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4 की उप-धारा 1 में निर्धारित 17 मदों (नियमावली) को प्रकाशित करना होगा।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है।
विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है।
किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है।
- ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा 22 सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है।
- सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन (513.49 KB)
| चार की उप-धारा एक में निर्धारित सत्रह मदों को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा बाईस सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम दो हज़ार पाँच के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन |
यूरोप में भारतीय समुदाय के लोगों को एक साथ लाने के उद्देश्य से हेग में तीसरे क्षेत्रीय मिनी-प्रवासी भारतीय दिवस आयोजित किया गया था। इस आयोजन का उद्देश्य संस्कृति, विरासत और परंपरा के क्षेत्रों में भारत और यूरोप के बीच सहयोग बढाना तथा भारत-यूरोपीय व्यापार और निवेश के अवसरों की तलाश करना था। इस कार्यक्रम में हेग नगरपालिका की भागीदारी के साथ-साथ नीदरलैंड के इंडो-डच संगठनों की ओर से सक्रिय सहयोग भी मिला। इस कार्यक्रम में 405 पंजीकृत आमंत्रित अतिथियों और 40 मीडिया कर्मियों सहित 535 लोगों ने भाग लिया।
अपने संबोधन में प्रवासी भारतीय कार्य मंत्री श्री वयालार रवि ने भारतीय अर्थव्यवस्था के लचीलेपन पर जोर देते हुए कहा कि भारत ने यूरोप के भारतवंशियों अथवा अप्रवासी भारतीयों के लिए सभी क्षेत्रों में व्यापक अवसरों की पेशकश की है।
डच के पूर्व प्रधानमंत्री और मुख्य अतिथि प्रो. रूड लूबर्स ने बताया कि किस प्रकार अंतर्राष्ट्रीय समुदाय राज्यों की स्वतंत्रता और संप्रभुता से अपना ध्यान हटाकर राज्यों की अंतर-निर्भरता की ओर केन्द्रित कर रहा है। उन्होंने कहा कि एक बहु-आयामी विश्व में भारत को महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी और भारतीय समुदाय सभ्यताओं को आपस में जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
(Release ID :777)
| यूरोप में भारतीय समुदाय के लोगों को एक साथ लाने के उद्देश्य से हेग में तीसरे क्षेत्रीय मिनी-प्रवासी भारतीय दिवस आयोजित किया गया था। इस आयोजन का उद्देश्य संस्कृति, विरासत और परंपरा के क्षेत्रों में भारत और यूरोप के बीच सहयोग बढाना तथा भारत-यूरोपीय व्यापार और निवेश के अवसरों की तलाश करना था। इस कार्यक्रम में हेग नगरपालिका की भागीदारी के साथ-साथ नीदरलैंड के इंडो-डच संगठनों की ओर से सक्रिय सहयोग भी मिला। इस कार्यक्रम में चार सौ पाँच पंजीकृत आमंत्रित अतिथियों और चालीस मीडिया कर्मियों सहित पाँच सौ पैंतीस लोगों ने भाग लिया। अपने संबोधन में प्रवासी भारतीय कार्य मंत्री श्री वयालार रवि ने भारतीय अर्थव्यवस्था के लचीलेपन पर जोर देते हुए कहा कि भारत ने यूरोप के भारतवंशियों अथवा अप्रवासी भारतीयों के लिए सभी क्षेत्रों में व्यापक अवसरों की पेशकश की है। डच के पूर्व प्रधानमंत्री और मुख्य अतिथि प्रो. रूड लूबर्स ने बताया कि किस प्रकार अंतर्राष्ट्रीय समुदाय राज्यों की स्वतंत्रता और संप्रभुता से अपना ध्यान हटाकर राज्यों की अंतर-निर्भरता की ओर केन्द्रित कर रहा है। उन्होंने कहा कि एक बहु-आयामी विश्व में भारत को महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी और भारतीय समुदाय सभ्यताओं को आपस में जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। |
मंत्री राजेंद्र गौतम ने शेल्टर में खाना खाकर देखा, जिसमें पाया कि भोजन ठीक नहीं था. जहां पर खाना बनता है वहां बहुत गंदगी थी.
नई दिल्ली. दिल्ली के महिला एवं बाल विकास मंत्री राजेंद्र पाल गौतम (Rajendra Pal Gautam) और दिल्ली महिला आयोग (Delhi Commission for Women) की अध्यक्षा स्वाति मालीवाल (Swati Maliwal) ने कमला नगर स्थित शेल्टर होम (Shelter Home) का औचक निरीक्षण किया. इस दौरान शेल्टर होम में कई समस्याएं पायी गईं जिन पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गये हैं.
निरीक्षण के दौरान शेल्टर होम में क्षमता से अधिक बच्चियां पायी गईं. छोटे से शेल्टर होम में 78 लड़कियां रह रही हैं. इसके अलावा शेल्टर होम के कमरे बेहद छोटे थे और वेंटिलेशन की कोई सुविधा नहीं थी. शेल्टर होम चारों तरफ से बंद है और जेल जैसा प्रतीत होता है.
इसके अलावा कोरोना (Corona) के दौर में सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क बेहद जरूरी है. ऐसे में टीम ने पाया कि अधिकतर बच्चों ने मास्क तक नहीं पहने हुए थे. छोटे-छोटे कमरों में बच्चों के बीच सामाजिक दूरी रखना भी लगभग असंभव है.
भीषण गर्मी के समय में भी दिन के वक्त शेल्टर के कूलर नहीं चलाए जाते और बच्चों को गर्मी में रहना पड़ता है. इसके अलावा बच्चियों के कमरे साफ नहीं थे, क्योंकि कमरों की सफाई के लिए कोई अतिरिक्त स्टाफ नहीं था. बच्चों को खुद ही अपना कमरा साफ करना पड़ता है. बच्चों के खेलने और मनोरंजन की कोई व्यवस्था नहीं है. बच्चों को हर वक़्त अंदर रखा जाता है और उन्हें बाहर निकलने की भी अनुमति नहीं है.
इसके अलावा मंत्री राजेंद्र गौतम और स्वाति ने शेल्टर में खाना खाकर देखा, जिसमें पाया कि भोजन ठीक नहीं था. जहां पर खाना बनता है वहां बहुत गंदगी थी और कुक ने मास्क और ग्लव्स भी नहीं पहने थे.
इसके अलावा लड़कियों के शेल्टर में खाना बनाने आने वाले कुक पुरुष थे. बच्चियों की सुरक्षा के मद्देनजर मंत्री ने शेल्टर होम को तुरन्त महिला कुक रखने के निर्देश दिए हैं. कोरोना के कारण बच्चों की पढ़ाई अब ऑनलाइन हो गई है. लेकिन इस शेल्टर में बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई के लिए पर्याप्त मोबाइल और कंप्यूटर भी नहीं मिले.
मंत्री राजेंद्र पाल गौतम शेल्टर होम की हालत को देख कर अधिकारियों को निर्देश दिए कि शेल्टर में बच्चों को साफ सुथरा और अच्छा पर्यावरण मिले. बच्चों की पढ़ाई और मनोरंजन को लेकर भी कदम उठाए जाएं. मंत्री ने 72 घंटे में अधिकारियों को एक्शन टेकन रिपोर्ट भी देने के निर्देश दिए हैं.
वहीं, शेल्टर की सुपरिटेंडेंट ने बताया कि कोरोना की दूसरी लहर के दौरान इस शेल्टर में रह रहे कई बच्चे संक्रमित भी हुए थे एवं कुछ को अस्पताल ले जाने की भी आवश्यकता पड़ी थी.
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अश्विन से पहले 4 बॉलर्स ने पिता-पुत्र को बनाया शिकार, पाकिस्तानी दिग्गज भी शामिल, कौन था इस कारनामे का सरताज?
| मंत्री राजेंद्र गौतम ने शेल्टर में खाना खाकर देखा, जिसमें पाया कि भोजन ठीक नहीं था. जहां पर खाना बनता है वहां बहुत गंदगी थी. नई दिल्ली. दिल्ली के महिला एवं बाल विकास मंत्री राजेंद्र पाल गौतम और दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्षा स्वाति मालीवाल ने कमला नगर स्थित शेल्टर होम का औचक निरीक्षण किया. इस दौरान शेल्टर होम में कई समस्याएं पायी गईं जिन पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गये हैं. निरीक्षण के दौरान शेल्टर होम में क्षमता से अधिक बच्चियां पायी गईं. छोटे से शेल्टर होम में अठहत्तर लड़कियां रह रही हैं. इसके अलावा शेल्टर होम के कमरे बेहद छोटे थे और वेंटिलेशन की कोई सुविधा नहीं थी. शेल्टर होम चारों तरफ से बंद है और जेल जैसा प्रतीत होता है. इसके अलावा कोरोना के दौर में सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क बेहद जरूरी है. ऐसे में टीम ने पाया कि अधिकतर बच्चों ने मास्क तक नहीं पहने हुए थे. छोटे-छोटे कमरों में बच्चों के बीच सामाजिक दूरी रखना भी लगभग असंभव है. भीषण गर्मी के समय में भी दिन के वक्त शेल्टर के कूलर नहीं चलाए जाते और बच्चों को गर्मी में रहना पड़ता है. इसके अलावा बच्चियों के कमरे साफ नहीं थे, क्योंकि कमरों की सफाई के लिए कोई अतिरिक्त स्टाफ नहीं था. बच्चों को खुद ही अपना कमरा साफ करना पड़ता है. बच्चों के खेलने और मनोरंजन की कोई व्यवस्था नहीं है. बच्चों को हर वक़्त अंदर रखा जाता है और उन्हें बाहर निकलने की भी अनुमति नहीं है. इसके अलावा मंत्री राजेंद्र गौतम और स्वाति ने शेल्टर में खाना खाकर देखा, जिसमें पाया कि भोजन ठीक नहीं था. जहां पर खाना बनता है वहां बहुत गंदगी थी और कुक ने मास्क और ग्लव्स भी नहीं पहने थे. इसके अलावा लड़कियों के शेल्टर में खाना बनाने आने वाले कुक पुरुष थे. बच्चियों की सुरक्षा के मद्देनजर मंत्री ने शेल्टर होम को तुरन्त महिला कुक रखने के निर्देश दिए हैं. कोरोना के कारण बच्चों की पढ़ाई अब ऑनलाइन हो गई है. लेकिन इस शेल्टर में बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई के लिए पर्याप्त मोबाइल और कंप्यूटर भी नहीं मिले. मंत्री राजेंद्र पाल गौतम शेल्टर होम की हालत को देख कर अधिकारियों को निर्देश दिए कि शेल्टर में बच्चों को साफ सुथरा और अच्छा पर्यावरण मिले. बच्चों की पढ़ाई और मनोरंजन को लेकर भी कदम उठाए जाएं. मंत्री ने बहत्तर घंटाटे में अधिकारियों को एक्शन टेकन रिपोर्ट भी देने के निर्देश दिए हैं. वहीं, शेल्टर की सुपरिटेंडेंट ने बताया कि कोरोना की दूसरी लहर के दौरान इस शेल्टर में रह रहे कई बच्चे संक्रमित भी हुए थे एवं कुछ को अस्पताल ले जाने की भी आवश्यकता पड़ी थी. . अश्विन से पहले चार बॉलर्स ने पिता-पुत्र को बनाया शिकार, पाकिस्तानी दिग्गज भी शामिल, कौन था इस कारनामे का सरताज? |
शॉर्टकटः मतभेद, समानता, समानता गुणांक, संदर्भ।
एक लैपटॉप सुवाह्य संगणक या लैपटॉप (अंग्रेजीःLaptop, Lap:गोद Top:ऊपर) या नोटबुक, एक व्यक्तिगत संगणक को कहते हैं जिसकी डिजाइन में इस बात का ध्यान रखा गया होता है कि इसे अपने साथ लाना-लेजाना आसान हो और जिसे गोद में रखकर काम किया जा सके। . हर वो वस्तु जिसे आसानी से उठा कर एक स्थान से दूसरे स्थान ले जाया जा सके सुवाह्य (पोर्टेबल) या वहनीय कहलाती है। सुवाह्य शब्द कई वस्तुओं के साथ प्रयोग किया जाता है। .
लैपटॉप और सुवाह्य आम में 0 बातें हैं (यूनियनपीडिया में)।
लैपटॉप 13 संबंध है और सुवाह्य 0 है। वे आम 0 में है, समानता सूचकांक 0.00% है = 0 / (13 + 0)।
यह लेख लैपटॉप और सुवाह्य के बीच संबंध को दर्शाता है। जानकारी निकाला गया था, जिसमें से एक लेख का उपयोग करने के लिए, कृपया देखेंः
| शॉर्टकटः मतभेद, समानता, समानता गुणांक, संदर्भ। एक लैपटॉप सुवाह्य संगणक या लैपटॉप या नोटबुक, एक व्यक्तिगत संगणक को कहते हैं जिसकी डिजाइन में इस बात का ध्यान रखा गया होता है कि इसे अपने साथ लाना-लेजाना आसान हो और जिसे गोद में रखकर काम किया जा सके। . हर वो वस्तु जिसे आसानी से उठा कर एक स्थान से दूसरे स्थान ले जाया जा सके सुवाह्य या वहनीय कहलाती है। सुवाह्य शब्द कई वस्तुओं के साथ प्रयोग किया जाता है। . लैपटॉप और सुवाह्य आम में शून्य बातें हैं । लैपटॉप तेरह संबंध है और सुवाह्य शून्य है। वे आम शून्य में है, समानता सूचकांक शून्य.शून्य% है = शून्य / । यह लेख लैपटॉप और सुवाह्य के बीच संबंध को दर्शाता है। जानकारी निकाला गया था, जिसमें से एक लेख का उपयोग करने के लिए, कृपया देखेंः |
गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने नई पीढ़ी को प्रोग्रामिंग और इंजीनियरिंग जैसे पारंपरिक क्षेत्रों के अलावा अन्य अवसरों पर विचार करने की सलाह दी। वह गूगल फॉर इंडिया कार्यक्रम में बोल रहे थे।
गूगल फॉर इंडिया इवेंट में, पिचाई ने भारत में चल रही तकनीकी प्रगति के बारे में बात की और प्रशंसा की कि कैसे देश विकसित हो रहा है और तकनीकी प्रगति का एक प्रमुख केंद्र बन रहा है। यह पूछे जाने पर कि इस समय तकनीकी क्षेत्र में प्रवेश करने के इच्छुक नए लोगों को आप क्या सलाह देंगे, प्रौद्योगिकी एक बड़ा क्षेत्र है, यह सिर्फ प्रोग्रामिंग और इंजीनियरिंग नहीं है।
उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर काम करने के लिए प्रौद्योगिकी के बारे में समग्र रूप से सोचना आवश्यक है, जो दूसरों के लिए भी अवसर पैदा करने में मदद करेगा।
इस अवसर पर पिचाई ने 'एआई' पर आधारित कई उत्पादों, परियोजनाओं और समाधानों की घोषणा की, जिन्हें जल्द ही भारत में लॉन्च किया जाएगा। पिचाई ने भारत की तेज गति वाली प्रौद्योगिकी ड्राइव की प्रशंसा की और भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए भारतीय ब्रांडों के साथ नई साझेदारी की घोषणा की।
| गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने नई पीढ़ी को प्रोग्रामिंग और इंजीनियरिंग जैसे पारंपरिक क्षेत्रों के अलावा अन्य अवसरों पर विचार करने की सलाह दी। वह गूगल फॉर इंडिया कार्यक्रम में बोल रहे थे। गूगल फॉर इंडिया इवेंट में, पिचाई ने भारत में चल रही तकनीकी प्रगति के बारे में बात की और प्रशंसा की कि कैसे देश विकसित हो रहा है और तकनीकी प्रगति का एक प्रमुख केंद्र बन रहा है। यह पूछे जाने पर कि इस समय तकनीकी क्षेत्र में प्रवेश करने के इच्छुक नए लोगों को आप क्या सलाह देंगे, प्रौद्योगिकी एक बड़ा क्षेत्र है, यह सिर्फ प्रोग्रामिंग और इंजीनियरिंग नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर काम करने के लिए प्रौद्योगिकी के बारे में समग्र रूप से सोचना आवश्यक है, जो दूसरों के लिए भी अवसर पैदा करने में मदद करेगा। इस अवसर पर पिचाई ने 'एआई' पर आधारित कई उत्पादों, परियोजनाओं और समाधानों की घोषणा की, जिन्हें जल्द ही भारत में लॉन्च किया जाएगा। पिचाई ने भारत की तेज गति वाली प्रौद्योगिकी ड्राइव की प्रशंसा की और भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए भारतीय ब्रांडों के साथ नई साझेदारी की घोषणा की। |
कोलकाता : पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार में मिग-27 के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद जांच का आदेश दिया गया है। इस जांच में नुकसान का आकलन किया जाएगा। अधिकारियों ने शनिवार को यहां इसकी जानकारी दी। विमान ने कोलकाता के हसीमारा बेस से लगभग अपराह्न 10. 20 बजे उड़ान भरी और अपराह्न 10. 30 बजे यह दुर्घटनाग्रस्त हो गया। पहले खबर यह थी कि इस हादसे में दो व्यक्तियों की मौत हो गई, लेकिन बाद में स्पष्ट हुआ कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है।
विमान का चालक सुरक्षित रूप से विमान से निकल गया था। आईएएफ के एक प्रवक्ता ने बताया, "इस दुर्घटना से इलाके में कुछ क्षति हुई है, लेकिन ज्यादा बड़ा नुकसान नहीं हुआ है। " सोवियत युग के कई विमान भारत में संचालित होते हैं, इनमें मिग-21, मिग-27 और मिग-29 विमान शामिल हैं। भारतीय नौसेना ने हाल ही में अपने लड़ाकू विमानों में मिग-29 के श्रृंखला को शामिल किया है।
तत्कालीन रक्षा मंत्री ए. के. एंटनी ने संसद में एक जवाब में कहा था कि अप्रैल 2012 तक भारत के 482 मिग विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गए हैं, जिसमें 171 पायलटों और 39 नागरिकों की मौत हो चुकी है। 2013-14 में दो मिग-29 और मिग-21 विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गए थे। एक विमान 2014 में जम्मू एवं कश्मीर में, जबकि दूसरा मिग-21 जनवरी में गुजरात के जामनगर के पास दुर्घटनाग्रस्त हुआ था।
NTIPL reserves the right to delete, edit, or alter in any manner it sees fit comments that it, in its sole discretion, deems to be obscene, offensive, defamatory, threatening, in violation of trademark, copyright or other laws, or is otherwise unacceptable.
| कोलकाता : पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार में मिग-सत्ताईस के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद जांच का आदेश दिया गया है। इस जांच में नुकसान का आकलन किया जाएगा। अधिकारियों ने शनिवार को यहां इसकी जानकारी दी। विमान ने कोलकाता के हसीमारा बेस से लगभग अपराह्न दस. बीस बजे उड़ान भरी और अपराह्न दस. तीस बजे यह दुर्घटनाग्रस्त हो गया। पहले खबर यह थी कि इस हादसे में दो व्यक्तियों की मौत हो गई, लेकिन बाद में स्पष्ट हुआ कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है। विमान का चालक सुरक्षित रूप से विमान से निकल गया था। आईएएफ के एक प्रवक्ता ने बताया, "इस दुर्घटना से इलाके में कुछ क्षति हुई है, लेकिन ज्यादा बड़ा नुकसान नहीं हुआ है। " सोवियत युग के कई विमान भारत में संचालित होते हैं, इनमें मिग-इक्कीस, मिग-सत्ताईस और मिग-उनतीस विमान शामिल हैं। भारतीय नौसेना ने हाल ही में अपने लड़ाकू विमानों में मिग-उनतीस के श्रृंखला को शामिल किया है। तत्कालीन रक्षा मंत्री ए. के. एंटनी ने संसद में एक जवाब में कहा था कि अप्रैल दो हज़ार बारह तक भारत के चार सौ बयासी मिग विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गए हैं, जिसमें एक सौ इकहत्तर पायलटों और उनतालीस नागरिकों की मौत हो चुकी है। दो हज़ार तेरह-चौदह में दो मिग-उनतीस और मिग-इक्कीस विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गए थे। एक विमान दो हज़ार चौदह में जम्मू एवं कश्मीर में, जबकि दूसरा मिग-इक्कीस जनवरी में गुजरात के जामनगर के पास दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। NTIPL reserves the right to delete, edit, or alter in any manner it sees fit comments that it, in its sole discretion, deems to be obscene, offensive, defamatory, threatening, in violation of trademark, copyright or other laws, or is otherwise unacceptable. |
५-व्यवस्थापक-सभा - हाउस ऑव्लार्डस्
गर्लीमेंट की दूसरी सभा हाउस व् लास एक मिश्रित संस्था है। कम से कम छः श्रेणी के मनुष्यों को हाउस ऑॉवू लार्ड्स में बैठने का अधिकार होता है। एक तो शाही खानदान के शाहजादे लाईस के सदस्य होते हैं और उन का दर्जा पीयर्स के ऊपर होता है। परंतु वे कभी हाउस ऑवलास मे बैठने के लिए जाते नहीं हैं और हाउस
लस की कार्रवाई में उन का कोई हिस्सा नहीं होता है। दूसरी श्रेणी उन लोगों की होती है जिन की हाउस ब्रॉब्लास में मौरूसी जगहें होती हैं। यह लोग पीयर्स कहलाते हैं और इन के तीन भाग होते हैं। एक भाग इंगलैंड के पीयर्स का दूसरा भाग ग्रेट ब्रिटेन के पीयर्स का और तीसरा भाग यूनाइटेड किंगडम के पीयर्स का । पीयर्स बनाने का अधि कार राजा को माना गया है। परंतु वास्तव में मंत्रिमंडल और खास कर प्रधान मंत्री के इशारे पर साहित्य, क़ानून, कला, विज्ञान, राजनीति और व्यापार में ख्याति प्राप्त करने - वाले लोगों का मान देने के लिए अथवा हाउस ऑॉर्ड्स का राजनैतिक रंग बदलने के लिए, पीयर्स बनाए जाते हैं । सन् १८८४ ई० मे साहित्य में नाम पैदा करने के लिए कवि टेनीसन को पीयर बनाया गया था। इसी प्रकार लार्ड लिटन कला, लार्ड केलविन और लिस्टर विज्ञान, लार्ड गोशेन व्यापार, जेनरल रोबर्ट्स, वुल्ज़ले और किचनर युद्ध कला में प्रवीणता दिखाने के लिए पीयर्स बनाए गए थे । लार्ड मेकाले और लिटन को कुछ राजनैतिक कारणों से पीयर बनाया गया था । हमारे देश के अत्यंत सफल और प्रसिद्ध वकील लार्ड सत्येंद्रप्रसन्न सिनहा को, भारतवासियों को खुश करने और शायद यह विश्वास दिलाने के लिए कि महारानी विक्टोरिया के एलान के अनुसार वृटिश सरकार गोरे-काले का भेद नही मानती है, रायपुर का पीयर बनाया गया था; जिस से लार्ड सिनहा को हाउस व् लास में बैठने का हक हो गया था। राजा अर्थात् बृटिश मत्रि-मंडल को असंख्य पीयर्स बनाने का है और प्रधान मंत्री इस अधिकार का काफी प्रयोग करता है। थोड़े से अपवादो को छोड़ कर पीयर्स की हाउस व्लास में मौरूसी जगहें होती हैं। बाप के मर जाने पर वारिस बेटा २१ वर्ष की उम्र होते ही हाउस ऑॉव् लाईस में बैठने का अधिकारी हो जाता है। पीयर्स की पाँच उप श्रेणियाँ होती हैं ड्यूक, माकुंइस, अर्ल, वाइकाउट और बैरन । इन के आपस में छोटे-बड़े दर्जे हैं जिन का राजनैतिक बातों से सबंध नहीं है। जिस पीयर का दिवाला पिट जाता है या
जिस को किसी सख्त अपराध के लिए जेल में डाल दिया जाता है, उस का फिर हाउस लार्डस में बैठने का अधिकार नहीं रहता है । पीयर का रुतबा और हाउस ऑवू लार्ड्स में मौरूसी जगह हो जाने पर किसी को उस से पीछा छुड़ा लेने का अधिकार नहीं होता । कई बार मौरूसी पीयर बनने वालो मे से कुछ ने इस बात का प्रयत्न भी किया कि वे हाउस ऑॉव् लॉर्ड्स में न बैठ कर हाउस व् कामन्स के सदस्य बनें; परंतु उन के सब प्रयत्न असफल रहे क्योंकि कानून के अनुसार उन्हें हाउस ऑॉलॉस में ही बैठना चाहिए । स्त्रियों को हाउस ऑॉव् लार्डस का सदस्य होने का अधिकार देने का कई बार
प्रयत्न किया गया, परंतु अभी तक उस मे सफलता नही हुई है।
हाउसवू लार्ड्स के तीसरी श्रेणी में पीयर्स के स्कॉटलैंड के प्रतिनिधि पीयर्स होते हैं। प्रत्येक नई पार्लमिट मे बैठने के लिए स्कॉटलैंड के सारे पीयर्स मिलकर अपने सोलह प्रतिनिधि चुन लेते हैं जिन को उस पार्लमेंट की जिंदगी तक हाउस ऑवलास में बैठने का अधिकार रहता है । चौथी श्रेणी में इसी तरह के पीर्यसों के चुने हुए
२८ प्रतिनिधि होते थे; जिन को अपने जीवन पर्यंत हाउस ऑवू लार्ड्स में बैठने का अधिकार होता था। आयरलैंड के जो पीयर्स हाउस ऑॉक्लास के लिए चुने नहीं जाते थे, उनकोड के अतिरिक्त ग्रेट ब्रिटेन के और किसी भी भाग से हाउस ऑव कॉमन्स मे चुने जाने का अधिकार होता था। परतु जब से आयरलैंड की सरकार अलग हो गई है तब से स्थिति बदल गई है। लॉस की पाँचवीं श्रेणी मे वे कानूनी पडित होते हैं जिन का खास तौर पर न्यायाधीश का कार्य करने के लिए हाउस ऑव्लास का सदस्य बनाया जाता है । हाउस व् लार्ड्स का एक काम बृटिश साम्राज्य भर की अदालतों की अपीलें सुनना भी होता है और इसलिए यह आवश्यक होता है कि लार्ड्स के सदस्यों में कानूनो के विशेषज्ञ भी कुछ रहे । इन क़ानूनी सदस्यों की जगहे हाउस ग्रॉव्लास में मौरूसी नही होतीं। जिंदगी भर तक ही लार्ड्स का सदस्य रहने का उन्हें अधिकार होता है। लॉर्ड चासलर की अध्यक्षता में इन सदस्यों की कचहरी बृटिश साम्राज्य की सब से बड़ी की मानी जाती है। भारतवर्ष से हाई कोर्ट के फैसलों के बाद अपीलें इसी अदालत के सामने जाती हैं। अदालत का कार्य चलाने के लिए सिर्फ तीन कानूनी सदस्यों की संख्या काफी होती है । वैसे तो हाउस ऑव् लार्ड्स के सारे सदस्यों को, खास कर क़ानून में दखल रखनेवालों को, इस अदालत के काम में भाग लेने का अधिकार होता है, परंतु आम तौर पर सिर्फ़ कानूनी सदस्य ही न्याय का काम करते हैं, अन्य सदस्य उस मे दखल नहीं देते । ।
छठी श्रेणी हाउस ऑॉव्लास में पादरियो की है। किसी जमाने में हाउस ऑॉव् लास मे इन्हीं लोगों की संख्या सब से अधिक होती थी। पर कानून के अनुसार धार्मिक संस्थाओं के सिर्फ २६ प्रतिनिधि हाउस ऑव् लाईस में बैठ सकते हैं। कैंटरबरी के विशप और लडन, डरहेम और विचेस्टर के विशपों को कानूनन लास मे बैठने का अधिकार प्राप्त है । शेष २१ धार्मिक प्रतिनिधि उन के सिवा समय के अनुसार प्रधान मंत्री की इच्छा से चुने जाते हैं । हाउस ६७५ के लगभग सदस्यो का औौसत रहता है । सातवे हेनरी के समय में लॉर्डस में सिर्फ ८० सदस्य थे; उन मे भी अधिकतर पादरी ही थे । परतु पिछले डेढ सौ वर्ष मे यह संख्या ८० से बढ़ कर ६७५ के करीब हो गई है । केवल सन् १८३० ई० और १८६८६० के बीच के समय मे री ३६४ नए लार्ड्स बना डाले गए । चालीस वर्ष के अपने शासन में उदार दल ने २२२ नए लाईस बनाए और अनुदार दल ने २७ वर्ष में १४२ । आजकल के लॉस मे से करीब आधे से अधिक पिछले ६० वर्षों मे इस पद को प्राप्त हुए हैं। इतने बड़े हाउस ऑॉव् लार्ड्स का कोरम सिर्फ तीन होता है। मगर लाईस में ३० सदस्य मौजूद न होने पर किसी बात का निश्चय नही किया जाता है। आम तौर पर लार्ड्स की सप्ताह में
चार बैठके होती हैं, परंतु अधिक काम न रहने से बहुत शीघ्र ही ; प्रायः एक घंटे मे; खत्म हो जाती हैं। हाउस ऑॉव् लास का अध्यक्ष लार्ड चांसलर होता है जिस को प्रधान मंत्री की सिफारिस पर राजा नियुक्त करता है। परंतु लार्ड चासलर हाउस कमन्स के प्रमुख 'स्पीकर' की तरह हाउस व्लाइस की कार्रवाई को बहुत नियमित नहीं करता। बोलने वाला सदस्य उस को संबोधन न कर के 'माई लार्डस' कर के सब सदस्यों को संबोधित करता दो सदस्य एक साथ बोलने के लिए खड़े हो जाते हैं तो हाउस वलास की सभा ही इस बात का फैसला करती है कि कौन पहले बोले।
वर्ष से हाउस ऑवलास को सुधारने या सर्वनाश कर डालने के लिए आदोलन चल रहा है । परंतु थोड़े से मजदूर दल के लोगों को छोड़ कर और कोई हाउस व्लासका सर्वनाश कर डालने के लिए तैयार नहीं है। लार्डस के विरोधियों का कहना है कि लार्ड्स के सदस्य अधिकतर दकियानूसी विचारो के मौरूसी ज़मींदार और महाजन होते हैं, जो प्रगतिशील विचारों और परिवर्तनो से डरते हैं, और इस लिए देश की उन्नति के मार्ग में सदा आते हैं। लॉर्ड का बेटा, बुद्ध हो या बुद्धिमान, केवल मौरूसी हक से हाउस ऑॉक्लार्डस का सदस्य बन कर राष्ट्रका भाग्य बनाने बिगाड़ने का अधिकारी हो जाता है। अधिकतर सदस्य हाउस व्लास के काम में शौक तक नहीं दिखाते हैं। सभाओं में बहुत कम आते हैं और भी हैं, तो गहन विषयों तक का जल्दी-जल्दी निश्चय कर के चले जाते हैं। लोग लास का विरोध इस लिए भी करते हैं कि लार्ड स की सभा प्रजा के हितों की प्रतिनिधि नहीं है। मगर १६ वी सदी के सुधारो से पहले हाउस ऑब् कमन्स में भी लार्ड्स की तरह ज़मींदारों और अमीरो की ही अधिक संख्या होती थी । सन् १८६७ और १८८४ ई० के सुधारों के बाद सर्वसाधारण को मताधिकार मिल जाने से हाउस कामन्स प्रजा का प्रतिनिधि बना और मंत्रि-मंडल पद्धति की सरकार के विकास के बाद से शासन पर प्रजा का अंकुश हुआ । मगर हाउस व् लास लगभग जैसा का तैसा ही रहा है । सन् १८३२ ई० से हाउस ऑवू लार्ड्स को सुधारने का प्रश्न जोरो से उठा और सन् १९०६ ई० तक हाउस ऑव् कामन्स और लार्ड्स मे सुधार के कई प्रयत्न किए गए । मगर लाई स मे सुधार के सब प्रयत्न निष्फल रहे । सन् १८८६ ई० तक हाउस ऑव्लास में उदार और अनुदार दोनों दलो के सदस्य काफी संख्या मे होते थे । अनुदार दल के सदस्यों की संख्या अधिक होती थी; परंतु उदार दल के सदस्यों की संख्या भी उन से कुछ ही कम रहती थी। जोर मार कर कसर उदार दलवाले बहुत सी अपनी बातें लार्ड्स मे पास करा ले जाते थे। परतु सन् १८८६ ई० में ग्लैड्स्टन के पहले होमरूल बिल पर उदार दल में फूट पड़ जाने से उदार दल कमजोर हो गया। जोज़ेफ चेवरलेन के नेतृत्व में उदार दल के बहुत से लोगों ने 'लिवरल यूनियनिस्ट' नाम का एक नया दल बना लिया, जो बाद में धीरे-धीरे अनुदार दल में जा मिला। इस घटना के बाद से हाउस ऑॉव् ल मे
जोर हो गया और तब से आज तक लार्ड्स में उसी दल का तूती बोलता है। उदारदल के हाउस ऑॉव् लाडूंस में बहुत थोड़े सदस्य रह गए । सन् १६०५ ई० में हाउस
ऑॉव्लास के ६०० सदस्यों में सिर्फ ४५ सदस्य उदार दल के थे और सन् १९१० में ६१८ सदस्यों में सिर्फ ७५ सदस्य उदार दल के थे। आश्चर्य की बात तो यह है कि सन् १८३० ई० से १९१० ई० तक उदार दल ने अपने दो सौ नए पीयर्स बनाए । मगर देखने में आया है कि हाउस व् लार्ड्स की काजल की कोठरी में जो सदस्य जाता है वह कुछ दिनों में, वह नहीं तो उस का बेटा, दकियानूस विचारों का हो कर अनुदार दल में मिल जाता है। अस्तु, हमेशा ही हाउस क्लास अनुदार दल का सहायक और दूसरे प्रगतिशील दलों का विरोधी रहता है ।
सन् १९०६ ई० में हाउस ऑलॉस और कॉमन्स में जोर का झगड़ा ठन गया था । सन् १४०७ ई० से यह बात आम तौर पर मान ली गई थी कि रुपए-पैसे के सबध रखनेवाले सारे मसविदे हाउस ऑॉव कॉमन्स में पेश होने चाहिए और कॉमन्स में मजूर हो जाने पर लार्डस को उन्हें स्वीकार कर लेना चाहिए । परतु लार्ड्स ने बाकायदा इस सिद्धात को कभी स्वीकार नहीं किया था । अत में कॉमन्स ने हाउस ऑॉव् लार्ड्स के आर्थिक मसविदों को और अपने आर्थिक मसविदो पर लार्ड्स के सुधारो को नामजूर करके अपने रुपए-पैसे संबंधी अधिकार लास से स्वीकार करा लिए । उदाहरणार्थ सन् १८६० ई० में कॉमन्स् ने काग़ज पर से कर उठाने का एक मसविदा पास किया और लार्ड्स ने इस मसविदे को किया। इस पर कॉमन्स ने देश में इतना शोर मचाया कि दूसरे वर्ष ही कागज़ का कर उठा लिया गया । हमेशा से राष्ट्रीय आय-व्यय पर प्रजा के प्रतिनिधियो की सभा हाउस ऑ कॉमन्स का अधिकार रखना बृटिश प्रजा को पसद रहा है; क्योंकि 'थैली की सत्ता' हाथ मे रख कर ही प्रतिनिधि सभा सरकार पर अपनी हुकूमत कायम रखती है । सन् १९०८ ई० में उदार दल के अर्थ सचिव लायड जॉर्ज के बजट को हाउस ग्रॉब्लॉस ने स्वीकार करने से इन्कार कर दिया। इस पर देश भर में बड़ा तहलका मच गया और हाउस व् और हाउस ऑकॉमन्स का द्वद्व युद्ध छिड़ गया । प्रस्ताव पास हुआ कि "हाउस व् कॉमन्स के मजूर को हाउस ऑॉवू लास ने स्वीकार न कर के देश की कॉमन्स के अधिकारों को कुचला है । " साथ ही उदार दल के मंत्रिमंडल ने यह भी निश्चय किया कि, "इस महत्वपूर्ण प्रश्न पर प्रजा की राय लेने की जरूरत है।" अस्तु, पालमेंट भग कर के सन् १९१० ई० में नया चुनाव किया गया जिस में फिर से उदार दल के लोग ही अधिक संख्या में चुन कर। नई पार्लमेंट खुलने पर राज छत्र की ओर से होनेवाली वक्तृता १ मे कहा गया कि "शीघ्र ही हाउस व् लॉस और हाउस ऑकॉमन्स के परस्पर सबध की ऐसी साफ-साफ व्याख्या कर दी जायगी कि जिस से हाउस व् कॉमन्स का राष्ट्रीय आय-व्यय पर पूर्ण अधिकार और कानून बनाने में भी हाउस अधिकार हो जायगा ।"
१ नई पार्लीमेंट खुलने पर राजा मंत्रिमंडल की तरफ से तैयार की हुई एक वक्तृता पढ़ता है जिसमें मंत्रि-मंडल की भावी नीति का वर्णन रहता है।
उदार दल का बजट फिर से पार्लमेंट में पेश हुआ और लार्ड्स ने डर कर उस का जैसा का तैसा मंजूर कर लिया। परंतु इस वजट के पास होने से पहले ही प्रधान मंत्री ने हाउस ऑॉव कॉमन्स में कई प्रस्ताव पास करा लिए थे, जिन की बुनियाद पर सन् १९९१ ई० का 'पार्लीमेंटबिल' बना कर बड़े झगड़े-टंटों और धमकियों के बाद यह बिल - हाउस ऑॉव् कामन्स में मंजूर हुआ । परंतु हाउस व् लार्ड्स में 'पार्लमेंट बिल पेश होते ही उस में बहुत से सुधार पेश किए गए। मिस्टर ऐस्कुइथ के उदार मंत्रिमडल ने लार्ड्स को एक भी सुधार स्वीकृत करने से साफ इन्कार कर दिया । अस्तु, पार्लीमेंट भंग कर के प्रजा की राय जानने के लिए फिर से सन् १९११ में नया चुनाव किया गया । परंतु इस चुनाव के बाद भी उदार दल के सदस्यों की ही बहुसंख्या हाउस ऑॉव् कामन्स् में चुन कर आई और जनमतको अपने पक्ष में पा कर उदार दल का अनुदार हाउस ऑवलार्ड्स की सत्ता को हमेशा के लिए घटा देने का निश्चय और भी दृढ़ हो गया। अतएव हाउस ऑॉक्लास में 'पार्लमेंट बिल' का फिर से विरोध उठने पर उदार दल की सरकार की तरफ के लार्ड्स को धमकी दी गई कि सरकार पार्लमेंट बिल में तिल भर भी परिवर्तन स्वीकार नहीं करेगी और लार्ड्स के ज्यादा चूँ चाँ करने पर सरकार नए पीयर्स बना कर हाउस ऑॉव् लार्ड्स में अपने समर्थकों को भर देगी और पार्लीमेंट बिल को जैसा का तैसा ही अपनी इच्छानुसार पास करावेगी । अगर लाईस ने हठ की होती और सरकार को अपनी धमकी सच्ची करने के लिए मजबूर होना पड़ा होता तो प्रधान-मत्री को पार्लोमेंट बिल लार्ड्स में मंजूर कराने के लिए चार सौ नए पीयर्स बनाने पड़े होते । परंतु इस भयानक धमकी से लार्डस के पाँव उखड़ गए और उन्होंने पालमेंट बिल का हाउस व्लास में हाउस व् कमन्स की मर्जी के मुताबिक जैसा का तैसा पास हो जाने दिया। आखिरकार प्रजासत्ता को विजय मिली। इस 'पार्लमेंट विल' के अनुसार आर्थिक मसविदे हाउस ऑ कामन्स में पास हो जाने के बाद हाउत ऑव् लार्ड्स में नामंजूर होने पर भी कुछ दिन के बाद राजा के हस्ताक्षरों से ही कानून बन सकते हैं। कौन-सा मसविदा आर्थिक मसविदा है, इस का निश्चय हाउस ऑ कामन्स के अध्यक्ष की राय पर छोड़ा गया है, जिस की राय इस मामले में आखिरी होती है । इसी बिल के अनुसार पार्लीमेंट की जिंदगी पाँच वर्ष से अधिक बढ़ाने के प्रस्ताव के अतिरिक्त दूसरा कोई भी साधारण मसविदा हाउस कामन्स की तीन लगातार बैठकों में पास हो जाने पर और प्रत्येक वार बैठकें खत्म होने से एक महीना पहले हाउस ऑॉव् लॉस के पास भेजा जाने पर यदि वहाँ तीनों वार भी वह स्वीकार न किया जाय तो भी सिर्फ़ हाउसॉव कॉमन्स की इच्छानुसार राजा के हस्ताक्षरों से ही कानून बन सकता हैबशर्ते कि उस मसविदे के हाउस ऑॉव कॉमन्स में पहली बार पेश होने और आखिरी बार पेश होने के बीच में दो वर्ष का अरसा बीत चुका हो और उस की शक्ल में कोई तवदीली न मँ की गई हो। इस ऐक्ट के अनुसार पार्लमेंट की ज़िंदगी सात वर्ष से घटा कर पाँच वर्ष कर दी गई थी। इस ऐक्ट ने सदियों से मानी जानेवाली हाउस व् लॉर्डस और हाउस ऑव् कॉमन्स् की बराबर की हैसियत को मिटा कर हाउस ऑव् कॉमन्स
की प्रधानता और प्राबल्य का सिक्का जमाया; कानून बनाने में लार्ड्स का आज भी काफी हाथ रहता है। हाउस व् कॉमन्स में पास हो जानेवाले मसविदों को हाउस ग्रॉव् लाईस बिलकुल अस्वीकार करने का अधिकार न रखने पर भी दो वर्ष तक उन को लटकाए रखतभी तक रखता ही है । अस्तु, कोई क्रांतिकारी मसविदा हाउस
व् कॉमन्स बिना हाउस ग्रॉव लार्डस की मर्जी के जल्दी से पास नहीं कर सकता है।. ग़ैर-जरूरी मसविदों को दो वर्ष तक लटका कर हाउस व्लॉस आसानी से खत्म कर सकता है। परंतु जो मसविदे इतने जरूरी होते हैं कि दो वर्ष तक लटके रहने पर भी प्रजा की आँखों में चढ़े रहते हैं और सब प्रकार की समालोचना की कसौटी पर चढ़ कर भी चमकते हुए निकल आते हैं उन को रोक लेना अब जरूर हाउस ग्रॉव् लार्डस की सामर्थ्य में नहीं रहा है । 'प्लूरल वोटिंग बिल' इत्यादि कई आवश्यक मसविदे दो वर्ष तक लटके रहने के बाद भी पार्लीमेंट से पास हुए हैं। कानून बनाने में यह प्रधानता और प्राबल्य हाउस ऑॉव् कॉमन्स को प्राप्त हो जाने के बाद से लगभग कानून बनाने की संपूर्ण सत्ता हाउस कामन्स के हाथ में श्री गई है। हाउस ग्रॉव् लास व अधिक से अधिक कानून बनाने में जल्दबाजी रोक सकता है, कानून बनाना नहीं रोक सकता है। अभी तक कोई ऐसा नियम नही है कि साधारण मसविदे हाउस ग्रॉवू लार्ड्स में पहिले पेश न होकर कॉमन्स मे पहले पेश हों। मगर रिवाज के अनुसार सारे मसविदे कॉमन्स में ही शुरू होते हैं। पार्लीमेंट ऐक्ट पास हो जाने के बाद भी हाउस ग्रॉव् लाईस के सुधार की चर्चा अब तक चलती है। बहुत से लोगों का कहना है कि हाउस क्लास में मौरूसी पीयर्स को बैठने का अधिकार नहीं होना चाहिए- कुछ पीयर्स प्रजा के द्वारा चुन कर आना चाहिए, कुछ कामन्स के सदस्यों द्वारा चुने जाने चाहिए और कुछ देश भर के विभिन्न हितों के प्रतिनिधि होने चाहिए जिन का विज्ञान, कला, साहित्य और व्यापारी सभा-समाजों से चुनकर आना चाहिए। इस पर कुछ राजनीतिज्ञों का कहना है कि यदि हाउस व् लार्ड्स भी हाउस ऑॉच कामन्स की तरह देश के हितों का प्रतिनिधि बन् गया तो वह हाउस व् कामन्स से कम हैसियत का रहना क्यों पसद करेगा ? हमारी समझ में यह डर फिजूल है, क्योंकि प्रथम तो हाउस ग्रॉव् कामन्स कोई ऐसा कानून ही पास होने नही देगा जिस से उस की ताकत कम हो जाय । दूसरे जब तक जवाबदार मंत्रिमंडल पद्धति की सरकार इंगलैंड मे कायम रहेगी, तब तक व्यवस्थापक सभा की प्रतिनिधि सभा ही सर्व शक्तिमान रहेगी। एक प्रख्यात अगरेज लेखक लिखता है कि "जब तक हाउस कमन्स के पीछे देश का निर्वाचक-समूह रहेगा, तबतक लास उस की लगाम नहीं थाम सकते । सुधारों को रोकना तो दूर रहा, अगर निर्वाचक-समूह क्राति करने पर तुल जाय और उसका साथ देने के लिए मंत्रि-मंडल तैयार हो जाय, तो छाउस ऑॉव् लाईस इगलैंड में क्राति होना तक नहीं रोक सकता है ।"
६ - स्थानिक शासन और न्याय-शासन
ब्रटेन के स्थानिक शासन में भी अब वह पुरानी व्यवस्था और पेचीदापन नही रहा है। शासन क्षेत्रों की विभिन्नता कम हो गई है। अधिकारियों की संख्या भी कम कर दी गई है और उन के एक-दूसरे से संबंध साफ और सीधे हो गए हैं। केंद्रीय अधिकारियों का हाथ भी स्थानिक शासन की रहवरी के लिए मजबूत कर दिया गया है । सारे देश को शासन-प्रबंध के लिए 'काउटीज' और 'काउंटी वौरोज़' में बॉट दिया गया है। काउंटीज को देहाती जिलों, शहरी जिलों औौर वौरोज में वॉटा गया है और इन भागों को और भी छोटे भागों - 'पैरिशो-- में विभाजित किया गया है। ग़रीबों की मदद के लिए बनाए गए 'ग़रीब कानूनों' का शासन चलाने के लिए इन पैरिशों की अलग संघें बना ली जाती हैं। राजधानी लंदन शहर का शासन एक ख़ास ढंग पर चलता है।
यूरोप के दूसरे देशों की अपेक्षा बृटेन में हमेशा से केंद्रीय सरकार ने स्थानिक शासन में कम हस्तक्षेप किया है। जैसा आगे चल कर हम फ्रास के स्थानिक शासन मे केंद्रीय सरकार के अधिकारी प्रीफेक्ट को स्थानिक शासन का कर्ता-धर्ता अधिकारी पाएँगे वैसा इंगलैंड के स्थानिक शासन में हमें कोई केंद्रीय सरकार का अधिकारी नहीं मिलता है । स्थानिक शासन केंद्रीय सरकार के संगठन का निरा एक अंग न बन जाने पर भी पिछले साठ-सत्तर वर्षों से ग़रीबों की मदद, शिक्षा, आर्थिक प्रबंध, स्वास्थ्य इत्यादि स्थानिक शासन के विभिन्न विभागों पर केंद्रीय सरकार का काफ़ी नियंत्रण रहने लगा है। केंद्रीय सरकार के पाँच विभागों का थोड़ा-बहुत इन विषयों में स्थानिक शासन में नियंत्रण रहता है। केंद्रीय सरकार का गृह विभाग स्थानिक पुलिस और कारखानों की देख-रेख करता है। 'शिक्षा बोर्ड'- विभाग सारे सार्वजनिक धन से चलनेवाले शिक्षालयों की देख-रेख और संचालन करता है। केंद्रीय सरकार का तीसरा 'कृषि वोर्ड' विभाग स्थानिक बाज़ारों और मवेशियों की बीमारी के कानूनों और नियमों का पालन कराता है। चौथा 'व्यापार बोर्ड - विभाग पानी, गैस, बिजली और चुंगियों के दूसरे व्यापारी कामो की जाँच और सॅभाल करता है। पाँचवाँ 'स्थास्थ्य-सचिव' का विभाग आजकल खास तौर पर स्थानिक स्थास्थ्य और म तौर पर सारे स्थानिक शासन के मामलों की देख-भाल रखता है। केंद्रीय सरकार के यह विभाग अपने हुक्मों और नियमों के द्वारा स्थानिक संस्थाओं के कामों को स्वीकार और अस्वीकार कर के तथा उन को अपनी होशियार सलाह दे कर स्थानिक शासन मे अपना नियंत्रण रखते हैं। पार्लीमेंट को भी कानून बना कर स्थानिक अधिकारियों पर नियंत्रण रखने का अधिकार होता ही है ।
स्थानिक शासन का काम-काज काउटी मे काउंटी कौंसिल चलाती है। बृटेन में छोटी-बड़ी कुल मिला कर करीब ६२ काउटियाँ हैं जिन में छोटी से छोटी रटलैंड काउंटी की आबादी करीब १९७०६- होगी और बड़ी से बड़ी लंकाशायर काउंटी की १८२७४३६ आबादी है। काउंटी कौंसिल में प्रजा के तीन साल के लिए चुने हुए सदस्य और इन चुने हुए प्रतिनिधियों द्वारा छः साल के लिए चुने हुए ऐल्डरमैन
होते हैं। ऐल्डरमैनों की सदस्यों से एक तिहाई संख्या होती है और हर तीसरे साल उन के आभाग का चुनाव होता है । काउंटी कौंसिल के इन दोनो प्रकार के सदस्यो को एकही से अधिकार और सत्ता होती है। कौंसिल के चुनावों में दलबदी का ख्याल न रक्खा जा कर प्रायः सभी दलों के सदस्य ले लिए जाते हैं। ग्राम तौर पर काउटी कौंसिल के सदस्यों की संख्या ७५ होती है। कौसिलों की बैठके ग्राम तौर पर साल में चार बार से अधिक नही होती हैं। अधिकतर शासन का काम काज कौंसिल की स्थायी समितियाँ चलाते हैं । काउंटी कौसिल को स्थानिक शासन के लिए कर उगाने, करों खर्च करने और कर्ज लेने का अधिकार होता है। काउटी कौंसिल काउटी की सार्वजनिक मिलकियत, इमारतों, पुलों, पागलखानों, रिफॉर्मेटरियो और उद्योगी स्कूलों की सॅभाल और प्रबंध रखने, छोटे अधिकारियों को नियुक्त करने, कुछ व्यापारी लाइसेंस देने, सड़को और रास्तों को ठीक रखने, जलाशयों को स्वच्छ रखने, और मवेशियों, मछलियों, चिड़ियों और कीड़ों से संबंध रखनेवाले तमाम नियमों का पालन कराने का काम करती है । प्राथमिक स्कूलों को स्थापन करने तथा उच्च शिक्षा की योजना करनेवालों को सहायता देने का काम करने के अतिरिक्त काउंटी कौंसिल की एक समिति 'जस्टिस व् दि पीस' के प्रतिनिधियों से मिल कर स्थानिक पुलिस का प्रबंध भी करती है। कौंसिल काउटी का शासन चलाने के लिए उपनियम बनाती है और देहात के छोटे अधिकारियों की देख-रेख भी रखती है।
काउंटी के दर के दूसरे शासन- क्षेत्रो, देहाती जिलों, देहाती पैरिशों, शहरी जिलों और म्यूनिसिपल बौरोज की भी, इसी प्रकार शासन चलाने के लिए, कौसिलें होती हैं। जिलों की कौंसिल को तीन साल के लिए आबादी के अनुसार प्रजा चुनती है और हर साल कौंसिल के एक तिहाई सदस्यों का चुनाव होता है। तीन सौ से अधिक आबादी के पैरिशो में पाँच से पद्रह तक सदस्यों की तीन साल के लिए इसी प्रकार कौंसिलें चुनी जाती हैं । स्त्रियों को भी इन कौंसिलों में चुने जाने का अधिकार होता है। पैरिश की एक सालाना जन-सभा में पैरिश की कौंसिल के सदस्यों का चुनाव होता है। जिन तीस सौ से कम आबादी के पैरिशों में कौंसिल नहीं होती है, वहाँ जन-सभा साल में दो बार मिल कर स्थानिक शासनसमस्या पर विचार करती है और स्थानिक शासन का काम चलाने के लिए अधिकारियो को नियुक्त करती है ।
शहरी जिलों के स्थानिक शासन का संगठन और प्रबंध बिल्कुल देहाती जिलों की तरह होता है। उन की भी वैसी ही तीन साल के लिए चुनी हुई कौंसिलें होती हैं, जिन की स्थायी समितियाँ शासन का सारा काम-काज चलाती हैं। शहरी जिले इन क्षेत्रों को इस लिए कहा जाता है कि वे बौरो बनने के करीब पहुँच चुके होते हैं। चुंगियों की इकाही चौरो होती है और स्थानिक शासन के विस्तृत अधिकारों का प्रयोग करने के लिए उन को राजछत्र की तरफ से एक अधिकार पत्र दिया जाता है। ग्यूनिसिपल बौरी और काउंटी
१ चार्टर | पाँच-व्यवस्थापक-सभा - हाउस ऑव्लार्डस् गर्लीमेंट की दूसरी सभा हाउस व् लास एक मिश्रित संस्था है। कम से कम छः श्रेणी के मनुष्यों को हाउस ऑॉवू लार्ड्स में बैठने का अधिकार होता है। एक तो शाही खानदान के शाहजादे लाईस के सदस्य होते हैं और उन का दर्जा पीयर्स के ऊपर होता है। परंतु वे कभी हाउस ऑवलास मे बैठने के लिए जाते नहीं हैं और हाउस लस की कार्रवाई में उन का कोई हिस्सा नहीं होता है। दूसरी श्रेणी उन लोगों की होती है जिन की हाउस ब्रॉब्लास में मौरूसी जगहें होती हैं। यह लोग पीयर्स कहलाते हैं और इन के तीन भाग होते हैं। एक भाग इंगलैंड के पीयर्स का दूसरा भाग ग्रेट ब्रिटेन के पीयर्स का और तीसरा भाग यूनाइटेड किंगडम के पीयर्स का । पीयर्स बनाने का अधि कार राजा को माना गया है। परंतु वास्तव में मंत्रिमंडल और खास कर प्रधान मंत्री के इशारे पर साहित्य, क़ानून, कला, विज्ञान, राजनीति और व्यापार में ख्याति प्राप्त करने - वाले लोगों का मान देने के लिए अथवा हाउस ऑॉर्ड्स का राजनैतिक रंग बदलने के लिए, पीयर्स बनाए जाते हैं । सन् एक हज़ार आठ सौ चौरासी ईशून्य मे साहित्य में नाम पैदा करने के लिए कवि टेनीसन को पीयर बनाया गया था। इसी प्रकार लार्ड लिटन कला, लार्ड केलविन और लिस्टर विज्ञान, लार्ड गोशेन व्यापार, जेनरल रोबर्ट्स, वुल्ज़ले और किचनर युद्ध कला में प्रवीणता दिखाने के लिए पीयर्स बनाए गए थे । लार्ड मेकाले और लिटन को कुछ राजनैतिक कारणों से पीयर बनाया गया था । हमारे देश के अत्यंत सफल और प्रसिद्ध वकील लार्ड सत्येंद्रप्रसन्न सिनहा को, भारतवासियों को खुश करने और शायद यह विश्वास दिलाने के लिए कि महारानी विक्टोरिया के एलान के अनुसार वृटिश सरकार गोरे-काले का भेद नही मानती है, रायपुर का पीयर बनाया गया था; जिस से लार्ड सिनहा को हाउस व् लास में बैठने का हक हो गया था। राजा अर्थात् बृटिश मत्रि-मंडल को असंख्य पीयर्स बनाने का है और प्रधान मंत्री इस अधिकार का काफी प्रयोग करता है। थोड़े से अपवादो को छोड़ कर पीयर्स की हाउस व्लास में मौरूसी जगहें होती हैं। बाप के मर जाने पर वारिस बेटा इक्कीस वर्ष की उम्र होते ही हाउस ऑॉव् लाईस में बैठने का अधिकारी हो जाता है। पीयर्स की पाँच उप श्रेणियाँ होती हैं ड्यूक, माकुंइस, अर्ल, वाइकाउट और बैरन । इन के आपस में छोटे-बड़े दर्जे हैं जिन का राजनैतिक बातों से सबंध नहीं है। जिस पीयर का दिवाला पिट जाता है या जिस को किसी सख्त अपराध के लिए जेल में डाल दिया जाता है, उस का फिर हाउस लार्डस में बैठने का अधिकार नहीं रहता है । पीयर का रुतबा और हाउस ऑवू लार्ड्स में मौरूसी जगह हो जाने पर किसी को उस से पीछा छुड़ा लेने का अधिकार नहीं होता । कई बार मौरूसी पीयर बनने वालो मे से कुछ ने इस बात का प्रयत्न भी किया कि वे हाउस ऑॉव् लॉर्ड्स में न बैठ कर हाउस व् कामन्स के सदस्य बनें; परंतु उन के सब प्रयत्न असफल रहे क्योंकि कानून के अनुसार उन्हें हाउस ऑॉलॉस में ही बैठना चाहिए । स्त्रियों को हाउस ऑॉव् लार्डस का सदस्य होने का अधिकार देने का कई बार प्रयत्न किया गया, परंतु अभी तक उस मे सफलता नही हुई है। हाउसवू लार्ड्स के तीसरी श्रेणी में पीयर्स के स्कॉटलैंड के प्रतिनिधि पीयर्स होते हैं। प्रत्येक नई पार्लमिट मे बैठने के लिए स्कॉटलैंड के सारे पीयर्स मिलकर अपने सोलह प्रतिनिधि चुन लेते हैं जिन को उस पार्लमेंट की जिंदगी तक हाउस ऑवलास में बैठने का अधिकार रहता है । चौथी श्रेणी में इसी तरह के पीर्यसों के चुने हुए अट्ठाईस प्रतिनिधि होते थे; जिन को अपने जीवन पर्यंत हाउस ऑवू लार्ड्स में बैठने का अधिकार होता था। आयरलैंड के जो पीयर्स हाउस ऑॉक्लास के लिए चुने नहीं जाते थे, उनकोड के अतिरिक्त ग्रेट ब्रिटेन के और किसी भी भाग से हाउस ऑव कॉमन्स मे चुने जाने का अधिकार होता था। परतु जब से आयरलैंड की सरकार अलग हो गई है तब से स्थिति बदल गई है। लॉस की पाँचवीं श्रेणी मे वे कानूनी पडित होते हैं जिन का खास तौर पर न्यायाधीश का कार्य करने के लिए हाउस ऑव्लास का सदस्य बनाया जाता है । हाउस व् लार्ड्स का एक काम बृटिश साम्राज्य भर की अदालतों की अपीलें सुनना भी होता है और इसलिए यह आवश्यक होता है कि लार्ड्स के सदस्यों में कानूनो के विशेषज्ञ भी कुछ रहे । इन क़ानूनी सदस्यों की जगहे हाउस ग्रॉव्लास में मौरूसी नही होतीं। जिंदगी भर तक ही लार्ड्स का सदस्य रहने का उन्हें अधिकार होता है। लॉर्ड चासलर की अध्यक्षता में इन सदस्यों की कचहरी बृटिश साम्राज्य की सब से बड़ी की मानी जाती है। भारतवर्ष से हाई कोर्ट के फैसलों के बाद अपीलें इसी अदालत के सामने जाती हैं। अदालत का कार्य चलाने के लिए सिर्फ तीन कानूनी सदस्यों की संख्या काफी होती है । वैसे तो हाउस ऑव् लार्ड्स के सारे सदस्यों को, खास कर क़ानून में दखल रखनेवालों को, इस अदालत के काम में भाग लेने का अधिकार होता है, परंतु आम तौर पर सिर्फ़ कानूनी सदस्य ही न्याय का काम करते हैं, अन्य सदस्य उस मे दखल नहीं देते । । छठी श्रेणी हाउस ऑॉव्लास में पादरियो की है। किसी जमाने में हाउस ऑॉव् लास मे इन्हीं लोगों की संख्या सब से अधिक होती थी। पर कानून के अनुसार धार्मिक संस्थाओं के सिर्फ छब्बीस प्रतिनिधि हाउस ऑव् लाईस में बैठ सकते हैं। कैंटरबरी के विशप और लडन, डरहेम और विचेस्टर के विशपों को कानूनन लास मे बैठने का अधिकार प्राप्त है । शेष इक्कीस धार्मिक प्रतिनिधि उन के सिवा समय के अनुसार प्रधान मंत्री की इच्छा से चुने जाते हैं । हाउस छः सौ पचहत्तर के लगभग सदस्यो का औौसत रहता है । सातवे हेनरी के समय में लॉर्डस में सिर्फ अस्सी सदस्य थे; उन मे भी अधिकतर पादरी ही थे । परतु पिछले डेढ सौ वर्ष मे यह संख्या अस्सी से बढ़ कर छः सौ पचहत्तर के करीब हो गई है । केवल सन् एक हज़ार आठ सौ तीस ईशून्य और एक लाख छियासी हज़ार आठ सौ साठ के बीच के समय मे री तीन सौ चौंसठ नए लार्ड्स बना डाले गए । चालीस वर्ष के अपने शासन में उदार दल ने दो सौ बाईस नए लाईस बनाए और अनुदार दल ने सत्ताईस वर्ष में एक सौ बयालीस । आजकल के लॉस मे से करीब आधे से अधिक पिछले साठ वर्षों मे इस पद को प्राप्त हुए हैं। इतने बड़े हाउस ऑॉव् लार्ड्स का कोरम सिर्फ तीन होता है। मगर लाईस में तीस सदस्य मौजूद न होने पर किसी बात का निश्चय नही किया जाता है। आम तौर पर लार्ड्स की सप्ताह में चार बैठके होती हैं, परंतु अधिक काम न रहने से बहुत शीघ्र ही ; प्रायः एक घंटे मे; खत्म हो जाती हैं। हाउस ऑॉव् लास का अध्यक्ष लार्ड चांसलर होता है जिस को प्रधान मंत्री की सिफारिस पर राजा नियुक्त करता है। परंतु लार्ड चासलर हाउस कमन्स के प्रमुख 'स्पीकर' की तरह हाउस व्लाइस की कार्रवाई को बहुत नियमित नहीं करता। बोलने वाला सदस्य उस को संबोधन न कर के 'माई लार्डस' कर के सब सदस्यों को संबोधित करता दो सदस्य एक साथ बोलने के लिए खड़े हो जाते हैं तो हाउस वलास की सभा ही इस बात का फैसला करती है कि कौन पहले बोले। वर्ष से हाउस ऑवलास को सुधारने या सर्वनाश कर डालने के लिए आदोलन चल रहा है । परंतु थोड़े से मजदूर दल के लोगों को छोड़ कर और कोई हाउस व्लासका सर्वनाश कर डालने के लिए तैयार नहीं है। लार्डस के विरोधियों का कहना है कि लार्ड्स के सदस्य अधिकतर दकियानूसी विचारो के मौरूसी ज़मींदार और महाजन होते हैं, जो प्रगतिशील विचारों और परिवर्तनो से डरते हैं, और इस लिए देश की उन्नति के मार्ग में सदा आते हैं। लॉर्ड का बेटा, बुद्ध हो या बुद्धिमान, केवल मौरूसी हक से हाउस ऑॉक्लार्डस का सदस्य बन कर राष्ट्रका भाग्य बनाने बिगाड़ने का अधिकारी हो जाता है। अधिकतर सदस्य हाउस व्लास के काम में शौक तक नहीं दिखाते हैं। सभाओं में बहुत कम आते हैं और भी हैं, तो गहन विषयों तक का जल्दी-जल्दी निश्चय कर के चले जाते हैं। लोग लास का विरोध इस लिए भी करते हैं कि लार्ड स की सभा प्रजा के हितों की प्रतिनिधि नहीं है। मगर सोलह वी सदी के सुधारो से पहले हाउस ऑब् कमन्स में भी लार्ड्स की तरह ज़मींदारों और अमीरो की ही अधिक संख्या होती थी । सन् एक हज़ार आठ सौ सरसठ और एक हज़ार आठ सौ चौरासी ईशून्य के सुधारों के बाद सर्वसाधारण को मताधिकार मिल जाने से हाउस कामन्स प्रजा का प्रतिनिधि बना और मंत्रि-मंडल पद्धति की सरकार के विकास के बाद से शासन पर प्रजा का अंकुश हुआ । मगर हाउस व् लास लगभग जैसा का तैसा ही रहा है । सन् एक हज़ार आठ सौ बत्तीस ईशून्य से हाउस ऑवू लार्ड्स को सुधारने का प्रश्न जोरो से उठा और सन् एक हज़ार नौ सौ छः ईशून्य तक हाउस ऑव् कामन्स और लार्ड्स मे सुधार के कई प्रयत्न किए गए । मगर लाई स मे सुधार के सब प्रयत्न निष्फल रहे । सन् एक हज़ार आठ सौ छियासी ईशून्य तक हाउस ऑव्लास में उदार और अनुदार दोनों दलो के सदस्य काफी संख्या मे होते थे । अनुदार दल के सदस्यों की संख्या अधिक होती थी; परंतु उदार दल के सदस्यों की संख्या भी उन से कुछ ही कम रहती थी। जोर मार कर कसर उदार दलवाले बहुत सी अपनी बातें लार्ड्स मे पास करा ले जाते थे। परतु सन् एक हज़ार आठ सौ छियासी ईशून्य में ग्लैड्स्टन के पहले होमरूल बिल पर उदार दल में फूट पड़ जाने से उदार दल कमजोर हो गया। जोज़ेफ चेवरलेन के नेतृत्व में उदार दल के बहुत से लोगों ने 'लिवरल यूनियनिस्ट' नाम का एक नया दल बना लिया, जो बाद में धीरे-धीरे अनुदार दल में जा मिला। इस घटना के बाद से हाउस ऑॉव् ल मे जोर हो गया और तब से आज तक लार्ड्स में उसी दल का तूती बोलता है। उदारदल के हाउस ऑॉव् लाडूंस में बहुत थोड़े सदस्य रह गए । सन् एक हज़ार छः सौ पाँच ईशून्य में हाउस ऑॉव्लास के छः सौ सदस्यों में सिर्फ पैंतालीस सदस्य उदार दल के थे और सन् एक हज़ार नौ सौ दस में छः सौ अट्ठारह सदस्यों में सिर्फ पचहत्तर सदस्य उदार दल के थे। आश्चर्य की बात तो यह है कि सन् एक हज़ार आठ सौ तीस ईशून्य से एक हज़ार नौ सौ दस ईशून्य तक उदार दल ने अपने दो सौ नए पीयर्स बनाए । मगर देखने में आया है कि हाउस व् लार्ड्स की काजल की कोठरी में जो सदस्य जाता है वह कुछ दिनों में, वह नहीं तो उस का बेटा, दकियानूस विचारों का हो कर अनुदार दल में मिल जाता है। अस्तु, हमेशा ही हाउस क्लास अनुदार दल का सहायक और दूसरे प्रगतिशील दलों का विरोधी रहता है । सन् एक हज़ार नौ सौ छः ईशून्य में हाउस ऑलॉस और कॉमन्स में जोर का झगड़ा ठन गया था । सन् एक हज़ार चार सौ सात ईशून्य से यह बात आम तौर पर मान ली गई थी कि रुपए-पैसे के सबध रखनेवाले सारे मसविदे हाउस ऑॉव कॉमन्स में पेश होने चाहिए और कॉमन्स में मजूर हो जाने पर लार्डस को उन्हें स्वीकार कर लेना चाहिए । परतु लार्ड्स ने बाकायदा इस सिद्धात को कभी स्वीकार नहीं किया था । अत में कॉमन्स ने हाउस ऑॉव् लार्ड्स के आर्थिक मसविदों को और अपने आर्थिक मसविदो पर लार्ड्स के सुधारो को नामजूर करके अपने रुपए-पैसे संबंधी अधिकार लास से स्वीकार करा लिए । उदाहरणार्थ सन् एक हज़ार आठ सौ साठ ईशून्य में कॉमन्स् ने काग़ज पर से कर उठाने का एक मसविदा पास किया और लार्ड्स ने इस मसविदे को किया। इस पर कॉमन्स ने देश में इतना शोर मचाया कि दूसरे वर्ष ही कागज़ का कर उठा लिया गया । हमेशा से राष्ट्रीय आय-व्यय पर प्रजा के प्रतिनिधियो की सभा हाउस ऑ कॉमन्स का अधिकार रखना बृटिश प्रजा को पसद रहा है; क्योंकि 'थैली की सत्ता' हाथ मे रख कर ही प्रतिनिधि सभा सरकार पर अपनी हुकूमत कायम रखती है । सन् एक हज़ार नौ सौ आठ ईशून्य में उदार दल के अर्थ सचिव लायड जॉर्ज के बजट को हाउस ग्रॉब्लॉस ने स्वीकार करने से इन्कार कर दिया। इस पर देश भर में बड़ा तहलका मच गया और हाउस व् और हाउस ऑकॉमन्स का द्वद्व युद्ध छिड़ गया । प्रस्ताव पास हुआ कि "हाउस व् कॉमन्स के मजूर को हाउस ऑॉवू लास ने स्वीकार न कर के देश की कॉमन्स के अधिकारों को कुचला है । " साथ ही उदार दल के मंत्रिमंडल ने यह भी निश्चय किया कि, "इस महत्वपूर्ण प्रश्न पर प्रजा की राय लेने की जरूरत है।" अस्तु, पालमेंट भग कर के सन् एक हज़ार नौ सौ दस ईशून्य में नया चुनाव किया गया जिस में फिर से उदार दल के लोग ही अधिक संख्या में चुन कर। नई पार्लमेंट खुलने पर राज छत्र की ओर से होनेवाली वक्तृता एक मे कहा गया कि "शीघ्र ही हाउस व् लॉस और हाउस ऑकॉमन्स के परस्पर सबध की ऐसी साफ-साफ व्याख्या कर दी जायगी कि जिस से हाउस व् कॉमन्स का राष्ट्रीय आय-व्यय पर पूर्ण अधिकार और कानून बनाने में भी हाउस अधिकार हो जायगा ।" एक नई पार्लीमेंट खुलने पर राजा मंत्रिमंडल की तरफ से तैयार की हुई एक वक्तृता पढ़ता है जिसमें मंत्रि-मंडल की भावी नीति का वर्णन रहता है। उदार दल का बजट फिर से पार्लमेंट में पेश हुआ और लार्ड्स ने डर कर उस का जैसा का तैसा मंजूर कर लिया। परंतु इस वजट के पास होने से पहले ही प्रधान मंत्री ने हाउस ऑॉव कॉमन्स में कई प्रस्ताव पास करा लिए थे, जिन की बुनियाद पर सन् एक हज़ार नौ सौ इक्यानवे ईशून्य का 'पार्लीमेंटबिल' बना कर बड़े झगड़े-टंटों और धमकियों के बाद यह बिल - हाउस ऑॉव् कामन्स में मंजूर हुआ । परंतु हाउस व् लार्ड्स में 'पार्लमेंट बिल पेश होते ही उस में बहुत से सुधार पेश किए गए। मिस्टर ऐस्कुइथ के उदार मंत्रिमडल ने लार्ड्स को एक भी सुधार स्वीकृत करने से साफ इन्कार कर दिया । अस्तु, पार्लीमेंट भंग कर के प्रजा की राय जानने के लिए फिर से सन् एक हज़ार नौ सौ ग्यारह में नया चुनाव किया गया । परंतु इस चुनाव के बाद भी उदार दल के सदस्यों की ही बहुसंख्या हाउस ऑॉव् कामन्स् में चुन कर आई और जनमतको अपने पक्ष में पा कर उदार दल का अनुदार हाउस ऑवलार्ड्स की सत्ता को हमेशा के लिए घटा देने का निश्चय और भी दृढ़ हो गया। अतएव हाउस ऑॉक्लास में 'पार्लमेंट बिल' का फिर से विरोध उठने पर उदार दल की सरकार की तरफ के लार्ड्स को धमकी दी गई कि सरकार पार्लमेंट बिल में तिल भर भी परिवर्तन स्वीकार नहीं करेगी और लार्ड्स के ज्यादा चूँ चाँ करने पर सरकार नए पीयर्स बना कर हाउस ऑॉव् लार्ड्स में अपने समर्थकों को भर देगी और पार्लीमेंट बिल को जैसा का तैसा ही अपनी इच्छानुसार पास करावेगी । अगर लाईस ने हठ की होती और सरकार को अपनी धमकी सच्ची करने के लिए मजबूर होना पड़ा होता तो प्रधान-मत्री को पार्लोमेंट बिल लार्ड्स में मंजूर कराने के लिए चार सौ नए पीयर्स बनाने पड़े होते । परंतु इस भयानक धमकी से लार्डस के पाँव उखड़ गए और उन्होंने पालमेंट बिल का हाउस व्लास में हाउस व् कमन्स की मर्जी के मुताबिक जैसा का तैसा पास हो जाने दिया। आखिरकार प्रजासत्ता को विजय मिली। इस 'पार्लमेंट विल' के अनुसार आर्थिक मसविदे हाउस ऑ कामन्स में पास हो जाने के बाद हाउत ऑव् लार्ड्स में नामंजूर होने पर भी कुछ दिन के बाद राजा के हस्ताक्षरों से ही कानून बन सकते हैं। कौन-सा मसविदा आर्थिक मसविदा है, इस का निश्चय हाउस ऑ कामन्स के अध्यक्ष की राय पर छोड़ा गया है, जिस की राय इस मामले में आखिरी होती है । इसी बिल के अनुसार पार्लीमेंट की जिंदगी पाँच वर्ष से अधिक बढ़ाने के प्रस्ताव के अतिरिक्त दूसरा कोई भी साधारण मसविदा हाउस कामन्स की तीन लगातार बैठकों में पास हो जाने पर और प्रत्येक वार बैठकें खत्म होने से एक महीना पहले हाउस ऑॉव् लॉस के पास भेजा जाने पर यदि वहाँ तीनों वार भी वह स्वीकार न किया जाय तो भी सिर्फ़ हाउसॉव कॉमन्स की इच्छानुसार राजा के हस्ताक्षरों से ही कानून बन सकता हैबशर्ते कि उस मसविदे के हाउस ऑॉव कॉमन्स में पहली बार पेश होने और आखिरी बार पेश होने के बीच में दो वर्ष का अरसा बीत चुका हो और उस की शक्ल में कोई तवदीली न मँ की गई हो। इस ऐक्ट के अनुसार पार्लमेंट की ज़िंदगी सात वर्ष से घटा कर पाँच वर्ष कर दी गई थी। इस ऐक्ट ने सदियों से मानी जानेवाली हाउस व् लॉर्डस और हाउस ऑव् कॉमन्स् की बराबर की हैसियत को मिटा कर हाउस ऑव् कॉमन्स की प्रधानता और प्राबल्य का सिक्का जमाया; कानून बनाने में लार्ड्स का आज भी काफी हाथ रहता है। हाउस व् कॉमन्स में पास हो जानेवाले मसविदों को हाउस ग्रॉव् लाईस बिलकुल अस्वीकार करने का अधिकार न रखने पर भी दो वर्ष तक उन को लटकाए रखतभी तक रखता ही है । अस्तु, कोई क्रांतिकारी मसविदा हाउस व् कॉमन्स बिना हाउस ग्रॉव लार्डस की मर्जी के जल्दी से पास नहीं कर सकता है।. ग़ैर-जरूरी मसविदों को दो वर्ष तक लटका कर हाउस व्लॉस आसानी से खत्म कर सकता है। परंतु जो मसविदे इतने जरूरी होते हैं कि दो वर्ष तक लटके रहने पर भी प्रजा की आँखों में चढ़े रहते हैं और सब प्रकार की समालोचना की कसौटी पर चढ़ कर भी चमकते हुए निकल आते हैं उन को रोक लेना अब जरूर हाउस ग्रॉव् लार्डस की सामर्थ्य में नहीं रहा है । 'प्लूरल वोटिंग बिल' इत्यादि कई आवश्यक मसविदे दो वर्ष तक लटके रहने के बाद भी पार्लीमेंट से पास हुए हैं। कानून बनाने में यह प्रधानता और प्राबल्य हाउस ऑॉव् कॉमन्स को प्राप्त हो जाने के बाद से लगभग कानून बनाने की संपूर्ण सत्ता हाउस कामन्स के हाथ में श्री गई है। हाउस ग्रॉव् लास व अधिक से अधिक कानून बनाने में जल्दबाजी रोक सकता है, कानून बनाना नहीं रोक सकता है। अभी तक कोई ऐसा नियम नही है कि साधारण मसविदे हाउस ग्रॉवू लार्ड्स में पहिले पेश न होकर कॉमन्स मे पहले पेश हों। मगर रिवाज के अनुसार सारे मसविदे कॉमन्स में ही शुरू होते हैं। पार्लीमेंट ऐक्ट पास हो जाने के बाद भी हाउस ग्रॉव् लाईस के सुधार की चर्चा अब तक चलती है। बहुत से लोगों का कहना है कि हाउस क्लास में मौरूसी पीयर्स को बैठने का अधिकार नहीं होना चाहिए- कुछ पीयर्स प्रजा के द्वारा चुन कर आना चाहिए, कुछ कामन्स के सदस्यों द्वारा चुने जाने चाहिए और कुछ देश भर के विभिन्न हितों के प्रतिनिधि होने चाहिए जिन का विज्ञान, कला, साहित्य और व्यापारी सभा-समाजों से चुनकर आना चाहिए। इस पर कुछ राजनीतिज्ञों का कहना है कि यदि हाउस व् लार्ड्स भी हाउस ऑॉच कामन्स की तरह देश के हितों का प्रतिनिधि बन् गया तो वह हाउस व् कामन्स से कम हैसियत का रहना क्यों पसद करेगा ? हमारी समझ में यह डर फिजूल है, क्योंकि प्रथम तो हाउस ग्रॉव् कामन्स कोई ऐसा कानून ही पास होने नही देगा जिस से उस की ताकत कम हो जाय । दूसरे जब तक जवाबदार मंत्रिमंडल पद्धति की सरकार इंगलैंड मे कायम रहेगी, तब तक व्यवस्थापक सभा की प्रतिनिधि सभा ही सर्व शक्तिमान रहेगी। एक प्रख्यात अगरेज लेखक लिखता है कि "जब तक हाउस कमन्स के पीछे देश का निर्वाचक-समूह रहेगा, तबतक लास उस की लगाम नहीं थाम सकते । सुधारों को रोकना तो दूर रहा, अगर निर्वाचक-समूह क्राति करने पर तुल जाय और उसका साथ देने के लिए मंत्रि-मंडल तैयार हो जाय, तो छाउस ऑॉव् लाईस इगलैंड में क्राति होना तक नहीं रोक सकता है ।" छः - स्थानिक शासन और न्याय-शासन ब्रटेन के स्थानिक शासन में भी अब वह पुरानी व्यवस्था और पेचीदापन नही रहा है। शासन क्षेत्रों की विभिन्नता कम हो गई है। अधिकारियों की संख्या भी कम कर दी गई है और उन के एक-दूसरे से संबंध साफ और सीधे हो गए हैं। केंद्रीय अधिकारियों का हाथ भी स्थानिक शासन की रहवरी के लिए मजबूत कर दिया गया है । सारे देश को शासन-प्रबंध के लिए 'काउटीज' और 'काउंटी वौरोज़' में बॉट दिया गया है। काउंटीज को देहाती जिलों, शहरी जिलों औौर वौरोज में वॉटा गया है और इन भागों को और भी छोटे भागों - 'पैरिशो-- में विभाजित किया गया है। ग़रीबों की मदद के लिए बनाए गए 'ग़रीब कानूनों' का शासन चलाने के लिए इन पैरिशों की अलग संघें बना ली जाती हैं। राजधानी लंदन शहर का शासन एक ख़ास ढंग पर चलता है। यूरोप के दूसरे देशों की अपेक्षा बृटेन में हमेशा से केंद्रीय सरकार ने स्थानिक शासन में कम हस्तक्षेप किया है। जैसा आगे चल कर हम फ्रास के स्थानिक शासन मे केंद्रीय सरकार के अधिकारी प्रीफेक्ट को स्थानिक शासन का कर्ता-धर्ता अधिकारी पाएँगे वैसा इंगलैंड के स्थानिक शासन में हमें कोई केंद्रीय सरकार का अधिकारी नहीं मिलता है । स्थानिक शासन केंद्रीय सरकार के संगठन का निरा एक अंग न बन जाने पर भी पिछले साठ-सत्तर वर्षों से ग़रीबों की मदद, शिक्षा, आर्थिक प्रबंध, स्वास्थ्य इत्यादि स्थानिक शासन के विभिन्न विभागों पर केंद्रीय सरकार का काफ़ी नियंत्रण रहने लगा है। केंद्रीय सरकार के पाँच विभागों का थोड़ा-बहुत इन विषयों में स्थानिक शासन में नियंत्रण रहता है। केंद्रीय सरकार का गृह विभाग स्थानिक पुलिस और कारखानों की देख-रेख करता है। 'शिक्षा बोर्ड'- विभाग सारे सार्वजनिक धन से चलनेवाले शिक्षालयों की देख-रेख और संचालन करता है। केंद्रीय सरकार का तीसरा 'कृषि वोर्ड' विभाग स्थानिक बाज़ारों और मवेशियों की बीमारी के कानूनों और नियमों का पालन कराता है। चौथा 'व्यापार बोर्ड - विभाग पानी, गैस, बिजली और चुंगियों के दूसरे व्यापारी कामो की जाँच और सॅभाल करता है। पाँचवाँ 'स्थास्थ्य-सचिव' का विभाग आजकल खास तौर पर स्थानिक स्थास्थ्य और म तौर पर सारे स्थानिक शासन के मामलों की देख-भाल रखता है। केंद्रीय सरकार के यह विभाग अपने हुक्मों और नियमों के द्वारा स्थानिक संस्थाओं के कामों को स्वीकार और अस्वीकार कर के तथा उन को अपनी होशियार सलाह दे कर स्थानिक शासन मे अपना नियंत्रण रखते हैं। पार्लीमेंट को भी कानून बना कर स्थानिक अधिकारियों पर नियंत्रण रखने का अधिकार होता ही है । स्थानिक शासन का काम-काज काउटी मे काउंटी कौंसिल चलाती है। बृटेन में छोटी-बड़ी कुल मिला कर करीब बासठ काउटियाँ हैं जिन में छोटी से छोटी रटलैंड काउंटी की आबादी करीब उन्नीस हज़ार सात सौ छः- होगी और बड़ी से बड़ी लंकाशायर काउंटी की अट्ठारह लाख सत्ताईस हज़ार चार सौ छत्तीस आबादी है। काउंटी कौंसिल में प्रजा के तीन साल के लिए चुने हुए सदस्य और इन चुने हुए प्रतिनिधियों द्वारा छः साल के लिए चुने हुए ऐल्डरमैन होते हैं। ऐल्डरमैनों की सदस्यों से एक तिहाई संख्या होती है और हर तीसरे साल उन के आभाग का चुनाव होता है । काउंटी कौंसिल के इन दोनो प्रकार के सदस्यो को एकही से अधिकार और सत्ता होती है। कौंसिल के चुनावों में दलबदी का ख्याल न रक्खा जा कर प्रायः सभी दलों के सदस्य ले लिए जाते हैं। ग्राम तौर पर काउटी कौंसिल के सदस्यों की संख्या पचहत्तर होती है। कौसिलों की बैठके ग्राम तौर पर साल में चार बार से अधिक नही होती हैं। अधिकतर शासन का काम काज कौंसिल की स्थायी समितियाँ चलाते हैं । काउंटी कौसिल को स्थानिक शासन के लिए कर उगाने, करों खर्च करने और कर्ज लेने का अधिकार होता है। काउटी कौंसिल काउटी की सार्वजनिक मिलकियत, इमारतों, पुलों, पागलखानों, रिफॉर्मेटरियो और उद्योगी स्कूलों की सॅभाल और प्रबंध रखने, छोटे अधिकारियों को नियुक्त करने, कुछ व्यापारी लाइसेंस देने, सड़को और रास्तों को ठीक रखने, जलाशयों को स्वच्छ रखने, और मवेशियों, मछलियों, चिड़ियों और कीड़ों से संबंध रखनेवाले तमाम नियमों का पालन कराने का काम करती है । प्राथमिक स्कूलों को स्थापन करने तथा उच्च शिक्षा की योजना करनेवालों को सहायता देने का काम करने के अतिरिक्त काउंटी कौंसिल की एक समिति 'जस्टिस व् दि पीस' के प्रतिनिधियों से मिल कर स्थानिक पुलिस का प्रबंध भी करती है। कौंसिल काउटी का शासन चलाने के लिए उपनियम बनाती है और देहात के छोटे अधिकारियों की देख-रेख भी रखती है। काउंटी के दर के दूसरे शासन- क्षेत्रो, देहाती जिलों, देहाती पैरिशों, शहरी जिलों और म्यूनिसिपल बौरोज की भी, इसी प्रकार शासन चलाने के लिए, कौसिलें होती हैं। जिलों की कौंसिल को तीन साल के लिए आबादी के अनुसार प्रजा चुनती है और हर साल कौंसिल के एक तिहाई सदस्यों का चुनाव होता है। तीन सौ से अधिक आबादी के पैरिशो में पाँच से पद्रह तक सदस्यों की तीन साल के लिए इसी प्रकार कौंसिलें चुनी जाती हैं । स्त्रियों को भी इन कौंसिलों में चुने जाने का अधिकार होता है। पैरिश की एक सालाना जन-सभा में पैरिश की कौंसिल के सदस्यों का चुनाव होता है। जिन तीस सौ से कम आबादी के पैरिशों में कौंसिल नहीं होती है, वहाँ जन-सभा साल में दो बार मिल कर स्थानिक शासनसमस्या पर विचार करती है और स्थानिक शासन का काम चलाने के लिए अधिकारियो को नियुक्त करती है । शहरी जिलों के स्थानिक शासन का संगठन और प्रबंध बिल्कुल देहाती जिलों की तरह होता है। उन की भी वैसी ही तीन साल के लिए चुनी हुई कौंसिलें होती हैं, जिन की स्थायी समितियाँ शासन का सारा काम-काज चलाती हैं। शहरी जिले इन क्षेत्रों को इस लिए कहा जाता है कि वे बौरो बनने के करीब पहुँच चुके होते हैं। चुंगियों की इकाही चौरो होती है और स्थानिक शासन के विस्तृत अधिकारों का प्रयोग करने के लिए उन को राजछत्र की तरफ से एक अधिकार पत्र दिया जाता है। ग्यूनिसिपल बौरी और काउंटी एक चार्टर |
शिवपुरी। गत माह सुल्तानगढ़ पर प्रतीक तिवारी पुत्र बेदेही शरण तिवारी निवासी कोटेश्वर ग्वालियर पिकनिक मनाने आये साथियोंं से अज्ञात बदमाशों द्वारा कट्टा व रिवाल्वरों का भय दिखाकर की गई लूट पाट का पुलिस में आज पर्दाफाश कर दिया है। बदमाशों द्वारा एक चांदी का ब्रेसलेट, एक कैमरा, 11 मोबाईल, तथा 12 हजार रूपए नगदी लूट लिये थे। जिसकी रिपोर्ट अपराध क्रमांक 120/14 धारा 392 ताहि. 11/13 अधिनियम के तह पंजीबद्ध किया गया है।
उक्त घटना को पुलिस अधीक्षक डॉ. महेन्द्र सिंह सिकरवार के निर्देशन पर अति. पुलिस अधीक्षक आलोक सिंह तथा एसडीओपी एसकेएस तोमर के मार्ग निर्देशन में एक टीम द्वारा अज्ञात लूट का पर्दाफाश कर आरोपी दीपू उर्फ दिलीप पुत्र रणवीर सिंह राणा 19 वर्ष निवासी चिरली थाना पिछोर ग्वालियर, को 9.11.14 को गिर तार किया गया एवं उसके साथी, अजय उर्फ विक्की तोमर पुत्र बाबू सिंह तोमर उम्र 30 साल निवासी माधौनगर ग्वालियर, लोकेश उर्फ कपिल दांगी, पुत्र जमुना प्रसाद दांगी 22 वर्ष निवासी सेमरा कला भोपाल एवं दीपक उर्फ दीपेश उर्फ जय सिंह पुत्र गब्बर सिंह राणा 23 वर्ष निवासी चिरली थाना पिछोर जिला ग्वालियर, प्रदीप धाकड़ पुत्र रघुवीर धाकड़ उम्र 26 निवासी भानगढ़ को 9 नव बर को गिर तार कर अपराध में लूटा गया मसरूका, दो सोने की चैन लगभग 40 ग्राम, कीमत एक लाख रूपए, एक कैमरा, एक चांदी की ब्रेसलेट, लूटे गए 11 मोबाईल, जप्त किये गए हैं।
| शिवपुरी। गत माह सुल्तानगढ़ पर प्रतीक तिवारी पुत्र बेदेही शरण तिवारी निवासी कोटेश्वर ग्वालियर पिकनिक मनाने आये साथियोंं से अज्ञात बदमाशों द्वारा कट्टा व रिवाल्वरों का भय दिखाकर की गई लूट पाट का पुलिस में आज पर्दाफाश कर दिया है। बदमाशों द्वारा एक चांदी का ब्रेसलेट, एक कैमरा, ग्यारह मोबाईल, तथा बारह हजार रूपए नगदी लूट लिये थे। जिसकी रिपोर्ट अपराध क्रमांक एक सौ बीस/चौदह धारा तीन सौ बानवे ताहि. ग्यारह/तेरह अधिनियम के तह पंजीबद्ध किया गया है। उक्त घटना को पुलिस अधीक्षक डॉ. महेन्द्र सिंह सिकरवार के निर्देशन पर अति. पुलिस अधीक्षक आलोक सिंह तथा एसडीओपी एसकेएस तोमर के मार्ग निर्देशन में एक टीम द्वारा अज्ञात लूट का पर्दाफाश कर आरोपी दीपू उर्फ दिलीप पुत्र रणवीर सिंह राणा उन्नीस वर्ष निवासी चिरली थाना पिछोर ग्वालियर, को नौ.ग्यारह.चौदह को गिर तार किया गया एवं उसके साथी, अजय उर्फ विक्की तोमर पुत्र बाबू सिंह तोमर उम्र तीस साल निवासी माधौनगर ग्वालियर, लोकेश उर्फ कपिल दांगी, पुत्र जमुना प्रसाद दांगी बाईस वर्ष निवासी सेमरा कला भोपाल एवं दीपक उर्फ दीपेश उर्फ जय सिंह पुत्र गब्बर सिंह राणा तेईस वर्ष निवासी चिरली थाना पिछोर जिला ग्वालियर, प्रदीप धाकड़ पुत्र रघुवीर धाकड़ उम्र छब्बीस निवासी भानगढ़ को नौ नव बर को गिर तार कर अपराध में लूटा गया मसरूका, दो सोने की चैन लगभग चालीस ग्राम, कीमत एक लाख रूपए, एक कैमरा, एक चांदी की ब्रेसलेट, लूटे गए ग्यारह मोबाईल, जप्त किये गए हैं। |
शिवसेना के समर्थकों ने शनिवार रात सोमैया की 'एसयूवी' (कार) पर उस समय जूते और पानी की बोतलें फेंकी थी, जब वह मुंबई में खार पुलिस थाने से निकल रहे थे।
सोमैया, गिरफ्तार किये गये निर्दलीय सांसद नवनीत राणा और उनके विधायक पति रवि राणा से मिलने शनिवार को पुलिस थाना गए थे। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एवं शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के आवास 'मातोश्री' के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ करने के उनके (दंपत्ति के) आह्वान ने शिवसेना समर्थकों को आक्रोशित कर दिया था।
भाजपा नेता ने ट्वीट किया था कि वह "शिवसेना के गुंडों" के हमले में घायल हो गए।
फडणवीस ने यह भी कहा कि जिस तरीके से विधायक रवि राणा और उनकी सांसद पत्नी नवनीत राणा से बर्ताव किया गया, वह उससे हैरान हैं।
केंद्रीय मंत्री रावसाहेब दानवे ने भी शिवसेना नीत महाराष्ट्र सरकार पर निशाना साधते हुए दावा किया कि राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति सही नहीं है।
| शिवसेना के समर्थकों ने शनिवार रात सोमैया की 'एसयूवी' पर उस समय जूते और पानी की बोतलें फेंकी थी, जब वह मुंबई में खार पुलिस थाने से निकल रहे थे। सोमैया, गिरफ्तार किये गये निर्दलीय सांसद नवनीत राणा और उनके विधायक पति रवि राणा से मिलने शनिवार को पुलिस थाना गए थे। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एवं शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के आवास 'मातोश्री' के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ करने के उनके आह्वान ने शिवसेना समर्थकों को आक्रोशित कर दिया था। भाजपा नेता ने ट्वीट किया था कि वह "शिवसेना के गुंडों" के हमले में घायल हो गए। फडणवीस ने यह भी कहा कि जिस तरीके से विधायक रवि राणा और उनकी सांसद पत्नी नवनीत राणा से बर्ताव किया गया, वह उससे हैरान हैं। केंद्रीय मंत्री रावसाहेब दानवे ने भी शिवसेना नीत महाराष्ट्र सरकार पर निशाना साधते हुए दावा किया कि राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति सही नहीं है। |
दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को आदेश दिया कि एयरसेल-मैक्सिस सौदे से जुड़े धन शोधन मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री पी . चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति को सात अगस्त तक गिरफ्तार नहीं किया जा सकेगा। हालांकि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका का विरोध किया।
नई दिल्ली, 10 जुलाई। दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को आदेश दिया कि एयरसेल-मैक्सिस सौदे से जुड़े धन शोधन मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री पी . चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति को सात अगस्त तक गिरफ्तार नहीं किया जा सकेगा। हालांकि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका का विरोध किया।
निदेशालय ने इस जमानत याचिका का विशेष न्यायाधीश ओपी सैनी के समक्ष लिखित में विरोध किया और मामले पर बहस के लिए समय मांगा। इसके बाद अदालत ने चिदंबरम और कार्ति के वकील वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी के अनुरोध पर उनके मुवक्किलों को सात अगस्त तक के लिए गिरफ्तारी से संरक्षण प्रदान किया।
चिदंबरम ने 30 मई को अदालत से इस मामले में गिरफ्तारी से संरक्षण देने का अनुरोध किया था । उनका कहना था कि इस मामले के सभी साक्ष्यों की प्रकृति दस्तावेजी लगती है और वे पहले से मौजूदा सरकार के पास हैं। इसके अलावा , उनसे कुछ और बरामद नहीं किया जाना है।
अदालत ने टूजी स्पेक्ट्रम मामले से जुड़े एयरसेल - मैक्सिस मामले में सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय द्वारा क्रमश : 2011 और 2012 में दर्ज दो मामलों में कार्ति को आज तक के लिए गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण प्रदान किया था। यह मामला एयरसेल में निवेश के लिए मैसर्स ग्लोबल कम्युनिकेशन होल्डिंग सर्विसेस लिमिटेड को विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की मंजूरी देने से जुड़ा है।
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| दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को आदेश दिया कि एयरसेल-मैक्सिस सौदे से जुड़े धन शोधन मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री पी . चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति को सात अगस्त तक गिरफ्तार नहीं किया जा सकेगा। हालांकि प्रवर्तन निदेशालय ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका का विरोध किया। नई दिल्ली, दस जुलाई। दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को आदेश दिया कि एयरसेल-मैक्सिस सौदे से जुड़े धन शोधन मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री पी . चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति को सात अगस्त तक गिरफ्तार नहीं किया जा सकेगा। हालांकि प्रवर्तन निदेशालय ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका का विरोध किया। निदेशालय ने इस जमानत याचिका का विशेष न्यायाधीश ओपी सैनी के समक्ष लिखित में विरोध किया और मामले पर बहस के लिए समय मांगा। इसके बाद अदालत ने चिदंबरम और कार्ति के वकील वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी के अनुरोध पर उनके मुवक्किलों को सात अगस्त तक के लिए गिरफ्तारी से संरक्षण प्रदान किया। चिदंबरम ने तीस मई को अदालत से इस मामले में गिरफ्तारी से संरक्षण देने का अनुरोध किया था । उनका कहना था कि इस मामले के सभी साक्ष्यों की प्रकृति दस्तावेजी लगती है और वे पहले से मौजूदा सरकार के पास हैं। इसके अलावा , उनसे कुछ और बरामद नहीं किया जाना है। अदालत ने टूजी स्पेक्ट्रम मामले से जुड़े एयरसेल - मैक्सिस मामले में सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय द्वारा क्रमश : दो हज़ार ग्यारह और दो हज़ार बारह में दर्ज दो मामलों में कार्ति को आज तक के लिए गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण प्रदान किया था। यह मामला एयरसेल में निवेश के लिए मैसर्स ग्लोबल कम्युनिकेशन होल्डिंग सर्विसेस लिमिटेड को विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड की मंजूरी देने से जुड़ा है। लोकमत न्यूज के लेटेस्ट यूट्यूब वीडियो और स्पेशल पैकेज के लिए यहाँ क्लिक कर सब्सक्राइब करें! |
विधि संवाददाता नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने सरकार द्वारा तीन सप्ताह पहले लाये गये खाद्य सुरक्षा अध्यादेश को चुनौती देने वाली जनहित याचिका स्वीकार करने से आज इंकार कर दिया। न्यायमूर्ति टीएस "ाकुर और न्यायमूर्ति विक्रमजीत सेन की पी" ने इस जनहित याचिका पर सुनवाई करने से इंकार करते हुए याचिकाकर्ता से अपनी चिंताओं को उच्च न्यायालय के सामने रखने के लिए कहा। न्यायालय ने अधिवक्ता एमएल शर्मा द्वारा दायर याचिका पर आदेश पारित किया। शर्मा ने आरोप लगाया था कि केन्द सरकार राजनीतिक उद्देश्यों के लिए अध्यादेश लाई है और अदालत को इसकी वैधता जांचनी चाहिए। हालांकि पी" ने स्पष्ट किया कि अदालत इस आधार पर अध्यादेश की जांच नहीं कर सकती कि इसके पीछे राजनीतिक मंशा छिपी हुई है। पी" ने याचिकाकर्ता से अध्यादेश की वैधता को अन्य आधारों पर चुनौती देने के लिए उच्च न्यायालय से गुहार लगाने के लिए कहा। याचिका में अध्यादेश को खारिज करने की मांग करते हुए आरोप लगाया गया कि चुनावों से पहले प्रचार और राजनीतिक लाभ के लिए संवैधानिक प्रावधान का दुरूपयोग किया गया। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने पांच जुलाई को खाद्य सुरक्षा अध्यादेश पर हस्ताक्षर किये थे। इस अध्यादेश के तहत देश की दो तिहाई आबादी को एक से तीन रूपये प्रति किलो की सब्सिडी दर पर हर महीने पांच किलोग्राम खाद्यान्न दिए जाने का प्रावधान है। जनहित याचिका के अनुसार, अध्यादेश लाने के लिए कोई आपातकालीन परिस्थितियां नहीं थीं। इसलिए यह संविधान के अनुच्छेद 123 के नियमों के अनुकूल नहीं है। यह अधिसूचना असंवैधानिक है और इसे शून्य घोषित किया जाना चाहिए। याचिका में इस संबंध में कई सवाल खड़े किये जिसमें यह सवाल भी शामिल है कि सरकार आपातकालीन स्थिति के बगैर अनुच्छेद 123 लगा सकती है या नहीं।
| विधि संवाददाता नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने सरकार द्वारा तीन सप्ताह पहले लाये गये खाद्य सुरक्षा अध्यादेश को चुनौती देने वाली जनहित याचिका स्वीकार करने से आज इंकार कर दिया। न्यायमूर्ति टीएस "ाकुर और न्यायमूर्ति विक्रमजीत सेन की पी" ने इस जनहित याचिका पर सुनवाई करने से इंकार करते हुए याचिकाकर्ता से अपनी चिंताओं को उच्च न्यायालय के सामने रखने के लिए कहा। न्यायालय ने अधिवक्ता एमएल शर्मा द्वारा दायर याचिका पर आदेश पारित किया। शर्मा ने आरोप लगाया था कि केन्द सरकार राजनीतिक उद्देश्यों के लिए अध्यादेश लाई है और अदालत को इसकी वैधता जांचनी चाहिए। हालांकि पी" ने स्पष्ट किया कि अदालत इस आधार पर अध्यादेश की जांच नहीं कर सकती कि इसके पीछे राजनीतिक मंशा छिपी हुई है। पी" ने याचिकाकर्ता से अध्यादेश की वैधता को अन्य आधारों पर चुनौती देने के लिए उच्च न्यायालय से गुहार लगाने के लिए कहा। याचिका में अध्यादेश को खारिज करने की मांग करते हुए आरोप लगाया गया कि चुनावों से पहले प्रचार और राजनीतिक लाभ के लिए संवैधानिक प्रावधान का दुरूपयोग किया गया। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने पांच जुलाई को खाद्य सुरक्षा अध्यादेश पर हस्ताक्षर किये थे। इस अध्यादेश के तहत देश की दो तिहाई आबादी को एक से तीन रूपये प्रति किलो की सब्सिडी दर पर हर महीने पांच किलोग्राम खाद्यान्न दिए जाने का प्रावधान है। जनहित याचिका के अनुसार, अध्यादेश लाने के लिए कोई आपातकालीन परिस्थितियां नहीं थीं। इसलिए यह संविधान के अनुच्छेद एक सौ तेईस के नियमों के अनुकूल नहीं है। यह अधिसूचना असंवैधानिक है और इसे शून्य घोषित किया जाना चाहिए। याचिका में इस संबंध में कई सवाल खड़े किये जिसमें यह सवाल भी शामिल है कि सरकार आपातकालीन स्थिति के बगैर अनुच्छेद एक सौ तेईस लगा सकती है या नहीं। |
उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिला के मंडो गांव में बादल फट गया। राज्य आपदा प्रबंधन बल (एसडीआरएफ) के टीम इंचार्ज इंस्पेक्टर जगदंबा प्रसाद ने समाचार एजेंसी को बताया, घटना के बाद तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि चार लोग लापता है। वहीं, महाराष्ट्र में सेंट्रल मेन लाइन, हार्बर लाइन और ट्रांस हार्बर लाइन पर अत्यधिक बारिश की वजह से रेल सेवाएं प्रभावित हुई थीं।
बता दें कि पूरे भारत में मानसून छा जाने के बाद अब अगले एक हफ्ते तक उत्तरी क्षेत्र में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। जहां यूपी में शनिवार रात से रविवार सुबह के बीच कई जगहों पर अच्छी बारिश हुई, वहीं उत्तराखंड में बारिश का कहर टूट रहा है। इस बीच मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि पूरे उत्तर भारत में 18 से 21 जुलाई तक भारी बारिश होगी, जबकि पश्चिमी क्षेत्रों में यह हालात 23 जुलाई तक जारी रहेंगे।
मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र (जम्मू, कश्मीर, लद्दाख, गिलगित, बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड) में आगे भी भारी बारिश जारी रहेगी। उधर उत्तर-पश्चिम भारत- पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, यूपी और उत्तरी मध्यप्रदेश में भी 18 से 21 जुलाई तक जबरदस्त बारिश होगी। इसके बाद इन क्षेत्रों में बारिश घटने का अनुमान है।
| उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिला के मंडो गांव में बादल फट गया। राज्य आपदा प्रबंधन बल के टीम इंचार्ज इंस्पेक्टर जगदंबा प्रसाद ने समाचार एजेंसी को बताया, घटना के बाद तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि चार लोग लापता है। वहीं, महाराष्ट्र में सेंट्रल मेन लाइन, हार्बर लाइन और ट्रांस हार्बर लाइन पर अत्यधिक बारिश की वजह से रेल सेवाएं प्रभावित हुई थीं। बता दें कि पूरे भारत में मानसून छा जाने के बाद अब अगले एक हफ्ते तक उत्तरी क्षेत्र में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। जहां यूपी में शनिवार रात से रविवार सुबह के बीच कई जगहों पर अच्छी बारिश हुई, वहीं उत्तराखंड में बारिश का कहर टूट रहा है। इस बीच मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि पूरे उत्तर भारत में अट्ठारह से इक्कीस जुलाई तक भारी बारिश होगी, जबकि पश्चिमी क्षेत्रों में यह हालात तेईस जुलाई तक जारी रहेंगे। मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में आगे भी भारी बारिश जारी रहेगी। उधर उत्तर-पश्चिम भारत- पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, यूपी और उत्तरी मध्यप्रदेश में भी अट्ठारह से इक्कीस जुलाई तक जबरदस्त बारिश होगी। इसके बाद इन क्षेत्रों में बारिश घटने का अनुमान है। |
अभी इंसानों में कपड़ों की अहमियत बहुत ही ज्यादा है। लोग कपड़ें महंगे और डिजाइन किए गए ही पहना पसंद करते हैं। इसी तरह से कुछ लोग होते हैं जो जानवर पालने का शौक रखते हैं और उन पर लाखों खर्च करते हैं। इन्हीं लोगों का शौक पूरा करने के लिए एक कंपनी जानवरों (animals) के कपड़े बनाने शुरू किए हैं जो कि डिजाइन किए हुए हैं।
जैसे कि हम जानते हैं कि विदेशों में कई लोग छिपकली (lizards) और गिरगिट (chameleons) भी पालते हैं। ऐसे में ये कंपनी उन लोगों के साथ-साथ इन पालतू जीवों के लिए भी मैचिंग कपड़े बना रही है। बता दें कि इस कंपनी का नाम फैशन ब्रांड कंपनी है, जो छिपकलियों और गिरगिट के लिए कपड़े बनाने की वजह से दुनियाभर में फेमस हो गई है।
कंपनी के मुताबिक, कपड़े खासतौर पर अलग-अलग प्रकार की छिपकलियों और गिरगिट के लिए डिजाइन किए जाते हैं और उसी हिसाब से कपड़ों की सिलाई होती है कि उन्हें एकदम फिट आ जाए। इस अजीबोगरीब कंपनी की शुरुआत पेनेलॉप गजीन (Penelope Gazin) नाम की महिला ने की थी।
| अभी इंसानों में कपड़ों की अहमियत बहुत ही ज्यादा है। लोग कपड़ें महंगे और डिजाइन किए गए ही पहना पसंद करते हैं। इसी तरह से कुछ लोग होते हैं जो जानवर पालने का शौक रखते हैं और उन पर लाखों खर्च करते हैं। इन्हीं लोगों का शौक पूरा करने के लिए एक कंपनी जानवरों के कपड़े बनाने शुरू किए हैं जो कि डिजाइन किए हुए हैं। जैसे कि हम जानते हैं कि विदेशों में कई लोग छिपकली और गिरगिट भी पालते हैं। ऐसे में ये कंपनी उन लोगों के साथ-साथ इन पालतू जीवों के लिए भी मैचिंग कपड़े बना रही है। बता दें कि इस कंपनी का नाम फैशन ब्रांड कंपनी है, जो छिपकलियों और गिरगिट के लिए कपड़े बनाने की वजह से दुनियाभर में फेमस हो गई है। कंपनी के मुताबिक, कपड़े खासतौर पर अलग-अलग प्रकार की छिपकलियों और गिरगिट के लिए डिजाइन किए जाते हैं और उसी हिसाब से कपड़ों की सिलाई होती है कि उन्हें एकदम फिट आ जाए। इस अजीबोगरीब कंपनी की शुरुआत पेनेलॉप गजीन नाम की महिला ने की थी। |
नयी दिल्ली, तीन फरवरी राज्यसभा की कार्यवाही बाधित करने पर मार्शल की मदद से सदन से बाहर किये जाने के बाद आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने बुधवार को दावा किया कि कांग्रेस ने संसद में किसानों के मुद्दे को अलग से और आक्रामक तरीके से नहीं उठाने के लिए भाजपा के साथ पिछले दरवाजे से हाथ मिला लिया है।
सिंह ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि कांग्रेस को केंद्र द्वारा हाल ही में लागू विवादास्पद कृषि कानूनों पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।
राज्यसभा में बुधवार को आम आदमी पार्टी के तीन सदस्यों संजय सिंह, सुशील गुप्ता और एनडी गुप्ता को सदन की कार्यवाही बाधित करने पर दिन भर के लिए निलंबित कर दिया गया। बाद में उन्हें मार्शल की मदद से सदन से बाहर किया गया।
सुबह, उच्च सदन में शून्यकाल समाप्त होने पर संजय सिंह ने आंदोलन कर रहे किसानों से जुड़ा मुद्दा उठाने का प्रयास किया। लेकिन सभापति एम वेंकैया नायडू ने उन्हें अनुमति नहीं दी और कहा कि सदस्य राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर होने वाली चर्चा में अपनी बात रख सकते हैं।
उन्होंने कहा, "आज जब आप सांसदों को राज्यसभा से मार्शल की मदद से बाहर निकाला गया तो कांग्रेस पार्टी चुप्पी साधे रही।
Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।
| नयी दिल्ली, तीन फरवरी राज्यसभा की कार्यवाही बाधित करने पर मार्शल की मदद से सदन से बाहर किये जाने के बाद आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने बुधवार को दावा किया कि कांग्रेस ने संसद में किसानों के मुद्दे को अलग से और आक्रामक तरीके से नहीं उठाने के लिए भाजपा के साथ पिछले दरवाजे से हाथ मिला लिया है। सिंह ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि कांग्रेस को केंद्र द्वारा हाल ही में लागू विवादास्पद कृषि कानूनों पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। राज्यसभा में बुधवार को आम आदमी पार्टी के तीन सदस्यों संजय सिंह, सुशील गुप्ता और एनडी गुप्ता को सदन की कार्यवाही बाधित करने पर दिन भर के लिए निलंबित कर दिया गया। बाद में उन्हें मार्शल की मदद से सदन से बाहर किया गया। सुबह, उच्च सदन में शून्यकाल समाप्त होने पर संजय सिंह ने आंदोलन कर रहे किसानों से जुड़ा मुद्दा उठाने का प्रयास किया। लेकिन सभापति एम वेंकैया नायडू ने उन्हें अनुमति नहीं दी और कहा कि सदस्य राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर होने वाली चर्चा में अपनी बात रख सकते हैं। उन्होंने कहा, "आज जब आप सांसदों को राज्यसभा से मार्शल की मदद से बाहर निकाला गया तो कांग्रेस पार्टी चुप्पी साधे रही। Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है। |
नयी दिल्लीः इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) के विभिन्न पाठ्यक्रमों में नामांकन और पुनः पंजीकरण की अंतिम तिथि बढ़ाकर 10 फरवरी कर दी गयी है।
विश्वविद्यालय की ओर से जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, ऑनलाइन और मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा प्रणाली (ओडीएल) के पाठ्यक्रमों के लिए जनवरी 2023 सत्र में नामांकन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 2023 कर दी गई है।
विश्वविद्यालय ने नामांकन के अलावा पुनः पंजीकरण की तारीख भी 10 फरवरी तक बढ़ा दी है। इच्छुक विद्यार्थी इग्नू की वेबसाइट पर निर्धारित तिथि तक अपना नामांकन और पंजीकरण करा सकते हैं। (वार्ता)
| नयी दिल्लीः इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय के विभिन्न पाठ्यक्रमों में नामांकन और पुनः पंजीकरण की अंतिम तिथि बढ़ाकर दस फरवरी कर दी गयी है। विश्वविद्यालय की ओर से जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, ऑनलाइन और मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा प्रणाली के पाठ्यक्रमों के लिए जनवरी दो हज़ार तेईस सत्र में नामांकन की अंतिम तिथि बढ़ाकर दो हज़ार तेईस कर दी गई है। विश्वविद्यालय ने नामांकन के अलावा पुनः पंजीकरण की तारीख भी दस फरवरी तक बढ़ा दी है। इच्छुक विद्यार्थी इग्नू की वेबसाइट पर निर्धारित तिथि तक अपना नामांकन और पंजीकरण करा सकते हैं। |
कुछ दिन पहले डकैती की योजना बनाते हुए बीएनपी थाना पुलिस ने आरोपियों को पकड़ा था। खुद की सफलता के किस्से भी सुनाए थे, लेकिन गुरुवार देर रात को डकैती की सनसनीखेज वारदात ने पुलिस की इस सफलता पर सवाल खड़े कर दिए। करीब सात-आठ नकाबपोश बदमाश राजानल तालाब स्थित नगर निगम के फिल्टर प्लांट पर पहुंचे। यहां मौजूद कर्मचारियों के हाथ-पैर व मुंह बांधकर उनके साथ मारपीट की। प्लांट पर रखा सामान व नकदी-मोबाइल और बाइक लेकर भाग गए।
बीएनपी थाना पुलिस ने बताया कि घटना गुरुवार देर रात को हुई। फरियादी शिवनारायण पिता बलीराम (42) निवासी सुमराखेड़ी ने रिपोर्ट लिखाई है। फरियादी ने बताया कि वह अपने साथी कर्मचारी सईद व साजिद के साथ प्लांट पर ड्यूटी कर रहा था। रात करीब 1 बजे सात-आठ नकाबपोश बदमाश दीवार फांदकर अंदर घुसे। कर्मचारियों के साथ मारपीट कर रस्सी से उनके हाथ-पैर बांधकर पलंग से बांध दिया। उनके पास रखे तीन-हजार नकदी सहित मोबाइल छिन लिए। बाइक एमपी 09 एमएस 5054 भी चुराई। डीपी खोलकर कॉपर वायर की कॉइल निकाली। पनडुब्बी मोटर ले गए। इसके बाद गेस्ट हाउस में गए और यहां रखा फ्रिज और कूलर ले गए। मारपीट में शिवनारायण को ज्यादा चोट आई। सईद को भी चोट लगी। बदमाश लोडिंग वाहन से आए थे। वारदात के बाद सारा सामान उसी में भरकर ले गए। बदमाशों के जाने के बाद तड़के करीब चार बजे कर्मचारियों ने जैसे-तैसे रस्सी खोली और प्लांट के इंचार्ज इंजीनियर आरके शर्मा को सूचना दी। डायल 100 को भी फोन किया। बाद में नगर निगम तक खबर पहुंची। सूचना के बाद बीएनपी थाना प्रभारी उमरावसिंह बल के साथ घटनास्थल पहुंचे व मुआयना किया। डॉग स्क्वाड की मदद ली गई। एसपी अंशुमान सिंह भी प्लांट पहुंचे व घटना की जानकारी ली। महापौर सुभाष शर्मा ने भी घटनास्थल पहुंचकर जानकारी ली और पुलिस अधिकारियों से चर्चा की। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ डकैती का केस दर्ज किया।
इंजीनियर आरके शर्मा ने बताया कि घटना में आरोपी 315 केवीए का कॉपर वाइंडिंग वायर, फ्रिज, कूलर, 5 एचपी मोटर, गैस सिलेंडर, ट्रांसफॉर्मर ऑइल, साजिद की बाइक, 3 मोबाइल सहित करीब 4-5 लाख रुपए का सामान ले गए। तीनों कर्मचारी दैनिक वेतनभोगी थे। महापौर सुभाष शर्मा ने बताया कि गुरुवार रात को हुई घटना के बाद वे शुक्रवार दिन में घटनास्थल पर गए थे। कर्मचारियों से बात कर घटना की जानकारी ली। एसपी से बात हुई है। पुलिस ने जल्द ही आरोपियों को पकड़ने का आश्वासन दिया है।
बीएनपी थाना प्रभारी उमराव सिंह के मुताबिक फिल्टर प्लांट से करीब एक किमी दूर ट्यूबवेल है जहां से पंप में पानी आता है। इसके बाद इसे सप्लाय किया जाता है। वारदात के दौरान बदमाश करीब तीन घंटे प्लांट पर रूके रहे। उनके जाने के बाद तीनों कर्मचारियों ने जैसे-तैसे रस्सी खोली और एक किमी दूर ट्यूबवेल पर गए। वहां जाकर कर्मचारी लाखन को घटना बताई। लाखन ने भौंरासा पुलिस को खबर की। इसके बाद वहां से एफआरवी के पास सूचना गई। एफआरवी ने बीएनपी थाने पर सूचना दी। बाद में हम सब मौके पर पहुंचे। जिस जगह वारदात हुई है वह सुनसान है। आसपास जंगल और पहाड़ी है। हाईवे से भी दो किमी अंदर है। यह प्रतीत हो रहा है कि वारदात से पहले बदमाशों ने उक्त स्थल की रैकी की होगी। उन्होंने पूरी जानकारी जुटाई होगी कि प्लांट पर कितने लोग रहते हैं। वहां क्या-क्या सामान रखा है। संभवतः इसीलिए वे लोडिंग वाहन लेकर गए थे। डीपी में से ऑइल चुराने वाली गैंग भी इसमें लिप्त हो सकती है। अलग-अलग पहलुओं पर विवेचना कर रहे हैं। उम्मीद है कि जल्द ही वारदात का खुलासा हो जाएगा।
09 देवास 01-घटनास्थल का मुआयना करते महापौर।
09 देवास 02-गेस्ट हाउस में डॉग की मदद से जांच करते हुए।
09 देवास 03-यहां बांधा था कर्मचारियों को।
09 देवास 04-इस रस्सी से बांधा था।
09 देवास 05-जांच करती पुलिस।
| कुछ दिन पहले डकैती की योजना बनाते हुए बीएनपी थाना पुलिस ने आरोपियों को पकड़ा था। खुद की सफलता के किस्से भी सुनाए थे, लेकिन गुरुवार देर रात को डकैती की सनसनीखेज वारदात ने पुलिस की इस सफलता पर सवाल खड़े कर दिए। करीब सात-आठ नकाबपोश बदमाश राजानल तालाब स्थित नगर निगम के फिल्टर प्लांट पर पहुंचे। यहां मौजूद कर्मचारियों के हाथ-पैर व मुंह बांधकर उनके साथ मारपीट की। प्लांट पर रखा सामान व नकदी-मोबाइल और बाइक लेकर भाग गए। बीएनपी थाना पुलिस ने बताया कि घटना गुरुवार देर रात को हुई। फरियादी शिवनारायण पिता बलीराम निवासी सुमराखेड़ी ने रिपोर्ट लिखाई है। फरियादी ने बताया कि वह अपने साथी कर्मचारी सईद व साजिद के साथ प्लांट पर ड्यूटी कर रहा था। रात करीब एक बजे सात-आठ नकाबपोश बदमाश दीवार फांदकर अंदर घुसे। कर्मचारियों के साथ मारपीट कर रस्सी से उनके हाथ-पैर बांधकर पलंग से बांध दिया। उनके पास रखे तीन-हजार नकदी सहित मोबाइल छिन लिए। बाइक एमपी नौ एमएस पाँच हज़ार चौवन भी चुराई। डीपी खोलकर कॉपर वायर की कॉइल निकाली। पनडुब्बी मोटर ले गए। इसके बाद गेस्ट हाउस में गए और यहां रखा फ्रिज और कूलर ले गए। मारपीट में शिवनारायण को ज्यादा चोट आई। सईद को भी चोट लगी। बदमाश लोडिंग वाहन से आए थे। वारदात के बाद सारा सामान उसी में भरकर ले गए। बदमाशों के जाने के बाद तड़के करीब चार बजे कर्मचारियों ने जैसे-तैसे रस्सी खोली और प्लांट के इंचार्ज इंजीनियर आरके शर्मा को सूचना दी। डायल एक सौ को भी फोन किया। बाद में नगर निगम तक खबर पहुंची। सूचना के बाद बीएनपी थाना प्रभारी उमरावसिंह बल के साथ घटनास्थल पहुंचे व मुआयना किया। डॉग स्क्वाड की मदद ली गई। एसपी अंशुमान सिंह भी प्लांट पहुंचे व घटना की जानकारी ली। महापौर सुभाष शर्मा ने भी घटनास्थल पहुंचकर जानकारी ली और पुलिस अधिकारियों से चर्चा की। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ डकैती का केस दर्ज किया। इंजीनियर आरके शर्मा ने बताया कि घटना में आरोपी तीन सौ पंद्रह केवीए का कॉपर वाइंडिंग वायर, फ्रिज, कूलर, पाँच एचपी मोटर, गैस सिलेंडर, ट्रांसफॉर्मर ऑइल, साजिद की बाइक, तीन मोबाइल सहित करीब चार-पाँच लाख रुपए का सामान ले गए। तीनों कर्मचारी दैनिक वेतनभोगी थे। महापौर सुभाष शर्मा ने बताया कि गुरुवार रात को हुई घटना के बाद वे शुक्रवार दिन में घटनास्थल पर गए थे। कर्मचारियों से बात कर घटना की जानकारी ली। एसपी से बात हुई है। पुलिस ने जल्द ही आरोपियों को पकड़ने का आश्वासन दिया है। बीएनपी थाना प्रभारी उमराव सिंह के मुताबिक फिल्टर प्लांट से करीब एक किमी दूर ट्यूबवेल है जहां से पंप में पानी आता है। इसके बाद इसे सप्लाय किया जाता है। वारदात के दौरान बदमाश करीब तीन घंटे प्लांट पर रूके रहे। उनके जाने के बाद तीनों कर्मचारियों ने जैसे-तैसे रस्सी खोली और एक किमी दूर ट्यूबवेल पर गए। वहां जाकर कर्मचारी लाखन को घटना बताई। लाखन ने भौंरासा पुलिस को खबर की। इसके बाद वहां से एफआरवी के पास सूचना गई। एफआरवी ने बीएनपी थाने पर सूचना दी। बाद में हम सब मौके पर पहुंचे। जिस जगह वारदात हुई है वह सुनसान है। आसपास जंगल और पहाड़ी है। हाईवे से भी दो किमी अंदर है। यह प्रतीत हो रहा है कि वारदात से पहले बदमाशों ने उक्त स्थल की रैकी की होगी। उन्होंने पूरी जानकारी जुटाई होगी कि प्लांट पर कितने लोग रहते हैं। वहां क्या-क्या सामान रखा है। संभवतः इसीलिए वे लोडिंग वाहन लेकर गए थे। डीपी में से ऑइल चुराने वाली गैंग भी इसमें लिप्त हो सकती है। अलग-अलग पहलुओं पर विवेचना कर रहे हैं। उम्मीद है कि जल्द ही वारदात का खुलासा हो जाएगा। नौ देवास एक-घटनास्थल का मुआयना करते महापौर। नौ देवास दो-गेस्ट हाउस में डॉग की मदद से जांच करते हुए। नौ देवास तीन-यहां बांधा था कर्मचारियों को। नौ देवास चार-इस रस्सी से बांधा था। नौ देवास पाँच-जांच करती पुलिस। |
विभाजन। यह क्या है और यह कैसे चेहरे की त्वचा से अलग है?
ज्यादातर लोगों का मानना है कि जूते, जैकेट, कोट, कोट और बेल्ट सामग्री के दो प्रकार से बनाः स्थानापन्न और चमड़े (कभी कभी के रूप में कृत्रिम चमड़े के लिए कहा गया है)। स्वाभाविक रूप से, सभी कृत्रिम प्राकृतिक की तुलना में काफी बदतर। इस ज्ञान त्वचा पर अधिकांश उपभोक्ताओं को आमतौर पर कुशलता बिसाती के कुछ बेईमान उत्पादकों का उपयोग की तुलना में समाप्त हो। वास्तव में, सामग्री अलग है। त्वचा की गुणवत्ता में अलग है, वहाँ एक "सामने" और "विभाजन" है। यह क्या है? माल की पेचीदगियों को समझने के लिए, तकनीकी विवरण की बेहतर जानकारी के होना चाहिए।
सबसे अच्छा त्वचा एक बैल या एक गाय माना जाता है। काफी सुखद और यहां तक कि कुछ इत्र की संरचना में शामिल - की ताकत, सौंदर्य उपस्थिति और गंध की एक लगभग पूर्ण अभाव, इत्र के अपवाद के साथ कहा जा सकता है अपनी निर्विवाद गुण के अलावा। बाद त्वचा जानवर और zadubili से हटा दिया गया था, यह कुछ मिलीमीटर की एक अपेक्षाकृत मोटी परत है। ऐसा नहीं है कि उसकी बेल्ट से सीना या यह असंभव है करने के लिए स्पष्ट है। प्राचीन मंगोल सवारों इस सामग्री कवच और ढाल, टिकाऊ (वे उछाल के माध्यम से तोड़ने नहीं था) और फेफड़ों की बना रहे थे। लेकिन हम एक अलग समय में रहते हैं, इन उपचार आवश्यक नहीं हैं। और इसलिए अधिक दबाव कार्यों को प्रारंभ करने।
यह बिक्री योग्य त्वचा का उत्पादन करने के लिए उसे लेयरिंग जुदाई की आवश्यकता है। ऊपरी भाग - चेहरा। यह अपने फायदे हैं, लेकिन नुकसान भी वह वंचित नहीं है। झुर्रियों सहित सभी दोष,, पशु के जीवन के दौरान प्राप्त खरोंच, यहाँ प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, के रूप में वे कहते हैं, स्पष्ट है। वे अनुभवी निर्माताओं पीस और मुहर लगाकर संघर्ष। पहली विधि, त्वचा परत छोड़ देते हैं स्टील प्लेट छिद्रण में होते हैं, जिस सामग्री पूरी तरह से चिकनी, "proutyuzhennym" हो जाता है। दूसरी विधि युवाओं और डेनिम बिसाती के लिए लागू हैः पर सतह extruded लोगो, "विशेषताओं का मीठा जीवन" रॉक बैंड और अन्य के नाम इस तरह के हार्ले-डेविडसन, या लेवी के रूप में है।
चयनित त्वचा, झुर्रियों के बिना, तब भी हो, लेकिन बहुत कम ही। यह एक महंगी वस्तु है।
लेकिन वापस प्रक्रिया के लिए। यह त्वचा के एक ही क्षेत्र, सतह परत से रहित रहता है। यह विभाजन। यह क्या है और यह कैसे लागू करने के लिए उपयोगी हो सकता है? बाहर फेंक नहीं है? बेशक नहीं।
संक्षेप में, यह भी त्वचा है, और बहुत अच्छा है। यदि यह zapolirovat, आप प्राकृतिक झरझरा संरचना के अपवाद के साथ बहुत सामने के समान हो,, हवा का आयोजन। यह एक गर्म प्रेस के प्रभाव से ग्रस्त है, और शक्ति को कुछ हद तक कम हो जाता है। चूंकि यह असंभव है परत (असमान पशुओं की त्वचा) की मोटाई को नियंत्रित करने के लिए, कभी कभी दो परतों आदेश कच्चे माल है, जो बेल्ट के निर्माण में विशेष रूप से महत्वपूर्ण है के मानक मापदंडों का सामना करने में विभाजन prokleivat है।
सामग्री विभाजन के बारे में कहना है कि यह असली लेदर का एक विकल्प है, यह असंभव है, क्योंकि यह विचार उद्योग के लिए सबसे अच्छा कच्चे माल के रूप में एक ही त्वचा से उत्पादन किया जाता है,। एक और सवाल क्यों यह लागू करने के लिए सलाह दी जाती है है। फ़ेसिंग परत पानी के लिए एक बेहतर प्रतिरोध है, तो रेनकोट, जैकेट या जूते विभाजन चमड़े से सीना अनुशंसित नहीं है। वैसे भी, जबकि सतह की संरचना तेज अत्याधुनिक विशेष उपकरण टूट गया है, और फलस्वरूप गीला ऐसे उत्पाद मिल मजबूत हो जाएगा। लेकिन इस सामग्री के बेल्ट लगभग के रूप में चेहरे की त्वचा के रूप में अच्छा हो सकता है, और बहुत कम हो सकती है। स्पार्क्स के लिए सबसे कमजोर क्षेत्रों पर विभाजित चमड़े के साथ वेल्डर सूट और चला जाता है पूरी तरह से काम करते हैं, क्योंकि विकल्प के विपरीत, चमड़े पिघला नहीं करता और व्यावहारिक रूप से जला नहीं है।
हालांकि, तुर्की कारीगरों चर्मकार के उत्पादों, फैशन शैलियों में निपुण अक्सर, बारिश के प्रभाव सहन नहीं कर सकते तो अपनी पसंद सतर्क व्यवहार किया जाना चाहिए।
विभाजन के बारे में कहा जा सकता है, यह भी suede के उत्पादन, साथ ही चेहरे की त्वचा के लिए एक उत्कृष्ट कच्चा माल है, "फुलाना" यह नहीं मुश्किल है, और यह बहुत अच्छा लग रहा है।
विभाजन चमड़े और अनाज चमड़े के मुख्य अंतर यह गलत साइड में है। यदि यह एक समान संरचना फजी, सुंदर चिकनी है, यह पता चलता है कि यह एक तेज चाकू, एक विभाजित मशीन चला गया। कच्चे खाल को देखते हुए, आप देख सकते हैं कि अपनी नकारात्मक पक्ष यह अलग नसों के साथ बिंदीदार है, इसलिए जब लेमिनेशन इस पार्टी चमड़े नीचे विभाजित होगा। यदि संभव हो तो, आप, चाहे एक एकल परत त्वचा के लिए ध्यान देना चाहिए यह दो पतली प्लेटों से एक साथ चिपके है या नहीं। बेल्ट तुम सिर्फ मोड़ की जरूरत के मामले में, एक ही विधि प्राकृतिक कच्चे माल निर्धारित करने के लिए प्रयोग किया जाता है। यह त्वचा समतल किया जाता है, और यह तनाव का प्रभाव नहीं रहता। रंग की गुणवत्ता निर्धारित करने के लिए अपने हाथों में उत्पाद और उपयोगी मैश, क्योंकि अगर वहाँ छीलने या उत्साह से भरा हुआ है, स्थिति खराब है।
इस कारोबार में है और बहुत उत्साही नहीं होना चाहिए, के रूप में कई विक्रेताओं के लिए अपने उत्पाद के लिए तरह कर रहे हैं, और आक्रोश व्यक्त कर सकते हैं, कभी कभी हार्ड हिटिंग के रूप में। सभी जोड़तोड़ धीरे किया जाना चाहिए, तो बात करने के लिए, कट्टरता के बिना।
दुर्भाग्यपूर्ण कुछ भी नहीं है चमड़े बात हुआ - आप सुरक्षित रूप से इसे खरीद सकते हैं। मूल्य सही, निश्चित रूप से है।
| विभाजन। यह क्या है और यह कैसे चेहरे की त्वचा से अलग है? ज्यादातर लोगों का मानना है कि जूते, जैकेट, कोट, कोट और बेल्ट सामग्री के दो प्रकार से बनाः स्थानापन्न और चमड़े । स्वाभाविक रूप से, सभी कृत्रिम प्राकृतिक की तुलना में काफी बदतर। इस ज्ञान त्वचा पर अधिकांश उपभोक्ताओं को आमतौर पर कुशलता बिसाती के कुछ बेईमान उत्पादकों का उपयोग की तुलना में समाप्त हो। वास्तव में, सामग्री अलग है। त्वचा की गुणवत्ता में अलग है, वहाँ एक "सामने" और "विभाजन" है। यह क्या है? माल की पेचीदगियों को समझने के लिए, तकनीकी विवरण की बेहतर जानकारी के होना चाहिए। सबसे अच्छा त्वचा एक बैल या एक गाय माना जाता है। काफी सुखद और यहां तक कि कुछ इत्र की संरचना में शामिल - की ताकत, सौंदर्य उपस्थिति और गंध की एक लगभग पूर्ण अभाव, इत्र के अपवाद के साथ कहा जा सकता है अपनी निर्विवाद गुण के अलावा। बाद त्वचा जानवर और zadubili से हटा दिया गया था, यह कुछ मिलीमीटर की एक अपेक्षाकृत मोटी परत है। ऐसा नहीं है कि उसकी बेल्ट से सीना या यह असंभव है करने के लिए स्पष्ट है। प्राचीन मंगोल सवारों इस सामग्री कवच और ढाल, टिकाऊ और फेफड़ों की बना रहे थे। लेकिन हम एक अलग समय में रहते हैं, इन उपचार आवश्यक नहीं हैं। और इसलिए अधिक दबाव कार्यों को प्रारंभ करने। यह बिक्री योग्य त्वचा का उत्पादन करने के लिए उसे लेयरिंग जुदाई की आवश्यकता है। ऊपरी भाग - चेहरा। यह अपने फायदे हैं, लेकिन नुकसान भी वह वंचित नहीं है। झुर्रियों सहित सभी दोष,, पशु के जीवन के दौरान प्राप्त खरोंच, यहाँ प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, के रूप में वे कहते हैं, स्पष्ट है। वे अनुभवी निर्माताओं पीस और मुहर लगाकर संघर्ष। पहली विधि, त्वचा परत छोड़ देते हैं स्टील प्लेट छिद्रण में होते हैं, जिस सामग्री पूरी तरह से चिकनी, "proutyuzhennym" हो जाता है। दूसरी विधि युवाओं और डेनिम बिसाती के लिए लागू हैः पर सतह extruded लोगो, "विशेषताओं का मीठा जीवन" रॉक बैंड और अन्य के नाम इस तरह के हार्ले-डेविडसन, या लेवी के रूप में है। चयनित त्वचा, झुर्रियों के बिना, तब भी हो, लेकिन बहुत कम ही। यह एक महंगी वस्तु है। लेकिन वापस प्रक्रिया के लिए। यह त्वचा के एक ही क्षेत्र, सतह परत से रहित रहता है। यह विभाजन। यह क्या है और यह कैसे लागू करने के लिए उपयोगी हो सकता है? बाहर फेंक नहीं है? बेशक नहीं। संक्षेप में, यह भी त्वचा है, और बहुत अच्छा है। यदि यह zapolirovat, आप प्राकृतिक झरझरा संरचना के अपवाद के साथ बहुत सामने के समान हो,, हवा का आयोजन। यह एक गर्म प्रेस के प्रभाव से ग्रस्त है, और शक्ति को कुछ हद तक कम हो जाता है। चूंकि यह असंभव है परत की मोटाई को नियंत्रित करने के लिए, कभी कभी दो परतों आदेश कच्चे माल है, जो बेल्ट के निर्माण में विशेष रूप से महत्वपूर्ण है के मानक मापदंडों का सामना करने में विभाजन prokleivat है। सामग्री विभाजन के बारे में कहना है कि यह असली लेदर का एक विकल्प है, यह असंभव है, क्योंकि यह विचार उद्योग के लिए सबसे अच्छा कच्चे माल के रूप में एक ही त्वचा से उत्पादन किया जाता है,। एक और सवाल क्यों यह लागू करने के लिए सलाह दी जाती है है। फ़ेसिंग परत पानी के लिए एक बेहतर प्रतिरोध है, तो रेनकोट, जैकेट या जूते विभाजन चमड़े से सीना अनुशंसित नहीं है। वैसे भी, जबकि सतह की संरचना तेज अत्याधुनिक विशेष उपकरण टूट गया है, और फलस्वरूप गीला ऐसे उत्पाद मिल मजबूत हो जाएगा। लेकिन इस सामग्री के बेल्ट लगभग के रूप में चेहरे की त्वचा के रूप में अच्छा हो सकता है, और बहुत कम हो सकती है। स्पार्क्स के लिए सबसे कमजोर क्षेत्रों पर विभाजित चमड़े के साथ वेल्डर सूट और चला जाता है पूरी तरह से काम करते हैं, क्योंकि विकल्प के विपरीत, चमड़े पिघला नहीं करता और व्यावहारिक रूप से जला नहीं है। हालांकि, तुर्की कारीगरों चर्मकार के उत्पादों, फैशन शैलियों में निपुण अक्सर, बारिश के प्रभाव सहन नहीं कर सकते तो अपनी पसंद सतर्क व्यवहार किया जाना चाहिए। विभाजन के बारे में कहा जा सकता है, यह भी suede के उत्पादन, साथ ही चेहरे की त्वचा के लिए एक उत्कृष्ट कच्चा माल है, "फुलाना" यह नहीं मुश्किल है, और यह बहुत अच्छा लग रहा है। विभाजन चमड़े और अनाज चमड़े के मुख्य अंतर यह गलत साइड में है। यदि यह एक समान संरचना फजी, सुंदर चिकनी है, यह पता चलता है कि यह एक तेज चाकू, एक विभाजित मशीन चला गया। कच्चे खाल को देखते हुए, आप देख सकते हैं कि अपनी नकारात्मक पक्ष यह अलग नसों के साथ बिंदीदार है, इसलिए जब लेमिनेशन इस पार्टी चमड़े नीचे विभाजित होगा। यदि संभव हो तो, आप, चाहे एक एकल परत त्वचा के लिए ध्यान देना चाहिए यह दो पतली प्लेटों से एक साथ चिपके है या नहीं। बेल्ट तुम सिर्फ मोड़ की जरूरत के मामले में, एक ही विधि प्राकृतिक कच्चे माल निर्धारित करने के लिए प्रयोग किया जाता है। यह त्वचा समतल किया जाता है, और यह तनाव का प्रभाव नहीं रहता। रंग की गुणवत्ता निर्धारित करने के लिए अपने हाथों में उत्पाद और उपयोगी मैश, क्योंकि अगर वहाँ छीलने या उत्साह से भरा हुआ है, स्थिति खराब है। इस कारोबार में है और बहुत उत्साही नहीं होना चाहिए, के रूप में कई विक्रेताओं के लिए अपने उत्पाद के लिए तरह कर रहे हैं, और आक्रोश व्यक्त कर सकते हैं, कभी कभी हार्ड हिटिंग के रूप में। सभी जोड़तोड़ धीरे किया जाना चाहिए, तो बात करने के लिए, कट्टरता के बिना। दुर्भाग्यपूर्ण कुछ भी नहीं है चमड़े बात हुआ - आप सुरक्षित रूप से इसे खरीद सकते हैं। मूल्य सही, निश्चित रूप से है। |
भौतिकी के प्रोफेसर से देश के गृहमंत्री तक का लंबा सफर तय करने वाले राजनाथ सिंह भारतीय जनता पार्टी के ऐसे मजबूत स्तंभ हैं जिनकी पहचान कुशल प्रशासक और राजनीतिक शुचिता का सम्मान करने वाले परिपक्व नेता के रूप में होती है। राजनाथ सिंह ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद कैबिनेट मंत्री के तौर पर शपथ ली। मधुरभाषी और नपा तुला बोलने वाले सिंह प्रतिद्वंद्वियों पर कमोबेश निजी हमले करने से गुरेज़ करते हैं। पार्टी में उनके कद का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि लाल कृष्ण आडवाणी के बाद वह ऐसे नेता हैं जिन्होंने दो अलग अलग कार्यकाल के लिए पार्टी की कमान संभाली है। आडवाणी तीन बार (1986 से 1990 , 1993 से 1998 और 2004 से 2005) पार्टी अध्यक्ष रहे जबकि सिंह 2005 से 2009 तक अध्यक्ष रहने के बाद 2013 - 14 में भी भाजपा अध्यक्ष रहे। उन्हीं के अध्यक्ष रहते पहली बार प्रधानमंत्री पद के लिये नरेंद्र मोदी के नाम पर मुहर लगी थी। संघ के साथ उनके बेहतर रिश्ते का अनुमान इस बात से लगाया जा सकता है कि आडवाणी के जिन्ना प्रकरण के बाद संघ ने सिंह को ही पार्टी के अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी थी।
इसके बाद उन्होंने दूसरी बार पार्टी की कमान तब संभाली थी जब 'पूर्ती मामले' में नितिन गडकरी का नाम सामने आया था। साधारण किसान परिवार में जन्मे सिंह ने मामूली कार्यकर्ता से लेकर पार्टी के अध्यक्ष और देश के गृह मंत्री जैसे अहम पद का जिम्मा संभाला है। बनारस के पास चंदौली जिले में जन्मे सिंह एक कुशल प्रशासक के रूप में जाने जाते हैं। वह सियासत में कदम रखने से पहले मिर्जापुर के कॉलेज में व्याख्याता हुआ करते थे। भाजपा में सफलता की सीढ़ी संघ है और सिंह का राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ से गहरा नाता है। 1964 में 13 वर्ष की अवस्था में ही वह संघ से जुड़ गए। व्याख्याता बनने के बाद भी संघ से उनका जुड़ाव बना रहा। 10 जुलाई 1951 को जन्मे सिंह ने गोरखपुर विश्वविद्यालय से भौतिकी विषय में परास्नातक की डिग्री हासिल की। उन्हें 1974 में भारतीय जनसंघ का मिर्जापुर का सचिव बनाया गया। देश में 1975 में आपातकाल लगा तो वह जेल भी गए। 1977 में जब देश में चुनाव हुए तो वह उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर से पहली बार विधायक बने थे। इसके बाद उन्हें तीन बार इसी सीट से जीत मिली।
सिंह को 1986 में भारतीय जनता युवा मोर्चा का राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया। बाद में वह 1988 में इसके राष्ट्रीय अध्यक्ष बने। इसी साल सिंह उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य निर्वाचित हुए। साल 1991 में जब उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी तो राजनाथ को शिक्षा मंत्री बनाया गया। 1994 में वह राज्यसभा गए और 1997 में उत्तर प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष बनाए गए। उत्तर प्रदेश के शिक्षा मंत्री रहते उन्होंने एंटी-कॉपिंग कानून लागू करवाया था। इसमें नकलची विद्यार्थियों को परीक्षा हॉल से गिरफ्तार किया जाता था और जमानत अदालत से मिलती थी। साथ ही वैदिक गणित को पाठ्यक्रम में भी शामिल करवाने का श्रेय उन्हें ही जाता है। सिंह 20 अक्टूबर 2000 को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। हालांकि उनका कार्यकाल दो साल से भी कम समय का रहा। इसके बाद केंद्र की अटल बिहारी वाजपेयी नीत राजग सरकार में सिंह को भूतल परिवहन और कृषि मंत्री बनाया गया था। उनको पहली बार पार्टी की कमान 2005 से 2009 तक मिली तो दूसरी बार वह इस पद पर 2013 से 2014 तक रहे। सिंह 2009 में गाजियाबाद और 2014 तथा 2019 में लखनऊ से सांसद निर्वाचित हुए। 2014 में जब भाजपा की सरकार बनी तो उन्हें देश का गृहमंत्री बनाया गया।
| भौतिकी के प्रोफेसर से देश के गृहमंत्री तक का लंबा सफर तय करने वाले राजनाथ सिंह भारतीय जनता पार्टी के ऐसे मजबूत स्तंभ हैं जिनकी पहचान कुशल प्रशासक और राजनीतिक शुचिता का सम्मान करने वाले परिपक्व नेता के रूप में होती है। राजनाथ सिंह ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद कैबिनेट मंत्री के तौर पर शपथ ली। मधुरभाषी और नपा तुला बोलने वाले सिंह प्रतिद्वंद्वियों पर कमोबेश निजी हमले करने से गुरेज़ करते हैं। पार्टी में उनके कद का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि लाल कृष्ण आडवाणी के बाद वह ऐसे नेता हैं जिन्होंने दो अलग अलग कार्यकाल के लिए पार्टी की कमान संभाली है। आडवाणी तीन बार पार्टी अध्यक्ष रहे जबकि सिंह दो हज़ार पाँच से दो हज़ार नौ तक अध्यक्ष रहने के बाद दो हज़ार तेरह - चौदह में भी भाजपा अध्यक्ष रहे। उन्हीं के अध्यक्ष रहते पहली बार प्रधानमंत्री पद के लिये नरेंद्र मोदी के नाम पर मुहर लगी थी। संघ के साथ उनके बेहतर रिश्ते का अनुमान इस बात से लगाया जा सकता है कि आडवाणी के जिन्ना प्रकरण के बाद संघ ने सिंह को ही पार्टी के अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी थी। इसके बाद उन्होंने दूसरी बार पार्टी की कमान तब संभाली थी जब 'पूर्ती मामले' में नितिन गडकरी का नाम सामने आया था। साधारण किसान परिवार में जन्मे सिंह ने मामूली कार्यकर्ता से लेकर पार्टी के अध्यक्ष और देश के गृह मंत्री जैसे अहम पद का जिम्मा संभाला है। बनारस के पास चंदौली जिले में जन्मे सिंह एक कुशल प्रशासक के रूप में जाने जाते हैं। वह सियासत में कदम रखने से पहले मिर्जापुर के कॉलेज में व्याख्याता हुआ करते थे। भाजपा में सफलता की सीढ़ी संघ है और सिंह का राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ से गहरा नाता है। एक हज़ार नौ सौ चौंसठ में तेरह वर्ष की अवस्था में ही वह संघ से जुड़ गए। व्याख्याता बनने के बाद भी संघ से उनका जुड़ाव बना रहा। दस जुलाई एक हज़ार नौ सौ इक्यावन को जन्मे सिंह ने गोरखपुर विश्वविद्यालय से भौतिकी विषय में परास्नातक की डिग्री हासिल की। उन्हें एक हज़ार नौ सौ चौहत्तर में भारतीय जनसंघ का मिर्जापुर का सचिव बनाया गया। देश में एक हज़ार नौ सौ पचहत्तर में आपातकाल लगा तो वह जेल भी गए। एक हज़ार नौ सौ सतहत्तर में जब देश में चुनाव हुए तो वह उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर से पहली बार विधायक बने थे। इसके बाद उन्हें तीन बार इसी सीट से जीत मिली। सिंह को एक हज़ार नौ सौ छियासी में भारतीय जनता युवा मोर्चा का राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया। बाद में वह एक हज़ार नौ सौ अठासी में इसके राष्ट्रीय अध्यक्ष बने। इसी साल सिंह उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य निर्वाचित हुए। साल एक हज़ार नौ सौ इक्यानवे में जब उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी तो राजनाथ को शिक्षा मंत्री बनाया गया। एक हज़ार नौ सौ चौरानवे में वह राज्यसभा गए और एक हज़ार नौ सौ सत्तानवे में उत्तर प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष बनाए गए। उत्तर प्रदेश के शिक्षा मंत्री रहते उन्होंने एंटी-कॉपिंग कानून लागू करवाया था। इसमें नकलची विद्यार्थियों को परीक्षा हॉल से गिरफ्तार किया जाता था और जमानत अदालत से मिलती थी। साथ ही वैदिक गणित को पाठ्यक्रम में भी शामिल करवाने का श्रेय उन्हें ही जाता है। सिंह बीस अक्टूबर दो हज़ार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। हालांकि उनका कार्यकाल दो साल से भी कम समय का रहा। इसके बाद केंद्र की अटल बिहारी वाजपेयी नीत राजग सरकार में सिंह को भूतल परिवहन और कृषि मंत्री बनाया गया था। उनको पहली बार पार्टी की कमान दो हज़ार पाँच से दो हज़ार नौ तक मिली तो दूसरी बार वह इस पद पर दो हज़ार तेरह से दो हज़ार चौदह तक रहे। सिंह दो हज़ार नौ में गाजियाबाद और दो हज़ार चौदह तथा दो हज़ार उन्नीस में लखनऊ से सांसद निर्वाचित हुए। दो हज़ार चौदह में जब भाजपा की सरकार बनी तो उन्हें देश का गृहमंत्री बनाया गया। |
गुरु एक ऐसा शब्द जो भारतीय दर्शन, संस्कृति और समाज में एक विशिष्ट स्थान रखता है. जिसे ज्ञान, विज्ञानं, ध्यान और भगवान तक पहुँचने का आरम्भिक और आखिरी सीढ़ी माना जाता है. पर सवाल यह उठता है कि क्या गुरु मानने पर आधारित है या फिर भारतीय समाज में इसका वही स्थान है जो भारतीय दर्शन और संस्कृति में नीहित है. गुरु का मिलना एक विशिष्ट घटना है जो हमें एक शारीर प्राप्त करने और फिर उसे छोड़ने तक घटित होती है. मैं समझ सकता हूँ कि मेरी बाते आप सभी को कुछ अजीब लग रही होगी. आगे इसे अगले पोस्ट ( मुझ जैसा गुरु या फिर गुरु जैसा मैं -२ ) में स्पष्ट करना चाहूँगा. फिलहाल यदि भारतीय समाज का विश्लेषण किया जाय तो हम पाएंगे कि अक्सर यहाँ गुरु को नज़रन्दाज और तिरस्कार करते हुए किसी विशेष को गुरु बनाया जाता है. किसी ऐसे को जो हमारे स्वार्थ, सत्ता और वर्चस्व से जुड़ा हुआ हो या फिर हम यह विश्वास रखते हैं उसके प्रति कि उसकी कृपा से हमारा स्वार्थ, सत्ता और वर्चस्व हमें हाशिल है या फिर हाशिल होगा. क्या सचमुच वो गुरु है जो हमारे स्वार्थ, वर्चस्व और सत्ता से जुड़ा है. जहाँ यह तीनों का स्थान हो वहां गुरु का तो कोई स्थान ही नहीं. इस प्रकार भारतीय समाज गुरु को भारतीय दर्शन और संस्कृति से खंडित करते हुए अपने स्वार्थ, सत्ता और वर्चस्व के लिए पारम्परिक और व्यवहारिक करता आया है. एक तरफ हम कहते हैं कि गुरु का स्थान भगवान् से ऊपर है, वह ज्ञान का स्रोत है और वह एक सच्चा मार्ग दर्शक है. वही दूसरी तरफ हम गुरु किसी ऐसे शख्स को बनाते हैं जिससे हमारा स्वार्थ, वर्चस्व और सत्ता सिद्ध होती रहती या फिर जिससे स्वार्थ, वर्चस्व और सत्ता के होने का भ्रम बना रहता है. जबकि सत्य यह है कि समय और परिस्थितियों के साथ-साथ गुरु और उसका ज्ञान सदैव एक नए रूप में हमारे जीवन में घटित होते रहते हैं. परन्तु यह हम पर निर्भर करता है कि हम इन दोनों को कैसे लेते हैं. क्योंकि गुरु और ज्ञान कितना भी मिल जाएँ हम अपने मन की सीमा के पार नहीं जा सकते. यदि ऐसे में हम मानसिक रूप से स्वार्थी और अभिमानी है तो बहुत मुश्किल हो जाता है, गुरु और ज्ञान दोनों को पहचानने में. इस प्रकार हम हरेक समय और परिस्थिति में गुरु उसी को बनाते हैं जिससे हमारा स्वार्थ, सत्ता और वर्चस्व सिद्ध होता रहता है. इस प्रकार हम जीवन भर गुरु के पाने की गलत फहमी पाले हुए उसके होने का झूठा दंभ भरते रहते हैं. ऊपर से गलत फहमी और अन्धविश्वास पाले हुए जीना ...गुरु के सच्चे और झूठे होने की. जबकि वह तो सच और झूठ से परे है.
हममे से बहुत लोग भारतीय दर्शन और संस्कृति का बेहतर ज्ञान रखते होंगे. फिर भी अपने स्वार्थ, सत्ता और वर्चस्व वश किसी ऐसे शख्श या विचारधारा को गुरु बनाते हैं जिससे उन्हें इन तीनों की पूर्ति होती है. जो दर्शाता अज्ञान, अभिमान, अंधविश्वास और मुर्खता को जिससे गुरु के होने का कोई सम्बन्ध ही नहीं. हममे से कुछ लोग जिन्हें भले ही भारतीय दर्शन और संस्कृति का ज्ञान नहीं है. परन्तु वो हरेक पल इस वातावरण से कुछ कुछ नया सीखते हैं और उनके विचारों में एक प्रवाह हैं. . साथ ही वह आभारी हैं इस पूरी कायनात के जिससे आये दिन कुछ नया सीखते हैं. जो स्वार्थ, सत्ता और वर्चस्व से कहीं ऊपर है. यह दर्शाता है गुरु के घटित होने का. गुरु का होना और न होना दोनों ही हमारे स्वार्थ, सत्ता और वर्चस्व से परे की घटना है. जिसे समझने और जानने के लिए हमें अपने आँख, कान, नाक, त्वचा इत्यादि इंदियों के साथ-साथ अपने मस्तिष्क को हमेशा खुला रखना होगा. इससे भी कहीं ज्यादा वातावरण द्वारा दिए गए सन्देश को उसी रूप में समझने की चेतना रखनी होगी....... . हमें मानसिक और बौद्धिक चेतना विकसित करनी होगी कि.......... हम खुद जैसा गुरु चाहते हैं या फिर गुरु जैसा .....................( क्रमशः )
| गुरु एक ऐसा शब्द जो भारतीय दर्शन, संस्कृति और समाज में एक विशिष्ट स्थान रखता है. जिसे ज्ञान, विज्ञानं, ध्यान और भगवान तक पहुँचने का आरम्भिक और आखिरी सीढ़ी माना जाता है. पर सवाल यह उठता है कि क्या गुरु मानने पर आधारित है या फिर भारतीय समाज में इसका वही स्थान है जो भारतीय दर्शन और संस्कृति में नीहित है. गुरु का मिलना एक विशिष्ट घटना है जो हमें एक शारीर प्राप्त करने और फिर उसे छोड़ने तक घटित होती है. मैं समझ सकता हूँ कि मेरी बाते आप सभी को कुछ अजीब लग रही होगी. आगे इसे अगले पोस्ट में स्पष्ट करना चाहूँगा. फिलहाल यदि भारतीय समाज का विश्लेषण किया जाय तो हम पाएंगे कि अक्सर यहाँ गुरु को नज़रन्दाज और तिरस्कार करते हुए किसी विशेष को गुरु बनाया जाता है. किसी ऐसे को जो हमारे स्वार्थ, सत्ता और वर्चस्व से जुड़ा हुआ हो या फिर हम यह विश्वास रखते हैं उसके प्रति कि उसकी कृपा से हमारा स्वार्थ, सत्ता और वर्चस्व हमें हाशिल है या फिर हाशिल होगा. क्या सचमुच वो गुरु है जो हमारे स्वार्थ, वर्चस्व और सत्ता से जुड़ा है. जहाँ यह तीनों का स्थान हो वहां गुरु का तो कोई स्थान ही नहीं. इस प्रकार भारतीय समाज गुरु को भारतीय दर्शन और संस्कृति से खंडित करते हुए अपने स्वार्थ, सत्ता और वर्चस्व के लिए पारम्परिक और व्यवहारिक करता आया है. एक तरफ हम कहते हैं कि गुरु का स्थान भगवान् से ऊपर है, वह ज्ञान का स्रोत है और वह एक सच्चा मार्ग दर्शक है. वही दूसरी तरफ हम गुरु किसी ऐसे शख्स को बनाते हैं जिससे हमारा स्वार्थ, वर्चस्व और सत्ता सिद्ध होती रहती या फिर जिससे स्वार्थ, वर्चस्व और सत्ता के होने का भ्रम बना रहता है. जबकि सत्य यह है कि समय और परिस्थितियों के साथ-साथ गुरु और उसका ज्ञान सदैव एक नए रूप में हमारे जीवन में घटित होते रहते हैं. परन्तु यह हम पर निर्भर करता है कि हम इन दोनों को कैसे लेते हैं. क्योंकि गुरु और ज्ञान कितना भी मिल जाएँ हम अपने मन की सीमा के पार नहीं जा सकते. यदि ऐसे में हम मानसिक रूप से स्वार्थी और अभिमानी है तो बहुत मुश्किल हो जाता है, गुरु और ज्ञान दोनों को पहचानने में. इस प्रकार हम हरेक समय और परिस्थिति में गुरु उसी को बनाते हैं जिससे हमारा स्वार्थ, सत्ता और वर्चस्व सिद्ध होता रहता है. इस प्रकार हम जीवन भर गुरु के पाने की गलत फहमी पाले हुए उसके होने का झूठा दंभ भरते रहते हैं. ऊपर से गलत फहमी और अन्धविश्वास पाले हुए जीना ...गुरु के सच्चे और झूठे होने की. जबकि वह तो सच और झूठ से परे है. हममे से बहुत लोग भारतीय दर्शन और संस्कृति का बेहतर ज्ञान रखते होंगे. फिर भी अपने स्वार्थ, सत्ता और वर्चस्व वश किसी ऐसे शख्श या विचारधारा को गुरु बनाते हैं जिससे उन्हें इन तीनों की पूर्ति होती है. जो दर्शाता अज्ञान, अभिमान, अंधविश्वास और मुर्खता को जिससे गुरु के होने का कोई सम्बन्ध ही नहीं. हममे से कुछ लोग जिन्हें भले ही भारतीय दर्शन और संस्कृति का ज्ञान नहीं है. परन्तु वो हरेक पल इस वातावरण से कुछ कुछ नया सीखते हैं और उनके विचारों में एक प्रवाह हैं. . साथ ही वह आभारी हैं इस पूरी कायनात के जिससे आये दिन कुछ नया सीखते हैं. जो स्वार्थ, सत्ता और वर्चस्व से कहीं ऊपर है. यह दर्शाता है गुरु के घटित होने का. गुरु का होना और न होना दोनों ही हमारे स्वार्थ, सत्ता और वर्चस्व से परे की घटना है. जिसे समझने और जानने के लिए हमें अपने आँख, कान, नाक, त्वचा इत्यादि इंदियों के साथ-साथ अपने मस्तिष्क को हमेशा खुला रखना होगा. इससे भी कहीं ज्यादा वातावरण द्वारा दिए गए सन्देश को उसी रूप में समझने की चेतना रखनी होगी....... . हमें मानसिक और बौद्धिक चेतना विकसित करनी होगी कि.......... हम खुद जैसा गुरु चाहते हैं या फिर गुरु जैसा ..................... |
अलवर न्यूजः बहरोड़ के उद्यमियाें ने बिजली बिल में फ्यूज सरचार्ज को लेकर विरोध किया है। जिसको लेकर गुरुवार को लघु उद्योग भारती की ओर से मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार दिनेश कुमार यादव को ज्ञापन दिया।
जिसमें बताया गया कि बिजली के बिलों में अडानी पाॅवर को गलत मुआवजे का भार उद्योगों पर नहीं डाला जाना चाहिए। उद्योग पहले से ही विकट परिस्थितियों में चल रहे हैं। बकाया वसूली को लेकर उद्योग यह राशि जमा कराने की स्थिति में बिल्कुल नहीं है। सरचार्ज को वसूल किया जाना तत्काल प्रभाव से बंद किया जाना चाहिए। यह फैसला लघु उद्योगों के पक्ष में गलत है, लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष केके यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री को दिए गए ज्ञापन में उन्हें अवगत करवाया गया है कि दूसरे राज्यों की तुलना में राजस्थान में बिजली की दर सबसे अधिक है, बार-बार फ्यूल सरचार्ज की वसूली के कारण फैक्ट्री अन्य राज्यों में पलायन की ओर अग्रसर हैं। ऐसे में उद्योग धंधे बंद होने के कगार पर हैं। जिससे लाखों लोग बेरोजगार हो सकते हैं, वहीं सरकार को भी राजस्व का भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि यदि इस गंभीर विषय पर निर्णय नहीं लिया गया तो सरकार के आदेश के विरुद्ध धरना प्रदर्शन एवं सक्षम न्यायालय की शरण लेने को मजबूर होना पड़ेगा। ज्ञापन देने के दौरान लघु उद्योग भारती के वरिष्ठ उपाध्यक्ष किशनलाल अग्रवाल, महासचिव देवेंद्र यादव, महासचिव कृष्ण अग्रवाल, कार्यकारिणी सदस्य विरेंद्र प्रजापति, अपिल यादव, सुनील यादव, मनोज अग्रवाल, दिनेश अग्रवाल, सुरेश सैनी मौजूद रहे।
| अलवर न्यूजः बहरोड़ के उद्यमियाें ने बिजली बिल में फ्यूज सरचार्ज को लेकर विरोध किया है। जिसको लेकर गुरुवार को लघु उद्योग भारती की ओर से मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार दिनेश कुमार यादव को ज्ञापन दिया। जिसमें बताया गया कि बिजली के बिलों में अडानी पाॅवर को गलत मुआवजे का भार उद्योगों पर नहीं डाला जाना चाहिए। उद्योग पहले से ही विकट परिस्थितियों में चल रहे हैं। बकाया वसूली को लेकर उद्योग यह राशि जमा कराने की स्थिति में बिल्कुल नहीं है। सरचार्ज को वसूल किया जाना तत्काल प्रभाव से बंद किया जाना चाहिए। यह फैसला लघु उद्योगों के पक्ष में गलत है, लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष केके यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री को दिए गए ज्ञापन में उन्हें अवगत करवाया गया है कि दूसरे राज्यों की तुलना में राजस्थान में बिजली की दर सबसे अधिक है, बार-बार फ्यूल सरचार्ज की वसूली के कारण फैक्ट्री अन्य राज्यों में पलायन की ओर अग्रसर हैं। ऐसे में उद्योग धंधे बंद होने के कगार पर हैं। जिससे लाखों लोग बेरोजगार हो सकते हैं, वहीं सरकार को भी राजस्व का भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यदि इस गंभीर विषय पर निर्णय नहीं लिया गया तो सरकार के आदेश के विरुद्ध धरना प्रदर्शन एवं सक्षम न्यायालय की शरण लेने को मजबूर होना पड़ेगा। ज्ञापन देने के दौरान लघु उद्योग भारती के वरिष्ठ उपाध्यक्ष किशनलाल अग्रवाल, महासचिव देवेंद्र यादव, महासचिव कृष्ण अग्रवाल, कार्यकारिणी सदस्य विरेंद्र प्रजापति, अपिल यादव, सुनील यादव, मनोज अग्रवाल, दिनेश अग्रवाल, सुरेश सैनी मौजूद रहे। |
तुलसीदास पो दृष्टि मे विप्र और सात २०७
हुए तुलसीदास ने श्रीराम से बहलवाया है, 'प्रथमहि विप्र वरन अति प्रोति' अर्थात् भक्तियोग प्राप्त करने के लिए उसकी परम्परा का ज्ञान प्रदान कर सकने वाले ब्राह्मणो ने चरणो मे प्रेम आवश्यम है।" तुलसीदास यह भी मानते थे कि विद्वान और तपस्वी ब्राह्मणो की सेवा करने म यदि सक्ट का सामना करना पड़े तो उससे भी विचलित नही होना चाहिए । वाल्मीकि जी ने जिन चौदह प्रकार के भक्ता मा वर्णन किया है उनम उन्होंने उनको भी गिनती कराई है जो, 'वित्र धेनु हित सवट सहहो । ब्राह्मण प्राय अभाव ग्रस्त रहते थे । मान और मान को ही अपना धन मानन के कारण वे अज्ञानी सत्ताधारिया में द्वारा अपमान की आशना मात्र पर क्रुद्ध, क्षुब्ध हो जा सकते थे। उनके कोप वा भयानक परिणाम हो सकता था । अत उह सतुष्ट रखने के लिए सम्मान वे साथ साथ उनकी जीविया या विधान वरना तुलसीदास की दृष्टि मे आवश्यक था। इसलिए उन्होंने ब्राह्मणो के पूजन या सम्मान की बात वही है 'पुष्प एन जग महूँ नहि दूजा । मन क्रम बचन विप्र पद पूजा ब्राह्मणो को एव वडी दुर्बलता उत्तम भोजन के प्रति उनको रुचि रही है । अत क्पटी मुनि प्रतापभानु को उसी उपाय के माध्यम से ब्राह्मणो को अपने वशीभूत करने वा परामर्श देता है भोजन के साथ साथ जीविया निर्वाह के लिए ब्राह्मण को यथोचित दक्षिणा भो मिलती रहे इस ओर भी तुलसीदास सावधान हैं । अत स्थान स्थान पर उन्होंने मानस मे, 'प्रिन्ह पुनि दहिना बहु पाई'५ 'दिए दान बहू विप्र हँवारी'" 'वित्र जेवाई देहि बहु दाना'" जैसी उक्तियाँ कही है। प्रभु को सतुष्ट करने का सुगम माग भी उन्होंने विप्रो की सेवा के रूप में निर्धा रित किया है, 'हरितोषन व्रत द्विज सेवकाई" औरो की बात जाने दीजिए तुलसीदास ने स्वय श्रीराम को ब्रह्मण्य अथवा ब्राह्मणनिष्ठ बताया है। इन
२०८ तुलसीदास की दृष्टि मे विप्र और सत
सबसे तुलसो का अभिप्राय यही है कि तपस्वी और विद्वान विप्रवण सन्तुष्ट होवर समाज के मगत कार्यों में प्रवृत रहे ।
शक्तिशालियो ने अन्यायो वा प्रतिवाद करते हुए तेजस्वी ब्राह्मण क्षुब्ध होकर शाप भी दिया करते थे । तुलसी के अनुसार प्रभु के द्वारपाल जय, विजय, इन्द्र, बबध आदि विप्र शाप से दुर्गति को प्राप्त हुए थे । किन्तु कभी कभी विप्र बिना विचारे भी शाप दे देते थे जो तुलसी को भी अनुचित लगता था । निरपराध प्रतापभानु को शाप देने पर तुलसी ने आकाशवाणी से बहलाया कि-बिप्रहु श्राप बिचारिन दोहा । नहि अपराध भूपक्छु मोहा" यही प्रतापभानु राक्षस बनकर ब्राह्मणो से क्रूर बदला लेता है। उसके आदेश पर उसके अनुचर, जेहि जेहि देस धेनु द्विज पावहि । नगर गाउँ पुर अगि लगावहिं । निष्कर्ष यही है वि तुलसी ब्राह्मणो के अविवेकपूर्ण कार्य का समर्थन नहीं करते हैं । वे ब्राह्मणों को दया और कृपा की मूर्ति के रूप मे देखना चाहते हैं। इसीलिए उन्होने स्थान स्थान पर कहा है'चहिअ बिप्र उर कृपा घनेरी' 'द्विज दयाल अति नीति निवेता " । अपने कर्तव्य से विच्युत ब्राह्मण की कठोर भत्सना करने मे भी तुलसी को कोच नहीं था, उन्होंने स्पष्ट कहा है- 'सोचिम विप्र जो वेद बिहीना । तजि निज घरमु विषय लयलीना" कलियुगी ब्राह्मण को निन्दा करते समय वे अत्यत क्रुद्ध हो उठे थे। उन्होने 'द्विज श्रुति बेचव'" 'बित्र निरच्छर लोलुप कामी । निराचार सठ बृपली स्वामी, '७'द्विज चि ह जनेउ उधार तपी" जैसी कठौर उक्तियों के द्वारा अपने धर्म का पालन न करने वाले ब्राह्मणों के प्रति अपना क्षोभ प्रकट किया है। इसका अर्थ यही है कि कुछ गुणो, कुछ आदर्शों के कारण ही तुलसी की दृष्टि में ब्राह्मण पूज्य थे । सामाजिक श्रद्धा की अनुकूलता से ब्राह्मणो मे वे | तुलसीदास पो दृष्टि मे विप्र और सात दो सौ सात हुए तुलसीदास ने श्रीराम से बहलवाया है, 'प्रथमहि विप्र वरन अति प्रोति' अर्थात् भक्तियोग प्राप्त करने के लिए उसकी परम्परा का ज्ञान प्रदान कर सकने वाले ब्राह्मणो ने चरणो मे प्रेम आवश्यम है।" तुलसीदास यह भी मानते थे कि विद्वान और तपस्वी ब्राह्मणो की सेवा करने म यदि सक्ट का सामना करना पड़े तो उससे भी विचलित नही होना चाहिए । वाल्मीकि जी ने जिन चौदह प्रकार के भक्ता मा वर्णन किया है उनम उन्होंने उनको भी गिनती कराई है जो, 'वित्र धेनु हित सवट सहहो । ब्राह्मण प्राय अभाव ग्रस्त रहते थे । मान और मान को ही अपना धन मानन के कारण वे अज्ञानी सत्ताधारिया में द्वारा अपमान की आशना मात्र पर क्रुद्ध, क्षुब्ध हो जा सकते थे। उनके कोप वा भयानक परिणाम हो सकता था । अत उह सतुष्ट रखने के लिए सम्मान वे साथ साथ उनकी जीविया या विधान वरना तुलसीदास की दृष्टि मे आवश्यक था। इसलिए उन्होंने ब्राह्मणो के पूजन या सम्मान की बात वही है 'पुष्प एन जग महूँ नहि दूजा । मन क्रम बचन विप्र पद पूजा ब्राह्मणो को एव वडी दुर्बलता उत्तम भोजन के प्रति उनको रुचि रही है । अत क्पटी मुनि प्रतापभानु को उसी उपाय के माध्यम से ब्राह्मणो को अपने वशीभूत करने वा परामर्श देता है भोजन के साथ साथ जीविया निर्वाह के लिए ब्राह्मण को यथोचित दक्षिणा भो मिलती रहे इस ओर भी तुलसीदास सावधान हैं । अत स्थान स्थान पर उन्होंने मानस मे, 'प्रिन्ह पुनि दहिना बहु पाई'पाँच 'दिए दान बहू विप्र हँवारी'" 'वित्र जेवाई देहि बहु दाना'" जैसी उक्तियाँ कही है। प्रभु को सतुष्ट करने का सुगम माग भी उन्होंने विप्रो की सेवा के रूप में निर्धा रित किया है, 'हरितोषन व्रत द्विज सेवकाई" औरो की बात जाने दीजिए तुलसीदास ने स्वय श्रीराम को ब्रह्मण्य अथवा ब्राह्मणनिष्ठ बताया है। इन दो सौ आठ तुलसीदास की दृष्टि मे विप्र और सत सबसे तुलसो का अभिप्राय यही है कि तपस्वी और विद्वान विप्रवण सन्तुष्ट होवर समाज के मगत कार्यों में प्रवृत रहे । शक्तिशालियो ने अन्यायो वा प्रतिवाद करते हुए तेजस्वी ब्राह्मण क्षुब्ध होकर शाप भी दिया करते थे । तुलसी के अनुसार प्रभु के द्वारपाल जय, विजय, इन्द्र, बबध आदि विप्र शाप से दुर्गति को प्राप्त हुए थे । किन्तु कभी कभी विप्र बिना विचारे भी शाप दे देते थे जो तुलसी को भी अनुचित लगता था । निरपराध प्रतापभानु को शाप देने पर तुलसी ने आकाशवाणी से बहलाया कि-बिप्रहु श्राप बिचारिन दोहा । नहि अपराध भूपक्छु मोहा" यही प्रतापभानु राक्षस बनकर ब्राह्मणो से क्रूर बदला लेता है। उसके आदेश पर उसके अनुचर, जेहि जेहि देस धेनु द्विज पावहि । नगर गाउँ पुर अगि लगावहिं । निष्कर्ष यही है वि तुलसी ब्राह्मणो के अविवेकपूर्ण कार्य का समर्थन नहीं करते हैं । वे ब्राह्मणों को दया और कृपा की मूर्ति के रूप मे देखना चाहते हैं। इसीलिए उन्होने स्थान स्थान पर कहा है'चहिअ बिप्र उर कृपा घनेरी' 'द्विज दयाल अति नीति निवेता " । अपने कर्तव्य से विच्युत ब्राह्मण की कठोर भत्सना करने मे भी तुलसी को कोच नहीं था, उन्होंने स्पष्ट कहा है- 'सोचिम विप्र जो वेद बिहीना । तजि निज घरमु विषय लयलीना" कलियुगी ब्राह्मण को निन्दा करते समय वे अत्यत क्रुद्ध हो उठे थे। उन्होने 'द्विज श्रुति बेचव'" 'बित्र निरच्छर लोलुप कामी । निराचार सठ बृपली स्वामी, 'सात'द्विज चि ह जनेउ उधार तपी" जैसी कठौर उक्तियों के द्वारा अपने धर्म का पालन न करने वाले ब्राह्मणों के प्रति अपना क्षोभ प्रकट किया है। इसका अर्थ यही है कि कुछ गुणो, कुछ आदर्शों के कारण ही तुलसी की दृष्टि में ब्राह्मण पूज्य थे । सामाजिक श्रद्धा की अनुकूलता से ब्राह्मणो मे वे |
अगर आप 11 फरवरी यानी शनिवार को रेल से यात्रा करने वाले हैं, तो सफर पर निकलने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति एक बार जरूर चेक कर लें। रेलवे ने 11 फरवरी, 2023 को 361 ट्रेनों को रद्द किया है।
टीवी सीरियल 'जोधा-अकबर' (Jodha Akabar) में जोधाबाई का रोल प्ले कर घर-घर में पहचान बना चुकीं परिधि शर्मा फिलहाल टीवी से दूर अपने घर-परिवार में बिजी हैं। बता दें कि एक बच्चे की मां होने के बाद भी परिधि शर्मा पहले से ज्यादा फिट और खूबसूरत हो गई हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार 10 फरवरी को एक साथ दो वंदे भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई। इसके साथ ही अब देशभर में 10 वंदे भारत ट्रेनें पटरियों पर दौड़ने लगी हैं। बता दें कि ये दोनों वंदे भारत ट्रेनें महाराष्ट्र में चलेंगी।
दुनियाभर में 'हॉट योगा' चेन चलाने वाले मशहू हॉट योग गुरु बिक्रम चौधरी 79 साल के हो गए हैं। 10 फरवरी, 1944 को कलकत्ता में पैदा हुए बिक्रम चौधरी को उनके खास 'हॉट योगा' के लिए जाना जाता है। बिक्रम चौधरी बेहद कम कपड़ों में हॉट योगा की ट्रेनिंग देते हैं।
अपने अजीबोगरीब फैशन सेंस के लिए बदनाम उर्फी जावेद आए दिन ऊल-जुलूल कपड़ों में नजर आती हैं। हाल ही में सामने आए उर्फी जावेद के नए लुक को देखकर लोगों ने माथा पीट लिया है। उर्फी के नए लुक पर लोग जमकर कमेंट्स कर रहे हैं।
पठान की कामयाबी के बीच शाहरुख खान का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वो पत्नी गौरी से लड़ते नजर आ रहे हैं। ये वीडियो किसी फिल्म के सेट का है, जहां से शाहरुख खान फोन पर ही पत्नी गौरी से बहस करते नजर आ रहे हैं।
क्या आपने कभी सोचा है कि आपके नाम से कोई दूसरा लोन निकाल ले और आपको पता भी न चले। इस तरह के फर्जी मामले सामने आ चुके हैं, जब किसी आदमी ने उसके पैन कार्ड के बेस पर लोन निकाल लिया। इस तरह के फर्जीवाड़े को पता लगाने के आखिर क्या उपाय हैं, आइए जानते हैं।
कियारा आडवाणी और सिद्धार्थ मल्होत्रा ने 7 फरवरी को जैसलमेर के सूर्यगढ़ पैलेस में धूमधाम से शादी की। शादी के बाद मुकेश अंबानी ने कियारा और उनके पति सिद्धार्थ मल्होत्रा को एक खास गिफ्ट दिया है।
अगर आप 10 फरवरी यानी शुक्रवार को रेल से यात्रा करने वाले हैं, तो सफर पर निकलने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति एक बार जरूर चेक कर लें। रेलवे ने 10 फरवरी, 2023 को 357 ट्रेनों को रद्द किया है। साथ ही 54 ट्रेनों के सोर्स स्टेशन में भी बदलाव किया गया है।
पीएम मोदी गुरुवार को राज्यसभा में आक्रामक मूड में नजर आए। नारेबाजी के बीच प्रधानमंत्री ने कभी सीना ठोकते हुए तो कभी शायराना अंदाज में विपक्ष को आईना दिखाया। पीएम ने नेहरु-गांधी परिवार, आर्टिकल 356 समेत कई मुद्दों पर विपक्ष को चारों खाने चित कर दिया।
| अगर आप ग्यारह फरवरी यानी शनिवार को रेल से यात्रा करने वाले हैं, तो सफर पर निकलने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति एक बार जरूर चेक कर लें। रेलवे ने ग्यारह फरवरी, दो हज़ार तेईस को तीन सौ इकसठ ट्रेनों को रद्द किया है। टीवी सीरियल 'जोधा-अकबर' में जोधाबाई का रोल प्ले कर घर-घर में पहचान बना चुकीं परिधि शर्मा फिलहाल टीवी से दूर अपने घर-परिवार में बिजी हैं। बता दें कि एक बच्चे की मां होने के बाद भी परिधि शर्मा पहले से ज्यादा फिट और खूबसूरत हो गई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार दस फरवरी को एक साथ दो वंदे भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई। इसके साथ ही अब देशभर में दस वंदे भारत ट्रेनें पटरियों पर दौड़ने लगी हैं। बता दें कि ये दोनों वंदे भारत ट्रेनें महाराष्ट्र में चलेंगी। दुनियाभर में 'हॉट योगा' चेन चलाने वाले मशहू हॉट योग गुरु बिक्रम चौधरी उन्यासी साल के हो गए हैं। दस फरवरी, एक हज़ार नौ सौ चौंतालीस को कलकत्ता में पैदा हुए बिक्रम चौधरी को उनके खास 'हॉट योगा' के लिए जाना जाता है। बिक्रम चौधरी बेहद कम कपड़ों में हॉट योगा की ट्रेनिंग देते हैं। अपने अजीबोगरीब फैशन सेंस के लिए बदनाम उर्फी जावेद आए दिन ऊल-जुलूल कपड़ों में नजर आती हैं। हाल ही में सामने आए उर्फी जावेद के नए लुक को देखकर लोगों ने माथा पीट लिया है। उर्फी के नए लुक पर लोग जमकर कमेंट्स कर रहे हैं। पठान की कामयाबी के बीच शाहरुख खान का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वो पत्नी गौरी से लड़ते नजर आ रहे हैं। ये वीडियो किसी फिल्म के सेट का है, जहां से शाहरुख खान फोन पर ही पत्नी गौरी से बहस करते नजर आ रहे हैं। क्या आपने कभी सोचा है कि आपके नाम से कोई दूसरा लोन निकाल ले और आपको पता भी न चले। इस तरह के फर्जी मामले सामने आ चुके हैं, जब किसी आदमी ने उसके पैन कार्ड के बेस पर लोन निकाल लिया। इस तरह के फर्जीवाड़े को पता लगाने के आखिर क्या उपाय हैं, आइए जानते हैं। कियारा आडवाणी और सिद्धार्थ मल्होत्रा ने सात फरवरी को जैसलमेर के सूर्यगढ़ पैलेस में धूमधाम से शादी की। शादी के बाद मुकेश अंबानी ने कियारा और उनके पति सिद्धार्थ मल्होत्रा को एक खास गिफ्ट दिया है। अगर आप दस फरवरी यानी शुक्रवार को रेल से यात्रा करने वाले हैं, तो सफर पर निकलने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति एक बार जरूर चेक कर लें। रेलवे ने दस फरवरी, दो हज़ार तेईस को तीन सौ सत्तावन ट्रेनों को रद्द किया है। साथ ही चौवन ट्रेनों के सोर्स स्टेशन में भी बदलाव किया गया है। पीएम मोदी गुरुवार को राज्यसभा में आक्रामक मूड में नजर आए। नारेबाजी के बीच प्रधानमंत्री ने कभी सीना ठोकते हुए तो कभी शायराना अंदाज में विपक्ष को आईना दिखाया। पीएम ने नेहरु-गांधी परिवार, आर्टिकल तीन सौ छप्पन समेत कई मुद्दों पर विपक्ष को चारों खाने चित कर दिया। |
कश्मीर में सिख लड़की के कथित धर्म परिवर्तन और जबरन शादी के मामले में नया मोड़ आया है। श्रीनगर में मंगलवार को शिरोमणि अकाली दल दिल्ली के अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना की अगुवाई वाले दल ने तीन में से एक पीड़ित लड़की की एक सिख लड़के से शादी करवा दी। सरना ने कहा कि लड़की का ना तो धर्म परिवर्तन हुआ था और ना ही मुस्लिम लड़के से शादी। शादी के बाद लड़की और लड़के को दिल्ली भेज दिया गया है। श्रीनगर में पत्रकारों से बात करते हुए परमजीत सिंह सरना ने कहा कि सबसे पहले वो यहां के प्रशासन और यहां के मुस्लिम समुदाय के लोगों का शुक्रिया अदा करना चाहते हैं। उनकी मुलाकात मीरवाइज ग्रुप के उलेमाओं और कुछ अन्य मुस्लिम संगठनों के लोगों से हुई, जितना सहयोग उन्होंने दिया वो शायद हम जिन्दगी भर नहीं भूल पाएंगे। सरना ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में सिख और मुसलमानों का भाईचारा पिछले 500 साल पुराना है। प्यार भरा संबंध रहा है, विपरीत हालातों के बीच भी अच्छे से एक दूसरे का साथ दिया।
उन्होंने कहा कि आज मसला सुलझा है और लड़की जिसे पहले से चाहती थी उसके साथ उसकी शादी करवा दी गई है। बता दें कि पीड़ित लड़की मनप्रीत कौर की शादी सुखप्रीत सिंह के साथ पुलवामा के शाजिमर्ग गुरुद्वारा साहिब में धार्मिक रीति रिवाज के साथ कराई गई। सरना ने कहा कि सिख समुदाय के लोग यहां माइनॉरिटी में है, इसलिए यहां बहुसंख्यक समाज ने उनका भी ध्यान रखना है।
कानून से कोई किसी का ख्याल नहीं रख सकता, आपसी मोहब्बत और भाईचारे से एक दूसरे की बात रखी जा सकती है। वही लड़की के कथित अपहरण, धर्म परिवर्तन और जबरन शादी को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में सरना ने कहा अगर शादी हुई होती तो प्रशासन लड़की को परिवार वालों को नहीं सौंपता। उन्होंने कहा कि उनकी शादी नहीं हुई थी।
मामले में आरोपी शाहिद भट को पुलिस ने आईपीसी की धारा 366 में आरोपी बनाया है और लड़के के खिलाफ अपहरण और जबरन शादी का आरोप है, लेकिन लड़की की शादी के बाद अब पुलिस क्या कार्रवाई करेगी यह साफ नहीं है। जबकि दूसरे दोनों मामलों में फिलहाल लड़कियों को वापस परिवार को नहीं सौंपा गया है।
श्रीनगर की धनमीत कौर ने कल वीडियो जारी कर अपने कथित जबरन धर्म परिवर्तन को ना सिर्फ नाकारा, पर साथ-साथ परिवार और सिख संगठनों पर दबाव बनाने और जान से मारने की धमकी का भी आरोप लगाया था। इस बीच मनमीत कौर के मामले में भी मुजफ शाबान को सिखों के विरोध के बाद हिरासत में लिया गया है और मामले की जांच दोबारा शुरू कर दी गई है।
| कश्मीर में सिख लड़की के कथित धर्म परिवर्तन और जबरन शादी के मामले में नया मोड़ आया है। श्रीनगर में मंगलवार को शिरोमणि अकाली दल दिल्ली के अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना की अगुवाई वाले दल ने तीन में से एक पीड़ित लड़की की एक सिख लड़के से शादी करवा दी। सरना ने कहा कि लड़की का ना तो धर्म परिवर्तन हुआ था और ना ही मुस्लिम लड़के से शादी। शादी के बाद लड़की और लड़के को दिल्ली भेज दिया गया है। श्रीनगर में पत्रकारों से बात करते हुए परमजीत सिंह सरना ने कहा कि सबसे पहले वो यहां के प्रशासन और यहां के मुस्लिम समुदाय के लोगों का शुक्रिया अदा करना चाहते हैं। उनकी मुलाकात मीरवाइज ग्रुप के उलेमाओं और कुछ अन्य मुस्लिम संगठनों के लोगों से हुई, जितना सहयोग उन्होंने दिया वो शायद हम जिन्दगी भर नहीं भूल पाएंगे। सरना ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में सिख और मुसलमानों का भाईचारा पिछले पाँच सौ साल पुराना है। प्यार भरा संबंध रहा है, विपरीत हालातों के बीच भी अच्छे से एक दूसरे का साथ दिया। उन्होंने कहा कि आज मसला सुलझा है और लड़की जिसे पहले से चाहती थी उसके साथ उसकी शादी करवा दी गई है। बता दें कि पीड़ित लड़की मनप्रीत कौर की शादी सुखप्रीत सिंह के साथ पुलवामा के शाजिमर्ग गुरुद्वारा साहिब में धार्मिक रीति रिवाज के साथ कराई गई। सरना ने कहा कि सिख समुदाय के लोग यहां माइनॉरिटी में है, इसलिए यहां बहुसंख्यक समाज ने उनका भी ध्यान रखना है। कानून से कोई किसी का ख्याल नहीं रख सकता, आपसी मोहब्बत और भाईचारे से एक दूसरे की बात रखी जा सकती है। वही लड़की के कथित अपहरण, धर्म परिवर्तन और जबरन शादी को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में सरना ने कहा अगर शादी हुई होती तो प्रशासन लड़की को परिवार वालों को नहीं सौंपता। उन्होंने कहा कि उनकी शादी नहीं हुई थी। मामले में आरोपी शाहिद भट को पुलिस ने आईपीसी की धारा तीन सौ छयासठ में आरोपी बनाया है और लड़के के खिलाफ अपहरण और जबरन शादी का आरोप है, लेकिन लड़की की शादी के बाद अब पुलिस क्या कार्रवाई करेगी यह साफ नहीं है। जबकि दूसरे दोनों मामलों में फिलहाल लड़कियों को वापस परिवार को नहीं सौंपा गया है। श्रीनगर की धनमीत कौर ने कल वीडियो जारी कर अपने कथित जबरन धर्म परिवर्तन को ना सिर्फ नाकारा, पर साथ-साथ परिवार और सिख संगठनों पर दबाव बनाने और जान से मारने की धमकी का भी आरोप लगाया था। इस बीच मनमीत कौर के मामले में भी मुजफ शाबान को सिखों के विरोध के बाद हिरासत में लिया गया है और मामले की जांच दोबारा शुरू कर दी गई है। |
आजकल की खराब जीवनशैली और पानी की कमी की वजह से किडनी स्टोन अर्थात पथरी की समस्या बहुत होने लगी हैं। पथरी का आकार छोटे कंकड से लेकर संतरे जितना बड़ा हो सकता हैं, जिसकी वजह से पेशाब करने के दौरान दर्द महसूस होता हैं। इस परेशानी से मुक्ति के लिए लोग ऑपरेशन का सहारा लेते हैं। लेकिन आज हम आपको कुछ ऐसे आयुर्वेदिक तरीके बताने जा रहे हैं जिनकी मदद से बिना ऑपरेशन के भी पथरी का इलाज कराया जा सकता हैं। तो आइये जानते हैं इन आयुर्वेदिक तरीकों के बारे में।
नारियल पोषक तत्वों से भरा है और स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा है। नारियल पानी जो एक कच्चे हरे नारियल के अंदर मौजूद होता है, स्वास्थ्य के लिए बेहद अच्छा होता है और अगर किसी को किडनी में पथरी है तो इसका सेवन करना चाहिए। यह गुर्दे की पथरी के आयुर्वेदिक उपचार का एक अच्छा रूप है और पथरी को गलाने में मदद करता है और अंत में मूत्र के माध्यम से बाहर निकाल देता है।
किडनी की पथरी के लिए भी यह अचूक औषधि है। एक गिलास जौ के पानी का रोजाना सेवन करने से किडनी की पथरी शरीर से बाहर निकल जाती है और आपकी किडनी स्वस्थ रहती है।
नींबू का रस और खाद्य तेल का संयोजन थोड़ा अजीब लग सकता है लेकिन यह एक बहुत प्रभावी किडनी स्टोन का आयुर्वेदिक उपचार है। जो लोग अपने गुर्दे से पत्थरों को हटाने की इच्छा रखते हैं, उन्हें प्राकृतिक रूप से इस तरल को रोजाना पीना चाहिए जब तक कि पथरी निकल न जाए। नींबू का रस पत्थरों को तोड़ने में मदद करता है जबकि जैतून का तेल उनके लिए स्नेहक के रूप में कार्य करता है ताकि बिना किसी परेशानी से स्टोन बाहर निकल सके। गुनगुने पानी में आधा नीबू का रस डालकर रोजाना पी सकते हैं।
यह हमें हाइड्रेटेड रहने में मदद करता है और यह रोगमुक्त जीवन के लिए शरीर में पानी के स्तर को बनाए रखता है। यह पाचन और अवशोषण की प्रक्रिया को बढ़ावा देता है। गुर्दे की पथरी से पीड़ित लोगों को मूत्र के माध्यम से इन पत्थरों को बाहर निकालने के लिए बहुत सारा पानी पीना चाहिए। सर्वोत्तम प्रभावों के लिए, तुलसी के रस के साथ पानी पीता चाहिए, क्योंकि तुलसी को शरीर में तरल पदार्थ, खनिज और यूरिक एसिड संतुलन बनाए रखने के लिए बेहतर माना जाता है।
| आजकल की खराब जीवनशैली और पानी की कमी की वजह से किडनी स्टोन अर्थात पथरी की समस्या बहुत होने लगी हैं। पथरी का आकार छोटे कंकड से लेकर संतरे जितना बड़ा हो सकता हैं, जिसकी वजह से पेशाब करने के दौरान दर्द महसूस होता हैं। इस परेशानी से मुक्ति के लिए लोग ऑपरेशन का सहारा लेते हैं। लेकिन आज हम आपको कुछ ऐसे आयुर्वेदिक तरीके बताने जा रहे हैं जिनकी मदद से बिना ऑपरेशन के भी पथरी का इलाज कराया जा सकता हैं। तो आइये जानते हैं इन आयुर्वेदिक तरीकों के बारे में। नारियल पोषक तत्वों से भरा है और स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा है। नारियल पानी जो एक कच्चे हरे नारियल के अंदर मौजूद होता है, स्वास्थ्य के लिए बेहद अच्छा होता है और अगर किसी को किडनी में पथरी है तो इसका सेवन करना चाहिए। यह गुर्दे की पथरी के आयुर्वेदिक उपचार का एक अच्छा रूप है और पथरी को गलाने में मदद करता है और अंत में मूत्र के माध्यम से बाहर निकाल देता है। किडनी की पथरी के लिए भी यह अचूक औषधि है। एक गिलास जौ के पानी का रोजाना सेवन करने से किडनी की पथरी शरीर से बाहर निकल जाती है और आपकी किडनी स्वस्थ रहती है। नींबू का रस और खाद्य तेल का संयोजन थोड़ा अजीब लग सकता है लेकिन यह एक बहुत प्रभावी किडनी स्टोन का आयुर्वेदिक उपचार है। जो लोग अपने गुर्दे से पत्थरों को हटाने की इच्छा रखते हैं, उन्हें प्राकृतिक रूप से इस तरल को रोजाना पीना चाहिए जब तक कि पथरी निकल न जाए। नींबू का रस पत्थरों को तोड़ने में मदद करता है जबकि जैतून का तेल उनके लिए स्नेहक के रूप में कार्य करता है ताकि बिना किसी परेशानी से स्टोन बाहर निकल सके। गुनगुने पानी में आधा नीबू का रस डालकर रोजाना पी सकते हैं। यह हमें हाइड्रेटेड रहने में मदद करता है और यह रोगमुक्त जीवन के लिए शरीर में पानी के स्तर को बनाए रखता है। यह पाचन और अवशोषण की प्रक्रिया को बढ़ावा देता है। गुर्दे की पथरी से पीड़ित लोगों को मूत्र के माध्यम से इन पत्थरों को बाहर निकालने के लिए बहुत सारा पानी पीना चाहिए। सर्वोत्तम प्रभावों के लिए, तुलसी के रस के साथ पानी पीता चाहिए, क्योंकि तुलसी को शरीर में तरल पदार्थ, खनिज और यूरिक एसिड संतुलन बनाए रखने के लिए बेहतर माना जाता है। |
"रोलिंग इन दी दीप" (2010)
"रोलिंग इन दी दीप" वह गीत है जिसने एडेल को अमेरिका में एक पॉप सुपरस्टार में बदल दिया। पॉप, ब्लूज़, डिस्को और सुसमाचार के तत्वों को फ्यूज करना, यह एक ऐसा गीत है जो एक विशिष्ट शैली के बिना है। नतीजतन, "रोलिंग इन द दीप" ने किसी अन्य गीत की तुलना में अधिक अलग शैली रेडियो चार्ट पर प्रदर्शित होने के लिए एक बिलबोर्ड रिकॉर्ड सेट किया। लैटिन और रॉक रेडियो पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालने के दौरान यह मुख्यधारा के पॉप, वयस्क पॉप और वयस्क समकालीन रेडियो चार्टों में सबसे ऊपर था। "रोलिंग इन द दीप" को एडेल के दूसरे एल्बम 21 के पहले एकल के रूप में रिलीज़ किया गया था। इसने अकेले यूएस में लगभग छह मिलियन प्रतियां बेची हैं और बिलबोर्ड हॉट 100 के शीर्ष पर सात सप्ताह बिताए हैं। "रोलिंग इन द दीप" ने ग्रैमी जीता वर्ष के रिकॉर्ड और वर्ष के गीत के लिए पुरस्कार।
एडेल के साथ अपने काम से पहले, निर्माता पॉल एपवर्थ फ्लोरेंस और मशीन के साथ अपने पहले एल्बम लुंग्स पर अपने काम के लिए जाने जाते थे। एडेल को एक साथ काम करने के बारे में कुछ भयावहता थी क्योंकि उसने सोचा था कि उनकी संगीत शैली बहुत अलग थी। उसने अब इसे "स्वर्ग में बने मैच" के रूप में संदर्भित किया है। पॉल एपवर्थ और एडेल ने अपने प्रेमी के साथ एडेल के ब्रेक अप के चलते एक दोपहर में "रोलिंग इन दी दीप" रचित की।
"आप की तरह कोई" (2011)
एडेल का कहना है कि उसने "किसी की तरह आप" लिखा था जब वह अपने टूटे रिश्ते के बारे में नाराज गीत लिखने से थक गई थी। उसने रिश्ते में दो साल के बारे में खुद को ठीक महसूस करने के लिए लिखा था। एडेल ने "किसी की तरह आप" प्रदर्शन किया फरवरी 2011 में ब्रिट अवार्ड्स में रहते थे और अंत में आँसू में लगभग टूट गए थे। प्रदर्शन की प्रशंसा के साथ सराहना की गई और गीत लगभग तुरंत यूके पॉप एकल चार्ट के शीर्ष पर गया। अगस्त 2011 में, एडेल ने एमटीवी म्यूजिक अवॉर्ड्स में लाइव गीत का प्रदर्शन किया और इसके पांच सप्ताह के लिए बिलबोर्ड हॉट 100 के शीर्ष पर चढ़ने के लिए अमेरिका में समान चार्ट प्रभाव पड़ा। "किसी की तरह आप" यूएस पॉप चार्ट पर # 1 हिट करने के लिए केवल एक पियानो और एकल आवाज की पहली रिकॉर्डिंग बन गई। यह वयस्क पॉप और वयस्क समकालीन चार्ट पर # 1 पर भी पहुंच गया। "आपके जैसे कोई" लैटिन गाने चार्ट पर शीर्ष 10 और रॉक रेडियो चार्ट पर शीर्ष 25 पर पहुंच गया।
एडेल ने अमेरिकी गीतकार डैन विल्सन के साथ "Someone Like You" गीत लिखा था। वह डिक्सी लड़कियों के साथ "नाट रेडी टू मेक नाइस" लिखने के लिए ग्रैमी अवॉर्ड विजेता थे। "किसी की तरह आप" एल्बम 21 के लिए लिखे गए अंतिम गीतों में से एक था। एडेल ने कहा कि गीत लिखने से वह अपने प्रेमी के साथ अपने रिश्ते को समाप्त करने के साथ शांति महसूस कर रही है।
"पीछा फुटपाथ" (2008)
"पीछा फुटपाथ" यूके में एडेल की सफल पॉप हिट पॉप सिंगल चार्ट पर # 2 पर टक्कर लगी। बाद में, यह गीत अमेरिका में एडेल के पहले चार्ट हिट में # 21 पर पहुंच गया और आखिरकार बिक्री के लिए प्रमाणित प्लैटिनम बन गया। "पीछा फुटपाथ" वर्ष के रिकॉर्ड और वर्ष के गीत के लिए ग्रैमी अवॉर्ड्स के लिए नामित किया गया था। एडेल ने सर्वश्रेष्ठ नए कलाकार और सर्वश्रेष्ठ महिला पॉप वोकल के लिए ग्रैमी अवॉर्ड्स जीते। एडले ने अक्टूबर 2008 में शनिवार की रात लाइव पर प्रदर्शन किया जब यह अमेरिका में अपना पहला बड़ा एक्सपोजर प्राप्त हुआ। ग्रैमी अवॉर्ड जीत के बाद यह अमेरिका में चार्टों पर भी अधिक चढ़ गया। साथ-साथ संगीत वीडियो को अपने अद्वितीय नृत्य दिनचर्या के लिए प्रशंसा मिली, जिसमें फुटपाथ पर क्षैतिज झूठ बोलने वाले नर्तकियों के साथ प्रशंसा हुई।
एडेल का कहना है कि उन्होंने छह महीने के अपने प्रेमी को शामिल करने वाली घटना के बाद "पीछा फुटपाथ" लिखा था। उसने पाया कि वह उस पर धोखा दे रहा था, और वह एक पब में गई और चेहरे पर उसे पेंच कर दिया। उसे बाहर निकाल दिया गया और अकेले सड़क पर चली गई कि वह क्या पीछा कर रही थी। उसने शुरुआत में गीत गाकर और उसे अपने सेल फोन पर रिकॉर्ड करके लिखा था।
"हैलो" (2015)
तीन साल में एडेल का पहला नया एकल रिकॉर्ड-शटरिंग हिट बन गया। "हैलो" ने अमेरिका में रिलीज होने के अपने पहले सप्ताह में 1. 11 मिलियन प्रतियां बेचीं। फ्लो रिडा के "राइट राउंड" ने 636,000 के पिछले एक सप्ताह के बिक्री रिकॉर्ड को लगभग दोगुना कर दिया। यह एक शक्तिशाली भावनात्मक गीत है जो एडेल के लिए सभी उच्च उम्मीदों को पूरा करता है। इसने गेट से भारी हिट होने के लिए 25 एल्बम स्थापित किया। 25 ने रिलीज के पहले सप्ताह में अकेले यूएस में 3. 3 मिलियन से अधिक प्रतियां बेचीं * एनएसवाईएनसी द्वारा 2. 4 मिलियन के पुराने रिकॉर्ड को तोड़ दिया। "हैलो" ने आखिरकार यूएस में पॉप चार्ट पर # 1 पर # 1 बिताए। यह दुनिया में लगभग हर दूसरे महत्वपूर्ण पॉप बाजार में # 1 मारा। अमेरिका में, "हैलो" मुख्यधारा के शीर्ष 40, वयस्क पॉप, और वयस्क समकालीन रेडियो चार्टों के साथ-साथ नृत्य चार्ट को शीर्ष पर भी # 1 पर पहुंच गया।
एडेल ने ग्रेग कुर्स्टिन के साथ "हैलो" लिखा था। वह केली ग्रैक्ससन के साथ "स्ट्रॉन्डर" और "चांदेलियर" पर सिया के साथ उनके ग्रैमी नामित काम के लिए जाने जाते थे। ग्रेग कुर्स्टिन ने भी "हैलो" बनाया। गीत लिखने की प्रक्रिया छह महीने से अधिक समय ले ली और मुख्य रूप से घर के बजाय लंदन में लिखा गया जहां एडेल लिखना पसंद करता था।
"माई लव भेजें (आपका नया प्रेमी)" (2016)
एडेल का वर्णन है "मेरे प्यार को भेजें (आपका नया प्रेमी)" एक "खुश तुम चले गए" गीत के रूप में। यह एक पूर्व प्रेमी को समर्पित है। उन्होंने "आई न्यू यू वेयर ट्रबल" पर टेलर स्विफ्ट के साथ अपना काम सुनने के बाद गीत पर मैक्स मार्टिन और शैलबैक के साथ काम करने का फैसला किया। स्वीडिश जोड़ी ने सह-लेखन और रिकॉर्ड का उत्पादन किया। "माई लव (टू योर न्यू प्रेमी)" में एडेल के अधिकांश कामों की तुलना में अधिक उत्साही, लयबद्ध पॉप महसूस होता है। इसे एल्बम 25 से तीसरा एकल के रूप में रिलीज़ किया गया था। "माई लव (टू योर न्यू प्रेमी)" अमेरिका में शीर्ष 10 पॉप हिट बन गया और वयस्क पॉप और वयस्क समकालीन रेडियो में शीर्ष 10 तक पहुंच गया।
"सेंड माई लव (टू योर न्यू प्रेमी)" का कंकाल लिखा गया था जब एडेल केवल तेरह था। वह एमी वाइनहाउस के पहले एल्बम फ्रैंक से प्रेरित थीं। एडेल के साथ गीत पर काम करने के लिए मैक्स मार्टिन ने लंदन का दौरा किया। उसने कहा कि यह एक हल्का गीत था क्योंकि वह हर समय अंधेरा नहीं जा सका।
"स्काईफॉल" (2012)
एडेल 2011 के आरंभ में पूछे जाने पर अगले जेम्स बॉन्ड थीम गीत को करने के लिए असाइनमेंट स्वीकार करने में संकोच नहीं कर रहा था। निर्माता ने सोचा कि वह शर्ली बेससी के क्लासिक जेम्स बॉण्ड विषयों का अनुभव वापस ला सकती है। आखिरकार, वह और निर्माता / गीतकार पॉल एपवर्थ ("रोलिंग इन द दीप") के बाद "स्काईफॉल" पूरा हुआ, एडेल ने कहा कि यह एक मजेदार अनुभव था। गीत के पहले मसौदे में लिखने के लिए दस मिनट लग गए। "स्काईफॉल" इस तरह के क्लासिक जेम्स बॉन्ड विषयों को प्रेरणा के लिए "गोल्डफिंगर" और "लाइव एंड लेट डाई" के रूप में देखता है। अक्टूबर 2012 में रिलीज होने पर, "स्काईफॉल" ने आलोचनात्मक प्रशंसा अर्जित की और अमेरिका और ब्रिटेन दोनों में पॉप चार्ट में बढ़ोतरी की। यह यूएस पॉप चार्ट पर # 8 पर और ब्रिटेन में # 2 पर पहुंच गया। रीमिक्स ने "स्काईफॉल" को शीर्ष 10 नृत्य हिट में बदलने में मदद की। गीत ने सर्वश्रेष्ठ मूल गीत के लिए अकादमी पुरस्कार और विजुअल मीडिया के लिए लिखित सर्वश्रेष्ठ गीत के लिए ग्रैमी अवॉर्ड जीता।
रिपोर्ट के अनुसार, स्काईफॉल फिल्म निर्देशक सैम मेंडेस ने एडेले को प्रेरणा के रूप में कार्ली साइमन के क्लासिक "नोबॉडी डू इट बेटर" के साथ एक व्यक्तिगत गीत लिखने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने फिल्म के लिए लिपि पढ़ी और कहा कि वह इसके साथ प्यार में पड़ गई है। इसने गीत को लिखना आसान बना दिया। रिकॉर्डिंग के ठीक ट्यूनिंग में अधिक समय लगा। "स्काईफॉल" रिकॉर्डिंग बनाने की पूरी प्रक्रिया में अठारह महीने लगे।
"मेक यू फेल माई लव" (2008)
गीत "मेक यू फेल माई लव" मूल रूप से बॉब डायलन द्वारा 1 99 7 के एल्बम टाइम आउट ऑफ माइंड के लिए लिखा गया था और रिकॉर्ड किया गया था। बिली जोएल ने गीत को कवर किया और उसी वर्ष यूएस पॉप चार्ट पर # 50 पर ले गया। उनका संस्करण वयस्क समकालीन चार्ट पर शीर्ष 10 तक पहुंच गया। 1 99 8 में गर्थ ब्रूक्स देश चार्ट पर # 1 और वयस्क समकालीन चार्ट पर शीर्ष 10 पर "टू मेक यू फेल माई लव" शीर्षक के तहत गीत के साथ गए। एडेल का संस्करण 1 9 एल्बम से एकल के रूप में रिलीज़ किया गया था। शो एक्स फैक्टर पर प्रतिद्वंद्वियों द्वारा गीत को कवर किए जाने तक यह एक प्रमुख हिट नहीं बन गया। "मेक यू फेल माई लव" ब्रिटेन के शीर्ष 10 में पांच अलग-अलग मौकों पर उतरा है। मार्च 2016 में, एडेल ने ब्रसेल्स बमबारी के पीड़ितों की यादों को सम्मानित करने के लिए ओ 2 एरेना में "मेक यू फेल माई लव" का प्रदर्शन समर्पित किया।
"फायर टू द रेन" (2011)
एल्बम सेट 21 से अमेरिका में एडेल का लगातार तीसरा # 1 हिट एकल था "सेट टू द रेन"। गीत एक लश स्ट्रिंग व्यवस्था का उपयोग करता है जो एल्बम के कई अन्य गीतों से अलग है। Lyrically, यह सभी Adele गाने के सबसे शक्तिशाली में से एक है। एडेल ने फ्रेज़र टी स्मिथ के साथ गीत को सह-लेखन किया, और उन्होंने इसे बनाया। अमेरिका में शैली चार्ट की एक विस्तृत श्रृंखला तक पहुंचने में 21 से अपने दो पूर्ववर्तियों के पदों पर "फायर टू द रेन" का पालन किया गया है। यह मुख्यधारा के शीर्ष 40, वयस्क पॉप और वयस्क समकालीन रेडियो चार्टों में # 1 तक पहुंचने वाली चट्टान, नृत्य, लैटिन और पॉप चार्ट पर दिखाई दिया है। डीवीडी लाइव एट द रॉयल अल्बर्ट हॉल से "सेट फायर टू द रेन" की एक लाइव रिकॉर्डिंग सर्वश्रेष्ठ पॉप सोलो प्रदर्शन के लिए ग्रैमी अवॉर्ड जीती। "फायर टू द रेन" दो एडेल गीतों में से एक था, जिसमें "रोलिंग इन द दीप" भी शामिल थी, जिसमें एरिया फ्रैंकलिन ने 2014 के एल्बम अरेथा फ्रैंकलिन टेक्स ऑन द ग्रेट दिवा क्लासिक्स पर शामिल किया था ।
"अफवाह है यह" (2011)
"अफवाह है यह" एडेल के ब्लूसी वोकल्स लेता है और उन्हें 60 के दशक के समूह समूह वोकल्स और एक स्टॉम्पिंग आत्मा हरा करने के लिए वेल्ड करता है। हालांकि कुछ लोगों का मानना था कि यह गीत मीडिया के साथ एडेल के रिश्ते के बारे में होना चाहिए, उन्होंने जोर देकर कहा कि इसका उद्देश्य उन मित्रों के लिए था जो बॉयफ्रेंड के साथ अपने टूटने के बारे में अफवाहें फैलते थे। "अफवाह है यह" वन रिपब्लिक के रयान टेडर द्वारा उत्पादित किया गया था। यह "कुछ पसंद है" के साथ एक समीक्षकों द्वारा प्रशंसित गली मैश-अप का हिस्सा था जो कि बिलबोर्ड हॉट 100 पर # 11 पर पहुंच गया। 21 से चौथे एकल के रूप में रिलीज किया गया, "अफवाह है इट" मुख्यधारा, वयस्क पॉप में शीर्ष 10 में पहुंच गया , और वयस्क समकालीन रेडियो।
एडेल ने कहा है कि रयान टेडर गीत को पहचानना आसान है, इसलिए जब उसने उसके साथ सहयोग किया, तो उसने "अफवाह है" पर कुछ अलग करने की कोशिश की। उन्होंने गीत को उसी निराशाजनक मूड से बाहर आने के रूप में भी पहचाना है जिसके परिणामस्वरूप "गहरी रोलिंग" बन गई। एडेल ने "रूमर हैस इट" का वर्णन "ब्लूसी-पॉप स्टॉम्पिंग गीत" के रूप में किया है।
"गृहनगर महिमा" (2007)
"शोटाउन ग्लोरी" टीवी शो ग्रेज़ एनाटॉमी के साउंडट्रैक पर दिखाया गया था। शक्तिशाली टीवी संगीत पर्यवेक्षक अलेक्जेंड्रा पात्सव ने गीत चुना जब उसने एडेल को लॉस एंजिल्स में होटल कैफे में लाइव किया। उन्हें कोलंबिया रिकॉर्ड्स के कार्यकारी जोनाथन पामर द्वारा प्रदर्शन देखने के लिए प्रोत्साहित किया गया था। "गृहनगर महिमा" को अतिरिक्त एक्सपोजर प्राप्त हुआ जब इसे प्रतियोगिता शो सो यू थिंक यू कैन डांस पर नृत्य संगत के रूप में इस्तेमाल किया गया। एडेल को "गृहनगर महिमा" के लिए सर्वश्रेष्ठ महिला पॉप वोकल के लिए ग्रैमी अवॉर्ड नामांकन मिला।
| "रोलिंग इन दी दीप" "रोलिंग इन दी दीप" वह गीत है जिसने एडेल को अमेरिका में एक पॉप सुपरस्टार में बदल दिया। पॉप, ब्लूज़, डिस्को और सुसमाचार के तत्वों को फ्यूज करना, यह एक ऐसा गीत है जो एक विशिष्ट शैली के बिना है। नतीजतन, "रोलिंग इन द दीप" ने किसी अन्य गीत की तुलना में अधिक अलग शैली रेडियो चार्ट पर प्रदर्शित होने के लिए एक बिलबोर्ड रिकॉर्ड सेट किया। लैटिन और रॉक रेडियो पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालने के दौरान यह मुख्यधारा के पॉप, वयस्क पॉप और वयस्क समकालीन रेडियो चार्टों में सबसे ऊपर था। "रोलिंग इन द दीप" को एडेल के दूसरे एल्बम इक्कीस के पहले एकल के रूप में रिलीज़ किया गया था। इसने अकेले यूएस में लगभग छह मिलियन प्रतियां बेची हैं और बिलबोर्ड हॉट एक सौ के शीर्ष पर सात सप्ताह बिताए हैं। "रोलिंग इन द दीप" ने ग्रैमी जीता वर्ष के रिकॉर्ड और वर्ष के गीत के लिए पुरस्कार। एडेल के साथ अपने काम से पहले, निर्माता पॉल एपवर्थ फ्लोरेंस और मशीन के साथ अपने पहले एल्बम लुंग्स पर अपने काम के लिए जाने जाते थे। एडेल को एक साथ काम करने के बारे में कुछ भयावहता थी क्योंकि उसने सोचा था कि उनकी संगीत शैली बहुत अलग थी। उसने अब इसे "स्वर्ग में बने मैच" के रूप में संदर्भित किया है। पॉल एपवर्थ और एडेल ने अपने प्रेमी के साथ एडेल के ब्रेक अप के चलते एक दोपहर में "रोलिंग इन दी दीप" रचित की। "आप की तरह कोई" एडेल का कहना है कि उसने "किसी की तरह आप" लिखा था जब वह अपने टूटे रिश्ते के बारे में नाराज गीत लिखने से थक गई थी। उसने रिश्ते में दो साल के बारे में खुद को ठीक महसूस करने के लिए लिखा था। एडेल ने "किसी की तरह आप" प्रदर्शन किया फरवरी दो हज़ार ग्यारह में ब्रिट अवार्ड्स में रहते थे और अंत में आँसू में लगभग टूट गए थे। प्रदर्शन की प्रशंसा के साथ सराहना की गई और गीत लगभग तुरंत यूके पॉप एकल चार्ट के शीर्ष पर गया। अगस्त दो हज़ार ग्यारह में, एडेल ने एमटीवी म्यूजिक अवॉर्ड्स में लाइव गीत का प्रदर्शन किया और इसके पांच सप्ताह के लिए बिलबोर्ड हॉट एक सौ के शीर्ष पर चढ़ने के लिए अमेरिका में समान चार्ट प्रभाव पड़ा। "किसी की तरह आप" यूएस पॉप चार्ट पर # एक हिट करने के लिए केवल एक पियानो और एकल आवाज की पहली रिकॉर्डिंग बन गई। यह वयस्क पॉप और वयस्क समकालीन चार्ट पर # एक पर भी पहुंच गया। "आपके जैसे कोई" लैटिन गाने चार्ट पर शीर्ष दस और रॉक रेडियो चार्ट पर शीर्ष पच्चीस पर पहुंच गया। एडेल ने अमेरिकी गीतकार डैन विल्सन के साथ "Someone Like You" गीत लिखा था। वह डिक्सी लड़कियों के साथ "नाट रेडी टू मेक नाइस" लिखने के लिए ग्रैमी अवॉर्ड विजेता थे। "किसी की तरह आप" एल्बम इक्कीस के लिए लिखे गए अंतिम गीतों में से एक था। एडेल ने कहा कि गीत लिखने से वह अपने प्रेमी के साथ अपने रिश्ते को समाप्त करने के साथ शांति महसूस कर रही है। "पीछा फुटपाथ" "पीछा फुटपाथ" यूके में एडेल की सफल पॉप हिट पॉप सिंगल चार्ट पर # दो पर टक्कर लगी। बाद में, यह गीत अमेरिका में एडेल के पहले चार्ट हिट में # इक्कीस पर पहुंच गया और आखिरकार बिक्री के लिए प्रमाणित प्लैटिनम बन गया। "पीछा फुटपाथ" वर्ष के रिकॉर्ड और वर्ष के गीत के लिए ग्रैमी अवॉर्ड्स के लिए नामित किया गया था। एडेल ने सर्वश्रेष्ठ नए कलाकार और सर्वश्रेष्ठ महिला पॉप वोकल के लिए ग्रैमी अवॉर्ड्स जीते। एडले ने अक्टूबर दो हज़ार आठ में शनिवार की रात लाइव पर प्रदर्शन किया जब यह अमेरिका में अपना पहला बड़ा एक्सपोजर प्राप्त हुआ। ग्रैमी अवॉर्ड जीत के बाद यह अमेरिका में चार्टों पर भी अधिक चढ़ गया। साथ-साथ संगीत वीडियो को अपने अद्वितीय नृत्य दिनचर्या के लिए प्रशंसा मिली, जिसमें फुटपाथ पर क्षैतिज झूठ बोलने वाले नर्तकियों के साथ प्रशंसा हुई। एडेल का कहना है कि उन्होंने छह महीने के अपने प्रेमी को शामिल करने वाली घटना के बाद "पीछा फुटपाथ" लिखा था। उसने पाया कि वह उस पर धोखा दे रहा था, और वह एक पब में गई और चेहरे पर उसे पेंच कर दिया। उसे बाहर निकाल दिया गया और अकेले सड़क पर चली गई कि वह क्या पीछा कर रही थी। उसने शुरुआत में गीत गाकर और उसे अपने सेल फोन पर रिकॉर्ड करके लिखा था। "हैलो" तीन साल में एडेल का पहला नया एकल रिकॉर्ड-शटरिंग हिट बन गया। "हैलो" ने अमेरिका में रिलीज होने के अपने पहले सप्ताह में एक. ग्यारह मिलियन प्रतियां बेचीं। फ्लो रिडा के "राइट राउंड" ने छः सौ छत्तीस,शून्य के पिछले एक सप्ताह के बिक्री रिकॉर्ड को लगभग दोगुना कर दिया। यह एक शक्तिशाली भावनात्मक गीत है जो एडेल के लिए सभी उच्च उम्मीदों को पूरा करता है। इसने गेट से भारी हिट होने के लिए पच्चीस एल्बम स्थापित किया। पच्चीस ने रिलीज के पहले सप्ताह में अकेले यूएस में तीन. तीन मिलियन से अधिक प्रतियां बेचीं * एनएसवाईएनसी द्वारा दो. चार मिलियन के पुराने रिकॉर्ड को तोड़ दिया। "हैलो" ने आखिरकार यूएस में पॉप चार्ट पर # एक पर # एक बिताए। यह दुनिया में लगभग हर दूसरे महत्वपूर्ण पॉप बाजार में # एक मारा। अमेरिका में, "हैलो" मुख्यधारा के शीर्ष चालीस, वयस्क पॉप, और वयस्क समकालीन रेडियो चार्टों के साथ-साथ नृत्य चार्ट को शीर्ष पर भी # एक पर पहुंच गया। एडेल ने ग्रेग कुर्स्टिन के साथ "हैलो" लिखा था। वह केली ग्रैक्ससन के साथ "स्ट्रॉन्डर" और "चांदेलियर" पर सिया के साथ उनके ग्रैमी नामित काम के लिए जाने जाते थे। ग्रेग कुर्स्टिन ने भी "हैलो" बनाया। गीत लिखने की प्रक्रिया छह महीने से अधिक समय ले ली और मुख्य रूप से घर के बजाय लंदन में लिखा गया जहां एडेल लिखना पसंद करता था। "माई लव भेजें " एडेल का वर्णन है "मेरे प्यार को भेजें " एक "खुश तुम चले गए" गीत के रूप में। यह एक पूर्व प्रेमी को समर्पित है। उन्होंने "आई न्यू यू वेयर ट्रबल" पर टेलर स्विफ्ट के साथ अपना काम सुनने के बाद गीत पर मैक्स मार्टिन और शैलबैक के साथ काम करने का फैसला किया। स्वीडिश जोड़ी ने सह-लेखन और रिकॉर्ड का उत्पादन किया। "माई लव " में एडेल के अधिकांश कामों की तुलना में अधिक उत्साही, लयबद्ध पॉप महसूस होता है। इसे एल्बम पच्चीस से तीसरा एकल के रूप में रिलीज़ किया गया था। "माई लव " अमेरिका में शीर्ष दस पॉप हिट बन गया और वयस्क पॉप और वयस्क समकालीन रेडियो में शीर्ष दस तक पहुंच गया। "सेंड माई लव " का कंकाल लिखा गया था जब एडेल केवल तेरह था। वह एमी वाइनहाउस के पहले एल्बम फ्रैंक से प्रेरित थीं। एडेल के साथ गीत पर काम करने के लिए मैक्स मार्टिन ने लंदन का दौरा किया। उसने कहा कि यह एक हल्का गीत था क्योंकि वह हर समय अंधेरा नहीं जा सका। "स्काईफॉल" एडेल दो हज़ार ग्यारह के आरंभ में पूछे जाने पर अगले जेम्स बॉन्ड थीम गीत को करने के लिए असाइनमेंट स्वीकार करने में संकोच नहीं कर रहा था। निर्माता ने सोचा कि वह शर्ली बेससी के क्लासिक जेम्स बॉण्ड विषयों का अनुभव वापस ला सकती है। आखिरकार, वह और निर्माता / गीतकार पॉल एपवर्थ के बाद "स्काईफॉल" पूरा हुआ, एडेल ने कहा कि यह एक मजेदार अनुभव था। गीत के पहले मसौदे में लिखने के लिए दस मिनट लग गए। "स्काईफॉल" इस तरह के क्लासिक जेम्स बॉन्ड विषयों को प्रेरणा के लिए "गोल्डफिंगर" और "लाइव एंड लेट डाई" के रूप में देखता है। अक्टूबर दो हज़ार बारह में रिलीज होने पर, "स्काईफॉल" ने आलोचनात्मक प्रशंसा अर्जित की और अमेरिका और ब्रिटेन दोनों में पॉप चार्ट में बढ़ोतरी की। यह यूएस पॉप चार्ट पर # आठ पर और ब्रिटेन में # दो पर पहुंच गया। रीमिक्स ने "स्काईफॉल" को शीर्ष दस नृत्य हिट में बदलने में मदद की। गीत ने सर्वश्रेष्ठ मूल गीत के लिए अकादमी पुरस्कार और विजुअल मीडिया के लिए लिखित सर्वश्रेष्ठ गीत के लिए ग्रैमी अवॉर्ड जीता। रिपोर्ट के अनुसार, स्काईफॉल फिल्म निर्देशक सैम मेंडेस ने एडेले को प्रेरणा के रूप में कार्ली साइमन के क्लासिक "नोबॉडी डू इट बेटर" के साथ एक व्यक्तिगत गीत लिखने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने फिल्म के लिए लिपि पढ़ी और कहा कि वह इसके साथ प्यार में पड़ गई है। इसने गीत को लिखना आसान बना दिया। रिकॉर्डिंग के ठीक ट्यूनिंग में अधिक समय लगा। "स्काईफॉल" रिकॉर्डिंग बनाने की पूरी प्रक्रिया में अठारह महीने लगे। "मेक यू फेल माई लव" गीत "मेक यू फेल माई लव" मूल रूप से बॉब डायलन द्वारा एक निन्यानवे सात के एल्बम टाइम आउट ऑफ माइंड के लिए लिखा गया था और रिकॉर्ड किया गया था। बिली जोएल ने गीत को कवर किया और उसी वर्ष यूएस पॉप चार्ट पर # पचास पर ले गया। उनका संस्करण वयस्क समकालीन चार्ट पर शीर्ष दस तक पहुंच गया। एक निन्यानवे आठ में गर्थ ब्रूक्स देश चार्ट पर # एक और वयस्क समकालीन चार्ट पर शीर्ष दस पर "टू मेक यू फेल माई लव" शीर्षक के तहत गीत के साथ गए। एडेल का संस्करण एक नौ एल्बम से एकल के रूप में रिलीज़ किया गया था। शो एक्स फैक्टर पर प्रतिद्वंद्वियों द्वारा गीत को कवर किए जाने तक यह एक प्रमुख हिट नहीं बन गया। "मेक यू फेल माई लव" ब्रिटेन के शीर्ष दस में पांच अलग-अलग मौकों पर उतरा है। मार्च दो हज़ार सोलह में, एडेल ने ब्रसेल्स बमबारी के पीड़ितों की यादों को सम्मानित करने के लिए ओ दो एरेना में "मेक यू फेल माई लव" का प्रदर्शन समर्पित किया। "फायर टू द रेन" एल्बम सेट इक्कीस से अमेरिका में एडेल का लगातार तीसरा # एक हिट एकल था "सेट टू द रेन"। गीत एक लश स्ट्रिंग व्यवस्था का उपयोग करता है जो एल्बम के कई अन्य गीतों से अलग है। Lyrically, यह सभी Adele गाने के सबसे शक्तिशाली में से एक है। एडेल ने फ्रेज़र टी स्मिथ के साथ गीत को सह-लेखन किया, और उन्होंने इसे बनाया। अमेरिका में शैली चार्ट की एक विस्तृत श्रृंखला तक पहुंचने में इक्कीस से अपने दो पूर्ववर्तियों के पदों पर "फायर टू द रेन" का पालन किया गया है। यह मुख्यधारा के शीर्ष चालीस, वयस्क पॉप और वयस्क समकालीन रेडियो चार्टों में # एक तक पहुंचने वाली चट्टान, नृत्य, लैटिन और पॉप चार्ट पर दिखाई दिया है। डीवीडी लाइव एट द रॉयल अल्बर्ट हॉल से "सेट फायर टू द रेन" की एक लाइव रिकॉर्डिंग सर्वश्रेष्ठ पॉप सोलो प्रदर्शन के लिए ग्रैमी अवॉर्ड जीती। "फायर टू द रेन" दो एडेल गीतों में से एक था, जिसमें "रोलिंग इन द दीप" भी शामिल थी, जिसमें एरिया फ्रैंकलिन ने दो हज़ार चौदह के एल्बम अरेथा फ्रैंकलिन टेक्स ऑन द ग्रेट दिवा क्लासिक्स पर शामिल किया था । "अफवाह है यह" "अफवाह है यह" एडेल के ब्लूसी वोकल्स लेता है और उन्हें साठ के दशक के समूह समूह वोकल्स और एक स्टॉम्पिंग आत्मा हरा करने के लिए वेल्ड करता है। हालांकि कुछ लोगों का मानना था कि यह गीत मीडिया के साथ एडेल के रिश्ते के बारे में होना चाहिए, उन्होंने जोर देकर कहा कि इसका उद्देश्य उन मित्रों के लिए था जो बॉयफ्रेंड के साथ अपने टूटने के बारे में अफवाहें फैलते थे। "अफवाह है यह" वन रिपब्लिक के रयान टेडर द्वारा उत्पादित किया गया था। यह "कुछ पसंद है" के साथ एक समीक्षकों द्वारा प्रशंसित गली मैश-अप का हिस्सा था जो कि बिलबोर्ड हॉट एक सौ पर # ग्यारह पर पहुंच गया। इक्कीस से चौथे एकल के रूप में रिलीज किया गया, "अफवाह है इट" मुख्यधारा, वयस्क पॉप में शीर्ष दस में पहुंच गया , और वयस्क समकालीन रेडियो। एडेल ने कहा है कि रयान टेडर गीत को पहचानना आसान है, इसलिए जब उसने उसके साथ सहयोग किया, तो उसने "अफवाह है" पर कुछ अलग करने की कोशिश की। उन्होंने गीत को उसी निराशाजनक मूड से बाहर आने के रूप में भी पहचाना है जिसके परिणामस्वरूप "गहरी रोलिंग" बन गई। एडेल ने "रूमर हैस इट" का वर्णन "ब्लूसी-पॉप स्टॉम्पिंग गीत" के रूप में किया है। "गृहनगर महिमा" "शोटाउन ग्लोरी" टीवी शो ग्रेज़ एनाटॉमी के साउंडट्रैक पर दिखाया गया था। शक्तिशाली टीवी संगीत पर्यवेक्षक अलेक्जेंड्रा पात्सव ने गीत चुना जब उसने एडेल को लॉस एंजिल्स में होटल कैफे में लाइव किया। उन्हें कोलंबिया रिकॉर्ड्स के कार्यकारी जोनाथन पामर द्वारा प्रदर्शन देखने के लिए प्रोत्साहित किया गया था। "गृहनगर महिमा" को अतिरिक्त एक्सपोजर प्राप्त हुआ जब इसे प्रतियोगिता शो सो यू थिंक यू कैन डांस पर नृत्य संगत के रूप में इस्तेमाल किया गया। एडेल को "गृहनगर महिमा" के लिए सर्वश्रेष्ठ महिला पॉप वोकल के लिए ग्रैमी अवॉर्ड नामांकन मिला। |
मुरैना,संजय दीक्षित। रोते बिलखते 6 दिन से बेटी के लापता (our daughter is missing) हुए परिजनों ने केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर (union minister narendra singh tomar ) की गाड़ी के आगे लेटकर रास्ता को रोकने की कोशिश की, लेकिन पुलिस और भाजपा कार्यकर्ताओं ने लड़की के परिजनों को धक्का देकर भगा दिया।
बता दें कि पोरसा थाना क्षेत्र में धनोटा गांव में पिछले 6 दिन से बेटी लापता हो गई थी जिसकी शिकायत पोरसा थाने में पीड़ित परिवार ने नामजद आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई लेकिन थाने में कोई सुनवाई नहीं की गई तो गुस्साए परिजनों ने जिला अस्पताल में चल रहे स्वास्थ्य मेले में आकर केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर की गाड़ी के सामने आगे लेटने की कोशिश की लेकिन कार्यकर्ताओं के द्वारा वहां से भगा दिया गया।
जिसके बाद पीड़ित परिजन रोते बिलखते केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के पास पहुंचे तो उन्होंने कार्रवाई का आश्वासन देकर चले गए। करीब 6 दिन से लापता हुई लड़की का पुलिस के द्वारा कोई पता नहीं लगाया गया जिससे परिजनों में काफी आक्रोश का माहौल बना हुआ है।
| मुरैना,संजय दीक्षित। रोते बिलखते छः दिन से बेटी के लापता हुए परिजनों ने केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर की गाड़ी के आगे लेटकर रास्ता को रोकने की कोशिश की, लेकिन पुलिस और भाजपा कार्यकर्ताओं ने लड़की के परिजनों को धक्का देकर भगा दिया। बता दें कि पोरसा थाना क्षेत्र में धनोटा गांव में पिछले छः दिन से बेटी लापता हो गई थी जिसकी शिकायत पोरसा थाने में पीड़ित परिवार ने नामजद आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई लेकिन थाने में कोई सुनवाई नहीं की गई तो गुस्साए परिजनों ने जिला अस्पताल में चल रहे स्वास्थ्य मेले में आकर केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर की गाड़ी के सामने आगे लेटने की कोशिश की लेकिन कार्यकर्ताओं के द्वारा वहां से भगा दिया गया। जिसके बाद पीड़ित परिजन रोते बिलखते केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के पास पहुंचे तो उन्होंने कार्रवाई का आश्वासन देकर चले गए। करीब छः दिन से लापता हुई लड़की का पुलिस के द्वारा कोई पता नहीं लगाया गया जिससे परिजनों में काफी आक्रोश का माहौल बना हुआ है। |
ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट के घरेलू टूर्नामेंट में रविवार को एक बड़ा हादसा होते-होते रह गया जिसमें ऑस्ट्रेलिया के लिए खेलने वाले एक खिलाड़ी को कैच लेने के दौरान नाक पर गेंद लगने से लहुलुहान होना पड़ा। हालांकि ये कंगारू खिलाड़ी पूरी तरह से सही हैं लेकिन ज्यादा चोट भी लग सकती थी।
हम बात कर रहे हैं ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के ऑलराउंडर खिलाड़ी एश्टन एगर की जिनको ऑस्ट्रेलिया की घरेलू वनडे सीरीज मार्श वनडे टूर्नामेंट के दौरान घायल होना पड़ा।
ऑस्ट्रेलिया में इन दिनों मार्श वनडे टूर्नामेंट खेला जा रहा है जहां ऑस्ट्रेलिया के घरेलू खिलाड़ियों के साथ ही सीनियर टीम के लिए खेल चुके कई खिलाड़ी अपना कमाल दिखाने मैदान में उतरे हैं।
रविवार को मार्श वनडे टूर्नामेंट में वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया और साउथ ऑस्ट्रेलिया के बीच मैच खेला जा रहा था। इसी मैच में साउथ ऑस्ट्रेलिया से खेल रहे खुद एश्टन एगर के भाई वेस एगर ने हवा में एक शॉट खेला। जिसे वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के लिए खेल रहे एश्टन एगर लपकने के लिए भागे।
अपने देश के एक बेहतरीन फील्डर के रूप में पहचाने जाने वाले एश्टन एगर इस गेंद को कैच करने तो गए लेकिन गेंद उनके हाथ से छिटकती हुई उनके नाक पर जा लगी। इससे एगर को चोट लग गई और खून निकलने लगे। इस खून से उनकी जर्सी भी लहुलुहान हो गई।
इसके तुूरंत बाद बल्लेबाजी कर रहे एश्टन एगर के भाई वेस एगर उनके पास दौड़े चले आए तो वहीं गेंदबाजी कर रहे जाएल रिचर्डसन ने मेडिकल टीम को तुरंत इशारा कर बुलाया।
मेडिकल टीम के द्वारा प्राथमिकक उपचार के बाद एगर मैदान से बाहर गए लेकिन उनके आगे खेलने की संभावना नजर नहीं आ रही है।
| ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट के घरेलू टूर्नामेंट में रविवार को एक बड़ा हादसा होते-होते रह गया जिसमें ऑस्ट्रेलिया के लिए खेलने वाले एक खिलाड़ी को कैच लेने के दौरान नाक पर गेंद लगने से लहुलुहान होना पड़ा। हालांकि ये कंगारू खिलाड़ी पूरी तरह से सही हैं लेकिन ज्यादा चोट भी लग सकती थी। हम बात कर रहे हैं ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के ऑलराउंडर खिलाड़ी एश्टन एगर की जिनको ऑस्ट्रेलिया की घरेलू वनडे सीरीज मार्श वनडे टूर्नामेंट के दौरान घायल होना पड़ा। ऑस्ट्रेलिया में इन दिनों मार्श वनडे टूर्नामेंट खेला जा रहा है जहां ऑस्ट्रेलिया के घरेलू खिलाड़ियों के साथ ही सीनियर टीम के लिए खेल चुके कई खिलाड़ी अपना कमाल दिखाने मैदान में उतरे हैं। रविवार को मार्श वनडे टूर्नामेंट में वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया और साउथ ऑस्ट्रेलिया के बीच मैच खेला जा रहा था। इसी मैच में साउथ ऑस्ट्रेलिया से खेल रहे खुद एश्टन एगर के भाई वेस एगर ने हवा में एक शॉट खेला। जिसे वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के लिए खेल रहे एश्टन एगर लपकने के लिए भागे। अपने देश के एक बेहतरीन फील्डर के रूप में पहचाने जाने वाले एश्टन एगर इस गेंद को कैच करने तो गए लेकिन गेंद उनके हाथ से छिटकती हुई उनके नाक पर जा लगी। इससे एगर को चोट लग गई और खून निकलने लगे। इस खून से उनकी जर्सी भी लहुलुहान हो गई। इसके तुूरंत बाद बल्लेबाजी कर रहे एश्टन एगर के भाई वेस एगर उनके पास दौड़े चले आए तो वहीं गेंदबाजी कर रहे जाएल रिचर्डसन ने मेडिकल टीम को तुरंत इशारा कर बुलाया। मेडिकल टीम के द्वारा प्राथमिकक उपचार के बाद एगर मैदान से बाहर गए लेकिन उनके आगे खेलने की संभावना नजर नहीं आ रही है। |
Ind Vs Sl 2nd Test: भारत और श्रीलंका के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज का दूसरा मैच बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टडियम में खेला जा रहा है. इस मैच का आज दूसरा दिन है. दूसरे दिन की शुरुआत भारतीय टीम के पक्ष में रही. भारतीय गेंदबाजों ने श्रीलंका की पूरी टीम को 109 रनों पर ऑल आउट कर पवेलियन भेज दिया. इसी के साथ भारत ने पहली पारी के आधार पर 143 रनों की बढ़त हासिल कर ली है. वहीं, भारतीय टीम दूसरी पारी में बल्लेबाजी करने उतर चुकी है और 11 ओवर में एक विकेट (मयंक अग्रवाल) खोकर 43 रन बनाये हैं. दरअसल, दूसरे दिन का खेल शुरू होने के छह ओवर के अंदर ही श्रीलंका ने अपने बचे चार विकेट गंवा दिए। वहीं, श्रीलंका ने भारत के खिलाफ अब तक दूसरा न्यूनतम टेस्ट स्कोर बनाया है। श्रीलंकाई टीम की तरफ से ऐंजेलो मैथ्यूज़ ने सबसे ज्यादा 43 रन बनाए तो वहीं भारत (Ind Vs Sl 2nd Test) की तरफ से जसप्रीत बुमराह ने पांच विकेटअपने नाम किये।
वहीं, दूसरे टेस्ट मैच (Ind Vs Sl 2nd Test) की पहली पारी में श्रीलंका के खिलाफ जसप्रीत बुमराह ने 5 विकेट अपने नाम किया है. उनके अलावा अन्य भारतीय गेंदबाजों ने भी कमाल का खेल दिखाया. मोहम्मद शमी और रविचंद्रन अश्विन ने 2 विकेट हासिल किए हैं जबकि अक्षर पटेल ने 1 विकेट चटकाया. श्रीलंका का कोई भी बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल पाया. एंजेलो मैथ्यूज ने 43 रन बनाए. मैथ्यूज के अलावा निरोशन डिकवेला और अरविंदा डिसेलवा ही दोहरे अंक में पहुंच पाए. भारतीय गेंदबाजों ने पूरे मैच पर पकड़ बनाए रखी और श्रीलंका की पूरी टीम 109 रन ही बना सकी. इस तरह से भारत को 143 रनों की बढ़त मिल गई है.
वहीं, भारत-श्रीलंका बैंगलोर टेस्ट मैच में 5 विकेट लेते ही बुमराह ने एक नया रिकॉर्ड बनाया है. दरअसल उन्होंने इंटरनेशनल करियर में 300 विकेट अपने नाम दर्ज कर लिए हैं। बुमराह ने अबतक भारत के लिए 29 टेस्ट मैचों में 120 विकेट, 70 वनडे मैचों में 113 और 57 टी20 इंटरनेशनल मैचों में 67 विकेट अपने नाम कर लिए हैं।
भारत और श्रीलंका (Ind Vs Sl 2nd Test) के बीच बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में टेस्ट सीरीज का दूसरा और अंतिम डे-नाईट टेस्ट मैच खेला जा रहा है. दूसरे टेस्ट मैच के पहले दिन भारतीय टीम ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी का फैसला किया था. भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए पुरे 10 विकेट खोकर पहली पारी में 253 रनों का स्कोर बना सकी. भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही लेकिन श्रेयस अय्यर और ऋषभ पंत ने मध्यक्रम में बल्लेबाजी करते हुए टीम इंडिया को 253 रनों के सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाने में कामयाब रहे. लिहाजा, भारतीय टीम का मकसद विपक्षी टीम के आगे अधिक लक्ष्य रखने का होगा, जिससे टीम इंडिया इस टेस्ट सीरीज (Ind Vs Sl 2nd Test) में क्लीन स्वीप का सपना पूरा कर सके.
| Ind Vs Sl दोnd Test: भारत और श्रीलंका के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज का दूसरा मैच बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टडियम में खेला जा रहा है. इस मैच का आज दूसरा दिन है. दूसरे दिन की शुरुआत भारतीय टीम के पक्ष में रही. भारतीय गेंदबाजों ने श्रीलंका की पूरी टीम को एक सौ नौ रनों पर ऑल आउट कर पवेलियन भेज दिया. इसी के साथ भारत ने पहली पारी के आधार पर एक सौ तैंतालीस रनों की बढ़त हासिल कर ली है. वहीं, भारतीय टीम दूसरी पारी में बल्लेबाजी करने उतर चुकी है और ग्यारह ओवर में एक विकेट खोकर तैंतालीस रन बनाये हैं. दरअसल, दूसरे दिन का खेल शुरू होने के छह ओवर के अंदर ही श्रीलंका ने अपने बचे चार विकेट गंवा दिए। वहीं, श्रीलंका ने भारत के खिलाफ अब तक दूसरा न्यूनतम टेस्ट स्कोर बनाया है। श्रीलंकाई टीम की तरफ से ऐंजेलो मैथ्यूज़ ने सबसे ज्यादा तैंतालीस रन बनाए तो वहीं भारत की तरफ से जसप्रीत बुमराह ने पांच विकेटअपने नाम किये। वहीं, दूसरे टेस्ट मैच की पहली पारी में श्रीलंका के खिलाफ जसप्रीत बुमराह ने पाँच विकेट अपने नाम किया है. उनके अलावा अन्य भारतीय गेंदबाजों ने भी कमाल का खेल दिखाया. मोहम्मद शमी और रविचंद्रन अश्विन ने दो विकेट हासिल किए हैं जबकि अक्षर पटेल ने एक विकेट चटकाया. श्रीलंका का कोई भी बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल पाया. एंजेलो मैथ्यूज ने तैंतालीस रन बनाए. मैथ्यूज के अलावा निरोशन डिकवेला और अरविंदा डिसेलवा ही दोहरे अंक में पहुंच पाए. भारतीय गेंदबाजों ने पूरे मैच पर पकड़ बनाए रखी और श्रीलंका की पूरी टीम एक सौ नौ रन ही बना सकी. इस तरह से भारत को एक सौ तैंतालीस रनों की बढ़त मिल गई है. वहीं, भारत-श्रीलंका बैंगलोर टेस्ट मैच में पाँच विकेट लेते ही बुमराह ने एक नया रिकॉर्ड बनाया है. दरअसल उन्होंने इंटरनेशनल करियर में तीन सौ विकेट अपने नाम दर्ज कर लिए हैं। बुमराह ने अबतक भारत के लिए उनतीस टेस्ट मैचों में एक सौ बीस विकेट, सत्तर वनडे मैचों में एक सौ तेरह और सत्तावन टीबीस इंटरनेशनल मैचों में सरसठ विकेट अपने नाम कर लिए हैं। भारत और श्रीलंका के बीच बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में टेस्ट सीरीज का दूसरा और अंतिम डे-नाईट टेस्ट मैच खेला जा रहा है. दूसरे टेस्ट मैच के पहले दिन भारतीय टीम ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी का फैसला किया था. भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए पुरे दस विकेट खोकर पहली पारी में दो सौ तिरेपन रनों का स्कोर बना सकी. भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही लेकिन श्रेयस अय्यर और ऋषभ पंत ने मध्यक्रम में बल्लेबाजी करते हुए टीम इंडिया को दो सौ तिरेपन रनों के सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाने में कामयाब रहे. लिहाजा, भारतीय टीम का मकसद विपक्षी टीम के आगे अधिक लक्ष्य रखने का होगा, जिससे टीम इंडिया इस टेस्ट सीरीज में क्लीन स्वीप का सपना पूरा कर सके. |
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BOOKED: 2018 बॉक्स ऑफिस. . . आमिर. . . सलमान. . . . अक्षय. . . सब साइड!
इस समय प्रियंका चोपड़ा जिस फॉर्म में है, आदमी उन्हें देखे और बस देखता रह जाए। ये भी एक कारण है कि फैन्स उनके अगले बॉलीवुड प्रोजेक्ट का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं।
3,
फिल्म,
है।
है।
सूत्रों की मानें तो प्रियंका चोपड़ा बॉलीवुड में अपना कमबैक रानी हाडी बायोपिक के साथ करने वाली है। इस प्रोजेक्ट के लिए प्रियंका को साउथ के कई बड़े नाम अप्रोच कर रहे हैं। यानि कि ये प्रोजेक्ट धमाकेदार होने वाला है।
बाद,
हैं।
आए,
थीं।
बहरहाल, अगर प्रियंका की ये फिल्म फाइनल होती है तो अगले साल बॉक्स ऑफिस पर शाहरूख - सलमान - आमिर - अक्षय सबको कड़ी टक्कर मिल सकती है।
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जब शादीशुदा धर्मेंद्र ने तनुजा के साथ कर दी ऐसी हरकत, भड़कीं एक्ट्रेस, सेट पर ही जड़ दिया तमाचा, कहा- बेशर्म. .
| Don't Miss! - Travel आखिर क्यों कोई नहीं कर पाया कैलाश पर्वत की चढ़ाई? क्या है इसका वैज्ञानिक कारण? BOOKED: दो हज़ार अट्ठारह बॉक्स ऑफिस. . . आमिर. . . सलमान. . . . अक्षय. . . सब साइड! इस समय प्रियंका चोपड़ा जिस फॉर्म में है, आदमी उन्हें देखे और बस देखता रह जाए। ये भी एक कारण है कि फैन्स उनके अगले बॉलीवुड प्रोजेक्ट का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं। तीन, फिल्म, है। है। सूत्रों की मानें तो प्रियंका चोपड़ा बॉलीवुड में अपना कमबैक रानी हाडी बायोपिक के साथ करने वाली है। इस प्रोजेक्ट के लिए प्रियंका को साउथ के कई बड़े नाम अप्रोच कर रहे हैं। यानि कि ये प्रोजेक्ट धमाकेदार होने वाला है। बाद, हैं। आए, थीं। बहरहाल, अगर प्रियंका की ये फिल्म फाइनल होती है तो अगले साल बॉक्स ऑफिस पर शाहरूख - सलमान - आमिर - अक्षय सबको कड़ी टक्कर मिल सकती है। है। जब शादीशुदा धर्मेंद्र ने तनुजा के साथ कर दी ऐसी हरकत, भड़कीं एक्ट्रेस, सेट पर ही जड़ दिया तमाचा, कहा- बेशर्म. . |
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केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस और आवास एवं शहरी कार्य मंत्री श्री हरदीप एस. पुरी ने आज कहा, "भारत आपूर्ति पक्ष की ओर से ई20 लॉन्च करने के लिए तैयार है और ई20 ईंधन अप्रैल 2023 से उपलब्ध होगा। 20 प्रतिशत सम्मिश्रण का लक्ष्य 5 साल पहले यानी 2030 से घटाकर 2025 तक कर दिया गया है।" हालांकि, उन्होंने कहा कि देश में फ्लेक्स-फ्यूल इंजन वाले वाहनों के उत्पादन को बड़े पैमाने पर बढ़ाने की जरूरत है।
मंत्री ने जैव ईंधन पर सियाम के अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन - सतत भविष्य की ओर एक मार्ग में "जैव ईंधन के लिए एक विशाल छलांग - इथेनॉल सम्मिश्रण और एसएएटीएटी योजना" पर आधारित सत्र में सभा को संबोधित किया। इस कार्यक्रम में भारत में ब्राजील के राजदूत श्री आंद्रे अरन्हा कोरिया डो लागो, और ऊर्जा तथा वाहन उद्योग के प्रतिनिधियों सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
मंत्री ने वाहन निर्माताओं को आश्वासन दिया कि दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती और सबसे मजबूत प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में, फ्लेक्स-ईंधन और ई20-अनुकूल वाहनों के लिए उपभोक्ता मांग की गारंटी होगी। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने जैसा कि दोहराया है, फ्लेक्स-ईंधन ई10 और ई20 वाहनों की बिक्री को वाहन उद्योग के लिए एक व्यवहार्य व्यावसायिक प्रस्ताव बनाने के लिए आपूर्ति, नीति और मांग पक्ष की ओर से व्यापक समर्थन प्रदान करेगी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ने आर्थिक विकास हासिल करने, खासकर खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए, भारत के घरेलू ऊर्जा उत्पादन और आत्मनिर्भरता को बढ़ाने, वायु प्रदूषण को कम करने और भारत को स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में दुनिया का नेतृत्व करने में मदद करने के लिए बड़े अवसरों को उत्पन्न किया है।
इस पृष्ठभूमि में, जैव ईंधन के उत्पादन और खपत को बढ़ावा देने के लिए 2018 में राष्ट्रीय जैव ईंधन नीति लागू की गई थी। श्री हरदीप एस. पुरी ने बताया कि पेट्रोल में इथेनॉल-मिश्रण प्रतिशत 2013 में 0.67% से बढ़कर मई 2022 में 10% हो गया, यानी निर्धारित समय से 5 महीने पहले यह लक्ष हासिल कर लिया गया।
मंत्री ने आगे कहा कि नीति ने 2.7 मिलियन टन सीओ2 उत्सर्जन में कमी और 50,000 करोड़ रुपये से अधिक विदेशी मुद्रा की बचत की है। 2025 तक पेट्रोल के साथ ई20 सम्मिश्रण प्राप्त करने से देश के लिए प्रति वर्ष लगभग 30,000 करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा बचाने में मदद मिलेगी। उन्होंने आगे बताया कि जैव ईंधन बेचने वाले पेट्रोल पंपों की संख्या 2016-17 में 29897 से लगभग तीन गुना बढ़कर 2021-22 में 67641 हो गई है। भारत में एथेनॉल की मांग 2025 तक बढ़कर 10.16 अरब लीटर होने की उम्मीद है।
कार्यक्रम के दौरान, श्री हरदीप एस. पुरी ने देश में जैव ईंधन के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सरकार के प्रयासों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने 2जी बायोरिफाइनरी (सब्सट्रेट के रूप में कृषि अपशिष्ट का उपयोग करके) के बारह वाणिज्यिक संयंत्रों और दस प्रदर्शन संयंत्रों का उल्लेख किया, जिन्हें प्रधानमंत्री जी-वन (जैव इंधन-वातावरन अनुकूल फसल अवशेष निवारण) योजना के तहत पर्याप्त बायोमास आपूर्ति वाले क्षेत्रों में बनाने का प्रस्ताव दिया गया है। उन्होंने एशिया की 2जी इथेनॉल बायोरिफाइनरी के बारे में भी बताया, जिसका अगस्त, 2022 में पानीपत, हरियाणा में प्रधानमंत्री द्वारा उद्घाटन किया गया था।
मंत्री ने कहा कि भारत जी20 की अपनी अध्यक्षता के दौरान संयुक्त राज्य अमेरिका और ब्राजील के साथ जैव ईंधन पर एक वैश्विक गठबंधन भी शुरू कर रहा है।
मंत्री ने सतत जैसी पहलों के साथ सीबीजी जैसी जैव-ऊर्जा प्रौद्योगिकियों को सरकार द्वारा प्रदान की गई सहायता के बारे में भी बात की, जिसके तहत 37 सीबीजी संयंत्रों को चालू किया गया है, और लगभग 9000 टन कंप्रैस बायो-गैस की बिक्री की गई है।
श्री हरदीप एस. पुरी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि आयातित पेट्रोलियम ईंधन को जैव ईंधन और प्राकृतिक गैस के साथ सीबीजी के साथ प्रतिस्थापित करके सरकार द्वारा बचाई गई विदेशी मुद्रा का उपयोग ईवीएस जैसी अन्य कम कार्बन गतिशीलता प्रौद्योगिकियों को सब्सिडी देने के लिए किया जा रहा है, जैसे ईवीएस, जो स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण का एक स्व-मजबूत लूप बनाते हैं। अब तक देश भर में ओएमसी द्वारा 4003 ईवी चार्जिंग स्टेशन और 72 बैटरी स्वैपिंग स्टेशन लगाए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि ओएमसी ने 2024 तक देश भर के प्रमुख शहरों और राजमार्गों में 20000 ईवीसीएस स्थापित करने की भी योजना बनाई है।
मंत्री ने भारतीय वाहन निर्माताओं से आह्वान किया कि उन्हें कार्बन मुक्त परिवहन को वास्तविकता बनाने के लिए स्थिरता के मार्ग पर चलते रहना चाहिए। भारत चरण VI अपनाने के दौरान देखी गई तेज बदलाव को जैव ईंधन अपनाने की पहल के लिए दोहराने की जरूरत है।
अपनी समापन टिप्पणी में, श्री हरदीप एस. पुरी ने भारत के प्रमुख ओएमसी और रिफाइनरियों से वाहन उद्योग को सहायता का आश्वासन दिया, जिनकी संयुक्त विपणन, रिफाइनिंग और अनुसंधान और विकास क्षमताएं सहयोग को तेज कर सकती हैं।
| Posted On: केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस और आवास एवं शहरी कार्य मंत्री श्री हरदीप एस. पुरी ने आज कहा, "भारत आपूर्ति पक्ष की ओर से ईबीस लॉन्च करने के लिए तैयार है और ईबीस ईंधन अप्रैल दो हज़ार तेईस से उपलब्ध होगा। बीस प्रतिशत सम्मिश्रण का लक्ष्य पाँच साल पहले यानी दो हज़ार तीस से घटाकर दो हज़ार पच्चीस तक कर दिया गया है।" हालांकि, उन्होंने कहा कि देश में फ्लेक्स-फ्यूल इंजन वाले वाहनों के उत्पादन को बड़े पैमाने पर बढ़ाने की जरूरत है। मंत्री ने जैव ईंधन पर सियाम के अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन - सतत भविष्य की ओर एक मार्ग में "जैव ईंधन के लिए एक विशाल छलांग - इथेनॉल सम्मिश्रण और एसएएटीएटी योजना" पर आधारित सत्र में सभा को संबोधित किया। इस कार्यक्रम में भारत में ब्राजील के राजदूत श्री आंद्रे अरन्हा कोरिया डो लागो, और ऊर्जा तथा वाहन उद्योग के प्रतिनिधियों सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। मंत्री ने वाहन निर्माताओं को आश्वासन दिया कि दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती और सबसे मजबूत प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में, फ्लेक्स-ईंधन और ईबीस-अनुकूल वाहनों के लिए उपभोक्ता मांग की गारंटी होगी। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने जैसा कि दोहराया है, फ्लेक्स-ईंधन ईदस और ईबीस वाहनों की बिक्री को वाहन उद्योग के लिए एक व्यवहार्य व्यावसायिक प्रस्ताव बनाने के लिए आपूर्ति, नीति और मांग पक्ष की ओर से व्यापक समर्थन प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ने आर्थिक विकास हासिल करने, खासकर खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए, भारत के घरेलू ऊर्जा उत्पादन और आत्मनिर्भरता को बढ़ाने, वायु प्रदूषण को कम करने और भारत को स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में दुनिया का नेतृत्व करने में मदद करने के लिए बड़े अवसरों को उत्पन्न किया है। इस पृष्ठभूमि में, जैव ईंधन के उत्पादन और खपत को बढ़ावा देने के लिए दो हज़ार अट्ठारह में राष्ट्रीय जैव ईंधन नीति लागू की गई थी। श्री हरदीप एस. पुरी ने बताया कि पेट्रोल में इथेनॉल-मिश्रण प्रतिशत दो हज़ार तेरह में शून्य.सरसठ% से बढ़कर मई दो हज़ार बाईस में दस% हो गया, यानी निर्धारित समय से पाँच महीने पहले यह लक्ष हासिल कर लिया गया। मंत्री ने आगे कहा कि नीति ने दो.सात मिलियन टन सीओदो उत्सर्जन में कमी और पचास,शून्य करोड़ रुपये से अधिक विदेशी मुद्रा की बचत की है। दो हज़ार पच्चीस तक पेट्रोल के साथ ईबीस सम्मिश्रण प्राप्त करने से देश के लिए प्रति वर्ष लगभग तीस,शून्य करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा बचाने में मदद मिलेगी। उन्होंने आगे बताया कि जैव ईंधन बेचने वाले पेट्रोल पंपों की संख्या दो हज़ार सोलह-सत्रह में उनतीस हज़ार आठ सौ सत्तानवे से लगभग तीन गुना बढ़कर दो हज़ार इक्कीस-बाईस में सरसठ हज़ार छः सौ इकतालीस हो गई है। भारत में एथेनॉल की मांग दो हज़ार पच्चीस तक बढ़कर दस.सोलह अरब लीटर होने की उम्मीद है। कार्यक्रम के दौरान, श्री हरदीप एस. पुरी ने देश में जैव ईंधन के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सरकार के प्रयासों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने दोजी बायोरिफाइनरी के बारह वाणिज्यिक संयंत्रों और दस प्रदर्शन संयंत्रों का उल्लेख किया, जिन्हें प्रधानमंत्री जी-वन योजना के तहत पर्याप्त बायोमास आपूर्ति वाले क्षेत्रों में बनाने का प्रस्ताव दिया गया है। उन्होंने एशिया की दोजी इथेनॉल बायोरिफाइनरी के बारे में भी बताया, जिसका अगस्त, दो हज़ार बाईस में पानीपत, हरियाणा में प्रधानमंत्री द्वारा उद्घाटन किया गया था। मंत्री ने कहा कि भारत जीबीस की अपनी अध्यक्षता के दौरान संयुक्त राज्य अमेरिका और ब्राजील के साथ जैव ईंधन पर एक वैश्विक गठबंधन भी शुरू कर रहा है। मंत्री ने सतत जैसी पहलों के साथ सीबीजी जैसी जैव-ऊर्जा प्रौद्योगिकियों को सरकार द्वारा प्रदान की गई सहायता के बारे में भी बात की, जिसके तहत सैंतीस सीबीजी संयंत्रों को चालू किया गया है, और लगभग नौ हज़ार टन कंप्रैस बायो-गैस की बिक्री की गई है। श्री हरदीप एस. पुरी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि आयातित पेट्रोलियम ईंधन को जैव ईंधन और प्राकृतिक गैस के साथ सीबीजी के साथ प्रतिस्थापित करके सरकार द्वारा बचाई गई विदेशी मुद्रा का उपयोग ईवीएस जैसी अन्य कम कार्बन गतिशीलता प्रौद्योगिकियों को सब्सिडी देने के लिए किया जा रहा है, जैसे ईवीएस, जो स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण का एक स्व-मजबूत लूप बनाते हैं। अब तक देश भर में ओएमसी द्वारा चार हज़ार तीन ईवी चार्जिंग स्टेशन और बहत्तर बैटरी स्वैपिंग स्टेशन लगाए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि ओएमसी ने दो हज़ार चौबीस तक देश भर के प्रमुख शहरों और राजमार्गों में बीस हज़ार ईवीसीएस स्थापित करने की भी योजना बनाई है। मंत्री ने भारतीय वाहन निर्माताओं से आह्वान किया कि उन्हें कार्बन मुक्त परिवहन को वास्तविकता बनाने के लिए स्थिरता के मार्ग पर चलते रहना चाहिए। भारत चरण VI अपनाने के दौरान देखी गई तेज बदलाव को जैव ईंधन अपनाने की पहल के लिए दोहराने की जरूरत है। अपनी समापन टिप्पणी में, श्री हरदीप एस. पुरी ने भारत के प्रमुख ओएमसी और रिफाइनरियों से वाहन उद्योग को सहायता का आश्वासन दिया, जिनकी संयुक्त विपणन, रिफाइनिंग और अनुसंधान और विकास क्षमताएं सहयोग को तेज कर सकती हैं। |
Lok Sabha Election: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने रविवार को हरियाणा के भिवानी में बीजेपी पर जमकर निशाना साधा। मान ने कहा कि दो बार लोकसभा चुनाव जीतने के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) अहंकार में जी रही है, लेकिन देश की जनता उसका यह घमंड तोड़ देगी। भगवंत मान ने भिवानी में आम आदमी पार्टी (आप) की हरियाणा इकाई के पदाधिकारियों और पार्टी कार्यकर्ताओं की एक सभा को संबोधित करते हुए यह बात कही। इस मौके पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी मौजूद थे। "उनका हर वादा जुमला निकलता है"भगवंत मान ने कहा, "वे अहंकार में जी रहे हैं। दो बार चुनाव जीतने के बाद वे अहंकारी हो गए हैं। आप उनका अहंकार देख सकते हैं। जनता अहंकार तोड़ती है।" मान ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे हर दिन एक नया झूठ और एक नया 'जुमला' लेकर सामने आते हैं। उन्होंने कहा, "देश में चुनाव नजदीक आते ही इन दिनों भारतीय जनता पार्टी की जुमले बनाने की फैक्ट्री चौबीसों घंटे चल रही है, क्योंकि 2024 के चुनाव में इन जुमलों को इन्हें बेचना है। उनका हर वादा जुमला निकलता है।" "पंजाब में भ्रष्टाचार मुक्त सरकार चल रही"मान ने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी लोगों को मुफ्त बिजली, मुफ्त दवा और मुफ्त शिक्षा प्रदान कर रही है और इन सुविधाओं को सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली और पंजाब में एक रुपये का भी कर्ज नहीं लिया गया है। दरअसल, खट्टर ने कहा था कि कई पार्टियां जनता को मुफ्त सुविधाएं दे रही हैं। मान ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने राजस्व कम होने से रोक दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य का खजाना भर रहा है और पंजाब में भ्रष्टाचार मुक्त सरकार चल रही है। "पंजाब बिजली चौबीसों घंटे उपलब्ध है"उन्होंने कहा कि आप ने दिल्ली की तरह पंजाब में भी बिजली मुफ्त कर दी। मान ने कहा, "अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में बिजली मुफ्त कर दी। पंजाब में भी हमने यह वादा किया और अब पंजाब में लगभग 90 प्रतिशत घरों में बिजली की खपत के लिए शून्य बिल आता है और बिजली चौबीसों घंटे उपलब्ध है। हमने इसकी गारंटी दी थी और हमने इसे पूरा किया। पंजाब में डेढ़ साल में 35,000 से ज्यादा सरकारी नौकरियां दी गई हैं।"
| Lok Sabha Election: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने रविवार को हरियाणा के भिवानी में बीजेपी पर जमकर निशाना साधा। मान ने कहा कि दो बार लोकसभा चुनाव जीतने के बाद भारतीय जनता पार्टी अहंकार में जी रही है, लेकिन देश की जनता उसका यह घमंड तोड़ देगी। भगवंत मान ने भिवानी में आम आदमी पार्टी की हरियाणा इकाई के पदाधिकारियों और पार्टी कार्यकर्ताओं की एक सभा को संबोधित करते हुए यह बात कही। इस मौके पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी मौजूद थे। "उनका हर वादा जुमला निकलता है"भगवंत मान ने कहा, "वे अहंकार में जी रहे हैं। दो बार चुनाव जीतने के बाद वे अहंकारी हो गए हैं। आप उनका अहंकार देख सकते हैं। जनता अहंकार तोड़ती है।" मान ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे हर दिन एक नया झूठ और एक नया 'जुमला' लेकर सामने आते हैं। उन्होंने कहा, "देश में चुनाव नजदीक आते ही इन दिनों भारतीय जनता पार्टी की जुमले बनाने की फैक्ट्री चौबीसों घंटे चल रही है, क्योंकि दो हज़ार चौबीस के चुनाव में इन जुमलों को इन्हें बेचना है। उनका हर वादा जुमला निकलता है।" "पंजाब में भ्रष्टाचार मुक्त सरकार चल रही"मान ने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी लोगों को मुफ्त बिजली, मुफ्त दवा और मुफ्त शिक्षा प्रदान कर रही है और इन सुविधाओं को सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली और पंजाब में एक रुपये का भी कर्ज नहीं लिया गया है। दरअसल, खट्टर ने कहा था कि कई पार्टियां जनता को मुफ्त सुविधाएं दे रही हैं। मान ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने राजस्व कम होने से रोक दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य का खजाना भर रहा है और पंजाब में भ्रष्टाचार मुक्त सरकार चल रही है। "पंजाब बिजली चौबीसों घंटे उपलब्ध है"उन्होंने कहा कि आप ने दिल्ली की तरह पंजाब में भी बिजली मुफ्त कर दी। मान ने कहा, "अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में बिजली मुफ्त कर दी। पंजाब में भी हमने यह वादा किया और अब पंजाब में लगभग नब्बे प्रतिशत घरों में बिजली की खपत के लिए शून्य बिल आता है और बिजली चौबीसों घंटे उपलब्ध है। हमने इसकी गारंटी दी थी और हमने इसे पूरा किया। पंजाब में डेढ़ साल में पैंतीस,शून्य से ज्यादा सरकारी नौकरियां दी गई हैं।" |
लाइव हिंदी समाचार (हेल्थ कार्नर ) :- मछली के ऑयल का उपयोग प्रौढ़ावस्था में वजन बढने के खतरे को कम करता है. जापान में क्योटो यूनिवर्सिटी के ग्रेजुएट विद्यालय ऑफ अग्रिकल्चर के प्रोफेसर तेरुओ क्वादा के नेतृत्व में हुए अध्ययन में अनुसंधानकर्ताओं ने बताया कि मछली का ऑयल पाचन तंत्र ,अनुकंपी तंत्रिका तंत्र में अभिग्राहक नली को एक्टिव करता है जिससे वसा कम होता है जिससे वजन बढने का खतरा कम हो जाता है.
कवाडा ने बोला हमने मछली के ऑयल और बेज कोशिकाओं में वृद्धि संबंधों का परीक्षण किया. हमने चूहों के एक समूह को वसा युक्त खाना और एक दूसरे समूह को मछली के ऑयल के साथ वसा युक्त खाना खिलाया. उन्होंने बोला कि जिन चूहों को मछली के ऑयल के साथ खाना खिलाया गया था उनका वजन केवल वसा युक्त खाना खाने वाले चूहों की तुलना में पांच से दस प्रतिशत तक कम बढा और उनमें वसा का संचयन 15 से 25 प्रतिशत तक कम हुआ.
| लाइव हिंदी समाचार :- मछली के ऑयल का उपयोग प्रौढ़ावस्था में वजन बढने के खतरे को कम करता है. जापान में क्योटो यूनिवर्सिटी के ग्रेजुएट विद्यालय ऑफ अग्रिकल्चर के प्रोफेसर तेरुओ क्वादा के नेतृत्व में हुए अध्ययन में अनुसंधानकर्ताओं ने बताया कि मछली का ऑयल पाचन तंत्र ,अनुकंपी तंत्रिका तंत्र में अभिग्राहक नली को एक्टिव करता है जिससे वसा कम होता है जिससे वजन बढने का खतरा कम हो जाता है. कवाडा ने बोला हमने मछली के ऑयल और बेज कोशिकाओं में वृद्धि संबंधों का परीक्षण किया. हमने चूहों के एक समूह को वसा युक्त खाना और एक दूसरे समूह को मछली के ऑयल के साथ वसा युक्त खाना खिलाया. उन्होंने बोला कि जिन चूहों को मछली के ऑयल के साथ खाना खिलाया गया था उनका वजन केवल वसा युक्त खाना खाने वाले चूहों की तुलना में पांच से दस प्रतिशत तक कम बढा और उनमें वसा का संचयन पंद्रह से पच्चीस प्रतिशत तक कम हुआ. |
- नई दिल्ली,
- 05 अगस्त 2015,
एस्ट्रो अंकल से जानें सावन में कैसे मिलेगा गंगा मां का आशीर्वाद. गंगा किनारे उगने वाली बूटी हरड़ के गुण जानिए. शरीर का इलाज करने वाली होती है हरड़. साथ ही जानिए अपना राशिफल.
| - नई दिल्ली, - पाँच अगस्त दो हज़ार पंद्रह, एस्ट्रो अंकल से जानें सावन में कैसे मिलेगा गंगा मां का आशीर्वाद. गंगा किनारे उगने वाली बूटी हरड़ के गुण जानिए. शरीर का इलाज करने वाली होती है हरड़. साथ ही जानिए अपना राशिफल. |
4 की उप-धारा 1 में निर्धारित 17 मदों (नियमावली) को प्रकाशित करना होगा।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है।
विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है।
किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है।
- ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा 22 सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है।
- सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन (513.49 KB)
| चार की उप-धारा एक में निर्धारित सत्रह मदों को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा बाईस सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम दो हज़ार पाँच के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन |
विधानसभा बजट के दौरान शिवपालसिंह यादव ने, स्वास्थ्य मंत्री पर साधा निशाना. .
उत्तर प्रदेश में 45 चिकित्सा अधिकारियों के हुए तबादले. .
सरकारी स्कूल में फाइलेरिया की दवा खाने से 30 बच्चे हुए बीमार. .
| विधानसभा बजट के दौरान शिवपालसिंह यादव ने, स्वास्थ्य मंत्री पर साधा निशाना. . उत्तर प्रदेश में पैंतालीस चिकित्सा अधिकारियों के हुए तबादले. . सरकारी स्कूल में फाइलेरिया की दवा खाने से तीस बच्चे हुए बीमार. . |
दुबईः भारत और पाकिस्तान के बीच रविवार को एशिया कप के सुपर फोर दौर के खेले गए मुकाबले में विराट कोहली ने 44 गेंद में 60 रन की पारी खेली और रन आउट होकर पवेलियन लौटे। एशिया कप में अच्छा प्रदर्शन कर रहे विराट का यह लगातार दूसरा अर्धशतक था। विराट ने इससे पहले हांगकांग के खिलाफ भी नाबाद 59* रन की पारी खेली थी।
विराट का पाकिस्तान के खिलाफ एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय टी20 में अच्छा प्रदर्शन जारी रहा। विराट ने पाकिस्तान के खिलाफ एशिया कप 2022 के पहले मैच में 35 रन बनाए थे। लेकिन दूसरी बार चिरप्रतिद्वंद्वियों की भिड़ंत में वो पचासा जड़ने में सफल रहे और 44 गेंद में 60 रन बनाकर पवेलियन लौटे। विराट का यह पाकिस्तान के खिलाफ नौवीं पारी में चौथा अर्धशतक था।
विराट कोहली टीम इंडिया की पाकिस्तान के खिलाफ 5 विकेट के अंतर से हार के बाद जब प्रेस से मुखातिब होने आए तो मुश्किल वक्त में साथ देने वाले लोगों के सवाल पर एक बड़ा खुलासा कर दिया। विराट के इस जवाब ने सोशल मीडिया में सनसनी मचा दी। जिसकी गूंज शायद आने वाले कुछ दिनों तक सुनाई दे।
विराट ने कहा, जब मैंने टेस्ट कप्तानी छोड़ी उस वक्त मेरे पास केवल एक इंसान का मैसेज आया जिनके साथ मैं खेला हूं पहले और वो हैं एमएस धोनी। और किसी ने मुझे मैसेज नहीं भेजा। बहुत से लोगों के पास मेरा नंबर है लेकिन केवल उन्होंने मुझे फोन किया। टीवी पर बुहत से लोग सजेशन देते हैं। टीवी पर बोलने के लिए लोगों के पास बहुत कुछ होता है। बहुत से लोगों के पास मेरा पर्सनल नंबर है लेकिन किसी का मैसेज नहीं आया।
विराट ने आगे कहा, एक रिस्पेक्ट या एक कनेक्शन होता है किसी के साथ वो अगर सच्चा होता है तो वो इस तरह से दिखता है। क्योंकि दोनों तरफ सेक्योरिटी होती है। ना उनको मुझसे कुछ चाहिए ना उनसे मुझे कुछ चाहिए। और ना मैं उनसे कभी इनसिक्योर होता हूं ना वो मुझसे। मैं बस इतना ही कहना चाहता हूं कि मैं अगर किसी के बारे में कुछ बोलना चाहता हूं तो मैं उससे संपर्क करता हूं। चाहे किसी की मुझे मदद भी करनी होती है।
विराट ने आगे कहा, अगर आप मुझे कोई सुझाव पूरी दुनिया के आगे देते हैं तो उसकी मेरे लिए कोई अहमियत नहीं है। अगर उनकी सलाह मेरे में सुधार के लिए है तो वन ऑन वन भी बात कर सकते हैं कि मैं दिल से चाहता हूं कि आप अच्छा करो। तो मैं सभी चीजों को इस नजरिए से देखता हूं तो मुझे दिखाई देती है।
अंत में कोहली ने कहा, ऐसा भी नहीं बोलूंगा कि मुझे इससे फर्क नहीं पड़ता। लेकिन आपको सच्चाई दिखती है बस। जब आप इतने समय तक खेलते हो और पूरी ईमानदारी के साथ खेलते हो, देने वाला तो ऊपर वाला है। बाकी आप हाथ पैर कितने भी मार लो जब उसने देना है तभी देना है। और कोई नहीं कर सकता है इसके बाद। मैं अपनी लाइफ तो ऐसे ही जीता हूं।
| दुबईः भारत और पाकिस्तान के बीच रविवार को एशिया कप के सुपर फोर दौर के खेले गए मुकाबले में विराट कोहली ने चौंतालीस गेंद में साठ रन की पारी खेली और रन आउट होकर पवेलियन लौटे। एशिया कप में अच्छा प्रदर्शन कर रहे विराट का यह लगातार दूसरा अर्धशतक था। विराट ने इससे पहले हांगकांग के खिलाफ भी नाबाद उनसठ* रन की पारी खेली थी। विराट का पाकिस्तान के खिलाफ एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय टीबीस में अच्छा प्रदर्शन जारी रहा। विराट ने पाकिस्तान के खिलाफ एशिया कप दो हज़ार बाईस के पहले मैच में पैंतीस रन बनाए थे। लेकिन दूसरी बार चिरप्रतिद्वंद्वियों की भिड़ंत में वो पचासा जड़ने में सफल रहे और चौंतालीस गेंद में साठ रन बनाकर पवेलियन लौटे। विराट का यह पाकिस्तान के खिलाफ नौवीं पारी में चौथा अर्धशतक था। विराट कोहली टीम इंडिया की पाकिस्तान के खिलाफ पाँच विकेट के अंतर से हार के बाद जब प्रेस से मुखातिब होने आए तो मुश्किल वक्त में साथ देने वाले लोगों के सवाल पर एक बड़ा खुलासा कर दिया। विराट के इस जवाब ने सोशल मीडिया में सनसनी मचा दी। जिसकी गूंज शायद आने वाले कुछ दिनों तक सुनाई दे। विराट ने कहा, जब मैंने टेस्ट कप्तानी छोड़ी उस वक्त मेरे पास केवल एक इंसान का मैसेज आया जिनके साथ मैं खेला हूं पहले और वो हैं एमएस धोनी। और किसी ने मुझे मैसेज नहीं भेजा। बहुत से लोगों के पास मेरा नंबर है लेकिन केवल उन्होंने मुझे फोन किया। टीवी पर बुहत से लोग सजेशन देते हैं। टीवी पर बोलने के लिए लोगों के पास बहुत कुछ होता है। बहुत से लोगों के पास मेरा पर्सनल नंबर है लेकिन किसी का मैसेज नहीं आया। विराट ने आगे कहा, एक रिस्पेक्ट या एक कनेक्शन होता है किसी के साथ वो अगर सच्चा होता है तो वो इस तरह से दिखता है। क्योंकि दोनों तरफ सेक्योरिटी होती है। ना उनको मुझसे कुछ चाहिए ना उनसे मुझे कुछ चाहिए। और ना मैं उनसे कभी इनसिक्योर होता हूं ना वो मुझसे। मैं बस इतना ही कहना चाहता हूं कि मैं अगर किसी के बारे में कुछ बोलना चाहता हूं तो मैं उससे संपर्क करता हूं। चाहे किसी की मुझे मदद भी करनी होती है। विराट ने आगे कहा, अगर आप मुझे कोई सुझाव पूरी दुनिया के आगे देते हैं तो उसकी मेरे लिए कोई अहमियत नहीं है। अगर उनकी सलाह मेरे में सुधार के लिए है तो वन ऑन वन भी बात कर सकते हैं कि मैं दिल से चाहता हूं कि आप अच्छा करो। तो मैं सभी चीजों को इस नजरिए से देखता हूं तो मुझे दिखाई देती है। अंत में कोहली ने कहा, ऐसा भी नहीं बोलूंगा कि मुझे इससे फर्क नहीं पड़ता। लेकिन आपको सच्चाई दिखती है बस। जब आप इतने समय तक खेलते हो और पूरी ईमानदारी के साथ खेलते हो, देने वाला तो ऊपर वाला है। बाकी आप हाथ पैर कितने भी मार लो जब उसने देना है तभी देना है। और कोई नहीं कर सकता है इसके बाद। मैं अपनी लाइफ तो ऐसे ही जीता हूं। |
वर्तमान में टेलीविज़न श्रृंखला के वर्तमान दर्शकों ने उन्हें या तो "अनंत" ("रसोई", "वोरोनिन", "इंटर्नेट"), या "पुलिस" और अपराधियों (ग्लूकर, टूटी लालटेन की स्ट्रीट के टकराव के बारे में आपराधिक कहानियों का संग्रह के रूप में, "का पता लगाने")। हालांकि, साबुन ओपेरा की साजिश रेंज हर साल विस्तार कर रही है। घरेलू श्रृंखला बहुत ज्यादा है लगभग उन सभी को काफी लंबा है, कुछ सौ से ज्यादा श्रृंखलाएं एक अपरंपरागत कहानी के साथ घरेलू श्रृंखला का एक ज्वलंत उदाहरण परियोजना "ज़ेमेकी डॉक्टर" है, कलाकारों और भूमिकाओं में सख्ती से रचनाकारों के विचार के अनुसार चयन किया गया था।
टीवी श्रृंखला एक प्रकार की सिनेमा कला है, जब एक दया एक साक्षर, यादगार तस्वीर बनाने के लिए पर्याप्त नहीं है। हमें जरूरी एक निर्दोष, सत्यापित स्क्रिप्ट, एक रोचक व्यावसायिक उत्पादन, एक कुशल अभिनेता का खेल और अपनी शैली, एक "उत्साह" होना चाहिए। उपरोक्त सभी फिल्म "ज़मेकी डॉक्टर" में हैं। अभिनेता और भूमिकाएं एक-दूसरे के साथ-साथ संभवतः सूट करती हैं, हालांकि फिल्म केवल पुराने स्कूल "पुराने-स्कूल" विशेषज्ञों के साथ ही व्यस्त नहीं है एक बार फिर उनके डायरेक्टर एम। मालीच और ऑपरेटर के। मिरोनोव ने अपने व्यावसायिकता को साबित कर दिया, उन्होंने अपने काम को विशेष रूप से बिना किसी विशेष तामझाम और मास्टरपीस के प्रदर्शन के लिए किया, लेकिन बिना किसी असभ्यता के चरम से चरम पर फेंकने के बिना।
एक प्यारा डॉक्टर, एक खूबसूरत महिला ओल्गा समोइलोवा अपने प्रिय पति की मृत्यु के बाद उसकी अनोखी उपहार खो देती है। वह एक पेशेवर संकट शुरू करती है, नायिका जटिल परिचालन करने में सक्षम नहीं है, इसलिए वह एक दूरदराज के प्रांतीय शहर में राजधानी छोड़ती है। वहां, वह जल्दी से एक चिकित्सक के रूप में एक स्थानीय अस्पताल की व्यवस्था करता है। हालांकि, ओल्गा अपने व्यवसाय से बच नहीं सका। इसलिए, एक नए जीवन में सुर्खियों में कूदते हुए, चिकित्सक परिधीय शहर के अधिकांश निवासियों के भाग्य में एक निर्णायक भूमिका निभाने के लिए शुरू होता है, सामान्य नागरिकों से लेकर महापौर के साथ समाप्त होता है। एक महानगरीय चिकित्सक की कहानी जो अपने करियर के संकट के बारे में चिंतित है, वह नया नहीं है, लेकिन यह भूगोल ड्रैग हो जाता है और अंत में देखने के लिए आग्रह करता है। टेलीविज़न श्रृंखला में, सभी कम मात्रा मेंः और जुनून, और अनुभव, और संवाद।
ओल्गा बुडिना, इरीना कुप्पचेंको, अलेक्जेंडर लेज़ेरेव, जूनियर, दिमित्री पेव्सोव, तात्याना वसीलीवा और अन्य लोगों की श्रृंखला "ज़मेकी डॉक्टर" (जिनकी अभिनेताओं और भूमिकाएं नीचे सूचीबद्ध की जाएंगी) उन भव्य कलाकारों पर गर्वमान हो सकती हैं जो आसानी से सबसे अधिक घरेलू फीचर फिल्मों में बाधाएं आ सकती हैं। प्रसिद्ध और छोटे-छोटे स्क्रीन विज़ार्ड उनके लिए धन्यवाद, 2010 में फ़िल्म ने रूसी साबुन ओपेरा की फ़िल्म रेटिंग में एक प्रमुख स्थान लिया। इसलिए, सफलता से प्रेरित रचनाकारों श्रृंखला "Zemsky डॉक्टर" की निरंतरता जारी। नए एपिसोड में अभिनेता और भूमिकाएं (2012) लगभग समान रही हैं, लेकिन एक नया रोगी (ए। चेरनीशोव) प्रकट होता है, जिसे मुख्य चरित्र केवल सहानुभूति से ज्यादा महसूस करता है, और अंत में प्रतिष्ठित व्यक्तिगत खुशी प्राप्त करता है लेकिन पहले भाग के विपरीत, घरेलू सिनेमा के दूसरे स्वामी ए पावलोवस्की द्वारा निर्देशित थे।
"ज़मेकी डॉक्टर, अभिनेता और भूमिकाएं (2013), जो कि प्रकाश निर्देशक के हाथ में मामूली बदलाव आये, उन्हें" वापसी "कहा गया। नए सत्र की शूटिंग न केवल यूगलिच शहर में हुई थी ज्यादातर माल मास्को में गोली मार दी गई थी लेकिन, इसके बावजूद, यूगलिच "साबुन ओपेरा" का जन्मस्थान बना रहा, एक जगह जहां, प्रांतीय परिदृश्यों की करामाती पृष्ठभूमि के खिलाफ, मुख्य चरित्र के जीवन में अगली घटनाओं का विकास हुआ। इस सीजन को दर्शकों द्वारा मेडिकल असंगतताओं और दृश्यमान भूलों की संख्या में नेता के रूप में पहचाना गया था। जो कि, हालांकि, प्रशंसकों को विमुख नहीं किया और दर्शकों के हितों को पसंदीदा शो में ठंडा नहीं किया।
| वर्तमान में टेलीविज़न श्रृंखला के वर्तमान दर्शकों ने उन्हें या तो "अनंत" , या "पुलिस" और अपराधियों । हालांकि, साबुन ओपेरा की साजिश रेंज हर साल विस्तार कर रही है। घरेलू श्रृंखला बहुत ज्यादा है लगभग उन सभी को काफी लंबा है, कुछ सौ से ज्यादा श्रृंखलाएं एक अपरंपरागत कहानी के साथ घरेलू श्रृंखला का एक ज्वलंत उदाहरण परियोजना "ज़ेमेकी डॉक्टर" है, कलाकारों और भूमिकाओं में सख्ती से रचनाकारों के विचार के अनुसार चयन किया गया था। टीवी श्रृंखला एक प्रकार की सिनेमा कला है, जब एक दया एक साक्षर, यादगार तस्वीर बनाने के लिए पर्याप्त नहीं है। हमें जरूरी एक निर्दोष, सत्यापित स्क्रिप्ट, एक रोचक व्यावसायिक उत्पादन, एक कुशल अभिनेता का खेल और अपनी शैली, एक "उत्साह" होना चाहिए। उपरोक्त सभी फिल्म "ज़मेकी डॉक्टर" में हैं। अभिनेता और भूमिकाएं एक-दूसरे के साथ-साथ संभवतः सूट करती हैं, हालांकि फिल्म केवल पुराने स्कूल "पुराने-स्कूल" विशेषज्ञों के साथ ही व्यस्त नहीं है एक बार फिर उनके डायरेक्टर एम। मालीच और ऑपरेटर के। मिरोनोव ने अपने व्यावसायिकता को साबित कर दिया, उन्होंने अपने काम को विशेष रूप से बिना किसी विशेष तामझाम और मास्टरपीस के प्रदर्शन के लिए किया, लेकिन बिना किसी असभ्यता के चरम से चरम पर फेंकने के बिना। एक प्यारा डॉक्टर, एक खूबसूरत महिला ओल्गा समोइलोवा अपने प्रिय पति की मृत्यु के बाद उसकी अनोखी उपहार खो देती है। वह एक पेशेवर संकट शुरू करती है, नायिका जटिल परिचालन करने में सक्षम नहीं है, इसलिए वह एक दूरदराज के प्रांतीय शहर में राजधानी छोड़ती है। वहां, वह जल्दी से एक चिकित्सक के रूप में एक स्थानीय अस्पताल की व्यवस्था करता है। हालांकि, ओल्गा अपने व्यवसाय से बच नहीं सका। इसलिए, एक नए जीवन में सुर्खियों में कूदते हुए, चिकित्सक परिधीय शहर के अधिकांश निवासियों के भाग्य में एक निर्णायक भूमिका निभाने के लिए शुरू होता है, सामान्य नागरिकों से लेकर महापौर के साथ समाप्त होता है। एक महानगरीय चिकित्सक की कहानी जो अपने करियर के संकट के बारे में चिंतित है, वह नया नहीं है, लेकिन यह भूगोल ड्रैग हो जाता है और अंत में देखने के लिए आग्रह करता है। टेलीविज़न श्रृंखला में, सभी कम मात्रा मेंः और जुनून, और अनुभव, और संवाद। ओल्गा बुडिना, इरीना कुप्पचेंको, अलेक्जेंडर लेज़ेरेव, जूनियर, दिमित्री पेव्सोव, तात्याना वसीलीवा और अन्य लोगों की श्रृंखला "ज़मेकी डॉक्टर" उन भव्य कलाकारों पर गर्वमान हो सकती हैं जो आसानी से सबसे अधिक घरेलू फीचर फिल्मों में बाधाएं आ सकती हैं। प्रसिद्ध और छोटे-छोटे स्क्रीन विज़ार्ड उनके लिए धन्यवाद, दो हज़ार दस में फ़िल्म ने रूसी साबुन ओपेरा की फ़िल्म रेटिंग में एक प्रमुख स्थान लिया। इसलिए, सफलता से प्रेरित रचनाकारों श्रृंखला "Zemsky डॉक्टर" की निरंतरता जारी। नए एपिसोड में अभिनेता और भूमिकाएं लगभग समान रही हैं, लेकिन एक नया रोगी प्रकट होता है, जिसे मुख्य चरित्र केवल सहानुभूति से ज्यादा महसूस करता है, और अंत में प्रतिष्ठित व्यक्तिगत खुशी प्राप्त करता है लेकिन पहले भाग के विपरीत, घरेलू सिनेमा के दूसरे स्वामी ए पावलोवस्की द्वारा निर्देशित थे। "ज़मेकी डॉक्टर, अभिनेता और भूमिकाएं , जो कि प्रकाश निर्देशक के हाथ में मामूली बदलाव आये, उन्हें" वापसी "कहा गया। नए सत्र की शूटिंग न केवल यूगलिच शहर में हुई थी ज्यादातर माल मास्को में गोली मार दी गई थी लेकिन, इसके बावजूद, यूगलिच "साबुन ओपेरा" का जन्मस्थान बना रहा, एक जगह जहां, प्रांतीय परिदृश्यों की करामाती पृष्ठभूमि के खिलाफ, मुख्य चरित्र के जीवन में अगली घटनाओं का विकास हुआ। इस सीजन को दर्शकों द्वारा मेडिकल असंगतताओं और दृश्यमान भूलों की संख्या में नेता के रूप में पहचाना गया था। जो कि, हालांकि, प्रशंसकों को विमुख नहीं किया और दर्शकों के हितों को पसंदीदा शो में ठंडा नहीं किया। |
उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी विधि विभाग के प्रदेश पदाधिकारियों, मंडल अध्यक्षों और जिला/शहर अध्यक्षों की बैठक शनिवार को विभाग के चेयरमैन गंगा सिंह एडवोकेट की अध्यक्षता में हुई. जिसमें बतौर मुख्य अतिथि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राज बब्बर भी मौजूद रहे. अधिवक्ताओं ने दीवानी कचहरी से प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय तक मार्च निकाला. जिसमें 'आधी रोटी खाएंगे, कांग्रेस लाएंगे' का संकल्प लिया और यही नारा लगाया.
बैठक में अन्य बिंदुओं के साथ-साथ राजधानी लखनऊ में आने वाले दिनों में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की मौजूदगी में 23 फरवरी को होने वाले अधिवक्ता सम्मेलन के संबंध में विचार-विमर्श किया गया. राज्यपाल को अधिवक्ताओं के हित में दिए गए 10 सूत्री ज्ञापन के संबंध में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को अवगत कराते हुए उन्हें भी प्रति सौंपी गई. अधिवक्ताओं ने इस मामले को राज्यसभा में उठाने का आग्रह किया.
राज बब्बर ने इस मौके पर अधिवक्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, "कांग्रेस पार्टी अधिवक्ताओं के हर संघर्ष में उनके साथ है. लोकसभा चुनाव में अधिवक्ताओं की बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका होगी. आप समाज के सबसे महत्वपूर्ण अंग हैं. ऐसे में आप सभी की भूमिका बहुत ही महत्वपूर्ण है" उप्र कांग्रेस विधि विभाग के चेयरमैन गंगा सिंह एडवोकेट के मुताबिक, बैठक में प्रमुख रूप से चेयरमैन गंगा सिंह एडवोकेट, रमेशचंद श्रीवास्तव, एस. के. अवस्थी, डी. एस. तिवारी, जहीर अहमद खान, गोपाल कृष्ण पांडेय, अनस खान, शैलेश त्रिपाठी, कुलदीप मिश्रा, शैलेंद्र कुमार सिंह, मकरंद शुक्ला, मनीष विश्वकर्मा, सहित अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे.
| उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी विधि विभाग के प्रदेश पदाधिकारियों, मंडल अध्यक्षों और जिला/शहर अध्यक्षों की बैठक शनिवार को विभाग के चेयरमैन गंगा सिंह एडवोकेट की अध्यक्षता में हुई. जिसमें बतौर मुख्य अतिथि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राज बब्बर भी मौजूद रहे. अधिवक्ताओं ने दीवानी कचहरी से प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय तक मार्च निकाला. जिसमें 'आधी रोटी खाएंगे, कांग्रेस लाएंगे' का संकल्प लिया और यही नारा लगाया. बैठक में अन्य बिंदुओं के साथ-साथ राजधानी लखनऊ में आने वाले दिनों में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की मौजूदगी में तेईस फरवरी को होने वाले अधिवक्ता सम्मेलन के संबंध में विचार-विमर्श किया गया. राज्यपाल को अधिवक्ताओं के हित में दिए गए दस सूत्री ज्ञापन के संबंध में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को अवगत कराते हुए उन्हें भी प्रति सौंपी गई. अधिवक्ताओं ने इस मामले को राज्यसभा में उठाने का आग्रह किया. राज बब्बर ने इस मौके पर अधिवक्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, "कांग्रेस पार्टी अधिवक्ताओं के हर संघर्ष में उनके साथ है. लोकसभा चुनाव में अधिवक्ताओं की बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका होगी. आप समाज के सबसे महत्वपूर्ण अंग हैं. ऐसे में आप सभी की भूमिका बहुत ही महत्वपूर्ण है" उप्र कांग्रेस विधि विभाग के चेयरमैन गंगा सिंह एडवोकेट के मुताबिक, बैठक में प्रमुख रूप से चेयरमैन गंगा सिंह एडवोकेट, रमेशचंद श्रीवास्तव, एस. के. अवस्थी, डी. एस. तिवारी, जहीर अहमद खान, गोपाल कृष्ण पांडेय, अनस खान, शैलेश त्रिपाठी, कुलदीप मिश्रा, शैलेंद्र कुमार सिंह, मकरंद शुक्ला, मनीष विश्वकर्मा, सहित अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे. |
मधुबनी। उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राजद राज्य को नक्सलवाद के आतंक में झोंकना चाहता है।
मधुबनी। उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राजद राज्य को नक्सलवाद के आतंक में झोंकना चाहता है। जबकि, पीएम नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आतंकवाद और नक्सलवाद को खत्म कर रहे हैं। वे झंझारपुर के ललित कर्पूरी स्टेडियम में गुरुवार को जनसभा को संबोधित कर रहे थे। सीएम योगी ने केंद्र की मोदी सरकार और बिहार की नीतीश सरकार की जमकर सराहना की। कहा कि मोदी सरकार ने छह वर्ष के अंदर तीन करोड़ लोगों को आवास, चार करोड़ को बिजली, 10 करोड़ को शौचालय, 15 करोड़ को मुद्रा योजना से लोन, 35 करोड़ को जन-धन योजना का खाता, 12 करोड़ को प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना, 50 करोड़ को आयुष्मान योजना का लाभ दिया और 80 करोड़ लोगों को कोरोना काल मे निश्शुल्क खाद्यान्न योजना का लाभ पहुंचाया। पाकिस्तान और अन्य दुष्ट देशों से सरहद पर दृढ़ता के साथ सेना लड़ रही है। यह नए भारत की पहचान है। कहा कि पूरी दुनिया जहां कोरोना से त्रस्त है, वहीं बिहार चुनाव में मस्त है। लोगों से दो गज दूरी ओर मास्क का उपयोग अनिवार्य रूप से करने की सलाह देते हुए झंझारपुर के भाजपा प्रत्याशी नीतीश मिश्रा व राजनगर के भाजपा प्रत्याशी रामप्रीत पासवान के पक्ष में वोट करने की अपील की। विरोधियों पर कटाक्ष करते हुए सीएम योगी ने कहा कि यूपीए की तब की केंद्र सरकार घोटालों की सरकार थी। स्पेक्ट्रम, कोयला सहित कई घोटाले उनके राज में हुए। बिहार की पंद्रह साल की राजद सरकार पर प्रहार करते हुए कहा कि उस समय यहां जंगलराज था। लोगों से दस लाख नौकरी के चुनावी झांसे में ना फंसने की अपील करते हुए कहा कि महागठबंधन ने राज्य में माले से समझौता किया है। अगर वे सत्ता में वापस आए तो बिहार में फिर से जंगलराज की स्थापना हो जाएगी। कहा कि मिथिलांचल ज्ञान की भूमि रही है। यह भूमि राज्य में जंगलराज को कभी नहीं आने देगी। माता जानकी की यह पवित्र भूमि अयोध्या की ही तरह पावन व पवित्र है। सभा के दौरान भीड़ योगी-योगी और जय सियाराम के नारे लगाती रही। चुनावी सभा को पूर्व सांसद मंगनीलाल मंडल, पूर्व विधान पार्षद कामेश्वर चौपाल, नीतीश मिश्रा, रामप्रीत पासवान सहित कई नेताओं ने संबोधित किया।
| मधुबनी। उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राजद राज्य को नक्सलवाद के आतंक में झोंकना चाहता है। मधुबनी। उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राजद राज्य को नक्सलवाद के आतंक में झोंकना चाहता है। जबकि, पीएम नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आतंकवाद और नक्सलवाद को खत्म कर रहे हैं। वे झंझारपुर के ललित कर्पूरी स्टेडियम में गुरुवार को जनसभा को संबोधित कर रहे थे। सीएम योगी ने केंद्र की मोदी सरकार और बिहार की नीतीश सरकार की जमकर सराहना की। कहा कि मोदी सरकार ने छह वर्ष के अंदर तीन करोड़ लोगों को आवास, चार करोड़ को बिजली, दस करोड़ को शौचालय, पंद्रह करोड़ को मुद्रा योजना से लोन, पैंतीस करोड़ को जन-धन योजना का खाता, बारह करोड़ को प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना, पचास करोड़ को आयुष्मान योजना का लाभ दिया और अस्सी करोड़ लोगों को कोरोना काल मे निश्शुल्क खाद्यान्न योजना का लाभ पहुंचाया। पाकिस्तान और अन्य दुष्ट देशों से सरहद पर दृढ़ता के साथ सेना लड़ रही है। यह नए भारत की पहचान है। कहा कि पूरी दुनिया जहां कोरोना से त्रस्त है, वहीं बिहार चुनाव में मस्त है। लोगों से दो गज दूरी ओर मास्क का उपयोग अनिवार्य रूप से करने की सलाह देते हुए झंझारपुर के भाजपा प्रत्याशी नीतीश मिश्रा व राजनगर के भाजपा प्रत्याशी रामप्रीत पासवान के पक्ष में वोट करने की अपील की। विरोधियों पर कटाक्ष करते हुए सीएम योगी ने कहा कि यूपीए की तब की केंद्र सरकार घोटालों की सरकार थी। स्पेक्ट्रम, कोयला सहित कई घोटाले उनके राज में हुए। बिहार की पंद्रह साल की राजद सरकार पर प्रहार करते हुए कहा कि उस समय यहां जंगलराज था। लोगों से दस लाख नौकरी के चुनावी झांसे में ना फंसने की अपील करते हुए कहा कि महागठबंधन ने राज्य में माले से समझौता किया है। अगर वे सत्ता में वापस आए तो बिहार में फिर से जंगलराज की स्थापना हो जाएगी। कहा कि मिथिलांचल ज्ञान की भूमि रही है। यह भूमि राज्य में जंगलराज को कभी नहीं आने देगी। माता जानकी की यह पवित्र भूमि अयोध्या की ही तरह पावन व पवित्र है। सभा के दौरान भीड़ योगी-योगी और जय सियाराम के नारे लगाती रही। चुनावी सभा को पूर्व सांसद मंगनीलाल मंडल, पूर्व विधान पार्षद कामेश्वर चौपाल, नीतीश मिश्रा, रामप्रीत पासवान सहित कई नेताओं ने संबोधित किया। |
तेजप्रताप यादव अपने दोस्त चैतन्य पालित के साथ वृंदावन में भक्ति रस में डूबे हैं. तेजप्रताप यादव ने सोशल मीडिया पर तस्वीर भी पोस्ट की है. इन तस्वीरों में तेजप्रताप यादव पीली धोती और कुर्ता पहनकर बछड़े को दुलार करते नजर आ रहे हैं.
बिहार में अपने आवास पर धूम-धाम से कृष्णा जन्माष्टमी मनाने के बाद तेजप्रताप (Tej Pratap) वृदांवन में राधाअष्टमी मना रहे हैं. नए छात्र संगठन की घोषणा कर RJD में उबाल लाने के बाद तेजप्रताप कृष्ण भक्ति में लीन हैं. वो पीतांबरी धारण कर गायों की सेवा करते नजर आ रहे हैं. उनके साथ उनका खास मित्र चैतन्य पालित भी मौजूद है.
तेजप्रताप यादव ने बिहार में छात्र जनशक्ति परिषद का गठन कर विपक्ष को नया मुद्दा दे दिया है. पार्टी से लेकर परिवार तक में इसको लेकर चर्चा है. लेकिन इनसब से दूर तेजप्रताप यादव अपने दोस्त चैतन्य पालित के साथ वृंदावन में भक्ति रस में डूबे हैं. तेजप्रताप यादव ने सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें पोस्ट की है. इन तस्वीरों में तेजप्रताप यादव पीली धोती और कुर्ता पहनकर बछड़े को दुलार करते नजर आ रहे हैं. बछड़े वाली फोटो को सोशल मीडिया पर डालने के बाद वे लगातार ट्रोल भी हो रहे हैं. फोटो पोस्ट करने के बाद लोग उसे लालू प्रसाद और चारा घोटाले से जोड़ कर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं.
सचिन शर्मा ने लिखा है- दरअसल तेजू भैया लालू जी के इन जानवरों के हिस्से का चारा चुराकर खाने के लिए माफी मांग रहे हैं, तो वहीं' घनश्याम कुमार प्रजापति ने लिखा- ' चारा तो लल्लु काका खा गए इसका. जेपी केशवानी ने लिखा- चारा मत चुराना तेजू' इसी तरह की कई प्रतिक्रियाएं लालू प्रसाद के चारा घोटाला और जेल से जोड़कर लोग लिख रहे हैं. हालांकि तेजप्रताप ने किसी भी कमेंट का जवाब नहीं दिया है.
वृंदावन में राधाष्टमी मनाने गए तेज प्रताप यादव का विक्ट्री साइन वाली फोटो उनके दोस्त चैतन्य पालित ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है. तेजप्रताप के इस फोटो के अलग-अलग मायने निकाले जा रहे हैं. विक्ट्री साइन का इस्तेमाल जीत के बाद या जीत का विश्वास जताने के लिए किया जाता है, जिसके बाद सवाल उठने लगे हैं कि तेजप्रताप को कहां सफलता मिली है. क्या वो छात्र संगठन बनाने को अपनी जीत के तौर पर देख रहे हैं. या अंदरखाने कुछ हुआ है.
इसके साथ ही तेजप्रताप ने भूत पूर्व केन्द्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद बाबू की फोटो पर माल्यार्पण के बाद उन्हें प्रणाम करते हुए फोटो भी शेयर किया है. ये वही तेजप्रताप हैं जिन्होंने रघुवंश बाबू की तुलना समुद्र के एक लोटा पानी से की थी और अब उनकी तस्वीर को प्रणाम करते नजर आ रहे हैं. 13 सितंबर को रघुवंश प्रसाद की पहली बरसी थी.
ये भी पढें- Bihar: तेजप्रताप के ट्विटर से हटी 'सारथी कृष्ण' वाली तस्वीर, अब जयप्रकाश नारायण को मिली जगह; क्या RJD में होगी 'संपूर्ण क्रांति'?
| तेजप्रताप यादव अपने दोस्त चैतन्य पालित के साथ वृंदावन में भक्ति रस में डूबे हैं. तेजप्रताप यादव ने सोशल मीडिया पर तस्वीर भी पोस्ट की है. इन तस्वीरों में तेजप्रताप यादव पीली धोती और कुर्ता पहनकर बछड़े को दुलार करते नजर आ रहे हैं. बिहार में अपने आवास पर धूम-धाम से कृष्णा जन्माष्टमी मनाने के बाद तेजप्रताप वृदांवन में राधाअष्टमी मना रहे हैं. नए छात्र संगठन की घोषणा कर RJD में उबाल लाने के बाद तेजप्रताप कृष्ण भक्ति में लीन हैं. वो पीतांबरी धारण कर गायों की सेवा करते नजर आ रहे हैं. उनके साथ उनका खास मित्र चैतन्य पालित भी मौजूद है. तेजप्रताप यादव ने बिहार में छात्र जनशक्ति परिषद का गठन कर विपक्ष को नया मुद्दा दे दिया है. पार्टी से लेकर परिवार तक में इसको लेकर चर्चा है. लेकिन इनसब से दूर तेजप्रताप यादव अपने दोस्त चैतन्य पालित के साथ वृंदावन में भक्ति रस में डूबे हैं. तेजप्रताप यादव ने सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें पोस्ट की है. इन तस्वीरों में तेजप्रताप यादव पीली धोती और कुर्ता पहनकर बछड़े को दुलार करते नजर आ रहे हैं. बछड़े वाली फोटो को सोशल मीडिया पर डालने के बाद वे लगातार ट्रोल भी हो रहे हैं. फोटो पोस्ट करने के बाद लोग उसे लालू प्रसाद और चारा घोटाले से जोड़ कर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं. सचिन शर्मा ने लिखा है- दरअसल तेजू भैया लालू जी के इन जानवरों के हिस्से का चारा चुराकर खाने के लिए माफी मांग रहे हैं, तो वहीं' घनश्याम कुमार प्रजापति ने लिखा- ' चारा तो लल्लु काका खा गए इसका. जेपी केशवानी ने लिखा- चारा मत चुराना तेजू' इसी तरह की कई प्रतिक्रियाएं लालू प्रसाद के चारा घोटाला और जेल से जोड़कर लोग लिख रहे हैं. हालांकि तेजप्रताप ने किसी भी कमेंट का जवाब नहीं दिया है. वृंदावन में राधाष्टमी मनाने गए तेज प्रताप यादव का विक्ट्री साइन वाली फोटो उनके दोस्त चैतन्य पालित ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है. तेजप्रताप के इस फोटो के अलग-अलग मायने निकाले जा रहे हैं. विक्ट्री साइन का इस्तेमाल जीत के बाद या जीत का विश्वास जताने के लिए किया जाता है, जिसके बाद सवाल उठने लगे हैं कि तेजप्रताप को कहां सफलता मिली है. क्या वो छात्र संगठन बनाने को अपनी जीत के तौर पर देख रहे हैं. या अंदरखाने कुछ हुआ है. इसके साथ ही तेजप्रताप ने भूत पूर्व केन्द्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद बाबू की फोटो पर माल्यार्पण के बाद उन्हें प्रणाम करते हुए फोटो भी शेयर किया है. ये वही तेजप्रताप हैं जिन्होंने रघुवंश बाबू की तुलना समुद्र के एक लोटा पानी से की थी और अब उनकी तस्वीर को प्रणाम करते नजर आ रहे हैं. तेरह सितंबर को रघुवंश प्रसाद की पहली बरसी थी. ये भी पढें- Bihar: तेजप्रताप के ट्विटर से हटी 'सारथी कृष्ण' वाली तस्वीर, अब जयप्रकाश नारायण को मिली जगह; क्या RJD में होगी 'संपूर्ण क्रांति'? |
चंदियाना गांव में शुक्रवार सुबह एक ग्रामीण ने बंदर को भगाने के लिए फायर किया, इस दौरान अपने छत पर घूम रहे 14 वर्षीय किशोर को गोली लग गई।
घायल अवस्था में किशोर को कस्बे के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उसकी हालत खतरे के बाहर बताई जा रही है। परिजनों ने घटना की जानकारी पुलिस को नहीं दी है।
वहीं, पुलिस तहरीर मिलने पर कार्रवाई की बात कह रही है। जानकारी के मुताबिक रजा खान (14) पुत्र तस्लीम खान शुक्रवार सुबह अपने चाचा तहसीन खान के घर की छत पर घूम रहा था।
इसी दौरान किसी ग्रामीण ने बंदर को भगाने के लिए फायर कर दिया। फायर होते ही छत पर घूम रहा रजा खान चीखते हुए गिर पड़ा।
बंदर को भगाने के लिए ग्रामीण द्वारा चलाई गई गोली रजा खान के दाहिने पैर मे लग गई। आनन-फानन में परिजनोें ने रजा को कस्बे के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया।
गोली किसने चलाई इसकी जानकारी नहीं हो पाई है। युवक के पैर में गोली लगने की सूचना मिली है। परिजन कुछ भी बताने को तैयार नहीं हैं और न ही किसी भी प्रकार की कार्रवाई चाहते हैं।
| चंदियाना गांव में शुक्रवार सुबह एक ग्रामीण ने बंदर को भगाने के लिए फायर किया, इस दौरान अपने छत पर घूम रहे चौदह वर्षीय किशोर को गोली लग गई। घायल अवस्था में किशोर को कस्बे के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उसकी हालत खतरे के बाहर बताई जा रही है। परिजनों ने घटना की जानकारी पुलिस को नहीं दी है। वहीं, पुलिस तहरीर मिलने पर कार्रवाई की बात कह रही है। जानकारी के मुताबिक रजा खान पुत्र तस्लीम खान शुक्रवार सुबह अपने चाचा तहसीन खान के घर की छत पर घूम रहा था। इसी दौरान किसी ग्रामीण ने बंदर को भगाने के लिए फायर कर दिया। फायर होते ही छत पर घूम रहा रजा खान चीखते हुए गिर पड़ा। बंदर को भगाने के लिए ग्रामीण द्वारा चलाई गई गोली रजा खान के दाहिने पैर मे लग गई। आनन-फानन में परिजनोें ने रजा को कस्बे के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। गोली किसने चलाई इसकी जानकारी नहीं हो पाई है। युवक के पैर में गोली लगने की सूचना मिली है। परिजन कुछ भी बताने को तैयार नहीं हैं और न ही किसी भी प्रकार की कार्रवाई चाहते हैं। |
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन को गलत बयानबाजी से बचना चाहिए।
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (file photo)
गहलोत ने आज सोशल मीडिया के जरिए कहा कि जब देश ऑक्सीजन की कमी से जूझ रहा था तब वह कह रहे थे कि देश में पर्याप्त ऑक्सीजन है।
आज जब देश में वैक्सीन की कमी है तो उनका कहना है कि देश में पर्याप्त एक करोड़ वैक्सीन है।
लेकिन सभी राज्यों को मिलाकर देखें तो एक करोड़ वैक्सीन महज एक दिन में ही खत्म हो जाएंगी। उन्होंने कहा कि गत दो अप्रैल को देशभर में 42 लाख वैक्सीन लगाई गईं थीं लेकिन अब सिर्फ 16 लाख वैक्सीन ही प्रतिदिन लगाई जा रही है।
देश में अलग-अलग जगहों पर वैक्सीनेशन सेंटर बंद किए जा रहे हैं।
स्वास्थ्य मंत्री के ऐसे बयानों से आमजन में आक्रोश फैल रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस तरह गंगा, यमुना सहित पवित्र नदियों के किनारे शव दफनाई जा रही हैं एवं नदियों में बहाये जा रहे हैं इसका संज्ञान लेकर केन्द्र सरकार को कोविड प्रोटोकॉल के तहत एसओपी जारी करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में इन शवों से संक्रमण फैलने पर महामारी के और ज्यादा फैलने की आशंका हो सकती है।
| राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन को गलत बयानबाजी से बचना चाहिए। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत गहलोत ने आज सोशल मीडिया के जरिए कहा कि जब देश ऑक्सीजन की कमी से जूझ रहा था तब वह कह रहे थे कि देश में पर्याप्त ऑक्सीजन है। आज जब देश में वैक्सीन की कमी है तो उनका कहना है कि देश में पर्याप्त एक करोड़ वैक्सीन है। लेकिन सभी राज्यों को मिलाकर देखें तो एक करोड़ वैक्सीन महज एक दिन में ही खत्म हो जाएंगी। उन्होंने कहा कि गत दो अप्रैल को देशभर में बयालीस लाख वैक्सीन लगाई गईं थीं लेकिन अब सिर्फ सोलह लाख वैक्सीन ही प्रतिदिन लगाई जा रही है। देश में अलग-अलग जगहों पर वैक्सीनेशन सेंटर बंद किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री के ऐसे बयानों से आमजन में आक्रोश फैल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस तरह गंगा, यमुना सहित पवित्र नदियों के किनारे शव दफनाई जा रही हैं एवं नदियों में बहाये जा रहे हैं इसका संज्ञान लेकर केन्द्र सरकार को कोविड प्रोटोकॉल के तहत एसओपी जारी करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में इन शवों से संक्रमण फैलने पर महामारी के और ज्यादा फैलने की आशंका हो सकती है। |
पढ़ना भली भाँति न हो सका। इन्होंने बहुत से व्यापार किए, पर जमकर ये कोई व्यापार न कर सके। श्रत में काशीजी में रहने लगे। हिंदो का इन्हें सदैव से वडा प्रेम था और इन्होंने अनुवाद मिलाकर गाय २० पुस्तकें रचों । प्रेमविलासिनी और हिंदी प्रकाश नामक दो पत्र भी थापने निकाले और प्रसिद्ध पत्रिका सरस्वती की प्रथम संपादक-ममिति में यह भी सम्मिलित थे। इनमा देहात संवत् १६६१ में, फागीजी में, हुपा । ये महाशय हिंदी के एक बहुत अच्छे लेखक थे और इनका गद्य परम मंचर होता था। इनके ग्रंथों में से इला, प्रमिना, मधुमालती और जया हमारे पास प्रस्तुत ( २१९४ ) केशवराम भट्ट
इनका जन्म संवत् १९१० में, महाराष्ट्र-कुल में हुआ था। इन्होंने १९३१ में बिहारवधु पत्र निकाला। पीछे से ये शिक्षा विभाग में नौकर हो गए । ये हिंदी के अच्छे लेखक और परन प्रेमी थे । विद्या की नींव, भारतवर्ष का इतिहास ( मंगला से अनुवादित ), शमशाद सौमन नाटक, सजाद संबुल नाटक, हिंदी-ल्याकरण, एक जोद शृंगूठी, और रासेलम (अनुवाद ) नामक पुस्तकें इन्होंने लिखीं । इनका देहांत संवत् १९६२ के लगभग हुआ। ये बिहार के रहनेवाले थे । ( २१९५ ) तुलसीराम शर्मा
ये परीक्षितगढ़ जिला मेरठ निवासी थे। इनका जन्म संवत् १६१४ में हुआ। आप संस्कृत के बड़े भारी पदिन एवं सायं-समाज के प्रधान उपदेशकों में थे। अापने सामवेदसाय, मनुभाग्य, न्यायदर्शनभाग्य, श्वेनारसतरोपनिषद्भाध्य, हंश, फेन, कठ, सुंदर-भाष्य, हितोपदेश भाषा, सुभाषितरनाडा घर दयानंदचरितामृत-नामक ग्रंथ बनाए । ( २१९६ ) गोविंद कवि
ये महाशय पिपलोदपुरी के राजा दूलहसिंह के आश्रम में रहते थे, और उन्हीं की आज्ञा से मवत् १६३२ में इन्होंने हनुमजाटक या भाषा
छंदानुवाद किया। ये महाशय कवि टीकाराम के पुत्र जाति के ब्राह्मण थे । भापने सस्कृत-मिश्रित भाषा को श्रादर दिया है, इस कारण उसमें मिलित वर्ण बहुत श्रा जाने से श्रोज की प्रधानता और प्रसाद एव माधुर्य की कमी हो गई है। इन्होंने अपने छदों के चतुर्थ पदों में कहीं कहीं 'पर हाँ' शब्द बिलकुल चेकार लिख दिए हैं, जो न तो अर्थ का समर्थन करते है और न छद का । उन्हें छोड़कर पढ़ने से दरअर्थ दोनों पूरे होते हैं । तो भी इस ग्रथ का कविता बहुत जोरदार है और इसमें प्रभावशाली छुद बहुत पाए जाते हैं। नाटक में १३२ पृष्ठ हैं और सब प्रकार के छंद रामचद्रिका एव गुमान-कृत नैपत्र की भाँति रक्खे गए हैं। ग्रथ बहुत सराहनीय बना है। इस कवि ने अनुमास को भी सादर दिया है। हम गोविंदजी को छत्र कवि की श्रेणी में रखते हैं।
फुल्लित गल्ल करें फुतकार प्रफुल्ल नमापुट कोटर आयो ; ओघ अकृत पावक पुज इलाहल घूमि तितै प्रगटायो । अध समान किए सब लाकन अबर लौं छिति छोरन छायो लोयन जाल कराल किए ततकाल महा बिकराल लखायो । निखिल नरेंद्र निकाय नरेंद्र निकाय कुमुद जिमि जानिए; तिनको मुद्रित करन मिहिर मोहि मानिए । कार्तवीर्य प्रति कठे यथा मम बोज हैं हैं; पर हाँ ! सो सुनि लीजै राम श्रवण जुग खोल हैं ।
इस ग्रंथ में राम के राज्याभिषेक तक का वर्णन है। ( २१९७ ) अयोध्याप्रसाद खत्री
ये महाशय बलिया के रहनेवाले थे, पर इनकी बाल्यावस्था से ही इनके पिता मुजफ़्फ़रपूर (बिहार) में रहने लगे। कुछ दिन इन्होंने अध्यापक का काम किया और पीछे से कलेक्टर के
पेशकार हो गए; जिस पद पर ये मृत्यु पर्यंत रहे । इनका स्वर्गवास ४ जनवरी संवत् १९६१ में, ४७ वर्ष की अवस्था में हो गया । इन्होंने यावज्जीवन सदी न्योली का पद्य में प्रचार करने और छदाँ से धजभाषा उठा देने का प्रयस किया। इस विषय में इन्हें इतना उत्साह था कि कुछ कहा नहीं जाता । सदी बोली के श्रादोलन पर एक भारी लेख भी छुपवाकर इन्होंने उसे वेदाम वितरण किया था । उसको एक प्रति उन्होंने अपने हाथ से हमें भी काशी में सभा के गृहप्रवेशोत्सव में दी थी। जिस लेखक मे ये मिलते थे उसमे सड़ी-बोली के विषय में भी बातचीत अवश्य करते थे। सड़ी-योनी के प्रचार को ही ये अपना जीवनोद्देश्य समझने घं। ऐसे उत्साही पुरुष यहुत कम देखने में जाते है। इस विषय पर आपने इंगलैंड में भी एक लेख छपवाया था। संवत् ११३४ में इन्होंने एक हिंदीव्याकरण प्रकाशित किया । इनके अकाल स्वर्गवास से खड़ी-थोली के थांदोलन को घड़ी क्षति पहुँची । इस आंदोलन को पूर्ण धन के साथ पहलेपहल इन्हीं ने उठाया। थापने इसमें इतना उत्साह दिखाया कि आपको देखते ही ग्वदी-मोली की याद था जाती थी । ( २१९८ ) मुंशोराम महात्मा
इनका जन्म संवत् १९१५ में हुआ था। आप पढ़े ही धर्मात्मा पुरुष थे । धाप गुरुकुल फोंगड़ा के अध्यक्ष थे । आपने भारी आप को वकालत कर कोरी को अपनाया और भारत की प्राचीन पठन-पाठन शैली पा सजीव उदाहरण गुस्कुज स्थापित किया । यहाँ महात्मा बनाए जाने को याजक पदाए जाते है। थाप हिंदी के भी लेखक ये । प० लेम्पराम का जीवनचरित्र प्रादिम सध्यार्थप्रकाश एवं धर्म-विषयक कई छोटे-छोटे निबंध और अपना जीवन घृतारा लि । धापा जोरन धन्य था। थायें-समाज के एक भारी दन के भाप नेता थे । सदर्भमवारक-नामय एक भारी पत्र भी | पढ़ना भली भाँति न हो सका। इन्होंने बहुत से व्यापार किए, पर जमकर ये कोई व्यापार न कर सके। श्रत में काशीजी में रहने लगे। हिंदो का इन्हें सदैव से वडा प्रेम था और इन्होंने अनुवाद मिलाकर गाय बीस पुस्तकें रचों । प्रेमविलासिनी और हिंदी प्रकाश नामक दो पत्र भी थापने निकाले और प्रसिद्ध पत्रिका सरस्वती की प्रथम संपादक-ममिति में यह भी सम्मिलित थे। इनमा देहात संवत् एक हज़ार छः सौ इकसठ में, फागीजी में, हुपा । ये महाशय हिंदी के एक बहुत अच्छे लेखक थे और इनका गद्य परम मंचर होता था। इनके ग्रंथों में से इला, प्रमिना, मधुमालती और जया हमारे पास प्रस्तुत केशवराम भट्ट इनका जन्म संवत् एक हज़ार नौ सौ दस में, महाराष्ट्र-कुल में हुआ था। इन्होंने एक हज़ार नौ सौ इकतीस में बिहारवधु पत्र निकाला। पीछे से ये शिक्षा विभाग में नौकर हो गए । ये हिंदी के अच्छे लेखक और परन प्रेमी थे । विद्या की नींव, भारतवर्ष का इतिहास , शमशाद सौमन नाटक, सजाद संबुल नाटक, हिंदी-ल्याकरण, एक जोद शृंगूठी, और रासेलम नामक पुस्तकें इन्होंने लिखीं । इनका देहांत संवत् एक हज़ार नौ सौ बासठ के लगभग हुआ। ये बिहार के रहनेवाले थे । तुलसीराम शर्मा ये परीक्षितगढ़ जिला मेरठ निवासी थे। इनका जन्म संवत् एक हज़ार छः सौ चौदह में हुआ। आप संस्कृत के बड़े भारी पदिन एवं सायं-समाज के प्रधान उपदेशकों में थे। अापने सामवेदसाय, मनुभाग्य, न्यायदर्शनभाग्य, श्वेनारसतरोपनिषद्भाध्य, हंश, फेन, कठ, सुंदर-भाष्य, हितोपदेश भाषा, सुभाषितरनाडा घर दयानंदचरितामृत-नामक ग्रंथ बनाए । गोविंद कवि ये महाशय पिपलोदपुरी के राजा दूलहसिंह के आश्रम में रहते थे, और उन्हीं की आज्ञा से मवत् एक हज़ार छः सौ बत्तीस में इन्होंने हनुमजाटक या भाषा छंदानुवाद किया। ये महाशय कवि टीकाराम के पुत्र जाति के ब्राह्मण थे । भापने सस्कृत-मिश्रित भाषा को श्रादर दिया है, इस कारण उसमें मिलित वर्ण बहुत श्रा जाने से श्रोज की प्रधानता और प्रसाद एव माधुर्य की कमी हो गई है। इन्होंने अपने छदों के चतुर्थ पदों में कहीं कहीं 'पर हाँ' शब्द बिलकुल चेकार लिख दिए हैं, जो न तो अर्थ का समर्थन करते है और न छद का । उन्हें छोड़कर पढ़ने से दरअर्थ दोनों पूरे होते हैं । तो भी इस ग्रथ का कविता बहुत जोरदार है और इसमें प्रभावशाली छुद बहुत पाए जाते हैं। नाटक में एक सौ बत्तीस पृष्ठ हैं और सब प्रकार के छंद रामचद्रिका एव गुमान-कृत नैपत्र की भाँति रक्खे गए हैं। ग्रथ बहुत सराहनीय बना है। इस कवि ने अनुमास को भी सादर दिया है। हम गोविंदजी को छत्र कवि की श्रेणी में रखते हैं। फुल्लित गल्ल करें फुतकार प्रफुल्ल नमापुट कोटर आयो ; ओघ अकृत पावक पुज इलाहल घूमि तितै प्रगटायो । अध समान किए सब लाकन अबर लौं छिति छोरन छायो लोयन जाल कराल किए ततकाल महा बिकराल लखायो । निखिल नरेंद्र निकाय नरेंद्र निकाय कुमुद जिमि जानिए; तिनको मुद्रित करन मिहिर मोहि मानिए । कार्तवीर्य प्रति कठे यथा मम बोज हैं हैं; पर हाँ ! सो सुनि लीजै राम श्रवण जुग खोल हैं । इस ग्रंथ में राम के राज्याभिषेक तक का वर्णन है। अयोध्याप्रसाद खत्री ये महाशय बलिया के रहनेवाले थे, पर इनकी बाल्यावस्था से ही इनके पिता मुजफ़्फ़रपूर में रहने लगे। कुछ दिन इन्होंने अध्यापक का काम किया और पीछे से कलेक्टर के पेशकार हो गए; जिस पद पर ये मृत्यु पर्यंत रहे । इनका स्वर्गवास चार जनवरी संवत् एक हज़ार नौ सौ इकसठ में, सैंतालीस वर्ष की अवस्था में हो गया । इन्होंने यावज्जीवन सदी न्योली का पद्य में प्रचार करने और छदाँ से धजभाषा उठा देने का प्रयस किया। इस विषय में इन्हें इतना उत्साह था कि कुछ कहा नहीं जाता । सदी बोली के श्रादोलन पर एक भारी लेख भी छुपवाकर इन्होंने उसे वेदाम वितरण किया था । उसको एक प्रति उन्होंने अपने हाथ से हमें भी काशी में सभा के गृहप्रवेशोत्सव में दी थी। जिस लेखक मे ये मिलते थे उसमे सड़ी-बोली के विषय में भी बातचीत अवश्य करते थे। सड़ी-योनी के प्रचार को ही ये अपना जीवनोद्देश्य समझने घं। ऐसे उत्साही पुरुष यहुत कम देखने में जाते है। इस विषय पर आपने इंगलैंड में भी एक लेख छपवाया था। संवत् एक हज़ार एक सौ चौंतीस में इन्होंने एक हिंदीव्याकरण प्रकाशित किया । इनके अकाल स्वर्गवास से खड़ी-थोली के थांदोलन को घड़ी क्षति पहुँची । इस आंदोलन को पूर्ण धन के साथ पहलेपहल इन्हीं ने उठाया। थापने इसमें इतना उत्साह दिखाया कि आपको देखते ही ग्वदी-मोली की याद था जाती थी । मुंशोराम महात्मा इनका जन्म संवत् एक हज़ार नौ सौ पंद्रह में हुआ था। आप पढ़े ही धर्मात्मा पुरुष थे । धाप गुरुकुल फोंगड़ा के अध्यक्ष थे । आपने भारी आप को वकालत कर कोरी को अपनाया और भारत की प्राचीन पठन-पाठन शैली पा सजीव उदाहरण गुस्कुज स्थापित किया । यहाँ महात्मा बनाए जाने को याजक पदाए जाते है। थाप हिंदी के भी लेखक ये । पशून्य लेम्पराम का जीवनचरित्र प्रादिम सध्यार्थप्रकाश एवं धर्म-विषयक कई छोटे-छोटे निबंध और अपना जीवन घृतारा लि । धापा जोरन धन्य था। थायें-समाज के एक भारी दन के भाप नेता थे । सदर्भमवारक-नामय एक भारी पत्र भी |
महागठबंधन की ओर से रविवार को राजधानी पटना के गांधी मैदान में आयोजित स्वाभिमान रैली में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी मौजूद रहेंगी।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अशोक चौधरी ने आज पटना में संवाददाता सम्मेलन में बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी रविवार दोपहर करीब 12 बजे दिल्ली से पटना पहुंचेंगी। उन्होंने बताया कि रैली में हिस्सा लेने के बाद श्रीमती गांधी सीधे दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगी। श्री चौधरी ने बताया कि रैली में शामिल होने के लिए पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केन्द्रीय मंत्री गुलाम नबी आजाद और पार्टी के बिहार प्रभारी सी़ पी़ जोशी भी आ रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विशेष पैकेज को छलावा करार दिया और कहा कि सवा लाख करोड़ रूपये के इस विशेष पैकेज की करीब नब्बे प्रतिशत राशि विभिन्न योजनाओं के लिए पहले ही आवंटित की गयी थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नीत संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार ने कांग्रेस शासित राज्यों से अधिक राशि बिहार को दी थी।
| महागठबंधन की ओर से रविवार को राजधानी पटना के गांधी मैदान में आयोजित स्वाभिमान रैली में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी मौजूद रहेंगी। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अशोक चौधरी ने आज पटना में संवाददाता सम्मेलन में बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी रविवार दोपहर करीब बारह बजे दिल्ली से पटना पहुंचेंगी। उन्होंने बताया कि रैली में हिस्सा लेने के बाद श्रीमती गांधी सीधे दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगी। श्री चौधरी ने बताया कि रैली में शामिल होने के लिए पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केन्द्रीय मंत्री गुलाम नबी आजाद और पार्टी के बिहार प्रभारी सी़ पी़ जोशी भी आ रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विशेष पैकेज को छलावा करार दिया और कहा कि सवा लाख करोड़ रूपये के इस विशेष पैकेज की करीब नब्बे प्रतिशत राशि विभिन्न योजनाओं के लिए पहले ही आवंटित की गयी थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नीत संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार ने कांग्रेस शासित राज्यों से अधिक राशि बिहार को दी थी। |
उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक इंटरमीडिएट के छात्र ने फेल होने की डर से शुक्रवार की शाम को कमरे में छत की कुंडी से गमछे का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।
गेहूं की कटाई करके घर लौटे मां-बाप ने कमरा बंद होने पर पहले तो खोलने की गुहार लगाई, जब नहीं खुला तो 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दे दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने देर शाम फाटक तोड़कर शव को नीचे उतरवाया और कब्जे में ले लिया। शनिवार को पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
उरदहवा गांव निवासी हूबलाल मौर्या ने बताया कि उसके पास तीन बेटे क्रमशः अनुपम (18), आलोक (16) और ओमकार (14) है। बड़े बेटे अनुपम ने इस साल इंटरमीडिएट की परीक्षा दी थी।
| उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक इंटरमीडिएट के छात्र ने फेल होने की डर से शुक्रवार की शाम को कमरे में छत की कुंडी से गमछे का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। गेहूं की कटाई करके घर लौटे मां-बाप ने कमरा बंद होने पर पहले तो खोलने की गुहार लगाई, जब नहीं खुला तो एक सौ बारह नंबर पर पुलिस को सूचना दे दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने देर शाम फाटक तोड़कर शव को नीचे उतरवाया और कब्जे में ले लिया। शनिवार को पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। उरदहवा गांव निवासी हूबलाल मौर्या ने बताया कि उसके पास तीन बेटे क्रमशः अनुपम , आलोक और ओमकार है। बड़े बेटे अनुपम ने इस साल इंटरमीडिएट की परीक्षा दी थी। |
Free Fire MAX में ग्रेनेड्स का उपयोग करके काफी फायदा उठाया जा सकता है। ग्रेनेड की मदद से विरोधी पर बिना रिस्क लिए हमला कर सकते हैं। ग्रेनेड्स से ज्यादा किल्स निकालने के लिए तरीके उपयोग करने पड़ते हैं। इसलिए इस आर्टिकल में हम 4 तरीकों को लेकर बात करेंगे, जिनसे ग्रेनेड्स का उपयोग करके ज्यादा किल्स निकाले जा सकते हैं।
कई प्लेयर्स दीवार के पीछे छुपकर कैम्प करते हैं और आपके आने का इंतजार करते हैं। कई बार इस चीज़ से आप नॉक हो जाते हैं। हालांकि, TPP में मौजूद प्लेयर्स पर आप ग्रेनेड फेंकते हुए उन्हें नॉक कर सकते हैं, या उन्हें भगा सकते हैं।
कई बार प्लेयर्स ग्लू वॉल्स लगाकर खुद को अटैक से बचा लेते हैं। ऐसे में आप ग्लू वॉल को ग्रेनेड्स का उपयोग करके तबाह कर सकते हैं। इसकी मदद से ग्लू वॉल्स तबाह हो जाती है।
ग्रेनेड्स को हमेशा ही ज्यादा मात्रा में रखना चाहिए। कई लोग ग्रेनेड्स को रखना पसंद नहीं करते हैं क्योंकि यह बहुत जगह लेता है। हालांकि, इसका लंबे रन में बहुत फायदा होता है। ऐसे में हमेशा ही आपके पास बैकपैक में 3-4 ग्रेनेड्स रखने चाहिए।
अगर आपको ग्रेनेड को सही तरह से इस्तेमाल करना है, तो फिर से सही तरह से कुक करके फेंकें। कई लोग ग्रेनेड्स को तुरंत खींचने के बाद थ्रो कर देते हैं। ऐसे करने से बहुत दिक्कतें हो सकती हैं क्योंकि विरोधी को जगह से हटने का समय नहीं मिलता है।
(नोटः इस आर्टिकल में लेखक ने अपनी राय दी है। ग्रेनेड्स को उपयोग करने का तरीका अलग-अलग रह सकता है। )
| Free Fire MAX में ग्रेनेड्स का उपयोग करके काफी फायदा उठाया जा सकता है। ग्रेनेड की मदद से विरोधी पर बिना रिस्क लिए हमला कर सकते हैं। ग्रेनेड्स से ज्यादा किल्स निकालने के लिए तरीके उपयोग करने पड़ते हैं। इसलिए इस आर्टिकल में हम चार तरीकों को लेकर बात करेंगे, जिनसे ग्रेनेड्स का उपयोग करके ज्यादा किल्स निकाले जा सकते हैं। कई प्लेयर्स दीवार के पीछे छुपकर कैम्प करते हैं और आपके आने का इंतजार करते हैं। कई बार इस चीज़ से आप नॉक हो जाते हैं। हालांकि, TPP में मौजूद प्लेयर्स पर आप ग्रेनेड फेंकते हुए उन्हें नॉक कर सकते हैं, या उन्हें भगा सकते हैं। कई बार प्लेयर्स ग्लू वॉल्स लगाकर खुद को अटैक से बचा लेते हैं। ऐसे में आप ग्लू वॉल को ग्रेनेड्स का उपयोग करके तबाह कर सकते हैं। इसकी मदद से ग्लू वॉल्स तबाह हो जाती है। ग्रेनेड्स को हमेशा ही ज्यादा मात्रा में रखना चाहिए। कई लोग ग्रेनेड्स को रखना पसंद नहीं करते हैं क्योंकि यह बहुत जगह लेता है। हालांकि, इसका लंबे रन में बहुत फायदा होता है। ऐसे में हमेशा ही आपके पास बैकपैक में तीन-चार ग्रेनेड्स रखने चाहिए। अगर आपको ग्रेनेड को सही तरह से इस्तेमाल करना है, तो फिर से सही तरह से कुक करके फेंकें। कई लोग ग्रेनेड्स को तुरंत खींचने के बाद थ्रो कर देते हैं। ऐसे करने से बहुत दिक्कतें हो सकती हैं क्योंकि विरोधी को जगह से हटने का समय नहीं मिलता है। |
आज के समय में यूरीन इन्फेक्शन की महिला और पुरूष दोनों में बढ़ रहा है। ये समस्या मूत्र मार्ग में संक्रमण के कारण होता है। इसके निदान के लिए महंगे प्रोडक्ट का इस्तेमाल करने के बाद भी लोग चिकत्सिकों के चक्कर लगा रहे हैं। इस समस्या के लिए आंवले का जूस इस समस्या का रामबाण इलाज है। यह शरीर में कई अन्य रोगों से लड़ने में मददगार है।
- रोज सुबह खाली पेट एक गलास पानी के साथ आंवले का जूस पिएं।
- इससे शरीर में मौजूद सारे विषैले तत्व बाहर निकल जाएंगे।
- इससे पेट और किडनी साफ हो जाएंगी।
- यूरीन इंफेक्शन की समस्या नहीं होगी।
| आज के समय में यूरीन इन्फेक्शन की महिला और पुरूष दोनों में बढ़ रहा है। ये समस्या मूत्र मार्ग में संक्रमण के कारण होता है। इसके निदान के लिए महंगे प्रोडक्ट का इस्तेमाल करने के बाद भी लोग चिकत्सिकों के चक्कर लगा रहे हैं। इस समस्या के लिए आंवले का जूस इस समस्या का रामबाण इलाज है। यह शरीर में कई अन्य रोगों से लड़ने में मददगार है। - रोज सुबह खाली पेट एक गलास पानी के साथ आंवले का जूस पिएं। - इससे शरीर में मौजूद सारे विषैले तत्व बाहर निकल जाएंगे। - इससे पेट और किडनी साफ हो जाएंगी। - यूरीन इंफेक्शन की समस्या नहीं होगी। |
दिल्लीः
नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली इस वक्त प्रदूषण की मार से बेहाल है। राष्ट्रीय राजधानी के लोगों का सांस लेना दूभर हो गया है। पूरे दिल्ली-एनसीआर की हवा में जहर घुल गया है। इसी बीच राज्य की आम आदमी पार्टी सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए प्राथमिक स्कूलों को कल से बंद करने का फैसला किया है। केजरीवाल सरकार ने ऐलान किया है कि स्थिति में सुधार होने तक दिल्ली के प्राथमिक स्कूल बंद रहेंगे।
प्रदूषण को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज कहा कि यह वक्त दोषारोपण और राजनीति करने का नहीं है। यह समस्या का समाधान खोजने का समय है। केजरीवाल या पंजाब सरकार को दोष देने से प्रदूषण से राहत नहीं मिलने वाली है।
दिल्ली के सीएम केजरीवाल ने स्वीकार किया है कि पंजाब में पराली जलाने की घटनाओं की जिम्मेदार उनकी पार्टी की है। सीएम केजरीवाल ने कहा कि हमारी सरकार पंजाब में है और हम पराली जलाने के लिए जिम्मेदार हैं। हमें वहां पर सरकार बनाए हुए अभी केवल छह महीने ही हुए हैं। इस समस्या का समाधान निकाला जा रहा है।
| दिल्लीः नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली इस वक्त प्रदूषण की मार से बेहाल है। राष्ट्रीय राजधानी के लोगों का सांस लेना दूभर हो गया है। पूरे दिल्ली-एनसीआर की हवा में जहर घुल गया है। इसी बीच राज्य की आम आदमी पार्टी सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए प्राथमिक स्कूलों को कल से बंद करने का फैसला किया है। केजरीवाल सरकार ने ऐलान किया है कि स्थिति में सुधार होने तक दिल्ली के प्राथमिक स्कूल बंद रहेंगे। प्रदूषण को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज कहा कि यह वक्त दोषारोपण और राजनीति करने का नहीं है। यह समस्या का समाधान खोजने का समय है। केजरीवाल या पंजाब सरकार को दोष देने से प्रदूषण से राहत नहीं मिलने वाली है। दिल्ली के सीएम केजरीवाल ने स्वीकार किया है कि पंजाब में पराली जलाने की घटनाओं की जिम्मेदार उनकी पार्टी की है। सीएम केजरीवाल ने कहा कि हमारी सरकार पंजाब में है और हम पराली जलाने के लिए जिम्मेदार हैं। हमें वहां पर सरकार बनाए हुए अभी केवल छह महीने ही हुए हैं। इस समस्या का समाधान निकाला जा रहा है। |
भारत ने नियमित कप्तान रोहित शर्मा के बिना अंतिम टी 20 जीता क्योंकि हार्दिक पांड्या ने टीम की कमान संभाली। दोनों कप्तान डगआउट से बाहर आए और इस मैच में रोहित नहीं बल्कि हार्दिक ने टीम इंडिया का नेतृत्व किया। पांड्या ने टॉस जीता और भारत ने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। हार्दिक पांड्या अब भारतीय टीम के नियमित उपकप्तान बनने की होड़ में है।
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| भारत ने नियमित कप्तान रोहित शर्मा के बिना अंतिम टी बीस जीता क्योंकि हार्दिक पांड्या ने टीम की कमान संभाली। दोनों कप्तान डगआउट से बाहर आए और इस मैच में रोहित नहीं बल्कि हार्दिक ने टीम इंडिया का नेतृत्व किया। पांड्या ने टॉस जीता और भारत ने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। हार्दिक पांड्या अब भारतीय टीम के नियमित उपकप्तान बनने की होड़ में है। क्रिकेट और अन्य खेल से सम्बंधित खबरों को पढ़ने के लिए हमें गूगल न्यूज पर फॉलो करें। |
अथम अध्ययन द्वितीय उद्देशक : सूत्र १६-१८
दूसरे दृष्टान्त में किसी स्वस्थ मनुष्य की उपमा से बताया है, जैसे उसके पैर, आदि बत्तीस अवयवों का एक साथ छेदन-भेदन करते हैं, उस समय वह मनुष्य न भली प्रकार देख सकता है, न सुन सकता है, न बोल सकता है, न चल सकता है, किन्तु इससे यह तो नहीं माना जा सकता कि उसमें चेतना नहीं है या उसे कष्ट नहीं हो रहा है। इसी प्रकार पृथ्वीकायिक जीव में व्यक्त चेतना का अभाव होने पर भी उसमें प्रारणों का स्पन्दन है, अनुभवचेतना विद्यमान है, अतः उसे भी कष्टानुभूति होती है।
तीसरे दृष्टान्त में मूच्छित मनुष्य के साथ तुलना करते हुए बताया है कि जैसे मूच्छित मनुष्य की चेतना वाहर में लुप्त होती है, किन्तु उसकी अन्तरंग चेतना - अनुभूति लुप्त नहीं होती, उसी प्रकार स्त्यानगृद्धिनिद्रा के सतत उदय से पृथ्वीकायिक जीवों की चेतना मूच्छित व अध्यक्त रहती है। पर वे प्रान्तर चेतना से शून्य नहीं होते।
उक्त तीनों उदाहरण पृथ्वीकायिक जीवों की सचेतनता तथा मनुष्य शरीर के समान पोड़ा की अनुभूति स्पष्ट करते हैं ।
भगवती सूत्र (श० १९ उ० ३५) में बताया है जैसे कोई तरुण और वलिष्ठ पुरुष किसी जरा-जीर्ण पुरुष के सिर पर दोनों हाथों से प्रहार करके उसे आहत करता है, तव वह जैसी अनिष्ट वेदना का अनुभव करता है, उससे भी अनिष्टतर वेदना का अनुभव पृथ्वीकायिक जीवों को आक्रान्त होने पर होता है ।
१६. एत्य सत्यं समारंभमाणस्स इच्चेते आरंभा अपरिष्णाता भवति । एत्य सत्यं असमारंभमागस्त इच्चेते आरंभा परिण्णाता भवति ।
१७. तं परिण्णाय मेहावी र्णव सयं पुढविसत्यं समारंभेज्जा, णेवडण्णेहि पुढविसत्थं समारंभावेज्जा, णेवडण्णे - पुढविसत्थं समारंभंते समणुजाणेज्जा ।
१८. जस्सेते पुढविकम्मसमारंभा परिण्णाता भवंति से हु मुणी परिष्णायकम्मे
त्ति बेमि ।
॥ विइओ उद्देसओ समत्तो ॥
१६. जो यहाँ (लोक में) पृथ्वीकायिक जीवों पर शस्त्र का सभारंभ - प्रयोग करता है, वह वास्तव में इन आरंभों ( हिंसा सम्बन्धी प्रवृत्तियों के कटु परिणामों व जीवों की वेदना) से अनजान है ।
जो पृथ्वी कायिक जीवों पर शस्त्र का समारंभ / प्रयोग नहीं करता, वह वास्तव में इन आरंभों/हिंसा-सम्बन्धी प्रवृत्तियों का ज्ञाता है, (वही इनसे मुक्त होता है ) - १७. यह ( पृथ्वीकायिक जीवों की अव्यक्त वेदना) जानकर बुद्धिमान् मनुष्य न स्वयं पृथ्वीकाय का समारंभ करे, न दूसरों से पृथ्वीकाय का समारंभ करवाए और न उसका समारंभ करने वाले का अनुमोदन करे ।
जिसने पृथ्वीकाय सम्वन्धी समारंभ को जान लिया अर्थात् हिंसा के कंटू परिणाम को जान लिया वही परिज्ञातकर्मा ( हिंसा का त्यागी) मुनि होता है । - ऐसा मैं कहता हूँ ।
॥ द्वितीय उद्देशक समाप्त । | अथम अध्ययन द्वितीय उद्देशक : सूत्र सोलह-अट्ठारह दूसरे दृष्टान्त में किसी स्वस्थ मनुष्य की उपमा से बताया है, जैसे उसके पैर, आदि बत्तीस अवयवों का एक साथ छेदन-भेदन करते हैं, उस समय वह मनुष्य न भली प्रकार देख सकता है, न सुन सकता है, न बोल सकता है, न चल सकता है, किन्तु इससे यह तो नहीं माना जा सकता कि उसमें चेतना नहीं है या उसे कष्ट नहीं हो रहा है। इसी प्रकार पृथ्वीकायिक जीव में व्यक्त चेतना का अभाव होने पर भी उसमें प्रारणों का स्पन्दन है, अनुभवचेतना विद्यमान है, अतः उसे भी कष्टानुभूति होती है। तीसरे दृष्टान्त में मूच्छित मनुष्य के साथ तुलना करते हुए बताया है कि जैसे मूच्छित मनुष्य की चेतना वाहर में लुप्त होती है, किन्तु उसकी अन्तरंग चेतना - अनुभूति लुप्त नहीं होती, उसी प्रकार स्त्यानगृद्धिनिद्रा के सतत उदय से पृथ्वीकायिक जीवों की चेतना मूच्छित व अध्यक्त रहती है। पर वे प्रान्तर चेतना से शून्य नहीं होते। उक्त तीनों उदाहरण पृथ्वीकायिक जीवों की सचेतनता तथा मनुष्य शरीर के समान पोड़ा की अनुभूति स्पष्ट करते हैं । भगवती सूत्र में बताया है जैसे कोई तरुण और वलिष्ठ पुरुष किसी जरा-जीर्ण पुरुष के सिर पर दोनों हाथों से प्रहार करके उसे आहत करता है, तव वह जैसी अनिष्ट वेदना का अनुभव करता है, उससे भी अनिष्टतर वेदना का अनुभव पृथ्वीकायिक जीवों को आक्रान्त होने पर होता है । सोलह. एत्य सत्यं समारंभमाणस्स इच्चेते आरंभा अपरिष्णाता भवति । एत्य सत्यं असमारंभमागस्त इच्चेते आरंभा परिण्णाता भवति । सत्रह. तं परिण्णाय मेहावी र्णव सयं पुढविसत्यं समारंभेज्जा, णेवडण्णेहि पुढविसत्थं समारंभावेज्जा, णेवडण्णे - पुढविसत्थं समारंभंते समणुजाणेज्जा । अट्ठारह. जस्सेते पुढविकम्मसमारंभा परिण्णाता भवंति से हु मुणी परिष्णायकम्मे त्ति बेमि । ॥ विइओ उद्देसओ समत्तो ॥ सोलह. जो यहाँ पृथ्वीकायिक जीवों पर शस्त्र का सभारंभ - प्रयोग करता है, वह वास्तव में इन आरंभों से अनजान है । जो पृथ्वी कायिक जीवों पर शस्त्र का समारंभ / प्रयोग नहीं करता, वह वास्तव में इन आरंभों/हिंसा-सम्बन्धी प्रवृत्तियों का ज्ञाता है, - सत्रह. यह जानकर बुद्धिमान् मनुष्य न स्वयं पृथ्वीकाय का समारंभ करे, न दूसरों से पृथ्वीकाय का समारंभ करवाए और न उसका समारंभ करने वाले का अनुमोदन करे । जिसने पृथ्वीकाय सम्वन्धी समारंभ को जान लिया अर्थात् हिंसा के कंटू परिणाम को जान लिया वही परिज्ञातकर्मा मुनि होता है । - ऐसा मैं कहता हूँ । ॥ द्वितीय उद्देशक समाप्त । |
कानपुर। किराना व्यापारियों ने सांसद सत्यदेव पचौरी से मुलाकात कर कृषि उत्पादन मंडी शुल्क मंडी के बाहर समाप्त कराने में मदद करने की मांग की। सांसद ने इस संबंध में सीएम से बात कर व्यापारियों की समस्या हल कराने का आश्वासन दिया।
कानपुर किराना मर्चेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष अवधेश वाजपेयी के नेतृत्व में व्यापारी सांसद से काकादेव स्थित उनके आवास पर मिले। व्यापारियों ने कहा कि मंडियों के बाहर व्यापार करने पर भी मंडी शुल्क लागू है। जीरा, मखाना या सुपाड़ी प्रदेश की कृषि उत्पादित वस्तु नहीं हैं। इन पर मंडी शुल्क लगाना न्याय संगत नहीं है। मंडी शुल्क वापस होना चाहिए।
सीएम के नाम संबोधित ज्ञापन में कहा गया कि केंद्र सरकार ने 8 जून 2020 को मंडी से बाहर व्यापार कर रहे व्यापारियों पर मंडी शुल्क न लगने का आदेश दिया था। इससे व्यापारियों राहत मिल गई थी। प्रदेश सरकार ने शुल्क फिर से लागू कर दिया। इससे भ्रष्टाचार भी बढ़ा है। इस मौके पर विनोद गुप्ता, रवि बेरीवाल, गणेश गुप्ता, तारक गुप्ता, गुड्डू जैन, अरविंद गुप्ता, राजू मखाना, दिनेश त्रिपाठी, गोविंद राम व सुरेंद्र भसीन आदि रहे।
| कानपुर। किराना व्यापारियों ने सांसद सत्यदेव पचौरी से मुलाकात कर कृषि उत्पादन मंडी शुल्क मंडी के बाहर समाप्त कराने में मदद करने की मांग की। सांसद ने इस संबंध में सीएम से बात कर व्यापारियों की समस्या हल कराने का आश्वासन दिया। कानपुर किराना मर्चेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष अवधेश वाजपेयी के नेतृत्व में व्यापारी सांसद से काकादेव स्थित उनके आवास पर मिले। व्यापारियों ने कहा कि मंडियों के बाहर व्यापार करने पर भी मंडी शुल्क लागू है। जीरा, मखाना या सुपाड़ी प्रदेश की कृषि उत्पादित वस्तु नहीं हैं। इन पर मंडी शुल्क लगाना न्याय संगत नहीं है। मंडी शुल्क वापस होना चाहिए। सीएम के नाम संबोधित ज्ञापन में कहा गया कि केंद्र सरकार ने आठ जून दो हज़ार बीस को मंडी से बाहर व्यापार कर रहे व्यापारियों पर मंडी शुल्क न लगने का आदेश दिया था। इससे व्यापारियों राहत मिल गई थी। प्रदेश सरकार ने शुल्क फिर से लागू कर दिया। इससे भ्रष्टाचार भी बढ़ा है। इस मौके पर विनोद गुप्ता, रवि बेरीवाल, गणेश गुप्ता, तारक गुप्ता, गुड्डू जैन, अरविंद गुप्ता, राजू मखाना, दिनेश त्रिपाठी, गोविंद राम व सुरेंद्र भसीन आदि रहे। |
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो मुकेश अंबानी के घर में लगभग 600 से 700 नौकर काम करते हैं। इनमें से ज्यादातर की सैलरी 2 लाख से ऊपर है। इसके साथ ही इन्हें एक कॉर्पोरेट एंप्लाई की तरह मेडिकल इंश्योरेंस जैसी चीजें भी मिलती हैं।
दिल्ली में 24 अकबर रोड स्थित कांग्रेस दफ्तर में कल (रविवार, 19 जुलाई) एक नौकर ने बिजली के तार से फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली है।
दक्षिण दिल्ली की पॉश कॉलोनी ग्रेटर कैलाश से एक बुजुर्ग व्यक्ति को फ्रिज में डालकर अगवा किए जाने की खबर ने रविवार को खलबली मचा दी थी।
मध्य प्रदेश की राजधानी में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय बालरंग समारोह में मंगलवार को स्कूली बच्चों के जिम्मे वेटर का काम रहा। वे स्कूल शिक्षा मंत्री विजय शाह सहित अन्य अफसरों को चाय और नाश्ता परोसते नजर आए।
नोएडा सेक्टर-30 से एक बिजनेसमैन के घर से 40 लाख रुपये के जेवर व नकदी लेकर फरार हुए घरेलू नौकर को नोएडा पुलिस ने बिहार से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर 30 लाख रुपये के गहने भी बरामद किए हैं।
| मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो मुकेश अंबानी के घर में लगभग छः सौ से सात सौ नौकर काम करते हैं। इनमें से ज्यादातर की सैलरी दो लाख से ऊपर है। इसके साथ ही इन्हें एक कॉर्पोरेट एंप्लाई की तरह मेडिकल इंश्योरेंस जैसी चीजें भी मिलती हैं। दिल्ली में चौबीस अकबर रोड स्थित कांग्रेस दफ्तर में कल एक नौकर ने बिजली के तार से फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली है। दक्षिण दिल्ली की पॉश कॉलोनी ग्रेटर कैलाश से एक बुजुर्ग व्यक्ति को फ्रिज में डालकर अगवा किए जाने की खबर ने रविवार को खलबली मचा दी थी। मध्य प्रदेश की राजधानी में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय बालरंग समारोह में मंगलवार को स्कूली बच्चों के जिम्मे वेटर का काम रहा। वे स्कूल शिक्षा मंत्री विजय शाह सहित अन्य अफसरों को चाय और नाश्ता परोसते नजर आए। नोएडा सेक्टर-तीस से एक बिजनेसमैन के घर से चालीस लाख रुपये के जेवर व नकदी लेकर फरार हुए घरेलू नौकर को नोएडा पुलिस ने बिहार से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर तीस लाख रुपये के गहने भी बरामद किए हैं। |
Union Bank of India भर्ती के लिए आवेदन करें 2023 ऑनलाइन/ऑफ़लाइन 15/04/2023 से पहले। वे उम्मीदवार जिन्हें Stipendiary Players रिक्तियों के लिए चुना गया है, उन्हें Union Bank of India, Mumbai में Rs. 10,000 - Rs. 10,000 Per Month के वेतनमान के साथ रखा जाएगा। Union Bank of India के स्थान, नौकरी का शीर्षक, रिक्तियों की संख्या, नियत तिथि, आधिकारिक लिंक आदि के बारे में विवरण निम्नलिखित हैं।
Union Bank of India भर्ती 2023 के मानदंड में आवश्यक कौशल के साथ प्रोफ़ाइल के आधार पर शैक्षिक योग्यता को पूरा करना शामिल है। इस भर्ती अभियान में Union Bank of India उपयुक्त योग्यता के साथ N/A की भर्ती कर रहा है।
योग्य उम्मीदवार आधिकारिक अधिसूचना की जांच कर सकते हैं और 15/04/2023 से पहले ऑनलाइन / ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं। Union Bank of India भर्ती 2023 रिक्ति कुल 11 है। Union Bank of India भर्ती 2023 के बारे में अधिक जानकारी के लिए नीचे दी गई आधिकारिक अधिसूचना देखें।
उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा / व्यक्तिगत साक्षात्कार / चिकित्सा परीक्षण / वॉकिन साक्षात्कार के आधार पर किया जाएगा। एक बार एक उम्मीदवार का चयन हो जाने के बाद उन्हें Union Bank of India में Stipendiary Players के रूप में रखा जाएगा।
Stipendiary Players पर Union Bank of India भर्ती के लिए वेतन Rs. 10,000 - Rs. 10,000 Per Month है। कंपनी द्वारा चयनित उम्मीदवार Stipendiary Players के रूप में शामिल होंगे और उन्हें अधिसूचना में उल्लिखित वेतन दिया जाएगा।
योग्य उम्मीदवार Union Bank of India Stipendiary Players भर्ती 2023 के लिए आवेदन कर सकते हैं । चयनित उम्मीदवार Mumbai में स्थित कंपनी में शामिल होंगे। Union Bank of India Stipendiary Players भर्ती 2023 के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 15/04/2023 है। इसलिए आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं और भर्ती के लिए आवेदन करें।
Union Bank of India Stipendiary Players रिक्तियों के लिए उम्मीदवारों को आमंत्रित करता है और आवेदन करने की अंतिम तिथि 15/04/2023 है।
How to apply for Union Bank of India Recruitment 2023?
चरण 1: पर जाएं आधिकारिक वेबसाइट unionbankofindia. co. in .
| Union Bank of India भर्ती के लिए आवेदन करें दो हज़ार तेईस ऑनलाइन/ऑफ़लाइन पंद्रह अप्रैल दो हज़ार तेईस से पहले। वे उम्मीदवार जिन्हें Stipendiary Players रिक्तियों के लिए चुना गया है, उन्हें Union Bank of India, Mumbai में Rs. दस,शून्य - Rs. दस,शून्य Per Month के वेतनमान के साथ रखा जाएगा। Union Bank of India के स्थान, नौकरी का शीर्षक, रिक्तियों की संख्या, नियत तिथि, आधिकारिक लिंक आदि के बारे में विवरण निम्नलिखित हैं। Union Bank of India भर्ती दो हज़ार तेईस के मानदंड में आवश्यक कौशल के साथ प्रोफ़ाइल के आधार पर शैक्षिक योग्यता को पूरा करना शामिल है। इस भर्ती अभियान में Union Bank of India उपयुक्त योग्यता के साथ N/A की भर्ती कर रहा है। योग्य उम्मीदवार आधिकारिक अधिसूचना की जांच कर सकते हैं और पंद्रह अप्रैल दो हज़ार तेईस से पहले ऑनलाइन / ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं। Union Bank of India भर्ती दो हज़ार तेईस रिक्ति कुल ग्यारह है। Union Bank of India भर्ती दो हज़ार तेईस के बारे में अधिक जानकारी के लिए नीचे दी गई आधिकारिक अधिसूचना देखें। उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा / व्यक्तिगत साक्षात्कार / चिकित्सा परीक्षण / वॉकिन साक्षात्कार के आधार पर किया जाएगा। एक बार एक उम्मीदवार का चयन हो जाने के बाद उन्हें Union Bank of India में Stipendiary Players के रूप में रखा जाएगा। Stipendiary Players पर Union Bank of India भर्ती के लिए वेतन Rs. दस,शून्य - Rs. दस,शून्य Per Month है। कंपनी द्वारा चयनित उम्मीदवार Stipendiary Players के रूप में शामिल होंगे और उन्हें अधिसूचना में उल्लिखित वेतन दिया जाएगा। योग्य उम्मीदवार Union Bank of India Stipendiary Players भर्ती दो हज़ार तेईस के लिए आवेदन कर सकते हैं । चयनित उम्मीदवार Mumbai में स्थित कंपनी में शामिल होंगे। Union Bank of India Stipendiary Players भर्ती दो हज़ार तेईस के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि पंद्रह अप्रैल दो हज़ार तेईस है। इसलिए आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं और भर्ती के लिए आवेदन करें। Union Bank of India Stipendiary Players रिक्तियों के लिए उम्मीदवारों को आमंत्रित करता है और आवेदन करने की अंतिम तिथि पंद्रह अप्रैल दो हज़ार तेईस है। How to apply for Union Bank of India Recruitment दो हज़ार तेईस? चरण एक: पर जाएं आधिकारिक वेबसाइट unionbankofindia. co. in . |
"शिखा तुम्हारे टैलेंट की दाद देता हूँ, मैनजमेंट और कस्टमर को कितनी आसानी से अपनी बातें समझा लेती हो."
"थैंकयू सर.अब मैं चलूं...कुछ जरूरी रिपोर्ट भी मुझे तैयार करने हैं."
"बैठो,इसी बात पर एक एक कॉफ़ी हो जाये..."
"सर पी तो सकती थी पर एक अर्जेंट पेपर तैयार करना है..."शिखा अपने बॉस के वहसिपना को जानती थी.हर बार की तरह इस बार भी किसी तरह से अपने आप को बचा लिया था.आये दिन कोई ना कोई आफर बॉस शिखा को देता रहता.कभी पार्टी का बहाना तो कभी पिकनिक और कभी किसी प्रोजेक्ट के सिलसिले से बाहर जाना.आफिस से संबंधित जितनी भी ड्यूटी होती शिखा बखूबी निभाती पर जब बात बाहर जाने या मौज मस्तियों का हो तो घर परिवार का हवाला दे स्थितियों को टाल जाती.
"श्रीमान (बॉस का नाम),आपको आपके दुराचार(misconduct) हेतु नौकरी से हटाया जा रहा है."
उसी के ठीक सामने के दीवार पर लिखी इन पंक्तियों को देख शिखा मुस्कुरा रही थी_ "मन की आंखों पर विश्वास करो जीवन में यही आपको सही रास्ता दिखाता है."
| "शिखा तुम्हारे टैलेंट की दाद देता हूँ, मैनजमेंट और कस्टमर को कितनी आसानी से अपनी बातें समझा लेती हो." "थैंकयू सर.अब मैं चलूं...कुछ जरूरी रिपोर्ट भी मुझे तैयार करने हैं." "बैठो,इसी बात पर एक एक कॉफ़ी हो जाये..." "सर पी तो सकती थी पर एक अर्जेंट पेपर तैयार करना है..."शिखा अपने बॉस के वहसिपना को जानती थी.हर बार की तरह इस बार भी किसी तरह से अपने आप को बचा लिया था.आये दिन कोई ना कोई आफर बॉस शिखा को देता रहता.कभी पार्टी का बहाना तो कभी पिकनिक और कभी किसी प्रोजेक्ट के सिलसिले से बाहर जाना.आफिस से संबंधित जितनी भी ड्यूटी होती शिखा बखूबी निभाती पर जब बात बाहर जाने या मौज मस्तियों का हो तो घर परिवार का हवाला दे स्थितियों को टाल जाती. "श्रीमान ,आपको आपके दुराचार हेतु नौकरी से हटाया जा रहा है." उसी के ठीक सामने के दीवार पर लिखी इन पंक्तियों को देख शिखा मुस्कुरा रही थी_ "मन की आंखों पर विश्वास करो जीवन में यही आपको सही रास्ता दिखाता है." |
2023 का IPL शानदार मोड़ ले चुका है। अब बारी प्लेऑफ की है। प्लेऑफ की शुरुआत आज से शुरू हो रही है। प्लेऑफ में चार टीम में पहुँच चुकी है।
मौजूदा विजेता गुजरात टाइटल्स और चार बार की विजेता चेन्नई सुपर किंग्स के अलावा मुंबई इंडियंस और लखनऊ सुपर जाइंट्स की टीम में भी प्लेऑफ में पहुंच चुकी है। पहला क्वालिफाइड चेन्नई और गुजरात के बीच खेला जाना है।
इस मैच में दोनों टीमों के कुछ खिलाडी रिकॉर्ड बना सकते हैं। दोनों टीमों ने नरेंद्र मोदी स्टेडियम में आईपीएल दो हजार तेईस के शुरूआती मैच में हॉर्न बजाए थे जिसमें हार्दिक पांड्या की टीम धोनी की चेन्नई के खिलाफ घर में पाँच विकेट से जीती थी।
जबकि गुजरात मोहम्मद शमी और राशिद खान की मजबूत गेंदबाजी पर निर्भर होगी जो चौबीस विकेट लेकर सर्वाधिक विकेट लेने के मामले में टॉप पर है। चार बार की चैंपियन चेन्नई सुपर किंग को मंगलवार को मजबूत शुरुआत देने के लिए रुतुराज गायकवाड और ड्वेन कौन की अपनी सफल जोडी की तलाश होगी।
भारत के पूर्व क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग का मानना है कि गुजरात टाइटन के स्टार स्पिनर राशिद खान पर बहुत अधिक निर्भर होगी जो CSK के लिए खतरा बन सकते हैं।
| दो हज़ार तेईस का IPL शानदार मोड़ ले चुका है। अब बारी प्लेऑफ की है। प्लेऑफ की शुरुआत आज से शुरू हो रही है। प्लेऑफ में चार टीम में पहुँच चुकी है। मौजूदा विजेता गुजरात टाइटल्स और चार बार की विजेता चेन्नई सुपर किंग्स के अलावा मुंबई इंडियंस और लखनऊ सुपर जाइंट्स की टीम में भी प्लेऑफ में पहुंच चुकी है। पहला क्वालिफाइड चेन्नई और गुजरात के बीच खेला जाना है। इस मैच में दोनों टीमों के कुछ खिलाडी रिकॉर्ड बना सकते हैं। दोनों टीमों ने नरेंद्र मोदी स्टेडियम में आईपीएल दो हजार तेईस के शुरूआती मैच में हॉर्न बजाए थे जिसमें हार्दिक पांड्या की टीम धोनी की चेन्नई के खिलाफ घर में पाँच विकेट से जीती थी। जबकि गुजरात मोहम्मद शमी और राशिद खान की मजबूत गेंदबाजी पर निर्भर होगी जो चौबीस विकेट लेकर सर्वाधिक विकेट लेने के मामले में टॉप पर है। चार बार की चैंपियन चेन्नई सुपर किंग को मंगलवार को मजबूत शुरुआत देने के लिए रुतुराज गायकवाड और ड्वेन कौन की अपनी सफल जोडी की तलाश होगी। भारत के पूर्व क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग का मानना है कि गुजरात टाइटन के स्टार स्पिनर राशिद खान पर बहुत अधिक निर्भर होगी जो CSK के लिए खतरा बन सकते हैं। |
सुन कर सगरचक्रवर्ती बहुत हर्षित हुए। उन्होंने साढे बारा को स्वर्ण मुद्रा, यह समाचार लाने वाले उद्यान रक्षक के पुरस्कार और अजितनाथ भगवान के दर्शन करने के
चले । सहस्राम्र उद्यान के समीप पहुँच कर सगरचक्रवर्ती पाँच अभिगमन किये और भगवान की सेवा में उपस्थि होकर भगवान की वन्दना करके समवशरण में बैठे भगवान ने, अव भ्रमण रूपी व्याधि का नाश करनेवाली औष के समान उपदेश सुनाया, जिससे सहस्रों नर तारी ने बो पाकर, भगवान से संयम स्त्रीकार किया। फिर भगवान, सहम्मम्र वन से विहार कर गये ।
एक समय, जिनेश्वर अजितनाथ कौशाम्बी नगरी के समीप पधारे। वहाँ एक ब्राह्मण ने भगवान से पूछाः -प्रभो यह ऐसे कैसे ? भगवान ने उत्तर दिया, यह सब सम्यक्त्व की सहिमा है । उस समय वहाँ उपस्थित भगवान के प्रधान गणधर सिंहसेन मुनि यद्यपि सर्वाक्षर सन्निवती होने के कारण, ज्ञान द्वारा इस गूढ़ प्रश्नोत्तर को जान गये थे, फिर भी, भव्य जीवों के कल्याणार्थ उन्होंने भगवान से पूछा स्वामिन, इस ब्राह्मण ने क्या क्या उत्तर दिया ? स्पष्ट कहने की कृपा करें । भगवान फर्माने लगे, कि इस नगरी के निकट, एक शालिग्राम नाम का गाँव हैं। वहाँ, दामोदर नाम का एक ब्राह्मण रहता था । दम की स्त्री का नाम मोमा था। इनके
शुद्धभट्ट नाम का पुत्र था, जिसका विवाह सुलक्षणा नाम की स्त्री के साथ हुआ था । शुद्धभट्ट और सुलक्षणा आनन्द से सांसारिक भोग भोगने लगे। थोडे समय में दामोदर और मैं उसकी पत्नी सोमा, परलोकवासी हुए । शुद्धभट्ट, माता-पिता ऐ विहीन होने के थोडे. ही समय पश्चात्, धन वैभव से भी होन के हो गया । पत्नी सहित शुद्धमट्ट, दरिद्रावस्था भोगने लगे।
दरिद्रता के कप से दुःखित होकर, लज्जावश शुद्धभट्ट अपनी पत्नी से बिना कुछ कहे ही विदेश चला गया। सुलक्षणा, दरिद्रता के साथ ही पति वियोग के दुःख से दुःखित रहने लगी । उन्हीं दिनों में वर्षा काल एक स्थान पर व्यतीत करने के अभिप्राय से विपुला नाम की एक आर्यिका, सुलक्षणा ।। के यहाँ आई सुलक्षणा ने विपुलासाध्वी जी की से नियमित रूप में सेवा करने लगी। साध्वी जी का उपदेश सुनकर और धर्म की श्रेष्ठता जानकर सुलक्षणा नें, विपुला : साध्वी से ग्रहण करने के साथ ही, श्रावक
व्रत भी स्वीकार किये ।
वर्षाकाल समाप्त होने पर, साध्वीजी चली गई, परन्तु गुलक्षणा धर्मश्रद्धा पर दृढ रही और श्रावकव्रत का पालन फाती रही। धर्म सेवा में लीन रहते हुए उसने, दारिद्रय एवं पतिवियोग के कष्टों की भी कुछ पर्वा न की।
सुलक्षणा का पति शुद्धभट्ट, विदेश से द्रव्योपार्जन करके घर लौटा । घर लौटकर उसने सुलक्षणा से कहा, कि हे से प्रिये, मैं जब यहाँ था. तब तो तुम मेरा किंचित भी वियोग नहीं सह सकती थीं, फिर तुमने मेरे वियोग का इतना लम्बा समय कैसे निकाला ? सुलक्षणा ने उत्तर दिया, प्राणनाथ, मैं
के वियोग से उसी प्रकार व्याकुल थी, जिस प्रकार जल के वियोग से मछली व्याकुल रहती है, लेकिन एक साध्वीजी यहाँ पधारी थीं और उन्होंने अपने ही गृह में चातुर्मास विताया था । मैंने उनका उपदेश सुना । उनके दिये हुए धर्मोपदेश से मुझे बहुत शान्ति मिली और मैं आपके वियोग का दुःख धैर्य. पूर्वक सहन करने में समर्थ हो सकी। मैंने उनसे सभ्यन्वत्त्व 'सहित श्रावक के द्वादश व्रत भी स्वीकार किये । इनके आराधन में ही मैं इतना समय बिताने में समर्थ हो सकी। शुद्धभट्ट ने पत्नी की बात सुनकर कहा हे क़्त्व किसे कहते हैं और उससे क्या लाभ होते हैं : सुलक्षणा हैं कहने लगी, हृदयेश्वर, सुदेव में देववुद्धि, सद्गुरु में गुरुबुद्धि और शुद्धधर्म में ही धर्मबुद्धि, सम्यन्नत्व के हैं। देव में
देवबुद्धि, कुगुरु में गुरुबुद्धि और
धर्मबुद्धि विपर्यय
भाव होने से मिथ्यात्व कहलाता है। सर्वज्ञ, रागादि दोष रहित | सुन कर सगरचक्रवर्ती बहुत हर्षित हुए। उन्होंने साढे बारा को स्वर्ण मुद्रा, यह समाचार लाने वाले उद्यान रक्षक के पुरस्कार और अजितनाथ भगवान के दर्शन करने के चले । सहस्राम्र उद्यान के समीप पहुँच कर सगरचक्रवर्ती पाँच अभिगमन किये और भगवान की सेवा में उपस्थि होकर भगवान की वन्दना करके समवशरण में बैठे भगवान ने, अव भ्रमण रूपी व्याधि का नाश करनेवाली औष के समान उपदेश सुनाया, जिससे सहस्रों नर तारी ने बो पाकर, भगवान से संयम स्त्रीकार किया। फिर भगवान, सहम्मम्र वन से विहार कर गये । एक समय, जिनेश्वर अजितनाथ कौशाम्बी नगरी के समीप पधारे। वहाँ एक ब्राह्मण ने भगवान से पूछाः -प्रभो यह ऐसे कैसे ? भगवान ने उत्तर दिया, यह सब सम्यक्त्व की सहिमा है । उस समय वहाँ उपस्थित भगवान के प्रधान गणधर सिंहसेन मुनि यद्यपि सर्वाक्षर सन्निवती होने के कारण, ज्ञान द्वारा इस गूढ़ प्रश्नोत्तर को जान गये थे, फिर भी, भव्य जीवों के कल्याणार्थ उन्होंने भगवान से पूछा स्वामिन, इस ब्राह्मण ने क्या क्या उत्तर दिया ? स्पष्ट कहने की कृपा करें । भगवान फर्माने लगे, कि इस नगरी के निकट, एक शालिग्राम नाम का गाँव हैं। वहाँ, दामोदर नाम का एक ब्राह्मण रहता था । दम की स्त्री का नाम मोमा था। इनके शुद्धभट्ट नाम का पुत्र था, जिसका विवाह सुलक्षणा नाम की स्त्री के साथ हुआ था । शुद्धभट्ट और सुलक्षणा आनन्द से सांसारिक भोग भोगने लगे। थोडे समय में दामोदर और मैं उसकी पत्नी सोमा, परलोकवासी हुए । शुद्धभट्ट, माता-पिता ऐ विहीन होने के थोडे. ही समय पश्चात्, धन वैभव से भी होन के हो गया । पत्नी सहित शुद्धमट्ट, दरिद्रावस्था भोगने लगे। दरिद्रता के कप से दुःखित होकर, लज्जावश शुद्धभट्ट अपनी पत्नी से बिना कुछ कहे ही विदेश चला गया। सुलक्षणा, दरिद्रता के साथ ही पति वियोग के दुःख से दुःखित रहने लगी । उन्हीं दिनों में वर्षा काल एक स्थान पर व्यतीत करने के अभिप्राय से विपुला नाम की एक आर्यिका, सुलक्षणा ।। के यहाँ आई सुलक्षणा ने विपुलासाध्वी जी की से नियमित रूप में सेवा करने लगी। साध्वी जी का उपदेश सुनकर और धर्म की श्रेष्ठता जानकर सुलक्षणा नें, विपुला : साध्वी से ग्रहण करने के साथ ही, श्रावक व्रत भी स्वीकार किये । वर्षाकाल समाप्त होने पर, साध्वीजी चली गई, परन्तु गुलक्षणा धर्मश्रद्धा पर दृढ रही और श्रावकव्रत का पालन फाती रही। धर्म सेवा में लीन रहते हुए उसने, दारिद्रय एवं पतिवियोग के कष्टों की भी कुछ पर्वा न की। सुलक्षणा का पति शुद्धभट्ट, विदेश से द्रव्योपार्जन करके घर लौटा । घर लौटकर उसने सुलक्षणा से कहा, कि हे से प्रिये, मैं जब यहाँ था. तब तो तुम मेरा किंचित भी वियोग नहीं सह सकती थीं, फिर तुमने मेरे वियोग का इतना लम्बा समय कैसे निकाला ? सुलक्षणा ने उत्तर दिया, प्राणनाथ, मैं के वियोग से उसी प्रकार व्याकुल थी, जिस प्रकार जल के वियोग से मछली व्याकुल रहती है, लेकिन एक साध्वीजी यहाँ पधारी थीं और उन्होंने अपने ही गृह में चातुर्मास विताया था । मैंने उनका उपदेश सुना । उनके दिये हुए धर्मोपदेश से मुझे बहुत शान्ति मिली और मैं आपके वियोग का दुःख धैर्य. पूर्वक सहन करने में समर्थ हो सकी। मैंने उनसे सभ्यन्वत्त्व 'सहित श्रावक के द्वादश व्रत भी स्वीकार किये । इनके आराधन में ही मैं इतना समय बिताने में समर्थ हो सकी। शुद्धभट्ट ने पत्नी की बात सुनकर कहा हे क़्त्व किसे कहते हैं और उससे क्या लाभ होते हैं : सुलक्षणा हैं कहने लगी, हृदयेश्वर, सुदेव में देववुद्धि, सद्गुरु में गुरुबुद्धि और शुद्धधर्म में ही धर्मबुद्धि, सम्यन्नत्व के हैं। देव में देवबुद्धि, कुगुरु में गुरुबुद्धि और धर्मबुद्धि विपर्यय भाव होने से मिथ्यात्व कहलाता है। सर्वज्ञ, रागादि दोष रहित |
4- मैथ्यू वेड (Matthew Wade)
इस लिस्ट में मैथ्यू वेड का नाम आना तो लाजमी है। सेमीफाइनल मुकाबले में पाकिस्तान के खिलाफ वेड ने एक ऐसी पारी खेली, जिसे शायद ही कभी भुलाया जा सके। असल में, पाकिस्तान के दिए 177 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी Australia Cricket Team 96 के स्कोर पर ही अपने 5 विकेट गंवा दिए थे।
तभी मैथ्यू वेड ने एक मैच जिताऊ पारी खेली। उन्होंने 6वें विकेट के लिए स्टोइनिस और वेड के बीच 81 रनों की साझेदारी हुई। जिसमें वेड ने सिर्फ 17 गेंदों पर 4 छक्के और 2 चौके की मदद से नाबाद 41 रन की पारी खेलकर टीम को एक असंभव दिखने वाली जीत तक पहुंचाया। इस पारी में उन्होंने 19वें ओवर की आखिरी 3 गेंदों पर छक्कों की हैट्रिक लगाते हुए जीत दिलाई थी। इसलिए वेड उन खिलाड़ियों में से एक हैं, जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया को ये ट्रॉफी जिताने में अहम योगदान दिया।
| चार- मैथ्यू वेड इस लिस्ट में मैथ्यू वेड का नाम आना तो लाजमी है। सेमीफाइनल मुकाबले में पाकिस्तान के खिलाफ वेड ने एक ऐसी पारी खेली, जिसे शायद ही कभी भुलाया जा सके। असल में, पाकिस्तान के दिए एक सौ सतहत्तर रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी Australia Cricket Team छियानवे के स्कोर पर ही अपने पाँच विकेट गंवा दिए थे। तभी मैथ्यू वेड ने एक मैच जिताऊ पारी खेली। उन्होंने छःवें विकेट के लिए स्टोइनिस और वेड के बीच इक्यासी रनों की साझेदारी हुई। जिसमें वेड ने सिर्फ सत्रह गेंदों पर चार छक्के और दो चौके की मदद से नाबाद इकतालीस रन की पारी खेलकर टीम को एक असंभव दिखने वाली जीत तक पहुंचाया। इस पारी में उन्होंने उन्नीसवें ओवर की आखिरी तीन गेंदों पर छक्कों की हैट्रिक लगाते हुए जीत दिलाई थी। इसलिए वेड उन खिलाड़ियों में से एक हैं, जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया को ये ट्रॉफी जिताने में अहम योगदान दिया। |
लंदन। तंबाकू, शराब, शीतल पेय और स्नैक्स जैसे उत्पादों पर कर लगाए जाने से गरीब परिवारों को सबसे अधिक फायदा होगा। इस संदर्भ में हालिया अध्ययन करने वाले अनुसंधानकर्ताओं के अनुसार, यह कई गंभीर बीमारियों की वृद्धि दर में कमी लाने में कारगर साबित हो सकता है।
वे इसे गैर-संक्रामक बीमारियों से निपटने में भी सहायक मान रहे हैं। उनका कहना है कि स्वास्थ्य के लिए हानिकारक उत्पादों के मूल्य में परिवर्तन से उनके उपभोग पर असर पड़ता है। उनके मुताबिक, यह असर सामाजिक आर्थिक स्थिति में अंतर की वजह से देखने को मिलता है।
अध्ययन के मुताबिक, करों में बढ़ोतरी का सर्वाधिक लाभ कम आय वाले लोगों में देखने को मिलता है, क्योंकि यह वर्ग दाम में परिवर्तन से सर्वाधिक प्रभावित होते हैं। इस अनुसंधान का प्रकाशन, 'द लैंसेट' जर्नल में किया गया है। (भाषा)
| लंदन। तंबाकू, शराब, शीतल पेय और स्नैक्स जैसे उत्पादों पर कर लगाए जाने से गरीब परिवारों को सबसे अधिक फायदा होगा। इस संदर्भ में हालिया अध्ययन करने वाले अनुसंधानकर्ताओं के अनुसार, यह कई गंभीर बीमारियों की वृद्धि दर में कमी लाने में कारगर साबित हो सकता है। वे इसे गैर-संक्रामक बीमारियों से निपटने में भी सहायक मान रहे हैं। उनका कहना है कि स्वास्थ्य के लिए हानिकारक उत्पादों के मूल्य में परिवर्तन से उनके उपभोग पर असर पड़ता है। उनके मुताबिक, यह असर सामाजिक आर्थिक स्थिति में अंतर की वजह से देखने को मिलता है। अध्ययन के मुताबिक, करों में बढ़ोतरी का सर्वाधिक लाभ कम आय वाले लोगों में देखने को मिलता है, क्योंकि यह वर्ग दाम में परिवर्तन से सर्वाधिक प्रभावित होते हैं। इस अनुसंधान का प्रकाशन, 'द लैंसेट' जर्नल में किया गया है। |
द्वारा यह तर्क दिया जाता था कि स्पेन उनका शत्रु है और डचों की समृद्धि उस काल में हुई जब स्पेन से युद्ध लड़ा जा रहा था तथा फ्रांस को वे अपना राष्ट्रीय मित्र समझते थे, स्पेन की बाहरी चौकियां डच ( अर्थात् जीलैड ) प्रदेश का सीमांत समानान्तर होने के कारण उसे निरन्तर भयभीत रहना पड़ता था । यह दल विधान को इन अर्थों में लेता था कि संघ में साधनों का वास्तविक एकत्रीकरण होना चाहिये तथा सयुक्त जल व स्थल सेनाओं पर कैप्टन जनरल का अधिकार होना चाहिये जिसके लिए सातों राज्य सानुपातिक रूप से अपना अपना योगदान दें। श्रमिक वर्गों और काश्विनवादी मंत्रियों ने इन विचारों का समर्थन किया। दूसरी ओर हालैंड के कुलीन व्यापारियों का यह मंतव्य था कि 1579 के संघ की ठीक व्याख्या की जाय और सातों प्रान्तों में से प्रत्येक को अपनी सेनाओं पर जो वह भर्ती करे, पूरा अधिकार होना चाहिये । इस प्रकार वहां उतनी ही सेनायें होंगी जितने स्वतंत्र राज्य, फिर स्टेट्स जनरल केवल मात्र राजदूतों की एक सभा होगी, कैप्टन जनरल एक स्थायी कार्यकर्ता नहीं होगा और केवल युद्ध के समय यह पद ग्रहण करेगा । चूंकि हॉलैंड का संघ की सेनाओं में आधे से अधिक भाग था, इस लियं स्टेट्स और भी अधिक दृढता से अपने निजी व्यय को नियमित करने और स्वयं भर्ती किये हुए लोगों पर नियंत्रण रखने के दावे पर अड़े हुए थे ।
हॉलेंड में जनमत
विदेशी नीति में भी हालँड अन्य प्रान्तों के विरुद्ध था । उसकी ऐसी धारणा थी कि अब फ्रांस एक महान सैनिक शक्ति थी और सम्भवतः वह स्पेन द्वारा रिक्त स्थानों में पैर जमाता जाये, इसलिए उससे मैत्री करना वांछनीय था किन्तु अत्याधिक निकट होना भी खतरनाक और दुखदायी हो सकता था । "गेलस एमिकस सेड नान विशस" (gallous amicus sed non vicious ) सघि संयुक्त प्रान्तों (या हालैंड ही ) के व्यापार की वृद्धि में विशेषरूप से लाभप्रद होगी और तानाशाही गणतन्त्र स्वतंत्रता से, जिस पर संघ आधारित था, बिल्कुल असंगत होगी। इन विचारों का विशेषकर व्यापारी वर्ग और सघ के अधिक उदार मत पर विशेष प्रभाव पड़ा । ऐसे मौलिक विचार - भेद इंगलैण्ड के इतिहास में भी पाये जाते हैं । हॉलैंड के वर्गरों (burghers ) में सब प्रकार के राजनैतिक अन्ध विश्वास थे, धार्मिक स्वतंत्रता के विचार, स्थायी सेना का भय और व्यापारिक विकास के लिये प्राथमिकता चाहे वह शान्ति से प्राप्त हो या युद्ध या युद्ध से जो बिल्कुल 18वीं शताब्दी के इंगलैंड के पुराने व्हिगों के सहश थे, जबकि उसी काल कं टोरियों में राजघराने के प्रति भक्ति के कारण, परम्परा या राजनैतिक सफलता में अभाव के
गेडेस कृत एडमिस्ट्रेशन आव जॉन डे विट खंड 63, एफ एफ । | द्वारा यह तर्क दिया जाता था कि स्पेन उनका शत्रु है और डचों की समृद्धि उस काल में हुई जब स्पेन से युद्ध लड़ा जा रहा था तथा फ्रांस को वे अपना राष्ट्रीय मित्र समझते थे, स्पेन की बाहरी चौकियां डच प्रदेश का सीमांत समानान्तर होने के कारण उसे निरन्तर भयभीत रहना पड़ता था । यह दल विधान को इन अर्थों में लेता था कि संघ में साधनों का वास्तविक एकत्रीकरण होना चाहिये तथा सयुक्त जल व स्थल सेनाओं पर कैप्टन जनरल का अधिकार होना चाहिये जिसके लिए सातों राज्य सानुपातिक रूप से अपना अपना योगदान दें। श्रमिक वर्गों और काश्विनवादी मंत्रियों ने इन विचारों का समर्थन किया। दूसरी ओर हालैंड के कुलीन व्यापारियों का यह मंतव्य था कि एक हज़ार पाँच सौ उन्यासी के संघ की ठीक व्याख्या की जाय और सातों प्रान्तों में से प्रत्येक को अपनी सेनाओं पर जो वह भर्ती करे, पूरा अधिकार होना चाहिये । इस प्रकार वहां उतनी ही सेनायें होंगी जितने स्वतंत्र राज्य, फिर स्टेट्स जनरल केवल मात्र राजदूतों की एक सभा होगी, कैप्टन जनरल एक स्थायी कार्यकर्ता नहीं होगा और केवल युद्ध के समय यह पद ग्रहण करेगा । चूंकि हॉलैंड का संघ की सेनाओं में आधे से अधिक भाग था, इस लियं स्टेट्स और भी अधिक दृढता से अपने निजी व्यय को नियमित करने और स्वयं भर्ती किये हुए लोगों पर नियंत्रण रखने के दावे पर अड़े हुए थे । हॉलेंड में जनमत विदेशी नीति में भी हालँड अन्य प्रान्तों के विरुद्ध था । उसकी ऐसी धारणा थी कि अब फ्रांस एक महान सैनिक शक्ति थी और सम्भवतः वह स्पेन द्वारा रिक्त स्थानों में पैर जमाता जाये, इसलिए उससे मैत्री करना वांछनीय था किन्तु अत्याधिक निकट होना भी खतरनाक और दुखदायी हो सकता था । "गेलस एमिकस सेड नान विशस" सघि संयुक्त प्रान्तों के व्यापार की वृद्धि में विशेषरूप से लाभप्रद होगी और तानाशाही गणतन्त्र स्वतंत्रता से, जिस पर संघ आधारित था, बिल्कुल असंगत होगी। इन विचारों का विशेषकर व्यापारी वर्ग और सघ के अधिक उदार मत पर विशेष प्रभाव पड़ा । ऐसे मौलिक विचार - भेद इंगलैण्ड के इतिहास में भी पाये जाते हैं । हॉलैंड के वर्गरों में सब प्रकार के राजनैतिक अन्ध विश्वास थे, धार्मिक स्वतंत्रता के विचार, स्थायी सेना का भय और व्यापारिक विकास के लिये प्राथमिकता चाहे वह शान्ति से प्राप्त हो या युद्ध या युद्ध से जो बिल्कुल अट्ठारहवीं शताब्दी के इंगलैंड के पुराने व्हिगों के सहश थे, जबकि उसी काल कं टोरियों में राजघराने के प्रति भक्ति के कारण, परम्परा या राजनैतिक सफलता में अभाव के गेडेस कृत एडमिस्ट्रेशन आव जॉन डे विट खंड तिरेसठ, एफ एफ । |
ANT vs GEN ECS Belgium, 2022 मैच डिटेल्सः
ANT vs GEN के बीच टूर्नामेंट का पहला क्वार्टर फाइनल मैच 9 सितंबर को Vrijbroek Cricket Ground, Mechelen, Belgium में खेला जाएगा। यह मैच 12:00 PM (IST) बजे शुरू होगा इस मैच का सीधा प्रसारण व अपडेट Fancode app और cricketaddictor. com पर उपलब्ध रहेगा।
ANT vs GEN ECS Belgium, 2022 मैच प्रीव्यूः
यह इस टूर्नामेंट का पहला क्वार्टर फाइनल मुकाबला है। ANT टीम ने अभी तक 8 मुकाबले खेले हैं जिसमें वह 5 मैच जीतने में कामयाब रही है और 10 अंकों के साथ बेहतर रन रेट होने की वजह से अंक तालिका में दूसरे स्थान पर है। शेरी बट,सदुल्लाह जबरखेल,शेरखान शेरज़ाद ने टीम के लिए अच्छा प्रदर्शन किया है इस मैच में भी टीम को उनसे अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है।
दूसरी ओर GEN टीम ने टूर्नामेंट में वापसी करते हुए 8 में से 5 मैच जीतकर 10 अंकों के साथ (ग्रुप बी) में अंक तालिका में तीसरे स्थान पर है। GEN टीम के तरफ से माजिद अली, महबूबुल्लाह रहमदजई, रेहान फैज का प्रदर्शन शानदार रहा है। इस मुकाबले में टीम को अपने बाकी खिलाड़ियों से भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। GEN टीम इस मैच में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी जीत की लय को बरकरार रखना चाहेगी।
ANT vs GEN ECS Belgium, 2022 मौसम रिपोर्टः
आसमान हल्के बादल छाए रहेंगे परंतु बारिश होने की संभावना नहीं है। तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है।
ANT vs GEN ECS Belgium, 2022 पिच रिपोर्टः
यह पिच बल्लेबाजों अनुकूल है शुरुआत में इस पिच पर तेज गेंदबाजों को काफी मदद प्राप्त होती है। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करना इस पिच पर सही निर्णय रहेगा।
पहली पारी का औसत स्कोरः
पहली पारी में बल्लेबाजी करना थोड़ा आसान नजर आया है यहां पर पहली पारी का औसत स्कोर 110 रन है।
लक्ष्य का पीछा करते हुए रिकार्डः
दूसरी पारी में बल्लेबाजी थोड़ी मुश्किल नजर आई है। इसीलिए यहां पर लक्ष्य का पीछा करते हुए 70 प्रतिशत मुकाबले जीते गए हैं।
संभावित एकादश ANT:
संभावित एकादश GEN:
ANT vs GEN ECS Belgium, 2022 ड्रीम टीम टॉप पिक्सः
ओमिद मलिक खेल; अभी तक इस टूर्नामेंट में GEN टीम की तरफ से सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं से 8 मैचों में 235 रन बना चुके हैं इस मैच में भी ये बल्ले से अच्छा योगदान कर सकते हैं।
फैसल खालिक; अभी तक इस टूर्नामेंट में ऑलराउंड प्रदर्शन करते हुए 7 मैचों में 112 रन बना चुके हैं और 3 विकेट लिए हैं इस मैच में यह ड्रीम टीम में एक अच्छा विकल्प रहेंगे।
महबूबुल्लाह रहमदजई; GEN टीम के प्रमुख गेंदबाज हैं अभी तक 7 मुकाबलों में 9 विकेट ले चुके हैं इस मैच में भी यह ड्रीम टीम में GEN टीम के तरफ से एक अच्छा विकल्प रहेंगे।
माजिद अली; GEN टीम के सबसे प्रमुख खिलाड़ी हैं अभी तक 6 मुकाबलों में 73 रन बनाए हैं और 2 विकेट लिए हैं इस मैच में भी यह अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं।
रेहान फैज; GEN टीम के प्रमुख ऑलराउंडर अभी तक 8 मुकाबलों में यह 99 रन बना चुके हैं और 14 विकेट लिए हैं इस मैच में यह ड्रीम टीम में कप्तान के तौर पर एक अच्छा विकल्प साबित हो सकते हैं।
शेरी बट; ANT टीम के कप्तान हैं और टीम के सबसे अनुभवी बल्लेबाज है यह 8 मैचों में 305 रन बना चुके हैं जिसमें इनका सर्वाधिक स्कोर 100 रन रहा है और 1 विकेट भी लिया है इस मैच में भी यह ड्रीम टीम में प्रमुख खिलाड़ी रहेंगे।
सदुल्लाह जबरखेल; ANT टीम के तरफ से इन्होंने शुरुआती 8 मुकाबलों में शानदार गेंदबाजी का प्रदर्शन करते हुए 11 विकेट लिए हैं इस मैच में भी यह अपनी गेंदबाजी से ड्रीम टीम में अच्छे अंक दिला सकते हैं।
शेरखान शेरज़ाद; इन्होंने अभी तक ऑलराउंड प्रदर्शन करते हुए 8 मैचों में 26 रन बनाए हैं और 13 विकेट लिए हैं इस मैच में ही यह बल्ले और गेंद दोनों से अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं।
तैयब अली; पिछले कुछ मुकाबलों में इन्होंने ANT टीम के तरफ से शानदार प्रदर्शन किया है अभी तक 8 मैचों में 38 रन बना चुके हैं और 9 विकेट भी दिए हैं इस मैच में गेंदबाजी सेक्शन से इन्हें ड्रीम टीम में शामिल किया जा सकता है।
ANT vs GEN ECS Belgium, 2022 कप्तान/उपकप्तान विकल्पः
ड्रीम 11 टीम 1:
ड्रीम 11 टीम 2:
ANT vs GEN ECS Belgium, 2022 विशेषज्ञ सलाहः
इस मैच में GEN टीम का पलड़ा थोड़ा भारी नजर आता है। रेहान फैज,सैफ रहमान ड्रीम टीम में कप्तान और उपकप्तान के तौर पर एक अच्छा विकल्प साबित हो सकते हैं।
ANT vs GEN ECS Belgium, 2022 संभावित विजेताः
GEN के मैच जीतने की संभावना ज्यादा है। वह इस मैच में ज्यादा मजबूत टीम नजर आ रही है।
| ANT vs GEN ECS Belgium, दो हज़ार बाईस मैच डिटेल्सः ANT vs GEN के बीच टूर्नामेंट का पहला क्वार्टर फाइनल मैच नौ सितंबर को Vrijbroek Cricket Ground, Mechelen, Belgium में खेला जाएगा। यह मैच बारह:शून्य PM बजे शुरू होगा इस मैच का सीधा प्रसारण व अपडेट Fancode app और cricketaddictor. com पर उपलब्ध रहेगा। ANT vs GEN ECS Belgium, दो हज़ार बाईस मैच प्रीव्यूः यह इस टूर्नामेंट का पहला क्वार्टर फाइनल मुकाबला है। ANT टीम ने अभी तक आठ मुकाबले खेले हैं जिसमें वह पाँच मैच जीतने में कामयाब रही है और दस अंकों के साथ बेहतर रन रेट होने की वजह से अंक तालिका में दूसरे स्थान पर है। शेरी बट,सदुल्लाह जबरखेल,शेरखान शेरज़ाद ने टीम के लिए अच्छा प्रदर्शन किया है इस मैच में भी टीम को उनसे अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। दूसरी ओर GEN टीम ने टूर्नामेंट में वापसी करते हुए आठ में से पाँच मैच जीतकर दस अंकों के साथ में अंक तालिका में तीसरे स्थान पर है। GEN टीम के तरफ से माजिद अली, महबूबुल्लाह रहमदजई, रेहान फैज का प्रदर्शन शानदार रहा है। इस मुकाबले में टीम को अपने बाकी खिलाड़ियों से भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। GEN टीम इस मैच में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी जीत की लय को बरकरार रखना चाहेगी। ANT vs GEN ECS Belgium, दो हज़ार बाईस मौसम रिपोर्टः आसमान हल्के बादल छाए रहेंगे परंतु बारिश होने की संभावना नहीं है। तापमान छब्बीस डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है। ANT vs GEN ECS Belgium, दो हज़ार बाईस पिच रिपोर्टः यह पिच बल्लेबाजों अनुकूल है शुरुआत में इस पिच पर तेज गेंदबाजों को काफी मदद प्राप्त होती है। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करना इस पिच पर सही निर्णय रहेगा। पहली पारी का औसत स्कोरः पहली पारी में बल्लेबाजी करना थोड़ा आसान नजर आया है यहां पर पहली पारी का औसत स्कोर एक सौ दस रन है। लक्ष्य का पीछा करते हुए रिकार्डः दूसरी पारी में बल्लेबाजी थोड़ी मुश्किल नजर आई है। इसीलिए यहां पर लक्ष्य का पीछा करते हुए सत्तर प्रतिशत मुकाबले जीते गए हैं। संभावित एकादश ANT: संभावित एकादश GEN: ANT vs GEN ECS Belgium, दो हज़ार बाईस ड्रीम टीम टॉप पिक्सः ओमिद मलिक खेल; अभी तक इस टूर्नामेंट में GEN टीम की तरफ से सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं से आठ मैचों में दो सौ पैंतीस रन बना चुके हैं इस मैच में भी ये बल्ले से अच्छा योगदान कर सकते हैं। फैसल खालिक; अभी तक इस टूर्नामेंट में ऑलराउंड प्रदर्शन करते हुए सात मैचों में एक सौ बारह रन बना चुके हैं और तीन विकेट लिए हैं इस मैच में यह ड्रीम टीम में एक अच्छा विकल्प रहेंगे। महबूबुल्लाह रहमदजई; GEN टीम के प्रमुख गेंदबाज हैं अभी तक सात मुकाबलों में नौ विकेट ले चुके हैं इस मैच में भी यह ड्रीम टीम में GEN टीम के तरफ से एक अच्छा विकल्प रहेंगे। माजिद अली; GEN टीम के सबसे प्रमुख खिलाड़ी हैं अभी तक छः मुकाबलों में तिहत्तर रन बनाए हैं और दो विकेट लिए हैं इस मैच में भी यह अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं। रेहान फैज; GEN टीम के प्रमुख ऑलराउंडर अभी तक आठ मुकाबलों में यह निन्यानवे रन बना चुके हैं और चौदह विकेट लिए हैं इस मैच में यह ड्रीम टीम में कप्तान के तौर पर एक अच्छा विकल्प साबित हो सकते हैं। शेरी बट; ANT टीम के कप्तान हैं और टीम के सबसे अनुभवी बल्लेबाज है यह आठ मैचों में तीन सौ पाँच रन बना चुके हैं जिसमें इनका सर्वाधिक स्कोर एक सौ रन रहा है और एक विकेट भी लिया है इस मैच में भी यह ड्रीम टीम में प्रमुख खिलाड़ी रहेंगे। सदुल्लाह जबरखेल; ANT टीम के तरफ से इन्होंने शुरुआती आठ मुकाबलों में शानदार गेंदबाजी का प्रदर्शन करते हुए ग्यारह विकेट लिए हैं इस मैच में भी यह अपनी गेंदबाजी से ड्रीम टीम में अच्छे अंक दिला सकते हैं। शेरखान शेरज़ाद; इन्होंने अभी तक ऑलराउंड प्रदर्शन करते हुए आठ मैचों में छब्बीस रन बनाए हैं और तेरह विकेट लिए हैं इस मैच में ही यह बल्ले और गेंद दोनों से अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं। तैयब अली; पिछले कुछ मुकाबलों में इन्होंने ANT टीम के तरफ से शानदार प्रदर्शन किया है अभी तक आठ मैचों में अड़तीस रन बना चुके हैं और नौ विकेट भी दिए हैं इस मैच में गेंदबाजी सेक्शन से इन्हें ड्रीम टीम में शामिल किया जा सकता है। ANT vs GEN ECS Belgium, दो हज़ार बाईस कप्तान/उपकप्तान विकल्पः ड्रीम ग्यारह टीम एक: ड्रीम ग्यारह टीम दो: ANT vs GEN ECS Belgium, दो हज़ार बाईस विशेषज्ञ सलाहः इस मैच में GEN टीम का पलड़ा थोड़ा भारी नजर आता है। रेहान फैज,सैफ रहमान ड्रीम टीम में कप्तान और उपकप्तान के तौर पर एक अच्छा विकल्प साबित हो सकते हैं। ANT vs GEN ECS Belgium, दो हज़ार बाईस संभावित विजेताः GEN के मैच जीतने की संभावना ज्यादा है। वह इस मैच में ज्यादा मजबूत टीम नजर आ रही है। |
यह उपक्रम :
भगवान श्री महावीर का २५वाँ निर्वाण शताब्दी समारोह भारत एव विश्व मे अत्यन्त उत्साहपूर्वक मनाया जा चुका है। इस आयोजन की अनेक उल्लेखनीय उपलब्धियो मे से एक उपलब्धि - समस्त जैन समाज द्वारा मान्य 'समणसुत्त' का प्रकाशन भी है। इसकी मूल प्रेरणा आचार्य सत विनोवा भावे द्वारा उद्भूत हुई - यह भी एक महत्वपूर्ण कडी है ।
यह सच है कि भगवान महावीर की वाणी मे भाज भी वह अद्भुत शक्ति-स्रोत छिपा है जिसके अनुशीलन-परिशीलन से भ्रान्त उद्भ्रान्त मानव- चेतना को शांति की अनुभूति होती है। दुर्बल आत्मा मे शक्ति का नव सचार होता है ।
भगवान की वाणी आगमो मे निवद्ध है। उनकी भाषा अर्धमागधी है, और वचन पुष्प विशाल आगम वाड्मय मे यत्र-तत्र विकीणं है। सामान्य जिज्ञासु के लिए यह सम्भव भी नहीं है और सुलभ भी नहीं है कि वह अगमो के गम्भीर क्षीर-सागर मे गोता लगाकर उस वाणी का रसास्वाद कर सके । अपनी अल्पज्ञता, व्यस्तता तथा आध्यात्मिक अक्षमता के कारण वह विवश है कि चाहते हुए भी आनन्द के उन अक्षय-निर्झर मे डूबकी नही लगा सकता। यह कितनी विचित्र और दयनीय स्थिति है मानव को कि सामने क्षोर-सागर लहरा रहा है, और वह उसकी एक-एक बूंद के लिए तरस रहा है, अमृत का कलश भरा है, और वह छटपटा रहा है उसकी एक बूंद के लिए .. अमृत पान नहीं कर पा रहा है ।
जिनवाणी के जिज्ञासु-पिपासु भव्यो की इस विवशता तथा दयनीयता का लनुभव आज बडी तीव्रता के साथ हो रहा है, किन्तु आज से लगभग चालीस | यह उपक्रम : भगवान श्री महावीर का पच्चीसवाँ निर्वाण शताब्दी समारोह भारत एव विश्व मे अत्यन्त उत्साहपूर्वक मनाया जा चुका है। इस आयोजन की अनेक उल्लेखनीय उपलब्धियो मे से एक उपलब्धि - समस्त जैन समाज द्वारा मान्य 'समणसुत्त' का प्रकाशन भी है। इसकी मूल प्रेरणा आचार्य सत विनोवा भावे द्वारा उद्भूत हुई - यह भी एक महत्वपूर्ण कडी है । यह सच है कि भगवान महावीर की वाणी मे भाज भी वह अद्भुत शक्ति-स्रोत छिपा है जिसके अनुशीलन-परिशीलन से भ्रान्त उद्भ्रान्त मानव- चेतना को शांति की अनुभूति होती है। दुर्बल आत्मा मे शक्ति का नव सचार होता है । भगवान की वाणी आगमो मे निवद्ध है। उनकी भाषा अर्धमागधी है, और वचन पुष्प विशाल आगम वाड्मय मे यत्र-तत्र विकीणं है। सामान्य जिज्ञासु के लिए यह सम्भव भी नहीं है और सुलभ भी नहीं है कि वह अगमो के गम्भीर क्षीर-सागर मे गोता लगाकर उस वाणी का रसास्वाद कर सके । अपनी अल्पज्ञता, व्यस्तता तथा आध्यात्मिक अक्षमता के कारण वह विवश है कि चाहते हुए भी आनन्द के उन अक्षय-निर्झर मे डूबकी नही लगा सकता। यह कितनी विचित्र और दयनीय स्थिति है मानव को कि सामने क्षोर-सागर लहरा रहा है, और वह उसकी एक-एक बूंद के लिए तरस रहा है, अमृत का कलश भरा है, और वह छटपटा रहा है उसकी एक बूंद के लिए .. अमृत पान नहीं कर पा रहा है । जिनवाणी के जिज्ञासु-पिपासु भव्यो की इस विवशता तथा दयनीयता का लनुभव आज बडी तीव्रता के साथ हो रहा है, किन्तु आज से लगभग चालीस |
इसी के साथ ही स्टुअर्ट ब्रॉड और क्रिस वोक्स कोरोना वायरस महामारी के बाद ट्रेनिंग शुरू करने वाले क्रिकेटर बन गए हैं। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि गेंदबाजों के बाद बल्लेबाज और विकेटकीपर भी 1 जून से मैदान पर व्यक्तिगत ट्रेनिंग शुरू कर पाएंगे।
इंग्लैंड की महिला टीम ने भी पुरुष टीम के गेंदबाजों का अनुसरण करते हुए एक हफ्ते के भीतर वापसी की उम्मीद जताई है। बता दें, इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड ने हाल ही में ऐलान किया था कि इंग्लैंड के 18 तेज गेंदबाजों को 21 मई से व्यक्तिगत ट्रेनिंग करने की इजाजत होगी। गेंदबाजों के बाद बल्लेबाज भी जल्द मैदान पर वापसी कर पाएंगे।
गौरतलब है कि इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड ने एक जुलाई तक देश में सभी तरह के पेशेवर क्रिकेट पर रोक लगा रखी है। हालांकि जुलाई के पहले सप्ताह में वेस्टइंडीज टीम के इंग्लैंड दौरे पर आने की उम्मीद है। वेस्टइंडीज और इंग्लैंड के बीच पहले ये सीरीज जून में शुरू होनी थी लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण इसे जुलाई तक के लिए स्थगित कर दिया गया। वहीं, अगस्त में पाकिस्तान की टीम इंग्लैंड के दौरे पर रवाना होगी जिसका ऐलान पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड पहले ही कर चुका है।
(With PTI inputs)
| इसी के साथ ही स्टुअर्ट ब्रॉड और क्रिस वोक्स कोरोना वायरस महामारी के बाद ट्रेनिंग शुरू करने वाले क्रिकेटर बन गए हैं। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि गेंदबाजों के बाद बल्लेबाज और विकेटकीपर भी एक जून से मैदान पर व्यक्तिगत ट्रेनिंग शुरू कर पाएंगे। इंग्लैंड की महिला टीम ने भी पुरुष टीम के गेंदबाजों का अनुसरण करते हुए एक हफ्ते के भीतर वापसी की उम्मीद जताई है। बता दें, इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड ने हाल ही में ऐलान किया था कि इंग्लैंड के अट्ठारह तेज गेंदबाजों को इक्कीस मई से व्यक्तिगत ट्रेनिंग करने की इजाजत होगी। गेंदबाजों के बाद बल्लेबाज भी जल्द मैदान पर वापसी कर पाएंगे। गौरतलब है कि इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड ने एक जुलाई तक देश में सभी तरह के पेशेवर क्रिकेट पर रोक लगा रखी है। हालांकि जुलाई के पहले सप्ताह में वेस्टइंडीज टीम के इंग्लैंड दौरे पर आने की उम्मीद है। वेस्टइंडीज और इंग्लैंड के बीच पहले ये सीरीज जून में शुरू होनी थी लेकिन कोविड-उन्नीस महामारी के कारण इसे जुलाई तक के लिए स्थगित कर दिया गया। वहीं, अगस्त में पाकिस्तान की टीम इंग्लैंड के दौरे पर रवाना होगी जिसका ऐलान पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड पहले ही कर चुका है। |
लखनऊः उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के भव्य स्वामी नित्यानंद ऑडिटोरियम में होम्यो-कॉन 2023 समारोह का आयोजन काफी भव्यता के साथ किया गया। इस अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यूपी की राजधानी लखनऊ के सुप्रसिद्ध और लोकप्रिय होम्योपैथी चिकित्सक डॉ. पीके शुक्ला को "उत्तरांचल आईकॉनिक अवार्ड" से नवाजा और साथ ही उनके होम्योपैथी जनसेवा में किए गए प्रयासों को पुरजोर तरीके से सराहा।
इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे भी उपस्थित थे जिन्होंने सभा में मौजूद सभी गणमान्य अतिथियों को डॉक्टर पीके शुक्ला द्वारा होम्योपैथी के चिकित्सा जगत में स्थापित किए गए कीर्तिमानों से अवगत कराया। होम्योकॉन 2023 में अनेक गणमान्य व्यक्ति जैसे- राम जी सिंह ( पूर्व अध्यक्ष, हमएआई) , डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय ( चिकित्सा सचिव, उत्तराखंड ) , डॉ. जेएल फिरमाल (निदेशक, डीएचएमएस उत्तराखंड), पार्श्व गायक शब्बीर कुमार व मोइज शेख इत्यादि मौजूद थे। डॉ. पीके शुक्ला ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि उनका जीवन सदैव से अपने मरीजों और उससे जुडे होम्योपैथी चिकित्सा सेवा कार्य को समर्पित रहा है और यही उनके लिये सबसे बड़ा प्रेरणासो्रत है। बता दें कि अभी कुछ ही दिन पूर्व एक ऐसे ही भव्य समारोह में महाराष्ट्र के नागपुर में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने स्वयं होम्योपैथी चिकित्सा की प्रशंसा करते हुए डॉ. पीके शुक्ला को विशेष तौर पर सम्मानित किया था। उस दौरान बॉलीवुड के प्रमुख सीनियर कलाकारों में असरानी व आशा पारिख सहित कई अन्य वरिष्ठजन मौजूद रहें।
| लखनऊः उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के भव्य स्वामी नित्यानंद ऑडिटोरियम में होम्यो-कॉन दो हज़ार तेईस समारोह का आयोजन काफी भव्यता के साथ किया गया। इस अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यूपी की राजधानी लखनऊ के सुप्रसिद्ध और लोकप्रिय होम्योपैथी चिकित्सक डॉ. पीके शुक्ला को "उत्तरांचल आईकॉनिक अवार्ड" से नवाजा और साथ ही उनके होम्योपैथी जनसेवा में किए गए प्रयासों को पुरजोर तरीके से सराहा। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे भी उपस्थित थे जिन्होंने सभा में मौजूद सभी गणमान्य अतिथियों को डॉक्टर पीके शुक्ला द्वारा होम्योपैथी के चिकित्सा जगत में स्थापित किए गए कीर्तिमानों से अवगत कराया। होम्योकॉन दो हज़ार तेईस में अनेक गणमान्य व्यक्ति जैसे- राम जी सिंह , डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय , डॉ. जेएल फिरमाल , पार्श्व गायक शब्बीर कुमार व मोइज शेख इत्यादि मौजूद थे। डॉ. पीके शुक्ला ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि उनका जीवन सदैव से अपने मरीजों और उससे जुडे होम्योपैथी चिकित्सा सेवा कार्य को समर्पित रहा है और यही उनके लिये सबसे बड़ा प्रेरणासो्रत है। बता दें कि अभी कुछ ही दिन पूर्व एक ऐसे ही भव्य समारोह में महाराष्ट्र के नागपुर में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने स्वयं होम्योपैथी चिकित्सा की प्रशंसा करते हुए डॉ. पीके शुक्ला को विशेष तौर पर सम्मानित किया था। उस दौरान बॉलीवुड के प्रमुख सीनियर कलाकारों में असरानी व आशा पारिख सहित कई अन्य वरिष्ठजन मौजूद रहें। |
अरविंद मिश्रा, बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार स्थित अल्ट्राटेक सिमेंट फैक्ट्री (Ultratech Cement Factory) में एक कर्मचारी की मौत हो गई है. मौत के बाद फैक्ट्री में हड़कंप मच गया है. फिलहाल मौत के कारणों की जानकारी नहीं मिली है.
मिली जानकारी के मुताबिक मृतक का नाम सीताराम साहू है, जिसकी उम्र करीब 55 साल है. घटना की सूचना पर सुहेला पुलिस मौके पर पहुंची. जांच में जुटी हुई है. बताया जा रहा है कि अचानक हार्ट अटैक आने के कारण मौत बताई जा रही है. फिलहाल पोस्ट मार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही खुलासा हो पाएगा.
पुलिस ने कर्मचारी की लाश को जिला चिकित्सालय में पोस्ट मार्टम के लिए भेजा है. मृतक के परिजन उचित मुआवजा राशि और नौकरी देने की मांग कर रहे हैं.
| अरविंद मिश्रा, बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार स्थित अल्ट्राटेक सिमेंट फैक्ट्री में एक कर्मचारी की मौत हो गई है. मौत के बाद फैक्ट्री में हड़कंप मच गया है. फिलहाल मौत के कारणों की जानकारी नहीं मिली है. मिली जानकारी के मुताबिक मृतक का नाम सीताराम साहू है, जिसकी उम्र करीब पचपन साल है. घटना की सूचना पर सुहेला पुलिस मौके पर पहुंची. जांच में जुटी हुई है. बताया जा रहा है कि अचानक हार्ट अटैक आने के कारण मौत बताई जा रही है. फिलहाल पोस्ट मार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही खुलासा हो पाएगा. पुलिस ने कर्मचारी की लाश को जिला चिकित्सालय में पोस्ट मार्टम के लिए भेजा है. मृतक के परिजन उचित मुआवजा राशि और नौकरी देने की मांग कर रहे हैं. |
नागपुर : मुंबई में 12 मार्च, 1993 को हुए बम विस्फोटों के लिए दोषी ठहराए गए याकूब मेमन को 30 जुलाई को फांसी दी जाएगी। एक अधिकारी ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर बताया कि राष्ट्रपति ने अप्रैल महीने में उसकी दया याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद उसे फांसी दी जानी है। उसे नागपुर केंद्रीय कारा में फांसी दी जाएगी, जहां इस समय उसे रखा गया है।
पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट मेनन (53) ने सर्वोच्च न्यायालय में दूसरी बार पुनर्विचार याचिका दाखिल की है, जिसकी सुनवाई 21 जुलाई को हो सकती है। लेकिन राज्य सरकार सप्ताह की शुरुआत में जारी वारंट के बाद से ही उसे फांसी दिए जाने की तैयारी कर रही है।
मेनन (53) को मुंबई की विशेष टाडा अदालत ने 27 जुलाई 2007 में दोषी ठहराया था। उस पर मुंबई में 13 सिलसिलेवार बम विस्फोटों को अंजाम देने वालों को वित्तीय सहायता मुहैया कराने सहित कई आरोप साबित हुए थे। 12 मार्च 1993 को किए गए विस्फोटों में 257 लोगों की जान चली गई थी, जबकि 700 से अधिक घायल हुए थे।
मेनन ने निचली अदालत के फैसले को बम्बई उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी थी, लेकिन यहां भी उसे निराशा हाथ लगी। बाद में उसने राष्ट्रपति के पास दया याचिका दायर की, जिसे खारिज कर दिया गया। इसके बाद उसने सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर की थी। यहां से उसे राहत नहीं मिली, जिसके बाद उसने न्यायालय में दूसरी बार पुनर्विचार याचिका दायर की है। वह मामले के मुख्य अभियुक्त टाइगर मेनन का भाई है, जो फिलहाल फरार है।
मामले में बचाव पक्ष के पूर्व वकील और आपराधिक मामलों के वरिष्ठ वकील माजिद मेनन ने सर्वोच्च न्यायालय में दायर की गई दूसरी पुनर्विचार याचिका पर फैसला आने से पहले ही मामले में राज्य सरकार की ओर से की जा रही जल्दबाजी पर सवाल उठाए हैं।
| नागपुर : मुंबई में बारह मार्च, एक हज़ार नौ सौ तिरानवे को हुए बम विस्फोटों के लिए दोषी ठहराए गए याकूब मेमन को तीस जुलाई को फांसी दी जाएगी। एक अधिकारी ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर बताया कि राष्ट्रपति ने अप्रैल महीने में उसकी दया याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद उसे फांसी दी जानी है। उसे नागपुर केंद्रीय कारा में फांसी दी जाएगी, जहां इस समय उसे रखा गया है। पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट मेनन ने सर्वोच्च न्यायालय में दूसरी बार पुनर्विचार याचिका दाखिल की है, जिसकी सुनवाई इक्कीस जुलाई को हो सकती है। लेकिन राज्य सरकार सप्ताह की शुरुआत में जारी वारंट के बाद से ही उसे फांसी दिए जाने की तैयारी कर रही है। मेनन को मुंबई की विशेष टाडा अदालत ने सत्ताईस जुलाई दो हज़ार सात में दोषी ठहराया था। उस पर मुंबई में तेरह सिलसिलेवार बम विस्फोटों को अंजाम देने वालों को वित्तीय सहायता मुहैया कराने सहित कई आरोप साबित हुए थे। बारह मार्च एक हज़ार नौ सौ तिरानवे को किए गए विस्फोटों में दो सौ सत्तावन लोगों की जान चली गई थी, जबकि सात सौ से अधिक घायल हुए थे। मेनन ने निचली अदालत के फैसले को बम्बई उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी थी, लेकिन यहां भी उसे निराशा हाथ लगी। बाद में उसने राष्ट्रपति के पास दया याचिका दायर की, जिसे खारिज कर दिया गया। इसके बाद उसने सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर की थी। यहां से उसे राहत नहीं मिली, जिसके बाद उसने न्यायालय में दूसरी बार पुनर्विचार याचिका दायर की है। वह मामले के मुख्य अभियुक्त टाइगर मेनन का भाई है, जो फिलहाल फरार है। मामले में बचाव पक्ष के पूर्व वकील और आपराधिक मामलों के वरिष्ठ वकील माजिद मेनन ने सर्वोच्च न्यायालय में दायर की गई दूसरी पुनर्विचार याचिका पर फैसला आने से पहले ही मामले में राज्य सरकार की ओर से की जा रही जल्दबाजी पर सवाल उठाए हैं। |
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. रणबीर सिंह ने मतदाता सूची के प्रति युवाओं में जागरूकता बढ़ाने के लिए आज जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में तीन विशेष स्टाल्स का उद्घाटन किया। इन स्टाल पर आम मतदाता सूची में नाम खोज सकता है, मतदाता पहचान पत्र के लिए नामांकन कर सकेंगे।
केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने वीरवार को कहा कि पिछले छह सालों में हुनर हाट मंच के जरिए 7. 50 लाख से अधिक दस्तकार, शिल्पकारों और उनके साथ काम करने वालों को रोजगार और स्वरोजगार के मौके प्रदान किए गए हैं। उन्होंने दावा कि उनमें से 50 प्रतिशत से ज्यादा महिला दस्तकार हैं. .
| दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. रणबीर सिंह ने मतदाता सूची के प्रति युवाओं में जागरूकता बढ़ाने के लिए आज जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में तीन विशेष स्टाल्स का उद्घाटन किया। इन स्टाल पर आम मतदाता सूची में नाम खोज सकता है, मतदाता पहचान पत्र के लिए नामांकन कर सकेंगे। केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने वीरवार को कहा कि पिछले छह सालों में हुनर हाट मंच के जरिए सात. पचास लाख से अधिक दस्तकार, शिल्पकारों और उनके साथ काम करने वालों को रोजगार और स्वरोजगार के मौके प्रदान किए गए हैं। उन्होंने दावा कि उनमें से पचास प्रतिशत से ज्यादा महिला दस्तकार हैं. . |
- #ईरानSCO का नया सदस्य बना ईरान, पुतिन ने अमेरिका सुनाया. . जानिए एससीओ शिखर सम्मेलन में क्या हुआ?
स्ट्रासबर्ग, 5 अक्टूबरः अबीर अल सहलानी नाम की एक यूरोपीय सांसद ने ईरान में महसा अमिनी की मौत के बाद चल रहे विरोध के बीच महिलाओं के साथ एकजुटता व्यक्त करने के लिए संसद में बहस के दौरान अपने बाल काट दिए। फ्रांस के एक प्रमुख नगर स्ट्रासबर्ग में यूरोपीय संघ की बहस को संबोधित करते हुए, स्वीडिश राजनेता अबीर अल सहलानी ने कहा, "हम, यूरोपीय संघ के लोग और नागरिक, ईरान में पुरुषों और महिलाओं के खिलाफ सभी हिंसा को बिना शर्त और तत्काल रोकने की मांग करते हैं। "
अबीर अल सहलानी ने कहा, "अब बहुत हुआ। बहुत हो चुकीं प्रेस विज्ञप्तियां, बहुत बड़ाबड़ा लिया, अब बोलने का वक्त नहीं, काम करने का वक्त है। ईरान में मुल्लाओं के शासन के हाथ खून से सने हुए हैं। मानवता के खिलाफ अपराध जो कि आप अपने ही लोगों के खिलाफ कर रहे हैं, आपके कृत्य के लिए न तो इतिहास और न ही सर्वशक्तिमान ईश्वर आपको माफ करेंगे। " ट्विटर हैंडल पर पोस्ट किए गए एक वीडियो के में, यूरोपीय सांसद के कैंची से अपने बाल काटते हुए दिखाई देती हैं।
सहलानी ने कहा, "जब तक ईरान की महिलाएं स्वतंत्र नहीं हैं, हम आपके साथ खड़े रहेंगे। अबीर अल-सहलानी ने कहा कि ईरान की महिलाओं ने तीन सप्ताह तक लगातार साहस दिखाया है। वे अपने जीवन के साथ स्वतंत्रता के लिए अंतिम कीमत चुका रहे हैं। नॉर्वे स्थित समूह ईरान ह्यूमन राइट्स एनजीओ के अनुसार, महसा अमिनी की मौत पर देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों में 100 से अधिक लोग मारे गए हैं। ईरानी स्कूली छात्राओं और महिलाओं ने अमिनी की मौत के विरोध में अपने हिजाब को हटाकर और रैलियों का आयोजन करके बड़ी संख्या में प्रदर्शन किया है। कई महिलाओं ने सरकार विरोधी नारे लगाते हुए अपने बाल भी कटवा लिए हैं।
ईरान में महिलाओं के लिए लागू सख्त ड्रेस कोड का कथित रूप से उल्लंघन करने के आरोप में बीते माह 13 सितंबर को तेहरान देश की मोरल पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद 22 वर्षीय अमिनी की हिरासत में मौत हो गई थी। अधिकारियों के अनुसार, बाद में एक निरोध केंद्र में गिरने के तुरंत बाद वह कोमा में चली गई और तीन दिन बाद दिल का दौरा पड़ने से उसकी मृत्यु हो गई। उनकी मृत्यु के बाद से, हजारों लोग पूरे देश में सरकार विरोधी प्रदर्शनों में शामिल हुए हैं।
बीते सोमवार को पहली बार ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला सैय्यद अली खामेनेई ने चुप्पी तोड़ते हुए देश में चल रहे विरोध के लिए अमेरिका को दोषी ठहराया था। ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई ने कहा कि, महसा अमिनी की मौत से उनका "दिल टूट गया" है। हालांकि, उन्होंने ईरान को अस्थिर करने के लिए एक विदेशी साजिश के रूप में विरोध प्रदर्शनों की तीखी निंदा की। ईरानी सर्वोच्च नेता ने ईरानी लड़कियों को हिजाब जलाने, स्कार्फ को फाड़ने और पुलिस की कारों में आग लगाने की घटना को असामान्य और अप्राकृति करार दिया है।
Den visar att ilskan är starkare än förtryckarens makt.
Irans kvinnor har fått nog.
| - #ईरानSCO का नया सदस्य बना ईरान, पुतिन ने अमेरिका सुनाया. . जानिए एससीओ शिखर सम्मेलन में क्या हुआ? स्ट्रासबर्ग, पाँच अक्टूबरः अबीर अल सहलानी नाम की एक यूरोपीय सांसद ने ईरान में महसा अमिनी की मौत के बाद चल रहे विरोध के बीच महिलाओं के साथ एकजुटता व्यक्त करने के लिए संसद में बहस के दौरान अपने बाल काट दिए। फ्रांस के एक प्रमुख नगर स्ट्रासबर्ग में यूरोपीय संघ की बहस को संबोधित करते हुए, स्वीडिश राजनेता अबीर अल सहलानी ने कहा, "हम, यूरोपीय संघ के लोग और नागरिक, ईरान में पुरुषों और महिलाओं के खिलाफ सभी हिंसा को बिना शर्त और तत्काल रोकने की मांग करते हैं। " अबीर अल सहलानी ने कहा, "अब बहुत हुआ। बहुत हो चुकीं प्रेस विज्ञप्तियां, बहुत बड़ाबड़ा लिया, अब बोलने का वक्त नहीं, काम करने का वक्त है। ईरान में मुल्लाओं के शासन के हाथ खून से सने हुए हैं। मानवता के खिलाफ अपराध जो कि आप अपने ही लोगों के खिलाफ कर रहे हैं, आपके कृत्य के लिए न तो इतिहास और न ही सर्वशक्तिमान ईश्वर आपको माफ करेंगे। " ट्विटर हैंडल पर पोस्ट किए गए एक वीडियो के में, यूरोपीय सांसद के कैंची से अपने बाल काटते हुए दिखाई देती हैं। सहलानी ने कहा, "जब तक ईरान की महिलाएं स्वतंत्र नहीं हैं, हम आपके साथ खड़े रहेंगे। अबीर अल-सहलानी ने कहा कि ईरान की महिलाओं ने तीन सप्ताह तक लगातार साहस दिखाया है। वे अपने जीवन के साथ स्वतंत्रता के लिए अंतिम कीमत चुका रहे हैं। नॉर्वे स्थित समूह ईरान ह्यूमन राइट्स एनजीओ के अनुसार, महसा अमिनी की मौत पर देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों में एक सौ से अधिक लोग मारे गए हैं। ईरानी स्कूली छात्राओं और महिलाओं ने अमिनी की मौत के विरोध में अपने हिजाब को हटाकर और रैलियों का आयोजन करके बड़ी संख्या में प्रदर्शन किया है। कई महिलाओं ने सरकार विरोधी नारे लगाते हुए अपने बाल भी कटवा लिए हैं। ईरान में महिलाओं के लिए लागू सख्त ड्रेस कोड का कथित रूप से उल्लंघन करने के आरोप में बीते माह तेरह सितंबर को तेहरान देश की मोरल पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद बाईस वर्षीय अमिनी की हिरासत में मौत हो गई थी। अधिकारियों के अनुसार, बाद में एक निरोध केंद्र में गिरने के तुरंत बाद वह कोमा में चली गई और तीन दिन बाद दिल का दौरा पड़ने से उसकी मृत्यु हो गई। उनकी मृत्यु के बाद से, हजारों लोग पूरे देश में सरकार विरोधी प्रदर्शनों में शामिल हुए हैं। बीते सोमवार को पहली बार ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला सैय्यद अली खामेनेई ने चुप्पी तोड़ते हुए देश में चल रहे विरोध के लिए अमेरिका को दोषी ठहराया था। ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई ने कहा कि, महसा अमिनी की मौत से उनका "दिल टूट गया" है। हालांकि, उन्होंने ईरान को अस्थिर करने के लिए एक विदेशी साजिश के रूप में विरोध प्रदर्शनों की तीखी निंदा की। ईरानी सर्वोच्च नेता ने ईरानी लड़कियों को हिजाब जलाने, स्कार्फ को फाड़ने और पुलिस की कारों में आग लगाने की घटना को असामान्य और अप्राकृति करार दिया है। Den visar att ilskan är starkare än förtryckarens makt. Irans kvinnor har fått nog. |
दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए इस वत्त वोटिंग जारी है। 11 फरवरी को यह तय हो जाएगा की दिल्ली की सत्ता किसके हाथ में होगी। लेकिन इस बीच पार्टियों के बीच घमासान जारी है। दरअसल, महिलाओं को पुरुषों से चर्चा कर वोट देने की बत पर दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी में जुबानी जंग तेज हो गई है। ईरानी ने पलटवार के अब अरविंद केजरीवाल ने भी उन्हें जवाब देते हुए कहा कि पूरे घर का वोट इसबार महिलाओं ने ही तय किया है।
अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट करते हुए लिखा कि, स्मृति जी, दिल्ली की महिलाओं ने किसे वोट देना है ये तय कर लिया है। और पूरी दिल्ली में इस बार अपने परिवार का वोट महिलाओं ने ही तय किया है। आखिर घर तो उन्हें ही चलाना होता है।
इसी पर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने लिखा था कि, आप क्या महिलाओं को इतना सक्षम नहीं समझते की वे स्वयं निर्धारित कर सके किसे वोट देना है ? इसके साथ ही उन्होंने महिलाविरोधीकेजरीवाल का हैशटैग का इस्तेमाल किया था।
| दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए इस वत्त वोटिंग जारी है। ग्यारह फरवरी को यह तय हो जाएगा की दिल्ली की सत्ता किसके हाथ में होगी। लेकिन इस बीच पार्टियों के बीच घमासान जारी है। दरअसल, महिलाओं को पुरुषों से चर्चा कर वोट देने की बत पर दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी में जुबानी जंग तेज हो गई है। ईरानी ने पलटवार के अब अरविंद केजरीवाल ने भी उन्हें जवाब देते हुए कहा कि पूरे घर का वोट इसबार महिलाओं ने ही तय किया है। अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट करते हुए लिखा कि, स्मृति जी, दिल्ली की महिलाओं ने किसे वोट देना है ये तय कर लिया है। और पूरी दिल्ली में इस बार अपने परिवार का वोट महिलाओं ने ही तय किया है। आखिर घर तो उन्हें ही चलाना होता है। इसी पर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने लिखा था कि, आप क्या महिलाओं को इतना सक्षम नहीं समझते की वे स्वयं निर्धारित कर सके किसे वोट देना है ? इसके साथ ही उन्होंने महिलाविरोधीकेजरीवाल का हैशटैग का इस्तेमाल किया था। |
फिल्म ड्रीम गर्ल की धमाकेदार कामयाबी के बाद कंटेंट क्वीन एकता कपूर ने अपनी अगली फिल्म के लिए दिशा पटानी को साइन कर लिया है। इस फिल्म में दिशा एक छोटे शहर की पंजाबी लड़की का किरदार निभाती हुए नज़र आएंगी। यह पहली बार होगा जब एकता कपूर और दिशा पटानी एक साथ काम कर रहे है। फिल्म की कहानी ड्रीमगर्ल के निर्देशक राज शांडिल्य ने लिखी है और इसे निर्देशित करेंगी आशिमा छिब्बर।
फिल्म के बारे में अभी एकता ज्यादा कुछ बताने को तैयार नहीं हैं और फिल्म की कहानी और बाकी कास्ट को भी अभी परदे के पीछे ही रखा गया है। फ़िल्म में दिशा पटानी एक छोटे शहर से पंजाबी किरदार निभाती हुई नजर आएंगी और बताया जा रहा है कि वह फिल्म में टाइटल रोल करती दिखेंगी। दिशा पटानी के करियर की ये पहली सोलो लीड फिल्म होगी और इसके चलते वह काफी खुश हैं।
ड्रीम गर्ल के बाद अपनी अगली फिल्म के लिए एकता ने एक अतरंगी कहानी चुनी है। इस कहानी में दिशा के लीड रोल के बारे में एकता कपूर कहती हैं,"दिशा का युवाओं के साथ एक मजबूत जुड़ाव है, साथ ही इस किरदार के लिए मैं किसी ओर के बारे में नहीं सोच सकती। ये ऐसा किरदार है जिसमें चरित्रों का विरोधाभास है। एक तरफ तो ये लड़की बिल्कुल वाइल्ड हो जाती है तो दूसरी तरफ मासूम और क्रेजी भी है। इस समझदारी भरे किरदार कोदिशा का अंदाज़ एक अलग स्तर तक ले जाता है। "
| फिल्म ड्रीम गर्ल की धमाकेदार कामयाबी के बाद कंटेंट क्वीन एकता कपूर ने अपनी अगली फिल्म के लिए दिशा पटानी को साइन कर लिया है। इस फिल्म में दिशा एक छोटे शहर की पंजाबी लड़की का किरदार निभाती हुए नज़र आएंगी। यह पहली बार होगा जब एकता कपूर और दिशा पटानी एक साथ काम कर रहे है। फिल्म की कहानी ड्रीमगर्ल के निर्देशक राज शांडिल्य ने लिखी है और इसे निर्देशित करेंगी आशिमा छिब्बर। फिल्म के बारे में अभी एकता ज्यादा कुछ बताने को तैयार नहीं हैं और फिल्म की कहानी और बाकी कास्ट को भी अभी परदे के पीछे ही रखा गया है। फ़िल्म में दिशा पटानी एक छोटे शहर से पंजाबी किरदार निभाती हुई नजर आएंगी और बताया जा रहा है कि वह फिल्म में टाइटल रोल करती दिखेंगी। दिशा पटानी के करियर की ये पहली सोलो लीड फिल्म होगी और इसके चलते वह काफी खुश हैं। ड्रीम गर्ल के बाद अपनी अगली फिल्म के लिए एकता ने एक अतरंगी कहानी चुनी है। इस कहानी में दिशा के लीड रोल के बारे में एकता कपूर कहती हैं,"दिशा का युवाओं के साथ एक मजबूत जुड़ाव है, साथ ही इस किरदार के लिए मैं किसी ओर के बारे में नहीं सोच सकती। ये ऐसा किरदार है जिसमें चरित्रों का विरोधाभास है। एक तरफ तो ये लड़की बिल्कुल वाइल्ड हो जाती है तो दूसरी तरफ मासूम और क्रेजी भी है। इस समझदारी भरे किरदार कोदिशा का अंदाज़ एक अलग स्तर तक ले जाता है। " |
आईपीएल 2023 (IPL 2023) के 16वें सीजन का आखिरी मैच चेन्नई सुपर किंग्स और गुजरात टाइटंस (CSK Vs GT) के बीच खेला गया। चेन्नई ने गुजरात को पांच विकेट से हराकर पांचवीं बार ट्रॉफी अपने नाम की। इस जीत के बाद आईपीएल चैंपियंस पर पैसों की बारिश हो गई है. हारी हुई गुजरात की टीम पर भी करोड़ों बरस पड़े हैं.
खिताब जीतने के बाद चेन्नई की टीम को 20 करोड़ का चेक मिला। हार्दिक पांड्या की टीम को भी 12. 5 करोड़ मिले हैं। साथ ही पॉइंट्स टेबल में तीसरे नंबर पर काबिज मुंबई इंडियंस (MI) को 7 करोड़ मिले हैं। लिहाजा लखनऊ सुपर जायंट्स (एलएसजी) के खाते में साढ़े छह करोड़ रुपये जमा हो गए।
शुभमन गिल का प्रदर्शन इस पूरे सीजन में बेहतरीन रहा है। उन्होंने इस सीजन में कुल चार अवॉर्ड जीते हैं। मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार पाने वाले डेवन कॉनवे को पुरस्कार के रूप में 5 लाख रुपये और यशस्वी जायसवाल को उभरते हुए खिलाड़ी का पुरस्कार दिया गया।
किसी को कितना पैसा?
मैच हारने के बाद हार्दिक पांड्या ने क्या कहा?
एक टीम के तौर पर हमने सब कुछ ठीक किया। हम दिल से खेले। इस प्रतियोगिता में मेरी टीम ने जो संघर्ष किया है, उस पर मुझे गर्व है। जीतेंगे भी तो साथ जीतेंगे, हारेंगे तो साथ हारेंगे यही हमारा आदर्श वाक्य है। मैं यहां कोई बहाना नहीं बनाऊंगा। चेन्नई की टीम ने अच्छा खेला। हार्दिक ने कहा कि उनकी सफलता ही उनकी है।
गुजरात की टीम ने 20 ओवर में 214 रन बनाए और चेन्नई को जीत के लिए 215 रन चाहिए थे. लेकिन जब मैच चल रहा था तभी जोरदार बारिश हुई और तीन घंटे का खेल बर्बाद हो गया। अंपायरों ने भी दो से तीन बार पिच का निरीक्षण किया। फिर मैच खेलने का फैसला किया। मैच दूसरे दिन दोपहर 12 बजे शुरू हुआ। चूंकि मैच बारिश से बाधित हुआ था, डकवर्थ-लुईस नियमों के तहत चेन्नई को एक नया लक्ष्य दिया गया था। इस बार चेन्नई को 171 रनों की चुनौती दी गई और टीम ने इस चुनौती को पूरा किया.
| आईपीएल दो हज़ार तेईस के सोलहवें सीजन का आखिरी मैच चेन्नई सुपर किंग्स और गुजरात टाइटंस के बीच खेला गया। चेन्नई ने गुजरात को पांच विकेट से हराकर पांचवीं बार ट्रॉफी अपने नाम की। इस जीत के बाद आईपीएल चैंपियंस पर पैसों की बारिश हो गई है. हारी हुई गुजरात की टीम पर भी करोड़ों बरस पड़े हैं. खिताब जीतने के बाद चेन्नई की टीम को बीस करोड़ का चेक मिला। हार्दिक पांड्या की टीम को भी बारह. पाँच करोड़ मिले हैं। साथ ही पॉइंट्स टेबल में तीसरे नंबर पर काबिज मुंबई इंडियंस को सात करोड़ मिले हैं। लिहाजा लखनऊ सुपर जायंट्स के खाते में साढ़े छह करोड़ रुपये जमा हो गए। शुभमन गिल का प्रदर्शन इस पूरे सीजन में बेहतरीन रहा है। उन्होंने इस सीजन में कुल चार अवॉर्ड जीते हैं। मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार पाने वाले डेवन कॉनवे को पुरस्कार के रूप में पाँच लाख रुपये और यशस्वी जायसवाल को उभरते हुए खिलाड़ी का पुरस्कार दिया गया। किसी को कितना पैसा? मैच हारने के बाद हार्दिक पांड्या ने क्या कहा? एक टीम के तौर पर हमने सब कुछ ठीक किया। हम दिल से खेले। इस प्रतियोगिता में मेरी टीम ने जो संघर्ष किया है, उस पर मुझे गर्व है। जीतेंगे भी तो साथ जीतेंगे, हारेंगे तो साथ हारेंगे यही हमारा आदर्श वाक्य है। मैं यहां कोई बहाना नहीं बनाऊंगा। चेन्नई की टीम ने अच्छा खेला। हार्दिक ने कहा कि उनकी सफलता ही उनकी है। गुजरात की टीम ने बीस ओवर में दो सौ चौदह रन बनाए और चेन्नई को जीत के लिए दो सौ पंद्रह रन चाहिए थे. लेकिन जब मैच चल रहा था तभी जोरदार बारिश हुई और तीन घंटे का खेल बर्बाद हो गया। अंपायरों ने भी दो से तीन बार पिच का निरीक्षण किया। फिर मैच खेलने का फैसला किया। मैच दूसरे दिन दोपहर बारह बजे शुरू हुआ। चूंकि मैच बारिश से बाधित हुआ था, डकवर्थ-लुईस नियमों के तहत चेन्नई को एक नया लक्ष्य दिया गया था। इस बार चेन्नई को एक सौ इकहत्तर रनों की चुनौती दी गई और टीम ने इस चुनौती को पूरा किया. |
Bhopal Crime News:भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। अशोका गार्डन की 80 फीट रोड स्थित मयूर विहार कालोनी में रविवार दोपहर करीब साढ़े चार बजे एक प्रापर्टी ब्रोकर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। हत्या से पहले उसके साथ रह रही पत्नी के साथ मारपीट भी की गई।
हत्या का आरोप मृतक की दूसरे नंबर की पत्नी पर लगा है। घटना के समय आरोपित महिला के साथ उसका बेटा और पांच लोग भी थे। हत्या का कारण संपत्ति विवाद है। हत्या का मामला दर्ज कर पुलिस आरोपितों की तलाश में लगी है।
अशोका गार्डन थाना पुलिस के मुताबिक 80 फीट रोड की मयूर विहार कालोनी में 50 साल के ताहिर खान अपनी 24 साल की कथित चौथी पत्नी हुयुमा के साथ रहते थे। ताहिर खान प्रापर्टी ब्रोकर का काम करते थे। उनके साथ रह रही पत्नी हुयुमा जिला कोर्ट में वकालत करती हैं।
रविवार दोपहर में ताहिर बाथरूम में नहा रहे थे, इसी दौरान कोतवाली की चटोरी गली में रहने वाली उनकी दूसरे नंबर की पत्नी अंजुम अपने बड़े बेटे सिद्दीक और पांच लोगों के साथ उनके घर पहुंची। अंजुम ने हुयुमा के साथ डंडे से मारपीट करना शुरू कर दी। शोर सुनकर जब ताहिर बाथरूम से बाहर निकले तो अंजुम और उसका बेटा उनसे विवाद करने लगे। विवाद ज्यादा बढ़ने पर पहले से कट्टा साथ लेकर आई अंजुम ने ताहिर पर गोली चला दी, गोली ताहिर के पेट और सीने के बीच में लगी। इससे वह मौके पर गिर पड़ा। वारदात के बाद आरोपित भाग निकले।
थाना प्रभारी उमेश चौहान ने बताया कि ताहिर को उसके स्वजन पड़ोसियों की मदद से पास के निजी अस्पताल लेकर गए। इसके बाद में उसे हमीदिया अस्पताल ले गए। जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। ताहिर के साथ रहने वाली पत्नी को फ्रेक्चर है, हाथ में भी चोट लगी है। अभी तक की जांच में अंजुम के गोली चलाकर हत्या करने की बात सामने आ रही है। पुलिस आरोपितों की तलाश में लगी है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि ताहिर की हत्या अंजुम ने संपत्ति विवाद के कारण की है। 80 फीट रोड पर ताहिर की दो से तीन करोड़ की संपत्ति है। उसे वह बेचना चाह रहे थे, लेकिन अंजुम इसमें दखल दे रही थी। ताहिर के साथ रहने वाली कथित चौथी पत्नी का कहना है कि अंजुम के साथ उसका 18 साल का बेटा और पांच साथी थे। पुलिस इस बात का पता लगा रही है। इधर, पुलिस मृतक की पत्नियों की जानकारी में उलझ गई है। ताहिर की चार पत्नियों की बात सामने आ रही है। साथ रहने वाली महिला को नहीं पता वह कौन से नंबर की है और हत्या करने वाली दूसरी है या पहली इस बारे में पुलिस पता करवा रही है।
80 फीट रोड पर रविवार दोपहर को एक प्रापर्टी ब्रोकर की हत्या हुई है। उसे उसकी दूसरे नंबर की पत्नी ने गोली मारी है। बाकी उसके साथ कौन-कौन था इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।
| Bhopal Crime News:भोपाल । अशोका गार्डन की अस्सी फीट रोड स्थित मयूर विहार कालोनी में रविवार दोपहर करीब साढ़े चार बजे एक प्रापर्टी ब्रोकर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। हत्या से पहले उसके साथ रह रही पत्नी के साथ मारपीट भी की गई। हत्या का आरोप मृतक की दूसरे नंबर की पत्नी पर लगा है। घटना के समय आरोपित महिला के साथ उसका बेटा और पांच लोग भी थे। हत्या का कारण संपत्ति विवाद है। हत्या का मामला दर्ज कर पुलिस आरोपितों की तलाश में लगी है। अशोका गार्डन थाना पुलिस के मुताबिक अस्सी फीट रोड की मयूर विहार कालोनी में पचास साल के ताहिर खान अपनी चौबीस साल की कथित चौथी पत्नी हुयुमा के साथ रहते थे। ताहिर खान प्रापर्टी ब्रोकर का काम करते थे। उनके साथ रह रही पत्नी हुयुमा जिला कोर्ट में वकालत करती हैं। रविवार दोपहर में ताहिर बाथरूम में नहा रहे थे, इसी दौरान कोतवाली की चटोरी गली में रहने वाली उनकी दूसरे नंबर की पत्नी अंजुम अपने बड़े बेटे सिद्दीक और पांच लोगों के साथ उनके घर पहुंची। अंजुम ने हुयुमा के साथ डंडे से मारपीट करना शुरू कर दी। शोर सुनकर जब ताहिर बाथरूम से बाहर निकले तो अंजुम और उसका बेटा उनसे विवाद करने लगे। विवाद ज्यादा बढ़ने पर पहले से कट्टा साथ लेकर आई अंजुम ने ताहिर पर गोली चला दी, गोली ताहिर के पेट और सीने के बीच में लगी। इससे वह मौके पर गिर पड़ा। वारदात के बाद आरोपित भाग निकले। थाना प्रभारी उमेश चौहान ने बताया कि ताहिर को उसके स्वजन पड़ोसियों की मदद से पास के निजी अस्पताल लेकर गए। इसके बाद में उसे हमीदिया अस्पताल ले गए। जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। ताहिर के साथ रहने वाली पत्नी को फ्रेक्चर है, हाथ में भी चोट लगी है। अभी तक की जांच में अंजुम के गोली चलाकर हत्या करने की बात सामने आ रही है। पुलिस आरोपितों की तलाश में लगी है। पुलिस जांच में सामने आया है कि ताहिर की हत्या अंजुम ने संपत्ति विवाद के कारण की है। अस्सी फीट रोड पर ताहिर की दो से तीन करोड़ की संपत्ति है। उसे वह बेचना चाह रहे थे, लेकिन अंजुम इसमें दखल दे रही थी। ताहिर के साथ रहने वाली कथित चौथी पत्नी का कहना है कि अंजुम के साथ उसका अट्ठारह साल का बेटा और पांच साथी थे। पुलिस इस बात का पता लगा रही है। इधर, पुलिस मृतक की पत्नियों की जानकारी में उलझ गई है। ताहिर की चार पत्नियों की बात सामने आ रही है। साथ रहने वाली महिला को नहीं पता वह कौन से नंबर की है और हत्या करने वाली दूसरी है या पहली इस बारे में पुलिस पता करवा रही है। अस्सी फीट रोड पर रविवार दोपहर को एक प्रापर्टी ब्रोकर की हत्या हुई है। उसे उसकी दूसरे नंबर की पत्नी ने गोली मारी है। बाकी उसके साथ कौन-कौन था इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। |
नई दिल्ली, 8 मई (आईएएनएस)। कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2018 के लिए मतदान में अब कुछ ही दिनों का वक्त बचा है, राजनीतिक दलों ने राज्य की प्रसिद्ध और महत्वपूर्ण सीटों पर अपने दिग्गज उम्मीदवारों और वर्तामान विधायकों का टिकट काटकर नए चेहरों पर दांव आजमाया है। इसका प्रमुख उदाहरण बीजापुर (शहर) निर्वाचन क्षेत्र हैं, जहां मुकाबला हमेशा सत्तारूढ़ कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी का रहा है।
कर्नाटक विधानसभा क्षेत्र संख्या-30 बीजापुर निर्वाचन क्षेत्र कर्नाटक के मुंबई-कर्नाटक लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। बीजापुर विधानसभा क्षेत्र में मतदाताओं की कुल संख्या 2,41,682 है जिसमें पुरुष मतदाताओं की संख्या 1,21,753 और महिला मतादाताओं की संख्या 1,19,828 है। इस चुनाव में 54 अन्य भी अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। बीजापुर शहर की औसत साक्षरता दर 84 प्रतिशत है, जिसमें पुरुष साक्षरता दर 89 प्रतिशत और महिला साक्षरता 78 प्रतिशत है।
बीजापुर कर्नाटक का नौवां सबसे बड़ा शहर है और इसे ऐतिहासिक स्मारकों में वास्तुशिल्प महत्व के लिए जाना जाता है। यह शहर 10वीं -11वीं शताब्दी में चालुक्यों द्वारा स्थापित किया गया था और इसे पहले विजयपुरा नाम से जाना जाता था। यह शहर 13वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में दिल्ली में खिलजी सल्तनत के दौरान विशेष रूप से सामने आया था। मोहम्मद आदिल शाह का मकबरा 'गोल गुंबज' बीजापुर का सबसे प्रसिद्ध स्मारक है। यह भारत में अब तक का सबसे बड़ा गुंबद है।
बात करें क्षेत्रीय राजनीति की, तो इस सीट पर जंग हमेशा कांग्रेस और भाजपा के बीच रही है। बीजापुर निर्वाचन क्षेत्र में पिछले छह चुनाव में कांग्रेस और भाजपा दोनों ने ही तीन-तीन चुनाव जीते हैं। हालांकि भाजपा नेता अप्पासाहेब मालप्पा पट्टानाशेट्टी ने 2004 और 2008 चुनाव में लगातार जीत दर्ज की थी, लेकिन 2013 में कांग्रेस उम्मीदवार मकबूल एस. बागवान ने करीब नौ हजार वोटों के अंतर से इस सीट पर हासिल की थी।
वर्तमान में कांग्रेस और भाजपा दोनों ही मुख्य पार्टियों ने इस सीट पर नए उम्मीदवारों को उतारा है। कांग्रेस ने अब्दुल हमीद मुशरिफ को और भाजपा ने बसनगौड़ आर. पाटिल को अपना उम्मीदवार घोषित किया है।
दरअसल, बीजापुर शहर से पहली बार विधायक चुने गए मकबूल बागवान को अपनी ही पार्टी के नेताओं से परेशानी का सामना करना पड़ा था। बागवान के खिलाफ आधा दर्जन पार्टी नेताओं ने मोर्चा खोल दिया और क्षेत्र में उनके खिलाफ आक्रोश के माहौल को इन नेताओं का समर्थन मिला, जिसके परिणामस्वरूप बागवान को अपना टिकट गंवाना पड़ा। बागवान के खिलाफ नेताओं में मोहम्मद रफीक तापल, सजद पीरन मुशरिफ, अब्दुल हमीद मुशरिफसमेत अन्य नेता शामिल थे।
कांग्रेस परंपरागत रूप से बीजापुर शहर से मुसलमानों को टिकट देती है, इसलिए इस बार भी उसने यहां से अब्दुल हमीद मुशरिफ को टिकट दिया है। अब्दुल हमीद कई वर्षो से कांग्रेस के बैनर तले समाजसेवी के रूप में कार्य कर चुके हैं।
वहीं भाजपा ने बसनगौड़ आर. पाटिल को कांग्रेस के मुशरिफ के खिलाफ मैदान में उतारा है। बसनगौड़ आर. पाटिल ने 2013 में बीजापुर विधानसभा क्षेत्र जनता दल (सेक्युलर) के टिकट पर लड़ा था, लेकिन पाटिल को 9,380 मतों से हार का सामना करना पड़ा था और वह दूसरे नंबर पर रहे थे।
बसनगौड़ आर. पाटिल राज्य की भाजपा इकाई के कद्दावर नेताओं में से एक हैं। पाटिल वाजपेयी सरकार में 1 जुलाई 2002 से 8 सितंबर 2003 तक कपड़ा राज्यमंत्री रहे थे। इसके अलावा वह 8 सितंबर 2003 से 16 मई 2004 तक रेल राज्यमंत्री भी रह चुके हैं।
हालांकि वह 22 जनवरी, 2010 को भाजपा का दामन छोड़कर जनता दल (सेक्युलर) में शामिल हो गए थे, लेकिन 2013 में जेडी (एस) के टिकट पर चुनाव हारने के बाद वह 17 नवंबर, 2013 को वह फिर से भारतीय जनता पार्टी में लौट आए। भाजपा ने अपने कद्दावर नेता पर एक बार फिर से दांव आजमाया है।
इसके अलावा जनता दल सेक्युलर ने बेल्लुबी संगप्पा कालप्पा, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने पीरपाशा शमसुद्दीन गाचीमल, शिवसेना ने महेश महादेव जाधव, भारतीय जनशक्ति कांग्रेस राकेश सिद्धाराम तेली को चुनाव मैदान में उतारा है। इनके इलावा चार निर्दलीय भी इन चुनाव में उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं।
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन पहले ही जेडी (एस) को अपना समर्थन देने की घोषणा कर चुका है।
कर्नाटक विधानसभा की 224 सीटों के लिए राज्य में 56,696 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिसमें 4,96,82,357 (4. 96 करोड़) मतदाता अपने मतों का प्रयोग कर नई सरकार के गठन का मार्ग प्रशस्त करेंगे। मतदान 12 मई को होगा और मतगणना 15 मई को होगी।
| नई दिल्ली, आठ मई । कर्नाटक विधानसभा चुनाव दो हज़ार अट्ठारह के लिए मतदान में अब कुछ ही दिनों का वक्त बचा है, राजनीतिक दलों ने राज्य की प्रसिद्ध और महत्वपूर्ण सीटों पर अपने दिग्गज उम्मीदवारों और वर्तामान विधायकों का टिकट काटकर नए चेहरों पर दांव आजमाया है। इसका प्रमुख उदाहरण बीजापुर निर्वाचन क्षेत्र हैं, जहां मुकाबला हमेशा सत्तारूढ़ कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी का रहा है। कर्नाटक विधानसभा क्षेत्र संख्या-तीस बीजापुर निर्वाचन क्षेत्र कर्नाटक के मुंबई-कर्नाटक लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। बीजापुर विधानसभा क्षेत्र में मतदाताओं की कुल संख्या दो,इकतालीस,छः सौ बयासी है जिसमें पुरुष मतदाताओं की संख्या एक,इक्कीस,सात सौ तिरेपन और महिला मतादाताओं की संख्या एक,उन्नीस,आठ सौ अट्ठाईस है। इस चुनाव में चौवन अन्य भी अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। बीजापुर शहर की औसत साक्षरता दर चौरासी प्रतिशत है, जिसमें पुरुष साक्षरता दर नवासी प्रतिशत और महिला साक्षरता अठहत्तर प्रतिशत है। बीजापुर कर्नाटक का नौवां सबसे बड़ा शहर है और इसे ऐतिहासिक स्मारकों में वास्तुशिल्प महत्व के लिए जाना जाता है। यह शहर दसवीं -ग्यारहवीं शताब्दी में चालुक्यों द्वारा स्थापित किया गया था और इसे पहले विजयपुरा नाम से जाना जाता था। यह शहर तेरहवीं शताब्दी के उत्तरार्ध में दिल्ली में खिलजी सल्तनत के दौरान विशेष रूप से सामने आया था। मोहम्मद आदिल शाह का मकबरा 'गोल गुंबज' बीजापुर का सबसे प्रसिद्ध स्मारक है। यह भारत में अब तक का सबसे बड़ा गुंबद है। बात करें क्षेत्रीय राजनीति की, तो इस सीट पर जंग हमेशा कांग्रेस और भाजपा के बीच रही है। बीजापुर निर्वाचन क्षेत्र में पिछले छह चुनाव में कांग्रेस और भाजपा दोनों ने ही तीन-तीन चुनाव जीते हैं। हालांकि भाजपा नेता अप्पासाहेब मालप्पा पट्टानाशेट्टी ने दो हज़ार चार और दो हज़ार आठ चुनाव में लगातार जीत दर्ज की थी, लेकिन दो हज़ार तेरह में कांग्रेस उम्मीदवार मकबूल एस. बागवान ने करीब नौ हजार वोटों के अंतर से इस सीट पर हासिल की थी। वर्तमान में कांग्रेस और भाजपा दोनों ही मुख्य पार्टियों ने इस सीट पर नए उम्मीदवारों को उतारा है। कांग्रेस ने अब्दुल हमीद मुशरिफ को और भाजपा ने बसनगौड़ आर. पाटिल को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। दरअसल, बीजापुर शहर से पहली बार विधायक चुने गए मकबूल बागवान को अपनी ही पार्टी के नेताओं से परेशानी का सामना करना पड़ा था। बागवान के खिलाफ आधा दर्जन पार्टी नेताओं ने मोर्चा खोल दिया और क्षेत्र में उनके खिलाफ आक्रोश के माहौल को इन नेताओं का समर्थन मिला, जिसके परिणामस्वरूप बागवान को अपना टिकट गंवाना पड़ा। बागवान के खिलाफ नेताओं में मोहम्मद रफीक तापल, सजद पीरन मुशरिफ, अब्दुल हमीद मुशरिफसमेत अन्य नेता शामिल थे। कांग्रेस परंपरागत रूप से बीजापुर शहर से मुसलमानों को टिकट देती है, इसलिए इस बार भी उसने यहां से अब्दुल हमीद मुशरिफ को टिकट दिया है। अब्दुल हमीद कई वर्षो से कांग्रेस के बैनर तले समाजसेवी के रूप में कार्य कर चुके हैं। वहीं भाजपा ने बसनगौड़ आर. पाटिल को कांग्रेस के मुशरिफ के खिलाफ मैदान में उतारा है। बसनगौड़ आर. पाटिल ने दो हज़ार तेरह में बीजापुर विधानसभा क्षेत्र जनता दल के टिकट पर लड़ा था, लेकिन पाटिल को नौ,तीन सौ अस्सी मतों से हार का सामना करना पड़ा था और वह दूसरे नंबर पर रहे थे। बसनगौड़ आर. पाटिल राज्य की भाजपा इकाई के कद्दावर नेताओं में से एक हैं। पाटिल वाजपेयी सरकार में एक जुलाई दो हज़ार दो से आठ सितंबर दो हज़ार तीन तक कपड़ा राज्यमंत्री रहे थे। इसके अलावा वह आठ सितंबर दो हज़ार तीन से सोलह मई दो हज़ार चार तक रेल राज्यमंत्री भी रह चुके हैं। हालांकि वह बाईस जनवरी, दो हज़ार दस को भाजपा का दामन छोड़कर जनता दल में शामिल हो गए थे, लेकिन दो हज़ार तेरह में जेडी के टिकट पर चुनाव हारने के बाद वह सत्रह नवंबर, दो हज़ार तेरह को वह फिर से भारतीय जनता पार्टी में लौट आए। भाजपा ने अपने कद्दावर नेता पर एक बार फिर से दांव आजमाया है। इसके अलावा जनता दल सेक्युलर ने बेल्लुबी संगप्पा कालप्पा, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने पीरपाशा शमसुद्दीन गाचीमल, शिवसेना ने महेश महादेव जाधव, भारतीय जनशक्ति कांग्रेस राकेश सिद्धाराम तेली को चुनाव मैदान में उतारा है। इनके इलावा चार निर्दलीय भी इन चुनाव में उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन पहले ही जेडी को अपना समर्थन देने की घोषणा कर चुका है। कर्नाटक विधानसभा की दो सौ चौबीस सीटों के लिए राज्य में छप्पन,छः सौ छियानवे मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिसमें चार,छियानवे,बयासी,तीन सौ सत्तावन मतदाता अपने मतों का प्रयोग कर नई सरकार के गठन का मार्ग प्रशस्त करेंगे। मतदान बारह मई को होगा और मतगणना पंद्रह मई को होगी। |
यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष पॉल लिंगदोह ने शुक्रवार को संकेत दिया कि उनकी पार्टी नेशनल पीपुल्स पार्टी के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ गठबंधन का हिस्सा होने के बावजूद सत्ता से बाहर है।
जनता से रिश्ता वेबडेस्क। यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष पॉल लिंगदोह ने शुक्रवार को संकेत दिया कि उनकी पार्टी नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ गठबंधन का हिस्सा होने के बावजूद सत्ता से बाहर है।
उन्होंने यह भी कहा कि मुकरोह कांड में राज्य सरकार की भूमिका तुच्छ रही है।
उन्होंने इस घटना पर राज्य सरकार द्वारा की जा रही कार्रवाई के बारे में कहा, "अब तक जो कुछ भी किया गया है वह इतना महत्वहीन है कि ऐसा नहीं लगता कि सरकार वास्तव में मुकरोह की घटना पर अपना पैर रख रही है। "
उन्होंने कहा, "हमारे पास कार्यालय में लोग हैं लेकिन वे सत्ता में नहीं हैं। "
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शनिवार को विधानसभा को बताया कि नवंबर में मेघालय की सीमा से सटे मुकरोह में पुलिस फायरिंग आत्मरक्षा और सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा के लिए की गई कार्रवाई थी।
22 नवंबर को मुकरोह की घटना में मेघालय के पांच निवासियों और असम के एक वन रक्षक सहित छह लोग मारे गए थे। पांच मेघालय निवासियों को असम पुलिस ने मेघालय की सीमा के भीतर गोली मार दी थी।
घटना के तुरंत बाद, कोनराड के. संगमा सरकार ने संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों में बीओपी लगाने का फैसला किया, न्यायमूर्ति टी. वैफेई की अध्यक्षता में एक न्यायिक जांच का गठन किया और कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने केंद्रीय जांच द्वारा गोलीबारी की जांच का आश्वासन दिया है एजेंसी।
हालांकि, असम विधानसभा में सरमा का दावा मारे गए लोगों के लिए न्याय सुनिश्चित करने में सहयोग के उनके आश्वासन के विपरीत था।
| यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष पॉल लिंगदोह ने शुक्रवार को संकेत दिया कि उनकी पार्टी नेशनल पीपुल्स पार्टी के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ गठबंधन का हिस्सा होने के बावजूद सत्ता से बाहर है। जनता से रिश्ता वेबडेस्क। यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष पॉल लिंगदोह ने शुक्रवार को संकेत दिया कि उनकी पार्टी नेशनल पीपुल्स पार्टी के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ गठबंधन का हिस्सा होने के बावजूद सत्ता से बाहर है। उन्होंने यह भी कहा कि मुकरोह कांड में राज्य सरकार की भूमिका तुच्छ रही है। उन्होंने इस घटना पर राज्य सरकार द्वारा की जा रही कार्रवाई के बारे में कहा, "अब तक जो कुछ भी किया गया है वह इतना महत्वहीन है कि ऐसा नहीं लगता कि सरकार वास्तव में मुकरोह की घटना पर अपना पैर रख रही है। " उन्होंने कहा, "हमारे पास कार्यालय में लोग हैं लेकिन वे सत्ता में नहीं हैं। " असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शनिवार को विधानसभा को बताया कि नवंबर में मेघालय की सीमा से सटे मुकरोह में पुलिस फायरिंग आत्मरक्षा और सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा के लिए की गई कार्रवाई थी। बाईस नवंबर को मुकरोह की घटना में मेघालय के पांच निवासियों और असम के एक वन रक्षक सहित छह लोग मारे गए थे। पांच मेघालय निवासियों को असम पुलिस ने मेघालय की सीमा के भीतर गोली मार दी थी। घटना के तुरंत बाद, कोनराड के. संगमा सरकार ने संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों में बीओपी लगाने का फैसला किया, न्यायमूर्ति टी. वैफेई की अध्यक्षता में एक न्यायिक जांच का गठन किया और कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने केंद्रीय जांच द्वारा गोलीबारी की जांच का आश्वासन दिया है एजेंसी। हालांकि, असम विधानसभा में सरमा का दावा मारे गए लोगों के लिए न्याय सुनिश्चित करने में सहयोग के उनके आश्वासन के विपरीत था। |
न्यूजीलैंड के ऑलराउंडर कॉलिन डी ग्रैंडहोम (Colin De Grandhomme) का हेयर स्टाइल इन दिनों चर्चा में बना हुआ है। उन्होंने 80 के दशक का "मुलेट" हेयर स्टाइल इस वक्त किया हुआ है। न्यूजीलैंड के बॉलिंग कोच शेन जर्गेनसन का कहना है कि उनकी पत्नी को ग्रैंडहोम का ये नया हेयरस्टाइल काफी पसंद है, लेकिन मुझे नहीं पता कि उन्हें ये स्टाइल इतना क्यों पसंद है।
इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच लॉर्ड्स में तीसरे दिन का खेल बारिश की वजह से बिल्कुल भी नहीं हो पाया। कीवी टीम के बॉलिंग कोच ने बताया कि ग्रैंडहोम का हेयरस्टाइल इस दौरान सभी प्लेयर्स के लिए एंटरटेनमेंट का जरिया बन गया। जर्गेनसन ने भी कहा कि ग्रैंडहोम का हेयरस्टाइल अच्छा है।
वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने ग्रैंडहोम के बालों को लेकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा,
मैं उनके हेयरस्टाइल को अप्रूव करता हूं। मेरी पत्नी को उनका हेयरस्टाइल काफी पसंद है। मुझे नहीं पता कि क्यों, लेकिन उनका मानना है कि ग्रैंडहोम का स्टाइल काफी शानदार है। उनका हेयर स्टाइल ड्रेसिंग रूम में और क्राउड में भी एंटरटेनमेंट का एक जरिया है। इंडोर नेट्स से जब वो वापस जा रहे थे तो सभी प्लेयर्स ने खड़े होकर उनका स्वागत किया।
ग्रैंडहोम की अगर बात करें तो वो लंबे समय के बाद टेस्ट टीम में वापसी कर रहे हैं। मार्च में वो चोटिल हो गए थे। हालांकि पूरी तरह फिट होकर अब उन्होंने वापसी कर ली है। बैटिंग में तो वो कुछ नहीं कर पाए और बिना खाता खोले आउट हो गए। लेकिन गेंदबाजी के दौरान ग्रैंडहोम ने 9 ओवर में सिर्फ 12 रन दिए और इंग्लैंड के कप्तान जो रूट को काफी परेशान किया।
| न्यूजीलैंड के ऑलराउंडर कॉलिन डी ग्रैंडहोम का हेयर स्टाइल इन दिनों चर्चा में बना हुआ है। उन्होंने अस्सी के दशक का "मुलेट" हेयर स्टाइल इस वक्त किया हुआ है। न्यूजीलैंड के बॉलिंग कोच शेन जर्गेनसन का कहना है कि उनकी पत्नी को ग्रैंडहोम का ये नया हेयरस्टाइल काफी पसंद है, लेकिन मुझे नहीं पता कि उन्हें ये स्टाइल इतना क्यों पसंद है। इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच लॉर्ड्स में तीसरे दिन का खेल बारिश की वजह से बिल्कुल भी नहीं हो पाया। कीवी टीम के बॉलिंग कोच ने बताया कि ग्रैंडहोम का हेयरस्टाइल इस दौरान सभी प्लेयर्स के लिए एंटरटेनमेंट का जरिया बन गया। जर्गेनसन ने भी कहा कि ग्रैंडहोम का हेयरस्टाइल अच्छा है। वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने ग्रैंडहोम के बालों को लेकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, मैं उनके हेयरस्टाइल को अप्रूव करता हूं। मेरी पत्नी को उनका हेयरस्टाइल काफी पसंद है। मुझे नहीं पता कि क्यों, लेकिन उनका मानना है कि ग्रैंडहोम का स्टाइल काफी शानदार है। उनका हेयर स्टाइल ड्रेसिंग रूम में और क्राउड में भी एंटरटेनमेंट का एक जरिया है। इंडोर नेट्स से जब वो वापस जा रहे थे तो सभी प्लेयर्स ने खड़े होकर उनका स्वागत किया। ग्रैंडहोम की अगर बात करें तो वो लंबे समय के बाद टेस्ट टीम में वापसी कर रहे हैं। मार्च में वो चोटिल हो गए थे। हालांकि पूरी तरह फिट होकर अब उन्होंने वापसी कर ली है। बैटिंग में तो वो कुछ नहीं कर पाए और बिना खाता खोले आउट हो गए। लेकिन गेंदबाजी के दौरान ग्रैंडहोम ने नौ ओवर में सिर्फ बारह रन दिए और इंग्लैंड के कप्तान जो रूट को काफी परेशान किया। |
राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित राज्यसभा में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जैसे ही 'पेगासस प्रोजेक्ट' मीडिया रिपोर्ट पर बोलना शुरू किया, वैसे ही विपक्ष ने हंगामा और नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद राज्यसभा की कार्यवाही कल यानी शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दी गई है।
लोकसभा में आवश्यक रक्षा सेवा और अंतर्देशीय पोत विधेयक पेश लोकसभा की कार्यवाही स्थगित करने से पहले अंतर्देशीय पोत विधेयक, 2021 और आवश्यक रक्षा सेवा विधेयक, 2021 लोकसभा में पेश किए गए।
लोकसभा दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित लोकसभा की कार्यवाही दोबारा शुरू होने के बाद किसानों के मुद्दे पर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। इसके बाद एक बार फिर लोकसभा की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है।
राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित राज्यसभा की कार्यवाही 12 बजे दोबारा हुई। शुरू होते ही विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया और जमकर नारेबाजी। इसके चलते कार्यवाही शुरू होने के कुछ मिनटों बाद ही एक बार फिर दोपहर दो बजे तक के लिए राज्यसभा को स्थगित कर दिया गया।
कृषि कानूनों के मुद्दे पर लोकसभा में विपक्ष का हंगामा कांग्रेस और कुछ अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों ने तीन केंद्रीय कृषि कानूनों के मुद्दे पर गुरुवार को लोकसभा में हंगामा किया, जिस कारण सदन की कार्यवाही आरंभ होने के करीब 10 मिनट बाद ही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन में हंगामे के बीच प्रश्नकाल शुरू करवाया। इस दौरान कुछ सदस्यों ने जलशक्ति मंत्रालय से संबंधित पूरक प्रश्न पूछे और जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने उत्तर दिए। कांग्रेस के सदस्यों ने 'काले कानून वापस लो' के नारे लगाए। उन्होंने तख्तियां हाथ में ले रखी थीं। इनमें से एक तख्ती पर 'अन्नदाता का अपमान बंद करो, तीनों कृषि कानून रद्द करो' लिखा था।
| राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित राज्यसभा में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जैसे ही 'पेगासस प्रोजेक्ट' मीडिया रिपोर्ट पर बोलना शुरू किया, वैसे ही विपक्ष ने हंगामा और नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद राज्यसभा की कार्यवाही कल यानी शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दी गई है। लोकसभा में आवश्यक रक्षा सेवा और अंतर्देशीय पोत विधेयक पेश लोकसभा की कार्यवाही स्थगित करने से पहले अंतर्देशीय पोत विधेयक, दो हज़ार इक्कीस और आवश्यक रक्षा सेवा विधेयक, दो हज़ार इक्कीस लोकसभा में पेश किए गए। लोकसभा दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित लोकसभा की कार्यवाही दोबारा शुरू होने के बाद किसानों के मुद्दे पर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। इसके बाद एक बार फिर लोकसभा की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है। राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित राज्यसभा की कार्यवाही बारह बजे दोबारा हुई। शुरू होते ही विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया और जमकर नारेबाजी। इसके चलते कार्यवाही शुरू होने के कुछ मिनटों बाद ही एक बार फिर दोपहर दो बजे तक के लिए राज्यसभा को स्थगित कर दिया गया। कृषि कानूनों के मुद्दे पर लोकसभा में विपक्ष का हंगामा कांग्रेस और कुछ अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों ने तीन केंद्रीय कृषि कानूनों के मुद्दे पर गुरुवार को लोकसभा में हंगामा किया, जिस कारण सदन की कार्यवाही आरंभ होने के करीब दस मिनट बाद ही दोपहर बारह बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन में हंगामे के बीच प्रश्नकाल शुरू करवाया। इस दौरान कुछ सदस्यों ने जलशक्ति मंत्रालय से संबंधित पूरक प्रश्न पूछे और जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने उत्तर दिए। कांग्रेस के सदस्यों ने 'काले कानून वापस लो' के नारे लगाए। उन्होंने तख्तियां हाथ में ले रखी थीं। इनमें से एक तख्ती पर 'अन्नदाता का अपमान बंद करो, तीनों कृषि कानून रद्द करो' लिखा था। |
KANPUR : अनुष्का शर्मा ने बॉलीवुड में अपने 10 साल पूरे कर लिए हैं। 2018 उनके लिए बेहद खास रहा। इस साल उनकी फिल्म परी आई, जो काफी पसंद की गई। वहीं दूसरी तरफ उनकी फिल्म सुई धागा भी कामयाब रही है। अब उनकी तीसरी फिल्म जीरो आ रही है और वह भी दिसंबर में। एक इंवेंट के दौरान जब अनुष्का से पूछा गया था कि वह अपने 10 साल के सफर को किस तरह देखती हैं?
ऐसा लग रहा है कि मेरे लिए यह पूरे जीरो की तरह है। मेरा करियर का पॉजिटिवली रूप से जीरो की तरह एक सर्किल पूरा हो रहा है। मुझे पूरी उम्मीद है कि फिल्म में आफिया का कैरेक्टर लोगों को बेहद पसंद आएगा।
अनुष्का ने जीरो के कैरेक्टर को लेकर कहा कि मुझे इस फिल्म से बहुत कुछ अलग करने का मौका मिला है। यह मेरे करियर की सबसे टफ फिल्म है। मैं रियल लाइफ में बहुत बबली सी लड़की हूं। लेकिन सेरेबल पैलेस नाम की बीमारी की वजह से पूरी फिल्म में चेयर पर ही बैठना पड़ा है। बता दें कि इस फिल्म में अनुष्का, वर्टिकली चैलेंड लड़की का कैरेक्टर प्ले कर रही हैं।
मेरे लिए जीरो फिल्म से एक सर्किल पूरा हो रहा है। मेरे करियर की पहली फिल्म रब ने बना दी जोड़ी भी दिसंबर महीने में ही रिलीज हुई थी।
| KANPUR : अनुष्का शर्मा ने बॉलीवुड में अपने दस साल पूरे कर लिए हैं। दो हज़ार अट्ठारह उनके लिए बेहद खास रहा। इस साल उनकी फिल्म परी आई, जो काफी पसंद की गई। वहीं दूसरी तरफ उनकी फिल्म सुई धागा भी कामयाब रही है। अब उनकी तीसरी फिल्म जीरो आ रही है और वह भी दिसंबर में। एक इंवेंट के दौरान जब अनुष्का से पूछा गया था कि वह अपने दस साल के सफर को किस तरह देखती हैं? ऐसा लग रहा है कि मेरे लिए यह पूरे जीरो की तरह है। मेरा करियर का पॉजिटिवली रूप से जीरो की तरह एक सर्किल पूरा हो रहा है। मुझे पूरी उम्मीद है कि फिल्म में आफिया का कैरेक्टर लोगों को बेहद पसंद आएगा। अनुष्का ने जीरो के कैरेक्टर को लेकर कहा कि मुझे इस फिल्म से बहुत कुछ अलग करने का मौका मिला है। यह मेरे करियर की सबसे टफ फिल्म है। मैं रियल लाइफ में बहुत बबली सी लड़की हूं। लेकिन सेरेबल पैलेस नाम की बीमारी की वजह से पूरी फिल्म में चेयर पर ही बैठना पड़ा है। बता दें कि इस फिल्म में अनुष्का, वर्टिकली चैलेंड लड़की का कैरेक्टर प्ले कर रही हैं। मेरे लिए जीरो फिल्म से एक सर्किल पूरा हो रहा है। मेरे करियर की पहली फिल्म रब ने बना दी जोड़ी भी दिसंबर महीने में ही रिलीज हुई थी। |
टीवी की मशहूर अभिनेत्री रुबीना दिलैक कभी निजी जिंदगी को लेकर तो कभी अपने काम की वजह से चर्चा में बनी रहती हैं। पिछले महीने ही रुबीना कोरोना पॉजिटिव पाई गई थीं, लेकिन अब ठीक होकर वो अपने काम पर लौट चुकी हैं। इसके बाद से वे अपने धारावाहिक "शक्ति- अस्तित्व के एहसास की" को लेकर खबरों में बनी हुईं हैं। वहीं इस सबके बीच रूबीना ने फैमिली प्लानिंग पर बात की है। रुबीना का कहना है कि पेरेंटहुड एक बड़ी जिम्मेदारी है। ऐसे में जब तक हम दोनों एक-दूसरे को नहीं समझ लेते तब तक इसके बारे में कोई प्लानिंग नहीं करेंगे। उनका कहना है कि वे बच्चे को लेकर कोई जल्दबाजी नहीं करना चाहती हैं और परिवार की तरफ से भी कोई प्रेशर नहीं है।
एक इंटरव्यू के दौरान फैमिली प्लानिंग पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि अभी हम इस बारे में कुछ नहीं सोच रहे हैं। हम दोनों पहले एक-दूसरे को जानना चाहते हैं और समझना चहाते हैं। हम दोनों ही इस बात में विश्वास रखते हैं कि हमें जीवन के हर पड़ाव को जीना है। हम किसी भी बात में जल्दबाजी नहीं करना चाहते। रुबीना ने आगे कहा कि ऐसा वक्त भी जरुर आएगा जब हमें फैमिली बनाने के बारे में सोचना होगा। दोनों पेरेंटहुड और रिलेशनशिप के बारे में सोचना होगा। अभी वक्त है एक-दूसरे को जानने का, साथ बढ़ने का। उन्होंने कहा कि इस दुनिया में बच्चे को लाना आपके जीवन की एक बड़ी जिम्मेदारी होती है।
रुबीना ने कहा हमारे ऊपर कोई प्रेशर नहीं है। हम यह नहीं सोच रहे हैं कि सही उम्र है और हमें फैमिली प्लानिंग के बारे में सोचना चाहिए। हम अभी एक-दूसरे के साथ वक्त बिताना चाहते हैं।
आपको बता दें कि रुबीना और उनके पति दोनों एकसाथ बिग बॉस 14 में नजर आए थे. इस दौरान दोनों की निजी जिंदगी को लेकर कई खुलासे हुए थे.
| टीवी की मशहूर अभिनेत्री रुबीना दिलैक कभी निजी जिंदगी को लेकर तो कभी अपने काम की वजह से चर्चा में बनी रहती हैं। पिछले महीने ही रुबीना कोरोना पॉजिटिव पाई गई थीं, लेकिन अब ठीक होकर वो अपने काम पर लौट चुकी हैं। इसके बाद से वे अपने धारावाहिक "शक्ति- अस्तित्व के एहसास की" को लेकर खबरों में बनी हुईं हैं। वहीं इस सबके बीच रूबीना ने फैमिली प्लानिंग पर बात की है। रुबीना का कहना है कि पेरेंटहुड एक बड़ी जिम्मेदारी है। ऐसे में जब तक हम दोनों एक-दूसरे को नहीं समझ लेते तब तक इसके बारे में कोई प्लानिंग नहीं करेंगे। उनका कहना है कि वे बच्चे को लेकर कोई जल्दबाजी नहीं करना चाहती हैं और परिवार की तरफ से भी कोई प्रेशर नहीं है। एक इंटरव्यू के दौरान फैमिली प्लानिंग पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि अभी हम इस बारे में कुछ नहीं सोच रहे हैं। हम दोनों पहले एक-दूसरे को जानना चाहते हैं और समझना चहाते हैं। हम दोनों ही इस बात में विश्वास रखते हैं कि हमें जीवन के हर पड़ाव को जीना है। हम किसी भी बात में जल्दबाजी नहीं करना चाहते। रुबीना ने आगे कहा कि ऐसा वक्त भी जरुर आएगा जब हमें फैमिली बनाने के बारे में सोचना होगा। दोनों पेरेंटहुड और रिलेशनशिप के बारे में सोचना होगा। अभी वक्त है एक-दूसरे को जानने का, साथ बढ़ने का। उन्होंने कहा कि इस दुनिया में बच्चे को लाना आपके जीवन की एक बड़ी जिम्मेदारी होती है। रुबीना ने कहा हमारे ऊपर कोई प्रेशर नहीं है। हम यह नहीं सोच रहे हैं कि सही उम्र है और हमें फैमिली प्लानिंग के बारे में सोचना चाहिए। हम अभी एक-दूसरे के साथ वक्त बिताना चाहते हैं। आपको बता दें कि रुबीना और उनके पति दोनों एकसाथ बिग बॉस चौदह में नजर आए थे. इस दौरान दोनों की निजी जिंदगी को लेकर कई खुलासे हुए थे. |
Bulli Bai App: बुली बाई एप्प मामला इनदिनों सुर्खियों में है। अब इसी मामले में मुंबई पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। बुली बाई एप्प मामला सामने आने के बाद से मुंबई पुलिस की साइबर सेल ने ताबड़तो़ड़ कार्रवाई करते हुए बुधवार 5 जनवरी को एक और आरोपी को हिरासत में लिया है। पुलिस अब तक मास्टरमाइंड लड़की के साथ-साथ एक इंजीनियर को भी गिरफ्तार कर चुकी है। बता दें कि पुलिस की पूछताछ के बाद नए नामों का खुलासा हो रहा है और केस से जुड़ी अहम जानकारी भी सामने आ रही है।
गौरतलब है कि दो दिन पहले कार्रवाई करते हुए मुंबई पुलिस ने बेंगलुरू से विशाल कुमार (21 साल) को इस मामले में पकड़ा था। पुलिस के मुताबिक पकड़े गया युवक बिहार का रहने वाला है और इंजीनियर है। इसके बाद मंगलवार को मुंबई पुलिस की साइबर सेल ने मामले की मुख्य आरोपी श्वेता सिंह (18 साल) को उत्तराखंड के रुद्रपुर से हिरासत में लिया था।
पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी एक दूसरे को जानते हैं और सोशल मीडिया के जरिए दोनों की पहचान थी। पुलिस ने कहा था कि लड़की 12वीं पास है। अब इन दोनों से पूछताछ के बाद साइबर सेल ने आज एक और व्यक्ति को हिरासत में लिया है। जोकि बुली बाई एप्प के जरिए फर्जी अकाउंट बनाकर लोगों को गुमराह कर रहा था।
मुंबई पुलिस ने कहा था कि मुख्य आरोपी लड़की 'बुली बाई' एप्प से जुड़े तीन अकाउंट ऑपरेट कर रही थी। जबकि विशाल कुमार ने खालसा वर्चस्ववादी के नाम से एक अकाउंट खोला था। 31 दिसंबर को उसने अन्य अकाउंट के नाम बदलकर सिख नामों से मिलते-जुलते नाम रखे थे। पुलिस के मुताबिक आरोपी फर्जी खालसा अकाउंट बनाकर गुमराह कर रहा था ताकि पुलिस को लगे की कोई सिख समुदाय के लोग इस काम को अंजाम दे रहे हैं। बता दें कि पुलिस ने विशाल कुमार को मुंबई पुलिस ने बांद्रा कोर्ट में पेश किया।
Bulli Bai App क्या है?
बता दें कि 'Bulli Bai' एक ऐसा एप्लीकेशन है जो Github एपीआई के माध्यम से बनाया गया था। यह 'Sulli Deal' एप्प के समान ही काम करता था। जानकारी के मुताबिक इस एप्प में कई नामचिन मुस्लिम महिलाओं को सोशल मीडिया पर लोगों के लिए 'सौदे' के रूप में पेश किया गया।
अब मामला सामने आने के बाद बुल्ली बाई एप्प के ट्विटर हैंडल को भी सस्पेंड कर दिया गया है। इसके बायो में लिखा था, 'बुली बाई खालसा सिख फोर्स (KSF) द्वारा संचालित ओपन-सोर्स एप्प है। बता दें कि इस हाल की घटना में कई मुस्लिम महिलाओं की तस्वीरों का दुरुपयोग किया गया। मामला संज्ञान में आने के बाद इसे पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है।
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| Bulli Bai App: बुली बाई एप्प मामला इनदिनों सुर्खियों में है। अब इसी मामले में मुंबई पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। बुली बाई एप्प मामला सामने आने के बाद से मुंबई पुलिस की साइबर सेल ने ताबड़तो़ड़ कार्रवाई करते हुए बुधवार पाँच जनवरी को एक और आरोपी को हिरासत में लिया है। पुलिस अब तक मास्टरमाइंड लड़की के साथ-साथ एक इंजीनियर को भी गिरफ्तार कर चुकी है। बता दें कि पुलिस की पूछताछ के बाद नए नामों का खुलासा हो रहा है और केस से जुड़ी अहम जानकारी भी सामने आ रही है। गौरतलब है कि दो दिन पहले कार्रवाई करते हुए मुंबई पुलिस ने बेंगलुरू से विशाल कुमार को इस मामले में पकड़ा था। पुलिस के मुताबिक पकड़े गया युवक बिहार का रहने वाला है और इंजीनियर है। इसके बाद मंगलवार को मुंबई पुलिस की साइबर सेल ने मामले की मुख्य आरोपी श्वेता सिंह को उत्तराखंड के रुद्रपुर से हिरासत में लिया था। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी एक दूसरे को जानते हैं और सोशल मीडिया के जरिए दोनों की पहचान थी। पुलिस ने कहा था कि लड़की बारहवीं पास है। अब इन दोनों से पूछताछ के बाद साइबर सेल ने आज एक और व्यक्ति को हिरासत में लिया है। जोकि बुली बाई एप्प के जरिए फर्जी अकाउंट बनाकर लोगों को गुमराह कर रहा था। मुंबई पुलिस ने कहा था कि मुख्य आरोपी लड़की 'बुली बाई' एप्प से जुड़े तीन अकाउंट ऑपरेट कर रही थी। जबकि विशाल कुमार ने खालसा वर्चस्ववादी के नाम से एक अकाउंट खोला था। इकतीस दिसंबर को उसने अन्य अकाउंट के नाम बदलकर सिख नामों से मिलते-जुलते नाम रखे थे। पुलिस के मुताबिक आरोपी फर्जी खालसा अकाउंट बनाकर गुमराह कर रहा था ताकि पुलिस को लगे की कोई सिख समुदाय के लोग इस काम को अंजाम दे रहे हैं। बता दें कि पुलिस ने विशाल कुमार को मुंबई पुलिस ने बांद्रा कोर्ट में पेश किया। Bulli Bai App क्या है? बता दें कि 'Bulli Bai' एक ऐसा एप्लीकेशन है जो Github एपीआई के माध्यम से बनाया गया था। यह 'Sulli Deal' एप्प के समान ही काम करता था। जानकारी के मुताबिक इस एप्प में कई नामचिन मुस्लिम महिलाओं को सोशल मीडिया पर लोगों के लिए 'सौदे' के रूप में पेश किया गया। अब मामला सामने आने के बाद बुल्ली बाई एप्प के ट्विटर हैंडल को भी सस्पेंड कर दिया गया है। इसके बायो में लिखा था, 'बुली बाई खालसा सिख फोर्स द्वारा संचालित ओपन-सोर्स एप्प है। बता दें कि इस हाल की घटना में कई मुस्लिम महिलाओं की तस्वीरों का दुरुपयोग किया गया। मामला संज्ञान में आने के बाद इसे पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है। ये भी पढ़ेंः |
TV News: टीवी सीरियल इस प्यार को क्या नाम दूं (Iss Pyar Ko Kya Naam Doon) स्टार सना मकबूल (Sana Makbul) के चेहरे पर कुत्ते ने काट लिया है। जिसके बाद उनको अपने चेहरे की सर्जरी करवानी पड़ गई है।
TV News: कोरोना वायरस लॉकडाउन के बीच कई टीवी सेलेब्स ऐसे हैं जिनकी किस्मत के सितारे काफी गर्दिश में चल रहे हैं। जिसके चलते ये लोग न चाहते हुए भी मुसीबतों का सामना कर रहे हैं। एक महीने के लॉकडाउन में अब तक कई सितारे किसी न किसी वजह से घायल हो गए हैं। इस लिस्ट में अब टीवी एक्ट्रेस सना मकबूल का भी नाम शामिल हो गया है जिन्हें एक कुत्ते ने काट लिया है। कुछ समय पहले ही सना मकबूल के चेहरे पर एक कुत्ते ने हमला कर दिया था। चोट ज्यादा लगने की वजह से सना मकबूल को लॉकडाउन के दौरान अपने चेहरे की सर्जरी करवानी पड़ गई है। इस बात का खुलासा खुद सना मकबूल ने सोशल मीडिया पर अपनी एक पोस्ट के जरिए किया है।
अपनी सर्जरी की जानकारी देते हुए सना मकबूल ने लिखा, 'मेरे साथ बड़ी दुर्घटना हो गई है। चेहरे पर कुत्ते के काटने के बाद मैंने सर्जरी करवाई है। मुझे पता है कि ये बात फैंस को बताने में मैंने काफी देर कर दी है लेकिन इस घटना से मैं बहुत परेशान थी। एक एक्टर और इंसान होने के नाते हम सभी अपने चेहरे से बहुत प्यार करते हैं।'
आगे ये घटना सना मकबूल ने लिखा, 'मेरे लिए ये चोट ज्यादा दर्दनाक है क्योंकि इसकी निशानी जिंदगी भर मेरे चेहरे पर साफ नजर आएगी। पहले मैं जानवरों से बहुत प्यार करती थी लेकिन अब चीजें बदल चुकी हैं। सर्जरी का दर्द झेलने के बाद मुझे जानवरों से नफरत हो गई है। अब मैं जानवरों से जिंदगी भर डर कर रहूंगी। आप लोगों की दुआओं के लिए बहुत धन्यवाद...। अब मैं धीरे-धीरे ठीक हो रही हूं। मैं इस सर्जरी के आगे हार नहीं मानूंगी। मैं एक फाइटर की तरह इस दर्द का सामना करुंगी। जिंदगी इंसान को हर तकलीफ के साथ रहना आ ही जाता है। मैं बस अब बिना रुके ऐसे ही चलते रहना चाहती हूं।'
सना को आप इस प्यार को क्या नाम दूं 2, कितनी मोहब्बत 2, अर्जुन और आदत जैसे टीवी शोज में देख चुके हैं। सना मकबूल के अलावा करिश्मा तन्ना और शिविन नारंग जैसे सितारों की लॉकडाउन में सर्जरी हो चुकी है। ये दोनों ही सितारे अपने घर में गिर गए थे। गंभीर चोट के चलते इन दोनों ही सितारों को सर्जरी का सहारा लेना पड़ गया था।
बॉलीवुड, हॉलीवुड, साउथ, भोजपुरी और टीवी जगत की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें...बॉलीवुड लाइफ हिन्दी के फेसबुक पेज, ट्विटर पेज,
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| TV News: टीवी सीरियल इस प्यार को क्या नाम दूं स्टार सना मकबूल के चेहरे पर कुत्ते ने काट लिया है। जिसके बाद उनको अपने चेहरे की सर्जरी करवानी पड़ गई है। TV News: कोरोना वायरस लॉकडाउन के बीच कई टीवी सेलेब्स ऐसे हैं जिनकी किस्मत के सितारे काफी गर्दिश में चल रहे हैं। जिसके चलते ये लोग न चाहते हुए भी मुसीबतों का सामना कर रहे हैं। एक महीने के लॉकडाउन में अब तक कई सितारे किसी न किसी वजह से घायल हो गए हैं। इस लिस्ट में अब टीवी एक्ट्रेस सना मकबूल का भी नाम शामिल हो गया है जिन्हें एक कुत्ते ने काट लिया है। कुछ समय पहले ही सना मकबूल के चेहरे पर एक कुत्ते ने हमला कर दिया था। चोट ज्यादा लगने की वजह से सना मकबूल को लॉकडाउन के दौरान अपने चेहरे की सर्जरी करवानी पड़ गई है। इस बात का खुलासा खुद सना मकबूल ने सोशल मीडिया पर अपनी एक पोस्ट के जरिए किया है। अपनी सर्जरी की जानकारी देते हुए सना मकबूल ने लिखा, 'मेरे साथ बड़ी दुर्घटना हो गई है। चेहरे पर कुत्ते के काटने के बाद मैंने सर्जरी करवाई है। मुझे पता है कि ये बात फैंस को बताने में मैंने काफी देर कर दी है लेकिन इस घटना से मैं बहुत परेशान थी। एक एक्टर और इंसान होने के नाते हम सभी अपने चेहरे से बहुत प्यार करते हैं।' आगे ये घटना सना मकबूल ने लिखा, 'मेरे लिए ये चोट ज्यादा दर्दनाक है क्योंकि इसकी निशानी जिंदगी भर मेरे चेहरे पर साफ नजर आएगी। पहले मैं जानवरों से बहुत प्यार करती थी लेकिन अब चीजें बदल चुकी हैं। सर्जरी का दर्द झेलने के बाद मुझे जानवरों से नफरत हो गई है। अब मैं जानवरों से जिंदगी भर डर कर रहूंगी। आप लोगों की दुआओं के लिए बहुत धन्यवाद...। अब मैं धीरे-धीरे ठीक हो रही हूं। मैं इस सर्जरी के आगे हार नहीं मानूंगी। मैं एक फाइटर की तरह इस दर्द का सामना करुंगी। जिंदगी इंसान को हर तकलीफ के साथ रहना आ ही जाता है। मैं बस अब बिना रुके ऐसे ही चलते रहना चाहती हूं।' सना को आप इस प्यार को क्या नाम दूं दो, कितनी मोहब्बत दो, अर्जुन और आदत जैसे टीवी शोज में देख चुके हैं। सना मकबूल के अलावा करिश्मा तन्ना और शिविन नारंग जैसे सितारों की लॉकडाउन में सर्जरी हो चुकी है। ये दोनों ही सितारे अपने घर में गिर गए थे। गंभीर चोट के चलते इन दोनों ही सितारों को सर्जरी का सहारा लेना पड़ गया था। बॉलीवुड, हॉलीवुड, साउथ, भोजपुरी और टीवी जगत की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें...बॉलीवुड लाइफ हिन्दी के फेसबुक पेज, ट्विटर पेज, ताजा गॉसिप के लिए हमें Facebook Messenger पर फॉलो करें। |
हरियाणा के अंबाला में गुरुवार को एक कोरोना पॉजिटिव 55 साल के मरीज ने आत्महत्या कर ली. कोविड 19 के इलाज के लिए भर्ती मरीज ने हॉस्पिटल के बाथरूम में फंदा लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली.
पुलिस ने बताया कि संक्रमित मरीज यमुनानगर के जगाधरी में सेक्टर 17 का रहने वाला था जिसने कोरोना के डर के चलते आत्महत्या की है.
अस्पताल में कोरोना संक्रमित मरीज द्वारा आत्महत्या की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी.
घटना की जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि मृतक ने आत्महत्या करने से पहले अपने परिवार को मैसेज भेजकर ये कहा था कि उसके संस्कार के समय उससे 10 फीट की दूरी बनाई जाए. पुलिस का कहना है कि शुरूआती जांच में आत्महत्या का कारण कोरोना का खौफ ही लग रहा है.
| हरियाणा के अंबाला में गुरुवार को एक कोरोना पॉजिटिव पचपन साल के मरीज ने आत्महत्या कर ली. कोविड उन्नीस के इलाज के लिए भर्ती मरीज ने हॉस्पिटल के बाथरूम में फंदा लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली. पुलिस ने बताया कि संक्रमित मरीज यमुनानगर के जगाधरी में सेक्टर सत्रह का रहने वाला था जिसने कोरोना के डर के चलते आत्महत्या की है. अस्पताल में कोरोना संक्रमित मरीज द्वारा आत्महत्या की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी. घटना की जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि मृतक ने आत्महत्या करने से पहले अपने परिवार को मैसेज भेजकर ये कहा था कि उसके संस्कार के समय उससे दस फीट की दूरी बनाई जाए. पुलिस का कहना है कि शुरूआती जांच में आत्महत्या का कारण कोरोना का खौफ ही लग रहा है. |
उत्तर प्रदेश में एक शख्स ने अपने ही पिता की बेरहमी से पिटाई कर दी। कलयुगी बेटे ने पिता को इस दौरान रस्सियों से बांधकर जमीन पर लिटा रखा था। पीड़ित उससे हाथ जोड़कर रहम की भीख मांगता रहा, लेकिन बेटे को जरा सी भी दया न आई। वह उन्हें बुरी तरह डंडों से पीट रहा था और गंदी-गंदी गालियां दे रहा था। पिटाई के दौरान पीड़ित का छोटा बेटा भी वहां मौजूद था, लेकिन वह भी उन्हें बचा न सका। घटना के दौरान पास में ही किसी ने इसका वीडियो बना लिया था, जो इस वक्त सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
क्रूर घटना से जुड़ी इस क्लिप में आरोपी ने बाप-बेटे के संबंध को तार-तार कर दिया। पिता हाथ जोड़ कर गिड़गिड़ा रहा था, जबकि उसका बड़ा बेटा उन पर तड़ातड़ डंडे बरसाए जा रहा था। यह रोंगटे खड़ कर देने वाला मामला यहां के कुशीनगर जिले का है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नौका टोला इलाके में नुरूल इस्लाम उर्फ हत्थू सपरिवार रहते हैं। अधिक उम्र होने के चलते उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। यही वजह है कि करीब चार साल पहले उन्हें दोनों बेटों- मोनू व रहीम ने घर से भगा दिया था।
घर से निकाले जाने के बाद भी वह वापस लौट आते थे। सोमवार को भी कुछ ऐसा ही हुआ, मगर इस बार उनके बेटे अपना आपा खो बैठे। पिता जैसे ही घर पहुंचे तो मोनू उन्हें गालियां देकर दुत्कारने लगा। पिता ने विरोध में ईंट फेंकी तो बेटे ने उन्हें पेड़ से बांधकर बुरी तरह पीटा।
हालांकि, इस दौरा छोटा बेटा उन्हें बचाने आया था, लेकिन बड़ा बेटा उस पर भी चिल्लाने लगा। आसपास के लोगों ने मामले में दखल इसलिए नहीं दी, क्योंकि गुस्से में बड़ा बेटा पड़ोसियों को भी गालियां दे रहा था। हंगामा बढ़ता देख किसी पड़ोसी ने आरोपी बेटे की इस हरकत के बारे में पुलिस को इत्तेला की, जिसके बाद पुलिसकर्मी उसे अपने साथ थाने ले गए। हालांकि, पुलिस ने कुछ देर बाद दोनों भाइयों को छोड़ दिया था।
| उत्तर प्रदेश में एक शख्स ने अपने ही पिता की बेरहमी से पिटाई कर दी। कलयुगी बेटे ने पिता को इस दौरान रस्सियों से बांधकर जमीन पर लिटा रखा था। पीड़ित उससे हाथ जोड़कर रहम की भीख मांगता रहा, लेकिन बेटे को जरा सी भी दया न आई। वह उन्हें बुरी तरह डंडों से पीट रहा था और गंदी-गंदी गालियां दे रहा था। पिटाई के दौरान पीड़ित का छोटा बेटा भी वहां मौजूद था, लेकिन वह भी उन्हें बचा न सका। घटना के दौरान पास में ही किसी ने इसका वीडियो बना लिया था, जो इस वक्त सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। क्रूर घटना से जुड़ी इस क्लिप में आरोपी ने बाप-बेटे के संबंध को तार-तार कर दिया। पिता हाथ जोड़ कर गिड़गिड़ा रहा था, जबकि उसका बड़ा बेटा उन पर तड़ातड़ डंडे बरसाए जा रहा था। यह रोंगटे खड़ कर देने वाला मामला यहां के कुशीनगर जिले का है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नौका टोला इलाके में नुरूल इस्लाम उर्फ हत्थू सपरिवार रहते हैं। अधिक उम्र होने के चलते उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। यही वजह है कि करीब चार साल पहले उन्हें दोनों बेटों- मोनू व रहीम ने घर से भगा दिया था। घर से निकाले जाने के बाद भी वह वापस लौट आते थे। सोमवार को भी कुछ ऐसा ही हुआ, मगर इस बार उनके बेटे अपना आपा खो बैठे। पिता जैसे ही घर पहुंचे तो मोनू उन्हें गालियां देकर दुत्कारने लगा। पिता ने विरोध में ईंट फेंकी तो बेटे ने उन्हें पेड़ से बांधकर बुरी तरह पीटा। हालांकि, इस दौरा छोटा बेटा उन्हें बचाने आया था, लेकिन बड़ा बेटा उस पर भी चिल्लाने लगा। आसपास के लोगों ने मामले में दखल इसलिए नहीं दी, क्योंकि गुस्से में बड़ा बेटा पड़ोसियों को भी गालियां दे रहा था। हंगामा बढ़ता देख किसी पड़ोसी ने आरोपी बेटे की इस हरकत के बारे में पुलिस को इत्तेला की, जिसके बाद पुलिसकर्मी उसे अपने साथ थाने ले गए। हालांकि, पुलिस ने कुछ देर बाद दोनों भाइयों को छोड़ दिया था। |
गत दिनों आनलाइन आयोजित एक कार्यक्रम में 'वाटर एन एलीमेन्ट आफ लाईफ' पुस्तक का विमोचन हुआ। इसके मुख्य अतिथि थे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह श्री दत्तात्रेय होसबाले। उन्होंने कहा कि जल के बिना जीवन नहीं है। जल स्वयं में एक शक्ति है। सभ्यताओं का विकास भी नदी के तटों पर ही हुआ है। जल कूटनीतिक अस्त्र भी है। जल की रक्षा करना अपना कर्तव्य भी है और जीवन का अविभाज्य अंग भी है।
विश्व हिन्दू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष श्री आलोक कुमार ने कहा कि पानी पर अधिकार संविधान के तहत जीवन के अधिकार के तहत स्वतः ही आता है। पानी मौलिक अधिकार है। पानी का निजीकरण स्वीकार्य नहीं है। सरकार पानी की न्यासी है। सबको पानी मिले यह उनका अधिकार है। सरकार को इसकी व्यवस्था करनी चाहिए। दिल्ली स्कूल आफ इकोनोमिक्स के प्रोफेसर राम सिंह ने कहा कि पानी की कीमत होगी तो गरीब व्यक्ति को पानी मिलना मुश्किल हो जाएगा। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र, नई दिल्ली के अध्यक्ष श्री राम बहादुर राय ने कहा कि यमुना को जीवित करना चाहिए।
पुस्तक के लेखक श्री गोपाल कृष्ण अग्रवाल एवं श्रीमती युथिका अग्रवाल ने पुस्तक के बारे में बताया। बता दें कि पुस्तक के लेखक 'जलाधिकार फाउंडेशन' नामक एक संगठन के अध्यक्ष हैं। इस नाते वे जल के क्षेत्र में कई वर्ष से कार्य कर रहे हैं। पुस्तक में उन्होंने अपने उन्हीं कार्यों और अनुभवों को समेटने का प्रयास किया है।
| गत दिनों आनलाइन आयोजित एक कार्यक्रम में 'वाटर एन एलीमेन्ट आफ लाईफ' पुस्तक का विमोचन हुआ। इसके मुख्य अतिथि थे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह श्री दत्तात्रेय होसबाले। उन्होंने कहा कि जल के बिना जीवन नहीं है। जल स्वयं में एक शक्ति है। सभ्यताओं का विकास भी नदी के तटों पर ही हुआ है। जल कूटनीतिक अस्त्र भी है। जल की रक्षा करना अपना कर्तव्य भी है और जीवन का अविभाज्य अंग भी है। विश्व हिन्दू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष श्री आलोक कुमार ने कहा कि पानी पर अधिकार संविधान के तहत जीवन के अधिकार के तहत स्वतः ही आता है। पानी मौलिक अधिकार है। पानी का निजीकरण स्वीकार्य नहीं है। सरकार पानी की न्यासी है। सबको पानी मिले यह उनका अधिकार है। सरकार को इसकी व्यवस्था करनी चाहिए। दिल्ली स्कूल आफ इकोनोमिक्स के प्रोफेसर राम सिंह ने कहा कि पानी की कीमत होगी तो गरीब व्यक्ति को पानी मिलना मुश्किल हो जाएगा। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र, नई दिल्ली के अध्यक्ष श्री राम बहादुर राय ने कहा कि यमुना को जीवित करना चाहिए। पुस्तक के लेखक श्री गोपाल कृष्ण अग्रवाल एवं श्रीमती युथिका अग्रवाल ने पुस्तक के बारे में बताया। बता दें कि पुस्तक के लेखक 'जलाधिकार फाउंडेशन' नामक एक संगठन के अध्यक्ष हैं। इस नाते वे जल के क्षेत्र में कई वर्ष से कार्य कर रहे हैं। पुस्तक में उन्होंने अपने उन्हीं कार्यों और अनुभवों को समेटने का प्रयास किया है। |
डेंगू हेमरेजिक फीवर के अलावा अब कोरोना मरीजों में भी प्लेटलेट्स कम हो रहे हैं। कई मरीजों की सीबीसी (कंप्लीट ब्लड काउंट) जांच में इसकी तस्दीक हुई है। डॉक्टर अब तीन से चार दिन बुखार होने पर डेंगू जांच की सलाह भी दे रहे हैं। डॉक्टरों की मानें तो मरीज के प्लेटलेट्स कम होने पर पहली शंका डेंगू की ओर जाती है, लेकिन कई कोरोना मरीजों के प्लेटलेट्स कम होने पर जांच कराई गई तो उनकी डेंगू रिपोर्ट निगेटिव आई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह दोहरी चिंता की बात है। एक तरफ मरीजों को कोविड-19 वायरस का अटैक झेलना पड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर प्लेटलेट्स कम होने पर ब्रेन हेमरेज का भी खतरा है। ऐसी स्थिति में बुखार के मरीजों को उनका प्लेटलेट काउंट समय-समय पर जांच कराते रहना चाहिए। जिससे सही समय पर प्लेटलेट्स को कम होने से रोका जा सके, अगर इसमें लापरवाही बरती गई तो यह खतरनाक हो सकता है।
गोरखपुर जिले के रुस्तमपुर के रहने वाले विनय कुमार कोरोना संक्रमण की चपेट में आ गए थे। बुखार के साथ सर्दी और जुकाम की भी शिकायत थी। डॉक्टरों की सलाह पर सीबीसी कराई गई तो पता चला कि प्लेटलेट्स 40 हजार के आसपास आ गए हैं लेकिन डेंगू की रिपोर्ट निगेटिव थी। जिला अस्पताल के एक डॉक्टर भी पॉजिटिव हुए थे। उन्होंने भी सीबीसी जांच कराई, तो प्लेटलेट्स 40 हजार के आसपास पहुंच गए थे, लेकिन निगेटिव होने के बाद उनके प्लेटलेट्स फिर से मेंटेन हो गए। प्लेटलेट्स घटने के ऐसे मामले सर्दी-जुकाम और बुखार के 40 प्रतिशत मरीजों में सामने आ रहे हैं।
जिला अस्पताल के डॉक्टर राजेश कुमार ने बताया कि कोरोना मरीजों में प्लेटलेट्स घटने की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। जिन मरीजों में कोरोना के कारण बुखार और सर्दी-जुकाम के लक्षण हैं, उनमें प्लेटलेट्स लगातार कम हो रहे हैं, लेकिन उनमें डेंगू की शिकायत नहीं मिल रही है। ऐसी स्थिति में सावधान रहने की जरूरत है, अगर 30 हजार से कम प्लेटलेट्स हो जाते हैं, तो ऐसे मरीजों के शरीर पर लाल चकत्ते हो सकते हैं। पेशाब लाल हो सकता है। मल काला हो सकता है। नाक और मुंह से खून आ सकता है। ऐसे में मरीजों को ब्रेन हेमरेज का खतरा हो सकता है। ऐसी स्थिति में मरीजों को तत्काल प्लेटलेट्स की जरूरत पड़ेगी। सामान्य तौर पर एक मनुष्य में डेढ़ से चार लाख क्यूबिक एमएम तक प्लेटलेट्स रहने चाहिए।
एलोपैथी चिकित्सा पद्धति में प्लेटलेट्स बढ़ाने के लिए प्लेटलेट्स चढ़ाने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है। लेकिन आयुर्वेद में प्लेटलेट्स बढ़ाने के कई कारगर तरीके हैं। इनमें गिलोय का सेवन, खाली पेट पपीते के पत्ते को पीस कर पीना, चुकंदर और खजूर के सेवन के साथ नारियल पानी का उपयोग करना शामिल है।
| डेंगू हेमरेजिक फीवर के अलावा अब कोरोना मरीजों में भी प्लेटलेट्स कम हो रहे हैं। कई मरीजों की सीबीसी जांच में इसकी तस्दीक हुई है। डॉक्टर अब तीन से चार दिन बुखार होने पर डेंगू जांच की सलाह भी दे रहे हैं। डॉक्टरों की मानें तो मरीज के प्लेटलेट्स कम होने पर पहली शंका डेंगू की ओर जाती है, लेकिन कई कोरोना मरीजों के प्लेटलेट्स कम होने पर जांच कराई गई तो उनकी डेंगू रिपोर्ट निगेटिव आई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह दोहरी चिंता की बात है। एक तरफ मरीजों को कोविड-उन्नीस वायरस का अटैक झेलना पड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर प्लेटलेट्स कम होने पर ब्रेन हेमरेज का भी खतरा है। ऐसी स्थिति में बुखार के मरीजों को उनका प्लेटलेट काउंट समय-समय पर जांच कराते रहना चाहिए। जिससे सही समय पर प्लेटलेट्स को कम होने से रोका जा सके, अगर इसमें लापरवाही बरती गई तो यह खतरनाक हो सकता है। गोरखपुर जिले के रुस्तमपुर के रहने वाले विनय कुमार कोरोना संक्रमण की चपेट में आ गए थे। बुखार के साथ सर्दी और जुकाम की भी शिकायत थी। डॉक्टरों की सलाह पर सीबीसी कराई गई तो पता चला कि प्लेटलेट्स चालीस हजार के आसपास आ गए हैं लेकिन डेंगू की रिपोर्ट निगेटिव थी। जिला अस्पताल के एक डॉक्टर भी पॉजिटिव हुए थे। उन्होंने भी सीबीसी जांच कराई, तो प्लेटलेट्स चालीस हजार के आसपास पहुंच गए थे, लेकिन निगेटिव होने के बाद उनके प्लेटलेट्स फिर से मेंटेन हो गए। प्लेटलेट्स घटने के ऐसे मामले सर्दी-जुकाम और बुखार के चालीस प्रतिशत मरीजों में सामने आ रहे हैं। जिला अस्पताल के डॉक्टर राजेश कुमार ने बताया कि कोरोना मरीजों में प्लेटलेट्स घटने की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। जिन मरीजों में कोरोना के कारण बुखार और सर्दी-जुकाम के लक्षण हैं, उनमें प्लेटलेट्स लगातार कम हो रहे हैं, लेकिन उनमें डेंगू की शिकायत नहीं मिल रही है। ऐसी स्थिति में सावधान रहने की जरूरत है, अगर तीस हजार से कम प्लेटलेट्स हो जाते हैं, तो ऐसे मरीजों के शरीर पर लाल चकत्ते हो सकते हैं। पेशाब लाल हो सकता है। मल काला हो सकता है। नाक और मुंह से खून आ सकता है। ऐसे में मरीजों को ब्रेन हेमरेज का खतरा हो सकता है। ऐसी स्थिति में मरीजों को तत्काल प्लेटलेट्स की जरूरत पड़ेगी। सामान्य तौर पर एक मनुष्य में डेढ़ से चार लाख क्यूबिक एमएम तक प्लेटलेट्स रहने चाहिए। एलोपैथी चिकित्सा पद्धति में प्लेटलेट्स बढ़ाने के लिए प्लेटलेट्स चढ़ाने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है। लेकिन आयुर्वेद में प्लेटलेट्स बढ़ाने के कई कारगर तरीके हैं। इनमें गिलोय का सेवन, खाली पेट पपीते के पत्ते को पीस कर पीना, चुकंदर और खजूर के सेवन के साथ नारियल पानी का उपयोग करना शामिल है। |
Quick links:
महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (Maharashtra Public Service Commission) ने महाराष्ट्र अधीनस्थ सेवा गैर-राजपत्रित (Maharashtra Subordinate Services Non-Gazetted), ग्रुप-बी प्रारंभिक परीक्षा 2021 के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। वहीं जो उम्मीदवार MPSC सबोर्डिनेट सर्विस एग्जाम प्रारंभिक परीक्षा के लिए आवेदन करना चाहते हैं, वे आज यानी 29 अक्टूबर 2021 से अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। साथ ही आवेदन जमा करने की आखिरी तारीख 19 नवंबर 2021 तय की गई है।
बता दें कि इस भर्ती प्रक्रिया में कुल 666 रिक्त पदों पर भर्ती की जाएगी। उम्मीदवार यहां महत्वपूर्ण तारीख, शैक्षणिक योग्यता, अनुभव, सलेक्शन मानदंड और अन्य डिटेल्स अप्लाई करने से पहले देख सकते हैं।
डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग के माध्यम से परीक्षा शुल्क का भुगतान करें या ई-चालान के माध्यम से ऑफलाइन भी पेमेंट कर सकते हैं।
| Quick links: महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग ने महाराष्ट्र अधीनस्थ सेवा गैर-राजपत्रित , ग्रुप-बी प्रारंभिक परीक्षा दो हज़ार इक्कीस के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। वहीं जो उम्मीदवार MPSC सबोर्डिनेट सर्विस एग्जाम प्रारंभिक परीक्षा के लिए आवेदन करना चाहते हैं, वे आज यानी उनतीस अक्टूबर दो हज़ार इक्कीस से अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। साथ ही आवेदन जमा करने की आखिरी तारीख उन्नीस नवंबर दो हज़ार इक्कीस तय की गई है। बता दें कि इस भर्ती प्रक्रिया में कुल छः सौ छयासठ रिक्त पदों पर भर्ती की जाएगी। उम्मीदवार यहां महत्वपूर्ण तारीख, शैक्षणिक योग्यता, अनुभव, सलेक्शन मानदंड और अन्य डिटेल्स अप्लाई करने से पहले देख सकते हैं। डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग के माध्यम से परीक्षा शुल्क का भुगतान करें या ई-चालान के माध्यम से ऑफलाइन भी पेमेंट कर सकते हैं। |
IMD Weather Forecast: भारत मौसम विज्ञान विभाग की ओर से गुजरात, मध्यप्रदेश और राजस्थान के कुछ इलाकों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. आईएमडी ने गुजरात में भारी बारिश के लिए रेड नोटिस और मंगलवार को असाधारण भारी बारिश (204.4 मिमी से अधिक) की संभावना के साथ भारी बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है.
IMD Weather Forecast: भारत मौसम विज्ञान विभाग की ओर से गुजरात, मध्यप्रदेश और राजस्थान के कुछ इलाकों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. आईएमडी ने गुजरात में भारी बारिश के लिए रेड नोटिस और मंगलवार को असाधारण भारी बारिश (204.4 मिमी से अधिक) की संभावना के साथ भारी बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है.
पश्चिम मध्यप्रदेश और उत्तरी कोंकण में सोमवार को साथ ही उत्तरी मध्य महाराष्ट्र में हल्की से मध्यम बारिश और बिजली गिरने की संभावना है. बुधवार तक कच्छ में मौसम का ऐसा ही रुख रहने का अनुमान है.
इसकी अत्यधिक संभावना है कि उत्तराखंड में सोमवार को भारी बारिश के साथ-साथ हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं. जम्मू संभाग, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और उत्तरी उत्तर प्रदेश में भी इसी तरह का मौसम रहने का अनुमान है.
ऑरेंज अलर्ट जारी होने के कारण सोमवार को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भारी से बहुत भारी बारिश की भविष्यवाणी की गई है. अनुमान है कि उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बुधवार और गुरुवार को हल्की से मध्यम भारी बारिश होगी, साथ ही मंगलवार और बुधवार को गंगीय पश्चिम बंगाल में हल्की से मध्यम भारी बारिश होगी.
गुरुवार को झारखंड में भी सोमवार से गुरुवार तक पूरे ओडिशा जैसा ही मौसम रहने की उम्मीद है. 21 सितंबर को, पश्चिम बंगाल और हिमालय के नीचे सिक्किम में कुछ छिटपुट, बहुत तेज़ बारिश होने की संभावना है.
नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में गुरुवार तक हल्की से मध्यम भारी बारिश और गरज के साथ बारिश होने की संभावना है. असम और मेघालय में सोमवार से गुरुवार तक और अरुणाचल प्रदेश में बुधवार और गुरुवार को इसी तरह के मौसम की भविष्यवाणी की गई है.
बुधवार और गुरुवार को असम, मेघालय, नागालैंड और मणिपुर के साथ-साथ गुरुवार को अरुणाचल प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश होने की बहुत अच्छी संभावना है.
(एजेंसी इनपुट के साथ)
| IMD Weather Forecast: भारत मौसम विज्ञान विभाग की ओर से गुजरात, मध्यप्रदेश और राजस्थान के कुछ इलाकों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. आईएमडी ने गुजरात में भारी बारिश के लिए रेड नोटिस और मंगलवार को असाधारण भारी बारिश की संभावना के साथ भारी बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. IMD Weather Forecast: भारत मौसम विज्ञान विभाग की ओर से गुजरात, मध्यप्रदेश और राजस्थान के कुछ इलाकों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. आईएमडी ने गुजरात में भारी बारिश के लिए रेड नोटिस और मंगलवार को असाधारण भारी बारिश की संभावना के साथ भारी बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. पश्चिम मध्यप्रदेश और उत्तरी कोंकण में सोमवार को साथ ही उत्तरी मध्य महाराष्ट्र में हल्की से मध्यम बारिश और बिजली गिरने की संभावना है. बुधवार तक कच्छ में मौसम का ऐसा ही रुख रहने का अनुमान है. इसकी अत्यधिक संभावना है कि उत्तराखंड में सोमवार को भारी बारिश के साथ-साथ हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं. जम्मू संभाग, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और उत्तरी उत्तर प्रदेश में भी इसी तरह का मौसम रहने का अनुमान है. ऑरेंज अलर्ट जारी होने के कारण सोमवार को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भारी से बहुत भारी बारिश की भविष्यवाणी की गई है. अनुमान है कि उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बुधवार और गुरुवार को हल्की से मध्यम भारी बारिश होगी, साथ ही मंगलवार और बुधवार को गंगीय पश्चिम बंगाल में हल्की से मध्यम भारी बारिश होगी. गुरुवार को झारखंड में भी सोमवार से गुरुवार तक पूरे ओडिशा जैसा ही मौसम रहने की उम्मीद है. इक्कीस सितंबर को, पश्चिम बंगाल और हिमालय के नीचे सिक्किम में कुछ छिटपुट, बहुत तेज़ बारिश होने की संभावना है. नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में गुरुवार तक हल्की से मध्यम भारी बारिश और गरज के साथ बारिश होने की संभावना है. असम और मेघालय में सोमवार से गुरुवार तक और अरुणाचल प्रदेश में बुधवार और गुरुवार को इसी तरह के मौसम की भविष्यवाणी की गई है. बुधवार और गुरुवार को असम, मेघालय, नागालैंड और मणिपुर के साथ-साथ गुरुवार को अरुणाचल प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश होने की बहुत अच्छी संभावना है. |
उत्तर प्रदेश के बागपत की रहने वाली 89 वर्षीय चंद्रो तोमर बीते 26 अप्रैल को कोरोना पॉज़िटिव पायी गयीं थी. सांस लेने में परेशानी के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था.
बॉलीवुड फ़िल्म 'सांड की आंख' (Saand Ki Aankh) से चर्चा में आईं 'शूटर दादी' (Shooter Dadi) के नाम से मशहूर चंद्रो तोमर (Chandro Tomar) का आज, शुक्रवार को निधन हो गया. शूटर दादी कोरोना से पीड़ित थीं और उनका मेरठ के एक अस्पताल में इलाज चल रहा था.
उत्तर प्रदेश के बागपत की रहने वाली 89 वर्षीय चंद्रो तोमर बीते 26 अप्रैल को कोरोना पॉज़िटिव पायी गयीं थी. सांस लेने में परेशानी के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था.
60 की उम्र में निशानेबाजी शुरू करने वाली चंद्रो तोमर ने निशानेबाजी में राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर कई मेडल अपने नाम कर चुकी हैं. निर्देशक अनुराग कश्यप ने उनके जीवन पर आधारित एक फ़िल्म 'सांड की आंख' बनाई थी, जिसके बाद शूटर दादी को दुनियाभर में पहचान मिली थी. वह दुनियाभर में सबसे उम्रदराज शूटर मानी जाती थीं.
शूटर दादी के निधन की ख़बर से बॉलीवुड में भी शोक की लहर दौड़ गई. अभिनेत्री भूमि पेडनेकर, तापसी पन्नू और अभिनेता रणदीप हुड्डा ने सोशल मीडिया पर दादी के साथ तस्वीर शेयर करते हुए उनके निधन पर शोक जताया.
| उत्तर प्रदेश के बागपत की रहने वाली नवासी वर्षीय चंद्रो तोमर बीते छब्बीस अप्रैल को कोरोना पॉज़िटिव पायी गयीं थी. सांस लेने में परेशानी के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था. बॉलीवुड फ़िल्म 'सांड की आंख' से चर्चा में आईं 'शूटर दादी' के नाम से मशहूर चंद्रो तोमर का आज, शुक्रवार को निधन हो गया. शूटर दादी कोरोना से पीड़ित थीं और उनका मेरठ के एक अस्पताल में इलाज चल रहा था. उत्तर प्रदेश के बागपत की रहने वाली नवासी वर्षीय चंद्रो तोमर बीते छब्बीस अप्रैल को कोरोना पॉज़िटिव पायी गयीं थी. सांस लेने में परेशानी के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था. साठ की उम्र में निशानेबाजी शुरू करने वाली चंद्रो तोमर ने निशानेबाजी में राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर कई मेडल अपने नाम कर चुकी हैं. निर्देशक अनुराग कश्यप ने उनके जीवन पर आधारित एक फ़िल्म 'सांड की आंख' बनाई थी, जिसके बाद शूटर दादी को दुनियाभर में पहचान मिली थी. वह दुनियाभर में सबसे उम्रदराज शूटर मानी जाती थीं. शूटर दादी के निधन की ख़बर से बॉलीवुड में भी शोक की लहर दौड़ गई. अभिनेत्री भूमि पेडनेकर, तापसी पन्नू और अभिनेता रणदीप हुड्डा ने सोशल मीडिया पर दादी के साथ तस्वीर शेयर करते हुए उनके निधन पर शोक जताया. |
दोपहर के भोजन के लिए सलाद एक उत्कृष्ट विकल्प है, क्योंकि वे पोषक तत्वों से भरे होते हैं, बनाने में आसान होते हैं, और पहले से तैयार किए जा सकते हैं। सलाद न केवल स्वादिष्ट होता है बल्कि बनाने में भी आसान होता है। यदि आप एक समय का भोजन छोड़ना चाहते हैं या वजन घटाने के विकल्प की तलाश कर रहे हैं तो सलाद आपके दोपहर के भोजन को बदलने का सबसे अच्छा विकल्प हो सकता है। अन्य आहार योजनाओं की तुलना में यह काफी सुविधाजनक है क्योंकि आप अपनी पसंद या विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुसार सलाद को अनुकूलित कर सकते हैं।
यदि आप वजन घटाने की दिनचर्या का पालन कर रहे हैं, तो सभी सलाद आपके लिए उपयुक्त नहीं हो सकते हैं क्योंकि उनमें से कई अस्वास्थ्यकर टॉपिंग और ड्रेसिंग से भरे हो सकते हैं। हालांकि, बहुत सारे त्वरित और स्वस्थ सलाद विकल्प हैं जो पौष्टिक और संतोषजनक दोनों हैं। चाहे आप शाकाहारी, शाकाहारी, या उच्च-प्रोटीन विकल्प की तलाश कर रहे हों, विकल्प कई हैं। तो, अपना पसंदीदा सलाद कटोरा लें और एक स्वादिष्ट और स्वस्थ लंच बनाने के लिए तैयार हो जाएं।
यह क्लासिक भूमध्यसागरीय सलाद दोपहर के भोजन के लिए एक स्वस्थ और ताज़ा विकल्प है। इसमें टमाटर, खीरा, लाल प्याज, कलामाता जैतून, फ़ेटा चीज़, और जैतून के तेल, नींबू के रस और अजवायन से बनी एक साधारण ड्रेसिंग शामिल है।
यह सलाद प्रोटीन और स्वस्थ वसा से भरा हुआ है, ग्रिल्ड चिकन और एवोकैडो के लिए धन्यवाद। एक स्वादिष्ट और पौष्टिक दोपहर के भोजन के लिए कुछ चेरी टमाटर, खीरे के स्लाइस और फ़ेटा चीज़ छिड़कें।
क्विनोआ प्रोटीन और फाइबर का एक बड़ा स्रोत है, जो इसे एक पेट भरने वाला और स्वस्थ दोपहर के भोजन का विकल्प बनाता है। शकरकंद, शिमला मिर्च, और ब्रोकोली जैसी अपनी पसंदीदा सब्जियों को भूनें, और एक भरने और स्वादिष्ट सलाद के लिए कुछ पके हुए क्विनोआ के साथ टॉस करें। पुदीना या अजमोद जैसी कुछ ताज़ी जड़ी-बूटियाँ और जैतून का तेल, नींबू का रस और शहद से बना एक साधारण ड्रेसिंग जोड़ें। अतिरिक्त स्वाद के लिए इसके ऊपर हम्मस या ताहिनी ड्रेसिंग डालें।
कॉब सलाद एक प्रोटीन से भरपूर सलाद है जिसमें ग्रिल्ड चिकन, हार्ड-उबले अंडे, एवोकैडो, बेकन, टमाटर और ब्लू चीज़ शामिल हैं। आप एक हल्की ड्रेसिंग का उपयोग कर सकते हैं या साइड में क्रीमी ड्रेसिंग का विकल्प चुन सकते हैं।
एक स्वस्थ संस्करण के लिए अपने ट्यूना सलाद में यूनानी दही के लिए मेयो को स्वैप करें। यह एक त्वरित और आसान दोपहर के भोजन का विकल्प है जो डिब्बाबंद टूना को डाइस्ड अजवाइन, लाल प्याज और नींबू के रस के साथ मिलाकर बनाया जाता है। ताज़ा दोपहर के भोजन के लिए इसे कुछ कटे हुए ककड़ी और चेरी टमाटर के साथ मिश्रित साग के साथ परोसें।
यह रंगीन सलाद लाल पत्तागोभी, गाजर, और शिमला मिर्च जैसी सब्जियों और छोले जैसे पौधों पर आधारित प्रोटीन से भरा हुआ है। एक हल्के और ताज़ा दोपहर के भोजन के विकल्प के लिए एक साधारण जैतून का तेल और सिरका ड्रेसिंग के साथ बूंदा बांदी करें।
| दोपहर के भोजन के लिए सलाद एक उत्कृष्ट विकल्प है, क्योंकि वे पोषक तत्वों से भरे होते हैं, बनाने में आसान होते हैं, और पहले से तैयार किए जा सकते हैं। सलाद न केवल स्वादिष्ट होता है बल्कि बनाने में भी आसान होता है। यदि आप एक समय का भोजन छोड़ना चाहते हैं या वजन घटाने के विकल्प की तलाश कर रहे हैं तो सलाद आपके दोपहर के भोजन को बदलने का सबसे अच्छा विकल्प हो सकता है। अन्य आहार योजनाओं की तुलना में यह काफी सुविधाजनक है क्योंकि आप अपनी पसंद या विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुसार सलाद को अनुकूलित कर सकते हैं। यदि आप वजन घटाने की दिनचर्या का पालन कर रहे हैं, तो सभी सलाद आपके लिए उपयुक्त नहीं हो सकते हैं क्योंकि उनमें से कई अस्वास्थ्यकर टॉपिंग और ड्रेसिंग से भरे हो सकते हैं। हालांकि, बहुत सारे त्वरित और स्वस्थ सलाद विकल्प हैं जो पौष्टिक और संतोषजनक दोनों हैं। चाहे आप शाकाहारी, शाकाहारी, या उच्च-प्रोटीन विकल्प की तलाश कर रहे हों, विकल्प कई हैं। तो, अपना पसंदीदा सलाद कटोरा लें और एक स्वादिष्ट और स्वस्थ लंच बनाने के लिए तैयार हो जाएं। यह क्लासिक भूमध्यसागरीय सलाद दोपहर के भोजन के लिए एक स्वस्थ और ताज़ा विकल्प है। इसमें टमाटर, खीरा, लाल प्याज, कलामाता जैतून, फ़ेटा चीज़, और जैतून के तेल, नींबू के रस और अजवायन से बनी एक साधारण ड्रेसिंग शामिल है। यह सलाद प्रोटीन और स्वस्थ वसा से भरा हुआ है, ग्रिल्ड चिकन और एवोकैडो के लिए धन्यवाद। एक स्वादिष्ट और पौष्टिक दोपहर के भोजन के लिए कुछ चेरी टमाटर, खीरे के स्लाइस और फ़ेटा चीज़ छिड़कें। क्विनोआ प्रोटीन और फाइबर का एक बड़ा स्रोत है, जो इसे एक पेट भरने वाला और स्वस्थ दोपहर के भोजन का विकल्प बनाता है। शकरकंद, शिमला मिर्च, और ब्रोकोली जैसी अपनी पसंदीदा सब्जियों को भूनें, और एक भरने और स्वादिष्ट सलाद के लिए कुछ पके हुए क्विनोआ के साथ टॉस करें। पुदीना या अजमोद जैसी कुछ ताज़ी जड़ी-बूटियाँ और जैतून का तेल, नींबू का रस और शहद से बना एक साधारण ड्रेसिंग जोड़ें। अतिरिक्त स्वाद के लिए इसके ऊपर हम्मस या ताहिनी ड्रेसिंग डालें। कॉब सलाद एक प्रोटीन से भरपूर सलाद है जिसमें ग्रिल्ड चिकन, हार्ड-उबले अंडे, एवोकैडो, बेकन, टमाटर और ब्लू चीज़ शामिल हैं। आप एक हल्की ड्रेसिंग का उपयोग कर सकते हैं या साइड में क्रीमी ड्रेसिंग का विकल्प चुन सकते हैं। एक स्वस्थ संस्करण के लिए अपने ट्यूना सलाद में यूनानी दही के लिए मेयो को स्वैप करें। यह एक त्वरित और आसान दोपहर के भोजन का विकल्प है जो डिब्बाबंद टूना को डाइस्ड अजवाइन, लाल प्याज और नींबू के रस के साथ मिलाकर बनाया जाता है। ताज़ा दोपहर के भोजन के लिए इसे कुछ कटे हुए ककड़ी और चेरी टमाटर के साथ मिश्रित साग के साथ परोसें। यह रंगीन सलाद लाल पत्तागोभी, गाजर, और शिमला मिर्च जैसी सब्जियों और छोले जैसे पौधों पर आधारित प्रोटीन से भरा हुआ है। एक हल्के और ताज़ा दोपहर के भोजन के विकल्प के लिए एक साधारण जैतून का तेल और सिरका ड्रेसिंग के साथ बूंदा बांदी करें। |
तिरुवनंतपुरम। केरल में अपराध शाखा ने 2. 67 करोड़ मतदाताओं के डाटा लीक होने के मामले में राज्य चुनाव आयोग (एसईसी) की शिकायत पर मामला दर्ज किया है।
संयुक्त मुख्य चुनाव अधिकारी पी कृष्णदासन ने शिकायत की अनुसार तिरुवनंतपुरम स्थिति राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यालय के एक कम्प्यूटर से डाटा लीक हुआ।
उल्लेखनीय है कि राज्य में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला ने डाटा चोरी होने के बाद राज्य में हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में डबल वोटिंग का मुद्दा उठाया था।
चेन्निथला गत मार्च में ने 'ऑपरेशनट्विन्स डॉट कॉम' वेबसाइट के जरिए केरल के 140 विधानसभा क्षेत्रों में 4. 34 लाख फर्जी मतदाताओं की सूची का खुलासा किया था। इससे पहले केरल उच्च न्यायालय ने चुनाव आयोग को निर्देश दिया था कि वह यह सुनिश्चित करे कि लोग सिर्फ एक बार ही मतदान करें।
| तिरुवनंतपुरम। केरल में अपराध शाखा ने दो. सरसठ करोड़ मतदाताओं के डाटा लीक होने के मामले में राज्य चुनाव आयोग की शिकायत पर मामला दर्ज किया है। संयुक्त मुख्य चुनाव अधिकारी पी कृष्णदासन ने शिकायत की अनुसार तिरुवनंतपुरम स्थिति राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यालय के एक कम्प्यूटर से डाटा लीक हुआ। उल्लेखनीय है कि राज्य में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला ने डाटा चोरी होने के बाद राज्य में हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में डबल वोटिंग का मुद्दा उठाया था। चेन्निथला गत मार्च में ने 'ऑपरेशनट्विन्स डॉट कॉम' वेबसाइट के जरिए केरल के एक सौ चालीस विधानसभा क्षेत्रों में चार. चौंतीस लाख फर्जी मतदाताओं की सूची का खुलासा किया था। इससे पहले केरल उच्च न्यायालय ने चुनाव आयोग को निर्देश दिया था कि वह यह सुनिश्चित करे कि लोग सिर्फ एक बार ही मतदान करें। |
पेशाब एकान्त में ही किया जाय। आँगन में या दरवाजे पर पेशान हरगिज़ नहीं करना चाहिए । पेशाब करने की जगह अगर पछी पत्थर और चूने की बनी हो तो उसे पेशाब करने के बाद पानी डाल कर साफ़ कर देनी चाहिए, और १९५१२० दिन में एक बार फिनायल डाल कर धो देनी चाहिए । फिनायल बाजारों में मिलता है । सस्ती चीज़ है - यह किसानों के बड़े काम की है । ढोरों के घाव पर लगा देने से उसमें कीड़े नहीं पड़ते है । पानी में थोड़ा सा फिनायल मिला कर जानवर को नहलाने से पिस्सू चिंचड़ी, जैसे कीड़े जानवरों को नहीं सताते । इकट्ठा सेर आ सेर खरीदने से सस्ता पड़ता है। एक-एक दो-दो पैसे का लेने से नुकसान रहता है। पानी में थोड़ा सा फिनायल डाल कर पेशाव करने की जगह को धो देना चाहिए। अगर पेशाब के लिये मोरी पकी न बनी हो तो जमीन पर एक ही जगह पेशाव नहीं करना चाहिए । क्योंकि एक जगह पेशान करते रहने से वह जगह हमेशा गीली बनी रहेगी; और बदबू पैदा हो कर घर में का हवा को खराब कर देगी । इसलिए पेशान ऐसी जगह करना चाहिए जो सूखी हो, और जहाँ सूरज की धूप उसे सुखा सकती हो । कई लोग रात को एक वर्त्तन में पेशाव करते हैं और सुबह उठा कर घर के दरवाजे पर फेंक देते हैं। यह बहुत बुरा है । पेशाव करने का वर्त्तन मिट्टी का न हो । पीतल, चीनी, या लोहा वगैरः का हो और उसे हर रोज मांज धोकर साफ किया जाय । पेशाब कहीं दूरी पर फेंका जावें, घर के आस-पास फेंक कर घर की हवा न विगाड़ी जावे। रात के वक्त जिस वर्त्तन में पेशाव किया जावे, उसे पेशाब करने के बाद तत्काल ढांक दिया जाय । मुँह
न्चुला रखने से उसमें से भाफ या उसके गन्हें और छोटे-छोटे जीव उड़ कर हवा को खराब करते रहेंगे।
गांवों में टट्टी (पाना ) कोई नहीं बनवाता बच्चे, जवान, बड़े, स्त्री-पुरुष सभी जंगल में पाखाना जाते हैं। यह बहुत ही अच्छी चाल है। परन्तु इसमें थोड़ा सा सुधार होना जरूरी है। वह यह कि गांव से निकल कर, गांव के पास ही लोग पाखाने के लिए न बैठ जाया करें । कम से कम गांव से हो खेत दूरी पर पालाने जाना चाहिये । इससे दो फायदे होंगे । ( १ ) गांव की हवा खरान न होने पावेगी और ( २ ) खेतों में "सुनहलाखाद " पहुँच जावेगा । हमारी यह इच्छा है कि गांवों में, घरों में टट्टी बनाने का रोग न फैलने पावे और सब लोग जंगल ही में पाखाने के लिए जाया करें । बीमारी की हालत में रोगी को घर में हो पाखाना फिरावें, और जहां तक हो सके फौरन उसे हटा कर उस जगह को साफ़ कर दें। संग्रहणी, अतीसार, हैजा वगैरः के रोगियों का पाखाना, जमीन में गाड़ दिया जाय, और फिनायल डाल दिया जाय। छोटे बच्चों के पाखाने जाने की भी एक जगह ठहरा लेनी चाहिए और उसे जहां तक हो सके साथ रखा जाय ।
जिस तरह घर के अन्दर की सफाई जरूरी है, उसी तरह घर के बाहर भी सफाई रखनी चाहिए। गांवों में घर के बाहिर की सफाई पर बहुत ही कम ध्यान दिया जाता है। घर के बाहिर के पास ही में, कचरा-कूड़ा, गोवर, लीड, घास फूस का ढेर लगा रहता है। किसानों के लिए यह कचरा बड़ा ही कीमती होता है, परन्तु घर के पास होने के कारण, यह जहर का काम करता है । वरसात में जो गोधर सड़ता है, उस पर कुँआर महीने की धूप, | पेशाब एकान्त में ही किया जाय। आँगन में या दरवाजे पर पेशान हरगिज़ नहीं करना चाहिए । पेशाब करने की जगह अगर पछी पत्थर और चूने की बनी हो तो उसे पेशाब करने के बाद पानी डाल कर साफ़ कर देनी चाहिए, और एक लाख पचानवे हज़ार एक सौ बीस दिन में एक बार फिनायल डाल कर धो देनी चाहिए । फिनायल बाजारों में मिलता है । सस्ती चीज़ है - यह किसानों के बड़े काम की है । ढोरों के घाव पर लगा देने से उसमें कीड़े नहीं पड़ते है । पानी में थोड़ा सा फिनायल मिला कर जानवर को नहलाने से पिस्सू चिंचड़ी, जैसे कीड़े जानवरों को नहीं सताते । इकट्ठा सेर आ सेर खरीदने से सस्ता पड़ता है। एक-एक दो-दो पैसे का लेने से नुकसान रहता है। पानी में थोड़ा सा फिनायल डाल कर पेशाव करने की जगह को धो देना चाहिए। अगर पेशाब के लिये मोरी पकी न बनी हो तो जमीन पर एक ही जगह पेशाव नहीं करना चाहिए । क्योंकि एक जगह पेशान करते रहने से वह जगह हमेशा गीली बनी रहेगी; और बदबू पैदा हो कर घर में का हवा को खराब कर देगी । इसलिए पेशान ऐसी जगह करना चाहिए जो सूखी हो, और जहाँ सूरज की धूप उसे सुखा सकती हो । कई लोग रात को एक वर्त्तन में पेशाव करते हैं और सुबह उठा कर घर के दरवाजे पर फेंक देते हैं। यह बहुत बुरा है । पेशाव करने का वर्त्तन मिट्टी का न हो । पीतल, चीनी, या लोहा वगैरः का हो और उसे हर रोज मांज धोकर साफ किया जाय । पेशाब कहीं दूरी पर फेंका जावें, घर के आस-पास फेंक कर घर की हवा न विगाड़ी जावे। रात के वक्त जिस वर्त्तन में पेशाव किया जावे, उसे पेशाब करने के बाद तत्काल ढांक दिया जाय । मुँह न्चुला रखने से उसमें से भाफ या उसके गन्हें और छोटे-छोटे जीव उड़ कर हवा को खराब करते रहेंगे। गांवों में टट्टी कोई नहीं बनवाता बच्चे, जवान, बड़े, स्त्री-पुरुष सभी जंगल में पाखाना जाते हैं। यह बहुत ही अच्छी चाल है। परन्तु इसमें थोड़ा सा सुधार होना जरूरी है। वह यह कि गांव से निकल कर, गांव के पास ही लोग पाखाने के लिए न बैठ जाया करें । कम से कम गांव से हो खेत दूरी पर पालाने जाना चाहिये । इससे दो फायदे होंगे । गांव की हवा खरान न होने पावेगी और खेतों में "सुनहलाखाद " पहुँच जावेगा । हमारी यह इच्छा है कि गांवों में, घरों में टट्टी बनाने का रोग न फैलने पावे और सब लोग जंगल ही में पाखाने के लिए जाया करें । बीमारी की हालत में रोगी को घर में हो पाखाना फिरावें, और जहां तक हो सके फौरन उसे हटा कर उस जगह को साफ़ कर दें। संग्रहणी, अतीसार, हैजा वगैरः के रोगियों का पाखाना, जमीन में गाड़ दिया जाय, और फिनायल डाल दिया जाय। छोटे बच्चों के पाखाने जाने की भी एक जगह ठहरा लेनी चाहिए और उसे जहां तक हो सके साथ रखा जाय । जिस तरह घर के अन्दर की सफाई जरूरी है, उसी तरह घर के बाहर भी सफाई रखनी चाहिए। गांवों में घर के बाहिर की सफाई पर बहुत ही कम ध्यान दिया जाता है। घर के बाहिर के पास ही में, कचरा-कूड़ा, गोवर, लीड, घास फूस का ढेर लगा रहता है। किसानों के लिए यह कचरा बड़ा ही कीमती होता है, परन्तु घर के पास होने के कारण, यह जहर का काम करता है । वरसात में जो गोधर सड़ता है, उस पर कुँआर महीने की धूप, |
कोई भी परिवार स्त्री के बिना अधूरा होता है। क्योंकि एक घर को स्वर्ग का रूप देने वाली कोई और नही बल्कि स्त्री ही होती है। स्त्रियों की असली जिंदगी तब शुरू होती है, जब वह किसी के घर की बहू बनती है और उसके ऊपर जिम्मेदारियां आ जाती है। पतिव्रता और स्वामिभक्ति ही एक आदर्श स्त्री की पहचान होती है। महाभारत से ज्ञात होता है कि पांडवों की पत्नी द्रौपदी दुनिया की सबसे अधिक स्वामिभक्त और पतिव्रता नारी रही और पांच पतियों का आशीर्वाद पाकर पांचाली कहलाई। शास्त्रों के मुताबिक द्रौपदी ने अपनी पतिव्रता जिंदगी में एक मिसाल कायम करने के साथ-साथ अन्य स्त्रियों को भी दांपत्य जीवन से जुड़े ऐसे सीख दिए हैं, जिन्हें अपना कर सभी स्त्रियां आदर्श पत्नी बन सकती हैं।
द्रौपदी कहती हैं- जो स्त्रियां अपने मन मे पति को वश में करने का विचार रखती हैं उनकी शादीशुदा जिंदगी सुखद नही होती। क्योंकि उसके ऐसा चाहने से रिश्तो में कड़वाहट पैदा होने लगती है। इसलिए यदि स्त्री को एक सुखद दाम्पत्य जीवन चाहिए तो उसे कभी भी अपने पति के ऊपर राज या उसे वश में करने की कोशिश नही करनी चाहिए। साथ ही यह भी बताया गया कि स्त्रियां पहले से ही अर्धांगिनी होती हैं जिसका मतलब है अपने पति का आधा हिस्सा, जिसके बाद शासन और राज करने जैसी भावना का उत्पन्न होना भी गलत है।
वैसी स्त्रियां जो अपने और पति के बीच की गूढ़ बातों का किसी तीसरे शख्स से साझा करती हैं उनकी जिंदगी हमेशा संकट में गुजरती है। इससे आपके सम्बन्ध का रहस्य खुलने के साथ-साथ खुद का व्यंग्य बन जाता है। जिसे लेकर वो आपके बुरे समय मे गलत फायदा उठा सकते हैं। इसलिए स्त्री को अपनी निजी बातें पति के अलावा किसी से भी साझा नही करना चाहिए। ऐसा करने से आपकी शादीशुदा जिंदगी भी मुसीबत में आ सकती है।
द्रौपदी ने सभी महिलाओ के लिए यह संदेश दिया है कि एक स्त्री के लिए सब कुछ उसका पति ही होता है। इसलिए परिस्थिति कितनी भी बुरी क्यों ना हो, घबराए बिना अपने पति को याद करना चाहिए। क्योंकि एक पतिव्रता नारी के लिए उसका पति ही ज्ञान व शक्ति का भंडार होता है। पति के स्मरण मात्र से शरीर के भीतर ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार होगा।
आखिर बात के तौर पर द्रौपदी ने बताया है कि सभी स्त्रियों को अपने पति को देवता की तरह पूजना चाहिए। उन्हें स्वामी मानकर सेवा करनी चाहिए क्योंकि इस जीवन के मजधार में पति ही आपके सब कुछ हैं। खासकर वैसी स्त्रियों से दूरी बनाकर रखनी चाहिए जो हमेशा गलत सोच रखती हो क्योंकि इससे आपकी जिंदगी पर बुरा प्रभाव पड़ेगा। अपने पति पर सबसे ज्यादा भरोसा करना चाहिए और अपनी सुख-दुख की बातें करनी चाहिए।
| कोई भी परिवार स्त्री के बिना अधूरा होता है। क्योंकि एक घर को स्वर्ग का रूप देने वाली कोई और नही बल्कि स्त्री ही होती है। स्त्रियों की असली जिंदगी तब शुरू होती है, जब वह किसी के घर की बहू बनती है और उसके ऊपर जिम्मेदारियां आ जाती है। पतिव्रता और स्वामिभक्ति ही एक आदर्श स्त्री की पहचान होती है। महाभारत से ज्ञात होता है कि पांडवों की पत्नी द्रौपदी दुनिया की सबसे अधिक स्वामिभक्त और पतिव्रता नारी रही और पांच पतियों का आशीर्वाद पाकर पांचाली कहलाई। शास्त्रों के मुताबिक द्रौपदी ने अपनी पतिव्रता जिंदगी में एक मिसाल कायम करने के साथ-साथ अन्य स्त्रियों को भी दांपत्य जीवन से जुड़े ऐसे सीख दिए हैं, जिन्हें अपना कर सभी स्त्रियां आदर्श पत्नी बन सकती हैं। द्रौपदी कहती हैं- जो स्त्रियां अपने मन मे पति को वश में करने का विचार रखती हैं उनकी शादीशुदा जिंदगी सुखद नही होती। क्योंकि उसके ऐसा चाहने से रिश्तो में कड़वाहट पैदा होने लगती है। इसलिए यदि स्त्री को एक सुखद दाम्पत्य जीवन चाहिए तो उसे कभी भी अपने पति के ऊपर राज या उसे वश में करने की कोशिश नही करनी चाहिए। साथ ही यह भी बताया गया कि स्त्रियां पहले से ही अर्धांगिनी होती हैं जिसका मतलब है अपने पति का आधा हिस्सा, जिसके बाद शासन और राज करने जैसी भावना का उत्पन्न होना भी गलत है। वैसी स्त्रियां जो अपने और पति के बीच की गूढ़ बातों का किसी तीसरे शख्स से साझा करती हैं उनकी जिंदगी हमेशा संकट में गुजरती है। इससे आपके सम्बन्ध का रहस्य खुलने के साथ-साथ खुद का व्यंग्य बन जाता है। जिसे लेकर वो आपके बुरे समय मे गलत फायदा उठा सकते हैं। इसलिए स्त्री को अपनी निजी बातें पति के अलावा किसी से भी साझा नही करना चाहिए। ऐसा करने से आपकी शादीशुदा जिंदगी भी मुसीबत में आ सकती है। द्रौपदी ने सभी महिलाओ के लिए यह संदेश दिया है कि एक स्त्री के लिए सब कुछ उसका पति ही होता है। इसलिए परिस्थिति कितनी भी बुरी क्यों ना हो, घबराए बिना अपने पति को याद करना चाहिए। क्योंकि एक पतिव्रता नारी के लिए उसका पति ही ज्ञान व शक्ति का भंडार होता है। पति के स्मरण मात्र से शरीर के भीतर ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार होगा। आखिर बात के तौर पर द्रौपदी ने बताया है कि सभी स्त्रियों को अपने पति को देवता की तरह पूजना चाहिए। उन्हें स्वामी मानकर सेवा करनी चाहिए क्योंकि इस जीवन के मजधार में पति ही आपके सब कुछ हैं। खासकर वैसी स्त्रियों से दूरी बनाकर रखनी चाहिए जो हमेशा गलत सोच रखती हो क्योंकि इससे आपकी जिंदगी पर बुरा प्रभाव पड़ेगा। अपने पति पर सबसे ज्यादा भरोसा करना चाहिए और अपनी सुख-दुख की बातें करनी चाहिए। |
Tesla In India: दुनिया की सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक कर निर्माता कंपनी टेस्ला ने भारत में कारों को बेचने का फैसला कर लिया है प्रधानमंत्री मोदी के उस दौर के बाद यह लगभग तय हो चुका है कि टेस्ला भारत में उत्पादन शुरू करेगी और जल्द ही इनकी गाड़ियां भी भारतीय सड़कों पर दौड़ती हुई नजर आएंगे। टेस्ट ने आग्रह किया था कि उनकी इंपोर्ट ड्यूटी को कम किया जाए। लेकिन सरकार ने अपना पुराना रुख अपनाते हुए उन्हें भारत में मैन्यूफैक्चरिंग करने की सलाह दी है।
आपको बता दे कि भारत में अगर दूसरी देश से कर को इंपोर्ट किया जाता है तो उसपर 100% का टैक्स लगाया जाता है, जिससे उसकी कीमत दोगुनी हो जाती है। ऐसे में जो कार अमेरिकी मार्केट में 20 लाख की बिक रही है वह भारत में 40 लाख की बिकेगी। बस इसी कारण से टेस्ला भारत में नहीं आ रही थी।
लेकिन अब कंपनी ने फैसला किया है कि वह भारत में ही मैन्युफैक्चरिंग प्लांट को स्थापित करेगी। अभी इस पर आधिकारिक रूप से घोषणा नहीं की गई है। लेकिन बहुत ही जल्दी इसपर जानकारी सामने आ सकती है। टेस्ला का प्लांट अभी US और चीन में स्थित है।
अब बात करें टेस्ला की कारों की कीमत की तो दुनिया भर में बिक रही टेस्ला करो में सबसे सस्ती Model 3 है, जिसकी शुरुआती कीमत 30 लाख रुपए है। लेकिन भारत के लिए टेस्ला अपनी सबसे सस्ती कार को लॉन्च करेगी जिसकी कीमत 20 लाख रुपए होने वाली है। जानकारों ने बताया है की भारत के लिए टेस्ला (Tesla) ने नई कार को डिजाइन कर सकती है।
क्योंकि यह एक प्राइस सेंसिटिव मार्केट है और 20 लाख की कीमत पर कर लाने से कंपनी को एक अच्छी शुरुआत मिल सकती है। वहीं अगर 30 से 40 लख रुपए की कारों को लांच किया गया तो यह कंपनी की शुरुआत के लिए अच्छा नहीं होगा। कई मीडिया पोर्टल ने यह खबर भी छपा है कि टेस्ला भारत में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को स्थापित करेगी जो सालाना ₹5 लाख कारों का निर्माण करने की क्षमता रखने वाली है। कंपनी के लिए भारत में स्थापित होना एक बड़ी चुनौती होगी क्योंकि यहां पर पहले से ही Tata, Hyundai, Kia और Mahindra जैसी कंपनी अपना कब्जा जमा चुकी है। ऐसे में कीमत ही टेस्ला को भारत में एक अच्छी शुरुआत दे सकती है।
| Tesla In India: दुनिया की सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक कर निर्माता कंपनी टेस्ला ने भारत में कारों को बेचने का फैसला कर लिया है प्रधानमंत्री मोदी के उस दौर के बाद यह लगभग तय हो चुका है कि टेस्ला भारत में उत्पादन शुरू करेगी और जल्द ही इनकी गाड़ियां भी भारतीय सड़कों पर दौड़ती हुई नजर आएंगे। टेस्ट ने आग्रह किया था कि उनकी इंपोर्ट ड्यूटी को कम किया जाए। लेकिन सरकार ने अपना पुराना रुख अपनाते हुए उन्हें भारत में मैन्यूफैक्चरिंग करने की सलाह दी है। आपको बता दे कि भारत में अगर दूसरी देश से कर को इंपोर्ट किया जाता है तो उसपर एक सौ% का टैक्स लगाया जाता है, जिससे उसकी कीमत दोगुनी हो जाती है। ऐसे में जो कार अमेरिकी मार्केट में बीस लाख की बिक रही है वह भारत में चालीस लाख की बिकेगी। बस इसी कारण से टेस्ला भारत में नहीं आ रही थी। लेकिन अब कंपनी ने फैसला किया है कि वह भारत में ही मैन्युफैक्चरिंग प्लांट को स्थापित करेगी। अभी इस पर आधिकारिक रूप से घोषणा नहीं की गई है। लेकिन बहुत ही जल्दी इसपर जानकारी सामने आ सकती है। टेस्ला का प्लांट अभी US और चीन में स्थित है। अब बात करें टेस्ला की कारों की कीमत की तो दुनिया भर में बिक रही टेस्ला करो में सबसे सस्ती Model तीन है, जिसकी शुरुआती कीमत तीस लाख रुपए है। लेकिन भारत के लिए टेस्ला अपनी सबसे सस्ती कार को लॉन्च करेगी जिसकी कीमत बीस लाख रुपए होने वाली है। जानकारों ने बताया है की भारत के लिए टेस्ला ने नई कार को डिजाइन कर सकती है। क्योंकि यह एक प्राइस सेंसिटिव मार्केट है और बीस लाख की कीमत पर कर लाने से कंपनी को एक अच्छी शुरुआत मिल सकती है। वहीं अगर तीस से चालीस लख रुपए की कारों को लांच किया गया तो यह कंपनी की शुरुआत के लिए अच्छा नहीं होगा। कई मीडिया पोर्टल ने यह खबर भी छपा है कि टेस्ला भारत में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को स्थापित करेगी जो सालाना पाँच रुपया लाख कारों का निर्माण करने की क्षमता रखने वाली है। कंपनी के लिए भारत में स्थापित होना एक बड़ी चुनौती होगी क्योंकि यहां पर पहले से ही Tata, Hyundai, Kia और Mahindra जैसी कंपनी अपना कब्जा जमा चुकी है। ऐसे में कीमत ही टेस्ला को भारत में एक अच्छी शुरुआत दे सकती है। |
वीडियो डेस्क। कोरोना की दहशत के बीच एक चौकाने वाली खबर सामने आई। जहां आसमान से उड़ता हुआ आग का गोला जमीन पर गिरता हुआ दिखाई दिया। ये ऑस्ट्रेलिया का घटना है। लेकिन कैमरे में कैद हुए इस दृष्य से लोग सहम गए। हालांकि लोगों का अंदाजा है कि ये गोला रूसी रॉकेट का अवशेष हो सकता है। जो टूटकर गिरा गया हो। लेकिन अचानक गिरे इस गोले ने लोगों में दहशत पैदा कर दी है।
| वीडियो डेस्क। कोरोना की दहशत के बीच एक चौकाने वाली खबर सामने आई। जहां आसमान से उड़ता हुआ आग का गोला जमीन पर गिरता हुआ दिखाई दिया। ये ऑस्ट्रेलिया का घटना है। लेकिन कैमरे में कैद हुए इस दृष्य से लोग सहम गए। हालांकि लोगों का अंदाजा है कि ये गोला रूसी रॉकेट का अवशेष हो सकता है। जो टूटकर गिरा गया हो। लेकिन अचानक गिरे इस गोले ने लोगों में दहशत पैदा कर दी है। |
उस वक्त हिंदी की साप्ताहिक पत्रिका रविवार ने अपनी खोजी और राजनीतिक खबरों के चलते धूम मचा रखी थी। कलकत्ता से प्रकाशित होने वाली इस पत्रिका के संपादक थे एसपी सिंह। वैचारिक पत्रिका में टाइम्स ग्रुप की दिनमान और साहित्यिक क्षेत्र में इसी ग्रुप की पत्रिका 'सारिका' के मुकाबले कमलेश्वर जी द्वारा शुरु की गई 'कथा यात्रा' तेजी से अपना स्थान बना रही थी। धर्मयुग, हिंदुस्तान, कादंबिनी, सरिता आदि पत्रिका वाले इस दौर में हिंदी के साप्ताहिक अखबारों में राष्ट्रीय स्तर पर ब्लिट्ज, करंट, (दोनों अंग्रेजी-हिंदी में प्रकाशित होते थे) वीर अर्जुन और शायद प्रचंड का नाम जाना-पहचाना था।
एक दिन करंट के प्रधान संपादक अयूब सैयद ने अपने केबिन में दोनों एडिशन के स्टॉफ के साथ मीटिंग में साप्ताहिक पत्रिका रविवार को लेकर चर्चा की। उनकी बातचीत से अंदाज लग रहा था कि वो भी कुछ नया करना चाहते हैं, पर कुछ स्पष्ट किया नहीं।
अक्टूबर 1982 में एक दिन गुरु ने अयूब सैयद से हुई चर्चा का हवाला देकर बताया कि अयूब अब टेबलॉयड करंट को वीकली मैग्जिन के रूप में निकालना चाहता है। कुछ दिन बाद तो उन्होंने स्टेट ब्यूरो की मीटिंग ही बुला ली। पटना से राधेश्याम ठाकुर, लखनऊ से गिरधारीलाल पाहवा, जयपुर से चिरंजीव जोशी, वाराणसी से निरंकार सिंह, मुजफ्फरपुर से धर्मेंद्र गुमनाम(अब शायद दिल्ली में है) मप्र से (स्व) बालकवि बैरागी स्टेट ब्यूरो के रूप में बीकेबी (बालकवि बैरागी) रोविंग नाम से खबरे भेजते थे। वो मीटिंग में नहीं आ सके थे।
इस मीटिंग में महामंथन हुआ कि करंट वीकली को रविवार की तरह पत्रिका साइज में निकाला जाए तो क्या रिस्पांस रहेगा। सभी से राय व्यक्त करने को कहा गया। अधिकांश ने अयूब सैयद के आयडिया से इसलिए भी सहमति व्यक्त की क्योंकि 'रविवार' का देश में वही आलम था जैसा बाद में प्रभाष जोशी के नेतृत्व में निकले दैनिक 'जनसत्ता' का रहा।
अयूब सैयद ने भरी मीटिंग में मेरा माजना उतार दिया, बैठ जाओ, बेवकूफों जैसी बात कर रहे हो....
अखबार के कागज, छपाई आदि के खर्चों, सर्कुलेशन आदि का अपने को इतना ज्ञान तो था नहीं। जब बोलने के लिए मेरा नंबर आया तो मैंने कह दिया करंट का पत्रिका के रूप में प्रकाशन शुरु करने के साथ ही कुछ महीनों तक अखबार का भी प्रकाशन जारी रखना चाहिए। जब साप्ताहिक पत्रिका के रूप में करंट की पहचान बन जाए फिर अखबार का प्रकाशन बंद कर दें। ऐसा नहीं करने पर संभव है कि इस बदले हुए आकार-लेआउट आदि को रीडर्स पसंद नहीं करें तो करंट के लिए संकट पैदा हो सकता है।
मेरा सुझाव सुन कर अयूब सैयद भड़क गए कि तुम्हें खर्चों की जानकारी नहीं है, बेवकूफों जैसी बात कर रहे हो, बैठ जाओ। उनके मिजाज देख कर भीगी बिल्ली की तरह अपन भी चुपचाप बैठ गए। सबकी सहमति के बाद तय हो गया कि अभी से हिंदी-अंग्रेजी दोनों एडिशन में सूचना देना शुरु कर दें कि नए साल (1983) से पत्रिका साइज में करंट प्रकाशित किया जाएगा।
मैंने दिसंबर '82 में एक महीने का नोटिस देते हुए अपना इस्तीफा लिख कर गुरु की टेबल पर रख दिया। गुरु चौंक गए, पूछा अब क्या हो गया? मैंने कहा गुरु मुझे नहीं लगता 'करंट' का यह बदला रूप पाठक पसंद कर पाएंगे। उनका कहना था तुम्हें क्यों चिंता हो रही है, क्या अयूब ने यह नहीं सोचा होगा। तुम तो काम करो, जो होगा सब के साथ होगा, नौकरी क्यों छोड़ रहे हो। क्या और किसी अखबार में जा रहे हो? याद आया भोपाल के पंकज पाठक भी कुछ समय करंट में रहे थे पर बाद में वो शायद किसी अन्य अखबार में जुड़ गए या भोपाल लौट गए थे।
मेरा कहना था कहीं बात हुई होती तो क्या आप को पहले नहीं बताता। गुरु अब तो मैं अपने घर ही जा रहा हूं। उन्होंने हंसते हुए मेरा रेजिग्नेशन लैटर टेबल की दराज में रख लिया। दो दिन बाद मैंने फिर याद दिलाई तो डपट कर बोले कबूतर तुम काम करो। करंट से इस्तीफा देने, इंदौर जाने का मन बना लेने का कारण परिवार में मेरा सबसे बड़ा होना, मां-नानी का परेशानियों से जूझने को लेकर कॉलेज दोस्त अनिल मलिक का आए दिन लिखे जाने वाले पत्रों में जिक्र के साथ लिखना कि घर तो कहवाखाना होता जा रहा है। कुछ तो करंट के बदले जाने वाले रूप को लेकर मेरी आशंका और कुछ घर की परेशानियां ऐसे में नौकरी छोड़ना, घर लौट जाने के अलावा कोई विकल्प था नहीं। बहन मीना अपने दम पर सहारा बनी हुई थी किंतु मैंने भी लौटना ही बेहतर समझा।
तीन चार दिन बाद गुरु को फिर याद दिलाया कि दिसंबर का महीना समाप्त होने वाला है, आप अयूब सैयद को बता दो। अंततः उन्होंने मेरा इस्तीफा उन्हें सौंप दिया। अगले दिन अधिकारी जी दोपहर में ऑफिस आए और कुछ देर बाद ही मुझे बुलाकर कहा चलो अयूब सैयद बुला रहे हैं तुम्हें। उनके केबिन में पहुंचे, मेरा लैटर पढ़ते हुए पूछ रहे थे अब क्या हुआ? माहिम में रहने की परेशानी है क्या? पंडित जी अपना एक फ्लैट कफ परेड में खाली पड़ा है, कीर्ति की वहां व्यवस्था करा देते हैं। सेलरी की प्राब्लम है क्या? किसी और अखबार में जा रहे हो क्या?
मैंने कहा कोई प्राब्लम नहीं है, किसी अन्य संस्थान में नहीं, मुझे तो घर ही जाना है। उन्होंने पंडित जी की तरफ देखते हुए कहा ठीक है पंडित जी, जब इसे जाना ही तो जाने दीजिये। इंटरकाम पर अकाउंटेंट जालू कोड़िया से कहा ये कीर्ति ने रिजाइन लैटर दिया है, मैंने एक्सेपट कर लिया है, तुम्हें भिजवा रहा हूं, इसका फुल एंड फायनल हिसाब कर देना। उनसे लैटर लिया, जालू मैडम को देने गया तो वो भी यही सवाल करती रही कि क्यों छोड़ रहे हो? ऑफिस में हलचल होना स्वाभाविक थी।
ऑफिस का प्यून थापा बोल रहा था जाने से पहले आप मेरे रूम पर आना। अगली शाम थापा से पूछा तो बोला माहिम में धारावी में रहता हूं। धारावी यानी एशिया की सबसे बड़ी झोपड़पट्टी वाली अवैध बस्ती। अब इसी धारावी वाली जमीन पर शायद अडानी ग्रुप के नाम टॉउनशिप बनाने का टेंडर पास हुआ है। इसी की तर्ज पर इंदौर के सुदामा नगर को भी तब सबसे बड़ी अवैध कॉलोनी कहा जाता था।
दोनों तरफ झोपड़े और झोपड़ों मे चलते घरेलु-लघु उद्योग, तंग गलियों से पूछते-ढूंढते मैं थापा केजिस 'रूम' पर पहुंचा उस छोटे से झोपड़े में पांच दोस्त रहते थे। ये मुंबई में ही संभव है जहां झोपड़े में दिन गुजारने वाला आदमी रूम का सपना देख सकता है। मैं खुद भी तो वन बीएचके वाले उस हॉल में 125 रु भाड़े में अन्य नौ लोगों के साथ सोता था।
उसके अन्य नेपाली दोस्त रात की शिफ्ट में ड्यूटी पर थे। थापा तो खुद बस्ती में सस्ते खाने वाले ठिये पर खाता था। उसकी आत्मीयता थी, वड़ा पाव और चाय लेकर आया। उसका यह सहज प्रेम अद्भुत ही था। भारी मन से उसने मुझे विदा किया। दूसरे-तीसरे दिन थापा ने आकर कहा एक इलेक्ट्रानिक घड़ी सस्ते में मिल रहा है, आप ले लो। डे एंड डेट, अलार्म वाली सेल घड़ी बमुश्कल 200 रु में महंगी नहीं थी। ये घड़ी इंदौर आने के बाद तक खूब पहनी, सब्जी मंडी में एक रात ज्वाला होटल ( रामअधार) में लगी भीषण आग के दौरान फायर ब्रिगेड की गाड़ी का वॉटर पंप उठाने में पानी की तेज मार हाथ पर ऐसी पड़ी कि उस वॉटरप्रूफ घड़ी ने भी दम तोड़ दिया।
नजदीक आते दिसंबर महीने की आखिरी तारीखों में शायद ही कोई ऐसी रात रही हो जब गुरु के साथ रात में बंबई प्रेस क्लब में नहीं गए हों। पीना-खाना-नाजिया हसन के डिस्को सॉंग पर नाचना चलता था। चाहे शराब हो या सिगरेट जब गुरु के साथ बैठते तो हम इंकार कर ही नहीं सकते थे। जब फिल्मी पार्टियों में पीसी, मुहूर्त आदि के लिए जाता तो पांच-छह पेग-खाना आदि के बाद पीआरओ की गाड़ी नजदीकी लोकल ट्रेन स्टेशन पर ड्रॉप करती। घर पहुंच कर कपड़े धोना, गैलरी में सुखाना और गैलरी में ही दरी बिछाना, चादर ओढ़ने का नियम था। बंबई में ज्यादातर गर्मी का मौसम ही रहता है तो सुबह तक कपड़े सूख जाते थे जिन्हें लांड्री में प्रेस के लिए या धोने के लिए देकर वहीं पर प्रेस किए कपड़े पहन कर ऑफिस के लिए लोकल पकड़ने की आदत हो गई थी।
अब तो नये साल के आगमन पर हर बड़े-छोटे शहर की होटलों, क्लबों में शानदार जश्न होते हैं लेकिन उस दौर में साल की बिदाई-आगमन (थर्टी फर्स्ट) का जश्न मनाने इंदौर सहित अन्य शहरों के युवा बंबई का रुख करते थे। साल के उस अंतिम दिन 31 दिसंबर को जब लोग बंबई आ रहे थे जश्न मनाने तब मैं पवन ट्रेवल्स की बस से इंदौर के लिए टिकट करवा चुका था। बस से टिकट भी इसलिए करवाया कि मेरे साथ सामान के रूप में किताबों से भरा एक थैला था, जिसे लेकर ट्रेन की अपेक्षा बस ही बेहतर लगी थी।
मैंने करंट से इस्तीफा दे दिया है यह जानकारी करंट में साथ रहे और शरद जोशी जी के साथ एक्सप्रेस ग्रुप से जुड़ गए मित्र टिल्लन रिछारिया और टाइम्स ग्रुप की फिल्मी पत्रिका माधुरी के पत्रकार-मित्र मिथिलेश सिंहा अपने संपादक विनोद तिवारी जी को भी दे चुके थे। पर मैं तो इंदौर लौटने का मन बना चुका था। लौट तो आया पर आज तक अफसोस होता है काश मैं उनका प्रस्ताव मान लेता ।
| उस वक्त हिंदी की साप्ताहिक पत्रिका रविवार ने अपनी खोजी और राजनीतिक खबरों के चलते धूम मचा रखी थी। कलकत्ता से प्रकाशित होने वाली इस पत्रिका के संपादक थे एसपी सिंह। वैचारिक पत्रिका में टाइम्स ग्रुप की दिनमान और साहित्यिक क्षेत्र में इसी ग्रुप की पत्रिका 'सारिका' के मुकाबले कमलेश्वर जी द्वारा शुरु की गई 'कथा यात्रा' तेजी से अपना स्थान बना रही थी। धर्मयुग, हिंदुस्तान, कादंबिनी, सरिता आदि पत्रिका वाले इस दौर में हिंदी के साप्ताहिक अखबारों में राष्ट्रीय स्तर पर ब्लिट्ज, करंट, वीर अर्जुन और शायद प्रचंड का नाम जाना-पहचाना था। एक दिन करंट के प्रधान संपादक अयूब सैयद ने अपने केबिन में दोनों एडिशन के स्टॉफ के साथ मीटिंग में साप्ताहिक पत्रिका रविवार को लेकर चर्चा की। उनकी बातचीत से अंदाज लग रहा था कि वो भी कुछ नया करना चाहते हैं, पर कुछ स्पष्ट किया नहीं। अक्टूबर एक हज़ार नौ सौ बयासी में एक दिन गुरु ने अयूब सैयद से हुई चर्चा का हवाला देकर बताया कि अयूब अब टेबलॉयड करंट को वीकली मैग्जिन के रूप में निकालना चाहता है। कुछ दिन बाद तो उन्होंने स्टेट ब्यूरो की मीटिंग ही बुला ली। पटना से राधेश्याम ठाकुर, लखनऊ से गिरधारीलाल पाहवा, जयपुर से चिरंजीव जोशी, वाराणसी से निरंकार सिंह, मुजफ्फरपुर से धर्मेंद्र गुमनाम मप्र से बालकवि बैरागी स्टेट ब्यूरो के रूप में बीकेबी रोविंग नाम से खबरे भेजते थे। वो मीटिंग में नहीं आ सके थे। इस मीटिंग में महामंथन हुआ कि करंट वीकली को रविवार की तरह पत्रिका साइज में निकाला जाए तो क्या रिस्पांस रहेगा। सभी से राय व्यक्त करने को कहा गया। अधिकांश ने अयूब सैयद के आयडिया से इसलिए भी सहमति व्यक्त की क्योंकि 'रविवार' का देश में वही आलम था जैसा बाद में प्रभाष जोशी के नेतृत्व में निकले दैनिक 'जनसत्ता' का रहा। अयूब सैयद ने भरी मीटिंग में मेरा माजना उतार दिया, बैठ जाओ, बेवकूफों जैसी बात कर रहे हो.... अखबार के कागज, छपाई आदि के खर्चों, सर्कुलेशन आदि का अपने को इतना ज्ञान तो था नहीं। जब बोलने के लिए मेरा नंबर आया तो मैंने कह दिया करंट का पत्रिका के रूप में प्रकाशन शुरु करने के साथ ही कुछ महीनों तक अखबार का भी प्रकाशन जारी रखना चाहिए। जब साप्ताहिक पत्रिका के रूप में करंट की पहचान बन जाए फिर अखबार का प्रकाशन बंद कर दें। ऐसा नहीं करने पर संभव है कि इस बदले हुए आकार-लेआउट आदि को रीडर्स पसंद नहीं करें तो करंट के लिए संकट पैदा हो सकता है। मेरा सुझाव सुन कर अयूब सैयद भड़क गए कि तुम्हें खर्चों की जानकारी नहीं है, बेवकूफों जैसी बात कर रहे हो, बैठ जाओ। उनके मिजाज देख कर भीगी बिल्ली की तरह अपन भी चुपचाप बैठ गए। सबकी सहमति के बाद तय हो गया कि अभी से हिंदी-अंग्रेजी दोनों एडिशन में सूचना देना शुरु कर दें कि नए साल से पत्रिका साइज में करंट प्रकाशित किया जाएगा। मैंने दिसंबर 'बयासी में एक महीने का नोटिस देते हुए अपना इस्तीफा लिख कर गुरु की टेबल पर रख दिया। गुरु चौंक गए, पूछा अब क्या हो गया? मैंने कहा गुरु मुझे नहीं लगता 'करंट' का यह बदला रूप पाठक पसंद कर पाएंगे। उनका कहना था तुम्हें क्यों चिंता हो रही है, क्या अयूब ने यह नहीं सोचा होगा। तुम तो काम करो, जो होगा सब के साथ होगा, नौकरी क्यों छोड़ रहे हो। क्या और किसी अखबार में जा रहे हो? याद आया भोपाल के पंकज पाठक भी कुछ समय करंट में रहे थे पर बाद में वो शायद किसी अन्य अखबार में जुड़ गए या भोपाल लौट गए थे। मेरा कहना था कहीं बात हुई होती तो क्या आप को पहले नहीं बताता। गुरु अब तो मैं अपने घर ही जा रहा हूं। उन्होंने हंसते हुए मेरा रेजिग्नेशन लैटर टेबल की दराज में रख लिया। दो दिन बाद मैंने फिर याद दिलाई तो डपट कर बोले कबूतर तुम काम करो। करंट से इस्तीफा देने, इंदौर जाने का मन बना लेने का कारण परिवार में मेरा सबसे बड़ा होना, मां-नानी का परेशानियों से जूझने को लेकर कॉलेज दोस्त अनिल मलिक का आए दिन लिखे जाने वाले पत्रों में जिक्र के साथ लिखना कि घर तो कहवाखाना होता जा रहा है। कुछ तो करंट के बदले जाने वाले रूप को लेकर मेरी आशंका और कुछ घर की परेशानियां ऐसे में नौकरी छोड़ना, घर लौट जाने के अलावा कोई विकल्प था नहीं। बहन मीना अपने दम पर सहारा बनी हुई थी किंतु मैंने भी लौटना ही बेहतर समझा। तीन चार दिन बाद गुरु को फिर याद दिलाया कि दिसंबर का महीना समाप्त होने वाला है, आप अयूब सैयद को बता दो। अंततः उन्होंने मेरा इस्तीफा उन्हें सौंप दिया। अगले दिन अधिकारी जी दोपहर में ऑफिस आए और कुछ देर बाद ही मुझे बुलाकर कहा चलो अयूब सैयद बुला रहे हैं तुम्हें। उनके केबिन में पहुंचे, मेरा लैटर पढ़ते हुए पूछ रहे थे अब क्या हुआ? माहिम में रहने की परेशानी है क्या? पंडित जी अपना एक फ्लैट कफ परेड में खाली पड़ा है, कीर्ति की वहां व्यवस्था करा देते हैं। सेलरी की प्राब्लम है क्या? किसी और अखबार में जा रहे हो क्या? मैंने कहा कोई प्राब्लम नहीं है, किसी अन्य संस्थान में नहीं, मुझे तो घर ही जाना है। उन्होंने पंडित जी की तरफ देखते हुए कहा ठीक है पंडित जी, जब इसे जाना ही तो जाने दीजिये। इंटरकाम पर अकाउंटेंट जालू कोड़िया से कहा ये कीर्ति ने रिजाइन लैटर दिया है, मैंने एक्सेपट कर लिया है, तुम्हें भिजवा रहा हूं, इसका फुल एंड फायनल हिसाब कर देना। उनसे लैटर लिया, जालू मैडम को देने गया तो वो भी यही सवाल करती रही कि क्यों छोड़ रहे हो? ऑफिस में हलचल होना स्वाभाविक थी। ऑफिस का प्यून थापा बोल रहा था जाने से पहले आप मेरे रूम पर आना। अगली शाम थापा से पूछा तो बोला माहिम में धारावी में रहता हूं। धारावी यानी एशिया की सबसे बड़ी झोपड़पट्टी वाली अवैध बस्ती। अब इसी धारावी वाली जमीन पर शायद अडानी ग्रुप के नाम टॉउनशिप बनाने का टेंडर पास हुआ है। इसी की तर्ज पर इंदौर के सुदामा नगर को भी तब सबसे बड़ी अवैध कॉलोनी कहा जाता था। दोनों तरफ झोपड़े और झोपड़ों मे चलते घरेलु-लघु उद्योग, तंग गलियों से पूछते-ढूंढते मैं थापा केजिस 'रूम' पर पहुंचा उस छोटे से झोपड़े में पांच दोस्त रहते थे। ये मुंबई में ही संभव है जहां झोपड़े में दिन गुजारने वाला आदमी रूम का सपना देख सकता है। मैं खुद भी तो वन बीएचके वाले उस हॉल में एक सौ पच्चीस रुपया भाड़े में अन्य नौ लोगों के साथ सोता था। उसके अन्य नेपाली दोस्त रात की शिफ्ट में ड्यूटी पर थे। थापा तो खुद बस्ती में सस्ते खाने वाले ठिये पर खाता था। उसकी आत्मीयता थी, वड़ा पाव और चाय लेकर आया। उसका यह सहज प्रेम अद्भुत ही था। भारी मन से उसने मुझे विदा किया। दूसरे-तीसरे दिन थापा ने आकर कहा एक इलेक्ट्रानिक घड़ी सस्ते में मिल रहा है, आप ले लो। डे एंड डेट, अलार्म वाली सेल घड़ी बमुश्कल दो सौ रुपया में महंगी नहीं थी। ये घड़ी इंदौर आने के बाद तक खूब पहनी, सब्जी मंडी में एक रात ज्वाला होटल में लगी भीषण आग के दौरान फायर ब्रिगेड की गाड़ी का वॉटर पंप उठाने में पानी की तेज मार हाथ पर ऐसी पड़ी कि उस वॉटरप्रूफ घड़ी ने भी दम तोड़ दिया। नजदीक आते दिसंबर महीने की आखिरी तारीखों में शायद ही कोई ऐसी रात रही हो जब गुरु के साथ रात में बंबई प्रेस क्लब में नहीं गए हों। पीना-खाना-नाजिया हसन के डिस्को सॉंग पर नाचना चलता था। चाहे शराब हो या सिगरेट जब गुरु के साथ बैठते तो हम इंकार कर ही नहीं सकते थे। जब फिल्मी पार्टियों में पीसी, मुहूर्त आदि के लिए जाता तो पांच-छह पेग-खाना आदि के बाद पीआरओ की गाड़ी नजदीकी लोकल ट्रेन स्टेशन पर ड्रॉप करती। घर पहुंच कर कपड़े धोना, गैलरी में सुखाना और गैलरी में ही दरी बिछाना, चादर ओढ़ने का नियम था। बंबई में ज्यादातर गर्मी का मौसम ही रहता है तो सुबह तक कपड़े सूख जाते थे जिन्हें लांड्री में प्रेस के लिए या धोने के लिए देकर वहीं पर प्रेस किए कपड़े पहन कर ऑफिस के लिए लोकल पकड़ने की आदत हो गई थी। अब तो नये साल के आगमन पर हर बड़े-छोटे शहर की होटलों, क्लबों में शानदार जश्न होते हैं लेकिन उस दौर में साल की बिदाई-आगमन का जश्न मनाने इंदौर सहित अन्य शहरों के युवा बंबई का रुख करते थे। साल के उस अंतिम दिन इकतीस दिसंबर को जब लोग बंबई आ रहे थे जश्न मनाने तब मैं पवन ट्रेवल्स की बस से इंदौर के लिए टिकट करवा चुका था। बस से टिकट भी इसलिए करवाया कि मेरे साथ सामान के रूप में किताबों से भरा एक थैला था, जिसे लेकर ट्रेन की अपेक्षा बस ही बेहतर लगी थी। मैंने करंट से इस्तीफा दे दिया है यह जानकारी करंट में साथ रहे और शरद जोशी जी के साथ एक्सप्रेस ग्रुप से जुड़ गए मित्र टिल्लन रिछारिया और टाइम्स ग्रुप की फिल्मी पत्रिका माधुरी के पत्रकार-मित्र मिथिलेश सिंहा अपने संपादक विनोद तिवारी जी को भी दे चुके थे। पर मैं तो इंदौर लौटने का मन बना चुका था। लौट तो आया पर आज तक अफसोस होता है काश मैं उनका प्रस्ताव मान लेता । |
UP Vande Bharat: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) शुक्रवार को गोरखपुर रेलवे स्टेशन से दो वंदे भारत एक्सप्रेस (Vande Bharat Express) ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इस अवसर पर वह गोरखपुर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास की आधारशिला भी रखेंगे। अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी अपराह्न करीब तीन बजकर 40 मिनट पर गोरखपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक से गोरखपुर-लखनऊ वंदे भारत एक्सप्रेस और जोधपुर-अहमदाबाद (साबरमती) वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों का हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।
अधिकारियों ने बताया कि रेलवे ने गोरखपुर-लखनऊ वंदे भारत ट्रेन के लिए गुरुवार से टिकटों की बुकिंग शुरू कर दी है और आईआरसीटीसी यात्रियों को शताब्दी एक्सप्रेस की तरह वैकल्पिक खानपान सेवाओं के तहत चाय नाश्ता, दोपहर का भोजन और रात के खाने की सुविधा प्रदान करेगा। उन्होंने बताया कि 02549 विशेष वंदे भारत ट्रेन उद्घाटन के बाद गोरखपुर से चलकर लखनऊ जंक्शन पहुंचेगी और इस यात्रा के दौरान सहजनवा, खलीलाबाद, बस्ती, बभनान, मनकापुर, अयोध्या और बाराबंकी रेलवे स्टेशनों पर रुकेगी।
उन्होंने कहा कि इससे राज्य के महत्वपूर्ण शहरों की परिवहन सुविधा में सुधार होगा तथा पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। अधिकारियों ने बताया कि यात्रियों को गोरखपुर से लखनऊ तक की यात्रा के लिए चेयर कार के लिए लगभग 724 रुपये और एक्जीक्यूटिव कार के लिए लगभग 1470 रुपये का भुगतान करना होगा। उन्होंने बताया कि रेलवे बोर्ड ने भोजन, नाश्ते और चाय आदि की कीमत भी निर्धारित कर दी है। यह ट्रेन नौ जुलाई से नियमित रूप से गोरखपुर और लखनऊ के बीच चलेगी।
इसमें सात चेयर-कार और एक एग्जीक्यूटिव-कार सहित आठ कोच हैं और कुल 556 लोग इसमें यात्रा कर सकते हैं। वंदे भारत ट्रेन सप्ताह में छह दिन चलेगी। अधिकारियों के मुताबिक नियमित संचालन शुरू होने के बाद वंदे भारत ट्रेन केवल बस्ती और अयोध्या में रुकेगी और यात्री इन स्टेशनों के काउंटर से टिकट बुक कर सकते हैं। ट्रेन परिचालन ठहराव के लिए मनकापुर लेवल क्रॉसिंग पर भी रुकेगी। उनके अनुसार प्रधानमंत्री जोधपुर-साबरमती वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन का वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से हरी झंडी दिखाएंगे।
उन्होंने कहा कि इससे जोधपुर, आबू रोड, अहमदाबाद जैसे प्रसिद्ध स्थानों के परिवहन सम्पर्क में सुधार होगा और क्षेत्र में सामाजिक आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। इस अवसर पर प्रधानमंत्री गोरखपुर रेलवे स्टेशन पुनर्विकास की आधारशिला भी रखेंगे। अधिकारियों ने बताया कि लगभग 498 करोड़ रुपये की लागत से स्टेशन का पुनर्विकास किया जाएगा, जो विश्व स्तरीय यात्री सुविधाएं प्रदान करेगा।
गोरखपुर पहुंचने पर प्रधानमंत्री सबसे पहले गीता प्रेस जाएंगे और ऐतिहासिक प्रिंटिंग प्रेस के शताब्दी समारोह के समापन समारोह में भाग लेंगे। कार्यक्रम के दौरान, वे चित्रमय शिव पुराण ग्रंथ का विमोचन करेंगे। प्रधानमंत्री गीता प्रेस में लीला चित्र मंदिर भी जाएंगे।
गोरखपुर के कार्यक्रमों के समापन के बाद प्रधानमंत्री वाराणसी के लिए रवाना हो जाएंगे जहां वे एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान 12100 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे।
| UP Vande Bharat: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शुक्रवार को गोरखपुर रेलवे स्टेशन से दो वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इस अवसर पर वह गोरखपुर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास की आधारशिला भी रखेंगे। अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी अपराह्न करीब तीन बजकर चालीस मिनट पर गोरखपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक से गोरखपुर-लखनऊ वंदे भारत एक्सप्रेस और जोधपुर-अहमदाबाद वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों का हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। अधिकारियों ने बताया कि रेलवे ने गोरखपुर-लखनऊ वंदे भारत ट्रेन के लिए गुरुवार से टिकटों की बुकिंग शुरू कर दी है और आईआरसीटीसी यात्रियों को शताब्दी एक्सप्रेस की तरह वैकल्पिक खानपान सेवाओं के तहत चाय नाश्ता, दोपहर का भोजन और रात के खाने की सुविधा प्रदान करेगा। उन्होंने बताया कि दो हज़ार पाँच सौ उनचास विशेष वंदे भारत ट्रेन उद्घाटन के बाद गोरखपुर से चलकर लखनऊ जंक्शन पहुंचेगी और इस यात्रा के दौरान सहजनवा, खलीलाबाद, बस्ती, बभनान, मनकापुर, अयोध्या और बाराबंकी रेलवे स्टेशनों पर रुकेगी। उन्होंने कहा कि इससे राज्य के महत्वपूर्ण शहरों की परिवहन सुविधा में सुधार होगा तथा पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। अधिकारियों ने बताया कि यात्रियों को गोरखपुर से लखनऊ तक की यात्रा के लिए चेयर कार के लिए लगभग सात सौ चौबीस रुपयापये और एक्जीक्यूटिव कार के लिए लगभग एक हज़ार चार सौ सत्तर रुपयापये का भुगतान करना होगा। उन्होंने बताया कि रेलवे बोर्ड ने भोजन, नाश्ते और चाय आदि की कीमत भी निर्धारित कर दी है। यह ट्रेन नौ जुलाई से नियमित रूप से गोरखपुर और लखनऊ के बीच चलेगी। इसमें सात चेयर-कार और एक एग्जीक्यूटिव-कार सहित आठ कोच हैं और कुल पाँच सौ छप्पन लोग इसमें यात्रा कर सकते हैं। वंदे भारत ट्रेन सप्ताह में छह दिन चलेगी। अधिकारियों के मुताबिक नियमित संचालन शुरू होने के बाद वंदे भारत ट्रेन केवल बस्ती और अयोध्या में रुकेगी और यात्री इन स्टेशनों के काउंटर से टिकट बुक कर सकते हैं। ट्रेन परिचालन ठहराव के लिए मनकापुर लेवल क्रॉसिंग पर भी रुकेगी। उनके अनुसार प्रधानमंत्री जोधपुर-साबरमती वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन का वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से हरी झंडी दिखाएंगे। उन्होंने कहा कि इससे जोधपुर, आबू रोड, अहमदाबाद जैसे प्रसिद्ध स्थानों के परिवहन सम्पर्क में सुधार होगा और क्षेत्र में सामाजिक आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। इस अवसर पर प्रधानमंत्री गोरखपुर रेलवे स्टेशन पुनर्विकास की आधारशिला भी रखेंगे। अधिकारियों ने बताया कि लगभग चार सौ अट्ठानवे करोड़ रुपये की लागत से स्टेशन का पुनर्विकास किया जाएगा, जो विश्व स्तरीय यात्री सुविधाएं प्रदान करेगा। गोरखपुर पहुंचने पर प्रधानमंत्री सबसे पहले गीता प्रेस जाएंगे और ऐतिहासिक प्रिंटिंग प्रेस के शताब्दी समारोह के समापन समारोह में भाग लेंगे। कार्यक्रम के दौरान, वे चित्रमय शिव पुराण ग्रंथ का विमोचन करेंगे। प्रधानमंत्री गीता प्रेस में लीला चित्र मंदिर भी जाएंगे। गोरखपुर के कार्यक्रमों के समापन के बाद प्रधानमंत्री वाराणसी के लिए रवाना हो जाएंगे जहां वे एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान बारह हज़ार एक सौ करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। |
उम्र के जिस पड़ाव में थकान हावी होने लगती है, हैरिस दुनिया घूम रहे हैं। वह 78 साल के हैं। माउंटेन क्लाइंबिंग, रिवर राफ्टिंग और दूरदराज के गांवों में घूमना उनका शौक है। 22 साल की उम्र में वह न्यूयॉर्क से अलास्का तक की रोड ट्रिप पर निकले थे। यह उनकी पहली ट्रिप थी। इसके बाद यह सफर अब तक जारी है।
| उम्र के जिस पड़ाव में थकान हावी होने लगती है, हैरिस दुनिया घूम रहे हैं। वह अठहत्तर साल के हैं। माउंटेन क्लाइंबिंग, रिवर राफ्टिंग और दूरदराज के गांवों में घूमना उनका शौक है। बाईस साल की उम्र में वह न्यूयॉर्क से अलास्का तक की रोड ट्रिप पर निकले थे। यह उनकी पहली ट्रिप थी। इसके बाद यह सफर अब तक जारी है। |
विरोध प्रदर्शन अाैर सड़क जाम आदि मामलों में शामिल होकर अगर कोई व्यक्ति आपराधिक घटना करता है और पुलिस उस पर चार्जशीट करती है तो उसे सरकारी नौकरी और ठेका नहीं मिलेगा। सरकारी विभागों, निगमों, निकायों में ठेका पर काम लेने के लिए चरित्र सत्यापन के दौरान रिपोर्ट में इन बातों का स्पष्ट रूप से जिक्र किया जाएगा। दरअसल राज्य सरकार ने सरकारी विभागों, निगमों, निकायों में संविदा व ठेका पर काम लेने के लिए चरित्र सत्यापन को अनिवार्य कर दिया है। गृह विभाग ने पिछले दिनों डीजीपी को पत्र लिखकर चरित्र प्रमाण पत्र के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश का कड़ाई से पालन करने का अनुरोध किया था।
इसको देखते हुए डीजीपी ने नया आदेश जारी कर दिया है। पुलिस वेरिफिकेशन को लेकर जारी आदेश में कहा गया है कि संज्ञेय अपराध में कोई प्राथमिकी व अप्राथमिकी अभियुक्त हो, चार्जशीटेड हो या कोर्ट द्वारा दोषसिद्ध हो तो रिपोर्ट में इसका जिक्र होगा। लेकिन, लेकिन चार्जशीट नहीं तो सत्यापन रिपोर्ट में कोई टिप्पणी नहीं की जाएगी। कोर्ट द्वारा अगर किसी व्यक्ति के विरुद्ध संज्ञान नहीं लिया जाए अथवा किसी चरण में मुकदमा खारिज कर दिया जाए अथवा ट्रायल के बाद दोषमुक्त कर दिया जाए तो उसकी भी रिपोर्ट में इंट्री नहीं होगी।
भारतीय दंड विधान में संज्ञेय अपराध हैं-संपत्ति से जुड़ा अपराध, हत्या, आग्नेयास्त्र अधिनियम, अपहरण, बलात्कार। इन अपराधों में थाना में रखे रिकार्ड देखने के बाद चरित्र प्रमाण पत्र लिखे जाने का प्रावधान है। स्थापित कानून के प्रतिकूल कार्यालय आदेश पर अगर इस तरह की प्रक्रिया अपनाई जाती है तो यह आईपीसी से परे है। -के चार्जशीट दायर होते ही हो जाएंगे अयोग्य, संपूर्ण कार्रवाई लोक सेवा का अधिकार अधिनियम द्वारा निर्धारित समय में पूरी की जाएगी।
| विरोध प्रदर्शन अाैर सड़क जाम आदि मामलों में शामिल होकर अगर कोई व्यक्ति आपराधिक घटना करता है और पुलिस उस पर चार्जशीट करती है तो उसे सरकारी नौकरी और ठेका नहीं मिलेगा। सरकारी विभागों, निगमों, निकायों में ठेका पर काम लेने के लिए चरित्र सत्यापन के दौरान रिपोर्ट में इन बातों का स्पष्ट रूप से जिक्र किया जाएगा। दरअसल राज्य सरकार ने सरकारी विभागों, निगमों, निकायों में संविदा व ठेका पर काम लेने के लिए चरित्र सत्यापन को अनिवार्य कर दिया है। गृह विभाग ने पिछले दिनों डीजीपी को पत्र लिखकर चरित्र प्रमाण पत्र के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश का कड़ाई से पालन करने का अनुरोध किया था। इसको देखते हुए डीजीपी ने नया आदेश जारी कर दिया है। पुलिस वेरिफिकेशन को लेकर जारी आदेश में कहा गया है कि संज्ञेय अपराध में कोई प्राथमिकी व अप्राथमिकी अभियुक्त हो, चार्जशीटेड हो या कोर्ट द्वारा दोषसिद्ध हो तो रिपोर्ट में इसका जिक्र होगा। लेकिन, लेकिन चार्जशीट नहीं तो सत्यापन रिपोर्ट में कोई टिप्पणी नहीं की जाएगी। कोर्ट द्वारा अगर किसी व्यक्ति के विरुद्ध संज्ञान नहीं लिया जाए अथवा किसी चरण में मुकदमा खारिज कर दिया जाए अथवा ट्रायल के बाद दोषमुक्त कर दिया जाए तो उसकी भी रिपोर्ट में इंट्री नहीं होगी। भारतीय दंड विधान में संज्ञेय अपराध हैं-संपत्ति से जुड़ा अपराध, हत्या, आग्नेयास्त्र अधिनियम, अपहरण, बलात्कार। इन अपराधों में थाना में रखे रिकार्ड देखने के बाद चरित्र प्रमाण पत्र लिखे जाने का प्रावधान है। स्थापित कानून के प्रतिकूल कार्यालय आदेश पर अगर इस तरह की प्रक्रिया अपनाई जाती है तो यह आईपीसी से परे है। -के चार्जशीट दायर होते ही हो जाएंगे अयोग्य, संपूर्ण कार्रवाई लोक सेवा का अधिकार अधिनियम द्वारा निर्धारित समय में पूरी की जाएगी। |
DEHRADUN: शहर में दूसरे चरण के अतिक्रमण हटाने के अभियान का रास्ता साफ हो गया है। अब कभी भी रिस्पना से लेकर प्रिंस चौक तक अतिक्रमण गिराया जा सकता है। कुछ महीनों पहले रिस्पना पुल से लेकर प्रिंस चौक, कचहरी रोड तक अतिक्रमण का प्रशासन द्वारा चिन्हीकरण किया गया था, अतिक्रमणकारियों ने आपलि जताते हुए कोर्ट में अपील की थी। कोर्ट ने अपीलों को खारिज करते हुए अतिक्रमण हटाने का फैसला बरकरार रखा है।
शहर की सड़कों को मानक के तहत डेवलप करने के लिए सरकार ने अतिक्रमण के खिलाफ मुहिम शुरू की थी। पहले चरण में शुरुआत आईएसबीटी से लेकर घंटाघर तक हुई। खुद शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक सड़क पर उतरे। दूसरे चरण में रिस्पना पुल से लेकर घंटाघर तक प्रशासन ने कई अतिक्रमण चिन्हित किए थे, जिन्हे गिराने की अब कार्रवाई अमल में लाइर्1 जाएगी।
प्रशासन द्वारा अतिक्रमण चिन्हित करने के बाद संबंधित लोगों ने आपलि जताई थी और मामला कोर्ट पहुंच गया था। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद कोर्ट ने भी अतिक्रमण हटाने का फैसला बरकरार रखा है। सूत्रों के मुताबिक अब जल्द ही चिन्हित अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की जा सकती है।
- पीडब्ल्यूडी देहरादून डिविजन के तहत दो किलोमीटर के दायरे में प्रिंस चौक से लेकर धर्मपुर अग्रवाल बेकर्स तक 112 अतिक्रमण चिन्हित किए गए थे।
- करीब एक दर्जन मामले अदालत में गए थे, जबकि 10-11 अतिक्रमण पर आपलियां आई थीं, जो शार्टआउट हो चुकी हैं।
- ऋषिकेश पीडब्ल्यूडी डिविजन में अग्रवाल बेकर्स से लेकर रिस्पना पुल तक 38 अतिक्रमण चिन्हित किए थे।
- इनमें से आधे दर्जन मामले अदालत पहुंचे थे। जिनमें से आधे से ज्यादा मामलों का निस्तारण हो चुका है।
| DEHRADUN: शहर में दूसरे चरण के अतिक्रमण हटाने के अभियान का रास्ता साफ हो गया है। अब कभी भी रिस्पना से लेकर प्रिंस चौक तक अतिक्रमण गिराया जा सकता है। कुछ महीनों पहले रिस्पना पुल से लेकर प्रिंस चौक, कचहरी रोड तक अतिक्रमण का प्रशासन द्वारा चिन्हीकरण किया गया था, अतिक्रमणकारियों ने आपलि जताते हुए कोर्ट में अपील की थी। कोर्ट ने अपीलों को खारिज करते हुए अतिक्रमण हटाने का फैसला बरकरार रखा है। शहर की सड़कों को मानक के तहत डेवलप करने के लिए सरकार ने अतिक्रमण के खिलाफ मुहिम शुरू की थी। पहले चरण में शुरुआत आईएसबीटी से लेकर घंटाघर तक हुई। खुद शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक सड़क पर उतरे। दूसरे चरण में रिस्पना पुल से लेकर घंटाघर तक प्रशासन ने कई अतिक्रमण चिन्हित किए थे, जिन्हे गिराने की अब कार्रवाई अमल में लाइर्एक जाएगी। प्रशासन द्वारा अतिक्रमण चिन्हित करने के बाद संबंधित लोगों ने आपलि जताई थी और मामला कोर्ट पहुंच गया था। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद कोर्ट ने भी अतिक्रमण हटाने का फैसला बरकरार रखा है। सूत्रों के मुताबिक अब जल्द ही चिन्हित अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की जा सकती है। - पीडब्ल्यूडी देहरादून डिविजन के तहत दो किलोमीटर के दायरे में प्रिंस चौक से लेकर धर्मपुर अग्रवाल बेकर्स तक एक सौ बारह अतिक्रमण चिन्हित किए गए थे। - करीब एक दर्जन मामले अदालत में गए थे, जबकि दस-ग्यारह अतिक्रमण पर आपलियां आई थीं, जो शार्टआउट हो चुकी हैं। - ऋषिकेश पीडब्ल्यूडी डिविजन में अग्रवाल बेकर्स से लेकर रिस्पना पुल तक अड़तीस अतिक्रमण चिन्हित किए थे। - इनमें से आधे दर्जन मामले अदालत पहुंचे थे। जिनमें से आधे से ज्यादा मामलों का निस्तारण हो चुका है। |
बरेली के सीबीगंज क्षेत्र में खूंखार कुत्तों का आतंक थम नहीं रहा। गांव खना गौंटिया बंडिया में शनिवार को घर के पास खेल रहे दो बच्चों पर कुत्तों ने हमला कर दिया। उन्हें कई जगह से नोच लिया। बच्चों के चीखने पर आसपास के लोगों ने कुत्तों को भगाकर बच्चों को छुड़ाया। दोनों बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। दोनों बच्चों को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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| बरेली के सीबीगंज क्षेत्र में खूंखार कुत्तों का आतंक थम नहीं रहा। गांव खना गौंटिया बंडिया में शनिवार को घर के पास खेल रहे दो बच्चों पर कुत्तों ने हमला कर दिया। उन्हें कई जगह से नोच लिया। बच्चों के चीखने पर आसपास के लोगों ने कुत्तों को भगाकर बच्चों को छुड़ाया। दोनों बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। दोनों बच्चों को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi. |
स्तुति मिश्रा अगस्त 2020 से ट्विटर पर सक्रिय हैं। वह जबलपुर के जवाहरलाल नेहरू एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। कई बार ट्वीट कर वे कांग्रेस के निशाने पर आ चुकी हैं। एक बार फिर उनके एक ट्वीट ने सियासी पारे को बढ़ा दिया है।
भोपाल : मध्यप्रदेश बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (VD Sharma) इस वक्त कांग्रेस के निशाने पर हैं। कई बार अपने ट्वीट से सुर्खियों में रहने वाली उनकी पत्नी डॉ. स्तुति मिश्रा (Stuti Mishra) एक बार फिर चर्चा में है। इस बार मुस्लिम केमिस्ट की तारीफ कर वे ट्रोल हो गई हैं। इसके बाद जब विवाद बढ़ा तो उन्होंने अपना ट्विटर अकाउंट डिएक्टिवेट कर दिया लेकिन उनकी मुसीबतें कम नहीं हुई हैं। इधर, उन्होंने अपना अकाउंट बंद किया तो उधर कांग्रेस (Congress) उनके जरिए वीडी शर्मा पर हमलावर हो गई। एक के बाद एक कांग्रेस के नेताओं ने ट्वीट कर इसे सियासी मुद्दा बनाते हुए पूरी भाजपा समेत प्रदेश अध्यक्ष को घेरा और कहा कि यही इनका असली चेहरा है।
कांग्रेस प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा (Narendra Saluja) ने ट्वीट कर तंज कसा। उन्होंने एक के बाद एक किए ट्वीट में लिखा कि अभी तक तो भाभीजी का ट्वीट ही अचानक गायब हुआ था, अब तो ट्विटर अकाउंट भी नहीं दिख रहा है। एक स्वतंत्र देश में विचारों की स्वतंत्रता तो सभी को है। दिल्ली से लेकर प्रदेश में आपकी सरकार, जब आप खुद अपने दिल के विचार नहीं लिख सकते हैं तो बाकी का तो फिर सोचा ही जा सकता है? उन्होंने आगे लिखा है कि भाभी जी, आपने दिल की आवाज बयां की, लेकिन विचारधारा के कारण आपको उसे हटाना पड़ा। अच्छा होता कि आप सच पर कायम रहतीं, ऐसे लोगों को मुखरता से जवाब देतीं लेकिन मुसीबत कहीं और आ जाती।
वहीं, कांग्रेस मीडिया इंचार्ज केके मिश्रा ने भी इसको लेकर वीडी शर्मा और पूरी भारतीय जनता पार्टी को घेरा। उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि नफरत फैलाने की वैचारिक शिक्षा देने वाली छत के नीचे सत्य स्वीकारने और वैमनस्यता के खिलाफ शांतिदूत भी। भाभी जी आपके अदम्य साहस को सलाम। ट्वीट डिलीट करने की मजबूरी भी लाजमी थी, किन्तु एक दिन वीडी शर्मा भाई साहब भी इस बात को समझेंगे।
दरअसल, 16 अप्रैल को वीडी शर्मा की पत्नी स्तुति मिश्रा ने जबलपुर से रात 11. 28 बजे एक ट्वीट किया। इस ट्वीट में उन्होंने लिखा था कि मुझे कल रात को दवाई की जरूरत थी और सभी दुकानें बंद हो चुकी थीं, रात साढ़े 11 बजे एक मुस्लिम की दवा दुकान खुली हुई थी। ड्राइवर और मैं उस दुकान पर पहुंचे और दवाई खरीदी। उसने कहा कि दीदी इस वाली दवाई से नींद ज्यादा आती है, कम ड्रॉप दीजिएगा। वह बहुत केयरिंग था और वह मुस्लिम था। उनके इस ट्वीट के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें ट्रोल किया जाने लगा। कई नेता इसको लेकर ट्वीट करने लगे। दिल्ली से बीजेपी प्रवक्तातेजिंदर पाल सिंह बग्गा ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी और कहा कि केमिस्ट का धर्म था, लेकिन आतंकवाद का धर्म नहीं होता। इसके बाद सियासी पारा काफी हाई हो गया।
विवाद बढ़ा तो स्तुति मिश्रा ने ट्वीट डिलीट करते हुए सफाई दी और एक और ट्वीट कर लिखा- पिछला ट्वीट अनावश्यक अराजकता फैला रहा था, इसलिए डिलीट करना पड़ा। धार्मिक लड़ाई के विषय पर विचार साझा करना मुश्किल है। मेरा मकसद किसी को ठेस पहुंचाने का नहीं था। बाकी सब कर्म पर छोड़ देते हैं। जय महाकाल। वहीं इस मामले में वीडी शर्मा ने मंगलवार को कहा था कि स्तुति एक स्वतंत्र नागरिक है। इस पर इतना ज्यादा ध्यान नहीं देना चाहिए। बता दें कि इससे पहले भी अपने ट्वीट को लेकर स्तुति कई बार चर्चा में रह चुकी हैं। इससे पहले 12 अप्रैल को उन्होंने ट्वीट किया था कि क्यूं लड़ती है दुनिया मजहब पर. . . ये बात समझ नहीं आती है। मजहब पर लड़ना तो ना गीता ना कुरान सिखाती है। इससे पहले उन्होंने एक अप्रैल को एक ट्वीट में उन्होंने बेरोजगारी का मुद्दा उठाया था।
| स्तुति मिश्रा अगस्त दो हज़ार बीस से ट्विटर पर सक्रिय हैं। वह जबलपुर के जवाहरलाल नेहरू एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। कई बार ट्वीट कर वे कांग्रेस के निशाने पर आ चुकी हैं। एक बार फिर उनके एक ट्वीट ने सियासी पारे को बढ़ा दिया है। भोपाल : मध्यप्रदेश बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा इस वक्त कांग्रेस के निशाने पर हैं। कई बार अपने ट्वीट से सुर्खियों में रहने वाली उनकी पत्नी डॉ. स्तुति मिश्रा एक बार फिर चर्चा में है। इस बार मुस्लिम केमिस्ट की तारीफ कर वे ट्रोल हो गई हैं। इसके बाद जब विवाद बढ़ा तो उन्होंने अपना ट्विटर अकाउंट डिएक्टिवेट कर दिया लेकिन उनकी मुसीबतें कम नहीं हुई हैं। इधर, उन्होंने अपना अकाउंट बंद किया तो उधर कांग्रेस उनके जरिए वीडी शर्मा पर हमलावर हो गई। एक के बाद एक कांग्रेस के नेताओं ने ट्वीट कर इसे सियासी मुद्दा बनाते हुए पूरी भाजपा समेत प्रदेश अध्यक्ष को घेरा और कहा कि यही इनका असली चेहरा है। कांग्रेस प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने ट्वीट कर तंज कसा। उन्होंने एक के बाद एक किए ट्वीट में लिखा कि अभी तक तो भाभीजी का ट्वीट ही अचानक गायब हुआ था, अब तो ट्विटर अकाउंट भी नहीं दिख रहा है। एक स्वतंत्र देश में विचारों की स्वतंत्रता तो सभी को है। दिल्ली से लेकर प्रदेश में आपकी सरकार, जब आप खुद अपने दिल के विचार नहीं लिख सकते हैं तो बाकी का तो फिर सोचा ही जा सकता है? उन्होंने आगे लिखा है कि भाभी जी, आपने दिल की आवाज बयां की, लेकिन विचारधारा के कारण आपको उसे हटाना पड़ा। अच्छा होता कि आप सच पर कायम रहतीं, ऐसे लोगों को मुखरता से जवाब देतीं लेकिन मुसीबत कहीं और आ जाती। वहीं, कांग्रेस मीडिया इंचार्ज केके मिश्रा ने भी इसको लेकर वीडी शर्मा और पूरी भारतीय जनता पार्टी को घेरा। उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि नफरत फैलाने की वैचारिक शिक्षा देने वाली छत के नीचे सत्य स्वीकारने और वैमनस्यता के खिलाफ शांतिदूत भी। भाभी जी आपके अदम्य साहस को सलाम। ट्वीट डिलीट करने की मजबूरी भी लाजमी थी, किन्तु एक दिन वीडी शर्मा भाई साहब भी इस बात को समझेंगे। दरअसल, सोलह अप्रैल को वीडी शर्मा की पत्नी स्तुति मिश्रा ने जबलपुर से रात ग्यारह. अट्ठाईस बजे एक ट्वीट किया। इस ट्वीट में उन्होंने लिखा था कि मुझे कल रात को दवाई की जरूरत थी और सभी दुकानें बंद हो चुकी थीं, रात साढ़े ग्यारह बजे एक मुस्लिम की दवा दुकान खुली हुई थी। ड्राइवर और मैं उस दुकान पर पहुंचे और दवाई खरीदी। उसने कहा कि दीदी इस वाली दवाई से नींद ज्यादा आती है, कम ड्रॉप दीजिएगा। वह बहुत केयरिंग था और वह मुस्लिम था। उनके इस ट्वीट के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें ट्रोल किया जाने लगा। कई नेता इसको लेकर ट्वीट करने लगे। दिल्ली से बीजेपी प्रवक्तातेजिंदर पाल सिंह बग्गा ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी और कहा कि केमिस्ट का धर्म था, लेकिन आतंकवाद का धर्म नहीं होता। इसके बाद सियासी पारा काफी हाई हो गया। विवाद बढ़ा तो स्तुति मिश्रा ने ट्वीट डिलीट करते हुए सफाई दी और एक और ट्वीट कर लिखा- पिछला ट्वीट अनावश्यक अराजकता फैला रहा था, इसलिए डिलीट करना पड़ा। धार्मिक लड़ाई के विषय पर विचार साझा करना मुश्किल है। मेरा मकसद किसी को ठेस पहुंचाने का नहीं था। बाकी सब कर्म पर छोड़ देते हैं। जय महाकाल। वहीं इस मामले में वीडी शर्मा ने मंगलवार को कहा था कि स्तुति एक स्वतंत्र नागरिक है। इस पर इतना ज्यादा ध्यान नहीं देना चाहिए। बता दें कि इससे पहले भी अपने ट्वीट को लेकर स्तुति कई बार चर्चा में रह चुकी हैं। इससे पहले बारह अप्रैल को उन्होंने ट्वीट किया था कि क्यूं लड़ती है दुनिया मजहब पर. . . ये बात समझ नहीं आती है। मजहब पर लड़ना तो ना गीता ना कुरान सिखाती है। इससे पहले उन्होंने एक अप्रैल को एक ट्वीट में उन्होंने बेरोजगारी का मुद्दा उठाया था। |
4 की उप-धारा 1 में निर्धारित 17 मदों (नियमावली) को प्रकाशित करना होगा।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है।
विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है।
किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है।
- ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा 22 सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है।
- सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन (513.49 KB)
| चार की उप-धारा एक में निर्धारित सत्रह मदों को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा बाईस सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम दो हज़ार पाँच के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन |
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