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इस पाठ का सारांश बनाएं: देश के शेयर बाजारों में 11 मई को समाप्त कारोबारी सप्ताह में गिरावट रही। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 3.20 फीसदी यानी 538.10 अंकों की साप्ताहिक गिरावट के साथ शुक्रवार को 16,292.98 पर और निफ्टी 3.10 फीसदी यानी 157.95 अंकों की गिरावट के साथ 4,928.90 पर बंद हुआ। सेंसेक्स में लगातार तीसरे सप्ताह गिरावट दर्ज की गई। पिछले सप्ताह बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 356.26 अंकों की गिरावट के साथ 16,831.08 पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी 122.15 अंकों की गिरावट के साथ 5,086.85 पर बंद हुआ था। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सेंसेक्स 82 अंकों की तेजी के साथ बंद हुआ। केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने सोमवार को कहा कि सरकार ने गैर ब्रांडेड आभूषणों की बिक्री पर एक फीसदी शुल्क हटा लिया है, जिसका प्रस्ताव आम बजट 2012-13 में रखा गया था। इसके साथ ही मुखर्जी द्वारा जनरल एंटी-एवॉयडेंस रूल्स (जीएएआर) को एक साल के लिए टालने और कर वंचना को साबित करने की जिम्मेदारी अधिकारियों के कंधे पर देने की बात कहने के बाद देश के शेयर बाजारों के प्रमुख सूचकांक सोमवार को तेजी के साथ बंद हुए थे। मंगलवार को सेंसेक्स में 366.53 अंकों की गिरावट रही। मुखर्जी ने मंगलवार को भारतीय सम्पत्ति पर विदेशी कम्पनियों को हुए पूंजी लाभ पर कर लगाने के लिए आयकर कानून में पिछले प्रभाव के साथ बदलाव को वापस लेने से इंकार कर दिया और कहा कि भारत को टैक्स हैवेन नहीं बनने दिया जा सकता है। बुधवार को सेंसेक्स में 66.60 अंकों की गिरावट रही। गुरुवार को सेंसेक्स में 59.53 अंकों की गिरावट रही। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने रुपये की कीमत में गिरावट को रोकने के लिए गुरुवार को निर्यातकों को निर्देश दिया कि वे अपनी कुल विदेशी पूंजी के आधे हिस्से को रुपये में तब्दील करें। रुपया बुधवार को डॉलर के मुकाबले रिकार्ड 53.83 पर बंद हुआ था। इस सप्ताह कमजोर आंकड़ों का भी शेयर बाजारों पर नकारात्मक असर रहा। उद्योग जगत के एक संगठन से गुरुवार को मिले आंकड़ों के मुताबिक घरेलू बाजार में कारों की बिक्री अप्रैल में सिर्फ 3.40 फीसदी बढ़ी। अप्रैल 2012 में देश में 1,68,351 कारें बिकीं, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 1,62,813 कारों की बिक्री हुई थी। उधर, केंद्रीय वाणिज्य सचिव राहुल खुल्लर ने गुरुवार को कहा कि साल-दर-साल आधार पर अप्रैल माह में निर्यात 3.2 फीसदी अधिक 24.50 अरब डॉलर रहा, जो वर्ष 2011-12 में लगभग 21 फीसदी था।टिप्पणियां इस सप्ताह बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी दो फीसदी से अधिक की गिरावट रही। मिडकैप 2.49 फीसदी या 152.09 अंकों की गिरावट के साथ 5,948.71 पर और स्मॉलकैप 2.93 फीसदी या 192.88 अंकों की गिरावट के साथ 6,395.38 पर बंद हुआ। इस सप्ताह बीएसई के सभी सेक्टरों में गिरावट रही। बिजली (4.67 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (4.38 फीसदी), धातु (4.31 फीसदी), रियल्टी (4.07 फीसदी) और बैंकिंग (3.97 फीसदी) में सर्वाधिक गिरावट रही। सेंसेक्स में लगातार तीसरे सप्ताह गिरावट दर्ज की गई। पिछले सप्ताह बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 356.26 अंकों की गिरावट के साथ 16,831.08 पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी 122.15 अंकों की गिरावट के साथ 5,086.85 पर बंद हुआ था। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सेंसेक्स 82 अंकों की तेजी के साथ बंद हुआ। केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने सोमवार को कहा कि सरकार ने गैर ब्रांडेड आभूषणों की बिक्री पर एक फीसदी शुल्क हटा लिया है, जिसका प्रस्ताव आम बजट 2012-13 में रखा गया था। इसके साथ ही मुखर्जी द्वारा जनरल एंटी-एवॉयडेंस रूल्स (जीएएआर) को एक साल के लिए टालने और कर वंचना को साबित करने की जिम्मेदारी अधिकारियों के कंधे पर देने की बात कहने के बाद देश के शेयर बाजारों के प्रमुख सूचकांक सोमवार को तेजी के साथ बंद हुए थे। मंगलवार को सेंसेक्स में 366.53 अंकों की गिरावट रही। मुखर्जी ने मंगलवार को भारतीय सम्पत्ति पर विदेशी कम्पनियों को हुए पूंजी लाभ पर कर लगाने के लिए आयकर कानून में पिछले प्रभाव के साथ बदलाव को वापस लेने से इंकार कर दिया और कहा कि भारत को टैक्स हैवेन नहीं बनने दिया जा सकता है। बुधवार को सेंसेक्स में 66.60 अंकों की गिरावट रही। गुरुवार को सेंसेक्स में 59.53 अंकों की गिरावट रही। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने रुपये की कीमत में गिरावट को रोकने के लिए गुरुवार को निर्यातकों को निर्देश दिया कि वे अपनी कुल विदेशी पूंजी के आधे हिस्से को रुपये में तब्दील करें। रुपया बुधवार को डॉलर के मुकाबले रिकार्ड 53.83 पर बंद हुआ था। इस सप्ताह कमजोर आंकड़ों का भी शेयर बाजारों पर नकारात्मक असर रहा। उद्योग जगत के एक संगठन से गुरुवार को मिले आंकड़ों के मुताबिक घरेलू बाजार में कारों की बिक्री अप्रैल में सिर्फ 3.40 फीसदी बढ़ी। अप्रैल 2012 में देश में 1,68,351 कारें बिकीं, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 1,62,813 कारों की बिक्री हुई थी। उधर, केंद्रीय वाणिज्य सचिव राहुल खुल्लर ने गुरुवार को कहा कि साल-दर-साल आधार पर अप्रैल माह में निर्यात 3.2 फीसदी अधिक 24.50 अरब डॉलर रहा, जो वर्ष 2011-12 में लगभग 21 फीसदी था।टिप्पणियां इस सप्ताह बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी दो फीसदी से अधिक की गिरावट रही। मिडकैप 2.49 फीसदी या 152.09 अंकों की गिरावट के साथ 5,948.71 पर और स्मॉलकैप 2.93 फीसदी या 192.88 अंकों की गिरावट के साथ 6,395.38 पर बंद हुआ। इस सप्ताह बीएसई के सभी सेक्टरों में गिरावट रही। बिजली (4.67 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (4.38 फीसदी), धातु (4.31 फीसदी), रियल्टी (4.07 फीसदी) और बैंकिंग (3.97 फीसदी) में सर्वाधिक गिरावट रही। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सेंसेक्स 82 अंकों की तेजी के साथ बंद हुआ। केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने सोमवार को कहा कि सरकार ने गैर ब्रांडेड आभूषणों की बिक्री पर एक फीसदी शुल्क हटा लिया है, जिसका प्रस्ताव आम बजट 2012-13 में रखा गया था। इसके साथ ही मुखर्जी द्वारा जनरल एंटी-एवॉयडेंस रूल्स (जीएएआर) को एक साल के लिए टालने और कर वंचना को साबित करने की जिम्मेदारी अधिकारियों के कंधे पर देने की बात कहने के बाद देश के शेयर बाजारों के प्रमुख सूचकांक सोमवार को तेजी के साथ बंद हुए थे। मंगलवार को सेंसेक्स में 366.53 अंकों की गिरावट रही। मुखर्जी ने मंगलवार को भारतीय सम्पत्ति पर विदेशी कम्पनियों को हुए पूंजी लाभ पर कर लगाने के लिए आयकर कानून में पिछले प्रभाव के साथ बदलाव को वापस लेने से इंकार कर दिया और कहा कि भारत को टैक्स हैवेन नहीं बनने दिया जा सकता है। बुधवार को सेंसेक्स में 66.60 अंकों की गिरावट रही। गुरुवार को सेंसेक्स में 59.53 अंकों की गिरावट रही। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने रुपये की कीमत में गिरावट को रोकने के लिए गुरुवार को निर्यातकों को निर्देश दिया कि वे अपनी कुल विदेशी पूंजी के आधे हिस्से को रुपये में तब्दील करें। रुपया बुधवार को डॉलर के मुकाबले रिकार्ड 53.83 पर बंद हुआ था। इस सप्ताह कमजोर आंकड़ों का भी शेयर बाजारों पर नकारात्मक असर रहा। उद्योग जगत के एक संगठन से गुरुवार को मिले आंकड़ों के मुताबिक घरेलू बाजार में कारों की बिक्री अप्रैल में सिर्फ 3.40 फीसदी बढ़ी। अप्रैल 2012 में देश में 1,68,351 कारें बिकीं, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 1,62,813 कारों की बिक्री हुई थी। उधर, केंद्रीय वाणिज्य सचिव राहुल खुल्लर ने गुरुवार को कहा कि साल-दर-साल आधार पर अप्रैल माह में निर्यात 3.2 फीसदी अधिक 24.50 अरब डॉलर रहा, जो वर्ष 2011-12 में लगभग 21 फीसदी था।टिप्पणियां इस सप्ताह बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी दो फीसदी से अधिक की गिरावट रही। मिडकैप 2.49 फीसदी या 152.09 अंकों की गिरावट के साथ 5,948.71 पर और स्मॉलकैप 2.93 फीसदी या 192.88 अंकों की गिरावट के साथ 6,395.38 पर बंद हुआ। इस सप्ताह बीएसई के सभी सेक्टरों में गिरावट रही। बिजली (4.67 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (4.38 फीसदी), धातु (4.31 फीसदी), रियल्टी (4.07 फीसदी) और बैंकिंग (3.97 फीसदी) में सर्वाधिक गिरावट रही। इसके साथ ही मुखर्जी द्वारा जनरल एंटी-एवॉयडेंस रूल्स (जीएएआर) को एक साल के लिए टालने और कर वंचना को साबित करने की जिम्मेदारी अधिकारियों के कंधे पर देने की बात कहने के बाद देश के शेयर बाजारों के प्रमुख सूचकांक सोमवार को तेजी के साथ बंद हुए थे। मंगलवार को सेंसेक्स में 366.53 अंकों की गिरावट रही। मुखर्जी ने मंगलवार को भारतीय सम्पत्ति पर विदेशी कम्पनियों को हुए पूंजी लाभ पर कर लगाने के लिए आयकर कानून में पिछले प्रभाव के साथ बदलाव को वापस लेने से इंकार कर दिया और कहा कि भारत को टैक्स हैवेन नहीं बनने दिया जा सकता है। बुधवार को सेंसेक्स में 66.60 अंकों की गिरावट रही। गुरुवार को सेंसेक्स में 59.53 अंकों की गिरावट रही। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने रुपये की कीमत में गिरावट को रोकने के लिए गुरुवार को निर्यातकों को निर्देश दिया कि वे अपनी कुल विदेशी पूंजी के आधे हिस्से को रुपये में तब्दील करें। रुपया बुधवार को डॉलर के मुकाबले रिकार्ड 53.83 पर बंद हुआ था। इस सप्ताह कमजोर आंकड़ों का भी शेयर बाजारों पर नकारात्मक असर रहा। उद्योग जगत के एक संगठन से गुरुवार को मिले आंकड़ों के मुताबिक घरेलू बाजार में कारों की बिक्री अप्रैल में सिर्फ 3.40 फीसदी बढ़ी। अप्रैल 2012 में देश में 1,68,351 कारें बिकीं, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 1,62,813 कारों की बिक्री हुई थी। उधर, केंद्रीय वाणिज्य सचिव राहुल खुल्लर ने गुरुवार को कहा कि साल-दर-साल आधार पर अप्रैल माह में निर्यात 3.2 फीसदी अधिक 24.50 अरब डॉलर रहा, जो वर्ष 2011-12 में लगभग 21 फीसदी था।टिप्पणियां इस सप्ताह बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी दो फीसदी से अधिक की गिरावट रही। मिडकैप 2.49 फीसदी या 152.09 अंकों की गिरावट के साथ 5,948.71 पर और स्मॉलकैप 2.93 फीसदी या 192.88 अंकों की गिरावट के साथ 6,395.38 पर बंद हुआ। इस सप्ताह बीएसई के सभी सेक्टरों में गिरावट रही। बिजली (4.67 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (4.38 फीसदी), धातु (4.31 फीसदी), रियल्टी (4.07 फीसदी) और बैंकिंग (3.97 फीसदी) में सर्वाधिक गिरावट रही। मंगलवार को सेंसेक्स में 366.53 अंकों की गिरावट रही। मुखर्जी ने मंगलवार को भारतीय सम्पत्ति पर विदेशी कम्पनियों को हुए पूंजी लाभ पर कर लगाने के लिए आयकर कानून में पिछले प्रभाव के साथ बदलाव को वापस लेने से इंकार कर दिया और कहा कि भारत को टैक्स हैवेन नहीं बनने दिया जा सकता है। बुधवार को सेंसेक्स में 66.60 अंकों की गिरावट रही। गुरुवार को सेंसेक्स में 59.53 अंकों की गिरावट रही। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने रुपये की कीमत में गिरावट को रोकने के लिए गुरुवार को निर्यातकों को निर्देश दिया कि वे अपनी कुल विदेशी पूंजी के आधे हिस्से को रुपये में तब्दील करें। रुपया बुधवार को डॉलर के मुकाबले रिकार्ड 53.83 पर बंद हुआ था। इस सप्ताह कमजोर आंकड़ों का भी शेयर बाजारों पर नकारात्मक असर रहा। उद्योग जगत के एक संगठन से गुरुवार को मिले आंकड़ों के मुताबिक घरेलू बाजार में कारों की बिक्री अप्रैल में सिर्फ 3.40 फीसदी बढ़ी। अप्रैल 2012 में देश में 1,68,351 कारें बिकीं, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 1,62,813 कारों की बिक्री हुई थी। उधर, केंद्रीय वाणिज्य सचिव राहुल खुल्लर ने गुरुवार को कहा कि साल-दर-साल आधार पर अप्रैल माह में निर्यात 3.2 फीसदी अधिक 24.50 अरब डॉलर रहा, जो वर्ष 2011-12 में लगभग 21 फीसदी था।टिप्पणियां इस सप्ताह बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी दो फीसदी से अधिक की गिरावट रही। मिडकैप 2.49 फीसदी या 152.09 अंकों की गिरावट के साथ 5,948.71 पर और स्मॉलकैप 2.93 फीसदी या 192.88 अंकों की गिरावट के साथ 6,395.38 पर बंद हुआ। इस सप्ताह बीएसई के सभी सेक्टरों में गिरावट रही। बिजली (4.67 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (4.38 फीसदी), धातु (4.31 फीसदी), रियल्टी (4.07 फीसदी) और बैंकिंग (3.97 फीसदी) में सर्वाधिक गिरावट रही। बुधवार को सेंसेक्स में 66.60 अंकों की गिरावट रही। गुरुवार को सेंसेक्स में 59.53 अंकों की गिरावट रही। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने रुपये की कीमत में गिरावट को रोकने के लिए गुरुवार को निर्यातकों को निर्देश दिया कि वे अपनी कुल विदेशी पूंजी के आधे हिस्से को रुपये में तब्दील करें। रुपया बुधवार को डॉलर के मुकाबले रिकार्ड 53.83 पर बंद हुआ था। इस सप्ताह कमजोर आंकड़ों का भी शेयर बाजारों पर नकारात्मक असर रहा। उद्योग जगत के एक संगठन से गुरुवार को मिले आंकड़ों के मुताबिक घरेलू बाजार में कारों की बिक्री अप्रैल में सिर्फ 3.40 फीसदी बढ़ी। अप्रैल 2012 में देश में 1,68,351 कारें बिकीं, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 1,62,813 कारों की बिक्री हुई थी। उधर, केंद्रीय वाणिज्य सचिव राहुल खुल्लर ने गुरुवार को कहा कि साल-दर-साल आधार पर अप्रैल माह में निर्यात 3.2 फीसदी अधिक 24.50 अरब डॉलर रहा, जो वर्ष 2011-12 में लगभग 21 फीसदी था।टिप्पणियां इस सप्ताह बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी दो फीसदी से अधिक की गिरावट रही। मिडकैप 2.49 फीसदी या 152.09 अंकों की गिरावट के साथ 5,948.71 पर और स्मॉलकैप 2.93 फीसदी या 192.88 अंकों की गिरावट के साथ 6,395.38 पर बंद हुआ। इस सप्ताह बीएसई के सभी सेक्टरों में गिरावट रही। बिजली (4.67 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (4.38 फीसदी), धातु (4.31 फीसदी), रियल्टी (4.07 फीसदी) और बैंकिंग (3.97 फीसदी) में सर्वाधिक गिरावट रही। इस सप्ताह कमजोर आंकड़ों का भी शेयर बाजारों पर नकारात्मक असर रहा। उद्योग जगत के एक संगठन से गुरुवार को मिले आंकड़ों के मुताबिक घरेलू बाजार में कारों की बिक्री अप्रैल में सिर्फ 3.40 फीसदी बढ़ी। अप्रैल 2012 में देश में 1,68,351 कारें बिकीं, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 1,62,813 कारों की बिक्री हुई थी। उधर, केंद्रीय वाणिज्य सचिव राहुल खुल्लर ने गुरुवार को कहा कि साल-दर-साल आधार पर अप्रैल माह में निर्यात 3.2 फीसदी अधिक 24.50 अरब डॉलर रहा, जो वर्ष 2011-12 में लगभग 21 फीसदी था।टिप्पणियां इस सप्ताह बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी दो फीसदी से अधिक की गिरावट रही। मिडकैप 2.49 फीसदी या 152.09 अंकों की गिरावट के साथ 5,948.71 पर और स्मॉलकैप 2.93 फीसदी या 192.88 अंकों की गिरावट के साथ 6,395.38 पर बंद हुआ। इस सप्ताह बीएसई के सभी सेक्टरों में गिरावट रही। बिजली (4.67 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (4.38 फीसदी), धातु (4.31 फीसदी), रियल्टी (4.07 फीसदी) और बैंकिंग (3.97 फीसदी) में सर्वाधिक गिरावट रही। उधर, केंद्रीय वाणिज्य सचिव राहुल खुल्लर ने गुरुवार को कहा कि साल-दर-साल आधार पर अप्रैल माह में निर्यात 3.2 फीसदी अधिक 24.50 अरब डॉलर रहा, जो वर्ष 2011-12 में लगभग 21 फीसदी था।टिप्पणियां इस सप्ताह बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी दो फीसदी से अधिक की गिरावट रही। मिडकैप 2.49 फीसदी या 152.09 अंकों की गिरावट के साथ 5,948.71 पर और स्मॉलकैप 2.93 फीसदी या 192.88 अंकों की गिरावट के साथ 6,395.38 पर बंद हुआ। इस सप्ताह बीएसई के सभी सेक्टरों में गिरावट रही। बिजली (4.67 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (4.38 फीसदी), धातु (4.31 फीसदी), रियल्टी (4.07 फीसदी) और बैंकिंग (3.97 फीसदी) में सर्वाधिक गिरावट रही। इस सप्ताह बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी दो फीसदी से अधिक की गिरावट रही। मिडकैप 2.49 फीसदी या 152.09 अंकों की गिरावट के साथ 5,948.71 पर और स्मॉलकैप 2.93 फीसदी या 192.88 अंकों की गिरावट के साथ 6,395.38 पर बंद हुआ। इस सप्ताह बीएसई के सभी सेक्टरों में गिरावट रही। बिजली (4.67 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (4.38 फीसदी), धातु (4.31 फीसदी), रियल्टी (4.07 फीसदी) और बैंकिंग (3.97 फीसदी) में सर्वाधिक गिरावट रही। इस सप्ताह बीएसई के सभी सेक्टरों में गिरावट रही। बिजली (4.67 फीसदी), सूचना प्रौद्योगिकी (4.38 फीसदी), धातु (4.31 फीसदी), रियल्टी (4.07 फीसदी) और बैंकिंग (3.97 फीसदी) में सर्वाधिक गिरावट रही।
संक्षिप्त सारांश: देश के शेयर बाजारों में 11 मई को समाप्त कारोबारी सप्ताह में गिरावट रही। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 3.20 फीसदी यानी 538.10 अंकों की साप्ताहिक गिरावट के साथ शुक्रवार को 16,292.98 पर और निफ्टी 3.10 फीसदी यानी 157.95 अंकों की गिरावट के साथ 4,928.90 पर बंद हुआ।
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['hin']
एक सारांश बनाओ: श्रीलंका में बीते दिनों हुए आतंकी हमले के बाद यहां की सरकार ने अब चेहरा ढकने पर प्रतिबंध लगा दिया है. साथ ही अब से सार्वजनिक स्थानों पर मुस्लिम महिलाएं हिजाब भी नहीं पहन पाएंगी. श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना द्वारा घोषित नए नियम सोमवार से प्रभावी हो गए हैं. राष्ट्रपति ने रविवार को नए नियम की घोषणा की थी जिसके तहत चेहरे को ढकने वाली किसी भी तरह की पोशाक पहनने पर रोक लगा दी गई है. बता दें कि इससे एक हफ्ते पहले श्रीलंका के तीन चर्च और तीन होटलों में हुए सिलसिलेवार धमाकों में 250 से ज्यादा लोग मारे गए थे और 500 से अधिक लोग घायल हुए थे. इसमें खास तौर पर उल्लेख किया गया है कि पहचान में बाधक चेहरे पर डाला जाने वाला किसी भी तरह का कपड़ा. सिरिसेना के कार्यालय ने एक बयान में कहा कि यह प्रतिबंध राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए है.किसी को अपना चेहरा ढककर अपनी पहचान मुश्किल नहीं बनानी चाहिए. ‘कोलंबो पेज' की खबर के मुताबिक राष्ट्रपति ने आपात नियमों के तहत यह कदम उठाया है जिसके जरिए चेहरे को ढकने वाले किसी भी तरह के कपड़े के प्रयोग को प्रतिबंधित किया गया है, ताकि किसी व्यक्ति की पहचान स्थापित करने में दिक्कत न आए और राष्ट्र एवं जन सुरक्षा के लिए कोई खतरा न पैदा हो. खबर के अनुसार, आदेश में स्पष्ट किया गया है कि किसी व्यक्ति की पहचान स्थापित करने का महत्त्वपूर्ण मानदंड उसके चेहरे का साफ-साफ दिखना है. इसमें कहा गया कि राष्ट्रपति ने यह फैसला शांतिपूर्ण एवं समन्वित समाज स्थापित करने के लिए लिया है ताकि किसी समुदाय को कोई असुविधा भी न हो और राष्ट्रीय सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सके. हालांकि राष्ट्रपति की ओर से जारी शासकीय आदेश में नकाब और बुर्के का उल्लेख नहीं है. सरकार नकाब एवं बुर्का दोनों को प्रतिबंधित करने का विचार कर रही थी. उसने मुस्लिम मौलानाओं से सहयोग मांगा था जिनमें से कुछ ने बयान दिया कि वर्तमान अस्थिर सुरक्षा स्थिति के मद्देनजर दोनों को पहनने से बचा जाना चाहिए. जमीयत उल उलेमा के प्रवक्ता फाजिल फारूक ने कहा कि हमने सुरक्षाबलों के साथ सहयोग करने के लिए लोगों को घर से चेहरा बिना ढके निकलने की अनुमति दी है. बम धमाकों के बाद लोग नकाब एवं बुर्का को प्रतिबंधित करने की मांग कर रहे थे. श्रीलंका में मुस्लिमों की आबादी 10 प्रतिशत है और वे हिन्दुओं के बाद दूसरे सबसे बड़े अल्पसंख्यक हैं. श्रीलंका में करीब सात प्रतिशत ईसाई हैं. (इनपुट भाषा से)
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: आतंकी हमले में गई थी 300 से ज्यादा लोगों की जान तीन शहरों में हुआ था आतंकी हमला चर्च को बनाया गया था निशाना
32
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दो अलग सोच के लोग बेहतरीन पार्टनर होते हैं इस सोच को गलत ठहराती है ये फिल्म। फिल्म कहती है कि लाइक माइंड पार्टनर ढूंढो और बिना समझौता किए खुश रहो। कहानी नैना के अलावा जय और गोविंद जैसे दोस्तों की है। म्यूजिक लवर नैना की पसंद इन्वेस्टमेंट बैंकिंग पार्टनर ध्रुव से एकदम अलग है। कुछ इसी तरह से जय उर्फ जाएद खान और गोविंद यानी सायरस साहूकार की लव लाइफ से भी चमक चली गई है। तीनों एक शादी में मिलते हैं और धीरे-धीरे इन्हें एहसास होता है कि ये अपने एग्जिस्टिंग पार्टनर्स के लिए नहीं बने हैं। इतनी-सी बात कहने के लिए राइटर डायरेक्टर साहिल सांघा ने बेहद लंबा रास्ता चुना। स्टोरी तो फिल्म में है ही नहीं लेकिन इमोशनल ड्रामा, टि्वस्ट टर्न….सब गायब है। कभी-कभार शरारती दोस्तों के डायलॉग्स जरूर चेहरे पर मुस्कुराहट ले आते हैं। प्रोड्यूसर के तौर पर दीया मिर्जा और जाएद खान की ये पहली फिल्म है लेकिन लगता है दीया के डायरेक्टर ब्वॉयफ्रेंड साहिल सांघा ने स्क्रिप्ट से ज्यादा ध्यान दीया के कॉस्ट्यूम और आर्टवर्क पर दे दिया। एक्टिंग, परफॉरमेंस….और रब राखा नाम का गाना…ठीक है। 'लव ब्रेकअप्स जिंदगी' जैसी साफ सुथरी फिल्म दीया की ओर से एक डीसेंट अटेम्प्ट है लेकिन कमी है पेस की। फिल्म इतनी स्लो है कि शाहरुख खान… और रितेश देशमुख जैसे स्टार्स भी इसे उठा नहीं पाते। इससे पहले…मैंने इतनी स्लो फिल्म 'मौसम' देखी थी। अब ये दीया का मौसम है। फिल्म के लिए मेरी रेटिंग है 2 स्टार।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: दो अलग सोच के लोग बेहतरीन पार्टनर होते हैं इस सोच को गलत ठहराती है ये फिल्म। यह एक साफ-सुथरी फिल्म है।
19
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: पश्चिम बंगाल सरकार ने कहा है कि एएमआरआई अस्पताल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जहां आग लगने की घटना में 40 रोगियों की मौत हो गई। लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री सुब्रत मुखर्जी ने अस्पताल का मुआयना करने के बाद संवाददाताओं से कहा, राज्य सरकार राहत अभियानों के बाद इतनी बड़ी संख्या में मरीजों की मौत के लिए एएमआरआई समूह के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी। मुखर्जी ने कहा, हैरानी की बात है कि अस्पताल के अधिकारियों ने आग में फंसे रोगियों को बचाने के लिए कोई प्रयास नहीं किया। उन्होंने कहा कि अस्पताल के वरिष्ठ अधिकारी आग लगते ही वहां से भाग गए।पश्चिम बंगाल के शहरी विकास मंत्री फिरहाद हकीम ने बताया कि स्थानीय लोगों ने तड़के करीब साढ़े तीन बजे आग देखी और वे अस्पताल पहुंचे, लेकिन उन्हें निजी सुरक्षा कर्मियों ने भगा दिया। मार्ग के संकरा होने के कारण दमकल गाड़ियों को अस्पताल परिसर में पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ा। इमारत से जैसे-जैसे मरीजों को निकाला जा रहा था, बाहर मौजूद लोग अपने मरीज की तलाश में उसकी तरफ दौड़ पड़ते थे।अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजन सरकार एवं अस्पताल प्रशासन की लापरवाही से नाराज हो कर अपने गुस्से इजहार कर रहे थे। प्रदीप सरकार नामक इस शख्स ने अग्निशमन कर्मी पर चिल्लाते हुए कहा, अब आने का क्या मतलब है?...प्रशासन निकम्मा एवं बेकार है। प्रदीप के ससुर इस अस्पताल में दिल की बीमारी के चलते भर्ती थे। रात भर अस्पताल में रहे प्रदीप ने आरोप लगाया कि अग्निशमन कर्मी देर से आए और उनके पास पूरे उपकरण भी नहीं थे। उन्होंने कहा, वे (अग्निशमन कर्मी) सामान्य सीढ़ी लेकर आए थे। अगर वे स्काई लिफ्ट पहले लेकर आए होते तो कई जीवन बचाए जा सकते थे। मरीजों के रिश्तेदार उनकी खबर लेने के लिए एक से दूसरे अधिकारी के पास चक्कर लगा रहे थे। अपनी चाची को तलाश रहीं जयंता बोस ने कहा, मैंने अपनी चाची की तलाश तीन बजे से कर रही हूं। न तो अस्पताल प्रशासन और नहीं पुलिस को इस बारे में कोई सूचना है। स्थानीय लोगों ने मरीजों को बचाने के लिए अस्पताल में प्रवेश करने का प्रयास किया लेकिन उन्हें रोक दिया गया। अन्य स्थानीय निवासियों की तरह राहत कार्यो में हाथ बंटा रहे रंजीत मंडल ने कहा, हमने दो बजे इमारत से धुआं निकलते देखा। हम तुरंत सहायता के लिए इकट्ठे हो गए। लेकिन हमें प्रवेश करने से मना कर दिया गया। अगर हमें इसकी इजाजत मिल जाती तो कई लोगों को बचाया जा सकता था। एक अन्य निवासी इरफान ने कहा, जब हम यहां पहुंचे तो मरीज सहायता के लिए आवाज दे रहे थे। लेकिन हमें घुसने नहीं दिया गया। उन्हें इन मौतों के लिए मृत्युदंड मिलना चाहिए।
पश्चिम बंगाल के लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री सुब्रत मुखर्जी ने कहा कि एएमआरआई अस्पताल में आग लगते ही वहां के वरिष्ठ अधिकारी भाग गए।
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['hin']
एक सारांश बनाओ: बॉलीवुड के सुल्तान सलमान खान (Salman Khan), कैटीरना कैफ (Katrina Kaif) और दिशा पटानी (Disha Patani) की ये फिल्म दर्शकों को खूब पसंद आई है. इस फिल्म ने रिलीज होने के चार दिन बाद ही 100 करोड़ का आकंड़ा पार कर लिया था. बता दें एक्टर सलमान खान की अब तक की ये सबसे बड़ी ओपनिंग वाली फिल्म रही थी. इस फिल्म ने अपने पहले वीकेंड में जोरदार कमाई की. अली अब्बास जफर (Ali Abbas Zafar) द्वारा निर्देशित ये फिल्म 5 जून को ईद के मौके पर रिलीज हुई थी. फिल्म 'भारत' (Bharat) को फैन्स का काफी शानदार रिएक्शन मिला. एक्टर सलमान खान (Salman Khan) जब भी डायरेक्टर अली अब्बास जफर के साथ आए हैं, उन्होंने बॉक्स ऑफिस पर इस तरह का करिश्मा किया है. फिर वह चाहे 'सुल्तान' (Sultan) हो या फिर 'टाइगर जिंदा है' (Tiger Zinda Hai). बता दें अब जल्द ही सलमान खान सुपरहिट फिल्म 'दबंग' के तीसरे पार्ट में नजर आने वाले हैं. फिल्म 'दबंग 3' में एक बार फिर सलमान खान और सोनाक्षी सिन्हा की जोड़ी मिलकर धमाल मचाएगी. इस फिल्म को इस बार डांसर प्रभु देवा (Prabhu Deva) डायरेक्ट करेंगे. सलमान खान की फिल्म 'दबंग 3' (Dabangg 3) से फैन्स को बहुत उम्मीदें हैं. हालांकि अब देखना होगा कि सलमान 'दबंग' की दोनों फिल्मों की तरह 'दबंग 3' में भी अपना जादू बरकरार रख पाएंगे या नहीं.
सारांश: सलमान खान की 'भारत' जल्द ही करेगी 300 करोड़ का आंकड़ा पार विदेश में कमाए लगभग 66 करोड़ रुपये तीसरे हफ्ते भी धांसू कमाई जारी
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: केजरीवाल ने कहा कि 'पहले लोगों को सरकार के द्वारा किए जा रहे कामों के संबंध में, पार्टी की रणनीतियों के संबंध में तथा अन्य चीजों के संबंध में जानकारी प्राप्त करने के लिए विभिन्न स्रोतों को खंगालना पढ़ता था, परंतु अब एक ही ऐप के जरिए दुनिया के किसी भी कोने में बैठे हुए व्यक्ति को सारी जानकारियां प्राप्त होंगी.' अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 'आम आदमी पार्टी देश की सबसे नई पार्टी है. अभी कुछ साल पहले ही पार्टी का जन्म हुआ है. आम आदमी पार्टी युवा पार्टी है और युवाओं की पार्टी है. अन्ना आंदोलन के बाद से लेकर आज तक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सबसे अधिक आधुनिक विधियों का इस्तेमाल करने वाली पार्टी है.' उन्होंने कहा कि 'इसी सोशल प्लेटफॉर्म को आगे बढ़ाने की दिशा में इस ऐप का निर्माण किया गया है. अब किसी भी व्यक्ति को घर बैठे सारी खबरें इस ऐप के माध्यम से आसानी से मिल सकती हैं. जो लोग आम आदमी पार्टी में रुचि रखते हैं एवं जो लोग दिल्ली सरकार द्वारा दिल्ली में किए जा रहे विकास कार्यों से प्रभावित हैं उनको अब सभी जानकारियां इस ऐप के माध्यम से आसानी से मिल सकेंगी.' अरविंद केजरीवाल ने बताया कि जितने भी पार्टी के एवं सरकार के जो कार्यक्रम होते हैं वह अब इस ऐप के माध्यम से घर बैठे लाइव देखे जा सकेंगे. उन्होंने कहा कि 'सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस ऐप के माध्यम से अब दिल्ली के अंदर जो शिक्षा के क्षेत्र में, स्वास्थ्य के क्षेत्र में, बिजली-पानी के क्षेत्र में, विकास के क्षेत्र में काम हुए हैं, महिला सुरक्षा के मद्देनजर जो सीसीटीवी कैमरा लगाने का युद्ध स्तर पर काम हुआ है, स्ट्रीट लाइट लगाने का जो काम चल रहा है, दिल्ली गवर्नेंस मॉडल से जुड़ी ऐसी सभी खबरें, सभी वीडियो और फोटोग्राफ अब इस ऐप के माध्यम से देखने को, पढ़ने को और सुनने को मिलेंगे.' केजरीवाल ने कहा कि 'दूसरी एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि कई बार आम आदमी पार्टी के खिलाफ, दिल्ली सरकार के खिलाफ झूठा प्रोपेगेंडा चलाया जाता है और उसकी सफाई में हमें अपना पक्ष रखने का मौका तक नहीं दिया जाता. अब इस ऐप के माध्यम से हम इस प्रकार के सभी प्रोपेगेंडा के खिलाफ जनता तक अपना पक्ष पहुंचाएंगे. इस ऐप में एक भाग है जिसका नाम है "Truth V/s Propaganda"  इस भाग में आपको हमारे खिलाफ फैलाए जा रहे ऐसे किसी भी प्रकार के झूठ के संबंध में सारी सच्चाइयां उपलब्ध कराई जाएंगी. ताकि जनता को पता चल सके कि झूठ क्या है और सच क्या है.' उन्होंने कहा कि 'आम आदमी पार्टी आंदोलन से निकली हुई एक पार्टी है. आंदोलन से लेकर अब तक का जो भी हमारा संघर्ष रहा है, उस संघर्ष से जुड़ी सभी खबरें, सभी कहानियां, सभी वीडियो, सभी फोटोग्राफ भी आपको इस ऐप के माध्यम से मिल सकेंगे.' मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मीडिया के माध्यम से देश और दुनिया के कोने में बैठे हुए भारतीय मूल के लोगों से अपील की, कि ज्यादा से ज्यादा इस ऐप को डाउनलोड करें और आम आदमी पार्टी से एवं मुझसे सीधे तौर पर जुड़ें. ऐप से जुड़ने के लिए उन्होंने तीन तरीके बताए. पहला 9871 010101 पर मिस कॉल करें. फोन पर एक लिंक आएगा, उस लिंक के माध्यम से ऐप डाउनलोड करें. दूसरा वेबसाइट arvindkejriwal.in के माध्यम से ऐप को डाउनलोड कर सकते हैं.  और तीसरा फोन के प्ले स्टोर पर जाकर ऐप को डाउनलोड कर सकते हैं.
संक्षिप्त पाठ: दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने किया 'एके ऐप' का उद्घाटन ऐप पर सरकार, पार्टी से जुड़ी खबरों के साथ फोटो और वीडियो भी होंगे आम आदमी पार्टी मुख्यालय में किया गया ऐप लॉन्च
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: दिल्ली में ही बलात्कार और छेड़छाड़ की घटनाएं नहीं होती, देश के दूसरे हिस्सों में भी महिलाएं महफूज नहीं हैं। मणिपुरी अभिनेत्री से खुलेआम बदतमीजी और छेड़खानी करने के साथ−साथ हाथापाई की एक घटना सामने आई है। अभिनेत्री एक शो को होस्ट कर रही थी तभी एक नागा आतंकी ने सबके सामने उससे छेड़खानी और हाथापाई की। उसके साथी अभिनेता ने उसे बचाने की कोशिश की तो आतंकी ने उस पर गोलियां चलाईं। पीड़ित अभिनेत्री का आरोप है कि सेना और पुलिसवाले भी वहां मौजूद थे, लेकिन किसी ने मदद तक नहीं की। इस घटना के बाद महिलाओं ने इम्फाल में मुख्यमंत्री दफ्तर के बाहर प्रदर्शन कर नागा आतंकी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। अभिनेत्री एक शो को होस्ट कर रही थी तभी एक नागा आतंकी ने सबके सामने उससे छेड़खानी और हाथापाई की। उसके साथी अभिनेता ने उसे बचाने की कोशिश की तो आतंकी ने उस पर गोलियां चलाईं। पीड़ित अभिनेत्री का आरोप है कि सेना और पुलिसवाले भी वहां मौजूद थे, लेकिन किसी ने मदद तक नहीं की। इस घटना के बाद महिलाओं ने इम्फाल में मुख्यमंत्री दफ्तर के बाहर प्रदर्शन कर नागा आतंकी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
संक्षिप्त सारांश: जब अभिनेत्री एक शो को होस्ट कर रही थी तभी एक नागा आतंकी ने सबके सामने उससे छेड़खानी और हाथापाई की। उसके साथी अभिनेता ने उसे बचाने की कोशिश की तो आतंकी ने उस पर गोलियां चलाईं।
0
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मनु पंजाबी और स्वामी ओम को सेलिब्रिटी रियलिटी शो 'बिग बॉस' से अचानक बाहर होना पड़ा. पिछले दिनों दिल्ली की एक अदालत द्वारा स्वामी ओम के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया था जिसके बाद यह तय माना जा रहा था कि कुछ ही दिनों में उन्हें शो से बाहर जाना पड़ेगा. लेकिन यह घरवालों और दर्शकों को चौंकाते हुए शो के सबसे मजबूत प्रतिभागियों में से एक मनु पंजाबी को भी 'बिग बॉस' ने घर से बाहर निकलने के निर्देश दे दिए.इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार मनु पंजाबी की मां का देहांत हो गया है और इस वजह से उन्हें 'बिग बॉस' का घर छोड़ना पड़ा. बताया जा रहा है कि 'बिग बॉस' के बाकी घरवालों को इस संबंध में जानकारी नहीं दी गई है. मनु पंजाबी, मोनालीसा और मनवीर गुर्जर 'बिग बॉस' के घर में शुरू से पक्के दोस्त रहे हैं. शनिवार सुबह मनु पंजाबी के शो से बाहर निकलने की खबर के बाद ट्विटर पर वह ट्रेंड करने लगे, उनके फैन्स उनके समर्थन में ट्वीट करने लगे कि शो में उन्हें मिस किया जाएगा. वह टीम इंडियावाले का हिस्सा थे.टिप्पणियां वीकेंड का वार एपिसोड में मनु घरवालों के सामने अपनी मंगेतर से बात करेंगे और उन्हें मोनालीसा से अपने संबंधों के बारे में बताएंगे. इस बीच मोनालीसा के बॉयफ्रेंड भी शो में आएंगे और उन्हें बताएंगे कि मनु पंजाबी से उनकी करीबी सही नहीं है. स्वामी ओम पर उनके भाई प्रमोद झा की एक रिपोर्ट के आधार पर एक क्रिमिनल केस चल रहा है. दिल्ली के चीफ मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट सतिश कुमार अरोड़ा की बेंच ने 24 नवंबर को स्वामी ओम के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था. स्वामी ओम पर अपने तीन साथियों के साथ दिल्ली के लोधी कॉलोनी स्थित अपने भाई प्रमोद झा की दुकान तोड़ने और साइकिल और स्पेयर पार्ट चुराने का आरोप है. उन्हें इस 14 अक्टूबर को कोर्ट में पेश होने का समन भेजा गया था पर वे हाजिर नहीं हुए, इसके बाद आठ नवंबर को उन्हें कोर्ट में पेश होना था तब भी वह पेश नहीं हुए. इसके बाद कोर्ट ने 24 नवंबर को उनके खिलाफ नॉन बेलेबल वारंट जारी किया. इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार मनु पंजाबी की मां का देहांत हो गया है और इस वजह से उन्हें 'बिग बॉस' का घर छोड़ना पड़ा. बताया जा रहा है कि 'बिग बॉस' के बाकी घरवालों को इस संबंध में जानकारी नहीं दी गई है. मनु पंजाबी, मोनालीसा और मनवीर गुर्जर 'बिग बॉस' के घर में शुरू से पक्के दोस्त रहे हैं. शनिवार सुबह मनु पंजाबी के शो से बाहर निकलने की खबर के बाद ट्विटर पर वह ट्रेंड करने लगे, उनके फैन्स उनके समर्थन में ट्वीट करने लगे कि शो में उन्हें मिस किया जाएगा. वह टीम इंडियावाले का हिस्सा थे.टिप्पणियां वीकेंड का वार एपिसोड में मनु घरवालों के सामने अपनी मंगेतर से बात करेंगे और उन्हें मोनालीसा से अपने संबंधों के बारे में बताएंगे. इस बीच मोनालीसा के बॉयफ्रेंड भी शो में आएंगे और उन्हें बताएंगे कि मनु पंजाबी से उनकी करीबी सही नहीं है. स्वामी ओम पर उनके भाई प्रमोद झा की एक रिपोर्ट के आधार पर एक क्रिमिनल केस चल रहा है. दिल्ली के चीफ मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट सतिश कुमार अरोड़ा की बेंच ने 24 नवंबर को स्वामी ओम के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था. स्वामी ओम पर अपने तीन साथियों के साथ दिल्ली के लोधी कॉलोनी स्थित अपने भाई प्रमोद झा की दुकान तोड़ने और साइकिल और स्पेयर पार्ट चुराने का आरोप है. उन्हें इस 14 अक्टूबर को कोर्ट में पेश होने का समन भेजा गया था पर वे हाजिर नहीं हुए, इसके बाद आठ नवंबर को उन्हें कोर्ट में पेश होना था तब भी वह पेश नहीं हुए. इसके बाद कोर्ट ने 24 नवंबर को उनके खिलाफ नॉन बेलेबल वारंट जारी किया. वीकेंड का वार एपिसोड में मनु घरवालों के सामने अपनी मंगेतर से बात करेंगे और उन्हें मोनालीसा से अपने संबंधों के बारे में बताएंगे. इस बीच मोनालीसा के बॉयफ्रेंड भी शो में आएंगे और उन्हें बताएंगे कि मनु पंजाबी से उनकी करीबी सही नहीं है. स्वामी ओम पर उनके भाई प्रमोद झा की एक रिपोर्ट के आधार पर एक क्रिमिनल केस चल रहा है. दिल्ली के चीफ मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट सतिश कुमार अरोड़ा की बेंच ने 24 नवंबर को स्वामी ओम के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था. स्वामी ओम पर अपने तीन साथियों के साथ दिल्ली के लोधी कॉलोनी स्थित अपने भाई प्रमोद झा की दुकान तोड़ने और साइकिल और स्पेयर पार्ट चुराने का आरोप है. उन्हें इस 14 अक्टूबर को कोर्ट में पेश होने का समन भेजा गया था पर वे हाजिर नहीं हुए, इसके बाद आठ नवंबर को उन्हें कोर्ट में पेश होना था तब भी वह पेश नहीं हुए. इसके बाद कोर्ट ने 24 नवंबर को उनके खिलाफ नॉन बेलेबल वारंट जारी किया. स्वामी ओम पर उनके भाई प्रमोद झा की एक रिपोर्ट के आधार पर एक क्रिमिनल केस चल रहा है. दिल्ली के चीफ मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट सतिश कुमार अरोड़ा की बेंच ने 24 नवंबर को स्वामी ओम के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था. स्वामी ओम पर अपने तीन साथियों के साथ दिल्ली के लोधी कॉलोनी स्थित अपने भाई प्रमोद झा की दुकान तोड़ने और साइकिल और स्पेयर पार्ट चुराने का आरोप है. उन्हें इस 14 अक्टूबर को कोर्ट में पेश होने का समन भेजा गया था पर वे हाजिर नहीं हुए, इसके बाद आठ नवंबर को उन्हें कोर्ट में पेश होना था तब भी वह पेश नहीं हुए. इसके बाद कोर्ट ने 24 नवंबर को उनके खिलाफ नॉन बेलेबल वारंट जारी किया.
सारांश: मां का देहांत होने की वजह से मनु पंजाबी की छोड़ना पड़ा 'बिग बॉस' का घर. स्वामी ओम के खिलाफ जारी किया गया है नॉन बेलेबल वॉरंट. घरवालों को नहीं बताई गई मनु के बाहर होने की वजह.
20
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: दिल्ली की केजरीवाल सरकार की कैबिनेट ने न्यूनतम मजदूरी में बड़ी वृद्धि कर दी है. सभी श्रेणियों की मजदूरी में करीब 50 फीसदी की वृद्धि की गई है. यह देश में मजदूरी में अब तक हुई सबसे बड़ी बढ़ोतरी है. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी.   केजरीवाल ने कहा कि इस वृद्धि के जरिए अकुशल कामगारों का वेतन 9568 से 14052 रुपये, अर्ध कुशल कामगारों का 10582 से 15471 और कुशल कामगारों का वेतन 11622 से 17033 रुपये कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि यह सरकार गरीबों और मिडिल क्लास के लिए काम करती है. जब गरीब की जेब में पैसा जाएगा तो अर्थव्यवस्था में डिमांड आएगी. केजरीवाल ने कहा कि किसी भी इलाके की शराब की दुकान से अगर इलाके के लोग दुखी हैं और मोहल्ला सभा ने अगर कह दिया तो उसको दूसरी जगह शिफ्ट होना पड़ेगा, या बंद होना होगा. इस साल अब कोई नई शराब की दुकान नहीं खुलेगी. सभी शराब दुकानों के मालिकों को सुनिश्चित करना होगा कि दुकान के बाहर कोई गड़बड़ न हो. केजरीवाल ने कहा कि किसी भी इलाके की शराब की दुकान से अगर इलाके के लोग दुखी हैं और मोहल्ला सभा ने अगर कह दिया तो उसको दूसरी जगह शिफ्ट होना पड़ेगा, या बंद होना होगा. इस साल अब कोई नई शराब की दुकान नहीं खुलेगी. सभी शराब दुकानों के मालिकों को सुनिश्चित करना होगा कि दुकान के बाहर कोई गड़बड़ न हो.
सारांश: मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने की घोषणा गरीबों और मिडिल क्लास के लिए काम करने का दावा लोगों की शिकायत पर हटा दी जाएंगी शराब दुकानें
20
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: सहारा समूह ने बीसीसीआई से जारी विवाद में उनके प्रस्ताव को ठुकरा दिया है, और आरोप लगाया है कि बीसीसीआई ने उनके साथ विश्वासघात किया है। इससे पहले बोर्ड अध्यक्ष श्रीनिवासन ने कहा था कि सहारा के लिए नियम नहीं बदले जा सकते। बताया जाता है कि बीसीसीआई 11 साल तक भारतीय टीम के स्पॉन्सर रहे सहारा समूह की सभी शर्तें मानने को तैयार नहीं है। हालांकि बीसीसीआई अमेरिका में इलाज करा रहे क्रिकेटर युवराज सिंह के स्थान पर किसी और खिलाड़ी को देने पर राजी हो गया है, लेकिन इसके अलावा बैंक गारंटी को लेकर भी दोनों पक्षों के बीच बात अटक गई है। बताया जाता है कि बीसीसीआई 11 साल तक भारतीय टीम के स्पॉन्सर रहे सहारा समूह की सभी शर्तें मानने को तैयार नहीं है। हालांकि बीसीसीआई अमेरिका में इलाज करा रहे क्रिकेटर युवराज सिंह के स्थान पर किसी और खिलाड़ी को देने पर राजी हो गया है, लेकिन इसके अलावा बैंक गारंटी को लेकर भी दोनों पक्षों के बीच बात अटक गई है।
यह एक सारांश है: सहारा समूह ने बीसीसीआई से जारी विवाद में उनके प्रस्ताव को ठुकरा दिया है, और आरोप लगाया है कि बीसीसीआई ने उनके साथ विश्वासघात किया है।
2
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्पेशल विमान को रास्ता न दिए जाने पर भारत ने पाकिस्तान की इस हरकत का अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संस्था ICAO से शिकायत की है. यह जानकारी सरकार से जुड़े सूत्रों ने दी है. पाकिस्तान की ओर से की गई हरकत की निंदा करते हुए सूत्र ने बताया कि कोई भी सामान्य देश वीवीआईपी स्पेशल फ्लाइट को आम तौर पर रास्ता देते हैं. सूत्र ने कहा, 'फ्लाइट के रास्ते के लिए इजाजत मांगी जाती है और ICAO के दिशा-निर्देश के मुताबिक देशों को इसकी इजाजत देना होता है. हमने इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय संस्था के सामने उठाया है'.  पाकिस्तानी मीडिया में छपी रिपोर्ट के मुताबिक भारत ने पीएम मोदी की सऊदी अरब की यात्रा के लिए उनके स्पेशल विमान के लिए रास्ता देने की इजाजत मांगी थी. पाकिस्तान के एक प्रमुख अखबार डॉन ने लिखा, 'विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने घोषणा की है कि पाकिस्तान ने भारत के प्रधानमंत्री मोदी के विमान के लिए एयर स्पेस इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं दी है'.   सूत्र के मुताबिक पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय संस्था की गाइडलाइन का पालन करने पर जवाब देना चाहिए  इसके साथ ही पुरानी आदत पर फिर से विचार करना चाहिए जिसमें वह एकतरफा कार्रवाई पर मनगढ़ंत वजहें बताता है. आपको बता दें कि इससे पहले भी वह पीएम  मोदी की फ्लाइट को रास्ता ने देने मना कर चुका है जब प्रधानमंत्री संयुक्त राष्ट्र की आम सभा में हिस्सा लेने जा रहे थे. वहीं जब राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद यूरोप की यात्रा पर जा रहे थे तो भी पाकिस्तान ने उनके विमान को रास्ता देने से मना कर दिया था.  गौरतलब है कि पाकिस्तान ने फरवरी में  भारतीय वायुसेना के ऑपरेशन बालाकोट के बाद अपना एयरस्पेस बंद कर दिया था. इसके बाद उसने भारत, बैंकॉक और कुआलालंपुर को छोड़कर बाकी सबके लिए एयरस्पेस खोल दिया था. 15 मई को पाकिस्तान ने फिर 30 मई तक भारत जाने वाली सभी फ्लाइटों के लिए रास्ता खोल दिया था और 16 जुलाई को इसने एयरस्पेस को पूरी तरह से खोल दिया था.
भारत ने की ICAO में शिकायत दूसरी बार पाकिस्तान ने नहीं दी विमान को इजाजत राष्ट्रपति के विमान को भी नहीं दी थी इजाजत
28
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: राम मंदिर आंदोलन और हिंदुत्व के एजेंडे का प्रसार कर रही बीजेपी के लिए अजीबो-गरीब स्थिति पैदा करते हुए पार्टी के राज्यसभा सदस्य राम जेठमलानी ने रामायण के मुख्य नायक राम को बुरा पति करार दिया। स्त्री-पुरुष संबंधों पर लिखी गई एक किताब के विमोचन समारोह में जेठमलानी ने कहा, राम बुरे पति थे। मैं उन्हें पसंद नहीं करता। उन्होंने बेचारी महिला (सीता) को निर्वासन में भेज दिया, क्योंकि किसी मछुआरे ने कुछ कह दिया था। जेठमलानी ने लक्ष्मण के बारे में कहा कि वह तो और बुरे थे।टिप्पणियां उन्होंने कहा, जब सीता का हरण हुआ तो राम ने उन्हें (लक्ष्मण को) सीता का पता लगाने को कहा, क्योंकि हरण के दौरान सीता की देखरेख का जिम्मा उन्हीं का (लक्ष्मण का) था। तब लक्ष्मण ने कह दिया कि वह (सीता) तो उनकी भाभी हैं और उन्होंने कभी उनका चेहरा नहीं देखा है, इसलिए वह उन्हें पहचान नहीं सकेंगे। इससे पहले, जेठमलानी ने धर्म के उपयोग के खिलाफ कहा, आज हम एक चौराहे पर खड़े हैं। धर्म पूरी तरह बदल गया है। धर्म ने आतंक पैदा किया है। धर्म उन लोगों को पैदा कर रहा है, जो हत्या के लिए फतवा जारी करते हैं...। स्त्री-पुरुष संबंधों पर लिखी गई एक किताब के विमोचन समारोह में जेठमलानी ने कहा, राम बुरे पति थे। मैं उन्हें पसंद नहीं करता। उन्होंने बेचारी महिला (सीता) को निर्वासन में भेज दिया, क्योंकि किसी मछुआरे ने कुछ कह दिया था। जेठमलानी ने लक्ष्मण के बारे में कहा कि वह तो और बुरे थे।टिप्पणियां उन्होंने कहा, जब सीता का हरण हुआ तो राम ने उन्हें (लक्ष्मण को) सीता का पता लगाने को कहा, क्योंकि हरण के दौरान सीता की देखरेख का जिम्मा उन्हीं का (लक्ष्मण का) था। तब लक्ष्मण ने कह दिया कि वह (सीता) तो उनकी भाभी हैं और उन्होंने कभी उनका चेहरा नहीं देखा है, इसलिए वह उन्हें पहचान नहीं सकेंगे। इससे पहले, जेठमलानी ने धर्म के उपयोग के खिलाफ कहा, आज हम एक चौराहे पर खड़े हैं। धर्म पूरी तरह बदल गया है। धर्म ने आतंक पैदा किया है। धर्म उन लोगों को पैदा कर रहा है, जो हत्या के लिए फतवा जारी करते हैं...। उन्होंने कहा, जब सीता का हरण हुआ तो राम ने उन्हें (लक्ष्मण को) सीता का पता लगाने को कहा, क्योंकि हरण के दौरान सीता की देखरेख का जिम्मा उन्हीं का (लक्ष्मण का) था। तब लक्ष्मण ने कह दिया कि वह (सीता) तो उनकी भाभी हैं और उन्होंने कभी उनका चेहरा नहीं देखा है, इसलिए वह उन्हें पहचान नहीं सकेंगे। इससे पहले, जेठमलानी ने धर्म के उपयोग के खिलाफ कहा, आज हम एक चौराहे पर खड़े हैं। धर्म पूरी तरह बदल गया है। धर्म ने आतंक पैदा किया है। धर्म उन लोगों को पैदा कर रहा है, जो हत्या के लिए फतवा जारी करते हैं...। इससे पहले, जेठमलानी ने धर्म के उपयोग के खिलाफ कहा, आज हम एक चौराहे पर खड़े हैं। धर्म पूरी तरह बदल गया है। धर्म ने आतंक पैदा किया है। धर्म उन लोगों को पैदा कर रहा है, जो हत्या के लिए फतवा जारी करते हैं...।
संक्षिप्त पाठ: राम मंदिर आंदोलन और हिंदुत्व के एजेंडे का प्रसार कर रही बीजेपी के लिए अजीबो-गरीब स्थिति पैदा करते हुए पार्टी के राज्यसभा सदस्य राम जेठमलानी ने रामायण के मुख्य नायक राम को बुरा पति करार दिया।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: गौतम गंभीर को यदि वेस्टइंडीज दौरे के लिए अनफिट घोषित कर दिया जाता है, तो तमिलनाडु के युवा सलामी बल्लेबाज अभिनव मुकुंद को उनके स्थान पर टेस्ट टीम में शामिल किया जा सकता है। टेस्ट टीम का चयन शुक्रवार को किया जाएगा। वीरेंद्र सहवाग कंधे की चोट के कारण पहले ही बाहर हैं, जबकि गंभीर का खेलना भी संदिग्ध है। ऐसे में चयनकर्ताओं के लिए ऐसे सलामी बल्लेबाज का चयन करना मुश्किल होगा, जो नई गेंद का अच्छी तरह से सामना कर पाए। मुरली विजय फॉर्म में नहीं चल रहे हैं और ऐसे में चयनकर्ता मुकुंद को टीम में ले सकते हैं, जिन्होंने इस सत्र में 12 प्रथम श्रेणी मैचों में पांच शतक की मदद से 1211 रन बनाए हैं। कप्तान महेंद्र सिंह धोनी, सीनियर बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण तथा तेज गेंदबाज जहीर खान का चुना जाना तय है, लेकिन बल्लेबाजी क्रम में छठे नंबर का स्थान अब भी खाली है। दक्षिण अफ्रीका में चेतेश्वर पुजारा इस नंबर पर खेले थे, लेकिन अभी वह घुटने की चोट से उबर रहे हैं। युवराज सिंह को विश्व कप में उनकी अच्छी फॉर्म का इनाम मिल सकता है। विराट कोहली और एस बद्रीनाथ भी इस स्थान के लिए दावेदार हैं। दूसरे विकेटकीपर के लिए भी कड़ी प्रतिस्पर्धा है, जिसमें पार्थिव पटेल का पलड़ा अन्य पर भारी लगता है। संभावित टीम- महेंद्र सिंह धोनी (कप्तान), मुरली विजय, गौतम गंभीर या अभिनव मुकुंद, सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़, वीवीएस लक्ष्मण, युवराज सिंह या सुरेश रैना, पार्थिव पटेल या वृद्धिमान साहा, जहीर खान, इशांत शर्मा, एस श्रीसंत, मुनाफ पटेल, हरभजन सिंह, प्रज्ञान ओझा, अमित मिश्रा, एस बद्रीनाथ या विराट कोहली।
संक्षिप्त सारांश: गौतम गंभीर को यदि अनफिट घोषित कर दिया जाता है, तो तमिलनाडु के बल्लेबाज अभिनव मुकुंद को उनके स्थान पर टीम में शामिल किया जा सकता है।
0
['hin']
एक सारांश बनाओ: मिस्र की सेना ने कहा है कि वह राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक के इस्तीफे की मांग को लेकर देश में चल रहे जनआंदोलन को समाप्त कराने के लिए शासन के मामलों में हस्तक्षेप करेगी। समाचार पत्र 'न्यूयार्क टाइम्स' के मुताबिक सेना ने सरकारी टेलीविजन पर कहा कि वह मिस्र के लोगों की इच्छाओं का सम्मान करेगी और देश हित के लिए कदम उठाएगी। सेना ने यह भी कहा है कि वह मुबारक के 30 साल पुराने शासन को खत्म करने की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों की मांगों को पूरा करेगी। गौरतलब है कि ऐसी खबरें आ रही थीं कि मुबारक गुरुवार को अपने इस्तीफे की घोषणा कर देंगे जिसके चलते हजारों प्रदर्शनकारी काहिरा के तहरीर चौक पर खुशी मनाने के लिए एकत्र हुए थे। उल्लेखनीय है कि प्रदर्शनकारियों ने 25 जनवरी को देश में अपना विरोध शुरू किया था। विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए मुबारक ने कहा कि वह अभी अपने पद से इस्तीफा नहीं देंगे लेकिन सितम्बर तक अपना पद छोड़ने के लिए तैयार हैं। उधर, अमेरिका सेना द्वारा समर्थित उपराष्ट्रपति उमर सुलेमान को सत्ता हस्तांतरित करने के प्रस्ताव पर काम कर रहा है।
मिस्र के राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक के इस्तीफे की मांग को लेकर देश में चल रहे जनआंदोलन को समाप्त कराने के लिए शासन के मामलों में हस्तक्षेप करेगी।
26
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: Pal Pal Dil Ke Paas Box Office Collection Day 6: बॉलीवुड के दमदार एक्टर सनी देओल (Sunny Deol) के बेटे करण देओल (Karan Deol) की फिल्म 'पल पल दिल के पास' (Pal Pal Dil Ke Paas) बॉक्स ऑफिस पर काफी औसत दर्जे का प्रदर्शन कर रही है. हालांकि, 'पल पल दिल के पास' (Pal Pal Dil Ke Paas) ने 20 सितंबर को रिलीज हुई फिल्म की तुलना में अपनी जगह काफी अच्छी बना ली है. शुरुआतीं आंकड़ों को देखते हुए यह अनुमान लगाया जा सकता है कि करण देओल (Karan Deol) की फिल्म 'पल पल दिल के पास' ने बीते दिन करीब 70 लाख से 80 लाख के बीच कमाई की होगी. इस लिहाज से फिल्म छह दिनों में कुल 7.50 करोड़ रुपये का कलेक्शन कर सकती है. हालांकि, इसकी अधिकारिक सूचना मिलनी अभी बाकी है.  'द जोया फैक्टर' (The Zoya Factor) और 'प्रस्थानम' (Prasthanam) की तुलना में करण देओल (Karan Deol) और सहर बांबा (Sahher Bammba) की फिल्म ने अच्छा कलेक्शन किया है. क्योंकि जहां 'द जोया फैक्टर' ने अभी तक 3 से 3.50 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया है, तो वहीं प्रस्थानम ने भी 3.50 करोड़ रुपये की कमाई की है. इस लिहाज से कहा जा सकता है कि करण देओल की डेब्यू मूवी के साथ ही सोनम कपूर और संजय दत्त की फिल्म का बॉक्स ऑफिस पर प्रदर्शन काफी फीका रहा.  अगर करण देओल (Karan Deol) और सहर बांबा (Sahher Bammba) की 'पल पल दिल के पास' (Pal Pal Dil Ke Paas) की कहानी की बात करें तो फिल्म में करण (Karan Deol), एक ट्रैकिंग कंपनी के मालिक हैं, जो मनाली में स्थित है. वहीं सहर बाम्बा फिल्म में दिल्ली की एक लड़की का किरदार निभा रही हैं, जो एक असाइनमेंट के बहाने करण की कंपनी को जॉइन करती हैं. इस फिल्म में मनाली की खूबसूरती को बखूबी दिखाया गया है. लेकिन, फिल्म की कहानी दर्शकों पर अपनी छाप नहीं छोड़ पाई है.
करण देओल की फिल्म ने छठे दिन किया इतना कलेक्शन 'प्रस्थानम' और 'द जोया फैक्टर' को छोड़ा पीछे दर्शकों को खूब लुभा रही है ये फिल्म
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: आज रजनीकांत की फिल्म कबाली के साथ इरफ़ान खान की फिल्म मदारी भी रिलीज़ हुई है। इन दोनों फिल्मों की तुलना नहीं की जा सकती और न ही रजनीकांत और इरफ़ान खान के स्टारडम की बराबरी की जा सकती है। ऐसे में इरफ़ान खान खुश हैं कि उनकी फिल्म मदारी रजनीकांत की फिल्म कबाली के साथ रिलीज़ हो रही है।टिप्पणियां इरफ़ान का मानना है कि रजनीकांत उन्हें आशीर्वाद दे रहे हैं। अपनी फिल्म मदारी के प्रचार के दौरान इरफ़ान खान ने कहा कि "मुझे ख़ुशी है कि मेरी फिल्म रजनी सर की फिल्म के साथ रिलीज़ हो रही है। हमारी फिल्म के बीच कोई तुलना नहीं है। वो बहुत बड़े हैं। मुझे ख़ुशी इस बात की है कि सिनेमा हॉल में उनके पोस्टर के साथ मेरा पोस्टर भी लगा हुआ है। जब भी मैं कबाली के पोस्टर के बगल में मदारी का पोस्टर देखता हूं मुझे लगता है कि रजनी सर मुझे आशीर्वाद दे रहे हैं" इसमें कोई शक नहीं कि कबाली और मदारी के बीच कोई तुलना नहीं। एक तरफ़ सुपरस्टार है तो दूसरी तरफ मंझा हुआ कलाकार। एक तरफ़ कबाली मार धाड़ एक्शन से भरपूर है तो दूसरी तरफ़ मीनिंगफुल सिनेमा। रजनी के फैंस कबाली देखेंगे तो अच्छी फिल्म और अच्छे अभिनय के शौक़ीन मदारी देखेंगे। यानी दोनों फिल्मों के अलग अलग दर्शक और शायद यही वजह है कि इरफ़ान भी आत्मविश्वास से भरे हुए हैं। इरफ़ान का मानना है कि रजनीकांत उन्हें आशीर्वाद दे रहे हैं। अपनी फिल्म मदारी के प्रचार के दौरान इरफ़ान खान ने कहा कि "मुझे ख़ुशी है कि मेरी फिल्म रजनी सर की फिल्म के साथ रिलीज़ हो रही है। हमारी फिल्म के बीच कोई तुलना नहीं है। वो बहुत बड़े हैं। मुझे ख़ुशी इस बात की है कि सिनेमा हॉल में उनके पोस्टर के साथ मेरा पोस्टर भी लगा हुआ है। जब भी मैं कबाली के पोस्टर के बगल में मदारी का पोस्टर देखता हूं मुझे लगता है कि रजनी सर मुझे आशीर्वाद दे रहे हैं" इसमें कोई शक नहीं कि कबाली और मदारी के बीच कोई तुलना नहीं। एक तरफ़ सुपरस्टार है तो दूसरी तरफ मंझा हुआ कलाकार। एक तरफ़ कबाली मार धाड़ एक्शन से भरपूर है तो दूसरी तरफ़ मीनिंगफुल सिनेमा। रजनी के फैंस कबाली देखेंगे तो अच्छी फिल्म और अच्छे अभिनय के शौक़ीन मदारी देखेंगे। यानी दोनों फिल्मों के अलग अलग दर्शक और शायद यही वजह है कि इरफ़ान भी आत्मविश्वास से भरे हुए हैं। इसमें कोई शक नहीं कि कबाली और मदारी के बीच कोई तुलना नहीं। एक तरफ़ सुपरस्टार है तो दूसरी तरफ मंझा हुआ कलाकार। एक तरफ़ कबाली मार धाड़ एक्शन से भरपूर है तो दूसरी तरफ़ मीनिंगफुल सिनेमा। रजनी के फैंस कबाली देखेंगे तो अच्छी फिल्म और अच्छे अभिनय के शौक़ीन मदारी देखेंगे। यानी दोनों फिल्मों के अलग अलग दर्शक और शायद यही वजह है कि इरफ़ान भी आत्मविश्वास से भरे हुए हैं।
सारांश: मेरी और रजनीकांत की फिल्म एक साथ रिलीज होना मेरे लिए खुशी की बात। मेरे ऊपर रजनीकांत का आशीर्वाद है। कबाली के लिए दक्षिण भारत में कई कंपनियों में दी गई थी छुट्टी।
20
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: सोना व्यापारियों ने आज सोनिया गांधी और प्रणब से मुलाकात के बाद 21 दिनों से चली आ रही अपनी हड़ताल खत्म कर दी। जौहरियों ने बताया कि वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने उन्हें एक्साइज़ पर रोलबैक का भरोसा दिया है। साथ ही ने मुखर्जी ने जौहरियों से कहा है कि अभी फाइनेंस बिल पेंडिंग है, इसलिए फिलहाल इस बाबत कोई ऐलान नहीं किया जा सकता।टिप्पणियां गौरतलब है कि 16 मार्च को घोषित हुए बजट में सरकार ने सोने के आयात पर दो प्रतिशत की इम्पोर्ट ड्यूटी को दोगुना कर चार प्रतिशत कर दिया था। इसके अलावा गैर-ब्रांडेड ज्वैलरी पर भी एक फीसदी की एक्साइज ड्यूटी लगा दी गई थी। कांग्रेस ने भी सोने पर एक्साइज ड्यूटी को रोलबैक करने की मांग की थी। उल्लेखनीय है कि सोना कारोबारी बिना ब्रांड की ज्वैलरी से एक्साइज वापस लेने और सोने पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने की मांग को लेकर 17 मार्च से हड़ताल पर थे। 16 मार्च को घोषित हुए बजट में सरकार ने सोने के आयात पर इंपोर्ट ड्यूटी को दोगुना कर दिया गया था और गैर-ब्रांडेड ज्वैलरी पर एक फीसदी की एक्साइज ड्यूटी लगा दी गई थी। साथ ही 2 लाख से ज्यादा की ज्वैलरी खरीदने पर सीधे खरीददार पर एक फीसदी टैक्स काटने का प्रावधान रखा गया था। गौरतलब है कि 16 मार्च को घोषित हुए बजट में सरकार ने सोने के आयात पर दो प्रतिशत की इम्पोर्ट ड्यूटी को दोगुना कर चार प्रतिशत कर दिया था। इसके अलावा गैर-ब्रांडेड ज्वैलरी पर भी एक फीसदी की एक्साइज ड्यूटी लगा दी गई थी। कांग्रेस ने भी सोने पर एक्साइज ड्यूटी को रोलबैक करने की मांग की थी। उल्लेखनीय है कि सोना कारोबारी बिना ब्रांड की ज्वैलरी से एक्साइज वापस लेने और सोने पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने की मांग को लेकर 17 मार्च से हड़ताल पर थे। 16 मार्च को घोषित हुए बजट में सरकार ने सोने के आयात पर इंपोर्ट ड्यूटी को दोगुना कर दिया गया था और गैर-ब्रांडेड ज्वैलरी पर एक फीसदी की एक्साइज ड्यूटी लगा दी गई थी। साथ ही 2 लाख से ज्यादा की ज्वैलरी खरीदने पर सीधे खरीददार पर एक फीसदी टैक्स काटने का प्रावधान रखा गया था। उल्लेखनीय है कि सोना कारोबारी बिना ब्रांड की ज्वैलरी से एक्साइज वापस लेने और सोने पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने की मांग को लेकर 17 मार्च से हड़ताल पर थे। 16 मार्च को घोषित हुए बजट में सरकार ने सोने के आयात पर इंपोर्ट ड्यूटी को दोगुना कर दिया गया था और गैर-ब्रांडेड ज्वैलरी पर एक फीसदी की एक्साइज ड्यूटी लगा दी गई थी। साथ ही 2 लाख से ज्यादा की ज्वैलरी खरीदने पर सीधे खरीददार पर एक फीसदी टैक्स काटने का प्रावधान रखा गया था।
सोना व्यापारियों ने आज सोनिया गांधी और प्रणब से मुलाकात के बाद अपनी 21 दिनों से चली आ रही हड़ताल खत्म कर दी।
6
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: बेंगलुरु में पांच साल की उस बच्ची का यौन उत्पीड़न किया गया था, जिसकी लाश उसके घर से कुछ दूरी पर मिली थी। यह जानकारी पुलिस के सूत्रों ने दी है।टिप्पणियां वैसे, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है, लेकिन उसके शरीर पर पाए गए चोटों के निशानों के आधार पर कहा जा रहा है कि उसका यौन उत्पीड़न किया गया। बच्ची के हाथ और आंख के पास काटने के निशान हैं। गौरतलब है कि बच्ची सोमवार शाम से ही लापता थी और अगली सुबह घर के पास उसका शव पड़ा मिला। बेंगलुरु के विक्टोरिया अस्पताल में बच्ची के शव के पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। वैसे, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है, लेकिन उसके शरीर पर पाए गए चोटों के निशानों के आधार पर कहा जा रहा है कि उसका यौन उत्पीड़न किया गया। बच्ची के हाथ और आंख के पास काटने के निशान हैं। गौरतलब है कि बच्ची सोमवार शाम से ही लापता थी और अगली सुबह घर के पास उसका शव पड़ा मिला। बेंगलुरु के विक्टोरिया अस्पताल में बच्ची के शव के पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। गौरतलब है कि बच्ची सोमवार शाम से ही लापता थी और अगली सुबह घर के पास उसका शव पड़ा मिला। बेंगलुरु के विक्टोरिया अस्पताल में बच्ची के शव के पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
संक्षिप्त पाठ: बेंगलुरु में पांच साल की उस बच्ची का यौन उत्पीड़न किया गया था, जिसकी लाश उसके घर से कुछ दूरी पर मिली थी। यह जानकारी पुलिस सूत्रों ने दी है।
22
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: देश के शेयर बाजारों में सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन शुक्रवार को जोरदार तेजी दर्ज की गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 513.19 अंक और निफ्टी 151.25 अंक बढ़कर बंद हुआ। बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 513.19 अंक बढ़कर 18,240.68 अंक पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में सेंसेक्स ने 18,268.95 अंक का उच्च और 17,804.94 अंक का निचला स्तर छुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला सूचकांक निफ्टी 151.25 अंक बढ़कर 5,471.25 अंक पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी ने 5,477.85 अंक का उच्च और 5,343.40 अंक का निचला स्तर छुआ। बीएसई में टिकाऊ उपभोक्ता वस्तुएं (-2.24 प्रतिशत) सूचकांक को छोड़कर अन्य सभी क्षेत्रीय सूचकांक मजबूती के साथ बंद हुए। रीयल्टी, धातु, सूचना प्रौद्योगिकी, पूंजीगत वस्तुएं, बैंकिंग, प्रौद्योगिकी और ऑटोमोबाइल्स तीन प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त के साथ बंद हुए।
यह एक सारांश है: देश के शेयर बाजारों में सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन जोरदार तेजी दर्ज की गई। सेंसेक्स 513.19 अंक और निफ्टी 151.25 अंक बढ़कर बंद हुआ।
9
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: संसदीय कार्य मंत्री कमलनाथ ने बुधवार को संकेत दिए कि महत्वपूर्ण विधेयकों के लंबित रहने के कारण संसद के मॉनसून सत्र की अवधि को एक बार और बढ़ाया जा सकता है। कमलनाथ ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा, यदि जरूरत हुई तो हम संसद के मॉनसून सत्र को बढ़ा सकते हैं। महत्वपूर्ण विधेयक लंबित हैं और उन्हें पारित किया जाना जरूरी है। मुझे उम्मीद है कि सभी राजनीतिक दल इस बात को मानेंगे और सहयोग करेंगे।टिप्पणियां सूत्रों ने बताया कि सरकार सत्र की अवधि बढ़ाने के लिए बीजेपी और अन्य दलों के संपर्क में है। भूमि अधिग्रहण विधेयक राज्यसभा में लंबित है और यदि उच्च सदन नए संशोधनों को पारित करता है तो विधेयक को लोकसभा को वापस भेजना होगा। बताया जाता है कि सरकार ने बीजेपी के चार संशोधनों को स्वीकार कर लिया है। सरकार इसके साथ ही महत्वपूर्ण भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (संशोधन) विधेयक, पेंशन कोष नियामक और विकास प्राधिकरण विधेयक तथा आरटीआई संशोधन विधेयक को पारित कराने की इच्छुक है। मॉनसून सत्र की अवधि 30 अगस्त को समाप्त होनी थी, लेकिन इसे 6 सितंबर तक के लिए बढ़ा दिया गया। अब केवल दो दिन शेष बचे हैं, लेकिन कई विधेयक अब भी लंबित हैं। ऐसे में सरकार सत्र की अवधि को फिर से बढ़ाना चाहती है। कमलनाथ ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा, यदि जरूरत हुई तो हम संसद के मॉनसून सत्र को बढ़ा सकते हैं। महत्वपूर्ण विधेयक लंबित हैं और उन्हें पारित किया जाना जरूरी है। मुझे उम्मीद है कि सभी राजनीतिक दल इस बात को मानेंगे और सहयोग करेंगे।टिप्पणियां सूत्रों ने बताया कि सरकार सत्र की अवधि बढ़ाने के लिए बीजेपी और अन्य दलों के संपर्क में है। भूमि अधिग्रहण विधेयक राज्यसभा में लंबित है और यदि उच्च सदन नए संशोधनों को पारित करता है तो विधेयक को लोकसभा को वापस भेजना होगा। बताया जाता है कि सरकार ने बीजेपी के चार संशोधनों को स्वीकार कर लिया है। सरकार इसके साथ ही महत्वपूर्ण भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (संशोधन) विधेयक, पेंशन कोष नियामक और विकास प्राधिकरण विधेयक तथा आरटीआई संशोधन विधेयक को पारित कराने की इच्छुक है। मॉनसून सत्र की अवधि 30 अगस्त को समाप्त होनी थी, लेकिन इसे 6 सितंबर तक के लिए बढ़ा दिया गया। अब केवल दो दिन शेष बचे हैं, लेकिन कई विधेयक अब भी लंबित हैं। ऐसे में सरकार सत्र की अवधि को फिर से बढ़ाना चाहती है। सूत्रों ने बताया कि सरकार सत्र की अवधि बढ़ाने के लिए बीजेपी और अन्य दलों के संपर्क में है। भूमि अधिग्रहण विधेयक राज्यसभा में लंबित है और यदि उच्च सदन नए संशोधनों को पारित करता है तो विधेयक को लोकसभा को वापस भेजना होगा। बताया जाता है कि सरकार ने बीजेपी के चार संशोधनों को स्वीकार कर लिया है। सरकार इसके साथ ही महत्वपूर्ण भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (संशोधन) विधेयक, पेंशन कोष नियामक और विकास प्राधिकरण विधेयक तथा आरटीआई संशोधन विधेयक को पारित कराने की इच्छुक है। मॉनसून सत्र की अवधि 30 अगस्त को समाप्त होनी थी, लेकिन इसे 6 सितंबर तक के लिए बढ़ा दिया गया। अब केवल दो दिन शेष बचे हैं, लेकिन कई विधेयक अब भी लंबित हैं। ऐसे में सरकार सत्र की अवधि को फिर से बढ़ाना चाहती है। सरकार इसके साथ ही महत्वपूर्ण भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (संशोधन) विधेयक, पेंशन कोष नियामक और विकास प्राधिकरण विधेयक तथा आरटीआई संशोधन विधेयक को पारित कराने की इच्छुक है। मॉनसून सत्र की अवधि 30 अगस्त को समाप्त होनी थी, लेकिन इसे 6 सितंबर तक के लिए बढ़ा दिया गया। अब केवल दो दिन शेष बचे हैं, लेकिन कई विधेयक अब भी लंबित हैं। ऐसे में सरकार सत्र की अवधि को फिर से बढ़ाना चाहती है।
यहाँ एक सारांश है:संसदीय कार्य मंत्री कमलनाथ ने बुधवार को संकेत दिए कि महत्वपूर्ण विधेयकों के लंबित रहने के कारण संसद के मॉनसून सत्र की अवधि को एक बार और बढ़ाया जा सकता है।
18
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: सुप्रीम कोर्ट ने उस प्रकरण की जांच की शुरुआत कर दी है कि क्या बीसीसीआई अध्यक्ष अनुराग ठाकुर ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) चेयरमैन शशांक मनोहर से आग्रह किया था कि वह बीसीसीआई को पत्र लिखकर स्पष्टीकरण मांगे कि लोढा कमेटी की सिफारिशों के तहत सीएजी के प्रतिनिधि की नियुक्ति क्या सरकार की दखलअंदाजी नहीं है. पीठ ने आदेश की प्रति आईसीसी के चेयरमैन के पास भेजने के लिए कहा है जिससे कि वह अपना पक्ष रख सकें. साथ ही पीठ ने कहा कि शंशाक मनोहर अगर चाहें तो आईसीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डेविड रिचर्डसन से इस संबंध में रिपोर्ट मांग सकते हैं. मालूम हो कि रिचर्डसन ने एक साक्षात्कार में अनुराग ठाकुर पर यह आरोप लगाया था. पिछले दिनों इस संबंध में बीसीसीआई के महासचिव रत्नाकर शेट्टी ने अपने हलफनामे में रिचर्डसन के आरोपों को गलत बताया था लेकिन अनुराग ठाकुर ने अपने हलफनामे में कहा था कि उन्होंने इस संबंध में शशांक मनोहर से स्पष्टीकरण मांगा था. अदालत ने कहा है कि यह बेहद गंभीर बात है कि आदेश पारित करने के बाद अनुराग ठाकुर ने आईसीसी चेयरमैन को पत्र लिखकर अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए कहा था. साथ ही अदालत ने बीसीसीआई के वित्तीय अधिकारों के पर कतरते हुए लोढा कमेटी को ऑडिटर नियुक्त करने का निर्देश दिया है. ऑडिटर बीसीसीआई के खातों की जांच करेगा. साथ ही बीसीसीआई द्वारा दिए जाने वाले ठेके पर नजर रखेगा. लोढा कमेटी बोर्ड द्वारा दिए जाने वाले कांट्रेक्ट के लिए वित्तीय सीमा तय करेगी. इस सीमा से अधिक का ठेका देने से पहले बीसीसीआई को कमेटी से हरी झंडी लेनी पड़ेगी.टिप्पणियां अदालत ने इस मामले में बीसीसीआई के रवैये पर आपत्ति जताते हुए कहा कि यह बेहद गंभीर बात है. लोढा कमेटी की रिपोर्ट में कहा गया था कि बीसीसीआई सिफारिशों को नहीं मान रही है. पीठ ने बीसीसीआई अध्यक्ष अनुराग ठाकुर और सचिव अजय शिर्के से दो हफ्ते के भीतर हलफनामे के जरिए यह बताने के लिए कहा है कि लोढा कमेटी की किन-किन सिफारिशों का पालन कर लिया गया है और किन-किन सिफारिशों का पालन अब तक नहीं किया गया है. साथ ही यह देखते हुए कि अनुराग ठाकुर और अजय शिर्के नोटिस के बाद भी लोढा कमेटी के समक्ष पेश नहीं हुए लिहाजा कोर्ट ने दोनों को कमेटी के समक्ष पेश होकर यह बताने के लिए कहा कि सिफारिशों का किस तरह से पालन किया जा रहा है. अदालत ने दोनों को तीन दिसंबर तक हलफनामा दाखिल करने का वक्त दिया है. अगली सुनवाई पांच दिसंबर को होगी. पिछले दिनों इस संबंध में बीसीसीआई के महासचिव रत्नाकर शेट्टी ने अपने हलफनामे में रिचर्डसन के आरोपों को गलत बताया था लेकिन अनुराग ठाकुर ने अपने हलफनामे में कहा था कि उन्होंने इस संबंध में शशांक मनोहर से स्पष्टीकरण मांगा था. अदालत ने कहा है कि यह बेहद गंभीर बात है कि आदेश पारित करने के बाद अनुराग ठाकुर ने आईसीसी चेयरमैन को पत्र लिखकर अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए कहा था. साथ ही अदालत ने बीसीसीआई के वित्तीय अधिकारों के पर कतरते हुए लोढा कमेटी को ऑडिटर नियुक्त करने का निर्देश दिया है. ऑडिटर बीसीसीआई के खातों की जांच करेगा. साथ ही बीसीसीआई द्वारा दिए जाने वाले ठेके पर नजर रखेगा. लोढा कमेटी बोर्ड द्वारा दिए जाने वाले कांट्रेक्ट के लिए वित्तीय सीमा तय करेगी. इस सीमा से अधिक का ठेका देने से पहले बीसीसीआई को कमेटी से हरी झंडी लेनी पड़ेगी.टिप्पणियां अदालत ने इस मामले में बीसीसीआई के रवैये पर आपत्ति जताते हुए कहा कि यह बेहद गंभीर बात है. लोढा कमेटी की रिपोर्ट में कहा गया था कि बीसीसीआई सिफारिशों को नहीं मान रही है. पीठ ने बीसीसीआई अध्यक्ष अनुराग ठाकुर और सचिव अजय शिर्के से दो हफ्ते के भीतर हलफनामे के जरिए यह बताने के लिए कहा है कि लोढा कमेटी की किन-किन सिफारिशों का पालन कर लिया गया है और किन-किन सिफारिशों का पालन अब तक नहीं किया गया है. साथ ही यह देखते हुए कि अनुराग ठाकुर और अजय शिर्के नोटिस के बाद भी लोढा कमेटी के समक्ष पेश नहीं हुए लिहाजा कोर्ट ने दोनों को कमेटी के समक्ष पेश होकर यह बताने के लिए कहा कि सिफारिशों का किस तरह से पालन किया जा रहा है. अदालत ने दोनों को तीन दिसंबर तक हलफनामा दाखिल करने का वक्त दिया है. अगली सुनवाई पांच दिसंबर को होगी. साथ ही अदालत ने बीसीसीआई के वित्तीय अधिकारों के पर कतरते हुए लोढा कमेटी को ऑडिटर नियुक्त करने का निर्देश दिया है. ऑडिटर बीसीसीआई के खातों की जांच करेगा. साथ ही बीसीसीआई द्वारा दिए जाने वाले ठेके पर नजर रखेगा. लोढा कमेटी बोर्ड द्वारा दिए जाने वाले कांट्रेक्ट के लिए वित्तीय सीमा तय करेगी. इस सीमा से अधिक का ठेका देने से पहले बीसीसीआई को कमेटी से हरी झंडी लेनी पड़ेगी.टिप्पणियां अदालत ने इस मामले में बीसीसीआई के रवैये पर आपत्ति जताते हुए कहा कि यह बेहद गंभीर बात है. लोढा कमेटी की रिपोर्ट में कहा गया था कि बीसीसीआई सिफारिशों को नहीं मान रही है. पीठ ने बीसीसीआई अध्यक्ष अनुराग ठाकुर और सचिव अजय शिर्के से दो हफ्ते के भीतर हलफनामे के जरिए यह बताने के लिए कहा है कि लोढा कमेटी की किन-किन सिफारिशों का पालन कर लिया गया है और किन-किन सिफारिशों का पालन अब तक नहीं किया गया है. साथ ही यह देखते हुए कि अनुराग ठाकुर और अजय शिर्के नोटिस के बाद भी लोढा कमेटी के समक्ष पेश नहीं हुए लिहाजा कोर्ट ने दोनों को कमेटी के समक्ष पेश होकर यह बताने के लिए कहा कि सिफारिशों का किस तरह से पालन किया जा रहा है. अदालत ने दोनों को तीन दिसंबर तक हलफनामा दाखिल करने का वक्त दिया है. अगली सुनवाई पांच दिसंबर को होगी. अदालत ने इस मामले में बीसीसीआई के रवैये पर आपत्ति जताते हुए कहा कि यह बेहद गंभीर बात है. लोढा कमेटी की रिपोर्ट में कहा गया था कि बीसीसीआई सिफारिशों को नहीं मान रही है. पीठ ने बीसीसीआई अध्यक्ष अनुराग ठाकुर और सचिव अजय शिर्के से दो हफ्ते के भीतर हलफनामे के जरिए यह बताने के लिए कहा है कि लोढा कमेटी की किन-किन सिफारिशों का पालन कर लिया गया है और किन-किन सिफारिशों का पालन अब तक नहीं किया गया है. साथ ही यह देखते हुए कि अनुराग ठाकुर और अजय शिर्के नोटिस के बाद भी लोढा कमेटी के समक्ष पेश नहीं हुए लिहाजा कोर्ट ने दोनों को कमेटी के समक्ष पेश होकर यह बताने के लिए कहा कि सिफारिशों का किस तरह से पालन किया जा रहा है. अदालत ने दोनों को तीन दिसंबर तक हलफनामा दाखिल करने का वक्त दिया है. अगली सुनवाई पांच दिसंबर को होगी. पीठ ने बीसीसीआई अध्यक्ष अनुराग ठाकुर और सचिव अजय शिर्के से दो हफ्ते के भीतर हलफनामे के जरिए यह बताने के लिए कहा है कि लोढा कमेटी की किन-किन सिफारिशों का पालन कर लिया गया है और किन-किन सिफारिशों का पालन अब तक नहीं किया गया है. साथ ही यह देखते हुए कि अनुराग ठाकुर और अजय शिर्के नोटिस के बाद भी लोढा कमेटी के समक्ष पेश नहीं हुए लिहाजा कोर्ट ने दोनों को कमेटी के समक्ष पेश होकर यह बताने के लिए कहा कि सिफारिशों का किस तरह से पालन किया जा रहा है. अदालत ने दोनों को तीन दिसंबर तक हलफनामा दाखिल करने का वक्त दिया है. अगली सुनवाई पांच दिसंबर को होगी.
सारांश: बीसीसीआई के वित्तीय अधिकारों के पर कतरे लोढा कमेटी को ऑडिटर नियुक्त करने का निर्देश बड़ा ठेका देने से पहले बीसीसीआई को कमेटी से हरी झंडी लेनी पड़ेगी
7
['hin']
एक सारांश बनाओ: इंग्लैंड के खिलाफ लंदन के लॉर्ड्स में 21 जुलाई से शुरू हो रही चार टेस्ट की शृंखला के दौरान सचिन तेंदुलकर की नजरें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शतकों का शतक और 15,000 टेस्ट रन पूरे करने पर टिकी होंगी, जबकि भारतीय मध्यक्रम की दीवार राहुल द्रविड़ के पास टेस्ट क्रिकेट के इतिहास का दूसरा सबसे सफल बल्लेबाज बनने का मौका होगा। इसके अलावा भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी टीम इंडिया के सबसे सफल विकेटकीपर, जबकि चोट से उबरने के कारण संभवत: पहले दो टेस्ट से बाहर रहने वाले वीरेंद्र सहवाग शृंखला के दौरान आठ हजारी बन सकते हैं। लॉर्ड्स में खेला जाने वाला यह मैच टेस्ट क्रिकेट के इतिहास का 2000वां, जबकि दोनों टीमों के बीच 100वां टेस्ट भी होगा। तेंदुलकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 100 शतक पूरा करने से सिर्फ एक कदम दूर हैं और उन्हें यह उपलब्धि हासिल करने के लिए क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले लॉर्ड्स से बेहतर स्थान मिलना संभवत: मुश्किल है। दायें हाथ के इस बल्लेबाज ने अब तक 177 टेस्ट में 51 शतक की मदद से 14,692 रन बनाए हैं, जबकि वनडे क्रिकेट में भी उनके नाम 48 शतक दर्ज हैं और एक शतक और बनाते ही वह शतकों का शतक पूरा कर लेंगे। इसके अलावा अगर तेंदुलकर सीरीज के दौरान 308 रन बनाने में सफल रहते हैं, तो वह टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में 15,000 रन पूरे करने वाले पहले बल्लेबाज भी बन जाएंगे।
यहाँ एक सारांश है:इंग्लैंड के खिलाफ 21 जुलाई से शुरू हो रही टेस्ट शृंखला के दौरान सचिन की नजरें शतकों का शतक और 15,000 टेस्ट रन पूरे करने पर टिकी होंगी।
15
['hin']
एक सारांश बनाओ: अरविंद केजरीवाल की अगुवाई वाले समूह की राजनीतिक महात्वाकांक्षाओं से अपने आपको दूर करने का वस्तुत: संकेत देते हुए अन्ना हजारे ने रविवार को कहा कि राजनीति लोगों को एक बेहतर भविष्य नहीं देगा और उनके साथ भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम से जुड़ने की योजना बना रहे लोगों को रालेगण सिद्धि में संपर्क करने को कहा है। अब तक, हजारे की अगुवाई वाले आंदोलन का मुख्यालय दिल्ली में था और यह गैरपंजीकृत संस्था इंडिया अगेंस्ट करप्शन के बैनर तले चल रहा था, जिसका नियंत्रण केजरीवाल के हाथों में माना जाता है। पिछले तीन दिनों में दूसरी बार हजारे भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन को लेकर टिप्पणी की है।टिप्पणियां इस टिप्पणी को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि हजारे ने अपने आंदोलन से जुड़ना चाहने वाले लोगों से अपने संपर्क स्थल रालेगण सिद्धि में भ्रष्टाचार विरोधी जनांदोलन का पता दिया है। ब्लॉग में हजारे ने कहा है कि सत्तारूढ़ और विपक्षी पार्टियां भ्रष्टाचार को मिटाने के लिए जरा भी गंभीर नहीं हैं और हाल में चंदे को लेकर हुए खुलासे में भी चंदा देने वालों को लेकर जानकारी अस्पष्ट है। अब तक, हजारे की अगुवाई वाले आंदोलन का मुख्यालय दिल्ली में था और यह गैरपंजीकृत संस्था इंडिया अगेंस्ट करप्शन के बैनर तले चल रहा था, जिसका नियंत्रण केजरीवाल के हाथों में माना जाता है। पिछले तीन दिनों में दूसरी बार हजारे भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन को लेकर टिप्पणी की है।टिप्पणियां इस टिप्पणी को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि हजारे ने अपने आंदोलन से जुड़ना चाहने वाले लोगों से अपने संपर्क स्थल रालेगण सिद्धि में भ्रष्टाचार विरोधी जनांदोलन का पता दिया है। ब्लॉग में हजारे ने कहा है कि सत्तारूढ़ और विपक्षी पार्टियां भ्रष्टाचार को मिटाने के लिए जरा भी गंभीर नहीं हैं और हाल में चंदे को लेकर हुए खुलासे में भी चंदा देने वालों को लेकर जानकारी अस्पष्ट है। इस टिप्पणी को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि हजारे ने अपने आंदोलन से जुड़ना चाहने वाले लोगों से अपने संपर्क स्थल रालेगण सिद्धि में भ्रष्टाचार विरोधी जनांदोलन का पता दिया है। ब्लॉग में हजारे ने कहा है कि सत्तारूढ़ और विपक्षी पार्टियां भ्रष्टाचार को मिटाने के लिए जरा भी गंभीर नहीं हैं और हाल में चंदे को लेकर हुए खुलासे में भी चंदा देने वालों को लेकर जानकारी अस्पष्ट है। ब्लॉग में हजारे ने कहा है कि सत्तारूढ़ और विपक्षी पार्टियां भ्रष्टाचार को मिटाने के लिए जरा भी गंभीर नहीं हैं और हाल में चंदे को लेकर हुए खुलासे में भी चंदा देने वालों को लेकर जानकारी अस्पष्ट है।
संक्षिप्त पाठ: अरविंद केजरीवाल की अगुवाई वाले समूह की राजनीतिक महात्वाकांक्षाओं से अपने आपको दूर करने का वस्तुत: संकेत देते हुए अन्ना हजारे ने रविवार को कहा कि राजनीति लोगों को एक बेहतर भविष्य नहीं देगा।
30
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: टीवी एग्जीक्यूटिव नीरज ग्रोवर की 2008 में हुई हत्या के बाद से जेल में बंद कन्नड़ अभिनेत्री मारिया सुसाइराज शनिवार को सलाखों से बाहर आ गई। अदालत ने उसे साक्ष्य मिटाने के आरोप में तीन साल कैद की सजा सुनाई थी और इतना समय वह जेल में पहले ही गुजार चुकी है। 30 वर्षीय यह अभिनेत्री भूरे रंग का फूलदार कुर्ता और काले रंगे की पैंट पहने हुए थी, जिसे पुलिसकर्मियों की टीम अपनी सुरक्षा में बाहर इंतजार कर रही एक कार तक ले गई, क्योंकि भायखुल जेल के बाहर बड़ी संख्या में मीडियाकर्मी मौजूद थे। अपने भाई के साथ मारिया प्रार्थना करने के मकसद से 10 मिनट के लिए माहिम चर्च में रुकी। कन्नड़ अदाकारा को भारतीय दंड संहिता की धारा 201 (सबूत मिटाने) का दोषी पाया गया था और शुक्रवार को उसके प्रेमी नौसेना के पूर्व अधिकारी एमली जेरॉम मैथ्यू के साथ सजा सुनाई गई थी। 25 वर्षीय टीवी एग्जीक्यूटिव नीरज ग्रोवर की हत्या के मामले में मारिया को अदालत ने साक्ष्य मिटाने का दोषी पाते हुए तीन साल और जेरोम (28) को गैर-इरादतन हत्या के जुर्म में दोषी करार देते हुए 10 साल कैद की सजा सुनाई थी। मारिया सुनाई गई तीन साल कैद की सजा की अवधि जेल में पहले ही पूरी कर चुकी है, जबकि जेरोम को अभी सात साल और सलाखों के पीछे रहना होगा। जेरोम को सबूत मिटाने के जुर्म में भी तीन साल कैद की सजा सुनाई गई। दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी। ग्रोवर की हत्या के बाद सबूत मिटाने के लिए उसकी लाश के बहुत से टुकड़े कर दिए गए थे। अभियोजन ने मारिया और जेरोम पर हत्या आपराधिक षड्यंत्र साझा मंशा और सबूत मिटाने के आरोप लगाए थे। मारिया के वकील शरीफ शेख ने तर्क दिया था कि मारिया भादंसं की धारा 201 के अनुरूप पहले ही तीन साल जेल में काट चुकी है और उसे अधिक दिन तक जेल में रखना अवैध हिरासत के समान होगा। यह उल्लेख करते हुए कि वह आदतन अपराधी नहीं है, शेख ने मारिया की युवा उम्र पर विचार करते हुए उसे कम सजा दिए जाने का आग्रह किया था। सत्र अदालत के न्यायाधीश एनडब्ल्यू चंदवानी ने गुरुवार को दोनों से हत्या के आरोप हटा दिए थे और सजा शुक्रवार को सुनाई। अदालत ने दोनों पर डेढ़ लाख रुपये का जुर्माना भी किया, जो पीड़ित के पिता को दिया जाएगा। नीरज ग्रोवर के दुखी पिता अमरनाथ ग्रोवर ने इस सजा को मारिया को दोषमुक्त किए जाने जैसा करार दिया। हत्या के बाद नीरज की लाश के टुकड़े कर ठाणे से लगते मानोर के जंगलों में फेंक दिया गया था।
यहाँ एक सारांश है:इस हत्याकांड में सबूत मिटाने के दोष में मारिया को 3 साल कैद की सजा सुनाई गई थी और वह इतना वक्त जेल में पहले ही काट चुकी थी।
4
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी चौथा एकदिवसीय मैच के टाई हो जाने के बावजूद रविवार को अपने कई खिलाड़ियों के प्रदर्शन से काफी खुश दिखे। धोनी ने कहा, मुझे पता है कि (सुरेश) रैना के पास पर्याप्त क्षमता है और यदि वह चल गए तो दुनिया के किसी भी गेंदबाजी को तहस नहस कर सकते हैं। हम लोगों ने कोई जीत हासिल नहीं की है। यह एक लंबा टूर रहा है। हमारे पास एक और मैच बचा है, उसमें हम अपनी ओर से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे। रवींद्र जड़ेजा के बारे में धोनी ने कहा, वह अपना काम बखूबी निभा रहे हैं.. इंग्लैंड के कप्तान एलेस्टेयर कुक ने रवि बोपारा के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि बराबरी पर छूटा मुकाबला अच्छा नतीजा है। उल्लेखनीय है कि बोपारा ने 96 रन बनाकर इंग्लैंड को जीत की दहलीज पर पहुंचा दिया था। कुक ने कहा कि हमने हर प्रयास किया लेकिन धोनी और रैना की साझेदारी बेहतरीन रही। उन्होंने कहा कि अगर हम उन्हें 250 रनों तक रोक लेते तो हम यह स्कोर आसानी से हासिल कर लेते।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: धोनी चौथा एकदिवसीय मैच के टाई हो जाने के बावजूद रविवार को अपने कई खिलाड़ियों के प्रदर्शन से काफी खुश दिखे।
19
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: उपमहाद्वीप में भारत के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में शामिल रहे अजिंक्य रहाणे पिछले कुछ समय से खराब फार्म से जूझ रहे हैं लेकिन टीम के साथी चेतेश्वर पुजारा ने उनका पूरा समर्थन किया है. इंग्लैंड के खिलाफ मौजूदा सीरीज की पांच पारियों में रहाणे 10.60 की औसत से सिर्फ 53 रन बना पाए हैं. प्रत्येक तरह के स्पिनर मौजूदा सीरीज में रहाणे को आउट करने में सफल रहे हैं. ऑफ स्पिनर मोईन अली और बाएं हाथ के स्पिनर जफर अंसारी ने उन्हें राजकोट की बल्लेबाजी की अनुकूल पिच पर आउट किया जबकि आज यहां लेग स्पिनर आदिल राशिद ने उन्हें पवेलियन भेजा. रविवार को रहाणे को पगबाधा आउट करने वाले राशिद ने मैच के बाद कहा कि उन्हें यकीन था कि रहाणे के खिलाफ गुगली काम करेगी. उन्होंने कहा, "मैं उसे सीधी गेंद फेंकने की कोशिश कर रहा था और बीच में मिश्रण (गुगली) करना चाहता था. वह गेंद काफी अच्छी रही और वह पगबाधा हुआ. कभी कभी आप रणनीति बनाते हैं और कभी आपको सिर्फ यकीन होता है." पुजारा ने हालांकि टीम इंडिया के अपने साथी का समर्थन करते हुए कहा कि एक अच्छी पारी के साथ रहाणे वापसी कर लेंगे. टिप्पणियां उन्होंने कहा, "मझे नहीं लगता कि उसकी फॉर्म टीम के लिए कोई चिंता की बात है. अतीत में उसने जिस तरह की बल्लेबाजी की है - विदेश में और भारतीय हालात में और खेल के सभी प्रारूपों में - वह सफल खिलाड़ी रहा है. कुछ पारियों की बात है. एक बार वह रन बनाना शुरू कर देगा तो फार्म फिर हासिल कर लेगा. वह टीम का अहम खिलाड़ी है."(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) प्रत्येक तरह के स्पिनर मौजूदा सीरीज में रहाणे को आउट करने में सफल रहे हैं. ऑफ स्पिनर मोईन अली और बाएं हाथ के स्पिनर जफर अंसारी ने उन्हें राजकोट की बल्लेबाजी की अनुकूल पिच पर आउट किया जबकि आज यहां लेग स्पिनर आदिल राशिद ने उन्हें पवेलियन भेजा. रविवार को रहाणे को पगबाधा आउट करने वाले राशिद ने मैच के बाद कहा कि उन्हें यकीन था कि रहाणे के खिलाफ गुगली काम करेगी. उन्होंने कहा, "मैं उसे सीधी गेंद फेंकने की कोशिश कर रहा था और बीच में मिश्रण (गुगली) करना चाहता था. वह गेंद काफी अच्छी रही और वह पगबाधा हुआ. कभी कभी आप रणनीति बनाते हैं और कभी आपको सिर्फ यकीन होता है." पुजारा ने हालांकि टीम इंडिया के अपने साथी का समर्थन करते हुए कहा कि एक अच्छी पारी के साथ रहाणे वापसी कर लेंगे. टिप्पणियां उन्होंने कहा, "मझे नहीं लगता कि उसकी फॉर्म टीम के लिए कोई चिंता की बात है. अतीत में उसने जिस तरह की बल्लेबाजी की है - विदेश में और भारतीय हालात में और खेल के सभी प्रारूपों में - वह सफल खिलाड़ी रहा है. कुछ पारियों की बात है. एक बार वह रन बनाना शुरू कर देगा तो फार्म फिर हासिल कर लेगा. वह टीम का अहम खिलाड़ी है."(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा, "मैं उसे सीधी गेंद फेंकने की कोशिश कर रहा था और बीच में मिश्रण (गुगली) करना चाहता था. वह गेंद काफी अच्छी रही और वह पगबाधा हुआ. कभी कभी आप रणनीति बनाते हैं और कभी आपको सिर्फ यकीन होता है." पुजारा ने हालांकि टीम इंडिया के अपने साथी का समर्थन करते हुए कहा कि एक अच्छी पारी के साथ रहाणे वापसी कर लेंगे. टिप्पणियां उन्होंने कहा, "मझे नहीं लगता कि उसकी फॉर्म टीम के लिए कोई चिंता की बात है. अतीत में उसने जिस तरह की बल्लेबाजी की है - विदेश में और भारतीय हालात में और खेल के सभी प्रारूपों में - वह सफल खिलाड़ी रहा है. कुछ पारियों की बात है. एक बार वह रन बनाना शुरू कर देगा तो फार्म फिर हासिल कर लेगा. वह टीम का अहम खिलाड़ी है."(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा, "मझे नहीं लगता कि उसकी फॉर्म टीम के लिए कोई चिंता की बात है. अतीत में उसने जिस तरह की बल्लेबाजी की है - विदेश में और भारतीय हालात में और खेल के सभी प्रारूपों में - वह सफल खिलाड़ी रहा है. कुछ पारियों की बात है. एक बार वह रन बनाना शुरू कर देगा तो फार्म फिर हासिल कर लेगा. वह टीम का अहम खिलाड़ी है."(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
सारांश: मौजूदा सीरीज की पांच पारियों में सिर्फ 53 रन बना पाए हैं प्रत्येक तरह के स्पिनर रहाणे को आउट करने में सफल रहे हैं मोहाली में लेग स्पिनर आदिल राशिद ने उन्हें पवेलियन भेजा
7
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अपने मंत्रियों के साथ बैठक में कहा है कि हमें हर क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सामाजिक और आर्थिक नीतियां बनाने के मामले में हमने अहम उपलब्धियां हासिल की हैं। प्रधानमंत्री ने सीनियर मंत्रियों से यह भी कहा कि राज्यमंत्रियों को भी उनकी काबिलियत के हिसाब से काम दिया जाए।टिप्पणियां गौरतलब है कि मंत्रिमंडल में फेरबदल के बाद आज पहली बार प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह अपने सभी मंत्रियों से मिले। उन्होंने कहा कि हमारा वित्तीय घाटा बहुत ज्यादा है और घरेलू तथा विदेशी निवेश के लिए यह एक प्रतिरोधक की तरह काम करता है। पीएम ने कहा कि दुनियाभर में जारी मुश्किल आर्थिक हालात का असर भारत पर भी पड़ा है। इसके फलस्वरूप हमारी आर्थिक वृद्धि की गति धीमी हुई, निर्यात में गिरावट आई और हमारा वित्तीय घाटा बढ़ गया। ईंधन आपूर्ति व्यवस्था, सुरक्षा और वित्तीय समस्याएं उन वजहों में से कुछ हैं, जिनके कारण अवसंरचना के क्षेत्र में निवेश या तो बाधित हुआ या कम हुआ है। प्रधानमंत्री ने सीनियर मंत्रियों से यह भी कहा कि राज्यमंत्रियों को भी उनकी काबिलियत के हिसाब से काम दिया जाए।टिप्पणियां गौरतलब है कि मंत्रिमंडल में फेरबदल के बाद आज पहली बार प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह अपने सभी मंत्रियों से मिले। उन्होंने कहा कि हमारा वित्तीय घाटा बहुत ज्यादा है और घरेलू तथा विदेशी निवेश के लिए यह एक प्रतिरोधक की तरह काम करता है। पीएम ने कहा कि दुनियाभर में जारी मुश्किल आर्थिक हालात का असर भारत पर भी पड़ा है। इसके फलस्वरूप हमारी आर्थिक वृद्धि की गति धीमी हुई, निर्यात में गिरावट आई और हमारा वित्तीय घाटा बढ़ गया। ईंधन आपूर्ति व्यवस्था, सुरक्षा और वित्तीय समस्याएं उन वजहों में से कुछ हैं, जिनके कारण अवसंरचना के क्षेत्र में निवेश या तो बाधित हुआ या कम हुआ है। गौरतलब है कि मंत्रिमंडल में फेरबदल के बाद आज पहली बार प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह अपने सभी मंत्रियों से मिले। उन्होंने कहा कि हमारा वित्तीय घाटा बहुत ज्यादा है और घरेलू तथा विदेशी निवेश के लिए यह एक प्रतिरोधक की तरह काम करता है। पीएम ने कहा कि दुनियाभर में जारी मुश्किल आर्थिक हालात का असर भारत पर भी पड़ा है। इसके फलस्वरूप हमारी आर्थिक वृद्धि की गति धीमी हुई, निर्यात में गिरावट आई और हमारा वित्तीय घाटा बढ़ गया। ईंधन आपूर्ति व्यवस्था, सुरक्षा और वित्तीय समस्याएं उन वजहों में से कुछ हैं, जिनके कारण अवसंरचना के क्षेत्र में निवेश या तो बाधित हुआ या कम हुआ है। पीएम ने कहा कि दुनियाभर में जारी मुश्किल आर्थिक हालात का असर भारत पर भी पड़ा है। इसके फलस्वरूप हमारी आर्थिक वृद्धि की गति धीमी हुई, निर्यात में गिरावट आई और हमारा वित्तीय घाटा बढ़ गया। ईंधन आपूर्ति व्यवस्था, सुरक्षा और वित्तीय समस्याएं उन वजहों में से कुछ हैं, जिनके कारण अवसंरचना के क्षेत्र में निवेश या तो बाधित हुआ या कम हुआ है।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अपने मंत्रियों के साथ बैठक में कहा है कि हमें हर क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए।
1
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: संकट से घिरे चीनी राजनेता बो जिलाई के खिलाफ भ्रष्टाचार और शक्ति के गलत इस्तेमाल के मामले की सुनवाई गुरुवार सुबह जिनान शहर में शुरू हो गई, जिस पर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मीडिया की निगाहें टिकी हुई हैं।टिप्पणियां बो के मामले की 'खुली सुनवाई' शांदोंग प्रांत की जिनान इंटरमीडिएट पीपुल्स अदालत में स्थानीय समयानुसार सुबह 8 बजकर 40 मिनट पर शुरू हुई। सरकारी समाचार एजेंसी 'शिन्हुआ' की खबर के अनुसार, कम्युनिस्ट पार्टी के पूर्व नेता के खिलाफ रिश्वतखोरी, गबन और शक्ति के दुरूपयोग के मामलों की सुनवाई हो रही है। सरकारी सीसीटीवी ने बो की कारों के काफिले की तस्वीरें और अन्य अधिकारियों को अदालत में दाखिल होते हुए दिखाया। इस सुनवाई की कवरेज करने के लिए 300 से ज्यादा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पत्रकार जुटे हैं। 64-वर्षीय बो कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना के पूर्व शीर्ष नेता के बेटे हैं और वह दो करोड़ की आबादी वाले चोंगकिंग शहर के प्रमुख रहे थे, लेकिन उन्हें पिछले साल हटा दिया गया था। बो के मामले की 'खुली सुनवाई' शांदोंग प्रांत की जिनान इंटरमीडिएट पीपुल्स अदालत में स्थानीय समयानुसार सुबह 8 बजकर 40 मिनट पर शुरू हुई। सरकारी समाचार एजेंसी 'शिन्हुआ' की खबर के अनुसार, कम्युनिस्ट पार्टी के पूर्व नेता के खिलाफ रिश्वतखोरी, गबन और शक्ति के दुरूपयोग के मामलों की सुनवाई हो रही है। सरकारी सीसीटीवी ने बो की कारों के काफिले की तस्वीरें और अन्य अधिकारियों को अदालत में दाखिल होते हुए दिखाया। इस सुनवाई की कवरेज करने के लिए 300 से ज्यादा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पत्रकार जुटे हैं। 64-वर्षीय बो कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना के पूर्व शीर्ष नेता के बेटे हैं और वह दो करोड़ की आबादी वाले चोंगकिंग शहर के प्रमुख रहे थे, लेकिन उन्हें पिछले साल हटा दिया गया था। सरकारी सीसीटीवी ने बो की कारों के काफिले की तस्वीरें और अन्य अधिकारियों को अदालत में दाखिल होते हुए दिखाया। इस सुनवाई की कवरेज करने के लिए 300 से ज्यादा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पत्रकार जुटे हैं। 64-वर्षीय बो कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना के पूर्व शीर्ष नेता के बेटे हैं और वह दो करोड़ की आबादी वाले चोंगकिंग शहर के प्रमुख रहे थे, लेकिन उन्हें पिछले साल हटा दिया गया था।
यह एक सारांश है: संकट से घिरे चीनी राजनेता बो जिलाई के खिलाफ भ्रष्टाचार और शक्ति के गलत इस्तेमाल के मामले की सुनवाई पर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मीडिया की निगाहें टिकी हुई हैं।
9
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: सीवान की जेल में बंद राष्‍ट्रीय जनता दल (राजद) के पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन की पत्‍नी हिना शहाब ने गुरुवार को कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बदले की भावना से उनके पति के खिलाफ कार्रवाई करवा रहे हैं. शहाबुद्दीन हाल ही में पटना उच्च न्यायालय से जमानत पाकर 11 साल बाद रिहा हुए थे, लेकिन सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जमानत रद्द कर दिए जाने के बाद वह फिर सलाखों के पीछे पहुंच गए हैं. हिना ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा, "राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद का साथ देने के कारण नीतीश कुमार मेरे शौहर (पति) से बदला ले रहे हैं." उन्होंने कहा कि जब नीतीश कुमार पहली बार सात दिनों के लिए मुख्यमंत्री बने थे, तब उन्होंने (शहाबुद्दीन) राजद की मदद की थी. इस बात की खुन्नस आज भी नीतीश कुमार को है. इसी का बदला आज वह ले रहे हैं. यही कारण है कि पटना उच्च न्यायालय से मिली जमानत को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती देकर बिहार सरकार ने रद्द करा दिया. हिना ने कहा कि शहाबुद्दीन के जेल से बाहर आने पर नीतीश कुमार को लगा कि बिहार में भय का माहौल कायम हो गया है, लेकिन क्या उनके जेल जाने के बाद से बिहार में अमन, शांति और भाईचारे का माहौल कायम हो गया है? हिना ने कहा कि अन्याय के खिलाफ उनकी लड़ाई जारी रहेगी, उन्हें अपने समर्थकों पर पूरा भरोसा है और जब तक इंसाफ नहीं मिल जाता, वह शांत बैठने वाली नहीं हैं. उल्लेखनीय है कि जमानत रद्द होने के बाद शहाबुद्दीन ने जेल जाते वक्त भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा था कि उनके समर्थक नीतीश कुमार को सबक सिखा देंगे.टिप्पणियां शहाबुद्दीन को सात सितंबर को पटना उच्च न्यायालय से जमानत मिली थी, जिसके बाद 10 सितंबर को भागलपुर जेल से इस बाहुबली नेता को रिहा कर दिया गया था. जमानत पर जेल से रिहा होने के बाद शहाबुद्दीन ने कहा था कि उनके नेता राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद हैं, नीतीश कुमार तो परिस्थितिजन्य मुख्यमंत्री हैं.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) हिना ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा, "राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद का साथ देने के कारण नीतीश कुमार मेरे शौहर (पति) से बदला ले रहे हैं." उन्होंने कहा कि जब नीतीश कुमार पहली बार सात दिनों के लिए मुख्यमंत्री बने थे, तब उन्होंने (शहाबुद्दीन) राजद की मदद की थी. इस बात की खुन्नस आज भी नीतीश कुमार को है. इसी का बदला आज वह ले रहे हैं. यही कारण है कि पटना उच्च न्यायालय से मिली जमानत को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती देकर बिहार सरकार ने रद्द करा दिया. हिना ने कहा कि शहाबुद्दीन के जेल से बाहर आने पर नीतीश कुमार को लगा कि बिहार में भय का माहौल कायम हो गया है, लेकिन क्या उनके जेल जाने के बाद से बिहार में अमन, शांति और भाईचारे का माहौल कायम हो गया है? हिना ने कहा कि अन्याय के खिलाफ उनकी लड़ाई जारी रहेगी, उन्हें अपने समर्थकों पर पूरा भरोसा है और जब तक इंसाफ नहीं मिल जाता, वह शांत बैठने वाली नहीं हैं. उल्लेखनीय है कि जमानत रद्द होने के बाद शहाबुद्दीन ने जेल जाते वक्त भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा था कि उनके समर्थक नीतीश कुमार को सबक सिखा देंगे.टिप्पणियां शहाबुद्दीन को सात सितंबर को पटना उच्च न्यायालय से जमानत मिली थी, जिसके बाद 10 सितंबर को भागलपुर जेल से इस बाहुबली नेता को रिहा कर दिया गया था. जमानत पर जेल से रिहा होने के बाद शहाबुद्दीन ने कहा था कि उनके नेता राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद हैं, नीतीश कुमार तो परिस्थितिजन्य मुख्यमंत्री हैं.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) हिना ने कहा कि शहाबुद्दीन के जेल से बाहर आने पर नीतीश कुमार को लगा कि बिहार में भय का माहौल कायम हो गया है, लेकिन क्या उनके जेल जाने के बाद से बिहार में अमन, शांति और भाईचारे का माहौल कायम हो गया है? हिना ने कहा कि अन्याय के खिलाफ उनकी लड़ाई जारी रहेगी, उन्हें अपने समर्थकों पर पूरा भरोसा है और जब तक इंसाफ नहीं मिल जाता, वह शांत बैठने वाली नहीं हैं. उल्लेखनीय है कि जमानत रद्द होने के बाद शहाबुद्दीन ने जेल जाते वक्त भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा था कि उनके समर्थक नीतीश कुमार को सबक सिखा देंगे.टिप्पणियां शहाबुद्दीन को सात सितंबर को पटना उच्च न्यायालय से जमानत मिली थी, जिसके बाद 10 सितंबर को भागलपुर जेल से इस बाहुबली नेता को रिहा कर दिया गया था. जमानत पर जेल से रिहा होने के बाद शहाबुद्दीन ने कहा था कि उनके नेता राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद हैं, नीतीश कुमार तो परिस्थितिजन्य मुख्यमंत्री हैं.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उल्लेखनीय है कि जमानत रद्द होने के बाद शहाबुद्दीन ने जेल जाते वक्त भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा था कि उनके समर्थक नीतीश कुमार को सबक सिखा देंगे.टिप्पणियां शहाबुद्दीन को सात सितंबर को पटना उच्च न्यायालय से जमानत मिली थी, जिसके बाद 10 सितंबर को भागलपुर जेल से इस बाहुबली नेता को रिहा कर दिया गया था. जमानत पर जेल से रिहा होने के बाद शहाबुद्दीन ने कहा था कि उनके नेता राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद हैं, नीतीश कुमार तो परिस्थितिजन्य मुख्यमंत्री हैं.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) शहाबुद्दीन को सात सितंबर को पटना उच्च न्यायालय से जमानत मिली थी, जिसके बाद 10 सितंबर को भागलपुर जेल से इस बाहुबली नेता को रिहा कर दिया गया था. जमानत पर जेल से रिहा होने के बाद शहाबुद्दीन ने कहा था कि उनके नेता राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद हैं, नीतीश कुमार तो परिस्थितिजन्य मुख्यमंत्री हैं.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त पाठ: नीतीश कुमार जब सात दिनों के लिए सीएम बने थे तब शहाबुद्दीन ने राजद की मदद की थी इस बात की खुन्‍नस आज भी नीतीश कुमार को है
27
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: छत्तीसगढ़ में कांग्रेसी नेताओं के काफिले पर हमले के चार से पांच दिन पहले 40 से 50 की संख्या में नक्सली उस इलाके में डेरा डाले हुए थे। नक्सलियों इस दौरान कई बार वहां के बाजार में भी पहुंचे थे।  फोरेंसिक रिपोर्ट से पता चला है कि नक्सिलयों ने हमले के लिए 30 किलो विस्फोटक का इस्तेमाल किया था। इस हमले को नक्सलियों के दो ग्रुप ने मिलकर अंजाम दिया था। पहला और बड़ा ग्रुप आंध्र−उड़ीसा जोनल कमेटी का था, जबकि छत्तीसगढ़ के माओवादियों का भी छोटा ग्रुप इस हमले में शामिल था।टिप्पणियां छत्तीसगढ़ के माओवादी हमले के बाहरी घेरे में मौजूद थे। खबर यह भी है कि हमले के बाद ये नक्सली दो गुटों में बंटकर उड़ीसा के कोरापुट के जंगलों की तरफ भाग गए थे। इन नक्सलियों को उड़ीसा के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने भी देखा था, लेकिन जंगली इलाका होने की वजह से उन पर कार्रवाई नहीं हो पाई थी। इस हमले को नक्सलियों के दो ग्रुप ने मिलकर अंजाम दिया था। पहला और बड़ा ग्रुप आंध्र−उड़ीसा जोनल कमेटी का था, जबकि छत्तीसगढ़ के माओवादियों का भी छोटा ग्रुप इस हमले में शामिल था।टिप्पणियां छत्तीसगढ़ के माओवादी हमले के बाहरी घेरे में मौजूद थे। खबर यह भी है कि हमले के बाद ये नक्सली दो गुटों में बंटकर उड़ीसा के कोरापुट के जंगलों की तरफ भाग गए थे। इन नक्सलियों को उड़ीसा के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने भी देखा था, लेकिन जंगली इलाका होने की वजह से उन पर कार्रवाई नहीं हो पाई थी। छत्तीसगढ़ के माओवादी हमले के बाहरी घेरे में मौजूद थे। खबर यह भी है कि हमले के बाद ये नक्सली दो गुटों में बंटकर उड़ीसा के कोरापुट के जंगलों की तरफ भाग गए थे। इन नक्सलियों को उड़ीसा के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने भी देखा था, लेकिन जंगली इलाका होने की वजह से उन पर कार्रवाई नहीं हो पाई थी। इन नक्सलियों को उड़ीसा के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने भी देखा था, लेकिन जंगली इलाका होने की वजह से उन पर कार्रवाई नहीं हो पाई थी।
इस हमले को नक्सलियों के दो ग्रुप ने मिलकर अंजाम दिया था। पहला और बड़ा ग्रुप आंध्र−उड़ीसा जोनल कमेटी का था, जबकि छत्तीसगढ़ के माओवादियों का भी छोटा ग्रुप इस हमले में शामिल था।
6
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: UP Board की परीक्षाओं का रिजल्ट (UP Board Result) जल्द ही जारी कर दिया जाएगा. वहीं CBSE Board Result मई में जारी होना है. 12वीं का रिजल्ट (12th Result) आते ही स्टूडेंट्स के ऊपर करियर ऑप्शन (Career Option) चुनने का प्रेशर आ जाता है. कई स्टूडेंट्स ने पहले ही सोच रखा होता है कि आगे उन्हें क्या करना है. लेकिन कुछ स्टूडेंट्स ऐसे भी होते हैं जिन्हें समझ नहीं आता कि वे आगे क्या करे. 12वीं के बाद कई करियर ऑप्शन हैं. लेकिन सबसे जरूरी बात ये है कि स्टूडेंट अपनी रुचि को ध्यान में रखकर करियर ऑप्शन चुने. कई बार दबाव के चलते बच्चे न चाहकर भी किसी ऐसे कोर्स में एडमिशन ले लेते हैं जिनमें उनकी रुचि नहीं होती और फिर उनका पढ़ाई में मन नहीं लगता है. ऐसे में स्टूडेंट्स को अपनी रुचि को ध्यान में रखकर ही पढ़ाई या नौकरी के बारे में सोचना चाहिए. आज हम स्टूडेंट्स को 12वीं के बाद बेस्ट करियर ऑप्शन के बारे में बता रहे हैं. अगर आप 12वीं के बाद आगे की पढ़ाई करने की सोच रहे हैं तो आप अपने पसंद के विषय से ग्रेजुएशन कर सकते हैं.  UP Board Result 2019: क्या 20 अप्रैल को आएगा रिजल्ट? जानिए यूपी बोर्ड की सचिव ने इस पर क्या कहा Sarkari Naukri: SSC में 10 हजार नौकरियां, 22 अप्रैल को आएगा नोटिफिकेशन, जानिए डिटेल BHEL में इंजीनियर और एग्जीक्यूटिव ट्रेनी के 145 पदों पर निकली वैकेंसी, जानिए डिटेल
संक्षिप्त पाठ: यूपी बोर्ड का रिजल्ट आने वाला है. 12वीं का रिजल्ट आते है स्टूडेंट्स को करियर ऑप्शन चुनना होता है. 12वीं के बाद स्टूडेंट्स कई कोर्स कर सकते हैं.
27
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखकर यह सुनिश्चित कराने के लिए कहा है कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निलंबित भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) की अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल के साथ अच्छा व्यवहार हो।टिप्पणियां सोनिया ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि राज्य सरकार अधिकारी का गलत तरीके से उत्पीड़न न करे। नागपाल का निलंबन 29 जुलाई को किया गया था। उत्तर प्रदेश सरकार ने हालांकि इसकी वजह एक मस्जिद परिसर की निर्माणाधीन दीवार को गिराना बताया है। सरकार का तर्क है कि अधिकारी ने यह फैसला बिना सोचे-समझे उठाया, जिसके कारण सांप्रदायिक माहौल बिगड़ने का अंदेशा था। लेकिन विपक्षी दलों का कहना है कि नागपाल का निलंबन बालू उत्खनन माफियाओं के दबाव में किया गया। सोनिया ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि राज्य सरकार अधिकारी का गलत तरीके से उत्पीड़न न करे। नागपाल का निलंबन 29 जुलाई को किया गया था। उत्तर प्रदेश सरकार ने हालांकि इसकी वजह एक मस्जिद परिसर की निर्माणाधीन दीवार को गिराना बताया है। सरकार का तर्क है कि अधिकारी ने यह फैसला बिना सोचे-समझे उठाया, जिसके कारण सांप्रदायिक माहौल बिगड़ने का अंदेशा था। लेकिन विपक्षी दलों का कहना है कि नागपाल का निलंबन बालू उत्खनन माफियाओं के दबाव में किया गया। नागपाल का निलंबन 29 जुलाई को किया गया था। उत्तर प्रदेश सरकार ने हालांकि इसकी वजह एक मस्जिद परिसर की निर्माणाधीन दीवार को गिराना बताया है। सरकार का तर्क है कि अधिकारी ने यह फैसला बिना सोचे-समझे उठाया, जिसके कारण सांप्रदायिक माहौल बिगड़ने का अंदेशा था। लेकिन विपक्षी दलों का कहना है कि नागपाल का निलंबन बालू उत्खनन माफियाओं के दबाव में किया गया।
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखकर यह सुनिश्चित कराने के लिए कहा है कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निलंबित भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) की अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल के साथ अच्छा व्यवहार हो।
34
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: कानपुर के 64-वर्षीय बुजुर्ग व्यापारी को महिला अध्यापक द्वारा पुलिस हेल्प-लाइन पर छेड़छाड़ की शिकायत के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने शख्स की गिरफ्तारी के बाद महिला को पूरी सुरक्षा और उसकी गोपनीयता बनाए रखने का भरोसा दिया है। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि चकेरी निवासी एक महिला अध्यापक ने महिला हेल्पलाइन नंबर 1090 पर शिकायत दर्ज कराई थी कि परदेवनपुरवा निवासी शहर का एक प्रमुख व्यापारी सुरेश अग्रवाल (64) उसको अश्लील एसएमएस भेजता है एवं छेड़छाड़ करता है।टिप्पणियां महिला इस बुजुर्ग से इतनी अधिक परेशान थी कि वह किसी से भी कुछ कहने और बदनामी से डर रही थी। महिला टीचर का कहना है कि वह बुजुर्ग आरोपी के घर पर उसके नाती-पोतों को ट्यूशन पढ़ाने जाती थी। वहीं इस बुजुर्ग ने उसे छेड़ना शुरू कर दिया, जिसके बाद उसने ट्यूशन पढ़ाना भी छोड़ दिया। महिला ने पुलिस में दर्ज शिकायत में कहा कि इसके बाद भी बुजुर्ग उसे गंदे एसएमएस करता रहा और फोन पर अश्लील बातें करता रहा। उसने बुजुर्ग को काफी समझाने का प्रयास किया, लेकिन उसके नहीं मानने पर उसने महिला हेल्पलाइन पर इसकी शिकायत की। डीआईजी अमिताभ यश ने बताया कि आरोपी सुरेश अग्रवाल को छेड़छाड़ के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है और महिला को उसकी पूरी सुरक्षा का आश्वासन दिया गया है। आरोपी बुजुर्ग शहर का बड़े व्यावसायी है और शहर में उनका काफी रसूख है। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि चकेरी निवासी एक महिला अध्यापक ने महिला हेल्पलाइन नंबर 1090 पर शिकायत दर्ज कराई थी कि परदेवनपुरवा निवासी शहर का एक प्रमुख व्यापारी सुरेश अग्रवाल (64) उसको अश्लील एसएमएस भेजता है एवं छेड़छाड़ करता है।टिप्पणियां महिला इस बुजुर्ग से इतनी अधिक परेशान थी कि वह किसी से भी कुछ कहने और बदनामी से डर रही थी। महिला टीचर का कहना है कि वह बुजुर्ग आरोपी के घर पर उसके नाती-पोतों को ट्यूशन पढ़ाने जाती थी। वहीं इस बुजुर्ग ने उसे छेड़ना शुरू कर दिया, जिसके बाद उसने ट्यूशन पढ़ाना भी छोड़ दिया। महिला ने पुलिस में दर्ज शिकायत में कहा कि इसके बाद भी बुजुर्ग उसे गंदे एसएमएस करता रहा और फोन पर अश्लील बातें करता रहा। उसने बुजुर्ग को काफी समझाने का प्रयास किया, लेकिन उसके नहीं मानने पर उसने महिला हेल्पलाइन पर इसकी शिकायत की। डीआईजी अमिताभ यश ने बताया कि आरोपी सुरेश अग्रवाल को छेड़छाड़ के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है और महिला को उसकी पूरी सुरक्षा का आश्वासन दिया गया है। आरोपी बुजुर्ग शहर का बड़े व्यावसायी है और शहर में उनका काफी रसूख है। महिला इस बुजुर्ग से इतनी अधिक परेशान थी कि वह किसी से भी कुछ कहने और बदनामी से डर रही थी। महिला टीचर का कहना है कि वह बुजुर्ग आरोपी के घर पर उसके नाती-पोतों को ट्यूशन पढ़ाने जाती थी। वहीं इस बुजुर्ग ने उसे छेड़ना शुरू कर दिया, जिसके बाद उसने ट्यूशन पढ़ाना भी छोड़ दिया। महिला ने पुलिस में दर्ज शिकायत में कहा कि इसके बाद भी बुजुर्ग उसे गंदे एसएमएस करता रहा और फोन पर अश्लील बातें करता रहा। उसने बुजुर्ग को काफी समझाने का प्रयास किया, लेकिन उसके नहीं मानने पर उसने महिला हेल्पलाइन पर इसकी शिकायत की। डीआईजी अमिताभ यश ने बताया कि आरोपी सुरेश अग्रवाल को छेड़छाड़ के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है और महिला को उसकी पूरी सुरक्षा का आश्वासन दिया गया है। आरोपी बुजुर्ग शहर का बड़े व्यावसायी है और शहर में उनका काफी रसूख है। महिला ने पुलिस में दर्ज शिकायत में कहा कि इसके बाद भी बुजुर्ग उसे गंदे एसएमएस करता रहा और फोन पर अश्लील बातें करता रहा। उसने बुजुर्ग को काफी समझाने का प्रयास किया, लेकिन उसके नहीं मानने पर उसने महिला हेल्पलाइन पर इसकी शिकायत की। डीआईजी अमिताभ यश ने बताया कि आरोपी सुरेश अग्रवाल को छेड़छाड़ के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है और महिला को उसकी पूरी सुरक्षा का आश्वासन दिया गया है। आरोपी बुजुर्ग शहर का बड़े व्यावसायी है और शहर में उनका काफी रसूख है।
यह एक सारांश है: महिला टीचर का कहना है कि वह बुजुर्ग आरोपी के घर पर उसके नाती-पोतों को ट्यूशन पढ़ाने जाती थी। वहीं इस बुजुर्ग ने उसे छेड़ना शुरू कर दिया, जिसके बाद उसने ट्यूशन पढ़ाना भी छोड़ दिया।
24
['hin']
एक सारांश बनाओ: दीपक चाहर का अपने पदार्पण मैच में ही करिश्माई प्रदर्शन, आकाश चोपड़ा का तिहरा शतक या इकबाल अब्दुल्ला का बल्ले और गेंद दोनों से शानदार खेल भी इंडियन प्रीमियर लीग को लुभाने के लिए काफी नहीं थे, जिसकी नीलामी सूची तैयार करते समय वर्तमान के रणजी ट्राफी सत्र के प्रदर्शन पर किसी तरह का गौर नहीं किया गया। आईपीएल की आठ और नौ जनवरी को होने वाली नीलामी के लिए जिन 49 भारतीय खिलाड़ियों को बोली के लिए 350 क्रिकेटरों की सूची में शामिल किया गया है उसमें कोई भी ऐसा खिलाड़ी नहीं है जिसे रणजी ट्राफी में अपने शानदार प्रदर्शन का इनाम मिला हो। यदि ऐसा होता तो फिर चाहर उसमें शामिल होते जिन्होंने रणजी के अपनी पारी में दस रन देकर आठ और मैच में कुल 12 विकेट लिये थे। उसमें अमित वर्मा, मनीष पांडे, अजिंक्या रहाणे, अभिनव मुंकुंद, अंबाती रायुडु लक्ष्मीरतन शुक्ला आदि रणजी सत्र में अच्छे रन बनाने वाले बल्लेबाज या जे पी यादव, भार्गव भट, सुमित नारवाल या सुनील जोशी जैसे गेंदबाज भी शामिल रहते। आईपीएल की नीलामी सूची में शामिल 49 खिलाड़ियों में देश के चोटी के क्रिकेटरों के अलावा ऐसे खिलाड़ी शामिल हैं जिन्होंने देश की तरफ से कम से कम एक टेस्ट या वन डे या ट्वेंटी-20 मैच जरूर खेला हो। दूसरे देशों विशेषकर आस्ट्रेलिया को हालांकि इसमें छूट दी गयी है जिसके 32 ऐसे खिलाड़ियों ने सूची में जगह बनायी है जिन्होंने आज तक कोई अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेला है। इस तरह के खिलाड़ियों में इंग्लैंड :11:, न्यूजीलैंड :4:, दक्षिण अफ्रीका :14: श्रीलंका :2: और वेस्टइंडीज :2: के खिलाड़ी भी शामिल हैं। नीलामी सूची में हालांकि कुछ ऐसे खिलाड़ियों को भी जगह नहीं दी गयी है जिन्होंने इस ट्वेंटी-20 टूर्नामेंट के पिछले कुछ सत्रों में अच्छा प्रदर्शन किया है। इनमें मनीष पांडे प्रमुख हैं जिन्हें आईपीएल में शतक जड़ने वाला पहला भारतीय होने का गौरव हासिल है। पिछले साल मुंबई को फाइनल में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाने वाले अंबाती रायुडु, चेन्नई सुपरकिंग्स के शादाब जकाती, राजस्थान रायल्स के सिद्धार्थ त्रिवेदी, डेक्कन चार्जर्स के टी सुमन तथा दिल्ली डेयरडेविल्स के प्रदीप सांगवान और वाई यो महेश के पिछले प्रदर्शन पर भी गौर नहीं किया गया। जिन खिलाड़ियों को सूची में जगह मिली है उनमें से 24 का आधार मूल्य एक लाख डालर है। इनमें चेतेश्वर पुजारा, सौरभ तिवारी, मनोज तिवारी, एस बद्रीनाथ, पीयूष चावला, पार्थिव पटेल, मुनाफ पटेल और अजित अगरकर जैसे खिलाड़ी भी शामिल हैं। आईपीएल में सर्वाधिक विकेट लेने वाले आर पी सिंह, पिछले सत्र में डेयरडेविल्स के कप्तान गौतम गंभीर, एस श्रीसंत, प्रवीण कुमार और इरफान पठान सहित 11 खिलाड़ियों का आधार मूल्य दो लाख डालर है। वीवीएस लक्ष्मण, जहीर खान और यूसुफ पठान की तीन लाख डालर जबकि सौरव गांगुली, अनिल कुंबले, राहुल द्रविड़ और युवराज सिंह की मूल कीमत चार लाख डालर है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: बोली के लिए 350 क्रिकेटरों की सूची में कोई भी ऐसा खिलाड़ी नहीं है जिसे रणजी ट्राफी में अपने शानदार प्रदर्शन का इनाम मिला हो।
32
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: संसद का बजट सत्र 21 फरवरी से शुरू होगा और आम बजट 28 फरवरी को पेश किया जाएगा। लोकसभा में सदन के नेता और वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी की अध्यक्षता में हुई संसदीय मामलों की कैबिनेट समिति की बैठक में संसद सत्र बुलाने की तारीख के बारे में राष्ट्रपति से सिफारिश करने का फैसला किया गया। संसदीय कार्य मंत्री पवन कुमार बंसल ने संवाददाताओं से कहा कि सत्र से संबंधित अन्य विवरणों पर जल्द ही गौर किया जायेगा। इस सत्र की शुरुआत राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक के संबोधन से होगी। राष्ट्रपति का संबोधन अगले वित्तीय वर्ष के लिये सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों को रेखांकित करेगा। समिति की बैठक में कृषि मंत्री शरद पवार, रेल मंत्री ममता बनर्जी, प्रवासी भारतीय मामलों के मंत्री वायलार रवि, विधि मंत्री वीरप्पा मोइली, कपड़ा मंत्री दयानिधि मारन, बंसल, संसदीय कार्य राज्य मंत्री वी नारायणसामी और अश्विनी कुमार ने भाग लिया।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: संसदीय कार्य मंत्री पवन कुमार बंसल ने संवाददाताओं से कहा कि सत्र से संबंधित अन्य विवरणों पर जल्द ही गौर किया जायेगा।
19
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: राष्‍ट्रपति के आदेश से केंद्र सरकार ने जम्‍मू-कश्‍मीर (Jammu-Kashmir) राज्‍य में धारा 370 को हटा दिया है. गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने आज राज्‍यसभा धारा 370 हटाने का ऐलान किया. इसी के साथ अब जम्मू-कश्मीर से लद्दाख (Ladakh) को अलग कर दिया गया है. लद्दाख (Ladakh) को बिना विधानसभा केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दिया गया है. अमित शाह की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि काफी समय से वहां के लोगों की मांग थी कि इसे अलग केंद्र शासित प्रदेश की मान्‍यता मिले, ताकि यहां रहने वाले लोग अपने लक्ष्यों को हासिल कर सकें. लद्दाख उत्तर में काराकोरम पर्वत और दक्षिण में हिमालय पर्वत के बीच में है. लद्दाख के उत्तर में चीन तथा पूर्व में तिब्बत की सीमाएं हैं. सीमावर्ती स्थिति के कारण सामरिक दृष्टि से इसका बड़ा महत्व है. लद्दाख समुद्र की सतह से 9842 फीट की ऊंचाई पर स्थित है. लद्दाख की राजधानी एवं प्रमुख नगर लेह है, जिसके उत्तर में कराकोरम पर्वत तथा दर्रा है. लद्दाख क्षेत्र की आबादी लेह और करगिल जिलों के बीच आधे हिस्से में विभाजित है. 2011 की जनगणना के अनुसार है, करगिल की कुल जनसंख्या 140,802 है जिसमें 76.87% आबादी मुस्लिम (ज्यादातर शिया) है. जबकि लेह की कुल जनसंख्या 133,487 है जिसमें 66.40% बौद्ध हैं. इस हिसाब से लद्दाख की कुल जन संख्या 2,74,289 लाख है. लद्दाख में कई स्थानों पर मिले शिलालेखों से पता चलता है कि यह स्थान नव-पाषाणकाल से स्थापित है. सिन्धु नदी लद्दाख की जीवन रेखा है. ज्यादातर ऐतिहासिक और वर्तमान स्थान जैसे कि लेह, शे, बासगो, तिंगमोसगंग सिन्धु किनारे ही बसे हैं. 1947 के भारत-पाक युद्ध के बाद सिन्धु का मात्र यही हिस्सा लद्दाख से बहता है. सिन्धु हिन्दू धर्म में एक पूजनीय नदी है, जो केवल लद्दाख में ही बहती है. पूर्व में लेह के आसापास के निवासी मुख्यतः तिब्बती पूर्वजों और भाषा (लद्दीखी) वाले बौद्ध हैं, लेकिन पश्चिम में कारगिल के आसपास जनसंख्या मुख्यतः मुस्लिम है और इस्लाम की शिया शाखा की है. बता दें कि 1979 में लद्दाख को कारगिल व लेह जिलों में बांटा गया. लद्दाख मध्य एशिया से कारोबार का एक बड़ा गढ़ था. सिल्क रूट की एक शाखा लद्दाख क्षेत्र से होकर गुजरती थी. दूसरे मुल्कों के कारवें के साथ सैकड़ों ऊंट, घोड़े, खच्चर, रेशम और कालीन लाए जाते थे जबकि हिन्दुस्तान से रंग, मसाले आदि बेचे जाते थे. लद्दाख के अंतर्गत नोबरा, लेह, कारगिल और ज़ंस्कार कुल 4 विधानसभा क्षेत्र आते थे.
लद्दाख जम्‍मू-कश्‍मीर से अलग हो गया है. लद्दाख को बिना विधानसभा केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दिया गया है लद्दाख की कुल जनसंख्या 2,74,289 लाख है.
34
['hin']
एक सारांश बनाओ: ईरान की परमाणु आंकाक्षाओं को लेकर भले ही पिछले कुछ समय में तीनों देशों अमेरिका, रूस और ईरान के संबंधों में तनातनी चल रही हो, लेकिन तीनों देशों ने हाल ही में ओलिंपिक से कुश्ती के निष्कासन के खिलाफ आवाज बुलंद करने के लिए हाथ मिला लिया है। समाचार एंजेसी आरआईए नोवोस्ती के अनुसार अमेरिका कुश्ती के कार्यकारी रीच बैंडर ने कहा, "हम सभी बिंदुओं को लेकर एकजुट होंगे। रूस के शीर्ष कुश्ती अधिकारी जॉर्जी ब्य्रूसोव और ईरान कुश्ती फेडरेशन के कुछ अधिकारियों से उन्होंने इस बारे में बातचीत की है। बैंडर सोमवार को तेहरान के लिए रवाना होंगे, जहां पर चल रहे फ्री स्टाइल कुश्ती विश्व कप-2013 के मुकाबलों में अमेरिका के खिलाड़ी प्रतिस्पर्धा करेंगे। इस दौरान वे दूसरे देशों की कुश्ती फेडरेशनों के अधिकारियों के साथ इस मामले में अगली कार्रवाई के लिए योजना के बारे में चर्चा करेंगे। बैंडर ने कहा, "फ्री स्टाइल कुश्ती विश्व कप-2013 के दौरान कई कुश्ती फेडरेशन वहां एकत्रित होंगी। मुझे आशा है इस मामले को लेकर हम सभी जल्द ही एकजुट हो जाएंगे। दरअसल, इसी सप्ताह आईओसी के कार्यकारी बोर्ड ने 2020 में होने वाले ग्रीष्मकालीन ओलिंपिक में कुश्ती को शामिल न करने की सिफारिश की थी। अगर यह प्रस्ताव सितंबर में आईओसी द्वारा पारित किया जाता है तो कुश्ती को ओलिंपिक में शामिल नहीं किया जाएगा। बैंडर का मानना है कि पिछले तीन दशकों से अमेरिका, ईरान और रूस के संबंध अच्छे नहीं रहे हैं। सोवियत यूनियन के पतन के बाद अमेरिका और रूस के संबंधों में और गिरावट देखने को मिली है। दोनों देश के बीच सीरिया में गृहयुद्ध और तेहरान द्वारा परमाणु क्षमता का विस्तार के बारे में प्रतिक्रिया करने को लेकर मतभेद खुलकर सामने आए हैं।टिप्पणियां वहीं, रूस कुश्ती संघ के पहले उपाध्यक्ष से इस बारे में कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई है। लेकिन फेडरेशन ने एक वक्तव्य जारी करते हुए कहा कि सभी फेडरेशनों को ओलिंपिक में कुश्ती के स्थान को बचाने के लिए एक जुट होना पड़ेगा। आईओसी के अध्यक्ष जाक रोग ने कहा कि वे इसी सप्ताह फिला के शीर्ष अधिकारियों और कुश्ती की अंतरराष्ट्रीय गवर्निंग बॉडी से खेल के भविष्य के बारे में चर्चा करेंगे। समाचार एंजेसी आरआईए नोवोस्ती के अनुसार अमेरिका कुश्ती के कार्यकारी रीच बैंडर ने कहा, "हम सभी बिंदुओं को लेकर एकजुट होंगे। रूस के शीर्ष कुश्ती अधिकारी जॉर्जी ब्य्रूसोव और ईरान कुश्ती फेडरेशन के कुछ अधिकारियों से उन्होंने इस बारे में बातचीत की है। बैंडर सोमवार को तेहरान के लिए रवाना होंगे, जहां पर चल रहे फ्री स्टाइल कुश्ती विश्व कप-2013 के मुकाबलों में अमेरिका के खिलाड़ी प्रतिस्पर्धा करेंगे। इस दौरान वे दूसरे देशों की कुश्ती फेडरेशनों के अधिकारियों के साथ इस मामले में अगली कार्रवाई के लिए योजना के बारे में चर्चा करेंगे। बैंडर ने कहा, "फ्री स्टाइल कुश्ती विश्व कप-2013 के दौरान कई कुश्ती फेडरेशन वहां एकत्रित होंगी। मुझे आशा है इस मामले को लेकर हम सभी जल्द ही एकजुट हो जाएंगे। दरअसल, इसी सप्ताह आईओसी के कार्यकारी बोर्ड ने 2020 में होने वाले ग्रीष्मकालीन ओलिंपिक में कुश्ती को शामिल न करने की सिफारिश की थी। अगर यह प्रस्ताव सितंबर में आईओसी द्वारा पारित किया जाता है तो कुश्ती को ओलिंपिक में शामिल नहीं किया जाएगा। बैंडर का मानना है कि पिछले तीन दशकों से अमेरिका, ईरान और रूस के संबंध अच्छे नहीं रहे हैं। सोवियत यूनियन के पतन के बाद अमेरिका और रूस के संबंधों में और गिरावट देखने को मिली है। दोनों देश के बीच सीरिया में गृहयुद्ध और तेहरान द्वारा परमाणु क्षमता का विस्तार के बारे में प्रतिक्रिया करने को लेकर मतभेद खुलकर सामने आए हैं।टिप्पणियां वहीं, रूस कुश्ती संघ के पहले उपाध्यक्ष से इस बारे में कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई है। लेकिन फेडरेशन ने एक वक्तव्य जारी करते हुए कहा कि सभी फेडरेशनों को ओलिंपिक में कुश्ती के स्थान को बचाने के लिए एक जुट होना पड़ेगा। आईओसी के अध्यक्ष जाक रोग ने कहा कि वे इसी सप्ताह फिला के शीर्ष अधिकारियों और कुश्ती की अंतरराष्ट्रीय गवर्निंग बॉडी से खेल के भविष्य के बारे में चर्चा करेंगे। बैंडर सोमवार को तेहरान के लिए रवाना होंगे, जहां पर चल रहे फ्री स्टाइल कुश्ती विश्व कप-2013 के मुकाबलों में अमेरिका के खिलाड़ी प्रतिस्पर्धा करेंगे। इस दौरान वे दूसरे देशों की कुश्ती फेडरेशनों के अधिकारियों के साथ इस मामले में अगली कार्रवाई के लिए योजना के बारे में चर्चा करेंगे। बैंडर ने कहा, "फ्री स्टाइल कुश्ती विश्व कप-2013 के दौरान कई कुश्ती फेडरेशन वहां एकत्रित होंगी। मुझे आशा है इस मामले को लेकर हम सभी जल्द ही एकजुट हो जाएंगे। दरअसल, इसी सप्ताह आईओसी के कार्यकारी बोर्ड ने 2020 में होने वाले ग्रीष्मकालीन ओलिंपिक में कुश्ती को शामिल न करने की सिफारिश की थी। अगर यह प्रस्ताव सितंबर में आईओसी द्वारा पारित किया जाता है तो कुश्ती को ओलिंपिक में शामिल नहीं किया जाएगा। बैंडर का मानना है कि पिछले तीन दशकों से अमेरिका, ईरान और रूस के संबंध अच्छे नहीं रहे हैं। सोवियत यूनियन के पतन के बाद अमेरिका और रूस के संबंधों में और गिरावट देखने को मिली है। दोनों देश के बीच सीरिया में गृहयुद्ध और तेहरान द्वारा परमाणु क्षमता का विस्तार के बारे में प्रतिक्रिया करने को लेकर मतभेद खुलकर सामने आए हैं।टिप्पणियां वहीं, रूस कुश्ती संघ के पहले उपाध्यक्ष से इस बारे में कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई है। लेकिन फेडरेशन ने एक वक्तव्य जारी करते हुए कहा कि सभी फेडरेशनों को ओलिंपिक में कुश्ती के स्थान को बचाने के लिए एक जुट होना पड़ेगा। आईओसी के अध्यक्ष जाक रोग ने कहा कि वे इसी सप्ताह फिला के शीर्ष अधिकारियों और कुश्ती की अंतरराष्ट्रीय गवर्निंग बॉडी से खेल के भविष्य के बारे में चर्चा करेंगे। बैंडर ने कहा, "फ्री स्टाइल कुश्ती विश्व कप-2013 के दौरान कई कुश्ती फेडरेशन वहां एकत्रित होंगी। मुझे आशा है इस मामले को लेकर हम सभी जल्द ही एकजुट हो जाएंगे। दरअसल, इसी सप्ताह आईओसी के कार्यकारी बोर्ड ने 2020 में होने वाले ग्रीष्मकालीन ओलिंपिक में कुश्ती को शामिल न करने की सिफारिश की थी। अगर यह प्रस्ताव सितंबर में आईओसी द्वारा पारित किया जाता है तो कुश्ती को ओलिंपिक में शामिल नहीं किया जाएगा। बैंडर का मानना है कि पिछले तीन दशकों से अमेरिका, ईरान और रूस के संबंध अच्छे नहीं रहे हैं। सोवियत यूनियन के पतन के बाद अमेरिका और रूस के संबंधों में और गिरावट देखने को मिली है। दोनों देश के बीच सीरिया में गृहयुद्ध और तेहरान द्वारा परमाणु क्षमता का विस्तार के बारे में प्रतिक्रिया करने को लेकर मतभेद खुलकर सामने आए हैं।टिप्पणियां वहीं, रूस कुश्ती संघ के पहले उपाध्यक्ष से इस बारे में कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई है। लेकिन फेडरेशन ने एक वक्तव्य जारी करते हुए कहा कि सभी फेडरेशनों को ओलिंपिक में कुश्ती के स्थान को बचाने के लिए एक जुट होना पड़ेगा। आईओसी के अध्यक्ष जाक रोग ने कहा कि वे इसी सप्ताह फिला के शीर्ष अधिकारियों और कुश्ती की अंतरराष्ट्रीय गवर्निंग बॉडी से खेल के भविष्य के बारे में चर्चा करेंगे। दरअसल, इसी सप्ताह आईओसी के कार्यकारी बोर्ड ने 2020 में होने वाले ग्रीष्मकालीन ओलिंपिक में कुश्ती को शामिल न करने की सिफारिश की थी। अगर यह प्रस्ताव सितंबर में आईओसी द्वारा पारित किया जाता है तो कुश्ती को ओलिंपिक में शामिल नहीं किया जाएगा। बैंडर का मानना है कि पिछले तीन दशकों से अमेरिका, ईरान और रूस के संबंध अच्छे नहीं रहे हैं। सोवियत यूनियन के पतन के बाद अमेरिका और रूस के संबंधों में और गिरावट देखने को मिली है। दोनों देश के बीच सीरिया में गृहयुद्ध और तेहरान द्वारा परमाणु क्षमता का विस्तार के बारे में प्रतिक्रिया करने को लेकर मतभेद खुलकर सामने आए हैं।टिप्पणियां वहीं, रूस कुश्ती संघ के पहले उपाध्यक्ष से इस बारे में कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई है। लेकिन फेडरेशन ने एक वक्तव्य जारी करते हुए कहा कि सभी फेडरेशनों को ओलिंपिक में कुश्ती के स्थान को बचाने के लिए एक जुट होना पड़ेगा। आईओसी के अध्यक्ष जाक रोग ने कहा कि वे इसी सप्ताह फिला के शीर्ष अधिकारियों और कुश्ती की अंतरराष्ट्रीय गवर्निंग बॉडी से खेल के भविष्य के बारे में चर्चा करेंगे। बैंडर का मानना है कि पिछले तीन दशकों से अमेरिका, ईरान और रूस के संबंध अच्छे नहीं रहे हैं। सोवियत यूनियन के पतन के बाद अमेरिका और रूस के संबंधों में और गिरावट देखने को मिली है। दोनों देश के बीच सीरिया में गृहयुद्ध और तेहरान द्वारा परमाणु क्षमता का विस्तार के बारे में प्रतिक्रिया करने को लेकर मतभेद खुलकर सामने आए हैं।टिप्पणियां वहीं, रूस कुश्ती संघ के पहले उपाध्यक्ष से इस बारे में कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई है। लेकिन फेडरेशन ने एक वक्तव्य जारी करते हुए कहा कि सभी फेडरेशनों को ओलिंपिक में कुश्ती के स्थान को बचाने के लिए एक जुट होना पड़ेगा। आईओसी के अध्यक्ष जाक रोग ने कहा कि वे इसी सप्ताह फिला के शीर्ष अधिकारियों और कुश्ती की अंतरराष्ट्रीय गवर्निंग बॉडी से खेल के भविष्य के बारे में चर्चा करेंगे। वहीं, रूस कुश्ती संघ के पहले उपाध्यक्ष से इस बारे में कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई है। लेकिन फेडरेशन ने एक वक्तव्य जारी करते हुए कहा कि सभी फेडरेशनों को ओलिंपिक में कुश्ती के स्थान को बचाने के लिए एक जुट होना पड़ेगा। आईओसी के अध्यक्ष जाक रोग ने कहा कि वे इसी सप्ताह फिला के शीर्ष अधिकारियों और कुश्ती की अंतरराष्ट्रीय गवर्निंग बॉडी से खेल के भविष्य के बारे में चर्चा करेंगे। आईओसी के अध्यक्ष जाक रोग ने कहा कि वे इसी सप्ताह फिला के शीर्ष अधिकारियों और कुश्ती की अंतरराष्ट्रीय गवर्निंग बॉडी से खेल के भविष्य के बारे में चर्चा करेंगे।
सारांश: ईरान की परमाणु आंकाक्षाओं को लेकर भले ही पिछले कुछ समय में तीनों देशों अमेरिका, रूस और ईरान के संबंधों में तनातनी चल रही हो, लेकिन तीनों देशों ने हाल ही में ओलिंपिक से कुश्ती के निष्कासन के खिलाफ आवाज बुलंद करने के लिए हाथ मिला लिया है।
5
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: वहीं परिवारवालों खासकर मृतक की बेटी मलोदि मरांडी का कहना है कि मौत भूख से हुई क्योंकि घर में खाने के लिए कुछ नहीं था. पिछले महीने जब राशन लाने गई तब उन्हें अंगूठा का निशान लेने के बाद डीलर ने यह कहकर लौटा दिया कि निशान नहीं मिले इसलिए अनाज नहीं दे सकता, लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में अनाज का लिया हुआ है. इसका मतलब या तो डीलर झूठ बोल रहा है या मलोदि के बातों में सच्चाई नहीं.  लेकिन इस मौत के बाद सरकार की तरफ से आनन-फानन में मृतक परिवारवालों को 20 हजार रुपये का अनुदान और अनाज दोनों दिया गया. जहां विपक्ष के नेता परिवारवालों से मिल रहे हैं वही सतारूढ़ दल के नेता भी गांव का दौरा कर रहे हैं. इनका आरोप है कि विपक्ष राजनीति कर रहा है.  इस घटना के बाद सब मान रहे हैं कि भले बीमारी से मृतक ग्रसित हो, लेकिन उसके पास खाने को अनाज नहीं था. साथ ही उसे सरकार की अन्य योजनाएं जैसे वृद्धावस्था पेंशन का लाभ ही मिल रहा था.
यहाँ एक सारांश है:सरकार का कहना है कि मरांडी की मौत बीमारी से हुई विपक्ष का कहना है कि मरांडी की मौत भूख से हुई सरकार ने मृतक के परिवार वालों को मुआवजा दिया
12
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: यह गलत धारणा है की मुद्रा लोन मुद्रा बैंक से मिलता है. ऐसा नहीं है. मुद्रा बैंक किसी व्यक्ति या व्यापारी को लोन नहीं देता. यह लोन किसी भी बैंक की शाखा में जा कर फॉर्म भरकर लिया जा सकता है. इसका मतलब साधारण बैंक मुद्रा योजना की तहत लोन देगा. सभी प्रमुख बैंक और NBFC मुद्रा लोन प्रदान करते हैं. मुद्रा लोन देने वाले सभी बैंक और वित्तीय संस्थानों की लिस्ट मुद्रा योजना की वेबसाइट पर उपलब्ध है. इस योजना के तहत 10 लाख रुपये तक का लोन मिल सकता है. अगर 10 लाख रुपये से ज्यादा का लोन चाहिए, तो मुद्रा योजना के तहत नहीं मिल सकता. अगर पहले किसी बैंक से लोन लिया है और उसका सही से भुगतान नहीं किया गया है, तो मुद्रा लोन नहीं मिलेगा.टिप्पणियां मुद्रा लोन की कोई निश्चित ब्याज दर नहीं है. व्यक्ति की जानकारी देखकर बैंक लोन की ब्याज दर पर फैसला लेता है. सरकार की तरफ से ब्याज दर पर कोई सब्सिडी नहीं मिलती है. शिशु लोन के लिए (50,000 रुपये तक) में लोन भुगतान की अवधि 5 वर्ष से अधिक नहीं हो सकती. मुद्रा किशोर और तरुण लोन भुगतान की अवधि का फैसला बैंक या वित्तीय संस्थान करता है. अवधि क्रेडिट स्कोर, बिज़नेस या प्रोजेक्ट के केश-फ्लो पर निर्भर करती है. लोन लेते समय मोराटोरियम पिरड के लिए भी निवेदन किया जा सकता है. इस समय के दौरान केवल ब्याज का भुगतान करना होता है. सभी प्रमुख बैंक और NBFC मुद्रा लोन प्रदान करते हैं. मुद्रा लोन देने वाले सभी बैंक और वित्तीय संस्थानों की लिस्ट मुद्रा योजना की वेबसाइट पर उपलब्ध है. इस योजना के तहत 10 लाख रुपये तक का लोन मिल सकता है. अगर 10 लाख रुपये से ज्यादा का लोन चाहिए, तो मुद्रा योजना के तहत नहीं मिल सकता. अगर पहले किसी बैंक से लोन लिया है और उसका सही से भुगतान नहीं किया गया है, तो मुद्रा लोन नहीं मिलेगा.टिप्पणियां मुद्रा लोन की कोई निश्चित ब्याज दर नहीं है. व्यक्ति की जानकारी देखकर बैंक लोन की ब्याज दर पर फैसला लेता है. सरकार की तरफ से ब्याज दर पर कोई सब्सिडी नहीं मिलती है. शिशु लोन के लिए (50,000 रुपये तक) में लोन भुगतान की अवधि 5 वर्ष से अधिक नहीं हो सकती. मुद्रा किशोर और तरुण लोन भुगतान की अवधि का फैसला बैंक या वित्तीय संस्थान करता है. अवधि क्रेडिट स्कोर, बिज़नेस या प्रोजेक्ट के केश-फ्लो पर निर्भर करती है. लोन लेते समय मोराटोरियम पिरड के लिए भी निवेदन किया जा सकता है. इस समय के दौरान केवल ब्याज का भुगतान करना होता है. इस योजना के तहत 10 लाख रुपये तक का लोन मिल सकता है. अगर 10 लाख रुपये से ज्यादा का लोन चाहिए, तो मुद्रा योजना के तहत नहीं मिल सकता. अगर पहले किसी बैंक से लोन लिया है और उसका सही से भुगतान नहीं किया गया है, तो मुद्रा लोन नहीं मिलेगा.टिप्पणियां मुद्रा लोन की कोई निश्चित ब्याज दर नहीं है. व्यक्ति की जानकारी देखकर बैंक लोन की ब्याज दर पर फैसला लेता है. सरकार की तरफ से ब्याज दर पर कोई सब्सिडी नहीं मिलती है. शिशु लोन के लिए (50,000 रुपये तक) में लोन भुगतान की अवधि 5 वर्ष से अधिक नहीं हो सकती. मुद्रा किशोर और तरुण लोन भुगतान की अवधि का फैसला बैंक या वित्तीय संस्थान करता है. अवधि क्रेडिट स्कोर, बिज़नेस या प्रोजेक्ट के केश-फ्लो पर निर्भर करती है. लोन लेते समय मोराटोरियम पिरड के लिए भी निवेदन किया जा सकता है. इस समय के दौरान केवल ब्याज का भुगतान करना होता है. मुद्रा लोन की कोई निश्चित ब्याज दर नहीं है. व्यक्ति की जानकारी देखकर बैंक लोन की ब्याज दर पर फैसला लेता है. सरकार की तरफ से ब्याज दर पर कोई सब्सिडी नहीं मिलती है. शिशु लोन के लिए (50,000 रुपये तक) में लोन भुगतान की अवधि 5 वर्ष से अधिक नहीं हो सकती. मुद्रा किशोर और तरुण लोन भुगतान की अवधि का फैसला बैंक या वित्तीय संस्थान करता है. अवधि क्रेडिट स्कोर, बिज़नेस या प्रोजेक्ट के केश-फ्लो पर निर्भर करती है. लोन लेते समय मोराटोरियम पिरड के लिए भी निवेदन किया जा सकता है. इस समय के दौरान केवल ब्याज का भुगतान करना होता है. लोन लेते समय मोराटोरियम पिरड के लिए भी निवेदन किया जा सकता है. इस समय के दौरान केवल ब्याज का भुगतान करना होता है.
मुद्रा योजना के तहत लोन आसान बनाया गया है किसी भी बैंक में फॉर्म भरकर लोन लिया जा सकता है लोन लेकर अपना कारोबार स्थापित कर सकते हैं युवा
34
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: अमेरिका की एक अदालत ने मुंबई आतंकवादी हमलों के लिए पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी नागरिक और लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी डेविड हेडली को 35 साल की सजा सुनाई। लेकिन अमेरिकी सरकार के साथ एक समझौते के चलते वह मौत की सजा पाने से बच गया, जिस पर सजा सुनाने वाले जज ने भी गंभीर आपत्ति जाहिर की। जज लेनेनवेबर ने कहा, जो सजा मैं सुना रहा हूं, मुझे उम्मीद है कि यह श्रीमान हेडली को ताउम्र सलाखों के पीछे रखेगी। जज ने कहा कि मौत की सजा सुनाना अधिक आसान होता। उन्होंने कहा, आप उसी के हकदार हैं। 52-वर्षीय हेडली ने अमेरिकी जांचकर्ताओं के साथ एक समझौता किया था, जिसके तहत वह मौत की सजा पाने से बच गया। लेकिन बहुत लोगों को इससे हैरानी हुई कि अमेरिकी अभियोजकों ने हेडली के लिए आजीवन कारावास की सजा क्यों नहीं मांगी। अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट जज हैरी लेनेनवेबर ने हेडली को 35 साल जेल में बिताने का आदेश दिया, जिसमें बाद में पांच साल के सुपरवाइज्ड रिलीज (निगरानी में रिहाई) का प्रावधान होगा। इस सजा में पैरोल की कोई व्यवस्था नहीं है और दोषी को अपनी सजा की कम से कम 85 फीसदी सजा पूरी करनी होगी। जज ने खचाखच भरे अदालत कक्ष में सजा सुनाते हुए कहा, श्रीमान हेडली एक आतंकवादी हैं। लेनेनवेबर ने यह भी कहा, उसने अपराध को अंजाम दिया, अपराध में सहयोग किया और इस सहयोग के लिए बाद में इनाम भी पाया। उन्होंने कहा, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि मैं क्या करता हूं। इससे आतंकवादी रुकेंगे नहीं। दुर्भाग्यवश, आतंकवादी इन सब की परवाह नहीं करते। मुझे श्रीमान हेडली की इस बात में कोई विश्वास नहीं होता, जब वह यह कहते हैं कि वह अब बदल गए हैं। जज ने कहा, मैं यह मानता हूं कि हेडली से लोगों की रक्षा करना और यह सुनिश्चित करना कि वह भविष्य में और आतंकवादी गतिविधियों में शामिल नहीं हो, मेरा फर्ज है। 35 साल की सजा सही सजा नहीं है। जज ने कहा, मैं 35 साल की सजा दिए जाने के सरकार के प्रस्ताव को स्वीकार करता हूं और 35 साल की सजा सुनाता हूं। यह पूछे जाने पर कि क्या वह कोई बयान देना चाहता है, हेडली ने कहा, नहीं योर ऑनर। अपना दोष स्वीकार करने और बाद में सह-आरोपी तथा स्कूल के समय के दोस्त तहव्वुर राणा की सुनवाई के दौरान सरकार के पक्ष में गवाही देते हुए हेडली ने स्वीकार किया था कि उसने पाकिस्तान में वर्ष 2002 से 2005 के बीच पांच अलग-अलग मौकों पर लश्कर-ए-तैयबा द्वारा संचालित आतंकवादी प्रशिक्षण शिविरों में हिस्सा लिया था। 2005 के अंतिम दिनों के दौरान हेडली को लश्कर के तीन सदस्यों की ओर से भारत में खुफियागिरी के लिए जाने का निर्देश मिला। उसने पांच बार खुफियागिरी की, जिसकी परिणति 2008 के मुंबई हमलों के रूप में हुई। इसमें छह अमेरिकियों समेत 166 लोग मारे गए और सैकड़ों अन्य घायल हुए थे। एक सप्ताह पहले लेनेनवेबर ने राणा को 14 साल की सजा सुनाई थी, जिसमें तीन साल की सुपरवाइज्ड रिलीज का प्रावधान था। उसे लश्कर को साजो-सामान की मदद मुहैया कराने और कोपेनहेगन में डेनमार्क के एक समाचारपत्र के खिलाफ आतंकवादी हमले की योजना बनाने के लिए यह सजा सुनाई गई थी। हेडली और राणा दोनों को वर्ष 2009 में गिरफ्तार किया गया था। हेडली मादक पदार्थों का डीलर था, जो बाद में अमेरिकी ड्रग इनफोर्समेंट एजेंसी का मुखबिर बन गया था। लेकिन बाद में वह बागी हो गया। अपनी अंतिम जिरह में अमेरिकी अटॉर्नी डेनियल जे कोलिन्स तथा साराह ई स्ट्रेकर ने हेडली के लिए 30 से 35 साल की सजा की मांग की थी।टिप्पणियां हेडली के वकीलों - रॉबर्ट डेविड सीडेर तथा जॉन थामस ने यह कहते हुए उसे कम सजा सुनाए जाने की अपील की थी कि उसने लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकवादी संगठनों और उसके कई नेताओं के खिलाफ अमेरिकी सरकार को काफी सूचना दी है। हेडली ने स्वीकार किया था कि उसने पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं के लिए कई अभियानों को अंजाम दिया था। उसने मुंबई में प्रसिद्ध ताज महल होटल समेत भारत में कई ठिकानों की वीडियोग्राफी की थी, जिस पर लश्कर के 10 आतंकवादियों ने हमला किया था।  सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक हेडली द्वारा बनाए गए विस्तृत वीडियो के आधार पर ही मुंबई हमलों की साजिश रची गयी और उसे अंजाम दिया गया। एक पाकिस्तानी पिता और अमेरिकी मां की संतान हेडली ने 2006 में अपने नाम दाऊद गिलानी तक को बदल लिया था, ताकि वह बिना कोई शक पैदा किए भारत में आ-जा सके। अमेरिकी अटॉर्नी ने कहा कि इस बात में कोई शक नहीं है कि हेडली का आपराधिक कृत्य निंदनीय है, लेकिन उसका सहयोग करने का फैसला आतंकवाद से लड़ने के अमेरिकी प्रयासों में काफी महत्व रखता है। उन्होंने कहा, हम आजीवन कारावास से कम की सजा मांगते हैं, क्योंकि हेडली ने महत्वपूर्ण खुफिया जानकारी मुहैया कराई है। उसका अपराध निंदनीय, खौफनाक और दर्दनाक है। जज लेनेनवेबर ने कहा, जो सजा मैं सुना रहा हूं, मुझे उम्मीद है कि यह श्रीमान हेडली को ताउम्र सलाखों के पीछे रखेगी। जज ने कहा कि मौत की सजा सुनाना अधिक आसान होता। उन्होंने कहा, आप उसी के हकदार हैं। 52-वर्षीय हेडली ने अमेरिकी जांचकर्ताओं के साथ एक समझौता किया था, जिसके तहत वह मौत की सजा पाने से बच गया। लेकिन बहुत लोगों को इससे हैरानी हुई कि अमेरिकी अभियोजकों ने हेडली के लिए आजीवन कारावास की सजा क्यों नहीं मांगी। अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट जज हैरी लेनेनवेबर ने हेडली को 35 साल जेल में बिताने का आदेश दिया, जिसमें बाद में पांच साल के सुपरवाइज्ड रिलीज (निगरानी में रिहाई) का प्रावधान होगा। इस सजा में पैरोल की कोई व्यवस्था नहीं है और दोषी को अपनी सजा की कम से कम 85 फीसदी सजा पूरी करनी होगी। जज ने खचाखच भरे अदालत कक्ष में सजा सुनाते हुए कहा, श्रीमान हेडली एक आतंकवादी हैं। लेनेनवेबर ने यह भी कहा, उसने अपराध को अंजाम दिया, अपराध में सहयोग किया और इस सहयोग के लिए बाद में इनाम भी पाया। उन्होंने कहा, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि मैं क्या करता हूं। इससे आतंकवादी रुकेंगे नहीं। दुर्भाग्यवश, आतंकवादी इन सब की परवाह नहीं करते। मुझे श्रीमान हेडली की इस बात में कोई विश्वास नहीं होता, जब वह यह कहते हैं कि वह अब बदल गए हैं। जज ने कहा, मैं यह मानता हूं कि हेडली से लोगों की रक्षा करना और यह सुनिश्चित करना कि वह भविष्य में और आतंकवादी गतिविधियों में शामिल नहीं हो, मेरा फर्ज है। 35 साल की सजा सही सजा नहीं है। जज ने कहा, मैं 35 साल की सजा दिए जाने के सरकार के प्रस्ताव को स्वीकार करता हूं और 35 साल की सजा सुनाता हूं। यह पूछे जाने पर कि क्या वह कोई बयान देना चाहता है, हेडली ने कहा, नहीं योर ऑनर। अपना दोष स्वीकार करने और बाद में सह-आरोपी तथा स्कूल के समय के दोस्त तहव्वुर राणा की सुनवाई के दौरान सरकार के पक्ष में गवाही देते हुए हेडली ने स्वीकार किया था कि उसने पाकिस्तान में वर्ष 2002 से 2005 के बीच पांच अलग-अलग मौकों पर लश्कर-ए-तैयबा द्वारा संचालित आतंकवादी प्रशिक्षण शिविरों में हिस्सा लिया था। 2005 के अंतिम दिनों के दौरान हेडली को लश्कर के तीन सदस्यों की ओर से भारत में खुफियागिरी के लिए जाने का निर्देश मिला। उसने पांच बार खुफियागिरी की, जिसकी परिणति 2008 के मुंबई हमलों के रूप में हुई। इसमें छह अमेरिकियों समेत 166 लोग मारे गए और सैकड़ों अन्य घायल हुए थे। एक सप्ताह पहले लेनेनवेबर ने राणा को 14 साल की सजा सुनाई थी, जिसमें तीन साल की सुपरवाइज्ड रिलीज का प्रावधान था। उसे लश्कर को साजो-सामान की मदद मुहैया कराने और कोपेनहेगन में डेनमार्क के एक समाचारपत्र के खिलाफ आतंकवादी हमले की योजना बनाने के लिए यह सजा सुनाई गई थी। हेडली और राणा दोनों को वर्ष 2009 में गिरफ्तार किया गया था। हेडली मादक पदार्थों का डीलर था, जो बाद में अमेरिकी ड्रग इनफोर्समेंट एजेंसी का मुखबिर बन गया था। लेकिन बाद में वह बागी हो गया। अपनी अंतिम जिरह में अमेरिकी अटॉर्नी डेनियल जे कोलिन्स तथा साराह ई स्ट्रेकर ने हेडली के लिए 30 से 35 साल की सजा की मांग की थी।टिप्पणियां हेडली के वकीलों - रॉबर्ट डेविड सीडेर तथा जॉन थामस ने यह कहते हुए उसे कम सजा सुनाए जाने की अपील की थी कि उसने लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकवादी संगठनों और उसके कई नेताओं के खिलाफ अमेरिकी सरकार को काफी सूचना दी है। हेडली ने स्वीकार किया था कि उसने पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं के लिए कई अभियानों को अंजाम दिया था। उसने मुंबई में प्रसिद्ध ताज महल होटल समेत भारत में कई ठिकानों की वीडियोग्राफी की थी, जिस पर लश्कर के 10 आतंकवादियों ने हमला किया था।  सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक हेडली द्वारा बनाए गए विस्तृत वीडियो के आधार पर ही मुंबई हमलों की साजिश रची गयी और उसे अंजाम दिया गया। एक पाकिस्तानी पिता और अमेरिकी मां की संतान हेडली ने 2006 में अपने नाम दाऊद गिलानी तक को बदल लिया था, ताकि वह बिना कोई शक पैदा किए भारत में आ-जा सके। अमेरिकी अटॉर्नी ने कहा कि इस बात में कोई शक नहीं है कि हेडली का आपराधिक कृत्य निंदनीय है, लेकिन उसका सहयोग करने का फैसला आतंकवाद से लड़ने के अमेरिकी प्रयासों में काफी महत्व रखता है। उन्होंने कहा, हम आजीवन कारावास से कम की सजा मांगते हैं, क्योंकि हेडली ने महत्वपूर्ण खुफिया जानकारी मुहैया कराई है। उसका अपराध निंदनीय, खौफनाक और दर्दनाक है। अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट जज हैरी लेनेनवेबर ने हेडली को 35 साल जेल में बिताने का आदेश दिया, जिसमें बाद में पांच साल के सुपरवाइज्ड रिलीज (निगरानी में रिहाई) का प्रावधान होगा। इस सजा में पैरोल की कोई व्यवस्था नहीं है और दोषी को अपनी सजा की कम से कम 85 फीसदी सजा पूरी करनी होगी। जज ने खचाखच भरे अदालत कक्ष में सजा सुनाते हुए कहा, श्रीमान हेडली एक आतंकवादी हैं। लेनेनवेबर ने यह भी कहा, उसने अपराध को अंजाम दिया, अपराध में सहयोग किया और इस सहयोग के लिए बाद में इनाम भी पाया। उन्होंने कहा, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि मैं क्या करता हूं। इससे आतंकवादी रुकेंगे नहीं। दुर्भाग्यवश, आतंकवादी इन सब की परवाह नहीं करते। मुझे श्रीमान हेडली की इस बात में कोई विश्वास नहीं होता, जब वह यह कहते हैं कि वह अब बदल गए हैं। जज ने कहा, मैं यह मानता हूं कि हेडली से लोगों की रक्षा करना और यह सुनिश्चित करना कि वह भविष्य में और आतंकवादी गतिविधियों में शामिल नहीं हो, मेरा फर्ज है। 35 साल की सजा सही सजा नहीं है। जज ने कहा, मैं 35 साल की सजा दिए जाने के सरकार के प्रस्ताव को स्वीकार करता हूं और 35 साल की सजा सुनाता हूं। यह पूछे जाने पर कि क्या वह कोई बयान देना चाहता है, हेडली ने कहा, नहीं योर ऑनर। अपना दोष स्वीकार करने और बाद में सह-आरोपी तथा स्कूल के समय के दोस्त तहव्वुर राणा की सुनवाई के दौरान सरकार के पक्ष में गवाही देते हुए हेडली ने स्वीकार किया था कि उसने पाकिस्तान में वर्ष 2002 से 2005 के बीच पांच अलग-अलग मौकों पर लश्कर-ए-तैयबा द्वारा संचालित आतंकवादी प्रशिक्षण शिविरों में हिस्सा लिया था। 2005 के अंतिम दिनों के दौरान हेडली को लश्कर के तीन सदस्यों की ओर से भारत में खुफियागिरी के लिए जाने का निर्देश मिला। उसने पांच बार खुफियागिरी की, जिसकी परिणति 2008 के मुंबई हमलों के रूप में हुई। इसमें छह अमेरिकियों समेत 166 लोग मारे गए और सैकड़ों अन्य घायल हुए थे। एक सप्ताह पहले लेनेनवेबर ने राणा को 14 साल की सजा सुनाई थी, जिसमें तीन साल की सुपरवाइज्ड रिलीज का प्रावधान था। उसे लश्कर को साजो-सामान की मदद मुहैया कराने और कोपेनहेगन में डेनमार्क के एक समाचारपत्र के खिलाफ आतंकवादी हमले की योजना बनाने के लिए यह सजा सुनाई गई थी। हेडली और राणा दोनों को वर्ष 2009 में गिरफ्तार किया गया था। हेडली मादक पदार्थों का डीलर था, जो बाद में अमेरिकी ड्रग इनफोर्समेंट एजेंसी का मुखबिर बन गया था। लेकिन बाद में वह बागी हो गया। अपनी अंतिम जिरह में अमेरिकी अटॉर्नी डेनियल जे कोलिन्स तथा साराह ई स्ट्रेकर ने हेडली के लिए 30 से 35 साल की सजा की मांग की थी।टिप्पणियां हेडली के वकीलों - रॉबर्ट डेविड सीडेर तथा जॉन थामस ने यह कहते हुए उसे कम सजा सुनाए जाने की अपील की थी कि उसने लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकवादी संगठनों और उसके कई नेताओं के खिलाफ अमेरिकी सरकार को काफी सूचना दी है। हेडली ने स्वीकार किया था कि उसने पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं के लिए कई अभियानों को अंजाम दिया था। उसने मुंबई में प्रसिद्ध ताज महल होटल समेत भारत में कई ठिकानों की वीडियोग्राफी की थी, जिस पर लश्कर के 10 आतंकवादियों ने हमला किया था।  सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक हेडली द्वारा बनाए गए विस्तृत वीडियो के आधार पर ही मुंबई हमलों की साजिश रची गयी और उसे अंजाम दिया गया। एक पाकिस्तानी पिता और अमेरिकी मां की संतान हेडली ने 2006 में अपने नाम दाऊद गिलानी तक को बदल लिया था, ताकि वह बिना कोई शक पैदा किए भारत में आ-जा सके। अमेरिकी अटॉर्नी ने कहा कि इस बात में कोई शक नहीं है कि हेडली का आपराधिक कृत्य निंदनीय है, लेकिन उसका सहयोग करने का फैसला आतंकवाद से लड़ने के अमेरिकी प्रयासों में काफी महत्व रखता है। उन्होंने कहा, हम आजीवन कारावास से कम की सजा मांगते हैं, क्योंकि हेडली ने महत्वपूर्ण खुफिया जानकारी मुहैया कराई है। उसका अपराध निंदनीय, खौफनाक और दर्दनाक है। लेनेनवेबर ने यह भी कहा, उसने अपराध को अंजाम दिया, अपराध में सहयोग किया और इस सहयोग के लिए बाद में इनाम भी पाया। उन्होंने कहा, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि मैं क्या करता हूं। इससे आतंकवादी रुकेंगे नहीं। दुर्भाग्यवश, आतंकवादी इन सब की परवाह नहीं करते। मुझे श्रीमान हेडली की इस बात में कोई विश्वास नहीं होता, जब वह यह कहते हैं कि वह अब बदल गए हैं। जज ने कहा, मैं यह मानता हूं कि हेडली से लोगों की रक्षा करना और यह सुनिश्चित करना कि वह भविष्य में और आतंकवादी गतिविधियों में शामिल नहीं हो, मेरा फर्ज है। 35 साल की सजा सही सजा नहीं है। जज ने कहा, मैं 35 साल की सजा दिए जाने के सरकार के प्रस्ताव को स्वीकार करता हूं और 35 साल की सजा सुनाता हूं। यह पूछे जाने पर कि क्या वह कोई बयान देना चाहता है, हेडली ने कहा, नहीं योर ऑनर। अपना दोष स्वीकार करने और बाद में सह-आरोपी तथा स्कूल के समय के दोस्त तहव्वुर राणा की सुनवाई के दौरान सरकार के पक्ष में गवाही देते हुए हेडली ने स्वीकार किया था कि उसने पाकिस्तान में वर्ष 2002 से 2005 के बीच पांच अलग-अलग मौकों पर लश्कर-ए-तैयबा द्वारा संचालित आतंकवादी प्रशिक्षण शिविरों में हिस्सा लिया था। 2005 के अंतिम दिनों के दौरान हेडली को लश्कर के तीन सदस्यों की ओर से भारत में खुफियागिरी के लिए जाने का निर्देश मिला। उसने पांच बार खुफियागिरी की, जिसकी परिणति 2008 के मुंबई हमलों के रूप में हुई। इसमें छह अमेरिकियों समेत 166 लोग मारे गए और सैकड़ों अन्य घायल हुए थे। एक सप्ताह पहले लेनेनवेबर ने राणा को 14 साल की सजा सुनाई थी, जिसमें तीन साल की सुपरवाइज्ड रिलीज का प्रावधान था। उसे लश्कर को साजो-सामान की मदद मुहैया कराने और कोपेनहेगन में डेनमार्क के एक समाचारपत्र के खिलाफ आतंकवादी हमले की योजना बनाने के लिए यह सजा सुनाई गई थी। हेडली और राणा दोनों को वर्ष 2009 में गिरफ्तार किया गया था। हेडली मादक पदार्थों का डीलर था, जो बाद में अमेरिकी ड्रग इनफोर्समेंट एजेंसी का मुखबिर बन गया था। लेकिन बाद में वह बागी हो गया। अपनी अंतिम जिरह में अमेरिकी अटॉर्नी डेनियल जे कोलिन्स तथा साराह ई स्ट्रेकर ने हेडली के लिए 30 से 35 साल की सजा की मांग की थी।टिप्पणियां हेडली के वकीलों - रॉबर्ट डेविड सीडेर तथा जॉन थामस ने यह कहते हुए उसे कम सजा सुनाए जाने की अपील की थी कि उसने लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकवादी संगठनों और उसके कई नेताओं के खिलाफ अमेरिकी सरकार को काफी सूचना दी है। हेडली ने स्वीकार किया था कि उसने पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं के लिए कई अभियानों को अंजाम दिया था। उसने मुंबई में प्रसिद्ध ताज महल होटल समेत भारत में कई ठिकानों की वीडियोग्राफी की थी, जिस पर लश्कर के 10 आतंकवादियों ने हमला किया था।  सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक हेडली द्वारा बनाए गए विस्तृत वीडियो के आधार पर ही मुंबई हमलों की साजिश रची गयी और उसे अंजाम दिया गया। एक पाकिस्तानी पिता और अमेरिकी मां की संतान हेडली ने 2006 में अपने नाम दाऊद गिलानी तक को बदल लिया था, ताकि वह बिना कोई शक पैदा किए भारत में आ-जा सके। अमेरिकी अटॉर्नी ने कहा कि इस बात में कोई शक नहीं है कि हेडली का आपराधिक कृत्य निंदनीय है, लेकिन उसका सहयोग करने का फैसला आतंकवाद से लड़ने के अमेरिकी प्रयासों में काफी महत्व रखता है। उन्होंने कहा, हम आजीवन कारावास से कम की सजा मांगते हैं, क्योंकि हेडली ने महत्वपूर्ण खुफिया जानकारी मुहैया कराई है। उसका अपराध निंदनीय, खौफनाक और दर्दनाक है। जज ने कहा, मैं यह मानता हूं कि हेडली से लोगों की रक्षा करना और यह सुनिश्चित करना कि वह भविष्य में और आतंकवादी गतिविधियों में शामिल नहीं हो, मेरा फर्ज है। 35 साल की सजा सही सजा नहीं है। जज ने कहा, मैं 35 साल की सजा दिए जाने के सरकार के प्रस्ताव को स्वीकार करता हूं और 35 साल की सजा सुनाता हूं। यह पूछे जाने पर कि क्या वह कोई बयान देना चाहता है, हेडली ने कहा, नहीं योर ऑनर। अपना दोष स्वीकार करने और बाद में सह-आरोपी तथा स्कूल के समय के दोस्त तहव्वुर राणा की सुनवाई के दौरान सरकार के पक्ष में गवाही देते हुए हेडली ने स्वीकार किया था कि उसने पाकिस्तान में वर्ष 2002 से 2005 के बीच पांच अलग-अलग मौकों पर लश्कर-ए-तैयबा द्वारा संचालित आतंकवादी प्रशिक्षण शिविरों में हिस्सा लिया था। 2005 के अंतिम दिनों के दौरान हेडली को लश्कर के तीन सदस्यों की ओर से भारत में खुफियागिरी के लिए जाने का निर्देश मिला। उसने पांच बार खुफियागिरी की, जिसकी परिणति 2008 के मुंबई हमलों के रूप में हुई। इसमें छह अमेरिकियों समेत 166 लोग मारे गए और सैकड़ों अन्य घायल हुए थे। एक सप्ताह पहले लेनेनवेबर ने राणा को 14 साल की सजा सुनाई थी, जिसमें तीन साल की सुपरवाइज्ड रिलीज का प्रावधान था। उसे लश्कर को साजो-सामान की मदद मुहैया कराने और कोपेनहेगन में डेनमार्क के एक समाचारपत्र के खिलाफ आतंकवादी हमले की योजना बनाने के लिए यह सजा सुनाई गई थी। हेडली और राणा दोनों को वर्ष 2009 में गिरफ्तार किया गया था। हेडली मादक पदार्थों का डीलर था, जो बाद में अमेरिकी ड्रग इनफोर्समेंट एजेंसी का मुखबिर बन गया था। लेकिन बाद में वह बागी हो गया। अपनी अंतिम जिरह में अमेरिकी अटॉर्नी डेनियल जे कोलिन्स तथा साराह ई स्ट्रेकर ने हेडली के लिए 30 से 35 साल की सजा की मांग की थी।टिप्पणियां हेडली के वकीलों - रॉबर्ट डेविड सीडेर तथा जॉन थामस ने यह कहते हुए उसे कम सजा सुनाए जाने की अपील की थी कि उसने लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकवादी संगठनों और उसके कई नेताओं के खिलाफ अमेरिकी सरकार को काफी सूचना दी है। हेडली ने स्वीकार किया था कि उसने पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं के लिए कई अभियानों को अंजाम दिया था। उसने मुंबई में प्रसिद्ध ताज महल होटल समेत भारत में कई ठिकानों की वीडियोग्राफी की थी, जिस पर लश्कर के 10 आतंकवादियों ने हमला किया था।  सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक हेडली द्वारा बनाए गए विस्तृत वीडियो के आधार पर ही मुंबई हमलों की साजिश रची गयी और उसे अंजाम दिया गया। एक पाकिस्तानी पिता और अमेरिकी मां की संतान हेडली ने 2006 में अपने नाम दाऊद गिलानी तक को बदल लिया था, ताकि वह बिना कोई शक पैदा किए भारत में आ-जा सके। अमेरिकी अटॉर्नी ने कहा कि इस बात में कोई शक नहीं है कि हेडली का आपराधिक कृत्य निंदनीय है, लेकिन उसका सहयोग करने का फैसला आतंकवाद से लड़ने के अमेरिकी प्रयासों में काफी महत्व रखता है। उन्होंने कहा, हम आजीवन कारावास से कम की सजा मांगते हैं, क्योंकि हेडली ने महत्वपूर्ण खुफिया जानकारी मुहैया कराई है। उसका अपराध निंदनीय, खौफनाक और दर्दनाक है। अपना दोष स्वीकार करने और बाद में सह-आरोपी तथा स्कूल के समय के दोस्त तहव्वुर राणा की सुनवाई के दौरान सरकार के पक्ष में गवाही देते हुए हेडली ने स्वीकार किया था कि उसने पाकिस्तान में वर्ष 2002 से 2005 के बीच पांच अलग-अलग मौकों पर लश्कर-ए-तैयबा द्वारा संचालित आतंकवादी प्रशिक्षण शिविरों में हिस्सा लिया था। 2005 के अंतिम दिनों के दौरान हेडली को लश्कर के तीन सदस्यों की ओर से भारत में खुफियागिरी के लिए जाने का निर्देश मिला। उसने पांच बार खुफियागिरी की, जिसकी परिणति 2008 के मुंबई हमलों के रूप में हुई। इसमें छह अमेरिकियों समेत 166 लोग मारे गए और सैकड़ों अन्य घायल हुए थे। एक सप्ताह पहले लेनेनवेबर ने राणा को 14 साल की सजा सुनाई थी, जिसमें तीन साल की सुपरवाइज्ड रिलीज का प्रावधान था। उसे लश्कर को साजो-सामान की मदद मुहैया कराने और कोपेनहेगन में डेनमार्क के एक समाचारपत्र के खिलाफ आतंकवादी हमले की योजना बनाने के लिए यह सजा सुनाई गई थी। हेडली और राणा दोनों को वर्ष 2009 में गिरफ्तार किया गया था। हेडली मादक पदार्थों का डीलर था, जो बाद में अमेरिकी ड्रग इनफोर्समेंट एजेंसी का मुखबिर बन गया था। लेकिन बाद में वह बागी हो गया। अपनी अंतिम जिरह में अमेरिकी अटॉर्नी डेनियल जे कोलिन्स तथा साराह ई स्ट्रेकर ने हेडली के लिए 30 से 35 साल की सजा की मांग की थी।टिप्पणियां हेडली के वकीलों - रॉबर्ट डेविड सीडेर तथा जॉन थामस ने यह कहते हुए उसे कम सजा सुनाए जाने की अपील की थी कि उसने लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकवादी संगठनों और उसके कई नेताओं के खिलाफ अमेरिकी सरकार को काफी सूचना दी है। हेडली ने स्वीकार किया था कि उसने पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं के लिए कई अभियानों को अंजाम दिया था। उसने मुंबई में प्रसिद्ध ताज महल होटल समेत भारत में कई ठिकानों की वीडियोग्राफी की थी, जिस पर लश्कर के 10 आतंकवादियों ने हमला किया था।  सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक हेडली द्वारा बनाए गए विस्तृत वीडियो के आधार पर ही मुंबई हमलों की साजिश रची गयी और उसे अंजाम दिया गया। एक पाकिस्तानी पिता और अमेरिकी मां की संतान हेडली ने 2006 में अपने नाम दाऊद गिलानी तक को बदल लिया था, ताकि वह बिना कोई शक पैदा किए भारत में आ-जा सके। अमेरिकी अटॉर्नी ने कहा कि इस बात में कोई शक नहीं है कि हेडली का आपराधिक कृत्य निंदनीय है, लेकिन उसका सहयोग करने का फैसला आतंकवाद से लड़ने के अमेरिकी प्रयासों में काफी महत्व रखता है। उन्होंने कहा, हम आजीवन कारावास से कम की सजा मांगते हैं, क्योंकि हेडली ने महत्वपूर्ण खुफिया जानकारी मुहैया कराई है। उसका अपराध निंदनीय, खौफनाक और दर्दनाक है। एक सप्ताह पहले लेनेनवेबर ने राणा को 14 साल की सजा सुनाई थी, जिसमें तीन साल की सुपरवाइज्ड रिलीज का प्रावधान था। उसे लश्कर को साजो-सामान की मदद मुहैया कराने और कोपेनहेगन में डेनमार्क के एक समाचारपत्र के खिलाफ आतंकवादी हमले की योजना बनाने के लिए यह सजा सुनाई गई थी। हेडली और राणा दोनों को वर्ष 2009 में गिरफ्तार किया गया था। हेडली मादक पदार्थों का डीलर था, जो बाद में अमेरिकी ड्रग इनफोर्समेंट एजेंसी का मुखबिर बन गया था। लेकिन बाद में वह बागी हो गया। अपनी अंतिम जिरह में अमेरिकी अटॉर्नी डेनियल जे कोलिन्स तथा साराह ई स्ट्रेकर ने हेडली के लिए 30 से 35 साल की सजा की मांग की थी।टिप्पणियां हेडली के वकीलों - रॉबर्ट डेविड सीडेर तथा जॉन थामस ने यह कहते हुए उसे कम सजा सुनाए जाने की अपील की थी कि उसने लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकवादी संगठनों और उसके कई नेताओं के खिलाफ अमेरिकी सरकार को काफी सूचना दी है। हेडली ने स्वीकार किया था कि उसने पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं के लिए कई अभियानों को अंजाम दिया था। उसने मुंबई में प्रसिद्ध ताज महल होटल समेत भारत में कई ठिकानों की वीडियोग्राफी की थी, जिस पर लश्कर के 10 आतंकवादियों ने हमला किया था।  सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक हेडली द्वारा बनाए गए विस्तृत वीडियो के आधार पर ही मुंबई हमलों की साजिश रची गयी और उसे अंजाम दिया गया। एक पाकिस्तानी पिता और अमेरिकी मां की संतान हेडली ने 2006 में अपने नाम दाऊद गिलानी तक को बदल लिया था, ताकि वह बिना कोई शक पैदा किए भारत में आ-जा सके। अमेरिकी अटॉर्नी ने कहा कि इस बात में कोई शक नहीं है कि हेडली का आपराधिक कृत्य निंदनीय है, लेकिन उसका सहयोग करने का फैसला आतंकवाद से लड़ने के अमेरिकी प्रयासों में काफी महत्व रखता है। उन्होंने कहा, हम आजीवन कारावास से कम की सजा मांगते हैं, क्योंकि हेडली ने महत्वपूर्ण खुफिया जानकारी मुहैया कराई है। उसका अपराध निंदनीय, खौफनाक और दर्दनाक है। हेडली मादक पदार्थों का डीलर था, जो बाद में अमेरिकी ड्रग इनफोर्समेंट एजेंसी का मुखबिर बन गया था। लेकिन बाद में वह बागी हो गया। अपनी अंतिम जिरह में अमेरिकी अटॉर्नी डेनियल जे कोलिन्स तथा साराह ई स्ट्रेकर ने हेडली के लिए 30 से 35 साल की सजा की मांग की थी।टिप्पणियां हेडली के वकीलों - रॉबर्ट डेविड सीडेर तथा जॉन थामस ने यह कहते हुए उसे कम सजा सुनाए जाने की अपील की थी कि उसने लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकवादी संगठनों और उसके कई नेताओं के खिलाफ अमेरिकी सरकार को काफी सूचना दी है। हेडली ने स्वीकार किया था कि उसने पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं के लिए कई अभियानों को अंजाम दिया था। उसने मुंबई में प्रसिद्ध ताज महल होटल समेत भारत में कई ठिकानों की वीडियोग्राफी की थी, जिस पर लश्कर के 10 आतंकवादियों ने हमला किया था।  सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक हेडली द्वारा बनाए गए विस्तृत वीडियो के आधार पर ही मुंबई हमलों की साजिश रची गयी और उसे अंजाम दिया गया। एक पाकिस्तानी पिता और अमेरिकी मां की संतान हेडली ने 2006 में अपने नाम दाऊद गिलानी तक को बदल लिया था, ताकि वह बिना कोई शक पैदा किए भारत में आ-जा सके। अमेरिकी अटॉर्नी ने कहा कि इस बात में कोई शक नहीं है कि हेडली का आपराधिक कृत्य निंदनीय है, लेकिन उसका सहयोग करने का फैसला आतंकवाद से लड़ने के अमेरिकी प्रयासों में काफी महत्व रखता है। उन्होंने कहा, हम आजीवन कारावास से कम की सजा मांगते हैं, क्योंकि हेडली ने महत्वपूर्ण खुफिया जानकारी मुहैया कराई है। उसका अपराध निंदनीय, खौफनाक और दर्दनाक है। हेडली के वकीलों - रॉबर्ट डेविड सीडेर तथा जॉन थामस ने यह कहते हुए उसे कम सजा सुनाए जाने की अपील की थी कि उसने लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकवादी संगठनों और उसके कई नेताओं के खिलाफ अमेरिकी सरकार को काफी सूचना दी है। हेडली ने स्वीकार किया था कि उसने पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं के लिए कई अभियानों को अंजाम दिया था। उसने मुंबई में प्रसिद्ध ताज महल होटल समेत भारत में कई ठिकानों की वीडियोग्राफी की थी, जिस पर लश्कर के 10 आतंकवादियों ने हमला किया था।  सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक हेडली द्वारा बनाए गए विस्तृत वीडियो के आधार पर ही मुंबई हमलों की साजिश रची गयी और उसे अंजाम दिया गया। एक पाकिस्तानी पिता और अमेरिकी मां की संतान हेडली ने 2006 में अपने नाम दाऊद गिलानी तक को बदल लिया था, ताकि वह बिना कोई शक पैदा किए भारत में आ-जा सके। अमेरिकी अटॉर्नी ने कहा कि इस बात में कोई शक नहीं है कि हेडली का आपराधिक कृत्य निंदनीय है, लेकिन उसका सहयोग करने का फैसला आतंकवाद से लड़ने के अमेरिकी प्रयासों में काफी महत्व रखता है। उन्होंने कहा, हम आजीवन कारावास से कम की सजा मांगते हैं, क्योंकि हेडली ने महत्वपूर्ण खुफिया जानकारी मुहैया कराई है। उसका अपराध निंदनीय, खौफनाक और दर्दनाक है। एक पाकिस्तानी पिता और अमेरिकी मां की संतान हेडली ने 2006 में अपने नाम दाऊद गिलानी तक को बदल लिया था, ताकि वह बिना कोई शक पैदा किए भारत में आ-जा सके। अमेरिकी अटॉर्नी ने कहा कि इस बात में कोई शक नहीं है कि हेडली का आपराधिक कृत्य निंदनीय है, लेकिन उसका सहयोग करने का फैसला आतंकवाद से लड़ने के अमेरिकी प्रयासों में काफी महत्व रखता है। उन्होंने कहा, हम आजीवन कारावास से कम की सजा मांगते हैं, क्योंकि हेडली ने महत्वपूर्ण खुफिया जानकारी मुहैया कराई है। उसका अपराध निंदनीय, खौफनाक और दर्दनाक है।
सारांश: अमेरिकी अदालत ने पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी नागरिक और लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी डेविड हेडली को 35 साल की सजा सुनाई, लेकिन अमेरिकी सरकार के साथ एक समझौते के चलते वह मौत की सजा पाने से बच गया, जिस पर जज ने भी गंभीर आपत्ति जताई।
33
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त वैज्ञानिक प्रोफेसर पार्थो सरोथी रे को अलीपुर जेल से रिहा कर दिया गया है। उन्हें इस महीने के आरंभ में झुग्गीवालों को बेघर किए जाने के विरोध में धरना प्रदर्शन करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। मंगलवार को प्रोफेसर रे को जमानत मिल गई थी।   गौरतलब है कि मॉलीक्यूलर बायोलोजिस्ट प्रोफेसर रे को 8 अप्रैल को कोलकाता के रूबी मोड़ पर शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन करने के दौरान गिरफ्तार कर लिया गया था। प्रोफेसर रे झुग्गीबस्ती नोनाडंगा के बाशिंदों को हटाए जाने का विरोध कर रहे थे।टिप्पणियां बताया जा रहा है कि उन्हें पुलिसवालों पर हाथ उठाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। यह आरोप भी उनपर 4 अप्रैल पुलिस लाठीचार्ज के दौरान पुलिस वालों पर हमला करने के लिए लगाया गया था। वहीं, प्रोफेसर रे के वकील का कहना है कि वह उस दिन वहां पर मौजूद नहीं थे। वकील का कहना है कि प्रोफेसर रे उक्त घटना के वक्त नाडिया जिले के मोहनपुर स्थित आईआईएसईआर में कक्षा ले रहे थे। यह स्थान कोलकात से करीब ढाई घंटे के यात्रा कर पहुंचा जा सकता है। प्रोफेसर रे की इस गिरफ्तारी के बाद तमाम देश-विदेश के वैज्ञानिकों ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर उनसे इस मामले में धखल देने के अपील की थी। इसी पत्र में प्रोफेसर अंबिकेश महापात्रा के साथ हुए व्यवहार का भी वैज्ञानिकों ने विरोध किया था। बताया जा रहा है कि उन्हें पुलिसवालों पर हाथ उठाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। यह आरोप भी उनपर 4 अप्रैल पुलिस लाठीचार्ज के दौरान पुलिस वालों पर हमला करने के लिए लगाया गया था। वहीं, प्रोफेसर रे के वकील का कहना है कि वह उस दिन वहां पर मौजूद नहीं थे। वकील का कहना है कि प्रोफेसर रे उक्त घटना के वक्त नाडिया जिले के मोहनपुर स्थित आईआईएसईआर में कक्षा ले रहे थे। यह स्थान कोलकात से करीब ढाई घंटे के यात्रा कर पहुंचा जा सकता है। प्रोफेसर रे की इस गिरफ्तारी के बाद तमाम देश-विदेश के वैज्ञानिकों ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर उनसे इस मामले में धखल देने के अपील की थी। इसी पत्र में प्रोफेसर अंबिकेश महापात्रा के साथ हुए व्यवहार का भी वैज्ञानिकों ने विरोध किया था। प्रोफेसर रे की इस गिरफ्तारी के बाद तमाम देश-विदेश के वैज्ञानिकों ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर उनसे इस मामले में धखल देने के अपील की थी। इसी पत्र में प्रोफेसर अंबिकेश महापात्रा के साथ हुए व्यवहार का भी वैज्ञानिकों ने विरोध किया था।
गौरतलब है कि मॉलीक्यूलर बायोलोजिस्ट प्रोफेसर रे को 8 अप्रैल को कोलकाता के रूबी मोड़ पर शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन करने के दौरान गिरफ्तार कर लिया गया था। प्रोफेसर रे झुग्गीबस्ती नोनाडंगा के बाशिंदों को हटाए जाने का विरोध कर रहे थे।
28
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: ट्रैफिक पुलिस में नौकरी करने वाले राजेश जब सड़क पर बाइक सवारों को बिना हेलमेट के देख लेते हैं तो उन्हें गुस्सा आ जाता है. वे कहते हैं बिना हेलमेट के बाइक ड्राइव करने वाले लोग जानबूझकर अपनी जान खतरे में डालते हैं. वे शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ भी सख्ती से पेश आते हैं.टिप्पणियां उन्हें जब भी मौका मिलता है, वे युवाओं को शराब सहित अन्य दूसरे नशे की लत से बचने को प्रेरित करते हैं. हरियाणा पुलिस भी इनकी लंबाई का फायदा लेते हुए जागरूकता अभियान चलाती रहती है. राजेश का कहना है कि वे आठ भाई-बहन हैं, लेकिन इतनी ज्यादा लंबाई किसी की नहीं है. दावा किया जाता है भारत में राजेश की लंबाई तीसरे नंबर पर है और पंजाब-हरियाणा का वह सबसे लंबा व्यक्ति है. उन्हें जब भी मौका मिलता है, वे युवाओं को शराब सहित अन्य दूसरे नशे की लत से बचने को प्रेरित करते हैं. हरियाणा पुलिस भी इनकी लंबाई का फायदा लेते हुए जागरूकता अभियान चलाती रहती है. राजेश का कहना है कि वे आठ भाई-बहन हैं, लेकिन इतनी ज्यादा लंबाई किसी की नहीं है. दावा किया जाता है भारत में राजेश की लंबाई तीसरे नंबर पर है और पंजाब-हरियाणा का वह सबसे लंबा व्यक्ति है. राजेश का कहना है कि वे आठ भाई-बहन हैं, लेकिन इतनी ज्यादा लंबाई किसी की नहीं है. दावा किया जाता है भारत में राजेश की लंबाई तीसरे नंबर पर है और पंजाब-हरियाणा का वह सबसे लंबा व्यक्ति है.
सारांश: पहलवान राजेश कुमार हरियाणा ट्रैफिक पुलिस में कांस्टेबल हैं ये खाना खाने के मामले में भी द ग्रेट खली को पीछे छोड़ने का दावा करते हैं शराबियों से राजेश कुमार को है सख्त नफरत
20
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा था, 'पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट को उनके बेटे वैभव गहलोत की हार की जिम्मेदारी लेनी चाहिए. गौरतलब है कि दिसंबर के महीने में सरकार बनाने वाली कांग्रेस लोकसभा चुनाव में राज्य में एक भी सीट नहीं जीत पाई है.' एबीपी न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में अशोक गहलोत ने कहा था, 'सचिन पायलट ने कहा था कि हम बड़े बहुमत से जीतेंगे. उन्होंने कहा कि जोधपुर लोकसभा सीट में हमारे 6 विधायक जीते हैं. हमने वहां अच्छा प्रचार किया है...अब सचिन पायलट को कम से कम जोधपुर में हुई हार की जिम्मेदारी लेनी चाहिए'. गौरतलब है कि अशोक गहलोत के बेटे वैभव जोधपुर सीट से 2.7 लाख वोटों से हारे हैं. उनको बीजेपी के गजेंद्र सिंह शेखावत ने हराया है. अपने बेटे को जिताने के लिए अशोक गहलोत यहां पर जमकर प्रचार किया था. उनके विरोधी कहते हैं कि इस सीट से बाहर निकलकर अशोक गहलोत कहीं और प्रचार करने नहीं गए और ज्यादातर रैलियां इसी सीट पर की हैं.
यहाँ एक सारांश है:सीएम अशोक गहलोत और डिप्टी सीएम सचिन पायलट साथ दिखे इफ्तार के दौरान दोनों नेताओं के बीच नहीं दिखी कोई नाराजगी गहलोत ने कहा था- मेरे बेटे की हार की जिम्मेदारी लें सचिन पायलट
12
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को कहा कि यदि आम आदमी पार्टी (आप) नगर निगम में सत्ता में आई तो किराए के घरों में रह रहे लोगों को मुफ्त पानी दिया जाएगा और बिजली दरों में छूट दी जाएगी. केजरीवाल ने ट्वीट किया, "किराए के घरों में रहने वालों को मुफ्त पानी और बिजली दर का फायदा नहीं मिलता. नगर निगम चुनावों के बाद हम यह सुनिश्चित करेंगे उन्हें भी यह लाभ मिले."टिप्पणियां आम आदमी पार्टी नेता ने दिल्ली के लोगों से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और कांग्रेस को वोट नहीं देने की अपील की. उन्होंने कहा, "बीजेपी ने उत्तराखंड और मध्य प्रदेश में बिजली की दरें बढ़ा दीं. यदि आप कांग्रेस या भाजपा को नगर निगम चुनावों में वोट करेंगे तो वे दिल्ली में भी बिजली और पानी के दरों को बढ़ा देंगे." दिल्ली में किरायदारों को बिजली पानी की कम दरों का फ़ायदा नहीं मिल रहा। MCD चुनाव के बाद किरायदारों को भी इसका फ़ायदा दिलाएँगे। — Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) April 2, 2017 दिल्ली के तीन नगर निगमों में कुल 272 सदस्यों के लिए 23 अप्रैल को चुनाव होने हैं. इसके नतीजे 26 अप्रैल को घोषित किए जाएंगे. googletag.cmd.push(function() { googletag.display('adslotNativeVideo'); });(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) आम आदमी पार्टी नेता ने दिल्ली के लोगों से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और कांग्रेस को वोट नहीं देने की अपील की. उन्होंने कहा, "बीजेपी ने उत्तराखंड और मध्य प्रदेश में बिजली की दरें बढ़ा दीं. यदि आप कांग्रेस या भाजपा को नगर निगम चुनावों में वोट करेंगे तो वे दिल्ली में भी बिजली और पानी के दरों को बढ़ा देंगे." दिल्ली में किरायदारों को बिजली पानी की कम दरों का फ़ायदा नहीं मिल रहा। MCD चुनाव के बाद किरायदारों को भी इसका फ़ायदा दिलाएँगे। — Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) April 2, 2017 दिल्ली के तीन नगर निगमों में कुल 272 सदस्यों के लिए 23 अप्रैल को चुनाव होने हैं. इसके नतीजे 26 अप्रैल को घोषित किए जाएंगे. (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) दिल्ली में किरायदारों को बिजली पानी की कम दरों का फ़ायदा नहीं मिल रहा। MCD चुनाव के बाद किरायदारों को भी इसका फ़ायदा दिलाएँगे। (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त सारांश: आप नेता ने दिल्ली के लोगों से बीजेपी और कांग्रेस को वोट नहीं देने की अपील 'बीजेपी ने उत्तराखंड और मध्य प्रदेश में बिजली की दरें बढ़ा दीं.' नगर निगमों में कुल 272 सदस्यों के लिए 23 अप्रैल को चुनाव होने हैं.
0
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: पाकिस्तान के पूर्व सैन्य शासक परवेज मुशर्रफ पर आज एक आतंकवाद रोधी अदालत ने 2007 में हुई पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की हत्या के मामले में आरोप लगाए। मुशर्रफ पिछले चार महीने से घर में नजरबंद हैं। सरकारी अभियोजक चौधरी मोहम्मद अजहर ने कहा कि मुशर्रफ पर हत्या, हत्या की साजिश रचने और उसमें मदद करने के आरोप लगाए गए हैं। 70 वर्षीय पूर्व राष्ट्रपति को भारी सुरक्षा घेरे में रावलपिंडी में न्यायाधीश हबीबुर रहमान की आतंकवाद रोधी अदालत में लाया गया। दोषी करार दिए जाने पर मुशर्रफ को मौत की सजा या उम्रकैद मिल सकती है।टिप्पणियां मुशर्रफ की पार्टी, ऑल पाकिस्तान मुस्लिम लीग की सूचना सचिव आशिया इसहाक ने बताया कि मुशर्रफ ने अदालत में आज इन आरोपों से इनकार किया। उनके वकील, मामले में उनका बचाव करना जारी रखेंगे। इसहाक ने कहा, 2008 तक उनका नाम आरोपियों की सूची में नहीं था, लेकिन बाद में बेनजीर द्वारा अमेरिकी पत्रकार मार्क सीगल को भेजे गए एक ई-मेल के आधार पर उनका नाम सूची में शामिल कर लिया गया। उन्होंने कहा, जब अदालत ने इस ई-मेल पर गौर किया तो बेनजीर द्वारा मुशर्रफ को भेजे गए एक दूसरे ईमेल पर गौर क्यों नहीं किया गया, जिसमें बेनजीर ने भविष्य में उनकी हत्या होने पर तीन लोगों के दोषी होने की बात कही थी। इसहाक ने कहा कि अदालत ने अगली सुनवाई 28 अगस्त को तय की है और पूर्व राष्ट्रपति पर अब मामले को लेकर मुकदमा चलाया जाएगा। मुशर्रफ पिछले चार महीने से घर में नजरबंद हैं। सरकारी अभियोजक चौधरी मोहम्मद अजहर ने कहा कि मुशर्रफ पर हत्या, हत्या की साजिश रचने और उसमें मदद करने के आरोप लगाए गए हैं। 70 वर्षीय पूर्व राष्ट्रपति को भारी सुरक्षा घेरे में रावलपिंडी में न्यायाधीश हबीबुर रहमान की आतंकवाद रोधी अदालत में लाया गया। दोषी करार दिए जाने पर मुशर्रफ को मौत की सजा या उम्रकैद मिल सकती है।टिप्पणियां मुशर्रफ की पार्टी, ऑल पाकिस्तान मुस्लिम लीग की सूचना सचिव आशिया इसहाक ने बताया कि मुशर्रफ ने अदालत में आज इन आरोपों से इनकार किया। उनके वकील, मामले में उनका बचाव करना जारी रखेंगे। इसहाक ने कहा, 2008 तक उनका नाम आरोपियों की सूची में नहीं था, लेकिन बाद में बेनजीर द्वारा अमेरिकी पत्रकार मार्क सीगल को भेजे गए एक ई-मेल के आधार पर उनका नाम सूची में शामिल कर लिया गया। उन्होंने कहा, जब अदालत ने इस ई-मेल पर गौर किया तो बेनजीर द्वारा मुशर्रफ को भेजे गए एक दूसरे ईमेल पर गौर क्यों नहीं किया गया, जिसमें बेनजीर ने भविष्य में उनकी हत्या होने पर तीन लोगों के दोषी होने की बात कही थी। इसहाक ने कहा कि अदालत ने अगली सुनवाई 28 अगस्त को तय की है और पूर्व राष्ट्रपति पर अब मामले को लेकर मुकदमा चलाया जाएगा। 70 वर्षीय पूर्व राष्ट्रपति को भारी सुरक्षा घेरे में रावलपिंडी में न्यायाधीश हबीबुर रहमान की आतंकवाद रोधी अदालत में लाया गया। दोषी करार दिए जाने पर मुशर्रफ को मौत की सजा या उम्रकैद मिल सकती है।टिप्पणियां मुशर्रफ की पार्टी, ऑल पाकिस्तान मुस्लिम लीग की सूचना सचिव आशिया इसहाक ने बताया कि मुशर्रफ ने अदालत में आज इन आरोपों से इनकार किया। उनके वकील, मामले में उनका बचाव करना जारी रखेंगे। इसहाक ने कहा, 2008 तक उनका नाम आरोपियों की सूची में नहीं था, लेकिन बाद में बेनजीर द्वारा अमेरिकी पत्रकार मार्क सीगल को भेजे गए एक ई-मेल के आधार पर उनका नाम सूची में शामिल कर लिया गया। उन्होंने कहा, जब अदालत ने इस ई-मेल पर गौर किया तो बेनजीर द्वारा मुशर्रफ को भेजे गए एक दूसरे ईमेल पर गौर क्यों नहीं किया गया, जिसमें बेनजीर ने भविष्य में उनकी हत्या होने पर तीन लोगों के दोषी होने की बात कही थी। इसहाक ने कहा कि अदालत ने अगली सुनवाई 28 अगस्त को तय की है और पूर्व राष्ट्रपति पर अब मामले को लेकर मुकदमा चलाया जाएगा। मुशर्रफ की पार्टी, ऑल पाकिस्तान मुस्लिम लीग की सूचना सचिव आशिया इसहाक ने बताया कि मुशर्रफ ने अदालत में आज इन आरोपों से इनकार किया। उनके वकील, मामले में उनका बचाव करना जारी रखेंगे। इसहाक ने कहा, 2008 तक उनका नाम आरोपियों की सूची में नहीं था, लेकिन बाद में बेनजीर द्वारा अमेरिकी पत्रकार मार्क सीगल को भेजे गए एक ई-मेल के आधार पर उनका नाम सूची में शामिल कर लिया गया। उन्होंने कहा, जब अदालत ने इस ई-मेल पर गौर किया तो बेनजीर द्वारा मुशर्रफ को भेजे गए एक दूसरे ईमेल पर गौर क्यों नहीं किया गया, जिसमें बेनजीर ने भविष्य में उनकी हत्या होने पर तीन लोगों के दोषी होने की बात कही थी। इसहाक ने कहा कि अदालत ने अगली सुनवाई 28 अगस्त को तय की है और पूर्व राष्ट्रपति पर अब मामले को लेकर मुकदमा चलाया जाएगा। इसहाक ने कहा, 2008 तक उनका नाम आरोपियों की सूची में नहीं था, लेकिन बाद में बेनजीर द्वारा अमेरिकी पत्रकार मार्क सीगल को भेजे गए एक ई-मेल के आधार पर उनका नाम सूची में शामिल कर लिया गया। उन्होंने कहा, जब अदालत ने इस ई-मेल पर गौर किया तो बेनजीर द्वारा मुशर्रफ को भेजे गए एक दूसरे ईमेल पर गौर क्यों नहीं किया गया, जिसमें बेनजीर ने भविष्य में उनकी हत्या होने पर तीन लोगों के दोषी होने की बात कही थी। इसहाक ने कहा कि अदालत ने अगली सुनवाई 28 अगस्त को तय की है और पूर्व राष्ट्रपति पर अब मामले को लेकर मुकदमा चलाया जाएगा।
पाकिस्तान के पूर्व सैन्य शासक परवेज मुशर्रफ पर आज एक आतंकवाद रोधी अदालत ने 2007 में हुई पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की हत्या के मामले में आरोप लगाए।
34
['hin']
एक सारांश बनाओ: उत्तर प्रदेश के लोकायुक्त द्वारा पद से हटाने की सिफारिश किए जाने के बाद प्रदेश के पशुधन विकास राज्यमंत्री अवधपाल सिंह यादव ने नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे दिया है। अवधपाल ने संवाददाताओं से कहा, मुझ पर लगे आरोपों से संबंधित लोकायुक्त की जांच रिपोर्ट से जुड़ी खबरें बुधवार सुबह पढ़ने के बाद मैंने मुख्यमंत्री मायावती से मुलाकात कर अपना पक्ष रखा। उसके बाद मैंने उन्हें इस्तीफा सौंप दिया। उन्होंने कहा, मुख्यमंत्री को सौंपी गई रिपोर्ट में मेरे खिलाफ कई आरोप लगाए जाने के बारे में जानकारी मिलने पर मैंने नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देने का फैसला किया। मैंने त्यागपत्र दे दिया है, ताकि मामले की स्वतंत्र जांच हो सके और सच्चाई सामने आ सके। चार बार के विधायक अवधपाल ने समाजवादी पार्टी के नेताओं पर उनके खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह इस मामले को उचित मंच पर ले जाएंगे। उन्होंने कहा, लोकायुक्त की रिपोर्ट पूरी तरह पढ़ने के बाद मैं इस मुद्दे को राज्यपाल, उच्च न्यायालय या उच्चतम न्यायालय के समक्ष उठाऊंगा। गौरतलब है कि प्रदेश के लोकायुक्त न्यायमूर्ति एनके मेहरोत्रा ने मंगलवार को भ्रष्टाचार, तिहरे हत्याकांड और जबरन भूमि कब्जे के आरोपों से घिरे राज्य के पशुधन विकास मंत्री अवधपाल सिंह यादव को पद से हटाकर उनके विरुद्ध मुकदमा चलाने की सिफारिश की थी। उन्होंने अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री मायावती को मंगलवार को ही सौंपी थी।
संक्षिप्त पाठ: उत्तर प्रदेश के लोकायुक्त द्वारा पद से हटाने की सिफारिश किए जाने के बाद पशुधन विकास राज्यमंत्री अवधपाल सिंह यादव ने पद से इस्तीफा दे दिया है।
30
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ऑलराउंडर शाहिद अफरीदी को इस महीने के आखिर में यूएई में वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाली टी20 सीरीज के दौरान अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की आधिकारिक घोषणा करने का मौका दे सकता है. दैनिक समाचार पत्र ‘जंग’ की रिपोर्ट के अनुसार पीसीबी चाहता है कि अफरीदी स्वयं ही संन्यास लें. उन्हें पिछले सप्ताह इंग्लैंड के खिलाफ एकमात्र टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच के लिये भी टीम में नहीं चुना गया था. इस पूर्व कप्तान ने कहा कि वह क्रिकेट खेलना जारी रखना चाहते हैं और वह राष्ट्रीय टीम में चयन के लिये उपलब्ध हैं. पीसीबी सूत्रों ने कहा, ‘बोर्ड और राष्ट्रीय चयनकर्ता इससे सहमत नहीं हैं और उनका मानना है कि अफरीदी को सम्मान के साथ संन्यास लेना चाहिए हालांकि वह विदेशी लीग और घरेलू क्रिकेट में खेल सकता है.’ सूत्रों ने कहा कि वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 सीरीज के बाद पाकिस्तान अगले साल अप्रैल तक कोई टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेलेगा और इसलिए वे चाहते हैं कि अफरीदी अगली सीरीज में ही संन्यास की घोषणा कर दें.टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘वे अफरीदी से बात करके उन्हें बताना चाहते हैं कि चयनकर्ता अब अगले टी20 विश्व कप के लिये नई टीम गठित करना चाहते हैं और इसलिए टीम में उनके लिये स्थान नहीं है. उन्हें वेस्टंडीज के खिलाफ टी20 सीरीज के लिये 16वें खिलाड़ी के रूप में पाकिस्तानी टीम में शामिल करने और मैचों में खिलाने की पेशकश की जाएगी.’ सूत्रों ने कहा, ‘पीसीबी टी20 सीरीज के दौरान दुबई में उनकी शानदार विदाई चाहता है. चयनकर्ता इस सीरीज के लिये 15 सदस्यीय टीम का चयन पहले ही कर चुके हैं.’ (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) दैनिक समाचार पत्र ‘जंग’ की रिपोर्ट के अनुसार पीसीबी चाहता है कि अफरीदी स्वयं ही संन्यास लें. उन्हें पिछले सप्ताह इंग्लैंड के खिलाफ एकमात्र टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच के लिये भी टीम में नहीं चुना गया था. इस पूर्व कप्तान ने कहा कि वह क्रिकेट खेलना जारी रखना चाहते हैं और वह राष्ट्रीय टीम में चयन के लिये उपलब्ध हैं. पीसीबी सूत्रों ने कहा, ‘बोर्ड और राष्ट्रीय चयनकर्ता इससे सहमत नहीं हैं और उनका मानना है कि अफरीदी को सम्मान के साथ संन्यास लेना चाहिए हालांकि वह विदेशी लीग और घरेलू क्रिकेट में खेल सकता है.’ सूत्रों ने कहा कि वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 सीरीज के बाद पाकिस्तान अगले साल अप्रैल तक कोई टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेलेगा और इसलिए वे चाहते हैं कि अफरीदी अगली सीरीज में ही संन्यास की घोषणा कर दें.टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘वे अफरीदी से बात करके उन्हें बताना चाहते हैं कि चयनकर्ता अब अगले टी20 विश्व कप के लिये नई टीम गठित करना चाहते हैं और इसलिए टीम में उनके लिये स्थान नहीं है. उन्हें वेस्टंडीज के खिलाफ टी20 सीरीज के लिये 16वें खिलाड़ी के रूप में पाकिस्तानी टीम में शामिल करने और मैचों में खिलाने की पेशकश की जाएगी.’ सूत्रों ने कहा, ‘पीसीबी टी20 सीरीज के दौरान दुबई में उनकी शानदार विदाई चाहता है. चयनकर्ता इस सीरीज के लिये 15 सदस्यीय टीम का चयन पहले ही कर चुके हैं.’ (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पीसीबी सूत्रों ने कहा, ‘बोर्ड और राष्ट्रीय चयनकर्ता इससे सहमत नहीं हैं और उनका मानना है कि अफरीदी को सम्मान के साथ संन्यास लेना चाहिए हालांकि वह विदेशी लीग और घरेलू क्रिकेट में खेल सकता है.’ सूत्रों ने कहा कि वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 सीरीज के बाद पाकिस्तान अगले साल अप्रैल तक कोई टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेलेगा और इसलिए वे चाहते हैं कि अफरीदी अगली सीरीज में ही संन्यास की घोषणा कर दें.टिप्पणियां उन्होंने कहा, ‘वे अफरीदी से बात करके उन्हें बताना चाहते हैं कि चयनकर्ता अब अगले टी20 विश्व कप के लिये नई टीम गठित करना चाहते हैं और इसलिए टीम में उनके लिये स्थान नहीं है. उन्हें वेस्टंडीज के खिलाफ टी20 सीरीज के लिये 16वें खिलाड़ी के रूप में पाकिस्तानी टीम में शामिल करने और मैचों में खिलाने की पेशकश की जाएगी.’ सूत्रों ने कहा, ‘पीसीबी टी20 सीरीज के दौरान दुबई में उनकी शानदार विदाई चाहता है. चयनकर्ता इस सीरीज के लिये 15 सदस्यीय टीम का चयन पहले ही कर चुके हैं.’ (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उन्होंने कहा, ‘वे अफरीदी से बात करके उन्हें बताना चाहते हैं कि चयनकर्ता अब अगले टी20 विश्व कप के लिये नई टीम गठित करना चाहते हैं और इसलिए टीम में उनके लिये स्थान नहीं है. उन्हें वेस्टंडीज के खिलाफ टी20 सीरीज के लिये 16वें खिलाड़ी के रूप में पाकिस्तानी टीम में शामिल करने और मैचों में खिलाने की पेशकश की जाएगी.’ सूत्रों ने कहा, ‘पीसीबी टी20 सीरीज के दौरान दुबई में उनकी शानदार विदाई चाहता है. चयनकर्ता इस सीरीज के लिये 15 सदस्यीय टीम का चयन पहले ही कर चुके हैं.’ (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: अफरीदी को इंग्लैंड के खिलाफ एकमात्र टी20 मैच के लिये भी नहीं चुना गया था पीसीबी चाहता है कि अफरीदी अगली सीरीज में ही संन्यास की घोषणा कर दें चयनकर्ता अब अगले टी20 विश्व कप के लिये नई टीम गठित करना चाहते हैं
11
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: दिल्ली यूनिवर्सिटी में एडमिशन (Delhi University Admission) की प्रक्रिया अप्रैल में शुरू हो जाएगी. अंडर ग्रेजुएट, पोस्ट ग्रेजुएट, एमफिल और पीएचडी में एडमिशन (DU Admission) की प्रक्रिया 15 अप्रैल से शुरू हो जाएगी. इस साल एडमिशन (DU Admission 2019) की प्रक्रिया 1 महीने पहले शुरू हो रही है. अंडर ग्रेजुएट, पोस्ट ग्रेजुएट, एमफिल और पीएचडी  कोर्स में एडमिशन की प्रक्रिया 7 मई को समाप्त होगी. एडमिशन के लिए अप्लाई करने वाले स्टूडेंट्स को अपने एप्लीकेशन फॉर्म में सुधार करने का मौका दिया जाएगा. स्टूडेंट्स 20 मई से अपने एप्लीकेशन फॉर्म में सुधार कर पाएंगे. डीयू में दाखिले (Admission In Du) के लिए एक्स्ट्रा को-करिकुलर एक्टिविटीज और स्पोर्ट्स फिटनेस ट्रायल 20 मई से शुरू होगा. इन ऑप्शन के माध्यम से एडमिशन कट ऑफ जारी होने से पहले शुरू हो जाएगा. डीयू के सभी कॉलेजों में स्पोर्ट्स और एक्स्ट्रा-करिकुलर कोटा के तहत 5 प्रतिशत सीटें रिजर्व है. इस बार अगर स्टूडेंट अपनी स्ट्रीम बदलता है तो उसके 2 फीसदी अंक ही काटे जाएंगे. जबकि पहले ऐसा करने पर स्टूडेंट्स के 5 फीसदी अंक काटे जाते थे.
सारांश: एडमिशन की प्रक्रिया 15 अप्रैल से शुरू हो जाएगी. एडमिशन की प्रक्रिया 7 मई को समाप्त होगी. स्पोर्ट्स और एक्स्ट्रा-करिकुलर कोटा के तहत 5 प्रतिशत सीटें रिजर्व है.
33
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: एसटीएफ ने मुन्ना बजरंगी गिरोह के शार्प शूटर व कुख्यात अपराधी मुन्नू तिवारी को गिरफ्तार कर लिया है। मुन्नू पार्षद विजय वर्मा की हत्या समेत करीब 40 मामलों में वांछित था। पुलिस ने उस पर दस हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था। वह दस वर्ष से फरार चल रहा था। वर्ष 2008 से उसे पकड़ने का जिम्मा एसटीएफ को सौंपा गया था। एसटीएफ के डिप्टी एसपी दुर्गेश कुमार ने शुक्रवार को बताया कि लंका थाना क्षेत्र के नारायनपुर डाफी निवासी विजय उर्फ मुन्नू वर्ष 2002 में ही अपराध की दुनिया में सक्रिय हो गया था। उसने वर्ष 2008 में रामापुरा में पार्षद विजय वर्मा की हत्या की थी। इसके बाद उसके ऊपर दस हजार का इनाम घोषित किया गया था। मुन्नू बजरंगी गिरोह का सबसे शातिर शार्प शूटर रहा है। वह गिरोह का आर्थिक व आपराधिक प्रबंधक भी था। पार्षद की हत्या के अलावा लक्सा थाना क्षेत्र में प्रभू वर्मा व व्यवसायी अनिल यादव को गोली मार कर घायल करने, साहू होटल एंड रेस्टोरेंट के मालिक सुरेश चंद साहू की हत्या करने आदि के मामलों में भी मुन्नू वांछित रहा है। एसटीएफ की माने तो मुन्नू प्रदेश में मथुरा व विभिन्न नगरों के साथ ही पंजाब, राजस्थान आदि में भी वारदातों को अंजाम दे रहा था तथा वसूली कर रहा था। एसटीएफ ने मुन्नू को फतेहपुर से गिरफ्तार करने का दावा किया है। मुन्नू को पकड़ने वाली टीम में दुर्गेश कुमार के साथ ही शैलेष प्रताप सिंह, धनंजय पांडेय आदि शामिल थे।
संक्षिप्त सारांश: एसटीएफ ने मुन्ना बजरंगी गिरोह के शार्प शूटर व कुख्यात अपराधी मुन्नू तिवारी को गिरफ्तार कर लिया है। मुन्नू पार्षद विजय वर्मा की हत्या समेत करीब 40 मामलों में वांछित था।
0
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: वर्ल्ड रेस्लिंग एंटरटेनमेंट (WWE) के नए चैंपियन कोफी किंगस्टन (Kofi Kingston) का एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है. Wrestlemania 35 (रेसलमेनिया 35) में डेनियल ब्रायन को शिकस्त देने के बाद कोफी किंगस्टन (Kofi Kingston) ने WWE चैंपियन का खिताब हासिल किया है. लेकिन जीत के बाद उन्होंने इस अंदाज में जश्न मनाया कि वीडियो जमकर देखा जा रहा है. कोफी किंगस्टन  (Kofi Kingston) से जीत के बाद जब भारतीय फैन्स को मैसेज देने के लिए कहा गया तो उन्होंने यही कहा कि 'अपना टाइम आएगा.' इस तरह उनका ये वीडियो खूब देखा जा रहा है. WWE चैंपियन कोफी किंगस्टन  (Kofi Kingston) ने भारतीय फैन्स के साथ अपने सम्मान और प्यार का इजहार भी किया. कोफी किंगस्टन की जबरदस्त फैन फॉलोइंग है और उनके मूव्ज भी कमाल के रहते हैं. लेकिन रणबीर सिंह की फिल्म 'गली बॉय' के सॉन्ग 'अपना टाइम आएगा' के इस्तेमाल के साथ ही उन्होंने भारतीय फैन्स के साथ और भी गहरा रिश्ता जोड़ लिया है. 37 वर्षीय कोफी किंगस्टन घाना के रहने वाले हैं और वर्तमान में अमेरिका के टेक्सास के ऑस्टिन शहर में रहते हैं.  WWE चैंपियन कोफी किंगस्टन  (Kofi Kingston) ने 4 जून, 2006 में प्रोफेशनल रेस्लिंग की दुनिया में कदम रखा था. कोफी किंगस्टन ने 2008 में WWE में डेब्यू किया था. कोफी ब्राजीलियन मार्शल आर्ट कैपोईरा में भी ट्रेंड हैं. कोफी किंगस्टन रिंग में धांसू तरीके से रेस्लिंग करते हैं और मार्शल आर्ट्स के मूव्ज भी दिखाते हैं. Wrestlemania 35 (रेसलमेनिया 35) में अपने शानदार परफॉर्मेंस के जरिये कोफी किंगस्टन फैन्स का दिल जीतने के साथ ही चैंपियनशिप जीतने में भी सफल रहे.
संक्षिप्त पाठ: WWE का वीडियो हुआ वायरल कोफी किंगस्टन ने गाया रणवीर सिंह का सॉन्ग कोफी बोले 'अपना टाइम आएगा'
13
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: उत्तर प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में अब से सुबह की प्रार्थना सभा और पाठ्यक्रम के अतिरिक्त अन्य गतिविधियों को कक्षा व ऑडिटोरियम के अंदर कराने के बजाय खुले में कराया जाएगा. इस विचार के पीछे की वजह छात्रों के शरीर में कैल्शियम और विटामिन डी की मात्रा को बढ़ाना है. केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) द्वारा हाल ही में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को दिए गए एक निर्देश के बाद यह निर्णय लिया गया है, जिसमें कहा गया है कि विटामिन डी की कमी से होने वाली बीमारियों, जैसे रिकेट्स से निपटने के लिए सूर्य की रोशनी में अधिक से अधिक शारीरिक गतिविधियों का आयोजन किया जाए.  राज्य की अतिरिक्त निदेशक (बेसिक शिक्षा) ललिता प्रदीप ने कहा, "स्कूलों को अब सुबह की प्रार्थना सभा और अन्य गतिविधियों का संचालन खुले आसमान के नीचे करना होगा. गांवों में कई स्कूलों में सुबह की सभा बाहर होती है, लेकिन जो स्कूल शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में हैं उन्हें इस निर्देश का पालन करना होगा. इसके तहत खेल कार्यक्रमों को बाहर आयोजित करने पर भी ध्यान होगा." उन्होंने कहा कि एमएचआरडी ने सभी 29 राज्यों और सात केंद्र शासित प्रदेशों को अपने-अपने स्कूलों में 'सूर्य की रोशनी में कार्यक्रमों को बढ़ावा देने' के लिए कहा गया है. कार्यक्रम के तहत राज्य में सरकारी स्कूलों में खाली कक्षा के दौरान बाहरी गतिविधियों के अलावा जागरूकता व्याख्यान भी आयोजित किए जाएंगे.
यहाँ एक सारांश है:उत्तर प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में बच्चों को धूप में बैठाया जाएगा. बच्चों को धूप में बैठाने का उद्देश्य विटामिन डी की मात्रा को बढ़ाना है. एमएचआरडी ने सभी 29 राज्यों को ऐसा करने का निर्देश दिया है.
18
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: भारत और न्यूजीलैंड के बीच मैच से पहले युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह ने एक बार फिर महेंद्र सिंह धोनी पर हमला बोला है. साथ ही हाल में संन्यास लेने वाले अंबाती रायडू को वापस आने को कहा है. उन्होंने महेंद्र सिंह धोनी को लेकर कहा 'धोनी जैसे लोग हमेशा नहीं रहेंगे, गंदगी हमेशा नहीं रहती." मध्य क्रम के बल्लेबाज रायडू ने पिछले सप्ताह क्रिकेट के सभी प्रारुपों से संन्यास ले लिया था. रायडू को विश्व कप टीम में नहीं चुना गया था. वह रिजर्व खिलाड़ियों में शामिल थे लेकिन शिखर धवन तथा विजय शंकर के चोटिल होने के बाद भी उन्हें विश्व कप के लिए नहीं चुना गया. उनके स्थान पर ऋषभ पंत और रिजर्व खिलाड़ियों की सूची में भी न शामिल किए गए मंयक अग्रवाल को इंग्लैंड बुलाया गया था.  एनएनआईएस स्पोर्ट्स ने योगराज के हवाले से लिखा है, "रायडू, मेरे बेटे आपने जल्दी में फैसला लिया है. संन्यास से वापस आओ और उन्हें बताओं की आप क्या हो." धोनी के बारे में योगराज ने कहा, "धोनी जैसे लोग हमेशा नहीं रहेंगे, गंदगी हमेशा नहीं रहती." यह पहला मौका नहीं है जब योगराज सिंह ने महेंद्र सिंह धोनी पर हमला बोला है. इससे पहले भी उन्होंने युवराज सिंह के टीम में ना होने की वजह महेंद्र सिंह धोनी को बताया था. बता दें कि भारत और न्यूजीलैंड के बीच सेमीफाइनल मैच मंगलवार को पूरा नहीं हो सका था. बारिश के कारण मैच पूरा नहीं हो सका था. अब दोनों टीमों के बीच मंगलवार की वर्तमान स्थिति से ही आज यानी बुधवार को मैच खेला जाएगा. न्यूजीलैंड ने खेल खत्म होने तक 46.1 ओवर में 211 रन बना लिए थे. लेकिन बताया जा रहा है कि मैच पर आज भी बारिश का खतरा है.
संक्षिप्त सारांश: युवराज के पिता योगराज सिंह का एमएस धोनी पर हमला अंबाती रायडू से वापस आने की अपील की इससे पहले भी धोनी पर साध चुके हैं निशाना
10
['hin']
एक सारांश बनाओ: 2-जी स्पेक्ट्रम घोटाले में संसद की लोक लेखा समिति (पीएसी) की अस्वीकृत रिपोर्ट को पुनर्गठित लोक लेखा समिति के समक्ष पेश करने की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता मुरली मनोहर जोशी की कोशिश को कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के सदस्यों ने नकाम कर दिया है। अस्वीकृत रिपोर्ट में 2-जी मामले में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और केंद्रीय गृहमंत्री पी. चिदम्बरम की भूमिका को लेकर सवाल उठाए गए हैं। सूत्रों ने बताया कि सरकार के खर्चों का लेखा-जोखा रखने वाली इस समिति के अध्यक्ष जोशी ने नवगठित समिति की बैठक में इस रिपोर्ट को रखने का प्रयास किया था लेकिन जयंती नटराजन के नेतृत्व में कांग्रेस सदस्यों ने इसका विरोध किया। कांग्रेस सदस्यों का कहना था कि यह रिपोर्ट पहले ही खारिज की जा चुकी है और इसे दोबारा पेश करने से पहले इसे फिर से तैयार किया जाना जरूरी है। मंगलवार सुबह 11.30 बजे शुरू हुई समिति की बैठक दोपहर दो बजे तक जारी थी। जोशी ने रिपोर्ट पेश किए जाने के मुद्दे पर सदस्यों में सहमति बनाने की कोशिश की। बीते 30 अप्रैल को भंग हुई पूर्व समिति ने इसे अस्वीकृत कर दिया था। नवगठित समिति के कांग्रेसी सदस्यों का कहना है कि संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) पहले ही 2-जी घोटाले की जांच कर रही है और इसलिए पीएसी को इस मुद्दे में शामिल होने की आवश्यकता नहीं है। जोशी ने यह रिपोर्ट तैयार की थी और 30 अप्रैल को इसे लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार के कार्यालय में आनन-फानन को सौंप कर दिया था। दूसरी ओर इससे दो दिन पहले ही समिति के सदस्यों ने बहुमत से इसे अस्वीकृत कर दिया था। मीरा कुमार ने रिपोर्ट यह कहते हुए लौटा दी थी कि इसे समिति का बहुमत प्राप्त नहीं है। रिपोर्ट में मनमोहन सिंह व चिदम्बरम का नाम था। साल 2007-08 में जब यह घोटाला हुआ था तब चिदम्बरम वित्त मंत्री थे। उस वक्त मोबाइल सेवा के लिए रेडियो तरंगों के इस्तेमाल के लिए लाइसेंस आवंटित करने में कथित अनियमितताएं बरती गई थीं। जेल में बंद पूर्व सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार मंत्री ए. राजा को बाजार मूल्य से कम मूल्य में लाइसेंस बेचने का आरोपी पाया गया। इससे देश को 1.76 लाख करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ था।
यहाँ एक सारांश है:2-जी घोटाले पर हुई पीएसी की बैठक हंगामे के बाद ख़त्म हो गई। रिपोर्ट को लेकर अध्यक्ष मुरली मनोहर जोशी कानूनी सलाह लेंगे।
15
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: संकटमोचक वीवीएस लक्ष्मण के लगातार दूसरे अर्धशतक से भारत ने वेस्टइंडीज पर अच्छी बढ़त हासिल करके बारिश से प्रभावित दूसरे टेस्ट में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। पहली पारी में 85 रन की महत्वपूर्ण पारी खेलने वाले लक्ष्मण दूसरी पारी में 72 रन पर खेल रहे हैं। उनके अलावा राहुल द्रविड़ ने 55 और अभिनव मुकुंद ने 48 रन का योगदान दिया, जिससे भारत ने चौथे दिन का खेल समाप्त होने तक अपनी दूसरी पारी में तीन विकेट 229 रन बनाए। इस तरह से उसने अब कुल 240 रन की बढ़त हासिल कर ली है। लक्ष्मण ने अपनी पारी के दौरान द्रविड़ के साथ तीसरे विकेट के लिए 63 रन की साझेदारी की, जबकि युवा विराट कोहली (नाबाद 26) के साथ वह चौथे विकेट के लिए 75 रन जोड़ चुके हैं। लक्ष्मण ने अभी तक अपनी पारी में 171 गेंद का सामना करके छह चौके लगाए हैं। बारिश के कारण सुबह खेल एक घंटा देरी से शुरू हुआ। भारत ने बिना किसी नुकसान के 23 रन से अपनी पारी आगे बढ़ाई, लेकिन दिन की 13वीं गेंद पर ही उसने विजय का विकेट गंवा दिया था। इसके बाद द्रविड़ और मुकुंद ने दूसरे विकेट के लिए 63 रन की साझेदारी की। परिस्थितियां बल्लेबाजी के अनुकूल नहीं थी। पिच में उछाल थी, जबकि आउटफील्ड भी काफी धीमी थी। ऐसे में भारतीयों ने भी धीमी गति से रन बनाए। भारत ने पहले सत्र में लगभग 16 ओवर में 39 रन, दूसरे सत्र में 35 ओवर में 81 रन और तीसरे सत्र में 33 ओवर में 86 रन बनाए। उसने तीनों सत्र में एक-एक विकेट गंवाया। द्रविड़ भी जब 10 रन पर खेल रहे थे, तब उन्हें संदेह का लाभ मिला। उन्होंने कैरेबियाई कप्तान डेरेन सैमी की गेंद फ्लिक की, लेकिन वह मिडविकेट पर चली गई। एड्रियन बराथ ने आगे गिरकर उसे कैच में तब्दील कर दिया, लेकिन यह सही कैच था या नहीं, इसके लिए तीसरे अंपायर की मदद ली गई। तीसरा अंपायर भी किसी फैसले पर नहीं पहुंच पाया और लंबी चर्चा के बाद आखिर में फैसला द्रविड़ के पक्ष में गया। दूसरे छोर पर मुकुंद ने अच्छी पारी खेली, लेकिन भाग्य उनके साथ नहीं था। मुकुंद को जब अपने पहले टेस्ट अर्धशतक के लिए केवल दो रन चाहिए थे, तभी एडवर्ड्स का बाउंसर उनकी धर्यपूर्ण पारी को समाप्त कर गया। मुकुंद ने तेजी से उठती गेंद को रोकने की कोशिश की, लेकिन वह उनके दस्तानों को चूमती हुई कार्लटन बॉ के दस्तानों में चली गई। उन्होंने अपनी पारी में 81 गेंद खेली और छह चौके लगाए। द्रविड़ और लक्ष्मण की अनुभवी जोड़ी दबदबे के साथ बल्लेबाजी करने में नाकाम रही। रामपाल और लेग स्पिनर देबेंद्र बिशू ने इन दोनों को कुछ अवसरों पर परेशान भी किया। इन दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 65 रन की साझेदारी की, लेकिन इसके लिए उन्होंने 30 ओवर खर्च किए। द्रविड़ इसके बाद अधिक देर तक नहीं टिक पाए। उन्होंने एडवर्ड्स की उठती गेंद पर कट शॉट खेला, लेकिन उनकी टाइमिंग सही नहीं थी और गेंद बल्ले का किनारा लेकर स्लिप में रामनरेश सरवन के पास चली गई। द्रविड़ ने अपनी पारी में 171 गेंद खेली तथा तीन चौके लगाए। एडवर्ड्स ने अब तक 58 रन देकर दो विकेट लिए हैं। लक्ष्मण जब 31 रन पर थे, तब बिशू की गेंद पर डेरेन ब्रावो ने मिडविकेट पर उनका कैच छोड़ा। अगले ओवर में भाग्य ने कोहली का भी साथ दिया। एडवर्ड्स का बाउंसर उनके बल्ले के हत्थे से लगकर शॉर्ट लेग पर बराथ के थोड़े आगे गिरा। कोहली ने अगली शॉर्ट पिच गेंद को मिडविकेट पर छह रन के लिए भेजकर 19वीं गेंद पर अपना खाता खोला। लक्ष्मण ने जल्द ही मैच का अपना दूसरा अर्धशतक पूरा किया, जो उनका टेस्ट मैचों में 51वां अर्धशतक भी है। वह जब 69 रन पर थे तब सैमी ने अपनी ही गेंद पर उनका कैच छोड़ा। कोहली ने भी अपने सीनियर खिलाड़ी की तरह देखो और इंतजार करो की रणनीति अपनाई और धैर्य से रन बटोरे।
यहाँ एक सारांश है:भारत ने चौथे दिन का खेल समाप्त होने तक दूसरी पारी में तीन विकेट 229 रन बनाए। लक्ष्मण 72 रन और विराट कोहली 26 रन बनाकर खेल रहे हैं।
4
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मुंबई पुलिस ने शुक्रवार को कांग्रेस के पूर्व नगर प्रमुख कृपाशंकर सिंह के परिसरों पर छापे मारे। कृपाशंकर पर बेनामी संपत्ति जमा करने का आरोप है। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘उपनगरीय मुंबई में कृपाशंकर के घर और कार्यालय पर छापे मारे गए। हम जांच में काम आ सकने वाले कागजात खोज रहे हैं।’’ मुंबई कांग्रेस के पूर्व प्रमुख कृपाशंकर पर धोखाधड़ी के आरोप हैं। आय से अधिक संपत्ति के मामले में दो दिन पूर्व नगर पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद कृपाशंकर ने उच्च न्यायालय के उनके खिलाफ मुकदमा चलाने और उनकी अचल संपत्ति को कुर्क करने के आदेश के खिलाफ गुरुवार को उच्चतम न्यायालय की शरण ली। उच्च न्यायालय ने 22 फरवरी को कृपाशंकर के खिलाफ प्रथम दृष्टया आपराधिक कदाचार की बात स्वीकार करते हुए उसके खिलाफ मुकदमा चलाने का आदेश दिया था। मुख्य न्यायाधीश मोहित शाह और न्यायमूर्ति रौशन दलवी की खंड पीठ ने कहा, ‘‘पुलिस उपायुक्त अरूप पटनायक सरकार से कृपाशंकर सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत आपराधिक कदाचार के लिए मुकदमा चलाने की अनुमति लें। अन्य प्रतिवादियों (कृपाशंकर का परिवार) की भूमिका की भी जांच की जाएगी।’’ पीठ ने कहा था कि पटनायक कृपाशंकर और उसके परिवार, जिनमें उसकी पत्नी, पुत्र और पुत्रवधू शामिल हैं, की तमाम चल और अचल संपति के संबंध में दस्तावेजी सबूत जमा करें। कथित अपराध में सहायता देने के लिए परिजन पर भी मुकदमा चलाया जाएगा। अदालत ने कहा, ‘‘उन्होंने 1970 के दशक में साधारण रूप से सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की। 1998 में विधायक बनने तक उन्होंने खास कुछ नहीं कमाया था।’’टिप्पणियां अदालत ने कहा, ‘‘उनका कहना है कि विधायक के तौर पर उन्हें 45 हजार रुपये हर महीने मिले और उन्होंने उस वेतन से एक दर्जन से ज्यादा अचल संपत्तियां अर्जित कर लीं। उनकी संपत्ति आय के ज्ञात स्रोत से कहीं ज्यादा है और यह गणना हमारे हिसाब से ही नहीं, बल्कि हमारे विवेक के भी खिलाफ है।’’ उच्च न्यायालय ने कार्यकर्ता संजय तिवारी द्वारा दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान यह निर्देश जारी किया। तिवारी ने अपनी याचिका में आरोप लगाया था कि कांग्रेस के विधायक ने अपनी आय के ज्ञात स्रोत से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की है। अदालत ने याचिका को विचारार्थ रखते हुए पुलिस आयुक्त को 19 अप्रैल तक अनुपालना रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। मुंबई कांग्रेस के पूर्व प्रमुख कृपाशंकर पर धोखाधड़ी के आरोप हैं। आय से अधिक संपत्ति के मामले में दो दिन पूर्व नगर पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद कृपाशंकर ने उच्च न्यायालय के उनके खिलाफ मुकदमा चलाने और उनकी अचल संपत्ति को कुर्क करने के आदेश के खिलाफ गुरुवार को उच्चतम न्यायालय की शरण ली। उच्च न्यायालय ने 22 फरवरी को कृपाशंकर के खिलाफ प्रथम दृष्टया आपराधिक कदाचार की बात स्वीकार करते हुए उसके खिलाफ मुकदमा चलाने का आदेश दिया था। मुख्य न्यायाधीश मोहित शाह और न्यायमूर्ति रौशन दलवी की खंड पीठ ने कहा, ‘‘पुलिस उपायुक्त अरूप पटनायक सरकार से कृपाशंकर सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत आपराधिक कदाचार के लिए मुकदमा चलाने की अनुमति लें। अन्य प्रतिवादियों (कृपाशंकर का परिवार) की भूमिका की भी जांच की जाएगी।’’ पीठ ने कहा था कि पटनायक कृपाशंकर और उसके परिवार, जिनमें उसकी पत्नी, पुत्र और पुत्रवधू शामिल हैं, की तमाम चल और अचल संपति के संबंध में दस्तावेजी सबूत जमा करें। कथित अपराध में सहायता देने के लिए परिजन पर भी मुकदमा चलाया जाएगा। अदालत ने कहा, ‘‘उन्होंने 1970 के दशक में साधारण रूप से सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की। 1998 में विधायक बनने तक उन्होंने खास कुछ नहीं कमाया था।’’टिप्पणियां अदालत ने कहा, ‘‘उनका कहना है कि विधायक के तौर पर उन्हें 45 हजार रुपये हर महीने मिले और उन्होंने उस वेतन से एक दर्जन से ज्यादा अचल संपत्तियां अर्जित कर लीं। उनकी संपत्ति आय के ज्ञात स्रोत से कहीं ज्यादा है और यह गणना हमारे हिसाब से ही नहीं, बल्कि हमारे विवेक के भी खिलाफ है।’’ उच्च न्यायालय ने कार्यकर्ता संजय तिवारी द्वारा दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान यह निर्देश जारी किया। तिवारी ने अपनी याचिका में आरोप लगाया था कि कांग्रेस के विधायक ने अपनी आय के ज्ञात स्रोत से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की है। अदालत ने याचिका को विचारार्थ रखते हुए पुलिस आयुक्त को 19 अप्रैल तक अनुपालना रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। मुख्य न्यायाधीश मोहित शाह और न्यायमूर्ति रौशन दलवी की खंड पीठ ने कहा, ‘‘पुलिस उपायुक्त अरूप पटनायक सरकार से कृपाशंकर सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत आपराधिक कदाचार के लिए मुकदमा चलाने की अनुमति लें। अन्य प्रतिवादियों (कृपाशंकर का परिवार) की भूमिका की भी जांच की जाएगी।’’ पीठ ने कहा था कि पटनायक कृपाशंकर और उसके परिवार, जिनमें उसकी पत्नी, पुत्र और पुत्रवधू शामिल हैं, की तमाम चल और अचल संपति के संबंध में दस्तावेजी सबूत जमा करें। कथित अपराध में सहायता देने के लिए परिजन पर भी मुकदमा चलाया जाएगा। अदालत ने कहा, ‘‘उन्होंने 1970 के दशक में साधारण रूप से सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की। 1998 में विधायक बनने तक उन्होंने खास कुछ नहीं कमाया था।’’टिप्पणियां अदालत ने कहा, ‘‘उनका कहना है कि विधायक के तौर पर उन्हें 45 हजार रुपये हर महीने मिले और उन्होंने उस वेतन से एक दर्जन से ज्यादा अचल संपत्तियां अर्जित कर लीं। उनकी संपत्ति आय के ज्ञात स्रोत से कहीं ज्यादा है और यह गणना हमारे हिसाब से ही नहीं, बल्कि हमारे विवेक के भी खिलाफ है।’’ उच्च न्यायालय ने कार्यकर्ता संजय तिवारी द्वारा दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान यह निर्देश जारी किया। तिवारी ने अपनी याचिका में आरोप लगाया था कि कांग्रेस के विधायक ने अपनी आय के ज्ञात स्रोत से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की है। अदालत ने याचिका को विचारार्थ रखते हुए पुलिस आयुक्त को 19 अप्रैल तक अनुपालना रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। पीठ ने कहा था कि पटनायक कृपाशंकर और उसके परिवार, जिनमें उसकी पत्नी, पुत्र और पुत्रवधू शामिल हैं, की तमाम चल और अचल संपति के संबंध में दस्तावेजी सबूत जमा करें। कथित अपराध में सहायता देने के लिए परिजन पर भी मुकदमा चलाया जाएगा। अदालत ने कहा, ‘‘उन्होंने 1970 के दशक में साधारण रूप से सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की। 1998 में विधायक बनने तक उन्होंने खास कुछ नहीं कमाया था।’’टिप्पणियां अदालत ने कहा, ‘‘उनका कहना है कि विधायक के तौर पर उन्हें 45 हजार रुपये हर महीने मिले और उन्होंने उस वेतन से एक दर्जन से ज्यादा अचल संपत्तियां अर्जित कर लीं। उनकी संपत्ति आय के ज्ञात स्रोत से कहीं ज्यादा है और यह गणना हमारे हिसाब से ही नहीं, बल्कि हमारे विवेक के भी खिलाफ है।’’ उच्च न्यायालय ने कार्यकर्ता संजय तिवारी द्वारा दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान यह निर्देश जारी किया। तिवारी ने अपनी याचिका में आरोप लगाया था कि कांग्रेस के विधायक ने अपनी आय के ज्ञात स्रोत से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की है। अदालत ने याचिका को विचारार्थ रखते हुए पुलिस आयुक्त को 19 अप्रैल तक अनुपालना रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। अदालत ने कहा, ‘‘उनका कहना है कि विधायक के तौर पर उन्हें 45 हजार रुपये हर महीने मिले और उन्होंने उस वेतन से एक दर्जन से ज्यादा अचल संपत्तियां अर्जित कर लीं। उनकी संपत्ति आय के ज्ञात स्रोत से कहीं ज्यादा है और यह गणना हमारे हिसाब से ही नहीं, बल्कि हमारे विवेक के भी खिलाफ है।’’ उच्च न्यायालय ने कार्यकर्ता संजय तिवारी द्वारा दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान यह निर्देश जारी किया। तिवारी ने अपनी याचिका में आरोप लगाया था कि कांग्रेस के विधायक ने अपनी आय के ज्ञात स्रोत से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की है। अदालत ने याचिका को विचारार्थ रखते हुए पुलिस आयुक्त को 19 अप्रैल तक अनुपालना रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। उच्च न्यायालय ने कार्यकर्ता संजय तिवारी द्वारा दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान यह निर्देश जारी किया। तिवारी ने अपनी याचिका में आरोप लगाया था कि कांग्रेस के विधायक ने अपनी आय के ज्ञात स्रोत से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की है। अदालत ने याचिका को विचारार्थ रखते हुए पुलिस आयुक्त को 19 अप्रैल तक अनुपालना रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है।
मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा और क्राइम ब्रांच ने मुंबई कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष कृपाशंकर सिंह के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में उनके घर और दफ्तर पर छापे मारे हैं।
6
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: डेविड हस्सी इस साल जुलाई में 35 वर्ष के हो जाएंगे लेकिन इस अनुभवी बल्लेबाज ने 2015 में अगले विश्व कप में खेलने और ऑस्ट्रेलिया के लिए टेस्ट आगाज की उम्मीद नहीं छोड़ी है। लगातार प्रदर्शन से हस्सी ऑस्ट्रेलिया की सीमित ओवरों की टीम का अहम हिस्सा बन गए हैं लेकिन वह अपने बड़े भाई माइकल की तरह अभी तक टेस्ट टीम में जगह नहीं बना पाए हैं और विश्व कप खिताबी जीत दर्ज करने वाली टीम का हिस्सा भी नहीं बन पाए हैं। हस्सी अगले विश्व कप तक 37 वर्ष के हो जाएंगे। उन्होंने कहा, ‘‘आप विश्व कप विजेता टीम का हिस्सा बनना चाहते हो लेकिन यह ऑस्ट्रेलिया के लिए टेस्ट क्रिकेट खेलने के बाद दूसरे स्थान पर आएगा। ’’ उन्होंने ‘सिडनी मार्निंग हेराल्ड’ से कहा, ‘‘मैं अच्छा प्रदर्शन करना चाहता हूं। अगर आप अच्छा प्रदर्शन करोगे तो इससे चयनकर्ताओं के लिए भी यह कहना मुश्किल हो जाएगा कि आप टीम में नहीं हो। अगर आप अच्छा खेलते हो और टीम की सफलता में अहम योगदान देते हो तो यह अच्छा होगा क्योंकि उस खिलाड़ी को टीम से बाहर करना मुश्किल होता है जो सीरीज की जीत में योगदान देता है।’’ हस्सी अगले विश्व कप तक 37 वर्ष के हो जाएंगे। उन्होंने कहा, ‘‘आप विश्व कप विजेता टीम का हिस्सा बनना चाहते हो लेकिन यह ऑस्ट्रेलिया के लिए टेस्ट क्रिकेट खेलने के बाद दूसरे स्थान पर आएगा। ’’ उन्होंने ‘सिडनी मार्निंग हेराल्ड’ से कहा, ‘‘मैं अच्छा प्रदर्शन करना चाहता हूं। अगर आप अच्छा प्रदर्शन करोगे तो इससे चयनकर्ताओं के लिए भी यह कहना मुश्किल हो जाएगा कि आप टीम में नहीं हो। अगर आप अच्छा खेलते हो और टीम की सफलता में अहम योगदान देते हो तो यह अच्छा होगा क्योंकि उस खिलाड़ी को टीम से बाहर करना मुश्किल होता है जो सीरीज की जीत में योगदान देता है।’’
डेविड हस्सी इस साल जुलाई में 35 वर्ष के हो जाएंगे लेकिन इस अनुभवी बल्लेबाज ने 2015 में अगले विश्व कप में खेलने और ऑस्ट्रेलिया के लिए टेस्ट आगाज की उम्मीद नहीं छोड़ी है।
6
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: रिलायंस अनिल धीरूभाई अंबानी समूह के चेयरमैन अनिल अंबानी ने तिहाड़ जेल में बंद कंपनी के दो वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। समझा जाता है कि अंबानी ने उन्हें सभी कानूनी मदद देने का आश्वासन दिया। सूत्रों ने बताया कि अंबानी ने जेल नंबर 3 में करीब आधा घंटा बिताया। सीबीआई की एक विशेष अदालत द्वारा जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद से गौतम दोषी और हरि नायर 17 अप्रैल से जेल नंबर 3 में बंद हैं। सूत्रों ने कहा कि बैठक के दौरान अंबानी ने अधिकारियों को कथित तौर पर आश्वासन दिया कि वह 2जी स्पेक्ट्रम घोटाला मामले में भ्रष्टाचार के आरोपों से बरी कराने में उन्हें हरसंभव मदद उपलब्ध कराएंगे। रिलायंस एडीए समूह के गौतम दोषी, सुरेन्द्र पिपारा और हरि नायर पर 2जी स्पेक्ट्रम आबंटन घोटाले में षडयंत्र रचने और छूट हासिल करने का आरोप है। तिहाड़ जेल के महानिदेशक नीरज कुमार ने कहा, अंबानी शाम 5 बजे यहां आए। उन्होंने गौतम दोषी एवं हरि नायर से मुलाकात करने की अनुमति मांगी थी और हमने उन्हें मुलाकात करने की अनुमति दे दी। सूत्रों ने बताया कि दोनों अधिकारियों से मुलाकात करने के बाद अंबानी पिपारा से मिलने एम्स चले गए।
संक्षिप्त सारांश: रिलायंस अनिल धीरूभाई अंबानी समूह के चेयरमैन अनिल अंबानी ने तिहाड़ जेल में बंद कंपनी के दो वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की।
29
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: अभिनेत्री ऐश्वर्या राय बच्चन के पिता कृष्णराज राय का लंबी बीमारी के बाद मुंबई के अस्पताल में निधन हो गया है. कुछ सप्ताह पहले उन्हें मुंबई के लीलावती अस्पताल में भर्ती किया गया था. खबरों के मुताबिक उन्हें सघन चिकित्सा कक्ष (ICU) में रखा गया था. कहा जा रहा है कि उनका कैंसर का इलाज चल रहा था. राय आर्मी से बायोलॉजिस्ट के तौर पर रिटायर हुए थे. वे अपने पीछे बेटी ऐश्वर्या के अलावा पत्नी बृंदा और बेटे आदित्य को छोड़ गए. आदित्य मर्चेंट नेवी में कार्यरत हैं. कहा जा रहा है कि ऐश्वर्या के पिता की तबीयत इस साल जनवरी से खराब चल रही थी. जब उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया तब ऐश्वर्या छुट्टी मनाने देश से बाहर गई थीं. पिता की तबीयत की खबर सुनते ही वह अपनी छुट्टी रद्द कर मुंबई वापस लौट गई थीं. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ऐश्वर्या के पिता की तबीयत खराब होने की वजह से इस साल बच्चन परिवार ने होली भी नहीं मनाई थी.टिप्पणियां ऐश्वर्या के पति अभिषेक बच्चन और सास-ससुर अमिताभ बच्चन और जया बच्चन ने अस्पताल जाकर उनसे मुलाकात की थी.   मुंबई के लीलावती अस्पताल के बाहर ऐश्वर्या राय और अभिषेक बच्चन   लीलावती अस्पताल के बाहर अमिताभ बच्चन ऐश्वर्या राय का परिवार मूलतः मैंगलोर का रहने वाला है, जो बाद में मुंबई शिफ्ट हो गया था. ऐश्वर्या और अभिषेक ने साल 2007 में शादी की थी. दोनों की पांच साल की आराध्या नाम की एक बेटी भी है.   कहा जा रहा है कि ऐश्वर्या के पिता की तबीयत इस साल जनवरी से खराब चल रही थी. जब उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया तब ऐश्वर्या छुट्टी मनाने देश से बाहर गई थीं. पिता की तबीयत की खबर सुनते ही वह अपनी छुट्टी रद्द कर मुंबई वापस लौट गई थीं. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ऐश्वर्या के पिता की तबीयत खराब होने की वजह से इस साल बच्चन परिवार ने होली भी नहीं मनाई थी.टिप्पणियां ऐश्वर्या के पति अभिषेक बच्चन और सास-ससुर अमिताभ बच्चन और जया बच्चन ने अस्पताल जाकर उनसे मुलाकात की थी.   मुंबई के लीलावती अस्पताल के बाहर ऐश्वर्या राय और अभिषेक बच्चन   लीलावती अस्पताल के बाहर अमिताभ बच्चन ऐश्वर्या राय का परिवार मूलतः मैंगलोर का रहने वाला है, जो बाद में मुंबई शिफ्ट हो गया था. ऐश्वर्या और अभिषेक ने साल 2007 में शादी की थी. दोनों की पांच साल की आराध्या नाम की एक बेटी भी है.   ऐश्वर्या के पति अभिषेक बच्चन और सास-ससुर अमिताभ बच्चन और जया बच्चन ने अस्पताल जाकर उनसे मुलाकात की थी.   मुंबई के लीलावती अस्पताल के बाहर ऐश्वर्या राय और अभिषेक बच्चन   लीलावती अस्पताल के बाहर अमिताभ बच्चन ऐश्वर्या राय का परिवार मूलतः मैंगलोर का रहने वाला है, जो बाद में मुंबई शिफ्ट हो गया था. ऐश्वर्या और अभिषेक ने साल 2007 में शादी की थी. दोनों की पांच साल की आराध्या नाम की एक बेटी भी है.   ऐश्वर्या राय का परिवार मूलतः मैंगलोर का रहने वाला है, जो बाद में मुंबई शिफ्ट हो गया था. ऐश्वर्या और अभिषेक ने साल 2007 में शादी की थी. दोनों की पांच साल की आराध्या नाम की एक बेटी भी है.
सारांश: कृष्णराज राय को जनवरी में लीलावती अस्पताल में भर्ती किया गया था. कहा जा रहा है कि ऐश्वर्या के पिता कैंसर से पीड़ित थे. अस्पताल के इंटेंसिव केयर यूनिट में चल रहा था ऐश्वर्या के पिता का इलाज.
7
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: राष्ट्रमंडल खेल महासंघ (सीजीएफ) ने कहा कि वह जल्द ही ट्वेंटी-20 क्रिकेट को भविष्य के राष्ट्रमंडल खेलों में जगह दिलाने का प्रयास शुरू करेगा। इस सम्बंध में सीजीएफ ने आईसीसी से बात करने का भरोसा दिलाया है। सीजीएफ की स्पोर्ट्स रिव्यू समिति के अध्यक्ष तानकू इमरान ने मंगलवार को एक बयान जारी कर इस बात की जानकारी दी। तानकू ने अपने बयान में कहा, "हम राष्ट्रमंडल खेलों को विश्व के अग्रमी बहुखेल आयोजनों में से एक बनाए रखना चाहते हैं। इस दिशा में क्रिकेट को इन खेलों में शामिल करने का प्रयास जल्द ही शुरू किया जाएगा।" "क्रिकेट और सीजीएफ का पुराना रिश्ता रहा है। हम चाहते हैं कि ट्वेंटी-20 क्रिकेट को भविष्य के राष्ट्रमंडल खेलों में शामिल करने को लेकर आईसीसी हमारी मदद करे।" वर्ष 2010 में नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों की आयोजन समिति क्रिकेट का आयोजन कराना चाहती थी लेकिन भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने उसकी इस इच्छा को यह कहकर खारिज कर दिया था कि वह ट्वेंटी-20 को बढ़ावा देने के पक्ष में नहीं है। सीजीएफ के अंतर्गत कुल 71 देश पंजीकृत हैं और इनमें से बड़ी संख्या में क्रिकेट एक प्रमुख खेल के तौर पर अपना स्थान बना चुका है। इनमें भारत, आस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, पाकिस्तान, बांग्लादेश, न्यूजीलैंड और कैरेबियाई देश प्रमुख हैं।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: राष्ट्रमंडल खेल महासंघ (सीजीएफ) ने कहा कि वह जल्द ही ट्वेंटी-20 क्रिकेट को भविष्य के राष्ट्रमंडल खेलों में जगह दिलाने का प्रयास शुरू करेगा।
19
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: तेजी के साथ दुनिया का ध्यान खींच रहीं हैं मार्क्स व माओ पर आधारित किताबें किताब में कहा गया है कि मोहनदास ने कस्तूरबा से कहा, ‘‘हम अब पति पत्नी के रूप में नहीं रहेंगे. वह समझ गयीं कि उन्हें एक वफादार हिन्दू पत्नी की तरह अपने पति के पदचिन्हों का अनुसरण करना है. यह कोई मायने नहीं रखता कि इससे उनकी संवेदनायें कितनी आहत होती हैं.’’ मोहनदास करमचंद गांधी ने गरीबी और ब्रम्हचर्य की शपथ ली थी और भारत की आजादी के कारण कस्तूरबा को 62 साल तक एक समर्पित पत्नी, ‘सत्याग्रही’ और त्याग करने वाली महान मां के रूप में रहना पड़ा. उन्हें यह सब इसलिये सहना पड़ा क्योंकि एक व्यक्ति देश के बहुसंख्यकों के लिए करीब करीब भगवान की तरह बन गया था. किताब में दावा किया गया है कि गांधी अपने पुत्र हरिलाल के लिए एक असहिष्णु पिता थे. उनके स्वच्छंद पुत्र भ्रष्ट आचरण से प्रेरित थे, जिसकी कीमत कस्तूरबा को मां के रूप असीम दुख से चुकानी पड़ी.टिप्पणियां किताब का प्रकाशन ट्रैंकबार प्रेस ने किया है. इसमें महात्मा गांधी की पत्नी की दृष्टि से दुनिया को कस्तूरबा के मायने बताने का प्रयास किया गया है.कवि और गायक बॉब डिलेन को मिला साहित्‍य का नोबेल पुरस्‍कार   किताब में कहा गया है कि मोहनदास ने कस्तूरबा से कहा, ‘‘हम अब पति पत्नी के रूप में नहीं रहेंगे. वह समझ गयीं कि उन्हें एक वफादार हिन्दू पत्नी की तरह अपने पति के पदचिन्हों का अनुसरण करना है. यह कोई मायने नहीं रखता कि इससे उनकी संवेदनायें कितनी आहत होती हैं.’’ मोहनदास करमचंद गांधी ने गरीबी और ब्रम्हचर्य की शपथ ली थी और भारत की आजादी के कारण कस्तूरबा को 62 साल तक एक समर्पित पत्नी, ‘सत्याग्रही’ और त्याग करने वाली महान मां के रूप में रहना पड़ा. उन्हें यह सब इसलिये सहना पड़ा क्योंकि एक व्यक्ति देश के बहुसंख्यकों के लिए करीब करीब भगवान की तरह बन गया था. किताब में दावा किया गया है कि गांधी अपने पुत्र हरिलाल के लिए एक असहिष्णु पिता थे. उनके स्वच्छंद पुत्र भ्रष्ट आचरण से प्रेरित थे, जिसकी कीमत कस्तूरबा को मां के रूप असीम दुख से चुकानी पड़ी.टिप्पणियां किताब का प्रकाशन ट्रैंकबार प्रेस ने किया है. इसमें महात्मा गांधी की पत्नी की दृष्टि से दुनिया को कस्तूरबा के मायने बताने का प्रयास किया गया है.कवि और गायक बॉब डिलेन को मिला साहित्‍य का नोबेल पुरस्‍कार   किताब में दावा किया गया है कि गांधी अपने पुत्र हरिलाल के लिए एक असहिष्णु पिता थे. उनके स्वच्छंद पुत्र भ्रष्ट आचरण से प्रेरित थे, जिसकी कीमत कस्तूरबा को मां के रूप असीम दुख से चुकानी पड़ी.टिप्पणियां किताब का प्रकाशन ट्रैंकबार प्रेस ने किया है. इसमें महात्मा गांधी की पत्नी की दृष्टि से दुनिया को कस्तूरबा के मायने बताने का प्रयास किया गया है.कवि और गायक बॉब डिलेन को मिला साहित्‍य का नोबेल पुरस्‍कार   किताब का प्रकाशन ट्रैंकबार प्रेस ने किया है. इसमें महात्मा गांधी की पत्नी की दृष्टि से दुनिया को कस्तूरबा के मायने बताने का प्रयास किया गया है.कवि और गायक बॉब डिलेन को मिला साहित्‍य का नोबेल पुरस्‍कार   कवि और गायक बॉब डिलेन को मिला साहित्‍य का नोबेल पुरस्‍कार
सारांश: काल्पनिक किताब है 'दि सीक्रेट डायरी ऑफ कस्तूरबा' यह गांधी की पत्नी की दृष्टि से दुनिया को कस्तूरबा के मायने बताने की कोशिश यह किताब ऐतिहासिक तथ्यों की पृष्ठभूमि में लिखी गयी है.
33
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: सलामी बल्लेबाज माइकल लैम्ब द्वारा खेली गई 42 गेंदों पर 82 रनों की पारी की बदौलत ऑस्ट्रेलिया की सिडनी सिक्सर्स टीम ने न्यू वांडर्स स्टेडियम में रविवार को खेले गए चैम्पियंस लीग ट्वेंटी-20 क्रिकेट टूर्नामेंट के फाइनल मुकाबले में घरेलू टीम हाइवेल्ड लायंस को 10 विकेट से पराजित कर खिताब अपने नाम कर लिया। लायंस ने सिक्सर्स के समक्ष जीत के लिए 122 रनों का अपेक्षाकृत आसान लक्ष्य रखा था जिसे सिक्सर्स टीम ने बगैर कोई विकेट गंवाए हासिल कर लिया। लम्ब ने सिर्फ 42 गेंदों पर आठ चौकों और पांच छक्कों की मदद से जहां 82 रनों की पारी खेली वहीं दूसरी छोर पर कप्तान ब्रैड हेडिन ने 37 रनों की पारी खेल उनका शानदार साथ दिया। इससे पहले, विपरीत परिस्थितियों में जीन साइम्स द्वारा खेले गए 51 रनों की नाबाद पारी की बदौलत लायंस टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में अपने पूरे विकेट गंवाकर 121 रन बनाए थे। थामी सोलेकिले ने दूसरा सर्वाधिक स्कोर बनाया। उन्होंने 20 रनों की पारी खेली। साइम्स के साथ मिलकर उन्होंने ने छठे विकेट के लिए सर्वाधिक 41 रन जोड़े। ड्वाइन प्रीटोरियस ने 21 रनों का योगदान दिया। सिक्सर्स के कप्तान ब्रैड हेडिन ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया और उनका यह फैसला उस वक्त सही साबित होता दिखा जब लायंस ने महज चार रनों के कुल योग पर चोटी के अपने चारों बल्लेबाजों के विकेट गंवा दिए। पहले ही ओवर में गुलाम बोदी के रूप में लायंस का पहला विकेट गिरा। उस समय टीम का स्कोर सिर्फ सात रन था। बोदी ने तीन गेंदों पर छह रन बनाए। उनका विकेट नाथन मैक्लम के खाते में गया। तीसरे ओवर में लायंस ने दो विकेट गंवाए। क्वोंटन डी कोक एक रन बनाकर चलते बने जबकि ओवर की आखिरी गेंद पर नील मेकैंजी भी पवेलियन लौट गए। यह ओवर जोश हैजलवुड का था। दोनों विकेट आठ रन के कुल योग पर गिरे और ये हेजलवुड के खाते में गए। कप्तान एलवीरो पीटरसन कुछ खास नहीं कर सके और अगले ही ओवर में उन्होंने भी अपना विकेट गंवा दिया। वह सिर्फ एक रन बना सके। उनका विकेट स्टीव ओ'कीफ के खाते में गया। पीटरसन की जगह लेने आए सोहैल तनवीर 11 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। मैक्लम की गेंद पर अम्पायर ने उन्हें पगबाधा करार दिया। इसके बाद साइम्स ने सोलेकिले के साथ मिलकर छठे विकेट के लिए सर्वाधिक 41 रन जोड़े। सोलेकिले 20 रन बनाकर आउट हुए। उन्होंने 19 गेंदों का सामना किया और एक चौका तथा दो छक्के  लगाए। सोलेकिले की जगह लेने ड्वाइन प्रीटोरियस ने 21 रनों का योगदान दिया। उन्होंने 13 गेंदों का सामना किया एक चौका और दो छक्के लगाए। साइम्स के साथ मिलकर सातवें विकेट के लिए उन्होंने पारी की दूसरी सबसे बड़ी साझेदारी की और दोनों ने 38 रन जोड़े। साइम्स आठवें बल्लेबाज के रूप में आउट हुए। आउट होने से पहले उन्होंने 46 गेंदों का सामना किया और आठ चौकों की मदद से 51 रनों का सर्वाधिक योगदान दिया। उनका विकेट हिजेलवुड के खाते में गया। शेष के बल्लेबाज कुछ खास नहीं कर सके और पूरी टीम 20 ओवरों के अपने कोटे में 120 रन ही बना सकी। सिक्सर्स की ओर से मैक्लम और हैजलवुड ने सबसे अधिक तीन-तीन विकेट झटके जबकि कीफ और मिशेल स्टार्क के खाते में एक-एक विकेट गया। उसके दो बल्लेबाज रन आउट हुए। सिक्सर्स ने दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में शुक्रवार को स्थानीय टीम टाइटंस को दो विकेट से हराकर अपना अजेय क्रम बरकरार रखा है, जबकि पहले सेमीफाइनल मुकाबले में लायंस ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) टीम दिल्ली डेयरडेविल्स को 22 रनों से पराजित किया था।टिप्पणियां कप्तान ब्रैड हेडिन की अगुवाई वाली सिक्सर्स ने ग्रुप स्तर पर खेले अपने चारों मैच जीतकर ग्रुप-बी में शीर्ष पर रहते हुए सेमीफाइनल में प्रवेश किया था जबकि लायंस ने ग्रुप स्तर पर चार में से तीन मैच जीते थे और वह सिक्सर्स की ग्रुप में दूसरे स्थान पर रहते हुए सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई किया था। ग्रुप स्तर पर भी दोनों टीमें एक बार आपस में भिड़ चुकी थी जिसमें बाजी सिक्सर्स के हाथ लगी थी। सिक्सर्स ने उस मुकाबले में लायंस को पांच विकेट से पराजित किया था। लायंस ने सिक्सर्स के समक्ष जीत के लिए 122 रनों का अपेक्षाकृत आसान लक्ष्य रखा था जिसे सिक्सर्स टीम ने बगैर कोई विकेट गंवाए हासिल कर लिया। लम्ब ने सिर्फ 42 गेंदों पर आठ चौकों और पांच छक्कों की मदद से जहां 82 रनों की पारी खेली वहीं दूसरी छोर पर कप्तान ब्रैड हेडिन ने 37 रनों की पारी खेल उनका शानदार साथ दिया। इससे पहले, विपरीत परिस्थितियों में जीन साइम्स द्वारा खेले गए 51 रनों की नाबाद पारी की बदौलत लायंस टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में अपने पूरे विकेट गंवाकर 121 रन बनाए थे। थामी सोलेकिले ने दूसरा सर्वाधिक स्कोर बनाया। उन्होंने 20 रनों की पारी खेली। साइम्स के साथ मिलकर उन्होंने ने छठे विकेट के लिए सर्वाधिक 41 रन जोड़े। ड्वाइन प्रीटोरियस ने 21 रनों का योगदान दिया। सिक्सर्स के कप्तान ब्रैड हेडिन ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया और उनका यह फैसला उस वक्त सही साबित होता दिखा जब लायंस ने महज चार रनों के कुल योग पर चोटी के अपने चारों बल्लेबाजों के विकेट गंवा दिए। पहले ही ओवर में गुलाम बोदी के रूप में लायंस का पहला विकेट गिरा। उस समय टीम का स्कोर सिर्फ सात रन था। बोदी ने तीन गेंदों पर छह रन बनाए। उनका विकेट नाथन मैक्लम के खाते में गया। तीसरे ओवर में लायंस ने दो विकेट गंवाए। क्वोंटन डी कोक एक रन बनाकर चलते बने जबकि ओवर की आखिरी गेंद पर नील मेकैंजी भी पवेलियन लौट गए। यह ओवर जोश हैजलवुड का था। दोनों विकेट आठ रन के कुल योग पर गिरे और ये हेजलवुड के खाते में गए। कप्तान एलवीरो पीटरसन कुछ खास नहीं कर सके और अगले ही ओवर में उन्होंने भी अपना विकेट गंवा दिया। वह सिर्फ एक रन बना सके। उनका विकेट स्टीव ओ'कीफ के खाते में गया। पीटरसन की जगह लेने आए सोहैल तनवीर 11 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। मैक्लम की गेंद पर अम्पायर ने उन्हें पगबाधा करार दिया। इसके बाद साइम्स ने सोलेकिले के साथ मिलकर छठे विकेट के लिए सर्वाधिक 41 रन जोड़े। सोलेकिले 20 रन बनाकर आउट हुए। उन्होंने 19 गेंदों का सामना किया और एक चौका तथा दो छक्के  लगाए। सोलेकिले की जगह लेने ड्वाइन प्रीटोरियस ने 21 रनों का योगदान दिया। उन्होंने 13 गेंदों का सामना किया एक चौका और दो छक्के लगाए। साइम्स के साथ मिलकर सातवें विकेट के लिए उन्होंने पारी की दूसरी सबसे बड़ी साझेदारी की और दोनों ने 38 रन जोड़े। साइम्स आठवें बल्लेबाज के रूप में आउट हुए। आउट होने से पहले उन्होंने 46 गेंदों का सामना किया और आठ चौकों की मदद से 51 रनों का सर्वाधिक योगदान दिया। उनका विकेट हिजेलवुड के खाते में गया। शेष के बल्लेबाज कुछ खास नहीं कर सके और पूरी टीम 20 ओवरों के अपने कोटे में 120 रन ही बना सकी। सिक्सर्स की ओर से मैक्लम और हैजलवुड ने सबसे अधिक तीन-तीन विकेट झटके जबकि कीफ और मिशेल स्टार्क के खाते में एक-एक विकेट गया। उसके दो बल्लेबाज रन आउट हुए। सिक्सर्स ने दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में शुक्रवार को स्थानीय टीम टाइटंस को दो विकेट से हराकर अपना अजेय क्रम बरकरार रखा है, जबकि पहले सेमीफाइनल मुकाबले में लायंस ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) टीम दिल्ली डेयरडेविल्स को 22 रनों से पराजित किया था।टिप्पणियां कप्तान ब्रैड हेडिन की अगुवाई वाली सिक्सर्स ने ग्रुप स्तर पर खेले अपने चारों मैच जीतकर ग्रुप-बी में शीर्ष पर रहते हुए सेमीफाइनल में प्रवेश किया था जबकि लायंस ने ग्रुप स्तर पर चार में से तीन मैच जीते थे और वह सिक्सर्स की ग्रुप में दूसरे स्थान पर रहते हुए सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई किया था। ग्रुप स्तर पर भी दोनों टीमें एक बार आपस में भिड़ चुकी थी जिसमें बाजी सिक्सर्स के हाथ लगी थी। सिक्सर्स ने उस मुकाबले में लायंस को पांच विकेट से पराजित किया था। इससे पहले, विपरीत परिस्थितियों में जीन साइम्स द्वारा खेले गए 51 रनों की नाबाद पारी की बदौलत लायंस टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में अपने पूरे विकेट गंवाकर 121 रन बनाए थे। थामी सोलेकिले ने दूसरा सर्वाधिक स्कोर बनाया। उन्होंने 20 रनों की पारी खेली। साइम्स के साथ मिलकर उन्होंने ने छठे विकेट के लिए सर्वाधिक 41 रन जोड़े। ड्वाइन प्रीटोरियस ने 21 रनों का योगदान दिया। सिक्सर्स के कप्तान ब्रैड हेडिन ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया और उनका यह फैसला उस वक्त सही साबित होता दिखा जब लायंस ने महज चार रनों के कुल योग पर चोटी के अपने चारों बल्लेबाजों के विकेट गंवा दिए। पहले ही ओवर में गुलाम बोदी के रूप में लायंस का पहला विकेट गिरा। उस समय टीम का स्कोर सिर्फ सात रन था। बोदी ने तीन गेंदों पर छह रन बनाए। उनका विकेट नाथन मैक्लम के खाते में गया। तीसरे ओवर में लायंस ने दो विकेट गंवाए। क्वोंटन डी कोक एक रन बनाकर चलते बने जबकि ओवर की आखिरी गेंद पर नील मेकैंजी भी पवेलियन लौट गए। यह ओवर जोश हैजलवुड का था। दोनों विकेट आठ रन के कुल योग पर गिरे और ये हेजलवुड के खाते में गए। कप्तान एलवीरो पीटरसन कुछ खास नहीं कर सके और अगले ही ओवर में उन्होंने भी अपना विकेट गंवा दिया। वह सिर्फ एक रन बना सके। उनका विकेट स्टीव ओ'कीफ के खाते में गया। पीटरसन की जगह लेने आए सोहैल तनवीर 11 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। मैक्लम की गेंद पर अम्पायर ने उन्हें पगबाधा करार दिया। इसके बाद साइम्स ने सोलेकिले के साथ मिलकर छठे विकेट के लिए सर्वाधिक 41 रन जोड़े। सोलेकिले 20 रन बनाकर आउट हुए। उन्होंने 19 गेंदों का सामना किया और एक चौका तथा दो छक्के  लगाए। सोलेकिले की जगह लेने ड्वाइन प्रीटोरियस ने 21 रनों का योगदान दिया। उन्होंने 13 गेंदों का सामना किया एक चौका और दो छक्के लगाए। साइम्स के साथ मिलकर सातवें विकेट के लिए उन्होंने पारी की दूसरी सबसे बड़ी साझेदारी की और दोनों ने 38 रन जोड़े। साइम्स आठवें बल्लेबाज के रूप में आउट हुए। आउट होने से पहले उन्होंने 46 गेंदों का सामना किया और आठ चौकों की मदद से 51 रनों का सर्वाधिक योगदान दिया। उनका विकेट हिजेलवुड के खाते में गया। शेष के बल्लेबाज कुछ खास नहीं कर सके और पूरी टीम 20 ओवरों के अपने कोटे में 120 रन ही बना सकी। सिक्सर्स की ओर से मैक्लम और हैजलवुड ने सबसे अधिक तीन-तीन विकेट झटके जबकि कीफ और मिशेल स्टार्क के खाते में एक-एक विकेट गया। उसके दो बल्लेबाज रन आउट हुए। सिक्सर्स ने दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में शुक्रवार को स्थानीय टीम टाइटंस को दो विकेट से हराकर अपना अजेय क्रम बरकरार रखा है, जबकि पहले सेमीफाइनल मुकाबले में लायंस ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) टीम दिल्ली डेयरडेविल्स को 22 रनों से पराजित किया था।टिप्पणियां कप्तान ब्रैड हेडिन की अगुवाई वाली सिक्सर्स ने ग्रुप स्तर पर खेले अपने चारों मैच जीतकर ग्रुप-बी में शीर्ष पर रहते हुए सेमीफाइनल में प्रवेश किया था जबकि लायंस ने ग्रुप स्तर पर चार में से तीन मैच जीते थे और वह सिक्सर्स की ग्रुप में दूसरे स्थान पर रहते हुए सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई किया था। ग्रुप स्तर पर भी दोनों टीमें एक बार आपस में भिड़ चुकी थी जिसमें बाजी सिक्सर्स के हाथ लगी थी। सिक्सर्स ने उस मुकाबले में लायंस को पांच विकेट से पराजित किया था। सिक्सर्स के कप्तान ब्रैड हेडिन ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया और उनका यह फैसला उस वक्त सही साबित होता दिखा जब लायंस ने महज चार रनों के कुल योग पर चोटी के अपने चारों बल्लेबाजों के विकेट गंवा दिए। पहले ही ओवर में गुलाम बोदी के रूप में लायंस का पहला विकेट गिरा। उस समय टीम का स्कोर सिर्फ सात रन था। बोदी ने तीन गेंदों पर छह रन बनाए। उनका विकेट नाथन मैक्लम के खाते में गया। तीसरे ओवर में लायंस ने दो विकेट गंवाए। क्वोंटन डी कोक एक रन बनाकर चलते बने जबकि ओवर की आखिरी गेंद पर नील मेकैंजी भी पवेलियन लौट गए। यह ओवर जोश हैजलवुड का था। दोनों विकेट आठ रन के कुल योग पर गिरे और ये हेजलवुड के खाते में गए। कप्तान एलवीरो पीटरसन कुछ खास नहीं कर सके और अगले ही ओवर में उन्होंने भी अपना विकेट गंवा दिया। वह सिर्फ एक रन बना सके। उनका विकेट स्टीव ओ'कीफ के खाते में गया। पीटरसन की जगह लेने आए सोहैल तनवीर 11 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। मैक्लम की गेंद पर अम्पायर ने उन्हें पगबाधा करार दिया। इसके बाद साइम्स ने सोलेकिले के साथ मिलकर छठे विकेट के लिए सर्वाधिक 41 रन जोड़े। सोलेकिले 20 रन बनाकर आउट हुए। उन्होंने 19 गेंदों का सामना किया और एक चौका तथा दो छक्के  लगाए। सोलेकिले की जगह लेने ड्वाइन प्रीटोरियस ने 21 रनों का योगदान दिया। उन्होंने 13 गेंदों का सामना किया एक चौका और दो छक्के लगाए। साइम्स के साथ मिलकर सातवें विकेट के लिए उन्होंने पारी की दूसरी सबसे बड़ी साझेदारी की और दोनों ने 38 रन जोड़े। साइम्स आठवें बल्लेबाज के रूप में आउट हुए। आउट होने से पहले उन्होंने 46 गेंदों का सामना किया और आठ चौकों की मदद से 51 रनों का सर्वाधिक योगदान दिया। उनका विकेट हिजेलवुड के खाते में गया। शेष के बल्लेबाज कुछ खास नहीं कर सके और पूरी टीम 20 ओवरों के अपने कोटे में 120 रन ही बना सकी। सिक्सर्स की ओर से मैक्लम और हैजलवुड ने सबसे अधिक तीन-तीन विकेट झटके जबकि कीफ और मिशेल स्टार्क के खाते में एक-एक विकेट गया। उसके दो बल्लेबाज रन आउट हुए। सिक्सर्स ने दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में शुक्रवार को स्थानीय टीम टाइटंस को दो विकेट से हराकर अपना अजेय क्रम बरकरार रखा है, जबकि पहले सेमीफाइनल मुकाबले में लायंस ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) टीम दिल्ली डेयरडेविल्स को 22 रनों से पराजित किया था।टिप्पणियां कप्तान ब्रैड हेडिन की अगुवाई वाली सिक्सर्स ने ग्रुप स्तर पर खेले अपने चारों मैच जीतकर ग्रुप-बी में शीर्ष पर रहते हुए सेमीफाइनल में प्रवेश किया था जबकि लायंस ने ग्रुप स्तर पर चार में से तीन मैच जीते थे और वह सिक्सर्स की ग्रुप में दूसरे स्थान पर रहते हुए सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई किया था। ग्रुप स्तर पर भी दोनों टीमें एक बार आपस में भिड़ चुकी थी जिसमें बाजी सिक्सर्स के हाथ लगी थी। सिक्सर्स ने उस मुकाबले में लायंस को पांच विकेट से पराजित किया था। पहले ही ओवर में गुलाम बोदी के रूप में लायंस का पहला विकेट गिरा। उस समय टीम का स्कोर सिर्फ सात रन था। बोदी ने तीन गेंदों पर छह रन बनाए। उनका विकेट नाथन मैक्लम के खाते में गया। तीसरे ओवर में लायंस ने दो विकेट गंवाए। क्वोंटन डी कोक एक रन बनाकर चलते बने जबकि ओवर की आखिरी गेंद पर नील मेकैंजी भी पवेलियन लौट गए। यह ओवर जोश हैजलवुड का था। दोनों विकेट आठ रन के कुल योग पर गिरे और ये हेजलवुड के खाते में गए। कप्तान एलवीरो पीटरसन कुछ खास नहीं कर सके और अगले ही ओवर में उन्होंने भी अपना विकेट गंवा दिया। वह सिर्फ एक रन बना सके। उनका विकेट स्टीव ओ'कीफ के खाते में गया। पीटरसन की जगह लेने आए सोहैल तनवीर 11 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। मैक्लम की गेंद पर अम्पायर ने उन्हें पगबाधा करार दिया। इसके बाद साइम्स ने सोलेकिले के साथ मिलकर छठे विकेट के लिए सर्वाधिक 41 रन जोड़े। सोलेकिले 20 रन बनाकर आउट हुए। उन्होंने 19 गेंदों का सामना किया और एक चौका तथा दो छक्के  लगाए। सोलेकिले की जगह लेने ड्वाइन प्रीटोरियस ने 21 रनों का योगदान दिया। उन्होंने 13 गेंदों का सामना किया एक चौका और दो छक्के लगाए। साइम्स के साथ मिलकर सातवें विकेट के लिए उन्होंने पारी की दूसरी सबसे बड़ी साझेदारी की और दोनों ने 38 रन जोड़े। साइम्स आठवें बल्लेबाज के रूप में आउट हुए। आउट होने से पहले उन्होंने 46 गेंदों का सामना किया और आठ चौकों की मदद से 51 रनों का सर्वाधिक योगदान दिया। उनका विकेट हिजेलवुड के खाते में गया। शेष के बल्लेबाज कुछ खास नहीं कर सके और पूरी टीम 20 ओवरों के अपने कोटे में 120 रन ही बना सकी। सिक्सर्स की ओर से मैक्लम और हैजलवुड ने सबसे अधिक तीन-तीन विकेट झटके जबकि कीफ और मिशेल स्टार्क के खाते में एक-एक विकेट गया। उसके दो बल्लेबाज रन आउट हुए। सिक्सर्स ने दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में शुक्रवार को स्थानीय टीम टाइटंस को दो विकेट से हराकर अपना अजेय क्रम बरकरार रखा है, जबकि पहले सेमीफाइनल मुकाबले में लायंस ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) टीम दिल्ली डेयरडेविल्स को 22 रनों से पराजित किया था।टिप्पणियां कप्तान ब्रैड हेडिन की अगुवाई वाली सिक्सर्स ने ग्रुप स्तर पर खेले अपने चारों मैच जीतकर ग्रुप-बी में शीर्ष पर रहते हुए सेमीफाइनल में प्रवेश किया था जबकि लायंस ने ग्रुप स्तर पर चार में से तीन मैच जीते थे और वह सिक्सर्स की ग्रुप में दूसरे स्थान पर रहते हुए सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई किया था। ग्रुप स्तर पर भी दोनों टीमें एक बार आपस में भिड़ चुकी थी जिसमें बाजी सिक्सर्स के हाथ लगी थी। सिक्सर्स ने उस मुकाबले में लायंस को पांच विकेट से पराजित किया था। तीसरे ओवर में लायंस ने दो विकेट गंवाए। क्वोंटन डी कोक एक रन बनाकर चलते बने जबकि ओवर की आखिरी गेंद पर नील मेकैंजी भी पवेलियन लौट गए। यह ओवर जोश हैजलवुड का था। दोनों विकेट आठ रन के कुल योग पर गिरे और ये हेजलवुड के खाते में गए। कप्तान एलवीरो पीटरसन कुछ खास नहीं कर सके और अगले ही ओवर में उन्होंने भी अपना विकेट गंवा दिया। वह सिर्फ एक रन बना सके। उनका विकेट स्टीव ओ'कीफ के खाते में गया। पीटरसन की जगह लेने आए सोहैल तनवीर 11 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। मैक्लम की गेंद पर अम्पायर ने उन्हें पगबाधा करार दिया। इसके बाद साइम्स ने सोलेकिले के साथ मिलकर छठे विकेट के लिए सर्वाधिक 41 रन जोड़े। सोलेकिले 20 रन बनाकर आउट हुए। उन्होंने 19 गेंदों का सामना किया और एक चौका तथा दो छक्के  लगाए। सोलेकिले की जगह लेने ड्वाइन प्रीटोरियस ने 21 रनों का योगदान दिया। उन्होंने 13 गेंदों का सामना किया एक चौका और दो छक्के लगाए। साइम्स के साथ मिलकर सातवें विकेट के लिए उन्होंने पारी की दूसरी सबसे बड़ी साझेदारी की और दोनों ने 38 रन जोड़े। साइम्स आठवें बल्लेबाज के रूप में आउट हुए। आउट होने से पहले उन्होंने 46 गेंदों का सामना किया और आठ चौकों की मदद से 51 रनों का सर्वाधिक योगदान दिया। उनका विकेट हिजेलवुड के खाते में गया। शेष के बल्लेबाज कुछ खास नहीं कर सके और पूरी टीम 20 ओवरों के अपने कोटे में 120 रन ही बना सकी। सिक्सर्स की ओर से मैक्लम और हैजलवुड ने सबसे अधिक तीन-तीन विकेट झटके जबकि कीफ और मिशेल स्टार्क के खाते में एक-एक विकेट गया। उसके दो बल्लेबाज रन आउट हुए। सिक्सर्स ने दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में शुक्रवार को स्थानीय टीम टाइटंस को दो विकेट से हराकर अपना अजेय क्रम बरकरार रखा है, जबकि पहले सेमीफाइनल मुकाबले में लायंस ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) टीम दिल्ली डेयरडेविल्स को 22 रनों से पराजित किया था।टिप्पणियां कप्तान ब्रैड हेडिन की अगुवाई वाली सिक्सर्स ने ग्रुप स्तर पर खेले अपने चारों मैच जीतकर ग्रुप-बी में शीर्ष पर रहते हुए सेमीफाइनल में प्रवेश किया था जबकि लायंस ने ग्रुप स्तर पर चार में से तीन मैच जीते थे और वह सिक्सर्स की ग्रुप में दूसरे स्थान पर रहते हुए सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई किया था। ग्रुप स्तर पर भी दोनों टीमें एक बार आपस में भिड़ चुकी थी जिसमें बाजी सिक्सर्स के हाथ लगी थी। सिक्सर्स ने उस मुकाबले में लायंस को पांच विकेट से पराजित किया था। कप्तान एलवीरो पीटरसन कुछ खास नहीं कर सके और अगले ही ओवर में उन्होंने भी अपना विकेट गंवा दिया। वह सिर्फ एक रन बना सके। उनका विकेट स्टीव ओ'कीफ के खाते में गया। पीटरसन की जगह लेने आए सोहैल तनवीर 11 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। मैक्लम की गेंद पर अम्पायर ने उन्हें पगबाधा करार दिया। इसके बाद साइम्स ने सोलेकिले के साथ मिलकर छठे विकेट के लिए सर्वाधिक 41 रन जोड़े। सोलेकिले 20 रन बनाकर आउट हुए। उन्होंने 19 गेंदों का सामना किया और एक चौका तथा दो छक्के  लगाए। सोलेकिले की जगह लेने ड्वाइन प्रीटोरियस ने 21 रनों का योगदान दिया। उन्होंने 13 गेंदों का सामना किया एक चौका और दो छक्के लगाए। साइम्स के साथ मिलकर सातवें विकेट के लिए उन्होंने पारी की दूसरी सबसे बड़ी साझेदारी की और दोनों ने 38 रन जोड़े। साइम्स आठवें बल्लेबाज के रूप में आउट हुए। आउट होने से पहले उन्होंने 46 गेंदों का सामना किया और आठ चौकों की मदद से 51 रनों का सर्वाधिक योगदान दिया। उनका विकेट हिजेलवुड के खाते में गया। शेष के बल्लेबाज कुछ खास नहीं कर सके और पूरी टीम 20 ओवरों के अपने कोटे में 120 रन ही बना सकी। सिक्सर्स की ओर से मैक्लम और हैजलवुड ने सबसे अधिक तीन-तीन विकेट झटके जबकि कीफ और मिशेल स्टार्क के खाते में एक-एक विकेट गया। उसके दो बल्लेबाज रन आउट हुए। सिक्सर्स ने दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में शुक्रवार को स्थानीय टीम टाइटंस को दो विकेट से हराकर अपना अजेय क्रम बरकरार रखा है, जबकि पहले सेमीफाइनल मुकाबले में लायंस ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) टीम दिल्ली डेयरडेविल्स को 22 रनों से पराजित किया था।टिप्पणियां कप्तान ब्रैड हेडिन की अगुवाई वाली सिक्सर्स ने ग्रुप स्तर पर खेले अपने चारों मैच जीतकर ग्रुप-बी में शीर्ष पर रहते हुए सेमीफाइनल में प्रवेश किया था जबकि लायंस ने ग्रुप स्तर पर चार में से तीन मैच जीते थे और वह सिक्सर्स की ग्रुप में दूसरे स्थान पर रहते हुए सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई किया था। ग्रुप स्तर पर भी दोनों टीमें एक बार आपस में भिड़ चुकी थी जिसमें बाजी सिक्सर्स के हाथ लगी थी। सिक्सर्स ने उस मुकाबले में लायंस को पांच विकेट से पराजित किया था। इसके बाद साइम्स ने सोलेकिले के साथ मिलकर छठे विकेट के लिए सर्वाधिक 41 रन जोड़े। सोलेकिले 20 रन बनाकर आउट हुए। उन्होंने 19 गेंदों का सामना किया और एक चौका तथा दो छक्के  लगाए। सोलेकिले की जगह लेने ड्वाइन प्रीटोरियस ने 21 रनों का योगदान दिया। उन्होंने 13 गेंदों का सामना किया एक चौका और दो छक्के लगाए। साइम्स के साथ मिलकर सातवें विकेट के लिए उन्होंने पारी की दूसरी सबसे बड़ी साझेदारी की और दोनों ने 38 रन जोड़े। साइम्स आठवें बल्लेबाज के रूप में आउट हुए। आउट होने से पहले उन्होंने 46 गेंदों का सामना किया और आठ चौकों की मदद से 51 रनों का सर्वाधिक योगदान दिया। उनका विकेट हिजेलवुड के खाते में गया। शेष के बल्लेबाज कुछ खास नहीं कर सके और पूरी टीम 20 ओवरों के अपने कोटे में 120 रन ही बना सकी। सिक्सर्स की ओर से मैक्लम और हैजलवुड ने सबसे अधिक तीन-तीन विकेट झटके जबकि कीफ और मिशेल स्टार्क के खाते में एक-एक विकेट गया। उसके दो बल्लेबाज रन आउट हुए। सिक्सर्स ने दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में शुक्रवार को स्थानीय टीम टाइटंस को दो विकेट से हराकर अपना अजेय क्रम बरकरार रखा है, जबकि पहले सेमीफाइनल मुकाबले में लायंस ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) टीम दिल्ली डेयरडेविल्स को 22 रनों से पराजित किया था।टिप्पणियां कप्तान ब्रैड हेडिन की अगुवाई वाली सिक्सर्स ने ग्रुप स्तर पर खेले अपने चारों मैच जीतकर ग्रुप-बी में शीर्ष पर रहते हुए सेमीफाइनल में प्रवेश किया था जबकि लायंस ने ग्रुप स्तर पर चार में से तीन मैच जीते थे और वह सिक्सर्स की ग्रुप में दूसरे स्थान पर रहते हुए सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई किया था। ग्रुप स्तर पर भी दोनों टीमें एक बार आपस में भिड़ चुकी थी जिसमें बाजी सिक्सर्स के हाथ लगी थी। सिक्सर्स ने उस मुकाबले में लायंस को पांच विकेट से पराजित किया था। साइम्स आठवें बल्लेबाज के रूप में आउट हुए। आउट होने से पहले उन्होंने 46 गेंदों का सामना किया और आठ चौकों की मदद से 51 रनों का सर्वाधिक योगदान दिया। उनका विकेट हिजेलवुड के खाते में गया। शेष के बल्लेबाज कुछ खास नहीं कर सके और पूरी टीम 20 ओवरों के अपने कोटे में 120 रन ही बना सकी। सिक्सर्स की ओर से मैक्लम और हैजलवुड ने सबसे अधिक तीन-तीन विकेट झटके जबकि कीफ और मिशेल स्टार्क के खाते में एक-एक विकेट गया। उसके दो बल्लेबाज रन आउट हुए। सिक्सर्स ने दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में शुक्रवार को स्थानीय टीम टाइटंस को दो विकेट से हराकर अपना अजेय क्रम बरकरार रखा है, जबकि पहले सेमीफाइनल मुकाबले में लायंस ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) टीम दिल्ली डेयरडेविल्स को 22 रनों से पराजित किया था।टिप्पणियां कप्तान ब्रैड हेडिन की अगुवाई वाली सिक्सर्स ने ग्रुप स्तर पर खेले अपने चारों मैच जीतकर ग्रुप-बी में शीर्ष पर रहते हुए सेमीफाइनल में प्रवेश किया था जबकि लायंस ने ग्रुप स्तर पर चार में से तीन मैच जीते थे और वह सिक्सर्स की ग्रुप में दूसरे स्थान पर रहते हुए सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई किया था। ग्रुप स्तर पर भी दोनों टीमें एक बार आपस में भिड़ चुकी थी जिसमें बाजी सिक्सर्स के हाथ लगी थी। सिक्सर्स ने उस मुकाबले में लायंस को पांच विकेट से पराजित किया था। सिक्सर्स की ओर से मैक्लम और हैजलवुड ने सबसे अधिक तीन-तीन विकेट झटके जबकि कीफ और मिशेल स्टार्क के खाते में एक-एक विकेट गया। उसके दो बल्लेबाज रन आउट हुए। सिक्सर्स ने दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में शुक्रवार को स्थानीय टीम टाइटंस को दो विकेट से हराकर अपना अजेय क्रम बरकरार रखा है, जबकि पहले सेमीफाइनल मुकाबले में लायंस ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) टीम दिल्ली डेयरडेविल्स को 22 रनों से पराजित किया था।टिप्पणियां कप्तान ब्रैड हेडिन की अगुवाई वाली सिक्सर्स ने ग्रुप स्तर पर खेले अपने चारों मैच जीतकर ग्रुप-बी में शीर्ष पर रहते हुए सेमीफाइनल में प्रवेश किया था जबकि लायंस ने ग्रुप स्तर पर चार में से तीन मैच जीते थे और वह सिक्सर्स की ग्रुप में दूसरे स्थान पर रहते हुए सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई किया था। ग्रुप स्तर पर भी दोनों टीमें एक बार आपस में भिड़ चुकी थी जिसमें बाजी सिक्सर्स के हाथ लगी थी। सिक्सर्स ने उस मुकाबले में लायंस को पांच विकेट से पराजित किया था। सिक्सर्स ने दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में शुक्रवार को स्थानीय टीम टाइटंस को दो विकेट से हराकर अपना अजेय क्रम बरकरार रखा है, जबकि पहले सेमीफाइनल मुकाबले में लायंस ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) टीम दिल्ली डेयरडेविल्स को 22 रनों से पराजित किया था।टिप्पणियां कप्तान ब्रैड हेडिन की अगुवाई वाली सिक्सर्स ने ग्रुप स्तर पर खेले अपने चारों मैच जीतकर ग्रुप-बी में शीर्ष पर रहते हुए सेमीफाइनल में प्रवेश किया था जबकि लायंस ने ग्रुप स्तर पर चार में से तीन मैच जीते थे और वह सिक्सर्स की ग्रुप में दूसरे स्थान पर रहते हुए सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई किया था। ग्रुप स्तर पर भी दोनों टीमें एक बार आपस में भिड़ चुकी थी जिसमें बाजी सिक्सर्स के हाथ लगी थी। सिक्सर्स ने उस मुकाबले में लायंस को पांच विकेट से पराजित किया था। कप्तान ब्रैड हेडिन की अगुवाई वाली सिक्सर्स ने ग्रुप स्तर पर खेले अपने चारों मैच जीतकर ग्रुप-बी में शीर्ष पर रहते हुए सेमीफाइनल में प्रवेश किया था जबकि लायंस ने ग्रुप स्तर पर चार में से तीन मैच जीते थे और वह सिक्सर्स की ग्रुप में दूसरे स्थान पर रहते हुए सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई किया था। ग्रुप स्तर पर भी दोनों टीमें एक बार आपस में भिड़ चुकी थी जिसमें बाजी सिक्सर्स के हाथ लगी थी। सिक्सर्स ने उस मुकाबले में लायंस को पांच विकेट से पराजित किया था। ग्रुप स्तर पर भी दोनों टीमें एक बार आपस में भिड़ चुकी थी जिसमें बाजी सिक्सर्स के हाथ लगी थी। सिक्सर्स ने उस मुकाबले में लायंस को पांच विकेट से पराजित किया था।
सारांश: ऑस्ट्रेलिया की सिडनी सिक्सर्स टीम ने न्यू वांडर्स स्टेडियम में रविवार को खेले गए चैम्पियंस लीग ट्वेंटी-20 क्रिकेट टूर्नामेंट के फाइनल मुकाबले में घरेलू टीम हाइवेल्ड लायंस को 10 विकेट से पराजित कर खिताब अपने नाम कर लिया।
33
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: चौधरी अजीत सिंह की पार्टी राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) ने यूपी चुनाव को लेकर सोमवार को अपना घोषणा पत्र जारी किया. पार्टी ने साफ किया कि वह किसी भी हालत में यूपी में बीजेपी की सरकार नहीं बनने देगी. पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जाटलैंड में अपनी मजबूत पकड़ रखने वाले अजीत सिंह का भले सपा और कांग्रेस से समझौता नहीं हो पाया हो, लेकिन उनका कहना है कि वे बीजेपी की सरकार नहीं बनने देंगे.  टिप्पणियां अजीत सिंह ने अपने बेटे जयंत चौधरी और अन्य बड़े नेताओं की मौजूदगी में राष्ट्रीय लोकदल का घोषणापत्र जारी किया. घोषणा पत्र में सरकारी नौकरियों में महिलाओं की 33 फीसदी आरक्षण देने, कानून व्यवस्था में सुधार लाने, असली पंचायती राज लाने, किसानों की हालात सुधारने के लिए किसान आयोग बनाने, जाति और धर्म से ऊपर उठकर सामाजिक न्याय, कुटीर और लघु उद्योग को बढ़ावा देने के वादे शामिल हैं. पार्टी का कहना है कि वह मुद्दों पर आधारित राजनीति पर जोर देगी.   रालोद के अध्यक्ष चौधरी अजीत सिंह ने कहा कि जनादेश में क्या आएगा, यह तो बाद में ही तय होगा लेकिन इतना तो तय है कि किसी भी हाल में यूपी में बीजेपी की सरकार नही बनने देंगे. आरएलडी का इरादा पूरे यूपी के चुनावों को प्रभावित करने का है. उन्होंने कहा कि पिछली बार भले ही उनके पास नौ सीटें रहीं, लेकिन इस बार 300 उम्मीदवार अब तक उतार चुके हैं. रालोद नौजवानों, किसानों के साथ मिलकर बेहतर प्रशासन से खुशहाल यूपी का सपना दिखा रही है. राष्ट्रीय लोकदल के महासचिव चौधरी जयंत सिंह ने कहा कि ''अब के हालात और 2014 के हालात में काफी अंतर है. नतीजे आएंगे तो देखिएगा कइयों के छक्के छूट जाएंगे. आरएलडी की कोशिश अपना समर्थन आधार बढ़ाने की है.  इसलिए जिन नेताओं को उनके दलों ने टिकट नहीं दिया, उनके लिए आरएलडी के दरवाजे खुले हैं. कोशिश इतनी सीटें ले आने की है कि सरकार बनाने में उसका भी अहम हिस्सा हो.'' अजीत सिंह ने अपने बेटे जयंत चौधरी और अन्य बड़े नेताओं की मौजूदगी में राष्ट्रीय लोकदल का घोषणापत्र जारी किया. घोषणा पत्र में सरकारी नौकरियों में महिलाओं की 33 फीसदी आरक्षण देने, कानून व्यवस्था में सुधार लाने, असली पंचायती राज लाने, किसानों की हालात सुधारने के लिए किसान आयोग बनाने, जाति और धर्म से ऊपर उठकर सामाजिक न्याय, कुटीर और लघु उद्योग को बढ़ावा देने के वादे शामिल हैं. पार्टी का कहना है कि वह मुद्दों पर आधारित राजनीति पर जोर देगी.   रालोद के अध्यक्ष चौधरी अजीत सिंह ने कहा कि जनादेश में क्या आएगा, यह तो बाद में ही तय होगा लेकिन इतना तो तय है कि किसी भी हाल में यूपी में बीजेपी की सरकार नही बनने देंगे. आरएलडी का इरादा पूरे यूपी के चुनावों को प्रभावित करने का है. उन्होंने कहा कि पिछली बार भले ही उनके पास नौ सीटें रहीं, लेकिन इस बार 300 उम्मीदवार अब तक उतार चुके हैं. रालोद नौजवानों, किसानों के साथ मिलकर बेहतर प्रशासन से खुशहाल यूपी का सपना दिखा रही है. राष्ट्रीय लोकदल के महासचिव चौधरी जयंत सिंह ने कहा कि ''अब के हालात और 2014 के हालात में काफी अंतर है. नतीजे आएंगे तो देखिएगा कइयों के छक्के छूट जाएंगे. आरएलडी की कोशिश अपना समर्थन आधार बढ़ाने की है.  इसलिए जिन नेताओं को उनके दलों ने टिकट नहीं दिया, उनके लिए आरएलडी के दरवाजे खुले हैं. कोशिश इतनी सीटें ले आने की है कि सरकार बनाने में उसका भी अहम हिस्सा हो.'' रालोद नौजवानों, किसानों के साथ मिलकर बेहतर प्रशासन से खुशहाल यूपी का सपना दिखा रही है. राष्ट्रीय लोकदल के महासचिव चौधरी जयंत सिंह ने कहा कि ''अब के हालात और 2014 के हालात में काफी अंतर है. नतीजे आएंगे तो देखिएगा कइयों के छक्के छूट जाएंगे. आरएलडी की कोशिश अपना समर्थन आधार बढ़ाने की है.  इसलिए जिन नेताओं को उनके दलों ने टिकट नहीं दिया, उनके लिए आरएलडी के दरवाजे खुले हैं. कोशिश इतनी सीटें ले आने की है कि सरकार बनाने में उसका भी अहम हिस्सा हो.''
यह एक सारांश है: चौधरी अजीत सिंह ने रालोद का घोषणा पत्र जारी किया महिलाओं को आरक्षण और किसानों के मुद्दों पर जोर सरकार के गठन में निर्णायक भूमिका में आने की कोशिश
2
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: फिरोजशाह कोटला मैदान पर इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के छठे संस्करण के 57वें मुकाबले में शुक्रवार को दिल्ली डेयरडेविल्स का सामना रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर से होगा। प्लेऑफ के दौड़ से बाहर हो चुकी डेयरडेविल्स के सामने अपने घरेलू मैदान कोटला को गेल के तूफान से बचाने की चुनौती है, जबकि रॉयल चैलेंजर्स इस मैच को जीतकर तालिका फिर से शीर्ष-3 में जगह बनाने चाहेंगे। दिल्ली के सामने अब इस लीग में खेलने का सिर्फ एक मकसद है और वह है प्रतिष्ठा की खातिर अपने बाकी के मैच जीतना। साथ ही साथ वह 16 अप्रैल को बेंगलुरु में रॉयल चैलेंजर्स के हाथों मिली हार का हिसाब भी बराबर करना चाहेंगे। उस मैच में रॉयल चैलेंजर्स ने सुपर ओवर में डेयरडेविल्स को हराया था। डेयरडेविल्स के लिए रॉयल चैलेंजर्स को कड़ी टक्कर देना सकारात्मक बात थी और सुपर ओवर में हार दुर्भाग्य की बात। अब जबकि डेयरडेविल्स पर किसी तरह का कोई दबाव नहीं है, उसके सभी खिलाड़ी अपना श्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए कम से कम रॉयल चैलेंजर्स को हराकर पुराना हिसाब चुकता करना चाहेंगे। दर्शकों के लिहाज से यह मैच काफी खास होगा। चाहें वो डेयरडेविल्स के प्रशंसक हों या फिर रॉयल चैलेंजर्स के, सभी गेल की तूफानी बल्लेबाजी देखने के लिए कोटला रुख करेंगे।   रॉयल चैलेंजर्स के कप्तान विराट कोहली दिल्ली के ही हैं और इस लिहाज से दिल्ली के कई कई प्रशंसक कोहली को भी अपने बल्ले का रंग दिखाता देखना पसंद करेंगे। आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो दिल्ली ने अब तक 12 मैच खेले हैं और उसे नौ में हार मिली है। तीन मैचों में उसे जीत मिली है। माहेला जयवर्धने की कप्तानी में खेल रही यह टीम फिलहाल तालिका में आठवें स्थान पर है। बीते साल प्लेऑफ खेलने वाली यह टीम निश्चिततौर पर इस स्थान पर सुरक्षित नहीं है और इसी कारण वह अपने बाकी के मैच जीतकर अपनी स्थिति सुधारना चाहेगी।टिप्पणियां दूसरी ओर, रॉयल चैलेंजर्स के 12 मैचों से 14 अंक हैं। उसके खाते में सात जीत और पांच हार हैं। वह काफी समय तक तालिका में दूसरे स्थान पर काबिज थी लेकिन मुम्बई इंडियंस और राजस्थान रॉयल्स फिलहाल उससे आगे निकल चुके हैं। दिल्ली को बेहतर अंतर से हारने पर रॉयल चैलेंजर्स 16 अंकों के साथ फिर से शीर्ष-3 में अपनी दावेदारी पेश करेंगे। प्लेऑफ के दौड़ से बाहर हो चुकी डेयरडेविल्स के सामने अपने घरेलू मैदान कोटला को गेल के तूफान से बचाने की चुनौती है, जबकि रॉयल चैलेंजर्स इस मैच को जीतकर तालिका फिर से शीर्ष-3 में जगह बनाने चाहेंगे। दिल्ली के सामने अब इस लीग में खेलने का सिर्फ एक मकसद है और वह है प्रतिष्ठा की खातिर अपने बाकी के मैच जीतना। साथ ही साथ वह 16 अप्रैल को बेंगलुरु में रॉयल चैलेंजर्स के हाथों मिली हार का हिसाब भी बराबर करना चाहेंगे। उस मैच में रॉयल चैलेंजर्स ने सुपर ओवर में डेयरडेविल्स को हराया था। डेयरडेविल्स के लिए रॉयल चैलेंजर्स को कड़ी टक्कर देना सकारात्मक बात थी और सुपर ओवर में हार दुर्भाग्य की बात। अब जबकि डेयरडेविल्स पर किसी तरह का कोई दबाव नहीं है, उसके सभी खिलाड़ी अपना श्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए कम से कम रॉयल चैलेंजर्स को हराकर पुराना हिसाब चुकता करना चाहेंगे। दर्शकों के लिहाज से यह मैच काफी खास होगा। चाहें वो डेयरडेविल्स के प्रशंसक हों या फिर रॉयल चैलेंजर्स के, सभी गेल की तूफानी बल्लेबाजी देखने के लिए कोटला रुख करेंगे।   रॉयल चैलेंजर्स के कप्तान विराट कोहली दिल्ली के ही हैं और इस लिहाज से दिल्ली के कई कई प्रशंसक कोहली को भी अपने बल्ले का रंग दिखाता देखना पसंद करेंगे। आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो दिल्ली ने अब तक 12 मैच खेले हैं और उसे नौ में हार मिली है। तीन मैचों में उसे जीत मिली है। माहेला जयवर्धने की कप्तानी में खेल रही यह टीम फिलहाल तालिका में आठवें स्थान पर है। बीते साल प्लेऑफ खेलने वाली यह टीम निश्चिततौर पर इस स्थान पर सुरक्षित नहीं है और इसी कारण वह अपने बाकी के मैच जीतकर अपनी स्थिति सुधारना चाहेगी।टिप्पणियां दूसरी ओर, रॉयल चैलेंजर्स के 12 मैचों से 14 अंक हैं। उसके खाते में सात जीत और पांच हार हैं। वह काफी समय तक तालिका में दूसरे स्थान पर काबिज थी लेकिन मुम्बई इंडियंस और राजस्थान रॉयल्स फिलहाल उससे आगे निकल चुके हैं। दिल्ली को बेहतर अंतर से हारने पर रॉयल चैलेंजर्स 16 अंकों के साथ फिर से शीर्ष-3 में अपनी दावेदारी पेश करेंगे। दिल्ली के सामने अब इस लीग में खेलने का सिर्फ एक मकसद है और वह है प्रतिष्ठा की खातिर अपने बाकी के मैच जीतना। साथ ही साथ वह 16 अप्रैल को बेंगलुरु में रॉयल चैलेंजर्स के हाथों मिली हार का हिसाब भी बराबर करना चाहेंगे। उस मैच में रॉयल चैलेंजर्स ने सुपर ओवर में डेयरडेविल्स को हराया था। डेयरडेविल्स के लिए रॉयल चैलेंजर्स को कड़ी टक्कर देना सकारात्मक बात थी और सुपर ओवर में हार दुर्भाग्य की बात। अब जबकि डेयरडेविल्स पर किसी तरह का कोई दबाव नहीं है, उसके सभी खिलाड़ी अपना श्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए कम से कम रॉयल चैलेंजर्स को हराकर पुराना हिसाब चुकता करना चाहेंगे। दर्शकों के लिहाज से यह मैच काफी खास होगा। चाहें वो डेयरडेविल्स के प्रशंसक हों या फिर रॉयल चैलेंजर्स के, सभी गेल की तूफानी बल्लेबाजी देखने के लिए कोटला रुख करेंगे।   रॉयल चैलेंजर्स के कप्तान विराट कोहली दिल्ली के ही हैं और इस लिहाज से दिल्ली के कई कई प्रशंसक कोहली को भी अपने बल्ले का रंग दिखाता देखना पसंद करेंगे। आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो दिल्ली ने अब तक 12 मैच खेले हैं और उसे नौ में हार मिली है। तीन मैचों में उसे जीत मिली है। माहेला जयवर्धने की कप्तानी में खेल रही यह टीम फिलहाल तालिका में आठवें स्थान पर है। बीते साल प्लेऑफ खेलने वाली यह टीम निश्चिततौर पर इस स्थान पर सुरक्षित नहीं है और इसी कारण वह अपने बाकी के मैच जीतकर अपनी स्थिति सुधारना चाहेगी।टिप्पणियां दूसरी ओर, रॉयल चैलेंजर्स के 12 मैचों से 14 अंक हैं। उसके खाते में सात जीत और पांच हार हैं। वह काफी समय तक तालिका में दूसरे स्थान पर काबिज थी लेकिन मुम्बई इंडियंस और राजस्थान रॉयल्स फिलहाल उससे आगे निकल चुके हैं। दिल्ली को बेहतर अंतर से हारने पर रॉयल चैलेंजर्स 16 अंकों के साथ फिर से शीर्ष-3 में अपनी दावेदारी पेश करेंगे। डेयरडेविल्स के लिए रॉयल चैलेंजर्स को कड़ी टक्कर देना सकारात्मक बात थी और सुपर ओवर में हार दुर्भाग्य की बात। अब जबकि डेयरडेविल्स पर किसी तरह का कोई दबाव नहीं है, उसके सभी खिलाड़ी अपना श्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए कम से कम रॉयल चैलेंजर्स को हराकर पुराना हिसाब चुकता करना चाहेंगे। दर्शकों के लिहाज से यह मैच काफी खास होगा। चाहें वो डेयरडेविल्स के प्रशंसक हों या फिर रॉयल चैलेंजर्स के, सभी गेल की तूफानी बल्लेबाजी देखने के लिए कोटला रुख करेंगे।   रॉयल चैलेंजर्स के कप्तान विराट कोहली दिल्ली के ही हैं और इस लिहाज से दिल्ली के कई कई प्रशंसक कोहली को भी अपने बल्ले का रंग दिखाता देखना पसंद करेंगे। आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो दिल्ली ने अब तक 12 मैच खेले हैं और उसे नौ में हार मिली है। तीन मैचों में उसे जीत मिली है। माहेला जयवर्धने की कप्तानी में खेल रही यह टीम फिलहाल तालिका में आठवें स्थान पर है। बीते साल प्लेऑफ खेलने वाली यह टीम निश्चिततौर पर इस स्थान पर सुरक्षित नहीं है और इसी कारण वह अपने बाकी के मैच जीतकर अपनी स्थिति सुधारना चाहेगी।टिप्पणियां दूसरी ओर, रॉयल चैलेंजर्स के 12 मैचों से 14 अंक हैं। उसके खाते में सात जीत और पांच हार हैं। वह काफी समय तक तालिका में दूसरे स्थान पर काबिज थी लेकिन मुम्बई इंडियंस और राजस्थान रॉयल्स फिलहाल उससे आगे निकल चुके हैं। दिल्ली को बेहतर अंतर से हारने पर रॉयल चैलेंजर्स 16 अंकों के साथ फिर से शीर्ष-3 में अपनी दावेदारी पेश करेंगे। दर्शकों के लिहाज से यह मैच काफी खास होगा। चाहें वो डेयरडेविल्स के प्रशंसक हों या फिर रॉयल चैलेंजर्स के, सभी गेल की तूफानी बल्लेबाजी देखने के लिए कोटला रुख करेंगे।   रॉयल चैलेंजर्स के कप्तान विराट कोहली दिल्ली के ही हैं और इस लिहाज से दिल्ली के कई कई प्रशंसक कोहली को भी अपने बल्ले का रंग दिखाता देखना पसंद करेंगे। आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो दिल्ली ने अब तक 12 मैच खेले हैं और उसे नौ में हार मिली है। तीन मैचों में उसे जीत मिली है। माहेला जयवर्धने की कप्तानी में खेल रही यह टीम फिलहाल तालिका में आठवें स्थान पर है। बीते साल प्लेऑफ खेलने वाली यह टीम निश्चिततौर पर इस स्थान पर सुरक्षित नहीं है और इसी कारण वह अपने बाकी के मैच जीतकर अपनी स्थिति सुधारना चाहेगी।टिप्पणियां दूसरी ओर, रॉयल चैलेंजर्स के 12 मैचों से 14 अंक हैं। उसके खाते में सात जीत और पांच हार हैं। वह काफी समय तक तालिका में दूसरे स्थान पर काबिज थी लेकिन मुम्बई इंडियंस और राजस्थान रॉयल्स फिलहाल उससे आगे निकल चुके हैं। दिल्ली को बेहतर अंतर से हारने पर रॉयल चैलेंजर्स 16 अंकों के साथ फिर से शीर्ष-3 में अपनी दावेदारी पेश करेंगे। आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो दिल्ली ने अब तक 12 मैच खेले हैं और उसे नौ में हार मिली है। तीन मैचों में उसे जीत मिली है। माहेला जयवर्धने की कप्तानी में खेल रही यह टीम फिलहाल तालिका में आठवें स्थान पर है। बीते साल प्लेऑफ खेलने वाली यह टीम निश्चिततौर पर इस स्थान पर सुरक्षित नहीं है और इसी कारण वह अपने बाकी के मैच जीतकर अपनी स्थिति सुधारना चाहेगी।टिप्पणियां दूसरी ओर, रॉयल चैलेंजर्स के 12 मैचों से 14 अंक हैं। उसके खाते में सात जीत और पांच हार हैं। वह काफी समय तक तालिका में दूसरे स्थान पर काबिज थी लेकिन मुम्बई इंडियंस और राजस्थान रॉयल्स फिलहाल उससे आगे निकल चुके हैं। दिल्ली को बेहतर अंतर से हारने पर रॉयल चैलेंजर्स 16 अंकों के साथ फिर से शीर्ष-3 में अपनी दावेदारी पेश करेंगे। बीते साल प्लेऑफ खेलने वाली यह टीम निश्चिततौर पर इस स्थान पर सुरक्षित नहीं है और इसी कारण वह अपने बाकी के मैच जीतकर अपनी स्थिति सुधारना चाहेगी।टिप्पणियां दूसरी ओर, रॉयल चैलेंजर्स के 12 मैचों से 14 अंक हैं। उसके खाते में सात जीत और पांच हार हैं। वह काफी समय तक तालिका में दूसरे स्थान पर काबिज थी लेकिन मुम्बई इंडियंस और राजस्थान रॉयल्स फिलहाल उससे आगे निकल चुके हैं। दिल्ली को बेहतर अंतर से हारने पर रॉयल चैलेंजर्स 16 अंकों के साथ फिर से शीर्ष-3 में अपनी दावेदारी पेश करेंगे। दूसरी ओर, रॉयल चैलेंजर्स के 12 मैचों से 14 अंक हैं। उसके खाते में सात जीत और पांच हार हैं। वह काफी समय तक तालिका में दूसरे स्थान पर काबिज थी लेकिन मुम्बई इंडियंस और राजस्थान रॉयल्स फिलहाल उससे आगे निकल चुके हैं। दिल्ली को बेहतर अंतर से हारने पर रॉयल चैलेंजर्स 16 अंकों के साथ फिर से शीर्ष-3 में अपनी दावेदारी पेश करेंगे। दिल्ली को बेहतर अंतर से हारने पर रॉयल चैलेंजर्स 16 अंकों के साथ फिर से शीर्ष-3 में अपनी दावेदारी पेश करेंगे।
संक्षिप्त सारांश: प्लेऑफ के दौड़ से बाहर हो चुकी डेयरडेविल्स के सामने अपने घरेलू मैदान कोटला को गेल के तूफान से बचाने की चुनौती है, जबकि रॉयल चैलेंजर्स इस मैच को जीतकर तालिका फिर से शीर्ष-3 में जगह बनाने चाहेंगे।
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: लखनऊ में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां पांच लोगों ने कथित रूप से एक परिवार को बंधक बना लिया और 12 साल की उनकी बेटी के साथ बारी-बारी से बलात्कार किया. बच्ची का आरोप है कि मंगलवार को उस पर यह हमला हुआ. पुलिस ने मामला दर्ज कर उसे मेडिकल जांच के लिए भेज दिया है. 12 साल की इस बच्ची ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि मंगलवार को करीब दो दर्जन लोग जबरन उसके घर में घुस आए और कीमती सामान चुरा ले गए. इस दौरान उनमें से कुछ लोगों ने उसके परिवार को पकड़े रखा, जबकि दूसरों ने कथित रूप से उसके साथ बलात्कार किया. इस हमले में उसके पिता के सिर में भी चोट आई है.टिप्पणियां वहीं वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मंजिल सैनी ने संवाददाताओं को बताया, 'लड़की का कहना है कि उसके साथ पांच लोगों ने रेप किया. यह घटना लड़की के घर से 600-700 मीटर की दूरी पर हुई.' उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं और ऐसे में यह घटना राज्य की विधि-व्यवस्था को लेकर अखिलेश यादव सरकार पर सवाल खड़े करती है. बच्ची का आरोप है कि मंगलवार को उस पर यह हमला हुआ. पुलिस ने मामला दर्ज कर उसे मेडिकल जांच के लिए भेज दिया है. 12 साल की इस बच्ची ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि मंगलवार को करीब दो दर्जन लोग जबरन उसके घर में घुस आए और कीमती सामान चुरा ले गए. इस दौरान उनमें से कुछ लोगों ने उसके परिवार को पकड़े रखा, जबकि दूसरों ने कथित रूप से उसके साथ बलात्कार किया. इस हमले में उसके पिता के सिर में भी चोट आई है.टिप्पणियां वहीं वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मंजिल सैनी ने संवाददाताओं को बताया, 'लड़की का कहना है कि उसके साथ पांच लोगों ने रेप किया. यह घटना लड़की के घर से 600-700 मीटर की दूरी पर हुई.' उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं और ऐसे में यह घटना राज्य की विधि-व्यवस्था को लेकर अखिलेश यादव सरकार पर सवाल खड़े करती है. 12 साल की इस बच्ची ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि मंगलवार को करीब दो दर्जन लोग जबरन उसके घर में घुस आए और कीमती सामान चुरा ले गए. इस दौरान उनमें से कुछ लोगों ने उसके परिवार को पकड़े रखा, जबकि दूसरों ने कथित रूप से उसके साथ बलात्कार किया. इस हमले में उसके पिता के सिर में भी चोट आई है.टिप्पणियां वहीं वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मंजिल सैनी ने संवाददाताओं को बताया, 'लड़की का कहना है कि उसके साथ पांच लोगों ने रेप किया. यह घटना लड़की के घर से 600-700 मीटर की दूरी पर हुई.' उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं और ऐसे में यह घटना राज्य की विधि-व्यवस्था को लेकर अखिलेश यादव सरकार पर सवाल खड़े करती है. वहीं वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मंजिल सैनी ने संवाददाताओं को बताया, 'लड़की का कहना है कि उसके साथ पांच लोगों ने रेप किया. यह घटना लड़की के घर से 600-700 मीटर की दूरी पर हुई.' उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं और ऐसे में यह घटना राज्य की विधि-व्यवस्था को लेकर अखिलेश यादव सरकार पर सवाल खड़े करती है. उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं और ऐसे में यह घटना राज्य की विधि-व्यवस्था को लेकर अखिलेश यादव सरकार पर सवाल खड़े करती है.
संक्षिप्त पाठ: लखनऊ में मंगलवार सुबह करीब 20 लोग जबरन एक घर में घुस गए उनमें से पांच लोगों ने कथित रूप से 12 साल की बच्ची से रेप किया इस दौरान उन लोगों ने परिवार को बंधक बनाए रखा
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने दक्षिण कोरिया के व्यापारियों से सौर तथा परमाणु ऊर्जा जैसे पर्यावरण अनुकूल प्रौद्योगिकी में निवेश कर इस क्षेत्र के विकास में भारत की मदद करने को कहा है। सिंह ने कोरिया के शीर्ष उद्योगपतियों से कहा, ‘‘हम ऊर्जा दक्षता तथा बिजली क्षेत्र में सौर ऊर्जा तथा परमाणु ऊर्जा जैसी अक्षय ऊर्जा की हिस्सेदारी बढ़ाने को लेकर प्रतिबद्ध हैं।’’ बैठक में जो कार्यकारी अधिकारी उपस्थित थे, उसमें कोरिया इलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन (केईपीसीओ) के जूंग क्यूम शामिल हैं। कोरिया इलेक्ट्रिक पावर परमाणु उर्जा से जुड़ी कंपनी है। कोरिया की बिजली जरूरतों में परमाणु ऊर्जा क्षेत्र की हिस्सेदारी 45 प्रतिशत है। कोरियाई उद्योग मंडलों द्वारा आयोजित बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘व्यापार के काफी अवसर होंगे और मैं पर्यावरण अनुकूल प्रौद्योगिकी में कोरियाई क्षमता से अवगत हूं।’’ दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली म्युंग बाक ने कल सिंह के साथ मुलाकात के दौरान भारत में परमाणु रिएयटर के निर्माण के लिये उनके देश को जगह आवंटित करने का अनुरोध किया था। 12 अरब डॉलर की ओडिशा में पोस्को स्टील परियोजना में देरी को लेकर कोरियाई व्यापारियों की चिंता को समझते हुए प्रधानमंत्री ने उद्योगपतियों से कहा, ‘‘हमारी प्रक्रिया धीमी हो सकती है, लेकिन समस्याओं के निपटने तथा मतभेदों को दूर करने के लिये प्रभावी प्रणाली और ठोस नियम हैं।’’ प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘सरकार पोस्को परियोजना के मामले में आगे बढ़ने को लेकर गंभीर है और इस संबंध में कुछ प्रगति हुई है। मेरा विश्वास है कि दीर्घकालीन निवेश अवसर के रूप में भारत स्थिर और लाभदायक देश है।’’ बैठक में केईपीसीओ के सीईओ के अलावा सैमसंग इलेक्ट्रानिक्स, टाटा देवू, सांगयोंग मोटर्स, हुंदै मोटर्स तथा दूसान हेवी इंडस्ट्रीज के प्रमुख मौजूद थे। सिंह ने कहा, ‘‘कोरिया से निवेश भारत की प्राथमिकता में शामिल है। हम निवेशकों की शिकायतों तथा देश में व्यापार माहौल में सुधार के लिये सक्रियता से कदम उठाएंगे।’’ उन्होंने कहा कि कई राज्य सक्रियता से विदेशी निवेश को प्रोत्साहित कर रहे हैं और केंद्र सरकार इन प्रयासों का समर्थन करेगी। सिंह ने कहा, ‘‘मैं कोरियाई उद्योग से भारत में विश्वास रखने का अनुरोध करता हूं।’’ उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की तेजी से उभरती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘विपरीत अंतरराष्ट्रीय माहौल के बावजूद हम पिछले कुछ साल में 7 प्रतिशत आर्थिक वृद्धि दर प्राप्त करने में सफल रहे हैं। मुझे विश्वास है कि अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार हमें आने वाले साल में सतत रूप से सालाना 8 से 10 प्रतिशत आर्थिक वृद्धि के रास्ते पर लौटने में मदद करेगा। सिंह ने कहा कि ग्रामीण भारत में मजबूती लाने के लिये पिछले कुछ साल में शिक्षा, स्वास्थ्य तथा कृषि क्षेत्र में भारी मात्रा में निवेश किया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारा ग्रामीण बाजार तथा मध्यम वर्ग तेजी से बढ़ रहा है।’’ टिप्पणियां सिंह ने कहा कि भारत उच्च शिक्षा तथा कौशल विकास, बंदरगाह, हवाई अड्डा, रेलवे, ऊर्जा एवं सड़क जैसे बुनियादी ढांचा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर विस्तार कार्यक्रम को आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘भारत वैश्विक ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था के मामले में अग्रणी बना रहेगा।’’ भौतिक बुनियादी ढांचे के विकास को लेकर महत्वकांक्षी योजना का खुलासा करते हुए सिंह ने कहा कि भारत की अगले पांच साल में राजमार्ग, बिजली संयंत्र, परिवहन प्रणाली, बंदरगाह तथा हवाई अड्डे से संबद्ध बुनियादी ढांचा क्षेत्र में लगभग 1,000 अरब डॉलर निवेश सुनिश्चित करने की योजना है। उन्होंने कहा, ‘‘इसे सार्वजनिक तथा निजी निवेश तथा सार्वजनिक-निजी सहयोग के जरिए पूरा किया जाएगा।’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि 2010 में व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते (सीईपीए) के क्रियान्वयन से द्विपक्षीय व्यापार दो साल में करीब 65 प्रतिशत बढ़ा है और 2011 में कुल व्यापार 20.6 अरब डॉलर पहुंच गया। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन यह अभी भी संभावित क्षमता से कम है।’’ सिंह ने कहा कि उन्होंने और ली ने व्यापार लक्ष्य को संशोधित कर 2015 तक 40 अरब डॉलर रखने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘यह चुनौती के साथ-साथ एक मौका भी है जिसे हम दोनों को समझना होगा। आपके विचारों को जानने को लेकर मेरा नजरिया सकारात्मक है।’’ कोरियाई उद्योग मंडलों द्वारा आयोजित बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘व्यापार के काफी अवसर होंगे और मैं पर्यावरण अनुकूल प्रौद्योगिकी में कोरियाई क्षमता से अवगत हूं।’’ दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली म्युंग बाक ने कल सिंह के साथ मुलाकात के दौरान भारत में परमाणु रिएयटर के निर्माण के लिये उनके देश को जगह आवंटित करने का अनुरोध किया था। 12 अरब डॉलर की ओडिशा में पोस्को स्टील परियोजना में देरी को लेकर कोरियाई व्यापारियों की चिंता को समझते हुए प्रधानमंत्री ने उद्योगपतियों से कहा, ‘‘हमारी प्रक्रिया धीमी हो सकती है, लेकिन समस्याओं के निपटने तथा मतभेदों को दूर करने के लिये प्रभावी प्रणाली और ठोस नियम हैं।’’ प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘सरकार पोस्को परियोजना के मामले में आगे बढ़ने को लेकर गंभीर है और इस संबंध में कुछ प्रगति हुई है। मेरा विश्वास है कि दीर्घकालीन निवेश अवसर के रूप में भारत स्थिर और लाभदायक देश है।’’ बैठक में केईपीसीओ के सीईओ के अलावा सैमसंग इलेक्ट्रानिक्स, टाटा देवू, सांगयोंग मोटर्स, हुंदै मोटर्स तथा दूसान हेवी इंडस्ट्रीज के प्रमुख मौजूद थे। सिंह ने कहा, ‘‘कोरिया से निवेश भारत की प्राथमिकता में शामिल है। हम निवेशकों की शिकायतों तथा देश में व्यापार माहौल में सुधार के लिये सक्रियता से कदम उठाएंगे।’’ उन्होंने कहा कि कई राज्य सक्रियता से विदेशी निवेश को प्रोत्साहित कर रहे हैं और केंद्र सरकार इन प्रयासों का समर्थन करेगी। सिंह ने कहा, ‘‘मैं कोरियाई उद्योग से भारत में विश्वास रखने का अनुरोध करता हूं।’’ उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की तेजी से उभरती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘विपरीत अंतरराष्ट्रीय माहौल के बावजूद हम पिछले कुछ साल में 7 प्रतिशत आर्थिक वृद्धि दर प्राप्त करने में सफल रहे हैं। मुझे विश्वास है कि अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार हमें आने वाले साल में सतत रूप से सालाना 8 से 10 प्रतिशत आर्थिक वृद्धि के रास्ते पर लौटने में मदद करेगा। सिंह ने कहा कि ग्रामीण भारत में मजबूती लाने के लिये पिछले कुछ साल में शिक्षा, स्वास्थ्य तथा कृषि क्षेत्र में भारी मात्रा में निवेश किया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारा ग्रामीण बाजार तथा मध्यम वर्ग तेजी से बढ़ रहा है।’’ टिप्पणियां सिंह ने कहा कि भारत उच्च शिक्षा तथा कौशल विकास, बंदरगाह, हवाई अड्डा, रेलवे, ऊर्जा एवं सड़क जैसे बुनियादी ढांचा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर विस्तार कार्यक्रम को आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘भारत वैश्विक ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था के मामले में अग्रणी बना रहेगा।’’ भौतिक बुनियादी ढांचे के विकास को लेकर महत्वकांक्षी योजना का खुलासा करते हुए सिंह ने कहा कि भारत की अगले पांच साल में राजमार्ग, बिजली संयंत्र, परिवहन प्रणाली, बंदरगाह तथा हवाई अड्डे से संबद्ध बुनियादी ढांचा क्षेत्र में लगभग 1,000 अरब डॉलर निवेश सुनिश्चित करने की योजना है। उन्होंने कहा, ‘‘इसे सार्वजनिक तथा निजी निवेश तथा सार्वजनिक-निजी सहयोग के जरिए पूरा किया जाएगा।’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि 2010 में व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते (सीईपीए) के क्रियान्वयन से द्विपक्षीय व्यापार दो साल में करीब 65 प्रतिशत बढ़ा है और 2011 में कुल व्यापार 20.6 अरब डॉलर पहुंच गया। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन यह अभी भी संभावित क्षमता से कम है।’’ सिंह ने कहा कि उन्होंने और ली ने व्यापार लक्ष्य को संशोधित कर 2015 तक 40 अरब डॉलर रखने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘यह चुनौती के साथ-साथ एक मौका भी है जिसे हम दोनों को समझना होगा। आपके विचारों को जानने को लेकर मेरा नजरिया सकारात्मक है।’’ 12 अरब डॉलर की ओडिशा में पोस्को स्टील परियोजना में देरी को लेकर कोरियाई व्यापारियों की चिंता को समझते हुए प्रधानमंत्री ने उद्योगपतियों से कहा, ‘‘हमारी प्रक्रिया धीमी हो सकती है, लेकिन समस्याओं के निपटने तथा मतभेदों को दूर करने के लिये प्रभावी प्रणाली और ठोस नियम हैं।’’ प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘सरकार पोस्को परियोजना के मामले में आगे बढ़ने को लेकर गंभीर है और इस संबंध में कुछ प्रगति हुई है। मेरा विश्वास है कि दीर्घकालीन निवेश अवसर के रूप में भारत स्थिर और लाभदायक देश है।’’ बैठक में केईपीसीओ के सीईओ के अलावा सैमसंग इलेक्ट्रानिक्स, टाटा देवू, सांगयोंग मोटर्स, हुंदै मोटर्स तथा दूसान हेवी इंडस्ट्रीज के प्रमुख मौजूद थे। सिंह ने कहा, ‘‘कोरिया से निवेश भारत की प्राथमिकता में शामिल है। हम निवेशकों की शिकायतों तथा देश में व्यापार माहौल में सुधार के लिये सक्रियता से कदम उठाएंगे।’’ उन्होंने कहा कि कई राज्य सक्रियता से विदेशी निवेश को प्रोत्साहित कर रहे हैं और केंद्र सरकार इन प्रयासों का समर्थन करेगी। सिंह ने कहा, ‘‘मैं कोरियाई उद्योग से भारत में विश्वास रखने का अनुरोध करता हूं।’’ उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की तेजी से उभरती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘विपरीत अंतरराष्ट्रीय माहौल के बावजूद हम पिछले कुछ साल में 7 प्रतिशत आर्थिक वृद्धि दर प्राप्त करने में सफल रहे हैं। मुझे विश्वास है कि अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार हमें आने वाले साल में सतत रूप से सालाना 8 से 10 प्रतिशत आर्थिक वृद्धि के रास्ते पर लौटने में मदद करेगा। सिंह ने कहा कि ग्रामीण भारत में मजबूती लाने के लिये पिछले कुछ साल में शिक्षा, स्वास्थ्य तथा कृषि क्षेत्र में भारी मात्रा में निवेश किया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारा ग्रामीण बाजार तथा मध्यम वर्ग तेजी से बढ़ रहा है।’’ टिप्पणियां सिंह ने कहा कि भारत उच्च शिक्षा तथा कौशल विकास, बंदरगाह, हवाई अड्डा, रेलवे, ऊर्जा एवं सड़क जैसे बुनियादी ढांचा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर विस्तार कार्यक्रम को आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘भारत वैश्विक ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था के मामले में अग्रणी बना रहेगा।’’ भौतिक बुनियादी ढांचे के विकास को लेकर महत्वकांक्षी योजना का खुलासा करते हुए सिंह ने कहा कि भारत की अगले पांच साल में राजमार्ग, बिजली संयंत्र, परिवहन प्रणाली, बंदरगाह तथा हवाई अड्डे से संबद्ध बुनियादी ढांचा क्षेत्र में लगभग 1,000 अरब डॉलर निवेश सुनिश्चित करने की योजना है। उन्होंने कहा, ‘‘इसे सार्वजनिक तथा निजी निवेश तथा सार्वजनिक-निजी सहयोग के जरिए पूरा किया जाएगा।’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि 2010 में व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते (सीईपीए) के क्रियान्वयन से द्विपक्षीय व्यापार दो साल में करीब 65 प्रतिशत बढ़ा है और 2011 में कुल व्यापार 20.6 अरब डॉलर पहुंच गया। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन यह अभी भी संभावित क्षमता से कम है।’’ सिंह ने कहा कि उन्होंने और ली ने व्यापार लक्ष्य को संशोधित कर 2015 तक 40 अरब डॉलर रखने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘यह चुनौती के साथ-साथ एक मौका भी है जिसे हम दोनों को समझना होगा। आपके विचारों को जानने को लेकर मेरा नजरिया सकारात्मक है।’’ प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘सरकार पोस्को परियोजना के मामले में आगे बढ़ने को लेकर गंभीर है और इस संबंध में कुछ प्रगति हुई है। मेरा विश्वास है कि दीर्घकालीन निवेश अवसर के रूप में भारत स्थिर और लाभदायक देश है।’’ बैठक में केईपीसीओ के सीईओ के अलावा सैमसंग इलेक्ट्रानिक्स, टाटा देवू, सांगयोंग मोटर्स, हुंदै मोटर्स तथा दूसान हेवी इंडस्ट्रीज के प्रमुख मौजूद थे। सिंह ने कहा, ‘‘कोरिया से निवेश भारत की प्राथमिकता में शामिल है। हम निवेशकों की शिकायतों तथा देश में व्यापार माहौल में सुधार के लिये सक्रियता से कदम उठाएंगे।’’ उन्होंने कहा कि कई राज्य सक्रियता से विदेशी निवेश को प्रोत्साहित कर रहे हैं और केंद्र सरकार इन प्रयासों का समर्थन करेगी। सिंह ने कहा, ‘‘मैं कोरियाई उद्योग से भारत में विश्वास रखने का अनुरोध करता हूं।’’ उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की तेजी से उभरती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘विपरीत अंतरराष्ट्रीय माहौल के बावजूद हम पिछले कुछ साल में 7 प्रतिशत आर्थिक वृद्धि दर प्राप्त करने में सफल रहे हैं। मुझे विश्वास है कि अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार हमें आने वाले साल में सतत रूप से सालाना 8 से 10 प्रतिशत आर्थिक वृद्धि के रास्ते पर लौटने में मदद करेगा। सिंह ने कहा कि ग्रामीण भारत में मजबूती लाने के लिये पिछले कुछ साल में शिक्षा, स्वास्थ्य तथा कृषि क्षेत्र में भारी मात्रा में निवेश किया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारा ग्रामीण बाजार तथा मध्यम वर्ग तेजी से बढ़ रहा है।’’ टिप्पणियां सिंह ने कहा कि भारत उच्च शिक्षा तथा कौशल विकास, बंदरगाह, हवाई अड्डा, रेलवे, ऊर्जा एवं सड़क जैसे बुनियादी ढांचा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर विस्तार कार्यक्रम को आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘भारत वैश्विक ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था के मामले में अग्रणी बना रहेगा।’’ भौतिक बुनियादी ढांचे के विकास को लेकर महत्वकांक्षी योजना का खुलासा करते हुए सिंह ने कहा कि भारत की अगले पांच साल में राजमार्ग, बिजली संयंत्र, परिवहन प्रणाली, बंदरगाह तथा हवाई अड्डे से संबद्ध बुनियादी ढांचा क्षेत्र में लगभग 1,000 अरब डॉलर निवेश सुनिश्चित करने की योजना है। उन्होंने कहा, ‘‘इसे सार्वजनिक तथा निजी निवेश तथा सार्वजनिक-निजी सहयोग के जरिए पूरा किया जाएगा।’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि 2010 में व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते (सीईपीए) के क्रियान्वयन से द्विपक्षीय व्यापार दो साल में करीब 65 प्रतिशत बढ़ा है और 2011 में कुल व्यापार 20.6 अरब डॉलर पहुंच गया। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन यह अभी भी संभावित क्षमता से कम है।’’ सिंह ने कहा कि उन्होंने और ली ने व्यापार लक्ष्य को संशोधित कर 2015 तक 40 अरब डॉलर रखने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘यह चुनौती के साथ-साथ एक मौका भी है जिसे हम दोनों को समझना होगा। आपके विचारों को जानने को लेकर मेरा नजरिया सकारात्मक है।’’ सिंह ने कहा, ‘‘कोरिया से निवेश भारत की प्राथमिकता में शामिल है। हम निवेशकों की शिकायतों तथा देश में व्यापार माहौल में सुधार के लिये सक्रियता से कदम उठाएंगे।’’ उन्होंने कहा कि कई राज्य सक्रियता से विदेशी निवेश को प्रोत्साहित कर रहे हैं और केंद्र सरकार इन प्रयासों का समर्थन करेगी। सिंह ने कहा, ‘‘मैं कोरियाई उद्योग से भारत में विश्वास रखने का अनुरोध करता हूं।’’ उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की तेजी से उभरती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘विपरीत अंतरराष्ट्रीय माहौल के बावजूद हम पिछले कुछ साल में 7 प्रतिशत आर्थिक वृद्धि दर प्राप्त करने में सफल रहे हैं। मुझे विश्वास है कि अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार हमें आने वाले साल में सतत रूप से सालाना 8 से 10 प्रतिशत आर्थिक वृद्धि के रास्ते पर लौटने में मदद करेगा। सिंह ने कहा कि ग्रामीण भारत में मजबूती लाने के लिये पिछले कुछ साल में शिक्षा, स्वास्थ्य तथा कृषि क्षेत्र में भारी मात्रा में निवेश किया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारा ग्रामीण बाजार तथा मध्यम वर्ग तेजी से बढ़ रहा है।’’ टिप्पणियां सिंह ने कहा कि भारत उच्च शिक्षा तथा कौशल विकास, बंदरगाह, हवाई अड्डा, रेलवे, ऊर्जा एवं सड़क जैसे बुनियादी ढांचा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर विस्तार कार्यक्रम को आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘भारत वैश्विक ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था के मामले में अग्रणी बना रहेगा।’’ भौतिक बुनियादी ढांचे के विकास को लेकर महत्वकांक्षी योजना का खुलासा करते हुए सिंह ने कहा कि भारत की अगले पांच साल में राजमार्ग, बिजली संयंत्र, परिवहन प्रणाली, बंदरगाह तथा हवाई अड्डे से संबद्ध बुनियादी ढांचा क्षेत्र में लगभग 1,000 अरब डॉलर निवेश सुनिश्चित करने की योजना है। उन्होंने कहा, ‘‘इसे सार्वजनिक तथा निजी निवेश तथा सार्वजनिक-निजी सहयोग के जरिए पूरा किया जाएगा।’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि 2010 में व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते (सीईपीए) के क्रियान्वयन से द्विपक्षीय व्यापार दो साल में करीब 65 प्रतिशत बढ़ा है और 2011 में कुल व्यापार 20.6 अरब डॉलर पहुंच गया। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन यह अभी भी संभावित क्षमता से कम है।’’ सिंह ने कहा कि उन्होंने और ली ने व्यापार लक्ष्य को संशोधित कर 2015 तक 40 अरब डॉलर रखने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘यह चुनौती के साथ-साथ एक मौका भी है जिसे हम दोनों को समझना होगा। आपके विचारों को जानने को लेकर मेरा नजरिया सकारात्मक है।’’ सिंह ने कहा कि भारत उच्च शिक्षा तथा कौशल विकास, बंदरगाह, हवाई अड्डा, रेलवे, ऊर्जा एवं सड़क जैसे बुनियादी ढांचा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर विस्तार कार्यक्रम को आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘भारत वैश्विक ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था के मामले में अग्रणी बना रहेगा।’’ भौतिक बुनियादी ढांचे के विकास को लेकर महत्वकांक्षी योजना का खुलासा करते हुए सिंह ने कहा कि भारत की अगले पांच साल में राजमार्ग, बिजली संयंत्र, परिवहन प्रणाली, बंदरगाह तथा हवाई अड्डे से संबद्ध बुनियादी ढांचा क्षेत्र में लगभग 1,000 अरब डॉलर निवेश सुनिश्चित करने की योजना है। उन्होंने कहा, ‘‘इसे सार्वजनिक तथा निजी निवेश तथा सार्वजनिक-निजी सहयोग के जरिए पूरा किया जाएगा।’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि 2010 में व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते (सीईपीए) के क्रियान्वयन से द्विपक्षीय व्यापार दो साल में करीब 65 प्रतिशत बढ़ा है और 2011 में कुल व्यापार 20.6 अरब डॉलर पहुंच गया। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन यह अभी भी संभावित क्षमता से कम है।’’ सिंह ने कहा कि उन्होंने और ली ने व्यापार लक्ष्य को संशोधित कर 2015 तक 40 अरब डॉलर रखने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘यह चुनौती के साथ-साथ एक मौका भी है जिसे हम दोनों को समझना होगा। आपके विचारों को जानने को लेकर मेरा नजरिया सकारात्मक है।’’ सिंह ने कहा कि उन्होंने और ली ने व्यापार लक्ष्य को संशोधित कर 2015 तक 40 अरब डॉलर रखने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘यह चुनौती के साथ-साथ एक मौका भी है जिसे हम दोनों को समझना होगा। आपके विचारों को जानने को लेकर मेरा नजरिया सकारात्मक है।’’
सारांश: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने दक्षिण कोरिया के व्यापारियों से सौर तथा परमाणु ऊर्जा जैसे पर्यावरण अनुकूल प्रौद्योगिकी में निवेश कर इस क्षेत्र के विकास में भारत की मदद करने को कहा है।
20
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: सुप्रीम कोर्ट ने बिहार के मुजफ्फरपुर शेल्टरहोम कांड की पीड़ित लड़कियों में से 8 को उनके मातापिता को सौंपने के आदेश दिए हैं. कुल 44 लड़कियों में से 28 के बारे में टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल स्टडीज ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंपी थी. रिपोर्ट के मुताबिक बाकी 20 लड़कियों में से कुछ तो ट्रॉमा यानी सदमे में हैं या फिर उनके घरवाले उनको अपनाने में असमर्थ या उदासीन हैं. 8 लड़कियों के बारे में टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल स्टडीज की रिपोर्ट पर कोर्ट ने सहमति की मुहर लगाई है.  कोर्ट ने राज्य सरकार को पीड़ित लड़कियों को कानून के मुताबिक मुआवजा अदा करने को लेकर रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है. कोर्ट ने राज्य सरकार से स्टेटस रिपोर्ट भी तलब की है. आपको बता दें कि 28 जुलाई को 2018 मुजफ्फरपुर बालिका आश्रय रेप कांड में 42 में से 34 बच्चियों से रेप की पुष्टि हुई थी. बाद में केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने सुप्रीम कोर्ट में सनसनीखेज खुलासा करते हुए कहा कि मुजफ्फरपुर आश्रय गृह यौन उत्पीड़न मामले के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर और उसके सहयोगियों ने 11 लड़कियों की कथित रूप से हत्या की थी और एक श्मशान घाट से ‘‘हड्डियों की पोटली'' बरामद हुई है. बता दें कि मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड में करीब 34 लड़कियों के साथ रेप का मामला सामने आया था. सुप्रीम कोर्ट में दायर अपने हलफनामे में सीबीआई ने कहा कि जांच के दौरान दर्ज पीड़ितों के बयानों में 11 लड़कियों के नाम सामने आये हैं जिनकी ठाकुर और उनके सहयोगियों ने कथित रूप से हत्या की थी. एजेंसी ने कहा कि एक आरोपी की निशानदेही पर एक श्मशान घाट के एक खास स्थान की खुदाई की गई जहां से हड्डियों की पोटली बरामद हुई है. गौरतलब है कि बिहार के मुजफ्फरपुर में एक एनजीओ द्वारा संचालित आश्रय गृह में कई लड़कियों का कथित रूप से बलात्कार और यौन उत्पीड़न किया गया था और टाटा सामाजिक विज्ञान संस्थान की रिपोर्ट के बाद यह मुद्दा उछला था. इस मामले की जांच सीबीआई को स्थानान्तरित की गई थी और एजेंसी ने ठाकुर सहित 21 लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया था. सीबीआई ने कहा, ‘‘जांच के दौरान, जांच अधिकारियों और राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य एवं न्यूरो विज्ञान संस्थान द्वारा दर्ज पीड़ितों के बयान में 11 लड़कियों के नाम सामने आए हैं जिनकी आरोपी ब्रजेश ठाकुर तथा उसके सहयोगियों ने कथित रूप से हत्या कर दी थी.'' सीबीआई ने एक आवेदन पर हलफनामा दायर करते हुए कहा, ‘‘गुड्डू पटेल नाम के एक आरोपी से पूछताछ के दौरान खुलासे वाले तथ्यों के आधार पर, आरोपी की निशानदेही पर श्मशान घाट में एक खास स्थान की खुदाई की गई और मौके से हड्डियों की एक पोटली बरामद हुई है.''
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: SC ने माता-पिता को सौंपने के दिए आदेश टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल स्टडीज ने सौंपी रिपोर्ट 20 लड़कियों में से कुछ तो ट्रॉमा यानी सदमे में- रिपोर्ट
25
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: राहुल गांधी ने अमेठी में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि हम उत्तर प्रदेश की राजनीति को बदलना चाहते हैं. मैं मायावती जी और अखिलेश जी का आदर करता हूं. हम तीनों का लक्ष्य बीजेपी को हराने का है. हमारी इन दोनों (सपा-बसपा) से दुश्मनी नहीं है. हम कांग्रेस पार्टी की विचारधारा के लिए लड़ रहे हैं.  साथ ही कहा प्रियंका और ज्योतिरादित्य को मैंने यूपी दो महीने के लिए नहीं भेजा है. मैंने उन्हें मिशन दिया है कि वह पार्टी की सच्ची विचारधारा, गरीबों और कमजोरों की विचारधारा को आगे बढ़ाए. मुझे  भरोसा है कि दोनों अच्छे से काम करेंगे. जो यूपी को चाहिए, यहां के युवा को चाहिए वह कांग्रेस पार्टी देगी. हम कहीं पर भी बैकफुट पर नहीं खेलेंगे. हम राजनीति जनता के लिए करते हैं और विकास के लिए करते हैं. हमारे इस फैसले से यूपी में नई तरह की राजनीति आएगी और इससे यूपी में नया उत्साह देखा जाएगा.  उन्होंने आगे कहा कि हम मायावती जी और अखिलेश जी के साथ कहीं भी सहयोग करने को तैयार हैं. कांग्रेस पार्टी की जगह बनाने का काम हमारा है. मुझे खुशी है कि मेरी बहन जो बहुत कर्मठ है कि वह अब वह मेरे साथ काम करेंगी. ज्योतिरादित्य भी बहुत डायनेमिक नेता है. यूपी के युवाओं से अनुरोध है कि आपने बीजेपी के पीछे अपना समय खराब किया है. उन्होंने आपको बर्बाद दिया. हम आपको नया डायरेक्शन देंगे. हम यूपी नंबर वन बनाएंगे. हमारे फैसले से भाजपा घबराई हुई है.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: राहुल बोले- हमारी अखिलेश-मायावती से दुश्मनी नहीं चुनाव लड़ने का फैसला प्रियंका का होगा अमेठी दौरे पर हैं राहुल गांधी
11
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: दिल्ली सरकार ने अपने द्वारा नियुक्त किए गए 15 वकीलों की नियुक्ति रद्द करने के उपराज्यपाल नजीब जंग के फैसले को शुक्रवार को खारिज कर दिया जिससे उपराज्यपाल कार्यालय एवं आप सरकार के बीच टकराव के एक और दौर की आशंका पैदा हो गई है. हालांकि उपराज्यपाल कार्यालय ने इस कदम को लेकर केजरीवाल सरकार की आलोचना की है और कहा कि उच्च न्यायालय के चार अगस्त के फैसले के मुताबिक उपराज्यपाल सभी प्रशासनिक मुद्दों में अंतिम प्राधिकार हैं. इससे पहले कल जंग ने उचचतम न्यायालय के 15 वकीलों के पैनल की नियुक्ति रद्द कर दी थी और इन वकीलों की नियुक्ति पर कार्योत्तर मंजूरी देने से इनकार कर दिया था.टिप्पणियां उपराज्यपाल के फैसले को खारिज करने का फैसला मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में किया गया. केजरीवाल सरकार ने इन 15 वकीलों को वर्ष 2014 और 2015 में उपराज्यपाल की पूर्वानुमति के बगैर ही नियुक्त किया था. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) हालांकि उपराज्यपाल कार्यालय ने इस कदम को लेकर केजरीवाल सरकार की आलोचना की है और कहा कि उच्च न्यायालय के चार अगस्त के फैसले के मुताबिक उपराज्यपाल सभी प्रशासनिक मुद्दों में अंतिम प्राधिकार हैं. इससे पहले कल जंग ने उचचतम न्यायालय के 15 वकीलों के पैनल की नियुक्ति रद्द कर दी थी और इन वकीलों की नियुक्ति पर कार्योत्तर मंजूरी देने से इनकार कर दिया था.टिप्पणियां उपराज्यपाल के फैसले को खारिज करने का फैसला मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में किया गया. केजरीवाल सरकार ने इन 15 वकीलों को वर्ष 2014 और 2015 में उपराज्यपाल की पूर्वानुमति के बगैर ही नियुक्त किया था. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इससे पहले कल जंग ने उचचतम न्यायालय के 15 वकीलों के पैनल की नियुक्ति रद्द कर दी थी और इन वकीलों की नियुक्ति पर कार्योत्तर मंजूरी देने से इनकार कर दिया था.टिप्पणियां उपराज्यपाल के फैसले को खारिज करने का फैसला मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में किया गया. केजरीवाल सरकार ने इन 15 वकीलों को वर्ष 2014 और 2015 में उपराज्यपाल की पूर्वानुमति के बगैर ही नियुक्त किया था. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) उपराज्यपाल के फैसले को खारिज करने का फैसला मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में किया गया. केजरीवाल सरकार ने इन 15 वकीलों को वर्ष 2014 और 2015 में उपराज्यपाल की पूर्वानुमति के बगैर ही नियुक्त किया था. (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यहाँ एक सारांश है:एलजी ऑफिस और आप सरकार के बीच टकराव के एक और दौर की आशंका एलजी ऑफिस ने इस कदम को लेकर केजरीवाल सरकार की आलोचना की कल जंग ने सुप्रीम कोर्ट के 15 वकीलों के पैनल की नियुक्ति रद्द कर दी थी
18
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: गुजरात में वड़ोदरा जिले के एक स्कूल में मिड डे मील की क्वालिटी को लेकर शिकायत करने गए बच्चों की एक टीचर ने बेरहमी से पिटाई कर दी। बच्चों को कमरे में बंद कर बेंत से उनकी पिटाई की गई, जिससे कई बच्चों को गहरी चोट आई है। उन्हें इलाज के लिए नजदीक के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।टिप्पणियां टीचर द्वारा की गई पिटाई का विरोध करने के लिए बड़ी संख्या में बच्चों के अभिभावक थाने में पहुंच गए और पुलिस से दोषी टीचर के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे। जिला विकास अधिकारी ने इस मामले में मौके पर एक टीम भेजने की बात कही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस स्कूल के पांचवीं कक्षा के बच्चों को मध्याह्न भोजन नहीं मिल पाया था, जिसके शिकायत आला अधिकारियों तक पहुंच गई। इसके बाद अधिकारियों ने स्कूल टीचर और मध्याह्न भोजन की इंचार्ज बेला पटेल को आड़े हाथ लिया। इसी बात से नाराज होकर बेला पटेल ने बच्चों को क्लासरूम में बंद कर छड़ी से पीटना शुरू कर दिया। टीचर द्वारा की गई पिटाई का विरोध करने के लिए बड़ी संख्या में बच्चों के अभिभावक थाने में पहुंच गए और पुलिस से दोषी टीचर के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे। जिला विकास अधिकारी ने इस मामले में मौके पर एक टीम भेजने की बात कही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस स्कूल के पांचवीं कक्षा के बच्चों को मध्याह्न भोजन नहीं मिल पाया था, जिसके शिकायत आला अधिकारियों तक पहुंच गई। इसके बाद अधिकारियों ने स्कूल टीचर और मध्याह्न भोजन की इंचार्ज बेला पटेल को आड़े हाथ लिया। इसी बात से नाराज होकर बेला पटेल ने बच्चों को क्लासरूम में बंद कर छड़ी से पीटना शुरू कर दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस स्कूल के पांचवीं कक्षा के बच्चों को मध्याह्न भोजन नहीं मिल पाया था, जिसके शिकायत आला अधिकारियों तक पहुंच गई। इसके बाद अधिकारियों ने स्कूल टीचर और मध्याह्न भोजन की इंचार्ज बेला पटेल को आड़े हाथ लिया। इसी बात से नाराज होकर बेला पटेल ने बच्चों को क्लासरूम में बंद कर छड़ी से पीटना शुरू कर दिया।
यहाँ एक सारांश है:वड़ोदरा जिले के एक स्कूल में मिड डे मील की क्वालिटी को लेकर शिकायत करने गए बच्चों की एक टीचर ने बेरहमी से पिटाई कर दी। बच्चों को कमरे में बंद कर बेंत से पीटा गया, जिससे कई बच्चों को गहरी चोट आई है।
12
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: कर्नाटक ने फैसला लिया है कि वह सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद तमिलनाडु को रोजाना 6000 क्यूसेक पानी देना फिलहाल बंद कर रहा है. बुधवार को कर्नाटक में कैबिनेट की दो बैठक हुई. पहली बैठक सुबह 11 बजे, फिर कावेरी जल विवाद पर शाम 6 बजे सर्वदलीय बैठक और इसके बाद मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने आपातकालीन कैबिनेट बैठक बुलाया. कैबिनेट की बैठक में दो अहम फैसले लिए गए. पहला कि फिलहाल कर्नाटक 6000 क्यूसेक पानी तमिलनाडु को नहीं देगा. सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को अगले आदेश तक तमिलनाडु को 27 सितंबर तक रोजाना इतना पानी देने को कहा था. दूसरे फैसले में कर्नाटक सरकार ने शनिवार को विधानसभा के दोनों सदनों का संयुक्त सत्र बुलाने का भी निर्णय किया है, जिसमें कावेरी नदी का पानी तमिलनाडु को देने के मुद्दे पर न सिर्फ चर्चा होगी, बल्कि आगे की कार्रवाई भी तय की जाएगी. कैबिनेट की आपातकालीन बैठक के बाद सिद्धारमैया ने जानकारी दी की फिलहाल कैबिनेट ने पानी न देने का फैसला किया है. सर्वदलीय बैठक का बीजेपी ने बहिष्कार किया. पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता जी मधुसूधन ने सफाई दी कि पिछली बैठक में यह तय हुआ था कि तमिलनाडु को पानी नहीं दिया जाएगा, लेकिन इसके बावजूद मुख्यमंत्री ने तमिलनाडु को पानी दिया, इसलिए बीजेपी ने बैठक का बहिष्कार किया. दूसरी ओर तमाम मतभेदों के बावजूद जेडीएस सुप्रीमो देवेगौड़ा ने सर्वदलीय बैठक में हिस्सा लिया. टिप्पणियां हालांकि बुधवार रात जब कर्नाटक सरकार ने तमिलनाडु को पानी न देने के फैसले की घोषणा की तो बीजेपी ने इसका स्वागत किया. बीजेपी नेता और पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने वक्तव्य जारी कर कहा कि बीजेपी पहले से ही मांग कर रही थी कि कर्नाटक के किसानों और लोगों के हित में तमिलनाडु को पानी न दिया जाए. येदियुरप्पा ने कहा कि बीजेपी सिद्धारमैया सरकार के इस फैसले का समर्थन करती है. वहीं दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर्नाटक के नेताओं से अपील की है कि वो केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती से मुलाकात करे. कैबिनेट की बैठक में दो अहम फैसले लिए गए. पहला कि फिलहाल कर्नाटक 6000 क्यूसेक पानी तमिलनाडु को नहीं देगा. सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को अगले आदेश तक तमिलनाडु को 27 सितंबर तक रोजाना इतना पानी देने को कहा था. दूसरे फैसले में कर्नाटक सरकार ने शनिवार को विधानसभा के दोनों सदनों का संयुक्त सत्र बुलाने का भी निर्णय किया है, जिसमें कावेरी नदी का पानी तमिलनाडु को देने के मुद्दे पर न सिर्फ चर्चा होगी, बल्कि आगे की कार्रवाई भी तय की जाएगी. कैबिनेट की आपातकालीन बैठक के बाद सिद्धारमैया ने जानकारी दी की फिलहाल कैबिनेट ने पानी न देने का फैसला किया है. सर्वदलीय बैठक का बीजेपी ने बहिष्कार किया. पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता जी मधुसूधन ने सफाई दी कि पिछली बैठक में यह तय हुआ था कि तमिलनाडु को पानी नहीं दिया जाएगा, लेकिन इसके बावजूद मुख्यमंत्री ने तमिलनाडु को पानी दिया, इसलिए बीजेपी ने बैठक का बहिष्कार किया. दूसरी ओर तमाम मतभेदों के बावजूद जेडीएस सुप्रीमो देवेगौड़ा ने सर्वदलीय बैठक में हिस्सा लिया. टिप्पणियां हालांकि बुधवार रात जब कर्नाटक सरकार ने तमिलनाडु को पानी न देने के फैसले की घोषणा की तो बीजेपी ने इसका स्वागत किया. बीजेपी नेता और पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने वक्तव्य जारी कर कहा कि बीजेपी पहले से ही मांग कर रही थी कि कर्नाटक के किसानों और लोगों के हित में तमिलनाडु को पानी न दिया जाए. येदियुरप्पा ने कहा कि बीजेपी सिद्धारमैया सरकार के इस फैसले का समर्थन करती है. वहीं दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर्नाटक के नेताओं से अपील की है कि वो केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती से मुलाकात करे. कैबिनेट की आपातकालीन बैठक के बाद सिद्धारमैया ने जानकारी दी की फिलहाल कैबिनेट ने पानी न देने का फैसला किया है. सर्वदलीय बैठक का बीजेपी ने बहिष्कार किया. पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता जी मधुसूधन ने सफाई दी कि पिछली बैठक में यह तय हुआ था कि तमिलनाडु को पानी नहीं दिया जाएगा, लेकिन इसके बावजूद मुख्यमंत्री ने तमिलनाडु को पानी दिया, इसलिए बीजेपी ने बैठक का बहिष्कार किया. दूसरी ओर तमाम मतभेदों के बावजूद जेडीएस सुप्रीमो देवेगौड़ा ने सर्वदलीय बैठक में हिस्सा लिया. टिप्पणियां हालांकि बुधवार रात जब कर्नाटक सरकार ने तमिलनाडु को पानी न देने के फैसले की घोषणा की तो बीजेपी ने इसका स्वागत किया. बीजेपी नेता और पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने वक्तव्य जारी कर कहा कि बीजेपी पहले से ही मांग कर रही थी कि कर्नाटक के किसानों और लोगों के हित में तमिलनाडु को पानी न दिया जाए. येदियुरप्पा ने कहा कि बीजेपी सिद्धारमैया सरकार के इस फैसले का समर्थन करती है. वहीं दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर्नाटक के नेताओं से अपील की है कि वो केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती से मुलाकात करे. हालांकि बुधवार रात जब कर्नाटक सरकार ने तमिलनाडु को पानी न देने के फैसले की घोषणा की तो बीजेपी ने इसका स्वागत किया. बीजेपी नेता और पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने वक्तव्य जारी कर कहा कि बीजेपी पहले से ही मांग कर रही थी कि कर्नाटक के किसानों और लोगों के हित में तमिलनाडु को पानी न दिया जाए. येदियुरप्पा ने कहा कि बीजेपी सिद्धारमैया सरकार के इस फैसले का समर्थन करती है. वहीं दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर्नाटक के नेताओं से अपील की है कि वो केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती से मुलाकात करे. येदियुरप्पा ने कहा कि बीजेपी सिद्धारमैया सरकार के इस फैसले का समर्थन करती है. वहीं दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर्नाटक के नेताओं से अपील की है कि वो केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती से मुलाकात करे.
सारांश: कर्नाटक कैबिनेट की आपात बैठक में लिया गया फैसला सुप्रीम कोर्ट ने 27 सितंबर तक रोजाना 6000 क्यूसेक पानी देने को कहा था कर्नाटक बीजेपी ने सिद्धरमैया सरकार के फैसला का समर्थन किया
7
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: मछली जल की रानी है, जीवन उसका पानी है, हाथ लगाओ डर जाएगी, बाहर निकालो, मर जाएगी... हम में से अधिकांश लोगों ने बचपन में कभी न कभी यह कविता ज़रूर सुनी होगी. हम सभी जानते हैं कि मछली और पानी का क्या वास्ता है. बिना पानी मछली की कोई कल्पना भी नहीं कर सकता. हम अगर कभी किसी जगह पर फंस जाते हैं तो अपने को निकालने की पूरी कोशिश करते हैं और जब बात जान से हाथ धोने की हो तब तो हम जी जान लगा देते हैं. सोशल मीडिया पर इन दिनों एक ऐसा ही वीडियो वायरल हो रहा है, जिसे देखकर आप खुद ही बोल देगें, मछली को पानी के बिना रहना गवारा नहीं.  चेक गणराज्य के ब्रनो के इस वीडियो में दो मछुआरों को एक बड़ी मछली को अपने हाथों में पकड़े दिखाया गया है. मछुआरों ने कभी नहीं सोचा होगा कि हाथ में आई इतनी बड़ी मछली को उन्हें खोना भी पड़ सकता है. दरअसल मछली पकड़ने के बाद जब मछुआरे उसे जमीन पर रखे एक कपड़े में बांधने की कोशिश कर रहे होते हैं ठीक उसी समय वह मछली उनके हाथों से फिसलती हुई नदी में समा जाती है. मछुआरे भी उसे पकड़ने के लिए जी जान लगा देते हैं. गिरते भी हैं, लेकिन वह मछली दोबारा उनके हाथों में नहीं आती है. वीडियो में मछली की चालाकी देखकर आप दंग रह जाएंगे. किसी ने सच हि कहा है, 'जाको राखे साइयां, मार सके न कोय'. सोशल मीडिया पर डाले जाने के बाद से इस वीडियो को देखने वालों की संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही है. 27 जून को यूट्यूब पर डाले गए इस वीडियो को अब तक 50 हजार से ज्यादा लोग देख चुके हैं, जबकि कई लोगों ने इस लाइक और शेयर भी किया है.  टिप्पणियां   चेक गणराज्य के ब्रनो के इस वीडियो में दो मछुआरों को एक बड़ी मछली को अपने हाथों में पकड़े दिखाया गया है. मछुआरों ने कभी नहीं सोचा होगा कि हाथ में आई इतनी बड़ी मछली को उन्हें खोना भी पड़ सकता है. दरअसल मछली पकड़ने के बाद जब मछुआरे उसे जमीन पर रखे एक कपड़े में बांधने की कोशिश कर रहे होते हैं ठीक उसी समय वह मछली उनके हाथों से फिसलती हुई नदी में समा जाती है. मछुआरे भी उसे पकड़ने के लिए जी जान लगा देते हैं. गिरते भी हैं, लेकिन वह मछली दोबारा उनके हाथों में नहीं आती है. वीडियो में मछली की चालाकी देखकर आप दंग रह जाएंगे. किसी ने सच हि कहा है, 'जाको राखे साइयां, मार सके न कोय'. सोशल मीडिया पर डाले जाने के बाद से इस वीडियो को देखने वालों की संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही है. 27 जून को यूट्यूब पर डाले गए इस वीडियो को अब तक 50 हजार से ज्यादा लोग देख चुके हैं, जबकि कई लोगों ने इस लाइक और शेयर भी किया है.  टिप्पणियां   चेक गणराज्य के ब्रनो के इस वीडियो में दो मछुआरों को एक बड़ी मछली को अपने हाथों में पकड़े दिखाया गया है. मछुआरों ने कभी नहीं सोचा होगा कि हाथ में आई इतनी बड़ी मछली को उन्हें खोना भी पड़ सकता है. दरअसल मछली पकड़ने के बाद जब मछुआरे उसे जमीन पर रखे एक कपड़े में बांधने की कोशिश कर रहे होते हैं ठीक उसी समय वह मछली उनके हाथों से फिसलती हुई नदी में समा जाती है. मछुआरे भी उसे पकड़ने के लिए जी जान लगा देते हैं. गिरते भी हैं, लेकिन वह मछली दोबारा उनके हाथों में नहीं आती है. वीडियो में मछली की चालाकी देखकर आप दंग रह जाएंगे. किसी ने सच हि कहा है, 'जाको राखे साइयां, मार सके न कोय'. सोशल मीडिया पर डाले जाने के बाद से इस वीडियो को देखने वालों की संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही है. 27 जून को यूट्यूब पर डाले गए इस वीडियो को अब तक 50 हजार से ज्यादा लोग देख चुके हैं, जबकि कई लोगों ने इस लाइक और शेयर भी किया है.  टिप्पणियां   सोशल मीडिया पर डाले जाने के बाद से इस वीडियो को देखने वालों की संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही है. 27 जून को यूट्यूब पर डाले गए इस वीडियो को अब तक 50 हजार से ज्यादा लोग देख चुके हैं, जबकि कई लोगों ने इस लाइक और शेयर भी किया है.  टिप्पणियां   टिप्पणियां   टिप्पणियां
यहाँ एक सारांश है:सोशल मीडिया पर वायरल हुआ चेक गणराज्य का वीडियो दो दिन के भीतर 50 हजार से ज्यादा लोग देख चुके वीडियो कई लोगों ने किया शेयर और किए कमेंट
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['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: राष्ट्रपति चुनाव के लिए महज तीन दिन शेष रहने के बीच संप्रग के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी ने फिर तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी से समर्थन मांगा, वहीं उनके प्रतिद्वन्द्वी पीए संगमा ने दावा किया कि उन्हें 18 राजनीतिक दलों का समर्थन प्राप्त है और कुछ कांग्रेस के नेता भी शामिल हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या वह संप्रग के महत्वपूर्ण घटक तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी से अपने पक्ष में वोट मांगेगे, प्रणब ने श्रीनगर में कहा, ‘मैं लगभग प्रतिदिन उनसे अपील करता हूं... इसपर उन्हें ही निर्णय करना है।’ ममता बनर्जी ने 19 जुलाई को राष्ट्रपति पद के लिए होने वाले मतदान के बारे में अभी कोई निर्णय नहीं किया है। बहरहाल, प्रणब ने सत्तारूढ़ नेशनल कांफ्रेंस-कांग्रेस गठबंधन, विपक्षी पीडीपी और तीन निर्दलीय विधायकों से मुलाकात की। पूर्व वित्त मंत्री ने कहा कि उनकी बैठकें राजनीतिक दलों को धन्यवाद देने का हिस्सा है।टिप्पणियां प्रणब ने कहा कि वह केवल उन विधायकों या सांसदों से मिल रहे हैं जो उन्हें समर्थन देने वाले राजनीतिक दलों से संबद्ध है। ‘मैं उनके नेताओं से भी मिल रहा हूं।’ उन्होंने कहा, ‘मैंने यह निर्णय किया है और यह चलन भी है कि धन्यवाद दिया जाए।’ राष्ट्रपति चुनाव में 18 राजनीतिक दलों का समर्थन मिलने का दावा करते हुए विपक्ष के प्रत्याशी पीए संगमा ने उम्मीद जताई कि उन्हें कुछ और राजनीतिक दलों का समर्थन मिलेगा और यह चुनाव 1969 के चुनाव के समान महत्वपूर्ण होगा जिसमें वीवी गिरि ने कांग्रेस के उम्मीदवार को पराजित कर दिया था। यह पूछे जाने पर कि क्या वह संप्रग के महत्वपूर्ण घटक तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी से अपने पक्ष में वोट मांगेगे, प्रणब ने श्रीनगर में कहा, ‘मैं लगभग प्रतिदिन उनसे अपील करता हूं... इसपर उन्हें ही निर्णय करना है।’ ममता बनर्जी ने 19 जुलाई को राष्ट्रपति पद के लिए होने वाले मतदान के बारे में अभी कोई निर्णय नहीं किया है। बहरहाल, प्रणब ने सत्तारूढ़ नेशनल कांफ्रेंस-कांग्रेस गठबंधन, विपक्षी पीडीपी और तीन निर्दलीय विधायकों से मुलाकात की। पूर्व वित्त मंत्री ने कहा कि उनकी बैठकें राजनीतिक दलों को धन्यवाद देने का हिस्सा है।टिप्पणियां प्रणब ने कहा कि वह केवल उन विधायकों या सांसदों से मिल रहे हैं जो उन्हें समर्थन देने वाले राजनीतिक दलों से संबद्ध है। ‘मैं उनके नेताओं से भी मिल रहा हूं।’ उन्होंने कहा, ‘मैंने यह निर्णय किया है और यह चलन भी है कि धन्यवाद दिया जाए।’ राष्ट्रपति चुनाव में 18 राजनीतिक दलों का समर्थन मिलने का दावा करते हुए विपक्ष के प्रत्याशी पीए संगमा ने उम्मीद जताई कि उन्हें कुछ और राजनीतिक दलों का समर्थन मिलेगा और यह चुनाव 1969 के चुनाव के समान महत्वपूर्ण होगा जिसमें वीवी गिरि ने कांग्रेस के उम्मीदवार को पराजित कर दिया था। ममता बनर्जी ने 19 जुलाई को राष्ट्रपति पद के लिए होने वाले मतदान के बारे में अभी कोई निर्णय नहीं किया है। बहरहाल, प्रणब ने सत्तारूढ़ नेशनल कांफ्रेंस-कांग्रेस गठबंधन, विपक्षी पीडीपी और तीन निर्दलीय विधायकों से मुलाकात की। पूर्व वित्त मंत्री ने कहा कि उनकी बैठकें राजनीतिक दलों को धन्यवाद देने का हिस्सा है।टिप्पणियां प्रणब ने कहा कि वह केवल उन विधायकों या सांसदों से मिल रहे हैं जो उन्हें समर्थन देने वाले राजनीतिक दलों से संबद्ध है। ‘मैं उनके नेताओं से भी मिल रहा हूं।’ उन्होंने कहा, ‘मैंने यह निर्णय किया है और यह चलन भी है कि धन्यवाद दिया जाए।’ राष्ट्रपति चुनाव में 18 राजनीतिक दलों का समर्थन मिलने का दावा करते हुए विपक्ष के प्रत्याशी पीए संगमा ने उम्मीद जताई कि उन्हें कुछ और राजनीतिक दलों का समर्थन मिलेगा और यह चुनाव 1969 के चुनाव के समान महत्वपूर्ण होगा जिसमें वीवी गिरि ने कांग्रेस के उम्मीदवार को पराजित कर दिया था। बहरहाल, प्रणब ने सत्तारूढ़ नेशनल कांफ्रेंस-कांग्रेस गठबंधन, विपक्षी पीडीपी और तीन निर्दलीय विधायकों से मुलाकात की। पूर्व वित्त मंत्री ने कहा कि उनकी बैठकें राजनीतिक दलों को धन्यवाद देने का हिस्सा है।टिप्पणियां प्रणब ने कहा कि वह केवल उन विधायकों या सांसदों से मिल रहे हैं जो उन्हें समर्थन देने वाले राजनीतिक दलों से संबद्ध है। ‘मैं उनके नेताओं से भी मिल रहा हूं।’ उन्होंने कहा, ‘मैंने यह निर्णय किया है और यह चलन भी है कि धन्यवाद दिया जाए।’ राष्ट्रपति चुनाव में 18 राजनीतिक दलों का समर्थन मिलने का दावा करते हुए विपक्ष के प्रत्याशी पीए संगमा ने उम्मीद जताई कि उन्हें कुछ और राजनीतिक दलों का समर्थन मिलेगा और यह चुनाव 1969 के चुनाव के समान महत्वपूर्ण होगा जिसमें वीवी गिरि ने कांग्रेस के उम्मीदवार को पराजित कर दिया था। पूर्व वित्त मंत्री ने कहा कि उनकी बैठकें राजनीतिक दलों को धन्यवाद देने का हिस्सा है।टिप्पणियां प्रणब ने कहा कि वह केवल उन विधायकों या सांसदों से मिल रहे हैं जो उन्हें समर्थन देने वाले राजनीतिक दलों से संबद्ध है। ‘मैं उनके नेताओं से भी मिल रहा हूं।’ उन्होंने कहा, ‘मैंने यह निर्णय किया है और यह चलन भी है कि धन्यवाद दिया जाए।’ राष्ट्रपति चुनाव में 18 राजनीतिक दलों का समर्थन मिलने का दावा करते हुए विपक्ष के प्रत्याशी पीए संगमा ने उम्मीद जताई कि उन्हें कुछ और राजनीतिक दलों का समर्थन मिलेगा और यह चुनाव 1969 के चुनाव के समान महत्वपूर्ण होगा जिसमें वीवी गिरि ने कांग्रेस के उम्मीदवार को पराजित कर दिया था। प्रणब ने कहा कि वह केवल उन विधायकों या सांसदों से मिल रहे हैं जो उन्हें समर्थन देने वाले राजनीतिक दलों से संबद्ध है। ‘मैं उनके नेताओं से भी मिल रहा हूं।’ उन्होंने कहा, ‘मैंने यह निर्णय किया है और यह चलन भी है कि धन्यवाद दिया जाए।’ राष्ट्रपति चुनाव में 18 राजनीतिक दलों का समर्थन मिलने का दावा करते हुए विपक्ष के प्रत्याशी पीए संगमा ने उम्मीद जताई कि उन्हें कुछ और राजनीतिक दलों का समर्थन मिलेगा और यह चुनाव 1969 के चुनाव के समान महत्वपूर्ण होगा जिसमें वीवी गिरि ने कांग्रेस के उम्मीदवार को पराजित कर दिया था। राष्ट्रपति चुनाव में 18 राजनीतिक दलों का समर्थन मिलने का दावा करते हुए विपक्ष के प्रत्याशी पीए संगमा ने उम्मीद जताई कि उन्हें कुछ और राजनीतिक दलों का समर्थन मिलेगा और यह चुनाव 1969 के चुनाव के समान महत्वपूर्ण होगा जिसमें वीवी गिरि ने कांग्रेस के उम्मीदवार को पराजित कर दिया था।
सारांश: राष्ट्रपति चुनाव के लिए महज तीन दिन शेष रहने के बीच संप्रग के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी ने फिर तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी से समर्थन मांगा, वहीं उनके प्रतिद्वन्द्वी पीए संगमा ने दावा किया कि उन्हें 18 राजनीतिक दलों का समर्थन प्राप्त
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['hin']
एक सारांश बनाओ: सरकारी सुपर स्पेशियेलिटी अस्पताल (एसएसएच) के चिकित्सकों के एक दल ने 18 वर्षीय एक किशोर के शरीर से 18 सेमी लंबी पूंछ को सफलतापूर्वक अलग कर दिया है जिसे सबसे लंबी पूंछ बताया जा रहा है. इस पूंछ के असामान्‍य विकास के कारण किशोर को काफी पीड़ा हो रही थी. न्यूरोसर्जरी विभाग के मुख्य डॉक्‍टर प्रमोद गिरि ने बताया कि परिवार को पहले से ही पूंछ के असामान्य विकास के बारे में पता था लेकिन वो सामाजिक डर और इससे जुड़े अंधविश्वास के कारण डॉक्टर से संपर्क नहीं कर रहे थे. इसके अलावा इससे उसके स्वास्थ्य पर कोई प्रभाव नहीं पड़ रहा था. डॉक्टर ने बताया कि सामान्य तौर पर जन्म के समय ही इस तरह के दोष का पता चल जाता है. धीरे-धीरे बड़े होने पर भी इसकी पहचान हो जाती है. लेकिन इस मामले में अभिभावकों के साथ बच्चे ने भी इतने वर्षों तक इस बात को छुपाकर रखा. जन्म के कुछ महीनों के बाद ही सर्जरी के द्वारा इस दोष को खत्म किया जा सकता था. डॉक्टर ने बताया कि जब लड़के के लिए यह स्थिति काफी पीड़ादायक हो गई तब उसके अभिभावक उसे लेकर पिछले सप्ताह अस्पताल आए और दो दिन बाद उसका ऑपरेशन हो गया. डाक्टर गिरि ने बताया, ''जब पूंछ की लंबाई बढ़ गई और इसमें हड्डियां निकल आईं तो इससे लड़के को काफी परेशानी होने लगी. यह शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से परेशान करने वाला था. मरीज ठीक से बैठ और सो भी नहीं पा रहा था.''टिप्पणियां डॉक्‍टर गिरि का दावा है कि यह सबसे लंबी पूंछ है और यह दुर्लभ मामले में से एक है इसलिए इसे मेडिकल जर्नल में जगह दी जाएगी. इस तरह की पूंछ खासतौर पर मूत्राशय को प्रभावित करती है. इससे पैरों या शरीर के निचले अंगों में दर्द रहता है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) न्यूरोसर्जरी विभाग के मुख्य डॉक्‍टर प्रमोद गिरि ने बताया कि परिवार को पहले से ही पूंछ के असामान्य विकास के बारे में पता था लेकिन वो सामाजिक डर और इससे जुड़े अंधविश्वास के कारण डॉक्टर से संपर्क नहीं कर रहे थे. इसके अलावा इससे उसके स्वास्थ्य पर कोई प्रभाव नहीं पड़ रहा था. डॉक्टर ने बताया कि सामान्य तौर पर जन्म के समय ही इस तरह के दोष का पता चल जाता है. धीरे-धीरे बड़े होने पर भी इसकी पहचान हो जाती है. लेकिन इस मामले में अभिभावकों के साथ बच्चे ने भी इतने वर्षों तक इस बात को छुपाकर रखा. जन्म के कुछ महीनों के बाद ही सर्जरी के द्वारा इस दोष को खत्म किया जा सकता था. डॉक्टर ने बताया कि जब लड़के के लिए यह स्थिति काफी पीड़ादायक हो गई तब उसके अभिभावक उसे लेकर पिछले सप्ताह अस्पताल आए और दो दिन बाद उसका ऑपरेशन हो गया. डाक्टर गिरि ने बताया, ''जब पूंछ की लंबाई बढ़ गई और इसमें हड्डियां निकल आईं तो इससे लड़के को काफी परेशानी होने लगी. यह शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से परेशान करने वाला था. मरीज ठीक से बैठ और सो भी नहीं पा रहा था.''टिप्पणियां डॉक्‍टर गिरि का दावा है कि यह सबसे लंबी पूंछ है और यह दुर्लभ मामले में से एक है इसलिए इसे मेडिकल जर्नल में जगह दी जाएगी. इस तरह की पूंछ खासतौर पर मूत्राशय को प्रभावित करती है. इससे पैरों या शरीर के निचले अंगों में दर्द रहता है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) डॉक्टर ने बताया कि सामान्य तौर पर जन्म के समय ही इस तरह के दोष का पता चल जाता है. धीरे-धीरे बड़े होने पर भी इसकी पहचान हो जाती है. लेकिन इस मामले में अभिभावकों के साथ बच्चे ने भी इतने वर्षों तक इस बात को छुपाकर रखा. जन्म के कुछ महीनों के बाद ही सर्जरी के द्वारा इस दोष को खत्म किया जा सकता था. डॉक्टर ने बताया कि जब लड़के के लिए यह स्थिति काफी पीड़ादायक हो गई तब उसके अभिभावक उसे लेकर पिछले सप्ताह अस्पताल आए और दो दिन बाद उसका ऑपरेशन हो गया. डाक्टर गिरि ने बताया, ''जब पूंछ की लंबाई बढ़ गई और इसमें हड्डियां निकल आईं तो इससे लड़के को काफी परेशानी होने लगी. यह शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से परेशान करने वाला था. मरीज ठीक से बैठ और सो भी नहीं पा रहा था.''टिप्पणियां डॉक्‍टर गिरि का दावा है कि यह सबसे लंबी पूंछ है और यह दुर्लभ मामले में से एक है इसलिए इसे मेडिकल जर्नल में जगह दी जाएगी. इस तरह की पूंछ खासतौर पर मूत्राशय को प्रभावित करती है. इससे पैरों या शरीर के निचले अंगों में दर्द रहता है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) डॉक्टर ने बताया कि जब लड़के के लिए यह स्थिति काफी पीड़ादायक हो गई तब उसके अभिभावक उसे लेकर पिछले सप्ताह अस्पताल आए और दो दिन बाद उसका ऑपरेशन हो गया. डाक्टर गिरि ने बताया, ''जब पूंछ की लंबाई बढ़ गई और इसमें हड्डियां निकल आईं तो इससे लड़के को काफी परेशानी होने लगी. यह शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से परेशान करने वाला था. मरीज ठीक से बैठ और सो भी नहीं पा रहा था.''टिप्पणियां डॉक्‍टर गिरि का दावा है कि यह सबसे लंबी पूंछ है और यह दुर्लभ मामले में से एक है इसलिए इसे मेडिकल जर्नल में जगह दी जाएगी. इस तरह की पूंछ खासतौर पर मूत्राशय को प्रभावित करती है. इससे पैरों या शरीर के निचले अंगों में दर्द रहता है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) डाक्टर गिरि ने बताया, ''जब पूंछ की लंबाई बढ़ गई और इसमें हड्डियां निकल आईं तो इससे लड़के को काफी परेशानी होने लगी. यह शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से परेशान करने वाला था. मरीज ठीक से बैठ और सो भी नहीं पा रहा था.''टिप्पणियां डॉक्‍टर गिरि का दावा है कि यह सबसे लंबी पूंछ है और यह दुर्लभ मामले में से एक है इसलिए इसे मेडिकल जर्नल में जगह दी जाएगी. इस तरह की पूंछ खासतौर पर मूत्राशय को प्रभावित करती है. इससे पैरों या शरीर के निचले अंगों में दर्द रहता है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) डॉक्‍टर गिरि का दावा है कि यह सबसे लंबी पूंछ है और यह दुर्लभ मामले में से एक है इसलिए इसे मेडिकल जर्नल में जगह दी जाएगी. इस तरह की पूंछ खासतौर पर मूत्राशय को प्रभावित करती है. इससे पैरों या शरीर के निचले अंगों में दर्द रहता है.(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: इसे इंसानों में मिली सबसे लंबी पूंछ बताया जा रहा इसलिए मेडिकल जर्नल में इस केस को प्रकाशित किया गया अंधविश्‍वास और सामाजिक डर की वजह से परिवार ने मामले को छुपाया
32
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: द ग्लोबल टाइम्स ने सुषमा के राज्यसभा के भाषण की तरफ इशारा करते हुए कहा, 'वह संसद से झूठ बोल रही थीं'. गौरतलब है कि विदेश मंत्री ने संसद में कहा था कि भारतीय सैनिकों ने चीनी क्षेत्र में घुसपैठ नहीं की, बल्कि सभी देश भारत के रूख का समर्थन करते हैं. चीनी विदेश मंत्रालय ने सुषमा की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया नहीं दी है. अखबार ने कहा, 'यह सीधी बात है कि भारत ने चीन की जमीन पर घुसपैठ की है और भारत की सैन्य ताकत चीन से काफी कम है'. संपादकीय के अनुसार, 'चीन और भारत के बीच संघर्ष इस स्तर तक बढ़ जाए कि विवाद का हल सैन्य तरीके से ही करना पड़े तो भारत यकीनन हार जाएगा'.टिप्पणियां चीनी अखबार ने कहा कि चीन बातचीत की पूर्व शर्त के तौर पर अपनी सेना वापस बुलाने पर कभी भी सहमत नहीं होगा और अगर भारत जिद पर अड़ा रहा तो उसे भविष्य में तनाव के गंभीर रूप से बढ़ने पर सभी संभावनाओं को लेकर तैयार रहना चाहिए. (इनपुट भाषा से) अखबार ने कहा, 'यह सीधी बात है कि भारत ने चीन की जमीन पर घुसपैठ की है और भारत की सैन्य ताकत चीन से काफी कम है'. संपादकीय के अनुसार, 'चीन और भारत के बीच संघर्ष इस स्तर तक बढ़ जाए कि विवाद का हल सैन्य तरीके से ही करना पड़े तो भारत यकीनन हार जाएगा'.टिप्पणियां चीनी अखबार ने कहा कि चीन बातचीत की पूर्व शर्त के तौर पर अपनी सेना वापस बुलाने पर कभी भी सहमत नहीं होगा और अगर भारत जिद पर अड़ा रहा तो उसे भविष्य में तनाव के गंभीर रूप से बढ़ने पर सभी संभावनाओं को लेकर तैयार रहना चाहिए. (इनपुट भाषा से) टिप्पणियां चीनी अखबार ने कहा कि चीन बातचीत की पूर्व शर्त के तौर पर अपनी सेना वापस बुलाने पर कभी भी सहमत नहीं होगा और अगर भारत जिद पर अड़ा रहा तो उसे भविष्य में तनाव के गंभीर रूप से बढ़ने पर सभी संभावनाओं को लेकर तैयार रहना चाहिए. (इनपुट भाषा से) चीनी अखबार ने कहा कि चीन बातचीत की पूर्व शर्त के तौर पर अपनी सेना वापस बुलाने पर कभी भी सहमत नहीं होगा और अगर भारत जिद पर अड़ा रहा तो उसे भविष्य में तनाव के गंभीर रूप से बढ़ने पर सभी संभावनाओं को लेकर तैयार रहना चाहिए. (इनपुट भाषा से) (इनपुट भाषा से)
यहाँ एक सारांश है:अखबार ने अपने सैनिकों को वापस बुलाने की संभावना भी खारिज कर दी. चीन सरकार अपने लोगों की मूलभूत इच्छा का उल्लंघन नहीं कर सकती- अखबार चीनी विदेश मंत्रालय ने सुषमा की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया नहीं दी है.
17
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: जानी-मानी अभिनेत्री और ड्रीम गर्ल के नाम से मशहूर हेमा मालिनी के पास करीब पांच किलो सोना है और 35 करोड़ रुपये मूल्य के चार घर हैं। हेमा ने कर्नाटक से राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करते वक्त अपनी संपत्ति की जानकारी दी, जिसके मुताबिक 62 वर्षीय हेमा के पास 3,799 ग्राम 22 कैरेट सोना और 969.86 ग्राम 18 कैरेट सोना है। इसके अलावा उनकी संपत्ति में 25.51 किलोग्राम चांदी तथा 116.85 कैरेट हीरा है, जिसका गत 31 दिसंबर के अनुसार बाजार मूल्य 1.39 करोड़ रुपये से ज्यादा है। इसके अलावा हेमा के नाम पर चार घर हैं जिनमें मुंबई के जुहू में 800 वर्ग गज का एक घर भी है, जिनकी कीमत 35.8 करोड़ रुपये है। उन्होंने केवल 10वीं तक पढ़ाई की है और उनके पास मर्सडीज बेंज समेत चार कारें हैं। हेमा के पास इन सबके अलावा 23 करोड़ रुपये मूल्य की अन्य संपत्तियां हैं। हेमा मालिनी पर करीब 17 करोड़ रुपये की देनदारी भी है जो उन्हें आईडीबीआई बैंक और आईसीआईसीआई बैंक को चुकानी है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: ड्रीम गर्ल के नाम से मशहूर हेमा मालिनी के पास करीब पांच किलो सोना है और 35 करोड़ रुपये मूल्य के चार घर हैं।
3
['hin']
एक सारांश बनाओ: रसोई गैस (एलपीजी) वितरकों ने हर परिवार को दिए जाने वाले सस्ते सिलेंडरों की संख्या तय करने के सरकार के फैसले के खिलाफ एक अक्टूबर से हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी। नेशनल फेडरेशन ऑफ एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स ऑफ इंडिया (एनएफएलडीआई) ने मांग की है कि सरकार सिलेंडरों के लिए समान मूल्य नीति बनाए और सब्सिडी लाभान्वितों को सीधे उनके खाते में डाले।टिप्पणियां फेडरेशन का दावा है कि वह 10,500 कुकिंग गैस एजेंसियों का प्रतिनिधित्व करती है। इसके बयान में कहा गया है, एनएफएलडीआई ने एक अक्टूबर को देशभर में सांकेतिक हड़ताल का फैसला किया है। अगर हमारी मांगे नहीं मानी गइ’ तो हम अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे। नेशनल फेडरेशन ऑफ एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स ऑफ इंडिया (एनएफएलडीआई) ने मांग की है कि सरकार सिलेंडरों के लिए समान मूल्य नीति बनाए और सब्सिडी लाभान्वितों को सीधे उनके खाते में डाले।टिप्पणियां फेडरेशन का दावा है कि वह 10,500 कुकिंग गैस एजेंसियों का प्रतिनिधित्व करती है। इसके बयान में कहा गया है, एनएफएलडीआई ने एक अक्टूबर को देशभर में सांकेतिक हड़ताल का फैसला किया है। अगर हमारी मांगे नहीं मानी गइ’ तो हम अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे। फेडरेशन का दावा है कि वह 10,500 कुकिंग गैस एजेंसियों का प्रतिनिधित्व करती है। इसके बयान में कहा गया है, एनएफएलडीआई ने एक अक्टूबर को देशभर में सांकेतिक हड़ताल का फैसला किया है। अगर हमारी मांगे नहीं मानी गइ’ तो हम अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे। इसके बयान में कहा गया है, एनएफएलडीआई ने एक अक्टूबर को देशभर में सांकेतिक हड़ताल का फैसला किया है। अगर हमारी मांगे नहीं मानी गइ’ तो हम अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे।
सारांश: रसोई गैस (एलपीजी) वितरकों ने हर परिवार को दिए जाने वाले सस्ते सिलेंडरों की संख्या तय करने के सरकार के फैसले के खिलाफ एक अक्टूबर से हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी।
5
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: भारत को मंगलवार को पेरिस में अपना  पहला राफेल (Rafale) लड़ाकू विमान मिलने जा रहा है. इसी दिन दशहरा है और इस खास मौके पर राफेल मिलने के बाद रक्षामंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) शस्त्र पूजन करेंगे. अधिकारियों ने बताया कि दहशरे के दिन ही फ्रांसीसी पोर्ट बोर्डेक्स पर सिंह पहला राफेल विमान स्वीकार करेंगे. उन्होंने बताया कि पूजा करने के बाद सिंह राफेल में उड़ान भर उसका अनुभव भी लेंगे.  सिंह वर्षों से ‘शस्त्र पूजा' करते आ रहे हैं.  इससे पहले वाली सरकार में गृहमंत्री रहते हुए भी वह शस्त्र पूजा करते थे. देश के विभिन्न हिस्सों में दशहरा  के दिन अस्त्र-शस्त्र का पूजन किया जाता है.  रक्षा मंत्री सोमवार को तीन दिन की पेरिस यात्रा पर रवाना हो रहे हैं. दशहरा और भारतीय वायुसेना के स्थापना दिवस पर वह पहला राफेल लड़ाकू विमान स्वीकार करेंगे। अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार को बोर्डेक्स के मेरीगनैस सबअर्ब पर पहला राफेल लड़ाकू विमान प्राप्त करने के बाद सिंह शस्त्रपूजा करेंगे.  मंगलवार की सुबह बोर्डेक्स के लिए रवाना होने से पहले सिंह पेरिस में फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों से मिलेंगे.  दोनों के बीच रक्षा एवं सुरक्षा मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है. सिंह को राफेल सौंपने का कार्यक्रम पेरिस से करीब 590 किलोमीटर दूर विमान की निर्माता कंपनी दसाल्ट एविएशन के संयंत्र में है. हालांकि 36 विमानों में से पहला विमान रक्षा मंत्री को मंगलवार को ही मिल जाएगा लेकिन चार विमानों की पहली खेप अगले साल मई में भारत पहुंचेगी. रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता भारत भूषण बाबू ने बताया, ‘‘रक्षा मंत्री मेरीगनैक में फ्रांस के रक्षा मंत्री फ्लोरेंस पार्ले के साथ राफेल सौंपने के कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे. वह विजयदशमी के पावन अवसर पर शस्त्रपूजा भी करेंगे और विमान में उड़ान भी भरेंगे.'' बाबू ने कहा कि सिंह नौ अक्टूबर को फ्रांस की शीर्ष आयुद्ध कंपनियों के सीईओ के साथ बैठक करेंगे. इस दौरान उनसे ‘मेक इन इंडिया' में भाग लेने को कहा जाएगा. संभवत: सिंह उन लोगों को 5 से 8 फरवरी तक लखनऊ में आयोजित रक्षा एक्सपो में आने का न्योता देंगे.
यहाँ एक सारांश है:भारत को मिलने हैं 36 राफेल विमान फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों से भी होगी राजनाथ सिंह की मुलाकात फ्रांसीसी पोर्ट बोर्डेक्स पर मिलेगा भारत को पहला राफेल विमान
17
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत आवंटित धन के इस्तेमाल में कथित अनियमितता के सिलसिले में सीबीआई ने तीन और लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें दो नौकरशाह और एक व्यापारी है। सूत्रों ने बताया कि उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम के पूर्व महाप्रबंधक अभय कुमार बाजेपयी को गुरुवार रात गिरफ्तार किया गया, जबकि परिवार कल्याण महानिदेशक एसपी राम और व्यापारी सौरभ जैन को शुक्रवार सुबह गिरफ्तार किया गया। एजेंसी ने कथित अनियमितता की जांच के सिलसिले में 4 जनवरी को उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा के आवास सहित लगभग 60 ठिकानों पर छापे मारे थे। इनके बाद उपरोक्त तीन लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया गया। एजेंसी ने गत 2 जनवरी को सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के कुछ अधिकारियों के खिलाफ पांच मामले दर्ज किए थे। इनमें एक कुशवाहा के खिलाफ था। उन पर उत्तर प्रदेश के 72 जिलों में लागू इस केंद्र द्वारा वित्तपोषित योजना के कार्यान्वयन में करीब 28 करोड़ रुपये के नुकसान का आरोप है। बहुजन समाज पार्टी के ओबीसी नेता कुशवाहा को करोड़ों रुपये के घोटालों में शामिल होने के आरोपों के बाद मायावती ने मंत्रिमंडल से निकाल दिया था। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने इस योजना के अंतर्गत 2005-06 से आज तक उत्तर प्रदेश को 10,000 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की है। एजेंसी ने इस सिलसिले में उत्तर प्रदेश जल बोर्ड के पूर्व महाप्रबंधक पीके जैन को गुरुवार को ही गिरफ्तार कर लिया था। टिप्पणियां 2 जनवरी को जैन के खिलाफ एजेंसी ने एक मामला दर्ज किया, जिसमें उनपर 134 जिला अस्पतालों के सुधार कार्य में 5.46 करोड़ रुपये के नुकसान का आरोप था। इस मामले में एजेंसी का आरोप है कि उत्तर प्रदेश जल बोर्ड की इकाई कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विस को 134 जिला अस्पतालों के सुधार के लिए 13.4 करोड़ रुपये दिए गए। ऐसा आरोप है कि जाली दस्तावेज के आधार पर यह काम गाजियाबाद की एक फर्म को आगे दे दिया गया। सीबीआई का कहना है कि अस्पताल में जो सामग्री इस्तेमाल की गई वह घटिया दर्जे की थी, जिससे खजाने को करीब 5.46 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। एजेंसी का दावा है कि गुरुवार को जैन के आवास पर छापे के दौरान एक करोड़ 10 लाख रुपये नकद और तीन किलोग्राम सोना जब्त किया गया। एजेंसी ने कथित अनियमितता की जांच के सिलसिले में 4 जनवरी को उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा के आवास सहित लगभग 60 ठिकानों पर छापे मारे थे। इनके बाद उपरोक्त तीन लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया गया। एजेंसी ने गत 2 जनवरी को सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के कुछ अधिकारियों के खिलाफ पांच मामले दर्ज किए थे। इनमें एक कुशवाहा के खिलाफ था। उन पर उत्तर प्रदेश के 72 जिलों में लागू इस केंद्र द्वारा वित्तपोषित योजना के कार्यान्वयन में करीब 28 करोड़ रुपये के नुकसान का आरोप है। बहुजन समाज पार्टी के ओबीसी नेता कुशवाहा को करोड़ों रुपये के घोटालों में शामिल होने के आरोपों के बाद मायावती ने मंत्रिमंडल से निकाल दिया था। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने इस योजना के अंतर्गत 2005-06 से आज तक उत्तर प्रदेश को 10,000 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की है। एजेंसी ने इस सिलसिले में उत्तर प्रदेश जल बोर्ड के पूर्व महाप्रबंधक पीके जैन को गुरुवार को ही गिरफ्तार कर लिया था। टिप्पणियां 2 जनवरी को जैन के खिलाफ एजेंसी ने एक मामला दर्ज किया, जिसमें उनपर 134 जिला अस्पतालों के सुधार कार्य में 5.46 करोड़ रुपये के नुकसान का आरोप था। इस मामले में एजेंसी का आरोप है कि उत्तर प्रदेश जल बोर्ड की इकाई कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विस को 134 जिला अस्पतालों के सुधार के लिए 13.4 करोड़ रुपये दिए गए। ऐसा आरोप है कि जाली दस्तावेज के आधार पर यह काम गाजियाबाद की एक फर्म को आगे दे दिया गया। सीबीआई का कहना है कि अस्पताल में जो सामग्री इस्तेमाल की गई वह घटिया दर्जे की थी, जिससे खजाने को करीब 5.46 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। एजेंसी का दावा है कि गुरुवार को जैन के आवास पर छापे के दौरान एक करोड़ 10 लाख रुपये नकद और तीन किलोग्राम सोना जब्त किया गया। बहुजन समाज पार्टी के ओबीसी नेता कुशवाहा को करोड़ों रुपये के घोटालों में शामिल होने के आरोपों के बाद मायावती ने मंत्रिमंडल से निकाल दिया था। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने इस योजना के अंतर्गत 2005-06 से आज तक उत्तर प्रदेश को 10,000 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की है। एजेंसी ने इस सिलसिले में उत्तर प्रदेश जल बोर्ड के पूर्व महाप्रबंधक पीके जैन को गुरुवार को ही गिरफ्तार कर लिया था। टिप्पणियां 2 जनवरी को जैन के खिलाफ एजेंसी ने एक मामला दर्ज किया, जिसमें उनपर 134 जिला अस्पतालों के सुधार कार्य में 5.46 करोड़ रुपये के नुकसान का आरोप था। इस मामले में एजेंसी का आरोप है कि उत्तर प्रदेश जल बोर्ड की इकाई कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विस को 134 जिला अस्पतालों के सुधार के लिए 13.4 करोड़ रुपये दिए गए। ऐसा आरोप है कि जाली दस्तावेज के आधार पर यह काम गाजियाबाद की एक फर्म को आगे दे दिया गया। सीबीआई का कहना है कि अस्पताल में जो सामग्री इस्तेमाल की गई वह घटिया दर्जे की थी, जिससे खजाने को करीब 5.46 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। एजेंसी का दावा है कि गुरुवार को जैन के आवास पर छापे के दौरान एक करोड़ 10 लाख रुपये नकद और तीन किलोग्राम सोना जब्त किया गया। 2 जनवरी को जैन के खिलाफ एजेंसी ने एक मामला दर्ज किया, जिसमें उनपर 134 जिला अस्पतालों के सुधार कार्य में 5.46 करोड़ रुपये के नुकसान का आरोप था। इस मामले में एजेंसी का आरोप है कि उत्तर प्रदेश जल बोर्ड की इकाई कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विस को 134 जिला अस्पतालों के सुधार के लिए 13.4 करोड़ रुपये दिए गए। ऐसा आरोप है कि जाली दस्तावेज के आधार पर यह काम गाजियाबाद की एक फर्म को आगे दे दिया गया। सीबीआई का कहना है कि अस्पताल में जो सामग्री इस्तेमाल की गई वह घटिया दर्जे की थी, जिससे खजाने को करीब 5.46 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। एजेंसी का दावा है कि गुरुवार को जैन के आवास पर छापे के दौरान एक करोड़ 10 लाख रुपये नकद और तीन किलोग्राम सोना जब्त किया गया। सीबीआई का कहना है कि अस्पताल में जो सामग्री इस्तेमाल की गई वह घटिया दर्जे की थी, जिससे खजाने को करीब 5.46 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। एजेंसी का दावा है कि गुरुवार को जैन के आवास पर छापे के दौरान एक करोड़ 10 लाख रुपये नकद और तीन किलोग्राम सोना जब्त किया गया।
यह एक सारांश है: राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत आवंटित धन के इस्तेमाल में अनियमितता के सिलसिले में सीबीआई ने तीन और लोगों को गिरफ्तार किया है।
9
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने बुधवार को दिल्ली क्षेत्र के 10वीं के परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए, जिसमें दिल्ली के सरकारी स्कूलों का प्रदर्शन पिछले साल के मुकाबले 8.10 प्रतिशत बेहतर हुआ। लड़कियों ने एक बार फिर बाजी मारी और लड़कों के 98.90 प्रतिशत परीक्षा परिणाम से आगे निकलते हुए 99.16 फीसदी परीक्षा परिणाम दिए। दिल्ली के शिक्षा मंत्री अरविंदर सिंह लवली ने बताया कि सरकारी स्कूलों में छात्रों की कामयाबी 99.09 प्रतिशत रही, जो पिछले साल 90.99 फीसदी थी। 326 स्कूलों ने शत-प्रतिशत कामयाबी हासिल की जबकि पिछले साल यह संख्या 166 थी। 893 स्कूलों ने 90 फीसदी कामयाबी पाई है, जबकि पिछले साल यह संख्या 609 थी। उन्होंने बताया कि 895 स्कूल इस बार ग्रेडिंग सिस्टम के आधार पर 10वीं की परीक्षा में शामिल हुए। लड़कियों ने एक बार फिर उम्दा प्रदर्शन करते हुए 99.10 प्रतिशत परिणाम हासिल किए, जबकि लड़के एक बार फिर लड़कियों से पीछे रह गए। परीक्षा परिणाम में उनका प्रदर्शन 98.90 फीसदी रहा। लवली के मुताबिक, पिछले साल के मुकाबले इस बार 43,003 अतिरिक्त छात्र परीक्षा में शामिल हुए। इसके साथ ही 10वीं की परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों की कुल संख्या 1,75,023 हो गई। इस बार की परीक्षा में 53,309 अतिरिक्त छात्रों ने सर्टिफिकेट हासिल किए। शिक्षा मंत्री ने बेहतर परीक्षा परिणाम के लिए शिक्षा निदेशालय को बधाई दी, जो 10 साल पहले 2001-02 में केवल 46.14 प्रतिशत था। उन्होंने उन शिक्षकों को भी बधाई दी, जो परीक्षा परिणाम को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयासरत रहे। साथ ही छात्रों को उनके बेहतर भविष्य के लिए शुभकामना दी।
यह एक सारांश है: लड़कियों ने एक बार फिर बाजी मारी और लड़कों के 98.90 प्रतिशत परीक्षा परिणाम से आगे निकलते हुए 99.16 फीसदी परीक्षा परिणाम दिए।
2
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: 'बुड्ढा होगा तेरा बाप' में अमिताभ बच्चन विजू नाम के गैंगस्टर हैं जो मुंबई की क्राइम लाइफ छोड़कर पेरिस में जा बसे हैं। विजू को जाबांज पुलिस अफसर करण यानी सोनू सूद को मारने की सुपारी दी जाती है जो गैंगस्टर्स का सफाया करने में लगा है। विजू की एक ही प्रॉब्लम है। कोई बुड्ढा बोल दे तो दिमाग सटक जाता है लेकिन विजू क्या सचमुच करण को मार देगा। यहां कहानी में एक टि्वस्ट है जो बताकर हम आपका मज़ा किरकिरा नहीं करेंगे। 'बुड्ढा होगा तेरा बाप' डायरेक्टर पुरी जगन्नाथ ने बनाई है जो साउथ की सुपरहिट फिल्म पोकिरी बना चुके हैं। पोकिरी को रीमेक करके सलमान ख़ान की फिल्म वॉन्टेड बनाई गई। इसीलिए 'बुड्ढा होगा तेरा बाप' की एडिटिंग, विलेन, फिल्म के ट्विस्ट एंड टर्न में वॉन्टेड की झलक साफ दिखती है। फैंसी सनग्लास और फैशनेबल कपड़े पहनकर हार्ली डेविडसन बाइक चलाते जांबाज बुड्ढे का रोल अमिताभ बच्चन ने इतनी एनर्जी के साथ निभाया है कि ढेरों गुंडों की पिटाई लगाते वक्त ये बुड्ढा नकली नहीं लगता। ये बुड्ढा नौजवानों को रोमांस के टिप्स देता है लेकिन छेड़छाड़ पर उनकी पिटाई भी लगाता है। बिग बी ने अपने आइटम नंबर में भी जबर्दस्त समां बांधा जहां वो ढेरों लड़कियों के साथ अपने ही पुराने हिट गानों पर नाचते हैं। हालांकि ये रिकॉर्डेड गाने सुनने में ओरिजनल जैसे अच्छे नहीं लगते लेकिन देखने में मज़ेदार हैं। अमिताभ की एंग्री यंगमैन पसर्नेलिटी से मैच करते हुए कई चुटीले डायलॉग्स लिखे गए जिन्हें सुनकर आप हंसते रहेंगे। अफसोस कि रवीना टंडन पर फिल्माया गया आइटम नंबर गायब है। अमिताभ और हेमा मालिनी को लेकर बागबान जैसे सीन्स गढ़ दिए गए जहां फिल्म ढीली नज़र आती है। बिग बी को छोड़कर बाकी करेक्टर्स बहुत मजबूती से डेवलप नहीं हुए यहां तक कि विलेन भी नही। विलेन जितना मजबूत होता हीरो उतना ही ज्यादा स्ट्रांग दिखता लेकिन फिल्म की सबसे बड़ी खासियत है इसकी इंटरटेनमेंट वेल्यू। यहां एक्शन है, इमोशन, ड्रामा और कॉमेडी भी है। 'बुड्ढा होगा तेरा बाप' के लिए मेरी रेटिंग है 3 स्टार।
सारांश: 'बुड्ढा होगा तेरा बाप' की सबसे बड़ी खासियत है इसकी इंटरटेनमेंट वेल्यू। इसीलिए इस फिल्म को मिले तीन स्टार।
7
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद सरकारी तेल कंपनियां पेट्रोल तथा संभवत: डीजल की कीमत में 2 से 4 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि कर सकती हैं। तेल कंपनियों ने एक दिसंबर के बाद पेट्रोल की कीमत में संशोधन नहीं किया है। बीच में विधानसभा चुनावों के कारण दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया। पेट्रोलियम उद्योग के विश्लेषकों के अनुसार सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों को पेट्रोल पर आयात लागत के हिसाब से करीब 4 रुपये प्रति लीटर की कमाई का नुकसान हो रहा है। पिछले बार के संशोधन के बाद से उन्हें पेट्रोल पर 900 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। एक दिसंबर को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 109 डालर बैरल थी जो आज इस समय 125 डालर प्रति बैरल हो गया है। एक अधिकारी ने कहा, ‘विधानसभा चुनाव के बाद पेट्रोल की कीमत में वृद्धि की जाएगी।’ टिप्पणियां एक अन्य अधिकारी ने कहा कि डीजल की कीमत में भी 12 मार्च से शुरू हो रहे बजट सत्र से पहले वृद्धि की जा सकती है। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों को प्रति लीटर डीजल पर 12.77 रुपये का नुकसान हो रहा है। केरोसीन पर यह नुकसान 30.21 रुपया प्रति लीटर तथा 14.2 किलो के घरेलू एलपीजी सिलेंडर पर 378 रुपये का नुकसान हो रहा है। तेल कंपनियों ने एक दिसंबर के बाद पेट्रोल की कीमत में संशोधन नहीं किया है। बीच में विधानसभा चुनावों के कारण दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया। पेट्रोलियम उद्योग के विश्लेषकों के अनुसार सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों को पेट्रोल पर आयात लागत के हिसाब से करीब 4 रुपये प्रति लीटर की कमाई का नुकसान हो रहा है। पिछले बार के संशोधन के बाद से उन्हें पेट्रोल पर 900 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। एक दिसंबर को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 109 डालर बैरल थी जो आज इस समय 125 डालर प्रति बैरल हो गया है। एक अधिकारी ने कहा, ‘विधानसभा चुनाव के बाद पेट्रोल की कीमत में वृद्धि की जाएगी।’ टिप्पणियां एक अन्य अधिकारी ने कहा कि डीजल की कीमत में भी 12 मार्च से शुरू हो रहे बजट सत्र से पहले वृद्धि की जा सकती है। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों को प्रति लीटर डीजल पर 12.77 रुपये का नुकसान हो रहा है। केरोसीन पर यह नुकसान 30.21 रुपया प्रति लीटर तथा 14.2 किलो के घरेलू एलपीजी सिलेंडर पर 378 रुपये का नुकसान हो रहा है। एक दिसंबर को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 109 डालर बैरल थी जो आज इस समय 125 डालर प्रति बैरल हो गया है। एक अधिकारी ने कहा, ‘विधानसभा चुनाव के बाद पेट्रोल की कीमत में वृद्धि की जाएगी।’ टिप्पणियां एक अन्य अधिकारी ने कहा कि डीजल की कीमत में भी 12 मार्च से शुरू हो रहे बजट सत्र से पहले वृद्धि की जा सकती है। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों को प्रति लीटर डीजल पर 12.77 रुपये का नुकसान हो रहा है। केरोसीन पर यह नुकसान 30.21 रुपया प्रति लीटर तथा 14.2 किलो के घरेलू एलपीजी सिलेंडर पर 378 रुपये का नुकसान हो रहा है। एक अधिकारी ने कहा, ‘विधानसभा चुनाव के बाद पेट्रोल की कीमत में वृद्धि की जाएगी।’ टिप्पणियां एक अन्य अधिकारी ने कहा कि डीजल की कीमत में भी 12 मार्च से शुरू हो रहे बजट सत्र से पहले वृद्धि की जा सकती है। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों को प्रति लीटर डीजल पर 12.77 रुपये का नुकसान हो रहा है। केरोसीन पर यह नुकसान 30.21 रुपया प्रति लीटर तथा 14.2 किलो के घरेलू एलपीजी सिलेंडर पर 378 रुपये का नुकसान हो रहा है। एक अन्य अधिकारी ने कहा कि डीजल की कीमत में भी 12 मार्च से शुरू हो रहे बजट सत्र से पहले वृद्धि की जा सकती है। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों को प्रति लीटर डीजल पर 12.77 रुपये का नुकसान हो रहा है। केरोसीन पर यह नुकसान 30.21 रुपया प्रति लीटर तथा 14.2 किलो के घरेलू एलपीजी सिलेंडर पर 378 रुपये का नुकसान हो रहा है। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों को प्रति लीटर डीजल पर 12.77 रुपये का नुकसान हो रहा है। केरोसीन पर यह नुकसान 30.21 रुपया प्रति लीटर तथा 14.2 किलो के घरेलू एलपीजी सिलेंडर पर 378 रुपये का नुकसान हो रहा है।
सारांश: उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद सरकारी तेल कंपनियां पेट्रोल तथा संभवत: डीजल की कीमत में 2 से 4 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि कर सकती हैं।
33
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने टेस्ट इतिहास के 2000वें टेस्ट मैच के उपलक्ष्य में ऑनलाइन वोटिंग के जरिए जो सार्वकालिक महान टेस्ट टीम चुनी है, उसमें भारत के चार खिलाड़ियों को जगह मिली है। इस 11 सदस्यीय टीम में जगह पाने वाले भारतीय खिलाड़ियों में वीरेंद्र सहवाग, सचिन तेंदुलकर, सुनील गावस्कर और कपिल देव शामिल हैं। टेस्ट इतिहास का 2000वां टेस्ट मैच क्रिकेट का मक्का कहे जाने वाले लॉर्ड्स मैदान पर भारत और इंग्लैंड के बीच 21 जुलाई को खेला जाएगा। इस टीम के चयन के लिए कुल 60 खिलाड़ियों के नाम जारी किए गए थे। इसके लिए मतदान 11 जुलाई को शुरू हुआ था और 17 जुलाई तक आईसीसी की आधिकारिक वेबसाइट पर सर्वकालिक टीम चुनने के लिए कुल 2.5 लाख लोगों ने अपने मत दिए। टेस्ट मैचों में दो बार तिहरा शतक लगा चुके सहवाग और सबसे पहले 10 हजार रनों का आंकड़ा छूने वाले गावस्कर का चयन जहां सलामी बल्लेबाज वर्ग में किया गया है वहीं सचिन मध्य क्रम के बल्लेबाज के तौर पर इस टीम में जगह पाने में सफल रहे हैं। कपिल को हरफनमौला खिलाड़ी के तौर पर टीम में शामिल किया गया है। सलामी बल्लेबाज वर्ग में ज्योफ्रे बॉयकॉट, गावस्कर, गार्डन ग्रीनिज, डेसमंड हेंस, जैक हॉब्स, लेन हटन, हनीफ मोहम्मद, सहवाग, हर्बट सुटक्लिफ और विक्टर ट्रम्पर में से किन्ही दो का चयन होना था। इसी तरह मध्य क्रम में डॉन ब्रैडमैन, ग्रेग चैपल, वॉली हेमंड, जॉर्ज हेले, ब्रायन लारा, जावेद मियांदाद, ग्रीम पोलाक, रिकी पोंटिग, विवियन रिचर्ड्स और तेंदुलकर में से तीन का चयन होना था। इस श्रेणी में तेंदुलकर के अलावा लारा और ब्रैडमैन अंतिम-11 में जगह पाने में सफल रहे हैं। जहां तक हरफनमौला खिलाड़ियों की बात है तो इस वर्ग में  इयान बॉथम, कपिल, अबर्रे फॉक्नर, रिचर्ड हेडली, जैक्स कैलिस, इमरान खान, कीथ मिलर, विल्फ्रेड रोड्स, गैरी सोबर्स और फ्रैंक वॉरेल जैसे दिग्गज शामिल थे लेकिन मतदाताओं ने कपिल के नाम पर मुहर लगाई। इस श्रेणी से एक खिलाड़ी का चयन होना था। विकेटकीपरों के वर्ग से एडम गिलक्रिस्ट इस टीम का हिस्सा बनने में सफल रहे जबकि इस वर्ग से लेस एमिस, मार्क बाउचर, जेफ डुजों, गॉडफ्रे इवांस, एंडी फ्लावर, गिलक्रिस्ट, एलन नॉट, रॉड मार्श, क्लाइड वॉल्कॉट और वसीम बारी दौड़ में थे। तेज गेंदबाज वर्ग से कर्टले एम्ब्रोस, सिडनी बार्नेस, माइकल होल्डिंग, डेनिस लिली, रे लिंडवॉल, मैक्लम मार्शल, ग्लेन मैक्ग्राथ, फ्रेट ट्रुमेन, कर्टनी वॉल्श और वसीम अकरम दौड़ में शामिल थे। इस वर्ग से मैक्ग्रा, अकरम और एम्ब्रोस का चयन हुआ। इसी तरह स्पिनरों के वर्ग से शेन वार्न का चयन हुआ जबकि इस वर्ग में बिशन सिंह बेदी, रिची बेनो, लांस गिब्स, क्लेरी ग्रिमेट, जिम लेकर, अनिल कुम्बले, मुथैया मुरलीधरन, बिल ओ' रेले, डेरेक अंडरवुड और वार्न जैसे महान गेंदबाज शामिल थे।
यह एक सारांश है: ऑल टाइम ग्रेटेस्ट प्लेयरों में भारत से सुनील गावस्कर, कपिल देव सचिन तेंदुलकर और वीरेंद्र सहवाग को शामिल किया गया है।
2
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: नोटबंदी की मार से समाज का कोई भी वर्ग अछूता नहीं है. कारोबारी हो या फिर आम आदमी, सरकार के इस फैसले से सभी हलकान हैं. बात अगर जूता उद्योग की करें तो यह कारोबार लगभग ठप होने के कगार पर पहुंच गया है. सबसे ज्यादा असर उस कारोबारी पर पड़ रहा है जो जूतों के आयात-निर्यात से जुड़े हैं. करीब चालीस साल से सुनील हरज़ाई जूते का एक्सपोर्ट कर रहे हैं, लेकिन नोटबंदी के बाद कारोबार चलाना मुश्किल हो रहा है. सुनील का नोएडा में जूता बनाने की फैक्टरी है. उनकी फैक्टरी के जूतों की देश के साथ विदेशों में भी काफी मांग है. कुछ समय पहले तक सुनील बहुत खुश थे, क्योंकि इस साल उन्हें एक्सपोर्ट के अच्छे ऑर्डर मिले थे. लेकिन उनकी खुशी प्रधानमंत्री की नोटबंदी की घोषणा के साथ काफूर हो गई. भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने की सरकार की इस पहल से सुनील शुरू में तो काफी खुश थे, लेकिन जब इस पहल का असर उनके कामधंधे पर पड़ने लगा तो उनकी परेशानियां रोज़ाना बढ़ने लगीं.  सुनील ने बताते हैं कि हाई-क्वालिटी जूते से जुड़ी एक्सेसरीज़ खरीदने के लिए हर रोज़ नकदी की ज़रूरत पड़ती है. इतना ही नहीं दैनिक कर्मचारियों को नकद में ही भुगतान करना पड़ता है. लेकिन नोटबंदी के बाद से नकदी की तंगी ने उनके कामकाज की तस्वीर ही बिगाड़ कर रख दी. उन्हें जरुरत के हिसाब से कच्चा माल और अन्य साजोसमान नहीं मिल रहा है. साथ में कई कर्मचारी काम छोड़कर चले गए हैं. सुनील कहते हैं कि सरकार ने हर हफ्ते नकदी निकालने की जो सीमा 50 हज़ार रुपये तय की है उसे बढ़ाकर 5 लाख करना बेहद ज़रूरी है. तभी ज़रूरी कैश उनके जैसे एक्सपोर्टरों को मिल पाएगा. सुनील बताते हैं कि नकदी संकट का दायरा बड़ा है. पैसे की कमी से पूरी आपूर्ति लाइन ही चौपट हो गई है. जूता बनाने के जरुरी सामान नहीं मिल पा रहा है. ग्रामीण इलाकों में नकदी बिल्कुल भी नहीं है. इसका असर उनके यहां उत्पादन पर पड़ रहा है. वह बताते हैं कि वे विदेशों से आए ऑर्डर को पूरा नहीं कर पा रहे हैं. इससे कारोबार के साथ उनकी साख पर भी संकट आ गया है. सुनील की बेटी सुनैना कहती हैं कि असंगठित क्षेत्र, जहां से बुनियादी सामान आता है चमड़ा एक्सपोर्ट का, वहां व्यापार ज़्यादातर नकदी पर निर्भर करता है. ऐसे में आप उम्मीद नहीं कर सकते कि कुछ हफ्तों में सारा व्यापार कैशलेस हो सकेगा.टिप्पणियां अब चमड़ा उद्योग को सरकार से किसी राहत का इंतज़ार है जो फिलहाल दूर-दूर तक नहीं दिख रही.   करीब चालीस साल से सुनील हरज़ाई जूते का एक्सपोर्ट कर रहे हैं, लेकिन नोटबंदी के बाद कारोबार चलाना मुश्किल हो रहा है. सुनील का नोएडा में जूता बनाने की फैक्टरी है. उनकी फैक्टरी के जूतों की देश के साथ विदेशों में भी काफी मांग है. कुछ समय पहले तक सुनील बहुत खुश थे, क्योंकि इस साल उन्हें एक्सपोर्ट के अच्छे ऑर्डर मिले थे. लेकिन उनकी खुशी प्रधानमंत्री की नोटबंदी की घोषणा के साथ काफूर हो गई. भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने की सरकार की इस पहल से सुनील शुरू में तो काफी खुश थे, लेकिन जब इस पहल का असर उनके कामधंधे पर पड़ने लगा तो उनकी परेशानियां रोज़ाना बढ़ने लगीं.  सुनील ने बताते हैं कि हाई-क्वालिटी जूते से जुड़ी एक्सेसरीज़ खरीदने के लिए हर रोज़ नकदी की ज़रूरत पड़ती है. इतना ही नहीं दैनिक कर्मचारियों को नकद में ही भुगतान करना पड़ता है. लेकिन नोटबंदी के बाद से नकदी की तंगी ने उनके कामकाज की तस्वीर ही बिगाड़ कर रख दी. उन्हें जरुरत के हिसाब से कच्चा माल और अन्य साजोसमान नहीं मिल रहा है. साथ में कई कर्मचारी काम छोड़कर चले गए हैं. सुनील कहते हैं कि सरकार ने हर हफ्ते नकदी निकालने की जो सीमा 50 हज़ार रुपये तय की है उसे बढ़ाकर 5 लाख करना बेहद ज़रूरी है. तभी ज़रूरी कैश उनके जैसे एक्सपोर्टरों को मिल पाएगा. सुनील बताते हैं कि नकदी संकट का दायरा बड़ा है. पैसे की कमी से पूरी आपूर्ति लाइन ही चौपट हो गई है. जूता बनाने के जरुरी सामान नहीं मिल पा रहा है. ग्रामीण इलाकों में नकदी बिल्कुल भी नहीं है. इसका असर उनके यहां उत्पादन पर पड़ रहा है. वह बताते हैं कि वे विदेशों से आए ऑर्डर को पूरा नहीं कर पा रहे हैं. इससे कारोबार के साथ उनकी साख पर भी संकट आ गया है. सुनील की बेटी सुनैना कहती हैं कि असंगठित क्षेत्र, जहां से बुनियादी सामान आता है चमड़ा एक्सपोर्ट का, वहां व्यापार ज़्यादातर नकदी पर निर्भर करता है. ऐसे में आप उम्मीद नहीं कर सकते कि कुछ हफ्तों में सारा व्यापार कैशलेस हो सकेगा.टिप्पणियां अब चमड़ा उद्योग को सरकार से किसी राहत का इंतज़ार है जो फिलहाल दूर-दूर तक नहीं दिख रही.   भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने की सरकार की इस पहल से सुनील शुरू में तो काफी खुश थे, लेकिन जब इस पहल का असर उनके कामधंधे पर पड़ने लगा तो उनकी परेशानियां रोज़ाना बढ़ने लगीं.  सुनील ने बताते हैं कि हाई-क्वालिटी जूते से जुड़ी एक्सेसरीज़ खरीदने के लिए हर रोज़ नकदी की ज़रूरत पड़ती है. इतना ही नहीं दैनिक कर्मचारियों को नकद में ही भुगतान करना पड़ता है. लेकिन नोटबंदी के बाद से नकदी की तंगी ने उनके कामकाज की तस्वीर ही बिगाड़ कर रख दी. उन्हें जरुरत के हिसाब से कच्चा माल और अन्य साजोसमान नहीं मिल रहा है. साथ में कई कर्मचारी काम छोड़कर चले गए हैं. सुनील कहते हैं कि सरकार ने हर हफ्ते नकदी निकालने की जो सीमा 50 हज़ार रुपये तय की है उसे बढ़ाकर 5 लाख करना बेहद ज़रूरी है. तभी ज़रूरी कैश उनके जैसे एक्सपोर्टरों को मिल पाएगा. सुनील बताते हैं कि नकदी संकट का दायरा बड़ा है. पैसे की कमी से पूरी आपूर्ति लाइन ही चौपट हो गई है. जूता बनाने के जरुरी सामान नहीं मिल पा रहा है. ग्रामीण इलाकों में नकदी बिल्कुल भी नहीं है. इसका असर उनके यहां उत्पादन पर पड़ रहा है. वह बताते हैं कि वे विदेशों से आए ऑर्डर को पूरा नहीं कर पा रहे हैं. इससे कारोबार के साथ उनकी साख पर भी संकट आ गया है. सुनील की बेटी सुनैना कहती हैं कि असंगठित क्षेत्र, जहां से बुनियादी सामान आता है चमड़ा एक्सपोर्ट का, वहां व्यापार ज़्यादातर नकदी पर निर्भर करता है. ऐसे में आप उम्मीद नहीं कर सकते कि कुछ हफ्तों में सारा व्यापार कैशलेस हो सकेगा.टिप्पणियां अब चमड़ा उद्योग को सरकार से किसी राहत का इंतज़ार है जो फिलहाल दूर-दूर तक नहीं दिख रही.    सुनील ने बताते हैं कि हाई-क्वालिटी जूते से जुड़ी एक्सेसरीज़ खरीदने के लिए हर रोज़ नकदी की ज़रूरत पड़ती है. इतना ही नहीं दैनिक कर्मचारियों को नकद में ही भुगतान करना पड़ता है. लेकिन नोटबंदी के बाद से नकदी की तंगी ने उनके कामकाज की तस्वीर ही बिगाड़ कर रख दी. उन्हें जरुरत के हिसाब से कच्चा माल और अन्य साजोसमान नहीं मिल रहा है. साथ में कई कर्मचारी काम छोड़कर चले गए हैं. सुनील कहते हैं कि सरकार ने हर हफ्ते नकदी निकालने की जो सीमा 50 हज़ार रुपये तय की है उसे बढ़ाकर 5 लाख करना बेहद ज़रूरी है. तभी ज़रूरी कैश उनके जैसे एक्सपोर्टरों को मिल पाएगा. सुनील बताते हैं कि नकदी संकट का दायरा बड़ा है. पैसे की कमी से पूरी आपूर्ति लाइन ही चौपट हो गई है. जूता बनाने के जरुरी सामान नहीं मिल पा रहा है. ग्रामीण इलाकों में नकदी बिल्कुल भी नहीं है. इसका असर उनके यहां उत्पादन पर पड़ रहा है. वह बताते हैं कि वे विदेशों से आए ऑर्डर को पूरा नहीं कर पा रहे हैं. इससे कारोबार के साथ उनकी साख पर भी संकट आ गया है. सुनील की बेटी सुनैना कहती हैं कि असंगठित क्षेत्र, जहां से बुनियादी सामान आता है चमड़ा एक्सपोर्ट का, वहां व्यापार ज़्यादातर नकदी पर निर्भर करता है. ऐसे में आप उम्मीद नहीं कर सकते कि कुछ हफ्तों में सारा व्यापार कैशलेस हो सकेगा.टिप्पणियां अब चमड़ा उद्योग को सरकार से किसी राहत का इंतज़ार है जो फिलहाल दूर-दूर तक नहीं दिख रही.   सुनील कहते हैं कि सरकार ने हर हफ्ते नकदी निकालने की जो सीमा 50 हज़ार रुपये तय की है उसे बढ़ाकर 5 लाख करना बेहद ज़रूरी है. तभी ज़रूरी कैश उनके जैसे एक्सपोर्टरों को मिल पाएगा. सुनील बताते हैं कि नकदी संकट का दायरा बड़ा है. पैसे की कमी से पूरी आपूर्ति लाइन ही चौपट हो गई है. जूता बनाने के जरुरी सामान नहीं मिल पा रहा है. ग्रामीण इलाकों में नकदी बिल्कुल भी नहीं है. इसका असर उनके यहां उत्पादन पर पड़ रहा है. वह बताते हैं कि वे विदेशों से आए ऑर्डर को पूरा नहीं कर पा रहे हैं. इससे कारोबार के साथ उनकी साख पर भी संकट आ गया है. सुनील की बेटी सुनैना कहती हैं कि असंगठित क्षेत्र, जहां से बुनियादी सामान आता है चमड़ा एक्सपोर्ट का, वहां व्यापार ज़्यादातर नकदी पर निर्भर करता है. ऐसे में आप उम्मीद नहीं कर सकते कि कुछ हफ्तों में सारा व्यापार कैशलेस हो सकेगा.टिप्पणियां अब चमड़ा उद्योग को सरकार से किसी राहत का इंतज़ार है जो फिलहाल दूर-दूर तक नहीं दिख रही.   सुनील की बेटी सुनैना कहती हैं कि असंगठित क्षेत्र, जहां से बुनियादी सामान आता है चमड़ा एक्सपोर्ट का, वहां व्यापार ज़्यादातर नकदी पर निर्भर करता है. ऐसे में आप उम्मीद नहीं कर सकते कि कुछ हफ्तों में सारा व्यापार कैशलेस हो सकेगा.टिप्पणियां अब चमड़ा उद्योग को सरकार से किसी राहत का इंतज़ार है जो फिलहाल दूर-दूर तक नहीं दिख रही.   अब चमड़ा उद्योग को सरकार से किसी राहत का इंतज़ार है जो फिलहाल दूर-दूर तक नहीं दिख रही.
संक्षिप्त सारांश: नकदी न होने से काम छोड़ जा रहा है चमड़ा उद्योग का कर्मचारी समय पर माल तैयार न होने से विदेशी ऑर्डर रद्द रो रहे हैं मजदूरों के साथ चमड़ा कारोबारी भी हैं नोटबंदी से परेशान
29
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: लोकसभा चुनाव के परिणाम के बाद से कांग्रेस नेता व पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर अब शायराना अंदाज में ट्वीट करने वाला ट्रैक पकड़ लिया है. वह रोजाना कोई न कोई शायरी ट्वीट करते हैं. रविवार को भी उन्होंने दो शायरी ट्वीट किए, जिसमें बेवफाई, गुनाहों और गुनाहगारों का जिक्र किया. उन्होंने अपनी इस शायरी की आखिरी लाइन में लिखा, 'सितम करते हैं वो, खुदा जाने खता क्या है'. हालांकि सिद्धू ने बगैर किसी का नाम लिए बिना यह ट्वीट किया, लेकिन सोशल मीडिया पर यूजर्स इसे उनके राजनैतिक करियर को जोड़ रहे हैं.  टिप्पणी करने में पीछे न हटने के लिए पहचाने जाने वाले नवजोत सिंह सिद्धू ने ट्विटर पर लिखा- ''उन्हें यह फ़िक्र है हरदम नई तर्जे जफ़ा (बेवफ़ाई) क्या है, हमें भी शौक है कि देखें सितम की इंतहा क्या है, गुनाहगारो में शामिल हैं गुनाहों से नहीं है वाकिफ, सितम करते हैं वो, खुदा जाने खता क्या है'' उन्हें यह फ़िक्र है हरदम नई तर्जे जफ़ा (बेवफ़ाई) क्या है, हमें भी शौक है कि देखें सितम की इंतहा क्या है, गुनाहगारो में शामिल हैं गुनाहों से नहीं है वाकिफ, सितम करते हैं वो, खुदा जाने खता क्या है| सिद्धू ने इस ट्वीट के बाद एक और भी ट्वीट किया. इस ट्वीट में उन्होंने बहादुरी की बात करते हुए शायरी लिखी. ''बहादुर कब किसी का आसरा एहसान लेते हैं, उसी को कर गुजरते हैं जो मन में ठान लेते हैं.'' बहादुर कब किसी का आसरा एहसान लेते हैं, उसी को कर गुजरते हैं जो मन में ठान लेते हैं| 'जय श्री राम' नारा विवाद: केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो बोले- दीदी की हालत ठीक नहीं, कुछ दिन ब्रेक लेना चाहिए बता दें, लोकसभा चुनाव में हार के बाद कांग्रेस के अंदर उथल-पुथल और मंथन का दौर जारी है. पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह (Amarinder Singh) और नवजोत सिंह सिद्धू (Navjot Singh Sidhu) के बीच भी टकराव जारी है. कैप्टन ने जहां सिद्धू से उनका विभाग छीनने का ऐलान कर दिया है, वहीं सिद्धू ने अपने कामकाज को लेकर सफाई दी है और साथ में कैप्टन अमरिंदर सिंह पर निशाना भी साधा. उन्होंने कहा कि उनको पार्टी (Congress) के लोगों से गालियां दिलाई जा रही हैं लेकिन वे इस पर भी चुप हैं.
संक्षिप्त पाठ: सिद्धू ने फिर किया ट्वीट शायराने अंदाज में लिखा कह डाली ये बात
14
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: प्रमुख इस्लामी संगठन जमात-ए-इस्लामी हिंद की महिला शाखा की ओर से ‘लड़कियों को जेहाद के लिए दिमागी तौर पर तैयार करने और प्रशिक्षण देने’ की बात करने वाले मुंबई पुलिस के एक परिपत्र को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। जमात-ए-इस्लामी ने कहा है कि अगर पुलिस ने इस पर माफी नहीं मांगी तो वह कानूनी कार्रवाई करेगा। मुंबई पुलिस के आंतरिक परिपत्र में कहा गया कि जमात की महिला शाखा ‘गर्ल्स इस्लामिक आर्गनाइजेशन’ (जीआईओ) ‘लड़कियों को जेहाद के लिए दिमागी तौर पर तैयार करने और प्रशिक्षण देने’ के मकसद से काम कर रहा है।टिप्पणियां यह परिपत्र लीक हो गया और इस पर जमात ने कड़ी प्रतिक्रिया जताई है। जमात की महाराष्ट्र इकाई के प्रवक्ता मोहम्मद असलम गाजी ने कहा है कि मुंबई पुलिस ने माफी नहीं मांगी तो उसके खिलाफ मुकदमा किया जाएगा। गाजी ने आरोप लगाया कि यह उनके संगठन की छवि खराब के लिए जानबूझकर किया गया प्रयास है। जमात-ए-इस्लामी ने कहा है कि अगर पुलिस ने इस पर माफी नहीं मांगी तो वह कानूनी कार्रवाई करेगा। मुंबई पुलिस के आंतरिक परिपत्र में कहा गया कि जमात की महिला शाखा ‘गर्ल्स इस्लामिक आर्गनाइजेशन’ (जीआईओ) ‘लड़कियों को जेहाद के लिए दिमागी तौर पर तैयार करने और प्रशिक्षण देने’ के मकसद से काम कर रहा है।टिप्पणियां यह परिपत्र लीक हो गया और इस पर जमात ने कड़ी प्रतिक्रिया जताई है। जमात की महाराष्ट्र इकाई के प्रवक्ता मोहम्मद असलम गाजी ने कहा है कि मुंबई पुलिस ने माफी नहीं मांगी तो उसके खिलाफ मुकदमा किया जाएगा। गाजी ने आरोप लगाया कि यह उनके संगठन की छवि खराब के लिए जानबूझकर किया गया प्रयास है। मुंबई पुलिस के आंतरिक परिपत्र में कहा गया कि जमात की महिला शाखा ‘गर्ल्स इस्लामिक आर्गनाइजेशन’ (जीआईओ) ‘लड़कियों को जेहाद के लिए दिमागी तौर पर तैयार करने और प्रशिक्षण देने’ के मकसद से काम कर रहा है।टिप्पणियां यह परिपत्र लीक हो गया और इस पर जमात ने कड़ी प्रतिक्रिया जताई है। जमात की महाराष्ट्र इकाई के प्रवक्ता मोहम्मद असलम गाजी ने कहा है कि मुंबई पुलिस ने माफी नहीं मांगी तो उसके खिलाफ मुकदमा किया जाएगा। गाजी ने आरोप लगाया कि यह उनके संगठन की छवि खराब के लिए जानबूझकर किया गया प्रयास है। यह परिपत्र लीक हो गया और इस पर जमात ने कड़ी प्रतिक्रिया जताई है। जमात की महाराष्ट्र इकाई के प्रवक्ता मोहम्मद असलम गाजी ने कहा है कि मुंबई पुलिस ने माफी नहीं मांगी तो उसके खिलाफ मुकदमा किया जाएगा। गाजी ने आरोप लगाया कि यह उनके संगठन की छवि खराब के लिए जानबूझकर किया गया प्रयास है। गाजी ने आरोप लगाया कि यह उनके संगठन की छवि खराब के लिए जानबूझकर किया गया प्रयास है।
सारांश: प्रमुख इस्लामी संगठन जमात-ए-इस्लामी हिंद की महिला शाखा की ओर से ‘लड़कियों को जेहाद के लिए दिमागी तौर पर तैयार करने और प्रशिक्षण देने’ की बात करने वाले मुंबई पुलिस के एक परिपत्र को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।
7
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कांग्रेस ने सोमवार को कहा कि यह प्रियंका वडरा को तय करना है कि उन्हें सक्रिय राजनीति में आना है या नहीं। पार्टी प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा, अपने जीवन में उन्हें (प्रियंका) क्या करना है, नहीं करना है, यह उनका निजी फैसला है और यह उन्हीं पर छोड़ दिया जाना चाहिए। तिवारी ने यह टिप्पणी उस समय की जब संवाददाताओं ने उनसे पार्टी के वरिष्ठ नेता वसंत साठे द्वारा इस बारे में दिए गए सुझाव के बारे में पूछा। तिवारी ने कहा कि उन्होंने साठे की टिप्पणी से संबंधित खबर को नहीं देखा है। लेकिन अगर किसी ने अपनी व्यक्तिगत राय दी है तो तो बेहतर होगा उनसे ही पूछा जाए। यह पूछे जाने पर कि क्या प्रियंका के सक्रिय राजनीति में आने से उनके भाई राहुल गांधी के करिश्मा पर असर पड़ेगा, उन्होंने कहा कि यह एक अनुचित और अटपटा सवाल लगता है। 86 वर्षीय साठे ने कहा था कि यदि आने वाले महीनों और सालों में सोनिया गांधी, राहुल और प्रियंका एक व्यापक जनसंपर्क अभियान पर निकलते हैं तो पार्टी अगले लोकसभा चुनाव में एक पार्टी शासन के पूर्ववर्ती गौरव को फिर से पा सकती है। उनका यह भी कहना था कि सोनिया के बाद प्रियंका में राहुल की तुलना में ज्यादा लोगों को आकषिर्त करने की क्षमता है लेकिन वह सक्रिय राजनीति में आगे नहीं आ रहीं क्योंकि उन्हें लगता है कि इससे उनके भाई दरकिनार हो जाएंगे।
कांग्रेस ने सोमवार को कहा कि यह प्रियंका वडरा को तय करना है कि उन्हें सक्रिय राजनीति में आना है या नहीं।
6
['hin']
एक सारांश बनाओ: जानिए क्यों मनाया जाता है नागपंचमी का त्योहार, क्या है नागों को दूध चढ़ाने का महत्व Kajari Teej 2019: तीज पर बनने वाले पकवानों की विधि, जानें कब है कजरी तीज, तिथि, व्रत कथा, पूजन विधि और मुहूर्त Nag Panchami Date: कई जगहों पर नागपंचमी के दिन बासी भोजन लेने का रिवाज है.  - अनन्त, तक्षक तथा वासुकि तीनों भाई महर्षि कश्यप और उनकी पत्नी कद्रु के पुत्र थे, जो कि सभी सांपों के जनक माने जाते हैं. - नाग पंचमी के दिन सुबह सुबह स्नान कर साफ-सुथरे कपड़े पहन कर पूजा की जाती है. रक्षाबंधन 2018: भाई के लि‍ए 20 मिनट में झटपट बनाएं ये स्नैक्स - इस दिन सेंवई और चावल बनाने का रिवाज है.  - कई जगहों पर नागपंचमी के दिन बासी भोजन लेने का रिवाज है. इसके लिए नागपंचमी से पहली रात को ही खाना बना कर रख लिया जाता है, जिसे नागपंचमी के दिन खाया जाता है.  - नाग पंचमी के दिन दीवार को गेरू से पोता जाता है. दीवार के जिस हिस्से पर गेरू लगाया जाता है उस पर कोयला घिस कर नाग देवता की आकृति बनाने की मान्यता है. इस त्योहारी सीजन में फिट रहने के लिए आपके काम आएंगे ये टिप्‍स‌‌‌‌‌‌... - रिवाज है कि सोने, चांदी या लकड़ी की कलम से दरवाजे पर हल्दी या चन्दन से पांच फनों वाले नागदेवता का चित्र बनाया जाना शुभ है. - दीवार पर बने नागदेवताओं की दही, दूर्वा, चावल, दूर्वा, सेमई, फूल और चंदन से पूजा जाता है.  - इस दिन कई जगहों पर लोग नागों की बॉबी पर दूध चढ़ाते हैं.  - मान्यता है कि कुण्डली में कालसर्प दोष होने पर इस दिन ''ऊॅ कुरूकुल्ले फट स्वाहा'' मंत्र का जाप करने से लाभ होता है. सामग्री 2 टेबल स्पून मक्खन 100 ग्राम सेवई 25 ग्राम काजू 25 ग्राम बादाम 25 ग्राम किशमिश 600 ml (मिली.) दूध 3 टेबल स्पून चीनी 5 इलाइची एक चुटकी केसर Nagara Panchami Recipes : इस दिन सेंवई और चावल बनाने का रिवाज है.  1. एक पैन में मक्खन डालें और इसमें सेवई को भूनें. 2. इसमें काजू, बादाम और किशमिश डाले और इन्हें भी इसके साथ फ्राई करें. 3. एक दूसरे पैन में दूध में चीनी और इलाइची डालकर उबालें. 4. फ्राइड सेवई को दूध वाले पैन में डालें। सभी सामग्री को अच्छे से मिलाएं. 5. इसे पतला करने के ​लिए इसमें थोड़ा और दूध डालें. 6. गर्मागर्म सर्व करें. आप चाहे तो इसमें खुशबू के लिए थोड़ा सा गुलाब जब भी डाल सकते हैं. और खबरों के लिए क्लिक करें.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: इस साल नाग पंचमी 5 अगस्त (5 August, 2019, Nag Panchami) को होगी. नाग पंचमी के दिन नाग देवता की पूजा की जाती है. नाग पंचमी के दिन सेवई और चावल बनाने का रिवाज है.
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाओ: डिस्कवरी नेटवर्क एशिया पैसेफिक ने बच्चों के लिए चैनल शुरू किए जाने की घोषणा की है। 'डिस्कवरी किड्स' नाम का यह चैनल 4 से 11 वर्ष के बच्चों को ध्यान में रखकर पेश किया गया है। कंपनी के दक्षिण एशिया के उपाध्यक्ष राहुल जोहरी ने कहा कि बच्चों की श्रेणी में गुणवत्तापूर्ण सामग्री का काफी अभाव है। यह चैनल इस कमी को दूर करेगा। 24 घंटे का यह चैनल अंग्रेजी, हिन्दी तथा तमिल भाषा में उपलब्ध होगा।टिप्पणियां जोहरी ने कहा कि कंपनी अगले सप्ताह इन चैनलों को ध्यान में रखकर वेबसाइट पेश करेगी। देश में डिस्कवरी चैनल की शुरुआत 1995 में हुई थी। फिलहाल कंपनी भारत में डिस्कवरी के अलावा टीएलसी तथा एनिमल प्लानेट नाम से चैनल का प्रसारण करती है। बच्चों के चैनल की संभावना के बारे में उन्होंने कहा, भारत में करीब 37 करोड़ बच्चे हैं, जबकि चैनलों की संख्या केवल 5-6 है। अत: इस क्षेत्र में बड़ा बाजार है, जिसका दोहन अब तक नहीं हुआ है। कंपनी के दक्षिण एशिया के उपाध्यक्ष राहुल जोहरी ने कहा कि बच्चों की श्रेणी में गुणवत्तापूर्ण सामग्री का काफी अभाव है। यह चैनल इस कमी को दूर करेगा। 24 घंटे का यह चैनल अंग्रेजी, हिन्दी तथा तमिल भाषा में उपलब्ध होगा।टिप्पणियां जोहरी ने कहा कि कंपनी अगले सप्ताह इन चैनलों को ध्यान में रखकर वेबसाइट पेश करेगी। देश में डिस्कवरी चैनल की शुरुआत 1995 में हुई थी। फिलहाल कंपनी भारत में डिस्कवरी के अलावा टीएलसी तथा एनिमल प्लानेट नाम से चैनल का प्रसारण करती है। बच्चों के चैनल की संभावना के बारे में उन्होंने कहा, भारत में करीब 37 करोड़ बच्चे हैं, जबकि चैनलों की संख्या केवल 5-6 है। अत: इस क्षेत्र में बड़ा बाजार है, जिसका दोहन अब तक नहीं हुआ है। जोहरी ने कहा कि कंपनी अगले सप्ताह इन चैनलों को ध्यान में रखकर वेबसाइट पेश करेगी। देश में डिस्कवरी चैनल की शुरुआत 1995 में हुई थी। फिलहाल कंपनी भारत में डिस्कवरी के अलावा टीएलसी तथा एनिमल प्लानेट नाम से चैनल का प्रसारण करती है। बच्चों के चैनल की संभावना के बारे में उन्होंने कहा, भारत में करीब 37 करोड़ बच्चे हैं, जबकि चैनलों की संख्या केवल 5-6 है। अत: इस क्षेत्र में बड़ा बाजार है, जिसका दोहन अब तक नहीं हुआ है। बच्चों के चैनल की संभावना के बारे में उन्होंने कहा, भारत में करीब 37 करोड़ बच्चे हैं, जबकि चैनलों की संख्या केवल 5-6 है। अत: इस क्षेत्र में बड़ा बाजार है, जिसका दोहन अब तक नहीं हुआ है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: 'डिस्कवरी किड्स' नाम का यह चैनल 4 से 11 वर्ष के बच्चों को ध्यान में रखकर पेश किया गया है। 24 घंटे का यह चैनल अंग्रेजी, हिन्दी तथा तमिल भाषा में उपलब्ध होगा।
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['hin']
एक सारांश बनाओ: भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने नरेंद्र मोदी के 'हिन्दू राष्ट्रवादी' वाले बयान का खुलकर समर्थन करते हुए कहा है कि हम खुद को हिन्दू राष्ट्रवादी क्यों नहीं कह सकते हैं। अमेरिका के पांच-दिवसीय दौरे पर गए राजनाथ सिंह ने एनडीटीवी से खास बातचीत में कहा कि देश में हिन्दू हों या मुस्लिम हों या ईसाई सभी राष्ट्रवादी हैं। उन्होंने कहा कि यदि देश में मुस्लिम लीग पार्टी बन सकती है, तो हिन्दू राष्ट्रवादी कहलाने में क्या हर्ज है। उन्होंने कहा कि हम जिस धर्म को मानते हैं, उसे बतलाना कोई बुरी बात नहीं है। यह पूछे जाने पर कि क्या आगामी चुनाव में भाजपा हिन्दुत्व का मुद्दा उठाने की तैयारी में है, तो राजनाथ ने कहा कि ऐसा कुछ नहीं है और हम धर्म या जाति नहीं, बल्कि चुनाव में विकास के मुद्दे को उठाएंगे। नरेंद्र मोदी के 'कुत्ते का बच्चा' और 'बुर्का' वाले बयान के बारे में राजनाथ ने कहा कि इसे संदर्भ से अलग हटाकर पेश किया गया।टिप्पणियां गौरतलब है कि पिछले दिनों रॉयटर्स को दिए एक साक्षात्कार में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि वह राष्ट्रवादी हैं और हिन्दू भी हैं, इसलिए हिन्दू राष्ट्रवादी कहलाने में उन्हें कोई ऐतराज नहीं है। इसी इंटरव्यू में गुजरात दंगों के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा था कि जब उन्होंने कुछ गलत किया ही नहीं, तो अपराध बोध कैसा। हालांकि दंगा पीड़ितों के दर्द के बारे में मोदी ने कहा कि जब भी कोई पीड़ित होता है, तो मुख्यमंत्री होने के नाते उन्हें भी दर्द होता है। दंगों को लेकर अफसोस होने के बारे में पूछे जाने पर नरेंद्र मोदी ने कहा था, अगर कुत्ते का पिल्ला भी गाड़ी के नीचे आ जाता है, तो लोग दुखी हो जाते हैं। उनके इस बयान पर काफी हंगामा मचा था और विपक्षी दलों ने इसकी तीखी आलोचना की थी। हालांकि इस टिप्पणी पर सफाई देते हुए नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया था, हमारी संस्कृति में हर जीव बहुमूल्य और पूजनीय है। अमेरिका के पांच-दिवसीय दौरे पर गए राजनाथ सिंह ने एनडीटीवी से खास बातचीत में कहा कि देश में हिन्दू हों या मुस्लिम हों या ईसाई सभी राष्ट्रवादी हैं। उन्होंने कहा कि यदि देश में मुस्लिम लीग पार्टी बन सकती है, तो हिन्दू राष्ट्रवादी कहलाने में क्या हर्ज है। उन्होंने कहा कि हम जिस धर्म को मानते हैं, उसे बतलाना कोई बुरी बात नहीं है। यह पूछे जाने पर कि क्या आगामी चुनाव में भाजपा हिन्दुत्व का मुद्दा उठाने की तैयारी में है, तो राजनाथ ने कहा कि ऐसा कुछ नहीं है और हम धर्म या जाति नहीं, बल्कि चुनाव में विकास के मुद्दे को उठाएंगे। नरेंद्र मोदी के 'कुत्ते का बच्चा' और 'बुर्का' वाले बयान के बारे में राजनाथ ने कहा कि इसे संदर्भ से अलग हटाकर पेश किया गया।टिप्पणियां गौरतलब है कि पिछले दिनों रॉयटर्स को दिए एक साक्षात्कार में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि वह राष्ट्रवादी हैं और हिन्दू भी हैं, इसलिए हिन्दू राष्ट्रवादी कहलाने में उन्हें कोई ऐतराज नहीं है। इसी इंटरव्यू में गुजरात दंगों के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा था कि जब उन्होंने कुछ गलत किया ही नहीं, तो अपराध बोध कैसा। हालांकि दंगा पीड़ितों के दर्द के बारे में मोदी ने कहा कि जब भी कोई पीड़ित होता है, तो मुख्यमंत्री होने के नाते उन्हें भी दर्द होता है। दंगों को लेकर अफसोस होने के बारे में पूछे जाने पर नरेंद्र मोदी ने कहा था, अगर कुत्ते का पिल्ला भी गाड़ी के नीचे आ जाता है, तो लोग दुखी हो जाते हैं। उनके इस बयान पर काफी हंगामा मचा था और विपक्षी दलों ने इसकी तीखी आलोचना की थी। हालांकि इस टिप्पणी पर सफाई देते हुए नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया था, हमारी संस्कृति में हर जीव बहुमूल्य और पूजनीय है। उन्होंने कहा कि हम जिस धर्म को मानते हैं, उसे बतलाना कोई बुरी बात नहीं है। यह पूछे जाने पर कि क्या आगामी चुनाव में भाजपा हिन्दुत्व का मुद्दा उठाने की तैयारी में है, तो राजनाथ ने कहा कि ऐसा कुछ नहीं है और हम धर्म या जाति नहीं, बल्कि चुनाव में विकास के मुद्दे को उठाएंगे। नरेंद्र मोदी के 'कुत्ते का बच्चा' और 'बुर्का' वाले बयान के बारे में राजनाथ ने कहा कि इसे संदर्भ से अलग हटाकर पेश किया गया।टिप्पणियां गौरतलब है कि पिछले दिनों रॉयटर्स को दिए एक साक्षात्कार में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि वह राष्ट्रवादी हैं और हिन्दू भी हैं, इसलिए हिन्दू राष्ट्रवादी कहलाने में उन्हें कोई ऐतराज नहीं है। इसी इंटरव्यू में गुजरात दंगों के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा था कि जब उन्होंने कुछ गलत किया ही नहीं, तो अपराध बोध कैसा। हालांकि दंगा पीड़ितों के दर्द के बारे में मोदी ने कहा कि जब भी कोई पीड़ित होता है, तो मुख्यमंत्री होने के नाते उन्हें भी दर्द होता है। दंगों को लेकर अफसोस होने के बारे में पूछे जाने पर नरेंद्र मोदी ने कहा था, अगर कुत्ते का पिल्ला भी गाड़ी के नीचे आ जाता है, तो लोग दुखी हो जाते हैं। उनके इस बयान पर काफी हंगामा मचा था और विपक्षी दलों ने इसकी तीखी आलोचना की थी। हालांकि इस टिप्पणी पर सफाई देते हुए नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया था, हमारी संस्कृति में हर जीव बहुमूल्य और पूजनीय है। गौरतलब है कि पिछले दिनों रॉयटर्स को दिए एक साक्षात्कार में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि वह राष्ट्रवादी हैं और हिन्दू भी हैं, इसलिए हिन्दू राष्ट्रवादी कहलाने में उन्हें कोई ऐतराज नहीं है। इसी इंटरव्यू में गुजरात दंगों के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा था कि जब उन्होंने कुछ गलत किया ही नहीं, तो अपराध बोध कैसा। हालांकि दंगा पीड़ितों के दर्द के बारे में मोदी ने कहा कि जब भी कोई पीड़ित होता है, तो मुख्यमंत्री होने के नाते उन्हें भी दर्द होता है। दंगों को लेकर अफसोस होने के बारे में पूछे जाने पर नरेंद्र मोदी ने कहा था, अगर कुत्ते का पिल्ला भी गाड़ी के नीचे आ जाता है, तो लोग दुखी हो जाते हैं। उनके इस बयान पर काफी हंगामा मचा था और विपक्षी दलों ने इसकी तीखी आलोचना की थी। हालांकि इस टिप्पणी पर सफाई देते हुए नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया था, हमारी संस्कृति में हर जीव बहुमूल्य और पूजनीय है। दंगों को लेकर अफसोस होने के बारे में पूछे जाने पर नरेंद्र मोदी ने कहा था, अगर कुत्ते का पिल्ला भी गाड़ी के नीचे आ जाता है, तो लोग दुखी हो जाते हैं। उनके इस बयान पर काफी हंगामा मचा था और विपक्षी दलों ने इसकी तीखी आलोचना की थी। हालांकि इस टिप्पणी पर सफाई देते हुए नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया था, हमारी संस्कृति में हर जीव बहुमूल्य और पूजनीय है।
अमेरिका के दौरे पर गए भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने एनडीटीवी से खास बाचतीत में कहा कि यदि देश में मुस्लिम लीग पार्टी बन सकती है, तो हिन्दू राष्ट्रवादी कहलाने में क्या हर्ज है। उन्होंने कहा, हम जिस धर्म को मानते हैं, उसे बतलाना कोई बुरी बात नहीं है।
26
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: मुंबई में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास निर्माणाधीन पुल का एक हिस्सा ढह जाने से तीन लोगों की मौत हो गई और सात अन्य घायल हो गए।टिप्पणियां पुलिस ने पुल बना रही कंपनी के इंजीनियर, कर्मचारी और ठेकेदार के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुल के ढहे मलबे को मौके से हटा लिया गया है। घटनास्थल पर बचाव कार्य के लिए अग्निशमन विभाग के आठ दस्तों और चार एंबुलेंस को भेजा गया था। अधिकारियों ने कहा कि मलबे में फंसे अधिकांश लोग मजदूर थे। घायलों को कूपर हॉस्पिटल और वीएन देसाई हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने पुल बना रही कंपनी के इंजीनियर, कर्मचारी और ठेकेदार के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुल के ढहे मलबे को मौके से हटा लिया गया है। घटनास्थल पर बचाव कार्य के लिए अग्निशमन विभाग के आठ दस्तों और चार एंबुलेंस को भेजा गया था। अधिकारियों ने कहा कि मलबे में फंसे अधिकांश लोग मजदूर थे। घायलों को कूपर हॉस्पिटल और वीएन देसाई हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। अधिकारियों ने कहा कि मलबे में फंसे अधिकांश लोग मजदूर थे। घायलों को कूपर हॉस्पिटल और वीएन देसाई हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।
संक्षिप्त पाठ: मुंबई में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास निर्माणाधीन पुल का एक हिस्सा ढह जाने से तीन लोगों की मौत हो गई और सात अन्य घायल हो गए। घायलों को कूपर हॉस्पिटल और वीएन देसाई हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।
14
['hin']
एक सारांश बनाओ: झारखंड के रामगढ़ में तथाकथित गोरक्षकों के हाथों हुई हिंसा में एक शख़्स के मारे जाने के बाद मामले में अबतक एक गिरफ़्तारी की गई है. वहीं, मामले में आरोपी 8 अन्य के ख़िलाफ़ भी पुलिस ने गिरफ़्तारी वारंट जारी किया है. मामले में 12 लोगों के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज की गई है. इलाक़े में धारा 144 लागू है. फ़िलहाल स्थिति सामान्य है. वहीं सीएम रघुवर दास ने रामगढ़ और गिरिडीह मामले की त्वरित जांच के आदेश दिए हैं. इसके साथ ही सीएम ने शुक्रवार को देवघर में ये ऐलान किया है कि बीफ़ से जुड़ी किसी मामले के सामने आने पर स्थानीय पुलिस स्टेशन के एसएचओ को सस्पेंड कर दिया जाएगा. तनाव अभी भी बरक़रार है. धारा 144 लागू है. पुलिस ने 12 लोगों के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज की है. सरकार ने मृतक के परिजनों को 2 लाख का मुआवज़ा देने का एलान किया है, हालांकि परिवार इससे नाख़ुश है. उधर, पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है. पोस्टमार्टम के बाद परिवार ने पहले शव लेने से इनकार कर दिया था, लेकिन बाद में वे मान गए हालांकि इस खबर का एक और पहलू सामने आ रहा है. मृतक और आरोपी दोनों एक-दूसरे को पहले से जानते थे. ऐसे में ये मामला आपसी रंजिश का भी हो सकता है.  रामगढ़ के एसपी किशोर कौशल का कहना है कि कुछ गिरफ्तारियां भी हुई हैं. कुछ नामज़द लोगों की गिरफ्तारियां भी हुई हैं. हत्या के बाद इलाके में कड़े सुरक्षा इंतज़ाम किए गए हैं. अभी शहर में स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है.टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि अलीमुद्दीन उर्फ असगर अंसारी एक मारुति वैन में मांस ले जा रहा था. तभी किसी ने अफवाह फैला दी कि वैन में बीफ है. लोगों के एक समूह ने बाजरटांड गांव में असगर को रोका और उस पर बेरहमी से हमला कर दिया उसकी वैन में आग लगा दी. पुलिस ने उसे भीड़ से बचाया और अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. इससे पहले गुरुवार को पीएम नरेंद्र मोदी ने भीड़ की हिंसा को गलत ठहराते हुए गुजरात में कहा था कि गोरक्षा के नाम पर हिंसा क्यों? मौजूदा हालातों पर पीड़ा होती है. गाय की सेवा ही गाय की भक्ति है. गोरक्षा के नाम पर हिंसा ठीक नहीं है. देश को अहिंसा के रास्ते पर चलना होगा. गोभक्ति के नाम पर लोगों हत्या स्वीकार नहीं की जाएगी. अगर वह इंसान गलत है तो कानून अपना काम करेगा, किसी को भी कानून हाथ में लेने की जरूरत नहीं है. हिंसा समस्या का समाधान नहीं है. तनाव अभी भी बरक़रार है. धारा 144 लागू है. पुलिस ने 12 लोगों के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज की है. सरकार ने मृतक के परिजनों को 2 लाख का मुआवज़ा देने का एलान किया है, हालांकि परिवार इससे नाख़ुश है. उधर, पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है. पोस्टमार्टम के बाद परिवार ने पहले शव लेने से इनकार कर दिया था, लेकिन बाद में वे मान गए हालांकि इस खबर का एक और पहलू सामने आ रहा है. मृतक और आरोपी दोनों एक-दूसरे को पहले से जानते थे. ऐसे में ये मामला आपसी रंजिश का भी हो सकता है.  रामगढ़ के एसपी किशोर कौशल का कहना है कि कुछ गिरफ्तारियां भी हुई हैं. कुछ नामज़द लोगों की गिरफ्तारियां भी हुई हैं. हत्या के बाद इलाके में कड़े सुरक्षा इंतज़ाम किए गए हैं. अभी शहर में स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है.टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि अलीमुद्दीन उर्फ असगर अंसारी एक मारुति वैन में मांस ले जा रहा था. तभी किसी ने अफवाह फैला दी कि वैन में बीफ है. लोगों के एक समूह ने बाजरटांड गांव में असगर को रोका और उस पर बेरहमी से हमला कर दिया उसकी वैन में आग लगा दी. पुलिस ने उसे भीड़ से बचाया और अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. इससे पहले गुरुवार को पीएम नरेंद्र मोदी ने भीड़ की हिंसा को गलत ठहराते हुए गुजरात में कहा था कि गोरक्षा के नाम पर हिंसा क्यों? मौजूदा हालातों पर पीड़ा होती है. गाय की सेवा ही गाय की भक्ति है. गोरक्षा के नाम पर हिंसा ठीक नहीं है. देश को अहिंसा के रास्ते पर चलना होगा. गोभक्ति के नाम पर लोगों हत्या स्वीकार नहीं की जाएगी. अगर वह इंसान गलत है तो कानून अपना काम करेगा, किसी को भी कानून हाथ में लेने की जरूरत नहीं है. हिंसा समस्या का समाधान नहीं है. उधर, पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है. पोस्टमार्टम के बाद परिवार ने पहले शव लेने से इनकार कर दिया था, लेकिन बाद में वे मान गए हालांकि इस खबर का एक और पहलू सामने आ रहा है. मृतक और आरोपी दोनों एक-दूसरे को पहले से जानते थे. ऐसे में ये मामला आपसी रंजिश का भी हो सकता है.  रामगढ़ के एसपी किशोर कौशल का कहना है कि कुछ गिरफ्तारियां भी हुई हैं. कुछ नामज़द लोगों की गिरफ्तारियां भी हुई हैं. हत्या के बाद इलाके में कड़े सुरक्षा इंतज़ाम किए गए हैं. अभी शहर में स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है.टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि अलीमुद्दीन उर्फ असगर अंसारी एक मारुति वैन में मांस ले जा रहा था. तभी किसी ने अफवाह फैला दी कि वैन में बीफ है. लोगों के एक समूह ने बाजरटांड गांव में असगर को रोका और उस पर बेरहमी से हमला कर दिया उसकी वैन में आग लगा दी. पुलिस ने उसे भीड़ से बचाया और अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. इससे पहले गुरुवार को पीएम नरेंद्र मोदी ने भीड़ की हिंसा को गलत ठहराते हुए गुजरात में कहा था कि गोरक्षा के नाम पर हिंसा क्यों? मौजूदा हालातों पर पीड़ा होती है. गाय की सेवा ही गाय की भक्ति है. गोरक्षा के नाम पर हिंसा ठीक नहीं है. देश को अहिंसा के रास्ते पर चलना होगा. गोभक्ति के नाम पर लोगों हत्या स्वीकार नहीं की जाएगी. अगर वह इंसान गलत है तो कानून अपना काम करेगा, किसी को भी कानून हाथ में लेने की जरूरत नहीं है. हिंसा समस्या का समाधान नहीं है. रामगढ़ के एसपी किशोर कौशल का कहना है कि कुछ गिरफ्तारियां भी हुई हैं. कुछ नामज़द लोगों की गिरफ्तारियां भी हुई हैं. हत्या के बाद इलाके में कड़े सुरक्षा इंतज़ाम किए गए हैं. अभी शहर में स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है.टिप्पणियां उल्लेखनीय है कि अलीमुद्दीन उर्फ असगर अंसारी एक मारुति वैन में मांस ले जा रहा था. तभी किसी ने अफवाह फैला दी कि वैन में बीफ है. लोगों के एक समूह ने बाजरटांड गांव में असगर को रोका और उस पर बेरहमी से हमला कर दिया उसकी वैन में आग लगा दी. पुलिस ने उसे भीड़ से बचाया और अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. इससे पहले गुरुवार को पीएम नरेंद्र मोदी ने भीड़ की हिंसा को गलत ठहराते हुए गुजरात में कहा था कि गोरक्षा के नाम पर हिंसा क्यों? मौजूदा हालातों पर पीड़ा होती है. गाय की सेवा ही गाय की भक्ति है. गोरक्षा के नाम पर हिंसा ठीक नहीं है. देश को अहिंसा के रास्ते पर चलना होगा. गोभक्ति के नाम पर लोगों हत्या स्वीकार नहीं की जाएगी. अगर वह इंसान गलत है तो कानून अपना काम करेगा, किसी को भी कानून हाथ में लेने की जरूरत नहीं है. हिंसा समस्या का समाधान नहीं है. उल्लेखनीय है कि अलीमुद्दीन उर्फ असगर अंसारी एक मारुति वैन में मांस ले जा रहा था. तभी किसी ने अफवाह फैला दी कि वैन में बीफ है. लोगों के एक समूह ने बाजरटांड गांव में असगर को रोका और उस पर बेरहमी से हमला कर दिया उसकी वैन में आग लगा दी. पुलिस ने उसे भीड़ से बचाया और अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. इससे पहले गुरुवार को पीएम नरेंद्र मोदी ने भीड़ की हिंसा को गलत ठहराते हुए गुजरात में कहा था कि गोरक्षा के नाम पर हिंसा क्यों? मौजूदा हालातों पर पीड़ा होती है. गाय की सेवा ही गाय की भक्ति है. गोरक्षा के नाम पर हिंसा ठीक नहीं है. देश को अहिंसा के रास्ते पर चलना होगा. गोभक्ति के नाम पर लोगों हत्या स्वीकार नहीं की जाएगी. अगर वह इंसान गलत है तो कानून अपना काम करेगा, किसी को भी कानून हाथ में लेने की जरूरत नहीं है. हिंसा समस्या का समाधान नहीं है. इससे पहले गुरुवार को पीएम नरेंद्र मोदी ने भीड़ की हिंसा को गलत ठहराते हुए गुजरात में कहा था कि गोरक्षा के नाम पर हिंसा क्यों? मौजूदा हालातों पर पीड़ा होती है. गाय की सेवा ही गाय की भक्ति है. गोरक्षा के नाम पर हिंसा ठीक नहीं है. देश को अहिंसा के रास्ते पर चलना होगा. गोभक्ति के नाम पर लोगों हत्या स्वीकार नहीं की जाएगी. अगर वह इंसान गलत है तो कानून अपना काम करेगा, किसी को भी कानून हाथ में लेने की जरूरत नहीं है. हिंसा समस्या का समाधान नहीं है.
झारखंड में तथाकथित गोरक्षकों के हाथों हुई हिंसा में एक शख़्स की मौत मामले में आरोपी 8 अन्य के ख़िलाफ़ भी पुलिस ने गिरफ़्तारी वारंट जारी किया मामले में 12 लोगों के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज की गई है.
26
['hin']
एक सारांश बनाओ: कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी 4 अक्टूबर को कश्मीर में एक सुरंग की आधारशिला रखेंगे। इस मौके पर राज्य के मुख्यमंत्री उमर अबदुल्ला भी मौजूद होंगे। सोनमर्ग के पास जेड मोड़ पर बनने वाली इस सुरंग की लंबाई साढ़े छह किलोमीटर होगी। श्रीनगर और लेह के बीच सालभर सड़क संपर्क बना रहे इस लिहाज़ से यह सुरंग काफी अहम है। इसे बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन बनाएगा। इस पर 2700 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है और इसे 2018 तक बनाने का लक्ष्य रखा गया है। सड़क परिवहन मंत्री सीपी जोशी के मुताबिक यह टनल स्टेट ऑफ द आर्ट का बेहतरीन नमूना होगा और इससे कश्मीर में विंटर टूरिज़्म को बढ़ावा मिलेगा।टिप्पणियां केन्द्र सरकार की कोशिश अगले साल जुलाई से जोज़िला दर्रे के नीचे प्रस्तावित सुरंग की आधारशिला रखने की भी है। यह सुरंग साढ़े तेरह किलोमीटर लंबी होगी। यह सुरंग न सिर्फ सोनमर्ग और द्रास के बीच की दूरी कम होगी बल्कि सर्दियों में भारी बर्फबारी के बावजूद श्रीनगर और करगिल के बीच की सड़क को खुला रखेगी। अभी जोजिला में भारी बर्फबारी और भूस्खलन के कारण सर्दियों में सड़क बंद हो जाती है जिससे करगिल और लेह का बाकी देश से सड़क संपर्क टूट जाता है। बर्फबारी से रोहतांग दर्रे भी साल में कम से कम छह महीने बंद रहता है। इसलिए हिमाचल प्रदेश के रास्ते भी लेह तक पहुंचना मुमकिन नहीं होता। सुरंग बनाने का काम यहां भी चल रहा है। श्रीनगर और लेह के बीच सालभर सड़क संपर्क बना रहे इस लिहाज़ से यह सुरंग काफी अहम है। इसे बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन बनाएगा। इस पर 2700 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है और इसे 2018 तक बनाने का लक्ष्य रखा गया है। सड़क परिवहन मंत्री सीपी जोशी के मुताबिक यह टनल स्टेट ऑफ द आर्ट का बेहतरीन नमूना होगा और इससे कश्मीर में विंटर टूरिज़्म को बढ़ावा मिलेगा।टिप्पणियां केन्द्र सरकार की कोशिश अगले साल जुलाई से जोज़िला दर्रे के नीचे प्रस्तावित सुरंग की आधारशिला रखने की भी है। यह सुरंग साढ़े तेरह किलोमीटर लंबी होगी। यह सुरंग न सिर्फ सोनमर्ग और द्रास के बीच की दूरी कम होगी बल्कि सर्दियों में भारी बर्फबारी के बावजूद श्रीनगर और करगिल के बीच की सड़क को खुला रखेगी। अभी जोजिला में भारी बर्फबारी और भूस्खलन के कारण सर्दियों में सड़क बंद हो जाती है जिससे करगिल और लेह का बाकी देश से सड़क संपर्क टूट जाता है। बर्फबारी से रोहतांग दर्रे भी साल में कम से कम छह महीने बंद रहता है। इसलिए हिमाचल प्रदेश के रास्ते भी लेह तक पहुंचना मुमकिन नहीं होता। सुरंग बनाने का काम यहां भी चल रहा है। सड़क परिवहन मंत्री सीपी जोशी के मुताबिक यह टनल स्टेट ऑफ द आर्ट का बेहतरीन नमूना होगा और इससे कश्मीर में विंटर टूरिज़्म को बढ़ावा मिलेगा।टिप्पणियां केन्द्र सरकार की कोशिश अगले साल जुलाई से जोज़िला दर्रे के नीचे प्रस्तावित सुरंग की आधारशिला रखने की भी है। यह सुरंग साढ़े तेरह किलोमीटर लंबी होगी। यह सुरंग न सिर्फ सोनमर्ग और द्रास के बीच की दूरी कम होगी बल्कि सर्दियों में भारी बर्फबारी के बावजूद श्रीनगर और करगिल के बीच की सड़क को खुला रखेगी। अभी जोजिला में भारी बर्फबारी और भूस्खलन के कारण सर्दियों में सड़क बंद हो जाती है जिससे करगिल और लेह का बाकी देश से सड़क संपर्क टूट जाता है। बर्फबारी से रोहतांग दर्रे भी साल में कम से कम छह महीने बंद रहता है। इसलिए हिमाचल प्रदेश के रास्ते भी लेह तक पहुंचना मुमकिन नहीं होता। सुरंग बनाने का काम यहां भी चल रहा है। केन्द्र सरकार की कोशिश अगले साल जुलाई से जोज़िला दर्रे के नीचे प्रस्तावित सुरंग की आधारशिला रखने की भी है। यह सुरंग साढ़े तेरह किलोमीटर लंबी होगी। यह सुरंग न सिर्फ सोनमर्ग और द्रास के बीच की दूरी कम होगी बल्कि सर्दियों में भारी बर्फबारी के बावजूद श्रीनगर और करगिल के बीच की सड़क को खुला रखेगी। अभी जोजिला में भारी बर्फबारी और भूस्खलन के कारण सर्दियों में सड़क बंद हो जाती है जिससे करगिल और लेह का बाकी देश से सड़क संपर्क टूट जाता है। बर्फबारी से रोहतांग दर्रे भी साल में कम से कम छह महीने बंद रहता है। इसलिए हिमाचल प्रदेश के रास्ते भी लेह तक पहुंचना मुमकिन नहीं होता। सुरंग बनाने का काम यहां भी चल रहा है। अभी जोजिला में भारी बर्फबारी और भूस्खलन के कारण सर्दियों में सड़क बंद हो जाती है जिससे करगिल और लेह का बाकी देश से सड़क संपर्क टूट जाता है। बर्फबारी से रोहतांग दर्रे भी साल में कम से कम छह महीने बंद रहता है। इसलिए हिमाचल प्रदेश के रास्ते भी लेह तक पहुंचना मुमकिन नहीं होता। सुरंग बनाने का काम यहां भी चल रहा है।
कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी 4 अक्टूबर को कश्मीर में एक सुरंग की आधारशिला रखेंगे। इस मौके पर राज्य के मुख्यमंत्री उमर अबदुल्ला भी मौजूद होंगे।
26
['hin']
एक सारांश बनाओ: भारतीय नौसेना का नौकायन पोत 'आईएनएसवी तारिणी' अपनी पहली समुद्री यात्रा पर मंगलवार को मॉरीशस पहुंचा. इस नौका के चालक दल की सभी सदस्य महिलाएं हैं. नौसेना की महिला टीम दुनिया का चक्कर लगाने के अभियान पर इसी पोत से निकलेगी. रक्षा मंत्रालय के एक बयान में इसकी जानकारी दी गई. इस पोत को भारतीय नौसेना में इस साल फरवरी में शामिल किया गया था, जो आईएनएसवी महादेवी श्रेणी का है. बयान के मुताबिक, "तारिणी ने भारतीय महिलाओं द्वारा सागर नौकायन के क्षेत्र में नया अध्याय शुरू कर दिया है. अगस्त 2017 में भारतीय नौसेना की पहली महिला टीम दुनिया का चक्कर लगाने के अभियान पर निकलेगी." बयान के मुताबिक, "तारिणी का उद्देश्य आगामी वर्षो में युवा नौसैनिकों में साहस तथा सौहार्द्र को बढ़ावा देना है." आईएनएसवी तारिणी 55 फुट लंबा है तथा भारतीय नौसेना की 'मेक इन इंडिया' पहल की तर्ज पर गोवा के दिवार में एक्वेरियस शिपयार्ड प्राइवेट लिमिटेड में बना है. नौकायन पोत का नेतृत्व लेफ्टिनेंट कमांडर वर्तिका जोशी, नौसेना का एक आर्किटेक्ट, सभी महिला नौसेना अधिकारी लेफ्टिनेंट कमांडर प्रतिभा जामवाल, लेफ्टिनेंट पी स्वाति, विजया देवी, पायल गुप्ता तथा बी ऐश्वर्य कर रही हैं.टिप्पणियां इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू 2016 के दौरान नौसेना की महिला टीम आईएनएस महादेवी गोवा से विशाखापट्टनम तक का सफर पहले ही तय कर चुकी हैं, जिसके बाद वे मॉरिशस गईं और फिर वहां से लौटीं. इसके बाद, वे दिसंबर 2016 में नौकायन पोत लेकर केपटाउन भी गईं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) बयान के मुताबिक, "तारिणी ने भारतीय महिलाओं द्वारा सागर नौकायन के क्षेत्र में नया अध्याय शुरू कर दिया है. अगस्त 2017 में भारतीय नौसेना की पहली महिला टीम दुनिया का चक्कर लगाने के अभियान पर निकलेगी." बयान के मुताबिक, "तारिणी का उद्देश्य आगामी वर्षो में युवा नौसैनिकों में साहस तथा सौहार्द्र को बढ़ावा देना है." आईएनएसवी तारिणी 55 फुट लंबा है तथा भारतीय नौसेना की 'मेक इन इंडिया' पहल की तर्ज पर गोवा के दिवार में एक्वेरियस शिपयार्ड प्राइवेट लिमिटेड में बना है. नौकायन पोत का नेतृत्व लेफ्टिनेंट कमांडर वर्तिका जोशी, नौसेना का एक आर्किटेक्ट, सभी महिला नौसेना अधिकारी लेफ्टिनेंट कमांडर प्रतिभा जामवाल, लेफ्टिनेंट पी स्वाति, विजया देवी, पायल गुप्ता तथा बी ऐश्वर्य कर रही हैं.टिप्पणियां इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू 2016 के दौरान नौसेना की महिला टीम आईएनएस महादेवी गोवा से विशाखापट्टनम तक का सफर पहले ही तय कर चुकी हैं, जिसके बाद वे मॉरिशस गईं और फिर वहां से लौटीं. इसके बाद, वे दिसंबर 2016 में नौकायन पोत लेकर केपटाउन भी गईं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) आईएनएसवी तारिणी 55 फुट लंबा है तथा भारतीय नौसेना की 'मेक इन इंडिया' पहल की तर्ज पर गोवा के दिवार में एक्वेरियस शिपयार्ड प्राइवेट लिमिटेड में बना है. नौकायन पोत का नेतृत्व लेफ्टिनेंट कमांडर वर्तिका जोशी, नौसेना का एक आर्किटेक्ट, सभी महिला नौसेना अधिकारी लेफ्टिनेंट कमांडर प्रतिभा जामवाल, लेफ्टिनेंट पी स्वाति, विजया देवी, पायल गुप्ता तथा बी ऐश्वर्य कर रही हैं.टिप्पणियां इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू 2016 के दौरान नौसेना की महिला टीम आईएनएस महादेवी गोवा से विशाखापट्टनम तक का सफर पहले ही तय कर चुकी हैं, जिसके बाद वे मॉरिशस गईं और फिर वहां से लौटीं. इसके बाद, वे दिसंबर 2016 में नौकायन पोत लेकर केपटाउन भी गईं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) नौकायन पोत का नेतृत्व लेफ्टिनेंट कमांडर वर्तिका जोशी, नौसेना का एक आर्किटेक्ट, सभी महिला नौसेना अधिकारी लेफ्टिनेंट कमांडर प्रतिभा जामवाल, लेफ्टिनेंट पी स्वाति, विजया देवी, पायल गुप्ता तथा बी ऐश्वर्य कर रही हैं.टिप्पणियां इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू 2016 के दौरान नौसेना की महिला टीम आईएनएस महादेवी गोवा से विशाखापट्टनम तक का सफर पहले ही तय कर चुकी हैं, जिसके बाद वे मॉरिशस गईं और फिर वहां से लौटीं. इसके बाद, वे दिसंबर 2016 में नौकायन पोत लेकर केपटाउन भी गईं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू 2016 के दौरान नौसेना की महिला टीम आईएनएस महादेवी गोवा से विशाखापट्टनम तक का सफर पहले ही तय कर चुकी हैं, जिसके बाद वे मॉरिशस गईं और फिर वहां से लौटीं. इसके बाद, वे दिसंबर 2016 में नौकायन पोत लेकर केपटाउन भी गईं.(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त पाठ: पोत को भारतीय नौसेना में इस साल फरवरी में शामिल किया गया महिलाओं द्वारा सागर नौकायन के क्षेत्र में नया अध्याय शुरू आईएनएसवी तारिणी 55 फुट लंबा, गोवा में हुआ निर्माण
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['hin']
एक सारांश बनाओ: राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की पुस्तकों में कार्टूनों का परीक्षण करने के लिए गठित समिति के बारे में समझा जाता है कि उसने कुछ आपत्तिजनक कार्टूनों को हटाने की सिफारिश की हैलेकिन उसी के साथ उसने सही कार्टूनों के चयन के लिए दिशा-निर्देश तैयार किये जाने का भी सुझाव दिया है। सूत्रों ने बताया कि छह सदस्यीय पैनल महसूस करता है कि कार्टून शिक्षण के अच्छे औजार हैं और उन्हें पूरी तरह अस्वीकार नहीं किया जा सकता। राजनीति विज्ञान की पाठ्यपुस्तक में बीआर अंबेडकर के कार्टून पर विवाद उत्पन्न होने के बाद इस समिति का गठन किया गया था। भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद के अध्यक्ष सुखदेव थोराट की अध्यक्षता वाली इस समिति ने दो चार दिन पहले अपनी रिपोर्ट एनसीईआरटी को सौंपी थी। समिति ने राजनीति विज्ञान और सामाजिक विज्ञान की छह पाठ्यपुस्तकों में कार्टूनों, चित्रों और अन्य सामग्रियों पर गौर किया। इससे पहले मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल ने संसद में आश्वासन दिया था कि उन्होंने आपत्तिजनक सामग्री हटाने और पुस्तकों का वितरण रोकने का निर्देश दिया है। टिप्पणियां पाठ्यपुस्तक के सलाहकार के रूप में अंबेडकर कार्टून को मंजूरी देने वाले योंगेंद्र यादव और सुहास पालसीकर ने विवाद खड़ा होने के बाद इस्तीफा दे दिया था। एनसीईआरटी सूत्रों ने बताया कि बदलाव तत्काल प्रभाव से शामिल किये जाएंगे ताकि छात्रों को कोई असुविधा नहीं हो और संशोधित पुस्तकें समय से उन्हें उपलब्ध हो जाएं। समझा जाता है कि समिति ने नकारात्मक प्रभाव डालने वाली समाग्रियों में कुछ बदलाव करने तथा पाठ्यपुस्तक में उचित संशोधन करने की सिफारिश की है। सूत्रों ने बताया कि छह सदस्यीय पैनल महसूस करता है कि कार्टून शिक्षण के अच्छे औजार हैं और उन्हें पूरी तरह अस्वीकार नहीं किया जा सकता। राजनीति विज्ञान की पाठ्यपुस्तक में बीआर अंबेडकर के कार्टून पर विवाद उत्पन्न होने के बाद इस समिति का गठन किया गया था। भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद के अध्यक्ष सुखदेव थोराट की अध्यक्षता वाली इस समिति ने दो चार दिन पहले अपनी रिपोर्ट एनसीईआरटी को सौंपी थी। समिति ने राजनीति विज्ञान और सामाजिक विज्ञान की छह पाठ्यपुस्तकों में कार्टूनों, चित्रों और अन्य सामग्रियों पर गौर किया। इससे पहले मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल ने संसद में आश्वासन दिया था कि उन्होंने आपत्तिजनक सामग्री हटाने और पुस्तकों का वितरण रोकने का निर्देश दिया है। टिप्पणियां पाठ्यपुस्तक के सलाहकार के रूप में अंबेडकर कार्टून को मंजूरी देने वाले योंगेंद्र यादव और सुहास पालसीकर ने विवाद खड़ा होने के बाद इस्तीफा दे दिया था। एनसीईआरटी सूत्रों ने बताया कि बदलाव तत्काल प्रभाव से शामिल किये जाएंगे ताकि छात्रों को कोई असुविधा नहीं हो और संशोधित पुस्तकें समय से उन्हें उपलब्ध हो जाएं। समझा जाता है कि समिति ने नकारात्मक प्रभाव डालने वाली समाग्रियों में कुछ बदलाव करने तथा पाठ्यपुस्तक में उचित संशोधन करने की सिफारिश की है। भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद के अध्यक्ष सुखदेव थोराट की अध्यक्षता वाली इस समिति ने दो चार दिन पहले अपनी रिपोर्ट एनसीईआरटी को सौंपी थी। समिति ने राजनीति विज्ञान और सामाजिक विज्ञान की छह पाठ्यपुस्तकों में कार्टूनों, चित्रों और अन्य सामग्रियों पर गौर किया। इससे पहले मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल ने संसद में आश्वासन दिया था कि उन्होंने आपत्तिजनक सामग्री हटाने और पुस्तकों का वितरण रोकने का निर्देश दिया है। टिप्पणियां पाठ्यपुस्तक के सलाहकार के रूप में अंबेडकर कार्टून को मंजूरी देने वाले योंगेंद्र यादव और सुहास पालसीकर ने विवाद खड़ा होने के बाद इस्तीफा दे दिया था। एनसीईआरटी सूत्रों ने बताया कि बदलाव तत्काल प्रभाव से शामिल किये जाएंगे ताकि छात्रों को कोई असुविधा नहीं हो और संशोधित पुस्तकें समय से उन्हें उपलब्ध हो जाएं। समझा जाता है कि समिति ने नकारात्मक प्रभाव डालने वाली समाग्रियों में कुछ बदलाव करने तथा पाठ्यपुस्तक में उचित संशोधन करने की सिफारिश की है। समिति ने राजनीति विज्ञान और सामाजिक विज्ञान की छह पाठ्यपुस्तकों में कार्टूनों, चित्रों और अन्य सामग्रियों पर गौर किया। इससे पहले मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल ने संसद में आश्वासन दिया था कि उन्होंने आपत्तिजनक सामग्री हटाने और पुस्तकों का वितरण रोकने का निर्देश दिया है। टिप्पणियां पाठ्यपुस्तक के सलाहकार के रूप में अंबेडकर कार्टून को मंजूरी देने वाले योंगेंद्र यादव और सुहास पालसीकर ने विवाद खड़ा होने के बाद इस्तीफा दे दिया था। एनसीईआरटी सूत्रों ने बताया कि बदलाव तत्काल प्रभाव से शामिल किये जाएंगे ताकि छात्रों को कोई असुविधा नहीं हो और संशोधित पुस्तकें समय से उन्हें उपलब्ध हो जाएं। समझा जाता है कि समिति ने नकारात्मक प्रभाव डालने वाली समाग्रियों में कुछ बदलाव करने तथा पाठ्यपुस्तक में उचित संशोधन करने की सिफारिश की है। पाठ्यपुस्तक के सलाहकार के रूप में अंबेडकर कार्टून को मंजूरी देने वाले योंगेंद्र यादव और सुहास पालसीकर ने विवाद खड़ा होने के बाद इस्तीफा दे दिया था। एनसीईआरटी सूत्रों ने बताया कि बदलाव तत्काल प्रभाव से शामिल किये जाएंगे ताकि छात्रों को कोई असुविधा नहीं हो और संशोधित पुस्तकें समय से उन्हें उपलब्ध हो जाएं। समझा जाता है कि समिति ने नकारात्मक प्रभाव डालने वाली समाग्रियों में कुछ बदलाव करने तथा पाठ्यपुस्तक में उचित संशोधन करने की सिफारिश की है। एनसीईआरटी सूत्रों ने बताया कि बदलाव तत्काल प्रभाव से शामिल किये जाएंगे ताकि छात्रों को कोई असुविधा नहीं हो और संशोधित पुस्तकें समय से उन्हें उपलब्ध हो जाएं। समझा जाता है कि समिति ने नकारात्मक प्रभाव डालने वाली समाग्रियों में कुछ बदलाव करने तथा पाठ्यपुस्तक में उचित संशोधन करने की सिफारिश की है।
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की पुस्तकों में कार्टूनों का परीक्षण करने के लिए गठित समिति के बारे में समझा जाता है कि उसने कुछ आपत्तिजनक कार्टूनों को हटाने की सिफारिश की है।
32
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: कंगना रनौत अपने प्रोफेश्‍नल और पर्सनल रिश्‍ते काफी अलग-अलग रखती हैं. कंगना रनौत ने हाल ही में करण जौहर के चैट शो 'कॉफी विद करण' में भी इस बात का खुलासा किया था कि अपने साथ हुई कुछ घटनाओं के बाद अब वह काम की जगह पर रिश्‍ते नहीं बनाती हैं. हाल ही में न्‍यूज एजेंसी पीटीआई कंगना ने कहा कि वह काम के जगह को सिर्फ काम का रखना पसंद करती हैं और पूरी तरह प्रोफेश्‍नल रहने की कोशिश करती हैं. कंगना ने अपनी बातों में साफ कर दिया कि वह काम की जगह में रिश्‍ते बनाने में विश्‍वास नहीं रखतीं. कंगना ने कहा, ' फिल्‍म सेट पर एक सहज वातावरण होना चाहिए, लेकिन मुझे नहीं लगता कि सेट पर लोगों के साथ निजी रिश्‍ते बनाने चाहिए. मैं ऐसा नहीं करती और मुझे लगता है कि यह मेरे काम के बीच में आता है. अपने को-स्‍टार के साथ सहज होना सही है लेकिन  बहुत ज्‍यादा को-स्‍टार के साथ घुल-मिल जाना सही नहीं है. काम की जगह पर फॉर्मल रहना अच्‍छा रहता है.' कंगना ने पीटीआई को बताया, ' मैं अपने काम से काम रखने में विश्‍वास करती हूं, लेकिन इसके साथ ही लोग मुझसे आकर बात कर पाए, मैं इतनी सहज भी रहती हूं.' बता दें कि कंगना रनौत, शाहिद कपूर और सैफ अली खान के साथ फिल्‍म 'रंगून' में नजर आने वाली हैं जो इस शुक्रवार को रिलीज हो रही है. कंगना का कहना है कि मेरी यह सोच सिर्फ फिल्‍म के सेट्स तक सीमित नहीं है, बल्कि मेरा मानना है कि महिलाएं कहीं भी अगर ऐसे रहती हैं तो वह इज्‍जत पाती हैं. हम शिकायत करते हैं कि महिलाओं को इज्‍जत नहीं मिलती लेकिन मुझे लगता है कि इसके लिए महिलाओं को अपनी गरिमा बनाए रखनी चाहिए.' टिप्पणियां बता दें कि कंगना रनौत, जो अब सेट्स पर काफी प्रोफेश्‍नल होने की सलाह दे रही हैं, वह अपने को-स्‍टार अध्‍ययन सुमन को डेट कर चुकी हैं, जिन्‍होंने उनके साथ साल 2009 में फिल्‍म 'राज: द मिस्‍ट्री कंटीन्‍यू' में साथ काम किया था. इसक अलावा कंगना और ऋतिक रोशन का नाम भी साथ जोड़ा जा चका है, जो फिल्‍म 'क्रिश' और 'काइट्स' में एक साथ नजर आ चुके हैं. कंगना ने अपने इस इंटरव्‍यू में फिल्‍म 'रंगून' के अपने दोनों को-स्‍टार शाहिद और सैफ की काफी तारीफ की है. कंगना ने कहा, वह दोनों शानदार को-स्‍टार हैं और 'रंगून' उनके करियर का सबसे अच्‍छा अनुभव रही है.   कंगना ने कहा, ' फिल्‍म सेट पर एक सहज वातावरण होना चाहिए, लेकिन मुझे नहीं लगता कि सेट पर लोगों के साथ निजी रिश्‍ते बनाने चाहिए. मैं ऐसा नहीं करती और मुझे लगता है कि यह मेरे काम के बीच में आता है. अपने को-स्‍टार के साथ सहज होना सही है लेकिन  बहुत ज्‍यादा को-स्‍टार के साथ घुल-मिल जाना सही नहीं है. काम की जगह पर फॉर्मल रहना अच्‍छा रहता है.' कंगना ने पीटीआई को बताया, ' मैं अपने काम से काम रखने में विश्‍वास करती हूं, लेकिन इसके साथ ही लोग मुझसे आकर बात कर पाए, मैं इतनी सहज भी रहती हूं.' बता दें कि कंगना रनौत, शाहिद कपूर और सैफ अली खान के साथ फिल्‍म 'रंगून' में नजर आने वाली हैं जो इस शुक्रवार को रिलीज हो रही है. कंगना का कहना है कि मेरी यह सोच सिर्फ फिल्‍म के सेट्स तक सीमित नहीं है, बल्कि मेरा मानना है कि महिलाएं कहीं भी अगर ऐसे रहती हैं तो वह इज्‍जत पाती हैं. हम शिकायत करते हैं कि महिलाओं को इज्‍जत नहीं मिलती लेकिन मुझे लगता है कि इसके लिए महिलाओं को अपनी गरिमा बनाए रखनी चाहिए.' टिप्पणियां बता दें कि कंगना रनौत, जो अब सेट्स पर काफी प्रोफेश्‍नल होने की सलाह दे रही हैं, वह अपने को-स्‍टार अध्‍ययन सुमन को डेट कर चुकी हैं, जिन्‍होंने उनके साथ साल 2009 में फिल्‍म 'राज: द मिस्‍ट्री कंटीन्‍यू' में साथ काम किया था. इसक अलावा कंगना और ऋतिक रोशन का नाम भी साथ जोड़ा जा चका है, जो फिल्‍म 'क्रिश' और 'काइट्स' में एक साथ नजर आ चुके हैं. कंगना ने अपने इस इंटरव्‍यू में फिल्‍म 'रंगून' के अपने दोनों को-स्‍टार शाहिद और सैफ की काफी तारीफ की है. कंगना ने कहा, वह दोनों शानदार को-स्‍टार हैं और 'रंगून' उनके करियर का सबसे अच्‍छा अनुभव रही है.   कंगना ने पीटीआई को बताया, ' मैं अपने काम से काम रखने में विश्‍वास करती हूं, लेकिन इसके साथ ही लोग मुझसे आकर बात कर पाए, मैं इतनी सहज भी रहती हूं.' बता दें कि कंगना रनौत, शाहिद कपूर और सैफ अली खान के साथ फिल्‍म 'रंगून' में नजर आने वाली हैं जो इस शुक्रवार को रिलीज हो रही है. कंगना का कहना है कि मेरी यह सोच सिर्फ फिल्‍म के सेट्स तक सीमित नहीं है, बल्कि मेरा मानना है कि महिलाएं कहीं भी अगर ऐसे रहती हैं तो वह इज्‍जत पाती हैं. हम शिकायत करते हैं कि महिलाओं को इज्‍जत नहीं मिलती लेकिन मुझे लगता है कि इसके लिए महिलाओं को अपनी गरिमा बनाए रखनी चाहिए.' टिप्पणियां बता दें कि कंगना रनौत, जो अब सेट्स पर काफी प्रोफेश्‍नल होने की सलाह दे रही हैं, वह अपने को-स्‍टार अध्‍ययन सुमन को डेट कर चुकी हैं, जिन्‍होंने उनके साथ साल 2009 में फिल्‍म 'राज: द मिस्‍ट्री कंटीन्‍यू' में साथ काम किया था. इसक अलावा कंगना और ऋतिक रोशन का नाम भी साथ जोड़ा जा चका है, जो फिल्‍म 'क्रिश' और 'काइट्स' में एक साथ नजर आ चुके हैं. कंगना ने अपने इस इंटरव्‍यू में फिल्‍म 'रंगून' के अपने दोनों को-स्‍टार शाहिद और सैफ की काफी तारीफ की है. कंगना ने कहा, वह दोनों शानदार को-स्‍टार हैं और 'रंगून' उनके करियर का सबसे अच्‍छा अनुभव रही है.   बता दें कि कंगना रनौत, जो अब सेट्स पर काफी प्रोफेश्‍नल होने की सलाह दे रही हैं, वह अपने को-स्‍टार अध्‍ययन सुमन को डेट कर चुकी हैं, जिन्‍होंने उनके साथ साल 2009 में फिल्‍म 'राज: द मिस्‍ट्री कंटीन्‍यू' में साथ काम किया था. इसक अलावा कंगना और ऋतिक रोशन का नाम भी साथ जोड़ा जा चका है, जो फिल्‍म 'क्रिश' और 'काइट्स' में एक साथ नजर आ चुके हैं. कंगना ने अपने इस इंटरव्‍यू में फिल्‍म 'रंगून' के अपने दोनों को-स्‍टार शाहिद और सैफ की काफी तारीफ की है. कंगना ने कहा, वह दोनों शानदार को-स्‍टार हैं और 'रंगून' उनके करियर का सबसे अच्‍छा अनुभव रही है.
यहाँ एक सारांश है:कंगना रनौत ने कहा, 'सहज होना चाहिए लेकिन ज्‍यादा दोस्‍ती नुकसानदायक है' नि‍जी रिश्‍ते काम के आड़े आते हैं: कंगना रनौत शुक्रवार को रिलीज होने वाली 'रंगून' में आएंगी शाहिद और सैफ के साथ नजर
12
['hin']
इस के लिए एक सारांश बनाएं: दलाली से निपटने के लिए तत्काल योजना की नई समय सारिणी और अतिरिक्त पहल मंगलवार से शुरू हुई। रेलवे ने दावा किया कि इससे आरक्षण काउंटरों पर दबाव कम हुआ है और ई-टिकट साइट्स का प्रदर्शन सुधरा है। रेलवे अधिकारियों ने कहा कि सामान्य टिकट कटाने वाले और तत्काल टिकट बुक कराने वाली भीड़ के अलग-अलग होने से रेलवे के साथ ही टिकट कटाने वालों को भी फायदा हुआ है। तत्काल बुकिंग के लिए कुछ जोन में अलग काउंटर बने, वहीं उत्तर रेलवे जैसे कुछ अन्य जोन में तत्काल टिकट भी उसी काउंटर से बने लेकिन तत्काल टिकट वालों को सुबह दस बजे से ही समय दिया गया। आईआरसीटीसी सहित किसी भी अधिकृत एजेंट को सुबह दस बजे से 12 बजे तक काउंटरों से टिकट लेने की अनुमति नहीं दी गई। साथ ही इस दौरान वह इंटरनेट से भी टिकट नहीं ले सकते थे।टिप्पणियां बहरहाल आईआरसीटीसी ने दावा किया कि इस दौरान उसकी साइट सुचारू रूप से काम करती रही जबकि अन्य दिनों में यात्री साइट के काम नहीं करने की शिकायत करते थे। आईआरसीटीसी के एक वरीय अधिकारी ने कहा कि टिकट कटाने वालों को अलग-अलग करने और तत्काल बुकिंग के अलग समय के कारण ऐसा हो सका। रेलवे अधिकारियों ने कहा कि सामान्य टिकट कटाने वाले और तत्काल टिकट बुक कराने वाली भीड़ के अलग-अलग होने से रेलवे के साथ ही टिकट कटाने वालों को भी फायदा हुआ है। तत्काल बुकिंग के लिए कुछ जोन में अलग काउंटर बने, वहीं उत्तर रेलवे जैसे कुछ अन्य जोन में तत्काल टिकट भी उसी काउंटर से बने लेकिन तत्काल टिकट वालों को सुबह दस बजे से ही समय दिया गया। आईआरसीटीसी सहित किसी भी अधिकृत एजेंट को सुबह दस बजे से 12 बजे तक काउंटरों से टिकट लेने की अनुमति नहीं दी गई। साथ ही इस दौरान वह इंटरनेट से भी टिकट नहीं ले सकते थे।टिप्पणियां बहरहाल आईआरसीटीसी ने दावा किया कि इस दौरान उसकी साइट सुचारू रूप से काम करती रही जबकि अन्य दिनों में यात्री साइट के काम नहीं करने की शिकायत करते थे। आईआरसीटीसी के एक वरीय अधिकारी ने कहा कि टिकट कटाने वालों को अलग-अलग करने और तत्काल बुकिंग के अलग समय के कारण ऐसा हो सका। तत्काल बुकिंग के लिए कुछ जोन में अलग काउंटर बने, वहीं उत्तर रेलवे जैसे कुछ अन्य जोन में तत्काल टिकट भी उसी काउंटर से बने लेकिन तत्काल टिकट वालों को सुबह दस बजे से ही समय दिया गया। आईआरसीटीसी सहित किसी भी अधिकृत एजेंट को सुबह दस बजे से 12 बजे तक काउंटरों से टिकट लेने की अनुमति नहीं दी गई। साथ ही इस दौरान वह इंटरनेट से भी टिकट नहीं ले सकते थे।टिप्पणियां बहरहाल आईआरसीटीसी ने दावा किया कि इस दौरान उसकी साइट सुचारू रूप से काम करती रही जबकि अन्य दिनों में यात्री साइट के काम नहीं करने की शिकायत करते थे। आईआरसीटीसी के एक वरीय अधिकारी ने कहा कि टिकट कटाने वालों को अलग-अलग करने और तत्काल बुकिंग के अलग समय के कारण ऐसा हो सका। आईआरसीटीसी सहित किसी भी अधिकृत एजेंट को सुबह दस बजे से 12 बजे तक काउंटरों से टिकट लेने की अनुमति नहीं दी गई। साथ ही इस दौरान वह इंटरनेट से भी टिकट नहीं ले सकते थे।टिप्पणियां बहरहाल आईआरसीटीसी ने दावा किया कि इस दौरान उसकी साइट सुचारू रूप से काम करती रही जबकि अन्य दिनों में यात्री साइट के काम नहीं करने की शिकायत करते थे। आईआरसीटीसी के एक वरीय अधिकारी ने कहा कि टिकट कटाने वालों को अलग-अलग करने और तत्काल बुकिंग के अलग समय के कारण ऐसा हो सका। बहरहाल आईआरसीटीसी ने दावा किया कि इस दौरान उसकी साइट सुचारू रूप से काम करती रही जबकि अन्य दिनों में यात्री साइट के काम नहीं करने की शिकायत करते थे। आईआरसीटीसी के एक वरीय अधिकारी ने कहा कि टिकट कटाने वालों को अलग-अलग करने और तत्काल बुकिंग के अलग समय के कारण ऐसा हो सका। आईआरसीटीसी के एक वरीय अधिकारी ने कहा कि टिकट कटाने वालों को अलग-अलग करने और तत्काल बुकिंग के अलग समय के कारण ऐसा हो सका।
संक्षिप्त सारांश: दलाली से निपटने के लिए तत्काल योजना की नई समय सारिणी और अतिरिक्त पहल मंगलवार से शुरू हुई। रेलवे ने दावा किया कि इससे आरक्षण काउंटरों पर दबाव कम हुआ है और ई-टिकट साइट्स का प्रदर्शन सुधरा है।
23
['hin']
दिए गए पाठ के लिए एक सारांश बनाएं: एशिया की सबसे बड़ी प्याज मंडी लासलगांव में कारोबारियों की हड़ताल से किसानों की कमर टूट गई है. पैदावार सड़ रही है, कीमत मिल नहीं रही. ऐसे में वे प्याज बेचने के बजाए फेंकने को मजबूर हैं क्योंकि बिक्री से लागत निकालना भी मुश्किल हो रहा है.टिप्पणियां नासिक के सायखेड़ा में सुधाकर दराडे ने प्याज मंडी में नहीं बेची, उसे खेतों में फेंक दिया. मंडी में उन्हें एक क्विंटल पर 5 रुपये का लाभ मिल रहा था, लिहाजा उन्होंने इसे बेचने के बजाए, खेतों में फेंकना मुनासिब समझा. सुधाकर दराडे ने कहा  ''इतनी कम कीमत से लागत भी नहीं निकलेगी. हमें बहुत नुकसान हो रहा था, इसलिए मैंने इसे बेचने की जगह खेत में डाल दिया है. खेत में प्याज डालने से जमीन की उर्वरा शक्ति बढ़ेगी." नासिक की मंडियों में प्याज नीलामी के जरिए बेचा जाता है. फिलहाल यहां प्याज की कीमत 4 रुपये प्रति किलो है. लेकिन हड़ताल की वजह से प्याज स्टोर करके रखने से वह सड़ने लगी है. ऐसे में प्याज के खरीदार उसका कौड़ियों का मोल लगा रहे हैं. किसानों का कहना है कि एक क्विंटल प्याज उगाने की लागत 650-700 रुपये है, लेकिन बाजार में कीमत 400-500 रुपये प्रति क्विंटल तक आ गई है. कारोबारी कह रहे हैं सरकार ने उपाय नहीं किया तो हालात और खराब हो सकते हैं. एपीएमसी के अध्यक्ष  जयदत्त होलकर ने कहा कि अगर सरकार ने दो-तीन दिनों में कोई ठोस कदम नहीं उठाया तो किसान और परेशान हो सकते हैं.   महाराष्ट्र सरकार ने कुछ दिनों पहले नए नियमों के तहत किसानों को उत्पाद सीधे बाजार में बेचने की छूट दे दी है, जिसके खिलाफ लासलगांव में कारोबारियों ने महीने भर से ज्यादा हड़ताल रखी. अब किसान चाहते हैं कि सरकार प्याज का समर्थन मूल्य बढ़ाए. देश में प्याज के उत्पादन में महाराष्ट्र की हिस्सेदारी 40 फीसदी है. ऐसे में किसानों की बदहाली बहुत भारी पड़ सकती है. नासिक के सायखेड़ा में सुधाकर दराडे ने प्याज मंडी में नहीं बेची, उसे खेतों में फेंक दिया. मंडी में उन्हें एक क्विंटल पर 5 रुपये का लाभ मिल रहा था, लिहाजा उन्होंने इसे बेचने के बजाए, खेतों में फेंकना मुनासिब समझा. सुधाकर दराडे ने कहा  ''इतनी कम कीमत से लागत भी नहीं निकलेगी. हमें बहुत नुकसान हो रहा था, इसलिए मैंने इसे बेचने की जगह खेत में डाल दिया है. खेत में प्याज डालने से जमीन की उर्वरा शक्ति बढ़ेगी." नासिक की मंडियों में प्याज नीलामी के जरिए बेचा जाता है. फिलहाल यहां प्याज की कीमत 4 रुपये प्रति किलो है. लेकिन हड़ताल की वजह से प्याज स्टोर करके रखने से वह सड़ने लगी है. ऐसे में प्याज के खरीदार उसका कौड़ियों का मोल लगा रहे हैं. किसानों का कहना है कि एक क्विंटल प्याज उगाने की लागत 650-700 रुपये है, लेकिन बाजार में कीमत 400-500 रुपये प्रति क्विंटल तक आ गई है. कारोबारी कह रहे हैं सरकार ने उपाय नहीं किया तो हालात और खराब हो सकते हैं. एपीएमसी के अध्यक्ष  जयदत्त होलकर ने कहा कि अगर सरकार ने दो-तीन दिनों में कोई ठोस कदम नहीं उठाया तो किसान और परेशान हो सकते हैं.   महाराष्ट्र सरकार ने कुछ दिनों पहले नए नियमों के तहत किसानों को उत्पाद सीधे बाजार में बेचने की छूट दे दी है, जिसके खिलाफ लासलगांव में कारोबारियों ने महीने भर से ज्यादा हड़ताल रखी. अब किसान चाहते हैं कि सरकार प्याज का समर्थन मूल्य बढ़ाए. देश में प्याज के उत्पादन में महाराष्ट्र की हिस्सेदारी 40 फीसदी है. ऐसे में किसानों की बदहाली बहुत भारी पड़ सकती है. नासिक की मंडियों में प्याज नीलामी के जरिए बेचा जाता है. फिलहाल यहां प्याज की कीमत 4 रुपये प्रति किलो है. लेकिन हड़ताल की वजह से प्याज स्टोर करके रखने से वह सड़ने लगी है. ऐसे में प्याज के खरीदार उसका कौड़ियों का मोल लगा रहे हैं. किसानों का कहना है कि एक क्विंटल प्याज उगाने की लागत 650-700 रुपये है, लेकिन बाजार में कीमत 400-500 रुपये प्रति क्विंटल तक आ गई है. कारोबारी कह रहे हैं सरकार ने उपाय नहीं किया तो हालात और खराब हो सकते हैं. एपीएमसी के अध्यक्ष  जयदत्त होलकर ने कहा कि अगर सरकार ने दो-तीन दिनों में कोई ठोस कदम नहीं उठाया तो किसान और परेशान हो सकते हैं.   महाराष्ट्र सरकार ने कुछ दिनों पहले नए नियमों के तहत किसानों को उत्पाद सीधे बाजार में बेचने की छूट दे दी है, जिसके खिलाफ लासलगांव में कारोबारियों ने महीने भर से ज्यादा हड़ताल रखी. अब किसान चाहते हैं कि सरकार प्याज का समर्थन मूल्य बढ़ाए. देश में प्याज के उत्पादन में महाराष्ट्र की हिस्सेदारी 40 फीसदी है. ऐसे में किसानों की बदहाली बहुत भारी पड़ सकती है.
दिए गए पाठ का सारांश यह हो सकता है: प्याज मंडी लासलगांव में कारोबारियों की हड़ताल सड़ने लगी स्टोर की गई प्याज, किसान परेशान बिक्री से लागत राशि निकालना भी मुश्किल
19
['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: दिल्ली पुलिस जेएनयू के लापता छात्र नजीब अहमद के रूममेट काजिम का आज लाई डिटेक्टर टेस्ट करवा सकती है. काजिम ने पटियाला कोर्ट में इसके लिए हामी भर दी है. पुलिस कोशिश कर रही है कि इस केस से जुड़े कम से कम छह लोगों का लाई डिटेक्टर टेस्ट हो, जिसमें एबीवीपी से जुड़े वे छात्र भी शामिल हैं, जिनका नजीब से झगड़ा हुआ था. इसके अलावा दिल्ली पुलिस इस मामले में फेसबुक से भी मदद मांग रही है. दरअसल, नजीब के लापता होने के कुछ दिन बाद तक उसके नाम से फेसबुक पर दो प्रोफाइल एक्टिव रहे थे. पिछले दो दिन से नजीब की तलाश में दिल्ली पुलिस ने जेएनयू कैंपस में तलाशी अभियान चला रखा था, लेकिन इसमें कोई सफलता नहीं मिली. नजीब पिछले 66 दिन से लापता है. इससे पूर्व जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) से 64 दिन पूर्व लापता छात्र नजीब अहमद को खोजने के लिए आज दिल्ली पुलिस अचानक सक्रिय हो गई. पुलिस ने आज पूरे यूनिवर्सिटी कैम्पस की तलाशी ली, लेकिन नजीब का कोई सुराग नहीं मिला. सोमवार को जेएनयू कैम्पस पुलिस छावनी में तब्दील हो गया. 600 पुलिस कर्मियों,12 घोड़ों और 20 खोजी कुत्तों के साथ तलाशी अभियान शुरू हुआ. जेएनयू का छात्र नजीब अहमद 15 अक्टूबर से गायब है. उसकी तलाश के लिए करीब 1000 एकड़ में फैले जेएनयू कैम्पस का चप्पा-चप्पा जांचा गया. 17 होस्टलों और कैम्पस की सभी इमारतों में नजीब का सुराग ढूंढने की कोशिश की गई.टिप्पणियां कई राज्यों में नजीब की तलाश कर चुकी पुलिस ने उस ऑटो वाले को भी खोज निकाला जो उसे जेएनयू से जामिया यूनिवर्सिटी ले गया था, लेकिन नजीब फिर भी नहीं मिला. विवाद से बचने के लिए जेएनयू कैम्पस की तलाशी लेने से बचती आ रही पुलिस ने यह कदम हाईकोर्ट के आदेश के बाद उठाया. नजीब का सुराग देने वाले को पुलिस ने 10 लाख रुपये देने की घोषणा की है. इस मामले को लेकर हाईकोर्ट भी दिल्ली पुलिस को कड़ी फटकार लगा चुका है. जेएनयू के छात्र भी नजीब को लेकर लगातार मार्च निकाल रहे हैं. इसके अलावा दिल्ली पुलिस इस मामले में फेसबुक से भी मदद मांग रही है. दरअसल, नजीब के लापता होने के कुछ दिन बाद तक उसके नाम से फेसबुक पर दो प्रोफाइल एक्टिव रहे थे. पिछले दो दिन से नजीब की तलाश में दिल्ली पुलिस ने जेएनयू कैंपस में तलाशी अभियान चला रखा था, लेकिन इसमें कोई सफलता नहीं मिली. नजीब पिछले 66 दिन से लापता है. इससे पूर्व जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) से 64 दिन पूर्व लापता छात्र नजीब अहमद को खोजने के लिए आज दिल्ली पुलिस अचानक सक्रिय हो गई. पुलिस ने आज पूरे यूनिवर्सिटी कैम्पस की तलाशी ली, लेकिन नजीब का कोई सुराग नहीं मिला. सोमवार को जेएनयू कैम्पस पुलिस छावनी में तब्दील हो गया. 600 पुलिस कर्मियों,12 घोड़ों और 20 खोजी कुत्तों के साथ तलाशी अभियान शुरू हुआ. जेएनयू का छात्र नजीब अहमद 15 अक्टूबर से गायब है. उसकी तलाश के लिए करीब 1000 एकड़ में फैले जेएनयू कैम्पस का चप्पा-चप्पा जांचा गया. 17 होस्टलों और कैम्पस की सभी इमारतों में नजीब का सुराग ढूंढने की कोशिश की गई.टिप्पणियां कई राज्यों में नजीब की तलाश कर चुकी पुलिस ने उस ऑटो वाले को भी खोज निकाला जो उसे जेएनयू से जामिया यूनिवर्सिटी ले गया था, लेकिन नजीब फिर भी नहीं मिला. विवाद से बचने के लिए जेएनयू कैम्पस की तलाशी लेने से बचती आ रही पुलिस ने यह कदम हाईकोर्ट के आदेश के बाद उठाया. नजीब का सुराग देने वाले को पुलिस ने 10 लाख रुपये देने की घोषणा की है. इस मामले को लेकर हाईकोर्ट भी दिल्ली पुलिस को कड़ी फटकार लगा चुका है. जेएनयू के छात्र भी नजीब को लेकर लगातार मार्च निकाल रहे हैं. इससे पूर्व जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) से 64 दिन पूर्व लापता छात्र नजीब अहमद को खोजने के लिए आज दिल्ली पुलिस अचानक सक्रिय हो गई. पुलिस ने आज पूरे यूनिवर्सिटी कैम्पस की तलाशी ली, लेकिन नजीब का कोई सुराग नहीं मिला. सोमवार को जेएनयू कैम्पस पुलिस छावनी में तब्दील हो गया. 600 पुलिस कर्मियों,12 घोड़ों और 20 खोजी कुत्तों के साथ तलाशी अभियान शुरू हुआ. जेएनयू का छात्र नजीब अहमद 15 अक्टूबर से गायब है. उसकी तलाश के लिए करीब 1000 एकड़ में फैले जेएनयू कैम्पस का चप्पा-चप्पा जांचा गया. 17 होस्टलों और कैम्पस की सभी इमारतों में नजीब का सुराग ढूंढने की कोशिश की गई.टिप्पणियां कई राज्यों में नजीब की तलाश कर चुकी पुलिस ने उस ऑटो वाले को भी खोज निकाला जो उसे जेएनयू से जामिया यूनिवर्सिटी ले गया था, लेकिन नजीब फिर भी नहीं मिला. विवाद से बचने के लिए जेएनयू कैम्पस की तलाशी लेने से बचती आ रही पुलिस ने यह कदम हाईकोर्ट के आदेश के बाद उठाया. नजीब का सुराग देने वाले को पुलिस ने 10 लाख रुपये देने की घोषणा की है. इस मामले को लेकर हाईकोर्ट भी दिल्ली पुलिस को कड़ी फटकार लगा चुका है. जेएनयू के छात्र भी नजीब को लेकर लगातार मार्च निकाल रहे हैं. सोमवार को जेएनयू कैम्पस पुलिस छावनी में तब्दील हो गया. 600 पुलिस कर्मियों,12 घोड़ों और 20 खोजी कुत्तों के साथ तलाशी अभियान शुरू हुआ. जेएनयू का छात्र नजीब अहमद 15 अक्टूबर से गायब है. उसकी तलाश के लिए करीब 1000 एकड़ में फैले जेएनयू कैम्पस का चप्पा-चप्पा जांचा गया. 17 होस्टलों और कैम्पस की सभी इमारतों में नजीब का सुराग ढूंढने की कोशिश की गई.टिप्पणियां कई राज्यों में नजीब की तलाश कर चुकी पुलिस ने उस ऑटो वाले को भी खोज निकाला जो उसे जेएनयू से जामिया यूनिवर्सिटी ले गया था, लेकिन नजीब फिर भी नहीं मिला. विवाद से बचने के लिए जेएनयू कैम्पस की तलाशी लेने से बचती आ रही पुलिस ने यह कदम हाईकोर्ट के आदेश के बाद उठाया. नजीब का सुराग देने वाले को पुलिस ने 10 लाख रुपये देने की घोषणा की है. इस मामले को लेकर हाईकोर्ट भी दिल्ली पुलिस को कड़ी फटकार लगा चुका है. जेएनयू के छात्र भी नजीब को लेकर लगातार मार्च निकाल रहे हैं. कई राज्यों में नजीब की तलाश कर चुकी पुलिस ने उस ऑटो वाले को भी खोज निकाला जो उसे जेएनयू से जामिया यूनिवर्सिटी ले गया था, लेकिन नजीब फिर भी नहीं मिला. विवाद से बचने के लिए जेएनयू कैम्पस की तलाशी लेने से बचती आ रही पुलिस ने यह कदम हाईकोर्ट के आदेश के बाद उठाया. नजीब का सुराग देने वाले को पुलिस ने 10 लाख रुपये देने की घोषणा की है. इस मामले को लेकर हाईकोर्ट भी दिल्ली पुलिस को कड़ी फटकार लगा चुका है. जेएनयू के छात्र भी नजीब को लेकर लगातार मार्च निकाल रहे हैं. नजीब का सुराग देने वाले को पुलिस ने 10 लाख रुपये देने की घोषणा की है. इस मामले को लेकर हाईकोर्ट भी दिल्ली पुलिस को कड़ी फटकार लगा चुका है. जेएनयू के छात्र भी नजीब को लेकर लगातार मार्च निकाल रहे हैं.
सारांश: नजीब अहमद के रूममेट काजिम का लाई डिटेक्टर टेस्ट छह लोगों का टेस्ट करवाना चाहती है पुलिस 66 दिन से लापता है नजीब अहमद
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने विकसित एवं विकासशील देशों के संगठन ओईसीडी के भारत की आर्थिक वृद्धि दर 4.4 प्रतिशत रहने के अनुमान को पूरी तरह गलत बताया है। उन्होंने कहा कि संस्था को यह नहीं पता है कि वह क्या कर रही है।टिप्पणियां अहलूवालिया ने कहा, मैं ओईसीडी से यह कहने की सोच रहा हूं कि उन्हें नहीं पता वह क्या कर रहे हैं। हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि मौजूदा वित्त वर्ष 2012-13 अच्छा नहीं रहेगा, लेकिन आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (ओईसीडी) का अनुमान पूरी तरह गलत है। ओईसीडी ने भारत के लिए धुंधली तस्वीर पेश करते हुए चालू वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर 4.4 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है जबकि 2011-12 में यह 6.9 प्रतिशत थी। अहलूवालिया ने कहा, मैं ओईसीडी से यह कहने की सोच रहा हूं कि उन्हें नहीं पता वह क्या कर रहे हैं। हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि मौजूदा वित्त वर्ष 2012-13 अच्छा नहीं रहेगा, लेकिन आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (ओईसीडी) का अनुमान पूरी तरह गलत है। ओईसीडी ने भारत के लिए धुंधली तस्वीर पेश करते हुए चालू वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर 4.4 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है जबकि 2011-12 में यह 6.9 प्रतिशत थी। ओईसीडी ने भारत के लिए धुंधली तस्वीर पेश करते हुए चालू वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर 4.4 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है जबकि 2011-12 में यह 6.9 प्रतिशत थी।
सारांश: योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने विकसित एवं विकासशील देशों के संगठन ओईसीडी के भारत की आर्थिक वृद्धि दर 4.4 प्रतिशत रहने के अनुमान को पूरी तरह गलत बताया है।
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['hin']
इस पाठ का सारांश बनाएं: सर्वोच्च विश्व वरीय रह चुके जर्मनी के पूर्व टेनिस दिग्गज बोरिस बेकर ने कहा कि भारत की मौजूदा स्टार टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा उनके लिए भाग्यशाली साबित हुई हैं. बेकर यहां 25के कोलकाता मैराथन में हिस्सा लेने आए हुए हैं. उनसे जब भारतीय टेनिस खिलाड़ियों के साथ संबंध के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, 'भारत के तीनों शीर्ष खिलाड़ी मेरे अच्छे मित्र हैं. वास्तव में मैंने जिस भारतीय खिलाड़ी को सर्वाधिक खेलते देखा वह सानिया मिर्जा हैं, क्योंकि वह इतनी शानदार खिलाड़ी हैं महिला युगल में दुनिया की सर्वोच्च खिलाड़ी भी हैं." पूर्व सर्वोच्च विश्व वरीयता प्राप्त सर्बिया के मौजूदा स्टार खिलाड़ी नोवाक जोकोविक के कोच रह चुके बेकर ने कहा, 'हम लगातार एक-दूसरे के लिए भाग्यशाली रहे हैं. हर बार फाइनल मैच के बाद हम साथ-साथ लंच करते हैं. वह अपनी जोड़ीदार के साथ होती हैं और मैं अपनी टीम के साथ और वह हर बार युगल खिताब जीतती हैं.' बेकर ने कहा, 'इसलिए सानिया हर बड़े टूर्नामेंट के दौरान मुझे साथ लंच करने के लिए कहती हैं, क्योंकि मैं उनके लिए भाग्यशाली हूं और वह मेरे लिए.' बेकर ने कहा कि इसी वजह से वह सानिया के बहुत करीब हैं. उन्होंने कहा, 'हम बहुत अच्छे मित्र हैं और लंबे समय से एकदूसरे को जानते हैं.' गौरतलब है कि बेकर हाल ही में तीन साल कोच रहने के बाद जोकोविक से अलग हुए हैं.टिप्पणियां बोरिस ने इस साझेदारी की समाप्ति को आम सहमति से उठाया गया कदम बताया. उन्होंने कहा कि पिछले छह माह कई स्तर पर चुनौतीपूर्ण रहे हैं. बोरिस ने कहा कि जोकोविक जितना समय कोर्ट में अभ्यास के लिए बिताते हैं, उन्होंने पिछले छह माह में उतना समय नहीं बिताया और सर्बिया के खिलाड़ी इस बात को जानते हैं.   (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) पूर्व सर्वोच्च विश्व वरीयता प्राप्त सर्बिया के मौजूदा स्टार खिलाड़ी नोवाक जोकोविक के कोच रह चुके बेकर ने कहा, 'हम लगातार एक-दूसरे के लिए भाग्यशाली रहे हैं. हर बार फाइनल मैच के बाद हम साथ-साथ लंच करते हैं. वह अपनी जोड़ीदार के साथ होती हैं और मैं अपनी टीम के साथ और वह हर बार युगल खिताब जीतती हैं.' बेकर ने कहा, 'इसलिए सानिया हर बड़े टूर्नामेंट के दौरान मुझे साथ लंच करने के लिए कहती हैं, क्योंकि मैं उनके लिए भाग्यशाली हूं और वह मेरे लिए.' बेकर ने कहा कि इसी वजह से वह सानिया के बहुत करीब हैं. उन्होंने कहा, 'हम बहुत अच्छे मित्र हैं और लंबे समय से एकदूसरे को जानते हैं.' गौरतलब है कि बेकर हाल ही में तीन साल कोच रहने के बाद जोकोविक से अलग हुए हैं.टिप्पणियां बोरिस ने इस साझेदारी की समाप्ति को आम सहमति से उठाया गया कदम बताया. उन्होंने कहा कि पिछले छह माह कई स्तर पर चुनौतीपूर्ण रहे हैं. बोरिस ने कहा कि जोकोविक जितना समय कोर्ट में अभ्यास के लिए बिताते हैं, उन्होंने पिछले छह माह में उतना समय नहीं बिताया और सर्बिया के खिलाड़ी इस बात को जानते हैं.   (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)  बोरिस ने इस साझेदारी की समाप्ति को आम सहमति से उठाया गया कदम बताया. उन्होंने कहा कि पिछले छह माह कई स्तर पर चुनौतीपूर्ण रहे हैं. बोरिस ने कहा कि जोकोविक जितना समय कोर्ट में अभ्यास के लिए बिताते हैं, उन्होंने पिछले छह माह में उतना समय नहीं बिताया और सर्बिया के खिलाड़ी इस बात को जानते हैं.   (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।) (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
संक्षिप्त पाठ: कोलकाता मैराथन में हिस्‍सा लेने आए हैं बोरिस बेकर कहा-भारत के तीनों शीर्ष खिलाड़ी मेरे अच्‍छे मित्र हैं मैं सानिया मिर्जा के लिए लकी हूं और वे मेरे लिए
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