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पाँच-पाँच पनवाँ के बिरवा त बिरवा सोहामन जी
पाँचपाँच पनवाँ के बिरवा1 त बिरवा सोहामन जी ।
अजी ननद , एहो बिरवा भइया जी के हाथे त मैया के मनावहु जी ॥ 1 ॥
कि अजी भउजी , नाउन2 , कि अजी भउजी , भाँटिन ।
कि अजी भउजी , तोरा बाप के चेरिआ जी ॥ 2 ॥
न एजी ननद , नाउन , न एजी ननद , भाँटिन ।
न एजी ननद , मोरा बाप के चेरिया जी ।
अजी ननद ... | magahi-mag |
इक राँझा मैनूँ लोड़ीदा
इक राँझा मैनूँ लोड़ीदा ।
इक राँझा मैनूँ लोड़ीदा ।
कुनफअकूनो1 अग्गे दीआँ लगिआँ ,
नेहु ना लगड़ा चोर दा ,
आप छिड़ जान्दा नाल मज्झी दे ,
सानूँ क्यों बेलिओं मोड़ीदा ?
इक राँझा मैनूँ लोड़ीदा ।
राँझे जेहा मैनूँ होर ना कोई ,
मिन्नताँ कर कर मोड़ीदा ।
इक राँझा मैनूँ लोड़ीदा ।
मान वालिआँ दे नैण सलौने ,
सूहा... | panjabi-pan |
राँझा जोगीड़ा बण आया
ऐस जोगी दी की निशानी ,
कन्न विच्च मुन्दराँ गल विच्च गानी ।
सूरत इस दी यूसफ सानी ,
इस अलफों अहल1 बणाया ।
राँझा जोगीड़ा बण आया ।
रांझा जोगी ते में जोगिआणी ,
इस दी खातर भरसाँ पाणी ।
ऐवें पिछली उमर विहाणी ,
ऐस हुण मैनूँ भरमाया ।
राँझा जोगीड़ा बण आया ।
बुल्ला सहु दी एह गल बणाई ,
प्रीत पुराणी शोर मचाई ।
... | panjabi-pan |
242
नाथ वेख के बहत मलूक चंचल अहल तबा1 ते सोहना छैल मुंडा
कोई हुसन दी कान उशनाक2 सुंदर अते लाडला मां ते बाप सदा
किसे दुख ते रूस के उठ आया अते किसे दे नाल पै गया धंदा
नाथ आखदा दस खां सच मैंथे तूं तां केहड़े दुख फकीर हुंदा | panjabi-pan |
होली गीत
टेक मचाई बृज में हरी होरी रचाई ।
चौक1 इत से हो आई सुगर राधिका
उत से कृष्ण कन्हाई ।
हिलमिल फाग रचिो फागण को ,
तो सोभा बरणि न जाई , लालजी ने होरी मचाई ,
बृज में हरि होरि रचाई
चौक2 राधा सेन दियो सखियन को , झुण्ड झुण्ड उठ आई ।
लपट झपट गले श्याम सुन्दर के , तो पर्वत पकड़ बनाई ।
लालजी ने होरी रचाई ।
बृज में हरि होरी... | bhili-bhb |
हथलेवो दादा को ए पोती कर हथलेवो कराइयो
हथलेवो दादा को ए पोती कर हथलेवो कराइयो
हथलेवो ताऊ की ए बेटी कर हथलेवो कराइयो
हथलेवो बाबल की ए बेटी कर हथलेवो कराइयो
हथलेवो भाई की ए भाण कर हथलेवो कराइयो
हथलेवो मामा की ए भाणजी कर हथलेवो कराइयो | haryanvi-bgc |
186
मुंडे मास चावल दाल दहीं धगड़ एह माहियां पालियां राहियां नूं
सभा चूहड़े चपड़े रज रहे राखे जेहड़े सी सांभदे वाहियां नूं
कासे चाक चोबर सीरी डंगरां नूं दहीं मुखपा जिउ दिसन बिलाइयां नूं
दाल शोरबा रसा मठा मंडे डूमां ढोलियां कंजरां नाइयां नूं | panjabi-pan |
दिल लोचे माही यार नूँ
दिल लोचे माही यार नूँ ।
इक्क हस्स हस्स गल्लाँ करदिआँ ,
इक्क रोन्दिआँ धोन्दिआँ मरदिआँ ,
कहो फुल्ली बसंत बहार नूँ ।
दिल लोचे माही यार नूँ ।
मैं न्हाती धोती रह गई ,
इक्क गन्ढ माही दिल बह गई ,
भा1 लाईए हार शिंगार नूँ ।
दिल लोचे माही यार नूँ ।
मैं कमली कीती दूतिआँ2 ,
दुक्ख घेर चुफेरे लीतिआँ ,
घर आ माही... | panjabi-pan |
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