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इस पाठ का सारांश बनाओ: डीडीसीए प्रकरण में केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली द्वारा दर्ज आपराधिक मानहानि मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ एक स्थानीय अदालत ने मुकदमा चलाने की अनुमति दे दी है. अदालत ने मानहानि के इस मामले में पांच अन्य आप नेताओं के गुनाह नहीं कबूल करने पर उनके विरुद्ध भी आरोप तय किये हैं. आरोप तय होने के बाद अब केजरीवाल सहित ‘आप’ के अन्य आरोपी नेताओं पर मुकदमा चलाया जाएगा. मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट (सीएमएम) सुमित दास ने जब कार्यवाही शुरू की तो जेटली के अदालत में हाजिर नहीं होने के मुद्दे पर दोनों पक्षों के वकीलों के बीच गरमागरम बहस हुई. अदालत में मौजूद केजरीवाल सहित अन्य आरोपियों ने ‘गंभीर खतरे’ की शिकायत की, जिसके बाद न्यायाधीश ने सभी लोगों से अदालत कक्ष के बाहर जाने को कहा.
हालांकि, मामले से जुड़े लोगों को अदालत कक्ष में मौजूद रहने को कहा गया. सीएमएम ने केजरीवाल और ‘आप’ के अन्य नेताओं - आशुतोष, कुमार विश्वास, संजय सिंह, राघव चड्ढा और दीपक वाजपेयी - के खिलाफ आरोप तय किए. इन नेताओं ने खुद को निर्दोष बताया और मुकदमा चलाने को कहा. इससे पहले, 30 जनवरी को अदालत ने केजरीवाल की वह अर्जी खारिज कर दी थी जिसमें आरोप तय करने के मुद्दे पर सुनवाई की मांग की गई थी. जेटली ने आपराधिक मानहानि की शिकायत में आरोप लगाया था कि आरोपियों ने डीडीसीए के बाबत पैदा हुए एक विवाद में उनकी मानहानि की थी जब जेटली डीडीसीए के अध्यक्ष थे. टिप्पणियां
इससे पहले एक मार्च को दिल्ली हाईकोर्ट ने वित्तमंत्री अरुण जेटली के बैंक खातों, टैक्स रिटर्न और अन्य वित्तीय रिकॉर्डों से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की याचिका खारिज कर दी थी. हाईकोर्ट ने कहा था कि जेटली के परिवार के सदस्यों के बैंक खातों के लेन-देन और उनकी और परिजन की 10 प्रतिशत की हिस्सेदारी वाली कंपनियों की जानकारी मांगने वाली केजरीवाल की याचिका ‘बेवजह की पूछताछ’ है और इसमें कोई दम नहीं है.
जेटली ने वर्ष 2015 में मानहानि का मुकदमा दायर करते हुए केजरीवाल, राघव चड्ढा, कुमार विश्वास, आशुतोष, संजय सिंह और दीपक वाजपेयी से 10 करोड़ रूपए के मुआवजे की मांग की थी. आम आदमी पार्टी के नेताओं ने दिल्ली एंड डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन में कथित अनियमितताओं और आर्थिक गड़बड़ियों को लेकर जेटली और उनके परिवार के सदस्यों पर सोशल मीडिया समेत कई मंचों से कथित तौर पर निशाना साधा था. जेटली करीब 13 साल वर्ष 2013 तक डीडीसीए के अध्यक्ष रहे थे. जेटली पहले ही इन आरोपों से इनकार कर चुके हैं.
हालांकि, मामले से जुड़े लोगों को अदालत कक्ष में मौजूद रहने को कहा गया. सीएमएम ने केजरीवाल और ‘आप’ के अन्य नेताओं - आशुतोष, कुमार विश्वास, संजय सिंह, राघव चड्ढा और दीपक वाजपेयी - के खिलाफ आरोप तय किए. इन नेताओं ने खुद को निर्दोष बताया और मुकदमा चलाने को कहा. इससे पहले, 30 जनवरी को अदालत ने केजरीवाल की वह अर्जी खारिज कर दी थी जिसमें आरोप तय करने के मुद्दे पर सुनवाई की मांग की गई थी. जेटली ने आपराधिक मानहानि की शिकायत में आरोप लगाया था कि आरोपियों ने डीडीसीए के बाबत पैदा हुए एक विवाद में उनकी मानहानि की थी जब जेटली डीडीसीए के अध्यक्ष थे. टिप्पणियां
इससे पहले एक मार्च को दिल्ली हाईकोर्ट ने वित्तमंत्री अरुण जेटली के बैंक खातों, टैक्स रिटर्न और अन्य वित्तीय रिकॉर्डों से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की याचिका खारिज कर दी थी. हाईकोर्ट ने कहा था कि जेटली के परिवार के सदस्यों के बैंक खातों के लेन-देन और उनकी और परिजन की 10 प्रतिशत की हिस्सेदारी वाली कंपनियों की जानकारी मांगने वाली केजरीवाल की याचिका ‘बेवजह की पूछताछ’ है और इसमें कोई दम नहीं है.
जेटली ने वर्ष 2015 में मानहानि का मुकदमा दायर करते हुए केजरीवाल, राघव चड्ढा, कुमार विश्वास, आशुतोष, संजय सिंह और दीपक वाजपेयी से 10 करोड़ रूपए के मुआवजे की मांग की थी. आम आदमी पार्टी के नेताओं ने दिल्ली एंड डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन में कथित अनियमितताओं और आर्थिक गड़बड़ियों को लेकर जेटली और उनके परिवार के सदस्यों पर सोशल मीडिया समेत कई मंचों से कथित तौर पर निशाना साधा था. जेटली करीब 13 साल वर्ष 2013 तक डीडीसीए के अध्यक्ष रहे थे. जेटली पहले ही इन आरोपों से इनकार कर चुके हैं.
इससे पहले एक मार्च को दिल्ली हाईकोर्ट ने वित्तमंत्री अरुण जेटली के बैंक खातों, टैक्स रिटर्न और अन्य वित्तीय रिकॉर्डों से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की याचिका खारिज कर दी थी. हाईकोर्ट ने कहा था कि जेटली के परिवार के सदस्यों के बैंक खातों के लेन-देन और उनकी और परिजन की 10 प्रतिशत की हिस्सेदारी वाली कंपनियों की जानकारी मांगने वाली केजरीवाल की याचिका ‘बेवजह की पूछताछ’ है और इसमें कोई दम नहीं है.
जेटली ने वर्ष 2015 में मानहानि का मुकदमा दायर करते हुए केजरीवाल, राघव चड्ढा, कुमार विश्वास, आशुतोष, संजय सिंह और दीपक वाजपेयी से 10 करोड़ रूपए के मुआवजे की मांग की थी. आम आदमी पार्टी के नेताओं ने दिल्ली एंड डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन में कथित अनियमितताओं और आर्थिक गड़बड़ियों को लेकर जेटली और उनके परिवार के सदस्यों पर सोशल मीडिया समेत कई मंचों से कथित तौर पर निशाना साधा था. जेटली करीब 13 साल वर्ष 2013 तक डीडीसीए के अध्यक्ष रहे थे. जेटली पहले ही इन आरोपों से इनकार कर चुके हैं.
जेटली ने वर्ष 2015 में मानहानि का मुकदमा दायर करते हुए केजरीवाल, राघव चड्ढा, कुमार विश्वास, आशुतोष, संजय सिंह और दीपक वाजपेयी से 10 करोड़ रूपए के मुआवजे की मांग की थी. आम आदमी पार्टी के नेताओं ने दिल्ली एंड डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन में कथित अनियमितताओं और आर्थिक गड़बड़ियों को लेकर जेटली और उनके परिवार के सदस्यों पर सोशल मीडिया समेत कई मंचों से कथित तौर पर निशाना साधा था. जेटली करीब 13 साल वर्ष 2013 तक डीडीसीए के अध्यक्ष रहे थे. जेटली पहले ही इन आरोपों से इनकार कर चुके हैं. | आरोपी नेताओं ने खुद को अदालत में निर्दोष बताया और मुकदमा चलाने को कहा
जेटली के खातों से जुड़ी जानकारी मांगने की केजरीवाल की याचिका हुई थी खारिज
जेटली ने 2015 में मानहानि का केस करते हुए 10 करोड़ मुआवजे की मांग की थी | 1 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: 'नजफगढ के नवाब' वीरेंद्र सहवाग को पाकिस्तान के खिलाफ तीसरे वनडे के लिए अंतिम एकादश में शामिल नहीं किए जाने से दिल्ली के दर्शक भले ही निराश थे, लेकिन हकीकत यह है कि यह विस्फोटक सलामी बल्लेबाज अपने घरेलू मैदान फिरोजशाह कोटला पर कभी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाया।
सहवाग ने विश्वकप 2011 में जीत के बाद से 15 एकदिवसीय मैचों में केवल 513 रन बनाए हैं। इनमें से 219 रन उन्होंने एक पारी में (वेस्टइंडीज के खिलाफ इंदौर में) में बनाए थे। इस तरह से बाकी 14 मैच में वह केवल 294 रन ही बना पाए।टिप्पणियां
पाकिस्तान के खिलाफ पिछले दो मैच में दाएं हाथ का यह बल्लेबाज केवल 35 रन बना पाया, जिसके कारण उन्हें तीसरे मैच की टीम से बाहर कर दिया गया। सहवाग की जगह अंजिक्या रहाणे को अंतिम एकादश में रखा गया। दर्शकों को हालांकि टीम प्रबंधन का यह फैसला पसंद नहीं आया और इनमें से कुछ 'वीरू-वीरू' की आवाज लगाते रहे। लेकिन लगता है कि टीम प्रबंधन ने सहवाग को बाहर करने का फैसला उनके हालिया प्रदर्शन के अलावा कोटला पर उनके रिकॉर्ड को देखकर भी किया।
सहवाग ने कोटला पर छह वनडे मैच खेले हैं, जिनमें उन्होंने 24.00 की औसत से केवल 120 रन बनाए हैं। उनका उच्चतम स्कोर 42 रन है। टेस्ट मैचों में भी सहवाग अपने घरेलू मैदान पर कभी बड़ी पारी नहीं खेल पाए हैं। उन्होंने यहां तीन टेस्ट मैच की पांच पारियों में 201 रन बनाए हैं, जिसमें उनका उच्चतम स्कोर 74 रन है।
सहवाग ने विश्वकप 2011 में जीत के बाद से 15 एकदिवसीय मैचों में केवल 513 रन बनाए हैं। इनमें से 219 रन उन्होंने एक पारी में (वेस्टइंडीज के खिलाफ इंदौर में) में बनाए थे। इस तरह से बाकी 14 मैच में वह केवल 294 रन ही बना पाए।टिप्पणियां
पाकिस्तान के खिलाफ पिछले दो मैच में दाएं हाथ का यह बल्लेबाज केवल 35 रन बना पाया, जिसके कारण उन्हें तीसरे मैच की टीम से बाहर कर दिया गया। सहवाग की जगह अंजिक्या रहाणे को अंतिम एकादश में रखा गया। दर्शकों को हालांकि टीम प्रबंधन का यह फैसला पसंद नहीं आया और इनमें से कुछ 'वीरू-वीरू' की आवाज लगाते रहे। लेकिन लगता है कि टीम प्रबंधन ने सहवाग को बाहर करने का फैसला उनके हालिया प्रदर्शन के अलावा कोटला पर उनके रिकॉर्ड को देखकर भी किया।
सहवाग ने कोटला पर छह वनडे मैच खेले हैं, जिनमें उन्होंने 24.00 की औसत से केवल 120 रन बनाए हैं। उनका उच्चतम स्कोर 42 रन है। टेस्ट मैचों में भी सहवाग अपने घरेलू मैदान पर कभी बड़ी पारी नहीं खेल पाए हैं। उन्होंने यहां तीन टेस्ट मैच की पांच पारियों में 201 रन बनाए हैं, जिसमें उनका उच्चतम स्कोर 74 रन है।
पाकिस्तान के खिलाफ पिछले दो मैच में दाएं हाथ का यह बल्लेबाज केवल 35 रन बना पाया, जिसके कारण उन्हें तीसरे मैच की टीम से बाहर कर दिया गया। सहवाग की जगह अंजिक्या रहाणे को अंतिम एकादश में रखा गया। दर्शकों को हालांकि टीम प्रबंधन का यह फैसला पसंद नहीं आया और इनमें से कुछ 'वीरू-वीरू' की आवाज लगाते रहे। लेकिन लगता है कि टीम प्रबंधन ने सहवाग को बाहर करने का फैसला उनके हालिया प्रदर्शन के अलावा कोटला पर उनके रिकॉर्ड को देखकर भी किया।
सहवाग ने कोटला पर छह वनडे मैच खेले हैं, जिनमें उन्होंने 24.00 की औसत से केवल 120 रन बनाए हैं। उनका उच्चतम स्कोर 42 रन है। टेस्ट मैचों में भी सहवाग अपने घरेलू मैदान पर कभी बड़ी पारी नहीं खेल पाए हैं। उन्होंने यहां तीन टेस्ट मैच की पांच पारियों में 201 रन बनाए हैं, जिसमें उनका उच्चतम स्कोर 74 रन है।
सहवाग ने कोटला पर छह वनडे मैच खेले हैं, जिनमें उन्होंने 24.00 की औसत से केवल 120 रन बनाए हैं। उनका उच्चतम स्कोर 42 रन है। टेस्ट मैचों में भी सहवाग अपने घरेलू मैदान पर कभी बड़ी पारी नहीं खेल पाए हैं। उन्होंने यहां तीन टेस्ट मैच की पांच पारियों में 201 रन बनाए हैं, जिसमें उनका उच्चतम स्कोर 74 रन है। | संक्षिप्त पाठ: सहवाग ने कोटला पर छह वनडे मैच खेले हैं, जिनमें उन्होंने 24.00 की औसत से केवल 120 रन बनाए हैं। उनका उच्चतम स्कोर 42 रन है। टेस्ट मैचों में भी सहवाग अपने घरेलू मैदान पर कभी बड़ी पारी नहीं खेल पाए हैं। | 13 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: किफायती विमानन कम्पनी स्पाइसजेट के शेयरों में शनिवार को विशेष कारोबारी सत्र में 4.11 फीसदी तेजी रही। प्रमोटर कलानिधि मारन के कम्पनी में पांच फीसदी हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए 100 करोड़ रुपये निवेश करने की खबर सार्वजनिक होने के बाद कम्पनी के शेयरों में तेजी दर्ज की गई।
विशेष कारोबारी सत्र में कम्पनी के शेयर 5.3 फीसदी तेजी के साथ कारोबारी सत्र के ऊपरी स्तर 21.80 रुपये पर पहुंच गए और सत्र के समाप्त होते-होते 21.55 रुपये पर बंद हुए।
शेयर बाजारों ने शनिवार को आपदा प्रबंधन प्रणाली की जांच के लिए एक घंटे से अधिक समय का कारोबारी सत्र संचालित किया।
कम्पनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी नील मिल्स ने शुक्रवार को कहा कि हिस्सेदारी बढ़ाने के मारन के फैसले से कम्पनी में उनके भरोसे का पता चलता है।
इस सौदे में मारन को 4.29 करोड़ तरजीही शेयर आवंटित किए जाएंगे।
मिल्स ने कहा कि पिछले साल सितम्बर माह में भी प्रमोटरों ने पांच फीसदी हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए 130 करोड़ रुपये का कम्पनी में निवेश किया था।टिप्पणियां
नए निवेश के बाद कम्पनी में प्रमोटरों की हिस्सेदारी बढ़कर 48.6 फीसदी हो जाएगी।
सन टीवी के मालिक मारन नवम्बर 2010 में गुड़गांव की विमानन कम्पनी स्पाइसजेट के अध्यक्ष बने थे। उन्होंने कम्पनी में अमेरिकी निवेशक बिल्बर रोस की हिस्सेदारी खरीदी थी।
विशेष कारोबारी सत्र में कम्पनी के शेयर 5.3 फीसदी तेजी के साथ कारोबारी सत्र के ऊपरी स्तर 21.80 रुपये पर पहुंच गए और सत्र के समाप्त होते-होते 21.55 रुपये पर बंद हुए।
शेयर बाजारों ने शनिवार को आपदा प्रबंधन प्रणाली की जांच के लिए एक घंटे से अधिक समय का कारोबारी सत्र संचालित किया।
कम्पनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी नील मिल्स ने शुक्रवार को कहा कि हिस्सेदारी बढ़ाने के मारन के फैसले से कम्पनी में उनके भरोसे का पता चलता है।
इस सौदे में मारन को 4.29 करोड़ तरजीही शेयर आवंटित किए जाएंगे।
मिल्स ने कहा कि पिछले साल सितम्बर माह में भी प्रमोटरों ने पांच फीसदी हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए 130 करोड़ रुपये का कम्पनी में निवेश किया था।टिप्पणियां
नए निवेश के बाद कम्पनी में प्रमोटरों की हिस्सेदारी बढ़कर 48.6 फीसदी हो जाएगी।
सन टीवी के मालिक मारन नवम्बर 2010 में गुड़गांव की विमानन कम्पनी स्पाइसजेट के अध्यक्ष बने थे। उन्होंने कम्पनी में अमेरिकी निवेशक बिल्बर रोस की हिस्सेदारी खरीदी थी।
शेयर बाजारों ने शनिवार को आपदा प्रबंधन प्रणाली की जांच के लिए एक घंटे से अधिक समय का कारोबारी सत्र संचालित किया।
कम्पनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी नील मिल्स ने शुक्रवार को कहा कि हिस्सेदारी बढ़ाने के मारन के फैसले से कम्पनी में उनके भरोसे का पता चलता है।
इस सौदे में मारन को 4.29 करोड़ तरजीही शेयर आवंटित किए जाएंगे।
मिल्स ने कहा कि पिछले साल सितम्बर माह में भी प्रमोटरों ने पांच फीसदी हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए 130 करोड़ रुपये का कम्पनी में निवेश किया था।टिप्पणियां
नए निवेश के बाद कम्पनी में प्रमोटरों की हिस्सेदारी बढ़कर 48.6 फीसदी हो जाएगी।
सन टीवी के मालिक मारन नवम्बर 2010 में गुड़गांव की विमानन कम्पनी स्पाइसजेट के अध्यक्ष बने थे। उन्होंने कम्पनी में अमेरिकी निवेशक बिल्बर रोस की हिस्सेदारी खरीदी थी।
कम्पनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी नील मिल्स ने शुक्रवार को कहा कि हिस्सेदारी बढ़ाने के मारन के फैसले से कम्पनी में उनके भरोसे का पता चलता है।
इस सौदे में मारन को 4.29 करोड़ तरजीही शेयर आवंटित किए जाएंगे।
मिल्स ने कहा कि पिछले साल सितम्बर माह में भी प्रमोटरों ने पांच फीसदी हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए 130 करोड़ रुपये का कम्पनी में निवेश किया था।टिप्पणियां
नए निवेश के बाद कम्पनी में प्रमोटरों की हिस्सेदारी बढ़कर 48.6 फीसदी हो जाएगी।
सन टीवी के मालिक मारन नवम्बर 2010 में गुड़गांव की विमानन कम्पनी स्पाइसजेट के अध्यक्ष बने थे। उन्होंने कम्पनी में अमेरिकी निवेशक बिल्बर रोस की हिस्सेदारी खरीदी थी।
इस सौदे में मारन को 4.29 करोड़ तरजीही शेयर आवंटित किए जाएंगे।
मिल्स ने कहा कि पिछले साल सितम्बर माह में भी प्रमोटरों ने पांच फीसदी हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए 130 करोड़ रुपये का कम्पनी में निवेश किया था।टिप्पणियां
नए निवेश के बाद कम्पनी में प्रमोटरों की हिस्सेदारी बढ़कर 48.6 फीसदी हो जाएगी।
सन टीवी के मालिक मारन नवम्बर 2010 में गुड़गांव की विमानन कम्पनी स्पाइसजेट के अध्यक्ष बने थे। उन्होंने कम्पनी में अमेरिकी निवेशक बिल्बर रोस की हिस्सेदारी खरीदी थी।
मिल्स ने कहा कि पिछले साल सितम्बर माह में भी प्रमोटरों ने पांच फीसदी हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए 130 करोड़ रुपये का कम्पनी में निवेश किया था।टिप्पणियां
नए निवेश के बाद कम्पनी में प्रमोटरों की हिस्सेदारी बढ़कर 48.6 फीसदी हो जाएगी।
सन टीवी के मालिक मारन नवम्बर 2010 में गुड़गांव की विमानन कम्पनी स्पाइसजेट के अध्यक्ष बने थे। उन्होंने कम्पनी में अमेरिकी निवेशक बिल्बर रोस की हिस्सेदारी खरीदी थी।
नए निवेश के बाद कम्पनी में प्रमोटरों की हिस्सेदारी बढ़कर 48.6 फीसदी हो जाएगी।
सन टीवी के मालिक मारन नवम्बर 2010 में गुड़गांव की विमानन कम्पनी स्पाइसजेट के अध्यक्ष बने थे। उन्होंने कम्पनी में अमेरिकी निवेशक बिल्बर रोस की हिस्सेदारी खरीदी थी।
सन टीवी के मालिक मारन नवम्बर 2010 में गुड़गांव की विमानन कम्पनी स्पाइसजेट के अध्यक्ष बने थे। उन्होंने कम्पनी में अमेरिकी निवेशक बिल्बर रोस की हिस्सेदारी खरीदी थी। | यह एक सारांश है: किफायती विमानन कम्पनी स्पाइसजेट के शेयरों में शनिवार को विशेष कारोबारी सत्र में 4.11 फीसदी तेजी रही। | 21 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: बायें हाथ के युवा स्पिनर हरमीत सिंह ने गुरुवार को क्रिकेट बोर्ड से कहा कि उन्हें इसका कोई आभास नहीं था कि आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग में फंसे में राजस्थान रॉयल्स के उनके तीनों साथियों का यह कथित अपराध करने का कोई इरादा है।
हरमीत ने बीसीसीआई द्वारा उनको भेजे गए कारण बताओ नोटिस के जवाब में खंडन किया कि वह आईपीएल आचार संहिता के तहत इस बारे में बीसीसीआई या उसकी भ्रष्टाचार निरोधक इकाई के प्रमुख रवि सवानी को रिपोर्ट करने में नाकाम रहे।
बीसीसीआई की दो सदस्यीय अनुशासन समिति की शुक्रवार को दिल्ली में बैठक होगी जिसमें हरमीत तथा तीन आरोपी खिलाड़ियों एस श्रीसंत, अजित चंदीला और अंकित चव्हाण से पूछताछ की जाएगी।
हरमीत ने बीसीसीआई को आश्वासन दिया वह स्वयं उपस्थित होंगे लेकिन उन्होंने अपने वकील को भी समिति के सामने उपस्थित होने की अनुमति देने का आग्रह किया है। समिति में अरुण जेटली और निरंजन शाह शामिल हैं।
हरमीत ने अपने वकील अशोक परांजपे के हवाले से कहा कि बीसीसीआई के एक सदस्यीय जांच आयुक्त सवानी ने उन्हें कभी समन नहीं भेजा जैसा कि बीसीसीआई के कारण बताओ नोटिस में कहा गया है।टिप्पणियां
सचाई यह है कि वह स्वेच्छा से उनके समक्ष पेश हुए तथा उन्होंने दिल्ली मजिस्ट्रेट के सामने जो बयान दिया था, वही उनके सामने दोहराया। हालांकि हरमीत ने कहा कि यह देखकर उन्हें हैरानी हुई जांच रिपोर्ट मजिस्ट्रेट के सामने दिये गये बयान से भिन्न थी।
उन्होंने कहा कि जांच अधिकारी ने उन्हें रिपोर्ट पढ़ने नहीं दी और उन पर बिना पढ़े हुए इस पर हस्ताक्षर करने के लिए कहा गया।
हरमीत ने बीसीसीआई द्वारा उनको भेजे गए कारण बताओ नोटिस के जवाब में खंडन किया कि वह आईपीएल आचार संहिता के तहत इस बारे में बीसीसीआई या उसकी भ्रष्टाचार निरोधक इकाई के प्रमुख रवि सवानी को रिपोर्ट करने में नाकाम रहे।
बीसीसीआई की दो सदस्यीय अनुशासन समिति की शुक्रवार को दिल्ली में बैठक होगी जिसमें हरमीत तथा तीन आरोपी खिलाड़ियों एस श्रीसंत, अजित चंदीला और अंकित चव्हाण से पूछताछ की जाएगी।
हरमीत ने बीसीसीआई को आश्वासन दिया वह स्वयं उपस्थित होंगे लेकिन उन्होंने अपने वकील को भी समिति के सामने उपस्थित होने की अनुमति देने का आग्रह किया है। समिति में अरुण जेटली और निरंजन शाह शामिल हैं।
हरमीत ने अपने वकील अशोक परांजपे के हवाले से कहा कि बीसीसीआई के एक सदस्यीय जांच आयुक्त सवानी ने उन्हें कभी समन नहीं भेजा जैसा कि बीसीसीआई के कारण बताओ नोटिस में कहा गया है।टिप्पणियां
सचाई यह है कि वह स्वेच्छा से उनके समक्ष पेश हुए तथा उन्होंने दिल्ली मजिस्ट्रेट के सामने जो बयान दिया था, वही उनके सामने दोहराया। हालांकि हरमीत ने कहा कि यह देखकर उन्हें हैरानी हुई जांच रिपोर्ट मजिस्ट्रेट के सामने दिये गये बयान से भिन्न थी।
उन्होंने कहा कि जांच अधिकारी ने उन्हें रिपोर्ट पढ़ने नहीं दी और उन पर बिना पढ़े हुए इस पर हस्ताक्षर करने के लिए कहा गया।
बीसीसीआई की दो सदस्यीय अनुशासन समिति की शुक्रवार को दिल्ली में बैठक होगी जिसमें हरमीत तथा तीन आरोपी खिलाड़ियों एस श्रीसंत, अजित चंदीला और अंकित चव्हाण से पूछताछ की जाएगी।
हरमीत ने बीसीसीआई को आश्वासन दिया वह स्वयं उपस्थित होंगे लेकिन उन्होंने अपने वकील को भी समिति के सामने उपस्थित होने की अनुमति देने का आग्रह किया है। समिति में अरुण जेटली और निरंजन शाह शामिल हैं।
हरमीत ने अपने वकील अशोक परांजपे के हवाले से कहा कि बीसीसीआई के एक सदस्यीय जांच आयुक्त सवानी ने उन्हें कभी समन नहीं भेजा जैसा कि बीसीसीआई के कारण बताओ नोटिस में कहा गया है।टिप्पणियां
सचाई यह है कि वह स्वेच्छा से उनके समक्ष पेश हुए तथा उन्होंने दिल्ली मजिस्ट्रेट के सामने जो बयान दिया था, वही उनके सामने दोहराया। हालांकि हरमीत ने कहा कि यह देखकर उन्हें हैरानी हुई जांच रिपोर्ट मजिस्ट्रेट के सामने दिये गये बयान से भिन्न थी।
उन्होंने कहा कि जांच अधिकारी ने उन्हें रिपोर्ट पढ़ने नहीं दी और उन पर बिना पढ़े हुए इस पर हस्ताक्षर करने के लिए कहा गया।
हरमीत ने बीसीसीआई को आश्वासन दिया वह स्वयं उपस्थित होंगे लेकिन उन्होंने अपने वकील को भी समिति के सामने उपस्थित होने की अनुमति देने का आग्रह किया है। समिति में अरुण जेटली और निरंजन शाह शामिल हैं।
हरमीत ने अपने वकील अशोक परांजपे के हवाले से कहा कि बीसीसीआई के एक सदस्यीय जांच आयुक्त सवानी ने उन्हें कभी समन नहीं भेजा जैसा कि बीसीसीआई के कारण बताओ नोटिस में कहा गया है।टिप्पणियां
सचाई यह है कि वह स्वेच्छा से उनके समक्ष पेश हुए तथा उन्होंने दिल्ली मजिस्ट्रेट के सामने जो बयान दिया था, वही उनके सामने दोहराया। हालांकि हरमीत ने कहा कि यह देखकर उन्हें हैरानी हुई जांच रिपोर्ट मजिस्ट्रेट के सामने दिये गये बयान से भिन्न थी।
उन्होंने कहा कि जांच अधिकारी ने उन्हें रिपोर्ट पढ़ने नहीं दी और उन पर बिना पढ़े हुए इस पर हस्ताक्षर करने के लिए कहा गया।
हरमीत ने अपने वकील अशोक परांजपे के हवाले से कहा कि बीसीसीआई के एक सदस्यीय जांच आयुक्त सवानी ने उन्हें कभी समन नहीं भेजा जैसा कि बीसीसीआई के कारण बताओ नोटिस में कहा गया है।टिप्पणियां
सचाई यह है कि वह स्वेच्छा से उनके समक्ष पेश हुए तथा उन्होंने दिल्ली मजिस्ट्रेट के सामने जो बयान दिया था, वही उनके सामने दोहराया। हालांकि हरमीत ने कहा कि यह देखकर उन्हें हैरानी हुई जांच रिपोर्ट मजिस्ट्रेट के सामने दिये गये बयान से भिन्न थी।
उन्होंने कहा कि जांच अधिकारी ने उन्हें रिपोर्ट पढ़ने नहीं दी और उन पर बिना पढ़े हुए इस पर हस्ताक्षर करने के लिए कहा गया।
सचाई यह है कि वह स्वेच्छा से उनके समक्ष पेश हुए तथा उन्होंने दिल्ली मजिस्ट्रेट के सामने जो बयान दिया था, वही उनके सामने दोहराया। हालांकि हरमीत ने कहा कि यह देखकर उन्हें हैरानी हुई जांच रिपोर्ट मजिस्ट्रेट के सामने दिये गये बयान से भिन्न थी।
उन्होंने कहा कि जांच अधिकारी ने उन्हें रिपोर्ट पढ़ने नहीं दी और उन पर बिना पढ़े हुए इस पर हस्ताक्षर करने के लिए कहा गया।
उन्होंने कहा कि जांच अधिकारी ने उन्हें रिपोर्ट पढ़ने नहीं दी और उन पर बिना पढ़े हुए इस पर हस्ताक्षर करने के लिए कहा गया। | सारांश: बायें हाथ के युवा स्पिनर हरमीत सिंह ने गुरुवार को क्रिकेट बोर्ड से कहा कि उन्हें इसका कोई आभास नहीं था कि आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग में फंसे में राजस्थान रॉयल्स के उनके तीनों साथियों का यह कथित अपराध करने का कोई इरादा है। | 31 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: महाराष्ट्र सरकार ने बॉम्बे हाई कोर्ट को एक हलफनामा दायर करते हुए कहा है कि संविधान के मुताबिक पाक अधिकृत कश्मीर भारत का हिस्सा है और वहां के नागरिक को भारतीय ही माना जाता है।
राज्य सरकार का यह हलफनामा पाक अधिकृत कश्मीर के एक नागरिक सिराज खान की याचिका पर दायर किया है।
अपने हलफनामे में राज्य सरकार ने पाक अधिकृत कश्मीर के मनसेरा के रहने वाले सिराज खान के ऊपर दर्ज किए गए पासपोर्ट एक्ट के तहत दर्ज किया मामला ख़त्म करने की अपील करेगी।
सुनवाई के दौरान एडवोकेट जनरल दरुस खाम्बाता ने हाई कोर्ट को बताया की मुंबई पुलिस सिराज खान पर दर्ज किए गए मामलों में आरोपपत्र दायर किया जा चुका है और वह निचली अदालत में याचिका दायर कर मामले को खत्म करने का अनुरोध करेगी।
राज्य सरकार ने कहा कि अगर सिराज चाहे तो वह पाक अधिकृत कश्मीर जा सकता है बशर्ते उसके पास भारतीय पासपोर्ट हो और वह चाहे तो पासपोर्ट के लिए आवेदन दे सकता है।
हालांकि, पिछली सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने सिराज खान के मामले को काफी संवेदनशील बताते हुए उसे सजा दिलवाने की बात की थी जिसपर हाई कोर्ट ने पुलिस पर अपनी धीमी जांच के लिए कड़ी फटकार लगाई थी।
राज्य सरकार के इस यू टर्न के जवाब में बॉम्बे हाई कोर्ट बेंच के जस्टिस एएम खानविलकर और एआर जोशी ने कहा, "पहले तो आप एफ़आईआर दर्ज कर पासपोर्ट एक्ट के तहत मामला चलाते हो और फिर कहा जाता है की वह भारतीय नागरिक है।"
दूसरी ओर, हाई कोर्ट ने मामले में केंद्र सरकार को भी अपना रुख साफ़ करने को कहा है और उसे राज्य सरकार के हलफनामे पर जवाब देने को कहा है।
अब सिराज खान के इस मामले की अगली सुनवाई एक हफ्ते बाद होगी।
खान के वकील एजाज नकवी ने अपनी याचिका में खान को पाक अधिकृत कश्मीर भेजने के लिए सरकार से अपना रुख साफ़ करने को कहा था।
दरअसल सिराज खान 17 साल पहले भारत में गलती से घुस आया था। उस समय सिराज महज नौ साल का था और और तब से वह दिल्ली और गुजरात होते-होते मुंबई में आ गया।
सिराज खान ने एनडीटीवी इंडिया से बात की और दावा किया किया कि "मैने सीआईडी के पास जाकर खुद को पाकिस्तानी नागरिक बताया और कहा कि अब मैं पाक अधिकृत कश्मीर जाना चाहता हूं, लेकिन सीआईडी के लोगो ने तुरंत गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया।"टिप्पणियां
खान ने दावा किया की वह एक बार दिल्ली के पाकिस्तान हाई कमीशन जाकर भी खुद को पाक अधिकृत कश्मीर भेजने की गुहार कर चुका है लेकिन वहां से उसे मारपीट कर भगा दिय गया।
खान ने मुंबई में शादी भी कर ली है और उसके दो बच्चे भी हैं। फिलहाल वह मुंबई के होटलों में सफाई का काम कर अपनी रोजी रोटी चला रहा है।
राज्य सरकार का यह हलफनामा पाक अधिकृत कश्मीर के एक नागरिक सिराज खान की याचिका पर दायर किया है।
अपने हलफनामे में राज्य सरकार ने पाक अधिकृत कश्मीर के मनसेरा के रहने वाले सिराज खान के ऊपर दर्ज किए गए पासपोर्ट एक्ट के तहत दर्ज किया मामला ख़त्म करने की अपील करेगी।
सुनवाई के दौरान एडवोकेट जनरल दरुस खाम्बाता ने हाई कोर्ट को बताया की मुंबई पुलिस सिराज खान पर दर्ज किए गए मामलों में आरोपपत्र दायर किया जा चुका है और वह निचली अदालत में याचिका दायर कर मामले को खत्म करने का अनुरोध करेगी।
राज्य सरकार ने कहा कि अगर सिराज चाहे तो वह पाक अधिकृत कश्मीर जा सकता है बशर्ते उसके पास भारतीय पासपोर्ट हो और वह चाहे तो पासपोर्ट के लिए आवेदन दे सकता है।
हालांकि, पिछली सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने सिराज खान के मामले को काफी संवेदनशील बताते हुए उसे सजा दिलवाने की बात की थी जिसपर हाई कोर्ट ने पुलिस पर अपनी धीमी जांच के लिए कड़ी फटकार लगाई थी।
राज्य सरकार के इस यू टर्न के जवाब में बॉम्बे हाई कोर्ट बेंच के जस्टिस एएम खानविलकर और एआर जोशी ने कहा, "पहले तो आप एफ़आईआर दर्ज कर पासपोर्ट एक्ट के तहत मामला चलाते हो और फिर कहा जाता है की वह भारतीय नागरिक है।"
दूसरी ओर, हाई कोर्ट ने मामले में केंद्र सरकार को भी अपना रुख साफ़ करने को कहा है और उसे राज्य सरकार के हलफनामे पर जवाब देने को कहा है।
अब सिराज खान के इस मामले की अगली सुनवाई एक हफ्ते बाद होगी।
खान के वकील एजाज नकवी ने अपनी याचिका में खान को पाक अधिकृत कश्मीर भेजने के लिए सरकार से अपना रुख साफ़ करने को कहा था।
दरअसल सिराज खान 17 साल पहले भारत में गलती से घुस आया था। उस समय सिराज महज नौ साल का था और और तब से वह दिल्ली और गुजरात होते-होते मुंबई में आ गया।
सिराज खान ने एनडीटीवी इंडिया से बात की और दावा किया किया कि "मैने सीआईडी के पास जाकर खुद को पाकिस्तानी नागरिक बताया और कहा कि अब मैं पाक अधिकृत कश्मीर जाना चाहता हूं, लेकिन सीआईडी के लोगो ने तुरंत गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया।"टिप्पणियां
खान ने दावा किया की वह एक बार दिल्ली के पाकिस्तान हाई कमीशन जाकर भी खुद को पाक अधिकृत कश्मीर भेजने की गुहार कर चुका है लेकिन वहां से उसे मारपीट कर भगा दिय गया।
खान ने मुंबई में शादी भी कर ली है और उसके दो बच्चे भी हैं। फिलहाल वह मुंबई के होटलों में सफाई का काम कर अपनी रोजी रोटी चला रहा है।
अपने हलफनामे में राज्य सरकार ने पाक अधिकृत कश्मीर के मनसेरा के रहने वाले सिराज खान के ऊपर दर्ज किए गए पासपोर्ट एक्ट के तहत दर्ज किया मामला ख़त्म करने की अपील करेगी।
सुनवाई के दौरान एडवोकेट जनरल दरुस खाम्बाता ने हाई कोर्ट को बताया की मुंबई पुलिस सिराज खान पर दर्ज किए गए मामलों में आरोपपत्र दायर किया जा चुका है और वह निचली अदालत में याचिका दायर कर मामले को खत्म करने का अनुरोध करेगी।
राज्य सरकार ने कहा कि अगर सिराज चाहे तो वह पाक अधिकृत कश्मीर जा सकता है बशर्ते उसके पास भारतीय पासपोर्ट हो और वह चाहे तो पासपोर्ट के लिए आवेदन दे सकता है।
हालांकि, पिछली सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने सिराज खान के मामले को काफी संवेदनशील बताते हुए उसे सजा दिलवाने की बात की थी जिसपर हाई कोर्ट ने पुलिस पर अपनी धीमी जांच के लिए कड़ी फटकार लगाई थी।
राज्य सरकार के इस यू टर्न के जवाब में बॉम्बे हाई कोर्ट बेंच के जस्टिस एएम खानविलकर और एआर जोशी ने कहा, "पहले तो आप एफ़आईआर दर्ज कर पासपोर्ट एक्ट के तहत मामला चलाते हो और फिर कहा जाता है की वह भारतीय नागरिक है।"
दूसरी ओर, हाई कोर्ट ने मामले में केंद्र सरकार को भी अपना रुख साफ़ करने को कहा है और उसे राज्य सरकार के हलफनामे पर जवाब देने को कहा है।
अब सिराज खान के इस मामले की अगली सुनवाई एक हफ्ते बाद होगी।
खान के वकील एजाज नकवी ने अपनी याचिका में खान को पाक अधिकृत कश्मीर भेजने के लिए सरकार से अपना रुख साफ़ करने को कहा था।
दरअसल सिराज खान 17 साल पहले भारत में गलती से घुस आया था। उस समय सिराज महज नौ साल का था और और तब से वह दिल्ली और गुजरात होते-होते मुंबई में आ गया।
सिराज खान ने एनडीटीवी इंडिया से बात की और दावा किया किया कि "मैने सीआईडी के पास जाकर खुद को पाकिस्तानी नागरिक बताया और कहा कि अब मैं पाक अधिकृत कश्मीर जाना चाहता हूं, लेकिन सीआईडी के लोगो ने तुरंत गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया।"टिप्पणियां
खान ने दावा किया की वह एक बार दिल्ली के पाकिस्तान हाई कमीशन जाकर भी खुद को पाक अधिकृत कश्मीर भेजने की गुहार कर चुका है लेकिन वहां से उसे मारपीट कर भगा दिय गया।
खान ने मुंबई में शादी भी कर ली है और उसके दो बच्चे भी हैं। फिलहाल वह मुंबई के होटलों में सफाई का काम कर अपनी रोजी रोटी चला रहा है।
सुनवाई के दौरान एडवोकेट जनरल दरुस खाम्बाता ने हाई कोर्ट को बताया की मुंबई पुलिस सिराज खान पर दर्ज किए गए मामलों में आरोपपत्र दायर किया जा चुका है और वह निचली अदालत में याचिका दायर कर मामले को खत्म करने का अनुरोध करेगी।
राज्य सरकार ने कहा कि अगर सिराज चाहे तो वह पाक अधिकृत कश्मीर जा सकता है बशर्ते उसके पास भारतीय पासपोर्ट हो और वह चाहे तो पासपोर्ट के लिए आवेदन दे सकता है।
हालांकि, पिछली सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने सिराज खान के मामले को काफी संवेदनशील बताते हुए उसे सजा दिलवाने की बात की थी जिसपर हाई कोर्ट ने पुलिस पर अपनी धीमी जांच के लिए कड़ी फटकार लगाई थी।
राज्य सरकार के इस यू टर्न के जवाब में बॉम्बे हाई कोर्ट बेंच के जस्टिस एएम खानविलकर और एआर जोशी ने कहा, "पहले तो आप एफ़आईआर दर्ज कर पासपोर्ट एक्ट के तहत मामला चलाते हो और फिर कहा जाता है की वह भारतीय नागरिक है।"
दूसरी ओर, हाई कोर्ट ने मामले में केंद्र सरकार को भी अपना रुख साफ़ करने को कहा है और उसे राज्य सरकार के हलफनामे पर जवाब देने को कहा है।
अब सिराज खान के इस मामले की अगली सुनवाई एक हफ्ते बाद होगी।
खान के वकील एजाज नकवी ने अपनी याचिका में खान को पाक अधिकृत कश्मीर भेजने के लिए सरकार से अपना रुख साफ़ करने को कहा था।
दरअसल सिराज खान 17 साल पहले भारत में गलती से घुस आया था। उस समय सिराज महज नौ साल का था और और तब से वह दिल्ली और गुजरात होते-होते मुंबई में आ गया।
सिराज खान ने एनडीटीवी इंडिया से बात की और दावा किया किया कि "मैने सीआईडी के पास जाकर खुद को पाकिस्तानी नागरिक बताया और कहा कि अब मैं पाक अधिकृत कश्मीर जाना चाहता हूं, लेकिन सीआईडी के लोगो ने तुरंत गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया।"टिप्पणियां
खान ने दावा किया की वह एक बार दिल्ली के पाकिस्तान हाई कमीशन जाकर भी खुद को पाक अधिकृत कश्मीर भेजने की गुहार कर चुका है लेकिन वहां से उसे मारपीट कर भगा दिय गया।
खान ने मुंबई में शादी भी कर ली है और उसके दो बच्चे भी हैं। फिलहाल वह मुंबई के होटलों में सफाई का काम कर अपनी रोजी रोटी चला रहा है।
राज्य सरकार ने कहा कि अगर सिराज चाहे तो वह पाक अधिकृत कश्मीर जा सकता है बशर्ते उसके पास भारतीय पासपोर्ट हो और वह चाहे तो पासपोर्ट के लिए आवेदन दे सकता है।
हालांकि, पिछली सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने सिराज खान के मामले को काफी संवेदनशील बताते हुए उसे सजा दिलवाने की बात की थी जिसपर हाई कोर्ट ने पुलिस पर अपनी धीमी जांच के लिए कड़ी फटकार लगाई थी।
राज्य सरकार के इस यू टर्न के जवाब में बॉम्बे हाई कोर्ट बेंच के जस्टिस एएम खानविलकर और एआर जोशी ने कहा, "पहले तो आप एफ़आईआर दर्ज कर पासपोर्ट एक्ट के तहत मामला चलाते हो और फिर कहा जाता है की वह भारतीय नागरिक है।"
दूसरी ओर, हाई कोर्ट ने मामले में केंद्र सरकार को भी अपना रुख साफ़ करने को कहा है और उसे राज्य सरकार के हलफनामे पर जवाब देने को कहा है।
अब सिराज खान के इस मामले की अगली सुनवाई एक हफ्ते बाद होगी।
खान के वकील एजाज नकवी ने अपनी याचिका में खान को पाक अधिकृत कश्मीर भेजने के लिए सरकार से अपना रुख साफ़ करने को कहा था।
दरअसल सिराज खान 17 साल पहले भारत में गलती से घुस आया था। उस समय सिराज महज नौ साल का था और और तब से वह दिल्ली और गुजरात होते-होते मुंबई में आ गया।
सिराज खान ने एनडीटीवी इंडिया से बात की और दावा किया किया कि "मैने सीआईडी के पास जाकर खुद को पाकिस्तानी नागरिक बताया और कहा कि अब मैं पाक अधिकृत कश्मीर जाना चाहता हूं, लेकिन सीआईडी के लोगो ने तुरंत गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया।"टिप्पणियां
खान ने दावा किया की वह एक बार दिल्ली के पाकिस्तान हाई कमीशन जाकर भी खुद को पाक अधिकृत कश्मीर भेजने की गुहार कर चुका है लेकिन वहां से उसे मारपीट कर भगा दिय गया।
खान ने मुंबई में शादी भी कर ली है और उसके दो बच्चे भी हैं। फिलहाल वह मुंबई के होटलों में सफाई का काम कर अपनी रोजी रोटी चला रहा है।
हालांकि, पिछली सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने सिराज खान के मामले को काफी संवेदनशील बताते हुए उसे सजा दिलवाने की बात की थी जिसपर हाई कोर्ट ने पुलिस पर अपनी धीमी जांच के लिए कड़ी फटकार लगाई थी।
राज्य सरकार के इस यू टर्न के जवाब में बॉम्बे हाई कोर्ट बेंच के जस्टिस एएम खानविलकर और एआर जोशी ने कहा, "पहले तो आप एफ़आईआर दर्ज कर पासपोर्ट एक्ट के तहत मामला चलाते हो और फिर कहा जाता है की वह भारतीय नागरिक है।"
दूसरी ओर, हाई कोर्ट ने मामले में केंद्र सरकार को भी अपना रुख साफ़ करने को कहा है और उसे राज्य सरकार के हलफनामे पर जवाब देने को कहा है।
अब सिराज खान के इस मामले की अगली सुनवाई एक हफ्ते बाद होगी।
खान के वकील एजाज नकवी ने अपनी याचिका में खान को पाक अधिकृत कश्मीर भेजने के लिए सरकार से अपना रुख साफ़ करने को कहा था।
दरअसल सिराज खान 17 साल पहले भारत में गलती से घुस आया था। उस समय सिराज महज नौ साल का था और और तब से वह दिल्ली और गुजरात होते-होते मुंबई में आ गया।
सिराज खान ने एनडीटीवी इंडिया से बात की और दावा किया किया कि "मैने सीआईडी के पास जाकर खुद को पाकिस्तानी नागरिक बताया और कहा कि अब मैं पाक अधिकृत कश्मीर जाना चाहता हूं, लेकिन सीआईडी के लोगो ने तुरंत गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया।"टिप्पणियां
खान ने दावा किया की वह एक बार दिल्ली के पाकिस्तान हाई कमीशन जाकर भी खुद को पाक अधिकृत कश्मीर भेजने की गुहार कर चुका है लेकिन वहां से उसे मारपीट कर भगा दिय गया।
खान ने मुंबई में शादी भी कर ली है और उसके दो बच्चे भी हैं। फिलहाल वह मुंबई के होटलों में सफाई का काम कर अपनी रोजी रोटी चला रहा है।
राज्य सरकार के इस यू टर्न के जवाब में बॉम्बे हाई कोर्ट बेंच के जस्टिस एएम खानविलकर और एआर जोशी ने कहा, "पहले तो आप एफ़आईआर दर्ज कर पासपोर्ट एक्ट के तहत मामला चलाते हो और फिर कहा जाता है की वह भारतीय नागरिक है।"
दूसरी ओर, हाई कोर्ट ने मामले में केंद्र सरकार को भी अपना रुख साफ़ करने को कहा है और उसे राज्य सरकार के हलफनामे पर जवाब देने को कहा है।
अब सिराज खान के इस मामले की अगली सुनवाई एक हफ्ते बाद होगी।
खान के वकील एजाज नकवी ने अपनी याचिका में खान को पाक अधिकृत कश्मीर भेजने के लिए सरकार से अपना रुख साफ़ करने को कहा था।
दरअसल सिराज खान 17 साल पहले भारत में गलती से घुस आया था। उस समय सिराज महज नौ साल का था और और तब से वह दिल्ली और गुजरात होते-होते मुंबई में आ गया।
सिराज खान ने एनडीटीवी इंडिया से बात की और दावा किया किया कि "मैने सीआईडी के पास जाकर खुद को पाकिस्तानी नागरिक बताया और कहा कि अब मैं पाक अधिकृत कश्मीर जाना चाहता हूं, लेकिन सीआईडी के लोगो ने तुरंत गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया।"टिप्पणियां
खान ने दावा किया की वह एक बार दिल्ली के पाकिस्तान हाई कमीशन जाकर भी खुद को पाक अधिकृत कश्मीर भेजने की गुहार कर चुका है लेकिन वहां से उसे मारपीट कर भगा दिय गया।
खान ने मुंबई में शादी भी कर ली है और उसके दो बच्चे भी हैं। फिलहाल वह मुंबई के होटलों में सफाई का काम कर अपनी रोजी रोटी चला रहा है।
दूसरी ओर, हाई कोर्ट ने मामले में केंद्र सरकार को भी अपना रुख साफ़ करने को कहा है और उसे राज्य सरकार के हलफनामे पर जवाब देने को कहा है।
अब सिराज खान के इस मामले की अगली सुनवाई एक हफ्ते बाद होगी।
खान के वकील एजाज नकवी ने अपनी याचिका में खान को पाक अधिकृत कश्मीर भेजने के लिए सरकार से अपना रुख साफ़ करने को कहा था।
दरअसल सिराज खान 17 साल पहले भारत में गलती से घुस आया था। उस समय सिराज महज नौ साल का था और और तब से वह दिल्ली और गुजरात होते-होते मुंबई में आ गया।
सिराज खान ने एनडीटीवी इंडिया से बात की और दावा किया किया कि "मैने सीआईडी के पास जाकर खुद को पाकिस्तानी नागरिक बताया और कहा कि अब मैं पाक अधिकृत कश्मीर जाना चाहता हूं, लेकिन सीआईडी के लोगो ने तुरंत गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया।"टिप्पणियां
खान ने दावा किया की वह एक बार दिल्ली के पाकिस्तान हाई कमीशन जाकर भी खुद को पाक अधिकृत कश्मीर भेजने की गुहार कर चुका है लेकिन वहां से उसे मारपीट कर भगा दिय गया।
खान ने मुंबई में शादी भी कर ली है और उसके दो बच्चे भी हैं। फिलहाल वह मुंबई के होटलों में सफाई का काम कर अपनी रोजी रोटी चला रहा है।
अब सिराज खान के इस मामले की अगली सुनवाई एक हफ्ते बाद होगी।
खान के वकील एजाज नकवी ने अपनी याचिका में खान को पाक अधिकृत कश्मीर भेजने के लिए सरकार से अपना रुख साफ़ करने को कहा था।
दरअसल सिराज खान 17 साल पहले भारत में गलती से घुस आया था। उस समय सिराज महज नौ साल का था और और तब से वह दिल्ली और गुजरात होते-होते मुंबई में आ गया।
सिराज खान ने एनडीटीवी इंडिया से बात की और दावा किया किया कि "मैने सीआईडी के पास जाकर खुद को पाकिस्तानी नागरिक बताया और कहा कि अब मैं पाक अधिकृत कश्मीर जाना चाहता हूं, लेकिन सीआईडी के लोगो ने तुरंत गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया।"टिप्पणियां
खान ने दावा किया की वह एक बार दिल्ली के पाकिस्तान हाई कमीशन जाकर भी खुद को पाक अधिकृत कश्मीर भेजने की गुहार कर चुका है लेकिन वहां से उसे मारपीट कर भगा दिय गया।
खान ने मुंबई में शादी भी कर ली है और उसके दो बच्चे भी हैं। फिलहाल वह मुंबई के होटलों में सफाई का काम कर अपनी रोजी रोटी चला रहा है।
खान के वकील एजाज नकवी ने अपनी याचिका में खान को पाक अधिकृत कश्मीर भेजने के लिए सरकार से अपना रुख साफ़ करने को कहा था।
दरअसल सिराज खान 17 साल पहले भारत में गलती से घुस आया था। उस समय सिराज महज नौ साल का था और और तब से वह दिल्ली और गुजरात होते-होते मुंबई में आ गया।
सिराज खान ने एनडीटीवी इंडिया से बात की और दावा किया किया कि "मैने सीआईडी के पास जाकर खुद को पाकिस्तानी नागरिक बताया और कहा कि अब मैं पाक अधिकृत कश्मीर जाना चाहता हूं, लेकिन सीआईडी के लोगो ने तुरंत गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया।"टिप्पणियां
खान ने दावा किया की वह एक बार दिल्ली के पाकिस्तान हाई कमीशन जाकर भी खुद को पाक अधिकृत कश्मीर भेजने की गुहार कर चुका है लेकिन वहां से उसे मारपीट कर भगा दिय गया।
खान ने मुंबई में शादी भी कर ली है और उसके दो बच्चे भी हैं। फिलहाल वह मुंबई के होटलों में सफाई का काम कर अपनी रोजी रोटी चला रहा है।
दरअसल सिराज खान 17 साल पहले भारत में गलती से घुस आया था। उस समय सिराज महज नौ साल का था और और तब से वह दिल्ली और गुजरात होते-होते मुंबई में आ गया।
सिराज खान ने एनडीटीवी इंडिया से बात की और दावा किया किया कि "मैने सीआईडी के पास जाकर खुद को पाकिस्तानी नागरिक बताया और कहा कि अब मैं पाक अधिकृत कश्मीर जाना चाहता हूं, लेकिन सीआईडी के लोगो ने तुरंत गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया।"टिप्पणियां
खान ने दावा किया की वह एक बार दिल्ली के पाकिस्तान हाई कमीशन जाकर भी खुद को पाक अधिकृत कश्मीर भेजने की गुहार कर चुका है लेकिन वहां से उसे मारपीट कर भगा दिय गया।
खान ने मुंबई में शादी भी कर ली है और उसके दो बच्चे भी हैं। फिलहाल वह मुंबई के होटलों में सफाई का काम कर अपनी रोजी रोटी चला रहा है।
सिराज खान ने एनडीटीवी इंडिया से बात की और दावा किया किया कि "मैने सीआईडी के पास जाकर खुद को पाकिस्तानी नागरिक बताया और कहा कि अब मैं पाक अधिकृत कश्मीर जाना चाहता हूं, लेकिन सीआईडी के लोगो ने तुरंत गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया।"टिप्पणियां
खान ने दावा किया की वह एक बार दिल्ली के पाकिस्तान हाई कमीशन जाकर भी खुद को पाक अधिकृत कश्मीर भेजने की गुहार कर चुका है लेकिन वहां से उसे मारपीट कर भगा दिय गया।
खान ने मुंबई में शादी भी कर ली है और उसके दो बच्चे भी हैं। फिलहाल वह मुंबई के होटलों में सफाई का काम कर अपनी रोजी रोटी चला रहा है।
खान ने दावा किया की वह एक बार दिल्ली के पाकिस्तान हाई कमीशन जाकर भी खुद को पाक अधिकृत कश्मीर भेजने की गुहार कर चुका है लेकिन वहां से उसे मारपीट कर भगा दिय गया।
खान ने मुंबई में शादी भी कर ली है और उसके दो बच्चे भी हैं। फिलहाल वह मुंबई के होटलों में सफाई का काम कर अपनी रोजी रोटी चला रहा है।
खान ने मुंबई में शादी भी कर ली है और उसके दो बच्चे भी हैं। फिलहाल वह मुंबई के होटलों में सफाई का काम कर अपनी रोजी रोटी चला रहा है। | महाराष्ट्र सरकार ने बॉम्बे हाई कोर्ट को एक हलफनामा दायर करते हुए कहा है कि संविधान के मुताबिक पाक अधिकृत कश्मीर भारत का हिस्सा है और वहां के नागरिक को भारतीय ही माना जाता है। | 34 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: ‘लेट्स सेव तोगो’ नागरिक अधिकार समूह की महिलाओं ने कहा है कि वे राष्ट्रपति फौरे इसोजिम्ना ग्नासिंगबे के इस्तीफे की मांग को लेकर एक हफ्ते तक 'यौन हड़ताल' करेंगी।टिप्पणियां
समूह की महिला शाखा की नेता इसाबेल अमेगनवी ने कहा कि वे सोमवार से अपने पति से एक हफ्ते तक यौन संबंध बनाना बंद करेंगी।
पेशे से वकील अमेगनवी ने कहा कि उनका समूह लाइबेरिया की महिलाओं के उदाहरण का अनुकरण रही हैं जिन्होंने शांति के लिए अभियान चलाने के लिए 2003 में यौन हड़ताल के हथियार का इस्तेमाल किया था।
समूह की महिला शाखा की नेता इसाबेल अमेगनवी ने कहा कि वे सोमवार से अपने पति से एक हफ्ते तक यौन संबंध बनाना बंद करेंगी।
पेशे से वकील अमेगनवी ने कहा कि उनका समूह लाइबेरिया की महिलाओं के उदाहरण का अनुकरण रही हैं जिन्होंने शांति के लिए अभियान चलाने के लिए 2003 में यौन हड़ताल के हथियार का इस्तेमाल किया था।
पेशे से वकील अमेगनवी ने कहा कि उनका समूह लाइबेरिया की महिलाओं के उदाहरण का अनुकरण रही हैं जिन्होंने शांति के लिए अभियान चलाने के लिए 2003 में यौन हड़ताल के हथियार का इस्तेमाल किया था। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: ‘लेट्स सेव तोगो’ नागरिक अधिकार समूह की महिलाओं ने कहा है कि वे राष्ट्रपति फौरे इसोजिम्ना ग्नासिंगबे के इस्तीफे की मांग को लेकर एक हफ्ते तक 'यौन हड़ताल' करेंगी। | 32 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: सीरिया बॉर्डर के पास तुर्की के गाजियनटेप शहर में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले के दौरान कम से कम 30 लोग के मारे जाने की खबर है. इस हमले में 94 लोग घायल हुए हैं. स्थानीय गवर्नर के कार्यालय ने इस बावत जानकारी दी.
देर रात एक बयान जारी करके गाजियनटेप शहर के गवर्नर अली येरलिकाया के कार्यालय ने बताया कि कुल 94 लोग घायल हुए हैं. कार्यालय के मुताबिक, "आज रात साढ़े 10 बजे (स्थानीय समय के अनुसार) एक शादी समारोह में हुए बम विस्फोट में कम से कम 30 लोग मारे गए. वही. 94 लोग घायल हुए." टिप्पणियां
उन्होंने आगे कहा, "हम इस हमले को अंजाम देने वालों की निंदा करते हैं." इससे पहले येरलिकाया ने इस हमले को "घृणित आतंकवादी हमला' करार दिया था.
हालांकि यह अभी तक स्पष्ट नहीं हुआ है कि यह हमला किसने करवाया है लेकिन सत्ताधारी जस्टिस एंड डेवलपमेंट पार्टी के सांसद समील तय्यार ने कहा, "शुरुआती जानकारी के मुताबिक, हमले की पीछे दाइश (आईएस) का हाथ बताया जा रहा है."
देर रात एक बयान जारी करके गाजियनटेप शहर के गवर्नर अली येरलिकाया के कार्यालय ने बताया कि कुल 94 लोग घायल हुए हैं. कार्यालय के मुताबिक, "आज रात साढ़े 10 बजे (स्थानीय समय के अनुसार) एक शादी समारोह में हुए बम विस्फोट में कम से कम 30 लोग मारे गए. वही. 94 लोग घायल हुए." टिप्पणियां
उन्होंने आगे कहा, "हम इस हमले को अंजाम देने वालों की निंदा करते हैं." इससे पहले येरलिकाया ने इस हमले को "घृणित आतंकवादी हमला' करार दिया था.
हालांकि यह अभी तक स्पष्ट नहीं हुआ है कि यह हमला किसने करवाया है लेकिन सत्ताधारी जस्टिस एंड डेवलपमेंट पार्टी के सांसद समील तय्यार ने कहा, "शुरुआती जानकारी के मुताबिक, हमले की पीछे दाइश (आईएस) का हाथ बताया जा रहा है."
उन्होंने आगे कहा, "हम इस हमले को अंजाम देने वालों की निंदा करते हैं." इससे पहले येरलिकाया ने इस हमले को "घृणित आतंकवादी हमला' करार दिया था.
हालांकि यह अभी तक स्पष्ट नहीं हुआ है कि यह हमला किसने करवाया है लेकिन सत्ताधारी जस्टिस एंड डेवलपमेंट पार्टी के सांसद समील तय्यार ने कहा, "शुरुआती जानकारी के मुताबिक, हमले की पीछे दाइश (आईएस) का हाथ बताया जा रहा है."
हालांकि यह अभी तक स्पष्ट नहीं हुआ है कि यह हमला किसने करवाया है लेकिन सत्ताधारी जस्टिस एंड डेवलपमेंट पार्टी के सांसद समील तय्यार ने कहा, "शुरुआती जानकारी के मुताबिक, हमले की पीछे दाइश (आईएस) का हाथ बताया जा रहा है." | संक्षिप्त सारांश: स्थानीय गवर्नर अली येरलिकाया के कार्यालय ने दी जानकारी
हमले के पीछे आईएस का हाथ होने की आशंका
तुर्की सरकार ने की हमले की निंदा | 23 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अलग तेलंगाना राज्य के गठन पर संप्रग सरकार की सहमति की संभावना के साथ ही अब महाराष्ट्र से एक अलग विदर्भ राज्य के गठन की मांग ने भी जोर पकड़ना शुरू कर दिया है।
विदर्भ राज्य के गठन के लिए लंबे अर्से से आंदोलन चला रहे पूर्व बीजेपी सांसद बनवारी लाल पुरोहित ने कहा कि उनकी पार्टी ने अलग विदर्भ राज्य के गठन के लिए वर्ष 1992 में ही अपनी भुवनेश्वर कार्यकारी समिति में प्रस्ताव पारित किया था।
इस मकसद के लिए एक अलग राजनीतिक संगठन बनाने वाले पुरोहित ने कहा कि अब भाजपा को अपने गठबंधन साझेदार शिवसेना को इसके लिए मनाना चाहिए।
नागपुर से कांग्रेस सांसद विलास मुत्तेमवर ने कहा कि अलग विदर्भ के गठन का मुद्दा पहले भी उपयुक्त मंचों पर कई बार उठाया जाता रहा है।
अलग विदर्भ राज्य के समर्थकों में से एक महाराष्ट्र के पूर्व पुलिस महानिदेशक प्रबीर चक्रवर्ती ने कहा कि अपनी इस मांग पर दबाव बनाने के लिए पूर्व विधायक वामनराव छतप के साथ दीपक निलावर, अहमद कदर और शेतकारी संगठन के राम नेवले सहित विदर्भ समर्थक नेताओं का समूह पांच अगस्त को दिल्ली के जंतर मंतर पर धरना देगा। टिप्पणियां
विदर्भ क्षेत्र से आने वाले कांग्रेस के दो दिग्गज नेता केंद्रीय मंत्री एनकेपी साल्वे और वसंत साठे ने भी कुछ वर्ष पहले यह मुद्दा उठाया था और अपनी मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर भी बैठे थे।
एक वरिष्ठ नेता ने अपना नाम जाहिर न करने की शर्त पर बताया कि अलग विदर्भ के गठन की संभावनाओं का अध्ययन करने के लिए राजीव गांधी द्वारा यहां भेजे गए तत्कालीन केंद्रीय मंत्री पी ए संगमा ने इसके लिए सकारात्मक संकेत दिए थे, लेकिन किसी कारणवश तब यह नहीं किया जा सका था।
विदर्भ राज्य के गठन के लिए लंबे अर्से से आंदोलन चला रहे पूर्व बीजेपी सांसद बनवारी लाल पुरोहित ने कहा कि उनकी पार्टी ने अलग विदर्भ राज्य के गठन के लिए वर्ष 1992 में ही अपनी भुवनेश्वर कार्यकारी समिति में प्रस्ताव पारित किया था।
इस मकसद के लिए एक अलग राजनीतिक संगठन बनाने वाले पुरोहित ने कहा कि अब भाजपा को अपने गठबंधन साझेदार शिवसेना को इसके लिए मनाना चाहिए।
नागपुर से कांग्रेस सांसद विलास मुत्तेमवर ने कहा कि अलग विदर्भ के गठन का मुद्दा पहले भी उपयुक्त मंचों पर कई बार उठाया जाता रहा है।
अलग विदर्भ राज्य के समर्थकों में से एक महाराष्ट्र के पूर्व पुलिस महानिदेशक प्रबीर चक्रवर्ती ने कहा कि अपनी इस मांग पर दबाव बनाने के लिए पूर्व विधायक वामनराव छतप के साथ दीपक निलावर, अहमद कदर और शेतकारी संगठन के राम नेवले सहित विदर्भ समर्थक नेताओं का समूह पांच अगस्त को दिल्ली के जंतर मंतर पर धरना देगा। टिप्पणियां
विदर्भ क्षेत्र से आने वाले कांग्रेस के दो दिग्गज नेता केंद्रीय मंत्री एनकेपी साल्वे और वसंत साठे ने भी कुछ वर्ष पहले यह मुद्दा उठाया था और अपनी मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर भी बैठे थे।
एक वरिष्ठ नेता ने अपना नाम जाहिर न करने की शर्त पर बताया कि अलग विदर्भ के गठन की संभावनाओं का अध्ययन करने के लिए राजीव गांधी द्वारा यहां भेजे गए तत्कालीन केंद्रीय मंत्री पी ए संगमा ने इसके लिए सकारात्मक संकेत दिए थे, लेकिन किसी कारणवश तब यह नहीं किया जा सका था।
इस मकसद के लिए एक अलग राजनीतिक संगठन बनाने वाले पुरोहित ने कहा कि अब भाजपा को अपने गठबंधन साझेदार शिवसेना को इसके लिए मनाना चाहिए।
नागपुर से कांग्रेस सांसद विलास मुत्तेमवर ने कहा कि अलग विदर्भ के गठन का मुद्दा पहले भी उपयुक्त मंचों पर कई बार उठाया जाता रहा है।
अलग विदर्भ राज्य के समर्थकों में से एक महाराष्ट्र के पूर्व पुलिस महानिदेशक प्रबीर चक्रवर्ती ने कहा कि अपनी इस मांग पर दबाव बनाने के लिए पूर्व विधायक वामनराव छतप के साथ दीपक निलावर, अहमद कदर और शेतकारी संगठन के राम नेवले सहित विदर्भ समर्थक नेताओं का समूह पांच अगस्त को दिल्ली के जंतर मंतर पर धरना देगा। टिप्पणियां
विदर्भ क्षेत्र से आने वाले कांग्रेस के दो दिग्गज नेता केंद्रीय मंत्री एनकेपी साल्वे और वसंत साठे ने भी कुछ वर्ष पहले यह मुद्दा उठाया था और अपनी मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर भी बैठे थे।
एक वरिष्ठ नेता ने अपना नाम जाहिर न करने की शर्त पर बताया कि अलग विदर्भ के गठन की संभावनाओं का अध्ययन करने के लिए राजीव गांधी द्वारा यहां भेजे गए तत्कालीन केंद्रीय मंत्री पी ए संगमा ने इसके लिए सकारात्मक संकेत दिए थे, लेकिन किसी कारणवश तब यह नहीं किया जा सका था।
नागपुर से कांग्रेस सांसद विलास मुत्तेमवर ने कहा कि अलग विदर्भ के गठन का मुद्दा पहले भी उपयुक्त मंचों पर कई बार उठाया जाता रहा है।
अलग विदर्भ राज्य के समर्थकों में से एक महाराष्ट्र के पूर्व पुलिस महानिदेशक प्रबीर चक्रवर्ती ने कहा कि अपनी इस मांग पर दबाव बनाने के लिए पूर्व विधायक वामनराव छतप के साथ दीपक निलावर, अहमद कदर और शेतकारी संगठन के राम नेवले सहित विदर्भ समर्थक नेताओं का समूह पांच अगस्त को दिल्ली के जंतर मंतर पर धरना देगा। टिप्पणियां
विदर्भ क्षेत्र से आने वाले कांग्रेस के दो दिग्गज नेता केंद्रीय मंत्री एनकेपी साल्वे और वसंत साठे ने भी कुछ वर्ष पहले यह मुद्दा उठाया था और अपनी मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर भी बैठे थे।
एक वरिष्ठ नेता ने अपना नाम जाहिर न करने की शर्त पर बताया कि अलग विदर्भ के गठन की संभावनाओं का अध्ययन करने के लिए राजीव गांधी द्वारा यहां भेजे गए तत्कालीन केंद्रीय मंत्री पी ए संगमा ने इसके लिए सकारात्मक संकेत दिए थे, लेकिन किसी कारणवश तब यह नहीं किया जा सका था।
अलग विदर्भ राज्य के समर्थकों में से एक महाराष्ट्र के पूर्व पुलिस महानिदेशक प्रबीर चक्रवर्ती ने कहा कि अपनी इस मांग पर दबाव बनाने के लिए पूर्व विधायक वामनराव छतप के साथ दीपक निलावर, अहमद कदर और शेतकारी संगठन के राम नेवले सहित विदर्भ समर्थक नेताओं का समूह पांच अगस्त को दिल्ली के जंतर मंतर पर धरना देगा। टिप्पणियां
विदर्भ क्षेत्र से आने वाले कांग्रेस के दो दिग्गज नेता केंद्रीय मंत्री एनकेपी साल्वे और वसंत साठे ने भी कुछ वर्ष पहले यह मुद्दा उठाया था और अपनी मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर भी बैठे थे।
एक वरिष्ठ नेता ने अपना नाम जाहिर न करने की शर्त पर बताया कि अलग विदर्भ के गठन की संभावनाओं का अध्ययन करने के लिए राजीव गांधी द्वारा यहां भेजे गए तत्कालीन केंद्रीय मंत्री पी ए संगमा ने इसके लिए सकारात्मक संकेत दिए थे, लेकिन किसी कारणवश तब यह नहीं किया जा सका था।
विदर्भ क्षेत्र से आने वाले कांग्रेस के दो दिग्गज नेता केंद्रीय मंत्री एनकेपी साल्वे और वसंत साठे ने भी कुछ वर्ष पहले यह मुद्दा उठाया था और अपनी मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर भी बैठे थे।
एक वरिष्ठ नेता ने अपना नाम जाहिर न करने की शर्त पर बताया कि अलग विदर्भ के गठन की संभावनाओं का अध्ययन करने के लिए राजीव गांधी द्वारा यहां भेजे गए तत्कालीन केंद्रीय मंत्री पी ए संगमा ने इसके लिए सकारात्मक संकेत दिए थे, लेकिन किसी कारणवश तब यह नहीं किया जा सका था।
एक वरिष्ठ नेता ने अपना नाम जाहिर न करने की शर्त पर बताया कि अलग विदर्भ के गठन की संभावनाओं का अध्ययन करने के लिए राजीव गांधी द्वारा यहां भेजे गए तत्कालीन केंद्रीय मंत्री पी ए संगमा ने इसके लिए सकारात्मक संकेत दिए थे, लेकिन किसी कारणवश तब यह नहीं किया जा सका था। | सारांश: अलग तेलंगाना राज्य के गठन पर संप्रग सरकार की सहमति की संभावना के साथ ही अब महाराष्ट्र से एक अलग विदर्भ राज्य के गठन की मांग ने भी जोर पकड़ना शुरू कर दिया है। | 31 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: हाल ही में एनडीए (NDA) से अलग हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा (Upendra Kushwaha) महागठबंधन में (Mahagathbandhan) में शामिल हो सकते हैं. सूत्रों ने यह बताया कि राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (RLSP) के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा गुरुवार को महागठबंधन में शामिल होने की घोषणा कर सकते हैं. राजद नेता तेजस्वी यादव, हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा के जीतन राम मांझी और कांग्रेस के एक प्रतिनिधि की मौजूदगी में एक प्रेस कांफ्रेंस कर कुशवाहा महागठबंधन में शामिल होने का ऐलान कर सकते हैं. विपक्षी नेता शरद यादव भी कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं.
वरिष्ठ कांग्रेस नेता अहमद पटेल ने कुशवाहा के भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन छोड़ने के बाद मुलाकात की थी. भाजपा के अलावा बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जेडीयू और केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान की लोजपा राजग (NDA) के अन्य घटक दल हैं.
बता दें कि हाल ही में कांग्रेस नेता अहमद पटेल ने रालोसपा प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा से मुलाकात की थी. इस मुलाकात को बिहार में विपक्ष के महागठबंधन को मजबूत बनाने के प्रयासों के तौर पर देखा जा रहा था. राष्ट्रीय लोक समता पार्टी प्रवक्ता फजल इमाम मलिक ने बताया कि कांग्रेस के साथ कुशवाहा की यह पहले दौर की बातचीत है और उनकी पार्टी को 'सकारात्मक' परिणामों की उम्मीद है.'
रालोसपा ने 2014 का लोकसभा चुनाव भाजपा के साथ गठबंधन करके लड़ा था और तीन सीटों पर जीत हासिल की थी. हालांकि, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ भाजपा के हाथ मिलाने के साथ ही दोनों दलों के बीच तनाव शुरू हो गया था और 2019 के लोकसभा चुनाव में कुशवाहा को दो सीटों पर चुनाव लड़ने का प्रस्ताव दिया गया था. इसके बाद ही वह एनडीए से अलग हो गए थे. | संक्षिप्त सारांश: महागठबंधन में शामिल हो सकते हैं कुशवाहा
हाल ही में एनडीए से अलग हुए हैं उपेंद्र कुशवाहा
आज शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस में कर सकते हैं घोषणा | 8 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: आप अपनी लोकप्रियता का उपहार आखिर किस तरह दूसरे को देना पसंद करेंगे? उसकी झलक ओबामा के भाषणों में दिखती है जिसमें आठ नवंबर को होने जा रहे चुनावों से ऐन पहले वह हिलेरी के समर्थन में यह संदेश देते प्रतीत होते हैं कि आप मेरी खातिर हिलेरी को वोट दीजिए.
मंगलवार रात को कोलंबस की कैपिटल यूनिवर्सिटी में युवाओं की भारी भीड़ को संबोधित करते हुए उन्होंने मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि जिस तरह आपने मेरे के लिए मेहनत की, ठीक उसी तरह आप हिलेरी के लिए मेहनत कीजिए.
इस संबंध में वर्जीनिया यूनिवर्सिटी के राजनीतिक विश्लेषक लैरी सबाटो ने कहा, ''इस तरह ड्वाइट आइजनहावर ने रिचर्ड निक्सन के लिए 1960 में प्रचार किया और 1988 में रोनाल्ड रीगन ने जॉर्ज एचडब्ल्यू बुश के लिए किया. उनके अलावा किसी भी अन्य राष्ट्रपति ने अपने उत्तराधिकारी के लिए इस तरह व्यक्तिगत अपील नहीं की.''
इसके अलावा अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने ओरलैंडो में कहा कि डेमोक्रेटिक उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन ने उन्हें एक बेहतर राष्ट्रपति बनाया लेकिन इसका श्रेय नहीं लिया. ओबामा ने राष्ट्रपति पद के लिए हिलेरी की जोरदार वकालत करते हुए कहा कि पूर्व विदेश मंत्री के रूप में उन्होंने कई मुश्किल फैसले लिए और ''बिना'' थके काम किया.
ओबामा ने आठ नवंबर को होने वाले चुनाव से पहले प्रमुख राज्यों में चुनाव प्रचार करते हुए कहा, ''उनके प्रयास हमेशा चमक-दमक वाले नहीं होते हैं और यहां देश में उनकी हमेशा तारीफ नहीं होती है लेकिन उन्होंने मुझे एक बेहतर राष्ट्रपति बनाया.'' उन्होंने कहा कि हिलेरी ऐसी कमांडर इन चीफ होंगी जो आईएसआईएस को परास्त करेंगी. वह अमेरिका की होशियार और दृढ़ राष्ट्रपति बनेंगी.
ओबामा ने ओहियो में एक चुनावी रैली में अपने समर्थकों से कहा, ''मैंने उन्हें अपने विदेश मंत्री के तौर पर देखा है. मैंने उन्हें 'सिचुएशन रूम' में देखा है. (अलकायदा प्रमुख ओसामा) बिन लादेन को पकड़ने के पक्ष में दलील देते देखा है जो जोखिम वाला काम था. विदेश मंत्री के तौर पर बिना थके दुनिया का चक्कर काटा. दुनिया भर में उनका सम्मान किया गया.''टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि हिलेरी वास्तव में दुनिया को समझती हैं. वह उन चुनौतियों को समझती है जिनका सामना हम करते हैं. और जब चीजें उनके हिसाब से नहीं होती हैं तो वह उलाहने नहीं देती या शिकायत नहीं करती हैं या अन्य पर दोष नहीं मढ़ती हैं या यह नहीं कहती हैं कि हर चीज में धांधली की गई है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मंगलवार रात को कोलंबस की कैपिटल यूनिवर्सिटी में युवाओं की भारी भीड़ को संबोधित करते हुए उन्होंने मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि जिस तरह आपने मेरे के लिए मेहनत की, ठीक उसी तरह आप हिलेरी के लिए मेहनत कीजिए.
इस संबंध में वर्जीनिया यूनिवर्सिटी के राजनीतिक विश्लेषक लैरी सबाटो ने कहा, ''इस तरह ड्वाइट आइजनहावर ने रिचर्ड निक्सन के लिए 1960 में प्रचार किया और 1988 में रोनाल्ड रीगन ने जॉर्ज एचडब्ल्यू बुश के लिए किया. उनके अलावा किसी भी अन्य राष्ट्रपति ने अपने उत्तराधिकारी के लिए इस तरह व्यक्तिगत अपील नहीं की.''
इसके अलावा अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने ओरलैंडो में कहा कि डेमोक्रेटिक उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन ने उन्हें एक बेहतर राष्ट्रपति बनाया लेकिन इसका श्रेय नहीं लिया. ओबामा ने राष्ट्रपति पद के लिए हिलेरी की जोरदार वकालत करते हुए कहा कि पूर्व विदेश मंत्री के रूप में उन्होंने कई मुश्किल फैसले लिए और ''बिना'' थके काम किया.
ओबामा ने आठ नवंबर को होने वाले चुनाव से पहले प्रमुख राज्यों में चुनाव प्रचार करते हुए कहा, ''उनके प्रयास हमेशा चमक-दमक वाले नहीं होते हैं और यहां देश में उनकी हमेशा तारीफ नहीं होती है लेकिन उन्होंने मुझे एक बेहतर राष्ट्रपति बनाया.'' उन्होंने कहा कि हिलेरी ऐसी कमांडर इन चीफ होंगी जो आईएसआईएस को परास्त करेंगी. वह अमेरिका की होशियार और दृढ़ राष्ट्रपति बनेंगी.
ओबामा ने ओहियो में एक चुनावी रैली में अपने समर्थकों से कहा, ''मैंने उन्हें अपने विदेश मंत्री के तौर पर देखा है. मैंने उन्हें 'सिचुएशन रूम' में देखा है. (अलकायदा प्रमुख ओसामा) बिन लादेन को पकड़ने के पक्ष में दलील देते देखा है जो जोखिम वाला काम था. विदेश मंत्री के तौर पर बिना थके दुनिया का चक्कर काटा. दुनिया भर में उनका सम्मान किया गया.''टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि हिलेरी वास्तव में दुनिया को समझती हैं. वह उन चुनौतियों को समझती है जिनका सामना हम करते हैं. और जब चीजें उनके हिसाब से नहीं होती हैं तो वह उलाहने नहीं देती या शिकायत नहीं करती हैं या अन्य पर दोष नहीं मढ़ती हैं या यह नहीं कहती हैं कि हर चीज में धांधली की गई है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इस संबंध में वर्जीनिया यूनिवर्सिटी के राजनीतिक विश्लेषक लैरी सबाटो ने कहा, ''इस तरह ड्वाइट आइजनहावर ने रिचर्ड निक्सन के लिए 1960 में प्रचार किया और 1988 में रोनाल्ड रीगन ने जॉर्ज एचडब्ल्यू बुश के लिए किया. उनके अलावा किसी भी अन्य राष्ट्रपति ने अपने उत्तराधिकारी के लिए इस तरह व्यक्तिगत अपील नहीं की.''
इसके अलावा अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने ओरलैंडो में कहा कि डेमोक्रेटिक उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन ने उन्हें एक बेहतर राष्ट्रपति बनाया लेकिन इसका श्रेय नहीं लिया. ओबामा ने राष्ट्रपति पद के लिए हिलेरी की जोरदार वकालत करते हुए कहा कि पूर्व विदेश मंत्री के रूप में उन्होंने कई मुश्किल फैसले लिए और ''बिना'' थके काम किया.
ओबामा ने आठ नवंबर को होने वाले चुनाव से पहले प्रमुख राज्यों में चुनाव प्रचार करते हुए कहा, ''उनके प्रयास हमेशा चमक-दमक वाले नहीं होते हैं और यहां देश में उनकी हमेशा तारीफ नहीं होती है लेकिन उन्होंने मुझे एक बेहतर राष्ट्रपति बनाया.'' उन्होंने कहा कि हिलेरी ऐसी कमांडर इन चीफ होंगी जो आईएसआईएस को परास्त करेंगी. वह अमेरिका की होशियार और दृढ़ राष्ट्रपति बनेंगी.
ओबामा ने ओहियो में एक चुनावी रैली में अपने समर्थकों से कहा, ''मैंने उन्हें अपने विदेश मंत्री के तौर पर देखा है. मैंने उन्हें 'सिचुएशन रूम' में देखा है. (अलकायदा प्रमुख ओसामा) बिन लादेन को पकड़ने के पक्ष में दलील देते देखा है जो जोखिम वाला काम था. विदेश मंत्री के तौर पर बिना थके दुनिया का चक्कर काटा. दुनिया भर में उनका सम्मान किया गया.''टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि हिलेरी वास्तव में दुनिया को समझती हैं. वह उन चुनौतियों को समझती है जिनका सामना हम करते हैं. और जब चीजें उनके हिसाब से नहीं होती हैं तो वह उलाहने नहीं देती या शिकायत नहीं करती हैं या अन्य पर दोष नहीं मढ़ती हैं या यह नहीं कहती हैं कि हर चीज में धांधली की गई है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इसके अलावा अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने ओरलैंडो में कहा कि डेमोक्रेटिक उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन ने उन्हें एक बेहतर राष्ट्रपति बनाया लेकिन इसका श्रेय नहीं लिया. ओबामा ने राष्ट्रपति पद के लिए हिलेरी की जोरदार वकालत करते हुए कहा कि पूर्व विदेश मंत्री के रूप में उन्होंने कई मुश्किल फैसले लिए और ''बिना'' थके काम किया.
ओबामा ने आठ नवंबर को होने वाले चुनाव से पहले प्रमुख राज्यों में चुनाव प्रचार करते हुए कहा, ''उनके प्रयास हमेशा चमक-दमक वाले नहीं होते हैं और यहां देश में उनकी हमेशा तारीफ नहीं होती है लेकिन उन्होंने मुझे एक बेहतर राष्ट्रपति बनाया.'' उन्होंने कहा कि हिलेरी ऐसी कमांडर इन चीफ होंगी जो आईएसआईएस को परास्त करेंगी. वह अमेरिका की होशियार और दृढ़ राष्ट्रपति बनेंगी.
ओबामा ने ओहियो में एक चुनावी रैली में अपने समर्थकों से कहा, ''मैंने उन्हें अपने विदेश मंत्री के तौर पर देखा है. मैंने उन्हें 'सिचुएशन रूम' में देखा है. (अलकायदा प्रमुख ओसामा) बिन लादेन को पकड़ने के पक्ष में दलील देते देखा है जो जोखिम वाला काम था. विदेश मंत्री के तौर पर बिना थके दुनिया का चक्कर काटा. दुनिया भर में उनका सम्मान किया गया.''टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि हिलेरी वास्तव में दुनिया को समझती हैं. वह उन चुनौतियों को समझती है जिनका सामना हम करते हैं. और जब चीजें उनके हिसाब से नहीं होती हैं तो वह उलाहने नहीं देती या शिकायत नहीं करती हैं या अन्य पर दोष नहीं मढ़ती हैं या यह नहीं कहती हैं कि हर चीज में धांधली की गई है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
ओबामा ने आठ नवंबर को होने वाले चुनाव से पहले प्रमुख राज्यों में चुनाव प्रचार करते हुए कहा, ''उनके प्रयास हमेशा चमक-दमक वाले नहीं होते हैं और यहां देश में उनकी हमेशा तारीफ नहीं होती है लेकिन उन्होंने मुझे एक बेहतर राष्ट्रपति बनाया.'' उन्होंने कहा कि हिलेरी ऐसी कमांडर इन चीफ होंगी जो आईएसआईएस को परास्त करेंगी. वह अमेरिका की होशियार और दृढ़ राष्ट्रपति बनेंगी.
ओबामा ने ओहियो में एक चुनावी रैली में अपने समर्थकों से कहा, ''मैंने उन्हें अपने विदेश मंत्री के तौर पर देखा है. मैंने उन्हें 'सिचुएशन रूम' में देखा है. (अलकायदा प्रमुख ओसामा) बिन लादेन को पकड़ने के पक्ष में दलील देते देखा है जो जोखिम वाला काम था. विदेश मंत्री के तौर पर बिना थके दुनिया का चक्कर काटा. दुनिया भर में उनका सम्मान किया गया.''टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि हिलेरी वास्तव में दुनिया को समझती हैं. वह उन चुनौतियों को समझती है जिनका सामना हम करते हैं. और जब चीजें उनके हिसाब से नहीं होती हैं तो वह उलाहने नहीं देती या शिकायत नहीं करती हैं या अन्य पर दोष नहीं मढ़ती हैं या यह नहीं कहती हैं कि हर चीज में धांधली की गई है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
ओबामा ने ओहियो में एक चुनावी रैली में अपने समर्थकों से कहा, ''मैंने उन्हें अपने विदेश मंत्री के तौर पर देखा है. मैंने उन्हें 'सिचुएशन रूम' में देखा है. (अलकायदा प्रमुख ओसामा) बिन लादेन को पकड़ने के पक्ष में दलील देते देखा है जो जोखिम वाला काम था. विदेश मंत्री के तौर पर बिना थके दुनिया का चक्कर काटा. दुनिया भर में उनका सम्मान किया गया.''टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि हिलेरी वास्तव में दुनिया को समझती हैं. वह उन चुनौतियों को समझती है जिनका सामना हम करते हैं. और जब चीजें उनके हिसाब से नहीं होती हैं तो वह उलाहने नहीं देती या शिकायत नहीं करती हैं या अन्य पर दोष नहीं मढ़ती हैं या यह नहीं कहती हैं कि हर चीज में धांधली की गई है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा कि हिलेरी वास्तव में दुनिया को समझती हैं. वह उन चुनौतियों को समझती है जिनका सामना हम करते हैं. और जब चीजें उनके हिसाब से नहीं होती हैं तो वह उलाहने नहीं देती या शिकायत नहीं करती हैं या अन्य पर दोष नहीं मढ़ती हैं या यह नहीं कहती हैं कि हर चीज में धांधली की गई है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यहाँ एक सारांश है:हिलेरी के समर्थन में ओबामा ने की व्यक्तिगत अपील
अमेरिकी चुनावी इतिहास में इस तरह के वाकये दुर्लभ
हिलेरी क्लिंटन की जमकर की तारीफ | 12 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारतीय जनता पार्टी ने इस बात को खारिज किया कि भ्रष्टाचार और विदेशी बैंकों में जमा काले धन के मुद्दों पर गांधीवादी कार्यकर्ता अन्ना हजारे और योग गुरु बाबा रामदेव की अगुवाई में उठे सिलसिलेवार जन ज्वार राजनीतिक बिरादरी की नाकामी की ओर इशारा करते हैं। देश के प्रमुख विपक्षी दल का कहना है कि इन समकालीन मुद्दों पर राजनीतिक और गैर राजनीतिक आंदोलनों की तुलना अनुचित है। भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने देवी अहिल्याबाई हवाई अड्डे पर संवाददाताओं से कहा, भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ना केवल राजनीतिक दलों का कॉपीराइट नहीं है। इस संघर्ष में राजनीतिक और गैर राजनीतिक दलों को मिलकर भाग लेना चाहिए। क्या प्रमुख विपक्षी दल के रूप में भाजपा समकालीन मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाने की पहल में नाकाम रही, इस सवाल पर उन्होंने कहा ऐसा बिल्कुल नहीं है। विदेशी बैंकों में जमा काले धन , 2 जी स्पेक्ट्रम आवंटन और कॉमनवेल्थ खेलों के घोटालों पर सबसे पहले भाजपा ने संघर्ष शुरू किया। हमने महीने भर तक संसद नहीं चलने दी और सदन के भीतर व बाहर सरकार की असलियत से परदा उठाया। भाजपा अध्यक्ष ने कहा, हमारे इस रुख के बाद गैर राजनीतिक दलों ने ये विषय उठाये। हमें ऐसा नहीं लगता कि देश के राजनीतिक परिदृश्य में हमारी जगह कम या ज्यादा हुई है। उन्होंने कहा कि रामदेव व अन्ना की अगुवाई वाले गैर राजनीतिक आंदोलनों और राजनीतिक दलों के आंदोलनों की तुलना उचित नहीं है, क्योंकि दोनों आंदोलनों की तासीर ही अलग-अलग हैं। गडकरी ने कहा, अहम बात यह है कि देश में बढ़ते भ्रष्टाचार के कारण कांग्रेस और उसकी अगुवाई वाली सरकार के खिलाफ असंतोष पैदा हुआ है और हर जगह से कड़ी प्रतिक्रिया सामने आयी है। यह देश के हित में है। | संक्षिप्त पाठ: भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने देवी अहिल्याबाई हवाई अड्डे पर कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ना केवल राजनीतिक दलों का कॉपीराइट नहीं है। | 13 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अभिनेता अभिषेक बच्चन ने आज से 13 साल पहले प्रदर्शित हुई अपनी पहली फिल्म 'रिफ्यूजी' के प्रदर्शन को याद करते हुए कहा कि उस समय वह फिल्म को लेकर लोगों की बातों से कितने घबराए हुए थे।
अभिषेक (37) ने फिल्मकार जेपी दत्ता की फिल्म 'रिफ्यूजी' से साल 2000 में फिल्मोद्योग में कदम रखा था। फिल्म में उनकी नायिका बनीं अभिनेत्री करीना कपूर की भी वह पहली फिल्म थी।
अभिषेक ने ट्विटर पर लिखा, मेरी पहली फिल्म 'रिफ्यूजी' को आज 13 साल हो गए। 30 जून, 2000 से अब तक का सफर मजेदार रहा। इतने प्यार, विश्वास, भरोसे और साथ के लिए आप सभी का शुक्रिया। आपके सहयोग के बिना मेरा यहां होना नामुमकिन था।
अभिषेक ने अपने अब तक के करियर में करीब 50 फिल्मों में काम किया, जिनमें 'युवा', 'धूम', 'बंटी और बबली' और 'बोल बच्चन' शामिल हैं।टिप्पणियां
उन्होंने लिखा, 13 साल में 50 फिल्में। यह सफर काफी मजेदार रहा, लेकिन आने वाले साल इससे ज्यादा मजेदार होंगे।
आखिरी बार अभिषेक रोहित शेट्टी की 'बोल बच्चन' में दिखाई दिए थे और जल्द ही वह 'धूम' की शृंखला फिल्म में आमिर खान और कैटरीना कैफ के साथ अपने पुराने एसीपी जय दीक्षित के किरदार में नजर आएंगे।
अभिषेक (37) ने फिल्मकार जेपी दत्ता की फिल्म 'रिफ्यूजी' से साल 2000 में फिल्मोद्योग में कदम रखा था। फिल्म में उनकी नायिका बनीं अभिनेत्री करीना कपूर की भी वह पहली फिल्म थी।
अभिषेक ने ट्विटर पर लिखा, मेरी पहली फिल्म 'रिफ्यूजी' को आज 13 साल हो गए। 30 जून, 2000 से अब तक का सफर मजेदार रहा। इतने प्यार, विश्वास, भरोसे और साथ के लिए आप सभी का शुक्रिया। आपके सहयोग के बिना मेरा यहां होना नामुमकिन था।
अभिषेक ने अपने अब तक के करियर में करीब 50 फिल्मों में काम किया, जिनमें 'युवा', 'धूम', 'बंटी और बबली' और 'बोल बच्चन' शामिल हैं।टिप्पणियां
उन्होंने लिखा, 13 साल में 50 फिल्में। यह सफर काफी मजेदार रहा, लेकिन आने वाले साल इससे ज्यादा मजेदार होंगे।
आखिरी बार अभिषेक रोहित शेट्टी की 'बोल बच्चन' में दिखाई दिए थे और जल्द ही वह 'धूम' की शृंखला फिल्म में आमिर खान और कैटरीना कैफ के साथ अपने पुराने एसीपी जय दीक्षित के किरदार में नजर आएंगे।
अभिषेक ने ट्विटर पर लिखा, मेरी पहली फिल्म 'रिफ्यूजी' को आज 13 साल हो गए। 30 जून, 2000 से अब तक का सफर मजेदार रहा। इतने प्यार, विश्वास, भरोसे और साथ के लिए आप सभी का शुक्रिया। आपके सहयोग के बिना मेरा यहां होना नामुमकिन था।
अभिषेक ने अपने अब तक के करियर में करीब 50 फिल्मों में काम किया, जिनमें 'युवा', 'धूम', 'बंटी और बबली' और 'बोल बच्चन' शामिल हैं।टिप्पणियां
उन्होंने लिखा, 13 साल में 50 फिल्में। यह सफर काफी मजेदार रहा, लेकिन आने वाले साल इससे ज्यादा मजेदार होंगे।
आखिरी बार अभिषेक रोहित शेट्टी की 'बोल बच्चन' में दिखाई दिए थे और जल्द ही वह 'धूम' की शृंखला फिल्म में आमिर खान और कैटरीना कैफ के साथ अपने पुराने एसीपी जय दीक्षित के किरदार में नजर आएंगे।
अभिषेक ने अपने अब तक के करियर में करीब 50 फिल्मों में काम किया, जिनमें 'युवा', 'धूम', 'बंटी और बबली' और 'बोल बच्चन' शामिल हैं।टिप्पणियां
उन्होंने लिखा, 13 साल में 50 फिल्में। यह सफर काफी मजेदार रहा, लेकिन आने वाले साल इससे ज्यादा मजेदार होंगे।
आखिरी बार अभिषेक रोहित शेट्टी की 'बोल बच्चन' में दिखाई दिए थे और जल्द ही वह 'धूम' की शृंखला फिल्म में आमिर खान और कैटरीना कैफ के साथ अपने पुराने एसीपी जय दीक्षित के किरदार में नजर आएंगे।
उन्होंने लिखा, 13 साल में 50 फिल्में। यह सफर काफी मजेदार रहा, लेकिन आने वाले साल इससे ज्यादा मजेदार होंगे।
आखिरी बार अभिषेक रोहित शेट्टी की 'बोल बच्चन' में दिखाई दिए थे और जल्द ही वह 'धूम' की शृंखला फिल्म में आमिर खान और कैटरीना कैफ के साथ अपने पुराने एसीपी जय दीक्षित के किरदार में नजर आएंगे।
आखिरी बार अभिषेक रोहित शेट्टी की 'बोल बच्चन' में दिखाई दिए थे और जल्द ही वह 'धूम' की शृंखला फिल्म में आमिर खान और कैटरीना कैफ के साथ अपने पुराने एसीपी जय दीक्षित के किरदार में नजर आएंगे। | यहाँ एक सारांश है:अभिषेक बच्चन ने आज से 13 साल पहले प्रदर्शित हुई अपनी पहली फिल्म 'रिफ्यूजी' के प्रदर्शन को याद करते हुए कहा कि उस समय वह फिल्म को लेकर लोगों की बातों से कितने घबराए हुए थे। | 17 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: 'दम मारो दम' गोवा के ड्रग माफिया पर है जिसे खत्म करने का ज़िम्मा एसीपी विष्णु कामत यानी अभिषेक बच्चन को सौंपा जाता है। लॉरी यानी प्रतीक बब्बर अमेरिका में पढ़ाई की खातिर पैसा जुटाने के चक्कर में ड्रग डीलर्स के चक्कर में फंस जाता है। जोई उर्फ बिपाशा बसु को एयरहोस्टेस बनने की ख्वाहिश ड्रग माफिया के शिकंजे में फंसा देती है। डीजे जोकी यानी राना दगुबत्ती चाहते हुए भी अपनी प्रेमिका बिपाशा की मदद नहीं कर पाते लिहाजा वो भी ड्रग्स के खिलाफ मुहिम में हैं। गोवा में फैले रशियन, साऊथ अफ्रीकन ब्रिटिश और लोकल ड्रग माफिया के उलझे कारोबार का प्लॉट राइटर श्रीधर राघवन ने खूबसूरती से बुना। अच्छी एडिटिंग के चलते फर्स्ट हाफ में फिल्म कट-टू-कट है। स्टाइलिश अंदाज़ में तेजी से आगे बढ़ती है। पूर्वा नरेश के लिखे छोटे और बोल्ड डायलॉग्स में लाल चींटी का कंटीलापन है जो ड्रामा में इज़ाफा करते हैं। डायरेक्टर रोहन सिप्पी की दम मारो दम में किरदार धीरे-धीरे एंट्री लेते हैं। कभी फ्लैशबैक में जाते हैं और फिर बड़े स्टाइल से वतर्मान में जुड़ जाते हैं लेकिन सेकेंड हाफ में फिल्म ढीली पड़ती है। बिपाशा बसु और राना दगुबत्ती के बीच जिस चमत्कारी केमिस्ट्री और ग्लैमर की उम्मीद थी वो पूरी नहीं हुई। अभिषेक बच्चन की बेहतरीन एक्टिंग, प्रतीक बब्बर को अपनी आवाज़ पर काम करना होगा। 'दम मारो दम' के टाइटल सॉन्ग की तो आत्मा ही मार दी गई है लेकिन फिल्म के फास्ट पेस में ये गाना ठक जाता है। ठांय ठांय और रात बाकी जैसे गीत अच्छे बन पड़े हैं। 'दम मारो दम' में एक्शन है, थ्रिलर है और एक सस्पेंस भी जो एंड तक बरकरार रहता है। यहां ग्लैमर है ड्रग्स और करप्शन के खिलाफ जंग भी है, जो युवाओं को अपील करेगी। फिल्म देखी जा सकती है और इसके लिए मेरी रेटिंग है 3 स्टार। | संक्षिप्त सारांश: इसमें ग्लैमर भी है, ड्रग्स और करप्शन के खिलाफ जंग भी, जो युवाओं को अपील करेगी... हमारी रेटिंग है तीन स्टार... | 29 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: पाकिस्तान के सीनियर बल्लेबाज मोहम्मद हफीज ने वर्ष 2015 -16 में क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) से लगभग तीन करोड़ 90 लाख रुपये की कमाई की और इस दौरान सर्वाधिक कमाई करने वाले पाकिस्तानी क्रिकेटर रहे।
पीसीबी ने अंतरप्रांतीय मंत्रालय को दस्तावेज भेजे हैं। इनमें बताया गया है कि वित्त वर्ष 2015-16 में उसने 46 क्रिकेटरों को सभी प्रारूपों में उनकी फीस और बोनस के रूप में 55 करोड़ रुपये दिये।टिप्पणियां
पाकिस्तान के तीनों प्रारूपों में प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों ने सर्वाधिक कमाई की। सरफराज अहमद ने लगभग तीन करोड़ 30 लाख रुपये कमाये जबकि केवल टी-20 क्रिकेट में खेल रहे शाहिद आफरीदी को एक करोड़ 80 लाख रुपये ही मिले। (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पीसीबी ने अंतरप्रांतीय मंत्रालय को दस्तावेज भेजे हैं। इनमें बताया गया है कि वित्त वर्ष 2015-16 में उसने 46 क्रिकेटरों को सभी प्रारूपों में उनकी फीस और बोनस के रूप में 55 करोड़ रुपये दिये।टिप्पणियां
पाकिस्तान के तीनों प्रारूपों में प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों ने सर्वाधिक कमाई की। सरफराज अहमद ने लगभग तीन करोड़ 30 लाख रुपये कमाये जबकि केवल टी-20 क्रिकेट में खेल रहे शाहिद आफरीदी को एक करोड़ 80 लाख रुपये ही मिले। (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पाकिस्तान के तीनों प्रारूपों में प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों ने सर्वाधिक कमाई की। सरफराज अहमद ने लगभग तीन करोड़ 30 लाख रुपये कमाये जबकि केवल टी-20 क्रिकेट में खेल रहे शाहिद आफरीदी को एक करोड़ 80 लाख रुपये ही मिले। (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | सारांश: वर्ष 2015 -16 में लगभग तीन करोड़ 90 लाख रुपये की कमाई की
पीसीबी ने इस अवधि में क्रिकेटरों को 55 करोड़ रुपये दिए
शाहिद आफरीदी को महज एक करोड़ 30 लाख रुपये मिले | 33 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: वकीलों (lawyers) द्वारा न्यायपालिका और जजों पर किए जाने वाले हमलों पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) ने भारी प्रहार किया है. एक फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अदालती फैसलों को राजनीतिक रंगों में शामिल करना घोर अवमानना है. जजों व न्यायपालिका को राजनीतिक उद्देश्यों के तहत नहीं रखा जा सकता. जजों के खिलाफ उचित फोरम पर शिकायतें दर्ज हों लेकिन पक्ष में फैसला न आने पर जजों पर प्रेस में हमला नहीं किया जा सकता.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वकीलों को प्रेस में डिबेट के माध्यम से फैसलों को प्रभावित करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए. जजों पर संस्थान की गरिमा को बनाए रखने की जिम्मेदारी भी है. वे प्रेस में जाकर अपना पक्ष या विचार नहीं रख सकते. अवमानना की कार्रवाई ब्रहमास्त्र की तरह है और जरूरत पड़ने पर ही अदालत इसका इस्तेमाल करती है. न्यायपालिका में सर्व करना सेना की सेवाओं से कम नहीं है.
यह फैसला जस्टिस अरुण मिश्रा की पीठ ने सुनाया है. दरअसल केसों के बंटवारों को लेकर जस्टिस मिश्रा पर कुछ फैसलों के लिए सवाल उठाए गए थे.
दरअसल मद्रास हाईकोर्ट ने वकीलों के लिए अनुशासानात्मक नियम तैयार किए थे जिनके तहत हाईकोर्ट या जिला अदालत किसी वकील को कोर्ट में पेश होने से रोक सकती थी. इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई और सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस अरुण मिश्रा व जस्टिस विनीत शरण की बेंच ने हाईकोर्ट के नियम को रद्द कर दिया. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि बार की स्वायत्तत्ता को छीना नहीं जा सकता. | संक्षिप्त पाठ: प्रेस में डिबेट के माध्यम से फैसलों को प्रभावित करने की कोशिश न करें वकील
न्यायपालिका में सेवा देना सेना की सेवाओं से कम नहीं
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बार की स्वायत्तत्ता को छीना नहीं जा सकता | 14 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: हरियाणा के मुस्लिम बहुल मेवात इलाके में भीड़ द्वारा हत्या (मॉब लिंचिंग) एक प्रमुख चुनावी मुद्दा है. हालांकि लोग क्षेत्र के पिछड़ेपन और रेलवे लाइन जैसे कुछ मुद्दों को भी अहमियत दे रहे हैं. मेवात के नूंह में सोमवार को कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की रैली में शामिल हुए कई लोग लिंचिंग के विषय पर बात करते और इस विषय पर क्षेत्र के भाजपा नेताओं को कटघरे में खड़ा करते नजर आए. इलाके की पुन्हाना विधानसभा सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार इलियास ने इस सभा में कहा कि उन लोगों को वोट मांगने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है जो लिंचिंग के समर्थकों के साथ खड़े हो गए हैं.
उन्होंने मंच से जूता दिखाते हुए कहा कि ऐसे लोग आपके पास वोट मांगने आएं तो उन्हें बैरंग लौटाइए. मेवात जिले में तीन सीटें नूंह, फिरोजपुर झिरका और पुन्हाना विधानसभा सीटें हैं. इस इलाके में भाजपा ने पहली बार दो मुस्लिम उम्मीदवारों को चुनावी मैदान में उतारा है. उसने नूंह से जाकिर हुसैन और फिरोजपुर झिरका से नसीम अहमद को टिकट दिया है.
नूंह इलाके के निवासी मोहम्मद साबिर करते हैं, ‘‘हमारे लिए सुरक्षा एक महत्वपूर्ण मुद्दा है. लोग लिंचिग की घटनाओं से लोग दुखी हैं. यह चुनावी मुद्दा है और इलाके में लोग इसको ध्यान में रखते हुए वोट करेंगे.'' वैसे, भाजपा उम्मीदवार जाकिर हुसैन के समर्थकों का कहना है कि क्षेत्र के लोग विकास चाहते हैं और सभी समझते हैं कि कांग्रेस ने सिर्फ इलाके में राजनीति की है.
भाजपा समर्थक इरफान अली ने दावा किया, ‘‘इस चुनाव में मेवात लोगों को चौंकाएगा. भाजपा को पहली बार यहां सफलता मिलेगी.'' गौरतलब है कि मेवात के इलाके के निवासी पहलू खान की राजस्थान के अलवर में लिंचिंग में हत्या कर दी गई थीं. इसी तरह फरीदाबाद के निवासी जुनैद की ट्रेन में चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी. ये दोनों घटनाएं राष्ट्रीय सुर्खियां बनी थीं और इलाके में लोग इनका जिक्र करते हुए सुने गए. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: मेवात के नूंह में हुई राहुल गांधी की रैली
भाजपा नेताओं को कटघरे में किया खड़ा
कांग्रेस के उम्मीदवार इलियास ने कही ये बात | 3 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय नेतृत्व ने दिल्ली इकाई के प्रमुख मनोज तिवारी और केंद्रीय मंत्री विजय गोयल से अपने ‘मतभेद’ को सुलझाने के लिए कहा है. दोनों के बीच मनमुटाव की खबरों से पार्टी की छवि को हो रहे नुकसान के मद्देनजर उनसे से ऐसा करने को कहा गया.टिप्पणियां
दिल्ली भाजपा कार्यकारिणी की बैठक के पहले दिन भी मनोज तिवारी और विजय गोयल के बीच चल रहे कथित ‘तकरार’ का मुद्दा हावी रहा.
एक सूत्र ने बताया कि गोयल ने भाजपा महासचिव (संगठन) से मुलाकात की और इसके बाद उन्होंने तिवारी के साथ भी बैठक की, जहां उन्होंने कहा कि दोनों ने अपने ‘मतभेद’ सुलझा लिए हैं.
दिल्ली भाजपा कार्यकारिणी की बैठक के पहले दिन भी मनोज तिवारी और विजय गोयल के बीच चल रहे कथित ‘तकरार’ का मुद्दा हावी रहा.
एक सूत्र ने बताया कि गोयल ने भाजपा महासचिव (संगठन) से मुलाकात की और इसके बाद उन्होंने तिवारी के साथ भी बैठक की, जहां उन्होंने कहा कि दोनों ने अपने ‘मतभेद’ सुलझा लिए हैं.
एक सूत्र ने बताया कि गोयल ने भाजपा महासचिव (संगठन) से मुलाकात की और इसके बाद उन्होंने तिवारी के साथ भी बैठक की, जहां उन्होंने कहा कि दोनों ने अपने ‘मतभेद’ सुलझा लिए हैं. | संक्षिप्त सारांश: विजय गोयल ने जीते सभासदों को एक कार्यक्रम में बुलाया था.
मनोज तिवारी ने सभी को जाने से मना किया.
20 के करीब सभासभ उनके कार्यक्रम में पहुंचे थे. | 29 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: देश में इस वक्त नया निवेश लगभग नहीं के बराबर हो रहा है। एक सर्वेक्षण में जितनी कंपनियों से बात की गई, उनमें से करीब आधे ने कहा कि इस साल उनकी विशेष निवेश करने की योजना नहीं है।
फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) और लेखापरीक्षण कम्पनी प्राइस वाटरहाउसकूपर्स (पीडब्ल्यूसी) ने संयुक्त तौर पर किए गए एक सर्वेक्षण (इंडिया मैन्यूफैक्च रिंग बैरोमीटर) के मुताबिक सुस्त आर्थिक विकास और उत्पादन में गिरावट के कारण विनिर्माण कंपनियां फूंक-फूंक कर कदम रख रही हैं।
सर्वेक्षण में शामिल 73 फीसदी कंपनियों ने कहा कि वैश्विक आर्थिक स्थिति और घरेलू सुस्ती के कारण ग्राहकों की जरूरत और उम्मीदें बदल गई हैं।टिप्पणियां
42 फीसदी कंपनियां अपने उत्पादों में अतिरिक्त सुविधा देना चाहती हैं, जबकि 76 फीसदी कंपनियों ने कहा कि कीमत घटाने की कोशिश कर रही हैं।
पीडब्ल्यूसी इंडिया के औद्योगिक उत्पाद प्रमुख बिमल तन्ना ने रिपोर्ट में कहा, "सुस्त आर्थिक विकास के माहौल में कंपनियों द्वारा दिखाई जा रही सतर्कता आश्चर्यजनक नहीं है। लेकिन ऐसा लगता है कि कंपनियां इस अवधि का उपयोग सुधार करने और भविष्य के लिए तैयार होने में कर रही हैं।"
फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) और लेखापरीक्षण कम्पनी प्राइस वाटरहाउसकूपर्स (पीडब्ल्यूसी) ने संयुक्त तौर पर किए गए एक सर्वेक्षण (इंडिया मैन्यूफैक्च रिंग बैरोमीटर) के मुताबिक सुस्त आर्थिक विकास और उत्पादन में गिरावट के कारण विनिर्माण कंपनियां फूंक-फूंक कर कदम रख रही हैं।
सर्वेक्षण में शामिल 73 फीसदी कंपनियों ने कहा कि वैश्विक आर्थिक स्थिति और घरेलू सुस्ती के कारण ग्राहकों की जरूरत और उम्मीदें बदल गई हैं।टिप्पणियां
42 फीसदी कंपनियां अपने उत्पादों में अतिरिक्त सुविधा देना चाहती हैं, जबकि 76 फीसदी कंपनियों ने कहा कि कीमत घटाने की कोशिश कर रही हैं।
पीडब्ल्यूसी इंडिया के औद्योगिक उत्पाद प्रमुख बिमल तन्ना ने रिपोर्ट में कहा, "सुस्त आर्थिक विकास के माहौल में कंपनियों द्वारा दिखाई जा रही सतर्कता आश्चर्यजनक नहीं है। लेकिन ऐसा लगता है कि कंपनियां इस अवधि का उपयोग सुधार करने और भविष्य के लिए तैयार होने में कर रही हैं।"
सर्वेक्षण में शामिल 73 फीसदी कंपनियों ने कहा कि वैश्विक आर्थिक स्थिति और घरेलू सुस्ती के कारण ग्राहकों की जरूरत और उम्मीदें बदल गई हैं।टिप्पणियां
42 फीसदी कंपनियां अपने उत्पादों में अतिरिक्त सुविधा देना चाहती हैं, जबकि 76 फीसदी कंपनियों ने कहा कि कीमत घटाने की कोशिश कर रही हैं।
पीडब्ल्यूसी इंडिया के औद्योगिक उत्पाद प्रमुख बिमल तन्ना ने रिपोर्ट में कहा, "सुस्त आर्थिक विकास के माहौल में कंपनियों द्वारा दिखाई जा रही सतर्कता आश्चर्यजनक नहीं है। लेकिन ऐसा लगता है कि कंपनियां इस अवधि का उपयोग सुधार करने और भविष्य के लिए तैयार होने में कर रही हैं।"
42 फीसदी कंपनियां अपने उत्पादों में अतिरिक्त सुविधा देना चाहती हैं, जबकि 76 फीसदी कंपनियों ने कहा कि कीमत घटाने की कोशिश कर रही हैं।
पीडब्ल्यूसी इंडिया के औद्योगिक उत्पाद प्रमुख बिमल तन्ना ने रिपोर्ट में कहा, "सुस्त आर्थिक विकास के माहौल में कंपनियों द्वारा दिखाई जा रही सतर्कता आश्चर्यजनक नहीं है। लेकिन ऐसा लगता है कि कंपनियां इस अवधि का उपयोग सुधार करने और भविष्य के लिए तैयार होने में कर रही हैं।"
पीडब्ल्यूसी इंडिया के औद्योगिक उत्पाद प्रमुख बिमल तन्ना ने रिपोर्ट में कहा, "सुस्त आर्थिक विकास के माहौल में कंपनियों द्वारा दिखाई जा रही सतर्कता आश्चर्यजनक नहीं है। लेकिन ऐसा लगता है कि कंपनियां इस अवधि का उपयोग सुधार करने और भविष्य के लिए तैयार होने में कर रही हैं।" | देश में इस वक्त नया निवेश लगभग नहीं के बराबर हो रहा है। एक सर्वेक्षण में जितनी कंपनियों से बात की गई, उनमें से करीब आधे ने कहा कि इस साल उनकी विशेष निवेश करने की योजना नहीं है। | 26 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: यू-टयूब पर अक्सर अपने वीडियो को लेकर चर्चाओं में रहने वाले चैमरे कैंडर ने एक वीडियो शेयर किया है जिसमें वह मिर्ची के सॉस से भरे टब में नहाते दिख रहे हैं. उन्होंने अपने इस पूरे अनुभव को यू-ट्यूब पर शेयर किया है. इससे पहले वह चॉकलेट और ऑरियो बिस्किट से भरे टब में नहाते हुए देखे जा चुके हैं.
इस वीडियो को 2 अगस्त से अब तक 20 लाख बार देखा जा चुका है. इस शख्स ने नहाने वाले टब में मिर्च के सॉस की 1250 बोतलें डालीं. इसके बाद वह ऊपर से भी इसमें लाल मिर्च डालता है. इसमें मजेदार बात यह थी कि सॉस की सभी बोतलें एक्सपायर हो चुकी थीं, यानि सॉस और पैसों की बर्बादी जैसी कोई बात यहां नहीं है.
आखिरकार, कैंडर इस हॉट सॉस में एक छोटी सी डुबकी लगाता है और अगर हम कहते हैं कि ऐसा करने के बाद वह अफसोस जताता है तो यह गलत होगा. क्योंकि इसके बाद वह एक और डुबकी लेता है और इस बार वह ऊपर से नीचे तक इस सॉस में डूब जाता है. इसके बाद क्या होता है...यह जानने के लिए आप यह वीडियो देखिए और इससे कतई प्रेरित होने की जरूरत नहीं है - | संक्षिप्त पाठ: चैमरे कैंडर अपने यूट्यूब वीडियो के लिए जाने जाते हैं
उन्होंने मिर्ची सॉस से भरे टब में नहाने की जुर्रत कर डाली
यह वीडियो अभी तक 20 लाख बार देखा जा चुका है | 22 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: उत्तर प्रदेश के रामकोट इलाके में एक किशोरी के साथ दबंग युवक सात माह तक दुष्कर्म करता रहा। किशोरी गर्भवती हो गई तब परिवारीजनों को पता चला। पीड़ित पक्ष ने रामकोट थाने में तहरीर दी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। पुलिस का कहना है कि आरोपी की तलाश की जा रही है। जल्द ही उसे गिरफ्तार किया जाएगा।
क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली किशोरी (15) व उसके परिवारीजनों का आरोप है कि उसके साथ रामकोट इलाके के भव्वापुर गांव का एक दबंग युवक राकेश से करीब सात माह तक दुष्कर्म करता रहा। किशोरी जब गर्भवती हो गई तो परिवारीजनों को जानकारी हुई।टिप्पणियां
काफी पूछताछ के बाद किशोरी ने आरोपी का नाम बताया। आरोप है कि जब परिवारीजन आरोपी से शिकायत करने गए तो उसने धमकाया। मामले को लेकर पीड़ित पक्ष ने रामकोट थाने में आरोपी राकेश के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
एसओ ध्रुव कुमार ने बताया कि किशोरी की ओर से भव्वापुर निवासी राकेश कुमार के खिलाफ तहरीर दी गई थी। मामले को लेकर केस दर्ज कर लिया गया है।
क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली किशोरी (15) व उसके परिवारीजनों का आरोप है कि उसके साथ रामकोट इलाके के भव्वापुर गांव का एक दबंग युवक राकेश से करीब सात माह तक दुष्कर्म करता रहा। किशोरी जब गर्भवती हो गई तो परिवारीजनों को जानकारी हुई।टिप्पणियां
काफी पूछताछ के बाद किशोरी ने आरोपी का नाम बताया। आरोप है कि जब परिवारीजन आरोपी से शिकायत करने गए तो उसने धमकाया। मामले को लेकर पीड़ित पक्ष ने रामकोट थाने में आरोपी राकेश के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
एसओ ध्रुव कुमार ने बताया कि किशोरी की ओर से भव्वापुर निवासी राकेश कुमार के खिलाफ तहरीर दी गई थी। मामले को लेकर केस दर्ज कर लिया गया है।
काफी पूछताछ के बाद किशोरी ने आरोपी का नाम बताया। आरोप है कि जब परिवारीजन आरोपी से शिकायत करने गए तो उसने धमकाया। मामले को लेकर पीड़ित पक्ष ने रामकोट थाने में आरोपी राकेश के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
एसओ ध्रुव कुमार ने बताया कि किशोरी की ओर से भव्वापुर निवासी राकेश कुमार के खिलाफ तहरीर दी गई थी। मामले को लेकर केस दर्ज कर लिया गया है।
एसओ ध्रुव कुमार ने बताया कि किशोरी की ओर से भव्वापुर निवासी राकेश कुमार के खिलाफ तहरीर दी गई थी। मामले को लेकर केस दर्ज कर लिया गया है। | संक्षिप्त सारांश: उत्तर प्रदेश के रामकोट इलाके में एक किशोरी के साथ दबंग युवक सात माह तक दुष्कर्म करता रहा। किशोरी गर्भवती हो गई तब परिवारीजनों को पता चला। पीड़ित पक्ष ने रामकोट थाने में तहरीर दी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। | 8 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: यदि आपको 6 फरवरी 2017 से लेकर 28 अक्टूबर 2017 के बीच कहीं हवाई यात्रा करनी है तो आपके लिए खुशखबरी है. एयर एशिया 5 सितंबर से लेकर 11 सितंबर के बीच की गई टिकट बुकिंग पर अच्छा खासा डिस्काउंट दे रही हैं. यह डिस्काउंट लेने के लिए आपको या तो इनकी वेबसाइट के जरिए टिकट बुकिंग करनी होगी या फिर इनके ऐप के जरिए.
इस ऑफर के तहत 599 रुपए (सभी शुल्क सहित) से टिकट खरीदी जा सकती है. टिकट बुकिंग का यह ऑफर 11 सितंबर तक खुला रहेगा. मगर ध्यान रहे कि यह ऑफर 6 फरवरी 2017 से लेकर 28 अक्टूबर 2017 तक की यात्राओं के लिए है.टिप्पणियां
599 रुपए की टिकट वाला ऑफर गुवाहाटी- इंफाल के रूट पर है. एयर एशिया के इस ऑफर के तहत, बेंगलुरु-कोच्चि के रूट के लिए टिकट 899 रुपए से शुरू हैं, बेंगलुरु गोवा के लिए 1099 रुपए और बेंगलुरु-विशाखापट्टनम के लिए 1199 रुपए, बेंगलुरु- नई दिल्ली के लिए 2299 रुपए और बेंगलुरु-पुणे के लिए 1299 रुपए से टिकट शुरू हैं.
एयर एशिया के इस ऑफर के तहत कितनी सीटें उपलब्ध हैं, इसका खुलासा नहीं किया गया है. एयर एशिया इंडिया टाटा ग्रुप और मलेशिया एयर एशिया बरहाद का जॉइंट वेंचर है. वहीं यदि इंटरनेशनल डेस्टिनेशन्स की बात करें तो उन पर भी अच्छा खासा डिस्काउंट है और कुछ उड़ानों की टिकटें 3,399 रुपए के फेयर से शुरू होती हैं. कुआलालम्पुर, सिंगापुर, फुकेट, बाली जैसे डेस्टिनेशन्स के लिए ये डिस्काउंट मिल रहे हैं.
इस ऑफर के तहत 599 रुपए (सभी शुल्क सहित) से टिकट खरीदी जा सकती है. टिकट बुकिंग का यह ऑफर 11 सितंबर तक खुला रहेगा. मगर ध्यान रहे कि यह ऑफर 6 फरवरी 2017 से लेकर 28 अक्टूबर 2017 तक की यात्राओं के लिए है.टिप्पणियां
599 रुपए की टिकट वाला ऑफर गुवाहाटी- इंफाल के रूट पर है. एयर एशिया के इस ऑफर के तहत, बेंगलुरु-कोच्चि के रूट के लिए टिकट 899 रुपए से शुरू हैं, बेंगलुरु गोवा के लिए 1099 रुपए और बेंगलुरु-विशाखापट्टनम के लिए 1199 रुपए, बेंगलुरु- नई दिल्ली के लिए 2299 रुपए और बेंगलुरु-पुणे के लिए 1299 रुपए से टिकट शुरू हैं.
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599 रुपए की टिकट वाला ऑफर गुवाहाटी- इंफाल के रूट पर है. एयर एशिया के इस ऑफर के तहत, बेंगलुरु-कोच्चि के रूट के लिए टिकट 899 रुपए से शुरू हैं, बेंगलुरु गोवा के लिए 1099 रुपए और बेंगलुरु-विशाखापट्टनम के लिए 1199 रुपए, बेंगलुरु- नई दिल्ली के लिए 2299 रुपए और बेंगलुरु-पुणे के लिए 1299 रुपए से टिकट शुरू हैं.
एयर एशिया के इस ऑफर के तहत कितनी सीटें उपलब्ध हैं, इसका खुलासा नहीं किया गया है. एयर एशिया इंडिया टाटा ग्रुप और मलेशिया एयर एशिया बरहाद का जॉइंट वेंचर है. वहीं यदि इंटरनेशनल डेस्टिनेशन्स की बात करें तो उन पर भी अच्छा खासा डिस्काउंट है और कुछ उड़ानों की टिकटें 3,399 रुपए के फेयर से शुरू होती हैं. कुआलालम्पुर, सिंगापुर, फुकेट, बाली जैसे डेस्टिनेशन्स के लिए ये डिस्काउंट मिल रहे हैं.
एयर एशिया के इस ऑफर के तहत कितनी सीटें उपलब्ध हैं, इसका खुलासा नहीं किया गया है. एयर एशिया इंडिया टाटा ग्रुप और मलेशिया एयर एशिया बरहाद का जॉइंट वेंचर है. वहीं यदि इंटरनेशनल डेस्टिनेशन्स की बात करें तो उन पर भी अच्छा खासा डिस्काउंट है और कुछ उड़ानों की टिकटें 3,399 रुपए के फेयर से शुरू होती हैं. कुआलालम्पुर, सिंगापुर, फुकेट, बाली जैसे डेस्टिनेशन्स के लिए ये डिस्काउंट मिल रहे हैं. | सारांश: एयर एशिया दे रही है भारी डिस्काउंट, लेकिन लिमिटेड पीरियड के लिए
5 सितंबर से लेकर 11 सितंबर के बीच बुकिंग करें
ऑफर के तहत 599 रुपए (सभी शुल्क सहित) से टिकट खरीदी जा सकती है | 20 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने राष्ट्र के 73वें स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया. ओम बिरला ने आज संसद भवन परिसर में स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास झंडा फहराया. संसद के इतिहास में ये पहला मौका है जब स्वंतत्रता दिवस के मौके पर किसी लोकसभा अध्यक्ष ने संसद भवन परिसर में तिरंगा फहराया. देशवासियों को बधाई देते हुए बिरला ने कहा कि आजादी के इस पर्व पर संपूर्ण देश में उल्लास, उमंग और उत्साह का वातावरण है. लोकसभा अध्यक्ष ने लोगों से अनुरोध किया कि हम सब मिलकर आजादी के इस पर्व पर संकल्प लेकर इस नए भारत के निर्माण में अपना भी सहयोग दें और नए भारत के निर्माण में सहभागी भी बनें. उन्होंने ने यह भी कहा कि अपने जीवन के अंदर इस देश के लिए समर्पण और त्याग का संकल्प लें.
इससे पूर्व केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की एक टुकड़ी ने ओम बिरला को गार्ड ऑफ ऑनर दिया.
इससे पहले स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर देशवासियों के नाम अपने संदेश में बिरला ने कहा कि "मैं स्वतंत्रता दिवस के हर्षोल्लास से भरे इस अवसर पर देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं. यह दिवस हमें हमारे स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा किए गए सर्वोच्च बलिदानों की याद दिलाता है जिन्होंने ब्रिटिश शासन से हमारे देश की आज़ादी के लिए संघर्ष किया था और इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए अपने प्राणों की आहुति दी थी. यह एक ऐसा अवसर है जब हम अपने बहादुर सैनिकों के पराक्रम को नमन करते हैं जो किसी भी आक्रमण से हमारी सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं और हमारी अमूल्य स्वतंत्रता की रक्षा कर रहे हैं.'
उन्होंने कहा कि 'मेरी कामना है कि यह दिवस सभी नागरिकों के जीवन में और अधिक प्रगति, समृद्धि और समरसता लाए. हम यह भी संकल्प करते हैं कि हम सभी खतरों से अपने देश की स्वतंत्रता, एकता और अखंडता की रक्षा के लिए एकजुट होकर कार्य करेंगे और कंधे से कंधा मिलाकर राष्ट्र निर्माण का कार्य करेंगे ताकि हमारा देश सभी क्षेत्रों में विकास की नई ऊँचाइयों को प्राप्त करे."
संसद के इतिहास में ये पहला मौका है कि जब स्वंतत्रता दिवस के मौके पर किसी लोकसभा अध्यक्ष ने संसद भवन परिसर में तिरंगा फहराया. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: लोगों से कहा- जीवन में देश के लिए समर्पण और त्याग का संकल्प लें
नागरिकों के जीवन में और अधिक प्रगति, समृद्धि और समरसता आए
केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल ने ओम बिरला को गार्ड ऑफ ऑनर दिया | 25 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: आजकल रेलवे लगातार अपने नियमों में बदलाव कर रहा है. नया बदलाव आधार कार्ड को लेकर हो सकता है. सूत्रों के मुताबिक रेलवे टिकटों की बुकिंग के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य करने की दिशा में काम कर रही है. अगर ऐसा होता है तो टिकट के लिए फॉर्म भरते वक्त अब आपको उम्र, लिंग जैसी जानकारी के साथ अपना आधार नंबर भी देना होगा.
इस नियम को रेलवे दो चरणों में लागू करने की योजना पर काम कर रही है. पहले चरण में विशेष छूट वाली टिकटों के लिए आधार का होना अनिवार्य होगा. जैसे की सीनियर सीटिजन, विकलांग कोटे जैसी टिकटों पर. रेलवे की दलील है कि ऐसा करने से हादसे की स्थिति में एड्रेस जानने, बीमा की रकम अदा करने जैसे कामों में आसानी होगी.
आने वाले वक़्त में मिलने वाली छूट की रकम को भी आधार कार्ड से जोड़ा जा सकता है. जबकि दूसरे चरण में आधार की अनिवार्यता को सभी टिकटों के साथ लागू करने की योजना है. सरकार का मानना है कि अभी 90 फीसीदी से अधिक लोगों के पास आधार कार्ड है और बाकी बचे लोगों तक भी जल्द पहुंचने की कोशिश सरकार की तरफ से हो रही है. टिप्पणियां
रेलवे का मानना है कि आधार के साथ जोड़ने से रेलवे को कई फायदे होंगे, मसलन टिकटों की कालाबाज़ारी पर लगाम लगेगी, हादसे की स्थिति में पहचान में आसानी होगी, बीमा की राशि सही हाथों में पहुंचेगी और बैंकिग लेन-देन में वक़्त बचेगा.
रेलवे आधार को वैकल्पिक करने पर विचार कर रही है. तकनीकी पहलू irctc ने पूरा कर लिया है, अब बोर्ड को तय करना है. कहा जा रहा है कि सीनियर सीटिजन के लिए बहुत मुमकिन है कि अनिवार्य कर दिया जाय. इस पर विचार की सबसे बड़ी वजह बीमा योजना का लॉन्च होना है. अगर आधार से लिंक होगा तो कोई हदसा होने की स्थिति में पीड़ित का पता मिलने में आसानी होगी. दूसरा नियमित यात्रा करने वालों के लिए महीने में 6 बार टिकट की बंदिश खत्म करने पर भी विचार हो रहा है. तीसरा, आधार को रूपे कार्ड जैसी व्यवस्था से जोड़ दिया जाएगा तो बैंकिंग ट्रांजेक्शन में वक्त बचेगा और कंफर्म टिकट की गुंजाइश ज्यादा होगी. लेकिन अभी कोई पॉलिसी नहीं बनी है.
इस नियम को रेलवे दो चरणों में लागू करने की योजना पर काम कर रही है. पहले चरण में विशेष छूट वाली टिकटों के लिए आधार का होना अनिवार्य होगा. जैसे की सीनियर सीटिजन, विकलांग कोटे जैसी टिकटों पर. रेलवे की दलील है कि ऐसा करने से हादसे की स्थिति में एड्रेस जानने, बीमा की रकम अदा करने जैसे कामों में आसानी होगी.
आने वाले वक़्त में मिलने वाली छूट की रकम को भी आधार कार्ड से जोड़ा जा सकता है. जबकि दूसरे चरण में आधार की अनिवार्यता को सभी टिकटों के साथ लागू करने की योजना है. सरकार का मानना है कि अभी 90 फीसीदी से अधिक लोगों के पास आधार कार्ड है और बाकी बचे लोगों तक भी जल्द पहुंचने की कोशिश सरकार की तरफ से हो रही है. टिप्पणियां
रेलवे का मानना है कि आधार के साथ जोड़ने से रेलवे को कई फायदे होंगे, मसलन टिकटों की कालाबाज़ारी पर लगाम लगेगी, हादसे की स्थिति में पहचान में आसानी होगी, बीमा की राशि सही हाथों में पहुंचेगी और बैंकिग लेन-देन में वक़्त बचेगा.
रेलवे आधार को वैकल्पिक करने पर विचार कर रही है. तकनीकी पहलू irctc ने पूरा कर लिया है, अब बोर्ड को तय करना है. कहा जा रहा है कि सीनियर सीटिजन के लिए बहुत मुमकिन है कि अनिवार्य कर दिया जाय. इस पर विचार की सबसे बड़ी वजह बीमा योजना का लॉन्च होना है. अगर आधार से लिंक होगा तो कोई हदसा होने की स्थिति में पीड़ित का पता मिलने में आसानी होगी. दूसरा नियमित यात्रा करने वालों के लिए महीने में 6 बार टिकट की बंदिश खत्म करने पर भी विचार हो रहा है. तीसरा, आधार को रूपे कार्ड जैसी व्यवस्था से जोड़ दिया जाएगा तो बैंकिंग ट्रांजेक्शन में वक्त बचेगा और कंफर्म टिकट की गुंजाइश ज्यादा होगी. लेकिन अभी कोई पॉलिसी नहीं बनी है.
आने वाले वक़्त में मिलने वाली छूट की रकम को भी आधार कार्ड से जोड़ा जा सकता है. जबकि दूसरे चरण में आधार की अनिवार्यता को सभी टिकटों के साथ लागू करने की योजना है. सरकार का मानना है कि अभी 90 फीसीदी से अधिक लोगों के पास आधार कार्ड है और बाकी बचे लोगों तक भी जल्द पहुंचने की कोशिश सरकार की तरफ से हो रही है. टिप्पणियां
रेलवे का मानना है कि आधार के साथ जोड़ने से रेलवे को कई फायदे होंगे, मसलन टिकटों की कालाबाज़ारी पर लगाम लगेगी, हादसे की स्थिति में पहचान में आसानी होगी, बीमा की राशि सही हाथों में पहुंचेगी और बैंकिग लेन-देन में वक़्त बचेगा.
रेलवे आधार को वैकल्पिक करने पर विचार कर रही है. तकनीकी पहलू irctc ने पूरा कर लिया है, अब बोर्ड को तय करना है. कहा जा रहा है कि सीनियर सीटिजन के लिए बहुत मुमकिन है कि अनिवार्य कर दिया जाय. इस पर विचार की सबसे बड़ी वजह बीमा योजना का लॉन्च होना है. अगर आधार से लिंक होगा तो कोई हदसा होने की स्थिति में पीड़ित का पता मिलने में आसानी होगी. दूसरा नियमित यात्रा करने वालों के लिए महीने में 6 बार टिकट की बंदिश खत्म करने पर भी विचार हो रहा है. तीसरा, आधार को रूपे कार्ड जैसी व्यवस्था से जोड़ दिया जाएगा तो बैंकिंग ट्रांजेक्शन में वक्त बचेगा और कंफर्म टिकट की गुंजाइश ज्यादा होगी. लेकिन अभी कोई पॉलिसी नहीं बनी है.
रेलवे का मानना है कि आधार के साथ जोड़ने से रेलवे को कई फायदे होंगे, मसलन टिकटों की कालाबाज़ारी पर लगाम लगेगी, हादसे की स्थिति में पहचान में आसानी होगी, बीमा की राशि सही हाथों में पहुंचेगी और बैंकिग लेन-देन में वक़्त बचेगा.
रेलवे आधार को वैकल्पिक करने पर विचार कर रही है. तकनीकी पहलू irctc ने पूरा कर लिया है, अब बोर्ड को तय करना है. कहा जा रहा है कि सीनियर सीटिजन के लिए बहुत मुमकिन है कि अनिवार्य कर दिया जाय. इस पर विचार की सबसे बड़ी वजह बीमा योजना का लॉन्च होना है. अगर आधार से लिंक होगा तो कोई हदसा होने की स्थिति में पीड़ित का पता मिलने में आसानी होगी. दूसरा नियमित यात्रा करने वालों के लिए महीने में 6 बार टिकट की बंदिश खत्म करने पर भी विचार हो रहा है. तीसरा, आधार को रूपे कार्ड जैसी व्यवस्था से जोड़ दिया जाएगा तो बैंकिंग ट्रांजेक्शन में वक्त बचेगा और कंफर्म टिकट की गुंजाइश ज्यादा होगी. लेकिन अभी कोई पॉलिसी नहीं बनी है.
रेलवे आधार को वैकल्पिक करने पर विचार कर रही है. तकनीकी पहलू irctc ने पूरा कर लिया है, अब बोर्ड को तय करना है. कहा जा रहा है कि सीनियर सीटिजन के लिए बहुत मुमकिन है कि अनिवार्य कर दिया जाय. इस पर विचार की सबसे बड़ी वजह बीमा योजना का लॉन्च होना है. अगर आधार से लिंक होगा तो कोई हदसा होने की स्थिति में पीड़ित का पता मिलने में आसानी होगी. दूसरा नियमित यात्रा करने वालों के लिए महीने में 6 बार टिकट की बंदिश खत्म करने पर भी विचार हो रहा है. तीसरा, आधार को रूपे कार्ड जैसी व्यवस्था से जोड़ दिया जाएगा तो बैंकिंग ट्रांजेक्शन में वक्त बचेगा और कंफर्म टिकट की गुंजाइश ज्यादा होगी. लेकिन अभी कोई पॉलिसी नहीं बनी है. | संक्षिप्त पाठ: पहले चरण में विशेष छूट वाली टिकटों के लिए आधार का होना अनिवार्य होगा
रेलवे का मानना है कि आधार के साथ जोड़ने से रेलवे को कई फायदे होंगे
रेलवे आधार कार्ड को वैकल्पिक करने पर विचार कर रही है | 27 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम करुणानिधि की बेटी और द्रमुक सांसद कनिमोझि ने शुक्रवार को कहा कि वह सीबीआई को पूरी तरह सहयोग दे रहीं हैं। सीबीआई ने 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले के मामले में उनसे पूछताछ की। द्रमुक मुख्यालय पर करुणानिधि की पत्नी दयालु के साथ कनिमोझि से पूछताछ की गई। उन्होंने कहा, हम जो भी जरूरी है सबका जवाब दे रहे हैं। हम सीबीआई के साथ सहयोग कर रहे हैं जबकि कई राजनेता ऐसा नहीं करते। उन्होंने कहा कि कलैगनार टीवी के प्रबंध निदेशक शरद कुमार द्वारा कुछ वित्तीय लेनदेन के बारे में जारी बयानों की पुष्टि के लिहाज से उनसे पूछताछ की गयी थी। कनिमोझि के दयालु के साथ चैनल में 80 प्रतिशत शेयर हैं। उन्होंने कहा कि द्रमुक ने कभी केंद्र सरकार पर मामले से निपटने के लिए दबाव नहीं डाला और उच्चतम न्यायालय जांच की निगरानी कर रहा है। जब कनिमोझि से पूछा गया कि क्या कांग्रेस नीत संप्रग सरकार सीबीआई का इस्तेमाल राजनीतिक दलों के खिलाफ कर रही है, तो उन्होंने कहा, आप क्या चाहते हैं कि मैं भाजपा की तर्ज पर बोलूं। कलैगनार टीवी ने हाल ही में सीबीआई के इन आरोपों को खारिज कर दिया था कि घोटाले के आरोपी शाहिद बलवा के स्वान टेलीकॉम और चैनल के बीच तार जुड़े हुए हैं। सीबीआई ने अदालत को बताया था कि यह जानकारी सामने आई है कि सिनेयुग फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड से 2009 में कलैगनार टीवी में 214 करोड़ रुपये का लेनदेन किया गया था। | संक्षिप्त सारांश: करुणानिधि की बेटी और द्रमुक सांसद कनिमोझि ने कहा कि वह सीबीआई को पूरी तरह सहयोग दे रहीं हैं। | 10 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: प. बंगाल के विश्व भारती परिसर स्थित एक स्कूल के छात्रावास में बिस्तर गीला करने पर कथित रूप से अपना पेशाब पीने की सजा मिलने से आहत 10 वर्षीय छात्रा को सदमे से उबारना मुश्किल हो रहा है। छात्रा के पिता ने यह बात मंगलवार को कही।
छात्रा के पिता मनोज मिस्त्री ने कहा, "वह अभी तक सदमे से नहीं उबर पाई है। वह ठीक से खाना नहीं खा रही है। उसके साथ जो कुछ हुआ, उसके बाद से उसकी मनोदशा सामान्य नहीं हो पा रही है। चिकित्सकों ने हमें उसे खुश रखने और घटना को भुलाने में उसकी मदद करने की सलाह दी है।"
घटना दोहराने की आशंका से छात्रा उस स्कूल में लौटना नहीं चाहती।
पाथा भवन स्कूल की कक्षा पांच की छात्रा ने कहा, "मैं स्कूल के छात्रावास में लौटना नहीं चाहती। मैं दूसरे स्कूल में पढ़ना चाहती हूं। वे मुझे फिर वैसा ही करने के लिए कह सकते हैं।"
छात्रा ने कहा कि माता-पिता ने उसका अनुरोध स्वीकार कर लिया है।
वहीं, मिस्त्री ने कहा, "घटना के बाद वह स्कूल जाने के लिए राजी नहीं है। हम क्या कर सकते हैं? यही संभव है कि हम उसका दाखिला दूसरे स्कूल में करवा दें।"
उसने कहा, "10 साल की बच्ची होकर जब मुझे ऐसी झूठी बातों में विश्वास नहीं है तब वार्डन इन चीजों में विश्वास कैसे कर सकती हैं?"
विश्व भारती विश्वविद्यालय के अधिकारियों का दावा है कि वार्डन उमा पोद्दार ने छात्रा से इसलिए पेशाब चाटने के लिए कहा, क्योंकि वह मानती हैं कि ऐसा करने से बिस्तर गीला करने की बीमारी ठीक हो जाएगी।
इस मुद्दे पर चौतरफा आलोचना झेलने के बाद अधिकारियों ने छात्रा के माता-पिता से अनुरोध किया है कि वे उसे घर से प्रतिदिन स्कूल भेजें।
छात्रा की मां पूनम मिस्त्री ने कहा, "आज हमारे पास विश्वविद्यालय से एक फोन आया जिसमें कहा गया कि हम अपनी बेटी को फिर से स्कूल भेजें और छात्रावास में न रखकर घर से प्रतिदिन स्कूल भेजें।"
इस बीच, वार्डन के प्रति नरमी बरतने पर अदालत द्वारा पुलिस की खिंचाई किए जाने के बाद बाल न्याय अधिनियम की धारा 23 के तहत एक मामला दर्ज किया गया। इस अधिनियम में बच्चे के साथ क्रूरता से पेश आने पर अधिकतम छह महीने की कैद या जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।
पुलिस अधीक्षक (बीरभूम) ऋषिकेश मीणा ने कहा, "अदालत के आदेश का पालन करते हुए हमने वार्डन के खिलाफ बाल न्याय अधिनियम की धारा 23 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।"
छात्रा के साथ हुई घटना की चौतरफा आलोचना हुई है और बात प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) तक पहुंच गई है।
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने इस मामले पर विश्वविद्यालय और राज्य सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
बताया गया है कि पश्चिम बंगाल के राज्यपाल एम.के. नारायणन ने भी विश्वविद्यालय से एक रिपोर्ट मांगी है।
पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने इस घटना को अमानवीय और शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा, "लोग अपने बच्चे को इस उम्मीद से छात्रावास में भेजते हैं कि वहां उसका बेहतर ख्याल रखा जाएगा लेकिन इस घटना के बाद वे ऐसा नहीं सोच सकते।"
पुलिस में की गई शिकायत के मुताबिक, यह घटना शनिवार शाम की है, जब काराबी छात्रावास की वार्डन उमा पोद्दार ने औचक निरीक्षण के दौरान छात्रा को बिस्तर गीला करने का दोषी पाया। आरोप है कि पोद्दार ने सजा के तौर पर छात्रा को पेशाब चाटने को कहा।
बताया जाता है कि बच्ची ने यह बात अपनी मां को बताई, जिसके बाद उसके अभिभावक तथा कई अन्य लोगों ने छात्रावास परिसर में पहुंचकर वार्डन के साथ बदसलूकी की।टिप्पणियां
घटना के बाद विश्वविद्यालय ने मामले की जांच के लिए छात्र कल्याण संकाय की पूर्व अध्यक्ष अरुणा मुखर्जी की अध्यक्षता में चार सदस्यीय समिति का गठन किया।
रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए विश्वविद्यालय ने पोद्दार को वार्डन के पद से कार्य-मुक्त कर दिया है।
छात्रा के पिता मनोज मिस्त्री ने कहा, "वह अभी तक सदमे से नहीं उबर पाई है। वह ठीक से खाना नहीं खा रही है। उसके साथ जो कुछ हुआ, उसके बाद से उसकी मनोदशा सामान्य नहीं हो पा रही है। चिकित्सकों ने हमें उसे खुश रखने और घटना को भुलाने में उसकी मदद करने की सलाह दी है।"
घटना दोहराने की आशंका से छात्रा उस स्कूल में लौटना नहीं चाहती।
पाथा भवन स्कूल की कक्षा पांच की छात्रा ने कहा, "मैं स्कूल के छात्रावास में लौटना नहीं चाहती। मैं दूसरे स्कूल में पढ़ना चाहती हूं। वे मुझे फिर वैसा ही करने के लिए कह सकते हैं।"
छात्रा ने कहा कि माता-पिता ने उसका अनुरोध स्वीकार कर लिया है।
वहीं, मिस्त्री ने कहा, "घटना के बाद वह स्कूल जाने के लिए राजी नहीं है। हम क्या कर सकते हैं? यही संभव है कि हम उसका दाखिला दूसरे स्कूल में करवा दें।"
उसने कहा, "10 साल की बच्ची होकर जब मुझे ऐसी झूठी बातों में विश्वास नहीं है तब वार्डन इन चीजों में विश्वास कैसे कर सकती हैं?"
विश्व भारती विश्वविद्यालय के अधिकारियों का दावा है कि वार्डन उमा पोद्दार ने छात्रा से इसलिए पेशाब चाटने के लिए कहा, क्योंकि वह मानती हैं कि ऐसा करने से बिस्तर गीला करने की बीमारी ठीक हो जाएगी।
इस मुद्दे पर चौतरफा आलोचना झेलने के बाद अधिकारियों ने छात्रा के माता-पिता से अनुरोध किया है कि वे उसे घर से प्रतिदिन स्कूल भेजें।
छात्रा की मां पूनम मिस्त्री ने कहा, "आज हमारे पास विश्वविद्यालय से एक फोन आया जिसमें कहा गया कि हम अपनी बेटी को फिर से स्कूल भेजें और छात्रावास में न रखकर घर से प्रतिदिन स्कूल भेजें।"
इस बीच, वार्डन के प्रति नरमी बरतने पर अदालत द्वारा पुलिस की खिंचाई किए जाने के बाद बाल न्याय अधिनियम की धारा 23 के तहत एक मामला दर्ज किया गया। इस अधिनियम में बच्चे के साथ क्रूरता से पेश आने पर अधिकतम छह महीने की कैद या जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।
पुलिस अधीक्षक (बीरभूम) ऋषिकेश मीणा ने कहा, "अदालत के आदेश का पालन करते हुए हमने वार्डन के खिलाफ बाल न्याय अधिनियम की धारा 23 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।"
छात्रा के साथ हुई घटना की चौतरफा आलोचना हुई है और बात प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) तक पहुंच गई है।
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने इस मामले पर विश्वविद्यालय और राज्य सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
बताया गया है कि पश्चिम बंगाल के राज्यपाल एम.के. नारायणन ने भी विश्वविद्यालय से एक रिपोर्ट मांगी है।
पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने इस घटना को अमानवीय और शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा, "लोग अपने बच्चे को इस उम्मीद से छात्रावास में भेजते हैं कि वहां उसका बेहतर ख्याल रखा जाएगा लेकिन इस घटना के बाद वे ऐसा नहीं सोच सकते।"
पुलिस में की गई शिकायत के मुताबिक, यह घटना शनिवार शाम की है, जब काराबी छात्रावास की वार्डन उमा पोद्दार ने औचक निरीक्षण के दौरान छात्रा को बिस्तर गीला करने का दोषी पाया। आरोप है कि पोद्दार ने सजा के तौर पर छात्रा को पेशाब चाटने को कहा।
बताया जाता है कि बच्ची ने यह बात अपनी मां को बताई, जिसके बाद उसके अभिभावक तथा कई अन्य लोगों ने छात्रावास परिसर में पहुंचकर वार्डन के साथ बदसलूकी की।टिप्पणियां
घटना के बाद विश्वविद्यालय ने मामले की जांच के लिए छात्र कल्याण संकाय की पूर्व अध्यक्ष अरुणा मुखर्जी की अध्यक्षता में चार सदस्यीय समिति का गठन किया।
रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए विश्वविद्यालय ने पोद्दार को वार्डन के पद से कार्य-मुक्त कर दिया है।
घटना दोहराने की आशंका से छात्रा उस स्कूल में लौटना नहीं चाहती।
पाथा भवन स्कूल की कक्षा पांच की छात्रा ने कहा, "मैं स्कूल के छात्रावास में लौटना नहीं चाहती। मैं दूसरे स्कूल में पढ़ना चाहती हूं। वे मुझे फिर वैसा ही करने के लिए कह सकते हैं।"
छात्रा ने कहा कि माता-पिता ने उसका अनुरोध स्वीकार कर लिया है।
वहीं, मिस्त्री ने कहा, "घटना के बाद वह स्कूल जाने के लिए राजी नहीं है। हम क्या कर सकते हैं? यही संभव है कि हम उसका दाखिला दूसरे स्कूल में करवा दें।"
उसने कहा, "10 साल की बच्ची होकर जब मुझे ऐसी झूठी बातों में विश्वास नहीं है तब वार्डन इन चीजों में विश्वास कैसे कर सकती हैं?"
विश्व भारती विश्वविद्यालय के अधिकारियों का दावा है कि वार्डन उमा पोद्दार ने छात्रा से इसलिए पेशाब चाटने के लिए कहा, क्योंकि वह मानती हैं कि ऐसा करने से बिस्तर गीला करने की बीमारी ठीक हो जाएगी।
इस मुद्दे पर चौतरफा आलोचना झेलने के बाद अधिकारियों ने छात्रा के माता-पिता से अनुरोध किया है कि वे उसे घर से प्रतिदिन स्कूल भेजें।
छात्रा की मां पूनम मिस्त्री ने कहा, "आज हमारे पास विश्वविद्यालय से एक फोन आया जिसमें कहा गया कि हम अपनी बेटी को फिर से स्कूल भेजें और छात्रावास में न रखकर घर से प्रतिदिन स्कूल भेजें।"
इस बीच, वार्डन के प्रति नरमी बरतने पर अदालत द्वारा पुलिस की खिंचाई किए जाने के बाद बाल न्याय अधिनियम की धारा 23 के तहत एक मामला दर्ज किया गया। इस अधिनियम में बच्चे के साथ क्रूरता से पेश आने पर अधिकतम छह महीने की कैद या जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।
पुलिस अधीक्षक (बीरभूम) ऋषिकेश मीणा ने कहा, "अदालत के आदेश का पालन करते हुए हमने वार्डन के खिलाफ बाल न्याय अधिनियम की धारा 23 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।"
छात्रा के साथ हुई घटना की चौतरफा आलोचना हुई है और बात प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) तक पहुंच गई है।
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने इस मामले पर विश्वविद्यालय और राज्य सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
बताया गया है कि पश्चिम बंगाल के राज्यपाल एम.के. नारायणन ने भी विश्वविद्यालय से एक रिपोर्ट मांगी है।
पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने इस घटना को अमानवीय और शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा, "लोग अपने बच्चे को इस उम्मीद से छात्रावास में भेजते हैं कि वहां उसका बेहतर ख्याल रखा जाएगा लेकिन इस घटना के बाद वे ऐसा नहीं सोच सकते।"
पुलिस में की गई शिकायत के मुताबिक, यह घटना शनिवार शाम की है, जब काराबी छात्रावास की वार्डन उमा पोद्दार ने औचक निरीक्षण के दौरान छात्रा को बिस्तर गीला करने का दोषी पाया। आरोप है कि पोद्दार ने सजा के तौर पर छात्रा को पेशाब चाटने को कहा।
बताया जाता है कि बच्ची ने यह बात अपनी मां को बताई, जिसके बाद उसके अभिभावक तथा कई अन्य लोगों ने छात्रावास परिसर में पहुंचकर वार्डन के साथ बदसलूकी की।टिप्पणियां
घटना के बाद विश्वविद्यालय ने मामले की जांच के लिए छात्र कल्याण संकाय की पूर्व अध्यक्ष अरुणा मुखर्जी की अध्यक्षता में चार सदस्यीय समिति का गठन किया।
रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए विश्वविद्यालय ने पोद्दार को वार्डन के पद से कार्य-मुक्त कर दिया है।
पाथा भवन स्कूल की कक्षा पांच की छात्रा ने कहा, "मैं स्कूल के छात्रावास में लौटना नहीं चाहती। मैं दूसरे स्कूल में पढ़ना चाहती हूं। वे मुझे फिर वैसा ही करने के लिए कह सकते हैं।"
छात्रा ने कहा कि माता-पिता ने उसका अनुरोध स्वीकार कर लिया है।
वहीं, मिस्त्री ने कहा, "घटना के बाद वह स्कूल जाने के लिए राजी नहीं है। हम क्या कर सकते हैं? यही संभव है कि हम उसका दाखिला दूसरे स्कूल में करवा दें।"
उसने कहा, "10 साल की बच्ची होकर जब मुझे ऐसी झूठी बातों में विश्वास नहीं है तब वार्डन इन चीजों में विश्वास कैसे कर सकती हैं?"
विश्व भारती विश्वविद्यालय के अधिकारियों का दावा है कि वार्डन उमा पोद्दार ने छात्रा से इसलिए पेशाब चाटने के लिए कहा, क्योंकि वह मानती हैं कि ऐसा करने से बिस्तर गीला करने की बीमारी ठीक हो जाएगी।
इस मुद्दे पर चौतरफा आलोचना झेलने के बाद अधिकारियों ने छात्रा के माता-पिता से अनुरोध किया है कि वे उसे घर से प्रतिदिन स्कूल भेजें।
छात्रा की मां पूनम मिस्त्री ने कहा, "आज हमारे पास विश्वविद्यालय से एक फोन आया जिसमें कहा गया कि हम अपनी बेटी को फिर से स्कूल भेजें और छात्रावास में न रखकर घर से प्रतिदिन स्कूल भेजें।"
इस बीच, वार्डन के प्रति नरमी बरतने पर अदालत द्वारा पुलिस की खिंचाई किए जाने के बाद बाल न्याय अधिनियम की धारा 23 के तहत एक मामला दर्ज किया गया। इस अधिनियम में बच्चे के साथ क्रूरता से पेश आने पर अधिकतम छह महीने की कैद या जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।
पुलिस अधीक्षक (बीरभूम) ऋषिकेश मीणा ने कहा, "अदालत के आदेश का पालन करते हुए हमने वार्डन के खिलाफ बाल न्याय अधिनियम की धारा 23 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।"
छात्रा के साथ हुई घटना की चौतरफा आलोचना हुई है और बात प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) तक पहुंच गई है।
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने इस मामले पर विश्वविद्यालय और राज्य सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
बताया गया है कि पश्चिम बंगाल के राज्यपाल एम.के. नारायणन ने भी विश्वविद्यालय से एक रिपोर्ट मांगी है।
पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने इस घटना को अमानवीय और शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा, "लोग अपने बच्चे को इस उम्मीद से छात्रावास में भेजते हैं कि वहां उसका बेहतर ख्याल रखा जाएगा लेकिन इस घटना के बाद वे ऐसा नहीं सोच सकते।"
पुलिस में की गई शिकायत के मुताबिक, यह घटना शनिवार शाम की है, जब काराबी छात्रावास की वार्डन उमा पोद्दार ने औचक निरीक्षण के दौरान छात्रा को बिस्तर गीला करने का दोषी पाया। आरोप है कि पोद्दार ने सजा के तौर पर छात्रा को पेशाब चाटने को कहा।
बताया जाता है कि बच्ची ने यह बात अपनी मां को बताई, जिसके बाद उसके अभिभावक तथा कई अन्य लोगों ने छात्रावास परिसर में पहुंचकर वार्डन के साथ बदसलूकी की।टिप्पणियां
घटना के बाद विश्वविद्यालय ने मामले की जांच के लिए छात्र कल्याण संकाय की पूर्व अध्यक्ष अरुणा मुखर्जी की अध्यक्षता में चार सदस्यीय समिति का गठन किया।
रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए विश्वविद्यालय ने पोद्दार को वार्डन के पद से कार्य-मुक्त कर दिया है।
छात्रा ने कहा कि माता-पिता ने उसका अनुरोध स्वीकार कर लिया है।
वहीं, मिस्त्री ने कहा, "घटना के बाद वह स्कूल जाने के लिए राजी नहीं है। हम क्या कर सकते हैं? यही संभव है कि हम उसका दाखिला दूसरे स्कूल में करवा दें।"
उसने कहा, "10 साल की बच्ची होकर जब मुझे ऐसी झूठी बातों में विश्वास नहीं है तब वार्डन इन चीजों में विश्वास कैसे कर सकती हैं?"
विश्व भारती विश्वविद्यालय के अधिकारियों का दावा है कि वार्डन उमा पोद्दार ने छात्रा से इसलिए पेशाब चाटने के लिए कहा, क्योंकि वह मानती हैं कि ऐसा करने से बिस्तर गीला करने की बीमारी ठीक हो जाएगी।
इस मुद्दे पर चौतरफा आलोचना झेलने के बाद अधिकारियों ने छात्रा के माता-पिता से अनुरोध किया है कि वे उसे घर से प्रतिदिन स्कूल भेजें।
छात्रा की मां पूनम मिस्त्री ने कहा, "आज हमारे पास विश्वविद्यालय से एक फोन आया जिसमें कहा गया कि हम अपनी बेटी को फिर से स्कूल भेजें और छात्रावास में न रखकर घर से प्रतिदिन स्कूल भेजें।"
इस बीच, वार्डन के प्रति नरमी बरतने पर अदालत द्वारा पुलिस की खिंचाई किए जाने के बाद बाल न्याय अधिनियम की धारा 23 के तहत एक मामला दर्ज किया गया। इस अधिनियम में बच्चे के साथ क्रूरता से पेश आने पर अधिकतम छह महीने की कैद या जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।
पुलिस अधीक्षक (बीरभूम) ऋषिकेश मीणा ने कहा, "अदालत के आदेश का पालन करते हुए हमने वार्डन के खिलाफ बाल न्याय अधिनियम की धारा 23 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।"
छात्रा के साथ हुई घटना की चौतरफा आलोचना हुई है और बात प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) तक पहुंच गई है।
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने इस मामले पर विश्वविद्यालय और राज्य सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
बताया गया है कि पश्चिम बंगाल के राज्यपाल एम.के. नारायणन ने भी विश्वविद्यालय से एक रिपोर्ट मांगी है।
पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने इस घटना को अमानवीय और शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा, "लोग अपने बच्चे को इस उम्मीद से छात्रावास में भेजते हैं कि वहां उसका बेहतर ख्याल रखा जाएगा लेकिन इस घटना के बाद वे ऐसा नहीं सोच सकते।"
पुलिस में की गई शिकायत के मुताबिक, यह घटना शनिवार शाम की है, जब काराबी छात्रावास की वार्डन उमा पोद्दार ने औचक निरीक्षण के दौरान छात्रा को बिस्तर गीला करने का दोषी पाया। आरोप है कि पोद्दार ने सजा के तौर पर छात्रा को पेशाब चाटने को कहा।
बताया जाता है कि बच्ची ने यह बात अपनी मां को बताई, जिसके बाद उसके अभिभावक तथा कई अन्य लोगों ने छात्रावास परिसर में पहुंचकर वार्डन के साथ बदसलूकी की।टिप्पणियां
घटना के बाद विश्वविद्यालय ने मामले की जांच के लिए छात्र कल्याण संकाय की पूर्व अध्यक्ष अरुणा मुखर्जी की अध्यक्षता में चार सदस्यीय समिति का गठन किया।
रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए विश्वविद्यालय ने पोद्दार को वार्डन के पद से कार्य-मुक्त कर दिया है।
वहीं, मिस्त्री ने कहा, "घटना के बाद वह स्कूल जाने के लिए राजी नहीं है। हम क्या कर सकते हैं? यही संभव है कि हम उसका दाखिला दूसरे स्कूल में करवा दें।"
उसने कहा, "10 साल की बच्ची होकर जब मुझे ऐसी झूठी बातों में विश्वास नहीं है तब वार्डन इन चीजों में विश्वास कैसे कर सकती हैं?"
विश्व भारती विश्वविद्यालय के अधिकारियों का दावा है कि वार्डन उमा पोद्दार ने छात्रा से इसलिए पेशाब चाटने के लिए कहा, क्योंकि वह मानती हैं कि ऐसा करने से बिस्तर गीला करने की बीमारी ठीक हो जाएगी।
इस मुद्दे पर चौतरफा आलोचना झेलने के बाद अधिकारियों ने छात्रा के माता-पिता से अनुरोध किया है कि वे उसे घर से प्रतिदिन स्कूल भेजें।
छात्रा की मां पूनम मिस्त्री ने कहा, "आज हमारे पास विश्वविद्यालय से एक फोन आया जिसमें कहा गया कि हम अपनी बेटी को फिर से स्कूल भेजें और छात्रावास में न रखकर घर से प्रतिदिन स्कूल भेजें।"
इस बीच, वार्डन के प्रति नरमी बरतने पर अदालत द्वारा पुलिस की खिंचाई किए जाने के बाद बाल न्याय अधिनियम की धारा 23 के तहत एक मामला दर्ज किया गया। इस अधिनियम में बच्चे के साथ क्रूरता से पेश आने पर अधिकतम छह महीने की कैद या जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।
पुलिस अधीक्षक (बीरभूम) ऋषिकेश मीणा ने कहा, "अदालत के आदेश का पालन करते हुए हमने वार्डन के खिलाफ बाल न्याय अधिनियम की धारा 23 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।"
छात्रा के साथ हुई घटना की चौतरफा आलोचना हुई है और बात प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) तक पहुंच गई है।
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने इस मामले पर विश्वविद्यालय और राज्य सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
बताया गया है कि पश्चिम बंगाल के राज्यपाल एम.के. नारायणन ने भी विश्वविद्यालय से एक रिपोर्ट मांगी है।
पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने इस घटना को अमानवीय और शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा, "लोग अपने बच्चे को इस उम्मीद से छात्रावास में भेजते हैं कि वहां उसका बेहतर ख्याल रखा जाएगा लेकिन इस घटना के बाद वे ऐसा नहीं सोच सकते।"
पुलिस में की गई शिकायत के मुताबिक, यह घटना शनिवार शाम की है, जब काराबी छात्रावास की वार्डन उमा पोद्दार ने औचक निरीक्षण के दौरान छात्रा को बिस्तर गीला करने का दोषी पाया। आरोप है कि पोद्दार ने सजा के तौर पर छात्रा को पेशाब चाटने को कहा।
बताया जाता है कि बच्ची ने यह बात अपनी मां को बताई, जिसके बाद उसके अभिभावक तथा कई अन्य लोगों ने छात्रावास परिसर में पहुंचकर वार्डन के साथ बदसलूकी की।टिप्पणियां
घटना के बाद विश्वविद्यालय ने मामले की जांच के लिए छात्र कल्याण संकाय की पूर्व अध्यक्ष अरुणा मुखर्जी की अध्यक्षता में चार सदस्यीय समिति का गठन किया।
रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए विश्वविद्यालय ने पोद्दार को वार्डन के पद से कार्य-मुक्त कर दिया है।
उसने कहा, "10 साल की बच्ची होकर जब मुझे ऐसी झूठी बातों में विश्वास नहीं है तब वार्डन इन चीजों में विश्वास कैसे कर सकती हैं?"
विश्व भारती विश्वविद्यालय के अधिकारियों का दावा है कि वार्डन उमा पोद्दार ने छात्रा से इसलिए पेशाब चाटने के लिए कहा, क्योंकि वह मानती हैं कि ऐसा करने से बिस्तर गीला करने की बीमारी ठीक हो जाएगी।
इस मुद्दे पर चौतरफा आलोचना झेलने के बाद अधिकारियों ने छात्रा के माता-पिता से अनुरोध किया है कि वे उसे घर से प्रतिदिन स्कूल भेजें।
छात्रा की मां पूनम मिस्त्री ने कहा, "आज हमारे पास विश्वविद्यालय से एक फोन आया जिसमें कहा गया कि हम अपनी बेटी को फिर से स्कूल भेजें और छात्रावास में न रखकर घर से प्रतिदिन स्कूल भेजें।"
इस बीच, वार्डन के प्रति नरमी बरतने पर अदालत द्वारा पुलिस की खिंचाई किए जाने के बाद बाल न्याय अधिनियम की धारा 23 के तहत एक मामला दर्ज किया गया। इस अधिनियम में बच्चे के साथ क्रूरता से पेश आने पर अधिकतम छह महीने की कैद या जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।
पुलिस अधीक्षक (बीरभूम) ऋषिकेश मीणा ने कहा, "अदालत के आदेश का पालन करते हुए हमने वार्डन के खिलाफ बाल न्याय अधिनियम की धारा 23 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।"
छात्रा के साथ हुई घटना की चौतरफा आलोचना हुई है और बात प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) तक पहुंच गई है।
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने इस मामले पर विश्वविद्यालय और राज्य सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
बताया गया है कि पश्चिम बंगाल के राज्यपाल एम.के. नारायणन ने भी विश्वविद्यालय से एक रिपोर्ट मांगी है।
पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने इस घटना को अमानवीय और शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा, "लोग अपने बच्चे को इस उम्मीद से छात्रावास में भेजते हैं कि वहां उसका बेहतर ख्याल रखा जाएगा लेकिन इस घटना के बाद वे ऐसा नहीं सोच सकते।"
पुलिस में की गई शिकायत के मुताबिक, यह घटना शनिवार शाम की है, जब काराबी छात्रावास की वार्डन उमा पोद्दार ने औचक निरीक्षण के दौरान छात्रा को बिस्तर गीला करने का दोषी पाया। आरोप है कि पोद्दार ने सजा के तौर पर छात्रा को पेशाब चाटने को कहा।
बताया जाता है कि बच्ची ने यह बात अपनी मां को बताई, जिसके बाद उसके अभिभावक तथा कई अन्य लोगों ने छात्रावास परिसर में पहुंचकर वार्डन के साथ बदसलूकी की।टिप्पणियां
घटना के बाद विश्वविद्यालय ने मामले की जांच के लिए छात्र कल्याण संकाय की पूर्व अध्यक्ष अरुणा मुखर्जी की अध्यक्षता में चार सदस्यीय समिति का गठन किया।
रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए विश्वविद्यालय ने पोद्दार को वार्डन के पद से कार्य-मुक्त कर दिया है।
विश्व भारती विश्वविद्यालय के अधिकारियों का दावा है कि वार्डन उमा पोद्दार ने छात्रा से इसलिए पेशाब चाटने के लिए कहा, क्योंकि वह मानती हैं कि ऐसा करने से बिस्तर गीला करने की बीमारी ठीक हो जाएगी।
इस मुद्दे पर चौतरफा आलोचना झेलने के बाद अधिकारियों ने छात्रा के माता-पिता से अनुरोध किया है कि वे उसे घर से प्रतिदिन स्कूल भेजें।
छात्रा की मां पूनम मिस्त्री ने कहा, "आज हमारे पास विश्वविद्यालय से एक फोन आया जिसमें कहा गया कि हम अपनी बेटी को फिर से स्कूल भेजें और छात्रावास में न रखकर घर से प्रतिदिन स्कूल भेजें।"
इस बीच, वार्डन के प्रति नरमी बरतने पर अदालत द्वारा पुलिस की खिंचाई किए जाने के बाद बाल न्याय अधिनियम की धारा 23 के तहत एक मामला दर्ज किया गया। इस अधिनियम में बच्चे के साथ क्रूरता से पेश आने पर अधिकतम छह महीने की कैद या जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।
पुलिस अधीक्षक (बीरभूम) ऋषिकेश मीणा ने कहा, "अदालत के आदेश का पालन करते हुए हमने वार्डन के खिलाफ बाल न्याय अधिनियम की धारा 23 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।"
छात्रा के साथ हुई घटना की चौतरफा आलोचना हुई है और बात प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) तक पहुंच गई है।
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने इस मामले पर विश्वविद्यालय और राज्य सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
बताया गया है कि पश्चिम बंगाल के राज्यपाल एम.के. नारायणन ने भी विश्वविद्यालय से एक रिपोर्ट मांगी है।
पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने इस घटना को अमानवीय और शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा, "लोग अपने बच्चे को इस उम्मीद से छात्रावास में भेजते हैं कि वहां उसका बेहतर ख्याल रखा जाएगा लेकिन इस घटना के बाद वे ऐसा नहीं सोच सकते।"
पुलिस में की गई शिकायत के मुताबिक, यह घटना शनिवार शाम की है, जब काराबी छात्रावास की वार्डन उमा पोद्दार ने औचक निरीक्षण के दौरान छात्रा को बिस्तर गीला करने का दोषी पाया। आरोप है कि पोद्दार ने सजा के तौर पर छात्रा को पेशाब चाटने को कहा।
बताया जाता है कि बच्ची ने यह बात अपनी मां को बताई, जिसके बाद उसके अभिभावक तथा कई अन्य लोगों ने छात्रावास परिसर में पहुंचकर वार्डन के साथ बदसलूकी की।टिप्पणियां
घटना के बाद विश्वविद्यालय ने मामले की जांच के लिए छात्र कल्याण संकाय की पूर्व अध्यक्ष अरुणा मुखर्जी की अध्यक्षता में चार सदस्यीय समिति का गठन किया।
रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए विश्वविद्यालय ने पोद्दार को वार्डन के पद से कार्य-मुक्त कर दिया है।
इस मुद्दे पर चौतरफा आलोचना झेलने के बाद अधिकारियों ने छात्रा के माता-पिता से अनुरोध किया है कि वे उसे घर से प्रतिदिन स्कूल भेजें।
छात्रा की मां पूनम मिस्त्री ने कहा, "आज हमारे पास विश्वविद्यालय से एक फोन आया जिसमें कहा गया कि हम अपनी बेटी को फिर से स्कूल भेजें और छात्रावास में न रखकर घर से प्रतिदिन स्कूल भेजें।"
इस बीच, वार्डन के प्रति नरमी बरतने पर अदालत द्वारा पुलिस की खिंचाई किए जाने के बाद बाल न्याय अधिनियम की धारा 23 के तहत एक मामला दर्ज किया गया। इस अधिनियम में बच्चे के साथ क्रूरता से पेश आने पर अधिकतम छह महीने की कैद या जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।
पुलिस अधीक्षक (बीरभूम) ऋषिकेश मीणा ने कहा, "अदालत के आदेश का पालन करते हुए हमने वार्डन के खिलाफ बाल न्याय अधिनियम की धारा 23 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।"
छात्रा के साथ हुई घटना की चौतरफा आलोचना हुई है और बात प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) तक पहुंच गई है।
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने इस मामले पर विश्वविद्यालय और राज्य सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
बताया गया है कि पश्चिम बंगाल के राज्यपाल एम.के. नारायणन ने भी विश्वविद्यालय से एक रिपोर्ट मांगी है।
पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने इस घटना को अमानवीय और शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा, "लोग अपने बच्चे को इस उम्मीद से छात्रावास में भेजते हैं कि वहां उसका बेहतर ख्याल रखा जाएगा लेकिन इस घटना के बाद वे ऐसा नहीं सोच सकते।"
पुलिस में की गई शिकायत के मुताबिक, यह घटना शनिवार शाम की है, जब काराबी छात्रावास की वार्डन उमा पोद्दार ने औचक निरीक्षण के दौरान छात्रा को बिस्तर गीला करने का दोषी पाया। आरोप है कि पोद्दार ने सजा के तौर पर छात्रा को पेशाब चाटने को कहा।
बताया जाता है कि बच्ची ने यह बात अपनी मां को बताई, जिसके बाद उसके अभिभावक तथा कई अन्य लोगों ने छात्रावास परिसर में पहुंचकर वार्डन के साथ बदसलूकी की।टिप्पणियां
घटना के बाद विश्वविद्यालय ने मामले की जांच के लिए छात्र कल्याण संकाय की पूर्व अध्यक्ष अरुणा मुखर्जी की अध्यक्षता में चार सदस्यीय समिति का गठन किया।
रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए विश्वविद्यालय ने पोद्दार को वार्डन के पद से कार्य-मुक्त कर दिया है।
छात्रा की मां पूनम मिस्त्री ने कहा, "आज हमारे पास विश्वविद्यालय से एक फोन आया जिसमें कहा गया कि हम अपनी बेटी को फिर से स्कूल भेजें और छात्रावास में न रखकर घर से प्रतिदिन स्कूल भेजें।"
इस बीच, वार्डन के प्रति नरमी बरतने पर अदालत द्वारा पुलिस की खिंचाई किए जाने के बाद बाल न्याय अधिनियम की धारा 23 के तहत एक मामला दर्ज किया गया। इस अधिनियम में बच्चे के साथ क्रूरता से पेश आने पर अधिकतम छह महीने की कैद या जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।
पुलिस अधीक्षक (बीरभूम) ऋषिकेश मीणा ने कहा, "अदालत के आदेश का पालन करते हुए हमने वार्डन के खिलाफ बाल न्याय अधिनियम की धारा 23 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।"
छात्रा के साथ हुई घटना की चौतरफा आलोचना हुई है और बात प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) तक पहुंच गई है।
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने इस मामले पर विश्वविद्यालय और राज्य सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
बताया गया है कि पश्चिम बंगाल के राज्यपाल एम.के. नारायणन ने भी विश्वविद्यालय से एक रिपोर्ट मांगी है।
पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने इस घटना को अमानवीय और शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा, "लोग अपने बच्चे को इस उम्मीद से छात्रावास में भेजते हैं कि वहां उसका बेहतर ख्याल रखा जाएगा लेकिन इस घटना के बाद वे ऐसा नहीं सोच सकते।"
पुलिस में की गई शिकायत के मुताबिक, यह घटना शनिवार शाम की है, जब काराबी छात्रावास की वार्डन उमा पोद्दार ने औचक निरीक्षण के दौरान छात्रा को बिस्तर गीला करने का दोषी पाया। आरोप है कि पोद्दार ने सजा के तौर पर छात्रा को पेशाब चाटने को कहा।
बताया जाता है कि बच्ची ने यह बात अपनी मां को बताई, जिसके बाद उसके अभिभावक तथा कई अन्य लोगों ने छात्रावास परिसर में पहुंचकर वार्डन के साथ बदसलूकी की।टिप्पणियां
घटना के बाद विश्वविद्यालय ने मामले की जांच के लिए छात्र कल्याण संकाय की पूर्व अध्यक्ष अरुणा मुखर्जी की अध्यक्षता में चार सदस्यीय समिति का गठन किया।
रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए विश्वविद्यालय ने पोद्दार को वार्डन के पद से कार्य-मुक्त कर दिया है।
इस बीच, वार्डन के प्रति नरमी बरतने पर अदालत द्वारा पुलिस की खिंचाई किए जाने के बाद बाल न्याय अधिनियम की धारा 23 के तहत एक मामला दर्ज किया गया। इस अधिनियम में बच्चे के साथ क्रूरता से पेश आने पर अधिकतम छह महीने की कैद या जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।
पुलिस अधीक्षक (बीरभूम) ऋषिकेश मीणा ने कहा, "अदालत के आदेश का पालन करते हुए हमने वार्डन के खिलाफ बाल न्याय अधिनियम की धारा 23 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।"
छात्रा के साथ हुई घटना की चौतरफा आलोचना हुई है और बात प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) तक पहुंच गई है।
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने इस मामले पर विश्वविद्यालय और राज्य सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
बताया गया है कि पश्चिम बंगाल के राज्यपाल एम.के. नारायणन ने भी विश्वविद्यालय से एक रिपोर्ट मांगी है।
पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने इस घटना को अमानवीय और शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा, "लोग अपने बच्चे को इस उम्मीद से छात्रावास में भेजते हैं कि वहां उसका बेहतर ख्याल रखा जाएगा लेकिन इस घटना के बाद वे ऐसा नहीं सोच सकते।"
पुलिस में की गई शिकायत के मुताबिक, यह घटना शनिवार शाम की है, जब काराबी छात्रावास की वार्डन उमा पोद्दार ने औचक निरीक्षण के दौरान छात्रा को बिस्तर गीला करने का दोषी पाया। आरोप है कि पोद्दार ने सजा के तौर पर छात्रा को पेशाब चाटने को कहा।
बताया जाता है कि बच्ची ने यह बात अपनी मां को बताई, जिसके बाद उसके अभिभावक तथा कई अन्य लोगों ने छात्रावास परिसर में पहुंचकर वार्डन के साथ बदसलूकी की।टिप्पणियां
घटना के बाद विश्वविद्यालय ने मामले की जांच के लिए छात्र कल्याण संकाय की पूर्व अध्यक्ष अरुणा मुखर्जी की अध्यक्षता में चार सदस्यीय समिति का गठन किया।
रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए विश्वविद्यालय ने पोद्दार को वार्डन के पद से कार्य-मुक्त कर दिया है।
पुलिस अधीक्षक (बीरभूम) ऋषिकेश मीणा ने कहा, "अदालत के आदेश का पालन करते हुए हमने वार्डन के खिलाफ बाल न्याय अधिनियम की धारा 23 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।"
छात्रा के साथ हुई घटना की चौतरफा आलोचना हुई है और बात प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) तक पहुंच गई है।
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने इस मामले पर विश्वविद्यालय और राज्य सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
बताया गया है कि पश्चिम बंगाल के राज्यपाल एम.के. नारायणन ने भी विश्वविद्यालय से एक रिपोर्ट मांगी है।
पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने इस घटना को अमानवीय और शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा, "लोग अपने बच्चे को इस उम्मीद से छात्रावास में भेजते हैं कि वहां उसका बेहतर ख्याल रखा जाएगा लेकिन इस घटना के बाद वे ऐसा नहीं सोच सकते।"
पुलिस में की गई शिकायत के मुताबिक, यह घटना शनिवार शाम की है, जब काराबी छात्रावास की वार्डन उमा पोद्दार ने औचक निरीक्षण के दौरान छात्रा को बिस्तर गीला करने का दोषी पाया। आरोप है कि पोद्दार ने सजा के तौर पर छात्रा को पेशाब चाटने को कहा।
बताया जाता है कि बच्ची ने यह बात अपनी मां को बताई, जिसके बाद उसके अभिभावक तथा कई अन्य लोगों ने छात्रावास परिसर में पहुंचकर वार्डन के साथ बदसलूकी की।टिप्पणियां
घटना के बाद विश्वविद्यालय ने मामले की जांच के लिए छात्र कल्याण संकाय की पूर्व अध्यक्ष अरुणा मुखर्जी की अध्यक्षता में चार सदस्यीय समिति का गठन किया।
रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए विश्वविद्यालय ने पोद्दार को वार्डन के पद से कार्य-मुक्त कर दिया है।
छात्रा के साथ हुई घटना की चौतरफा आलोचना हुई है और बात प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) तक पहुंच गई है।
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने इस मामले पर विश्वविद्यालय और राज्य सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
बताया गया है कि पश्चिम बंगाल के राज्यपाल एम.के. नारायणन ने भी विश्वविद्यालय से एक रिपोर्ट मांगी है।
पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने इस घटना को अमानवीय और शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा, "लोग अपने बच्चे को इस उम्मीद से छात्रावास में भेजते हैं कि वहां उसका बेहतर ख्याल रखा जाएगा लेकिन इस घटना के बाद वे ऐसा नहीं सोच सकते।"
पुलिस में की गई शिकायत के मुताबिक, यह घटना शनिवार शाम की है, जब काराबी छात्रावास की वार्डन उमा पोद्दार ने औचक निरीक्षण के दौरान छात्रा को बिस्तर गीला करने का दोषी पाया। आरोप है कि पोद्दार ने सजा के तौर पर छात्रा को पेशाब चाटने को कहा।
बताया जाता है कि बच्ची ने यह बात अपनी मां को बताई, जिसके बाद उसके अभिभावक तथा कई अन्य लोगों ने छात्रावास परिसर में पहुंचकर वार्डन के साथ बदसलूकी की।टिप्पणियां
घटना के बाद विश्वविद्यालय ने मामले की जांच के लिए छात्र कल्याण संकाय की पूर्व अध्यक्ष अरुणा मुखर्जी की अध्यक्षता में चार सदस्यीय समिति का गठन किया।
रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए विश्वविद्यालय ने पोद्दार को वार्डन के पद से कार्य-मुक्त कर दिया है।
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने इस मामले पर विश्वविद्यालय और राज्य सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
बताया गया है कि पश्चिम बंगाल के राज्यपाल एम.के. नारायणन ने भी विश्वविद्यालय से एक रिपोर्ट मांगी है।
पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने इस घटना को अमानवीय और शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा, "लोग अपने बच्चे को इस उम्मीद से छात्रावास में भेजते हैं कि वहां उसका बेहतर ख्याल रखा जाएगा लेकिन इस घटना के बाद वे ऐसा नहीं सोच सकते।"
पुलिस में की गई शिकायत के मुताबिक, यह घटना शनिवार शाम की है, जब काराबी छात्रावास की वार्डन उमा पोद्दार ने औचक निरीक्षण के दौरान छात्रा को बिस्तर गीला करने का दोषी पाया। आरोप है कि पोद्दार ने सजा के तौर पर छात्रा को पेशाब चाटने को कहा।
बताया जाता है कि बच्ची ने यह बात अपनी मां को बताई, जिसके बाद उसके अभिभावक तथा कई अन्य लोगों ने छात्रावास परिसर में पहुंचकर वार्डन के साथ बदसलूकी की।टिप्पणियां
घटना के बाद विश्वविद्यालय ने मामले की जांच के लिए छात्र कल्याण संकाय की पूर्व अध्यक्ष अरुणा मुखर्जी की अध्यक्षता में चार सदस्यीय समिति का गठन किया।
रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए विश्वविद्यालय ने पोद्दार को वार्डन के पद से कार्य-मुक्त कर दिया है।
बताया गया है कि पश्चिम बंगाल के राज्यपाल एम.के. नारायणन ने भी विश्वविद्यालय से एक रिपोर्ट मांगी है।
पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने इस घटना को अमानवीय और शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा, "लोग अपने बच्चे को इस उम्मीद से छात्रावास में भेजते हैं कि वहां उसका बेहतर ख्याल रखा जाएगा लेकिन इस घटना के बाद वे ऐसा नहीं सोच सकते।"
पुलिस में की गई शिकायत के मुताबिक, यह घटना शनिवार शाम की है, जब काराबी छात्रावास की वार्डन उमा पोद्दार ने औचक निरीक्षण के दौरान छात्रा को बिस्तर गीला करने का दोषी पाया। आरोप है कि पोद्दार ने सजा के तौर पर छात्रा को पेशाब चाटने को कहा।
बताया जाता है कि बच्ची ने यह बात अपनी मां को बताई, जिसके बाद उसके अभिभावक तथा कई अन्य लोगों ने छात्रावास परिसर में पहुंचकर वार्डन के साथ बदसलूकी की।टिप्पणियां
घटना के बाद विश्वविद्यालय ने मामले की जांच के लिए छात्र कल्याण संकाय की पूर्व अध्यक्ष अरुणा मुखर्जी की अध्यक्षता में चार सदस्यीय समिति का गठन किया।
रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए विश्वविद्यालय ने पोद्दार को वार्डन के पद से कार्य-मुक्त कर दिया है।
पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने इस घटना को अमानवीय और शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा, "लोग अपने बच्चे को इस उम्मीद से छात्रावास में भेजते हैं कि वहां उसका बेहतर ख्याल रखा जाएगा लेकिन इस घटना के बाद वे ऐसा नहीं सोच सकते।"
पुलिस में की गई शिकायत के मुताबिक, यह घटना शनिवार शाम की है, जब काराबी छात्रावास की वार्डन उमा पोद्दार ने औचक निरीक्षण के दौरान छात्रा को बिस्तर गीला करने का दोषी पाया। आरोप है कि पोद्दार ने सजा के तौर पर छात्रा को पेशाब चाटने को कहा।
बताया जाता है कि बच्ची ने यह बात अपनी मां को बताई, जिसके बाद उसके अभिभावक तथा कई अन्य लोगों ने छात्रावास परिसर में पहुंचकर वार्डन के साथ बदसलूकी की।टिप्पणियां
घटना के बाद विश्वविद्यालय ने मामले की जांच के लिए छात्र कल्याण संकाय की पूर्व अध्यक्ष अरुणा मुखर्जी की अध्यक्षता में चार सदस्यीय समिति का गठन किया।
रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए विश्वविद्यालय ने पोद्दार को वार्डन के पद से कार्य-मुक्त कर दिया है।
पुलिस में की गई शिकायत के मुताबिक, यह घटना शनिवार शाम की है, जब काराबी छात्रावास की वार्डन उमा पोद्दार ने औचक निरीक्षण के दौरान छात्रा को बिस्तर गीला करने का दोषी पाया। आरोप है कि पोद्दार ने सजा के तौर पर छात्रा को पेशाब चाटने को कहा।
बताया जाता है कि बच्ची ने यह बात अपनी मां को बताई, जिसके बाद उसके अभिभावक तथा कई अन्य लोगों ने छात्रावास परिसर में पहुंचकर वार्डन के साथ बदसलूकी की।टिप्पणियां
घटना के बाद विश्वविद्यालय ने मामले की जांच के लिए छात्र कल्याण संकाय की पूर्व अध्यक्ष अरुणा मुखर्जी की अध्यक्षता में चार सदस्यीय समिति का गठन किया।
रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए विश्वविद्यालय ने पोद्दार को वार्डन के पद से कार्य-मुक्त कर दिया है।
बताया जाता है कि बच्ची ने यह बात अपनी मां को बताई, जिसके बाद उसके अभिभावक तथा कई अन्य लोगों ने छात्रावास परिसर में पहुंचकर वार्डन के साथ बदसलूकी की।टिप्पणियां
घटना के बाद विश्वविद्यालय ने मामले की जांच के लिए छात्र कल्याण संकाय की पूर्व अध्यक्ष अरुणा मुखर्जी की अध्यक्षता में चार सदस्यीय समिति का गठन किया।
रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए विश्वविद्यालय ने पोद्दार को वार्डन के पद से कार्य-मुक्त कर दिया है।
घटना के बाद विश्वविद्यालय ने मामले की जांच के लिए छात्र कल्याण संकाय की पूर्व अध्यक्ष अरुणा मुखर्जी की अध्यक्षता में चार सदस्यीय समिति का गठन किया।
रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए विश्वविद्यालय ने पोद्दार को वार्डन के पद से कार्य-मुक्त कर दिया है।
रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए विश्वविद्यालय ने पोद्दार को वार्डन के पद से कार्य-मुक्त कर दिया है। | सारांश: प. बंगाल के विश्व भारती परिसर स्थित एक स्कूल के छात्रावास में बिस्तर गीला करने पर कथित रूप से अपना पेशाब पीने की सजा मिलने से आहत 10 वर्षीय छात्रा को सदमे से उबारना मुश्किल हो रहा है। | 20 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: गिरिराज सिंह (Giriraj Singh) बिहार में बीजेपी (BJP) के बड़े नेता और केंद्रीय राज्य मंत्री हैं. 2019 के लोकसभा चुनावों में वह बिहार के बेगूसराय से चुनावी ताल ठोंक रहे हैं. उनका मुकाबला जेएनयू के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार से है. वह इस समय बिहार के नवादा से सांसद हैं. गिरिराज सिंह को अपने विवादित बयानों के लिए जाना जाता है. बयानों की वजह से वह खूब सुर्खियों में रहते हैं. हालांकि बाद में वह यही कहते पाए जाते हैं कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया. गिराराज का जन्म लखीसराय जिले के बड़हिया में भूमिहार ब्राह्मण परिवार में हुआ था. उन्होंने मगध यूनिवर्सिटी से 1971 में ग्रेजुएशन किया. उनकी शादी उमा सिन्हा से हुई. उमा और गिरिराज के एक बेटी है.
गिरिराज सिंह शुरू से ही पीएम मोदी (PM MODI) के समर्थक रहे हैं. पीएम पद के लिए उन्होंने 2014 में सार्वजनिक तौर पर नरेंद्र मोदी के नाम का समर्थन किया था. 2002 में पहली बार वह बिहार विधान परिषद के सदस्य चुने गए थे. 2008 से 2010 के बीच वह नीतीश कुमार की सरकार में मंत्री रहे. 2010 से 2013 तक वह पशुपालन और डेयरी मंत्री रहे. 2014 में उन्होंने नवादा सीट से लोकसभा चुनाव जीता और 2017 में मोदी सरकार में उन्हें राज्य मंत्री बनाया गया.
वह कई बार अपने बयानों की वजह से अपनी ही पार्टी की नाराजगी का शिकार हो चुके हैं. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ बयानबाजी करने पर पीएम मोदी ने गिरिराज को कड़ी फटकार लगाई थी जिसके बाद संसद की गैलरी में गिरिराज सिंह फूट-फूटकर रोए थे. बीजेपी नेता स्मृति ईरानी ने इस दौरान उन्हें शांत किया था. हालांकि इस खबर के फैलने के बाद गिरिराज ने ऐसा कुछ भी होने की बात से खंडन किया था.
गिरिराज सिंह अपने बयानों की वजह से खूब चर्चित हुए. नवंबर 2013 में उन्होंने नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा था, 'नीतीश एक देहाती औरत की तरह व्यवहार कर रहे हैं और जलन के चलते नरेंद्र मोदी पर हमला कर रहे हैं.'
बुधवार को ही गिरिराज ने एक भड़काऊ बयान दिया. उन्होंने कहा, 'कोई भी सेक्सी दुर्गा जैसी फिल्म बना सकता है लेकिन किसी में भी पैगंबर मोहम्मद या फातिमा पर फिल्म बनाने की हिम्मत नहीं है.' | संक्षिप्त पाठ: कन्हैया कुमार के खिलाफ ठोंक रहे चुनावी ताल
2017 में मोदी सरकार में राज्य मंत्री बनाए गए
विवादित बयानों की वजह से रहते हैं चर्चा का विषय | 30 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय रेलवे इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस समारोह नए अंदाज में मनाने जा रही है। रेलवे इस अवसर पर सभी रेलगाड़ियों के इंजनों पर तिरंगे का स्टीकर लगा रही है।टिप्पणियां
ट्रैक्शन के सदस्य अश्वनी कुमार कपूर ने कहा, ''यह पहली बार है जब 10,000 से ज्यादा लोकोमोटिव (इंजन) पर राष्ट्रीय ध्वज होगा। निर्देश इस महीने की शुरुआत में जारी कर दिए गए थे। हमारे डीजल और बिजली से चलने वाले इंजन पर 4,500 मिलीमीटर लंबा और 3,000 मिलीमीटर चौड़ा आकार का स्टीकर लगेगा।''(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
ट्रैक्शन के सदस्य अश्वनी कुमार कपूर ने कहा, ''यह पहली बार है जब 10,000 से ज्यादा लोकोमोटिव (इंजन) पर राष्ट्रीय ध्वज होगा। निर्देश इस महीने की शुरुआत में जारी कर दिए गए थे। हमारे डीजल और बिजली से चलने वाले इंजन पर 4,500 मिलीमीटर लंबा और 3,000 मिलीमीटर चौड़ा आकार का स्टीकर लगेगा।''(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | सारांश: रेलवे नए अंदाज में मनाएगी स्वतंत्रता दिवस
पहली बार 10,000 से ज्यादा इंजन पर राष्ट्रीय ध्वज होगा
4,500 मिलीमीटर लंबा और 3,000 मिलीमीटर चौड़ा आकार का स्टीकर लगेगा | 20 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान में जन्मे कनाडाई लेखक तारिक फतह का कहना है कि उन्हें किसी सुरक्षा की जरूरत नहीं है. गौरतलब है कि गिरफ्तार किए गए छोटा शकील के सहयोगी को उनकी हत्या करने के लिए सुपारी दी गई थी. तारिक फिलहाल मेडिकल जांच के लिए कनाडा में हैं और उनका कहना है कि उन्हें कोई डर नहीं है.
ईमेल के जवाब में उन्होंने पीटीआई से कहा, ‘‘यह गुंडे मुझे नहीं डराते हैं. मैं नवंबर में 68 वर्ष का हो जाऊंगा और यदि वह मेरी हत्या करने में सफल भी हो जाते हैं तो (कट्टरपंथी) इस्लामिज्म के खिलाफ मुसलमानों की लड़ाई दूसरे लोग जारी रखेंगे.’’ कुरान और भगवद् गीता का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें सच बोलने से डर नहीं लगता.
फतह ने कहा, ‘‘गीता में कहा गया है ‘हमारा अधिकार सिर्फ कर्म करने पर है, फल की इच्छा करने पर नहीं,’ यदि सच से नुकसान हो तब भी सच ही बोलें, ऐसे में मुझे चिंता क्यों करनी चाहिए?’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए मुझे कोई सुरक्षा नहीं चाहिए, हालांकि कोई खतरा होने पर मैं हमेशा पुलिस को सूचित करता हूं.’’ फतह ने कहा कि एक मित्र से सूचना मिलने के बाद उन्हें अपनी जान पर खतरे का अभास था, लेकिन यह उन्हें डरा नहीं सकता.
उन्होंने कहा, ‘‘खाड़ी देश में मौजूद एक मित्र ने मुझे छोटा शकील और मुंबई के शॉर्प शूटर के बीच फोन कॉल की रेकॉर्डिंग भेजी थी, ऐसे में मुझे खतरे का पता था.’’ दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने सात-आठ जून की दरमियानी रात को पूर्वोत्तर दिल्ली के वजीराबाद से जुनैद चौधरी (21) को गिरफ्तार किया.टिप्पणियां
चौधरी फतह की हत्या की योजना बना रहा था. हालांकि लेखक दिल्ली में नहीं है, चौधरी यहां रेकी करने आया था और इसके लिए उसने 1.5 लाख रुपये लिए थे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
ईमेल के जवाब में उन्होंने पीटीआई से कहा, ‘‘यह गुंडे मुझे नहीं डराते हैं. मैं नवंबर में 68 वर्ष का हो जाऊंगा और यदि वह मेरी हत्या करने में सफल भी हो जाते हैं तो (कट्टरपंथी) इस्लामिज्म के खिलाफ मुसलमानों की लड़ाई दूसरे लोग जारी रखेंगे.’’ कुरान और भगवद् गीता का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें सच बोलने से डर नहीं लगता.
फतह ने कहा, ‘‘गीता में कहा गया है ‘हमारा अधिकार सिर्फ कर्म करने पर है, फल की इच्छा करने पर नहीं,’ यदि सच से नुकसान हो तब भी सच ही बोलें, ऐसे में मुझे चिंता क्यों करनी चाहिए?’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए मुझे कोई सुरक्षा नहीं चाहिए, हालांकि कोई खतरा होने पर मैं हमेशा पुलिस को सूचित करता हूं.’’ फतह ने कहा कि एक मित्र से सूचना मिलने के बाद उन्हें अपनी जान पर खतरे का अभास था, लेकिन यह उन्हें डरा नहीं सकता.
उन्होंने कहा, ‘‘खाड़ी देश में मौजूद एक मित्र ने मुझे छोटा शकील और मुंबई के शॉर्प शूटर के बीच फोन कॉल की रेकॉर्डिंग भेजी थी, ऐसे में मुझे खतरे का पता था.’’ दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने सात-आठ जून की दरमियानी रात को पूर्वोत्तर दिल्ली के वजीराबाद से जुनैद चौधरी (21) को गिरफ्तार किया.टिप्पणियां
चौधरी फतह की हत्या की योजना बना रहा था. हालांकि लेखक दिल्ली में नहीं है, चौधरी यहां रेकी करने आया था और इसके लिए उसने 1.5 लाख रुपये लिए थे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
फतह ने कहा, ‘‘गीता में कहा गया है ‘हमारा अधिकार सिर्फ कर्म करने पर है, फल की इच्छा करने पर नहीं,’ यदि सच से नुकसान हो तब भी सच ही बोलें, ऐसे में मुझे चिंता क्यों करनी चाहिए?’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए मुझे कोई सुरक्षा नहीं चाहिए, हालांकि कोई खतरा होने पर मैं हमेशा पुलिस को सूचित करता हूं.’’ फतह ने कहा कि एक मित्र से सूचना मिलने के बाद उन्हें अपनी जान पर खतरे का अभास था, लेकिन यह उन्हें डरा नहीं सकता.
उन्होंने कहा, ‘‘खाड़ी देश में मौजूद एक मित्र ने मुझे छोटा शकील और मुंबई के शॉर्प शूटर के बीच फोन कॉल की रेकॉर्डिंग भेजी थी, ऐसे में मुझे खतरे का पता था.’’ दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने सात-आठ जून की दरमियानी रात को पूर्वोत्तर दिल्ली के वजीराबाद से जुनैद चौधरी (21) को गिरफ्तार किया.टिप्पणियां
चौधरी फतह की हत्या की योजना बना रहा था. हालांकि लेखक दिल्ली में नहीं है, चौधरी यहां रेकी करने आया था और इसके लिए उसने 1.5 लाख रुपये लिए थे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा, ‘‘खाड़ी देश में मौजूद एक मित्र ने मुझे छोटा शकील और मुंबई के शॉर्प शूटर के बीच फोन कॉल की रेकॉर्डिंग भेजी थी, ऐसे में मुझे खतरे का पता था.’’ दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने सात-आठ जून की दरमियानी रात को पूर्वोत्तर दिल्ली के वजीराबाद से जुनैद चौधरी (21) को गिरफ्तार किया.टिप्पणियां
चौधरी फतह की हत्या की योजना बना रहा था. हालांकि लेखक दिल्ली में नहीं है, चौधरी यहां रेकी करने आया था और इसके लिए उसने 1.5 लाख रुपये लिए थे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
चौधरी फतह की हत्या की योजना बना रहा था. हालांकि लेखक दिल्ली में नहीं है, चौधरी यहां रेकी करने आया था और इसके लिए उसने 1.5 लाख रुपये लिए थे.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त सारांश: जुनैद को तारिक की हत्या करने के लिए सुपारी दी गई थी
तारिक ने कहा कि उन्हें सच बोलने से डर नहीं लगता
मेडिकल जांच के लिए कनाडा गए हैं तारिक | 23 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: लोकपाल विधेयक का मसौदा तैयार करने के लिए केंद्र के मंत्रियों और गांधीवादी अन्ना हजारे के नेतृत्व वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं के बीच शनिवार को हुई संयुक्त समिति की पहली बैठक में दोनों पक्षों के बीच यह सहमति बनी कि संसद का मॉनसून सत्र शुरू होने से पहले एक पुख्ता विधेयक तैयार कर लिया जाएगा। सरकार की ओर से वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी की अध्यक्षता और समाज की ओर से पूर्व विधि मंत्री तथा वरिष्ठ अधिवक्ता शांति भूषण की सह-अध्यक्षता में यह बैठक 90 मिनट चली। 10 सदस्यीय संयुक्त समिति में शामिल सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बैठक की वीडियोग्राफी कराने की मांग रखी, लेकिन बाद में दोनों पक्ष हर बैठक की ऑडियोग्राफी कराने पर राजी हो गए। बैठक में महत्वपूर्ण रूप से सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा तैयार जन लोकपाल विधेयक को पेश किया गया। समिति में शामिल मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल ने बैठक को ऐतिहासिक कदम करार दिया। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, दोनों पक्षों ने लोकपाल विधेयक के बारे में अपने विचार और अपना दृष्टिकोण रखा। मसौदा विधेयक का ताजा संस्करण (जन लोकपाल विधेयक) अध्यक्ष को दिया गया और उन्होंने उस पर गौर भी किया। उन्होंने कहा, लेकिन दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी है कि स्थायी समिति की ओर से तैयार मसौदा विधेयक पर भी आगे होने वाली बैठकों में चर्चा की जाएगी। समिति के सभी सदस्य चाहते हैं कि एक पुख्ता विधेयक तैयार हो, जिसे संसद के मॉनसून सत्र में पेश किया जाए। समिति की अगली बैठक 2 मई को होगी। बैठक में गैर-सरकारी नुमाइंदों के तौर पर अन्ना हजारे, पूर्व कानून मंत्री शांति भूषण, वरिष्ठ एडवोकेट प्रशांत भूषण और अरविंद केजरीवाल मौजूद रहे,, जबकि सरकार की ओर से समिति के अध्यक्ष प्रणब मुखर्जी के साथ-साथ गृहमंत्री पी चिदंबरम, मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल, कानून मंत्री वीरप्पा मोइली और सलमान खुर्शीद ने हिस्सा लिया। इसी विधेयक को लेकर अन्ना हजारे ने अपने साथियों के साथ मिलकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर पांच दिन तक मुहिम चलाई, जिसके बाद सरकार को मांगें मानने के लिए मजबूर होना पड़ा। आइए एक नजर डालते हैं कि आखिर लोकपाल बिल के ऐसे कौन से मुद्दे हैं, जिन पर सरकार और अन्ना के बीच विवाद हो सकता है। पहला है न्यायपालिका का मुद्दा। अन्ना और उनके समर्थक चाहते हैं कि इस बिल में न्यायपालिका को भी शामिल किया जाए। लेकिन सरकार के मुताबिक संविधान इस बात की अनुमति नहीं देता। हजारे समर्थक चाहते हैं कि लोकपाल सबसे ऊपर हो। उसके पास प्रधानमंत्री और मुख्य न्यायाधीश को भी पद से हटाने की ताकत हो। लेकिन संविधान के मुताबिक प्रधानमंत्री को सिर्फ राष्ट्रपति ही बहुमत न होने पर हटा सकते हैं और चीफ जस्टिस को पद से हटाने के लिए संसद में महाभियोग लाना पड़ता है। तीसरा मुद्दा है लोकपाल फंड का। हजारे चाहते हैं कि जुर्माने की राशि लोकपाल फंड में जमा हो, जबकि जब्त हुए सारा पैसा एक ही सरकारी फंड में जाता है। सरकार का दावा है कि ऐसे में हर समिति हर संस्था अपना खुद का फंड मांगने लगेगी। चौथा मुद्दा है शिकायतकर्ता की जवाबदेही का। हजारे समर्थक चाहते हैं कि शिकायत गलत पाई जाने के बावजूद शिकायतकर्ता के खिलाफ कोई कार्रवाई न हो, लेकिन सरकार चाहती है कि शिकायतकर्ता की कोई न कोई जवाबदेही हो।(इनपुट भाषा से भी) | संक्षिप्त पाठ: संयुक्त समिति की पहली बैठक में दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी कि संसद का मॉनसून सत्र शुरू होने से पहले एक पुख्ता विधेयक तैयार कर लिया जाएगा। | 22 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: हमले के बाद गहरे कोमा में अस्पताल में पड़े सरबजीत सिंह की बहन दलबीर कौर का कहना है कि लाहौर में जेल अधिकारियों की संलिप्तता के बिना उसके भाई पर हमला नहीं हो सकता और पाकिस्तान को इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ फौरन कार्रवाई करनी चाहिए।
दलबीर ने अपने भाई से मिलने पाकिस्तान जाने से पहले कहा, जेल प्रशासन की संलिप्तता के बिना यह संभव नहीं है। शुक्रवार को जेल में कैदियों ने सरबजीत पर घातक हमला कर दिया, जिसके बाद से वह लाहौर अस्पताल में भर्ती हैं।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, पाकिस्तान को सरबजीत पर हमले के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ फौरन कार्रवाई करनी चाहिए। पाकिस्तानी उच्चायोग ने सरबजीत की पत्नी सुखप्रीत कौर, बेटियां पूनम और स्वपनदीप कौर तथा बहन दलबीर कौर को 15 दिन का वीजा दिया है।
दलबीर कौर ने कहा, सरबजीत को चाकू घोंपा गया और किसी ने जेल के कैदियों को जरूर बताया होगा, ये सभी जेल में मौजूद है। सब इरादतन किया गया। उन्होंने कहा, मैं यह नहीं मान सकती कि उन्होंने जेल वार्डन से चाभी छीन ली। मुझे लगता है कि वार्डन ने ही चाभी दी और मौका दिया होगा। ऐसे समय में उसके बैरक में बदलाव क्यों किया गया, जब अन्य पाकिस्तानी कैदी खाना खा रहे थे।
दलबीर ने अपने भाई से मिलने पाकिस्तान जाने से पहले कहा, जेल प्रशासन की संलिप्तता के बिना यह संभव नहीं है। शुक्रवार को जेल में कैदियों ने सरबजीत पर घातक हमला कर दिया, जिसके बाद से वह लाहौर अस्पताल में भर्ती हैं।टिप्पणियां
उन्होंने कहा, पाकिस्तान को सरबजीत पर हमले के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ फौरन कार्रवाई करनी चाहिए। पाकिस्तानी उच्चायोग ने सरबजीत की पत्नी सुखप्रीत कौर, बेटियां पूनम और स्वपनदीप कौर तथा बहन दलबीर कौर को 15 दिन का वीजा दिया है।
दलबीर कौर ने कहा, सरबजीत को चाकू घोंपा गया और किसी ने जेल के कैदियों को जरूर बताया होगा, ये सभी जेल में मौजूद है। सब इरादतन किया गया। उन्होंने कहा, मैं यह नहीं मान सकती कि उन्होंने जेल वार्डन से चाभी छीन ली। मुझे लगता है कि वार्डन ने ही चाभी दी और मौका दिया होगा। ऐसे समय में उसके बैरक में बदलाव क्यों किया गया, जब अन्य पाकिस्तानी कैदी खाना खा रहे थे।
उन्होंने कहा, पाकिस्तान को सरबजीत पर हमले के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ फौरन कार्रवाई करनी चाहिए। पाकिस्तानी उच्चायोग ने सरबजीत की पत्नी सुखप्रीत कौर, बेटियां पूनम और स्वपनदीप कौर तथा बहन दलबीर कौर को 15 दिन का वीजा दिया है।
दलबीर कौर ने कहा, सरबजीत को चाकू घोंपा गया और किसी ने जेल के कैदियों को जरूर बताया होगा, ये सभी जेल में मौजूद है। सब इरादतन किया गया। उन्होंने कहा, मैं यह नहीं मान सकती कि उन्होंने जेल वार्डन से चाभी छीन ली। मुझे लगता है कि वार्डन ने ही चाभी दी और मौका दिया होगा। ऐसे समय में उसके बैरक में बदलाव क्यों किया गया, जब अन्य पाकिस्तानी कैदी खाना खा रहे थे।
दलबीर कौर ने कहा, सरबजीत को चाकू घोंपा गया और किसी ने जेल के कैदियों को जरूर बताया होगा, ये सभी जेल में मौजूद है। सब इरादतन किया गया। उन्होंने कहा, मैं यह नहीं मान सकती कि उन्होंने जेल वार्डन से चाभी छीन ली। मुझे लगता है कि वार्डन ने ही चाभी दी और मौका दिया होगा। ऐसे समय में उसके बैरक में बदलाव क्यों किया गया, जब अन्य पाकिस्तानी कैदी खाना खा रहे थे। | हमले के बाद गहरे कोमा में अस्पताल में पड़े सरबजीत सिंह की बहन दलबीर कौर का कहना है कि लाहौर में जेल अधिकारियों की संलिप्तता के बिना उसके भाई पर हमला नहीं हो सकता और पाकिस्तान को इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ फौरन कार्रवाई करनी चाहिए। | 34 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: उन्होंने लिखा, राष्ट्रपति ट्रम्प की और मेरी इससे पहले फोन पर बातचीत हुई है. हमारी बातचीत में अपने लोगों के परस्पर लाभ हेतु सर्वागीण सकारात्मक संबंधों को आगे ले जाने के साझा इरादे पर बात हुई. प्रधानमंत्री ने लिखा है, मैं भारत और अमेरिका के बीच प्रगाढ़ और व्यापक साझेदारी को और मजबूत बनाने को लेकर गहराई से विचारों का आदान-प्रदान के इस अवसर को लेकर आशावादी हूं. उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका के साथ भारत की साझेदारी बहुस्तरीय और बहुमुखी है, जिसका ना सिर्फ दोनों देशों की सरकारें बल्कि दोनों ही जगहों के हितधारक भी समर्थन करते हैं.
उन्होंने लिखा है, राष्ट्रपति ट्रंप के तहत अमेरिका के नए प्रशासन के साथ मैं हमारी साझेदारी के लिए भविष्योन्मुखी दृष्टिकोण विकसित करने को लेकर उत्सुक हूं. ट्रम्प और उनके कैबिनेट सहयोगियों के साथ आधिकारिक बैठकों के अलावा प्रधानमंत्री मोदी अमेरिका के कुछ महत्वपूर्ण सीईओ से भी मिलेंगे. पहले की तरह ही वह इस बार भी भारतीय समुदाय के लोगों से बातचीत करेंगे. यात्रा के प्रथम चरण में पीएम मोदी आज पुर्तगाल पहुंचेंगे, जहां वह प्रधानमंत्री एंटोनियो कोस्टा से मिलेंगे. अमेरिका में अपने समर्थकों को लिखे एक ईमेल में पीएम मोदी ने कहा कि वह दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध बढ़ाने के तरीकों पर ट्रंप से बात करेंगे.
उन्होंने ईमेल में लिखा है, 24 जून शुरू हो रही यात्रा के दौरान मैं वाशिंगटन डीसी आ रहा हूं. उन्होंने लिखा है, 25 को मैं वाशिंगटन डीसी में एक सामुदायिक कार्यक्रम को संबोधित करूंगा, जहां मैं आपसे बात करने की आशा करता हूं. समुदाय के नेताओं के साथ अपनी बातचीत से पहले पीएम मोदी ने प्रवासी भारतीयों से उनके विचार और जानकारियां मांगी. समुदाय के नेता समूचे अमेरिका से वाशिंगटन डीसी पहुंच रहे हैं.टिप्पणियां
उन्होंने लिखा है, वाशिंगटन डीसी में हमारे मिलने से पहले, मैं आपसे कुछ सुनना चाहता हूं. आप अपने विचार और जानकारियां मुझे नरेन्द्र मोदी मोबाइल ऐप पर साझा करिए. मैं 25 तारीख को सामुदायिक कार्यक्रम में अपने भाषण में उनका जिक्र करूंगा. अमेरिका यात्रा के बाद पीएम मोदी 27 जून को नीदरलैंड रवाना होंगे. भारत और पुर्तगाल दोनों देश इस वर्ष राजनयिक संबंधों की स्थापना की 70वीं वर्षगांठ मना रहे हैं. यहां भी प्रधानमंत्री देश के महत्पूर्ण सीईओ से मिलेंगे.
(इनपुट्स भाषा से भी)
उन्होंने लिखा है, राष्ट्रपति ट्रंप के तहत अमेरिका के नए प्रशासन के साथ मैं हमारी साझेदारी के लिए भविष्योन्मुखी दृष्टिकोण विकसित करने को लेकर उत्सुक हूं. ट्रम्प और उनके कैबिनेट सहयोगियों के साथ आधिकारिक बैठकों के अलावा प्रधानमंत्री मोदी अमेरिका के कुछ महत्वपूर्ण सीईओ से भी मिलेंगे. पहले की तरह ही वह इस बार भी भारतीय समुदाय के लोगों से बातचीत करेंगे. यात्रा के प्रथम चरण में पीएम मोदी आज पुर्तगाल पहुंचेंगे, जहां वह प्रधानमंत्री एंटोनियो कोस्टा से मिलेंगे. अमेरिका में अपने समर्थकों को लिखे एक ईमेल में पीएम मोदी ने कहा कि वह दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध बढ़ाने के तरीकों पर ट्रंप से बात करेंगे.
उन्होंने ईमेल में लिखा है, 24 जून शुरू हो रही यात्रा के दौरान मैं वाशिंगटन डीसी आ रहा हूं. उन्होंने लिखा है, 25 को मैं वाशिंगटन डीसी में एक सामुदायिक कार्यक्रम को संबोधित करूंगा, जहां मैं आपसे बात करने की आशा करता हूं. समुदाय के नेताओं के साथ अपनी बातचीत से पहले पीएम मोदी ने प्रवासी भारतीयों से उनके विचार और जानकारियां मांगी. समुदाय के नेता समूचे अमेरिका से वाशिंगटन डीसी पहुंच रहे हैं.टिप्पणियां
उन्होंने लिखा है, वाशिंगटन डीसी में हमारे मिलने से पहले, मैं आपसे कुछ सुनना चाहता हूं. आप अपने विचार और जानकारियां मुझे नरेन्द्र मोदी मोबाइल ऐप पर साझा करिए. मैं 25 तारीख को सामुदायिक कार्यक्रम में अपने भाषण में उनका जिक्र करूंगा. अमेरिका यात्रा के बाद पीएम मोदी 27 जून को नीदरलैंड रवाना होंगे. भारत और पुर्तगाल दोनों देश इस वर्ष राजनयिक संबंधों की स्थापना की 70वीं वर्षगांठ मना रहे हैं. यहां भी प्रधानमंत्री देश के महत्पूर्ण सीईओ से मिलेंगे.
(इनपुट्स भाषा से भी)
उन्होंने ईमेल में लिखा है, 24 जून शुरू हो रही यात्रा के दौरान मैं वाशिंगटन डीसी आ रहा हूं. उन्होंने लिखा है, 25 को मैं वाशिंगटन डीसी में एक सामुदायिक कार्यक्रम को संबोधित करूंगा, जहां मैं आपसे बात करने की आशा करता हूं. समुदाय के नेताओं के साथ अपनी बातचीत से पहले पीएम मोदी ने प्रवासी भारतीयों से उनके विचार और जानकारियां मांगी. समुदाय के नेता समूचे अमेरिका से वाशिंगटन डीसी पहुंच रहे हैं.टिप्पणियां
उन्होंने लिखा है, वाशिंगटन डीसी में हमारे मिलने से पहले, मैं आपसे कुछ सुनना चाहता हूं. आप अपने विचार और जानकारियां मुझे नरेन्द्र मोदी मोबाइल ऐप पर साझा करिए. मैं 25 तारीख को सामुदायिक कार्यक्रम में अपने भाषण में उनका जिक्र करूंगा. अमेरिका यात्रा के बाद पीएम मोदी 27 जून को नीदरलैंड रवाना होंगे. भारत और पुर्तगाल दोनों देश इस वर्ष राजनयिक संबंधों की स्थापना की 70वीं वर्षगांठ मना रहे हैं. यहां भी प्रधानमंत्री देश के महत्पूर्ण सीईओ से मिलेंगे.
(इनपुट्स भाषा से भी)
उन्होंने लिखा है, वाशिंगटन डीसी में हमारे मिलने से पहले, मैं आपसे कुछ सुनना चाहता हूं. आप अपने विचार और जानकारियां मुझे नरेन्द्र मोदी मोबाइल ऐप पर साझा करिए. मैं 25 तारीख को सामुदायिक कार्यक्रम में अपने भाषण में उनका जिक्र करूंगा. अमेरिका यात्रा के बाद पीएम मोदी 27 जून को नीदरलैंड रवाना होंगे. भारत और पुर्तगाल दोनों देश इस वर्ष राजनयिक संबंधों की स्थापना की 70वीं वर्षगांठ मना रहे हैं. यहां भी प्रधानमंत्री देश के महत्पूर्ण सीईओ से मिलेंगे.
(इनपुट्स भाषा से भी)
(इनपुट्स भाषा से भी) | सारांश: 25 जून से दो दिन के लिए वाशिंगटन यात्रा पर पीएम मोदी
प्रवासी भारतीयों से विचार और जानकारियां भी मांगी
भाषण के दौरान करेंगे जिक्र | 7 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद से अलग हो चुके उनके साले और कांग्रेस की बिहार इकाई के नेता अनिरुद्ध प्रसाद उर्फ साधू यादव ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और कहा कि राहुल गांधी की तुलना में मोदी में प्रधानमंत्री बनने के ज्यादा गुण हैं। उनकी इस मुलाकात से बिहार बीजेपी में भूचाल आ गया है।
बिहार बीजेपी अध्यक्ष सुशील मोदी ने इस मुलाकात पर ऐतराज करते हुए कहा कि मुलाकात से पहले बिहार की पार्टी इकाई को भरोसे में लिया जाना चाहिए।
दूसरी ओर, मोदी के गांधीनगर स्थित कार्यालय में उनसे मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में यादव ने कहा, ‘मेरा ठोस विश्वास है कि राहुल गांधी की तुलना में मोदी में हमारे देश का प्रधानमंत्री बनने के बेहतर गुण हैं।’ उन्होंने आगे कहा, ‘नरेंद्र मोदी एक ताकतवर नेता हैं और हमारे देश को प्रधानमंत्री के तौर पर मोदी जैसे नेता की जरूरत है।’
यादव ने कहा, ‘यदि आप राहुल गांधी से मोदी की तुलना करेंगे तो मैं समझता हूं कि मोदी जी कहीं ज्यादा बेहतर हैं क्योंकि जब भी आपको जरूरत होगी, वह आपकी मदद के लिए आगे आ जाएंगे जबकि राहुल गांधी से मिलने का वक्त लेने में आपको तीन साल का इंतजार करना होगा।’ टिप्पणियां
राज्यसभा के पूर्व सदस्य यादव बिहार कांग्रेस के एक और नेता दसई चौधरी के साथ मोदी से मिलने गए थे। दोनों नेताओं ने गांधीनगर स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में मोदी से मुलाकात की।
जब यादव से यह कहा गया कि पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी उनके खिलाफ कार्रवाई कर सकती हैं, इसपर उन्होंने बागी अंदाज में कहा, ‘सोनिया गांधी से कौन डरता है? क्या सोनिया गांधी देश चला रही हैं? यह देश मनमोहन सिंह चला रहे हैं और मुझे यह बताइए कि कितने लोग यह जानते हैं कि मनमोहन सिंह हमारे प्रधानमंत्री हैं? जबकि देश का बच्चा-बच्चा नरेंद्र मोदी को जानता है।’
बिहार बीजेपी अध्यक्ष सुशील मोदी ने इस मुलाकात पर ऐतराज करते हुए कहा कि मुलाकात से पहले बिहार की पार्टी इकाई को भरोसे में लिया जाना चाहिए।
दूसरी ओर, मोदी के गांधीनगर स्थित कार्यालय में उनसे मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में यादव ने कहा, ‘मेरा ठोस विश्वास है कि राहुल गांधी की तुलना में मोदी में हमारे देश का प्रधानमंत्री बनने के बेहतर गुण हैं।’ उन्होंने आगे कहा, ‘नरेंद्र मोदी एक ताकतवर नेता हैं और हमारे देश को प्रधानमंत्री के तौर पर मोदी जैसे नेता की जरूरत है।’
यादव ने कहा, ‘यदि आप राहुल गांधी से मोदी की तुलना करेंगे तो मैं समझता हूं कि मोदी जी कहीं ज्यादा बेहतर हैं क्योंकि जब भी आपको जरूरत होगी, वह आपकी मदद के लिए आगे आ जाएंगे जबकि राहुल गांधी से मिलने का वक्त लेने में आपको तीन साल का इंतजार करना होगा।’ टिप्पणियां
राज्यसभा के पूर्व सदस्य यादव बिहार कांग्रेस के एक और नेता दसई चौधरी के साथ मोदी से मिलने गए थे। दोनों नेताओं ने गांधीनगर स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में मोदी से मुलाकात की।
जब यादव से यह कहा गया कि पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी उनके खिलाफ कार्रवाई कर सकती हैं, इसपर उन्होंने बागी अंदाज में कहा, ‘सोनिया गांधी से कौन डरता है? क्या सोनिया गांधी देश चला रही हैं? यह देश मनमोहन सिंह चला रहे हैं और मुझे यह बताइए कि कितने लोग यह जानते हैं कि मनमोहन सिंह हमारे प्रधानमंत्री हैं? जबकि देश का बच्चा-बच्चा नरेंद्र मोदी को जानता है।’
दूसरी ओर, मोदी के गांधीनगर स्थित कार्यालय में उनसे मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में यादव ने कहा, ‘मेरा ठोस विश्वास है कि राहुल गांधी की तुलना में मोदी में हमारे देश का प्रधानमंत्री बनने के बेहतर गुण हैं।’ उन्होंने आगे कहा, ‘नरेंद्र मोदी एक ताकतवर नेता हैं और हमारे देश को प्रधानमंत्री के तौर पर मोदी जैसे नेता की जरूरत है।’
यादव ने कहा, ‘यदि आप राहुल गांधी से मोदी की तुलना करेंगे तो मैं समझता हूं कि मोदी जी कहीं ज्यादा बेहतर हैं क्योंकि जब भी आपको जरूरत होगी, वह आपकी मदद के लिए आगे आ जाएंगे जबकि राहुल गांधी से मिलने का वक्त लेने में आपको तीन साल का इंतजार करना होगा।’ टिप्पणियां
राज्यसभा के पूर्व सदस्य यादव बिहार कांग्रेस के एक और नेता दसई चौधरी के साथ मोदी से मिलने गए थे। दोनों नेताओं ने गांधीनगर स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में मोदी से मुलाकात की।
जब यादव से यह कहा गया कि पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी उनके खिलाफ कार्रवाई कर सकती हैं, इसपर उन्होंने बागी अंदाज में कहा, ‘सोनिया गांधी से कौन डरता है? क्या सोनिया गांधी देश चला रही हैं? यह देश मनमोहन सिंह चला रहे हैं और मुझे यह बताइए कि कितने लोग यह जानते हैं कि मनमोहन सिंह हमारे प्रधानमंत्री हैं? जबकि देश का बच्चा-बच्चा नरेंद्र मोदी को जानता है।’
यादव ने कहा, ‘यदि आप राहुल गांधी से मोदी की तुलना करेंगे तो मैं समझता हूं कि मोदी जी कहीं ज्यादा बेहतर हैं क्योंकि जब भी आपको जरूरत होगी, वह आपकी मदद के लिए आगे आ जाएंगे जबकि राहुल गांधी से मिलने का वक्त लेने में आपको तीन साल का इंतजार करना होगा।’ टिप्पणियां
राज्यसभा के पूर्व सदस्य यादव बिहार कांग्रेस के एक और नेता दसई चौधरी के साथ मोदी से मिलने गए थे। दोनों नेताओं ने गांधीनगर स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में मोदी से मुलाकात की।
जब यादव से यह कहा गया कि पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी उनके खिलाफ कार्रवाई कर सकती हैं, इसपर उन्होंने बागी अंदाज में कहा, ‘सोनिया गांधी से कौन डरता है? क्या सोनिया गांधी देश चला रही हैं? यह देश मनमोहन सिंह चला रहे हैं और मुझे यह बताइए कि कितने लोग यह जानते हैं कि मनमोहन सिंह हमारे प्रधानमंत्री हैं? जबकि देश का बच्चा-बच्चा नरेंद्र मोदी को जानता है।’
राज्यसभा के पूर्व सदस्य यादव बिहार कांग्रेस के एक और नेता दसई चौधरी के साथ मोदी से मिलने गए थे। दोनों नेताओं ने गांधीनगर स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में मोदी से मुलाकात की।
जब यादव से यह कहा गया कि पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी उनके खिलाफ कार्रवाई कर सकती हैं, इसपर उन्होंने बागी अंदाज में कहा, ‘सोनिया गांधी से कौन डरता है? क्या सोनिया गांधी देश चला रही हैं? यह देश मनमोहन सिंह चला रहे हैं और मुझे यह बताइए कि कितने लोग यह जानते हैं कि मनमोहन सिंह हमारे प्रधानमंत्री हैं? जबकि देश का बच्चा-बच्चा नरेंद्र मोदी को जानता है।’
जब यादव से यह कहा गया कि पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी उनके खिलाफ कार्रवाई कर सकती हैं, इसपर उन्होंने बागी अंदाज में कहा, ‘सोनिया गांधी से कौन डरता है? क्या सोनिया गांधी देश चला रही हैं? यह देश मनमोहन सिंह चला रहे हैं और मुझे यह बताइए कि कितने लोग यह जानते हैं कि मनमोहन सिंह हमारे प्रधानमंत्री हैं? जबकि देश का बच्चा-बच्चा नरेंद्र मोदी को जानता है।’ | यह एक सारांश है: राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद से अलग हो चुके उनके साले और कांग्रेस की बिहार इकाई के नेता अनिरुद्ध प्रसाद उर्फ साधू यादव ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और कहा कि राहुल गांधी की तुलना में मोदी में प्रधानमंत्री बनने के ज्यादा | 21 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: यौन उत्पीड़न के एक मामले में आरोपी टेरी के पूर्व प्रमुख आरके पचौरी को दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को जमानत देते हुए एक बार फिर उन्हें विदेश जाने की अनुमति दे दी।
मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट शिवानी चौहान के समक्ष पेश हुए पचौरी को मैक्सिको में एक महीना तक चलने वाले सम्मेलन के लिए विदेश जाने की अनुमति मिल गई। पचौरी के खिलाफ समन जारी किया गया था, जिसके मुताबिक उन्हें अदालत में पेश होना था।
मजिस्ट्रेट ने कहा, 'मामले में जांच पूरी हो गई है। आरोप पत्र पहले ही दायर कर दिया गया है। मामले में जांच के दौरान उन्हें तत्काल आधार पर कभी गिरफ्तार नहीं किया गया, जो यह दिखाता है कि जांच के मकसद से उन्हें हिरासत में लिए जाने की आवश्यकता नहीं है और उन्हें जेल भेजकर कोई प्रयोजन पूरा नहीं होगा।'
मजिस्ट्रेट ने कहा, 'आरोपी आरके पचौरी को कुल 50,000 रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की जमानत राशि अदा करने पर जमानत मंजूर की जाती है।' पचौरी के वकील आशीष दीक्षित ने उनके मैक्सिको जाने के लिए अनुमति मांगने संबंधी याचिका दायर की थी, जिसे स्वीकार करते हुए अदालत ने यह भी कहा कि पचौरी को इससे पहले भी कार्यक्रमों के लिए विदेश जाने की अनुमति मिल चुकी है और उन्होंने अदालत के निर्देशों का पालन भी किया था। टिप्पणियां
अदालत ने कहा, 'आरोपी को इससे पहले भी कई मौकों पर विदेश जाने की अनुमति दी गई है और उन्होंने अदालत के निर्देशों का पालन भी किया। ऐसी परिस्थिति में आरोपी को 50,000 रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की जमानत राशि अदा करने की शर्त पर 12 जुलाई से 14 अगस्त तक विदेश जाने की अनुमति दी जाती है।'(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट शिवानी चौहान के समक्ष पेश हुए पचौरी को मैक्सिको में एक महीना तक चलने वाले सम्मेलन के लिए विदेश जाने की अनुमति मिल गई। पचौरी के खिलाफ समन जारी किया गया था, जिसके मुताबिक उन्हें अदालत में पेश होना था।
मजिस्ट्रेट ने कहा, 'मामले में जांच पूरी हो गई है। आरोप पत्र पहले ही दायर कर दिया गया है। मामले में जांच के दौरान उन्हें तत्काल आधार पर कभी गिरफ्तार नहीं किया गया, जो यह दिखाता है कि जांच के मकसद से उन्हें हिरासत में लिए जाने की आवश्यकता नहीं है और उन्हें जेल भेजकर कोई प्रयोजन पूरा नहीं होगा।'
मजिस्ट्रेट ने कहा, 'आरोपी आरके पचौरी को कुल 50,000 रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की जमानत राशि अदा करने पर जमानत मंजूर की जाती है।' पचौरी के वकील आशीष दीक्षित ने उनके मैक्सिको जाने के लिए अनुमति मांगने संबंधी याचिका दायर की थी, जिसे स्वीकार करते हुए अदालत ने यह भी कहा कि पचौरी को इससे पहले भी कार्यक्रमों के लिए विदेश जाने की अनुमति मिल चुकी है और उन्होंने अदालत के निर्देशों का पालन भी किया था। टिप्पणियां
अदालत ने कहा, 'आरोपी को इससे पहले भी कई मौकों पर विदेश जाने की अनुमति दी गई है और उन्होंने अदालत के निर्देशों का पालन भी किया। ऐसी परिस्थिति में आरोपी को 50,000 रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की जमानत राशि अदा करने की शर्त पर 12 जुलाई से 14 अगस्त तक विदेश जाने की अनुमति दी जाती है।'(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मजिस्ट्रेट ने कहा, 'मामले में जांच पूरी हो गई है। आरोप पत्र पहले ही दायर कर दिया गया है। मामले में जांच के दौरान उन्हें तत्काल आधार पर कभी गिरफ्तार नहीं किया गया, जो यह दिखाता है कि जांच के मकसद से उन्हें हिरासत में लिए जाने की आवश्यकता नहीं है और उन्हें जेल भेजकर कोई प्रयोजन पूरा नहीं होगा।'
मजिस्ट्रेट ने कहा, 'आरोपी आरके पचौरी को कुल 50,000 रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की जमानत राशि अदा करने पर जमानत मंजूर की जाती है।' पचौरी के वकील आशीष दीक्षित ने उनके मैक्सिको जाने के लिए अनुमति मांगने संबंधी याचिका दायर की थी, जिसे स्वीकार करते हुए अदालत ने यह भी कहा कि पचौरी को इससे पहले भी कार्यक्रमों के लिए विदेश जाने की अनुमति मिल चुकी है और उन्होंने अदालत के निर्देशों का पालन भी किया था। टिप्पणियां
अदालत ने कहा, 'आरोपी को इससे पहले भी कई मौकों पर विदेश जाने की अनुमति दी गई है और उन्होंने अदालत के निर्देशों का पालन भी किया। ऐसी परिस्थिति में आरोपी को 50,000 रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की जमानत राशि अदा करने की शर्त पर 12 जुलाई से 14 अगस्त तक विदेश जाने की अनुमति दी जाती है।'(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मजिस्ट्रेट ने कहा, 'आरोपी आरके पचौरी को कुल 50,000 रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की जमानत राशि अदा करने पर जमानत मंजूर की जाती है।' पचौरी के वकील आशीष दीक्षित ने उनके मैक्सिको जाने के लिए अनुमति मांगने संबंधी याचिका दायर की थी, जिसे स्वीकार करते हुए अदालत ने यह भी कहा कि पचौरी को इससे पहले भी कार्यक्रमों के लिए विदेश जाने की अनुमति मिल चुकी है और उन्होंने अदालत के निर्देशों का पालन भी किया था। टिप्पणियां
अदालत ने कहा, 'आरोपी को इससे पहले भी कई मौकों पर विदेश जाने की अनुमति दी गई है और उन्होंने अदालत के निर्देशों का पालन भी किया। ऐसी परिस्थिति में आरोपी को 50,000 रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की जमानत राशि अदा करने की शर्त पर 12 जुलाई से 14 अगस्त तक विदेश जाने की अनुमति दी जाती है।'(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अदालत ने कहा, 'आरोपी को इससे पहले भी कई मौकों पर विदेश जाने की अनुमति दी गई है और उन्होंने अदालत के निर्देशों का पालन भी किया। ऐसी परिस्थिति में आरोपी को 50,000 रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की जमानत राशि अदा करने की शर्त पर 12 जुलाई से 14 अगस्त तक विदेश जाने की अनुमति दी जाती है।'(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त पाठ: यौन उत्पीड़न के मामले में आरोपी हैं आरके पचौरी
50,000 रुपये के निजी मुचलके, इतनी ही राशि की जमानत राशि पर मिली बेल
मैक्सिको में सम्मेलन के लिए जाने की अनुमति मिली | 13 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारत जल्द ही उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल हो जाएगा जो 40 हजार टन का विमानवाहक पोत तैयार करते है। कोच्चि में 12 अगस्त को ऐसा ही एक विमानवाहक पोत पेश किया जाएगा।
नौसेना उपप्रमुख वाइस एडमिरल आरके धोवन ने कहा कि इस पोत का रक्षा एके एंटनी की पत्नी की ओर से पेश करने का कार्यक्रम है और इसका नाम भारत के पहले विमानवाहक के नाम पर ‘विक्रांत’ रखा गया है।
उन्होंने कहा, ‘अमेरिका, ब्रिटेन, रूस और फ्रांस के पास 40 हजार और इससे अधिक क्षमता का विमानवाहक का डिजाइन तैयार करने और निर्माण करने की क्षमता है। भारत जल्द इस समूह में शामिल हो जाएगा।’टिप्पणियां
धोवन ने कहा कि यह पहले चरण के तहत पेश किया गया जाएगा और इसके बाद इसके उपरी ढांचे, मशीनरी और उपकरणों को लगाया जाएगा। इस विमानवाहक का 2018 में शामिल किए जाने का कार्यक्रम है।
नौसेना महानिदेशालय डिजाइन ने इसका डिजाइन तैयार किया है और इसका निर्माण कोच्चिं शिपयार्ड लिमिटेड कर रहा है। यह विमानवाहक 260 मीटर लम्बा और 60 मीटर चौड़ा है और इस पर साल 2006 में काम शुरू किया गया था।
नौसेना उपप्रमुख वाइस एडमिरल आरके धोवन ने कहा कि इस पोत का रक्षा एके एंटनी की पत्नी की ओर से पेश करने का कार्यक्रम है और इसका नाम भारत के पहले विमानवाहक के नाम पर ‘विक्रांत’ रखा गया है।
उन्होंने कहा, ‘अमेरिका, ब्रिटेन, रूस और फ्रांस के पास 40 हजार और इससे अधिक क्षमता का विमानवाहक का डिजाइन तैयार करने और निर्माण करने की क्षमता है। भारत जल्द इस समूह में शामिल हो जाएगा।’टिप्पणियां
धोवन ने कहा कि यह पहले चरण के तहत पेश किया गया जाएगा और इसके बाद इसके उपरी ढांचे, मशीनरी और उपकरणों को लगाया जाएगा। इस विमानवाहक का 2018 में शामिल किए जाने का कार्यक्रम है।
नौसेना महानिदेशालय डिजाइन ने इसका डिजाइन तैयार किया है और इसका निर्माण कोच्चिं शिपयार्ड लिमिटेड कर रहा है। यह विमानवाहक 260 मीटर लम्बा और 60 मीटर चौड़ा है और इस पर साल 2006 में काम शुरू किया गया था।
उन्होंने कहा, ‘अमेरिका, ब्रिटेन, रूस और फ्रांस के पास 40 हजार और इससे अधिक क्षमता का विमानवाहक का डिजाइन तैयार करने और निर्माण करने की क्षमता है। भारत जल्द इस समूह में शामिल हो जाएगा।’टिप्पणियां
धोवन ने कहा कि यह पहले चरण के तहत पेश किया गया जाएगा और इसके बाद इसके उपरी ढांचे, मशीनरी और उपकरणों को लगाया जाएगा। इस विमानवाहक का 2018 में शामिल किए जाने का कार्यक्रम है।
नौसेना महानिदेशालय डिजाइन ने इसका डिजाइन तैयार किया है और इसका निर्माण कोच्चिं शिपयार्ड लिमिटेड कर रहा है। यह विमानवाहक 260 मीटर लम्बा और 60 मीटर चौड़ा है और इस पर साल 2006 में काम शुरू किया गया था।
धोवन ने कहा कि यह पहले चरण के तहत पेश किया गया जाएगा और इसके बाद इसके उपरी ढांचे, मशीनरी और उपकरणों को लगाया जाएगा। इस विमानवाहक का 2018 में शामिल किए जाने का कार्यक्रम है।
नौसेना महानिदेशालय डिजाइन ने इसका डिजाइन तैयार किया है और इसका निर्माण कोच्चिं शिपयार्ड लिमिटेड कर रहा है। यह विमानवाहक 260 मीटर लम्बा और 60 मीटर चौड़ा है और इस पर साल 2006 में काम शुरू किया गया था।
नौसेना महानिदेशालय डिजाइन ने इसका डिजाइन तैयार किया है और इसका निर्माण कोच्चिं शिपयार्ड लिमिटेड कर रहा है। यह विमानवाहक 260 मीटर लम्बा और 60 मीटर चौड़ा है और इस पर साल 2006 में काम शुरू किया गया था। | संक्षिप्त पाठ: भारत जल्द ही उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल हो जाएगा जो 40 हजार टन का विमानवाहक पोत तैयार करते है। कोच्चि में 12 अगस्त को ऐसा ही एक विमानवाहक पोत पेश किया जाएगा। | 27 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: बीते 72 घंटे में दो बार ब्लैक आउट जब आधे से ज्यादा देश अंधेरे में डूबा रहा। अंतरराष्ट्रीय मीडिया जिसे दुनिया का सबसे बड़ा पावर ब्लैकआउट बता रहा है उसकी वजह क्या थी?
सूत्रों के मुताबिक पहले ईस्टर्न ग्रिड में जमशेदपुर−राउरकेला लाइन ट्रिप हुई, फिर बीना−ग्वालियर−आगरा लाइन भी ट्रिप हो गई। बीना−ग्वालियर लाइन वेस्टर्न ग्रिड का हिस्सा है जबकि आगरा नार्दन ग्रिड में आता है।
कुछ ही देर में दूसरी पावर लाइन्स भी ट्रिप होती चली गईं। एक के ट्रिप होते ही उसका लोड दूसरी लाइन पर चला जाता है और वह लाइन भी ट्रिप हो जाती है। अब जांच इस बात की हो रही है कि लाइनें ट्रिप हुई ही क्यों?
इसकी वजह खराब मॉनसून भी बताई जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक जून से सितंबर के बीच नार्दन ग्रिड में बिजली आमतौर पर कम रहती है क्योंकि किसान ज़्यादा बिजली का इस्तेमाल करते हैं। बिजली की इस कमी की भरपाई वेस्टर्न ग्रिड से होती है। इस बार बांधों में पानी कम है और किसानों को ज़रूरत पहले से ज्यादा है
जिससे राज्यों में बिजली के लिए होड़ सी लगी है।
हालांकि भारत सरकार फिलहाल इस संकट के वजहों पर साफ साफ कुछ नहीं कह रही एनडीटीवी ने जब देश के नए बिजली मंत्री से इस बारे में पूछा तो उन्होंने जवाब दिया, ''मैं इस संकट का दोष किसी राज्य को नहीं देना चाहता। हमें इस समस्या का समाधान निकालना होगा। राज्यों की भी अपनी मुश्किलें होती हैं।
इस हादसे ने देश में ग्रिड व्यवस्था की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े किए हैं। आर्थिक मंदी और पॉलिसी पैरालाइसिस से जूझ रहे प्रधानमंत्री के लिए यह बिजली संकट एक और चुनौती है। पॉवर सेक्टर की खामियों को अगर जल्दी दुरुस्त नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में हालात और भी खराब हो सकते हैं।
सूत्रों के मुताबिक पहले ईस्टर्न ग्रिड में जमशेदपुर−राउरकेला लाइन ट्रिप हुई, फिर बीना−ग्वालियर−आगरा लाइन भी ट्रिप हो गई। बीना−ग्वालियर लाइन वेस्टर्न ग्रिड का हिस्सा है जबकि आगरा नार्दन ग्रिड में आता है।
कुछ ही देर में दूसरी पावर लाइन्स भी ट्रिप होती चली गईं। एक के ट्रिप होते ही उसका लोड दूसरी लाइन पर चला जाता है और वह लाइन भी ट्रिप हो जाती है। अब जांच इस बात की हो रही है कि लाइनें ट्रिप हुई ही क्यों?
इसकी वजह खराब मॉनसून भी बताई जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक जून से सितंबर के बीच नार्दन ग्रिड में बिजली आमतौर पर कम रहती है क्योंकि किसान ज़्यादा बिजली का इस्तेमाल करते हैं। बिजली की इस कमी की भरपाई वेस्टर्न ग्रिड से होती है। इस बार बांधों में पानी कम है और किसानों को ज़रूरत पहले से ज्यादा है
जिससे राज्यों में बिजली के लिए होड़ सी लगी है।
हालांकि भारत सरकार फिलहाल इस संकट के वजहों पर साफ साफ कुछ नहीं कह रही एनडीटीवी ने जब देश के नए बिजली मंत्री से इस बारे में पूछा तो उन्होंने जवाब दिया, ''मैं इस संकट का दोष किसी राज्य को नहीं देना चाहता। हमें इस समस्या का समाधान निकालना होगा। राज्यों की भी अपनी मुश्किलें होती हैं।
इस हादसे ने देश में ग्रिड व्यवस्था की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े किए हैं। आर्थिक मंदी और पॉलिसी पैरालाइसिस से जूझ रहे प्रधानमंत्री के लिए यह बिजली संकट एक और चुनौती है। पॉवर सेक्टर की खामियों को अगर जल्दी दुरुस्त नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में हालात और भी खराब हो सकते हैं। | यह एक सारांश है: सूत्रों के मुताबिक पहले ईस्टर्न ग्रिड में जमशेदपुर−राउरकेला लाइन ट्रिप हुई, फिर बीना−ग्वालियर−आगरा लाइन भी ट्रिप हो गई। बीना−ग्वालियर लाइन वेस्टर्न ग्रिड का हिस्सा है जबकि आगरा नार्दन ग्रिड में आता है। | 24 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: महिलाओं के खिलाफ अपराध के बढ़ते मामलों के बीच कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि महिलाओं से बलात्कार और अन्य तरह की हिंसा बार-बार होने से ‘हमारे सिर शर्म से झुक गए हैं। कन्या भ्रूणहत्या और महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर चिंता जताते हुए सोनिया ने महिलाओं से आह्वान किया कि वे भविष्य में मुश्किलों के सामने झुके नहीं और उनका साहस के साथ सामना करें, क्योंकि देश को सभी जिम्मेदार पदों पर उनकी जरूरत है।
सोनिया की ये टिप्पणियां ऐसे दिन आई हैं, जब देश आज अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मना रहा है।
सोनिया ने यहां भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह और एक महिला मेडिकल कालेज के उद्घाटन के मौके पर कहा कि इस तरह की घटनाएं (बलात्कार और महिलाओं के खिलाफ अपराध) देशभर में हो रही हैं। बलात्कार तथा महिलाओं के खिलाफ अपराधों के कारण हमारे सिर शर्म से झुक गए हैं।
सोनिया ने कहा कि कांग्रेस नीत संप्रग सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा तथा उन्हें सामाजिक तथा आर्थिक रूप से शक्तिशाली बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध से निबटने के लिए जल्द ही एक विधेयक पारित किया जाएगा। उन्होंने देशभर में महिला बैंक खोलने और निर्भया कोष के लिए सरकारी बजट में एक-एक हजार करोड़ रुपये के आवंटन की घोषणा के बारे में बताया।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को पिता की संपत्ति में हिस्सा देने और यौन उत्पीड़न तथा घरेलू हिंसा की घटनाओं को रोकने के लिए एक विधेयक पेश किया गया है।टिप्पणियां
महिलाओं को महिला दिवस की बधाई देते हुए सोनिया ने कहा कि बलात्कार की पीड़ितों तथा महिलाओं के खिलाफ अपराधों की अन्य पीड़ितों के कलंक को धोने के लिए मजबूत कदम उठाए जाने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि इन सामाजिक बुराइयों के खिलाफ आवाज उठाना शिक्षित लड़कियों तथा हर किसी की जिम्मेदार है।
सोनिया की ये टिप्पणियां ऐसे दिन आई हैं, जब देश आज अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मना रहा है।
सोनिया ने यहां भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह और एक महिला मेडिकल कालेज के उद्घाटन के मौके पर कहा कि इस तरह की घटनाएं (बलात्कार और महिलाओं के खिलाफ अपराध) देशभर में हो रही हैं। बलात्कार तथा महिलाओं के खिलाफ अपराधों के कारण हमारे सिर शर्म से झुक गए हैं।
सोनिया ने कहा कि कांग्रेस नीत संप्रग सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा तथा उन्हें सामाजिक तथा आर्थिक रूप से शक्तिशाली बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध से निबटने के लिए जल्द ही एक विधेयक पारित किया जाएगा। उन्होंने देशभर में महिला बैंक खोलने और निर्भया कोष के लिए सरकारी बजट में एक-एक हजार करोड़ रुपये के आवंटन की घोषणा के बारे में बताया।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को पिता की संपत्ति में हिस्सा देने और यौन उत्पीड़न तथा घरेलू हिंसा की घटनाओं को रोकने के लिए एक विधेयक पेश किया गया है।टिप्पणियां
महिलाओं को महिला दिवस की बधाई देते हुए सोनिया ने कहा कि बलात्कार की पीड़ितों तथा महिलाओं के खिलाफ अपराधों की अन्य पीड़ितों के कलंक को धोने के लिए मजबूत कदम उठाए जाने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि इन सामाजिक बुराइयों के खिलाफ आवाज उठाना शिक्षित लड़कियों तथा हर किसी की जिम्मेदार है।
सोनिया ने यहां भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह और एक महिला मेडिकल कालेज के उद्घाटन के मौके पर कहा कि इस तरह की घटनाएं (बलात्कार और महिलाओं के खिलाफ अपराध) देशभर में हो रही हैं। बलात्कार तथा महिलाओं के खिलाफ अपराधों के कारण हमारे सिर शर्म से झुक गए हैं।
सोनिया ने कहा कि कांग्रेस नीत संप्रग सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा तथा उन्हें सामाजिक तथा आर्थिक रूप से शक्तिशाली बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध से निबटने के लिए जल्द ही एक विधेयक पारित किया जाएगा। उन्होंने देशभर में महिला बैंक खोलने और निर्भया कोष के लिए सरकारी बजट में एक-एक हजार करोड़ रुपये के आवंटन की घोषणा के बारे में बताया।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को पिता की संपत्ति में हिस्सा देने और यौन उत्पीड़न तथा घरेलू हिंसा की घटनाओं को रोकने के लिए एक विधेयक पेश किया गया है।टिप्पणियां
महिलाओं को महिला दिवस की बधाई देते हुए सोनिया ने कहा कि बलात्कार की पीड़ितों तथा महिलाओं के खिलाफ अपराधों की अन्य पीड़ितों के कलंक को धोने के लिए मजबूत कदम उठाए जाने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि इन सामाजिक बुराइयों के खिलाफ आवाज उठाना शिक्षित लड़कियों तथा हर किसी की जिम्मेदार है।
सोनिया ने कहा कि कांग्रेस नीत संप्रग सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा तथा उन्हें सामाजिक तथा आर्थिक रूप से शक्तिशाली बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध से निबटने के लिए जल्द ही एक विधेयक पारित किया जाएगा। उन्होंने देशभर में महिला बैंक खोलने और निर्भया कोष के लिए सरकारी बजट में एक-एक हजार करोड़ रुपये के आवंटन की घोषणा के बारे में बताया।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को पिता की संपत्ति में हिस्सा देने और यौन उत्पीड़न तथा घरेलू हिंसा की घटनाओं को रोकने के लिए एक विधेयक पेश किया गया है।टिप्पणियां
महिलाओं को महिला दिवस की बधाई देते हुए सोनिया ने कहा कि बलात्कार की पीड़ितों तथा महिलाओं के खिलाफ अपराधों की अन्य पीड़ितों के कलंक को धोने के लिए मजबूत कदम उठाए जाने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि इन सामाजिक बुराइयों के खिलाफ आवाज उठाना शिक्षित लड़कियों तथा हर किसी की जिम्मेदार है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को पिता की संपत्ति में हिस्सा देने और यौन उत्पीड़न तथा घरेलू हिंसा की घटनाओं को रोकने के लिए एक विधेयक पेश किया गया है।टिप्पणियां
महिलाओं को महिला दिवस की बधाई देते हुए सोनिया ने कहा कि बलात्कार की पीड़ितों तथा महिलाओं के खिलाफ अपराधों की अन्य पीड़ितों के कलंक को धोने के लिए मजबूत कदम उठाए जाने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि इन सामाजिक बुराइयों के खिलाफ आवाज उठाना शिक्षित लड़कियों तथा हर किसी की जिम्मेदार है।
महिलाओं को महिला दिवस की बधाई देते हुए सोनिया ने कहा कि बलात्कार की पीड़ितों तथा महिलाओं के खिलाफ अपराधों की अन्य पीड़ितों के कलंक को धोने के लिए मजबूत कदम उठाए जाने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि इन सामाजिक बुराइयों के खिलाफ आवाज उठाना शिक्षित लड़कियों तथा हर किसी की जिम्मेदार है।
उन्होंने कहा कि इन सामाजिक बुराइयों के खिलाफ आवाज उठाना शिक्षित लड़कियों तथा हर किसी की जिम्मेदार है। | सोनिया गांधी ने कहा, हमें अपने समाज से कन्या भ्रूण हत्या के कलंक और महिलाओं के साथ बलात्कार तथा छेड़छाड़ जैसे अपराधों को उखाड़ फेंकना होगा। | 1 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: राजधानी की एक अदालत ने एक नाबालिग लड़की के बलात्कार और अपहरण मामले में मुकदमे का सामना कर रहे 22 वर्षीय एक लड़के को यह कहकर माफ कर दिया कि प्यार करने के लिए ऐसी सजा नहीं दी जा सकती जैसी कि दूसरे अपराधियों को दी जाती है। युवक को बलात्कार के आरोपों से बरी करते हुए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अनुज बजाज चंदना ने उसे अपहरण के मामले में दोषी ठहराया और उसके द्वारा जेल में गुजारी गई तीन महीने की अवधि को इस जुर्म के लिए पर्याप्त सजा मानते हुए उसे माफ कर दिया। 15 वर्षीय एक लड़की को भगा ले जाने के मामले में मुकदमे का सामना कर रहे जहांगीरपुरी निवासी संजय को माफ करते हुए न्यायाधीश ने कहा कि यह स्पष्ट है कि प्रेम की भावना के चलते दोषी ने यह कदम उठाया, जहां वह लड़की के माता-पिता की मौजूदगी और सहमति की गरिमा का पालन करने में विफल रहा। न्यायाधीश ने कहा कि संजय युवा व्यक्ति है और अपना करियर तथा भविष्य बनाने की प्रक्रिया में है। मेरे ख्याल से उसे सलाखों के पीछे भेजने को कोई मकसद हल नहीं होगा, जहां वह खूंखार अपराधियों के साथ रहेगा। प्यार में पड़ जाने के लिए ऐसी सजा नहीं दी जा सकती, जैसी कि अन्य अपराधियों को दी जाती है। उन्होंने कहा कि संजय द्वारा जेल में गुजारी गई तीन महीने की अवधि उसे सबक सिखाने के लिए काफी है। अदालत ने संजय को इस आधार पर भी माफ कर दिया कि लड़की से उसके संबंधों को बाद में दोनों परिवारों ने रजामंदी दे दी। | सारांश: राजधानी की एक अदालत ने एक लड़के को यह कहकर माफ कर दिया कि प्यार करने के लिए ऐसी सजा नहीं दी जा सकती जैसी कि दूसरे अपराधियों को दी जाती है। | 20 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: जापान की अग्रणी कार विनिर्माता कंपनी टोयोटा ने भारत में अपनी कैमरी कार का नया संस्करण पेश किया। दिल्ली में इसकी कीमत 23.8 लाख रुपये से शुरू होगी।टिप्पणियां
टोयोटा इस कार को किलरेस्कर समूह के साथ बेंगलुरु में स्थापित संयंत्र में आयातित कलपुर्जे को जोड़कर तैयार करेगी। टोयोटा किलोस्कर मोटर (टीकेएम) के प्रबंध निदेशक हिरोशी नाकागावा ने संवाददाताओं से कहा, यह कैमरी शृंखला में सातवीं पीढ़ी की कार है। हम इसे भारत में ही विनिर्माण करेंगे ताकि लोगों को आसानी से उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि फिलहाल दुनियाभर में 10 केन्द्रों पर इसका विनिर्माण किया जा रहा है। बेंगलुरु 11वां विनिर्माण केंद्र होगा। कैमरी 2500 सीसी इंजन और छह गति वाले ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन से लैस है।
टीकेएम के उप महाप्रबंधक (विपणन) संदीप सिंह ने कहा, यह वाहन सिर्फ पेट्रोल संस्करण में उपलब्ध होगी, क्योंकि हमारे प्रीमियम श्रेणी में डीजल वाहन नहीं हैं। कैमरी विश्वभर में सिर्फ पेट्रोल संस्करण में उपलब्ध है। कंपनी ने भारत में कैमरी को सर्वप्रथम 2002 में पेश किया तथा और और अब तक करीब 6500 कैमरी कारें बेच चुकी है।
टोयोटा इस कार को किलरेस्कर समूह के साथ बेंगलुरु में स्थापित संयंत्र में आयातित कलपुर्जे को जोड़कर तैयार करेगी। टोयोटा किलोस्कर मोटर (टीकेएम) के प्रबंध निदेशक हिरोशी नाकागावा ने संवाददाताओं से कहा, यह कैमरी शृंखला में सातवीं पीढ़ी की कार है। हम इसे भारत में ही विनिर्माण करेंगे ताकि लोगों को आसानी से उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि फिलहाल दुनियाभर में 10 केन्द्रों पर इसका विनिर्माण किया जा रहा है। बेंगलुरु 11वां विनिर्माण केंद्र होगा। कैमरी 2500 सीसी इंजन और छह गति वाले ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन से लैस है।
टीकेएम के उप महाप्रबंधक (विपणन) संदीप सिंह ने कहा, यह वाहन सिर्फ पेट्रोल संस्करण में उपलब्ध होगी, क्योंकि हमारे प्रीमियम श्रेणी में डीजल वाहन नहीं हैं। कैमरी विश्वभर में सिर्फ पेट्रोल संस्करण में उपलब्ध है। कंपनी ने भारत में कैमरी को सर्वप्रथम 2002 में पेश किया तथा और और अब तक करीब 6500 कैमरी कारें बेच चुकी है।
टीकेएम के उप महाप्रबंधक (विपणन) संदीप सिंह ने कहा, यह वाहन सिर्फ पेट्रोल संस्करण में उपलब्ध होगी, क्योंकि हमारे प्रीमियम श्रेणी में डीजल वाहन नहीं हैं। कैमरी विश्वभर में सिर्फ पेट्रोल संस्करण में उपलब्ध है। कंपनी ने भारत में कैमरी को सर्वप्रथम 2002 में पेश किया तथा और और अब तक करीब 6500 कैमरी कारें बेच चुकी है। | संक्षिप्त पाठ: जापान की अग्रणी कार विनिर्माता कंपनी टोयोटा ने भारत में अपनी कैमरी कार का नया संस्करण पेश किया। दिल्ली में इसकी कीमत 23.8 लाख रुपये से शुरू होगी। | 27 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने उस विधेयक पर वीटो का इस्तेमाल किया है, जिसमें 9/11 हमलों के पीड़ितों के परिजनों को सऊदी अरब के खिलाफ मुकदमे की इजाजत दिए जाने की बात की गई है.
राष्ट्रपति ने इस आशंका के कारण वीटो इस्तेमाल किया कि इस कदम का अमेरिका के राष्ट्रीय हितों पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है. ओबामा ने कहा कि 'आतंकवाद के प्रायोजकों के खिलाफ न्याय' (जेएएसटीए) अधिनियम को रिपब्लिकन पार्टी के नियंत्रण वाली कांग्रेस के दोनों चैम्बरों ने पारित कर दिया था. इस विधेयक के पारित होने से संप्रभुता संबंधी पुराना अंतरराष्ट्रीय सिद्धांत खतरे में पड़ जाता और इससे अमेरिकी हितों एवं विदेश में रह रहे देश के नागरिकों पर बुरा प्रभाव पड़ता.
ओबामा ने कहा कि यह विधेयक अमेरिकी 'फॉरेन सोवरन इम्युनिटीज एक्ट' के प्रावधानों और पुराने मानकों के अनुरूप नहीं है और इससे देश में सभी विदेशी सरकारों को मिली न्यायिक प्रक्रिया से छूट निजी वादियों के केवल इन आरोपों के आधार पर छिन जाती कि किसी विदेशी सरकार के देश से बाहर किए गए कार्यों का उस समूह या व्यक्ति से कोई संबंध या भूमिका है, जिसने अमेरिका के भीतर आतंकवादी हमला किया.
अमेरिका के राष्ट्रपति ने इस विधेयक के परिणामों पर चिंता जताते हुए कहा कि जेएएसटीए से संप्रभुता संबंधी छूट को लेकर पुराने अंतरराष्ट्रीय सिद्धांतों पर असर पड़ेगा. अगर यह वैश्विक स्तर पर लागू हो जाता है तो इसका देश के राष्ट्रीय हितों पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा और इससे निकटतम साझेदारों के साथ हमारे संबंध भी जटिल हो सकते हैं. उन्होंने कहा कि अगर जेएएसटीए को लागू कर दिया जाता है तो ऐसी संभावना है कि अदालतें अमेरिकी सहयोगियों एवं साझीदारों के खिलाफ लगाए गए मामूली अपराधों पर भी विचार करें.
व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव जोश अर्नेस्ट ने अमेरिका के राष्ट्रपति के इस निर्णय को सही ठहराते हुए कहा कि ओबामा कांग्रेस के सदस्यों से नियमित बातचीत के बजाय इस विधेयक के अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा पर पड़ सकने वाले दीर्घकालीन परिणाम को लेकर चिंतित हैं.टिप्पणियां
वहीं ओबामा के इस निर्णय की आलोचना करते हुए राष्ट्रपति पद के लिए रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, 'आतंकवाद के प्रायोजकों के खिलाफ न्याय विधेयक को लेकर राष्ट्रपति ओबामा का वीटो इस्तेमाल करने का निर्णय शर्मनाक है और यह उनके राष्ट्रपति काल के सबसे निचले बिंदुओं में से एक माना जाएगा.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
राष्ट्रपति ने इस आशंका के कारण वीटो इस्तेमाल किया कि इस कदम का अमेरिका के राष्ट्रीय हितों पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है. ओबामा ने कहा कि 'आतंकवाद के प्रायोजकों के खिलाफ न्याय' (जेएएसटीए) अधिनियम को रिपब्लिकन पार्टी के नियंत्रण वाली कांग्रेस के दोनों चैम्बरों ने पारित कर दिया था. इस विधेयक के पारित होने से संप्रभुता संबंधी पुराना अंतरराष्ट्रीय सिद्धांत खतरे में पड़ जाता और इससे अमेरिकी हितों एवं विदेश में रह रहे देश के नागरिकों पर बुरा प्रभाव पड़ता.
ओबामा ने कहा कि यह विधेयक अमेरिकी 'फॉरेन सोवरन इम्युनिटीज एक्ट' के प्रावधानों और पुराने मानकों के अनुरूप नहीं है और इससे देश में सभी विदेशी सरकारों को मिली न्यायिक प्रक्रिया से छूट निजी वादियों के केवल इन आरोपों के आधार पर छिन जाती कि किसी विदेशी सरकार के देश से बाहर किए गए कार्यों का उस समूह या व्यक्ति से कोई संबंध या भूमिका है, जिसने अमेरिका के भीतर आतंकवादी हमला किया.
अमेरिका के राष्ट्रपति ने इस विधेयक के परिणामों पर चिंता जताते हुए कहा कि जेएएसटीए से संप्रभुता संबंधी छूट को लेकर पुराने अंतरराष्ट्रीय सिद्धांतों पर असर पड़ेगा. अगर यह वैश्विक स्तर पर लागू हो जाता है तो इसका देश के राष्ट्रीय हितों पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा और इससे निकटतम साझेदारों के साथ हमारे संबंध भी जटिल हो सकते हैं. उन्होंने कहा कि अगर जेएएसटीए को लागू कर दिया जाता है तो ऐसी संभावना है कि अदालतें अमेरिकी सहयोगियों एवं साझीदारों के खिलाफ लगाए गए मामूली अपराधों पर भी विचार करें.
व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव जोश अर्नेस्ट ने अमेरिका के राष्ट्रपति के इस निर्णय को सही ठहराते हुए कहा कि ओबामा कांग्रेस के सदस्यों से नियमित बातचीत के बजाय इस विधेयक के अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा पर पड़ सकने वाले दीर्घकालीन परिणाम को लेकर चिंतित हैं.टिप्पणियां
वहीं ओबामा के इस निर्णय की आलोचना करते हुए राष्ट्रपति पद के लिए रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, 'आतंकवाद के प्रायोजकों के खिलाफ न्याय विधेयक को लेकर राष्ट्रपति ओबामा का वीटो इस्तेमाल करने का निर्णय शर्मनाक है और यह उनके राष्ट्रपति काल के सबसे निचले बिंदुओं में से एक माना जाएगा.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
ओबामा ने कहा कि यह विधेयक अमेरिकी 'फॉरेन सोवरन इम्युनिटीज एक्ट' के प्रावधानों और पुराने मानकों के अनुरूप नहीं है और इससे देश में सभी विदेशी सरकारों को मिली न्यायिक प्रक्रिया से छूट निजी वादियों के केवल इन आरोपों के आधार पर छिन जाती कि किसी विदेशी सरकार के देश से बाहर किए गए कार्यों का उस समूह या व्यक्ति से कोई संबंध या भूमिका है, जिसने अमेरिका के भीतर आतंकवादी हमला किया.
अमेरिका के राष्ट्रपति ने इस विधेयक के परिणामों पर चिंता जताते हुए कहा कि जेएएसटीए से संप्रभुता संबंधी छूट को लेकर पुराने अंतरराष्ट्रीय सिद्धांतों पर असर पड़ेगा. अगर यह वैश्विक स्तर पर लागू हो जाता है तो इसका देश के राष्ट्रीय हितों पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा और इससे निकटतम साझेदारों के साथ हमारे संबंध भी जटिल हो सकते हैं. उन्होंने कहा कि अगर जेएएसटीए को लागू कर दिया जाता है तो ऐसी संभावना है कि अदालतें अमेरिकी सहयोगियों एवं साझीदारों के खिलाफ लगाए गए मामूली अपराधों पर भी विचार करें.
व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव जोश अर्नेस्ट ने अमेरिका के राष्ट्रपति के इस निर्णय को सही ठहराते हुए कहा कि ओबामा कांग्रेस के सदस्यों से नियमित बातचीत के बजाय इस विधेयक के अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा पर पड़ सकने वाले दीर्घकालीन परिणाम को लेकर चिंतित हैं.टिप्पणियां
वहीं ओबामा के इस निर्णय की आलोचना करते हुए राष्ट्रपति पद के लिए रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, 'आतंकवाद के प्रायोजकों के खिलाफ न्याय विधेयक को लेकर राष्ट्रपति ओबामा का वीटो इस्तेमाल करने का निर्णय शर्मनाक है और यह उनके राष्ट्रपति काल के सबसे निचले बिंदुओं में से एक माना जाएगा.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अमेरिका के राष्ट्रपति ने इस विधेयक के परिणामों पर चिंता जताते हुए कहा कि जेएएसटीए से संप्रभुता संबंधी छूट को लेकर पुराने अंतरराष्ट्रीय सिद्धांतों पर असर पड़ेगा. अगर यह वैश्विक स्तर पर लागू हो जाता है तो इसका देश के राष्ट्रीय हितों पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा और इससे निकटतम साझेदारों के साथ हमारे संबंध भी जटिल हो सकते हैं. उन्होंने कहा कि अगर जेएएसटीए को लागू कर दिया जाता है तो ऐसी संभावना है कि अदालतें अमेरिकी सहयोगियों एवं साझीदारों के खिलाफ लगाए गए मामूली अपराधों पर भी विचार करें.
व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव जोश अर्नेस्ट ने अमेरिका के राष्ट्रपति के इस निर्णय को सही ठहराते हुए कहा कि ओबामा कांग्रेस के सदस्यों से नियमित बातचीत के बजाय इस विधेयक के अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा पर पड़ सकने वाले दीर्घकालीन परिणाम को लेकर चिंतित हैं.टिप्पणियां
वहीं ओबामा के इस निर्णय की आलोचना करते हुए राष्ट्रपति पद के लिए रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, 'आतंकवाद के प्रायोजकों के खिलाफ न्याय विधेयक को लेकर राष्ट्रपति ओबामा का वीटो इस्तेमाल करने का निर्णय शर्मनाक है और यह उनके राष्ट्रपति काल के सबसे निचले बिंदुओं में से एक माना जाएगा.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव जोश अर्नेस्ट ने अमेरिका के राष्ट्रपति के इस निर्णय को सही ठहराते हुए कहा कि ओबामा कांग्रेस के सदस्यों से नियमित बातचीत के बजाय इस विधेयक के अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा पर पड़ सकने वाले दीर्घकालीन परिणाम को लेकर चिंतित हैं.टिप्पणियां
वहीं ओबामा के इस निर्णय की आलोचना करते हुए राष्ट्रपति पद के लिए रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, 'आतंकवाद के प्रायोजकों के खिलाफ न्याय विधेयक को लेकर राष्ट्रपति ओबामा का वीटो इस्तेमाल करने का निर्णय शर्मनाक है और यह उनके राष्ट्रपति काल के सबसे निचले बिंदुओं में से एक माना जाएगा.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
वहीं ओबामा के इस निर्णय की आलोचना करते हुए राष्ट्रपति पद के लिए रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, 'आतंकवाद के प्रायोजकों के खिलाफ न्याय विधेयक को लेकर राष्ट्रपति ओबामा का वीटो इस्तेमाल करने का निर्णय शर्मनाक है और यह उनके राष्ट्रपति काल के सबसे निचले बिंदुओं में से एक माना जाएगा.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यहाँ एक सारांश है:विधेयक पारित होने पर सऊदी अरब पर केस सकते थे 9/11 के पीड़ितों के परिजन
इस विधेयक को कांग्रेस के दोनों चैम्बरों ने पास कर दिया था
इस कानून का अमेरिका के राष्ट्रीय हितों पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है: ओबामा | 4 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: ब्रिटेन के लीड्स में उस समय लोगों में खलबली मच गई जब वहां की एक नदी आयरे का पानी हरा हो गया. पुल के नीचे से बहता साफ पानी अचानक हरे रंग में बदल गया. इस वीडियो ऑली शार्प नाम के शख्स ने अपने कैमरे में शूट किया है. ऑली ने बताया कि हर रोज की तरह वह अपनी कार से काम के लिए जा रहे थे, वह पुल के पास पहुंचे तो उन्होंने देखा कि नदी का पानी एकदम हरा हो गया है. यह नजारा देख वह डर गए और उन्होंने तुरंत ही मोबाइल निकाल कर उस नजारे को कैद कर लिया.
ऑली ने मीडिया से बातचीत में बताया कि पहले तो उन्हें लगा कि पानी में किसी ने जहर मिला दिया है. उनका कहना था कि पानी का इस तरह से रंग बदलना जिंदगी में पहली बार देखा था. इसके बाद उन्होंने इस फोटो को तुरंत ही पर्यावरण एजेंसी को मेल कर दिया और पूरे मामले की जानकारी दी. फिलहाल अब पूरे मामले की जांच की जा रही है. माना जा रहा है कि प्रदूषण की वजह से नदी के पानी में परिवर्तन हुआ होगा. मामला जो भी यह तो जांच के बाद ही पता चल पाएगा. लेकिन इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है.
ऑली ने मीडिया से बातचीत में बताया कि पहले तो उन्हें लगा कि पानी में किसी ने जहर मिला दिया है. उनका कहना था कि पानी का इस तरह से रंग बदलना जिंदगी में पहली बार देखा था. इसके बाद उन्होंने इस फोटो को तुरंत ही पर्यावरण एजेंसी को मेल कर दिया और पूरे मामले की जानकारी दी. फिलहाल अब पूरे मामले की जांच की जा रही है. माना जा रहा है कि प्रदूषण की वजह से नदी के पानी में परिवर्तन हुआ होगा. मामला जो भी यह तो जांच के बाद ही पता चल पाएगा. लेकिन इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. | संक्षिप्त पाठ: पानी के रंग बदलने की घटना
एजेंसियां जांच में जुटीं
लोगों का लगा किसी ने जहर मिलाया | 22 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: उन्नाव रेप (Unnao Rape) के आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर (Kuldeep Sengar) को BJP ने पार्टी से निकाल दिया है. यूपी बीजेपी के अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह (Swatantra Dev Singh) ने इस खबर की पुष्टि की. स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि केंद्रीय नेतृत्व ने विधायक कुलदीप सेंगर को पार्टी से निष्कासित कर दिया है. बता दें कि कुलदीप सेंगर को पार्टी ने पहले ही निलंबित कर दिया था. बता दें कि बीते रविवार को बलात्कार पीड़िता की कार में ट्रक ने टक्कर मार दी थी. टक्कर में रेप पीड़िता की चाची और मौसी की मौत हो गई थी. वहीं, पीड़िता लखनऊ के अस्पताल में जिंदगी और मौत से लड़ रही है. सीबीआई ने पीड़िता के सड़क दुर्घटना मामले में कुलदीप सिंह सेंगर और 9 अन्य के खिलाफ हत्या के आरोपों के तहत मामला दर्ज किया है.
इससे पहले मामले की जांच करने के लिए एजेंसी की तरफ से गठित विशेष टीम रायबरेली जिले के गुरबख्शगंज इलाके में हादसा स्थल पर पहुंची. टीम ने अपराध स्थल, मारूति स्विफ्ट कार को टक्कर मारने वाले ट्रक का निरीक्षण किया. दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर सबसे पहले पहुंचे पुलिस अधिकारियों से भी सीबीआई की टीम ने बातचीत की. एजेंसी के सूत्रों ने बताया कि टीम महिला की सुरक्षा में तैनात पुलिस अधिकारियों से भी बातचीत करेगी और उनसे पूछेगी कि रविवार को वे पीड़िता के साथ क्यों नहीं थे, जब दुर्घटना हुई.
गौरतलब है कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को पार्टी से निष्कासित करने की मांग को लेकर बुधवार को उपवास किया. पार्टी आलाकमान के निर्देश पर कांग्रेस कार्यकर्ता सुबह से जीपीओ पार्क में उपवास पर बैठे. कांग्रेस नेता अजय कुमार ‘लल्लू' ने कहा कि उपवास विधायक को निष्कासित करने की मांग को लेकर है क्योंकि केवल निलंबन से काम नहीं चलेगा. पार्टी बलात्कार पीड़िता और उसके वकील के अच्छे से अच्छे इलाज की भी मांग कर रही है. दोनों इस समय अस्पताल में भर्ती हैं.
लल्लू ने कहा, ‘‘हमने यह भी मांग की है कि परिवार के जिन सदस्यों की जान गई है, उनके परिजनों को एक-एक करोड़ रुपए की आर्थिक मदद तथा महेश सिंह को एक महीने का पैरोल दिया जाए ताकि वह अपने परिवार की ठीक से देखभाल कर सकें. कांग्रेस नेता ने बताया कि बलात्कार पीड़िता की हालत अभी भी गंभीर है जबकि वकील की हालत में मामूली सुधार है. | संक्षिप्त सारांश: BJP ने उन्नाव रेप के आरोपी विधायक को पार्टी से निकाला
यूपी BJP अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने सेंगर को निकाले जाने की पुष्टि की
उन्नाव रेप पीड़िता की दुर्घटना मामले में भी सेंगर पर हत्या का है आरोप | 10 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: फिलीपीन में इस साल के सबसे जबरदस्त तूफान में करीब दो लाख लोग बेघर हो गए और 475 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है। इस बीच सरकार ने अंतरराष्ट्रीय मदद की अपील की है।
तूफान ‘बोफा’ मंगलवार को मिंडानाओ द्वीप के पास आया। रास्ते के शहरों को पूरी तरह से झकझोरने वाला यह तूफान साथ में तेज बारिश भी लाया जिससे बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति पैदा हुई। एरिनीया कैंटीला और उनका छह सदस्यीय परिवार न्यू बतान के पास करीब दो दिन तक नंगे पैर भोजन और आश्रय की तलाश में घूमता रहा क्योंकि तूफान के कारण उनका घर और फार्म तबाह हो गए।
कैंटीला ने कहा, ‘‘हमारा सबकुछ चला गया। केवल मृत लोग बचे हुए हैं।’’ इस दौरान उनके पति, तीन बच्चे और पोती मौजूद थी।
सेना ने कहा कि वह करीब 377 लापता लोगों को खोज रहे हैं जबकि एक लाख 79 हजार लोग स्कूल, जिम और अन्य स्थलों पर शरण लिए हुए हैं। टिप्पणियां
खोजी अभियान में शामिल सेना प्रभाग के प्रमुख मेजर जनरल एरियल बर्नाडरे ने कहा कि मरने वालों में 258 के शव पूर्वी तट मिंडानाओ तथा 191 के न्यू बतान एवं मोंकायो से बरामद हुए।
एक अधिकारी ने कहा कि हम अब भी लापता 377 लोगों को खोज रहे हैं और हमारा प्रयास उन्हें खोज निकालना है।
तूफान ‘बोफा’ मंगलवार को मिंडानाओ द्वीप के पास आया। रास्ते के शहरों को पूरी तरह से झकझोरने वाला यह तूफान साथ में तेज बारिश भी लाया जिससे बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति पैदा हुई। एरिनीया कैंटीला और उनका छह सदस्यीय परिवार न्यू बतान के पास करीब दो दिन तक नंगे पैर भोजन और आश्रय की तलाश में घूमता रहा क्योंकि तूफान के कारण उनका घर और फार्म तबाह हो गए।
कैंटीला ने कहा, ‘‘हमारा सबकुछ चला गया। केवल मृत लोग बचे हुए हैं।’’ इस दौरान उनके पति, तीन बच्चे और पोती मौजूद थी।
सेना ने कहा कि वह करीब 377 लापता लोगों को खोज रहे हैं जबकि एक लाख 79 हजार लोग स्कूल, जिम और अन्य स्थलों पर शरण लिए हुए हैं। टिप्पणियां
खोजी अभियान में शामिल सेना प्रभाग के प्रमुख मेजर जनरल एरियल बर्नाडरे ने कहा कि मरने वालों में 258 के शव पूर्वी तट मिंडानाओ तथा 191 के न्यू बतान एवं मोंकायो से बरामद हुए।
एक अधिकारी ने कहा कि हम अब भी लापता 377 लोगों को खोज रहे हैं और हमारा प्रयास उन्हें खोज निकालना है।
कैंटीला ने कहा, ‘‘हमारा सबकुछ चला गया। केवल मृत लोग बचे हुए हैं।’’ इस दौरान उनके पति, तीन बच्चे और पोती मौजूद थी।
सेना ने कहा कि वह करीब 377 लापता लोगों को खोज रहे हैं जबकि एक लाख 79 हजार लोग स्कूल, जिम और अन्य स्थलों पर शरण लिए हुए हैं। टिप्पणियां
खोजी अभियान में शामिल सेना प्रभाग के प्रमुख मेजर जनरल एरियल बर्नाडरे ने कहा कि मरने वालों में 258 के शव पूर्वी तट मिंडानाओ तथा 191 के न्यू बतान एवं मोंकायो से बरामद हुए।
एक अधिकारी ने कहा कि हम अब भी लापता 377 लोगों को खोज रहे हैं और हमारा प्रयास उन्हें खोज निकालना है।
सेना ने कहा कि वह करीब 377 लापता लोगों को खोज रहे हैं जबकि एक लाख 79 हजार लोग स्कूल, जिम और अन्य स्थलों पर शरण लिए हुए हैं। टिप्पणियां
खोजी अभियान में शामिल सेना प्रभाग के प्रमुख मेजर जनरल एरियल बर्नाडरे ने कहा कि मरने वालों में 258 के शव पूर्वी तट मिंडानाओ तथा 191 के न्यू बतान एवं मोंकायो से बरामद हुए।
एक अधिकारी ने कहा कि हम अब भी लापता 377 लोगों को खोज रहे हैं और हमारा प्रयास उन्हें खोज निकालना है।
खोजी अभियान में शामिल सेना प्रभाग के प्रमुख मेजर जनरल एरियल बर्नाडरे ने कहा कि मरने वालों में 258 के शव पूर्वी तट मिंडानाओ तथा 191 के न्यू बतान एवं मोंकायो से बरामद हुए।
एक अधिकारी ने कहा कि हम अब भी लापता 377 लोगों को खोज रहे हैं और हमारा प्रयास उन्हें खोज निकालना है।
एक अधिकारी ने कहा कि हम अब भी लापता 377 लोगों को खोज रहे हैं और हमारा प्रयास उन्हें खोज निकालना है। | यह एक सारांश है: फिलीपीन में इस साल के सबसे जबरदस्त तूफान में करीब दो लाख लोग बेघर हो गए और 475 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है। इस बीच सरकार ने अंतरराष्ट्रीय मदद की अपील की है। | 16 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: उत्तरांखड के गौरीकुंड में मंगलवार को हुए हेलीकॉप्टर हादसे में मारे गए 17 लोगों के शव मिले हैं, बाकी की तलाश जारी है। इसके साथ ही वायुसेना के इस हेलीकॉप्टर एमआई-17 का कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर और फ्लाइट डाटा रिकॉर्डर भी मिल गया है।
वायुसेना प्रमुख एनएके ब्राउन ने अधिकारियों और जवानों से मुखातिब होने के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘सौभाग्य से, हमने कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर और फ्लाइट डाटा रिकॉर्डर बरामद कर लिया है। और, मुझे लगता है कि हम कुछ ही दिनों में इस दुर्घटना के सही कारणों का पता लगा लेंगे।’’
उन्होंने कहा कि इस समय इस दुर्घटना के पीछे के कारणों पर टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी। मारे गए लोगों में वायुसेना के पांच, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के छह जवान और राष्ट्रीय आपदा कार्रवाई बल (एनडीआरएफ) के नौ लोग शामिल थे।
ब्राउन से जब पूछा गया कि क्या यहां सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई है, तो उन्होंने कहा, ‘‘जहां तक अनदेखी का सवाल है, तो मैं ऐसा नहीं कहूंगा। पहाड़ों में, विशेषकर मानसून के दौरान, मौसम की समस्या हमेशा बनी रहती है। लेकिन, इस समय हम निश्चित रूप से यह नहीं बता सकते कि इस दुर्घटना का कारण मौसम था या कोई तकनीकी समस्या।’’
उन्होंने कहा कि बचाव अभियान के दौरान जोखिम हमेशा बना रहता है और हर दिन इसकी समीक्षा की जाती है।
उन्होंने कहा कि वायुसेना के पायलट बेहद योग्य और इस तरह के अभियान कार्यान्वित करने के लिए पूरी तरह से सक्षम हैं और हमारे जवानों का मनोबल बेहद ऊंचा बना हुआ है। बचाव अभियान में शामिल वायुसेना के जवानों और दूसरी एजेंसियों ने ‘बेहद शानदार’ ढंग से काम किया है।
ब्राउन ने कहा कि अगर वायुसेना को तीन से चार दिनों तक अच्छा मौसम मिलता है, तो वह अपना अभियान पूरा कर लेगी। उन्होंने कहा, ‘‘अगर शुक्रवार से मौसम सुधरने लगता है, तो सोमवार, मंगलवार तक हम यह सब (अभियान) पूरा कर लेंगे।’’ एमआई-17 वी-5 हेलीकॉप्टर गौचर से गुप्तकाशी और केदारनाथ में जारी बचाव अभियान में जुटा था, जहां से लौटते समय कल दोपहर गौरीकुंड के उत्तर में यह दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।टिप्पणियां
उत्तराखंड में मुश्किल मौसम के बावजूद बचाव अभियान में जुटे पायलटों की हौसला अफजाई करने के लिए आज सुबह यहां पहुंचे ब्राउन ने कहा कि बचाव अभियान पूरा हो जाने के बाद वायुसेना राज्य में बुनियादी ढांचों की मरम्मत के काम में जुट जाएगी, जिसके लिए इसे भारी उपकरण लाने होंगे।
ब्राउन ने इस काम में वायुसेना की मदद करने के लिए स्थानीय प्रशासन की भी प्रशंसा की।
वायुसेना प्रमुख एनएके ब्राउन ने अधिकारियों और जवानों से मुखातिब होने के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘सौभाग्य से, हमने कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर और फ्लाइट डाटा रिकॉर्डर बरामद कर लिया है। और, मुझे लगता है कि हम कुछ ही दिनों में इस दुर्घटना के सही कारणों का पता लगा लेंगे।’’
उन्होंने कहा कि इस समय इस दुर्घटना के पीछे के कारणों पर टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी। मारे गए लोगों में वायुसेना के पांच, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के छह जवान और राष्ट्रीय आपदा कार्रवाई बल (एनडीआरएफ) के नौ लोग शामिल थे।
ब्राउन से जब पूछा गया कि क्या यहां सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई है, तो उन्होंने कहा, ‘‘जहां तक अनदेखी का सवाल है, तो मैं ऐसा नहीं कहूंगा। पहाड़ों में, विशेषकर मानसून के दौरान, मौसम की समस्या हमेशा बनी रहती है। लेकिन, इस समय हम निश्चित रूप से यह नहीं बता सकते कि इस दुर्घटना का कारण मौसम था या कोई तकनीकी समस्या।’’
उन्होंने कहा कि बचाव अभियान के दौरान जोखिम हमेशा बना रहता है और हर दिन इसकी समीक्षा की जाती है।
उन्होंने कहा कि वायुसेना के पायलट बेहद योग्य और इस तरह के अभियान कार्यान्वित करने के लिए पूरी तरह से सक्षम हैं और हमारे जवानों का मनोबल बेहद ऊंचा बना हुआ है। बचाव अभियान में शामिल वायुसेना के जवानों और दूसरी एजेंसियों ने ‘बेहद शानदार’ ढंग से काम किया है।
ब्राउन ने कहा कि अगर वायुसेना को तीन से चार दिनों तक अच्छा मौसम मिलता है, तो वह अपना अभियान पूरा कर लेगी। उन्होंने कहा, ‘‘अगर शुक्रवार से मौसम सुधरने लगता है, तो सोमवार, मंगलवार तक हम यह सब (अभियान) पूरा कर लेंगे।’’ एमआई-17 वी-5 हेलीकॉप्टर गौचर से गुप्तकाशी और केदारनाथ में जारी बचाव अभियान में जुटा था, जहां से लौटते समय कल दोपहर गौरीकुंड के उत्तर में यह दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।टिप्पणियां
उत्तराखंड में मुश्किल मौसम के बावजूद बचाव अभियान में जुटे पायलटों की हौसला अफजाई करने के लिए आज सुबह यहां पहुंचे ब्राउन ने कहा कि बचाव अभियान पूरा हो जाने के बाद वायुसेना राज्य में बुनियादी ढांचों की मरम्मत के काम में जुट जाएगी, जिसके लिए इसे भारी उपकरण लाने होंगे।
ब्राउन ने इस काम में वायुसेना की मदद करने के लिए स्थानीय प्रशासन की भी प्रशंसा की।
उन्होंने कहा कि इस समय इस दुर्घटना के पीछे के कारणों पर टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी। मारे गए लोगों में वायुसेना के पांच, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के छह जवान और राष्ट्रीय आपदा कार्रवाई बल (एनडीआरएफ) के नौ लोग शामिल थे।
ब्राउन से जब पूछा गया कि क्या यहां सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई है, तो उन्होंने कहा, ‘‘जहां तक अनदेखी का सवाल है, तो मैं ऐसा नहीं कहूंगा। पहाड़ों में, विशेषकर मानसून के दौरान, मौसम की समस्या हमेशा बनी रहती है। लेकिन, इस समय हम निश्चित रूप से यह नहीं बता सकते कि इस दुर्घटना का कारण मौसम था या कोई तकनीकी समस्या।’’
उन्होंने कहा कि बचाव अभियान के दौरान जोखिम हमेशा बना रहता है और हर दिन इसकी समीक्षा की जाती है।
उन्होंने कहा कि वायुसेना के पायलट बेहद योग्य और इस तरह के अभियान कार्यान्वित करने के लिए पूरी तरह से सक्षम हैं और हमारे जवानों का मनोबल बेहद ऊंचा बना हुआ है। बचाव अभियान में शामिल वायुसेना के जवानों और दूसरी एजेंसियों ने ‘बेहद शानदार’ ढंग से काम किया है।
ब्राउन ने कहा कि अगर वायुसेना को तीन से चार दिनों तक अच्छा मौसम मिलता है, तो वह अपना अभियान पूरा कर लेगी। उन्होंने कहा, ‘‘अगर शुक्रवार से मौसम सुधरने लगता है, तो सोमवार, मंगलवार तक हम यह सब (अभियान) पूरा कर लेंगे।’’ एमआई-17 वी-5 हेलीकॉप्टर गौचर से गुप्तकाशी और केदारनाथ में जारी बचाव अभियान में जुटा था, जहां से लौटते समय कल दोपहर गौरीकुंड के उत्तर में यह दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।टिप्पणियां
उत्तराखंड में मुश्किल मौसम के बावजूद बचाव अभियान में जुटे पायलटों की हौसला अफजाई करने के लिए आज सुबह यहां पहुंचे ब्राउन ने कहा कि बचाव अभियान पूरा हो जाने के बाद वायुसेना राज्य में बुनियादी ढांचों की मरम्मत के काम में जुट जाएगी, जिसके लिए इसे भारी उपकरण लाने होंगे।
ब्राउन ने इस काम में वायुसेना की मदद करने के लिए स्थानीय प्रशासन की भी प्रशंसा की।
ब्राउन से जब पूछा गया कि क्या यहां सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई है, तो उन्होंने कहा, ‘‘जहां तक अनदेखी का सवाल है, तो मैं ऐसा नहीं कहूंगा। पहाड़ों में, विशेषकर मानसून के दौरान, मौसम की समस्या हमेशा बनी रहती है। लेकिन, इस समय हम निश्चित रूप से यह नहीं बता सकते कि इस दुर्घटना का कारण मौसम था या कोई तकनीकी समस्या।’’
उन्होंने कहा कि बचाव अभियान के दौरान जोखिम हमेशा बना रहता है और हर दिन इसकी समीक्षा की जाती है।
उन्होंने कहा कि वायुसेना के पायलट बेहद योग्य और इस तरह के अभियान कार्यान्वित करने के लिए पूरी तरह से सक्षम हैं और हमारे जवानों का मनोबल बेहद ऊंचा बना हुआ है। बचाव अभियान में शामिल वायुसेना के जवानों और दूसरी एजेंसियों ने ‘बेहद शानदार’ ढंग से काम किया है।
ब्राउन ने कहा कि अगर वायुसेना को तीन से चार दिनों तक अच्छा मौसम मिलता है, तो वह अपना अभियान पूरा कर लेगी। उन्होंने कहा, ‘‘अगर शुक्रवार से मौसम सुधरने लगता है, तो सोमवार, मंगलवार तक हम यह सब (अभियान) पूरा कर लेंगे।’’ एमआई-17 वी-5 हेलीकॉप्टर गौचर से गुप्तकाशी और केदारनाथ में जारी बचाव अभियान में जुटा था, जहां से लौटते समय कल दोपहर गौरीकुंड के उत्तर में यह दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।टिप्पणियां
उत्तराखंड में मुश्किल मौसम के बावजूद बचाव अभियान में जुटे पायलटों की हौसला अफजाई करने के लिए आज सुबह यहां पहुंचे ब्राउन ने कहा कि बचाव अभियान पूरा हो जाने के बाद वायुसेना राज्य में बुनियादी ढांचों की मरम्मत के काम में जुट जाएगी, जिसके लिए इसे भारी उपकरण लाने होंगे।
ब्राउन ने इस काम में वायुसेना की मदद करने के लिए स्थानीय प्रशासन की भी प्रशंसा की।
उन्होंने कहा कि बचाव अभियान के दौरान जोखिम हमेशा बना रहता है और हर दिन इसकी समीक्षा की जाती है।
उन्होंने कहा कि वायुसेना के पायलट बेहद योग्य और इस तरह के अभियान कार्यान्वित करने के लिए पूरी तरह से सक्षम हैं और हमारे जवानों का मनोबल बेहद ऊंचा बना हुआ है। बचाव अभियान में शामिल वायुसेना के जवानों और दूसरी एजेंसियों ने ‘बेहद शानदार’ ढंग से काम किया है।
ब्राउन ने कहा कि अगर वायुसेना को तीन से चार दिनों तक अच्छा मौसम मिलता है, तो वह अपना अभियान पूरा कर लेगी। उन्होंने कहा, ‘‘अगर शुक्रवार से मौसम सुधरने लगता है, तो सोमवार, मंगलवार तक हम यह सब (अभियान) पूरा कर लेंगे।’’ एमआई-17 वी-5 हेलीकॉप्टर गौचर से गुप्तकाशी और केदारनाथ में जारी बचाव अभियान में जुटा था, जहां से लौटते समय कल दोपहर गौरीकुंड के उत्तर में यह दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।टिप्पणियां
उत्तराखंड में मुश्किल मौसम के बावजूद बचाव अभियान में जुटे पायलटों की हौसला अफजाई करने के लिए आज सुबह यहां पहुंचे ब्राउन ने कहा कि बचाव अभियान पूरा हो जाने के बाद वायुसेना राज्य में बुनियादी ढांचों की मरम्मत के काम में जुट जाएगी, जिसके लिए इसे भारी उपकरण लाने होंगे।
ब्राउन ने इस काम में वायुसेना की मदद करने के लिए स्थानीय प्रशासन की भी प्रशंसा की।
उन्होंने कहा कि वायुसेना के पायलट बेहद योग्य और इस तरह के अभियान कार्यान्वित करने के लिए पूरी तरह से सक्षम हैं और हमारे जवानों का मनोबल बेहद ऊंचा बना हुआ है। बचाव अभियान में शामिल वायुसेना के जवानों और दूसरी एजेंसियों ने ‘बेहद शानदार’ ढंग से काम किया है।
ब्राउन ने कहा कि अगर वायुसेना को तीन से चार दिनों तक अच्छा मौसम मिलता है, तो वह अपना अभियान पूरा कर लेगी। उन्होंने कहा, ‘‘अगर शुक्रवार से मौसम सुधरने लगता है, तो सोमवार, मंगलवार तक हम यह सब (अभियान) पूरा कर लेंगे।’’ एमआई-17 वी-5 हेलीकॉप्टर गौचर से गुप्तकाशी और केदारनाथ में जारी बचाव अभियान में जुटा था, जहां से लौटते समय कल दोपहर गौरीकुंड के उत्तर में यह दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।टिप्पणियां
उत्तराखंड में मुश्किल मौसम के बावजूद बचाव अभियान में जुटे पायलटों की हौसला अफजाई करने के लिए आज सुबह यहां पहुंचे ब्राउन ने कहा कि बचाव अभियान पूरा हो जाने के बाद वायुसेना राज्य में बुनियादी ढांचों की मरम्मत के काम में जुट जाएगी, जिसके लिए इसे भारी उपकरण लाने होंगे।
ब्राउन ने इस काम में वायुसेना की मदद करने के लिए स्थानीय प्रशासन की भी प्रशंसा की।
ब्राउन ने कहा कि अगर वायुसेना को तीन से चार दिनों तक अच्छा मौसम मिलता है, तो वह अपना अभियान पूरा कर लेगी। उन्होंने कहा, ‘‘अगर शुक्रवार से मौसम सुधरने लगता है, तो सोमवार, मंगलवार तक हम यह सब (अभियान) पूरा कर लेंगे।’’ एमआई-17 वी-5 हेलीकॉप्टर गौचर से गुप्तकाशी और केदारनाथ में जारी बचाव अभियान में जुटा था, जहां से लौटते समय कल दोपहर गौरीकुंड के उत्तर में यह दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।टिप्पणियां
उत्तराखंड में मुश्किल मौसम के बावजूद बचाव अभियान में जुटे पायलटों की हौसला अफजाई करने के लिए आज सुबह यहां पहुंचे ब्राउन ने कहा कि बचाव अभियान पूरा हो जाने के बाद वायुसेना राज्य में बुनियादी ढांचों की मरम्मत के काम में जुट जाएगी, जिसके लिए इसे भारी उपकरण लाने होंगे।
ब्राउन ने इस काम में वायुसेना की मदद करने के लिए स्थानीय प्रशासन की भी प्रशंसा की।
उत्तराखंड में मुश्किल मौसम के बावजूद बचाव अभियान में जुटे पायलटों की हौसला अफजाई करने के लिए आज सुबह यहां पहुंचे ब्राउन ने कहा कि बचाव अभियान पूरा हो जाने के बाद वायुसेना राज्य में बुनियादी ढांचों की मरम्मत के काम में जुट जाएगी, जिसके लिए इसे भारी उपकरण लाने होंगे।
ब्राउन ने इस काम में वायुसेना की मदद करने के लिए स्थानीय प्रशासन की भी प्रशंसा की।
ब्राउन ने इस काम में वायुसेना की मदद करने के लिए स्थानीय प्रशासन की भी प्रशंसा की। | सारांश: उत्तरांखड के गौरीकुंड में मंगलवार को हुए हेलीकॉप्टर हादसे में मारे गए 17 लोगों के शव मिले हैं, बाकी की तलाश जारी है। इसके साथ ही वायुसेना के इस हेलीकॉप्टर एमआई-17 का कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर और फ्लाइट डाटा रिकॉर्डर भी मिल गया है। | 7 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कनेक्टिकट में एक प्राइमरी स्कूल में भीषण गोलीबारी के दो दिन बाद अमेरिकी प्रशासन ने रविवार को इस घटना में मारे गए बच्चों की पहचान का खुलासा करते हुए कहा है कि ये बच्चे छह-सात साल की उम्र के थे और पहली कक्षा के छात्र थे। इन बच्चों को इस भीषण हमले में हमलावर ने कई गोलियां मारी।
12 छोटी बच्चियों तथा आठ लड़कों समेत कुल 26 लोगों का पोस्टमार्टम किया गया।
20 वर्षीय बंदूकधारी एडम लांजा द्वारा की गई गोलीबारी में सैंडी हुक ऐलिमेंट्री स्कूल की प्रिंसीपल डान होचस्प्रंग, स्कूल की मनोचिकित्सक मैरी शारलेच (56) तथा तीन अध्यापिकाएं रशेल डेविनो (29), ऐनी मैरी मर्फी (52) तथा लौरेन रोसेयू (30) भी मारे गए छह वयस्कों में शामिल हैं। हमलावर ने दो कक्षाओं में घुसकर गोलीबारी की थी।
पुलिस विभाग द्वारा सभी पीडितों के नामों की सूची जारी किए जाने से पूर्व कनेक्टिकट के मुख्य चिकित्सा परीक्षक वायने कार्वेर ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘वे (हमले में मारे गए 20 बच्चे) पहली कक्षा के छात्र थे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह भयानक चोट है।’’ उन्होंने बताया कि सभी बच्चों को लंबी बंदूक से कई गोलियां मारी गईं। लांजा हमले के समय तीन बंदूकें लिए हुए था।
कार्वेर ने कहा, ‘‘मैंने इतना भीषण हमला पहले कभी नहीं देखा।’’ उन्होंने बताया कि उन्होंने जो सात पोस्टमार्टम किए उनमें पीड़ितों को तीन से लेकर 11 गोलियां लगी थीं। 20 बच्चों में से 16 बच्चे छह साल के तथा बाकी सात साल के थे।
एक छोटी बच्ची ने तो इस सप्ताह की शुरूआत में ही अपना सातवां जन्मदिन मनाया था।
लांजा ने शुक्रवार को कनेक्टिकट में अपने घर में पहले अपनी मां की हत्या की और उसके बाद वह स्कूल गया जहां उसने खुद को गोली मारने से पूर्व 26 लोगों को गोलियों से भून दिया। यह अमेरिकी इतिहास में सर्वाधिक भीषण गोलीबारी की घटना थी। कार्वेर ने बताया कि बच्चों के माता-पिता के दुख को कम करने के लिए उन्हें सीधे घटनास्थल पर ले जाए जाने से पूर्व उन्हें शिनाख्त के लिए बच्चों के फोटो दिखाए गए।
कनेक्टिकट पुलिस के पाल वेन्से ने कहा कि बंदूकधारी जबरन स्कूल में घुसा था।
घटना के नए खुलासे में पता चला है कि स्कूल के प्रिंसीपल और मनोचिकित्सक छात्रों को बचाने के प्रयास में बंदूकधारी से निपटने की कोशिश करने में मारे गए।टिप्पणियां
स्कूल के अधीक्षक जेनेट रोबिन्सन ने बताया कि अध्यापकों तथा स्कूल के कर्मचारियों ने बड़ी ही बहादुरी के साथ बच्चों को हमलावर से बचाने में अपनी जान लगा दी।
एक अध्यापिका ने बच्चों को खिड़की के रास्ते सुरक्षित निकलने में मदद की तो एक लाइब्रेरियन ने बच्चों को एक अलग कमरे में छुपा दिया और विध्वंसक घटना की ओर से बच्चों का ध्यान बंटाने के लिए उन्हें कागज देकर उनसे ड्राइंग बनाने को कहा।
12 छोटी बच्चियों तथा आठ लड़कों समेत कुल 26 लोगों का पोस्टमार्टम किया गया।
20 वर्षीय बंदूकधारी एडम लांजा द्वारा की गई गोलीबारी में सैंडी हुक ऐलिमेंट्री स्कूल की प्रिंसीपल डान होचस्प्रंग, स्कूल की मनोचिकित्सक मैरी शारलेच (56) तथा तीन अध्यापिकाएं रशेल डेविनो (29), ऐनी मैरी मर्फी (52) तथा लौरेन रोसेयू (30) भी मारे गए छह वयस्कों में शामिल हैं। हमलावर ने दो कक्षाओं में घुसकर गोलीबारी की थी।
पुलिस विभाग द्वारा सभी पीडितों के नामों की सूची जारी किए जाने से पूर्व कनेक्टिकट के मुख्य चिकित्सा परीक्षक वायने कार्वेर ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘वे (हमले में मारे गए 20 बच्चे) पहली कक्षा के छात्र थे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह भयानक चोट है।’’ उन्होंने बताया कि सभी बच्चों को लंबी बंदूक से कई गोलियां मारी गईं। लांजा हमले के समय तीन बंदूकें लिए हुए था।
कार्वेर ने कहा, ‘‘मैंने इतना भीषण हमला पहले कभी नहीं देखा।’’ उन्होंने बताया कि उन्होंने जो सात पोस्टमार्टम किए उनमें पीड़ितों को तीन से लेकर 11 गोलियां लगी थीं। 20 बच्चों में से 16 बच्चे छह साल के तथा बाकी सात साल के थे।
एक छोटी बच्ची ने तो इस सप्ताह की शुरूआत में ही अपना सातवां जन्मदिन मनाया था।
लांजा ने शुक्रवार को कनेक्टिकट में अपने घर में पहले अपनी मां की हत्या की और उसके बाद वह स्कूल गया जहां उसने खुद को गोली मारने से पूर्व 26 लोगों को गोलियों से भून दिया। यह अमेरिकी इतिहास में सर्वाधिक भीषण गोलीबारी की घटना थी। कार्वेर ने बताया कि बच्चों के माता-पिता के दुख को कम करने के लिए उन्हें सीधे घटनास्थल पर ले जाए जाने से पूर्व उन्हें शिनाख्त के लिए बच्चों के फोटो दिखाए गए।
कनेक्टिकट पुलिस के पाल वेन्से ने कहा कि बंदूकधारी जबरन स्कूल में घुसा था।
घटना के नए खुलासे में पता चला है कि स्कूल के प्रिंसीपल और मनोचिकित्सक छात्रों को बचाने के प्रयास में बंदूकधारी से निपटने की कोशिश करने में मारे गए।टिप्पणियां
स्कूल के अधीक्षक जेनेट रोबिन्सन ने बताया कि अध्यापकों तथा स्कूल के कर्मचारियों ने बड़ी ही बहादुरी के साथ बच्चों को हमलावर से बचाने में अपनी जान लगा दी।
एक अध्यापिका ने बच्चों को खिड़की के रास्ते सुरक्षित निकलने में मदद की तो एक लाइब्रेरियन ने बच्चों को एक अलग कमरे में छुपा दिया और विध्वंसक घटना की ओर से बच्चों का ध्यान बंटाने के लिए उन्हें कागज देकर उनसे ड्राइंग बनाने को कहा।
20 वर्षीय बंदूकधारी एडम लांजा द्वारा की गई गोलीबारी में सैंडी हुक ऐलिमेंट्री स्कूल की प्रिंसीपल डान होचस्प्रंग, स्कूल की मनोचिकित्सक मैरी शारलेच (56) तथा तीन अध्यापिकाएं रशेल डेविनो (29), ऐनी मैरी मर्फी (52) तथा लौरेन रोसेयू (30) भी मारे गए छह वयस्कों में शामिल हैं। हमलावर ने दो कक्षाओं में घुसकर गोलीबारी की थी।
पुलिस विभाग द्वारा सभी पीडितों के नामों की सूची जारी किए जाने से पूर्व कनेक्टिकट के मुख्य चिकित्सा परीक्षक वायने कार्वेर ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘वे (हमले में मारे गए 20 बच्चे) पहली कक्षा के छात्र थे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह भयानक चोट है।’’ उन्होंने बताया कि सभी बच्चों को लंबी बंदूक से कई गोलियां मारी गईं। लांजा हमले के समय तीन बंदूकें लिए हुए था।
कार्वेर ने कहा, ‘‘मैंने इतना भीषण हमला पहले कभी नहीं देखा।’’ उन्होंने बताया कि उन्होंने जो सात पोस्टमार्टम किए उनमें पीड़ितों को तीन से लेकर 11 गोलियां लगी थीं। 20 बच्चों में से 16 बच्चे छह साल के तथा बाकी सात साल के थे।
एक छोटी बच्ची ने तो इस सप्ताह की शुरूआत में ही अपना सातवां जन्मदिन मनाया था।
लांजा ने शुक्रवार को कनेक्टिकट में अपने घर में पहले अपनी मां की हत्या की और उसके बाद वह स्कूल गया जहां उसने खुद को गोली मारने से पूर्व 26 लोगों को गोलियों से भून दिया। यह अमेरिकी इतिहास में सर्वाधिक भीषण गोलीबारी की घटना थी। कार्वेर ने बताया कि बच्चों के माता-पिता के दुख को कम करने के लिए उन्हें सीधे घटनास्थल पर ले जाए जाने से पूर्व उन्हें शिनाख्त के लिए बच्चों के फोटो दिखाए गए।
कनेक्टिकट पुलिस के पाल वेन्से ने कहा कि बंदूकधारी जबरन स्कूल में घुसा था।
घटना के नए खुलासे में पता चला है कि स्कूल के प्रिंसीपल और मनोचिकित्सक छात्रों को बचाने के प्रयास में बंदूकधारी से निपटने की कोशिश करने में मारे गए।टिप्पणियां
स्कूल के अधीक्षक जेनेट रोबिन्सन ने बताया कि अध्यापकों तथा स्कूल के कर्मचारियों ने बड़ी ही बहादुरी के साथ बच्चों को हमलावर से बचाने में अपनी जान लगा दी।
एक अध्यापिका ने बच्चों को खिड़की के रास्ते सुरक्षित निकलने में मदद की तो एक लाइब्रेरियन ने बच्चों को एक अलग कमरे में छुपा दिया और विध्वंसक घटना की ओर से बच्चों का ध्यान बंटाने के लिए उन्हें कागज देकर उनसे ड्राइंग बनाने को कहा।
पुलिस विभाग द्वारा सभी पीडितों के नामों की सूची जारी किए जाने से पूर्व कनेक्टिकट के मुख्य चिकित्सा परीक्षक वायने कार्वेर ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘वे (हमले में मारे गए 20 बच्चे) पहली कक्षा के छात्र थे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह भयानक चोट है।’’ उन्होंने बताया कि सभी बच्चों को लंबी बंदूक से कई गोलियां मारी गईं। लांजा हमले के समय तीन बंदूकें लिए हुए था।
कार्वेर ने कहा, ‘‘मैंने इतना भीषण हमला पहले कभी नहीं देखा।’’ उन्होंने बताया कि उन्होंने जो सात पोस्टमार्टम किए उनमें पीड़ितों को तीन से लेकर 11 गोलियां लगी थीं। 20 बच्चों में से 16 बच्चे छह साल के तथा बाकी सात साल के थे।
एक छोटी बच्ची ने तो इस सप्ताह की शुरूआत में ही अपना सातवां जन्मदिन मनाया था।
लांजा ने शुक्रवार को कनेक्टिकट में अपने घर में पहले अपनी मां की हत्या की और उसके बाद वह स्कूल गया जहां उसने खुद को गोली मारने से पूर्व 26 लोगों को गोलियों से भून दिया। यह अमेरिकी इतिहास में सर्वाधिक भीषण गोलीबारी की घटना थी। कार्वेर ने बताया कि बच्चों के माता-पिता के दुख को कम करने के लिए उन्हें सीधे घटनास्थल पर ले जाए जाने से पूर्व उन्हें शिनाख्त के लिए बच्चों के फोटो दिखाए गए।
कनेक्टिकट पुलिस के पाल वेन्से ने कहा कि बंदूकधारी जबरन स्कूल में घुसा था।
घटना के नए खुलासे में पता चला है कि स्कूल के प्रिंसीपल और मनोचिकित्सक छात्रों को बचाने के प्रयास में बंदूकधारी से निपटने की कोशिश करने में मारे गए।टिप्पणियां
स्कूल के अधीक्षक जेनेट रोबिन्सन ने बताया कि अध्यापकों तथा स्कूल के कर्मचारियों ने बड़ी ही बहादुरी के साथ बच्चों को हमलावर से बचाने में अपनी जान लगा दी।
एक अध्यापिका ने बच्चों को खिड़की के रास्ते सुरक्षित निकलने में मदद की तो एक लाइब्रेरियन ने बच्चों को एक अलग कमरे में छुपा दिया और विध्वंसक घटना की ओर से बच्चों का ध्यान बंटाने के लिए उन्हें कागज देकर उनसे ड्राइंग बनाने को कहा।
कार्वेर ने कहा, ‘‘मैंने इतना भीषण हमला पहले कभी नहीं देखा।’’ उन्होंने बताया कि उन्होंने जो सात पोस्टमार्टम किए उनमें पीड़ितों को तीन से लेकर 11 गोलियां लगी थीं। 20 बच्चों में से 16 बच्चे छह साल के तथा बाकी सात साल के थे।
एक छोटी बच्ची ने तो इस सप्ताह की शुरूआत में ही अपना सातवां जन्मदिन मनाया था।
लांजा ने शुक्रवार को कनेक्टिकट में अपने घर में पहले अपनी मां की हत्या की और उसके बाद वह स्कूल गया जहां उसने खुद को गोली मारने से पूर्व 26 लोगों को गोलियों से भून दिया। यह अमेरिकी इतिहास में सर्वाधिक भीषण गोलीबारी की घटना थी। कार्वेर ने बताया कि बच्चों के माता-पिता के दुख को कम करने के लिए उन्हें सीधे घटनास्थल पर ले जाए जाने से पूर्व उन्हें शिनाख्त के लिए बच्चों के फोटो दिखाए गए।
कनेक्टिकट पुलिस के पाल वेन्से ने कहा कि बंदूकधारी जबरन स्कूल में घुसा था।
घटना के नए खुलासे में पता चला है कि स्कूल के प्रिंसीपल और मनोचिकित्सक छात्रों को बचाने के प्रयास में बंदूकधारी से निपटने की कोशिश करने में मारे गए।टिप्पणियां
स्कूल के अधीक्षक जेनेट रोबिन्सन ने बताया कि अध्यापकों तथा स्कूल के कर्मचारियों ने बड़ी ही बहादुरी के साथ बच्चों को हमलावर से बचाने में अपनी जान लगा दी।
एक अध्यापिका ने बच्चों को खिड़की के रास्ते सुरक्षित निकलने में मदद की तो एक लाइब्रेरियन ने बच्चों को एक अलग कमरे में छुपा दिया और विध्वंसक घटना की ओर से बच्चों का ध्यान बंटाने के लिए उन्हें कागज देकर उनसे ड्राइंग बनाने को कहा।
एक छोटी बच्ची ने तो इस सप्ताह की शुरूआत में ही अपना सातवां जन्मदिन मनाया था।
लांजा ने शुक्रवार को कनेक्टिकट में अपने घर में पहले अपनी मां की हत्या की और उसके बाद वह स्कूल गया जहां उसने खुद को गोली मारने से पूर्व 26 लोगों को गोलियों से भून दिया। यह अमेरिकी इतिहास में सर्वाधिक भीषण गोलीबारी की घटना थी। कार्वेर ने बताया कि बच्चों के माता-पिता के दुख को कम करने के लिए उन्हें सीधे घटनास्थल पर ले जाए जाने से पूर्व उन्हें शिनाख्त के लिए बच्चों के फोटो दिखाए गए।
कनेक्टिकट पुलिस के पाल वेन्से ने कहा कि बंदूकधारी जबरन स्कूल में घुसा था।
घटना के नए खुलासे में पता चला है कि स्कूल के प्रिंसीपल और मनोचिकित्सक छात्रों को बचाने के प्रयास में बंदूकधारी से निपटने की कोशिश करने में मारे गए।टिप्पणियां
स्कूल के अधीक्षक जेनेट रोबिन्सन ने बताया कि अध्यापकों तथा स्कूल के कर्मचारियों ने बड़ी ही बहादुरी के साथ बच्चों को हमलावर से बचाने में अपनी जान लगा दी।
एक अध्यापिका ने बच्चों को खिड़की के रास्ते सुरक्षित निकलने में मदद की तो एक लाइब्रेरियन ने बच्चों को एक अलग कमरे में छुपा दिया और विध्वंसक घटना की ओर से बच्चों का ध्यान बंटाने के लिए उन्हें कागज देकर उनसे ड्राइंग बनाने को कहा।
लांजा ने शुक्रवार को कनेक्टिकट में अपने घर में पहले अपनी मां की हत्या की और उसके बाद वह स्कूल गया जहां उसने खुद को गोली मारने से पूर्व 26 लोगों को गोलियों से भून दिया। यह अमेरिकी इतिहास में सर्वाधिक भीषण गोलीबारी की घटना थी। कार्वेर ने बताया कि बच्चों के माता-पिता के दुख को कम करने के लिए उन्हें सीधे घटनास्थल पर ले जाए जाने से पूर्व उन्हें शिनाख्त के लिए बच्चों के फोटो दिखाए गए।
कनेक्टिकट पुलिस के पाल वेन्से ने कहा कि बंदूकधारी जबरन स्कूल में घुसा था।
घटना के नए खुलासे में पता चला है कि स्कूल के प्रिंसीपल और मनोचिकित्सक छात्रों को बचाने के प्रयास में बंदूकधारी से निपटने की कोशिश करने में मारे गए।टिप्पणियां
स्कूल के अधीक्षक जेनेट रोबिन्सन ने बताया कि अध्यापकों तथा स्कूल के कर्मचारियों ने बड़ी ही बहादुरी के साथ बच्चों को हमलावर से बचाने में अपनी जान लगा दी।
एक अध्यापिका ने बच्चों को खिड़की के रास्ते सुरक्षित निकलने में मदद की तो एक लाइब्रेरियन ने बच्चों को एक अलग कमरे में छुपा दिया और विध्वंसक घटना की ओर से बच्चों का ध्यान बंटाने के लिए उन्हें कागज देकर उनसे ड्राइंग बनाने को कहा।
कनेक्टिकट पुलिस के पाल वेन्से ने कहा कि बंदूकधारी जबरन स्कूल में घुसा था।
घटना के नए खुलासे में पता चला है कि स्कूल के प्रिंसीपल और मनोचिकित्सक छात्रों को बचाने के प्रयास में बंदूकधारी से निपटने की कोशिश करने में मारे गए।टिप्पणियां
स्कूल के अधीक्षक जेनेट रोबिन्सन ने बताया कि अध्यापकों तथा स्कूल के कर्मचारियों ने बड़ी ही बहादुरी के साथ बच्चों को हमलावर से बचाने में अपनी जान लगा दी।
एक अध्यापिका ने बच्चों को खिड़की के रास्ते सुरक्षित निकलने में मदद की तो एक लाइब्रेरियन ने बच्चों को एक अलग कमरे में छुपा दिया और विध्वंसक घटना की ओर से बच्चों का ध्यान बंटाने के लिए उन्हें कागज देकर उनसे ड्राइंग बनाने को कहा।
घटना के नए खुलासे में पता चला है कि स्कूल के प्रिंसीपल और मनोचिकित्सक छात्रों को बचाने के प्रयास में बंदूकधारी से निपटने की कोशिश करने में मारे गए।टिप्पणियां
स्कूल के अधीक्षक जेनेट रोबिन्सन ने बताया कि अध्यापकों तथा स्कूल के कर्मचारियों ने बड़ी ही बहादुरी के साथ बच्चों को हमलावर से बचाने में अपनी जान लगा दी।
एक अध्यापिका ने बच्चों को खिड़की के रास्ते सुरक्षित निकलने में मदद की तो एक लाइब्रेरियन ने बच्चों को एक अलग कमरे में छुपा दिया और विध्वंसक घटना की ओर से बच्चों का ध्यान बंटाने के लिए उन्हें कागज देकर उनसे ड्राइंग बनाने को कहा।
स्कूल के अधीक्षक जेनेट रोबिन्सन ने बताया कि अध्यापकों तथा स्कूल के कर्मचारियों ने बड़ी ही बहादुरी के साथ बच्चों को हमलावर से बचाने में अपनी जान लगा दी।
एक अध्यापिका ने बच्चों को खिड़की के रास्ते सुरक्षित निकलने में मदद की तो एक लाइब्रेरियन ने बच्चों को एक अलग कमरे में छुपा दिया और विध्वंसक घटना की ओर से बच्चों का ध्यान बंटाने के लिए उन्हें कागज देकर उनसे ड्राइंग बनाने को कहा।
एक अध्यापिका ने बच्चों को खिड़की के रास्ते सुरक्षित निकलने में मदद की तो एक लाइब्रेरियन ने बच्चों को एक अलग कमरे में छुपा दिया और विध्वंसक घटना की ओर से बच्चों का ध्यान बंटाने के लिए उन्हें कागज देकर उनसे ड्राइंग बनाने को कहा। | सारांश: कनेक्टिकट में एक प्राइमरी स्कूल में भीषण गोलीबारी के दो दिन बाद अमेरिकी प्रशासन ने रविवार को इस घटना में मारे गए बच्चों की पहचान का खुलासा करते हुए कहा है कि ये बच्चे छह-सात साल की उम्र के थे और पहली कक्षा के छात्र थे। | 20 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: महाराष्ट्र में गठबंधन सरकार बनाने के बाद कर्नाटक में कांग्रेस ने रविवार को स्पष्ट किया कि पांच दिसंबर को होने वाले उपचुनाव में सत्तारूढ़ भाजपा को बहुमत के लिए जरूरी सीटें नहीं मिल पाने की स्थिति में वह एक बार फिर जद (एस) के साथ हाथ मिलाने के विरूद्ध नहीं है. इसके साथ ही जद (एस) के नेताओं ने भी ऐसे संकेत दिए हैं कि पार्टी ऐसी संभावनाओं के लिए तैयार है. बता दें, कांग्रेस और जद (एस) कर्नाटक में 14 महीने तक गठबंधन सरकार चला चुकी है और दोनों ने मिलकर लोकसभा चुनाव लड़ा था. हालांकि 17 विधायकों की बगावत के बाद जुलाई में एच डी कुमारस्वामी सरकार गिर गई थी और अब दोनों पार्टियां अलग-अलग उपचुनाव चुनाव लड़ रही हैं.
वहीं मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा के नेतृत्व वाली सत्तारूढ़ भाजपा को राज्य की 224 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए 15 निर्वाचन क्षेत्रों में हो रहे उपचुनाव में कम से कम छह सीटें जीतने की जरूरत है. सदन में दो- मास्की और आर आर नगर की सीटें भी रिक्त हैं. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, ‘संविधान, लोकतंत्र की रक्षा के लिए और धर्म निरपेक्ष सिद्धांतों के साथ सामाजिक न्याय प्रदान करने के लिए जब स्थिति पैदा होगी, ऐसे मामलों पर हम अपने सहयोगियों और संप्रग भागीदारों के साथ चर्चा के बाद जरूरी कदम उठाएंगे.' उन्होंने कहा, ‘देखते हैं भविष्य में क्या होता है. हमारा ध्यान 15 सीटें जीतने पर है. हम आपको बताएंगे. हम नौ दिसंबर को असली तस्वीर बता पाएंगे. हम आपको अच्छी खबर देंगे.'
बता दें, खड़गे महाराष्ट्र के कांग्रेस प्रभारी महासचिव हैं, जहां पर पार्टी ने भाजपा को सत्ता से बाहर रखने के लिए शिवसेना और राकांपा के साथ गठबंधन कर सरकार बनाई. उन्होंने कहा कि पड़ोसी राज्य में ऐसा फैसला लोकतंत्र की रक्षा और लोगों के हितों की रक्षा के लिए किया. उन्होंने कहा, ‘आपको हकीकत बताऊं, हमारी अध्यक्ष (सोनिया गांधी) इसके पक्ष में नहीं थीं और चाहती थीं कि हम विपक्ष में रहें, लेकिन लोगों, दलों और प्रगतिशील सोच वालों ने हमें भाजपा को सत्ता से बाहर रखने पर ध्यान देने को कहा.' उन्होंने कहा कि विधायकों और वाम दलों सहित अन्य पार्टियों की तरफ से दबाव के बाद ‘फासीवादी' और लोकतंत्र के खिलाफ काम करने वाली भाजपा को सत्ता से बाहर रखने के इरादे से यह फैसला किया गया.
वहीं कांग्रेस के एक अन्य नेता जी परमेश्वर ने भी कहा कि अगर हालात पैदा होते हैं तो कांग्रेस और जद (एस) के साथ आने की संभावना है और आलाकमान को इस बारे में विचार और फैसला करना है. उन्होंने कहा, ‘नौ दिसंबर को नतीजे के बाद अगर कांग्रेस को ज्यादा और भाजपा को कम सीटें मिलती हैं, तो सरकार गिर जाएगी. इसके बाद हमारे पास दो विकल्प होंगे. एक सरकार नहीं बनाने और बाहर रहने का, दूसरा फिर से जद(एस) के साथ गठबंधन सरकार बनाने के लिए हाथ मिलाने का.' उन्होंने कहा, ‘साथ आने की संभावना है. क्या हम तुरंत मध्यावधि चुनाव कराने की स्थिति में हैं? क्या हमें लोगों पर एक और चुनाव का बोझ डालना चाहिए.' हालांकि यह केवल कांग्रेस की इच्छा नहीं है. जद (एस) संस्थापक एच डी देवगौडा के बेटे कुमारस्वामी ने भी कहा था कि उपचुनाव के बाद राज्य में स्थिर सरकार होगी, हालांकि जरूरी नहीं है कि यह भाजपा की हो. | यह एक सारांश है: भाजपा को बहुमत न मिलने पाने पर जेडी(एस) से मिला सकते हैं हाथ
भाजपा को विधानसभा में बहुमत के लिए चाहिए केवल छह सीटें
14 महीने तक गठबंधन सरकार चला चुकी है जेडी(एस) और कांग्रेस | 16 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: अपना-अपना पहला मैच गंवा चुकी ऑस्ट्रेलिया की न्यू साउथ वेल्स (एनएसडब्ल्यू) और वेस्टइंडीज की त्रिनिदाद एंड टोबैगो टीमें बुधवार को एमए चिदम्बरम स्टेडियम में चैम्पियंस लीग ट्वेंटी-20 टूर्नामेंट में आमने-सामने होंगी। दोनों टीमों का लक्ष्य पिछली हार के गम को भुलाकर अंक हासिल करना होगा। एनएसडब्ल्यू को अपने पहले मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका की केप कोबराज टीम के हाथों सात विकेट से शिकस्त झेलनी पड़ी थी जबकि वर्ष 2009 की उपविजेता रही त्रिनिदाद को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की फ्रेंचाइजी टीम मुम्बई इंडियंस ने एक रोमांचक मुकाबले में एक विकेट से हराया था। कोबराज के खिलाफ एनएसडब्ल्यू टीम को तेज शुरुआत दिलाने वाले सलामी बल्लेबाज डेविड वार्नर और शेन वॉटसन से इस मुकाबले में भी कप्तान साइमन कैटिच को काफी उम्मीदे होंगी। वार्नर और वॉटसन ने उस मुकाबले में पहले विकेट के लिए तेजी से 41 रन जोड़े थे। सलामी जोड़ियों की अच्छी शुरुआत देने के बावजूद एनएसडब्ल्यू के मध्यक्रम के बल्लेबाज उसे भुनाने में असफल रहे थे। ऐसे में मध्यक्रम को मजबूती देने की जिम्मेदारी एक बार फिर डेनियल स्मिथ, कैटिच और स्टीवन स्मिथ के कंधों पर होगी। युवा मध्यम गति के गेंदबाज पैट्रिक कुमिंग्स, माइकल स्टार्क और स्टीव ओ' कीफ से टीम को काफी उम्मीदें हैं जबकि नेथन हॉरित्ज स्पिन की बागडोर सम्भालेंगे। दूसरी ओर, त्रिनिदाद की टीम ने जिस प्रकार से क्वालीफायर मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन किया था, उसे मुख्य दौर के पहले मुकाबले में वह दोहराने में असफल रही। यह अलग बात है कि उसे अंतिम गेंद पर हार मिली। मुम्बई के खिलाफ त्रिनिदाद की टीम 98 रनों पर ढेर हो गई थी लेकिन उसके गेंदबाजों ने जिस प्रकार इस मुकाबले में प्रदर्शन किया वह काबिलेतारीफ है। सलामी बल्लेबाज लेंडल सिमंस और एड्रिय बाराथ से टीम को काफी उम्मीदें हैं। मध्यम गति के गेंदबाज रवि रामपॉल ने मुम्बई के खिलाफ बेहतरीन प्रदर्शन किया था। उन्होंने अपने चार ओवर के कोटे में 17 रन खर्च कर तीन सफलताएं अर्जित की थी। | यह एक सारांश है: अपना-अपना पहला मैच गंवा चुकी न्यू साउथ वेल्स और त्रिनिदाद एंड टोबैगो टीमें चैम्पियंस लीग ट्वेंटी-20 टूर्नामेंट में आमने-सामने होंगी। | 2 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: इंडिया वालों और सेलेब्रिटीज के बीच हुए बिग बॉस के इस 10 वें सीजन के विजेता बने मनवीर गुर्जर भले ही घर के भीतर अपने मन की करते रहे और उनके इसी मनमोजी अंदाज को दर्शकों ने खूब पसंद किया, लेकिन लगता है घर से निकलने के बाद उनकी अपने खुद के घरवालों के सामने नहीं चलने वाली है. बिग बॉस के घर में जब नितिभा थोड़े समय के लिए वापिस आई, तो मनवीर ने ईशारों में नितिभा के सामने अपने प्यार का इजहार किया था. लेकिन मनवीर के भाभी और भइया ने साफ शब्दों में कह दिया है कि नितिभा जैसी लड़की उनके घर की बहु नहीं बन सकती क्योंकि उन्हें एक घरेलू लड़की चाहिए.
'बिग बॉस' के घर में मनु पंजाबी के घर से निकलने के बाद दिल्ली की नितिभा कौल और नोएडा के मनवीर गुर्जर के बीच दोस्ती काफी गहरी होती दिखी. दोनों काफी समय साथ बिताते दिखे. हालांकि घरवालों के बीच भी इस दोस्ती पर काफी बातें हुईं लेकिन घर के बाहर मनवीर के फैन्स ने मनवीर और नितिभा को 'नितवीर' नाम भी दे दिया.
इंडिया टुडे को दिए अपने एक इंटरव्यू में मनवीर की भाभी ने कहा, ' हमें ऐसी लड़की चाहिए जो घरेलु हो, सिंपल हो और जिसके विचार मनवीर से मिलें. जो बड़ों की इज्जत करे. हमें नितिभा जैसी कोई लड़की नहीं चाहिए. वह घरेलु नहीं है.' वहीं मनवीर के भाई अनूप गुर्जर ने इस इंटरव्यू में कहा, ' हमें मनवीर और नितिभा के बीच की दोस्ती से कोई समस्या नहीं है. लेकिन अगर परिवार की नजर से सोचें तो हमें नहीं लगता कि वह सही लड़की होगी.'
बता दें कि शो के आखिरी हफ्ते में बिग बॉस के घर में आए नितिभा एक टास्क के दौरान कुछ समय के लिए वापिस आई थी और उन्होंने मनवीर को कहा कि लोग उन दोनों की जोड़ी काफी पसंद कर रहे हैं. नितिभा ने कहा, 'तुम्हारे फैन्स मुझे भाभी बोल रहे हैं.' इस बात पर दोनों हंसे. इसके अलावा अकेले में मनवीर ने नितिभा को बताया कि उनके टैडी पर उन्होंने ही अपना नाम लिखा है और वह उसक मतलब समझ सकती हैं.
'बिग बॉस' के घर में मनु पंजाबी के घर से निकलने के बाद दिल्ली की नितिभा कौल और नोएडा के मनवीर गुर्जर के बीच दोस्ती काफी गहरी होती दिखी. दोनों काफी समय साथ बिताते दिखे. हालांकि घरवालों के बीच भी इस दोस्ती पर काफी बातें हुईं लेकिन घर के बाहर मनवीर के फैन्स ने मनवीर और नितिभा को 'नितवीर' नाम भी दे दिया.
इंडिया टुडे को दिए अपने एक इंटरव्यू में मनवीर की भाभी ने कहा, ' हमें ऐसी लड़की चाहिए जो घरेलु हो, सिंपल हो और जिसके विचार मनवीर से मिलें. जो बड़ों की इज्जत करे. हमें नितिभा जैसी कोई लड़की नहीं चाहिए. वह घरेलु नहीं है.' वहीं मनवीर के भाई अनूप गुर्जर ने इस इंटरव्यू में कहा, ' हमें मनवीर और नितिभा के बीच की दोस्ती से कोई समस्या नहीं है. लेकिन अगर परिवार की नजर से सोचें तो हमें नहीं लगता कि वह सही लड़की होगी.'
बता दें कि शो के आखिरी हफ्ते में बिग बॉस के घर में आए नितिभा एक टास्क के दौरान कुछ समय के लिए वापिस आई थी और उन्होंने मनवीर को कहा कि लोग उन दोनों की जोड़ी काफी पसंद कर रहे हैं. नितिभा ने कहा, 'तुम्हारे फैन्स मुझे भाभी बोल रहे हैं.' इस बात पर दोनों हंसे. इसके अलावा अकेले में मनवीर ने नितिभा को बताया कि उनके टैडी पर उन्होंने ही अपना नाम लिखा है और वह उसक मतलब समझ सकती हैं. | मनवीर विजेता बनने के बाद आज वापिस आ रहे हैं नाएडा
घर में मनवीर और नितिभा की गहरी दोस्ती को फैन्स ने दिया 'नितवीर' नाम
मनवीर की भाभी ने नितिभा से शादी की संभावनाओं पर लगाई रोक | 26 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: स्कूलों में परीक्षाएं खत्म हो चुकी हैं. कई स्कूलों में नए सत्र की पढ़ाई भी शुरू गई है. बच्चों को अब गर्मी की छुट्टियों को इतंजार है और माता-पिता भी बच्चों के साथ कहीं न कहीं घूमने का प्लान बना रहे हैं. ऐसे में भारतीय रेल भी पर्यटन की दृष्टि से कई प्लान लोगों के लिए लेकर आया है. क्योंकि गर्मी बढ़ती जा रही है ऐसे में लोगों की इच्छा रहती है कि वे ठंडी जगह जाएं. इसके लिए अमूमन पहाड़ी इलाके को ही चयन किया जाता है. जहां पर ठंडी के साथ साथ परिवार के लोगों का मनोरंजन भी हो जाए. कई परिवार यह भी देखते हैं कि यदि इसके साथ संभव हुआ तो आध्यात्मिक लाभ भी उठा लिया जाए. ऐसे में माता वैष्णो देवी जाने का मौका मिल जाए तो इससे बेहतर और क्या हो सकता है.
भारतीय रेल ऐसे श्रद्धालु माता के भक्तों के लिए ऑफर लेकर आया और उन्हें सस्ते दाम पर भी टूर पैकेज दे रहा है. भारतीय रेल का माता वैष्णो देवी यात्रा का पैकेज एक आम आदमी के लिए बड़ा ही मुफीद है. कुछ निजी टूर एजेंसियों के साथ मिलकर आईआरसीटीसी (IRCTC) के जरिए भारतीय रेल माता वैष्णो देवी यात्रा का ऑफर दे रही है. आईआरसीटीसी की वेबसाइट के अनुसार महज 2490 रुपए में रेलवे वैष्णोदेवी की यात्रा यह करवा रहा है. साइट के अनुसार यह टूर 3 रात और 4 दिनों का है.
टिप्पणियां
आईआरसीटीसी (IRCTC) ने इस पैकेज का नाम 'माता वैष्णोदेवी' रखा है. साइट के अनुसार यह यात्रा ट्रेन से होगी. नई दिल्ली स्टेशन से यह ट्रेन रात 20:50 बजे निकलती है. यह यात्रा स्लिपर क्लास में बुकिंग के जरिए करवाई जाएगी. रेलवे इस ट्रेन को रोज भेजती है. साइट में बताया गया है कि आईआरसीटीसी की ओर से इस पूरी यात्रा के दौरान दो बार नाश्ता दिया जाएगा. इसके साथ आईआरसीटीसी अपने गेस्ट हाउस या समकक्ष होटल में रुकने की व्यवस्था करेगी.
रुकने के लिए भी आईआरसीटीसी की ओर दो प्रकार की व्यवस्था की गई है. इसमें स्टैंडर्ड और डीलक्स स्तर की व्यवस्था की गई है. दोनों ही व्यवस्था में अलग-अलग चार्ज देना होगा. IRCTC ने इस पैकेज का कोट NDR035 रखा है.
भारतीय रेल ऐसे श्रद्धालु माता के भक्तों के लिए ऑफर लेकर आया और उन्हें सस्ते दाम पर भी टूर पैकेज दे रहा है. भारतीय रेल का माता वैष्णो देवी यात्रा का पैकेज एक आम आदमी के लिए बड़ा ही मुफीद है. कुछ निजी टूर एजेंसियों के साथ मिलकर आईआरसीटीसी (IRCTC) के जरिए भारतीय रेल माता वैष्णो देवी यात्रा का ऑफर दे रही है. आईआरसीटीसी की वेबसाइट के अनुसार महज 2490 रुपए में रेलवे वैष्णोदेवी की यात्रा यह करवा रहा है. साइट के अनुसार यह टूर 3 रात और 4 दिनों का है.
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आईआरसीटीसी (IRCTC) ने इस पैकेज का नाम 'माता वैष्णोदेवी' रखा है. साइट के अनुसार यह यात्रा ट्रेन से होगी. नई दिल्ली स्टेशन से यह ट्रेन रात 20:50 बजे निकलती है. यह यात्रा स्लिपर क्लास में बुकिंग के जरिए करवाई जाएगी. रेलवे इस ट्रेन को रोज भेजती है. साइट में बताया गया है कि आईआरसीटीसी की ओर से इस पूरी यात्रा के दौरान दो बार नाश्ता दिया जाएगा. इसके साथ आईआरसीटीसी अपने गेस्ट हाउस या समकक्ष होटल में रुकने की व्यवस्था करेगी.
रुकने के लिए भी आईआरसीटीसी की ओर दो प्रकार की व्यवस्था की गई है. इसमें स्टैंडर्ड और डीलक्स स्तर की व्यवस्था की गई है. दोनों ही व्यवस्था में अलग-अलग चार्ज देना होगा. IRCTC ने इस पैकेज का कोट NDR035 रखा है.
आईआरसीटीसी (IRCTC) ने इस पैकेज का नाम 'माता वैष्णोदेवी' रखा है. साइट के अनुसार यह यात्रा ट्रेन से होगी. नई दिल्ली स्टेशन से यह ट्रेन रात 20:50 बजे निकलती है. यह यात्रा स्लिपर क्लास में बुकिंग के जरिए करवाई जाएगी. रेलवे इस ट्रेन को रोज भेजती है. साइट में बताया गया है कि आईआरसीटीसी की ओर से इस पूरी यात्रा के दौरान दो बार नाश्ता दिया जाएगा. इसके साथ आईआरसीटीसी अपने गेस्ट हाउस या समकक्ष होटल में रुकने की व्यवस्था करेगी.
रुकने के लिए भी आईआरसीटीसी की ओर दो प्रकार की व्यवस्था की गई है. इसमें स्टैंडर्ड और डीलक्स स्तर की व्यवस्था की गई है. दोनों ही व्यवस्था में अलग-अलग चार्ज देना होगा. IRCTC ने इस पैकेज का कोट NDR035 रखा है.
रुकने के लिए भी आईआरसीटीसी की ओर दो प्रकार की व्यवस्था की गई है. इसमें स्टैंडर्ड और डीलक्स स्तर की व्यवस्था की गई है. दोनों ही व्यवस्था में अलग-अलग चार्ज देना होगा. IRCTC ने इस पैकेज का कोट NDR035 रखा है. | संक्षिप्त सारांश: भारतीय रेल आईआरसीटीसी के माध्यम से लाया टूर पैकेज
माता वैष्णो देवी के लिए विशेष व्यवस्था
साइट पर उपलब्ध कई पैकेज. | 8 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: इस मामले से हटने को लेकर जस्टिस रमना ने दलील दी. जस्टिस रमना ने कहा कि नागेश्वर राव उनके राज्य से ही हैं और वो नागेश्वर की बेटी की शादी में भी गए थे. इसके अलावा, कॉमन कॉज की ओर से दुष्यंत दवे ने कहा कि रजिस्ट्री को शुक्रवार को ही केस लिस्ट करने को कहा जाए. इस पर जस्टिस रमना ने कहा कि हम ये कैसे कह सकते हैं. ये रजिस्ट्री पर है कि वो कब सूचीबद्ध करें.
बता दें, सीबीआई के अंतरिम निदेशक के रूप में एम. नागेश्वर राव की नियुक्ति को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई थी. गैर सरकारी संगठन ‘कामन कॉज' ने सीबीआई के अंतरिम निदेशक के रूप में एम. नागेश्वर राव की नियुक्ति निरस्त करने का आग्रह किया गया था. प्रशांत भूषण के माध्यम से दायर इस याचिका में दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना कानून- 1946 की धारा 4 ए के तहत लोकपाल और लोकायुक्त कानून, 2013 में किए गए संशोधन में प्रतिपादित प्रक्रिया के अनुसार केंद्र को जांच एजेंसी का नियमित निदेशक नियुक्त करने का निर्देश देने का आग्रह किया गया है.
याचिका में दिल्ली विशेष पुलिस प्रतिष्ठान कानून, 1946 की धारा 4ए के तहत लोकपाल और लोकायुक्त कानून, 2013 में किए गए संशोधन में प्रतिपादित प्रक्रिया के अनुसार केंद्र को जांच ब्यूरो का नियमित निदेशक नियुक्त करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है. 10 जनवरी को आलोक वर्मा को जांच एजेंसी के निदेशक पद से हटाए जाने के बाद सरकार ने नए निदेशक की नियुक्ति होने तक एम. नागेश्वर राव को अंतरिम निदेशक नियुक्त किया है. | यहाँ एक सारांश है:नागेश्वर राव की नियुक्ति के खिलाफ याचिका पर सुनवाई
जस्टिस एनवी रमना सुनवाई से हुए अलग
सीजेआई और जस्टिस सीकरी पहले हो चुके हैं अलग | 4 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने बुधवार को लोकसभा को सूचित किया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने 2015 से स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) के मानकों का 1,892 बार उल्लंघन किया. एसपीजी संशोधन विधेयक 2019 पर जवाब देते हुए शाह ने कहा कि पिछले पांच सालों के दौरान राहुल गांधी ने दिल्ली से बाहर के 247 दौरों के लिए एसपीजी को सूचित नहीं किया. सरकार द्वारा दी गई उच्चतम सुरक्षा से समझौता करने पर शाह ने खुलासा किया कि कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी 1991 के बाद से 99 विदेश दौरों पर गई, उन्होंने इस तरह के 78 यात्राओं पर एसपीजी की सुरक्षा की मांग नहीं की. इसी तरह से उन्होंने 2015 के बाद से 349 अवसरों पर एसपीजी मानकों का उल्लंघन किया. कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी पर गृह मंत्री ने कहा कि पार्टी सुप्रीमो ने 600 बार एसपीजी अधिकारियों को अपने दौरे के बारे में सूचित नहीं किया. गृह मंत्री का मानना है कि सरकार ने गांधी परिवार से कोई सुरक्षा वापस नहीं ली है.
अमित शाह ने कहा, "सच्चाई यह है किहमने एसपीजी की जगह सीआरपीएफ को रख दिया है. हमने खतरे के मद्देनजर उन्हें एंबुलेंस व एडवांस सुरक्षा संपर्क टीम प्रदान की है. हालांकि, जब निदेशक खुफिया ब्यूरो ने परिवर्तन (सुरक्षा में) के बारे में राहुल गांधी को सूचना देने की कोशिश की तो खुफिया प्रमुख उनसे मिल नहीं सके." शाह द्वारा गांधी परिवार को लेकर एसपीजी सुरक्षा कवर के मद्देनजर किए गए सनसनीखेज खुलासे पर कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने आरोप लगाया कि सरकार गांधी परिवार को निशाना बना रही है और गृह मंत्री द्वारा कांग्रेस नेताओं की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है. हालांकि, शाह ने अधीर रंजन से कहा कि उनकी मंशा इस तरह के खुलासे करने की सदन में कभी नहीं थी, लेकिन विपक्षी पार्टियों ने जब उन्हें सच के खुलासे को मजबूर किया तो वह गांधी परिवार द्वारा एसपीजी मानकों के उल्लंघन संबंधी आंकड़ों व तथ्यों को उजागर करने को बाध्य हुए. | संक्षिप्त पाठ: कहा, राहुल गांधी ने 247 दौरों के लिए एसपीजी को सूचित नहीं किया
वहीं, प्रियंका गांधी 1991 के बाद से 99 विदेश दौरों पर गईं
प्रियंका ने 78 यात्राओं पर एसपीजी की सुरक्षा की मांग नहीं की | 22 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: नरेंद्र मोदी मंत्रिमंडल में मंगलवार को हुए एक बड़े फेरबदल में स्मृति ईरानी की जगह प्रकाश जावड़ेकर को मानव संसाधन विकास (एचआरडी) मंत्री बनाया गया है। मंत्री पद की शपथ के बाद पीएम मोदी ने सभी मंत्रियों को कुछ दिशा-निर्देश दिए। इस बैठक के बाद जावड़ेकर ने कहा कि वह अपने मंत्रालय का काम सलाह मशविरे के आधार पर करेंगे। उन्होंने यह भी साफ कहा कि इसमें वह स्मृति ईरानी से जरूरी बात पर सलाह लेते रहेंगे।
जावड़ेकर ने कहा कि मेरे दरवाजे सभी के लिए खुले हैं। मैं खुले दिल से सबके सुझाओं का स्वागत करता हूं। जावड़ेकर ने कहा कि वह स्मृति ईरानी द्वारा आरंभ किए गए सभी अच्छे कामों को आगे ले जाएंगे। जावड़ेकर ने कहा, "मैं छात्र आंदोलन की उपज हूं, इसलिए हम हमेशा सबसे बात करेंगे। जब संवाद हो रहा होगा तो फिर आंदोलन की जरूरत ही नहीं रहेगी।"टिप्पणियां
शिक्षा के भगवाकरण का आरोप झेलने वाली पार्टी बीजेपी के नेता और केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि शिक्षा में पार्टी राजनीति की कोई जगह नहीं है। यह सबके लिए महत्वपूर्ण विषय है।
जावड़ेकर ने कहा कि वह शिक्षा को व्यक्ति का उद्धारकर्ता मानते हैं, एक बदलाव लाने का माध्यम मानते हैं। इसलिए जरूरी है कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाया जाए और इसे ज्यादा तर्कसंगत बनाया जाए। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शिक्षा को लेकर एक विजन है जिसे वह अपनी नीति में शामिल करेंगे।
जावड़ेकर ने कहा कि मेरे दरवाजे सभी के लिए खुले हैं। मैं खुले दिल से सबके सुझाओं का स्वागत करता हूं। जावड़ेकर ने कहा कि वह स्मृति ईरानी द्वारा आरंभ किए गए सभी अच्छे कामों को आगे ले जाएंगे। जावड़ेकर ने कहा, "मैं छात्र आंदोलन की उपज हूं, इसलिए हम हमेशा सबसे बात करेंगे। जब संवाद हो रहा होगा तो फिर आंदोलन की जरूरत ही नहीं रहेगी।"टिप्पणियां
शिक्षा के भगवाकरण का आरोप झेलने वाली पार्टी बीजेपी के नेता और केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि शिक्षा में पार्टी राजनीति की कोई जगह नहीं है। यह सबके लिए महत्वपूर्ण विषय है।
जावड़ेकर ने कहा कि वह शिक्षा को व्यक्ति का उद्धारकर्ता मानते हैं, एक बदलाव लाने का माध्यम मानते हैं। इसलिए जरूरी है कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाया जाए और इसे ज्यादा तर्कसंगत बनाया जाए। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शिक्षा को लेकर एक विजन है जिसे वह अपनी नीति में शामिल करेंगे।
शिक्षा के भगवाकरण का आरोप झेलने वाली पार्टी बीजेपी के नेता और केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि शिक्षा में पार्टी राजनीति की कोई जगह नहीं है। यह सबके लिए महत्वपूर्ण विषय है।
जावड़ेकर ने कहा कि वह शिक्षा को व्यक्ति का उद्धारकर्ता मानते हैं, एक बदलाव लाने का माध्यम मानते हैं। इसलिए जरूरी है कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाया जाए और इसे ज्यादा तर्कसंगत बनाया जाए। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शिक्षा को लेकर एक विजन है जिसे वह अपनी नीति में शामिल करेंगे।
जावड़ेकर ने कहा कि वह शिक्षा को व्यक्ति का उद्धारकर्ता मानते हैं, एक बदलाव लाने का माध्यम मानते हैं। इसलिए जरूरी है कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाया जाए और इसे ज्यादा तर्कसंगत बनाया जाए। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शिक्षा को लेकर एक विजन है जिसे वह अपनी नीति में शामिल करेंगे। | यहाँ एक सारांश है:जरूरी मुद्दों पर स्मृति ईरानी पर सलाह लेंगे।
पीएम मोदी के विजन पर काम करेंगे।
शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता में सुधार लाने पर काम करेंगे। | 12 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: क्रिकेट की दुनिया में ‘महाशक्ति’ का दर्जा रखने वाले भारत के छह खिलाड़ियों को अमेरिका की प्रतिष्ठित व्यवसायिक पत्रिका 'फोर्ब्स' ने दुनिया के 10 सर्वाधिक कमाई करने वाले क्रिकेट खिलाड़ियों की सूची में शामिल किया है।
क्रिकेट में भारत की ‘ताकत’ का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 'फोर्ब्स' द्वारा हाल ही में जारी 10 सर्वाधिक कमाई करने वाले क्रिकेट खिलाड़ियों की सूची में शीर्ष पांच स्थानों पर भारतीय खिलाड़ियों का कब्जा है, जबकि चार ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी भी इस सूची में अपना स्थान बनाने में सफल रहे हैं।
इस सूची में पहले स्थान पर ‘कैप्टन कूल’ के नाम से मशहूर टीम इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी हैं, जिनकी पिछले साल की कुल कमाई दो करोड़ 65 लाख डॉलर (147 करोड़ रूपये से अधिक) रही।टिप्पणियां
धोनी को जहां 35 लाख डॉलर (करीब 19 करोड़ 47 लाख रूपये) क्रिकेट खेलकर मिले, वहीं प्रचार करके उन्होंने दो करोड़ 30 लाख डॉलर (127 करोड़ रूपये से अधिक) की कमाई की। आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान धोनी रिबॉक, पेप्सीको, सोनी जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए प्रचार करते हैं। धोनी विज्ञापन के जरिये कमाई करने के मामले में सबसे आगे हैं।
पत्रिका के मुताबिक कमाई के मामले में ‘रिकॉर्डों के शहंशाह’ सचिन तेंदुलकर दूसरे नंबर पर हैं। ‘मास्टर ब्लास्टर’ ने पिछले एक साल में एक करोड़ 86 लाख डॉलर (103 करोड़ रूपये) की कमाई की।
क्रिकेट में भारत की ‘ताकत’ का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 'फोर्ब्स' द्वारा हाल ही में जारी 10 सर्वाधिक कमाई करने वाले क्रिकेट खिलाड़ियों की सूची में शीर्ष पांच स्थानों पर भारतीय खिलाड़ियों का कब्जा है, जबकि चार ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी भी इस सूची में अपना स्थान बनाने में सफल रहे हैं।
इस सूची में पहले स्थान पर ‘कैप्टन कूल’ के नाम से मशहूर टीम इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी हैं, जिनकी पिछले साल की कुल कमाई दो करोड़ 65 लाख डॉलर (147 करोड़ रूपये से अधिक) रही।टिप्पणियां
धोनी को जहां 35 लाख डॉलर (करीब 19 करोड़ 47 लाख रूपये) क्रिकेट खेलकर मिले, वहीं प्रचार करके उन्होंने दो करोड़ 30 लाख डॉलर (127 करोड़ रूपये से अधिक) की कमाई की। आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान धोनी रिबॉक, पेप्सीको, सोनी जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए प्रचार करते हैं। धोनी विज्ञापन के जरिये कमाई करने के मामले में सबसे आगे हैं।
पत्रिका के मुताबिक कमाई के मामले में ‘रिकॉर्डों के शहंशाह’ सचिन तेंदुलकर दूसरे नंबर पर हैं। ‘मास्टर ब्लास्टर’ ने पिछले एक साल में एक करोड़ 86 लाख डॉलर (103 करोड़ रूपये) की कमाई की।
इस सूची में पहले स्थान पर ‘कैप्टन कूल’ के नाम से मशहूर टीम इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी हैं, जिनकी पिछले साल की कुल कमाई दो करोड़ 65 लाख डॉलर (147 करोड़ रूपये से अधिक) रही।टिप्पणियां
धोनी को जहां 35 लाख डॉलर (करीब 19 करोड़ 47 लाख रूपये) क्रिकेट खेलकर मिले, वहीं प्रचार करके उन्होंने दो करोड़ 30 लाख डॉलर (127 करोड़ रूपये से अधिक) की कमाई की। आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान धोनी रिबॉक, पेप्सीको, सोनी जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए प्रचार करते हैं। धोनी विज्ञापन के जरिये कमाई करने के मामले में सबसे आगे हैं।
पत्रिका के मुताबिक कमाई के मामले में ‘रिकॉर्डों के शहंशाह’ सचिन तेंदुलकर दूसरे नंबर पर हैं। ‘मास्टर ब्लास्टर’ ने पिछले एक साल में एक करोड़ 86 लाख डॉलर (103 करोड़ रूपये) की कमाई की।
धोनी को जहां 35 लाख डॉलर (करीब 19 करोड़ 47 लाख रूपये) क्रिकेट खेलकर मिले, वहीं प्रचार करके उन्होंने दो करोड़ 30 लाख डॉलर (127 करोड़ रूपये से अधिक) की कमाई की। आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान धोनी रिबॉक, पेप्सीको, सोनी जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए प्रचार करते हैं। धोनी विज्ञापन के जरिये कमाई करने के मामले में सबसे आगे हैं।
पत्रिका के मुताबिक कमाई के मामले में ‘रिकॉर्डों के शहंशाह’ सचिन तेंदुलकर दूसरे नंबर पर हैं। ‘मास्टर ब्लास्टर’ ने पिछले एक साल में एक करोड़ 86 लाख डॉलर (103 करोड़ रूपये) की कमाई की।
पत्रिका के मुताबिक कमाई के मामले में ‘रिकॉर्डों के शहंशाह’ सचिन तेंदुलकर दूसरे नंबर पर हैं। ‘मास्टर ब्लास्टर’ ने पिछले एक साल में एक करोड़ 86 लाख डॉलर (103 करोड़ रूपये) की कमाई की। | यह एक सारांश है: 'फोर्ब्स' की 10 सर्वाधिक कमाई करने वाले क्रिकेट खिलाड़ियों की सूची में शीर्ष पांच स्थानों पर भारतीय खिलाड़ियों का कब्जा है, जबकि चार ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी भी सूची में स्थान बनाने में सफल रहे हैं। | 2 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: सूत्रों के मुताबिक, मुलायम सिंह ने सीएम अखिलेश को शिवपाल के पुराने विभाग लौटाने को कहा था लेकिन उन्होंने बात नहीं मानी. इससे पहले परिवार का झगड़ा खुलकर सामने आने के बाद सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव गुरुवार शाम दिल्ली से लखनऊ पहुंचे और अपने बेटे और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और भाई शिवपाल यादव से मिलकर कलह को निपटाने की कोशिश शुरू की.टिप्पणियां
जैसे ही मुलायम यहां पहुंचे उन्होंने शिवपाल को तलब किया और हालात को सामान्य बनाने के लिए बंद कमरे में उनके साथ बैठक की. शिवपाल ने बाद में अखिलेश से उनके आधिकारिक निवास पर मुलाकात की. सूत्रों ने बताया कि मुलायम के निर्देश पर दोनों के बीच करीब 20 मिनट तक बैठक हुई.
इससे पहले मुलायम के चचेरे भाई और सपा के राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव ने कहा था, "उनके (मुलायम) यहां पहुंचने के बाद सबकुछ ठीक हो जाएगा. उनकी बात अंतिम होगी." इससे पहले दिन में रामगोपाल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी और दावा किया था, 'अखिलेश किसी से भी नाराज नहीं हैं और नेताजी (मुलायम) का फैसला पार्टी में अंतिम है."
जैसे ही मुलायम यहां पहुंचे उन्होंने शिवपाल को तलब किया और हालात को सामान्य बनाने के लिए बंद कमरे में उनके साथ बैठक की. शिवपाल ने बाद में अखिलेश से उनके आधिकारिक निवास पर मुलाकात की. सूत्रों ने बताया कि मुलायम के निर्देश पर दोनों के बीच करीब 20 मिनट तक बैठक हुई.
इससे पहले मुलायम के चचेरे भाई और सपा के राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव ने कहा था, "उनके (मुलायम) यहां पहुंचने के बाद सबकुछ ठीक हो जाएगा. उनकी बात अंतिम होगी." इससे पहले दिन में रामगोपाल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी और दावा किया था, 'अखिलेश किसी से भी नाराज नहीं हैं और नेताजी (मुलायम) का फैसला पार्टी में अंतिम है."
इससे पहले मुलायम के चचेरे भाई और सपा के राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव ने कहा था, "उनके (मुलायम) यहां पहुंचने के बाद सबकुछ ठीक हो जाएगा. उनकी बात अंतिम होगी." इससे पहले दिन में रामगोपाल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी और दावा किया था, 'अखिलेश किसी से भी नाराज नहीं हैं और नेताजी (मुलायम) का फैसला पार्टी में अंतिम है." | यह एक सारांश है: मुलायम सिंह ने सीएम अखिलेश से पुराने विभाग लौटाने को कहा था
पहले परिवार का झगड़ा खुलकर आया सामने
मुलायम की कलह शांत करने की कोशिशों को लगा झटका | 24 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: सपा के संग्राम के बीच रामगोपाल यादव ने एक बयान देकर नई चिंगारी को हवा दे दी है. रामगोपाल ने कहा कि सपा की पहचान गुंडा पार्टी की थी. अखिलेश ने इस पहचान को बदला. उनके बिना सपा नहीं है. देखते रहिए कैसे माहौल बदलता है.
रामगोपाल यादव ने आगे कहा कि नेताजी अखिलेश के धैर्य की परीक्षा ले रहे हैं, लेकिन अखिलेश ने कभी अपना आपा नहीं खोया. उन्होंने आगे कहा कि कुछ लोग अखिलेश की कामयाबी से जलते हैं.
इससे पूर्व पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित रामगोपाल यादव ने दो टूक में कह दिया है कि वह मुलायम से नहीं मिलेंगे और वह अखिलेश यादव के लिए कुछ भी करेंगे.
रामगोपाल यादव ने सोमवार को अखिलेश यादव के साथ मिलकर नई पार्टी के गठन से जुड़ी अटकलों को खारिज कर दिया. उन्होंने हालांकि अगले चुनाव के बाद अपने भतीजे को एक बार फिर मुख्यमंत्री बनाने की दिशा में काम करने की प्रतिबद्धता जताई. उन्होंने यह भी साफ किया कि वह राज्यसभा नहीं छोड़ेंगे.टिप्पणियां
अखिलेश के प्रति एक बार फिर अपने समर्थन का इजहार करते हुए रामगोपाल ने सपा नेताओं शिवपाल यादव और अमर सिंह को उनके खिलाफ किसी जनसभा में आरोप लगाने और वहां से सकुशल लौटने की चुनौती दी.
रामगोपाल यादव ने आगे कहा कि नेताजी अखिलेश के धैर्य की परीक्षा ले रहे हैं, लेकिन अखिलेश ने कभी अपना आपा नहीं खोया. उन्होंने आगे कहा कि कुछ लोग अखिलेश की कामयाबी से जलते हैं.
इससे पूर्व पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित रामगोपाल यादव ने दो टूक में कह दिया है कि वह मुलायम से नहीं मिलेंगे और वह अखिलेश यादव के लिए कुछ भी करेंगे.
रामगोपाल यादव ने सोमवार को अखिलेश यादव के साथ मिलकर नई पार्टी के गठन से जुड़ी अटकलों को खारिज कर दिया. उन्होंने हालांकि अगले चुनाव के बाद अपने भतीजे को एक बार फिर मुख्यमंत्री बनाने की दिशा में काम करने की प्रतिबद्धता जताई. उन्होंने यह भी साफ किया कि वह राज्यसभा नहीं छोड़ेंगे.टिप्पणियां
अखिलेश के प्रति एक बार फिर अपने समर्थन का इजहार करते हुए रामगोपाल ने सपा नेताओं शिवपाल यादव और अमर सिंह को उनके खिलाफ किसी जनसभा में आरोप लगाने और वहां से सकुशल लौटने की चुनौती दी.
इससे पूर्व पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित रामगोपाल यादव ने दो टूक में कह दिया है कि वह मुलायम से नहीं मिलेंगे और वह अखिलेश यादव के लिए कुछ भी करेंगे.
रामगोपाल यादव ने सोमवार को अखिलेश यादव के साथ मिलकर नई पार्टी के गठन से जुड़ी अटकलों को खारिज कर दिया. उन्होंने हालांकि अगले चुनाव के बाद अपने भतीजे को एक बार फिर मुख्यमंत्री बनाने की दिशा में काम करने की प्रतिबद्धता जताई. उन्होंने यह भी साफ किया कि वह राज्यसभा नहीं छोड़ेंगे.टिप्पणियां
अखिलेश के प्रति एक बार फिर अपने समर्थन का इजहार करते हुए रामगोपाल ने सपा नेताओं शिवपाल यादव और अमर सिंह को उनके खिलाफ किसी जनसभा में आरोप लगाने और वहां से सकुशल लौटने की चुनौती दी.
रामगोपाल यादव ने सोमवार को अखिलेश यादव के साथ मिलकर नई पार्टी के गठन से जुड़ी अटकलों को खारिज कर दिया. उन्होंने हालांकि अगले चुनाव के बाद अपने भतीजे को एक बार फिर मुख्यमंत्री बनाने की दिशा में काम करने की प्रतिबद्धता जताई. उन्होंने यह भी साफ किया कि वह राज्यसभा नहीं छोड़ेंगे.टिप्पणियां
अखिलेश के प्रति एक बार फिर अपने समर्थन का इजहार करते हुए रामगोपाल ने सपा नेताओं शिवपाल यादव और अमर सिंह को उनके खिलाफ किसी जनसभा में आरोप लगाने और वहां से सकुशल लौटने की चुनौती दी.
अखिलेश के प्रति एक बार फिर अपने समर्थन का इजहार करते हुए रामगोपाल ने सपा नेताओं शिवपाल यादव और अमर सिंह को उनके खिलाफ किसी जनसभा में आरोप लगाने और वहां से सकुशल लौटने की चुनौती दी. | सपा के लिए अखिलेश यादव ने बहुत कुछ किया
अखिलेश यादव ने अपना आपा कभी नहीं खोया
अखिलेश यादव के धैर्य की परीक्षा ले रहे हैं नेताजी | 26 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर (Prakash Javadekar) ने कहा कि देशभर के 40 हजार कॉलेजों और 900 यूनिवर्सिटी में 10 फीसद आरक्षण का कोटा इसी शैक्षणिक सत्र से लागू कर दिया जाएगा. इसमें सरकारी और प्राइवेट, दोनों तरह के संस्थान शामिल हैं. हालांकि वर्तमान कोटे से कोई छेड़छाड़ नहीं होगा और यह 10 फीसद अतिरिक्त होगा. उन्होंने कहा कि यूजीसी, एआईसीटीई और अन्य अधिकारियों के साथ इसके लिए मीटिंग हुई और निर्णय लिया गया कि 10 फीसद के कोटे को 2019 से ही लागू करने के लिए तुरंत कॉलेजों-विवि को सूचित कर दिया जाएगा. साथ ही संसद को भी सूचना दी जाएगी. प्रकाश जावड़ेकर (Prakash Javadekar) ने कहा कि दस फ़ीसदी आर्थिक आरक्षण के लिए कॉलेजों-यूनिवर्सिटी में 25 फ़ीसदी सीटें बढ़ाई जाएंगी, ताकि मौजूदा कोटे पर असर न पड़े. आपको बता दें सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में दस फीसदी के आरक्षण के बिल को राष्ट्रपति ने मंजूरी दे दी है. इसी के साथ सरकार ने भी अधिसूचना जारी कर दी. जिससे बिल ने अब कानून का रूप ले लिया.
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय एक हफ्ते के भीतर आरक्षण के प्रावधानों से जुड़े नियम-कायदों को देगा अंतिम रूप. बता दें कि मोदी सरकार (Modi Government) ने चुनावी सीजन में गरीब अगड़ों को दस प्रतिशत आरक्षण देने का बड़ा दांव चला. लोकसभा और राज्यसभा से इस बिल के पास होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे सामाजिक न्याय की जीत बताया और कहा कि यह देश की युवा शुक्ति को अपना कौशल दिखाने के लिए व्यापक मौका सुनिश्चित करेगा तथा देश में एक बड़ा बदलाव लाने में सहायक होगा. पीएम मोदी ने कई ट्वीट में लिखा, ‘‘खुशी है कि संविधान (124वां संशोधन) विधेयक पारित हो गया है जो सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को शिक्षा एवं रोजगार में 10 प्रतिशत आरक्षण मुहैया कराने के लिए संविधान में संशोधन करता है. मुझे देखकर प्रसन्नता हुई कि इसे इतना व्यापक समर्थन मिला.'' | संक्षिप्त पाठ: कॉलेज-यूनिवर्सिटी में इसी सत्र से 10 फीसद आरक्षण
सरकारी और निजी संस्थानों में लागू होगी व्यवस्था
कोटा को देखते हुए 25 फीसद सीटें भी बढ़ेंगी | 14 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में चैम्पियंस लीग-2011 के सातवें मुकाबले में सोमवार को मुम्बई इंडियंस ने वेस्टइंडीज की त्रिनिदाद एवं टोबैगो टीम को कांटे के मुकाबले में एक विकेट से पराजित कर दिया। आखिरी ओवर की आखिरी गेंद पर मुम्बई को दो रनों की दरकार थी जिसे उसने हासिल कर लिया। त्रिनिदाद एवं टोबैगो टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 16.2 ओवरों में महज 98 रन बनाए। इसके जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी मुम्बई इंडियंस ने 20 ओवर में नौ विकेट के नुकसान पर 99 रन बना लिए। मुम्बई की ओर अंबाती रायडू ने सर्वाधिक 36 रन बनाए। उन्होंने 47 गेंदों में तीन चौके लगाए। मुम्बई की शुरुआत खराब रही और 16 रन के कुल योग पर उसने चार विकेट गंवा दिए। आइडेन ब्लीजार्ड दो रन बनाकर तीसरे ओवर में जबकि तिरुमालासेत्ती सुमन 10 रन बनाकर चौथे ओवर में आउट हो गए। इसके बाद चौथे ही ओवर में जेम्स फ्रेंकलिन और छठे ओवर में एंड्रयू सायमंड्स बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। इसके बाद केरोन पोलार्ड 10 गेंदों में नौ रन बनाकर नौवें ओवर में बोल्ड हो गए। राजगोपाल सतीश ने 25 गेंदों में एक चौके की मदद से 14 रन बनाए। वह 16वें ओवर में नरीने की गेंद पर सिमंस के हाथों लपके गए। हरभजन सिंह ने आते ही तेज गति रन बनाने की कोशिश की। लेकिन वह 18वें ओवर में रनआउट हो गए। उन्होंने सात गेंदों में एक छक्के की मदद से नौ रन बनाए। लसिथ मलिंगा ने 15 रन बनाए। त्रिनिदाद की ओर से रवि रामपॉल ने तीन विकेट झटके जबकि सुनील नरीने को दो विकेट मिले। सैमुअल बद्री को एक सफलता मिली। इससे पहले त्रिनिदाद एवं टोबैगो टीम टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 16.2 ओवरों में महज 98 रन पर ढेर हो गई। त्रिनिदाद की ओर से जेसन मोहम्मद ने सर्वाधिक 23 रनों की पारी खेली। इसके अलावा लेंडल सिमंस ने 21, डेरेन ब्रावो ने 18, एड्रियन बाराथ ने 11 और सुनील नरीने ने 11 रन बनाए। इसके अलावा कोई भी बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा पार नहीं कर सका। मुम्बई इंडियंस की ओर से हरभजन सिंह ने तीन जबकि लसिथ मलिंगा ने दो विकेट चटकाए। केरोन पोलार्ड, अबू नेचिम और जेम्स फ्रैंकलिन को एक-एक सफलता मिली। सचिन तेंदुलकर की गैरमौजूदगी में हरभजन सिंह की कप्तानी में खेल रही मुम्बई इंडियंस का यह दूसरा मैच था। क्वालीफाईंग में दोनों मैच जीतकर मुख्य दौर में पहुंचने वाली त्रिनिदाद एवं टोबैगो की टीम का यह पहला मैच था। त्रिनिदाद के कप्तान डेरेन गंगा हैं। मुम्बई इंडियंस को पहले मुकाबले में जीत मिली थी। उसने मौजूदा चैम्पियंस चेन्नई सुपर किंग्स को रोमांचक भिड़ंत में तीन विकेट से हराया था। | यह एक सारांश है: चैम्पियंस लीग-2011 के सातवें मुकाबले में मुम्बई इंडियंस ने त्रिनिदाद एवं टोबैगो टीम को कांटे के मुकाबले में एक विकेट से पराजित कर दिया। | 9 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: विराट कोहली की जानदार शतकीय पारी से विशाल स्कोर खड़ा करने के बावजूद भारतीय टीम राहुल द्रविड़ को जीत के साथ विदाई देने में नाकाम रही और इंग्लैंड के हाथों पांचवें और अंतिम एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच में डकवर्थ लुईस पद्वति से छह विकेट से हार गई। भारत इस तरह से इस दौरे में एक भी मैच नहीं जीत पाया। वह टेस्ट शृंखला में 0-4 से हार गया था, जबकि उसे एकमात्र ट्वेंटी-20 मैच में भी पराजय झेलनी पड़ी। इंग्लैंड ने एकदिवसीय शृंखला भी 3-0 से अपने नाम की। कोहली ने 93 गेंद पर 107 रन बनाए, जबकि द्रविड़ ने अपने आखिरी मैच में 79 गेंद पर 69 रन की यादगार पारी खेली। इन दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 170 रन की साझेदारी की। कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने अंतिम क्षणों में 26 गेंद पर 50 रन ठोके, जिससे भारत टॉस गंवाने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए छह विकेट पर 304 रन बनाने में सफल रहा। इंग्लैंड की पारी शुरू होने से पहले ही बारिश आ गई, जिससे उसके सामने डकवर्थ लुईस पद्वति से 40 ओवर में 270 रन का लक्ष्य रखा गया। जब उसने 9.1 ओवर में एक विकेट पर 53 रन बनाए थे, तभी बारिश आ गई। बाद में उसके सामने 34 ओवर में 241 रन का लक्ष्य रखा गया। इंग्लैंड की तरफ से कप्तान एलिस्टेयर कुक (50) और जोनाथन ट्राट (63) ने अर्धशतकीय पारियां खेलीं, लेकिन अपना पहला मैच खेल रहे जानी बेयरस्टा (21 गेंद पर 41) और रवि बोपारा (22 गेंद पर 37) ने अंतिम क्षणों में 40 गेंद पर 75 रन की साझेदारी करके भारत की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। इंग्लैंड ने आखिर में 32.2 ओवर में चार विकेट पर 241 रन बनाकर जीत दर्ज की। भारतीय गेंदबाजों ने फिर से निराश किया, जबकि मुनाफ पटेल भी क्षेत्ररक्षण करते समय घायल हो गए। आर विनयकुमार ने क्रेग कीसवेटर (21) को जल्दी आउट कर दिया। लेकिन बारिश थमने के बाद जब दोबारा खेल शुरू हुआ, तो कुक ने तेजी से अर्धशतक पूरा किया। द्रविड़ ने इसके बाद उनका आसान कैच भी छोड़ा, लेकिन कोहली ने अगली गेंद पर ही इंग्लैंड के कप्तान को बोल्ड कर दिया। अपना 64वां मैच खेल रहे कोहली का यह पहला वनडे विकेट भी था। इयान बेल (21 गेंद पर 26 रन) और ट्राट ने हालांकि जल्द ही जडेजा के एक ओवर में तीन छक्के जड़कर 21 रन बटोरे। इंग्लैंड को जब 10 ओवर में 81 रन चाहिए थे, तब बेल ने सीमा रेखा पर कैच थमाया, जबकि इसके अगले ओवर में ट्राट भी जडेजा के शिकार बने। वह अपने कट पर नियंत्रण नहीं रख पाए और प्वाइंट पर आरपी सिंह को हवा में लहराता कैच देकर पैवेलियन लौटे। इसके बाद बोपारा और बेयरस्टो ने धमाकेदार पारियां खेलीं। इन दोनों ने पावरप्ले के तीन ओवर में 42 रन ठोककर इंग्लैंड की जीत आसान बना दी। बेयरस्टो ने अपनी पारी में तीन छक्के भी लगाए। इससे पहले भारतीय पारी का आकर्षण कोहली और द्रविड़ की साझेदारी रही। द्रविड़ ने 13वें ओवर के शुरू में अजिंक्या रहाणे (26) जबकि कोहली ने 16वें ओवर में पार्थिव पटेल (19) के आउट होने के बाद क्रीज पर कदम रखा। इन दोनों ने एक-दो रन लेकर स्ट्राइक रोटेट करके गेंदबाजों पर दबाव बनाया। द्रविड़ ने इसके बाद स्वान की गेंद पर आगे बढ़कर शॉट मारने के प्रयास में अपना विकेट गंवा दिया। द्रविड़ इस ऑफ ब्रेक पर पूरी तरह चूक गए, जिसने उनकी गिल्लियां गिरा दी। इंग्लैंड के प्रत्येक खिलाड़ी ने इसके बाद द्रविड़ से हाथ मिलाए, जबकि दर्शकों ने खड़े होकर उनका अभिवादन किया। इससे ठीक पहली वाली गेंद पर कोहली ने एक रन लेकर अपना शतक पूरा किया। इस शृंखला में कुछ अवसरों पर जूझने वाले कोहली तब अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख पाए और उनकी आंखे छलक गई। उन्हें इसके बाद जीवनदान भी मिला, लेकिन स्वान की गेंद बैकफुट पर जाकर खेलने के प्रयास में उनके पांव से गिल्लियां गिर गई और इस तरह वह हिटविकेट होकर पैवेलियन लौटे। उन्होंने अपनी पारी में नौ चौके और एक छक्का जमाया। भारत ने अंतिम क्षणों में सुरेश रैना (15) और रविंदर जडेजा (शून्य) के विकेट गंवाए, लेकिन धोनी दूसरे छोर पर जमे रहे। उन्होंने पारी की अंतिम गेंद पर अपने करियर का 41वां और इस शृंखला में लगातार तीसरा अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने 26 गेंद खेली तथा पांच चौके और दो छक्के लगाए। | भारतीय टीम इंग्लैंड के हाथों अंतिम वनडे में डकवर्थ लुईस पद्वति से छह विकेट से हार गई। भारत इस दौरे में एक भी मैच नहीं जीत पाया। | 28 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: फिल्म 'दबंग' (Dabangg) से बॉलीवुड की दुनिया में कदम रखने वाली सोनाक्षी सिन्हा (Soankshi Sinha) आज अपना 32वां जन्मदिन मना रही हैं. बॉलीवुड एक्टर शत्रुघ्न सिन्हा (Shatrughan Sinha) और पूनम सिन्हा (Poonam Sinha) की बेटी सोनाक्षी सिन्हा (Soankshi Sinha) का जन्म 2 जून 1987 को हुआ था. फिल्म 'दबंग' (Dabangg) से अपने करियर की शुरुआत करने वाली सोनाक्षी सिन्हा (Soankshi Sinha) की एक्टिंग को 'लुटेरा' (Lootera) फिल्म में काफी सराहा गया था. इसके साथ ही सोनाक्षी सिन्हा (Soankshi Sinha) ने अपने एक्टिंग करियर के दौरान दबंग 2 (Dabangg), 'राउडी राठौर' (Rowdy Rathore), 'हॉलीडे' (Holiday) और 'लिंगा' (Linga) जैसी कई हिट फिल्में की हैं.
सोनाक्षी सिन्हा (Soankshi Sinha) ने भले ही एक्टिंग की दुनिया में अपना करियर बना लिया है, लेकिन वह एक्ट्रेस बनने से पहले वह फैशन डिजाइनर बनना चाहती थीं. सोनाक्षी सिन्हा एक्टिंग की दुनिया में आने से पहले फैशन डिजाइनिंग की पढ़ाई की थी. सोनाक्षी सिन्हा (Soankshi Sinha) ने 2005 में 'मेरा दिल लेके देखो' (Mera Dil Leke Dekho) के लिए कॉस्ट्यूम भी डिजाइन किया था. इसके अलावा वह (Soankshi Sinha) अभी भी अपने माता-पिता के कपड़े खुद डिजाइन करती हैं.
बॉलीवुड में सलमान खान (Salman Khan) की पत्नी बनकर एंट्री करने वाली सोनाक्षी सिन्हा (Sonakshi Sinha) ने फिल्म 'दबंग' (Dabangg) में अपने रोल के लिए 30 किलो वजन कम किया था. सोनाक्षी सिन्हा (Soankshi Sinha) ने फिल्म 'दबंग' (Dabangg) के जरिए फीमेल डेब्यू केटेगरी में फिल्मफेयर अवॉर्ड भी जीता था. इसके बाद सोनाक्षी सिन्हा (Sonakshi Sinha) की दूसरी हिट फिल्म 'राउडी राठौर' (Rowdy Rathore) थी, जिसमें सोनाक्षी सिन्हा ने अक्षय कुमार (Akshay Kumar) के अपोजिट काम किया था. इसके बाद सोनाक्षी की अगली हिट फिल्म रही 'सन ऑफ सरदार' (Son of Sardaar). इस फिल्म में सुखमीत बनकर आई सोनाक्षी सिन्हा (Sonakshi Sinha) ने अजय देवगन (Ajay Devgn) के साथ काम किया था. अपने 9 साल के एक्टिंग करियर में सोनाक्षी सिन्हा (Sonakshi Sinha) ने अब तक कुल 17 फिल्में की हैं, जिसमें से उनकी कई फिल्में बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप भी रही हैं.
आपको बता दें कि इस समय सोनाक्षी सिन्हा (Sonakshi Sinha) लोनावला में दोस्तों के साथ अपना जन्मदिन मना रही हैं. सोनाक्षी सिन्हा (Sonakshi Sinha) के जन्मदिन पर उन्हें कई बॉलीवुड सितारों ने बधाई दी है. फिल्म 'स्टूडेंट ऑफ द ईयर टू' (Student of The Year 2) की एक्ट्रेस अनन्या पांडे (Ananya Panday) ने सोनाक्षी सिन्हा को बर्थडे विश करते हुए उनकी फोटो इंस्टाग्राम स्टोरी पर पोस्ट की. फोटो शेयर करते हुए अनन्या पांडे (Ananya Panday) ने कैप्शन लिखा 'फेवरेट एडवाइजर'. | यहाँ एक सारांश है:सोनाक्षी सिन्हा ने मनाया अपना 32वां जन्मदिन
फिल्मी दुनिया में आने से पहले फैशन डिजाइन बनना चाहती थीं सोनाक्षी सिन्हा
9 साल के एक्टिंग करियर में की हैं अब तक 17 फिल्में | 17 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: दक्षिण कोरिया के तटरक्षक बल ने मोकपो तट पर दक्षिण कोरियाई जल में अवैध रूप से मछलियां पकड़ रहीं दो चीनी मत्स्य नौकाओं को जब्त किया है। क्वांग्जू में चीनी महा वाणिज्य दूत ने सोमवार को इस बात की पुष्टि की।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने मोकपो तटरक्षक बल के हवाले से बताया कि दक्षिण कोरियाई जलक्षेत्र में जिओलानमडू में जिनान के पास स्थानीय समयानुसार सुबह 6.35 और 8.10 बजे दो नौकाओं पर अवैध रूप से मछली पकड़ने का संदेह हुआ।
दक्षिण कोरियाई तटरक्षक बल ने दोनों नौकाओं को तुरंत पकड़ा। नौकाओं को रोकने के प्रयास में दक्षिण कोरिया के चार समुद्री पुलिसकर्मी और दो चीनी मछुआरे घायल हो गए।टिप्पणियां
एक अधिकारी ने बताया कि सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, किसी की जान को खतरा नहीं है।
वाणिज्य दूतावास अधिकारियों ने बताया, "दक्षिण कोरियाई अधिकारियों ने चीनी वाणिज्य दूतावास को इस घटना की सूचना दे दी है। मत्स्य नौकाएं अभी तट पर नहीं पहुंची हैं इसलिए विवरण की पुष्टि के लिए चीनी वाणिज्य दूतावास अभी तटरक्षक बल से बातचीत कर रहा है।"
समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने मोकपो तटरक्षक बल के हवाले से बताया कि दक्षिण कोरियाई जलक्षेत्र में जिओलानमडू में जिनान के पास स्थानीय समयानुसार सुबह 6.35 और 8.10 बजे दो नौकाओं पर अवैध रूप से मछली पकड़ने का संदेह हुआ।
दक्षिण कोरियाई तटरक्षक बल ने दोनों नौकाओं को तुरंत पकड़ा। नौकाओं को रोकने के प्रयास में दक्षिण कोरिया के चार समुद्री पुलिसकर्मी और दो चीनी मछुआरे घायल हो गए।टिप्पणियां
एक अधिकारी ने बताया कि सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, किसी की जान को खतरा नहीं है।
वाणिज्य दूतावास अधिकारियों ने बताया, "दक्षिण कोरियाई अधिकारियों ने चीनी वाणिज्य दूतावास को इस घटना की सूचना दे दी है। मत्स्य नौकाएं अभी तट पर नहीं पहुंची हैं इसलिए विवरण की पुष्टि के लिए चीनी वाणिज्य दूतावास अभी तटरक्षक बल से बातचीत कर रहा है।"
दक्षिण कोरियाई तटरक्षक बल ने दोनों नौकाओं को तुरंत पकड़ा। नौकाओं को रोकने के प्रयास में दक्षिण कोरिया के चार समुद्री पुलिसकर्मी और दो चीनी मछुआरे घायल हो गए।टिप्पणियां
एक अधिकारी ने बताया कि सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, किसी की जान को खतरा नहीं है।
वाणिज्य दूतावास अधिकारियों ने बताया, "दक्षिण कोरियाई अधिकारियों ने चीनी वाणिज्य दूतावास को इस घटना की सूचना दे दी है। मत्स्य नौकाएं अभी तट पर नहीं पहुंची हैं इसलिए विवरण की पुष्टि के लिए चीनी वाणिज्य दूतावास अभी तटरक्षक बल से बातचीत कर रहा है।"
एक अधिकारी ने बताया कि सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, किसी की जान को खतरा नहीं है।
वाणिज्य दूतावास अधिकारियों ने बताया, "दक्षिण कोरियाई अधिकारियों ने चीनी वाणिज्य दूतावास को इस घटना की सूचना दे दी है। मत्स्य नौकाएं अभी तट पर नहीं पहुंची हैं इसलिए विवरण की पुष्टि के लिए चीनी वाणिज्य दूतावास अभी तटरक्षक बल से बातचीत कर रहा है।"
वाणिज्य दूतावास अधिकारियों ने बताया, "दक्षिण कोरियाई अधिकारियों ने चीनी वाणिज्य दूतावास को इस घटना की सूचना दे दी है। मत्स्य नौकाएं अभी तट पर नहीं पहुंची हैं इसलिए विवरण की पुष्टि के लिए चीनी वाणिज्य दूतावास अभी तटरक्षक बल से बातचीत कर रहा है।" | यह एक सारांश है: दक्षिण कोरिया के तटरक्षक बल ने मोकपो तट पर दक्षिण कोरियाई जल में अवैध रूप से मछलियां पकड़ रहीं दो चीनी मत्स्य नौकाओं को जब्त किया है। क्वांग्जू में चीनी महा वाणिज्य दूत ने सोमवार को इस बात की पुष्टि की। | 21 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम के कोच ओटिस गिब्सन ने कहा है कि वह आगामी भारत दौरे को अहम पड़ाव के तौर पर देख रहे हैं, क्योंकि इससे उनकी टीम को खुद को एक सशक्त टेस्ट टीम के तौर पर स्थापित करने का मौका मिलेगा।
गिब्सन ने कहा कि यह दौरा उनकी टीम के लिए बहुत मुश्किल होगा, लेकिन उनके खिलाड़ी इसके लिए तैयार हैं, क्योंकि ट्वेंटी-20 विश्वकप में मिली खिताबी जीत के बाद उनकी टीम को एक टेस्ट टीम के तौर पर खुद को साबित करने की चुनौती मिलेगी।
गिब्सन ने कहा कि ट्वेंटी-20 विश्व कप जीतने के बाद उनकी टीम ने टेस्ट मैचों में जिम्बाब्वे और बांग्लादेश को हराया है, लेकिन यह जीत दूसरों के लिए उतना मायने नहीं रखती, जितनी रखी जानी चाहिए, ऐसे में उनके खिलाड़ी भारत के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन करते हुए अपनी बात पुरजोर तरीके से रखने का प्रयास करेंगे।टिप्पणियां
गिब्सन ने कहा, अगर आप देखें तो जो बीते छह टेस्ट हमने खेले हैं, हमने जीत हासिल की है। हमारे लिए यह अच्छी तरक्की है लेकिन लोग इसे तरक्की के तौर पर नहीं देखते। भारत के खिलाफ खेलते हुए हम अपनी तरक्की का जायजा लेंगे और साथ ही साथ यह भी साबित करने का प्रयास करेंगे कि हमारे युवा आने वाले दिनों में अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं।"
गिब्सन ने कहा कि आगामी शृंखला में क्रिस गेल उनकी टीम के लिए अहम साबित होंगे। और फिर उनकी टीम सुनील नरेन जैसे युवा और प्रतिभाशाली खिलाड़ी के रहते मजबूत प्रतीत होती है क्योंकि नरेन जैसे कई खिलाड़ी दिनों-दिन काफी तरक्की कर रहे हैं और इसका सीधा फायदा टीम को होगा।
गिब्सन ने कहा कि यह दौरा उनकी टीम के लिए बहुत मुश्किल होगा, लेकिन उनके खिलाड़ी इसके लिए तैयार हैं, क्योंकि ट्वेंटी-20 विश्वकप में मिली खिताबी जीत के बाद उनकी टीम को एक टेस्ट टीम के तौर पर खुद को साबित करने की चुनौती मिलेगी।
गिब्सन ने कहा कि ट्वेंटी-20 विश्व कप जीतने के बाद उनकी टीम ने टेस्ट मैचों में जिम्बाब्वे और बांग्लादेश को हराया है, लेकिन यह जीत दूसरों के लिए उतना मायने नहीं रखती, जितनी रखी जानी चाहिए, ऐसे में उनके खिलाड़ी भारत के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन करते हुए अपनी बात पुरजोर तरीके से रखने का प्रयास करेंगे।टिप्पणियां
गिब्सन ने कहा, अगर आप देखें तो जो बीते छह टेस्ट हमने खेले हैं, हमने जीत हासिल की है। हमारे लिए यह अच्छी तरक्की है लेकिन लोग इसे तरक्की के तौर पर नहीं देखते। भारत के खिलाफ खेलते हुए हम अपनी तरक्की का जायजा लेंगे और साथ ही साथ यह भी साबित करने का प्रयास करेंगे कि हमारे युवा आने वाले दिनों में अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं।"
गिब्सन ने कहा कि आगामी शृंखला में क्रिस गेल उनकी टीम के लिए अहम साबित होंगे। और फिर उनकी टीम सुनील नरेन जैसे युवा और प्रतिभाशाली खिलाड़ी के रहते मजबूत प्रतीत होती है क्योंकि नरेन जैसे कई खिलाड़ी दिनों-दिन काफी तरक्की कर रहे हैं और इसका सीधा फायदा टीम को होगा।
गिब्सन ने कहा कि ट्वेंटी-20 विश्व कप जीतने के बाद उनकी टीम ने टेस्ट मैचों में जिम्बाब्वे और बांग्लादेश को हराया है, लेकिन यह जीत दूसरों के लिए उतना मायने नहीं रखती, जितनी रखी जानी चाहिए, ऐसे में उनके खिलाड़ी भारत के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन करते हुए अपनी बात पुरजोर तरीके से रखने का प्रयास करेंगे।टिप्पणियां
गिब्सन ने कहा, अगर आप देखें तो जो बीते छह टेस्ट हमने खेले हैं, हमने जीत हासिल की है। हमारे लिए यह अच्छी तरक्की है लेकिन लोग इसे तरक्की के तौर पर नहीं देखते। भारत के खिलाफ खेलते हुए हम अपनी तरक्की का जायजा लेंगे और साथ ही साथ यह भी साबित करने का प्रयास करेंगे कि हमारे युवा आने वाले दिनों में अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं।"
गिब्सन ने कहा कि आगामी शृंखला में क्रिस गेल उनकी टीम के लिए अहम साबित होंगे। और फिर उनकी टीम सुनील नरेन जैसे युवा और प्रतिभाशाली खिलाड़ी के रहते मजबूत प्रतीत होती है क्योंकि नरेन जैसे कई खिलाड़ी दिनों-दिन काफी तरक्की कर रहे हैं और इसका सीधा फायदा टीम को होगा।
गिब्सन ने कहा, अगर आप देखें तो जो बीते छह टेस्ट हमने खेले हैं, हमने जीत हासिल की है। हमारे लिए यह अच्छी तरक्की है लेकिन लोग इसे तरक्की के तौर पर नहीं देखते। भारत के खिलाफ खेलते हुए हम अपनी तरक्की का जायजा लेंगे और साथ ही साथ यह भी साबित करने का प्रयास करेंगे कि हमारे युवा आने वाले दिनों में अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं।"
गिब्सन ने कहा कि आगामी शृंखला में क्रिस गेल उनकी टीम के लिए अहम साबित होंगे। और फिर उनकी टीम सुनील नरेन जैसे युवा और प्रतिभाशाली खिलाड़ी के रहते मजबूत प्रतीत होती है क्योंकि नरेन जैसे कई खिलाड़ी दिनों-दिन काफी तरक्की कर रहे हैं और इसका सीधा फायदा टीम को होगा।
गिब्सन ने कहा कि आगामी शृंखला में क्रिस गेल उनकी टीम के लिए अहम साबित होंगे। और फिर उनकी टीम सुनील नरेन जैसे युवा और प्रतिभाशाली खिलाड़ी के रहते मजबूत प्रतीत होती है क्योंकि नरेन जैसे कई खिलाड़ी दिनों-दिन काफी तरक्की कर रहे हैं और इसका सीधा फायदा टीम को होगा। | गिब्सन ने कहा कि यह दौरा उनकी टीम के लिए बहुत मुश्किल होगा, लेकिन उनके खिलाड़ी इसके लिए तैयार हैं, क्योंकि ट्वेंटी-20 विश्वकप में मिली खिताबी जीत के बाद उनकी टीम को एक टेस्ट टीम के तौर पर खुद को साबित करने की चुनौती मिलेगी। | 28 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: पेट्रोलियम से लेकर खुदरा कारोबार करने वाली निजी क्षेत्र की रिलायंस इंडस्ट्रीज ने कहा है कि वह कारोबार के नए क्षेत्रों में उतरने के लिए दुनिया की प्रमुख कंपनियों से हाथ मिलाएगी। आरआईएल के अध्यक्ष मुकेश अंबानी ने कंपनी के शेयरधारकों की 37वीं सालाना बैठक में यह बात कही। हालांकि, उन्होंने कंपनी के वित्तीय और दूरसंचार क्षेत्र में उतरने के बारे में सीधे तौर पर कुछ नहीं कहा, लेकिन कहा कि नए भागीदारों को साथ लेकर कंपनी में बदलाव लाना उनके एजेंडे में सबसे ऊपर होगा। अंबानी ने कहा, ...कंपनी को नए सांचे में ढालना उनके एजेंडे में सबसे ऊपर होगा और सतत वृद्धि के रास्ते पर आगे बढ़ना ही उसका उद्देश्य होगा। उन्होंने कहा कि नए भागीदारों के साथ कंपनी नए क्षेत्रों में उतरेगी। उन्होंने व्यावसायिक परिवर्तन के दौर में उतरते हुए भी कंपनी के संविधान और उसके चरित्र को मजबूती देने का वादा किया। आरआईएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक ने कहा कि रिलायंस ने कई क्षेत्रों में बदलाव की शुरुआत की है और उद्योगों के काम करने के तौर-तरीकों को नए सिरे से परिभाषित किया है। उन्होंने कहा कि कंपनी का फोकस अब रिलायंस को एक नई और तरोताजा कंपनी के तौर पर बदलने पर होगा, ताकि 21वीं सदी की चुनौतियों और संभावनाओं को देखते हुए उसे तैयार किया जा सके। | पेट्रोलियम से लेकर खुदरा कारोबार करने वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज ने कहा है कि वह नए क्षेत्रों में उतरने के लिए दुनिया की प्रमुख कंपनियों से हाथ मिलाएगी। | 26 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पाकिस्तान के अनुभवी कूटनीतिज्ञ शहरयार खान ने कहा है कि भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्ते सुधारने के लिए क्रिकेट संबंध अहम भूमिका निभा सकते हैं तथा इन्हें दोबारा शुरू किया जाना चाहिए।टिप्पणियां
खान ने कहा, दोनों देशों के बीच एक शृंखला काफी अहम है, क्योंकि दोनों देशों में क्रिकेट के प्रति काफी जुनून है। उन्होंने भारतीय पत्रकार संघ द्वारा उनकी नआ किताब 'क्रिकेट कॉलड्रान: द टरब्यूलेंट पॉलिटिक्स ऑफ स्पोर्ट इन पाकिस्तान' के लॉन्च होने से पूर्व कार्यक्रम में पत्रकारों से कहा, आईसीसी टास्क फोर्स रिपोर्ट (इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड के प्रमुख जाइल्स क्लार्क द्वारा तैयार की गई) में साफ बताया गया है कि भारत-पाकिस्तान सीरीज को दोबारा शुरू करने की जरूरत है, क्योंकि यह एशेज से भी ज्यादा महत्वपूर्ण है।
शहरयार ने कहा, किसी तरह से अगर ऐसा होता है, तो मुझे लगता है कि दोनों देशों के बीच शांति प्रक्रिया में यह काफी अहम कारक होगा।
खान ने कहा, दोनों देशों के बीच एक शृंखला काफी अहम है, क्योंकि दोनों देशों में क्रिकेट के प्रति काफी जुनून है। उन्होंने भारतीय पत्रकार संघ द्वारा उनकी नआ किताब 'क्रिकेट कॉलड्रान: द टरब्यूलेंट पॉलिटिक्स ऑफ स्पोर्ट इन पाकिस्तान' के लॉन्च होने से पूर्व कार्यक्रम में पत्रकारों से कहा, आईसीसी टास्क फोर्स रिपोर्ट (इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड के प्रमुख जाइल्स क्लार्क द्वारा तैयार की गई) में साफ बताया गया है कि भारत-पाकिस्तान सीरीज को दोबारा शुरू करने की जरूरत है, क्योंकि यह एशेज से भी ज्यादा महत्वपूर्ण है।
शहरयार ने कहा, किसी तरह से अगर ऐसा होता है, तो मुझे लगता है कि दोनों देशों के बीच शांति प्रक्रिया में यह काफी अहम कारक होगा।
शहरयार ने कहा, किसी तरह से अगर ऐसा होता है, तो मुझे लगता है कि दोनों देशों के बीच शांति प्रक्रिया में यह काफी अहम कारक होगा। | यह एक सारांश है: पाकिस्तान के अनुभवी कूटनीतिज्ञ शहरयार खान ने कहा है कि भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्ते सुधारने के लिए क्रिकेट संबंध अहम भूमिका निभा सकते हैं तथा इन्हें दोबारा शुरू किया जाना चाहिए। | 9 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: सरकार ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के न्यायाधीश सौमित्र सेन के इस्तीफे को अधिसूचित करने का आसामान्य कदम उठाया जिससे इस संभावना को बल मिला कि सोमवार को लोकसभा में उनके खिलाफ होने वाली महाभियोग की कार्यवाही रुक सकती है। बहरहाल, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई। राज्यसभा में महाभियोग की प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद और लोकसभा में ऐसी कार्यवाही होने के ठीक पहले न्यायमूर्ति सेन के इस्तीफे से सरकार के लिए अटपटी सिथति पैदा हो गई है। ज्यादातर कानूनी विशेषज्ञों की राय है कि न्यायाधीश के इस्तीफे के बाद निचले सदन की कार्यवाही निष्फल हो गई है लेकिन राजनीतिक हलकों में कार्यवाही जारी रखने के पक्ष में भी कुछ आवाजें अब भी उठ रही हैं। सामान्य परिस्थिति में संवैधानिक अधिकारी के इस्तीफे को लेकर अधिसूचना की जरूरत नहीं पड़ती और उचित प्रारूप में पाए जाने पर इसे स्वीकार हुआ मान लिया जाता है । आधिकारिक सूत्रों ने बताया, न्याय मंत्रालय ने न्यायमूर्ति सौमित्र सेन के इस्तीफे को स्वीकार करने के लिए राष्ट्रपति की सहमति के लिए अधिसूचना भेजी है जिसपर उन्होंने हैदराबाद से आने के बाद हस्ताक्षर किए। | सारांश: रास में महाभियोग की प्रक्रिया पूरी होने के बाद और लोस में ऐसी कार्यवाही होने के ठीक पहले सेन के इस्तीफे से सरकार के लिए अटपटी स्थिति पैदा हो गई। | 33 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: गैर कांग्रेसी सरकारों पर उत्तर प्रदेश के विकास के प्रति गम्भीर नहीं होने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने रविवार को लोगों से कहा कि वह उत्तर प्रदेश को बदलने आए हैं। उन्होंने कहा, "चाहे जितने साल लगे पीछे नहीं हटेंगे। उत्तर प्रदेश को बदल कर जाएंगे।"
उत्तर प्रदेश में अपने चौथे जनसम्पर्क अभियान के दूसरे दिन देवरिया जिले के रुद्रपुर में पार्टी की एक जनसभा को सम्बोधित करते हुए राहुल ने कहा, "मैं यहां उत्तर प्रदेश को बदलने आया हूं। कितना भी समय लगे।
पांच, दस, पंद्रह और बीस साल। मैं हटने वाला नहीं हूं। उत्तर प्रदेश को बदल कर जाऊंगा। बाकी लोग हट जाएंगे। मैं नहीं हटूंगा। चाहे कुछ भी हो जाए। इंदिरा गांधी का पोता हूं। राजीव गांधी का बेटा हूं। उत्तर प्रदेश के गरीबों के लिए लड़ूंगा। याद रखो। लिखकर ले लो।"
कांग्रेस महासिचव ने लोगों से कहा, "अगर प्रदेश में हमारी सरकार बनी तो मैं वादा करता हूं कि वह कमजोर, गरीब और पिछड़ों की सरकार होगी। उन्होंने कहा कि हम उत्तर प्रदेश के हर व्यक्ति का हाथ पकड़कर प्रगति लाएंगे।"
राहुल ने कहा, "मेरा सपना है कि उत्तर प्रदेश के लोग मुझ्झसे बाहर मिलें तो यह सवाल न पूछें कि उत्तर प्रदेश में विकास कब आएगा। उन्हें रोजगार कब मिलेगा।"
भावुक अंदाज में राहुल ने कहा, "मेरा एक और सपना है कि अगर तमिलनाडु में किसी का बच्चा बीमार हो तो वह कहे कि अपने बच्चे का इलाज मैं उत्तर प्रदेश के एक अस्पताल में करवाऊंगा। दूसरे राज्यों में कोई बच्चा इंजीनियरिंग करना चाहे, तो वह कहे कि मुझे इंजीनियरिंग करने उत्तर प्रदेश जाना है। इलाहाबाद जाना है।" | सारांश: गैर कांग्रेसी सरकारों पर उत्तर प्रदेश के विकास के प्रति गम्भीर नहीं होने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने कहा कि वह उत्तर प्रदेश को बदलने आए हैं। | 20 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: महाराष्ट्र के अकोला जिले में चुनाव (Assembly Election) प्रचार करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने कहा कि ये वीर सावरकर के ही संस्कार हैं कि राष्ट्रवाद को हमने राष्ट्र निर्माण के मूल में रखा है. ये वो लोग हैं जिन्होंने बाबा साहेब का कदम-कदम पर अपमान किया, उन्हें दशकों तक भारत रत्न से दूर रखा. ये वो लोग हैं जो वीर सावरकर का अपमान करते हैं. उन्हें भारत रत्न से रखा वंचित. रैली में पीएम मोदी ने कहा, ''आप सभी ने हमेशा मुझे और महायुती के साथियों को भरपूर आशीर्वाद दिया है. आज मैं आपके सामने महायुती को फिर से आशीर्वाद देकर पहले से ज्यादा मजबूत सरकार बनाने के लिए, आपके साथ मजबूती से खड़ी रहने वाली सरकार बनाने के लिए, आपसे आशीर्वाद लेने आया हूं.''
कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने पर पीएम मोदी ने रैली में कहा, ''अनुच्छेद 370 हटने से आप सभी खुश हैं, लेकिन उनका चेहरा उतर गया है, उन्हें दर्द हो रहा है. इन्हें एक भारत-श्रेष्ठ भारत नहीं चाहिए. इन्हें बंटा भारत चाहिए, लड़ता हुआ भारत चाहिए. यही इनकी राजनीतिक चालें हैं, जो आज चौपट होती जा रही हैं.''
पीएम मोदी ने कहा, ''महाराष्ट्र का कोई जिला ऐसा नहीं होगा जहां से गए वीर सैनिकों ने जम्मू कश्मीर की शांति के लिए त्याग नहीं किया होगा. महाराष्ट्र के वीर जवान के दिल में यही बात रही होगी कि मैं छत्रपति शिवाजी महाराज की धरती से आया हूं, मैं देश पर आंच भी नहीं आने दूंगा. मुझे गर्व है उन वीर जवानों पर जिन्होंने जम्मू कश्मीर के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दे दिया, और कुछ लोग कहते हैं कि महाराष्ट्र के लोगों का जम्मू-कश्मीर से क्या लेना देना. अरे शर्म करो अपने बयानों पर.''
रैली में प्रधानमंत्री ने कहा, ''याद कीजिये एक समय था जब आए दिन यहां बम धमाके होते थे, मुंबई दहल जाता था. उस समय जो बम धमाके हुए उनके जो मास्टरमाइंड सामने आए वो बचकर निकल गए, दुश्मन देशों में बसेरा बना लिया. आज उन लोगों से ये देश पूछता है कि इतने बड़े गुनाहगार कैसे बचकर निकल गए.''
उन्होंने कहा, ''5 वर्ष पहले तक यहां सिंचाई और पानी के नाम पर क्या क्या खेल होते थे, उनसे आप अच्छी तरह वाकिफ हैं. कांग्रेस और राष्ट्रवादी (NCP) की भ्रष्टवादी युति ने महाराष्ट्र को दशकों पीछे धकेल दिया था. बैराज बनाने का काम हुआ हो, जलयुक्त शिवार हो, पूरी निष्ठा के साथ इस क्षेत्र का विकास हुआ है. अकोला के लोगों ने मोरना नदी को साफ करनी की जो मुहिन चलाई है वो प्रसंशनीय है. पानी और बिजली किसी भी क्षेत्र के विकास के लिए एक बुनियादी शर्त होती है.''
पीएम मोदी ने कहा, ''इनके बिना न घर चल सकता है, न खेती चल सकती है और न उद्योग चल सकते हैं. मुझे तो बताया गया है कि 2014 से पहले तक यहां 18-18 घंटे की लोडशेडिंग होती थी. ऐसे में किसान भी परेशान था और व्यापारी कारोबारी भी असहाय महसूस करता था. पहले विदर्भ के नाम पर पैकेज घोषित होते थे लेकिन यहां तक पहुंचते ही नहीं थे. पहले सरकार जो पैसे भेजती थी वो बिचौलियों के जेब में जमा होते थे. अब केंद्र और महाराष्ट्र सरकार द्वारा किसान को दी गई हर मदद सीधे किसानों के खातों में पहुंच रही है: अकोला सहित पूरे महाराष्ट्र में इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर जो काम हुआ है, उसका सीधा असर यहां के औद्योगीकरण पर हुआ है. यहां के उद्योगों को आने वाले वर्षों में और ऊर्जा देने के लिए हम प्रतिबद्ध है.'' | यहाँ एक सारांश है:महाराष्ट्र के अकोला में पीएम मोदी की चुनावी रैली
विपक्ष पर साधा निशाना
कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने पर भी की बात | 18 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: अपनी ही बेटी आरुषि की हत्या के मामले में फंसे राजेश और नूपुर तलवार को आज सुप्रीम कोर्ट से थोड़ी राहत मिली है। आरुषि हत्याकांड की सुनवाई गाजियाबाद कोर्ट से बाहर कराने की तलवार दंपती की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को नोटिस जारी किया है। साथ ही यह भी कहा कि निचली अदालत इस मामले की सुनवाई टालने पर विचार कर सकती है।
तलवार दंपती को कल गाजियाबाद की अदालत में पेश होना था। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 6 जनवरी के अपने फैसले में आरुषि और नौकर हेमराज की हत्या के मामले में तलवार दंपती के खिलाफ केस चलाने का रास्ता साफ कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत के उस फैसले को सही ठहराया जिसमें राजेश और नुपुर तलवार को इस हत्याकांड में आरोपी बनाने की बात कही गई थी। 16 मई 2008 को आरुषि और हेमराज की हत्या हुई थी।
तलवार दंपती को कल गाजियाबाद की अदालत में पेश होना था। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 6 जनवरी के अपने फैसले में आरुषि और नौकर हेमराज की हत्या के मामले में तलवार दंपती के खिलाफ केस चलाने का रास्ता साफ कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत के उस फैसले को सही ठहराया जिसमें राजेश और नुपुर तलवार को इस हत्याकांड में आरोपी बनाने की बात कही गई थी। 16 मई 2008 को आरुषि और हेमराज की हत्या हुई थी। | अपनी ही बेटी आरुषि की हत्या के मामले में फंसे राजेश और नूपुर तलवार को आज सुप्रीम कोर्ट से थोड़ी राहत मिली है। | 6 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: आईटीसी ने 31 दिसंबर, 2011 को समाप्त हुई तिमाही में अपने एकल शुद्ध लाभ में 22.45 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज करते हुए 1,700.98 करोड़ रुपये लाभ कमाया। कंपनी को बीते वित्तवर्ष की इसी अवधि में 1,389.08 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।
समीक्षाधीन तिमाही में आईटीसी की शुद्ध बिक्री 6,105.43 करोड़ रुपये रही, जो बीते वित्तवर्ष की समान तिमाही में हुई 5,424.25 करोड़ रुपये बिक्री आय से 12.56 प्रतिशत अधिक है। कंपनी ने कहा कि रोजमर्रा के इस्तेमाल की चीजों की बिक्री से उसे 4,603.66 करोड़ रुपये की आय हुई, जबकि होटल कारोबार से 278.72 करोड़ रुपये की आय हुई।
समीक्षाधीन तिमाही में आईटीसी की शुद्ध बिक्री 6,105.43 करोड़ रुपये रही, जो बीते वित्तवर्ष की समान तिमाही में हुई 5,424.25 करोड़ रुपये बिक्री आय से 12.56 प्रतिशत अधिक है। कंपनी ने कहा कि रोजमर्रा के इस्तेमाल की चीजों की बिक्री से उसे 4,603.66 करोड़ रुपये की आय हुई, जबकि होटल कारोबार से 278.72 करोड़ रुपये की आय हुई। | आईटीसी ने 31 दिसंबर, 2011 को समाप्त हुई तिमाही में अपने एकल शुद्ध लाभ में 22.45 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज करते हुए 1,700.98 करोड़ रुपये लाभ कमाया। | 6 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: काटने के लिए मवेशियों की खरीद-फरोख्त को लेकर सरकार की अधिसूचना पर अब नए सवाल उठ रहे हैं. वाणिज्य मंत्रालय के पास मौजूद आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल, 2016 से जनवरी, 2017 के बीच भारत के कुल मीट एक्सपोर्ट का 97% हिस्सा भैंसों के मांस का रहा. ऐसे में सवाल है कि क्यों भैंसों को जानवरों की प्रतिबंधित सूची में शामिल किया गया.
वाणिज्य मंत्री निर्मला सीतारमन ने संसद के पिछले बजट सत्र के दौरान 27 मार्च, 2017 को लोकसभा में मीट एक्सपोर्ट पर महत्वपूर्ण तथ्य पेश किए थे. उन्होंने सदन को बताया था कि अप्रैल, 2016 से जनवरी, 2017 के बीच भारत से कुल 22,073 करोड़ के मीट निर्यात हुआ. इसमें सिर्फ भैंसों के मांस का निर्यात 21,316 करोड़ का रहा. यानी कुल मीट एक्सपोर्ट में 97% कारोबार भैंसों से आया.
ऐसे में अब यह सवाल उठ रहा है कि जब वाणिज्य मंत्रालय के पास यह महत्वपूर्ण जानकारी थी तो फिर पर्यावरण मंत्रालय ने अधिसूचना में काटने के लिए जानवरों की प्रतिबंधित सूची में भैंसों को क्यों शामिल किया. यह सवाल महत्वपूर्ण है क्योंकि इन आंकड़ों से साफ है कि भैसों को अगर प्रतिबंधित सूची से बाहर नहीं किया जाता है तो मीट के एक्सपोर्ट पर इसका बहुत बुरा असर पड़ेगा.
सरकार की मौजूदा मीट निर्यात नीति में गाय, बैल और बछड़ों के निर्यात पर रोक है. भैंसों पर रोक लगाने से हजारों करोड़ का कारोबार खतरे में पड़ सकता है. विपक्ष के मुताबिक मामला खानपान के अधिकार में दखल का भी है. सीपीएम के महासचिव सीताराम येचुरी ने बुधवार को यह सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार यह कैसे तय कर सकती है कि लोग क्या खाएं और क्या नहीं.टिप्पणियां
उधर मेघालय के गारो हिल्स के गारोबढ़ा मवेशी बाजार में पिछले कई दशकों से काटने के लिए मवेशियों की खरीद-फरोख्त होती रही है. अब भारत सरकार की अधिसूचना के खिलाफ वहां भारी विरोध शुरू हो गया है. ट्रेडर्स धमकी दे रहे हैं कि अगर सरकार ने अधिसूचना लागू की तो वे हड़ताल पर जाएंगे. आम लोगों ने भी इसका विरोध करने का फैसला किया है. यह दलील दी जा रही है कि बीफ उत्तर-पूर्व भारत की संस्कृति का एक हिस्सा है और इस पर प्रतिबंध लगाने का फैसला गलत होगा.
काटने के लिए मवेशियों की खरीद-फरोख्त पर लगी रोक के बाद अधिसूचना में बदलाव को लेकर भारत सरकार पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है. अब देखना होगा कि सरकार कितनी जल्दी अपनी अधिसूचना में संशोधन को लेकर बढ़ते दबाव के बाद इस बारे में आगे पहल करती है.
वाणिज्य मंत्री निर्मला सीतारमन ने संसद के पिछले बजट सत्र के दौरान 27 मार्च, 2017 को लोकसभा में मीट एक्सपोर्ट पर महत्वपूर्ण तथ्य पेश किए थे. उन्होंने सदन को बताया था कि अप्रैल, 2016 से जनवरी, 2017 के बीच भारत से कुल 22,073 करोड़ के मीट निर्यात हुआ. इसमें सिर्फ भैंसों के मांस का निर्यात 21,316 करोड़ का रहा. यानी कुल मीट एक्सपोर्ट में 97% कारोबार भैंसों से आया.
ऐसे में अब यह सवाल उठ रहा है कि जब वाणिज्य मंत्रालय के पास यह महत्वपूर्ण जानकारी थी तो फिर पर्यावरण मंत्रालय ने अधिसूचना में काटने के लिए जानवरों की प्रतिबंधित सूची में भैंसों को क्यों शामिल किया. यह सवाल महत्वपूर्ण है क्योंकि इन आंकड़ों से साफ है कि भैसों को अगर प्रतिबंधित सूची से बाहर नहीं किया जाता है तो मीट के एक्सपोर्ट पर इसका बहुत बुरा असर पड़ेगा.
सरकार की मौजूदा मीट निर्यात नीति में गाय, बैल और बछड़ों के निर्यात पर रोक है. भैंसों पर रोक लगाने से हजारों करोड़ का कारोबार खतरे में पड़ सकता है. विपक्ष के मुताबिक मामला खानपान के अधिकार में दखल का भी है. सीपीएम के महासचिव सीताराम येचुरी ने बुधवार को यह सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार यह कैसे तय कर सकती है कि लोग क्या खाएं और क्या नहीं.टिप्पणियां
उधर मेघालय के गारो हिल्स के गारोबढ़ा मवेशी बाजार में पिछले कई दशकों से काटने के लिए मवेशियों की खरीद-फरोख्त होती रही है. अब भारत सरकार की अधिसूचना के खिलाफ वहां भारी विरोध शुरू हो गया है. ट्रेडर्स धमकी दे रहे हैं कि अगर सरकार ने अधिसूचना लागू की तो वे हड़ताल पर जाएंगे. आम लोगों ने भी इसका विरोध करने का फैसला किया है. यह दलील दी जा रही है कि बीफ उत्तर-पूर्व भारत की संस्कृति का एक हिस्सा है और इस पर प्रतिबंध लगाने का फैसला गलत होगा.
काटने के लिए मवेशियों की खरीद-फरोख्त पर लगी रोक के बाद अधिसूचना में बदलाव को लेकर भारत सरकार पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है. अब देखना होगा कि सरकार कितनी जल्दी अपनी अधिसूचना में संशोधन को लेकर बढ़ते दबाव के बाद इस बारे में आगे पहल करती है.
ऐसे में अब यह सवाल उठ रहा है कि जब वाणिज्य मंत्रालय के पास यह महत्वपूर्ण जानकारी थी तो फिर पर्यावरण मंत्रालय ने अधिसूचना में काटने के लिए जानवरों की प्रतिबंधित सूची में भैंसों को क्यों शामिल किया. यह सवाल महत्वपूर्ण है क्योंकि इन आंकड़ों से साफ है कि भैसों को अगर प्रतिबंधित सूची से बाहर नहीं किया जाता है तो मीट के एक्सपोर्ट पर इसका बहुत बुरा असर पड़ेगा.
सरकार की मौजूदा मीट निर्यात नीति में गाय, बैल और बछड़ों के निर्यात पर रोक है. भैंसों पर रोक लगाने से हजारों करोड़ का कारोबार खतरे में पड़ सकता है. विपक्ष के मुताबिक मामला खानपान के अधिकार में दखल का भी है. सीपीएम के महासचिव सीताराम येचुरी ने बुधवार को यह सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार यह कैसे तय कर सकती है कि लोग क्या खाएं और क्या नहीं.टिप्पणियां
उधर मेघालय के गारो हिल्स के गारोबढ़ा मवेशी बाजार में पिछले कई दशकों से काटने के लिए मवेशियों की खरीद-फरोख्त होती रही है. अब भारत सरकार की अधिसूचना के खिलाफ वहां भारी विरोध शुरू हो गया है. ट्रेडर्स धमकी दे रहे हैं कि अगर सरकार ने अधिसूचना लागू की तो वे हड़ताल पर जाएंगे. आम लोगों ने भी इसका विरोध करने का फैसला किया है. यह दलील दी जा रही है कि बीफ उत्तर-पूर्व भारत की संस्कृति का एक हिस्सा है और इस पर प्रतिबंध लगाने का फैसला गलत होगा.
काटने के लिए मवेशियों की खरीद-फरोख्त पर लगी रोक के बाद अधिसूचना में बदलाव को लेकर भारत सरकार पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है. अब देखना होगा कि सरकार कितनी जल्दी अपनी अधिसूचना में संशोधन को लेकर बढ़ते दबाव के बाद इस बारे में आगे पहल करती है.
सरकार की मौजूदा मीट निर्यात नीति में गाय, बैल और बछड़ों के निर्यात पर रोक है. भैंसों पर रोक लगाने से हजारों करोड़ का कारोबार खतरे में पड़ सकता है. विपक्ष के मुताबिक मामला खानपान के अधिकार में दखल का भी है. सीपीएम के महासचिव सीताराम येचुरी ने बुधवार को यह सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार यह कैसे तय कर सकती है कि लोग क्या खाएं और क्या नहीं.टिप्पणियां
उधर मेघालय के गारो हिल्स के गारोबढ़ा मवेशी बाजार में पिछले कई दशकों से काटने के लिए मवेशियों की खरीद-फरोख्त होती रही है. अब भारत सरकार की अधिसूचना के खिलाफ वहां भारी विरोध शुरू हो गया है. ट्रेडर्स धमकी दे रहे हैं कि अगर सरकार ने अधिसूचना लागू की तो वे हड़ताल पर जाएंगे. आम लोगों ने भी इसका विरोध करने का फैसला किया है. यह दलील दी जा रही है कि बीफ उत्तर-पूर्व भारत की संस्कृति का एक हिस्सा है और इस पर प्रतिबंध लगाने का फैसला गलत होगा.
काटने के लिए मवेशियों की खरीद-फरोख्त पर लगी रोक के बाद अधिसूचना में बदलाव को लेकर भारत सरकार पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है. अब देखना होगा कि सरकार कितनी जल्दी अपनी अधिसूचना में संशोधन को लेकर बढ़ते दबाव के बाद इस बारे में आगे पहल करती है.
उधर मेघालय के गारो हिल्स के गारोबढ़ा मवेशी बाजार में पिछले कई दशकों से काटने के लिए मवेशियों की खरीद-फरोख्त होती रही है. अब भारत सरकार की अधिसूचना के खिलाफ वहां भारी विरोध शुरू हो गया है. ट्रेडर्स धमकी दे रहे हैं कि अगर सरकार ने अधिसूचना लागू की तो वे हड़ताल पर जाएंगे. आम लोगों ने भी इसका विरोध करने का फैसला किया है. यह दलील दी जा रही है कि बीफ उत्तर-पूर्व भारत की संस्कृति का एक हिस्सा है और इस पर प्रतिबंध लगाने का फैसला गलत होगा.
काटने के लिए मवेशियों की खरीद-फरोख्त पर लगी रोक के बाद अधिसूचना में बदलाव को लेकर भारत सरकार पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है. अब देखना होगा कि सरकार कितनी जल्दी अपनी अधिसूचना में संशोधन को लेकर बढ़ते दबाव के बाद इस बारे में आगे पहल करती है.
काटने के लिए मवेशियों की खरीद-फरोख्त पर लगी रोक के बाद अधिसूचना में बदलाव को लेकर भारत सरकार पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है. अब देखना होगा कि सरकार कितनी जल्दी अपनी अधिसूचना में संशोधन को लेकर बढ़ते दबाव के बाद इस बारे में आगे पहल करती है. | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: सरकार की अधिसूचना पर अब नए सवाल उठ रहे
हजारों करोड़ का मीट निर्यात कारोबार खतरे में
येचुरी ने कहा- सरकार कैसे तय कर सकती है कि कौन क्या खाए, क्या न खाए | 32 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) ने अपनी वातानुकूलित (एसी) बसों के किरायों में 10 प्रतिशत की वृद्धि करने के फैसले को भारी आलोचना के बाद कुछ घंटों के अंदर ही वापस ले लिया.
डीटीसी ने दोपहर बाद एक प्रेस बयान जारी कर कहा था कि उसकी एसी बसों के किरायों में 10 प्रतिशत की वृद्धि की गई है, लेकिन शाम में डीटीसी ने एक अन्य बयान जारी करते हुए कहा कि डीटीसी एसी बसों पर सेवा कर के संबंध में जारी किए गए पहले के प्रेस बयान को वापस समझा जाए.टिप्पणियां
पूर्व के फैसले में महानगर के अंदर एसी बसों के न्यूनतम किराये को 10 रुपये से बढ़ाकर 11 रुपये और अधिकतम किराये को 25 रुपये से बढ़ाकर 27 रुपये कर दिया गया था. सूत्रों ने बताया कि परिवहन मंत्री सत्येंद्र जैन इस कदम से खुश नहीं थे और इसके बाद डीटीसी ने किरायों में की गई वृद्धि को वापस लेने का फैसला किया. किरायों में वृद्धि की दिल्ली भाजपा ने आलोचना की थी. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
डीटीसी ने दोपहर बाद एक प्रेस बयान जारी कर कहा था कि उसकी एसी बसों के किरायों में 10 प्रतिशत की वृद्धि की गई है, लेकिन शाम में डीटीसी ने एक अन्य बयान जारी करते हुए कहा कि डीटीसी एसी बसों पर सेवा कर के संबंध में जारी किए गए पहले के प्रेस बयान को वापस समझा जाए.टिप्पणियां
पूर्व के फैसले में महानगर के अंदर एसी बसों के न्यूनतम किराये को 10 रुपये से बढ़ाकर 11 रुपये और अधिकतम किराये को 25 रुपये से बढ़ाकर 27 रुपये कर दिया गया था. सूत्रों ने बताया कि परिवहन मंत्री सत्येंद्र जैन इस कदम से खुश नहीं थे और इसके बाद डीटीसी ने किरायों में की गई वृद्धि को वापस लेने का फैसला किया. किरायों में वृद्धि की दिल्ली भाजपा ने आलोचना की थी. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पूर्व के फैसले में महानगर के अंदर एसी बसों के न्यूनतम किराये को 10 रुपये से बढ़ाकर 11 रुपये और अधिकतम किराये को 25 रुपये से बढ़ाकर 27 रुपये कर दिया गया था. सूत्रों ने बताया कि परिवहन मंत्री सत्येंद्र जैन इस कदम से खुश नहीं थे और इसके बाद डीटीसी ने किरायों में की गई वृद्धि को वापस लेने का फैसला किया. किरायों में वृद्धि की दिल्ली भाजपा ने आलोचना की थी. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त सारांश: एसी बसों के किराये में 10 फीसदी की बढ़ोतरी की गई थी
परिवहन मंत्री सत्येंद्र जैन इस कदम से खुश नहीं थे
किरायों में वृद्धि की दिल्ली भाजपा ने आलोचना की थी | 29 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने सोमवार को कहा कि अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) में कुलभूषण जाधव मामले में भारतीय पक्ष की पैरवी कर रहे जानेमाने अधिवक्ता हरीश साल्वे ने महज एक रुपये की फीस ली है.
सुषमा स्वराज ने ट्वीट किया, ‘‘ठीक नहीं है..हरीश साल्वे ने इस मामले में अपनी फीस के तौर पर हमसे एक रुपये लिए हैं.’’ उनका ट्वीट संजीव गोयल नामक एक व्यक्ति के ट्वीट के जवाब में आया है. गोयल ने सवाल किया था कि क्या भारत साल्वे से कम फीस लेने वाला कोई अच्छा वकील नहीं कर सकता था.टिप्पणियां
जाधव के मामले में साल्वे आईसीजे में भारत की तरफ से वकील हैं. पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने कथित जासूसी के मामले में जाधव को मौत की सजा सुनाई थी. इसके खिलाफ भारत ने आईसीजे का रुख किया है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सुषमा स्वराज ने ट्वीट किया, ‘‘ठीक नहीं है..हरीश साल्वे ने इस मामले में अपनी फीस के तौर पर हमसे एक रुपये लिए हैं.’’ उनका ट्वीट संजीव गोयल नामक एक व्यक्ति के ट्वीट के जवाब में आया है. गोयल ने सवाल किया था कि क्या भारत साल्वे से कम फीस लेने वाला कोई अच्छा वकील नहीं कर सकता था.टिप्पणियां
जाधव के मामले में साल्वे आईसीजे में भारत की तरफ से वकील हैं. पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने कथित जासूसी के मामले में जाधव को मौत की सजा सुनाई थी. इसके खिलाफ भारत ने आईसीजे का रुख किया है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
जाधव के मामले में साल्वे आईसीजे में भारत की तरफ से वकील हैं. पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने कथित जासूसी के मामले में जाधव को मौत की सजा सुनाई थी. इसके खिलाफ भारत ने आईसीजे का रुख किया है. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त सारांश: गोयल का सवाल - क्या भारत साल्वे से कम फीस लेने वाला वकील नहीं कर सकता था
स्वराज ने ट्वीट किया, साल्वे ने मामले में अपनी फीस के तौर पर एक रुपये लिए
जाधव के मामले में साल्वे आईसीजे में भारत की तरफ से वकील हैं | 8 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: शिमला के दूर-दराज नेरवा इलाके में बुधवार को एक निजी बस के टोंस नदी में गिरने से 43 यात्रियों की मौत हो गई. शिमला के उपायुक्त रोहन चंद ठाकुर ने बताया कि यात्री उत्तराखंड के विकासनगर से टूनी जा रहे थे और दुर्घटना हिमाचल प्रदेश में उत्तराखंड-हिमाचल सीमा पर हुई.
उन्होंने बताया कि बस में 56 लोग सवार थे.टिप्पणियां
शिमला के पुलिस अधीक्षक डी डब्ल्यू नेगी ने बताया कि 43 शव बरामद किए जा चुके हैं और अन्य की खोज जारी है.
सिरमौर एवं शिमला से एकत्रित चिकित्सीय एवं बचाव दल के साथ पुलिस यहां से 190 किमी दूर घटनास्थल पर राहत अभियान में जुटी है.
उन्होंने बताया कि बस में 56 लोग सवार थे.टिप्पणियां
शिमला के पुलिस अधीक्षक डी डब्ल्यू नेगी ने बताया कि 43 शव बरामद किए जा चुके हैं और अन्य की खोज जारी है.
सिरमौर एवं शिमला से एकत्रित चिकित्सीय एवं बचाव दल के साथ पुलिस यहां से 190 किमी दूर घटनास्थल पर राहत अभियान में जुटी है.
शिमला के पुलिस अधीक्षक डी डब्ल्यू नेगी ने बताया कि 43 शव बरामद किए जा चुके हैं और अन्य की खोज जारी है.
सिरमौर एवं शिमला से एकत्रित चिकित्सीय एवं बचाव दल के साथ पुलिस यहां से 190 किमी दूर घटनास्थल पर राहत अभियान में जुटी है.
सिरमौर एवं शिमला से एकत्रित चिकित्सीय एवं बचाव दल के साथ पुलिस यहां से 190 किमी दूर घटनास्थल पर राहत अभियान में जुटी है. | सारांश: यात्री उत्तराखंड के विकासनगर से टूनी जा रहे थे
दुर्घटना हिमाचल प्रदेश में उत्तराखंड-हिमाचल सीमा पर हुई.
बस में 56 लोग सवार थे. | 5 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: नए आरोपों से घिरे नितिन गडकरी को दोबारा बीजेपी अध्यक्ष की कुर्सी पर बिठाने की तैयारियां की जा रही हैं। चूंकि रेस में कोई और है नहीं इसलिए बीजेपी और संघ के बड़े नेता गडकरी पर ही सहमत हो गए हैं।
इधर, बीजेपी अध्यक्ष नितिन गडकरी पर उनकी कंपनी पूर्ति ग्रुप को लेकर नए आरोप लगे हैं। नए आरोपों में कहा गया है कि पूर्ति ग्रुप में 85 फीसदी हिस्सेदारी ऐसी कंपनियों की है जिनका कोई अता−पता नहीं है।
साथ ही, उनकी कंपनी में एक ऐसे ठेकेदार का भी निवेश है जिसे गडकरी के महाराष्ट्र में लोक निर्माण मंत्री रहते ठेका मिला था लेकिन एनडीटीवी के स्टुडियो आए नितिन गडकरी ने हर आरोप को सिरे से खारिज किया है।
भाजपा अध्यक्ष गडकरी ने उन आरोपों को भी खारिज कर दिया जिसमें कहा गया है कि उनसे जुड़े सहकारी समिति पूर्ति समूह में फर्जी शेयरधारक हैं और कंपनी को उस समय काफी फायदा पहुंचाया गया जब वह महाराष्ट्र के लोक निर्माण मंत्री थे।
गडकरी ने कहा, ‘किसी भी कंपनी में कई शेयरधारक होते हैं। हमें पूंजी जुटाना होता है... इसमें 10 हजार शेयरधारक है, इनमें से कुछ उद्योगपति, कारोबारी, व्यापरी, अप्रवासी भारतीय हैं। कोई भी शेयरधारक बन सकता है।’ उनसे उन आरोपों के बारे में पूछा गया था कि पूर्ति ग्रूप में जिन 18 कंपनियों के 80 प्रतिशत शेयर थे, वे समूह की वेबसाइट पर दर्ज पते पर नहीं पाए गए।
अरविंद केजरवीवाल ने गडकरी पर संदिग्ध वित्तीय लेनदेन में शामिल होने का आरोप लगाया है।टिप्पणियां
बहरहाल, गडकरी ने अपने एक मित्र की सड़क निर्माण कंपनी को फायदा पहुंचाने के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
यह पूछे जाने पर पते फर्जी थे, गडकरी ने कहा कि ऐसा संभव हो कि पते बदल गए हों। उन्होंने कहा, ‘काफी संख्या में शेयरधारकों ने पते बदल लिए हैं। इसमें 10 हजार शेयरधारक है।’ उन्होंने कहा कि वे सभी लोगों के पते तैयार रखने की उम्मीद नहीं कर रहे हैं लेकिन वे सभी के पते पेश कर सकते हैं।
इधर, बीजेपी अध्यक्ष नितिन गडकरी पर उनकी कंपनी पूर्ति ग्रुप को लेकर नए आरोप लगे हैं। नए आरोपों में कहा गया है कि पूर्ति ग्रुप में 85 फीसदी हिस्सेदारी ऐसी कंपनियों की है जिनका कोई अता−पता नहीं है।
साथ ही, उनकी कंपनी में एक ऐसे ठेकेदार का भी निवेश है जिसे गडकरी के महाराष्ट्र में लोक निर्माण मंत्री रहते ठेका मिला था लेकिन एनडीटीवी के स्टुडियो आए नितिन गडकरी ने हर आरोप को सिरे से खारिज किया है।
भाजपा अध्यक्ष गडकरी ने उन आरोपों को भी खारिज कर दिया जिसमें कहा गया है कि उनसे जुड़े सहकारी समिति पूर्ति समूह में फर्जी शेयरधारक हैं और कंपनी को उस समय काफी फायदा पहुंचाया गया जब वह महाराष्ट्र के लोक निर्माण मंत्री थे।
गडकरी ने कहा, ‘किसी भी कंपनी में कई शेयरधारक होते हैं। हमें पूंजी जुटाना होता है... इसमें 10 हजार शेयरधारक है, इनमें से कुछ उद्योगपति, कारोबारी, व्यापरी, अप्रवासी भारतीय हैं। कोई भी शेयरधारक बन सकता है।’ उनसे उन आरोपों के बारे में पूछा गया था कि पूर्ति ग्रूप में जिन 18 कंपनियों के 80 प्रतिशत शेयर थे, वे समूह की वेबसाइट पर दर्ज पते पर नहीं पाए गए।
अरविंद केजरवीवाल ने गडकरी पर संदिग्ध वित्तीय लेनदेन में शामिल होने का आरोप लगाया है।टिप्पणियां
बहरहाल, गडकरी ने अपने एक मित्र की सड़क निर्माण कंपनी को फायदा पहुंचाने के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
यह पूछे जाने पर पते फर्जी थे, गडकरी ने कहा कि ऐसा संभव हो कि पते बदल गए हों। उन्होंने कहा, ‘काफी संख्या में शेयरधारकों ने पते बदल लिए हैं। इसमें 10 हजार शेयरधारक है।’ उन्होंने कहा कि वे सभी लोगों के पते तैयार रखने की उम्मीद नहीं कर रहे हैं लेकिन वे सभी के पते पेश कर सकते हैं।
साथ ही, उनकी कंपनी में एक ऐसे ठेकेदार का भी निवेश है जिसे गडकरी के महाराष्ट्र में लोक निर्माण मंत्री रहते ठेका मिला था लेकिन एनडीटीवी के स्टुडियो आए नितिन गडकरी ने हर आरोप को सिरे से खारिज किया है।
भाजपा अध्यक्ष गडकरी ने उन आरोपों को भी खारिज कर दिया जिसमें कहा गया है कि उनसे जुड़े सहकारी समिति पूर्ति समूह में फर्जी शेयरधारक हैं और कंपनी को उस समय काफी फायदा पहुंचाया गया जब वह महाराष्ट्र के लोक निर्माण मंत्री थे।
गडकरी ने कहा, ‘किसी भी कंपनी में कई शेयरधारक होते हैं। हमें पूंजी जुटाना होता है... इसमें 10 हजार शेयरधारक है, इनमें से कुछ उद्योगपति, कारोबारी, व्यापरी, अप्रवासी भारतीय हैं। कोई भी शेयरधारक बन सकता है।’ उनसे उन आरोपों के बारे में पूछा गया था कि पूर्ति ग्रूप में जिन 18 कंपनियों के 80 प्रतिशत शेयर थे, वे समूह की वेबसाइट पर दर्ज पते पर नहीं पाए गए।
अरविंद केजरवीवाल ने गडकरी पर संदिग्ध वित्तीय लेनदेन में शामिल होने का आरोप लगाया है।टिप्पणियां
बहरहाल, गडकरी ने अपने एक मित्र की सड़क निर्माण कंपनी को फायदा पहुंचाने के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
यह पूछे जाने पर पते फर्जी थे, गडकरी ने कहा कि ऐसा संभव हो कि पते बदल गए हों। उन्होंने कहा, ‘काफी संख्या में शेयरधारकों ने पते बदल लिए हैं। इसमें 10 हजार शेयरधारक है।’ उन्होंने कहा कि वे सभी लोगों के पते तैयार रखने की उम्मीद नहीं कर रहे हैं लेकिन वे सभी के पते पेश कर सकते हैं।
भाजपा अध्यक्ष गडकरी ने उन आरोपों को भी खारिज कर दिया जिसमें कहा गया है कि उनसे जुड़े सहकारी समिति पूर्ति समूह में फर्जी शेयरधारक हैं और कंपनी को उस समय काफी फायदा पहुंचाया गया जब वह महाराष्ट्र के लोक निर्माण मंत्री थे।
गडकरी ने कहा, ‘किसी भी कंपनी में कई शेयरधारक होते हैं। हमें पूंजी जुटाना होता है... इसमें 10 हजार शेयरधारक है, इनमें से कुछ उद्योगपति, कारोबारी, व्यापरी, अप्रवासी भारतीय हैं। कोई भी शेयरधारक बन सकता है।’ उनसे उन आरोपों के बारे में पूछा गया था कि पूर्ति ग्रूप में जिन 18 कंपनियों के 80 प्रतिशत शेयर थे, वे समूह की वेबसाइट पर दर्ज पते पर नहीं पाए गए।
अरविंद केजरवीवाल ने गडकरी पर संदिग्ध वित्तीय लेनदेन में शामिल होने का आरोप लगाया है।टिप्पणियां
बहरहाल, गडकरी ने अपने एक मित्र की सड़क निर्माण कंपनी को फायदा पहुंचाने के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
यह पूछे जाने पर पते फर्जी थे, गडकरी ने कहा कि ऐसा संभव हो कि पते बदल गए हों। उन्होंने कहा, ‘काफी संख्या में शेयरधारकों ने पते बदल लिए हैं। इसमें 10 हजार शेयरधारक है।’ उन्होंने कहा कि वे सभी लोगों के पते तैयार रखने की उम्मीद नहीं कर रहे हैं लेकिन वे सभी के पते पेश कर सकते हैं।
गडकरी ने कहा, ‘किसी भी कंपनी में कई शेयरधारक होते हैं। हमें पूंजी जुटाना होता है... इसमें 10 हजार शेयरधारक है, इनमें से कुछ उद्योगपति, कारोबारी, व्यापरी, अप्रवासी भारतीय हैं। कोई भी शेयरधारक बन सकता है।’ उनसे उन आरोपों के बारे में पूछा गया था कि पूर्ति ग्रूप में जिन 18 कंपनियों के 80 प्रतिशत शेयर थे, वे समूह की वेबसाइट पर दर्ज पते पर नहीं पाए गए।
अरविंद केजरवीवाल ने गडकरी पर संदिग्ध वित्तीय लेनदेन में शामिल होने का आरोप लगाया है।टिप्पणियां
बहरहाल, गडकरी ने अपने एक मित्र की सड़क निर्माण कंपनी को फायदा पहुंचाने के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
यह पूछे जाने पर पते फर्जी थे, गडकरी ने कहा कि ऐसा संभव हो कि पते बदल गए हों। उन्होंने कहा, ‘काफी संख्या में शेयरधारकों ने पते बदल लिए हैं। इसमें 10 हजार शेयरधारक है।’ उन्होंने कहा कि वे सभी लोगों के पते तैयार रखने की उम्मीद नहीं कर रहे हैं लेकिन वे सभी के पते पेश कर सकते हैं।
अरविंद केजरवीवाल ने गडकरी पर संदिग्ध वित्तीय लेनदेन में शामिल होने का आरोप लगाया है।टिप्पणियां
बहरहाल, गडकरी ने अपने एक मित्र की सड़क निर्माण कंपनी को फायदा पहुंचाने के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
यह पूछे जाने पर पते फर्जी थे, गडकरी ने कहा कि ऐसा संभव हो कि पते बदल गए हों। उन्होंने कहा, ‘काफी संख्या में शेयरधारकों ने पते बदल लिए हैं। इसमें 10 हजार शेयरधारक है।’ उन्होंने कहा कि वे सभी लोगों के पते तैयार रखने की उम्मीद नहीं कर रहे हैं लेकिन वे सभी के पते पेश कर सकते हैं।
बहरहाल, गडकरी ने अपने एक मित्र की सड़क निर्माण कंपनी को फायदा पहुंचाने के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
यह पूछे जाने पर पते फर्जी थे, गडकरी ने कहा कि ऐसा संभव हो कि पते बदल गए हों। उन्होंने कहा, ‘काफी संख्या में शेयरधारकों ने पते बदल लिए हैं। इसमें 10 हजार शेयरधारक है।’ उन्होंने कहा कि वे सभी लोगों के पते तैयार रखने की उम्मीद नहीं कर रहे हैं लेकिन वे सभी के पते पेश कर सकते हैं।
यह पूछे जाने पर पते फर्जी थे, गडकरी ने कहा कि ऐसा संभव हो कि पते बदल गए हों। उन्होंने कहा, ‘काफी संख्या में शेयरधारकों ने पते बदल लिए हैं। इसमें 10 हजार शेयरधारक है।’ उन्होंने कहा कि वे सभी लोगों के पते तैयार रखने की उम्मीद नहीं कर रहे हैं लेकिन वे सभी के पते पेश कर सकते हैं। | नए आरोपों से घिरे नितिन गडकरी को दोबारा बीजेपी अध्यक्ष की कुर्सी पर बिठाने की तैयारियां की जा रही हैं। चूंकि रेस में कोई और है नहीं इसलिए बीजेपी और संघ के बड़े नेता गडकरी पर ही सहमत हो गए हैं। | 34 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: शुक्रवार सुबह ही एक कार से दो करोड़ रुपये बरामद होने के बाद झारखंड के राज्यसभा चुनाव में विधायकों की खरीद-फरोख्त की आशंका के मद्देनजर निर्वाचन आयोग ने मतगणना रुकवा दी है, जिससे चुनाव रद्द होने की संभावना बढ़ गई है।
इससे पहले, आज सुबह ही आईटी विभाग की टीम ने रांची के पास एक कार से दो करोड़ रुपये बरामद किए थे। इसी कड़ी में पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस ने जमशेदपुर में प्रकाश खेवानी के घर पर छापेमारी भी की। बताया गया कि खेवानी के निर्दलीय प्रत्याशी आरके अग्रवाल के साथ संबंध हैं। इसके बाद चुनाव में धांधली की आशंका के मद्देनजर आयकर विभाग राज्य में कई जगह छापेमारी करता रहा। जिस कार से दो करोड़ रुपये बरामद किए गए, वह राज्यसभा के निर्दलीय प्रत्याशी आरके अग्रवाल के भाई के नाम पर रजिस्टर्ड है।टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि झारखंड में दो राज्यसभा सीटों के लिए पांच प्रत्याशी मैदान में थे। चुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा ने अपना उम्मीदवार उतारा था, और उसने बीजेपी विधायकों से समर्थन मांगा था। सो, मैदान में जेएमएम के संजीव कुमार, कांग्रेस के प्रदीप बालमुचु, झारखंड विकास मोर्चा के प्रवीण सिंह और दो निर्दलीय आरके अग्रवाल और पवन धूत शामिल थे।
इससे पूर्व, चुनाव में वोटों की खरीद-फरोख्त की आशंका को देखते हुए चुनाव आयोग ने आयकर विभाग को सक्रिय कर दिया था, और पैसे का दुरुपयोग करने वालों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। चुनाव आयोग ने सांसद गुरुदास दास गुप्ता और बाबूलाल मरांडी की ओर से दी गई शिकायत पर यह आदेश दिया था।
इससे पहले, आज सुबह ही आईटी विभाग की टीम ने रांची के पास एक कार से दो करोड़ रुपये बरामद किए थे। इसी कड़ी में पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस ने जमशेदपुर में प्रकाश खेवानी के घर पर छापेमारी भी की। बताया गया कि खेवानी के निर्दलीय प्रत्याशी आरके अग्रवाल के साथ संबंध हैं। इसके बाद चुनाव में धांधली की आशंका के मद्देनजर आयकर विभाग राज्य में कई जगह छापेमारी करता रहा। जिस कार से दो करोड़ रुपये बरामद किए गए, वह राज्यसभा के निर्दलीय प्रत्याशी आरके अग्रवाल के भाई के नाम पर रजिस्टर्ड है।टिप्पणियां
उल्लेखनीय है कि झारखंड में दो राज्यसभा सीटों के लिए पांच प्रत्याशी मैदान में थे। चुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा ने अपना उम्मीदवार उतारा था, और उसने बीजेपी विधायकों से समर्थन मांगा था। सो, मैदान में जेएमएम के संजीव कुमार, कांग्रेस के प्रदीप बालमुचु, झारखंड विकास मोर्चा के प्रवीण सिंह और दो निर्दलीय आरके अग्रवाल और पवन धूत शामिल थे।
इससे पूर्व, चुनाव में वोटों की खरीद-फरोख्त की आशंका को देखते हुए चुनाव आयोग ने आयकर विभाग को सक्रिय कर दिया था, और पैसे का दुरुपयोग करने वालों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। चुनाव आयोग ने सांसद गुरुदास दास गुप्ता और बाबूलाल मरांडी की ओर से दी गई शिकायत पर यह आदेश दिया था।
उल्लेखनीय है कि झारखंड में दो राज्यसभा सीटों के लिए पांच प्रत्याशी मैदान में थे। चुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा ने अपना उम्मीदवार उतारा था, और उसने बीजेपी विधायकों से समर्थन मांगा था। सो, मैदान में जेएमएम के संजीव कुमार, कांग्रेस के प्रदीप बालमुचु, झारखंड विकास मोर्चा के प्रवीण सिंह और दो निर्दलीय आरके अग्रवाल और पवन धूत शामिल थे।
इससे पूर्व, चुनाव में वोटों की खरीद-फरोख्त की आशंका को देखते हुए चुनाव आयोग ने आयकर विभाग को सक्रिय कर दिया था, और पैसे का दुरुपयोग करने वालों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। चुनाव आयोग ने सांसद गुरुदास दास गुप्ता और बाबूलाल मरांडी की ओर से दी गई शिकायत पर यह आदेश दिया था।
इससे पूर्व, चुनाव में वोटों की खरीद-फरोख्त की आशंका को देखते हुए चुनाव आयोग ने आयकर विभाग को सक्रिय कर दिया था, और पैसे का दुरुपयोग करने वालों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। चुनाव आयोग ने सांसद गुरुदास दास गुप्ता और बाबूलाल मरांडी की ओर से दी गई शिकायत पर यह आदेश दिया था। | यह एक सारांश है: शुक्रवार सुबह ही एक कार से दो करोड़ रुपये बरामद होने के बाद झारखंड के राज्यसभा चुनाव में विधायकों की खरीद-फरोख्त की आशंका के मद्देनजर मतगणना रुकवाई गई है, जिससे चुनाव रद्द होने की संभावना बढ़ गई है। | 16 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: केन्द्रीय खेल मंत्री अजय माकन ने फिर दोहराया है कि वे राष्ट्रीय खेल विधेयक लाने के कदम से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने इस विधेयक के फायदे बताते हुए कहा कि अगर यह विधेयक पहले पारित हो गया होता तो राष्ट्रमंडल खेलों के समय हुए घोटाले नहीं होते। राष्ट्रीय खेल विकास विधेयक के लागू होने से खेल संघों पर लगाम लगेगी और बीसीसीआई जैसे धनकुबेर संस्था पर भी सरकार का अंकुश लग सकेगा। इस विधेयक को कैबिनेट की मंजूरी नहीं मिल पाई थी क्योंकि कैबिनेट की बैठक में अनेक मंत्रियों को इस विधेयक के कुछ प्रावधानों पर आपत्ति थी। उन्होंने कहा, मै समझता हूं कि इस विधेयक को लागू करने में पहले ही काफी देर चुकी है। हमें इस विधेयक को बहुत पहले लागू कर देना चाहिए था अगर ऐसा हो जाता तो राष्ट्रमंडल खेलों का घोटाला नहीं हो पाता और जो लोग आज तिहाड़ जेल में हैं वे भारतीय ओलिंपिक संघ के पदाधिकारी नहीं होते। उन्होंने कहा कि इस विधेयक से खेल संघों के आरटीआई के अंतर्गत आने से कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही आ सकेगी। खेल मंत्री ने कहा कि इस विधेयक को लाने का मकसद सरकार का खेलों संघों पर नियंत्रण करना नहीं है। | दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: केन्द्रीय खेल मंत्री अजय माकन ने फिर दोहराया है कि वे राष्ट्रीय खेल विधेयक लाने के कदम से पीछे नहीं हटेंगे। | 19 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: कृषि उत्पादन में 3.9 प्रतिशत की उच्च वृद्धि दर के बावजूद मौजूदा वित्त वर्ष की प्रथम तिमाही में अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 7.7 प्रतिशत के निम्न स्तर पर आ गई जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि के दौरान वृद्धि दर 8.8 प्रतिशत थी। राष्ट्रीय आय के अनुमानों पर मंगलवार को जारी नए आकड़े जाहिर करते हैं कि निम्न वृद्धि दर मुख्यरूप से इस कारण रही, क्योंकि विनिर्माण क्षेत्र में 7.2 प्रतिशत की अपेक्षाकृत निम्न वृद्धि दर रही। जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि के दौरान विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि दर 10.6 प्रतिशत थी। केंद्रीय सांख्यिकी संगठन द्वारा देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) पर जारी ताजा आकड़े भारतीय अर्थव्यवस्था के एक मिश्रित रुझान प्रस्तुत करते हैं। वित्त वर्ष 2010-11 में अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 8.5 प्रतिशत थी और उसके पहले के वित्त वर्ष में वृद्धि दर आठ प्रतिशत थी। जून में समाप्त हुई तिमाही में निर्माण और खनन क्षेत्रों के वृद्धि दर में तीव्र गिरावट देखी गई और दोनों क्षेत्रों की वृद्धि दर क्रमश: 7.7 प्रतिशत व 7.4 प्रतिशत से घटकर 1.2 प्रतिशत और 1.8 प्रतिशत पर आ गई जबकि परिवहन व व्यापार जैसी सेवाओं में वृद्धि दर 12.8 प्रतिशत के उच्च स्तर पर रही। जहां कृषि क्षेत्र की वृद्धि दर 2.4 प्रतिशत के मुकाबले बढ़कर 3.9 प्रतिशत हो गई, वहीं बिजली एवं गैस क्षेत्र की वृद्धि दर 5.5 प्रतिशत के मुकाबले 7.9 प्रतिशत रही। वित्तीय सेवाओं की वृद्धि दर 9.8 प्रतिशत के मुकाबले 9.1 प्रतिशत पर आ गई। | यहाँ एक सारांश है:कृषि उत्पादन में 3.9% की उच्च वृद्धि दर के बावजूद वित्त वर्ष की प्रथम तिमाही में अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 7.7% के निम्न स्तर पर आ गई। | 4 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: चुनाव आयोग ने निर्देश दिया है कि किसी भी राजनीतिक पार्टी को ऐसी गतिविधियों के लिए सार्वजनिक कोष और सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल करने नहीं दिया जाएगा, जिससे उस पार्टी या पार्टी को आवंटित चुनाव चिह्न का प्रचार हो रहा होगा.
आयोग ने यह कदम इन आरोपों के बीच उठाया है कि बीएसपी ने उत्तर प्रदेश की सत्ता में रहने के दौरान सार्वजनिक स्थलों में पार्टी के चुनाव चिह्न हाथियों की मूर्तियां बनवाई.
दिल्ली हाईकोर्ट के एक फैसले के बाद आयोग ने यह आदेश जारी किया है. कोर्ट ने जुलाई में वह अर्जी आयोग को वापस भेज दी थी, जिसमें राज्य भर में हाथियों की मूर्तियां बनवाने के मामले में पिछली मायावती सरकार पर सार्वजनिक धन के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए बीएसपी के चुनाव चिह्न 'हाथी' को रद्द करने की मांग की गई थी.
आयोग ने कहा, '...आयोग ने निर्देश दिया है कि अब कोई भी राजनीतिक पार्टी किसी ऐसी गतिविधि में सार्वजनिक धन या सार्वजनिक स्थल या सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल नहीं करेगी, जिससे उस पार्टी या पार्टी को आवंटित चुनाव चिह्न का प्रचार हो रहा हो.' अपने आदेश में आयोग ने कहा, 'यह स्पष्ट किया जाता है कि निर्देशों के उल्लंघन को आयोग के वैध निर्देशों का उल्लंघन माना जाएगा.' टिप्पणियां
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक एनजीओ की अर्जी पर आदेश पारित किया था. आयोग ने इस मुद्दे पर राजनीतिक पार्टियों की राय मांगी थी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
आयोग ने यह कदम इन आरोपों के बीच उठाया है कि बीएसपी ने उत्तर प्रदेश की सत्ता में रहने के दौरान सार्वजनिक स्थलों में पार्टी के चुनाव चिह्न हाथियों की मूर्तियां बनवाई.
दिल्ली हाईकोर्ट के एक फैसले के बाद आयोग ने यह आदेश जारी किया है. कोर्ट ने जुलाई में वह अर्जी आयोग को वापस भेज दी थी, जिसमें राज्य भर में हाथियों की मूर्तियां बनवाने के मामले में पिछली मायावती सरकार पर सार्वजनिक धन के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए बीएसपी के चुनाव चिह्न 'हाथी' को रद्द करने की मांग की गई थी.
आयोग ने कहा, '...आयोग ने निर्देश दिया है कि अब कोई भी राजनीतिक पार्टी किसी ऐसी गतिविधि में सार्वजनिक धन या सार्वजनिक स्थल या सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल नहीं करेगी, जिससे उस पार्टी या पार्टी को आवंटित चुनाव चिह्न का प्रचार हो रहा हो.' अपने आदेश में आयोग ने कहा, 'यह स्पष्ट किया जाता है कि निर्देशों के उल्लंघन को आयोग के वैध निर्देशों का उल्लंघन माना जाएगा.' टिप्पणियां
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक एनजीओ की अर्जी पर आदेश पारित किया था. आयोग ने इस मुद्दे पर राजनीतिक पार्टियों की राय मांगी थी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दिल्ली हाईकोर्ट के एक फैसले के बाद आयोग ने यह आदेश जारी किया है. कोर्ट ने जुलाई में वह अर्जी आयोग को वापस भेज दी थी, जिसमें राज्य भर में हाथियों की मूर्तियां बनवाने के मामले में पिछली मायावती सरकार पर सार्वजनिक धन के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए बीएसपी के चुनाव चिह्न 'हाथी' को रद्द करने की मांग की गई थी.
आयोग ने कहा, '...आयोग ने निर्देश दिया है कि अब कोई भी राजनीतिक पार्टी किसी ऐसी गतिविधि में सार्वजनिक धन या सार्वजनिक स्थल या सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल नहीं करेगी, जिससे उस पार्टी या पार्टी को आवंटित चुनाव चिह्न का प्रचार हो रहा हो.' अपने आदेश में आयोग ने कहा, 'यह स्पष्ट किया जाता है कि निर्देशों के उल्लंघन को आयोग के वैध निर्देशों का उल्लंघन माना जाएगा.' टिप्पणियां
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक एनजीओ की अर्जी पर आदेश पारित किया था. आयोग ने इस मुद्दे पर राजनीतिक पार्टियों की राय मांगी थी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
आयोग ने कहा, '...आयोग ने निर्देश दिया है कि अब कोई भी राजनीतिक पार्टी किसी ऐसी गतिविधि में सार्वजनिक धन या सार्वजनिक स्थल या सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल नहीं करेगी, जिससे उस पार्टी या पार्टी को आवंटित चुनाव चिह्न का प्रचार हो रहा हो.' अपने आदेश में आयोग ने कहा, 'यह स्पष्ट किया जाता है कि निर्देशों के उल्लंघन को आयोग के वैध निर्देशों का उल्लंघन माना जाएगा.' टिप्पणियां
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक एनजीओ की अर्जी पर आदेश पारित किया था. आयोग ने इस मुद्दे पर राजनीतिक पार्टियों की राय मांगी थी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक एनजीओ की अर्जी पर आदेश पारित किया था. आयोग ने इस मुद्दे पर राजनीतिक पार्टियों की राय मांगी थी.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | संक्षिप्त पाठ: चुनाव चिह्न के प्रचार के लिए सार्वजनिक धन का उपयोग नहीं हो सकता : EC
मायावती द्वारा हाथियों की मूर्तियां लगाए जाने के खिलाफ केस पर आदेश
दिल्ली हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग से इस संबंध में नियम बनाने को कहा था | 30 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: महाराष्ट्र में शिवसेना के हाथ आ रही मुख्यमंत्री की कुर्सी बीजेपी ने रातों-रात 'सर्जिकल स्ट्राइक' करके छीन ली है. हैरानी इस बात की है कि इस बात की भनक न तो शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे को रही होगी, न कांग्रेस को. यहां तक कि अंदाजा लगाया जा रहा है कि बीजेपी के भी कई नेताओं को नहीं पता रहा होगा कि रात में महाराष्ट्र में इस तरह का तख्ता पलट हो जाएगा. महाराष्ट्र के सीएम के रूप में फिर से शपथ लेने के बाद देवेंद्र फडणवीस ने कहा, ''लोगों ने हमें एक स्पष्ट जनादेश दिया था, लेकिन परिणाम के बाद शिवसेना ने अन्य दलों के साथ सहयोगी होने की कोशिश की, जिसके परिणामस्वरूप राष्ट्रपति शासन लगाया गया. महाराष्ट्र को एक स्थिर सरकार की जरूरत है, एक 'खिचड़ी' सरकार की नहीं.''
बता दें कि राजभवन में राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने दोनों नेताओं को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई. महाराष्ट्र में अचानक बड़ा उलटफेर होने के बाद जहां सियासी गलियारों में तमाम तरह की चर्चाएं चल रही हैं. इस बीच पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा, ''महाराष्ट्र के सीएम और डिप्टी सीएम के रूप में शपथ लेने पर क्रमश: देवेंद्र फडणवीस जी और अजीत पवार जी को बधाई. मुझे विश्वास है कि वे महाराष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य के लिए लगन से काम करेंगे.''
वहीं, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह (Amit Shah) ने देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) को दोबारा महाराष्ट्र के सीएम पद की शपथ और अजित पवार को डिप्टी सीएम पद की शपथ लेने के बाद बधाई दी है. अमित शाह ने ट्वीट कर कहा, 'देवेंद्र फडणवीस जी को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और श्री अजित पवार को प्रदेश के उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने पर हार्दिक बधाई. मुझे विश्वास है कि यह सरकार महाराष्ट्र के विकास और कल्याण के प्रति निरंतर कटिबद्ध रहेगी और प्रदेश में प्रगति के नये मापदंड स्थापित करेगी.'
आपको बता दें कि शनिवार की सुबह तक महाराष्ट्र में कांग्रेस, शिवसेना और एनसीपी के साथ मिलकर सरकार बनाने की बात कही जा रही थी. तीनों दल उद्धव ठाकरे को सीएम बनाने पर सहमत भी हो गए थे और चर्चा थी कि आज औपचारिक तौर पर वे राज्यपाल से मिलकर दावा पेश करते, लेकिन इसी बीच राज्य में बड़ा उलटफेर हो गया. | यहाँ एक सारांश है:महाराष्ट्र के सियासी गलियारे में बड़ा उलटफेर
बीजेपी-एनसीपी ने मिलकर बनाई सरकार
देवेंद्र फडणवीस ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ | 18 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: सरकार अगर अपने रुख पर कायम रही तो हमारे खेतों में जल्दी ही सरसों की ऐसी फसल उगाई जाएगी जिसमें जीएम यानी जैनेटिकली मॉडिफाइड बीजों का इस्तेमाल होगा. वैज्ञानिकों का कहना है कि ऐसी फसल की पैदावार अधिक होगी और यह कृषि क्षेत्र में क्रांति आने जैसा होगा. लेकिन जीएम सरसों को लेकर विवाद बना हुआ है और दिल्ली में आज फिर सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कुछ सवाल उठाए. मिसाल के तौर पर यह कि अभी तक साफ नहीं हुआ है कि इस तरह से उगाई गई फसल का हमारी सेहत पर कोई गलत असर नहीं पड़ेगा और पर्यावरण और जैव विविधता पर कोई कुप्रभाव नहीं होगा.
जीएम सरसों की इस किस्म को दिल्ली विश्वविद्यालय के जैव विज्ञानियों की टीम ने तैयार किया है. इसे धारा मस्टर्ड हाइब्रीड -11 या डीएमएच -11 कहा जाता है. टीम के मुखिया डॉ दीपक पेंटल का कहना है कि जीएम सरसों पूरी तरह से सुरक्षित है और पर्यावरण के लिए कतई नुकसानदेह नहीं है. एनडीटीवी के कार्यक्रम वॉक द टॉक में डॉ पेंटल ने कहा कि हमने इस किस्म को तैयार करने में तीस साल लगाए हैं और इसमें कोई खतरा नहीं है. डॉ पेंटल ने कहा, "अगर आप डीएनए में प्रोटीन इंजेक्ट करते समय इस बात का ध्यान रखें कि वह नुकसानदेह नहीं है तो किसी तरह का कोई खतरा नहीं है. यकीन मानिए आज टेक्नोलॉजी काफी विकसित हो चुकी है और यह जानना बिल्कुल मुमकिन है कि जो प्रोटीन आप डाल रहे हैं वह नुकसान नहीं करेगा."
जीएम सरसों को जैनेटिक एप्रूवल अप्रैज़ल कमेटी से इसी साल अगस्त में हरी झंडी मिल चुकी है और इसके फील्ड ट्रायल पूरे हो चुके हैं. किसानों के पास इसके बीज पहुंचने से पहले सरकार से इसे आखिरी हरी झंडी मिलना बाकी है. सरकार ने अपनी वैबसाइट पर पांच अक्टूबर तक लोगों से इस पर फीडबैक मांगा है. लेकिन जीएम फूड का विरोध कर रहे कार्यकर्ताओं की अपनी चिंताएं हैं. खास तौर से उस सब कमेटी के गठन को लेकर जिसने अगस्त में जीएम सरसों को हरी झंडी दी है.
दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में किसान स्वराज गठबंधन की संयोजक कविता कुरुगंटी ने कहा कि जिस कमेटी ने अगस्त में जीएम सरसों को हरी झंडी दी उसके सात में से चार सदस्यों का वास्ता जीएम फूड के डेवलपमेंट से है. यह सदस्य किसी न किसी रूप में जीएम फूड संवर्धन से जुड़े हैं. कविता के मुताबिक सरकार जीएम सरसों को बिना पूरी सावधानी बरते जल्दबाजी में अनुमति दे रही है.
एनडीटीवी इंडिया की ओर से भेजे गए सवालों के जवाब में सरकार ने कहा है, "जीएम सरसों को हरी झंडी देने वाली कमेटी में सभी विशेषज्ञ वैज्ञानिक हैं. कमेटी में एक हेल्थ एक्सपर्ट और डॉक्टर भी. सब कमेटी ने सभी आंकड़ों और तथ्यों के आधार पर सुनिश्चित किया है कि जीएम सरसों को लेकर सभी जरूरी टेस्ट किए गए हैं."
कविता कुरुगंटी के मुताबिक जैव विज्ञानियों ने खुद यह माना है कि जीएम सरसों की इस किस्म पर खरपतवार नाशक का कोई असर नहीं होगा. यानी यह फसल हर्बीसाइड टॉलरेंट होगी. इससे यह खतरा है कि किसान अधिक रसायनों का इस्तेमाल करने लगेंगे जो आपकी सेहत के लिए घातक होगा. टिप्पणियां
जीएम सरसों अगर खेतों में उगाया गया तो यह पहली जैनेटिकली मॉडिफाइड खाद्य फसल होगी. बीटी कॉटन को हमारे देश में कई सालों से जरूर उगाया जाता रहा है लेकिन वह खाद्य फसल नहीं है. ध्यान देने की बात है कि जीएम फूड के तहत आने वाले बीटी बैंगन को उगाने की अनुमति 2010 में मिल गई थी लेकिन तब सवालों के मद्देनजर तत्कालीन पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने उस पर रोक लगा दी थी. जीएम का विरोध कर रहे एक्टिविस्ट कह रहे हैं कि बीटी बैंगन पर अधिक कड़े प्रयोग किए गए थे पर एहतियात के तौर पर उसे रोका गया लेकिन जीएम सरसों को अनुमति क्यों दी जा रही है.
दुनिया के केवल चार देशों में ही जीएम सरसों को उगाने की अनुमति है जिसमें अमेरिका, कनाडा. ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं. जीएम सरसों के समर्थकों और वैज्ञानिकों का तर्क है कि कनाडा से पहले ही जीएम सरसों का तेल आयात हो रहा है. इसलिए जीएम फूड का डर फैलाना बेवजह का हौव्वा है. अब देखना यह है कि क्या सरकार जीजीएम सरसों को अक्टूबर में खेतों में उगाने के लिए अनुमति देगी और अगर हां तो क्या इससे वही क्रांति आएगी जिसका दावा किया जा रहा है.
जीएम सरसों की इस किस्म को दिल्ली विश्वविद्यालय के जैव विज्ञानियों की टीम ने तैयार किया है. इसे धारा मस्टर्ड हाइब्रीड -11 या डीएमएच -11 कहा जाता है. टीम के मुखिया डॉ दीपक पेंटल का कहना है कि जीएम सरसों पूरी तरह से सुरक्षित है और पर्यावरण के लिए कतई नुकसानदेह नहीं है. एनडीटीवी के कार्यक्रम वॉक द टॉक में डॉ पेंटल ने कहा कि हमने इस किस्म को तैयार करने में तीस साल लगाए हैं और इसमें कोई खतरा नहीं है. डॉ पेंटल ने कहा, "अगर आप डीएनए में प्रोटीन इंजेक्ट करते समय इस बात का ध्यान रखें कि वह नुकसानदेह नहीं है तो किसी तरह का कोई खतरा नहीं है. यकीन मानिए आज टेक्नोलॉजी काफी विकसित हो चुकी है और यह जानना बिल्कुल मुमकिन है कि जो प्रोटीन आप डाल रहे हैं वह नुकसान नहीं करेगा."
जीएम सरसों को जैनेटिक एप्रूवल अप्रैज़ल कमेटी से इसी साल अगस्त में हरी झंडी मिल चुकी है और इसके फील्ड ट्रायल पूरे हो चुके हैं. किसानों के पास इसके बीज पहुंचने से पहले सरकार से इसे आखिरी हरी झंडी मिलना बाकी है. सरकार ने अपनी वैबसाइट पर पांच अक्टूबर तक लोगों से इस पर फीडबैक मांगा है. लेकिन जीएम फूड का विरोध कर रहे कार्यकर्ताओं की अपनी चिंताएं हैं. खास तौर से उस सब कमेटी के गठन को लेकर जिसने अगस्त में जीएम सरसों को हरी झंडी दी है.
दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में किसान स्वराज गठबंधन की संयोजक कविता कुरुगंटी ने कहा कि जिस कमेटी ने अगस्त में जीएम सरसों को हरी झंडी दी उसके सात में से चार सदस्यों का वास्ता जीएम फूड के डेवलपमेंट से है. यह सदस्य किसी न किसी रूप में जीएम फूड संवर्धन से जुड़े हैं. कविता के मुताबिक सरकार जीएम सरसों को बिना पूरी सावधानी बरते जल्दबाजी में अनुमति दे रही है.
एनडीटीवी इंडिया की ओर से भेजे गए सवालों के जवाब में सरकार ने कहा है, "जीएम सरसों को हरी झंडी देने वाली कमेटी में सभी विशेषज्ञ वैज्ञानिक हैं. कमेटी में एक हेल्थ एक्सपर्ट और डॉक्टर भी. सब कमेटी ने सभी आंकड़ों और तथ्यों के आधार पर सुनिश्चित किया है कि जीएम सरसों को लेकर सभी जरूरी टेस्ट किए गए हैं."
कविता कुरुगंटी के मुताबिक जैव विज्ञानियों ने खुद यह माना है कि जीएम सरसों की इस किस्म पर खरपतवार नाशक का कोई असर नहीं होगा. यानी यह फसल हर्बीसाइड टॉलरेंट होगी. इससे यह खतरा है कि किसान अधिक रसायनों का इस्तेमाल करने लगेंगे जो आपकी सेहत के लिए घातक होगा. टिप्पणियां
जीएम सरसों अगर खेतों में उगाया गया तो यह पहली जैनेटिकली मॉडिफाइड खाद्य फसल होगी. बीटी कॉटन को हमारे देश में कई सालों से जरूर उगाया जाता रहा है लेकिन वह खाद्य फसल नहीं है. ध्यान देने की बात है कि जीएम फूड के तहत आने वाले बीटी बैंगन को उगाने की अनुमति 2010 में मिल गई थी लेकिन तब सवालों के मद्देनजर तत्कालीन पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने उस पर रोक लगा दी थी. जीएम का विरोध कर रहे एक्टिविस्ट कह रहे हैं कि बीटी बैंगन पर अधिक कड़े प्रयोग किए गए थे पर एहतियात के तौर पर उसे रोका गया लेकिन जीएम सरसों को अनुमति क्यों दी जा रही है.
दुनिया के केवल चार देशों में ही जीएम सरसों को उगाने की अनुमति है जिसमें अमेरिका, कनाडा. ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं. जीएम सरसों के समर्थकों और वैज्ञानिकों का तर्क है कि कनाडा से पहले ही जीएम सरसों का तेल आयात हो रहा है. इसलिए जीएम फूड का डर फैलाना बेवजह का हौव्वा है. अब देखना यह है कि क्या सरकार जीजीएम सरसों को अक्टूबर में खेतों में उगाने के लिए अनुमति देगी और अगर हां तो क्या इससे वही क्रांति आएगी जिसका दावा किया जा रहा है.
जीएम सरसों को जैनेटिक एप्रूवल अप्रैज़ल कमेटी से इसी साल अगस्त में हरी झंडी मिल चुकी है और इसके फील्ड ट्रायल पूरे हो चुके हैं. किसानों के पास इसके बीज पहुंचने से पहले सरकार से इसे आखिरी हरी झंडी मिलना बाकी है. सरकार ने अपनी वैबसाइट पर पांच अक्टूबर तक लोगों से इस पर फीडबैक मांगा है. लेकिन जीएम फूड का विरोध कर रहे कार्यकर्ताओं की अपनी चिंताएं हैं. खास तौर से उस सब कमेटी के गठन को लेकर जिसने अगस्त में जीएम सरसों को हरी झंडी दी है.
दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में किसान स्वराज गठबंधन की संयोजक कविता कुरुगंटी ने कहा कि जिस कमेटी ने अगस्त में जीएम सरसों को हरी झंडी दी उसके सात में से चार सदस्यों का वास्ता जीएम फूड के डेवलपमेंट से है. यह सदस्य किसी न किसी रूप में जीएम फूड संवर्धन से जुड़े हैं. कविता के मुताबिक सरकार जीएम सरसों को बिना पूरी सावधानी बरते जल्दबाजी में अनुमति दे रही है.
एनडीटीवी इंडिया की ओर से भेजे गए सवालों के जवाब में सरकार ने कहा है, "जीएम सरसों को हरी झंडी देने वाली कमेटी में सभी विशेषज्ञ वैज्ञानिक हैं. कमेटी में एक हेल्थ एक्सपर्ट और डॉक्टर भी. सब कमेटी ने सभी आंकड़ों और तथ्यों के आधार पर सुनिश्चित किया है कि जीएम सरसों को लेकर सभी जरूरी टेस्ट किए गए हैं."
कविता कुरुगंटी के मुताबिक जैव विज्ञानियों ने खुद यह माना है कि जीएम सरसों की इस किस्म पर खरपतवार नाशक का कोई असर नहीं होगा. यानी यह फसल हर्बीसाइड टॉलरेंट होगी. इससे यह खतरा है कि किसान अधिक रसायनों का इस्तेमाल करने लगेंगे जो आपकी सेहत के लिए घातक होगा. टिप्पणियां
जीएम सरसों अगर खेतों में उगाया गया तो यह पहली जैनेटिकली मॉडिफाइड खाद्य फसल होगी. बीटी कॉटन को हमारे देश में कई सालों से जरूर उगाया जाता रहा है लेकिन वह खाद्य फसल नहीं है. ध्यान देने की बात है कि जीएम फूड के तहत आने वाले बीटी बैंगन को उगाने की अनुमति 2010 में मिल गई थी लेकिन तब सवालों के मद्देनजर तत्कालीन पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने उस पर रोक लगा दी थी. जीएम का विरोध कर रहे एक्टिविस्ट कह रहे हैं कि बीटी बैंगन पर अधिक कड़े प्रयोग किए गए थे पर एहतियात के तौर पर उसे रोका गया लेकिन जीएम सरसों को अनुमति क्यों दी जा रही है.
दुनिया के केवल चार देशों में ही जीएम सरसों को उगाने की अनुमति है जिसमें अमेरिका, कनाडा. ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं. जीएम सरसों के समर्थकों और वैज्ञानिकों का तर्क है कि कनाडा से पहले ही जीएम सरसों का तेल आयात हो रहा है. इसलिए जीएम फूड का डर फैलाना बेवजह का हौव्वा है. अब देखना यह है कि क्या सरकार जीजीएम सरसों को अक्टूबर में खेतों में उगाने के लिए अनुमति देगी और अगर हां तो क्या इससे वही क्रांति आएगी जिसका दावा किया जा रहा है.
दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में किसान स्वराज गठबंधन की संयोजक कविता कुरुगंटी ने कहा कि जिस कमेटी ने अगस्त में जीएम सरसों को हरी झंडी दी उसके सात में से चार सदस्यों का वास्ता जीएम फूड के डेवलपमेंट से है. यह सदस्य किसी न किसी रूप में जीएम फूड संवर्धन से जुड़े हैं. कविता के मुताबिक सरकार जीएम सरसों को बिना पूरी सावधानी बरते जल्दबाजी में अनुमति दे रही है.
एनडीटीवी इंडिया की ओर से भेजे गए सवालों के जवाब में सरकार ने कहा है, "जीएम सरसों को हरी झंडी देने वाली कमेटी में सभी विशेषज्ञ वैज्ञानिक हैं. कमेटी में एक हेल्थ एक्सपर्ट और डॉक्टर भी. सब कमेटी ने सभी आंकड़ों और तथ्यों के आधार पर सुनिश्चित किया है कि जीएम सरसों को लेकर सभी जरूरी टेस्ट किए गए हैं."
कविता कुरुगंटी के मुताबिक जैव विज्ञानियों ने खुद यह माना है कि जीएम सरसों की इस किस्म पर खरपतवार नाशक का कोई असर नहीं होगा. यानी यह फसल हर्बीसाइड टॉलरेंट होगी. इससे यह खतरा है कि किसान अधिक रसायनों का इस्तेमाल करने लगेंगे जो आपकी सेहत के लिए घातक होगा. टिप्पणियां
जीएम सरसों अगर खेतों में उगाया गया तो यह पहली जैनेटिकली मॉडिफाइड खाद्य फसल होगी. बीटी कॉटन को हमारे देश में कई सालों से जरूर उगाया जाता रहा है लेकिन वह खाद्य फसल नहीं है. ध्यान देने की बात है कि जीएम फूड के तहत आने वाले बीटी बैंगन को उगाने की अनुमति 2010 में मिल गई थी लेकिन तब सवालों के मद्देनजर तत्कालीन पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने उस पर रोक लगा दी थी. जीएम का विरोध कर रहे एक्टिविस्ट कह रहे हैं कि बीटी बैंगन पर अधिक कड़े प्रयोग किए गए थे पर एहतियात के तौर पर उसे रोका गया लेकिन जीएम सरसों को अनुमति क्यों दी जा रही है.
दुनिया के केवल चार देशों में ही जीएम सरसों को उगाने की अनुमति है जिसमें अमेरिका, कनाडा. ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं. जीएम सरसों के समर्थकों और वैज्ञानिकों का तर्क है कि कनाडा से पहले ही जीएम सरसों का तेल आयात हो रहा है. इसलिए जीएम फूड का डर फैलाना बेवजह का हौव्वा है. अब देखना यह है कि क्या सरकार जीजीएम सरसों को अक्टूबर में खेतों में उगाने के लिए अनुमति देगी और अगर हां तो क्या इससे वही क्रांति आएगी जिसका दावा किया जा रहा है.
एनडीटीवी इंडिया की ओर से भेजे गए सवालों के जवाब में सरकार ने कहा है, "जीएम सरसों को हरी झंडी देने वाली कमेटी में सभी विशेषज्ञ वैज्ञानिक हैं. कमेटी में एक हेल्थ एक्सपर्ट और डॉक्टर भी. सब कमेटी ने सभी आंकड़ों और तथ्यों के आधार पर सुनिश्चित किया है कि जीएम सरसों को लेकर सभी जरूरी टेस्ट किए गए हैं."
कविता कुरुगंटी के मुताबिक जैव विज्ञानियों ने खुद यह माना है कि जीएम सरसों की इस किस्म पर खरपतवार नाशक का कोई असर नहीं होगा. यानी यह फसल हर्बीसाइड टॉलरेंट होगी. इससे यह खतरा है कि किसान अधिक रसायनों का इस्तेमाल करने लगेंगे जो आपकी सेहत के लिए घातक होगा. टिप्पणियां
जीएम सरसों अगर खेतों में उगाया गया तो यह पहली जैनेटिकली मॉडिफाइड खाद्य फसल होगी. बीटी कॉटन को हमारे देश में कई सालों से जरूर उगाया जाता रहा है लेकिन वह खाद्य फसल नहीं है. ध्यान देने की बात है कि जीएम फूड के तहत आने वाले बीटी बैंगन को उगाने की अनुमति 2010 में मिल गई थी लेकिन तब सवालों के मद्देनजर तत्कालीन पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने उस पर रोक लगा दी थी. जीएम का विरोध कर रहे एक्टिविस्ट कह रहे हैं कि बीटी बैंगन पर अधिक कड़े प्रयोग किए गए थे पर एहतियात के तौर पर उसे रोका गया लेकिन जीएम सरसों को अनुमति क्यों दी जा रही है.
दुनिया के केवल चार देशों में ही जीएम सरसों को उगाने की अनुमति है जिसमें अमेरिका, कनाडा. ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं. जीएम सरसों के समर्थकों और वैज्ञानिकों का तर्क है कि कनाडा से पहले ही जीएम सरसों का तेल आयात हो रहा है. इसलिए जीएम फूड का डर फैलाना बेवजह का हौव्वा है. अब देखना यह है कि क्या सरकार जीजीएम सरसों को अक्टूबर में खेतों में उगाने के लिए अनुमति देगी और अगर हां तो क्या इससे वही क्रांति आएगी जिसका दावा किया जा रहा है.
कविता कुरुगंटी के मुताबिक जैव विज्ञानियों ने खुद यह माना है कि जीएम सरसों की इस किस्म पर खरपतवार नाशक का कोई असर नहीं होगा. यानी यह फसल हर्बीसाइड टॉलरेंट होगी. इससे यह खतरा है कि किसान अधिक रसायनों का इस्तेमाल करने लगेंगे जो आपकी सेहत के लिए घातक होगा. टिप्पणियां
जीएम सरसों अगर खेतों में उगाया गया तो यह पहली जैनेटिकली मॉडिफाइड खाद्य फसल होगी. बीटी कॉटन को हमारे देश में कई सालों से जरूर उगाया जाता रहा है लेकिन वह खाद्य फसल नहीं है. ध्यान देने की बात है कि जीएम फूड के तहत आने वाले बीटी बैंगन को उगाने की अनुमति 2010 में मिल गई थी लेकिन तब सवालों के मद्देनजर तत्कालीन पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने उस पर रोक लगा दी थी. जीएम का विरोध कर रहे एक्टिविस्ट कह रहे हैं कि बीटी बैंगन पर अधिक कड़े प्रयोग किए गए थे पर एहतियात के तौर पर उसे रोका गया लेकिन जीएम सरसों को अनुमति क्यों दी जा रही है.
दुनिया के केवल चार देशों में ही जीएम सरसों को उगाने की अनुमति है जिसमें अमेरिका, कनाडा. ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं. जीएम सरसों के समर्थकों और वैज्ञानिकों का तर्क है कि कनाडा से पहले ही जीएम सरसों का तेल आयात हो रहा है. इसलिए जीएम फूड का डर फैलाना बेवजह का हौव्वा है. अब देखना यह है कि क्या सरकार जीजीएम सरसों को अक्टूबर में खेतों में उगाने के लिए अनुमति देगी और अगर हां तो क्या इससे वही क्रांति आएगी जिसका दावा किया जा रहा है.
जीएम सरसों अगर खेतों में उगाया गया तो यह पहली जैनेटिकली मॉडिफाइड खाद्य फसल होगी. बीटी कॉटन को हमारे देश में कई सालों से जरूर उगाया जाता रहा है लेकिन वह खाद्य फसल नहीं है. ध्यान देने की बात है कि जीएम फूड के तहत आने वाले बीटी बैंगन को उगाने की अनुमति 2010 में मिल गई थी लेकिन तब सवालों के मद्देनजर तत्कालीन पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने उस पर रोक लगा दी थी. जीएम का विरोध कर रहे एक्टिविस्ट कह रहे हैं कि बीटी बैंगन पर अधिक कड़े प्रयोग किए गए थे पर एहतियात के तौर पर उसे रोका गया लेकिन जीएम सरसों को अनुमति क्यों दी जा रही है.
दुनिया के केवल चार देशों में ही जीएम सरसों को उगाने की अनुमति है जिसमें अमेरिका, कनाडा. ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं. जीएम सरसों के समर्थकों और वैज्ञानिकों का तर्क है कि कनाडा से पहले ही जीएम सरसों का तेल आयात हो रहा है. इसलिए जीएम फूड का डर फैलाना बेवजह का हौव्वा है. अब देखना यह है कि क्या सरकार जीजीएम सरसों को अक्टूबर में खेतों में उगाने के लिए अनुमति देगी और अगर हां तो क्या इससे वही क्रांति आएगी जिसका दावा किया जा रहा है.
दुनिया के केवल चार देशों में ही जीएम सरसों को उगाने की अनुमति है जिसमें अमेरिका, कनाडा. ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं. जीएम सरसों के समर्थकों और वैज्ञानिकों का तर्क है कि कनाडा से पहले ही जीएम सरसों का तेल आयात हो रहा है. इसलिए जीएम फूड का डर फैलाना बेवजह का हौव्वा है. अब देखना यह है कि क्या सरकार जीजीएम सरसों को अक्टूबर में खेतों में उगाने के लिए अनुमति देगी और अगर हां तो क्या इससे वही क्रांति आएगी जिसका दावा किया जा रहा है. | जैनेटिकली मॉडिफाइड बीजों से होगा उत्पादन
सेहत पर होने वाले असर को लेकर संदेह
पर्यावरण और जैव विविधता पर प्रभाव को लेकर भी सवाल | 34 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली सीएम और आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल सोमवार को आम आदमी पार्टी से निलंबित विधायक अमानतुल्लाह के घर ईद की मुबारकबाद देने गए.टिप्पणियां
अमानतुल्लाह खान पार्टी के ओखला के वही विधायक हैं जिन्होंने कुमार विश्वास पर बीजेपी एजेंट होने का आरोप लगाया था. इस पर पार्टी ने उन्हें निलंबित कर दिया था. अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या केजरीवाल इस मुलाकात से कुमार विश्वास को कोई संदेश देना चाह रहे हैं?
आपको बता दें कि अप्रैल के अंतिम दिनों में पार्टी विधायक अमानतुल्लाह खान ने कुमार विश्वास पर बीजेपी का एजेंट होने और पार्टी तोड़ने का आरोप लगाया था. इसके बाद कुमार विश्वास की मांग पर उनको पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया गया था. लेकिन जिस दिन निलंबन हुआ उसी दिन दिल्ली के डिप्टी सीएम और पार्टी के दूसरे सबसे बड़े नेता मनीष सिसोदिया अमानतुल्लाह के घर गए थे. बाद में अमानतुल्लाह को दिल्ली विधानसभा की अलग-अलग समितियों में तरजीह दी गई.
अमानतुल्लाह खान पार्टी के ओखला के वही विधायक हैं जिन्होंने कुमार विश्वास पर बीजेपी एजेंट होने का आरोप लगाया था. इस पर पार्टी ने उन्हें निलंबित कर दिया था. अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या केजरीवाल इस मुलाकात से कुमार विश्वास को कोई संदेश देना चाह रहे हैं?
आपको बता दें कि अप्रैल के अंतिम दिनों में पार्टी विधायक अमानतुल्लाह खान ने कुमार विश्वास पर बीजेपी का एजेंट होने और पार्टी तोड़ने का आरोप लगाया था. इसके बाद कुमार विश्वास की मांग पर उनको पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया गया था. लेकिन जिस दिन निलंबन हुआ उसी दिन दिल्ली के डिप्टी सीएम और पार्टी के दूसरे सबसे बड़े नेता मनीष सिसोदिया अमानतुल्लाह के घर गए थे. बाद में अमानतुल्लाह को दिल्ली विधानसभा की अलग-अलग समितियों में तरजीह दी गई.
आपको बता दें कि अप्रैल के अंतिम दिनों में पार्टी विधायक अमानतुल्लाह खान ने कुमार विश्वास पर बीजेपी का एजेंट होने और पार्टी तोड़ने का आरोप लगाया था. इसके बाद कुमार विश्वास की मांग पर उनको पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया गया था. लेकिन जिस दिन निलंबन हुआ उसी दिन दिल्ली के डिप्टी सीएम और पार्टी के दूसरे सबसे बड़े नेता मनीष सिसोदिया अमानतुल्लाह के घर गए थे. बाद में अमानतुल्लाह को दिल्ली विधानसभा की अलग-अलग समितियों में तरजीह दी गई. | यहाँ एक सारांश है:अमानतुल्लाह खान ने कुमार विश्वास पर बीजेपी का एजेंट होने का आरोप लगाया था
कुमार विश्वास की मांग पर खान को पार्टी की सदस्यता से निलंबित कर दिया था
अमानतुल्लाह को दिल्ली विधानसभा की अलग-अलग समितियों में तरजीह दी गई | 12 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीयों के आत्महत्या करने की सबसे बड़ी वजहों में शादी से इतर पारिवारिक समस्याएं और बीमारी हैं. यहां शुक्रवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों से यह बात सामने आयी है. राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक 2015 के मुकाबले 2016 में राष्ट्रीय स्तर पर खुदकुशी की दर में कमी आई है. वर्ष 2015 में प्रति एक लाख आबादी पर आत्महत्या की दर 10.6 थी जो 2016 में घटकर 10.3 प्रति एक लाख आबादी पर आ गई है. हालांकि, राष्ट्रीय दर 10.3 के मुकाबले 2016 में शहरों में खुदकुशी की दर 13.0 दर्ज की गई.
‘भारत में हादसे से मौत एवं खुदकुशी' संबंधी वार्षिक रिपोर्ट में 36 राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेश और दस लाख से अधिक आबादी वाले 53 महानगरों के राज्य अपराध ब्यूरो एवं अपराध अन्वेषण विभाग की ओर दिए गए आंकड़ों को संकलित किया गया है. एनसीआरबी सभी आंकड़ों को एकत्र कर रिपोर्ट के रूप में संकलित करता है.
बयान में कहा गया, ‘‘एनसीआरबी सूचना के सत्यापन के लिए जिम्मेदार नहीं है और राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों की ओर से मुहैया कराए गए आंकड़ों को संकलित भर करता है.'' हादसे में होने वाली मौतों की दर में कोई बदलाव नहीं हुआ है, जो 2016 में प्रति एक लाख आबादी पर 32.8 रही. | सारांश: आत्महत्या करने की सबसे बड़ी वजहों में पारिवारिक समस्याएं और बीमारी
2016 में राष्ट्रीय स्तर पर खुदकुशी की दर में कमी आई
विवाह खुदकुशी की तीसरी सबसे बड़ी वजह | 31 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: दिल्ली में जनता द्वारा ऑड-ईवन नियम के उल्लंघन करने पर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है. हालांकि दिल्ली सरकार को ऑड-ईवन स्कीम के दौरान जुर्माने पर अंतिम निर्णय की सूचना देना बाकी है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि जिन प्रावधानों के तहत 2 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया था, उसे संशोधन के बाद 20 हजार रुपये कर दिया गया. ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के अधिकारी ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस से कहा, 'मोटर वाहन अधिनियम में ऑड-ईवन लागू होने के दौरान नियम उल्लंघन के लिए कोई अलग खंड नहीं है क्योंकि यह अवधारणा नई है.'
PM मोदी के विमान को अनुमति से इंकार पर भारत ने कहा- पाकिस्तान को अपनी गलतियों का अहसास होगा
अधिकारी ने कहा, 'पहले हमने 2 हजार रुपये का जुर्माना लगाया था. हमने इस नियम के उल्लंघन को अपराध की श्रेणी में माना था. हालांकि, संशोधन के बाद जुर्माने को बढ़ाकर 20 हजार रुपये कर दिया गया है.
हनी ट्रैप मामले के आरोपियों के तार बीजेपी और कांग्रेस से जुड़े, चंगुल में फंसे कई अफसर और नेता
अधिकारी ने कहा कि दिल्ली सरकार विवरण का अध्ययन कर रही है और जल्द ही ऑड-ईवन योजना से संबंधित सभी विवरण और जुर्माना जारी करेगी. | संक्षिप्त पाठ: ऑड-ईवन नियम तोड़ने पर लग सकता है 20 हजार का जुर्माना
जुर्माने पर सरकार के अंतिम निर्णय की सूचना देना बाकी
संशोधन के बाद जुर्माने को बढ़ाकर 2 हजार से 20 हजार किया गया | 27 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: इंग्लैंड के पूर्व कप्तान और मशहूर कमेंटेटर टोनी ग्रेग का कैंसर से जूझने के बाद निधन हो गया। वह 66 वर्ष के थे। उन्हें नाजुक हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होंने आखिरी सांस ली।
उन्हें इस साल अक्टूबर में फेफड़ों का कैंसर होने का पता चला था, जबकि मई से उनका दमे का इलाज चल रहा था। श्रीलंका में टी-20 विश्वकप के बाद उनका टेस्ट कराया गया था। 'सिडनी मार्निंग हेराल्ड' ने कहा, ऑस्ट्रेलिया लौटने के बाद उनके दाहिने फेफड़े से तरल पदार्थ निकाला गया। टेस्ट से पता चला कि उन्हें फेफडों का कैंसर था।टिप्पणियां
ग्रेग के बेटे मार्क ने अखबार को बताया कि उनके पिता का कैंसर चौथे चरण में पहुंच गया था। ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के बीच नवंबर में पहले टेस्ट की कमेंट्री के समय ग्रेग ने इस बीमारी का जिक्र किया था। उन्होंने कहा था, यह अच्छा नहीं है, लेकिन सच यही है कि मुझे फेफड़ों का कैंसर है। अब देखना यह है कि डॉक्टर क्या कर सकते हैं।
दक्षिण अफ्रीका के क्वींसटाउन में जन्मे ग्रेग स्कॉटिश अभिभावक होने के कारण इंग्लैंड के लिए खेल सके। उनके पिता स्कॉटलैंड के थे। उन्होंने 58 मैचों के टेस्ट करियर में 40.43 की औसत से 3599 रन बनाए और 141 विकेट लिए। इसके अलावा 22 वनडे में 269 रन बनाए और 19 विकेट चटकाए।
उन्हें इस साल अक्टूबर में फेफड़ों का कैंसर होने का पता चला था, जबकि मई से उनका दमे का इलाज चल रहा था। श्रीलंका में टी-20 विश्वकप के बाद उनका टेस्ट कराया गया था। 'सिडनी मार्निंग हेराल्ड' ने कहा, ऑस्ट्रेलिया लौटने के बाद उनके दाहिने फेफड़े से तरल पदार्थ निकाला गया। टेस्ट से पता चला कि उन्हें फेफडों का कैंसर था।टिप्पणियां
ग्रेग के बेटे मार्क ने अखबार को बताया कि उनके पिता का कैंसर चौथे चरण में पहुंच गया था। ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के बीच नवंबर में पहले टेस्ट की कमेंट्री के समय ग्रेग ने इस बीमारी का जिक्र किया था। उन्होंने कहा था, यह अच्छा नहीं है, लेकिन सच यही है कि मुझे फेफड़ों का कैंसर है। अब देखना यह है कि डॉक्टर क्या कर सकते हैं।
दक्षिण अफ्रीका के क्वींसटाउन में जन्मे ग्रेग स्कॉटिश अभिभावक होने के कारण इंग्लैंड के लिए खेल सके। उनके पिता स्कॉटलैंड के थे। उन्होंने 58 मैचों के टेस्ट करियर में 40.43 की औसत से 3599 रन बनाए और 141 विकेट लिए। इसके अलावा 22 वनडे में 269 रन बनाए और 19 विकेट चटकाए।
ग्रेग के बेटे मार्क ने अखबार को बताया कि उनके पिता का कैंसर चौथे चरण में पहुंच गया था। ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के बीच नवंबर में पहले टेस्ट की कमेंट्री के समय ग्रेग ने इस बीमारी का जिक्र किया था। उन्होंने कहा था, यह अच्छा नहीं है, लेकिन सच यही है कि मुझे फेफड़ों का कैंसर है। अब देखना यह है कि डॉक्टर क्या कर सकते हैं।
दक्षिण अफ्रीका के क्वींसटाउन में जन्मे ग्रेग स्कॉटिश अभिभावक होने के कारण इंग्लैंड के लिए खेल सके। उनके पिता स्कॉटलैंड के थे। उन्होंने 58 मैचों के टेस्ट करियर में 40.43 की औसत से 3599 रन बनाए और 141 विकेट लिए। इसके अलावा 22 वनडे में 269 रन बनाए और 19 विकेट चटकाए।
दक्षिण अफ्रीका के क्वींसटाउन में जन्मे ग्रेग स्कॉटिश अभिभावक होने के कारण इंग्लैंड के लिए खेल सके। उनके पिता स्कॉटलैंड के थे। उन्होंने 58 मैचों के टेस्ट करियर में 40.43 की औसत से 3599 रन बनाए और 141 विकेट लिए। इसके अलावा 22 वनडे में 269 रन बनाए और 19 विकेट चटकाए। | संक्षिप्त सारांश: इंग्लैंड के पूर्व कप्तान और मशहूर कमेंटेटर टोनी ग्रेग का 66 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्हें अक्टूबर में फेफड़ों का कैंसर होने का पता चला था, जबकि मई से दमे का इलाज चल रहा था। | 0 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: सूरजकुंड में जारी भाजपा की कार्यकारिणी की बैठक में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि रिटेल में एफडीआई के मुद्दे पर पार्टी को गांव के स्तर तक लोगों को जागरूक करना चाहिए। उनका कहना है कि हर चुनाव क्षेत्र में कम से कम 10 मीटिंग की जानी चाहिए और पूरे देश में लगभग पांच हजार मीटिंग करने की बात कही।टिप्पणियां
उन्होंने कहा कि व्यापारियों और किसानों को यह समझाना होगा कि रिटेल में एफडीआई से किस तरह से उनका सीधा नुकसान है। उन्होंने पार्टी नेताओं को जानकारी दी कि गुजरात ने 22 हजार किलोमीटर की गैस पाइपलाइन बिछा दी है जिससे आम नागरिकों को एलपीजी की सप्लाई की जा सकेगी और इस पर सरकारी खर्चा भी कम होगा। बावजूद इसके, मोदी का आरोप है कि केंद्र सरकार ने इस पूरी व्यवस्था को चालू नहीं होने दिया है।
गुजरात के सीएम का कहना है कि इस मुद्दे पर राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की है। उनका कहना है कि आखिर राज्य सरकार के इस कदम को केंद्र ने क्यों रोका यह लोगों को समझाना होगा। उनका दावा है कि इस प्रकार की योजनाओं से एलपीजी पर सब्सिडी का बोझ हमेशा के लिए कम हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि व्यापारियों और किसानों को यह समझाना होगा कि रिटेल में एफडीआई से किस तरह से उनका सीधा नुकसान है। उन्होंने पार्टी नेताओं को जानकारी दी कि गुजरात ने 22 हजार किलोमीटर की गैस पाइपलाइन बिछा दी है जिससे आम नागरिकों को एलपीजी की सप्लाई की जा सकेगी और इस पर सरकारी खर्चा भी कम होगा। बावजूद इसके, मोदी का आरोप है कि केंद्र सरकार ने इस पूरी व्यवस्था को चालू नहीं होने दिया है।
गुजरात के सीएम का कहना है कि इस मुद्दे पर राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की है। उनका कहना है कि आखिर राज्य सरकार के इस कदम को केंद्र ने क्यों रोका यह लोगों को समझाना होगा। उनका दावा है कि इस प्रकार की योजनाओं से एलपीजी पर सब्सिडी का बोझ हमेशा के लिए कम हो जाएगा।
गुजरात के सीएम का कहना है कि इस मुद्दे पर राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की है। उनका कहना है कि आखिर राज्य सरकार के इस कदम को केंद्र ने क्यों रोका यह लोगों को समझाना होगा। उनका दावा है कि इस प्रकार की योजनाओं से एलपीजी पर सब्सिडी का बोझ हमेशा के लिए कम हो जाएगा। | सारांश: सूरजकुंड में जारी भाजपा की कार्यकारिणी की बैठक में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि रिटेल में एफडीआई के मुद्दे पर पार्टी को गांव के स्तर तक लोगों को जागरूक करना चाहिए। | 5 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बता दें, राहुल गांधी ने राफेल डील को लेकर पहले भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बहस की चुनौती दी थी. राहुल ने बीते गुरुवार को राफेल मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 20 मिनट तक डिबेट करने की चुनौती दी थी. राहुल गांधी ने कहा थी कि मुझे पीएम के साथ बहस करने के लिए सिर्फ 20 मिनट का समय दें. राफेल पर आमने-सामने बहस करने दें. मगर उनमें हिम्मत नहीं है.
इसके बाद सोमवार को रक्षामंत्री ने लोकसभा में कहा कि 4 जनवरी को मेरे द्वारा हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड पर दिए गए एक बयान पर संशय उठाया जा रहा है. मैं साफ करना चाहती हूं कि साल 2014 से अब तक रक्षा मंत्रालय और एचएएल के बीच 26,570 करोड़ रुपए के ऑर्डर साइन हो चुके है. इसके अलावा 73 हजार करोड़ रुपए के आर्डर पाइपलाइन में हैं. इसमें 50 हजार करोड़ के 83 तेजस लड़ाकू विमान, 15 हल्के लड़ाकू हेलीकाप्टर, 20 हजार करोड के 200 कमोव हेलीकॉप्टर, 19 डोर्नियर विमान व एरो इंजन के आर्डर शामिल हैं. साथ ही रक्षामंत्री ने कहा कि इसको लेकर गलत तरीके से सवाल उठाए जा रहे है और दुष्प्रचार किया जा रहा है. | राहुल गांधी ने फिर दी पीएम मोदी को चुनौती
कहा- पीएम मेरे साथ केवल 15 मिनट कर लें बहस
रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण पर भी साधा निशाना | 6 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: तमाम राजनीतिक उठापटक, अटकलबाजी और सस्पेंस के बाद अंतत: यूपीए ने सरकार के ‘संकटमोचक’ प्रणब मुखर्जी के राष्ट्रपति भवन जाने का रास्ता तैयार कर दिया।
यूपीए घटक तृणमूल कांग्रेस के विरोध के बावजूद सपा, बसपा सहित यूपीए से बाहर के कुछ दलों के समर्थन से मुखर्जी की जीत लगभग पक्की समझी जा रही है। कांग्रेस और उनके सहयोगियों को लगता है कि न सिर्फ प्रणब मुखर्जी का अनुभव उन्हें राष्ट्रपति की रेस में सबसे आगे रखेगा, बल्कि उनकी इमेज ऐसी रही है कि विरोधी दलों को भी राजी कराने में ज्यादा मुश्किल पेश नहीं आएगी।
राष्ट्रपति पद के लिए अपनी उम्मीदवारी की घोषणा के बाद प्रणब मुखर्जी ने कहा कि वह बेहद सम्मानित महसूस कर रहे हैं। उम्मीदवारी की घोषणा के बाद पत्रकारों से बातचीत करने आए प्रणब दा ने हिन्दी बोलकर सबको चौंका दिया, क्योंकि उन्हें सार्वजनिक तौर पर हिन्दी बोलते हुए काफी कम देखा गया है।
प्रणब दा ने कहा कि अपने राजनीतिक जीवन में उन्हें अपनी पार्टी के अलावा सभी दलों के नेताओं का समर्थन मिलता रहा है और अब भी मैं उनसे समर्थन की उम्मीद करता हूं। साथ ही ममता बनर्जी के बारे में उन्होंने कहा कि वह उनकी बहन हैं और वह ममता से भी समर्थन की अपील करते हैं।
सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के भाई राम गोपाल यादव ने मुखर्जी के नाम के समर्थन का ऐलान करते हुए कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि प्रणव दा को अंतत: उम्मीदवार बनाया गया। पार्टी उनका समर्थन करती है और उनकी जीत की कामना करती है।
इसी तरह, बसपा प्रमुख मायावती ने भी मुखर्जी के नाम का समर्थन करते हुए लखनऊ में कहा कि वह सबसे योग्य उम्मीदवार हैं। उनकी पार्टी ने मुखर्जी के पक्ष में मतदान का फैसला किया है।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सभी राजनीतिक दलों से मुखर्जी के लिए समर्थन मांगा है। इससे पहले, शुक्रवार शाम को महीनों से चल रही सरगर्मियों को विराम देते हुए सत्ताधारी गठबंधन के नेताओं की प्रधानमंत्री आवास पर बैठक हुई और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने 77 वर्षीय मुखर्जी के नाम का प्रस्ताव किया। घटक दलों के नेताओं ने सर्वसम्मति से उनके नाम पर मुहर लगा दी। तृणमूल बैठक में शामिल नहीं हुई।
सोनिया ने कहा कि मुखर्जी का पांच दशक का सार्वजनिक जीवन का प्रतिष्ठित रिकार्ड रहा है। उनकी उम्मीदवारी को लेकर व्यापक सहमति है। संप्रग सभी राजनीतिक दलों और सभी सांसदों एवं विधायकों से अपील करती है कि वे मुखर्जी की राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवारी का समर्थन करें।
कल तक एपीजे अब्दुल कलाम का नाम आगे कर तृणमूल के सुर में सुर मिलाने वाले सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने ‘यू टर्न’ मारते हुए मुखर्जी के नाम का समर्थन कर दिया। उन्होंने कहा कि ममता के साथ उन्होंने जो नाम आगे किए थे, वे उनके सुझाव भर थे लेकिन सरकार ने उसे माना नहीं।टिप्पणियां
राष्ट्रपति पद चुनाव के लिए उम्मीदवार बनाए जाने के बाद सोनिया का आभार व्यक्त करते हुए प्रणब मुखर्जी ने कहा, ‘मैं काफी सम्मानित महसूस कर रहा हूं। मैं पूरी नम्रता से इसे स्वीकारता हूं।’ उन्होंने कहा कि हमने सभी दलों से समर्थन का आग्रह किया है।
इस सवाल पर कि अगला वित्त मंत्री कौन होगा, मुखर्जी ने कहा कि यह प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी तय करेंगे।
यूपीए घटक तृणमूल कांग्रेस के विरोध के बावजूद सपा, बसपा सहित यूपीए से बाहर के कुछ दलों के समर्थन से मुखर्जी की जीत लगभग पक्की समझी जा रही है। कांग्रेस और उनके सहयोगियों को लगता है कि न सिर्फ प्रणब मुखर्जी का अनुभव उन्हें राष्ट्रपति की रेस में सबसे आगे रखेगा, बल्कि उनकी इमेज ऐसी रही है कि विरोधी दलों को भी राजी कराने में ज्यादा मुश्किल पेश नहीं आएगी।
राष्ट्रपति पद के लिए अपनी उम्मीदवारी की घोषणा के बाद प्रणब मुखर्जी ने कहा कि वह बेहद सम्मानित महसूस कर रहे हैं। उम्मीदवारी की घोषणा के बाद पत्रकारों से बातचीत करने आए प्रणब दा ने हिन्दी बोलकर सबको चौंका दिया, क्योंकि उन्हें सार्वजनिक तौर पर हिन्दी बोलते हुए काफी कम देखा गया है।
प्रणब दा ने कहा कि अपने राजनीतिक जीवन में उन्हें अपनी पार्टी के अलावा सभी दलों के नेताओं का समर्थन मिलता रहा है और अब भी मैं उनसे समर्थन की उम्मीद करता हूं। साथ ही ममता बनर्जी के बारे में उन्होंने कहा कि वह उनकी बहन हैं और वह ममता से भी समर्थन की अपील करते हैं।
सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के भाई राम गोपाल यादव ने मुखर्जी के नाम के समर्थन का ऐलान करते हुए कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि प्रणव दा को अंतत: उम्मीदवार बनाया गया। पार्टी उनका समर्थन करती है और उनकी जीत की कामना करती है।
इसी तरह, बसपा प्रमुख मायावती ने भी मुखर्जी के नाम का समर्थन करते हुए लखनऊ में कहा कि वह सबसे योग्य उम्मीदवार हैं। उनकी पार्टी ने मुखर्जी के पक्ष में मतदान का फैसला किया है।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सभी राजनीतिक दलों से मुखर्जी के लिए समर्थन मांगा है। इससे पहले, शुक्रवार शाम को महीनों से चल रही सरगर्मियों को विराम देते हुए सत्ताधारी गठबंधन के नेताओं की प्रधानमंत्री आवास पर बैठक हुई और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने 77 वर्षीय मुखर्जी के नाम का प्रस्ताव किया। घटक दलों के नेताओं ने सर्वसम्मति से उनके नाम पर मुहर लगा दी। तृणमूल बैठक में शामिल नहीं हुई।
सोनिया ने कहा कि मुखर्जी का पांच दशक का सार्वजनिक जीवन का प्रतिष्ठित रिकार्ड रहा है। उनकी उम्मीदवारी को लेकर व्यापक सहमति है। संप्रग सभी राजनीतिक दलों और सभी सांसदों एवं विधायकों से अपील करती है कि वे मुखर्जी की राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवारी का समर्थन करें।
कल तक एपीजे अब्दुल कलाम का नाम आगे कर तृणमूल के सुर में सुर मिलाने वाले सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने ‘यू टर्न’ मारते हुए मुखर्जी के नाम का समर्थन कर दिया। उन्होंने कहा कि ममता के साथ उन्होंने जो नाम आगे किए थे, वे उनके सुझाव भर थे लेकिन सरकार ने उसे माना नहीं।टिप्पणियां
राष्ट्रपति पद चुनाव के लिए उम्मीदवार बनाए जाने के बाद सोनिया का आभार व्यक्त करते हुए प्रणब मुखर्जी ने कहा, ‘मैं काफी सम्मानित महसूस कर रहा हूं। मैं पूरी नम्रता से इसे स्वीकारता हूं।’ उन्होंने कहा कि हमने सभी दलों से समर्थन का आग्रह किया है।
इस सवाल पर कि अगला वित्त मंत्री कौन होगा, मुखर्जी ने कहा कि यह प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी तय करेंगे।
राष्ट्रपति पद के लिए अपनी उम्मीदवारी की घोषणा के बाद प्रणब मुखर्जी ने कहा कि वह बेहद सम्मानित महसूस कर रहे हैं। उम्मीदवारी की घोषणा के बाद पत्रकारों से बातचीत करने आए प्रणब दा ने हिन्दी बोलकर सबको चौंका दिया, क्योंकि उन्हें सार्वजनिक तौर पर हिन्दी बोलते हुए काफी कम देखा गया है।
प्रणब दा ने कहा कि अपने राजनीतिक जीवन में उन्हें अपनी पार्टी के अलावा सभी दलों के नेताओं का समर्थन मिलता रहा है और अब भी मैं उनसे समर्थन की उम्मीद करता हूं। साथ ही ममता बनर्जी के बारे में उन्होंने कहा कि वह उनकी बहन हैं और वह ममता से भी समर्थन की अपील करते हैं।
सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के भाई राम गोपाल यादव ने मुखर्जी के नाम के समर्थन का ऐलान करते हुए कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि प्रणव दा को अंतत: उम्मीदवार बनाया गया। पार्टी उनका समर्थन करती है और उनकी जीत की कामना करती है।
इसी तरह, बसपा प्रमुख मायावती ने भी मुखर्जी के नाम का समर्थन करते हुए लखनऊ में कहा कि वह सबसे योग्य उम्मीदवार हैं। उनकी पार्टी ने मुखर्जी के पक्ष में मतदान का फैसला किया है।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सभी राजनीतिक दलों से मुखर्जी के लिए समर्थन मांगा है। इससे पहले, शुक्रवार शाम को महीनों से चल रही सरगर्मियों को विराम देते हुए सत्ताधारी गठबंधन के नेताओं की प्रधानमंत्री आवास पर बैठक हुई और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने 77 वर्षीय मुखर्जी के नाम का प्रस्ताव किया। घटक दलों के नेताओं ने सर्वसम्मति से उनके नाम पर मुहर लगा दी। तृणमूल बैठक में शामिल नहीं हुई।
सोनिया ने कहा कि मुखर्जी का पांच दशक का सार्वजनिक जीवन का प्रतिष्ठित रिकार्ड रहा है। उनकी उम्मीदवारी को लेकर व्यापक सहमति है। संप्रग सभी राजनीतिक दलों और सभी सांसदों एवं विधायकों से अपील करती है कि वे मुखर्जी की राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवारी का समर्थन करें।
कल तक एपीजे अब्दुल कलाम का नाम आगे कर तृणमूल के सुर में सुर मिलाने वाले सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने ‘यू टर्न’ मारते हुए मुखर्जी के नाम का समर्थन कर दिया। उन्होंने कहा कि ममता के साथ उन्होंने जो नाम आगे किए थे, वे उनके सुझाव भर थे लेकिन सरकार ने उसे माना नहीं।टिप्पणियां
राष्ट्रपति पद चुनाव के लिए उम्मीदवार बनाए जाने के बाद सोनिया का आभार व्यक्त करते हुए प्रणब मुखर्जी ने कहा, ‘मैं काफी सम्मानित महसूस कर रहा हूं। मैं पूरी नम्रता से इसे स्वीकारता हूं।’ उन्होंने कहा कि हमने सभी दलों से समर्थन का आग्रह किया है।
इस सवाल पर कि अगला वित्त मंत्री कौन होगा, मुखर्जी ने कहा कि यह प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी तय करेंगे।
प्रणब दा ने कहा कि अपने राजनीतिक जीवन में उन्हें अपनी पार्टी के अलावा सभी दलों के नेताओं का समर्थन मिलता रहा है और अब भी मैं उनसे समर्थन की उम्मीद करता हूं। साथ ही ममता बनर्जी के बारे में उन्होंने कहा कि वह उनकी बहन हैं और वह ममता से भी समर्थन की अपील करते हैं।
सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के भाई राम गोपाल यादव ने मुखर्जी के नाम के समर्थन का ऐलान करते हुए कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि प्रणव दा को अंतत: उम्मीदवार बनाया गया। पार्टी उनका समर्थन करती है और उनकी जीत की कामना करती है।
इसी तरह, बसपा प्रमुख मायावती ने भी मुखर्जी के नाम का समर्थन करते हुए लखनऊ में कहा कि वह सबसे योग्य उम्मीदवार हैं। उनकी पार्टी ने मुखर्जी के पक्ष में मतदान का फैसला किया है।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सभी राजनीतिक दलों से मुखर्जी के लिए समर्थन मांगा है। इससे पहले, शुक्रवार शाम को महीनों से चल रही सरगर्मियों को विराम देते हुए सत्ताधारी गठबंधन के नेताओं की प्रधानमंत्री आवास पर बैठक हुई और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने 77 वर्षीय मुखर्जी के नाम का प्रस्ताव किया। घटक दलों के नेताओं ने सर्वसम्मति से उनके नाम पर मुहर लगा दी। तृणमूल बैठक में शामिल नहीं हुई।
सोनिया ने कहा कि मुखर्जी का पांच दशक का सार्वजनिक जीवन का प्रतिष्ठित रिकार्ड रहा है। उनकी उम्मीदवारी को लेकर व्यापक सहमति है। संप्रग सभी राजनीतिक दलों और सभी सांसदों एवं विधायकों से अपील करती है कि वे मुखर्जी की राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवारी का समर्थन करें।
कल तक एपीजे अब्दुल कलाम का नाम आगे कर तृणमूल के सुर में सुर मिलाने वाले सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने ‘यू टर्न’ मारते हुए मुखर्जी के नाम का समर्थन कर दिया। उन्होंने कहा कि ममता के साथ उन्होंने जो नाम आगे किए थे, वे उनके सुझाव भर थे लेकिन सरकार ने उसे माना नहीं।टिप्पणियां
राष्ट्रपति पद चुनाव के लिए उम्मीदवार बनाए जाने के बाद सोनिया का आभार व्यक्त करते हुए प्रणब मुखर्जी ने कहा, ‘मैं काफी सम्मानित महसूस कर रहा हूं। मैं पूरी नम्रता से इसे स्वीकारता हूं।’ उन्होंने कहा कि हमने सभी दलों से समर्थन का आग्रह किया है।
इस सवाल पर कि अगला वित्त मंत्री कौन होगा, मुखर्जी ने कहा कि यह प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी तय करेंगे।
सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के भाई राम गोपाल यादव ने मुखर्जी के नाम के समर्थन का ऐलान करते हुए कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि प्रणव दा को अंतत: उम्मीदवार बनाया गया। पार्टी उनका समर्थन करती है और उनकी जीत की कामना करती है।
इसी तरह, बसपा प्रमुख मायावती ने भी मुखर्जी के नाम का समर्थन करते हुए लखनऊ में कहा कि वह सबसे योग्य उम्मीदवार हैं। उनकी पार्टी ने मुखर्जी के पक्ष में मतदान का फैसला किया है।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सभी राजनीतिक दलों से मुखर्जी के लिए समर्थन मांगा है। इससे पहले, शुक्रवार शाम को महीनों से चल रही सरगर्मियों को विराम देते हुए सत्ताधारी गठबंधन के नेताओं की प्रधानमंत्री आवास पर बैठक हुई और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने 77 वर्षीय मुखर्जी के नाम का प्रस्ताव किया। घटक दलों के नेताओं ने सर्वसम्मति से उनके नाम पर मुहर लगा दी। तृणमूल बैठक में शामिल नहीं हुई।
सोनिया ने कहा कि मुखर्जी का पांच दशक का सार्वजनिक जीवन का प्रतिष्ठित रिकार्ड रहा है। उनकी उम्मीदवारी को लेकर व्यापक सहमति है। संप्रग सभी राजनीतिक दलों और सभी सांसदों एवं विधायकों से अपील करती है कि वे मुखर्जी की राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवारी का समर्थन करें।
कल तक एपीजे अब्दुल कलाम का नाम आगे कर तृणमूल के सुर में सुर मिलाने वाले सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने ‘यू टर्न’ मारते हुए मुखर्जी के नाम का समर्थन कर दिया। उन्होंने कहा कि ममता के साथ उन्होंने जो नाम आगे किए थे, वे उनके सुझाव भर थे लेकिन सरकार ने उसे माना नहीं।टिप्पणियां
राष्ट्रपति पद चुनाव के लिए उम्मीदवार बनाए जाने के बाद सोनिया का आभार व्यक्त करते हुए प्रणब मुखर्जी ने कहा, ‘मैं काफी सम्मानित महसूस कर रहा हूं। मैं पूरी नम्रता से इसे स्वीकारता हूं।’ उन्होंने कहा कि हमने सभी दलों से समर्थन का आग्रह किया है।
इस सवाल पर कि अगला वित्त मंत्री कौन होगा, मुखर्जी ने कहा कि यह प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी तय करेंगे।
इसी तरह, बसपा प्रमुख मायावती ने भी मुखर्जी के नाम का समर्थन करते हुए लखनऊ में कहा कि वह सबसे योग्य उम्मीदवार हैं। उनकी पार्टी ने मुखर्जी के पक्ष में मतदान का फैसला किया है।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सभी राजनीतिक दलों से मुखर्जी के लिए समर्थन मांगा है। इससे पहले, शुक्रवार शाम को महीनों से चल रही सरगर्मियों को विराम देते हुए सत्ताधारी गठबंधन के नेताओं की प्रधानमंत्री आवास पर बैठक हुई और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने 77 वर्षीय मुखर्जी के नाम का प्रस्ताव किया। घटक दलों के नेताओं ने सर्वसम्मति से उनके नाम पर मुहर लगा दी। तृणमूल बैठक में शामिल नहीं हुई।
सोनिया ने कहा कि मुखर्जी का पांच दशक का सार्वजनिक जीवन का प्रतिष्ठित रिकार्ड रहा है। उनकी उम्मीदवारी को लेकर व्यापक सहमति है। संप्रग सभी राजनीतिक दलों और सभी सांसदों एवं विधायकों से अपील करती है कि वे मुखर्जी की राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवारी का समर्थन करें।
कल तक एपीजे अब्दुल कलाम का नाम आगे कर तृणमूल के सुर में सुर मिलाने वाले सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने ‘यू टर्न’ मारते हुए मुखर्जी के नाम का समर्थन कर दिया। उन्होंने कहा कि ममता के साथ उन्होंने जो नाम आगे किए थे, वे उनके सुझाव भर थे लेकिन सरकार ने उसे माना नहीं।टिप्पणियां
राष्ट्रपति पद चुनाव के लिए उम्मीदवार बनाए जाने के बाद सोनिया का आभार व्यक्त करते हुए प्रणब मुखर्जी ने कहा, ‘मैं काफी सम्मानित महसूस कर रहा हूं। मैं पूरी नम्रता से इसे स्वीकारता हूं।’ उन्होंने कहा कि हमने सभी दलों से समर्थन का आग्रह किया है।
इस सवाल पर कि अगला वित्त मंत्री कौन होगा, मुखर्जी ने कहा कि यह प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी तय करेंगे।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सभी राजनीतिक दलों से मुखर्जी के लिए समर्थन मांगा है। इससे पहले, शुक्रवार शाम को महीनों से चल रही सरगर्मियों को विराम देते हुए सत्ताधारी गठबंधन के नेताओं की प्रधानमंत्री आवास पर बैठक हुई और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने 77 वर्षीय मुखर्जी के नाम का प्रस्ताव किया। घटक दलों के नेताओं ने सर्वसम्मति से उनके नाम पर मुहर लगा दी। तृणमूल बैठक में शामिल नहीं हुई।
सोनिया ने कहा कि मुखर्जी का पांच दशक का सार्वजनिक जीवन का प्रतिष्ठित रिकार्ड रहा है। उनकी उम्मीदवारी को लेकर व्यापक सहमति है। संप्रग सभी राजनीतिक दलों और सभी सांसदों एवं विधायकों से अपील करती है कि वे मुखर्जी की राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवारी का समर्थन करें।
कल तक एपीजे अब्दुल कलाम का नाम आगे कर तृणमूल के सुर में सुर मिलाने वाले सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने ‘यू टर्न’ मारते हुए मुखर्जी के नाम का समर्थन कर दिया। उन्होंने कहा कि ममता के साथ उन्होंने जो नाम आगे किए थे, वे उनके सुझाव भर थे लेकिन सरकार ने उसे माना नहीं।टिप्पणियां
राष्ट्रपति पद चुनाव के लिए उम्मीदवार बनाए जाने के बाद सोनिया का आभार व्यक्त करते हुए प्रणब मुखर्जी ने कहा, ‘मैं काफी सम्मानित महसूस कर रहा हूं। मैं पूरी नम्रता से इसे स्वीकारता हूं।’ उन्होंने कहा कि हमने सभी दलों से समर्थन का आग्रह किया है।
इस सवाल पर कि अगला वित्त मंत्री कौन होगा, मुखर्जी ने कहा कि यह प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी तय करेंगे।
सोनिया ने कहा कि मुखर्जी का पांच दशक का सार्वजनिक जीवन का प्रतिष्ठित रिकार्ड रहा है। उनकी उम्मीदवारी को लेकर व्यापक सहमति है। संप्रग सभी राजनीतिक दलों और सभी सांसदों एवं विधायकों से अपील करती है कि वे मुखर्जी की राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवारी का समर्थन करें।
कल तक एपीजे अब्दुल कलाम का नाम आगे कर तृणमूल के सुर में सुर मिलाने वाले सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने ‘यू टर्न’ मारते हुए मुखर्जी के नाम का समर्थन कर दिया। उन्होंने कहा कि ममता के साथ उन्होंने जो नाम आगे किए थे, वे उनके सुझाव भर थे लेकिन सरकार ने उसे माना नहीं।टिप्पणियां
राष्ट्रपति पद चुनाव के लिए उम्मीदवार बनाए जाने के बाद सोनिया का आभार व्यक्त करते हुए प्रणब मुखर्जी ने कहा, ‘मैं काफी सम्मानित महसूस कर रहा हूं। मैं पूरी नम्रता से इसे स्वीकारता हूं।’ उन्होंने कहा कि हमने सभी दलों से समर्थन का आग्रह किया है।
इस सवाल पर कि अगला वित्त मंत्री कौन होगा, मुखर्जी ने कहा कि यह प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी तय करेंगे।
कल तक एपीजे अब्दुल कलाम का नाम आगे कर तृणमूल के सुर में सुर मिलाने वाले सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने ‘यू टर्न’ मारते हुए मुखर्जी के नाम का समर्थन कर दिया। उन्होंने कहा कि ममता के साथ उन्होंने जो नाम आगे किए थे, वे उनके सुझाव भर थे लेकिन सरकार ने उसे माना नहीं।टिप्पणियां
राष्ट्रपति पद चुनाव के लिए उम्मीदवार बनाए जाने के बाद सोनिया का आभार व्यक्त करते हुए प्रणब मुखर्जी ने कहा, ‘मैं काफी सम्मानित महसूस कर रहा हूं। मैं पूरी नम्रता से इसे स्वीकारता हूं।’ उन्होंने कहा कि हमने सभी दलों से समर्थन का आग्रह किया है।
इस सवाल पर कि अगला वित्त मंत्री कौन होगा, मुखर्जी ने कहा कि यह प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी तय करेंगे।
राष्ट्रपति पद चुनाव के लिए उम्मीदवार बनाए जाने के बाद सोनिया का आभार व्यक्त करते हुए प्रणब मुखर्जी ने कहा, ‘मैं काफी सम्मानित महसूस कर रहा हूं। मैं पूरी नम्रता से इसे स्वीकारता हूं।’ उन्होंने कहा कि हमने सभी दलों से समर्थन का आग्रह किया है।
इस सवाल पर कि अगला वित्त मंत्री कौन होगा, मुखर्जी ने कहा कि यह प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी तय करेंगे।
इस सवाल पर कि अगला वित्त मंत्री कौन होगा, मुखर्जी ने कहा कि यह प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी तय करेंगे। | संक्षिप्त पाठ: कांग्रेस और सहयोगियों को लगता है कि न सिर्फ प्रणब का अनुभव उन्हें राष्ट्रपति की रेस में सबसे आगे रखेगा, बल्कि उनकी इमेज ऐसी रही है कि विरोधी दलों को भी राजी कराने में ज्यादा मुश्किल पेश नहीं आएगी। | 27 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: विश्व के तीसरी वरीयता प्राप्त सर्बिया के टेनिस खिलाड़ी नोवाक जोकोविक इस सप्ताह स्विट्जरलैंड के स्टार खिलाड़ी रोजर फेडरर को एटीपी रैंकिंग में पीछे छोड़ दूसरे स्थान पर काबिज हो सकते हैं। कैलिफोर्निया में खेले जा रहे बीएनपी परीबास ओपन टेनिस टूर्नामेंट में यदि जोकोविक इस खिताब को जीत लेते हैं तो वह रैंकिंग में फेडरर को पछाड़कर दूसरे स्थान पर काबिज हो जाएंगे। इसके अलावा यदि जोकोविक फाइनल में भी पहुंच जाते हैं और फेडरर खिताबी मुकाबले में पहुंचने से वंचित रह जाते हैं तो भी जोकोविक एटीपी रैंकिंग में दूसरे स्थान पर पहुंच जाएंगे। हाल ही में वर्ष के पहले ग्रैंड स्लैम ऑस्ट्रेलियन ओपन का खिताब जीतने वाले जोकोविक के 7,800 एटीपी अंक है जबकि फेडरर के 7,965 अंक है। जोकोविक के शानदार फॉर्म को देखकर कहा जा सकता है कि वह इस टूर्नामेंट में ऊंचे मनोबल के साथ उतरेंगे। जोकोविक ने लगातार 14 मुकाबले जीते हैं। | जोकोविक इस सप्ताह स्विट्जरलैंड के स्टार खिलाड़ी रोजर फेडरर को एटीपी रैंकिंग में पीछे छोड़ दूसरे स्थान पर काबिज हो सकते हैं। | 26 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: होंडा चौक से करीब दो किलोमीटर दूर राकेश राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या आठ की नालियों पर मिट्टी डाल रहे थे। पानी बड़ी तेजी से एनएच 8 के नाले से होंडा चौक की ओर जा रहा था। नेशनल अथॉरिटी ऑफ इंडिया के इंजीनियर आर बाबू को भी पानी रोकने में पसीने छूट रहे थे।
थोड़ी देर बाद वो आकर मुझे कहने लगे कि आप केवल पानी और जाम दिखा रहे हैं। समस्या कहां है और क्यों पैदा हुई आप लोगों के कैमरे वहां नहीं जाते हैं। इतना कहकर उन्होंने मेरा हाथ घसीटा और किसी पहाड़ी नदी की तरह बह रहे बादशाह नाले को दिखाया। नाले का ये पानी नजफगढ़ के बड़े ड्रेन में न जाकर होंडा चौक और शहर के निचले इलाके में जा रहा है। जिस तरह गंगा का उदगम गोमुख से हुआ है। उसी तरह गुड़गांव को तालाब में बदलने के लिए ये बादशाह पुर नाला जिम्मेदार है।
बादशाहपुर नाले एनएच 8 के नीचे से जाकर दूसरी तरफ बने अवैध निर्माणों में खो सा गया था। नेशनल हाईवे के दूसरी तरफ जाकर मैने देखा कि नाले का दूसरा सिरा उन अवैध निर्माणों में कहीं खो सा गया था। इसी बादशाहपुर नाले पर तमाम मकान बने थे, उनमें हजारों लोग रह रहे हैं। उन्हीं में से एक शख्श जीतेंद्र कुमार नाराज होते हुए बोले, हमारे गांव में घुटने तक पानी भरा है। लेकिन उसे दिखाने वाला कोई नहीं है। मैंने कहा कि नालों पर अवैध निर्माण जब कर लिया तो पानी तो भरेगा। टिप्पणियां
इसी तरह होंडा चौक पर साल भर से ज्यादा वक्त से फ्लाईओवर का काम रेंग रेंग कर चल रहा है। नतीजा होंडा चौक पर हुए ट्रैफिक जाम ने गुड़गांव की रफ्तार को रोक दिया। गुड़गांव के ट्रैफिक जाम की खबर देश और विदेश में सुर्खियां बटोरने के बाद अब सांप जाने के बाद लकीर पीटने का काम गुड़गांव पुलिस और नगर निगम कर रही है। यहां गड्ढों को आनन-फानन में पाटा जा रहा है और कई क्रेन सड़क के किनारे लगे कचरे को निकाल रहे हैं। शायद यही काम बारिश से पहले कर लेते तो बारिश मुसीबत बनकर गुड़गांव में नहीं आती।
अब हरियाणा के मुख्य सचिव डीएस ढेसी कहते हैं कि जल्द ही अब इस फ्लाईओवर का काम पूरा करवाया जाएगा। इसे पूरा होने में आठ महीने का वक्त लगेगा। लेकिन हर बात की जिम्मेदारी सरकार पर डालकर हम अपनी कोताही को छिपा लेते हैं। शायद हम लालची और नालों पर अवैध अतिक्रमण करने वाले न होते तो शहरों में जलभराव जैसी समस्या न होती।
थोड़ी देर बाद वो आकर मुझे कहने लगे कि आप केवल पानी और जाम दिखा रहे हैं। समस्या कहां है और क्यों पैदा हुई आप लोगों के कैमरे वहां नहीं जाते हैं। इतना कहकर उन्होंने मेरा हाथ घसीटा और किसी पहाड़ी नदी की तरह बह रहे बादशाह नाले को दिखाया। नाले का ये पानी नजफगढ़ के बड़े ड्रेन में न जाकर होंडा चौक और शहर के निचले इलाके में जा रहा है। जिस तरह गंगा का उदगम गोमुख से हुआ है। उसी तरह गुड़गांव को तालाब में बदलने के लिए ये बादशाह पुर नाला जिम्मेदार है।
बादशाहपुर नाले एनएच 8 के नीचे से जाकर दूसरी तरफ बने अवैध निर्माणों में खो सा गया था। नेशनल हाईवे के दूसरी तरफ जाकर मैने देखा कि नाले का दूसरा सिरा उन अवैध निर्माणों में कहीं खो सा गया था। इसी बादशाहपुर नाले पर तमाम मकान बने थे, उनमें हजारों लोग रह रहे हैं। उन्हीं में से एक शख्श जीतेंद्र कुमार नाराज होते हुए बोले, हमारे गांव में घुटने तक पानी भरा है। लेकिन उसे दिखाने वाला कोई नहीं है। मैंने कहा कि नालों पर अवैध निर्माण जब कर लिया तो पानी तो भरेगा। टिप्पणियां
इसी तरह होंडा चौक पर साल भर से ज्यादा वक्त से फ्लाईओवर का काम रेंग रेंग कर चल रहा है। नतीजा होंडा चौक पर हुए ट्रैफिक जाम ने गुड़गांव की रफ्तार को रोक दिया। गुड़गांव के ट्रैफिक जाम की खबर देश और विदेश में सुर्खियां बटोरने के बाद अब सांप जाने के बाद लकीर पीटने का काम गुड़गांव पुलिस और नगर निगम कर रही है। यहां गड्ढों को आनन-फानन में पाटा जा रहा है और कई क्रेन सड़क के किनारे लगे कचरे को निकाल रहे हैं। शायद यही काम बारिश से पहले कर लेते तो बारिश मुसीबत बनकर गुड़गांव में नहीं आती।
अब हरियाणा के मुख्य सचिव डीएस ढेसी कहते हैं कि जल्द ही अब इस फ्लाईओवर का काम पूरा करवाया जाएगा। इसे पूरा होने में आठ महीने का वक्त लगेगा। लेकिन हर बात की जिम्मेदारी सरकार पर डालकर हम अपनी कोताही को छिपा लेते हैं। शायद हम लालची और नालों पर अवैध अतिक्रमण करने वाले न होते तो शहरों में जलभराव जैसी समस्या न होती।
बादशाहपुर नाले एनएच 8 के नीचे से जाकर दूसरी तरफ बने अवैध निर्माणों में खो सा गया था। नेशनल हाईवे के दूसरी तरफ जाकर मैने देखा कि नाले का दूसरा सिरा उन अवैध निर्माणों में कहीं खो सा गया था। इसी बादशाहपुर नाले पर तमाम मकान बने थे, उनमें हजारों लोग रह रहे हैं। उन्हीं में से एक शख्श जीतेंद्र कुमार नाराज होते हुए बोले, हमारे गांव में घुटने तक पानी भरा है। लेकिन उसे दिखाने वाला कोई नहीं है। मैंने कहा कि नालों पर अवैध निर्माण जब कर लिया तो पानी तो भरेगा। टिप्पणियां
इसी तरह होंडा चौक पर साल भर से ज्यादा वक्त से फ्लाईओवर का काम रेंग रेंग कर चल रहा है। नतीजा होंडा चौक पर हुए ट्रैफिक जाम ने गुड़गांव की रफ्तार को रोक दिया। गुड़गांव के ट्रैफिक जाम की खबर देश और विदेश में सुर्खियां बटोरने के बाद अब सांप जाने के बाद लकीर पीटने का काम गुड़गांव पुलिस और नगर निगम कर रही है। यहां गड्ढों को आनन-फानन में पाटा जा रहा है और कई क्रेन सड़क के किनारे लगे कचरे को निकाल रहे हैं। शायद यही काम बारिश से पहले कर लेते तो बारिश मुसीबत बनकर गुड़गांव में नहीं आती।
अब हरियाणा के मुख्य सचिव डीएस ढेसी कहते हैं कि जल्द ही अब इस फ्लाईओवर का काम पूरा करवाया जाएगा। इसे पूरा होने में आठ महीने का वक्त लगेगा। लेकिन हर बात की जिम्मेदारी सरकार पर डालकर हम अपनी कोताही को छिपा लेते हैं। शायद हम लालची और नालों पर अवैध अतिक्रमण करने वाले न होते तो शहरों में जलभराव जैसी समस्या न होती।
इसी तरह होंडा चौक पर साल भर से ज्यादा वक्त से फ्लाईओवर का काम रेंग रेंग कर चल रहा है। नतीजा होंडा चौक पर हुए ट्रैफिक जाम ने गुड़गांव की रफ्तार को रोक दिया। गुड़गांव के ट्रैफिक जाम की खबर देश और विदेश में सुर्खियां बटोरने के बाद अब सांप जाने के बाद लकीर पीटने का काम गुड़गांव पुलिस और नगर निगम कर रही है। यहां गड्ढों को आनन-फानन में पाटा जा रहा है और कई क्रेन सड़क के किनारे लगे कचरे को निकाल रहे हैं। शायद यही काम बारिश से पहले कर लेते तो बारिश मुसीबत बनकर गुड़गांव में नहीं आती।
अब हरियाणा के मुख्य सचिव डीएस ढेसी कहते हैं कि जल्द ही अब इस फ्लाईओवर का काम पूरा करवाया जाएगा। इसे पूरा होने में आठ महीने का वक्त लगेगा। लेकिन हर बात की जिम्मेदारी सरकार पर डालकर हम अपनी कोताही को छिपा लेते हैं। शायद हम लालची और नालों पर अवैध अतिक्रमण करने वाले न होते तो शहरों में जलभराव जैसी समस्या न होती।
अब हरियाणा के मुख्य सचिव डीएस ढेसी कहते हैं कि जल्द ही अब इस फ्लाईओवर का काम पूरा करवाया जाएगा। इसे पूरा होने में आठ महीने का वक्त लगेगा। लेकिन हर बात की जिम्मेदारी सरकार पर डालकर हम अपनी कोताही को छिपा लेते हैं। शायद हम लालची और नालों पर अवैध अतिक्रमण करने वाले न होते तो शहरों में जलभराव जैसी समस्या न होती। | संक्षिप्त सारांश: गुड़गांव को तालाब में बदलने के लिए ये बादशाह पुर नाला जिम्मेदार है
बादशाहपुर नाले पर तमाम मकान बने हैं, उनमें हजारों लोग रह रहे हैं
बारिश से पहले गड्ढे भर लिए जाते तो बारिश मुसीबत बनकर नहीं आती | 29 | ['hin'] |
एक सारांश बनाओ: चीन में एक महिला अजीबो-गरीब हालात में फंस गई. दरअसल हुआ यह है कि उसका पैर टॉयलेट के गढ्ढे में जाकर फंस गया जिसकी वजह से वह 6 घंटे तक वहीं बैठी रही. उसको निकालने के लिए पहले तो घर वालों ने खूब कोशिश की लेकिन उसका पैर टस से मस नहीं हो पाया. बाथरूम में थोड़ी देर बाद लोगों को घुटन महसूस होने लगी और उस पीड़ित महिला की हालत खराब हो रही थी.
कोई रास्ता न देख प्रशासन से मदद मांगी गई. प्रशासन की टीम के लोगों ने भी घंटों की मशक्कत की फिर भी उसका पैर निकाला नहीं जा सका. आखिरकार टॉयलेट की सीट को तोड़ने का फैसला किया गया लेकिन इसमें डर इस बात का था कि पीड़ित के पैर में चोट आ सकती थी. लेकिन इसके सिवाए कोई और रास्ता न था और कई उपकरणों का इस्तेमाल कर सीट को तोड़ दिया गया. करीब 6 घंटे बाद महिला का पैर से गढ्ढे से निकाल लिया गया और उसको कई चोट भी नहीं आई है.टिप्पणियां
बताया जा रहा है कि महिला का पैर फिसल गया था जिसकी वजह से उसका पैर गढ्ढे में चला गया था. गनीमत इस बात की रही कि महिला को किसी तरह की चोट नहीं आई है.
कोई रास्ता न देख प्रशासन से मदद मांगी गई. प्रशासन की टीम के लोगों ने भी घंटों की मशक्कत की फिर भी उसका पैर निकाला नहीं जा सका. आखिरकार टॉयलेट की सीट को तोड़ने का फैसला किया गया लेकिन इसमें डर इस बात का था कि पीड़ित के पैर में चोट आ सकती थी. लेकिन इसके सिवाए कोई और रास्ता न था और कई उपकरणों का इस्तेमाल कर सीट को तोड़ दिया गया. करीब 6 घंटे बाद महिला का पैर से गढ्ढे से निकाल लिया गया और उसको कई चोट भी नहीं आई है.टिप्पणियां
बताया जा रहा है कि महिला का पैर फिसल गया था जिसकी वजह से उसका पैर गढ्ढे में चला गया था. गनीमत इस बात की रही कि महिला को किसी तरह की चोट नहीं आई है.
बताया जा रहा है कि महिला का पैर फिसल गया था जिसकी वजह से उसका पैर गढ्ढे में चला गया था. गनीमत इस बात की रही कि महिला को किसी तरह की चोट नहीं आई है.
बताया जा रहा है कि महिला का पैर फिसल गया था जिसकी वजह से उसका पैर गढ्ढे में चला गया था. गनीमत इस बात की रही कि महिला को किसी तरह की चोट नहीं आई है. | संक्षिप्त पाठ: पैर फिसलने से गढ्ढे में चला गया पैर
6 घंटे तक फंसी रही पीड़िता
प्रशासन की टीम ने की निकालने में मदद | 30 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: कप्तान वीरेंद्र सहवाग और डेविड वार्नर के दमदार अर्द्धशतकों की बदौलत दिल्ली डेयरडेविल्स ने इंडियन प्रीमियर लीग मैच में 29 रन की जीत के साथ किंग्स इलेवन पंजाब के विजयी अभियान पर रोक लगाते हुए दूसरी जीत दर्ज की। सहवाग (77) और वार्नर (77) के बीच पहले विकेट की रिकॉर्ड 146 रन की साझेदारी से डेयरडेविल्स ने चार विकेट पर 231 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया जिसके जवाब में किंग्स इलेवन टीम पंजाब शान मार्श (95) की जानदार पारी के बावजूद छह विकेट पर 202 रन ही बना सकी। मार्श ने 46 गेंद की अपनी पारी में नौ चौके और छह छक्के जड़े। सहवाग ने पंजाब की पारी के दौरान तीन कैच भी लपके। इससे पहले सहवाग ने सिर्फ 35 गेंद में आठ चौके और चार छक्के जड़े जबकि वार्नर ने 48 गेंद का सामना करते हुए सात चौके और चार छक्के मारे। इन दोनों की दमदार पारी की मदद से दिल्ली की टीम आईपीएल चार का अब तक का सबसे बड़ा स्कोर खड़ा करने में सफल रही। यह आईपीएल इतिहास का तीसरा सबसे बड़ा स्कोर भी है। दिल्ली की टीम की पांच मैचों में यह दूसरी जीत है जबकि जीत की हैट्रिक बनाकर यहां पहुंची किंग्स इलेवन की इतने ही मैचों में यह दूसरी हार है। लक्ष्य का पीछा करने उतरी पंजाब की टीम भाग्यशाली रही जब पारी की दूसरी ही गेंद पर विकेटकीपर नमन ओझा ने गिलक्रिस्ट का कैच छोड़ दिया। इस मौके पर दुर्भाग्यशाली गेंदबाज मोर्ने मोर्कल रहे। बेहतरीन फार्म में चल रहे पाल वलथाटी ने इरफान पठान पर लगातार दो छक्के जड़े लेकिन वह इसी गेंदबाज के अगले ओवर में शार्ट गेंद को पुल करने के प्रयास में प्वाइंट पर योगेश नागर को कैच दे बैठे। | संक्षिप्त पाठ: दिल्ली की टीम की पांच मैचों में यह दूसरी जीत है जबकि जीत की हैट्रिक बनाकर यहां पहुंची किंग्स इलेवन की इतने ही मैचों में यह दूसरी हार है। | 14 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्ववर्ती अखिलेश यादव सरकार की समाजवादी पेंशन योजना पर रोक लगा दी है और उस पर जांच बिठा दी है. जांच इस बात को लेकर होगी कि जिन्हें पेशन मिल रही है, वो इसके असली हकदार हैं या नहीं. जांच रिपोर्ट एक महीने में देनी होगी. समाजवादी पेंशन योजना की ब्रैंड एंबैसेडर अभिनेत्री विद्या बालन थीं और इसका काफी विज्ञापन किया गया था. योगी सरकार इसके अलावा कई जगहों पर अखिलेश सरकार द्वारा बनाए गए साइकिल ट्रैक भी तुड़वा सकती है. लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) महकमे के काम की समीक्षा के दौरान ये बात सामने आई कि कई जगहों पर साइकिल ट्रैक बनाने से सड़क बहुत संकरी हो गई है. सरकार ने कहा है कि जहां से सड़क में रुकावट बन रही है, वहां साइकिल ट्रैक तोड़े जा सकते हैं.
यूपी सरकार ने कहा है कि 15 जून तक 85,943 किलोमीटर सड़कों को युद्धस्तर पर दुरूस्त किया जाएगा. इसमें राष्ट्रीय राजमार्ग और प्रदेश राजमार्ग शामिल हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य पीडब्ल्यूडी विभाग को निर्देश दिया कि यदि मरम्मत की गई सड़कें मॉनसून में क्षतिग्रस्त पाई गईं, तो अधिकारियों को दंडित किया जाएगा. इसके अलावा प्रदेश के सारे विकास प्रधिकरण भी कैग के दायरे में ला दिए गए हैं. राज्य में 29 विकास प्राधिकरण हैं. कैबिनेट ने नेपाल सीमा से लगे सात जिलों के लिए सीमावर्ती क्षेत्र विकास कार्यक्रम को भी मंजूरी दी. प्रांतीय सिविल सेवा (पीसीएस) परीक्षा (2013 बैच) में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को छूट दी गई है. अब वे परीक्षा में दो बार बैठ सकते हैं.
योगी कैबिनेट की दूसरी बैठक में सरकार ने गांवों में 18 घंटे और जिला मुख्यालयों में 24 घंटे बिजली देने का वादा किया. सरकार ने 1 लाख टन आलू भी खरीदने का फैसला किया है और गन्ना किसानों के बकाये का जल्द भुगतान करने की भी बात कही है.टिप्पणियां
यूपी सरकार के प्रवक्ता और ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कैबिनेट की बैठक में लिए गए फैसले के बारे में बताया कि यह पहली गर्मी होगी जब गांवों में 18 घंटे, तहसील मुख्यालयों में 20 और जिला मुख्यालयों पर 24 घंटे बिजली आएगी. उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने भी ऐसे रोस्टर जारी किए थे. मगर यह रोस्टर मात्र किताबों तक या शक्ति भवन (विद्युत विभाग मुख्यालय) तक ही सीमित रहता था.
पिछली सरकार के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा बिजली आपूर्ति को लेकर हाल में किए गये ट्वीट का जिक्र करते हुए श्रीकांत शर्मा ने कहा, हमारा कहना है कि आपके (अखिलेश) आदेश मुख्यमंत्री आवास और वीआईपी इलाकों तक ही सीमित थे. जनता तक इनका क्रियान्वयन नहीं होता था. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने सुनिश्चित किया है कि इस सरकार की नजर में गांव में रहने वाले गरीब लोग वीआईपी हैं.'
यूपी सरकार ने कहा है कि 15 जून तक 85,943 किलोमीटर सड़कों को युद्धस्तर पर दुरूस्त किया जाएगा. इसमें राष्ट्रीय राजमार्ग और प्रदेश राजमार्ग शामिल हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य पीडब्ल्यूडी विभाग को निर्देश दिया कि यदि मरम्मत की गई सड़कें मॉनसून में क्षतिग्रस्त पाई गईं, तो अधिकारियों को दंडित किया जाएगा. इसके अलावा प्रदेश के सारे विकास प्रधिकरण भी कैग के दायरे में ला दिए गए हैं. राज्य में 29 विकास प्राधिकरण हैं. कैबिनेट ने नेपाल सीमा से लगे सात जिलों के लिए सीमावर्ती क्षेत्र विकास कार्यक्रम को भी मंजूरी दी. प्रांतीय सिविल सेवा (पीसीएस) परीक्षा (2013 बैच) में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को छूट दी गई है. अब वे परीक्षा में दो बार बैठ सकते हैं.
योगी कैबिनेट की दूसरी बैठक में सरकार ने गांवों में 18 घंटे और जिला मुख्यालयों में 24 घंटे बिजली देने का वादा किया. सरकार ने 1 लाख टन आलू भी खरीदने का फैसला किया है और गन्ना किसानों के बकाये का जल्द भुगतान करने की भी बात कही है.टिप्पणियां
यूपी सरकार के प्रवक्ता और ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कैबिनेट की बैठक में लिए गए फैसले के बारे में बताया कि यह पहली गर्मी होगी जब गांवों में 18 घंटे, तहसील मुख्यालयों में 20 और जिला मुख्यालयों पर 24 घंटे बिजली आएगी. उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने भी ऐसे रोस्टर जारी किए थे. मगर यह रोस्टर मात्र किताबों तक या शक्ति भवन (विद्युत विभाग मुख्यालय) तक ही सीमित रहता था.
पिछली सरकार के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा बिजली आपूर्ति को लेकर हाल में किए गये ट्वीट का जिक्र करते हुए श्रीकांत शर्मा ने कहा, हमारा कहना है कि आपके (अखिलेश) आदेश मुख्यमंत्री आवास और वीआईपी इलाकों तक ही सीमित थे. जनता तक इनका क्रियान्वयन नहीं होता था. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने सुनिश्चित किया है कि इस सरकार की नजर में गांव में रहने वाले गरीब लोग वीआईपी हैं.'
योगी कैबिनेट की दूसरी बैठक में सरकार ने गांवों में 18 घंटे और जिला मुख्यालयों में 24 घंटे बिजली देने का वादा किया. सरकार ने 1 लाख टन आलू भी खरीदने का फैसला किया है और गन्ना किसानों के बकाये का जल्द भुगतान करने की भी बात कही है.टिप्पणियां
यूपी सरकार के प्रवक्ता और ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कैबिनेट की बैठक में लिए गए फैसले के बारे में बताया कि यह पहली गर्मी होगी जब गांवों में 18 घंटे, तहसील मुख्यालयों में 20 और जिला मुख्यालयों पर 24 घंटे बिजली आएगी. उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने भी ऐसे रोस्टर जारी किए थे. मगर यह रोस्टर मात्र किताबों तक या शक्ति भवन (विद्युत विभाग मुख्यालय) तक ही सीमित रहता था.
पिछली सरकार के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा बिजली आपूर्ति को लेकर हाल में किए गये ट्वीट का जिक्र करते हुए श्रीकांत शर्मा ने कहा, हमारा कहना है कि आपके (अखिलेश) आदेश मुख्यमंत्री आवास और वीआईपी इलाकों तक ही सीमित थे. जनता तक इनका क्रियान्वयन नहीं होता था. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने सुनिश्चित किया है कि इस सरकार की नजर में गांव में रहने वाले गरीब लोग वीआईपी हैं.'
यूपी सरकार के प्रवक्ता और ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कैबिनेट की बैठक में लिए गए फैसले के बारे में बताया कि यह पहली गर्मी होगी जब गांवों में 18 घंटे, तहसील मुख्यालयों में 20 और जिला मुख्यालयों पर 24 घंटे बिजली आएगी. उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने भी ऐसे रोस्टर जारी किए थे. मगर यह रोस्टर मात्र किताबों तक या शक्ति भवन (विद्युत विभाग मुख्यालय) तक ही सीमित रहता था.
पिछली सरकार के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा बिजली आपूर्ति को लेकर हाल में किए गये ट्वीट का जिक्र करते हुए श्रीकांत शर्मा ने कहा, हमारा कहना है कि आपके (अखिलेश) आदेश मुख्यमंत्री आवास और वीआईपी इलाकों तक ही सीमित थे. जनता तक इनका क्रियान्वयन नहीं होता था. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने सुनिश्चित किया है कि इस सरकार की नजर में गांव में रहने वाले गरीब लोग वीआईपी हैं.'
पिछली सरकार के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा बिजली आपूर्ति को लेकर हाल में किए गये ट्वीट का जिक्र करते हुए श्रीकांत शर्मा ने कहा, हमारा कहना है कि आपके (अखिलेश) आदेश मुख्यमंत्री आवास और वीआईपी इलाकों तक ही सीमित थे. जनता तक इनका क्रियान्वयन नहीं होता था. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने सुनिश्चित किया है कि इस सरकार की नजर में गांव में रहने वाले गरीब लोग वीआईपी हैं.' | संक्षिप्त पाठ: पेंशन पाने वाले असली हकदार है या नहीं, इसकी होगी जांच
एक महीने में आ जाएगी जांच रिपोर्ट
कई जगहों पर अखिलेश के कार्यकाल में बने साइकिल ट्रैक भी तोड़े जा सकते हैं | 14 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की अध्यक्ष अरुंधती भट्टाचार्य ने कहा कि सहायक बैंकों के एसबीआई में विलय को लेकर कर्मचारियों को डरने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि इससे न तो किसी की नौकरी जाएगी और न ही किसी के वेतन में कटौती होगी.
अरुंधती ने शुक्रवार शाम कहा, 'इस प्रक्रिया में न तो किसी की नौकरी जाएगी और न ही किसी के वेतन में कटौती होगी. सिर्फ कुछ लोगों का स्थानांतरण हो सकता है. ऐसे में हड़ताल पर जाने का कोई कारण नहीं है. वे इसे लेकर सशंकित हैं.'
बैंक कर्मियों ने इस मुद्दे पर शुक्रवार को कामकाज ठप रखा. इस पर अरुंधती ने कहा कि पांच सहायक बैंकों और भारतीय महिला बैंक के एसबीआई में विलय की प्रक्रिया अगले वर्ष मार्च तक पूरी हो जाएगी. उन्होंने कहा, 'बैंकों के विलय की पूरी प्रक्रिया मौजूदा वित्त वर्ष के आखिर तक पूरी हो जाएगी.'
एसबीआई में बैंकों के विलय और आईडीबीआई के निजीकरण के विरोध में सरकारी और निजी बैंकों के लाखों कर्मचारियों ने शुक्रवार को देशव्यापी हड़ताल की थी. एसबीआई में यदि स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर, स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर, स्टेट बैंक ऑफ पटियाला, स्टेट बैंक ऑफ मैसूर और स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद का विलय हो जाता है तो एसबीआई 37 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति वाला एक वृहद प्रतिष्ठान बन जाएगा. टिप्पणियां
अरुंधती से जब पूछा गया कि केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा देश में सर्वाधिक ऋण मुहैया कराने वाली एसबीआई के पुनर्पूजीकरण के लिए निर्धारित 7,575 करोड़ रुपये की राशि पर्याप्त है तो उन्होंने कहा, 'हर तरह की पूंजी विकास, लाभप्रदता और प्रत्येक तिमाही पर परिवर्तित होने वाले जरूरी प्रावधानों पर निर्भर करता है. हमने वित्तीय सेवा विभाग से हमारी अपेक्षाओं के बारे में चर्चा की है.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अरुंधती ने शुक्रवार शाम कहा, 'इस प्रक्रिया में न तो किसी की नौकरी जाएगी और न ही किसी के वेतन में कटौती होगी. सिर्फ कुछ लोगों का स्थानांतरण हो सकता है. ऐसे में हड़ताल पर जाने का कोई कारण नहीं है. वे इसे लेकर सशंकित हैं.'
बैंक कर्मियों ने इस मुद्दे पर शुक्रवार को कामकाज ठप रखा. इस पर अरुंधती ने कहा कि पांच सहायक बैंकों और भारतीय महिला बैंक के एसबीआई में विलय की प्रक्रिया अगले वर्ष मार्च तक पूरी हो जाएगी. उन्होंने कहा, 'बैंकों के विलय की पूरी प्रक्रिया मौजूदा वित्त वर्ष के आखिर तक पूरी हो जाएगी.'
एसबीआई में बैंकों के विलय और आईडीबीआई के निजीकरण के विरोध में सरकारी और निजी बैंकों के लाखों कर्मचारियों ने शुक्रवार को देशव्यापी हड़ताल की थी. एसबीआई में यदि स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर, स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर, स्टेट बैंक ऑफ पटियाला, स्टेट बैंक ऑफ मैसूर और स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद का विलय हो जाता है तो एसबीआई 37 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति वाला एक वृहद प्रतिष्ठान बन जाएगा. टिप्पणियां
अरुंधती से जब पूछा गया कि केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा देश में सर्वाधिक ऋण मुहैया कराने वाली एसबीआई के पुनर्पूजीकरण के लिए निर्धारित 7,575 करोड़ रुपये की राशि पर्याप्त है तो उन्होंने कहा, 'हर तरह की पूंजी विकास, लाभप्रदता और प्रत्येक तिमाही पर परिवर्तित होने वाले जरूरी प्रावधानों पर निर्भर करता है. हमने वित्तीय सेवा विभाग से हमारी अपेक्षाओं के बारे में चर्चा की है.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
बैंक कर्मियों ने इस मुद्दे पर शुक्रवार को कामकाज ठप रखा. इस पर अरुंधती ने कहा कि पांच सहायक बैंकों और भारतीय महिला बैंक के एसबीआई में विलय की प्रक्रिया अगले वर्ष मार्च तक पूरी हो जाएगी. उन्होंने कहा, 'बैंकों के विलय की पूरी प्रक्रिया मौजूदा वित्त वर्ष के आखिर तक पूरी हो जाएगी.'
एसबीआई में बैंकों के विलय और आईडीबीआई के निजीकरण के विरोध में सरकारी और निजी बैंकों के लाखों कर्मचारियों ने शुक्रवार को देशव्यापी हड़ताल की थी. एसबीआई में यदि स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर, स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर, स्टेट बैंक ऑफ पटियाला, स्टेट बैंक ऑफ मैसूर और स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद का विलय हो जाता है तो एसबीआई 37 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति वाला एक वृहद प्रतिष्ठान बन जाएगा. टिप्पणियां
अरुंधती से जब पूछा गया कि केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा देश में सर्वाधिक ऋण मुहैया कराने वाली एसबीआई के पुनर्पूजीकरण के लिए निर्धारित 7,575 करोड़ रुपये की राशि पर्याप्त है तो उन्होंने कहा, 'हर तरह की पूंजी विकास, लाभप्रदता और प्रत्येक तिमाही पर परिवर्तित होने वाले जरूरी प्रावधानों पर निर्भर करता है. हमने वित्तीय सेवा विभाग से हमारी अपेक्षाओं के बारे में चर्चा की है.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
एसबीआई में बैंकों के विलय और आईडीबीआई के निजीकरण के विरोध में सरकारी और निजी बैंकों के लाखों कर्मचारियों ने शुक्रवार को देशव्यापी हड़ताल की थी. एसबीआई में यदि स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर, स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर, स्टेट बैंक ऑफ पटियाला, स्टेट बैंक ऑफ मैसूर और स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद का विलय हो जाता है तो एसबीआई 37 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति वाला एक वृहद प्रतिष्ठान बन जाएगा. टिप्पणियां
अरुंधती से जब पूछा गया कि केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा देश में सर्वाधिक ऋण मुहैया कराने वाली एसबीआई के पुनर्पूजीकरण के लिए निर्धारित 7,575 करोड़ रुपये की राशि पर्याप्त है तो उन्होंने कहा, 'हर तरह की पूंजी विकास, लाभप्रदता और प्रत्येक तिमाही पर परिवर्तित होने वाले जरूरी प्रावधानों पर निर्भर करता है. हमने वित्तीय सेवा विभाग से हमारी अपेक्षाओं के बारे में चर्चा की है.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अरुंधती से जब पूछा गया कि केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा देश में सर्वाधिक ऋण मुहैया कराने वाली एसबीआई के पुनर्पूजीकरण के लिए निर्धारित 7,575 करोड़ रुपये की राशि पर्याप्त है तो उन्होंने कहा, 'हर तरह की पूंजी विकास, लाभप्रदता और प्रत्येक तिमाही पर परिवर्तित होने वाले जरूरी प्रावधानों पर निर्भर करता है. हमने वित्तीय सेवा विभाग से हमारी अपेक्षाओं के बारे में चर्चा की है.'(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) | यहाँ एक सारांश है:बैंकों के विलय की पूरी प्रक्रिया मौजूदा वित्त वर्ष में पूरी हो जाएगी
विलय से SBI 37 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति वाला वृहद प्रतिष्ठान बनेगा
विलय प्रक्रिया में किसी की नौकरी नहीं जाएगी, कुछ का ट्रांस्फर हो सकता है | 18 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: कंपनी ने कहा कि रिलायंस जियो का एमटीसी से एयरटेल को अतिरिक्त आमदनी का आरोप न केवल झूठा है बल्कि हास्यास्पद भी है. एयरटेल ने कहा कि भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) 14 पैसे प्रति मिनट का एमटीसी तय किया है. यह लागत से भी कम बैठता है जो 35 पैसे प्रति मिनट बैठती है. टिप्पणियां
कंपनी ने कहा कि रिलायंस जियो के नेटवर्क से कॉल्स की सूनामी से एयरटेल को अपने नेटवर्क पर प्रति मिनट 21 पैसे का नुकसान हुआ. इससे एयरटेल को प्रति तिमाही 550 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ.
(इनपुट भाषा से)
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कंपनी ने कहा कि रिलायंस जियो के नेटवर्क से कॉल्स की सूनामी से एयरटेल को अपने नेटवर्क पर प्रति मिनट 21 पैसे का नुकसान हुआ. इससे एयरटेल को प्रति तिमाही 550 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ.
(इनपुट भाषा से)
कंपनी ने कहा कि रिलायंस जियो के नेटवर्क से कॉल्स की सूनामी से एयरटेल को अपने नेटवर्क पर प्रति मिनट 21 पैसे का नुकसान हुआ. इससे एयरटेल को प्रति तिमाही 550 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ.
(इनपुट भाषा से)
(इनपुट भाषा से) | जियो के नेटवर्क से 'कॉल्स की सूनामी' के कारण नुकसान हुआ- एयरटेल
एयरटेल ने कहा, एमटीसी को समाप्त करने की जियो की मांग 'कुटिल' चाल.
एमटीसी से एयरटेल को अतिरिक्त आमदनी का जियो का आरोप झूठा- एयरटेल | 1 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली के नगर निगमों के चुनाव के प्रचार जोरों पर है. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को कुछ जनसभाओं को संबोधित किया. उत्तर दक्षिण दिल्ली के घोंडा और गौतम विहार इलाकों में अरविंद केजरीवाल ने जनसभा कर अपनी आम आदमी पार्टी के प्रत्याशियों के लिए वोट मांगे. लेकिन केजरीवाल के लिए उस समय बड़ी ही विचित्र स्थिति बन गई जब उनकी रैली में मोदी मोदी के नारे लगने लगे. कुछ लोग उनकी रैली में उनके संबोधन के दौरान मोदी मोदी के नारे लगाने लगे.
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इसके बाद मोदी मोदी के नारे लगाने वालों को जवाब भी दिया. उन्होंने उनसे कहा कि मोदी मोदी के नारे लगाने से बिजली की दरें कम नहीं हो जाएंगी. उन्होंने कहा कि मोदी मोदी के नारे लगाने से गृहकर समाप्त नहीं हो जाएगा.
आगे उन्होंने कहा कि अगर मोदी मोदी के नारे लगाने से ऐसा हो जाता है कि तब वह भी मोदी मोदी के नारे लगाने लगेंगे. उन्होंने नारे लगाने वालों से पूछा कि क्या पीएम मोदी ने बिजली की दरें कम कर दी हैं. अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मोदी मोदी से भूख नहीं मिटेगी. कुछ लोग पागल हो गए हैं.
बता दें कि दिल्ली में 23 अप्रैल को एमसीडी चुनाव के लिए मतदान होगा. हाल ही गोवा और पंजाब के चुनाव में पहली बार मैदान में उतरी आम आदमी पार्टी ने जहां पंजाब 22 सीटें जीतीं वहीं गोवा में पार्टी को काफी बुरा हाल रहा है. वहां न तो पार्टी को एक भी सीट मिली बल्कि उनके 98 फीसदी प्रत्याशियों की जमानत भी जब्त हो गई. जानकारी के लिए बता दें कि दिल्ली नगर निगम में पिछले 10 सालों से बीजेपी का कब्जा है. जहां बीजेपी इस बार तीसरी बार सत्ता में आने के लिए प्रयासरत है वहीं कांग्रेस और आम आदमी पार्टी अपनी सत्ता के लिए पूरा जोर लगा रही हैं.टिप्पणियां
अपने संबोधन में केजरीवाल ने कहा कि बीजेपी और कांग्रेस ने पानी और बिजली के दाम को बढ़ाने की साजिश रची थी. केजरीवाल ने दिल्ली वालों से एक साल में दिल्ली को साफ करने का वादा भी किया. मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में हमने भ्रष्टाचार पर रोक लगा दी है और दो सालों में पांच फ्लाई ओवरों के निर्माण में 350 करोड़ रुपये बचाए हैं.
उल्लेखनीय है कि आम आदमी पार्टी ने दिल्ली के एमसीडी चुनाव में जीत पर हाउस टैक्स समाप्त करने की घोषणा की है. उन्होंने कहा कि हम दिल्ली की एमसीडी का कायाकल्प कर देंगे जैसे कि हमने दिल्ली जल बोर्ड का क्या है. उन्होंने दावा किया कि पानी का बिल माफ करने के बाद भी दिल्ली जल बोर्ड को मुनाफे का संस्था बना दिया गया है.
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इसके बाद मोदी मोदी के नारे लगाने वालों को जवाब भी दिया. उन्होंने उनसे कहा कि मोदी मोदी के नारे लगाने से बिजली की दरें कम नहीं हो जाएंगी. उन्होंने कहा कि मोदी मोदी के नारे लगाने से गृहकर समाप्त नहीं हो जाएगा.
आगे उन्होंने कहा कि अगर मोदी मोदी के नारे लगाने से ऐसा हो जाता है कि तब वह भी मोदी मोदी के नारे लगाने लगेंगे. उन्होंने नारे लगाने वालों से पूछा कि क्या पीएम मोदी ने बिजली की दरें कम कर दी हैं. अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मोदी मोदी से भूख नहीं मिटेगी. कुछ लोग पागल हो गए हैं.
बता दें कि दिल्ली में 23 अप्रैल को एमसीडी चुनाव के लिए मतदान होगा. हाल ही गोवा और पंजाब के चुनाव में पहली बार मैदान में उतरी आम आदमी पार्टी ने जहां पंजाब 22 सीटें जीतीं वहीं गोवा में पार्टी को काफी बुरा हाल रहा है. वहां न तो पार्टी को एक भी सीट मिली बल्कि उनके 98 फीसदी प्रत्याशियों की जमानत भी जब्त हो गई. जानकारी के लिए बता दें कि दिल्ली नगर निगम में पिछले 10 सालों से बीजेपी का कब्जा है. जहां बीजेपी इस बार तीसरी बार सत्ता में आने के लिए प्रयासरत है वहीं कांग्रेस और आम आदमी पार्टी अपनी सत्ता के लिए पूरा जोर लगा रही हैं.टिप्पणियां
अपने संबोधन में केजरीवाल ने कहा कि बीजेपी और कांग्रेस ने पानी और बिजली के दाम को बढ़ाने की साजिश रची थी. केजरीवाल ने दिल्ली वालों से एक साल में दिल्ली को साफ करने का वादा भी किया. मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में हमने भ्रष्टाचार पर रोक लगा दी है और दो सालों में पांच फ्लाई ओवरों के निर्माण में 350 करोड़ रुपये बचाए हैं.
उल्लेखनीय है कि आम आदमी पार्टी ने दिल्ली के एमसीडी चुनाव में जीत पर हाउस टैक्स समाप्त करने की घोषणा की है. उन्होंने कहा कि हम दिल्ली की एमसीडी का कायाकल्प कर देंगे जैसे कि हमने दिल्ली जल बोर्ड का क्या है. उन्होंने दावा किया कि पानी का बिल माफ करने के बाद भी दिल्ली जल बोर्ड को मुनाफे का संस्था बना दिया गया है.
आगे उन्होंने कहा कि अगर मोदी मोदी के नारे लगाने से ऐसा हो जाता है कि तब वह भी मोदी मोदी के नारे लगाने लगेंगे. उन्होंने नारे लगाने वालों से पूछा कि क्या पीएम मोदी ने बिजली की दरें कम कर दी हैं. अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मोदी मोदी से भूख नहीं मिटेगी. कुछ लोग पागल हो गए हैं.
बता दें कि दिल्ली में 23 अप्रैल को एमसीडी चुनाव के लिए मतदान होगा. हाल ही गोवा और पंजाब के चुनाव में पहली बार मैदान में उतरी आम आदमी पार्टी ने जहां पंजाब 22 सीटें जीतीं वहीं गोवा में पार्टी को काफी बुरा हाल रहा है. वहां न तो पार्टी को एक भी सीट मिली बल्कि उनके 98 फीसदी प्रत्याशियों की जमानत भी जब्त हो गई. जानकारी के लिए बता दें कि दिल्ली नगर निगम में पिछले 10 सालों से बीजेपी का कब्जा है. जहां बीजेपी इस बार तीसरी बार सत्ता में आने के लिए प्रयासरत है वहीं कांग्रेस और आम आदमी पार्टी अपनी सत्ता के लिए पूरा जोर लगा रही हैं.टिप्पणियां
अपने संबोधन में केजरीवाल ने कहा कि बीजेपी और कांग्रेस ने पानी और बिजली के दाम को बढ़ाने की साजिश रची थी. केजरीवाल ने दिल्ली वालों से एक साल में दिल्ली को साफ करने का वादा भी किया. मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में हमने भ्रष्टाचार पर रोक लगा दी है और दो सालों में पांच फ्लाई ओवरों के निर्माण में 350 करोड़ रुपये बचाए हैं.
उल्लेखनीय है कि आम आदमी पार्टी ने दिल्ली के एमसीडी चुनाव में जीत पर हाउस टैक्स समाप्त करने की घोषणा की है. उन्होंने कहा कि हम दिल्ली की एमसीडी का कायाकल्प कर देंगे जैसे कि हमने दिल्ली जल बोर्ड का क्या है. उन्होंने दावा किया कि पानी का बिल माफ करने के बाद भी दिल्ली जल बोर्ड को मुनाफे का संस्था बना दिया गया है.
बता दें कि दिल्ली में 23 अप्रैल को एमसीडी चुनाव के लिए मतदान होगा. हाल ही गोवा और पंजाब के चुनाव में पहली बार मैदान में उतरी आम आदमी पार्टी ने जहां पंजाब 22 सीटें जीतीं वहीं गोवा में पार्टी को काफी बुरा हाल रहा है. वहां न तो पार्टी को एक भी सीट मिली बल्कि उनके 98 फीसदी प्रत्याशियों की जमानत भी जब्त हो गई. जानकारी के लिए बता दें कि दिल्ली नगर निगम में पिछले 10 सालों से बीजेपी का कब्जा है. जहां बीजेपी इस बार तीसरी बार सत्ता में आने के लिए प्रयासरत है वहीं कांग्रेस और आम आदमी पार्टी अपनी सत्ता के लिए पूरा जोर लगा रही हैं.टिप्पणियां
अपने संबोधन में केजरीवाल ने कहा कि बीजेपी और कांग्रेस ने पानी और बिजली के दाम को बढ़ाने की साजिश रची थी. केजरीवाल ने दिल्ली वालों से एक साल में दिल्ली को साफ करने का वादा भी किया. मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में हमने भ्रष्टाचार पर रोक लगा दी है और दो सालों में पांच फ्लाई ओवरों के निर्माण में 350 करोड़ रुपये बचाए हैं.
उल्लेखनीय है कि आम आदमी पार्टी ने दिल्ली के एमसीडी चुनाव में जीत पर हाउस टैक्स समाप्त करने की घोषणा की है. उन्होंने कहा कि हम दिल्ली की एमसीडी का कायाकल्प कर देंगे जैसे कि हमने दिल्ली जल बोर्ड का क्या है. उन्होंने दावा किया कि पानी का बिल माफ करने के बाद भी दिल्ली जल बोर्ड को मुनाफे का संस्था बना दिया गया है.
अपने संबोधन में केजरीवाल ने कहा कि बीजेपी और कांग्रेस ने पानी और बिजली के दाम को बढ़ाने की साजिश रची थी. केजरीवाल ने दिल्ली वालों से एक साल में दिल्ली को साफ करने का वादा भी किया. मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में हमने भ्रष्टाचार पर रोक लगा दी है और दो सालों में पांच फ्लाई ओवरों के निर्माण में 350 करोड़ रुपये बचाए हैं.
उल्लेखनीय है कि आम आदमी पार्टी ने दिल्ली के एमसीडी चुनाव में जीत पर हाउस टैक्स समाप्त करने की घोषणा की है. उन्होंने कहा कि हम दिल्ली की एमसीडी का कायाकल्प कर देंगे जैसे कि हमने दिल्ली जल बोर्ड का क्या है. उन्होंने दावा किया कि पानी का बिल माफ करने के बाद भी दिल्ली जल बोर्ड को मुनाफे का संस्था बना दिया गया है.
उल्लेखनीय है कि आम आदमी पार्टी ने दिल्ली के एमसीडी चुनाव में जीत पर हाउस टैक्स समाप्त करने की घोषणा की है. उन्होंने कहा कि हम दिल्ली की एमसीडी का कायाकल्प कर देंगे जैसे कि हमने दिल्ली जल बोर्ड का क्या है. उन्होंने दावा किया कि पानी का बिल माफ करने के बाद भी दिल्ली जल बोर्ड को मुनाफे का संस्था बना दिया गया है. | संक्षिप्त सारांश: दिल्ली के नगर निगमों के चुनाव के प्रचार जोरों पर है.
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को कुछ जनसभाओं को संबोधित किया
आम आदमी पार्टी के प्रत्याशियों के लिए वोट मांगे | 23 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: आम चुनाव से ठीक पहले बिहार में सीएम नीतीश कुमार द्वारा की गई शराब बंदी एक बार फिर चर्चाओं में है. दरअसल, इस बार चर्चा की वजह खुद बिहार पुलिस के जवान हैं. बिहार के नालंदा से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसमें बिहार पुलिस के जवान नशे की हालत में हंगामा करते दिख रहे हैं. खास बात यह है कि नालंदा सीएम नीतीश कुमार का गृह जिला है. ऐसे में अब इस अभियान पर ही सवाल खड़े होने लगे हैं. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घटना नालंदा के उत्पाद विभाग की है. जहां कार्यरत दो सैफ के जवानों ने शराब के नशे में खूब हंगामा किया. घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने दोनों जवानों को जब हिरासत में लिया तो दोनों आरोपी जवान पुलिस से भी मारपीट करने पर उतारू हो गए. मगर पुलिस ने किसी तरह से दोनों जवानों को काबू में लिया. लेकिन इसके बाद भी उनका हंगामा रुका नहीं.
फिलहाल दोनों को पुलिस हिरासत में लेकर मेडिकल जांच के लिए भेज दिया गया है. मगर इस घटना से यह जाहिर होता है कि बिहार में अभी भी पूर्ण शराब बंदी कराने में सरकार सफल नही पाई है. गौरतलब है कि नीतीश कुमार ने शराब बंदी कानून को सही तरीके से लागू करने को लेकर कुछ दिन पहले एक आंकड़ा पेश किया था. बिहार सरकार द्वारा जारी किए गए इस आंकड़ो के अनुसार बिहार में शराब बंदी कानून का पालन न करने पर हर 10 मिनट में 1 आरोपी को गिरफ्तार किया जा रहा है.
यानी की बिहार पुलिस हर दिन 172 ऐसे लोगों को गिरफ्तार कर रही है जो इस कानून का उल्लघंन करते हैं. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधानसभा को बताया था कि अप्रैल 2016 से अब तक ऐसा करने वाले कुल 1.21 लाख आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है. वहीं 1 अप्रैल 2016 से 6 मार्च 2018 तक के बीच संबंधित विभाग ने कुल 6.5 लाख छापेमारी की है. इनमें कुल 2 मिलियन लीटर शराब जब्त की गई. ध्यान हो कि नीतीश कुमार की सरकार ने 1 अप्रैल 2016 को राज्य में देशी शराब तो तुरंत प्रभाव से और अगले छह महीने में हर किस्म की शराब को बंद करने का एलान किया था. | संक्षिप्त सारांश: नालंदा में तैनात थे पुलिसकर्मी
बिहार पुलिस के जवानों ने नशे में किया हंगामा
पुलिस ने आरोपी जवानों को लिया हिरासत में | 29 | ['hin'] |
इस के लिए एक सारांश बनाएं: गत चैम्पियन रफेल नडाल ने फ्रेंच ओपन सेमीफाइनल में दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी नोवाक जोकोविच को पांच सेट तक चले रोमांचक सेमीफाइनल मुकाबले में 6-4, 3-6, 6-1, 6-7 (9-7) से हराकर एतिहासिक आठवें फ्रेंच ओपन खिताब की ओर कदम बढ़ाए।टिप्पणियां
नडाल ने पुरुष एकल सेमीफाइनल में चौथे सेट में दो बार बढ़त गंवाने के साथ सेट भी गंवाया। उन्होंने हालांकि पांचवें और निर्णायक सेट में 2-4 से पिछड़ने के बाद जोरदार वापसी करते हुए दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी जोकोविच को चार घंटे और 37 मिनट चले मुकाबले में हराकर बाहर का रास्ता दिखा दिया। जोकोविच ने निर्णायक सेट में 7-8 के स्कोर पर बिना कोई अंक बनाए ही अपनी सर्विस गंवा दी और इसके साथ टूर्नामेंट से बाहर हो गए।
एक ही ग्रैंडस्लैम को आठवीं बार जीतने वाला पहला खिलाड़ी बनने के लिए चुनौती पेश कर रहे स्पेन के 27वें तीसरे वरीय नडाल रविवार को होने वाले फाइनल में स्थानीय खिलाड़ी जो विल्फ्रेड सोंगा या स्पेन के अपने हमवतन डेविड फेरर से भिड़ेंगे।
नडाल ने पुरुष एकल सेमीफाइनल में चौथे सेट में दो बार बढ़त गंवाने के साथ सेट भी गंवाया। उन्होंने हालांकि पांचवें और निर्णायक सेट में 2-4 से पिछड़ने के बाद जोरदार वापसी करते हुए दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी जोकोविच को चार घंटे और 37 मिनट चले मुकाबले में हराकर बाहर का रास्ता दिखा दिया। जोकोविच ने निर्णायक सेट में 7-8 के स्कोर पर बिना कोई अंक बनाए ही अपनी सर्विस गंवा दी और इसके साथ टूर्नामेंट से बाहर हो गए।
एक ही ग्रैंडस्लैम को आठवीं बार जीतने वाला पहला खिलाड़ी बनने के लिए चुनौती पेश कर रहे स्पेन के 27वें तीसरे वरीय नडाल रविवार को होने वाले फाइनल में स्थानीय खिलाड़ी जो विल्फ्रेड सोंगा या स्पेन के अपने हमवतन डेविड फेरर से भिड़ेंगे।
एक ही ग्रैंडस्लैम को आठवीं बार जीतने वाला पहला खिलाड़ी बनने के लिए चुनौती पेश कर रहे स्पेन के 27वें तीसरे वरीय नडाल रविवार को होने वाले फाइनल में स्थानीय खिलाड़ी जो विल्फ्रेड सोंगा या स्पेन के अपने हमवतन डेविड फेरर से भिड़ेंगे। | यह एक सारांश है: गत चैम्पियन रफेल नडाल ने फ्रेंच ओपन सेमीफाइनल में दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी नोवाक जोकोविच को पांच सेट तक चले रोमांचक सेमीफाइनल मुकाबले में 6-4, 3-6, 6-1, 6-7 (9-7) से हराकर एतिहासिक आठवें फ्रेंच ओपन खिताब की ओर कदम बढ़ाए। | 16 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: चीन की मानवयुक्त एक पनडुब्बी ने समुद्र में रविवार को 7,000 मीटर की गहराई छूकर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया।
सरकारी संवाद समिति ‘शिन्हुआ’ के अनुसार ‘जियाओलोंग’ यान ने पश्चिमी प्रशांत महासागर के मेरियाना गर्त में अपना चौथे गोता लगाते हुए 7,015 मीटर की गहराई छू ली। इस इलाके में आने के बाद से इस पनडुब्बी ने चौथी बार गोता लगाया। मेरियाना गर्त दुनिया की सबसे गहरी जगह है।
जहाज पर सवार अभियान के चीफ कमांडर लियू फेंग ने कहा, ‘‘इससे पता लगता है कि पनडुब्बी का प्रदर्शन स्थिर है। हमारे तकनीक कर्मियों का प्रदर्शन लगातार बेहतर हो रहा है।’’ जियाओलोंग जहाज में तीन लोग सवार थे। पिछले साल जुलाई में यह पनडुब्बी 5,188 मीटर की गहराई पर पहुंची थी। लेकिन इस साल 15 जून के बाद से लगातार तीन गोतों में पनडुब्बी ने इस बार यह नया रिकार्ड बनाया।टिप्पणियां
विशेषज्ञों का कहना है कि चीन पनडुब्बी का इस्तेमाल वैज्ञानिक शोध के लिए करना चाहता है। समुद्र जल के भीतर समुद्री जीवन के नमूने इकट्ठा करने, भूवैज्ञानिक संरचनाओं और खनिज संसाधनों का भविष्य में विकास संबंधी कार्यों के लिए इसका इस्तेमाल किया जाएगा।
इससे पहले इसी साल अमेरिकी फिल्म निर्देशक जैम्स कैमरन ने भी मेरियाना गर्त में नया रिकार्ड बनाया था। वह मेरियाना गर्त के तल पर लगभग 11,000 मीटर की गहराई तक उतरे थे।
सरकारी संवाद समिति ‘शिन्हुआ’ के अनुसार ‘जियाओलोंग’ यान ने पश्चिमी प्रशांत महासागर के मेरियाना गर्त में अपना चौथे गोता लगाते हुए 7,015 मीटर की गहराई छू ली। इस इलाके में आने के बाद से इस पनडुब्बी ने चौथी बार गोता लगाया। मेरियाना गर्त दुनिया की सबसे गहरी जगह है।
जहाज पर सवार अभियान के चीफ कमांडर लियू फेंग ने कहा, ‘‘इससे पता लगता है कि पनडुब्बी का प्रदर्शन स्थिर है। हमारे तकनीक कर्मियों का प्रदर्शन लगातार बेहतर हो रहा है।’’ जियाओलोंग जहाज में तीन लोग सवार थे। पिछले साल जुलाई में यह पनडुब्बी 5,188 मीटर की गहराई पर पहुंची थी। लेकिन इस साल 15 जून के बाद से लगातार तीन गोतों में पनडुब्बी ने इस बार यह नया रिकार्ड बनाया।टिप्पणियां
विशेषज्ञों का कहना है कि चीन पनडुब्बी का इस्तेमाल वैज्ञानिक शोध के लिए करना चाहता है। समुद्र जल के भीतर समुद्री जीवन के नमूने इकट्ठा करने, भूवैज्ञानिक संरचनाओं और खनिज संसाधनों का भविष्य में विकास संबंधी कार्यों के लिए इसका इस्तेमाल किया जाएगा।
इससे पहले इसी साल अमेरिकी फिल्म निर्देशक जैम्स कैमरन ने भी मेरियाना गर्त में नया रिकार्ड बनाया था। वह मेरियाना गर्त के तल पर लगभग 11,000 मीटर की गहराई तक उतरे थे।
जहाज पर सवार अभियान के चीफ कमांडर लियू फेंग ने कहा, ‘‘इससे पता लगता है कि पनडुब्बी का प्रदर्शन स्थिर है। हमारे तकनीक कर्मियों का प्रदर्शन लगातार बेहतर हो रहा है।’’ जियाओलोंग जहाज में तीन लोग सवार थे। पिछले साल जुलाई में यह पनडुब्बी 5,188 मीटर की गहराई पर पहुंची थी। लेकिन इस साल 15 जून के बाद से लगातार तीन गोतों में पनडुब्बी ने इस बार यह नया रिकार्ड बनाया।टिप्पणियां
विशेषज्ञों का कहना है कि चीन पनडुब्बी का इस्तेमाल वैज्ञानिक शोध के लिए करना चाहता है। समुद्र जल के भीतर समुद्री जीवन के नमूने इकट्ठा करने, भूवैज्ञानिक संरचनाओं और खनिज संसाधनों का भविष्य में विकास संबंधी कार्यों के लिए इसका इस्तेमाल किया जाएगा।
इससे पहले इसी साल अमेरिकी फिल्म निर्देशक जैम्स कैमरन ने भी मेरियाना गर्त में नया रिकार्ड बनाया था। वह मेरियाना गर्त के तल पर लगभग 11,000 मीटर की गहराई तक उतरे थे।
विशेषज्ञों का कहना है कि चीन पनडुब्बी का इस्तेमाल वैज्ञानिक शोध के लिए करना चाहता है। समुद्र जल के भीतर समुद्री जीवन के नमूने इकट्ठा करने, भूवैज्ञानिक संरचनाओं और खनिज संसाधनों का भविष्य में विकास संबंधी कार्यों के लिए इसका इस्तेमाल किया जाएगा।
इससे पहले इसी साल अमेरिकी फिल्म निर्देशक जैम्स कैमरन ने भी मेरियाना गर्त में नया रिकार्ड बनाया था। वह मेरियाना गर्त के तल पर लगभग 11,000 मीटर की गहराई तक उतरे थे।
इससे पहले इसी साल अमेरिकी फिल्म निर्देशक जैम्स कैमरन ने भी मेरियाना गर्त में नया रिकार्ड बनाया था। वह मेरियाना गर्त के तल पर लगभग 11,000 मीटर की गहराई तक उतरे थे। | संक्षिप्त सारांश: पश्चिमी प्रशांत महासागर के मेरियाना गर्त में अपना चौथे गोता लगाते हुए 7,015 मीटर की गहराई छू ली। इस इलाके में आने के बाद से इस पनडुब्बी ने चौथी बार गोता लगाया। मेरियाना गर्त दुनिया की सबसे गहरी जगह है। | 10 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: हिन्दी फिल्मों के वरिष्ठ अभिनेता अमिताभ बच्चन और अभिनेत्री विद्या बालन को पेटा की वर्ष 2012 के सबसे चर्चित शाकाहारी शख्सियत चुना गया है।
अमिताभ को इससे पहले तीन बार यह खिताब मिल चुका है और विद्या भी वर्ष 2010 में इस खिताब से नवाजी गई थीं।टिप्पणियां
खिताब की दौड़ में मिस यूनिवर्स नेहा धूपिया, शाहिद कपूर, सोनू सूद, धनुष, करीना कपूर और हेमा मालिनी भी शामिल थे।
इस मौके पर विद्या ने कहा, मैं शकाहारी हूं और इसके कारण मेरे खाना पचाने की क्षमता में बढ़ोतरी हुई है, जो वजन कम करने में बड़ा सहयोगी है। पेटा जानवरों के अधिकारों के लिए आवाज उठाने वाली संस्था है।
अमिताभ को इससे पहले तीन बार यह खिताब मिल चुका है और विद्या भी वर्ष 2010 में इस खिताब से नवाजी गई थीं।टिप्पणियां
खिताब की दौड़ में मिस यूनिवर्स नेहा धूपिया, शाहिद कपूर, सोनू सूद, धनुष, करीना कपूर और हेमा मालिनी भी शामिल थे।
इस मौके पर विद्या ने कहा, मैं शकाहारी हूं और इसके कारण मेरे खाना पचाने की क्षमता में बढ़ोतरी हुई है, जो वजन कम करने में बड़ा सहयोगी है। पेटा जानवरों के अधिकारों के लिए आवाज उठाने वाली संस्था है।
खिताब की दौड़ में मिस यूनिवर्स नेहा धूपिया, शाहिद कपूर, सोनू सूद, धनुष, करीना कपूर और हेमा मालिनी भी शामिल थे।
इस मौके पर विद्या ने कहा, मैं शकाहारी हूं और इसके कारण मेरे खाना पचाने की क्षमता में बढ़ोतरी हुई है, जो वजन कम करने में बड़ा सहयोगी है। पेटा जानवरों के अधिकारों के लिए आवाज उठाने वाली संस्था है।
इस मौके पर विद्या ने कहा, मैं शकाहारी हूं और इसके कारण मेरे खाना पचाने की क्षमता में बढ़ोतरी हुई है, जो वजन कम करने में बड़ा सहयोगी है। पेटा जानवरों के अधिकारों के लिए आवाज उठाने वाली संस्था है। | संक्षिप्त सारांश: हिन्दी फिल्मों के वरिष्ठ अभिनेता अमिताभ बच्चन और अभिनेत्री विद्या बालन को पेटा की वर्ष 2012 के सबसे चर्चित शाकाहारी शख्सियत चुना गया है। | 0 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाओ: ठीक चार वर्ष पहले 'आशा' और 'बदलाव' के नारे के साथ दुनिया के सबसे ताकतवर पद पर कब्जा करने वाले अफ्रीकी मूल के पहले अमेरिकी राष्ट्रपति बराक हुसैन ओबामा आज व्हाइट हाउस पर कब्जा बनाए रखने के लिए कांटे की लड़ाई में उलझे हुए हैं।
वियतनाम युद्ध के समय के दिग्गज नेता जॉन मैक्के न को 2008 के चुनाव में भारी मतों से पटखनी देने वाले केन्याई पिता और कंसास से सम्बंध रखने वाली श्वेत अमेरिकी मां की संतान ओबामा ने उस समय दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा, जब वह अपने जन्म स्थान, धर्म और नस्ल की चुनौतियों से उबर गए।
राष्ट्रपति के रूप में नौ महीना बीतने के साथ ही ओबामा को नोबेल पुरस्कार से नवाजा गया। यह पुरस्कार अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और लोगों के बीच सहयोग को बढ़ाने के उनके असाधरण प्रयासों के लिए प्रदान किया गया।
चार वर्ष बाद ओबामा का व्यक्तित्व अपने आप में सामने आ गया है, जब वह 'आगे बढ़ो' के नारे के साथ दोबारा चुनाव मैदान में उतरे, क्योंकि इराक युद्ध का अंत, 9/11 के सरगना ओसामा बिन लादेन की मौत से लेकर एक प्रमुख स्वास्थ्य कानून तथा अमेरिका को कठिन मंदी के दौर से बाहर निकालने जैसी उपलब्धियां उनके नाम हैं।
हवाई में चार अगस्त, 1961 को जन्मे ओबामा अपने दादा और दादी की मदद से पले-बढ़े। उनके दादा पेट्टन की सेना में कार्यरत थे और उनकी दादी एक बैंक में काम करती थीं। वह 1967 से 1971 तक अपनी मां और उनके दूसरे पति के साथ इंडोनेशिया में रहे थे।टिप्पणियां
छात्रवृत्ति और विद्यार्थी ऋण की मदद से स्कूल से होते हुए ओबामा एक सामुदायिक आयोजक के रूप में काम करने शिकागो चले गए। उसके बाद वह हारवर्ड ला स्कूल गए, जहां वह हारवर्ड ला रीव्यू के पहले अफ्रीकी मूल के अमेरिकी अध्यक्ष चुने गए। उन्होंने शिकागो में एक नागरिक अधिकार अधिवक्ता के रूप में काम किया और 1992 से 2004 तक युनिवर्सिटी ऑफ शिकागो ला स्कूल में संवैधानिक कानून पढ़ाया। इलिनॉइस सीनेट में 1997 से 2004 तक तीन कार्यकाल तक अपनी सेवाएं दी। 2000 में उन्होंने अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव्स का चुनाव लड़ा, जिसमें वह हार गए।
जुलाई 2004 में डेमोक्रेटिक पार्टी के राष्ट्रीय सम्मेलन में प्रमुख वक्ता के रूप में अपने सम्बोधन से वह सुर्खियों में आए। उसके बाद वह नवम्बर 2004 में सीनेट के लिए निर्वाचित हुए। ओबामा फरवरी 2007 में राष्ट्रपति चुनाव की दौड़ में शामिल हुए, जहां उन्हें पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन की पत्नी हिलेरी रोधम क्लिंटन से कड़ा मुकाबला करना पड़ा, फिर भी वह डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवारी हासलि करने में सफल रहे।
वियतनाम युद्ध के समय के दिग्गज नेता जॉन मैक्के न को 2008 के चुनाव में भारी मतों से पटखनी देने वाले केन्याई पिता और कंसास से सम्बंध रखने वाली श्वेत अमेरिकी मां की संतान ओबामा ने उस समय दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा, जब वह अपने जन्म स्थान, धर्म और नस्ल की चुनौतियों से उबर गए।
राष्ट्रपति के रूप में नौ महीना बीतने के साथ ही ओबामा को नोबेल पुरस्कार से नवाजा गया। यह पुरस्कार अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और लोगों के बीच सहयोग को बढ़ाने के उनके असाधरण प्रयासों के लिए प्रदान किया गया।
चार वर्ष बाद ओबामा का व्यक्तित्व अपने आप में सामने आ गया है, जब वह 'आगे बढ़ो' के नारे के साथ दोबारा चुनाव मैदान में उतरे, क्योंकि इराक युद्ध का अंत, 9/11 के सरगना ओसामा बिन लादेन की मौत से लेकर एक प्रमुख स्वास्थ्य कानून तथा अमेरिका को कठिन मंदी के दौर से बाहर निकालने जैसी उपलब्धियां उनके नाम हैं।
हवाई में चार अगस्त, 1961 को जन्मे ओबामा अपने दादा और दादी की मदद से पले-बढ़े। उनके दादा पेट्टन की सेना में कार्यरत थे और उनकी दादी एक बैंक में काम करती थीं। वह 1967 से 1971 तक अपनी मां और उनके दूसरे पति के साथ इंडोनेशिया में रहे थे।टिप्पणियां
छात्रवृत्ति और विद्यार्थी ऋण की मदद से स्कूल से होते हुए ओबामा एक सामुदायिक आयोजक के रूप में काम करने शिकागो चले गए। उसके बाद वह हारवर्ड ला स्कूल गए, जहां वह हारवर्ड ला रीव्यू के पहले अफ्रीकी मूल के अमेरिकी अध्यक्ष चुने गए। उन्होंने शिकागो में एक नागरिक अधिकार अधिवक्ता के रूप में काम किया और 1992 से 2004 तक युनिवर्सिटी ऑफ शिकागो ला स्कूल में संवैधानिक कानून पढ़ाया। इलिनॉइस सीनेट में 1997 से 2004 तक तीन कार्यकाल तक अपनी सेवाएं दी। 2000 में उन्होंने अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव्स का चुनाव लड़ा, जिसमें वह हार गए।
जुलाई 2004 में डेमोक्रेटिक पार्टी के राष्ट्रीय सम्मेलन में प्रमुख वक्ता के रूप में अपने सम्बोधन से वह सुर्खियों में आए। उसके बाद वह नवम्बर 2004 में सीनेट के लिए निर्वाचित हुए। ओबामा फरवरी 2007 में राष्ट्रपति चुनाव की दौड़ में शामिल हुए, जहां उन्हें पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन की पत्नी हिलेरी रोधम क्लिंटन से कड़ा मुकाबला करना पड़ा, फिर भी वह डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवारी हासलि करने में सफल रहे।
राष्ट्रपति के रूप में नौ महीना बीतने के साथ ही ओबामा को नोबेल पुरस्कार से नवाजा गया। यह पुरस्कार अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और लोगों के बीच सहयोग को बढ़ाने के उनके असाधरण प्रयासों के लिए प्रदान किया गया।
चार वर्ष बाद ओबामा का व्यक्तित्व अपने आप में सामने आ गया है, जब वह 'आगे बढ़ो' के नारे के साथ दोबारा चुनाव मैदान में उतरे, क्योंकि इराक युद्ध का अंत, 9/11 के सरगना ओसामा बिन लादेन की मौत से लेकर एक प्रमुख स्वास्थ्य कानून तथा अमेरिका को कठिन मंदी के दौर से बाहर निकालने जैसी उपलब्धियां उनके नाम हैं।
हवाई में चार अगस्त, 1961 को जन्मे ओबामा अपने दादा और दादी की मदद से पले-बढ़े। उनके दादा पेट्टन की सेना में कार्यरत थे और उनकी दादी एक बैंक में काम करती थीं। वह 1967 से 1971 तक अपनी मां और उनके दूसरे पति के साथ इंडोनेशिया में रहे थे।टिप्पणियां
छात्रवृत्ति और विद्यार्थी ऋण की मदद से स्कूल से होते हुए ओबामा एक सामुदायिक आयोजक के रूप में काम करने शिकागो चले गए। उसके बाद वह हारवर्ड ला स्कूल गए, जहां वह हारवर्ड ला रीव्यू के पहले अफ्रीकी मूल के अमेरिकी अध्यक्ष चुने गए। उन्होंने शिकागो में एक नागरिक अधिकार अधिवक्ता के रूप में काम किया और 1992 से 2004 तक युनिवर्सिटी ऑफ शिकागो ला स्कूल में संवैधानिक कानून पढ़ाया। इलिनॉइस सीनेट में 1997 से 2004 तक तीन कार्यकाल तक अपनी सेवाएं दी। 2000 में उन्होंने अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव्स का चुनाव लड़ा, जिसमें वह हार गए।
जुलाई 2004 में डेमोक्रेटिक पार्टी के राष्ट्रीय सम्मेलन में प्रमुख वक्ता के रूप में अपने सम्बोधन से वह सुर्खियों में आए। उसके बाद वह नवम्बर 2004 में सीनेट के लिए निर्वाचित हुए। ओबामा फरवरी 2007 में राष्ट्रपति चुनाव की दौड़ में शामिल हुए, जहां उन्हें पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन की पत्नी हिलेरी रोधम क्लिंटन से कड़ा मुकाबला करना पड़ा, फिर भी वह डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवारी हासलि करने में सफल रहे।
चार वर्ष बाद ओबामा का व्यक्तित्व अपने आप में सामने आ गया है, जब वह 'आगे बढ़ो' के नारे के साथ दोबारा चुनाव मैदान में उतरे, क्योंकि इराक युद्ध का अंत, 9/11 के सरगना ओसामा बिन लादेन की मौत से लेकर एक प्रमुख स्वास्थ्य कानून तथा अमेरिका को कठिन मंदी के दौर से बाहर निकालने जैसी उपलब्धियां उनके नाम हैं।
हवाई में चार अगस्त, 1961 को जन्मे ओबामा अपने दादा और दादी की मदद से पले-बढ़े। उनके दादा पेट्टन की सेना में कार्यरत थे और उनकी दादी एक बैंक में काम करती थीं। वह 1967 से 1971 तक अपनी मां और उनके दूसरे पति के साथ इंडोनेशिया में रहे थे।टिप्पणियां
छात्रवृत्ति और विद्यार्थी ऋण की मदद से स्कूल से होते हुए ओबामा एक सामुदायिक आयोजक के रूप में काम करने शिकागो चले गए। उसके बाद वह हारवर्ड ला स्कूल गए, जहां वह हारवर्ड ला रीव्यू के पहले अफ्रीकी मूल के अमेरिकी अध्यक्ष चुने गए। उन्होंने शिकागो में एक नागरिक अधिकार अधिवक्ता के रूप में काम किया और 1992 से 2004 तक युनिवर्सिटी ऑफ शिकागो ला स्कूल में संवैधानिक कानून पढ़ाया। इलिनॉइस सीनेट में 1997 से 2004 तक तीन कार्यकाल तक अपनी सेवाएं दी। 2000 में उन्होंने अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव्स का चुनाव लड़ा, जिसमें वह हार गए।
जुलाई 2004 में डेमोक्रेटिक पार्टी के राष्ट्रीय सम्मेलन में प्रमुख वक्ता के रूप में अपने सम्बोधन से वह सुर्खियों में आए। उसके बाद वह नवम्बर 2004 में सीनेट के लिए निर्वाचित हुए। ओबामा फरवरी 2007 में राष्ट्रपति चुनाव की दौड़ में शामिल हुए, जहां उन्हें पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन की पत्नी हिलेरी रोधम क्लिंटन से कड़ा मुकाबला करना पड़ा, फिर भी वह डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवारी हासलि करने में सफल रहे।
हवाई में चार अगस्त, 1961 को जन्मे ओबामा अपने दादा और दादी की मदद से पले-बढ़े। उनके दादा पेट्टन की सेना में कार्यरत थे और उनकी दादी एक बैंक में काम करती थीं। वह 1967 से 1971 तक अपनी मां और उनके दूसरे पति के साथ इंडोनेशिया में रहे थे।टिप्पणियां
छात्रवृत्ति और विद्यार्थी ऋण की मदद से स्कूल से होते हुए ओबामा एक सामुदायिक आयोजक के रूप में काम करने शिकागो चले गए। उसके बाद वह हारवर्ड ला स्कूल गए, जहां वह हारवर्ड ला रीव्यू के पहले अफ्रीकी मूल के अमेरिकी अध्यक्ष चुने गए। उन्होंने शिकागो में एक नागरिक अधिकार अधिवक्ता के रूप में काम किया और 1992 से 2004 तक युनिवर्सिटी ऑफ शिकागो ला स्कूल में संवैधानिक कानून पढ़ाया। इलिनॉइस सीनेट में 1997 से 2004 तक तीन कार्यकाल तक अपनी सेवाएं दी। 2000 में उन्होंने अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव्स का चुनाव लड़ा, जिसमें वह हार गए।
जुलाई 2004 में डेमोक्रेटिक पार्टी के राष्ट्रीय सम्मेलन में प्रमुख वक्ता के रूप में अपने सम्बोधन से वह सुर्खियों में आए। उसके बाद वह नवम्बर 2004 में सीनेट के लिए निर्वाचित हुए। ओबामा फरवरी 2007 में राष्ट्रपति चुनाव की दौड़ में शामिल हुए, जहां उन्हें पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन की पत्नी हिलेरी रोधम क्लिंटन से कड़ा मुकाबला करना पड़ा, फिर भी वह डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवारी हासलि करने में सफल रहे।
छात्रवृत्ति और विद्यार्थी ऋण की मदद से स्कूल से होते हुए ओबामा एक सामुदायिक आयोजक के रूप में काम करने शिकागो चले गए। उसके बाद वह हारवर्ड ला स्कूल गए, जहां वह हारवर्ड ला रीव्यू के पहले अफ्रीकी मूल के अमेरिकी अध्यक्ष चुने गए। उन्होंने शिकागो में एक नागरिक अधिकार अधिवक्ता के रूप में काम किया और 1992 से 2004 तक युनिवर्सिटी ऑफ शिकागो ला स्कूल में संवैधानिक कानून पढ़ाया। इलिनॉइस सीनेट में 1997 से 2004 तक तीन कार्यकाल तक अपनी सेवाएं दी। 2000 में उन्होंने अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव्स का चुनाव लड़ा, जिसमें वह हार गए।
जुलाई 2004 में डेमोक्रेटिक पार्टी के राष्ट्रीय सम्मेलन में प्रमुख वक्ता के रूप में अपने सम्बोधन से वह सुर्खियों में आए। उसके बाद वह नवम्बर 2004 में सीनेट के लिए निर्वाचित हुए। ओबामा फरवरी 2007 में राष्ट्रपति चुनाव की दौड़ में शामिल हुए, जहां उन्हें पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन की पत्नी हिलेरी रोधम क्लिंटन से कड़ा मुकाबला करना पड़ा, फिर भी वह डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवारी हासलि करने में सफल रहे।
जुलाई 2004 में डेमोक्रेटिक पार्टी के राष्ट्रीय सम्मेलन में प्रमुख वक्ता के रूप में अपने सम्बोधन से वह सुर्खियों में आए। उसके बाद वह नवम्बर 2004 में सीनेट के लिए निर्वाचित हुए। ओबामा फरवरी 2007 में राष्ट्रपति चुनाव की दौड़ में शामिल हुए, जहां उन्हें पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन की पत्नी हिलेरी रोधम क्लिंटन से कड़ा मुकाबला करना पड़ा, फिर भी वह डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवारी हासलि करने में सफल रहे। | ठीक चार वर्ष पहले 'आशा' और 'बदलाव' के नारे के साथ दुनिया के सबसे ताकतवर पद पर कब्जा करने वाले अफ्रीकी मूल के पहले अमेरिकी राष्ट्रपति बराक हुसैन ओबामा आज व्हाइट हाउस पर कब्जा बनाए रखने के लिए कांटे की लड़ाई में उलझे हुए हैं। | 1 | ['hin'] |
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व कप्तान बाइचुंग भूटिया ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास ले लिया। भूटिया ने कहा है कि चोट के कारण वह यह फैसला लेने पर मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने यह घोषणा द्वारका सेक्टर-19 स्थित फुटबाल हाउस में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में की। भूटिया पिंडली में चोट के कारण खुद को अंडर-23 टीम के साथ इंग्लैंड दौरे के लिए उपयुक्त नहीं मान रहे हैं। इस दौरे में भारतीय टीम पाकिस्तान सहित तीन देशों के साथ दोस्ताना मुकाबले खेलेगी। कोच अर्माडो कोलाको की देखरेख वाली राष्ट्रीय टीम से बाहर किए जा चुके भूटिया को इंग्लैंड दौरे के लिए 32 सम्भावित खिलाड़ियों में शामिल किया गया था। इस दौरे के लिए टीम गुड़गांव के हेरिटेज स्कूल में अभ्यासरत है। भूटिया 109 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 43 गोल कर चुके हैं लेकिन चोट के कारण वह कोलाको की भविष्य की रणनीति में शामिल नहीं हैं। यही कारण है कि वह एशिया कप अभियान से भी दूर रहे। भूटिया ने बीते गुरुवार को कहा था, "मैं खेलना जारी रखूंगा या नहीं, इस बारे में जल्द ही घोषणा करूंगा। मेरे लिए यह वक्त बहुत संघर्षभरा है क्योंकि मैं लगातार चोट से परेशान चल रहा हूं।" | संक्षिप्त सारांश: बाइचुंग भूटिया ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास ले लिया। भूटिया ने कहा है कि चोट के कारण वह यह फैसला लेने पर मजबूर हो रहे हैं। | 10 | ['hin'] |
इस पाठ का सारांश बनाएं: बता दें कि दिल्ली सरकार ने 2015 में अलग-अलग विभागों में काम काज का जायजा लेने के लिए संसदीय सचिवों की नियुक्ति की थी. हलांकि ये नियुक्ति शुरुआत से ही विवादों में रही. ऐसा नहीं है कि दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने ही ऐसे संसदीय सचिवों की नियुक्ति की थी.
इससे पहले भाजपा के शासनकाल में एक जबकि शीला दीक्षित के शासनकाल में पहले एक और फिर बाद में तीन संसदीय सचिवों की नियुक्ति की थी. लेकिन AAP सरकार इनसब से काफी आगे निकल गई और संसदीय सचिवों की गिनती सीधे 21 पर पहुंच गई. हालांकि, पिछले साल राजौरी गार्डन में AAP के उम्मीदवार की हार के साथ संसदीय सचिव बने विधायकों की संख्या 20 रह गई थी.
इससे पहले भाजपा के शासनकाल में एक जबकि शीला दीक्षित के शासनकाल में पहले एक और फिर बाद में तीन संसदीय सचिवों की नियुक्ति की थी. लेकिन AAP सरकार इनसब से काफी आगे निकल गई और संसदीय सचिवों की गिनती सीधे 21 पर पहुंच गई. हालांकि, पिछले साल राजौरी गार्डन में AAP के उम्मीदवार की हार के साथ संसदीय सचिव बने विधायकों की संख्या 20 रह गई थी. | सारांश: चुनाव आयोग ने आप के 20 विधायकों को अयोग्य पाया
राष्ट्रपति के पास चुनाव आयोग ने सिफारिश भेजी
एक एनजीओ की अपील पर हुआ यह फैसला | 7 | ['hin'] |
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