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भरथरी लोक-गाथा - भाग 7
सुनले भांटो मोर बाते ल
हाल देहॅव बताय
झन तो कहिबे तेंहर बात ल
भेद रखबे लुकाय
तबतो दिहँव बताय
ये दे अइसे बानी रानी बोलय ओ , भाई ये दे जी ।
तीन वचन चुकोवत हे
रुपदेई ये ओ
नई तो कहय मानसिंह ल
सुनले महराज
रुपदेई ये ओ
भरथरी ल , कइसे बानी बताय
सुन राजा मोर बात
ओही जनम के
येह का लाग मोर
ये दे अइसे बानी
क... | chhattisgarhi-hne |
नया घर नया कोहबर नया नींद हे
नया घर नया कोहबर नया नींद हे ।
नया नया जुड़ल सनेह , सोहाग के रात , दूसर नया नींद हे ॥ 1 ॥
सासु जे पइसि जगाबए , नया नींद हे ।
उठऽ बाबू , भे गेल बिहान , सोहाग के रात , दूसर नया नींद हे ॥ 2 ॥
सासु जे अइसन बइरिनियाँ , नया नींद हे ।
आधि रात बोलथिन1 बिहान , सोहाग के रात , दूसर नया नींद हे ॥ 3 ॥
ल... | magahi-mag |
रोटी पूई धरी तड़के की देखूं बाट तेरे लड़के की
रोटी पूई धरी तड़के की देखूं बाट तेरे लड़के की
जब देखूं जब चांद सिखर मैं मर गई हो पिया तेरे फिकर मैं
एक हाथ दिवला एक हाथ झारी चढ़ गई हो मैं तो पिया की अटारी
कठै मेलूं दिवला कठै झारी , कठै हो पिया सेज तुम्हारी
धरण पै दिवला पटक दे ना झारी , पड़ जाओ हे गोरी पांयतै हमारी
पांयत स... | haryanvi-bgc |
प्रभात को परब जाग, गो सरूप पृथ्वी जाग
प्रभात को परब1 जाग , गो सरूप पृथ्वी जाग
धर्म सरुपी अगास2 जाग , उदयंकारी काँठा3 जाग ।
भानुपँखी गरड़ जाग , सत लोक जाग ।
मेघलोक जाग , इन्द्रलोक जाग ।
सूर्यलोक जाग , चन्द्रलोक जाग ,
तारालोक जाग , पवनलोक जाग ।
ब्रह्मा का वेद जाग , गौरी का गणेश जाग ।
हरो भरो संसार जाग , जन्तु जीवन जाग ,
... | garhwali-gbm |
झूमरली गीत
जमना किनारे कानो धेन चरावे ,
राधाराणी राधाराणी पाणी जावे हो राज ।
माता जसोदा रो कानूड़ो ।
श्रीकृष्णजी की कान की झूमर राजधाजी ने ले ली थी , उसी पर गीत रचा गया । श्रीकृष्ण यमुना नदी के किनारे गौर चारण हेतु जाते हैं , राधा रानी भी यमुना पर जल भरने जाती हैं । माता यशोदा के श्रीकृष्ण ।
जमना किनारे कानो बन्सी वजाव... | bhili-bhb |
रामलाल क फगुवा
पहिले पहिले फगुवा खेलै रामलाल ससुरारी चललैं
रुपया पइसा कपड़ा लत्ता कै के खूब तैयारी चललैं
लेहलैं नया सरौता , बटुआ , कत्था , खड़ी सोपारी लेहलैं
मेहर खातिर साबुन , पौडर , साया , ब्लाउज , सारी लेहलैं
अपने खातिर लुंगी , जूता , बीड़ी अउर सलाई लेहलैं
कई दुकानी चीखचीख के आधा किलो मिठाई लेहलैं
हाथ गाल पर फेरै ल... | bhojpuri-bho |
वर निकासी के समय का गीत
बना क्यों रे खड़ो दलगीरी से
थारा समरथ दादाजी थारा सांत
लाल क्यों रे खड़ो दलगीरी से
थारा समरथ काकाजी थारा सांत । | malvi-mup |
एके तेल चढ़गे कुँवरि पियराय
एके तेल चढ़गे कुंवरि पियराय ।
दुवे तेल चढ़गे महतारी मुरझाय । ।
तीने तेल चढ़गे फूफू कुम्हलाय ।
चउथे तेल चढ़गे मामी अंचरा निचुराय । ।
पांचे तेल चढ़गे भईया बिलमाय ।
छये तेल चढ़गे भउजी मुसकाय । ।
साते तेल चढ़गे कुंवरि पियराय ।
हरदी ओ हरदी तैं साँस मा समाय । ।
तेले हरदी चढ़गे देवता ल सुमरेंव ।
मं... | chhattisgarhi-hne |
गांधीजी के बारे में
गांधी ने अंगरेज भजाया ।
अर भारत का मान बचाया ।
गंगा जल का लोट्टा ।
गांधी काट गिया टोट्टा । ।
जल भर्या लोट्टा चांदी का ।
यू राज महात्मा गांधी का । ।
देसी घी की भरी से कोल्ली ।
गांधी बाब्बू की जै बोल्ली । ।
भरी थाली यो चांदी की ।
जय बोलो महात्मा गांधी की । ।
नया जेवड़ा महं कोल्ली ।
गांधी जी की जय बोल्... | haryanvi-bgc |
आल्हा ऊदल
मारे टापन के रोनन से रुदल के देल उठाय
बोलल घोड़ा रुदल के बाबू पलटन इंदरमन के पहुँचल आय
फाँद बछेड़ा पर चढि गैल पलअन में पहुँचल बाय
बलो कुबेला अब ना चीन्हे जाते जोड़ देल तरवार
पड़ल लड़ाइ इंदरमन में रुदल से पड़ गैल मार
ऐसी लड़ाई सिब मंदिर में अब ना चीन्हे आपन पराय
गनगन गनगन चकर बान बोले जिन्हके बलबल बोले ऊँट
सनस... | bhojpuri-bho |
156
जदों रांझना जाए के चाक बनया मझी सांभियां चूचक सयाल दीयां ने
खबरां तखत हजारे विच जा पुजिआं कूमां1 उस अगे बड़े माल दीयां ने
भाइयां रांझे दयां सयालां नूं खत लिखया जातां महरम जात देहाल दीयां ने
मौजू चौधरीदा पुत चाक लायो एह नूं कुदरतां जल जलाल2 दीयां ने
साथों रूस आया तुसीं मोड़ घलो ऊहनूं बाहरां रात दिन भाल दीयां ने
जिस ... | panjabi-pan |
छोटा टोना बड़ा लोना गे माई
छोटा टोना बड़ा लोना1 गे माई , मैं नहीं जानूँ टोना ।
टोनवा बाबुल2 जी के देस गे माई , मैं नहीं जानूँ टोना ॥ 1 ॥
अपने बने से मैं पनियाँ भरइहों3 रे ।
बिन ऊभन4 बिन डोल गे माई , मैं नहीं जानूँ टोना ।
टोनवा बाबुल जी के देसे गे माई , मैं नहीं जानूँ टोना ॥ 2 ॥
अपने बने से मैं भात पकइहों5 रे ।
बिन हाँड... | magahi-mag |
सासु हमर रहे पक्का महल में, उनखा देहु बोलाइ
सासु हमर रहे पक्का महल में , उनखा1 देहु2 बोलाइ ।
हमरा भेलइ3 नंदलाल , सुने ना कोई रे ॥ 1 ॥
गोतनी हमर रहे सीस सहल में , उनखा देहु बोलाइ ।
हमरा भेलइ हे गोपाल , जगे ना कोई रे ॥ 2 ॥
ननद हमर हे महल अटारी में , उनखा देहु बोलाय ।
हमरा के भेल हे होरिलवा4 जगे ना कोई , सुने ना कोई रे ॥ ... | magahi-mag |
कब के भये बैरागी कबीर जी
कब के भये बैरागी कबीर जी ,
कब के भये बैरागी
आदि अंत से आएँ गोरख जी ,
जब के भये बैरागी
१ जल्मी नही रे जब का जलम हमारा ,
नही कोई जल्मी को जायो
पाव धरण को धरती नही थी
आदी अंत लव लागी . . .
कबीर जी . . .
२ धुन्दाकार था ऐ जग मेरा ,
वही गुरु न वही चेला
जब से हमने मुंड मुंडायाँ
आप ही आये अकेला . . .
क... | nimadi-noe |
नीकौ नई रजऊ मन लगवौ
नीकौ नई रजऊ मन लगवौ ,
एइ सें करत हटकवौ ।
मन लागौ लगजात जनम खाँ ,
रौमंई रौंम कसकवौ ।
सुनतीं , तुमे सऔ ना जै हैं ,
सब सब रातन जगवौ ।
कछु दिनन में होत कछु मन
लगन लगत लै भगवौ ।
ईसुर जे आसान नहीं है
प्रान पराये हरवौ । | bundeli-bns |
आल्हा ऊदल
बीड़ा पड़ गैल बघ रुदल के रुदल बीड़ा लेल उठाय
मारु डंका बजवावे लकड़ी बोले कड़ाम कड़ाम
जलदी आल्हा के बोलवावल भाइ चलव हमरा साथ
करों बिअहवा सोनवा के दिन रात चले तलवार
गड्गन धोबी दुरगौली के बावन गदहा ढुले दुआर
मुड्गर लाद देल गदहा पर लड़वयौ आफत काल
दानी कोइरी बबुरी बन के सिहिंन लाख घोड़े असवार
चलल जे पलटन बघ रुदल क... | bhojpuri-bho |
सखि हे मेरी राम राम ले ल्यो
सखि हे मेरी राम राम ले ल्यो सहेली चाली
धौली मोटर कार आज म्हारे आ रही
सखि हे नाई की बुलाल्यो ए के सीस गुन्दा ल्यो ए
गाल्यो मंगल चार ज्ञान के गाल्यो ए
पति हे मेरी गुट्ठी पहर रह्या हे
रेसमी कुरता बटनां की लाग री लार
तेज होवै खुड़का वोह् तो चलावै कार
पति हे मेरा पट्ठे बाह रह्या हे | haryanvi-bgc |
हंसा फिरैं बिपत के मारे
हंसा फिरैं बिपत के मारे
अपने देस बिनारे ।
अब का बेठें ताल तलईयाँ ?
छोड़े समुद्र किनारे ।
चुन चुन मोती उगले उननें
ककरा चुनत बिचारे ।
ईसुर कात कुटुम अपने सें ,
मिलवी कौन दिनारे ? | bundeli-bns |
किधर तै आई दाई किधर ते आया नाई
किधर तै आई दाई किधर ते आया नाई
किधर तै आई नणंद बीजली
या तेरी मां की जाई
भीतर आजा मेरी नणंदी लगूंगी तेरे पाएं
के मांगेगी दाई माई के मांगेगा नाई
के मांगेगी नणंद बीजली
या तेरी मां की जाई
भीतर आजा . . .
पांच रपइए दाई मांगै सवा रपइया नाई
पच्चीस मांगे नणंद बीजली
या तेरी मां की जाई
भीतर आजा . . ... | haryanvi-bgc |
डेगेन केन इयां आयोम लियेन
डेगेन केन इयां आयोम लियेन
धरती चोजा लियेन डेगेन केन इयां आयोम
धरती चोजा लियेन टेगेन
धरती शेषनांगे फन लियेन टेगेन इयां बेटा
धरती शेषनाग न फन लियेन टेगेन
शेष नागो टोलेमा डेगेन केन इयां आयोम
शेष नागा टोलेमा टेगेने
शेष नागो शंकर गला हार आरुकेन इयां बेटा
शेष नागो शंकर गला हार आरुकेन
शेष नागो टोलेमा... | korku-kfq |
विवाह गीत
झेला मोलवो वो बेनी , झेला पेहरो ।
झेला पर सुब रंग्यो फुलवो मारि नानि बेनी ।
दुनिया देखे ।
हार मालवो वो बेनी , हार पेहरो ।
हार पर सुब रंग्यो छिब्रो मारि नानि बेनी ।
दुनिया देखे ।
बाष्ट्या मोलवो वो बेनी , बाष्ट्या पेहरो ।
बाष्ट्या पर बुब रंगि भात वो मारि नानि बेनी ।
दुनिया देखे ।
करूंदी मोलवो वो बेनी , करूंदी प... | bhili-bhb |
अंगिका फेकड़ा
अटकनमटकन , दहिया चटकन
बर फूले , करेला फूले
इरिचमिरिच मिरचाय के झावा
हाथी दाँत समुद्र के लावा
लौआ लाठी चन्दन काठी
मार पड़ोकी पाँजड़ तोड़ ।
कागजपत्तर
कलम दवात
इटा पाटी
सोने के टाट
टाट गिरा दे
पूरे आठ ।
चिल्लर पटपट , गंगा हो लाल
हथिया सूढ़ ठुट्ठोॅ पीपर पतझाड़
कौआ कानोॅ , तेली बेमानोॅ
मियाँ ढोलकिया , फूस कन्ह... | angika-anp |
कहमाँहि हरदी जलम लेले, कहमाँहि लेले बसेर
कहमाँहि1 हरदी जलम लेले2 कहमाँहि लेले बसेर3
हरदिया मन भावे ।
कुरखेत4 हरदी जलम लेले , मड़वा में लेलक5 बसेर ,
हरदिया मन भावे ॥ 1 ॥
पहिले चढ़ावे बराम्हन लोग , तब चढ़ावे सभलोग ,
हरदिया मन भावे ॥ 2 ॥ | magahi-mag |
124
कैदो आखदा मलकिए भेड़िए नी तेरी धीउ नूं वडा चंचल चाया ई
जाए नदी ते चाक दे नाल घुलदी एस मुलख दा अध गवाया ई
मां बाप काजी सभे होड़ थके एस इक ना जीउ ते लाया ई
मुंह घुट रहे वाल पुट रही थक हुट रही गैब चाया ई
हिक हुट रहे सिर सुट रहे अंत हुट रहे मन ताया ई
वारस शाह मियां सुते मामले नूं लंगे लुचेने फेर जगाया ई | panjabi-pan |
मारी महिसागर नी आरे ढोल
मारी महिसागर नी आरे ढोल वागे छे
वागे छे ढोल वागे छे . . . .
गाम गाम ना सोनीडा आवे छे
आवे छे हूँ लावे छे
मारी माँ नी नथनियु लावे छे
मारी महिसागर नी आरे ढोल वागे छे
गाम गाम ना सुथारी आवे छे
आवे छे हूँ लावे छे
मारी माँ नो बाजटीयो लावे छे
मारी महिसागर नी आरे ढोल वागे छे
गाम गाम ना डोशीडा आवे छे
आवे ... | gujarati-guj |
दे डालो हो मोड़ादे म्हारी झबिया हो राज
दे डालो हो मोड़ादे म्हारी झबिया हो राज
झबियां में लागा आदा
म्हारी सगी ननंद रा दादा
झबियां में लागा आखा
म्हारी सगी नणंद रा काका
झबियां में लागा आंबा
म्हारी सगी नणंद रा मामा
झबियां में लागा हीरा
म्हारी सगी नणंद रा बीरा
झबिया में लागा मोती
म्हारी सगी नणंद रा गोती । | malvi-mup |
बटोहिया
सुंदर सुभूमि भैया भारत के देसवा से
मोरे प्राण बसे हिमखोह रे बटोहिया
एक द्वार घेरे रामा हिमकोतवलवा से
तीन द्वार सिंधु घहरावे रे बटोहिया
जाऊजाऊ भैया रे बटोही हिंद देखी आउ
जहवां कुहुकी कोइली गावे रे बटोहिया
पवन सुगंध मंद अगर चंदनवां से
कामिनी बिरहराग गावे रे बटोहिया
बिपिन अगम घन सघन बगन बीच
चंपक कुसुम रंग देबे रे ... | bhojpuri-bho |
79
बेले रब्ब दा नाम लै जा वड़िया होया धुप दे नाल जहीर1 मियां
ओहदी नेक साइत2 रूजू आन होई मिले राह जांदे पंज पीर मियां
रांझा वेखके तबहा फरिशतियां दी पंजां पीरां दी पकड़दा धीर मियां
काई नढड़ी सोहणी बखश छडो तुसीं पूरे हो रब्ब दे पीर मियां
हीर बखशी दरगाह थीं तुध तांहीं सानूं याद करीं पवे भीड़ मियां | panjabi-pan |
एक दिन चूक जात सब कोई
एक दिन चूक जात सब कोई
केसऊ स्यानों होई ।
हय गज दन्त पुनीत चड़इया ।
चूक जात जे दोई ।
चूक जात मानस परखइया ।
परख रहे हैं खोई ।
चूकजात पुरानिक पाँडे
वैरागी तपसोई ।
ईसुर कात चुगत न चूकै ।
होवै बड़ो अनोई । | bundeli-bns |
अच्छे लीला गोद मेरी
अच्छे लीला गोद मेरी सोक लिलिहारी
नाक पै बुलाक गोद रथ कौ सो पैय्या
गालन को झुकादे दोनों लंग को पपैय्या
होठों में बना दे एक कोयल कारी
अच्छे लीला गोद मेरी . . . | haryanvi-bgc |
बरात निकासी
गांवे अवधपुर ले चले बरतिया चले बरतिया की
गांवे जनकपुरी जाये वो दाई
गांवे जनकपुरी जाये
गांवे जनकपुरी जाये वो दाई
गांवे जनकपुरी जाये
कौने चढ़त हे गाड़ी अउ घुलवा
गाड़ी अउ घुलवा
कौने चढ़य सुख पलना वो दाई
कौने चढ़य सुख पलना
कौने चढ़य सुख पलना वो दाई
कौने चढ़य सुख पलना
रंगे चढ़त हे गाड़ी अउ घुलवा
गाड़ी अउ घुलवा
भ... | chhattisgarhi-hne |
होली पूजन
तू आई वो बयण सालिया पाल हंव आई वो बयण भर उल्हाळे ॥
तू तो लाई बयण गोटी फटाका , न हंव लाई बयण लाल गुलाल ॥
तू तो लाई बयण गुंजिया पापड़ , न हंव तो लाई वाकड़ वेलिया ॥
तू तो आई बयण गाय का गोयऽ , हंव तो आई बयण खयड़े व बयड़ै ॥
तू तो आई वो बयण कार्तिक महने , हंव तो आई बयण फागण महने ॥
होली ओर दीपावली दोनों बहने हैं । ह... | bhili-bhb |
पावी मामा सेनेवाडो गंगाय ऐली आयोम पावी मामा डो सेने
पावी मामा सेनेवाडो गंगाय ऐली आयोम पावी मामा डो सेने
पावी मामा सेनेवाडो गंगाय ऐली आयोम पावी मामा डो सेने
पावी मामा बाकी सेने सरवन बेटा पावी जा मामा बाकी सेने
पावी मामा बाकी सेने सरवन बेटा पावी जा मामा बाकी सेने
चिरसो ईटान चिरसो बाना नी भुरुम केन्जा
चिरसो ईटान चिरसो बान... | korku-kfq |
पिबक्कड़ कौ पछताव
नास हो जाबै ऐसौ नसा
करत जो लाखन की दुरदसा
बना दो बिगड़ी फिर सें राम ,
नसा कौ कभउँ न लैहैं नाम ।
घरै क्वॉरी मौड़ीं हैं सात
कितै सें पीरे करहैं हाँत ?
भए मौड़ा सब महा कुजात
रोज थानें बुलवाए जात ।
पिबक्कड़ पै नइँ कोउ पतयात
माँगहै घरघर हाँत पसार ,
न मिलहै एकउ टका उधार
चितैहैं हम तर गटा निकार ,
भगा दें द्व... | bundeli-bns |
आल्हा ऊदल
नौ सौ तोप चले सरकारी मँगनी जोते तीन हजार
बरह फैर के तोप मँगाइन गोला से देल भराय
आठ फैर के तोप मँगाइन छूरी से देल भराय
किरिया पड़ि गैल रजवाड़न में बाबू जीअल के धिरकार
उन्ह के काट करों खरिहान
चलल जे पलटन इंदरमन के सिब मंदिर पर पहुँचल जाय
तोप सलामी दगवावल मारु डंका देल बजवाय
खबर पहुँचल बा रुदल कन भैया आल्हा सुनी... | bhojpuri-bho |
482
हीर हो रूखसत1 रांझे यार कोलों आख सहतिए मता पकाइए नी
ठूंठा भन्न फकीर नूं कढया ई किवें उसनूं खैर भी पाइए नी
वहन लोहड़े पया वेड़ा शोहदयां2 दा नाल करम दे बनड़े लाइए नी
मेरे वासते उसने लए तरले किवे उसदी आस पुचाइए नी
तैनूं मिले मुराद ते असां माही दोवे आपने यार हडाइए नी
होया मेल जों चिरी विछुनयां दा यार रजके गले लगाइए नी
... | panjabi-pan |
गढ़वाली ठाट
”गुन्दरू का नाम बिटे 1 सिंगाणा2 की धारी छोड़िक
वे को कुख वे की झगुली इत्यादि सब मेंला छन , गणेशू की सिपर्फ सिंगाणा की
धारी छ पर हौरी चीज सब साफ छन । यां को कारण , गुन्दरू कि मां अल
गसी3 , खलचट4 और लमडेर5 छ । मित्तर देखादों बोलेंद यख बखरा6 , रंहदा
होला , मेलो7 खणेक धुलपट होयू छ , मितर तब की क्वी चीज इर्थे क्... | garhwali-gbm |
अरू तू रे जगत जग जागिया
अरू तू रे जगत जग जागिया
अरू जागिया छे चारी देव
हो रंग बोल वे सुन्नारा कुँकड़ा
अरू काशी रा विश्वनाथ जागिया
अरू उज्जैन रा महाकाल देव
अरू इन्दौर रा इन्द्रनाथ जागिया
अरू भंवरासा रा भंवरनाथ जागिया
अरू आष्टा रा अजपाल देव
अरू तू रे जगत जग जागिया
अरू जागिया छे चारी राव
छज्जा से फलाणा राव जागिया
अरू बऊ र... | malvi-mup |
की हे जी, हाथे मा लोटिया बगल मा धोतिया
की हे जी , हाथे मा लोटिया बगल मा धोतिया , जनक जी चले हैं नहाय
की हे जी , आजु चौपरिया लिपायो मोरी रनिया , पूजब सालिगराम
की हे जी , सुरहिनी गैया क गोबरा मंगायों , गंगा जमुनवा क नीर
की हे जी , झुक धरि लीपन्ही बेटी जानकी , धनुष दिहिन खसकाय
की हे जी , नहाई धोई जब लौटे जनक जी , पड़ी चौप... | awadhi-awa |
झुक जाय बादली बरस क्यूँ ना जाय
झुक जाय बादली बरस क्यूँ ना जाय
उत क्यूँ ना बरसो बादली जित म्हारा बीरा री देस
उत मत मरसे ए बादली जित म्हारा पिया परदेस
तम्बू तो भीजै तम्बू की रेसम डोर
चार टका दें गांठ का जे कोए लसकर जाय
वै लस्करियां न्यूँ कहो थारी घर बाहण का ब्याह
काला पीला जो कापड़ा कोए कन्या द्यो परणाय
चार टका दें गांठ ... | haryanvi-bgc |
हे फुलड़े तो बीन्हण
हे फुलड़े तो बीन्हण म्हारी चलीए लाडली बाबल की फुलवाड़िआं
हे एक फूल बीन्हा लाडो देा फूल बीन्हे तीजै मैं भरी ए चगेरिआं
हे आगे तो मिल गया साजन का री बेटा लइए डपट्टे छाइओ
हे सुण सुण हो जान के हो बेटे हम सां अखन कवांरिआं
हे अखन कवांरी लाडो बड़ परवारी रूप घणा गुण आगली
हे जद मेरा लक्खी बाबल ब्याह ए रचावै ज... | haryanvi-bgc |
विवाह गीत
छाबो भरि पापड़ अलग मेकसे ।
याहिणी वो लांगड़ चाई गुई ।
भाट्यो भरि दारुड़ो अलग मेकसे
याहिणी वो लांगड़ पी गुई ।
छाबो भरि खार्या अलग मेकसे ।
याहिणी वो लांगड़ खाई गुई ।
समधन के लिए वधू पक्ष की स्त्रियाँ कह रही हैं हमारी समधन बहुत दुखी और पेटू है । समधन के सामने हमने बहुत से पापड़ रखे , वो सभी खा गई , पूरी दारू पी ... | bhili-bhb |
चौपर है राजन के लानैं
चौपर है राजन के लानैं
जिनै जगीरी खानैं ।
बड़े भोर सें बिछो गलीचा
ठान ओई की ठानैं ।
निस दिन तार लगी चौपर की ,
मरे जात भैरानें ।
कात ईसुरी जुरकै बैठत
लबरा केऊ सयाने । | bundeli-bns |
नल बखरी मे लगवा दो साजना
नल बखरी में लगवा दो साजना ,
बात मोरी नहीं टालना ।
बालम होत बड़ी हैरानी ,
हमखों भरन पड़त है पानी ।
घर में बैठी रहत जिठानी
ननदी छोड़ गई गोबर को डालना । बात . . .
सासो भोरई आन जगावे , हमखों पानी खों पहुंचावें ,
आठ बजे पानी भर पावें ,
परो मोड़ा रोवत मेरो पालना । बात . . .
तुमरो दूर कुआं को पानी , भ... | bundeli-bns |
झूला डरो कनक मदिर मे
झूला डरो कनक मंदिर में
झूलें अवध बिहारी ना ।
राम लक्षिमन झूला झूलत ,
सिया दुलारी ना । झूला . . .
भरत शत्रुहन मारत पेंगे ,
हनुमत , झलत बयारी ना । झूला . . .
कोयल कूकत नाचत मोरा ,
शोभा देख निराली ना । झूला . . .
सखियां सबरी कजरी गावे ,
खुशियां छाई ना । अवध में . . . | bundeli-bns |
सभवा बइठल तोहें दादा
सभवा बइठल तोहें दादा , सभे1 दादा उठिकर ।
हे साजहु बरियतिया उठिकर , हे साजहु
बरियतिया उठिकर ॥ 1 ॥
मचिया बइठली तोहें दादी , सभे दादी उठिकर ।
हे साजहु डाला दउरवा2 उठिकर , हे साजहु
डाला दउरवा उठिकर ॥ 2 ॥
ससुरा से आयती बहिन सभे , बहिनी उठिकर ।
हे आँजहु3 भइया अँखिया उठिकर ॥ 3 ॥
कथि4 लाय5 मुहँमा उगारब6 कथ... | magahi-mag |
जमुना किनरवा जीरवा जलमि गेलइ
जमुना किनरवा1 जीरवा जलमि गेलइ हे ।
फरी फूरी2 ओरझ3 हे ॥ 1 ॥
हथिया चढ़ल आथिन4 दुलरइता दुलहा हे ।
जिनखर5 पगिया रँगे रँगे हे ।
जिनखर अभरन6 रसे रसे7 हे ॥ 2 ॥
नदिया किनारे धोबिया धोवे लगल हे ।
सूखे देलक कदमियाँ तरे हे ॥ 3 ॥
हँसि हँसि पुछथिन कवन दुलहा हे ।
केकर बेटी के चुनरिया सुखइन हे ।
केंकर धिय... | magahi-mag |
440
आकी होयके खेड़यां विच वड़ीए आशक हुसन दे वारसी जटीए नी
पिछा अंत नूं देवना होय जिसनूं झुगा उसदा कासनूं पटीए नी
जेहड़ा वेखके मुख निहाल होवे कीजे कतल ना हान पलटीए नी
एह आशक वेल अंगूर दी ए मुढ़ों एसनूं ला पटीए नी
एह जोबना नित ना होवना ए पैर यार दे धोयके चटीए नी
लैके सठ सहेलियां विच बेले तूं ते धांवदी सैं नित जटीए नी
पिछ... | panjabi-pan |
जन्म गीत
वांझा घर पाळनो बंधाड्रयो , भगवान बाळो आप्यो । ।
बाळा का दाजी आव परदा लगाड़ दे , बाळ के छिपाई दीजो । ।
भगवान बाळो आम्यो ।
वांझा पार पाळनो बंधाड्रयो , भगवान बाळो आप्यो ।
बाळा का मामा आओ , अरदा खोलि दीजो परदा खोलि दीजो । ।
बाळा के वताई देजो , भगवान बाळो आप्यो । ।
वांझा घर पाळनो बंधाड्रयो , भगवान बाळो आप्यो । ।
भग... | bhili-bhb |
पंछी पंचक
अरे जागा जागा कब बिटि1 च कागा उड़ि उड़ी
करी . . . ‘काका’ ‘काका’ घर घर जगोणू तुमसणी ।
उठो गैने पंछी करण लगि गैने जय जय ,
उठा भायों जागा भजन बिच लागा प्रभुजि का ।
धुगूती धुगूती धुगति2 धुगता की अति भली
भली मीछी बोलो मधुर मदमाती मुदमयी ।
हरी डांड्यो3 धुनि पर धुनि जो छ भरणीं
हरी जी की गाथा हिरसि हिरसी स्या च करणीं... | garhwali-gbm |
112
बच्चा दुहां ने रब्ब नूं याद करना नहीं इशक नूं लीक लगवाना ई
अठे पहर खुदाए दी याद अंदर तुसां ज़िकर ते खैर कमावना ई
पीर देख के तबाअ1 निहाल होए हुकम कीता है रब्ब नूं धियावना ई
वारिश शाह पंजां पीरां हुकम कीता बच्चा दिल नूं नहीं डुलावना ई | panjabi-pan |
कथा खेत-खरयानन की
तुम डिल्ली कीं बातें करौ बड़े भइया ,
हमें करन दो सेवा अपने गाँवन की ;
तुम कारन पै मलकौ मालपुआ गुलकौ ,
हमें कहन दो कथा खेतखरयानन की ।
इन गावन में अपने पुरखा रहत हते ,
ठाँड़ी कर गए छायबनाय मड़इयँन कों ;
रातरात सोई गीले में महतारी ,
पालपोस स्यानों कर गइ सब भइयन कों ।
खेतन की माटी सरसक्क पसीना सें ,
दोदो ... | bundeli-bns |
आल्हा ऊदल
किरिया धरावल जब लहरा सिंह रुदल जियरा छाड़व हमार
नैंयाँ लेब बघ रुदल के
एतनी बोली बघ रुदल सुन गैल रुदल बड़ मंड्गन होय जाय
फिर के चलि भेल बघ रुदल लहरा दोसर कैल सरेख
खैंचल तेगा जब लहरा सिंह बाबू लिहल अली के नाम
जौं तक मारल बघ रुदल के देबी झट के लिहल बचाय
बरल करेजा बघ रुदल के रुदल कूदल बवन्तर हाथ
जौं तक मारल लहरा ... | bhojpuri-bho |
भरथरी लोक-गाथा - भाग 9
धरय चिमटा भरथरी
पांच पिताम्बर ओ
का तो गोदरी ल ओढ़त हे
टोपी रतन जटाय
देखतो पहिरत हे
भरथरी रेंगना रेंगय राम
कोसेकोसे के तो रंेगना ये
एक कोस रेंगय
दूसर कोस , दसे कोस बइरी का रेंगय
बीस कोसे ये ओ
तीस कोसे के अल्दा म
गढ़ उज्जैन राम
जिहां हबरत हे भरथरी
धुनि लेवय जमाय
का तो बइठत हे धुनि मँ
डंका देवय पिठा... | chhattisgarhi-hne |
वेदे कि तार मर्म जाने (बाउल)
वेदे कि तार मर्म जाने
ये रूप साँइर लीलाखेला
आछे एइ देह भुवने । ।
पंचतत्व वेदेर विचार
पंडितेरा करने प्रचार ,
मानुष तत्व भजनेर सार
वेद छाड़ा वै रागेर माने । ।
गोले हरि बलले कि हय ,
निगूढ़ तत्व निराला पाय ,
नीरे क्षीरे युगल हय
साँइर बारमखाना सेइखाने । ।
पइले कि पाय पदार्थ
आत्म तत्वे याराभ्रान्... | bengali-ben |
जुनख्यालि रात च छोरी
जुनख्यालि1 रात च छोरी ।
कनै हैंसि तू ?
गाड2 पाणि अफ नि पेंदि
फल नि खाँदा डाला
अन्न तैं भि भूख लगद
तीस मेघमाला ।
हर फूल जो स्वाणो3
स्वाणे ही नि होंदो
बात को अन्ताज होंद
निस्तुको नि होंदो ।
छूँ लगाई लाख , मगर
छपछपि छू लगद क्वी
औखियों मा दुनिया बसद
दिल भितर बसद क्वी
गाड द्यखण पड़द पैले
स्वाँ कु मरद फा... | garhwali-gbm |
58
उठीं सुतया सेज असाडड़ी तों लम्मा सुसरी वांग की पया हैं वे
राती किते उनींदरा कटो ई ऐडी नींद वाला लुड़ गया हैं वे
सुन्नी देख नखसमड़ी सेज मेरी कोई आलकी आन ढह पया हैं वे
इके ताप चढ़या जिन्न भूत लगे इके डैण किसे भख लया हैं वे
वारस शाह तूं जींवदा घूक सुत्तों इके मौत आई मर गया हैं वे | panjabi-pan |
होली बी खेले ढप बी बजा
होली बी खेले ढप बी बजा कै गलियां में उडए गुलाल
कहियो मुरैटण तै होली खैलण आवै नवाब
हंसली घड़ावै फिरंगी को लड़को कठलो घड़ावै नवाब
कहियो मुरैटण तै होली खेलण आवै नवाब
ऐसी होली खेलो मिरगानैणी म्हारा साफा की रखियो लाज
कहियो मुरैटण तै होली खेलण आवै नवाब
लहंगो सिंवावै फिरंगी को लड़को स्यालू सिंवावै नवाब
... | haryanvi-bgc |
रणू रौत (रावत)
सिरीनगर1 रन्द छयो , राजा प्रीतमशाई ,
कुलावाली कोट मा , रन्दी रौतू औलाद ।
हिंवा रौत को छयो भिवाँ रीत ,
भिंवा रौत को छयो रण रौत ।
रणू रौत होलो मालू2 मा को माल ,
जैको डबराल्या3 माथो छ , खंखराल्या4 जोंबा5 ,
घुण्डौं6 पौंछदी भुजा छन जोधा की ,
मुंगर्याली7 फीली8 छन , मेरा मरदो ।
माल की दूण9 रांजड़ा ऐन ,
तौन कागल... | garhwali-gbm |
दस पाँच सखिया मिली, चलली बजरिया रामा
दस पाँच सखिया मिली , चलली बजरिया1 रामा ।
ओहि2 ठइयाँ3 टिकुली रे , भुलायल हो राम ॥ 1 ॥
कहमा4 महँग5 भेलइ6 टिकुली सेनुरवा रामा ।
कहमा महँग भेलइ , बालम हो राम ॥ 2 ॥
लिलरे7 महँग भेलइ , टिकुली सेनुरवा रामा ।
सेजिए महँग भेलइ , बालम हो राम ॥ 3 ॥
कहमा जो पयबइ8 हम , टिकुली सेनुरवा रामा ।
कहमा ... | magahi-mag |
मुने एकली जानी ने
मुने एकली जाणी ने कान ऐ छेडी रे . . . .
मारो गरबो ने मेली ने हालतों था . .
नही तो कही दऊँ यशोदा ना कान माँ . . .
मुने एकली जाणी ने कान ऐ काने छेडी रे . .
बेडलुं लैने हूँ तो सरोवर गई थी . .
पाछी वडी ने जोयु तो बेडलुं चोराई गयू
मारा बेडला नो चोर मारे केम लेवो खोळी
पछी कही दऊँ यशोदा ना कान माँ . . .
मुने... | gujarati-guj |
माटी कुदम करन्दी यार
माटी कुदम करन्दी यार ।
माटी जोड़ा माटी घोड़ा , माटी दा असवार ।
माटी माटी नूँ दौड़ाए , माटी दा खड़कार ।
माटी कुदम करन्दी यार ।
माटी माटी नूँ मारन लग्गी , माटी दे हथिआर ।
जिस माटी पर बहुतीमाटी , तिस माटी हंकार ।
माटी कुदम करन्दी यार ।
माटी बाग बगीचा माटी , माटी दी गुलज़ार ।
माटी माटी नूँ वेक्खण आई , ... | panjabi-pan |
अपने बाबा के खड़ी चबूतरे रूप देख वर आये
अपने बाबा के खड़ी चबूतरे रूप देख वर आये
मैं तुझे पूछूं ए मेरी लाडो यहां क्यूं कंवर बुलाए
अपने बाबा की मैं लाख सौगन्ध खाऊं मैं नहीं कुंवर बुलाये
बाबा रूप देख वर आये
अपने बाबल के खड़ी चबूतरे रूप देख वर आए
मैं तुझे पूछूं ए मेरी लाडो यहां क्यों राव बुलाये
अपने बाबल की मैं लाख सोगन्ध ... | haryanvi-bgc |
198
काज़ी महकमे विच इरशाद1 कीता मन शरह दा हुकम जे जीवना ई
बाअद मौत दे नाल ईमान हीरे दाखल विच बहिश्त दे थीवना ई
नाल जौक ते शौक2 दा नूर शरबत विच जनतउलअदन3 दे पीवना ई
चादर नाल हया दे सतर4 कीजे काहे दरज हराम दी सीवना ई | panjabi-pan |
वे दिल जानी प्यारेआ
आ खाँ वे दिल जानी प्यारेआ ,
केही चेटक लाया ई
मैं तेरे विच्च ज़रा ना जुदाई1 ,
सात्थों आप छुपाया ई ।
मज्झीं आइआँ राँझायार ना आया ,
फूक बिरहों डोलाया ई
आ खाँ वे दिल जानी प्यारेआ ।
मैं नेड़े मैनूँ दूर क्यों दिस्नाऐं ,
सात्थों आप छुपाया ई ।
आ खाँ वे दिल जानी प्यारेआ ।
विच्च मिसरदे वाँग जुलैखां
घुँघट खोल्... | panjabi-pan |
चउका चढ़ि बइठलन कवन बाबू
चउका1 चढ़ि बइठलन कवन बाबू ।
जाँघ ले ले धिया बइठाइ हे ॥ 1 ॥
ए राम , असरे पसरे2 चुनरी भींजल ना ।
रउरा परभुजी बेनियाँ3 डोलावऽ ना ॥ 2 ॥
कइसे बेनियाँ डोलाऊँ हे सुगइ ।
ताकत होइहें4 बाबूजी तोहार हे ॥ 3 ॥
चलु चलु सुगइ हमर देसवा ।
उहँई5 देबो बेनियाँ डोलाइ ना ॥ 4 ॥
चउका चढ़ि बइठलन कवन चच्चा ।
जाँघ ले ले ... | magahi-mag |
घूमर गीत
ओ म्हारी घूमर छे नखराळी ऐ माँ
घूमर रमवा म्हें जास्याँ
ओ राजरी घूमर रमवा म्हें जास्याँ
ओ म्हाने रमता ने काजळ टिकी लादयो ऐ माँ
घूमर रमवा म्हें जास्याँ
ओ राजरी घूमर रमवा म्हें जास्याँ
ओ म्हाने रमता ने लाडूङो लादयो ऐ माँ
घूमर रमवा म्हें जास्याँ
ओ राजरी घूमर रमवा म्हें जास्याँ
ओ म्हाने परदेशियाँ मत दीजो रे माँ
घूमर... | rajasthani-raj |
बना रे बागां में झुला घाल्या
1 .
बना रे बागां में झुला घाल्या
म्हारे हिवडे री , म्हारे जिवड़े री , म्हारे मन डे री कोयल बोले झुला छैल भंवरसा
म्हारे मन डे री कोयल बोले झुला छेल भंवरसा
गोरी ऐ बागां में झुला घाल्या
म्हारे हिवडे रो , म्हारे जिवड़े रो , म्हारे मनडे रो मोरियो नाचे झुला जान कंवरसा
म्हारे मनडे रो मोरियो नाचे झ... | rajasthani-raj |
सामन आयौ अम्मा मेरी
सामन आयौ अम्म मेरी सुहावनो जी ,
एजी कोई सब सखि झूलति बाग । 1 ।
चन्दन पटुली अम्मा बनवाय दे री ,
एजी कोई रेशम डोरि मंगाय । 2 ।
मैं भी झूलूँ अम्मा चंपाबाग में जी ,
एजी कोई जाऊँ सहेलियन साथ । 3 ।
इतनी सुनि के बोली माता मल्हनदे जी
एजी बेटी सुनले मेरी बात । 4 ।
आल्हाऊदल बेटी घर हैं नहीं जी
एजी कोई जूझि गय... | braj-bra |
जय जय राजस्थान
गोरे धोरां री धरती रो
पिचरंग पाणा री धरती रो , पीतल पातल री धरती रो , मीरा करमा री धरती रो
कितरो कितरो रे करां म्हें बखाण , कण कण सूं गूंजे , जय जय राजस्थान . . .
धर कुंचा भई धर मंजलां
धर कुंचा भई धर मंजलां
धर मंजलां भई धर मंजलां
कोटा बूंदी भलो भरतपुर अलवर अर अजमेर
पुष्कर तीरथ बड़ो की जिणरी महिमा चारूं म... | rajasthani-raj |
होत आवेरो म्हारा धाम को
होत आवेरो म्हारा धाम को ,
गुरु न भेज्यो परवाणो
१ हम कारज निर्माण किया ,
आरे परमेश्वर को जाणु
मुल रच्यो निजधाम को
जाकर होय रे ठिकाणु . . .
होत आवेरा . . .
२ ओ सल्ला बिहार के ,
काई लावो रे बयाना
कस के कमर को जायगो
जामे साधु समाना . . .
होत आवेरा . . .
३ बहु सागर जल रोखीयाँ ,
देव जबर निसाणी
चेहरा ह... | nimadi-noe |
आगे गुरु पासे चेला
आगे गुरु पासे चेला
आगे गुरु पासे चेला
कतरी डाटेन टोलेमा गुरु मारे
कतरी डाटेन टोलेमा गुरु मारे
जाजह बांधो टीकरा बांधो
जाजह बांधो टीकरा बांधो
कतरी डाटेन टोले मा जा गरु मारे
कतरी डाटेन टोले मा जा गरु मारे
जाजह बांधो सिवाड़ बांधो
जाजह बांधो सिवाड़ बांधो
कतरी डाटेन टोले मा जा गुरु मारे
कतरी डाटेन टोले मा ... | korku-kfq |
बारात गीत
तूके कुण बुलायो , ने कुणे घर आयो रे
रायजादा बनड़ा ।
तारा काकड़ पर डेरो देणो देजी वो
रायजादी बनड़ी ।
तारो दाजी लिखलो कागद में क्यों वो
रायजादी बनड़ी ।
तारा मांडवा मा डेरा देणों देजी वो
रायजादी बनड़ी ।
तूके कुण बुलायो , ने कुणे घर आयो रे
रायजादा बनड़ा ।
इस गीत में वधू पक्ष की स्त्रियाँ दूल्हे से कह रही हैं तुझे... | bhili-bhb |
काहे को तेरी ओबरी
काहे को तेरी ओबरी , काहे का जड़ाए किवाड़
सच्चा हनुमान बली
अगड़ चन्दन की ओबरी , चन्दन जड़ाए किवाड़
सच्चा हनुमान बली
केरै चढ़े तेरै देहरै , केरै तुम्हारी भेंट
सच्चा हनुमान बली
सवाए तो मण को रोट सै , सवाए रुपय्या की भेंट
सच्चा हनुमान बली
बैरीड़ा तो मारकै दफै करो , छोरा कै सिर सै जीत
सच्चा हनुमान बली | haryanvi-bgc |
माखन की चोरी छोड़ि कन्हैंया
अरे माखन की चोरी छोड़ि कन्हैंया ,
मैं समझाऊँ तोय ॥ टेक ॥
बरसाने तेरी भई सगाई , नित उठि चरचा होय ।
बड़े घरन की राज दुलारी , नाम धरैगी मोय ॥
अरे माखन की . ॥
मोते कहै मैं जाऊँ गइयन पै , रह्यौ खिरक पै सोय ।
काऊँ ग्वालिन की नजर लगी या दई कमरिया खोय ॥
अरे माखन की . ॥
माखनमिश्री लै खावे कूँ क्यों ह... | braj-bra |
गंगाय ऐली आयोम काडो गंगाय ऐली आयोम
गंगाय ऐली आयोम काडो गंगाय ऐली आयोम
गंगाय ऐली आयोम काडो गंगाय ऐली आयोम
आयोम माडो कोन्जिया कोरा डो डोयराय
आयोम माडो कोन्जिया कोरा डो डोयराय
डिवड़ी नी लियेन सुबाये डो गंगाय ऐली आयोमी
डिवड़ी नी लियेन सुबाये डो गंगाय ऐली आयोमी
कोन्जई नी कोरा डो डोयराये
कोन्जई नी कोरा डो डोयराये
कोन्जई नी ग... | korku-kfq |
बारांमाह बुल्ले शाह
अस्सू लिक्खो सन्देस्वा1 वाचे हमरा पीओ ।
गौने2 कीआ तुम काहिको , कलमल हमरा जीओ ॥ 1 ॥
अस्सू असाँ तुसाडी आस ।
साडी जिन्द तुसाडे पास ।
जिगरे मुढ्ढ प्रेम दी लास ।
दुःखां हड्ड सुकाए मास ।
सूलाँ साड़िआँ ॥ 1 ॥
सूलाँ साड़ी रही उरार ।
मुट्ठी तदों ना गइआँ नाल ।
उलटी प्रेम नगर दी चाल ।
बुल्ला सहु दी कर सँभाल ।
प... | panjabi-pan |
दी देवा बाबा जी, कन्या को दान
दी देवा बाबा जी , कन्या को दान
दानू मा दान होलो , कन्या को दान ।
हीरा दान , मोती दान , सब कोई देला ,
तुम देला बाबा जी , कन्या को दान ।
तुम होला बाबा जी , पुण्य का लोभी ,
दी देवा बाबा जी , कन्या को दान ।
हेम दान गजदान सब कोई देला ,
तुम देला बाबा जी , कन्या को दान | garhwali-gbm |
रसिया को नारी बनाओ री
रसिया को नारी बनाओ री , रसिया को नारी बनाओ री ।
कटि लहंगा गले माहीं कंचुकी , चुंदरी सीस उढ़ओ री
रसिया को नारी बनाओ री ।
गाल गुलाल आंखिन में अंजन , बैंदी भाल लगाओ री
रसिया को नारी बनाओ री ।
नारायण तब तारी बजा के , जसुमति पास नचाओ री
रसिया को नारी बनाओ री । | haryanvi-bgc |
नी सइओ! मैं गई गवाती
नी सइओ मैं गई गवाती ।
खोल घूँघट मुख नाची ।
जित वल्ल देक्खाँ दिसदा ओही ।
कसम ओसे दी होर ना कोई ।
ओहो मुहकम फिर गई दोही ।
जब गुर पत्तरी वाच्ची ।
नी सइओ मैं गई गवाती ।
खोल घूँघट मुख नाची ।
नाम निशान ना मेरा सइओ
जे आक्खाँ ताँ चुप्प किसे ना करीओ ।
बुल्ला खूब हकीकत जाची ।
नी सइओ मैं गई गवाती ।
खोल घूँघट ... | panjabi-pan |
ऊँचि डांड्यू तुम नीसि जावा
ऊँचि डांड्यू तुम नीसी जावा
घणी कुलायो तुम छाँटि होवा
मैकू लगी छ खुद मैतुड़ा की
बाबाजी को देखण देस देवा
मैत की मेरी तु त पौण प्यारी
सुणौ तु रैवार त मा को मेरी
गडू गदन्य व हिलाँस कप्फू
मैत को मेर तुम गीत गावा
भावार्थ
' हे ऊँची पहाड़ियो तुम नीची हो जाओ ।
ओ चीड़ के घने वृक्षो तुम समने से छँट जाओ ... | garhwali-gbm |
भजन कर निरना एकादसी करना
भजन कर निरना एकादसी करना
राजा ब्रह्म आगे साक्षी भरना
पेली निरजला , दूसरी सिरजला
दोनोई एकादसी करना
भाव भक्ति से जो कोई साधे
बैतरनी में तिरना
भजन कर निरना एकादसी करना
दसमी के दिन एकटंक जीमणा
ग्यारस निरनै करना
बारस के दिन भोजन करना
जमराज से नहीं डरना
भजन कर . . .
एकादशी को अटल पुण्य है
अनमाय जीव न... | malvi-mup |
मैं तो थारा हाजिर बन्दा जी, हमारी धन रूस क्यों गई
मैं तो थारा हाजिर बन्दा जी , हमारी धन रूस क्यों गई
कहो तो अम्मां बुलावैं जी , कहो तो चढ़वा हमीं चढ़ावैं जी
हमारी धन रूस क्यों गई
कहो तो भाभी बुलावै जी , कहो तो मंज्जा हमीं बिछावैं जी
हमारी धन रूस क्यों गई
कहो तो दौरानी बुलावैं जी , कहो तो दिया हमीं जलावैं जी
हमारी धन रू... | haryanvi-bgc |
तळै खड्या क्युं रुके मारै चढ्ज्या जीने पर कै
तळै खड्या क्युं रुके मारै चढ्ज्या जीने पर कै ,
एक मुट्ठि मनै भिक्षा चहिए देज्या तळै उतर कै ।
सुपने आळी बात पिया मेरी बिल्कुल साची पाई ,
बेटा कह कै भीख घालज्या जोग सफ़ल हो माई ।
बेटा क्युकर कहूँ तनै तू सगी नणंद का भाई ,
उन नेगां नै भूल बिसरज्या दे छोड पहङी राही ॥
पिया सोने के... | haryanvi-bgc |
हाँ, हाँ, हाँ मेरा भोला है राजा
हाँ , हाँ , हाँ मेरा भोला है राजा ।
कमरे में दाई काहेको1 आई ,
राजा जी , मेरी नाफे2 टली3 थी ॥ 1 ॥
हाँ , हाँ , हाँ मेरा भोला है राजा ।
हाँ , हाँ , हाँ मेरा सुरमा4 सिपाही ।
रानी पीली साड़ी काहे को पेन्हे थी ।
राजा जी , मैं तो न्योते गई थी ॥ 2 ॥
राजा जी , मेरा भोला है राजा ।
रानी कमरे में कौ... | magahi-mag |
हाँजी म्हारे आँगन कुओ
हाँजी म्हारे आँगन कुओ खिनयदो हिवड़ा इतरो पानी
हाँजी जुड़ो खोलर न्हावा बेठी ईश्वरजी री रानी
हाँजी झाल झलके झुमना रल के बोले इमरत बानी
हाँजी इमरत का दो प्याला भरिया कंकुरी पिगानी | rajasthani-raj |
बाँके बजैं पैजनाँ धुनके
बाँके बजैं पैजनाँ धुनके ।
परे पगन में उनके ।
सुन तन रौमरौम कड़ आवत ,
धीरज रहत ना तनके ।
खेलत फिरत गैल खोरन मेंख
सुर मुख्त्यार मदन के ।
करने जोंग लोग कुछनाते ,
लुट गये बालापन के
ईसुर कौन कसायन डारे ,
जे ककरा कसकन के । | bundeli-bns |
उंकार देव न लिख्या कागज दई भेज्या
उंकार देव न लिख्या कागज दई भेज्या ,
तू रे ईरा , बेगा रे घर आव
हम कसां आवां म्हारा उंकार देव ,
हमारा माथऽ नारेळ की मान ।
नारेल चढ़ावऽ थारो माड़ी जायो ,
तू रे ईरा , बेगा रे घर आव । | nimadi-noe |
बाबुल मेरो ब्याह रचाओ
रचाओ हो बाबुल मेरो ब्याह रचाओ २
कैऊ कल्प बीत गये याकों
तौऊ भई नहिं शादी है
ब्रह्मा विष्णु गोद खिलाये
महादेव की दादी है . . . . | braj-bra |
गजब दिन भईगे राजा तोर संग मा
चक्कर मा घोड़ा , नई छोड़व मैं जोड़ा
झुलाहूँ तोला वो , हाय झुलाहूँ तोला वो
नदिया मा डोंगा , नई छोड़व मैं जोड़ा
तौराहूँ तोला वो , हाय तौराहूँ तोला वो
गजब दिन भईगे राजा तोर संग मा , नई देखेंव खल्लारी मेला वो
गजब दिन भईगे राजा तोर संग मा , नई देखेंव खल्लारी मेला वो
चक्कर मा घोड़ा , नई छोड़व मैं... | chhattisgarhi-hne |
भरथरी लोकगाथा का प्रसंग “रानी का चम्पा दासी को सजा देना”
अब ये चम्पा दासी राहय ते रागी हौव
जा के रानी सामदेवी ल किथे हा
रानी हौव
में तोला का बतावँव हा
कोन भेषे में भगवाने आ जथे हौव
अउ कोन भेषे में राजा आ जथे राजा आ जथे
वो योगी नोहय तोर राजा ऐ हौव
ओतका बात ल सुनथे , रानी राहय तेन हौव
एकदम जलबल के खाख हो जथे हा
जइसे नागि... | chhattisgarhi-hne |
निहाली गीत
ताड़े जाता ते ताड़ि पीता रे लोल ।
याहिणिके लावता ते वात करता रे लोल ।
ताड़े जाता ते ताड़ि पीता रे लोल ।
कलाल्या मा जाता ते दारू पीता रे लोल ।
हलवी मा जाता ते गुंड्या खाता रे लोल ।
ताड़ के पास जाते ही ताड़ी पीते । समधन का लाते तो उसके साथ बात करते । कलाल के यहाँ जाते तो दारू पीते । हलवाई के यहाँ जाते तो भजिये... | bhili-bhb |
बाबा जू भर आयँ
बिटऊ खौं बाबा जू भर आयँ ,
कुजानें कित्ते ढौंग दिखायँ
लगाकै चौंतइया पै होम ,
बिनैं सी करैं पकर कैं कान ,
फुरोरू लैकें दो इक दार ,
उचट कैं गिरबैं उल्टे ज्वान ।
मुलक्कीं हाँकें देतइ जायँ ,
बिटऊ खौं बाबा जू भर आयँ ।
रगड़ कैं सूदी टिहुनी मार ,
चिचाबै चाय कितेकउ खून ,
उचल गई करयाई की खाल ,
रगड़ कैं दई जिओरा की... | bundeli-bns |
जावा गैल्याण्यों, तुम मैत जावा
जावा गैल्याण्यों , तुम मैत जावा ,
मेरो रैबार , माँजी मू लि जावा ।
मालू भैंसी को खटो दई ,
बई मा बोल्यान रोणीकि छई ।
बाबाक बोल्यान देखीक जाई ,
सासु सैसरों समझाई आई । | garhwali-gbm |
में तो अकेली म्हारो घर न लुटाय दीजो
में तो अकेली म्हारो घर न लुटाय दीजो
घर न लुटाय दीजो , बन न कराय दीजो
सासू सुणें तो पिया उन्हें मत आवन दीजो
ललना खेलावन म्हारा माता खे बुलाव दीजो
जेठाणी सुणे तो पिया उन्हें मत आवन दीजो
रसोई निपावन म्हारी काकी खे बुलाय लीजो
नणंदी सुणे तो पिया उन्हें मत आवन दीजो
सांतीपुड़ा मांडण म्हारी ... | malvi-mup |
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तुसीं अकल दे कोट अयाल हुंदे लुकमान हकीम दसतूर है जी
बाज भोर बगला अते लौंग कालू शाही शीहनी1 नाल कसतूर है जी
लोहा पशम पिसत डबा मौत सूरत सबजा होर शाबान मनजूर है जी
पंजे बाज जेहे रक वांग नीचे पौंचा वजया मगर सभ दूर है जी
चक सीह वांगूं गज नींह वांगूं मैंनूं दंद मारन हड चूर है जी
किसे पास ना खोलना भेत पाई जो आखयो कुझ सब म... | panjabi-pan |
रनुबाई का अंगणा मऽ ताड़ को झाड़
रनुबाई का अंगणा मऽ ताड़ को झाड़
माता ताड़ को झाड़ , वहाँ रहे देवी को रहेवास ।
माता आड़ी रूळतो घागरो , न कड़ी रूळता केश ,
माता गोदी लियो बाजुड़ो , न पेळो पेरी जाय । | nimadi-noe |
अंगिका फेकड़ा
अट्टापट्टा नुनु केॅ सात बेटा
राजा , पाता , सीत , वसन्त , कुतवा
अड़गड़ मारो बड़गड़ जाऊँ , पानी पीये
पोखरिये जाऊँ
बबुआ कहै काँखी तर जाऊँ
ओ ना मा सी धं
गुरूजी पढ़ंग
कुइयाँ में काँटोॅ
गुरूजी नाँटोॅ ।
नैहरा में कै बार गांगो
सतसत बेरी
अॅ ससुरारी मंे कै बार माँगों
एके बेरी ।
उर्र बकरिया घाँस खो
चुक्का लेॅ बथान ज... | angika-anp |
केहे लारे देनाँ ऐं सानूँ
केहे लारे देनाँ ऐं सानूँ ,
दो घड़िआँ मिल जाईं ।
नेड़े वस्से थाँ ना दस्से ,
ढूँढ़ा कित वल जाहीं ।
आपे झाती पाई अहमद ,
वेक्खाँ ताँ मुड़ नाहीं ,
आख ग्यों मुड़ आयो नाहीं ,
सीने दे विच्च भड़कण भाई1 ।
इकसे घर विच्च वस्सदीआँ रस्सदीआँ ,
कित वल्ल कूक सुणाईं ।
पांधी जा मेरा देह सुनेहा ।
दिल दे ओल्हे लुकद... | panjabi-pan |
ईसुरी की फाग-10
पतरें सोनें कैसे डोरा , रजऊ तुमाये पोरा
बड़ी मुलाम पकरतन घरतन लग न जाए नरोरा
पैराउत में दैयामैया , दाबत परे दादोरा
रतन भरे सें भारी हो गये , पैरन कंचन बोरा
' ईसुर ' कउँ का देखे ऐसे , नरनारी का जोरा । | bundeli-bns |
Subsets and Splits
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