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114 सुलतान भाई आया हीर संदा आखे मां नूं घिऊ नूं ताड़ अम्मां असां फेर जे बाहर एह डिठीसुटां एसनूं जान थीं मार अम्मां तेरे आखयां सतर1 जे ना बैठी फेरां एसदी धौन तलवार अम्मां चाक वड़े नाहीं साडे विच बेहड़े नहीं डकरे करांगे चार अम्मां जेकर धी ना हुकम विच रखियाई सभ साड़ सुटां घर बाहर अम्मां वारस शाह जेकर धी बुरी होवे रोहड़ दे समुंदरों पार अम्मां
panjabi-pan
जशोदा तेरो लाल री वशी मे देवे गारी जशोदा तेरो लाल री वंशी में देवे गारी । जब हम जावें नीर भरन खों , रोके गैल हमारी । जशोदा . . . जब हम जावें दही बेंचन खों , मांगे दान मुरारी । जशोदा . . . जब हम जावें जल भरने खों , फोरे गगर हमारी । जशोदा . . . वाके गुण में कहा सुनाऊं , लाज लगत है भारी । जशोदा . . . तुम बरजो अपने कान्हा खों , न तो तजिहैं पुरी तिहारी । जशोदा . . .
bundeli-bns
खुदेड़ बेटी बोड़ि1बोड़ी ऐगे ब्वै2 । देख । पूस मैना । गौंकि बेटो ब्वारि ब्वै । मेतु3 आइ गैना मैतुड़ा4 बूलालि ब्वै । बोइ5 होलि जौंकी । मेरि जीकूड़ी6 म ब्वै । कूयड़ी7 सि लौंकी8 । मूल्वड़ी9 वासलि ब्वै । डाड्यूं10 चैत मासज । भौलि गैने डालि ब्वे । फूलिगे बुरांसज । माल की धूगति ब्वै । मैत आंदि होली । डाल्युं मां हिलांस ब्वै । गीत गांदि होली । ऊलरि मैनो कि ब्वै । ऋतु बोड़ि ऐगे । हैरि ह्वेने डांडि ब्वै । फूल फूलि गैने । घूगती घुरलि ब्वै । डाल्यूंडाल्यूं मांजअ । मैतुड़ा बुलालि ब्वै । बोह होलि जौंकी । मेरि जीकूड़ी म ब्वै । कूयड़ीसि लौंकी ॥ लाल बअणी होलि ब्वै । काफुलू11 कि डाली । लोग खान्दा होला ब्वै । लूण रालि राली । गौंकि दीदीभूलि ब्वै । जंगुल न जाली । कंडि मोरिमोरि12 ब्वै । हींसर13 बिराली । ‘बाडुलि14 लागलि ब्वै । आग भभराली15’ । बोई बोदि होलि ब्वै । मैत आलिआली । याद ओंद मीत ब्वै । अपड़ा भुलौंकी । मेरि जोकूड़ी म ब्वै । कूयड़ीसि लौंकी ॥ ल्हालि कूरो16 गाडिब्वै । गौं कि बेटिब्वारी । हैरिभरीं होलि ब्वै । गेंउजो , कि सारी17 । यं बार मैनों कि ब्वै । बार ऋतु आली । जौंकि बोई होलि ब्वै । मैतुडा बुलाली । मैतु ऐगै होलि ब्वै । दीदिभूलि गौंकी । मेरि जीकूड़ी म ब्वै । कूयड़ीसि लौंकी ॥ स्वामिजी हमेशा ब्वै । परदेश रैने । साथ का दगड़या18 ब्वै । घअर आइ गैने । ऊंकु प्यारी ह्वेगि ब्वै । विदेशू को वासअ । बाठा देखीदेखी ब्वै । गैनि दिनमासअ । बाडुलि लागलि ब्वै । आग भभराली । या त घअर आला , ब्वै । या त चिट्ठिं आली । चिट्ठि भी नी आइ ब्वै । तब बटी तौंकी । मेरि जीकूड़ी म ब्वै । कूयड़ीसि लोंकी ॥ बाबजी भी मेरा ब्वै । निरमोही रैने । जौन पाथो19 भोरि ब्वै । मेरा रूप्या खैने । गालि देंद सासु ब्वै । मैंबाबु20 कि मारी । बासि खाणू देंद ब्वै । कोलि मारी मारी । बोद तेरो बाबु ब्वै । जो रूपया नि खांदो । मेरो लाड़ोप्यारी ब्वै । विदेशू नि रांदो । बाबा न बणये ब्वै । इनि गति मेरी । ज्वानि तअ उड़िगे ब्वै । वाठो हेरीहेरी । चिट्ठी भी नी आइ ब्वै । तब बटी तौंकी । मेरि जीकूड़ी21 म ब्वै । कूयड़ीसि लौंकी ॥
garhwali-gbm
298 हमी वडे फकीर सत पीढ़ीए हां रसम जग दा हमी जानने हां कंद मूल उजाड़ विच खायके ते बनवास लै के मौज मानने हां नगर विच ना आतमा परचदा ए उदयान1 बह के तम्बू तानने हां वारस तीरथ जोग बैराग होवे रूप तिनां दा हमीं पछानने हां
panjabi-pan
जसोदा तेरे लाला ने माटी खाई जसोदा सुन माई , तेरे लाला ने माटी खाई ॥ टेक अद्भुत खेल सखन संग खैल्यौ , इतनौ सौ माटी को डेल्यौ तुरत श्याम ने मुख से मेल्यौ , जानै गटकगटक गटकाई ॥ 1 ॥ माखन कू कबहूँ ना नाटी , क्यों लाला तैनें खाई माटी धमकावै जसुदा लै साँटी , जाय नेंक दया नहिं आई ॥ 2 ॥ ऐसौ स्वाद नांय माखन में , नाँय मिश्री मेवा दाखन में जो रस ब्रजरजके चाखन में , जानें भुक्ति को मुक्ति कराई ॥ 3 ॥ मुख के माँहि आँगुरी मेली , निकर परी माँटी की डेली भीर भई सखियन की भेली , जाय देखें लोग लुगाई ॥ 4 ॥ मोहन कौ म्हौड़ौ फरवायौ , तीन लोग वैभव दरसायौ जब विश्वास जसोदाए आयौ , ये तो पूरन ब्रह्म कन्हाई ॥ 5 ॥ जा रजकू सुरनर मुनि तरसें , धन्यभाग्य जो नितप्रति परसैं , जिनकी लगन लगी होय हरसैं , कहें ‘घासीराम’ सुनाई ॥ 6 ॥
braj-bra
मात कहे बात भली सुन सुन्दरी जब लडकी की विवाह के बाद बिदाई होती है तब सभी महिलाये उसे विदा करते हुए यह सीख देती है । मात कहे बात भली सुन सुन्दरी , लक्ष धरी वात न निभाव्जे हो सयानी कुल न ल्जाव्जे । ससरा खअपना बाप सम जान्जे , सासु ख माय सम जान्जे ओ सयानी . . . जेठ का सामन हलू हलू चालजे , जेठानी का मान ख ब्धावजे ओ सयानी . . . देवर ख अपना भाई सम जान्जे , देरानी ख सई सहेली सम जाणिजे ओ सयानी . . . . नन्द ख अपनी बैन सम जान्जे , ननदोई जी आया मिज्वान ओ सयानी . . . . मात कहे बात भली सुन सुन्दरी , लक्ष धरी बात न निभाव्जे वो सयानी कुल न ल्जाव्जे
nimadi-noe
निवाड़ो तो निवाड़ो निवाड़ो तो निवाड़ो निवाड़ो तो निवाड़ो निवाड़ो रे आबा दाई काली बऊके निवाड़ो निवाड़ो रे आबा दाई काली बऊके निवाड़ो हजार रुपया दहेज दिया काली बऊके निवाड़ो हजार रुपया दहेज दिया काली बऊके निवाड़ो निवाड़ो तो निवाड़ो निवाड़ो तो निवाड़ो निवाड़ो रे आवा दाई काली बऊके निवाड़ो निवाड़ो रे आवा दाई काली बऊके निवाड़ो स्रोत व्यक्ति चिरौंजीलाल , ग्राम कुकड़ापानी
korku-kfq
कुटकी जोम सकप सकप कुटकी जोम सकप सकप कुटकी जोम सकप सकप कुटकी जोम सकप सकप साना बाम्बू लकप लकप साना बाम्बू लकप लकप साना बाम्बू लकप लकप स्रोत व्यक्ति सुलोचना , ग्राम नानी मकड़ाई
korku-kfq
देवी गीत- देबी दयाल भईं अंगन मोरे होलिया में उड़त है गुलाल मईया का रंग सतरंगी सेनुरा भीजै बिंदिया भीजै चेहरा है ललाम लाल मईया का रंग सतरंगी चुडिया भीजै कंगना भीजै हाथ है ललाम लाल मईया का रंग सतरंगी लहंगा भीजै चुनरी भीजै देहियाँ है ललाम लाल मईया का रंग सतरंगी पायल भीजै बिछुआ भीजै एड़िया है ललाम लाल गुलाल मईया का रंग सतरंगी
awadhi-awa
आले आले बँसवा कटावलूँ आले आले1 बँसवा कटावलूँ , डढ़िया2 नबि नबि3 जाय । से जीरा छावल कोहबर ॥ 1 ॥ सेहे4 पइसि5 सूतल6 दुलहा दुलरइता दुलहा । जबरे7 सजनमा केर धिया , से जीरा छावल कोहबर ॥ 2 ॥ ओते8 सुतूँ9 ओते सुतूँ , दुलहिन , दुलरइतिन दुलहिन । पुरबी चदरिया10 मइला होय जयतो , से जीरा छावल कोहबर ॥ 3 ॥ एतना बचनियाँ जब सुनलन , दुलहिन सुहबे । खाट छोड़िए भुइयाँ11 लोटे हे , से जीरा छज्ञवल कोहबर ॥ 4 ॥ भनसा12 पइसल तोहे13 बड़की सरहोजिया14 । अपन ननदिया के बौंसावह15 से जीरा छज्ञवल कोहबर ॥ 5 ॥ उठूँ मइयाँ16 उठूँ मइयाँ , जाऊँ कोहबरवा । अपन सँम्हारू17 लामी केस , से जीरा छावल कोहबर ॥ 6 ॥ कइसे उठूँ , कइसे उठूँ भउजी हे । छिनारी पूता18 बोलहे19 कुबोल , से जीरा छावल कोहबर ॥ 7 ॥ कने20 गेल21 कीया22 भेलऽ23 छिनारी के भइया हे । हमर ननदिया रूसवल24 से जीरा छावल कोहबर ॥ 8 ॥
magahi-mag
मेरी मेहंदी के औड़े चौड़े पात मेरी मेहंदी के औड़े चौड़े पात रे बीरा बारी बारी जां मैं तो पीसूंगी चकले के पाट रे बीरा बारी बारी जां मैं तो घोलूंगी हिरणी के दूध रे बीरा बारी बारी जां मैं तो लाऊंगी देवेन्द्र भाई के हाथ रे बीरा बारी बारी जां
haryanvi-bgc
141 चूचक आखया लंडयां जाह साथों तैनूं वल है झगड़यांझेड़यां दा तूं सरदार हैं चोरां उचकयां दा सूहा बैठा एं महानूआं भेड़यां दा तैनूं वैर है नाल अजानयां दे अते वैर है दब दरेड़यां दा आप छेड़ के पिछड़ें दी फिरन रोंदे एह चज है माहणूआं1 फेड़यां दा वारस शाह इबलीस2 दी शकल कैदी एह मूल हैसब बखेड़यां3 दा
panjabi-pan
चवरी गीत वधू पक्ष सोनानि पालकि मा बठि वो मारी बेनी । सोनानी पालकी वासे । कुकड़ डालगा मा बठोरे , डाहेला लाड़ा , कुकड़ डालगो कटके । वधू पक्ष सोनानि पालकि मा बठो रे बेना , सोनानी पालकी वासे । कुकड़ डालगा मा बठोरे , डाहेला लाड़ा , कुकड़ डालगो कटके । चावरी में दूल्हादुल्हन बैठे हैं , दोनों पक्ष की महिलाएँ गीत गाती हैं । वधू पक्ष की महिलाएँ कहती हैं दुल्हन सोने की पालकी में बैठी है , सोने की पालकी खुशबू दे रही है । बूढ़ा दूल्हा मुर्गेमुर्गी के डाले पिंजरा में बैठा है , पिंजरा कटकटा रहा है । वर पक्ष की ओर से कहा गया है दूल्हा सोने की पालकी में बैठा है , पालकी खुशबू दे रही है , बूढ़ी दुल्हन मुर्गेमुर्गी के डाले में बैठी है और डालगा पिंजरा कटकटा रहा है ।
bhili-bhb
इशक अव्वल दा नी मैनूँ लगड़ा इशक अव्वल दा । अव्वल दा रोज़ अज़ल1 दा । विच्च कड़ाही तल तल जावे , तलेआँ नूँ चा तलदा । नी मैनूँ लगड़ा इशक अव्वल दा । मोएआँ नूँ एह वल वल मारे , दलिआँ नूँ चा दलदा । नी मैनूँ लगड़ा इशक अव्वल दा । क्या जाणा कोई चिणग पई है , नित्त सूल कलेजे सल्ल दा । नी मैनूँ लगड़ा इशक अव्वल दा । तीर इशक दा लग्गा जिगर विच्च , हिलाएआँ वी नहीं हलदा । नी मैनूँ लगड़ा इशक अव्वल दा । बुल्ला सहु दा नेहुँ अनोखा , रलाएआँ भी नहीं रलदा । नी मैनूँ लगड़ा इशक अव्वल दा ।
panjabi-pan
मीना जडी बिंदी लेता आवजो जी मीना जडी बिंदी लेता आवजो जी , बना पैली पेसेंजर सी आवजो जी आवजो आवजो आवजो जी बना पैली पेसेंजर सी आवजो जी माथ सारु बीदी लाव्जो माथ सारु टीको , माथ सारु झूमर लेता आवजो जी बना पैली पेसेंजर सी आवजो जी गल सारु हार लाव्जो गल सारु नेकलेस , गल सारु पेंडिल लेता आवजो जी , बना पैली पेसेंजेर सी आवजो जी हाथ सारु चूड़ी लाव्जो हाथ सारू कंगन , हाथ सारु बाजूबंद लेता आवजो जी बना पैली पेसेंजेर सी आवजो जी पांय सारु चम्पक लाव्जो , पांय सारु बिछिया , पांय सारु मेहँदी लेता आवजो जी बना पैली पेसेंजर सी आवजो जी अंग सारु साडी लाव्जो , अंग सारु पैठनी , अंग सारु चुनार्ड लेता आवजो जी बना पैली पेसेंजर सी आवजो जी आवजो आवजो जी बना पैली पेसेंजर सी आवजो जी
nimadi-noe
तेरो रंग बदल्यूँ च है रे जमाना! तेरो रंग बदल्यूँ च है रे जमाना दुनिया का देख ढंग , चड्यूँ च कच्चो रंग । भेद भौ कुछ नी च , सब एक समाना छै रुप्या को कोट सिलैले तब चलदो बाँगो , जेब मा वेका धेला नी च चुफ्लो वे को नाँगो कली होक्का साँदी रख्या , बीड़ी पेन्दा ज्यादा , कोणा पर बीड़ी सुलगै , रजै फुंके आदा नौना को भैंसो ब्यायूँ , बुड्या लग्यूँ च सास , ब्वारी करदी सैर फैर , सासू काटदी घास सासू कर्दी कूटणी पीसणी ब्वारी ह्वैगे सयाणी , नौनों मू चा को गिलास , बुड्या मू पंज्वाणी । जोंखी मूंडी फुंडू धोली , चिफ्ली करी दाड़ी , घर की जनानीक धोती नी , रंडीक लौंदा साड़ी हात पर बीड़ि लीले , गिच्चा पर पान , बुड्या बुड्योंन जोंखी मूंडी , हम भी होन्दा ज्वान
garhwali-gbm
ईसुरी की फाग-24 बाँकी रजउ तुमारी आँखें रव घूंगट में ढाँके । हमने अबै दूर से देखीं कमल फूल सी पाँखें । जिदना चोट लगत नैंनन की डरे हजारन कांखें । जैसी राखे रई ' ईसुरी ' ऐसईं रईयो राखें । भावार्थ महाकवि ' ईसुरी ' अपनी प्रेयसी ' रजऊ ' की आँखों की प्रशंसा करते हुए कहते हैं — प्रिय रजऊ , तुम्हारी आँखें बेहद सुन्दर हैं इनको तुम घूँघट में ही छिपा लो । अभी तो मैंने दूर से देखी हैं लेकिन मानो वो कमल की पंखुड़ियों हैं । जिस दिन इन आँखों की चोट लगती है उस दिन हज़ारों लोग कराहते हैं । लेकिन मेरे प्रति जैसा प्रेम भाव अब रखे हो वैसा ही रखना ।
bundeli-bns
रातिए जे एलै रानू गउना करैले रातिए जे एलै रानू गउना करैले कोहबर घर में सूतल नीचीत । जकरो दुअरिया हे रानो कोसी बहे धार से हो कैसे सुतै हे नीचीत । सीरमा बैसल हे रानो कोसिका जगावै सूतल रानो उठल चेहाय । कांख लेल धोतिया हे रानो मुख दतमनि माय तोरा हँटो हे रानो बाप तोरा बरजौ जनु जाहु कोसी असनान । हँटलौ ने माने रानो दबलौ ने माने चल गेलै कोसी असनान । ।
angika-anp
विवाह - गीत - बेरिया की बेरिया मै बेरिया की बेरिया मै बरिज्यो बाबा जेठ जनि रचिहो बियाह हठी से घोडा पियासन मरिहै गोरा बदन कुम्हलाय कहो तो मोरी बेटी छ्त्रू छ्वाओं कहो तो नेतवा ओहार कहो तो मोरी बेटी सुरजू अलोपों गोरा बदन रहि जाय काहे को मोरे बाबा छ्त्रू छ्वायो काहे कैं नेतवा ओहार काहे को मोरे बाबा सुरजू अलोपों गोरा बदन रहि जाय आजू कै रोजे बाबा तोहरी मडैइया कालही सुघर बार के साथ काचहि दुधवा पियायो मोरी बेटी दहिया खियायो सढीयार एकहू गुनहिया न लाइयु मोरी बेटी चल्यु परदेसिया के साथ काहे कै मोरे बाबा दुधवा पियायो दहिया खियायो सढीयार जानत रह्यो बेटी पर घर जइहें गोरा बदन रहि जाय इहै दुधवा बाबा भैया कैं पीऔत्यों जेनि तोहरे दल कै सिंगार
awadhi-awa
ऐसा काला तूं बना रे ऐसा काला तूं बना रे . . . . . . जैसी उड़द की दाल दाल होय तो धोय लूं तेरा रंग न धोया जाय रे
haryanvi-bgc
491 परमेह1 दा मैंनूं है असर होया रंग जरद होया एस वासते नी छांपां खुभ गइयां गलां मेरिया ते दाग पै गया चुभ वरासते नी कटे जांदे नूं भजके मिलिसां मैं तनिया ढिलोहां चोली दिया पालते नी रूंनी अथरू डुलिया मुखडे ते खुल गए ततोलड़े2 पासते नी सुरखी होंठां दी आप मैं चूस लई रंग उड गया एस वासते नी कटा घुटया विच गलवकड़ी दे डूकां लाल होइयां आस पास ते नी मेरे पढू नूं कट ने ढुड मारी लासां पै गइयां मेरे मास ते नी वारस शाह मैं पुज गरीबनी हां क्यों आंखदे लोक मुहासते3 नी
panjabi-pan
ए बेबे गोरे गोरे देवर जेठ ए बेबे गोरे गोरे देवर जेठ काले काले तेरे भातिआं जी ए बेबे गिरदां आले देवर जेठ ओछे ओछे तेरे भातिआं जी ए बेबे पंठा आले देवर जेठ गंजे गंजे तेरे भातिआं जी
haryanvi-bgc
249 तुसीं जोग दा पंथ बताओ मैंनूं शौक जागया हरफ1 नगीनयां दे एस जोग दे पंथ विच आ वड़या छपन ऐब सवाब कमीनयां दे हिरस अग ते सबर दा पवे पानी जोग ठंड घते विच सीनयां दे इक फकर ई रब्ब दे रहन साबत होर थिड़कदे अहल2 खजीनयां दे तेरे दर ते आन मुथाज होए असीं नौकर हां बाझ महीनयां दे वारस हो फकीर मैं नगर मंगां छडां वायदे एहनां रोजीनयां3 दे
panjabi-pan
डोहा गीत डोहो मांड्यो कि दयणी , दिवल्यो मांगे तेल । डोहो पान यातली , डोहो सुरभरयो रमसे । डोहो तेल पर खेले ने । डोहो घिंव पर खेले । डोहो केरेल्यो रे लोल । दीपावली के बाद डोहा खेलते हैं । एक मिट्टी के कलश या मटकी में कई छेद कर देते हैं । उसके अन्दर घी या तेल भरकर एक दीपक रखते हैं , उसे डोहा कहते हैं । एक लड़की डोहे को सिर पर रखती है साथ में लड़केलड़कियाँ रहते हैं , ढोल बजाकर नाचते हैं और गीत गाते हैं । डोहे वाली पार्टी गाँव में प्रत्येक घर जाकर गीत गाती है , घर के लोग उनको अनाज देते हैं । उसकी गोठ पार्टी करते हैं । एक गाँव के लोग दूसरे गाँव में भी डोहा खेलने जाते हैं ।
bhili-bhb
जी हो आज म्हारो देवमन्दिर लहलहे जी हो आज म्हारो देवमन्दिर लहलहे , आया म्हारा गणपत राव , हरकत पगरण आरम्भियो । जी हो आज म्हारी पटसाळ लहलहे आया म्हारा दशरथ बाप , हरकत पगरण आरम्भियो । जी हो आज म्हारो पाळणो लहलहे आई म्हारी कौशल्या माय , हरकत पगरण आरम्भियो । जी हो आज म्हारो मण्डप लहलहे आया म्हारा रामलछमण बीरा हरकत पगरण आरम्भियो । जी हो आज म्हारी आरती लहलहे आई म्हारी सुभद्रा बेण । हरकत पगरण आरम्भियो ।
nimadi-noe
बिराजे आज सरजू तीर बिराजे आज सरजू तीर चौकी चारु भनिन मय राजे , तापर सिया रघुबीर । । बिराजे . . . जनक लली दमिनि अति सुन्दर , पिय धन श्याम शरीर । पीताम्बर पट उत छवि छाजत , इत नीलाम्बरचीर । । बिराजे . . . सिय सिर सुभग चन्द्रिका झलकत , उत कलगी मंदीर । । पिय कर वाम सिया हैं सोहे , दाहिन कर धनु तीर । । बिराजे . . . मृदु मुसकात बतात परस्पर , हरत हृदय की पीर । । कंचन कुंअरि निरखि यह शोभा , रहो न तनमन धीर । । बिराजे . . .
bundeli-bns
मथुरा के लोगवा आवत है नन्दलाल के हाथी , तूरत डार मीरोरत छाती , ए नन्दलाल धका जनि दीहऽ धुक्की जनि दीहऽ । मथुराजी के लोगवा बड़ा रगरी , फेरत है सिर के गगरी , भींजत है लहँगा चुनरी , बान्हत है टेढ़का पगरी ।
bhojpuri-bho
डोले तै तलै उतरिया हे बहुअड़ डोले तै तलै उतरिया हे बहुअड़ करके नीची नाड़ सासू जी के पांय लिये सै लिये चरण चुचकार जीओ हे तेरे भाई भतीजे बणा रहो भरतार मेरे बेट्टे की बेल बधाई जाम्मे हे राजकंवार
haryanvi-bgc
293 मुठी मुठी ए गल ना करो अड़ीयो मैं तां सुनदयां ही मर गई जे नी तुसां इक जदाकनी गल टोरी खली1 तली ही मैं रूढ़ गई जे नी गये टुट सतरान2 ते अकल डुबी मेरे धूह कलेजड़े पई जे नी कीकूं कन्न पड़ाय के जींवदा ए गलां सुनदयां ई जिंद गई जे नी उहदा दुखड़ा रोवना जदों सुनयां मुठी मीट3 के मैं बह गई जे नी मसू भिन्नड़ा4 जो लैंदियां ने जिंद सुनदयां ई निकल गई जे नी किवें वेखीए ओस मसतानड़े नूं जैदा धुम त्रिंजणा पई जे नी वेखां केहड़े देश दा एह जोगी उस तों कौन पयारी रूस गई जे नी अक पोसत धतूरा ते भंग पी के मौत ओस ने क्यों मुल लई जे नी जिसदा मां न बाप न भैण भाई कोई कौन करेगा ओसदी सही जे नी
panjabi-pan
वत्त ना करसाँ माण वत्त ना करसाँ माण रँझेटे यार दा वे अड़िआ । इशक अल्ला दी जात दा मेहणा , कैह वल्ल कराँ पुकार किसे नहीं रहणा , अग्गे दी गल्ल ओही जाणै , कौण कोई दम मारदा वे अड़ेआ । अज्ज अजोकी रात मेरे घर वस्स खाँ वे अड़िआ , दिल दीआँ घुंडिआँ खोल असाँ नाल हस्स वे अड़िआ , दिलबर यार करार कीत्तोई , की इतबार सोहणे यार दा वे अड़िआ , जान कराँ कुरबान भेत ना दसाईं अड़िआ । ढूँढ़ा तकीए दाएरे उठ्ठ उठ्ठ नस्सना ऐं , रत्न मिल सइआँ पुच्छदीआँ , होया वक्त भंडार वे अड़ेआ । हिक्क करदीआँ खुदी हंकार उन्हां थी तारना ऐं , हिक्क पिच्छे पिच्छे फिरन खुआर सड़िआँ नूँ साड़ना ऐं , मैंडे यार की इतबार तेरे प्यार दा वे अड़िआ । चिक्कड़ भरेआँ नाल तूँ झूमर घत्तना ऐं , लाया हार शिंगार मैथीं उठ्ठ नस्सना ऐं , बुल्ला सहु घर आओ , होय वक्त दीदार दा वे अड़िआ ।
panjabi-pan
मिली-जुली चलहु चुमावन, सुनहु सिवसंकर हे मिलीजुली चलहु चुमावन , सुनहु सिवसंकर हे । आजु हुइ राम के बियाह , सुनहु सिवसंकर हे ॥ 1 ॥ दसपाँच सखिया बारिय भोरे1 अउरो बड़ सुन्नर हे । हाथ लेले सोने के थार2 सुनहु सिवसंकर हे ॥ 2 ॥ चुमवल मइया कोसिला मइया , अवरो तीनों मइया हे । आज अजोधेया में उछाह3 सुनहु सिवसंकर हे ॥ 3 ॥
magahi-mag
शबरी के खट्टे मीठे बेर बेर बड़े मीठे लगे शबरी के खट्टे मीठे बेर , बेर बड़े मीठे लगे । एक दिन शबरी जंगल गई थी , जंगल गई थी । ले आई खट्टे मीठे बेर , बड़े मीठे लगे । एक मुट्ठी बेर शबरी रामजी को दीन्हीं रामजी ने खाय लिये बेर , बेर बड़े मीठे लगे । एक मुट्ठी बेर शबरी लखन जी को दीन्हीं । फेंक दिये उनके बेर , बेर बड़े खट्टे लगे । वही बेर बनें थे , पर्वत पे बूटी । आये लखन के काम बेर . . .
bundeli-bns
103 मलकी जाए के वेहड़े विच पुछदी ए वेहड़ा केहड़ा भाइयां सावयां1 दा साडे माही दी खवर है किते अड़ियो किधर मारया गया पछोतावयां दा जरा हीर कुड़ी उहनूं सददी ए रंग धोवंदी पलंघ देयां पावयां दा रांझा बोलयां सथरो मन्न आकड़ एह जे पिआ सरदार नथावयां दा सिर पटे सफा कर सोए रिहा जिबे बालका मुन्नया बावयां दा वारस शाह जयों चोर नूं मिले वाहर2 उमे साह मरे मारया हावयां दा
panjabi-pan
मंडवा ईटा सुबाये ऐकली जा राजा मंडवा ईटा सुबाये ऐकली जा राजा मंडवा ईटा सुबाये ऐकली जा राजा हिटटु इयां किबला हेजेवा ऐनटेन कोरा बारेन हिटटु इयां किबला हेजेवा ऐनटेन कोरा बारेन डोयरा माजा राजा मारे डोयरा माजा राजा मारे आमा गलजा डाई बानेजा आम बारेन बोकजई बाने आमा गलजा डाई बानेजा आम बारेन बोकजई बाने बाकीमा झूरना इयां माडो रानी बाकीमा झूरना इयां माडो रानी जेमा हिमटो टोले माजा राजा जेमा हिमटो टोले बाजा राजा मारे जेमा हिमटो टोले माजा राजा जेमा हिमटो टोले बाजा राजा मारे बाकी मा झूरना इयां डो रानी बाकी मा झूरना इयां डो रानी गावां कुरकू जोड़ा टोले गावां कुरकू हिमटो टोले डो रानी मारे गावां कुरकू जोड़ा टोले गावां कुरकू हिमटो टोले डो रानी मारे स्रोत व्यक्ति पार्वती बाई , ग्राम टेमलावाड़ी
korku-kfq
लूटन चलो श्याम की अमरैया लूटन चलो श्याम की अमरैयां । कहना कन्हैया प्यारे जन्म लियो हैं हां कहना बाजे बधैयां लूटन . . . मथुरा कन्हैया प्यारे जन्म लिवो हैं गोकुल बाजे बधैयां । लूटन . . . कहां तो बाजे ढोलक मंजीरा कहां बाजे शहनैयां । लूटन . . . मथुरा बाजे ढोलक मंजीरा गोकुल बाजे शहनैयां । लूटन . . .
bundeli-bns
प्रभु तोरी महिमा परम अपारा प्रभु तोरी महिमा परम अपारा जाको मिले न कोऊ पारा । । सबरे जगत खों आप रचावें सबके हो तुम पालन हारा । प्रभु तोरी महिमा . . . । कैसो सूरज गरम बनायो कैसो शीतल चांद उजारा । प्रभु तोरी महिमा . . . । जुदाजुदा नभ के तो ऊपर चमकत कैसे हैं धु्रवतारा । प्रभु तोरी महिमा . . . । उन प्रभु खों तुम भज लो प्यारे कर लो अपनो बेड़ा पार । प्रभु तोरी महिमा . . . ।
bundeli-bns
अच्छा अच्छा गहना चढ़इये रे, जेठ भैंसुरा अच्छा अच्छा गहना चढ़इये रे , जेठ भैंसुरा1 । बड़ा जतन के धियवा रे , जेठ भैंसुरा । टिकवा2 ले गुरहँथियेसन्दर्भ त्रुटि : टैग के लिए समाप्ति टैग नहीं मिला दुलहिन को वस्त्राभूषण देता है रे , जेठ भैंसुरा ॥ 1 ॥ अच्छा अच्छा गहना चढ़इये रे , जेठ भैंसुरा । बड़ा जतन के धियवा रे , जेठ भैंसुरा । नथिया3 ले गुरहँथिये रे , जेठ भैंसुरा ॥ 2 ॥ अच्छा अच्छा गहना चढ़इये रे , जेठ भैंसुरा । बड़ा जतन के धियवा रे , जेठ भैंसुरा । हँसुली4 ले गुरहँथिये रे , जेठ भैंसुरा ॥ 3 ॥ अच्छा अच्छा गहना चढ़इये रे , जेठ भैंसुरा । बड़ा जतन के धियवा रे , जेठ भैंसुरा । बजुआ5 ले गुरहँथिये रे , जेठ भैंसुरा ॥ 4 ॥ अच्छा अच्छा कपड़ा चढ़इये रे , जेठ भैंसुरा । बड़ा जतन के धियवा रे , जेठ भैंसुरा । सड़िया ले गुरहँथिये रे , जेठ भैंसुरा ॥ 5 ॥
magahi-mag
गरबा का गणपति गरबा का गणपति ऐजी सुमर गणपति को ध्यान म्हारा गरबा में बेगा आवजोजी सांते तम रिद्धिसिद्धि लावजोजी म्हारा गरबा में बेगा आवजोजी कंकूना पगल्या पधार जो म्हारा गरबा में बेगा आवजो
malvi-mup
ज़िकर ना इशक मज़ाजी लागे ज़िकर ना इशक मज़ाजी लागे । सूई सेवे ना बिन धागे । इशक मज़ाजी दाता है । जिस पिच्छे मस्त हो जाता है । इशक जिन्हाँ दी हड्डीं पैंदा । सोई निरजीवत मर जांदा । इशक पिता ते माता ए । जिस पिच्छे मस्त हो जाता ए । आशक दा तन सुक्कदा जाए । मैं खड़ी चन्द पर के साए । वेख माशूकाँ खिड़ खिड़ हासे । इशक बेताल पढ़ाता है । जिस ते इशक एह आया है । ओह बेबस कर दिखलाया है । नशा रोम रोम में आया है । इस विच्च न रत्ती ओहला है । हर तरफ दिसेन्दा मौला है । बुल्ला आशक वी हुण तरदा है । जिस फिकर पीआ दे घर दा है । रब्ब मिलदा वेक्ख उचरदा है । मन अन्दर होया झाता है । जिस पिच्छे मस्त हो जाता है ।
panjabi-pan
आ मिल यार आर मिल यार सार लै मेरी , मेरी जान दुःखाँ ने घेरी । अन्दर ख्वाब विछोड़ा होया , खबर ना पैंदी तेरी । आर मिल यार सार लै मेरी । सुं´े बन विच्च लुट्टी साइआँ , सूर पंगल1 ने घेरी । आर मिल यार सार लै मेरी । मुल्लाँ जज़ी सानूँ राह बतावण , देण भरम दे फेरी । एह ताँ ठग्ग जगत दे , जिह लावण जाल चुफेरी । आर मिल यार सार लै मेरी । करम शरा दे धरम बतावण , संगल पावण पैंरी । ज़ात मज़हब एह इशक ना पुच्छदा , इशक शरा दा वैरी । नदिओं पार मुल्क सज्जण दा , लहवो2 लअब3 ने घेरी । आर मिल यार सार लै मेरी । सतगुर बेड़ी फड़ी खलोती , तैं क्यों लाई आ देरी ? बुल्ले शाह सहु तैनूँ मिलसी , दिल नूँ देह दलेरी । आ मिल यार सार लै मेरी । प्रीतम पास ते टोलणा किसनूँ , भुल्ल ग्यों सिखर दुपहरी । आ मिल यार सार लै मेरी । मेरी जान दुःखाँ ने घेरी ।
panjabi-pan
ईख नलाई के फल पाई ईख नलाई के फल पाई ईख नलाई मन्ने कंठी घड़ाई ले गया चोर बहू के सिर लाई सुसरा तै लडूंगी पीठ फेर कै लडूंगी आजा हे सासड़ तन्ने डंडा तै घडूंगी जेठ तै लडूंगी दिल खोल के लडूंगी आजा हे जिठानी तेरा धान सा छउूंगी देवर तै लडूं घूंघट खोल कै लडूंगी आजा हे द्यौरानी तन्नै खूटिया धरूंगी पड़ोसी तै लडूंगी दिल खोल के लडूंगी आजा हे पड़ोसन तन्नै पाड़ के धरूंगी बालम तै लडूंगी महलां बैठी हे लडूंगी आजा हे सोकन तेरा डंडा बित्ती घडूंगी
haryanvi-bgc
442 असां किसे दे नाल नहीं कुझ मतलब सिरो पा लै के खुशी हो रहे लोकां मेहने मार बेपती कीती मारे शरम दे अदरी रो रहे गुसे नाल एह वाल पैकान1 वांगू साडे जिसम दे तीर खलो रहे वारस शाह ना संग नूं रंग आवे लख सूहे जे विच डबो रहे
panjabi-pan
माता डूंगर खटकी म्हें सुण्यो माता डूंगर खटकी म्हें सुण्यो सुन्नो घड़े रो सुनार मोरे कसूम्बो रगमग्यो सोनी घड़जे ईश्वर राम को मंूदड़ो म्हारी रणु बाई दो नौसरियो हार सोनी हार की छोलण ऊतरे म्हारा सुभद्रा बई हो तिलक लिलाट गोरे कसुम्बो रगमग्यो
malvi-mup
माता पिता ने धरम डिगा दिया माता पिता ने धरम डिगा दिया महाराणा तैं डर कै पति का परेम भुलावण लाग्यी क्यों धिंगताणा कर कै अपनी मां के संग थी मीरा पूजा बीच निगाह थी एक वर पूजण गया मंदिर में बारात सजी संग जा थी मैं बोली कौण कित जा सै समझ लावण आली मां थी न्यूं बोली बनड़ा बनड़ी ल्यावे जिसने पति की चाह थी मैं बोली मेरा पति कौन झट हाथ लगाया गिरधर कै पति का परेम . . . नाम सुणा जब गिरधर जी का आनंद हो गई काया बीरबानी ने पति बिना अच्छी लागै ना धन माया उसका परेम ठीक हो जा सै जिस ने ज्यादा परेम बढ़ाया खुद माता के कहने से मैंने गिरधर पति बनाया करूं परीति सच्चे दिल तै परेम बीच में भर कै पति का परेम . . .
haryanvi-bgc
नदिया किनारे जी हरी हरी दुभिया नदिया किनारे जी हरी हरी दुभिया । गइया चरावे हीरालाल जी ॥ 1 ॥ कारी गाय सुन्नर1 ऐसो लेरू2 । दुधवा पियत हीरालाल जी ॥ 2 ॥ सोने के सेहला3 गढ़ा दऽ मोरे बाबा । अउर जड़ा दऽ हीरालाल जी ॥ 3 ॥ सोने के सेहला बाबू मरमो4 न जानूँ । कइसे जड़इबे हीरालाल जी ॥ 4 ॥ तोहरो ससुर जी के साँकर गलिया । झरि जयतो सेहला के फूल जी ॥ 5 ॥ आगे आगे जइतन बाबा5 जी साहेब । सेकर6 पीछे मामा7 सोहागिन जी । जेकर8 पीछे जइतन छोटकी बहिनिया । चुनि लेतन सेहला के फूल जी ॥ 6 ॥
magahi-mag
हो गाड़ी वाला रे हो गाड़ी वाला रे . . पता दे जा रे , पता ले जा रे गाड़ी वाला पता दे जा , ले जा गाड़ी वाला रे तोर गांव के तोर काम के तोर नाम के पता दे जा पता ले जा रे पता दे जा रे गाड़ी वाला का तोर गांव के नाव दिवाना डाक खाना के पता का नाम का थाना कछेरी के तोरे पारा मोहल्ला पता का को तोरे राज उत्ती बुड़ती रेलवाही पहार सड़किया पता दे जा रे पता ले जा रे गाड़ी वाला मया नई चिन्हे देसी बिदेसी मया के मोल न तोल जात बिजाति न जाने रे मया , मया मयारु के बोल कायामाया सब नाच नचावे मया के एक नजरिया पता दे जा रे पता ले जा रे गाड़ीवाला . . जीयत जागत रहिबे रे बैरी भेजबे कभुले चिठिया बिन बोले भेद खोले रोवे , जाने अजाने पिरितिया बिन बरसे उमड़े घुमड़े , जीव मया के बैरी बदरिया पता दे जा रे पता ले जारे गाड़ी वाला . . . पता दे जा , ले जा गाड़ी वाला रे तोर गांव के तोर काम के तोर नाम के पता दे जा हो गाड़ी वाला रे . .
chhattisgarhi-hne
466 करे जिन्हां दी रब्ब हमायतां नी हक तिन्हां दा खूल मामूल1 कीता जदों मुशरिकां2 आन सवाल कीता तदों चन्न दो खन्न3 रसूल कीता कढ पधरो ऊठनी रब्ब सचे करामात पगम्बरी मूल कीता वारस शाह जां कशफ4 वखा दिता तदों जटी ने फकर कबूल कीता
panjabi-pan
उठ जाग रै मुसाफिर किस नींद सो रह्या है उठ जाग रै मुसाफिर किस नींद सो रह्या है जीवण अमूल पिआरे क्यूं बखत खो रह्या है रहणा न इत बणैगा दुनिया सरा सी फानी इस मैं फंस्या तैं पियारे क्यूं मस्त हो रह्या है उठ जाग रे मुसाफिर भाई पिता अर पुत्तर होगा न कोई साथी क्यूं मोह का बोझा नाहक मैं ढो रह्या है उठ जाग रे मुसाफिर ले ले धरम का तीसा मत भूल रे दीवाने नैकी की खेती कर ले क्यूं बखत खो रह्या है उठ जाग रे मुसाफिर किसती अमूल पा कै हिम्मत तै पार कर लै इस जल असार जग मैं तैं क्यूं डबो रह्या है उठ जाग रे मुसाफिर
haryanvi-bgc
विवाह गीत बेनो कुड़छी पर बठो कड़ा मांगे । बेनो कुड़छी पर बठो तागल्या मांगे । बेनो कुड़छी पर बठो हार मांगे । बेनो कुड़छी पर बठो मूंद्या मांगे । बेनो कुड़छी पर बठो हाटका मांगे । बेनो कुड़छी पर बठो बेड़ि मांगे । दुल्हन के समान दूल्हा भी गहने पहनता है , उनका वर्णन गीत में किया गया है बना कुर्सी पर बैठा हुआ कड़े माँग रहा है । तागली , हार , बीटियाँ , हाटका , बेड़ी माँग रहा है । कड़े हाथ में पहनने का , तागली गले में पहनने का , हार गले में पहनने की , हार गले में पहनने की , बीटी अँगुली में पहनने का , हाटका बाँह पर पहनने का और बेड़ी पैर में पहनने का आभूषण है ।
bhili-bhb
झिम्मा रुणझूण पाखरा जा माझ्या माहिरा । । हू हू । । तिथ घराचा दरवाजा । चंदनी लाकडाचा पेशवाई थाटाचा । त्यावरी बैस जा । । हू हू । । माझ्या माहिरा अंगणी । बघ फुलली निंबोणी गोडी दारात पुरवणी । त्यावरी बैस जा । । हू हू । । माझ्या माहिरीचा । त्यावरी बैस जा । । हू हू । । माझ्या माहिरीचा । झोपाळा आल्याड बांधियला फुलांनी गुंफियला । त्यावरी बैस जा । । हू हू । । माझ्या माहिरी मायबाई । डोळे लावुनी वाट पाही तिला खुशाली सांगाया जा । माझ्या माहिरी पाखरा जा । । हू हू । ।
marathi-mar
कैसे क दरसन पाऊँ कैसे क दरसन पाऊँ मैया तेरी सकड़ी दुवरिया सकड़ी दुवरिया मैया , चंदन किवड़िया धरम धजा फहराय मैया तेरी सकड़ी दुवरिया देवी के द्वारे एक निरथन पुकारे देव माया घर जाऊँरी मैया तेरी सकड़ी दुवरिया देवी के द्वारे एक अंधा पुकारे देव नयन घर जाऊँरी देवी के द्वारे एक बाँझ पुकारे देव पुत्र घर जाऊँरी देवी के दारे एक कुष्ठा पुकारे देव काया घर जाऊँरी मैया तेरी सकड़ी दुवरिया
malvi-mup
रंग रंगीली भोत रंग भीनी रंग रंगीली भोत रंग भीनी उस धनाबऊ रे हाथ राचन दो मेंदी उस मोड़ादे रे हाथ राचन दो मेंदी पेलो मास गोरी धन लाओ आल भोले मनजाय राचन दो मेंदी मोड़ादे रे हाथ
malvi-mup
वेक्खो नी शाह अनायत साईं वेक्खो नी शाह अनायत साईं मैं नाल करदा किवें अदाईं । कदी आवे कदी आवे नाहीं , त्यौं त्यौं मैनूँ भड़कण भाहीं । नाल अल्लाह पैगाम सुणाईं , मुक्ख वेक्खण नूँ तरसाईं । वेक्खो नी शाह अनायत साईं । बुल्ला सहु केही लाई मैनूँ , रात हनेर उठ तुरदी नै नूँ । जिस औझड़ तों सभ कोई डरदा , सो मैं ढूँढा चाईं चाईं । वेक्खो नी शाह अनायत साईं । मैं नाल करदा किवें अदाईं ।
panjabi-pan
बाजरे की रोटी पोई रे हालिड़ा बाजरे की रोटी पोई रे हालिड़ा , बथुए का रांध रै साग आठ बलधां का रै हालिड़ा नीरणा चार हालिड़ा की छाक बरसन लागी रे हालिड़ा बादली सास नणद का रे हालिड़ा ओलणा इब कूण उठाये छाक कसकै तै रे बांधो गोरीधन लाऊणा झटदे उठाल्यो छाक ड्योलै तै ड्योला रे हालिड़ा मैं फिरी कितै ना पाया थारा खेत ऊंच्चे चढ़कै गोरीधण देख ले म्हारे धोले बलध कै टाल पाछा तैं फिर कै रे हालिड़ा देख ले , कोई बोझ मरै छकियार किसाक जाम्या रे हालिड़ा बाजरा किसीक जाम्मी सै जुआर लाम्बे तै सिरटे गोरीधण बाजरा , मुड़वां सिरटै जुआर कै मण बीघे निपजै रे हालिड़ा बाजरा , कै मण बीघे जुआर नौ मण बीघे निपजा गोरी बाजरा , दस मण बीघे जुआर अपणै घड़ाले रे हालिड़ा गोखरू मेरी भंवर की नाथ
haryanvi-bgc
परदा किस तों राखीदा परदा किस तों राखीदा ? क्यों ओहले बैह बैह झाकीदा ? पहलों आपे साजन साजे दा , हुण दस्सना ऐं सबक निमाजे दा , हुण आया आप नज़ारे नूँ , विच्च लैला बण बण झाकीदा । परदा किस तों राखीदा ? शाह शमस दी खल्ल लुहाएओ , मनसूर नूँ चा सूली दवाएओ , ज़करीए1 सिर कलवत्तर2 धराएओ , की लेक्खा रहेआ बाकी दा ? परदा किस तों राखीदा ? कुन्न3 केहा फअकुन4 कहाया , बेचूनी5 दा चून6 बणाया , खातर तेरी जगत बणाया , सिर पर छतर लौलाकी दा7 । परदा किस तों राखीदा ? हुण साड्डे वल्ल धाया ए , ना रहिन्दा छुपा छुपाया ए , किते बुल्ला नाम धराया ए , विच्च ओहला रखया खाकी दा । परदा किस तों राखीदा ?
panjabi-pan
मुबारिक सादी हो बनड़े ये घोड़ी नाचती आई मुबारिक सादी हो बनड़े ये घोड़ी नाचती आई तेरे बाबा हजारी नै बड़ी दूरों से मंगवाई तेरे ताऊ हजारी ने बड़ी दूरों से मंगवाई तेरे मन पसंद बनड़े ये घोड़ी क्यूं नहीं आई मुबारिक सादी हो बनड़े ये घोड़ी नाचती आई तेरे बाब्बू हजारी नै बड़ी दूरों से मंगवाई तेरे चाचा हजारी नै बड़ी दूरों से मंगवाई तेरे मन पसंद बनड़े ये घोड़ी क्यूं नहीं आई मुबारिक सादी हो बनड़े ये घोड़ी नाचती आई तेरे फूफा हजारी नै बड़ी दूरों से मंगवाई तेरे मौसा हजारी ने बड़ी दूरों से मंगवाई तेरे मन पसंद बनड़े ये घोड़ी क्यूं नहीं आई
haryanvi-bgc
झाळ झपकऽ बिन्दी चमकऽ बोलऽ अमृत वाणी झाळ झपकऽ , बिन्दी चमकऽ बोलऽ अमृत वाणी , धणियेर आंगणऽ कुआ खणाया , हरिया एतरो पाणी , जूड़ो छोड़ी न्हावण बठ्या , धणियेर घर की राणी , धणियेर घर की राणी रनुबाई , बोलऽ अमृत वाणी । आमुलड़ा री डाल म्हारी माता , सालुड़ो सुखाड़ऽ , सालुड़ा रा रम्मक झम्मक , नाचऽ ठम्मक ठम्मक , धणियेर घर की राणी रनुबाई , बोलऽ अमृत वाणी ।
nimadi-noe
अंगिका फेकड़ा चलोॅ हे हिरनी माय फूल तोड़ै लेॅ फूलोॅ के गाछ तर ऐल्हौं जमाय बेटी केॅ लेल्हखौं डोली चढ़ाय ज्यौंज्यौं डोलिया डुलकल जाय त्यौंत्यौं बेटी हकरल जाय बोॅर बैठलोॅ बरोॅ तर कनियाँय बैठली पीपरोॅ तर बरोॅ केॅ लागलै दाँती कनियाँय धूनेॅ छाती । कनियाँय मनियाँय झिंगाझोर कनयाँय माय केॅ लेॅ गेल चोर दौड़ोॅ हो शहर के लोग । झरिया ऐलै बुनरिया ऐलै करका मेघ लगैलेॅ ऐलै डाला कुण्डा घोॅर करोॅ बेटी केॅ विदा करोॅ । औठीपौठी लौका बीच में गू खौका । पांड़े पड़ोकी चुटिया में तेल पांड़े के धियापुता खेलेॅ गुलेल पांडे़ ढबढबढब । यद्दू बेचेॅ कद्दू , बंगाली बेचेॅ पान यद्दू के एक बेटा , सेहो गाड़ीमान यद्दू दूर गेलेॅ हो । अथरोबथरो सीमा गेली सीम तोड़े नीमा गेली नीन तोड़े , दा बूढ़ी भात अभी गोबरे हाथ । ऊबु पान फूल पत्ता गुलाबी रंग कच्चा कटोरी में के आगिन बुझाय देॅ मोरी भौजी । ओ ना मा सी धं गुरूजी पढ़ंग चटिया लंग बाजे मृदंग । तार काटूँ , तनकुन काटूँ काटूँ रे बनखज्जा हाथी पर से घुंघर बोले टन देॅ केॅ राजा राजा के रजोली बेटी भैया के दुपट्टा हिच्च मारौं , घिच्च मारौं चीचे हेनोॅ बच्चा ।
angika-anp
भादों की अँधेरी, झकझोर भादों की अँधेरी , झकझोर1 । ना बास ना बास , पापी मोर । डुलदो2 तू क्यों , पापी प्राणी । स्वामी बिना मैक , बड़ी खडरी3 । विश्वासी मन जो , औंद भारी । भादों की बरसात जग रूझ4 । मन की मेरो ना , आग बुझ । स्वामी बिना झूठी , लाणीं खांणी5 । मनु की मनुमा , रई गांणी6 ।
garhwali-gbm
201 दुर्रे1 शरह दे मार उधेड देसां करां उमर खिताब दा नयां हीरे घत कखां दे बिन मैं साड़ सुटां तैनूं वेखसी पिंड गरां हीरे अखीं मीट के वकत लघा मोईए एह जोबना बदलां छां हीरे खेड़े करीं कबूल जे खैर चाहवें छड चाक रंझेटे दा नां हीरे वारस शाह हुण आसरा रब्ब दा ए जदों विटरे2 बाप ते मां हीरे
panjabi-pan
अगे, अगे चेरी बेटी, तोँहु देखि आहु गे माइ अगे , अगे चेरी बेटी , तोँहु1 देखि आहु2 गे माइ । कइसन3 समधी बाबू , महला उठावे गे माइ । इँटवा चुनिए चुनि4 महला उठावे गे माइ । चुनमे5 चुनेटल6 चारों घटिया बनावे गे माइ ॥ 1 ॥ अरे , अरे हजमा , तोंहुँ देखि आहु गे माइ । कइसन समधी भँड़ुआ , सजे बरियात गे माइ । धोइले7 धोइले कपड़ा , रँगल बतीसो दाँत गे माइ । छैले छैले गभरू8 सजल बरियात गे माइ ॥ 2 ॥ बइठल समधी बाबू जाजिम बिछाय गे माइ । जँघिया दुलरइतिन बेटी लट छिटकावे गे माइ । बीड़वा9 जे फेंकलन दुलहा , बीड़वो न लेथिन10 गे माइ । हँसथिन न बोलथिन , दुलहिन मुँहमो न खोलथिन गे माइ ॥ 3 ॥ किनकर11 गुमानी12 धनि , मुँहमो न बोले गे माइ । किनकर गुमानी बेटी , बीड़वो न लेइ13 गे माइ । परभु के गुमानी धनि , मुँहमो न बोले गे माइ । बाबा के दुलरइतिन बेटी , बीड़बो न लेइ गे माइ ॥ 4 ॥ बाबा तोर देखलूँ दुलहा , टट्टर14 घर खाड़ा गे माइ । भइया तोर देखलूँ लोकदिनियाँ15 सँघे साथे गे माइ । चाचा तोर देखलूँ तमोलिन के पास गे माइ । कइसे के करियो16 दुलहा तोहर बिसवास गे माइ । तुहूँ त हकहु17 दुलहा बड़ रँगरसिया18 गे माइ ॥ 5 ॥
magahi-mag
215 जो कुझ विच रजा दे लिख दितां मुंहों बस न आखिये भैड़ीए नी सुन्ना सखना चाक नूं रखया ई मथे भौरीए चंदरीए चैड़ीए नी जेकर मंतरकील दा ना आवे ऐवें सुतड़े नाग ना छेड़ीए नी इके यार दे नाम तों फिदा होईए मौहरा दे के इके नबेड़ीए नी दगा देवना होवे जिस आदमी नूं पहले रोज ही चा खटेड़ीए नी जे ना उतरीए यार दे नाल पूरे ऐडे पिटने ना सहेड़ीए नी वारस शाह तोड़ निभाहुनी दस सानूं नहीं दे जवाब चा टोरये नी
panjabi-pan
शिवशंकर जा शिवशंकर आपिया रहना टोल्लेन शिवशंकर शिवशंकर जा शिवशंकर आपिया रहना टोल्लेन शिवशंकर शिवशंकर जा शिवशंकर आपिया रहना टोल्लेन शिवशंकर देव देवकि डो देव देवकि आलिया रहना मथुरा डो गोकुल मारे देव देवकि डो देव देवकि आलिया रहना मथुरा डो गोकुल मारे देव देवकि देव देवकि आलिया टावटेन बाकी हाजे डो देव देवकि देव देवकि देव देवकि आलिया टावटेन बाकी हाजे डो देव देवकि देव देवकि डो देव देवकि आमा डाई नी बारा देव देवकि डो देव देवकि आमा डाई नी बारा गावा पेटेली डो आलिया टावटेन बाकी हाजे गावा पेटेली डो आलिया टावटेन बाकी हाजे स्रोत व्यक्ति प्यारी बाई , ग्राम मातापुर
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189 कंगन नाल जंजीरियां पंज मुणियां हार लौंगां दे नाल पुरायो ने तुंगा1 नाल कपूरां2 दे जुट सुचे तोड़े पाउंदे गजरयां छायो ने पहौंची जुगनियां नाल हमेल माला मोहर बिछुए नाल घड़ायो ने सोहनियां अलियां नाल पंजेब फबे घुंगरालड़े घुंगरू लायो ने वारस शाह गहना ठीक चाक आहा सोई खटड़े3 चा पवायो ने
panjabi-pan
उरजौ ना स्याम कही मानों उरजौ ना स्याम कही मानों , फट जै हैं , चुनरिया ना तानों । इत मथरा उत गोकल नगरी , बीच बसत है बरसानो । रजा कंस कौ राज बुरओ है , मथरा बीच रूपौ थानों । मैं बेटी वृषभान लला की , काऊकी ईसुर ना जानों ।
bundeli-bns
से वणजारे आए से वणजारे आए नी माए , से वणजारे आए । लालाँ दा ओह वणज करेन्दे , होक्का आख सुणाए । लाल ने गहणे सोने सात्थी , माए नाल लै जावाँ । सुणिआ हौका मैं दिल गुज़री , मैं भी लाल ल्यावाँ । इक्क ना इक्क कन्नाँ विच्च पा के , लोक्काँ नूँ दिखलावाँ । लोक जानण एह लालाँ वाली , लइआँ मैं भरमाए । से वणजारे आए नी माए , से वणजारे आए । ओड़क जा खलोती ओहना ते , मैं भनों सद्धराइआँ । भाई वे लालाँ वालिओ मैं वी , लाल लेवण नूँ आइआँ । ओहनाँ भरे संदूक विखाले , मैनूँ रीझाँ आइआँ । वेक्खे लाल सुहाणे सारे , हक्क तो हक्क सवाए । से वणजारे1 आए नी माए , से वणजारे आए । भाई वे लालाँ वालिआ वीरा , एहना दा मुल्ल दसाईं । जे तूँ आई हैं लाल खरीदण , धड़ तों सीस लुहाईं । डम्ह2 कदी सुई दा ना सहिआ , सिर कित्थों दित्ता जाई । लाज़मी होके घर मुड़ आई , पुच्छण गवांढी आए । से वणजारे आए नी माए , से वणजारे आए । तूँ जु गई सैं लाल खरीदण , उच्ची अड्डी चाई नी । केहड़ा मुहरा ओत्थों रन्ने तूँ , लै के घर आई नी । लाल सी भारे मैं साँ हलकी , खाली कन्नी साईं नी । भारा लाला अणमुल्ला ओत्थों , मैत्थों चुक्किआ ना जाए । से वणजारे आए नी माए , से वणजारे आए । कच्ची कच्च विहाजण जाणा , लाब विहाजण चल्ली । पल्ले खरच ना साख ना काई , हत्थों हारन चल्ली । मैं मोटी मुशटंडी दिसाँ , लालाँ नूँ चारन चल्ली । जिस शाह ने मुल्ल लै के देणा , सो शाह मुँह ना लाए । से वणजारे आए नी माए , से वणजारे आए । गलिआँ दे विच्च फिराँ दिवानी , नी कुड़ीए मुटिआरे । लाल चुगेन्दी नाज़क होई , एह गल्ल कौण नितारे । जाँ मैं मुल्ल ओहना नूँ पुच्छिआ , मुल्ल करन ओह भारे । डम्ह सूई दा कदे ना खाधा , ओह आक्खण सिर वारे । जेहड़िआँ गइआँ लाल विहाजण , ओहनाँ सीस लुहाए । से वणजारे आए नी माए , से वणजारे आए ।
panjabi-pan
सुसरै जी से अरज करूं थी सुसरै जी से अरज करूं थी मन्नै हरी हरी दाख मंगाद्यो जी बहू इस रुत मैं दाख नहीं सै मेवा मिसरी खाल्यो जी बालम जी से अरज करूं थी मन्नै हरी हरी दाख मंगाद्यो जी ओ गए पंसारी की दुकान पै ल्याए हरी हरी दाख तुला कै खा कै सोई पिलंग पै बालम तै कर री बात बड़े प्यार तै जो गोरी थम छोरी जणोगी बुरी बात करो गी हम तै जो गोरी थम पुत जणोगी दाख मंगा द्यूं और कहीं तै
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रेशमा डोरा घोड़ा पलंगो रेशमा डोरा घोड़ा पलंगो अजे बीले आजे सुबाय रेशमा डोरा घोड़ा पलंगो अजे बीले आजे सुबाय रेशमा डोरा घोड़ा पलंगो अजे बीले आजे सुबाय इयाँ पलंगो बाने जा बेटा आमा रानी का पलंगो रे आमा रानी का पलंगो रे आमा रानी का पलंगो रे स्रोत व्यक्ति जगनसिंह , ग्राम झापा
korku-kfq
पेलो मास जो लागियो ये पेलो मास जो लागियो ये धनारायणी आल भोले मन जाय अनोखा धनराणी , ऐके धनराणी मजला मजला आप पेले मजल थारे लापसी ऐके धनराणी दूसरे मजल बूरा खांड तीसरे मजल थारे खोपरो चौथ दाड़िम दाख
malvi-mup
532 सैदा आखदा रोंदड़ी पई डोली चुप करे नाहीं हतिआरड़ी1 ओए वडी जवान बाला कोई परी सूरत तिन कपड़े वडी मुटिआरड़ी ओए जे मैं हथ लावां सिरों लाह लैंदी चा घतदी चीख चिहारड़ी2 ओए हथ लावण पलंग नूं मिले नाहीं खौफ खतरियो3 रहे निआरड़ी4 ओए मैंनूं मारके आप नित रहे रोंदी एस डौल ही रहे कुआरड़ी5 ओए नाल सस ननाण दे गल नाही पई मचदी नित खुआरड़ी6 ओए असां ओसनूं मूलना हथ लाया कोई नागर7 लोथ है भारड़ी8 ओए ऐवे गफलतां विच बरब्बाद कीती वारस शाह एह उमर पयारड़ी ओए
panjabi-pan
180 रत्न हीर ते आइयां फेर सभे रांझे यार तेरे सानूं घलया ई खूंडी वंझली कमली सुट धते छड देस परदेस नूं चलया ई जे तैं अंत ओहनूं पिछा देवना सी ओहदा कालजा कासनूं सलया ई असां एतनी गल मालूम कीती तेरा निकल ईमान हुण चलया ई
panjabi-pan
मेरी भूरी भूरी पींडी री सासड़ काली जराब मेरी भूरी भूरी पींडी री सासड़ काली जराब मन्नै सोला सिंगार करे री सासड़ बलमा नदान बाहर सै बालम आया री माता कहां गई साजन जाई टगटग महलों चढ़गी रे बेटा कर के सिंगार तैं सोच समझ के जइयो रे बेटा बहू सै जुआन तन्नै खाटी ल्हासी प्याई री सासड़ रह गया नदान मन्नै हंस के दूध पीए री सासड़ हो गी जुआन दिन दस पीहर चली जा री बहुअड़ कर ल्यूं जुआन ऊपर तै नीचे पटक री माता हो ज्या नुकसान तै ओड ओड बोल ना बोलै रे बेटा बहू सै जुआन
haryanvi-bgc
मिट्टी दा बावा (1) मिटटी दा मैं बावा बनाणीआं उत्ते चा दिन्नी आं खेसी वतनां वाले माण करन की मैं माण करां परदेसी मेरा सोहणा माही , आजा वे बूहे अग्गे लावां बेरीआं गल्लां घरघर होंण तेरीआं ते मेरीआं वे तू शकल दिखा जा वे मेरा सोहणा माही , आजा वे बूहे अग्गे पाणी वगदा साडा कल्लआं दा जी नईओं लगदा सानूं गल नाल लाजा वे मेरा सोहणा माही , आजा वे
panjabi-pan
मोये बल रात राधका जी कौ मोये बल रात राधका जी कौ , करैं आसरौ की को । दीन दयाल दूर दुख मेलत , जिनको मुख है नीको । पैले पार पातकी कर दए , मोहन सौ पति जी को । काँलों लगत खात सब कोऊ , स्वाद कात ना थी को ईसुर कछू काम की जानै , कदमन के ढिंग झीकौं ।
bundeli-bns
कौण आया पैहन लिबास कुड़े कौण आया पैहन लिबास कुड़े ? तुसीं पुच्छो नाल इखलास1 कुड़े । हत्थ खुंडी मोडे कम्बल काला , अक्खिआँ दे विच्च वसे उजाला , चाक नहीं कोई है मतवाला , पुच्छो बिठा के पास कुड़े । कौण आया पैहन लिबास कुड़े ? चाकर चाक ना इस नूँ आखो , एह ना खाली गुज्झड़ी2 घातों , विछड़िआ होया पैहली रातों , आया करन तलाश कुड़े । कौण आया पैहन लिबास कुड़े ? ना एह चाकर चाक कहींदा , ना इस ज़र्रा शौक महीं दा , ना मुश्ताक है दुध दहीं दा , ना उस भुक्ख प्यास कुड़े । कौण आया पैहन लिबास कुड़े ? बुल्ला सहु लुक बैठा ओहले , दस्से भेद ना मुख से बोले , बाबल वर खेड़ेआँ तो टोले , वर माँहढा3 माँहढे पास कुड़े । कौण आया पैहन लिबास कुड़े ? तुसीं पुच्छो बिठा के पास कुड़े ।
panjabi-pan
ऐ बैना डो ऐ बैना चोज सांटी ऐ बैना डो ऐ बैना चोज सांटी उनिड़ी उसरी डो आम सुबाये ऐ डाई जा ऐ डाई इयां ऊनी केने केरसा जा डोडो मारे ऐ बैना डो ऐ बैना टाला चिछरी डो आम सुबाये इंज बागोन बागोन जा डाई इयां ऊनी ऊँऐन्टेन हाकोज अगरा गोमढून मारे बाकीमा हिगरा इयां डो बैना इंज बीसे बा रोगों जा डाई टेंगन स्रोत व्यक्ति कड़मी बाई , ग्राम रोशनी
korku-kfq
हिंगलू भरी बादल लाव हिंगलू भरी बादल लाव म्हारा मानगुमानि ढोला वा तो फलाणा राम आंगण ढोलो रे म्हारा मालगुमानी ढोला वे तो फलाणा राम हैं पोंच वाला रे वी तो आवता सा जानीड़ा जिमाड़े रे
malvi-mup
211 काज़ी पड़ह निकाह ते घत डोली नाल खेड़या दे दिती टोर मियां तेवरां बेवरां1 नाल जड़ाउ गहिने दम दौलतां नअमतां होर मियां टमक2 महीं अते नाल ऊंठ घोड़े गहिणा पतरां3 ढगड़ा ढोर4 मियां हीर खेड़या नाल न टुरे मूले पया पिंड दे विच एह शोर मियां वारस हीर नूं घिंन के रवां होए5 जिवें माल नूं लै के चोर मियां
panjabi-pan
हरे नोटिस आयारे राजा राम का हरे नोटिस आयारे राजा राम का , आरे तामील कर लेना १ जमपती राजा आई बैठीयाँ , अरे बैठीया पंख पसार हंसराज को हो लई गया लईगया स्वर्ग द्वार . . . . नोटिस आयारे . . . . २ काया सिंगारी राई आगणा , झुरी रया सब लोग साज बाज घर बाजी रयाँ उड़े रंग गुलाला . . . . नोटिस आयारे . . . . . . . ३ माता रोवे रे थारी जलमी , बईण वार त्योहार तीरया रोयवे थारी तीन घड़ी दुसरो घर बार . . . . नोटिस आयारे . . . . . . . ४ कहत कबिर धर्मराज से , साहेब सुण लेणा अन्त का परदा हो खोल के जीनको अन नी पाणी . . . . नोटिस आयारे . . . .
nimadi-noe
सूरज ऊगो हो केवड़ा के री परत सूरज ऊगो हो केवड़ा के री परत म्यानो रजाम सुहावनो तम जागो हो सूरज जी हो राम तम जागो ही गणपत जी हो राम तम घर हो परजा केरो राज तम जागो हो फलाणा जी हो राज तम बैठो हो अक्खी बड़ की छाँह तम लीजो हो श्रीकृष्ण को नाम दीजो हो सूर्या गाय को दान सूरज ऊग्यो के वड़ा के री परत म्यानो श्याम सुहावणो तम जागो हो फलाणा राम भांड तम बैठो हो धतूरा अरंडिया छाँव तम लई करवो मुख धोवी तम लीजो अल्लाखुदा को नाम तम दीजो हो तमारी माता को दान
malvi-mup
नक्बेसर कागा ले भागा नक्बेसर कागा ले भागा अरे मोरा सैंयां अभागा ना जागा , उड उड कागा मोरी बिंदिया पे बैठा . . . बिंदिया पे बैठा . अरे मोरे माथे का सब रस ले भागा , नक्बेसर कागा ले भागा अरे मोरा सैंयां अभागा ना जागा , उड उड कागा मोरे नथुनी पे बैठा अरे नथुनी पे बैठा . मोरे होंठ्वा का सब रस ले भागा , नक्बेसर कागा ले भागा अरे मोरा सैंयां अभागा ना जागा , नक्बेसर कागा ले भागा अरे मोरा सैंयां अभागा ना जागा , उड उड कागा मोरे चोलिया पे बैठ , अरे चोलिया पे बैठा . . . . अरे जुबना का सब रस ले भागा , अरे जोबना का सब रस ले भागा नक्बेसर कागा ले भागा अरे मोरा सैंयां अभागा ना जागा , उड उड कागा मोरे करधन पे बैठा अरे साये पे बैठा , अरे मेरी बुरीयो का सब रस ले भागा मोरा अरे नक्बेसर कागा ले भागा अरे मोरा सैंयां अभागा ना जागा ,
bhojpuri-bho
तावी तावी डो तावी किनारे तावी तावी डो तावी किनारे तावी तावी डो तावी किनारे तावी तावी डो तावी किनारे राजा रावटी डो टाजा टिये राजा रावटी डो टाजा टिये आपियां जूमू डो चोज मारे आपियां जूमू डो चोज मारे आलिया जूमू नी राजा आलिया जूमू नी राजा सारेली डो बो रेली रे सारेली डो बो रेली रे स्रोत व्यक्ति अनिता , ग्राम लखनपुर
korku-kfq
बीच जमुनमा हे कोसी माय बीच जमुनमा हे कोसी माय कदम के गाछ हे ओहि चाढ़ि कोसी पारे हाक हे कहाँ गेलै किए भेलो झिमला मल्लाह रे जल्दी से उतारें पार रे टूटलियो नइया हे कोसी माय टूटल करूवारि हे कौन विधि उतारब पार हे जोड़ि लेबेइ नइया रे झिमला जोड़ब करूवारि रे , हिंगुर ढोरब दुनू मांगि रे खनेखने खेबै रे मलहा , खने भसियाबे रे खने मांगे घटवारि रे एहि पार देबौ रे झिमला पाकल बीड़ा पान रे ओहि पार गला गिरमल हार रे ।
angika-anp
भड़ौनी व गारी गीत 1 समधी के लिए गीत बने बने तोला जानेंव समधी , मड़वा में डारेंव बांस रे झालापाला लुगरा लाने , जरय तुंहर नाक रे दार करे चांउर करे , लगिन ला धराये रे बेटा के बिहाव करे , बाजा ल डराये रे मेंछा हावय लाम लाम , मुंहू हावय करिया रे समधी बिचारा का करय , पहिरे हावय फरिया रे मेंछा हावय कररा कररा , गाल हे तुंहर खोधरा रे जादा झन अतियाहव समधी , होगे हावव डोकरा रे 2 समधिन के लिए गीत बरा खाहूं कहिथव समधिन , कहां के बरा पाबे रे हात गोड़ के बरा बना ले , टोर टोर के खाबे रे खाये बर मखना पिराये बर पेट रे का लइका बिआए समधिन हंसिया के बेंट रे पातर पातर मुनगा फरय , पातर लुरय डार रे पातर हवय समधीन छिनारी , ओकर नइये जात रे खीरा फरिच जोंधरी फरिच , फरिच हावय कुंदरू रे समधिन दारील हम नचाबोन , गोड़ में बांधही घुंघरू रे डमरू हावय दफड़ा हावय , ओला हम बजवाबो रे हमर समधिन दारी ला , बजनिया संग नचवाबो रे कोदो के हवै दुई दुई झंसा , रैला चना के दुई दार समधिन के हवय तीनि बहिनिया , कोन त अकल छिनरिया बड़की ऐ लबरी छुटकी हे बपुरी , मंझली हे छिनरिया छुटकी रे बपुरी कुछु नई जानय , खोजि खोजि करे लगवारा 3 दुल्हा राजा के लिए गीत आमा पान के बिजना , हालत झूलत आथे रे किसबिन के बेटा हर , बरात लेके आथे रे करिया करिया दिखथव दुलरू , काजर कस नई आंजेव रे तोर दाई गेहे पठान घर , घर घर बासी मांगेच रे सुंदर हवस कहिके दुलरवा , हमला दियेव दगा रे बिलवा हावय मुंहू तुंहर , नोंहव हमर सगा रे आमा पान के पुतरी , लिमउआ छू छू जाय रे दुल्हा डउका दुबर होगे , सीथा बिन बिन खाये रे 4 बने बने तोला जानेंव समधी , मड़वा में डारेंव बांस रे बने बने तोला जानेंव समधी , मड़वा में डारेंव बांस रे जालापाला लुगरा लानेंव , जरगे तोरे नाक रे जालापाला लुगरा लानेंव , जरगे तोरे नाक रे दार करे चांउर करे , लगिन ला धराये रे दार करे चांउर करे , लगिन ला धराये रे बेटा के बिहाव करे , बाजा ल डर्राये रे बेटा के बिहाव करे , बाजा ल डर्राये रे मेंछा हावे कररा कररा , गाल तुंहर खोधरा रे मेंछा हावे कररा कररा , गाल तुंहर खोधरा रे जादा झन अटियाव समधी , होगे हावव डोकरा रे जादा झन अटियाव समधी , होगे हावव डोकरा रे नदिया तीर के बांमी मछरी , सलमल सलमल करथे रे नदिया तीर के बांमी मछरी , सलमल सलमल करथे रे आये हे बरतिया मन हा , तलमल तलमल करथे रे आये हे बरतिया मन हा , तलमल तलमल करथे रे नदिया तीर मा आये बरतिया , चिंगरी भूंज भूंज खाये रे नदिया तीर मा आये बरतिया , चिंगरी भूंज भूंज खाये रे मेछा जरगे फोरा परगे , रायपुर काबर आये रे मेछा जरगे फोरा परगे , रायपुर काबर आये रे 5 हमका जानी हमका जानी , दुरूग भिलई के पानी रे हमका जानी हमका जानी , दुरूग भिलई के पानी रे आये हे बरतिया मन हा , मारत हे उदानी रे आये हे बरतिया मन हा , मारत हे उदानी रे बड़े बड़े रमकलिया चानी , भीतरी में गुदा भराये वो बड़े बड़े रमकलिया चानी , भीतरी में गुदा भराये वो हमर समधिन चटक चंदैनी , कनिहा ल मटकाय वो हमर समधिन चटक चंदैनी , कनिहा ल मटकाय वो नदिया तीर के पटवा भाजी , पटपट पटपट करथे रे नदिया तीर के पटवा भाजी , पटपट पटपट करथे रे आये हे बरतिया मन हा , मटमट मटमट करथे रे आये हे बरतिया मन हा , मटमट मटमट करथे रे चटकत मटकत रेंगे समधिन , घेरीबेरी बिजरावय वो चटकत मटकत रेंगे समधिन , घेरीबेरी बिजरावे वो पाटी पारे मांग संवारे , कोई नई सहरावय वो पाटी पारे मांग संवारे , कोई नई सहुंरावे वो नदिया तीर के खोटनी भाजी , उलवा उलवा दिखथे रे नदिया तीर के खोटनी भाजी , उलवा उलवा दिखथे रे आये हे बरतिया मन हा , मुड़वा मुड़वा दिखथे रे आये हे बरतिया मन हा , मुड़वा मुड़वा दिखथे रे आंखी करे लिबिर लाबर , मुंहू हाबे करिया वो आंखी करे लिबिर लाबर , मुंहू हाबे करिया वो हमर समधिन मन हा , पहिरे हाबे फरिया वो हमर समधिन मन हा , पहिरे हाबे फरिया वो नदिया तीर के खोटनी भाजी , उलवा उलवा दिखथे रे नदिया तीर के खोटनी भाजी , उलवा उलवा दिखथे रे आये हे बरतिया मन हा , मुड़वा मुड़वा दिखथे रे आये हे बरतिया मन हा , मुड़वा मुड़वा दिखथे रे नदिया तीर के लुदवा मछरी , लूदलूद लूदलूद करथे वो नदिया तीर के लुदवा मछरी , लूदलूद लूदलूद करथे वो दुलहि नोनी के बहिनी मन हा , मुचमुच मुचमुच करथे वो दुलहि नोनी के बहिनी मन हा , मुचमुच मुचमुच करथे वो नदिया तीर के बांमी मछरी , सलमल सलमल करथे रे नदिया तीर के बांमी मछरी , सलमल सलमल करथे रे आये हे बरतिया मन हा , तलमल तलमल करथे रे आये हे बरतिया मन हा , तलमल तलमल करथे रे सुंदर हावन कहिके समधिन , हमला दियेव दगा वो सुंदर हावन कहिके समधिन , हमला दियेव दगा वो जालापाला मुंहू हावय , नोंहो हमर सगा वो जालापाला मुंहू हावय , नोंहो हमर सगा वो नदिया तीर में आये बरतिया , चिंगरी भूंज भूंज खाये रे नदिया तीर में आये बरतिया , चिंगरी भूंज भूंज खाये रे मेछा जरगे फोरा परगे , रायपुर काबर आये रे मेछा जरगे फोरा परगे , रायपुर काबर आये रे खीरा फरिस जोंधरा फरिस , फरिस हावे कुंदरू वो खीरा फरिस जोंधरा फरिस , फरिस हावे कुंदरू वो समधिन दारील हमुं नचाबो , गोड़ म बंधा के घुंघरू वो समधिन दारील हमुं नचाबो , गोड़ म बंधा के घुंघरू वो खोकसी धरि मोंगरी धरि , अउ धरि केंवई रे खोकसी धरि मोंगरी धरि , अउ धरि केंवई रे हमर समधिन मन हा , डरे हे लेवई रे हमर समधिन मन हा , डरे हे लेवई रे आमा आमा ल खाये समधिन , गोंही ल बचाये वो आमा आमा ल खाये समधिन , गोंही ल बचाये वो हमर मन बर खोर मा , सजरी बिछाये वो हमर मन बर खोर मा , सजरी बिछाये वो आमा जानी आमा जानी , डोंगरगढ़ के पानी रे आमा जानी आमा जानी , डोंगरगढ़ के पानी रे आये हे बरतिया मन हा , मारत हे फुटानी रे आये हे बरतिया मन हा , मारत हे फुटानी रे हउंला हउंला पानी लाने , कौवा ह जुठारे वो हउंला हउंला पानी लाने , कौवा ह जुठारे वो ठउका के बेरा में समधिन हा , बात ल बिगड़े वो ठउका के बेरा में समधिन हा , बात ल बिगड़े वो कांवर कांवर पानी लाने , कौवा ह जुठारे रे कांवर कांवर पानी लाने , कौवा ह जुठारे रे हमर समधि मन ला , डंडा मा सुधारे रे हमर समधि मन ला , डंडा मा सुधारे रे हरियर हरियर डोंगर दिखथे , पिंयर पिंयर बांस वो हरियर हरियर डोंगर दिखथे , पिंयर पिंयर बांस वो हमर समधिन छेना बिनत हे , नई लागे एला लाज वो हमर समधिन छेना बिनत हे , नई लागे एला लाज वो बने बने तोला जानेंव समधी , मड़वा में डारेंव बांस रे बने बने तोला जानेंव समधी , मड़वा में डारेंव बांस रे जालापाला लुगरा लानेंव , जरगे तुंहर नाक रे जालापाला लुगरा लानेंव , जरगे तुंहर नाक रे हे डमरू हावे दफड़ा हावे , ओला हम बजवाबो वो डमरू हावे दफड़ा हावे , ओला हम बजवाबो वो हमर समधिन ला , बजनिया संग नचवाबो वो हमर समधिन ला , बजनिया संग नचवाबो वो दार करे चांउर करे , लगिन ला धराये रे दार करे चांउर करे , लगिन ला धराये रे बेटा के बिहाव करे , बाजा ल डर्राये रे बेटा के बिहाव करे , बाजा ल डर्राये रे
chhattisgarhi-hne
बरसय जी बाबू, रिमझिम बुँदवा बरसय जी बाबू , रिमझिम बुँदवा , बरसय जी ॥ 1 ॥ हाथी साजूँ , घोड़ा साजूँ , साजूँ बरियतिया । साज देहु जी बाबा , दँड़िया1 सवरिया , साज देहु ॥ 2 ॥ हाथी के पाँव घइले मामा2 खड़ी है , सुन लेहु जी । बाबू हमरी बचनियाँ , सुन लेहु जी ॥ 3 ॥ कइसे में सुनिओ मामा , तोहरी बचनियाँ । जा हियो3 जी मामा , धनि के उदेसवा4 । बियाहन5 को मामा , राजा बंसी6 बेटिया ॥ 4 ॥
magahi-mag
माटी कोड़े गेली हम आज मटिखनमा माटी कोड़े गेली1 हम आज मटिखनमा2 इयार3 मोरा पड़लन , हाय जेहलखनमा4 ॥ 1 ॥ पियवा के कमइया5 हम कछु न जान ही । इयार के कमइया नकबेसर6 हुई7 हे ननदो8 ॥ 2 ॥ ओही नकबेसर धरी इयार के छोड़यबो9 । इयार मोरा पड़लन हाय जेहलखनमा ॥ 3 ॥
magahi-mag
81 हीर चाए भता खंड खीर मखन मिएं रांझे दे पास लै जांवदी ए तेरे वासते जूह मैं भाल थकी रो रो अपना हाल सुनांवदी ए कैदों ढूंढ़दा खोज नूं फिरे भौंदा वास चूरी दी बेलयों आंवदी ए वारस शाह मियां वेखो रंग लंगी एह शैतान दी कलहि जगांवदी ए
panjabi-pan
107 हीर वत के1 बेलयों घरीं आई मां बाप काजी सद लयांवदे ने दोवें आप बैठे अते वि काजी अते साहमणे हीर बहांवदे ने बची हीर तैनूं असीं मत देंदे मिठी जबान नाल समझांवदे ने चाक चोबरां नाल ना गल कीजे एह मेनहती केहड़े थाउं दे ने चरखा डाहके आपने घरीं बहिए सुघड़ गाउं के जी परचांवदे ने लाल चरखड़ा डाहके छोप पाईये कहीए सोहने गीत झनाब दे ने नीवीं नजर हया के नाल रहिये तैनूं सभ सयाने फरमांवदे ने चूचक सिआल होरी हीरे जाणनी ए सरदार ते पंच गरांव दे ने शरम मापियां दी वल धयान कीजे शानदार एह जट सदांवदे ने बाहर फिरन ना सोंहदा कवारियां नूं अज कल लागी घर आंवदे ने ऐथे वयाह दे सब समान होये खेड़े पये बना2 बनांवदे ने वारस शाह मियां चंद रोज अंदर खेड़े जोड़ के जंझ लयांवदे ने
panjabi-pan
फगुआ के गीत १ . धनिधनि ए सिया रउरी भाग , राम वर पायो । लिखि लिखि चिठिया नारद मुनि भेजे , विश्वामित्र पिठायो । साजि बरात चले राजा दशरथ , जनकपुरी चलि आयो , राम वर पायो । वनविरदा से बांस मंगायो , आनन माड़ो छवायो । कंचन कलस धरतऽ बेदिअन परऽ , जहाँ मानिक दीप जराए , राम वर पाए । भए व्याह देव सब हरषत , सखि सब मंगल गाए , राजा दशरथ द्रव्य लुटाए , राम वर पाए । धनि धनि ए सिया रउरी भाग , राम वर पायो । २ . बारहमासा शुभ कातिक सिर विचारी , तजो वनवारी । जेठ मास तन तप्त अंग भावे नहीं सारी , तजो वनवारी । बाढ़े विरह अषाढ़ देत अद्रा झंकारी , तजो वनवारी । सावन सेज भयावन लागतऽ , पिरतम बिनु बुन्द कटारी , तजो वनवारी । भादो गगन गंभीर पीर अति हृदय मंझारी , करि के क्वार करार सौत संग फंसे मुरारी , तजो वनवारी । कातिव रास रचे मनमोहन , द्विज पाव में पायल भारी , तजो वनवारी । अगहन अपित अनेक विकल वृषभानु दुलारी , पूस लगे तन जाड़ देत कुबजा को गारी । आवत माघ बसंत जनावत , झूमर चौतार झमारी , तजो वनवारी । फागुन उड़त गुलाब अर्गला कुमकुम जारी , नहिं भावत बिनु कंत चैत विरहा जल जारी , दिन छुटकन वैसाख जनावत , ऐसे काम न करहु विहारी , तजो वनवारी ।
bhojpuri-bho
आपियां जूमू चोजमा बाई आपियां जूमू चोजमा बाई आपियां जूमू चोजमा बाई आपियां जूमू जा राजा सारीली डो बोरोली रे ऐ सारीली डो ऐ बोरोली रे आपियां सन्टी इयां रानी केन बावड़ी कुआं बोचो मारे ऐ राजा जा ऐ राजा आपियां सन्टी आमा रानी केन बावड़ी कुआन जा बाकी बोचो ऐ राजा जा ऐ राजा आलीन जा बातो चलना जा रानी मारे स्रोत व्यक्ति मुलायम , ग्राम भोजूढाना
korku-kfq
तूँ किद्धरों आया तूँ किद्धरों आया , किद्धर जाणा , आपणा दस्स ठिकाणा । जिस ठाणे दा तूँ माण करें , तेरेनाल ना जासी ठाणा । जुल्म करें तूँ लोक सतावें , कसब1 फड़ेओ लुट खाणा । महबूब2 सुजानी3 करे असानी , खौफ जाए मलकाणा । शहर खामोशाँ दे चल्ल वसीए , जित्थे मुलक समाणा । भर भर पूर लँघावे डाढा , मलकुलमौत4 मुहाणा । कर लै चावर चार दिहाड़े , ओड़क तूँ उठ जाणा । एहना सभनाँ थीं एह बुल्ला , गुनहगार पुराणा । तूँ किद्धरों आया , किद्धर जाणा , आपणा दस्स ठिकाणा ।
panjabi-pan
ईसुरी की फाग-3 मोरी रजऊ से नौनों को है डगर चलत मन मोहै अंग अंग में कोल कोल कें ईसुर रंग भरौ है । मन कौ हरन गाल कौ गुदना , तिल सौ तनक धरौ है । ईसुर कात उठन जोबन की , विरहा जोर करौ है । भावार्थ मेरी रजऊ से सुन्दर कौन है ? रास्ते चलते मन मोह लेती है । ईश्वर ने उसके अंग अंग को तराश कर रंग भरा है । उसके गाल का गुदना छोटे तिलसा लगता है । देखो , ईसुर उभरते यौवन को विरह कैसे सता रहा है ?
bundeli-bns
हेठ वगे दरिया ते ऊपर मैं खड़ी हेठ वगे दरिया ते ऊपर मैं खड़ी , मेरे वीरे लवाया बाग खिड पई चंबा कली , चंबा कली न तोड़ वीर मेरा मारुगा , वीरा मेरा सरदार बैठे कुर्सी ते , भाबो मेरी परधान बैवे रत्ते पीढ़े , रत्तड़ा पीढ़ा चीकदा भाबो नु उड़ीकदा , भाबो कोलों आइयाँ , झग्गा चुन्नी लेआइयाँ ।
panjabi-pan
446 जिवें सुबह दी कजा1 नमाज हुंदी राजी हो इबलीस2 भी नचदा ए जिवें सहती दे जिउ विच खुशी होई दिल रन्न दा छला कच दा ए जाह वखशया सभ गुनाह तेरा तैनूं इशक कदीम तों सच दा ए वारस शाह चल यार मना आईए एथे नवां अखारड़ा मचदा ए
panjabi-pan
विरह आयो चैतर मास , सुणा दौं मेरी ले सास वणवणूडें1 सबी मौली2 गैन , चीटें3 मौली गैन घास स्वामी मेरो परदेस गै तो , द्वी तीन होई गैन मास अज्यूं4 तई5 कुछ सुणी6 निमणी , ज्यूं7 को ह्वेगे उत्पास8 जौंका स्वामी घरू छन , तौंको होयुं छ विलास रंगविरंगे चादरे ओढ़ीओढ़ी , अड़ोसपड़ौस सुहास ।
garhwali-gbm
मेरी सांझी के औरे धोरै फूल रही कव्वाई मेरी सांझी के औरे धोरै फूल रही कव्वाई भान मैं तन्नै बूझूं संझा कैं तेरे भाई मेरे पांच पचास भतीजे नौ दस भाई भान कैयां का ब्याह रचाया कितने की सगाई पांचा का तो ब्याह रचाया दसां की सगाई ।
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चली गई माल दुलारी तजी न थारी चली गई माल दुलारी तजी न थारी सोयो पाव पसारी तजी न थारी १ जिसकी जान थारा पास नही रे , सोना क दियो रे गमाईहो रामा भरम भंभू का उठण लाग्या नोटीश प नोटीश जारी . . . तजी न थारी . . . २ बृम्ह कचेरी म बृम्ह का वासा , गीत का मुजरा लेईहो रामा नव नाड़ी और बावन कोठड़ी अंत बिराणी होय . . . तजी न थारी . . . ३ जब हो दिवानी ने दफ्तर खोला , नही शरीर नही श्वासहो रामा माता छटी ने डोर रचीयो है रती फरक नही आव . . . तजी न थारी . . . ४ हिम्मत का हाल टुटी गया रे , रयि हमेशा रोई सतगुरु राखा अभी ले जाजो नही तो चैरासी का माही . . . तजी न थारी . . . ५ कहत कबीर सुणो भाई साधो , यो पद है निरबाणीहो रामा यही रे पंथ की करो खोजना रही जासे नाम निसाणी . . . तजी न थारी . . .
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एती जाथोँ त ओती जाथस एती जाथोँ त ओती जाथस , ओती जाथॉ त दोती ओ एती जाथो त ओती जाथस , ओती जाथॉ त दोती ओ कोन नजर के जादु मँतर मार देहे मोला ओ , हाय मोला झोल्टुराम बना देहे ओ । मोला झोल्टुराम बना देहे ओ झोल्टु के झोली मा का का चीज , लौँग सुपारी धथूरा के बीज । झोल्टु के झोला ला लेगे चोर , झोल्टु कुदावथे धोती छोर ॥ एती देखव ते ओती देखव , ओती देखव ते दोती ओ छ्त्तीसगढ के मोहनी जरी मोला पिया देहे रे , हाय मोला सुखडू राम बना देहे ओ मोला झोल्टुराम बना देये हो तोर मया म मै जोगी बनेव , सोला बछर के मै माला जपेँव । का कहाव मैं ह काला बताँव , तोला बलावव के ओला बलाँव ॥ तोर मया म मै जोगी बनेव , सोला बछर के मै माला जपेँव । का कहाव मैं ह काला सुनाव , तोला बालावव के ओला बलाँव ॥ एती लेजाव कि ओती लेजाव , ओती लेजाव के दोती ओ सात भाँवर के सात नचनिया , मोला नचा देहे रे , हाय मोरा फोकटू राम बना देहे ओ मोरा फोकटू राम बना देहे ओ तोर जवानी के नशा मोला , गाँजा पीयेँव मे तोला तोला । का कहाव मैं ह काला बताँव , तोला बलावव के ओला बलाँव आरी लेजेव के बारी लेजव , बारी लेजव के दुवारी ओ । बत्तीस दिन के खाना पीना मोला छोड़ा देहे ओ , हाय मोरा फोकटू राम बना देहे ओ एती देखव त ओती देँखँव , ओती देखँव ते दोती ओ एती लेजाव कि ओती लेजाव , ओती लेजाव के दोती ओ कोन नजर के जादु मँतर मार देहे मोला ओ , हाय मोला झोल्टुराम बना देहे ओ ।
chhattisgarhi-hne
प्रश्नोत्तर में जोगीरा मित्रो भेद बताओ महावीर उस लंका के , जो दहन किया गढ़ लंका के ना । कवन बात पर महावीर ने भेष बनाया बन्दर का ? कितना लम्बा कितना चौड़ा पानी रहा समुन्दर का ? पूरब पच्छिम उत्तर दक्खिन था पहाड़ दशकन्धर का ? कौन तरफ से गये महावीर , भेद जो पाये अन्दर का ? विभीषण से मुलाकात हुआ कब , दिन रहा कि रात ? जाकर बजा दिया ओ डंका जो दहन किया गढ़ लंका का । कै मिनट के अन्दर पकड़ा महावीर बलवान को ? कौन दूत ने खबर दिया था , जाकर सभा में रावन को ? उसी दूत का नाम बता दो , आज सभा में धावन को । परी रहा कि देव रहा , कि था लड़का उ ब्राह्मन का ? पूँछ में कपड़ा कौन लपेटा , था किस निस्चर का बेटा ? फूंका घर वो पहले किसका , महावीर ने जाकर के ? नर नारी सब जले थे कितने बताओ तू गा करके ? रहा कौन समय ओ बेरा , उसने पूंछ कै दफे फेरा ? गुजरा कै दिन शंका का , जो दहन किया गढ़ लंका का । गोरे काले मरे थे कितने , बिगे गये उठा करके ? हिसाब करके जरा बता दो आज हमें समझा करके । किस जंगल की थी वो लकड़ी गदा बना बलधारी का ? उस बढ़ई का नाम बताओ काम किया मिनकारी का ? वजन बता दो उस गदा का महावीर बलधारी का । कहे शिवनन्दन खोलो भेद , दिल से हटाकर संका का । जो दहन किया था लंका का ।
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मेरी सांझे तील दिखा दई कर दिया मकर कसार मेरी सांझे तील दिखा दई कर दिया मकर कसार मैं बखते बहैल बिठा दई कर दई लम्बे राह बादल तैं बादल अड़ रहा नन्ही पड़ैं फुहार बेहल का परदा भीजै री बुलदां का भीजै सिंगार पति का साफा भीजै री मेरे भी लगैं बौछार मेरी भी चूंदड़ी भीजै री पति का हरा रूमाल
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