती हो सकती है। दरों में कटौती का संकेत देते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने शनिवार को उम्मीद जताई थी कि सुस्त विकास दर और उच्च महंगाई दर से सम्बंधित चिंता को दूर करने के लिए रिजर्व बैंक मौद्रिक नीति को समायोजित करेगा। मुखर्जी ने कहा था, "सभी पहलुओं को देखते हुए मुझे विश्वास है कि वे (रिजर्व बैंक) मौद्रिक नीति को समायोजित करेंगे।" उन्होंने कहा, "मुख्य रणनीति घरेलू मांग को बढ़ाने की होनी चाहिए।" सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वित्त वर्ष 2011-12 की अंतिम तिमाही में नौ साल के निचले स्तर 5.3 फीसदी पर पहुंच गई। उधर, खाद्य महंगाई दर मई में बढ़कर फिर से दोहरे अंक (10.74 फीसदी) में पहुंच गई। इससे पिछले माह में यह 8.25 फीसदी थी। महंगाई दर मई माह में 7.55 फीसदी वृद्धि दर्ज की गई। अप्रैल महीने में इसमें 7.23 फीसदी की बढ़त थी। आलोच्य अवधि में भोज्य पदार्थो की कीमतों में तेज वृद्धि दर्ज की गई। सब्जी, दाल, दूध, अंडे, मांस और मछली के दाम बढ़े और खाद्य महंगाई दर दोहरे अंकों में 10.74 फीसदी पर पहुंच गई। सब्जियों की कीमत आलोच्य अवधि में साल दर साल आधार पर 49.43 फीसदी बढ़ी, आलू की कीमत 68.10 फीसदी, दूध की कीमत 11.90 फीसदी, अंडे, मांस और मछलियों की कीमत 17.89 फीसदी और दाल की कीमत 16.61 फीसदी बढ़ी। इसी अवधि में विनिर्मित उत्पाद 5.02 फीसदी, ईंधन और बिजली 11.53 फीसदी और पेट्रोल 10.51 फीसदी महंगे हुए।टिप्पणियां पिछले साल की समान अवधि में थोक कीमतों पर आधारित महंगाई दर में 9.56 फीसदी की बढ़त थी। ताजा आंकड़ों से पता चलता है कि देश में उच्च महंगाई और सुस्त विकास की समस्या बनी हुई है। केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा जारी आंकड़े के मुताबिक कारोबारी साल 2011-12 के लिए औद्योगिक उत्पादन वृद्धि दर 2.8 फीसदी रही, जो कि पिछले वर्ष 8.2 फीसदी थी। रिजर्व बैंक सोमवार को मौद्रिक नीति की मध्य तिमाही समीक्षा जारी करेगा और आलोच्य अवधि में सामने आए कमजोर आर्थिक संकेतकों के कारण उम्मीद जताई जा रही है कि नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) और रेपो दर में कटौती हो सकती है। दरों में कटौती का संकेत देते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने शनिवार को उम्मीद जताई थी कि सुस्त विकास दर और उच्च महंगाई दर से सम्बंधित चिंता को दूर करने के लिए रिजर्व बैंक मौद्रिक नीति को समायोजित करेगा। मुखर्जी ने कहा था, "सभी पहलुओं को देखते हुए मुझे विश्वास है कि वे (रिजर्व बैंक) मौद्रिक नीति को समायोजित करेंगे।" उन्होंने कहा, "मुख्य रणनीति घरेलू मांग को बढ़ाने की होनी चाहिए।" सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वित्त वर्ष 2011-12 की अंतिम तिमाही में नौ साल के निचले स्तर 5.3 फीसदी पर पहुंच गई। उधर, खाद्य महंगाई दर मई में बढ़कर फिर से दोहरे अंक (10.74 फीसदी) में पहुंच गई। इससे पिछले माह में यह 8.25 फीसदी थी। महंगाई दर मई माह में 7.55 फीसदी वृद्धि दर्ज की गई। अप्रैल महीने में इसमें 7.23 फीसदी की बढ़त थी। आलोच्य अवधि में भोज्य पदार्थो की कीमतों में तेज वृद्धि दर्ज की गई। सब्जी, दाल, दूध, अंडे, मांस और मछली के दाम बढ़े और खाद्य महंगाई दर दोहरे अंकों में 10.74 फीसदी पर पहुंच गई। सब्जियों की कीमत आलोच्य अवधि में साल दर साल आधार पर 49.43 फीसदी बढ़ी, आलू की कीमत 68.10 फीसदी, दूध की कीमत 11.90 फीसदी, अंडे, मांस और मछलियों की कीमत 17.89 फीसदी और दाल की कीमत 16.61 फीसदी बढ़ी। इसी अवधि में विनिर्मित उत्पाद 5.02 फीसदी, ईंधन और बिजली 11.53 फीसदी और पेट्रोल 10.51 फीसदी महंगे हुए।टिप्पणियां पिछले साल की समान अवधि में थोक कीमतों पर आधारित महंगाई दर में 9.56 फीसदी की बढ़त थी। ताजा आंकड़ों से पता चलता है कि देश में उच्च महंगाई और सुस्त विकास की समस्या बनी हुई है। रिजर्व बैंक सोमवार को मौद्रिक नीति की मध्य तिमाही समीक्षा जारी करेगा और आलोच्य अवधि में सामने आए कमजोर आर्थिक संकेतकों के कारण उम्मीद जताई जा रही है कि नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) और रेपो दर में कटौती हो सकती है। दरों में कटौती का संकेत देते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने शनिवार को उम्मीद जताई थी कि सुस्त विकास दर और उच्च महंगाई दर से सम्बंधित चिंता को दूर करने के लिए रिजर्व बैंक मौद्रिक नीति को समायोजित करेगा। मुखर्जी ने कहा था, "सभी पहलुओं को देखते हुए मुझे विश्वास है कि वे (रिजर्व बैंक) मौद्रिक नीति को समायोजित करेंगे।" उन्होंने कहा, "मुख्य रणनीति घरेलू मांग को बढ़ाने की होनी चाहिए।" सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वित्त वर्ष 2011-12 की अंतिम तिमाही में नौ साल के निचले स्तर 5.3 फीसदी पर पहुंच गई। उधर, खाद्य महंगाई दर मई में बढ़कर फिर से दोहरे अंक (10.74 फीसदी) में पहुंच गई। इससे पिछले माह में यह 8.25 फीसदी थी। महंगाई दर मई माह में 7.55 फीसदी वृद्धि दर्ज की गई। अप्रैल महीने में इसमें 7.23 फीसदी की बढ़त थी। आलोच्य अवधि में भोज्य पदार्थो की कीमतों में तेज वृद्धि दर्ज की गई। सब्जी, दाल, दूध, अंडे, मांस और मछली के दाम बढ़े और खाद्य महंगाई दर दोहरे अंकों में 10.74 फीसदी पर पहुंच गई। सब्जियों की कीमत आलोच्य अवधि में साल दर साल आधार पर 49.43 फीसदी बढ़ी, आलू की कीमत 68.10 फीसदी, दूध की कीमत 11.90 फीसदी, अंडे, मांस और मछलियों की कीमत 17.89 फीसदी और दाल की कीमत 16.61 फीसदी बढ़ी। इसी अवधि में विनिर्मित उत्पाद 5.02 फीसदी, ईंधन और बिजली 11.53 फीसदी और पेट्रोल 10.51 फीसदी महंगे हुए।टिप्पणियां पिछले साल की समान अवधि में थोक कीमतों पर आधारित महंगाई दर में 9.56 फीसदी की बढ़त थी। ताजा आंकड़ों से पता चलता है कि देश में उच्च महंगाई और सुस्त विकास की समस्या बनी हुई है। दरों में कटौती का संकेत देते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने शनिवार को उम्मीद जताई थी कि सुस्त विकास दर और उच्च महंगाई दर से सम्बंधित चिंता को दूर करने के लिए रिजर्व बैंक मौद्रिक नीति को समायोजित करेगा। मुखर्जी ने कहा था, "सभी पहलुओं को देखते हुए मुझे विश्वास है कि वे (रिजर्व बैंक) मौद्रिक नीति को समायोजित करेंगे।" उन्होंने कहा, "मुख्य रणनीति घरेलू मांग को बढ़ाने की होनी चाहिए।" सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वित्त वर्ष 2011-12 की अंतिम तिमाही में नौ साल के निचले स्तर 5.3 फीसदी पर पहुंच गई। उधर, खाद्य महंगाई दर मई में बढ़कर फिर से दोहरे अंक (10.74 फीसदी) में पहुंच गई। इससे पिछले माह में यह 8.25 फीसदी थी। महंगाई दर मई माह में 7.55 फीसदी वृद्धि दर्ज की गई। अप्रैल महीने में इसमें 7.23 फीसदी की बढ़त थी। आलोच्य अवधि में भोज्य पदार्थो की कीमतों में तेज वृद्धि दर्ज की गई। सब्जी, दाल, दूध, अंडे, मांस और मछली के दाम बढ़े और खाद्य महंगाई दर दोहरे अंकों में 10.74 फीसदी पर पहुंच गई। सब्जियों की कीमत आलोच्य अवधि में साल दर साल आधार पर 49.43 फीसदी बढ़ी, आलू की कीमत 68.10 फीसदी, दूध की कीमत 11.90 फीसदी, अंडे, मांस और मछलियों की कीमत 17.89 फीसदी और दाल की कीमत 16.61 फीसदी बढ़ी। इसी अवधि में विनिर्मित उत्पाद 5.02 फीसदी, ईंधन और बिजली 11.53 फीसदी और पेट्रोल 10.51 फीसदी महंगे हुए।टिप्पणियां पिछले साल की समान अवधि में थोक कीमतों पर आधारित महंगाई दर में 9.56 फीसदी की बढ़त थी। ताजा आंकड़ों से पता चलता है कि देश में उच्च महंगाई और सुस्त विकास की समस्या बनी हुई है। मुखर्जी ने कहा था, "सभी पहलुओं को देखते हुए मुझे विश्वास है कि वे (रिजर्व बैंक) मौद्रिक नीति को समायोजित करेंगे।" उन्होंने कहा, "मुख्य रणनीति घरेलू मांग को बढ़ाने की होनी चाहिए।" सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वित्त वर्ष 2011-12 की अंतिम तिमाही में नौ साल के निचले स्तर 5.3 फीसदी पर पहुंच गई। उधर, खाद्य महंगाई दर मई में बढ़कर फिर से दोहरे अंक (10.74 फीसदी) में पहुंच गई। इससे पिछले माह में यह 8.25 फीसदी थी। महंगाई दर मई माह में 7.55 फीसदी वृद्धि दर्ज की गई। अप्रैल महीने में इसमें 7.23 फीसदी की बढ़त थी। आलोच्य अवधि में भोज्य पदार्थो की कीमतों में तेज वृद्धि दर्ज की गई। सब्जी, दाल, दूध, अंडे, मांस और मछली के दाम बढ़े और खाद्य महंगाई दर दोहरे अंकों में 10.74 फीसदी पर पहुंच गई। सब्जियों की कीमत आलोच्य अवधि में साल दर साल आधार पर 49.43 फीसदी बढ़ी, आलू की कीमत 68.10 फीसदी, दूध की कीमत 11.90 फीसदी, अंडे, मांस और मछलियों की कीमत 17.89 फीसदी और दाल की कीमत 16.61 फीसदी बढ़ी। इसी अवधि में विनिर्मित उत्पाद 5.02 फीसदी, ईंधन और बिजली 11.53 फीसदी और पेट्रोल 10.51 फीसदी महंगे हुए।टिप्पणियां पिछले साल की समान अवधि में थोक कीमतों पर आधारित महंगाई दर में 9.56 फीसदी की बढ़त थी। ताजा आंकड़ों से पता चलता है कि देश में उच्च महंगाई और सुस्त विकास की समस्या बनी हुई है। सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वित्त वर्ष 2011-12 की अंतिम तिमाही में नौ साल के निचले स्तर 5.3 फीसदी पर पहुंच गई। उधर, खाद्य महंगाई दर मई में बढ़कर फिर से दोहरे अंक (10.74 फीसदी) में पहुंच गई। इससे पिछले माह में यह 8.25 फीसदी थी। महंगाई दर मई माह में 7.55 फीसदी वृद्धि दर्ज की गई। अप्रैल महीने में इसमें 7.23 फीसदी की बढ़त थी। आलोच्य अवधि में भोज्य पदार्थो की कीमतों में तेज वृद्धि दर्ज की गई। सब्जी, दाल, दूध, अंडे, मांस और मछली के दाम बढ़े और खाद्य महंगाई दर दोहरे अंकों में 10.74 फीसदी पर पहुंच गई। सब्जियों की कीमत आलोच्य अवधि में साल दर साल आधार पर 49.43 फीसदी बढ़ी, आलू की कीमत 68.10 फीसदी, दूध की कीमत 11.90 फीसदी, अंडे, मांस और मछलियों की कीमत 17.89 फीसदी और दाल की कीमत 16.61 फीसदी बढ़ी। इसी अवधि में विनिर्मित उत्पाद 5.02 फीसदी, ईंधन और बिजली 11.53 फीसदी और पेट्रोल 10.51 फीसदी महंगे हुए।टिप्पणियां पिछले साल की समान अवधि में थोक कीमतों पर आधारित महंगाई दर में 9.56 फीसदी की बढ़त थी। ताजा आंकड़ों से पता चलता है कि देश में उच्च महंगाई और सुस्त विकास की समस्या बनी हुई है। उधर, खाद्य महंगाई दर मई में बढ़कर फिर से दोहरे अंक (10.74 फीसदी) में पहुंच गई। इससे पिछले माह में यह 8.25 फीसदी थी। महंगाई दर मई माह में 7.55 फीसदी वृद्धि दर्ज की गई। अप्रैल महीने में इसमें 7.23 फीसदी की बढ़त थी। आलोच्य अवधि में भोज्य पदार्थो की कीमतों में तेज वृद्धि दर्ज की गई। सब्जी, दाल, दूध, अंडे, मांस और मछली के दाम बढ़े और खाद्य महंगाई दर दोहरे अंकों में 10.74 फीसदी पर पहुंच गई। सब्जियों की कीमत आलोच्य अवधि में साल दर साल आधार पर 49.43 फीसदी बढ़ी, आलू की कीमत 68.10 फीसदी, दूध की कीमत 11.90 फीसदी, अंडे, मांस और मछलियों की कीमत 17.89 फीसदी और दाल की कीमत 16.61 फीसदी बढ़ी। इसी अवधि में विनिर्मित उत्पाद 5.02 फीसदी, ईंधन और बिजली 11.53 फीसदी और पेट्रोल 10.51 फीसदी महंगे हुए।टिप्पणियां पिछले साल की समान अवधि में थोक कीमतों पर आधारित महंगाई दर में 9.56 फीसदी की बढ़त थी। ताजा आंकड़ों से पता चलता है कि देश में उच्च महंगाई और सुस्त विकास की समस्या बनी हुई है। महंगाई दर मई माह में 7.55 फीसदी वृद्धि दर्ज की गई। अप्रैल महीने में इसमें 7.23 फीसदी की बढ़त थी। आलोच्य अवधि में भोज्य पदार्थो की कीमतों में तेज वृद्धि दर्ज की गई। सब्जी, दाल, दूध, अंडे, मांस और मछली के दाम बढ़े और खाद्य महंगाई दर दोहरे अंकों में 10.74 फीसदी पर पहुंच गई। सब्जियों की कीमत आलोच्य अवधि में साल दर साल आधार पर 49.43 फीसदी बढ़ी, आलू की कीमत 68.10 फीसदी, दूध की कीमत 11.90 फीसदी, अंडे, मांस और मछलियों की कीमत 17.89 फीसदी और दाल की कीमत 16.61 फीसदी बढ़ी। इसी अवधि में विनिर्मित उत्पाद 5.02 फीसदी, ईंधन और बिजली 11.53 फीसदी और पेट्रोल 10.51 फीसदी महंगे हुए।टिप्पणियां पिछले साल की समान अवधि में थोक कीमतों पर आधारित महंगाई दर में 9.56 फीसदी की बढ़त थी। ताजा आंकड़ों से पता चलता है कि देश में उच्च महंगाई और सुस्त विकास की समस्या बनी हुई है। सब्जियों की कीमत आलोच्य अवधि में साल दर साल आधार पर 49.43 फीसदी बढ़ी, आलू की कीमत 68.10 फीसदी, दूध की कीमत 11.90 फीसदी, अंडे, मांस और मछलियों की कीमत 17.89 फीसदी और दाल की कीमत 16.61 फीसदी बढ़ी। इसी अवधि में विनिर्मित उत्पाद 5.02 फीसदी, ईंधन और बिजली 11.53 फीसदी और पेट्रोल 10.51 फीसदी महंगे हुए।टिप्पणियां पिछले साल की समान अवधि में थोक कीमतों पर आधारित महंगाई दर में 9.56 फीसदी की बढ़त थी। ताजा आंकड़ों से पता चलता है कि देश में उच्च महंगाई और सुस्त विकास की समस्या बनी हुई है। इसी अवधि में विनिर्मित उत्पाद 5.02 फीसदी, ईंधन और बिजली 11.53 फीसदी और पेट्रोल 10.51 फीसदी महंगे हुए।टिप्पणियां पिछले साल की समान अवधि में थोक कीमतों पर आधारित महंगाई दर में 9.56 फीसदी की बढ़त थी। ताजा आंकड़ों से पता चलता है कि देश में उच्च महंगाई और सुस्त विकास की समस्या बनी हुई है। पिछले साल की समान अवधि में थोक कीमतों पर आधारित महंगाई दर में 9.56 फीसदी की बढ़त थी। ताजा आंकड़ों से पता चलता है कि देश में उच्च महंगाई और सुस्त विकास की समस्या बनी हुई है। ताजा आंकड़ों से पता चलता है कि देश में उच्च महंगाई और सुस्त विकास की समस्या बनी हुई है।
संक्षिप्त पाठ: देश में विकास को गति देने, घरेलू मांग को बढ़ाने और उपभोक्ताओं की भावनाओं को मजबूती देने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) वर्ष 2012-13 की मौद्रिक नीति की सोमवार को होने वाली मध्य तिमाही समीक्षा में मुख्य ऋण दरों में 25-50 आधार अंकों की कटौती कर सकता है।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: समझा जाता है कि चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को उनके ‘मोदीजी की सेना' वाले बयान के लिए हल्की नाराजगी जताते हुए छोड़ दिया है और भविष्य में उन्हें अपनी टिप्पणियों में सावधानी बरतने को कहा है. सूत्रों के मुताबिक योगी के बयान से चुनाव आयोग संतुष्ट नहीं था और उसने उनसे कहा कि भविष्य में अपने बयानों में अधिक सावधानी बरतें. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने आदित्यनाथ से यह भी कहा कि वरिष्ठ राजनेता और महत्वपूर्ण पद काबिज होने के नाते उनके बयान में उनका कद झलकना चाहिए.  बता दें, इससे पहले चुनाव आयोग (Election Commission) ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के 'मोदी जी की सेना' वाले बयान पर गाजियाबाद के डीएम से रिपोर्ट मांगी थी. चुनाव आयोग ने मीडिया रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुए रिपोर्ट तलब की थी.  चुनाव आयोग ने गाजियाबाद के जिला मजिस्ट्रेट द्वारा प्रस्तुत एक वीडियो क्लिप के आधार पर यह निर्णय लिया, जिसमें रविवार को आदित्यनाथ को वहां की चुनावी रैली में यह टिप्पणी करते हुए दिखाया गया है. चुनाव आयोग ने रविवार को गाजियाबाद की एक सभा में योगी आदित्यनाथ के बयान की वीडियो क्लिप के आधार पर उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया था. योगी ने वहां अपने भाषण में कहा था, ‘‘कांग्रेस के लोग आतंकवादियों को बिरयानी खिलाते हैं और मोदी जी की सेना आतंकवादियों को गोली और गोला देती है.''
संक्षिप्त सारांश: चुनाव आयोग का बयान सीएम योगी को चेताया भविष्य में सावधानी बरतने को कहा
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['hin']
एक सारांश बनाओ: होली के मौके पर वैसे भी भोजपुरी सॉन्ग (Bhojpuri Song) की डिमांड काफी बढ़ जाती है. 'रंगे के भूखाइल बानी' (Range Ke Bhukhaeel Bani) फिल्म अभिनेता और निर्माता प्रवेश लाल यादव और ड्रीम गर्ल शुभी शर्मा ने ऐसे तो कई फिल्में साथ की हैं, लेकिन इस बार होली में दर्शक की डिमांड पर पहली बार दोनों ने होली गीत गाया है. गाने का नाम है  'रंगे के भूखाइल बानी', जिसे निरहुआ एंटरटेनमेंट के ऑफिशियल यूट्यूब (YouTube) चैनल पर अपलोड किया गया है. शुभी शर्मा और प्रवेशलाल यादव की जोड़ी सिनेमा घरो में बहुत ही हिट है, दोनों ने कई फिल्मे साथ में की हैं.      भोजपुरी सॉन्ग (Bhojpuri Song) को लोगों का खूब प्यार मिल रहा है. गाने के बोल भी जबरदस्त हैं. इस गाने को अभी तक लाखों लोग देख चुके हैं. इस संबंध में  प्रवेशलाल यादव का कहना है, केवल दर्शक ही किसी को स्टार या सुपरस्टार बनाते हैं. इसलिए हम अक्सर अपनी फिल्में भी इसी तरह की बनाते हैं जो दर्शको को पसंद हो. फिल्मों के नाम जिसके निर्माता प्रवेशलाल यादव है: 'बॉर्डर', 'निरहुआ हिंदुस्तानी', 'निरहुआ हिंदुस्तानी 3', 'घूंघट में घोटाला', 'निरहुआ रिक्शावाला', 'हीरो', 'औलाद', 'दिल', 'राम लखन', 'आशिक आवारा' जैसे बहुत सी फिल्मों के निर्माता हैं.
यह एक सारांश है: 'रंगे के भूखाइल बानी' भोजपुरी सॉन्ग हुआ वायरल होली के मौके पर खूब देखा जा रहा है वीडियो यूपी और बिहार के लोगों को खूब पसंद आ रहा है वीडियो
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['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने मंगलवार को कहा कि वह पश्चिम बंगाल विधानसभा का चुनाव नहीं लड़ेंगी। लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि यदि उनकी पार्टी जीती तो वह सरकार की अगुवाई करेंगी और छह माह के भीतर विधानसभा का चुनाव जीत लेंगी। उन्होंने कहा, यह अनिवार्य नहीं है कि मैं चुनाव लड़ूं। यदि लोग चाहेंगे तो मैं चुनाव लड़े बिना भी सरकार की अगुवाई कर सकती हूं क्योंकि संवैधानिक प्रावधान है कि नयी विधानसभा के गठन के छह माह के भीतर चुनाव जीता जा सकता है। ममता ने दिल्ली रवाना होने से पहले कालीघाट स्थित अपने आवास पर संवाददाताओं से कहा कि वह रेल मत्री बनी रहेंगी और अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करेंगी। रेलवे मंत्री ने कहा कि उनकी पार्टी के जीतने पर छह माह के भीतर वह विधानसभा के लिए निर्वाचित हो जायेंगी। उन्होंने कहा, फिलहाल मैं अपना जोर प्रचार पर लगा रही हूं ताकि मैं अपना काम ढंग से कर सकूं। ममता ने कहा कि उन्होंने हाल में रेल बजट पेश किया है और उन्हें उसे संसद में पारित करवाना है। उन्होंने कहा, कल और परसों बजट पर सदन में चर्चा होगी। तृणमूल प्रमुख ने सभी राजनीतिक दलों से कहा कि वह राज्य में चुनाव प्रचार को शांतिपूर्ण बनाये रखे। उन्होंने कहा, कोई राजनीतिक विद्वेष नहीं होना चाहिए तथा सभी को राजनीतिक गरिमा कायम रखने के बारे में सतर्क रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह चुनाव प्रचार के लिए यहां आठ या नौ मार्च को वापस लौट आयेंगी। कांग्रेस के साथ तृणमूल के गठजोड़ के बारे में पूछे गये एक सवाल के जवाब में ममता ने कहा, इस बारे में कोई चिंता नहीं की जानी चहिए। हमारी कांग्रेस से बातचीत हो चुकी है। हमारा कांग्रेस के साथ गठजोड़ बरकरार है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि यदि उनकी पार्टी जीती तो वह सरकार की अगुवाई करेंगी और छह माह के भीतर विधानसभा का चुनाव जीत लेंगी।
3
['hin']
एक सारांश बनाओ: कारोबारी संघ एसोसिएटेड चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया (एसोचैम) ने मंगलवार को मजदूर संघों से अनुरोध किया कि वे 20 और 21 फरवरी की हड़ताल वापस ले लें, क्योंकि इससे अर्थव्यवस्था को 15 हजार से 20 हजार करोड़ रुपये का नुकसान होगा। एसोचैम ने कहा कि उसने नुकसान का यह अनुमान दो दिनों तक देश के सकल घरेलू उत्पाद में प्रति दिन 30 से 40 फीसदी क्षरण के आधार पर लगाया है। एसोचैम के बयान में कहा गया, "हड़ताल का नुकसान कम से कम 30 से 40 फीसदी या 15 हजार से 20 हजार करोड़ रुपये का होगा।" एसोचैम के अध्यक्ष राजकुमार धूत ने कहा, "सुस्ती से गुजर रही भारतीय अर्थव्यवस्था मुश्किल से इसका सामना कर सकती है। सच्चाई यह है कि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित होने से मुल्य वृद्धि की स्थिति और गम्भीर हो जाएगी।"टिप्पणियां धूत ने कहा, "हड़ताल की प्रकृति और पांच केंद्रीय संघों की सहभागिता के कारण इसका प्रभाव बैंकिंग, वित्तीय सेवा, पर्यटन, परिवहन, जैसे सेवा क्षेत्रों पर पड़ सकता है, जो अर्थव्यवस्था में महती योगदान करते हैं।" मजदूर संघों ने मूल्य वृद्धि, महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ 20 और 21 फरवरी को देशव्यापी हड़ताल की घोषणा की है। एसोचैम ने कहा कि उसने नुकसान का यह अनुमान दो दिनों तक देश के सकल घरेलू उत्पाद में प्रति दिन 30 से 40 फीसदी क्षरण के आधार पर लगाया है। एसोचैम के बयान में कहा गया, "हड़ताल का नुकसान कम से कम 30 से 40 फीसदी या 15 हजार से 20 हजार करोड़ रुपये का होगा।" एसोचैम के अध्यक्ष राजकुमार धूत ने कहा, "सुस्ती से गुजर रही भारतीय अर्थव्यवस्था मुश्किल से इसका सामना कर सकती है। सच्चाई यह है कि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित होने से मुल्य वृद्धि की स्थिति और गम्भीर हो जाएगी।"टिप्पणियां धूत ने कहा, "हड़ताल की प्रकृति और पांच केंद्रीय संघों की सहभागिता के कारण इसका प्रभाव बैंकिंग, वित्तीय सेवा, पर्यटन, परिवहन, जैसे सेवा क्षेत्रों पर पड़ सकता है, जो अर्थव्यवस्था में महती योगदान करते हैं।" मजदूर संघों ने मूल्य वृद्धि, महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ 20 और 21 फरवरी को देशव्यापी हड़ताल की घोषणा की है। एसोचैम के बयान में कहा गया, "हड़ताल का नुकसान कम से कम 30 से 40 फीसदी या 15 हजार से 20 हजार करोड़ रुपये का होगा।" एसोचैम के अध्यक्ष राजकुमार धूत ने कहा, "सुस्ती से गुजर रही भारतीय अर्थव्यवस्था मुश्किल से इसका सामना कर सकती है। सच्चाई यह है कि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित होने से मुल्य वृद्धि की स्थिति और गम्भीर हो जाएगी।"टिप्पणियां धूत ने कहा, "हड़ताल की प्रकृति और पांच केंद्रीय संघों की सहभागिता के कारण इसका प्रभाव बैंकिंग, वित्तीय सेवा, पर्यटन, परिवहन, जैसे सेवा क्षेत्रों पर पड़ सकता है, जो अर्थव्यवस्था में महती योगदान करते हैं।" मजदूर संघों ने मूल्य वृद्धि, महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ 20 और 21 फरवरी को देशव्यापी हड़ताल की घोषणा की है। एसोचैम के अध्यक्ष राजकुमार धूत ने कहा, "सुस्ती से गुजर रही भारतीय अर्थव्यवस्था मुश्किल से इसका सामना कर सकती है। सच्चाई यह है कि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित होने से मुल्य वृद्धि की स्थिति और गम्भीर हो जाएगी।"टिप्पणियां धूत ने कहा, "हड़ताल की प्रकृति और पांच केंद्रीय संघों की सहभागिता के कारण इसका प्रभाव बैंकिंग, वित्तीय सेवा, पर्यटन, परिवहन, जैसे सेवा क्षेत्रों पर पड़ सकता है, जो अर्थव्यवस्था में महती योगदान करते हैं।" मजदूर संघों ने मूल्य वृद्धि, महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ 20 और 21 फरवरी को देशव्यापी हड़ताल की घोषणा की है। धूत ने कहा, "हड़ताल की प्रकृति और पांच केंद्रीय संघों की सहभागिता के कारण इसका प्रभाव बैंकिंग, वित्तीय सेवा, पर्यटन, परिवहन, जैसे सेवा क्षेत्रों पर पड़ सकता है, जो अर्थव्यवस्था में महती योगदान करते हैं।" मजदूर संघों ने मूल्य वृद्धि, महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ 20 और 21 फरवरी को देशव्यापी हड़ताल की घोषणा की है। मजदूर संघों ने मूल्य वृद्धि, महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ 20 और 21 फरवरी को देशव्यापी हड़ताल की घोषणा की है।
संक्षिप्त पाठ: कारोबारी संघ एसोसिएटेड चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया (एसोचैम) ने मंगलवार को मजदूर संघों से अनुरोध किया कि वे 20 और 21 फरवरी की हड़ताल वापस ले लें, क्योंकि इससे अर्थव्यवस्था को 15 हजार से 20 हजार करोड़ रुपये का नुकसान होगा।
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सीमा पर लगातार कई बार युद्धविराम उल्लंघन की घटनाओं और भारतीय सैनिकों की हत्या के आरोप पाकिस्तानी सेना पर लगने के बावजूद, सूत्रों का कहना है कि भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह अपने न्यूयॉर्क दौरे में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से मुलाकात कर सकते हैं। कहा जा रहा है कि यह मुलाकात 29 सितंबर को हो सकती है, जब दोनों देश के प्रधानमंत्री संयुक्त राष्ट्र की आम सभा की बैठक में हिस्सा लेने के लिए न्यूयॉर्क पहुंचेंगे। दोनों के होटल रूम बुक कर दिए गए हैं और अब अधिकारी दोनों की संभावित मुलाकात की तैयारी भी कर रहे हैं। वहीं, प्रमुख विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया है कि वह अपने पाकिस्तानी समकक्ष से किसी प्रकार की बातचीत न करें, जब तक पाकिस्तानी सीमा पर गोलीबारी और आतंकी को समर्थन रोकने में कोई ठोस कदम न उठाए। गौरतलब है कि पिछले सप्ताह विदेशमंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा था कि वह भाजपा की बात से सहमत है कि आतंक और वार्ता दोनों साथ-साथ संभव नहीं है। टिप्पणियां वहीं, संसद में रक्षामंत्री एके एंटनी ने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा था कि उनकी कार्रवाई दोनों देशों के संबंधों पर असर डालेगी। गौरतलब है कि पाकिस्तान ने एलओसी पर पुंछ में पांच भारतीय सैनिकों की हत्या के मामले में अपनी भूमिका से इनकार किया है। इस बीच दोनों देशों की संसद एक दूसरे देश के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया है। कहा जा रहा है कि यह मुलाकात 29 सितंबर को हो सकती है, जब दोनों देश के प्रधानमंत्री संयुक्त राष्ट्र की आम सभा की बैठक में हिस्सा लेने के लिए न्यूयॉर्क पहुंचेंगे। दोनों के होटल रूम बुक कर दिए गए हैं और अब अधिकारी दोनों की संभावित मुलाकात की तैयारी भी कर रहे हैं। वहीं, प्रमुख विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया है कि वह अपने पाकिस्तानी समकक्ष से किसी प्रकार की बातचीत न करें, जब तक पाकिस्तानी सीमा पर गोलीबारी और आतंकी को समर्थन रोकने में कोई ठोस कदम न उठाए। गौरतलब है कि पिछले सप्ताह विदेशमंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा था कि वह भाजपा की बात से सहमत है कि आतंक और वार्ता दोनों साथ-साथ संभव नहीं है। टिप्पणियां वहीं, संसद में रक्षामंत्री एके एंटनी ने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा था कि उनकी कार्रवाई दोनों देशों के संबंधों पर असर डालेगी। गौरतलब है कि पाकिस्तान ने एलओसी पर पुंछ में पांच भारतीय सैनिकों की हत्या के मामले में अपनी भूमिका से इनकार किया है। इस बीच दोनों देशों की संसद एक दूसरे देश के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया है। वहीं, प्रमुख विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया है कि वह अपने पाकिस्तानी समकक्ष से किसी प्रकार की बातचीत न करें, जब तक पाकिस्तानी सीमा पर गोलीबारी और आतंकी को समर्थन रोकने में कोई ठोस कदम न उठाए। गौरतलब है कि पिछले सप्ताह विदेशमंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा था कि वह भाजपा की बात से सहमत है कि आतंक और वार्ता दोनों साथ-साथ संभव नहीं है। टिप्पणियां वहीं, संसद में रक्षामंत्री एके एंटनी ने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा था कि उनकी कार्रवाई दोनों देशों के संबंधों पर असर डालेगी। गौरतलब है कि पाकिस्तान ने एलओसी पर पुंछ में पांच भारतीय सैनिकों की हत्या के मामले में अपनी भूमिका से इनकार किया है। इस बीच दोनों देशों की संसद एक दूसरे देश के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया है। गौरतलब है कि पिछले सप्ताह विदेशमंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा था कि वह भाजपा की बात से सहमत है कि आतंक और वार्ता दोनों साथ-साथ संभव नहीं है। टिप्पणियां वहीं, संसद में रक्षामंत्री एके एंटनी ने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा था कि उनकी कार्रवाई दोनों देशों के संबंधों पर असर डालेगी। गौरतलब है कि पाकिस्तान ने एलओसी पर पुंछ में पांच भारतीय सैनिकों की हत्या के मामले में अपनी भूमिका से इनकार किया है। इस बीच दोनों देशों की संसद एक दूसरे देश के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया है। वहीं, संसद में रक्षामंत्री एके एंटनी ने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा था कि उनकी कार्रवाई दोनों देशों के संबंधों पर असर डालेगी। गौरतलब है कि पाकिस्तान ने एलओसी पर पुंछ में पांच भारतीय सैनिकों की हत्या के मामले में अपनी भूमिका से इनकार किया है। इस बीच दोनों देशों की संसद एक दूसरे देश के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया है। गौरतलब है कि पाकिस्तान ने एलओसी पर पुंछ में पांच भारतीय सैनिकों की हत्या के मामले में अपनी भूमिका से इनकार किया है। इस बीच दोनों देशों की संसद एक दूसरे देश के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया है।
सीमा पर लगातार कई बार युद्धविराम उल्लंघन की घटनाओं और भारतीय सैनिकों की हत्या के आरोप पाकिस्तानी सेना पर लगने के बावजूद, सूत्रों का कहना है कि भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह अपने न्यूयॉर्क दौरे में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से मुलाकात कर सकते ह
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['hin']
एक सारांश बनाओ: सहारा समूह की दो कंपनियों के बॉन्ड-धारकों को पैसा लौटाने के चर्चित मामले में प्रतिभूति एवं अपीलीय न्यायाधिकरण (सैट) ने बाजार नियामक सेबी को निवेशकों से संबंधित दस्तावेज सौंपने की समय सीमा बढ़ाने संबंधी सहारा की याचिका आज खारिज कर दी। सहारा समूह की कंपनियों, सहारा हाउसिंग इनवेस्टमेंट कॉरपोरेशन  और सहारा इंडिया रियल एस्टेट कॉरपोरेशन द्वारा एक महीने पहले 19 नवंबर को समय सीमा बढ़ाने की अपील की गई थी। इस मामले में उच्चतम न्यायालय द्वारा विशेष निर्देश पहले ही पारित कर दिए जाने से न्यायाधिकरण द्वारा सहारा समूह की कंपनियों की अपील खारिज कर दी गई। सुबह, याचिका पर सुनवाई करते हुए सैट ने पाया कि उच्चतम न्यायालय द्वारा पारित किए गए विशेष निर्देश के मद्देनजर अपील निष्फल हो गई है। सैट ने कहा, अपील बरकरार नहीं रखी जा सकती, क्योंकि मामले में उच्चतम न्यायालय द्वारा पहले ही निर्देश दिया जा चुका है। दोनों कंपनियों ने निवेशकों से संबंधित दस्तावेज सेबी को सौंपने के लिए समय सीमा 31 जनवरी तक बढ़ाने की अपील की थी जिस पर आज सैट द्वारा सुनवाई के लिए विचार किया जाना था। उच्चतम न्यायालय ने 31 अगस्त को दिए अपने आदेश में दोनों कंपनियों को 10 नवंबर तक दस्तावेज जमा करने को कहा था। हालांकि, 5 दिसंबर को पारित एक अन्य आदेश में उच्चतम न्यायालय ने दोनों कंपनियों को 15 दिनों के भीतर सेबी को दस्तावेज सौंपने को कहा। यह समय सीमा आज खत्म हो रही है। दोनों कंपनियों ने सैट के रजिस्ट्रार के पास धन जमा करने की अनुमति देने का अनुरोध करते हुए 19 नवंबर को एक दूसरी अपील की। हालांकि, न्यायाधिकरण द्वारा 29 नवंबर को यह अपील खारिज कर दी गई। इसके बाद, दोनों कंपनियों ने सैट के आदेश के खिलाफ उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। कंपनियों की अपील सुनने के बाद उच्चतम न्यायालय ने 5 दिसंबर को दोनों कंपनियों को बकाया भुगतान निवेशकों को 15 प्रतिशत ब्याज के साथ नौ सप्ताह में कई चरणों में लौटाने का निर्देश दिया।टिप्पणियां जहां कंपनियों को तत्काल 5,120 करोड़ रुपये का भुगतान करने को कहा गया, अदालत ने उन्हें जनवरी के पहले सप्ताह तक 10,000 करोड़ रुपये की पहली किस्त का भुगतान करने और शेष भुगतान फरवरी के पहले सप्ताह तक करने को कहा। मुख्य न्यायाधीश अल्तमास कबीर की अध्यक्षता वाली पीठ ने सहारा समूह को निवेशकों से संबद्ध दस्तावेज 15 दिनों के भीतर सेबी को सौंपने का भी निर्देश दिया और चेतावनी दी कि धन के भुगतान पर उसके निर्देश का पालन करने में विफल रहने पर सेबी उसकी संपत्तियों को कुर्क कर देगी। सहारा समूह की कंपनियों, सहारा हाउसिंग इनवेस्टमेंट कॉरपोरेशन  और सहारा इंडिया रियल एस्टेट कॉरपोरेशन द्वारा एक महीने पहले 19 नवंबर को समय सीमा बढ़ाने की अपील की गई थी। इस मामले में उच्चतम न्यायालय द्वारा विशेष निर्देश पहले ही पारित कर दिए जाने से न्यायाधिकरण द्वारा सहारा समूह की कंपनियों की अपील खारिज कर दी गई। सुबह, याचिका पर सुनवाई करते हुए सैट ने पाया कि उच्चतम न्यायालय द्वारा पारित किए गए विशेष निर्देश के मद्देनजर अपील निष्फल हो गई है। सैट ने कहा, अपील बरकरार नहीं रखी जा सकती, क्योंकि मामले में उच्चतम न्यायालय द्वारा पहले ही निर्देश दिया जा चुका है। दोनों कंपनियों ने निवेशकों से संबंधित दस्तावेज सेबी को सौंपने के लिए समय सीमा 31 जनवरी तक बढ़ाने की अपील की थी जिस पर आज सैट द्वारा सुनवाई के लिए विचार किया जाना था। उच्चतम न्यायालय ने 31 अगस्त को दिए अपने आदेश में दोनों कंपनियों को 10 नवंबर तक दस्तावेज जमा करने को कहा था। हालांकि, 5 दिसंबर को पारित एक अन्य आदेश में उच्चतम न्यायालय ने दोनों कंपनियों को 15 दिनों के भीतर सेबी को दस्तावेज सौंपने को कहा। यह समय सीमा आज खत्म हो रही है। दोनों कंपनियों ने सैट के रजिस्ट्रार के पास धन जमा करने की अनुमति देने का अनुरोध करते हुए 19 नवंबर को एक दूसरी अपील की। हालांकि, न्यायाधिकरण द्वारा 29 नवंबर को यह अपील खारिज कर दी गई। इसके बाद, दोनों कंपनियों ने सैट के आदेश के खिलाफ उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। कंपनियों की अपील सुनने के बाद उच्चतम न्यायालय ने 5 दिसंबर को दोनों कंपनियों को बकाया भुगतान निवेशकों को 15 प्रतिशत ब्याज के साथ नौ सप्ताह में कई चरणों में लौटाने का निर्देश दिया।टिप्पणियां जहां कंपनियों को तत्काल 5,120 करोड़ रुपये का भुगतान करने को कहा गया, अदालत ने उन्हें जनवरी के पहले सप्ताह तक 10,000 करोड़ रुपये की पहली किस्त का भुगतान करने और शेष भुगतान फरवरी के पहले सप्ताह तक करने को कहा। मुख्य न्यायाधीश अल्तमास कबीर की अध्यक्षता वाली पीठ ने सहारा समूह को निवेशकों से संबद्ध दस्तावेज 15 दिनों के भीतर सेबी को सौंपने का भी निर्देश दिया और चेतावनी दी कि धन के भुगतान पर उसके निर्देश का पालन करने में विफल रहने पर सेबी उसकी संपत्तियों को कुर्क कर देगी। इस मामले में उच्चतम न्यायालय द्वारा विशेष निर्देश पहले ही पारित कर दिए जाने से न्यायाधिकरण द्वारा सहारा समूह की कंपनियों की अपील खारिज कर दी गई। सुबह, याचिका पर सुनवाई करते हुए सैट ने पाया कि उच्चतम न्यायालय द्वारा पारित किए गए विशेष निर्देश के मद्देनजर अपील निष्फल हो गई है। सैट ने कहा, अपील बरकरार नहीं रखी जा सकती, क्योंकि मामले में उच्चतम न्यायालय द्वारा पहले ही निर्देश दिया जा चुका है। दोनों कंपनियों ने निवेशकों से संबंधित दस्तावेज सेबी को सौंपने के लिए समय सीमा 31 जनवरी तक बढ़ाने की अपील की थी जिस पर आज सैट द्वारा सुनवाई के लिए विचार किया जाना था। उच्चतम न्यायालय ने 31 अगस्त को दिए अपने आदेश में दोनों कंपनियों को 10 नवंबर तक दस्तावेज जमा करने को कहा था। हालांकि, 5 दिसंबर को पारित एक अन्य आदेश में उच्चतम न्यायालय ने दोनों कंपनियों को 15 दिनों के भीतर सेबी को दस्तावेज सौंपने को कहा। यह समय सीमा आज खत्म हो रही है। दोनों कंपनियों ने सैट के रजिस्ट्रार के पास धन जमा करने की अनुमति देने का अनुरोध करते हुए 19 नवंबर को एक दूसरी अपील की। हालांकि, न्यायाधिकरण द्वारा 29 नवंबर को यह अपील खारिज कर दी गई। इसके बाद, दोनों कंपनियों ने सैट के आदेश के खिलाफ उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। कंपनियों की अपील सुनने के बाद उच्चतम न्यायालय ने 5 दिसंबर को दोनों कंपनियों को बकाया भुगतान निवेशकों को 15 प्रतिशत ब्याज के साथ नौ सप्ताह में कई चरणों में लौटाने का निर्देश दिया।टिप्पणियां जहां कंपनियों को तत्काल 5,120 करोड़ रुपये का भुगतान करने को कहा गया, अदालत ने उन्हें जनवरी के पहले सप्ताह तक 10,000 करोड़ रुपये की पहली किस्त का भुगतान करने और शेष भुगतान फरवरी के पहले सप्ताह तक करने को कहा। मुख्य न्यायाधीश अल्तमास कबीर की अध्यक्षता वाली पीठ ने सहारा समूह को निवेशकों से संबद्ध दस्तावेज 15 दिनों के भीतर सेबी को सौंपने का भी निर्देश दिया और चेतावनी दी कि धन के भुगतान पर उसके निर्देश का पालन करने में विफल रहने पर सेबी उसकी संपत्तियों को कुर्क कर देगी। सुबह, याचिका पर सुनवाई करते हुए सैट ने पाया कि उच्चतम न्यायालय द्वारा पारित किए गए विशेष निर्देश के मद्देनजर अपील निष्फल हो गई है। सैट ने कहा, अपील बरकरार नहीं रखी जा सकती, क्योंकि मामले में उच्चतम न्यायालय द्वारा पहले ही निर्देश दिया जा चुका है। दोनों कंपनियों ने निवेशकों से संबंधित दस्तावेज सेबी को सौंपने के लिए समय सीमा 31 जनवरी तक बढ़ाने की अपील की थी जिस पर आज सैट द्वारा सुनवाई के लिए विचार किया जाना था। उच्चतम न्यायालय ने 31 अगस्त को दिए अपने आदेश में दोनों कंपनियों को 10 नवंबर तक दस्तावेज जमा करने को कहा था। हालांकि, 5 दिसंबर को पारित एक अन्य आदेश में उच्चतम न्यायालय ने दोनों कंपनियों को 15 दिनों के भीतर सेबी को दस्तावेज सौंपने को कहा। यह समय सीमा आज खत्म हो रही है। दोनों कंपनियों ने सैट के रजिस्ट्रार के पास धन जमा करने की अनुमति देने का अनुरोध करते हुए 19 नवंबर को एक दूसरी अपील की। हालांकि, न्यायाधिकरण द्वारा 29 नवंबर को यह अपील खारिज कर दी गई। इसके बाद, दोनों कंपनियों ने सैट के आदेश के खिलाफ उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। कंपनियों की अपील सुनने के बाद उच्चतम न्यायालय ने 5 दिसंबर को दोनों कंपनियों को बकाया भुगतान निवेशकों को 15 प्रतिशत ब्याज के साथ नौ सप्ताह में कई चरणों में लौटाने का निर्देश दिया।टिप्पणियां जहां कंपनियों को तत्काल 5,120 करोड़ रुपये का भुगतान करने को कहा गया, अदालत ने उन्हें जनवरी के पहले सप्ताह तक 10,000 करोड़ रुपये की पहली किस्त का भुगतान करने और शेष भुगतान फरवरी के पहले सप्ताह तक करने को कहा। मुख्य न्यायाधीश अल्तमास कबीर की अध्यक्षता वाली पीठ ने सहारा समूह को निवेशकों से संबद्ध दस्तावेज 15 दिनों के भीतर सेबी को सौंपने का भी निर्देश दिया और चेतावनी दी कि धन के भुगतान पर उसके निर्देश का पालन करने में विफल रहने पर सेबी उसकी संपत्तियों को कुर्क कर देगी। सैट ने कहा, अपील बरकरार नहीं रखी जा सकती, क्योंकि मामले में उच्चतम न्यायालय द्वारा पहले ही निर्देश दिया जा चुका है। दोनों कंपनियों ने निवेशकों से संबंधित दस्तावेज सेबी को सौंपने के लिए समय सीमा 31 जनवरी तक बढ़ाने की अपील की थी जिस पर आज सैट द्वारा सुनवाई के लिए विचार किया जाना था। उच्चतम न्यायालय ने 31 अगस्त को दिए अपने आदेश में दोनों कंपनियों को 10 नवंबर तक दस्तावेज जमा करने को कहा था। हालांकि, 5 दिसंबर को पारित एक अन्य आदेश में उच्चतम न्यायालय ने दोनों कंपनियों को 15 दिनों के भीतर सेबी को दस्तावेज सौंपने को कहा। यह समय सीमा आज खत्म हो रही है। दोनों कंपनियों ने सैट के रजिस्ट्रार के पास धन जमा करने की अनुमति देने का अनुरोध करते हुए 19 नवंबर को एक दूसरी अपील की। हालांकि, न्यायाधिकरण द्वारा 29 नवंबर को यह अपील खारिज कर दी गई। इसके बाद, दोनों कंपनियों ने सैट के आदेश के खिलाफ उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। कंपनियों की अपील सुनने के बाद उच्चतम न्यायालय ने 5 दिसंबर को दोनों कंपनियों को बकाया भुगतान निवेशकों को 15 प्रतिशत ब्याज के साथ नौ सप्ताह में कई चरणों में लौटाने का निर्देश दिया।टिप्पणियां जहां कंपनियों को तत्काल 5,120 करोड़ रुपये का भुगतान करने को कहा गया, अदालत ने उन्हें जनवरी के पहले सप्ताह तक 10,000 करोड़ रुपये की पहली किस्त का भुगतान करने और शेष भुगतान फरवरी के पहले सप्ताह तक करने को कहा। मुख्य न्यायाधीश अल्तमास कबीर की अध्यक्षता वाली पीठ ने सहारा समूह को निवेशकों से संबद्ध दस्तावेज 15 दिनों के भीतर सेबी को सौंपने का भी निर्देश दिया और चेतावनी दी कि धन के भुगतान पर उसके निर्देश का पालन करने में विफल रहने पर सेबी उसकी संपत्तियों को कुर्क कर देगी। उच्चतम न्यायालय ने 31 अगस्त को दिए अपने आदेश में दोनों कंपनियों को 10 नवंबर तक दस्तावेज जमा करने को कहा था। हालांकि, 5 दिसंबर को पारित एक अन्य आदेश में उच्चतम न्यायालय ने दोनों कंपनियों को 15 दिनों के भीतर सेबी को दस्तावेज सौंपने को कहा। यह समय सीमा आज खत्म हो रही है। दोनों कंपनियों ने सैट के रजिस्ट्रार के पास धन जमा करने की अनुमति देने का अनुरोध करते हुए 19 नवंबर को एक दूसरी अपील की। हालांकि, न्यायाधिकरण द्वारा 29 नवंबर को यह अपील खारिज कर दी गई। इसके बाद, दोनों कंपनियों ने सैट के आदेश के खिलाफ उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। कंपनियों की अपील सुनने के बाद उच्चतम न्यायालय ने 5 दिसंबर को दोनों कंपनियों को बकाया भुगतान निवेशकों को 15 प्रतिशत ब्याज के साथ नौ सप्ताह में कई चरणों में लौटाने का निर्देश दिया।टिप्पणियां जहां कंपनियों को तत्काल 5,120 करोड़ रुपये का भुगतान करने को कहा गया, अदालत ने उन्हें जनवरी के पहले सप्ताह तक 10,000 करोड़ रुपये की पहली किस्त का भुगतान करने और शेष भुगतान फरवरी के पहले सप्ताह तक करने को कहा। मुख्य न्यायाधीश अल्तमास कबीर की अध्यक्षता वाली पीठ ने सहारा समूह को निवेशकों से संबद्ध दस्तावेज 15 दिनों के भीतर सेबी को सौंपने का भी निर्देश दिया और चेतावनी दी कि धन के भुगतान पर उसके निर्देश का पालन करने में विफल रहने पर सेबी उसकी संपत्तियों को कुर्क कर देगी। दोनों कंपनियों ने सैट के रजिस्ट्रार के पास धन जमा करने की अनुमति देने का अनुरोध करते हुए 19 नवंबर को एक दूसरी अपील की। हालांकि, न्यायाधिकरण द्वारा 29 नवंबर को यह अपील खारिज कर दी गई। इसके बाद, दोनों कंपनियों ने सैट के आदेश के खिलाफ उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। कंपनियों की अपील सुनने के बाद उच्चतम न्यायालय ने 5 दिसंबर को दोनों कंपनियों को बकाया भुगतान निवेशकों को 15 प्रतिशत ब्याज के साथ नौ सप्ताह में कई चरणों में लौटाने का निर्देश दिया।टिप्पणियां जहां कंपनियों को तत्काल 5,120 करोड़ रुपये का भुगतान करने को कहा गया, अदालत ने उन्हें जनवरी के पहले सप्ताह तक 10,000 करोड़ रुपये की पहली किस्त का भुगतान करने और शेष भुगतान फरवरी के पहले सप्ताह तक करने को कहा। मुख्य न्यायाधीश अल्तमास कबीर की अध्यक्षता वाली पीठ ने सहारा समूह को निवेशकों से संबद्ध दस्तावेज 15 दिनों के भीतर सेबी को सौंपने का भी निर्देश दिया और चेतावनी दी कि धन के भुगतान पर उसके निर्देश का पालन करने में विफल रहने पर सेबी उसकी संपत्तियों को कुर्क कर देगी। जहां कंपनियों को तत्काल 5,120 करोड़ रुपये का भुगतान करने को कहा गया, अदालत ने उन्हें जनवरी के पहले सप्ताह तक 10,000 करोड़ रुपये की पहली किस्त का भुगतान करने और शेष भुगतान फरवरी के पहले सप्ताह तक करने को कहा। मुख्य न्यायाधीश अल्तमास कबीर की अध्यक्षता वाली पीठ ने सहारा समूह को निवेशकों से संबद्ध दस्तावेज 15 दिनों के भीतर सेबी को सौंपने का भी निर्देश दिया और चेतावनी दी कि धन के भुगतान पर उसके निर्देश का पालन करने में विफल रहने पर सेबी उसकी संपत्तियों को कुर्क कर देगी। मुख्य न्यायाधीश अल्तमास कबीर की अध्यक्षता वाली पीठ ने सहारा समूह को निवेशकों से संबद्ध दस्तावेज 15 दिनों के भीतर सेबी को सौंपने का भी निर्देश दिया और चेतावनी दी कि धन के भुगतान पर उसके निर्देश का पालन करने में विफल रहने पर सेबी उसकी संपत्तियों को कुर्क कर देगी।
यह एक सारांश है: सहारा समूह की दो कंपनियों के बॉन्ड-धारकों को पैसा लौटाने के चर्चित मामले में प्रतिभूति एवं अपीलीय न्यायाधिकरण (सैट) ने बाजार नियामक सेबी को निवेशकों से संबंधित दस्तावेज सौंपने की समय सीमा बढ़ाने संबंधी सहारा की याचिका आज खारिज कर दी।
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['hin']