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329 एह मिसाल मशहूर जहान अंदर करम रब्ब दे जेड ना मेहर है नी हुनर झूठ कमान लाहोर जेही ते कावरू1 दे जेड ना सेहर है नी चुगली नहीं दिपालपुर कोट जेही नमरूद2 दे थां बे मेहर है नी नकश चीन ते मुशक दा खुतन3 जेहा यूसुफ जेड ना किसे दा चेहर है नी मैं तां तोड़ शाहदरे दे कोट सटां तैनूं दम खां काम दी वेहर है नी बात बात तेरी विच हैन का...
panjabi-pan
29 भाइयां बाझ न मजलसां सोंहदियां ने अते भाइयां बाझ बहार नाहीं भाई मरन ते पैंदियां भज बाहां बिना भाइयां परे प्रवार नाहीं लख ओट है भाइयां वसंदयां दी भाइयां गयां जेही कोई हार नाहीं भाई ढाहुंदे भाई उसारदे ने वारस भाइयां बाझों बेली यार नाहीं
panjabi-pan
273 जोगी नाथ तों खुशी लै विदा होया छुटा ब्राजज्यों तेज तरारयां नूं इक पलक विच कम हो गया उसदा लगी अग फेर चेलयां सारयां नूं मुड़के रांझणे इक जवाब दिता उन्हां चेलयां हैंस्यारयां1 नूं भले कर्म होवण ताहींए जोग पाईढ मिले जोग न करमां दयां मारयां नूं असीं जट अनजान थीं फस गए करम कीतो सू असां नकारयां नूं वारस शाह अल्ला जदों करम2...
panjabi-pan
तेरे पकडूं घोड़े की लगाम जाण न दूं पिया नौकरी तेरे पकडूं घोड़े की लगाम जाण न दूं पिया नौकरी छोड़ ए गोरी घोड़े की लगाम साथां के साथी म्हारे धुर गए छूट गई घोड़े की लगाम आंसू तो गिरे हरियल मोर ज्यूं
haryanvi-bgc
फलाणे की बहु का घागरा यहां किसी का भी नाम लिया जा सकता है जिसे सींठने दिये जाते हैं की बहू का घागरा धोबी धोए रे छिनाल रे धइआं धौंदे धौंदे बह गया खड़ी रोवै रे छिनाल रे धइआं म्हारा . . . अपने पक्ष के किसी पुरुष का नाम न्यू कहै क्यूं रोवै रे छिनाल रे धइआं
haryanvi-bgc
56 पकड़ लए झबेल ते बन्ह मुशकां मार छमकां लहू लुहान कीते मेरे पलंघ ते आन सवालिया जे मेरे बैर दे तुसां सामान कीते कुड़ीए मार ना असां बेदोशियां नूं कोई असां ना एह महमान कीते चंचल हारीए रब्ब तों डरीं मोइए अगे किसे ना ऐड तुफान कीते
panjabi-pan
मेरे टुरने दी होई त्यारी तुसीं आओ मिलो मेरी प्यारी । मेरे टुरने दी होई त्यारी । सभे रल के टोरन आइआँ , आइआँ फुफ्फिआँ चाचिआँ ताइआँ , सुभ्भे रोंदिआँ जारो जारी1 मेरे टुरने दी होई त्यारी । सभे आखण एह गल जाणी , रव्हीं तूँ हर दम हो निमाणी , ताहीं लग्गेंगी ओत्थे प्यारी । मेरे टुरने दी होई त्यारी । सभे टोर2 घराँ नूँ मुड़िआँ , म...
panjabi-pan
नमो नरंजन मात भवानी नमो नरंजन मात भवानी , सदा रंगीला तेरा भवन तेरे दरस को रिसी मुनि आए , दूरदूर तै करके गवन कोए समरधा लावै समाधी , कोए समरधा साधै पवन तेरे दरस को . . . ग्यान बूझ की तैं मेरी जवाला , तेरै बरोबर और न कोए सुख संपत की तैं मेरी देवै , तेरै बरोबर और ना कोए सेवत राम तरा जस गावै , हाथ जोड़ कै कर गवन तेरे दरस को...
haryanvi-bgc
लोक गीत सोरी तारे घड़ुले छे , घुँघर माल रेऽऽऽ । सोरी तारे घड़ुले छे , घुँघर माल रेऽऽऽ । सोरा तारे पुश्यानु काँई काम रेऽऽऽ । सोरा मारे पुश्यानु बड़ी मोआरेऽऽऽ । सोरी तारे घड़ुले छे , घुँघर माल रेऽऽऽ । सोरी तारे घड़ुले छे , घुँघर माल रेऽऽऽ । सोरी तमे परण्या के कुँवारा रेऽऽऽ । सोरी तमे परण्या के कुँवारा रेऽऽऽ । धेर मा मारा...
bhili-bhb
लागी लगी रे दुई दुई हाथ मेहँदी रंग लागी लागी लगी रे दुई दुई हाथ मेहँदी रंग लागी , मेहँदी तोडं न ख हाउ गई न म्हारो , छोटो देव्रियो साथ मेहँदी रंग लागी । तोडी ताडी न मन खोलो भर्यो न हउ लगी गई घर की वाट मेहँदी रंग लागी । अगड दगड को लोय्डो न ब्र्हन्पुर की सील मेहँदी रंग लागी लसर लसर हउ मेहँदी वाटू न म्हारा बाजूबंद झोला खाय...
nimadi-noe
सुनहु जदुनन्नन हे चीकन1 मटिया2 कोड़ि मँगाएल , ऊँची कय3 मँड़वा छवाएल । जनकपुर जय जय हे ॥ 1 ॥ सोने कलस लय4 पुरहर5 धरब , मानिक लेसु6 फहराय7 जनकपुर जय जय हे ॥ 2 ॥ लाल लाल सतरंजी8 अँगन9 को बिछाएल । जनकपुर जय जय हे ॥ 3 ॥ जय जय बोले नउअवा से बाम्हन , जय जय बोले सब लोग । जनकपुर जय जय हे ॥ 4 ॥ धन राजा दसरथ , धन हे कोसिलेया । धन...
magahi-mag
गंढाँ दूजी खोलूँ क्या कहूँ , दिन थोड़े रहिन्दे । सूल सभ रल आवंदे , सीने विच्च बहिन्दे । झल्लवलल्ली मैं होई , तन्द कत्त ना जाणा । जंझ ऐवें रल आवसी , ज्यों चढ़दा ठाणा । तेरा गंढीं खुल्लिआँ नैण लहू रोन्दे । होया साथ उतावला , धोबी कपड़े धोन्दे । सज्जण चादर ताण के सोया विच्च हुजरे1 । अजे भी ना ओह जागेआ दिन कितने गुज़रे । बा...
panjabi-pan
बरसन लागी सावन बुन्दिया बरसन लागी सावन बुन्दिया , प्यारे बिन लागे न मोरी अंखिया चार महीना बरखा के आये , याद आवे तोहरी बतियां प्यारे बिन लागे न मोरी अंखिया चार महीना जाडा के बीते , तरपत बीती सगरी रतियां प्यारे बिन लागे न मोरी अंखिया चार महीना गरमी के लागे , अजहुं ना आये हमारे बलमा प्यारे बिन लागे न मोरी अंखिया
awadhi-awa
जागो वशी वारे ललना-जागो मोरे प्यारे जागो वंशी वारे ललनाजागो मोरे प्यारे रजनी बीती भोर भयो है , घरघर खुले किवाड़े । जागो . . . गोपी दही मथत सुनियत है , कंगना के झनकारे । जागो . . . उठो लाल जी भोर भयो है , सुर नर ठांड़े द्वारे । जागो . . . ग्वाल बाल सब करत कोलाहल जयजय शब्द उचारे । माखन रोटी हाथ में लीन्हीं , गउवन के रखवा...
bundeli-bns
साहवरेआँ घर जाणा सदा मैं साहवरेआँ घर जाणाँ , नी मिल लओ सहेलड़ीओ । तुसाँ वी होसी अल्ला भाणा , नी मिल लओ सहेलड़ीओ । रंग बरंगी सूल उपट्ठे , चंझड़ जावण मैनूँ । दुक्ख अगले मैंनाल लै जावाँ , पिछले सौपाँ किहनूँ । इक विछोड़ा सइआँ दा , ज्यों डारों कूंज विछुन्नी । मापेआँ ने मैनूँ एह कुझ दित्ता , इक्क चोली इक्क चुन्नी । दाज एहना ...
panjabi-pan
34 कलमदान दवात दफतैन1 पटी नावें आमली वेखदे लड़कयां दे लिखन नाल मसौदे सयाक खिसरे सियाह अवारजे2 लिखदे वरकयां दे इक भुल के ऐन दा गैन वाचन मुल्लां जिंद कढे नाल घुरकयां दे इक आंवदे नाल जुजदान3 लैके विच मकतबां दे नाल तड़कयां दे
panjabi-pan
तिलक -गीत भितरा से बोलीं हैं भितरा से बोलीं हैं रानी कौशिल्या सुनो राजा दशरथ बचनी हमारी सगरी अजोध्या में राम दुलरुआ तिलक आई बडि थोरी सोभ्वा से बोले है राजा दशरथ सुनो जनक बचनी हमारी सगरी अजोध्या में राम दुलरुआ तिलक आई बड़ी थोरी हाथ जोरी राजा जनक जी बिनवैं सुनो दशरथ बचनि हमारी तू तो हयो तीनो लोक ठाकुर हम होई जनक भिखारी
awadhi-awa
विदाई गीत एक बन गईं दुसरे बन एक बन गईं दुसरे बन गईं तीसरे बबिया बन बेटी झलरी उलटी जब चित्वें तो मैया के केयू नाही लाल घोड़ चितकबर वहिसे वै पिया बोलें धना हमरे पतुक आंसू पोछो मैया सुधि भूली जाव केना मोरी भुखिया अगेंहैं तो केना पियसिया केना जगहियें आल्ह्ड निन्दियन अपने मैयरिया बिन मईया मोरी भुखिया अगेंहैं बहिनी पियसिया ह...
awadhi-awa
बरस्या बरस्या रे झंडू मूसलधार बरस्या बरस्या रे झंडू मूसलधार लाल पड़ौसिन का घर ढह पड़ा । चाल्या चाल्या रे झंडू सिर धर खाट लाल पड़ौसिन के सिर गूदड़ा । खोलो खोलो रै गौरी म्हारी बजर किवाड़ सांकल खोलो लोहसार की म्हारी भीजे री गौरी पंचरंग पाग लाल पड़ौसिन के सिर चूंदड़ी दे दो रे छोरे बुलदां का पाल लास लसौली झंडू पड़ रहे जी
haryanvi-bgc
मृत्यु गीत टेक अरे थारो बहुत दिन म आयो दाव , म्हारा हंसा समली न चौपट खेल रे । चौक1 अरे चोपट मांडि सान मेरे हंसा खेलर्यो घड़ि चार रे , अरे हंसा खेलर्यो घड़ी चार रे , समली न चोपट खेलो मेरे हंसा , जो युग मांडिया को दाव म्हारा हंसा समली न चोपट खेल । चौक2 चार खाणी की चोपट , बणी रे हंसा चौरासी घर को यो दाव रे , अरे हंसा चौरा...
bhili-bhb
करमा गीत-5 ओ हो रे हाय रात झिम झिम करे उठ देवता कंदरा बजावो हो । रात झिम झिम करे । कय दो मोहर कर केंदरा रे केन्दरा कय दो मोहर ओकर तार हो । रात झिम झिम करे . . . दसे मोहर कर केन्दरा रे केन्दरा बीस मोहर ओकर तार हो । रात झिम झिम करे . . . हल जोती आवे कुक्षारी भाजे आवे , लगे देवरा केन्दरी बजावा हो । रात झिम झिम करे . . . फ...
chhattisgarhi-hne
ऊँचा री कोट सुरंग देवी जालमा ऊंचा री कोट सुरंग देवी जालमा हरियल पीपल तेरे बार मेरी माय हरियल पीपल पड़ी ए पंजाली तैं तो झूलै आज भवानी मेरी माय कौन जै झूले मइया कौण झुलावै कौण जै झोटे देवै मेरी माय देरी री झूलै मइया लोकड़िया झुलावै धणराज झोटे देवै मेरी माय सीस राणी तेरे स्यालू री सोहै ऊपर जरद किनारी मेरी माय हाथ राणी तेर...
haryanvi-bgc
223 भाबी खिजां दी रूत जद आन पहुंची भौर आसरे ते जफर जालदे नी सेउन बुलबुलां बूटयां सुकयां नूं फेर फुल लगन नाल डाल दे नी असां जदों कदों उहनां पास जाना जेड़े महरम असाडड़े हाल दे नी जिन्हां सूलियां ते लए चा झूटे मनसूर होरीं साडे नाल दे ने वारस शाह जो गए नहीं मुड़दे लोक असां तों औना भालदे ने मोजू चैधरी दा पुत चाक लया एह पेखन...
panjabi-pan
कानो बड़ाई करो बीर हनुमान की कानों बड़ाई करों बीर हनुमान की । सिंधु पार कूंद पड़े बाग तो उजार आये लंका जलाये आये , छन में रावण की । कानों . . . रावण के देश गये , सिया खों संदेश दये मुद्रिका को तो दे आये , सिया खों राजा राम की । कानों . . . कहते हैं रामचंद्र सुनो भैया लक्ष्मण , होते न हनुमान तो पाउते न जानकी । कानों . ....
bundeli-bns
निरमोहिया लाल बड़ी दरदे उठी निरमोहिया लाल बड़ी दरदे उठी । सँवरिया लाल बड़ी दरदे उठी ॥ 1 ॥ मेरे पेटारे में कपड़ा बहुत सइयाँ । माय बहन को बोला सइयाँ । निरमोहिया लाल बड़ी दरदे उठी ॥ 2 ॥ मेरे पेटारे में गहने बहुत सइयाँ । माय बहन को बोला सइयाँ । माय बहन को पेन्हा1 सइयाँ । निरमोहिया लाल बड़ी दरदे उठी ॥ 3 ॥ मेरे पेटारे में मे...
magahi-mag
नैना परदेसी सें लरकें नैना परदेसी सें लरकें । भऐ बरवाद बिगर कैं । नैनाँ मोरे सूरसिपाही । कवऊं न हारे लरकें । जे नैना बारे सें पाले , काजर रेखैं भरकें । ईसुर भींज गई नइ सारी , खोवन अँसुआ ढरकें ।
bundeli-bns
अंगिका फेकड़ा ओरे रे नूनू ओर बटना माय बाप गेलोॅ छौ चिचोर कटना बाप जिमिदरबा घोड़वा पर माय जिमिदरनी डोलवा पर पैला में चूड़ा मचक मारै छै सीका पर दही हिलोड़ मारै छै । नूनू के जुठकुट के खाय ? बाबू खाय । बाबू के जुटकूट के खाय ? भैया खाय । भैया के जुठकूट के खाय ? भौजी खाय । भौजी के जुठकूठ के खाय ? कुतवा खाय । कुतवा के जुठकुठ ...
angika-anp
254 बचा सैं तूं जिस कलबूत अंदर सचा रब्ब है थाओं बनाए रहया माला मनकयां दे विच इक धागा तिवें सरब दे विच समा रहया जिवें पतरी मेंहदी दे रंग रचाया तिवें जान जहान में आ रहया जिवें रकत सरीर विच सास अंदर तिवें जात में जोत समा रहया रांझा बन्नके खरच ही मगर लगा जोगी अपरा जोर सब ला रहया तेरे दुअर जोगा हो रिहा हां मैं जोगी जट नूं क...
panjabi-pan
कनयारी फूले डो माय कनयारी फूले डो माय कनयारी फूले डो माय कनयारी फूले डो माय बेआ का जोवेना रे कनयारी फूले डो माय बेआ का जोवेना रे बेटी का डीयो डो माय बेटी का डीयो डो माय बेटी का डीयो डो माय टापी न पेला रे रे बेटी का डीयो डो माय टापी न पेला रे रे जंगेला चलो डो माय जंगेला चलो डो माय जंगेला चले डो माय दुनिया न देखी से हो ज...
korku-kfq
बावरियों छे फलाणी जेळू रो यार बावरियों छे फलाणी जेळू रो यार हेली म्हारो बावरियां ।
malvi-mup
कउन बाबू के बगिया लगावल, जलथल हरियर हे कउन बाबू के बगिया लगावल , जलथल हरियर1 हे । ललना , कवन बाबू हथि2 रखवार , कउन चोर चोरी कयलन हे ॥ 1 ॥ बाबा मोरा बगिया लगावल , जलथल हरियर हे । ललना , मोरा भइया हथि रखवार , साहेब चोर चोरी कयलन हे ॥ 2 ॥ एक फर3 तोड़ले दोसर फर , अउरो तेसर फर हे । ललना , जागि पड़ल रखवार , दउना4 डारे बाँधल ...
magahi-mag
456 राज छड गए गोपी चंद जेहे शदाद फिरऔन कहा गया नौशेरखां छड बगदाद टुरया ऊह वी अपनी वार लंघा गया आदम छड बहिशत दे बाग नठा भुले बिसरे कणक नूं खा गया फिरऔन खुदा कहायके ते मूसा नाल ऊशटंड बना गया नमरूद शदाद जहान उते दोजख अते बहिश्त बना गया कारूं जेहा इकठियां मल के बन्ह सिर ते पंड उठा गया माल दौलतां हुकम ते शान शौकत महखासरी हि...
panjabi-pan
91 हीर आणके आखदी हस के ते अना झाल नी अंबड़ीये मेरीये नी तैंनूं डूंघड़े खूह विच चा बोड़ां गल्ला नूं पिटयो बचड़ीये मेरीये नी धी जवान जे किसे दी बुरी होवे चुप कीतियां चा नबेड़ीए नी तैनूं वडा उदमाद1 आ जागिया ई तेरे वासते मणुश सहेड़ीए नी धी जवान जे निसे दी बाहर जाण लगे वस तां खूह नघेरीये नी वारस शाह जीउंदे होण जे भैन भाई चा...
panjabi-pan
चन्दा तेरो चान्दणे कोयली बोले चन्दा तेरो चान्दणे कोयली बोले खेलण जोगी है रात राजा कोयली बोले ननद भौजाई खेलण निकली खेल खाल के घर बावड़ी घर तो बैठा लणिहार राजा कोयली बोले ‘कहां गई तेरी मां कहां गया तेरा बाप राजा कोयली बोले’ ‘कोई पीहर गई मेरी मां दिल्ली गया मेरा बाप राजा कोयली बोले’ ‘के तो ल्यावे तेरी मां के तो ल्यावे तेर...
haryanvi-bgc
151 वढी होई हुशेर1 जा छिपया ए पोह माघ कुता विच कुन्नूयां2 दे होया छाह वेला जदों विच बेले फेरे आन पये ससी पुन्नयां दे बूटा भन्न रांझे दे हथ मलिया ढेर आन लगे रते चुन्नूयां दे बेला लालो ही लाल पुकारदा सी कैदो हो रिहा वांग घुन्नूयां दे
panjabi-pan
मलेथा की कूल धौली1 का छाला2 पले किनारो , ऊँचा माँगै मलेथो3 को सेरो एक दिन छयो रुखो मलेथो एक दिन छयो भूखो मलेथो कोदो गत्थू को गौं छयो सटी नी नऊं को होंद छयो दूर बटि4 ब्वारी मुंउ मुं गैठी लादी छै पाणी पीणू कू तैंई तबी की बात तख रैंद छयो माधू भण्डारी मासूर छयो दूर तैं मानता जैकी छयी राज दरबार मा धाक छयी एक दिन माघू कोसू च...
garhwali-gbm
अपनी महलिया से मलिया मउरी गुथहइ अपनी महलिया से मलिया मउरी1 गुथहइ2 । जहाँ कवन बाबू खाड़3 जी ॥ 1 ॥ मैं तोरा पूछूँ मलियवा हो भइया । केते दूर बसे ससुरार जी ॥ 2 ॥ तोर ससुररिया , बाबू , मउरिया से खैंचल4 । चुनमें5 चुनेटल6 तोर दुआर जी ॥ 3 ॥ मोतिया चमकइ बाबू , तोहर ससुररिया । चारो गिरदा7 गड़ल हो निसान8 जी ॥ 4 ॥ अपनी महलिया में ...
magahi-mag
49 बेड़ी नहीं एह जंझ दी बनी बैठक जो कोई आवे सो सद बहांवदा ए गडावडा1 अमीर वजीर बैठे कौन पुछदा ए केहड़ी थाउं दा ए जिवें शमां ते डिगन पतंग धड़ धड़ लंझ नैं मुहानया2 आंवदा ए खवाजा खिजर दा बालका आन लथा जनाखना शरीनियां3 लयांवदा ए लुडन नाह लंघाया पार उसनूं ओस वेलड़े नूं पछोतांवदा ए यारो झूठ न करे खुदा सचा रन्नों मेरियां एह खिस...
panjabi-pan
मृत्यु गीत चुइण्यो चुइण्यो महलो गंधये राम । चुइण्यो चुइण्यो महलो गंधये राम । बणिया रे श्री राम पोपट एक दिन रइणें नि पायो , राम को बुलावो आयो । एक दिन रइणें नि पायो , राम को बुलावो आयो । लागि गयो द्वारिका री वाट राम , बणियो पोपट श्री राम को । चुइण्योचुइण्यो हिचको बंधायो राम । चुइण्योचुइण्यो हिचको बंधायो राम । एक दिन हिच...
bhili-bhb
216 तैनूं हाल दी गल मैं लिख घलां तुरत हो फकीर तै आवना ईं किसे जोगी दा जा के बनी चेला सवाह लाके कन पड़वावना1 ईं सभो जात सफात बरबाद करके अते ठीक तैं सीस मुणावना ईं तू ही जीउंदियां दईं दीदार सानूं असां वत न जीउंदियां आवना ईं यारी तोड़ निभावनी दस सानूं वारस एह जहान छड जावना ईं
panjabi-pan
199 हीरे रूप दा कुझ वसाह नाहीं मान मतीए मुशक पलटिए नी नबी हुकम निकाह फरमा दिता रद फअनकहू मन लै जटिए नी कदी दीन असलाम दे राह टुरिए जड़ कुफर दी तिले तों पटिए नी जेहड़े छड हलाल हराम तकन विच हाविए दोजखी सटिए नी खेड़ा हक हलाल कबूल कर तूं वारस शाह बन बैठिए वहुटिए नी
panjabi-pan
बेन्या बाई आरती जी राइवर उबा राइवर उबा हे मांडप आय तम करो वो बेन्या बाई आरती जी । बईरी सासु बईरी सासु नणद पूछे बात ववड़ कोई ओ लादो आरती जी । घोड़ला लादा घोड़ला लादा मांडपड़ा रे हेट म्हारे मोरा ओ लादी डेड़सो जी घोड़ाला लादा घोड़ला मांडपड़ा रे हेट म्हारे मोरा हो लादी डेड़ सो जी । वकड झूटा ववड़ झूटा ओ झूटा रा बोल्या थारी ...
malvi-mup
255 जोगी हो लाचार जां मेहर कीती तदों चेलयां बोलियां मारियां ने जीभा साण चढ़ाय1 के गिरद होए जिवें तिखियां तेज कटारियां ने बेख सोहना रंग जटेटड़े दा जोग देन दियां करन त्यारियां ने जोग देन ना मूल नमाणयां नूं जिनां कीतियां मेहनतां भारीयां ने ठरक मुंडयां दे लगे जोगियां नूं मतीं2 जिन्हां दियां रब्ब ने मारियां ने वारस शाह खुशा...
panjabi-pan
हार दो म्हारा लाड़ला भैरव हार दो म्हारा लाड़ला भैरव हार के कारण म्हारा सासूजी रिसाया ससरा देस्या गाळ हार दो म्हारा लाड़ला भैरव जो तू बऊपड़ हार की वो भूकी खरी रे दुपेर म्हारा मड़ मांय आ नानो सी देवर म्हारा लादा लाग्यो आयो छोटी सी नणदल म्हारी लारां लागी आई
malvi-mup
बिच्छू उतारने का मंत्र धवलिया विछु कातर वालियो , कालो विछु कातर वालियो , निलो विछु कातर वालियो , कापलियो विछु कातर वालियो , छेन्डीयो विछु कातर वालियो , लहरियो विछु कातर वालियो , जहरीयो विछु कातर वालियो , काली गाय कपन चड़ी , एक विछी खुट चड़ीयो , लाव मारी पिछे , माराती नि उतरे तो बारह हनुमान नि दुहाई , सोगन्ध माराती नि उ...
bhili-bhb
सात जणी का हे मां मेरी झूलणा जी सात जणी का हे मां मेरी झूलणा जी पड्या पिंजोला हरियल बाग में जी अस्सी गज का हे मां मेरी घाघरा जी उसमें कली सैं तीन सौ साठ जी पड्या पिंजोला हरियल बाग में जी
haryanvi-bgc
सामण आया हे मां मेरी मैं सुण्या जी सामण आया हे मां मेरी मैं सुण्या जी हां जी कोए आई है नवेली तीज पड़ी ए पंजाली हरियाल बाग में जी ले लो बांदी पटड़ी ए झूल कोए चलो तो म्हारे साथ जी भले ए घरां की कंवर निहाल बांगां ना जाइयो बैरण झूलणै थम नै तो लाडो झूलण रा चाव झूला घला द्यां अपणै बाग में जी तेरी तो रोकी अम्मां मेरी ना रहूं ...
haryanvi-bgc
आज बिरज में होरी रे रसिया आज बिरज में होरी रे रसिया ॥ टेक होरी रे रसिया , बरजोरी रे रसिया ॥ आज . कौन के हाथ कनक पिचकारी , कौन के हाथ कमोरी रे रसिया ॥ आज . कृष्ण के हाथ कनक पिचकारी , राधा के हाथ कमोरी रे रसिया ॥ आज . अपनेअपने घर से निकसीं , कोई श्यामल , कोई गोरी रे रसिया ॥ आज . उड़त गुलाल लाल भये बादर , केशर रंग में घोर...
braj-bra
हो रास्ते में पड़ गयो झील, छेल तेरे आने जाने में हो रास्ते में पड़ गयो झील , छेल तेरे आने जाने में हो तेरा बाप घर पर नहीं , छेल तेरी मय्या बुला रही सै हो मेरी अम्मां गंगा नीर , नीर के दोष लगावो मत ना हो तेरा भय्या घर पर नहीं , छेल तेरी भाभी बुला रही सै हो मेरी भाभी जमना नीर , नीर के दोष लगावो मत ना हो तेरा जीजा घर पर न...
haryanvi-bgc
16 करे आकड़ां खाके दुध चावल एह रज के खान दीयां मसतियां ने आखन देवर नाल निहाल होइयां सानूं सभ शरीकनां हसदियां ने एह रांझे दे नाल हन घयो शकर पर जीउ दा भेत न दसदियां ने रन्नां डिगदियां देख के छैल मुंडा जिवें शहद विच मखियां फसदियां ने इक तूं कलंक हैं असां लगा होर सब सुखालियां वसदियां ने घरों निकलें जदों तूं मरें भुखा भुल ज...
panjabi-pan
अटकी पीरे पटवारे सैं अटकी पीरे पटवारे सैं । प्रीत पिया प्यारे सैं । निसदिन रात दरस की आसा , लगी पौर व्दारे सैं । कैसे , प्रीत बड़े भय छूटैं , संग खेली बारे सैं । विसरत नई भोत बिसराई , बसीं दृगन तारे सैं । ईसुर कात मिलैं मन मोहन , पूरव तन गारे सैं ।
bundeli-bns
ऐज डो बावोन अलम लंडा मडीवा ऐज डो बावोन अलम लंडा मडीवा ऐज डो बावोन अलम लंडा मडीवा ऐज डो बावोन अलम लंडा मडीवा हुई ऐज डो बावोन अलम लंडा मडीवा हुई स्रोत व्यक्ति परसराम पठारे , ग्राम लखनपुर
korku-kfq
जरा बेनिया डोलइहो लाल, मुझे लागि गरमी जरा बेनिया1 डोलइहो2 लाल , मुझे लागि गरमी । अलग होके सोइहो3 लाल , मुझे लागि गरमी । करवट4 होके सोइहो लाल , मुझे लागि गरमी ॥ 1 ॥ टीके की झलमल , मोतिये की गरमी । जरा बेनिया डोलइहो लाल , मुझे लागि गरमी । पयताने5 होके सोइहो लाल , मुझे लागि गरमी ॥ 2 ॥ बेसर की झलमल , चुनिये की गरमी । जरा ब...
magahi-mag
रे गगन गरजै झिमालै बिजली रे गगन गरजै झिमालै बिजली पड़ै बुन्दिया भरैं क्यारी समै बिरखा लगै प्यारी कहां गए सेज के रसिया लगा गये एक के तकिया कहां गए बाग के माली लगा गए एक सी डाली रे गगन गरजै झिमालै बिजली पड़ै बुंदियां भरै क्यारी समै बिरखा लगै प्यारी
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सड़के सड़के जान्दिये मुटिआरे नी पु सड़के सड़के जान्दिये मुटिआरे नी कंडा चुबा तेरे पैर बांकिये नारे नी । कौन कड्डे तेरा कांडड़ा मुटिआरे नी , कौन सहे तेरी पीड़ बांकिये नारे नी । स भाबो कड्डे मेरा कांडड़ा सिपाईया वे , वीर सहे मेरी पीड़ मैं तेरी मेहरम नायों । पु खुअे ते पाणी भरेंदिये मुटिआरे नी , पाणी दा घुट पिआ , बांकिये ...
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291 कुड़ीयां वेखके जोगी दी तबाअ1 सारी घरी हसदियां हसदियां आइयां ने माए इक जोगी साडे नगर आया कन्नी उस ने मुंदरां पाइयां ने नहीं बोलदा बुरा जबान विचों भावें भिछया नहीयों पाइयां ने हथ खपरी फाहुड़ी मोढयां ते मेहर गानियां गले पहनाइयां ने अरड़ाउंदा वांग जलालियां2 दे जटां वांग मदारियां छाइयां ने ना ओह मुंडीया गोदड़ी नाथ जंगम ...
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472 हीर आखया जायके खोल बुकल उहदे वेस नूं फूक वखावनी हां नैनां चाड़के सान ते करां पुरजे कतल आशकां दे उते धावनी हां अगे चाक सी खाक कर साड़ सुटां उहदे इशक नूं सिकल1 चड़ावनी हां ऊहदे पैरां दी खाक हैं जान मेरी जीउ जानथी घोल घुमावनी हां मोया पया है नाल फिराक2 रांझा ईसा वांग मुड़ फेर जवावनी हां वारस शाह पतंग नूं शमा उते अग ला...
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भरथरी लोकगाथा का प्रसंग “रानी से चम्पा दासी के लिए विनती” अब ये दासी राहय ते रागी हौव सबझन ल किथे हा मोर बात तो तुमन सुन लौ सुन लौ बहिनी हो हा तुमन तो मोर बात सुनलव हौव भईया हो हा तुमन तो मोर बात सुनलव हौव चम्पा दासी के कोई बात नई सुनय रागी हा बस ओला फांसी में लेगेबर हौव तैयार रिथे हा एकादशी के उपास रिथे हौव छै दिन के ...
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538 सहती आखदी बाबला जाह आपे सैदा आप नूं वडा सदांवदा ए नाल किबर1 हंकार दे मसत फिरदा नजर तले ना किसे नूं लयांवदा ए सांहे वांगरां सिरी फिहांवदा ए अगों आकड़ां पया वखांवदा ए जा के नाल फकीर दे करे आकड़ गुसे गजब नूं पया वधांवदा ए मार नूंह दे दुख हैरान कीता अजू घोड़ी ते चढ़के धांवदा ए यारो उमर सारी जटी ना लधी रहया सोहनी ढूंढ़ ...
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सुआ गीत-1 और गीत के बीचबीच में ये दुहराई जाती हैं । गीत की गति तालियों के साथ आगे बढ़ती है । तरी नरी नहा नरी नहा नरी ना ना रे सुअना कइसे के बन गे वो ह निरमोही रे सुअना कोन बैरी राखे बिलमाय चोंगी अस झोइला में जर झर गेंव रे सुअना मन के लहर लहराय देवारी के दिया म बरिबरि जाहंव रे सुअना बाती संग जाहंव लपटाय
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आल्हा ऊदल पानी पीयो मद पीयों भौजी अन गौ के माँस तब ललकार सोनवा बोलल मुँगिया लौंड़ी के बलि जाओं फगुआ खेलावह मोर देवर के इन्ह के फगुआ देह खेलाय घौरै अबिरवा सिब मंदिर में केऊ तो मारे हुतका से केऊ रुदल के मैसे गाल भरल घैलवा है काँदो के देहन पर देल गिराय धोती भीं जल लरमी के पटुका भींजल बदामी वाल मोंती चूर के डुपटा है कीचर म...
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बना थारो देश देख्यो नी मुलुक देख्यो बना थारो देश देख्यो नी मुलुक देख्यो , काई थारा देश की रहेवास बनड़ाजी धीरा चलो , धीरा धीरा चलो जी सुकुमार , बनड़ाजी धीरा चलो । । बनी म्हारो देश माळवो , मुलुक निमाड़ , गाँवड़ा को छे रहेवास । बनी तुम घर चलो घर चलो जी सुकुमार , बनी तुम घर चलो । । बना थारो देश देख्यो , नी मुलुक देख्यो , क...
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लचिका रानी बंदना रम्मा पहिलें सुमराैं सरसती मैयो हो ना रम्मा हमरा पर हुवेॅ सहैयो हो ना रम्मा सुमरौं गणपति , गणेश , चरणमो हो ना रामा नीचें सुमरौं शेषनाग देवता हो ना रम्मा सुमराैं आपनोॅ धरती धरममो हो ना रम्मा सुमराैं हम्मे सातो बहिन दुर्गा महरनियो हो ना रम्मा पकड़ी सुमराैं गुरू जी के चरनमो हो ना रम्मा जौनें देलकै हमरा गि...
angika-anp
मैं नाहीं दधि खायौ मैया मैं नाहीं दधि खायौ , मोय झूठो दोष लगायौ ॥ टेक ॥ ये ग्वालन जुरिमिलि के मैया , मोकू नाच नचाती हैं । दे दे तारी हँसे और मोय बकनी बात सिखाती हैं ॥ लीनौ पकरि मोय वन वन में जो कहुँ अकेलौ पायौ ॥ मैया . जो मैं आयो भाजि तो मैया ये मन में खिसियाती हैं । तंग कराइबे मोकू ये झूठौ उरहानौ लाती हैं ॥ इनके संग त...
braj-bra
15 रांझा आखदा भाबियो वैरनो नी तुसां भाइयां नालों विछोड़या जे खुशी रूह नूं बहुत दिलगीर करके तुसां फुल गुलाब दा तोड़या जे सके भाइयां नालों विछोड़ मैंनूं कंडा विच कलेजे दे पोड़या जे भाई जिगर ते जान सां असीं अठे वखो वख न चाए विछोड़या जे नाल वैर दे रिकतां छेड़ भाबी , सानूँ पिटणा होर चमोड़िया जे जदों साफ हो टुरनगियां वल जन्न...
panjabi-pan
ऐ माय डो ऐ माय डो माय ऐ माय डो ऐ माय डो माय इंज सेनेवा चारी कोना तीरथो बारेन डो सेने बोले ऐ कोन जा ऐ कोन आमानी उरगा टालान गंगा जमुना डो सुबान केरे ऐ कोन जा ऐ कोन चारी कोना चोजा सांटी चारी कोना तीरथो बारेन डो सेने बोले ऐ कोन जा ऐ कोन अमानी उरागेन गंगा जमुना डो सुबान केरे स्रोत व्यक्ति गंगू बाई , ग्राम टेमलावाड़ी
korku-kfq
43 रांझे आखया पार लंघा मियां मैनूं चाढ़ लै रब्ब दे वासते ते असीं रब्ब की जाणदे भैण भाड़ा बेड़ा ठेहलदे लब्ब दे वासते ते असां रिज़क कमावना नाल हीले बेड़ा खिंचदे ढब्ब दे वासते ते हथ जोड़के मिन्नतां करे रांझा तरला करां मैं झब्ब दे वासते ते वारस रूस आया नाल भाइयां दे मिन्नतां करां सबब दे वासते ते
panjabi-pan
ननदिया माँगे फुलझड़ी हे, हम न देवइ ननदिया माँगे फुलझड़ी हे , हम न देवइ1 । झलाही2 माँगे मोती लड़ी हे , हम न देवइ ॥ 1 ॥ राजाजी , सोवे कि जागे हे , हम न देवइ । अप्पन3 बहिनी के बरजू4 हे , हम न देवइ ॥ 2 ॥
magahi-mag
हठ पर गई गौरा नार हठ पर गई गौरा नार , महादेव मढ़िया हमें बनवाय दियो । काहे की मढ़िया बनवाई , काहे के कलश धराये । हमें . . . चूना ईंटा की मढ़िया बनाई , सोने के कलश धराये । हमें . . . कै जोजन मढ़िया बनी औ कै जोजन विस्तार महादेव । हमें . . . नौ जोजन मढ़िया बनी औ दस जोजन विस्तार महादेव । हमें . . . को मढ़िया में बैठयों औ क...
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नौमण सौंठ, सवामण अजमो नौमण सौंठ , सवामण अजमो येंई धमाधम खांडो पियाजी कोई लोग सुणेगा सासू सुणेगा , तो दौड़ियादौड़िया आवेगा दौड़ियादौड़िया आवेगा , तो ललना खिलावेगा ललना खिलावेगा , तो दिन दस रेगा दिन दस रेगा , तो घणोघणो खावेगा जापो बिगाड़ी घर जावेगा पियाजी कोई लोग सुणेगा माता सुणेगा , तो दौथ्ड़यादौड़िया आवेगा दौड़ियादौड़ि...
malvi-mup
262 बाल नाथ दे साहमणे सद धीदो जोग देन नूं पास बहालया सू रोड मोड होया सवाह मली मुंह ते सब कोड़मे दा नाम गालया सू कन्न पाड़ के झाड़ के हिरस हसरत इक पलक विच मुन्न वखालया सू जहे पुतरां ते बाप मेहर करदे जापे दुध पिलाइके पालया सू सवाह अंग रमा सिर मुन्न दाढ़ी पा मुंदरां चा नहवालया सू खबरां कुल जहान विच खिंड गइयां रांझा जोगड़ा...
panjabi-pan
झिमरी-झिमरी डा नी बारेन झिमरीझिमरी डा नी बारेन घामावा जा सारावेन बेटा झिमरीझिमरी डा नी बारेन घामावा जा सारावेन बेटा उनरी ऊसरी बाकी चूचूम गांगा ऐली आयोम उनरी ऊसरी बाकी चूचूम गांगा ऐली आयोम ताला आरागे चूचूम कू गांगा ऐली आयोम ताला आरागे चूचूम कू गांगा ऐली आयोम कुलड़ा झूरी लिवीच लोकेच आसुड़े कुलड़ा झूरी लिवीच लोकेच आसुड़े ...
korku-kfq
नगरकोट में बासा राणी नगरकोट में बासा राणी तेरे कला कुल जग नै जाणी कथा बखाणै बिरमा ज्ञानी दुआरे तेरे पीपल री खड़ी मुगला उतर्या सतलज नदी सूती हो उठ री नदी लौकड़ लहीं खड्या है झंडी जिब जाला नै चकर चलायी फौज मुगल की काट बगाई मुगल कहै मन्नै बकसो माई जिब जाला की करी चढ़ाई खीर खांड के थाल भराए धजा नारियल लेकर आये मुगला भेंट ल...
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अंगिका फेकड़ा ओरे रे नूनू ओर बटना माय बाप गेलोॅ छौ चिचोर कटना बाप जिमिदरबा घोड़वा पर माय जिमिदरनी डोलवा पर पैला में चूड़ा मचक मारै छै सीका पर दही हिलोड़ मारै छै । नूनू के जुठकुट के खाय ? बाबू खाय । बाबू के जुटकूट के खाय ? भैया खाय । भैया के जुठकूट के खाय ? भौजी खाय । भौजी के जुठकूठ के खाय ? कुतवा खाय । कुतवा के जुठकुठ ...
angika-anp
पलंग सुतल तोहे पियवा, और सिर साहेब हे पलंग सुतल तोहे पियवा , और सिर साहेब हे । पियवा बगिया तू एगो लगइत , टिकोरवा हम चिखती1 हे ॥ 1 ॥ पलंग सुतल तोंहे धानी , त सुनहऽ बचन मोरा हे । धानी , तुहुँ एगो बेटवा बियतऽ सोहर हम सुनती हे ॥ 2 ॥ एतना बचन जब सुनलन , सुनहु न पवलन हे । धनि , सुतलन गोड़ेमुड़े2 तान सुतल गज ओबर हे ॥ 3 ॥ मोर ...
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इतनो करि काम हमारो हमारो हो , इतनो करि काम हमारो २ कानसराई और गिंजाई की बारी बनवा देना मगरमच्छ का हँसला झूमै , चंद्रमा जड़वा देना काँतर की मोइ नथ गढ़वाय दै , जामे लटकै बिच्छू कारो हो इतनो करि काम हमारो अंबर की मोइ फरिया लाय दै , बिजुरी कोर धरा देना जितने तारे हैं अंबर में , उतने नग जड़वा देना धरती को पट करों घाघरो , शे...
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नणन्द भावज का था प्यार दोनों रल कातती नणन्द भावज का था प्यार दोनों रल कातती काढो नणन्द लाम्बे लाम्बे तार दोनों रल बतलावती जै नणन्दल हो जायगी धी दयांगे गल का झालरा जै नणदल हो ज्यागा पूत दयांगे री जगमोतियां दर्द ऊठे आधी रात सुरत सुरत गई नणन्द मैं नाई बेटा बेग बला ल्यादे रे मेरी नणन्द नै कै रै नेाई के बात क्या मिस आ गया थ...
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36 दाहड़ी शेख़ दी अमल शैतान वाले केहा राणयो जांदयां राहियां नूं अगे कढ कुरान ते बहे मिंबर केहा अडयों मकर दीयां फाहियां नूं इह पलीत ते पाक दा करो वाकफ असीं जाणीए शरह गवाहियां नूं जिहड़ी थाउं नापाक लै विच वड़यों शुकर रब्ब दीयां बेपरवाहियां नूं वारस शाह विच हुजरियां फैल1 करदे मुलां लावंदे जोतरे वाहियां नूं
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तोरे नैनाँ हैं मतवारे तोरे नैनाँ हैं मतवारे , तन घायल कर डारे । खन्जन खरल सैल से पैने , बरछन से अनयारे । तरबारन सें कमती नइँयाँ , इनसे सबरे हारे । ईसुर चले जात गैलारे । टेर बुलाकें मारे ।
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कउने नगर ले खातू मंगाए हो कउने नगर ले खातू मंगाए हो कउन नगर गर बीजे हो माय ओ मय्या कउन नगर गर बीजे हो माय कउने नगर ले खातू मंगाए हो कउन नगर गर बीजे हो माय ओ मय्या कउन नगर गर बीजे हो माय अहा गढ़ हिंग्लाजे ले खातू मंगाए हो गढ़ नरहूर गर बीजे हो माय ओ मय्या गढ़ नरहूर गर बीजे हो माय कउने ह लाए मय्या खातू अउ माटी हो कउन ह ला...
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दँतवा लगवलूँ हम मिसिया, नयन भरि काजर हे दँतवा लगवलूँ हम मिसिया , नयन भरि काजर हे । डंटी1 भर कयलूँ सेनुरबा , बिंदुलिया से साटि लेलूँ हे ॥ 1 ॥ सेजिया बिछयलूँ हम अँगनमा से फूल छितराइ देलूँ हे । रसेरसे बेनिया डोलयलूँ , बलम गरे2 लागलूँ हे ॥ 2 ॥ हम नहीं जानलूँ मरमिया से सुखे नीने3 सोइलूँ4 हे । रसेरसे मुँह पियरायल , जीउ फरिया...
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जो दिल तेरा सो मेरा रे नइहर वाली जो दिल तेरा सो मेरा रे नइहर वाली , मेरा रे अब्बा वाली ॥ 1 ॥ तेरे कारन लाड़ो दिल्ली भी जायँगे । अरे , टीके का करु1 बनिजार2 रे नइहर वाली । मोतिये का करु बनिजार रे नइहर वाली । जो दिल तेरा सो , मेरा रे नइहर वाली , मेरा रे भइया वाली ॥ 2 ॥ तेरे कारन लाड़ो दिल्ली भी जायेंगे । अरे , बेसर3 का कर...
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कैसे के दर्शन पाऊ मैया तोरी सकरी दुअरिया कैसे के दर्शन पाऊं मैया तोरी सकरी दुअरिया । सकरी दुअरिया , मैया चंदन किबरियां । कैसे . . . मैया के दुआरे एक कन्या पुकारे दे दो वर घर जाऊं री , मैया तोरी सकरी दुअरिया । मैया के दुआरे एक बालक पुकारे दे दो विद्या घर जाये रे , मैया तोरी सकरी दुअरिया । मैया के दुआरे एक निर्धन पुकारे ...
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122 फलहे कोल जिथे मंगू बैठदा सी ओथे चाल हैसी घर नाइयां दा मिठी नाएण घरां संदी खसमनी सी नाई कम करदे फिरन साइयां दा घर नाइयां दे हुकम रांझने दा जिवें साहुरे हुकम जवाइयां दा चा भा मिठी फिरन वालयां दी बाग खुलदा1 लेफ तुलाइयां दा मिठी सेज वछाई के फुल पूरे उते आंवदा कदम खुदाइयां दा दोवं हीर रांझा रातीं करन मौजां मझीं खान खढ़ि...
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गुजरती माय डो गुजरती माय मारे गुजरती माय डो गुजरती माय मारे गुजरती माय डो गुजरती माय मारे मा डो खोकनार ऊरान टूटा ऊरान जोड़ा टियेन मा डो खोकनार ऊरान टूटा ऊरान जोड़ा टियेन गुजरती बेटा जो गुजरासा बेटा मारे गुजरती बेटा जो गुजरासा बेटा मारे बेटा आमका सान्टी टूटा ऊरान जा जूड़ा टिये बेटा आमका सान्टी टूटा ऊरान जा जूड़ा टिये गु...
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बाजा है नघारा रणजीत का है बाजा है नघारा रणजीत का है जणू हाक्यम आया । अपणी सीमा ना छोड़ कै हे म्हारी सीमी आया अपणी बेबे न छोड़ के हे म्हारे ब्याहवण आया ।
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पठिया बोझिलेॅ नैया बीच धार आवै हे पठिया बोझिलेॅ नैया बीच धार आवै हे वही देखी कोसिका खलखल हाँसै हे हँसै बड़ेला भाई मुँहखड़ा हे पनमा हम नै जानलियै कोसी माय तोरोॅ नैया हे आवै लड्डुवा बोझैली नैया बीच धार आवै हे वही देखी कोसी मैया खलखल हाँसै हे हँसै बड़ेला भैया मुँह खड़ा हे पनमा हम नै जानलियौ कोसी माय तोरोॅ नैया हे आवै ।
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यारी होत मजा के लानैं यारी होत मजा के लानैं । जो कोउ करकैं जानैं । बड़े भाग से यार मिलत है । सौंरी सी पैचाने । नाव लेत रैंदास चले गये । कुज्जा भई दिमानें । ईसुर कात बिना यारी के , जिउ ना लगत ठिकानें ।
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तेरे घर में घुस गए चोर तेरे घर में घुस गए चोर , गांधी दीवा दिखाइए रे । तेरे तो भाई गांधी टोपी आले , ये टोप आले कौण , गांधी दीवा दिखाइए रे । तेरे तो भाई गांधी धोती आले , ये पतलून आले कौण , गांधी दीवा दिखाइए रे । तेरे तो भाई गांधी लाठी आले , ते बंदूख आले कौण , गांधी दीवा दिखाइए रे ।
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आल्हा ऊदल लागल कचहरी जब आल्हा के बँगला बड़ेबड़े बबुआन लागल कचहरी उजैनन के बिसैनन के दरबार नौ सौ नागा नागपूर के नगफेनी बाँध तरवार बैठल काकन डिल्ली के लोहतमियाँ तीन हजार मढ़वर तिरौता करमवार है जिन्ह के बैठल कुम्ह चण्डाल झड़ो उझनिया गुजहनिया है बाबू बैठल गदहियावाल नाच करावे बँगला में मुरलिधर बेन बजाव मुरमुर मुरमुर बाजे सर...
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हमखों बिसरत नई बिसारी हमखों बिसरत नई बिसारी , हेरन हँसन तुमारी । जुबन बिसाल चाल मतवारी , पतरी कमर इकारी । भांेय कमान बान से तानैं , नजर तरीछी मारी । ‘ईसुर’ कात हमारे कोदै तनक हेरलो प्यारी ।
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काजर काय पे दइये कारे काजर काय पे दइये कारे । बारे बलम हमारे । साँज भये ब्यारी की बैराँ करें बिछोना न्यारे । जब छुव जात अनी जोवन की थर थर कँपत विचारे । का काऊ खाँ खोर ‘ईसुरी’ फूटे करम हमारे ।
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उत्रहि राज से एलै एक मोगलवा उत्रहि राज से एलै एक मोगलवा , बान्हि जे देलकै कमला जी के धार । एहेन बान्ह जे बान्हल बोरी रे मोगलवा सिकियो ने झझावे मोगला के बान्ह । हिन्दुओं नै बूझै मोगला , तुर्को नै बुझै सब से चकरी ढुआवै । राजा शिवसिंह बैठल छलै मचोलवा , तकरो से चेकरी ढुआवे । ऐसन बान्ह बान्हलक मोगलवा , सीकयो ने झझावै मोगलाक...
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204 कालूबला1 दे दिन नकाह बधा रूह नबी दी आप पढ़ाया ए कुतब हो वकील विच आन बैठा हुकम नब्ब ने आप कराया ए जबराईल मेकाईल गवाह चारे अजराइल2 असराफील आया ए अगला तोड़ के होर नकाह पढ़ना आख रब्ब ने कदों फुरमाया ए
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अवध नगरिया से अइलय बरियतिया हे अवध नगरिया से अइलय1 बरियतिया हे , परिछन चलु सखिया । हथिया झुमइते2 आवे , घोड़वा नचइते3 सोभइते4 आवे ना । सखि रघुबर बरियतिया हे , सोभइते आवे ना ॥ 1 ॥ बजन बजइते आवइ , कसबी5 नचइते हे । उड़इत6 आवे न चवदिस7 से निसान8 हे , उड़इते आवे ना ॥ 2 ॥ लेहू लेहू डाला9 डुली बारी लेहू बतिया हे । परिछन चलु रघ...
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आई रितु़ड़ी रे सुणमुणया रे आई रितु़ड़ी1 रे सुणमुणया2 रे आई गयो बालो3 वसन्त रे । फूलण लैगी गाडू4 की फ्योंलड़ी5 सेरा6 की मींडोली7 नैं डाली पैंया8 जामी । कूली9 का ढीसोली10 , नैं डाली पैंया जामी । चला दीदि भुलेऊँ , नैं डाली पैंया जामी । क्वी मीटी काट्यौला , नैं डाली पैंया जामी । क्वी दुंगा11 चाड़ यौला , नैं डाली पैयां जामी...
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ऐसी भक्ति साधू मत किजीये ऐसी भक्ति साधू मत किजीये , जग मे होय नी हाँसी १ अन्त काल जम मारसे गल दई देग फाँसी . . . . . . . . . . . . . . ऐसी भक्ति . . . . . . २ जो मंजारी ने तप कियो , खोटा व्रत लिना घर से दीपक डाल के आरे मूसाग्रह लिना . . . . . . . . . . . . ऐसी भक्ति . . . . . . ३ जो हो लास पिघल चली , पावक के आगे ब्रज ह...
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फाग गीत नेणा में काजलियो छोरी , लालाड़ी में टीकी रे ॥ भएलो परदेस बैठो , लिख दो चिठी रे , वेगो आवे रे ॥ हाँ रे वेगो आवे रे , फागण रो मीनो एलो जाए रे , मीनो फागण रो । प्रेयसी के नयनों में काजल लगा है और ललाट पर टीकी लगी है । वह कहती है प्रेमी पदरेश में बैठा है , पत्र लिख दो , जल्दी आये , क्योंकि फाल्गुन मास व्यर्थ ही बीत...
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सुरहिन गइया के गोबर मँगा ले ओ सुरहिन गइया के गोबर मंगाले ओ हाय , हाय मोर दाई खूंट धर अंगना लिपा ले ओ खूंट धर अंगना लिपा ले ओ हाय , हाय मोर दाई मोतियन चौंक पुरा ले ओ मोतियन चौंक पुरा ले ओ हाय , हाय मोर दाई सोने के कलसा मंढ़ाले ओ सोने के कलसा मंढ़ाले ओ हाय , हाय मोर दाई सोने के बतिया लगा ले ओ सोने के बतिया लगा ले ओ हाय ,...
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साधो किस नूँ कूक सुणावाँ। साधो किस नूँ कूक सुणावाँ , मेरी बुक्कल दे विच्च चोर । किते रामदास किते फतह मुहम्मद , एहो कदीमी शोर । मुसलमान सड़न तो चिढ़दे , हिन्दू चिढ़दे गोर1 । साधो किस नूँ कूक सुणावाँ । दोवें आपो विच्च लड़दे भिड़दे , नित्त नित्त करदे खोर2 । चुक गए सभ झगड़े झेड़े , निकल प्या कोई होर । साधो किस नूँ कूक सुणा...
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