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लीली लेमड़ी रे, लीलो नागरवल नो छोड़ लीली लेमड़ी रे , लीलो नागरवल नो छोड़ हे परभू परोड़ ना रे म्हारे घर उतारा करता जाओ उतारो नहीं करूँ रे के म्हारे घर सीता जूवे वाट सीता एकली रे के जूवे रामलखमण नी वाट लीली लेमड़ी रे , लीलो नागरवल नो छोड़ हे परभू परोड़ ना रे म्हारे घर दातन करता जाओ दातन नहीं करूँ रे के म्हारे घर सीता जूव...
gujarati-guj
सखी री मेरे उमड़ आये बदरा सखी री मेरे उमड़ आये बदरा आये आये री मेरे घर की तलवटी पहिला बधावा मेरे बाबुल बार दूजा बधावा मेरे माई जाये बीर बाप बधावे री सखी जन्म पाया बीर बधावे नौरंग चूंदड़ी तीजा बधावा सखी री मेरे ससुरे के बार चौथा बधावा मेरे लखपत जेठ के ससुर बधावे सखी री मैंने यह घर पाया जेठ बधावे सखी री मैंने आधा धन पाया...
haryanvi-bgc
आ जैहो बड़े भोर दही लै के (कार्तिक स्नान का गीत) आ जैहो बड़े भोर दही लै के , आ जैहो बड़े भोर । । टेक । । नें मानो कुड़री धर राखो , मुतियन लागी कोर । नें मानो मटकी धर राखो , सबरे बिरज कौ मोल । नें मानो चुनरी धर राखो , लिख है पपीहरा मोर । नें मानो गहने धर राखो , बाजूबंद हमेल । चंद्रसखी भज बालकृष्ण छब , छलिया जुगलकिशोर ।
bundeli-bns
दोई नेंनन की तरवारें दोई नेंनन की तरवारें , प्यारी फिरें उवारें । अलेमान , गुजराम सिरोही । सुलेमान झकमारे । ऐंचत बाढ़ म्याँन घूँघट की , दैकाजर की धारैं । ईसुर स्याम बरकते रइयो , अंधयारै उजयारै ।
bundeli-bns
मोर के मजुरवा केरा नाया कोहबर मोर के मजुरवा1 केरा2 नाया कोहबर । गंगा जमुनी3 बिछामन भेलइ हे ॥ 1 ॥ ताहि पइसी सुतलन दुलहा दुलरइता दुलहा । जवरे4 भये दुलरइतिन सुघइ5 हे ॥ 2 ॥ ओते सुतूँ , ओते सुतूँ दुलरइतिन सुघइ हे । घामे6 रे चदरिया मइला होय रे , नाया कोहबर ॥ 3 ॥ एतना बचनियाँ जब सुनलन दुलरइता सुघइ हे । चलि भेजन अपन नइहरवा रूस...
magahi-mag
पांच बाधावा म्हारे यां आवियाजी पांच बाधावा म्हारे यां आवियाजी पांचां री नवी , नवी भांत लसकरिया कम्मर कसिया भम्मर लारां लई चलोजी लारां चलो तो दासी थेंई बाजोजी घर हो केसरिया री नार सीता लंखी , आंबा बरनी , बादल बरनी मारूणी हठ छोड़ोजी
malvi-mup
97 वलौ बसतलाहि रिज़क अलअबादा1 रज खाए के मुसतिआं चाइयां नी कुलू वशरबू दा सी अमर होया ला तुसरे फू2 फुरमाइयां नी किथों पचण इहनां मुशटंडियां नूं नित खांवदे दुध मलाइयां नी रिज़क रब्ब देसी असीं उठ चले लगा करन हुण ऐड चवाइयां नी वमामिन बहिश्त फिलअरज3 होया आहे लै सांभ मझीं घर आइयां नी
panjabi-pan
गिली टलान चना डोना कलोमे एडो राधो बेटी गिली टलान चना डोना कलोमे एडो राधो बेटी गिली टलान चना डोना कलोमे एडो राधो बेटी गिली टलो चना डोना कलो ऐ गिली टलो चना डोना कलो ऐ टेयन टेंका बा बूलू टे अगरुये टेयन टेंका बा बूलू टे अगरुये टेयन टेंका बा बूलू टे अगरुये टेयन टेंका कुन्कर बे सिरिन बोचोयन डो राधो बेटी टेयन टेंका कुन्कर बे ...
korku-kfq
माँगे टीका लाड़ो माँगे, ए वोही न लाये बने माँगे1 टीका लाड़ो2 माँगे3 ए वोही4 न लाये बने5 । अच्छी नइहर बाली माँगे , वोही रँग काहे न लाये बने ॥ 1 ॥ नाको बेसर लाड़ो माँगे , वोही रँग काहे न लाये बने । अच्छी भइया पेयारी माँगे , वोही रँग काहे न लाये बने ॥ 2 ॥ कानो बाली6 लाड़ो माँगे , वोही रँग काहे न लाये बने । अच्छी अब्बा पेय...
magahi-mag
441 जिवें मुरशदां पास जा डिगन तालब तिवें सहती दे पांवदी हीर फेरे करीं सभ तकसीर मुआफ मेरी पैरी पवां ते मन्नीए नाल मेरे बखशे नित गुनाह खुदा सचा वंदे असंख गुनाह दे भरन बेड़े वारस शाह मनावड़ा असां आंदां साडी सुलह कराएगा नाल तेरे
panjabi-pan
पैले न्यूते पैले न्यूते, वेदमुखी बरमा पैले1 न्यूते2 पैले न्यूते , वेदमुखी बरमा , आज चैन्द बरमा जी को काज । तब न्यूते , तब न्यूते औजो को बेटा , आज चैन्द बढ़ैं3 को काज । आज न्यूती याले मैन हालदान4 की बाड़ी , आज चैन्द हलदी को काज , आज न्यूती यालेन मैन मंगल्यानी5 नारी , आज चैन्द मांगल को काज । आज न्यूती यालेन मैन साट्यों क...
garhwali-gbm
ए बहू आई असल गंवार ए बहू आई असल गंवार या तो सासू की गैल लड़ै सै सासू कहण लागी बहू उठ कै तैं पीस ले चूल्हा कासण और बुहारी उठ कै नै देले नै रोटी पोणी पाणी भरणा पड़ी पां पसार कै काया मेरी बा ने घेरी सांस ल्यूं मूं पाड़ कै बहू झुंझलाई बूढ़ी मारी है पछाड़ कै भाजो रै नगरी के लोगो बूढी बोली ललकार कै बुढिआ पड़ी ए पड़ी ससडै सै ...
haryanvi-bgc
सास गारी देवे सास गारी देवे , ननंद मुंह लेवे , देवर बाबू मोर । संइया गारी देवे , परोसी गम लेवे , करार गोंदा फूल । केरा बारी में डेरा देबो चले के बेरा हो ॥ आए बेपारी गाड़ी म चढ़िके । तो ल आरती उतारव थारी म धरिके हो ॥ करार . . . टिकली रे पइसा ल बीनी लेइतेंव । मोर सइकिल के चढ़इया ल चिन्ही लेइतेंव ग ॥ करार . . . राम धरे बर...
chhattisgarhi-hne
कदी दुनिया में रणधीर डर्या नहीं करदे कदी दुनिया में रणधीर डर्या नहीं करदे जिननै सै नहीं मरणा आन्दा उन नै हर कोई डर दिखलान्दा हरियाणा के वीर कदी डर्या नहीं करदे मौत तै डर्या करैं वे पापी जिन नै पाप करें हो काफी माफी की याचना वीर कर्या नहीं करदे
haryanvi-bgc
अरे मेरे करम के खारे जल गए अरे मेरे करम के खारे जल गए एअर मोमी दूदाभ अरे मेरे करम के सुनरा मर गए रूठ गए मनिहार बहू री मेरी मत रोवै मुझे लगा री लाल का दाग मां अरी धौले धौले पहर कपड़े राड़ा भेष भरावै अरी चले सूनरा के मेरी नाथे उतरवाये अरी देही जले जैसे कांच की भट्टी पकावे अरी बिच्छू ने मारा डंक लहर क्यूं न आवे अपना मन सम...
haryanvi-bgc
452 वफादार ना रन जहान उते लांदी शेरदे नक विच नथ नाहीं गधा नहीं कुलद1 मनखट2 खोजा अत खसरयां दो काई कथ नाही नामरद दी वार ना किसे गावी अते बुजदिलां दी काई सथ नाही जोगी नाल ना रन्न दा टुरे टूना रोज रोज थी चड़े अगथ नाही यारी सोंहदी नही सोहागना नूं रंडी रन्न दे सोहदी नथ नाही वारस शाह ओह आप है करनहारा इहना धदयां दे कुझ हथ नाही
panjabi-pan
रामी ‘बाटा गोड़ाई1 क्या तेरो नौं2 छ , बोल , बौराणि3 कख तेरो गौंछ4 ? ’ ‘बटोहीजोगी न पूछ मैकू । केकु पुछदि , क्या चैंद दवैकू ? रौतु5 की बेटि छौ , रामी नौछ । सेटु की ब्वारि छौं , पालि गौछ । मेरा स्वामी न भी छोड़ी घबर । निर्दयी ह्वे गैने मई पअर । ज्यूरा6 का घर नी जगा मैकू । स्वामि विछोह होयूं च जैंकू । रामी तैं स्वामी को य...
garhwali-gbm
रामचन्दर चललन बियाह करे रामचन्दर चललन बियाह करे , रिमिझिमि बादल हे । अरे रिखियन1 खबरि जनावउ2 कहाँ दल उतरत3 हे ॥ 1 ॥ परिछे बाहर भेली सासु त , सोना के डलनि4 लेले हे । अहे , किनकर5 आरती उतारू , कउन बर सुन्नर हे ॥ 2 ॥ साम6 बरन7 सिरीराम , त गोरही8 लछुमन हे । सिरी रामचन्दर के आरती उतारूँ , ओहि बर सुन्नर हे ॥ 3 ॥
magahi-mag
धरणी रीटे साँपीण धरणी रीटे साँपीण , अगाश रीटली शीणी , मणछ मगार लाणदो , विपता भगवान दीणी । हसा खाण , बांठी बुलाण , कोया न बाटुड़ लाणो । चार दिन मानछड़ो मरेय न अंयागौर जाणो । कूण कियो बांठो को मरीणो , कूणी दुबड़िया लायो रीण । पापी अपरादी ज्योंरा मेरा , न माणदो कसी की गीण ।
garhwali-gbm
विवाह गीत बेनी तारी हवेली मा हवा निहि लागे वो । हवा निहि लागे वो बेनि पंखो ढुलाइ दे । पंखो नि चाले तो बेनी रेडियो चालादू दे । बेनी तारी हवेली मा हवा निहि लागे । बनी तेरी हवेली में हवा नहीं लग रही है , पंखा चला दे । पंखा नहीं चले तो रेडियो चालू कर दे ।
bhili-bhb
नाई के रे नाई के ल्याइए कमला नैं नाई के रे नाई के ल्याइए कमला नैं कमला ध्यान राखिए पड्ढणै का कमला नै ल्यावै उसका बाप कमला ध्यान राखिए पड्ढणै का औरां की छोह्रियां पहरै सैंडल कमला पहरै काले सूट कमला ध्यान राखिए पड्ढणै का औरां की छोह्रियां पहरै फराकां कमला पहरै काले सूट कमला ध्यान राखिए पड्ढणै का नाई के रे नाई के ल्याइए क...
haryanvi-bgc
पति क्यो बैठया उदास रात दिन पति क्यो बैठया उदास रात दिन कई देवो दिल की बात १ पति कहे तीरीया से , तुमको कभी नई कण तीरीया मन में कभी नही राखे या खोटी तीरीया की जात . . . रात दिन . . . २ हट पड़ी तीरीया नही माने , अंन जरा नही खाये सब तीरीया काई सार की कब कई दिल की बात . . . रात दिन . . . ३ मणीया बाद भाई गयो रे बाद म , नही ...
nimadi-noe
377 अखी सामने चोर जे नजर आवे क्यों दुख विच आपनूं गालिए वे मियां जोगीया झूठियां करे गलां घर होण तां कासनूं भालिए वे अग बुझी नूं ढेरिआ1 लख दीजन बिना फूक मारी नहीं बालिए वे हीर वेखके तुरत पछाण लया हस आखदी बात समालिए वे सहती पास ना खोलना भेत मूले शेर पास ना बकरी पालिए वे देख माल चुरायके पया मुकर राह जांदड़े कोई ना भालिए वे...
panjabi-pan
थारो काई काई रूप बखाणूँ रनुबाई थारो काई काई रूप बखाणूँ रनुबाई , सौरठ देस सी आई ओ । । थारी अगळई मूंग की सेंगळई रनुबाई , सौरठ देस सी आई ओ । । थारो सिर सूरज को तेज रनुबाई , सौरठ देस सी आई ओ । । थारी नाक सुआ की रेख रनुबाई , सौरठ देस सी आई ओ । । थारा डोला निंबू की फाक रनुबाई , सौरठ देस सी आई ओ । । थारा दाँत दाड़िम का दाणा र...
nimadi-noe
हरी ए झंजीरी मनरा न पहरूं हरी ए झंजीरी मनरा न पहरूं मनरा हरा ए म्हारा राजा जी का बाग , सुलतानी जी का बाग मनरा तो मेरी जान चुड़ला तो हात्थी दांत का काली ए झंजीरी मनरा न पहरूं मनरा काला ए म्हारा राजा जी का सिर , सुलतानी जी का सिर मनरा तो मेरी जान चुड़ला तो हात्थी दांत का धोली ए झंजीरी मनरा न पहरूं मनरा धोला ए म्हारा राजा...
haryanvi-bgc
हमखों कर डारो बैरागी हमखों कर डारो बैरागी , रजऊ की आसा लागी । अपने जानें कभऊ नई भई धूनी बरै न आगी । इन हातन का दई दच्छिना हमने भिच्छया माँगी । फेरी देत रजऊ के लाने ईसुर बस्ती त्यागी ।
bundeli-bns
गांधी था सत का मतवाला गांधी था सत का मतवाला । सत का था उस नै परण पाला । । सचाई हाथ तै दी ना जाणे । चाहे प्राण पड़े थे गवांणे । । सत के बल पै अमरता पाई । सांच नै आंच ना लागण पाई । ।
haryanvi-bgc
टिकवा जे लइह राजा, बचवा लगाइ हो टिकवा1 जे लइह2 राजा , बचवा3 लगाइ हो । टिकुली जे लइह राजा , चमके लिलार हो । जलदी4 लउटिह5 राजा , जड़वा6 के दिनवाँ हो ॥ 1 ॥ हँथवा7 के फरहर8 धनि , मुँहवाँ के लाएक9 हो । से हो10 कइसे तेजब धनि , जड़वा के दिनवाँ हो । से हो कइसे तेजब धनि जड़वा के रतवा हो ॥ 2 ॥ कंठवा जे लइह राजा , सिकड़ी लगाइ हो ...
magahi-mag
दीवा कै मण रै दीवा कै मण दीवा कै मण रै दीवा कै मण गाल्या लोहरे तो कै मण जाल्या कोयला जे दीवा नौ मण रै दीवा नौ मण गाल्या लोहरे दीवा दस मण जाल्या कायला जे बात्ते रै तेरे बात्त घाल्यूं सवा सेर की घड़ीए उजेऊं तेलको जे भर चास्सूं रै भर चास्सूं म्हारै संकर की धनसाल घर प्यारे कै चांदणो जे भर चास्सूं रै भर चास्सूं म्हारे रामसि...
haryanvi-bgc
वाकी वळेण नद्दी बहे म्हारी सई हो वाकी वळेण नद्दी बहे म्हारी सई हो , सेळा जामुण की रे छाया । । व्हाँ रे बालुड़ो पाती तोड़ऽ रनुबाई डुबीडुबी न्हावऽ । न्हावतज् न्हावतज् धणियेरजी नऽ देख्यो , कसी पत दीसो हो जवाब । । हाथ जोड़ी नऽ सीस नवां म्हारी सई हो , नैणां सी दीसां जवाब । ।
nimadi-noe
भैया सो जा बारे बीर (लोरी) भैया सो जा बारे बीर बीर की निंदिया लागी , जमनाजी के तीर । । टेक । । आम से बांदो पालनों , पीपर से बांदी डोर । जों लो भैया सोवन न पाए , टूट गई लमडोर । । अब नें रोओ मोरे बारे बीरन नैनन बह गए नीर । । धीरेंधीरें आँख मूंद ले अब आ जैहे नींद । जब तक मोरो भैया सोहे झपट बनेंहो खीर । । तातीताती खीर बनैह...
bundeli-bns
जी हो ए ही रे दिवलो इन्द्र लुहार नऽ घड़ियो जी हो ए ही रे दिवलो , इन्द्र लुहार नऽ घड़ियो जेमऽ पुरव्यो सवा घड़ो तेल , सोन्ना की डांडी दिया हो बळऽ जी हाँ ए ही रे दिवलो , मजघर मऽ धर्यो , मजघर बठी म्हारी सदासुहागेण माय , सोन्ना की डांडी दिया हो बलळऽ जी हो ए ही रे दिवलो , मनऽ आरती मऽ धर्यो , आरती धरऽ म्हारी सदासुहागेण बैण , ...
nimadi-noe
जमुना किनारे मेरा घर है रे जमुना किनारे मेरा घर हैं रे गोपाल गागर भर दे रे जमुना जो तुम जानो श्याम , मैं हूँ अकेली सास ससुर मेरे संग हैं रे । गोपाल जो तुम जानो श्याम , मैं हूँ अकेली सात सखी मेरे संग हैं रे । जमुना . . . गोपाल गागर भर दे रे । जमुना . . . जो तुम जानो श्याम , मैं हूँ अकेली श्याम सुन्दर मेरो वर है रे । जमु...
bundeli-bns
126 झगड़ डूम ते फतू कलाल दौड़े भोला चूहड़ा ते झंडू चाक मियां जा हीर अगे धुम घतीया ने बची कही उडाई आ खाक मियां तेरी मां तेरे उते बहुत गुस्से बाप करेगा मार हलाक मियां रांझा जा तेरे सिर आन बनी नाले आखदी मारीए चाक मियां सियालां फिकर कीता तेरे मारने दा गिणे आपनूं बहुत चलाक मियां तोता अम्ब दी डाली ते करे मौजां ते गुलेलड़ा पौ...
panjabi-pan
261 दिन चार बना सुका मुंदरां बाल नाथ दी नजर गुजारियां ने गुस्से नाल विगाड़ के गल सारी डरदे गुरु तो चा सवारियां ने जोरावरां दी गल है बहत औखी जान बुझके बदी वसारियां ने गुरु केहा सो ओहनां प्रवान कीता नरदां पुठियां ते बाजी हारियां ने घुट वट के सम्म बुकुंम1 नसुम्भ होई काई गल ना मोड़के सारियां ने लया उसतरा गुरु दे हथ दिता जो...
panjabi-pan
जोगीरा १ . दानापुर दरियाव किनारा , गोलघर निशानी लाट साहेब ने किला बनाया , क्या गंगा जल पानी जोगी जी वाह वाह , जोगी जी सार रा रा । दिल्ली देखो ढाका देखो , शहर देखो कलकत्ता । एक पेड़ तो ऐसा देखो , फर के ऊपर पत्ता , जोगी जी वाह वाह , जोगी जी सार रा रा । कौन काठ के बनी खड़ौआ , कौन यार बनाया है , कौन गुरु की सेवा कीन्हो , क...
bhojpuri-bho
घामू घामू तीसो तीसो एजेकेन जा आबा घामू घामू तीसो तीसो एजेकेन जा आबा मिया मिलटो धारना सुभान सुभाये घामू घामू तीसो तीस एजेकेन जा आबा मिया मिलटो गाधी लियेन सुभाये घामू घामू तीसो तीसो एजेकेन जा आबा मिया मिलटो मिगरी चुटी सुभाये घामू घामू तीसो तीसो एजेकेन जा आबा मिया मिलटो भानी टालान सुभाये भानी टालान चोजेमा सुभाये कौन जा इं...
korku-kfq
नानो सो चम्पो गंगा घर लगई आया नानो सो चम्पो गंगा घर लगई आया तेकी डाळ गई गुजरात ते अब घर आओ तीरथ वासी । नानो सो अम्बो गंगा घर लगई आया तेकी कैरी लगी लटलूम हे अब घर आओ तीरथ वासी । नानी सी गय्या गंगा घर धरी आया तेका जाया अक्खरनी समाय ते अब घर आओ तीरथ वासी । नानी सी कन्या , गंगा घर छोड़ी आया , तेका जाया पालणां नी समाय , ते ...
nimadi-noe
बेटी चन्नण दे ओले ओले क्यों खड़ी बेटी चन्नण दे ओले ओले क्यों खड़ी , नी जाईये , चन्नण दे ओले ओले क्यों खड़ी , मैं तां खड़ी सां बाबल जी दे पास , बाबलजी तों आस , बाबल वर लोड़ीये , नी बेटी कियो जया नी लाडो , कियो जया वर लोडिये , वे बाबल ज्यों तारयाँ विचों चान , चान्नां विच्चों कान्ह , कन्हयिया वर लोडिये , बेटी चन्नण दे ओले...
panjabi-pan
219 यारो ठग सयालां तहकीक1 जानो धीयां ठगनियां सब सिखांवदे ने कौल हार जवानां दे साक खोवन पयोंद2 होर धिर लांवदे ने पुत वेख सरदारां दे मोह लैदे एहनूं महींदा चाक बनंवदे ने दाड़ी शेख दी छुरा कसाइयां दा बैठ परे3 विच पैंच सदांवदे ने जट चोर ते यार ते राह मारन डडियां4 मोहदे सन्नां लांवदे ने वारस शाह एह जट नी सभ खोटे वडे ठग ए जट ...
panjabi-pan
मोरया आछो बोल्यो रे मोरिया आछो बोलियों रे ढलती रात ने मोरिया आछो बोलियों रे ढलती रात ने , रात ने , रात ने औ , म्हारे हिवडे में बेगी रे गुजार मोरिया आछो बोलियों रे ढलती रात ने
rajasthani-raj
हे इयां माय हाँ हे बा ऐनी कोनजई पराय डो माय हे इयां माय हाँ हे बा ऐनी कोनजई पराय डो माय हे इयां माय हाँ हे बा ऐनी कोनजई पराय डो माय हाँ हे इयां माय हाँ , ऐनी कोनजई चोज गेटी हाँ हे इयां माय हाँ , ऐनी कोनजई चोज गेटी डाके माय हाँ , ये इयां बा हाँ , इनी कोनजई चूज गेटी डाके माय हाँ , ये इयां बा हाँ , इनी कोनजई चूज गेटी डाके...
korku-kfq
आलमा ऊरान सिल्ला माजा बेटा आलमा ऊरान सिल्ला माजा बेटा आलमा ऊरान सिल्ला माजा बेटा सिल्ला लियेन नाइडो हिडायेन सिल्ला लियेन नाइडो हिडायेन सिल्ला लियेन चोजमा नाइ डाले डो आयोम सिल्ला लियेन चोजमा नाइ डाले डो आयोम स्रोत व्यक्ति नानी बाई , ग्राम भोजूढाना
korku-kfq
ससुरे परलोक क चुनरी नैहरवा संसार धूमिल भई ससुरेपरलोक क चुनरी नैहरवा संसार धूमिल भई राजा जी परमात्मा जैहें पहिचानि , करब हम कौन बहाना आवा गवन . . . मोरे पिछवारे रंगरेजवा बेटौना गुरु बीरन लागौ हमार , करब हम कौन बहाना आवा गवन . . . एक बोर मोरी बोरौ चुनरिया ज्ञान , भक्ति और कर्म के आलोक से मेरी आत्मा की शुद्धि कर दो राजा न...
awadhi-awa
397 खुआर खजलां रूलदियां फिरदिां सी अखीं वेखदयां होर दियां होर होइयां आप दुध दियां धोतियां नेकबख्तां अगे चोर दे असी नी चोर होइयां चोर चैधरी गुंडी परधान कीती ए उलट अवलायां जोर होइयां बदजेब1 तों कोझियां भैड़ मूंहियां अगे हुसन दे बागदियां मोर होइयां एह चुगल बलोचां दी टुंब डिठी मिा दोज घूठी मनखोर2 होइयां एहदी बनत देखो नाल न...
panjabi-pan
550 डाची शाह मुराद दी आन रिंगी ऊतों बोलया साई संवारीए नी शाला ढुक आवे हुश ढुक नेड़े आ चड़ी कचावे ते डारीए नी मेरी गई कतार कुराह घुथी कोई सेहर कीती टूने हारीए नी दाई सूई दी बोतड़ी एह डाची घिन छिक पलाने दी लाड़ीए नी वारस शाह बहिश्त दी मोरनी तूं एह फहरशतयां ऊंठ ते चाड़ीए नी
panjabi-pan
मृत्यु गीत पाप धरम की गाठड़ी रे दयाराम , गाठड़ी काहाँ उतारां रे जी ॥ गाठड़ी त ढोल्या नीचे उतारो रे , दयाराम भगवान लेखो मांगेगा ॥ भगवान लेखो त तुम पछ लीजो रे , हम त भूखा चली आया ॥ ताजा भोजन की थाली परसेली रे राम , कोई के जिमाड्या होय त जीमो राम निहिं ते भूख्या चली जाओ राम ॥ भगवान लेखो मांगे राम ॥ पाप धरम की गाठड़ी रे रा...
bhili-bhb
एसो के सावन मे जम के बरस रे बादर करिया एसो के सावन मे जम के बरस रे बादर करिया , यहू साल झन पर जाय हमर खेत ह परिया ॥ महरमहर ममहावत हाबे धनहा खेत के माटी ह , सुवा ददरिया गावत हाबे , खेतहारिन के साँटी ह ॥ उबुकचुबूक उछाल मारे गाँव के तरिया , यहू साल झन पर जाय हमर खेत ह परिया ॥ फोरे के तरिया खेते पलोबो , सोन असन हम धान उगाब...
chhattisgarhi-hne
बुड्या जवाई 1 . बुढ्याकू बेटि क्या देणि छ मुणडमा आपदा लेणि छ , वर्ष द्वी मांज मरि जाँदो छै छोरि1 कू रांड करि जांदो छ । 2 . मुर्खलो2 खोसि जब रोंदी वा दुःख का बैन यना बोदि वा , बाबा जी तुमन क्यों सैंत्यो मैं फेंकणया होइ कनु व्वेकु मैं । 3 . माजि तिन कोखि क्यों राख्यो मैं होंद ही केकु नी फेंक्यो मैं , केकुतैं लाड़ करि पाल...
garhwali-gbm
केसर भई राधिका रानी केसर भई राधिका रानी , गलन गलन मिहकानी । चम्पा , जुही केतकी बेला ललत बेल लिपटानी जिनसें भौत तड़ंगें उठतीं ज्यों गुलाब कौ पानी । ईसुर किसनचन्द मधुकर नें लइ सुगन्द मनमानी ।
bundeli-bns
परबत उपर नेमुआ चनन केर गाछ परबत उपर नेमुआ चनन1 केर गाछ , लिखूँ कोहबर । ताहि तर दुलरइता दुलहा खेलइ जुगवा सार2 लिखूँ कोहबर ॥ 1 ॥ किया तोंहे अजी बाबू , खेलबऽ जुगवा सार , लिखूँ कोहबर । तोहरो दुलरइतिन सुघवे3 नइहरवा भागल जाय , लिखूँ कोहबर ॥ 2 ॥ जाय देहु जाय देहु , अम्माँ जी के पास , लिखूँ कोहबर । उनको पीठी4 बजतइन5 सुबरन केर ...
magahi-mag
लका मे हनुमान अलबेले राम लंका में हनुमान , अलबेले राम काहे को सोटा काहे को लंगोटा काहे चढ़ा दूं चोला । सोने को सोटा , लाख को गोटा सेंदुर चढ़ाय दऊं चोला । बनबन भटके फिरत अकेले डाले फूलन को सेला । लंका में . . . । काहे को मुकुट , काहे को मुस्टक काहे को बनहै झेला । सोने को मुकुट , चंदन की मुस्टक फूलों का डाले झेला । लंका ...
bundeli-bns
528 सैदें मार बुकल पचाड़की1 बधी जुती झाड़के डांग लै कड़कया ए वाहो दाह चलया खड़ी बांह करके वांग कटकूं2 माल ते सरकया ए काले बाग विच जोगी दे जा वड़या वेखके जट नूं तड़कया ए खड़ा हो माही मुंढे खान आवे नाल भांवड़े शोर कर मड़कया ए सैंदा संग के खड़ा थर थर कंबे उसदा अंदरों कालजा धड़कया ए चली रब्ब दे वासते जोगिया ओए खार विच कलेज...
panjabi-pan
एक दिन होगा ढेर मैदान में एक दिन होगा ढेर मैदान में , किस गफलत में फिर रहा सै । सब बातां नै भूल जायेगा , जब आवैगा बखत अखोरी । माता बहनां धौरा धरजां , उल्टी हटजा अरज सरीरी । यम के दूत पकड़ कै लेजां , हाथां में तेरे घाल जंजीरी । एैल फेल नै भूल जायेगा , रेते में रल जां ठाठ । सीस पकड़ कै रोवैगा , रै कुनबा हाजा बारह बाट । न...
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भजन टेक हारे सतगुरू का भरम नी पायो रे , लियो रतन कोख अवतार रे । चौक1 आठ मास नव गर्भ रयो रे । हंसा कोन पदारथ लायो रे । आरे हंसा कोन पदारथ लायो रे । कितना पुन से आयो मोरे हंसा , ऐसो काई नाम धरायो रे । लियो रतन कोख अवतार रे । चौक2 दान पुन प्रणाम कियो रे हंसा , वइ काया संग लायो रे । इतना पुन से आयो मोर हंसा , ऐसो हीरा नाम ...
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नौ नौ नौरते संझा माई के नौ नौ नौरते संझा माई के सोलां कनागत पितरां के उठ माई बैठ माई खोल दे पाट मैं आई तने पूजण ने पूज पिछोकड़ कै फल लागे भाई भतीजे पूरे पंचास कड़वी कचरी कड़वी बेल पूत फलियां तेरी बेल मक्का देरी मक्का द तेरे आये बोहड़िआ धक्का दे
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104 मलकी आखदी लड़यों ना नाल चूचक कोई सुखन1 न जीउ ते लावना ई केहा मापियां पुतरां लड़न हुंदा तुसां खटना ते असां खावना ई छिड़ माल दे नाल मैं घोल घती रातीं सांभ मझीं घरीं आवना ई तूं ही चोय के दुध जमावना ईं तूं ही हीर दा पलंघ वछावना ई कुड़ी कल दी तेरे तों रूस बैठी तूं ही उस नूं आ मनावना ई मंगू माल ते हीर सयाल तेरी नाले घूरन...
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मिट्ठड़ा ना लगदा शोर प्यारिआ सानूँ मिट्ठड़ा ना लगदा शोर । हुण मैं ते राजी रैहनाँ , प्यारिआ सानूँ मिट्ठड़ा ना लगदा शोर । मैं घर खिला सगूफा होर , वेक्खिआँ बाग बहाराँ होर हुण मैनूँ कुझना कैहणा । प्यारिआ सानूँ मिट्ठड़ा ना लगदा शोर । हुण मैं मोई नी मेरीए माँ , पूणी मेरी लै गया काँ , डों डों करदी मगरे जाँ , पूणी दे दई साईं द...
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89 मांउ हीर दी ते लोक करन चुगली तेरी मलकिए धीउ बेआब1 है नी असीं मासियां फुफियां लज मोइयां साडा अंदरों जी कबाब है नी चाक नाल दे नेहुं लगाया सू अठे पहर रहिंदी गरकाब2 है नी तेरी कुड़ी दा मगज है बेगमां दा वेखो चाक जोउ फिरे नवाब है नी वारस शाह मुंह उंगलियां लोक घतन चढ़ी हीर नूं लोढ़े दी खराब3 है नी
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मोती बारे हैं, बेर बेर मोती बारे हैं मोती बारे हैं , बेर बेर1 मोती बारे हैं । दादा के घोड़े चढ़ि आए नवसा2 दुलहा । दादी दरवाजे लगि खड़ी हैं , मोती बारे हैं ॥ 1 ॥ नाना के घोड़े चढ़ि आए नवसा दुलहा । नाना के हाथी चढ़ि आए नवसा दुलहा । नानी दरवाजे लगि खड़ी हैं , मोती बारे हैं ॥ 2 ॥ अब्बा के घोड़े चढ़ि आए नवसा दुलहा । अम्मा द...
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लंगुरिया - १ करिहां चट्ट पकरि के पट्ट नरे में ले गयो लांगुरिया ॥ टेक ॥ आगरे की गैल में दो पंडा रांधे खीर , चूल्ही फ़ूंकत मूंछे बरि गयीं फ़ूटि गयी तकदीर ॥ करिहां ॥ आगरे की गैल में एक लम्बो पेड खजूर , ता ऊपर चढि के देखियो केला मैया कितनी दूरि ॥ करिहां ॥ आगरे की गैल में एक डरो पेंवदी बेर , जल्दी जल्दी चलो भवन को दरशन को ह...
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585 अफसोस मैंनूं आपणी नाकसीं1 दा गुनाहगार नूं हशर दे सूर दा ए एना मोमनां खौफ ईमान दा ए अते हादियां बैंत मंसूर दाए सूबेदार नूं तलब सपाह2 दा ए अते चाकरां काट कसूर दा ए सानूं शरम ईमान वा खौफ रहिंदा जिव मूसा नूं खौफ कोहतूर3 दा ए इन्हां गाजियां4 करम बहिश्त होवे ते शहीदां नूं वायदा हूर दा ए एवे बाहरों शान खराब विचों जिवे ढोल...
panjabi-pan
140 कैदो लथड़ी तफड़ी खून वंिदे कूक बाहुड़ी ते फरयाद मियां मैंनूं मारके हीर खबार कीता पैंचो पिंड दयो देहो खां दाद मियां कफनी पाड़ बादशाह दे जा दसां मैं तां पटसुटां बुनयाद मियां मैं बोलनों न रिहा सच पिछे झगी कूक कीता बे आबाद मियां चो झगड़िये चल के नाल चूचक एह गल न जाये बरब्बाद मियां वारस शाह अहमकां1 नूं बिना फट खाधे नहीं...
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होड़ा सांही घोड़ा पालंगो डो आयोम डी पालंगो आम सुबाय होड़ा सांही घोड़ा पालंगो डो आयोम डी पालंगो आम सुबाय होड़ा सांही घोड़ा पालंगो डो आयोम डी पालंगो आम सुबाय होड़ा सांही घोड़ा पालंगो डो आयोम डी पालंगो आम सुबाय इयां पालंगो बाने जा बेटा आमा रानी का भौरा पालंगो इयां पालंगो बाने जा बेटा आमा रानी का भौरा पालंगो इयां पालंगो बा...
korku-kfq
बारहमासा प्रथम मास असाढि सखि हो , गरज गरज के सुनाय । सामी के अईसन कठिन जियरा , मास असाढ नहि आय ॥ सावन रिमझिम बुनवा बरिसे , पियवा भिजेला परदेस । पिया पिया कहि रटेले कामिनि , जंगल बोलेला मोर ॥ भादो रइनी भयावन सखि हो , चारु ओर बरसेला धार । चकवी त चारु ओर मोर बोले दादुर सबद सुनाई ॥ कुवार ए सखि कुँवर बिदेश गईले , तीनि निसान...
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देखत स्याम माँग पै मोये देखत स्याम माँग पै मोये , गोला मुख पै गोये फन्दन फन्द फूल बेला कौ , बीचन बीच बिदोये । बेनी जलद चार कय केरत , तिरवेंनी सें धोये , उठत पराग अतर पटिया की , गये सरवोर निचोये । ईसुर उतै प्राण की परवी मन लै चली चितौये ।
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आ गई रे बरसात सुहानी आ गई रे बरसात सुहानी चारऊ ओर भई हरियाली , धरती ने पहिरी चूनर धानी । आ गई . . . झूला पड़ गओ डालीडाली आम पे बोले कोयल रानी । आ गई . . . रिमझिमरिमझिम मेहा बरसे , ताल तलैयन भर गयो पानी । आ गई . . . दादुर मोर पपीहा बोलो , कैसी प्यारी ऋतु ये लुभानी । आ गई . . .
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सुण सुण मौसा सुणी’क नां सुण सुण मौसा सुणी’क नां तनै मेरी मौसी गैहणै धरी’क नां सुण सुण मौसा सुणी’क नां दिल्ली में सोना पाया’क नां सुण सुण मौसा सुणी’क नां तनै लट्ठे की चादर पाई’क नां सुण सुण मौसा सुणी’क नां तनै टूम घड़णनै सुनरा पाया’क नां सुण सुण मौसा सुणी’क नां रोहतक में बाजा मिला’क नां सुण सुण मौसा सुणी’क नां
haryanvi-bgc
390 हीर आखदी एस फकीर नूं नी केहा घतयो गैर दा वायदा नी इनां आजजां नूं पई मारनी ए एस जीवने दा क्या फायदा नी अल्ला वालयां नाल की बैर चायो भला कुआरीए एह बुरा कायदा नी पैर चुम्म फकीर दे टहल कीजे एस कम्म विच खैर दा जायदा1 नी पिछों फड़ेंगी कुतका जोगिड़े दा कौन जानदा केहड़ा जायदा नी वारस शाह फकीर जे होण गुसे खौफ शहर नूं कहर वब...
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गहनो दे घरवाई मरद ते कह लुगाई गहनो दे घरवाई मरद ते कह लुगाई इन लोटन में आग लगादे मेरा गुलीबन्द घरवादे गहनो दे घरवाई मरद ते कह लुगाई गुलीबन्द है खाजा चपरा , आच्छे कीमती लादूं कपरा सारी दे मंगवाई मरद ते कहे लुगाई
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चोका चावल पीला हलदी झूडो बाईकेन न्यूटा कूले चोका चावल पीला हलदी झूडो बाईकेन न्यूटा कूले झूडो बाई डो झूडो बाई हो सारी राटे बलटन बाई केन नारुयेरे चोका चावल पीली हलदी बुलुरी बाई केन न्यूटा कूले बुलुरी बाई डो बुलुरी बाई डो सारी राटे बलटन बाईकेन नारुयेरे चोका चावल पीली हलदी सोसो बाईकेन न्यूटा कूले सोसो बाई डो सोसो बाई डो सा...
korku-kfq
हैं घूंघर वाले बाल मेरे ललना के हैं घूंघर वाले बाल मेरे ललना के । ताऊ भी रहसा बाबा भी रहसा , रहसा सब परिवार मेरे ललना का , हैं घूंघर वाले बाल मेरे ललना के । जीजा जी रहसा मामा भी रहसा , रहसा सब परिवार मेरे ललना का , हैं घूंघर वाले बाल मेरे ललना के । बूआ लाई उसका कुर्ता टोपी , फूफा लाया गलहार मेरे ललना का , हैं घूंघर वाल...
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बसन्त कौ प्यार क्वाँरी मनबगिया कोयलिया कूक रई , बिरछन नें कर लऔ सिंगार , झूमे नए फूलन के हार । दूर हरी खेतन में बगरी है भाँग , गंध झरत केवरे सें झूम रई डाँग , होंन लगे रागरंग आ गई बहार , नदिया की निरमल भई धार । अनहोंनी बात भई सोंने में बास , धरती पै होंन लगो महुअन कौ रास । नाँनीँ रसबुँदियन की बरसै फुआर , रूपेसौ हो गऔ स...
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मेनू हीरे हीरे आखे हाय मेनू हीरे हीरे आखे हाय नी मुंडा लम्बरा दा , मेनू वांग शुदैयाँ छनके हाय नी मुंडा लम्बर दा , नी मुंडा लम्बर दा सुबा सवारे उठ नदिया मैं जानी आ मल मल दही दियाँ फुटियां नहौनियां , नी उहदे पाणी च सुनींदे हासे , हाय नी मुंडा लम्बरा दा , मेनू वांग शुदैयाँ छणके मुंडा लम्बर दा हाय नी मुंडा लम्बरा दा , सुबा...
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दूरि गमन से अयलन कवन दुलहा दूरि गमन1 से अयलन कवन दुलहा , दुअराहिं भरि गेल साँझ2 हे । केने3 गेल , किआ भेल सुगइ कवन सुगइ , कोहबर के करू न विचार हे ॥ 1 ॥ एक हम राजा के बेटी , दूसरे पंडितवा के बहिनी , हम से न होतइ बिचार हे । अतना बचनियाँ जब सुनलन कवन दुलहा , घोड़े पीठे भेलन असवार हे ॥ 2 ॥ अतना बचनियाँ जब सुनलन कवन सुगइ , प...
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523 सद मांदरी खेड़यां लख आंदे फकर वैद ते नाल मदारियां दे तिरयाक अकबर अफलातून वाला दारू वडे फरग पसारियां दे जिनहां जात हजारे दे सप कीले घत आंदे ने विच पटारियां दे गडे लख ताविज ते धूप हरमल सूत आंदे ने कंज कुआरियां दे कोई अक चवा खवा गंडे नागदौण1 ते पान सुपारियां दे तेल मिरच ते बूटियां दुध पैसे घिओ देंदे ने नाल खुआरियां दे...
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427 रांझा खायके मार फिर गरम होया मार मारया भूत फतूर दे ने वेख परी दे नाल खम1 मारया ए उस फरिशते बैत मामूर2 दे ने कमर बन्न के पीर नूं याद कीता लाई थापना मलक हजूर दे ने डेरा बखशी दा मारके लुट लया फते पाई पठान कसूर दे ने वारस शाह जां अंदरों गरम होया लाटां छटियां ताओ तनूर दे ने
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दादा जीए, दादी जीए, आउर सभ लोग दादा1 जीए , दादी2 जीए , आउर3 सभ लोग । मोरे लाला के गोरेगोरे गाल ॥ 1 ॥ कुरता चूमूँ , टोपी चूमूँ , चूमूँ उनकर गाल । मोरे लाला के भुअरेभुअरे4 बाल ॥ 2 ॥
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जायगो हऊ जाणी रे मन तूक जायगो हऊ जाणी रे मन तूक १ पाँच तत्व को पींजरो बणायो , जामे बस एक प्राणी लोभ लालूच की लपट चली है जायगो बिन पाणी . . . रे मन तू . . . २ भुखीयाँ के कारण भोजन प्यारा , प्यासा के कारण पाणी ठंड का कारण अग्नी हो प्यारी नही मिल्यो गुरु ज्ञानी . . . रे मन तू . . . ३ राज करन्ता राजा भी जायगा , रुप निखरती ...
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कोई सात जणी पाणी जायं री कोई सात जणी पाणी जायं री कोई कुएं रही मंडलाए री मनै बदो महीनो फागण को एरी एरी कोई अगली के कांटो लागियो फिर सातों रही मंडराए री मनै बदो महीनो फागण को एरी एरी कैं तैरो कांटो काढियो कैं तेरो पकड़ो पांय री मनै बदो महीनो फागण को एरी एरी कोई नाई का ने कांटो काढियो मेरा देवर पकड़ो पांय री मनै बदो महीन...
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जौ लों जग में राम जियावैं जौ लों जग में राम जियावैं । जे बातें बरकावै । हात पाँव दृगदाँत बतीसउ सदा एक से राबैं । ना रिन ग्रेही करै काऊ खाँ ना घर बनौ मिटावै । आपुस की बनी नइँ बिगरै कुलै दाग ना आवै । इतने में कुछ होय ईसुरी बिना मौत मर जावै ।
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विदाई गीत बनी झाझा भाई ने भेले रमतेली वो । बनी पीपल छांया मा रमतेली वो । बनी झाझी वयण भेले रमतेली वो । बनी झाझी भोजाई ने भेले रमतेली वो । बनी झाझी फुई ने भेले रमतेली वो । वर पक्ष की ओर से दुल्हन को कहा जाता है कि यह पीपल का वृक्ष बहुत पुराना है । इस पीपल की ठंडी छाया में बहुत से भाई , भौजाई , बुआ , बहन के साथ खेलती थीं...
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लग रही आस करूँ ब्रजवास लग रही आस करूँ भजन करूँ और ध्यान धरूँ , छैया कदमन की मैं ॥ सदा करूँ सत्संग मण्डली सन्त जनन की मैं ॥ लग . पलकन डगर बुहार रेणुका ब्रज गलियन की मैं । अभिलाषी प्यासी रहें अँखियां हरि दरसन की मैं । भूख लगै घरेघर तै भिक्षा करूं द्विजन की मैं । गंगाजल में धोय भेट धरूँ नन्दनन्दन की मैं ॥ शीतल प्रसादहि पा...
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भाग हमारा जागीयाँ तुम म्हारी नौका धीमी चलो , आरे म्हारा दीन दयाला १ जाई न राम थाड़ा रयाँ , जमना पयली हो पारा नाव लावो रे तुम नावड़ा आन बैगा पार उतारो . . . . तुम म्हारी . . . . . . . . २ उन्डी लगावजै आवली , उतरा ठोकर मार सोना मड़ाऊ थारी आवली रूपया न को रास . . . . तुम म्हारी . . . . . . . . ३ निरबल्या मोहे बल नही , मोह...
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तू परेम के रंग मैं रंग दे चोला आण रे बनवारी तू परेम के रंग मैं रंग दे चोला आण रे बनवारी तू रंग जोगिआ रंग दे सेवक जाण रे बनवारी राम नाम की चाल जमी हो सिव संकर की बूटी हो भू गुरवो की डोर पड़ी हो किलफां जिसकी छटी हो ग्वाल बाल गोपाल हो संग में ग्वालन की दधि लूटी हो देख कै चोला मोरा जोगिआ आसा तिरसना टूटी हो फिर पहर कै चोला ...
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हमाओ बीघन कौ परिवार हमाओ बीघन कौ परिवार चलाबैं कैसें हम करतार दयानिध कर दो बेड़ा पार । तनकसौ घर भारी किल्लूर डरन के मारैं रत हम दूर एक जौ चटा चाट रओ चाट एक जौ पड़ा पटक रओ खाट । एक जौ खड़ौ खुजा रऔ खाज एक जो मुरा , मुरा रऔ प्याज एक जौ सिड़ी सुड़क रऔ नाक एक जौ चड़ौ टोर रओ छाज एक जे लला बुआ रए लार मताई कानों करै समार हारकै...
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घोलो री नंणद मेंहदी के पात घोलो री नंणद मेंहदी के पात रगड़ रचाओ मेंहदी जी राज नणद रचाए हाथ और पां हम नै रचाई चिटली आंगली जी राज झूठी सी रची हाथ और पां जुलम रची सै चिटली आंगली जी राज नहा ले री धो ले कर ले सिंगार पट्टी झूला ले सच्चे मोतियां की राज होली री भावज म्हारे री साथ आज मिला दूं बीरा आपणै ते जी राज खोलो रे बीरा बज...
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आवे अचक मेरी बाखर में आवे अचक मेरी बाखर में , होरी को खिलार ॥ डारत रंग करत रस बतियाँ , सहजहि सहज लगत आवे छतियाँ । ये दारी तेरौ लगवार ॥ होरी को . आवै . जानत नाहिं चाल होरी की , समझत बहुत घात चोरी की । आखिर तो गैयन को ग्वार ॥ होरी को . आवै . गारी देत अगाड़ी आवै , आपहु नाचै और मोहि नचावै । देखत ननदी खोले किवार ॥ होरी को ....
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कोई नी मिल्यो म्हारा देश को कोई नी मिल्यो म्हारा देश को , आरे केक कहूँ म्हारा मन की १ देश पति चल देश को , आरे उने धाम लखायाँ चिन्ता डाँकन सर्पनी काट हुंडी हो लाया . . . कोई नी . . . २ मन को हो चहु दिश छोड़ दे , आरे साहेब ढूँढी लावे ढूँढे तो हरि ना मिले आरे घट में लव हो लागे . . . कोई नी . . . ३ लाल कहू लाली नही , आरे ज...
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काये कटोरी में बटणां काये कटोरी में तेल काये कटोरी में बटणां काये कटोरी में तेल रूप कटोरी में बटणां , सूण कटोरी में तेल हठ म्हारी लाडो बैठी बटणा तेरी लाडो मां सुहागण पांय ना दे छीकै पांय ना दे पांय ना दे सुहागण अणन्द बधावा हो तेरी लाडो सास छिनलिया छीकै पाएं धरैगी रिपट पड़ेगी टूटैं सोकण के हाड काहे कटोरी में बटणां काहे ...
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नानी-सी मांजरी मालवऽ गई मालव सी लाई माटी नानीसी मांजरी मालवऽ गई , मालव सी लाई माटी , माटी का बणाया हत्थी , हत्थी चलऽ आणा बाणा , माटी का माय टुलेक दाणा ।
nimadi-noe
ढोटका उटू बबा जोम ढोटका उटू बबा जोम ढोटका उटू बबा जोम ढोटका उटू बबा जोम ढोटका उटू बबा जोम डे जुडी म बकी मडी डे जुडी म बकी मडी डे जुडी म बकी मडी डे जुडी म बकी मडी स्रोत व्यक्ति परसराम , ग्राम लखनपुर
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होजी कचेरी रा पड़दा खोल दो होजी कचेरी रा पड़दा खोल दो देखण दो फलाणा राज रा भीम होजी उन राया रो कई देखणो वे तो नमी रया हो उनके चीरां रे भार बधावोजी म्हें सुण्यो होजी रसोई रा पड़दा खोल दो म्हने देखण दो साजनिया री धीय बधावोजी म्हें सुण्यो होजी उन राणी रो कई देखणो वे तो नमी रया उनका चुड़िला रा भार नानी बऊ दबीरया केसरिया रे...
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पियवा जे चललन गोरखपुर, धनियाँ अरज करे हे पियवा जे चललन गोरखपुर , धनियाँ अरज करे हे । परभुजी , हमरा लइहऽ1 कँगनमा , कँगनमा हम पहिरब हे ॥ 1 ॥ अँगना खेलइते2 तोहें ननदी त भउजी से बचन बोले हे । भउजी , तोहरा के होतो नंदलाल , हमरा तोंही3 का4 देबऽ हे ॥ 2 ॥ तू हमर लउरी5 ननदिया , आउर6 सिर साहेब हे । हम देबो गोरखपुर के कँगना , होर...
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बाडीवाला बाडीखोल बाडी की किँवाडी खोल दूब लाने का गीत बाडीवाला बाडीखोल बाडी की किँवाडी खोल , छोरियाँ आई दूब लेणथे कुण्याजी री बेटी हो , कुण्याजी री भेँण हो , के थारो नाम है , म्हेँ बिरमादासजी री बेटी हाँ , ईसरदासजी री भेँण हाँ , रोवाँ म्हारो नाम है ।
nimadi-noe
बोया बोया री मां मेरी बणी बोया बोया री मां मेरी बणी आला खेत खेत रूखाली मैं गई राही राही री मां मेरी दो पंछी जायं एक गोरा एक सांवला जी गोरा जी मां मेरी राही जा सांवल म्हारे खेत में री ‘के रे सांवल भूला सै राह के तेरी ब्याही बाप कै जी ‘ना मैं है सुन्दर भूला सूं राह न मेरी ब्याही बाप कै जी’ ‘हम तै हे सुन्दर तेरे लगवाल बाप...
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बनी ए थारे बाबा जी से कहियो बनी ए धारे बाबा जी से कहियो रंगावै पंचरंगी चूंदड़ी पोत सत संगत मंगवाइयो गोटा ग्यान गोरखरू लगाइयो बूटी राम नाम गिरवाइयो ओढ़ो ओढ़ो ए सुहागण पति भरतारी चूंदड़ी बनी ए थरे ताऊ जी से कहयो रंगावै पंचरंगी चूंदड़ी पोत सत संगत मंगवाइयो गोटा ग्यान गोरखरू लगाइयो बूटी राम नाम गिरवाइयो , ओढ़ो ओढ़ो ए सुहाग...
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पूजा गोवर्धन की करि लै अरी तेरे सब संकट कटि जायें , पूजा गोवर्धन की करिलै ॥ टेक अड्डे पै भीर बड़ी हो , मोटर नाँय एक खड़ी हो । अरी तू चल दै चालम चाल , पूजा गोवर्धन की करिलै ॥ अरी . जा मानसी गंगा नहियो , गिर्राज कूँ माथ नवइयो । और फिर परिकम्मा कू जाय , पूजा गोवर्धन की करिलै ॥ अरी . परिकम्मा में मिलें भिखारी , दीजो भिक्षा...
braj-bra
संझा बोलत माई हे किनकर घरे जाग संझा बोलत माई हे किनकर1 घरे जाग2 ॥ 1 ॥ कथि केर3 धियवा4 कथि केर बात5 । कथि केर दियवा6 जरइ7 सारी रात ॥ 2 ॥ सोने केर दियवा , कपासे केर बात । सोरही गइया8 के घियवा , जरइ सारी रात ॥ 3 ॥
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मैं तो पाडूं थी हरी हरी दूब मैं तो पाडूं थी हरी हरी दूब बटेऊ राही राही जा था तूं तो बहुत सरूपी नार गैल मेरी चालै ना मैं तो एक कहूंगी बात बटेऊ तूं सुणता जा तेरै मारूंगी जूत हजार बटेऊं तूं गिणता जा मेरे बाबुल के घर का बाग मेवा तो रुत की सै मेरे भाई भतीजे साठ कुआं म्हारा घर का सै
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